Unplugged FT. Vikas Kumar | Talking about Aarya , C.I.D, Voice Training, Ravish Kumar, Bihar|
काश मेरा रोमांटिक एंगल रहता सुष्मिता सेन. के साथ आर्या में कई सारी तस्वीरें भी. आपकी देखी हक करते हुए वो बहुत अच्छे हक्स. देती है तीन सीजन क्यों लग गए पकड़ने में. उसी हक्स की वजह से अभी भी हाथ कहां लग. पाए ढंग से मैं हूना का गाना था गोरी गोरी. गोरी गोरी गोरी गोरी ये वाला था शी सॉ मी. एंड शी सेड कि खान साहब लेट मी टीच यू. अच्छा वो खान साहब ही बुलाती है हां वो. खान साहब ही बुलाती है नुक्ता के साथ वो. उन्होंने 12 करके मुझे यहां आ गया ठीक है. मुझे एक सेकंड के लिए लगा यार मिस. यूनिवर्स उस समय ना आपका पूरा तो मैंने.
कहा अरे कोई रिकॉर्ड कर रहा है आ वन दिस. यार हर आदमी में शक्ति कपूर होता. है कौन जा तो भाई हां यह पूछते हैं लोग एक. बिहारी 100 पर भारी बिहार से तो नहीं लगते. हैं आप कि आपको हर बार पुलिस वाले क्यों. बनाते हैं ये मैं भी पूछना चाहता हूं. कास्टिंग डायरेक्टर से एक सोसाइटी के. स्वीपर थे यार क्या हुआ तो उन्होंने बोला. कि सर आप चलेंगे मेरे बेटे को पकड़ के ले. गई है पुलिस तो मैंने बोला लेकिन मैं. इसमें क्या कर सकता हूं तो उन्होने बोला. आप सीआईडी में है. ना कभी सोचा आपने गैंग्स ऑफ वासेपुर या.
मिर्जापुर जैसे. उसमें गैंग्स ऑफ वासेपुर में मुझे मिल रहा. था काम कौन किसका किरदार अनुरा कप ने मुझे. बोला अरे मुझे तुम जैसे एक्टर चाहिए ऐसे. ही काले सिंपल यनो यू डिड सीआईडी मेरी. इच्छा एक्चुअली थी कि मैं जो टिपिकल. टेलीविजन फैमिली सोप्स होती हैं होते हैं. उसका हिस्सा बनू अब कोई मुझे नहीं लेता. होगा मेरी शक्ल के कारण या जो भी उन्हें. लगता होगा नहीं लेते थे बहुत बड़े फेमस. एंकर है रवीश कुमार जी.
क्या रिश्ता है आपका रवीश कुमार और उस. जमाने के एनडीटीवी अब तो बदल गया एनडीटीवी. आज पूरे सिस्टम में जो भी खामिया आज निकाल. ने पहले भी थी आज शायद थोड़ी ज्यादा है हम. आपके बिहार में तो पता नहीं लगता सिस्टम. अपोजिशन कौन है बिहार में थोड़ा सा कास्ट. पॉलिटिक्स कास्ट बेस्ड पॉलिटिक्स ज्यादा. है आपको क्या लगता है वो कौन है जो बिहार. को बदल सकता है अभी ऑफ लेट मैं प्रशांत. किशोर जी को फॉलो कर रहा हूं नीतीश कुमार. जी शायद आपके घर पर भी आए थे जी वो आपका. मन है क्या बिहार पॉलिटिक्स में आप भी. थोड़ा एक्टिव हुआ राइट लेफ्ट या सेंटर देश.
में तीन तरह के मुख्य विचारधाराएं हैं एक. लेफ्ट ओरिएंटेड एक राइट जो करंट गवर्नमेंट. चल रही है और एक कांग्रेस जो अपने आप को. सेंटर कहती है सेंटर में भी अ थोड़ा सा. लेफ्ट इंक्लाइंड हां आती है वो अ आपका. पॉइंट ऑफ व्यू क्या है आपने इंटर रिलीजन. मैरिज की है जी बिहार का एक लड़का जो. बिहार से आता है दिल्ली में एक सरदार से. शादी करता है कैसे पॉसिबल हो गया यह आप. इमोशनल इंसान है मुझे लगता है हूं आपकी. आंखें अभी काफी हद तक भर आई इसलिए पूछ रहा.
हूं मैं कोई आउटसाइडर नहीं है जो एक हवा. बना के चलू कटरीना कैफ तो म तो मैंने कहा. कि. कैटरीना दिस यू कैन आल्सो से दिस लाइक. दिस तो कटना ने कहा कि जस्ट टेल मी व्ट. माय मिस्टेक्स आर इन टर्म्स ऑफ साउंड डोंट. टेल मी हाउ टू से द. लाइन फेर कभी आओ बैठो हमारे करीब तो. तुम्हें बताए कि दिल का हाल क्या है आ गए. सर अब य तुम दूर दूर से पूछोगे फिर तो हम. खै कहेंगे अरे क्या बात.
है मैं आपका फैन हो चुका. हूं किसी कमाल के इंसान ने एक बड़ी. खूबसूरत बात कही है कि मंजिलें उनको मिलती. हैं जिनके सपनों में जान होती है पंखों से. कुछ नहीं होता असल में हौसलो से उड़ान. होती है अब य हौसला ही तो है कि एक लड़का. जिसे टीवी के दुनिया में इसलिए मना कर. दिया गया कि तुम्हारा रंग या थोड़ा सावला. है वो आज बड़े पर्दे पर अपनी चमक को पूरे.
हिंदुस्तान में रोशन करर मिस यूनिवर्स के. साथ जब वो स्क्रीन पर आता है तो बराबरी की. टक्कर देता है और दुनिया उसकी अदायगी की. मुरीद हो जाती है यह कहानी है बिहार के. विकास कुमार जी की विकास जी बहुत-बहुत. स्वागत आपका वक्त देने के लिए हमें और जिस. तरह से हमने कहा कि बिहार गया से निकलकर. बॉलीवुड की दुनिया में जाकर छा जाना पंखों. ज्यादा हौसलों की लड़ाई शायद ये थी हां. लड़ाई तो हौसलों की ही है हौसलों की ही. हुई है फिलहाल में हॉले बुलंद तो एक तरफ.
आपकी आवाज बड़ी बुलंद है मैं खो जाता हूं. उसमें य आप डायलॉग कोच है सर नहीं सर. लेकिन अगर आप कह रहे तो मैं बहुत. कॉम्प्लिट के तौर पर ले रहा हूं पूरा. लीजिए मतलब एस डायलॉग कोच एस एक्टर जैसे. भी लेकिन हां हॉले मजबूत रखने पड़े हैं. वैसे तो सांवला रंग या जैसे आपने कहा वो. सब एक तरफ लेकिन कोई भी जो इस प्रोफेशन. में जाए इतनी अनसर्टेंटी है एक लेवल प. इतना लक डिपेंड.
इतनी भीड़ है मतलब इस तरह भी देखा जा सकता. है तो उस हिसाब से हसले तो चाहिए और टिकना. पड़ता है समय लग सकता है पेशेंस बहुत. चाहिए तो उसके लिए हसला चाहिए सबसे ज्यादा. जरूरी वह है कि आप टिके रहे अगर मुंबई गए. हैं या जहां से भी कोशिश कर सही बात है. रात आप य रात तो गुजर है सवेरा तो आएगा ही. लेकिन सवेरा कब आएगा यह पता नहीं होता. लेकिन आपको देखकर मुझे वो अक्सर जो बिहारी. लोग बड़े गर्व से कहते हैं कि एक बिहारी. 100 पर. भारी सब नारे लगते हैं आई थिंक अलग-अलग.
स्टेट्स कुछ ना कुछ बना नहीं आपकी एक्टिंग. को देखकर हम ये कह सकते हैं कि ये बात सच. है बिहार से जितने भी एक्टर निकले हो सकता. है बहुत सारे निकले शायद सभी को हम जानते. ना हो दो तीन लोग मेरे आदर्श भी हैं और एक. आद के साथ मैंने काम भी किया पंकज. त्रिपाठी के साथ मनोज है मनोज वन ऑफ द. रीजंस है कि मैंने ये प्रोफेशन चुना उनके. लिए मैं इस्तेमाल कर लूंगा एक बिहारी सब. पे भारी मैं अभी मेरी लड़ाई अभी जारी है. मेरा सफर अभी शुरू ही हुआ है एक तरह से पर. थैंक यू थैंक यू सो मच नहीं नहीं मैं एक. चीज जानना भी चाहता हूं कि अ ये जो.
संघर्षों वाली बात हम करें हम आपके. एक्टिंग की बात करेंगे और आपके डायलॉग कोच. की बात करेंगे आप प्रोड्यूसर भी हैं उसकी. भी हम बात करेंगे आपने किन-किन को सिखाया. हम वो भी समझेंगे लेकिन पहली चीज जो मैं. समझना चाहता हूं यह यूपी बिहार की माटी. में क्या ताकत है क्योंकि यहां से लड़के. जाते हैं तो कुछ भी नहीं होता उनके पास. खाली हाथ जाते हैं संघर्षों में रहते हैं. पैसे नहीं होते हैं आर्थिक परेशानियों का. सामना करना मानसिक तौर पर बड़े मजबूत हो. आते हैं लेकिन जब उन्हें मौका मिलता है जी. तो अपनी छाप ऐसी छोड़ते हैं कि फिर उसकी.
चमक के आगे सब फीके नजर आने लगते हैं. अ आई थिंक उसका एक उसकी एक वजह यह है कि. देर इज नथिंग टू फॉल बैक ऑन ठीक है तो आप. गए ही है आपको करना ही है वाला हिसाब. किताब है मेरे पिता से ही मैंने सीखा है. ये पिता बहुत गरीब थे किसान परिवार में. पैदा हुए थे बिहार गया में नहीं गया में. मैं पैदा हुआ था वो बिहार शरीफ एक जगह है. वहां से हूं नालंदा डिस्ट्रिक्ट में वहीं. बगल में एक गांव है तूफान गंज नाम है बड़ा.
इंटरेस्टिंग नाम है वहां पैदा हुए थे तो. वहां बड़ा सा परिवार था सबसे छोटे सदस्य. थे उसके किसान परिवार था और उनकी टिपिकल. वैसी वाली बड़ी रोमांटिक या रोमांटिसाइज. करने वाली कहानी है कि जब दसवीं में. पहुंचे तब चप्पल मिला पहनने को वैसा वाला. तो उन्होंने मुझे ये सामाजिक प्रथाओं के. चलते. या आथिक आर्थिक परिथि के चलते तो वो. उन्होंने कहा कि मुझे बताया था कि बहुत ही. छोटा था मैं जब मैंने ये रिलाइज कर लिया.
था कि ऑफकोर्स उन्होंने देख लिया था कि. यार मुझे गरीबी पसंद नहीं है ठीक है और. उन्होंने रिलाइज कर लिया था कि बेटा इससे. निकलना है तो सबसे सही तरीका और सबसे आसान. तरीका है पढ़ो तो उन्होंने खूब मन लगा के. पढ़ा बचपन से ही स्कॉलरशिप उन्हे मिलती. रही और फिर आगे जाकर डॉक्टर बने तो आई. थिंक वो जजबा जो है ना. कि यू नो अगेंस्ट द टाइड या एक अगर आपका. एक फोकस आ गया कि करना है तो करना है यही. रा एक शेर याद आ गया हमको इस पे बड़ा.
अच्छा शेर था कि जहाजों को जो डुबा दे उसे. तूफान कहते हैं तूफानों से जो टक्कर ले. उसे इंसान कहते हैं वो कौन सा पदा है जो. हो नहीं सकता तेरा जी ना चाहे तो क्या हो. नहीं सकता एक छोटा सा चीटा जाके पहाड़ों. पर घर करे इंसान क्या अपने ख्वाबों को. मुकम्मल ना करे वाह आई थिंक आप यह बीच बीच. में कहते रहिएगा हम लोग का ये वीडियो और. वायरल होगा तो हां वहां से खुद मेरे पिता. की स्टोरी जो है जिसे एक सेल्फ मेड मैन.
कहते हैं बहुत इंस्पायरिंग है तो जब आई. थिंक हम लोग पहुंचते हैं ना तो हमारे पास. वही नथिंग टू फॉल बैक ऑन है एंड नथिंग टू. रिस्क भी है एक तरह से तो लग जाते हैं. नहीं तो पिताजी तो चलिए किसान थे फिर. पढ़ाई को फोकस किया बट जिस समाज से या जिस. इलाके से हम और आप आते हैं यूपी बिहार. स्पेशली यहां पर एक्टिंग कभी भी माता-पिता. का फर्स्ट चॉइस प्रोफेशन बच्चों को लेकर. नहीं होता उनकी नजर में जितना मैंने सुना. हो सकता है मैं गलत हूं बट ये होता है कि. यार नाचने गाने से अच्छा कुछ पढ़ लिख लो.
एक तमीज की नौकरी लग जाएगी शादी ब्याह हो. जाएगा और समाज में थोड़ी मान प्रतिष्ठा. हमारी बढ़ जाएगी सरकारी नौकरी का क्रेज या. पढ़ाई का तो उसमें आपको यह एक्टिंग वाली. कहानी कहां से आई और फिर कैसा संघर्ष आपका. रहा तो मेरे पिता का भी सुझाव यही था. हालाकि वो बहुत ब्रॉड माइंडेड थे बहुत ओपन. माइंडेड थे आर्मी में भी सर्व कर चुके थे. कैप्टन थे आर्मी में और डॉक्टर भी थे तो. उन्होंने ऑफकोर्स उन्होंने ये देखा था कि. मेरा बेटा पढ़ने में बहुत अच्छा मैं बहुत. अच्छा था पढ़ाई में कितने नंबर आए थे 12थ. में 12थ के नंबर मत 12थ में 84 आए थे.
लेकिन जनरली मैं पढ़ने में बिहार बोर्ड से. या सीबीएससी आईसीएससी आईएससी बोर्ड से और. उस समय ऐसा था कि हिंदू में एडमिशन भी मिल. गया था हिंदू कॉलेज में लेकिन लिया नहीं. क्योंकि पढ़ाई अंग्रेजी भी अच्छी होगी. मेरी अंग्रेजी ठीक ठाक है आप फिर आपको. सामना कम करना पड़ता होगा कि बिहार से ही. लगते तो नहीं है जी जी नहीं ये तो बहुत. सामना करना पड़ता है क्योंकि जब मैं. अंग्रेजी बोलता हूं क्योंकि मैं वेलम में. पढ़ा हूं. अ देहरादून में सबसे अच्छे स्कूल्स में से. एक है मेरी खुशकिस्मती अगेन मेरे फादर.
बहुत कॉन्शियस थे इस बात को लेके कि अच्छी. एजुकेशन देनी है बच्चों को तो मुझे वेलम. में डाल दिया 5 साल की उम्र से मैं बाहर. पढ़ रहा हूं तो वेलम इज रिस्पांसिबल फॉर. इंग्लिश एंड आल्सो जनरल. एजुकेशन तो हां मतलब क्या सवाल पूछा था. आपने वापस पूछिए बिहार से तो नहीं लगते. हैं आप अब इसे मैं कॉम्प्लीयंट. गेस करवाता हूं कि कहां से लगते हैं तो.
बंगाल बोलेंगे केरल बोलेंगे कॉम्प्लेक्शन. के कारण कुछ और इधर-उधर के स्टेट्स आएंगे. और जब जानते हैं कि बिहार का है तो अरे. नहीं यू लाइंग इट कांट बी बट देन आई एम. सपोज टू टेक दैट एज अ कंप्लीमेंट क्योंकि. परसेप्शन ये है कि बिहारी है तो बोल नहीं. अच्छा पाता होगा स्मार्ट सा नहीं हल्का. फुलका थोड़ा ऐसा आता होगा जी हां श स का. प्रॉब्लम होगा जो होता. है अजीब से रंगीन कपड़े पहनता होगा ये सब. भी लड़की बोलता होगा लड़की हां. जैसे ये मेरा फेवरेट है मेरी तो ठीक है.
प्रोनंसिएशन लेकिन मैं लोगों को बोलता हूं. बिहार से जिनका य गड़बड़ है थोड़ा कि मैं. बोलता हूं कि जो वुमन चीफ मिनिस्टर थी. हमारी उनका नाम लीजिए तो वो र ड का. क्योंकि कंफ्यूजन राबड़ी राबरी कुछ उनको. समझ में नहीं आता क्या बोले तो ये भाषा. अच्छा ये मेरे को जानना भी आपसे कि जब. आपकी जबान साफ होती है भाषा शुद्ध होती है. जबान जैसे मैं आपको भी सुन रहा था आपके. नुक्ते सटीक बैठ रहे थे मुझे बड़ी खूबसूरत.
अच्छी लगा वो कानों में बड़ा एक अच्छा. साउंड करता है जब किसी के नुक्ते सटीक. बैठते हैं आपकी अंग्रेजी भी एक लहजे में आ. रही थी हिंदी माशाल्लाह बड़ा खूबसूरत. बोलते ही हैं तो फिर ये कितना पर्सनालिटी. को इंप्रूव कर देता है या बाकी लोग भी जो. एक्टिंग नहीं कर रहे हैं उनको भी अच्छी. भाषा पर पकड़ होना कितना जरूरी है जरूरी. है बिल्कुल जरूरी है एक तो आप किसी भी काम. में रहे या पर्सनल इक्वेशन जहां भी एक. फर्स्ट इंप्रेशन बहुत अच्छा पड़ता है. लास्टिंग इंप्रेशन पड़ता है ऑफकोर्स हम. जैसे प्रोफेशनल आप आपके लिए मेरे लिए तो.
इंपोर्टेंट है. ही और ये कहीं ना कहीं ना एक वो दिखाता है. कि आप कितने रूटेड हैं अगर इसमें मैं. मातृभाषा पर भी जोर दूंगा अगर उस पर भी. अच्छी पकड़ है तो जैसे अभी अगर मैं कंपेयर. करूं तो बहुत सारे हमें स्टूडेंट्स मिलते. हैं जो इंग्लिश फ्रेंडली ज्यादा है आप वो. हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में रहे लेकिन बचपन. से अंग्रेजी बोली है ये जनजम में भी है हा. और चलिए और उनकी हिंदी में इंग्लिश की.
बड़ी एक क्या बोले फिनेस बोले वैसा नजर. आता है तो वह फिर वह रूटेड नहीं है इसलिए. तो अगर आप रूटेड है तो आपकी भाषा में. दिखेगा हर हर चीज में मदद मिा एक अच्छा. एक्टर होने के लिए भाषा पर पकड़ जरूरी है. क्योंकि जब मैं पंकज त्रिपाठी जी को देखता. एकदम तो नहीं कहता ऑफकोर्स परफॉर्मेंस और. और कैरेक्टर और व सब ज्यादा जरूरी है भाषा. डिपेंड करता है अगर आप कोई स सब्जेक्ट ऐसा.
किरदार आप चुन ले जो कर रहे हैं अगर मंटो. कर रहे हैं और आपके नुक्ते नहीं लग रहे. हैं और नवाज भाई के लग रहे थे तो फिर सही. बात है या फिर अगर आप. एक मतलब कोई भी ऐसा किरदार जिसका एक यू नो. एक जो भी होना चाहिए भाषा के मामले में वह. नहीं है तब प्रॉब्लम है आप रोजमर्रा की. जिंदगी में या जनरल कैरेक्टर्स प्ले कर. रहे हैं उसमें अगर थोड़ा कमजोर पड़ जाते. हैं तो ठीक है चलेगा पंकज भाई सर क्या. बोलूं मेरे सीनियर भी रह चुके हैं दोस्त. भी है पंकज भी बोल सकता हूं मैं वो बुरा.
एकदम नहीं मानेंगे पंकज का जैसे जो रूटेड. है जो उनकी मातृभाषा है उसकी झलक हर चीज. में आती है उनके संवाद में आती है उनकी. फिल्म में भी आती है और उसम कुछ गड़बड़. नहीं अनलेस ही इ प्लेइंग अ कैरेक्टर च इ. टोटली यून नो नॉन बिहारी एंड एंड इ स्टिल. क्रीपिंग इन देन मे बी एंड आईम शर ही इ. अवेयर कि उतनी फिर मेहनत करने की जरूरत है. ओ ये चीज. अच्छा एक सवाल आपके तमाम प्रशंसकों के मन.
में था कि आपको हर बार पुलिस वाले क्यों. बनाते हैं ये मैं भी पूछना चाहता हूं. कास्टिंग डायरेक्टर से ये आपकी शक्ल में. कुछ है और इसी के साथ किसी ने पूछ ये भी. पूछा था मुझसे कि आपसे पूछ लीजिएगा कि. विकास कुमार जी अपने मोहल्ले के सारे. केसेस सॉल्व कर देते होंगे अगल-बगल वाले. दो किस्से सुनाता हूं आपको एक बार मैं. बम्बे में जब पिछले मकान में रहता था तो. वहां पर एक सोसाइटी के स्वीपर थे तो वो. डेली आते ही थे कचरा कलेक्ट करने के लिए. एक दिन उन्होंने अर्ली मॉर्निंग घंटी बजा. दी तो हम उठे हम यार क्या हुआ तो उन्होंने.
बोला कि सर आप चलेंगे मेरे बेटे को पकड़. के ले गई है पुलिस तो मैं मुझे लगा कि. क्या हो गया क्या नहीं तो मैं क्या कर. सकता हूं इसमें मैं तो यहां कहूं भी नहीं. एक होता ना कि कोई पुल लगा दो कुछ मुझे. लगा उन्हें गलतफहमी है कि मैं कोई बहुत. बड़ा स्टार हूं मैं कुछ कर दूंगा तो मैंने. बोला लेकिन मैं इसमें क्या कर सकता हूं तो. उन्होंने बोला आप सीआईडी में है. ना तो मैंने बोला अरे मतलब मैं इसमें तो. एक ये था अच्छा पहले लोग टीवी को बिल्कुल. यकीन मानते थे एक टाइम पे ज बिल्कुल मतलब. उन्होने लगता था.
कि हां मतलब और वो नहीं मानने को तैयार. मैंने बोला कि अरे सर मैं बस किरदार निभा. रहा हूं और वो तो एक नाटक है नहीं नहीं. नहीं वो आपकी बात सुनेंगे मैं बोला नहीं. मैं नहीं जा सकता पुलिस स्टेशन और एक हुआ. था जहां आप वो कॉप में बार-बार कास्ट होने. की बात कर रहे थे तो मैं पिछले साल मेरे. एक मित्र हैं बहुत घनिष्ठ दानिश और उनके. एक मित्र हैं इंडियन है अमेरिका में रहते. हैं कुछ इलाज के सिलसिले में इंडिया आए. हुए थे बमबे तो मैं मिलने गया ताज होटल. ताज वो बस ये जानते थे कि मैं एक एक्टर.
हूं उन्होंने मेरा कोई काम नहीं देखा हुआ. और मैं एक टीशर्ट जींस में घुसा और उनको. अप्रोच कर रहा था वो पूल साइड टेबल प बैठे. हुए थे डिनर के लिए हम लोग जा रहे थे जैसे. ही मैं आया हाय हेलो हुआ उन्होंने बोला. विकास सम शुड कास्ट यू इन इन द रोल ऑफ अ. कॉप मैंने बोला हे भगवान मैंने बोला अरे. उसी से तो भाग रहा हूं मैं तो उने बोला. नहीं तुम कॉप से ज्यादा कॉप लगते हो यार. सिनेमा आस की क्यों ऐसा आप लोग को लगता है. क्या वजह लगती है आप लोग को इसके पीछे पता. नहीं मुझे मुझे मतलब पता नहीं मूछ के कारण.
शायद मैं एक अपराइट आई वुड लाइक टू बिलीव. मैं प्रिंसिपल आदमी हूं लाइफ में तो शायद. वो झलक जाता है मेरे द वे आई कैरी माय. सेल्फ उससे लोगों को लग जाता है कि हां. यार जैसे जब मैं अंकर था तो मुझे फॉर्मल्स. का बड़ा शौक था स आई रिमेंबर मैं एक बार. गवालियर में अपने एक रिलेटिव के यहां गया. था सो कोई हॉस्पिटलाइज था सो मैंने ब्लू. ब्लेजर और लाइट ब्लू शर्ट और डार्क ब्लू. ब्लेजर पहन के मैं उसी में चला गया अंदर. ठंड का महीना था नॉर्मली आई कैरी उसी तरह. के कपड़े भी फॉर्मल्स वाले सो वो हॉस्पिटल. में शुरू डॉक्टर साहब आ ग डॉक्टर साहब आ.
आई फेल्ट ये क्यों है तो मेरे को लगा कि. लोगों को लगता है जो चश्मा ला के जैसे मैं. गया था वो डॉक्टर लग रहा था फिल्मों में. आपको कास्ट भी करते हैं गुड लुकिंग डॉक्टर. सर आप अगर एक्टिंग सिखाओ ग एंड डायलॉग. डिलीवरी तो वी कैन गव अ ट्राई सर आई थिंक. डिलीवरी की सीखने की जरूरत नहीं है. एक्टिंग करवा लेंगे सर सब आई एम श्यर आप. कर ंगे काफी लोग कर वैसे भी रहे. हैं और बोलते भी हैं कि हम करवा लेंगे तो. डायरेक्टर्स भी बोलते हैं तो मैंने इसी. एक्टिंग करवा लेंगे से एक किस्सा मुझे. आपका याद आया मैंने सुना कहीं आप कॉप के. रोल के लिए थे और आपसे कहा गया कि हमें.
सरफरोश का आमिर खान चाहिए फिर कहा गया अब. तक 5 का नाना पाटेकर और दबंग का सलवान. चाहिए और वो सब कुछ ही घंटों में हो ग. डेढ़ घंटे के अंदर तो मैंने वही मैंने. मेरी शुरुआत हुई थी टेलीविजन में पाउडर से. फिर खोटे सिक्के दोनों यशराज के शो थे. दोनों में सीनियर इंस्पेक्टर एक में. जगदाले एक में दामोदर देशमुख बनी पुलिस. वाले. से बोनी उसे हुआ तो फिर क्या कर तो थोड़ा. मैंने गैप लिया उस उसके बाद टेलीविजन में. बहुत सारे फोन आने लगे कॉप के लेकिन ये.
