Unplugged ft. Sushil Kumar Shinde| Kashmir| Afzal Guru | Maharashtra| | Rahul Gandhi| Narendra Modi
मराठा लॉबी के बीच में एक दलित नेता इतना. कैसे राइस कर गया और देश का गृह मंत्री बन. गया आपको कभी लाइफ में ये फील हुआ. पॉलिटिकल करियर में कि आप दलित है ये. रिलाइज अलग से कराया गया कभी-कभी होता था. भगवा आतंकवाद आज जब आप रिटायर्ड हो और. पीछे मुड़ के देखते हो आपको लगता है कि वो. टर्म सही था सही बोले तो क्यों आतंकवाद. शब्द लगाया मुझे पता नहीं लगाना नहीं. चाहिए गलत था उस वक्त अभी आपने कश्मीर को. लेकर किताब के विमोचन पर एक बयान दिया. मेरी फट रही थी लोगों में एक होम मिनिस्टर.
है कि जो बिना डर के वो जाता है लेकिन. मेरी मुझे पता नहीं था कि उसका इतना माहौल. बन जाएगा आपको लगता है कभी 370 रिस्टोर हो. पाएगा अफजल गुरु को एक वर्ग आतंकवादी नहीं. मानता था व्हाट वाज योर टेक ऑन अफजल गुरु. आतंकवादी थे अफजल गुरु वो डिसीजन जो. सुप्रीम कोर्ट ने ले लिया था उसका. इंप्लीमेंट मुझे करना था सुप्रीम कोर्ट ने. तो आतंकवादी मान के सर फांसी दी थी देखिए. मेरा मुह से ऐसा मत निकालिए कसाब को लेकर. लोग बड़ी मीम्स बनाते हैं कि खूब बिरयानी. खिलाई गई थी जब यह ताज वाला अटैक हुआ था.
इसके बाद अब लोग पीछे मुड़कर पूछते हैं कि. उस टाइम आप लोगों ने रिटेल उस तरह से. क्यों नहीं किया क् लोग मानते हैं कि आप. लोगों ने सिर्फ क्रिकेट मैच बंद किया बदला. नहीं लिया आप लोगों ने राहुल जी की शादी. को लेकर एक बड़ा अखबारों ने कुछ खबर छापी. कि शिंदे साहब की डॉटर साथ शादी हो रही है. इज इट ट्रू और रूमर दिग्विजय सिंह सर का. एक पुराना स्टेटमेंट बड़ा चलता है जिसमें. व कहते हैं कि मोदी को गुजरात के बाहर. जानता कौन है य गुजरात के बाहर कौन मोदी. को जानता है आपको लोग को लगा था कि. नरेंद्र मोदी जब आप लोग सेंट्रल में काम. करते यूपीटी में कि एक ऐसा टाइम आएगा कि.
वो तीन बार प्रधानमंत्री बन जाएंगे मैं. नरेंद्र दामोदर दास मोदी ईश्वर की शपथ. लेता हूं देखिए वो तो हार्ड वर्किंग है. बहुत कष्ट कर लेते हैं मोदी जी मैं देख. रहा हूं राहुल जी में क्या खासियत क्यक. कांग्रेस उन पर बैक टू बैक भरोसा करें. देखो वही चीज हो रही थी जो इंदिरा जी के. बारे में हो गई गूंगी गुड़िया वगैरे वही. राहुल जी के बारे में ये लोग कहते थे. बीजेपी वाले हरियाणा में चुनाव हुए सर लोग. मान रहे थे कि कांग्रेस जीत रही है सब मान. रहे थे कि बिल्कुल सजा के रखा था जवान.
नौजवान पहलवान सारे इशू फेवर में थे यह. कहां पर गड़बड़ हो रहा आप लोग एडवाइस नहीं. करते सैफुद्दीन सोच साहब है उन्होंने. किताब लिखी और उन्होंने कहा कि कश्मीर का. विकास तभी होगा जब वह अलग देश बन जाएगा. नटवर सिंह जी उन्होंने सोनिया जी इसलिए. प्रधानमंत्री नहीं बन पाई क्योंकि राहुल. जी नहीं चाहते थे प्रणव मुखर्जी सर प्रणव. द ने अपने बारे में लिखा है अगर मैं 2004. में प्रधानमंत्री बना होता तो फिर. कांग्रेस की स्थिति बेहतर होती इतनी. दुर्दशा नहीं होती ये उनकी सोच है जैसे. बाला साहब के पुराने स्टेटमेंट सुनता हूं. वो तो पानी पी पी के कांग्रेस उगा देते थे.
मैं मेरी शिवसेना की कांग्रेस नहीं होना. दूंगा नहीं कभी नहीं और मुझे जबी मालूम. होगा कि हो रही है तो आई विल क्लोज माय. शॉप आप लोग की दोस्ती कैसे सर थी फिर नहीं. आज भी है आप हमेशा मुस्कुराते रहते हो सर. इसके पीछे क्या वजह है वो भगवान की इच्छा. है अगर आप सियासत में रुचि रखते हैं तो यह. पॉडकास्ट आपके लिए क्योंकि जो मेहमान मेरे. साथ आज है उन्होंने खाकी से लेकर खादी तक.
का सफर तय किया है वह महाराष्ट्र के पहले. दलित मुख्यमंत्री हैं हैं आंध्र प्रदेश. यूनाइटेड के राज्यपाल रहे हैं और देश के. गृहमंत्री रहे हैं उनकी शख्सियत से सियासत. में रुचि रखने वाले हर व्यक्ति वाकिफ है. लेकिन फिलहाल उनकी किताब आई है फाइव. डिकेड्स इन पॉलिटिक्स जो चर्चा है केंद्र. में है और आज उस किताब और उस किताब के. अंदर तमाम खुलासों को लेकर हम बात करेंगे. सुशील कुमार शिंदे सर से.
हेलो सर कैसे हो. आप एक बात रहे गई है जी सर आपने जब बात कर. रही थी तो मैं लीडर ऑफ लोकसभा थी सोनिया. गांधी जी ने मुझे वो भी बनाया था ए एनर्जी. मिनिस्टर पावर मिनिस्टर ल् वो तो था लेकिन. लीडर ऑफ लोकसभा जी लीडर ऑफ लोकसभा सो फाइव. डिकेड इन पॉलिटिक्स. पांच दशक सियासत को देने के बाद अब. रिटायरमेंट की जिंदगी बीत रहे अच्छी तरह. से मिस करते कोई कंट्रोवर्सी नहीं कुछ. नहीं.
थोड़ी इधर उधर होती है. कंट्रोवर्सी ठीक है संभाल लेते हैं उसे भी. लोग कहते हैं कि शिंदे साहब जो है बड़ा. दिल से बोलते. हैं डेमोक्रेसी में हम सही और दिल से. बोलना चाहिए ह कोई छुपाना नहीं चाहते आज. हम तो छुपाते नहीं है कोई ये जो किताब. आपने लिखी जो इस टाइम टॉप ट्रेंड में चल. रही है बेस्ट सेलर में आ रही है कई जगह. मिल नहीं पा रही है लोगों को पढ़ना चाह. रहे हैं इस किताब को लिखने के पीछे क्या. मकसद सर नहीं मकसद नहीं वो राशिद किड वाई.
बोल के जो राइटर है वो मेरे बहुत पीछे. पड़े थे. कि एक अच्छी तरह के मेरे वैसे इंग्लिश में. यहां बनाए हुए हैं दो तीन. किताबें लेकिन वह चाहते थे कि उनका एक. पब्लिशर बड़ा अच्छा. है तो कोलिंस.
उनके वो किताब पब्लिश करे पब्लिशर. से तो मैं ऐसे एक साल भर गया लेकिन एक दिन. वो मेरे पास आए भले. य लोग बोल रहे हैं वहां के पब्लिशर के. आपका किताब. चाहिए तो मैंने भी बोला ठीक है इतने दिन. बोल रहे हैं ड़वाई जी वो अच्छा लिखते हैं. ड़वाई जी उन्होंने मु ना किरवाई जी का भी.
लिखा था डॉक्टर मनमोहन सिंह के बारे में. भी आर्टिकल कई लिखे थे तो बड़े इंटेलिजेंट. है आदमी और समझदार है तो ये जो किताब सर. है इसमें कहते हैं ना सियासत में लोग. थोड़ा फिल्टर्ड होते हैं आप किताब तो छप. गई कितना रिवील किया आपने किताब में और. कितना छिपा लिया मैं सब कुछ रिवील किया जो. है वो बताया है कोई छिपाया नहीं हमने. एवरीथिंग एवरीथिंग तो आज इस किताब में जो. जो बातें आपने लिखी उससे लेकर हम सवाल. आपसे पूछेंगे बचपन में मैं काम करता था वो.
