Unplugged ft. Sunil Gupta | Tihar | Charles Sobhraj | Bikini Killer | Afzal Guru | Black Warrant
अंग्रेजों के जमाने के. जेलर ना ना उससे भी आगे के. [हंसी]. [संगीत]. हैं जेल में तो लड़कों के साथ भी रेप कर. लेते हैं जहां प 18 से 21 साल तक के बच्चे. हैं उसमें सोडमी 80 पर तक है बाप रे हमने. कंडोम रखे वहां पे कंडोम रखे बड़ा एक. रिवोल्यूशन स्टेप था कि आप कंडोम.
जेल में कैदियों के बीच में अफेयर होते. हैं जैसे मान लीजिए कोई सुंदर महिला है वो. जेल गई है किसी कैदी को वो लड़की अच्छी लग. गई तो क्या ऐसा हो सकता कि पैसे के रसू. उसकी इज्जत लूट ले जेल में सेक्स वर्कर्स. आते हैं हा कैसे सबसे हाई प्रोफाइल केस. कौन आ सबसे सुविधा मि जेल आज तक सुब्रतो. राय साहारा जो हैई चैलेंज होल वर्ट व नॉ न. एनीथिंग. [संगीत]. उसको सारी फैसिलिटी जेल के अंदर मि सारी. मतलब खाने पीने की तो हो ही जाती है एर. होस्टेस वगर उसकी जो थी वहां पे मतलब इसके.
दूसरे मायने जो लोग सोच सकते हैं वो सोच. ले सही है एयर होस्ट जब आ रही है किस काम. के लिए आ रही चाल आपका भी क्रश था क्योंकि. मैंने कहीं जहा सुना कि अगर आप लड़की होते. तो आप कहते मेरा भी दिल आ ता चास प. बड़े-बड़े जर्नलिस्ट लड़कियां आते थे. मिलने के लिए और ऐसी ऐसी पोजीशन में उसके. साथ बैठते थे क्योंकि मेरा कमरा होता था. जिसमें मुलाकात होती थी गरीब आदमी को जाली. लगवा के पिलाते थे और बड़े आदमी को जो. पैसा आप लोग को देता था उसको आप कहते. सामने सामने मिल हमको नहीं देता थे रूल. कहते थे.
जेल में भी सुपरस्टिशन होते हैं जेल में. अगर बच्चा पैदा होगा तो लड़का ही होगा. महिलाओ में भी शातिर गुंडिया होती होंगी. बहुत बहुत बहुत गुंडिया होती है एक महिला. मैं आपको बता हू उसको एड्स थी फुल ब्लोन. अप एड्स थी वो क्या करती थी एक सुई से. अपना ब्लड निकाल लेती थी कहती थी अगर मेरी. बात नहीं मानोगे तो मैं सुई तुम्हे चिबो. दूंगी जेल में करप्शन किस लेवल तक होता है. सुकेश चंद शेखर का हम देख सुन रहे हैं. वहां पे वो पूरी जेल को एक तंखा तो. गवर्नमेंट के लेते थे एक तंखा वो देता था.
तो इसीलिए वो जो बॉलीवुड के एक्टर्स है थे. उनके यहां लव बाइट्स बनी थी हां. अ क्या ये पॉसिबल है कि जेल में अभी कोई. कैदी हो जिसके पा. [संगीत].
ये मैंने कहीं सुना था हां बिल्कुल बु कि. वो अपने बम्स में एक दो फोन करके निकल. जाते. हैं अरे इनके बम्स इतने बड़े-बड़े होते. हैं उसम दोदो मोबाइल फोन जो है उसमें आ. जाते हैं तिहाड़ दिल्ली सरकार के अंडर आता. है जी अब दिल्ली का मुख्यमंत्री अब तिहाड़. में चला. गया ये बड़ी यूनिक चीज हुई थी तिहाड़ का. मालिक ही तिहाड़ के जेल में आप. मुख्यमंत्री की बात कर रहे हो दिल्ली का. जेल मंत्री वो जेल में था मकबूल भट का. दिखाया बैडमिंटन खेलते थे अंदर बैठ के साथ. में बैडमिंटन खेलेंगे कभी जी देख सब आपके.
सपने में नहीं आते लोग कभी कभी रा ऐसा आया. हो हेलो गुप्ता जी आप अफजल के टर्ड इतने. सॉफ्ट क्यों थे आप अफजल को लेकर रो क्यों. रहे. थे ऐसा हो सकता है कि जेल में बैठे कोई. हमारा पॉडकास्ट भी देख बिल्कुल देख सकते. बिल्कुल रेंस ब स्टोरी बनाते तो रेंस भाई. सुभर भाई क्या बढ़िया स्टोरी बनाई अब मैं. जैसे कई मैंने गैंगस्टर का नाम लिया तो. गैंगस्टर देख यार मेरा नाम ले रहा है वहां. प चलो सुनील जी को जो अपने अगला अगला. निशाना इन्ही के ऊपर लगा.
मकबूल भट्ट से लेकर अफजल गुरु निर्भया से. लेकर. निठारी रंगा. बिल्ला और ऐसी. अनगिनत कहानियां जुड़ी है तिहाड़ से वह. तिहाड़ जिसका नाम सुनकर बाहर तो लोग कपकप. जाते हैं लेकिन उसके अंदर की एक दुनिया है. जो अपने आप में किसी फिल्मी कहानी से कम.
नहीं है एक कहानी जो अभी एक वेब सीरीज के. माध्यम से आई है और उस कहानी को कहने वाले. शख्स जो है वो फिलहाल हमारे साथ है लर. साहब बहुत-बहुत स्वागत है आपका थैंक. यू आपकी शक्ल इतनी मासूम सी है प्यारी सी. शक्ल. है कहां आप फस गए य तिहाड़ जेल के चक्कर. में जो डेस्टिनी में लिखा होता है वो तो. होता ही होता है मैं डेस्टिनी पर काफी. विश्वास करता हूं और बाकी था जोश था अभी.
भी जोश है काफी कोई यह नहीं कि मासूमियत. के बाद जो है काम नहीं होता मासूमियत अपनी. जगह पर और काम अपनी जगह पर हमने सुना था. अंग्रेजों के जमाने के जेलर ना ना हम उससे. भी आगे के. हैं अगर अंग्रेजों से भी कोई आगे होता है. तो उससे भी आगे के जेलर है क्योंकि. अंग्रेजों के टाइम के जेलर मैं बताऊ क्यों. कहते हैं कि उन दिनों में जो स्तता फ्रीडम. फाइटर थे हमारे इनके ऊपर काफी ज्यादा जो. है अत्याचार होते थे और वो सारे अंग्रेजों. के टाइम के जो यह करते थे इसलिए उस चीज को.
बोस्ट करते हैं कि हम अंग्रेजों के टाइम. के जेलर है यानी कि हम उस टाइप के हैं. जैसे उन्होंने फ्रीडम फाइटर्स के ऊपर. अत्याचार किए थे और कहना गलत होता है वो. पर हम उससे भी आगे गए मैंने जेलर को लेकर. जो बॉलीवुड की फिल्मों में देखा वो दो. चीजें दिखाई पड़ी एक असरानी साहब टाइप के. जेलर कॉमेडी करते हो और एक हमने वो सावरकर. जैसी फिल्मों में देखा जहां पर जेलर जो था. इतना सख्त था कि जेल में लोगों की सिट्टी. पिट्टी गुम रहती थी लेकिन ब्लैक फरन में.
हमने देखा कि जेलर साहब बड़े असहाय थे. कमजोर थे बेबस थे लाचार थे कई सारी घटनाएं. हो रही थी कई बार तुमको लगा ये हो क्या. रहा है और उससे तो ये लग रहा था इतना सच. कैसे दिखाया जा रहा है देखिए क्या है कि. जब ट्रेनिंग आपको ना मिली हो ना हां और. आपको मार खा खा के जो है ट्रेनिंग मिल रही. है तो शायद वह ज्यादा ड्यूरेबल होती है कि. जो आपको फेस सिचुएशन को फेस करके जो आप. ट्रेनिंग लेते हो उसमें आप ज्यादा कामयाब. रहते हो बा निस्बत की आप एक बार आपने. ट्रेनिंग ले ली उसके बाद कुछ किया नहीं तो.
य हमारे साथ यह हुआ कि हमने चैलेंस ले लेक. जो है अपने आप को ट्रेड किया अब जेलर साहब. जो है वो रेलवे में नौकरी कर रहे थे. परिवार के साथ रहने के लिए आपने जेलर बनने. का मन बनाया यहां आप रह गए बिलकुल ये सारी. कहानी हमने ब्लैक फरन में देखी है n पर. लोग जाके देख सकते हैंक बिल्कुल बिल्कुल. मुझे जानना यह है दो चार सवाल शुरुआत करें. पहले एक इसके अगले सीजन भी आ रहे हैं कुछ. कह नहीं सकते यह डिपेंड करता है कि लोग की. लाइकिंग क्या रहती है अगर लाइकिंग बहुत.
अच्छी रहती है तब आएगा अभी रिस्पांस कैसा. आ रहा है अभी रिस्पांस तो बहुत अच्छा आ. रहा है जो इसकी रेटिंग जो है काफी अच्छी. चल रही है हम तो उससे लग रहा है कि शायद. आना चाहिए ठीक है अब फिल्मों में कुछ. चीजें जो होती हैं वो कई बार थोड़ी. काल्पनिक भी कर दी जाती है थोड़ी बढ़ा द. जाती है थोड़ी सी क्रिएटिविटी की डिमांड. होती है बट हम चाहेंगे कि इस पॉडकास्ट में. आप अनफिल्टर्ड बताएं हमें बिल्कुल बिल्कुल. बिल्कुल बबाकन बेबाक वाला तो ये जेल स्टाफ. और प्रिजनर का रिश्ता कैसा होता है. क्योंकि जो आप लोग दिखाए वो तो बड़ा. पारिवारिक संबंध है देखिए क्या है कि आजकल.
जो जेल स्टाफ और जो प्रिजनर का रिश्ता है. आपको हैरानी होगी सुनकर कि जो एक गेस्ट और. होस्ट का हिस्सा होता है रिश्ता होता है. वह रिश्ता है सुप्रीम कोर्ट कहती है जेलर. इज द होस्ट एंड प्रिजनर इ द गेस्ट अगर. आपके यहां कोई गेस्ट आता है तो आप उससे. जैसा आप बिहेवियर करते हैं वैसा हमें. प्रिजनर के साथ जो बिहेवियर करना होता है. अब को बीटिंग वगैरह अंग्रेजों के टाइम पर. कभी होती थी तो बीटिंग वगैरह तो आप कर.
नहीं सकते जरा सी आपने बीटिंग गाली भी. निकाल दी आप लोग जेलर पीट नहीं सकता अंदर. केद को ना ना ना अगर आपने बीटिंग कर दी और. उसका कोई गवाह है तो आपके खिलाफ मुकदमा चल. जाएगा और आप कोर्ट में कोर्ट के धक्के. खाते रहोगे नहीं तो वो लोग जो निकलते हैं. कहते हैं हमारा हाथ खराब हो गया जेल से या. इस तरह टॉर्चर किया गया या इस तरह से मारा. पीटा गया वो ऐसे लोग होते हैं जनरली देखि. हम भी यह कहते हैं कि हम जेल में कहते हैं. कि मारना नहीं चाहिए जब मैं वहां पर था तो. मैंने हर एक अपने स्टाफ को कहा हुआ था कि.
कोई मारेगा नहीं क्या होता है आप मारते. किसको आप मारते हो गरीब को या पैसे वाले. को उसके पीछे रीजन होते हैं कि आप क्यों. मार रहे हो गरीब को क्यों मार रहे हो अपनी. एक भड़ास निकालने के लिए पैसे वाले को. क्यों मार रहे हो वह आपको पता है आप कभी. गैंगस्टर को मार के दिखाओ ना कोई गैंगस्टर. ने आपको कभी दिखाया कि उसका हाथ तोड़ दिया. जेल वालों ने या कोई टेररिस्ट ने आपको. बताया कि उसका हाथ तोड़ दिया यह खाली यह. जो अत्याचार की जो बात आपने की है यह अचार. होता है बेबस आदमी के ऊपर या होता है पैसे.
वाले के आदमी के ऊपर उसके पैसे एक्सटॉर्ट. करने के लिए तो इसलिए मार् की कोई जगह. नहीं है जेल की ना तो रूल्स में कहीं गाव. है खाली आप अगर आपके ऊपर किसी ने अटैक. किया आप अटैक को रिपेल करने के लिए आपका. कांस्टिट्यूशन राइट है कि आप अप सेल्फ. डिफेंस में आप कुछ उसको काउंटर अटैक कर. सकते हो नहीं तो आप काउंटर अटैक नहीं कर. सकते तो जो थर्ड डिग्री के वीडियोस आते. हैं जब फिल्म में दिखाते हैं सब फर्जी चीज. है नहीं नहीं ये फर्जी चीज नहीं हुआ होता. है पर रूल्स का वायलेशन हुआ होता है अगर. इसको कोई चैलेंज करता है कोर्ट के आगे.
हिम्मत भी तो चाहिए ना कोर्ट के आगे कोई. चैलेंज करे इसको और उसको बताए कि ये. एविडेंस है इसके सामने मुझे मारा है तो. रैकेट तो पुलिस वालों का भी होता होगा ना. कि तू चैलेंज करके दिखा फिर लौटेगा फिर. बताएंगे तुझे देखा अब इसमें कई तरह के लोग. होते हैं कई लोग तो ऐसे होते हैं जो पुलिस. वालों की धमकी से नहीं डरते और चैलेंज. करते हैं कुछ होते हैं जो डर जाते हैं जो. डर जाता है वो तो बैठ ही जाता है मतलब. शरीफ आदमी को जेल में आप डरा सकते हैं और. जो जेल में लायक जेल वाला आदमी है वो. पुलिस वाले को डरा सकता है बिल्कुल. बिल्कुल बिल्कुल बक बल वैसे ही वन अप.
मैनशिप होती है आप देखेंगे आप दो जने भी. कहीं जा रहे होंगे तो वन अप मैनशिप तो. होती है कि आप दूसरे को डराने की कोशिश. करोगे दूसरा नहीं डरेगा तो आप एक तरफ हो. जाओगे तो जेल में अपराधियों को डर नहीं. होता जेल में अपराधियों को डर नहीं होना. चाहिए जेल में होता है या नहीं होता देखिए. एक एक बना हुआ है एक ऐसी चीज बनी हुई है. कि जैसे हम लोग सोचते हैं कि जेल में हम. चले गए तो हमारी इज्जत खत्म हो गई हमारे. बाप दादा का नाम मिटा दिया इस टाइप का हम. सोचते हैं जबकि ऐसे सोचना नहीं चाहिए जेल.
क्या है जेल एक सुधार ग्रह है जेल जेल जेल. का फंक्शन क्या होता है सेफ एंड सिक्योर. कस्टडी ऑफ दी प्रिजनर मतलब जो बंदा बाहर. में सोसाइटी में कम्युनिटी में रहने लायक. नहीं है इसलिए उसको जेल भेज रहे हैं और. जेल में जब सुधर जाएगा उसको वापस. कम्युनिटी में भेज दो जेल का यही मतलब. होता है और दूसरा जेल का मतलब होता है. उसको रिफॉर्म करना रिफॉर्म आप कैसे करोगे. रिफॉर्म आप करेंगे आप उसको योग आपने उसको. हेल्दी आपने हेल्दी शरीर दे दिया हेल्दी. शरीर में जो हेल्दी माइंड रहता है आपने.
हेल्दी शरीर दे दिया उसको फिर हेल्दी. माइंड करने के लिए आपने उसको मेडिटेशन. करवा दी योगा करवा दी और कई चीजें करवा दी. स्पोर्ट्स में करवा दिया तो आप यह मान के. चलो कि अगर उसमें एक बार नहीं तो वो आदमी. जिसने किसी का रेप किया है मर्डर किया है. गला काट दिया है या कोई और खूंखार काम. किया है उसको आप जेल में पूजा पाठ करवा. रहे हो गेम खिलवा रहे हो किताब पढ़वाओ यह. बड़ा असहज मतलब समझ नहीं आ रहा मुझे ये आप. आप देखें क्या करेंगे आप आप देखो जितना आप. उसको मारो हम तो लगा था कि जेल का मतलब. प्रताड़ना होता है नहीं नहीं आप जितना.
उसको मारोगे अब जितना एक आदमी ने बहुत एक. आदमी गलत काम करके आया है हम अज्ञानता में. किया या अपनी आदत या उसको जैसे संस्कार. मिले हैं उसने ऐसा गलत काम किया है और अगर. आप भी उसके साथ गलत काम कर रहे हो तो आप. मान के चलो कि आप उसको बहुत बड़ा क्रिमिनल. बना रहे हो और बाहर जाकर वह जेल से जब. निकलेगा बहुत बड़ा क्रिमिनल बन के निकलेगा. और बिल्कुल सोसाइटी में एक हाहाकार मचा. देगा लेकिन मैंने तो सुना आप कहीं कह रहे. थे कि जेल के दरवाजे अगर खोल भी दो तो फिर. जेल से सिर्फ एक या दो पर कैदी निकलेंगे.
बिल्कुल बिल्कुल मैं आपको बिल्कुल सही बता. रहा हूं देखिए क्या हुआ चाल सोभराज चाल. सोभराज नहीं तो चाल सोभराज की मैं कहानी. बाद में सुनाता मैं पहले ही सुना देता हूं. चाल सोभराज जिस दिन भागा उस जेल में करीब. 1200 1300 लोग. थे और यह खाली 13 लोग भागे 13 या 14 लोग. थे बाकी पूरी जेल को पता था कि दरवाजे. खुले पड़े हैं हम भागना चाहे तो भाग सकते. हैं पर नहीं भागे सबको पता था दरवाजे एकदम. खुले पड़े थे और करीब करीब आधा पौना घंटा.
दरवाजे बिल्कुल खुले रहे हैं सबको पता था. कि दरवाजे खुले पड़े हैं भाग जाओ नहीं. भागे और वैसे भी आप देखें जेल में एस्केप. की घटनाए जो होती हैं ये खाली 5 पर लगा लो. 5 पर प्रिजनर जो होते हैं वह ऐसे होते हैं. जो कि शरारती टाइप के होते हैं जो कि ना. तो जेल से कैदी क्यों नहीं निकलना चाहते. भागना क्यों नहीं चाहते क्योंकि लॉरेंस का. भी मैं कहीं सुन रहा था कि लॉरेंस ने भी. जमानत के लिए अप्लाई ही नहीं किया है हा. जेल से और मैं बड़ा हैरान था कि अप्लाई ही.
नहीं किया 10 12 15 साल से अंदर बैठा है. तो कैदी क्यों नहीं निकलना चाह रहा है. देखिए जो गैंगस्टर होते हैं ना इनकी. कैलकुलेशन होती है इनकी कैलकुलेशन होती है. इनका यह होता है कि अगर बाहर जाएंगे तो. हमारी जो अपोजिट पार्टी है वो बड़ी. स्ट्रांग है और हमें मार सकती है या पुलिस. वाले हमें मार सकते हैं तो उसी कैलकुलेशन. से यह बाहर जाते हैं और अंदर आते हैं मार. तो जेल में भी सकते हैं मुन्ना बजरंगी को. मार दिया गया था यूपी में जेल में वो. एक्सेप्शन है वो एक्सेप्शन है और कभी भी. आप देखेंगे जेल के अंदर जो है मैंने आपको.
बताया कि जेलर का जो पहला काम होता है सेफ. एंड सिक्योर कस्टडी जेलर के ऊपर अगर कोई. प्रिजनर को मार दिया या किसी प्रिजनर के. ऊपर जो है वह. उसको पिटाई लगा दिया कुछ कर दी जेलर के. ऊपर डिपार्टमेंटल एक्शन तो हुआ ही होगा. उसके ऊपर क्रिमिनल एक्शन हो सकता है अगर. यह चीज होती है तो मुन्ना बजरंगी वाले केस. में जेलर के ऊपर एक्शन हुआ था तो ये फिर. से मैं समझना चाह रहा हूं कि अगर जेल के. दरवाजे खोल दे और एक दो पर कैदी ही बाहर. निकलेंगे इसके पीछ पीछे क्या लॉजिक है.
इसके पीछे लॉजिक ये है कि ज्यादातर. प्रिजनर जो है हा वो चाहते हैं लीगल तरीके. से बाहर निकलना कोर्ट से जमानत करवा के तब. बाहर निकलना ताकि जब जमानत करवा के वो. बाहर जाएंगे तो फिर आप पकड़ने नहीं जाओगे. पकड़ने नहीं जाएंगे वना कुर्की करवा दोगे. नहीं तो नहीं तो उनके घर वाले सबसे पहले. तो उनके घर वाले परेशान होते हैं सबसे. पहले तो उनके जिन्होंने जमानत दी होती है. वो परेशान होते हैं कि हमने तेरी जमानत दी. और तू अगर बाहर भाग आया तो उनको आप उठा के. अंदर बैठा दोगे उनको अंदर बिठा देंगे तो. इसलिए यह मेरा पक्का बड़ा वो है कि अगर आप.
पूरे दरवाजे खोल भी देंगे तो आपके 5 पर से. ज्यादा लोग जो है उसमें बाहर नहीं जाएंगे. तिहाड़ में कितने कैदी पर कितने एंप्लॉई. है देखि वैसे मैं आपको याड स्टिक बताऊ याड. स्टिक होता है कि में कितने कैदी है. तिहाड़ में इस टाइम है शायद 20 एक हज 20. हज कैदी हा और जेले भी 16. है 16 जेले है तो एक जेल में आप लगा लो एक. डे 2000 के आसपास जो है वो एक और ये कैसे. कैसे डिवाइडेड है तिहाड़ जेल में क्या.
इसमें क्या है कि कुछ एक तो हाई. सिक्योरिटी जेल्स है जहां पर हाई. सिक्योरिटी प्रिजनर्स रखते हैं हाई. सिक्योरिटी किसको कहते हैं जो गैंगस्टर. होते हैं उनको आपने रख दिया जो एक्सप्लो. टेररिस्ट है उनको रख दिया या बहुत ही. हार्डन क्रिमिनल है उनको आपने रख दिया. जिनको आप थप्पड़ नहीं मार सकते जिनको आप. थप्पड़ नहीं. मरा तो उनको रख दिया उसके बाद फीमेल जेल. होगी दो फीमेल जेल है एक एडोलसेंट जेल है. एडोलसेंट जेल मीन जो 18 से 21 साल के बंदे. जो है जिनको रखते हैं एक एडोलसेंट जे और. बाकी में देखें क्या है दिल्ली में जो इस.
टाइम जो प्रिजनर जेल में आते हैं और. प्रिजनर की कन्न होती है इसको पूरे सिस्टम. को कहते हैं क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम. क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम में सबसे ऊपर तो. जुडिशरी होती है फिर पुलिस होती है फिर. नीचे प्रोसीक होता है फिर होता है. जेल यह चारों अगर मिलकर अच्छे तरीके से. काम करते हैं तो आपका कहते हैं कि. क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम आपका बहुत अच्छा. चल रहा है और क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम जब. अच्छा चलता है तब जेल में अंडर ट्रायल्स.
कम होते हैं हम और. कन्विसिटी का देखेंगे दिल्ली में आपको. जानकर हैरानी होगी कि 82 पर हम अंडर. ट्रायल है 18 पर जो है क कनविक्टेड है ये. मेरे ख्याल ऑल ओवर इंडिया का जो रेशो है. कनविक्टेड और अंडर ट्रायल प्रिजनर्स का ऑल. ओवर इंडिया के रेशो में सबसे कम है जबकि. दिल्ली में हर कोई पैंपर्ड है जुडिशरी. पैंपर्ड है दे आर गेटिंग बेटर पे स्केल्स. पुलिस पैंपर्ड है दे आर गेटिंग बेटर पे.
स्केल देन नेबरिंग स्टेट जेल पैंपर्ड है. प्रोसीक पैंपर्ड है उसके बावजूद भी हमारे. यहां क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम जिस तरीके से. चल रहा है वह इंडिया के लोएस्ट चलने वाले. क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम में है जो कि बड़ा. ही एक अलग से एक सोचने वाली बात आपने. क्रिमिनल जस्टिस का जिक्र किया एक वेब. सीरीज आई थी मैंने देखी थी वेब सीरीज विकत. मासी शायद उसम कलाकार थे उसमें दिखाया गया. क्या जेल में तो लड़कों के साथ भी रेप कर. लेते हैं. लड़कों के साथ रेप कैसे मतलब सोडो आप सोडो.
मी कह रहे हैं देखिए क्या होता है कि ये. तो हमने यहां तिहाड़ का भी देखा था उस. तिहाड़ में भी हम अगर कोई नया लड़का जाता. है हम पैसा वैसा उसके पास है हम तो तो ले. दे के बच गया कोई सेव कर देगा अगर पैसा. नहीं है तो रात को जेल में आपको उठा ले. जाएंगे एक बैरक में और आपको. फिजिकली इसमें नहीं एक एनजीओ आए थे. उन्होंने एक जेल में हमारे सर्वे किया था. मैं बात आपको बता रहा हूं 93 94 की हम. उन्होंने सर्वे किया और सर्वे करने के बाद.
उनको उन्होंने यह वाली बात जो आप बात कह. रहे हैं य बा वेब सीरीज बाकायदा दिखाया ये. वाली बात कही थी वेब सीरीज बात होगी. उन्होंने कहा था कि आपकी जो एडोलसेंट जेल. है जहां पर 18 से 21 साल तक के बच्चे हैं. उसमें सोडमी 80 पर तक है बाप. रे थोड़ा इस वर्ड को एक्सप्लेन कर दए हम. दर्शक समझना हा सोडमी है कि जहां. दो बंदे जो है दो बच्चे जो है आपस में मिल. के अपनी स्वेच्छा से ज्यादातर तो यह होता.
है होती धमकी से है जो दोनों इकट्ठे रात. को सोते हैं एक ही कंबल में सो गए और. सेक्स कर रहे हैं हम तो उन्होंने जो एनजीओ. ने अपनी रिपोर्ट दी थी उन्होंने कहा था 80. पर जो बच्चे हैं ये आपस में सेक्स करते. हैं तो हमने फिर सोचा कि अब क्या करें उन. दिनों में क्या है एचआईवी का बहुत ज्यादा. प्रकोप था यह बात मैं आपसे बात कर रहा हूं. 994 की 1994 की तो हमने कहा क्या करना. चाहिए हमने फिर एक आईडिया आया कि हमें. कंडोम जो है रख देनी.
चाहिए पहले तो हमें बड़ा य बड़ा. ऑब्स्क्योर सा आईडिया लगा कि कंडोम आप रख. रहे हैं. तो पर हमने कहा इसके रखने के अलावा कोई. रास्ता नहीं है क्योंकि सोडो म उन्होंने. करनी करनी है सोडम ये बाय चॉइस थी या. जबरदस्ती थी भाई ये ज्यादातर तो जबरदस्ती. होती थी हां कि कोई बड़ा गुंडा है उस इसको. हम जबरदस्ती कह नहीं सकते थे क्योंकि. रिपोर्ट कोई नहीं करवाता था बड़े गुंडे के. खिलाफ रिपोर्ट क्यों करवाए जैसे आप बता आ. रहे बड़े गुंडे के खिलाफ रिपोर्ट कोई नहीं.
करवाएगा तो हम कहते भी थे उसको कि आप. रिपोर्ट करवाओ अगर हमें पता लगता भी था हम. अगर केस कर भी देते थे कि सोडमी इसके साथ. हुई है पर वो बच्चा जो है जाके मुकर जाता. था मतलब ये सच है कि जेल में ऐसे भी. अपराधी होते हैं जिन्हें लड़कों का शौक. होता है हां हां ये ये ये तो देखें इसके. ऊपर जो सोडो और और उनके साथ जबरदस्ती वो. करते हैं सोडो अनलेस एंड. अंट्स पढ़ेंगे संजय सूरी वर्से दिली. एस्टेशन केस है उसमें एक डिस्ट्रिक्ट जज.
