Unplugged ft. Subhash Goyal | Ayurveda | Health, Herbs & Healing | Nature & Nutrition
एलोपैथ वाले आयुर्वेद को समझते क्यों नहीं. कुछ? तो हम भी कहां समझते हैं उनको कुछ? जब से लोगों ने अपनी रसोई को किचन बनाया. तब से किच किच माहल बन गया। आयुर्वेद को. लेके कई लोगों का ये मानना है कि बड़ा. धीरे-धीरे काम होता है। एलोपैथी वाली झटपट. ठीक कर देती है। आयुर्वेद का जो वैद्य. होता है वो पेशेंट को बता देता है कि भ. आपको ये दवा छ महीने तक खानी पड़े। ऐसे ही. जो एलोपैथी का होता है वो उसको बताता ही. नहीं। वो 10 12 साल खाता रहता है। कैसे. पहचाने कि असली वैद है नकली वैद्य? क्या. आयुर्वेद जो है वह केवल शाकाहारी आहार से.
ही जुड़ा हुआ है? ऐसा नहीं है। आयुर्वेद. का जिक्र सनातन ग्रंथों के अलावा भी कहीं. है? हां बिल्कुल है। पंचकर्मा क्या होता. है? पंचकर्मा होता है जिसमें मसाज दिया. जाता है। शिरोधारा है, बस्ती है, नेती है।. 10-15 दिन फिर उसके मोबाइल स्विच ऑफ होते. हैं। उसको दुनिया से काट दिया जाता है।. आधी बीमारी वैसे ठीक हो जाती है। आयुर्वेद. कहां पिछड़ गया? एलोपैथ से। कैंसर आया, एड्स आया, इम्यून डिसीज आई। तो इनके बारे. में आयुर्वेद में कैसे काम हुआ? पांच ऐसी. चीजें जो हमारे किचन में मौजूद है जो एक. व्यक्ति को निरोगी रखेगी। सबसे पहले फैट. की बात करते हैं। जीरा, अजवाइन और सौंफ.
तवे पे अच्छे से पका के रोस्ट करके इसका. पाउडर बना के रखना चाहिए। लीवर के लिए एक. बहुत बेहतरीन औषध है। उसका नाम है भूमि. आंवला। उसको सुखा करके उसका पाउडर बना। अब. करते हैं हार्ट की बात। जिसने किसी को दे. भी रखा है वो भी संभाल के रखना इसको। अब. जैसे विरह की कमी आ गई। जंग बच्चों में आ. जाती है। माता-पिता कहते हैं बेटा तेरी. शादी करनी है। वह कहता है अभी मैं सेटल हो. जाऊं। और सेटल क्या होना है? बेचारा राइफल. लेके घूम रहा है। उसमें बारूद है नहीं। तो. फिर वो कहता है पापा मैं उसके बारूद होते.
हैं फिर भी नहीं कर पाते काम करने के लिए।. हां. और तेल रात भर नहीं लगाना चाहिए ना? तेल. नहीं लगाना चाहिए। सरसों का तेल बॉडी पे. लगाओ। एक कटोरी भरो। सर पे ऐसे डालो।. शनिदेव की तरह सुबह-सुबह डाल के पूरी बॉडी. तक आने दो उसको। गर्लफ्रेंड गर्लफ्रेंड है. आपकी फिर? ऐसा नहीं है। मेरी वाइफ ही मेरी. गर्लफ्रेंड है। तुम्हारी जो वाइफ है वो भी. अभी तक मतलब यह नहीं है कि कोई उसको आंटी. कह देगा। हमारा. [हंसी]. कि ओरिजिनल शिलाजीत कैसे पता करें? जो. असली शिलाजीत है मिश्रा जी उसको भरे हुए. पानी के गिलास में डाल दो ऐसे करके। जमीन.
पे जाके रुकेगा वो। जो नकली होगी वो तैयार. जाएगी ऊपर। कौन-कौन सी बीमारी जहां बहुत. तेज आयुर्वेद काम करता है। चीनी का. अल्टरनेटिव कुछ है आयुर्वेद में? अगर चाय. में चीनी ना ही डालो तो बहुत बेहतर है।. स्वाद कहां? हां। चाय चाय कहां बची? स्वाद. के चक्कर में ही तो इतने बड़े-बड़े. हॉस्पिटल बन गए। दिन भर में कई आदमी गोयल. साहब को गोयल साहब कहते होंगे। मैं खुद को. बहुत इज्जत देता हूं। मैं कहता हूं कि आप. चैनल पे जाके लिखो सुभाष गोयल जी के. नुस्खे।.
हिंदुस्तान एक ऐसा देश है जहां पर हर तीन. महीने में मौसम बदलता है और जैसे-जैसे. मौसम बदलता है वैसे-वैसे बीमारियां बदलती. है। बीमारी आती है सबसे पहले हम भागते हैं. दवाई लेने। लेकिन क्या हो अगर हम आपसे. कहें कि आपके घर में ही सारी दवाई मौजूद. है। घर में ही वो दादी नानी के जो नुस्खे. हम कहते थे वो सारे हैं। बस आपको जानकारी. नहीं है। क्यों? क्योंकि आप अंग्रेजी.
दवाइयों के पीछे एकदम पागल हो गए। और आज. घर के नुस्खों से आपका इलाज करवाने के लिए. ही हम लाए हैं सुभाष गोयल जी को। जी. चंडीगढ़ वाले सुभाष जी। क्या बात है। बड़ा. नाम कमाया पंजाब में आपने। बिल्कुल जी।. पंजाबियों की बड़ी मेहरबानी है। कि. उन्होंने 2530 साल से हमें अपने गल पेट. लगा के रखा हुआ है। क्योंकि पंजाबी लोग जो. होते हैं ना जी वो गलत चीज को रखते नहीं. ज्यादा देर। उनको पता है कि यह जो सुभाष. गोयल है वो हमारी हेल्थ का अच्छे से ख्याल. रखता है। तो उन्होंने हमें अपने पास रखा.
हुआ है और बहुत अब मेरा मन था कि मैं पैन. इंडिया जाऊं आप लोगों के साथ सहयोग करके. तो आज देखो कि दिल्ली वृंदावन साइड यूपी. बिहार सारा बहुत अच्छे से प्रेम करने लगा. है क्योंकि मैं लोगों के घर में जो रसोई. है जब से ना आप मिश्रा जी ये जानिए कि जब. से लोगों ने अपनी रसोई को किचन बनाया है. हम तब से किच किचकिच का माहौल बन गया.
क्योंकि उसमें जब रसोई होती थी ना उसमें. होती थी हमारी दादी मां हमारी. वाइफ होती थी मदर होती थी तो वो जब खाना. बनाती थी आप मान लो घर पे आए आपने बोल. दिया कि मुझे दो चपाती खानी है जल्दी करो. वो मां होती थी वो कहती थी तू खा तो सही. मैं बनाती हूं तो दो खाई तीसरी रोटी वो. जबरदस्ती खिला देती थी तो अब क्या हो गया. जब से हमने उसको बना दिया किचन अब उसमें आ. गई काम वाली वह बैठते ही पूछती है बाबूजी.
कितनी खाओगे? बाबूजी कहते हैं दो खाएंगे।. पक्का दो ही खाओगे। तो बाबूजी की भूखी मर. जाती है। तो वो जब से किचन बनाया उसको. अपने परिवार को बाहर निकाला और खड़े होकर. खाना बनाना शुरू किया। खड़े होकर खाना. शुरू किया। वो जो डाइनिंग के ऊपर बैठ के. लोग खाना खाते हैं। आयुर्वेद उसको भी. समझता है कि ये खड़े हो के ही खा रहे हैं।. बैठे नहीं है। टांगे लटक रही है नीचे। तो. वो उसके कारण आजकल देखो कितने घुटने टूटे. पड़े हैं। हर एक को कहा जाता है तेरा गरीज. खत्म हो गया तू ऑपरेशन करवा ले और कितने.
लोगों को डायबिटीज है। कितने लोगों को आप. देखते जाइए कि लीवर की फैटी लिवर की. समस्या खड़ी हो गई है कि रसोई को हमने. पूरी तरह से बदल दिया। अब मैं आता हूं. क्योंकि आपने रसोई का जिक्र किया। अक्सर. ये मन आता है घर के नुस्खे जो होते हैं वो. आयुर्वेदिक होते हैं। पहले मेरे को बताओ. कि जो आदमी है जो एलोपैथी की तरफ है हम वो. अंग्रेजी दवाई क्यों ना खाए और आपके. आयुर्वेदिक की तरफ क्यों जाए? हां देखिए. जो आयुर्वेद है एलोपैथिक है और एक जस्ट.
होम्योपैथिक है। जो होम्योपैथिक है वो. अपनी जगह काम करता है। सबकी जरूरत है. हमें। ये नहीं है कि उसकी जरूरत नहीं। अब. एलोपैथिक जो है वो इमरजेंसी मेडिसिंस में. काम करता है। जैसे आयुर्वेद भी बहुत सारी. डिजीज में इमरजेंसी काम करता है। लेकिन जो. एलोपैथिक है वो हमेशा इमरजेंसी उसका काम. है कि बीमारी को दबा देना और पेशेंट को. डायबिटीज है मान लो उसने टेबलेट दे दी।. बीमारी उसको देख के लगता है यार मेरी तो. शुगर आ गई नॉर्मल लेकिन बॉडी के अंदर वह.
उतना ही सर्वाइव कर रही है। जो आयुर्वेद. है यह यह है रोग को समूल खत्म करने के लिए. कंट्रोल करने के लिए और इसका एक डिफरेंस. यह है कि जो एलोपैथिक है वो है अपने रोग. को दबाने के लिए जो आयुर्वेद है वो आपको. लंबा जीवन तंदुरुस्त जीने के लिए दिया. जाता है। जो लोग बीमार नहीं है उनके लिए. भी है ये। मतलब यही नहीं है कि बीमारी हो. गई तब ऐसा भी है कि ऐसी दवाइयां औषधियां. हैं कि बीमार हो ही ना आप। बट आयुर्वेद को.
लेके कई लोगों का ये मानना है कि बड़ा. आउटडेटेड सा सिस्टम है। हम बड़ा धीरे-धीरे. काम होता है। होम्योपैथिक गोली जो लोग. मीठी होती है लोग स्वाद में खा लेते हैं।. हम एलोपैथी वाली झटपट ठीक कर देती है।. आयुर्वेद बड़ा टाइम टेकिंग प्रोसेस है।. इसलिए लोग दूर भाग रहे हैं। ऐसा नहीं है।. मैं आपको बताता हूं। आयुर्वेद में बहुत. अच्छी अच्छी-अच्छी औषधियां होती है। अगर. कुछ चीजें क्रॉनिक हैं। अब जैसे मान लो. डायबिटीज है, मान लो जॉइंट पेन है, गठिया. है या और कई ऐसी बीमारियां हैं। उसमें.
थोड़ा ये काम डिले करता है। लेकिन ये जरूर. है कि एक आयुर्वेद का जो वैद्य होता है हम. वो पेशेंट को बता देता है कि भ आपको यह. दवा छ महीने तक खानी पड़ेगी। हम ऐसे ही जो. एलोपैथी का होता है वो उसको बताता ही. नहीं। वो 10 12 साल खाता रहता है। 20 साल. भी खाता रहता है। मेरे पास आते हैं लोग कि. सर गोल साहब मैं 20 ईयर से ये खा रहा हूं।. तो क्या वो फास्ट है कि स्लो है? एक वैद. जहां तक कह रहा है कि मैं आपको छ महीने. में दवाई से छुटकारा दिलवा दूंगा। मेरी भी. दवाई छूट जाएगी और दो-ती महीने में आप.
अपनी एलोपैथी से भी थोड़ा निजात पा लोगे।. तो उसमें क्या होता है कि लोगों को एक. जैसे माइंड सेट नहीं हो गया कि ये स्लो. काम करती है। स्लो नहीं करती। आप एक हरड़. ले लो। जो हरड़ होती है उसका ताजा फल ले. लो आप। हर को ऐसे पकड़ के बैठ जाओ 5 मिनट. 10 मिनट अगर आपने 10 से 121 मिनट उसको. पकड़ के आप बैठ जाते हो आप यहां से स्मेल. लेना उसकी यहां स्मेल आ जाती है बाहर हरड़. की और आप 15 मिनट के बाद कितनी बड़ी मर्जी. मीटिंग में बैठे हो आपको लूज मोशन हो.
जाएगा आप भागोगे वहां से उठ के आयुर्वेद. को आप स्लो कहते हो अब किसी को मान लो. जाड़ में दर्द हो रहा है रात को हम वो कह. रहा है मर गए भाई कुछ करो तो उसको सिर्फ. लौंग का तेल उसकी जाड़ में कॉटन को लगा के. रख दो 5 मिनट में आदमी आराम से सो जाता. है। तो स्लो नहीं है। यह बहुत फास्ट है और. आयुर्वेद में जो चमत्कार हो सकते हैं वह. किसी चीज में नहीं हो सकते। ओके। लेकिन. जैसे आजकल Instagram रील्स पर हर आदमी. आयुर्वेद के डॉक्टर बना। हर आदमी वैद्य. बनके ज्ञान दे रहा है कि ये नुस्खा लगाओ. बाल आ जाएगा। ये नुस्खा लगाओ ये हो जाएगा।.
तो कैसे पहचाने कि असली वैद्य है ना असली. वैद्य है? देखो ये बहुत बड़ा सवाल है. आपका। पहचानने के लिए जो भगवान ने अपने को. एक थर्ड आई दी है। सबको दी है। हम आप जो. भी आप रील देख रहे हो, वीडियो देख रहे हो, मुझे भी देख रहे हो, मैं हमेशा कहता हूं. कि जब मैं बात कर रहा हूं कैमरे की तरफ. देख के तो मैं 140 करोड़ के करीब लोगों की. आंख में आंख डाल के बात करता हूं। आपको. अगर मेरी आंख पहचानने में गलती हो गई ना.
तो यह आपकी गलती है। किसी और की नहीं है।. भगवान ने सबको इतनी सोच दे रखी है।. पहचानने में गलती मतलब जो बात आप कर रहे. हैं उस बात के अंदर कितनी सच्चाई है वो. सामने वाले को फट पता चलती है कि ये कितनी. सच्चाई है क्या हो सकता है। लेकिन एक चीज. बड़ी है मिश्रा जी जो आपने सवाल किया है. कि लोगों को कैसे पता चले कि ये वैद और ये. ये बहुत जरूरी है कि आजकल जो लोग ऑनलाइन. कर रहे हैं कि हमें ये दवा भेज दो या मंगा. लो या ऑर्डर कर दो बेहतर होता है कि वैद्य. को हमेशा मिलो मिलकर के उसको नबज़ दिखाओ.
और नबज़ देखने का एक मेथड होता है। उसको. मजाक में नहीं लेना चाहिए। वो हमेशा. मॉर्निंग टाइम खाली पेट होती है। लब्ज़ की. असली जो एनालाइज होता है और ग्रंथ जो कहते. हैं वैद भी उस समय खाली पेट होना चाहिए और. पेशेंट भी खाली पेट होना चाहिए। फिर वो वो. चीजें बताया जाता है जो चीजें शायद उसको. याद भी नहीं होती। अब जैसे नाड़ी पकड़ के जो. बीमारी लाते थे हम रोगी का रोग कि कौन-कौन. से रोग तुम्हें? ऐसे वाले वैध बहुत कम हो. गए। बहुत कम है। ये कम क्यों हो गए? ये.
क्योंकि इसमें तो सब पता लग जाता था कि ये. बीमारी है फलाना फलाना। वह जो हमारा यूथ. है ना जी अब उसका इंटरेस्ट उन वैदों की. तरफ कम हो गया क्योंकि वैद जो थे वह धोती. पहन के नीचे जमीन पर बैठते थे सब अब. मॉडर्न थोड़ा हो गया तो अब वैद भी कोट. पेंट में आ गए हैं टाई लगा दी उन्होंने भी. की भाई कुछ तो करना पड़ेगा अगर चेंज करना. है तो दवाइयों की शीशियों को भी उन्होंने. प्रॉपर लुक दे दिया पहले तो दवाई भी ऐसे. होती थी गोलियां बनाई पुड़िया बनाई ऐसे दे. वो कुछ पुराने ब्रांड्स को हमने देखा भी.
आजकल बड़ा रिकक्रिएट किया गया है. रिकक्रिएट किया ऐड भी विराट कोहली से. करवाया गया तो जैसे जैसा देश वैसा भष करना. भी पड़ा। तो मैं कहता हूं बहुत अच्छी बात. है जो कर रहे हैं बहुत अच्छी बात है।. लेकिन ये चीजें लोग अगर घर पे बनाएं जैसे. मेरा काम है मैं लोगों को इतना अवेयर करता. हूं कि जो भी चीज आप घर पे बना सकते हो वो. बनाइए और सेहत को संभालने के लिए सर बहुत. सारी चीजें हैं। अगर अपने घर में बना ली. जाए उनको टाइम टू टाइम यूज़ किया जाए तो. कमाल के आऊंगा आऊंगा। तो क्या आयुर्वेद जो.
है वो केवल शाकाहारी आहार से ही जुड़ा हुआ. है? ऐसा नहीं है। दोनों लोगों से जुड़ा. हुआ है। जो मांसाहारी आहार है इसमें वह भी. आता है। लोगों को बताया जाता है कि आप. इतने कैलोरी ये ले सकते हो, इतने कैलोरी. ये ले सकते हो, मटन ले सकते हो या चिकन ले. सकते हो या फिश ले सकते हो। वो सारा बताया. जाता है पेशेंट टू पेशेंट। लेकिन आयुर्वेद. ये जरूर कहता है कि कोशिश कीजिए कि मास्क. को ना इस्तेमाल कीजिए। हम क्योंकि जीव जो. होता है अब जीव को भी बहुत सारी बीमारियां.
हो सकती हैं। उसको कोई भी ऐसा पैरामीटर. नहीं है कि जो जो आप मान लीजिए मटन है मान. लीजिए बकरा है तो उसको क्या प्रॉब्लम है. क्योंकि बॉडी तो बॉडी है भात पित्त कफ का. वो उसका भी शरीर है तो उसके अंदर क्या. बीमारी चल रही है कोई लैब टेस्ट नहीं है. उसको काटते हैं बना देते हैं उसके बाद. उसको कितना मर्जी पका लीजिए जो वायरस है. वो जाएगा नहीं ऐसे ही जो चिकन है मुर्गे. हैं उनको भी आप जब काट लेते हो तो उसके. अंदर क्या रोग चल रहा था वो इंसान के अंदर.
