Unplugged ft. Tarun Mehta | Electric Vehicle | Tesla | EV Future | IITian | Ather Energy |
पेट्रोल डीजल वाली ट और आपकी इलेक्ट्रॉनिक. इसको क्यों लू उसको क्यों ना लू पेट्रोल. वाला कहता है हमारे में फटने का डर नहीं. है आप में फटने का डर है सर ऐसे नहीं. फटती आपका स्कूटर फटा कोई मुझे टू व्हीलर. स्कूटर खरीदना है इलेक्ट्रिक स्कूटर. खरीदना है मैं थर क्यों. खरीदूंगा. बात कीजिए सुनने में अच्छा लग रहा है. थोड़ा एक्सप्लेन कीजिए ना इससे आप और आपका. पिलन एक दूसरे से आराम से बात कर सकते हैं. मतलब बीवी के साथ पीछे बैठ के भी लड़ाई स्.
कर स करेक्ट हमने एकदम सही एकदम सही. एग्जांपल दिया आपने कभी जहन में ख्याल आया. कि यार इंडियन मार्केट के हिसाब से थर का. नाम चेंज करना चाहिए यार क्या गजब है यार. मब मार्केट में जो बाकी ब्रांड्स है आप थर. के मुकाबले वो सस्ते पड़ रहे हैं तो मैं. फिर इतना खर्चा क्यों करूं बैटरी तो नहीं. होगी नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं बिल्कुल. नहीं होगा आपकी बातों में मुझे बार-बार. मेक इन इंडिया मेक इन इंडिया नजर आ रहा है. सरकार हेल्प कर रही है आप लोग की दिल्ली. एनसीआर में तो आपकी दुकान चल गई हम छोटे. शहर में आदमी आपको क्यों प्रेफर करे हम हर. प्रोडक्ट में दो-तीन चीजें ऐसी बनाते हैं. जो काफी मैजिकल रहेगी.
हर कोई जानता है उसके बारे में बंसल. ब्रदर्स के बारे में हर कोई जानता है फिर. एक खबर आती है कि 400 करोड़ आप प लगा दिया. क्या देखा होगा उन्होंने आपने 400 करोड़. लगा दिया उनकी तो खुद कितनी अच्छी कंपनी. चल रही थी गाड़िया बड़ी चोरी हो आती है. स्कूटी आपकी हल्की सी स्कूटर अरे हल्का. नहीं है सर वो 108 किलो का है बारिश हो गई. तो बाइक तो फिर भी खींच खाच के निकल जाती. है हा स्कूटर वाला लटका रहता है क्यों. लटका रहता है सोचिए पानी में फसा रहता है. क्यों फसता है क्योंकि उसका एग्जॉस्ट में. पानी घुस जाता है करेक्ट इसमें एग्जॉस्ट. नहीं है सोचिए आप चला रहे तो आपकी यहां तक.
तक पानी आ गया तो भी स्कूटर निकल जाएगा. फिर तो आप ही सेफ नहीं है हां मतलब फिर आप. क्या कर रहे हो मतलब आप दूसरे प्रॉब्लम से. सोचना चाहिए टा में कम फीचर्स थे बट भरोसा. था तो मैंने जाके ले लिया बट स्टिल पीपल. आर गोइंग फॉर टाटा बिकॉज एक ट्रस्ट है. गाड़ी मजबूत है पुरानी गाड़ी भरोसा है ये. वाला इशू आपके साथ हु उनके अगर फीचर्स कम. भी है तो पुश कर सकता है हमारा बजाज लोगों. को बचपन से पता है तो पता है य उनको बुला. तो नहीं सकता ऑनेस्टली हमें तो सिर्फ एक. ही एक ही पैरामीटर प गेम खेलना पड़ता है. प्रोड एंड.
क्लिटी पुराने जमाने में कहावत थी कि बाबू. हाथी खरीदने में बड़प्पन नहीं है हाथी. पालने में बड़ाई है बड़ा आदमी वो जो उसको. पाल सके और जिस तरह से भारत में पेट्रोल. डीजल के दाम बढ़ते जा रहे हैं बढ़ते जा. रहे हैं लोगों का दिमाग खराब हो रहा है कि. भाई घर का राशन चलाए या गाड़ी चलाए और. इसीलिए शायद इलेक्ट्रॉनिक वकल जो है वो. बढ़ते जा रहे हैं अब अगर आप टू व्हीलर.
लेने के मूड में है तो हमको लगा कि आज. आपको सही इंसान से मिलाते हैं उस इंसान से. मिलाते हैं जो इनोवेशन की दुनिया में नई. नई क्रांति ला रहे है देश दुनिया में मान. बढ़ा रहे हैं नाम है तरुण मेहता कोफाउंडर. है सीईओ है थर एनर्जी के सवाल यह शुरू. करेंगे कि सर यह थर है इथर है और यह क्यों. है किस लिए है क्योंकि इस स्पेलिंग में. बड़ा झोल है इसकी स्पेलिंग गलत है. एक्चुअली अगर सही स्पेलिंग लिखता तो इसको. कोई वेबसाइट खोलता ही नहीं हमारी तो फिर. एक्चुअली नाम थर है बट आप थर बुलाइए अथर. बुलाइए थर बुलाइए कुछ भी बुलाइए फर्क नहीं.
पड़ता स्कूटर बढ़िया है आप स्कूटर ट्राई. कीजिए अब एक सवाल है स्कूटर का आपने कहा. स्कूटर ट्राई कीजिए स्कूटर जब हम देखते. हैं या हमारे बाप दादा के जमाने से हम. सोचते हैं तो हमारे स्मृतियों में कई. कंपनियां है जिनका नाम आता है करेक्ट कि. चलाया था और उसको लेके इमोशंस भी लोगों के. दिखाई पड़ते हैं करट कई और कंपनियां है जो. देशहित में काम करती हैं या बातें करती. हैं तो मैं नाम ही लेके बोलता हूं कि अगर. आप ओला की बात करते हैं बजज की बात करते. हैं या टीवीएफ की बात करते हैं इथर क्यों.
देखें क्या इथर में ऐसा है जो हम आपको. देखें आपकी तरफ जाएं क्योंकि आपके वीडियोस. हमने देखे आपने दावा किया कि हम सबसे. इनोवेटिव है बहुत सारे काम हमने किए जो. लोग नहीं जानते तो अगर आसान शब्दों में. समझाना हो कि बजाज ओला टीवीएफ जो ऑलरेडी. क्रांति कर चुके हैं या उनका एक लेगासी है. उसके बीच में. थर हमने कनी लगभग 10 साल पहले चालू करी थी. और हमारा व्यू था कि टू वलर इंडस्ट्री में. ज्यादा कंपनिया नहीं है जो प्रोडक्ट. बढ़िया से बनाना चाहती है अ 50 साल से.
स्कूटर है बट ये सारे प्रोडक्ट कहीं से आए. और मोस्ट ज्यादातर कंपनीज ने उसको इंडिया. में इंट्रोड्यूस कर दिया अगर आप देखेंगे. कौन सा प्रोडक्ट है जो इंडिया में सोच के. डेवलप करके बढ़िया से क्वालिटी से बनाया. है वैसे काम नहीं हुआ वो क्वालिटी बनते. बनते 20-30 साल में बन गई अ हमारा फोकस. जनरली जब से हमने काम किया है क्वालिटी पर. है तो हमारा दावा जनरली ये रहेगा कि यार. एथक आप स्कूटर खरीद रहे तो उसकी क्वालिटी. बेस्ट.
रहेगी दूसरा इसका एक्सपीरियंस जो होगा वो. काफी अनोखा रहेगा अ जब स्टार्ट किया था तो. एक और एक और रिलाइजेशन आया था कि कंपनिया. प्रोडक्ट कंपनिया नहीं है तो कोई ये नहीं. सोच रहा है मतलब सब लोग ऐसे ही सोच रहे. हैं कि यार आदमी को खाली पॉइंट से पॉइंट. भी जाना है उसके लिए एक स्कूटर चाहिए तो. एक सिंपल सा स्कूटर बना दो लाइफ खत्म मुझे. लगता था हमेशा और अभी भी हमेशा अब तो. ज्यादा स्ट्रंग लगता है कि यार मोस्ट. कस्टमर्स काफी एस्पिरेशनल हो गए वो. इनफैक्ट काफी कस्टमर स्कूटर नहीं खरीदेंगे.
क्योंकि यार यह तो बहुत बेसिक प्रोडक्ट हो. गया आई थिंक काफी अपॉर्चुनिटी है जैसे एल. एल ने जो स्टार्ट किया था आज से 15 20 साल. पहले आ के साथ आप प्रोडक्ट में कुछ नया. लाओ कुछ इनोवेटिव लाओ उसका एक्सपीरियंस. इंप्रूव करो जैसे आईपैड बढ़िया प्रोडक्ट. है ब आईपैड का प्रोडक्ट का एक्सपीरियंस. उसकी पेंसिल से आया है वो पेंसिल इतनी. अनोखी थी कि मेरे को याद है मैंने आईपैड. इसके लिए खरीद लिया था साला पेंसिल इतनी. बढ़िया है वो पेंसिल मुझे खरीद यूज करनी. थी आईड खरीदना मैंने भी खरीदी ब इस्तेमाल.
कम किया मतलब करो नहीं करो पेंसिल इतनी. बढ़िया थी कि उसके लिए आईपैड खरीद लियाने. मेरे को रिलाइज हुआ कि यार अपने इस. इंडस्ट्री में लोग स्कूटर को बहुत ही. बोरिंग तरीके से बना रहे हैं बहुत ही. बोरिंग प्रोडक्ट की तरह देख रहे हैं आई. थिंक अपॉर्चुनिटी है इंडिया एस्पिरेशनल. मार्केट है अपना पर कैपिटा जीडीपी बढ़ता. जा रहा है इकोनॉमी राइज करेगी मतलब कैसे. नहीं करेगी अपनी तो इकोनॉमी बढ़ने वाली है. और काफी कस्टमर्स मिलेंगे जो इस टाइप का. ब्रांड खरीदना चाहेंगे अगर आप सोच टूल.
इंडस्ट्री में कितने ब्रांड आपको समझ में. आ रहे है जो एस्पिरेशनल है स्कूटर में कौन. सा प्रोडक्ट आपको ध्यान आ रहा है जो. एस्पिरेशनल प्रोडक्ट है यार ये एक दिन. मुझे खरीदना है नहीं आएगा आपको ठीक है. बाइक में फिर भी शायद आपको मिल जाएगा मो. मोटरसाइकिल में स्कूटर में कौन सा. प्रोडक्ट आएगा मोस्टली कोई आपको ध्यान. नहीं आएगा या साला एस्पिरेशन प्रोडक्ट एक. दिन ना पैसा खरीद के पैसा इकट्ठा करके. मेरे को ये प्रोडक्ट खरीदना है ये तो मैं. इसके कब से वीडियो देख रहा हूं ये रोड्स. देखता हूं क्या बढ़िया फीचर है क्या. एक्सपीरियंस है मैजिकल कुछ बनाया है ठीक. है नहीं दिखेगा आपको एंड हमारा व्यू था कि.
यार टेक्नोलॉजी आ रही है कनेक्टेड. टेक्नोलॉजी सॉफ्टवेयर देखिए या फिर अब. इलेक्ट्रिक देख लीजिए ऐसे प्रोडक्ट बनाने. की गुंजाइश बहुत है सो ऐसी कंपनी बनाएंगे. जो व्हिच विल लाइक द कंपनी विल बी नोन फॉर. अमेजिंग प्रोडक्ट्स एक मैजिकल एक्सपीरियंस. ये कंपनी जो बनाती है उसमें एक मैजिकल. एक्सपीरियंस इंट्रोड्यूस करती है एक. क्वेश्चन मेरे मन में आता है कि बहुत. ज्यादा फीचर्स भी जब होते हैं तो इंडिया. वो देश जहां लोगों को डाउट होना शुरू होता. है जैसे चाइनीज फोन जब आए थे तो बीच में. चार पांच सिम वाले आ गए थे हां हमें. एक्स्ट्रा सिम चाहिए था बट दो तक ही चाहिए.
था जब चार पांच आ तो हमें लगा ये लोकल माल. है करेक्ट तो बहुत ज्यादा इनोवेशन कई बार. उसकी क्वालिटी को लेकर दिमाग में क्वेश्चन. डाल देती है ये सही आइटम नहीं है क्योंकि. हमारे दिमाग में चाइनीज माल जो आता है वो. बड़ा वो होता है आप इंडियन है आप इंडियन. बेच रहे हैं तो आपको डर नहीं लगता कि इतने. इनोवेशंस कर देंगे लोग ही ना सोचे यार कि. इतना कुछ दे रहे हमारे काम का क्या हमको. तो बस जाना है करेक्ट नहीं एक्चुअली हमारी. फीचर लिस्ट नेसेस लंबी बहुत नहीं होती है. बस ये है कि हम हर प्रोडक्ट में दो तीन. चीज ऐसी बनाते हैं जो काफी मैजिकल रहेगी. जैसे पहला प्रोडक्ट था उसमें हमने एक वप.
मोड इंट्रोड्यूस किया था वो आई थिंक. इलेक्ट्रिक स्कूटर्स में जिसने भी. एक्सपीरियंस किया है वो और कोई स्कूटर. शायद अब चला ही नहीं पाएगा वो उस मोड में. अगर एक बार स्कूटर चला लेगा तो अभी हमने. एक हेलमेट इंट्रोड्यूस किया स्मार्ट. हेलमेट उस उसमें हमने दो तीन फीचर डाले. बहुत सारे फीचर्स नहीं है बहुत सारी. कैपेबिलिटी है पर एक बहुत प्यारा फीचर है. एंड वो उसका मैजिकल फीचर. है आप और आपका पिलन एक दूसरे से आराम से. बात कर सकते हैं चलते स्कूटर में ज आप. गाड़ी में बात करते हैं ना गाड़ी के अंदर.
कॉकपिट में वैसे आप स्कूटर पर बात कर सकते. हैं ये एक फीचर बहुत मैजिकल है ये थोड़ा. सुनने में अच्छा लग रहा है थोड़ा. एक्सप्लेन कीजिए ना इसे सिंपल एसेंशियली. इंटरकॉम टाइप टेक्नोलॉजी है बट ये. डिस्ट्रक्ट नहीं करेगा आप जब ड्राइव कर. रहे हो आप एक दूसरे से बात कर रहे नहीं तो. आप कैसे बात करते सोचिए हेलमेट का वाइजर. उठा के अरे सुन आगे लेफ्ट लू क्या नहीं. सिग्नल प लेफ्ट लेना है कि उसके पहले. लेफ्ट लेना है नर्मल बात कीजिए जैसे अपन. बात कर रहे हैं आराम से वैसे बात कीजिए. सिंपल और कोई इशू नहीं होगा नहीं नहीं.
नहीं नहीं नहीं बिल्कुल नहीं होगा इनफ मैं. लास्ट 10 दिन से यही रोज ड्राइव करके. एक्सपीरियंस कर रहा हूं एकदम मैजिकल तो हम. ट्राई करते हैं कि हर चीज में नहीं नॉइस. आपको बैकग्राउंड नॉइस रहेगा बट वो मेलो कर. देते हैं ताकि आप बहुत ज्यादा डिस्ट्रक्ट. नॉइस से नहीं हो जाए और एक दूसरे की बात. आपको आराम से सुनाई देगी तो इट्स लाइक वो. आदमी आपके बाजू में बैठा है गाड़ी के अंदर. वो आपको चिल्लाना नहीं पड़ेगा सिंपल मतलब. बीवी के साथ पीछे बैठ के भी लड़ाई करेक्ट. हमने एकदम सही एकदम सही एग्जांपल दिया. आपने हमने जो ऐड बनाया था यही बनाया था. ठीक है सो मतलब चिल्ला चिल्ले की जरूरत ही.