की रिपोर्ट है जिसम उसने कहा था कि जो. बच्चे जो छोटे बच्चे हैं उनको जो है बिचल. प्रिजनर्स के पास भेजा जाता था सेक्स. डिजायर के लिए तो मैं जो आपको बता रहा था. हमने कंडोम रखे वहां पे कंडोम रखे बड़ा एक. रिवोल्यूशन स्टेप था कि आप कंडोम रख रहे. हैं तो कंडोम जब रखे तो उसमें एक किसी ने. पीआई लगा दी दिल्ली हाई कोर्ट में कि आप. कंडोम रख के आप जो है उनको एक नयता दे रहे.
हो कि आप स बढ़ावा दे रहे हो काफी देर तक. चलता रहा हम भी केस लड़ते रहे अल्टीमेटली. हाई कोर्ट ने य बात बात मानी नहीं तो आपकी. बात बिल्कुल सही है सोडो म होती है और. काफी ज्यादा होती है आप जितनी कम कर सकते. हो वो आपकी सफलता है जेल में जैसे आपने. कहा तिहाड़ में फीमेल के लिए अलग जेल है. मेल के अलग जेल है इनका आपस में मिलना. जुलना होता है जेल में कैदियों के बीच में. अफेर होते हैं नहीं इसमें क्या होता है कि. अगर किसी का मिया भी दोनों जो है अगर जेल. में आ गए तो हफ्ते में एक बार वो मिल सकते.
हैं पर फिजिकली नहीं मिल सकते बीच में. ग्रेटेड आयरन वो होता है जिसमें कि वो एक. तरफ मेल होता है एक तरफ फीमेल होती है बात. होती है और वैसे आपस में मेल कैदी फीमेल. कैदी से नहीं मिल सकते नहीं अनलेस कि आपकी. रिलेशनशिप है कोई बाप बेटे का है. बाप बाप बेटी का हो गया नहीं नहीं मैं. प्यार मोहब्बत वाले केस में बात कर रहा. हूं प्यार मोहब्बत के केस में नहीं जैसे. मान लीजिए कोई सुंदर महिला है वो जेल गई. है आप जेल में सारे काम हो रहे हैं ड्रग्स.
भी आ रहा है नशा भी आ रहा है फोन भी चल. रहा है मीटिंग भी चल रही है मुलाकात भी हो. रही है अब किसी कैदी को वह लड़की अच्छी लग. गई तो क्या ऐसा हो सकता है कि पैसे के. रसूक पर व उसकी इज्जत लूट ले या उसको. फिजिकली असल्ट कर दे नहीं ऐसा मैंने कभी. नहीं देखा यह कभी नहीं हो हो सकता है आपने. वर्ड क हो सकता है मैं तो बहुत कुछ हो. सकता है पर मैंने ऐसा जो मेरा 35 साल का. टेनर रहा है तिहाड़ के साथ ऐसा हुआ नहीं. जेल में सेक्स वर्कर्स आते हैं हां. कैसे पुलिस पकड़ करती है उनको तो जेल में. आते हैं नहीं किसी की डिमांड प अरे नहीं.
नहीं उस पर नहीं मैं सेक्स वर्कर एज ए. क्रिमिनल आते हैं कई सारे केसेस में. दिखाते हैं ना जैसे आपकी सीरीज में भी था. बाहर से लोग मिल सकते थे एक जमाने में. बाहर से बुलाते थे एक नेता जी का भी उसम. दिखाया गया है कि वो अपनी महिला प्रशंसकों. को बुलाते रहते थे इसमें क्या था कि देखें. अब जो है ना यह चीजें काफी खुल रही. है पहले क्या होता था चार्ल सोभराज का. मैंने लिखा उसमें चार्ल सोभराज जेल स्टाफ. को जो है जेल सुपेट जो कमांडिंग स्टाफ है.
उनको डरा धमका के उसने कोई डिक्टा फोन में. उनका जो है कुछ रिकॉर्ड किया हुआ था हम. उनको डरा धमका के वो जो है उसकी जो मिलने. वाली लेडी वो आती थी उसकी फ्रेंड्स आती थी. तो कहते हैं कि सुपरिटेंडेंट जेल के जो. एंटी रूम होता है उसमें वो बैठ के मुलाकात. करता था यह हमने सुना है पर हमने अगर मेरे. टाइम प हो बिल्कुल नहीं वो आपकी किताब के. सहारे वो नेताजी वाली जो बात लिखी गई है. एक नेताजी कैरेक्टर दिखाया गया है हां.
नहीं ये इसमें देखें क्या है और चार्ल्स. चलिए मैं चाल से शुरू करता हूं चाल आपका. भी क्रश था क्योंकि मैंने कई जहां सुना कि. अगर आप लड़की होते तो आप कहते मेरा भी दिल. आता चार्ल्स पे चार्ल्स सु ब्रज के देखिए. इतने दोस्त आते थे हां जो मैं आपको नाम. नहीं बताना चाहूंगा यहां पे बड़े-बड़े. जर्नलिस्ट लड़कियां आते थे मिलने के लिए. और ऐसी-ऐसी पोजीशन में उसके साथ बैठते थे. क्योंकि मेरा कमरा होता था जिसमें वो. मुलाकात होती थी जो बी क्लास की मुलाकात. होती थी मेरे कमरे में होती थी मैं देखता. था कैसे बैठते हैं. बड़े-बड़े नामी ग्रामी नाम है जिनको अगर.
मैं आप एक्सपोज कर दूं तो उनके लिए शायद. बहुत मुश्किल हो जाएगा अपनी इज्जत बचाना. उनके नाती पोते हो गए होंगे अब तो नाती. पोते हो गए होंगे तो चार्ल सुराज को ना. वैसे भी इसको लेडी किलर कहते थे बिकनी. किलर बिकनी किलर ये क्या करता था लेडी. किलर मैं इसलिए कह रहा हूं जेल मैं जेल की. भाषा बता रहा हूं बिकनी किलर तो उसका. उसमें क्राइम की उसम दुनिया में नाम था. लेडी किलर मैं इसलिए कह रहा हूं कि तिहाड़. में उसको काफी सारी औरतें मिलती है मिलने. आती थी कोई वकील होती थी कोई प्रोफेसर.
होती थी कोई डॉक्टर होती थी इसको मिल वो. इसका नाम वगैरह पढ़ते थे उन दिनों में हम. क्या करते थे कि जैसे किसी लड़की ने कहा. कि मैं इससे मिलना चाहती हूं हम प्रिजनर. से पूछते थे कि आप मिलना चाहते हो अगर वो. हां कर देता था तो मिलवा देते थे और जो बी. क्लास प्रिजनर होता था उसका जैसे हम बैठे. हैं ऐसे मुलाकात होती थी जो सी क्लास. प्रिजनर गरीब आदमी को जाली लगवा के पिलाते. थे और बड़े आदमी को जो पैसा आप लोग को. देता था उसको आप कहते थे सामने सामने मिल. लो हमको नहीं देता थे रूल कहते थे. उसमें क्या होता था ग्रिटेड आयरन कलो.
जानती दुनिया है किसको दे रहे थे हा तो. उसमें ग्रिटेड आयरन बीच में ग्रिल्स होती. है एक तरफ जो है मतलब कैटल तभी तो कैटल. क्लास सी क्लास कैटल क्लास कहते हैं तो एक. तरफ प्रिजनर है एक तरफ उसके मिलने वाले कई. बार तो उस बचारे को सुनाई नहीं देता था कि. उसके घर वाले क्या कह रहे हैं तो ज्यादातर. लोग जो है यह कहते थे कि हमने उसको जिंदा. खड़ा हुआ देख लिया हमारे लिए काफी है सही. सलामत हां सही सलामत है तो ये बी क्लास. वाले में तो चार्ल शोभराज वाला फिर मेरा स. सवाल आपको मिल क्रश था उसपे मतलब नहीं.
मुझे लगता है क्योंकि उसे जब आप बात करते. क्यों आप इतने. फैसटेक्स्ट. हो जाएगा आप एक होता है पसंद करना हां कि. आप अच्छे लगते हैं एक होता है आप इतनी. तमन्ना आपने कह दिया कि ज मैंने सुना था. कहीं कहते हुए कि मैं लड़की होता तो पक्का. मेरा भी दिल आता देखिए क्या है वो एक तो. उसका बात करने का ढंग बड़ा वो अलग सा था. बड़ा स्मार्टली बात करता था बहुत. स्मार्टली बात करता था. प्लस मैंने बुढ़ापे की उसके इंटरव्यूज.
देखे अच्छे अभी भी अभी भी जो उस मैं आपको. बताऊं जो नेपाल से जो छूटा है तो नेपाल का. जो डीजी पुलिस था उसकी लड़की से शादी की. 35 साल की लड़की है जबक ये जबक जबक ये अब. बस 80 साल का हो गया 35 साल की लड़की से. शादी की है पैरोल पे बाहर गया था और बच्चा. भी है एक उससे हम अब दोनों रह रहे हैं. बाहर जाके तो इसका फेसिनेटिंग ये था कि एक. तो इसकी हेल्पिंग नेचर थी आप देखें किसी. भी अ प्रत्यक्ष उदाहरण आप है प्रत्यक्ष.
उदाहरण मैं हूं उसने मेरी जो हेल्प की थी. ना वो ऐसा नहीं था कि उसने मुझे नौकरी. दिलवाई मुझे स्टेट गवर्नमेंट ने सिलेक्ट. किया स्टेट गवर्नमेंट ने सिलेक्ट करने के. बाद जो है मैं जवाइन करने के लिए गया. आखिरी ठप्पा उसने लगवाया हां उसने हमारे. अगर आप जेल का देखेंगे ना जो सेटअप है जेल. में अगर प्रिजनर आपकी हेल्प नहीं करते ना. आप जेल को एक घंटा नहीं चला सकते एक घंटे. भी आप जेल नहीं चला सकते सारा काम जेल का. जो है प्रिजनर करते हैं ऑफकोर्स सुपरविजन.
जो है इनका होता है जेल स्टाफ का होता है. आप देखें आपने टाइप का काम करना है टाइप. का सारा काम प्रिजनर करेंगे आपने ताला. चाबी लगानी होती है आपको इतनी ताले होते. हैं इतनी चाबिया होती है कि वो स्टाफ को. पता ही नहीं होता कौन सी चाबी किस ताले. में लगेगी जो प्रिजनर होते फटाफट फटाफट. करके जो है बंद कर देते हैं लॉक आउट करना. होता है वो कर देते हैं ऐसे ही सिक्योरिटी. का काम है अब आप देखें सपोज इस की जितना. है इतनी बैरक है कोई उस बैरक में 25.
प्रिजनर है कोई दो प्रिजनर में आपस में. बड़ा तगड़ा झगड़ा हो जाता है वह दांत दूध. तोड़ देता है तो जब तक बाहर से जेल का. सिपाही आएगा छुड़वाने के लिए ताला खोलेगा. क्योंकि रात को तो ताला बंद होता है ताला. खोलेगा जब तक व वहां पर आएगा तब तक जो. हमारे सेवादार होते हैं सेवादार जो होते. हैं जेल के एक हेल्पिंग हैंड होते हैं वो. जाकर पहले छुड़वा देगा और आपको रिपोर्ट. करेगा सब अच्छा जी मैंने सब कुछ ठीक कर.
ठीक मैं वापस चार्ल्स पे लाऊंगा ये स्टोरी. सुनूंगा आपका चार्ल्स पे हां हां तो आप गए. आप चार्ल्स से मिले चार्ल्स ने आपका. डॉक्यूमेंट क्लियर करवाया ब्लैकमेल कर रहा. था हां इसीलिए आप उससे फेसिनेट थे नहीं. फेसिनेट था एक तो उसका बात करने का तरीका. एक उसका हेल्पिंग आंड था चार्ल्स की आप. नेगेटिव स्टोरी भी है पॉजिटिव भी है. पॉजिटिव मैं कहूंगा काफी ज्यादा है वो. गरीब आदमियों की पेटिश बनाता था हजारों. पेटिश उसने बनाई होंगी अपने हाथ से लिखता. था उस टाइम पे पेटीशन बनाता था कोर्ट में.
लगाता था और रिलीफ मिलती थी मतलब उसकी ऐसी. टैक्ट फुलनेस थी पेटीशन बनाने की कि रिलीफ. उसमें मिलती मिलती थी मैंने बल्कि लीगल एड. सेल 1983 में शुरू की थी उसमें बाहर से. वकील आते थे हेल्प करने के लिए मैं भी. काफी पेटीशन बनाता था लोगों की पर प्रिजनर. जो है हमसे पेटीशन बनवाना इतना पसंद नहीं. करते थे जितना चाल सोभराज या सुनील बत्रा. या रवि ऐसे करके विपिन जग्गी यह लोग होते.
थे इनसे करवाना ज्यादा पसंद करते थे तो. चार्ल स का था उसने एक बहुत बड़ी कांसटेसी. क्रिएट की हुई थी जेल के अंदर जब गरीब. आदमी की पेटीशन बनाता था या अमीर आदमियों. की अमीर आ की पेटीशन बनाता था उससे तो. पैसे लेता था पक्की बात है व पैसे लेता था. हमें पता होता था पर पकड़ में नहीं आता था. क्योंकि सारा जो ट्रांजेक्शन होता था वह. बाहर से होता था कि उनके घर वाले आके इसके. किसी बंदे को देते थे तो हमें पता नहीं. चलता था. पर उस ने अपनी एक कां कंसीट डेवलप की हुई.
थी कि प्रिजनर वगैरह जो है वो हमारे साथ. इतना नहीं होते थे जितना कि इसके मतलब. कहने को जेल आपकी थी राज शोभराज का था राज. शोभराज का य य हां आप देखें उस उन दिनों. में 1981 में हां एक खबर छपी थी कि चाल. सोबरा रूल्स तिहाड़ जेल जब जब ये हां जब. यह खबर छपी उसके बाद ज्ञानी जयल सिंह जी. होम मिनिस्टर होते थे जिनको फिर कैदी ने. दारू की बोतल ी थी वो बताऊं मैं आपको पता. है मुझे तो मैं तो आपको पढ़ के आया हूं.
आपको दर्शको को बताना है हां मैं बताता. हूं उसमें क्या हुआ कि उन दिनों में ना. जेल में काफी थोड़ा सा ये शोभराज के चक्कर. में उनको आना पड़ा था हां क्योंकि शोभराज. का जब आया था कि शोभराज रूल्स तिहाड़ जेल. तो उनको इस चक्कर में जेल प आना पड़ा. क्योंकि पार्लियामेंट का सेशन चल रहा था. एमपीज लोग काफी शोर मचा रहे थे कि जेल का. इतना बुरा हाल है और आप कुछ कर नहीं रहे. तो इन्होंने ये दिखाने के लिए मैं खुद देख. के आया हूं सब कुछ ठीक है सब कुछ ठीक. वो जेल में आए तो उसके बाद क्या है कि जब.
जेल में आए तो मैं ड्यूटी ऑफिसर. था 81 सितंबर की शायद ये बात होगी मैं. ड्यूटी ऑफिसर था तो हमारा सिपाही भागता. हुआ आया मेरे पास सर कोई सरदार जी आए हैं. और वो कह रहे हैं कि होम मिनिस्टर है वो व. मैंने कहा यार होम मिनिस्टर ही होंगे तो. मैंने बाहर जाकर देखा तो उन्होंने ज्ञानी. जी को रोका हुआ था बाहर जेल पे तो क्योंकि. अचानक दौरे पर आए थे तो मैंने जाकर उनको. रिसीव किया रिसीव करके मैं अंदर लेके. फॉर्मेलिटी वगैरह पूरी की तो उसके बाद.
कहने लगे चार्ल सोभराज कहां है तो मैं. उनको मैंने कहा बी क्लास में उस टाइम पर. दो तरह के प्रिजनर होते थे बी क्लास और सी. क्लास बी क्लास होते थे जिन्होंने. ग्रेजुएट होते थे या इनकम टैक्स पे होते. थे उनको बी क्लास मिलती थी और सी क्लास. होते थे जो अदर्स तो इसको बी क्लास वार्ड. में रखा हुआ था तो उन्होंने मुझे कहा कि. चार्ल सोभराज कहां है तो मैंने कहा चलिए. सर मैं ले चलता हूं आपको मैं मैं इनको. लेकर गया तो यह चाल सोभराज की सेल के आगे.
खड़े हो. गए काफी सारी चाल सोभराज ने किताबें अपनी. रखी हुई थी वहां पे मैंने देखा बड़ा सुंदर. सा कमरा दिखाया आप लोगों ने फिल्म में. फिल्म में शायद काफी किताबें हैं काफी. शायद मुझे लग रहा है फिल्म में इतना अच्छा. कमरा नहीं उससे ज्यादा अच्छा कमरा होता. था तो उसके वो किताबें थी तो ज्ञानी जी. पूछे सारी किताबें आप पढ़ते हो पैसा हो तो. आदमी कहीं भी राजा बन सकता है नहीं नहीं. उस टाइम पे क्या होता था कि बी क्लास वाले. जो थे ना बी क्लास वाले वाकई राजा होते थे.
जेल के हां बी क्लास प्रिजनर जो होते थे. वो अपने आप. को जेल सुपन से कम नहीं समझते थे जबरदस्त. जबरदस्त इतना जनी वाली कहानी फिर इससे पूछ. अा उसके बाद क्या हुआ कि मैं इनको ले गया. चा उन्होने चार्ल सोबरा से उसे पूछा कि आप. कौन सी किताब आपको अच्छी लगती है उसने. बताया ये किताबें मैं पढ़ता हूं सारी मैं. पढ़ता हूं मेरा शौक ही पढ़ने का है. तो फिर वो कहते ठीक है गुड गुड करके मैं.
उनके साथ गया ये भी खबर थी ज्ञानी जी भी. काफी इंप्रेस थ चाल हां ज्ञानी जी काफी. इंप्रेस थे चार्ल सराज से उसके बाद जैसे. ही जाने लगे तो तभी एक तरह के तीन चार लोग. वहां पे आए क्योंकि सारा स्टाफ था बाकी तो. तीन चार लोग आए बीच में उन्होंने कहना. शुरू कर दिया चाचा नेहरू जिंदाबाद ये चाचा. नेहरू की जेल है य सब कुछ मिलता है ये. लीजिए नहीं नहीं ये लीजिए नहीं हम मेरे से. ये नहीं हुआ यहां सब कुछ मिलता है.
उन्होंने जब यह वाली बात कही तो ज्ञानी जी. बड़े खुश हुए कि चाचा नेहरू जिंदाबाद कह. रहे हैं तो बहुत अच्छी बात है मैं आगे. जाकर बताऊंगा कि जेल के अंदर भी चाचा. नेहरू जिंदाबाद हो रहा है तो वहां से. इनफैक्ट ही वाज वेरी हैप्पी कि चाचा नेहरू. जिंदाबाद हो रहा है उसके बाद कुछ जो. शरारती वो थे मुझे याद है बजी था और दीना. था दो कैदी थे बड़े तगड़े बिचल प्रिजनर थे. उन्होंने जाकर इनके ज्ञानी जी के पीए को. उनको कहा खाली बोतल दिखाई शराब की जैसे.
मैंने अखबार में पढ़ा मेरे सामने नहीं हुआ. मैं तो ज्ञानी जी के साथ था उनके पीए को. उन्होंने दिखाई कि य यहां सब चीज मिलती है. और वह करके अपना फिर ज्ञानी जी को मैंने. विजिट करवाई फिर एक वार्ड और प गए वह वहां. पर कोई हजार डेढ़ हजार लोग थे वहां. उन्होंने देखा बस गुड गुड करके वह मैंने. उनको विदा कर दिया उसके बाद देखो मैं इतना. इनोसेंट था दो महीने की नौकरी थी मुश्किल. दो ढाई महीने की नौकरी थी हम तो मेरे से. मेरे एसपी ने पूछा कि कैसा वो दोरा रहा.
मैंने कहा सर बहुत अच्छा. हुआ जिनको सस्पेंड करवाया गया था हां वो. बाद में सस्पेंड उन्होंने सोचा कि पहले. इनको लपेट के शायद हमारे ऊपर आग नहीं आएगी. पर आग उनके ऊपर ही जाकर रुकी तो उन्होंने. पूछा मैंने कहा जी बहुत अच्छा था और. देशभक्ति के जो है नारे अंदर गूंज रहे थे. तो बड़े वो ज्ञानी जी भी खुश होकर गए हैं. अगले दिन हमने अखबार में पढ़ा इंडियन. एक्सप्रेस में उसमें था कि ज्ञानी जी जब.
गए उनको पवे दिखाए गए. और तो जब मैं बड़ा हैरान मुझे लगा यार. क्या हो रहा है मुझे लग रहा है कि पहले. इतनी मुश्किल से मैं काम पर आया हूं तो. सची मेरे मन में यह था मैंने कहा मैं. प्रोबेशन पर हूं अब तो सीधा नौकरी से. निकालेंगे प्रोबेशन में तो कोई आपको. सस्पेंड वगैरा करते नहीं है पर भगवान की. बड़ी कृपा चल रही थी कि मुझे उन्होंने. अगले अगले से अगले जो है सस्पेंड कर दिया. ओके जब सस्पेंड कर दिया तो.
अ उसके बाद मेरे को सस्पेंड किया मेरे साथ. एक और एस्टन सुपन थे वो काफी बुजुर्ग थे. उनको सस्पेंड किया और पांच छह. सिपाही जनरली आप पैरा मिट फोर्सेस में. जाओगे या यूनिफॉर्म फोर्सेस में जाओगे. वहां पर कोई भी अगर ऐसी कोई बात होती है. बड़ी से बड़ी बात क्यों ना हो जाए वह नीचे. वाले स्टाफ को सस्पेंड कर देते हैं तो. हमारे एसपी ने जी हमारे एसपी ने भी ये. सोचा कि सुनील गुप्ता जी को सस्पेंड कर. दिया और लोगों को सस्पेंड कर दिया कहानिया.
खत्म हो जाएगी उसके बाद सस्पेंड हो गए आप. हां तो उसके बाद उन्होंने मुझे सस्पेंड कर. दिया तो उसके बाद अगले दिन फिर अखबार में. आ गए सस्पेंड कर दिया ये तो नाम आ गया येय. आपके साथ दो लोग और भी थे ना सरदार जी थे. जो सीरीज में दिखाया गया सरदार नहीं सरदार. एक्चुअली क्या है सीरीज में तीन दिखाए गए. हैं तीन एस थे जबकि उस टाइम हम थे छह या. सात एस सुपम थे तो उन्होंने क्या किया. रोल्स को मर्ज कर दिया जो हमारे आए कर्म. मिला कर्मकांड मिला के उन्होंने एक में. तीन डाल दिए एक में तीन डाल दि इस तरीके. से किया हुआ है तो जब सस्पेंड कर दिया तो.
ठीक है वो हो गया पर मुझे तो डेढ़ महीने. के बाद ही जो है उन्होंने वापस ले लिया. ड्यूटी पर क्योंकि वो समझ गए थे जब कोई. ट्रेनिंग नहीं दी इनको कुछ भी बताया नहीं. गया जेल मैनुअल के बारे में तो मेरा तो. उन्होने सस्पेंशन तो शुभराज का अगर इतना. अच्छा इंपैक्ट था जेल के अंदर इतना. कंट्रोल था भागा क्यों वो य मुझे मुझे य. लगता है कि चार्ल्स हमेशा इसको ना. सेंसेशनलिज्म प विश्वास करता है ये हमेशा. सेंसेशन क्रिएट करना चाहता है ताकि यह.
हाईलाइट प्रेस की हाईलाइट मि छपा दिखा. बीमारी थी छ पास हां इसको बस वो बीमारी थी. मैं आपको बताऊं जब. ये जब मैं जब नया नया गया जेल में तो यह. जब भी कोर्ट में जाता था इसने एक. जर्नलिस्ट को फ्रीलांस जर्नलिस्ट था जो कि. आज की डेट में बहुत पहुंचा हुआ जर्नलिस्ट. है ये उसको 50 देता था आपको पैसे भी मैं. बता रहा हूं 50 देता था और यह जब भी कोर्ट.
में जाता था वह पूरी रिपोर्टिंग करता था. कि यह आज कोर्ट में गए आज यह कारवाई हुई. मतलब खाली एक लाइमलाइट में रहने के लिए. हां अखबार में लिखते रहो मेरे बे अखबार. में लिखते रहो तो ये 50 उसको पर विजिट का. देता था मैंने सुना आपने जब किताब लिखी थी. तो शुभराज का फोन आया था कि आऊंगा तेरी. किताब प्रमोट करने. में उसने कहा था कि मैं प्रमोट मेरी अगर. जरूरत है तो मैं आ सकता हूं पर मैंने मना. कर दिया था मैंने पोलाइट मना मना कर दिया. था मना मैंने इसलिए किया था कि अगर वो.
क्योंकि बहुत ही शार्प बुद्धि का आदमी है. मैं तो उसके आगे शायद नहीं होऊंगा ऐसे तो. आके मुझसे पता नहीं क्या और फायदा ले वो. भी मुझे कहेगा कि मेरी चीजों को प्रमोट. करो तो मैंने कहा ना भाई मैं प्रमोट नहीं. करूंगा मेरी किताब वैसे अच्छी है और अपनी. अच्छी है तो उसी से चल जाएगी यहां से चाल. शोभराज भागा फिर आप लोग पकड़ नहीं पाए थे. उसे नहीं चाल शोभराज भागा भाग के फिर उस. पर ये कैसे पॉसिबल है कि सबको लड्डू खिला. के बेहोश कर दिया गया और सब बेहोश हो गए. और आप बैठ के दूरदर्शन प टीवी दे संडे का. मजा ले रहे थे आप पिक्चर का हां देखिए.
क्या है कि. अ ऐसा एस्केप कई एस्केप होते हैं कि जो. होते रहते हैं तो हम उस परे तो बहुत कॉशस. रहते हैं कि वो चीज दोबारा ना. हो ऐसा कभी किसी ने सोचा ही नहीं था कि. कोई प्रिजनर जो है उनको जो जो उसने सभी. स्टाफ वालों को नहीं खिलाया था हम उसने. खाली उन स्टाफ वालों को खिलाया था जो कि. उसके रास्ते में आ सकते थे जैसे गेटकीपर्स. इतनी प् शार्प प्लानिंग इतनी शार्प. प्लानिंग थी उसकी जैसे उसने गेटकीपर होता.
है गेटकीपर हमारे यहां तिहाड़ में या किसी. भी जेल में गेटकीपर की सबसे इंपोर्टेंट. पोस्ट होती है गेटकीपर को खिलाया राइफल. संत्री होता है बाहर जिसका ड्यूटी होती है. देखना कि अगर कोई भागे तो वो गोली भी मार. सकता है उसको खिलाया ड्यूटी ऑफिसर जो होता. है उसको. खिलाया ऐसे ही उसने जो ड्यूटी संत्री होता. है उसको खिलाया तो उसने पूरी कैलकुलेशन की. थी कि किसको खिलाना है. बट क्या यह पॉसिबल है कि बिना जेल के अंदर.
मिली भगत के चार्ल शुभराज उन सिलेक्टेड. लोगों को खिला खिलाकर लड्डू बेहोश करके. भाग जाए देखि क्या होता है मैंने आपको फिर. मैं दोबारा उस बात पर आ रहा हूं कि जो. जेलर का और जो प्रिजनर का रिश्ता होता है. होस्ट और गेस्ट वाला होता. है आप अगर जेल का देखेंगे जैसे मैंने आपको. बताया जेल का जेल एक घंटा नहीं चल सकती. अगर हमारा साथ नहीं तो इसलिए आप जेल के. अंदर देखोगे हमारा बड़ा एक फैमिली. एटमॉस्फियर होता है हमारे बहुत सारे तो.
