Unplugged ft. Vikrant Massey |Sabarmati | Raashii K, Ridhi D | Mirzapur | Virat Kohli | 12th Fail
एक प्रोपेगेंडा मूवी बनाई गई है हार्डकोर. नेशनलिज्म गाना लगा दिया गया राम जी के. नाम से आगे भी हजारों मारे गए थे 59 लोगों. को जिंदा जला दिया गया और उनके बारे में. किसी ने बात नहीं. की अगर आप उसको हिंदू या मुसलमान के लेंस. से देख रहे हैं किसी भी रिलीजस या. आईडियोलॉजिकल लें से देख रहे हैं आपको. शर्म आनी चाहिए द यंगेस्ट पर्सन टू डाय इन. दैट ट्रेन वाज अ टू एंड हाफ ईयर ओल्ड किड. बहुत सारे लोगों को ऐसा लगता है कि अगर. गोधरा कांड नहीं हुआ होता तो नरेंद्र मोदी. जी लार्जर देन लाइफ नहीं बनते दुर्घटना से. सबको फायदा हु वो उस पर चर्चा इसलिए. ज्यादा नहीं हुई क्योंकि वो हिंदू थे सेवक.
थे जो अयोध्या से वहां जा रहे थे क्या. हिंदुओं की लाइफ देश में थोड़ी सस्ती है. कंपेरिजन में ये एक हद तक सच है ये वही. विक्रांत है जो कल तक हिंदुओं का मजाक. उड़ा रहे थे आज हिंदू धर्म की बातें कर. रहे और उसमें आपका वो ट्वीट आता है सीताजी. वाला कि आई एम ग्लैड आई वास किडनैप्ड बाय. रावण नॉट बाय योर भक्तस वो किसी भी. कॉन्टेक्स्ट में सीता मां की बेअदबी नहीं. कर रहा था अगर यही बात आपने किसी और. रिलीजन को लेकर जोड़ी होती तो शायद चीजें. बहुत मुश्किल हो जाती बिलकुल बिल्कुल आई आ. आई अग्री मैंने आपको कहीं कहते हुए सुना. कि सेंसर बोर्ड ने हमें बड़ा सपोर्ट किया. थैंक फुली सेंसर बोर्ड ने कोई कट नहीं कहा. है हमें उसी को सपोर्ट कहते हैं विक्रांत.
मेसी ने कहा कि मुझे धमकियां दी जा रही है. आपको कैसी धमकियां देयर इज अ सेक्शन दैट. से हमारी कौम को तुम गलत लाइट में दिखाने. वाले हो आपसे किसी ने कहा कि विक्रांत या. तुम तो सेकुलर थे अब तुम भी उसी कट्टर. हिंदू वाली जमात में जा रहे हो जिसका तुम. विरोध करते थे ये बीजेपी क्रिटिकल से अब. जो आप पर आरोप लग रहा है कि बीजेपी. फ्रेंडली जो चीजें मुझे बुरी लगती थी वो. एक्चुअली बुरी है नहीं लोग कहते हैं. मुसलमान खतरे में है कोई खतरे में नहीं है. सब सही चल रहा है नाउ मोदी जी नीड न्यू. टर्स पुराने वाले फैन बन गए विराट कोहली. का एक पुराना वीडियो वायरल होता है डू आई. लुक द पूजा पाठ ा फिर मुझे विक्रांत मेसी. के डायलॉग या आता है विक्र मेसी बिलीव्स.
रिलीजन इज मैन मेड फिर मैं देखता हूं भाभी. की पैर छूते हुए तस्वीरें वायरल होती है. वहां भी भाभी आई बदल गया यहां भाभी सर ऐसे. बहुत है ऐसे बहुत है विक्रांत मैसी स्कूल. में केमिस्ट्री कम इसलिए पढ़ते थे क्योंकि. बायोलॉजी में बहुत इंटरेस्ट था सर. केमिस्ट्री टीचर पे बड़ा क्रश था मेरा. लड़की छोड़ जाए तो यूपीएससी क्लियर होता. है लड़की रहे तो यूपीएससी क्लियर होता है. पढ़ाई करोगे तो यूपीएससी क्लियर होता है. गुड्डू भैया तो आपके भाई थे कभी जीत. पाएंगे बॉडीबिल्डर चैंपियनशिप. हुआ अब कहां अभी तो उनको लकड़ी लेके चलना. पड़ता है यार अभी तो उनके पैर भी चले गए.
लियोनेल मेस्सी विकत मेस्सी के कुछ है. रिश्तेदार आई विश मुन्ना भाई ने जो मारा. था वो बच्चे को आप लोग के सामने कि पढ़ाई. लिखाई करो मनोज तो नहीं आईएस वाईएस ब वही. मनोज है आप बम्बे में पैदा हुए हो ना या. फिर आपने यूपी बिहारी टच कैसे आता है मेरा. दिल है यूपी में एक्चुअली टू बी वेरी. नेस्ट यार मैं तेरी हर जिद्द मान लूंगा. यार बस इतना याद रखना कि कोई तीसरा शामिल. ना हो मैं तेरी हर जिद्द मान लूंगा बस. इतना ध्यान रखना कि कोई तीसरा शामिल ना हो. मैं तेरी हर जिद मान लूंगा बस इतना याद. रखना कि कोई तीसरा शामिल ना हो समझा.
कुछ लोग की कहानी बड़ी फिल्मी सी होती है. रियल लाइफ में उन्हें तुरंत सक्सेस मिल. जाती है लेकिन रियल लाइफ में उनका स्ट्रगल. चलता रहता है मेरे मेहमान की भी यही कहानी. है पहले 12थ में स्ट्रगल किया आईएएस बनने. के लिए स्ट्रगल किया मिर्जापुर से लेकर. क्रिमिनल जस्टिस में सर्वाइवल को लेकर. स्ट्रगल किया जब हसीन दिलरुबा मिली तो. बीवी साथ रखने में स्ट्रगल किया और अब. साबरमती को लेकर रिपोर्ट आ रही है तो सच.
को लेकर स्ट्रगल चल रहा है जी जी वेलकम. विक्रांत थैंक यू सो मच थैंक यू सो मच. मिश्रा जी ह्यूज फैन आई हैव टू टेल यू दिस. थैंक यू सो मच फाइनली वी मीट हां हमने. काफी टाइम से कोशिश की थी लेकिन ये आपका. संघर्ष कब खत्म होगा भाई सर एक कलाकार के. जीवन में संघर्ष कभी खत्म नहीं होता और ना. ही हो तो बेहतर है क्योंकि जो करता हूं. बहुत पसंद है काम करना पसंद है कहानियां. बोलना पसंद है एंड ऊपर वाले की कृपा से. थिंग्स हैव ओनली स्टार्टेड गेटिंग बेटर. नाओ हाल ही में पिछले पाछ साल में चीजें.
बेहतर हुई है अच्छे दिन आ गए हैं अच्छे. दिन आ गए हैं एक्चुअली फिल्में पसंद कर. रहे हैं लोग और चर्चा भी कर रहे हैं उस जो. कहानियों को मैं लेके आ रहा हूं उन पे खास. तौर पर 12थ फेल से जो प्यार मिला. है मैं बता नहीं सकता कि आज भी मतलब यू नो. ओवर वेलम हो जाता हूं कई बार क्योंकि इतने. लोग इंस्पायर हुए हैं उस फिल्म से और जब. हमने वो फिल्म बनाई थी एक्चुअली हमें. उम्मीद ही नहीं. थी और आप कभी रिजल्ट सोच के नहीं जाते हैं. कि ये कोई डिश बनाने जाते हैं तो ये सोच.
के नहीं बनाते कि ऐसी बनेगी अब बनाते हैं. उसे अच्छी बन जाती है वो कई बार बट या. रियली हैप्पी तो मैं चाहता हूं कि स्ट्रगल. चलता रहे ये स्ट्रगल खत्म ना हो मैं हमेशा. मैंने एक चीज नोटिस की है कि जब आप सफल. होते हैं तो आप में लोग अच्छाइयां ढूंढना. शुरू कर देते हैं आप भीड़ के सामने होते. हैं तो आप में लोग खूबियां पहचानना शुरू. कर देते हैं मैं आपकी पुरानी फिल्में देख. रहा था बैठ के ऐसे एक दिन और मेरे मन में. सवाल चला था यार ये एक्टर तो तब भी वही था. जी अच्छी एक्टिंग तब भी कर रहा था जी. लेकिन तोत साइड में था किनारे था कभी हीरो.
का भाई कभी हीरो का दोस्त जी क्या बदल. देता है सक्सेस यार और कैसे लोग सडन अब. अच्छे-अच्छे प्रोजेक्ट दे रहे हैं मैंने. सुना राजू हिरानी का प्रोजेक्ट आ रहा है. और बड़े-बड़े प्रोजेक्ट सब आ रहे हैं लीड. एक्टर है पहले शिकायत थी कि यार एक्टिंग. अच्छी करता हूं हीरोइन से पैसे कम मिलते. हैं सब सॉर्टेड है. अ हां आई थिंक. सक्सेस आई थिंक यही है यू नो ट्स द नेचर. ऑफ सक्सेस. प्रोबेबली कि जब.
आप की दुकान चल रही होती है या जब आपको. लोग प्यार करते हैं या जिस समाज को हम. केटर करते हैं जिन ऑडिएंसेस को हम केटर. करते हैं जब वो आप पे विश्वास दिखाती है. तो प्रोड्यूसर्स भी दिखाते हैं राइटर्स भी. दिखाते. हैं पर मैं बिल्कुल सहमत हूं आपकी इस बात. से एट द कॉस्ट ऑफ साउंडिंग स्लाइटली. एरोगेंट कि हां मैं काम तब भी अच्छा ही. करता था बट आई थिंक आई एम एक्चुअली वेरी. हैप्पी विद द वे माय जर्नी हैज. गन मैंने 10 साल टीवी भी किया देखा मैंने. बालिका बधू भी किया है 21 साल का लड़का.
हां यस यू आर राइट मैंने मतलब 16 साल हो. गए उसे मेरी बुआ जी उस टाइम मुझे बैठा के. जबरदस्ती दिखाती थी तो मैंने आपको बड़ी. मजबूरी में देखा. था अभी तो खुशी खुशी देख रहे हो ना यार. बालिका बधु उतरन बहुत सारे सीरियल्स आया. करते थे कलर्स नया चैनल आया था बहुत सारे. शोज आए. थे तो आई हैव ऑलवेज बिलीव्ड इन दिस थिंग. और पता है यह भी एक चीज है कि जिन लोगों. को मैंने लुक अप टू किया है उन्हें कभी. ओवरनाइट सक्सेस नहीं मिला और ओवरनाइट स सस. को लेकर बिकॉज आई स्टार्टेड यंग मतलब 17.
साल की उम्र से काम कर रहे हैं तो ओवरनाइट. सक्सेस को लेकर मेरा एक एक नोशन है कि यू. नो आई डोंट थिंक इट लास्ट टू लंग आई वुड. राद हैव समथिंग च इज इटरनल और वो ओवरनाइट. नहीं आ सकता उसको आपको बिल्ड करना पड़ता. है व उस इमारत की तरह होता है जिसकी. फाउंडेशन जितनी गहरी होती है वह उतनी. मजबूती से वहां टिक पाती है तो जो भी. जर्नी रहीम वेरी हैप्पी आई वुड नॉट वांट. टू चेंज अ डे आईम वेरी हैप्पी विद हाउ इट. इज क्या बदला है लोगों के देखने का नजरिया.
बदला है मैं वही हूं यह वही रिश्तेदार. होते हैं ना जो जो अचानक से जब आपके पास. चार पैसा आ जाता है तो आसपास आ जाता है. मैंने सुना था आपका किस्सा है कि आपने. दोस्तों को बुलाया था वो काफी वायरल हुआ. हो गया था व या वही वही पूछना चाह रहा हूं. एक्टर तब भी वही था इंसान तब भी वही था. अंदर सब कुछ सेम था अब सब बदल गया अब. विक्रांत मेसी के नाम पर लोग फिल्में. देखने जा रहे हैं लोग बात कर रहे हैं. पुरानी फिल्मों की तो वही मैं जाना चाह. रहा हूं ये डरा आता भी है कभी नहीं डर तो.
नहीं कह सकते हैं पर एक. एक पॉजिटिव नर्वसनेस होती है और वो होनी. भी चाहिए मेरे ख्याल से क्योंकि जिस दिन. आप कंप्लेसेंट हो गए जीवन में कि हां. मैंने प्राप्त कर लिया जो मुझे चाहिए था. मैं सक्सेसफुल हूं मुझे अब लोग प्यार कर. रहे हैं उस दिन से आपका डाउन वर्ड स्पायरल. शुरू हो. जाएगा सॉरी दैट विल बी द बिगिनिंग ऑफ योर. एट एक हैप्पी नर्वसनेस है तो वो होनी. जरूरी है क्योंकि कंप्लेसेंसी जहां आ जाती. है ट इज द बिगिनिंग ऑफ योर एंड मैं इसको.
अगर थोड़ा और घुमा के पूछूं अ आज विक्रांत. मेस्सी बिल्कुल हीरो लगते हैं बड़ा बढ़िया. लुक मुझे यहां नजर आ रहा है इससे पहले भी. कई जगह पर हालांकि विक्रांत मेस्सी मुझे. उतने ही देसी बॉय भी लगते हैं सर देसी ही. है कभी किसी ने कहा आपसे कि यार तुम वो. हीरो वाली बात नहीं है तुम साइड रोल के. लिए बने हो हां हां तुम हीरो नहीं बन. पाओगे मुझे बोला है और मुझे बहुत बड़े. स्टूडियो के कास्टिंग डायरेक्टर ने बोला. है ये और मुझे मैं यह किस्सा में थोड़ा. डिटेल में बताऊंगा आपको मैं बड़ा उनसे.