नहीं है ऐसी ऐसी ही क्ले वा डटना तो ये. नहीं कि रास्ते में रोको फिर. डांटूर. सो ये हमारा एक्चुअली हम एक प्रोडक्ट नहीं. हमारा टारगेट ये रहता है यार हर प्रोडक्ट. में कुछ एक मैजिकल होना चाहिए कुछ ऐसा जो. अनोखा हो बहुत फीचर्स की जरूरत नहीं हो है. आई थिंक काफी ब्रांड्स है जो फीचर्स प. बेचता है आप सुनेंगे आप कमेंट्स देखेंगे. ना हमारी इंडस्ट्री में यार पर दूसरों के. पास तो ये इतने ये भी फीचर है वो फीचर है. किसी का ये है किसी का स्पीकर है गाड़ी. में वगैरह.
हम लोग हर हर फीचर बनाने का ट्राई करते. हैं पर कुछ. मैजिकल हर प्रोडक्ट में होगा हमारे मैजिकल. इनोवेशंस का कई बार आपने जिक्र किया मैं. सिंपलीफाई करता हूं दर्शकों को समझने के. लिए मुझे टू व्हीलर स्कूटर खरीदना है. इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदना है मैं थर क्यों. [संगीत]. खरीदूंगा बैटरी खूब लंबी चलेगी एथ का.
रिकॉर्ड काफी अच्छा है ट्रैक रिकॉर्ड. आपका लाइक पाच छ साल बाद में भी बैटरी. 9092 पर की लाइफ प रहेगी अ और बैटरी तो. नहीं होगी क्योंकि मैं अभी 2023 में कई. आर्टिकल पढ़ रहा था कि बैटरी उड़ गई एक तो. ब्रांड उसके नाम से तो कई सारे बैटरी. उड़ने की खबरें आई है हा नहीं एक्चुअली टू. बी फेयर उस ब्रांड के लिए भी ये न्यूज. थोड़ा पीआर साइकिल गलत चल गया इंडस्ट्री. के लिए बाकी इतनी कोई आग लगी नहीं थी. इंडस्ट्री में लब 10 15 20 लाख स्कूटर बिक. चुके है व कोई दो तीन चार पांच स्कूटर में.
मैंने बिहार की खबर पढ़ी मैंने पुणे की. खबर पढ़ी मैं आर्टिकल्स जता एक्चुअली. ज्यादातर जो ये सब न्यूज़ आई थी ना वो. चाइना के इंपोर्टेड स्कूटर्स की आई थी तो. एक फेज आया था चाइना से लेड एसिड स्कूटर्स. आते थे फिर जब गवर्नमेंट की पॉलिसी चेंज. हुई तो लिथियम आंड स्कूटर्स की जरूरत पड़ी. नहीं तो आप पॉलिसी के लिए कंप्ला नहीं. करेंगे लिथियम आयन स्कूटर वो चाइना से जो. पूरा प्रोडक्ट आ रहा था वहां पे बहुत सारी. इशू आए थे इंडस्ट्री में पर वो सारे काफी. सारे ब्रांड्स सब टेपर आउट भी कर इसके लिए. आपने ये पीक जब न्यूज़ सुनी होगी 23 में. सुनी होगी वो एक डेढ़ साल हो गया उस.
न्यूज़ को क्योंकि वो सारे ब्रांड्स ही अब. उनका सेल ही काफी कम हो गया है अगर आप. एवरेज इलेक्ट्रिक स्कूड का आज परफॉर्मेंस. देखिए अगर आज एथ का परफॉर्मेंस देखिए मेरे. ख्याल से मतलब मैं शायद एक हाथ में काउंट. कर सकता हूं कोई कोई इस टाइप का इंस्टेंस. कभी भी हुआ हो और अगर मैं एक्सीडेंट केसेस. उसमें हटा दूं तो शायद कोई केस बचेगा ही. नहीं बहुत ही ऑलमोस्ट निल टाइप का सिचुएशन. है तो बैटरी आपकी बहुत सेफ है हमने उस. बहुत ज्यादा काम किया है और फैमिली स्कूटर. सीट बहुत बढ़ बनती है व चाइना से आती है. हम यहां पे बनाते हैं बैंगलोर में बैंगलोर.
के पास में हमारा पूरा बैटरी का प्लांट है. अ सो आपकी बैटरी बहुत सेफ है बैटरी बहुत. लॉन्ग लास्टिंग है आपका स्कूटर दिस इज द. बिगेस्ट सीट तो छोटी-छोटी चीजें करी फॉर. एग्जांपल एक फीचर ये मेरा बहुत सक्सेसफुल. फीचर है जब भी मैं इसको डेमो करता हूं आप. अगेन बहुत ही सिंपल है ठीक है बट इसकी. वैल्यू बहुत ज्यादा है आप स्कूटर में टकिए. आप बाहर गए खाली लेट्स से आम लेने गए आप. ठीक है आपने तीन चार आम खरीद लिए अच्छा. बाजू में एल वाला भी अच्छा चलो एप्पल भी.
तीन चार एप्पल भी खरीद लिए अच्छा सामने. ग्रोसरी वाला भी है रुक मेरे को थोड़ा. नींबू खरीदने था अंदर गए नींबू और कुछ पैर. और ये वो फलाना ख रहा और पांच छ चीज आके. डाल दी टिक्की में ठीक है और दूध का पैकेट. भी उठा लिया डाल दिया ठीक है घर गए अब याद. थेली तो लेके निकले नहीं थे अब तो दो आम. लेने निकले थे ठीक है अब क्या करोगे इस. ऊपर कैसे ले जाओगे थेली लेना भूल गए ठीक. है हमने पूरी डिक्की रिमूवेबल बना दी वो. डिक्की ऐसे बैक की तरह हाथ में आ गई लेके. चले जाओ एकदम सिंपल फीचर था ये बट आई थिंक. द मोस्ट लाइक्ड फीचर इन दिस प्रोडक्ट एंड. ये इतना सिंपल था कि द मोस्ट द मोस्ट.
क्वेश्चन वी गेट र ये पहले क्यों नहीं था. स्कूटर में डिक्की रिमूवेबल सिंपल. प्लास्टिक की थली की ने निकाल दी पहले. क्यों नहीं था फीचर सो ये जो एक मतलब. इनफैक्ट मैं आपको काउंटर एग्जांपल दे रहा. हूं हमेशा टेक्नोलॉजी नहीं जरूरत होती है. कभी कभार ये जो प्रोडक्ट प फोकस होता है. डिटेल्स पे यह हम काफी ज्यादा करता है सो. यह है ओवरऑल क्वालिटी है बैटरी की लाइफ है. कंफर्ट है एक्सीलरेशन है सब बढ़िया है और. आपका अगर आप इलेक्ट्रिक स्कूटर तो आपका. पैसा तो खूब बचना ही है आपका साल का 10 15.
हज ब हां ये आपने एक अच्छा पॉइंट का. क्योंकि बेसिकली लोग इलेक्ट्रिक गाड़ की. तरफ जा रहे हैं पैसे बचाने के लिए यस. पर्यावरण तो एक एक इशू है हालांकि वो. दिमाग में इतना रहता नहीं बट मेन इशू आता. है ये पैसे बचाने का बट अगर उन्हें पैसे. बचाना हो तो मार्केट में जो बाकी ब्रांड्स. है आपके मुकाबले थर के मुकाबले वो सस्ते. पड़ रहे. हैं तो लोग कहेंगे कि यार मुझको तो सब्जी. लेने जाना था दिन में मैं कार से ड्राइव. करता हूं ऑफिस में कार से जाता हूं शाम को. सब्जी लेना है या जिम जाना है मुझे मुझे. या कहीं अगल-बगल गर्लफ्रेंड को घुमा के.
आना है या बॉयफ्रेंड को पीछे बैठाना है तो. मैं फिर इतना खर्चा क्यों करूं मैं सस्ता. वाला क्यों ना ले लूं जो कंपैरिजन में आ. रहा उनकी तो लेगासी भी है बजज का स्कूटर. कब से चल रहा है टीवीएफ है या बाकी जो है. ओ ब्रांड है ये तो नया-नया है सो ये काफी. ब्रांड्स के कंपैरिजन में दो-तीन पॉइंट्स. आएंगे एक सर्विसिंग इंडस्ट्री नहीं है तो. हमने जैसे सर्विसिंग में इन्वेस्ट किया है. हमारे जितने स्टोर्स है उतने उतने सर्विस. सेंटर हमने बनाया इनफैक्ट कई जगह तो अब. हमारे इंक्रीजिंगली सर्विस सेंटर स्टोर से. ज्यादा. एंड हमारा सर्विस का ट्रैक रिकॉर्ड काफी.
अच्छा रहा है इन जनरल व्हीकल को सर्विसिंग. की नीड काफी कम पड़ती है अगेन वही आपका. क्वालिटी का पॉइंट अ दूसरा आपका व्हीकल. चलेगा लंबा आप तीन चार साल बाद में हर. व्हीकल कंपेयर कर लो थर के 6 साल पुराने. व्हीकल अभी भी प्रीमियम पे बिक रहा है. मतलब दे दे आर स्टिल ट्रेजर्स जनरेशन एथ. स्कूटर है सेकंड जनरेशन एथ स्कूटर्स है. क्योंकि सब कुछ बढ़िया चल रहा है सो ओवरऑल. इनफैक्ट हमारी इंडस्ट्री में यही एक सिंपल. लॉजिक रहा है जो क्वालिटी प्रोडक्ट है ना. वही बिकना है टूल इंडस्ट्री में लोग कभी.
सबसे सस्ता स्कूटर नहीं खरीदते इंडिया में. वैल्यू कॉन्शियस है प्राइस कॉन्शियस नहीं. है राइट सबसे सस्ता अग स्कूटर बिकना होता. इंडिया में सबसे ज्यादा स्कूटर कौन सा. बिकता है. हुआ ही इसके लिए क्योंकि उसकी क्वालिटी.
बहुत बढ़िया थी ठीक है नहीं ब्रेक डाउन. होगा चार महीना 6 महीना एक साल दो साल. नहीं ब्रेक डाउन होगा एंड वो वर्ड ऑफ माउथ. बिल्ड होता रहा तो हम लोग उसमें इन्वेस्ट. कर रहे हैं हमारे कस्टमर्स का जाके कभी भी. वर्ड ऑफ माउथ चेक करेंगे कभी भी रिव्यू. चेक करेंगे एक साल दो साल पाच साल बाद में. ओनरशिप है बहुत स्ट्रांग रिव्यू आएगा तो. हम उसमें इन्वेस्ट कर रहे कि आप ऐसा. स्कूटर खरीदिए जिसमें आपको ज्यादा चिकचिक. नहीं होगी जिसमें आपको ज्यादा सोचना नहीं. पड़ेगा स्कूटर चलाना आपको आपको ए आपका. एग्जांपल पॉइंटे टू पॉइंट भी करना है तो. ये प्रोडक्ट सबसे बेस्ट रहेगा क्योंकि. आपको और कोई दिक्कत नहीं देगा अ इवन.
इकोसिस्टम वाइज जैसे हमने फास्ट चार्जर्स. काफी लगाया हुआ है इलेक्ट्रिक स्कूटर है. चार्जिंग की जरूरत पड़ सकती है अगर आपने. प्लानिंग नहीं करी घर पे चार्ज नहीं किया. तो तो सबसे बड़ा चार्जिंग नेटवर्क थर. करेगा हमारे लगभग 00 फास्ट चार्जेस है. पूरे इंडिया में एनसीआर में यहां पे हमारे. 150 प चार्जेस होंगे अ इवन अदर सिटीज में. खाली बैंगलर हैदराबाद नहीं अहमदाबाद में. हमरे 70 चार्जर्स है बैंगलोर में तो 250. चार्जर्स है तो अगर आपको फास्ट चार्जिंग. हुआ सर्विसिंग हुआ ओवरऑल व्हीकल का. रिसेल वैल्यू हुआ व्हीकल में कितनी.
सर्विसिंग की जनरल जरूरत पड़ेगी यह सब में. हम लोग काफी अच्छा परफॉर्म करेंगे अब आपने. एकवा का जिक्र किया मान लो को स्कूटर लेना. है एक एक्टिवा का ऑप्शन है जिसको आप खुद. कह रहे हो कि य बड़ा मजबूत है इसीलिए. सक्सेसफुल रहा एक तरफ आप ऑप्शन दे रहे हो. मैं पेट्रोल डीजल वाली एक्टिवा और आपकी. इलेक्ट्रॉनिक इसको क्यों लो उसको क्यों लो. पेट्रोल तो अब काफी इ काफी खराब ऑप्शन हो. गया है फ्रैंकली मैं पैसे को भी एक मिनट. बाजू में रखता हूं पैसे आपको खुद बचना ही.
है इलेक्ट्रिक खरीद के एक्चुअली अगर आप. इलेक्ट्रिक और पेट्रोल की राइड क्वालिटी. देखेंगे तो इलेक्ट्रिक काफी अच्छे मार्जिन. से जीत जाता है क्यों क्योंकि उसमें इंजन. नहीं है वाइब्रेशंस नहीं है नॉइस बहुत कम. हो जाता है तो आपका ओवरऑल जो राइड. क्वालिटी होता है जो ओवरऑल जो जो आपके हाथ. में वाइब्रेशन आता है वो आपको फील होगा 10. किमी 30 किमी 50 किमी आपको फील होगा वो. पूरे टाइम वाइब्रेट करता रहेगा गर्म होता. रहेगा उसका एक साउंड अलग आएगा इस सब. एलिमिनेट होने के बाद में ना जो राइट. क्वालिटी का जो एनहैंसमेंट होता है वो तो. इलेक्ट्रिक का बहुत मैसिव है दूसरा.
इलेक्ट्रिक का स्पेशली हमारे प्रोडक्ट का. एक्सीलरेशन काफी इंस्टेंट होता है कितना. डिफरेंस है दोनों में ओ बहुत डिफरेंस जैसा. हमारा 450x 450 अपक्स ये जो प्रोडक्ट है. ये आपका 0 टू 40 कर लेंगे 3.9 सेकंड्स में. टिपिकली आपके 110 सीसी के जो स्कूटर होते. है वो 5.5 5.6 5.7 सेकंड्स काफी मतलब मतलब. बहुत ज्यादा डिफरेंस है स्पेशली इंस्टेंट. एक्सीलरेशन होता है जो इलेक्ट्रिक का होता. है मोटर का वो पेट्रोल बीड ही नहीं कर. सकता वो पेट्रोल में वो वो पेट्रोल लेगा. वो कार्बोरेटर में जाएगा नहीं जाएगा फिर.
वो इंजेक्ट होगा फिर इंजन चालू होगा फिर. उसका क्लच रिलीज होगा वो करने से पहले तो. आपका इलेक्ट्रिक स्कूड आगे निकल जाएगा ये. सबको आप एक एक टेस्ट राइड करते ही थर का. आपको इंस्टेंट रिएक्शन आपके मुंह पे यही. रहेगा भाई एक्सीलरेशन तो इंस्टेंट एकदम से. अवेलेबल है टाइम नहीं लगता लोड कैरिंग. कैपेसिटी आप ज्यादा लोड ले सकते. इलेक्ट्रिक में ये ज्यादा लोगों को पता. नहीं है क्योंकि सबका इमेज जो पुराने वाले. इलेक्ट्रिक स्कूटर का बना हुआ है ये तो. साले फ्लाई ओवर नहीं चढते थे बट हां मतलब.
दो लोग बैठ गए तो फलावर नहीं चढने वाले वो. स्कूटर्स बट आज की ख में अगर आप हमारा. स्कूटर लेंगे या फिर इनफैक्ट हमारी. इंडस्ट्री किसी का भी स्कूटर लेंगे दे. उनका जनरली लोड कैरिंग कैपेसिटी आप नोटिस. करेंगे ज्यादा. है पावर ज्यादा है टॉक ज्यादा है. एक्सीलरेशन बेटर है वाइब्रेशन कम है हीट. कम है साउंड कम है ऑनेस्टली अगर आप आज. पेट्रोल स्कूटर खरीद रहे तो आप एक्चुअली. थोड़ी पुरानी चॉइस ले रहे हैं आप बहुत. ही बहुत अनुति सेफ चॉइस ले रहे हैं मेरे. हिसाब से और कोई जरूरत नहीं है 20 15 20.