डीएस ऐसे करते थे कि जेल से रोटी बनवा के. अपना घर ले जाते. थे तो बड़ा एक फैमिली एटमॉस्फियर होता है. कि हम जो बात करते हैं जैसे हमारी भी. कमियां प्रिजनर जानता होता है और प्रिजनर. की कमिया हम जानते हैं तो एक. इंटरडिपेंडेंस होती है और काफी लाइजनिंग. से काम चलता है पूरा क्या अभी पॉसिबल है. ऐसे जेल से भागना देखो हर बार नया नया. तरीका निकल के आता है मैंने अगर 10 या 12. जेल के एस्केप देखें अपने सामने हर बार.
नया नया तरीका था आपके टाइम में तिहाड़ से. कितने लोग भाग चुके तिहाड़ से जो अगर मैं. बड़े देखि छोटे मोटे तो होते रहते हैं साल. में एक दो छोटे मोटे तो होही जाते हैं भाग. भागा या भागने की अटेंट किया जो बड़ा. भागने का है व सबसे पहले तो मैं 81 में. आया था तो 86 में चा जन चा सोराज चाल. सोराज ने जो किया यह बड़ा 2 तरीका था इस. एक डेविड इसने एक तो संडे वाला दिन चुना.
संडे वाले दिन जो है छुट्टी वाले दिन जो. है आना आवा जो आई बिल्कुल नहीं होती ना और. हमारी जो सिक्योरिटी भी होती है वह करीब. करीब हाफ होती है आधी होती है एक तो इसने. देखा कि सिक्योरिटी वगैरह आधी है दूसरा उस. टाइम पे हमने पूरे एरिया को जो तिहाड़ का. एरिया है उसको सिक्योर नहीं किया हुआ था. आजकल हमने सिक्योर किया हुआ है सब जगह. अपने पुलिस खड़ी की हुई है बाहर उस टाइम. पर ये नहीं होता था संडे वाले दिन गाड़ी. में इसका एक साथी था डेविड हाल वह आया नशे.
की चीजें और मिठाइयां वगैरह लेकर वह आया. था जेल में आक इन्होंने प्रिपरेशन की चाल. शोबराज ने प्रिपरेशन करवाई और उसके बाद. इसने जो चुना हुआ स्टाफ रखा हुआ था उनको. खिलाया खिलाने के बाद जो है जब एस्केप हो. गया तो उसके बाद वह हमें पता उसने खाली. मिठाई नहीं खिलाई उसने बर्थडे कके हर एक. को 50 50 का नोट भी उस टाइम जो है एक. अच्छी रकम होती थी सो के उठो बुरा लगे. लेकिन पैसा दे के खुशी पैसा दे के खुशी तो. उसने वो दे के उसे किया इसके बाद 86 के.
बाद अगर हम देखें जेएनयू एस्केप हो गया अब. देखो उसमें बिल्कुल अलग से टैक्टस थे. क्योंकि बी क्लास का हम जो है मैं आऊंगा. जेन वाले अलग से आऊंगा दो ये हो गए और दो. हो गए उसके बाद हमने देखा इसका शेर सिंह. राणा उसमें नकली पुलिस वाला जो है बन के आ. गया था हा उसके बाद शेर सिंह राणा के बाद. जो है हम आगे चलते हैं तो उसके बाद एक. सागर हलदर करके प्रिजनर था उसने अ जो. पाइप्स होते हैं सैनिटरी पाइप्स होते हैं.
सैनिटरी पाइप उखाड़े अंदर से और उसको. उखाड़ के जोड़ लिया एक लडर टाइप उसने बना. दिया दो सेंट्री पाइप पैरेलल में खड़े. करके उसको लेडर टाइप बना लिया और तीन. दीवारें थी उससे करके बाहर भाग गया. जबरदस्त भागा भी जो है वो बिल्कुल उससे. कि जो ऊपर हमारा टावर होता था सैनिट इसका. सेंट्री टावर था जो उसके ऊपर उसके बिल्कुल. नीचे से निकल के भागा ताकि उनको नीचे नजर. जाएगी नहीं और वहां से भागा इसके बाद 2014.
में एक जावेद करके और एक उसके साथ बच्चे. थे 18 से 21 साल तक के बच्चे थे यह. भागे इन्होंने क्या किया कि पहले तो अपनी. दीवार फांदी जेल नंबर पांच में थे वह. दीवार फांदी पहले दीवार फांद के उन्होंने. सोचा व बाहर निकल गए हैं पर वो बाहर नहीं. निकले थे वहां एक और जेल के अंदर चले गए. थे क्योंकि हमारे यहां तिहाड़ में जो है. नौ जेले हैं नौ जेले उनकी दीवारें जो है. कहीं ना कहीं मिलती हैं जब उन्होंने देखा. कि तो जेल नंबर आठ में आ गए एक और जेल में. आ गए हैं तो वहां ओपन एरिया में उन्होंने.
रात निकाली और उसके बाद जो है व उन्होंने. दीवार को दीवार में ेक. किया एक दीवार फांदी एक दीवार में ेक किया. तो भागे वहां से तो जैसे ही हमें पता लगा. कि दीवार में छे ऐसे भागे हैं एक को तो. तभी पकड़ लिया था बाहर नाले के अंदर छुपा. हुआ था एक जो है बाद में बहुत बाद में. पकड़ा गया वह चला गया था अपने घर वगैरह. बहुत बाद में उसको पकड़ा गया तो जो यह भाग. के जाता है उसकी फिर बाद सुताई होती है. अच्छे से यहां भी आप लोग दिल बड़ा कर लेते.
कि नहीं नहीं जेल सुधारने की जगह देखिए. रूल तो कहते हैं कि बिल्कुल बिल्कुल वो. नहीं होगी कोई पिटाई बीटिंग व थर्ड डिग्री. नहीं होगा आपने किसी एक कैदी को एक रपटा. नहीं दिया खींच के एक तमाचा कान प की सीटी. बजती. रहे वो तो काफी मारे होंगे वो वो चल जाता. है वो चल जाता है पर वो चीज नहीं चलती. किसी को ऐसा नहीं कि कि नंगा करके फिर रात. भर पीटा हो फ्रस्ट्रेशन निकाली हो नहीं. उसमें ये मैंने नहीं किया स्टाफ ने किया. है ऐसे कई सारे इंस्टेंसस मेरे सामने आए. हैं उसपे हमने जो भी.
एप्रोप्रियेट में अगर बच्चा पैदा होगा तो. लड़का ही होगा सच देखिए देखिए क्या है कि. मैं आपको पूरा एक्सप्लेन ही करता जा रहा. हूं साथ-साथ ये क्या था कि. 1900 2000 के आसपास 2000 के आसपास हमने. देखा कि हमारे यहां जेल में हर साल जो है. हम करीब करीब 15 15 से 20 औरतें होती थी.
जो डिलीवरीज होती थी जेल के अंदर तो हमने. अचानक देखा कि हमारे यहां 20 से 35 हो गया. उनका नंबर डिलीवरी होने का और औरतें आती. हैं छ महीने पहले आई और अपना बच्चा वगैरह. करके फिर वो जा रही है तो अच्छा और उस सब. में उनमें एक बात यह थी कि वो जो औरतें आ. रही थी वो सब शराब के केस में आ रही थी. शराब के केस में क्या होता है कि आप एक. पार्टिकुलर दो या तीन बोतल घर पर रख सकते. हो अगर आपने ज्यादा बोतल रखी हुई है तो.
आपके ऊपर शराब का केस बन जाता है दिल्ली ड. बहुत लोग गिरफतार हो जाएंगे फिर दिल्ली. में हां बहुत बहुत लोग गर खासकर जुग्गी. में ना पुलिस का एक अपना एक कोटा होता था. कि इतने लोगों को गिरफ्तार करना ही करना. है तो इ इंदरपुरी की जुगिया थी कोटा होता. था गिरफ्तार करना ही करना हां लोग कहते. हैं कि उनको पुलिस वालों को कहा हुआ है कि. आपने इतने लोग शराब के केस में जो. गिरफ्तार करने करने हैं जैसे ट्रैफिक. चालान का भी आप सुनते हैं ना इतने टफिक हर. आदमी गरीब प जोर लगाता है तो हां गरीब पे. जोर लगाता बिल्कुल आपने बहुत दर्दनाक बात. कही है बिल्कुल ये मेरे दिल के बहुत नजदीक.
है तो हमने देखा ज्यादातर इंदर पूरी वगैरह. की ये औरत थी महिलाएं आती थी शराब के केस. में आ रही है और वो निकल रही है तो फिर जब. हमने उसमें इंक्वायरी की फरदर इंक्वायरी. की तो उनका यह सोचना था कि अगर जेल में. बच्चा पैदा होगा तो लड़का. होगा जेल में अगर बच्चा पैदा होगा क्योंकि. भगवान कृष्ण भी जो है लड़के थे और लड़का. होगा और लड़का बड़ा इंटेलिजेंट बनेगा आगे.
जाके उसका दिमाग वगैरह अच्छा होगा स्वस्थ. होगा बॉलीवुड ने दिमाग खराब कर रखा है. बॉलीवुड ने दिमाग खराब कर रखा है तो वो. फिर हमने फिर उसके बाद ये 35 बच्चे हुए फर. उसके बाद 40 बच्चे हुए ये सब लड़के ही हो. रहे थे नहीं फिर हमने पब्लिक को यह बताया. कि देखो 40 बच्चे हुए हैं 40 में से 25 जो. है लड़कियां हुई है 15 लड़के हुए हैं तो. यह हमें बार-बार अखबारों में देना पड़ा जब. अखबारों हमने बारबार दिया तब जाके तब जाके.
यह धीरे-धीरे सिचुएशन कंट्रोल में आई और. अभी 15 20 15 से 20 के बच्चे वो तो रेगुलर. है जो होते ही होते हैं ये तो हुआ कि बाहर. से प्रेगनेंट होके आई थी ऐसे भी केसेस आए. कि जेल में आने के बाद महिलाए प्रेग्नेंट. हुई आइसोलेटेड केस में ऐसा हुआ है कि जैसे. एक केस था उसमें स्वीपर जो है स्वीपिंग का. काम जो होता है ये मेल करते हैं जो सीवर. वगैरह चौक उसको बोलना है तो उसके एक औरत.
प्रेग्नेंट हो गई थी तो बाद में पता लगा. उसके साथ हुआ है तो इंक्वायरी वगैरह हुई. इसको काफी सीरियसली लेते हैं अगर ये चीज. होती है तो बहुत सीरियसली लेते हैं ऐसी एक. और महिला थी उसका घरवाला था जेल में दूसरी. जेल में था तो वह प्रेग्नेंट हुई तो पहले. तो उसका घर वाला मना करता रहा यह बच्चा. मेरा नहीं है फिर बाद में हमें पता लगा कि. वह वहां पर कोर्ट में जब गए थे कोर्ट में. टॉयलेट में मिले और बच्चा उसी का था. तो दो केस मेरे सामने हुए हैं ऐसे तो अगर. किसी का बच्चा जेल में पैदा हो जाए तो.
उसमें उसमें फिर मां बेटे कैसे आप लोग कुछ. अलग ढील देते हैं सहूलियत होती है हां. जैसे बच्चा अगर जेल में पैदा हुआ है तो. बच्चों के लिए क्रैश बना हुआ है उसमें. उनको जो जो भी उनकी एक सबसे पहली बात तो. यह होती है कि मां बच्चे की जो मेडिकेशन. होता है पूरा व सारा सरकारी उस परे होता. है बहुत अच्छा मेडिकेशन होता है उसके बाद. जो स्पेशल डाइट देनी होती है औरत को जो. डाइट देनी होती है बच्चे के लिए जो अलग. दूध वगैरह या और चीजें करनी होती है वो. सारा जो है जेल प्रशासन करते है और अप टू. 6 साल तक का बच्चा जो है औरत अपने साथ रख.
सकती है जेल तो क्या इसका नाजायज फायदा. उठाया जाता है नहीं इसका ऐसा नाजायज फायदा. उठाने का अभी तक कोई ऐसा महिलाओं में भी. शातिर गुंडिया होती होंगी बहुत बहुत बहुत. गुंडिया होती है बहुत गुंडिया होती है कुछ. बताइए ना महिला महिला गुंडा गुंडिया के. बारे में देखिए महिला कैसी महिला गुंडिया. होती है मुझे याद है एक नाम भी मैं ले. दमदम होती थी एक दमदम वो शराब का धंदा. करती थी इलीगल शराब का धंदा करती थी जेल. में कोई भी खुराफात हो जाए वो उसके पीछे.
होती. थी स्टाफ को डराने के लिए कई बार कपड़े. उतार लेती थी और अपनी छत के ऊपर चढ़ जाती. थी उस टाइम पर महिला जेल जो होती थी वो. मेल जेल के अंदर होती थी हम छत के ऊपर चढ़. जाना अच्छा स्टाफ उससे डरता तो एक तरह की. नंबर वन की गुंडी होती थी ऐसी एक और नाम. है मैं बताऊं आपको नाम ले ले मेरे ख्याल. तो लीग कोई ऐसी बात नहीं है राजरानी. हम वो सुंदर थी उसका क्या करती थी कि. वो जैसे किसी प्रिजनर के साथ अभी आप पहले.
मेरे से क्वेश्चन पूछ भी रहे थे कोई सुंदर. औरत है तो उसके ऊपर किसी प्रिजनर का दिल आ. गया तो वो भी लफंगे थी तो वो लफंगे. प्रिजनर जो है वो उसके चक्कर में कई बार. रहते थे एक बार हमें दोनों नहीं मिल रहे. थे तुमने देखा कि वह जो हमारा डूडी का. टॉयलेट है उसके अंदर से वो मिले थे तो कई. ऐसे करैक्टर आते हैं एक और महिला मैं आपको. बताऊ उसको एड्स. थी एचआईवी एड्स थी उसको फुल ब्लोन अप एड्स. थी वह क्या करती थी कि एक सुई निकाल के.
जैसे उसको कोई सुविधा चाहिए जेल के अंदर. उसको स्पेशल डाइट चाहिए सुविधा क्या होती. है स्पेशल डाइट मांगते हैं या कहते हैं कि. हमें सेल में रख दो बैरक में ना रखो अलग. से रखो यह सुविधा चाहिए थी वो क्या करती. थी एक सुई से अपना ब्लड निकाल लेती थी. कहती थी अगर मेरी बात नहीं मानोगे तो मैं. सुई तुम्ह चिबो दूंगी ताकि तुझको भी एड्स. हो जाए ताकि तुझे भी एड्स हो जाए डरते. होंगे लोग लोग डरते थे बड़े डरते थे फिर. हमने उसको बड़ी टाइट सिक्योरिटी में रखा.
हुआ था तो ऐसे क्योंकि ऐसा आया भी था एक. किसी वियतनाम की जेल में हुआ था किसी. एचआईवी कन्ने किसी दूसरे डॉक्टर को काट. लिया तो डॉक्टर की डेथ हो गई थी उसको भी. एचआईवी हुआ उसके बाद उसकी डेथ हो गई थी तो. इस चीज का ये नाजायज फायदा उठाते हैं. आदमियों में तो उठाते ही उठाते हैं औरतो. उठाते जेल में ज्यादा टफ किसे हैंडल करना. मेल गुंडे या फीमेल. गुंडिया मेल गुंडों को करना ज्यादा टफ. होता है क्योंकि अगर देखि फीमेल स्टाफ. होता है हमारा वो सॉफ्ट होता है बहुत. सॉफ्ट होता है वो जो मेल स्टाफ जो है जो.
अपने अपने चीजें करके शक्ति करके जिस. तरीके से हम कंट्रोल कर सकते हैं फीमेल के. ऊपर वो वाली शक्ति नहीं की जा सकती मेल का. तो क्या होता है अगर दो जनों में झगड़ा. हुआ उसको आपने सेल में बंद कर. दिया सेल में उसको सॉलिटेरी कन्फाइनमेंट. में रख दिया. और 20-20 दिन महीना महीना आप उसको भूल ही. गए आपने उसको कमरे से निकलने नहीं दिया य. बड़ी टफ वो होती है सजा होती है यह वाली. जो कि देनी पड़ती है मजबूर होकर देनी.
पड़ती है पर औरतों के केस में आप यह वाली. चीज नहीं कर सकते औरतों के केस में आपको. काफी सॉफ्ट रहना पड़ता है औरतों के केस. में जो रूल्स है वो भी सॉफ्टनेस के हैं. बड़े रूल्स तो उसमें क्या होता है कि अगर. ये गुंडिया जैसे मैंने आपको बताए हैं ऐसी. आ जाती हैं तो फीमेल स्टाफ के लिए मुश्किल. हो जाता है उनको हैंडल करना तो उसमें फिर. मेल स्टाफ जो जाता है वो जाके उनको. कंट्रोल करता है हेल्प करता है उनको जेल. में करप्शन किस लेवल तक होता है मतलब. थोड़ा करप्शन तो होता है सबको पता है आप. कह रहे हो कि रिश्ता ही ऐसा है एक दूसरे.
पर डिपेंडेंट होने का उनको हमारा पता है. हमको उनका पता है लेकिन किस इंतिहान लेवल. तक होता है देखिए क्या होता है मैं आपको. करप्शन की बात बताऊं कि जो करप्शन अगर. आपकी बाहर है जेल से बाहर अगर करप्शन है. आप यह सोचो कि एक आदमी जेल में आके. आइसोलेट हो जाएगा करप्शन नहीं करेगा वो तो. सोचना बेकार की बात है हमने देखा पिक्चर. में कि जेलर साहब को भी तो पैसा चाहिए ना. हां तो जेलर साहब के बच्चे का एडमिशन होना. है मैं आपको बता बीवी को शौक है नेकलेस. पहनने का बाहर अगर करप्शन है तो जेल पर भी. उसका असर होता है यह आप नहीं कह सकते जेल.
में करप्शन नहीं होगा और खासकर जब एक. कम्युनिटी का गार्बेज डंप है जो आपके पास. आया है कई बार तो अगर आप पैसे नहीं लोगे. जेलर साहब अगर पैसे नहीं ले रहे तो आपके. खिलाफ ऐसे ऐसे हथकंडे वो अपना लेगा ऐसे. ऐसी आपके खिलाफ पेटीशन डाल देगा कोर्ट में. कि आपको जवाब देना मुश्किल हो जाए कई बार. तो आपको भाई कंपल्शन जो है पैसा पैसा लेना. पड़ता है जेलर सा पैसा ले लो तो खुश रहोगे. जेलर सा लेे तो कैदी खुश रहेगा दोनों खुश. जेल साब बेशक खुश ना हो रहे जेलर साहब खुश.
ना हो रहे पैसा लेके पर कैदी खुश है. क्योंकि उसने जब एक बार उनको पैसा दे दिया. तो हमारे उस वर्ड में कहते हैं काना कर. दिया जेलर साहब को उसने काना कर दिया तो. जो मर्जी वो करे उसका चलेगा हर महीने. भेजता रहेगा वो भेजता रहेगा जैसे सुकेश. चंद्रशेखर का हम देख सुन रहे हैं वहां पर. वोह पूरी जेल. को एक तंखा तो गवर्नमेंट की लेते थे एक. तंखा वो देता था जब आप एक तंखा. सुपरिटेंडेंट से लेकर नीचे तक उनको आप दे.
रहे हो तो आप सोच सकते हो कि किस तरीके की. ला तो इसलिए वो जो बॉलीवुड के एक्टर्स थे. उनके यहां लव बाइट्स बनी थी हां. अ तो जब आप इतना वो करेंगे तो मतलब मैं. मैं तो सीधा य कहता हूं फिर भी अगर आप. पुलिस से कंपैरिजन करते हो हमारा जनरी. कंपैरिजन पुलिस से होता है दोनों वर्दी. वाले हैं और एक सिस्टरली हमारी जॉब है. दोनों की. पुलिस में अगर 90 पर जो है करप्ट है जेल.
में मैं आपको कह सकता हूं कि 90 पर नहीं. होंगे 70 पर तक होंगे 20 आपने. डिपार्टमेंटल कोटा बचा लिया 20 पर. डिपार्टमेंटल कोटा बचा लिया बट ये सुकेश. चंद्रशेखर या बाकी लोगों से मिलने लोग आते. हैं फिर मेरा सवाल है लड़कियों वाला जो. आता है ये ल बाइट सट जो दिखाई पड़ी थी या. यह बाहर जाके कहीं करते हैं नहीं नहीं. देखि क्या होता है जैसा हम अखबार में पढ़. रहे हैं मेरे जैसे सुकेश है वो. उनके लव लेटर लिख देता है हां नहीं वो लव. लेटर तो लिखता है पर जैसा फिर खबरें आई कि.
दो दो तीन तीन एक्ट्रेस मिलने गई उ मिलने. गई जेल के अंदर मिली उसकी बैरक में मिली. जाके मुझे विश्वास नहीं होता क्योंकि उसको. बैरक में मिलने की जरूरत ही नहीं है आप. क्या है जैसे आप ड्यूटी में एंटर करते हैं. ड्यूटी में ऊपर कमरे होते हैं खाली होते. हैं अगर आपने पैसा वगैरह खाया हुआ है तो. आप उसको ऊपर कमरे में बैठ जाओ अपने कमरे. में बैठ के जितने मर्जी घंटे बैठो कोई. आपको रोकने वाला थोड़ी है पर ये नहीं हो. सकता जो उन्होंने कहा है कि अंदर बैरक में. गई और बैरक में उसके साथ बैठी नहीं तो मैं. नाम ले लेता हूं क्यक अखबार सब पब्लिक में. डोमेन में है जैकलीन फर्नांडीस नूरा फतेही.
ऐसे कई एक्ट्रेस का नाम आया था कि वो जेल. में सुकेश चंद्रशेखर से मुलाकात करती थ. मुलाकात करना और उसकी बैरक में जाना टोटली. अलग बात है बट ये मुलाकात की होगी. इन्होंने हां इन्होंने हो सकता है मुलाकात. की हो देखि वैसे तो क्या होता है जो रूल. जो है रूल यह कहते हैं कि जो भी जिससे भी. आप मुलाकात करना. चाहोगे वो आपको पहले नाम देगा कि इन 10. लोगों से वह मुलाकात करना चाहेगा और खाली. वो 10 लोग ही वो कंप्यूटर में फीड हो जाते. हैं और खाली वो 10 लोग ही मिलने के लिए आ.
सकते हैं और कोई मिलने वाला नहीं आ सकता. और वो भी हफ्ते में दो. बार पर अगर आपने पूरे सिस्टम को ही. पैरालाइज किया हुआ है जितनी मर्जी जो करवा. लो हां जो मर्जी करवा लो सिस्टम मतलब जेल. में सारे शौक पूरे हो सकते हैं अगर. विटामिन एम आपके पास है आप ये कह सकते हैं. ये मैंने अपनी किताब में ये मैंने अपनी. किताब में भी लिखा हुआ है आप हीरोइन को. बुला सकते हैं हां मैंने अपनी किताब में. भी ये लिखा है कि मैंने जितने पैसे वाले. देखे राजेंद्र सेठिया देखा पूरा सिस्टम. पैरालाइज हो गया चाल सोभराज देखा सिस्टम.
पैरालाइज हो गया सुब्रतो राय सारा का दिया. पूरा सिस्टम पैरालाइज हो गया यह 2जी वाले. आए स्कैम वाले कलमाडी ूजी वाले कलमाडी और. उसके बाद जो ये इसमें राजा और य दूसरे आए. कोनी मोजी वगैरह आए पूरा सिस्टम पैरालाइज. हो गया तो किस लेवल तक इनको सर्विस दी. जाती है जो ये पैसा खिलाते हैं देखि क्या. होता है पैसा पैसा नहीं खिलाया पैसा या. इन्फ्लुएंस. अब कलमा आप यह नहीं सोच सकते कलमाडी ने. पैसा खिलाया होगा या कोनी मोजी ने पैसा.
खिलाया होगा या राजा ने पैसा खिलाया ऐसा. नहीं होगा इनका प्रेशर होता है सेंट्रल. गवर्नमेंट का प्रेशर है अब आपका सेंट्रल. गवर्नमेंट का मिनिस्टर आपको नहीं खिलाया. कहीं तो खिलाया होगा नहीं नहीं जरूरी जहां. से प्रेशर आया होगा जरूर जरूरी नहीं होती. कि वह प्रेशर जो है पैसे से ही हो रुतबे. से भी होता है जैसे राजा थे मिनिस्टर. सीटिंग मिनिस्टर थे अगर आपको कोई सीटिंग. मिनिस्टर और मिलने के लिए उनको आ रहा है. हमारा टाइम होता है मिलने का टाइम होता. होता है 12 बजे तक तो अगर सीटिंग मिनिस्टर. आ रहा है वो शाम के 5:00 बजे भी आ रहा है.
तो आप मिलवा होगे ये गलत है मैं मैं ये कह. रहा हूं सिस्टम पैरालाइज लर साहब को तो घर. जाना है ना जो जो सिस्टम मैं कह रहा हूं. पैरालाइज हो जाता है वो ऐसे पैरालाइज होता. है आपने आप जब भी उनको कोई मिलने वार है. आप मिलवा रहे हो टाइम को फॉलो नहीं कर रहे. सिस्टम को आप तोड़ रहे हो खाना आप उनको घर. का खिला रहे हो या किसी होटल से आपका खाना. आ रहा है आप सिस्टम हां तो सिस्टम को आप. तोड़ रहे हो आप आप कपड़े जो है अपने जेल. की जो आपकी यूनिफार्म है वो ना पहन के. अपने प्राइवेट कपड़े पहन रहे हो रोज दो दो.
तीन तीन सेट जो है रोज चेंज कर रहे हो तो. आप सिस्टम को तोड़ रहे हो आपकी बैरक में. आपको रखना चाहिए पर आप एक सेल में रह रहे. हैं सेल में आपने टीवी लगाया टीवी तो खैर. बड़ी आम चीज है आपने सब उसमें सुविधाएं ली. है आप पानी भी जेल का नहीं पीते खाना भी. आप जेल का नहीं ले खाली सो रहे हो वहां पर. तो इस सिस्टम को आप पैरालाइज कर तो क्या. ये पॉसिबल है कि जेल में अभी कोई कह दी हो. जिसके आ 16 पड़ा हो हो सकता मैं तो हमारे. टाइम पे तो हाई टेक्नोलॉजी टीवी हो अरेरे. ये तो आप बहुत छोटी बात कर रहे हैं मैं तो.
आपको सेटेलाइट उसकी फोन की बात कर रहा हूं. जब मैं वहां था तो एक किसी जज साहब को. किसी ने शिकायत की कि फलां फलां कैदी जो. है सेटेलाइट फोन इस्तेमाल कर रहा है अगर. आपके पास सैटेलाइट फोन है तो आपके जैमर्स. वगैरह क्या काम करेंगे जमर तो उसपे काम. करेंगे नहीं हम तो उसकी मैंने इंक्वायरी. की सारा सुप्र जेल से पूछा पर सारी चीज. मना की पर वो कैदी कह रहा था मेरे पास. एविडेंस है जी इसको मैंने सेटेलाइट फोन. इस्तेमाल करते हुए देखा है. तो यह भी हो सकता है जब आप या कोई. इन्फ्लुएंस वाला कह दि तो जेलर साब जरा.
फोन दीजिए अपना तो एक फोन मिलाना था बी. हां हा आप तो बड़ी प्रैक्टिकल बातें बता. रहे हैं बल्कि एक केस तो ऐसे हुआ था ऐसे. हुआ था कि एक हमारा जेल का था मुझे वो. काफी फोन करता था एक बड़ा इफल प्रिजनर था. तो मैं जाके उसके यहां छापा मारूं कभी कुछ. मिलता नहीं था बाद में पता लगा कि एक. हमारा जेलर है वह जेल में अपनी जेब में. फोन रख के जाता है और उसको जितने भी फोन. करने होते हैं वो उसे फोन करवाता है रात.