मिलना चाह रहा था क्योंकि वो बहुत मुझे लग. रहा है मैं नाम गेस कर ले रहा हूं हां हां. आप जानते होंगे आप तो सबको जानते हैं हां. तो उन्होंने कहा मुझे कि मिलते हैं मिलते. हैं मिलते हैं मिलते हैं और मैं भी बड़ा. ढीठ मैंने छोड़ा नहीं पीछा उनका तो मैं. लगा रहा महीने डेढ़ महीने बाद मुझे मिल. गया वक्त वो भी शायद इरिटेट हो गए. उन्होंने कहा कि यार तू मिल ही ले. फाइनली तो मुझे उन्होंने एक नेल स्पा पे. बुलाया. हम दफ्तर में नहीं मुझे नेल स्पा पे. बुलाया.
8 बजे का टाइम दिया फॉर एग्जांपल टाइम. एगजैक्टली याद नहीं है दो घंटे दो ढाई. घंटे बाद आए. वो और वहां पर बैठ के अपने नाखूनों को वो. यूवी लाइट के नीचे रख के वो बैठे हुए थे. वो उनके दो लोग उनके नाखून कर रहे हैं और. वो मुझसे बात कर रहे हैं वहां प बैठ के और. उन्होंने मेरा इधर-उधर कुछ देखा हुआ था. मैंने कुछ वेब शोज किए हुए थे तभी तो. उन्होंने मुझे कहा था कि हम सिर्फ न्यू. कमर्स को लच करते हैं और हम सिर्फ. सुपरस्टार्स के साथ काम करते हैं.
तो तुम्हारे साथ अगर हम काम करेंगे तो. तुमको छोटा मोटा रोल मिलेगा पर तुम्हें लच. हम कभी नहीं करेंगे क्योंकि तभी मैं कोशिश. कर रहा था कि मेन लीड मिल जाए मुझे मैं. थोड़ा हीरो का दोस्त बनके हीरो का भाई. बनके थक गया था मैं और वो उस फेज की बात. है य तो उन्होंने कहा था कि कितनी पुरानी. कहानी होगी तीन चार पाच साल नहीं नहीं ये. होगी लगभग आप समझो पा छ छ सात साल हाफ. गर्लफ्रेंड के बाद की बात हाफ गर्लफ्रेंड. के बाद की बात है ये यस या तो ठीक है कहा. तो मैं भी थोड़ा सा मैं.
बहुत मैं चीजें भूलता नहीं हूं मैं चीजें. याद रखता हूं तो मैंने रखा ये याद और अभी. फिर हाल ही में मेरी दोबारा उनसे मुलाकात. हुई होती रहती है तो वेरी हैप्पी फॉर यू. थैंक यू ट्स व्ट आई वास सेइंग सेम इंसान. सेम कहानी लेकिन नजरिया बदल जाता है. नजरिया बदल जाते हैं सर ब दैट इज द नेचर. ऑफ लाइफ ये हमारे से पहले भी ऐसे ही था यू. नो एक एक किताब है जिसका टाइटल है. सेम एज एवर मॉर्गन हाउसेल नाम है ऑथर का.
और उन्होंने एक और किताब लिखी थी द. साइकोलॉजी ऑफ मनी पिछले साल बहुत वायरल. हुई थी किताब पॉपुलर हुई थी वायरल निकलता. है मु से बहुत पॉपुलर हुई थी वो तो सेम एज. एवर भी बहुत पॉपुलर किताब है तो उसमें यह. फिलॉसफी उन्होंने शेयर की कि जीवन में जब. से जीवन है तब से कुछ चीजें कभी नहीं बदली. यह उनमें से एक है नेचर ऑफ लाइफ है सर ये. मुझे मुझे शॉक नहीं करता मुझे सरप्राइज. नहीं करताय छपा के टाइम में विक्रम एक.
स्टेटमेंट बड़ा वायरल हुआ था. कि मैं भी लीड में हूं लेकिन पैसे कम. मिलते हैं हम अब कई अच्छी फिल्में आई क. अच्छी सीरीज आई है बहुत एक्नॉलेज किया गया. है अब शिकायत दूर है सर मेरे नजरिए में तो. पैसे आज भी कम मिलते हैं पैसा जितना मिले. उतना ही कम है सर बट ऑन अ सीरियस नोट नहीं. थिंग्स आर बेटर थिंग्स आर बेटर और मैंने. भी शायद नादानी में वो कह दिया था या फिर. शायद एक कहीं ना कहीं मेरे अंदर भी एक वो. फीलिंग थी क्योंकि वो दौर ऐसा था कि हीरो. का दोस्त प्ले कर रहा हूं अच्छा काम कर. रहा हूं पैसे बहुत कम मिल रहे हैं क्योंकि.
टीवी छोड़ के आया था सर अच्छे खासे पैसे. छोड़ के आया था वह शायद नादानी में मैंने. कह दिया आज जब हाड साइड में देखता हूं तो. दीपिका पाडु कोन है शी वन ऑफ द बिगेस्ट. स्टार्स पर वो डिस्प तो है ही वो डिस्प है. ही हमने बहुत आम तौर पर यह सुना है कि और. यह बहुत लोग बहुत बड़े-बड़े मेरे सुपर. सीनियर्स और सीनियर्स ने भी कहा है फिल्म. इंडस्ट्री को लेकर कि औरतों को उतना पैसा. नहीं मिलता हां यू नो पे पे डिस्प पे पैरि.
नहीं है फिर आमिर सर का मैंने एक इंटरव्यू. देखा जिसमें पे पैरि पर उन्होंने कहा था. और आई थिंक व अब एक कहीं ना कहीं मेरा एक. डायरेक्शन बन गया है विद रिगार्ड्स टू पे. पैरि कम पैसा ज्यादा पैसा की अगर सिनेमा. की आप बात कर रहे हैं अगर लोग आपको देखने. के लिए आ रहे हैं आपके नाम से अगर टिकट. बिक रही है तो आपको उतना राइट फुली पैसा. मिलना. चाहिए तो आई अग्री विद दैट तो उस वक्त. मेरी वो हैसियत थी नहीं उस वक्त मेरी. पोजीशन नहीं थी कि मुझे देखने के लिए लोग. आए सिनेमा.
में बट नादानी कह सकते हैं आपको कि मतलब. कई नादानियां पहले की है विक्रांत मसी ने. हां सर हम सभी करते हैं और अगर हम अपनी. गलतियों से नहीं सीखे अगर नादानी में अगर. हमने आई थिंक ऑल ऑफ अस चेंज ओवर टाइम ट्रू. ट्रू ट्रू यू नो यू आर नॉट द सेम पर्सन यू. वर 10 इयर्स अगो आई एम नॉट द सेम पर्सन आई. वाज 10 आएंगे उधर आएंगे आएंगे आप किस्मत. पे यकीन करते हो डेस्टिनी हम क्योंकि आपकी. किस्मत मैं देखता हूं लेडी लक के साथ बहुत. अच्छी बदली है बहुत 12थ फेल आई फिर एक. बच्चा प्यारा सा आ गया जी काफी जी लाइफ. में पॉजिटिव पॉजिटिव चलर सब अच्छे दिन.
टचवुड टच वुड टचवुड जी सो डू यू बिलीव इन. लेडी लक आई बिलीव इन. लक लेडी लक पेरेंट्स की ब्लेसिंग्स या. बीवी की ही जो दुआएं मांगती हैं वो बड़ों. का आशीर्वाद फैमिली जो आपके लिए प्रेयर. करती है वो सारी चीजें आई थिंक मुझे लगता. है वो लगती है वो होता है व आई आई बिलीव. इन द फैक्ट कि मेरे जो घर के बड़े हैं जो. मेरे लिए यून नो पूजा पाठ कर रहे हैं दुआ. कर रहे हैं प्रे कर रहे हैं. वो कहीं ना कहीं तो आंसर हो रही है मेरे.
ख्याल से एंड दैट इज एक्चुअली गिविंग मी. मोटिवेशन टू गो आउट देर एंड बेटर माय. सेल्फ एज एन एक्टर एस अ पर्सन मैंने कहीं. पढ़ा था कि 12थ फील के बाद आपकी फैमिली ने. जहां जहां पोस्टर्स लगे थे आपके वहां वहां. प्रॉपर व जाते थे देखने की वो आज भी जाते. हैं मेरे बच्चे का पोस्टर लगा हुआ है वो. आज भी जाते हैं अभी जैसे रिलीज के करीब जब. साबरमती के होल्डिंग्स लगने शुरू हो. जाएंगे तो मुझे 100% पता है कि रात को. मेरे माता और मेरे पिता गाड़ी में बैठेंगे. जहां-जहां उनको होर्डिंग दिखेंगे वो वहां. जाएंगे और तस्वीर खींच के आएंगे.
फिर फैमिली ग्रुप में. द प्रोड्यूसर एंड ही इज द को राइटर ऑफ द.
शो और 12थ फेल मुझे उन्हीं की वजह से मिली. है तो ये बहुत लोग नहीं जानते हैं आपने. शायद शुक्रिया भी क कहा था उन्हें हां तो. 12थ फेल के दौरान जब विधु विनोद चोपड़ा. साहब एक्टर ढूंढ रहे थे तो उन्होंने मेरा. नाम रिकमेंड किया था और वहीं से फिर वो. सिलसिला शुरू हुआ ओके इससे पहले कि मैं. सीरियस सेगमेंट प जाऊं क् एक बहुत अच्छा. सीरियस सेगमेंट आपको लेकर है उससे पहले. थोड़ा सा फन लविंग सेगमेंट में कर या ये. लास्ट में नहीं कर सकते हैं फन चलिए मैं. सीरियस प आता हूं मेरे लिए अच्छी कहानी है. साबरमती रिपोर्ट जी ओके एक फिल्म आ रही है.
जिसको लेकर फिलहाल देश भर में चर्चाएं. बहुत ज्यादा ज्वलंत है एवरीबॉडी इज टॉकिंग. ऑन. अनफॉर्चूनेटली यह जो दुर्घटना थी वो बहुत.
एक्सटेंसिव है. सर फिर दंगे हुए फिर उसके बाद बहुत कुछ. हुआ वी स्ट्रिक्टली वांटेड टू नरो इट डाउन. टू व्ट हैपेंड ऑन द 27 ऑफ. फरवरी कारण उसके कई. है जो दंगे नहीं होने चाहिए थे वो हुए. अनफॉर्चूनेटली. इंटरनेट पर सिनेमा में अगर लिटरेचर की भी.
बात करें तो उस पर आपको बहुत कुछ. मिलेगा वन एकता कपूर द प्रोड्यूसर ऑफ द. फिल्म री आउट टू मी न वी स्टार्टेड टॉकिंग. और मेरा उनसे बहुत पुराना रिश्ता है मैं. उनको बहुत सालों से जानता हूं ये मेरा कुछ. सातवा या आठवा कोलबेन है उनके साथ सो न शी. टोल्ड मी की शी स्पेसिफिकली वांट्स टू मेक. अ फिल्म. ऑन द ट्रेन. बर्निंग तो स्क्रिप्ट के साथ साथ उन्होंने. मुझे रिसर्च मटेरियल भी पकड़ाया और मुझे.
दो हफ्ते का समय भी दिया उ टेक योर. टाइम कलेक्टिवली व्ट ऑल ऑफ अस फेल्ट वास. की यह एक अन्याय हुआ है उन 59 लोगों के. साथ क्योंकि अनफॉर्चूनेटली जब. भी गुजरात की बात होती है या साबरमती. अग्निकांड की बात होती है तुर और और. मीडिया वाले भी हमसे पूछ रहे हैं कि आप. दंगों के बारे में क्यों नहीं कह. रहे देखिए किसी एक पहलू के बारे में जब आप. बात कर करते हैं तो आप किसी दूसरे पहलू को.
डिस रिगार्ड नहीं कर रहे. हैं बट अनफॉर्चूनेटली इन द वर्ल्ड ऑफ. सिनेमा और इन द वर्ल्ड ऑफ लिटरेचर और इन. पॉपुलर कांटेक्ट किसी ने भी कोच ए6 और ए7. के बारे में बात नहीं की है सर 22 साल हो. गए हैं एक तो एडवांटेज ऑफ हाइंड साइट भी. है इतनी प्रतिक्रिया है लोगों की और खास. तौर पर उस टाइम पर जब यह यह दुर्घटना हुई. थी जब दंगे हुए थे आप भी पत्रकार हैं आप. भी जानते कि उस वक्त दे मल्टीपल नैरेटिव.
दे मल्टीपल पॉइंट्स ऑफ. व्यूज हुआ क्या किसी को नहीं. पता जब यह कहानी घर मैं लेकर आया मैंने. अपने परिवार से डिस्कस. किया मेरे खुद के घर में 12 13 14 साल के. बच्चे. हैं मेरे दोस्तों के बच्चे हैं वह इस बारे. में जानते ही नहीं है कि 27 फरवरी को हुआ. क्या था और अगर वह जानते भी है तो व यह. जानते हैं कि दंगे हुए.
थे पर जेनेसिस के बारे में किसी ने बात. नहीं. की वह 59 लोग सिर्फ स्टेटिस्टिक्स बन के. रह गए और उसी वजह से हमने फिल्म में यह. डायलॉग रखा. है कि उन 59 लोगों में से कोई भी एक यहां. पर मौजूद है जो तीन लोगों के नाम बता. पाए कोई नहीं जानता दे आर मर. स्टेटिस्टिक्स. इसीलिए हमें लगा कि. हमें ये कहानी बोलनी चाहिए और द डस्ट इ.
आल्सो समर डाउन द लाइन सेटल्ड सुप्रीम. कोर्ट का भी आदेश आ गया. है और सुप्रीम कोर्ट से बड़ा कोई है नहीं. इस देश में जितनी भी प्रतिक्रियाएं थी अब. वोह भी सेटल हो चुकी है ठीक है तो इसीलिए. हमने इसका नाम साबरमती रिपोर्ट रखा देखिए. विक्रांत होता क्या ना एक बड़ा अच्छा शेर. है कि सियासत में बीच का मरहला नहीं होता. या तो होता है या नहीं होता है ओके ये. मुझे थोड़ा सा आप सिंपल लैंग्वेज में. समझाइए पॉलिटिक्स में कुछ चीज कोई भी चीज. ग नहीं होती है ब्लैक एंड वाइट होती है जब.