जा रहे हैं और उसकी भरपाई हम सब कर रहे. हैं। आप डेली देखिए किसी भी बड़े हॉस्पिटल. में चले जाइए। किसी का पेट ऐसे निकला पड़ा. है, किसी का कुछ हो रखा है। तो वह सारी. चीजें लीवर को बर्दाश्त करनी पड़ती हैं।. ज्यादातर अगर शाकाहारी रह के लोग जिए और. फल, सब्जियां, दालें और सैलेड वगैरह ये. अच्छे तरीके से लिया जाए तो बहुत अच्छी ग. हेल्थ रहती है। ठीक है। मैं एक दो. क्वेश्चन आयुर्वेद पे जाऊंगा। फिर मैं. स्पेसिफिक आऊंगा। आयुर्वेद को कैसे. आयुर्वेद में बीमारियां कैसे डिफाइन की. जाती है? आयुर्वेद में बहुत ज्यादा आजकल.
तो सिम्टोमेटिक भी काफी चीजें ली जाती. हैं। पेशेंट से डिस्कस करके उसके सिम्टम. के आधार पर ट्रीटमेंट होते हैं। लेकिन. ज्यादातर जो हमारे वैद हैं वो हमारे पास. मैं आपको बताऊं कि पूरे देश में पांच छह. वैद हैं जो नाड़ी वैद हैं। उसमें एक वैद. है जो डॉ. अनिल कुमार जी हमारे साथ काम. करते हैं और 1994 से वह मेरे साथ हैं और. वो पल्स देख के पेशेंट को सारी चीज बताते. हैं और बहुत अच्छा उनका है और लेकिन वो.
संत टाइप है। उनका यह है कि वो गुरुद्वारा. साहब में ही बैठते हैं। वहीं देखते हैं. मरीजों को। कोई पैसा नहीं, कोई फीस नहीं. लेते। तो वो लेकिन उसका डायग्नोस ऐसा करते. हैं कि वो फिर कहीं भी लैब में चला जाए।. उससे बेहतर डायग्नोस उसको नहीं मिल सकता।. वो इतना बता देते हैं तो नाड़ी वैद भी. देखते हैं। बाकी जो आजकल जो जनरेशन है. जैसे कई लोग कहते हैं जी हम सोने की भस्म. डाल देंगे हम ये डाल देंगे वो एक मतलब. उसमें क्या होता है कि वो नॉन साइंटिफिक. ट्रीटमेंट होते हैं। उसमें जाकर के कई. लोगों को अच्छा लगता है। कईयों को नुकसान.
भी होते हैं। ठीक है? आयुर्वेद के बारे. में सबसे बड़ा मिथ क्या है? आयुर्वेद के. बारे में सबसे बड़ा मिथ है कि यह दवाई जो. है रोग को जड़ से खत्म कर सकती है और. सिर्फ आयुर्वेद ही है जो आपको बीमारियों. के साइड इफेक्ट से बचा करके बिना साइड. इफेक्ट के बीमारियों को खत्म कर सकता है।. ये मिथ है। ये मिथ है। मतलब साइड इफेक्ट. होते हैं आयुर्वेद में भी। आयुर्वेद में. बिल्कुल साइड इफेक्ट नहीं होते। तो मिथ. क्या है फिर? मिथ यही है कि ये बिना साइड. इफेक्ट के। अच्छा। कोई भी साइड जैसे. एलोपैथी के साइड इफेक्ट है और औषधियां जो.
लेते हैं लोग कई नेचुरोपैथी में भी साइड. इफेक्ट हो जाते हैं। किसी का नीमा हो गया. कुछ गलत हो गया। ये ताकत है इसके। ये. आयुर्वेद जो है ये ये इसको कहते हैं आयु. का वेद। ये आयु को स्वस्थ रखने के जैसे. 100 साल तक अगर कोई जीना चाहता है तो उसको. आयुर्वेद ही ऐसा सिस्टम है कि जो उसको. तंदुरुस्त जीवन दे सकता है। मतलब स्वस्थ. जीवन दे सकता है। हम और इसका कोई साइड. इफेक्ट नहीं। हरड़ बेड़ा हरड़ बेहड़ा आंवला. क्या साइड इफेक्ट करेगा? काली हल्दी, पीली.
हल्दी, अंबा हल्दी, दारू हल्दी ये क्या. साइड इफेक्ट करेंगी? ये जो चीजें हैं जैसे. काला गोंद है, जटामशी है, ब्रह्मी बूटी. है, शंख पुष्पी है क्या साइड इफेक्ट. करेंगी? साइड इफेक्ट वहां होता है जब वैद. से कोई गलती हो जाए, कोई भस्म बनाते हुए, भस्म कच्ची रह जाए और वो मरीज को दे दे तो. उससे कोई ना कोई साइड इफेक्ट जरूर होता है. और इसके लिए हमारी जो हम जो काम कर रहे. हैं इसमें बिल्कुल हम कोई भस्म मेटल यूज़. ही नहीं करते। टोटल हर्ब्स को यूज़ किया.
जाता है और सिद्ध योग में बनाया जाता। तो. आयुर्वेद कहां पिछड़ गया एलोपैथ से? हां।. विचार प्रसार पिछड़ गया। टेक्नोलॉजी अपडेट. नहीं हुई या पुराने जो ग्रंथों में लिखा. था वही रहा। क्योंकि कई लोगों ने हमसे यह. भी कहा कि आयुर्वेद प्रणाली जो है वो. रिसर्च बेस्ड है। पहले हुई थी अब इस जमाने. में आयुर्वेद पर रिसर्च होती ही नहीं है. या बहुत कम होती है इसलिए वो अपडेट नहीं. हो पा रही है। सच है? ये बिल्कुल सच है।. अब उसकी हर चीज की सर्च हो रही है। एक तो. होती है रिसर्च कि त्रिफला बनाया। महर्षि.
जी ने लिखा। हमने उसको दोबारा से रिसर्च. किया कि ये करता भी है कि नहीं। एक तो ये. हो गई। एक होती है सर्च कि यह जड़ी बूटी. है। यह क्या करेगी? उसके ऊपर सर्च चल रही. हैं। अब यह चीजें जो हो रही हैं इनसे. लोगों को आने वाले समय में बहुत जल्द आप. एक चीज़ देखिएगा मिश्रा जी कि आयुर्वेद में. आजकल इतने लोग इनवॉल्व हो रहे हैं।. बड़ी-बड़ी जो कंपनियां हैं, सोसाइटीज हैं. और वो लोगों को अवेयर करने में भी और. आयुर्वेद के बड़े-बड़े हॉस्पिटल खुल रहे. हैं। पंचकर्मा खुल रहे हैं। तो इसका यही.
रीजन है कि लोगों का जो रुझान है अब देखो. मेरा जो काम था जी मैंने अपने पंजाब के. यूथ को हरियाणा के यूथ को नॉर्थ इंडिया का. जो यूथ है मैंने उसको जोड़ने की कोशिश करी. और मेरा मैं इसमें 35% से ज्यादा सक्सेस. हुआ कि नौजवान बच्चे जो हैं वो आज जानते. हैं पंजाब के कि अश्वगंधा क्या है? गोक्षुरा क्या है? शिलाजीत क्या है? हमें. क्यों खानी चाहिए? क्यों नहीं खा? उनको यह. चीजें पता चल चुकी हैं। बच्चे नाम लेते. हैं इन चीजों का आकर के और मैं तो कई बार.
हैरान होता हूं कि बच्चों को बड़े-बड़े. नाम चंद्रप्रभा भट्टी अरुगवर्धनी भट्टी. नाम याद हो गए उनको कि ये चीजें काम करती. हैं। आयुर्वेद का जिक्र सनातन ग्रंथों के. अलावा भी कहीं है। हां बिल्कुल है। कहां? सनातन ग्रंथों के बिना इसका जो जो इसका. चलन है वो हर जगह पे है। अब जैसे मान लो. आप इंडिया से बाहर भी है। थाईलैंड चले. जाओ। उधर पूरा आयुर्वेद भरा हुआ है। आप. यहां इंडिया में भी केरला में चले जाओ।. केरला के घर में बच्चा-बच्चा आयुर्वेद पे. काम कर रहा है। वहां पे बहुत बड़ी. कंपनियां जो हैं मतलब आप सोच भी नहीं सकते.
इधर ऐसी कंपनियां होंगी जो केरला में है।. लोगों का फेथ है। विदेशों से लोग वहां आते. हैं केरला में अपने इलाज के लिए। मेरी. बेटी है डॉक्टर मिशेल करके। मैंने उसको. केरला से करवाया है और वो पंजाब में एक. पहली ऐसी लड़की है जो मतलब अपने काम में. पकड़ है उसकी पंचकर्मा में। तो ऐसे. पंचकर्मा क्या होता है? पंचकर्मा होता है. जिसमें लोगों को मसाज दिया जाता है और. उसके अंदर एक उसके अंदर जैसे शिरोधारा है, बस्ती है, नेती है। इस तरह के जो काम होते.
हैं उसके अंदर सारे वो किए जाते हैं। ये. एक बॉडी रिलैक्स सिस्टम है। 101 दिन लोगों. को रखा जाता है और उसके बाद 10-15 दिन फिर. उसके मोबाइल स्विच ऑफ होते हैं। उसको. दुनिया से काट दिया जाता है। आधी बीमारी. वैसे ठीक हो जाती है। हां वो दुनिया से. काट दिया जाता है। जैसे हमारे लॉकडाउन के. दिनों में आपने देखा होगा नदियां नाले सब. साफ हो गए थे। शुद्ध हो गए थे। तो ऐसे ही. उसको जब हटा दिया जाता है वहां पर उसको जो. जहां खाना है वही मिलेगा जो नहीं खाना वो. उसको मिलना ही नहीं है तो टाइम पर उठना.
टाइम पर जाना योगा करवाना 15 दिन में वो. कहता है गोल साहब जी लिए अब क्या करें मैं. कहा अब जाओ घर घर जाके फिर छ महीने में वो. सब कुछ भर लेता है फिर उसको 15 दिन बुलाते. हैं फिर खाली करते हैं तो ये पंचकर्मा का. एक बहुत बड़ा रोल है हम आयुर्वेद जो है वो. केवल जड़ी बूटियों तक सीमित है आयुर्वेद. जो है वो जड़ी बूटियों तक भी सीमित है. लेकिन लेकिन आयुर्वेद में एक बहुत बड़ी. चीज है कि ये लोगों के साथ हमदर्दी बहुत. करता है। आयुर्वेद का डॉक्टर भी वैद भी और.
उसमें उसको बहुत सारे जैसे नेचुरोपैथी. इसके अंदर आ जाती है। इसके अंदर एक चीज और. आती है आयुर्वेद के अंदर कि जड़ी बूटियां. हो गई। उसके साथ जो मेटल्स जुड़े हुए हैं. जैसे भस्में बनती हैं। अब कोई चीज है उसकी. भस्म बनाई। गोल्ड की भस्म बनती है और. चांदी की बनती है। बजर की जिसको हीरा. बोलते हैं उसकी भस्म बनती है और ये सारी. जो चीजें हैं इसके साथ इनवॉल्व है। बाकी. इसके अंदर काढ़े कवात बहुत सारी चीजें हैं. जिनका कोरोना काल में लोगों को पता चला।.
इस्तेमाल हुआ पता चला और कोरोना का बहुत. बड़ा सहयोग रहा कि आयुर्वेद को दोबारा से. उसने 200 300 साल पहले जो पीछे चला गया. था। दोबारा से उसको बहुत ज्यादा पुश अप. दिया। नहीं जैसे घरेलू नुस्खे काम जैसे. काढ़ा आपने कहा यह कोविड ने बड़ा काम. किया। मुझे खांसी थी। मम्मी ने कहा कपूर. और तेल लगा के गले पे लगा लो। ठीक हो. जाएगा। पैर के नीचे लगा लो। क्या उनका. फार्मूला था? मुझे नहीं पता। लेकिन मुझे. बहुत आराम मिल गया। खांसी में। हम अब मेरे. मन में सवाल ये आता है कि अगर आयुर्वेद. इतना अच्छा काम कर रहा है, असर कर रहा है.
तो फिर एक एलोपैथ वाले आयुर्वेद को समझते. क्यों नहीं कुछ? दूसरा जो आयुर्वेद का. संगठन है वो आईएमए की तरह मजबूत क्यों. नहीं? फिर है? देखिए आईएमए से ज्यादा. मजबूत हो जाएगा। समय लगता है। पर मैं आपको. यह बता दूं कि जो आज से 5 साल पहले था. आयुर्वेद आज उसने इतनी स्पीड पकड़ी है आज. वह नहीं है। आज आयुर्वेद खड़ा होके बात. करता है। आयुर्वेद अपनी बात रखता है और. बड़ी बात क्या है कि आपने कहा कि एलोपैथी. वाले इसको समझते क्यों नहीं है कुछ तो हम. भी कहां समझते हैं उनको कुछ क्योंकि हमें.
उसका पता नहीं है। जब किसी को मेरे को. आपका नहीं पता उसको मेरा नहीं पता है ना. खुसरे के साथ खुसरा सोया तो ना कुछ खोया. ना कुछ पाया उसको हमें क्या पता कौन है तो. लेकिन ये जरूर है कि आयुर्वेद के डॉक्टर. को जब वो बीएएमएस करता है आप देखिएगा उसके. सिलेबस में पूरी बॉटनी पढ़ाई जाती है. एलोपैथी के डॉक्टर को आयुर्वेद का कक्ष. नहीं पता होता वैसे ठीक है जो उसको नॉलेज. होगी अपने घर की होगी किताबों लेकिन. आयुर्वेद के डॉक्टर को एलोपैथी की पूरी. नॉलेज होती है इसको छ महीने की जो.
इंटर्नशिप होती वो सरकारी हॉस्पिटल में. करवाई जाती है ताकि उसको वहां के मरीजों. का एनवायरमेंट जो है वह पता चले। बीएएमएस. डॉक्टर के पास वो नॉलेज भी होती है जो जो. उसके जो एलोपैथी की होती है। ठीक है? लेकिन जैसे बहुत सारी बीमारियां पहले नहीं. थी। हम अब वो आ गई और जैसे मैं बार-बार कह. रहा हूं कि कोई भी चीज होती है वो अपडेट. मांगती है कि आप रिसर्च करते रहिए। नई-नई. जानकारियां नई-नई खो जाएगी। अब जैसे कई. बीमारियां हैं जिसमें कैंसर आया, एड्स. आया, इम्यून डिसीज आई। ये शायद 5000 साल.
पहले नहीं रही होंगी या 2000 साल पहले या. पता नहीं होगा हमें अगर रही होंगी तो उस. फॉर्म में है पता नहीं रहा मैं बताता हूं. तो इनके बारे में आयुर्वेद में कैसे काम. होता है देखिए आप आयुर्वेद के ग्रंथ उठा. के देखिए अब एक छोटी सी एग्जांपल देता हूं. आप एक पौधा लगाइए नीम का क्या उसको जामुन. लगेंगे नहीं भगवान अपडेट नहीं कर रहा क्या. आप संतरे के पेड़ को सेब लगे हुए देखोगे. नहीं सेब को संतरे ही लगेगा भगवान भगवान. भी तो कर सकता है ना उसको अपडेट। भगवान.
कहता है मैंने इंसान के लिए जो चीज बनाई. है उसी से मैंने इसको जिंदा रखना है। तो. लेकिन इंसान क्या है वहां से हट के अब. देखो कहां चला गया। आपने आज से 20 साल. पहले 30 साल पहले ही देखा होगा कि शराब की. दुकानें कितनी होती थी बहुत रेयर। अब शराब. की दुकान बाद में खुलती है। साथ में पीने. की जगह भी बना देते हैं कि यहीं लुटक बैठ. के। ऑनलाइन भी कुछ स्टेप कर देते हैं कि. घर तक। और उसके बाद जो हॉस्पिटल कितने बने. लोगों को इसका नहीं ज्ञान कि हॉस्पिटल. क्यों बने इतने मल्टीस्पिटी खुश हो जाते.
हैं लोग कि हमारे पास बड़ा हॉस्पिटल खुल. गया अरे भाई किसके लिए खुला है ना तो खाना. पीना जो खराब अब अपडेट की बात अगर करें. आयुर्वेद जो है बहुत अपडेट हो चुका है आज. की डेट में आयुर्वेद में लोगों का इतना. रुझान है जी मेरे पास आप यकीन मानिए मेरे. क्लीनिक के ऊपर 30 टू 30 टू 35 डेज की. वेटिंग है। पहले लोग फीस जमा करते हैं।. फिर उसके बाद 30-40 दिन बाद उसको टाइम. मिलता है। उसके बाद क्लीनिक पे आके भी.
चार-चार घंटे की वेटिंग है। मैं हमेशा. अपने वीडियो पे बोल देता हूं कि भाई जिस. दिन मेरे पास आना है उस दिन दिवाली समझ के. आना कि आज छुट्टी है। यहां आके जल्दबाजी. मत करना। क्योंकि हमारे वैद नाड़ी पकड़ के. एक-एक चीज देखते हैं। फिर दवा देते हैं।. और जिसको दवा दे देते हैं ना जी ये पहला. सिस्टम है कि छ महीने तक लोग दवाई खाते. हैं। अगर डॉक्टर ने कह दिया छ महीने चलेगी. और खाली बोतलें दिखाते हैं आगे कि खाई है. और उसको ये भी लिखते हैं पर्ची पे हम. अपडेट लेते हैं प्रक्रिप्शन पे जब लेते. हैं तो उस पे लिखा होता है कि फर्स्ट मंथ.
में 10% इंप्रूवमेंट 10% जो होती है ना सर. वो एक्चुअल होती है। मतलब अंदर से 20 50%. उसको बेनिफिट मिला तो बाहर उसने बताया कि. मुझे 10% बेनिफिट मिल रहा है। वैद जी भी. समझ जाते हैं सारी बात। फिर उसको बताया. जाता है कि इतनी देर ऐसेसे और सिर्फ खाने. वाली दवाइयों से और उसको कुछ भी नहीं कहते. कि सिर्फ उसको छोड़ने के लिए क्या कहते. हैं हम मां की दाल, उड़द की दाल, राजमा, आलू, चावल, अरबी, भिंडी, सफेद चना। देखो. मुझे कैसे याद है ये चीज़। ऐसे बता के उसको.