भी लिखा है जो बचपन में मैं छोटा था तभी. चोरी की है वो भी लिखाया व तो हमने पढ़ा. इसमें से तो उसमें कोई छुपाया नहीं. क्योंकि इससे कोई नए यंगस्टर प्रेरणा लेकर. काम करते हैं तो उनके लिए भी य बहुत. महत्त्वपूर्ण है उसके लिए भी प्रेरणा. मिलेगी ब्यूटीफुल ब्यूटीफुल लेकिन लोग सर. कई सारे सवाल लोगों ने आपकी किताब पढ़ने. के बाद हमें भेजे आज उन सवालों को हम. पूछेंगे जैसे एक सवाल था कि मराठा के बीच.
में एक दलित नेता इतना कैसे राइस कर गया. और देश का गृह मंत्री बन गया लोकसभा में. लीडर बन गया ये कैसे पॉसिबल हुआ सर ये ये. यह तो बहुत लोग पूछते हैं लेकिन मराठा. हमेशा मुझे मदद करते. रहे कोई मेरे. से नाराज नहीं था चाहे शरत चंद्र जी थे. जिन्होंने मुझे पॉलिटिक्स में लाया उसके. बाद वसंत दादा पाटील आ गए निलंगेकर जी आए.
थे निलंगेकर के मंत्री में परिषद में मैं. था मैं मुख्यमंत्री बना तो निलंगेकर जी. मेरे मंत्री परिषद में मंत्री थे ऐसा य ये. तो लोकशाही का नीचे ऊपर वाला काम होता है. लेकिन बहुत अच्छा संबंध रहा मुझे मराठा से. और मराठों ने महाराष्ट्र बहुत यशवंतराव. चौहाण जी ने एक बड़ा संदेशा महाराष्ट्र को. दिया है कि दलित लोगों को ऊपर लाने के लिए.
उन्होंने भी प्रयास किया है बट जैसे सर. पॉलिटिक्स में होता है कि दलित का नाम कई. बार इस्तेमाल होता है एक मैसेज देने के. लिए लेकिन कई लोग मानते हैं. डिस्क्रिमिनेशन होता है वो सम्मान आपको. कभी लाइफ में ये फील हुआ पॉलिटिकल करियर. में कि आप दलित है यह रिलाइज अलग से कराया. गया कभी-कभी होता था नहीं ऐसा नहीं है. लेकिन वो थोड़ा देर के लिए होता था लेकिन. यह मुझे सब मराठा मुझे चाहते थे मेरे से. प्यार करते थे क्योंकि मैं भी इनसे पंगा. नहीं लेता था. [हंसी].
शरद जी आपको बहुत प्यार करते थे उन्होंने. पॉलिटिक्स में लाया था और वो मुझे प्यार. करते हैं तो अभी भी आप लोग फोन पर बात बात. करते रहते हो रोज हमेशा हमेशा करते हैं. मैंने किस्सा सुना सर की मैंने बताया एक. अभी. मेरा वीडियो वायरल हो रहा हैय प देखा. मैंने नहीं वो अकलूज में. जहां मेरे कलीग.
मोहिते पाटील जी विजय सिंह मोहिते पाटील. जी मेरे डेप्युटी चीफ मिनिस्टर थे तो उनके. वहां मेरा एक सत्कार हो गया था 84 ईयर के. बारे में तो वही मैंने बता था. य शरद चंद्र की जी के बारे में कि यशवंत. राव जी चौहान उन्होंने महाराष्ट्र को इतना. बड़ा बनाया और वो यशवंत राव जी के शिष्य. है डिसाइल है शरद राव तो उन्होंने वही.
दीक्षा ले ली दिशा ले ली और महाराष्ट्र को. सर्वधर्म समभाव की भूमिका उन्होंने बताई. मैंने किस्सा पढ़ा था सर कि शरद पवार साहब. जब आपको पॉलिटिक्स में लेकर आए क्योंकि आप. पहले खाकी वर्दी वाले थे फिर खादी वर्दी. वाले बने तो आपको जब पहली बार टिकट नहीं. मिला तो शायद उनकी आंखों में आंसू आ गए थे. हां वो महाराष्ट्र में तो मुझे टिकट. रिकमेंड किया था यूनानिमिटी. हम और तभी वो जब आए थे मैं रिसीव करने के.
लिए गया था हम एयरपोर्ट. पे तो. जब उतर गए तो उनके आंखों में आंसू थे कि. मुझे तुझे मैंने टिकेट नहीं मिलवा के दे. दिया इसका बहुत दुख था तो मैंने बोला था. शरद राव जी आप इसका विचार मत करिए मैं तो. बचपन से रास्ते में स्ट्रीट फील्डर बोल के. काम किया.
तो मेरे य तो चैलेंज स्वीकारना मेरा काम. है मिल जाएगा अभी इसमें क्या है बो ऐसा. बोल के हम चले आ तो शरद राव साहब जब. कांग्रेस से एनसीपी में. गए आपको उने नहीं कहा कि तुम तो मेरे. दोस्त हो तुम भी आ जाओ या आपने नहीं उनसे. कहा कि मैं भी आना चाहता हूं आपके साथ. क्योंकि कांग्रेस वाले एनसीपी में सब गए. थे वह तो काफी टफ रगा लिए वो दिन तो हम तो. मंत्री परिषद के बैठक में थे तभी भी बोला.
नहीं उसके पहले जब. उन्होंने एनसीपी फॉर्म की उसी वक्त भी. उन्होंने कभी मुझे पूछा नहीं कि तुम इधर. आओ उनको पता था कि मैं इंदिरा जी का बड़ा. लॉयलिस्ट हूं अभी इंदिरा जी के पार्टी को. छोड़ के कहीं नहीं आएगा इस तरह की उनकी. पक्की राय थी आप पॉलिटिक्स में कोई सर. क्योंकि आप रिटायर हो चुके हैं आप पीछे. मुड़ के देखते हो कोई ऐसा डिसीजन जिसे. लेकर आप रिग्रेट करते हो या लगता है कि. इसको अब मैं बेहतर तरीके से फिक्स कर सकता.
हूं अगर पीछे समय जाकर मौका मिले तो नहीं. मौका मिलने का सवाल नहीं जिस वक्त मौका. मिला तो मैं उसका एडवांटेज ले लिया. विशेषता जब मुख्यमंत्री बना तो मेरे दिल. में जो था कि यह सरकार का जो पैसा है वह. सरकार का होता है कोई विशिष्ट एक जाति. जमात के लिए नहीं तो इसका ज्यादा फायदा. मागा स्वर्गीय लोगों को मिलना चाहिए बोलक.
मैंने यह बजट सब यह सबसे गरीब से गरीब. महाराष्ट्र में है. जैसे पोतराज. है मरग मा वाले है ऐसे लोगों के लिए गरीब. से गरीब लोगों के लिए मेरा खजीना खुला कर. दिया था तो उसमें मुझे खुशी है सुप मैंने. आपके बारे में सर पढ़ा किताब में भी जिक्र. है कि जब आप छोटे थे तो कई बार आपको. दलित होने का एहसास करा ग किस्सा मैंने.
कहीं पढ़ा था कि आप कहीं नहाने चले गए थे. किसी पॉड में फिर वहां पर काफी हंगामा हुआ. खाने को लेकर था कि बर्तन का क्योंकि अभी. कई लोग कहते हैं कि भेदभाव नहीं है बट आप. उस कम्युनिटी से निकलकर देश के टॉप पोस्ट. तक गए हो आपने वो फील किया था और अब तब से. लेकर अब तक दलितों की स्थिति बेहतर हुई है. या वैसी ही है नहीं नहीं बहुत बेहतर हो गई. है तभी वो जमाना आज 70 साल के पूर्वी पहला. जमाना है हम कि तभी तो.
ये जो बावड़ी में उतरने को नहीं देते थे. दलितों को उस स्नान किया पानी को गया तो. उसे शुद्ध करते थे ये अंधश्रद्धा थी ये. लेकिन लोगों में काफी अभी परिणाम बदल गया. है य अंधश्रद्धा निकल गई है अभी जिस विलेज. मैंने मुझे. वो में.
