Untold Story of the Maratha Empire ft. Ashish Bharatvansh | Chhatrapati Shivaji | Sambhaji Maharaj
पहले छत्रपति शाहजी भोसले भी हो सकते थे. क्योंकि सारी कोशिश उन्होंने की, लड़ाई. उन्होंने की, आदिल शाह भी उनसे डरा था।. बहुत खूबसूरत बात कही आपने। हमारे यहां पे. कहा जाता है कि शिवाजी जन्मे लेकिन बाजी. के घर में? [संगीत]. क्योंकि उतना संघर्ष है।. स्वराज का पहला बीज शाहजी राजे रखा या. शिवाजी महाराज? शाहजी राजा ने रखा ना? आदिल शाह के साथ काम कर रहे थे शाहजी. राजे। लेकिन छत्रपति शिवाजी जो हैं, वह. महाराष्ट्र में आदल शाह के सारे महल छीन.
रहे थे। आज से हमारी जमीन पर हमारा ही. झंडा लहराएगा। एक्चुअली हुआ ऐसा था कि. शिवाजी महाराज को जानबूझकर सेकुलर बनाए. गए।. बनाया गया बिकॉज़ दैट वाज़ देयर पॉलिटिकल. नीड ना।. छत्रपति शिवाजी महाराज मुसलमानों के नहीं. गए।. फौज में 40% मुसलमान. 12 से ज्यादा आप मुझे दिखा दो। मैं अभी. माइक छोड़ के निकल जाऊंगा। शिवाजी महाराज. को कई सारे अंग्रेजों ने किंग ऑफ वर्सेस. कहा।. शिवाजी महाराज ने जिस समय गोवा पे आक्रमण.
किया जो फादर्स वहां पे थे उन्हें शिवाजी. महाराज ने बुलाया बोले कन्वर्ट हो गया. बोले नहीं दोनों की मुंडिया काट के वश को. भेजी थी ऐसा नहीं है कि शिवाजी महाराज ने. मस्जिदों को नहीं तोड़ा डायरेक्ट लेटर्स. में ये आता है कि भाई मैं तुर्कों को नहीं. मानता मेरे फोर्स में मैं नहीं रखता. मतलब आप ये कह रहे हो कि शिवाजी महाराज. कट्टर सनातनी हिंदू थे. बिल्कुल थे हर हर. शिवाजी महाराज ने स्कैम किया अफजल खान के. साथ।. हां हां बिल्कुल. कहा कि मैं डर गया हूं आपसे और मैं आपसे. हमारे आते हैं आपसे।.
लेकिन शिवाजी महाराज जब उनसे मिलने के लिए. गए तो शिवाजी महाराज ने पहला वार नहीं. किया। पहला वार उसने किया फिर शिवाजी. महाराज ने वार किया। गलत पहला वार भी. शिवाजी महाराज ने किया।. ये न्यूज़ जब औरंगजेब को पता चली उस वो डर. गया कि भाई यार कौन पैदा हो गया शिवाजी. इसने अफजल खान को मार दिया।. मारा कैसे था अफजल खान को? एक इसमें कहते हैं कि अफजल खान पलटा। पलटा. तो उसके पीछे पिछवाड़े में सीधा तलवार. घुसाई थी। तलवार घुसा के निकाली थी।.
गिरने के बाद संभाजी गांव की उसकी मुंडी. काट के लेके गए।. [संगीत]. एंड देन ही वेंट टू औरंगजेब जहां कैद कर. लिया गया था।. जब आगरा में गए तो जाने के बाद शिवाजी. महाराज को जो इज्जत मिलनी चाहिए वो इज्जत. ही नहीं मिली। बोले तुम जानो तुम्हारा. पिता जानो। तुम्हारा बादशाह जानो कि मैं. कैसा आदमी हूं। मैं यहां आया था या मेरी. मौत मुझे याद आई थी पर तुम्हारे बादशाह को. बादशाह नहीं समझता।. संभाजी महाराज इतिहास में एक नजरिया है कि. उन जैसा कोई वीर ही नहीं था।.
छत्रपति संभाजी [संगीत] महाराज की जय।. 120 युद्ध में अजय रहे वो। एक आता है कि. बहुत गुस्से वाले थे।. शिवाजी महाराज वाज नॉट अ प्रिंस। संभाजी. महाराज। जो व्यक्ति उग्र होता है, जिस. व्यक्ति का टेस्टोस्टरन इतना उछाल मारता. है सर, जिस व्यक्ति में पावर इतना होता. है, तभी तो आप 40 दिनों तक इतने यात्रा. सहन कर सकते। नमाज पढ़ने के लिए औरंगजेब. नीचे उतरा। संभाजी महाराज बोल रहे हैं कवि. जी सूच रही है बोले कोई कविता हां राजे. तुम हो साजे खूब लड़े तुम जंग देख. तुम्हारा तेज तखतजा औरंग संभाजी महाराज ने. औरंगजेब को खूब सुनाया खूब गुर्राया.
हमने तो इन आंखों में अहंकार और सर पर एक. ताज भी देखा था आज दोनों नजर नहीं आ रहे. हैं। उसके चक्कर में उनकी जुबान काटी गई।. फिर आंखें निकाली गई। नाखून निकाले गए।. हथड़ी तोड़ी गई। हाथ छीले गए और 40 दिनों. की यातना के बाद उनके मस्तक को काट के. पूरे शरीर को फेंका गया। उनके बेटे को भी. कैद किया था।. औरंगजेब को लगा कि संभाजी महाराज को मारने. के बाद मैं जीत चुका हूं। मराठों ने. संभाजी महाराज के मौत के बदले को इस तरह. से लिया कि जो जहां मिले औरंगजेब और.
मुगलों को इतना कूटे जा रहा था। इतना कूटे. जा रहा था। उसको लगा यार ये बाउंस बैक. कैसे हुआ? पेशवा बाजीराव. बालाजी विश्वनाथ उनके बेटे थे बालाजीराव. पेशवा।. हर हर महादेव।. उग्र स्वभाव मंगल। यह जिनमें बाजीराव. मस्तानी बने थे।. हां वही बाजीराव पहले हुए जिन्होंने यह. कहा कि हमारे पिताजी ने जितनी तलवार चलाई. है अगर उनसे डबल तलवार चला के हम अगर. शौर्य नहीं बता सकते तो थू है हमारी. जिंदगी पे और बाजीराव की एक सबसे बड़ी. विशेषता बता दो जो कहीं पे नहीं बताई. मैंने।.
आंधी रोके तो हम तूफान। तूफान रोके तो हम. आग का।. ये शपथ है बाजीराव पल्लाड के।. मराठा साम्राज्य में सबसे लंबे समय तक. राजा हुआ महाराज जी। बाजीराव और मस्तानी. का जो संबंध था। यहां जब सेकुलरिज्म आया।. इसने क्या डायनामिक्स चेंज किए मराठा. साम्राज्य में? जीराव ने मस्तानी से. मोहब्बत की है। अय्याशी ने. मस्तानी वाज़ अ प्रैक्टिसिंग सूफी एंड. प्रैक्टिसिंग परशियन मुस्लिम।. पानीपत पे ही मराठा साम्राज्य का डिक्लाइन. शुरू।. नहीं इनका पानीपत में किसी ने साथ नहीं. दिया। कुछ गलतियां हमारी भी हुई, कुछ. गलतियां उनकी भी हुई।. भारत में क्या सीखना चाहिए मराठा.
साम्राज्य से लोगों को? मेरा राजा अगर 10 साल और जी लेता ना भारत. का नक्शा ही कुछ और है।. एक मराठी व्यक्ति के लिए कौन है छत्रपति. शिवाजी महाराज? हमारे लिए ईश्वर से पहले. हमारा पहला दिया छत्रपति शिवाजी महाराज को. लगता है क्योंकि जिसके वजह से हमारे. देवालय के देव बचे वो हमारे लिए छत्रपति. शिवाजी महाराज है। पार्वती. [संगीत].
इतिहास सिर्फ तारीखों और युद्धों का हिसाब. नहीं होता बल्कि जज्बातों, सपनों और. संघर्ष की कहानी होती है जो एक जमीन के. टुकड़े को साम्राज्य बना देती है। और आज. एक ऐसे साम्राज्य की कहानी हम बताने वाले. हैं समझने वाले हैं। मराठा साम्राज्य वो. साम्राज्य जिसकी शुरुआत शाहजी राजे भोसले. से होती है। छत्रपति शिवाजी महाराज से आगे. बढ़ती है। उसके बाद एक गौरवशाली गाथा है. अपने आप में। हालांकि सवाल यह है कि क्या.
यह सिर्फ जीत की कहानी थी? या इसके पीछे. इस साम्राज्य ने एक संदेश दिया था एकजुट. भारत का। वो कौन-कौन सी चीजें हैं जो इस. साम्राज्य से आज भी हम सीख सकते हैं, समझ. सकते हैं, ले सकते हैं। और फिर सवाल कि जब. सब कुछ सही था तो क्या गलत हुआ कि वो. साम्राज्य देखतेदेखते आंखों के सामने खत्म. हो गया।. इस कहानी को आवाज देने के लिए हमारे साथ. हैं आशीष भारतवंशी जी। आशीष जी आपका. स्वागत है। बहुत. और शुरुआत. एक बड़े कठिन सवाल से हम करने वाले हैं।.
मराठा साम्राज्य हम. मराठा अपने आप में एक गौरवशाली इतिहास. रखता है।. भगवा नजर आता है। जय भवानी की ललकार नजर. आती है।. हां जी।. हिंदुत्व का परचम जो है वो सुनाई पड़ता. है।. पताका जो है वो लहरता हुआ नजर आता है।. हां जी।. लेकिन एक चर्चा और आती है कि यह नए दौर के. लोगों ने प्रोजेक्ट कर दिया है। एक सेकुलर. साम्राज्य था छत्रपति शिवाजी महाराज का।. एक सेकुलर व्यक्ति थे.
हम. जो हिंदू मुसलमान दोनों को लेकर चलते थे।. जिनकी फौज में 40% मुसलमान हुआ करते थे।. हां जी।. फिर नई पीढ़ी में इसे लोग हिंदुत्व या. मराठा या जय भवानी या एक धर्म से जोड़कर. क्यों देखते हैं? हिंदुत्व वर्ड तो मैं यूज़ नहीं करूंगा।. वो बहुत लेटर में आया हुआ वर्ड है क्योंकि. अभी जिस हिसाब से मैं आपको डेफिनेशन देने. वाला हूं मेरा सिर्फ आपसे एक सवाल है कि. सेकुलर वर्ल्ड या सेकुलरिज्म की डेफिनेशन. भारत में या वर्ल्ड के कॉन्टेक्स्ट में कब.
पैदा हुई? हमारे यहां पे सेकुलरिज्म हमने सीखा कि. जिस समय पे हमें यह पता चला कि यार मुगल. तो अब नहीं गए हैं। 1857 की जंग में हमने. वहां पे बहादुर शाह जफर को अपना राजा. घोषित कर दिया। घोषित करने के बाद उसके. परचम के नीचे पूरे भारत को यूनिफाई करके. हमें लड़ना पड़ा। 1857 से ले 1900 1947 तक. हम लड़े। हमारा कॉमन एनिमी अंग्रेज था उस. समय पे। मेरा सवाल आपसे यह है।.
शिवाजी महाराज के समय पे जब संविधान नहीं. था तो राष्ट्र किस शास्त्र से चलता था? वो तो धर्मशास्त्र ही था ना? हम. अब वो धर्मशास्त्र कौन सा था? क्या वो. तुर्कों का धर्मशास्त्र था? अरबियों का. धर्मशास्त्र था, मुसलमानों का धर्मशास्त्र. था या हिंदुओं का धर्मशास्त्र था? यदि वो. धर्मशास्त्र सर्व धर्म समभाव वाला होता जो. कि है हिंदू धर्मशास्त्र हमें यही सिखाता. है कि हम सब सभी के साथ एकत्रित रहकर.
वसुदेव कुटुंब का हमें सब समझाता है लेकिन. इसका मतलब यह नहीं है कि आपके ऊपर जब मुगल. आक्रमण कर रहे हैं, आदिलशाह आक्रमण कर रहे. हैं तो शिवाजी महाराज उन्हें अपना इस. राष्ट्र का समझ के उनके साथ में काम. करेंगे। उनको अपनी सेना में लेंगे। शिवाजी. महाराज के मल्टीपल लेटर्स मिलते हैं।. जिसमें से एक लेटर वो अपने भाई व्यंकको जी. को लिखते हैं। व्यंकु जी के साथ कुछ बहस. के बीच में उनकी लड़ाई हुई। तो व्यंकको जी. वहां पे डिफिट हुए। शिवाजी महाराज का पत्र. आता है कि तुम्हारी सेना में इतने बड़े. पैमाने पे तुमने तुर्क रख रखे हैं। उस समय.
पे इन लोगों के लिए मुसलमान शब्द भी. डायरेक्ट यूज़ नहीं होता था। तुर्क होता. था। क्यों होता था? बिकॉज़ ये सब बाहर से. आए थे। इनको सब तुर्की टर्की से ही समझा. जाता था कि इतने बड़े पैमाने पर अगर आपने. अपने सेना में तुर्क रख रखे हैं तो आप. जीतेंगे कैसे? मैं अपने सेना में तुर्क. नहीं रखता। शिवाजी महाराज को कई सारे. अंग्रेजों ने किंग ऑफ हिंदू फोर्सेस कहा. है। नॉट अ यूनिफाइड फोर्सर्सेस ऑफ़ ऑल कहा. है।. हमारे देश के एक बहुत बड़े नेता हैं।. उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि शिवाजी. महाराज सेुलर आदमी मैं कह रहा हूं कि इस.
राष्ट्र के किसी भी नेता ने यह कह देना. चाहिए नेता यह हिस्टोरियन नहीं होता है।. वो अेडमिशियन नहीं होता है। वो नेता है।. बट शिवाजी महाराज की फोर्स में तो. मुसलमानों के शामिल होने का. 12 से ज्यादा आप मुझे दिखा दो। मैं अभी. माइक छोड़ के निकल जाऊंगा। मैं अपना. YouTube चैनल भी बंद कर दूंगा। मैंने अपने. YouTube के चैनल पे ये दावा किया था कि 12. नाम से ऊपर आप मुझे नाम दिखा दो। 10 ₹1. लाख मैं आपको देता हूं। 12 के ऊपर नाम. नहीं है। नियम क्या था? जिस समय पे शाहजी.
राजे आदिल शाह के लिए काम कर रहे थे, शिवाजी महाराज के साथ में कुछ लोगों को. उन्हें भेजना पड़ा। अब जब भेजा एक नया. साम्राज्य है, नई चीजें 1947 में हमें. आजादी मिली। लेकिन हमने भी तो उन लोगों के. लोगों को रखा था ना अंग्रेजों को क्योंकि. हमें शासन सीखना था। सिमिलर वे में शिवाजी. महाराज को एस्टैब्लिशमेंट करने के लिए कुछ. लोगों को ऐसे लोगों को रखना पड़ा कि जो. पहले से काम कर रहे थे। लेकिन 19 1659 के. बाद 1660 के बाद शिवाजी महाराज ने सबको. निकाल दिया है। नाम किसी का नहीं आता है।. बहुत गिनेचुने लोग हैं। उन गिनेचुने लोगों. को भी शिवाजी महाराज ने लॉन्ग टर्म तक.
कंटिन्यू ही नहीं किया है। आज महाराष्ट्र. में ये बात इस्टैब्लिश हजार बार हो चुकी. है कि बड़े-बड़े एकेडमिक्स के लोगों ने ये. कहा है। जैसे हमारे यहां पे आज तक के सबसे. बड़े हिस्टोरियन तीन जो नाम होते हैं. बाबासाहेब पुरंदरे, गजानन भास्कर मेहंदरे, निनाथ बेड़ेकर ये क्लेम ठोक चुके हैं कि. 12 के ऊपर आप मुझे नाम दिखा दो। नहीं मिले. नाम ही नहीं मिले।. जो ये दावा आता है कि शिवाजी के में 40%. मुसलमान थे।. ये जो दावा आता है इसके आप कंटेंपरेरी. प्रूफ दिखाओ ना। अभी महाराष्ट्र में गति. क्या चल रही है? अरे बहुत बड़े मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने. दावा ठोका है। ये. ठोकने दो ना सर। मैं क्या कह रहा हूं.
मुख्यमंत्री और वैसे भी हमारे देश के नेता. पढ़े लिखे कहां होते हैं? आधे से ज्यादा. नेता पढ़े लिखे हैं नहीं। आप मैं कह रहा. हूं सपोज ये नेता ठोक रहा है। अभी सपोज़. करो कि मैं अगर आपको हेल्थ के ऊपर कोई चीज. बता दूं। आप मुझे ज्यादा प्रेफरेंस दोगे. या डॉक्टर को ज्यादा प्रेफरेंस दोगे। बट. ऑब्वियसली डॉक्टर को दोगे ना नेता अपना. काम करे। हिस्टोरियन अपना काम करता है।. अकाडमिशियन अपना काम करें। गली में. क्रिकेट खेलने वाला और सचिन तेंदुलकर. बताने में फर्क पड़ता है। मैं ये नहीं कह. रहा कि सीएम बड़ा नहीं है। वो अपने एरिया. में मैं अपने एरिया में लोग अपने एरिया.
में। आप जब तक नहीं पड़े हो आप मत बात. करो। ये नेताओं को मेरा डायरेक्ट कहना है।. दूसरी चीज शिवाजी महाराज के कुछ ऐसे. एग्जांपल्स हैं। नहीं इसके भी ऊपर कई सारे. एग्जांपल शिवाजी महाराज के दिखते हैं।. जैसे कि शिवाजी महाराज अगर सेकुलर थे। तो. शिवाजी महाराज जिस समय पे गोवा गए थे तो. गोवा का वॉइस था। गोवा के वॉइस ने ये नियम. निकाला था। जब गोवा इनक्वज़िशन जब होता था. तो वहां पे हिंदुओं को अपना धर्म फॉलो. करने का अलाउ नहीं। जैसे आप कलावा नहीं. पहन सकते। आप जेन्युइन नहीं रख सकते। आप.
शिका नहीं रख सकते। आप हिंदू पद्धति से. शादी नहीं कर सकते। आपका कन्वर्ज़ करवाने. के लिए आपके पैर की नस इतनी जम के खींची. जाती थी कि आपके शरीर तक वो नस निकल आए।. आपका कन्वर्ज़ करवाने के लिए आपके टेस्टिकल. आपके अंडकोष पे कीले टोके जाते थे और. घुमाया जाता था। किसी महिला के स्तन के. ऊपर दो कीले लगा के उसे पूरे बाजार में से. घुमाया जाता था। वो कन्वर्ट नहीं होती थी।. तो और शिवाजी महाराज ने जिस समय गोवा पे. आक्रमण किया। गोवा पे आक्रमण करने के बाद. उस वॉइसरॉय और जो जो फादर्स वहां पे थे वो. फादर्स ने जिन्होंने ये निकाला था फतवा.
निकाला था उनके हिसाब से जो होगा. [नाक से की जाने वाली आवाज़] उन्हें. शिवाजी महाराज ने बुलाया। बोले कन्वर्ट हो. गए? बोले नहीं। दोनों की मुंडिया काट के. वॉइस को भेजी थी। दो एग्जांपल दूसरा देता. हूं। अफजल खान के डायरेक्ट लेटर मिलते. हैं। कल्याण भिवंडी में जिस समय पर शिवाजी. महाराज ने छापा मारा वहां की मस्जिदों को. शिवाजी महाराज ने ग्रेनरी में तब्दील किया. है। ऐसा नहीं है कि शिवाजी महाराज उनसे. नफरत कर रहे हैं। हमारे में नफरत का कीड़ा. नहीं है। लेकिन यदि आप मेरे धर्म को. छेड़ोगे तो मैं आपके धर्म को छोडूंगा. नहीं।. तो मतलब आप ये कह रहे हो कि शिवाजी महाराज. कट्टर सनातनी हिंदू थे।.
बिल्कुल थे। कोई कट्टर सनातनी हिंदू मुझे. एक बात बताइए अब्दुल कलाम की आप रिस्पेक्ट. करते हो या नहीं? हैं।. आप इस राष्ट्र में होने वाले जैसे. बड़े-बड़े जिन लोगों ने अपने जैसे हमारे. जितने कई बड़े-बड़े नाम हुए होंगे आप उनकी. रिस्पेक्ट करते हैं या नहीं करते? लेकिन. इसका मतलब यह है क्या कि आप अजमल का साहब. की रिस्पेक्ट करेंगे? दोनों में फर्क है ना? दोनों में फर्क है।. सिमिलर वे में छत्रपति शिवाजी महाराज का. यह कहना था कि आप अपने धर्म के हिसाब से. रहो। हमारे धर्म में घुसना मत। औरंगजेब का.
डायलॉग है कि शिवाजी महाराज किसी भी काफिर. को दूसरों की औरत को हाथ नहीं लगाता। यह. सारे रिकॉर्डेड स्टेटमेंट है शिवाजी. महाराज के। यहां तक कि शिवाजी महाराज ने. इन वॉइस की मुंडिया काटी लेकिन शिवाजी. महाराज जिस समय सूरत पे छापा मारने के लिए. गए। सूरत पे छापा मारते वक्त वहां पे एक. चर्च था। वो चर्च के फादर बहुत गरीब थे।. वो शिवाजी महाराज के पास दौड़े आए। बोले. हमारे पास में इतने पैसे नहीं है। हम किसी. का कन्वर्जन भी नहीं करते। हमें हाथ मत. लगाना। शिवाजी महाराज ने सूरत पे छापा. मारते वक्त दूसरे दिन जब सूरत जलाई थी.
तीन से चार मावड़े वो चर्च के बाहर खड़े. थे कि इनके ऊपर एक भी आंच नहीं आनी चाहिए।. विश्व शिवाजी महाराज। अब एक कल्याण की. रानी का कल्याण की कल्याण का सूबेदार उनकी. बहू को जब पकड़ के ले आया तो ये कहानी. प्रचलित है कि शिवाजी महाराज ने उन्हें. छोड़ दिया। इसका हिस्टोरिकल रिकॉर्ड कुछ. भी नहीं है। लेकिन ये कहानी शिवाजी महाराज. के साथ में ही जुड़ी हुई है। क्योंकि वो. कैरेक्टर दर्शाती है शिवाजी महाराज का।. ऐसा नहीं है कि शिवाजी महाराज ने मस्जिदों. को नहीं तोड़ा। लेकिन कौन सी मस्जिदों को. तोड़ा? जहां पर मस्जिदों को तोड़ के. मंदिरों को तोड़ के मस्जिद बनाया गया था।.
आप जभी साउथ में जाओगे साउथ में शिव मंदिर. है। फेमस है। यहां पे जब आप गोवा जाओगे तो. वहां पे चर्च बनाया था। सप्तकोटेश्वर का. मंदिर बनाया शिवाजी महाराज ने। तो आपका ये. जो ये जो एक पर्सपेक्टिव से नैरेटिव. फैलाया गया कि हाउ शिवाजी महाराज? शिवाजी. महाराज वाज सेकुलर। मतलब वो संविधान फॉलो. कर रहे थे 1947 का। ऐसा नहीं हो सकता। वो. धर्म अच्छा अगर शिवाजी महाराज. सेुलर मतलब उससे परिभाषित ये किया जा रहा. है कि हिंदू मुसलमान को देखने का नजरिया. अलग-अलग नहीं था। किसी एक धर्म के प्रति.
उनका झुकाव ज्यादा नहीं था। तो फिर शासक. करते वक्त वो प्रजा को प्रजा मान रहे थे।. हिंदू मुसलमान में नहीं देख रहे थे। तो. फिर अष्टप्रधान मंडल में एक मौलवी बैठा. देते।. अष्टप्रधान मंडल जो था उसमें एक भी मौलवी. नहीं था। धर्म पंडित एक पोजीशन है।. अष्टप्रधान मंडल में दूसरी पोजीशन नहीं. है। शिवाजी महाराज तकलीफ नहीं दे रहे। आगे. जाके कुतुब शाह के साथ में उन्होंने. अलायंस फॉर्म किया है। नो डाउट इन दैट।. लेकिन अलायंस में भी हाथ हमारा रहेगा, ऊपरी हाथ हमारा रहेगा और आपको जजिया देना. पड़ेगा। शिवाजी महाराज का सपना यह था कि. हिंदवी स्वराज नाम क्यों दिया फिर कि हमें.
पूरे भारत में हिंदवी स्वराज प्रस्थापित. करना है। शिवाजी महाराज के डायरेक्ट. लेटर्स में ये आता है कि भाई मैं तुर्कों. को नहीं मानता। मेरे फोर्स में मैं नहीं. रखता।. आपका स्टेटमेंट किस तरह से जा रहा है कि. यदि आज अंग्रेज इस राष्ट्र में रह जाते तो. कल को कोई नैरेटिव फैला देता कि भैया आजाद. हिंद सेना में तो अंग्रेज भी लड़े थे।. सुभाष चंद्र बोस के साथ जस्ट टू हम उन्हें. अपने तरफ से एक तरह से हमें अपने अपने साथ. लेना है उन्हें। ये पॉलिटिकल एंगल दिया.
गया है। कितने तो ऐसे प्रूफ मिले जिसका. कोई संबंध नहीं मिलता है। महाराष्ट्र में. बड़े-बड़े हिस्टोरियंस के स्टेटमेंट चेंज. हो रहे हैं। पिछले दो महीने में चेंज हुए. हैं। जब इनको कोर्ट में खड़ा करके पूछा. गया जैसे कि. आप ये कह रहे हैं कि शिवाजी महाराज को. जानबूझकर सेकुलर बनाया गया।. बनाया गया बिकॉज़ दैट वाज़ देयर पॉलिटिकल. नीड ना। जैसे कि एक अभी स्टेटमेंट आया था. जैसे संभाजी महाराज की जब मृत्यु हुई जब. उनका उनको मारा गया उनका जब बलिदान हुआ वो. गुड़ीपाड़वा के एक दिन के पहले का दिन है।. औरंगजेब ने जस्ट एक दिन पहले उन्हें मारा।. महाराष्ट्र में क्या बात फैलाई गई? कि.
शिवाजी संभाजी महाराज को मारने वाले सारे. ब्राह्मण थे और गुड़ीपाड़वा ऐसा कोई. फेस्टिवल ही हमारे महाराष्ट्र में होता. नहीं था। संभाजी महाराज को मार के उनका. मस्तक भाले पे लगा के दूसरे दिन जब घुमाया. गया तो आज पूरा महाराष्ट्र उसे गुड़ी. पाडवा की तरह सेलिब्रेट करता है क्योंकि. हम उल्टा कलश रखते हैं एक फिर जिस राइटर. ने ये लिखा उस राइटर को कोर्ट में पूछा. गया न्यूज़ चैनल पे पूछा गया उस राइटर ने. कहा कि भाई मैंने उस समय पे कुछ भी लिख. दिया था अब तो उसका कोई प्रूफ भी नहीं है. इनको बुलाओ ना आप तो अभी बुलाओ इनकी. समीक्षा करवाओ इन्हें बैठाओ एकेडमी के.
सामने इनको लेके जाओ ये बात नहीं कर. पाएंगे सारे के सारे. एक और थ्योरी आती है उसके बाद मैं मराठा. साम्राज्य की शुरुआत से करूंगा क्योंकि. पहले अफवाहों पर बात कर लेते हैं। उसके. बाद फिर हम तर्कों पर आएंगे।. शिवाजी महाराज दलित थे? नहीं।. पिछड़ी जाति से थे।. नहीं।. क्योंकि एक थ्योरी दी गई कि जब उनका तिलक. हुआ था तो अंगूठे से किया गया था।. अच्छा और और एक आगे की थ्यरी ये भी वही. नेता ने कहा था ना। वही बड़े नेता थे तो. बड़े-बड़े नेता जो साहब थे उन्होंने ये. कहा था कि शिवाजी महाराज सेकुलर थे।. मुसलमान भी थे और किसी जगह पे कहा था कि.
उनका जो तिलक था वो अंगूठे से किया गया. था। और महाराष्ट्र के ब्राह्मण शिवाजी. महाराज का राज्याभिषेक नहीं करवा रहे थे।. इसीलिए काशी से गाभ भट्ट को बुलाना पड़ा।. अगर मेरा जन्म महाराष्ट्र में होता है।. आपका जन्म कहां का है सर? अयोध्या।. अयोध्या का जन्म है। आप दिल्ली में क्या. कर रहे हैं सर? पढ़ाई लिखाई नौकरी चाकरी।. और उसके बाद में सबसे बड़ा मीडिया हाउस आज. दिल्ली में बैठा हुआ है। दिल्ली और मुंबई. में बैठा हुआ है। इसीलिए आप दिल्ली में. है। आज मतलब आज अगर किसी को सुप्रीम कोर्ट. में प्रैक्टिस करनी होगी तो वो कहां.
जाएगा? बट ऑब्वियसली दिल्ली में आएगा। उस. समय पे सबसे बड़ी पंडित की जो सिस्टम होती. थी अगर किसी को सबसे बेहतरीन प्रैक्टिस. करनी है. काशी. वो काशी ही जाएगा। गाभ भट्ट वास फ्रॉम. पैठान महाराष्ट्र ये तक इन मूर्खों को. नहीं पता है। गाभ भट्ट अपने राज्याभिषेक. में राज्याभिषेक प्रयोग किताब में क्या. लिख रहे हैं वो वो इनसे पूछ लो ना। वो. कहते हैं कि जब मैं महाराष्ट्र आया. महाराष्ट्र के कुछ स्पेसिफिक संतों ने. मुझे ये कहा कि इसका राज्याभिषेक करवा दे।. शिवाजी महाराज को राज्याभिषेक का विरोध.
हुआ। हां हुआ। किसने किया? हमारे लोगों ने. ही किया। उसमें सिर्फ एक कास्ट का सम्मेलन. नहीं है। सारे कास्ट थे। शिवाजी महाराज को. जब राजा घोषित करना था उन्हें सबसे पहले. मोरे को ठोकना पड़ा जावड़ी के मोरे।. शिवाजी महाराज जब पुणे के परगना में आए तो. जगदेव मुरार करके एक ब्राह्मण व्यक्ति था. जिसने पूरे पुणे में. गधे का जो ये होता है ना हल हल चलवा के. उसको शापित है ऐसा घोषित कर दिया था।. शिवाजी महाराज को अपने लोगों से लड़ना. पड़ा। जो लोग गुलामी एक्सेप्ट कर चुके थे. आदिलशाही की, निजामशाही की और जब यह बात. फैलाई जा रही है कि शिवाजी महाराज का.
राज्य तिलक अंगूठे से हुआ मैं पूछ रहा हूं. बाकी के जितने मराठा सरदार खड़े थे वो. सिर्फ देख रहे थे। आप छत्रपति शिवाजी. महाराज की बात कर रहे हैं। गाभट्ट को. स्पेशली बुलाया गया। छ महीने तक गाभट्ट उस. आदमी ने वहां पे तर्क दिया है। किस बात का. तर्क दिया है? कि शिवाजी महाराज को एक तो. शिवाजी महाराज ने अपना कुल सिसोदिया कुल. बताया है। उसको वो है नहीं है वो बाद की. बात है। वो उनकी पॉलिटिकल स्ट्रेटजी थी या. नहीं थी वो बाद की बात है। लेकिन छत्रपति. शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक क्यों होना. चाहिए? उनका जनेऊ संस्कार क्यों होना.