भेज देते हैं कि ये सात चीज़ छोड़ देना।. बाकी जो दिल करता है खाना। फिर वो पूछते. हैं गोल साहब यह भी खाएं। मैं कहा कहता. हूं खाओ क्योंकि जो चीजें वर्जित हो जाती. है जब कोई बीमारी होती है तो उसका सबसे. जरूरी होता है कि परहेज करना हम. करते हैं लोग। अगर मैं आपसे पूछूं कि पांच. ऐसी चीजें आप बताइए क्योंकि आपने शुरू में. किचन का जिक्र किया था। तो सवाल ये है कि. पांच ऐसी चीजें जो हमारे किचन में मौजूद. है जो एक व्यक्ति को निरोगी रखेगी। हमें. पता नहीं है। क्या बताओगे आप? क्या बात.
है। हम आपको पांच चीजें बताते हैं। सबसे. पहली चीज आपको बताएंगे कि लीवर के लिए, फिर आपको बताएंगे हार्ट के लिए, फिर आपको. बताएंगे ब्रेन के लिए और उसके बाद आपको. बताएंगे आपका ब्लड और बीरस को कैसे शुद्ध. किया जा सकता है खानेपीने में। कोई दवाई. नहीं। फिर हम आपको बताएंगे कि आपका जो. ब्रेन के अंदर माइग्रेन का प्रॉब्लम रहता. है, फैट बॉडी पे बढ़ता है, कैसे ठीक होगा।. सबसे पहले फैट की बात करते हैं। जिन लोगों. के घर में फैट का अटैक हो रखा है, मोटापा.
है, सेलोलाइट बढ़ा हुआ है, बच्चों में या. बड़ों में, उनको हमेशा अपने घर में जीरा, अजवाइन और सौंफ ये तीन चीजों को तवे पे. अच्छे से पका के रोस्ट करके इसका पाउडर. बना के रखना चाहिए। और पाउडर को हमेशा. खाने के बाद आधा चम्मच, पौना चम्मच मुंह. में डाल के चूस-चूस के खाना। उसके साथ फिर. नरम-नरम पानी पी लें। गरम थोड़ा सा। तो. मेरे को ऐसे लोग मिले हैं मिश्रा जी. जिन्होंने मुझे बताया क्योंकि मैं हरमंदर. साहब बहुत जाता हूं। नैना देवी माता पे.
जाता हूं हर महीने तो वहां पे लोग मेरे को. मिलते हैं पब्लिकली है ना जैसे आम एक. लोगों का कल्चर है कि गोयल साहब आए हैं. फोटो खींच लो ये कर लो वो बात बता के जाते. हैं कि गोयल साहब आपका वो नुस्खा हमने. यूज़ किया हमारा 8 किलो वजन कम हो गया कोई. कहता है 6 किलो वजन कम महीने में कोई 3. महीने करके मिला है कोई छ महीने करके मिला. है तो ये क्या होता है बिना कुछ भी वो. खाते हैं बस ठीक है आप देखिएगा आप करिएगा. किसी को करवाइएगा हम करेंगे आप करिएगा आप. नहीं हुआ तो फिर अटैक कर देंगे आप बिल्कुल.
अटैक करेंगे नुकसान कर दिया और दूसरी बात. सुनिए अब इसके बाद हम बात करते हैं हम. लीवर की लीवर के लिए एक बहुत बेहतरीन औषध. है जो हमें रसोई घर में रखनी चाहिए दाल. सब्जी में भी डालनी चाहिए या वैसे ही अपने. को खानी चाहिए उसका नाम है भूमि आंवला जो. एक तो आंवले का वृक्ष होता है एक छोटा. पौधा होता है भूमि आंवले आंवले का जो छोटा. पौधा होता है उसको उसका मार्केट में जो.
पंसारी होते हैं उनसे वो उसका पंचांग मिल. जाता है। पंचांग मतलब उसके पांचों अंग फल. फूल पत्ते तना जड़ सारा तो वो ड्राई मिलता. है। उसको सुखा करके उसका पाउडर बनाओ।. पाउडर जो है वो एक चम्मच कोई भी इंसान. सुबह खाली पेट ले ले। मिश्रा जी चाहे आप. भी खाओ। मतलब उससे आप जो भी खाते पीते हो. दिन में उसका जो भी बॉडी पे बैड इफेक्ट है. वो सारा लीवर को वो ऐसे करता है लीवर को. जैसे आप ना एक कपड़ा गंदा हो गया मान. लीजिए उसको आप मशीन में डाल के डिटर्जेंट.
डालते हैं और जब बाहर निकालते हैं एकदम. क्लीन ऐसे लीवर को वो क्लीन करता है अगर. इसको कोई पांच छ महीने लगातार खा लेता है. ना जी तो वो कहता है कि यार गोयल थैंक यू. यार तेरा छोटा आंवला छोटा भूमि आंवला छोटा. सा होता है तो वो तो तो यह मार्केट में. कैसे मिलता है? सर अगर आप Google पे भी. लिखो ना भूमि आंवला तो उसके ऊपर आपको. स्पेशल आएगा कि यह लीवर का बॉडीगार्ड है।. ये ये ग्रंथों का लिखा हुआ है और सिंपल.
मार्केट से मिलता है। लाके इसको मिक्सी. में ग्राइंड कर लीजिए और पाउडर बनाइए।. क्योंकि मैं लोगों को हमेशा कहता हूं घर. पे बनाइए। अब बनाते हम भी हैं अपनी. फार्मेसी में। हमारे पास आपको ₹1000 देना. पड़ेगा। घर पे 500 का बनेगा। क्योंकि मैं. इसलिए बताता हूं भाई 140 करोड़ की आबादी. है। सबको तो मैं दे नहीं पाऊंगा। अगर. उनमें से एक करोड़ आर्डर भी मेरे पास आ. गया तो भाई साहब मेरे को तो घर छोड़ के. में रईसों नवाबों कमी तो है नहीं। कमी तो. है नहीं तो घर छोड़ के भागना पड़ेगा। एक. करोड़ बोतल देने का मतलब है 2025 ट्रक एक.
दिन में कौन करेगा? मतलब नुस्खे मैं इसलिए. बताता हूं कि आप घर पे बनाइए। घर पे खाइए. और अब ये हो गए दो। अब तीसरी बात करते. हैं। हम अब करते हैं हार्ट की बात। बड़ी. समस्या है दुनिया में। बहुत बड़ी समस्या. है जी। और इसको बड़े आराम से काम करता है. आयुर्वेद। और मैं आपको एक बात बता दूं. जितने भी लोग इस बात को सुनने सुन रहे हैं. हार्ट सबके अंदर है। जिसने किसी को दे भी. रखा है वो भी संभाल के रखना इसको। सामने.
वाले को बोल देना संभाल के रखना। नहीं तो. नुकसान उसी का होना है। मतलब यह है कि. इसको आपने अर्जुन छाल का पाउडर. सर अर्जुन का पेड़ होता है। जिनको नहीं. पता आप Google पे जाके अर्जुन पेड़ अर्जुन. ट्री लिखिए। आपके सामने पेड़ खड़ा हो. जाएगा आ के आप कहोगे ये तो अच्छा हमारे घर. के पास ही है। सब जगह खड़ा है। तो उसकी. छान लीजिए। उसको ड्राई करके उसका पाउडर. बना के रखिए। नहीं तो पंसारी से मिल. जाएगी। वहां से लाके बना लीजिए।. यह पाउडर मिश्रा जी एक चम्मच पाउडर एक बड़ा.
गिलास पानी उसमें बॉईल कर लीजिए धीरे आंच. पर जब आधा रह जाए उसमें कुछ नहीं डालना. उसको बस काढ़ा बना के सिप कर करके पीना है. आप यकीन करिए कि हार्ट की कभी भी प्रॉब्लम. नहीं आएगी मतलब ऐसी चीजें हैं ये कभी भी. प्रॉब्लम नहीं आएगी अर्जुन छाल जो है एक. ही ऐसा ऐसी औषध है जो हार्ट को ठीक रखती. है इसके बहुत सारे औषध हैं कंपनियां बनाती. हैं वो एक ट्रेडिंग िंग है। लेकिन मैं जो. बताता हूं, मैं यह कहता हूं कि अपनी जड़ों.
से जुड़ जाइए क्योंकि दुनिया में कोई भी. रहने वाला नहीं है। पर सुभाष गोयल श्मशान. से भी बोलेगा आपको। मैं आपको बता दूं कि. यह नुस्खे आपके घरों में गूंजते रहेंगे और. यह वो साइंटिफिक नुस्खे हैं जो हजारों. सालों से चल रहे हैं। जैसे आपने बात करी. थी ना सर कि कैंसर वगैरह बीमारियां पहले. नहीं होती थी। 5000 साल पुराने ग्रंथ में. नुस्खा लिखा हुआ है। नोट कर लीजिए। आप भी. लिख लीजिए। वह मिलेगा आपको। उसके अंदर. लिखा कैंसर गज केसरी रस। अगर थी बीमारियां.
तभी लिखा हुआ है। कैंसर गज केसरी रस जिसके. अंदर हीरे की, सोने की, भस्म और बहुत सारी. औषधियां डली हुई हैं। हर आदमी उसको घर पर. बना सकता है। नहीं तो किसी वैद्य जी की. सलाह लेकर के उसको तैयार कर सकता है। तो. कैंसर, गज केसरी रस का मैं इतना प्रचार कर. रहा हूं क्योंकि मैंने ग्रंथ में जब पढ़ा. मैंने बहुत लोगों को दिया। पहले भी नाम. कैंसर ही था। सेम नाम था। ग्रंथ में ऐसे. ही लिखा हुआ है। तो कैंसर गज केसरी रस सर. कमाल की औषध है। जिन लोगों का कीमो हो रहा.
है, रेडियो थेरेपी हो रही है, कुछ भी हो. रहा है, वो बीच में ऐड करना है। यह ना कहे. कोई भी वैद इस बात का दावा नहीं कर सकता. कि हम इसको ठीक कर देंगे। हमारे पास ही आ. जाओ। ये उसमें अगर ऐड कर दिया तो बीमारी. इतनी कम हो जाती है ना। जी। मैंने देखा है. जो डॉक्टर कहते हैं इसकी सेवा कर लो 40. दिन। मेरे पास ऐसे पेशेंट हैं जो चार-चार. पांच-प साल हो गए उसी दवाई को खा रहे हैं. और बिल्कुल गुड जीवन जी रहे हैं और उनको. कोई ऐसी प्रॉब्लम नहीं है क्योंकि कीमो. वगैरह ने उनको संभाल लिया था। वो हाथ उस.
समय खड़े कर देते हैं जब बहुत ज्यादा. कंडीशन खराब होती है। तब ये औषधियां काम. करती हैं। तो ऐसी मैं अभी आपको बताता हूं. जो लोगों को ब्रेन की प्रॉब्लम है। आजकल. बहुत है। जी नींद नहीं आती। ये वो चीजें. बता रहा हूं पांच जो रसोई में होनी चाहिए।. मैं वो धनिया जीरे की बात नहीं कर रहा। हम. तो जो होनी चाहिए क्योंकि जब मिश्रा जी. सड़क के ऊपर कांटे बिछ जाए उनको समेटना. बहुत मुश्किल है हम और पार भी करना है तो. पार करने के लिए हम मोटे-मोटे बूट पहन के.
चलेंगे या फिर बड़े टायरों वाली गाड़ी. लेके निकलेंगे नहीं तो कांटे आपको खा. जाएंगे हम तो अब वो कांटे बिछ चुके हैं जी. हम लोगों ने ही बिछाए हैं। मिलावट हर चीज. में हो गई है। तो उसको खत्म रखना है। उसको. बचा के रखना है। तो ब्रेन के लिए मैं बता. दूं लोगों को नींद ही नहीं आती। मेरे पास. इतने आईपी, वीआईपी, आईएएस, आईपीएस अफसर. लोग आते हैं। वह यही कहते हैं गोयल साहब. बस 2 घंटे सोने के लिए करवा दो इंतजाम। सो. ले हम दो घंटे। मैं कहता हूं जी अब सोने. की बातें करते हो। पहले नींद दुनिया की. खराब कर दी। तो तो मैं सीधा उनसे बात करता.
हूं। कहते हैं गोल साहब पता नहीं क्या अब. करो। तो मतलब उनको मैं यह कहता हूं कि एक. तो ब्रह्मी बूटी सबने सुनी है। एक शंख. पुष्पी सबने सुनी है। एक बूटी जो मैंने. बताई है ग्रंथों में लिखी है। बहुत कम. लोगों ने सुनी है। उसका नाम है वचा वी. वनको वाला वी ए सी एच ए वचा। यह जो बचा है. इसका जब आप Google पर आप लिखोगे यह कोई. मेरा अपना प्रोडक्ट कुछ नहीं है। यह यह. गॉड गिफ्टेड है। गॉड की दी हुई चीज है। और.
Google गुरु ने इसको मान सम्मान दिया हुआ. है। आप जब लिखोगे वचा तो उस पे लिखा होगा. मेमोरी रिकॉर्डर औषधि। हम ये ब्रेन की जो. मेमोरी लूज होती है, ब्रेन के अंदर वीकनेस. आती है, ये उसको कवर करती है। और एक डलता. है उसके अंदर जटा मानसी। हम चार चीजें. बोली हैं। भैया फोन मत करना। मैं आपको हाथ. जोड़ के कहता हूं हमेशा मेरे से फोन उठाए. नहीं जाते लेकिन आप इस रील को इस वीडियो. को अच्छे से संभाल के रखिए अपने घर में.
शेयर करके रखिए ताकि ये आपके पास सेव रहे. जब भी नुस्खा चाहिए इसमें से निकाल के आप. यूज़ करना जो जटा मानसी होती है उसको. जटाओं की तरह होती है जी जैसे साधु संतों. की जटाएं होती है ना ऐसी ये जड़ी बूटी है. तब से इसका बरसों पुराना नाम यही है मैंने. पहले बताया ना कुदरत अपना कानून चेंज नहीं. करती जो 5000 साल पहले थी जटामासी आज भी. वैसी है तो उसको चारों चीजों को अच्छे से. पीस लो बराबर मात्रा में पाउडर बना लो 100. ग्राम पाउडर बनाओ पहले 25-25 ग्राम डाल के.
और उसके अंदर 5 ग्राम मोती पिस्टी डालनी. है जो मोती होते हैं ना जी उससे बनती है. पिस्टी बहुत कंपनियां बनाती है अच्छी. कंपनी की लेकर के वो डाल के मिला के रख लो. आपके बच्चे पढ़ रहे हैं आपके बुजुर्ग हैं. घर में या आप खुद भी आजकल तो 40 साल के भी. बुजुर्ग हैं यार मत तापियां मारा करो अंदर. से मुझे पता है तो वह जो है उसको लेने से. सर ब्रेन इतना फ्रेश रहता है जो महिलाएं. कहती है माइग्रेन हो गया उल्टी आ जाती है.
ऐसा हो जाता है इतना अच्छे से ये संभालता. है ना जी कि दो-ती महीने लेने के बाद. ब्रेन ऐसा फ्रेश हो जाता है जैसे सुभाष. गोयल का है इस उम्र में मतलब ये ऐसा ऐसे. नहीं होता तो ये चुस्त दुरुस्त और मतलब जो. याद रहेगा सब याद रहेगा सब कुछ और जैसे. हमारी रिसर्च वाली ने आपके ऊपर रिसर्च. फिर हमने पूछा नाम क्या भूल गई? हां। तो. हमने कहा 30 साल में नाम भूल गए। भूल गए. तो याद रहेगा उनको खिला देंगे। हां खिलाना. बताया करेंगे नाम। ये जो पहले नाम रखा. होगा वो भी बता देंगे।.
गजब चार दवाई हो गई। पांचवी चार हो गई।. पांचवी आपने मेरे से पूछा था एक बॉडी को. मेंटेन करने के लिए जो आपका वीरज और ब्लड. की दो चीजों की कमी आती है। अब जैसे वीरज. की कमी आ गई। जंग बच्चों में आ जाती है।. माता-पिता कहते हैं बेटा तेरी शादी करनी. है। वो कहता है अभी मैं सेटल हो जाऊं। और. सेटल क्या होना है? बेचारा राइफल लेके घूम. रहा है। उसमें बारूद है नहीं। तो फिर वो. कहता है पापा मैं उसके बारूद होते हैं फिर. भी नहीं कर पाते काम करने। हां ऐसा होता. है। तो कई बार दिल नहीं होता।.
मिश्रा जी मेरी बात को पकड़ते हैं। तो मैं. ये कह रहा हूं कि उनके लिए एक बहुत अच्छी. चीज है। क्या कहते हैं? उसको कहते हैं. अश्वगंधा।. वह चीजें बता रहा हूं जी जो चीजें कोई वैद. बताएगा नहीं। मैं इसलिए दिल खोल के बता. देता हूं कि बस मेरे को एक चीज चाहिए आप. लोगों से कि इन चीजों को आजमाना बनाना और. खाना खाने के बाद अच्छी लगे तब भी बताना. ना अच्छी लगे तब भी बताना क्योंकि मुझे.
पता है कि ये 100 लोगों को अगर बनाने. बनाएंगे ना तो 100 में से 90 लोगों को. इसका फायदा होगा। जो लोग नॉनवेज और शराब. छोड़ के इन चीजों को इस्तेमाल करते हैं और. जो शराब पीते हैं उनको मैं यह कहता हूं. भाई मेरी दवाई ना दो घंटे पहले ले लिया. करो ताकि ऐसा ना हो कि मेरा चैनल ही बंद. कर दे वो ये तो बंदा शराब मना करता है तो. ये वाली जो दवा बता रहे हो आप इसके बाद जो. सड़क पे लिखा रहता है कि फलाने रोगी मिले. हकीम एस जुनैद से उन्हें नहीं मिलना. पड़ेगा सुनो तो सही बात पूरी पूरी सुनो ये. क्या है अश्वगंधा हां शतावर उसके अंदर.
गोक्षूर हम और फिर उसके उसके अंदर सफेद. मूसली और कौंच बीज बहुत लोग इसको जानते. हैं। अब मुझे तो यह इसलिए मैं बोल रहा हूं. कि बच्चे बच्चे पढ़ जाए एक बार आयुर्वेद. सर चढ़ के बोले दुनिया के ये पांच चीजें. हैं जी और इन पांचों का जो पाउडर बनता है. आधा चम्मच सुबह आधा चम्मच रात को खाइए। यह. बॉडी के अंदर बीरज और ब्लड की शक्ति को. बढ़ा देता है। ब्लड को तो पूरी तरह से. इंक्रीस करता है यह। और इसके साथ चाहे वो.