पर कस्टमर्स आज की तारीख में इलेक्ट्रिक्स. स् कूड़े खरीद रहे हैं अच्छा तरुण एक. इंपोर्टेंट क्वेश्चन और है आपने अभी. बेंगलोर का जिक्र किया कहां जाएंगे भाग के. हां बेंगलोर भी तो आए हैं हां अब इंडिया. इतना बड़ा है हम बेंगलोर कर्नाटका हो गया. हम यूपी बिहार दिल्ली या झारखंड बहुत सारे. लोग इधर के होंगे नॉर्थ इंडिया के जो लाइफ. में कभी बैंगलर नहीं गए होंगे करेक्ट वो. उनके मन में हो कहां तो क्या आप नॉर्थ. इंडिया को लेके भी सीरियस है क्योंकि केरल. के आप बार-बार जिक्र कर रहे हो कि केरल. में चार्जिंग स्पॉट बहुत अच्छा है ये. अच्छा है वो अच्छा है लेटस अच्छी है आपने.
कर्नाटका में दे दिया तमिलनाडु में दे. दिया नॉर्थ जोन वाला आपको सीरियसली क्यों. ले हिंदी पट्टी नहीं सर इसमें एक्चुअली. नॉर्थ इज नाउ आवर बिगेस्ट फोकस अ हमारा जो. दूसरा प्रोडक्ट हमने लच किया है रिश्ता वो. एक्चुअली फोकस्ड काफी हैवी फोकस नॉर्थ के. हिसाब से लच किया है इन हमने अभी हफ्ता इस. दिन पहले लखनऊ में एक इवेंट भी किया था. लांच इवेंट भी किया था और दिल्ली में भी. मुझे करने की इच्छा है आई थिंक आप सही कह. रहे हैं क्योंकि हमारा अर्ली ऑन नेटवर्क. हमारी दुकान ज्यादा साउथ में ओपन हुई और. वेस्ट में साउथ वेस्ट महाराष्ट्र गुजरात.
तक वहां पर अवेयरनेस अच्छा है बट यूपी. राजस्थान पंजाब दिल्ली तक आते आते दिल्ली. छोड़ के मे भी अवेयरनेस लेवल कम है तो नाम. नाम थर नाम थर नहीं आल्सो क्योंकि हमें. दुकाने कम है हमने जा दुकाने ओपन नहीं करी. क्योंकि जनरली हमको फीडबैक ये मिलता था कि. जो पहला प्रोडक्ट था उसके कस्टमर्स नॉर्थ. में कम रहेंगे क्योंकि वो थोड़ा स्पोर्टी. टाइप का डिजाइन था जनली फीडबैक ये था कि. यार अगर आपके फैमिली प्रोडक्ट हो स्कूटर्स. में तो नॉर्थ में अच्छा चलेगा और हमरे पास.
था नहीं तो हमने वेट किया अब वो रेडी हो. गया इनफैक्ट लास्ट महीने ही हमारी सेल. स्टार्ट हुई है तो अब नेक्स्ट 1215 महीने. में हमारा नॉर्थ का फोकस इमेंसली बढ़. जाएगा क्योंकि अगेन एक स्ट्रेंथ है. प्रोडक्ट हम उस परे ही फोकस करेंगे अगर. हमारे पास प्रोडक्ट रेडी है इस मार्केट के. लिए तो हम बढ़िया से फोकस कर सते नथ में. इंसान को क्वालिटी के साथ-साथ सर्विस भी. देखता है जैसे मैंने आपको एग्जांपल दिया. सर्विस हां सर्विस हम हमारा एक एग्जांपल. नहीं मिलेगा आपको जहां पे हम सेल्स के साथ. सर्विस साथों साथ स्टार्ट नहीं करता है.
इनफैक्ट हमारे प्रोसेस में हम लोग सबसे. पहले कोई भी सिटी ओपन करने से पहले वहां. पर हम चार्जिंग स्टेशन लगाते हैं मतलब. पहले चार्जिंग स्टेशन लग जाएंगे हम गाड़ी. नहीं बेचेंगे जब तक चार्जिंग स्टेशन. इंस्टॉल नहीं हो गए पांच-छह उस सिटी में. तो ओवरऑल सर्विस कवरेज हमारा काफी अच्छा. रहेगा मुझे उसका टेंशन नहीं है बट पहले हम. इन द पास्ट डिफेंड नहीं कर पाए बहुत सारा. नेटवर्क ओपन करना यह सब मार्केट्स में अब. क्योंकि प्रोडक्ट पोर्टफोलियो सही है तो. अब हम उसको डिफेंड कर पाएंगे तो नेक्स्ट. 12-15 महीने में आप काफी हमारा एक तो. मार्केटिंग भी नोटिस करेंगे और हमारा.
फुटप्रिंट भी नोटिस करेंगे क्योंकि और. स्टोर्स आएंगे और सर्विस सेंटर्स खुलेंगे. और चार्जिंग स्टेशन खुलेंगे. तो उससे फोकस दिख जाएगा अब जैसे हम और आप. नोएडा में बैठे हुए हैं नोएडा में. गाड़ियां बड़ी चोरी हो आती है स्कूटी आपकी. हल्की सी स्कूटर अरे हल्का नहीं है सर वो. 108 किलो का है हल्का नहीं अच्छा चलिए कोई. बात नहीं बताइए हा तो उसको आराम से कोई. उठा के लेके गायब हो जाए हा मैं क्यों. खरीद स्कूटर अगर मुझे डर है कि भाई मैंने. खड़ा किया मैं शॉपिंग करने गया सब्जी दूध.
लाने और यहां से गायब हो गया मेरा तो. हमारी एक बड़ी लर्निंग लास्ट दो एक साल. में यह रही है कि टेक्नोलॉजी को. टेक्नोलॉजी की तरह बेचेंगे तो थोड़ा. मुश्किल हो जाता है उसको यूजफुल फीचर्स. में बात करता है तो अभी नए प्रोडक्ट के. साथ ये दो तीन फीचर हमने इंट्रोड्यूस किया. है आपका स्कूटर कहीं भी मूव होगा आपको. मोबाइल पर लोकेशन दिख जाएगी उसको डिसेबल. करना बहुत ही ज्यादा मुश्किल है मतलब. नेक्स्ट ू इंपॉसिबल है किसी एवरेज चोर के. लिए आपका स्कूटर अगर किसी ने टो कर लिया. ट्रैफिक वाला टो करके ले गया आपको पता.
नहीं कहां ले गया है आपको मोबाइल प दिख. जाएगा वो चोरी करना टो करके गायब होना. नेक्स्ट टू इंपॉसिबल हो जाएगा मतलब जैसे. चोरी में सुनाई पड़ता है ले गए खोल के अलग. कर दिए सारे स्पर बहुत मुश्किल है और वो. जहां तक जा रहा है ना तब तक मोबाइल और. खाली आपको मोबाइल प दिखेगा नहीं आपको. मोबाइल में नोटिफिकेशन आ जाएगा आपका. स्कूटर हिल रहा है आप स्कूटर लॉक करके गए. हो आपका स्कूटर हिल रहा है आपको. नोटिफिकेशन आ जाएगा द मिनट वो आपको वो दो. फीट मूव करेगा ना हमने एक डेमो सेट अप. किया था बीच में एक इवेंट में आप यहां से. वो कार्पेट के एंड तक निकालो ना आपको नो. नोटिफिकेशन एकदम से मोबाइल में आ जाएगा. आपको स्कूटर हिल रहा है उसका लोकेशन दिख.
जाएगा चोरी नहीं हो सकता नहीं हो पाएगा. सिंपल चोरी नहीं हो पाएगा अ अगर एक और. फीचर मैं ऐड किया था लोकेशन शेयरिंग का अ. आप रात को चला रहे हो कोई आपके पीछे. कंटीन्यूअसली ड्राइव कर रहा है या आप कोई. थोड़ शेडी पार्ट से कहीं जा रहे हो सिटी. के आपको टेंशन है अभी. जाते एक बटन है उसको दो तीन बार दबाओ अपना.
आप आपका लाइव लोकेशन आपकी इमरजेंसी. कांटेक्ट के साथ इंस्टेंट शेयर हो जाएगा. उनको मैसेज चला जाएगा सुपर राइट तो आपका. स्कूटर चोरी करना मुश्किल हो जाएगा आप आप. ये ये जो बेसिक सेफ्टी वाले फीचर्स है ना. हमारा काफी फोकस अब इस पर चला गया है. हमारे हिसाब से स्कूटर्स में टू व्हीलर्स. में सेफ्टी को डेवलप करना बहुत जरूरी है. और सेफ्टी खाली ये नहीं होती कि क्रैश. नहीं हो उसके लिए भी फीचर्स है स्कीट. कंट्रोल है ये है वो सब है बट ये सब जो. होता है ना चोरी नहीं हो टो नहीं हो जाए. या आपकी लोकेशन आपके फैमिली मेंबर्स को. पता चले यह काफी बड़ा फोकस था ठीक है अब.
एक क्वेश्चन मेरे मन में और आता है जैसे. लोग गाड़ी लेने आते हैं चार पैया हां तो. बड़े शहर में तो इलेक्ट्रिक कार हमें खूब. नजर आती है दिल्ली एनसीआर में बढ़िया चल. रही है बट जब आप छोटे शहर में गाड़ी. खरीदते हैं तो अक्सर उनके दिमाग में. चार्जिंग पॉइंट का रहता है कि भाई साहब. कौन रोज का बवाल पाले का पेट्रोल पंप हर. जगह नजर आते हैं थोड़ा पैसा एक्स्ट्रा. लगता है बट सर दर्दी नहीं है कि रा टाम. ड्राइव कर रहे हैं पता लगा चार्जिंग का. इशू हो गया सेम गोज फॉर स्कूटर इंडिया की. असली आबादी जो है वो छोटे शहरों में रहती. है गांवों में रहती है कस्बों में रहती है.
उन शहरों में रहती है जहां पर उतनी. सुविधाएं नहीं है अभी भी देश के हर हिस्से. में 24 घंटे लाइट भी नहीं आती दिल्ली. एनसीआर में तो आपकी दुकान चल गई छोटे शहर. में आदमी आपको क्यों प्रेफर करे हम टियर. टू टियर थ टाउन में मेट्रो से ज्यादा. बेचते हैं ल यर व पुट. टुगेदर अभी हमारा फास्ट न फास्ट आ. लार्जेस्ट ग्रोइंग सेगमेंट इस रट टीथ. मार्केट कैसे कैसे क्योंकि एक्चुअली काफी. काउंटर इंटूटिव टियर टू में इलेक्ट्रिक.
चलाना बहुत आसान है स्पेशली इलेक्ट्रिक. स्कूटर अगर आप बड़े शहर में अगर आप. बेंगलोर में है आप हैदराबाद में है दिल्ली. में है तो मोस्ट प्रोबेबली आप कोई 10 12. 20 तल्ले की बिल्डिंग में रह रहे हैं वहां. पर आपको नीचे आपके बेसमेंट लेवल टू में. चार्जिंग पॉइंट लगाना थोड़ा खर्चा होगा. थोड़ी मेहनत है बिल्डिंग का परमिशन. अप्रूवल थोड़ी मेहनत है फिर भी ठीक है अगर. आप टर टू टाउन में आ रहे तो आपके चांसेस. क्या है या तो आप इंडिपेंडेंट खुद का घर. होगा या फिर आप तीन चार पांच तले की. बिल्डिंग में है जहां पर मतलब क्या ही कोई.
इतना बड़ा कोई पॉलिटिकल एसोसिएशन तो है. नहीं उसमें ठीक है सिंपल है आपकी पार्किंग. यहां है खींच लो इलेक्ट्रिशियन 800 के लिए. आपका केबल खींच देगा और अनलाइक कार स्कूटर. की चार्जिंग के लिए कोई बहुत. कॉम्प्लिकेटेड इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत. नहीं एक तीन पिन का तीन पिन का प्लग चाहिए. सि जिस पर आप मोबाइल चार्ज करते हो उसपे. स्कूटर चार्ज हो जाएगा तो बहुत जदा. कॉम्प्लिकेटेड इंफ्रास्ट्रक्चर लगाने की. जरूरत नहीं क्या ही चोरी कर लेगा बंदा तीन. प्रिन के प्लग है हार्मोनियम क्या चलाएगा. उसको चलना तो है नहीं तो सिंपल एक प्लग. लगाया आपके घर से या मीटर से 5 800000 000. लगे काम हो गया तो और टियर टू टाउन में.
जैसे अभी आपकी टीम से बात कर रहा था आपकी. टीम में ये नोएडा से गुड़गांव जाते थे. नोएडा से गुड़गांव जाते हो तो यार दिन का. आप 100 150 किलोमीटर अप डाउन कर रहे हो तो. आपको चार्जिंग का भी टेंशन लेना पड़ता है. ये वो प्लान खर ट न में वो भी टेंशन नहीं. है 10 किलोमीटर का तो शेयर है आपको रेंज. का टेंशन नहीं आपको चार्जिंग का टेंशन. नहीं ट्रैफिक बढ़िया है चार्जिंग इजी है. सर्विस एक सर्विस सेंटर खोल दिया पूरा शहर. कवर हो गया सब आराम से आ जाएंगे वहां छोटे. शहर में. उसकी आमदनी भी कम है फिर उसके मन में सवाल.
आएगा कि हम ढ लाख तक क्यों जाए आपका. स्कूटर लेटेस्ट नहीं नहीं हम तो 1.1 से. स्टार्ट करते हैं लेटेस्ट वाला कितने काज. 1000 और सबसे महंगा वाला 2 लाख सबसे महंगा. खरीदना तो 2 लाख जो आप फीचर्स बता रहे हो. ये तो 2 लाख वाले होंगे ना नहीं नहीं 109. वाले में भी आता है तो मेरे को जरा बताओ. आपके दोनों उसमें क्या डिफरेंस है सी 1 खन. वाला जो स्कूटर है वो हमारा फैमिली. प्रोडक्ट है तो उसमें. हमने थोड़ा सा एक्सीलरेशन सॉफ्ट कर दिया. क्यों इनफैक्ट फैमिली प्रोडक्ट में. नहीं चाहिए था कस्टमर म 40 नहीं जाएगा जो.
40 किमी नहीं जाएगा से नहीं जाएगा तो 80. 90 की स्पीड त तुरंत चा सेकंड में हा वो. वो उसमें आई थिंक ऑलमोस्ट 4.7 सेकंड्स. लगेगा बट फिर भी एक्टिवा से फास्ट. गा एक्ट मेरे को बहुत रिस्पेक्ट है बट. मेरे को उससे ही बेंच करूंगा मैं हमेशा. कोई नहीं लीगल नोटिस आपके पास ही. आएगा नहीं फैक्ट है सो स्टोरेज बहुत. ज्यादा है स्कूटर में 36. लीटर उसमें भी वो सिस्टम है जाओ उसमें ही. है वो इनफैक्ट वो महंगे वाले में नहीं है.
क्योंकि फैमिली के हिसाब से बनाया था तो. उसमें वो थेला बना के रखा था हमने जो निकल. जाता है उसमें. मैजिक उसमें और क्या है ऑटो होल्ड का एक. फीचर है वो फीचर बहुत ही प्यारा फीचर है. आप जैसे स्लोप है ठीक. है जैसे जैसे हैदराबाद में काफी होता है. पुणे में काफी होता है आपकी रोड स थोड़ी. स्लोपिंग होती है आप सिग्नल प है और थोड़ा. पीछे गाड़ी पीछे जा रही है आप क्या करोगे. स्कूटर प ब्रेक पकड़ के रखोगे प जरूरत. नहीं है ब्रेक छोड़ दो सिस्टम अपना आप. डिटेक्ट कर लेता है एल्गोरिथम कि आप स्लोप.