चाहिए? इस बात पे तकरीबन सात दिनों तक उस. गागा भट्ट ने वहां पे डिबेट करी है लोगों. के साथ में। एक तो शिवाजी महाराज की शादी. हो चुकी थी। शादी के बाद में आप जनेऊ नहीं. कर सकते।. हम. तो शिवाजी महाराज का वैदिक पद्धति से जनेऊ. हुआ। जनेऊ के बाद में शिवाजी महाराज की. वैदिक पद्धति से उनकी शादियां फिर से. करवाई गई। उसके बाद में वो राजतिलक हुआ. है। और लोग कह रहे हैं कि राजतिलक इस तरह. से हुआ कि पैरों के अंगूठे से राजतिलक. करवाया गया। कैसे पॉसिबल है भाई? और क्या. बात कर रहे हो आप? अगर वो बंदा खुद. महाराष्ट्र का था। वहां प्रैक्टिस कर रहा.
था। बेस्ट परफॉर्मर को बुलाया गया। बेस्ट. परफॉर्मेंस दिया गया। उसने अपने उन्होंने. अपने किताब में सारी चीजें लिखी कि मैं. शिवाजी महाराज के पास में क्यों आया? शिवाजी महाराज से मेरा क्या संबंध है? मुझे किसने बुलाया? कहां से बुलाया? सब. चीजें लिखी हुई है। आप कोई कंटेंपररी. सोर्स उठा के हमें यह दिखा दो कि पैरों के. अंगूठे से हुआ है तो हम एक्सेप्ट करेंगे।. अगर हुआ ही नहीं है तो कैसे एक्सेप्ट. करेंगे? ठीक है। अब छत्रपति शिवाजी महाराज पर हम. जाए उससे पहले मुझे लगता है थोड़ा और पीछे. जाना चाहिए।. क्योंकि 17वीं शताब्दी की शुरुआत में.
दक्षिण भारत का इलाका जो है तीन हिस्सों. में था। सुल्तान, आदिल शाह और निजाम शाह।. इन तीनों में ये बटे हुए थे। और फिर एक. किरदार आता है शाहजी राजे भोसले। हम्म।. छत्रपति शिवाजी महाराज को सभी. महाराष्ट्रीयियन नमन करते हैं। पूरा. महाराष्ट्र उनके नाम से रवा पड़ा है।. लेकिन जब मैं कहानी पढ़ रहा था तो मुझे. लगा कि शाहजी राजे भोसले के बारे में उतनी. चर्चा क्यों नहीं होती? देखो जैसे कि अभी ये जो एक पॉलिटिकल एंगल. आप जैसे कहते हो ना जिसे मैं कहता हूं.
मनोहारी कहानियां।. मनोहर कहानियां।. मनोहर कहानियां जो मैं कहता हूं। लेफ्ट ने. कुछ मनोहर कहानियां रची। राइट ने भी कुछ. मनोहर कहानियां रची। उसका रीज़न मैं बताता. हूं। आपको डीप जाके इतिहास में पढ़ाई करनी. है नहीं। पहली बात तो जो पढ़ रहा है आपके. सामने तथ्य रख रहा है कंटेंपररी सोर्सेस. पे। आपको उसको मानना नहीं है। जो घटनाएं. आपको दिख रही है उसके हिसाब से डायलॉग. डिलीवरी भी आप खुद कर रहे हो। जैसे मूवीज़. में होता है। सब अपने हिसाब से डायलॉग. लिखे होते हैं। हम जब व्याख्यान देते हैं. हम या फिर हम जब स्टोरी टेलिंग करते हैं,
हम बताते हैं कि ये डायलॉग हम जो लिख रहे. हैं, यह जरूरी नहीं है कि ये डायलॉग सच. होगा। लेकिन ये तथ्यों के आजू-बाजू में. घूम रहा डायलॉग है। हमें ऐसा लगता है कि. ये डायलॉग ऐसा रहा होगा। एक बात दूसरी. शाहजी राजे काम कर रहे थे आदिल शाह के. लिए।. हम. तो कहानी इस तरह से फैलाई गई कि इट वाज़. नॉट. उससे पहले निजाम शाह के लिए भी काम कर रहे. थे।. निजाम शाह के लिए भी काम कर रहे थे। है. ना? तो कहानी इस तरह से फैलाई गई कि सी हिज. फादर वाज़ वर्किंग फॉर अंडर द तुर्की एंड. ऑल अदर पीपल। जैसे कि निजाम शाह के लिए. काम कर रहा है। आदिल शाह के लिए काम कर. रहा है। इट वाज़ शिवाजी महाराज।.
तो हमने उनका संज्ञान ही नहीं लिया। लेकिन. जब हम इतिहास को पूरा खंगाल के देखते हैं. स्वराज्य की स्थापना होनी चाहिए। ये इच्छा. संभाजी शिवाजी महाराज की. शाय भोसले की थी और उनके बड़े बंधु संभाजी. महाराज की थी।. शिवाजी महाराज के बड़े बंधु का नाम संभाजी. राजे था। जिनके ऊपर से उनके बेटे का नाम. भी रखा गया।. शाय उस समय पर काम कर रहे थे निजामशाही के. लिए।. समय है तकरीबन 1625 का।.
मलिक अंबर करके निजामशाही का सबसे बड़ा उस. समय का सेनापति था। 70 साल की उम्र थी।. लेकिन इतनी उसमें जान नहीं बची थी। नाउ द. मोस्ट यंगेस्ट वन एंड द मोस्ट डेयर डेविल. वन प्रेजेंट ओवर देयर वाज़ नन अदर दन शाहजी. महाराज। हुआ ऐसा कि जब निजामशाही पे. आक्रमण हुआ। मुगलों ने आदिलशाह ने जब. आक्रमण मारा तो वहां पर एक भातेवाड़ी करके. एक जगह आती है। भातेवाड़ी की जगह आती है.
कर्नाटका से थोड़ी ऊपर। उस भातेवाड़ी के. जंग में एक नदी थी। अब आपको पता है कि. यहां से 2 कि.मी. की दूरी पे सारी की सारी. सेना खड़ी है। तो नदी बह रही है। नदी बह. रही है। मतलब बहुत कम रेंज में बह रही है।. अगर इन्होंने नदी कल सुबह क्रॉस कर ली तो. हमारी जंग होंगी हम हार जाएंगे। शाहजी. राजा ने जाके वहां पर रात में डामी फोड़. डाला। वो सारी सेना बह गई। ये सेम सीन. बाहुबली में कॉपी हुआ है। हम सेम सीन. बाहुबली में कॉपी हुआ है। उसके आगे जो.
बैलों वाला सीन है वो भी कहां से कॉपी हुआ. वो भी बताऊंगा मैं आपको। ठीक है? उन्होंने. नदी का डैम फोड़ डाला। जब वो डैम फूटा. निजामशाही जैसा छोटा सा साम्राज्य जो. पूर्ण खात्मे पे आ चुका है। 1625 इज़ अ. वेरी एंडिंग ऑफ़ निजाम शाही। 1630 32 तक. पूरा खत्म हो चुका है। वो. निजाम को मार दिया। बेटे को मार दिया। नए. बच्चे को उन्होंने. वो बिल्कुल मरने का. निजाम बना के तीन साल तक युद्ध लड़ा था।. या वो बिल्कुल खत्म होने की इसमें था। ऐसे. समय पे एक बंदा खड़ा हुआ ये बंदा है कौन? पूरे सबकी नजरें उस व्यक्ति पे जा रुकी.
थी। अब जब निजाम की डेथ होती है तो निजाम. के डेथ के बाद शाहजी राजी की इच्छा थी कि. नहीं यार निजाम के बेटे को गद्दी पर बैठा. के बिकॉज़ सी हमारी गलती क्या है? हमारी. दिक्कत क्या थी? हमने गुलामी को स्वीकार. कर लिया था।. हां।. सभी लोगों ने। मराठ- मराठी आपस में लड़ रहे. थे।. पूरे भारत में ये ये इशू था। इवन दिस. हैपेंडेंड ड्यूरिंग द महाराणा प्रताप टाइम. एज वेल। महाराणा प्रताप खड़े हैं महाराणा. प्रताप के साथ में खड़े हैं। लेकिन उनके. खिलाफ भी खड़े रहने वाले राजस्थान के ही. लोग हैं। अब हमने ये एक्सेप्ट कर लिया कि.
भाई हम लोग तो गुलाम हैं। अब जब हमने. गुलाम एक्सेप्ट कर लिया शिवाजी महाराज के. ऊपर लेटर्स आते हैं। अब ये बहुत थोड़ा. कंट्रीव लोगों को ये पता नहीं है। शिवाजी. महाराज के लेटर्स में कई सालों तक शिवाजी. महाराज को साहिब करके डिनोट किया गया।. राजे करके डिनोट नहीं किया गया है। शिवाजी. महाराज जिस समय. लोगों को लेटर लिखते थे कि प्ले आप आओ हम. अपना हिंदवी स्वराज्य बनाएंगे तो लोग कहते. तुम कहां के राजा हो भाई राजा तो आदिल शाह. है राजा तो निजाम शाह है राजा तो मुगल है. तुम कहां के हो कंडीशन इतनी वर्शन थी सर. मुगल दरबार में जो खिड़की होती थी उस.
खिड़की में जाके सारे मुगल आपको दर्शन. दिया झरोखा दर्शन कहते थे उसे झरोखे में. से दर्शन देंगे और हमारे यहां के पंडितों. ने ये घोषणा दे दी थी सभी लोगों ने दिल्ली. दिल्लीश्वरवा जगदीश्वरवा ऐसा कहते थे. जगदीश्वर यानी कौन जो जगत का ईश्वर है जो. जगन्नाथ है और दिल्लीश्वर कौन है वही. जगदीश्वर है दवां अवतार कौन है ये मुगल है. दवां अवतार ये बैठे हुए हैं इतनी आपकी. मेंटालिटी आपके घुटने में घुस चुकी है. आदिल शाह को घोषित कर दिया था कि ये अवतार.
है करके इतनी बातें उस समय पे चल रही थी. तो शाहजी राजी के लिए जरूरी था कि जब तक. मैं सबको यूनाइट ना कर पाऊं तब तक तो मुझे. किसी एक दूसरे को इंस्ट्रूमेंट बनाना. पड़ेगा. मैं जब पूरी पूरे महाराष्ट्र की कहानी. पढ़ा था मराठा एंपायर की तो मुझे कहीं पर. यह एक एहसास हुआ. कि पहले छत्रपति शाहजी भोसले भी हो सकते. थे. हां. क्योंकि सारी कोशिश उन्होंने की लड़ाई. उन्होंने की छत्रपति शिवाजी महाराज को. उन्होंने जानबूझ के पुणे में रखा जब.
उन्हें ट्रांसफर कर दिया गया. और आदिल शाह भी उनसे डरा था इसीलिए उसने. शायद उन्हें बोर भेज दिया था. बहुत बहुत खूबसूरत बात कही आपने पता है. क्या है हमारे महाराष्ट्र में इतिहासकारों. का ये तर्क है कि यदि शाहजी राजे सक्सेस. सक्सेसफुल हो जाते तो महाराष्ट्र को क्या. पूरे स्वराज्य को मिलने वाला पहला छत्रपति. शाहजी राजे भोसले होते।. [नाक से की जाने वाली आवाज़] मराठा. साम्राज्य की बात क्या है सर आपको पता है? हमारे यहां पे झाड़ किसी और ने लगाया उसके. फल किसी और ने खाए। शिवाजी महाराज जब राजा. बने राजा बन थे 1674 में। शिवाजी महाराज.
को अधिकृत अपने आप को राजा घोषित करना. पड़ा क्योंकि तब तक उन्हें कोई राजा नहीं. मानना।. मान ही नहीं रहा था कोई।. 1674 में शिवाजी राजा राजा राजा बने। छ. साल बाद उनका मृत्यु है। संभाजी महाराज आए. पिक पर। 24 साल का बच्चा औरंगजेब को ललकार. रहा है। 63 इयर्स ओल्ड। वो अपने पिक पे जा. रहे हैं। संभाजी महाराज वाज़ अबाउट टू गो. एंड परचेस मुंबई। कि मुंबई वापस दो हमें. क्योंकि इनका अंग्रेजों के साथ में और. पुर्तगालियों के साथ में बहुत मतभेद चल. रहा था। पोर्तुगालियों ने दहेज में दिया. था अंग्रेजों को मुंबई।.
बट पकड़े गए।. बालाजी विश्वनाथ कैरेक्टर आता है। एक. राजाराम महाराज का कैरेक्टर आया, तार रानी. का कैरेक्टर आया। लेकिन फिर सडनली सिविल. वॉर छिड़ा दोनों में। अब बालाजी विश्वनाथ. का कैरेक्टर आता है। बालाजी विश्वनाथ ने. जो सिस्टम एस्टैब्लिश करी जिसे आज पूरे. भारत में पेशवाई कहा पेशवाई के नाम से. जाना जाता है। बालाजी विश्वनाथ वो आदमी है. कि जो दिल्ली में जाके शहीद ब्रदर्स को भी. धमकाने की ताकत रखते थे कि भाई चल दिल्ली. चल। संभाजी महाराज की जो वाइफ थी यसु भाई. उनको जब पकड़ा गया वह वापस लेके आए थे.
उन्हें। तो धमकाने की ताकत रखते थे वो. अंडर. शाह अपने शाहू महाराज शिवाजी महाराज. संभाजी महाराज के बेटे शाहू राजे के अंडर. में बट बालाजी विश्वनाथ की डेथ हुई उसके. बाद में बाजीराव पेशवा आए बाजीराव पेशवा. 20 साल तक रण मैदान में हुंकार भर रहे 20. साल बाद डेथ हो गई उनके फल उनके बेटे ने. खाए उनके बेटे अगले 20 साल तक जीवित है. लेकिन ड्यू टू ट्यूबरकोलोसिस वो कोलैप्स. कर गए आप पिनाकल पे जा रहे हो पानीपत हुआ.
फिर गिरे फिर उठे फिर गिरे 1818 तक मराठा. साम्राज्य धस गया। कहने का तात्पर्य यह है. कि यह हमेशा से पूरे भारतवर्ष में देखा. गया है। राणा कुंभा ने जैसे राजस्थान में. अगर आप देखें तो राणा कुंभा ने कुंभलगढ़. बनाया। सारी चीजें बनाई। उनके बेटे ने विष. देके उन्हें मार दिया। राणा सांगा जो अपने. पीनापिक पे जा रहे हैं। इतने युद्ध कर रहे. हैं कि आंख खोने के बाद। राणा कुंभा के. लोगों ने मतलब उनके मंत्री-संतियों ने. उन्हें विष देके मार दिया। हमारे यहां पे. लेक पुलिंग की सिस्टम है ना सर। इसीलिए. शाहजी राजे को यह बात पता थी कि मैं चला.
तो जाऊंगा एक्सेप्टेंस मुझे नहीं होगा।. इसीलिए मुझे किसी और को बकरा बनाना पड़ेगा. तब तक जब तक मैं एक सिक्योर आर्मी खड़ी ना. कर दूं। ऐसा कोई पत्र व्यवहार नहीं मिलता. शिवाजी महाराज और शाहजी राजे में कि दोनों. में कोई संधान बना हो कि वो कह रहे हैं कि. मैं दक्षिण में सबको पकड़ के रखता हूं। तू. उत्तर में एक्सपैंड कर। लेकिन ये 200 टका. मैं दावा ठोक सकता हूं कि उनमें कोई ना. कोई संधान रहा होगा। क्योंकि जितने भी. सीक्रेट लेटर्स होते थे, जितने भी. डिटेक्टिव सिस्टम्स होती थी, उसका एक भी. डॉक्यूमेंट अवेलेबल ना ही है। बहरी जी. नायक का कैरेक्टर ये लोग दिखाते हैं। उनका.
सिर्फ दो बार नाम जिक्र आता है। उसके बाद. जिक्र ही नहीं आता है। मतलब हम लोगों ने. जब ढूंढने की कोशिश की कि शिवाजी महाराज. की डिटेक्टिव सिस्टम थी। ये थी।. डॉक्यूमेंट ही नहीं है शिवाजी महाराज पे।. ये लोग कैरेक्टर पे डेवलप डेवलप करे जाते. हैं। सिमिलर वे में शाहजी राजा का जो. कैरेक्टर है उस कैरेक्टर ने शिवाजी महाराज. जिस समय दक्खन में गए बोर गए उन्होंने. उनके हाथ में भगवा पताका दिया है।. उन्होंने उनके हाथ में राज मुद्रा दी है।. प्रतिपंच चंद्र लेखे वर्दिष्णु विश्व. वंदिता सहा शिव शैसा मुद्रा भद्राय राज थे. कि प्रतिप प्रतिपदा का चंद्र जैसे.
बढ़ते-बढ़ते जाता है वैसे शाहजी का पुत्र. तू शिवाजी तेरा राज्य बढ़ते-बढ़ते जाए।. उसके बाद शिवाजी महाराज वो कांसेप्ट लेके. आए। अपने बेस्ट मैन शिवाजी महाराज के साथ. में दिए हैं। पुणे के परगना को आजाद करने. की जब उन्होंने कोशिश की आदिल शाह ने. उन्हें वापस बुला लिया और कभी वहां पे. जाने नहीं दिया। तो शिवाजी महाराज की. मुलाकात नहीं है 12 और 13 साल के बाद।. लेकिन शिवाजी महाराज इतने डेरिंगली वहां. पे जब काम कर पा रहे हैं। मुझे 200 टका. लगता है कि इन दोनों में कहीं ना कहीं. संधान रहा होगा।. इसी पर मेरा सवाल है कि शाहजी राजे को. आदिल शाह ने जब मुगलों के साथ आदिल शाह.
मिला तो एक पैचअप हुआ। पैचअप होने के बाद. शाहजी को भेज दिया गया बोर। कि तुम. आदिलशाह के हमारे नीचे काम करोगे। हालांकि. वह वहां भी इंडिपेंडेंट काम करते थे।. जितना सुना मैंने लेकिन माता जीजाबाई को. पुणे भेजा गया। कुछ साथियों को भेज दिया. गया छत्रपति शिवाजी के साथ। अब क्या शाह. जी ने जानबूझकर बालक शिवाजी को बेंगलुरु. नहीं ले गए वो।. बिल्कुल बिल्कुल है ना? बिल्कुल सही है।. देखो क्या है? क्योंकि अगर वो बोर ले आते तो बच्चा. राजपाट में होता। साथ में होता।. बात बता रहा हूं मैं आपको।. गुलाम दरबारी के बजाय आजाद राजा की सोच ये.
क्या शाहजी की जो एक बात समझना हमारे यहां. पे अ. माधव विलास चंपू करके किताब है। कंटेंपररी. सोर्स है शाहजी राजे का। शाहजी राजे की. खौफ पूरे आदिलशाही में इतनी थी कि शाहजी. राजा जो सुबह उठते थे सोने के पात्र में. घी रखा रहता था। उसमें वो अपना चेहरा. देखते थे। इंडिपेंडेंट आर्मी वो आदमी खड़ा. कर चुका था। वो आदमी चाहता किसी भी दिन. आदिलशाही को गिरा देता। आफ्टर द डेथ ऑफ़. अफजल खान। अफजल खान वाज़ द वन जो कमपीट कर.
रहा था। बट उस आदमी ने दक्कन में अपनी धस. जमा के रखी। पकड़ के रखा दक्कन को यह कहते. हुए कि तुम आगे एक्सपैंड करो। ऐसा मुझे. लगता है। कोई पत्थरों का संधान वहां पे. नहीं दिखता है। बिल्कुल नहीं दिखता है।. शिवाजी महाराज को जब पुणे में भेजा गया. ताकि आप महाराष्ट्र में जा रहे हो। मावड़. का प्रांत हमारा प्रांत है। मराठाओं का. प्रांत है। आपका फेमस होना यहां ज्यादा. सक्सेसफुल होंगे आप या अब्रॉड में जाके. वहां पे जाके आप रिपोर्टर बनेंगे तब. ज्यादा सक्सेसफुल होंगे। बट ऑब्वियसली. यहीं पे होने वाले हो। तो हमारे लोग हमारे.
साथ में हमारी भाषा हमारे साथ में जब खड़े. होते हैं इसीलिए शिवाजी महाराज को वहां. भेजा गया। 12 मावड़ के लोगों को एकत्रित. करने का काम दिया गया।. दादू जी कुदेव बाजी पालकर पासलकर यह सारे. बड़े-बड़े लोग जिनकी उम्र 55 60 के ऊपर है. यह शिवाजी महाराज के पीछे खड़े हैं। बाऊ. साहब जिजाऊ खुद खड़ी है। ये सारे लोग. शिवाजी महाराज के पीछे खड़े हैं। शिवाजी. महाराज को बता रहे हैं कि आपको ऐसा करना. है, वैसा करना है, ये करना है, वो करना. है। 16 साल की उम्र तक सभी लोगों को पत्र. लिखा गया है। शामिल हो जा। नहीं खत्म कर.
दे इसको। नहीं मारो सबको। ये शिवाजी. महाराज के समय सिस्टम है। अब क्या करोगे? उनकी गुलामी से अच्छी है। तो आप हमारे. अंडर में काम करो ना। और शिवाजी महाराज ने. सबको एकत्रित लिया है। पत्र लिखा है कि. यार हमारा सपना है हिंदवी स्वराज का।. स्वराज्य यानी क्या? स्वराज्य यानी स्वयं. का राज्य।. शिवाजी महाराज चाहते तो अपने राज्य का नाम. वो शिवाजी राज्य रख सकते थे। भोसले राज्य. रख सकते थे, जिजाऊ राज्य रख सकते थे, शाहजी राज्य रख सकते थे। उन्होंने. स्वराज्य क्यों रखा? स्वराज्य जब कोई. व्यक्ति स्वराज्य कहता है, उसका मतलब होता. है यह स्वयं का राज्य है, मेरा राज्य है।. शिवाजी महाराज ने यह कभी नहीं कहा कि यहां.
पे लड़ने वाला कोई भी व्यक्ति जो होगा वो. शिवाजी राजा के लिए लड़े। तुम्हें यदि. लगता है कि तुम्हारे आंगन की तुलस तुलसी. सुरक्षित रहे और तुम्हें यदि लगता है कि. तुम्हारे मंदिरों के गोपुर सुरक्षित रहे. और तुम्हें यदि लगता है कि तुम्हारी. बेटियां सुरक्षित रहे तो कोई शिवाजी राजा. कह रहा है इसलिए लड़ने के लिए मत आना।. तुम्हें यदि लगता है कि राज्य तुम्हारा है. और उस राज्य का नाम लेने के बाद तुम्हें. लगता है यह तो मेरा स्वयं का राज्य है तब. लड़ने आना। शिवाजी महाराज को वो. इंडिपेंडेंट जहांगीर खड़ी करने के लिए. भेजा गया था। वो सपना दिखा के भेजा गया. था। उन्होंने वह सपना जिया। जीजाबाई ने उस.
तरह से संस्कार दिए। अपने पांच बेटे खोने. के बाद मतलब बहुत बचपन में उनकी डेथ हुई।. एक समय पे 1656 में जब उनके बड़े बेटे. संभाजी महाराज को मारने के बाद भी 1659. में अफजल खान आया शाह जीजा भाई क्या कहते. हैं? मुझे उनका मस्तक चाहिए। मार गया. उन्हें। शिवाजी महाराज कहते और हम वापस. नहीं आए तो हम सोचेंगे तुम भी मर गए। तुम. थे ही नहीं मुझे कभी। वो माता ने जनन. किया। [नाक से की जाने वाली आवाज़] तो. शिवाजी महाराज को बनाया ही ऐसा था। मैं एक. एक लाइन कहता हूं सर हमेशा कहता हूं यह.
बात. शाहजी राजा ने शायद सोचा होगा और शिवाजी. महाराज को कभी तो यह कहा होगा कि बेटा. शिवा तेरी जिंदगी में जितनी जंग आएंगी ना. और वो जंग में जितनी बार तू हारेगा वो मैं. हार चुका हूं। मैंने तुझे मैंने तुझे. जीतने के लिए पैदा किया जाके जीत।. सही बात है। क्योंकि शाह जी के बारे में. जब मैं पढ़ रहा था तो उनके ससुर लखू जी. जाधव राव को भी मार दिया गया था। मार दिया. गया था।. उनका इसी चीज का जो इंपैक्ट था नॉट जस्ट. दिस यहां पर क्या हुआ ना एक खंडागढ़ हत्ती.
प्रकरण आता है हमारे यहां पे खंडागढ़ करके. देयर वाज़ अ फेलो पर्सन वर्किंग इन. निजामशाही एंड एवरीवन ऑफ दिस वर वर्किंग. इन निजामशाही. खंडागढ़ का हाथी छूटा जम के छूटा अब वो. सपाइस दौड़ रहा था तो उसे. रोकने के लिए हुसले घराने में से एक. व्यक्ति ने उस पे छलांग मारी हत्ती की. सूंड काटी. तुमने इसके हाथी को काटा। मैं यह जाधव का. आदमी है। तो जाधव ने उसके ऊपर तलवार चलाई।.
विदिन वहां पे कितने तो भोसले जाधव में. वॉर छिड़ गया। उस एक हाथी की वजह से। ये. चीजें जीजाई को पता थी कि यार हम किनके. लिए काम कर रहे हैं। एक हाथी के ऊपर हम एक. दूसरे को मारने के लिए तैयार हो जाते।. लेकिन हम इन मलच्छों को नहीं मार सकते।. सिमिलरली उनके पिताजी का वहां पे मर्डर कर. दिया गया। पूरे भरे दरबार में जीजा भाई को. लगा यार मेरे बाप को मार दिया। मेरे. पिताजी को मार दिया। क्या मैं अपने बेटे. का ऐसा जन्म नहीं कर सकती कि जो इनको सबको. खत्म करे। वो मतलब हमारे यहां पे ऐसा कहा. जाता है.
एक आप क्या कहते हो जैसे प्रेगनेंसी में. इमली खट्टा खाने की आदत होती है तो हमारे. यहां पे उसे डोहाड़े कहते हैं कि ये खाना. है वो खाना है जो क्रेविंग्स होती है। है. ना? हमारे यहां पे लोकथाओं में ऐसा कहा. जाता है कि जिस समय पे मां साहब जिजाऊ को. क्रेविंग हुई होंगी। अपने बेटा जब पेट में. था उनको क्रेविंग हुई होंगी तलवार चलाने. की। उनको क्रेविंग हुई होंगी घोड़े पर. चढ़ने की। क्योंकि उस नरसंहार करने के लिए. ही शिवाजी महाराज को पैदा किया गया था।.
ये. मांगा ही मां भवानी से था। यह मांगा ही. शिवजी से था कि बहुत हुआ। तुझे हिमालय से. उतर के अब सह्याद्री में आना होगा। यानी. शाहजी राजे का जितना संघर्ष था, जितनी. अधूरी इच्छाएं थी, जितना जीजाबाई का. संघर्ष त्याग था, वह सब ईश्वर ने शिवाजी. हमारे यहां पे कहा जाता है कि शिवाजी. जन्मा बाजू घरत मतलब शिवाजी जन्मे लेकिन. बाजू के घर में क्योंकि उतना संघर्ष है।. आज जैसे हम लोग कहते हैं कि यार जनरेशन. भटक रही है। जनरेशन वैसी नहीं रही। मेरा. कहना यह है कि जनरेशन को बड़े करने वाले.
तुम लोग हो। हमारी जनरेशन तुमने बड़ी करी. है। तो अगर आपकी आदतें अच्छी नहीं है तो. हम वैसे ही भटकने वाले हैं। तो अगर आपको. शिवाजी सज्ज करना है तो जीजाबाई और शाहजी. को सज्ज होना पड़ेगा। कुछ सपने आपके अधूरे. रह जाएंगे। वो आपके बच्चे पैदा करेंगे।. अगर वो सपना उतने बड़े कॉन्शियसनेस में. आपको डालना है। सपना जितना बड़ा होगा. आहुतियां उतनी बड़ी दी जाएंगी। कोई फ्रीडम. फाइटर यह आजादी के लिए नहीं लड़ता। वो खुद. आजाद होता है इसलिए आपके आजादी के लिए. लड़ता है। वो किसी के अंडर में काम नहीं. कर रहा होता। सिमिलर वे में शिवाजी महाराज.
को नहीं पता था कि वह स्वराज्य की नींव. रखेंगे तो उसके बाद में कितने सालों तक. राजा बनने के बाद वह राजशाही पद को यह कर. सकते हैं। लेकिन वह राजा थे बिना राजपथ के. वो राजा थे। वैसे ही शाहजी राजे वो स्वराज. इस्टैब्लिश कर चुके थे। बस राजतिलक करने. के लिए शिवाजी महाराज को भेजा था। बिफोर. यू डू इट यू हैव टू इमेजिन इट।. तो स्वराज की स्वराज का पहला बीज. [गला साफ़ करने की आवाज़]. हम शाहजी राजे ने. शाहजी राजे ने रखा।. रखा या शिवाजी महाराज. शाहजी राजा ने रखा ना। बीज तो शाहजी राजा. ने रखा। उसका खतपानी शिवाजी महाराज को. किया और खतपानी का सामग्री शाहजी राजा ने.
दी क्योंकि जब वो खतपानी कर रहे थे तो. बाकी लोगों को चिढ़ हो रही थी तो उन्हें. वापस बुला लिया गया तो मैं नहीं कर पाया. लेकिन मेरा बेटा करेगा फिर मेरा सवाल है. कि जब पूरा महाराज छत्रपति शिवाजी से भरा. पड़ा है जब हर मराठी शिवाजी पे नतमस्तक है. देशवासी शिवाजी महाराज नस्तक है मैं दावा. कर सकता हूं कि बहुत सारे लोगों को शायद. शाहजी महाराज का नाम तक ना पता हो. बिल्कुल ये बिल्कुल हो सकता है ना ऐसा. होता है और क्या होता है सर हमेशा जैसे कि. यानी वो व्यक्ति जिसने महाराष्ट्र में या. देश में पहली बार स्वराज की नींव रखी। उस. व्यक्ति का नाम तक नहीं जानते लोग।.
सी. और उसके काम तो ऑफ कोर्स आधे लोग. बिल्कुल। बहुत. क्या होता है जैसे अब जैसे एक राजपूताने. पे अगर हम बात करें महाराणा प्रताप की. हिस्ट्री सबको पता है। राणा कुंभा राणा. सांगा की हिस्ट्री इतने लोगों को नहीं. पता। नाम भी नहीं पता होगा। लेकिन जो राणा. राणा कुंभा ने जो बिल्ट किया राणा सांगा. ने जो जुनून से खेला उसी की जिद लेके. महाराणा प्रताप आगे गए। तो क्या है किसी. एक जनरेशन में एक व्यक्ति रहा होगा जिसने. आपके लिए सैक्रिफाइस दिए तब जाके आप चमके.
हो. जिससे इंस्पिरेशन लेकर आपने. एक्सक्टली आप आगे. एग्जीक्यूशन किया होगा. हम अगर ये कहे कि श्री राम ने रावण का वध. किया लेकिन अगर वो कौशल्या नहीं कहते कि. जब तुम वन में जा रहे हो तो सारे राक्षसों. को मार के वापस आना।. तो कौशल्या नहीं तो राम कहां से होते? सुंदर।. अच्छा एक बड़ा दिलचस्प किस्सा आता है कि. आदिल शाह के साथ काम कर रहे थे शाहजी राजे. बेंगलुरु में. लेकिन छत्रपति शिवाजी जो हैं वो. महाराष्ट्र में आदिल शाह के सारे महल छीन.