ये फिल्म एक ऐसे टॉपिक पर आ रही है जो. इतना सेंसिटिव है इसको लेकर दो तरह के. रिएक्शन मेरे पास लोगों ने भेजे क्योंकि. मैं लोगों से अक्सर सवाल लेना पसंद करता. हूं कि आप क्या सोचते हैं एक सेगमेंट कह. रहा था कि यह कहानी लोगों को पता लगनी. चाहिए खास तौर पर उन लोगों को जो खुली. आंखों से सो रहे थे अब. तक वेल वेल सेड दूसरे ने. कहा क्योंकि निजाम बदला है दौर बदला है. और अभी कोशिश है सरकार को खुश करने की तो.
एक प्रोपेगेंडा मूवी बनाई गई है हार्डकोर. नेशनलिज्म और रिलीजस सेंटीमेंट को लेकर. गाना लगा दिया गया राम जी के नाम से ताकि. देर सवेर एक इमेज भी क्लीन हो और चीजें. बेहतर होती जाए और जो आका है वो खुश हो. इसीलिए रिलीज हो पा रही है वरना रिलीज भी. नहीं हो पाती ये मे मेरे लिए कहा ये फिल्म. को लेकर आया है फिल्म को ले दो दो दो. परसेप्शन आया है एक वो खुली आंखों वाला जो. आपको अप्रिशिएट करें फिल्म को दूसरा ये. वाला सेगमेंट कि निजाम बदला है इसलिए इस.
तरह की कहानी बनाई गई है वरना अगर कहना. होता तो आगे भी हजारों मारे गए थे आगे भी. बलात्कार हुए थे रेप हुए थे पेट में तलवार. डाल दी गई थी हवा में उछाल दिया गया था उन. घटनाओं को छुपा दिया गया क्योंकि उनके. बारे में चर्चाएं हो रही थी इसको हाईलाइट. कर दिया गया क्योंकि यह निजाम को सूट करता. है सर ये यह बहुत ही कॉमन सवाल है मुझे. परेशान नहीं करता यह क्योंकि ये मेरे. ख्याल से यू माइट बी द 50th पर्सन आस्किंग. मी. दिस अब देखिए सर मेरा इंटेंट जो है या हम. सबका जो इंटेंट है इस फिल्म को बनाने.
का वह आप पहले तो फिल्म देखें. जाके तो जो यह कह रहे हैं कि यह. प्रोपेगेंडा है और यह और यह वाजिब सवाल भी. है कि क्या यह प्रोपेगेंडा फिल्म है इसका. जवाब मेरे पास यही है कि आप 15 तारीख को. जाए पिक्चर. देखें मेरे पॉलिटिक्स में शायद ब्लैक और. वाइट ही होता है पर जीवन में सिर्फ ब्लैक. और वाइट होता है मैं ये नहीं मानता. देखिए ग्रे भी होता है जीवन में.
हम फॉर अ चेंज हम सब मिलके यह कोशिश करना. चाहते. हैं कि राइट हटा के और अब तो सिर्फ यही है. ना अब राइट है या तो लेफ्ट है हम ट्रू बीच. का कुछ है ही नहीं और खास तौर पे सोशल. मीडिया पे हम या तो आप एक्सट्रीम लेफ्ट. हैं या तो आप एक्सट्रीम राइट हैं. हम आप बैलेंस डाट की बात करते हैं कि. अच्छी सेहत के लिए बैलेंस डाइट होना चाहिए. हम योग करिए बैलेंस्ड हेल्थ के लिए हम हम. मेंटल हेल्थ आपको बैलेंस करनी है तो.
बैलेंस नो मेडिटेटिव अबाउट बैलेंस ऑफ. पर्सपेक्टिव्स. बैलेंस ऑफ पर्सपेक्टिव्स होना भी बहुत. जरूरी है फॉर अ सिविलाइज्ड सोसाइटी हम फॉर. अ थ्राइविंग सिविलाइज सोसाइटी अ बैलेंस ऑफ. पर्सपेक्टिव्स इज वेरी इंपोर्टेंट हमें. उम्मीद है मुझे पता है कि यह है ये पक्ष. बन चुके हैं ऑलरेडी हमें उम्मीद है कि जब. आप फिल्म देखेंगे जाके आपको यह लगेगा कि. हमारी नियत जो है इस फिल्म को बनाने की वो. किसी लेफ्ट या राइट के लिए नहीं है हम. एक ह्यूमैनिटेरियन एंगल से है कि उन 59.
लोगों के बारे में किसी ने बात नहीं. की उन 59 लोगों के बारे में बात होनी. चाहिए थी अगर होती तो शायद य फिल्म नहीं. बनती पर किसी ने बात नहीं की और यह फिल्म. में एक चीज और बता रहा हूं आई थिंक वी आर. मिसिंग द लार्जर पॉइंट हियर यह फिल्म उन. दंगों के बारे में नहीं है साबरमती. बर्निंग के बारे में है इट इज एन. इन्वेस्टिगेटिव फिल्म देर आर थ्री. जर्नलिस्ट इन द फिल्म इन्वेस्टिगेटिव. जर्नलिस्ट इन द फिल्म.
द मेन डीएनए ऑफ द फिल्म इज द रोल ऑफ द. मीडिया कि मीडिया का क्या रोल था 2002. में अच्छा इसपे भी आपका एक बहुत कोट वायरल. हो रहा है कि विक्रांत मेसी ने कह दिया है. कि आज की मीडिया जो है वो बिल्कुल खत्म. आपने आज की मीडिया को लेकर कोट किया 2002. की मीडिया को लेकर सर 2002 में इतनी मुझे. अवेयरनेस थी नहीं क्योंकि 2002 में 151. साल का था मुझे इनफैक्ट बट फिल्म के. रिसर्च में तो आपको अवेयरनेस मिली आपने.
किया उसमें हमने देखा आई एम कमिंग टू दैट. आईम कमिंग. टूट 2002 की क्योंकि हम बात करें तो थोड़ा. खुल के बात कर मैं 151 साल का. था आज मैं खुद एक पिता हूं जब कभी आपके. आसपास का माहौल खराब होता है तो आप अपने. बच्चों को प्रोटेक्ट करते हैं और मेरे. पेरेंट्स ने भी वही किया जब भी न्यूज आती. थी गोधरा के बारे में आती थी न्यूज बदल. जाती थी हम जब रिसर्च की इस फिल्म पे और. आज जब जी रहे हैं आंखें खोल के जी. हम तो ऐसा लगता है कि मीडिया शायद हमेशा.
से ऐसी ही रही है. हम बट अगेन नैरोइंग इट डाउन टू व्हाट. हैपेंड इन. 2002 मीडिया ने जो भी मीडिया की कैपेसिटी. थी वह चौथा पिलर है हमारी डेमोक्रेसी का. वह आम जनता की आंखें हैं कान. है क्या उन्होंने वाकई में अपनी वो जो. रिस्पांसिबिलिटी लेकर वो चलते हैं क्या वो. रिस्पांसिबिलिटी उन्होंने निभाई. वो आप फिल्म में देखेंगे अगर इससे ज्यादा.
हम बात करेंगे तो फिल्म खुल जाएगी ठीक और. ये कोर्ट की बात कर रहे हैं इसी फिल्म में. एक बैकग्राउंड पे कोर्ट लिखा हुआ आता है. सत्य परेशान हो सकता है पराजित नहीं और ये. मैं हर रोज टीवी पर जब डिबेट करता था टीवी. चैनलों पर तब नेता लोग या पॉलिटिकल. पार्टीज जो फंसती थी वो ट्वीट कर देती हैं. सबसे आसान कोट है ये सत्य परेशान हो सकता. है पराजित नहीं पर मेरे नजर में सवाल आता. है कि सत्य क्या है क्योंकि कई बार ऐसा. लगता है कि जिसकी सरकार जिसकी कलम जिसकी. टीवी उसका सच 2000 शायद दो में जब आप बात.
कर रहे हैं तब टीवी तब कलम तब इतिहासकारों. की नजर में अलग सत्यता आज निजाम अलग है. सत्य अलग है कल को शायद फिर कहानी का. नजरिया अलग हो जाए तो यह सत्य क्या है. आपकी नजर सो इवॉल्व हम सभी होते हैं और जो. इवॉल्व नहीं हो रहा है तो मुझे उनके लिए. चिंता है हम. अ मैं स्ट्रिक्टली यह कहना चाहूंगा कि इस. फिल्म को हमने एक ह्यूमैनिटेरियन एंगल से. बोलने की कोशिश की इन अ वेरी डिफिकल्ट. टाइम वी आल्सो रिकॉग्नाइज दिस हम सब. डिफिकल्ट टाइम क्यों क्योंकि जो.
प्रतिक्रिया आपके सामने आ रही है या तो ये. फॉर है या तो अगेंस्ट है हम ब टॉपिक ऐसा. है क्योंकि या टॉपिक ऐसा है हां देश दो दो. आइडल जीी में देश है या लेफ्ट या राइट तो. अब टॉपिक ऐसा तो लोग ओबवियसली रिएक्ट या. तो समर्थन करेंगे या पोज करेंगे आपको सर. सिर्फ दो ही आइडियो जीी नहीं होनी चाहिए. हम एक सबसे बेस आइडियो जीी मेरे हिसाब से. ये होनी चाहिए इंसानियत की और इंसानियत के. नाते अगर आप उन 59 लोगों के बारे में अगर. आप बात कर रहे हैं ह कि 59 लोगों को जिंदा.
जला दिया गया और उनके बारे में किसी ने. बात नहीं की आपने पहले भी यह पूछा कि उसके. बाद भी बहुत कुछ हुआ अनफॉर्चूनेटली हुआ. उसके ऊपर फिल्में बनी है कहीं रिलीज नहीं. हो पाई कहीं रिलीज नहीं हो पाई उसके ऊपर. डॉक्यूमेंट्री भी बनी है उनमें भी कई बैन. कर दी गई कहीं बैन कर दी गई यह ये यह हर. देश में ऐसा होता है हां लेकिन इस बार में. किसी ने बात नहीं की नहीं यह भी मेरे मन. में इसलिए आया विक्रांत क्योंकि मैंने. आपको कहीं कहते हुए सुना कि सेंसर बोर्ड. ने हमें बड़ा सपोर्ट किया सेंसर बोर्ड ने. हमें सपोर्ट नहीं किया मतलब आपके कट्स.
नहीं लगे ज्यादा आप थैंक फुली सेंसर बोर्ड. ने कोई कट नहीं कहा है हमें उसी को सपोर्ट. कहते हैं हम कि अगर आपको परेशान नहीं करे. तो वो भी एक तरीके का मौन समर्थन हो गया. सर देखिए वो देखने का नजरिया है हां मुझे. ऐसा लगता है कि इस फिल्म में ऐसा कुछ. ग्राफिक नहीं है हमने बहुत ही सेंसिटिव. इशू के बारे में बात किया है हमने वो 27. फरवरी को रीक्रिएट भी किया है पर बहुत ही. माइंडफुली किया है आपको कोई ऐसी ग्राफिक. डिस्टरबेंसस नहीं मिलेंगी फिल्म. में मैं उस पॉइंट ऑफ व्यू कह रहा हूं कि. उन्होंने कोई मेजर कट सजेस्ट नहीं किया.
सजेशंस तो आते रहते हैं अभी भी आ रहे हैं. और वो दिन में 50 आते हैं कोई मेजर कट. नहीं आया इस बात की खुशी है जिससे मूल. फिल्म की भावना खराब नहीं हो एगजैक्टली. क्योंकि ये फिल्म जिस दिन ए सर्टिफिकेट. मिल गया हमें ऐसा लगता है कि फिर एक बहुत. मेजर ऑडियंस है जिनके लिए यह फिल्म हम बना. रहे हैं जो 18 20 साल के लड़के हैं जो या. मतलब द यूथ ऑफ दिस कंट्री जो 13 14 15 साल. के लोगों की मैं बात कर रहा हूं वो नहीं. देख पाएंगे एंड इट इज इंपोर्टेंट फॉर देम. टू नो दिस थिंग बिकॉज दिस इज आवर मॉडर्न. फल मॉडर्न हिस्ट्री 22 साल पहले जो हुआ ये.
मॉडर्न हिस्ट्री है हमारी ठीक है मैंने. आपको ये कहते हुए सुना आपके बाकी को. स्टार्स को भी कहते हुए सुना कि विक्रांत. मेसी ने कहा कि मुझे धमकियां दी जा रही है. अभी भी आपने इसको कोट किया मैं इस फिल्म. के ट्रेलर के नीचे गया इस फिल्म के गाने. में पूरे कमेंट सेक्शन को स्क्रॉल किया. मुझे वहां धमकियां नहीं मिल दिख रही थी. कंपेरिजन में हम कंफ्यूजन नजर आई इनफैक्ट. ज्यादा कंफ्यूजन नजर आ रही थी मुझे ये. आपके समर्थक नजर आ रहे थे कि भैया के 12थ. फिल् देखी मजा आ गया कोई निठारी कांड वाले.
पिक्चर को देक खुश था कोई हसीन दिलरुबा के. हैंगओवर में भी चल रहा था जी मुझे धमकियां. नहीं दिख रही थी आपको कैसी धमकी. आई सर धमकी का मतलब यह नहीं कि डेथ थ्रेट. आई है ठीक है मैं उस टे उस कॉन्टेक्स्ट की. बात कर उस कांटेक्ट से समझने में आसानी हो. जाएगी सर क्योंकि ऑलरेडी पोलराइज व्यूज है. हमारी फिल्म को लेके देर इज अ सेक्शन ट. सेज की दिस इज प्रो. हिंदू तुम एक हमारी कौम को तुम गलत लाइट. में दिखाने वाले हो तुम हमारी कॉम को गलत. लाइट में दिखाओगे तो तुम्हें देख.
लेंगे मैं सिर्फ यह कह रहा हूं कि तुम. फिल्म देखो आके जो भी हमें प्री. रेक्विरेमेंट. हमारा पब्लिक होता है. मैं नंबर चेंज मैंने किया नहीं है सो.