पे हो आपकी गाड़ी रोक अपना आप रुक जाएगी. मतलब लड़कियों को पैर से रोकने की जरूरत. नहीं पड़ी करेक्ट हां यस यस यस यस 100%. रिवर्स केयर है ये इशू आपको आया था ल लड़. ब्रेक छोड़ के पैर से एक्चुअली मॉम के साथ. आया था सो दो दो मैं आपको दो दो दो फीचर. बताता हूं जो मैं अपने मॉम के साथ हमेशा. नोटिस करता था ठीक है तो ये तो मेरी खुद. की पर्सनल आस्क थी पहला था रिवर्स ओके मॉम. के पास चेतक था चेतक कब 125 सीसी तो उस पे. कई बार स्कूल छोड़ने जाती थी मुझे अ वो. स्कूटर ना स्कूल पे जहां पे पार्क करते थे.
रेती होती थी हमेशा रोड के एंड में और. थोड़ी ऐसी ढलान वाली होती थी उधर स्कूटर. पार्क कर दिया ना फंस गया अब अगर हल्की सी. भी मतलब थोड़ी बारिश आ गई वो वहां से. स्कूटर निकालना ना रिवर्स करना इतना. दिक्कत वाला काम होता था मुझे याद है मैं. खींच रहा हूं मम्मी खींच रही है काफी. दिक्कत होती थी तो रिवर्स वाज वन ऑ द. फर्स्ट थिंग्स जो मेरे को स्कूटर में. बनवानी थी उस टाइम तो खुद ही डिजाइन करते. थे तो आसान था तो रिवर्स इंट्रोड्यूस किया. आप बैठो एक बटन दबाओ स्कूटर लो स्पीड पे. आराम से फुल पावर के साथ रिवर्स हो जाएगा. आपको उतरने की भी जरूरत नहीं है दूसरा ये. ऑटो होल्ड का था था ये भी मॉम नोटिस कर था. पूरे टाइम उस उचे तक था तो उसम पांव से.
ब्रेक लगाना होता था ठीक है क्योंकि आदत. सबको यही होती थी कि फ्रंट वाला ब्रेक कभी. मत लगाना वो वो वाले स्कूटर्स में लगाया. तो गिर जा होंगे ऐसी ऐसी इमेज थी ये वाला. ब्रेक लगा के रखा है तो अब खाली एक ही. बाउंड जमीन पे है उससे रोकना है इधर ब्रेक. लगा के रखा है बहुत दिक्कत होती थी तो वो. जनरेशन में कंटिन्यू हुआ कि ब्रेक लग रहा. है लेकिन फिर भी पैर से रोका जा रहा है सो. ऑटो होल्ड इसके लिए काफी यूजफुल फीचर है. तो ऐसे काफी फीचर है तो और जो प्रीमियम. वाला उसमें क्या अलग है उसका परफॉर्मेंस. ज्यादा है उसके लुक्स थोड़े ज्यादा. प्रीमियम है फॉर एग्जांपल उसमें हमने सीट.
के नीचे ट्रांसपेरेंट पैनल दिया हुआ है. क्योंकि हमारा क्या है जो स्ट्रक्चर है वो. एलुमिनियम का है कास्ट एलुमिनियम का तो. काफी प्रीमियम लुक्स है उसका मतलब वो इतना. ब्यूटीफुल दिखता है फ्रेम कि हमारी दुकान. में अगर आप. आंगे कोई स्कूटर मैन्युफैक्चर नहीं करेगा. ये क्योंकि कोई दिखाने वाली बात नहीं होती. है स्कूटर अंदर से कैसे दिखता है उसका. ढांचा बड़ा बोरिंग वसा होता है हम हमारे. जो ढांचा है उसको अच्छे से पेडेस्टल पर. रखता है हमेशा ठीक है वो पूरा एलुमिनियम. का फ्रेम क् इतना सुंदर दिखता है तो वो जो. प्रीमियम वेरिएंट है उसमें यू कैन सी द.
फ्रेम क्योंकि हमने कुछ-कुछ प्लाट्स. ट्रांसपेरेंट बना दिया है तो वो एस्पिरेशन. के लिए वो थोड़ा शो ऑफ के लिए है 11 प्र. स्टार्ट होता है वो एकदम यूटिलिटी पे. फोकस्ड बढ़िया फीचर्स गुड वैल्यू तो ये जो. 2 लाख वाला आपका स्कूटर है ये लॉन्ग. डिस्टेंस ट्रेवलिंग के लिए भी है थोड़ा. अगर किसी को ट्रेवल करना हो अ सर्टिफाइड. रेंज आई थिंक स किमी है मेरे ख्याल से बट. यूज बल रेंज आप लगभग मान लीजिए 100 किमी. 9500 100 किमी. टेस्ला की बड़ी चर्चाएं चलती है कि टेस्ला.
फीचर्स के मामले में सबसे इनोवेटिव है. मैंने कहीं आपको कहते हुए सुना कि यार. बनाया तो हमने बहुत पहले था हम बेच नहीं. पाए हा यस कुछ कुछ सॉफ्टवेर फीचर्स थे. वैसे हमने बताया नहीं बेट्स तो दिया जो. बेच दिया पर हमने बताया नहीं बट आपने ये. भी कहा कि जिनको बेचा उनको भी नहीं पता था. कई सारे छ महीने बाद भी यूज नहीं कर काफी. जगह हुआ था ये जैसे एक फीचर था हमारा. आप आपको किसी ने. अगर मैं स्कूटर पे आ रहा हूं तो अब आपने.
लोकेशन पिन ड्रॉप करके किसी को भेज दिया. हां अभी स्कूटर में नेविगेशन है. google2 वो अपने स्कूटर पे यूज ऑलरेडी कर. रहा है ठीक है अ तो बहुत हैवी यूज केस है. बट वो हमने लोकेशन भेजी अब लोकेशन कैसे. डालूंगा स्कूटर में कोई तरीका नहीं है तो. हमने सिंपल फीचर दे दिया वो लोकेशन आप. स्कूटर को फॉरवर्ड कर कर दो बस तब स्कूटर.
स्टार्ट करोगे लोकेशन पॉप अप हो जाएगी. आपको खाली एक्सेप्ट करना है नेविगेशन. स्टार्ट हो गया बड़ा प्यारा फीचर है बहुत. यूजफुल है पर मैं बताया नहीं किसी. को कुछ कुछ लोग को पता चल गया जो लोग. एक्टिव थे फोरम पे थे इधर थे ऑनलाइन थे. हमारे रिलीज नोट्स पढ़ते थे पर हमने खूब. मार्केटिंग नहीं करी और फीचर्स तो है काफी. है तो मतलब सबसे लंबी लिस्ट नहीं है पर. फिर भी लिस्ट तो है तो दुकान में भी बंदा. क्या-क्या बताएगा तो उसने नहीं बताया हम. आपसे पूछते हैं कि वो थर में कौन-कौन से. फीचर है जो आपके इनोवेटिव रहे और जो जिसके.
इनोवेशंस आपने किए और वो पहली बार दुनिया. में पहली बार दुनिया में या मुझे ऑनेस्टली. सोचना पड़ेगा क्योंकि मैं ऐसा कुछ कह. दूंगा जो गलत था फेक्चुअली फि पकड़ लेगा. बट ये तो मुझे ध्यान है इसमें हम काफी आगे. थे चलो इसको रिफ्रेम करते हैं क्वेश्चन. जनरली जनरली आपका जो स्क्रीन जो जो ओके दो. तीन चीज इंडिया में बताता हूं और उससे मैं. आपको ग्लोबल का एग्जांपल दे खीच लूंगा. हमने तो जब मैं अर्ली प्रो टाइप बना रहा. था हमने चेन्नई में कंपनी स्टार्ट करी थी.
2013 की बात है तो उस टाइम में अली हम जो. प्रो टाइप होते थे मेरा काम था वो प्रो. टाइप के ऊपर फीडबैक लाना तो दिन में प्रो. टाइप बनाया और शाम को हमारे ऑफिस के सामने. रखता था टेक पार्क था तो लोगों को दिखाता. रहता था देखो ये स्कूटर ऐसा है कैसा है. कैसा लग रहा है फीडबैक तो राइड करके उसपे. कुछ पैरामीटर मेजर करने के लिए मैंने एक. टैबलेट चिपका दिया था ठीक है एक 7 इंच का. टैबलेट हैंडल बार पे टेप कर दिया था. क्योंकि हम लोग कुछ इंजीनियरिंग पैरामीटर. टेस्ट कर रहे थे तो एक बार मुझे याद है. आके बोला अच्छा इसमें को गाड़ी की तरह.
मतलब एंड मतलब ऐसा कुछ फीचर्स है क्या. मैंने हां बोल दिया देखते हां है है है या. बहुत अच्छा है मुझे उसका टेस्ट राइड कराना. तो हमने क्या किया एक मॉक डिस्प्ले क्रिएट. किया और उसमें googleapis.com. कितना ही दिक्कत होगा कोई ना कोई बनाता. होगा अपने को खाली इंटीग्रेट करना है फिर.
हमें रिलाइज हुआ कि देर इ नो प्रोडक्शन. स्कूटर इन द वर्ल्ड जिसमें डिस्प्ले टच. स्क्रीन डिस्प्ले है एंड दे जीरो इवन टुडे. अपार्ट फ्रॉम थर जिसमें ग मैप्स. इंटीग्रेटेड है तो यह छोड़िए कि और कहां. से लेना है किसी ने बनाया ही नहीं है. जिसको हम एनु फैक्चरिंग में इंटीग्रेट कर. सके तो हमने बोला कि कितनी दिक्कत होगी एक. टैबलेट बनाते हैं टैबलेट बनाते हैं और. टैबलेट को इंटीग्रेट कर हैंडल ब में व्हिच. बिकम अ सिक्स ईयर प्रोजेक्ट बट फ सिक्स.
ईयर प्रोजेक्ट बट हैपन जब हमने उसको. इंट्रोड्यूस किया था 2018 में तो वो पहला. था पहला स्कूटर इंडिया में जिसमें उस टाइप. का टीएफटी डिस्प्ले था पहला टचस्क्रीन. स्कूटर इंडिया में तो फॉर शर पहला स्कूटर. इन द वर्ल्ड टू हैव ग मैप्स ऑन द व्हीकल. तो वो काफी यूजफुल फीचर था. अ उसके बाद में क्या एलुमिनियम फ्रेम जो. हमने बनाया था तो उससे व्हीकल काफी लाइट. वेट हो गया और काफी काफी चीजें पॉसिबल हो. गई जो इलेक्ट्रिक में पहले पॉसिबल नहीं थी. आई थिंक वो भी हमारा सबसे पहला ही था शायद. दुनिया का पहला था स्कूटर्स में अ फिर.
उसके बाद में अगर मैं बोलूं तो इंडिया में. काफी चीजें हमने पहली बार करी थी तो हमने. फास्ट चार्जेस लगाना स्टार्ट किया था तो. हमारी इंडस्ट्री में पहले खाली ये लेड. एसिड की बैटरी यूज होती थी जो कि काफी. दिक्कत वाली बैटरी होती थी छ महीना 9. महीना 12 महीना में खराब हो जाती थी तो. हमने बोला लिथियम एन बैटरी लगाएंगे एंड टू. बी फेयर हम लोग टेस्ला से इंस्पायर थे. क्योंकि टेस्ला तब लिथियम एंड बैटरी प. बहुत सक्सेसफुल हो रहा था उनका मॉडल लांच. हो गया था और टेस्ला फेमस हो रहा था हमने. क हम भी बैटरी लगाएंगे लिथियम एंड बैटरी.
तो पहली लाइन लगाई हमने लिथियम एंड बैटरी. पैक बनाने की अ एंड लिथियम एंड बैटरी पैक. लगाया तो उसके फास्ट चार्जिंग हो सकती है. घंटे बाद में स्कूटर चार्ज हो सकता है तो. हमने फास्ट चार्ज लगाना स्टार्ट किया तो. फास्ट चार्जेस में अभी अभी भी हमारी काफी. अच्छी पकड़ है इंडिया का लार्जेस्ट फास्ट. चार्जिंग नेटवर्क टू व्हीलर्स के लिए थर. का है 00 चार्जेस है और क्या डिस्प्ले हो. गया आपका एलुमिनियम फ्रेम हो गया आपका. दोनों डिस्क ब्रेक हो गए स्कूटर्स में. दोनों जगह डिस्क ब्रेक वाज वेरी अनकॉमन आई. थिंक हमारा पहला ही था इलेक्ट्रिक में तो. एटलीस्ट इंडिया में. ऐसे बहुत सारे फीचर्स होंगे सॉफ्टवेयर.
इनेबल्ड फीचर्स तो बहुत बड़ी लिस्ट है ये. जो मैंने आपको बताया वो स्कूटर स्लोप प. रुक जाएगा उसका एटलीस्ट इस टाइप का. इंप्लीमेंटेशन शायद हमने पहली बार किया था. मेरे को और कोई ध्यान नहीं. है और भी बहुत होंगे यार अब जैसे स्कूटर. हम चलाते हैं स्कूटर में सबसे बड़ी समस्या. जो मैंने देखी है जैसे दिल्ली एनसीआर में. हम रहते हैं छोटे शहर में बारिश हो जाती. है अब बारिश हो गई तो बाइक तो फिर भी खींच. खाच के निकल जाती है हां स्कूटर वाला लटका. रहता है क्यों लटका रहता है सोचिए पानी. फसा रहता है वो क्यों फसता है क्योंकि. उसका एग्जॉस्ट में पानी घुस जाता है हां.
करेक्ट इसमें एग्जॉस्ट नहीं है तो बारिश. और कीचड़ में भी आप खुशी च बाइ से बेटर. रहेगा आपका क्योंकि एग्जॉस्ट नहीं है ना. और बैटरी वाटरप्रूफ मतलब वाटर रेसिस्टेंट. प्रूफ जो भी बोलते हैं उसको पर बेसिकली. पानी बैटरी पानी के अंदर जाएगी कोई दिक्कत. नहीं है ठीक है बट कहीं हमने सुना था शायद. पानी या ब बैटरी तो बैटरी के फटने के. चांसेस भी थे तो उसको डिजाइन इस तरह से. किया कि अंदर जाएगा नहीं पानी तो हम उसको. डिजाइन करते हैं कि लगभग 3 35 फीट की हाइट. तक भी अगर पानी चला गया बैटरी जमीन पे है. 35 फीट तक भी पानी चला गया तो भी आधे घंटे. तक स्कूटर चलता रहेगा 35 फीट और बैटरी.
थोड़ी हाइट प तो मतलब ऑलमोस्ट 4 फीट की. हाइट तक अगर पानी है म सोचिए आप चला रहे. है तो आपकी यहां तक कंधे तक पानी आ गया है. तो भी स्कूटर निकल जाएगा फिर तो आप ही सेफ. नहीं है हां मतलब फिर आप क्या कर रहे हो. मतलब आपको दूसरे प्रॉब्लम से सोचना चाहिए. ठीक है तो पानी में द द मेरे हिसाब से योर. बेस्ट ऑप्शन अगर आप स्कूटर चला रहे हो या. बाइक चला रहे हो इ प्रोबेबली इलेक्ट्रिक. स्कूटर स्पेशली जैसे हमने डिजाइन किया है. ज बैटरी पैक पूरी पूरी एलुमिनियम केस टाइट. केसिंग की है सील्ड है बढ़िया है सब कुछ. इट जस्ट गिव्स यू इतना सारा प्रोटेक्शन. एंड इतना कॉन्फिडेंस कि आप आराम से चला.