को उसको रखने के लिए भी दे देता है कई बार. नहीं तो फोन अपना लेके फिर उसको जेल चक्कर. पे वो रख देता है ताकि ड़ी में जैसे तलाशी. वगैरह होती है उससे भी बचा रहे तो ऐ ऐसी. चीजें भी हुई है और इसके बदले विटामिन एम. मिल जाता है हां विटामिन एम वो होता है एक. कमजोरी यही होती है तो सबसे ज्यादा डिमांड. किसकी ची खाने की होती है तीनों चीजों की. होती है अगर कोई इनफ्लुएंशल बंदा आता है. उसकी सबसे पहली डिमांड ये होती है कि मुझे. सेल में रखो. वो आम आदमी के साथ नहीं रहना चाता हा मतलब. रोज खिचि 20 आदमी कहां पड़े 20 आदमी कहां.
पड़े. कने हा नींद अकेले आती है उसमें टीवी होना. चाहिए देखें देश दुनिया में क्या चल रहा. है पहले तो ये हो गया दूसरी फिर उसकी. डिमांड होती है कि उसको जो मिलने वाले आ. रहे हैं जो मिलने वाले आ रहे हैं आम आदमी. की तरह उनको ना रोका जाए और मिलने वालों. की मुला जो आते हैं मिलने वाले आते हैं. उनकी जैसे हम फेस टू फेस बैठे हैं ऐसे. मुलाकात ये बड़ी रेयर होती है ऐसी मुलाकात. तो उनकी होती है फेस टू फेस ये मुलाकात हो. तीसरी डिमांड उनकी ये होती है कि खाना.
उनका जो है घर काए या जिस रेस्टोरेंट या. उसका वो कहे वहां से खाना आए तो इनकी तीन. मेन डिमांड होती ये बात सबको पता है आप. किताब में भी लिख रहे हो वेब सीरीज बन रही. है तो ये कंट्रोल क्यों नहीं हुई क्योंकि. 30 साल पहले भी ये था आज भी यही है वही आप. विटामिन एम की बात कर रहे. हो या विटामिन एम की बात होती है या एक. पॉलिटिकल प्रेशर देखो कई बार प्रेशर भी. होता है आपके ऊपर पॉलिटिकल प्रेशर है या. अरे तो लेकिन जज साहब जज साहब को पता होगी. सारी बातें जज साहब को भी पता होती है.
इसमें कई बार हमें नोटिस मिल चुका है. क्योंकि क्या होता है कि जब भी किसी अंडर. टाल को हम जेल में रखते हैं तो जज साहब. कहते हैं इसको जो रूल रेगुलेशन है उसके. हिसाब से जेल में रखो अगर आप स्पेशल. फैसिलिटी दे रहे हो तो वो आप ज जज साहब के. जो ऑर्डर है उनका उल्लंघन कर रहे हो और. आपके ऊपर कंटेम ऑफ कोर्ट प्रोसीडिंग हो. सकती है पर आज तक कभी हुई नहीं हालांकि. धमकी जरूर दी वहां भी जाता होगा विट में. वहां जी मैं उसके लिए कुछ कुछ नहीं कह. सकता पर इसमें क्या होता है खाली विटामिन. एम नहीं होता इसमें कई बार क्या होता है.
गैंगस्टर आ गया बहुत बड़ा गैंगस्टर आ गया. अब सपोज मैं नाम ले लेता हू नीरज बवानिया. आ गया हम हमारे यहां एक जस्सा होता था. जसविंदर सिंह जस्सा हम भाई साहब किसी जेल. स्टाफ की हिम्मत नहीं पड़ती थी उसके पास. जाने की उसको सर्च करने की और जो वह चाहता. था वो चीज होती थी तो जेल में कैसे आ गया. फिर जब इतना इतना प्रशासन डर रहा है हां. उसका क्या था कि 302 के केस में आया था. उसने किसी बहुत बड़े नेता का जो है उसने. कत्ल किया था बड़े ठंडे दिमाग से कत्ल.
किया उनके घर गया चाय वगैरह पी अपने डॉग. को साथ लेकर गया चाय पी है और जब बाहर. निकला है तो उनको गोली से नेताजी को. मेहरोली का केस था मेहरोली का जसविंदर. जस्से को मेहरोली का किंग कहते थे तो उसने. मार दिया तो जब जेल में आया तो जेल में. आपको मैं आपको विश्वास नहीं होगा मैं उस. जेल का जेलर बन गया मैं जब जेलर बना जो. मेरे से पहले जेलर थे उसमें उनको सेल एक.
दी हुई थी और उसके साथ दो तीन सेल उनको और. दी हुई थी ज जस्से को एक सेल में उसने. बहुत सारे कबूतर रखे हुए थे कबूतर पाले. हुए थे बहुत सारे कबूतर रखे हुए थे और. उनको रोज दाना वगैरह डालता था जेल स्टाफ. भी उसकी हेल्प करता था दाना डालने में और. क्या होता था कि कोई पैसे वाला अगर आदमी. आया पैसे वाला आदमी आया अगर तो उसको जो है. यह जेलर साहब क्या करते थे जसे की कस्टडी.
में दे देते. थे जस्सा फिर जो है जितने एक्सटॉर्ट कर. सकता था कई बार तो हमें मुझे यह भी पता. लगा कि वहां पर जस्सा सोटरी कन्फाइनमेंट. में जो भी पैसे वाला आया उसको कहता था. इतने लाख रुपए दे दे नहीं तो तेरे को यहां. से निकलेगा नहीं तू 24 24 घंटे वो जेल उसम. सेल के अंदर मतलब जेल के अंदर सेल उसम बंद. र ता था और वो जेल का इंचार्ज होता था. जस्सा और उसमें आपके डिपार्टमेंट का भी. थोड़ा कमीशन होता होगा डिपार्टमेंट का व.
जेलर का हो गया जेलर का हो गया. तो आप भी खूब पैसा बनाए होंगे तब मैंने. क्या बनाना है बेकू बेवकूफ आदमी था तो मैं. क्या करता मतलब सब मिल रहा है. तोते अगर अगर बेवकूफ ना होता तो ये फिल्म. थोड़ी बनती मेरे ऊपर फिल्म में यही तो. दिखाया कितना बड़ा बेवकूफ आदमी. था लि आप रिश्वत तो लेकिन ली होगी ना कहीं. ना कहीं तो ली होगी मजबूरी में ली होगी आप. खुद कह रहे हो कि ना लो तो इतने सारे. मुकदमे ो पर ऐसा ऐसा प्रिजनर कोई मेरी. उसमें आया नहीं कि जो अगर मैं ना लेता तो.
मेरे ऊप जैसे जसा वाला ही था अब कमीशन आ. रहा है मैंने आपको बताया जसे का सिस्टम था. मैंने इस चीज को एक्सपोज किया मैंने जाके. हमारी तब इंस्पेक्टर जनरल किरण बदी होती. थी उनको बताया और किरण बदी ने बड़ा. सीरियसली लिया उन्होंने उसके बाद क्या. किया कि ऐसे वार्ड बना दिए हर एक जेल में. हाई सिक्यूरिटी वार्ड बना दिया हर एक जेल. में उस टाइम पे जो है चार जेले थी थी तो. हर एक जेल में उसने एक हाई सिक्योरिटी. वार्ड बना दी जिसमें कि जसे जैसे आदमी जो.
है इनको जो है वो जेल में रखते थे मतलब. उनको 24 घंटे निगरानी में जेल में रखते थे. ठीक है मैंने ये भी सुना कि नाइजीरियन. रियन जो है वो मोबाइल बल छिपा लेते थे. बहुत ज्यादा नाइजीरियन जो होते हैं देखें. ड्रक्स और हां जो मेन जो मेरा अपना. एक्सपीरियंस जो ये कहता है कि जेल में. जितना ड्रग्स का सिस्टम और जो मोबाइल्स. वगैरह जो स्मगल्स होते हैं जेल के अंदर वो. इन्हीं के उस हा आजकल देखो जो मोबाइल ले. जाने का एक तो मोबाइल जाते हैं कनाव से.
दूसरा रास्ता है बाहर से थ्रो होते हैं. क्योंकि बड़े हैली डेंसली पापुलेटेड एरिया. में जेले बनी हुई है तो बाहर से थ्रो होता. है तीसरा होता है बॉडी. कैविटी जो नाइजीरियन होते हैं इनकी बॉडी. कैविटी इनका डीलडोल इतना बड़ा होता है कि. हम तो यूं करके देखते तो वो हमारे से भी. आगे दो फुट और ऊपर जो है होता था तो. जो इनसे से एक इंडियन जो एक आद पंगा भी. नहीं लेता क्योंकि जहां भी पंगा होता है.
सब इकट्ठे हो जाते हैं और मेरे साथ तोय कई. बार. हुआ नाइजीरियंस ने इतना आतंक मचाया तो. मुझे एक जेल का जेलर बनाया मेरी किस्मत. अच्छी थी कि मुझे हमेशा ऐसे लोगों से जो. ट्रबल क्रिएटर होते हैं उनसे वास्ता पड़ता. रहा तो मेरे को जेलो तीन सीजन कहानिया मिल. ग आपको बहुत सारी त तभी मैंने कहानिया. लिखी तो मुझे बनाया तो उसमें क्या होता था. कि हमारे यहां जो होते. हैं ये बड़ी इंटरेस्टिंग बात बता रहा हूं. हमारे यहां फॉरेनर्स जो होते हैं खासकर जो.
गोरे फॉरेनर्स हैं वो अपने आप को बड़ी हाई. रेटिंग पर रखते हैं वो इंडियन को तो ऐसे. समझते हैं कि जैसे यह मतलब इनके दास गुलाम. होते हैं उनको भी गुलाम वाली अभी जेल में. भी जेल में भी तो एक नाइजीरियन ने आके कहा. कि मैं मेरे को टीवी दे दो नहीं देते तो. मैं टीवी लेकर आ रहा हूं तो देखता हूं. तुम्हारे किसके बाप में हिम्मत है मेरे को. टीवी अंदर ले जाने से रोकता. है तो मेरा जो एस्टेंट सुपन था वह मेरे.
पास आया कि सर ऐसे उसने कहा मैंने कहा यह. तो बहुत बड़ा चैलेंज कर र उसकी हिम्मत. कैसे हुई उस प्रिजनर का नाम भी जूड था. बहुत तगड़ा बदमाशी के केस में था उसको. जैसे तैसे हमने करके उसके ऊपर पूरा लाठी. चार्ज वगैरा करके तब इनको हमने कंट्रोल. किया उसके बाद देखि जो हमने जो अच्छी बात. की हमने कहा जो फॉरेनर्स जो है यहां पर. आके प्रिविलेज ले रहे हैं और हमें इतनी. नीचे की दृष्टि से देखते हैं तो क्यों ना. जैसे हम इंडियंस को अल्फाबेट वाइज रखते.
उनके नाम अल्फाबेट से रखते हैं क्यों ना. हम फॉर्नर्स को भी उनके नाम अल्फाबेट से. रखे भाई साहब जब हमने यह चीज. की करीब करीब 200 के करीब फॉर्नर थे एकदम. खड़े हो गए हम खाना नहीं खाएंगे यह नहीं. खाएंगे वो नहीं खाएंगे अच्छा एक चीज तो. मैंने य की जैसे इंडियंस को हम रखते हैं. नेम अल्फाबेट के हिसाब से इंडियन के साथ. ही. रहेंगे और जो खाना इंडियंस को मिलता है व. यह खाना खाए उस टाइम पर इनका पिज्जा. पास्ता ब्रेड आमलेट वगैरह इनको अलग से.
दिया जाता. था तो मैंने वह खाना वगैरह इनका बंद करवा. दिया मैं आपको बता रहा हू कितनी बड़ी बात. थी उस टाइम पर सोचना जब मैंने करवा दिया. बंद उसके बाद क्या हुआ यूरोपियन यूनियन के. जो है एंबेसडर जो है उन्होंने हमारे डीजी. को मिला मैंने अपने डीजी को यह बात कहा. मैंने कहा सर यह कह रहे हैं कि इनको. पिज्जा पास्ता वगैरह य खाने दो आप इनसे यह. पूछो कि अगर कोई हमारा इंडियन जो है यूके. की जेल में. जाएगा तो क्या उसको दाल रोटी देंगे.
ये क्योंकि इंडियन तो दाल रोटी खाने के वो. होता है मैंने कहा उसको दाल रोटी सब्जी. देंगे जो यहां खाता है तो हम जो इनके. रिवाज हैं वो इनको यहां इंडिया में क्यों. दे इसलिए इनको जो इंडियन खाते हैं वह यह. खाएंगे अरे जब मैंने यह वाली बात कही तो. यूरोपियन यूनियन वाले वो तो हिल गए सारे. हमारा डीजी ने पूरा हमारा साथ दिया मेरे. साथ उसके बाद यह चीज सुप्रीम कोर्ट में गई. सुप्रीम कोर्ट कहते है कि इसका मतलब आप.
इनको मारना चाहते हैं हमने कहा मारना. चाहते हैं क्या बात है आप सीधी सी बात लो. कि मतलब इंडियन प्रिजनर अगर यूके की जेल. में जाएगा तो यूके की जेल वाले उसको मारना. चाहते हैं अगर वो दाल रोटी नहीं दे रहे तो. जो हमने यह वाली बात की सुप्रीम कोर्ट ने. भी हमारी बात मानी उसका नतीजा यह हुआ कि. जो फॉरेनर्स को एक स्पेशल प्रिविलेजेस दी. जा रही थी अब दाल भात वो भी खा रहे हैं. दाल भात वो भी खा रहे हैं और अब वही चल. रहा है कैसे हैंडल करते हो कह रहे तो शरीर. के अंदर छिपा लेते हैं नाइजीरियन का बम्स. के अंदर घुसे लेते हैं फ बिलकुल ये सच है.
ये मैंने कहीं सुना था बिल्कुल बकुल क्. अपने बम्स में एक दो फोन बके निकल जाते. हैं अरे इनके बम्स इतने बड़े-बड़े होते. हैं उ दो दो मोबाइल फोन जो है उसमें आ. जाते हैं तो हमने इनका क्या करना शुरू. किया कि इनकी हम स्पेशल सर्च करते थे पूरे. इनके कपड़े उतरवा के तो जब कपड़े उतरवा के. कोई छोटा मोटा जेलर हो तो ममसा की. पहुंचेगा बिल्कुल ये तो राक्षस लगते हैं. मतलब हम कभी बचपन में कहानिया पढ़ते थे ना. लिलीपुट की की एक लिलीपुट उसम तो वैसे वो.
तो फिर हमने जब इनकी तलाशी लेनी शुरू की. अलग करके करते थे इन्होंने ह्यूमन राइट की. बात कर दी ह्यूमन राइट ने हमें मना कर. दिया कि आप इनकी जो है सर्च अगर लोगे भी. तो आप कैमरे की सीसीटीवी कैमरे के उसमें. लोगे ताकि कोई इनके साथ एक्सेस ना हो तो. वो हमें रोक दिया अभी भी जो है जो ड्रग्स. जाती हैं अभी भी जो मोबाइल अंदर जाते हैं. व ज्यादातर इसी रास्ते से अंदर जाते हैं. अब ड्रग्स है ड्रग्स का क्या करते हैं यह. कि पूरी पुड़िया ली ड्रग की स्मक की.
पुड़िया ली आपको मैं और मजेदार बात बता दं. जेल में क्या है कि जो चीज आपको बाहर पा. रप की मिलती है ना जैसे एक तंबाकू की. पूड़ी है बाहर पा रप की मिलती है जेल के. अंदर अगर सुपरिटेंडेंट ढीला है व र की. मिलेगी अगर सुपरिटेंडेंट जेल सख्त है तो. 500 की मिलेगी तो स्मक को य लेते हैं. उसमें पॉलीथिन में उसको पैक किया. उसको इंजेस्ट किया पेट में रखा. और वो कहीं उसमें किसी बॉडी स्कैनर व तो.
भी लगे नहीं बॉडी पॉलि खा लिया पॉलिश उसको. इंजेस्ट किया मतलब यहां पे कई बार तो क्या. होता है उसके साथ धागा वगैरह बांध के ना. उसको दांत के साथ उसको जोड़ लेते हैं यानी. तो क्या करते हैं वोमिटिंग करते हैं भाई. हा बड़ा वोमिटिंग करते हैं और वोमिटिंग. करके जो निकाला उसके बाद उसको एंजॉय करते. हैं एक बार तो क्या एक क्या दो बार ऐसा. हुआ है कि उसने स्मैक को अपने पेट के अंदर. छुपा लिया और थैली जो है फट गई थैली फटने. से वो बंदा मर.
गया इनको नशा चाहिए जेल में आप ऑल ओवर. वर्ल्ड की जेलों में जाओगे सबसे पॉपुलर. चीज जो होती है नशा होता है अब जब मैं गया. था वहां प जेल में तब मेंडेक्स की गोलियां. होती थी जैसे आजकल तो अल्प्रेक्स है ना उस. टाइम पे मैंड्रेक्स की गोलियां होती थी जो. कि डॉक्टर के पास जाते थे कहते थे हमें. रात को नींद नहीं आती तो डॉक्टर के पास. बिचारा क्या करेगा जैसे आजकल अल्प्रेक्स. दे देते हैं उस टाइम प मेंडस देते थे वो. मेंक्स दे देते थे यह क्या करते थे जहा एक. गोली खानी और दो खाली वो एक उनको बिल्कुल.
एक पैक का नशा होता है ऐसे नशा हो जाता था. पहले य आपस में तू भाई है मेरा तू भाई है. करते थे फिर उसके बाद जो एक दूसरे को. ब्लेड से काट देते थे मैंने ऐसा टाइम देखा. बड़ा टफ टाइम देखा तिहाड़ दिल्ली सरकार के. अंडर आता है जी अब दिल्ली का मुख्यमंत्री. जब तिहाड़ में चला. जाए ये बड़ी यूनिक चीज हुई थी मतलब दिल्ली. का मुख्यमंत्री दिल्ली पहले तो आप तिहाड़. का मालिक ही तिहाड़ के जेल में आप. मुख्यमंत्री की बात कर रहे दिल्ली का जेल.
मंत्री वो जेल में. था तो जब जेल मंत्री जेल में आएगा या. मुख्यमंत्री जेल में आ गया जेल तो उन्हीं. की है हवा टाट अंदर लोग तो पर देखिए हमारा. जो प्रिजन एक्ट है प्रिजन एक्ट में पावर. जो है उन्होंने सारी एलजी के पास. कंसंट्रेटेड. है अब उसने सद्र जन विचारे ने अगर थोड़ी. मालिश वगैरह करवाली मालिश वगैरह बड़ी आम. बात होती है या फ्रूट काट दे दिए उसको. बड़ी आम बात होती है बहुत आम बात होती है. ये तो बीजेपी वालों ने सीसीटीवी निकवा. उसका उसका सीसीटीवी से निकलवा ली और उसकी.
इतनी ज्यादा वो वो प्रचार कर दिया ये बड़ी. आम बात होती है जो कुछ भी जो सत्यंद्र जैन. के साथ हो रहा था इवन दो रूल्स के खिलाफ. है पर कोई भी पैसे वाला आदमी आता है तो. हमारे जो गरीब लोग बंदी होते हैं ये उनसे. रिलेशनशिप बनाने की कोशिश करते हैं सेवा. करके ताकि अगर बाहर निकलेंगे दिल खुश हो. जाए तो हमारे बच्चे को नौकरी दे दें मेन. होता है बच्चे को नौकरी दे दे कुछ ऐसा हो. जाए इसलिए पूरी इनकी सेवा होती है बड़ी आम. बात है पर उस चीज को इतना इन्फ्लेटेड करके.
दिखाया गया क्यक बाहर वालों को नहीं पता. ना कि अंदर आपकी एक अलग दुनिया चल रही है. हां नहीं बाहर वालो को देखिए दुनिया यहां. तो हम सोच रहे हैं मंत्री जी गए सजा भोगने. वहां देख रहे हैं बढ़िया अंगूर कटा रखा है. सेब कटा रखा है एक आदमी पैर में बैठ के. तेल लगा रहा है तो आप ऐसे बताओ आप जेल. भोगने का मतलब क्या समझते हो जेल का मतलब. आप सजा यातना कर रहे हो इतनी प्रताना सेह. आ रहे हो क्या म मतलब आप आपको दिन रात काम. करवाया जा रहा है अकेले दिया एक करके मैं. आपको जवाब बताता हूं जेल का मतलब यह है एक.
तो पहली बात है आप हर एक से काम नहीं ले. सकते हर एक जेल को ना एक सेशन जज उसका. इंचार्ज होता है जेल. का दिल्ली में क्या भारत में एक सेशन जज. होते है जो एक जेल का इंचार्ज जैसे 16 जेल. हमारे यहां तो 16 सेशन जज हो ग ओपन जेले. हैं तो करके 20 जज होंगे जो कि जेलों के. इंचार्ज होते हैं व जेल विजिट करते हैं और. जेल विजिट करने के बाद अपनी रिपोर्ट देते. हैं हाई कोर्ट को में वो बताते हैं कि सब. कुछ ठीक था जिसको सब अच्छा कहते हैं जेल. में सब कुछ ठीक था तो जैसे आप कैदी जो.
होता है आप खाली कैदी से काम करवा सकते हो. अंडरटेल से आप काम नहीं करवा सकते ओके ठीक. है आप मानोगे नहीं अंडर ट्रायल सारे जो है. आप भी कह रहे थे कि 88 पर तो अंडर ट्रायल. है हां मैंने आपको बताया आपने अच्छी बात. है आपने याद रखा है 88 नहीं % % 82 82 पर. अंडरटेल है उनसे काम आप करवा नहीं सकते. जबरदस्ती कोई काम नहीं करवा सकते अनलेस कि. वो लिख के दे ज्यादातर अंडरटेल जैसे हम इस. कमरे में बैठे हैं हम आप अभी टीवी चला दो.
हम हमारे घंटों लग जाएंगे वो टीवी देखते. हो हम बैठे रहेंगे साथ खा भी रहे हैं कुछ. और चाय भी पी रहे हैं और लग जाए ऐसे ही. प्रिजनर जो होते हैं अपना टाइम बिताते हैं. वो टीवी देखते रहते हैं हर टीवी बड़े लविश. हर एक जे टीवी में क्या जेल में टीवी में. लोग क्या देखते हैं टीवी में खाली टीवी का. मतलब दूरदर्शन नहीं है. उस पूरा इंटरनेट होता है मतलब पूरा उसके. साथ जो है जो चैनल होते वहां भी टाटा. स्काई लगावा दि हां हां 20 25 के करीब. चैनल जो है हर एक टीवी के साथ होते हैं आप.
जो पसंद का आप स्पोर्ट्स चैनल देखना चाहते. हो आप स्पोर्ट्स चैनल देखो आप जियोग्राफिक. चैनल देखना चाहते हो वो देखो तो ऐसा ऐसा. हो सकता है कि जेल में बैठे कोई हमारा. पॉडकास्ट भी देखे बिल्कुल देख सकता है. बिल्कुल. जैसे लॉरेंस बिश्नोई प स्टोरी बनाते तो. लॉरेंस अंदर भाई देख क रे सुभाकर भाई क्या. बढ़िया स्टोरी बनाई अब मैं जैसे कई मैंने. गैंगस्टर का नाम लिया तो गैंगस्टर देखे. यार मेरा नाम ले रहा है वहां पे चलो अब. सुनील जी को जो ने अगला अगला निशाना. इन्हीं के ऊपर लगाते हैं एक पटी मंगवा. लेते.
हैं तो जेल में ज्यादातर कैदी जो है खाली. बैठे रहते हैं कोई काम नहीं होता तो या. खेले या तो नहीं तो सार दिन टीवी देख रहे. हैं या अखबार पढ़ रहे हैं या अपने केस के. बारे में चर्चा कर रहे हैं खाली जो है. एमिशन देते हो आप उनको वेजेस देते हो और. बहुत सारे तो कैदी ऐसे हैं जिनके घर का.
खर्चा जो है जो हम वेजेस यहां से मिलते. हैं अच्छे वेजेस मिलते हैं दिल्ली में जेल. में किस तरह से पैसा मिलता है देखिए जेल. में क्या होता है तीन तरीके की लेबर होती. है तीनों लेबरों तीन तरीके की जो लेबर है. हर एक का जो है अलग-अलग रेट्स होते हैं जो. दिल्ली गवर्नमेंट के रेट्स होते हैं वही. रेट्स यहां पे प्रिजनर्स को मिलते हैं. मतलब बाहर कोई दिहाड़ी काम कर रहा है 00. दिन मिल रहा है तो अंदर भी 300 हां अंदर. भी उसको 300 मिलेगा पर उसमें से हम कुछ एक. पैसा जो उसकी मेंटेनेंस का होता है उसको. काट लेते हैं जेल की मेंटेनेंस का तो आप.
लगाए अगर किसी को 2000 या 200 300 400 रोज. मिल रहे हैं मैं आपको बता रहा हूं 00 00. और 00 आपने उनको दे दिया तो अगर उसके 00. महीने के बन रहे हैं तो इससे उनका घर का. गुजारा भी जो है वो जेल की लेबर से चलता. है तो तो बाहर कई बेरोजगार ऐसे जानबूझ के. भी अंदर आते होंगे पर देखिए पर्सनल. लिबर्टी हर एक को प्यारी होती है. आप हमारे यहां क्या हुआ था कि कुछ बैगर्स.
को इन्होंने किया था और जेल के अंदर रख. दिया था वो जेल से भाग गए. थे किसी ने कहा जेल में तो खाना मिल रहा. था इतना अच्छा खाना मिल रहा जेल से क्यों. भाग गए बाद में पता लगा कि उनको आजादी. आजादी बढ़िया तो सत हां फिर वही सवाल मेरा. गया कि अगर मुख्यमंत्री आ जाए जेल मंत्री. आ जाए या और सरकार का मंत्री आ जाए तो. उसके लिए क्या-क्या सुविधाएं आप लोग महिया. करने तैयार रहते हैं देखिए आजकल सुविधाएं. जो होती है नीट के हिसाब से होती किसी. टाइम प बी क्लास सी क्लास होता था या अगर. आप और स्टेट्स में जाएंगे वहां पर ए क्लास.
भी है स्पेशल क्लास भी है पॉलिटिशियन के. लिए स्पेशल क्लास है और स्टेट्स में अगर. आप जाओगे पर दिल्ली में खाली एक ही क्लास. है क्या क्या मिलेगा रूम में रूम में आपको. देखि कोई फर्नीचर वगैरह नहीं मिलता पहले. अगर आप अगर आप पढ़ रहे हैं अगर आपको पढ़ाई. लिखाई के लिए चाहिए तो आपको टेबल भी मिल. जाएगी कुर्सी भी मिल जाएगी स्कूल में. किताब किताबें तो बड़ा लविली देते हैं. उसके बाद अगर आप बीमार है तो आपको स्पेशल. भी मिल जाएगी मक्खन चाहिए आपको अंडे चाहिए. वो भी आपको मिल जाएंगे हम दूध मिल जाएगा.
उसके बाद अगर आपको चाहिए कि रूल कहते हैं. कि 10 बजे तक आप जो है लैंप जलाओ ग 10 बजे. के बाद वो बंद कर देंगे हम अगर आपको पढ़ाई. के लिए ज्यादा कंपटीशन की तैयारी कर रहे. हैं तो आप 10 से बाद भी जो है आप अपना. पढ़ाई वगैरह कर सकते हो आपके लिए वो रूल्स. जो है आपके लिए रिलैक्स हो जाएंगे हमारे. यहां आपको बताऊं जो कंपटीशन होते हैं एक. प्रिजनर जो है हमारा आईएस में वो सिलेक्ट. हो गया. था उसने कंपटीशन दिया कंपटीशन में सिलेक्ट.
हो गया और अब वो लगा हुआ है इसमें यूपी. में किसी जगह पर एसडीएम वगैरह लगा हुआ. है वो क्योंकि उसकी किस्मत अच्छी थी आईएएस. उसमें सिलेक्ट रिटर्न में सिलेक्ट हुआ. उसके बाद जब उसका वो होना था इंटरव्यू. होना था तब तक उसकी बेल हो गई थी और बाद. में उसका क्विटल हो गया तो क्विटल होने के. बाद जो है वो उसमें. अब लगा हुआ है वहां पे तो मोटा-मोटा जो. जेल समझ पा रहा हूं मैं कि अगर आपने पैसा. छाप लिया है तो आप ऐसे कांड कर सकते हैं.