अनफॉर्चूनेटली देर इज अ प्री कंसीव नोशन. कि हम किसी एक पर्ट पर्टिकुलर कम्युनिटी. को अपीज कर रहे हैं और किसी एक कम्युनिटी. को हम बदनाम कर रहे हैं और व सिर्फ ट्रेलर. देख के और टीजर देख के लोगों ने कहा. है इसीलिए मैं भी चुप हूं और दूसरी चीज तो. यह यह जब पहली बार मुझे सवाल पूछा गया. मुंबई में ट्रेलर लच. पे मैंने यह कहा कि देखिए अनफॉर्चूनेटली. दिक्कत क्या है पता है इस चीज के बारे में. खुल के मैं बात करूंगा और जो ऑलरेडी लोग.
कह रहे हैं हम कि पीआर स्टंट है तो इसलिए. मैं बात कर नहीं रहा अगर मुझसे कोई पूछ. रहा है तो मैं जवाब दे रहा हूं नहीं. इसीलिए मैंने पूछा क्योंकि आप आज के टाइम. में कमेंट देके समझ जाते हैं पॉलिटिकल. व्यूज में लेफ्ट एंड राइट ही हिसाब किताब. होता है हम अभी फिलहाल देश में बीच का. हिसाब किताब नहीं है या इंसानियत वाला. वर्जन कम है एंड बीइंग अ पॉलिटिकल आप. मानते हैं कम है हां जो एक्सप्रेस करते. हैं वो कम है जो बीच वाले हैं वो उतना. खुलकर शायद एक्सप्रेस नहीं करते हैं वो. आपस में रहते हैं जैसे हमेशा कता. इंसान को.
जो वहां यूएस में हुई थी वैसी साबरमती है.
फिर मुझे बहुत सारे और किस्से आते हैं. मुझे बाबरी कांड भी याद आता है मुझे 261. मुंबई याद आता है मुझे लगता है कितने. अच्छे तरीके से एक बहुत बड़ी घटना को यहां. से जोड़ दिया गया मेरी नजर में उतनी बड़ी. घटना शायद बाबरी वाले कांड थी जिसने. हिंदुस्तान की पॉलिटिक्स को चेंज कर दिया. और शायद जिसका इंपैक्ट मैं विक्रांत मेसी. के पुराने ट्वीट्स में भी देखता था मैं. देखता था फिर आपने कहा कि नहीं 911 जैसा. ये साबरमती कांड है ये आपने क्यों रिलेट. किया सर क्योंकि 96 में मैं बहुत छोटा था. हम और मुझे वाकई ये लगता है कि 92 92 सॉरी.
6 दिसंबर 1922 92 मैं तो और भी छोटा था. फिर तो ठीक है हां हम सब भी हां सभी बहुत. छोटे. थे मेरी मेरी जो जनरेशन है हम और यह. कलेक्टिवली हम सबको महसूस. हुआ कि सोशो पॉलिटिकल फैब्रिक जो हमारे. देश का है वो 27 फरवरी से बदला है ओके यू. माइट ह डिसएग्री विद द ब्यूटी इज कि वी. मस्ट हेल्थली मैं समझ रहा हूं उस टाइम हम.
बच्चे थे हमने सुना कहानियां सुनी यहां. हमने प्रत्यक्ष आंखों से देखा था काफी कुछ. या थोड़ा बहुत समझा था समझ थी 15 15 की. उम्र में समझ थी और उसके बाद फिर जब ऐसी. फिल्में करते हैं तो आपको रिसर्च मटेरियल. मिलता है आप पढ़ते हैं चीजों के बारे. में बहुत लोगों के नजरिए में 27 फरवरी. 2002 को जो हुआ वो हमारा 911 था ठीक है और. लेट्स कम टू. सिनेमा सिनेमा में साबरमती एक्सप्रेस के. बारे में किसी ने बात नहीं की उसके बाद का. ये वही रिपीट हो जाएगा जैसे हमने कहा कि. उसके बाद क्या हुआ बहुत चीज है.
डॉक्यूमेंट्री बनी है सिर्फ हिंदुस्तान. में नहीं बाहर से भी लोग आके अपनी. प्रतिक्रिया देके जा चुके. हैं जब वर्ल्ड वॉर के टाइम पर जेनोसाइड. होता है होलोकास्ट होता है उस परे फिल्में. बनती है उनको ऑस्कर मिलता है लोग काफी. उनकी प्रशंसा करते. हैं 91 होता है उस परे फिल्में बनती है. डॉक्यूमेंट्री बनती है लोग बड़ी प्रशंसा. करते हैं. हम पर्ल हार्बर होता है उस परे फिल्में. बनती है प्रशंसा करते हैं हमें क्यों. संकोच है एक ऐसे सब्जेक्ट पर फिल्म बनाने.
का या हमें क्यों डर लगे या घबराहट हो एक. ऐसे सब्जेक्ट प फिल्म बनाने का जो हमारे. पॉलिटिक्स को हम जो सामाजिक तानाबाना था. हमारा उसको रातों रात बदल दिया उसके ऊपर. फिल्म बननी चाहिए नहीं विक्रांत इसलिए है. जो मेरा अपना ऑब्जर्वेशन है जी इस देश में. हिंदुओं को लेकर ऐसी फिल्में बनी. नहीं मतलब हम जैसे हम टीवी में खबर पढ़ते. थे अगर कहीं पर हत्या हुई और व्यक्ति दलित.
या मुसलमान था तो उस खबर की लाइमलाइट जो. होती थी बहुत ज्यादा होती थी अलग से कोट. किया जाता था आप एग्री करते हैं मैं बीइंग. अ जर्नलिस्ट मैंने मैंने खुद भी खबरें. पढ़ी है जैसी पढवा गई है हमने भी पढ़ी है. और हमारा सोचने का नजरिया भी वैसा हो गया. था बिल्कुल सो यू अग्री विद दिस ठीक है तो. इसलिए शायद जब पहली बार एक ऐसे कांटेक्ट प. आ रही क्योंकि जब तक गुजरात राइट्स की बात. आती थी तो जो उधर वाला वर्जन व भाई पहले. क्या हुआ था आपने बात ही नहीं कि 69 लोगों. को बंद करके जला दिया ग कैसे तड़प तड़प के. मर गए है वो बहुत बड़ी घटना आप कैसे सोच.
नहीं सकते हो हम बट उधर क्योंकि संख्या. बहुत ज्यादा हो गई थी इसलिए शायद उसकी. बातें ज्यादा हुई पर अब आप अगर बैठ के. देखेंगे तो संख्या लगभग सेम ही है तो फिर. मेरे मन में सवाल आ रहा है कि बॉलीवुड से. बॉलीवुड पर अब तक एक आरोप लगता रहा है कि. बॉलीवुड में सलीम जावेद साहब की फिल्में. आती थी रहमान चाचा गांव के सबसे अच्छे. व्यक्ति होते थे हम सबसे मिलनसार दान कर. देते थे बनिया जो होता था सबसे लूटने वाला. ब्राह्मण सबसे बड़ा चोर होता था ठाकुर. साहब जो होते थे जमींदार वो बहन बेटियां. लूटते थे यह एक परसेप्शन चलता आया है और. बहुत सारे पेजेस.
बट दिस इज आल्सो स्टोरी चच वी फील दैट द.
कंट्री वांट्स टू. नो 22 साल पहले क्या हुआ जैसे मैंने पहले. कहा एक पूरी जनरेशन है जिसको इसके बारे. में नहीं पता. है और यह कहानी लोगों को बोली जानी चाहिए. अब खान चाचा सलीम जावेद की फिल्म में. मैंने इतनी ज्यादा देखी नहीं है तो उस. विषय पर मैं ज्यादा बात कर नहीं. पाऊंगा पर कहीं ना कहीं पोलराइज. पर्सपेक्टिव्स. है मैं सिर्फ यह चाहता हूं. फॉर चेंज कि हिंदू हटा के मुसलमान हटा के.
लेफ्ट हटा के राइट हटा के और मैं सभी. लोगों को यह कहना चाहता हूं कि एक बार. अपना फोन साइड में रख के पूरे ध्यान से यह. दो सवा दो घंटे की फिल्में देखी इंसानियत. के नाते और समझिए कि उन 59 लोगों को कैसे. जलाया. गया उनको किसी ने याद नहीं किया उनको. सिर्फ एक स्टेटिस्टिक्स बनाकर रख लिया. आपने एंड इट टेक्स लट ऑफ करेज फॉर मी टू. टेल यू दिस मतलब इट मेक्स माय हार्ट हैवी.
टू से दिस आई एम अ फादर. टुडे द यंगेस्ट पर्सन टू डाई इन दैट ट्रेन. वाज टू एंड हाफ ईयर ओल्ड. किड अगर आप उसको हिंदू या मुसलमान के लेंस. से देख रहे हैं किसी भी रिलीजस या आइडियो. जिकल लेंस से देख रहे हैं आपको शर्म आनी. चाहिए एक बच्चा है. यार आपने उनकी बात नहीं की बट कमिंग बैक. अभी थोड़ा ज्यादा हैवी हो गया मैं भी. थोड़ा इमोशनल हो जाता हूं बट कमिंग बैक टू. द रोल ऑफ द मीडिया. मीडिया का क्या रोल था उस विषय पर हमने.
बात करने की कोशिश की है तो जब आप फिल्म. देखेंगे कि क्या हमारे चौथे पिलर ऑफ. डेमोक्रेसी ने अपनी रिस्पांसिबिलिटी निभाई. हम यहां पर हिंदी और इंग्लिश की भी जो. डिस्पर वो भी चर्चा की वहां पर भी. आ एक बड़ा अच्छा डायलॉग इस फिल्म का है जो. ट्रेलर में मैंने देखा गोदरा का सच खाकर. बैठ गए एक दिन बच्चा बच्चा जवाब मांगेगा. जी बहुत सारे लोग को ऐसा लगता है कि अगर. गोधरा कांड नहीं हुआ होता. तो नरेंद्र मोदी जी लार्जर देन लाइफ नहीं.
बनते इस घटना एक बड़ी घटना जब होती है तो. एक व्यक्ति का पूरा चरित्र निकल कर आता है. सुप्रीम कोर्ट से उन्हे क्लीन शट मिल चुकी. है जिसको लेकर बीजेपी शायद आपने भी इस. फिल्म में रखा होगा वो पार्ट उन्होंने कई. बार इस बारे में बात भी की है बट डू यू. बिलीव कि पूरी घटना ने उन्हे लार्जर देन. लाइफ. बनाया यह अभी थोड़ी देर पहले ऑफ द ऑफ द. रिकॉर्ड जब हम बात कर रहे थे कि मेरा एक. एक क्या वायरल हो रहा है विविर प बीजेपी. को फायदा इस घटना ने पहुंचाया नहीं पहुचा. विक्रांत मेसी नेने कहा कि साबर क्या नाम.
विक्रांत मेसी ने कहा कि इस घटना ने. साबरमती घटना ने बीजेपी को फायदा पहुंचाया. हां तो ये इसका ये आपने एक उसमें ट्वीट. में देखा इसका कॉन्टेक्स्ट वो पूरा. इंटरव्यू भी एक्चुअली है. अवेलेबल इस दुर्घटना ने सबको फायदा उठाया. इस दुर्घटना से सबको फायदा हुआ है एंड आई. विल जस्ट वांट टू कोट वन बुक ये पढ़िए ये. 96 में आई थी किताब पी साईनाथ की किताब है. एवरी बडी लव्स अ गुड. ड्रॉट हम ये टाइटल से ही आप समझ गए होंगे.
एवरी बडी लव्स अ गुड ड्रॉट पी साईनाथ की. किताब. है जब भी कोई आपदा आती है देश. में सबका फायदा होता है खास तौर पर. पॉलिटिकल फिगर्स का पॉलिटिकल पार्टियों का. उद्योगपतियों. का करोना. आया सिलेक्टिव उद्योगपतियों का फायदा नहीं. हुआ हुआ. हुआ उसी तरह से मीडिया वालों का भी बहुत. फायदा हुआ हुआ जब 2002 में प्राइवेटाइजेशन.
शुरू हुआ फाइनली 247 न्यूज़ चैनल्स आने. लगे जब छोटे चैनल्स बड़े बन. गए हर एक आइडियो जीी का हर एक पॉलिटिकल. पार्टी का हर एक लीडर का हर एक उस. ऑर्गेनाइजेशन का हु लव्स अ गुड ड्रॉट उसका. फायदा हुआ. है तो इसको नैरो डाउन किसी एक व्यक्ति पे. नहीं कर सकते या किसी ऑर्गेनाइजेशन प नहीं. कर सकते वैलिड पॉइंट है वैलिड पॉइंट है. मैं सत हूं आपके पास से एक क्वेश्चन और. इसी में फ्रेम करता हूं मैं फिर मैं आपके. ऊपर आऊंगा आपको कुछ लिए कुछ ट्वीट्स भी. निकाले मैंने जी डू यू बिलीव कि ये 59.
लोगों की बातें इसलिए नहीं हुई क्योंकि वो. हिंदू थे क्योंकि मैंने आप लोगों के कई. सारे वीडियोस भी देखे आपके रिद्धि के और. बाकी सब ज राशि के जो प्रमोशन आप लोग कर. रहे थे उसमें कई जगह आप लोगों ने कहा कि. हां पहले तक हमें वो जो प्राउड हिंदू वाला. होता है उससे लोग बचते थे कई बार मैं भी. टीवी पर कहता था कि मैंने इस देश में. नेताओं को इफ्तार पार्टी करते खूब देखा था. बचपन में गंगा नहाते प्राइवेट में नहाते. थे लोग अब ज्यादा लकर करते हैं डू यू. बिलीव कि 59 लोगों की जिंदगी जो गई कैद.