रहे थे एक-एक किले छीन रहे थे. वो काम वो भी काम आदिल शाह के लिए ही कर. रहे थे एक्चुअली हुआ ऐसा था कि पुणे का. परगना ये स्पेसिफिकली शाहजी राजा के अंडर. में ही आता था. हम. शिवाजी महाराज को भेजा गया था एज अ केयर. टेकर ये मेरा बच्चा है केयर टेकर केयर कर. लेगा भेज दो इनको लेकिन धीरे-धीरे. इन्होंने एक-एक किला हस्तगत करना शुरू. किया। अपने अंडर में लेना शुरू किया कि ले. भाई खींच ले खींच ले खींच ले खींच ले। यह. बातें शिवाजी वहां पे शाहजी राजे को पता. चली। तो शाहजी राजे को कैद किया गया वहां. पे. कि यू आर द वन हु इज प्रोटेक्टिंग एंड.
एडिंग योर सन।. वो भी. 1649 में. बेवकूफी से मतलब झूठ बोल के कैद कराया गया. था।. ना नहीं वो दावा देखो क्या है? अब जैसे. [गला साफ़ करने की आवाज़]. शिवाजी महाराज ये सब जो काम कर भी रहे. होंगे। हो भी सकता है कि शाहजी राजा जब. मदद कर रहे हैं उनको पता चला होगा। लेकिन. प्रूफ कोई नहीं था ना। तो 1649 में उस समय. पे सबसे बड़ा सरदार जो उनके पास में था वो. था अफजल खान।. अफजल खान भोसलेस से जलता था। अफजल खान के. जलने का सबसे बड़ा कारण भी ये था कि बिकॉज़. शाहजी राजे वाज़ राइजिंग वेरी रैपिडली।.
एक्सट्रीमली रैपिडली। आदिल शाह में कुछ. ऐसे आदिल शाह हुए हैं आदिल शाह के गद्दी. पे जो सरस्वती मां की पूजा करते थे।. लिटरली करते थे। मैं झूठ नहीं कहूंगा इस. बारे में। तो. आदिल शाह के सरदार वाज़ लाइक कि इनके साथ. में थोड़ा संतान बना के चलते हैं हम लोग।. डायरेक्ट मुगलों की तरह आक्रमक नहीं थे।. [नाक से की जाने वाली आवाज़] अब इसमें. क्या हुआ? शाहजी राजे का राइज अफजल खान से. देखा नहीं गया। अफजल खान ये खुद एक खाना. बनाने वाले का लड़का था। एक्सट्रीमली. एंबिशियस। उसको बैठना था गद्दी पे। शाहजी. राजे का राइज़ देख के वो शाहजी राजे से.
जलता था। भोसले से जलता था। तो सारा आरोप. मल दिया गया 1649 में शाहजी राजे पे कि ही. इज़ द वन हु इज़ प्रोटेक्टिंग हिज़ किड। और. उन्हें ऐसा कह के बंदी बना के जोकरों के. कपड़े पहना के पूरे बीजापुर में से उनको. घुमाया गया।. शाहजी को. शाहजी राजे को. तो जिस समय ये घुमाया गया तो उस समय. शिवाजी महाराज ने मुगलों को पत्र लिखा. बोले हम आपको जैसे हो जो हो हम आपको मदद. करने के लिए तैयार हैं।. और आदिल शाह की फट गई।. और आदिल शाह को लेटर लिखा वो मुगलों ने. पत्र लिखा कि शिवाजी हमारा आदमी है। हाथ.
नहीं लगाना उन्हें। तो शाहजी राजा को. छोड़ना पड़ा। लेकिन उसके बाद सात सालों तक. शिवाजी. संधि हुई किले वापस किए गए। नहीं शिवाजी. महाराज ने अगले सात सालों तक कोई बड़ा. किले गए. कुछ किले वापस संधि के पिताजी वापस आए. और पिताजी वही रहे लेकिन उन्हें छोड़ा गया. लेकिन उसके बाद में सात सालों तक शिवाजी. महाराज ने कोई बड़ी मुहिम अपने हाथ में. नहीं ली है 1656 तक. तैयारी शुरू कर दी थी लेकिन अंदर. लेकिन धीरे-धीरे तैयारी शुरू हुई 1656 में. कनक गिरी का कनकगिरी के युद्ध में शिवाजी. महाराज के बड़े बंधु संभाजी राजे जब.
उन्हें मदद पहुंचानी थी. हम. तो अफजल खान ने मदद ना पहुंचाते हुए धोखे. से तोपों के सामने ले जाके या किसी और. तरीके से उन्हें मरवा दिया गया। एक आता है. कि तोपों के सामने देके मारा गया। यह बात. जब शिवाजी महाराज को पता चली कि अब समय आ. चुका है सात सालों से साढ़ेसाती लगी हुई. है शनि की हमारी। अब समय है भैया बदला. लेने का। शिवाजी महाराज ने उस समय पे सबसे. पहले आक्रमण किया जावड़ी पे। थोड़ा मैप. ज्योग्राफी समझाता हूं। जावड़ी ये एरिया. आता है कोल्हापुर के पास। कोल्हापुर आता.
है डायरेक्ट बेंगलुरु की बॉर्डर पे।. जावड़ी पर जिस समय पर उन्होंने आक्रमण. किया जावड़ी का मेन जो जहागीरदार था मतलब. जिसके अंडर में थी वो था अफजल खान। अफजल. खान ने मरवाया ना तो अब हम अफजल खान को. डायरेक्ट चैलेंज करते हैं कि आजा बेटा अब. तो हम तैयार हैं। 1656 में उन्होंने. जावड़ी मारा। अब जावड़ी का जो एक्चुअली. जावड़ी में जो मोरे थे जावड़ी के जो मोरे. थे तो चंद्रराव मोरे चंद्रराव ये पदवी हुआ. करती थी। तो चंद्रराव मोरे का ऐसा हुआ कि. 1652 में चंद्रराव मोरे की डेथ हुई। अब.
चंद्रराव मोरे की पत्नी जो विधवा थी उसको. कोई बेटा नहीं था तो उसने एक दूर के मोरे. को अडॉप किया गद्दी पर बैठाया उसको जब. गद्दी पर बैठाया 4 साल में वो पर फैलाने. लगा शिवाजी महाराज अब ऐसा नियम था कि आप. जब गद्दी पर बैठा हो तो आदिल शाह को पूछना. पड़ेगा क्या अफजल खान आदिल शाह दोनों को. पूछना पड़ेगा [नाक से की जाने वाली आवाज़]. इस बार उन्होंने परमिशन ले ली इस बार. उन्होंने पूछा शिवाजी महाराज को बोले आप. हम प्रोटेक्ट करेंगे बोले हम करेंगे बैठाओ. जिसको बैठाना है बैठा दिया बैठाने के बाद.
उन्होंने क्या किया बाजू के परगने से भी. कर वसूल करना शुरू किया। शिवाजी महाराज को. ये बात पसंद नहीं आई। शिवाजी महाराज ने. लेटर लिखा। बोले आप कहां के राजा हो? ये. क्या कर रहे हो? बोले आप कहां के राजा हो? राजा तो आदिलशाह है। बोले शिवाजी महाराज. ने वहां पे कहा है कि ये जो तुम शैतानी. खेल कर रहे हो बंद कर दो। काट डालेंगे हम. तुमको। उसके साथ में उसके घर के 10 लोग और. खड़े हुए। मतलब एक होता है ना बिरादरा चल. चल हम देख लेंगे। तू खड़ा हो जा खड़ा हो. जा खड़ा हो जा। शिवाजी महाराज को जब यह. बात पता चली कि भाई यह पार फैला रहा है और. यही समय 1656 में जिस समय पर शिवाजी.
महाराज के भाई की डेथ हुई शिवाजी महाराज. ने जावड़ी के मोरे के खानदान में कृष्ण. राव को तो मारा. 11 और मर्दों को मार डाला। बोले सांप के. बच्चे जब छोटे हैं तभी काटे जाए तो बेटर. होगा। खत्म कर दी। मतलब जीजा भाई का ये. लेटर था भाई क्या चल रहा है तुम्हारा? बोले नहीं अभी मारेंगे। इसने पर फैलाया यह. फैलांगा ये फैलांगा हम खड़े नहीं होने. देंगे। खत्म ये डायरी लेटर ये डायरेक्ट. क्लेम गया वहां पे अफजल खान को। अच्छा इस.
समय पे औरंगजेब दक्खन का गवर्नर था। अफजल. खान की धौस देखो। अफजल खान भी कोई. छोटा-मोटा सिपाही नहीं है।. मैंने अफजल खान एक किस्से बहुत सुने।. दमदार आदमी था।. वो कितना दमदार था मैं बताता हूं ना।. औरंगजेब जिस समय पे दक्खन में गवर्नर था।. तो कल्याण भिवंडी का युद्ध हुआ था। अफजल. खान ने इसको कैद कर लिया था। औरंगजेब को. कैद करके रखा था। औरंगजेब के अफजल खान के. ऊपर मोहम्मद खान नाम का एक बंदा काम करता. था। सीनियर था उसका। औरंगजेब तो बड़ा चंट।.
उसने भी लेटर लिखा मोहम्मद खान को बोले. देखो मैं राजपूत्र हूं। मैं मुगल राजपूत्र. हूं। मुझे अगर हाथ लगा पूरी मुगलशाही आगे. तुम्हें खत्म कर देंगी। अफजल खान ने कैद. किया और अफजल खान को ना पूछते हुए इसने अब. औरंगजेब को छोड़ दिया। छोड़ दिया। तो इस. बात का अफजल खान को इतना गुस्सा आया कि. भरे दरबार में उसने मोहम्मद खान को. दंडपट्टे से सबके सामने काटा और किसी की. हिम्मत नहीं थी अफजल खान के आड़े जाने की।. ही वास दैट पावरफुल। आदिल शाह डरता था. अफजल खान से। मतलब आप ऐसे समझो कि आज के. समय का सबसे बड़ा अगर कोई बाहुबली होगा.
दो-तीन गिने-चुने नाम होंगे बाहुबली में. वो अफजल खान था।. सब डरते थे। पूरा भारत डरता था। अरे आपने. मुगल राजपुत्र को कैद कर लिया। उससे बड़ी. आर्मी भारत में किसकी थी? शाहजी राजे को. कैद कर लिया। आपका तो डायरेक्ट शिवाजी. महाराज को पता ही है। यहां पे आपने उनके. भाई को मरवा दिया। और कौन है? आदिल शाह. खुद कुछ बोल नहीं पा रहा है। दरबार में. मारे जा रहा है वो व्यक्ति। तो ये जब. डायरेक्ट सिग्नल वहां पे गया तो शिवाजी. महाराज ने अफजल खान अफजल खान को एक तरह से. कहो ले सिग्नल भेजा या वो इनडायरेक्टली. सिग्नल गया या ऐसा समझो वो नियति वैसी आई।.
तो वो जिस समय पे सिग्नल गया. तो कल्याण भिवंडी में से यह जब भागा कौन? औरंगजेब जब वापस गया शिवाजी महाराज ने. कल्याण भिवंडी को भी जीत लिया। कल्याण. भिवंडी के कुछ जगहों को जीता और यहां भी. इन्होंने क्या किया कि जितने मौलवी इस्लाम. फैला रहे थे उनकी रसद बंद कर डाली। मशीदों. को ग्रेनरी में तब्दील कर डाला। ऐसे. डायरेक्ट लेटर मिलते हैं अफजल खान के। तो. अब यहां पे बड़ी बेगम जो आली आदिल शाह की.
मां थी, सौतेली मां थी। वो कुतुब शाह की. बेटी थी। वो डर गई यार। वो बोले यार ऐसा. होगा तो क्या होगा? हमारा हम तो खतरे में. आ जाएंगे। फैलाएंगे कैसे? कैसे आदिलशाही. फाइलेंगी? कोई है मर्द का बच्चा पूरे. दरबार में और कोई खड़ा होने के लिए तैयार. नहीं था। उस समय पे अफजल खान ने हाथ उठाया. कि मैं लेके आऊंगा। मेरी जहागीर पे उसने. डायरेक्ट एक क्लेम मारा है तो मैं मैं ही. उसे मारने जाऊंगा। अब सबको लगा कि भाई अब. तो शिवाजी गया। पोर्तुगालियों को लगा खत्म. क्योंकि यह पोर्तुगालियों को भी धमकाता. था। अफजल खान। अफजल खान सबको धमकाता था।.
6.5 फीट का हट्टा कट्टा। अच्छा एक आप समझो. ना।. मैं हमेशा एक बात कहता हूं। हर जगह पर. जाकर ही बात कहता हूं और हमेशा कहूंगा. आपके दोस्त आपकी संगत बताते हैं। आपके. दुश्मन आपकी औकात बताते हैं। तो भैया अफजल. खान कोई छोटा-मोटा सिपाही तो रहा नहीं. होगा। एक साध्या भटारणी सा मुल्क का. भटारणी यानी कि जो खाना बनाने वाली है. उसका बेटा इतने बड़े पोजीशन तक गया वो. उसकी कैपेसिटी कितनी रही होंगी? उसका. दिमाग कितना रहा होगा? उसकी ताकत कितनी. रही होंगी कि आप इंडिया पैन इंडिया के वन.
ऑफ द डेंजरस बन रहे हो। आपके खबरें यूरोप. तक पहुंच रही है। ईरान तक पहुंच रही है और. इंडिया बीइंग द सोने की चिड़िया सबकी नजर. यहीं पे होती थी। अब अफजल खान ने क्या. किया? अफजल खान वहां से आर्मी लेके निकला।. कुतुब शाह कुतुब शाह की बेटी जो बड़ी बेगम. थी और जो आदिल शाह था उसने डायरेक्टली बोल. दिया कि भाई शिवाजी को तुम जिंदा या. मुर्दा पकड़ के मत लाओ। मार डालो उसको।. हमको चाहिए ही नहीं वो बंदा। खत्म ही कर. दो उसको। उसने पहले भी 10 साल पहले पर. फैलाया था। फिर से पर फैला रहा है। शाहजी.
राजा को बुलाया गया। बोले आप मदद कर रहे. हो। बोले मैं कहां मदद कर रहा हूं? मेरा. छोरा मेरी नहीं सुनता है। आपको भेजना है. आप जाके मारवा दो। तो अफजल खान जब निकला. 1659 में तकरीबन फरवरी के महीने में. शिवाजी महाराज उस समय पे जावड़ी के रीजन. में थे। तो जावड़ी का एक जंगल आता है।. जावड़ी के जंगल के वहां पे प्रतापगढ़ आता. है।. [गहरी सांस लेने की आवाज़]. शिवाजी महाराज प्रतापगढ़ पे है। प्रतापगढ़. के पास में जावड़ी है। जावड़ी के बाजू में. महाबळेश्वर है। महाबळेश्वर के बाजू में एक. और जगह है। यह महाबळेश्वर के इस साइड में.
रुका हुआ था। यह डायरेक्टली शिवाजी महाराज. से मिलने नहीं आया। कोल्हापुर है ना आप. सीधा घुस सकते हो दावड़ी में निकल के। यह. पहले घुसा 36 37 मंदिर इसने डिस्ट्रक्ट. करे। अच्छा इसको हिम्मत कहां से मिल रही. है? ये अकेले आया था। नहीं इसके साथ में. 10 बड़े-बड़े सरदार आए थे। जो हिंदू सरदार. थे। शिवाजी महाराज के सगे कजिन चाचा. मुंबाजी भोसले अफजल खान की सेना में थे।. शिवाजी महाराज को मारने के लिए। इतने वो. शाहजी राजे से जलते थे। इसका जो वकील था. कृष्णा भास्कर वो शिवाजी महाराज को मारने.
के लिए इसके साथ में आया है। ये सारे. हिंदू सरदार वहां पे इसके मराठा हिंदू. सरदार इनहीं को मारने के लिए आए तो शिवाजी. महाराज को राजा कोई नहीं समझ रहा।. हिंदू का दुश्मन हिंदू हमेशा से. हमेशा से रहा है। वो आया आने के बाद उसने. शिवाजी महाराज को बाहर निकालने की कोशिश. की। भाई कि मैं मंदिर तोड़ता हूं। शिवाजी. किले से बाहर निकलेंगे। शिवाजी महाराज. किले से बाहर निकले। टस से मस्त नहीं हो. रहे। इसको लगा यार अब क्या करें? अगस्त का. महीना आया। सितंबर का महीना। सितंबर के. महीने में एक वार्ता आई। शिवाजी महाराज की. पहली पत्नी साहिबा 1659 की ये बात है।.
सितंबर पांच की ये बात है। तकरीबन एक. संभाजी महाराज की उम्र उस समय दो साल की. रही होगी। शिवाजी महाराज की पहली पत्नी. साहिबा सही बाई का निधन हुआ। दुश्मन खड़ा. है। आपकी पहली पत्नी साहिबा का निधन हो. रहा है। लेकिन हमें मारना है।. उसी समय पर अफजल खान का वकील भी आया. शिवाजी महाराज को मिलने के लिए गढ़ के ऊपर. और बोले हम संधि करने के लिए तैयार हैं।. बोले संधि करेंगे।.
मैंने एक कहीं जो मेरी रिसर्च में कहीं. आया था किसी आर्टिकल में कि शिवाजी महाराज. ने एक स्कैम किया अफजल खान के साथ कहा कि. मैं डर गया हूं आपसे और मैं आपसे मिलना. चाहता हूं। उसी पे आ रहा हूं। तो वह अपने. आप को कमजोर दिखाकर उसके पास चले गए। अगले. दिन हम धोखे मिलेंगे।. तो वो उनके पास में जब वो गया यह कहते हुए. कि भाई तुम क्यों नहीं आ रहे हो अफजल खान. के सामने? अफजल खान तुमसे मिलना चाहता है।. बोले मैं अब डरता हूं बोले अफजल खान से।. अफजल खान चाचा के जैसे बोले हमारे पिताजी. के जैसे पितृतुल है बोले हमारे। और शिवाजी. महाराज को ये बात पता थी कि अफजल खान बहुत.
हवा भरता है अपने अंदर। अफजल खान क्या. कहता था? अफजल खान की जो मुद्रा थी अफजल. खान की मुद्रा पे लिखा हुआ रहता था गर अगर. सुनत सिफत अल्लाह फजल फजला फजल अफजल अजगर. मुल्की बजाए तस्बी आवाज आयात अफजल अफजल. अफजल यानी कि स्वर्ग में से कान देके नीचे. जमीन की तरफ अगर कोई कान देके सुनेगा उसे. जपमाला में से अल्लाह अल्लाह नाम नहीं. आएगा अफजल अफजल नाम आएगा इतना घमंड था. अफजल खान को खुद पे ये बात शिवाजी महाराज. को पता थी उन्होंने हवा भरी बोले हम डर गए. बोले ऐसा करो बोले हमारी तबीयत ठीक नहीं. रहती बोले हम आते बोले आपसे मिलने आप जहां.
पे हो वहीं पर रहो मैं आऊंगा आपसे मिलने।. साइलेंट कुछ नहीं। उसको लगा ठीक है। अच्छा. शिवाजी महाराज यही चाहते थे। शिवाजी. महाराज की पूरी आर्मी भी अगर आप निकालोगे. तो 15,000 के ऊपर आर्मी नहीं थी। शिवाजी. महाराज का पहले सपना था कि मैं डायरेक्ट. जाके अफजल खान पे आक्रमण करूं। लेकिन सबने. शिवाजी महाराज को समझाया। बोले देखो राजे. आप मारने जाओगे मर जाओगे। कोई मतलब नहीं. है ऐसा। आपके जैसे. लाखों को लाखों का पालनहार जीवित रहना.
चाहिए। हमारे जैसे लाख चले जाएंगे चलेगा।. बोले लेकिन आपके जैसा लाखों का पाला जीवित. रहना चाहिए। शिवाजी महाराज ने कहा चलो ठीक. है संधि करने हम कोशिश करेंगे कि ये जो. युद्ध अब जो वॉरफेयर होने वाला है हमारा. ग्राउंड पे इसको साइकोलॉजिकल वॉरफेयर में. तब्दील करते हैं और जैसे ही वकील आया बोले. मिठाई बांटो अब तो युद्ध नहीं होगा अब. होगा साइकोलॉजिकल वॉरफेयर होगा तो शिवाजी. महाराज ने पहला लेटर भेजा अच्छा शिवाजी. महाराज इसका वकील जब कृष्ण भास्कर आया. शिवाजी महाराज ने अपना वकील भी भेजा. गोपीनाथ बोकिल गोपीनाथ बोकिल गए उनके साथ. में गोपीनाथ बोकिल धूर्त आदमी एकदम. जबरदस्त मतलब अच्छाई वाली धूर्तता अच्छा.
वो वाली एकदम सुंदर वाली जो कृष्ण की. धूर्तता थी वो धूर्तता उनमें बोले जाओ. इनके साथ वो गए अफजल खान को जाके कहते हैं. बोले वो डर गया बोले शिवाजी आपसे बच्चा है. बोले ये 60 साल की उम्र है शिवाजी डर गए. बोले अफजल साहब आप ऐसा करो बोले आप मेरे. साथ बोले पत्र व्यवहार करो बोले वो सब कुछ. देगा बोले आपको बोले देगा बोले बिल्कुल. देगा बोले शिवाजी बच्चा है कृष्णा भास्कर. वकील है मैं वकील हूं बोले सब सही हो. जाएगा आप टेंशन मत लो. अच्छा गोपीनाथ वकील जिस समय उनसे मिलने गए.
कृष्णा भास्कर में मिलने कृष्ण भास्कर सो. गया था। गोपीनाथ बोखिल रात भर जागे थे।. गोपीनाथ बोखिल ने वहां की सारी चीजें देख. ली कि क्या-क्या लाया, किसको-किसको लाया।. लोगों को पैसे दिया वो आके बोले बताओ इसका. क्या मंसूबा है? बोले मारने वाले हैं बोले. ये लोग। शिवाजी महाराज को मिलने गए. गोपीनाथ जी। गोपीनाथ बोले उसके पास में. बोले हीरे जवाहरात के बहुत सारे व्यापारी. लेके आया। बोले अपने साथ में और मारने. वाला है। बोले आपको गोपीनाथ काका बोले ऐसा. काम करो। अभी जाओ बोले आप उसको मिलने के. लिए। ऐसा 17 18 कोस का अंतर है वो।.
प्रतापगढ़ उतरो जावड़ी का जंगल क्रॉस करो. महाबलेश्वर चढ़ो नीचे उतरो वहां पे उसकी. छावनी उससे जाके मिलने जाओ गोपीनाथ काका. 60 साल की उम्र में जब मिलना है उसी समय. उसको फिर से मिलने के लिए अफजल खान को गए. ये कहना क्योंकि साइकोलॉजिकली आपको ये. दिखाना है कि देखो देखो वो एग्री हो गया. डर गया हूं मैं डर गया हूं मैं ताकि. शिवाजी महाराज अच्छा अच्छा वो बोल रहे हैं. ना मान लो मान लो मान लो डरे हुए ऐसा. दिखाना है हमको गोपीनाथ काका गए बोले. मिलने के लिए तैयार है बोले वो लेकिन आपको. जावड़ी आना बोले आपको जावड़ी में आना. पड़ेगा बोले प्रतापगढ़ पे आना पड़ेगा बोले.
लेकिन आप जब आओगे ना बोले तो आने के वक्त. बोले आपकी खातेदारी तो हमको करनी पड़ेगी।. बोले ये जो व्यापारी है आप हमारे साथ में. भेज दो। सारे व्यापारी गोपीनाथ काका के. साथ में शिवाजी महाराज के पास में गए।. बोले क्या हुआ? ये ये कौन है? बोले अरे वो. व्यापारी है बोले बड़े-बड़े। जब अफजल खान. साहब आएंगे तो उनकी खातेदारी तो करनी. पड़ेगी। बोले हां सब खरीद लो। बोले तुम. व्यापारी जी बोले आप आराम से अंदर आराम. करो। अफजल खान जी के साथ में जब हमारी. संधि हो जाएंगी हम आपको डबल दाम देंगे।. पहले ही छापा तो वही पड़ा। बोले और क्या.
बोले 200 अरबी घोड़े हैं बोले उसके पास. अपने पास में कितने एक काम करो बोले आप. तैयारी करना शुरू करो बोले लर्न करना शुरू. करो बोले शिवाजी महाराज का फुल प्रूफ. प्लान था कि वो जावड़ी में आया जितनी सेना. लेके आया एक भी बंदा वापस जाना नहीं चाहिए. सबको काट के वापस भेजेंगे हम लोग वो बहुत. बड़ी सेना लेके आया था 70-80 हजार की. लेकिन जब वो जावड़ी के जंगल में आया. आते-आते उसकी सेना छोटी हो गई क्योंकि. इतने समय तक 6- सात महीने तक सेना एक जगह. पर रखना वास नॉट फिजिबल वो आया 30-35000. की सेना लेके जावड़ी के जंगल में पूरी. सेना रुकी हुई शिवाजी महाराज ने फुल प्रूफ.
प्लान बनाया था कि इसमें से एक भी बंदा. वापस जाना नहीं चाहिए। शिवाजी महाराज के. साथ में सारे सबोर्डिनेट्स सब शिवाजी. महाराज को बता रहे हैं आपको ये करना है वो. करना है। शिवाजी पूछे क्या करना है? तो. कृष्णा जी नायक करके एक सबसे छोटे. सबोर्डिनेट थे। शिवाजी महाराज की उम्र उस. समय पे तकरीबन 29 साल की रही होंगी।. कृष्णा जी नायक की उम्र हो रही होंगी 22. 21 साल। कृष्णा जी नायक बोले अपने पास में. अफजल खान का ट्रैक रिकॉर्ड है। बोले. कस्तूरी नंदन करके एक राजा था। कस्तूरी. नंदन राजा को अफजल खान ने मिलने बुलाया,
गले लगाया और खंजर खोपस के मार डाला था।. यह इसने दो-तीन बार करा था। बोले वो ऐसा. ही करता है। तो अब क्या करना है? बोले. बोले तुम ऐसा करो चिलखत पहन के जाओ। तो. सबसे छोटा सबोर्डिनेट बता रहा है 21 22. साल का एक छोटा सा अगर हम कहेंगे तो छोकरा. तो छोटे से छोटे से बच्चे बता रहे हैं 29. साल के राजे को। बोले ठीक है। कृष्णा जी. नायकी ने बोला हम चिलकत पहन के जाएंगे।. बोले और बोले यहां पे कट्यार लगाओ। बोले. एक छोटी और बागनक। अब बागनक का उल्लेख. कहीं पे आता है, कहीं पे नहीं आता। चलो वह. छोड़ो ठोको कॉमन जनता में है कि बागनक है।.
तो बागनक लगा के गए शिवाजी महाराज।. [नाक से की जाने वाली आवाज़]. अब यहां पे इतिहासकार क्या कहते हैं कि. शिवाजी महाराज जब उनसे मिलने के लिए गए तो. शिवाजी महाराज ने पहला वार नहीं किया।. पहला वार उसने किया फिर शिवाजी महाराज ने. वार किया। गलत।. शिवाजी महाराज ने अगर फुल प्रूफ प्लानिंग. करी है कि हम सबको ठोक के भेजेंगे तो मैं. कहता हूं पहला वार भी शिवाजी महाराज ने ही. किया। वो आया खट्ट से उसको उड़ा दिया।. उसको पहला जब खंजीर घुपसा पूरी अथड़िया. बाहर शिवाजी महाराज पे वार होगा उसके पहले. जीवा माला उनके साथ में थे अच्छा 10.
बॉडीगार्ड ले जाना था उसके पास में. कौन-कौन लोग हैं शिवाजी महाराज ने सब देखा. बोले उसका वजन कितना है बोले अच्छा ये बात. और एक बात बता रहा हूं मैं ऐसे पत्र में. अभी रिसेंटली मेरे पढ़ने में आए हैं मेरे. दोस्त भी बता रहा था जो रिसर्चर है हमारे. इसमें आया कि भैया. अफजल खान को देखने के लिए शिवाजी महाराज. भेष बदल के चार से पांच दिन पहले खुद गए. थे कि वो दिखता कैसा है? मेरे को एक बार. देखना है। चलता कैसा है, उठता कैसा है, बैठता कैसा है? ऐसा कई जगह पे उल्लेखित है. कि शिवाजी महाराज वह आ रहा है। इसलिए.
शिवाजी महाराज ने अपनी खुराक बढ़ाई थी इस. टाइम स्पैन में जब उसको लटका रहे थे कि आओ. मत आओ मत ताकि मल विद्या में सीख पाऊं कि. भैया अगर मुझे बगल में पकड़े तो मैं. निकलूू कैसे? क्योंकि उसकी आदत है ना।. शिवाजी महाराज ने सिर्फ वही नहीं सीखा।. यहां तक कि शिवाजी महाराज अपने जो. अंगरक्षक लेके गए थे वो इतने सटीक लेके गए. थे कि उसके साथ में कौन आ रहा है? उसके. साथ में सैयद बंडा आ रहा है। सैयद बंडा. क्या करता है? सैयद बंडा विद्युत गति से. दंड पट्टा चलाता है। लचीली वाली तलवार. बोले हमारे पास में कौन चलाता है? बोले. जीवा माला जा। बोले उसको लेके चलो। बोले.
मेरी हाइट कितनी है? बोले 5.5 फीट की।. उसकी कितनी है? 6.5 फीट की। बोले मुझे कुछ. हो गया तो बोले एक काम करो संभाजी गाऊ जी. को लेके चलो। क्योंकि संभाजी गाऊ जी 6.2. 6.3 फीट के थे। बोले मैं अगर गया तुम उड़ा. डालना उसको। तो संभाजी गाऊ जी अफजल खान. मरने के बाद भी उसकी मुंडी काट के वापस. लेके आए थे ऊपर गढ़ के ऊपर। सो एक-एक आदमी. स्पेसिफिकली गया। लोग रो रहे थे शिवाजी. महाराज राजे बोले आपकी उम्र बहुत कम है. आपको कुछ हो गया तो क्या होगा 28 29 साल. के हो आप और हमारा क्या होगा बोले ये.
राज्य मेरा नहीं है इसका नाम ही स्वराज्य. है ना ये तुम्हारा राज्य है मैं अगर गया. तो नेतोजी पालकर जो सरसेनापति थे वो. संभालेंगे संभाजी महाराज को गद्दी पर. बैठाना लेकिन अफजल खान को हमें मारना. पड़ेगा क्योंकि मराठी स्वाभिमान अभी हमें. दिखाना पड़ेगा तो जो समाज आपको यह कह रहा. था कि भैया तुम मार नहीं सकते तुम तो. गुलाम हो तुम कुछ नहीं कर सकते। अफजल खान. को जैसे मारा अफजल खान की आर्मी में यह. बता के रखा था कि जैसे ही अंदर छावनी में. हलचल हुई तोप के गोले चलेंगे और तोप के. थोड़ा शॉर्ट में बता रहा हूं। तोप के गोले.
चलेंगे। तोप के गोले चलने के बाद नीचे. जितनी आर्मी पार्टी करेंगी। शिवाजी कौन? WhatsApp भेज देना आदिल शाह में शिवाजी. लेफ्ट द चैट। और शिवाजी महाराज ने कह के. रखा था कि भाई जब यहां पे हलचल हुई तो एक. वहां पे सिंग्या खड़ा किया था। सिंग्या. यानी कि एक व्यक्ति था जिसके हाथ में एक. तुतारी जैसा छोटा सा इंस्ट्रूमेंट होता. है। बैल के सिंह या किसी सिंग सिंग से बना. हुआ है उसे सिंगिया कहते हैं।. वो सिंगिया फूंक देगा। वो फूंकेगा तो एक. व्यक्ति दौड़ के प्रतापगढ़ पे जाएगा तोप. के तीन गोले चलाएगा। तोप के तीन गोले चले।. जितनी आर्मी नीचे है उसके ऊपर झाड़ू पे. जमीन के नीचे यहां तक कि प्रतापगढ़ से.