तालाब में उतरने को नहीं दिया था और पानी. शुद्ध किया था उसी विलेज ने मुझे इतने. बड़े तादाद से चुन के दिया है और वोटिंग. किया है लोगों ने मुझे जब मैं चीफ. मिनिस्टर बनके गया तो वही दो बार उन्होंने. मुझे वोटिंग अच्छा किया तो यह आज वह बात. नहीं रही. है आज तो सब इकट्ठा हो गए ब्यूटीफुल अभी. हरियाणा में चुनाव हुए सर लोग मान रहे थे. कि कांग्रेस जीत रही है सब मान रहे थे कि.
बिल्कुल सजा के रखा था जवान नौजवान पहलवान. सारे इशू फेवर में थे अब तो आप एक्सपर्ट. है आपकी नजर में कहां गड़बड़ हो गया सर वो. देखिए इलेक्शन के बारे में ये कभी इस तरह. प्रिडिक्ट करना मैंने तो बहुत इलेक्शन. जीते जनरल सीट पर मैं दो दो तीन बार खड़ा. रहा वहां भी मैं चुन के आ गया था इलेक्ट. हो गया था लेकिन जब.
जन रिसर्च सीट पर मैं लोकसभा को खड़ा रहा. तो दो बार गिरा तो ये लोगों के दिल में. क्या. है मालूम नहीं होता है. जल्द तो तो इसलिए यह ऐसा सोचना नहीं कि हम. आगे निकल जाएंगे लोगों के दिल है जो जैसा. डिसीजन हो गया हो गया बट आप लोग के टाइम. में कांग्रेस काफी पावरफुल थी बड़े बड़े. नेता थे बड़े बड़े प्रणव मुखर्जी जी की. तस्वीरें देख रहा हूं में आप हो गए कई.
सारे दिग्गज नेता थे अभी कांग्रेस में बैक. टू बैक हार जो है वो लगातार हो रही है. जहां अच्छा भी कर रहे हैं वो भी उनके अगर. टॉप कंपैरिजन देखेंगे पुराने जमाने का. जैसे अभी 100 सीट्स ऑलमोस्ट आई थी तो वो. भी उनका थर्ड थर्ड वर्स्ट परफॉर्मेंस थी. ओवरऑल कांग्रेस की हिस्ट्री की तो ये कहां. पर गड़बड़ हो रहा आप लोग एडवाइस नहीं करते. हैं सर कि ये चीजें बेहतर कर लीजिए तो. कांग्रेस का रिवाइवल हो जाए नहीं ये हमारी. कांग्रेस की प्रथम प्राथमिकता यह है कि. सर्वधर्म समभाव ह. और सब लोगों को साथ में लेकर चलना यह.
हमारा मूल हेतु है. और इसी से हम दलित हो मुस्लिम हो. अल्पसंख्यांक हो इनको सबको लेकर कार्यक्रम. करते थे तो सब जगह हम विजय होते. थे कहीं ना कहीं इसकी गड़बड़ हो रही है. हमें भी मालूम नहीं बट कहां गड़बड़ी हो. रही है व हमारे हाई कमांड देख रही है अभी.
और मुझे पूरा विश्वास है कि राहुल जी के. नेतृत्व में ये जो एक गड़बड़ी है वो सब. निकल. जाएगी एक बड़ा अच्छा बीजेपी और कांग्रेस. में सर एक कॉमन ट्रेंड चलता है कई बार लोग. कहते हैं कि जब बीजेपी जीतती है तो मोदी. जी की तस्वीर लग जाती है हारती है तो. नड्डा जी की आती है ऐसे ही कल कांग्रेस प. चल रहा था कि जब तक जीत रहे थे तब त राहुल. जी होते हैं जब हारते हैं तो खड़ग जी आते. हैं ये नहीं नहीं ऐसी बात नहीं है राहुल.
जी और खरगे जी एक ही है और हम कांग्रेस. वाले खरगे जी तो. हमारे प्रेसिडेंट है वो राहुल जी ने ये. किया है उनको सपोर्ट किया है तो ऐसे हमारी. में बात नहीं हुई आपकी बुक लंच प भी खड़गे. जी आए थे आए थे काफी अच्छी तारीफ की. उन्होंने आपकी आए थे आए थे तो आपको नहीं. लगता कि वो रिटायर्ड नहीं हुए आप रिटायर्ड. हो गए नहीं नहीं ऐसा नहीं मेरे मैंने चाहा. था मैं तो बचपन से काम करते रहा हूं र में. वहां लिखा है मैंने र में किसी के घर में.
काम करता था तभी से मैं काम करते रहा हूं. तो कभी तो आदमी को ऐसा लगता है कि अभी. रिटायर होना चाहिए तो मैं उस इससे रिटायर. हो गया हूं 10 साल अभी. था एमपी नहीं था तो भी मैं काम करते रहा. आज भी काम करता हूं ऐसा टोटल रिटायर नहीं. है ब्यूटीफुल कल मोदी जी का एक भाषण कल. बड़ा वायरल हुआ और वो क्योंकि आप लोग के.
टाइम पर भी वो एलिगेशंस आते थे आपकी किताब. में भी इसका जिक्र है कल मोदी जी ने देर. शाम कहा कि कांग्रेस पार्टी जो है वह कभी. भी मुस्लिम्स में कास्ट की बात नहीं करती. है वन दे टॉक अबाउट मुस्लिम दे टॉक ओनली. मुस्लिम बट जब हिंदू की बात आती है तो दे. टॉक अबाउट द कास्ट वो कह रहे थे कि इट्स अ. पॉलिसी कि आप डिवाइड कर देते हो नहीं नहीं. य गलत फहमी है उनकी कांग्रेस इस तरह की. बात कभी नहीं कहते हैं ये इंदिरा गांधी जी. के व स हम यही बातें होती है सर्वधर्म.
समभाव की बात होती है और कोई गलत नहीं है. बीजेपी वाले यह बात करते हैं और वह भी. उन्होंने अपने दिमाग से निकालना चाहिए ओके. आपके टाइम में सर एक बहुत कंट्रोवर्शियल. टॉपिक हुआ था पहले चिदंबरम जी ने फिर आपने. उसका जिक्र किया था और जब भी शिंदे जी का. नाम आता है वह टॉपिक कहीं ना कहीं से आता. है भगवा. आतंकवाद आज जब आप रिटायर्ड हो और पीछे. मुड़ के देखते हो आपको लगता है कि वो टर्म. सही था.
या देखिए रिकॉर्ड पर जो आया था उस वक्त वो. हमने बता दिया था और वह भी हमने हमारे. पार्टी में बताया था अब पब्लिक में नहीं. पार्टी में बताया था कि ऐसा ऐसा है. आतंकवाद हो रहा है और उसके बाद हमने कभी. नहीं बोला है यह प्रश्न पार्लियामेंट में. भी पूछा गया था तो उसका कुछ जिक्र नहीं हो. गया था बट जैसे भगवा सर आप हम लोग. महाराष्ट्र में बैठे हैं अब महाराष्ट्र.
में शिवाजी का भी भगवा होता है सो वाय. भगवा आतंकवाद ये मतलब भगवा को आपने कुछ. देखिए भगवा आतंकवाद उस वक्त वो जो पूछा था. तो उसके बारे में वो बोल दिया था. हम बस इतना ही है तो आतंकवाद उसको शब्द. लगाया लेकिन. वो सही बोले तो क्यों आतंकवाद शब्द लगाया. मुझे पता नहीं.
लगाना नहीं चाहिए गलत था उस वक्त. वो भगवा आतंकवाद शब्द गलत था शायद वो. हा भगवा टेररिस्ट ऐसा नहीं होना चाहिए वो. तो उस पार्टी की विचारधारा होती है व चाहे. भगवा हो या रे ऐसा कुछ आतंकवाद नहीं होता. है भगवा हो या कोई रेड हो या कोई सफेद हो. बिकॉज बहुत सारे लोग अभी भी आपसे ऑफेंडेड. इस बात को लेकर है आपके अच्छे काम भी भी. है जिसे पावर में आपने अच्छा काम किया.
उसका जिक्र करते हैं आपके टाइम में कई. सारे टेररिस्ट को फांसी दी बहुत सारी आपकी. खबरें जिनकी बा चर्चा होती है बट एक बड़ा. सेक्शन अभी भी है जो जब शिंदे जी का नाम. आता है तो कहता है शिंदे जी ने भगवा. आतंकवाद क्यों कह दिया था अरे वो जिस मेरे. पार्टी के प्लेटफार्म पे बोल लिया था बोल. लिया था जो रिकॉर्ड पे मेरा आया था तभी. नहीं आपसे पहले चदन जी ने भी कहा था 2007. में ही मेंशन आई थिंक 12 में आपने शायद. मेंशन किया था बट वो हमारे रिकॉर्ड पे जो. आता है ये नहीं बोले वो नहीं बोले हम हम. लोगों ने.