लड़कियां हैं, चाहे लड़के हैं। ये नहीं है. कि लड़कों के लिए ही है। दोनों खा सकते. हैं। तो जो इंसान मतलब कि बारूद की आग बढ़. जाएगी। हां ये बन जाएगा। मतलब एक जीने की. कला मतलब उसको लगेगा कि हां अब मैं. कॉन्फिडेंट हूं। तो उससे क्या होता है कि. लाइफ टाइम ये चीजें फायदा करती हैं और जो. लोग बिल्कुल ही कहते हैं कि अब जैसे कई. मेरे पास आ जाते हैं मिश्रा जी कि कपल आते. हैं बहुत अच्छे मेरे पास सारे जेंटल. इनफर्टिलिटी बहुत कॉमन बीमारी है लोग. हंसीज़ाक में ले लेते हैं लेकिन इट्स अ.
वेरी सीरियस और बहुत बड़े पैमाने पर लोगों. को दिखता तो हम उनका हंसीज़ाक में. ट्रीटमेंट करते हैं। बैठे होते हैं। मैं. कहता हूं और जी क्या हाल है? मिश्रा जी कब. शादी हुई जी वो कहते हैं इतने साल हो गए. ये गुप्ता जी सॉरी मिश्रा जी की तो हुई. नहीं अभी हुई नहीं हां तो मैं उनसे बात. करता हूं कि हां जी वो कहते हैं जी अब. बच्चे बड़े हो गए सेटल हो गए बाहर चले गए. कोई कनाडा कोई अमेरिका कोई कहीं अब हम. दोनों ही रहते हैं घर पे तो मैं उनको. पूछता हूं कि आप दोनों रहते हो उनको शुगर. हो रखी है आपके घुटने दुख रहे हैं कभी. रोमांस रोमांस किया कि नहीं.
वो कहते हैं यार वैद के पास आए हैं हम. कहां आ गए मैं कहता हूं यह ट्रीटमेंट का. हिस्सा है बताओ वो कहते हैं गोयल साहब बात. हो ही गई है तो बता देते हैं कि अब तो. पांच छ साल हो गए बहन भाई की तरह रही ही. जा रहे हैं तो बड़ा उस समय यह लगता है कि. यार ये कोई जीवन है सारी उम्र कमाते रहे. बच्चों को बाहर सेटल कर दिया खुद की कोई. जिंदगी नहीं है बीमार हो गए बूढ़े हो गए. घुटने दुख रहे तो फिर उनको हम देते हैं. एक्स प्लस गोल्ड कैप्सूल हमारा हम वो. हमारे वैद जी ने बनाया था जी 1992 में हम.
वो बना था डायबिटिक पेशेंट के लिए कि शुगर. के पेशेंट को ये प्रॉब्लम आ जाती है तो. उसके लिए हम बनाते थे। जब वह पेशेंट आके. बताने लगे कि गोल साहब ठीक है। शुगर की. दवाई का तो पता नहीं क्या करते हैं। यह. ठीक है। तो हमने समझ ली बात कि यह उस तरफ. चलेगा। ये शुगर वाले पे काम नहीं कर रहा।. हां ये सब पे करेगा। लेकिन जीवन में मिठास. ले आएगा। ले आएगा और उसने ला दी जी। और. फिर लेडीज के लिए हमने बनाया एक्स प्लस. मर्दानी टेबलेट और लड़कों के लिए जेंट्स. के लिए हमने बनाया एक्स प्लस गोल्ड.
कैप्सूल जो लैब टेस्टेड है जीएमपी. सर्टिफाइड है गवर्नमेंट से अप्रूव्ड है. पहला ऐसा प्रोडक्ट है जिसको हमने डंके की. चोट पे लोगों को दिया और उसने अपना रिजल्ट. बताया जब मैं पर्ची बनाते हैं ना हमारे वो. कहते हैं ये बंद कर दें अब तीन महीने हुए. नहीं डॉक्टर साहब कोई और दवाई काम कर दो. ये तो ठीक है मतलब वो उसको छोड़ना ही नहीं. चाहते ऐसी चीज है तो ये तो चलो हो गया. आपने ने दवाई बनाई। फिर वही वाली बात कि. जिस पे पैसा है वो खरीद लेगा। जिसप नहीं. है जिस पे नहीं है वो अश्वगंधा शतावर लाके.
बनाए। हम वो बहुत अच्छी चीज है। फिर से. पांचों चीज बता दीजिए एक बार लड़के नोट कर. लेंगे। मैं बताता हूं। नंबर एक अश्वगंधा. शतावर गोशुरा। गोक्षुरा जो है ना यह. बाथरूम को ट्रांसपेरेंट करता है। मैं आपको. बता दूं अश्वगंधा जो है वह नर्व सिस्टम को. स्ट्रांग करती है। शतावर जो है वह हमारी. जो मांसपेशियां है उनको स्ट्रांग करती है।. जो मुसली सफेद है वो हमारे वीरज को थिक. करती है। जो कौंच बीज है वो स्पर्म काउंट. को बढ़ाता है। ये पांचों चीजें ग्रंथ के.
योग के अकॉर्डिंग अश्वगंधा शतावर, गोक्षुरा, सफेद मूसली और कौंच बीज। अब. दोबारा नहीं पूछना, फोन नहीं करना, नोट कर. लेना। मुझे लिख के भेजना कि गोयल साहब. हमने लिख लिया और बना भी लिया। इसको बनाने. के बाद जो लेगा उसको क्या होगा? उसके अंदर. एक ऐसी शक्ति बनेगी मेमोरी उसकी शार्प हो. जाएगी। उसका बीरज थिक हो जाएगा। उसके अंदर. स्पर्म काउंट बढ़ जाएगा। और वो बिल्कुल. जैसे हम कहते हैं ना पंजाबी में जो मका्का. पाजी ने एक गाना गाया था गबरू गबरू। तो.
हमने इस पाउडर का नाम पता है क्या रखा? हम. बनाते हैं। हमने इसका नाम रखा है गबरू. पाउडर। मी पाजी आने वाले मैं कह दूंगा. आपको गाने पता नहीं लेकिन आप है गाने के. नाम से हां क्योंकि पंजाब में तो यही होता. है बंका चोरा गबरू तो वो उसका नाम ही हमने. गबरू पाउडर रखा और उसके साथ ही हमने. लड़कियों के लिए बनाया लेडीज के लिए एक. मोटियार पाउडर हम तो ये हमने ऐसे नाम भी. ऐसे रखे हुए हैं कि लोग उसके नाम से ही. तंदुरुस्त हो जाते हैं। हम लेकिन गोयल. साहब की आंखों पे चश्मा लगा है। चश्मा.
हमारे भी लगा है। अब कई लोग जैसे हमको आंख. की समस्या होने लगी है। अब दो ऑप्शन हमको. लोग कहते हैं। कहते हैं लेकिन लेज़िक. सर्जरी करवा लो। हमारे एक डॉक्टर साहब आए. थे। वो कहे आओ चारप दिन में ठीक कर देंगे।. अगर आयुर्वेद से अपना चश्मा दूर करवाना हो. तो क्या तरीका है? हालांकि मैं आपकी उम्र. का लिहाज करके मैं आपको थोड़ा सा. डिस्काउंट दे दे रहा हूं। मैं अपने लिए. पूछ ले रहा हूं। ठीक है। नहीं मेरे लिए भी. आप पूछ सकते हो जो मैं आपको ये बता सकता. हूं क्योंकि मैं ऐसी सच्चाइयां बोलने में. कभी कमी नहीं रखता। ये जो मेरा चश्मा जो.
लगा है ना इसका एक बड़ा रीजन है। नहीं. शायद ये ना लगता। हमारे जो मेरे से 101. साल बड़े हैं हमारे जो वैद जी हैं. उन्होंने उनको अभी तक नहीं लगा इसके अंदर. त्रिफला पाउडर और एक त्रिफला घृत देसी घी. में त्रिफला को शोधन किया जाता है उसको. खाना होता है और जो सुबह की अपनी मुंह की. लार होती है उसको लेकर के उंगली में आंख. में मलना होता है तो वह बहुत सारे लोग. उससे थोड़ा सा हिचकिचाते हैं लेकिन जब वह. करते हैं फायदा होता है तो उनको पता चलता.
है कि सचमुच यह फायदा हो रहा है और जो. मेरे को जो चश्मा लगा था ये लगा था एक ना. हम स्किन की दवाई बनाते हैं स्किन के लिए. जो सोरायसिस रोग होता है चमड़ी के ऊपर फैल. जाता है सोरायसिस उसके लिए एक औषध बनती है. जिसमें चार पांच भस्में बनती हैं उसको हम. जब बनाते हैं तो हम अपने जो हमारी मोटर है. खेत है हमारे हम वहां जाके बनाते हैं खुली. जगह पे तो वहां पे वो बन रही थी उस दिन. पता नहीं मेरे मन में क्या आया वैद जी ने. बहुत मना किया कि गोयल तू रहने दे जिद ना. किया कर मैं कहा नहीं नहीं उस समय उम्र भी.
कम थी आज से 20 साल पुरानी बात है तो वह. ना जी खोल दिया उसका ढक्कन जो कारक होता. है खोला तो उसमें धुएं की एक आंच थी जो. आंख को अगर वो वैद जी उस समय एकदम झपट मार. के उसको ना संभालते गीला कपड़ा लगा के तो. शायद आज मैं बिना आंखों के बैठा होता आपके. सामने वो ऐसी औषध थी तो उसके बाद यह चश्मा. लग गया बच गए लेकिन एक बात पक्की है अभी. दर्शकों को सबको बता दूं कि 20 बरस हो गए. मुझे टीवी चैनलों पे आते हुए आप कोई भी.
मेरा पुराना एपिसोड रख लेना अपने पास। यही. ऐनक लगी हुई है। नंबर चेंज नहीं होने दिया. मैंने उसके बाद। तो उसका यह यह जरूरी है. कि आप एक तो त्रिफला ग्रित है। जी हम एक. मैं बता रहा हूं सिंसियरली कि सप्ता अमृत. लोह सप्तामृत लोह एक ये औषध है। बहुत सारी. कंपनियां बनाती है। अच्छी कंपनी की देख के. आप ले सकते हो। यह जो सप्तामृत लोह है ना. जी ये अंदर से काम करती है ब्रेन की नसों. पे। और जो आंख में डालने की दवाई है वो.
मतलब निराला आई ड्रॉप है आयुर्वेद में. Google पे मिल जाएगा। वो डालने से बहुत. सारे लोगों जो छोटे बच्चे हैं ना जी 12. साल से छोटे उनकी तो चश्मा उतरता है। हमने. बहुत देखा है। जो अपनी हमारी उम्र के लोग. हैं इनके नंबर नहीं बढ़ते। उसका यह फायदा. है। तो ऐसे बहुत सारे एग्जांपल हैं जिनका. चश्मा उतरा है और वो छोटी उम्र के लेकिन. बड़ी उम्र में यह नंबर रुक सकता है। अगर. आपको कोई ऐसी प्रॉब्लम आ रही है तो आप ऐसी. चीजों को इस्तेमाल करो। आजकल छोटे-छोटे. बच्चों को चश्मा लगने लगा। बड़ी समस्याएं.
होने लगी हैं। और वो नंबर बढ़ता है। जैसे. मुझे 12th तक चश्मा नहीं लगा था। 12th के. बाद लगना शुरू हर साल बढ़ता रहा नंबर। अब. मुझे फिर लग रहा है कि मेरा नंबर बढ़ रहा. है। हम तो आप ऐसी चीजें आपको बताएंगे सर।. आप करके देखना क्योंकि चंडीगढ़ आके एक दिन. एक झोला लेके आऊंगा सब दवा भर। आप जैसी जो. पर्सनालिटी है ना उसको कोई चीज देनी हो तो. उसके लिए हजार बार सोचना पड़ता है और मैं. एक बार भी नहीं सोचता क्योंकि हमें पता है. कि हमारी जो प्रोडक्ट है वो बिल्कुल शुद्ध. और बिल्कुल आपको इसीलिए तो कह रहा हूं मैं. एक दिन चंडीगढ़ झोला लेके आता हूं हमारे. हमारा सौभाग्य होगा क्या झोला भी आप दिलवा.
दोगे मुझे अरे झोले बहुत है और मेरे. पेशेंट जानते हैं सर सुनिए बात झोले वाली. सारे पेशेंट जानते हैं कि हमारी दवाई एक. कैरी बैग में नहीं जाती हम बैग देते हैं. ₹90 का बैग है वो पूरा जिप वाला बैग है दो. साल साल खत्म नहीं होता वो बैग। वो बैग हर. एक को देते हैं। दवाई बीमारी खत्म हो जाए. झोला चलता रहे चल जाएगा। चले उसी उसी को. तो लोग थैंक यू बोलते हैं कि ये झोला दो. ये थैंक यू लगती है हमारे लिए। अब कुछ. बीमारियों का ऐसा जिक्र करते हैं जो घर-घर. में होती है। हां। और क्योंकि आप कहते हो. कि आप दादी नानी के नुस्खे भी इस्तेमाल.
करो आयुर्वेद भी वो अब ज्यादा है। जैसे एक. सबसे बड़ी बीमारी है बाल झड़ना या बालों. का पकना। हम और यह हिंदुस्तान की सामाजिक. बीमारी है। हर आदमी का बाल 30 साल से 40. साल में गायब होता है। आजकल तो 2020 साल. के लड़के भी बानेस का शिकार हो रहे हैं।. हालांकि हेयर ट्रांसप्लांट एक जरिया है. लेकिन वो काफी ज्यादा सर्जिकल है और उसमें. पेन है। प्रोसेस लंबा है। अगर नेचुरली बाल. जिंदा रखने हो। आयुर्वेद में क्या इलाज. है? मैं आपको एक इलाज बताता हूं जो मैं.
खुद करता हूं। मेरे बाल इस इस समय 60% से. ज्यादा सर पे मौजूद हैं। 60 ईयर की ऐज है. और 60% मेरे बाल ब्लैक हैं। 40% वाइट है. जो है नेचुरल है। कि कभी मैंने इस पे कोई. डाई नहीं लगाई। एक चीज मैं बताता हूं जो. मैं वीकली लगाता हूं वो है सारे जने नोट. कर लो भाई। उसमें क्या होता है मिश्रा जी. कि एक तो मेथी दाना 20 ग्राम आंवला का. पाउडर 60 ग्राम 60 ग्राम और 20 ग्राम उसके.
अंदर कलौंजी ये एक्चुअल चीज है। इसको आप. अह लोहे का जो बर्तन होगा कोई भी कटोरी. लोहे की इसका पाउडर बनाके इसके दो चम्मच. जैसे जेंट्स है उसके सर पे कम लगता है. लेडीज के ज्यादा लग जाता है तो अपने लिए. दो-तीन चम्मच उसमें डाल के उसको थोड़ा सा. थिक करके आप रात भर रख दीजिए अगर आपने. सुबह लगाना है अगर आपने रात को लगाना है. तो सुबह रख दीजिए जैसे समय मिलता है आजकल. तो जब आप उसको लगाने की तैयारी करो तो उस.
समय उसके अंदर एक ऑयल आता है जी ऑयल हमारी. कंपनी का है। हाथी शार्प ऑयल है। बहुत. पुराना ब्रांड है। उसमें कुछ चीजें ऐसी. डाली गई है जो बेनिफिट करती हैं। वो ऑयल. उसमें दो बूंदे सिर्फ दो या तीन ड्रॉप. डालने होते हैं। एक शीशी मतलब अगर कोई. मंगा लेता है साल भर खत्म नहीं होती। दो. बूंदे डालो और उसमें दो चम्मच जो है वो. दही के डाल दो। फ्रेश और एक चम्मच उसके. अंदर चीनी का। उसको अच्छे से मिक्स मैच.
करके बालों के रूट में लगाना है। ऊपर लगे. चाहे ना लगे रूट्स में लगा दो। और आप ना. जी डे वन से फर्क देखोगे। बट जैसे मैंने. कई सारे एलोपैथिक डॉक्टर का इंटरव्यू किया. पडकास्ट किया तो एक हेयर स्पेशलिस्ट आए थे. मेरे यहां। उन्होंने कहा कि देखो तेल. लगाने से बाल में कोई फर्क नहीं पड़ता। ये. सिर्फ फील गुड फैक्टर है। हम कि मसाज वाली. फीलिंग आती है और चलता है। तेल लगाने कोई. लॉजिक नहीं है। हम ये उनका साफ-साफ कहना. था कि इससे कोई असर नहीं होता। हो सकता है. उनको इतना ही पता हो। लेकिन यह है कि जो.
जड़ी बूटी हमने बताई है ना जी ये. प्रत्यक्ष है। प्रत्यक्ष है। जो लोग मुझे. जानते हैं अच्छे से और हम लोगों को देते. भी हैं। लोग यूज़ भी करते हैं और जितने. लोगों ने भी इसको यूज़ किया इस फार्मूलेशन. को। मैंने बहुत बताया है। बहुत लोगों के. थैंक यू आते हैं इसके लिए और यह बहुत. बेनिफिटेड है। इसको सिर्फ आपने जब सूख जाए. दो घंटे में पानी के साथ वॉश करना है। कोई. उसके दिन शैंपू या साबुन नहीं लगाना इसको।. सिर्फ पानी से वॉश करना है और दूसरे दिन. आप कोई भी साबुन शैंपू जो यूज करते हैं कर.
सकते हैं और धीरे-धीरे देखेंगे कि इन इसके. साथ बालों में बहुत अच्छा जो ग्रेस है वो. आता है। जैसे मान लो आपकी अभी ऐज है। आपके. बाल बहुत अच्छे हैं। दुरुस्त हैं। आप. लगाना शुरू करोगे तो आपको पता चलेगा सर. क्योंकि इसके लिए अब जैसे आपके पास समय ही. नहीं है। हमारे पास समय ही नहीं है। हम. रात को लगाते हैं आके कि रात को काम से आए. लगा लिया। दो घंटे बैठ गए कुछ पढ़ लिख. लिया उतनी देर में सूख गया नहा लिए तो. इसका बहुत बेनिफिट है और तेल रात भर नहीं. लगाना चाहिए ना तेल नहीं लगाना चाहिए रात.