नीचे जाओगे तो वहां पे शिवाजी महाराज ने. एक स्पेसिफिक स्पेशल टास्क फोर्स छुपा के. रखी थी कि अफजल खान नीचे गया। मुझसे नहीं. हुआ। तुम मारना उसको। इनको आर्डर था तोप. के तीन गोले चले ना चले। आर्मी काट डालना. सारी की सारी।. तो जैसे ही तोप के तीन गोले चले प्रतापगढ़. पर संदेश गया कि भाई अफजल खान काटा गया।. ये एंजॉय करने के लिए उन्हें मराठों ने. इतना बेदम मारा काट काट काट काट सब मार. डाले गए। अफजल खान का बेटा फाजल खान वहां. से भागा। लेकिन बात यहीं पे खत्म नहीं हुई.
कि उसको मारने के बाद शिवाजी महाराज रुके।. मराठा आर्मी को इतनी बड़ी ताकत मिली. क्योंकि आपने यार बाहुबली मार दिया है।. सबसे बड़ा सबसे बड़ा बाहुबली मार दिया। यह. पॉसिबल ही नहीं है कि इसको मारा कैसे गया।. यह न्यूज़ जब औरंगजेब को पता चली उस वो डर. गया कि भाई यार ये कौन पैदा हो गया शिवाजी. जिसने अफजल खान को मार दिया। इंग्लैंड में. तक ये चर्चा थी। वहां के न्यूज़पेपर में. ये बातें छपी कि भाई द बिगेस्ट. सेनापति जो कहते हैं उसको शिवाजी ने डिफिट. कर दिया है। शिवाजी महाराज के मारने के.
बाद मराठाओं का इतना ताकत बढ़ गई। 18. दिनों में यह लोग चंदनगढ़ वंदनगढ़ करते. हुए वहीं से उस जगह से प्रतापगढ़ से 18. दिनों में 21 किले इन लोगों ने जीते।. विदिन उसी के दूसरे दिन से विदिन अ 21 डेज. और नेतोजी पालकर में तो इतना ताकत बोले. मैं और आदिल शाही को फाड़ के ले आता हूं।. वो थक गए वापस पलटना पड़ा। तो शिवाजी. महाराज ने ये प्रैक्टिकल लेसन दिया कि जब. मेरे जनता को जरूरत होगी मैं खुद जाके. मारूंगा।. अफजल खान आई थिंक सबसे बड़ा उनका.
सबसे बड़ा सबसे बड़ा सबसे बड़ा कि मैं. मारूंगा। टेंशन मत लो। और पहला तो मैं. बताऊंगा कि राजा कैसे मारता है। राजा पटक. के धोया उसको।. मारा कैसे था अफजल खान को।. अफजल खान को हथड़ी डाली। अब दो जगहों पे दो. अलग-अलग उल्लेख मिलते हैं। अलग-अलग इसमें।. एक इसमें कहते हैं कि अफजल खान पलटा।. पलटा तो उसके पीछे पिछवाड़े में सीधा तलवार. घुसाई थी और तलवार घुसा के निकाली थी। एक. जगह पे कहते हैं कि अतड़ी में तलवार निकाली. और खींची। घोने के बाद वो गिरा। अब गिरने. के बाद संभाजी गांव जी उसकी मुंडी काट के. लेके गए। अबे, मारो इसको। ये तो जिंदा. जाना ही नहीं चाहिए। तो इसी तीन चार तरीके.
से उसको मारा था। लेकिन जो पहला घाव हुआ. था बहुत डिसीसिव घाव था। मारते बराबर अतड़ी. बाहर आई थी उसकी।. वो कुछ कर नहीं पाया।. कैसे करेगा? मर ही गया भाई वो पूरा पूरा. जा चुका है।. अच्छा इन सबके बीच में जो हमारे पहले राजा. जी थे. हम. वो वो कहां [गला साफ़ करने की आवाज़] थे? क्या कर रहे? शाहजी राजे शाहजी राजे दक्षिण में थे।. शाहजी राजा दक्षिण में थे।. सेकंड हाफ उनका मौज में रहा है। आराम से. उनका ऐसा रहा है कि मौज आराम यानी कि वो. अपनी आर्मी खड़ी करके इंडिपेंडेंटली उनको. कोई हाथ नहीं लगा सका। राधा माधव विलास. चंबू जब आप पढ़ोगे तो ऐसा कहते हैं कि.
शाहजी राजा ने अपनी इंडिपेंडेंट आर्मी. खड़ी कर दी थी। वो चाहते तो दूसरे दिन. आदिल शाह को नास्तेनाबूत कर देते। लेकिन. वो करना वो एक वॉर छेड़ देता शिवाजी. महाराज और शाहजी राजा दोनों फ्रंट के ऊपर।. इसीलिए वो शांत रहे। लेकिन वो अपने वहां. पे इसमें थे।. अब यहां पर अफजल खान की मौत हो गई। अफजल. खान की मौत के बाद औरंगजेब को पता चला।. फिर औरंगजेब ने मिर्जा राजा जय सिंह. नहीं अफजल खान औरंगजेब को जब पता चला तो. उसने शाहिस्ते खान को भेजा अपने मामा को.
सगा मामा उमराव अली शाहिस्ते खान साहब. उज़्बेकिस्तान का बंदा था ये. हम. उसको भेजा उसको प्रति औरंगजेब कहते थे. डिप्टो कॉपी था वो. मामा. क्योंकि इनको पता चल गया था भाई यार ये. कोई तो बंदा खड़ा हुआ है यहां अबे यार ये. अगर पनप गया तो हमारा मेरे को कैद करने. वाले को मार दिया यार तुमने ऐसा कैसे हो. सकता है. आदिल शाह में भी आदिल शाह में भी खौफ हो. गया ना अफजल खान ही मर गया भाई हमारा सबसे.
बड़ा बैट्समैन जा चुका है अब कौन ये करेगा. उनके पास में एक. सिद्धि जौहर करके बंदा था आदिल शाह में. सिद्धि जौहर ये बंदा था कि जो अफ्रीकी. मुसलमान था पूरा काला दिखता था वो सांवला. तो उसके साथ में वर्ण भेद बहुत हुआ उसके. साथ में रंगभेद बहुत हुआ। उसके साथ में. रेसिज्म होता था। उसे ये लगा कि यही सबसे. बड़ा मौका है कि जब मैं जाके प्रूफ कर. सकता हूं कि मैं शिवाजी को मार सकता हूं।. एंड ही वाज़ वै कैपेबल। ही वाज़ ऐसा नहीं कि. वो कैपेबल नहीं था। तो सिद्धि जौहर अपनी.
पूरी सेना लेके आया। 1659 में इसको मारा. नवंबर में। ये अगले अगले दो महीने में ये. पूरी सेना लेके आ रहा। अच्छा इसके बीच में. भी दो-तीन इंसिडेंट ऐसे हुए हैं कि बाजी. प्रभु देश पांडे करके कैरेक्टर आते हैं. हमारे यहां पे। बाजी प्रभु देश पांडे और. शिवाजी महाराज में तकरीबन एक ऐसा समझो आप. 25 26 साल का अंतर है। मतलब पिता पुत्र का. अंतर है।. भाजी प्रभु देशपांडे को शिवाजी महाराज. कहते भाजी एक काम करो तुम जाके पनाड़ा लो. हम युद्ध करके आते हैं क्योंकि जो फाजल.
खान भागा था अब लेफ्टिस्ट लोगों ने क्या. फैलाया कि शिवाजी महाराज को जो बागनक दिए. थे वो शिवाजी महाराज को बागनक देने वाला. भी एक मुसलमान था. उसका नाम मुझे याद नहीं आ रहा है। वो जो. वो जो नाम था वही नाम लेके ये कहते हैं कि. उसने बागनक दिए वो अफजल खान को मारने के. बाद कोल्हापुर में एक युद्ध हुआ है। उस. युद्ध में शिवाजी महाराज खुद गए हैं और. फाजल खान को फिर से वापस भगाया है। उस समय. बाजी बाजी प्रभु देश पांडे को बोला आप.
पढ़ाना लेने जाओ। बाजी प्रभु पनाह लेने के. लिए गए। पनाह लेने के लिए चढ़े ऊपर। तो. पन्ना का जो किलेदार था वो कुतुब शाह आने. बड़ी बेगम का रिश्तेदार था। वो धूत अपने. नशे में एकदम धूत नशे में था वो तो बाजी. प्रभु ने एक आदमी को भेजा वहां पे बोले. बाजी प्रभु देश पांडे मैन ऑफ शिवाजी. महाराज चाबी दो बोले निकलो बोले यहां से. तुम वो नशे में देख रहा है बोले कौन हो. तुम बोले मराठे बोले तुम सुबह आ गए तुम तो. रात को आते हो. [नाक से की जाने वाली आवाज़] तो बोले ठीक.
है हम अपने आदमी को कल सुबह भेजेंगे बाजी. बैठे हैं दूसरे दिन आदमी आया उनका बोले. हमने अगर चाबी नहीं दी तो बाजी बोले जितने. ऊपर किले पे लोग होंगे ना जितने जितने. औरतें होंगी और जितने बच्चे होंगे सबको. विधवा करूंगा। बोले और सबको अनाथ करके. छोड़ दूंगा मैं। जितने मर्द होंगे सारे. काटे जाएंगे। चाबी दी चले गए। इतना खौफ 18. दिनों में फैला दिया था। तो रुस्तम जमान. रुस्तम जमान रुस्तम जमान ने नाखून दिया. था। ऐसा कहते हैं। रुस्तम जमान को मारा. था। मुझे एकदम से क्लिक हुआ वो। सो.
अब शिवाजी महाराज ने पन्हाड़ा जीत लिया।. पनाड़ा यह एक्सट्रीम बाउंड्री पर आता है।. अब यह जो पट्ठा आया सिद्धि जौहर शिवाजी. महाराज इस समय पर पनाड़ा में जाकर रुक गए।. पनाड़ा में जाके क्यों रुक गए? पनाड़ा आता. है बाउंड्री पे। अब जब पनना बाउंड्री पे. आता है शिवाजी महाराज को यह पता था उत्तर. से कौन आ रहा है? कौन आ रहा है? शाहिस्ते खान।. हम. दक्षिण से कौन आ रहा है? सिद्धि जौहर।. दोनों ने हाथ मिला लिया तो स्वराज्य तो.
गया।. शिवाजी महाराज बोले ऐसा करते हैं हम. पनाड़ा में अपने आप को कैद करके रखते हैं. ताकि सारी आर्मी यह पनाड़ा के बाहर खड़ी. करके रखे। वो पूरी आर्मी पनाड़ा के बाहर. खड़ी करके रखा है। शिवाजी महाराज उसके साथ. टाइम पास कर रहे हैं। जनवरी, फरवरी, मार्च, अप्र शिवाजी बाहर ही नहीं निकले।. और वो तोप के गोले दागने की कोशिश कर रहा. है। तोप के गोले जा नहीं रहे थे। तोप के. गोलों की सप्लाई और तोप सारी की सारी. अंग्रेज सप्लाई कर रहे थे। शिवाजी महाराज. किले के ऊपर है अपने और इसी बीच जून का. महीना आया तब शिवाजी महाराज को ये पता चला.
कि यार अब बरसात आ चुकी है। अगर बरसातें. एक बार खत्म हो गई सबसे डिफिकल्ट टेरेन. होता है सह्याद्री का बरसातों में बरसातें. अगर खत्म हो गई तो सिद्धिजोर अपनी पूरी. आर्मी खड़ी करेगा और हम पे पूर्णत आक्रमण. कर देगा। अब हमारे पास में समय नहीं है।. अब यहां से निकलना होगा कुछ भी करके। बाजी. प्रभु देशपांडे से कहा बाजी प्रभु. देशपांडे आप युक्ति लड़ाओ। हमें यहां से. निकलना है। 600 माव तकरीबन 1000100 मावड़े. उस समय किले पे थे। बाजी प्रभु देशपांडे. के संज्ञान में एक व्यक्ति आया। व्यक्ति. का नाम था शिवा काशीद। वो हुबेहूब शिवाजी. महाराज जैसे दिखते थे। कथा है ये।.
[नाक से की जाने वाली आवाज़] उनको बुलाया. गया।. बोले तुम्हारे ऊपर एक जिम्मेदारी देनी है. मुझे। बोले बताओ आपके लिए तो कुछ भी. करेंगे हम। आपको तो पहले ही जान दे चुके. हैं अंबाजी। बताओ क्या करना है? उन्होंने समझाया शिवाजी महाराज के सामने. युक्ति ले जाई गई। युक्ति क्या थी? हम लोग भागेंगे।. भागते वक्त हम लोग दो पालकी में भागेंगे।. एक पालकी में शिवा काशीद बैठेंगे। एक.
पालकी में शिवाजी महाराज भेजेंगे। यदि. सिद्धि जौहर को यह पता चलता है कि शिवाजी. महाराज भाग रहे हैं तो शिवाजी महाराज की. नहीं. शिवा काशीद की पालकी वहां जाएंगी। मतलब. आपको पता है आप मरने वाले हो।. अच्छा शिवाजी महाराज ने एक दिन पहले अपने. वकील को भेजा शिवा काशीद से अपने सिद्धि. जोर से बात करने के लिए बोले शिवाजी. महाराज को मिलना है आपसे बोले हम मिलेंगे. लेकिन गले नहीं लगाएंगे बोले बोले ठीक है. ठीक है डन डन तो अभी मैं कुछ डायलॉग्स के. साथ में चीजें बता रहा हूं मतलब फैक्चुअली. ये सही है लेकिन ये कथा के हिसाब से मैं.
आपको बता रहा हूं तो. [नाक से की जाने वाली आवाज़] दूसरे दिन तय. हुआ शिवाजी महाराज 600 मावड़ों के साथ में. वहां से निकले अब जाते-जाते किसी ने सुन. लिया कि शिवाजी महाराज भाग रहे हैं तो. वहां से जब वह चिल्लाया तो उन्हें पता चला. कि अब हम साथ में नहीं रह सकते। तो शिवा. काशिश को अपनी पालकी ले जानी पड़ी। वहां. पर शिवाजी महाराज को निकलना पड़ा। शिवा. काशीद जब मिलने गए तो शिवा काशिश अब फाजल. खान ने शिवाजी महाराज को देखा था। अफजल. खान का बेटा उसने सिद्धि जौहर को कहा कि.
ये शिवाजी नहीं है। शिवाजी महाराज बाकी. किसी ने नहीं देखा है। ये शिवाजी नहीं है।. शिवाजी महाराज के चेहरे पे चमक है। मैंने. शिवाजी महाराज को करीब से देखा है। ये. शिवाजी नहीं है। बोले. [नाक से की जाने वाली आवाज़] तुम कौन हो? बोले मैं शिवा हूं। बोले कौन शिवा? बोले. वो भागा वह भी शिवा था। जो है वह भी शिवा. है। जो भागा वो शिवा भोसले था। जो है वह. शिवा का है। बोले तुम्हें शर्म नहीं आती. हरामखोर। बोले हमें क्या शर्म आएंगी? हमारी जिंदगी तो उसी दिन आलीशान हो चुकी. थी कि जब हमें पता चला कि भले ही हमारा. जन्म शिवा काशीद के तौर पे हुआ होगा लेकिन.
हम मरेंगे तो शिवा भोसले बन के मरेंगे।. वहां पे मारे गए। वो सिद्धि जौहर जोर ने. अपनी पूरी आर्मी भेजी शिवाजी महाराज के. पीछे। शिवाजी महाराज के पीछे जब पूरी की. पूरी आर्मी भेजी गई तो उस आर्मी में. तकरीबन शिवाजी महाराज बहुत आगे निकल चुके. थे। अब इन्हें जाना था विशालगढ़ पे।. विशालगढ़ और पन्हाड़ा तकरीबन 58 कि.मी. का. अंतर है। ये लोग भागे-भागे 46 कि.मी. तक. ये लोग पहुंच गए घोड़ खिंड में। खिंड क्या.
होती है? खिंड होती है दो पहाड़ों के बीच. में से जाने वाली घाटी। घाटी कहते हैं ना. हम लोग दो पहाड़ों के बीच में से जाने. वाली एक जगह। मतलब इतनी स्पेस होंगी. उसमें। 300 मूवी देखी होंगी आपने। हम हम. 300 मूवी में एक जगह पे पकड़ के रखते हुए. सिमिलरली यहां पे भी 300 मावड़े ही है। यह. हमारा 300 है।. घाटी में रुके हुए हैं।. शिवाजी महाराज घाटी तक पहुंचे। बाजी प्रभु. को पता चला पीछे से लोग आए। 48 कि.मी. इन्होंने क्रॉस कर दिया। पैदल चल के गए. हैं। रात के समय पे गए हैं। आवाज नहीं. होना चाहिए। लेकिन ताजे इन्होंने तब तक.
बहुत टाइम पास कर लिया था शिवा काशिद ने. अंदर में। अब सिद्धि जौहर का जो जमाई था. सिद्धि मसूद उसको भेजा गया शिवाजी महाराज. को पकड़ के लेके आओ। शिवाजी महाराज और. बाकी लोगों को जब पता चला कि पीछे से गनीम. आ रहे हो सब सारी सेना आ रही है। बोले अब. बाजी प्रभु ने कहा बोले राजे अब अलग होने. का समय आ गया क्योंकि इसके आगे खुला मैदान. है। अगर खुले मैदान में आपने इनसे युद्ध. किया हमारा तो जितनातना लगभग नामुमकिन है।. हम जीतेंगे ही नहीं।. खिंड मैं सभी लोगों को पकड़ के रखूंगा।.
300 मावड़े मैं और. हमारी बांधल की सेना है ना बांधल के ग्रुप. से थे वो. मेरी पूरी की पूरी बांधलों की सेना यहां. पे पकड़ के रखेंगे. और आप आगे जाओगे 300 मावड़ों को लेके. शिवाजी महाराज ने बोला ये क्या कर रहे हो. आप कल मैंने शिवा काशी को खोया है या आपका. क्या मंसूबा है बोले देखो आपने मुझे पितृ. तुल्य कहा है अगर आपने मेरी बात नहीं सुनी.
तो आपके मूछों को ताव देके मैं आपको अभी. पालकी बटा के रवाना करूंगा शिवाजी महाराज. को जाना पड़ा बाजी प्रभु ने कहा कि जब. पहुंचो तोप के तीन गोले चलाना।. डिसाइड यह हुआ था कि 12 कि.मी. का अंतर. बचा है तो तीन या चार घंटे में 12 कि.मी. का अंतर क्रॉस होना चाहिए। लेकिन शिवाजी. महाराज जिस समय विशालगढ़ जा रहे थे वहां. पे सुरवे करके आदिल शाह का एक और सरदार. था। उसकी पूरी की पूरी आर्मी वहां पर खड़ी. थी। तो जो युद्ध तीन या चार घंटे होने. वाला था वो युद्ध चला 9 घंटे तक यहां पर. खिंड में। 9 घंटे तक बाजी प्रभु फुलाजी और.
फुलाजी प्रभु उनके बड़े भाई और बांदलों की. सेना. वहां पर लड़ी है और उसके बाद में जब तोप. के गोले चले तब उनको पास मिला है। अब इसको. थोड़ा फिक्शनलाइज स्टोरी टेलिंग में जब. बताता हूं तो कुछ अलग तरीके से बताता हूं।. उसमें बाजी प्रभु के डायलॉग वगैरह आते. हैं। लेकिन भावनाएं वो सत्य होती है कि. ऐसा ही हुआ होगा। क्योंकि जिस समय में फिर. उनकी जब शव लाने के लिए भेजे गए लोगों को. तो उनके शव भी नहीं मिले। क्योंकि सब गिरे. उनके शवों के ऊपर से घोड़े गए तो घोड़ों.
के वजह से पूरा शव के टुकड़े-टुकड़े हुए।. उस खिंड का नाम घोड़ खिंड था। लेकिन आज उस. खिंड को हम लोग पावन खिंड कहते हैं।. क्योंकि जिन मराठों के रक्त से उस खिंड का. अभिषेक हुआ।. इसीलिए वो खिंड आज पावन हुई तो हम कहते. हैं उसे पावन खिंड।. 300 स्पार्टस हम सुनते हैं।. वहां पे स्पार्ट थे। यहां पे मराठा थे। वो. लड़े वहां पे एक. बट ये सब जैसे उन्होंने अपने स्पार्टन की.
कहानियां दुनिया में प्रचलित की। हमारी. कहानियां और प्रचलित होनी चाहिए।. होंगी। बड़े प्रयत्न कर रहे हैं हम लोग।. बड़े अरसे बाद हमें साम्राज्य के बारे में. पता लगा। वरना सिर्फ सारी कहानियां. छत्रपति शिवाजी तक सीमित थी। हम. और उसमें भी औरंगजेब के कैरेक्टर को बड़ा. कर देते थे।. बड़ा कर देते थे।. फिर ये कहां से आए जनाब? ये हिंदू राजपूत. राजा जय सिंह।. अब यहां पे क्या हुआ? अब शिवाजी महाराज ने. यहां पे क्या किया? शिवाजी महाराज ने इसको. खत्म किया।. हम. मतलब शिवाजी महाराज यहां से निकले। तो. सिद्धि जौहर को तो डिफिट हुआ।. अब यहां पर यह बाबा बैठा बैठ चुका था.
जिसका नाम था शाहिस्ते खान। शाहस्ते खान. ने वो जब सबसे पहले बुरहानपुर आया।. बुरहानपुर वाज़ अ रिच सिटी। बुरहानपुर कौन. सी जगह है? बुरहानपुर वो जगह है जहां पे. मुमताज महल को 60 दिनों तक गाड़ के रखा गया. था। उनकी कब्र खोद के बाद में ले गया. आगरा। जहां पे औरंगजेब के दो बेटे पैदा. हुए। जहां पे उसकी बहनें पैदा हुई।. ये बुरहानपुर तक आया। बुरहानपुर के पास. आने के बाद इसमें यह चाकण का किला आता है।.
चाकण के किले पर उस समय पे थे फिरंगोजी. नरसाड़ा। जोरदार आदमी एक-एक कहानियां है. सर। फिरंगोजी नरसाड़ा के साथ में उसे लगा. मैं चाकड़ का किला ऐसे जीतूंगा दो दिन. में। 45 दिनों तक युद्ध चला। ऊपर कितने. लोग हैं? सिर्फ 400 लोग हैं। यहां कितनी. बड़ी आर्मी है। हजारों के तादाद में आर्मी. है। 40 5000 की। वो युद्ध चले जा रहा है।. चले जा रहा है। चले जा रहा है। बारूद का. एक स्पोर्ट हुआ। उसकी वजह से वो स्पॉट. करके वो लोग अंदर घुसे। वो किला हारे।. उसके बाद में बरसात तक वही रहा। धीरे-धीरे. आया पुणे के बरगना में घुसा। अब पुणे में. ये कहां रुका? पुणे में ये रुका लाल महल.
में। लाल महल कहां है? क्या है? लाल महल. वो जगह है जहां पे शिवाजी महाराज का पूरा. बचपन बीता है।. शिवाजी महाराज के घर में ये डेरा जमा के. बैठा था। वहीं पे रुका हुआ था।. शिवाजी महाराज को जब ये बात पता चली। बोले. अब समय आ गया। बोले शाहिस्ते खान को. उड़ाने का।. समय था 16 60 के अर्ली का एक समय है।. और वो जो समय चल रहा था उस समय पे उनके. रोज़े चल रहे हम. और हमारी रामनवमी थी। 5 अप्रैल का दिन था।.
रोज़ खत्म करके सब लोग सुबह की निहारी होती. है और रात की शाम की निहारी होती है।. तो सुबह की निहारी के लिए सब लोग वहां पे. प्रैक्टिस मतलब अपने उनकी काटछाट चल रही. थी।. सुबह के समय पे शिवाजी महाराज अपने कुछ. लोगों को इकट्ठा करके आप लोग कौन है? कौन. आए हो? अब मुगलों में ऐसा हो गया था। आप. लोग कौन है? अरे हम सुबह के पहरेदार हैं।. वो उधर के बाउंड्री पे गए थे। ऐसा करके. दो-दो लोग तीन-तीन लोग चार-चार लोग कोई. लोग शादी से ऐसा कहते हैं घुसे पूरे अंदर. के अंदर शिवाजी महाराज घुसे सब घुसे अब.
शिवाजी महाराज को लाल महल पूरा ए टू जेड. पूरा बचपन गया वहां पे तो जनानखाना जो ऊपर. था शाहिस्ते खान का उसके नीचे किचन था. किचन में से जनानखाने में कोई ना जाए तो. वहां पे एक दीवार बना के रखी थी शिवाजी. महाराज को पता थी यहां से यहां से. सीढ़ियां है तो वहां पे अगर दीवार. तोड़ेंगे तो आवाज होंगी तो जितने लोग. जितने लोग वहां पे खाना खाना बना रहे थे. सोए थे सबको काट डाला और दीवार टूटी दीवार. टूटी लेकिन एक आदमी को समझा एक आदमी बच. गया वो चिल्लाया वो चिल्लाया तो मराठे भी.
चिल्लाया अरे शिवाजी आ गया शिवाजी आ गया. शिवाजी आ गया मराठे आ गए मराठे खुद चिल्ला. रहे थे इतने में शाहिस्ते खान हड़बड़ी में. बाहर आया शिवाजी महाराज ने उसको देखा वो. दौड़ा दौड़ के वो बालकनी से कूदा शिवाजी. महाराज तलवार चलाई. तीन उंगली कट गई. उसकी तीन उंगली कटी शिवाजी महाराज को लगा. उसकी मुंडी गई है उसकी तीन उंगली कटी यह. संदेश देश पट्ट से दिया कि भाई तेरे को घर. में घुस के हम लोग सर्जिकल स्ट्राइक कर. सकते थे तेरे कभी भी रात को जैसे ही. उसका बेटा भी मर गया था शायद. हां बहुत लोग उसमें ये हुए जैसे हुआ और.
शिवाजी महाराज वहां से अरे शिवाजी अंदर आए. शिवाजी अंदर आए अब देखो शिवाजी भाग रहा है. फैलाते अंदर से दरवाजे खोले खुद भाग गए अब. शिवाजी महाराज कातरस के यहां तक पहुंचे. पुणे अगर आप देखोगे तो पूरा पहाड़ है. बाहुबली का सेकंड सीन बता रहा हूं मैं अभी. आपको शिवाजी महाराज ने वहां पे बैलों को. खड़ा करके रखा था। डिसाइडेड था कि हम लोग. कातरज के घाट से भागेंगे। तो जब बैलों को. खड़ा करके रखा था तो शिवाजी महाराज ने. बैलों के सिंह के ऊपर मशाले बांधी हुई थी।.
कातरज के घाट से नीचे उतरे। दो जगह थी आधे. बैलों को पूरे बैलों को यहां पे छोड़. दिया। तो जब पीछे से मुगल आए मुगलों ने. देखा यार मशाले तो इस दिशा में जा रही है।. शिवाजी महाराज दूसरे दिशा में भाग गए।. और पूरे मुगल वो बैलों के पीछे गए। तो. शिवाजी महाराज तो है नहीं यहां पे।. सिमिलरली ये बात इंडियन मिलिट्री ने नोट. करके रखी है कि जिस समय कारगिल में हमें. ये सब करना था हमने याक के सर के ऊपर में. टॉर्च लगाया था और सामने वाली आर्मी को ये. लगा कि हम लोग आ रहे हैं तो वो हमारे ऊपर.
यहां पे ध्यान लगाए बैठे थे हम दूसरे जगह. से हमने आक्रमण किया ये स्ट्रेटजी हमने. शिवाजी महाराज से सीखी. नाइस. तो शाह शाहिस्ते खान को जब यहां पे हमने. हराया अब शाहिस्ते खान ने इतनी नासदूस कर. दी है तो अब शिवाजी महाराज का हुआ खोपड़ा. खराब बोले यार इतना पैसा लूटा इसने अब. सबसे पहली बार यहां पे उल्लेख आता है बहिर. जी नायक का जो चीफ डिटेक्टिव थे। इसके. पहले बहिरजी नायक का कहीं पे भी उल्लेख. नहीं है। शिवाजी. [नाक से की जाने वाली आवाज़] महाराज ने. बहिर जी को बुलाया। बोले बहुत इसने बहुत. लूटाओ यार बोले अपने को बोले अपने को पैसा. चाहिए बोले अब इसका। पूरा खत्म कर दिया ना.
उसने। अच्छा शिवाजी महाराज क्या करते थे? इनको एक एक होती है आप एक कहते हो कि हरित. जमीन यानी कि ग्रीन ग्रीन लैंड पॉलिसी कि. अगर जमीन हरी है तो सब आएंगे। एक होती है. स्कर्च अर्थ पॉलिसी। स्कर्च लैंड पॉलिसी. यानी कि अग्नि तत्व वाली जमीन जिस पे कोई. जाना नहीं चाहता। मराठों ने क्या किया? मराठों ने शाहिस्ते खान को तकलीफ देने के. लिए आजू-बाजू की जगहों को जलाना शुरू किया. था। जमीनें जलाना, खेतियां जलाना और उसको.
तकलीफ देते रहते थे। लेकिन इसकी वजह से. हमें भी तकलीफ हो रही है। शाहिस्ते खान के. लोग 10-10 बार घुस के भी नासदूस करते थे।. इतना पूरा मराठा साम्राज्य में इतने साल. रहा। शिवाजी महाराज का हुआ खोपड़ा खराब।. शिवाजी महाराज बोले अब हम करेंगे ऐसी जगह. पे छापा मारेंगे जहां से हमें पैसा. मिलेगा। भर जी नायक को भेजा गया। सूरत. बैरनायक जाके देख के आए। ये कौन सी जगह. है? बोले सूरत है। बोले सूरत है। चलो बोले. सूरत जाएंगे।. सारा पैसा वहीं रखा है।. सारा पैसा वहीं रखा है। बोले ये तो सोने. की लंका है बोले इसकी। वो गए सूरत जिस समय.
पे वो सूरत में गए। सूरत में शिवाजी. महाराज अच्छा अब आप समझो सूरत में जाने के. बाद भी सूरत के खूबसूरत नवाब इनायत खान. बहादुर उसको शिवाजी महाराज ने लेटर लिखा।. बोले देख हम नासदूस नहीं करना चाहते। हम. तेरे आदमियों को तकलीफ नहीं देना चाहते।. हमारा इतनाइतना नुकसान हुआ है। हम तेरे को. तीन परिचया भेज रहे हैं। तेरे यहां पे ये. बड़े-बड़े तीन बिजनेसमैन है जो सबसे. ज्यादा टैक्स देते हैं। तू सिर्फ इतना कर. इनसे इतना पैसा मुझे लाके दे। हम चले. जाएंगे। और सूरत के बाहर के गांव में.
शिवाजी महाराज रुके थे। अंदर नहीं गए।. यार उन्होंने धमका दिया। एक व्यक्ति को. भेज के बाहर आने के लिए कुछ रेडी भी नहीं. था। खुद अंदर धूम दबा के भाग के बैठा था. किले के अंदर में। एक व्यक्ति को भेजा। वो. व्यक्ति ने शिवाजी महाराज पे चाकू से वार. करने की कोशिश करी और जैसे ही वार करने की. कोशिश की शिवाजी महाराज कुर्सी से गिरे. मूर्छित हुए अब मूर्छित हुए तो ये बंदा. चाकू से वार करे उसके पहले इसका हाथ काटा. अब वो हाथ के रक्त की धार पूरी शिवाजी. महाराज पे मराठों को लगा यार शिवाजी.