बोला ब्रीफ करना पार्टी के लोगों को कोई. गलत बात नहीं है. हम उनको बताना कि ऐसा ऐसा हो रहा है तो. उसे अवेयर रहना है दूसरा क्या होता है. इसमें बट जैसे आप दिल से बात करते तो मैं. दिल से एक सवाल और कर लेता हूं क्योंकि हम. लोग उस टाइम कॉलेज में पढ़ते थे तो खबरें. आती थी बैक टू बैक बैक टू बैक जैसे एक खबर. मुझे और याद है जब आया कि अ इस देश के. संसाधनों पर पहला हक मैं टी का है ये भी.
खबर काफी ट्रेंड चली थी उस टाइम पर और. बहुत चर्चा इनको लेकर भी हुई थी तो अब जब. लोग पीछे मुड़कर देखते हैं जब आपकी. गवर्नमेंट गई तो एक आरोप लगता था कि. अल्पसंख्यक कार्ड खेला जा रहा है. माइनॉरिटी कार्ड खेले जा रहे हैं और हमें. याद है कि जब मोदी जी का कैंपेन भी था तो. उस साल 2014 चला था कि अब चेंज करो सरकार. वरना देश पाकिस्तान बन जाएगा इट्स टू मच. प्रो मुस्लिम सेकुलरिज्म वास प्रो मुस्लिम. नाउ व्हेन यू लुक बैक आपको लगता है कि. थोड़ा. था नहीं देखिए इस देश में ये.
खाली बीजेपी जैसी पार्टी ये चलाती है. हिंदुत्व चलाती है. हिंदुत्व वो दूसरे को कोई गलत बोलते हैं. इस देश में जो इंदिरा जी ने पंडित. जवाहरलाल नेहरू हो महात्मा गांधी जी हो ये. ईश्वर अल्लाह तेरे नाम वाला देश है और. सर्वधर्म. देश सर्वधर्म समभाव का देश है तो यहां. कोई नहीं चलता है दूसरा जात धर्म थोड़ा.
थोड़े वक्त चलेगा 10 15 साल चलेगा उसके. बाद नहीं फिर वही ओरिजनलिटी पर आना पड़ेगा. सुप अभी आपने कश्मीर को लेकर किताब के. विमोचन पर एक बयान दिया बड़ा फनी बयान था. आपने दिल से कह दिया कि देखो मैं दिल से. बोलता हूं मुझसे कहा कश्मीर जाओ वहां खाना. खाओ लेकिन मेरी फट रही थी नहीं नहीं नहीं. ऐसा नहीं मैं उस वक्त बोला है इसको उस. वक्त जो.
हमारे कश्मीर के डीपी धर के चिरंजीव वहां. बैठे थे उन्होंने मुझे सजेस्ट किया थ एक. दिन शिंदे जी तुम क्यों नहीं जाते हो लाल. चौक और दल लेख में होम मिनिस्टर बोल के. जाना चाहिए तो मैंने तय किया कि गया वो और. लोगों ने मेरा स्वागत किया वहां लेकिन मैं. जोक के बारे में कहा वहां जोक किया था. खाली मुझे पता नहीं था कि उस का इतना. माहौल बन जाएगा कि बीजेपी ने ये शुरू कर.
दिया हां उन्होंने तो कहा कि देखो अभी 370. हट गया तो अभी सब लोग जा रहे हैं लाल चौक. प इजली पहुंच रहे हैं पहले कांग्रेस के. टाइम में डरते थे लोग जाने में खुद होम. मिनिस्टर डरते थे कांग्रेस के नहीं नहीं. बिल्कुल नहीं और मैंने वह जोक बोल के वहां. कर दिया कि लेकिन लोग वहां की तभी का. रिकॉर्ड देखिए फोटो यह देखिए न्यूज़पेपर. देखिए लोगों ने कम किया ऐसा कोई.
चीफ होम मिनिस्टर अभी तक नहीं आया है. हमारे उधर लेकिन आप पहले हो सब जगह फिर. रहे तो ये तो आपने खुद बताया था कि सबने. स्वागत किया मैं गया सबको अच्छा लग रहा था. लेकिन अंदर से मुझे डर लग रहा था नहीं. नहीं मुझे उस वक्त डर नहीं लग रहा था. लेकिन मजाक में लोगों को हसाने के लिए. मैंने बोला था तो उसका अभी मुझे क्या पता. था कि य बीजेपी ऐसा करेगी आपकी पार्टी से. किसी ने फोन किया कह रहे शिंदे साहब आपने. तो मजाक मारा लेकिन नहीं नहीं नहीं किसीने. नहीं किया य उनको पता था कि जिस तरह का.
मैं काम कर रहा. हूं सो हाउ यू सी सर अभी तो आप जैसे कमी. आप होम मिनिस्टर थे लेकिन बीजेपी की यह. बात गलत है कि. जो जोक है उसको भी ये करते हैं उसके लिए. तो उनकी फजीति हो रही है सब आपने. क्लेरिफाई कर दिया सारी दुनिया सुन लेगी. बीजेपी वाले भी सुन लेंगे आपके फैंस भी. सुन लेंगे आपके फैंस भी सुन लेंगे इसीलिए. हम तो सवाल पूछ रहे हैं आप जवाब आप दे रहे. हैं बट सर जैसे कश्मीर उस टाइम था 90 में. कश्मीर में काफी चीज चीज रही जो इश्यूज. रहे अभी इलेक्शंस हुए हैं आपकी पार्टी जो.
है मोस्ट प्रोबेबली वहां पर गवर्नमेंट. बनाएगी एनसी के साथ मिलकर कितना डिफरेंस. देख रहे हैं प्री 370 आफ्टर. 370 देखो 370 होने के बाद भी जब सरकार आती. है तो इसका मतलब वहां के लोगों को. 370 रहना चाहिए ऐसा ही लगता है. हम बट. वोटिंग जो हो गई है उसका जरा एनालिसिस.
किया तो वही लगता है उसमें मतलब जम्मू में. बीजेपी को मिला है कश्मीर में एनसी और. कांग्रेस को मेजॉरिटी मिला. है तो आपको लगता है कभी 370 रिस्टोर हो. पाएगा क्योंकि उमर अब्दुल्ला साहब का एक. बयान अभी सुन रहा था मैं उन्होंने कहा. जिन्होंने हटाया है उनसे उम्मीद करना तो. बेवकूफी है तो मैं उनसे ये उम्मीद नहीं. करूंगा कि वो वापस रिस्टोर करें बिकॉज ये. बेवकूफी है अगर मैं ऐसी उम्मीद करता हूं. बस मैं ये उम्मीद करूंगा कि वहां के लोगों. को. फिर एक बार देखना पड़ेगा सोचना पड़ेगा कि.
370 यह नए सरकार आने के बाद 370 फिर वहां. लगाना है या नहीं लगाना है लोगों पर है. चिंदे साहब क्या सोचते आप तो होम मिनिस्टर. आपने तो करीब से देखा है आप टेक्निकल. चीजें बेहतर समझते होंगे एक आम इंसान के. मुकाबले अभी देखना चाहिए थोड़े दिन एक दो. साल देखना चाहिए और फिर इस पर नि निर्णय. लेना चाहिए 370 को. लेकर ओके ठीक है.
सर अभी आपके बहुत सारे मित्र है सर जो. अलग-अलग शरद पवार जी को मैं देख रहा हूं. अभी महाराष्ट्र में भी इलेक्शन है एक. किस्सा मैंने और सुना आपकी किताब में शायद. था कि जब टाय अप हो रहा था शिवसेना के साथ. तो थोड़ी सी झिझक थी कांग्रेस में सोनिया. जी में राहुल जी में शिवसेना के साथ जाने. को लेकर लेकिन फिर आप लोगों ने समझाया. मनाया वाज इट ट्रू नहीं ये ये तो पक्के.
हिंदुत्ववादी. थे कट्टर हिंदू कट्टर हिंदू हमारे हमारे. भी रिलेशंस बहुत अच्छे फ्रेंडली है रिलेशन. आज भी है बाड़ साहब से भी थे और इनके. लड़के से भी आज है उ उद्धव सि जी उद्धव. राव जी से भी है लेकिन वो एक विशिष्ट उस. वक्त विशिष्ट रूप का उनका कहना था इसके. लिए हम डर रहे थे कि कैसे हम कर सके थे. लेकिन जब. एक फार्मूला निकाला.