नहीं बट पेट्रोल वाला कहता है हमारे में. फटने का डर नहीं है आप में फटने का डर है. सर ऐसे नहीं. फटती क्योंकि एक भी अखबार में एक खबर आती. है एक आर्टिकल भी आता है तो लोगों के. सबकॉन्शियस में रहता है वो डर रहता है और. इलेक्ट्रिक स्कूटर को लेकर ये डर क्योंकि. लास्ट ईयर ही खबरें थी आप बता रहे 2023. में ऐसी बहुते खबरें आई थी जहां पर था कि. भाई स्कूटर फट गया हां तो कहते कि यार. थोड़ा पैसा भले ही जरा खर्चा हो रहा है बट. पेट्रोल वाला कम से कम शांति से चल तो रहा. है या नहीं नहीं ये खाली नई टेक्नोलॉजी का. थोड़ा स्ट्रेस आता है लोगों को बट था का.
रेपुटेशन इसमें काफी सॉलिड है आपकी आपका. स्कूटर फटा कोई आई थिंक मेरे ख्याल से एक. केस शायद हुआ था जो मुझे ध्यान है पर. उसमें क्या हुआ था आदमी का एक्सीडेंट हुआ. था लोग बहुत होशियार है सब ग से निकाल ले. हां निकाल लेना मैं बता रहा हूं मैं खुद. बता रहा हूं एक आदमी था उसका चेन्नई में. एक्सीडेंट हुआ था स्कूटर का तो उसकी बैटरी. क्रैक हो गई थी काफी अच्छा एक्सीडेंट हुआ. था और उसने शायद हमें बताया नहीं था और. उसने हमें स्कूटर बैट क्रैक हो गई मतलब. बैट में खड्डा है ठीक है उसने हमें स्कूटर. रिपेयर में दे दिया ऊपर से कवर लगा हुआ था.
टीम ने वाटर वॉश किया तो पूरा पानी भर. दिया बैटरी में तो उस बैटरी को आग लग गई. थी बट ऑपरेशनल स्कूटर नॉन एक्सीडेंट मुझे. एक्चुअली कोई केस ध्यान नहीं है कोई भी. चलता है स्कूटर आपका नहीं पटा है जहां तक. मुझे ध्यान है नहीं या किसी घर में खड़ा. हुआ नहीं फटा है घर में फटा हुआ बैटरी के. कारण मेरे ख्याल से कभी नहीं दूसरे कोई. इशू हो सकता है आपके मतलब अगर आपकी लाइन. में प्रॉब्लम है ग्राउंडिंग का इशू है. वगैरह वगैरह ब बैटरी काफी सेफ रही है ओके. अ सचिन बंसल हम ये बड़ी खबर आपको लेकर जब. हम लोगों ने पहली बार आपका नाम सुनना या.
शुरू किया बहुत लाइमलाइट मैंने लगा हां. किया था उने हां हां हमने अप्रोच किया था. अप्रोच की स्टोरी भी काफी.
फैसटिकट. [हंसी]. ही बता हूं तो हमारे पैसे तो खत्म थे हमने. कंपनी स्टार्ट करी थी अक्टूबर 2013 में. स्टार्ट करी थी पा ओके लेटस स्टार्ट विद द. स्टार्ट आप आईटीए में हां आईटी मद्रास ओके. या तो फिर वहां से प्लेसमेंट 2012 6 महीना. मैंने काम किया पर काम में ज्यादा कुछ खास. किया नहीं मैंने और तुरंत छोड़ दिया. आईडिया था कि तो एक्चुअली कंपनी स्टार्ट. करने का आइडिया नहीं था मैं कई बार बोलता.
हूं हम तो एक्सीडेंटल एंटरप्र है एंटरप्र. शिप का इतना कोई खास आइडिया नहीं था हमें. एनर्जी में काम करना था एनर्जी स्पेस में. हमारे हिसाब से या एनर्जी इंडस्ट्री हमारे. टाइम में काफी डिस्टर होने वाली है. नेक्स्ट 20 30 50 साल में उसमें कुछ तो. काम करना है एक आईडिया था बैटरी पैक पे तो. हमें लगा यार बैटरी पैक की कंपनी स्टार्ट. कर लेते है बैटरी पैक बनाते इलेक्ट्रिक. वकल कंपनियों को बेचेंगे अच्छा अच्छा. बिजनेस है एंड एनर्जी इंडस्ट्री का पार्ट. बन जाएंगे तो हमने खुद को थर एनर्जी. बुलाया. और आईडिया एक्चुअली ये भी नहीं था कि हम.
लोग कंपनी स्टार्ट करेंगे पहले तो आइडिया. ये था हम लोग बैटरी बैक बनाते हैं और फिर. कहीं जॉइन कर लेंगे अगर टेक्नोलॉजी समझ. में आ गई तो हम लोग जब आईआईटी में थे तो. हम लोग काफी इंजीनियरिंग काम करते थे मतलब. आई थिंक हम लोग ग्रेजुएट हो उसके पहले छह. पेटेंट फाइल कर चुके थे तो ये आईडिया था. तो हम लोग गए वापस कॉलेज हम लोग बिजनेस. नहीं स्टार्ट किए हम लोग कॉलेज गए और. प्रोफेसर को समझाया कि देखो आप लोग जनरली. आईटी में बहुत निराश होते हो कि यार इतना. पढ़ाया देश ने इतना पैसा द तुम लोग के पास. तुम लोग सब साले मै केंसी चले गए या फिर. बैंक चले गए या फिर आईम भाग गए हम लोग.
नहीं जा रहे ठीक है हम हमें एक्चुअली. इंजीनियरिंग अभी भी करनी है बट जो जॉब है. उसमें तो शायद हम इंजीनियरिंग करेंगे नहीं. और पक्का दो साल में मैं कैट लिख रहा हूं. तो आप कैसे हेल्प करेंगे आपको इतनी इतना. निराश होते हो तो हेल्प कर दो कुछ तो बोला. कि काम करो अगर तुम इंजीनियरिंग करना. चाहते हो तो वापस आ जाओ कैंपस कॉलेज आ जाओ. जो बनाना है बनाओ हम लोग तुम्हें एक्सेस. दे देंगे लैब का डिपार्टमेंट का और कुछ एक. बेसिक एंप्लॉयमेंट दे देंगे 1015 हज महीने. का टू टू डू समथिंग ताकि तुम्हारी कुछ.
जस्ट बेसिक खाना पीना चलता रहे और जो करना. है करो तो बेस्ट है यार तो हम लोग वो चेक. करने 15000 की सैलरी ली थोड़ा उसका साइड. में काम कर लिया और पूरा दिन हम लोग. डिपार्टमेंट में ही रहते थे वहां पे ही. नहाते थे वहां पे ही अपने कपड़े रखते थे. वहां पे ही सोते थे एक साल ये किया एक साल. कहते-कहते वो बैटरी जो बनानी है वो समझ. में आ गई और ये समझ में आ गया कि. अपॉर्चुनिटी है इलेक्ट्रिक व्हीकल आप आप. और सोनल मैं और सपन मेरा कोफाउंडर ठीक है. तो हम दोनों सेम डिपार्टमेंट से थे तो सेम. ही साथ में गए और उसी लैब में थे तो बैटरी.
बनाते बनाते बनाते बनाते बनाते रिलाइज हुआ. कि साला बैटरी तो किसी को बेच नहीं पाएंगे. शायद हम अ व्हीकल बनाना पड़ेगा पूरा. क्योंकि कोई कंपनी नहीं है जो इलेक्ट्रिक. व्हीकल बनाना चाहती है तो इलेक्ट्रिक. व्हीकल हमें ही बनाना पड़ेगा नहीं तो. हमारी बैटरी नहीं बिकेगी तो हम सर. इलेक्ट्रिक व्हीकल की कंपनी स्टार्ट करते. कितना ही दिक्कत होगा बैटरी बना ली तो ऊपर. एक ढांचा लगा के स्कूटर तो बन ही जाएगा. सुपर्ब तो वो गलत ही था ओबवियसली थॉट बट. अच्छा हमें ज्यादा पता नहीं था उस टाइम तो. वहां से स्टार्ट हुआ अक्टूबर 2013 में. हमने डिसाइड कि कंपनी स्टार्ट करते इसकी. इनक्यूबेशन लिया वहां पे वहां प कंपनी.
स्टार्ट करी थोड़ा ये सब काम किया बेसिक. प्रोड बनाना स्टार्ट किया थोड़ा सा फंडिंग. रेज किया थोड़ा फैमिली से पैसा लिया 50 60. लाख डाले वो तो खत्म हो गए एक साल में. सितंबर 2014 तक हमारे पैसे खत्म थे थोड़ा. और लोन लिया पापा से वगैरह दोनों ने. अक्टूबर त खींचा अक्टूबर में समझ में आ. गया था कि देखो सारा पैसा खत्म हो चुका है. लोन भी ले चुके वो भी सब खत्म हो चुका है. अब कंपनी बंद करनी है ठीक है एक साल ट्राई. कर लिया अच्छा एक्सपेरिमेंट था बट गलत हो. गया ये तब मैं बहुत डिस्परेयूनिया.
@ flipkart.com यह ट्राई किया और उसमें.
मेल भेज दिया ऐसे काफी लोगों को मेल भेजा. तो मेरे को याद है मैंने रात को शाम को. मेल भेजा होगा और 4 घंटे में रात को 11:00. बजे उनका रिप्लाई आ गया और दिस वेरी गुड. लेट मी नो इफ यू आर एवर इन बैंगलोर कैसे. हेल्प कर सकता हूं आई एम देयर टुमारो सो. मैं तो कल आ जाऊंगा आई एम देयर टुमारो ठीक. है बस पकड़ी अगले दिन चेन्नई से बैंगलोर. एंड वो मिले और वो सो मेरा एक्चुअली पॉइंट. ये भी नहीं था कि मैं फंडिंग पूछा था मुझे. लगा कि ंप फंडिंग कहां से मिलेगी बट आप. किसी इन्वेस्टर से कनेक्ट करा दो यार कहीं.
कुछ मतलब कोई मीटिंग नहीं देता हमें तो. बहुत दिक्कत है तो अ उन्हें अच्छा लगा आई. थिंक द जो प्लेस हम जहां पे कनेक्ट हुए हम. लोग हमेशा काफी ज्यादा बड़ा सोचते थे तो. हमारा पॉइंट ये कंपनी स्टार्ट करने का ये. नहीं था हमें इलेक्ट्रिक स्कूटर बनाना है. हमारा पॉइंट ये था कि दो पॉइंट थे एक तो. एनर्जी का पॉइंट था कि यार हमें 50 70 साल. में ना एक ऐसी कंपनी स्टार्ट करनी है जो. एनर्जी का जो एनर्जी इंडस्ट्री में कॉस्ट. कम कर पाएगी लिटरली कंपनी का मिशन लिखा था. रिड्यूस द कॉस्ट ऑफ एनर्जी ठीक है तो काफी.
बड़ा सोच ठीक है उसमें बहुत बड़े-बड़े. मैंने डॉक्यूमेंट लिखे हुए थे हैं दूसरा. यह था कि यार जो कंपनी बनाएंगे ना जो. ब्रांड होगा वो प्रोडक्ट ब्रांड होगा लाइक. कचर बिल्ड करना पड़ेगा हमें वैसा ब्रांड. बनाना है तो ब्रांड बनाना है उतना 50 70.
साल में वैसी एनर्जी कंपनी बनानी है आई. थंक यहां पर कनेक्ट काफी अच्छा हुआ. क्योंकि ओबवियसली सचिन मिनी उस टाइप के. लोग है जिन्होंने पूरी इंडस्ट्री क्रिएट. कर दी ई कमर्स की राट तो खाली ये सोच के. नहीं क्रिएट करी ये करेंगे डिस्काउंट. करेंगे ये करेंगे फंडरेज करेंगे वो काफी. बड़ा सोच के करी थी तो आई थिंक वो जो थॉट. प्रोसेस था कि इतना बड़ा सोचने का वहां पर. कि कनेक्ट हो गया फिर तीन चार महीने बाद. में वापस पहुंचा मैं तब तो पैसे एक्चुअली. खत्म हो चुके थे तो उनसे मैंने बोला कि. उनसे उन्होने वापस मीटिंग का स्लॉट दिया. तो उन्होंने पूछा अच्छा क्या हो रहा है. फंडिंग का मैंने कहा बहुत खराब चल रहा है.
अभी तक ₹ लाख का कमिटमेंट आया ठीक है 6. लाख उसने कितने चाहिए तुम्हें मैंने कहा 6. करोड़ चाहिए तो मेरे ख्याल से तो बोला कि. तो क्या करेगा आप कुछ हेल्प कर दो आप थोड़. 20 लाख र डाल दो तो बोलते हैं सोचते हैं. फिर वो हंस रहे थे मेरे ख्याल से मेरे को. बाद में रिलाइज हुआ फिर बोलते हैं अच्छा. या मैं हेल्प तो कर सकता हूं एक कंडीशन है. बो हां बोलो बोलो या जो भी बोलो कम नहीं. ले लेना पैसे डाल दो आप कैसे भी मैं तो मन. में ये सोच रहा हूं यार वो मैं डाल दूंगा. बट पूरे 6 करोड़ मैं. डालूंगा सचिन आपको समझ में आ रहा है मेरे.
पास इन्वेस्टर नहीं है आप डाल दो पूरे 6. करोड़ ये कंडीशन तो नहीं होती है ये तो जो. मैं मांग रहा हूं वो हां बोल रहा हू हां. तो फिर मैं साइन करूंगा कहां साइन सो. एक्चुअली मुको बाद मेंज हुआ कि ही वांटेड. टू सपोर्ट वो चाहते थे कि इस टाइप की. कंपनी स्टार्ट हो वो चाहते थे कि तपन इतना. बड़ा सोचे मुझे ये नहीं पता उन्होंने पैसे. के लिए किया इन्वेस्टमेंट के लिए किया बट. ये तो मुझे जरूर यकीन है कि उन्होंने किया. इसके लिए इस चीज के लिए जरूर किया कि यार. टाइप का एंबिशन यंग एंटरप्र को होना.
पड़ेगा नहीं तो खाली वही चीजों में पैसा. जा रहा है जो वीसी चाहता है वीसी बोलता है. ई-कॉमर्स इंटरेस्टिंग है उसमें पैसा लता. है वीसी बोलता है क्विक कॉमर्स. इंटरेस्टिंग है उसमें पैसा ल जाता है वीसी. बोलेंगे सस बिजनेसेस इंटरेस्टिंग है. सॉफ्टवेयर बिजनेस इंटरेस्टिंग है उसमें. पैसा ल जाएगा कौन वीसी बोल रहा है इंडिया. में कि नहीं नहीं ईवी कंपनी स्टार्ट करो. यार 2014 में कोई नहीं बोल रहा तो पैसा. जाएगा ही नहीं ढंग के ऑन तोपर आएंगे ही. नहीं इसके लिए उन्होंने पहले पैसा गा और. और उसके बाद फिर हम लोग लगे रहे बनाते रहे. और पहला ब्रांड बिल्ड होना स्टार्ट हुआ. बड़ा नहीं था पर जिसने भी एक्सपीरियंस. किया था 2018 तक वो काफी डीप एक्सपीरियंस.
था मतलब मतलब हम लोग अगर कस्टमर्स को. बुलाते थे और व्हीकल बेचा नहीं हमने अभी. तक व्हीकल नहीं बेचा है 18 तक हम लोग ऐसी. इवेंट कॉल करते थे ऑफिस में हम लोग उसको. ओपन हाउस बुलाते थे कि हम से जाके मिलो. ठीक है आओ मिलो हम लोग बताएंगे हम लोग. सोचते कैसे है ठीक है मैं आपको मजाक नहीं. कर रहा हूं 150 लोग आ जाते थे सैटरडे को. छछ सात सात घंटा बैठते थे ठीक है. वो प्रोडक्ट कब खरीदेंगे भगवान जाने है. ठीक है वो लाक तुम लोग बताओ क्या बना रहे.