करके जला दिया गया या जो भी आप सच. दिखाएंगे आपके पॉइंट ऑफ व्यू से वो उस पर. चर्चा इसलिए ज्यादा नहीं हुई क्योंकि वो. हिंदू थे कार सेवक थे जो अयोध्या से वहां. जा रहे थे सर ज या हिंदुओ की लाइफ देश में. थोड़ी सस्ती है कंपेरिजन में सर यह कहना. गलत होगा कि हिंदुओं की लाइफ सस्ती है मैं. उम्मीद करता हूं कि ऐसे ना हो तो मैं शायद. वो अगर वो है तो इट विल ब्रेक माय हार्ट. ऐसा ना हो आ आई स्टिल वांट टू डिफरेंस है. चर्चाएं कम होती है शोर कम होता है उतना.
आक्रोश नहीं आता. है यह एक हद तक सच है यह एक हद तक सच है. मैं कहीं ना कहीं एक हद तक एग्री करता हूं. बट नॉट एनटायर. और क्यों उस पर चर्चा नहीं की. गई जो जो चीजें हमें पता है कि क्यों. क्योंकि बहुत सारे पक्ष थे एक मीडिया का. पक्ष था एक ग्राउंड पे जो ग्राउंड रियलिटी. थी चलो वो तो हमें पता बिकॉज हम उस वक्त. वहां थे नहीं एक बड़े शहरों में एक.
पर्सपेक्टिव था लोगों का वो आप फिल्म में. देखेंगे कि क्यों उस बारे में बात नहीं की. गई अगर व्यक्तिगत रूप से आप मुझसे पूछ रहे. हैं कि उन 59 लोगों की बात नहीं कि वास. दैट रंग इट वा एब्सलूट रंग इसीलिए मैं इस. फिल्म का हिस्सा. हूं लेकिन आई थिंक आई विल बी गिविंग अवे द. फिल्म अगर मैं आपको मल्टीपल टेक्स मल्टीपल. पॉइंट्स ऑफ व्यूज बताऊ कि क्यों उन 59. लोगों के बारे में बात नहीं हुई वो आप. फिल्म में देखेंगे एक्चुअली ठीक है मैं कई.
सारे ट्वीट्स पढ़ रहा था एक ट्वीट आया आप. चाहेंगे पढ़ना चाहेंगे आप ये आपको लेके था. बहुत लंबा चौड़ा काफी आप ही पढ़ के सुना. दीजिए उसका मूल सार ये है इसका कि. विक्रांत कमाल के एक्टर है और विक्रांत. सेकुलर हुआ करते थे जिसने लिखा था उसने. लिखा विक्रांत सेकुलर हुआ करते थे एक ऐसा. इंसान जो धर्म में भाषा में इतना यकीन. नहीं रखता था और इट्स वेरी डिस हार्टनिंग. टू सी हिम टू गो लाइक दिस मुझे नहीं पता. 2002 में क्या हुआ था लेकिन इतना पता है. कि आजकल के फिल्म मेकर खुश कर रहे हैं. रणदीप हुड्डा का उन्होंने जिक्र किया कि. कई फिल्में बनाई हम उनका करियर डाउनफॉल हो.
गया इस फिल्म का ट्रेलर देखकर ऐसा लगता है. जिन्होंने ट्वीट किया है कि ऐसा लगता है. कि एक इमेज वाइट वॉश करने की कोशिश की गई. है यह एक ट्वीट आया हालांकि इसके अपोजिट. वाले भी ट्वीट थे जिसमें आपको तारीफें. बहुत आई है बहुत तारीफें की गई है कि. विक्रांत कमाल के हैं उनकी एक्टिंग हर दिन. से बेहतर हो रही है कई लोगों ने इस. पर्टिकुलर विषय को छूने को लेकर भी आपको. बहुत बधाई दी है लेकिन ये एक वर्जन है. क्योंकि फिल्म का ट्रेलर जो है तो एक. पत्रकार के नाते मेरी कोशिश होती हमेशा. अपोजिट साइड खड़े होने नहीं नहीं बहुत. जरूरी है सर तो मैं वो भूमिका करते हुए सो.
ये आपसे किसी ने कहा कि विक्रांत यार तुम. तो सेकुलर थे अब तुम भी उसी कट्टर हिंदू. वाली जमात में जा रहे हो जिसका तुम विरोध. करते थे मैं तो पहले यह जानना चाहता हूं. कि मैं एक सेकुलर. इंसान मतलब मैं आज सेकुलर नहीं हूं आपको. क्या देख के लग रहा है मैं सेकुलर नहीं. हूं मैं उनकी बात कर रहा हूं जिन्होंने ये. सवाल पूछा है तो आई होप जिन्होंने ये सवाल. पूछा है वोय देख रहे हो एक सेकुलर इंसान. ही है जो बिना जात बिना धर्म बिना. बैकग्राउंड बिना एफीलिएशन के हम आपके पक्ष.
में भी बात कर सकता है. हम आई एम स्टिल अ सेकुलर पर्सन आई एम. स्टिल अ. लिबरल अनफॉर्चूनेटली क्या हो गया है कि. जैसे हमने पहले भी कहा आइर और ब्लैक और. वाइट की जो हम बात कर रहे. हैं वह फलक जो है जो बैलेंस करता है तमाम. चीजों को अगर सीसो की एनालॉजी मैं आपको. दूं अगर वो बीच का जो फल क्रम हट जाए तो. एक तरफ पलड़ा भारी हो जाएगा और. अनफॉर्चूनेटली पलड़ा भारी सोशल मीडिया में.
तो यह लग रहा है कि आइर इट इज एक्सट्रीम. लेफ्ट और आइर इट इज एक्सट्रीम राइट माय. आंसर टू दिस इज दैट आई एम स्टिल अ लिबरल. हम आई एम स्टिल सेकुलर व्हाट इज. सेकुलरिज्म फॉर यू सेकुलरिज्म बिकॉज. पॉलिटिकल पॉलिटिकल सिस्टम में जो. सेकुलरिज्म मैंने समझा था जी जो मैंने. नेताओं को दे के समझा या जो परिभाषा हमने. पढ़ी समझी वो था लिटिल इंक्लाइंड टुवर्ड. लिफ्ट नहीं आई डोंट अग्री विद दैट आपने. देखा होगा और ऐसा होगा भी ऐसा होगा भी और. ऐसे बहुत सार अगर आप टोपी लगाते हैं जी तो. आपका वो अधिकार है लेकिन अगर आप टीका.
लगाते हैं तो आप दिखावा करने नहीं पर वो. मेरी विचारधारा वैसी नहीं है और यह बहुत. ही क्योंकि ये पर्सनल सवाल है तो मैं अपने. पर्सनल व्यू पॉइंट दे रहा हूं नहीं फिल्म. भी आपकी आप लीड है तो आपका परसेप्शन लोगों. के लिए जरूरी है इसमें नहीं बिल्कुल मैं. आज भी एक सेकुलर पर्सपेक्टिव लेके ही चल. रहा हूं उसके लिए मैं कह रहा हूं कि आप. फिल्म देखें तो विक्रांत मेसी की नजर में. क्या सेकुलरिज्म है मिलजुल के रहना एक. दूसरे को बेनिफिट ऑफ डाउट भी देना और सबसे. पहले तो. दूसरों के कल्चर की आदर करना और अपने खुद.
के कल्चर प प्राउड होना हम किसी दूसरे को. नीचा ना दिखाना हम ना किसी दूसरे को नीचा. दिखाने के लिए अपने आप को ऊपर उठाना हम. हमारे देश का एक डीएनए है हम और वो देश का. डीएनए ये है कि यूनिटी एंड डाइवर्सिटी वी. ऑल आर इक्वल वी हैव टू ट्रीट ईच अदर. इक्वली. ब्यूटीफुल मैं आज भी वही हूं मेरे घर के. बारे में आप जानते हैं हम ठीक है और यह भी. बहुत वायरल हुआ था कि इंटरकास्ट मैरिज हुई. है मेरे पेरेंट की मेरे भाई ने कन्वर्जन. ले लिया है मेरी वाइफ जो है ठाकुर राजपूत.
हिंदू हैं मेरे बेटे का नाम वरदान है अब. इससे ज्यादा सेकुलर क्या ही हो सकता है. आदमी आपने बहुत अच्छी बात की अपने कल्चर. को लेक प्राउड होना अब एक सवाल फिर मेरे. मन में आता है अ आई विश हम इस फिल्म के. अलावा कहीं और मिले होते मैं करियर पे. बहुत सारी बातें क बहुत सारे टफ क्वेश्चंस. है बट आई वुड लव टू आस्क अ मैं आपको लेके. स्क्रॉल कर रहा था अब आपने कहा अपने कल्चर. को लेके प्राउड होना विक्रांत कह रहे बदला. नहीं मैं वैसा ही इंसान हूं नहीं बदला. बहुत हूं और चेंज होना भी चाहिए अब लोग एक. और जो मेरे पास ट्वीट बार-बार आया वो ये.
आया कि यार यह वही विक्रांत है जो कल तक. हिंदुओं का मजाक उड़ा रहे थे आज हिंदू. धर्म की बातें कर रहे और उसमें आपका वो. ट्वीट आता है सीताजी वाला कि आई एम ग्लैड. आई वास किडनैप्ड बाय रावण नॉट बाय योर. भक्तस और फिर लोगों ने कहा विक्रांत ने. माफी तो मांगी जी लेकिन 6 साल बाद मांगी. जब पता लगा कि स्टार बन गया अब समर्थन. दोनों साइड देख एक वो एक प्रतिक्रिया है. ठीक है गलत थी वो बिल्कुल और मैं उसकी. सफाई आपको दे रहा हूं. वो किसी भी कांटेक्ट में सीता मां की.
बेअदबी नहीं कर रहा था इट वाज इन कांटेक्ट. टू अ रेप. केस इट वाज इन कांटेक्ट टू अ रेंडस हियस. रेप केस जहां पर एक पॉलिटिकल पार्टी के. लोग. एलेज क्या कहते ट द. लेजली अक्यू नहीं व्ट्स द राइट वर्ड फॉर. इट ठीक है आपकी भावना समझ रहे नहीं नहीं ब. आई हैव टू यूज द राइट वर्ड राइट एलेज.
परपेट्रेटर्स हम दे वर मेंबर्स ऑफ अ. सर्टेन पॉलिटिकल पार्टी और पॉलिटिकल. एफीलिएशन और एन आइडियो जिकल एफीलिएशन. आईडियोलॉजिकल एफीलिएशन की बात करते हैं हु. वर रैलिंग बिहाइंड दोस एलेज परपेट्रेटर्स. और यह चार लोग नहीं थे हम यह हजारों की. तादाद. थी मैं उस कांटेक्ट में कह रहा था अब. विक्रांत देखिए यही यहीं से जो आपकी फिल्म. है और ये जो कॉन्टेक्स्ट है इसमें एक बड़ा. खूबसूरत सा सवाल निकल कर आता है. जो बात आज आप कह रहे हैं साबरमती को लेकर.
जी साबरमती में सपोर्ट करने वाले आपको उस. वक्त इसी को लेकर एक सवाल पूछते हैं जो आज. आपको सपोर्ट कर रहे हैं साबरमती के लिए वो. इस ट्वीट को लेकर एक सवाल पूछते हैं कि. जैसे वहां हिंदुओं की जान सस्ती थी क्या. इसलिए चर्चा नहीं हुई ऐसे ही वह कहते हैं. कि इट्स वेरी इजी कि आप हिंदू धर्म के जो. गॉडेस हैं या उनको एक आप उ उनके थ्रू एक. बात कह सकते हो क्योंकि अगर यही बात आपने. किसी और रिलीजन को लेकर जोड़ी होती तो. शायद चीजें बहुत मुश्किल हो जाती बकुल. बिल्कुल आई अग्री आई आई अग्री आई अग्री आई.
अग्री इट वाज इन बैड टेस्ट इसलिए मैंने. ट्वीट डाला बाहर और ये ट्वीट इसलिए नहीं. डाला कि मैं बहुत बड़ा स्टार बन गया हूं. मुझे तो लगता ही नहीं है सबसे पहले कि मैं. बहुत बड़ा स्टार हूं नहीं आप है 12थ फी के. बाद आप देश के ब चलिए अच्छी बात है लोगों. को लगता है ऐसे पर मुझे लगता है कि मैं आई. एम स्टिल ऑन द. वे मैं इस मैंने इसीलिए माफी मांगी थी. क्योंकि वो ट्वीट दोबारा कहीं से निकाला. गया और बहुत चर्चा हुई और मुझे मेरी वाइफ. ने बताया कि आई थिंक इट्स टाइम दैट यू गो. एंड अपोज बिकॉज पीपल हैव नॉट अंडरस्टूड. कॉन्टेक्स्ट ऑफ र ट्वीट यह बीजेपी. क्रिटिकल से अब जो आप आरोप लग रहा है कि.
बीजेपी. फ्रेंडली इसके पीछे क्या रीजन है मैं दो. तीन मेरे मन में थॉट आ रहे एक रीजन हो. सकता है हम सबकी आडलज चेंज होती है समय के. साथ एक होता है समझ चेंज होती है एक होता. है जो शाहरुख खान ने एक फिल्म रईस में कहा. था हां अम्मी जान कहा करती थी कि धर्म से. बड़ा कोई धंधा नहीं होता सो धंधा है तो अब. देश का मिजाज ऐसा है तो उसी धारा में बहना. होगा नहीं और इसको इसको बिकॉज दीज आर वेरी. सीरियस कन्वर्सेशन एंड आई वांट टू ब्रिंग. इट आउट थ्रू यू बिकॉज आप बहुत पॉपुलर हैं.
एंड आई वांट टू ब्रिंग इट आउट थ्रू यू टू. पीपल कि चीजें बदलती है पीपल चेंज ठीक है. आई एम नॉट द सेम पर्सन आई वाज 10 इयर्स. अगो आई एम होप फुल दैट आई विल नॉट बी द. सेम पर्सन 10 इयर्स फ्रॉम नाउ दैट आई एम. टुडे ट्रू चेंज इज द ओनली कांस्टेंट और ये. सिर्फ कोर्ट नहीं कह रहा हूं. मैं हो सकता है और हो सकता है नहीं मैं ये. कह रहा हूं कि बहुत सारी चीजें चीजों को. देखने का मेरा नजरिया बदला है हम बट एज आई. सेड आई एम स्टिल अ सेक्यर कोई वजह मतलब उस. कुछ दे मस्ट बी समथिंग जिसकी वजह से चेंस. होते हैं सी बिकॉज मैं बाय द नेचर ऑफ माय.