[संगीत]. कि प्रोग्राम पर हम इकट्ठा हो जाए कॉमन. मिनिमम प्रोग्राम कॉमन मिनिमम प्रोग्राम. तो लोगों ने उसका स्वीकार किया बट जैसे. बाला साहब के पुराने स्टेटमेंट सुनता हूं. वो तो पानी पी पी के कांग्रेस उगा ले देते. थे नहीं नहीं पुराने हो गए पुरानी बातें. छोड़ना चाहिए तो आप लोग की दोस्ती कैसे सर. थी फिर नहीं आज भी है क्योंकि बाला साहब. के जब पुराने स्टेटमेंट सुनता हूं. कांग्रेस को बिल्कुल नापसंद करते थे. नापसंद और आप कह रहे हैं कि आपकी उनसे.
दोस्ती थी बहुत बहुत अच्छी दोस्ती थी मेरी. थी और कहीं लोगों की थी तो ये पर्सनल. दोस्ती थी मतलब य पर्सनल दोस्ती थी और. पॉलिटिकल कभी बीच में नहीं आया कभी नहीं. आया वो मेरे दोनों लड़की के शादी के. लिए आ गए थे सब वो दूसरी लड़की की भी जब. शादी हो गई तभी उनकी मिसेस की डेथ हो गई. थी तो भी वो आए.
रिसेप्शन के लिए ऐसा नहीं है शत्रु तो. नहीं रखना चाहिए पॉलिटिक्स में अच्छा. महाराष्ट्र में एक बड़ी खूबसूरती है सर. शरद पवार जी गटक जी के दोस्त. हैं शरद पवार जी आपके परम मित्र है बाला. साहब से आप सब सारे अपोजिशन में भी है बट. सब आपस में दोस्त दोस्त दोस्त दोस्त है. रहना चाहिए वैसा रहना चाहिए और नीचे. पब्लिक लड़ती मरती रहती. है वो रहना चाहिए ऐसा पॉलिटिक्स में ऐसे. शत्रु पर शत्रु नहीं होना.
चाहिए तो अभी जो शिवसेना के साथ हुआ जैसे. आप लोगों ने तो शिवसेना शामिल कर ली बट. बीजेपी वालों ने एक नई शिवसेना बना दी. शिंदे साहब की अगवाई में अभी सरकार जो चल. रही है तो शिवसेना का तो नुकसान हो गया आप. लोग का तो फायदा हुआ लेकिन शिवसेना का तो. नुकसान होगा आपके साथ आकर लेकिन लॉन्ग रन. में ये देश के लिए. जो हमारा जो कहना है वही चलेगा देश. में. ओके सेंटर बीजेपी का नहीं चलेगा ऐसा क्यों.
लगता है सर आपको वो लोगों ने देखा है ना. तोड़फोड़ का. राजकारण उससे लोग थक गए हैं बट वो थर्ड. टाइम चुनकर आ गए तो मोदी जी तीसरी बार आ. गए वो तो कह रहे कि अब हम इंद्रा जी की. तरह होने वाले हैं मोदी जी भी आ गए तो. उनका ग्राफ जरा देखिए ना इस बार कम गया दो. तो. फिर तो हो जाएगा अगले. साल मतलब पा साल सरकार नहीं चलेगी अभी. देखते हैं. ओके ग्रेट एक और सर किस्सा था आपके टाइम.
में अफजल गुरु ये आपने बुक में भी मेंशन. किया है अफजल गुरु को लेकर आपने कहा कि. उसके परिवार वालों से उसकी मुलाकात नहीं. हो. पाई आपको लगता है वह मुलाकात होनी चाहिए. थी नहीं. वो बहुत बार वो मिलते थे परमिशन लेके बट. आखिरी वक्त कोई भी चाहता था कि मिलना. चाहिए तो उनकी नहीं हो गई टाइम में नहीं. पहुंचा उनका मैसेज ऐसा मुझे पता चला हम कि.
ये तो होम मिनिस्टर नहीं देखता है सब कुछ. नीचे के लोग देखते. हैं तो अफजल गुरु सर क्योंकि फांसी आपके. टाइम में हुई थी आपने कहा सुप्रीम कोर्ट. के ऑर्डर का आपने पालन किया था ये अगर मैं. सही हूं तो ये वर्डिक आपके थे कि सुप्रीम. कोर्ट के मैंने आदेश का पालन किया था अब. कई सारे लोग जब मैं दिल्ली में बैठता हूं. कई बार मैं जामिया जाता हूं या जेएनयू. जेएनयू जाता हूं जामिया नहीं जेएनयू जाता. हूं मैं या कई बार कश्मीर जाता हूं या कई. बार टीवी में खबरें पढ़ता था जब मैं. अलग-अलग चैनलों में था तो अफजल गुरु को एक.
वर्ग आतंकवादी नहीं मानता. था शिंदे साहब ने यह कोट किया कि सुप्रीम. कोर्ट के आदेश का मैंने पालन किया बट. इसमें फिर एक क्वेश्चन मार्क मेरे मन में. आ गया कि व्हाट वाज योर टेक ऑन अफजल गुरु. आप अफजल गुरु कैसे देख रहे थे नहीं देखिए. हम तो व सुप्रीम कोर्ट का जो ऑर्डर था वो. इंप्लीमेंट करना था ए होम मिनिस्टर वही. करना है तो आतंकवादी थे अफजल गुरु व वो वो. डिसीजन जो सुप्रीम कोर्ट ने ले लिया था. उसका इंप्लीमेंट मुझे करना था सुप्रीम.
कोर्ट ने तो आतंकवादी मान के सर फांसी दी. थी देखिए मेरा मुंह से ऐसा मत निकालिए तो. उसका मिस इंटरप्रिटेशन हो जाएगा मैंने तो. सुप्रीम कोर्ट का जो ऑर्डर था वो. इंप्लीमेंट किया ठीक है आप नहीं करेंगे. कोई बात नहीं मैं आपको ग्रिल नहीं करूंगा. एक और किस्सा था कसाब को लेकर लोग बड़ी. मीम्स बनाते हैं कि खूब बिरयानी खिलाई गई. थी ये ऐसा कुछ था ये क्यों चर्चा हुई क. साब को लेकर आप ही कार्यकाल में शायद उसी. फांसी दी गई थी लेकिन वो बंबई में था वो. बंबई के जेल में था तो वो रोडा में उसको.
फांसी हो गई थी तो यहां. का बिरयानी खिलाया नहीं खिलाया हमें तो. पता नहीं है बट कसाब वास पाकिस्तानी मैंने. सुना कि आप लोगों ने शायद पाकिस्तान से. कस्तान ने क्लेम नहीं किया उन हम. पाकिस्तान ग गवर्नमेंट को लिखा था कि बॉडी. लेके जाओगे तो उन्होंने क्लेम नहीं किया. मैंने पढ़ा कि एक ऑफिशियल चिट्ठी शायद. लिखी थी आपने लेकिन उसने माना नहीं कि वो. उसका बट आपके पास प्रूफ थे कि वो. पाकिस्तानी है जरूर प्रूफ थे उसके स.
बोलेंगे. क्या अच्छा एक सवाल सर और आता है जैसे. मुंबई में इस वक्त हम लोग बैठे हैं मुंबई. में जो हमला हुआ उसके बाद तब से इंडिया. पाकिस्तान में टेंशन बहुत बढ़ गई अभी की. गवर्नमेंट बार-बार ये क्लेम करती है कि यह. नया भारत है हम घर में घुस के मारते हैं. बहुत सारे आप भी देखते होंगे टीवी पर कई. बार बाइट्स आती होंगे जब ये ताज वाला अटैक. हुआ था इसके बाद अब लोग पीछे मुड़कर पूछते. हैं कि उस टाइम आप लोगों ने रिट उस तरह से. क्यों नहीं किया या रिटा ऐसा क्यों नहीं.
दिखा जिससे जनता में एक मैसेज आता कि अगर. हमारे साथ ऐसा करोगे तो हम भी बदला लेंगे. क्योंकि लोग मानते हैं कि आप लोगों ने. सिर्फ ताज पर हमला के बाद मुंबई में जो. हमला हुआ था उसके बाद आप लोगों ने सिर्फ. क्रिकेट मैच बंद किया बदला नहीं लिया आप. लोगों. ने नहीं लेकिन मुझे अभी उस वक्त का मुझे. मालूम नहीं क्या स्थिति बंबई में थी मैं. होम मिनिस्टर भी नहीं था तभी. तो क्या होगा उस वक्त प्रयास किया होगा इन. लोगों इसके से ज्यादा नहीं बोल. सकता आपके टाइम में पाकिस्तान के साथ कोई.