जगदाले और देशमुख बड़े इंपोर्टेंट. कैरेक्टर इनका ग्राफ था बड़े इंटरेस्टिंग. कैरेक्टर्स थे अब मेरा मन नहीं था कि अभी. कॉप से उठाऊं फिर में रेगुलर कॉप तो ऐसे. ही एक आया कि नया प्रोडक्शन हाउस है कॉप. चाहिए सर आपका देखा है काम यह वो तो जब. फोन आया किसी कास्टिंग पर्सन से आया तो. उन्होंने कहा कि आप आ जाइए अभी तो मैंने. बोला ठीक है कुछ कैरेक्टर ब्रीफ तो. उन्होंने बोला कि आप यह समझ लीजिए दबंग का. सलमान. खान मुझे लगा ओके कुछ वैसा वाला एटीट्यूड.
चाहिए चुलबुल स्वाग वा अब मैं सीधा साधा. आदमी मेरे पास कोई गोगल्स वगैरह थे नहीं. और जब भी मैं लगाता था कभी तो मेरी बीवी. टोक देती थी कि ये काला आदमी और ऊपर से. काले चश्मे उसे कुछ उन्हें कुछ तो अखरता. था तो खैर मैं गया और मुझे लगा कि ऑडिशन. के पर्पस से ही खरीदना है तो सस्ते वाले. खरीदता तो अंधेरी स्टेशन गया अंधेरी वेस्ट. में ही रहता था ₹ के मिले होंगे हां. बिल्कुल और वो खरीदा वो सुनहरा फ्रेम और.
काला चश्मा जो टिपिकल कॉप वाले होते हैं. एविएटर टाइप एविएटर एविएटर तो वो पहन के. मैं गया तो जैसे ही ऑफिस में घुसा तो वहां. एक महिला क्रिएटिव क्रिएटिव कहते हैं. टेलीविजन इंडस्ट्री में क्रिएटिव हेड कह. लीजिए जो भी लेकिन सिर्फ बुलाते क्रिएटिव. ये क्रिएटिव है तो उन्होंने कहा कि अरे. अरे वेरी गुड वेरी गुड लव्ड यर वर्क इन टे. स के बट यू बीन टोल्ड ना कि क्या चाहिए आई. सेड या तो इस चश्मा लगा हुआ था उस टाइम. चश्मा में रेगुलर वैसे तो लगाते था लाफ.
नहीं नहीं वो अा नहीं वो नहीं किया था अभी. तक तो उन्होंने कहा वी आर लुकिंग एट नाना. पाटेकर फ्रॉम अब तक 56 तो मुझे लगा ओ तेरी. ये क्या है तो बो ठीक है तो एक ऑडिशन पीस. मिला जो कि बहुत मुश्किल नहीं था तब तक. मुझे थोड़ा सा थोड़ी सी आदत हो गई थी. ऑडिशंस को जल्दी निपटाने की तो मैं 10. मिनट में तैयार हो गया रूम में गया तो. वहां पर दो असिस्टेंट ऑडिशन ले रहे थे तो. जैसे ही मैं शुरू होने वाला था उ बो एक. मिनट एक मिनट आपको पता है ना क्या करना. करना है तो मैंने बोला हां पता है बताइए.
क्या सरफरोश का आमिर खान तो यह डेढ़ घंटे. के अंदर यह हुआ था तो बेसिकली कॉप रोल था. अब मैंने ताजा ताजा जो भी कुछ महीने पहले. दामोदर देशमुख किया था अपना किरदार जो. मुझे समझ में आया कि मैंने कर दिया अगले. दिन कॉल भी आ गया कि बहुत अच्छा लगा फिर. मैंने मना भी कर दिया बट देन वई यू डिड. सीआईडी आई डिड सीआईडी आई वाज नॉट द मोस्ट. एक्साइटेड वन आई गट द कॉल सीआईडी को लेके. हां बिकॉज आई वाजी आईडी व्यूअर मैं. टेलीविजन बहुत कम देखता था मतलब इसमें आईम.
नॉट जजिंग एनी वन हु वाचे टेलीविजन मेरी. वाइफ देखती थी और लोग देखते थे तो वो बड़े. खुश थे कि अरे सीआईडी से फोन आया है आ अरे. यार मतलब क्या तो और एक फिर वही था कि एक. तो कॉप दया दरवाजा तोड़ ठीक है वो एक है. लैंग्वेज है सीआईडी का और बहुत पॉपुलर है. उस पर भी आता हूं तो लेकिन हां फिर. क्योंकि पाउडर और खोटे सिक्के भी सोनी प. आए थे शोज तो मैं वहां एक दो एग्जीक्यूटिव. को जानता था उदय उदयन प्रदीप शुक्ला है.
उनसे बात हुई तो उन्होंने कहा यू वट. रिग्रेट इट ट्रस्ट मी कर लो ये बड़ा. बमबाटू यू नो एडेड अ डिफरेंट एनर्जी टू द. शो ऐसा कुछ करके तो हां वो जैसा आपने कहा. दरवाजा तोड़ो तो मेरी मीटिंग मिस्टर बीपी. सिंह जो करता धरता जिन्होंने बनाया है. सीआईडी. को उन्होंने मीटिंग में मुझे बोला भी था. कि तुम अपना एक कैरेक्टर सोचो तो उन्होंने. कहा था कि दया का है द तोड़ना ठीक है.
एसीपी सर का है कुछ तो गड़बड़ है ऐसे करके. कुछ तो गड़बड़ है और अभिजीत शार्प शूटर है. तो तुम क्या करोगे तो मुझे थोड़ा अटपटा. लगा जिस रियल स्पेस से मैं जा रहा था मुझे. लगा ये कैरेक्टर क्या मतलब कोई फिर मुझे. लगा नहीं ही ओबवियसली नो व्ट ही मेकिंग. वैसा वाला है तो मैं सोचने लगा कि मैं. क्या करूं तो उन्होंने बोला कि ठीक है. करते करते तुम्हें कुछ आ जाएगा और वही बन. गया मेरा सोचने वाला ठीक है तो ऑफकोर्स यू.
हैव टू हैंड इट टू मिस्टर वीपी सिंह हमारी. बात भी हुई थी इस पे साटम साहब वगैरह सब. बोलते थे कि पहले जो सीआईडी था बहुत. रियलिस्टिक शो था लेकिन कितना करते थक. जाते वही करते करते क्राइम तो हमने जस्ट. टू मेक इट मोर एक्सेसिबल टू अ लेमन ऑडियंस. स्पेशली टू चिल्ड्रन दे जस्ट काइंड ऑफ मेड. इट वेरी द वे इट वाज मोर फन देन क्राइम. ठीक है दैट्ची जें चल गई फिर वो रहती थी. और क्या चली दरवाजा तोड़ना या थप्पड़. मारना या कुछ तो गड़बड़ है जो भी और तो.
फिर ऐसे ही था एक हमारे जो मेन कैमरामैन. है राजेश दिवाकर सीआईडी में तो ये लोग कई. बच्चे सीआईडी सीआईडी खेलते हैं घरों में. ये भी एक गेम है तो उन्होंने मुझे बताया स. कम एक्चुअली नाम बहुत कॉमन है सबकी. चाइल्डहुड मेमोरीज जुड़ी हुई है बिल्कुल. और और और लोग बन जाते हैं किरदार अलग-अलग. तो उन्होंने बताया था कि मेरा बच्चा ही. प्लेज यू सीनियर इंस्पेक्टर रजत तो. उन्होंने बताया कि कोई दोस्त है वो आगे. दरवाजा तोड़ता है कोई कुछ करता है कोई कुछ. करता है मैंने मैं उत्सुक था कि भाई जो. रजत बनता है वो क्या करता है उन्होंने कहा.
वो अंदर घुसता है पहले वो सोचता है वो. थोड़ा टाइम लेता है गंभीर रहता है और फिर. कुछ एक्शन ले फिर बोलता है डिसाइफर करता. मैंने बोला चलो फिर ठीक ही तो ये आपकी. पर्सनालिटी का पार्ट है या आप जैसे मैंने. आर्या देखी मैंने आर्या के तीनों सीजन. देखे और काफी अच्छी वेब सीरीज लगी मुझे कई. सारे ऐसे लोग थे जो काफी समय से काम. एक्टिव नहीं थे जैसे चंद्रचूड़ जी थे बड़े. अरसे के बाद देखा उनको मैंने सुष्मिता जी. को. बड़े लंबे समय बाद इतनी देर तक के टाइम.
स्पेस के लिए देखा कई सारी तस्वीरें भी. आपकी देखी हक करते हुए सोशल मीडिया पर वो. बहुत अच्छे हग देती है हा आप भी मिलिए हा. आप कह लेंगे हक के बाद कि हां इससे बढ़िया. ह वेरी वम बिल्कुल मुझे करवाने की जरूरत. नहीं. पड़ेगी सुमिता सेन कई मतलब ऐसे ही मेरे मन. में ख्याल आया कि तीन सीजन क्यों लग गए. पकड़ने में उसी हक्स की वजह से कि आपको. बिहाइंड स्क्रीन अच्छे हक्स मिल रहे थे. आपने कहा चलो यार एक सीजन और छोड़ देते. हैं स्क्रिप्ट इजाजत देती तो पहले वाले. में ही पकड़. लेते. हां मतलब अब अभी भी हाथ कहां लग पाए ढंग.
से वो सरेंडर रेंडर तो कर दिया उन्होंने. फिर गोली भी लग गई जिंदा. है गोली तो लग चुकी है गिर भी गई है सीजन. खत्म भी हो गया है अब फिलहाल हर बार वही. स्टेटमेंट आ है कि जितनी बार मैं तुम पर. भरोसा करता हूं आर्या हां हर बार तो तो. इतना क्यों भरोसा करते हैं आप खूबसूरत है. इसलिए मिस. यूनिवर्स नहीं देखिए वो सब तो हमारी यादें. हैं मतलब हम लोग स्कूल में थे एंड अगेन. लाइक हमारी जो पहली मुलाकात हुई थी.
सुष्मिता और मेरी पहले सीजन से पहले कुछ. वर्कशॉप्स रखे गए थे और क्योंकि सुष्मिता. और मेरे बहुत सारे सीनस थे एक साथ में तो. एक पूरा दिन हमें साइन किया गया था तो आई. वाज ओबवियसली अब यह है कि बहुत लोगों के. साथ काम कर लिया है तो मैं आई वट से आई. गेट इन ऑ ऑफ पीपल या आई गेट इंटिमिडेटेड. और समथिंग लेकिन आई वाज ओबवियसली. एक्साइटेड इन एंटीसिपेशन वो वाला जो होता. है कि य यली तो वही वही मैं कह रहा हूं ना. कि जब वो वो आपकी मेमोरीज होगी ना वो. चुनरी चुनरी चुनरी चुनरी मैं हूं ना मैं.
हूं ना हां अरे हां तुम्हें जो मैंने देखा. जी तो अंदर तो आपके भी एक शाहरुख खान छिपा. हुगा ना सर हम सब शाहरुख खान अमिताभ. बच्चन अंदर तो एक शाहरुख भले ही कितना. सीरियस किरदार नहीं नहीं और मैं डांस भी. कर चुका हूं उनके साथ मन में कहीं तो. लड्डू आते होंगे मैं हना के गाने पे और. झेप भी चुका हूं मैं कभी ऑन स्क्रीन इन यू. नो इनफ द कैमरा कभी मैं इंटीमेट या इन ऑ. नहीं हुआ जैसा मैंने कहा लेकिन एक बार. डांस कर रहे थे साथ में पार्टी में उस समय. हो गया हां क्योंकि वो हम कर रहे थे उनका.
वो कुछ मैं हना का गाना था हां अ तुम्हें. जो मैंने देखा ये था नहीं दूसरा एक था और. कौन से कोई तो गोरी गोरी गोरी गोरी गोरी. गोरी ये वाला था तो कुछ कर रहे थे तो शी. सॉ मी एंड शी सेड कि खान साहब लेट मी टीच. यू अच्छा वो खान साहब बुलाती है हां वो. खान साहब भी बुलाती है नुक्ता के साथ हां. उनके उर्दू थोड़ी अच्छी है हां तो. अ तो वो सिखाने लगी तो वो उन्होंने 12. करके मुझे यहां आ गया ठीक तो मैं ऐसे तो.
वो पहली बार था हालांकि सीन परफॉर्म करते. समय हम बहुत पास गए हैं और चिल्लाए हैं एक. दूसरे प लेकिन यहां ऐसे पास आया तो मुझे. एक सेकंड के लिए लगा यार मिस यूनिवर्स उस. समय ना आपका पूरा तो मैंने कहा अरे कोई. रिकॉर्ड कर रहा है आई वान दिस या तो देन. शी टर्न माय फेस शी सेड खान साहब लुक एट. मी डोंट रुन द मोमेंट मैं बोला आप करा लो. डांस फिर लेकिन खैर उन्होंने सिखाया और.
डांस किया ले या आई मीन दैट वाज ब्यूटीफुल. तो एंड कमिंग बैक टू भाई मिस यूनिवर्स. वाला मैंने खान साहब को बड़े सीरियस. किरदारों में देखा ये जो ब्लश आपने अभी. दिया थोड़ी देर देखिए अभी मैं कहते हुए भी. शर्मा रहा हूं और पहली बार जब मिला था ना. तो यही हुआ था हमारी वर्कशॉप डिजाइंड भी. ऐसे ही थी कि यू हैव टू बी योरसेल्फ अचानक. कॉप है तो कड़क नहीं और जो भी तो विनोद. रावत जो वन ऑफ द डायरेक्टर्स भी थे सीजन. वन के और हमारे एक्टिंग वर्कशॉप्स ले रहे. थे तो उनका मेथड एक होता है कि जैसे हम.
दोनों बात कर रहे हैं बात कर रहे हैं बात. कर रहे हैं और फिर अचानक से वो चुटकी. बजाएंगे एंड यू स्टार्ट परफॉर्मिंग द सीन. डायलॉग्स बोलने लगू तो हम लोग बात कर रहे. थे तो एक्चुअली बाद में मैं ऑफकोर्स. पुरानी बातें कि स्कूल में कैसे आप जीती. थी मिस यूनिवर्स कैसे हम आपकी और ऐश्वर्या. राय की राइवल एंड ऐश्वर्या राय डेफिनेटली. द मोस्ट ब्यूटीफुल वुमन इन द वर्ल्ड पर हम. में से कुछ लोग थे जो सुष्मिता सेन को. ज्यादा पसंद करते थे उनमें से एक मैं था. मैं और मेरा बचपन का एक दोस्त शारिब खान. एक बार हम लोग लाइब्रेरी में भी थे स्कूल.
के तो दोनों की फोटोज आई थी किसी मैगजीन. में और हम घूम रहे थे सबसे पूछ रहे थे. वोटिंग करा रहे थे कि कौन ज्यादा हॉट है. या कौन ज्यादा खूबसूरत है हर आदमी में हर. आदमी में शक्ति कपूर होता. है नहीं नहीं शक्ति जी को मैं बस एक. कलाकार के रूप में बहुत अच्छे कलाकार वो. अच्छा वो क्या था तोहफा में कुछ उन्होंने. किया था फिल्म में वो वसा वाला जी जी. एनीवे तो तो उसमें हम लोग थे जो जो जो बोल. रहे थे सुष्मिता सेन सुष्मिता सेन कुछ. उनका वेट सा लुक था तो ये सारी बातें.
मैंने आपको लग रहा इही बातों का असर था कि. आप घूमकर फिर यहां तक आ गए शायद पता नहीं. आपने पिचिंग अच्छी की नहीं नहीं नहीं ये. मैंने बहुत पहले पिचिंग की थी सीजन वन के. शुरू शुरुआत में ये सीजन टू में मुझे मौका. मिला बड़े बूढ़े कह गए ना सब्र का फल मीठा. होता है बीच में लॉकडाउन आ गया. सर तो हां वही ये सब मैंने कहा बट शी वाज. वेरी स्पॉटिंग अबाउट इट शी सेड कि नहीं. ऐसा था कि यू नो ओबवियसली मोर पीपल र यनो. चेयरिंग फॉर ऐश्वर्या राई स्टफ एंड ऐसे ही.
हम बातें करते करते वो चुटकी बजाता था. डायरेक्टर विनोद और हम लोग फिर सीन बहुत. बात कर लिया थोड़ा काम कर लो ऐसा हुआ कभी. नहीं ऐसा नहीं हुआ हम लोग काम के समय काम. करते थे और काम के बाद कभी हैंग आउट करने. वही हम स्पेशली आउटडोर्स में आउटडोर्स में. एक फायदा होता है कि सब एक ही जगह रह रहे. होते हैं और रम माधवानी फिल्मस बहुत अच्छे. से रखते हैं आपको बेस्ट होटल्स बेस्ट यू. नो फैसिलिटी दे प्रोवाइड य तो वहां तो हर. रात एक तरह से पार्टी होती है लेकिन. ऑफिशियल होती है जब भी छुट्टी होती है.
छुट्टी हर हफ्ते होती ही है तो छुट्टी की. एक रात पहले तो फिर धमाल ही है तो उस समय. यू नो ये गपशप सो नाउ यू आर गुड. बडी फ्रेंड इतना है कि कॉल कर सकते हैं. मैं कर सकता हूं आई एम श्यर मैं कर सकता. हूं मैंने ज्यादा किया नहीं है मैं उस चीज. को रिस्पेक्ट करता हूं हमेशा व्हेन आईम. दैट वे आई एम क्लोज टू जॉन इब्राहम विद्या. बाल एंड मेनी अदर जैकलीन फरनाज उनको तो. आपने एक्टिंग सिखाई होगी एक्टिंग नहीं. सिखाई मैं डायलग डि मैंने मैं उसको टीचर. वचर मानता ही नहीं हूं मैं फैसिलिटेटर. कहता हूं अपने आप को दो चीजें जानता हूं. दो चीजें शायद मेरी दूसरे लोगों से थोड़ी.
बेहतर है और उसमें भी फिसलता रहता हूं मैं. मैं सीखता रहता हूं मैं अभी रिलाइज कर रहा. हूं उस परे भी आऊंगा एक ऑडियो पप पे काम. कर रहा हूं मुझसे ही बोला नहीं जा रहा है. मैं सोच मैं दुनिया को क्या सिखाता हूं. एनीवे तो हां वह सब करता हूं लेकिन जब भी. कोई बात कहनी होती है तो मैं कोशिश करता. हूं कि ऑफिशियल अप्रोच करूं थ्रू मैनेजर. या अगर पर्सनल बात है तो मैं ऑफकोर्स. मैसेज छोड़ता हूं और सीधे फोन नहीं कर. दूंगा चाहे वो जॉन हो चाहे जो भी लेकिन. रिस्पांस सीजन फोर आएगा आर्या मुझे कुछ.
नहीं पता सर देखिए ये डिपेंड करता है सारा. प्यार पे ये सारी चीजें अ गवर्न होती हैं. व्यूअरशिप से तो अगर हॉटस्टार जैसे सीजन. वन के पास बाद भी ऑफकोर्स उम्मीद तो थी कि. सीजन टू आएगा अ लेकिन वो सब व्यूअरशिप पे. है क्योंकि ब्लॉकबस्टर हिट हो गया तो सीजन. टू बना सीजन टू का भी रिस्पांस बहुत अच्छा. आया सीजन थ्री आया अब सीजन थ्री तो अभी. आया ही है देखते हैं अा मेरी इच्छा है एज. एन एक्टर की 10 सीजन बने ऐसे ही मैं मिस. यूनिवर्स के साथ हंसते गाते नाचते एक्टिंग.
कर लू और कुछ पैसे भी कमा ले और कुछ अच्छा. काम भी कर ले. नहीं सर नहीं भाभी जी देख रहे होंगे इंट. पर उन्हें बहुत मन था ये बताया आपने भाभी. जी से कि मैं ऐसे घूम रहा था और फिर मैं. यहां तक आया वो इंसान जो घर में बड़ा. खड़ूस सा रहता है तेज बोलने वाले पुलिस. कॉप्स को रिजेट कर देता है बहुत सडली उसके. अंदर से शाहरुख एक नया इंसान आ रहा है वो. जगाना नहीं कुछ तो हुआ है जी जी ल है सब. कुछ नया है दो चार दिन से लगता है ऐसे. नहीं नहीं टू गिव हर क्रेडिट रावी मेरी.
वाइफ का नाम है वो बहुत खुश हुई इनफैक्ट. वो जो वीडियो है. एक कॉस्ट्यूम की एक असिस्टेंट थी उनके. उन्होंने रिकॉर्ड किया था उसको भी मेरी. वाइफ ने पहले देखा मैंने बोल तो दिया अरे. कोई रिकॉर्ड कर रहा है फिर मैं देखना भूल. गया मैं शायद उसी में खो गया था जो वहां. पर हुआ लेकिन हां मेरी वाइफ तो बहुत खुश. होंगी अगर ऑन पर्दा कोई ऐसा ट्रैक चले वो. थोड़ी सी मायूस थी. कि मतलब जैसा मेरा और आर्या का ट्रैक है.
शो में ऐसा कभी-कभी लगता है कि शायद ही. हैज. फीलिंग्लेस दिखाए तुम्हारे और सुष्मिता के. बीच में कुछ क्योंकि थैंक फुली एंड वी आर. वेरी ग्रेटफुल फॉर दैट कि फर्स्ट सीजन में. ही बहुत ज्यादा केमिस्ट्री और ये सब की. बातें हुई थी कि आप दोनों की केमिस्ट्री. बड़ी अच्छी है कुछ मैंने कहा ना उस शो में. बहुत सारे एक्टर्स हैं बहुत सारे लोग हैं. बट आप और सुष्मिता जब स्क्रीन पर आ रहे थे. तो बहुत ही पावरफुल वो था कि एक महिला है.
जो बहुत ही स्ट्रांग है पर्सनालिटी दिखाया. गया उन्हें अपने परिवार के लड़ है और एक. इंस्पेक्टर है जो कहीं से डाइवर्ट नहीं हो. रहा घुस खोर नहीं है ईमानदार है नजर रख. रहा है लेकिन इंसान भी अच्छा है अपना भेजा. हुआ बच्चा जो उसके यहां जाता है पुलिस. बनकर उसको बचाने पहुंचता है कुछ मत करना. वरना छोडूंगा नहीं तुम्हें सो वो कई सारे. शेड्स दिखाए गए हैं अलग-अलग इमोशंस के एंड. आप दोनों साथ में स्मार्ट लगते हो थैंक यू. ये वाली डील मैं काट के डाल दूंगा नहीं. नहीं बिल्कुल डालिए ताकि लोग कास्ट करें. मैं कोलैबोरेट भी कर द बिल्कुल. नहीं नहीं आई वुड लव आई मीन शी इज अ ट्रीट.
टू वर्क विद और जैसा आपने कहा ना क्योंकि. इतना मल्टी लेड है शो भी और उनका किरदार. भी और मेरा किरदार भी जब हम लोग. आमने-सामने ऐसे होते हैं तो बहुत सारी. अनसेट चीजें चल रही होती हैं हमारी आंखों. में और उससे इंसान भी वो भी इंटेंस पता. नहीं मैं कितना इंटेंस नहीं हूं फिर में. ना वो जहां पर डायरेक्टेड नहीं है कहते. कहते मैं एकदम पास जाके चिल्ला दूंगा फिर. वो भी चिल मतलब कुछ ऐसा कुछ कर देंगी और. यह राम माधवानी सर के शूटिंग में ये पूरी. छूट है कि आपको यहां से बंबई जाना है एन ए.
पकड़ के तो आप कहीं भी रुक सकते हैं थोड़ा. डाइवर्ट आपको पहुंचना बंबई है तो वो एक यू. नो माइल स्टोस कहते हैं वो करना है लेकिन. आप अपने तरीके से कर सकते हैं तो उतनी. लिबर्टी हमें मिलती है उसमें हम खेलते. इंप्रोवाइज कर सकते हैं जी और उसमें हम ये. ये पोजस और साइलेंसेस और इन सब से और. शब्दों से भी जिस स्कूल ऑफ एक्टिंग से आप. निकलते हैं मतलब स्टाइल ऑफ एक्टिंग की बात. कर रहा हूं उसमें नवाजुद्दीन. सिद्दीकी मनोज वाजपेई सर पंकज त्रिपाठी जी. अच्छे कला ार की जो जिनको हम रिस्पेक्ट. करते हैं नवाजुद्दीन का एक इंटरव्यू देख.
रहा था मैं उन्होने कहा यार बहुत हो गया. से बैटिंग करना मेरे को रोमांस करना हैरी. मेरे अंदर भरा पड़ा है उसको तो कहीं. निकलना हर आदमी मुझे सीरियस रोल देता है. मैं अच्छी एक्टिंग करता हूं मेरे को तारीफ. नहीं चाहिए अब मेरे को भी रोमांस करना है. स्क्रीन पे मैं टोटली आइडेंटिफिकेशन. [संगीत]. लेता होगा मेरी शक्ल के कारण या जो भी. उन्हें लगता होगा नहीं लेते थे अनफिट.
अनफिट कर देते थे मुझे लगता था क्या बना. रहे हो ऐसा कि मेरी शक्ल अनफिट है उसके. लिए जब थोड़ा. सा यू नो अपने आप को प्रूफ किया थोड़ा लोग. जानने लगे तब और ओटीटी में आ गया मैं या. फिल्मों में थोड़ा और काम कर परमाणु वगैरह. आ गए तब मुझे टेलीविजन से वैसे फोन आने. लगे जब मेरे पास उतना टाइम नहीं था कि मैं. दो दो तीन-तीन साल कमिट कर दूं यू नो एक. एक शो के लिए लेकिन हां इच्छा होती है नॉट. सेइंग फॉर एनी रीजन जस्ट टू जस्ट टू.
एक्सप्लोर डिफरेंट साइड एक एक फॉर वेरियस. रीजन वो कंप्लेशन है स्टाइल ऑफ एक्टिंग कह. लीजिए जिस तरह के किरदार अ तक किए हैं वो. कह लीजिए कि एक इंटेंस वाला एक छाप पड़. जाता है तो लाइटर स्टफ तो मैं अभी काला. पानी की वो भी इंटेंस है कॉप नहीं है. लेकिन हां तो मैं चाहता तो हूं काला पानी. या आर्य थ आ का पानी काला पानी जोस आर टूथ. काला. पानी ये मैंने हमेशा महसूस किया आपको ले. आपके जहन में ज्यादा काला पानी क्लोज नहीं. ऐसा नहीं है ज्यादा पावरफुल किरदार है.