भर तेल जो लोग लगाते हैं वो गलत है उनके. बाल झड़ते हैं तेल जो है वो बहुत कम लगाना. चाहिए मतलब लगाया 10-15 मिनट के बाद वॉश. कर दिया अब जैसे मैं लोगों को बताता हूं. कि सरसों का तेल बॉडी पे लगाओ एक कटोरी. भरो सर पे ऐसे डालो शनिदेव की तरह. सुबह-सुबह डाल के पूरी बॉडी तक आने दो. उसको पैरों ये नाखून में अगर तेल चला जाए. ना जी ऐसे बीच में तो आप देखेंगे कि स्किन. कभी भी बूढ़ी नहीं होती। इंसान बूढ़ा हो. सकता है जो तेल लगाते हैं 100 साल तक भी.
वो जी सकता है। उसकी कभी स्किन खराब नहीं. और उसको पूरी बॉडी पे जब आप लगा के नहाओगे. ना तुरंत वाश करना है। तुरंत ही शावर ले. लेना है। और आप देखेंगे जिसने पहली बार. लगाया उसको यह लगता है कि मैं नहाए ही आ. जाऊं सही माइनो में। क्योंकि जो हमारे. रूट्स होते हैं ना जी ये रोंगटे खड़े होते. हैं। तो जैसे ही अपने सर पर पानी पड़ता है. ये रोंगटे खड़े होते हैं। जो तेल लगा होता. है वो उसके अंदर चला जाता है। तो उससे. क्या होता है कि आप चाहे घंटा मसाज करवा. लो दो घंटे मसाज करवा लो उतना इफेक्ट नहीं.
आता जो वो 5 सेकंड में उसका इफेक्ट आता. है। तो ये चीजें जब लोग करते हैं ना जी तो. पता चलता है। ऐसे ही बोलते रहते हैं। आलस. मतलब कहीं नया कुछ बनवा लो तो एक ऐसा गोल. सा बनवा ले जहां ऊपर तेल नहलाओ। क्या. दिक्कत है? कोई दिक्कत नहीं। सर पता है. क्या है? लोग करते नहीं है। आयुर्वेद को. बदनाम कर देते हैं। स्लो काम करता है। खुद. फास्ट कर लो ना कुछ। तेल तूल लगाओ बॉडी को. पता चलेगा। साहब मतलब फिर 60 साल में. हमारी स्किन अच्छी रहेगी। हां देखो बताओ. है कोई गड़बड़?
आपका जड़ी बूटी भी होगा उसमें से।. कौन-कौन सी जड़ी बूटी खाते? मैं एक्स प्लस. गोल्ड कैप्सूल मैं डेली खाता हूं। 4 साल 5. साल हो गए। और मैं इतनी सी 2ाई फुट की. कुर्सी पे बैठकर के मेरे ऑफिस में सेम. चेयर है। मैं 2ाई फुट की इस कुर्सी पे बैठ. के 16 घंटे लोगों के साथ डिस्कस. गर्लफ्रेंड गर्लफ्रेंड है आपकी फिर ऐसा. नहीं है। मेरी वाइफ ही मेरी गर्लफ्रेंड. है। और सच में मेरे को ना एक्चुअली. स्ट्रगल में लाइफ निकल गई। हम और चंडीगढ़.
आने मैं इसलिए पूछा क्योंकि आपकी दवाई आप. इतना तारीफ कर रहे हो अपनी दवाई की। हम. नहीं हमारे पास कमाल है। हमारी जो वाइफ है. वो भी अभी तक मतलब ये नहीं है कि कोई उसको. आंटी कह देगा। हम ले कमाल. लाइक स्पिरिट. किसी दवाई का असर है स्पिरिट बहुत क्योंकि. ये जो दवाइयां होती है ना जी ये आपको अंदर. से जिंदा रखती हैं ये ऐसा नहीं अब जैसे. एक्स प्लस कैप्सूल है जी कोई भी खाए. दो-तीन दिन उसको तंग करता है क्योंकि बॉडी.
के अंदर जो ज्यादा गर्मी होती है उसको. शांत करना उसके बाद उसकी सेटिंग हो जाती. है जब उसकी बॉडी में सेट हो जाता है जैसे. शराब पीने वाला पहले दिन पैग लगा के. पागलों की तरह घूमता है। धीरे-धीरे बोतल. पीने लग जाता है। ऐसे ही ये चीज जो है. बॉडी में एडजस्ट होने में। अब जैसे मेरी. बॉडी में एडजस्ट है। मैं गाड़ी के. स्टीयरिंग पे बैठता हूं। साथ ही कैप्सूल. खाया, पानी पी लिया और क्लीनिक पहुंच गए।. जाते ही क्लीनिक पे ड्राई फ्रूट वगैरह. होते हैं या कुछ भी खाया और स्टार्ट कर. दिया काम। तो मतलब कई बार ऐसा होता है. मिश्रा जी कि इसका हमें ऐसा रिजल्ट नजर.
आता है कि दो-द घंटे तीन-तीन घंटे खाना. लेट हो जाता है। कभी ऐसी फीलिंग नहीं आती।. बॉडी में की वीकनेस है। क्योंकि ये चीजें. बहुत गजब की है। ठीक है? डायबिटिक पेशेंट. के लिए क्या है आपके पास जुगाड़? क्योंकि. आजकल डायबिटीज भी इस देश में बड़ी कॉमन. समस्या होती है। कॉमन है। हम हमने तो. ऐसेसे लोग देखे हैं जो चाय में चीनी नहीं. पीते मिठाई दबा लेते हैं। हां। वो कहते. हैं चाय फीकी दे दो। गुलाब जामुन दो-तीन. दे दो। है ना? और ये तो चलता है। बड़ा. कॉमन हो गया। बिस्किट जो है कपल के कहने.
की तरह ना बिस्कुट डुबो के चाय में खा. लेते हैं। तो मतलब ये है कि वो कॉमन चीज़. है कि जैसे कहते हैं ना कि जो जो बिल. कबूतर होता है। बिल्ली को देख के आंखें. बंद कर लेता है। लेकिन बिल्ली तो अपना काम. कर जाएगी। तो ऐसे ही जो डायबिटिक पेशेंट. हैं हम सर जो मेरे पास आते हैं मेरे को कम. से कम जो फर्स्ट कैंप हमने डायबिटीज का. लगाया था वो 1996 में लगाया था। सेक्टर 40. में चंडीगढ़। हम तो उस दिन मुश्किल से 100.
70 80 पेशेंट ऐसे थे। हम आज जब हम कैंप. लगाते हैं ना जी कहीं फ्री तो 800 900. पेशेंट होता है। इतनी रेशो कहां से बढ़. गई? तो इतना डायबिटिक पेशेंट हो गया और. उसमें हम देते क्या हैं? देखो सिंपल चीज. मैं आपके चैनल से आज एक बात कहता हूं कि. जब मैं घर से चंडीगढ़ आया ना जी तो मेरे. फादर ने बोल दिया था कि चल कोई नहीं बेटा. तेरे को शौक है जाया घर वापस आ जाएगा तू. पर मैं भी उसी की औलाद मैं जिद्दी है ना. मैं कहा नहीं ऐसा होगा नहीं मेरे को एक.
जुगत मिली मैं गुरुद्वारा में चला गया. मैंने उनसे सारी बात करी मैं कहा यार मेरे. पास ये चीजें हैं हमने. अब वो सारे मेरी बात को समझ गए मैं कहा. यार मेरे को जगह चाहिए मेरे को बिठाओ आओ. कहीं मुझे पता था खाना यहां फ्री मिल. जाएगा रहना भी मिल जाएगा पिताजी का वादा. भी पूरा हो जाएगा है ना तो वहां सर मैंने. तीन साल कंटिन्यू तीन साल कह देना आसान है. गुरुद्वारा अंब साहब फेस नौ में है मोहाली. तीन साल लगातार मैंने जब मैं मेरी मैरिज.
नहीं हुई थी तो मैंने जोड़ाघर में बैठकर. के लोगों के जूते भी साफ करते थे और. उन्हीं लोगों को शुगर की दवाइयां भी देते. थे और वही लोगों ने फीडबैक देना शाम को. कोई मेरी जेब में ₹10 डाल गया ₹100 का तो. रिवाज ही नहीं था। बड़ा नोट ही 100 का. होता था उस समय। कोई 20 दे गया, कोई पांच. दे गया और शाम को 100 ₹150 इकट्ठा होना।. उसी की दवाई बनवा देनी सुबह। उसी को फिर. बना के लोगों को फ्री देना। दवाई थी। ये. मैं आपको नुस्खा शेयर करता हूं। ये ये मैं. सबको कर दिया था मैंने कि करो आप बनाओ खाओ.
क्योंकि इतनी दवाई हम भी कहां से देंगे? तो लोगों ने बनाई। ये नुस्खा है। जी। अब. उसको हमने डायबिटीज कंट्रोल पाउडर का नाम. दिया है और इसके अंदर सबसे पहले यह वह. नुस्खा है बहुत जल्द कोई वैद नहीं बताते. और ना ही शायद ऐसी चीजें डालते होंगे जो. बहुत काम की है। आम नॉर्मल जामुन, करेला, मेथी तो सभी करते रहते हैं। तो ये है इसके. अंदर सबसे पहले इसके अंदर डाली गई है काली. हल्दी। हम फिर इसके अंदर डाली गई है अंबा. हल्दी। फिर इसके अंदर डाली गई है दारू.
हल्दी। ये जो तीन हल्दियां है ना जी जो. काली हल्दी है वो बॉडी की स्किन और उसका. ओरा सेट करती है। जो जो दारू हल्दी और. अंबा हल्दी है यह यूरिया यूरिक एसिड और. डायबिटीज के पनक्रिएटिक सीक्रेशन को. स्ट्रांग करती है। और फिर इसके अंदर डाला. गया वीट ग्रास जो लोगों का खून कम हो जाता. है शुगर के मरीज का उसको यह इंप्रूव करता. है वीट ग्रास पाउडर। फिर इसके अंदर डाला. गया मोरिंगा सहजने की फली का पाउडर जो. उसकी नर्व सिस्टम को स्ट्रांग करता है। और. फिर यह पांच चीजें हो गई। और छठी चीज इसके.
अंदर डाली गई फिर वही बात कि मेथी का दाना. और बेल की पत्री और उसके अंदर एक डाली गई. है वह अपना गुड़ मार बूटी और एक जामुन की. गुठली मिश्रा जी जामुन की गुठली आपको कोई. भी मिले किसी को बतानी पड़े तो एक चीज का. ख्याल रखना कि जामुन की गुठली जो लेनी है. वो चबा के देखो वो टूटती नहीं है इतनी. हार्ड होती है वो वाली लेनी है उसको कूट. पीस के पाउडर बनता है यह प्योर होती है जी. और डायरेक्ट इंसुलिन का काम करती है। किसी.
को अगर शुगर है सिर्फ जामुन की गुठली अगर. उसको असली मिल जाए उसी का एक चम्मच सुबह. शाम खाना शुरू कर दे तो वह कहेगा कि थैंक. यू गोयल साहब। और यह नौ चीजें डाल दी अपन. ने। दसवीं जो चीज है बहुत ही महत्वपूर्ण. है वो है कॉटन सीड। जिसको आप पंजाब में. बड़े की गिरी कहते हैं। हिंदी में उसको. बिनोला की भिंगी कहते हैं। तो कॉटन सीड. लिख करके आप देख सकते हो कि ये आपकी भाषा. में क्या कहते हैं इसको? मिल जाएगा। तो ये. 10 चीजों का पाउडर है। नौ चीजें तो बराबर. डालनी है। जी। जो कॉटन सीड है वो उसके.
अंदर सिर्फ 20 ग्राम डालना है। 900 ग्राम. पाउडर में 20 ग्राम डालना है ताकि वह गले. को ड्राई करता है। 20 ग्राम डालेंगे. बिल्कुल गुड रहता है। और उसके अंदर इतनी. शक्ति है ना जी कि पनक्रियाटिक के बीटा. सेल को ताकत दे देता है। उससे पेशेंट जो. तीन महीने चार महीने में डायबिटीज कंट्रोल. होनी शुरू हो जाती है और बहुत सारे अपने. पेशेंट हैं जी जो सिर्फ यही पाउडर खा के. जिंदगी को अच्छे से जी रहे हैं। और यह. पाउडर अभी गवर्नमेंट से हमने सर्टिफाइड. करवाया। अब ये ऑनलाइन है। अब कोई दिक्कत.
नहीं है। बहुत सारी जनता इसको ले रही है।. और यह अगर आप घर पे बनाते हो तो सच में आप. जीवन में डायबिटीज को कंट्रोल कर सकते हो।. जैसे रावण जी ने अपने काल को बांध के रखा. था। ऐसे शुगर को बांध के रख सकते हो. क्योंकि शुगर जड़ से खत्म तो होती नहीं।. जाएगी तो अपने साथ ही साथ लेके ही जाएगी।. तो उसको अगर आपने कंट्रोल रखना है और शुगर. के रोगी होते हुए भी आपने तंदुरुस्त जीवन. जीना है तो यह सबसे बेहतरीन चीज है। ठीक. है? ये जो अश्वगंधा सुशीला आती है ये केवल. मर्दाना ताकत के लिए इसका और भी इस्तेमाल.
होता है। हां अश्वगंधा जो है ये मैं आपको. बताऊं पार्किंस की प्रॉब्लम जो होती है. जिनके ऐसे हाथ हाथ हिलते रहते हैं ऐसे. ग्लास उठाते हैं ऐसे हिलते उनके लिए बहुत. इफेक्टिव होती है। शिलाजीत अश्वगंधा ये ये. सर मैंने आपको बताया नहीं कि ये बर्स को. ठीक बॉडी की अपनी ऑयलिंग क्या है? गाड़ी. के इंजन में क्या चीज होती है? ग्रीस या. उसके अंदर क्या होता है? वो वो क्या उसको. बोलते हैं? ऑयल इंजन ऑयल हम और उसके बाद. होता है पेट्रोल। इंजन ऑयल को मैं कहता. हूं यह हमारी बॉडी का वीरज है। पेट्रोल को.
मैं कहता हूं यह ब्लड है। डलेगा तो चलेगा।. तो ये दो चीजें जब अपनी बॉडी में सेट हो. गई ना जी ये अश्वगंधा जो है ये बहुत सारी. बीमारियों में फायदा करता है। और जो. शिलाजीत है वो तो कमाल की चीज है। जी। अगर. कहीं ओरिजिनल मिल जाए ना। यही सवाल मेरा. है कि ओरिजिनल शिलाजीत कैसे पता करें? क्योंकि हर अगूम मगरू बेच रहा है। बहुत. बेच रहे हैं। जी लेकिन सब ओरिजिनल तो. होंगे नहीं। मैं जिसके ऊपर जीएमपी. सर्टिफाइड लिखा है। जी गुड. मैन्युफैक्चरिंग प्रोडक्ट और जिसके ऊपर. मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस नंबर लिखा हुआ.
है। किसी भी स्टेट का हो कोई दिक्कत नहीं।. सरकार बहुत स्ट्रिक्ट है इसके ऊपर और इसके. जिसके अंदर फुलविक एसिड की मात्रा 80% के. आसपास उसने सर्टिफिकेशन दी हो तो बेफिक्र. हो के ले लीजिए। जो ये पहाड़ों में घूम. रहे हैं झोला उठा के कभी मत लीजिए क्योंकि. वो कभी भी आपकी किडनी को ब्रेन को अटैक कर. सकती है गर्मी कर सकती है उसमें कुछ भी. मिलाया हो सकता है जो असली शिलाजीत है. मिश्रा जी मैं आपको बताऊं ऐसी लो आप खसखस. के दाने जितनी पोस्त के दाने जितनी उठा लो.
इससे ज्यादा हल्का तो नहीं हो सकता उसको. भरे हुए पानी के गिलास में डाल दो ऐसे. करके जमीन पे जाके रुकेगा वो हम जो नकली. होगी वो तैर जाएगी ऊपर. इतना सा दाना जमीन पर रुक जाता है जी जाके. और वह अपने आप घुलता है। आप देखना उसकी. सांप की तरह तार बननी शुरू हो जाती है. पानी के अंदर वो ओरिजिनल है और हमारे पास. तीन तरह की बनती है। असली शिलाजीत जो है. ना जी वो आज की डेट में आज मार्च 2025 में. बैठे हैं। यह वीडियो चाहे कोई 35 में देखे.
उस समय झगड़ा ना करे तो मैं डेट बोल दूं. कि आज की डेट में इसकी जो कॉस्ट है 10 10. ग्राम जो होती है एक तोला उसकी कीमत ₹8000. है 8000 जो मतलब हमारे पास टिकटों पे. बिकती है लोग पहले बुकिंग रखते हैं आती भी. बहुत कम है वो ऐसे तो मिलती नहीं तो वो. आती भी वैदों के पास ही है ये मतलब ऐसी. चीज है तो उसको लेने के बाद जैसे आप थोड़ी. सी भी खाते हो सर्दियों में भी वो पांव. रजाई के बाहर बाहर रखने पड़ते हैं बंदे.
को। इतनी गर्मी करती है। तो उसकी मात्रा. हम ऐसे देते नहीं। उसको हमेशा जैसे अब यह. हमारा एक्स प्लस गोल्ड कैप्सूल है। इसके. अंदर मुश्किल से 20 मिलीग्राम है। ऐसे. छोटी मात्रा में उसको दी जाती है। बताई भी. जाती है कि इसको इतनी सी ही लेना है। वो. 8000 की जो है ना वो जैसे कोई 2000 की. लेके आता है उसके मुकाबले वो उससे तीन तीन. चार गुना ज्यादा चलती है। तो उसके बेनिफिट. बहुत है। तो शिलाजीत अगर क्या-क्या. बेनिफिट है? उसके बेनिफिट सबसे बड़ा आपके ब्रेन को. स्ट्रांग करेगी क्योंकि उसके अंदर.
टेस्टोस्टरॉन लेवल जो है ना जी बढ़ाने की. शक्ति है उसके अंदर जो फुलविक एसिड है वो. टेस्टोस्टरॉन लेवल बढ़ा देता है और जैसे. जिम के लोग करते हैं वो प्रोटीन के डब्बे. खाने ये अगर वो यह खा लेते हैं ना जी कमाल. का रिजल्ट है और मतलब कि बहुत सारे मेरे. चंडीगढ़ के जो जिम चलाने वाले भाई बंधु. हैं मैंने एक कॉन्फ्रेंस करी थी सबको. बुलाया था उनको मैंने कहा था कि इसको आप. क्योंकि यह फ्री नहीं हम दे सकते मैं कहा. बहुत महंगी है। गोल्ड की कीमत की है। तो. इसको हम देंगे तो आपको पेड ही लेनी. पड़ेगी। लेकिन जो मैक्सिमम हो सकता है.