जिसमें जेल जाए ताकि आपको जेल में आनंद आए. दिक्कत ना हो और पैसा नहीं बनाया है तो. कर्मकांड कम करें क्योंकि बिना पैसे के. जेल में जिंदगी दुश्वार है पैसा है तो एक. एवरेज लाइफ जेल के अंदर है हां एक नजरिया. आप जो कह रहे हैं आप ये नजरिया भी हो सकता. है कि देखें क्या होता है जेल में कई सारे. मैं गैंगस्टर्स देखता हूं वो जेल में. क्यों आते हैं उनको बाहर अगर खतरा नजर आ. रहा होता उनको लगता है कि उनका जो अपोजिट. गैंग है वो काफी स्ट्रांग हो गया है उनको. किसी टाइम पे मारा जा सकता है तो वो अपने.
ऊपर केस बनवा के या केस उनका बना हुआ होता. है अपनी बेल कैंसिल करवा के जेल में आ. जाते हैं और अंदर आप उन्हें टीवी दे देते. हैं टीवी दे देते हैं उनको किताबें दे. देते हैं किताबें अगर चाहिए तो गैंगस्टर. दूध दही मलाई मक्खन दूध दूध द अगर डॉक्टर. लिख के देता है तो ये मिल जा डॉक्टर लिख. हां डॉक्टर डॉक्टर लिख ही दे जेलर खरीद. लेंगे तो डॉक्टर डर के मारे या जैसे भी है. वो कर कर लेते मंथली इंस्टॉलमेंट भेजने. वाला दूध दही मलाई घी अच्छी बेडशीट सिंगल. रूम बेडशीट नहीं देते वो कंबल लोग देते. हैं और दरी वगैरह देते हैं सोने के लिए.
पैसा खर्चा और थोड़ा तो बेडशीट नहीं आ. जाएगी बेडशीट जनरली मैंने देखा है वो कंबल. पीस हो जाते हैं बेडशीट भी स कुछ कूलर. वगैरह कुछ एक केस में मैंने देखा है किसी. रूम में एसी भी होता है एसी लग ही नहीं. सकता क्योंकि अगर आप एसी लगाओगे सारी आयरन. ग्रिल्स होती है चलो थैंक गॉड कुछ तो रह. गया है वो बाय डिफॉल्ट बचा हुआ है बाय. डिफॉल्ट बचा हुआ है और ठंडी में ब्लोअर तो. मिल जाता होगा वो तो खाली प्लग लगाना होता. नहीं वो वैसे भी जो है आपके एग्जॉस्ट लगे. होते हैं हर एक सेल में एस्ट एग्जॉस्ट आप.
चलाते हैं तो थोड़ा ठंडा हो ही जाता है उ. तो बाहर जो लोग रो रहे होते हैं कि बहुत. अंदर दुखी हैं अगर पैसे वाले हैं तो अंदर. मजे में है पैसे वाले सब जगह मजे में है. तो जेल उसमें एक्सेप्शन सबसे हाई प्रोफाइल. केस कौन आया ज सबसे सुविधा मिली हो जेल. में आज. तक अगर मैं सोचूं मैंने इतने हाई प्रोफाइल. देखे हैं हम. तो सुब्रतो राय सहारा जो है हां उसको सारी. फैसिलिटी जेल के अंदर मिली हुई हैथ मतलब. जो हमने गिनाया उसको क्या था एक तो उनको. जेल में नहीं रखा हुआ था उनको जो है कोर्ट.
कंपलेक्स में रखा हुआ था क्योंकि उन्होंने. यह कहा था उन्होंने काफी ज्यादा पैसा जो. है इन्वेस्टर्स का देना. था तो उनका यह कहना था उनका कोर्ट के आगे. ये स्टैंड थी कि मैंने अपनी मुझे. प्रॉपर्टी से बेचनी पड़ेंगी और मेरे. ज्यादातर बायर्स जो है वेस्टर्न कंट्री. में या यह यूरोप वगैरह में है तो क्योंकि. यहां टाइम का फर्क होता है तो मुझे ऐसी. जगह प रखा जाए जहां पर मैं वीसी से बात कर. सकूं और जहां पर मैं म जिसम रात को जैसे.
बंद होने की बात होती है हम हर एक प्रिजनर. को बंद होना होता है मुझे बंद ना करके. मेरे को बाहर से ताला लगा के रखो तो उसके. केस में मैंने देखा था कि उसने लगभग सारी. सुविधाएं उसको मिली ई जैसे क्याक सुविधाएं. आप देख ले जैसे खाने पीने की तो हो ही. जाती है खाने पीने की वो है फिर एक दो बार. हमने उसकी शराब वगैरह भी पकड़ी थी उसके. उससे फिर फिर उसको एक अपनी प्राइवेट. सेक्टरी वगैरह रखने का कोर्ट ने हुक्म.
दिया था क्योंकि टाइप वगैरह करना होता है. जसे कंप्यूटर वगैरह चलाना होता है तो. सेक्रेट स्टाफ जो होता है मेल या. फीमेल वो आपकी मर्जी होती है पर उसने. फीमेल जो है एयर होस्टेस वगैरह उसकी जो. आती थी वहां पे मतलब इसके दूसरे मायने जो. लोग सोच सकते हैं वो सोच ले सही है वो तो. यही मैंने सोचा था इसीलिए मैं इसकी और ये. सारा कोर्ट के नॉलेज में था कि लड़किया. अंदर कोर्ट के नॉलेज में नहीं था ये कोर्ट. ने हुकम कर दिया था कोर्ट ने कहा था जैसे. सेक्रेट के लिए इनको जो है फैसिलिटी दे दो. तो अब वो उसमें एयर होस्टेस को बुला रहा.
है तो ये सब चीजें देख के मेरा दिल इतना. विचलित हुआ मैं अरविंद जी के पास. गया मैंने मैंने सोचा कि अरविंद जी मतलब. आप ये कह रहे हो कि जेल के अंदर भी सुब्रत. राय को लड़किया मिल रही थी मुझे या मुझे. जो मेरी थी एर हस्ट बुला सकते थे एयर हस्ट. जब आ रही है किस काम के लिए आ रही है हां. मतलब आपकी बदल बदल केय रोस्ट आ रही है म. दिन में अगर दो बार आ रही है तीन बार आ. रही है तो वह किस लिए आ रही है तो मैं. अरविंद केजरीवाल जी के पास गया उनको मैंने.
बताया कि इसने जेल में सारी सुविधाएं यह. ले रहा है तो अरविंद केजरीवाल जी इन्होंने. अपने जेल मंत्री को बुलाया जेल मंत्री भी. इनके साथ बैठा. था तो इनका यह कहना था देखो. सुनील हमें पता है कि जो जो डायरेक्टर. जनरल है काफी करप्ट है पर इसमें फस जाएगा. सुप्रीम जेल अगर हम जाकर छापा मारते हुए. रात को तो सुप्रम जेल फस जाएगा तो सुप्रम. जेल तो जो कुछ कर रहा है वो डायरेक्टर. जनरल के कहने से कर रहा.
है तो मैंने कहा ये बात तो है पर सुप्रीम. जेल जब फसे व खुद ही बताएगा कि मैंने. किसके कहने से किया है रूल्स को तो वायलेट. कर ही रहा. है तो फिर मुझे पता जब मैंने उनको बताया. तो इसके ऊपर कोई एक्शन नहीं लिया गया कुछ. भी इसके ऊपर नहीं किया कितने समय चलता रहा. ये मेरे खल जब मैं आप करीब की छछ महीना तो. मैंने महीना तक लड़किया आती रही दारू रही. मतलब मैं लड़की लड़किया आती रही वो किस. काम के लिए आती थी आपको फिर वही बात हैनी.
मासूमियत नाप में. है तो इसीलिए मैं परेशान हो गया था मैं. इसलिए केजरीवाल जी के पास गया था पर. अल्टीमेटली कुछ भी नहीं हुआ उसका जो. हरजाना जो है मुझे भरना पड़ा कि मैं जिस. दिन रिटायर हो रहा था उसी हफ्ते मुझे. चार्जशीट दे दी. गई देख लो ये होता है हिंदुस्तान में और. दिल्ली में यानी अगले वाले पट आएगा अगर. बना आना चाहिए अगर देखे सब ऊपर वाले के. ऊपर है तो देश का बड़ा उद्योगपति जाते.
जाते आपको. भी मुझे आप देखें मेरा क्या थाट प मैं. आपको बताऊ कि मेरे को मैंने जो 34 साल जेल. में का ये वाली कहानी आपने नहीं सुनाई. कहीं आपको सुना रहा हूं तो क्योंकि आप. आपने मुझे जोश दिलवा दिया. तो बताने के लिए मजबूर हो गया क्या होता. है कि मे जो 34 साल की नौकरी रही मेरी. सारी कोई जेल प्रशासन में ऐसा ऑफिसर नहीं. था कि जिसको आउटस्टैंडिंग कॉन्फिडेंशियल.
रिपोर्ट मिली हो सारी आउटस्टैंडिंग. एक्सीलेंट. आउटस्टैंडिंग आखिरी साल जो मेरा. था जब मैं मतलब मैंने मुझे कई बार लगते कि. मैंने गलती की यह तो आप डिसाइड करेंगे कि. मैंने गलती की या मैंने ठीक. किया कि मैं केजरीवाल जी के पास क्यों गया. जब केजरीवाल जी के पास कोई पावर थी नहीं. मैं क्यों गया उनके पास आबल मुझे मार वाली. बात जो है मैंने कर. दी आखिरी साल जो मेरा था जब आदमी कोई. रिटायर होने वाला होता है तो आप देखेंगे. उसके जो सज्जन भी होते हैं वो भी उसके.
दुर्जन बन जाते हैं क्योंकि अगर आपने किसी. को खाने नहीं. दिया आपने किसी को गलत काम नहीं करने दिया. सब आपके दुश्मन बन जाते हैं आखिरी साल. मेरा था ऐसा था मैं एक तरह का बिल्कुल. जैसे आदमी बिल्कुल. क्या मैं बताऊं जैसे मेरी जान निकली हु. होती है शरीर में रोज में आता था मेरे को. एक एक मीमो पकड़ा दी जाती थी. उसका मैं जवाब. बनाऊ ऐसे करके इन्होंने मेरे को यह मैं.
आपको पहली बार बता रहा हूं इन्होंने करीब. करब पांच केस मतलब सारी आप अकेला मैं अफसर. था जेल का जिसको राष्ट्रपति के दो अवार्ड. मिल सकते हैं जेल में एक होता है. मेरिटोरियस सर्विस के लिए एक होता है. डिस्टिंग्विश सर्विस के लिए मैं अकेला. ऑफिसर था जिसको दोनों अवार्ड सबसे पहला. अफसर था जिसको दोनों अवार्ड मिले थे पर. मेरा आखरी दिनों में में इन्होंने ऐसा हाल. कर दिया था हर रोज मुझे एक मीमो मिल जाती. थी जिसका मैं जवाब मतलब मेरा टाइम तो मीमो.
के जवाब बनाने में लग गया और इन्होंने. कुई चार या पांच केस बना के क्योंकि मेरे. लिए मैं क्लास वन सीनियर ऑफिसर था मेरे. लिए जो पावर थी दिल्ली गवर्नमेंट गवर्नर. के पास थी इन्होंने करीब करीब पांच केसों. में यहां से चार शट बनाकर जेल से भेजा. इन्होंने गवर्नमेंट को कि इनको इशू करो. गवर्नमेंट ने चार केस तो इनके खत्म कर दिए.
उसको उन्होंने कहा नहीं एक केस में. इन्होंने मुझे चार्जशीट दे दी वह केस क्या. था जो आप मेरे से पूछ रहे थे अभी वह केस. था फाइनेंशियल. इरेगुलेरिटीज फाइनेंशियल फ्रॉड नहीं. फाइनेंशियल इरेगुलेरिटीज जैसे आप कोई पैसा. खर्च कर रहे हो तो आपको चार जगह से परमिशन. लेनी चाहिए मुझे तो पता नहीं था मैं. अकाउंट्स का आदमी था नहीं कि चार आदमियों. से परमिशन लेनी चाहिए थी मैंने तीन. आदमियों से ले ली परमिशन एक आदमी से नहीं. ली तो ये मेरे को उसकी मेमो दे दी मुझे दे.
दिया कि मैं क्योंकि एजुकेशन का काम भी जो. जो स्टाफ को मैंने बहुत ट्रेनिंग दी है. जितनी ट्रेनिंग मैं दे सकता था मैं दिए. उनमें क्योंकि प्रिजन एक्ट मैंने लिखा था. प्रिजन मैनुअल मैंने लिखा था और भी बहुत. सारे मैंने इनके स्टैचू वगैरह बनाए थे तो. मैं ट्रेनिंग देता था स्टाफ को तो. इन्होंने मैंने उसके लिए जो ट्रेनिंग देता. था उसके लिए हमने एक ये लैपटॉप और एक. स्क्रीन खरीदी. थी वो करीब डेढ़ लाख रुप की आई थी मैंने.
नहीं खरीदी थी हमारे डायरेक्टर जनरल ने. कहा खरीद लो डायरेक्टर जनरल ने उसको. नेगोशिएट करके उसको खरीदा इन्होंने. डायरेक्टर जनरल से ना पूछ के कि तूने. परमिशन दी मेरे को मीमो दे दी मेरे को. चार्जशीट दे दी कि आपने आईटी डिपार्टमेंट. जो दिल्ली का है उससे उससे क्यों नहीं. अप्रूवल ली मैंने कहा तुम मुझसे क्यों पूछ. रहे हो मैं तो खाली एक फाइल मूवर था कुछ. कुछ ऐसा इस फिल्म में सीरीज में दिखाया. गया. है इस सीरीज में ये दिखाया गया जो आपने भी.
देखी है उसमें दिखाया कि हाइट तक करप्शन. थी. एक वय एक ऑफिसर था अकाउंट ऑफिसर था डिफेंस. सर्विस से आया हुआ था डेपुटेशन प यहां पे. तो वह बाय चांस मेरे पास घर था तो उसने. कहा सर मेरे को आप अपने घर में रख लो. क्योंकि आपके आप मैं भी मेरी शादी नहीं. हुई थी तो क्या आपका घर इतना बड़ा घर है. आपका खाली पड़ा हुआ है मैं इसमें रह जाऊं. मैं किराए पर रहता हूं तो मुझे आना जाना.
बड़ा महंगा पड़ता है मैंने कहा ठीक है रह. जा मैं तो रहता नहीं हूं तू रहता र पूरा. इसमें वो उसमें रहता था तो उसके. पास उसको जो उस टाइम पर डायरेक्टर जनरल थे. उन्होंने उसको कहा उस टाइम प आईजी होते थे. उन्होंने उसको कहा कि आप कंबल जो है बड़ी. लार्ज स्केल प कंबल वगैरह खरीदे जाते हैं. जेल में. उस टाइम प कंबल में बड़ी ही हेराफेरी होती. थी उसने और यह दिखाया भी गया इसमें उसमें.
उन्होंने उसको कहा कि यह जो कंबल आपने. खरीदने हैं यह आप पानीपत के इस पर्टिकुलर. ट्रेडर से. खरीदोगे उसने मना कर दिया उसने कहा नहीं. सर यह तो खिलाफ है रूल्स. के तो वह मेरे घर में रहता था तो उसने जब. कहा ये खिलाफ है उसको आईजी ने ऐसे बुरे. तरीके से उसको वो सबके सामने बेजती कर दी. कि तेरी हिम्मत कैसे ई तूने ये कहने की. तुम पैसे खाते हो तुम यह करते हो वो करते. हो तो मैं उनके पास 25 ीख को उन्होंने 25.
दिसंबर 1982 को उन्होंने सुसाइड. किया तो मेरे घर में रहते थे तो मैं उनके. पास कभी-कभी चला जाता था सुसाइड आपके घर प. ही किया था मेरे घर पे ही सुसाइड किया तो. मैं दो दिन पहले उनको मिला तो मुझे कहने. लगे कि मेरा अब जीने का दिल नहीं 51 52. साल के थे बुजुर्ग थे कहते मेरा आप जीने. का दिल नहीं कर रहा मैंने कहा क्यों कहते. मेरी बहुत बेज्जती की है सबके सामने जो है. एक अकाउंट ऑफिसर एक सीनियर रैंक का ऑफिसर. होता है अकाउंट कहते मेरे को सबके सामने.
उने बहुत बदी बद्दी गालिया निकाली है. मैंने कोई बात नहीं अच्छा उनकी थी वो. विस्की वगैरह लेते थे रोज मैं विस्की. वगैरह से बहुत दूर रहता था मैंने कहा चलो. मैं आऊंगा खाना वगैरा हम कट्ठे खाएंगे. 25 दिसंबर की बात थी 25 दिसंबर को मैं गया. हूं अपने घर पे उन्होंने कहा था क्योंकि. हम खाना इकट्ठे खाएंगे क्रिसमस हम इकट्ठे. सेलिब्रेट करेंगे तो मैं 25 दिसंबर को गया. हूं तो पहले मैं दरवाजा खड़का रहा किसी ने. दरवाजा नहीं खोला तो फिर मैंने बाय चांस.
मेरे को कुदरत ने हमेशा हेल्प की है तो एक. हमारा. एक किसान उसमें जो हमारा खेती बन जा उसमें. एक बंदा काम करता डेली वेजर मजदूर था उसको. मैंने कहा मैंने कहा यार मुझे लगता है. उन्होंने पीपा लिए ज्यादा शराब वगैरह पीते. थे वो तो मैंने कहा यार जरा आप पीछे से आक. दरवाजा खोल दो उसने पीछे हमारी आठ फुट की. दीवारें होंगी तो उसने दीवार फांद के उसने. अंदर से कुंडी खोल दी हम कुंडी खोल के जब. अंदर गए मैं था मेरे साथ एक हवालदार था और.
एक वही खेती वाला वर्कर था तो मैं वहां पर. अंदर गया हूं तो अंधेरा था मतलब कोई 6:30. सात बजे का टाइम होगा अंधेरा था दिसंबर. में आपको पता है अंधेरा हो जाता है तो मैं. कहा सिंह साहब सिंह साहब सिंह साहब मैं. आवाज लगा रहा कोई जवाब नहीं आया फिर मैंने. चार पाई के नीचे देखा मैंने कहा चारपाई के. नीचे ना कहीं चले गए हो शराब पी के आदमी. कहीं भी वो कहीं वो नहीं. तब तक मैंने बत्ती नहीं जलाई. थी तो उसके बाद मैं बाहर आया जो हमारा.
आंगन था आंगन पर आके हमने जैसे ही बत्ती. जलाई है तो मेरा हवालदार कहता सर यह तो. मर्डर हुआ हुआ है और मैंने वाकई नीचे देखा. मेरे पैरों के मेरे पैर ब्लड के ऊपर जो है. चल रहे. थे मैं एकदम मैंने कहा यह तो वाकई मर्डर. होगा प पहला तो यही होगा कि मर्डर हो गया. उनका उसके बाद जो है हमने जब सारा देखा. क्योंकि वो जो निशान आ रहे थे खून के. निशान आ रहे थे वह आ रहे थे बाथरूम.
से बाथरूम की जो एक सी एक खिड़की थी जो. बाहर खुलती थी बाहर हमने जाकर टॉर्च जला. केर देखा तो यूं ऐसे पड़े हुए थे उनकी. यहां पर एक नस काटी हुई थी और यहां की हाथ. की भी एक रिस्ट की भी नस काटी हुई थी वहां. से खून बह रहा था और बहुत देखिए हम तो. एकदम काप गए अभी नौकरी इतनी ज्यादा हुई. नहीं थी. उसके बाद फिर सबसे पहला काम पुलिस को करें. पुलिस को हमने बुलाया तो पुलिस को बुलाया. तो इतने में फिर हम गए तो मैं एक वो बाहर.
एक कागज का टुकड़ा मिल गया जो खून से लफ. था कागज का. टुकड़ा उस पर राइटिंग में उनकी पहचानता था. उस यह लिखा हुआ मिल गया कि मुझे किसी ने. नहीं मारा. है मैं अपनी मर्जी से अपनी जान ले रहा हूं. क्योंकि मैं और ज्यादा बेजती जो है मैं. सहन नहीं कर सकता अपनी बहन को लिखा हुआ था. कि आप मेरे बच्चों का ध्यान रखना. बस नीचे करके अपने उन्होंने साइन किए हुए. थे उस पर जो उन्होंने लिखा हुआ था उस पर.
कई जगह खून कागज पर खून गिरा हुथा मुझे. मुझे यह लगता है कि उन्होंने जब अपनी जान. लेने की सोची होगी जब अपनी नस वगैरह काट. ली होगी तो उनको सेमी कॉन्शियस स्टेट में. होंगे तो उन्होने सोचा होगा यार यह तो. सुनील गुप्ता फस जाएगा जिसके घर में मैं. रहता था कहीं मैं उसको फसा के जा रहा हूं. तो फिर उनके ध ध्यान आया होगा तो व फिर. बाथरूम से. उठके बाथरूम से निकल के जैसे लड़ाते हुए. किचन में गए हैं किचन में जाकर उन्होंने. कागज उठाया पेन उठाया उससे लिखा है वो.
सारा खून खूनम खून था वो कागज का वो तो. उसके बाद उनकी जान निकल गई तो फिर जब. पुलिस आई तो आप देखें करप्शन की क्या हद. है आपको यह मिल रहा है उनका कि मेरी बड़ी. बेज्जती की गई है और मैं जीना नहीं. चाहता पुलिस ने इन्वेस्टिगेट किया. मेरे को कहते हैं लगता तो मर्डर है मैंने. कहा मर्डर तो हो ही नहीं सकता जब आपको दिख. रहा है सामने उन्होंने अपना लिखा हुआ है.
सुसाइड नोट लिखा हुआ. है तो अगर उस टाइम पर इंक्वायरी हुई होती. तो भाई साहब उस टाइम का जो आईजी प्रिजन और. जेल का और स्टाफ लपेटा जाता क्योंकि. उन्होंने उसको प्रेशर डाल के उनसे सुसाइड. करवाया हा तो मैं सब रफा दफा हो गया कुछ. उसके आगे इंक्वायरी हु नहीं बस उन्होने ये. कहा कि इसने सुसाइड किया क्यों सुसाइड. किया आप उसके ऊपर तो जाओ ना सुसाइड क्यों. किया तो अभी इनफैक्ट जब ये सीरीज आई है तो.
उनके लड़के का उसने मेरे को ट्वीट किया कि. सर बहुत-बहुत धन्यवाद आपने यह वाला मामले. को उठाया है उसने क्या किया अपने फादर का. जो उनका वो था डेथ सर्टिफिकेट जो मिला था. उससे गवर्नमेंट से वो उसने साथ लगा दिया. 25 दिसंबर का जो था उसको मिला हुआ वो उसने. लगाया क्या तिहाड़ में कोई. बिना करप्ट हुए रह सकता है बिल्कुल रह. सकता है मैंने आपको बताया है कि अगर. दिल्ली पुलिस में 90 पर अगर करप्ट होंगे.
तो यहां पे आपको 70 से 80 पर तक मिलेंगे. बहुत कम मिलेंगे उससे ठीक है अब एक बड़ी. चाय पी सकते सर एक बहुत बड़ी घटना हुई थी. निर्भया निर्भया केस हां निर्भया केस में. बहुत सारे सवाल हम सबके मन क्योंकि आपके. जीवन काल में कई बड़ी घटनाएं हुई निर्भया. का अफजल गुरु का मकबूल भट्ट चार्ल्स का. हमने जिक्र कर ही लिया है तो मैं निर्भया. से शुरुआत करता हूं दो तीन किस्सों का हम. जिक्र करें बिल्कुल आप करें निर्भया केस.
में राम सिंह जिसकी डेथ हुई थी छह आरोपी. थे एक जनाइल था चार फांसी पर गए मुख्य. आरोपी राम सिंह कहा था फिर यह कहा गया कि. राम सिंह को दारू पिलाकर तिहाड़ प्रशासन. ने ही मरवा दिया तिहाड़ प्रशासन जानबूझकर. उसे हाई सिक्योरिटी में नहीं रखा वो चाहते. थे कि यह मुख्य आरोपी जो है जनता की. भावनाओं. का सम्मान करते हुए उसे थैंक यू कर दिया. जाए और उसे मार दिया गया बिल्कुल. ये मेरा एलिगेशन है ये मेरा एलिगेशन यह.
सरकारी वो नहीं है मैंने किताब में लिखा. मुझे ऐसा लगा देखि क्या है कि जेलर का. सबसे पहला काम यह होता है कि आपने चाहे. जितना मर्जी किसी ने हिनस ऑफेंस क्यों ना. किया हो आप जेलर हो यार आपको सेफ एंड. सिक्योर कस्टडी देना ये आपकी ड्यूटी है आप. कितना बड़ा पाप कर रहे हो अगर आप सेट एंड. सिक्योर कस्टडी किसी को नहीं दे रहे इस सम. आप जेलर थे उस टाइम मैं लीगल एडवाइजर था. तो पर जो हाई सिक्योरिटी वार्ड में रखते. हैं वो चीजें मैं मैं रिकमेंड करता था तो.
मैंने उस टाइम पर जो डीजी थी उनको कहा. मैंने कि इनको जो है हाई सिक्योरिटी वार्ड. में रख देते हाई सिक्यूरिटी वार्ड का मतलब. यह होता है कि वहां पर तमिलनाडु स्पेशल. पुलिस होती है और 24 घंटे उसके ऊपर नजर. रहती. है पर उनका मुझे रिस्पांस मिला कि नहीं. नहीं तुम्हें क्या लेना है इसमें इनको. मरने दोहा मर जाएंगे क्योंकि वैसे भी. रेपिस्ट के खिलाफ जो हमारे दूसरे र होते. हैं उनकी काफी गंदा रिएक्शन होता है रेप. को वहा भी अंदर अच्छा नहीं मानते ना रेप. को अंदर भी क दि अच्छा नहीं मानते वो कहते.
हमारी बहने हमारी बेटी है तो वह रेब को. अच्छा नहीं मानते तो मैंने उनको कहा कि आप. देखें आप ये कर रहे हैं पर कुछ भी हो सकता. है इनके साथ कहते नहीं तुम्हें क्या तुम. अपना काम. करो बड़ा ही ब्लंट उनका रिप्लाई था तो तो. चार कैसे हाई सिक्योरिटी में गए एक क्यों. नहीं गया क्योंकि केवल राम सिंह जो था उसे. नहीं भेजा गया बाकी जितने थे मुकेश सिंह. विनय वर्मा अक्षय ठाकुर गुप्ता इन सबको. अंदर ले गए थे नहीं हाई सिक्योरिटी में. शायद इन्होने किसी को नहीं रखा था स्पेशल. सिक्योरिटी में रखा था पर राम सिंह को.
इन्होने किसी और प्रिजनर के साथ रख दिया. यह भी आपका क्वेश्चन अच्छा है इन्होने राम. सिंह को जेल नंबर तीन में किसी और और. प्रिजनर के साथ रख. दिया तो हमारे य ला य कहते है कि जैसे कोई. बंदा सुसाइड करता है या कोई अंदर अलार्म. वगैरह होता है कोई बात होती है अब फौरन जो. है आप हूटर होता है टर बजा करके पुलिस. लगातार बजता रहता. है तो जैसे वो बजा तो मैं भागता हुआ गया. मुझे किसी ने बता दिया था कि उसने राम.