आपका मेमोरी है अच्छी जो आप शेयर करना. चाहे कि आप लोगों ने कैसे पाकिस्तान के. होम मिनिस्टर को मैंने इनवाइट किया था वो. दिल्ली में आके मिले उन्होंने मुझे बहुत. प्रेजेंट्स भी लाए थे हमने भी प्रेजेंट दे. दिया क्या प्रेजेंट आए थे सर कुछ आए थे. किताबें वगैरह ऐसे तो उस वक्त उनको हमने. इनवाइट किए थे मैं भी जाना चाहता था लेकिन. नहीं हो पाया इंडिया पाकिस्तान का ये.
सुधारने का प्रयास हम कर रहे. थे इंडिया पाकिस्तान के रिश्ते कभ बेहतर. हो सकते. हैं आप होम मिनिस्टर है आप टेक्निकल समझा. सकते हैं हम तो हम लोग तो इमोशन से बात. करते हैं आप होम मिनिस्टर है आपको अंदर की. टेक्निक पता होग कक अटल जी ने भी कहा था. आप अपने पड़ोसी नहीं बदल सकते आपको कहीं. ना कहीं बात कर लेकिन ये हो सकता है पहले. जिस तरह ब्रिटिश इंडिया में यह सब पूरा. चलते थे हम सब इकट्ठा कितने तो लोग. पाकिस्तान से यहां से आए हैं और बहुत बड़े.
हो गए फिल्म में हो बिजनेस में हो एजुकेशन. में हो बहुत बड़े राइटर्स हो गुलजार. जैसे लेखक हो बहुत रे लोग ऐसे आए हैं तो. हो सकते है दोनों तरफ की सरकार आ जाएग ठीक. तरह से तो य रिलेशन ठीक हो सकता है ओके आप. यह मानते हो सर जो जो पॉलिटिशियन बाद में. किताबें लिखते हैं राइट बाद में राइटर. बनते हैं वो दिल से लिखते.
हैं दिल से ही लिखते हैं सच लिखते हैं ये. आप देखो आप दिल से बोलते हो इसलिए पूछ रहा. हूं सवाल में कुछ दिल से ही बोलते हैं ओके. आपके कई सारे फ्रेंड्स हैं आपके आपकी. पार्टी के कई सारे नेता रहे जिन्होंने. किताबें लिखी बाद में कुछ कुछ मैं उसका. जिक्र कर देता हूं आप बताना मेरे को कि आप. इस पर क्या सोचते हो आप क्विट करना चाहो. तो क्विट भी कर सकते हो मैं आपको फोर्स. नहीं करूंगा सैफुद्दीन सोच साहब है जम्मू. कश्मीर में कद्दावर कांग्रेस के नेता रहे. हैं उन्होंने किताब लिखी और उन्होंने कहा. कि कश्मीर का विकास तभी होगा जब वो अलग.
देश बन जाएगा यह अपनी बुक में उन्होंने. लिखा था डू यू बिलीव ऑन दिस ये उन उनका. वर्जन था सोच उनकी सोचती है उनकी किताब. में वो बेचारे आज है कि नहीं मुझे पता. नहीं है गुजर गए ना हम क्या है मुझे सर आ. उनके नहीं है लेकिन वो काय के लिए बोला. उन्होंने मैं तो नहीं उससे जब तक हम बात. नहीं करते तो ये समझ नहीं पाती बात. तो ये गलत है लेकिन ठीक है नटवर सिंह जी.
विदेश मंत्री थे उनकी किताब काफी प्रचलित. भी हुई बाद में फिल्म में बनी. उन्होंने सोनिया जी को लेकर कई सारी. टिप्पणियां की थी और कहा कि सोनिया जी. इसलिए प्रधानमंत्री नहीं बन पाई क्योंकि. राहुल जी नहीं चाहते. थेय बात बिल्कुल सही नहीं है सोनिया गांधी. जी. प्रधानमंत्री व खुद नहीं बनना चाहती थी. डॉक्टर मनमोहन सिंह जी को उने बनाया और.
राहुल जी इस तरह की बात कभी नहीं सोच सकते. बट सोनया जी प्रधानमंत्री क्यों नहीं बने. सर उस टाइम तो आप लोग मैंडेट था हमने सुना. कि शायद कई लोग पार्टी में चाहते थे कि व. बन जाए बन जाए लेकिन उन्होंने निर्णय उनका. निर्णय था व आपके तो करीब भी रही है आप. थोड़ी इन साइडल कहानिया उनका मैं उस वक्त. पहले जब टम इनका ये हो गया तभी मैं दिल्ली. में नहीं था ठीक है प्रणव मुखर्जी सर मुझे. लग रहा आपके काफी करीबी भी रहे हैं. क्योंकि रूम में जब मैं बैठा हूं तो. सोनिया जी की तस्वीरें हैं राहुल जी की.
तस्वीरें हैं और तीसरी तस्वीर म डॉक्ट. मनमोहन सिंह की तस्वीरें हैं और चौथी. तस्वीर जो है वो मुझे प्रणव मुखर्जी जी की. नजर आ रही है चार लोग मुझे लग रहा है. चारों आपके काफी करीबी रहे हैं या आपने. इनसे इंस्पिरेशन ली है या वो तो चार चीजें. तीन चीजें प्रणव दानेल ने अपनी बुक में. लिखी थी मैं पूछते करके एक था कि 2014 में. सोनिया जी मनमोहन जी सरकार बचाने में. ज्यादा बिजी थे इसकी वजह से कांग्रेस का. पॉलिटिकल फोकस जो था वो थोड़ा डिस्टर्ब हो. गया और वो हार गए मुझे पता नहीं है उनका.
उनके इंडिविजुअल सोच की बात है ठीक है. सेकंड था कांग्रेस इसलिए हारी क्योंकि. मनमोहन जी थोड़ा मिलते कम थे सांसदों से. ये बुक में मेंशन है थ मिलते मिलते कम थे. सांसदों से कांग्रेस के सांसदों से कम. मुलाकात होती थी डॉक्टर मनमोहन सिंह जी तो. वैसे वो नॉन पॉलिटिकल लीडर थे वो सबसे. मिलते थे और बहुत अच्छा उन्होंने देश. चलाया. मुझे नहीं लगता कि वो कम मिलते थे ओके.
लास्ट प्रणो द ने अपने बारे में लिखा है. अगर मैं 2004 में प्रधानमंत्री बना होता. तो फिर कांग्रेस की स्थिति बेहतर होती. इतनी दुर्दशा नहीं होती ट वा बिग क्लेम फम. प्रणव मुखर्जी सने अपनी सोच है तो. उन्होंने जो बोला उस पर मैं क्या बोलू यह. उनकी सोच है और व भी अच्छा काम करती थी. हाउ यू सी प्रणव मुखर्जी सर अब तो नहीं है. वो लेट है प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया भी रहे वो. सब सर्वोच्च नागरिक सर्वोच्च सम्मान पर.
रहे बट कैसे आप उनकी यात्रा देखते हैं. नहीं वो तो बड़े इंटेलिजेंट है हुशार है. हुशार है. और डिफिकल्ट टाइम में अ व कुछ ना कुछ. रास्ता निकालते थे कहीं ना कहीं हमने देखा. है उनका वर्किंग बहुत क्लोज इससे भी देखा. है तो अभी उनकी सोच है व मैं चला सकता था. लेकिन सब लोग भी मानना चाहिए ना कोई मानते.
हैं कोई नहीं तो उस पर भा से करना ठीक. नहीं है यह आपने शार शार बड़ी बात कह दी. कि टैलेंट हो लेकिन सबको साथ लेकर चलना भी. एक कला होती है वो. शायद ओके सुपर्ब य ये हर फील्ड में से. लागू होता है आपका टैलेंट होना एक तरफ. होता है लेकिन दूसरी कहानी अच्छा सर कोई. ऐसा पॉलिटिकल स्टेटमेंट जिसको आप रिग्रेट. करते हो क्योंकि मेरे पास एक है. बताइए जब आपने जया बच्चन जी से कहा मैडम.
जरा ध्यान से सुनिए यह कोई फिल्म इशू नहीं. है हां वो हाउस में राज्यसभा में हो गया. था बट इमीडिएट. मैंने व. वही आतंकवाद के कुछ ऐसे इशू पर था तो. मैंने इमीडिएट माफी मांगा था उसमें तो यह. आपका विटी नेचर है सर ये जो आप. थोड़ा-थोड़ा मजाक कर देते हो उसकी वजह से. ये था नहीं नहीं उस वक्त नहीं मैं काफी. सीरियस था लेकिन वो मेरे ख्याल में नहीं आ. गया उनके मेरे बड़े अच्छे रिलेशन.