हमने करके उनको दी और उन्होंने जिनजिन. लोगों को दी वो लोग आज तक ले रहे हैं. उसको। मतलब कोई भी चीज आपको हम दे दें आप. उसको एक बार लोगे अगर नहीं ठीक दूसरी बार. आप फेंक दोगे। तो आपको जब पता चलता है कि. बाथरूम बिल्कुल सही हो गया। हम बाथरूम में. जो गर्मी थी या बाथरूम कभी लग के आता था. या बाथरूम गंदला आता था, पीला आता था वो. बिल्कुल ट्रांसपेरेंट हो गया। और शरीर. हल्का रहने लग गया। हड्डियों में काफी. स्ट्रांगनेस आ गई। और जिनके जो होते हैं. ना जी ये जॉइंट इसके ऊपर ऐसे स्टिफनेस आती.
है। सुबह-सुबह जिसको हम कहते हैं यूरिक. एसिड। ये सारी चीजों को कंट्रोल करने का. दम रहे। मतलब शिलाजीत जो है ना जी इसको तो. हम ये कह देते हैं कि मौत को छोड़ के हर. चीज में काम करती है। और एक कलौंजी ये दो. चीजें ग्रंथ में लिखा है। मैं नहीं बोलता।. तो सर कंसमशन कितना करना चाहिए? बहुत कम।. इसको ले चाहे आप रोज लें हफ्ते में दो दिन. छोड़ दो लेंगे पांच दिन हफ्ते में तो इसका. कंजशन जो होता है वह कनक के दाने जैसे. गेहूं का दाना होता है उतनी सी ये शिलाजीत.
मतलब दूध में या पानी में घोल के ले सकते. और एक्सेस लेने से क्या हो सकता है एक्सेस. लेने से क्या होता है कि पेशाब लग के आने. लगता है गर्मी हो जाती है कई बार बीरज. निकलता है रात को सोए-सोए बंदा कहता है. स्वपन दोष हो गया तो लेडीज़ अगर ज्यादा ले. लेती है लकोरिया हो सकता है उनको मतलब. बाइट डिस्चार्ज हो सकता है तो ऐसे ऐसे ही. गर्मी पैदा कर देता है। ज्यादा इसकी. मात्रा हम किसी को भी नहीं। खासकर मैं. इसको मैं तो देता हूं कि भाई इसको ना. त्रिफला ले लो आप त्रिफला को पानी में घोल. के इसको खाओ। त्रिफला पानी पी लो साथ में.
क्योंकि त्रिफला जो है वो त्रदोष नाशक है।. वो गर्मी कुछ नहीं होने देता शरीर में और. उसका डबल फायदा मिलता है। ठीक है। कई लोग. कहते हैं मुंह के छाले हम बड़ी कॉमन. समस्या है। कई लोग मुझे मैसेज किए कि पांच. साल से सर है, आठ साल से है। कैसे दूर. करते हैं? मुंह में जो छाले होते हैं ना. जी हम ये एक आम कॉमन समस्या है और ये. सिर्फ लीवर की गर्मी की शिकायत होती है और. कुछ भी नहीं है और जो मैंने पहले भूमि. आंवला बताया था भूमि आंवले का पाउडर जो.
डेली ले रहा है उसको मुंह में छाले होते. ही नहीं अगर वो त्रिफला पाउडर लेना शुरू. कर दे तो सोने पे सुहागे की बात है। अब. लोग क्या करते हैं? मुंह में कुछ ना कुछ. लगाते हैं। वो लगाने से बेहतर है कि काली. मिर्च लो हम और मग पीपल जो लंबेलंबे होते. हैं मग और उसके अंदर थोड़ी सी सोंठ मिला. लो। सोंठ जो होती है सोंठ अदरक सूखा उसका. पाउडर बना के वो चुटकी भर पाउडर मुंह में. रखो। उससे एक लार पैदा होती है। एकदम आपका. मुंह भर जाएगा। लार से तो मुंह नीचे कर. दो। वो लार टपक जाएगी। गर्मी निकल जाएगी।.
तुरंत पैदा होता है। आप कहते हो ना. आयुर्वेद स्लो। ये तुरंत पैदा करता है।. जबरदस्त। क्या बात है।. आयुर्वेद से सबसे तेज कहां कौन-कौन सी. बीमारी जहां बहुत तेज आयुर्वेद काम करता. है। जैसे गठिया है, घुटने का दर्द है, जोड़ों का दर्द है। जैसे डॉक्टर ने बोल. दिया कि आपके घुटने का ऑपरेशन होगा। अगर. वो हमारे पास आ जाता है। आते हैं लोग अब. तो कि अब अब मरते क्या नहीं करते? गोयल. साहब को मिल लेते हैं। बाद में ऑपरेशन तो.
कराना ही है। तो उसके अंदर ना जी आयुर्वेद. में सबसे बेहतर काम करती हैं ये औषधियां. जिसके अंदर हम हम आपको एक चीज बताते हैं।. एक काला गोंद आता है। जी अब लोगों को पता. ही नहीं ये क्या चीज है। मुझे भी नहीं. शायद इतना ज्यादा पता था। जब हमने इस पे. काम किया ना जी हमने 200 300 सैंपल आ गया. हमारे पास। जब हमने अपनी रिक्वायरमेंट. डाली ना कंपनियों में तो 200300 सैंपल आ. गया। तो उसके बाद हमने रिक्वायरमेंट डाल. दी कि हमें रिसौत चाहिए। वह भी वही आ गया।. तो हमने देख लिया कि यह रसौंध ही बेच रहे.
हैं काले गोंद को। जबकि काला गोंद जो है. ना जी यह जो हिमाचल में जैसे पहाड़ी एरिया. में पेड़ होते हैं ना चील के पेड़ उसके. अंदर ये होते हैं लगे हुए आपने कभी देखा. होगा कप से लगा के रखते हैं। है ना? पहाड़ी लोग जो होते हैं वहां के बशिंदे तो. वो उसमें इकट्ठा करते हैं इस गूंद को। तो. वो किसी और मकसद के लिए यूज़ करते थे।. लेकिन हमने इसके ऊपर सर्च किया था कि यह. घुटनों को जो कह देते हैं ना लोग कि ग्रीस. खत्म हो गया। है तो यह सारा साइनोबल.
फ्लूइड का पंगा है और वही है और जब ऐसे. मान लो घुटने का ये जॉइंट है। अब इतना. खुला है पेशेंट को बोल दिया जाता है तेरा. तो घुटने में गैप आ गया। जबकि ये तो चाहिए. हमको। अगर यह जुड़ गया तो फिर समझो यह. खत्म है। फिर तो सुभाष गोयल भी कहता है तू. ऑपरेशन करवा ले नहीं तो काम खत्म ही है।. लेकिन जब इतना खुला है सर तो इसका मतलब. फ्लूइड है थोड़ा बहुत वो जम गया क्योंकि. वो जाएगा कहां? कहते हैं ना तेरा ग्रीस. खत्म हो गया। कहां जाएगा? ना लैट्रिन से. बाहर जाएगा ना बाथरूम से बाहर जाएगा। ना. पसीने में निकलेगा। वो वही टियर हो जाता.
है तो वहां जम जा। तो उसको जो काला गोंद. दिया जाता है काले गोंद में जटामसी मिक्स. होती है। ये फार्मूले मैं इसलिए बोलता. रहता हूं कि बहुत लोग समझदार हैं जो बना. लेते हैं और वैध लोग भी बनाते हैं। मैं. कहता हूं बनाओ यार कम से कम उसको ही दोगे. जिसके घुटने दुखते हैं और क्या करोगे? है. ना? तो उसके साथ क्या होता है जी कि उसको. खाने से और काले गोंद से ही हमने तेल. बनाया। उसी से हमने जेल बनाया। वो जब जेल. लगता है ना जी ऐसे घुटने पे एक बार तो रात. को वो गोयल साहब को बहुत गालियां देते.
हैं। इतना लड़ता है वो जलता है। इतनी. गालियां देते हैं रात को नींद नहीं आती पर. सुबह उठ के कहते हैं थैंक यू गोयल साहब जो. बिस्तर से उठ के ऐसेसे जाता था ना वो भी. सीधा जाता है बाथरूम की तरफ तो मतलब वो. चीजें जो बनी ना जी ये तुरंत फायदा और एक. तो आयुर्वेद जो है सबसे बेस्ट जो. ट्रीटमेंट है वो जोड़ों के दर्द का घुटनों. का बहुत गुड ट्रीटमेंट है दूसरा माइग्रेन. और ब्रेन का इसके अंदर बहुत गुड ट्रीटमेंट. है जो तुरंत रिजल्ट जैसे आज आप जैसे मेरे. सर में कई बार ये दर्द होता है ये हां हां. हां या धूप में चला जाऊं मैं समझदार लगता.
है। हां आपको तो मैं दे दूंगा रेडीमेड. लेकिन मैं बताता हूं इसमें क्या सिंपल चीज. है अश्वगंधा उसके अंदर गोदती भस्म उसके. अंदर प्रवाल पिष्टि और उसके अंदर मुक्ता. शुक्ति पिष्टि तीन चीजें हैं पर उस मैं. मात्रा भी बताता हूं 50 ग्राम अश्वगंधा. उसके अंदर 10 ग्राम गोदती भस्म 5 ग्राम. प्रवाल पिष्टि 5 ग्राम मुक्ता शक्ति. पिष्टि ये मिला लो मिला के पाउडर बना लो. इसके पाउडर का एक चम्मच रात को खा लो 101.
दिन खाने के बाद आप कहोगे यार क्या हो. गया? कुछ हुआ नहीं आजकल। इतना तुरंत. रिजल्ट आता है। ओके। पथरी एक कॉमन समस्या. ये भी है। हम कैसे पथरी आयुर्वेद में क्या. इलाज देखो जो तो गॉल ब्लैडर है हम जो. पित्ते की पथरी है उसका तो कोई इलाज नहीं. है। उसका सिर्फ ऑपरेशन होता है। हम और जो. लोग सुनते हैं वो समझते हैं कि गोयल साहब. ने बात सीधी कहनी है कि उसका कोई इलाज. नहीं है। बहुत सारे हमारे जो लोग हैं. आयुर्वेद में कुछ ना कुछ करते हैं। कई लोग.
इसका दावा कर देते हैं कि हम पित्ते की. पथरी निकाल देंगे। भैया अगर कोई ऐसा कहता. है वहां से उठ के आ जाओ। ऐसा हो नहीं. सकता। क्योंकि अगर ऐसा हो सकता तो वह आदमी. आज मतलब कि देश का प्रधानमंत्री जो है वो. उसको ले जाते हैं मंत्रालय में उठा के कि. इतना बड़ा विद्वान आदमी है। तो दूसरी बात. जो अपनी किडनी का स्टोन है हम उसको. निकालने के लिए आयुर्वेद बहुत सक्षम है।. उसके अंदर सिर्फ अपना जो कलमीशरा है वही. काम कर देता है। और दो चार चीजें हैं जो.
मिला के इसके अंदर वो चीज है क्या नाम. लेते गोकशुरा इसको जो भखड़ा टाइप होता है. जी गोकसुरा कांटेदार छोटे-छोटे कांटे से. होते हैं ये बहुत काम करता है और ऐसी. चीजें और एक ना एक चीज और बताते हैं चलो. क्लियर करते हैं एक आप गमला ले लो पॉट. आपको नर्सरी से मिल जाएगा उसको जाके बोलो. कि भ पत्थर चट का पौधा चाहिए उसका नाम ही. हमारे बुजुर्गों ने पत्थर चट रखा था कि. उसके पत्ते को दो-तीन पत्ते तोड़ो मिलाओ. कटोरी में कूट पीस के उनको खा जाओ चटनी की.
तरह ऐसे ही तो वो वो जो खाने शुरू कर दिए. ना जी 15 20 दिन में आपको पता चलेगा कि. पथरी बाहर जा रही है और इतने कमाल के. रिजल्ट मैंने उसके देखे हैं जी क्योंकि. मेरे पास कई ऐसे भी आ जाते हैं जो उनको. मुझे पता होता है कि इनको दवाई तो देनी है. तो उनको मैं ऐसी चीजें बता के भेज देता. हूं और वो कहते हैं कि गोयल साहब बहुत. फायदा हो रहा है। तो ये छोटी-छोटी चीजें. हैं सर आपके चैनल से मैं बता रहा हूं. लोगों को और मुझे उम्मीद है कि लोग करेंगे. तो बिल्कुल आपको भी और हमें भी थैंक्स. भेजेंगे। मैंने अभी कहीं रिसेंटली सुना कि.
आयुर्वेद में मेंटल हेल्थ की बात बहुत. पहले कर दी गई थी। हम आजकल डिप्रेशन एक. बहुत बड़ी समस्या है। डिप्रेशन, ए्जायटी. आयुर्वेद में इसका जिक्र है और कैसे दूर. कर सकते हैं? अगर डिप्रेशन का ए्जायटी का. कोई ट्रीटमेंट है तो वो सिर्फ आयुर्वेद. में है।. कैसे? इसमें पंचकर्मा बहुत हेल्प करता है। जैसे. उसको पेट का पूरा सफाई करना उद्बर्तन कहते. हैं। जैसे उसको वोमिट करवाना और उसको लूज. मोशन लगाना चारप दिन बिल्कुल अंदर से.
कपड़े की तरह उसको वॉश कर दिया। उसके बाद. शिरोधारा सिर पे उसको यह चीजें करने के. बाद धीरे-धीरे औषधि दी जाती है। औषधि. इसमें ब्रह्मी बटी वगैरह ही काम करती है. जो मैंने पहले बताई है। ब्रह्मी शंख. पुष्पी जटामसी जटामसी का इसमें बहुत बड़ा. रोल है। क्योंकि जटामंसी जो है वो पूरा. जैसे ब्रेन के अंदर हम अखरोट को खोलते हैं. ना वैसे खुलता है। भगवान ने उसको अखरोट. जैसा बनाया और अखरोट ब्रेन के लिए बहुत. अच्छी चीज है। तो, ऐसे करके ही जो जो मैं.
आपको बताने जा रहा हूं कि जो डिप्रेशन के. शिकार है, ए्जायटी के शिकार हैं, उनके लिए. आयुर्वेद में सबसे बेहतर चीज है ब्रह्मी।. ब्रह्मी का जो पाउडर है वो जस्ट. ट्रंकलाइजर का काम करता है। और दूसरी चीज. है आयुर्वेद के अंदर एक अजवाइन आती है।. जी। एक अजवाइन आती है और एक आती है. खुरासानी अजवाइन जो खास है खुरासानी।. खुरासानी जो अजवाइन है जी वो बनी ही इसके. लिए है मतलब कि वो ब्रेन के अंदर जितनी भी.
स्ट्रेस है उसको कम करती है और जो ए्जायटी. की प्रॉब्लम जैसे बंदा बात सोचता है उसको. सोचता ही रहता है किसी ने कुछ कह दिया दिल. पे ले लेता है ऐसे लोगों के लिए ये सबसे. कमाल चीज है खुरासानी अजवाइन इससे पहले. थोड़ा सा आदमी को मीठा खिला दो दूध पिला. दो चाहे मीठा ऊपर से वह खिला दो और थोड़ी. देर में रिलैक्स होके लेटता है आदमी के यह. आपके आप आप लोगों ने इसका इलाज किया है. डिप्रेशन का? बहुत बहुत पेशेंट है जी मेरे. पास यूएसए, कनाडा, अमेरिका से सारा पेशेंट.
इसका आता है डेली। मतलब डेली अगर हमारे. इंस्टट्यूट में 200 पेशेंट है तो 70-80. पेशेंट बाहर के ही होते हैं और वो सारे. तकरीबन उसमें से भी 60 70% लोग डिप्रेशन. के शिकार हो रखे हैं। ओके। आयुर्वेद में. सर्जरी होती है सर? आयुर्वेद में सर्जरी. अब नहीं होती। जब आयुर्वेद शुरू था तब. सर्जरी होती थी। जैसे गणपति बाबा की हुई. तो अब नहीं होती क्योंकि अब अब आयुर्वेद. में जो सर्जरी है उसका वह खत्म ही कर दिया. गया है। तो अब सर्जन आ गए हैं तो सर्जरी.
के लिए एलोपैथी के डॉक्टर काम करते हैं।. लेकिन आयुर्वेद में मैं आपको एक बात बताता. हूं कि अगर कट लग जाता है उसके लिए आप. जाते हो थ्रेड लगाते हो टंके लगवा देते हो. जितना मर्जी कहा हो जी सिर्फ आप कभी भी. आजमा के देख लेना हल्दी और फटकड़ी का. पाउडर हम हल्दी और फटकड़ी का बराबर मात्रा. में पाउडर रख लो उसको पीस के पानी में उस. पे लगा दो तुरंत ब्लड बंद होगा जी तुरंत. इमीडिएट जो लोगों की यह सोच है ना कि.
आयुर्वेद बहुत लेट काम करता है लगा के देख. तुरंत काम करता है और उसको धीरे-धीरे रोज. लगाते रहो। धीरे-धीरे वह जख्म खत्म हो. जाता है। कोई उसकी सर्जरी, कोई उसकी टंग. का तोपा करने की जरूरत नहीं होती।. ओके इंटरेस्टिंग। ऐसी चीजें अक्सर घरों. में होती है। चकू लग गया सब्जी काटते हुए. महिला को ऐसी कोई चीजें होती है। कभी करके. देखना सर किसी को भी इसको आजमा के देखना।. चलिए अगली बार जब हम टमाटर काटते हुए. देखेंगे। देखेंगे। अक्सर टमाटर काटते मेरा. हाथ कट जाता है। हां। हम अच्छा चाय लोग.
चाय पीने के लोग बहुत शौकीन होते हैं। हम. अ चीनी चीनी का अल्टरनेटिव कुछ है. आयुर्वेद में या कैसे बचे चाय चीनी? अगर. नुकसान कम करें। अगर चाय में चीनी ना ही. डालो हम तो बहुत बेहतर है। आयुर्वेद कहता. है चाय में तो रसगुल्ला खा लो बस। चाय में. क्या नाम लेते हैं? उसका दूध मत डालो।. ब्लैक टी लो आप। बहुत फायदा है। स्वाद खाओ. उसमें। हां। खत्म स्वाद। स्वाद नहीं तो. चाय चाय कहां बची? स्वाद के चक्कर में ही. तो इतने बड़े-बड़े हॉस्पिटल बन गए तो वहां.