महाराज के सर पे चोट लगी है। उन्होंने काट. डाला उस आदमी को। शिवाजी महाराज कुछ समय. बाद उठे। शिवाजी महाराज बोले साला बोले हम. पे अटैक कर रहे हैं ये लोग। जला डालो सूरत. पूरी की पूरी। सूरत लूटी जलाई तोड़ी फोड़ी. अंग्रेजों को फोड़ा सबको फोड़ा जो नहीं दे. रहा उसको भी मारा लूटा लेके आए शिवाजी. महाराज पहली बार जब गए थे तब एक घोड़े के. पीछे चार घोड़े रख के गए थे शिवाजी महाराज. को मुगलों के चारप सालों में अंदाज आया तो. शिवाजी महाराज ने सूरत की दूसरी लूट भी. करी है 1670 में पहली बार शिवाजी महाराज.
गए तो चारप घोड़े लेके गए थे दूसरी बार. शिवाजी महाराज गए तो बैलगाड़ी लेके गए थे. बोले मुगल कुछ नहीं कर पाएंगे दूसरी दूसरी. बार में बैलगाड़ी लेके गए और 1670 में फिर. मारा। इसके पहले इसके बीच में इस कालावधि. में मिर्जा राजे जय सिंह आता है।. ये जो मिर्जा राजे जय सिंह है. हम. ये मिर्जा राजे जय सिंह अफजल औरंगजेब ने. भेजा था। ही वाज़ वन ऑफ द मोस्ट ट्रस्टेड. अलय ऑफ औरंगजेब। मिर्जा ये जो पदवी होती.
है ये राजपुत्र की पदवी होती है। ये हर. किसी को नहीं मिली। मिर्जा राजे को मिली. हुई थी। सो [नाक से की जाने वाली आवाज़]. मिर्जा राजे को भेजा गया। मिर्जा राजे आए।. शिवाजी महाराज को पता था यार इसकी आर्मी. बहुत बड़ी है। हम इसको डायरेक्टली. कॉन्फ्लिक्ट नहीं कर पाएंगे। तो वो गया. पुरंदर पे। अब पुरंदर की कहानी बहुत. जबरदस्त कहानी है। पुरंदर एक किला नहीं. है। पुरंदर तीन किला है। एक आता है आपके. पुरंदर का बाले किला यानी छोटा किला, पुरंदर का मेन किला और पुरंदर के बाजू में. आता है एक छोटा गढ़ आता है जिसे रुद्रमा.
या वज्रगढ़ कहते हैं। ऐसा कुछ नाम याद. नहीं कंफ्यूज हो रहा हूं। अब क्या होता था. आपके पास में अगर बाले किला है तो आप ऊपर. चढ़ पाओगे लेकिन बाले किले के ऊपर ही तोप. चलाना आसान नहीं था पुरंदर का उतना. डिस्टेंस था और बाजू वाला गढ़ भी मराठों. के हाथ में था. [नाक से की जाने वाली आवाज़] इन्होंने. क्या किया इन्होंने सबसे पहले वो वाला. किला जीतने की कोशिश की यह किला जीते उस. किलों पे तोप चढ़ाई उस किलों से छोटे. किलों पे तोप दागी वो जीते वो जीतने के. बाद जब ऊपरी किले पे मराठे थे उनको पता. चला अब हम जीत नहीं सकते तो सारे मराठे.
तलवार लेके बाहर निकले अच्छा एक आपको और. विशिष्ट बता दूं। इस किले के ऊपर शिवाजी. महाराज ने जो लोग रखे थे जिनको नायक कहते. थे। नायक यानी कि बड़ा औदेग वाला व्यक्ति. वो सारे दलित समाज के लोग थे। और शिवाजी. महाराज उनको नायक कहते थे। साथ में बैठ के. खाना खाते थे। उस किले पे उस समय पे एक. व्यक्ति था रुद्र तांडव करने वाला। उसका. उल्लेख उस तरह से आता है। उसका नाम था. मुरारबाजी देशपांडे। मुरारबाजी देशपांडे. खड़े हुए और मुरारबाजी देशपांडे ने कहा. आपको मारेंगे। दलेर खान पठान था उनके साथ. में। दलेर खान और मिर्जे.
[नाक से की जाने वाली आवाज़] दलेर खान. पठान ने आक्रमण किया। दलियर खान को लगा. बोले मैं तो पुरंदर ऐसे जीतूंगा 1 महीना 2. महीना 3 महीना जीत ही नहीं पा रहा पागल हो. गया वह उसने अपनी सर की टोपी निकाल के. फेंकी बोले जब तक मैं जीतूंगा नहीं तब तक. मैं टोपी नहीं पहनूंगा सर की मुरारबाजी. [नाक से की जाने वाली आवाज़] देशपांडे. सामने आए मुरारबाजी देश पापांडे ने अपनी. तलवार निकाली और युद्ध शुरू किया भरे. युद्ध में दिलार खान ने ये कहा लिखा गया. काफी खान लिखता है कि भरे दरबार भरे युद्ध. में उसने रोका और पूछा मुरारबाजी को कि. क्या तुम हमारे साथ में शामिल होंगे? बोले. तेरे जैसे अगर हजारों हीरे भी हमें दे दे.
दिए जाए तब भी हम शिवाजी महाराज के गले के. मोती बनना पसंद करेंगे साधारण सा वो हमारा. मान है तो मुरारबाजी के कंठ पे बाण लगा एक. बाण चलाया पीछे से हाथी के ऊपर से वो कंठ. पे बाण लगा मुरारबाजी गिरे शिवाजी महाराज. को जब ये बात पता चली शिवा काशीद गए. मुरारबाजी गए इतने सारे लोग मेरे गवा रहा. हूं मैं तो पुरंदर की संधि में वो जीते. नहीं थे पुरंदर की संधि बीच में शिवाजी. महाराज को करनी पड़ी और उस पुरंदर की संधि. में शिवाजी महाराज के पास में ऐसा कहते. हैं कि तकरीबन 25 किले थे उस समय पे।. 21 से 23 किले दिए गए थे।. 23 या 25 किले थे। उसमें से 13 मेजर.
फ़ोर्ट्स हमको देने पड़े। कोकण के ऑलमोस्ट. सारे फ़ोर्ट्स चले गए थे हमारे हाथ से। वो. फोर्ट्स दिए मिर्जे के साथ में। संधि हुई।. संधि होने के बाद मिर्जा राजे को ऐसा लगने. लगा कि यार अगर मैं दक्षिण में हूं और. आदिलशाही के साथ में अगर शिवाजी महाराज ने. हाथ मिला तो हमें नास्तेनाबूत कर देगा। तो. उसने कहा कि अब तुम्हें. औरंगजेब. से. औरंगजेब से मिलने आगरा जाना होगा। अच्छा. आदिल शाह इस वक्त इस इस वक्त भी राज कर. रहा है।. राज कर रहा है। वो है शांति से बैठा हुआ. है। लेकिन इतना ताकतवर नहीं है। अब हमारी. उसकी तरफ गतिविधियां नहीं चल रही। हमारी.
थोड़ी बहुत संधियां चल रही है उसके साथ. की। दक्षिण में शिवाजी महाराज का ये कहना. था कि दक्षिण की दक्षिणी दक्षिणियों के. पास रहनी चाहिए। हम राज करेंगे।. आदर्श शायद हिंदुस्तानी था या वो भी बाहरी. था।. ये सारे पठानी थे। लेटर ऑन आके अगर आपकी. चौथी पांचवी पीढ़ी आती है तो कहीं ना कहीं. तो आपको मिक्सचर मिल ही जाएगा ना। ये सारे. के सारे मिक्सचर में थे। ऐसा कहते हैं कि. अफजल खान वास द ओनली वन हु वाज़ हुस फैमिली. वास हिंदू एंड लेटर ऑन कन्वर्टेड टू. मुस्लिम्स। उसकी फैमिली थी। बाकी सारे. बाहर से ही आए थे।. [नाक से की जाने वाली आवाज़] जैसे ये आदिल. शाह है। ये शाह है। तो ये अफगानिस्तान या.
उसके उस रीजन से अपना ट्रेसेस पकड़ के. लेके आते हैं। उज़्बेकिस्तान से शाह ये. आया था। शाहिस्ते खान आया था। सिद्धि जौहर. को हराया वो अफ्रीका वाला था। एक और. व्यक्ति को हराया। उमरखिंड में शिवाजी. महाराज। उमरखिंड में भी लड़ाई हुई थी. शाहिस्ते खान के समय पे। उस बाबा को हराया. था। वो भी किसी और जगह का था। तो शिवाजी. महाराज इंटरनेशनल लेवल के सेनापतियों में. से गिने जाते थे कि बड़े-बड़े लोगों को. उन्होंने हराया था।. एंड देन ही वेंट टू औरंगजेब के सामने. औरंगजेब के सामने गए. जहां कैद कर लिया गया था।. आगरा में गए। तब जब आगरा में गए तो मिर्.
राजे ने ये कह के रखा था कि शिवाजी महाराज. को हाथ नहीं लगना चाहिए। उन्होंने वचन दे. के रखा था। मनसबदारी संभाजी महाराज को भी. मिली। संभाजी महाराज की उस समय भी उम्र. रही होंगी तकरीबन 8 7 या आठ साल। निकले गए. मुझे मुझे छावा फिल्म का सीन याद। हां हां. छोटे से थे तो वो गए जाने के बाद. शिवाजी महाराज को जो इज्जत मिलनी चाहिए वो. इज्जत ही नहीं मिली पहले दीवाने खास में. मिलने वाले थे दीवाने. थर्ड रो में बैठाया गया. और दीवाने आम में बैठाने वाले मतलब मिले.
ही नहीं सुबह मिलना था नहीं मिले शाम को. मिलना था वो भी नहीं मिले फिर मतलब दोपहर. को दोपहर को भड़ी धूप में शिवाजी महाराज. को ले जाया गया वो आए तो उनको रिसीव करने. के लिए कोई नहीं आया अब शिवाजी महाराज को. तीसरे चौथे लाइन में रखा गया अब यहां पे. कैरेक्टर आते हैं जसवंत सिंह करके जसवंत. सिंह को मराठों ने बहुत मारा था। जसवंत. सिंह के कैरेक्टर को बहुत वो बहुत हराया. था उन लोगों को। जसवंत सिंह को आगे खड़ा. कर दिया। शिवाजी महाराज चिढ़ गए। शिवाजी. महाराज ने राम सिंह जो मिर्जे के बेटे. हैं।. शिवाजी महाराज नीचे बैठे और तनतना गए। और.
राम सिंह आया। राम सिंह आए। बोले क्या. हुआ? बोले तुम जानो तुम्हारा पिता जानो।. तुम्हारा बादशाह जानो कि मैं कैसा आदमी. हूं। वो राजस्थानी रिकॉर्ड में लिखा है।. मैं यहां आया था या मेरी मौत मुझे यहां आई. थी। मैं तुम्हारे बादशाह को बादशाह नहीं. समझता। तुमको जो करना है कर लो। वो जो. ललकार थी वो शिवाजी महाराज की नहीं वो. पूरे महाराष्ट्र की ललकार थी औरंगजेब के. सामने कि तू होगा औरंगजेब लेकिन मेरा अगर. सम्मान खराब होता है तो मैं तुझे मारने के. पहले सोचूंगा नहीं और शिवाजी महाराज के कई. सारे मंसूबे थे कि मुझे अगर तलवार मिल. जाती है तो मैं डायरेक्ट इसको जहां मिलेगा.
वहां काट डालूंगा।. [नाक से की जाने वाली आवाज़] शिवाजी. महाराज चले गए। अब शिवाजी महाराज को लगा. यार ये तो बहुत ज्यादा हो गया। मैं बोल तो. दिया। तो दूसरे दिन शिवाजी महाराज ने कहा. मेरी तबीयत खराब है। मैं दरबार में नहीं आ. सकता। शिवाजी महाराज के जगह पर तकरीबन तीन. महीने तक मई, जून, जुलाई, अगस्त अगस्त में. वहां से छूटे।. संभाजी महाराज जाते थे दरबार में 9 साल के. संभाजी महाराज। आठ 9 साल के संभाजी महाराज. तो एक दिन औरंगजेब ने ऐसा ऐसा कथा है कि. औरंगजेब ने एक दिन पूछा बोले संभा मैं. जानता हूं कि तुम्हें मल्ल लड़ाना आता है।. बोले हमारे दरबार में बहुत सारे मल्ल.
लड़ाने वाले हैं। तुम लड़ोगे? बोले हम. सिर्फ अपने बराबरी वालों के साथ में मल्ल. लड़ाते। हम तुम्हारे साथ में नहीं. लड़ाएंगे। तुम्हारे दरबार में कोई बराबरी. वाला नहीं है। तो अब संभाजी महाराज का यह. जब डायलॉग निकला तो इसके बाद में औरंगजेब. को पता था कि शिवाजी को खत्म करना है। सब. लोग पिन भर रहे थे शिवाजी महाराज को। अब. शिवाजी महाराज की एक बहन थी।. वहां से सूरत के टैक्सेस उसको जाते थे।. उसी सूरत को शिवाजी महाराज ने बदसूरत कर. दिया। जसवंत सिंह पिन भर रहे थे। सब पिन. भर रहे थे कि शिवाजी महाराज को मारो। अब.
यहां पे दो कहानियां है। अब यहां पे क्या. हुआ कि शिवाजी महाराज को काबुल कंधार. भेजने वाले ये नियम बन चुका था। प्लान था. कि काबुल कंधार पे इनको युद्ध करने के लिए. भेजेंगे। लेकिन इनको सिर्फ सिर्फ इनको. भेजेंगे नहीं। इनके साथ में ऐसे लोगों को. भेजा जाएगा कि काबुल कंधार पे शिवाजी. महाराज गए और वहीं पे मर गए। ये बात जब. राम सिंह को पता चली राम सिंह ने कहा कि. नहीं नहीं ये नहीं हो सकता। वचन दिया है. तो नहीं कर सकते आप ऐसा। तो राम सिंह ने. वहां पे कहा कि एक तो पहले मुझे मारो फिर. उनको भेजना।. फिर. यानी राम सिंह वाज़ अ ऑनेस्ट मैन।.
हां राम सिंह क्योंकि वचन दिया है ना तो. राम सिंह वास प्लेइंग ह रोल।. हां मतलब वचन की कीमत भी रखनी भी रखनी. पड़ेगी ना। अब आप अपने आप को राम के वंशज. कह रहे हो। अब उनके लिए काम भी कर रहे हो. और फिर ये भी कर रहे हो तो कैसे करेंगे? यहां तक कि शिवाजी महाराज ने मिर्जे को. पत्र में एक लिखा था कि भाई अगर तुझे जीत. के जितना है मैं तुझे राजा बनाता हूं पूरे. दक्षिण का। तुझे मुगल मार के देता हूं।. लेकिन बोले नहीं हम लॉयल है तो उसी को. लॉयल है। मतलब इनको लॉयल्टी तो इनको. लॉयल्टी इनको वचन दिया तो दिया।. [नाक से की जाने वाली आवाज़]. तो.
राम सिंह ने ये जब कहा तो ये बात जब. शिवाजी महाराज को पता चली शिवाजी महाराज. ने उनको पत्र वगैरह उनके ये है कि यार तुम. मेरे लिए इतना कर रहे हो। मेरे लिए लड़. लिए तुम आज तो शिवाजी महाराज ने सबसे पहले. ये किया कि राम सिंह को अपने आजू-बाजू से. रवाना करो। राम सिंह को नहीं रखना है. हमारे पास। क्योंकि अगर मैं यहां से कुछ. करता हूं तो सारी चीजें राम सिंह पे पिल. पूरा राम सिंह पे फटेगा। हटा दिया राम. सिंह को। शिवाजी महाराज वहां पर एक बाड़ा. था मतलब एक घर था बड़ा सा वो घर में कसाई. रहता था इनका स्पेशल मुझे नाम याद नहीं आ. रहा वहां पे शिवाजी महाराज को शिफ्ट करने.
वाले थे बोले ऐसा मत करो नहीं करा फिर. लेकिन इनायत खान बहादुर. जो हवलदार था आगरा के इसका उसकी पूरी की. पूरे फौज जो थी शिवाजी महाराज के आजूबाजू. में खड़ी रहना शुरू हो गई धीरे-धीरे. धीरे-धीरे अब शिवाजी महाराज के सामने एक. दिन नेतोजी पालकर आए या बाकी के लोग आए. शिवाजी महाराज ने उनसे झगड़ा कर लिया।. बोले जाओ यहां से मुझे नहीं रहना तुम्हारे. साथ में। तुम यह करो चले जाओ। एक-एक आदमी. को स्वराज्य में वापस भेज रहे शिवाजी. महाराज। धीरे धीरे धीरे धीरे धीरे धीरे.
धीरे और शिवाजी महाराज ने ये बातें अफवाएं. फैलाई कि भाई मेरी तबीयत बहुत ज्यादा खराब. रहती है। तो मैं चाहता हूं कि. फल की कटोरी या मिठाई आप लोगों में बांटना. शुरू करो। और बांटने से पहले मैं एक बार. तो हाथ लगाऊंगा। रोज फल की कटोरी मिठाई. धीरे-धीरे जाती थी लोगों में बांटने के. लिए। मतलब वो कैद नहीं थे। नजरबंद थे।. नजरबंद थे।. कैद नहीं थे।. लेकिन वो कभी भी मारे जा सकते थे।. हम. ऐसे ही सबको निकाला. और. उनकी जगह पे शिवाजी महाराज ने फिर एक दिन.
ऐसा आया कि उनकी जगह पे उनके एक व्यक्ति. सोए। शिवाजी महाराज पेटी में बैठे निकले. वहां से और फिर. सांबा के साथ. संभाजी महाराज के साथ और वहां पे मैं शायद. गलत हो रहा हूं। मुझे नाम याद नहीं है।. शायद कुंडा जी फरज ही सोए थे। वो भी निकल. गए दूसरे दिन। सब गायब हो गए वहां से। कोई. नहीं आया वहां पे। अब वहां पर एक कैरेक्टर. आता है मददारी मेहतर का जिसको ओवैसी साहब. ने एक बार नाम लिया था कि मदारी मेहतर तो. सोए थे। मदारी मेहतर फिक्शनल कररेक्टर है।. 100 150 साल के बाद में किताबों में उनका. नाम मिलता है। कंटेंपररी सोर्सेस में कहीं.
नहीं मिलता। सब निकले वहां से। अब लेकिन. हो ऐसा भी सकता है कि जितने गुप्त हेयर थे. उनके नाम कहीं पे लिए नहीं जाते। इसलिए. शिवाजी महाराज ने वो नाम उस समय नहीं लिया. होगा। निकल गए वहां से सब के सब। अब. शिवाजी महाराज डायरेक्ट राजगढ़ पर नहीं. आए। उस समय हमारी कैपिटल राजगढ़ हुआ करती. थी। डायरेक्ट नहीं आए। शिवाजी महाराज सबसे. पहले पहले गए मथुरा। मथुरा में वहां पे. मोरोबंत पिंग यानी कि जो हमारे पेशवा थे. वहां पे पेशवा के एक मथुरे करके रिलेटिव.
रहा करते थे। वहां पे संभाजी महाराज को. ड्रॉप कर दिया। बोले आप यहीं पे रहो।. शिवाजी महाराज ने ऐसा कह दिया था कि. शिवाजी महाराज ने अपनी पूरी दाढ़ी निकाल. ली। बाल निकाल लिए। बैरागी का रूप लिया।. पूरे शरीर पर भस्म लगाया और उसी के साथ. में वो राजगढ़ की ओर रवाना हुए और वहां पर. जाते हुए उन्होंने हूल उड़ा दी। संभाजी. महाराज रास्ते में मर चुके हैं। हुल उड़ी. क्योंकि संभाजी महाराज को भी सेफ रखना है।. यहां पे संभाजी महाराज का भी जेने संस्कार. करवा दिया। मुंडन वंडन करके सब हो गया। और. शिवाजी महाराज जब वापस आए कुछ महीनों के.
बाद में वहां पे वो वापस आए। और फिर. इन्होंने एक लेटर लिखा औरंगजेब को बोले हम. आपको बिना बताए आ गए। हमसे गलती हो गई।. माफ कर दो। बोले आप हमें। संधि हुई इनके. साथ चुप बिल्कुल तीन चार साल कोई एक्शन. नहीं कोई कुछ नहीं करेगा सब अपने हिसाब से. चलेगा मुगलों के साथ में संधि हुई तो. मुगलों के साथ में जंग नहीं हो रही थी. लेकिन अब शिवाजी महाराज को पता था भैया अब. इनके साथ में जंग नहीं हो रही आदिल शाह के. साथ में मुझे संतान बना के रखना पड़ेगा. क्योंकि मुगल तो कभी भी आते हैं अब क्या. करेंगे अब बोले हम लोग नेवेल वॉलफेयर.
छेड़ते हैं हम. तो अब पलटे शिवाजी महाराज सिद्धिस की तरफ. जंजीरा के सिद्धि की तरफ और जंजीरा के. सिद्धि पे शिवाजी महाराज ने आक्रमण भड़नक. करना शुरू कर दिया और शिवाजी महाराज. ऑलमोस्ट जीत चुके थे। जंजीरा की सिद्धि ने. सूरत में पत्र लिखा। सूरत का पत्र औरंगजेब. को गया। औरंगजेब ने अपनी सेना भेजी और. करार तोड़ दिया। शिवाजी महाराज का मस्तक. यहां पे हुआ खराब। बोले यार करार तोड़. दिया। अब करार टूट ही गया है। तो शिवाजी. महाराज ने अगले 6 साल में ऐसे भयंकर छापे.
मारे हैं। अलग-अलग जगह पे अलग-अलग जगह पर. यहां पे वहां पे यहां पे वहां पर कि जब आप. आगरा से वापस आ रहे हो। आपके पास में 12. किले हैं।. अगले [नाक से की जाने वाली आवाज़] 12 साल. में आपके पास में 365 प्लस किले हैं। पूरे. महाराष्ट्र में हर जगह पर जहां मिल रहा है. वहां पर छापे मार रहे हैं। और 1674 में. अधिकृत अपने आप को राजा घोषित करके शिवाजी. महाराज ने छत्रपति का टाइटल होल्ड किया।. औरंगजेब के नाक में दम कर दिया।. दम करके और अगले छ साल में शिवाजी महाराज. दक्षिण दिग्विजय पे निकले कि दक्षिण में.
भी चीजें जीत के अच्छा शिवाजी महाराज का. एक और बात मैं बताता हूं। वहां पे. मल्लम्मा देवी की एक कहानी आती है कि लोग. कहते हैं कि उन्होंने शिवा शिवाजी महाराज. ने उन्हें डिफिट किया। हम. उनकी कहानी में ऐसा आता है कि उन्होंने. शिवाजी महाराज को डिफिट किया। कहानी यह है. कि वहां पे पोट्रेट मिलता है। वो पोट्रेट. क्या कहता है वो समझो आप।. शिवाजी महाराज की आर्मी ने जब मलम्मा देवी. की आर्मी को डिफीट किया तो मल्लम्मा देवी. शिवाजी महाराज के पास में आई विधवा थी।. अपने बेटे को उठाया छोटा सा था। बोले आपसे. आप आज से आपका ये नाती आप इसके मामा रखो।.
बोले बोले अच्छा मामा है इसके। नाती ये ये. हमारा भांजा है। दूध लाओ। बोले दूध की. कटोरी लाके ऐसे दूध पिलाते हुए उस समय पे. लाइव उनका एक पोर्ट्रेट वहां पे आज भी. अवेलेबल है जो जिंदा थे तब बनाया गया था।. बोले आज से आप हमारी बहन हुई ना तो ये. राज्य आपका रहेगा। हम राज्य नहीं करेंगे।. राज्य आप ही करेंगे और जब आप राज्य करेंगे. जब जबब आपको मदद लगेगी तबतब हम आपको मदद. करने के लिए आएंगे। शिवाजी महाराज का. मंसूबा यह नहीं था कि मैं चक्रवर्ती बनूं।.
सब उनका कहना था कि हमारे लोगों का राज्य. होना चाहिए। बस एक एग्जांपल और आता है. राजा छत्रसाल छत्रसाल बुंदेला छत्रसाल. बुंदेला के पिताजी ये औरंगजेब की तरफ से. लड़े थे दारा शिकोहो के साथ में और दारा. शिकोहो के साथ लड़ते हुए उन्होंने वचन. लिया था औरंगजेब से कि जब तुम जी मैं तुम. जीत जाओगे तो मुझे बुंदेलखंड अपना. स्वतंत्र दोगे एक साल तक वह शांत रहा. मर्डर कर दिया उसके बाद में छत्रसाल. बुंदेला के पिताजी का छत्रसाल उस समय बहुत.
छोटे से थे 11 12 साल के थे वह मिर्जा. राजा जय सिंह के साथ में लड़ते है तो जिस. समय पुरंदर का तह हुआ था वो मिर्जे जय. सिंह के साथ में वहां पे आए हैं. हम. आने के बाद में वो लड़े हैं पुरंदर पे. लेकिन बहुत छोटी उम्र थी लेकिन उसके बाद. में वो वापस गए वापस जाने के बाद मि अच्छा. अब मिर्जे सिंह का क्या हुआ शिवाजी महाराज. जिस समय आगरा के कैदखाने से फरार हुए पूरा. आरोप मिर्जा राजे जय सिंह पे और राम सिंह. पे डाल दिया गया राम. [नाक से की जाने वाली आवाज़] सिंह की राम. सिंह को निकाल दिया गया मतलब मनसबदारी ले. ली गई मिर्जा राजे जय सिंह के ही एक मुझे.
नाम याद नहीं आ रहा है उसके मिर्जे जय. सिंह के ही एक दीवान ने मिर्जे जय सिंह को. ज़हर देके मरवा दिया गया। और जब यह बात. मिर्जे जय सिंह के बेटे को पता चली दूसरे. वाले वो जब उस व्यक्ति को ढूंढने के लिए. निकले कि तूने मेरे बाप को मारा है। वो. व्यक्ति सामने ही नहीं आया। और सडनली एक. दिन सामने आया। सामने कैसे आया? मुसलमान. बनके सामने आया। धर्म परिवर्तन कर लिया।. औरंगजेब केस में नियम था कोई हिंदू. मुसलमान को हाथ नहीं लगा सकता। चौड़ी छाती. से सामने आया। ये हमेशा से होते रहा है।. यहां तक कि जसवंत सिंह पुणे में वहां पे.
अवेलेबल थे शाहिस्ते खान को। सारा आरोप. शाहिस्ते खान ने जसवंत सिंह पे डाल दिया. था कि इसी ने रास्ता बताया करके।. ऐसा हुआ है। तो अपनी लॉयल्टी दिखाने के. लिए जसवंत सिंह ने सिंहगढ़ पे आक्रमण. किया। वहां पे भी वो मराठों के साथ में. युद्ध है उनका। अब जब ये सारी चीजें हुई. तो छात्र साल बुंदेला को ये पता चला कि. यार मिर्जा राजे भी चले गए। क्योंकि. मिर्जा राजे वास अ बिग नेम। कुछ बाहुबली. अगर दक्षिण में अफजल खान थे तो ऊपर मिर्जे. जय सिंह थे। बोले यार मिर्जा राजे को मार. दिया। यह कर दिया। बोले कौन है ऐसा? कौन. राजा है जो मुझे मदद कर सकता है? तो वहाड़.
का सेक्शन आता है। दलेर खान के साथ में. वराड के सेक्शन में वो थे। बोले हम शिकार. पे जा रहे हैं। 17 18 19 साल की उम्र में. वराड़ के सेक्शन में शिकार करने के लिए जा. रहे हैं। घोड़े पे निकले निकले निकले. निकले निकले। सीधा पुणे के परगणा में जाके. शिवाजी महाराज से मिले। बोले हमें. स्वराज्य स्थापन करना है। आप हमारे पास. आइए और हमें राज्य स्थापित करते हुए बोले. मैं तुम्हारे पास में हूं। तुम्हें राज्य. स्थापित करके दूं। बोले मेरा आशीर्वाद. तुम्हारे पास में है। मैं तुम्हें सारी. मदद करूंगा। तुम जाओ। तो शिवाजी महाराज के. कहने पर उन्होंने अपना इंडिपेंडेंट राज्य. स्थापित किया छत्रसाल बुंदेला ने। और वो.
कहते हैं कि मैं आदमी किसका हूं? मैं. शिवाजी का ही आदमी हूं। और वो उन्होंने. शिवाजी महाराज से प्रेरणा ले। शिवाजी. महाराज चाहते तो क्या कहते हैं कि ठीक है. ठीक है। मैं अपने आदमियों को भेजता हूं।. राजा मैं रहूंगा। हम तुम्हें इंडिपेंडेंट. ये करके देते। नहीं शिवाजी महाराज का कहना. था कि राज्य हिंदुओं का होना चाहिए। तो. वैसे ही अफजल खान के दरबार में काम करने. वाले कवि थे कवि भूषण।. कुछ कहानियां कह थी कि औरंगजेब के लिए काम. करते थे। करते थे पहले और बाद में वो. छत्रसाल जी के लिए भी काम करने लगे। तो.
कवि भूषण जिस समय पे औरंगजेब के लिए काम. करते थे तो औरंगजेब ने एक दिन उनसे कहा कि. कविता लिखो। बोले हमारे ऊपर। उन्होंने. लिखा कि औरंगजेब महान है। ऐसा है। बोले. नहीं नहीं असली कविता लिखो। उन्होंने लिखा. कि 100 चूहे खा के बिल्ली हज को चली। ऐसा. उन्होंने तंज कसा। उसको लगा यार तू मार. देंगा। वो कहानियां सुनते रहते थे बहुत. ज्यादा कि दक्खन में कोई एक राजा है कि जो. दक्कन में जो एक राजा है जो हिंदुओं के. लड़ लड़ता है तो वो वहां से दक्षिण में. शिवाजी महाराज को ढूंढते आए और रायगढ़ पे. रायरेश्वरी का मंदिर है रायरेश्वर शिव का. मंदिर वहां पे जाकर बैठे थे शिवाजी महाराज.
आए शिवाजी महाराज नहीं एक आदमी आया वहां. पे उन्होंने देखा बोले कौन हो तुम बोले हम. कवि हैं कवि भूषण हैं उत्तर से आए हैं. शिवाजी महाराज पे हमने कविता लिखी हमें. सुनानी है बोले सुनाओ. इंद्र जिमि जंब पर वाड वसुंब पर रावण सदंब. पर रघुकुल राज है पवन बारी बाह पर शंभू. रतिना पर जो सहस्त्र बाह पर राम दज राज है. तेज तम हंस पर कान्हा जीमी कंस पर त्यों. मलेच्छ बंस पर सेव शेर शिवराज उन्होंने भी.
यहां पे मलेच्छ कहा है. बोले फिर से सुनाओ फिर से सुना है बोले. इंद्रजीमी जंब भरत पाहाड़ बस भरत बोले फिर. से सुनाओ फिर से सुनाओ बोले यार फिर से. सुनो फिर से सुनो आप है कौन कौन? बोले मैं. ही शिवाजी हूं। बोले जब जब आप सुना रहे थे. तबतब आपके नाम पे मैं मुद्रा करे जा रहा. था। सोने की मुद्रा इतना इतना काम करे जा. रहा था। तो उन्होंने आगे जाके शिवाजी. महाराज पे कई सारी कविता लिखी। जैसे आपने. जो पहला सवाल किया था शिवाजी महाराज के. सेकुलरिज्म पे उन्हीं की कविता आती है कि. काशी की कला जाती मथुरा मदीना होती शिवाजी.