हो यार मतलब ये तो बहुत ही गजब है मतलब वी. वां बी पार्ट ऑफ दिस जॉब नहीं लेना है वी. जस्ट वांट टू सपोर्ट हमको खाली सपोर्ट. करना है इस टाइप की चीज का तो आई थिंक ये. जो स्टार्टिंग में जो जिस तरह से हम जिस. डायरेक्शन में जा रहे थे ये डायरेक्शन. शायद उनको बहुत अच्छी लगी एंड तो जब. उन्होंने. ठीक ठ इस तरह से आ है सो उनके पैसे सब तो.
से नहीं उन्होंने तो थोड़ा एग्जिट भी ले. लिया बाद में क्योंकि फिर उनकी खुद की. कंपनी उन्होंने दूसरा बिजनेस स्टार्ट कर. दिया था बट हां उनका अगर वो उस टाइम पे. पैसा नहीं डालते पहला 6 करोड़ और बाद में. 400 करोड़ तो थर दो-तीन बार तो मर चुका था. पक्का मतलब मेरे पास नेगोशिएशन एबिलिटी. नहीं थी मैं ऐसे नेगोशिएट नहीं कर सकता था. वो तो हां मतलब बैगर्स कांट बी चूज टोटल. बैगर्स मतलब एक्सट्रीम बैगर्स तो सजन एक. तरीके से हमारे लिए तो कोफाउंडर ही हो गए. सुपर्ब सुपर्ब तो तरुण सोपल और उसके बाद. सचिन को भी हम जोड़ सकते हैं जोड़.
सकते सुपर्ब सुपर्ब तो कॉलेज के जो आपके. टीचर्स थे प्रोफेसर्स थे अभी दे हैप्पी कि. आप लोगों ने अच्छा किया बिकॉज बीटेक वालों. का इशू है कि वो इंजीनियरिंग छोड़ के बाकी. सब कर लेते हैं लाइफ करेक्ट सो दो तीन. प्रोफेसर्स थे प्रोफेसर आरके के थे. डिपार्टमेंट में प्रोफेसर संदीपन थे है. दोनों अभी भी एंड आई होप दे आर हैप्पी. क्योंकि अगर वो चाहते तो हम इंजीनियरिंग. करें तो थर टुडे रंस वन ऑफ द लार्ज र्स्ट. आर एनडी इन द वर्ल्ड हम इलेक्ट्रिक टू. व्हीलर्स में वन ऑफ द लार्जेस्ट पॉसिबली द.
लार्जेस्ट बट एकदम फैक्चर फिगर्स मेरे पास. है नहीं पर जो मेरे को जहां तक समझ में. आया इट इज वन ऑफ द लार्जेस्ट इन द वर्ल्ड. अ आई होप दे आर हैप्पी अगर इंजीनियरिंग से. कई किसी कंपनी को बिल्ड करना है. इंजीनियरिंग के स्ट्रेंथ प किसी कंपनी को. बिल्ड करना है तो आई थिंक वो हमने कल्चरल. किया है ओके प्रधानमंत्री मोदी से भी आपकी. मुलाकात हुई थी आप फ्रांस गए थे मैं जब. इंडिया में कुछ भी देखता हूं तो नजर आता. है यहां पर इन्वेस्टर समिट हुई है जहां पर. विदेश से चार कंपनियां आई है उनके सीईओ को.
हम बुला रहे हैं और हम कह रहे हैं कि भाई. सुनो हमारे स्टेट में तुम इन्वेस्टमेंट कर. दो हम तुमको ये ये ये फैसिलिटी देंगे. करेक्ट पीएम कहीं बाहर जाते हैं हर बड़ी. कंपनी के सीईओ आते हैं लोग कहते हैं और उस. साइन होता है फिर हम यहां आते हैं और कहते. हैं यय कंपनी हम में इंटरेस्टेड. है आप भी गए थे यहां से पीएम के साथ. फ्रांस वैसे वर्सा हुआ था या जो हम कहानी. सुना रहे यही चली थी येय पूरी उल्टी हो गई. वहां पे स्टोरी सो एक्चुअली काफी लोगों को. अभी तक शायद समझ नहीं आया है इनफैक्ट मेरे.
लगता है पॉलिसी सर्कल्स में भी काफी लोगों. को अब धीधी समझ में आने लगा. है इलेक्ट्रिक टू व्हीलर्स एंड थ्री. व्हीलर्स भी इंक्लूड कर दीजिए पर टू. व्हीलर्स तो फॉर शर इंडिया का जो. टेक्नोलॉजी एज अब बन चुका है लास्ट पाछ. साल में वह काफी ज्यादा स्ट्रांग है आज की. तारीख में दुनिया का सबसे सोफिस्टिकेटेड. मार्केट एंड द मोस्ट कटिंग एज मार्केट. इलेक्ट्रिक स्कूटर और मोटरसाइकिल्स के लिए. इंडिया एंड आई एम नॉट सेइंग जनरली अपने.
पास आबादी है तो सेल्स काफी होती है बट. अपने टेक्नोलॉजी नहीं बनती टेक्नोलॉजी. कहां बनेगी जापान में बनेगी टेक्नोलॉजी. कहां बनेगी साउथ कोरिया में बनेगी या. यूरोप में बनेगी जर्मनी में बनेगी. ऑस्ट्रेलिया में बनेगी और फिर वो अपनी. इंडियन कंपनी क्या हमेशा एक जॉइंट वेंचर. ढूंढती रहती है मतलब द बिग अनाउंसमेंट बिग. सक्सेस हमको जॉइंट वेंचर पार्टनर मिल गया. ये जॉइंट वेंचर पार्टनर टेक्नोलॉजी देगा. हमें हम इंडिया में उसको बनाएंगे चच इज. गुड इंडिया में मैन्युफैक्चरिंग तो हमें. चाहिए ही वो तो कोई क्वेश्चन ही नहीं है. बट आप एक लास्ट इंस्टेंस याद कीजिए मुझे. तो कोविड याद आ गया कोविड कैसे हमने दवा.
भी ऐसे ही बनाई थी हां करेक्ट यस राइट एंड. वो वो सब अच्छी बात है बट कौन सा इंस्टेंस. आपको ध्यान होगा जहां पे इंडियन कंपनी के. पास टेक्नोलॉजी है एंड बाहर के प्लेयर्स. को टेक्नोलॉजी की जरूरत है वो हमारे से. जॉइंट वेंचर करना चाहता है या तुम्हारी. टेक्नोलॉजी मिलेगी जब आप फ्रांस गए थे तो. आपसे वहां के लोगों ने कहा कि अपनी. टेक्नोलॉजी शेयर करो हमारे साथ सो हमारा. पिच ये था कि देखो आपके मार्केट से हमें. टेक तो चाहिए. नहीं अगर हमारा प्रोडक्ट अगर अगर हम. प्रोडक्ट हम यूरोप में लाते हैं तो हम.
फ्रांस को हब बना सकते हैं फ्रांस कैन बी. द हब जहां से हम प्रोडक्ट बना के आपके. बाकी यूरोपियन मार्केट्स में बेचेंगे इसके. लिए आप क्या देंगे हमें अगर ये हब बनाना. है तो ठीक है मतलब आप चार्जिंग स्टैंडर्ड. लो हमारा जो चार्जिंग स्टैंडर्ड में जो अब. इंडियन स्टैंडर्ड बन रहा है यह स्टैंडर्ड. अगर फ्रांस एक्सेप्ट. करेगा हमारे जो सेफ्टी प्रोटोकॉल्स जो हम. यहां पर लगा रहे हैं वो प्रोटोकॉल्स अगर. आप एक्सेप्ट करोगे तो हम यहां पे बैटरी. बनाएंगे तो हम यहां पे चार्जिंग स्टेशन. बनाएंगे और फिर हम यहां पे लोकल सप्लायर. इको सिस्टम को क्रिएट होने में इन्वेस्ट.
[संगीत]. करेंगे ये ये एक्चुअली एक बहुत ही रेयर. सिचुएशन है कि इंडिया में कोई स्टैंडर्ड. बन रहा है एंड एक्चुअली मैं आपको बता रहा. हूं मैं तो कल भी किसी एक थिंक टैंक को. मिला था लोगों को अभी भी समझ नहीं आ रहा. है कि ये सिचुएशन को हैंडल कैसे करें. एक्सेप्ट करने में थोड़ा वो लग रहा है कि. अरे मैं बोल रहा हमें अपने को इंडिया में. एक्सेप्ट करने में दिक्कत हो रही है. क्योंकि द स्टैंडर्ड पॉलिसी फ्रेमवर्क. क्या होता है कि यार ये बताओ टेक्नोलॉजी. बाहर टेक्नोलॉजी बाहर की यहां पे कैसे लाए. बाहर के स्टैंडर्ड्स और प्रोटोकॉल्स लो.
कॉस्ट पे यहां पे कैसे लाए बो कि यार ये. हमारे सेक्टर में ना एंड ओबवियसली मैं. बोलूंगा कि हमने बहुत अच्छा काम किया बट. मैं बोल रहा हूं आज की तारीख में हमारी. पूरी इंडस्ट्री बहुत अच्छा काम कर रही है. आपके पास एक्चुअली ये सिचुएशन हो गया है. कि जब हमारे प्रोडक्ट एक्सपोर्ट होने. स्टार्ट हो रहे हैं हमने अभी एक्सपोर्ट. स्टार्ट कर दिया और बाकी सब करेंगे. नेक्स्ट 10 साल में हमारे ब्यूरोक्रेट्स. को दूसरी कंट्रीज के नेगोशिएट करना पड़ेगा. कि अगर आपको ये वाले प्रोडक्ट चाहिए तो. आपके स्टैंडर्ड इंडियन स्टैंडर्ड्स होंगे. आप हमारे इंडियन स्टैंडर्ड्स को पहले. अडॉप्ट करो जब तक वो आपके स्टैंडर्ड्स. कंप्ला नहीं होंगे इंडिया से तब तक ये.
प्रोडक्ट हम देंगे नहीं आपको तब तक हम. चार्जिंग स्टेशन नहीं लगाएंगे तब तक हम. हमारी बैटरी मैन्युफैक्चरिंग नहीं लगाएंगे. ये बहुत मुश्किल हमारे सेफ्टी प्रोटोकॉल्स. एक्सेप्ट करो हमारे कम्युनिकेशन. प्रोटोकॉल्स एक्सेप्ट करो हमारे सॉफ्टवेयर. स्टैंडर्ड्स लगाओ तब ये प्रोडक्ट्स आपके. यहां पे हम पूरा इकोसिस्टम क्रिएट करेंगे. जापान क्या करता है मेरे को एक किसी ने. बहुत ब्यूटीफुल एग्जांपल दिया था जापान. खाली आपको बुलेट ट्रेन का लोन नहीं देता. है वो बुलेट ट्रेन के लोन के साथ बुलेट. ट्रेन उसका सप्लाई इकोसिस्टम उसका स्टील. भी जापान से. आएगा पूरा का पूरा इकोसिस्टम एक्सपोर्ट.
होता है आई थिंक इलेक्ट्रिक टूल्स में. अपने पास वो अपॉर्चुनिटी है क्योंकि आप. चाइना में टिपिकली इलेक्ट्रिक स्कूटर. कंपनी देखेंगे 50 60 100 लोग आर एंडडी में. होंगे इंडियन इलेक्ट्रिक स्कूटर कंपनियां. देखेंगे आप इथर में देखिए ऑलमोस्ट 800 हज. लोग है वी जस्ट आउट स्पेंडिंग द रेस्ट ऑफ. द वर्ल्ड जस्ट लिटरली वी आउट स्पेंडिंग. नॉट जस्ट आउट. मैनिंग इतना काम होने के बाद एंड इसके लिए. अब आप इंक्रीजिंगली अब आप जब देखेंगे. प्रोडक्ट्स का जो इवोल्यूशन है एंड जितना. एडवांसमेंट हो चुका है वी विल बी वी आर.
ऑलरेडी एट द कटिंग एज मतलब मेरे लिए जो इस. पूरी कन्वर्सेशन में एक बात जो अडॉप्ट. करना थोड़ा सा मुश्किल हो रहा है वही हो. रहा है हम टेस्ला की बात करते हैं कि. टेस्ला इंडिया में कब आएगी या और उनकी. शर्तें होती हैं वो अभी कह रहे हैं कि आप. हमारी सारी शर्तें नहीं मान रहे मार्केट. सही नहीं है एल का हमारे इंडिया में शोरूम. खुला हम पागल हो गए थे कि अब हमारे यहां. मैन्युफैक्चर होगा और ये होगा वो होगा. सस्ते मिलेंगे थोड़ा आप कह रहे हो कि आप. फ्रांस में जाकर यही काम आप कर रहे हो अरे. ये जो ये दोनों कंपनियां इंडिया में कर. रही है ये कॉमन हो जाएगा हमारे स्पेस में.
मैं आपको मजाक नहीं कर रहा हूं अगर आप एक. टैलेंट हो आपको लाइट इलेक्ट्रिक व्हीकल्स. पे काम करना है टू व्हीलर या थ्री व्हीलर. पे ग्लोबली कहीं भी ऑलरेडी आपको इंडिया. मूव होना पड़ेगा अगर आपको बेस्ट आर एडी. में काम करना है आपको इंडिया मूव होना ही. पड़ेगा आपको मोस्ट कटिंग एज डिजाइंस पे. काम करना है प्रोडक्ट्स पे काम करना है. कंसेप्ट पे काम करना आपको इंडिया आना. पड़ेगा क्योंकि सारा हब तो यहां पे है. नहीं इंडियन स्कूटर्स का जलवा रहा है. ऑलरेडी दुनिया में पर मैं बोला बट यहां. हां बट इलेक्ट्रिक स्कूटर का भी जलवा वैसे. ही होगा ये खाली वैसा नहीं होगा बहुत.
ज्यादा होगा क्योंकि अपने जो स्कूटर और. बाइक जो इंडिया से एक्सपोर्ट होता है आज. की तारीख में पेट्रोल वाले वहां पे अपने. लीडिंग प्रोडक्ट नहीं होते अपन जनरली. वैल्यू प्रोडक्ट्स होते हैं जो जो जो. थोड़े बजट इकोनॉमिकल प्रोडक्ट्स होते हैं. वो इंडिया बहुत अच्छे से क्रैक करता है बट. अपना वैल्यू शेयर बहुत कम है क्योंकि जो. जो प्रीमियम है वो तो अभी भी. तो और इंडियन कंपनीज का आज ज जैसा हम थर.
में जितना हमने काम किया है अब इसका इसको. रेप्ट करने में बाकी लोग को पाच सा साल. लगेंगे अगर वो इतना इन्वेस्टमेंट करेंगे. जितना थर में हमने डाला है उतना डालेंगे. तब पहुंचेंगे कहां से पहुंच पाएंगे तो. मानी आसान शब्दों में कहूं तो जो काम. मोबाइल के लिए एल कर रहा है हां लीड कर. रहा है कि हम ये लाए ये फीचर हमारा है. दो-तीन साल बाद बाकी सब फॉलो करते हैं कर. वो काम आप इलेक्ट्रिक टू व्हीलर में कर. रहे हो हां जैसे जैसे हमने करने की. इंटेंशन रख रहे हो नहीं वैसे ही एक्चुअली. हमने एक चार्ट बनाया था ऑलमोस्ट सारे फीचर. आप इंडिया मार्केट में देखेंगे तो कितने.
सारे अनोख फीचर्स पहले हमारे प्रोडक्ट्स. में स्टार्ट होते हैं फिर मार्केट में. दो-तीन साल में रिप्लिकेट हो जाता है एंड. ये सिचुएशन पूरे ग्लोबल मार्केट के लिए. होगा पहले इंडिया में सारे प्रोडक्ट्स. फीचर्स आएंगे फिर दूसरे ग्लोबल मार्केट्स. में जाएंगे ये इनएविटेबल है सुपर्ब अब अगर. हम लोगों के पॉइंट ऑफ व्यू से बात करें ये. तो हो गया देश की बात हो गई कि इंडिया का. नाम रोशन हो रहा है आपने इनोवेशंस कि आप. खुश हो सब कुछ है बट अल्टीमेटली आदमी पैसा. खर्चा कर रहा है उसकी अपनी एक्सपेक्टशंस. है आपका स्कूटर खरीदने का उसको आम आदमी को. क्या फायदा होगा एथ का प्रोडक्ट आपके लिए. अपग्रेड रहेगा हर तरीके से अ आपकी राइडिंग.