वहां फिर तो यह स्वाद के चक्कर में बने. चाय का पीछे छोड़ दिया चाय अगर ब्लैक टी. पीना है तो नहीं ब्लैक टी आप कभी पी के. देखिएगा आपको लगेगा कि आज कुछ एनर्जेटिक. हुआ है क्योंकि आपने जो पिया ना जी स्वाद. लेने के लिए तो उसको देना तो आपका. एक्सप्रेस गोल्ड खा लेंगे वो तो है ही है. देखिए बैठे-बैठे प्रचार कर दिया वो तो है. ही है आप सर अभी तो प्रचार कर रहे हो. बैठे-बैठे आपको मैं सैंपल दे के जाऊंगा. डंके की चोट पे बोलो बोलोगे कि गोयल साहब. ने ये तो सचमुच देख लो दोधारी तलवार है वो.
तलवार है गड़बड़ हुआ तो आपका पूरा दुकान. बंद हो जाएगा फिर वही बात आज तक तो हुई. नहीं भगवान की कृपा है हिट हो गया तो चमक. जाएगी हां नहीं वो हिट ही है फिर तो हम. आपसे स्पोंसर ले लेंगे अपने पडकास्ट का वो. हिट है क्योंकि सुभाष गोयल खुद खा रहा है. ना चार साल से कह रहा है तो इसीलिए हिट है. मेरी गाड़ी में अभी भी पड़ा होता है बैग. में पड़ा है देके जाऊंगा मैं आपको. आप किसी अपने दोस्त मित्र को खिलाना पहले. स्वयं इस्तेमाल करें फिर विश्वास करें फिर. विश्वास करें। यह बड़ी बात है। आज के बाद. स्लोगन बना देंगे इसका।.
जबरदस्त। इम्युनिटी मजबूत करने के लिए. क्या आयुर्वेद में? इम्युनिटी बूस्टर सबसे. बेहतर चीज है। इम्युनिटी के लिए जो लोग. चाहते हैं कि हम अच्छा जीना चाहते हैं. उनके लिए पंचम हल्दी है। सर पांच हल्दियों. का मिश्रण जो मैंने पहले भी बताई है। हम. जैसे काली हल्दी, अंबा हल्दी, दारू हल्दी, पीली हल्दी और जंगली हल्दी। यह चार. हल्दियां तो बीज कर मिल जाती हैं। जो. जंगली हल्दी है इसको सिर्फ वो बंसी वाला.
ही बनाता है। जंगलों में होती है। इसको. कोई बीज नहीं सकता। और ये जब इसका पाउडर. बनता है ना सर आधा चम्मच रात को दूध में. मिला के पियो। और जो बच्चे कहते हैं कि. हमें इससे प्रोटीन मिल रहा है। उससे. एनर्जी मिल रही है। सब छुड़वा दिया जी. मैंने इसके साथ कई बच्चों का। और ऐसी गुड. चीज है बिल्कुल सिंपल दो तीन4 का खर्चा है. एक दिन का कोई बहुत बड़ा यह नहीं है कि. ₹20 का कैप्सूल खाओ तभी इम्युनिटी आएगी. इसको खाने से जिसने इसको दो-ती महीने. कंटिन्यू ले लिया ना जी लगातार वो अलग.
दिखता है इंसान क्योंकि उसके अंदर. हड्डियों में मजबूती और बिल्कुल उसके अंदर. शरीर में ताकत आती है इम्यूनिटी बूस्ट. होती है और ये हमने आजमाई थी जब कोरोना. हुआ था तब हमने इसको बनाया था कि अब जाना. तो है दुनिया से जो पैसा देला पड़ा है. दवाइयां बनाओ बांट दो। तब मैंने सर बांट. दी थी कॉलोनियों में, चंडीगढ़ में, कॉलोनियों में, कोठियों में बेल मार मार. के देके आया मैं। तो उस समय लोगों ने मुझे. उसके बाद ही लोगों ने मुझे बहुत चंडीगढ़. में मोहब्बत दी कि इसके साथ बहुत फर्क.
पड़ता है। और लोगों को मैंने उस समय कहा. कि आप ब्लैक टी पीना शुरू करो। चाहे दिन. में 10 बार पियो। कोरोना आपका कुछ नहीं. बिगाड़ सकता। अगर आपने चीनी और चाय के. अंदर दूध डाला तो मुश्किल आ जाएगी। सर. उसको चाय मत कहो सर। उसको कोई और नाम दे. दो अच्छा रहेगा। ब्लैक टी। नहीं उसको चाय. मत बोलो फिर आप। हां। यह चाय के साथ उसको. आसाम काढ़ा बोलते हैं। कुछ भी बोलो आप आसाम. काढ़ा आसाम काढ़ा बोलते हैं। कुछ भी बोल दो. मेघा मेघालय काढ़ा लेकिन चाय मत बोलो। चाय. वही है सर। चलो आज के बाद उसको बताएंगे. मिश्रा जी मिश्रा जी आसाम काढ़ा। सर चाय. वही है सर जिसमें चाय पत्ती डालो उबाल.
मारे अदरक डालो। फिर हां वो उबाल आना. चाहिए। फिर जब पक जाए फिर उसको सूंघो और. फिर एक सिर्फ। आप मेरे मरीजों की लाइन. बढ़ाओगे।. उससे एसिडिटी होती है सर। अरे ठीक है सर।. सर एक कप पी लो, आधी कप पी लो। लेकिन चाय. चाय उसी को बोलो। बाकी कुछ और नाम देके पी. लो। ठीक है। अच्छा सर मौसम बहुत बदलता. रहता है। जैसे हमारे मैंने शुरू में कहा. कि हमारे देश में हर तीन चार महीने मौसम. बदलता रहता है। दिल्ली एनसीआर में तो और. भी बहुत सारी समस्याएं हैं पोलशन की। आजकल. लोगों को सूखी खांसी बहुत हो रही है। कह.
रहे हैं पहले खांसी में कफ बहुत आता था।. अब सूखी खांसी है। खाली ढिच ढिच चलता रहता. है। कैसे इससे ओवरकम करें आयुर्वेद से? सेंधा नमक सिंपल जो रॉक साल्ट है उसकी एक. चुटकी एक चम्मच शहद हनी उसमें मिक्स करो. ऐसे बच्चों की तरह चाट चाट के लो ऊपर से. कोसा पानी पी लो सुबह तक खाम क्या बात कर. रहे हो आप जानते हो सिंध नमक शायद से हां. आप कनवर गवाल को जानते हो पंजाब का सिंगर. सूफी कलाकार हम ये उसने अपने शब्दों में.
बताया कहता मैं गोयल साहब के पास गया. मैंने कहा मेरा गला खराब है परसों मेरा शो. है बट गोयल साहब कुछ बताओ है ना तो कहता. है गोयल साहब को पता था कि यह पंजाब का. नाम आदमी है इसने पैसे देने नहीं इसने. मुझको कहता है कि नमक सा देके टाल दिया. कहता मैं रास्ते में सोच रहा हूं कि यार. ये इसने क्या दे दिया इसने सोच लिया कि. देना कुछ नहीं इसने फ्री का बंदा है तो. लेकिन सर उसने विश्वास के साथ खाया और.
उसने मेरी स्टेज पे आके बोला. मतलब मैं एक दिन हमारे कला कलाम जैसे मुझे. खुद दो तीन महीने से खांसी की समस्या हो. रही है। हां हमारे हमारे कलाग्राम में. प्रोग्राम था जी उस वहां पे हजार के करीब. लोग इकट्ठे हुए थे। कनवर गरेवाल जी का. अखाड़ा था वहां पे वो गा रहे थे और मैं. वहां पे फ्रंट टेबल पे एज ए गेस्ट गया हुआ. था। तो उन्होंने मुझे देखते ही स्टेज से. बोल दिया। सारी बात बोली जी। उससे. क्या-क्या ठीक होगा? उससे गला ठीक होगा, गले का रेशा ठीक होगा, खांसी ठीक होगी। और.
जैसे ही मौसम चेंज होता है, मैं सबको कहता. हूं कि आप मान लो इंडिया से अब्रॉड जा रहे. हो, वहां उतरते ही पहले इसको ले लो। सेंधा. नमक। सेंधा नमक और शहद। आपके ऊपर उस उस. देश का वातावरण असर नहीं करेगा। आप वहां. से इंडिया आ रहे हो वहां भी ले लो। क्यों? क्योंकि सर इसमें पता है क्या चीज है? ध्यान से सुनना। जब बच्चा मां के पेट में. होता है। एनवायरमेंट अंदर क्या है? अंधेरा. खूप खाना कहां से ले रहा है? नाभि से ले. रहा है। मुंह खुला नहीं है। जब वह बाहर.
पैदा होता है। मान लो आपको कोई 9 महीने. अंधेरे कमरे में रखे एकदम बाहर लाइट में. ले आए तो क्या हाल होगा? पगला जाएंगे। उस. बच्चे का क्या होता होगा? है ना? तो उस. समय उसको क्या दिया जाता है? हनी. ऐसे चटाया। हुआ नहीं है। तो हमको अभी. आईडिया नहीं है। ऐसे चटाया जाता है। कोई. नहीं आ जाएगा। तो उसको कहते हैं इसको. गुड़ती देना है ना? वो गुट्टी दी जाती है।. तो वो हनी जो है वो तासीर को चेंज करता. है। मतलब आपको जो अंदर वातावरण था मां के.
पेट में बाहर आते ही सांसारिक वातावरण में. आ गया ताकि उसके ऊपर कोई बाहर बाहर की. वातावरण की कोई चीज उस पे अटैक ना कर दे।. तो हनी का और सेंधा नमक का यह प्रभाव है।. सर्दी जुकाम और ये साइंटिफिक है। सर्दी. जुकाम में सबसे बेहतरीन चीज है। सबसे. बेहतरीन बुखार हो तो फिर उस पे बुखार हो. तो उसमें एक ना आयुर्वेद में आता है महा. सुदर्शन काढ़ा। महा सुदर्शन कवात आता है. और बहुत कंपनियां बनाती हैं और उसको मैं. इसलिए बता देता हूं कि हमारी कंपनी बनाती.
नहीं है। यह बहुत अच्छी चीज है वैसे।. लेकिन इसके लिए जो जिनको बुखार आता है. जैसे कहते हैं ना हमें हर तीसरे दिन बुखार. आता रहता है। उनको टाइफाइड होता रहता है।. कईयों को बहुत ज्यादा जल्दी-जल्दी बुखार. होता है। इम्यून पावर तो उनको हल्दी पंचम. हल्दी और यह जो महा सुदर्शन कवात है यह. देना चाहिए सर। इमीडिएट पेशेंट कहेगा. दो-तीन दिन में आके कि पहले गोयल साहब. कमाल हो गया। गोयल साहब थैंक यू। दिन भर. में कई आदमी गोयल साहब को गोयल साहब कहते. होंगे या गोयल साहब दिन भर में कई बार. गोयल साहब कहते होंगे। मैं खुद को बहुत.
इज्जत देता हूं। ये तो मैं समझ इस. पॉडकास्ट में सीख गया मैं। मैं ये सीख गया. कि आपने अपनी ब्रांडिंग कर ली है चीज।. हां। जो आदमी खुद को इज्जत नहीं देता ना. उसको। ये वाला मैं भी सीख के जाऊंगा। कोई. दूसरा इज्जत नहीं देता। मैं भी कहीं. जाऊंगा तो मिश्रा जी। हां। तो होना चाहिए।. ये आपसे मैंने सीखा है आज। जी मैं मैंने. मैं कहता हूं कि आप चैनल पे जाके लिखो. सुभाष गोयल जी के नुस्खे। हां अरे गजब जी. के नुस्खे हां सुभाष गोयल जी के नुस्खे।. अब जैसे जी के इतने एंकर हैं इतने लोग हैं.
तो वो भी तो जी के साथ करते ही साथ आ जाते. हैं। तो सुभाष गोयल जी के नुस्खे। तो जब. आदमी करता है ना सुभाष गोयल जी के नुस्खे. चाहे वो दिल में गालियां देता हो पर जी तो. कहता है ना सही बात है। तो मतलब ये है कि. अब नुस्खे आ जाते हैं सारे सर। मैंने. वेबसाइट शुभंकर मिश्रा जी का पडकास्ट. देखिए। हां हम तो कहते हैं। आप खुद भी कहा. हम तो आपको जी कहते ही कहते हैं। मैं आप. खुद कहा करो। सुभंकर सुभांकर मिश्रा जी का. पडकास्ट देखिए। सर जो खुद को हमारे हमारे. पंजाब के जो मुख्यमंत्री हैं भगवंत मान.
साहब वो हमेशा कहते हैं मैं खुद को शीशे. के आगे खड़ा हो के कहता हूं और जी भगवंत. मान साहब क्या हाल है? कहता मैं खुद को. इज्जत देता हूं यार।. तो तो मैंने उनसे सीखा कि मैं फिर जी. क्यों नहीं कह सकता मैं रात को सेंधा नमक. चाटूंगा मेरा हां करना सर करना करना सर. बहुत काम की चीज है आपके दिल से निकलेगा. गोयल साहब थैंक यू सच्ची बात है गोयल जी. थैंक यू गोयल जी हां जी कहना. ये बच्चों में सर जो प्रतिरोधक क्षमता.
होती है आम लोगों में भी रोग प्रतिरोधक. क्षमता ये कैसे बढ़ाएं बच्चों में बच्चों. में भी जवान में भी हां जो बच्चों बच्चों. की है, बड़ों की भी है। एक ना देसी घी हम. जो होता है उसके अंदर आप नारियल का तेल. मिक्स करिए। हम अब देखिए ये बड़ी फनी बात. है। लेकिन है बड़ी इंटरेस्टिंग। उसको लेकर. के ऐसे नाभि में लगाइए। हम और साथ ही उसको. अंडर आर्म में हम लगा के उसको अच्छे से 10.
बार पीछे घी और और घी और वो नारियल का तेल. कोकोनट ऑयल मिक्स करना दोनों को करके उसको. 10 बार आगे 10 बार पीछे ये एक गुड. एक्सरसाइज है। इसको करने से बॉडी के अंदर. एक जबरदस्त एनर्जी आती है। ये पीछे जो. मेडुला ब्रेन है ना जी इसको एक्टिव कर. देता है।. और दूसरी चीज जो लोग बहुत ज्यादा दूध पीते. हैं, कहते हैं कि इससे एनर्जी आएगी। तो. अगर वह उसके अंदर हल्दी डाल के पीना शुरू. करें। नॉर्मल हल्दी जो रसोई घर में होती.
है वो लें और मिश्री चीनी की जगह मिश्री. का इस्तेमाल करें जो धागे वाली होती है।. तो ये चीजें खुद ब खुद एनर्जी बिल्ड करती. हैं। बाकी बहुत अच्छी चीज है जो बड़े लोग. बड़े उम्र के लोग होते हैं। आपको पता होगा. कि मौसम के चेंज होते ही चवन ब्राश का. डब्बा लेके आते हैं घर पे। और जो यंग लोग. होते हैं वो और बहुत सारी चीजें ऐसी कोई. प्रोटीन का डब्बा लाता है कोई चलाता है. लेकिन सबसे बेहतर चीज सर इसके अंदर है एक.
एनर्जी बूस्टर पाउडर हम जो आयुर्वेद में. आता है Google पे सर्च करेंगे मिल जाएगा. उसके अंदर बहुत सारी चीजें हैं 54 तरह की. जड़ी बूटियां हैं और जो एक से एक वके हैं. जैसे सफेद मुसली साल पंजा साल मिश्री कांच. बीज सौंफ लौंग बहुत सारी मतलब 24-25 ऐसी. जड़ी बूटियां है जायफल, जवित्री जो जायफल, जवित्री, दालचीनी है सर आप यह नोट करो. जायफल, जवित्री और दालचीनी और एक मतलब कि. काली मिर्च और सोंठ इसका पाउडर बना के.
रखो। हमेशा जैसे आप चाय का व्यान कर रहे. हो उसका मसाला बीच में डाल लो। आपको बहुत. फायदा करेगी। तुलसी का क्या फायदा होता. है। बहुत फायदा होता है। आयुर्वेद में।. तुलसी जो है अब जैसे लोग आजकल चाचा में. डलवाते हैं तुलसी। हां बहुत बढ़िया है।. आजकल क्या है कि लोग ना मिश्रा जी क्या. करते हैं? पानी कोई कहता है अल्कलाइन वाटर. कोई कहता है फलान वाटर ढींग करते रहते. हैं। मतलब लोग भी बेचारे कहें कि गाजर. डालूं कि खीरा डालूं इसमें क्या करूं? अब. अब लोगों को सीधा ही आपने पहले तो नॉर्मल.
पानी से घड़े के पानी से बोतल में डाल. दिया। हम अब बोतल से निकाल के फिर उसको. कहते हैं इसके अंदर अल्कलाइन डाल। तो मैं. कहता हूं सीधासीधा काम करो कि जो भगवान. श्री कृष्ण जी कहते हैं कि तुलसी उनकी. अर्धांगिनी है। विष्णु जी कहते हैं तुलसी. उनकी तुलसी के 10 पत्ते आप आजमाना मैंने. बहुत सारे आजकल फाइव स्टार होटलों में. देखा है यह होना चाहिए कि तुलसी के पत्ते. कांच की बोतल में डाल दीजिए। 101 पत्ते.
उसमें डाल दीजिए पानी। सुबह ही जब भी पीना. वही पानी पीना। आप देखना कि पानी कितना. उसका गुड पीएच लेवल बनता है। कितना गुड वो. बेनिफिट देता है। और तुलसी के बराबर पानी. पीने से अब जैसे वो तुलसी के ड्रॉप्ड रूप. नहीं आ गए बिल्कुल नहीं लेने चाहिए। हमारी. कंपनी बनाती नहीं। उसको पता है कि ये. आर्टिफिशियल चीज है। तो मतलब वो नहीं लेने. चाहिए। जैसे गुलाब जल आता है मार्केट में।. पता है वो एसेंस डाल के पानी में बना देते. हैं। हमारी कंपनी बनाती है। हमारा गुलाब. जल का 100 ml का बॉक्स जो है जी ₹1300 का.