थे हिट ऑफ. द डिस्कशन में व बात निकल गई मेरे मुंह से. सो यह सेकंड स्टेटमेंट था जो आप रिग्रेट. करते हो हा तो क्या फर्क ठीक है अभी एक. दिग्विजय जी जो गलती होती है उसमें. रिग्रेट करने में कोई दिक्कत नहीं है ट्रू. सही बात है इसमें ये बड़पन की निशानी होती. है बड़ा पेड़ का होता है जिसमें फल नहीं. लगते वो सीधा खड़ा होता.
है ये दो ही है या कुछ और भी है सर जो. उसको आप क्रिकेट करते हो पीछे मुड़ के. अपनी पॉलिटिकल यात्रा में पता नहीं पता. नहीं ओके अ दिग्विजय सिंह सर का एक पुराना. स्टेटमेंट बड़ा चलता है जिसमें वो कहते. हैं कि मोदी को गुजरात के बाहर जानता कौन. है फिर बीजेपी आपको लोग को लगा था कि. नरेंद्र मोदी जब आप लोग सेंट्रल में काम. करते यूपीटी में कि एक ऐसा टाइम आएगा कि. वो तीन बार प्रधानमंत्री बन जाएंगे देखिए. उस वक्त तो कुछ नहीं लगा था वो तो हम और. वो मिलके हिमाचल में जनरल सेक्रेटरी थे.
मैं मैं भी हिमाचल का जनरल सेक्रेटरी था. मैं मुख्यमंत्री था वो गुजरात में. मुख्यमंत्री थे मैं पावर मिनिस्टर था वो. पावर मांगने के लिए मुख्यमंत्री के नाते. वो मेरे तरफ आते थे इसका मतलब यह नहीं है. कि हम उन पर ज्यादा टीका टिप्पणी करें कुछ. बोले कुछ दूसरे पार्टी में है जो अच्छा. काम करते हैं तो उसको हम मदद भी बहुत किया. हमने मोदी जी ऐसा नहीं है.
ये पावर देने में. वगरे अभी जब आप देख क्यों मोदी जी को ऐसा. नहीं देश चलाने के लिए देश की जो जरूरी. होती है उसके लिए केवल मोदी जी को नहीं हम. कम्युनिस्टों को भी. किए ओबवियसली वेस्ट बंगाल को भी कि. देश देश का जब पावर बढ़ाने की बात होती है. तो मेरे वक्त पावर बड़ा बड़ा था ना इतना. हां वो आपके बड़े अचीवमेंट्स में से एक है. तो सबको मैं मदद करता.
था तो अभी जैसे आप उन्हें देखते हो प्राइम. मिनिस्टर ऑफ इंडिया वो है आप लोग क्योंकि. साथ में कोलीग र आपने कहा जनरल सेक्रेटरी. थे चीफ मिनिस्टर थे साथ में आपने काम किया. क्या लगता आपको क्या एक्स फैक्टर था जो वो. तीन टम निकल गए एज अपोजिशन लीडर भी देखिए. वो तो हार्ड वर्किंग है बहुत कष्ट कर लेते. हैं मोदी जी मैं देख रहा हूं तभी से भी. देख रहा हूं सोचते हैं लेकिन वो पार्टी की. जो थिंकिंग है उनकी उनको कभी-कभी बाहर. नहीं निकालने देते निकलते हैं नहीं तो और.
भी बहुत बड़े होते हैं एंड हाउ इ एस. इंडिविजुअल एक इंसान के तौर पर भी आप. जानते होंगे उन्हें ये तो पॉलिटिकल पासे. आपने बाला साहब का कहा कि बाला साहब से. आपके पर्सनल रिश्ते थे जिसमें राजनीतिक. रिश्ते नहीं आते थे पर्सनली आपकी लड़की की. शादी में भी आए तो आई एम शर मोदी जी को आप. पर्सनली भी जानते होंगे पर्सनली कैसे रहे. वो नहीं पर्सनली तो हमारे से अच्छा है कोई. बुरा नहीं है ओके ठीक है सर. यह सारी कहानियां हो गई आपके सर लाइफ में.
अगर आपको अपने जो नई पीढ़ी है क्योंकि. बहुत सारे नए बच्चे होंगे जो शायद आपको. जानते हैं अभी नई पीढ़ी जो बाद में पैदा. हुए होंगे उतना एक्टिवली पॉलिटिक्स फॉलो. नहीं करते वैसे भी इस देश में बच्चों का. पॉलिटिक्स में थोड़ा कम इंटरेस्ट है आप. क्या बताओगे कि मैंने अपने कार्यकाल में. यह तीन चीजें बहुत अच्छी की थी पीपल शुड. रिमेंबर फॉर दिस थ्री. थिंग्स आपके हिसाब से आपके तीन अचीवमेंट. क्या एक तो आपने पावर बता दी कि पावर में. मैंने देश में बिजली को ऊपर उठाया एक. स्केल दो और कोई भी तो महाराष्ट्र में वो.
मैंने. जो पहला बजट दे दिया था मुख्यमंत्री बोल. के सब लोगों नीचे के एकदम लो लेट लोगों के. लिए मैंने योजना बनाई और उनके लिए सब कुछ. किया हम हां ये आपने कहा था दलितों के लिए. आपने काफी काम किया गरीबों के लिए आपने. काम किया एक कोई और काम सर और कोई दूसरा. काम क्या काम था अभी आप लोगों को ही असेस. करना होगा हमने तो इतने काम करके आपके. टाइम में सबसे ज्यादा आतंकवादियों को. फांसी दी गई.
थी नहीं मुझे नहीं. लगता क्योंकि दो तीन बड़े-बड़े किस्से उसी. टाइम आए थे जो देश में जदा लाइमलाइट में. थे अभी आप एनालिसिस करिए और बोल एक आपने. सर स्टेटमेंट दिया था कि अगर मैं गलत थ. कोट कर रहा हूं कि कांग्रेस पार्टी में. बहस संवाद की परंपरा समाप्त हो गई है इस. पर काम करने की जरूरत है काम होगा तो. बेहतर चीजें हो जाएंगी नहीं मैंने से कभी. स्टेटमेंट नहीं दे दिया ये तो पंडित.
जवाहरलाल नेहरू जी से इंदिरा जी से ये बहस. करना ये बहुत महत्त्वपूर्ण बात है. कांग्रेस पार्टी में और भै सेही देश चलेगा. इस प्रकार की नीति है हमारी. हम तो यू हैव सीन पंडित जवाहरलाल नेहरू जी. को आपने देखा इंदिरा जी को आपने देखा. मनमोहन सिंह सर को आपने देखा और अभी मोदी. जी काम कर रहे हैं अगर शिंदे सर से मैं. कहूं कि इन सब में आपका फेवरेट प्राइम. मिनिस्टर कौन रहा है इंदिरा जी क्यों. इंदिरा जी तो.
व मैं बताऊ हा इंदिरा जी मैं वो देखता था. कि रूरल शुड बी ब्रेव लाइक ए लायन एंड. कनिंग लाइक ए. फॉक्स तो लीडर शड. बी ब्रेव लाइक लायन एंड कनिंग लाइफ फ. फॉक्स यानी धूर्त रहना चाहिए तो धूर थी और. बांग्लादेश की लड़ाई उन्होने जिस तरह से. जीती तो तो शूर थी ट्रू ट्रू बट सर उनका.
ट्रांसफॉर्मेशन बड़ा अच्छा था लोग उन्हें. शुरुआत में गूंगी गुड़िया कहते थे कमजोर. मानते थे फिर आपको क्या लगता आपने उनको. जनी हम लोग तो सुने केवल किससे सुने आप. उन्हें जानते थे पर्सनली क्या ट्रांसफॉर्म. कर गया जोनी पाल गुड़िया बोलते थे उन. लोगों ने दुर्गा बोला यह देश का इतिहास है. वही बीजेपी के लोग हैं हालांकि अटल जी ने. इसको मना कर दिया था मैंने बाद में पढ़ा. कहीं ही सेड मैंने ऐसा नहीं कहा था मेरे. नाम प अखबारों ने छाप दिया था तो य अभी जो. मैं तो ये बोल रहा हूं ना कि जो गंगी.