सिंह ने सुसाइड कर लिया मैं भागता हुआ गया. मैंने वहां देखा कि करीब करब 10 फीट ऊपर. ग्रिल. होगी उस ग्रिल से उसने कोई साफ वगैरह अपनी. गर्दन से बांध के उससे ऊपर से लटका हुआ था. जब वह आया था जेल में तोत मैं इसको मिला. था जब वो जेल पर आया था जिन क्योंकि उसकी. टेस्ट आइडेंटिफिकेशन पीड वगैरह होनी थी सब. कुछ हमारे यहां ना प्रेशर में बहुत चीजें. होती है मैंने पहली बार देखा था टेस्ट. आइडेंटिफिकेशन पीड उनकी जो है रात के टाइम.
पर हो रही है नहीं तो टीआई पी जो जज करता. है दिन के टाइम पर होता है इसके लिए रात. को मैंने क्या होती है ये टेस्ट. आइडेंटिफिकेशन पीरियड होती है जिसमें. कि जो एक्यूज्ड होता है जो विटनेस होती है. वो एक्यूज को आइडेंटिफिकेशन. हमेशा पर उसके उसमें रात को हुई और मैं. वहां बैठा था तो उसके बाद मैंने इससे राम. सिंह से पूछा मैंने कहा क्या बात हुई.
क्यों किया तूने ऐसा तो उसने जो अपना रीजन. दिया अनस्टेबल सा रीजन था वो कहता है जी. हमारी परिवार में तो ये सेक्स वगैरह जो. ओपन में होता है सारा तो ये लड़का लड़की. पीछे बैठे हुए ऐसे अश्लील हरकतें कर रहे. थे तो हमने शराब पी हुई थी तो हमारे से ये. गुनाह हो. गया तो उसके ना एक हाथ पे वो गाड़ी भी. चलाता था एक हाथ से चलाता था. एक हाथ प रड पड़ी हुई थी उसकी वो बिल्कुल. ही वो सीधा रहता. था टे फांसी नहीं लगा सकता था अपने हाथ से.
हां फांसी 10 फीट ऊपर एक तो नीचे एक. बाल्टी पड़ी हुई थी प्लास्टिक की. प्लास्टिक की बाल्टी होगी कितना दो दो फीट. उसकी ऊंचाई होगी ढाई फीट होगी उसका कद जो. था कोई साढ़े फीट का वो होगा राम सिंह तो. मुझे तभी लग गया मैंने और साथ में उसके. तीन बंदे और हैं सेल में मैंने उनसे पूछा. अरे जब ये फांसी लगा रहा तुम क्या कर रहे. थे हम हम तो सो रहे थे जी जेल में कभी भी.
कोई इतनी गहरी ंदने कभी कोई नहीं सोता हां. कि तुम्हारे सामने एक आदमी आया ऊपर बांधा. बल्टी रखा च मैं 50 60 पर लोगों का मैं. आपको बता रहा हूं जेल में आते हैं उनको. नींद नहीं आती तो मैंने कहा तुम इतनी गहरी. नींद में सो रहे थे कहते हां जी हम तो वो. बड़ा उनका एरोगेंस थी उनकी बात करने में. मैं तब समझ गया मेरे को कि ये इसका मर्डर. है जनहित भावनाओं का सम्मान करती हु सोशल. मीडिया या बाहर का दबाव क्योंकि उस सम. बहुत ज्यादा था हां बहुत ज्यादा मुझे लगता. है इससे ज्यादा गुस्सा कहीं नहीं देखा. होगा हा इस नहीं इससे पहले मैंने रंगा.
बेला में देखा था तब भी ऐसे ही हां तब भी. ऐसे. ही सेम क्राइम अगेन तो फिर मैंने जब जाके. मेरे मन में था मैंने अपने ऑफिसर को बताया. कि मुझे तो ये मर्डर लग रहा है वो कहता. तुम अपना छोड़ो काम से काम रखो तुम क्यों. उसमें आ इसमें मेरे चलिए तो हो गया मारा. ना मारा हालांकि उन्होंने काम ऐसा किया था. कि उनको कानून में सजा मिलनी चाहिए थी. लेकिन जो यह मुकेश विनय अक्षय पवन चार को. फांसी हुई ये सबके छह के छह गुनहगार थे. क्योंकि इसमें एक व्यक्ति ने कहा था जो.
शायद फल बेचता था कि मैं गुनहगार नहीं था. मैं इसके साथ कहीं घूमने गया था बाद में. मुझे उठा लिया गया और उसके पिताजी भी उसपे. ना देखिए क्या है कि आप कमेंट्स नहीं कर. सकते हम क्योंकि जब कोर्ट ने उनको कह दिया. कि इन्होंने गुनाह किया तो उसपे आई नो वन. टू कमेंट कि उन्होंने गुनाह नहीं किया. होगा आपने संवाद तो किया होगा ना चारों से. मैंने जो संवाद किया था तो उसपे जो इसका. भाई था राम सिंह का भाई था उसका नाम मुकेश. था हम तो जब राम सिंह ने उससे कुकर्म किया. था तो मुकेश ने गाड़ी चलाई थी हम तो मैंने.
कहा तूने क्यों ये कहता है मेरा भाई नहीं. तो मेरे को बहुत मारता था तो अगर वो मारता. मुझे अगर मैं गाड़ी ना चलाता तो राम सिंह. ने तो इसलिए मैं गाड़ी चला रहा था तो. बारी-बारी से लोगों ने उससे कुकर्म किया. तो इन्होंने देखो क्राइम तो किया जैसे. जुवेनाइल का कह रहे हैं कि जुविनाइल ने. सबसे ज्यादा किया था पर हमारे देश में. क्या है कि जुवेनाइल एक ऐसा सैक्रोस चीज. बन गई अब ये ये मेरे दिमाग में एक सवाल और. आया कि जो जुवेनाइल छोड़ दिया.
गया अब 17 साल की उम्र में उसने इतना. घिनौनी वारदात को अंजाम दिया ऐसा तो है. नहीं कि 22 25 में सुधर गया होगा वो नहीं. व सुधर नहीं है देखि तो इनका जुवेनाइल. क्या हुआ होगा देखिए हमारे यहां ऐसे. खुलेआम घूम रहा होगा नर्मल जिंदगी अब हां. हां बिल्कुल बिल्कुल कुछ भी नहीं होगा. उसकी लाइफ में अगर उसने क्राइम किया होगा. तो जेल में बंद होगा हो सकता है उसने. क्योंकि ऐसे ल नहीं की हां नहीं जब तक. जुवेनाइल हो है उनको कंफ्लेक्स. इन लॉ कहते हैं व जो इस्तेमाल होता है और.
उसके बाद उसने क्राइम किया भी होगा जेल. में गया होगा आया होगा वो एक बहुत बड़ा. क्रिमिनल बन के. निकलेगा बट ये कॉन्शियस कैसे अलाव किया ये. नहीं व जैसे कई बार सेंटीमेंट भी होता है. देख जुमनाल को आप ऑफिशियल नहीं छोड़ सकते. अनऑफिशियली ठोक दो नहीं नहीं ऐसा हां. ऑफिशियल तो आपको छोड़ना छोड़ न साल के बाद. छोड़ना ही होता है ऐसा हो सकता है कि. अनऑफिशियली जैसे एक व्यक्ति राम सिंह को. ये एलिगेशन आता है कि ठोक दिया गया फांसी. चढ़ा दी गई ऐसा हो सकता है कि जुवेनाइल जो.
निर्भया केस में छूट गया हो उसे. अनऑफिशियली ठोक दिया गया हो हो सकता है. ठोक भी दिया गया हो अभी हम तो हम जानते. नहीं कि वो क्या कर रहा है हो सकता है ठोक. दिया गया. हो ऐसा हो सकता है कि वो जिंदा ना ही हो. आज के टाइम में बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल. क्योंकि उस टाइम भावनाए बहुत एक स्पीक पर. थी बिल्कुल और बहुत सारे लोग जुवेनाइल को. लेके भी विरोध जता रहे थे पर मैं आपको. बताऊं कि हां जुवेनाइल को लेके वो जो उसम. रोश अपना वो प्रकट कर रहे थे इन्होंने तब. लाग को चेंज किया है जस्टिस वर्मा कमीशन. बैठा था इन्होंने ये किया है कि अगर कोई.
प्रिजनर जो है उसको जुवेनाइल की आपने वोट. वो कर दी पर अगर आप अब अब उसमें अगर आप जो. प्रिजनर है अगर उसकी एज 1617 उसके वो थी. उसको आप एडल्ट एज ए एडल्ट भी जो है आप. ट्रीट करके उसका एक रेगुलर कोर्ट में भी. अपक लेकिन कहीं आपने ये भी कहा कि अगर. इनके पास भी पैसा होता तो ये भी बच जाते. हां आप देखिए ना जो ये आप कोली का केस है. पंढेर का केस है निठारी वाला मनिंद्र सिंह. पंढेर और उन्होने एक बहुत बड़ा नामी हा.
नामी ग्रामी वकील कर लिया उन्होंने और. नामी ग्रामी वकील आपने कर लिया तो आप किसी. को छुड़वा सकते मैं आपको एग्जांपल देता. हूं इंदिरा गांधी के जो किलर. थे तीन आदमियों को इन्होने वो किया था. बलबीर सिंह केहर सिंह और सतवंत सिंह अब. इसको सते सर बलवीर सिंह जो. है बलवीर सिंह जो है उसने एक राम जठ ने. उनको कर लिया हम छूट गया. था ऐसे ही पंढेर और उसका कोलीग है हां ये.
बड़ा हैर 2006 का निठारी का आप बात करें. जिसके ऊपर एक वेब सीरीज भी n में बनी है. वो तो इतना इतना भयानक केस था वो तो नफरत. होती थी 19 महिलाओं के साथ बलात्कार किया. गया था बच्चों के अवशेष बैग में छिपे हुए. थे मिठाई चॉकलेट देकर मारा गया था और सबसे. हैरानी की बात तो ये थी कि कोली ने शवों. के साथ भी सेक्सुअल रिलेशनशिप बनाई थे वो. खाता था वो कहते वो बॉडी को मास्क खाता था. वो आदमी का मास खाता था. ऐसा होने के बावजूद मतलब आपके पास एविडेंस. है सब कुछ है 2023 में छूट गया छूट गया वो. पंढेर जो है फिर घूम रहे होंगे पंडेर जो.
है उसके पैसा था खूब पैसा था सेंट स्टीफन. कॉलेज से पढ़ा हुआ था जो अपने आप को करता. था उसने बहुत बड़ा जो सबसे सीनियर मोस्ट. एडवोकेट है उसको किया और निकल गया. बाहर इस हिंदुस्तान में कोई कीमत ही नहीं. न्याय की मेरा लीगल जो मेरा लीगल अच्छी. बात य है कि मेरा लीगल सिस्टम के साथ ही. हमेशा वो एक्सपेरिमेंट टेशन रहा है. हिंदुस्तान में मैंने देखा है कि अगर आपने. किसी बड़े वकील को कर लिया तो आपने 36 खून.
भी कि हो वो भी आपके माफ हो जाएंगे. क्योंकि कोई कुछ साल जेल में रहोगे लेकिन. निकल जाओगे कुछ ना कोई लीगल फलान निकल. आएगा जिसका आपको फायदा मिल जाएगा क्योंकि. हमारा कानून ये कहता है कि आप किसी. बेगुनाह को अगर आप 100 गुनाहगार छोड़ दो. पर एक बेगुनाह को आप जो है वो नहीं कर रहे. बट इस केस में तो क्लियर था उसने एक्सेप्ट. किया था शुरू में कि उसने ये किया है 19. बच्चों महिलाओं के कंकाल मिले थे क्या. होता है कि आपने जो लीगल फॉर्मेलिटीज होती. है वह पूरी नहीं की होती मतलब आपको.
टेक्निकल ग्राउंड के ऊपर आपको जो है छोड़. देते हैं टेक्निकल ग्राउंड प बहुत सारे. लोग छोड़ते हैं मतलब आपका ला कहते है कि. आपको यह करना चाहिए था आपने वो चीज नहीं. की तो आप छूट. जाओगे और आप देखो मैं फांसी के हमेशा जो. फांसी है फांसी की सजा के मैं हमेशा खिलाफ. रहा हूं क्यों रहा हूं आप देखेंगे फांसी. की सजा जिसको भी मिलती. है सबसे बड़ी उसकी क्वालिटी य होगी वो. गरीब होगा गरीब या पॉलिटिकल दबाव या. पॉलिटिकल दबाव पब्लिक दबाव बस उन्हीं को.
मिलती है आप अगर यह रंगा बिला ने भी को. बड़े अच्छे वकील कर लिए होते शायद वो भी. निकल जाते रंगा बला बच जाते व बच जाते वो. कसूरवार थे या बेकसूर थे आपकी नजर जो ऑफ द. रिकॉर्ड बात हुई थी नहीं वो कहते तो मुझे. थे कि हम बेकसूर है पर उन्होंने किया था. आर्मी वालों ने उनको क्योंकि उनको जिस. तरीके से पकड़ा था आर्मी वालों ने कितनी. इनकी पुलिस ने कितने इन के इश्तिहार वगैरह. अखबारों में छापे थे आर्मी वालों ने. इश्तिहार देखा जब उन्होंने देखा कि आर्मी. के उसमें कंपार्टमेंट में घुस गए हैं तो.
फिर आर्मी वालों ने बाय चांस उन्होंने. फोटो वगैरह देखा अखबारों में इनकी एक फोटो. मिलाई और उन्होंने तब उसको कैच किया रंगा. खतरनाक था रंगा खुश रहता था वो कहता था. रंगा खुश उसको ये वाला डायरेक एक उन दिनों. में कोई पिक्चर थी जिसमें कि एक डायलॉग था. रंगा खुश वो कहा करता था ये डायलॉग मैंने. बोला है. तो वह तो खुश रहता था जो बिल्ला था वह. हमेशा किसी ना किसी बात पर कुड़ता रहता था.
बिल्ला पहले मरा था बिल्ला पहले मरा था. रंगा बाद में रंगा बाद में मरा था अच्छा. फांसी का नियम क्या है कि अगर एक बार लटका. दिए. गए तो दोबारा नहीं लटका सकते नहीं ऐसा. नहीं तो फिर आप लोगों ने रंगा को हवालदार. साहब को क्यों इतना कष्ट करवाया कि पकड़वा. के लटवा दिया एक्चुअली क्या है कि कानून. यह नहीं कहता कि अगर आपने लटका दिया वो. नहीं तो आप छोड़ दोगे ऐसा नहीं है कानून. में जो कानून क्या है जो जज साहब ने जो. डायरेक्शन दी होती है सुप्रीम जेल को.
उसमें लिखा होता है हैंग टिल डेथ तो टिल. डेथ जो है अगर उसको एक बार लटकाने प नहीं. हुआ तो अगर आप टांग खींच के भी कर रहे हो. तो ये भी एक मिसकनसेप्शन है लोगों में कि. पहले शायद था कि एक बार लटका हो इतनी देर. में मर गए नहीं मरे तो जिंदा छोड़ देंगे. तुमको नहीं नहीं ऐसा बाद ऐसा रूल कभी भी. नहीं था पहले है पहले होता था हैंग इम फिर. बाद में इन्होने चेंज ये किया हैंग टिल. डेथ तो जैसे ये रंगा वाला सीन जो दिखाया. गया n सीरीज में ब्लैक वेंट में उसमें.
दिखाया गया कि नीचे लटक रहे हैं फिर आप. लोग सकपका गए कांपने लगे बातचीत हो रही थी. तो क्यों नहीं दोबारा से उठा फिर से खींच. दिए नहीं वो तो वो जो अगर दोबारा से उसको. करते फिर खींचते एक्चुअली होता क्या है कि. अगर कोई बहुत कमजोर है मतलब थिनली बिल्ट. है कमजोर वर्ड तो नहीं कहूंगा बहुत थिन है. पतला है वो अगर अपने सांस को जो फुला ले. है जैसे वो करके अपना सांस फुला के जब. उसको लटकाया उसने सांस फुलाया हुआ था तो. फिर जैसे लटकता है उसके बाद सांस.
धीरे-धीरे उसकी दोबारा वो अपना रास्ता बना. लेती है इस से उसे वो जो है फिर जिंदा रह. जाता है तो इसलिए उसको ये भी ट्रिक पता थी. हां तो उसको उसका ये था उसने आप बहुत. ज्यादा कई बार डर जाते हो तो आप सांस. वगैरह रोक लेते हो तो उसने ये किया तो फिर. क्योंकि कोर्ट का आर्डर था कि उसको टिल. डेथ आपने जो है वो करना है तो फिर हमारे. सिपाहियों ने कहा कि इसको जो है खींच के. हम कर लेते तो ये सच सीन है कि रंगा को. पकड़ के सिपाही के आगे लटक जाओ तुम अब हां. सिपाही के नीचे से जाके क्योंकि जो वेल था.
जहां प उनकी बॉडी लटक रही थी तो उसकी. टांगों को नीचे खींचा उसके बाद वो सिपाही. साहब को तो नींद ही नहीं आए दो चार. रात हां मतलब आप कल्पना कीजिए कि आपसे कहा. जाए कोई आदमी लाश लटकी पड़ी है हां और. सांसे जिंदा है और आप उसको पकड़ के लटक. जाइए ताकि वो मर जाए हां पर देखिए मैं मैं. बहुत बहुत सेंसिटिव था मैं ऐसी बातों में. बहुत सेंसिटिव था मैं इनफैक्ट अगर बॉडी. देख भी ली किसी की तो मुझे रात को नींद. नहीं आती थी आप दारू पीते हो नहीं तो बिना. दारू पिए कैसे आप इतना सब.
देख मैं एी क्यूशन तो नहीं था नांगन नहीं. था फिर भी सामने तो देखते होंगे ना हमने. सुना है कि जल्लादों को पवा दिया जाता कि. बाबू पी लो फिर चढ़ाना फिर खना जेल की अगर. आप नौकरी कर रहे हो ना बहुत बार ऐसे होता. था कि हमें कोई बंदा मिल नहीं रहा होता था. हम देख रहे हैं कैदी हमारा मिल नहीं रहा. और वो कहीं हमें लगता था छुपा हुआ होगा या. कोई बात होगी थोड़ी देर में लगते यार सिर. के ऊपर कुछ लग रहा है वो देखते थे वो बंदा. लटका हुआ है ऐसे केस बहुत होते थे या. लड़ाई झगड़े में मारा गया धीरे-धीरे ना.
हमारा दिल पक गया पहले कैसे होता था जब. मैं इस नौकरी में गया था मैं किसी शमशान. घाट को भी नहीं देखता था शमशान घाट के आगे. से निकलते थे सीधा मुंह करके निकलता था कि. शमशान घाट को नहीं देखना डर लगता था पर. धीरे-धीरे ऐसे पख हो गया. कि आठ आठ फांसी चढ़ाई आपने आठ फांसी चढ़ाई. नहीं कह सकते. देखी है कौन-कौन आठ फांसी में था आपके आठ. फांसी में सबसे पहले मैंने जो देखी थी आप. रंगा बिल्ला रंगा बिल्ला हो गए दो फिर. मोहम्मद मकबूल भट्ट कहले मकबूल भट्ट जो.
कश्मीर सेपरेटिस्ट थे उसके बाद ये करतार. सिंह उजागर सिंह डॉक्टर विद्या जैन मर्डर. केस में जो थे करतार सिंह उजागर सिंह हो. गए उसके बाद इंदिरा गांधी किलर आ गए सतवंत. सिंह और केहर सिंह सात सात और उसके आठवी. जो है अफजल गुरु के अफजल गुरु आठ फासी ये. थी हम भी चले आते हैं मकबूल भट्ट अफजल. ग्रु पे मकबूल. भट्ट को पॉलिटिकल प्रेशर में फांसी दी गई. थी क्योंकि बड़े अच्छे रिश्ते दिखाए गए.
हैं आपके मकबूल भट्ट से हां मुझे हालांकि. कश्मीरियों से आपके रिश्ते अच्छे रहे हैं. नहीं मेरे सबसे रिश्ते अच्छे रहे हैं आप. किसी भी प्रिजनर से पूछेंगे सब ये कहेंगे. कि सुनील गुप्ता जी ने ह्यूमन राइट में और. हमारे लिए बहुत काम किया मकबूल भट्ट का. दिखाया बैडमिंटन खेलते थे अंदर बैठ के. देखिए हां इसमें तो ये सब आपके सपने में. नहीं आते हैं लोग कभी-कभी रात नहीं नहीं. नहीं नहीं मैंने कहा है ना मजबूत हो गए. हैं क ऐसा आया हो कि हेलो गुप्ता जी. आई एम मकबूल भट्ट फादर ऑफ कश्मीर या एम. अफजल गुरु मैं भी बाय कर. दूंगा तो क्या था कि हमारा कानून ये कहता.
है कि एक आदमी को जिसको डेथ सेंटेंस हुई. है जब तक वो फाइनल एग्जीक्यूटेबल डेथ. सेंटेंस नहीं होती हम तब तक आप उसको आम. कैदी समझोगे आम कैदी से आप काम लेते हो आप. आम आदमी कि से की तरह उससे काम लोगे उसको. वेजेस दोगे रिमिशन दोगे सब कुछ दोगे. तो जैसे मेरा अपना यह सोचना है कि अगर. हमारा जो डिप्लोमेट थे मिस्टर रविंद्र महा.
मात्रे थे अगर उनका मर्डर बाहर यूके में. ना हुआ होता तो शायद वह इसको ना लटका. क्योंकि तब इंटेलिजेंस की खबरें चल रही थी. कि कश्मीर में पीस लाने के लिए व इसको यूज. करना चाहते थे मगल भट्ट को मबल भट्ट कैसा. आदमी था बहुत ही जेंटलमैन बहुत जेंटलमैन. बहुत ही. उसे आप बात करते कि सिलसिले में य लाए. थे मर्डर का केस था उसने किसी सिपाई को. मारा था तो तो इतना जेंटलमैन आदमी कैसे.
मर्डर कर देता फिर थोड़ा विरोध जैसे आप क. रहे बड़ा था जेंटलमैन था नहीं देखिए. क्या होता है जो बंदे किसी फिलॉसफी में. आके मारते हैं वो जेंटल होते हैं मतलब. किसी एक. जेंटल होते नर्मल लाइफ ब बहुत नर्मल है. काफी नॉर्मल होते हैं काफी होते हैं. एक आरणन कुमार थे मेरे को याद है उन्होंने.
जाके उ वो डॉक्टर थे ड आर एन कुमार. उन्होंने जाके उस टाइम पर जो कोल मिनिस्टर. होते थे जेल के उनको उन्होंने घर पर बंक. बना लिया. था बहुत पढ़े लिखे थे पर उनकी क्योंकि. विचारधारा नेक्स्ट. लाडे जैसे नसीर साब तो नेक्स्ट स्लाइड. वाली आपकी विचारधारा थी जो है वो उनको सब. चीज ठीक लग जो ऐसे विचारधारा के लोग होते. हैं वो लोग बड़े जेंटल होते हैं तो मकबूल.
भट्ट की जैसे फांसी हुई अब फांसी में क्या. क्या होता है लास्ट डे देख फांसी में क्या. होता है मैं इसी का थोड़ा सा आपको डिटेल. में बताऊंगा फांसी का क्या होता है कि. जैसे डेथ सेंटेंस हुई डेथ सेंटेंस सेशन जज. ने दे दी एडिशनल सेशन जज होता है जो देता. है फांसी की सजा कानून यह कहता है कि जब. तक हाई कोर्ट उसको कंफर्म नहीं करते तब तक. आप एग्जीक्यूट नहीं कर सकते तो फिर सेशन. जज साहब ने दी वो फाइल हाई कोर्ट में.
जाएगी हाई कोर्ट में अपील भी साथ सुन. लेंगे अगर हाई कोर्ट ने कंफर्म कर. दिया उसके बाद नेचुरली वह अपील करेगा. सुप्रीम कोर्ट में और सुप्रीम कोर्ट में. होता है क्यूरेटिव पेटीशन लगा दी लगाते. रहते हैं अगर सुप्रीम कोर्ट ने भी रिजेक्ट. कर. दी फिर वो जाएगा राष्ट्रपति जी के पास या. अगर स्टेट में रहता है तो गवर्नर के पास. जाएगा फिर उसके पास राष्ट्रपति जी के पास. आ जाता है मकबूल भट्ट को सब मिला था करने. का राष्ट्रपति तक हां तो जब राष्ट्रपति जी. के पास गया तो राष्ट्रपति ने अगर उसकी जो.
मर्सी पिटीशन रिजेक्ट कर दी तब माना जाएगा. तब व फाइनली एग्जीक्यूटेबल सेंटेंस होगी. जो मैं बात कर रहा था ना उसके बाद कानून. यह कहता है कि आप उसको जो है सेल में. सोटरी कन्फाइनमेंट आप रख सकते हो आपने. सोटरी कन्फाइनमेंट में रख दिया उनको सोटरी. कन्फाइनमेंट में आपने र खा उसके बाद कानून. यह कहता है कि आप उनके पास जो भी फालतू. कपड़े हैं या फालतू का सामान है सब निकाल.
दोगे इवन बर्तन भी जो है चाय वगैरह के. बर्तन चाय उसको उसम प्लास्टिक के मगे में. देते हैं और खाना वगैरह भी जो है उसको. जैसे ही आप खाना खा लेगा थाली वगैरह वो. एकदम आप बाहर निकाल दो उसको जो आप कपड़े. भी दोगे नाला ना ना नाड़ा ना हो ताकि वो. क्योंकि मैंने देखा देखो आप सुसाइड करना. इतना आसान होता है मैंने ऐसे ऐसे सुसाइड. देखे जैसे मैं बैठा हुआ हूं यहां पे पीछे. सपोज आयरन ग्रिल है बस आयरन ग्रिल का जो. एक वो जॉइंट होता है उससे एक नाड़ा बांधा.
अपने गले में किया क्योंकि वो थोड़ा ऊपर. था मैं नीचे बैठ गया चला गया सुसाइड करना. बहुत मैंने बहुत सुसाइड देखे हैं जेल में. तो सुसाइड करना सुसाइड ना करें इसलिए पूरे. स्टेप्स लिए जाते हैं राउंड द क्लक उसको. सर्विलेंस में रखा जाता है एक हमारा आर्म. बंदा होता है जो कि सेल के आगे रहता पूरी. आपके ऊपर वाच रखता. है उसके बाद कानून यह कहता है कि आप उसको. रिलीजियस लिटरेचर जो है वो.
दोगे मुस्लिम है तो आप कुरान देंगे. क्रिश्चन है तो बाइबल देंगे हिंदू है तो. गीता देंगे सिख है तो उनको ग्रंथ. देंगे ताकि वह शांति से मर सके इन बिटवीन. आप उसको अपने घर वालों से मिलने के लिए आप. पूरा उसको आजादी दो वाले उसके कई बार मैं. करतार उ जागर के केस में देखता था पूरे का. पूरा गांव मिलने के लिए आ जाता था हम तब. भी मिला देते थे तो उसके बाद जो है उसमें.
फिर क्या होता है जो प्रॉपर्टी वगैरह का. आपका होता है आप अपने उसको घरवाली को या. बच्चों को बता देते हो कि आप य इसको दे. देना उसके बाद जो है जब वो हो जाता है. मैंने आपको जैसे 15 दिन का टाइम बताया तो. फिर जिस दिन फांसी होनी होती है फांसी. वाले दिन आप. उसको नला धल के जो भी है आप मॉर्निंग चाय. वगैरह देते हो उसको उसके बाद जो है उसको. काले कपड़े पहना देते हैं मल काला जैसे.
इनका वारंट होता है व ब्लैक रंट होता है. इसमें काले कपड़े इनको पहनाते हैं तो काले. कपड़े पहना के इनको फिर हाथ पीछे से हैंड. कफ लगा देते हैं हाथों प और फिर इनको चला. के ले जाते हैं वहां. तक ना होता गलो तक हा ज्यादातर बड़े. डिप्रेसो हैं गैलोस तक ले जा. और गैलोस तक ले जाकर फिर वहां पर हैंगमैन. होता है व गैलोस पर खड़ा करके इनके गले. में नूज डाल देता.