जॉब मैं पूरे देश भर में घूमता हूं ओके. सही बात मैं दुनिया भर में घूमता हूं मैं. लोगों से मिलता हूं मैं डेली हजारों लोगों. से मिलता हूं खुद की आंखें और कान भी. हैं तो कुछ चीजों के बारे में जो मुझे. लगता था कि गलत है और व शायद इन्फ्लुएंस. की वजह से हुई या खुद को ऐसा लगा आज मुझे. वैसा नहीं लगता बिकॉज आई थिंक कि चीजें. इतनी भी बुरी नहीं है जितनी मुझे लगी थी. हम. तो इसीलिए आज मैं कह रहा हूं कि आई हैव.
चेंज ओवर द लास्ट 10. इयर्स द वे आई सी थिंग्स जो अगर हम जैसे. मैं ट्रेवल की बात करता हूं मैं यूपी. बिहार देश के गांव गांव में जाता हूं मेरी. कई बार छोटी-छोटी फिल्में करता हूं मैं. जिनका बजट नहीं होता है गांव का बैक ड्रॉप. होता है वहां पर लोगों से मिला उनसे चर्चा. हुई चीज अपनी आंखों से देखी. है सो आई एम फीलिंग की इट इज नॉट एस बैड ए. आ थॉट इट वाज एंड आई आल्सो नीड टू काम माय. सेल्फ डाउन यू नो आई नीड टू काम माय सेल्फ. डाउन एंड सी थिंग्स फ्रॉम वेरी न्यूट्रल.
पर्सपेक्टिव एंड नॉट बी इन्फ्लुएंस बाय. एनीबडी सो दिस इ र आई एम टुडे आपको लगता. है मीडिया का बहुत दोष होता है किस चीज. में इस चीज में परसेप्शन जो एक बैठे बैठा. हमारे दिमाग में परसेप्शन बन. जास ऑफकोर्स मीडिया जो मीडिया एक आम आदमी. की आंखें मीडिया एक आम आदमी के कान है मैं. किस्सा शेयर करता हूं आपसे मैं गुजरात गया. था गुजरात के सूर ये जो आपकी है जो आप कह. रहे हो ना परसेप्शन कैसे बनता है जब मुझे. पहली बार ऐसा एहसास हुआ था सूरत में घटना.
घटित होती है कई बच्चे कोचिंग सेंटर से. नीचे गिर जाते हैं आग लग जाती है अभी दो. तीन साल आ थ हां मैंने वीडियो देखा मैं और. उत्तराखंड के राज्यपाल साहब जो उस टाइम मे. साथ काम करते थे चैनल में तो हम दोनों. रिपोर्टिंग करने गए थे तो बहुत ही भयावह. वीडियो आए थे बच्चियां ऊपर से कूद रही थी. जान बचाने के लिए बहुत ही दुखद घटना थी हम. गए वहां दो दिन रिपोर्टिंग की. हमने जो कोचिंग सेंटर था सील हो गया उसको. उठा के लेकर पुलिस चली गई दो दिन बाद देश. के एक बड़े नेता का अहमदाबाद में शो था.
मेरे चैनल के संपादक ने मुझसे कहा मैंने. कहा मैं चला जाऊ तो ये घटना खत्म हो गई जो. दोषी थे उनको अरेस्ट कर लिया गया कोचिंग. सेंटर सील हो गया आगे क्या करें ही सेड. नहीं जब सारी दुनिया वहां रैली दिखा रही. होगी तो तुम विक्टिम से घर जाओ और एक. बच्चे को पकड़ो और उससे एक एक बाइट निकलवा. दो मोदी अंकल आपने क्या कर. दिया मैं उस वीडियो को जब t के के पॉइंट. ऑफ व्यू से सोच रहा था कि अगर वो वीडियो. उस वक्त मैंने रिकॉर्ड किया होता हम.
इंडिविजुअल स्टोरीज करते हैं हम बट ये. प्री माइंड में मुझे डाले कहा गया था कि. आप एक ये लाइन बुलवा देना कि मोदी अंकल ये. आपने क्या करवा दिया मेरी बहन लौटा दो एंड. आई इमेजिन अगर ये आती तो देश के सारे बड़े. लोग जो. थे इस घटना को देखने का पॉइंट ऑफ व्यू किस. नहीं होता गुजरात में जब मैं आपको टीजर. देख रहा था कि आपको सारा देश सुनता है तो. आई कुड रिलेट इट सच है ये और क्योंकि आपने. मुझसे सवाल पूछा है कि मीडिया का क्या. इसमें बहुत बड़ा हात है मीडिया का बहुत.
बड़ा हात है ये परसेप्शन डिफाइन करने में. भी हर चीज में तो हर चीज तो वो जो पुराने. विक्रांत मेसी थे उस पर उस मीडिया का. इंपैक्ट था जो सुना समझा जाना था ऑफ कोर्स. मीडिया का होता है आप जिस जिस समाज में. जीते हैं जिन लोगों के साथ आप उठते बैठते. हैं जो किताबें आप पढ़ते हैं जिस जिस. नजरिए से आप चीजों को देखते हैं दैट रियली. रियली शेप्स योर आइडियो और द वे यू सी द. वर्ल्ड वर्ल्ड व्यू की अगर हम बात करें तो. बट सर्टेन एक्सपीरियंस चेंज यू सर्टेन.
एक्सपीरियंस एंड एज आल्सो प्रोबेबली काम्स. यू डाउन सर्टेन एक्सपीरियंस चेंज यू और. अगर बदलाव नहीं है अगर आप उस स्थिर पानी. की तरह है तो आप पे मच्छर भिन भिना आएंगे. हम बीमारी आप फैलाए यू हैव टू कीप फ्लोइंग. कोई एक घटना अगर आप बताना चाहो जहां से. आपको लगा हो यार इतना गलत कैसे था मैं आई. मीन क्योंकि ये बड़ा चेंज है मैंने बहुत. हालांकि एक तो सबसे पहले मैं अकेला नहीं. हूं जो चेंज हुआ है हजारों करोड़ों लोगों. चें ठीक है दोनों अगर अमेरिक इलेक्शंस की. बात करें क्योंकि दो दिन पहले ही उसका आया.
है आप उसमें देखेंगे तो मतलब वो तो पूरा. देश ही बदल गया है ठीक है वहां पे जो. फॉर्मर डेमोक्रेट्स थे वो अब रिपब्लिकंस. बन गए बट एज आई सेड आई स्टिल होल्ड टू द. वैल्यू ऑफ़ सेकुलरिज्म एंड लिबरलिज्म आई. वांट टू टेल यू वन थिंग व्हाई आई टेल यू. व्हाई इट. बिगन देयर इज अ डेफिनेट राइट इन दिस. कंट्री ह एक राइट विंग आइडियो है ह देयर. इज अ डेफिनेट राइट व्हिच इज वेरी प्राउड. ऑफ इट्स कल्चर हेरिटेज हिस्ट्री. हम ओवर अ पीरियड ऑफ टाइम थ्रू माय.
ट्रेवल्स देश भर में घूम के लोगों से मिल. के मुझे लगा और. ट्विटर न्यूज यह देख के मुझे. लगा और ये मैं बहुत बड़ी बात कह रहा हूं. मुझे पता ही अगले दिन सोशल मीडिया प फिर. से यह वायरल होने वाला है बट आ आई सम हाउ. हैव टू पुट दिस आउट देयर इज अ डेफिनेट. राइट. हम बट देयर इज एन एंटाई राइट आई डोंट सी अ. लेफ्ट. एनीमोर समझ रहे हैं बहुत डीप है.
हां देयर इज अ डेफिनेट राइट आइडियो जीी बट. देयर इज नो लेफ्ट आइडियो देयर इज एन. आइडियो चच इज एन एंटाई राइट उसकी एब्सेंट. है विद रिगार्ड्स टू इंफ्रास्ट्रक्चर अभी. जैसे फॉर एग्जांपल मैं आपको अपना एक अनुभव. बताता. हूं मेरे फादर इन लॉ हिमाचल में रहते. हैं गांव में रहते हैं वहां पे अभी गांव. मतलब सड़के बड़के बन गई है पहले जब उनके. यहां से ट्रक निकलता था नेशनल हाईवे. पहुंचने के लिए चार घंटे लगते थे उना पास.
में नेशनल हाईवे पड़ता. है गुजरात में मेरे ऐसे कितने दोस्त हैं. जिनकी सेरेमिक की फैक्ट्रीज है मोरबी में. सेरेमिक कैपिटल बोलते हैं उसको हिंदुस्तान. का उनकी जब ट्रक्स निकलती थी वह हाईवे. पहुंचते पहुंचते सुबह हो जाती. थी इंफ्रास्ट्रक्चर बदला है चीजें बदली. है आज देश आगे बढ़ रहा है और मुझे भी. सम्मान दिया है सरकार. ने दैट इज आल्सो वन ऑफ द रीजंस व्हाई आई.
एम मतलब आई एम. ऑनर्ड कि मुझे शपथ ग्रहण समारोह में. बुलाया गया मेरी फिल्म सरकारी स्कूलों में. बच्चों को दिखाई गई मैंने नहीं कहा था. उनको दिखाने के लिए उन गरीब बच्चों को. मेरी फिल्म दिखाई गई जिनको प्रेरणा मिले. आगे जीवन में बढ़ने के लिए देश सेवा में. कुछ करें 12थ फेल की बात कर रहा. हूं तो दीज आर गुड थिंग्स आई एम हैप्पी. दैट कहीं ना कहीं कॉग्निजेंस लिया है की. बात सुनके वो एक.
हिंदू खतरे में मुझे नहीं लगता हिंदू खतरे. में लोग कहते हैं मुसलमान खतरे में कोई.
खतरे में नहीं है सब सही चल रहा है दिस इज. द बेस्ट कंट्री टू लिव इन द वर्ल्ड आप. यूरोप चले जाइए फ्रांस चले जाइए आपको पता. चलेगा आप अमेरिका में कैलिफ कैलिफोर्निया. चले जाइए आपको पता चलेगा वहां पर क्या हो. रहा है दिस इज द ओनली लिवेबल कंट्री राइट. नाउ एंड दिस दिस इज द ओनली कंट्री वच इज द. फ्यूचर ऑफ द वर्ल्ड अभी भी. सीरियसली मिश्रा जी बहुत ज्यादा टॉक्सिक. हो गया कि देखिए आज मैं उन सारी चीजों के.
बारे में बात कर रहा हूं जिसका एक्चुअली. लोगों का उससे कोई लेना देना नहीं है हां. मतलब अगर. ये तो विक्रांत देखो अब आप जितने बड़े हो. गए फेमस हो गए आपकी हर छोटी-छोटी चीजें.
नोटिस होंगी पहले पहले हो सकता है आप हाफ. पट में घूम जाते होंगे नहीं नहीं वो तो. मैं आज भी करता आज के टाइम में फिर भी. आपको थोड़ा तैयार होना पड़ता होगा आपकी. टीम समझाती होगी ऐसा कुछ मैं छ दिन से यही. जींस पहन के घूम रहा हूं सर तो ये ये ऐसा. नहीं है थिंग्स हैवेंट चेंज्ड बट आई एम. शोर यू गेट द कंटेस्ट ऑ आई गॉट इट आई गॉट. इट चलो एक सवाल और पूछता आई वाज वाचिंग. विराट कोहली आईम अ विराट कोहली फैन आल्सो. तो विराट कोहली एक पुराना वीडियो वायरल. होता है किसी ने पूछा पूजा पाठ करते हो तो. ही सेड डू आई लुक लाइक पूजा पाठ टाइप गाय. और फिर कुछ सालों बाद सारे मंदिरों में. जाने की तस्वीर आती है सर व तो नदानी में.
बोल दिया उन्होंने यार ही वा वेरी यंग सेड. इट आईम रिलेटिंग इट टू यू फिर मुझे. विक्रांत मेसी के डायलॉग या आता है. विक्रांत मेसी बिलीव्स रिलीजन इज मैन मेड. फिर मैं देखता हूं भाभी की पैर छूते हुए. तस्वीरें वायरल होती है सारे संस्कारों का. पालन होता है बच्चे का नाम वरदान हो जाता. है जी जी मेरे को लगा यार बिल्कुल. सिमिलरिटी वहां भी भाभी आई बदल गया य सर. ऐसे बहुत है ऐसे बहुत है आई एम शर न यू र. आल्सो 2021 आप पूजा पाठ नहीं करते होंगे. मुझे ये नहीं पता आप अभी भी करते नहीं. करते त था तब भी थे अभी भी है चलिए मैंने.
महादेव का टैटू देखा आपके हाथ प त्रिशूल. का बहुत अच्छी बात है लोग इवॉल्व होते हैं. सर थोड़ा बेनिफिट ऑफ डाउट देना चाहिए हम. पता नहीं इतने कट्टर इंसान बन गए हैं कि. एक दूसरे को बेनिफिट ऑफ डाउट देना छोड़. दिया. हमने आई मीन दिस इज नॉट दिस इज नॉट अ गुड. साइन फॉर हेल्थी सिविला ट्स ट्रू ट्स ट्रू. ये अच्छी बात है बट ये चेंज मैंको चेंज. जान जैसे विराट का विजिबल है अनुष्का की. वजह अनुष्का के आने के बाद हमने उन्हें हर. जगह देखा वृंदावन से लेकर विदेश लंडन में.
भी वो बैठ के हरे राम हरे कृष्णा कर लेते. हैं विक्रांत मैसी की लाइफ में चेंज कैसे. आया वो क्योंकि भाभी का पैर छूने वाली. तस्वीर बहुत वायरल हुई थी आई नो आई नो आई. नो मुझे वो भी शीतल ने दिखाई थी भेजी थी. मुझे उसने हम उसने भी वो. कगा चलो एटलीस्ट एक अच्छा अपॉर्चुनिटी है. मेरे को ये कहने का मेरी मां सखनी पैदा.