गुड़िया बोलते थे वही वही लोगों ने दुर्गा. बोले वन ऑफ द पावरफुल प्राइम मिनिस्टर ऑफ. इंडिया तो नंबर वन इंदिरा जी हो गए नंबर. दो प सर नहीं दो भी नंबर नहीं ओनली फेवरेट. इंदिरा गांधी मनमोहन सिंह को सर कई लोग. कहते हैं कि बहुत ही अंडररेटेड प्राइम. मिनिस्टर है मनमोहन जी ने भी कहा था कि. इतिहास इतिहास मेरा न्याय करेगा ये उनका. स्टेटमेंट था सही है मनमोहन सिंह जी भले. अच्छे प्राइम मिनिस्टर है रहे और देश को. इकोनॉमिक लेवल उन्होंने बहुत ऊंची बनाई है.
और दुनिया में नाम भारत. का लिया जाता है उनके लीडरशिप से तो. उन्होंने बहुत अच्छा काम किया ठीक है सर. वी आर ऑलमोस्ट एट क्लोजिंग राहुल जी और. प्रियंका जी शिंदे साहब का 84 साल का अपना. उम्र का तजुर्बा 50 फाइव डिकेड इन. पॉलिटिक्स 50 साल सियासत में क्या लगता है. किसकी अगवाई में कांग्रेस सत्ता में लौटा. आएगी. देखिए अभी शुरुआत को हम सब लोगों ने राहुल.
जी के बारे में तो निर्णय ले लिया है और. उसके बाद प्रियंका जी आ जाए राहुल जी तो. हम सब लोगों ने हमारी पीढ़ी है उनके बाद. की पीढ़ी राहुल जी प्राइम मिनिस्टर होना. चाहिए य चाहते हैं राहुल जी में क्या. खासियत. कि कांग्रेस उन पर बैक टू बैक भरोसा कर. देखो वही चीज हो रही थी जो इंदिरा जी के. बारे में हो गई गंगी गुड़ वगैरे वही राहुल. जी के बारे में यह लोग कहते थे बीजेपी.
वाले तो अभी बोलते हैं कि नहीं अभी सुधार. गया तो ऐसा ऐसा है यह बीजेपी वालों का काम. हरियाणा चुनाव में सर हार के बाद एक. बीजेपी ने पोस्टर बनाया ग्लोट करके एंड दे. मेंशन ग्रेटेस्ट लूजर ऑफ ऑल टाइम 80 बार. राहुल जी चुनाव हार गए ये बीजेपी वाले भी. छाप रहे थे कल परसों जब हरियाणा का चुनाव. खत्म हुआ तो लगातार कह रहे कि राहुल जी 80. चुनाव हार गए अपनी अगवाई में नहीं नहीं. चुनाव हारना फिरना ठीक है वैसा तो होता है. सो व्हाट इज द बेस्ट क्वालिटी ऑफ राहुल. गांधी सर आप तो करीबी जानते हैं आपने पूरा.
उनका राइस देखा है लॉन्च देखा है लच से. लेकर अभी तक आप फॉलो कर रहे हैं व देखिए. कुछ गलती भी हो गई तो सोचते हैं और करेक्ट. करते हैं उसको यह सबसे बहुत बड़ी बात है. उनकी कई लोग कहते हैं इंसान बहुत अच्छे. हैं पॉलिटिक्स में थोड़े मिसफिट हो आते. हैं सर लेकिन एज अ ह्यूमन बीइंग ही इज अ. ग्रेट ह्यूमन बीइंग वो तो है लेकिन वोह. पॉलिटिक्स में भी बहुत आगे जाएगी यह आपको. बिलीव है और किस क्वालिटी को देखकर आप कह. रहे हैं सभी क्वालिटी को उसकी ओके सुपर एक.
लास्ट क्वेश्चन सर बहुत रूमर है मैं आपसे. डर डर के सवाल पूछूंगा. और मुझ परे नाराज मत होएगा बट ये बहुत. रूमर बहुत सारे अखबारों ने पता नहीं क्यों. छाप दिया मुझे लगा आपसे बेहतर कोई इंसान. नहीं है राहुल जी की शादी को लेकर एक बड़ा. अखबारों ने कुछ खबर छापी कि शिंदे साहब की. डॉटर साथ शादी हो रही है इज इट ट्रू और. रूमर और क्यों ये खबर ये गलत बात है आप तक. पहुंची थी खबर ये नहीं यह तो पढ़ते हैं हम. पेपर में वगैरह लेकिन ऐसा कुछ नहीं. है हमारी लड़की प्रणति शिंदे जो एमपी है.
वो वो तो कलीग इन द पार्लियामेंट तो हाथ. मिलाया तो क्या हो. गया यह खबर आपको नहीं पता लग गईया आई एम. शर पता आपको तो ये इससे जो इस तरह की. वायरल करना न्यूज ये गलत बात है उनका. कोई मैरिज का रिलेशन नहीं है नहीं है. शिंदे सर. अ आप क्योंकि आप रिटायर्ड हो चुके हैं. आपने अपनी नई पीढ़ी को सारी विरासत सौंप.
दी है नए बच्चे अच्छा करें महाराष्ट्र. सिलेक्शन में इस बार कौन जीतेगा एक मैं. आपसे प्रेडिक्शन लेके जाऊंगा और एक सवाल. ये कि आप क्या चाहते हैं कि आपको लोग कैसे. याद. रखें आपकी लेगासी में आप क्या चाहते हैं. कि शिंदे साहब को लोग कैसे याद रखें एक तो. ये याद रहेगा कि फर्स्ट दलित चीफ मिनिस्टर. ऑफ महाराष्ट्र जिसने अपनी पहचान बनाई देश. में होम मिनिस्टर तक गया बट स्टिल आपका भी. होगा ना आपने किताब लिखी है अब तो आप. सोचते होगे अपने बारे. मैं तो कोर्ट में चपरासी था चपरासी से.
यहां तक आया य दूसरी पीढ़ी के लोगों ने. कष्ट करके ऊपर आदमी आ सकता है उसमें शाय. नहीं होना चाहिए फाइट करना विल विल फाइंड. वे आपकी विल जो है वह रास्ता निकालती रहती. है तो वह करना चाहिए उसके लिए मैं प्रयास. करता हूं और आज भी मेरा वही कहना है कि जो. भी आदमी नाराज नहीं हो जाए नर्व नहीं हो. जाए बुरे दिन आते हैं लाइफ में लेकिन उससे.
डरना नहीं है फाइट करते रहना लाइफ उसका. नाम है खड़के साहब ने कहा था कि शिंदे. साहब ने कभी भी दलित कार्ड नहीं खेला पूरे. करियर. में बट व थैंक्स खरके साहब को व बोला. उन्होंने लेकिन मैं दलित होक भी उस तरह के. कार्ड नहीं खेलता हूं यह बात सही है कि. मैं तो सर्व समाज इकट्ठा होना चाहिए इस. तरह की बात करता हूं आप हमेशा मुस्कुराते.
रहते हो सर इसके पीछे क्या वजह है हर कोई. कहता कि शिंदे साब हमेशा मुस्कुराते रहते. हैं व भगवान की इच्छा है कोई भी टेंशन हो. कुछ भी हो हर जगह आप मुस्कुराते रहते हो. क्या मंत्र है सर लाइफ में आपका. हैपी पता नहीं है मुझे मुझे भी पता नहीं. है अच्छा ठीक है 84 यर ओल्ड जर्नी से अगर. आपको नए बच्चों को मैसेज देना हो लाइफ को. लेके व्ट मैसेज य विल. आयुष्य में कभी कठिनाई आती तो उसे डरो मत.
लड़ो कठिनाई से लड़ो आप ऊपर आ सकते हो. गरीबी जा सकती है गरीबी को भी निकालने के. लिए आप मेहनत करो आदमी ऊपर आ सकता है मेरे. जैसे असंख्य लोग इस देश में है वह भी. प्रयास करते हैं और ऊपर आते हैं पॉलिटिक्स. में नहीं कि दूसरी. शिक्षा में आते हैं कहीं और बिजनेस में.
आते हैं तो इस तरह कष्ट करने से और. अपने मुट्ठी पर विश्वास रहना चाहिए कि हम. इस देश में कुछ कर सकता हूं और करके. बताऊंगा और मुझे पूरा यंगस्टर पर पूरा. विश्वास है कि आप यह सोचे कि मैं कर सकता. हूं देश आगे जाएगा जय हिंद जय भारत जय. महाराष्ट्र सर थैंक यू एंड आई होप कि आपकी. किताब जो है यह और इसको लोग खरीदें पढ़े. आपके एक्सपीरियंस को जाने बेस्ट विशेस सर.
आप ऐसे मुस्कुराते रहिए थैंक यू सर थैंक. यू थैंक यू.