है लीवर खींचा फिर सुपरिटेंडेंट के इशारे. का होता है हा लीवर खींचा व उससे पहले एक. मैजिस्ट्रेट भी होता है मैजिस्ट्रेट. लटकाने से पहले पूछता है कोई लास्ट विश. कोई नहीं लास्ट विश नहीं होती उनका ये. होता है लास्ट विश गलत हम समझते हैं व. होता है कि तुम अपनी प्रॉपर्टी वर. मैजिस्ट्रेट है वहा जा रहा है तो कोई. प्रॉपर्टी वगैरह किसी के नाम पर करना. चाहते हो अगर वो कहता है हां मैं ये मेरी. ये प्रॉपर्टी है मूवेबल है ये इबल. प्रॉपर्टी है इसके नाम पर करते वो उसको. रिकॉर्ड कर लेता है और और वैलिड होता है.
लास्ट विश वाला कांसेप्ट नहीं होता लास्ट. विश वाला कोई कांसेप्ट नहीं है लास्ट विश. वाला कोई कांसेप्ट नहीं है जैसे को कहते. हैं ना कि उसने नॉनवेज खाया ये खाया वो. खाया ऐसा कोई एक आदमी को पता है एक घंटे. बाद मरने जा रहा है तो नॉनवेज या वेज कको. फलानी हीरोइन की पिक्चर देखनी. है ऐसा कंसेप्ट नहीं वो खाली प्रॉपर्टी का. होता है तो ये पजी वाला सब लास्ट विश वाली. कहानी हां ये सारा फर्जी वड़ है उसके बाद. जब उसको फांसी लग गई अब कानून ये कहता है. हमारे टाइम प ये कानून नहीं होता था अब. कानून ये कहता है कि जैसे आपने फांसी लगा.
दी दो घंटे बाद डॉक्टर जो है अनाउंस करेगा. कि लाइफ इज एक्सटिंक्ट वन ही विल अनाउंस. दिस देयर आफ्टर यू विल सेंड द बॉडी फॉर द. पोस्टमार्टम अब पहले नहीं होता था अब बॉडी. पोस्टमार्टम के लिए जाएगी वो यह देखने के. लिए कि एवरी द एग्जीक्यूशन वाज कैरिड एज. पर द प्रोविजन द जेल मैनल वो कहते किसी को. लास्ट भी उसकी टाइम है एज पर रूल्स आपको. सारा करना चाहिए लेकिन मकबूल भट्ट में जब.
ये हुआ तो आप लोगों ने देख एक सीन दिखाया. गया कि फरल जो था वो मुस्लिम रीति रिवाज. से किया गया और शायद पहली बार ऐसा हुआ था. नहीं नहीं ऐसा होता है फरल हर एक का जो है. उसके रीति रिवाज किए जाते है मतलब इस चीज. को बहुत ज्यादा ध्यान रखा जाता है हमारा. रूल्स भी कहते हैं इस चीज का कि जिस धर्म. का है वो उस धर्म के उ उसकी बॉडी कश्मीर. नहीं भेजी गई थी यह बॉडी उस घर वालों को. देनी है या नहीं देनी यह पुलिस फैसला करती. है गवर्नमेंट फैसला करती है गवर्नमेंट ने. फैसला किया था कि उसकी बॉडी उसके घर वालों.
को नहीं देनी मतलब कश्मीर में जो आप बात. कह रहे हैं उसके घर वालों को नहीं देनी. इसलिए उसको हमने वहीं पे जहा कंडेम सेल था. वार्ड था हमारा उसी में दफना दिया था ऐसे. ही अफजल गुरु को भी जो है लि अब आगे अफजल. गुरु पे अफजल गुरु वास इंस्पायर्ड बाय. मकबूल भट्ट हां कहते थे कि उनका जो है. पॉलिटिकल गुरु जो है मकबूल भट्ट था मकबूल. भट्ट था फिर कहते थे मैं आपको फिर कह रहा. सम हां लेकिन आपने भी कई जगह कहा कि आपको. अफजल में थोड़ी सी निर्दोष नजर आता था कि. वो आतंकी नहीं था या आपकी बातों में मुझे.
एक सॉफ्टनेस अफजल गुरु की तरफ नजर आता है. और यह मैं रिलेट करता हूं अपने टीवी के. दिनों से जब जेएनयू में ना रते थे कि अफजल. तेरे कातिल जिंदा है अफजल के लिए बहुत. सारे लोगों ने पिटीशन लगाई और अभी भी बहुत. सारे लोग हैं जो अफजल गुरु को निर्दोष. मानते हैं संसद हमले का दोषी नहीं मानते. हैं आप अफजल के टुवर्ड इतने सॉफ्ट क्यों. थे आप अफजल को ले रो क्यों रहे थे क्योंकि. देश में बड़ा सेंटीमेंट है जो अफजल को. आतंकी मानता है और वो आपको भी इसके लिए. देशद्रोही कह सकता है देही कह सकते. बिल्कुल कह सकते हैं देखिए क्या था कि मैं.
अफजल को दोषी या निर्दोषी कहने वाला मैं. कुछ होता नहीं था मैं लास्ट का जो दिन था. वो मैंने उसके साथ बताया कुछ एक घंटे ही. उसके साथ बिताए थे जो उसने मुझे बताया. उसने सबको सुप्रीम जेल भी थे और भी थे. उसने बताया कि वो आतंकी नहीं है कहते. हालांकि मैं आपको बता रहा हूं बताने का. मुझे कोई फायदा नहीं पर मैं आपको आखिरी. अपनी वोह बता रहा हूं कि मैं आतंकी नहीं. हूं मैं इस जो इस टाइम हमारा गला हुआ. सिस्टम है करप्शन है इसके खिलाफ था आप.
मेरा रिकॉर्ड देख लो मैं पीयूसीएल में. बड़ा एक पीयूसीएल एनजीओ है मैं बड़ा. एक्टिव था करप्शन के खिलाफ मैंने काफी. ज्यादा काम किया है आप देख लो और अगर मैं. टेररिस्ट होता जो बात मुझे अपील की तो मैं. अपने बच्चे को एमबीबीएस करवाता ये मैंने. सुना आपने जो स्टेटमेंट मैं आपका वर्ड कोट. करता हूं जो आपने कहीं कहा था कि उसने. मुझे कहा कि मैं आतंकी नहीं हूं अगर में. होता तो बच्चे को डॉक्टर नहीं बनाता व. सफाई देने लगा मैंने कहा कोई फायदा नहीं. उसने कहा मैंने पूछा तुम घर वालों कुछ. कहना चाहते हो मैंने कहा कि तुम लिखकर दे.
दो कुछ वो इतना अच्छा था कि उसने मुझे. लिखकर दिया अपनी पत्नी को लिखा कि अब जो. कुछ होगा भगवान की मर्जी है मैं जा रहा. हूं आप बेटे की पढ़ाई पूरी करना सबको कहना. वहां शांति बनाए रखें उसने मुझसे कहा कि. चाहता हूं जब फांसी दी जाए तो आप मुझे. देखते रहे आपकी आंखों में दया नजर आती है. अब यह बहुत सॉफ्टनेस आपकी अफजल गुरु तो. नजर आ रही है जब भी किसी को आप लटकाने जा. रहे हो तो सॉफ्टनेस आपकी हमेशा होती है. रंग बला भी हैकी देशी कोर्ट ने उसे आतंकी. माना था और जैसे लादेन को मैं पढ़ता हूं. लादेन भी पढ़ा लिखा था तो पढ़ाई का. आतंकवाद से पैमाना कैसे हो सकता है मैंने.
आपको बताया जो जेलर का और जो प्रिजनर का. रिश्ता होता है गेस्ट और होस्ट का होस्ट. का होता है ठीक है जब आपका गेस्ट मैं आपको. मैं बताऊं ज्यादातर जो हमारे प्रिजनर होते. हैं मैंने आपको बताया प्रिजनर अगर हमारी. हेल्प ना करें तो हम जेल नहीं चला सकते. ज्यादातर प्रिजनर होते हैं कई होते हैं. बड़े-बड़े ही नियस ऑफेंस में आए होते हैं. हमारा लाय कहते कि आप उसके ऑफेंस की तरफ. नहीं देखोगे गांधी जी ने भी कहा था हेट द. क्राइम हेट द सिन सिन. ननर तो हम उसमें कोई ऐसी चीज नहीं करते कि.
कि उसने यह क्राइम किया हुआ है हमारे बहुत. सारे टेररिस्ट होते हैं जो हमारी मदद करते. हैं हमारी जेल प्रशासन को सुचारू रूप से. चलाने के लिए म बहुत सारे टेररिस्ट होते. हैं तो हम उसमें उसका वो क्राइम नहीं. देखते खाली सेफ्टी रीजन से देखते हैं. क्राइम की अगर उसका ऐसा क्राइम ये सवाल. मैं फिर पूछता हूं दोबारा से एक न सेस. फ्रेम करता हूं मैंने एक पॉडकास्ट किया. देश के पूर्व गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे. जी का हां मैंने उनसे भी ब्लंटली पूछा हम. तो मैंने उनसे पूछा मैंने कहा अफजल गुरु.
आतंकी था उन्होंने कहा कि देश की अदालत ने. जो फैसला लिया मैं उसे एग्जीक्यूट कर रहा. था तो मैंने कहा देश की अदालत ने आतंकी. माने किया क्या वो आतंकी था उन्होंने कहा. मेरे मुंह से क्यों खलवा रहे हो मैंने. सरकारी आदेश का पालन किया हम हमने ये भी. सुना कि बहुत सारे लोगों ने पिटीशन लगाई. थी आधी रात को कि अफजल गुरु को फांसी ना. दी जाए उसकी फांसी रोकने की लिए बड़ी. कोशिश की गई थी हम ये सब है नहीं ये सच. नहीं है क्योंकि इनका जो फांसी का जो. ऑपरेशन हुआ था हां वो क्योंकि एक बहुत. बड़े आप टेररिस्ट को अगर आपके उससे देखें.
बहुत बड़े सिक्योरिटी रिस्क हम टेरिस्ट ना. कह के सिक्योरिटी रिस्क प्रिजनर कहते हैं. अब बहुत बड़े सिक्योरिटी रिस्क प्रिजनर को. हैंग करने जा रहे थे हम तो इसलिए इसमें. कॉन्फिडेंशियल्टी जो है रखनी होती है तो. इसमें इतनी कॉन्फिडेंशियल्टी थी कि बाहर. किसी को पता ही नहीं लग बाहर जो लोग. हंगामा कर रहे थे सा नहीं नहीं किसी को. नहीं पता था कि इनको फांसी जो है लगने जा. रही हैना कोर्ट का तो तभी मतलब इनका जो है. जब इनको फांसी लग गई तो होम मिनिस्टर. शिंदे साहब ने वहां पे एक प्रेस. कॉन्फ्रेंस बलाई जिसमें उन्होंने कहा था.
कि हमने उसको फांसी पे लटका दिया हम प्रेस. वालों को आम पब्लिक को तभी पता लगा कि वो. फांसी लगी फांसी के जितने भी हमारे ऑपरेशन. होते हैं बड़े ही सीक्रेट तरीके से होते. हैं और सीक्रेट तरीके से ही अफजल को फांसी. दी और अफजल गुरु की फांसी के बाद आप घर पे. आकर रोए भी थे हां मैं इसलिए रोया था उसने. ना कुछ एक नहीं वैसे तो देखो कोई भी किसी. किसी फांसी का होता है तो इस ये भी आपको. पढ़ा मैंने आपके परिवार में गए आप हुए फिर. अपने फैमिली को हग कि आप क्या हुआ क्या. हुआ कि उसने मेरे को जैसे पर्सनली आपने.
बहुत ठीक कहा उसने कहा कि मेरे को आपकी. आंखों में कंपैशन नजर आ रहा है मुझे बहुत. लोग कहते थे कि आपकी आंखों में कंपैशन नजर. आया आप जेलर तो लगते ही नहीं हो तो मैंने. कहा कोई बात नहीं कंपैशन नजर आना चाहिए. उसके बाद उसने कहा कि मैं जब नूज मेरे गले. में डालेंगे तो तब एक थैला डाल देते हैं. काला उसके सिर के ऊपर उसके बाद लटका हैं. कहता तब तक आप मुझे अपनी आंखों में देखते. रहने देना ठीक है उसके बाद उसने कहा सर. दर्द ना हो मैंने कहा देखो फांसी के उसमें.
जो दर्द होती है वो तो दर्द तो होग क जरा. आराम से कर मैंने कहा वो तो सब होगा उसके. बाद क्या है कि उसने जब मुझ जो मुझे यह. बात कही थी कि मैं आतंकी नहीं हूं. मैं बिल्कुल जैसे आप देशभक्त हो वैसे मैं. देशभक्त हूं मैं बिल्कुल ऐसा उतना ही. हिंदुस्तानी जितने आप हिंदुस्तानी हो ये. चीजें मेरे वर बेटम दिमाग में कूंज रही थी. उसके बाद उसने जो है मैंने पहली बार ऐसा. देखा था कि कोई आदमी लटकने जा रहा है हम. और वो गाना गा रहा है आप देखें उसको चाय.
वगैरह. कौन सा गाना था चाय वगैरह उसको पिलाई चाय. पिलाई तो उसके बाद फिर उसने ना हंसना शुरू. कर दिया तो क्या उसने गाना. गाया अपने लिए जिए तो क्या जिए खुशी यह. दिल जमाने के लिए यह बादल पिक्चर थी. बॉलीवुड की बड़ी चरित्र संजीव कुमार इसमें. यह रोल कर रहा था जिसने गाना. गाया तो उसने यह गाना गाना शुरू कर दिया. मैंने पहली बार देखा था कि कोई बंदा लटकने.
जा रहा है और नहीं तो ज्यादातर होते हैं. बड़े डिप्रेसो हैं और पहली बार ऐसा देखा. कि वह गाना गा रहा है और फिर उसने जो यह. कहा कि मैं भी ऐसा ही जैसे आप एक देशभक्त. हो मैं भी वैसा देशभक्त हूं य सब चीजें. कहा और फिर उसने आप एक और चीज देखो उसने. कहा कि फलां फला अफसर ने जम्मू कश्मीर. पुलिस का है उसने मुझे फंसाया. हम है ना मैंने उसका नाम भी लिखा अपनी. किताब में और आप देखो बाद में वही वाला. पुलिस ऑफिसर अभी भी जेल में है शायद वो.
डीएसपी था व अभी भी वहां जम्मू कश्मीर की. जेल में है क्योंकि वो लोगों को झूठे. मुकदमों में फसा आता था तो फिर जब वह गया. मैं घर पर क्योंकि एक तो थका हुआ था बड़ा. तो मैंने जब वह गाना सुना वो गाना मैंने. कई बार सुना होगा आप एक एक अच्छा गाना था. कि आप अपने लिए तो जानवर भी जीता है आपने. जीने दूसरों के लिए जियो वो गाना मैंने कई. बार सुना पर मैं अपने अपना इमोशंस को जो. है ना रोक नहीं पाया तो मेरी इमोशन है तो. मेरे बच्चे वगैरह वो तो मेरी आखें देख अजल.
के बच्चों से मिले कभी आप नहीं अफजल गुरु. के बेटे ने कभी मुलाकात करने की कोशिश. आपसे नहीं मेरे को बल्कि किसी पत्रकार का. फोन आया था कि उनका भाई जो है वह आपका. नंबर मांग रहा है तो मैं नंबर दे दूं. मैंने मना कर दिया. था आपने राम सिंह वाले केस में कहा था कि. फांसी हो सकता ना हो मर्डर हो आपका अपना. कन्वे य कहता है मैं आपके कन्वे पर ही पूछ. रहा हूं आपकी नजर में अपनी गट फीलिंग में. जितना आपने का अनुभव था जेल के अंदर अफजल.
गुरु के साथ कहीं आपको लगा कि वह आतंकवादी. ऐसा हो कि ना. हो नहीं देखि क्या है कि मेरा अपना कोई. विचार बनाने का कोई कोई अपना एक सोचने का. कोई बात ही नहीं थी क्योंकि जो चीज उसने. बताई थी कि मैं आतंकवादी नहीं हूं तो वो. वाली चीज उसकी जो क्योंकि लोग कहते हैं. हमारा कानून भी कहता है कि एक आदमी जब. मरने के नजदीक है जो तो झूठ नहीं मता. डिक्लेरेशन जो होते है वो झूठ नहीं बोलता. डाइंग डिक्लेरेशन जैसे होती है दिस वाज.
आल्सो सॉर्ट ऑफ डाइंग डिक्लेरेशन तो उसने. मुझे जो कहा कि मैं भी बिल्कुल भारतीय हूं. और फिर उसने जो है कहना माना मैंने उसको. कहा देखो तेरे जाने के बाद दंगे भी हो. सकते हैं कश्मीर में तो एक पीस के लिए जो. है वहां पर चिट्ठी लिखते उसने पब्लिक पीस. के लिए चिट्ठी लिखी अपनी घरवाली को चिट्टी. लिख हर एक चीज उसने मानी और फिर ऐसे हंसते. हुए गया मतलब जैसे गाना गाते हुए गया तो. ये चीज मेरे को ना क्योंकि मेरे लिए हां. मेरे को मतलब मैं पहली बार मैंने ऐसे देखा. था कि कोई प्रिजनर ऐसे आठ फसिया देखी थी. बल्कि मैंने तो यह भी सुना था कि जब फांसी.
होती है लोग भागते हैं इधर उधर हाथ. के भागते हैं या फांसी हुई तो सिर ऊपर रह. गया बॉडी नीचे गिर गई तो ऐसा वो सुना है. मैंने मेरे से पहले हुआ था पर यह बिल्कुल. एक अलग सा केस था तो जिसने मुझे बहुत. इमोशनल कर दिया इमोशनल करने के का फिर जो. मैं कराई किया मैं अपनी घरवाली के साथ. बेटी के साथ काफी देर तक हम कराई करते रहे. सारी बातें मान ली अफजल गुरु ने आपकी सारी. बातें नहीं हसते हुए गया जो मतलब वो जो.
गया हंसते हुए गया तो ये ये चीज मैंने. पहली बार देखी थी क् गाना गाते हुए जो जा. रहा है ये मैं दूसरा केस सुन रहा हूं. मैंने ऐसा किस्सा सुना सद्दाम हुसैन के. बारे में कि सद्दाम हुसैन को जब फांसी हो. रही थी तो यूएस आर्मी के जितने लोग थे वह. काफी दुखी हो गए थे और दुखी इसलिए हुए थे. कक सद्दाम उनका हालचाल लिया करता था एक. अच्छा बंड उनसे बना लिया था आखिरी दिनों. में. और वो भी ऐसे ही गया था किसी ने कहा कि. लास्ट में क्या चाहिए तो उसने कहा ब्लेजर. दे दो कहा क्यों ब्लेजर इस था कि वो कांपे.
ना लोगों को लगे ना कि वो डरते डरते मरा. था प्राउडली मरने गया इस इसम मुझे एक य भी. था कि उसको चाय नहीं चाय की इच्छा पूरी. नहीं कर पाए. उसकी य वाला चला गया एक हूमन कंसीडरेशन. होती कोई य पर हम कोई ऐसी ची कितना टाइम. गुजराने अजल के साथ आप देखि रात को मैं. पहुंच गया था मेरे ल जेल खुली हुई थी तब. मैं वहां पहुंच गया था शाम. के सा पा 530 बजे पहुंच गया था दिन के और.
फिर सुबह तक आप फांसी उसको 6 सा बजे दी है. तो हमारा वार्ड से आना जाना आना जाना आना. जाना होही रहा था तो मेन जो बात हुई है वह. सुबह के टाइम पर हुई है सुबह का जो आप लगा. ले सबसे इंपैक्ट अफजल गुरु का ही था आपके. ऊपर हा अफजल गुरु का इसलिए था कि ऐसी. फांसी कभी देखी नहीं थी जिसमें कि हंसता. हु फांसी प जा रहा हो और गाना गा रहा हो. शायद यह भी आपको किसी वर्ड के उसमें भी. शायद ऐसा नहीं मिलेगा कि कोई ऐसे गाना.
गाता हुआ जो है फांसी प लटका है कोई. क्रिमिनल ऐसा जो बिल्कुल बदल गया हो जेल. में तिहार हां अगर आप कहे मैं आपको कहानी. सुना सकता हूं अगर आप सुनने के लिए तैयार. है तो एक ऐसा था कि एक लियो गेज नियर था. हम नॉर्वे का था हम. उसे क्योंकि इंडिया से स्मक हीरो वगैरह जो. है काफी लोग स्गल करते हैं हम तो यहां से. हीरोइन वगैरह सगल करके ले जा रहा था पुलिस. ने उसको अरेस्ट करके जेल भेज दिया जब.
अरेस्ट करके जेल में भेजा हम तो ये फॉर्नर. है इसलिए मैं आपको बता रहा हूं छूट के. सुधर के तो बहुत गए हैं तो जब उसका वो गया. तो हमारे जेल प जो सुधार का जो मेन जो. प्रोग्राम होता है वो होता है मेडिटेशन हम. आप भी मेडिटेशन करोगे आपने बहुत ज्यादा एक. बदलाव आप अपने में देखोगे मैंने तो अपने. में बहुत देखा था बदलाव. तो वह जब जैसे ही आया जेल में तो वह. क्योंकि जो गोरे होते हैं उनको वैसे भी एक. प्योरिटी कंपलेक्स होता है वो इंडियंस को.
गालियां निकाल रहा थूक रहा उनके ऊपर तो. जेल वाले सारे थे परेशान थे हमें कहने लगे. कि बताओ क्या करें हमने कहा इसको जबरदस्ती. हम मेडिटेशन के कोर्स में डाल देते हैं तो. हमने विपासना मेडिटेशन है गोयंका जी की. उसमें इसको डाल. दिया उसमें डाला तो उसमें 10 दिन की नोबल. साइलेंस होती है आप कुछ भी बात नहीं कर. सकते जो खाना एक या दो टाइम का वो दे रहे. हैं वही खाना. होता प्रोग्राम हिंदी में भी होता है. इंग्लिश में भी होता है तो उसने इंग्लिश. वाला अटेंड किया उसको किया तो जहां उसम. इतना.
एजिटेटिंग किया तो ही वास सॉफ्ट उसको. थोड़ा सा लगा कि जो स्क्रू वगर उसके जो. थोड़े से ढीले हो. गए जो उसके अग्रेशन के थे स्क्रू थे वो. ढीले हो गए उसके बाद फिर पहले तो हमने जब. बिठाया था फिर उसको उसने फिर अपनी लंग ने. शो की कि मैं इसको दोबारा करना चाहता हूं. तो उसमें दोबारा करने का प्रोविजन है नहीं. पर एज ए धम्मा सेवक मतलब जो अगर आप हेल्प. कर रहे हो डे टू डे रूटीन में कोर्स चले.
उसमें हेल्प कर रहे हो तो आप कर सकते हो. उसको एज ए धमा सेवक उसमें कर लिया उसने. बड़ी सेवा की और उसने पूरा मेडिटेशन किया. मतलब तीन यह करने के बाद दो दम्मा सेवक एक. कोर्स करने के बाद वो टोटली मेल्ट डाउन हो. गया था टोटली मेल्ट डाउन हो गया था ऐसे. करते करते इसने मेडिटेशन हमारे यहां सभी. तरह की मेडिटेशन होती है आर्ट ऑफ लिविंग. भी होती है श्री श्री रवि शंकर जी की यंका. जी की विपच हो गई सहज योग राज योग बहुत.
सारे यह चीजें होती. है तो उस उसको मेडिटेशन में इतना इंटरेस्ट. आ गया व जो भी मेडिटेशन को कोर्स उसम सबसे. पहले व पहुंच जाता था सेवा करने के. लिए तो उसके बाद क्या हुआ करीब करीब एक. साल तक यह उसका चलता रहा तो एक साल उसने. क्या किया कि एप्लीकेशन दी कोर्ट को कि. मैं अपने क्राइम को कन्फेस फेस करना चाहता. हूं जब पहले जेल में आया था उसने कहा था. मैं आई एम नॉट प्लीडिंग गिल्टी अगर नॉट. प्लीट गिल्टी करते तो जेल में भेजते तो.
उसने प्लीट गिल्टी की जब एप्लीकेशन दी तो. जज बड़ा हैरान हुआ कि यार तूने एक साल. हमारा बेकार कर दिया कोर्ट का अब त कह र य. वांट टू प्ली गिटी तेरे ऊपर प्रेशर तो. नहीं है पुलिस का प्रेशर हो सकता है जेल. वालों का प्रेशर हो सकता है या किसी और का. प्रेशर उसने कहा कोई प्रेशर नहीं मुझे अब. क्योंकि मैं समझ गया हूं कि जीवन क्या. है मैंने विपच का मेडिटेशन का कोर्स किया. मुझे पता लग गया जीवन क्या है तो उन्होंने. कहा क्या पता ल कहता नहीं आप बस मेरी. कन्फेशन जो है रिकॉर्ड कर.
लो उसने अपनी कन्फेशन रिकॉर्ड करवाई उसने. लिखवाया कि मैं फलां फलां तारीख को. एयरपोर्ट से 2 किलो स्मैक लेके जा रहा था. जबकि उसके ऊपर चार्ज लगा हुआ था कि 1 किलो. स्मैक लेके जा रहा था तो जज ने कहा ये तो. बड़ा मेजर कंट्रक्शन है कि तू दो किलो. स्मैक लेके जा रहा था यहां पे. उसम एक चार शीट में एक किलो दिखाया व कहता. सर मेरे से मैं बिल्कुल झूठ नहीं बोल. रहा क्योंकि मैं जीवन का अर्थ समझ चुका. हूं तो मैं दो किलो लेकर जा रहा था मुझे.
नहीं पता कि पुलिस ने एक किलो स्मैक का. क्या किया जनरली वैसे ये आप द बीट में. आपको बात बता रहा हूं हर एक थाने में. स्मैक रहती है कई बार एडिक्ट वग पकड़ लेते. हैं उनको ट्रीट करने के. लिए तो जज ने उसकी कहा देख ले तू जो. कन्फेशन दे रहा है तो इसमें तेरे को 10. साल की कैद हो सकती है और एक लाख जुर्माना. दे ट इज मिनिमम यह हो सकता है तेरे को. कहते मैं सब चीज के लिए तैयार हूं मैं पढ़. के आया हूं ला सब चीज के लिए तैयार हूं तो. जैसा हमने उसको 10 साल की सजा और एक लाख.
रप जुर्माना दे. दिया तो उन दिनों में प्रेस वगैरह को हम. बड़ा इनवाइट करते थे जेल में तो प्रेस ने. उसे उससे इंटरव्यू लिया तो उसने कहा इवन. दो आई आई मे बी फिजिकली इनकर्स बट मेंटली. आई एम लिबरे मेंटली मैं बिल्कुल फ्री हूं. मेरे मन पे जो बोझ था कि मैंने जो क्राइम. किया है वह बोझ मेरे यहां से हट गया है हम. तो जब उसने यह वाली स्टेटमेंट अखबारों में. छपी यहां पे इवन नॉर्वे के अखबारों में.
छपी कि उसमें आया कि जो एक नार्वे का इतना. बदमाश है उसकी क्रिमिनल हिस्ट्री थी पहले. भी हम बदमाश आदमी था वो जाके सेंट बन गया. इंडिया में हम तो अखबार में जब छपा उसकी. मां पहले उसको मिलने के लिए नहीं आती थी. वो कहती थी बदमाश है इसने मेरा नाम बदनाम. किया हुआ है तो उसके पा पैसे नहीं थे यहां. पे आने के तो वहां के नॉर्वे के जर्नलिस्ट. वगैरह ने उन्होंने पैसे इकट्ठे किए पब्लिक. की सपोर्ट से उसकी मां को पैसे दिए कि आप. महीने में एक बार अपने बेटे को मिल के आया. करो इंडिया जाके उसकी मां जब मिलने आई तभी.