क्वालिटी में आपके फीचर्स में अ और आपके. ओवरऑल ईवी एक्सपीरियंस में अ एंड अगेन. इसको मैं एक्सप्लेन कैसे करूं मैं दो तीन. बार ट्राई कर चुका हूं आपके साथ अभी तक. मैं वापस वही वापस वही स्टोरी सुनाऊंगा. आपको अगेन क्वालिटी अगेन जस्ट ओवरऑल. इंटरेक्शन प्रोडक्ट के हर पार्ट के साथ जो. पूरा इकोसिस्टम सोच के बनाया है जिसे मैं. आपको हेलमेट का एग्जांपल दिया वो हेलमेट. के एग्जांपल में आपको इधर कोई बटन दबाने. की जरत नहीं पड़ पूरा इंटीग्रेटेड स्कूटर. के साथ हुआ हुआ है तो आप मतलब थर को जितना.
आपकी बात से मैं समझ पा रहा हूं यह सिर्फ. एक टूल नहीं है ड्राइव करके यहां से व. जाने के लिए जैसे मोबाइल फोन आए थे मोबाइल. फोन का बेसिक पर्पस था फोन पर बात करना. करेक्ट बट आज शायद सबसे कम वो होता है. उसके. अलावा कर करेक्ट तो एक्चुअली हमारे फीचर्स. में देखते हैं फॉर एग्जांपल जो मैंने ऑटो. वाला फीचर बताया आपको राट ज ब्रेक लगाना. पड़ता वो हमारा एवरेज स्कूटर दिन में आई. थिंक कुछ 10 से 12 बार एक्टिवेट करता है. आप सोचिए जो आदमी 10 से 12 बार दिन में. ऑटो होल्ड यूज कर रहा है ट्रैफिक में अगर.
थर से बाहर निकल के कुछ और यूज करना. स्टार्ट करेगा वो तो थक जाएगा यार ये क्या. एक्सपीरियंस है मेरे को बारबार ब्रेक. लगाना पड़ रहा है अभी हमने एक और फीचर. इंट्रोड्यूस किया था उसको मैजिक टस बुलाते. हैं हम लोग उसमें आपको फिजिकल ब्रेक लगाने. की जरूरत नहीं. है थ्रोटल ऐसे करेंगे तो एक्सलरेट होता है. ऐसे करेंगे तो फुल ब्रेक लग जाएगा तो. सिंगल हैंड राइडिंग सुपर अब ऐसे चला सकते. है बस पहले हमने इसको सोचा ये परफॉर्मेंस. फीचर है फिर हम रिलाइज हुआ परफॉर्मेंस तो. ठीक है एक्चुअली तो बहुत कन्वेनिएंट फीचर. है ना मतलब को ये भी करने की जरूरत नहीं.
है इतना. कॉम्प्लेक्टेड से कर दिया तो ये सब जो. फाइनल टच पॉइंट्स है ना हमारे हिसाब से आप. एक बार थर यूज कर लेंगे उसके बाद आप थर से. बाहर तो नहीं जा रहा ठीक है एथल बट थर अभी. आपको स्कूटर दे रहा है अभी स्कूटर अब मेरे. दिमाग में क्वेश्चन आता है कि मैं क्यों. ना इलेक्ट्रिक बाइक खरीद लूं या क्यों ना.
इलेक्ट्रिक कार खरीद लूं नहीं नहीं अगर. कार खरीदनी है तो आपको कार शायद खरीदनी. पड़ेगी हमारा ऑप्शन नहीं है अ बाइक. एक्चुअली बाइक में दिक्कत ये है कि आज की. तारीख में इलेक्ट्रिक बाइक ज्यादा है नहीं. इंडिया में हम इलेक्ट्रिक बाइक का सेल भी. बहुत कम है स्कूट के कंपेरिजन. में क्यों अगर आप रीजन पूछे तो मेरे ख्याल. से सही प्रोडक्ट अभी तक बनानी है हमने भी. अभी तक इलेक्ट्रिक बाइक लांच नहीं करी. हमारे कंपीटीटर्स ने भी ज्यादातर नहीं लंच. करी है आई थिंक इसका मार्केट अभी भी फ हो. रहा है मेरे हिसाब से नेक्स्ट 2 साल में. काफी प्रोडक्ट्स आएंगे एंड अगर हम न साल.
बाद में वापस अगर यहां कहीं बैठे तो आपको. मोटरसाइकिल उसी सिचुएशन में दिखेगी जहां. पे आज स्कूटर्स है जहां पे 10 15 20 पर. इलेक्ट्रिफिकेशन स्टार्ट हो गया होगा तो. मोटरसाइकिल्स में थोड़ा पीछे से स्टार्ट. हो रहा है हम स्कूटर्स इसमें थोड़ा लीड. ज्यादा है क्योंकि पहले प्रोडक्ट्स आए. फैमिलियरिटी ज्यादा बिल्ड हो गया उसके. फीचर सेट सही बन गए इनफ पोर्टफोलियो इनफ. कंपटीशन आ गया मोटरसाइकिल्स में ये सब अब. स्टार्ट होने ने वाला है अभी तक आया नहीं. है तो अगर आपको मोटरसाइकिल खरीदनी आपके. ऑप्शंस थोड़े कम है आज की तारीख में.
इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल अर एनर्जी के दिमाग. में है ये भी ऑप्शन हां हां ओबवियसली आई. थिंक इंडिया में 60 पर ऑफ द टू व्हीलर्स. आर मोटरसाइकिल अब मोटरसाइकिल्स को. इलेक्ट्रिफाई करे बिना मार्केट को. इलेक्ट्रिफाई नहीं कर सकते कोई गुंजाइश ही. नहीं है तो हमें बनाना है बट मेरे हिसाब. से अभी तक सही प्रोडक्ट नहीं बनाया जो. मार्केट को चाहिए उसको क्रैक करने के लिए. शायद एक दो साल और लगेंगे आप आपकी बातों. में मुझे बार-बार मेक इन इंडिया मेक इन. इंडिया नजर आ रहा है गवर्नमेंट भी सेम चीज. कहती है मेक इन इंडिया मेक इन इंडिया आप. कह रहे हो 2012 से आपने सोचना शुरू कर. दिया था तब उस टाइम तो मोदी जी भी नहीं थे.
उसके पहले से आपने मेक इन इंडिया कांसेप्ट. शुरू किया था आप मोदी जी के साथ फ्रांस भी. गए सरकार हेल्प कर रही है आप लोग की आई. थिंक सरकार की सबसे बड़ी हेल्प यह रही है. सेक्टर के लिए कि उन्होंने काफी पॉजिटिव. औरा बनाया इलेक्ट्रिक के लिए हम सी अगर आप. यूं सोचे. 2000 1819 तक इलेक्ट्रिक पे काफी नेगेटिव. सेंटीमेंट था क्योंकि जो पहले इलेक्ट्रिक. वही आए थे इंडिया में जो मोस्टली चाइना से. आए थे या एकाद लोकल थे उनका परफॉर्मेंस.
काफी कम था उनकी क्वालिटी काफी पुअर थी तो. एक जनरल पब्लिक परसेप्शन य था यार. इलेक्ट्रिक स्कूटर वगैरह सब खेल की खेले. टॉयज है वो कोई प्रैक्टिकल प्रोडक्ट हो. नहीं है इसे अगर हमें बदलना. होता तो बाय गॉड बहुत दिक्कत होती क्योंकि. पूरा इतनी बड़ी आबादी का माइंडसेट चेंज. करने में 10 15 20 साल लग सकता है आई थिंक. स्टार्टिंग राइट फ्रॉम द टॉप प्रधानमंत्री. से लेके प्रधानमंत्री जी से लेके सारे. कैबिनेट मिनिस्टर्स इतना बढ़िया फोकस लाए.
हैं अपने पब्लिक कन्वर्सेशन में कि या ईवी. प्रोग्रेस अगर हम इलेक्ट्रिक व्हीकल खरीदे. और बनाए तो यह प्रोग्रेस है यह जो. एसोसिएशन हुआ है इलेक्ट्रिक व्हीकल्स का. प्रोग्रेस का आई थ यह बहुत पॉजिटिव है एंड. ये ऑनेस्टली पॉलिटिशियन. का मिनिस्टर्स जो कर सकते जिस स्टेज पर कर. सकते हैं और कोई नहीं कर सकता हम. मार्केटिंग में कितना भी पैसा डाल दे हम. नहीं वो उस टाइप का इमेज क्रिएट कर सकते. इस इस केस में पॉलिटिशियन बहुत ऑथेंटिक. लने गडकरी जी को कई बार सुना है कहते गटक. जी मतलब उन्होंने तो ये कहा मैं पेट्रोल.
इंडस्ट्री मन करा दूंगा ठीक है इलेक्ट्रिक. खरीदो ये बहुत पॉजिटिव है इंडस्ट्री के. लिए एक नई इंडस्ट्री के लिए इस टा क्योंकि. गदक जी का क्या फायदा इलेक्ट्रिक विवा के. ऐसा तो नहीं कि उनकी इलेक्ट्रिक व्हीकल. कंपनी आ है तो इसमें एक्चुअली वो ऑथेंटिक. भी बहुत लगते है यार बोल रहे हैं एक्चुअली. कंट्री के लिए बोल रहे हैं अगर हम. इलेक्ट्रिक खरीदेंगे तो कंट्री का फायदा. होगा सबका फायदा होगा पेट्रोल इंपोर्ट कम. होगा एमिशंस कम होंगे अब आप डिबेट कर सकते. हैं नहीं नहीं बट ये वो पेट्रोल से. इलेक्ट्रिसिटी जनरेट हुई वो फलाना. थोड़े-थोड़े आप नेगोशिएशन कर सकते डिबेट. कर सकते हैं बट द लार्जर ट्रेंड दिमाग में. लो केल काफी क्लियर हो गया आई थिंक आज हम.
जिस लेवल तक पहुंचे हैं इसमें यह जो. पॉजिटिव सेंटीमेंट क्रिएट हुआ है ये तो. मैं बोलूंगा सरकार के का मोस्टली सरकार के. कारण है ये कोई कंपनी इंडिविजुअली नहीं. क्रिएट कर सकती थी मेरे हिसाब से दूसरा. सही टाइम पे इंसेंटिव रह गए सब्सिडी आ गई. सब्सिडी काफी हाई लेवल पे थी आज से एक. डेढ़ साल पहले अब काफी कम हो गई है बट वो. जो 2 साल का पीरियड था जब सब्सिडी ज्यादा. थी तब सबसे ज्यादा सब्सिडी की जरूरत थी. क्योंकि सेल थी जीरो और सारी प्राइस.
पॉइंट्स थे बहुत हाई उस टाइम बैटिया भी. खूब महंगी थी सेले भी बहुत महंगी थी. इलेक्ट्रॉनिक्स बहुत महंगा था तो ऑनेस्टली. अगर बिना सब्सिडी के बेचना होता तो शायद. कोई नहीं बेचता हम भी खाली लाइक 2 लाख का. ढाई लाख का प्रोडक्ट ही सोच पाते हैं जो. बिकता नहीं गवर्नमेंट की सब्सिडी सही टाइम. पे आई तब हम लोग 5 लाख के प्रोडक्ट्स पे. खेलना स्टार्ट किए और अब 1010 तक पहुंच. पाए तो सही टाइप की सब्सिडी सही टाइप का. टैक्स स्ट्रक्चर सही टाइप का रोड टैक्स बट. यह सब अपनी जगह है मेरे हिसाब से सबसे.
बड़ा वैल्यू जो कोई बोलता नहीं है मैं. एक्नॉलेज करना चाहता हूं ये गवर्नमेंट का. एक पॉजिटिव सेंटीमेंट क्रिएशन क्योंकि वो. हर जगह जाता है ना मैसेज वो एक आम कस्टमर. भी सुन रहा है कि यार प्रोग्रेस. इलेक्ट्रिक इज प्रोग्रेसिव इट्स. एस्पिरेशनल सही चीज है कंट्री के लिए वो. इंडस्ट्री भी सुन रही है लाइक कोई सप्लायर. है तो बार-बार सुन रहा है यार गत के जी. आके बोल रहे पीयूष कोयल बोल रहे हैं हां. कि इलेक्ट्रिक नहीं जाओगे तो मर जांगे या. साला मुझे भी इलेक्ट्रिक में पैसा डाल. देना चाहिए बताओ मैं से बात करता हूं रे. लिए क्या कंपोनेंट बना सकता हूं. अ स्टेट गवर्नमेंट बिकम पॉजिटिव अच्छा तो.
आपको लैंड चाहिए तो आपको लैंड अच्छे रेट प. दे देंगे आपको सपोर्ट दे देंगे फैक्ट्री. डालने में क्योंकि इलेक्ट्रिक इ सीम देन. एज अ सनराइज इंडस्ट्री ये ये इमेज क्रिएशन. इज वेरी वैल्युएबल ये और कोई नहीं कर सकता. सुपर बट ये तो हो गया आपकी इस इंडस्ट्री. के बारे में लेकिन आपकी इंडस्ट्री में भी. कई पुराने प्लेयर्स हैं हां अब जैसे मैंने. फोर व्हीलर खरीदी हा मैंने टाटा की गाड़ी. खरीदी टा की गाड़ी में कंप फीचर्स कम थे. जो मुझे दूसरे उसमें मिल रहे थे बट एक. सबकॉन्शियसली मेरे दिमाग में था टाटा मतलब.
भरोसा करेक्ट और मैं गया मुझे पता है. गाड़ी मजबूत होती है मैं जाके उसको खरीद. के ले आया जितने पैसे मैंने इन्वेस्ट किए. उतने में दूसरी गाड़ी उससे कहीं ज्यादा. फीचर्स दे रही थी हम यह वाला इशू आपके साथ. हुआ क्योंकि आपकी भी फील्ड में सेम एनर्जी. इंडस्ट्री में कई सारे पुराने प्लेयर्स. हैं जिन्होंने सालों साल या दशकों तक. भरोसा देके रखा है कि भाई साहब हमारा नाम. है तो भरोसा है आई थिंक ये दो अलग टॉपिक. है एक होता है कि फीचर ज्यादा है एक यह है. कि ब्रांड का ट्रस्ट ज्यादा है ये दोनों.
अलग टॉपिक है. अ हमें दोनों के अगेंस स्ट्रगल करना पड़ता. है नहीं कम अगर ट्रस्ट है तो कम फीचर में. भी लोग जो ऑप्ट कर लेते हैं हां ट्स व्हाट. आई एम टेलिंग टाटा में कम टाटा में कम. फीचर्स थे बट भरोसा था तो मैंने जाके ले. लिया जक मुझे पता है कि टाटा की सर्विस भी. कंपेरिजन में ज्यादा वो होती क्योंकि आप. टाटा में गाड़ी देते हो आप बाकी किसी. शोरूम में कॉल करते हो वो दौड़ के घर तक. आता है गाड़ी ले जाता है ठीक करके दे जाता. है टा में आपको दो बार जाना पड़ता है बट. स्टिल पीपल आर गोइंग फॉर टाटा बिकॉज एक.