हुई पर वो बिंदी लगा के खड़ी है वहां. पे मंदिर जाना बचपन से हमें सिखाया गया है. मेरे घर के नीचे नवरात्रि पर माता रानी का. पंडाल लगता. था तो इट्स अ वेरी नॉर्मल थिंग मतलब पूजा. पाठ मेरे फादर जो हैं वो छह बार वैष्णो. देवी जा चुके हैं ही इज अ क्रिश्चियन ही. वाज बोर्न क्रिश्चन. चर्च जाते वो हफ्ते के दो दिन चर्च जाते. हैं वो पर यही तो हिंदुस्तान हमेशा से रहा.
है. आप कितने आपको ऐसे लोग मिलेंगे. क्रिश्चियंस मिलेंगे जिनका नाम राहुल है. राहुल डिसूजा रोहित डिसूजा हम लोग खुद. सारे गुरुद्वारे जाते हैं अजमेर शरीफ. कितने हिंदू जाते हैं कितने हिंदू जाते. हैं और कितने कितने सारे लोगों को मैं. जानता हूं कि वह सब कुछ करते हैं यार तो. यही तो हमारा हिंदुस्तान है ई व्हाई इज इट. सो सरप्राइजिंग मैं. मैं मेरे खुद के घर में मंदिर है.
हम यह मेरे फादर हैं पीछे ट्स मम मेरे खुद. के घर में मंदिर है मेरे बेटे का नाम. वरदान है यही यही हिंदु हिंदुस्तान का. फैब्रिक है तो ये जो आपका चेंज है ये आपके. भाई साहब को तराज तो नहीं होता या आप. लोगों को भी अंडरस्टैंडिंग है करता मेरा. भाई भी करता है मेरा भाई भी पूजा करता है. लक्ष्मी पूजा करता है दिवाली पे लक्ष्मी. पूजा की है उसने आपी ने कहा था वो कन्वर्ट. हो गए हैं तो उसको लेक बड़ी चर्चा देश में. चली थी वो कन्वर्ट हो गए वो उसका प. लुक आउट है बट वो पूजा भी करते हैं वो. पूजा भी करता है वो सारी चीज वो दिवाली हम.
साथ में मनाते हैं होली हम साथ में मनाते. हैं ईद के वक्त हम उसके यहां जाते हैं हम. बिरयानी खाते हैं उसके घर पर बनी हुई. ब्यूटीफुल तो दैट इज हाउ इट शुड बी. ब्यूटीफुल ब आज वही फलक की जो मैं बात कर. रहा हूं व फलक की एब्सेंट है सर और मैं. आईम कमिंग बैक टू द साबरमती रिपोर्ट राइट. नाउ कि इसको आप एक ह्यूमैनिटेरियन एंगल से. देखो ना यार आप यह देखो कि 59 लोगों को. जिंदा जला के मार दिया गया यंगेस्ट पर्सन. टू बी किल्ड बर्न अलाइव वाज अ टू एंड हाफ. यर ओल्ड.
किड अब ढाई साल के बच्चे को आप भगवे में. था या टोपी में था वैसे देखेंगे सही बात. है सही बात है मैं लोगों से रिक्वेस्ट. करूंगा आप क्योंकि एंड पर हम है एक फन. सेगमेंट मैंने रखा था छोटा छोटा जल्दी से. निपटा लेते हैं. क्योंकि बहुत हैवी हो गया है ये रूमर्स. टॉक मैंने एक सेक्शन दिया था क्या ये क्या. क्या ऐसे ही आपके बारे में कुछ फनी फनी. अफवाह हैं मासूम बयान बाजियां तो एक है कि. विक्रांत मेसी स्कूल में केमिस्ट्री कम. इसलिए पढ़ते थे क्योंकि बायोलॉजी में बहुत. इंट्रेस्ट.
था केमिस्ट्री कमजोर थे आप सर केमिस्ट्री. टीचर पर बड़ा क्रश था. मेरा मेरी केमिस्ट्री टीचर थी और वो मिड. टर्म आई थी हा हां बट ऐसा कुछ नहीं है सर. ये तो ओके एक रूमर था कि विक्रांत मेसी. लोकल ट्रेन से इसलिए टपक गए थे क्योंकि. क्रिकेट मैच खेलने जा रहे थे गिर गए थे. कहीं आप लोकल ट्रेन में जा रहे थे हा पर. मैं मैं लोकल ट्रेन से गिरा हूं एक्चुअली. गिरा हूं मैं. मैं तभी शामक दवर की ट्रूप में असिस्टेंट. इंस्ट्रक्टर था और नाना चौक ग्रांट रोड.
हमें जाना होता था तो अंधेरी से मैं. ग्रांट रोड जाता था तो उस दौरान मैं ट्रेन. से गिरा था और मेरे यहां पे जो मेरी हिप. बोन है और मैं बहुत भयंकर मु लगी थी च. ट्रेन लली प्लेटफार्म से बस निकली ही थी. तो ज्यादा स्पीड में नहीं थी बट इट वाज. पीक आवर क्योंकि चर्च गेट की तरफ जब आप. जाते हैं तो यू नो हाउ पैक्ट इट इज तब. गिरा था मैं और क्रिकेट बहुत खेलता था मैं. तो क्रिकेट खेलने के लिए हम अंधेरी से. ट्रेन लेके माहिम जाता था मैं खेलने के. लिए क्रिकेट कौन से आइडल थे क्रिकेट में. आपके पसंद वाले उस टाइम. सर बहुत है मतलब मैं दादा का राहुल. ड्रावेट राहुल ड्रावेट हैज ऑलवेज बीन माय.
आइडल हां दादा पे आप सीधे टीशर्ट मुझे. विजुलाइज हुआ सडन आप काम कूल कंपोज रबड पे. आ गए नहीं मतलब उस सचिन भी पसंद थे उस. वक्त उस दौर की टीम ही अलग थी सर उस दौर. की मतलब टीम ही एकदम आउटस्टैंडिंग थी ए. मतलब बहुत ही ज्यादा क्रिकेट के दीवाना तो. में हुई क्रिकेट का अगला रूमर विक्रांत. मेसी ने बाल मजदूरी की है कॉफी शॉप पे. कहीं पे जी जी मैंने कॉफी शॉप में काम. किया आठ महीने मैंने काम था उसको कि अगर. पता लग गया तो जेल चला जाएगा किसको जिसके. यहां काम कर रहे थे हां क्योंकि मैं अंडर.
एज था सर बाल मजदूरी उन्होंने उन्होंने. मुझे कहा था उन्होंने मुझे कहा था कि भैया. मैं तेरे को नौकरी दे रहा हूं बिकॉज मैं. तेरी सिचुएशन समझता हूं लेकिन अगर कल को. पुलिस आ गई और पता चल गया तो मैं जाऊंगा. जेल तो जह में रमाडा होटल है पाम ग्रोव. आपने देखा होगा उसके बैंग अपोजिट एक कॉफी. शॉप हुआ करती थी तो वहां पर मैंने आठ. महीने काम किया मेरे दोस्त वहां पर आके. मुझे सपोर्ट भी करते थे काफी आपको फ्लाइट. अटेंडेंट ब बनना था बनना था उस टाइम प तो. जवानी में तो सबको बहुत कुछ बनना होता है. सर जवानी नहीं मतलब यंग एज में कि मैं ये.
भी कर लूं मैं वो भी कर लूं बिकॉज द. आइडिया वाज. टू टू सपोर्ट द फैमिली द आइडिया वाज टू टू. सपोर्ट द फैमिली फाइनेंशली ओके और उस वक्त. आसपास के लोग या तो 10 प्लसटू. करके फ्लाइट अटेंडेंस बन रहे थे या. मर्चेंट नेवी में जा रहे थे ग्रेजुएशन भी. नहीं करना पड़ता बरवी के बाद आप सीधे. नौकरी कर सकते हैं दुनिया भी घूम सकते हैं. साथ गमर भी है वहां पे ग्लैमर तो नहीं. दुनिया घूमने का एक वो ये भी था क था कि. यार दुनिया घूमेंगे ग्रेजुएशन भी नहीं. करना पड़ेगा पैसा भी कमा लेंगे ओके यूपी.
बिहार के लोगों का एक क्वेश्चन था वो कह. रहे थे कि विक्रांत मैसेज पूछेगा कि. राजकुमार राव ने शादी में जरूर आने कहा था. कि भैया लड़की छोड़ जाए तो यूपीएससी. क्लियर हो आता है ये कह रहे थे लड़की मिल. जाए तो यूपीएससी क्लियर हुआ था 12थ फिल्म. में तो ये दोनों क्यों हमको टोपी पहना रहे. हैं सही वाला फार्मूला क्या है कि लड़की. छोड़ जाए तो यूपीएससी क्लियर होता है. लड़की रहे तो यूपीएससी क्लियर होता है. पढ़ाई करोगे तो यूपीएससी क्लियर होता है. पढ़ाई करो लड़की हो या नहीं हो वो वो. ज्यादा जरूरी नहीं है पढ़ाई करो पढ़ाई.
करके बियाह करो या बियाह मतलब आशकी करके. फिर नौकरी करके फिर शादी करो अगर श्रद्धा. जैसी सही लड़की मिल गई तो फिर बिल्कुल. मतलब यू नो दुनिया आप उलट पुलट कर सकते हो. जैसे फिल्म का डायलॉग है सही पार्टनर. मिलना जरूरी है सर एक किसी ने पूछा कि. मिर्जापुर में आप मर क्यों गए थे अब फिर. जिंदा होंगे कभी नहीं नहीं नहीं हो गया. मेरा मुझे और भी कहानियां बोलनी है मुझे. मुझे बहुत सारी कहानियां बोलनी है और जैसे. मैं अभी साबरमती रिपोर्ट के साथ आया हूं. अभी तीन महीने बाद मेरी एक और फिल्म रिलीज.
होने वाली है मैं वो भी लेके आऊंगा बट आई. हैड अ गुड टाइम मिर्जापुर ने मुझे काफी. दिया और विद रिगार्ड्स. टू जनता का प्यार मुझे बहुत मिला है. मिर्जापुर से पीपल मिस्ड यू या आई आल्सो. मिस्ड मिर्जापुर क्योंकि जब दूसरा तीसरा. सीजन जब भी आया चाम उसके बाद कम हो गया. फिल्म का मतलब आई थिंक कहानी बहुत खींच दी. गई लेकिन एक सवाल उसी से लोगों ने और पूछा. था कि गुड्डू भैया तो आपके भाई थे कभी जीत. पाएंगे बॉडीबिल्डर चैंपियनशिप वो. अब कहां अभी तो उनको लकड़ी लेके चलना. पड़ता है यार अभी तो उनके पैर भी चले गए.
देखो सर मैं पूजा करता हूं यह. देखो मेरी मां भी वहां पर देखो पल्लू लेके. बैठी हुई. है यह पॉसिबल है यह शौक नहीं होना चाहिए. लोगों को यही हिंदुस्तान है इसीलिए सारे. सवाल पूछे थे जब लोग देखेंगे तो जितना. कमेंट सेक्शन सो नाउ आईम अंडरस्टैंडिंग कि. ये आपने क्यों निकाली है तस्वीर आई वांट. टू थैंक यू फॉर दिस थैंक यू ओके एक और. सवाल था किय चप्पल से पीटने वाला सीन. हिंदी फिल्मों में का होता है बलीवुड में. हमने नहीं देखा कभी कोई चप्पल निकाल किसी. मम्मी पीट रही हो या कोई पीट रहा. हो कभी सोचा आपने ऐसा सर पिटाई तो वहां भी.
होती है चप्पल से चप्पल से भी होती है. बेल्ट से भी होती है बहुत बचपन में बहुत. किससे पीटे हो सबसे ज्यादा क्या मम्मी से. किस किस चीज से पीटी है सर हैंगर चप्पल. जूता बेल्ट केन. हाथ लात पाइप से पटगा पानी की पाइप से. शायद मैंने सुनील क्षेत्री का एक वीडियो. देखा था ही एक्सप्लेन कि मम्मी जब पाइप. उठाए तो नजदीक चले. जाओ अच्छा क्योंकि दूर प चिपकती बड़ी तेज.
है और जब चप्पल मारे दूर से आओ कैच कर. सकते कैच कर सकते हो बात तो सही है उनकी. बहुत पिटाई हुई है बहुत बदमाश बहुत था मैं. सर और घर में दो लड़के और लड़ाई बहुत करते. थे तो वी वर हैंडफुल वी वर हैंडफुल किड एक. और रूमर था कि लियोनेल मेस्सी विकत मेसी. के कुछ है रि आई विश आई विश अगर ऐसा होता. तो मैं अभी एल में बैठा होता उनके साथ मैं. यहां नहीं होता आप रोनाल्डो वाले हो मेसी. वाले मेसी मेसी ये नामम के उस नहीं है.
नहीं नहीं मुझे अंडरडॉग्स बहुत पसंद है. इसीलिए मैं कहीं ना कहीं अंडरडॉग स्टोरीज. वर्ल्ड चैंपियन नाउ ही इज अ वर्ल्ड. चैंपियन बट यू सी हिज जर्नी ना मतलब हाइट. और स्ट्रक्चर और वेट के चक्कर में लोगों. ने कहा ये कभी प्रोफेशनल फुटबॉल खेल नहीं. पाएगा हम ग्रोथ हार्मोन इंजेक्शन लेने. पड़े उनको ही ही इज अ वेरी शॉर्ट गाय ही. इज नॉट फिजिकली बिल्ट वेर इज क्रिस्टियानो. रोनाल्डो 6 फ एक का है मतलब ही इज अ ग्रेट. प्लेयर देर इज नो डाउट बट मैं थोड़ा सा. जिनको लोग सपोर्ट नहीं करते मैं उनको. सपोर्ट करना प्रेफर करता हूं ओके देखिए.