इसलिए नहीं नहीं नहीं ज्यादा रिसेंट है. मैं ये कहूंगा और ज्यादा नया है आर्या को. तो मैं मतलब आर्या तो घर है राम माधवानी. फिल्म्स तो मतलब ऐसा आर्या इज फर्स्ट लव. दैट वे बट राइट नाउ काला पानी ने जितना. मुझे पुश किया है एज एन एक्टर जो लिखावट. है और एकदम नया कांसे और इंस्पेक्टर नहीं. बनाया है वो भी हां तो यही इन्हीं कारणों. से हा नहीं तो हर जगह इंस्पेक्टर बना ते. हैं जी जी जी शानदार ये अच्छा रहा आपका. हमने सुना कि आपने टीवी की दुनिया में. काफी लोगों को सिखाया है वो हम बात करेंगे.
लेकिन एक बहुत बड़े फेमस एंकर हैं रवीश. कुमार जी क्या रिश्ता है आपका रवीश कुमार. और उस जमाने के एनडीटीवी अब तो बदल गया. एनडीटीवी लेकिन एक जमाने में वो लाल माइक. और जो एनडीटीवी हुआ करता था क्या रिश्ता. है विकास जी का उनसे बड़ा अच्छा एक डेढ़. साल में वहां पर जुड़ा था उनसे एस अ. विजिटिंग कंसल्टेंट वॉइस ट्रेनर तीनों. उनके एनडीटीवी इंडिया 247 प्रॉफिट हम सब. सबके उस समय जो रिपोर्टर्स थे खासकर ने. उनको थोड़ी बहुत ट्रेनिंग दी थी वॉइस एंड.
स्पीच एंड डिक्शन इन सब प तो जब दिल्ली. में कर रहा था तो रवीश ऑफकोर्स बहुत. सीनियर है उनकी क्लास एक अलग से होती थी. हा लेकिन उनका तो स्टाइल यही था ना देखिए. जी हरा पेड़. है एक देसी स्टाइल है ना जो मतलब जी जी जो. कनेक्ट होता है उस जैसे आप आप बोल रहे हैं. आपकी भाषा का एक लहजा है जी या जैसे हम. लोग टीवी एंकर थे हमारी भाषा एक लहजे में. आ. है उस जिस ब सिटेड साउंड कर उनका एक बड़ा.
र स्टाइल है देखिए जी हम यहां पर आए हैं. और ये देखि जी है. ना कौन जा तो ये हाई डेसीबल रिपोर्टिंग जो. होती है तो उनकी भी आदत थी कि डिबेट्स में. वह बहुत हाई पिच और हाई वॉल्यूम पर बात. करते थे तो मैंने कहा कि सर य स एक तो. सुनने में भी थोड़ा सा अखरता है और दूसरा. सस्टेन करना थोड़ा मुश्किल हो जाता है तो. उन्होंने कहा कहा कि हां इसीलिए हमारा. माथा जो है धर लेते हैं हम 45 मिनट का.
डिबेट कराते हैं कांग्रेस बीजेपी के बीच. में और उसके बाद बाहर निकलते हैं जैसे कि. सर दर्द हो रहा है सो या दीज टू थिंग्स उ. आई एम नॉट सेइंग कि मतलब मुझे जो पता था. जो समझ में आया मैंने वो कहा ऑफकोर्स उनका. कंटेंट और उनका जो अंदाज है वो हमेशा से. बहुत अच्छा है मिले दोबारा कभी उनसे आप. नहीं मैं एक दो बार मैंने उनको. कांग्रेचुलेशन किया था जब उन्हें अवार्ड. मिला था मैक्स मैक्स अवर्ड तो इंडिपेंडेंट. जर्नलिज्म वो भी कर रहे हैं हमारी तरह हम. भी इंडिपेंडेंट वो भी इंडिपेंडेंट जी. टीवी सोशल मीडिया हर जगह अच्छा आपका टीवी. से वैसे काफी रिश्ता रहा है आपको नौकरी भी.
शायद जो हमने अपने प्रोमो में कहा था. शुरुआत में स्टार्टिंग में कि आपका टीवी. से रिश्ता रहा है आप गए थे एंकर एंकर भी. आप बन चुके थे जी मैं बनते बनते रह गए थे. चैनल का नाम नहीं लूंगा हा पर मैं एक नाटक. कर रहा था द लेजेंड ऑफ राम आमिर रज हुसैन. का इंतकाल पिछले साल हो गया बहुत कुछ सीखा. मैंने एक टीवी ही है दर्शक समझ जाे कौन सा. टीवी. है तो. वो लोग आई डोंट नो कुछ अथॉरिटीज हमारा. नाटक देखने आए थे और उन्हें कुछ आवाजें.
बहुत पसंद आई थी खासकर मेरी आवाज तो मुझे. बुलाया था यहीं अपने न्यूज हाउस में ऑडिशन. टाइप लेने के लिए और वहां भी बहुत पसंद. आया और थोड़ा सा ऑफिस में ये फैला भी था. कि यार एक लड़का आया है उसकी आवाज काफी. सही है ये वगैरह मुझे मैंने पूछा भी कि. मैं कोई जर्नलिज्म का बैकग्राउंड नहीं है. तो नहीं नहीं नहीं चलेगा आप सीख जाओगे. धीरे-धीरे. बट ये हुआ कि यू आर गोइंग टू बी आवर वॉइस. प्राइम टाइम एंकर एंड वो चैनल लांच होने. वाला था तो वो चला हम लोग आते थे मैं ये.
है कि नोएडा से बहुत दर द्वारका से आता था. तो उस समय तो और टाइम लगता था उस समय ये. सब ये फैसिलिटी नहीं थी आज चैनल फिल्म. सिटी में नहीं है अब कहां है मुझे नहीं. पता तब फिल्म सिटी में था तब इधर ही था. जीरो इन कर रहे हैं क्या कौन. सा हम तो जानते ही है ना कहां पर है हम तो. कह ही रहे हैं कि एक न्यूज़ का टीवी है. लीजिएगा तो कुछ मतलब जिस तारीख को वो लच. होने मैं आता था और मैं ड्रा रस भी करता. था सूट वूट पहन के काउंटडाउन आता था एक.
लड़की आती होगी सर आज ये पहनना मेकअप होता. होगा वो सब होता था और ड्राई रंस होते थे. पढ़ते थे मैंने जब शुरू किया था बड़ा मजा. आता था कि यार कितनी बढ़िया दुनिया घर से. कुछ भी पहन के चले आओ ऑफिस में तैयार हो. जी और कई बार ऊपर पहन लो नीचे जो भी पहने. हुए हो अपना ऊपर कोट डाल लिया तो वो सब चल. रहा था कहा भी गया था डिंग्स लगेंगी आपकी. प्राइम टाइम एंकर रहेंगे आप ही से लच. होंगे लेकिन कुछ तो बात हुई और एक दिन. मुझे कहा गया कि आप कहां से आते हैं. द्वारका से तो अरे इतने दूर से क्यों आते. हैं मैंने बोला क्यों आते हैं चैनल लच हो. रहा है ड्राई रस हो रहे हैं तो उसी के लिए. आते हैं जब शुरू होगा हम यहां एक डेरा ले. लेंगे रूम ले लेंगे यहां रहेंगे फिर.
वीकेंड्स प जाएंगे छुट्टी में नहीं नहीं. आप फोन करके आना तो मुझे लग गया कुछ तो. गड़बड़. है तो फिर मैं अगले दिन नहीं आया तो खुद. ही फोन आया कि ऐसा है एगजैक्टली द वे दे. पुट इट वन लेडी स्पोक टू मी एंड शी सेड कि. वन एजेंसी इज मॉनिटरिंग द लुक ऑफ द चैनल. एंड योर लुक डजन गो विद द लुक ऑफ द चैनल. तो मैंने मैं हंसने लगा तो मैंने कहा कि. क्या ये आई मीन यू कैन बी ओपन क्या ये. कॉम्प्लेक्शन को लेके है कुछ व्हाट ड यू.
मीन बाय माइड लुक डजन गो विथ द लुक ऑफ द. चैनल तो शी सेड अब सर आप बेहतर समझते हैं. मैं क्या बोलू क्या नहीं बोलू तो ट्स इट. आई वा स्टिल लाफिंग शी वाज अमेज्ड कि यू. नो ये हंस रहे हैं क्योंकि ऑफकोर्स एक. प्लम जॉब था मुझे नहीं पता मैं कब तक टिका. रहता उस न्यूज इंडस्ट्री में लेकिन मैं एक. एक्टर था तो हां ठीक है जाते हैं बम्बे. वापस वहीं से आया था मैं ये नाटक करने पर. ठीक है इट्स ऑल गुड मैं टी देखते हैं आप. अभी टीवी भी देखते हैं कभी आप न्यूज न्यूज.
अब मैंने देखना थोड़ा सा बंद कर दिया. कितने टाइम से कुछ महीनों से वजह. थोड़ा मैं बैलेंस्ड नहीं पाता था ू को. थोड़ा बायस पाता आई थिंक वो जो फोर्थ पिलर. वाली बात है डेमोक्रेसी की वो और ये मैं. पिन पॉइंट नहीं कर रहा आई एम शर बहुत सारे. जर्नलिस्ट हैं जिनके. एथिक्स बहुत इंटैक्ट है लेकिन यह सिर्फ. मेरा मानना नहीं है आई एम शोर जिसके दो. कान है दो आंखें हैं वो सता. है थोड़ा सा बैलेंस जो है वो गड़बड़ है एक.
क्वेश्चन मेरे मन में और आता है आपको लेके. बिकॉज आप मैंने जितनी आपसे ऑफ द रिकॉर्ड. या यहां बात की आप ओपिनियन रखते हैं अपना. आप अपनी बातों को लेकर एक आपका पॉइंट ऑफ. व्यू होता है और बहुत ही क्लेरिटी से आप. रखते हैं. उसे क्योंकि मैं उस इंडस्ट्री का हिस्सा. हू न्यूज इंडस्ट्री का कई बार यह आरोप. लगता है कि आज के टाइम में ज्यादा हाइप. बना दिया गया यही चीजें पहले भी होती थी. पहले शायद लोग नोटिस कम करते थे या सोशल. मीडिया का इंपैक्ट इतना नहीं था तो हम. सुनके समझ नहीं पाते थे क्योंकि तब भी एक. ही जरिया था नहीं थोड़ी सच्चाई इसमें भी.
है थोड़ी सच्चाई इसमें भी है आप आप आज. पूरे सिस्टम में जो भी खामिया आज निकालने. पहले भी थी आज शायद थोड़ी ज्यादा है हम आज. थोड़ा बैलेंस थोड़ा सा ज्यादा टिल्टर है. मैं ये कहूंगा हम अ. पहले अपोजिशन को ज्यादा रिस्पांसिबल होल्ड. किया जाता था आई थिंक थोड़ा और कर सकते. हैं अ सॉरी सिस्टम को मैं अभी अभी अपोजिशन. को ज्यादा रिस्पांसिबल होल्ड किया जाता है. आई थिंक वहां थोड़ा बदलाव हो सकता है अगेन. नथिंग आपके बिहार में तो पता नहीं लगता.
सिस्टम अपोजिशन कौन है सत्ता पक्ष कौन सता. पक्ष पता होता है वो थोड़ा अनफॉर्चूनेटली. बदलेगी और यह बहुत जरूरी है आई थिंक बिहार. के लिए और इसके लिए रिस्पांसिबल आई थिंक. एवरी वेर आई थंक आमिर खान ने बहुत पहले. बोला था कि जस्ट. एस. भोजपुरी गाना है हा वही हमने कहाय हमारा.
असली यूपी बिहार है हा और हर गाने को कुछ. कुछ तो एक इलेक्ट्रॉनिक फील दे. देते नॉर्मल आवाज कुछ एक इलेक्ट्रॉनिक वो. दे देते ना टस्ट मैं पीछे गया था एक शादी. में तो हमारे टाइम में कुछ नॉर्मल बॉलीवुड. गाने बजते थे हम नाचते थे इसको भी कट मत. कीजिएगा नथिंग अगेंस्ट भोजपुरी संग्स पर. हर गाना एक कुछ आई डोंट नो टेक्निकली उसे. क्या बोलते हैं ऑटो ट्यून करते हैं टोट्य. नहीं करते कुछ ॉक फ्लेवर डाल देते हैं तो. आपको लिरिक्स कुछ समझ में नहीं आते और वो.
एक ही एक ही बी है जैसे तो आपको समझ में. नहीं आ रहा क्या हो रहा है एनीवे मतलब. बिहार की सियासत की तरह बिहार कागाना भी. है भजपुरी समझ में नहीं आता चल क्या रहा. है अगर वो कंपैरिजन आप कर सकते हैं जैसा. कि आमिर खान ने मैं कह रहा था आमिर खान ने. बहुत पहले बोला था कि एस एक्टर्स जस्ट ए. जस्ट एज वी गेट द पॉलिटिशियन वी डिजर्व. वैसे ही एज एक्टर्स वी गेट द फिल्म व. डिजर्व या वाइस वर्सा उसका उल्टा बोला. होगा तो आई थिंक सबसे ज्यादा रिस्पांसिबल. फॉर एनी व्हाट एवर इफ वी कंप्लेन कि.
सिस्टम में गलती है गवर्नमेंट्स में गलती. है गवर्नेंस में तो इसकी जिम्मेदारी तो. हमें ही लेनी चाहिए और हम मतलब पूरी पूरी. जनता तो आई थिंक चाहे बिहार हो चाहे जहां. के भी लोग हो ये जरूरी है अपने लिए सोचना. अ सारी यू नो बातें छोड़ के और बिहार में. थोड़ा सा कास्ट पॉलिटिक्स कास्ट बेस्ड. पॉलिटिक्स ज्यादा है कौन जात भाई हां ये. पूछते हैं लोग ये अभी तो जातीय जनगणना भी.
करवाई जा रही थी विकास कुमार आपका नाम है. जी हां तो अब य यही होता है कि कुमार में. लोग पूछेंगे कि कौन कुमार बड़ा न्यूट्रल. सा है हा जैसे रवीश कुमार वो पांडे हैं जी. नहीं मैं विकास कुमार हूं कुर्मी हूं हां. निती नितीश जी की जाति के हैं जी लेकिन. कुर्मी में भी अब मेरा मानना है मैं. रिलीजन और कास्ट से बड़ा मैं इत्तेफाक. नहीं रखता इन चीजों से मेरा मानना मैं. इत्तेफाकन. कोइंसिडेंटली मैं हिंदू हूं और कुर्मी हूं.
मेरे पेरेंट्स उन ट्रेडिशनल करते थे इसलिए. मैं व हूं फॉर्म्स में लिखना पड़ता है तो. लिखते हैं वरना मैं मैं बड़ा एंटी यह सब. चीजें हो रिलीजन में ब कभी जात पात की वजह. से आपको सामना करना पड़ा किसी चीज का मुझे. नहीं लगता क्योंकि मैं जिस प्रोफेशन में. हूं वहां यह नहीं होता कॉम्प्लेक्शन वगैरह. को लेकर होता है क्योंकि शो बिजनेस है या. जो दिखता है वैसा लेकिन कास्ट या ये सब की. वज से बिहार में भी कभी नहीं हुआ कहीं भी.
नहीं बिहार से मैंने किसी ऐसी चीज में कोई. ताल्लुक रहा नहीं बिहार जाते रहते हैं. बिहार जाता हूं कम जाना होता है मेरे. माता-पिता गुजर चुके हैं और वहां पर मेरी. कोई प्रॉपर्टी ऐसी है नहीं लेकिन खानदान. है तो मैं बहाने ढूंढता रहता हूं क्योंकि. बहुत पहले गुजर गए तो मैं बहाने ढूंढता. रहता हूं कनेक्ट करने का अपने बचपन से. अपने माता-पिता से तो अगर एक्सटेंडेड. फैमिली में किसी की शादी हो या कोई मृत्यु. हो जाए पीछे मेरे कजन गुजर गए थे एक. फर्स्ट कजिन तो मैं गया था जैसे मैंने.
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डाली थी कि आप. आने वाले हैं तो मैंने उसमें बिहार के. विकास कुमार जी लिखा था तो आपको लेकर बहुत. सारे सवाल आए लोगों ने डाले जिसमें एक. सवाल कॉमन लोगों का था. कि बिहार की माटी से निकलकर ब विकास जी जो. हैं वो देश दुनिया में नाम कर रहे हैं. बिहार के लिए क्या करेंगे जी तो पहले तो. एज अ. प्रोफेशनल बहुत जो स्ट्रिक्टली स्पीकिंग. जो मेरी संस्था है ट्रेनिंग की हम वो बनाई. ही मैंने इसलिए थी क्योंकि मेरा था कि मैं.
लकी था मेरे माता-पिता चाहते थे कि अच्छी. एजुकेशन दे वेलम में पढ़ाया जो भी अफोर्ड. कर सकते थे अंग्रेजी अच्छी हुई उसी दौरान. मैंने जब जब यह संस्था बनाई जब यह कंपनी. खोली तो मैंने पढ़ा था कि एक सर्वे हुआ था. वो सर्वे तो शायद किसी और स्टेट का था कि. सेम. एजुकेशन सेम डिग्री के अगर दो लोग हैं. लेकिन एक को अंग्रेजी ज्यादा नहीं बोलचाल. वाली कम्युनिकेशन वाली बेसिक और एक को. नहीं आती तो 35 प्र प्रत सैलरी का फर्क.
पड़ जाता है और इतना भी फर्क पड़ जाता है. कि जॉब मिलेगा नहीं मिलेगा तो मुझे था यार. मैं इस इस डिपार्टमेंट में कुछ कर सकता. हूं पर ऑफकोर्स उस समय टेक्नोलॉजी वैसा. नहीं था कि अब यूनो अब था कि सेंटर खोले य. सब तो वो कैसे होगा लेकिन आज टेक्नोलॉजी. वैसी है तो एक प के जरिए मैं चाहता हूं कि. शुरू करूं और शुरुआत किसी तरह से बिहार. शरीफ से ही करूंगा और थिएटर का भी ला. ऑनलाइन और बिहार शरीफ में तो ऑफकोर्स. थोड़ा ज्यादा ऑनलाइन तो फिर वो सबके लिए. होगा लेकिन कोशिश है कि वहां जैसे थिएटर.
वहां नहीं होता एक्टिव तो वहां अगर कुछ कर. पाए देखें कुछ टैलेंट वगैरह भोजपुरी. सिनेमा में कभी कोई दिलचस्पी नहीं ऐसा कुछ. जो ऑफ लेट मैंने मैं व्यूअर हूं नहीं. भोजपुरी से मेरी एक्चुअली भाषा भी मघी है. तो भोजपुरी मैं समझता हूं पूरी तरह से. नहीं ना बोल पाता हूं नदिया के पार तक. बहुत बढ़िया और बहुत अच्छा सिनेमा है वो. काश वैसा सिनेमा बने मैं बनाना चाहता हूं. एस. प्रोड्यूसर तो यह है दूसरा यह है कि जनरल.
एक बिहार की डेवलपमेंट के लिए और इस थोड़ा. वोट देने जाते हैं चलिए आसान पूछते नहीं. मेरा वोट दिल्ली में है अच्छा ट्रांसफर. करा लिया आपने नहीं बहुत पहले मेरे पिताजी. ने दिल्ली में बिहार की पॉलिटिक्स प नजर. रखते हैं बेसिक तो रखते हैं बिहार की. पॉलिटिक्स में अभी जो सिनेरियो चल रहा है. आपको क्या लगता है वो कौन जो बिहार को बदल. सकता है यह बहुत टॉल टास्क है मुश्किल काम. है और कौन लेकिन अभी और लेट में प्रशांत. किशोर जी को फॉलो कर रहा हूं और क्योंकि. उनकी बातें कनेक्ट करती है मेरे से आई.
थिंक वो सिर्फ वो तथ्य रखते हैं सामने और. सार्थक बातें करती हैं पॉजिटिव बातें करते. हैं तो आपको पता है आप मेरे शो पर तीसरे. मेहमान है जिन्होंने ये कहा है पंकज. त्रिपाठी जी और अक्षरा सिंह इससे पहले यही. बात कह चुके हैं और इसलिए मेरी दिलचस्पी. और बढ़ रही है तो क्योंकि प्रशांत किशोर. से मेरा संवाद है मुझे उनसे करना है. लेकिन नॉर्मल बिहारी के मन का मुझे अभी. नहीं पता मैं ग्राउंड पर जाऊंगा देखूंगा. वहां पर उनके मन में क्या चल रहा है लेकिन. जो बिहार से जिन्होंने निकलकर थोड़ा बहुत.
नाम कमाया है थोड़ा या बहुत ज्यादा नाम. कमाया है वो प्रशांत किशोर की बातें कर. रहे हैं क्यों ऐसा है क्योंकि वो ये सब. अगेन कास्ट या रिलीजन और इन सब से उठके. बहुत ही प्रैक्टिकल बातें कर रहे हैं और. स्पेसिफिकली एक बात जैसे मैं भी थोड़ा सा. इंटरेस्ट रखता हूं पॉलिटिक्स में मेरी. पत्नी भी थोड़ी जागरूक है हालांकि वो. दिल्ली की है सरदारनी है अ ये भी किस्सा. सुनना है हमको तो तो मैं मैं भी हमेशा. सोचता था कि बिहार में आप कैसे रिलाइज.
करवाए लोगों को कि मतलब क्या क्या समझ बूझ. के वोट देना चाहिए और मैं कहता था कि यार. छोड़ो सब कुछ मैं अपनी पत्नी से कहता था. बहुत बार पहले कह चुका हूं कि सेल्फिश भी. होकर सोचे ना आदमी ये बड़ी-बड़ी बातें. नहीं समाज कल्याण देश कल्याण जाति कल्याण. कम्युनिटी कुछ नहीं अपने बारे में सोचिए. आपको क्या मिल रहा है क्या चीज से आप पर. असर पड़ता है और आपके बच्चों पर तो ये. अगेन कोइंसिडेंस है कि दो दिन पहले ही. मैंने प्रशांत किशोर का कोई इंटरव्यू देखा. और उसमें वो एगजैक्टली यही बात कर रहे थे.
कि सेल्फिश होके यू नो जो अभी वो गांव. गांव टूर कर रहे हैं तो मुझे लगा कि नहीं. वो तो फिर वही है ना आप कनेक्ट पाते हैं. और आप उनकी जो भी और बातें मैंने सुनी है. अ वो बहुत प्रैक्टिकल लगती हैं बहुत. ऑनेस्ट लगती हैं अर्ली डेज देखते हैं कहां. जाता है आई आई होप इफ इंटेंट चाहिए अगर. इंटेंट ऑनेस्ट है कहते सब हैं वो फिर. देखने को मिलेगा देखते हैं क्या क्या होता. है तो इंटेंट तो मेरा भी है कि मैं नॉट. जस्ट एज अ प्रोफेशनल एज अ पर्सन एज अ सोशल.
पर्सन दूं हम बिहार को वापस मेरे पिता भी. बहुत सोशल थे हम चाहते थे कि वह पॉलिटिक्स. में आए वो इन सारे नेताओं को बहुत अच्छे. से जानते थे मैंने सुना कहीं कि नितीश. कुमार जी शायद आपके घर पर भी आए थे जी वो. मित्र रह चुके हैं मेरे पिता के मेरे पिता. जब डॉक्टर. थे एक समय नितीश जी आपके पिताजी का थोड़ा. बताइए क्या प्रोफेशन क्या था क्या आपने. आर्मी का भी जिक्र कर दिया डॉक्टर भी हां. वो शॉर्ट सर्विस में आर्मी में थे फिर. उन्हें एक्सटेंशन मिला पा साल 71 के वॉर.
में थे वो बांग्लादेश वाले वॉर में. उन्होंने हिस्सा लिया था तो शॉर्ट सर्विस. में गए थे एमबीबीएस करके आई थिंक वो पहले. इंडियन आर्मी शॉर्ट सर्विस कमीशन ऑफिसर थे. जिन्हें ड्यूरिंग सर्विस एमएस मास्टर इन. सर्जरी करने पीजी करने का मौका मिला था तो. वो करके फिर उन्हे एक्सटेंशन भी मिला बट. ही चोज की मां बाबू जी का की देखभाल करनी. है वापस बिहार आना है बिहार आ गए और. उन्होंने डॉक्टरी की प्रैक्टिस शुरू की की. तो हां मतलब अब वहां थे तो वही बताते थे.
कि नितीश जी उनके मित्र थे नितीश जी आई. थिंक इंजीनियर है तो उस सम अनप्लड थे तो. एवरी सैटरडे ही यूज टू कम और मेरे पिताजी. के क्लिनिक में बैठ के घंटों गपशप होती. थी एक टाइम था जब मिस्टर जॉर्ज फर्नांडिस. मिस्टर नितीश कुमार इन सब के इलेक्शन. कैंपेन हमारे घर से शुरू होते थे समता. पार्टी वाले जी जी क्योंकि एक था क्योंकि. एक बड़ा ऑर्गेनाइजेशन है ना आईएमए इंडियन. मेडिकल एसोसिएशन उसके प्रेसिडेंट भी थे. मेरे पिताजी तो पूरे डिस्ट्रिक्ट के. डॉक्टर एक बुद्धिजीवी जुड़ गए तो वहां से.
कैंपेन शुरू सेम जाति के भी थे दो बड़ा. नाम तो वो भी कनेक्शन ऑटोमेटिक हां वो एक. हां वो है वो चाहिए चाहे ना चाहे तो हां. वहां से शुरू होता था जबक बल्कि जब मेरे. पिता का देहांत हुआ था तो मुझे कोई खबर. नहीं थी कि नितीश जी आने वाले हैं वो सीएम. थे उस समय बिहार में सब सारे अंतिम फिनल. वही हुआ था जी जी 2013 की बात है ओके तो. मैं वही अचानक हुई मृत्यु तो मैं बंबई से. आया काम के लिए तो आई थिंक तीन तीन एक दिन.
बाद. मुझे किसी बड़े ऑफिशियल का फोन आया कि. आपको पता है कि सीएम साहब आने वाले हैं. मैंने बोला मुझे कोई खबर नहीं है तो आ रहे. हैं अ हम सुबह से ही देख रहे हैं कि गली. में झाड़ू वाडू लग रहा है सफाई वफाई चालू. है तो मु लगा क्या हो रहा है पुलिस पुलिस. तैनात है बगल के छतों पर ये सब तो वो आए. थे तो अच्छा उन्होंने आधा घंटा बिताया और. कुछ और कुछ एमएलसी आरसीपी सिंह भी आए थे. लोग आए थे कुछ लोग का तो जानते थे मेरे. पिताजी एज अ डॉक्टर भी इलाज कर चुके हैं. ये सब था तो आधे घंटे बातचीत हुई उसमें.