ट्रस्ट है कि गाड़ी मजबूत है पुरानी गाड़ी. है भरोसा है इसमें तो हम इनफैक्ट ऐसा फीचर. बनाने का ट्राई करेंगे मोबाइल से सर्विस. पिकअप कर सकते है घर पे बंदा आ जाएगा. पिकअप करने के लिए व्हीकल ये नेक्स्ट फीचर. हम लोग इस साल इंट्रोड्यूस करने का ट्राई. कर रहे एनीवेज नहीं ये आप सही बोल रहे हैं. ये हमारे लिए दिस इज अ क्या बोलूं मैं. इसको हमारे लिए चैलेंज रहेगा कुछ टाइम तक. क्योंकि कुछ पार्ट्स में अ थ का ब्रांड. नेम बढ़िया बन गया है तो इनफैक्ट लोग शायद. प्रेफर करते हैं पर काफी जगह पे जैसे काफी. नॉर्थ इंडियन मार्केट्स में जहां पर हमारी.
दुकान अभी तक काफी कम है ओबवियसली टीवीएस. बजज फैमिलियर ब्रांड नेम्स है तो उनके अगर. फीचर्स कम भी है तो पुश कर सकता है राइट व. कस्टमर के लिए पर ये तो सही सोच के बनाया. होगा ये था तो मुझे पता नहीं इनफैक्ट काफी. जगह हम ये फीडबैक मिलता है आप इंडिया में. कब लच करोगे यार क्या गजब है यार. मतलब एक तो नाम भी थर है मु कुछ और रखना. चाहिए था हां मेता एंटरप्राइजेस जन. एंटरप्राइजेस रखते शायद ज्यादा फायदा होता. अ सॉरी बट तो हां फर्क पड़ता है उनका.
ब्रांड नेम काफी जगह पे अभी भी य नहीं पता. लोगों को एंड दूसरा उनके पास कैश लाइक. उनके पास अगर हमने 3 च हज करोड़ रेज किया. तो उनके पास बैंक में 15 20 ख करोड़ है सो. वो लोग डिस्काउंट भी कर सकते हैं हमारे. अगेंस्ट तो ऑनेस्टली हमें तो सिर्फ एक ही. एक ही पैरामीटर प गेम खेलना पड़ता है. प्रोडक्ट एंड क्वालिटी आप प्रोडक्ट की. एक्सपीरियंस देखो और वो क्वालिटी देखो और. माउथ ऑ रे और उससे हमारा वर्ड ऑफ माउथ. जनरेट होगा वो वर्ड ऑफ माउथ से ही हमारा. ब्रांड बनना है क्योंकि ये तो हमें पता है.
यार हम डिस्काउंटिंग प गेम नहीं जीत. पाएंगे और शायद हम लोग ऑनेस्टली. मार्केटिंग पे भी गेम नहीं जीत पाएंगे. क्योंकि मार्केटिंग इज नॉट हम लोग जितने ड. रन करने वाले हैं मार्केटिंग इज लाइक अब. अगर हमारा बजज लोगों को बचपन से पता है तो. पता है ये उनको बुला तो नहीं सकता राइट तो. थर के लिए भी कोई एसोसिएशन मुझे बिल्ड. करना पड़ेगा उसमें 10 साल लगेंगे तो ये. थोड़ा अंडरडॉग वाला सिचुएशन हो जाता है. हमारे लिए बट आई थिंक बढ़िया है आई थक इट. कीप्स अस फोकस्ड एक ही स्ट्रेंथ है वो. स्ट्रेंथ पर डबल डाउन होके उस पर ही प्ले.
करो फालतू के डिस्ट्रक्शन में डिएट मत करो. ठीक है आपका सफल का क्या रोल है हम. क्लोजिंग पर आ रहे ीरे धरे क्या रोल है आप. दोनों का कैसे काम डिवाइड किया काम शुरू. करना तो एक मकसद होता है हा अब तो काम. बड़ा हो रहा है तो एक्चुअली हमारे रोल. काफी चेंज होता रहता. है जनरली सनल बिल्डर है तो वो जब भी कोई. कठिन पार्ट होता है कंपनी का जैसे. स्टार्टिंग में ंग टीम्स लोग हायर करना था. वो स ने बहुत बढ़िया से बहुत ब्यूटीफुली.
किया जस्ट जस्ट टू इवन अंडरस्टैंड कि यार. ये वाली कैपेबिलिटी की जरूरत है अपने को. एक फर्मवे टीम की जरूरत है या फिर अपने को. एक टेस्टिंग टीम इस टाइप की टेस्टिंग टीम. की जरूरत है या ये कैपेबिलिटी की जरत है. ये वो डिटेल में जाके उससे समझ में आता था. या फर अगर मैं डिटेल्स की बात करूं पहले. मार्केटिंग सेल्स टीम्स बिल्ड मैंने करी. बट अब वो स्टेज आ गया है कि इसको इसमें. प्रोसेस लगाने की जरूरत है इसको एफिशिएंसी. लाने की जरूरत हो है तो आज की ख में सेल्स. स्पन रन कर रहा है लास्ट चार छ महीना से.
राइट वो सीटीओ है पर वो सेल्स रन कर रहा. है तो य जो डिटेल वाले जहां पर भी काम आता. है ना जहां पर डीप इनसाइट के साथ काम करना. होता है सपन बढ़िया करता है मेरा काम. इंक्रीजिंगली अब स्टोरी बाहर लाना है. मार्केटिंग स्टोरी बाहर लाना शेयर. होल्डर्स मैने मैनेजमेंट करना और प्रोडक्ट. प्रोडक्ट और डिजाइन मैं इस पर ज्यादा टाइम. स्पेंड करता हूं कि हमारा डिजाइन कैसा आ. रहा है हमारा प्रोडक्ट व्ट इज द हमारा. प्रोडक्ट का कोर एक वो जो सेंट्रल फोकस. रहेगा वो क्या है उसको बनाने के लिए.
बढ़िया इंजन सेट अप हो चुका है सो अपने. इतने साल सेट अप किया है पर बनाना क्या है. क्या बनाना है वह कैसा दिखेगा और उसको. मार्केट कैसे करना है मैं इस पर ज्यादा. काम करता हूं इनोवेशन प इनोवेशन काफी. कॉम्प्लिकेटेड वर्ड है बट व्ट टू बिल्ड. एंड हाउ टू बिल्ड आई थिंक व्ट प अगर बोलू. तो मैं व्ट प ज्यादा टाइम स्पेंड करता हूं. वो हाउ प ज्यादा टाइम स्पेंड करता है इफ. आई सिंपलीफाई ओके. सुपर आपको इस इंडस्ट्री का मार्केट तो. आपने बता दिया कि आने वाला टाइम अच्छा है.
एक लास्ट. क्वेश्चन लोग खरीद रहे सब कुछ. है लार्जर गोल आपका क्या है एक तो मैं. इंडिया के पॉइंट ऑफ व्यू से पूछूंगा. क्योंकि मुझे बड़ा इंस्पायरिंग लगा आपसे. बात करके कि आपने जब थॉट प्रोसेस. लिया क्योंकि हम हमेशा कहते हैं कि. अंग्रेज चले गए हमारे सोचने की क्षमता भी. उठा ले ग हमने बड़ा सोचना छोड़ दिया ये. बहुत बड़ा टॉपिक है य मतलब बहुत पैशनेट. हूं आई थिंक हम दोनों बहुत पैशनेट है मैं. सपन मेरे हिसाब से अब मुझे पता नहीं. अंग्रेज ग इसके प्रॉब्लम है बट.
समवेने यह कैपेबिलिटी ही नहीं लगाई सीखी. नहीं कि आप कोई चीज फंडामेंटली कैसे बिल्ड. करते हैं हमारा जब इंजीनियरिंग सेंटर भी. खुलते है ग्लोबल इंजीनियरिंग सेंटर्स जो. भी बुलाते है इसको जो बड़ी-बड़ी कंपनिया. लगाती है एमएनसी कंपनी लगाती है या उन सब. में ना एक बाहर का स्ट्रक्चर आता है और. बाहर का सोचा हुआ काम खाली एक्सक्यूट के. लिए आता है जब आपको कोई चीज फंडामेंटली. ग्राउंड से बनानी पड़ती है ना तो आपको एक. अलग ऑ स्ट्रक्चर एक अलग कंपनी का ही. स्ट्रक्चर चेंज करना पड़ता है. अ हमारे एक्सपीरियंस में हमने जो भी.
कंपनीज देखी जिनके प्रोडक्ट थोड़े भी. ठीक-ठाक है वो सब रॉकस्टार्स के ऊपर चली. है अरे यार ये एक आदमी था इसके कारण ये ये. वाली बाइक बन गई ठीक है और बस वो एक बाइक. है उसपे कंपनी चल रही है बाकी तो कोई. सक्सेसफुल प्रोडक्ट आया नहीं लास्ट 15 साल. हो ग है अगर आप. इन्होंने लगातार एवरी फ्यू इयर्स. सक्सेसफुल प्रोडक्ट सक्सेसफुल प्रोडक्ट. सक्सेसफुल प्रोडक्ट सक्सेसफुल प्रोडक्ट.
एंड उसके लिए उसके पैरेलल में राइट. टेक्नोलॉजी बनाते रहे लेक ये ऑलमोस्ट एक. प्रोसेस बन गया है ये इसके लिए उनको हीरो. की जरूरत नहीं है कंपनी ही ऐसी है उसका. सिस्टम ही ऐसा है उसका वर्किंग उसका कल्चर. ही ऐसा है कि वहां से बढ़िया प्रोडक्ट और. बढ़िया टेक ही. निकलेगा आई थिंक हमें इंडिया में यह क्रैक. करना बहुत जरूरी है अगर हमें एक एक एक. वर्ड यूज करते पॉलिसी सर्कल्स में काफी. आजकल लोग प्रोडक्ट नेशन हम मतलब एक कंट्री. जो बढ़िया प्रोडक्ट्स बना सकती है जैसे.
जर्मनी की रेपुटेशन है जैसे जापान की. रेपुटेशन थी या अभ भी है शायद अगर हमें. इंडिया को उस टाइप का रेपुटेशन बिल्ड करना. है तो ये ये खाली हीरोज के ऊपर नहीं हो. पाएगा आपको एक कल्चर क्रिएट करने की जरूरत. है कि इस तरीके से सक्सेसफुल प्रोडक्ट्स. हमेशा बनेंगे तो हम तो खूब पैशनेट है इस. पे ये टॉपिक लाइक हमारे टॉप दो तीन. टॉपिक्स में हमेशा रहता है उस टाइप का. कल्चर लाइक ऑटोमेटिक कंपनी में डीप चला. जाना चाहिए इट श नॉट लाइक अगर मैं या स्प. को प्रोडक्ट कंचला कर तो प्रोडक्ट बनेगा. नहीं एक इस टाइप का सिस्टम इसमें आने वाले.
लोग पाच साल में बनाते रहेंगे अपना आप. बिना मतलब इट ऑलमोस्ट लाइक ब्यूटीफुल. प्रोसेस एक तो. यह दूसरा हमारा एनर्जी का टारगेट हम वो. भूले नहीं है आज हम स्कूटर बना रहे हैं कल. शायद कार बनाए मोटरसाइकिल. बनाए बट इ वेंच मरने से पहले वी वा मेक. इंपैक्ट एनर्जी इंडस्ट्री में एंड हम एक. ही पैरामीटर है उसके लिए कॉस्ट ऑफ एनर्जी. कैसे तो भी हमारा काम शुड हेल्प कि यार.
एनर्जी का कॉस्ट कम होना चाहिए एंड वो. काफी तरीके से कम हो सकता है हमेशा. स्टोरेज में वो एनर्जी इलेक्ट्रिसिटी. जनरेशन पर जाने की जरूरत नहीं है. इलेक्ट्रिक वकल आप देखिए एक तरीके से सोचे. तो एनर्जी का कॉस्ट कम हुआ ना पेट्रोल. आपको ई पर किलोमीटर पढ रहा है इलेक्ट्रिक. स्कूड आपको 30 पैसे पर किलोमीटर पढ़ रहा. है कॉस्ट ऑफ एनर्जी मैसिवली ड्रॉप कर दिया. आपने ब आप बैटरी बना के कर सकते हैं. चार्जिंग बना के कर सकते है तो हमारा पर. एशन हमारी लाइफ में नेक्स्ट 30 40 50 साल. में एनर्जी इंडस्ट्री में एक इंपैक्ट लाना.
है इंडिया में. एटलीस्ट एंड इस टाइप का प्रोडक्ट कल्चर. क्रिएट करना है ए अगर मैं शर्ट टर्म बोलू. तो हमारे लिए श टम नेक्स्ट 10 साल है बहुत. बढ़िया टूर कंपनी बनानी है च विल उस टाइप. की एस्पिरेशन वाली अगर क्वालिटी प्रोडक्ट. का को ग्लोबल बेंचमार्क है टू वलर्स में. तो बनी चाहिए वो लेटस से शर्ट टर्म. एस्पिरेशन हैप य तो अने डिटेल बता अब एक. लाइटर नोट फनी क्वेन कभी जहन में ख्याल. आया कि यार इंडियन मार्केट के हिसाब से थर. का नाम चेंज करना चाहिए अरे या थोड़ा. कॉम्प्लिकेटेड हो गया थोड़ा सा देसी नाम.
रखते तो लोग ज्यादा कनेक्ट करते छोटा सा. सुंदर सा हां क्योंकि आदमी बोल नहीं पा. रहा तो फिर हा यस लगा है तो हमारा ज पहला. प्रोडक्ट था पहले प्रोडक्ट का नाम 450 है. ठीक है उसका नाम ही 450 है तो थोड़ा सा. इंपर्सनल लगता है राइट तो सेकंड प्रोडक्ट. ये बहुत बड़ा फीडबैक था हमारे दिमाग में. था सेकंड प्रोडक्ट का नाम हमने रखा है. रिश्ता ठीक है यही सोच के थोड़ा थोड़ा. कनेक्टेड नाम रखता है ताकि लोग थोड़ा फील. करें कि यार ये भी यहां की ही है आपको अ.
है कि इंडिया की कंपनी ने बाहरी कंपनी है. लोगों को लगता है हां बोला ना आपको लोगों. ने हम लोग हर क्वार्टर एक सर्वे रन करते. हैं उसमें ये क्वेश्चन तो गुजरात से. महाराष्ट्र स्पेशली यूपी और दिल्ली से. कितनी बार आया है कि या तो आप इंडिया कब. लच करोगे या फिर ये आपको प्रोडक्ट खरीद. नहीं खरीदो अगर आप लोग वापस चले गए तो बो. कहां जाए वापस भाई बेंगलोर से है वापस. साउथ कहां जाएंगे तो लोगों को पता तो नहीं. है यह तो है तो इसको एजुकेट करना हमारे.
लिए बहुत बड़ा काम है लोगों बताना कि भाई. इट इ एज इंडियन ए इट गेट्स द फर्स्ट. इंडियन कंपनी जिसने टच स्क्रीन डैशबोर्ड. लगाया सॉफ्टवेयर लगाया कनेक्टिविटी लगाई. फास्ट चार्जिंग लगाई बैटरी. बनाई व बताना जरूरी है कोई नहीं आप हमारे. शो को स्पनर कर सकते हो नीचे मेड इन. इंडिया लिख. के थैंक यू सो मच तरुण आपसे बात करके. अच्छा लगा बहुत सारे सवाल थे मुझे लगता है. कि लोगों को समझ समझ में आया होगा हम कि. टू व्हीलर इंडस्ट्री इलेक्ट्रिक इंडस्ट्री. की तरफ क्यों देखना चाहिए इंडिया के पॉइंट.
ऑफ व्यू से मुझे पर्सनली बड़ी खुशी हुई कि. कम से कम कोई सोच रहा है और जहां से आपने. स्टार्ट किया था आई थिंक मेरे लिए वो बड़ा. इंस्पायरिंग था क्योंकि बात बिल्कुल सही. है हम डिपेंडेंट बहुत हो गए हम सोचना बंद. कर देते हैं सो कोई सोच रहा है इतना बड़ा. सोच रहा है शायद यही बात सचिन को भी अच्छी. लगी थी और मैं उम्मीद करता हूं यही बात. शायद हमारे दर्शकों को भी अच्छी लगी थैंक. यू सो मच थैंक यू.