प्रेस वाले उसके साथ थे तो मां ने कहा कि. मेरा जो एक बेटा जो मेरे हाथ से निकल गया. था मैंने उसको दोबारा रिगेन कर लिया. दोबारा उसका रीबर्थ हुआ है तो उसके बाद. देखें आप वो बंदा जेल से. छूटा जेल से जेल से नहीं छूटा मतलब उसको. 10 साल की कैद हो गई. उसके बाद उसकी इतनी पब्लिसिटी हो गई थी. दिल्ली में तो इतनी पब्लिसिटी हो गई थी. जगह-जगह उसका नाम लियो गेस नियर का नाम. लिया जा रहा था कि कैसे हमने एक फॉर्नर को. सुधार.
दिया उसके बाद वहां पर नॉर्वे की प्रेस. में भी बहुत आ रहा था उसके बाद क्या होता. है कि नॉर्वे का प्राइम मिनिस्टर आई थिंक. इट वाज इदर इन 2003 था नॉर्वे का प्राइम. मिनिस्टर जो है इंडिया आता है उसके जो. उसने बातचीत करनी थी हमारे प्राइम. मिनिस्टर से उसमें एक एजेंडा आइटम यह भी. थी कि रिलीज ऑफ प्रीमच रिलीज ऑफ लियो गेज. मियर मैंने पहली बार लाइफ में देखा था कि. किसी. को एनडीपीएस केस में कैद हुई हो और उसकी.
सजा को माफ कर दिया गवर्मेंट ने तो. प्रेसिडेंट ने उसकी उसने चार या पा साल. जेल में काटे थे बाकी सजा माफ कर दी फिर. वह अपने गया वहां पर नॉर्वे गया खर्चा. वगैरह भी हमने सबने इकट्ठा करके दिया उसको. तो उसके बा उसकी विदाई देखने वाली थी म. जेल की कद कयो उसने इतनी सेवा की थी वो. उनकी इतनी सेवा करता था मेडिटेशन चलाने. में तो वह गया फिर वहां पर जाकर उसने जो. नॉर्वे की जेलो है उसमें उसने जाकर.
रिफॉर्म के प्रोग्राम शुरू किए जैसे यहां. हम कम्युनिटी स्पोर्ट लेते हैं रिफॉर्म. करने के लिए जैसे मैंने आपको बताया. मेडिटेशन का वहां पर उसने यही चीज शुरू की. नॉर्वे की जेलों में और फिर उसने इंडिया. के जो प्रिजनर है इनके लिए एक पूरा प्लेन. लोड ऑफ गर्म कपड़े का यहां भिजवाया. प्रिजनर्स के लिए यहां के प्रिजनर्स के. लिए और अभी भी वन जेल रिफॉर्म कर रहा है. ब्यूटीफुल. स्टोरी सुपर्ब एंड में आजकल बड़ा. ट्रेंडिंग टॉपिक है लॉरेंस बिश्नोई कभी.
जेल से निकलेगा वीडियो कॉल हो गई दिल्ली. से दिल्ली से पंजाब से जहां से भी ये देखो. बड़ा अनसर्टेन हुआ क्वेश्चन है क्योंकि. क्या होता है जैसे आपने अभी बात अपनी शुरू. में ही कही थी कि प्रिजनर जो ऐसे गैंगस्टर. होते हैं अपनी मर्जी से निकलते हैं जब वो. देखेगा कि बाहर कंजी नियल एटमॉस्फियर है. जेल से बाहर रैकेट चलाना आसान हैसे रेंस. लगता है कि बाबा सिद्दीकी पर हमला हुआ. सलमान खान पर हमला हुआ देख क्या होता है. कुछ लोग तो अतीक अशरफ पर भी कहते हैं क्या.
होता है जेल में अगर कोई है अगर उसके पास. मोबाइल फोन आ गया व आतंक मचा सकता है पूरी. सोसाइटी में आतंक मचा सकता है और यह तो हम. जानते कि जेल में मोबाइल फोन लेना कितना. कितना आसान है अगर मोबाइल आ गया तो देखें. क्या होते है जितने ये प्रिजनर होते इनको. अपनी पब्स में बड़ा मजा आता है ये लोग. क्या करते हैं कि जेल में जैसे चार लोग. बैठे खाना खा रहे हैं है ना वो उसकी. वीडियो बनाएंगे कि चार लोग बैठे खाना मज.
रहे कोई डांस कर रहा है उसमें कोई ढोलक. बजा रहा. है उसमें पानी होगा तो उसको ऐसे दिखाएंगे. जैसे विस्की पी रहा है दिखाएंगे नॉनवेज खा. रहा है इसकी वीडियो बनाएंगे और े देंगे. अपने बाहर प्रेस को भेजेंगे खासकर चला दो. हां चला दो प्रेस बड़े ब शोक से उसको जो. है व चला देगी अब देखि वो क्यों करता है य. इसके पीछे एक बड़ी उसकी एक साइकोलॉजी है. वो एक मैसेज देना चाहता है बाहर जो विटनेस.
है उसके खिलाफ क्योंकि जो गैंगस्टर होते. हैं आ आ 10 केस चल रहे होते हैं उनको. मैसेज देना चाहता है कि जेल में कितना. जलवा है हमारा जेल में हमारा कितना जलवा. तू हमें जेल में भेज सकता था ना जेल में. कितना जलवा है देखलो हम कैसे मजे मार रहे. उसका नतीजा यह होता है बहुत कम केसों में. हमने देखा है कि गैंगस्टर को. हो बहुत कम क्योंकि विटनेस जो होती है वो. इतना डर जाती है व जब जेल में भेज सकते थे. जेल में यह मजे मार रहा है तो बाहर आग तो. य बिल्कुल आतंक मचा देगा तो वह ज्यादातर.
उसके. खिलाफ बयान नहीं देते और एक जब बयान देते. बाहर छूटता है फिर और बड़े-बड़े क्राइम. करता है फिर उसके नाम से आपको जैसे. हिंदुस्तानी का है कि अगर आपने इनको. हिंदुस्तानियों को ब्रा बिट कर दिया हवा. से लोग सब कुछ जो मांगा अपने आपको देना. शुरू करते हैं हवा एक ऐसी फैलती है भेड़. चाल ऐसे होती है तो अपनी वो हर हर एक. गैंगस्टर यही चाहता है कि उसका जो है एक. हवा चले एक भेड़ चाल उसकी हो ताकि लोग.
उसको राजा की तरह ट्रीट करें तो यह लोग. अपने आप को राजा ट्रीट करवाने के वो अपने. आप को वो करते हैं अब एंड के कुछ सवाल. ब्लैक वरन वेब सीरीज में जो कुछ दिखाया. किताब लिखी आपने इसको लेकर आपके सीनियर्स. या कैदियों पुराने जो कैदी होंगे किसी का. विरोध आया नहीं क्योंकि मैंने जो इतना कुछ. आपने दि नहीं नहीं इसमें क्या है कि आप. बती है जब मेरी आप बती है तो आप बती में. कोई विरोध हो ही नहीं सकता हम कोई. विरोधाभास नहीं हो सकता मैंने जो दिखाया. सच्ची दिखाया उस टाइम प एक त्यागी गैंग.
होता था त्यागी अब त्यागी गैंग मेरे को. मैं हंस रहा था उस दिन मुझे लोग कह रहे थे. कि त्यागी गैंग वाले जो है जो बाहर हैं वो. बड़े खुश हो रहे. थे कि मतलब त्यागी गैंग का टेरर जो हमने. इसमें दिखाया है क्योंकि एक तरह का त्यागी. गैंग इस टाइम जो खत्म हो गया मैं आपको. देखो मजेदार बात बताता हूं जब भी कोई. गैंगस्टर आता है हम. ज्यादातर ये कास्ट लर्ड होते हैं जो भी. आते किसी कास्ट से निकले हुए होते हैं जेल. में धर्म ज्यादा जाति को लेकर जाति को.
लेकर ज्यादा होता है तो ज्यादातर यह कास्ट. लड होते हैं देखो जब अच्छा टाइम होता था. आज से मैं अगर कह 25 30 साल पहले या 35. साल पहले कोई जाति का बंदा अगर यह कोई गलत. काम करता था रेप कर दिया मर्डर कर दिया तो. उसको आउटकास्ट कर देते थे बहुत हम देखते. थे पंचायत ने फैसला किया किय इस गांव में. आएगा नहीं कोई मंदा इसकी अपनी लड़की नहीं. देगा इसको शादी कर इसके बाप से कोई बात. नहीं करेगा उस टाइम पर आउटकास्ट कर देते. थे आप देखो इतना टेरेन आ गया.
है अब उसको अपनी जात वाले उसको लीडर बना. देते हैं अब देखें तिल्लू तेजपुर का आपने. नाम सुना है व अपने गांव का नाम लगा रहे. है और जब उसकी डेथ हुई है कहते पूरा का. पूरा गांव जो है उसको अलविदा करने के लिए. गया था ऐसे ही आप जितने देखें अपने गांव. के नाम लगा रहे हैं और भी बदमाश. आपको बताने की जरूरत नहीं अपने गांव का. नाम लगा रहे हैं पीछे तो आज की डेट में यह. ग्लोरिफाई हो रहे म इनकी कास्ट के लोग जो. है जो कि स्ट्रंग होना चाहिए इनकी कास्ट.
के लोगों को कि इसने इतना क्राइम किया. इतने लोगों को मारा है उ रो उनको हीरो. बनाते दूसरा देखें आपको हंसी आएगी इस बात. पर हमारे जेल स्टाफ. है हमारे जेल स्टाफ है जिनकी जो जो अपनी. कास्ट वगैरह नहीं लगाता तो ऐसा गैंगस्टर आ. जाए तो अपनी कास्ट लगानी शुरू कर देते हैं. मैं आपको एग्जांपल बताता हूं जब त्यागी. गैंग आया था. तो एक था शिवराज हेड वाटर था एक रामानंद. था वह भी हवालदार था उन्होंने त्यागी.
लगाना शुरू कर दिया रामानंद त्यागी शिवराज. त्यागी ताकि उनको पता है कि स्टाफ पूरा. टेरिफाइड है उस त्यागी नाम से तो यही नाम. अपना लगाना शुरू करते जैसे गुर्जर कोई आ. गया तो जो गुर्जर नहीं भी है ना वो भी एक. रिफ्लेक्ट करना शुरू कर देते हम भी गुजर. तो एक मोरल डिग्रेडेशन है यह पर मैं आपको. बता रहा हूं किस तरीके से जो. बंदा मतलब जिसका जिसको जात अपनी बतानी. नहीं चाहिए थी जिसने आज तक अपनी जात नहीं. बताई थी वो भी अपनी जात को रिफ्लेक्ट करना.
शुरू कर देते हैं समा जेल के बाहर भी जात. पात जेल के अंदर भी जात जेल के अंदर भी. जात पात और सबसे बड़ा खतरा जो है इस टाइम. यूनिफॉर्म फोर्सेस को है ये कास्टि उनसे. है आपका सबसे लो पॉइंट क्या था करियर. में करियर का लो पॉइंट था जब मैं रिटायर. हो रहा था जब मैं रिटायर हो रहा था तो. मुझे रोज कोई ना कोई मीमो मतलब मीमो देके. चार शीट देके इन्होंने बहुत तंग किया और ज. जिस दिन मैं रिटायर हो तो लोग जब रिटायर. होते हैं तो रिटायर होते टाइम बड़े.
ढोलबाजे आते हैं और बजाते हैं पर मैं इतना. डिप्रेसो मुझे रिटायरमेंट वाले हफ्ते में. ही मुझे चार शट पकड़ा दी जिसमें कहा कि. आपने फाइनेंशियल इरेगुलेरिटी की मैंने. पहले सारा आपको एक्सप्लेन कर दिया बाद में. गवर्नमेंट ने इस चार शीट को वापस ले. लिया पहले दिया फिर उसको वापस ले लिया. क्योंकि जो देने वाला बंदा था जिसको मैंने. चैलेंज किया था वो इतना इन्फ्लुएंस था. इतना इन्फ्लुएंस था कि उसके सामने सारा. सिस्टम क्रंबल हो गया मैं तो बहुत छोटी सी. एक उसके आगे व चीज था उसने चार दिलवाई.
मुझे दुख दुखी करना चाहता था उसने किया पर. बाद में मुझे सारा पैसा मिल गया और विद. इंटरेस्ट मिला तो वो मेरा बड़ा लो पॉइंट. था सबसे हाई पॉइंट क्या था करियर का आपके. सबसे हाई पॉइंट तो मेरे बहुत रहे हैं हाई. पॉइंट तो बहुत रहे. हैं जैसे मुझे राष्ट्रपति के मेडल मिले. डिस्टिंग सर्विस मेडल मिला तो उस तो. बिल्कुल सातव आसमान पर अपना दिमाग होता था. उसके अलावा जो है काफी सारे मैंने स्टाफ. के और प्रिजनर्स के वेलफेयर के प्रोग्राम. शुरू किए जैसे आपको यह होगा कि मैंने.
प्रिजन कवि को जो पैरोल फलो मिलती है उसके. रूल्स हमने बनाए मतलब मेन क्योंकि लीगल. एडवाइजर होने की वजह से मैंने वो किया. उसके अलावा जो ओपन जेल ओपन जेल सेमी ओपन. जेल में बनती है वो मैंने बनाई मतलब मैंने. इनिशिएटिव. करते थे उसको पर इनिशिएटिव.
बड़े गरीब घरों से आते हैं पूरे इंडिया की. स्टेटिस्टिक्स आप देखेंगे 85 पर. त जो पुअर स्टेटा से आते. हैं. जिनको जिनकी जो साल की इनकम है लाख से कम. होती है 85 पर आप इस सोच सकते. कि क्राइम क्या खाली गरीबी करते हैं और. कोई क्राइम नहीं करता 85 पर य होते हैं तो.
मैंने डिस्ट्रिक्ट जुडिशरी से बात करके. हाई कोर्ट से बात करके हमने एक स्पेशल. कोर्ट बनाई जिसमें कि महीने में एक बार जो. है. मजिस्ट्रेट तिहाड़ जेल. आएगा उसको हम लिस्ट दे देंगे कि यह कैदी. हैं जिनको न साल से कम सजा हो सकती है जो. फेंस के ऊपर लगे उसम तीन साल से कम सजा हो. सकती है और य अपना क्राइम जो कन्फेस करना. चाहते हैं हम उनको जज साहब के आगे पेश कर. देते तो जज साहब के आगे उसने क्राइम.
कन्फेस कर लिया तो मोस्ट ऑफ द टाइम जज. साहब उसको जो है ऑलरेडी अंडरगो मल जैसे. किसी को तीन साल की कैद हो सकती है उसने. दो महीने जेल में काटे हैं तो उसको जितने. उसने जेल में काटे टा उस पर उसको छोड़ दे. तो यह मेरे लिए बहुत एक बड़ी अचीवमेंट थी. कि करीब करब. जब मैं वहां से जेल से रिटायर हुआं करीब. करीब 8000 केस हमने सेटल करवा दिए थे. मैजिस्ट्रेट के उसम तो यह था उसके बाद ओपन.
सेमी ओपन जेल का मैंने आपको बताया है कि. मैंने रूल्स बनाए उसके अलावा जो जेल. मैनुअल लिखा इनके लिए आपको इसमें बड़ा. इंटरेस्टिंग किस्सा सुनाता हूं बात में से. बात निकलती. है 1988 में हमारे पर पंजाब जेल मैनुअल. अप्लाई होता. था उसम जो के रूल थे. सारे. तो हमारे जो होम मिनिस्टर थे उन्होंने. पार्लियामेंट में एक गलत बयानी कर दी.
उसमें उन्होंने कह दिया कि आने वाली. बैसाखी पर हम जो दिल्ली का अपना जेल. मैनुअल जो है बना देंगे जबक ल बनाने ल. मैनल बनाने में सालों की एक्सरसाइज होती. पसीने छूट जाते तो मुझे करीब करीब एक. महीना. पहले गवर्नमेंट ने कहा कि आपको जो है यह. जेल में बनाना एक डॉक्टर बड़ा ठाकुर. थे किसी बैंक के चेयरमैन थे व उने आप. दोनों ने मिलकर रमन बनाना है तो हमने क. चैलेंज है इसको करेंगे हमने 15 दिन.
में दिल्ली का नया जेल मैनुअल बना दिया. जिसको कि महीनों क्या सालों लग जाते थे. बनाने में 15 दिन में हमने क्योंकि. उन्होंने गलत बयानी कर दी थी पार्लिमेंट. के आगे सारे कैद बनाया होगा आपने हा तो. उसम हमने जो भी पुरानी चीज थी जो जिसम ग. सिटी वगैरह होती थी जो नंबरदार सिस्टम था. हमने उसम वो सारी चीजें हटा दी जो नंबरदार. होते हैं जेल में आपने भी सुना होगा यह.
बहुत ज्यादा करते हैं पीटते. एक्सटॉर्शन करते हैं जो जेल स्टाफ भी होता. है वो नंबरदार के थ्रू ही जो है पैसे. वगैरह अपने बनाते हैं तो हमने वो नंबरदार. का सिस्टम ही खत्म कर दिया जो और मैनुअल. जो मैं बताना चाह रहा था वो मैनुअल हमने. 15 दिन में बैठ के बनाया टाइप किया और. करीब एक डेढ़ महीने में उसको हमने. इंप्लीमेंट करके 1988 में अप्रैल मई में. उसको हमने इंप्लीमेंटेशन भी करवा दिया. मतलब इतनी जल्दी मुझे नहीं लगता आज तक कि.
किसी वर्ड का कोई मैनुअल जो है इतनी जल्दी. बना होगा लवली लवली इसपे कैदियों का भी. रोल था कैदियों नहीं कैदियों का कैदियों. को लेके मैंने सुना कैदी ज्यादा काम करते. थे पिटीशन अच्छी लिखवा हैं कैदी कैदियों. का क्या होता है कि कैदी जो है वो तो. मैंने आपको बताया जो हमारे कैदी लोग हैं. वो पेटीशन बहुत अच्छी बना लेते हैं जैसे. चा राज ये मैंने आपको बताया कि बड़ी अच्छी. पेटीशन ऐसी अनवर अहमद था वो काफी पेटीशन. बनाता था सुनील बत्रा था प्रिजनर की बड़ी. पेटीशन बनाता था एक तो खुद कपाई रहते हैं. फिर जहां से उनको पैसे मिलते हैं वो पैसे.
भी ले लेते हैं ब्यूटीफुल हा कोई हिस्सा. आपने किताब को जो रह गया हो कोई बड़ी. शख्सियत कोई बड़ा. लम्हा नहीं नहीं सब लग मुझे लगता है कि. लगभग सारे हमने छ अब यहां से आगे क्या सर. आगे देखें अभी क्या एक वेब सीरीज तो आ गई. देख क्या है कि मैं ना कुछ नई किताब लिखनी. है कुछ नए खुलासे नई किताब तो बला नई. किताबें तो मैं लिख रहा हूं मेरे दो. किताबें जो मेरा किस टॉपिक प एक है कि. डिफरेंट मोड्स जो प्रिजनर अडॉप्ट करते हैं.
टू स्किप द कस्टडी एस्केप फ्रॉम द प्रिजन. एक तो उसके ऊपर है एक है हमारा जो करंट. लीगल सिस्टम है किस बुरे हाल से चल रहा है. और सुप्रीम कोर्ट ने देखो 50 बार. स्ट्रक्चर पास किया होगा डिस्ट्रिक्ट. जुडिशरी के ऊपर पुलिस के ऊपर कि आप. अंडरटेल के केसेस जो है इनको जल्दी निपटा. जल्दी निपटाना तो दूर है जो अंडरटेल की. पॉपुलेशन आज से अगर 20 साल पहले कए 65 पर.
होती थी और 35 पर कैदी होते थे आज की डेट. में 82 पर 18 पर वो तो दिल्ली की है और. इंडिया की जो है 7624. है डे बाय डे बतर हो जा र मैं सोच रहा था. कि जो इन्होने नया ला बनाया है उसमें कोई. समय सीमा वगैरह बांधने पर देख आप कहीं भी. जाए. यह शायद यह मेरे मन की बात है कि क्या है. आप किसी भी कंट्री में जाएंगे कोई भी केस. इनफिट नहीं चल. सकता हमारे य कई केस इनफिट चलते रहते हैं.
अगर कोई आदमी है जेल में आ गया जेल में आ. गया तो उसका दिमाग खराब हो. गया तो उसका केस जो है सस्पेंड हो जाएगा. केस सस्पेंड हो जाएगा पर खत्म नहीं होगा. अगर उसका दिमाग 15 साल भी अगर वह नहीं वो. होता तब तक वो केस चलता रहेगा कोई चोरी के. केस में आ गया अगर दिमाग खराब हो गया तो. उसका केस जो है वो चलता रहेगा इन. डेफिनेटली चलता रहता इसम फिर हमने ला.
बनवाया एक दिल्ली हाई कोर्ट की जजमेंट थी. उसमें जस्टिस सीक ने बड़ा अच्छा वो उसम. किया उन्होंने कहा कि जितनी मैक्सिमम. सेंटेंस हो सकती है उससे ज्यादा आप उसको. जेल में नहीं रखोगे तो हमारे इतने फनी ला. है पर किसी में भी इन्होंने सीमा नहीं दी. हुई कि इस सीमा में इस केस को खत्म करें. आप देखें क्या है अब चोरी के केस आप. अखबारों में पढ़ते रहते होंगे 20 साल चलता. रहा जेब के केस चार पाच साल तक चलते रहते. हैं मर्डर केस 10 10 साल तक चलते रहते हैं. क्यों नहीं गवर्नमेंट मेरे को क्वेश्चन.
हैय गवर्नमेंट से मैंने कई जगह कई उस परे. रेस किया एक समय सीमा मानती है. कि सपोज मर्डर का केस है कि 3 साल में. खत्म हो जाएगा न साल में कोर्ट ने खत्म. करना ही करना है अगर 3 साल में खत्म नहीं. करते तो. आपको रीजन देने पड़ेंगे तीन साल में खत्म. क्यों नहीं किया जहां आप बाइंडिंग करते. हैं तो रूल हमारे बड़े एफिशिएंट होते हैं. और अगर अगर.
इनर्टनेस का कोई ट्रायल जो है उसमें आप. कंपनसेशन दो विक्टिम को और जो अंदर जेल. में पड़ा है आपकी इनएफिशिएंसी की वजह से. जो जेल में पड़ा है प्रिजनर को भी. कंपनसेशन आप देखना आपका सिस्टम कैसे भागता. है पर इनको एक बोर्ड स्टेप लेना चाहिए. उसमें इनको य समय सीमा बांधनी चाहिए कि ये. फला फला केस तीन साल में खत्म करोगे ये. फला फला केस दो साल में खत्म करोगे ये फला. फला केस एक साल में खत्म करोगे अगर फिर. बाद में अगर नहीं करते तो जज को रीजन देने.
पड़ेंगे और जज अगर रीजन सेटिस्फेक्ट्री. नहीं देता तो आप कंपनसेशन दे सकते हो यह. चीज मैं कहता हूं कानून में डाल दें आप. देखना हमारा क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम कैसे. भागता है आप देखिए मैं इसमें इसमें. एग्जांपल देना चाहता हूं आरटीआई है जब. आरटीआई का एक्ट आया शुरू में उसमें. उन्होंने प्रोविजन डाला था कि आपको एक. महीने के अंदर-अंदर इंफॉर्मेशन देनी है और. उन्होंने पब्लिक स्पिरिटेड लोग जो है. पब्लिक कमिशनर लगाए थे.
इस इंफॉर्मेशन कमीशन. ने तो उसमें होता था कि एक महीने आपने. जवाब नहीं दिया या आपने गलत जवाब दिया तो. उसमें प्रोविजन था कि जो इंफॉर्मेशन. कमिश्नर जो है आपके ऊपर फाइन की सजा इंपोज. कर सकता है आपके खिलाफ डिपार्टमेंटल की. प्रोसीडिंग के लिए रिकमेंड कर सकता है और. आपकी तंखा से. वह कंपनसेशन की घोषणा कर सकता है उसके लिए. जो अफेक्टेड बंता है भाई साहब मैं आपको.
बताऊं जब इन्होने आरटीआई एक बनाया था सबसे. बड़ा रिवोल्यूशन यह व वाला स्टेप था जैसे. ही हुआ है मैं भी पीआई होता था अपने जेल. में भाई साहब हमारी यह होती थी किसी ने. इंफॉर्मेशन मांगी तो उसको फटाफट दो फटाफट. दो अपने उससे निकालो नहीं तो हमारी सैलरी. से पैसे क कर सकते हैं जब तक यह वाला डर. या डिपार्टमेंटल प्रोसीडिंग का डर आप. पब्लिक सर्वेंट को नहीं दिखाओगे भाई साहब. हिंदुस्तान जैसा चल रहा है यसे भी आगे.
वर्स उसमें चलता जाएगा डर दिखाना आपको. बड़ा जरूरी है आप देखि मैं इसमें सुप्रीम. कोर्ट का बता तो सुप्रीम कोर्ट ने एक धनेश. कुमार की जजमेंट थी 2014 की जजमेंट थी. उसमें उन्होंने कहा था कि जिस केस में भी. पुलिस अगर अरेस्ट करती है सा साल तक की. अगर सजा हो सकती है पुलिस पैसे उसको पहले. उसको अरेस्ट नहीं करेगी अरेस्ट करेगी तो. रीजन. देगी रीजन देगी फिर वो जज के सामने पेश. करेंगे जज अगर उसको जेल भेजता है तो रीजन.
देगा और अगर गलत रीजन देता है तो उसमें. उसके खिलाफ उन्होंने जजमेंट में लिखा है. अनीश कुमार के उसमें कि जज के खिलाफ. डिपार्टमेंटल प्रोसीडिंग हो सकती है या. पुलिस वाले के खिलाफ डिपार्टमेंटल. प्रोसीडिंग हो सकती है उसका नतीजा भाई. साहब यह हुआ है कि लाखों लोग जेल से छूटे. हैं जिनको सा साल तक की सजा जिस क्राइम. में हो सकती है लाखों लोग जेल से छूटे और. उ ऐसे लोगों में इतनी करप्शन होती थी. पुलिस और उसमें अब वो वाली करप्शन भी काफी. हद तक कटेल होगी तो हमें सरकार को कोई ऐसा.
रूल बनाना पड़ेगा जिसमें कि पब्लिक. सर्वेंट को डर हो कि अगर हम इसको अपनी. कन्वीनियंस के हिसाब से ट्रायल ना चला के. कानून के हिसाब से चलाएंगे न साल में ना. चलाया आप जहां कंपनसेशन का प्रोविजन करोगे. ना हमारे यहां सारी चीज बड़ी एक्टिव हो. जाते हैं कि उनको यह होता है कि इसको को. कंपनसेशन नहीं मिलना चाहिए प्रिजनर को तो. कंपनसेशन नहीं मिलना चाहिए जहां आपने यह. चीज डाल दी ना कोई सुप्रीम कोर्ट की. जजमेंट आ जाए सुप्रीम कोर्ट तो जजमेंट. नहीं कर सकती गवर्नमेंट को कानून बनाना.
चाहिए तो आप देखना हिंदुस्तान का जो. क्रिमिनल जस्टिस एडमिनिस्ट्रेशन है जिसके. ऊपर पूरी फॉरेन कंट्री जो है इसको. डिस्कार्ड करती है बहुत इस सिस्टम को इतना. डेपके करते हैं वह फॉरेन कंट्री में तो और. हमारी सुप्रीम कोर्ट ने कितनी बार डेपके. किया कि जो सिस्टम है तो एक इसमें समय. सीमा अगर हो जाए तो मेरा यह मानना है मेरा. मानना बड़ा मैच्योर मानना है कोई आम वाल. वो नहीं है मेरा यह मानना है कि आपका. सिस्टम बिल्कुल दुरुस्त हो जाएगा मैं आपकी. अगली किताब का वेट करूंगा थैंक यू लवली.
टॉकिंग ट य स थैंक य थैंक य.