ना होते तो सुन्नत होती सबकी। ये सेकुलर. राजा के बारे में लिखे हुए व्यक्ति।. उन्होंने ये कविता लिखी और शिवाजी महाराज. पे कई सारी उन्होंने कविता लिखी कि सांची. चतुरंग सेना मन में उमंग धरी सरजा शिवाजी. जंग जीतने चलत है।. बिह बिहद नगर के नदी नद गल फैल खपल गगन के. सेल सेल उस ऐसी वो कविता उनकी रस में रहती. थी ऐसा लगता था रैप सुन रहे हो आप कोई एक. तो वो उन्होंने उस समय पे शिवाजी महाराज. के लिए कविता लिखना शुरू की और 1674 के. बाद दक्षिण दिग्विजय के बाद शिवाजी महाराज.
आए शिवाजी महाराज बहुत बीमार रहने लग गए. थे तो अब एक और आरोप शिवाजी महाराज के. आजू-बाजू में लोगों ने गढ़ना शुरू कर दिया. कि शिवाजी महाराज को जहर देके उन्हीं के. ब्राह्मण लोगों ने शिवाजी महाराज को मार. दिया।. पुर्तगाली डॉक्टर्स ने शिवाजी महाराज को. टेस्ट किया था उस समय पे आखरी के उसमें. लेटर्स उनके अवेलेबल है। उस बीमारी का नाम. पड़ता है एथरेक्स। एथरेक्स वो बीमारी होती. है कि आप जब कंटीन्यूअसली जानवरों के साथ. में रहते हो तो एक पशु पिशु मतलब जो एक.
इंसेक्ट या वार्म कहो वो जब आपके पेट में. जाता है फेटरनरी को आज भी इंजेक्शंस मिलते. हैं उसके। एथेरेक्स आपको होना नहीं चाहिए. क्योंकि आप कंटिन्यू जानवरों के साथ में. रहते हो। तो शिवाजी महाराज के आखिरी टाइम. में शिवाजी महाराज को खून की उल्टियां और. लूज मोशंस खून की होना शुरू हो चुकी थी।. उसकी वजह से शिवाजी महाराज लंबे समय तक. बीमार रहे और उनकी वजह से शिवाजी महाराज. की डेथ हुई।. कितने सालों में डेथ हुई थी? 15. मैं हमेशा कहता हूं बहुत इमोशनल होकर के. कहता हूं कि यार मेरा राजा अगर 10 साल और. जी लेता ना तो संभाजी महाराज के साथ में. ऐसा नहीं होता। और राजा अगर 10 साल और जी.
लेता भारत का नक्शा ही कुछ और होता।. 50 साल की उम्र में शिवाजी महाराज की डेथ. हुई है।. नियति. संभाजी महाराज का आपने जिक्र किया। एक ऐसा. कैरेक्टर है जो छावा बनकर आया।. लेकिन बहुत नजरिए उनको देखने के। इतिहास. में एक नजरिया है कि उन जैसा कोई वीर ही. नहीं था। लड़ाई 120 युद्ध में अजय रहे वो।. ये थोड़ा सा ओवर एकजेटेड स्टेटमेंट है।.
एक आता है कि बहुत गुस्से वाले थे। अति. गुस्सा था। कई सारे अवगुण थे और उसकी वजह. से भी वो उस तरह से नहीं हो पाए छत्रपति. शिवाजी थे।. सी द फैक्ट वाज़ क्या हुआ? दो चीजें हुई कि. संभाजी महाराज सी यू हैव टू अंडरस्टैंड वन. बेसिक डिफरेंस हियर शिवाजी महाराज वाज़ नॉट. अ प्रिंस। संभाजी महाराज वाज़ अ प्रिंस।. यस।. ही वाज़ बोर्न प्रिंस। वो प्रिंस पैदा हुए।. और संभाजी महाराज जिस समय पे गद्दी पे आए.
उनको सिविल ओवर देखना पड़ा ना। कटकार स्थान. हो रहा है पूरे घरों के अंदर में। आपके. खुद के मंत्री संतंत्री कटकारस्थान आपके. खिलाफ कर रहे हैं। कोई कह रहा है राजाराम. महाराज गद्दी पे आएंगे। संभाजी महाराज को. अच्छा ये नियम होता था उस समय पे कि जब तक. राजा यदि गया है तो राजा जाने के बाद में. आपको युवराज को सचेत करना होगा। क्योंकि. युवराज जब तक घोषित राजा दया घोषित नहीं. होगा आखिरी अंतविधि नहीं हो सकती। शिवाजी. महाराज गए हैं। यह बात किसी को पता ना चले.
इसलिए पुतला भाई शिवाजी महाराज की एक वाइफ. थी। उनको सती जाना था। तो सती की साड़ी. होती है। साड़ी लाने के लिए गढ़ के नीचे. जाना होगा। उनको सती तक जाने नहीं दिया कि. नीचे बात फैल जाएंगी। संभाजी महाराज को. पता बताया नहीं गया। और जिन लोगों पे ये. आरोप डाला जाता है वो लोग उस समय गढ़ पे. थे भी नहीं। कि जिन्होंने मारा ऐसा कहते. हैं। वो नहीं थे उस समय गढ़ पे। हां। उनके. बाद में संभाजी महाराज के साथ में क्लैश. हुए तो संभाजी महाराज ने उनको खत्म कर. दिया है। यह बात रियल है। और संभाजी. महाराज उग्र थे ना जो व्यक्ति उग्र होता. है जिस व्यक्ति का टेस्टोस्टरन इतना उछाल.
मारता है सर जिस व्यक्ति में पावर इतना. होता है तभी तो आप 40 दिनों तक इतने यातना. सहन कर सके। कौन यातना सहन कर सकता है 40. दिनों की? जब मारते वक्त एक आपका नाखून. निकाला जा रहा है। आपकी हथड़ियां निकाली जा. रही है। आपके घुटने तोड़े जा रहे हैं। आपके. बाल निकाले जा रहे हैं। फिर भी वह व्यक्ति. कहता है कि मुझे छोड़ हम तो भगवे के सिपाही. है। अभी तुझे खा काट के खा जाएंगे। कौन. सहन कर सकता है? स्वभाव तो होगा ही। शिव. का पुत्र है। कैसा होगा? संभाजी जी थोड़ा ग्रेटनेस के बारे में. बताओ।. संभाजी [नाक से की जाने वाली आवाज़]. महाराज की सबसे बड़ी ग्रेटनेस ये दिखती है.
कि देखो यार 14 साल की उम्र में वो. व्यक्ति बुद्धभूषण जैसा ग्रंथ लिखता है।. अगर आप चाणक्य की चाणक्य नीति या फिर. अर्थशास्त्र को देखोगे और बुद्धभूषण को. देखोगे मोर ऑन मोर बहुत ज्यादा सिमिलरिटी. आपको मिलती है कि समाजशास्त्र के ऊपर. उन्होंने बात की है। यहां भी बात करिए. संभाजी महाराज ने 24 साल की उम्र में जैसे. ही वो गद्दी पे आए उन्हें यह बात पता थी. कि जिनजिन के साथ में मेरे अब जैसे छावा. मूवी आई छावा मूवी में इन्होंने बहुत. एक्सजेजुरेटेड संभाजी महाराज दिखाए कि. नहीं नहीं उनको उतावला था औरंग को लेके.
आएंगे औरंग को लेके आएंगे औरंग को नहीं. बुद्धि से रुको रुको बाबा युद्ध नहीं कर. सकते अभी सबसे पहले लेटर लिखा. पोर्तुगालियों को बोले पहले पोर्तुगाल से. संधि हुई थी शिवाजी महाराज की कि. पोर्तुगाली और अंग्रेजों के साथ में कि. तुम सिद्धि जौहर को मदद नहीं करोगे।. सिद्धि जो. बहुत ज्यादा बहुत ज्यादा. मतलब उनके किस्से सुनाऊंगा ना तो ऐसा. लगेगा भाई ये क्या है ये? इतने भयंकर मतलब. एक समय पे जब मराठों को उन्होंने मारा.
उनका नियम ये था कि मुंबई में ये लोग कदम. नहीं रख सकते। मुंबई में कदम नहीं रख. सकते। अंग्रेज हमको धमकी दे रहे हैं। तो. खंदेरी करके दो. अंग्रेज इस टाइम आ गए थे सांभा। हां हां. अंग्रेज तो बहुत पहले आ गए थे ना।. अंग्रेजों का आना ही 1600 में हुआ है।. अंग्रेज थे. स्लोली स्लोली एक्सपैंड कर रहे थे वो।. अंग्रेजों के हाथ में सूरत की वखार थी।. अच्छा सूरत के एक किस्सा मैंने नहीं सुना. है कि जब पहली बार सूरत में शिवाजी महाराज. ने लूट की। अच्छा वहां पे ईस्ट इंडिया. कंपनी आई थी। तो ऐसी लूट फिर से हो सकती. है। इसीलिए छ सालों तक वो लोग रोज ड्रिल.
प्रैक्टिस करते थे अंग्रेज लोग। और ड्रिल. प्रैक्टिस करने के बाद जब सेकंड टाइम. मराठे वहां पे लूटने के लिए गए थे। वहां. के सारे. कंपनी में काम करने वाले लोगों को बंदूके. चलाना सिखाई गई थी और. [नाक से की जाने वाली आवाज़] वहां के एक. व्यक्ति ने अपनी बखार अपनी फैक्ट्री को. ऐसे पकड़ के रखा कि कोई अंदर आ नहीं सका।. उसने तीन-चार मराठों को निपटा दिया था. वहां पे गोली मार के। उस व्यक्ति को मेडल. ऑफ ऑनर मिला था अंग्रेजों से। मतलब एक. साधे नॉर्मल फैक्ट्री के काम करने वाले. व्यक्ति को भी कितना सम्मान देते थे. अंग्रेज। इसीलिए वो इतना एक्सपैंड कर पाए.
वो लोग। तो ये थोड़ा सा हट के बताया मैंने. क्योंकि बताना जरूरी था मुझे ऐसा लगा। अब. जैसे संभाजी महाराज का समय आया। संभाजी. महाराज ने पुर्तगालियों को अंग्रेजों को. लेटर लिख के रखा था। बोले तुम शिवाजी. महाराज ने तुम बोले सिद्धिश को मदद नहीं. करोगे। सिद्धिश क्या करते थे? वो कहते थे. कि हम मुगलों के अंडर में हैं। हम मुगलों. के अंडर में है। और पूरा जो नेवेल का जो. इरा था वो सारा का सारा पुर्तगालियों के. अंडर में था। तो पुर्तगालियों को तो ये. मदद करते ही करते थे। अब मुंबई और सूरत का. जो बेट था वो भी अंग्रेजों के अंडर में.
था। तो यह भी सिद्धि इसको मदद कर देते।. सिद्धि से एक तरह से लुटेरे थे। जो जंजीरा. का किला है वो जंजीरा का किला ऐसा किला है. कि भाई जंजीरा का किला वो हमारी अधूरी. कहानी है वो। वो ना तो शिवाजी महाराज जीत. पाए ना संभाजी महाराज जीत पाए ना राजाराम. महाराज जीत पाए ना बाजीराव जीत पाए। कोई. नहीं जीत पाया मराठा साम्राज्य में उसको।. बहुत आखरी आ-आखरी में आया हमारे पास। आया. ही नहीं आखरी तक। बहुत बाद में। वो अधूरी. कहानी है। मतलब नहीं हो पाया। दिल टूटी. हुई कहानी है। शिवाजी महाराज गए वापस आना. पड़ा। संभाजी महाराज अब संभाजी महाराज ने. पोर्तुगालियों को और अंग्रेजों को शिवाजी.
महाराज ने बता के रखा था तो शिवाजी महाराज. को पता था कि पोर्तुगालियों के साथ में. हमारा कुछ अच्छा चल नहीं रहा है।. शिवाजी महाराज ने फोंडा का किला जीता था।. फोंडा ये गोवा के नॉर्दन पार्ट में आता. है। शिवाजी महाराज का मंसूबा था कि पूरा. गोवा ही मैं अपने अंडर में लेता हूं। उसके. पहले शिवाजी महाराज की डेथ हो गई। तो. पोर्तुगालियों की बल्लेबले हो गई। तो सबसे. पहले संभाजी महाराज ने पोर्तुगालियों को. लीडर लगा। दिखो. तुम्हारे साथ में मेरे पिताजी के जो संबंध. रहे होंगे रहे होंगे अब झगड़ा नहीं करना. है हमको प्यार मोहब्बत से रहेंगे इज्जत से.
रहेंगे 30 साल के संभाजी महाराज हैं लेटर. लिख रहे अंग्रेजों को लेटर लिख के लिखा दे. रहे देखो तुम्हारे हाथ में ट्रीटी हुई थी. सिद्धिश को तुम मदद नहीं करोगे और करना. नहीं है तुमको मदद सिद्धिश इतने नालायक. अंग्रेजों ने जब मदद नहीं करेंगे ऐसा बोल. दिया तो मराठों के साथ में उनकी जब एक. युद्ध हुआ तो मराठे जब 200 मारे गए. सिद्धिज ने सबकी मुंडिया काटी भाले में. टांगी अगर यहां से 500 600 मीटर पे मुंबई. की जो समुद्र पट्टी है वहां से नाव में ले.
जाके उनको दिखा रहे कि देखो हम तो आ नहीं. रहे लेकिन हमने तो मराठों को मारा है।. बहुत क्रूर थे सिद्धिज. [नाक से की जाने वाली आवाज़] संभाजी. महाराज ने सबके साथ में धीरे धीरे. धीरे-धीरे संधान करना शुरू किया कि झगड़ा. नहीं करना है हमको अभी टाइम नहीं है हमारे. पास में अभी लेकिन पोर्तुगाली इसका. पोर्तुगाली इसका अपोजिट कर रहे थे. पोर्तुगाली इनके साथ में संधान करने की. कोशिश तो कर रहे थे लेकिन वहां से आया. भागते हुए अकबर छाऊ मूवी में अकबर दिखाया. हम. औरंगजेब का बेटा.
यहां पे सडनली क्या हुआ जो जसवंत वंत सिंह. थे। जसवंत सिंह का एक बड़ा बेटा था जिसका. नाम था पृथ्वीराज। औरंगजेब ने विष के. कपड़े उसको देके विष के कपड़े उसको पहना. के उसको भी मर्डर करवा दिया। जसवंत सिंह. को बहुत बुरा लगा। जसवंत सिंह काबुल कंधार. की ओर निकल गए और फिर काबुल कंधार के पास. में ही रहे। जैसे ही काबुल कंधार में. जसवंत सिंह जी की मृत्यु हुई, यह बात. औरंगजेब को पता चली। वो कहते हैं कि कुफ्र.
का दरवाजा टूटा और उन्होंने मारवाड़ पे. अटैक कर दिया। वहां पे दूसरे व्यक्ति को. जसवंत सिंह की जगह पर बैठाया और बैठा के. डिक्लेअर कर दिया कि आज से यहां के राणा. तुम हो। जसवंत सिंह नहीं है। और यह. डिक्लेअ करने के बाद दुर्गादास राठौड़ जो. थे वो उस समय काबुल कंधार में लड़ रहे थे. सारे राठौड़। जसवंत सिंह राठौड़ सर ने. मैंने इनका वो वहां पर लड़ रहे थे। वो. बोले भाई यह क्या चल रहा है? जसवंत सिंह. जिस समय मरे उनकी दो बीवियां गर्भवती थी।. एक बड़े बेटे उनके निधन हो गया वो नहीं. रहे। अजीत सिंह जी लेकिन जिंदा थे। तो.
दुर्गादास राठौड़ जी अजीत सिंह जी को लेके. औरंगजेब के सामने गए। बोले यह बेटा है. बोले ओरिजिनल। इसको बनाओ।. बोले नहीं।. तो जो मैंने नियुक्त करके रखा है वो. रहेगा। यह अगर इस्लाम कबूल करता है तो मैं. इसको रखूंगा। बोले दोनों नहीं होने वाला।. आप कौन होते बताने वाले? तो बोले नजर कद. करो इनको। दुर्गादास राठौड़ जी को पता चल. गया था कि भैया अब तो ये नजर के धो के. इनको तो मार देंगे या फिर इस्लाम में. कन्वर्ट कर देंगे। दुर्गादास राठौड़ ने. तीन टुकड़ियां बनाई। पहली टुकड़ी एक वो.
टुकड़ी जो मुगलों पे आक्रमण करेंगी। दूसरी. टुकड़ी इनको प्रोटेक्ट करके बाहर निकाल के. लेके जाएंगी और तीसरी टुकड़ी के साथ में. ये लोग भागेंगे। ऐसा करके उन्हें वहां से. भगाया गया। अब जो अकबर था इसके मुगलों में. यह नियम रहता है कि मुगल अपने बाप के. खिलाफ या अपने आपस में लड़ के मरते हैं।. इन्होंने अकबर को फोन लगाया मतलब मैं पत्र. लिखा बोले तुम अपने पिता पिताजी के खिलाफ. बगावत कर दो। मारना पड़ेगा तुम्हें। बोले. ठीक है क्या करना है? तो अकबर को लेके ये.
अजमेर के रास्ते से सारे के सारे राजपूतों. के साथ में संधान करने के लिए गए।. दुर्गादास राठौड़ ने सारे राजपूतों को जमा. करना शुरू किया। औरंगजेब कम चंट थोड़ी था।. औरंगजेब ने अकबर को लेटर लिखा। लेटर इस्ला. तरह से लिखा कि सारे राजपूतों के हाथ में. वो लेटर जाए। एक जगह पर सारे राजपूत जमा. हो चुके थे। जमा होने के बाद दुर्गादास. राठौड़ ने ये बता के रखा था कि जल्दी से. जल्दी तुम्हें यहां से निकलना होगा। अगर. तुम जल्दी से जल्दी यहां से नहीं निकलते. हो औरंगजेब मार दगा। औरंगजेब ने लेटर लिखा. थुर् तरीके से और लेटर में ये लिखा कि.
बेटा अच्छा हुआ। तुमने सारे राजपूतों को. इकट्ठा कर लिया है। पीछे से मैं सामने से. तुम मार देना अब सबको। सब राजपूतों को लगा. यार ये तो क्या हो रहा है? उतने में. राजपूत उनको छोड़ के चले गए। जिस जगह से. उन्हें राजस्थान की जिस जगह से उन्हें. स्पीड में दक्षिण में आना था या फिर अटैक. करना था वो अटैक होने को चार या पांच दिन. में करना था। उसको 15 दिन लगा दिया अकबर. ने। अकबर की उम्र भी 23 साल की थी। तो अब. इनके पास में कुछ बचा नहीं था। तो ये बोले. एक ही ऐसा व्यक्ति है बोले पूरे भारतवर्ष. में जो तू हमें मदद कर सकता है। बोले.
दक्षिण चलो। यह आए संभाजी महाराज के पास।. दुर्गादास राठौड़ इनको लेके आए। अकबर. दुर्गादास राठौड़ जी के साथ में जब दक्षिण. में आए. तो संभाजी महाराज को जाकर मिले। अब संभाजी. महाराज ने अकबर को पनाह दिए। यह बात जब. औरंगजेब को पता चली ये थोड़ी सी डेयर. डेविल वाली बात हरकत हो गई थी संभाजी. महाराज की कि वो. डायरेक्ट कॉन्फ्लिक्ट में जा चुके थे. औरंगजेब के। मेरे बेटे को बना देना जो जो. मेरे इसमें है। तो इस समय पे क्या हुआ? इस.
समय पे औरंगजेब ने कूच कर दी दक्षिण की. ओर। अब शिवाजी संभाजी महाराज को मारने का. कटकार स्थान इनके मंत्रिमंडल कर रहे थे।. तो मंत्रिमंडल ने अकबर को लेटर लिखा कि हम. संभाजी महाराज को मारना चाहते हैं। वो. लेटर संभाजी महाराज अकबर ने जाकर संभाजी. महाराज को दिखा दिया। तो संभाजी महाराज को. लगा अकबर हमारा आदमी है। तो अकबर के लिए. उन्होंने कंठी माल मतलब मोती का बहुत. प्रेशियस हार भेजा। वो हार इन्होंने. नर्तकई को दे दिया। संभाजी महाराज का.
दिमाग खराब हो गया। बोले इसको इतने. राजशाही हार की कीमत नहीं है। हमारे. मैत्रता की क्या कीमत करेगा? निकालो बोले. यहां से इसको। वो गया गोवा में। बोले जाने. दो। बोले अब मैं गोवा घूमने जाता हूं।. पिताजी भी नहीं है तो गोवा घूम के आऊंगा. मैं। पिताजी के परमिशन की जरूरत नहीं है. मेरे को। वो गए गोवा घूमने। संभाजी महाराज. को पता चला। अबे ये तो गोवा गए। ऊपर से. औरंगजेब भी आ रहा है। पोर्तुगालियों के. कंटिन्यू लेटर चल रहे हैं औरंगजेब के साथ. में जिसमें वो यह कह रहे हैं कि भाई हम तो. तुम्हारे आदमी हैं। संभाजी क्या? संभाजी. के साथ में हमारा कुछ भी नहीं है।. संभाजी महाराज को यह बात पता थी कि अकबर.
का पुर्तगालियों के साथ में बहुत अच्छा. संधान है। उन्होंने अकबर को यूज़ करना शुरू. किया कि जाके बात करो कहो उनसे ना करें. ऐसा। बहुत समय तक बात करने की कोशिश करी।. लेकिन धीरे-धीरे सब लोग अपनी-अपनी. पोजीशनिंग चेंज कर रहे थे। कभी मराठी इन. पे हावी हो रहे हैं। कभी वो इन पे हावी हो. कभी मराठे इन पे हावी हो रहे हैं, कभी वो. इन पे हावी हो रहे हैं। ऐसा करते-कर करते. करते वॉइस ने वहां से डिक्लेअर कर दिया कि. अब हम मराठे के खिलाफ ऑन फ्रंट युद्ध. करेंगे क्योंकि हमें औरंगजेब ने सपोर्ट कर.
दिया है। औरंगजेब उस समय बुरहानपुर तक आ. चुका था। संभाजी महाराज को लगा भाई अब. क्या करें? युद्ध तो छिड़ चुका है। तो जो. फोंडा का किला शिवाजी महाराज ने जीता था।. वहां से बाउंड्री शुरू होती है। फोंडा. नॉर्थन गोवा में आता है। नीचे पूरा. पोर्तुगालियों का था। ऊपर में फोंडा था।. पुर्तगालियों ने अटैक कर दिया फोंडा के. ऊपर। अब जैसे ही फोंडा के ऊपर आक्रमण हुआ. मराठों ने टूट पड़ना वहां पर शुरू कर. दिया। संभाजी महाराज युद्ध में वहां पर. नहीं थे। संभाजी महाराज दूसरी जगह पे थे।. संभाजी महाराज ने कहा यार फोंडा तो अब हाथ.
से गया तो हमारे हाथ से गोवा ही चले. जाएगा।. पुर्तगालियों के पत्र में उल्लेख मिलता है. कि संभाजी महाराज दूसरे दिन 600 लोगों के. 600 लोगों को लेके वहां पे युद्ध करने के. लिए आए। तो वो व्यक्ति इस तरह से आ रहा था. रण मैदान में कि भाई 301 साइड में 301. साइड में बीच में दोनों हाथों में तलवें. देके मराठों का छत्रपति ऐसे आ रहा और. हमारी हिम्मत नहीं हो रही मराठी के. छत्रपति को गोली मारने के लिए हमें पता था. इसको एक भी गोली लगी मराठे हमें काट. डालेंगे और संभाजी महाराज को साइकोलॉजी. पता थी कि ये मेरे को नहीं मारने वाले। तो. संभाजी महाराज घुसे पुर्तगालियों को.
भड़भड़ा के मारा। उसके बाद में एक और. युद्ध हुआ। एक नदी जाती है गोवा में। उसके. बीच में एक छोटा सा बेट है। वहां पे एक. फोर्ट है। मतलब एक कैथेड्रल चर्च है। वहां. पे फोर्ट है। वहां पे घुस के. पोर्तुगालियों को ऐसा मारा कि वो नदी जो. घिरी हुई है उसके बाजू में पहाड़ आते हैं।. पूरा का पूरा गोवा का वो सेक्शन पहाड़ों. के ऊपर देख के चल रहा है कि भाई मैच क्या. चल रही है यहां पे। इतना बुरी तरह मारा कि. पोर्तुगालियों ने लेटर लिखा कि इतना बुरी. तरह से आज तक हम लोगों को पूरे भारत में. अंग्रेजों ने भी नहीं मारा है जितना भयंकर.
मराठों ने मारा है। तो पुर्तगालियों को तो. कर दिया शांत। अब संभाजी महाराज पलटे. सिद्धिश की ओर जंजीरा के किले को मतलब यह. ना सब रैंडम चल रहा था अलग-अलग अलग-अलग. संभाजी महाराज 9 साल की कारकी दिए तो. जंजीरा की ओर जंजीरा को लेना तो है हमें. साला लेंगे कैसे संभाजी महाराज बोले एक. काम करते हैं हम लोग खंदेरी उंदीरी लेते. हैं मतलब क्या होता है मुंबई से पेन की. खाड़ी जाती है वहां पे दो बेट आते हैं. खंदेरी उंदेरी खंदेरी उंदरी के आगे यहां. पे अगर आप जाओगे तो वहां पे आता है आपका अ.
कौन सा अपना ये जंजीरा का किला बोले. खंदेरी उंदीरी में से ऐसा करते बोले. खंदेरी इनके पास में है उंदीरी इनके पास. में है खंदेरी हमें लेना होगा इन्होंने. खंदेरी अपने हाथ में लिया ताकि जो भी नाव. पास ऑन हो वो हमारी तरफ से हो अब खंदरी. इनके हाथ में उंदीरी उनके हाथ में एक रात. को ये लोग उंदेरी में चढ़ने के लिए गए रात. के समय पे गए इनको पता नहीं था जगह कैसी. है 200 लोगों को मार दिया गया मराठों को. यही अंग्रेजों को परमिट नहीं किया था ना. इनकी मुंडिया अंग्रेजों ने दिखाई यहां पे. अंग्रेजों को इन्होंने मुंडिया जो घुमा के.
दिखाई दी सिद्धिज ने ये किया संभाजी. महाराज बहुत चिड़े बोले अब खत्म करो इनको. तो संभाजी महाराज ने कोशिश करी कि हम. डायरेक्ट ऐसा करते हैं कि हम लकड़ियों का. पुल बनाना शुरू करते हैं ताकि हम लकड़ियों. के पुल बना के डायरेक्ट जंजीरा पे तोपे. चलाए और वहां तक ले जाए। लेकिन पीछे से. औरंगजेब ने अटैक कर दिया था। तो अब इनको. वहां से वापस पलटना पड़ा। अब ये वापस. पलटे। इसी बीच में एक और युद्ध चल रहा था।. एक युद्ध था रामशेज का युद्ध था। वो.
रामशेज का युद्ध। रामशेज का युद्ध बहुत. जबरदस्त युद्ध। सात साल तक चलाओ युद्ध है. वो। 400 लोग ऊपर है ऊपर। लेकिन 400 लोगों. ने वो सात सालों तक वो किला पकड़ के रखा. है अलग-अलग समय पे। रामसेज नाशिक के जगह. पे आता है। तीनों तरफ से घिरा हुआ है। एक. छोटी सी जगह आती है जहां से आप बाहर निकल. सकते हो।. तो. रामसेज के किले पे शाहब्श को भेजा गया।. औरंगजेब बोले शाहब्श इतने दिनों से मैं. यहां पे आया हूं। बोले एक किला नहीं जीत. पा रहे बोले हम लोग। तुम जाओ बोले. तुम्हारे नाम में शाह है। तुम शाह हो। वो.
बोले तुम जीत के आओ बोले फतेह करके आओ. बोले वो गया बोले ऐसे जीतूंगा मैं ऐसा ऐसा. उसने तोपे दागना शुरू किया मराठों के ऊपर. तोपे जा नहीं रही है संभाजी महाराज की. पूरी ध्यान है बाजू में एक और गढ़ था वो. गढ़ से धीरे-धीरे रसद इनको जाती रहती थी. कंटिन्यू बोले रसद भेजो बोले इनको तोपे. मारने की कोशिश कर रहे तोपे जा ही नहीं. रही अब मराठों के पास में तोप नहीं है. बोले यार बोले इनके गोले तो ऊपर आ नहीं. रहे लेकिन अगर आ वगैरे गए तो तो क्या. करेंगे तो मराठों के पास में उस समय बकरे.
थे बकरे। बकरों के चमड़ी से इन्होंने. तोपें बनाई। बोले तोप तो बनाई गोले नहीं. है। बोले रात को लेके आएंगे नीचे से। रात. को नीचे गए। जितना गोला बारूद था सब. जलाया। जितना लेके जा सकते थे लेके गए।. दूसरे दिन उन्होंने तोपें मारना शुरू. किया। तोपे डायरेक्ट मुगलों को लग रही थी।. पीछे से संभाजी महाराज पूरा इनको सपोर्ट. कर रहे हैं। धीरे-धीरे इनके पास में रसद. भी आ रही।. से तोप कैसे मतलब? हमारे पास में बारूद नहीं था। लेकिन तोप. तो हमने बना दी।. बारूद तो नहीं है। बोले एक काम करो रात को. तोपे मारनी जब बंद करेंगे जब सो जाएंगे या.
फिर बंद हो जाएगा रात को चुपचाप उतरेंगे. इनके बार. तोप कैसे बनाई. चमड़ी होती है ना चमड़ी चमड़ी और लकड़ी की. तोप बनी थी वो बहुत ज्यादा एक्सक्लूसिव. नहीं है लेकिन इतनी है कि घात कर सकती है. चमड़े और लकड़ी और कुछ इंस्ट्रूमेंट होंगे. उससे वो तोप बनी थी बकरे की चमड़ी और इससे. वो पूरी की पूरी तोप बनाई लेकिन बारूद. नहीं है हमारे पास. वो नीचे से उठा लाया. नीचे से उठा के ले आए बारूद आधा फोड़ दिया. उनका ऊपर लेके गए दूसरे दिन इनको तोप. मारना शुरू गया मुगल पीछे.
15 दिन हो गए यार मैं तो बोल के आया था दो. दिन में जीतूंगा 15 दिन से जीत ही नहीं पा. रहा. बहुत मारा मुगलों को मुगल परेशान हुए वहां. पे एक तांत्रिक था ये लिखित है मैं नहीं. कह रहा ये अंग मुगलों के इसमें वो. तांत्रिक था बोले मैं बोले सोने का सांप. बनाऊंगा सोने का सांप बना के मैं गढ़ के. ऊपर लेके जाऊंगा सब लोग हार जाएंगे अब. शिवाजी महाराज के हर एक फोर्ट के ऊपर एक. सिस्टम हुआ करती थी कि फोर्ट के ऊपर एक. डैम हुआ करता था अगर मुगल बहुत ज्यादा पास. में आ गए तो डैम का पानी खोल देना बह. जाएंगे सारे के सारे तो इन्होंने क्या.