मुन्नार से मुन्ना भैया से लोग निकले नहीं. मिर्जापुर से उसमें एक और डायलॉग था कि. मुन्ना ब ने जो मारा था वो बच्चे को आप. लोग के सामने कि पढ़ाई लिखाई करो आईएस. वाईएस बनो वही मनोज है वही मनोज है वही. मनोज है सही सही पकड़ा उन्होंने वही मनोज. है उसकी शक्ल भी नहीं देखी थी ना वो तो. पीछे से दिखाता उसका सर फिल्म में कितना. इंपैक्ट छोड़ जाती है सीरी इस फिल्म में. कि आपको लोग भूलते नहीं है और मिर्जापुर. का बहुत भयंकर इंपैक्ट हैच बलू पंडित मैं. एक छोटा एनेक्ट शेयर करूंगा आपके साथ मैं. लखनऊ में शूटिंग कर रहा था राम प्रसाद की. 13वीं एक फिल्म मैंने की थी हम उसकी.
शूटिंग के लिए मैं सुबह 6:30 बजे अपने सेट. में घुसा हम रात को मिर्जापुर 12:00. बजे लाइव जा चुका है मैं सुबह 6:30 बजे. सेट पे गया हूं शाम को 7:00 बजे पैकअप. करके जब मैं निकला हूं मैं खाली सेट पे. गया हूं और मैं भरे हुए सेट से बाहर निकला. हूं देर वर थाउजेंड्स ऑफ पीपल उनको पता चल. गया कि बबलू भैया यहां शूटिंग कर रहे. हैं प्रशासन को बुलाना पड़ा पुलिस को. बुलाना पड़ा. आप बम्बे में पैदा हुए ना जी या फिर आपने.
यूपी बिहारी टच कैसे आता है सर क्योंकि. बम्बे में बहुत है यूपी बिहार वाले गजब का. टच आपका मतलब मैंने कई फिल्म नोटिस किया. मुझे पहले लगा कि आप या तो पूर्वांचल से. नहीं मेरा दिल है यूपी में एक्चुअली टू बी. वेरी ऑनेस्ट मेरा मेरा मुझे यूपी पता नहीं. मुझे आई एम. रियली एनेमर्ड बाय. यूपी मैं किताबें भी जो पॉलिटिकली रिलेटेड. किताबें होती है मैं वो यूपी बिहार की. पढ़ता हूं मतलब वो थोड़ा पॉलिटिकल. हिस्ट्री आई थिंक वो बहुत रस है उस स्टेट. में स अब वो हम वाला टच आप में दिखता है.
मुझे है सर मैं करता हूं ऐसे फ्रॉम हाफ. गर्लफ्रेंड से लेके मिर्जापुर तक मैंने. जहां आपको नोटिस किया वो आता है. एकदम मुझे यूपी में बहुत रस है ऐसा लगता. है वो बहुत कमाल की जगह है. वो एंड जैसे मैंने कहा सॉरी आई एम सॉर्ट. ऑफ इन ऑ ऑफ यूपी उत्तर प्रदेश बहुत कमाल. की जगह है कौन-कौन सा शहर पसंद है यहां पे. कहां-कहां सर सभी घूम लिया पूरा यूपी घूम. लिया लगभग फिर भी को एक दो तो शहर होगा ना. जहां पे दिल अब लखनऊ पसंद है कानपुर पसंद. है दोस्त आ रहे हैं लखनऊ में काफी अ हम कह.
रहे हैं ना आपसे हम कह रहे हैं ना आपसे तो. है और गांव भी मतलब वहां के जो छोटे-छोटे. गांव हैं वो काफी चीजें हैं वहां पे देख. के समझने की और शायद क्योंकि मैं मुंबई से. आता हूं तो जब छोटे शहर गांव छोटे गांव. में वहां जाता हूं तो ऐसा लगता है कि वाकई. हम एक्चुअली बहुत प्रिविलेज्ड हैं हम कि. वहां क्या हो सकता है क्या और होना चाहिए. कई बार तो सच में ऐसा लगता है टाइम ट्रेवल. करके पहुंच गए हैं आप यूपी के किसी गांव. में चले जाएंगे आपको लगेगा 2002 में पहुंच. गए हैं हम तो है बट आई डोंट नो कुछ तो है. वहां का मुझे मेरे को ये फील हुआ दास में.
गया था मैं तो वहां लोग अभी भी गाने भरवा. रहे हैं कारगिल हां वो मैं गया था 2020. में तो वो मोबाइल लेकर आते थे गाने भर. दीजिए भैया ए आई फेल्ट यार ये तो हमने कब. किया था कब किया था ये और वहां पे उस टाइम. 4g नहीं आया था दे वेर रनिंग ऑन. 2g या ई ई लिख कर आता था वहां पे एंड आई. फेल्ट यार ये मतलब हम इनसे काफी ऐसा लगर. मुझे टाइम ट्रेवल में चल वाकई में गया हूं. मैं ओके सेकंड लास्ट क्वेश्चन अब आप फादर. भी है अ जी सेक्टर 36 फिल्म आई लोग डर गए. आपको देख के तो कहानी भयावह थी अब मैं कई.
सारे बड़े एक्टर्स को सुनता हूं वो कहते. हैं यार फलाने टाइप का रोल करने हम गए थे. हम उस दुनिया में चले गए बहुत टाइम लगा. हमको उससे निकलने में जी आपका बच्चा भी है. फेब में पैदा हुआ 7 फरवरी जी देखिए आपको. भी क्या बात है बढ़िया रिसर्च करते हैं आप. यार हां तो आपको कभी ये थॉट परेशान किया. या वो किरदार का कुछ ऐसा क्योंकि बहुत लोग. अभी भी डरे हुए थे आपसे बबलू भैया या बाकी. रोल जो थे बड़े सीधे सारे रोल थे लते हैं. बड़ा भयावह बट सर एक्चुअली कहीं ना कहीं. ना लोग मुझे टाइप कास्ट करना भी कहीं ना. कहीं शुरू कर रहे थे हां छोटे शहर का सी.
छोटे शहर का सीधा साधा गरीब लड़का गरीब. लड़का तो बिफोर दे कुड टाइप कास्ट मी. मैंने सेक्टर 36 कर ली और सेक्टर 36 करने. का कारण भी ये था कि वो बहुत ही. इंपोर्टेंट कहानी लगी मुझे और उसके इंटर. गन सीन में आपने देखा होगा कि जब वो कहता. है कि कौन देखता है ये ब्रिज के नीचे रहने. वाले लोगों को बहुत तादात है इनकी सर. इनमें से दो चार कम भी हो जाएंगे ना किसी. को कोई फर्क नहीं पड़ेगा और यह बहुतों की. ऐसी मानसिकता है निठारी कांड सिर्फ निठारी. कांड नहीं मतलब ऐसे हमारे पीछे प आई नो आई.
नो पता है मुझे मेरी बी सेक्टर 36 सेक्टर. 35 में रहती थी और वो 31 में हुआ था खैर. तो कमिंग टू दिस थिंग सर जब मैंने वो. फिल्म शूट की थी तभी वरदान नहीं था जब. मैंने फिल्म का फाइनल कट देखा तब मेरा. बेटा हो चुका. था तो अपनी ही फिल्म को अपनी ही कहानी को. एक अलग नजरिए से देखा मैंने इसीलिए मैंने. पूछा ये सवाल तो काफी तकलीफ. हुई लेकिन तकलीफ तब भी हुई थी मि जी. क्योंकि बच्चों के साथ हमने बहुत क्लोज. शूट किया है उस फिल्म. में तो पढ़ते वक्त तो आप पढ़ लेते हैं कि.
यून नो बहुत इंपॉर्टेंट कहानी है यह है वो. है करेंगे शूट कर लेंगे प्रोफेशनल है क्या. हो. गया लेकिन जब उस वक्त बच्चों के साथ भी जब. मैं शूट कर रहा था तब काफी दिक्कत. हुई पर इसके लिए मैं बहुत क्लियर था. क्योंकि पहले मेरे साथ हुआ है पहले मैंने. जो डेथ इन द गंज एक फिल्म मैंने की थी. कोंकना सन शर्मा का डेब्यू था वो एज अ. डायरेक्टर उस फिल्म के बाद मुझे पहली बार. कहीं नाना कहीं थेरेपी लेनी पड़ी थोड़ा. मेंटल हेल्थ के बारे में मुझे भी जानकारी.
मिली इमोशनल हेल्थ के बारे में जानकारी. मिली मैं हूं बहुत सेंसिटिव इंसान मैं. बहुत आसानी से चीजों. को अपने मन में बसा लेता हूं और मोस्ट. एक्टर्स राइटर्स कलाकार जो होते हैं वो. बहुत सेंसिटिव होते हैं यहां मैंने अपने. आप को बहुत ही स्ट्रिक्टली रिमाइंड किया. था कि ये जो है ये घर नहीं आ सकता भाई. साहब ये घर आ गया तो दिक्कत हो जाएगी कि. अपने बच्चे को उठान में डर लेने ल. वो नहीं तो सर वो तो एक अलग ही चीज है. क्योंकि मैं ना ट्रेंड एक्टर नहीं हूं मैं.
अपने ऑब्जर्वेशन जो समाज में मैं देखता. हूं जो चीजें पढ़ता हूं जो मैं अपने. ट्रेवल से मैं जर्नल भी करता हूं जो चीजें. मैं लेक आता. हूं वह मेरे साथ रहती. हैं और यह बहुत सेंसिटिव सब्जेक्ट था और. मुझे पता था कि अगर मैं इसमें घुस. गया तो फिर मेरे लिए दिक्कत हो. जाएगी तो इसीलिए बहुत ही प्रोफेशनल मैंने. सेक्टर में काम किया मैं गया काम किया और. वो पूरी पिक्चर दिल्ली में शूट हुई है तो.
दिल्ली में मेरे बहुत दोस्त हैं दिल्ली. मेरा मतलब दूसरा घर आप कह सकते हैं मेरी. एक्सटेंडेड फैमिली मेरी साली भी यही रहती. है नोएडा में रहती है इनफैक्ट तो आई मेड. श्यर कि मैं हफ्ते में दो-तीन दिन उन. लोगों से मिलूं अदर वाइज आई वुड नॉट डू. दैट लोगों से मिलना कम सोशल मीडिया मेरा. लगभग ना के बराबर हो जाता है सेट रूम अ. टाइम टू टाइम नींद और प्रेप मैं बाहर गया. मैं लोगों से मिला मैंने अपने आप को. डिस्ट्रक्ट क्योंकि ये बहुत डिफिकल्ट यही. बहुत डिफिकल्ट पार्ट था ये इतना घुसना.
उसमें बहुत ही प्रोफेशनली उसको डील कियाम. पर उसके बावजूद लोगों को काम पसंद आया तो. अच्छा लग रहा बहुत पसंद आया ओके द लास्ट. क्योंकि आप एक बहुत अच्छे कलाकार है मुझसे. किसी ने कहा आपकी एक फीमेल फैन ने मुझसे. कहा कि आप विक्रांत को एक डायलॉग तीन चार. अलग-अलग मोड में बुलवा ओ माय. गुडनेस तो मैंने दो डायलॉग आपके लिए रखे. थे आपकी फिल्म आई थी फिर आई हसीन दुल रुबा. जो मुझे अच्छे लगे थे एक था कि मैं तेरी. हर जिद मान लूंगा बस याद रखना कोई ती. शामिल ना हो और एक था कि किस्मत की लकीरें. हाथों पर छपी होती है दोस्त हमने तो. मोहब्बत के लिए हाथ को ही उखाड़ दिया अब.
ये दो डायलॉग आपके है आपको रटे भी होंगे. आई एम शर नहीं हा. म नहीं दे दूंगा मैं सो किसी ने मुझसे कहा. कि इसको कम से कम चार जोन में बुलवा एक. हैप्पी सैड एंग्री. शय ठीक है हैप्पी हैप्पी करके मैं कोशिश. करता हूं कौन स वाले डायलॉग लेंगे आप मैं. तेरी हर जिद मान लूंगा या किस्मत की लकीर. मैं तेरी हर जिद मान लूंगा मैं तेरी हर. जिद मान लूंगा पर इतना क्या बस याद रख खना. कि कोई तीसरा शामिल ना हो बस याद रखना कि. कोई तीसरा शामिल ना हो ओके हैप्पी जन में. हैप्पी जन.
में मैं तेरी हर जिद मान लूंगा बस याद. रखना कोई तीसरा शामिल ना हो यार मैं तेरी. हर जिद मान लूंगा यार बस इतना याद रखना कि. कोई तीसरा शामिल ना हो ये हैप्पी हो गया. हा और शाय में तो फिर यही होगा. कि मैं तेरी हर जिद मान लूंगा बस इतना. ध्यान रखना कि कोई तीसरा शामिल ना. हो ओके. सैड यार अब रुलाओगे क्या अभ मतलब हां ये. सैड अवॉइड कर में आई एम फीलिंग सो गुड. आफ्टर सच अ नाइस इंटरव्यू ओके एंग्री कर. ले एंग्री कर लेते हैं बच्चन साहब बच्चन.
साहब मैं अभी मिल के आया हूं से मुझे बड़ा. मजा आया. अ मैं तेरी हर जिद मान. लूंगा बस इतना याद रखना कि कोई तीसरा. शामिल ना हो. समझा थैंक य ये बहुत ही बुरे. रेंशियर गिव मी थैंक यू सो मच वि आई होप. टू सी यू सून कभी एक बड़ी आज तो बड़ी. पॉलिटिकल पॉलिटिकल चर्चाएं हो गई हां होप. कभी खुल के बारे में के बारे में मजा आया. हां थैंक यू कभी बैठेंगे फुर्सत से आराम.
से आप मुंबई बहुत आते हैं और हमारे कॉमन. फ्रेंड्स भी है हां अब आना शुरू हो गया बट. मुझे लगा ये चर्चा जरूरी थी ये वो सवाल थे. जो लोगों के जहन में थे और आपके थ्रू ये. जाए वो ज्यादा बेहतर है आई एम शोर कि सोशल. मीडिया पर हमारे थ्रू काफी लोग देखेंगे. बाकी फिल्म की आपको बधाई मैं जाऊंगा देखने. आपको बताऊंगा फर्स्ट डे कैसा रहा प्लीज. मुझे बताइएगा थैंक यू सो मच थैंक यू लवली. टॉकिंग लवली टॉक.