मैंने ये भी जिक्र किया था कि पिताजी. बताते थे कि आप लोग आप आए थे क्लिनिक तो. उन्होंने कहा भी था अरे एक बार व तो आके. बैठे रहते थे बहुत बात होती थी ये स्टाइल. अरे एक ब नितीश कुमार जी का यही स्टाइल. जी आपका मन है कि बिहार पॉलिटिक्स में आप. भी थोड़ा एक्टिव हुआ मेरा मन है मेरा मन. है पर अभी भी मैं सही पार्टी सही लोग ये. समझ नहीं पाया हूं कि किसके साथ ना चाहिए. या बंबई आपका आखिरी ठिकाना नहीं आखरी. ठिकाना बिहार पता नहीं ठिकाना देखिए काम.
की वजह से कर्मभूमि तो बंबई है अभी लेकिन. अब वो एक्टिव पॉलिटिक्स में जुड़ के या. किसी और तरीके से जुड़ के मेरी बहुत इच्छा. है कि मैं बिहार बिहार शरीफ से शुरू करके. अपनी मातृभूमि वहां से शुरू करके जितना हो. सके करूं क्योंकि होता क्या है कि यह नहीं. कि आई कंसीडर माइसेल्फ अबब मेनी पीपल. लेकिन थोड़ी पढ़ाई की है थोड़ा एक्सपोजर. है तो चीजों को शायद बेहतर समझते किसी. पॉलि संपर्क में किसी बड़ी पॉलिटिकल. पार्टी से नहीं नितीश जी या प्र उस समय थे. नितीश जी ने कहा था कि कभी कोई मतलब.
ऑफकोर्स एज अ ए सम बडी हु न्यू माय फादर. लेकिन मैं कभी टच में नहीं था तो प्रशांत. जी से कभी मिले नहीं मैं मिला नहीं हूं बट. आई विल आई थिंक आई विल राइट टू हिम सम ट. व्हाट ही इज सेइंग व्हाट ही इंटेंड्स टू. डू इ उनकी टीम की हमारे पॉडकास्ट पर काफी. नजर रहती है वो हमेशा ट्रैक करते हैं इन. वीडियोस नहीं मैं तो हो सकता है आप. प्रशांत किशोर जी का आपको फोन आ जाए और. अगर आ जाता है और वो आपसे कहते हैं कि. 2024 में लोकसभा इलेक्शन. बिहार विधानसभा का चुनाव है और हम चाहते.
हैं कि बिहार शरीफ से ही विकास कुमार जी. कोशिश करें यस वेरी अर्ली देखते हैं जब. मैं ऑफर की बात कर रहा ये बहुत पॉसिबल है. मैं जाता हेतु है नहीं मैं देखते हैं यह. बहुत एक्साइटिंग लग रहा है सुनने में एंड. ऑफकोर्स मैं मेरे पिताजी बहुत बड़े सोशल. वर्कर थे पर्सन एस प्रोफेशनल हमने मैंने. बहुत बचपन से आई कैमस य कैंप पोलियो टीका. यह सब मेरे पिताजी करते रहते थे फ्री में. और ये सब मैंने अटेंड किया.
है बहुत बड़ी मुस्लिम पॉपुलेशन है बिहार. शरीफ की तुलनात्मक और शहरों से बिहार शरीफ. इसलिए नाम है दरगाह है वहां पे और मेरे. पिता का सारी कम्युनिटीज में बहुत अच्छी. इज्जत थी गरीबों के डॉक्टर माने जाते थे. हम मेरे पिताजी तो हमारे घर सबका आना जाना. होता था और उन्हें बहुत प्यार मिला है. मुझे बहुत प्यार मिला मैं जब भी जाता हूं. और मैं बहुत इज्जत करता हूं आपकी फ्रेंड. है सुष्मिता जी बुलाएगा वहीं पर कैंपेन. करवाएगा झार झूर के वोट मिले देखिए. पॉलिटिक्स में ना सब सबको थोड़ा सा थोड़े. से यू नो झकते हैं मैं बचपन से ही थोड़ा.
सा मैं ये नहीं कहूंगा पॉलिटिक्स में रुच. थी अ और आई डोंट वांट टू साउंड लाइक अ. सेंट लेकिन मेरा था कि या कुछ करना चाहिए. ये सिस्टम ठीक नहीं है मेरे पिताजी थोड़ा. डिस्कस करते थे मुझे कि बेटा पहले अपना. देखो यू नो लाइक चैरिटी बिगिंस एट होम. टाइप्स पहले अपना देखो अपना कुछ हिसाब. किताब नहीं है एक बार सेट हो जाओ तो देखना. बहुत बुरी है जो अपने हिसाब से सही है. मतलब और एक टाइम पर तो था भी भाई बहुत.
बहुत ही अजीब जगह है ना एक तो अनपेक बल भी. है फिर वो बैड एलिमेंट्स यह सबका एंट्री. वगैरह तो तो डर तो लगता है किसी भी. माता-पिता को और मेरे पिता बोलते थे जब. मैं एंटर नहीं कर पाया हूं इतना उन्हें. कौन नहीं जानता वहां पे तो फिर तुम तो अभी. मतलब आराम से तो लेकिन देखते हैं आई थिंक. सम डे यू हैव टू मेक दैट डिसीजन एंड जिस. दिन अगर ऐसा कुछ हुआ मेरे सामने कोई. युनिटी आई और मुझे लगा कि नहीं ये सही है. और जहां से भी आई लगा कि नहीं इंटेंशन सही.
है मैं उस मामले में बहुत वो हूं आई वुड. लाइक टू बिलीव मैं बहुत ईमानदार आदमी हूं. और मैं ईमानदारी से आ ईमानदारी को लेकर एक. हम सवाल करते हैं क्योंकि आप पॉलिटिकल. इच्छाएं रखते हैं और ये आपने खुलकर कहा कि. अभी अभी हो देर हो सवेर हो लेकिन आपके जहन. में है कि पॉलिटिकली काम करना है समाज के. लिए मेरे लिए पॉलिटिक्स ना बड़ा जो टर्म. है वो बड़ा अजीब ढंग से यूज होता है हमारे. यहां पॉलिटिक्स ना को पॉलिटिक्स नहीं आता. सीधा है लेकिन हां मैं मैं अब समाज कल्याण. बहुत बड़ा टर्म है वो भी नहीं यूज करना.
चाहता लेकिन वो गिविंग बैक टू सोसाइटी कह. लीजिए या फिर एक कम्युनिटी को यू नो कि हम. सब मिलके एक दूसरे की मदद मैं वो जजबा. रखता जरूर हूं अब मुझे आपसे आपकी एक. फ्रेंड को लेकर सवाल पूछना है जी अभी राम. मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा हुई थी सुष्मिता. शेन जी काफी कंट्रोवर्सी में आ गई थी काफी. ज्यादा चर्चा रही उन्होंने कांस्टीट्यूशन. की फोटो डाल दी और कुछ और भी एक्टर. एक्ट्रेस उन्होने डाला था बहुत सारे ऐसे. थे जो अयोध्या गए थे जी अ उसको लेकर दो. नजरिया देश में है एक वर्ग कहता है कि यह.
हमारा था हमने ले लिया दूसरा कहता है. पुरानी चीजों को रिस्टोर किया हालांकि वो. मामला कांस्टीट्यूशनली गया है उस पर हमें. आपको बोलने का अधिकार नहीं है बट फिर भी. उस दिन जो जिस तरह से कार्यक्रम हुआ था. उन्होंने वो तस्वीर डाली कांस्टीट्यूशन की. उसके बाद सुष्मिता सेन के बहुत सारे वायरल. वीडियोस भी आए जहां पर शायद उनके कोई एक्स. बॉयफ्रेंड हैं या जो भी हैं उनके साथ वो. बैठ के कुछ पढ़ रही थी फतवा या कुछ भी और. बहुत सारे क्लिप्स आने लगी और उनको कोशिश. किया गया दिखाने के लिए ब्रैकेट किया गया. कि कि ये थोड़ा सा मुस्लिम कम्युनिटी की. तरफ इंक्लाइंड है मैं उसको भी साइड करता.
हूं जी व्हाट्स योर टेक ऑन. दिस माय टेक इज. सी द. इशू इज हैज बीन मेड. पॉलिटिकल मैं जैसे मैंने कहा ना कि मैं. इत्तेफाकन एक हिंदू हूं इत्तेफाकन कुर्मी. हूं या जो भी कह लीजिए तो मेरा वही है कि. आ थत फाकन मतलब क्या. हुआ आप नॉन रिलीजियस है या हिंदू है तो. मैं क्या कर सकता हूं पैदा तो मैं मैं अगर. एक ही टर्म मैं नॉन हा बॉर्डरलाइन एथी हूं.
अब इतना आपके अंदर आप कंडीशन है आपने बचपन. से पूजा पाठ यह सब देखा है मेरी पत्नी भी. करती है गुरुद्वारा भी जाती हैं टेंपल भी. जाती है सब है तो वो सब एक आपके रोजमर्रा. बेशक ना हो लेकिन एक प्रैक्टिस का हिस्सा. है ठीक है उसको आप अलग किरा से बजा र. मंदिर दिखाई पड़ा सर हा मतलब वैसा वैसा. कुछ लेकिन जिस तरह से वो चीजें और ये. पर्सनल है कोसी को श्र है नहीं बव करता है. नहीं करता है लेकिन जब ये पॉलिटिक्स में.
बाहर आ जाती है ना तो वो फिर गंद मचाता है. मुझे उस चीज से तकलीफ है सुष्मिता वाले पे. क्या टेक आपके तो दोस्त है आपका क्या टेक. नहीं उनका पर्सनल टेक है उनको उनको ड आपका. उसपे क्या थॉट है सही था या गलत था नहीं. वो सही है वो अपनी जगह एकदम सही है उनकी. मर्जी उनको उन्होंने उन्होंने और कुछ कहा. नहीं उन्होंने वो कांस्टिट्यूशन की फोटो. डाली थी अब एगजैक्टली किस लिए डाली थी. क्या डाली थी म जो उसका मतलब समझ में. हालाकि मतलब तो वही समझाएंगे बट जो उसके. माने निका ले गए वो ये था कि शायद इस देश. का संविधान जो है उससे खिलवाड़ किया जा. रहा है कि आप एक पर्टिकुलर धर्म पर जादा.
ये ऐसा एक पोट्रे करने की कोशिश की थी और. इसको लेकर भी मैं एक चीज डल देरहा. क्वेश्चन कर दे रहा हूं कि बॉलीवुड पर कई. बार जिस इंडस्ट्री से आप आते हैं उस पर अब. नहीं लेकिन आज से थोड़ी समय पहले त आरोप. लगता था कि जैसे ईद आती है जी तो ईद में. जितने भी कलाकार हैं वो लिखते हैं ईद. मुबारक जी और वो बड़ी सादगी से लि आता है. कि आपने एक अच्छी तस्वीर लगाई ईद मुबारक. चाहे वो हिंदू हो मुस्लिम हो जैसे ही होली. या दिवाली आती है आप तुरंत अपना थोड़ा सा. एक्स्ट्रा यह आरोप लगते हैं बॉलीवुड प कि. थोड़ा एक्स्ट्रा ज्ञान आना शुरू होता है. कि आज पानी मत बर्बाद कीजिएगा रोशनी मत.
बर्बाद कीजिएगा पटाखे मत ड़ेगा पोलूशन ये. सब बहुत अब अगेन दिस इज अ वेरी मैं इन सब. चीजों को छोड़ देता हूं पर्सनल चॉइस पे. ठीक है अब अ जिसको जैसे जज करना है करो. मैं जैसे सुष्मिता का ही आपने बोला अब आई. थिंक वी शुड बी टोलरेंट नफ कि किसी ने कुछ. डाला है डाला है ठीक है वो सोचते हैं आप. सोच लीजिए उसके आगे बढ़ अब एक न क्योंकि. सब एक दूसरे के एक्सेसिबल है सोशल मीडिया. प तो उस परे टिप्पणी करना जरूरी है ट्रोल. करना जरूरी है अरे आप एक एक नजरिया रखते.
हैं कोई और एक दूसरा नजरिया रखता है आगे. बढ़ ठीक है जब तक कोई आपको आपकी आपकी लाइफ. में दखल अंदाज नहीं कर रहा है तो फिर क्या. देख ठीक एक लास्ट एक लास्ट पॉलिटिकल सवाल. फिर हम पॉलिटिक्स से एक्टिंग प आपको करना. है राइट लेफ्ट या सेंटर देश में तीन तरह. के मुख्य विचारधाराएं हैं एक लेफ्ट. ओरिएंटेड एक राइट जो करंट गवर्नमेंट चल. रही है और एक कांग्रेस जो अपने आप को. सेंटर कहती है सेंटर में भी थोड़ा सा. लेफ्ट इन क्लाइन हां आती है वो आपका पॉइंट.
ऑफ व्यू क्या है कि इनमें से क्योंकि आपने. देखा भी होगा बिहार से लेकर आपने जॉर्ज. फर्नांडिस जी का जिक्र किया उस दौर में. बिहार में पहले लेफ्ट काफी स्ट्रांग थी. नितीश जी दोनों के सामंजस में अब तो दोनों. साइड चले जाते हैं लेफ्ट और राइट दोनों. में एक्चुअली में सेंटर तो वही. है नहीं अगेन इसका क्योंकि ये इतना. ब्रैकेट है ना राइट लेफ्ट या सेंटर इसलिए. भी आपकी समाज सेवा किस किस किस रास्ते से. होकर गुजर सकती है समझना चाहता वो. स्लाइटली लेफ्ट ऑफ सेंटर ही रहेगा अगर आप. एक एक नॉर्मल उसमें क्योंकि आप ऑफकोर्स.
अगर आप बात करें कि किसको ज्यादा जरूरत है. अपलिफ्टमेंट कहे यह भी बड़ा शब्द है या. जिस चीज की भी तो आप जो नीचे का तबका है. जिसको जरूरत है आप वहां से शुरू. करेंगे बा लेकिन अच्छा अभी मानते हैं जो. जितना बात करता है नीचे वाले तबकों की. उतना ही कम वो करता है वो तो है वो तोर वो. तो दोगले टाइप लोग है ही जैसे अभी कपूरी. ठाकुर जी का जिक्र हर कोई कर रहा था वो तो. देख वही ना हर चीज वो जो पॉलिटिक्स वोट. बैंक पॉलिटिक्स ये पॉलिटिक्स वो पॉलिटिक्स. वो हर चीज का नजरिया ही एक अलग एक अलग ढंग.
से ही लोग लेते हैं ह इसीलिए ट्स द. प्रॉब्लम की यू कांट गेट इनटू अ हेल्थी. डिस्कशन और डिबेट बिकॉज वो हर चीज का एक. यू नो एक रंग ही अलग है किसी अलग चश्मे से. ही मैं एक कुछ डाल. दूं अब जैसे कि मैं आपको उदाहरण देता. हूं मैंने. एक एसीपी खान मेरा नाम है आर्या में. मुस्लिम है फर्स्ट सीजन में एक सीक्वेंस.
है जहां भाई मेरा काम ही हो गया था कि. आर्य के घर के बाहर मैंने जीप खड़ी करके. कि भाई इनको पकड़ना है पेन ड्राइव के लिए. वगैरह. तो एक सीक्वेंस था जहां वो निकल रही है और. मैं नमाज पढ़ रहा हूं ठीक है तो मैंने वो. दो रकात रकात जो बोलते हैं वो सीखी. और बाहर मतलब वो किया वो कुछ मुस्लिम. फ्रेंड्स है उनसे सीखा कुछ ू से सीखा कुछ. सेट पर दो मुस्लिम थे क्रू में उन्होंने. सिखाया और किया और दो टेक में हो गया और.
मुझे कॉम्प्लिट आए कि आपने बड़ा अच्छा. निभाया एक एक डिटेल तो मैंने ना एक एक. पोस्ट डाली थी जिसमें लिखा था कि मोदन. एक्टिंग जस बीइंग इन फ्रंट ऑफ द कैमरा आई. लव द प्रोसेस और इस प्रोसेस में मैंने यह. सीखा जो मैंने कभी नहीं किया है जिंदगी. में कब करूंगा पता नहीं और तो उस परे भी. किसी ने कमेंट डाल दिया कि अरे कभी पूजा. करते हुए भी डाल दो ठीक है अब मैं मैं मैं. कुछ और ही डाल रहा हूं वो भी डाल लूंगा जब.
डालने का एक तो मन मेरा जब मन होगा मैं. डालूंगा जब कुछ वैसा मैं बस प्रोसेस की. बात कर रहा हूं अंडरस्टैंड ना कि आई एम अब. आप उसे इत्तेफाकन बोले जो बोले हिंदू दिस. इज नॉट व्हाट आई डू बट आई लर्ट इट विद द. हेल्प ऑफ सर्टेन पीपल एंड बिकॉज आई कुड डू. इट सक्सेसफुली इट रियली फेल्ट गुड एंड दिस. इज द प्रोसेस आई रियली लाइक जैसे किरदार. में है कि जो मैं नहीं हूं या कुछ. कैरेक्टर ट्रेक्स उस परे काम करके उसको. प्ले करके या कोई भाषा वैसे ही वो उस परे. भी कमेंट्स आ रहे हैं कि तुम पूजा वाला तो.
डाल नहीं रहे हो तोब क्या. बोले ये कोई बात हुई ये ट्रोलिंग अभी धोनी. की वाइफ को भी सामना करना पड़ा था जी. बिहार झारखंड से वो भी धोनी आते हैं वो. राम लला के प्राण प्रतिष्ठा में नहीं गए. थे बाद में उनकी वाइफ साई मंदिर गई तो. लोगों ने कहा मंदिर तो नहीं गई थी अब वही. अब वही है कि सोशल मीडिया जो है ना उसने. सबको छूट दे दी है कि एक वो एक एक डीपी के. पीछे. इट्स गुड और बैड सी सोशल अगेन एवरीथिंग. हैज अ गुड और बैड ना प्रॉब्लम इज की इ इ द.
बैड रियली कम्स आउट ऐसे की देन आई थिंक हु. एवर यू शु गेट अफेक्टेड बाय इट यू शुड. लर्न एंड एस अ यू नो एस बीइंग इन अ. प्रोफेशन आप भी इतने पॉपुलर है आपको भी हो. सकता है ट्रोल हो कभी अगर नहीं हुए हो तो. आई थिंक यू हैव टू लुक एट यू नो अपना काम. ढंग से करते रहो ईमानदारी से एंड इग्नोर ल. दिस हमने अपना एक नया फार्मूला निकाला था. ना लेफ्ट ना राइट जहां खबर है वही टाइट वो. ठीक है बिल्कुल सही ये हमने अपने लिए कहा. था कि हमको जबरदस्ती किसी के हिस्से में. नहीं आना दोनों पक्ष की बातें हमें रखना.
मुझे लगता. है तो वैसा ही तो होना चाहिए मेरे दर्शक. दोनों और मैं कोशिश करता हूं खैर अब आपके. परिवार पर आते हैं आपने इंटर रिलीजन मैरिज. की है जी बिहार का एक लड़का जो बिहार से. आता है दिल्ली में एक सरदार से शादी करता. है कैसे पॉसिबल हो गया ये तो प्यार हो गया. यूनिवर्सल किसको हुआ आपको हुआ उनको हुआ. दोनों को पहले किसे हुआ होता कहां मैंने. था जाहिर सी बात है आपके कहां मैंने था. नहीं जाहिर सी बात नहीं है कहां लेकिन एक. वो फील मिल जाता है ना वो हम लोग साथ में.
यहीं बैरी जॉन का इंस्टीट्यूट था जहां तीन. महीने के कोर्स में हम दोनों थे एक साथ. उनको भी एक्टर बनना था जी उन्होंने. एक्टिंग की भी अ ज्यादा नहीं की शादी के. बाद और फिर जब हमारी बच्ची हुई तो शी. प्रेफर्ड बीइंग अ फुल टाइम मदर तो हालाकि. वो मुझसे कहीं ज्यादा गिफ्टेड हैं कहीं. ज्यादा नेचुरल है मुझे तो बहुत मेहनत करनी. पड़ती है एक्टिंग में अ तो हां वो हम यहां. मिले अ वो लोकल थी जनकपुरी में रहती थी उस.
समय वो तो घर से लंच वांच लाती थी मैंने. आप एक डेढ़ महीने बाद मेरे लिए भी लाने. लगे खाने का ठिकाना हो गया था एक तो फिर. तो फिर हां वहां से शुरुआत हुई हां सो. कॉम्प्लिकेशंस नहीं हुए नहीं तो एक्टिंग. बॉलीवुड में ट्राई ज्यादा मुश्किल रहा या. शादी करना नहीं नहीं बॉलीवुड में ट्राई. करना मेरे को कोई कॉम्प्लिकेशन नहीं हुई. शादी आशकी बड़ी आसान रही आपकी आसान कहूं. जो कहूं मतलब वो नेचुरली बढ़ता गया आगे और. और परिवार में किसी को दिक्कत नहीं किसी. को दिक्कत नहीं हुई जब बात हुई तो हो गई. शद और ये जो कॉम्प्लेक्शन कप कह रहे थे कि. फिल्मों में या फिर सीरियल्स में या टीवी.
में दिक्कत अब मेरे ससुराल वाले सारे. थोड़े सरदार हैं सारे गोरे चिट्टे हैं हां. अब. उनकी कहीं एक रही होगी इच्छा जो अब क्या. करें प्यार के सामने तो मतलब तो लेकिन. उन्हें मैं बहुत पसंद हूं उन्हें इनफैक्ट. अब अपनी बेटी से ज्यादा मुझे लगता है मैं. ही पसंद हूं और अभी वैलेंटाइंस के दिन कल. ही थी ना वैलेंटाइंस. आपको पता. नहीं तो मुझे एक्चुअली परसों आना था यहां. क्योंकि कल इंटरव्यू था कुछ तो मैंने डिले.
करवाया कि नहीं यार वैलेंटाइंस प तो. मैंने 13 की रात 14 की सुबह 2 बजे सुबह. मैं अपने एक मित्र को एयरपोर्ट छोड़ के. आया था मैं फूल वाले के पास गया मैंने तीन. गुलदस्ते बनवाए एक अपनी पत्नी के लिए. गुलाबों से भरा हुआ उनको बहुत पसंद है. काफी खर्चा किया आपने नहीं कुछ भी नहीं था. वैसे तो उस हिसाब से जो जो उसका असर हुआ. उस हिसाब से अपनी बच्ची के लिए और अपनी. सासू मां के लिए सुपर और तीनों को सुबह. सरप्राइज करके फिर फ्लाइट पकड़ के आ गया.
सुपर्ब तो मुंबई रहती है जी सुपर्ब सुपर्ब. फादर की क्या रोल है आपकी लाइफ में बिकॉज. मैं पंकज जी से पंकज जी को काफी आइडलाइज. करते हैं आप जितना मैंने आपको सुना समझाना. पंकज जी से जब मैं बात कर रहा था तो. उन्होंने मुझे एक बात कही जो मेरे दिमाग. से निकली नहीं. कि फादर से जिंदगी में उन्होंने कुछ पूछा. नहीं था वो सब कुछ अपनी मर्जी से कर रहे. थे बट जब फादर गए तो उन्हें लगा कि लाइफ. शून्य हो गई है. हम कि अब मैं किससे पूछूंगा हम फिर. उन्होंने कहा कि लेकिन मुझे सडन रिलाइज.
हुआ कि मैंने पूछा तो कभी था ही नहीं फिर. मुझे एहसास क्यों हो रहा है कि मैं अब. किससे पूछूंगा तो मैं पंकज जी के इस बात. से टोटली आइडेंटिफिकेशन. बच्ची है मैं एक तरह से यू नो आई हैव अ. फैमिली टू लुक आफ्टर म डू आई गो टू मतलब.
अगर मैं ऑफकोर्स पत्नी मेरे साथ है बच्ची. मेरे साथ है पत्नी का बहुत सहयोग है लेकिन. जब मुझे एक. गार्डियन वो वाली व छा चाहिए वो. प्रोटेक्शन चाहिए तो मैं किसके पास जाऊ तो. वह तो वह कमी है और. रहेगी उस समय होता था नाना कि मतलब जो. भी आप आप जिस सिचुएशन से भी गुजर रहे हो. आप अपने पिता के पास जाओ एंड माय फादर वास.
द मोस्ट फेयरलेस मैन ही डिन फियर. एनीवर्सरी. [संगीत]. उनके पास आप कुछ रखो तो यू नो कि इट विल. बी टेकन केयर ऑफ अब वो चीज बहुत खलती है.
ऑफकोर्स लाइफ गोज ऑन एवरी बडी मूव्स ऑन. लेकिन अब जैसे मैं अपनी बच्ची को कहता. रहता हूं कुछ भी ऐसे उसको कुछ भी कोई भी. ऐसा मूमेंट आता है जब वो वीक महसूस करती. है वल्नरेबल महसूस करती है तो वन आई से इट. आई अगेन मिस माय फादर इसलिए भी मैं जाते. रहता हूं वापस बहाने ढूंढता हूं बिहार. शरीफ जाने की हालांकि मैं बहुत टच में. नहीं हूं अपनी एक्सटेंडेड फैमिली से लेकिन. जैसा मैंने कहा कोई शादी हुई कोई मृत्यु.
हुई मैं जाने की कोशिश करता हूं कुछ टाइम. तक हम लोग किराए के मकान में ही रहते थे. और हम लोग फर्स्ट सेकंड फ्लोर पर रहते थे. तो वही फ सीढ़ियां चढ़ चढ़ के तो जब मैं. पहली बार दूसरी बार गया तो अब मैं रहता. हूं फर्स्ट फ्लोर पर मेरे मकान मालिक रहते. हैं तो उनसे इतनी नजदीकी थी कि वही रहता. हूं जब मैं जाता हूं तीन चार दिन रुका तो. उन्हीं के तो मैं गलती से हमेशा ऊपर चला. जाता था कि मैं अपने पिता के पास जा रहा. हूं और जब वहां पहुंच जाता. था तो मुझे लगता था अरे मतलब यह तो अपना.
अपना घर है ना पिता है कोई और रहता है तो. फिर नीचे उतरता था लेकिन आई लाइक लिविंग. दोस मोमेंट्स आई लाइक विजिटिंग दोस. प्लेसेस जहां भी मुझे मेरे माता-पिता की. याद वापस आए और वो वो उतना दुख महसूस करना. वो अच्छा लगता है मुझे ऐसा नहीं है कि क. गम ये नहीं वो आई वांट टू लिव इट आप. इमोशनल इंसान है मुझे लगता है हूं आई थिंक.