है। वो वो दे देते हैं 3040 का। क्या. देंगे वो? तो मतलब कहने का कि जो चीज आपको. मैं बता रहा हूं तुलसी के बारे में पानी. में डाल के पियो सर और फ्रिज आपके घर में. चाहे 2 लाख का रखा हो लेकिन उसके पास एक. घड़ा जरूर रखो। घड़े के ऊपर एक डोई रखो. ऐसे निकाल के पानी पीने वाली उसमें पानी. डाल के पियो और पानी हमेशा बैठ के पीना. चाहिए। खड़े-खड़े जो लोग पानी पीते हैं. उनके घुटनों में एक दिन प्रॉब्लम आनी ही. आनी है और आती भी है।.
ओके। इसका क्या कनेक्शन है? इसका बहुत. बड़ा कनेक्शन है जी घट के साथ पानी सीधा. गिरता है। वह एकदम ठंडा कर देता है। जब आप. बैठ के पीते हैं तो सिद्ध करके पीते हैं।. धीरे-धीरे पीते हैं। जब आप खड़े-खड़े पीते. हैं ऐसे पीते हैं। पूरा कटक देते हैं. उसको। तो वो चीजें नहीं है। और ये. नेचुरोपैथी में भी आयुर्वेद में भी हर. साइंस में ये लिखा हुआ है कि पानी हमेशा. बैठ के और सिप करके मुंह में घोल-घोल के. अंदर जाना चाहिए। ताकि आपके मुंह का जो. सलाइवा है ना जी वही आपकी ग को केयर करता.
है। वही आपका पेट का सही साथी है। किसी को. पेट कोई कहता है मुझे मेरे पास ऐसे पेशेंट. भी आते हैं जी जो कहते हैं 20 22 दिन हो. गए गोल साहब मैं टॉयलेट ही नहीं जाता हूं. अंदर से खाली आ जाता हूं। 202 दिन पागल हो. जाते हैं वो। उनको मैंने ऐसी कुछ. थेरेपियां कराई है कि यह जो अंगूठा है. यहां से इसको दबाओ प्रॉपर ऐसे करके इसको. ऐसेसे दबाओ तो दबाने से आपको 510 मिनट में. टॉयलेट बेला कर देता है खाली कर देता है. तो उसके बाद अभी देखो मैंने दबाया ना शुरू.
हो जाता है काम तो मतलब तो तो बाथरूम जाने. पहले दबा दो खाली हां अंदर बैठ के पेट साफ. हो जाएगा अंदर बैठ के दबाते रहो बाथरूम. में हम पेट साफ हो जाएगा हां करके देखना. कभी बोला लोग तो मोबाइल चला लाते रहते. हैं।. तो ये चीजें हैं बट ये अच्छा नुस्खा है।. जिनका पेट साफ ना हो बस दबाते रहो। हां. मेरे पास ना जी ये वैसा तो नहीं जैसे. लोगों ने बीच में बेवकूफ बनाए थे कि नाखून. रगड़ते रहो बाल निकल आएगा। नाखून को तेल. लगाओ जी चुस्ती बनी रहेगी। और ये जो.
नुस्खा मैंने बताया ऐसे दबाने का इसको. साइड से बहुत कमाल। अगर इसको बीच में से. यहां दबाते हो और दबा के देखो पेन हो रहा. है। जोर से दबाओ पेन हो रहा है। तो कोई ना. कोई पेट में मुश्किल है। जब पेट बिल्कुल. ठीक हो मतलब नस दर्द होने पे कस के दबा. रहे हैं। हां, इसको जब कस के भी दबाना जब. ठीक होगा तब नहीं दुखेगा क्योंकि इसको. दबाने से अब जैसे मान लो आपके यहां गैस बन. रही है नहीं दर्द हो रहा है। एकदम आप कहीं. मीटिंग में बैठे हो परेशानी होगी। इसको. जोर से दबा लो। दर्द अंदर से बंद हो जाता. है। ऐसा इसका गुड फार्मूलेशन है ये। आपके.
वैद से आपको उठा लाएंगे। बिल्कुल उठा के. लाना। मुझे ही रख लेना। चेला ही काफी है।. ये आपके पास एक दिन हम आएंगे। पक्का हम. वेट करेंगे उस दिन की और हम आपको उस दिन. बुलाएंगे जब हमें लगेगा कि आज आपको आना. चाहिए। ठीक है हम पक्का आएंगे। आखिरी सवाल. आपसे 60 साल की उम्र में गोयल जी की तरह. फिटफाट और एकदम हिट होने के लिए क्या. दैनिक दिनचर्या अपनानी चाहिए? देखो. दिनचर्या की बात जैसे मेरी है। सिंपल है।.
मैंने नाश्ता करना है एक बार दबा के सुबह।. नाश्ता करके मैं ऑफिस चला जाता हूं। फिर. मैं 6:30 बजे अपना डिनर कर लेता हूं। लंच. बीच में बिल्कुल नहीं है। बीच में क्या. लेते हैं? छोटा-मोटा कोई चीज आ गया, कोई. फ्रूट आ गया, कुछ आ गया वो। लेकिन हम जो. 6:00 बजे खाना खाते हैं पूरा दबा के फुल. फिल्म ताकि रात को 11:00 बजे तक काम करते. हैं। यह ना लगे कि भूख लग गई पूरा टाइट।. और सुबह 8:00 बजे सही 8:30 बजे खाना खा. लेते हैं। नाश्ता करते हैं। और एक चीज मैं.
बता दूं जो आम लोगों के सारे लोग मेरी तरह. नहीं स्ट्रिक्ट हो पाएंगे क्योंकि मुझे 30. ईयर हो गए इस काम को करते हुए। नंबर एक तो. त्रिफला पाउडर जो वन टू एंड फोर की रेशो. का है। हम जैसे हरड़ 100 ग्राम बहेड़ा 200. ग्राम आंवला 400 ग्राम ये पाउडर बना लीजिए. और इसको गिटक निकाल के गुठली साइड कर. दीजिए। छिलका हो उसका पाउडर बना लीजिए। एक. चम्मच. 5 ग्राम पाउडर शाम को 5:00 बजे डेली खाइए।.
आप देखेंगे चेंज आ रही है। जैसे इसको बंद. करना है। 2 महीने खा लो एक महीना छोड़ दो।. ऐसे करके इसको लेना है। और दूसरी चीज जो. मैं अपने ऊपर करता हूं जिसको मुझे मैं भूल. भी गया। कितने सालों से करता हूं। और मेरी. आदत ऐसे बन गई जैसे गाड़ी चलाने वाले की. क्लच प्लेट पे जाता है ना ऐसे करके। मेरी. आदत बन गई कि घर पे आया। पानी पिया उसके. बाद दो कटोरियां उठाई रख ली।. एक कटोरी के अंदर 20 दाने मेथी के, 10. दाने कलौंजी के और 40 दाने काले चने के. डाल के भिगो दिए। और उसके साथ दूसरी कटोरी.
में उसके एक अखरोट, पांच बादाम, पांच. किशमिश और उसके अंदर एक वो अंजीर डाल. दिया। दोनों को भिगो के रख दिया। सुबह उठे. उठकर के सबसे पहला काम होता है फ्री होने. से बाथरूम वगैरह से आके सर उसको खाना मेथी. दाने को कलौंजी को खा लिया। पानी साथ में. पी लिया जिसमें भिगोए थे। कांच की कटोरी. होनी चाहिए। दूसरी कटोरी 15 मिनट बाद. उठानी है। उसका पानी गिरा देना है। जो. फ्रूट उसके अंदर है ड्राई फ्रूट वह. निकालना। उसके जो बादाम है उसका छिलका.
उतार के बाकी चीजें ऐसी खा लो। उसका छिलका. जो है जो छिलका समेत खा लेते हैं लंबा. टाइम उसके घुटनों में दर्द होता है। उसको. यूरिया बढ़ जाता है बॉडी में। तो वो उतार. के उसको खाना। एक तो सर उससे पाचन क्रिया. ठीक रहती है। एक डायबिटीज होने का खतरा. खत्म। मुझे आज तक प्रॉब्लम नहीं है। मेरे. फादर को अस्थमा था। मेरे दादा जी को. अस्थमा था। यह एक वंशुमा रोग है। जी। हम. दो भाई हैं। दोनों ने यह किया। आज तक हमें. नहीं हुआ। मतलब कि पहले पूरा वंशुमा चल.
रहा था। तो हमें जब पता चला हमने शुरू कर. दिया। एक त्रिफला एक ये दो चीजें। और सर. एक चीज मैं आपको और बताता हूं जो आपके. यूरिन सिस्टम को और लीवर को सेट रख सकती. है। वो है एक टेबलेट आती है उसका नाम है. एलवी अमृत।. गवर्नमेंट से अप्रूव्ड है। एक टेबलेट है. जिसका नाम है पीसी गोल्ड। वो दो गोलियां. जब मैंने ब्रश करना पहले आके ये दो. गोलियां खानी है वो पानी से खाई उसके बाद. अपना बाहर आए। यह दानेदने खा के अच्छे से.
फिर उसके बाद हम नाश्ता कर लेते हैं। मतलब. यही हमारा खाना है। बस एक चीज और करते हैं. बीच में जब बना होता है तो सलाद सैलेड मैं. खुद काटता हूं। खुद काट के अपना बना के. खाता हूं। बच्चों को भी खिलाता हूं और. वाइफ को भी खिलाते हैं। तो मेरे अंदर ऐसा. नहीं है। जी जो हम करते हैं ना घर का काम. कभी नहीं। हमारी वाइफ ने आज तक काम वाली. नहीं रखी घर पे। खुद ही करते हैं अपना।. इतना आप लोग एक्सप्रेस गोल्ड ले रहे हो. तुर्जा कहां लगाओगे? हां कहां लगाएंगे? [हंसी].
हां। ये तो ठीक है बात। अब और कहां. लगाएंगे? तो तो ये है कि. भाई ये तो खैर मिश्रा जी का बड़ापन है कि. एक्स प्लस गोल्ड को बार-बार आपको बता रहे. हैं कि ये पूरी ऊर्जा बढ़ाता है। लेकिन. लेकिन सच है। अब अगली बार जब बैठेंगे ना. तो मिश्रा जी सच्ची बात बताएंगे क्योंकि. जब तक गाड़ी में पेट्रोल डला नहीं ना तब. तक पता नहीं होता कि कितनी एवरेज देगी ये।. तो तो अगली बार मिश्रा जी खुद बोलेंगे कि.
सच में इस प्रोडक्ट के अंदर वो जान है जो. एक इंसान के अंदर होनी चाहिए। उम्र के. मुताबिक भी और जैसे भी तो ये सारी चीजें. जो है ना जी आयुर्वेद में भगवान की देन है. और लोगों को मैं हमेशा हाथ पैर जोड़ के. बोलता होता हूं कि जितने भी लोग आयुर्वेद. में काम करते हैं वो सिर्फ आयुर्वेद को. बढ़ाने की बात करो। आप सब तो बढ़ ही. जाएंगे। जब अपनी चीज इंप्रूव होगी तो अपने. को लोग ढूंढ ही लेंगे। कहीं भी बैठ जाओ।. लोग तो आप अब मेरा यह हाल है जी मिश्रा जी.
कि रात को अह मैं सिर्फ ऐसे उठ के जाता. होता हूं। जब मेरा पंजाब में कैंप लगा. होता है ना जी मैं मैं कहता हूं कि 1:00. बज गया आप भी सारे आराम कर लो पर मैं सही. 4:00 बजे वापस आ जाऊंगा। 3 घंटे मैं सोके. वापस आके बैठता हूं। लोग वैसे ही बैठे. होते हैं। मतलब 24 घंटे में 3 घंटे सोने. को मांगते हैं। तो यह मेरा बठिंडा में, लुधियाना में, अमृतसर में, पटियाला में और. जालंधर में पांच शहरों में होती है मेरी. विजिट एव्री सैटरडे को और एक सैटरडे होता.
है मेरा नोएडा में यहां जो आज मैं आपके. पास हूं। तो यहां भी पेशेंट इतने भरे होते. हैं कि फुर्सत नहीं होती। लेकिन ये चीजें. क्या है कि जब आप आयुर्वेद अपने काम में. आप शिद्दत से काम करते हो तो ये चीजें. मिलती हैं। खूबसूरत तो आखिर सर ये पेट की. चर्बी कैसे गायब करें? हां. पेट की चर्बी को खत्म करने के लिए सचमुच. आप लोगों को बता देते हैं कि ऐसी चीज है. जो हम अपने लोगों को देते हैं पेशेंट्स को. वो वो फैट गज केसरी के नाम पे हमारी कंपनी.
का रजिस्टर्ड प्रोडक्ट है। लेकिन उसमें हम. क्या डालते हैं? बिल्कुल आप वही डाल के. बना सकते हो। सिंपल चीज है। आप कहोगे गोयल. साहब क्या बता गए? खा के देखना। एक तो है. जी उसके अंदर काली मिर्च एक है मग पीपल और. एक है उसके अंदर सोंठ और एक उसके अंदर है. बायबिंग बाय बिडिंग आप Google पे सर्च कर. लेना यह मत सोचना कि गोयल साहब क्या बिंग. डाल गए वो मिलेगी आपको और उसके अंदर एक है.
बहेड़ा ये चीजें बराबर पांचों चीजें बराबर. मात्रा में मिला के पाउडर बना लीजिए आधा. चम्मच सुबह आधा चम्मच शाम को खाइए आपकी. बॉडी के ऊपर जितना जितना सेलोट है, जितना. एक्स्ट्रा फैट है, वो कम होना शुरू हो. जाएगा। आप देखोगे कि यार बॉडी बहुत हल्की. होगी। जब मशीन पे खड़े होंगे तो वजन एक. तोला भी कम नहीं हुआ। यह इसका एक प्रभाव. है। फर्स्ट मंथ में कपड़े लूज हो जाते. हैं। टाइट से जो मतलब आपका जो एक्स्ट्रा. फैट है, सेलो लाइट है, उसको यह मेल्ट कर. देती है। और उसके बाद धीरे-धीरे 1 किलो,
1ढ़ किलो, 2 किलो के करीब ये मंथली रिड्यूस. करता है। और मैंने जिस-जिस को बताया उनको. पता है कि यह बिल्कुल ओके है प्रोडक्ट।. हां। वाह जी वाह गोयल साहब कमाल हो गया।. मतलब ये बात जब कोई हस्बैंड बोलता है ना. कि गोयल साहब ये आपने कमाल कर दिया। है. ना? तो मैं कहता हूं मेरा कमाल नहीं है।. तेरी बीवी ने किया है। इसने मेरा नुस्खा. बना के खा लिया। है ना? तो मतलब यह नुस्खा. जो है बहुत कमाल का है। अद्भुत सर मजा आया. आपसे सवाल करके। उम्मीद करते हैं कि जितनी.
दवाइयां हमने बताई है लोग उसको इस्तेमाल. करें। करें फिर आपसे एक दो महीने में फिर. मिलेंगे। फिर एक नए सिरे से जो वापस सवाल. आएंगे उन सवालों को लेंगे। कोई आपसे. जुड़ना चाहे तो कैसे जुड़े? अ जो जुड़ना. चाहता है वो सिर्फ इतना लिखे Google पे. जाके सुभाष गोयल जी के नुस्खे। बस मैं. आपके सामने हाजिर हो जाऊंगा। जरूर लगाएं।. जी जरूर लगाएं क्योंकि उसमें क्या होता है. कि उसमें मेरे सारे चैनल, वेबसाइट, मेरे. फोन नंबर, संपर्क सब आ जाएंगे। पर एक बात. ध्यान रखना अगर आपने गोयल साहब को ही.
मिलना है तो दो-ती महीने की वेटिंग है।. सब्र से करिएगा। अभी बुकिंग करवा लो।. दो-ती महीने में अपनी बारी जरूर आएगी। एक. दूसरे को दिल से मिलेंगे और मिलने के बाद. आपको लगेगा यार यह वेला आदमी है। वेट इतनी. कराता है। लेकिन मैं वेला नहीं हूं। आप जब. आते हो आपके लिए वेला हो जाता हूं मैं तो. ये जरूरी है सर आपको मिलके बहुत अच्छा लगा. मिश्रा जी और मुझे ये लगता है कि मैं आपको. सदियों से जानता हूं क्योंकि मैं आपके. बहुत पॉडकास्ट देखता था अद्भुत अद्भुत सर. मजा आएगा.
एक चीज और बताते हैं जी. मजाक मजाक में हमने एक प्रोडक्ट बनाया था. हम इतना चला सर इतना चला मान गए लोग उसका. ही प्रमोशन करते थे सर नहीं वो मोटापे का. ही था हम फैट गज केसरी के साथ वो. मेरे पास एक पेशेंट आई बहुत मोटी थी वो. बैठे-बैठे मजाकमजाक में वो मुझे भैया मैं. बहन ऐसे बन जाता है चलो मैंने कहा मैंने. कहा मैंने ना एक वो बनाया प्रोडक्ट मोटापा. कम करने के लिए बहुत अच्छा रिजल्ट है मैं.
कहा आपको तो देना ही है मैंने कहा मेरे को. नाम नहीं सूझ रहा क्या नाम रखूं मैं कहा. बड़े आते हैं ये फलाना स्लिम ढिमका स्लिम. में ऐसा नहीं रखना मैं कोई नाम हो जिसको. लोग याद करें उसका हस्बैंड साथ में बैठा. था कहता सर गुल्लू गुलू रख लो. हां कहती सर यही रख लो ये मुझे यही कह के. बुलाते हैं गुलूगुलू मैंने रख दिया सर ऐसा. फेमस हुआ फिर मैंने एक दिन देखा अमजद खान. एक फिल्म में बैठे कर रहे हैं गुलगुलू. कुर्बानी फिल्म में कर रहे थे गुलगुलू मैं.
कहा यार ये तो अच्छी चीज बन गई तो उसके. बाद वो मजाकमज़ाक में लोगों ने सर्च कर. लिया जाके Google पे और उनको फायदा हुआ सब. ने शेयर किया और मुझे अच्छा लगा कि कई. चीजें हंसते खेलते पारिवारिक माहौल में. बनती हैं मेरे साथ तो वैसे ही लोगों का. बहुत प्रेम इसका एडवांस वर्जन बनाना मोटू. पतलू बनेगा. मुझे ऐसा क्यों लग रहा है कि आज का. पॉडकास्ट खत्म नहीं हो सकता याद रहेगा. लोगों को सर याद रहेगा ये तो अब पार्ट वन. है हम और आप मिलते रहेंगे करेंगे जी.
करेंगे आगे आगे स्पेसिफिक किसी. डिपार्टमेंट जब इसका पार्ट 101 बनेगा. सेलिब्रेट करेंगे पक्का सर डन है लवली. टॉकिंग सर जी सर थैंक यू सर थैंक भाई.