किया वो बंदा सांप लेके चलने लगा सोने का. उसको आने दिया आने दिया धड़ से उसके ऊपर. एक गोला मारा गुलेर का एक गोला होता है. छोटा गूलर मतलब बड़ा गुलर गुलर का गोला. मारा वो तो गिरा सांप भी जाके गिरा यार अब. क्या करेंगे साला ये तो ये भी नहीं जीत पा. रहे वो भी नहीं जीत पा रहे इन्होंने दिमाग. लगाया मुगलों ने मुगलों ने बुर्ज बनाए. बुर्ज यानी कि स्टैंड होते हैं ना. इन्होंने लिटरली लकड़ियों के स्टैंड बनाए. उस स्टैंड के ऊपर इन्होंने ने एक मजली दो. मजली के स्टैंड बना के उसके ऊपर इन्होंने.
तोप चढ़ाई यहां से तोप मारेंगे मराठे बोले. और वहां पे बने हुए तीन बुर्ज थे। तीन. खंभे होते हैं। एक भी के जहां से आप. ध्यान रख सकते हो। एक बुरज गिरा मराठों का. किले के ऊपर का। बोले यार तो बारी है।. बोले एक काम करेंगे। संभाजी महाराज को ये. बात पता चली। संभाजी महाराज ने वहां से. आर्मी भेजी। आर्मी ने डायरेक्ट इन पे अटैक. किया। छापा पड़ा। सारे खंबे खंबे काट काट. के सारे तोप डिस्मेंटल करके निकल गए। ऐसा. करते-करते यह युद्ध एक साल हो गया लेकिन.
कोई रामसे जीत ही नहीं पा रहा है। औरंगजेब. ने आदमी बदले, आदमी बदले, आदमी बदले, फिर. बदले, यह बदला, वो बदला, वो बदला। वो जीत. ही नहीं पा रहा है। ऐसा करते-करते यह. युद्ध 7 साल तक चला। और 7 साल के बाद वहां. पे बाय करप्शन रामसेज का किला उनके हाथ. में गया। हमारे आदमी ने फितूर हुए उनको दे. दिया।. मराठों को बर्बाद करने मराठों का याद रहा. है।. था रहा यार कुछ कुछ. क्योंकि संभाजी को भी तो शायद किसी ने. अंदर से ही.
यस यस हमारी लोग हैं।. तो [नाक से की जाने वाली आवाज़] फिर इसके. बाद में अब अफजल खान आया। अब अफजल खान के. बारे में मैं अफजल खान बोलता हूं। औरंगजेब. आया। औरंगजेब के बाद में बारे में आपने एक. और बात सुनी होगी जो बहुत हमारे बड़े-बड़े. लोगों ने एक बात दी थी। औरंगजेब भी सेकुलर. था। वो तो मंदिरों को दान देता था। उज्जैन. के मंदिर को उसने दान दिया था। ऐसी बात. फैली थी। आपने सुनी होंगी, है ना? हम्म।. पहली बात जो राजपत्र होता है ना. हम. जो दान पत्र होता है. इनको पूछा बोले दान पत्र दिखाओ। इन लोगों.
को जो वो कह रहे हैं उन्होंने दान पत्र. दिखाए छोटे-छोटे। ये जो पत्र होता है ना. राजशाही फरमान होता है। वो दो-दो तीन-तीन. फीट का फरमान होता है। छोटा सा नहीं होता. है वो। लंबे-लंबे फरमान होते हैं। किसी के. पास में नहीं है। सारे फेक है। कोई रियल. नहीं है। किसी ने कोई दान नहीं दिया। कोई. धर्म नहीं दिया। कोई पुण्य नहीं किया. औरंगजेब में। औरंगजेब इतना बड़ा इतना बड़ा. कट्टर था कि जिस समय पर वो दक्षिण में आया. तो संभाजी महाराज को मदद करने के लिए. आदिलशाही. हम. कुतुबशाही और अ गोंड राजा अलग-अलग.
साम्राज्य जो मदद कर रहे थे इसने. कुतुबशाही पर अटैक किया औरंगजेब ने जब. इसने कुतुब शाही पे अटैक किया कुतुब शाह. ने इसको लेटर लिखा बोले आप मुसलमान है मैं. मुसलमान हूं हम आपको मदद करेंगे बोले नहीं. तुमने उस काफिर संभाजी की मदद करी है. इसीलिए अब हम तुमको अब खत्म करेंगे। यहां. तक कि आदिलशाही में जो लोग थे आदिलशाही. पहले सुन्नी थी फिर शिया हुई फिर सुन्नी. हुई फिर शिया हुई। मतलब उसमें ट्रांसिट. चलते रहता था। आदिल शाह का जो व्यक्ति था.
वो सुशिया था। अफजल खान ने जब आदिलशाही. खत्म करी उसको कैद किया। सुन्नी में. कन्वर्ट करवाया. औरंगजेब ने। वो इतना कट्टर धर्मंधा था। और. धीरे-धीरे करके यह आखिरी मुकाम तक इनका. युद्ध पहुंच चुका था। एक तो पोर्तुगालियों. को मारा यहां पे मुगलों के साथ में युद्ध. हुआ संभाजी महाराज दक्षिण दिग्विजय के लिए. भी निकले लेकिन जब संगम अरेस्ट मेरे कोकण. में वो रुके हुए थे तब हमारे ही कुछ. आदमियों ने खबर जाके दी उस पे हिस्ट्री का.
फैक्शन है मैं एकदम किसी का नाम नहीं लेता. अलग-अलग लोगों के अलग-अलग नाम है. बड़े-बड़े इतिहासकारों अलग-अलग नाम लिए. लेकिन हमारे व्यक्तियों ने उन्हें पकड़वा. दिया पकड़वा के गए 40 दिनों तक यातना दी. आंखें निकाल दी. आंखें निकाल दी हाथ तोड़े लोग कहते हैं कि. उसने ये नहीं पूछा था कन्वर्ट करोगे कि. नहीं करोगे क्योंकि लेटर में नहीं मिलता. क्या बात कर रहे हो सिखों के दो बेटों को. दीवार में चुनवा दिया गया तब वह पूछ रहा. है कन्वर्ट हो गए कि नहीं होंगे तेग. बहादुर सिंह को जब उन्होंने मारा तब पूछ. रहा है कि कन्वर्ट हो गए कि नहीं होंगे. संभाजी महाराज को कान में पूछा पास में.
जाकर पूछा ये लेटर में लिखा कैसे कह रहे. हो कि कन्वर्ट करने की कोशिश नहीं करी. होंगी. उसने मारा बोले खजाना कहां है हमारे में. से फितूर कौन है और. क्या तुम मुसलमान होंगी ये सवाल उसने पूछा. वहां वहां पे तीन सवाल पूछे। तो जिस समय. पे अफजल औरंगजेब संभाजी महाराज को पकड़ के. लेके गए तो एक किस्सा वहां पे एक मशहूर. आता है कि जब उन्हें पकड़ के लेके गए तो. कवि कलश. और संभाजी महाराज दरबार में बैठे हुए हैं।. दरबार में खड़े हैं। पता है पकड़े हुए.
हैं। तो वो अपनी नमाज़ पढ़ने के लिए. औरंगजेब नीचे उतरा और ऐसे नमाज की दरी डाल. के नमाज पढ़ने के लिए बैठा। संभाजी महाराज. बोलते देखो बैठ गया। बोले वो कवि कलश बोले. बैठा है बोले वो। बोले कवि जी सूच रही है. बोले कोई कविता इस प्रसंग में आपको तो कवि. कलश कहता है कि कवि कलश सोच रहे हो कैसा. राजा है ये मरने वाला है पता है फिर भी. कविता कहने का लगा रहा है तो वो कविता. छावा में दिखाई नहीं ओरिजिनल कविता बहुत. खूबसूरत है ओरिजिनल कविता में वो यह कहता. है कवि कलाश हां राजे तुम हो साजे खूब.
लड़े तुम जंग देख तुम्हारा तेज तख्त तज. औरंग कि राजे तुम इतने खूबसूरत लड़े हो कि. तुम्हारा तेज देख के औरंगजेब अपने तख से. नीचे उतर के तुम्हारे सामने घुटने टेक के. बैठा हुआ है देखो. तो ये सारे प्रसंगों में संभाजी महाराज ने. औरंगजेब को खूब सुनाया। खूब गुर्राया।. उसके चक्कर में उनकी जुबान काटी गई। फिर. एक आया बोले कन्वर्ट नहीं फिर आंखें. निकाली गई। फिर एक आया बोले नाखून निकाले. गए। हथड़ी तोड़ी गई। हाथ छीले गए, पैर. तोड़े गए, नमक लगाया गया, सब करा गया। और.
40 दिनों की यातना के बाद उनके मस्तक को. काट के. पूरे शरीर को फेंका गया और मस्तक को घुमा. के ये संदेश दिया गया कि इसके बाद में कोई. खड़ा नहीं होगा।. इनके बेटे को भी कैद किया था।. हां। तो इसके बाद में ऐसा हुआ कि. संभाजी महाराज तो गए। अब संभाजी महाराज. जिस समय पर गए तो संभाजी महाराज जाने के. बाद में. इनको लगा मैं तो जीत गया।.
लेकिन अब रायगढ़ पर वहां पर खड़े थे. राजाराम महाराज सोराबाई के बेटे संभाजी. महाराज के सौतेले भाई और संभाजी महाराज के. बेटे थे शाहू उनका ओरिजिनल नाम शिव है. शिवाजी ही से ऊपर के नाम पड़ा है शाहू बाद. में लेटर ऑन ऐसा कहते हैं कि औरंगजेब ने. उनका नाम रखा था इसलिए वो शाहू पड़ा. क्योंकि पहले के पत्रों में तो शिवा नाम. आता है। शिवाजी महाराज नाम आता है। शिवाजी. नाम आता है। तो राजाराम महाराज को गद्दी. पे बैठाया गया। यसु भाई बोले इनको गद्दी. बैठाओ पट्टा से मतलब शिवा संभाजी महाराज. की वाइफ और राजाराम महाराज के बारे में ये. डिसाइड किया गया कि राजाराम महाराज की.
उम्र कम है इन्हें हमें प्रोटेक्ट करके. रखना पड़ेगा ऐसा करते हैं आप झिंजी निकल. जाओ दक्षिण में जिंजी का हमारे पास में. किला था ना कर्नाटका और उसके पास में आता. है पहले वो कर्नाटका में था अभी वो. तमिलनाडु के सेक्शन में कर्नाटका बड़ा था. उस समय पे जिंजी गए. जब ये जिंजी की ओर गए जिंजी की ओर चले चले. गए तो उस समय पे हमारे पास में दो बहुत. डेंजरस लोग थे। एक का नाम था संताजी.
घोरपड़े और दूसरे का नाम था धनाजी जाधव।. अच्छा सही यशु भाई और उनके बेटे ये रायगढ़. पे ही रुके हुए थे।. हम. छ महीने तक रायगढ़ किसी ने जीत नहीं पाया।. हमारा एक आदमी फितूर हुआ। बोले मैं. बताऊंगा रायगढ़ का दरवाजा कैसे खोला जाता. है। सूर जी पिसड़ करके नाम आता है।. उन्होंने रायगढ़ का दरवाजा खोलने के लिए. कहा। अपनी लॉयल्टी दिखाने के लिए वो. कन्वर्ट तक हो गए। सूर्य जी को उनके बहुत. किस्से आते हैं आगे जाके।. दरवाजा खोला गया। यसुबाई कैद हुई। शाहू.
महाराज कैद हुए। राजाराम महाराज तब तक. जिंजी में थे। रामचंद्र पंत अमात्य यानी. कि जो इकोनमिक मिनिस्टर थे वो उस समय पे. पन्हाड़ा के किला पे थे और राजाराम महाराज. को जिंजी भेज दिया गया। अब राजाराम महाराज. पनाड़ा पे थे जिंजी जाने से पहले तो. संताजी घोरपड़े को ये पता चला कि भाई. पन्हाड़ा में राजाराम महाराज को पकड़ने के. लिए औरंगजेब सीना भेज रहा है। संताजी. घोरपड़े विद्युत गति से गए। औरंगजेब की. छावनी पर अटैक किया। औरंगजेब की छावनी के.
ऊपर एक सोने का कलश था। वो कलश उठा के भाग. गए। और उसके बाद में कंडीशन इतनी. अस्त-व्यस्त हो चुकी थी पूरे मराठा. साम्राज्य में कि अब हमें कैसे भी करके. बचाना होगा। तो रामचंद्र पंतामात्य ने यह. कहा कि मैं यहां पर रह के संभालता हूं. स्वराज्य आप वहां पर जाकर संभालो। तो अब. क्या था शिवाजी महाराज के समय पे. जहागीरदारी सिस्टम बंद हो गई थी कि आप. इंडिपेंडेंटली एक-एक लोग नहीं रहेंगे।. राजाराम महाराज को वो जागीरदारी सिस्टम. फिर से इस्टैब्लिश करनी पड़ी। इस बेसिस पे.
करनी पड़ी कि भैया देखो हम क्या करेंगे? हम जहागीरदारी रीस्टैब्लिश करेंगे। जो जिस. जगह को जीत सकता है उस जगह को जीतो। वो. जगह तुम्हारी. औरंगजेब को लगा कि संभाजी महाराज को मारने. के बाद मैं जीत चुका हूं। मराठों ने. संभाजी महाराज के मौत के बदले को इस तरह. से लिया कि जो जहां मिले औरंगजेब और. मुगलों को इतना कूटे जा रहा था। इतना कूटे. जा रहा था। उसको लगा या अरे ये बाउंस बैकक. कैसे हुआ? खतरनाक। संताजी धनाजी के तो किस्से ही अलग.
है। बड़ा भड़ मारे जा रहे। इसको मार रहे।. उसको मार रहे। यहां से जा रहे। उसको मार. रहे। ये कर रहे वो कर रहे। खतरनाक।. जिंजी से वापस आए। अच्छा जिंजी का भी. किस्सा बहुत खूबसूरत है। जिंजी का जिंजी. पनागढ़ टू जब जब जा रहे थे पना टू जिंजी. वो किस्सा भी एक बहुत सुपर्ब किस्सा है. वो। तो. वापस आए। अब राजाराम महाराज को जो है वो. क्षय रोग था। ऐसा कहते हैं दो में से कोई. एक हो सकता है। इदर लंग कैंसर और क्षय. रोग। शय रोग यानी कि टीबी ट्यूबरक्लोसिस.
क्योंकि उनको खांसते वक्त बहुत ज्यादा खून. आता था और इधर दैट तो बहुत कम उम्र में एट. डेज ऑफ़ 27 28 ही डाइड सो व्हेन राजाराम. महाराज डाइड औरंगजेब को लगा मैं तो जीता. अब उनकी वाइफ आ गई।. अच्छा अब राजाराम महाराज का संताजी घोरपड़े. के साथ में भी सिविल वॉर हो गया था। तो. उसी के बीच में संताजी घोरपड़े का भी मर्डर. हो गया। मुगलों ने उसका फायदा उठा के. उन्हें मार दिया। उन्हें लगा मैं जीता।. उतने में तार रानी खड़ी हो गई। अब औरंगजेब.
ने क्या किया? औरंगजेब एक तो 80 साल का हो. चुका था।. अच्छा ये बुड्ढा मर नहीं रहा था।. ये मर ही नहीं रहा था। औरंगजेब का ऐसा था. कि औरंगजेब नाटक करता था। तलवार निकालता. था। तलवार को धार लगाता था। कहता था कि. मैं तो गाजी बनूंगा। मैं जीतूंगा, मैं. जाऊंगा। अच्छा वो सब कुछ जीत चुका है।. मराठा शाही नहीं जीत पा रहा। औरंगजेब का. किस्सा आता है। औरंगजेब अपने नाम के सामने. आलमगीर लगाता था। आलमगीर यानी कि जगत. जीता।. तो आलमगीर ने औरंगजेब ने अपने एक दूत को. भेजा था ईरान में शाह दुरानी के पास।.
उसने उस दूत को बोले तू आलमगीर का औरंगजेब. का आदमी बोले आओ 30 दिन तक उसको दरबार में. बैठा-बठा के उसकी बेइज्जती करवाई थी और. उससे एक लेटर भिजवाया था। लेटर में वो यह. लिखता है। बोले तू कहां का आलमगीर है? शिवाजी तेरे पास आगरा के कैदखाने में आया. था। तू उसको कैद नहीं कर पाया। तू शिवाजी. को जीत नहीं पाया। तू क्या जीतेगा पूरे. दुनिया को? तू सिर्फ पितागिर है। तू सिर्फ. अपने पिता को कैद करके रख सकता है। तो.
औरंगजेब जिस समय पे यहां पे था वो इतना. हरताश हो गया। मराठे क्या करते थे? मराठे. किले लड़ाते थे। कब तक लड़ाते थे? जब तक. औरंगजेब की सारी की सारी पावर खत्म नहीं. होती। जैसे ही औरंगजेब की पावर खत्म हुई. रे हुई किले औरंगजेब को दे देते थे। लेकिन. कब देते थे? मई के महीने में। क्यों. देंगे? मई के महीने में तो किले ले लोगे।. जून में जब बरसात शुरू होंगी तब किले कैसे. जीतोगे? वो तो हमें पता है बरसातों में. चलते कैसे कोकण में सह्याद्री में और जैसे. ही बरसात शुरू होती थी दो महीने में किले.
वापस ऐसा कर के इन्होंने औरंगजेब को पूरा. नल्ला बेरोजगार खत्म करके रख दिया।. औरंगजेब अपने आखिरी जगह से आ रहा था।. पीराजी नाईक के साथ में एक युद्ध हुआ।. उसका देवगढ़ के जगह जगह था। देवगढ़ से. अहमदनगर जा रहा था।. मराठों की एक आर्मी उसको बीच में लगी।. मराठों ने औरंगजेब को पकड़ा। लिटरली उसकी. पूरी आर्मी को घेरा।. औरंगजेब के छावनी के बाजू में औरंगजेब का. उस समय का उस उस सेना का वजीर था। उसको ले.
गए। उसकी आंखें फोड़ी। बोले पैसे निकाल।. बोले औरंगजेब का क्या करना है? बोले मरती हुई मुर्गी है। जबजब मिलेंगे तब. तक लूटेंगे तब तक पैसा लेंगे। मतलब. औरंगजेब हाथ में लगने के बाद भी औरंगजेब. को छोड़ दिया। इसको तो नचाएंगे। हम जितना. ना चाह सकते तो औरंगजेब को जिंदा मुर्गी. की तरह सारे के सारे जितने भी मराठे थे वो. मराठे जिंदा मुर्गी की तरह उसको ट्रीट कर. रहे थे और 1707 में औरंगजेब मरा और मरते. हुए औरंगजेब ये कहता है कि.
भले ही मैंने जिंदगी भर बहुत पाप किए. होंगे लेकिन कोई यह नहीं कह सकता कि मैंने. इस्लाम के विरोधियों के खिलाफ जंग नहीं. लड़ी। मैंने तो अपना पूरा कर्तव्य निभाया. है। वो कट्टरता के साथ ही मरा। मरते वक्त. अपने एक भी बेटे को पास में नहीं आने दे. रहा था। आजम मुआजम काम बख्श कामबख्श नीचे. था मुआजम अफगानिस्तान में था आजम गुजरात. में था अब इन तीनों में सिविल वॉर चढ़ी. अकबर तो ईरान जा चुका था तीनों में सिविल. वॉर चढ़ी पहले मुआजम आजम का युद्ध हुआ एक. यूपी के पास वहां पे आजम मरा मुआजम नीचे.
आया काम बख्श के साथ में युद्ध हुआ काम. बख्श भी गया अब बना कौन राजा मुआजम. मुआज्जम मराठों के एरिया से जा रहा था. यसुबाई और उनके बेटे शाहू उस समय पर इसके. पास में थे। किसके पास में? औरंगजेब के. अपने मुगलों के पास में। इनको एक बात पता. थी कि यदि हम इस समय पे शाहू महाराज को. छोड़ देते हैं मराठों में सिविल वॉर छिड़.
जाएगा। तो उत्तर में जाने से पहले इसने. शाहू महाराज को रिलीज किया।. ताकि रानी से लड़ाई जाए।. और वही हुआ। दोनों में सिविल वॉर छिड़. गया। तार रानी का यह कहना था कि. यह मुगलों के साथ रहकर आए हैं।. नहीं नहीं तार रानी का यह कहना था राजाराम. महाराज ने प्रोटेक्ट किया है इस राज्य को।. मेरे पति ने प्रोटेक्ट किया है। तुम्हारे. तुम्हें अधिकार नहीं है। शाहू महाराज का. यह कहना था कि देखो भाई ऐसा नहीं है मैं. चाहता हूं कि भैया आप मेरे मां समान है।.
चाची है ना आप? आप आप मेरे मां समान है।. मुझे आपका आशीर्वाद चाहिए। ऐसा मत करिए. आप। आप आप रहिए हमारे साथ में।. बोले नहीं हम तो नहीं रहेंगे। जब वह कैद. हुए उनकी उम्र तकरीबन सात साल की थी और जब. यह सारा किस्सा हो रहा है तब वो तकरीबन 24. साल के रहे होंगे 24-25 साल के।. और ये संभाजी महाराज के बेटे हैं।. हां तो. वो कहे कि हमने बचाया हमारे बेटे ने हमारे. पति पति ने बचाया तो हम आपको नहीं दे.
सकते। अब इनमें सिविल वॉर छिड़ गया।. अब इसमें एंट्री होती है उस व्यक्ति की. जिस व्यक्ति ने पूरे भारत को एक सिस्टम. पढ़ाई जिसका नाम पड़ता है पेशवाई उनका नाम. था बालाजी विश्वनाथ. हम. बालाजी विश्वनाथ जिस समय पे. बालाजी विश्वनाथ जिस समय पे ये शाहू. महाराज वापस आए तो शाहू महाराज के लिए इजी. नहीं था. हम. इसका फायदा ये हो रहा था एक तो राजाराम.
महाराज ने जो इनको कहा था कि जागीरदारी. तुम ले लो। जीतोगे तो तुम्हारे हाथ में. रहेगी। उसका फायदा उठा के इनसिप्लिन. क्रिएट हो गया था। सभी जगहों पे मुगल. अच्छा दाम दे रहे तो मुगलों की तरफ से। ये. अच्छा दाम दे रहे तो इनकी तरफ से। अच्छा. राजाराम महाराज अच्छा कुछ दे रहे होंगे तो. राजाराम महाराज की तरफ से। राजाराम महाराज. अच्छा नहीं दे रहे होंगे तो हम लोग। शाहू. महाराज की तरफ से। शाहू महाराज की तरफ से. शाहू महाराज नहीं होंगे तो तारानी की तरफ. से। शफलिंग चल रही थी।. और सिंस द सोसाइटी वाज़ पैट्रिआर्कल इन. नेचर। इन नेचर। पितृ सत्तक समाज था। आप.
करोगे क्या? तो सबको यह बात पता थी कि. राजाराम महाराज ने गद्दी पर बैठने से क्या. कहा था? उस समय उन्होंने यह कहा था भले ही. गद्दी पर मैं बैठ जाऊं लेकिन इसका असली. वारस शिवाजी ही है। शिवाजी यानी कौन? शिवा. संभाजी महाराज के बेटे ही है।. और धनाजी जाधव, संताजी गोर पड़े या फिर. जितने भी लोग लड़े वो इसीलिए लड़ रहे थे. ताकि शाहू महाराज को हम लोग रिलीज़ कर. सके। अच्छा और मुअज्जम जो बाद में बहादुर. शाह बना 65 साल की उम्र में राजा बना वो.
65 साल की उम्र में प्रिंस 65 साल का. प्रिंस था वो वो राजा बना औरंगजेब के साथ. मारने के बाद. उसने यशसू भाई को रिलीज़ नहीं करा. हम. उसने सिर्फ इनको रिलीज़ करा बोले इनको मैं. दिल्ली लेके जा रहा हूं वो दिल्ली लेके. गया. इसको रिलीज़ कर दिया गया इनको रिलीज़ कर. दिया गया शाहू महाराज को शाहू महाराज के. आने के बाद में समय बहुत अच्छा अच्छा नहीं. था। कॉन्फ्लिक्टिंग चल रहा था।. उस समय पे रायगढ़ मुगलों के अंडर में था।.
जब यह जीत गया था। काफी खान जीता था. रायगढ़ यसुबाई के वक्त। तो जिंजी से जिस. समय राजाराम महाराज वापस आए। उन्होंने. सातारा में अपनी कैपिटल इस्टैब्लिश करी. थी। सातारा और कोल्हापुर के बीच में एक. नदी जाती है। तो शाहू महाराज के गट का और. तारानी के गट का पहले एक युद्ध हुआ। उसके. बाद तारानी थोड़ी नीचे गई तो सातारा उस. समय पे शाहू महाराज के अंडर में आ गया।. लेकिन इस समय पे भी इनके बीच में वाद.
विवाद वाद-विवाद वाद-विवाद हो ही रहे थे।. अभी वाद-विवाद से कैसे बचे? तो उस. वाद-विवाद से बचने के लिए वहां पे एक. व्यक्ति था जो पुरंदरे करके एक घराना आता. है। वो पुरंदरे घराना शाहू महाराज को. बीच-बीच में जाकर मिलते रहते थे। उस. पुरंदरे घराने को. का जो सबसे वन ऑफ द क्लोज अलाय था वो था. भट्ट घराना बालाजी विश्वनाथ. बालाजी विश्वनाथ जाके मिलते थे बार-बार. शाहू महाराज को शाहू महाराज के उन ऊपर.
उनका बहुत भरोसा बढ़ गया था तो एक ऐसा. कॉन्सिक्वेंसेस आया कि जहां पे उन्हें. पेशवा घोषित करना पड़ा बालाजी विश्वनाथ को. जब पेशवा घोषित किया तो एक-एक मंत्री को. एक-एक संत्री को जो इनके ऊपर युद्ध करने. के लिए धनाजी यादव आ रहे हैं हां. युद्ध मत करो आ जाओ हमारी तरफ से कानोजी. आंगरे वो पहले तारानी की तरफ से थे कानोजी. आंगरे के नेवल एडमिरल हमारे वो युद्ध करने. आए थे उनको पलटा के इनके पास में ला लिया. गया आठ सालों तक एक-एक भारत की और शाहू. महाराज के पूरे सल्तनत की नींव उन्होंने.
वहां पर रखी उस समय पे गद्दी पे बहादुर. शाह था लेकिन बहादुर शाह कुछ दिनों में. मरा उसके बाद में गद्दी पे आया फारुख. शियार बहादुर शाह के बाद में भी इनका एक. बहुत इनके अंदर में बहुत सिविल वॉर छिड़ा. है। फारुख शहर गद्दी पे आया। फारुख शहर. जिनके मदद से गद्दी पे आए उनका नाम था सैद. ब्रदर्स। ये शिया थे दोनों के दोनों। सैद. ब्रदर्स हुसैन सईद हसन सईद हुसैन दक्षिण. में आया।.
दक्षिण में आने के बाद इसका कॉन्फ्लिक्ट. हुआ सीधा-सीधा मराठों के साथ। सिंस हुसैन. ब्रदर ने फारुख शहर को गद्दी पे बैठाया. था। फारुख शहर के पहले जो बादशाह था उसको. मरवा के बैठाया था। फारुख शहर इस बात से. डरता था कि भाई यह तो मुझे भी कभी भी मार. देंगे। तो इन्होंने मराठों को लेटर लिखा।. बोले आप एक काम करो मरवा दो। बोले शैद. ब्रदर के हुसैन को और इनमें जंग छिड़ी।. बालाजी विश्वनाथ को पता चला। अब बालाजी. विश्वनाथ ने बताया और हुसैन को लेटर लिखा. कि तुम मराठों को मारो। दोनों में जंग. छिड़ गई। इसको पता चलेगा राजा बना रहा है.
हमको। जंग वहीं पर रोकी गई। बोले संधि. करेंगे हम। बालाजी विश्वनाथ ने शर्त रखी।. संधि तो होंगी।. चौथ के राइट हमको वापस चाहिए। हम यहां पर. फिलहाल शाहू महाराज मांडलिक बन के आए थे. मुगलों के। लेकिन अपना इंडिपेंडेंस वो चाह. रहे थे। धीरे-धीरे पर फैला रहे थे हम लोग।. बोले हमको जहां-जहां पे पहले शिवाजी. महाराज के समय पर चौथ लेते थे वो चौथ की. जगह तो हमको चाहिए ही चाहिए। एक दूसरी बात.
यह भी याद रखना. यशु भाई को रिलीज़ करना पड़ेगा। तो सारे. मराठे गए थे उस समय पर शंकर राव जी मल्हार. बालाजी विश्वनाथ यशसू भाई को रिलीज करवा. के लेके आए फारुख शहरिया रेडी नहीं था. रिलीज करने के लिए अच्छा फारुख शियार के. हुसैन हुसैन हुसैन ने कहा कि अगर रिलीज. नहीं करा तो शंकर राजू मल्हार बोले एक काम. करते हैं इसको हम लोग एक एक इसके सामने एक. फासा फेंकते हैं। इन्होंने कहानी यह बनाई. कि जो अकबर आया था ना अकबर अकबर की एक.
नाजायज औलाद हमारे पास में है। वो शाही. खून है। अगर उसको मार दिया गया तो सोच. मुगलों की इतनी बड़ी नाक कट जाएंगी कि भाई. शाही खून को मराठों ने पकड़ के मार दिया।. फारुख शहर को लगा हां यार मुगल का खून है. तो उसको तो लाना पड़ेगा। कोई बच्चा-वच्चा. नहीं था। एक नकली बंदे को बैठाया गया।. उसको पूरा ट्रेन किया गया। उसको लेके गए।. उसको लेके गए। फारुख शहर के सामने रखा।. हुसैन और फारुख शहर रेडी नहीं हो रहा था. यसू भाई को छोड़ने के लिए।. और उतने में मराठे भी बाहर खड़े थे।.
मराठों में और मुगलों में वहां पर एक छोटी. सी झड़प हुई। 200 मराठे वहां पे मारे गए।. अब हो गया दिमाग खराब सबका।. हुसैन ब्रदर्स का भी दिमाग खराब हो गया।. बोले यार ये क्या कर रहा है? अगर यहां से. बालाजी विश्वनाथ और हमने खफा कर दिया तो. बालाजी विश्वनाथ धो देंगे हमको। उन्होंने. फारुख शिया को ही गद्दी से निकाल दिया।. फारुख शियार की आंखें फोड़ी और बादशाह को. मरवा दिया गया। तो पूरे हिस्ट्री में पहली. बार ऐसा हुआ था कि यार कोई वजीर और यह. मिलकर बादशाह को मार रहे हैं। बालाजी.
विश्वनाथ इनको वापस ले आए।. 1718 में कोल्हापुर के साथ में एक युद्ध. हुआ। और कोल्हापुर में उस समय पे संभाजी. महाराज गद्दी पे थे। मतलब संभाजी द सेकंड. तारानी के बेटे वो गद्दी पे थे। इनका इनके. साथ में एक युद्ध हुआ। वहां पे फिर. इन्होंने युद्ध में हराया और एक करार हुआ. कि हम एक दूसरे को मदद करेंगे। एक दूसरे. के खिलाफ कभी नहीं जाएंगे। और एक दूसरे के. खिलाफ जब हम नहीं जाएंगे तो हम एक दूसरे. के साथी बन के रहेंगे। 1718 में आते-आते.
बालाजी विश्वनाथ बहुत थक चुके थे। बालाजी. विश्वनाथ की उस समय तकरीबन 1718 में उम्र. रही होंगी 58 साल।. 58 साल की उम्र में बालाजी विश्वनाथ. उनका जो बेटा था उनको वो अपने साथ युद्ध. में ले जाते थे उम्र की 11 साल की उम्र. से। तो जब मैं हमेशा यह कहता हूं कि. शिवाजी महाराज का जो फल बीज था वह शाहजी. राजे ने बोया संभाजी महाराज को जो कुछ. मिला वो शिवाजी महाराज की वजह से मिला. संभाजी महाराज के करतूतों का सब राजाराम. महाराज धनताजी धन जी को मिला वो तारानी को.