आई थिंक वो वो हेल्प भी करता है एक्टिंग. में आपकी आंखें अभी काफी हद तक भर आई है. इसलिए मैं पूछ रहा हूं आखिरी बार कब रोए. थे. आप पर्दे पर रोया हूं काला पानी में बहुत. सारा उसके अलावा जिंदगी में उसके अलावा. काफी समय हो गया नहीं पीछे. [संगीत]. मैं मैंने अपनी बेटी को डांट दिया था किसी. चीज को लेके. और मैंने अपने ही बिहेवियर से मैं. सरप्राइज था कि मैंने ऐसा क्यों किया और.
उसको थोड़ा सा विचलित होते देखा तो फिर. मैं अलग से जाके थोड़ा वो हो गया था कि. नहीं नहीं नहीं दिस इज नॉट व्हाट आई आई. वांट टू बी हालांकि आजकल के बच्चे थोड़ा. बहुत इन्फ्लुएंस है इंटरनेट से और ये वो. और हमेशा ये हर जनरेशन में होता हो कि हम. कंपेयर करते हैं र हम तो ऐसे थे हम तो ये. ये लोग तो पता नहीं क्या लेकिन हां वो. समझना उन्हें जरूरी है. मैं शायद बहुत सीधा लड़का था तो मैंने. अपने पिता से कभी कोई डांट कभी मार कुछ. नहीं सुना.
खाया मेरी बेटी थोड़ी सी चंचल है तो थोड़ी. सी उतनी सीधी नहीं नहीं नहीं मम्मी सीधी. है मम्मी ऐसा कुछ तो हां लेकिन जब मैं वही. लास्ट तो वही हुआ था कि मैं थोड़ा सा बीवी. से डांट नहीं पड़ती है आपको पड़ती है ना. नहीं पड़ती है बहुत प्यार है छुटपुट झगड़े. भी होते हैं डांट भी पड़ती है अगर मैं खुद. को लेकर क्रिटिकल हूं उस पर भी डांट पड़ती. है या जनरली अगर मैं आप किसी रोल को लेकर.
कमेंट करते है बिकॉज व खुद एक एक्ट्रेस रह. चुकी है कम करती है मतलब कम अच्छी बातें. कहती है वो जिस तरह से बाहर से जब. कंप्लीमेंट्स आते हैं ना उसकी तुलना में. तो बहुत कम मेरे सबसे बड़े क्रिटिक्स मेरे. घर में है सबसे पहले मेरी बीवी उसके बाद. मेरी ब तो क्या कमेंट आया आर्या को देखकर. या काला पानी को देखकर हां तो काला पानी. को देख के उनके अच्छे कमेंट्स आए और जब. उनसे आ आते हैं अच्छे कॉमेंट्स हालांकि. बड़े फिल्टर्ड आते हैं उस तरह नहीं आते. जितना बाहर से आए हैं बाहर से भर भर के आए. हैं फिल्टर्ड आते हैं कभी मैंने एक बार.
पूछ भी दिया था कि यार इतना कंजूसी से तुम. बोलती हो क्योंकि तुम जब बोलती हो तो मुझे. बहुत अच्छा लगता है लगता है कि दुनिया जीत. ली आपने बिकॉज एक तो मेरी पत्नी है मुझे. खुशी होगी जब वो कुछ अच्छा बोलेंगे मेरे. बारे में दूसरा मैं उनके आंकलन को ना बहुत. ऑब्जेक्टिव समझता हूं आई थिंक शी रियली. हैज अ वेरी गुड अंडरस्टैंडिंग ऑफ. परफॉर्मेंस एंड एक्टिंग और बहुत. ऑब्जेक्टिवली देखते हैं ये नहीं कि मेरा. पति है तो लेकिन उन्होंने जवाब दिया कि. नहीं मैं तुम्हें ग्राउंडेड रखना चाहती. हूं फालतू में उड़ने लगोगे सब लोग तो. तुम्हें उड़ा ही रहा है तुमको धरती पर रखे.
सुपर्ब बैरी जॉन के मुलाकात हुई बैरी जॉन. सर कौन है क्योंकि हमने सौरभ सच देवा जी. का भी इंटरव्यू किया वो भी बारबार बैरी. जॉन सर के यहां पर ऐसा हुआ बैरी जॉन सर के. मुझे लगता है कि उनके ऊपर एक अलग से किताब. या नॉवेल या वेब सीरीज बन सकती बिल्कुल. बननी चाहिए सर वो इतनी बड़ी शख्सियत है. बड़े बड़े नाम हम लोग क्या है शाहरुख खान. मनोज बाजपेई मीरा नायर इन सबके गुरु रह. चुके हैं वो अ आई जहां तक मेरी. अंडरस्टैंडिंग सही है वह ब्रिटन से आए थे. इंग्लैंड से आए थे किसी एक्सचेंज. प्रोग्राम में बेंगलोर और वो रह गए वो.
अर्ली 20 में आए थे और उन्हें इतना प्यार. हुआ हिंदुस्तान से कि वो रह गए और यहां पर. एक चीज होती है टी आईई थिएटर इन एजुकेशन. उसके फाउंडर वो हैं एनएसडी में. इंट्रोड्यूस किया उन्होंने और फिर. धीरे-धीरे ही वाज जैसा जो भी हम समझ पाए. हैं उनके साथ थोड़ा वक्त बिता के कि ही. वाज नेवर यू नो हंग्री फॉर मनी और नेम फेम. एनी सिं क्वाइट उन्होंने लोगों को नर्चर. किया है और एक बड़ी चीज जो मैंने उनसे. सीखी है वो है डिसिप्लिन अ जब हमारा एक.
तरह से पासिंग आउट था तीन महीने के बाद. उन्होंने सर्टिफिकेट्स बांटे और उसके पहले. जो हमें थोड़ा सा ज्ञान दिया था कि यहां. पर ऐसे ही फालतू मत भटकते रहना एनएसडी के. बाहर बहुत लोग मिलेंगे यूनो चाय सिगरेट. होगा उसमें मत फंस जाना काम करना अन योर. ब्रेड एंड बेटर बटर फर्स्ट इट्स अ वेरी. ओके लवली इंडस्ट्री बट यू नो उसमें खो मत. जाना. रियलिटी चेक रखना एग्जांपल दिया था मनोज. बाजपे और शाहरुख खान का डिसिप्लिन के. मामले में कैसे शाहरुख जब टैग में थे.
थिएटर एक्शन ग्रुप में आज जो शाहरुख खान. है यही शाहरुख खान सबसे पहले रिहर्सल प. पहुंचते थे और कमरा खोल के उसका झाड़ू. पूचा वो लगाते थे ठीक है तो यह सारी चीजें. हमने यू नो सीखी और बैरी खुद बहुत. पंक्चुअल आदमी थे मतलब अगर 9 बजे से सुबह. से हमारी वर्कशॉप शुरू होती थी 9 एक इज. लेट सुनने में अजीब शाहरुख खान झाड़ू पूछा. लगा रहे थे. करते थे ओके आपने किसे किसे सिखाया है. मैंने मैं अगेन मैं ये नहीं क्लेम करूंगा.
सिखाया है पर हां काम किया है अब उसे. सिखाना कहिए जो कहिए बहुत सारे लोग हैं. कौन-कौन से एक्टस हैं एक्ट्रेस कौन-कौन से. लोग. हैं शुरुआत की थी जो बड़ा हिंदी का बड़ा. काम था वो था इश्क किया तो ऑफकोर्स एक. होता है जितने एक्टर्स हैं जितने एक्टर्स. हैं आप सबके साथ नसीर साब जी जी तो आप. सोचिए नसीर साहब जो अपने आप में. इंस्टिट्यूट है उनको के दो महीने हर टेक. में आकलन करना कि कुछ गलत बोल र और मैं. शुरुआत कर रहा था तो बढ़िया रहा मैंने.
उनसे बहुत कुछ सीखा मैंने उनसे सीखा कि. कैसे सिखाने खुद सीख के आ गए हा नहीं वो. तो सीखते ही हो आप मतलब सबसे सब ऑल. ब्रिलियंट एक्टर्स नसीर साहब अरशद वारसी. विद्या. बालन आदिल हुसैन एंड राजेश शर्मा ये सब. अपने आप में बहुत दिग्गज एक्टर्स हैं सब. अपने अपने स्कूल्स ऑफ एक्टिंग है ट्रू ट्र. और हां मतलब आपका वहां क्या काम था. मेरा काम इ था थोड़ा बहुत. विद्या थोड़ा बहुत भोजपुरी का फ्लेवर उनको.
दिया था उनका कैरेक्टर गोरखपुर बेस्ड. कहानी थी और थोड़ा सा नुक्त वगैरह प भी. काम किया था क्योंकि उनके कैरेक्टर को. थोड़ा पोएट्री का शौक था अ और फिर बाद में. मुझे उके नसीर साहब के हां तो भोपाली. भोपाली नसीर साहब और अरशद वारसी खालू. भांजा थे उसमें और उनको भोपाली का फ्लेवर. चाहिए था तो अभिषेक चौबे जो डायरेक्टर है. उन्होंने मुझे हायर किया मुझे भोपाली. भोपाली नहीं आती थी पर उन्होंने बोला. फ्लेवर चाहिए मेरे फिल्म का नाम डायलेक्ट. नहीं है इश्किया है तो थोड़ा सा ले आओ तो. मैंने थोड़ा रिसर्च किया कुछ लोगों को फोन. किया एक दो दोस्तों को कुछ फिल्में देखी.
और स्क्रिप्ट में कुछ चेंजेज करके ले आया. तो ऑफकोर्स. पहले ही दिन नसीर साहब मतलब मैंने अभिषेक. से बात की थी चब से डायरेक्टर से कि नसीर. साहब को भी बताना पड़ेगा तो उ बो अरे नहीं. नहीं नसीर साब को कौन बताएगा मरना है टाइप. मतलब इन द सेंस कि उनको तो आता ही होगा या. जो भी इतने सीनियर लेकिन पहले पहले ही दिन. पहला ही सीन जब हो रहा था तो अरशद को. मैंने ब्रीफ कर दिया था तो व थोड़ा बहुत. पकड़ के चल रहे थे भोपाली फ्लेवर नसीर.
साहब प और हिंदी बोल रहे थे अब मुझे लगा. कैसे चलेगा पूरी फिल्म बाकी है तो मैं गया. उनके पास मैंने ऐसे ही बस हल्के से सर व. थोड़ा भोपाली मैं का में फथ का फोथ जो भी. कुछ शब्द थे उन्होंने सुना और टेक अच्छा. हुआ मैं भी बड़ा खुश मैंने बीवी को फोन. लगाया यार पहला सीन हुआ नसीर साहब को भी. कुछ होता है कि नसीर साहब के डायलॉग को जब. आप बोल सकते हैं मैं वैसा मानता नहीं हूं. लेकिन हां मतलब हो गए ना भाई आप टिप्स दे. रहे हैं लेकिन हां मतलब वो दो महीने यह है.
कि हमारे दिमाग में वो इतनी बड़ी शख्सियत. है कि बड़ा फूक फूक के जाना पड़ता था कदम. वैसे फूक फू के रखने पड़ते थे कि अब जाऊ. कि ना जाऊ कि वो कुछ पढ़ रहे हैं शॉर्ट्स. के बीच में टीवी पर जितना मैंने उनको देखा. वो कई बार गुस्सा बहुत हो आते हैं जल्दी. मतलब भड़क जाते. हैं ऐसा नाराज हो गए क्योंकि वो तो अमिताब. बच्चन को भी एक्टर नहीं मानते थे कहीं कह. दिया था कि वो कहां एक्टर है अ वो सीनियर. है इतने और आपके वही पूछ आपके साथ जो. इंसिडेंट वहां थे दो महीने के गुस्सा नहीं.
कहूंगा मैं एक एक्टर जो होता है वो. ऑफकोर्स. उनका एक अलग फोकस मैं एक्टर हूं तो मैं इस. चीज को समझता हूं ऑफकोर्स उसमें भी. अलग-अलग टेंपरामेंट है सबके तो उसमें वो. डिस्टरबेंस नहीं चाहता है उसका कुछ थॉट. प्रोसेस चल रहा है उसमें और ऑफकोर्स सबका. अलग है कोई किसी को कोई फर्क नहीं पड़ता. जैसे हर्षद वारसी है बहुत ही चिल्ड आउट है. विद्या पालन है नसीर साहब को थोड़ा फर्क. पड़ता है अब वो कुछ पढ़ रहे हैं कुछ और कर. रहे हैं अब आप कंटिन्यूटी के जाके जैसे. तैसे आड़े तिरछे फोटो ले रहे हैं तो उनको. लगता है हटो सामने से कि मैं भी जो भी सोच.
रहा हूं तो ये थोड़ा सा केयरफुल रहना. पड़ता है ओके अदर वाइज तो मतलब ऑफकोर्स. लेकिन जब वो टेक देते हैं. या ये तो फिर आप फिर मतलब उस जैसा टेक तो. जैसा वो देते हैं फिर क्या ही एंड इवन अदर. वाइज लवली पर्सन टू वर्क विद हां एक. रेपुटेशन है वो हमारे सिर में भी ज्यादा. है. ओके चलिए ये तो नसीर साहब हो गए सीरियस. बात हो गई कैटरीना के साथ ये चेहरे प. स्माइल जो थी ना नहीं नहीं मैं ये.
सुष्मिता के बाद आप सीधे कैटरीना वाली. टॉपिक कैटरीना तो एक होता है कि अगेन लाइक. आई सेड कि मैं यहां तो सिखाया होगा ना. अच्छे से काफी टाइम दिया होगा काफी उठना. बैठना रहा होगा चाय कॉफी नहीं थोड़ा. एक्सपीरियंस भी हो गया था और नहीं तो यहां. भी पहले दिन जब मैं गया मैं उनके घर गया. था अब ऑफकोर्स इन लोगों को आप देखते हैं. एवरी डे अटायर में आप आप यू नो पूरा तैयार. एक फिल्म स्टार की तरह नहीं देख रहे हैं. तो ठीक है और आदत भी है और मैं कोई. आउटसाइडर नहीं है जो एक हवा बना के चलू.
कैटरीना केफ तो मतलब फिर भीले हुए उस टाम. तो किस साल की बात बता रहे हैं आप टाइगर. जिंदा है तब तो कैटरीना कैटरीना थ नहीं. नहीं अभी भी है और हमेशा से हैं नहीं नहीं. तो आप मैं बोल आपको आदत लग जाती है आप देख. रहे हैं मिल रहे हैं डेली आदत लग जाती है. पहले दिन मैं गया तो मैं रिकमेंड किया गया. था कहीं से कि टाइगर जिंदा है कि डबिंग. करनी है गया तो हम लोग स्क्रिप्ट प पहले. थोड़ा काम कर रहे थे कि फिर जाके स्टूडियो. में जब कुछ दिनों बाद जाएंगे तो कुछ काम. कर रहे थे तो अब ऑफ कोर्स शी डिन नो मी.
पर्सनली तो मैंने ना उन्होंने कुछ पढ़ा तो. मैंने उनके साउंड्स को चेक किया कि ये मिस. प्रोनाउंस कर रही है आप कुछ कुछ उसके बाद. मैंने ऐसे ही मुझे लगा कि यह लाइन शायद. ऐसे भी बोली जा सकती है एक एक्टर वाला. दिमाग मेरा एक्सक्यूज मी तो मैंने कहा कि. कटना दिस यू कैन आल्सो से दिस लाइक दिस. तो कटीना ने कहा कि जस्ट टेल मी व्ट माय. मिस्टेक्स आर इन टर्म्स ऑफ साउंड डोंट टेल. मी हाउ टू से द.
लाइन फेर नफ तो काम किया आगे दूसरे ही दिन. आई थिंक उन्हे उन्होंने भाप लिया कि इस. आदमी को थोड़ा आता है कुछ तो दूसरे ही दिन. जब हम बैठे हुए थे मैंने वही किया कि. साउंड्स बताए कि ये गलत हो रहा है इसको. ऐसे बोलते हैं इसको ऐसे बोलते हैं पूरा. सीन खत्म हो गया तो उन्होंने बोला कि. अच्छा एक बार तुम करके दिखाओ कैसे कर तो. मुझे लगा कि चलो अब मतलब अब थोड़ा सा अब. ये हो गया एक आइस ब्रेक अच्छे से हो गया.
नहीं बट इट इट्स अ लवली आई थिंक शी इज. वेरी प्रोफेशनल एंड हार्ड वर्किंग और. सुंदर तो कमाल की है वो और ये सबसे ज्यादा. मैंने मैं गया था ठग्स ऑफ हिंदुस्तान के. सेट पे सेट पे कम ही गया हूं मैं उन्होंने. एक दिन बुलाया था कुछ एक लंबी चौड़ी. रिहर्सल करनी थी या कुछ तो वो कुछ अ लहंगा. जो लहंगा ही बोलते हैं ना हां वो पहनी हुई. थी ओ कमाल मतलब जब वो तैयार हुई तो मैंने. बोला और उन्होने आदाब ऐसे किया मैंने बोला. बस और क्या मतलब इसीलिए तो लोग पागल है और.
उसको मैंने इन रियलिटी देखा गजब गजब. खूबसूरत सुपर सुपर शानदार रय पर मेरा जो. भी ये ट्रेनिंग मैं देता हूं उसमें ऐसा. कोई बायस कहीं कुछ नहीं है कि कोई कैसा है. कोई मतलब हीरोइनों के प्रति कुछ ज्यादा. फेवर रखता हूं या. कुछ सब स्टूडेंट्स हैं और कौन-कौन से लोग. रहे बड़े नामों में या वो जो आपको लता. टैलेंटेड है सॉरी जो और कौन-कौन से लोगों. के साथ आपने मतलब ये एस नॉट एज एक्टर ये.
जो आप जैकलीन फर्नांडिस है ओके जॉन. इब्राहम है विद्या बालन है जैकलीन इज. ग्रेट फन टू वर्क विद विद्या बालन दोस्त. की तरह हम इश्किया प जब काम कर रहे थे तो. वो चेंबूर में रहती थी शादी नहीं हुई थी. उनकी तो पहले शी लव्स हर टी तो चाय बनाती. थी और हम दोनों फर्श पर बैठ के सेशन होता. था चाय पीते थे चाय थी बहुत बार हर हर दिन. क्योंकि आपने हमारे यहां चाय पीने से मना. कर दिया है वो कुछ अच्छा वो विद्या बालन. सा विद्या बालन की चाय थी है विद्या बालन.
और आपकी चाय में कुछ तो फर्क हुआ नहीं. नहीं नहीं लेकिन हां इट वाज सो वी आर मोर. लाइक फ्रेंड्स बट आ लाइक आई सेड कि आई. ऑलवेज कीप माय डिस्टेंस आई ओनली टॉक आई. कैन टॉक व्हेन एवर आई वांट टू बट आई कीप. इट टू द मिनिमम ऐसे ही बहुत है जॉन के साथ. एक बहुत अच्छा इक्वेशन है पहले हमने. परमाणु में काम किया साथ में एज एक्टर्स. फिर एक इक्वेशन बन गया फिर उन्होंने सत्य. में जयते के लिए बुलाया थोड़ी डिक्शन. ट्रेनिंग के लिए बाटला हाउस अभी भी एक. प्रोजेक्ट किया है वेदा उसपे निखिल अडवाण. की फिल्म में हम है अच्छा इक्वेशन सुपर्ब.
ये तो बॉलीवुड की बात हो गई क्योंकि यहां. जहां पर आप इंटरव्यू दे रहे हैं ये न्यूज. बुक प्लस हम स्पोर्ट्स बुक चलाते हैं जी. मुझे ये भी पता लगा कि आप तमाम क्रिकेटर्स. को भी लैंग्वेज डिलीवरी पर काम करते हुए. आप आ रहे हैं आरपी सिंह या फ कोशिश करते. रहते हैं मोहम्मद कैफ या कमेंटेटर्स के. साथ आप काफी जुड़े हुए हैं जी कोशिश करते. हैं अ. क्रिकेट में दिलचस्पी है है कितनी है मतलब. उतनी ही जितना बिहार क्रिकेट से जुड़ा हुआ. है या फिर ज्यादा नहीं उतनी मतलब क्रिकेट.
में शायद ज्यादा है मतलब खेले हैं मतलब जो. भी देखते रहते हैं अब काफी लड़के बिहार से. आ रहे हैं आकाश दीप आया मुकेश कुमार अभी. आए बिहार से लेकर के झारखंड रांची बना. धोनी और ईशान वहां से आए जी जी जी हम ये. ट्रेनिंग एक्चुअली कोशिश यही होती है. कि और क्रिकेट में खासकर काफी सेलिब्रिटीज. या सॉरी. एक्स प्लेयर्स को लाया जाता है ऑफकोर्स. बिकॉज ऑफ देर नॉलेज हम पर उन्हें थोड़ा. बहुत कम्युनिकेशन सिखाना यह काम करते हैं.
और क्योंकि मैं कुछ टाइम से ये कर रहा हूं. तो थोड़ा बहुत कमेंट्री कैसे करते हैं या. कहां पर क्या बोलना चाहिए वो भी सीख गया. हूं हम तो वही ये थोड़ा बहुत ज्ञान थोड़ी. बहुत मॉनिटरिंग ये करते हैं तो जैसे मैंने. सुना आरपी सिंह के साथ आप काम करते थे. आरपी भाई रायबरेली के हैं पड़ोसी हमारे. हमने साथ में काम भी किया है एक चैनल में. हमने वर्ल्ड कप कवर किया था मेरे अच्छे. भाई जैसे मित्र भी वो हैं जी क्या क्या. सिखाते लाइक क्या आपकी क्या कन्वर्सेशन. होती है क्या बात संवाद क्या होता है या. क्या वो आपसे लेते हैं तो कुछ तो टेक्निकल.
चीजें होती हैं जैसे कि और वो करते करते. भी सीख जाते हैं कि जैसे कि अब जैसे बॉलर. रन अप पे चला गया तो बोलना बंद कर दो अब. ये नहीं कि बॉलिंग हो रही है और आप बोले. जा रहे हैं क्योंकि अचानक से बोल्ड हो गया. ठीक है तो आप आप एकदम यू विल बी कॉट मिड. सेंटेंस आपको समझ में नहीं आएगा क्या करें. और उसका जब हाईलाइट कटेगा तो कैसे कटेगा. ठीक है तो ये सारी टेक्निकल कीज हैं ओके. ये तो एक छोटी सी चीज है या अपने आप को. रिपीट ना करें सिर्फ व्हाट इज दैट वड. बेहतरीन बेहतरीन बेहतरीन हर चीज अगेन होता. है ना हर चौक के हर प अगर आप.
बेहतरीन बोल गए तो जब उसका हाईलाइट कटा. दर्शक बने. फील्डर नहीं कुछ चीजें जान के की जाती है. ताकि वो चिपक जाए हां ये आकाश की बात कर. रहे हैं आप ठीक है नहीं बहुत मजा आया उनके. साथ काम तो फिर अलग-अलग आकाश काम किया. आपने जी जी जी. तो क्या बोलते हैं जैसे आरपी हुए या कई. लोग हैं अगेन यूपी से हैं शर सर की. प्रॉब्लम है तो कोशिश करते हैं ऑफकोर्स. इतना बोल चुके हैं कि अब इस उम्र में चेंज. करना मतलब दे आर देयर फॉर देर नॉलेज ठीक.
है और अगर समझ में आ रहा है कि वो क्या. बोल रहे हैं तो चल जाता है और हमारे देश. में यह भी है ना कि इतने रीजन से सब आते. हैं कि थोड़ी बहुत थोड़ा बहुत इन्फ्लुएंस. मातृभाषा का रहेगा हॉट स्टार से आपका टैप. था स्टार से स्टार स्पोट स्टार अमित. मिश्रा तमाम लोग भी फिर होंगे वहां पे कई. लोग कई लोग सब लोग हर भजन इवन रोड इंग्लिश. सबको एक सेशन दो सेशन 10 सेशन बहुत लोग तो. आकाश के साथ खासियत यह है कि उन्होंने इस.
इसको ट्रूली एस सेकंड करियर लिया है पोस्ट. हि क्रिकेटिंग करियर एंड एंड वो तो इतना. करने लगे हैं कि यूजुअली क्रिकेटर्स आते. हैं एस एक्सपर्ट तो यूजुअली दो लोग होते. हैं एक लीड कमेंटेटर जो अच्छा कम्युनिकेटर. होता है आपके जैसा कोई शख्स ठीक है और एक. एक्सपर्ट कमेंटेटर जो एक मोस्टली एक्स. प्लेयर या कोच होता है आकाश है जिन्होने. बहुत अच्छे से क्रॉस ओवर किया है जो लीड. कमेंटेटर बन गए हैं ठीक है क्योंकि. उन्होंने बहुत काम किया है इस पे अब. ऑफकोर्स एक ये भी है कि जैसे हर प्रोफेशन.
में है मीडिया के कि पब्लिक को ये पसंद है. तो यू नो आप आप कोई चीजें ज्यादा बोलते हो. वो चिपक जाती है कई बार कैरिड अवे भी हो. जाते हैं लेकिन उस चीज को वो चेक भी करते. हैं तो वो थोड़ी-थोड़ी इंप्रूवमेंट्स करते. रहते हैं इसलिए वो जहां है हैं बंदियां. अच्छी करते हैं लेकिन वो हां फिर पर्सनल. चॉइस है अब अगेन यू आर डिक्टेटेड बाय बाय. द ऑडियंस थो सा टीवी यनो तो वो थोड़ा सा. तो उसमें इफ यू आर अ प्यूरिस्ट यू नो एज अ. लैंग्वेज एक्सपर्ट और समथिंग एंड यू.
लुकिंग फॉर प्योरिटी देयर वो थोड़ा सा हवा. में तो जाती है हम ठीक है ये हमने हो गया. कई सारे क्वेश्चंस आपके फैंस ने हमें भेजे. हैं जो लोगों के हमने कहा था एंड आई थिंक. उसको लेना भी जरूरी है क्योंकि वो ना. लेंगे तो बेईमानी हो जाएगी जैसे एक सवाल. है सार्थक ने पूछा है कि सीआईडी के. एक्सपीरियंस कैसा सीआईडी के बड़े सवाल है. मेरे को टू बी ऑनेस्ट मुझे लगा था कि. आर्या को या काला पानी पर ज्यादा बातें. होंगी बट जब मैं कमेंट सेक्शन खोल के देख. रहा हूं तो इसमें सीआईडी भरा पड़ा है. देखिए लाइन से सीआईडी सीआईडी सीआईडी जी जी. वो सीआईडी की रीच बतलाता है और सीआईडी कब.
शुरू होगा मतलब इतने सारे सवाल है क्या. कहा जाए सीआईडी 21 साल हो चुका अब कब शुरू. होगा नहीं होगा आई थिंक इसका जवाब दया. वगैरह कहीं पर तो अब दे चुके हैं हा अभी. पॉडकास्ट सु था जी जी जी सीआईडी आई थिंक. सीआईडी इज डिफाइंड बाय दोज थ्री फोर पीपल. स्पेशली वो कुछ लेकर आते हैं तो पता नहीं. उसका जवाब तो मेरे पास नहीं है लेकिन जो. एक्सपीरियंस वहां रहा वो बहुत अच्छा रहा अ. बहुत ही वेल ऑइल्ड मशीनरी है वो प्रोडक्शन. पूरा अ बहुत ही अच्छे लोग हैं बहुत अच्छे.
एक्टर्स हैं इनफैक्ट सबसे ज्यादा. एनर्जेटिक और डायनामिक सबसे सीनियर हमारे. एसीपी प्रद्युमन शिवाजी साटम साहब थे हम. और अच्छा एक अगेन टिपिकल फैमिली जैसा. माहौल. और एक बड़ी अच्छी चीज है सीआईडी की एक तो. बहुत पॉपुलर शो है मतलब मैं मैंने बस एक. डेढ़ साल किया है और देखिए ये कमेंट. सेक्शन में आपकी सीआईडी में डेथ हो गई थी. नहीं नहीं नहीं ओके मुझे एक किसी ने मुझे. लिखा कि वो सीन बड़ा इमोशनल था कि मेरी.
मां से कह देना रजत टी अरे वो वो जो होता. है ना कि मैं कहीं से गिरा था क्लिफ से तो. मैंने पार्टिंग शॉट बोला था कि कह देना जो. भी मेरी मा रजत ड्यूटी पर मरा था हां नीचे. गिर के मैं फिर जिंदा था बच गया मैं डाली. प अटका था तो टीवी की ठीक है ठीक है. खूबसूरती है हा नहीं नहीं तो वहां वहां. बहुत मजा आया एंड ये इस शो का दिस इ. टेस्टम नहीं कि कितना पॉपुलर शो है कि. मैंने और भी कई काम किए हैं और इसमें कम. काम किया है एक डेढ़ साल ही किया है जबकि. सीआईडी 21 साल चला है और उसके और 121 में.
किया था मैंने 20121 में और तब भी आज तक. सबसे ज्यादा जो लोग मुझे पहचानते हैं वो. वही रजत सीनियर इंस्पेक्टर रजत के नाम. से अच्छा है वहां की थोड़ी ऑडियंस आरया. थोड़ी ऑडियंस काला पानी में आ रही है. आर्या को लेकर भी एक सवाल आया है कुलदीप. पूछते हैं कि आर्या जी को इतना क्यों. परेशान किया आपने अरे वो परेशान करने लायक. है ठीक है शी इज आस्किंग फॉर इट क्रिमिनल. है. ये मुझे अभी एयरपोर्ट पे जब अभी मैं आ रहा. था ना बम्बे से तो सिक्योरिटी चेक करते. हैं तो मैंने अपना बर्डिंग पास रखा और ऐसे.
हाथ ऊपर किया उन्होंने देखा एसीपी खान का. नाम यहां पे कुमार खान कुमार ये क्या है. तो फिर वो बोलने लगे क्यों इतना तंग करते. हो आप उन्हें ठीक है और आपने तो मतलब एक. मां जो है अपने बच्चों के लिए कर रही थी. फिर ये गोली लग गई अब कैसे कोई मां अपने. बच्चों के लिए कुछ करेगी मतलब कुछ इमोशनल. टाइप हो गए तो हां ये असर होता है लोगों. पे अच्छा है इमोशनल कनेक्टेड बना लेते हैं. दर्शक है मेरे अंसार उन्होंने लिखा कि. मुझे इनके किरदार को लेकर शिकायत है अगर. यह गे नहीं होते तो शायद इनका वजूद और. ज्यादा उभर कर आता नहीं नहीं ऐसा क्यों है.
कई लोगों ने उसको लेके ही पूछा नहीं पर आई. थिंक ट्स जस्ट नहीं दैट डजन डिफाइन स यही. ब्यूटी थी वो शायद उस पॉइंट ऑफ व्यू से कह. रहे ह जो आपने कहा ना कि आर्या से आपका. रोमांस अच्छा वो अगर चाहते तो वो तो आपके. मन में लड्डू फूट जा था. काश वो एंगल रहता मतलब बहुत बहुत मजा आता. वाफ पूरी लाइन बोलिए ना हमारा प्रोमो कट. जाता है उससे क्या पूरी लाइन वो एंगल की. जगह पर काश मेरा रोमांटिक एंगल रहता. सुष्मिता सेन के साथ आर्या में मेरी पत्नी.
को भी पसंद आता मुझे भी पसंद आता और जैसा. कि दर्शक के कमेंट दर्शकों के कमेंट से लग. रहा है उन्हें भी बहुत पसंद आता परफेक्ट. प्रोमो दिया आपने हम नहीं लेकिन आई थिंक. ये जो गे वाली गे रिलेशनशिप वाली बात कही. आपने वो फर्स्ट सीजन से ही बहुत खूबसूरती. से हैंडल हुआ है और वही. इस इस कैरेक्टर को और इस शो को और यूनिक. बनाती है कि जिस तरह. से एक मुस्लिम कॉप जो कि होमोसेक्सुअल है. और हमने उसका कुछ ऐसा कुछ वो नहीं बनाया.
कि हवा बड़े इत्मीनान से जैसा मैं कहता. हूं अक्सर कि मेरे पार्टनर का नाम उसमें. अजय है जया होती तो भी यही होता जैसे. दिखाया गया. है सुपर्ब सुपर्ब सुपर्ब एक खान एंड कुमार. आपने प्रोडक्शन हाउस खोला है जी खान कुमार. ये खान एसीपी खान के चलते नहीं नहीं नहीं. तो शारिब खान मेरे बचपन का दोस्त है. क्वालिफाइड डॉक्टर है लेकिन उसकी कमाई का. जरिया एक आईटी कंपनी है दोनों चल जाएगा. इधर एसीपी खान नहीं नहीं पटना का है.
न्यूयॉर्क में रहता है बचपन से हम साथ में. हैं पढ़े हैं और कुमार मैं हूं तो यहां से. एंड आई थिंक इट्स अ नाइस नेम इन द. प्रेजेंट टाइम्स आई थिंक इ इट जस्ट. स्पीक्स अ लॉट खान एंड कुमार केके मेरे. फेवरेट सिंगर भी रहे हैं तो वो भी एक है. तो आपकी कोई फिल्म शायद शॉर्ट फिल्म ऑस्कर. में भी गई थी जी सोनसी नाम की पहली शॉर्ट. फिल्म हमने प्रोड्यूस की थी उसको नेशनल. अवार्ड भी मिला था बेस्ट सिनेमेट ग्राफी. नॉन फीचर फिल्म कैटेगरी में और हम दो तीन. फेस्टिवल्स हमने जीते थे तो उसमें से एक.
ऑस्कर क्वालीफाइंग फेस्टिवल होता है तो. उससे हम ऑस्कर के लिए क्वालीफाई कर गए थे. नॉमिनेट नहीं हो पाए वहां तक नहीं पहुंचे. लेकिन हम शॉर्ट लिस्ट कोई नहीं अभी तो. बहुत सारे काम बाकी होंगे ज्यादा टफ क्या. है एक्टिंग करना कोचिंग करना लैंग्वेज की. या फिर प्रोड्यूस करना एक्टिंग एक्टिंग वो. कैमरे के सामने जो आप जाके करते हैं. ज्यादा पैसे भी यही मिलते होंगे तो है. पैसे तुलनात्मक तो हां डेफिनेटली बहुत. ज्यादा प्रोडक्शन टफ है आपको दिल बड़ा. रखना पड़ता है अगर अच्छी चीज बनानी है.
आपको हमेशा खर्च करने के लिए टाइम देने के. लिए डिमांड्स पूरे करने के लिए उतना बड़ा. दिल रखना पड़ता है लेकिन एक्टिंग व कैमरे. के सामने जाके ई आर्या में या काला पानी. में खासकर जितना जितनी मेहनत करनी पड़ी है. और वो सारे इमोशन दिखाने पड़े आपको एहसास. होता है कि नहीं सबसे मुश्किल तो वही है ओ. ट्रेनिंग में बहुत मजा है और अगेन अ ये. नहीं कि मैं बहुत बड़ा ज्ञाता हूं कुछ भी. हूं लेकिन एक्टिंग तो आप केवल लैंग्वेज. कोच है या एक्टिंग कोच भी है अ मैं दूर. भागता था एक्टिंग कोचिंग से बहुत पहले.
मैंने एक प्रोजेक्ट किया था उड़ान विक्रम. उठवानी की बहुत अच्छी फिल्म है जब आई तो. बेस्ट डायरेक्टर एक्टर सब बेस्ट डायरेक्टर. और बेस्ट फिल्म मिली थी फिल्म फेयर अवार्ड. मिला था और बहुत लोगों की फेवरेट फिल्म भी. है तो उसमें जो लीड एक्टर है रजत बर्मे. उनको मैंने ट्रेनिंग दी थी तो शुरुआत तो. वैसे की थी लेकिन उसके बाद से मैं भी. एक्टिंग करने लगा था तो मुझे लगा यार मुझे. खुद हमेशा मैंने कहा ना मैं अंडर. कॉन्फिडेंट एक्टर हूं तो मुझे लगता था कि. यार मैं खुद पहले क्या करता हूं नहीं करता.
हूं पता लगा लोग देखें ऐसे य खुद करता य. क्या सिखाएगा टा तो मैंने मैं जो कॉल्स. आते थे मैं नहीं लेता था कि नहीं मैं रहने. देता हूं एक्टिंग कोचिंग एक्टिंग कोचिंग. लेकिन पिछले दो-तीन सालों में मैंने देखा. कि एस डायलॉग कोच मैं जो इनपुट्स दे रहा. हूं फिर एज एन एक्टर भी वो मेरे इनपुट्स. ले रहे हैं और बहुत सीनियर एक्टर्स जैसे. जैसे भूत पुलिस में मैं था तो सेफ के साथ. अर्जुन के साथ जैकलीन सब तो या और कुछ. प्रोजेक्ट्स पे या विद्या इज वेरी ओपन टू. एनी काइंड ऑफ इनपुट यू गिव नाउ कैटरीना.
आल्सो आफ्टर दैट फर्स्ट डे तो मुझे लगा मु. ये मत सिखाओ सिर्फ ये बताओ गलती क्या है. सिखाओ उन्होंने बस कहा कि डोंट टेल मी हाउ. टू से इट जस्ट टेल मी माय मिस्टेक्स तो तो. मुझे लगा और फोस आ रहे थे कि एक्टिंग. कोचिंग के तो मुझे लगा कि यार देखते हैं. करते हैं नहीं ये मैंने इसलिए पूछा ना कल. मान लीजिए हम लोग वेट लूज कर लेते हैं तो. आपसे जुगाड़. करते हम लोग हम लोग करेंगे कुछ करेंगे तो. अभी कि है अभी अभी रिसेंटली की है कुछ. वर्कशॉप्स और अच्छा है आई थिंक एक्टिंग.
मैंने मुंबई डायरीज का प्रोमो शूट एक्टिंग. किया था मेरे को बुलाया गया था ए एन एंकर. शूट करने के लिए उसकी एक्ट्रेस है श्रेया. हम जिन्होंने कई फिल्मों में भी काम किया. है मुंबई डायरीज आई थी वहां मैं गया था. मुंबई में अच्छा प्राइम वीडियोस के लिए. अच्छा अच्छा वेरी गुड फिर मैंने कहा हो. गया अपना काम नड में अच्छा है हां मतलब एक. है भाई एक्टिंग आसान तो नहीं है लेकिन कर. सकते हैं लोग कर सकते हैं थोड़े पैसे और आ. जाए सही बात. है ओके अ सवाल हमारे पास बहुत सारे थे अब.
आपको धीरे-धीरे हम क्योंकि एंड पे जा रहे. हैं यहां से क्या प्रोजेक्ट है अभी कुछ. बड़ा जो धमाका आने वा जैसे एक आर्या था. आर्या ने एक पहचान दे दी तगड़ी सीआईडी था. बट आर्या का रोल इंपैक्टफुल था काला पानी. का इंपैक्टफुल था अब आपको लोग नोटिस करना. ज्यादा शुरू करेंगे जी मैंने एक फिल्म की. है उलझन नाम से बहुत बड़ी फिल्म नहीं है. वैसी लेकिन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल्स. में गई है मेरा. काम एक्सक्यूज मी मुझे लगता है ठीक ठाक ही. है दो जगह नॉमिनेट भी हुआ था मैं बेस्ट.
एक्टर में तो इसलिए लगता है कि ठीक ठाक है. अब इंतजार है कहां आएगी कब आएगी ओटीटी पे. उलझन में मैं और सलोनी बत्रा जो एनिमल में. रणबीर कपूर की सिस्टर बनी थी हम दोनों लीड. में है लीड रोल में उसम उसमें मैं कॉप. नहीं हूं मैं लखनऊ का एक बिजनेसमैन बना. हूं लखनऊ में पूरी तरह शूट हुई थी इनफैक्ट. उसके जो डायरेक्टर है आशीष पंत उन से. मैंने बहुत सीखा और आई थिंक मेरे करियर. में एक शिफ्ट आया तो उलझन थोड़ी पहले हमने. शूट की थी अभी आनी चाहिए बाहर उलझन के.
इमीडिएट बाद मैंने आर्या की थी और आर्या. के लिए जितनी मेरी तारीफ हुई मैंने. एक्चुअली एक थैंक यू मैसेज आशीष पंत जो. डायरेक्टर हैं उलझन के उनको भेजा था कि यू. हैव नथिंग टू डू विद दिस स्टिल यू हैव अ. लॉट क्योंकि उलझन पे जो मैंने सीखा बहुत. कुछ एक्टिंग के बारे में वह मैं यहां. अप्लाई कर पाया हूं जो कि पता नहीं मैंने. उलझन में कर पाया हूं मैं कि नहीं पता. नहीं. तो हां मुझे लगता है उस हिसाब से मेरे लिए. बहुत इंपोर्टेंट फिल्म है एक एक्टर के लिए. उसका अर्निंग सोर्स क्या क्या होता है. कहां कहा से पैसे आते हैं आप लोग की घर.
खर्च कहते हैं हम कमाई कन जरिया क्या है. केवल ये जो फिल्म कर रहे इनसे जो पैसे मिल. गए बस वो या कुछ और भी होता है एक्टर के. लिए डिपेंडिंग ऑन पॉपल जैसे अभी आपने. आर्या की थी तो आर्या में एक अमाउंट था या. अमाउंट ऑफ वीक्स के हिसाब से होता है जैसे. डेली सपस में होता है कि जितने हफ्ते काम. या सीरीज का एक पूरा होता सीरीज में आई. थिंक दे कैलकुलेट नंबर ऑफ डेज एंड दे. अराइव एट अ लसम मन ओके वही होता है ऐसे ही. हर फिल्म में कि इस बार हां ह हर जगह वैसे. ही होता है यूजुअली तो यही होता है अनलेस. यू बिकम अ स्टार फिर उसमें भी वही होता है.
कि अगर आप एक स्टार एज अ कैमियो आ रहे हैं. तो इतना स्टार एज अ मेन लीड आ रहे हैं तो. इतना वो है तो आप सिर्फ एक्टिंग के ही. पैसे लेते हैं ट्रेनिंग अच्छा ट्रेनिंग आप. एक ट्रेनिंग करते मेरा घर तो ट्रेनिंग से. काफी हद तक चल जाता है तो दैट गिव्स मी द. लिबर्टी टू चूज माय एक्टिंग असाइनमेंट. इसलिए मैं कम एक्टिंग करता हूं मत एक. आर्या है काला पानी है इंतजार है कुछ ऐसे. ही अच्छा आने का इसलिए मैं फिर रिफ्यूज कर. पाता हूं कई चीजें जो जि में जो मुझे ऑन द. फेस ऑफ इट एक्साइट नहीं करती सोशल मीडिया.
पर आप बहुत एक्टिव नहीं थे पहले नहीं मैं. अभी भी नहीं रहना चाहता हूं मुझे बहुत. अजीब सी जगह लगती है सुष्मिता सेने कहने. पर आप पाए थे जी जी तो हुआ यह था. कि मैं नहीं था सोशल मीडिया पर जैसा आपने. कहा आर्या आई और लॉकडाउन वगैरह के समय ही. आई थी फर्स्ट सीजन जब आया था तो एक महीने. ना हो गया और कुछ लोग बोल रहे थे कि अरे. तुम्हारी तारीफ हो रही है रिव्यूज में. अच्छा लिखा हुआ था सुनने को आता ही था इधर. उधर से फोन पर कई भूले भट के पुराने.
दोस्तों ने फोन किया कि अरे क्या कमाल की. हो तुम ये सब तो फिर सुष्मिता से एक दिन. बात हुई तो उन्होने कहा अरे कहां हो यू. शुड बी ऑन ा द वर्ल्ड इज टॉकिंग अबाउट यू. आई गट सो मेनी मैसेजेस से की अरे हु दिस. गाय ये वो तो नो नो य यू मस्ट बी देयर और. मैंने उस समय सुष्मिता से बात की विद्या. बालन से बात की ही फोन घुमा के कि मुझे. पूछना था कि कैसे. क्या होता है सोशल मीडिया भाई ठीक है जग. आपकी वाइफ तो होंगी ना वो तो एक्टिव होंगी. नहीं वो भी नहीं थी उस समय तक कोई नहीं था. पहले राम मिला जोड़ी और और अलाया एफ है.
यंग एक्ट्रेस हैं मैं उनको कुछ ट्रेनिंग. हिंदी डिक्शन सिखा चुका हूं क्योंकि ये. एक्टिव थी विद्या वैसी एक्टिव है वो वैसी. वाली नहीं है जैकलीन की तरह मैंने जैकलीन. से बात की तो सबसे बात करके फिर मुझे लगा. कि. चलो इस बार आपने सही जगह इंटरव्यू दिया. है क्योंकि मैंने मेरा ये था कि उस समय. जैसे रणवीर कपूर शायद नहीं है मैंने बोला. रणवीर ओरिजिनल अकाउंट से नहीं है वो फेक. अकाउंट से हां वो कुछ देखते हैं खैर हां. उन्होंने कन्फेस किया कि मैं सब पे नजर. रखता हूं बट वो मेरा दूसरा अकाउंट है जी.
तो लेकिन मुझे वही उन लोगों ने बोला कि. तुम रणवीर कपूर थोड़ ही हो ठीक है तो नहीं. नहीं बट बेसिकली पीपल सेड दैट इज द नीड ऑफ. द आवर तो किया बट आई डोंट मतलब मेरे पास. ना वो हर दिन सेल्फी खींच के डालने की यू. नो सोशल मीडिया गवस लॉट ऑफ मनी आई नो बहुत. ज्यादा बहुत सारे एक्टर एक्ट्रेस ऐसे हैं. जिनका घर खर्च खाली सोशल मीडिया से. प्रमोशन आ आई डोंट नो हाउ टू कम टू दैट आई. आई आई एम वेरी अन कंफर्टेबल वि नंबर ऑफ. फॉलो मैं कैमरे के सामने नंबर ऑफ फॉलोअर्स. आई नो आई नो बट आई डोंट नो हाउ देखते हैं.
आई रियली डोंट नो बिकॉज कैमरे के सामने. मैं एक्चुअली थोड़ा ऑकवर्ड हूं जब मैं. किसी रोल में होता हूं आपका सोशल मीडिया. ठीक कर दूंगा आप मेरी एक्टिंग ठीक कर देना. डन सर मुझे जरूरत है इस चीज की मुझे भी जर. जरूरत है हा जी बिकॉज यू नेवर नो ना कल ब. पीपल कीप टेलिंग मी यू नीड टू यू नो पंप. अप योर. गेम सेड आई डोंट नो हाउ टू डू इट मैं तो. हूं क्योंकि हूं अब कुछ आ रहा होता तो मैं. फोटो डाल देता हूं जस्ट वेट फॉर द रिलीज. ऑफ दिस इंटरव्यू इंशाल्लाह आई मीन कुछ. अच्छा बहुत अच्छा.
होगा वो सुष्मिता वाला वीडियो वायरल होने. वाला है मैं बस यहां तक. था अरे बाप पे इतना जोर मत दीजिए हां. लेकिन हां वो लाइक आई सेड अकेला ऐसा वो. आपको फॉलो करती है करती तो थी लेकिन शायद. वो किसी को बहुत कम एक दो लोगों को ही. करती है मुझे कुछ नहीं पता हां बीच में ना. कुछ हुआ था हां हां हां. कोई नहीं हम उ टक. करेंगे. सुपर पेपी कल्चर से भी फेमस नहीं यूज टू.
नहीं होंगे नहीं आप पैसे नहीं देते मैं. नहीं मुझे आता ही नहीं सब ना मुझे पसंद है. बट अच्छा आपने पैसे दिए नहीं ना हा मैंने. एक बार देखा था मैं कहीं आई थिंक कहीं कम. ही अब्रॉड गया हूं लेकिन कहीं से मैं लौट. रहा था लेट नाइट तो मैंने देखा कि कोई. एक महिला थी वो बाहर आई मेरे साथ ही और. अचानक से एक अंदर तक कोई पहचान नहीं रहा. था बाहर निकलते ही भीड़ आ गई कि अरे मुझे. लगा कि शायद मैं पहचान लू मैंने कोशिश की.
नहीं भीड़ नहीं आई एक कैमरा और एक पर्सन. तो मुझे लगा ये दोढाई बजे रात में तो मुझे. लगा कि ये कैसे हो सकता है अब मैं भी. कोशिश कर रहा हूं कि फ्रेटरनिटी के कहीं. देखा होगा आई डोंट क्लेम टू नो एवरीवन बट. एंड नॉट दैट आई एम वेरी नोन और समथिंग बट. तो मुझे लगा कि यार ये तो कुछ तो मतलब खबर. पहुंच जाती होगी या जो भी अब तो कई. स्टार्स बोल चुके हैं कि कुछ नहीं. है आपका मंथली पैसा आता है आपसे एक. लिमिटेड अमाउंट होता है जिसमें आप आपकी.
पीआर टीम उनको ती है कि मैम इतने बजे या. सर इतने बजे निकलेंगे और आप अपनी अपनी. लोकेशन में डालते हैं अच्छा ताकि ट्रैक कर. सके और फिर आप कहते हैं नो नो नो कैमरा न. कैमरा आईम टायर्ड तो आई एम नॉट लाइक दैट. एंड आई एम नॉट कंफर्टेबल डूइंग ना मुझे ये. सब आता है मैं तो ऐसे ही अन कंफर्टेबल हो. जाता हूं तो पता नहीं रिजेक्शन से कैसे. डील किया मैंने हमेशा डील किया है कुछ. करना नहीं पड़ा है मुझे मैं कैसे क्या. क्या चलता है थॉट प्रोसेस कुछ नहीं चलता. एक्चुअली पीपल फाइंड दैट डिफिकल्ट टू. बिलीव मेरे पिताजी को भी समझ में नहीं आता.
था पहले उन्हें जैसे वो तकलीफ तो होती. होगी ना दुख तो होता होगा एक दो बार हुआ. है वो दैट लास्ट फॉर हाफ अ डे. दैट्ची किसी ने ऊपर से जो भी तो बस है. सौंप दो वो देख लेगा तो चाहे उस टीवी चैनल. से निकालना हो या उस वेब सीरीज कहीं कभी. सर वही तो मैं बोल रहा हूं कि जब मुझे फोन.
आया था तो मैं हंस रहा था अ एक बार ऐसे ही. हुआ तो मेरे पिताजी को लगता था फॉर द. लांगेस्ट टाइम कि मैं ग्लैमर से आकर्षित. हूं य मैंने बोला र मुझे क्या ग्लैमर ये. क्या बात कर रहे हो आप मैं एक्टिंग मुझे. चाओ है मजा आता है करते एक बार ऐसे ही हुआ. था ऑफकोर्स उन्होंने ये न्यूज़ चैनल वाली. और भी कई सारे रिजेक्शंस देखे थे मेरे साथ. होते हुए तो एक बार और ऐसे ही हुआ था और. मैं उन्हें रात में फोन करके हमारी डेली. बातचीत होती थी रात में बता रहा था तो. उन्होंने कहा उस दिन उन्होंने मान लिया कि. तुम्हें मैंने इतना देखा है कि ये मिलते. मिलते रह गया ये होते होते रह गया फिर भी.
तुम ठीक हो तो मतलब यू वर मेड फॉर दिस यू. हैव मतलब यू आर सेटल्ड अबाउट दिस कि यू. डोंट गेट अफेक्टेड एंड आई एक्चुअली डोंट. मुझे सबसे ज्यादा जो परेशान करती है चीज. वो है जब मेरे पास नया काम आता है आता है. तो जैसे मैंने कहा कि मैं बहुत ही. अंडरकॉन्फिडेंट एक्टर हूं मुझे लगता है. मैं क्या ये निभा पाऊंगा हम आर्या के पहले. हुआ काला पानी के पहले तो बहुत हुआ ठीक है. एक एक सीन के पहले मैं मतलब यार की स सच. वेल रिटन पार्ट आई मस्ट डू जस्टिस जस्टिस.
टू दिस सॉरी तो यह मैं क्या कर. पाऊंगा कुछ हो जाता है कर लेते हैं. मोस्टली कर ही पाए हैं मैंने आपकी एक आदत. और नोटिस की कई सारे इंटरव्यूज में कई. जगहो पर कि जब किसी शब्द पर आप फसते हैं. गलत निकलता आप उसे दोबारा रिपीट करते हैं. और पॉज लेकर आराम से कंप्लीट करके फिर. जाते हैं यह आदत लगी है है वही जब मैंने. कहा ना कि मैं इवन पॉलिटिकल लीडर्स डॉक्टर. रॉय बेनजीर भुट्टो मैंने इनका एग्जांपल. दिया था कि मैं जब कुछ करेक्शन देखता था.