मिला उसी तरह से बालाजी विश्वनाथ ने जो. कंडीशन बहुत लूज़ थी शाहू महाराज की उसको. बहुत अच्छे से पक्का बना के दिया लेकिन. 1720 में 1720 में बालाजी. बाजीराव. बालाजी विश्वनाथ की डेथ हुई और उनके बेटे. थे बाजीराव पेशवा वो गद्दी पे आए उग्र. स्वभाव मंगल कड़क मंगल. ये जिन पे बाजीराव मस्तानी बनी थी. हां वही बाजीराव कड़क मंगल खतरनाक स्वभाव.
सब ऐसे थे कि भाई इसको क्यों बना रहे हो. तुम ये डेंजर आदमी है कभी इधर कभी उधर 20. साल के बच्चे को कैसे बना रहे हो आप पेशवा. पद बहुत बड़ा पथ था अब पेशवा अब क्या होता. है ना आप समझो हमने जब बालाजी विश्वनाथ की. बात की. तो हमने बालाजी विश्वनाथ को नाना कहा है. बालाजी विश्व विश्वनाथ पंत अनुजी पंत है. ना ये सब पंत है हम. लेकिन बाजीराव के सामने पंत नहीं लगा. बाजीराव के सामने लगा राव सिस्टम ये हुई. थी. कि बालाजी विश्वनाथ.
ये लड़ने तो जाते थे लेकिन ये कारकूनी. क्लेरिकल जॉब में भी रहते थे। बाजीराव. पहले हुए जिन्होंने यह कहा कि हमारे. पिताजी ने जितनी तलवार चलाई है अगर उनसे. डबल तलवार चला के हम अगर शौर्य नहीं बता. सकते तो थ्रू है हमारी जिंदगी पे और हम हम. आपके गुलाम कह हम आपके सेवक कहलाने के. लायक नहीं है इसीलिए वो बाजीराव ने शस्त्र. उठाया इसीलिए क्षत्रियों के सामने लगता था. राव और जितने भी यह पहले पेशवा ब्राह्मण. हुए उनके सामने लगता था पंत बाजीराव पहले.
हुए जो पेशवा जिनके नाम के सामने राव लगना. शुरू हुआ. 41 युद्ध लगातार जीते. 41 युद्ध वो जीते और बाजीराव का एक सबसे. बड़ी वैशिष्टता बताता हूं जो कहीं पे नहीं. बताई मैंने।. बाजीराव के युद्ध जीतने की टेक्निक क्या. थी? बाजीराव का सबसे फेवरेट जो शस्त्र था. शस्त्र यास्त्र कहो वो था भाला। आप जब भी. पुणे जाओ तो शनिवारवाड़ा जाना। शनिवार. शनिवारवाड़ा में पुतला देखा है बाजीराव. का? हाथ में भाला है उनके। है ना? हाथ में. भाला याद करना। बाजीराव क्या करते थे कि.
उस समय नियम ऐसा रहता था कि राजा गया. युद्ध गया। बाजीराव सीधा भाला मारते थे. उनके मेन लीडर को।. थैंक यू।. थैंक यू। खत्म। ओवर। बाय-ब. टाटा गुड।. लेफ्ट द चैट। वो गिरा युद्ध तुम्हारे हाथ. में आ गया। तो दिस वाज़ बाजीराव। बाजीराव. तो बने लेकिन बाजीराव के ऊपर हाथ शाहू. महाराज का भी है। क्या. शनारवाड़ा की भूत वाली कहानियां सही है. सारी? नहीं अब हो भी सकती है यार। देखो मैं इनके. बारे मैं कैसे कहे बताओ। मराठा साम्राज्य.
का सबसे ग्लोरिफाइड इंसान कौन था? जैसे. राज किया बाजीराव. नहीं कैसे-कैसे मैं नहीं समझा मतलब. मराठा साम्राज्य में सबसे लंबे समय तक राज. किस. शाहू महाराज. शाहू महाराज. शाहू महाराज वो 50 तक रहे 1647 तक वो रहे. मतलब शाह बाजीराव जाने के बाद भी वो रहे. यानी संभाजी के बेटे. संभाजी के बेटे. ओके और ये ये जो बाजीराव थे ये. 20 साल रहे पेशवा रहे थे ना वो. ये भी साहू साहब के बेटे थे. नहीं नहीं नहीं ये बालाजी विश्वनाथ के. बेटे बालाजी विश्वनाथ पेशवा.
हां तो इनका. वो पेशवा थे वो वो. प्रधानमंत्री थे। वो मराठाओं में नहीं आते. थे। वो सेवक थे। वो राजा नहीं थे।. तो वो 20 साल तक रहे। अगले।. ओके। बाजीराव और मस्तानी का जो संबंध था. क्योंकि शुरुआत हमने की थी सेकुलरिज्म से।. यहां जब सेकुलरिज्म आया क्या इस इसने क्या. डायनामिक चेंज किए? मराठा साम्राज्य में।. देखो इसमें दो चीजें आती है। मस्तानी जो. थी राजा छत्रसाल की बेटी थी। अब एक. छत्रसाल जो थे. जायद का जंगल आता है बुंदेलखंड के पास.
में।. अब. [गला साफ़ करने की आवाज़]. यह जो बुंदेलखंड है इसकी बाउंड्री जो है. वह इलाहाबाद को भी लगती है। तो वहां का जो. इलाहाबाद का जो. इलाहाबाद में जो गवर्नर था उस समय मुगलों. का उसका नाम था बंगश।. छत्रसाल ने क्या किया? वो धीरे-धीरे. इलाहाबाद की तरफ भी एक्सपैंड कर रहे थे।. अब ये इसका दिमाग खराब हुआ। इसने डायरेक्ट. अटैक कर दिया छत्रसाल के ऊपर। छत्रसाल के.
ऊपर जिस समय पर आक्रमण हुआ तो छत्र साल के. ऊपर आक्रमण करने के बाद में छत्र साल की. उम्र बहुत हो चुकी थी। सोचो वो और शिवाजी. महाराज के समय पे भी थे। शिवाजी महाराज के. भी मिले यहां पे भी आए तो उनकी उम्र बहुत. ज्यादा हो चुकी थी। तो वो उनका ऐसा हो गया. कि यार अब कुछ भी करें हमें यहां से. निकलना है। अच्छा बंगश ने पकड़ा। बंगश के. बेटे ने भी पकड़ा। बंगश के बेटे ने जब. इनको हराया जयद के जंगल में ट्रैप किया. जयद के फोर्ट में हरा के तो इन्होंने लेटर. लिखा मुगलों को। वो लेटर जब इन्होंने. मुगलों को लिखा तो मुगलों को लेटर लिखने.
के बाद इन्होंने. यह कहा. कि करना क्या है इनका और जब तक आपके पास. में राजशाही फरमान नहीं आएंगे आप कुछ नहीं. कर सकते तो कुछ कर भी नहीं पा रहे थे वो. तो उतने समय में छत्रसाल को समय मिल गया. राखी का समय था बोले हम राखी बनाने के लिए. जंगल से बाहर गांव में जाना चाहते हैं. जाने दिया गया बोलो नहीं जाना उतने में. उन्होंने लेटर लिखा है है ना? ये खुद कवि थे। तो कविता लिखते थे। तो.
इन्होंने बाजीराव को कविता में पत्र लिखा।. जो गत ग्रह गजेंद्र की सो गत भ आज बाजी. लगी बुंदेल की बाजी बचाओ तुम लाज। कि जो. वो कहानी नहीं आती श्रीमद् भागवतम में कि. जहां पे मगर हाथी का पैर पकड़ लेते हैं तो. वो विष्णु जी को याद करते हैं। उसी तरह से. हमें हर जगह से पकड़ लिया गया है। जो गत. ग्रह गजेंद्र की सो गत गई है भ है आज।. बाजी लगी बुंदेल की बाजी बचाओ तुम लाज और. उन्होंने कहा कि देखो एक क्षत्रिय एक. ब्राह्मण को बुला रहा है और तुम नहीं आए.
तो क्या होगा तो अफवाह उड़ी बाजीराव आ रहे. बाजीराव उड़ा अरे बाजीराव कहां से आएगा. यहां पे बाजीराव क्यों आएंगे यहां पे. लेकिन बाजीराव बहुत स्विफ्टली घुसे वहां. पे मतलब बाजीराव उस समय पे खांडवा के रीजन. में ही घूम रहे थे नीचे के एरिया में थे. मतलब खांडवा से नीचे मालवा प्रांत के. एरिया में घूम रहे थे खांडवा के एरिया में. तो बाजीराव को जब लेटर आया बाजीराव. स्फ्टली गए। बहुत स्पीड में गए और जब जयद. के जंगल तक ये पहुंचे तब इनको हवा लगी कि.
भाई बाजीराव आ गए। और बाजीराव का हमेशा से. टेक्निक थी। बाजीराव दिखाते सामने से अगला. आर्मी थी। दूसरी तरफ से घुसे तीनों तरफ से. बंगश को पकड़ा ट्रैप कर लिया। बोले इसके. बाद आना नहीं तू यहां पे। बंगश को भेज. दिया गया। तो छत्रसाल बुंदेला इतने खुश. हुए तो ऐसा कहते हैं कि छत्रसाल बुंदेला. ने उन्हें कहा कि बाजी तुम हमारे बेटे. जैसे हो। बाजरा बोले बेटा कह रहे हो बोले. और आप हमें मंदिरों में बैठा रहे हो। तो. 17 साल के दो औरस पुत्र थे मतलब जो जायज. पुत्र थे वो दो पुत्र थे तो वो सर की.
बाजीराव को बीच में बैठाया गया बोले. बुंदेलखंड के तीन हिस्से होंगे एक बाजी को. मिलेगा दो इनको मिलेंगे तो बाजीराव अधिकृत. राजा भी बने उसके बाद भी वो सेवक रहे शाहू. महाराज के कभी उन्होंने शाहू महाराज के. खिलाफ बगावत नहीं करी और वहां पे बैठे अब. बैठे तो बैठे उनको एक कटार दी अब वो कटार. देने के साथ मस्तानी का भी ब्याह उनके साथ. में करवा दिया गया. मस्तानी उनकी बेटी थी।. बेटी थी। मस्तानी की जो मां थी वो पर्शियन. पर्शियन मुस्लिम थी या सूफी मुस्लिम थी।.
ऐसा कहते हैं। लेटर ऑन शी कन्वर्टेड इनू द. हिंदू। बट मस्तानी वाज़ अ प्रैक्टिसिंग. सूफी एंड प्रैक्टिसिंग पर पर्शियन मुस्लिम. ऐसा वो वहां पे ये है वो थी वैसे ही। तो. मस्तानी को फिर बाद में ये यहां पे इनके. साथ में लेके आए। अब जिस तरह से ये कहानी. बताई जाती है कि जिस तरह से बाजीराव. मस्तानी में ओवर एक्सजेशन दिखाया गया कि. भाई बहुत ये हुआ वो ऐसा कुछ भी नहीं हुआ. था सर। ठीक है। दिक्कत यह थी। अब एक बात. समझना दिक्कत ये थी. कि. ये जो बाजीराव के भाई थे चिमाजी अप्पा और.
बाजीराव की जो मां थी और काशीबाई जो थी. तीनों जो थी बहुत कर्मठ थी ये कर्मठ यानी. कि हमारे यहां पे जो रिचुअल्स होते हैं ना. रिचुअल्स को लेके उसमें मस्तानी आ गई और. कम से कम ऐसे 8 9 10 खोली का एक बाड़ा. होगा उसी में सारे पेशवा रहते थे जितने. पेशवा मरे हैं ना सर सारे के सारे पेशवा. कर्जे में मरे हैं हमारे हमारे पास में. पैसे नहीं होते थे। एक्सपेडिशन पे सारे. पैसे खर्चे हो जाते थे। तो ये उनको जब. लेके आए तो इनका ये कहना था कि यार हमारे.
इसमें ये क्यों आ रही है? तो ऐसा नहीं था. कि जितना उसमें दिखाया वैसा उनके साथ में. कॉन्फ्लिक्ट था। नहीं ऐसा नहीं था। थोड़े. बहुत अमाउंट में था। तो फिर बाजीराव ने. अपने बेटे का नाम रखा था कृष्णा जी जो. मस्तानी से हुई थी। लेकिन लोगों ने विरोध. किया। बोले यह तो मुसलमान है ऐसा नहीं. चलेगा। तो बाजीराव ने कहा ठीक है। उसका. नाम रखा गया शमशेर। शमशेर बहादुर। शमशेर. बहादुर पानीपत के युद्ध में लड़ा है और.
पानीपत के युद्ध में वो वीरगति को गए हैं।. जब आप सूरजमल के पास जाओगे लोहागढ़ के पास. वहां पे उनकी समाधि मिलती है। तो अगर इतना. बुरी तरह से ट्रीट किया गया तो वो लड़े. क्यों? बाजीराव के जाने के बाद। सो. बेसिकली मूवी में बहुत ज्यादा एक्सजेजरेशन. और लवर वाला एंगल डाल के दिखाया गया। ऐसा. कुछ हुआ है।. पानीपत पे ही मराठा साम्राज्य का डिक्लाइन. शुरू हुआ।. नहीं उसके बाद तो राइज है बहुत लंबा वाला।. पानीपत में हमारी गलतियां ये हुई कि जब. हमें पूरा नॉर्थ ये बता रहा था कि आप. डायरेक्टली कॉन्फ्लिक्ट में मत जाओ। आपको.
एक तो डायरेक्ट बड़े पैमाने पे युद्ध करना. नहीं आएगा। ठंडी का समय था। 14 जनवरी का. वो समय था।. इनके पास में वो कपड़े भी नहीं थे। किले. के अंदर ये लोग गिर चुके थे। यमुना क्रॉस. नहीं करनी चाहिए। इनको बताया गया था। इतनी. सारी अपना लवाजवा यानी कि सारी औरतें सारे. के सारे सारे के सारे लेके ये लोग गए थे. वहां पे. तो ठंडी के दिनों में डायरेक्ट अटैक मत. करो बहुत सारी चीजें राजा सूरजमल ने भी. इनको बताई थी अब ये सारी चीजें बताई जाती. है कि इनका पानीपत में किसी ने साथ नहीं. दिया जो कि सही मुझे ऐसा लगता है कि यार.
समझो दो बात समझो कुछ गलतियां हमारी भी. हुई कुछ गलतियां उनकी भी हुई इतनी सारी है. जब आप औरतें सब बेटे सबको लेके जा रहे हो. उस समय पे बहुत सारी गलतियां हुई मल्हार. राव होकर पानीपत से वापस आ गए. क्योंकि उनको यह लग रहा था कि यार पेशवा. जिस तरह से बिहेव कर रहे हैं इस समय पे यह. दिस इज़ नॉट राइट। दिस इज़ नॉट इवन करेक्ट।. क्योंकि इतनी औरतें अगर आप लेके जा रहे हो. तो मल्हार राव होलकर के ऊपर इतना बड़े. मल्हार राव होलकर जो बाजीराव के राइट हैंड. कहे जाते थे राइट हैंड लेफ्ट हैंड. उनको औरतें संभालने के लिए रख दिया गया।.
तो मल्हार राव वहां वहां से वापस आ गए। और. मल्हार राव का स्टेटमेंट है अगर अगर. पानीपत पेशवा जीत जाते तो हमें तो जिंदगी. भर इनकी चाकरी करनी पड़ी होती थी। तो जो. इज्जत बाजीराव के समय पे इन्हें मिलनी. चाहिए थी इज्जत बहुत ज्यादा ऊपर नीचे हो. चुकी थी। कास्टिज्म ने थोड़ा बहुत प्रिवेल. कर दिया था वहां पे। हम जब हारे उसके बाद. में जब हारे तो पेशवाओं में थोड़ा मतलब. मराठाओं में एक डाउनफॉल वहां पे दिख रहा. है। लेकिन उसके बाद में हमारा राइज है।. ऐसा नहीं है कि नहीं है। अच्छे खासे. पैमाने पे हमारा राइज हुआ है।. इसके बाद फिर कहानी कहां जाती है? महाराज.
फिर एंड कहां जाता है? इसके बाद में देखो इसके बाद में क्या हुआ? इसके बाद में चार अलग-अलग चीजें बनी। जैसे. कि नागपुरकर भोसलेस है ना. अब वैसे एक नागपुर नागपुर भोसलेस के बारे. में भी दो तीन चीज़ बाद में मैं क्लियर अगर. पूछो तो मैं क्लियर कर दूंगा नागपुर. भोसलेस इंदौर के होलकर्स सयाजीराव गायवाड़. ऑफ बड़ौदा एंड पुणे में पेशवा गद्दियां बट. गई सब अपनेप हिसाब से काम करेंगे अब इसमें. कांड ऐसा हुआ कि इनके आपस में ही झगड़े.
होना शुरू हो चुके थे. हम. शिंदे अटैक कर रहे हैं पेशवाज पेशवाज अटैक. कर गायकवाड़ पे और उसमें भी पेशवा बाजीराव. दूसरा वो तो भाई पूरा अय्याश आदमी था।. उसके बारे में कोई अच्छा नहीं लिखता है।. उसने ट्रीटी साइन कर ली अंग्रेजों के साथ. में।. हम आई थिंक वहीं से शायद. वही से सब अच्छा बात ऐसी नहीं है कि पूरी. की पूरी जो आरोप है उस पे जाएंगे। गलतियां. सभी की हुई थी वहां पे।. चारों की अगर. बट आई थिंक वो ट्रीटी से ही शायद मेन मेन. डाउनफॉल जो है वहीं से शुरू हुआ है।.
मेन डाउनफॉल वही से शुरू हुआ है। लेकिन. ट्रीटी साइन करने से पहले आपको दो तीन चीज़. और समझनी होगी।. हम आपस में झगड़े शुरू ही क्यों हो रहे. हैं आपके? आप शिवाजी महाराज के बंदे हो यार। किसकी. किन व्यक्तियों ने आप अपने आप को ऊपर रख. रहे हो स्वराज्य के ऊपर? स्वराज्य का मतलब. क्या था? स्वयं का राज्य हर व्यक्ति का. राज्य। यहां पे आप अपने आप को मेन ये दे. रहे हो। सो दैट ट्रीटी हैपेंड एंड देयर आर. मेनी रीज़ंस। इसके ऊपर एक और अलग से. पॉडकास्ट हम करेंगे किसी दिन। पानीपत को. लेके मतलब बाजीराव पेशवा जी के डेथ के बाद.
वहां से लेके पूरा आखिरी मतलब मतलब मैं. अगर आप बुलाओ तो मैं बिल्कुल करूंगा। आपके. साथ बिल्कुल करूंगा यह पडकास्ट। उसके बाद. से लेके 1818 तक वहां से अप्स डाउन अप्स. डाउन पानीपत का अप पानीपत का डाउन फैला. नीचे गया ऊपर गया ये गया बंगाल में अच्छा. बंगाल में नागपुरकर भोसले जी के बारे में. भाई मैं एक बात बता रहा था आपको क्लियर कर. दूं अभी भी मराठों को बाद में बदनामी बहुत. किया गया कि मराठों ने मंदिर लूटे ये किया. वो किया बंगाल में मारा काट किया. हम. अब महाराष्ट्र पुराण करके किताब आती है.
जिन्होंने नागपुर भोसलेस के बारे में लिखा. है. हम. लिखने वाला थांगारामंगाराम ये अली वर्दी. खान के लिए काम करता था। एक जगह पे यह. कहता है कि मराठों ने गाय काट के डाली. जगहों पे रघुजी भूसले इसके यहां भी नियम. था कि भाई तुम गाय को हाथ भी नहीं लगा. सकते। तो लेटर ऑन के सेक्शंस में कुछ. मराठा अपने-अपने हिसाब से चल रहे हैं।. इनके इंटरनल कॉन्फ्लिक्ट भी हो रहे हैं और. हिस्ट्री को इस तरह से भी दिखाया गया है.
कि मराठाज़ ने आखिरी आखरी में बहुत बड़े. पैमाने पर गलती की। लेकिन उस तरह से. गलतियां है नहीं है ना उसके बहुत सारे अलग. मराठा जो साम्राज्य था उसके डाउनफॉल का. कोई बड़ा कारण बताना हो कि क्यों पतन हो. गया. सेल्फ सेंटर्डनेस. आत्मता आप अपने स्वराज्य के पहले अगर अपने. आप को रखोगे अपने स्वार्थ को रखोगे मैं. मेरा घराना इसको रखोगे तो तो फिर झगड़ा. होना ही है आपके भारत का नाम किस पे पड़ा.
है भारत पे पड़ा है भारत राजा पे पड़ा।. क्यों पड़ा है? उसका नियम है। भारत राजा. ने क्या कहा? मेरा बेटा राजा नहीं बनेगा। राजा वो बनेगा. जो शासन करने के लिए योग्य होगा। इसीलिए. हमने भारत राजा का नाम रखा। तो इस राज्य. में नेपोटिज्म नहीं टिक सकता। सर यह नियम. है। उसी तरीके से जब हम. मराठा शाही में जब आ रहे हैं तो अगर आप.
अपने आप को सेंट्रिक होकर देख रहे हो और. अपने आप में लड़ाई झगड़े कर रहे हो तो आप. ज्यादा समय तक टिक नहीं पाओगे।. ये सिंधिया घराना भी महाराष्ट्र ही आता. है।. हां हां शिंदे है ना ये शिंदे शिंदे जो. शिंदे थे जो बाजीराव के साथ में लड़ा करते. थे वो शिंद बाद में जाके वहां पे सिंधिया. हुए। मतलब उनके दो-तीन नाम आते हैं। कई-क. उनको सिंधिया ही कहा गया है। कई कोई कहते. हैं कि शिंद के बाद में सिंधिया हुए हैं।. स्टार्टिंग के लेटर में उनका सिंधिया नाम. था। शिंद. देन ग्वालियर के शिंद इंदौर के होलकर्स. होकर घराना अहिल्याबा होलकर का बहुत बड़ा.
योगदान है। अहिल्याबा होकर पे तो अलग से. पूरी पूरा पॉडकास्ट हो सकता है। पॉडकास्ट. हो सकता है उनके ऊपर।. इसीलिए मैंने उनका जिक्र किया नहीं. क्योंकि फिर वो मेरा लालच पड़ जाता।. तो अहिल्याबा होकर. मैं तो सोमनाथ गया था। सोमनाथ में भी. उन्होंने बगल में जीणो द्वार करवा रखा था।. अहिल्या होकर के योगदान ही अलग है सर।. अहिल्या होकर हो गए। एंड देन उसके बाद में. बहुत सारी चीजें हैं। अलग-अलग हुई।. हम. एंड दिस इज हाउ आप आप अपने दुश्मन नहीं.
पहचान पाए। अंग्रेजों के साथ में संधान. करना, एक दूसरे के साथ में लड़ाई करना।. धीरे-धीरे धीरे-धीरे करके इसी के वजह से. यहां पे मराठों का डाउनफॉल आया है। देयर. आर मेनी रीज़ंस। एक इसमें यह मैं बता भी. नहीं पाऊंगा एकदम सडनली। लेकिन दीज़ आर द. वन ऑफ द मेन रीज़ंस।. अंत में समापन अगर करना हो मराठा. साम्राज्य को शब्दों में पिरोकर आगमन से. अंत तक तो कैसे कहेंगे आप? आगमन से अंत तक स्वराज्य क्या है मेरे. लिए?
और आज भारत में क्या सीखना चाहिए मराठा. साम्राज्य से लोगों को? ओके। मैं यह समझता हूं सर. कि स्वराज्य वो है। स्वराज्य वह सपना है।. स्वराज वह मेरे राजा का सपना है। जहां पर. शिवाजी महाराज ये कहते हैं कि तुम्हारे. पास में सेना कितनी है यह महत्वपूर्ण नहीं. है। तुम्हारे पास में ताकत कितनी है यह. महत्वपूर्ण नहीं है। यदि तुम्हारे एक्शन. और तुम्हारे इंटेंशन तुम्हारे इंटेंशन अगर.
सही हो गए तो तुम वैसे एक्शन के ऊपर जाओगे. और तुम्हारे एक्शन अगर सही हो गए तो वैसे. कॉन्सक्वेंसेस तुम अट्रैक्ट अपनी तरफ. करोगे जो राष्ट्र को बनाने के लिए तत्पर. होगा। स्वराज्य की आखिरी और पहली लाइन में. फिर से यही कहूंगा कि मैं कहता हूं कि. भैया स्वराज्य का सबसे बड़ा अगर कोई सीख. हमें लेनी चाहिए तो यह लेनी चाहिए। अगर. सपोज हम कहे कि शिवाजी महाराज अगर आज होते. तो हमसे क्या एक्सपेक्ट करेंगे वो? वो. हमसे यह एक्सपेक्ट करेंगे कि जिस राष्ट्र. में तुम रह रहे हो उस राष्ट्र को टिकाने.
की कोशिश करो। इस राष्ट्र को आज कौन चला. रहा है? संविधान चला रहा है। शिवाजी. महाराज अगर आज होते तो वो कहते कि अच्छे. सिटीजन बनो। आज समय नहीं है कि आपको जाके. तलवारें निकाल के लड़ना है। अगर आप अच्छे. नागरिक बनते हो। शिवाजी महाराज अपने. अर्धांगिनी का शव भी देख नहीं पाए थे। जब. अफजल खान के लिए वो लड़ने के लिए गए। बी अ. गुड सिटीजन। बी अ गुड हस्बैंड, बी अ गुड. सन। अगर एक बड़ा सपना देख रहे हो, बड़े. कॉन्शियसनेस में सपना देख रहे हो, तो एक. संभाजी को पैदा करने की कोशिश जरूर करना।. और उसके लिए फिर सब कुछ न्योछावर करने की.
ताकत जरूर रखना। और इतना जरूर याद रखना कि. जब तुम मरो या तुम्हें लगे कि अब अंत होने. वाला है तो पूछो अपने आप से कि जब मैं. शिवाजी महाराज के सामने खड़ा रहूंगा क्या. मैं शिवाजी महाराज की आंखों में आंखें डाल. के ये कह पाऊंगा कि राजा तुझे जैसा. एक्सपेक्टेड था वैसा मावड़ा मैं बनके जी. के आया हूं छाती ठोक के कहता हूं नपुंसक. हो कि नहीं एक सच्चे मर्दों वाली जिंदगी. मैंने जी है. आखरी सवाल पूछता हूं मैं बड़ा इंटरेस्टिंग. मेरे मजा में चल रहा था. बताइए.
अगर मराठा साम्राज्य से किसी एक इतिहास के. हिस्से को ठीक करना होता बदलना होता. हाइपोथेटिकल सवाल है तो वो क्या होता. शाहजी राजे भोसले. से बगावत करवा के उस टाइम साम्राज्य लाना. शिवाजी महाराज को और लंबी उम्र देना. संभाजी महाराज जो बगा जो धोखे से पकड़ाया. गया उन्हें उस धोखे को रोक देना बाजीराव. के दौर में जो कुछ गलतियां हुई उसको देखना. या फिर अंत में जो ट्रीटी साइन की.
अंग्रेजों से वो. मैं हमेशा एक बात कहता हूं। मैं हमेशा एक. बात कहता हूं। यह बात बच्चों को सिखाता. हूं।. मुझे अगर कोई एक चीज सुधारनी पड़े मराठा. साम्राज्य में तो क्या सुधारूंगा? मैं कुछ. भी नहीं सुधारना चाहूंगा। मैं नहीं. सुधारूंगा सर। क्यों नहीं सुधारूंगा? मैं. यह समझता हूं कि जो हुआ वो नियति थी।. नियति आपसे चाहती थी। शायद हम लोग शिवाजी. महाराज को डिर्व नहीं करते थे। हम लड़ने.
लगे ना। हम शायद शिवाजी महाराज को डिर्व. नहीं करते थे। इसलिए नियति ने कहा कि तेरा. काम हो चुका है। तू जा अब। शायद हम लोग. संभाजी महाराज को डिर्व नहीं करते थे।. इसलिए कहा कि हो गया है। शायद हम लोग. बाजीराव को डिर्व नहीं करते थे तू जा। मैं. यह समझता हूं कि कुछ चीज मराठा साम्राज्य. और स्वराज्य की अगर मैं सुधारना चाहूंगा. तो मैं समझता हूं कि स्वराज आज भी जीवित. है। मेरे अंदर जीवित है। आपके अंदर जीवित. है। तो अगर मैं किसी एक चीज को सुधारना. चाहूं तो मैं अपने आप को सुधारना चाहूंगा।. मैं लोगों को सुधारना चाहूंगा। और शिवाजी. महाराज के बारे में मराठे में हम लोग एक. कहावत कहते हैं कि राजे तुम ही परत है कि. राजा तुम परत आओ समाज को तुम्हारी जरूरत.
है तो मैं कहूंगा कि नहीं राजा आप जहां हो. वहां रहो आपने अपना कर्तव्य बता दिया है. अब हमारी जिम्मेदारी है कि हम अपना. कर्तव्य निभाएं तो स्वराज्य में अगर एक. कोई चीज मैं सुधारना चाहूं तो वो मैं अपने. भीतर के स्वराज्य को सुधारना चाहूंगा ना. कि उस स्वराज्य को सुधारना चाहूंगा जो हो. चुका है। जाते-जाते आखिरी सवाल एक मराठी. व्यक्ति के लिए एक भारतीय व्यक्ति के लिए. कौन है छत्रपति शिवाजी महाराज? छत्रपति शिवाजी महाराज सर हमारे लिए ईश्वर.
से पहले अगर महादेव और स्वराज शिवाजी. महाराज मेरे सामने आ जाए महादेव आराध्य है. मेरे लेकिन महादेव और शिवाजी महाराज मेरे. सामने आ जाए तो मैं महादेव से कहूंगा रुको. मुझे उनके पैर पहले पड़ना है क्योंकि आप. अपने मां के गर्भ में थे और आपके मां के. गर्भ में रहते हुए आपने अपने मां के गर्भ. से 9 महीने तक उस ईश्वर को देखा था तो आज. महाराष्ट्र में हम अपने ईश्वर को जो पूज. पाते हैं वरना हम तो सब आज किसी और धर्म. के होते तो आज हम जिस ईश्वर को पूज पाते. हैं, जिन जिस व्यक्ति ने हमारे लिए धर्म. बचाया वो व्यक्ति हमारे लिए छत्रपति.
शिवाजी महाराज है। तो इसीलिए मैं हमेशा. कहता हूं कि आज भी दिवाली में हमारा पहला. दिया छत्रपति शिवाजी महाराज को लगता है. क्योंकि जिसके वजह से हमारे देवालय के देव. बचे वो हमारे लिए छत्रपति शिवाजी महाराज. है।. बहुत सुंदर मतलब. जय भोलेनाथ जय छत्रपति शिवाजी महाराज।. जय शिवाजी जय भवानी।. आनंद आ गया मुझे। आनंद आया। मुझे लगता है. कि लोगों के लिए एक ऐतिहासिक रहेगा। लोग. भी मराठा हिस्ट्री को समझेंगे और उम्मीद. करते हैं कि चैप्टर टू में जल्द मुलाकात.
होगी।. बिल्कुल बिल्कुल जल्द मिलते हैं।. जय शिवाजी।. जय शिवाजी। जय भवानी।. जय भवानी।.