इनकी तो मैं उस दिन ठान लेता था कि मैं. आपसे यह गलत नहीं बोलूंगा तो यूजुअली गलत. नहीं बोलता था जब बोलता था तो तुरंत सही. रिपीट करके बोलता था शायद वो है वो कैरी. ऑन किया है कि कुछ गलती हो गई तो फिर. हालांकि आई नो कि लाइफ सिचुएशन में यू शुड. जस्ट मूव ऑन कुछ गलतियां तो होंगी बट इट्स. गुड ना आई मीन आप इट डिपेंड्स डिपेंड्स. टिल द टाइम इट्स नॉट अफेक्टिंग यू कुछ. अचानक से सब रुक गया ये वो तो कुछ अगर हो. गया हो गया देख हिंदी ऐसी भाषा है कि. उसमें एक तो लिंग को लेकर गलतियां होती ही.
है कहीं ना कहीं से तो वो है या वैसे भी. करेक्ट कर सकते हैं करिए नहीं किया आगे. बढ़ सुपर आप जैसे किसी को लैंग्वेज ट्रेन. करने आते हो तो कैसे नोटिस करते हो आप. क्या नोटिस करते. हो जैसे कि जैसे आप कैटरीना के पास गए या. विद्या के पास गए या अ हां तो मैं जैसे. अभी भी. अभी अभी बहुत सारा चलन हो गया है क्या. बोलते हैं उसे पैन इंडिया फिल्म बनाने का.
कुछ क्रॉस साउथ साउथ प् नथ जैसे आप देख. रहे होंगे ट्रेंड है तो अभी काफी सारे. साउथ के एक्टर्स अपनी हिंदी को प्रश अप. करना चाह रहे हैं बिकॉज उन्हें ऑफर्स आ. रहे हैं यहां से तो मेरा एक होता है कि एक. तो बस हिंदी में बात कीजिए तो उसमें मैं. आकलन कर लेता हूं कि भाषा की कितनी पकड़. है कौन से साउंड में से वहां नोट लिख लेता. हूं अब तो इतना एक्सपीरियंस हो गया है कि. बस बस मुझे मुझे पता होता है मैं क्या लिख. रहा हूं वो कर देता हूं फिर एक आ जनरल. मेरे पास बहुत सारे पैसेजेस हैं कुछ मैंने. खुद लिखे हैं कुछ अडेप्ट किए हैं वैसे कुछ.
एक ऐसा सरल सा एक छोटी सी शॉर्ट स्टोरी. टाइप पढ़ा देता हूं मैं अ अगर वो देवनागरी. पढ़ सकती हैं तो देवनागरी में नहीं. देवनागरी में नहीं तो फिर रोमन में अ. मैंने भी कुछ चीज सही नोटिस की है और उस. बिल्कुल अ तो उसमें फिर मुझे समझ में आ. जाता है कि कौन कितने पानी में है नहीं ये. सवाल मैंने इसलिए पूछा क्योंकि मुझे अपना. आकलन करवाना था नहीं नहीं आप मुझे जानना. है नहीं क्या अगर आपको मुझे सलाह देनी हो. हमने तकरीबन डेढ़ घंटे बात की इस डेढ़.
घंटे की बातचीत में अगर आपको तीन चार. चीजें मुझे बतानी हो कि एक मिस. प्रोनंसिएशन है ये किसी की भी हो सकती है. लहजा नहीं होता लहजा लहजा ये एक्चुअली एंड. आई डोंट ब्लेम यू ये शब्द ऐसा है हा कि. बहुत खूबसूरत सा शब्द है तो हमारे हमें. लगता है कि ये उर्दू का वो नुक्ता तो. लगेगा ही ये लहजा ही होगा पर होता लहजा है. जैसे जावेद साहब आता नहीं वो तो तो कई बार. कहते आए हैं कि मैं कहता हूं मेरा नाम ये. नहीं है जी जी.
जीद हा बिहार में ये भी एक ट्रेंड है कि. जहां नहीं होगा वहां लगा. देंगे नुक्ता हा हमारे यहां पर एक विधायक. थे जलील और जलील उनका हो गया था अच्छा. अच्छा उनका नाम में एक नुक्ता से कितना. फर्क पड़ता था बिल्कुल. जलील जलील जलील खान थे. जी बहुत फर्क पड़ जाता है पता लगा आप उसको. अच्छा आपको लग रहा है कि आप खूबसूरत बना.
रहे हो उसे ऐसा है ना उर्दू बहुत खू लंबे. समय तक हमारे विधायक बहुत सारे लोग बड़े. जलील. भाई सुपर और कोई चीज जो आप बताना चाहे. बताना चाहे आपने बात की अलग अलग. चीजें जैसे मैं टि करता हूं ट्रेनिंग. प्रोडक्शन मैं अपनी बात कर रहा हूं आप. मुझे. को आई थिंक बहुत आपकी जिंदगी को लेके तो. मैंने लगभग कुरे चलिए छोड़ दीजिए हटाइए.
क्या बोरिंग है जिंदगी काफी हद तक कुरेद. लिया मैंने तो वो अब मैं लैंग्वेज को को. थोड़ा आई थिंक आपकी वॉइस बहुत खुली है और. इतने लंबे इंटरव्यू के बाद भी ताजा है आई. थिंक एक प्रोजेक्शन बहुत अच्छी है आपकी. आवाज में बहुत लोग बहुत इनवर्ट बोलते हैं. आपकी आवाज ऐसे ट्रेवल करती है जो कि होना. चाहिए और ये भी नहीं कि आप स्टेज प खड़े. हैं कई बार क्या होता है कि हम माइक पे. हैं या.
लिपलॉक वो बॉडी तब आएगी जब आपकी आवाज खुली. हो आपकी बहुत खुली है और बहुत अच्छी है और. सुनने में बहुत अच्छी है मैंने कहा मैंने. मैं तो नुक्ता चीनी कर रहा हूं कि मैंने. ये लहजा लहजा वाला जो इसको भी भाई ट्रेलर. में लगा देना जी नहीं बिल्कुल बिल्कुल. मैंने शुरू में ही कहा ना हां वना. मतलब ऑफकोर्स यू वेरी गुड लुकिंग आल्सो. मैं और कहता जाऊ आप प्रोड्यूसर भी है ना. ना बिल्कुल अभी शॉर्ट फिल्म और. डॉक्यूमेंट्री प है लेकिन आप एक्टिंग कोच.
भी है आप प्रोड्यूसर भी है काफी काम मेरा. आसान होने वाला है नहीं आपके आपकी आवाज. बहुत अच्छी है मैं एक क्या बोलते हैं. ऑडियो प्लेटफार्म प भी काम कर रहा हूं. वेलवेट नाम से कुछ नहीं तो आपसे सजेशन तो. जरूर हां मैं आपसे जाना चाह रहा हूं जैसे. जब मैं कॉलेज में पढ़ता था तो मेरे जहन. में चलता था कि एक आरजे वाली जॉब या आपकी. की आवाज सुनकर मुझे ऐसा लगता है कि अगर आप. रेडियो पर कोई प्रोग्राम करेंगे तो बड़ा. खूबसूरत साउंड करें जैसे एक टाइम पे मैं. एक शो आता था लव गुरु जी मैं बहुत सुनता. था क्योंकि जो उसके अंकर थे कौन थे पता.
नहीं चला मुझे कभी अब तो चेंज हो गए बट जो. उनका लहजा था अ ये. लहजा सर वेरी गुड स्टूडेंट वेरी क्विक. लर्नर हां जो उनका लहजा था वो बड़ा. खूबसूरत था मतलब ठहराव पोजस पंचेज या भाष. आपकी आवाज में जो आप इमोशंस फील कर लेते. हो जी तो आपने कभी सोचा कि आप इस तरह कुछ. प्रोग्राम ट्राई करोगे एक्चुअली मुझे अगेन. इट जस्ट गोज बैक टू एज अ परफॉर्मर मैं. लगता नहीं होगा मुझ में बहुत झिझक है मुझ.
में बहुत लगता है कैमरे के सामने जाके. एक्टिंग करने में मुझे अ वेरी अर्ली इन. लाइफ मैं कुछ ये डबिंग मतलब ऑफकोर्स यू आर. देयर इन बम्बे तब तक मैंने डायलॉग कोचिंग. शुरू नहीं की थी तो आपको अल्टरनेट जरिए. नजर आते हैं इनकम के तो मैं एक दो जगह. डबिंग क्या ऑडिशन देने गया था तो उन्हें. इतना पसंद आया कि उन्होंने मुझसे थोड़ा सा. करवा लिया और पैसे भी दे दिए 00 000 जो भी. बने थे उस समय मुझे गौरव शर्मा एक है वह.
अलग-अलग रेडियो चैनल्स में हेड रह चुके. हैं उन्होंने कई बार मुझे कहा है अरे ट्स. द वॉइस आ जाओ लेकिन मुझे मेरा हमेशा. कमेंट्री अब न्यूज मुझे हमें हर जगह बोला. गया है कमेंट्री में मुझे बोला गया है कि. वाई डोंट यू डू वॉइस ओवर्स व्हाई डोंट यू. कमेंटेट तुम सिखा रहे हो लोगों को मैंने. बोला एक तो मेरे में अर्ज नहीं है और मैं. ऐसा नहीं है कि मैं सिखा रहा हूं तो मैं. बस चलो लगाओ मैच और कमेंट्री करने लगूंगा. मैं एक महीना तैयारी करूंगा भाई सीखू इस. चीज को तो मैंने बहुत अर्ली सोच लिया था.
कि एज अ परफॉर्मर आई विल ओनली एक्ट हम आ. एंड आई वांट दैट टाइम आई डोंट वांट कि मैं. कमेंट्री करने लगूं या रेडियो में बिजी हो. जाऊं तो एक्टिंग का कुछ अच्छा आ जाए ऐसे. ही कम करता हूं मैं तो वो चला जाए मेरे. हाथ से तो एज अ परफॉर्मर आई विल एक्ट एंड. देन एज बीइंग इन द क्रिएटिव फील्ड जो भी. और चीजें हैं एक्सप्लोर कर रहा हूं ये. टीचिंग का है ट्रेनिंग का है प्रोडक्शन का. है अब अब ऑडियो में कोशिश है जैसे मैं. ऑडियो मैंने कहा ना मैं उसी में फील कर. रहा हूं अब ऑफकोर्स जो मेरे मित्र हैं जो.
पार्टनर्स हैं वो बोल रहे हैं अरे तुम कुछ. रिकॉर्ड करो कहानियां मैंने किया मुझे. सबसे कमजोर मैं ही लग रहा हूं मेरी पत्नी. कर रही है सबसे अच्छी कर रही है और दो. मित्र हैं वो लोग अच्छे कर रहे हैं मुझे. मैं कमजोर लग रहा हूं बहुत कि मैं और फिर. लोगों को लगता होगा कि सिखा रहा है लोगों. को तो अच्छा ही कर लेगा लेकिन नहीं आई. थिंक आई नीड टू प्रैक्टिस आ नी टू वर्क. हार्ड एंड देन आई विल गेट देर ठीक है आखरी. सवाल अगर भाषा बेहतर करनी हो बोलने का. लहजा बेहतर करना हो तो तीन चार चीजें क्या.
ख्याल रखें जिससे आप अच्छा सुनाई पड़े या. अच्छा रहे सब कुछ सबसे पहले तो भाषा की. अगर बात करें तो इंटरेक्शन बढ़ाए उस भाषा. के साथ जैसे कि मैंने एग्जांपल दिया था कि. बहुत सारे ऐसे यंग एक्टर्स आ रहे हैं. इंडस्ट्री में जो हिंदी में बात ही नहीं. करते हैं हिंदी में कंटेंट कंज्यूम नहीं. करते हैं तो कैसे जानोगे उस भाषा को और. वही बोलना चाहते हो अनफॉर्चूनेटली हमारे. सारे फंक्शन सारे अवार्ड फं सब में.
इंग्लिश ही यूज होती है अ घर पे वो. इंग्लिश ही बोलते हैं तो पहले तो. इंटरेक्शन बढ़ाएं अ अगर न्यूज़ देखना पसंद. करते हैं हिंदी में काम करना है तो हिंदी. न्यूज़ देखें हिंदी कमेंट्री सुने हिंदी. कंटेंट कंज्यूम करें हिंदी में बात करें. ये सब सिर्फ अपने स्टाफ से हिंदी में बात. करते हैं इतना ही गाड़ी निकालो पानी लाओ. इससे कैसे होगा. ठीक है दूसरा है एक राम बाण है जो मैं ब. जो मोहम्मद कैफ के साथ भी मैंने अप्लाई. किया है और बहुत सारे एक्टर्स के साथ अभी. भी पेंसिल लीजिए ठूंस अपने मुंह में ऐसे.
और 15 या 20 मिनट तक आप कोई चीज पढ़ जाइए. वो किसी भी भाषा में कोई भी. स्टोरी बहुत सारी चीजें तो वही प्रॉब्लेम. होती हैं कि आपका मुह ही नहीं खुल रहा है. नफ ठीक है तो डिक्शन क्लेरिटी वहां से. चीजें ठीक हो जाती है जब आप 15 20 मिनट. रखेंगे कुछ पढ़ेंगे हर एक साउंड पर जोर. देके येय नहीं कि पढ़ गए फिर विकास कु ऐसे. नहीं र नहीं निकलेगा जीभ को रोकेगी पेंसिल.
आप ऊपर से जाके लगाइए जहां पर लगना चाहिए. और आप जब पेंसिल हटाएंगे तो आप देखेंगे कि. आपको कोई एफर्ट नहीं लगानी पड़ रही है और. आप मच क्लियर है मैंने लोगों के लिप हटा. दिए एनडीटीवी में हुआ था एक बार दिल्ली. में एक बार बम्बे में एक लड़की थी यंग. फ्रेश आउट ऑफ जर्नलिज्म कॉलेज प्रॉफिट में. थी और मैंने ऐसे ही दिया मुझे नहीं पता था. कि इसका यह असर होगा और मैंने पेंसिल लगवा. के उन्हें बोला 15 मिनट आप जाइए बाहर ये. करके आइए शी केम बैक व स स करती थी समोसा.
समोसा वो आके सीधे समोसा एंड शी कु बिलीव. इट शी कु बिलीव हर यर शी स्टार्टड क्राइंग. एंड शी सेड की यू डोंट नो व्ट यू डन टू मी. बिकॉज मैंने पूरी जिंदगी यह सहा है इतना. चढ़ाया है लोगों ने मेरा कॉन्फिडेंस इसमें. से इतना गिरा है तो यह सारी चीजें हैं. और थंक जहां हम कैरिड अवे हो जाते हैं. जिसका शिकार शायद मैं भी हो जाता हूं जो. मैं अभी ऑडियो की कोशिश कर रहा हूं ज्यादा. सफाई के चक्कर में ना वो फ्लेवर वो चला. जाता है ठीक है वो आप नेचुरल रहने दे आप.
यह सब एक्सरसाइजस करके गाए गाए से बहुत. गाने से बहुत खुलता है बेसुरा गाए. गुनगुनाए उससे बहुत फर्क पड़ता है टेक केर. हा शायरी से जैसा कि आप करते. हैं शायरी से क्या होता है कि आप इमोशंस. को बेहतर समझ सकते हैं कई एक्टर्स के साथ. यह भी एक्सरसाइज बहुत काम आता है कि आप. शब्दों के अंदर के अंदर के मतलब परत दर. परत आप अंदर घुसते हैं इमोशन उसको फिर आप.
बेहतर इमोट भी कर सकते हैं अपनी एक्टिंग. में और सेंसिटिव आप खुद सेंसिटिव एक्टर को. वैसे भी सेंसिटिव होना चाहिए टुवर्ड्स हिज. ओन कैरेक्टर ट कैरेक्टर्स तो हां शायरी और. एक रिदम लाता है एक म्यूजिकलिटी लाता है. आपके बोलने में कक बहुत जरूरी है ना ये. पूरा वॉइस मॉडले के लिए कि कभी आओ बैठो. हमारे करीब तो तुम्हें बताएं कि दिल का. हाल क्या है आ गए सर अब य तुम दूर दूर से. पूछोगे फिर तो हम खैरियत ही कहेंगे अरे. क्या बात.
है मैं आपका फैन हो चुका हूं आपने ऑफ. कैमरा भी मुझे इतना कुछ सुनाया है वो मेरी. फेवरेट शायरी थी बहुत बढ़िया बहुत पसंद थी. मुझे ज हमने सुनाई थी. कि नजर की नजर में रहने के लिए दो आंखें. नहीं बस एक नेक ख्याल जरूरी है क्या किसी. को ता उम्र अपने पास रखने के लिए जिंदगी. भर का साथ नहीं. कुछ अच्छे लम्हों की याद और अपनेपन का. एहसास जरूरी है और यह मेरी फेवरेट लाइन थी. कि रिश्तों की जिम्मेदारियां रिश्तों के. संग खत्म थोड़ी हो जाती.
हैं रिश्तों की जिम्मेदारियां रिश्तों के. संग खत्म थोड़ी हो जाती हैं बल्कि उनके. खत्म होने के बाद भी उनके ख्याल का ख्याल. हर एक ख्याल में रहे यह ख्याल जरूरी है. क्या बात है जिंदगी आज है तो शायद ये कल. नहीं होगी जिंदगी आज है तो शायद यह कल. नहीं होगी पर मोहब्बत की उस दास्ता का जब. कभी जिक्र हो तो उस दास्ता का पाक साफ. होना जरूरी है जरूरी ये मेरी फेवरेट लाइन. है नजर की नजर में रहने के लिए दो आंखें. नहीं बस एक नहीं ख्याल जरूरी है ये मुझे.
लिख के दे दीजिएगा मैं अपनी पत्नी को. सुनाऊंगा लेकिन ये बैकफायर कर सकता है. क्योंकि इसका जो कॉन्टेक्स्ट है वो कुछ. अलग है व इसको मैं टक करूंगा छोड़ने. बोड़ने का इरादा रख रहे हो क्या तुम मुझे. हां जी कोलबेट करेंगे आप उनको यह सुना. दीजिएगा कि सर मैं आप ही की आवाज में. सुनाऊंगा. अंधेरी की गहराइयों में तो कोई भी याद कर. लेता है अंधेरी रात की गहराइयों में तो. कोई भी याद कर लेता है दिन के उजाले में. दिल को जो पहला ख्याल आए इस दिल का व. एहसास होतो क्या बात है मैं अंधेरी रात को.
अंधेरी कर दूंगा वही रहता हूं मैं और दिन. को दिल्ली कर दूंगा तो होने लगे दिल्ली. बते रहते हुए भी मैं उन्हीं का ख या एक और. मेरी फेवरेट है आप उनको सुना सकते हैं अभी. वैलेंटाइन डे बीता है आपने गुलाब गुलाब. काफी खर्च किया. [संगीत]. था कि काश एक ख्वाहिश पूरी हो इबादत के. बगैर य आप उनको डेडिकेट कीए भाभी जी को कि. काश एक ख्वाहिश पूरी हो इबादत के बगैर तुम. आकर हमारे गले लगो हमारी इजाजत के बगैर.
शाबाश शाबाश सुपर सुपर मुझे लगता है. शायरियों से मेरी जो मेरा जो जुबान था वो. ज्यादा बेहतर हो गई थोड़ा खुल गई और थोड़े. इमोशंस की समझ और यह जो उतार चढ़ाव है फिर. आप शब्दों के साथ ज्यादा रहते हैं तो अपने. आप खुलता इसलिए हम लोग बोलते हैं कि आपको. हिंदी भाषा आती ना हो गाने सब एंजॉय करते. हैं एक और एक और रामबाण जो खासकर जो बाहर. से आए हैं जो अंग्रेजी ज्यादा बोलते हैं.
गाने गाइए आप हिंदी गाने क्योंकि अगर 100. गाने आप गाएंगे ना तो क्योंकि वहां पर. जैसे. कि जैसे कोई भी गाना उठा लीजिए तेरे प्यार. में तो में आप रह रहे हैं ते जो भी बाहर. से आते हैं उनका ए सॉर्टेड नहीं होता एई. निकलता है मे मे की जगह तो आप रहते हो उस. साउंड पर उतनी देर वो बहुत अच्छी. एक्सरसाइज है नेजल साउंड्स गड़बड़ रहते. हैं आप रहते हो वहां पे मैं यहां हूं यहां.
उतनी देर आप आ पे रहते हो तो ये कुछ लोग. समझते हैं करते हैं तो जल्दी इंप्रूव करते. हैं कुछ लोग थोड़ा सा आलस दिखा जाते हैं. तो थोड़ा टाइम लग जाता है अभी रिसेंट हमप. कहां देखने वाले हैं किस सीरीज में किस. फिल्म में कहां अभी सबसे पहले उलझन में और. फिर काला पानी सीजन टू में सीजन टू आई. थिंक काला पानी को लेक आप बहुत एक्साइटेड. हो गई सर वो बड़े दिल के करीब लग रही मुझे. हां और मुझे और मैंने अपनी मातृभाषा. इस्तेमाल की है मघी में बात की उसमें. थोड़ा सा बोल के बताइए ना जैसे बिहार में.
कई भाषाएं हैं कई लोगों ने लिखा था कि. भोजपुरी में बोली बट आपकी भोजपुरी नहीं है. आपकी मघी है मघी है तो मैं मघी डायलेक्ट. में उसी का डायलग जैसे मेरे अवधि है तो. मैं और विशाल मिश्रा सिंगर जब आए थे तो. हमने अवधि में बतिया था कुछ बोल के बताओ. ना उध हमरे बार यही मे बोला बत जात है तो. हम कौची बोलिया हम मतलब हमरा से कोई बोले. वाला रहे साथ में तो हम फिर बत भाई ऐसे ऐ. को चीज बताओ अपने बाहर के जो यिक हो. बढ़िया हो यूनिक बढ़िया सब चीज बढ़िया है.
व मने बहुत सारा नाम बढ़िया है हरियर एक. आदमी है एक अचरिया है ठीक है एक मेरी चाची. थी हमर चाची हल्थ हार्डकोर जा रहा हूं मैं. अचरिया देवी अनसिया. देवी जैसे कोई गेस्ट आया हो बिहार में. कुमार और देवी इतना का है आई थिंक आई डोंट. नो कास्ट अच्छा काहे है हमको लगता है. कास्ट न्यूट्रल करेला अच्छा हमको लगता है.
हम महत्व हैं दादा के उससे काहे हमरे. पिताजी कुमार लगाए हमको नहीं पता काहे कि. हमारे पिताजी कुमार हैं हमारे आगे कुमार. बल्कि हमारे पिताजी तो साउथ में बहुत रहे. थे बेंगलोर में पोस्टेड थे तो कुमारो हटा. दिए थे खाली विकास तो उस पर मजा को उड़ा. था मजा को उ उले हल आ गो अगेन हार्डर उले. हल स्कूलवा में य देखा. थन इनर कोई टाइटल हम लोग टाइटल बोलते थे.
ना सरनेम नहीं टाइट तो टाइटल नहीं है खाली. बकास ये तो पिक्चर का सीन हो गया कि नाम. का है जी तुम्हारा विकास कुमार अरे सरनेम. क्या लिखते हो भाई नहीं तो हा तो उसमें हा. हमरे पिता जी टाइटिलो हटा दिए थे तो हम. हमारा स्कूल नंबर हला हमर 555 हा 5 फ तो. ट्रंक परले 555 विकास है विकास. 555 चिढ़ा पिताजी का नाम का रहा डॉक्टर. विनय कुमार विनय कुमार विकास कुमार विनय.
कुमार विकास कुमार छोटा-छोटा नाम. हम विवेक कुमार हमारे भाई है आय शाबाश सब. भी भी भी भी भी. भी हमारे बात का कोई भैलू ही नहीं है भैल. भैलू नहीं है भैल नहीं 11 एगो दगो हा तो. है ही छह ढोकड़ी. छ बहुत सारा चीज बवे लग हमारा एक फ्रेंड. था मकामा से तो मकामा का जानते.
हैं है वहां पर एक मकामा घाट है तो बोलते. हैं ऊपर से फीट फाट नीचे से मकामा. घाट कुछ है अगर ऊपर से कुछ ठीक कर दिया है. नीचे से बेटा टा हवा टाइट है तो वही है तो. हमारे फ्रेंड अजय कुमार जी तो हमको रूट गए. थे तो जब वो गए तो मैं क्योंकि गोंडा. अयोध्या लखनऊ से गया था मैं तो मेरी हिंदी. काफी बेहतर थी जी तो वो मेरे रूममेट बने. तो जब उनसे बात हो हे मिश्रा जी सुनिए ना. भाई सुनते कहे नहीं महाराज महाराज हा इधर.
आइए ना एक खाना तैयार है मिश्रा जी बैठे. ना तो टू कॉल माय मॉम मम्मी सुनिए ना काहे. इतना बिजी रहती है तो ममी पूछ भाई हुआ. क्या किसको डेट कर रहे हो कौन ऐसी लड़की. तुमको जैसे वहां से. इनवाइट सर बेटी का बियाह कर रहे हां आया. जाए ठीक है ये ना ये तरह के भाषा नहीं. नहीं बहुत प्यारी बहुत मीठी भाषा है मघी. और हम हम पर किसी घमंड से नहीं है वो हम.
बस है वो हम है अरे हम एक इंटरव्यू तो. हमारी पत्नी बोल बोलती भी थी पहले हम कौन. कौन क्या हम ठीक है अरे हमारे साथ हुआ हम. इंटरव्यू देने गए थे एक बड़ा चैनल है वहां. पे गए पहली बार नेशनल इंटरव्यू देने तो. हमने कहा सर ये पता लगा तो हम आ गए तो और. कौन आओ कौन-कौन आया वो महाराष्ट्र से थे. हम तो उन्होने कहा हम तो मैंने कहा नहीं. नहीं सर हम. हम तो हमको समझाना प मेरा अभी भी हम जी जी. जी नहीं नहीं. वो मैं थोड़ा कम निकलता है नहीं निकलता ही.
नहीं है अगर आप वहां है तो इसलिए काला. पानी में हम संतोष सावला के रूप में मैं. कहां बोले नहीं. बोले गार्जियन बोले हैं जैसा कई शेट देखे. हमने आपकी जो फिल्मों में हमने कम देखे थे. जी वही इसलिए एक एक्टर को यह भूख होती है. और थोड़ा भी ठीक ठाक नहीं जाए तो फिर. अच्छा लगता ही है चैलेंजिंग भी है सीजन टू. में जाते हुए चैलेंजिंग होगा कुछ नहीं पता. क्या हो रहा है देखते हैं कोई कॉमेडी. कमेडी का भी प्लान आपका है की थी सर एक. बहुत आलसी कॉल सेंटर में टीम लीडर था मैं.
आलसी टीम लीडर एक शो था एनडीटीवी. प्रोड्यूस कर रही थी बहुत पहले द कॉल. सेंटर नाम से 14 एपिसोड शूट भी किए थे. बाइलिंगुअल था इंग्लिश हिंदी जाके रुक गई. एक टाइम पे उसी समय में अनुराग कश्यप की. जो पहली फिल्म होती एस प्रोड्यूसर हीरो. हीरोइन नाम की अतुल सरवाल जिन्होंने आगे. जाकर औरंगजेब बनाई जुबली के लेखक हैं जो. अभी सीरीज आई थी जिन्होंने पाउडर बना पहला. मेरा. काम उनकी पहली फिल्म होती. वो वो उसका मैं हीरो हीरोइन में हीरो था.
मैं वो रुक गई ये दोनों साथ में रुके थे. तो यही होता है जैसे आपने कहा ना कि यू नो. रिजेक्शन य तो वो दोनों हुआ उस दौरान मुझे. एक ऐसे ही कॉल आया था होता नहीं होता डॉन. पहली डॉन शाहरुख खान की उसमें डायलॉग. कोचिंग का काम आया था तो मैंने मना कर. दिया दि कि मलेशिया जाना है मुझे तो. दिल्ली में मेरा य शो शूट होता था 15 दिन. और मुझे बाकी टाइम में मुंबई में फिल्म. हीरो हीरोइन की शूटिंग करनी थी तो मैंने. मना कर दिया वो नहीं लिया यह बंद हो गया.
वो बंद हो गया फिर की हमने एक किया हमने. एक. नाटक हमने हां नहीं हमने मतलब सबने हम. प्रोड्यूस किए हां उसको लेकिन हां तो ये. है बट अगेन टचवुड अच्छी बात है ना कि अगर. कोई रिजेक्शन को ऐसे मतलब आई ट्राई कभी. सोचा आपने गैंग वा सेप मिर्जापुर जैसे. उसमें गैंग्स ऑफ वासीर में मुझे मिल रहा. था काम कौन सा किसका किरदार किरदार विरद. का नहीं पता ये पहली बार मैं ये कहानी कह. रहा हूं तो गैंग्स ऑफ वासेपुर के अराउंड.
के जस्ट पहले. उड़ान मैंने कहा ना कि जो मैंने पहला काम. किया था ए एक्टिंग कोच तो रजत बर्चा को. ट्रेन किया था तो उसकी एक एक होता है ना. कि एक रफ एडिट हुआ उसकी पहली स्क्रीनिंग. रखी गई थी तो स्क्रीनिंग दिखा के एक होता. है कि सजेशंस लेते हैं तो जो भी जुड़े हुए. हैं वो बुलाए जाते हैं तो मैं गया था. रोहित रय रोनित रॉय थे बाकी के लोग थे रजत. ब्रचा था अनुराग कश्यप भी थे तो अनुराग. कश्यप ने मुझे बोला अरे मुझे तुम जैसे. एक्टर चाहिए ऐसे ही काले सिंपल यू नो मैं.
गैंगस ऑफ नहीं नहीं काला नॉट इ अ. डिस्क्रिमिनेटेड. ट बलं हां तो गैंग्स ऑफ आसपुर एंड आई वाज. ओबवियसली एक्साइटेड कि अ अनुरा कश्यप ने. तब तक मैंने एक शानू टैक्सी नाम की शॉर्ट. फिल्म की थी बहुत बार मुझे बहुत बाद में. मिले थे उन्होंने मुझे कहा भी था कि मुझे. इतनी पसंद है वो सिंपल सी फिल्म और. तुम्हारी एक्टिंग मेरे डेस्कटॉप पे आज भी. है तो खैर जब उन्होंने बोला तो मुझे बहुत. अच्छा लगा अ उस अब उसी समय मुझे खोटे. सिक्के लीड रोल मिला था और मुझे कहा गया.
था कि आदित्य चोपड़ा हैज रियली लाइक्ड यू. एंड ही वांट्स यू अब यशराज ठीक है. टेलीविजन रश फिल्म्स टेलीविजन में खोटे. सिक्के में लीड रोल उधर अनुराग कश्यप ने. आपसे कहा है कि गैंग्स ऑफ वासप पुर नाम की. मैं फिल्म बना रहा हूं उसमें एक किरदार. जिसमें बजट ना के बराबर है वो छोड़िए बजट. बजट छोड़िए कोई बात नहीं उसके उसी के. साथ-साथ मैं कल्की की ट्रेनिंग कर रहा था. जिंदगी ना मिलेगी दोबारा के लिए तो मैं. उनके घर जाता था उस समय शायद शादी नहीं. हुई थी लेकिन ये लोग साथ रहते थे तो और. अनुराग फ्रांस से कहीं गए हुए थे किसी.
फिल्म फेस्टिवल तो बाहर जाते ही रहते हैं. एस जज और ये सब ग तो इंडिपेंडेंट फिल्म. मेकर तो वहां गए हुए थे तो मैंने कल्की से. यह बात पूछी कि अनुराग से क्या यह पता लग. सकता है कि कौन से रोल में क्या क्योंकि. मेरे पास इतनी बड़ी चीज है मैं उसको ना कह. दूंगा मैं अनुराग के साथ काम करना लेकिन. मुझे कुछ पता तो चले और मुझे तब तक पता चल. गया था कि पंकज राजकुमार विनी बहुत लोगों. के नाम मुझे लगा था कि फिर मैं कर क्या. रहा हूं नहीं कर रहा हूं तो बात फिर वहीं. रह गई ऑफकोर्स आई थिंक थोड़ा सा अर्ली. स्टेज था अनुराग ये नहीं बता पाए होंगे कि.
मैं क्या करूंगा उसमें उसमें कोई डिसाइड. ही नहीं था एंड खोटे सिक्के वाज टू गुड अ. थिंग टू जस्ट लेट गो अनुराग कश्यप की उस. फिल्म का जब बाद में मैंने लोगों से सुना. कुछ डिसाइड ही नहीं था किसी के डायलॉग्स. डिसाइड नहीं थे किसी का रोल डिसाइड रमा. धीर सिंह जो थे वो चेंज होने वाले थे जी. तो ऐसे भी फिल्म मेकिंग होती है और कमाल. ही बना ते हैं फिर बड़ी होती है और आज. देखिए उसके सारे किरदार कहां पहुंच गए. मेरे ख्याल से कोई भी एक कैरेक्टर उसका. नहीं बचा जो शायद सुपर डुपर हिट नहीं रहा.
बहुत लोगों ने बहुत अच्छा किया पंकज. त्रिपाठी जी को हमने वहां पर पहली बार. बड़े पर्दे पर नोटिस कि जी. अपने वासेपुर है यहां पर कौवा भी एक हां. हां कबूतर भी एक पंख से उड़ता है. दूस करता है राजकुमार राव राजकुमार राव. विनीत और दोनों रिचा चड्डा हुमा कुरेशी. इवन वो साल ही नवाज सर के लिए बहुत अच्छा. था लेकिन हां सरफरोश में सरफरोश में मार. खाने से लेकर 15 साल बाद एक फिल्म का ट पर.
वो इतने अच्छे कलाकार हैं कि सरफरोश भी जब. मैंने देखी. थी फ्रेश आउट ऑफ स्कूल मुझ लगा था यार यह. आदमी कुछ तो कर गया है जब उनको टॉर्चर. टाइप किया जा रहा है बहुत अच्छा किया था. उन्होंने हा बट लार्जर देन लाफ सो यू. रिग्रेट वा न नो नो नो नो रिग्रेट एट ऑल. नो रिग्रेट फिर भी न नॉट इवन % नॉट हाफ अ. पर एंड एक तो रिग्रेट नहीं है दूसरा अगर. आप लॉजिकली भी देखें तो मेरे सामने इतनी. बड़ी चीज थी मैं यशराज फिल्म्स टेलीविजन.
के एक शो का लीड था मैं उसको कैसे ना कर. दूं नहीं बट आज पीछे मुड़ के देखते नहीं. नहीं मैं कुछ ऐसा पीछे मुड़ के नहीं देखता. कुछ भी नहीं देखता अनुराग के साथ कोई. बातचीत होती है नहीं ऐसे रेगुलरली नहीं पर. मैं कर सकता हूं कभी भी टच में आप है टच. में ऐसा रेगुलर नहीं जैसे मैंने कहा मैं. भी ब टू माय सेल्फ विद माय अनुरा कश्यप के. बारे में एक बात लोग कहते हैं कि जब उनके. पास पैसा होता तो कूड़ा पिक्चर बनाते हैं. और जब वो उनके. पास संसाधनों की कमी होती है और सारी.
चीजें होता कि बस डू एंड डाई पे है तो वो. एक ऐसा मास्टर पीस बना देते हैं कि लोग. कहते वाह क्या बना ए क्रिएटिव यू नो सम. बडी हु इन द क्रिएटिव प्रोफेशन और ये सारी. एनर्जी देखते हुए तो मैं ये कह सकता हूं. कि जब मुफलिसी में काम होता है तो कुछ. थोड़ा जब जब मजबूरियां होती है तो तो. एनर्जी जो है ना सारी एक तरफ लग के कुछ. बना देती है कुछ आउट ऑफ नथिंग क्रिएट होता. है अब आई डोंट नो ऑफकोर्स ये एग्जांपल. बमबे वेलवेट का दिया जाता है ठीक है आई. डोंट नो व्हाट वास प्लान आई डोंट नो व्हाट. वेंट रंग ये वो शायद आप फिर से दीजिए उनको.
100 करोड़ कुछ बहुत अच्छी चीज बना दें. हम वासेपुर में क्या था आपको आपने देखी तो. होगी क्या था ऐसा जो इतनी बड़ी हिट हो गई. बिकॉज इनिशियली लोगों ने रिजेक्ट कर दिया. था उसे क यार ये क्या बनाया दो इतना बड़ी. फिल्म ये वो बट वो एक कल्ट साबित कि अभी. भी लोग उसका जिक्र करते हैं आई थिंक एक जो. पूरा एटमॉस्फियर क्रिएट हुआ था और जो. रॉनेस वो लेके आते हैं अपनी फिल्म में और. जिस तरह के परफॉर्मेंसेस ये तो है कि. अनुराग मैंने जो भी सुना है कुछ मेरे. मित्र भी हैं जो काम कर चुके हैं वो ऐसे.
सिचुएशन में आपको डाल देते हैं कि फिर आप. आपका वो सारा मुखौटा उतर जाता है फिर आप. लगे हुए हैं तो आपकी पर्सनालिटी जो है. निकल के आती है और कैमरा छोड़ देते हैं कि. हो रहा है हो रहा है मुझे लगता है आपको एक. फिल्म अंसा करनी चाहिए आई वुड लव टू उसका. रीजन मैं इसलिए बोल रहा हूं मैंने आर्या. देखी जी आर्या में आपका जो जैसे आपकी ये. पर्सनालिटी है यही पर्सनालिटी स्क्रीन पर. भी है कई हां बिल्कुल यही पर्सनालिटी. स्क्रीन पर है कि आप एक डिसेंट सी आवाज. में भारी भरकम उसमें कि हां ऐसा करते हैं. ऐसा.
करते अनुराग कश की फिल्म में व ऐसे फट के. बम निकलता है एकदम देसी पना. एकदम विकास कुमार का वो वर्जन निकलेगा जो. शायद आपने इज देखना चाहूंगा डेफिनेटली यू. वड लव टू पुश योरसेल्फ जैसे आपने कहा ना. कि सीआईडी से पहले कहीं पर थोड़ा शोर. ज्यादा होता है जी जी वो शोर वाले में. शायद नहीं वहां वो एक टेलीविजन का थोड़ा. सा ग्रामर अलग है बट हां मतलब इफ यू आर. पुश्ड लाइक अगेन आई एम गोइंग बैक टू काला. पानी लेकिन दो तीन जगह मुझे लगा कि मैंने.
ऐसा कभी अपनी लाइफ में इमोशन या ऐसा. एक्सप्रेशन नहीं दिया है ऐसा मोशन फील. नहीं किया है तो वो जब आप कर लेते हैं एस. एन एक्टर तो आपको लगता है यार हां मतलब. कुछ ये यू सरप्राइज्ड योरसेल्फ ऐसा ही अभी. एक शॉर्ट फिल्म की है उसके बारे में बात. नहीं करूंगा उसमें भी मुझे ऐसा लगा अ या. फिर एक. ऐसे ही एक एक्शन करते हो ना आप जो खोटे. सिक्के में किया था हाथ वाथ में आग वाग. लगा के तो आपको ऐसी थोड़ी लाइफ में आप. करते हो और मैं ऐसा कोई. बड़ा निडर वैसा वाला नहीं हूं कि आजा मैं.
हमेशा से मैं कभी लड़ाई वड़ाई में पढ़ता. नहीं था ऐसे तो लेकिन एक्शन करते वक्त. थोड़ा डर तो लगता है लेकिन जब आप कर लेते. हो तो आपको लगता है हा यार कोई चीज जो. आपने सोचा नहीं था कि कर पाओगे वो अच्छे. से हो जाती है एक्यूट गाने वाले सुनते हो. आप सुनते किसके सबके मैं मैं मतलब अभी. पीछे में एपी ढिल्लों से इंट्रोड्यूस हुआ. था उनका कंसर्ट भी देखने गया था तो पहले. मैं नहीं सुन रहा था लेकिन अब मैं काफी. सुनता हूं अ एनिमल के गाने डंकी के गाने. फिलहाल पुराने में सब किशोर कुमार मोहम्मद.
रफी बहुत पसंद है मुझे मुकेश की आदत मेरे. पिताजी ने लगाई थी बताइए मैं क्लास फाइव. में पढ़ने वाला लड़का उनके साथ बिहार शरीफ. से वो वीकेंड्स प कभी-कभी पटना जाते थे. छोटा सा दो घंटे का काम जाएगा माटी के मोल. हां नहीं. सारंगा तेरी याद में और मैं स्कूल टाइम. में ये सब मेरे फेवरेट गाने होते थे लोगों. को लगता था ये क्या सुनता है ये लेकिन. नहीं आई आई थिंक आई लिरिक्स से ज्यादा मैं. म्यूजिक पे वो करता हूं और कुछ भी. कर्णप्रिय कुछ ऐसा सुनाई दे दिया जो.
म्यूजिकली ठीक लग रहा है तो सुपर ऑल काइंड. ऑफ म्यूजिक ठीक है लास्ट. क्वेश्चन आपकी नजर में मैं कुछ एक्टर्स के. नाम लेता हूं इनमें से सबसे फेवरेट. एक्टिंग वाइज कौन आपको लगता है कि कौन. है पहला नाम सबसे हैवी वेटेज में डालता. हूं इरफान खान. जी क्लियर हो गया मेरा रिजल्ट आउट है हां. बोलिए बोलिए और बोलिए एक्सपेंड कर सकते. नसीर साहब को भी जोड़ रहा था मैं इरफान. खान क्यों मैंने बोल दिया मैं पहले मैं.
नहीं समझता था मैं बहुत ऑनेस्ट वो बोल रहा. हूं पहले मुझे लगता था कि एक उनकी. पर्सनालिटी में एक स्ट्रीक है कुछ एक. टेढ़ापन अड़ा पन है और आपको ये चीजें. अच्छी लगती है कुछ अलग जो लेके आए नाना. पाटेकर कुछ अलग लाए शाहरुख खान कुछ अलग. लाए तो ये जो अलग ए जी टेंज शियल कुछ. अच्छा लगता है तो मुझे लगता था मैंने. ज्यादा काम देखा नहीं था वाज रंग इन माय. जजमेंट मुझे लगता था किय ऐसा ही कुछ घुमा. के कुछ खुजा दिया कुछ खास दिया कुछ खखार. दिया वैसा वाला फिर मैंने मुंबई मेरी जान.
देखी द नेम सेक देखी मुझे लगा भाई यह. तो ये है एक्टर एंड देन फिर जो भी फिर फिर. समझ के सब कुछ देखा कमाल मकबूल देखी आपने. जी जो सीन है जिसम वो वो डर जाते हैं जोल. ना नहीं नहीं वो वो उनका फिर वो ना वो फिर. एक उन एक रूहानियत सी है उनकी परफॉर्मेंस. में और जब आपको एक तो वो अप्रिशिएट करने. के लिए आप भी थोड़ा सा अगर समझ पाए ना उन. चीजों को तो और और अप्रिशिएट करते हैं आप.
छोटी-छोटी चीजों में और उनमें कुछ तो था. जो इसने पान सिंह तोमर में हे भगवान आपको. लगता है कि मतलब कैसे कर लेता था ये आदमी. और अगेन एक्टिंग आई थिंक किसने कहा है आई. कुड बी रंग मैंने एक दोस्त से सुना था कि. नसीर साहब ने ने कभी कहा था कि एक्टिंग. मस्ट बी नेचुरल बट इट मस्ट बी अट्रैक्टिव. टू अब आई डोंट नो कैसे करते हैं ये बट. इरफान साहब में ये बहुत नेचुरली था वो. खींचते थे आपको अपनी तरफ तो एक ऐसा एक्टर. जिसको आप कमर्शियल स्टार उस श्रेणी में.
नहीं रखेंगे लेकिन एक्टर एक्टर में रखेंगे. लेकिन जो भी प्रोजेक्ट उठा लीजिए वो अपने. आपको को आप वो आपको अपनी ओर एकदम खींचता. था एंड ही आई थिंक कुड पुल ऑफ एनीथिंग आप. बहुत चीजों में नहीं देखा होगा करीब-करीब. सिंगल में देखिए आप उने सोचिए मतलब क्या. आप हां मतलब क्या काम है अनएक्सपेक्टेड. फ्रॉम इरफान खान जी जी जी तो यही मैं इतना. और जब वो गुजरे भी तो मैं लिखना चाहता था. कुछ कि मैं अफेक्ट हुआ था मेरी वाइफ बहुत.
अफेक्ट हुई थी पर आई थिंक नसीर साहब ने. कुछ लिखा था इवेंचर कई बार होता है कि आप. इतने झटके में रहते हैं कि आपको समझ में. नहीं आता वो शब्द मैं उतना अच्छा लिख नहीं. सकता उन्होंने कुछ लिखा था कि वो लेगासी. सबके लिए छोड़ के गए हैं इरफान हम सबके. लिए एक्टर्स के लिए कि कुछ. वैसा मतलब वोह सिर्फ अपनी फैमिली के लिए. यह नहीं तो वह वैसा है कुछ और मुझे बहुत. खुशी हुई थी मुझे एक मौका मिला बाबिल का.
एक्टिंग कोच बनने का द रेलवे मैन में तो. मैंने कुछ वर्कशॉप्स ली थी अगेन मैं कुछ. ऐसा पढ़ाता सिखाता नहीं हूं एक्सपीरियंस. शेयर करता हूं कि क्या मैंने जो ओवर द. इयर्स देखा है कि क्या सही लगता है क्या. गलत लगता है क्या काम आता नहीं आता है खुद. साथ दूसरों के साथ तो कुछ चीजों में मैंने. कॉमन चीज पाई जहां वह कह देते थे कि बाबा. भी यही कहते थे तो मुझे एक अंदर लगता था. अरे यार. मतलब मुझे बहुत खुशी होती थी कि एज एन.
एक्टर कहीं भी अगर मैं यू नो अगर उस दिशा. में सोच पा रहा हूं या कुछ कॉमन चीजें हैं. कहीं से अपने आप को वैसा इतना टैलेंटेड. नहीं समझ रहा हूं लेकिन हां अगर जरा सा भी. उस राह पे है सोच से या जैसे भी तो लगता. है कि हां यार मतलब सही सही दिशा में जा. रहे हैं वो था तो बा इसलिए मतलब. बाबिल लड़का बहुत अच्छा है बहुत अच्छी. एनर्जी है बहुत होनहार है. एंड वो कहते हैं ना चिप ऑफ द ओल्ल्ड ब्लॉक.
है ही और अपना भी उसका बहुत कुछ है अ तो. हां मतलब मैं एक्साइटेड था कि बाबिल के. साथ काम कर रहा हूं उससे ज्यादा एक्साइटेड. था कि इरफान खान मेरे फेवरेट एक्टर के. बेटे के साथ काम कर रहा हूं और बाबिल को. बड़ा अच्छा लगता है अपने पिता के बारे में. बात करना आप थोड़ा सा अटक जाएं. आपको थोड़ा सा ऑकवर्ड लगे कि जिसके पिता. गुजर चुके हैं आप बात करने लगे तो वह खुद. बोलता है कि नहीं नहीं आप बात कीजिए मुझे. बहुत अच्छा लगता है ठीक और ये तो काफी. रिसेंट मतलब मैं तो एक डेढ़ साल पहले की. बात कर रहा हूं एक सवा साल पहले की तो हां.
इरफान खान आपको आगे ना एक और भी एक्टर थे. मुझे बहुत पसंद केके मैन हां नहीं बहुत. अगेन मैजिक मैजिक रेलवे मैन और मैं अगेन. जब मैंने उलझन की और आर्या की सीजन वन तो. अब अगेन बहुत सारे इंटरव्यूज हुए आर्या वन. में लोगों ने काम पसंद किया तो लोग पूछते. थे कि कोई ना व सब मंत्र चाहते हैं कि. क्या गुरु मंत्र एक दीजिए तो एक शब्द जो. मैंने सीखा था वह था सरेंडर कि अपने आप को. सरेंडर कर दो जाके अब सरेंडर करना बहुत.
आसान है लेकिन उसके पीछे बहुत तैयारी बहुत. मेहनत लगती है बहुत कॉन्फिडेंस लगता है. अपने आप पर ट्रस्ट लगता है अपने आप पर मैं. बहुत खुश हुआ जब काफी दिनों बाद मैं केके. सर का कोई इंटरव्यू देख रहा था और. उन्होंने यही चीज कही थी और मैंने उनसे. नहीं सीखा मैंने कहीं से नहीं सीखा मैंने. करते करते एक चीज निकाली कि क्या होता है. क्या करना होता है टू रियली गो देयर एंड. लिव इट यू नो योर कैरेक्टर जितना हो सके. सरेंडर तो उन्होंने भी यही शब्द बोला था. सरेंडर सरेंडर मुझे लगा चलो शायद अगेन नॉट.
कंपेयरिंग ब शायद कुछ सोच जो है व सही सही. दिशा में है क्योंकि ये लोग स्टॉल वर्ड है. और एक आखरी एक्टर जो मुझे रिसेंटली ने काम. बहुत पसंद आया प्रदीप अहलावत जयदीप अहलावत. जयदीप अहलावत. अगेन वव कॉमन फ्रेंड्स मैं मिल चुका हूं. इतनी सरलता से वो आदमी करता है आपके दोस्त. है नहीं दोस्त नहीं है कॉमन फ्रेंड्स है. एफटीआई के कुछ लोग हैं जो जो मेरे. फ्रेंड्स हैं वो उनके बैचमेट हैं या. सीनियर जूनियर हैं सबसे बड़ी बात जो आदमी.
कौन सी थी आलिया भट के साथ पिक्चर सारी. फिल्में अभी कर हा वो तो मैं वो तो आ ही. रहा हूं जो जो ये कर सकता है जाने जा और. जो राजी कर राजी राजी हां राजी में वो कुछ. नहीं कर रहे हैं फिर भी कितना असरदार और. इसमें जाने जा में भी ऐसा लगता है कि. उन्होंने कुछ घुट्टी कुछ पी ली है अब. उन्हें कुछ करना नहीं है अब वो बन गए हैं. वो किरदार ठीक है व आई डोंट नो आई वांट टू. उस फिल्म में तीनों एक्टर बहुत तगड़े थे. चाहे करीना हो विजय या करीना हो आर वेरी.
गुड टाइमट जयदीप ने जो रोल किया मुझे लगा. कि दोनों को एक टाइम प ओवर शैडो कर दिया. कि दिस फिल्म वाज ऑल अबाउट जयदीप अला मैं. मैं थोड़ा सा इससे फर्क यह रखता हूं कि व. वो रोल भी थर बैक दैट इज द सेंट्रल दैट इज. द बेस्ट रोल इन द फिल्म सबने अपना निभाया. है बटाम जैसे जैसे एक बरेली की बर्फी आई. थी उसमें आयुष्मान लीड थे जी जी जी होता. राजकुमार साइड एक्टर थे बट राजकुमार का वो. जो सीन था जो बीच सड़क पर गाड़ी रोक कर.
करता है या थोड़ा सा किरदार था उसने मुझे. ओवर शैडो कर दे वो होता है और ठीक है ऐसा. ऐसा कुछ लोगों को पसंद आता है लेकिन इसमें. आई थिंक पाताल लोग अगेन वही तो व आदमी. बिना कुछ किए कैसे इतना बोझ हाथी क्या नाम. था उनका हाथी सिं हाथी सिंह ऐसे कुछ कैसे. बिना मतलब ऐसा लगता था कि वो सोए नहीं और. ऐसा कुछ एक्सटर्नल मुझे सबसे अच्छी जयदीप. की बात यही लगती है कि वो क्या पी जाते. हैं कि कैरेक्टर समाझ जाता है और फिर वो.
मुझे वो इरफान खान के करीब लगते हैं हो. सकता है शायद ज्यादा हो लेकिन मुझे उस तरफ. वो जाते हुए दिखते हैं अपनी आंखों से बिना. बिना बोले संवाद पूरा कर देना बिल्कुल. उसमें कोई शक की बात नहीं है वो आई मीन. इट्स वेरी डिफिकल्ट टू कंपेयर अ ट्रू टू. वेरी गुड एक्ट य रिस्पेक्ट बोथ ऑफ देम बट. या जयदीप इ वेरी वेरी वेरी गुड मतलब मेरी. एक्टिंग को देखने का मैं चॉइस खराब नहीं. ना आप कोई और नाम ना ले बकुल आप बिल्कुल. सही बोल रहे हैं नहीं यार दिस गाइस आर म.
आपको सुपर बहुत अच्छा लगा आपसे बात करके. एंड आई विश यू ल लक एंड सक्सेस एंड हमारा. कमिटमेंट याद रहना चाहिए आपको मैं आपका. सोशल मीडिया ठीक करता हूं और आप थोड़ी सी. एक्टिंग सिखाएंगे बिल्कुल सर आप बहुत. अच्छे होंगे आई एम शर पर करेंगे करेंगे आप. सोशल मीडिया तो मेरा ठीक कर ही दीजिए उसको. तो बहुत जरूरत है ठीक होने की हो जाएगा. थैंक यू सो मच स थैंक यू सो मच.
