Unplugged ft.Sonu Sood | Fateh Movie | Bihar | Pawan Singh | Khesari Lal Yadav| Shubhankar Mishra|
बॉडी शॉट इतनी लंबी चौड़ी है टांगे इतनी. लंबी है डोले छोले बड़े नाम छोटू सा सोनू. सोनू सूत का प्यार बहुत अच्छा है काम तो. बहुत लोगों ने किया था काम तो बच्चन साहब. ने भी किया था बच्चन साहब ने 15 करोड़. खर्च किए 4 लाख मजदूरों को खाना खिलाया. बसें बुक की फ्लाइट बुक करी किसी को पता. ही नहीं है सोनू भाई का सोशल मीडिया पीआर. बड़ा तगड़ा था देख ये आपका.
करता था कि मम्मा आप लेटर्स लिखते हो हम. रोज तो फोन पे बात करते तो कहती थी ये. रिकॉर्ड्स रहेंगे हमारी यादों के जब मैं. नहीं रहूंगी. बहुत बहुत प्रेशियस है आ उनके बिना कैसे. पॉसिबल है. ना काफी रोला दी आपको मिल इट ओके आपको दुख. हुआ था कि जब कंगना ने आपको लेके दो. स्टेटमेंट दिया एक कि फीमेल डायरेक्टर के. नीचे आप काम नहीं कर रहे मेल ईगो के चलते. हो और दूसरा ये वाला कि अब आप अपनी खुद की. रामायण लिखोगे देखिए मुझे लगता है थोड़ी. सी उसकी थोड़ी नासमझी है ईद मुबारक था तो. सिंपल ईद मुबारक दिल बना दिया इमोजी लेकिन. जब दिवाली आई या बाकी फेस्टिवल्स आए तो एक. लाइन एक्स्ट्रा ये ट्रेंड क्या है बॉलीवुड.
में क्यों ऐसा क्या खास होता है ब क्यों. आप बिहारियों में बहुत रहे हो नेचुरल धबंग. ई होती है जिसको फोटो खिंचा नहीं होती है. ना अगर कोई बंदा बोल दे कि सर रुकिए मत. काहे आए ना हमारे तुम हमें सिखाओ भोजपुरी. पिक्चर नहीं करेंगे तो दीजिए ना काहे नहीं. करेंगे हम लोग सुनते हैं गाना ना पवन सिंह. खेसारी का कुछ प्लान कर भी रहे हैं कि. बिहार में भी जाके थोड़ा पवन सिंह बिगा थ. स्टू में काटी रात खेतों में. [संगीत]. आई तो चला देखिए खूब 2005 में मैंने आशिक. बनाए देखी थी हम लोग मजाक उड़ा रहे थे कि. आशिक बनाए देखकर हम लोग बड़े हो गए मेंटली. फिजिकली दोनों.
रा बॉडी जो है ये वेजिटेरियन बॉडी है आई. एम द ओनली वन इन द फैमिली जिसने नॉनवेज आज. तक टच नहीं किया भी सुना सलमान भाई आपकी. बॉडी देख के थोड़ा सकपका गए थे इसकी. ज्यादा लग रही पता लगे हीरो मैं हूं. लाइमलाइट ये मार ले जाए मुन्नी बदनाम आप. गाना था सलमान भैया बीच में आ. गए ये वाली कला कहां से आती है कि हम तुम. में इतने छेद करेंगे कि तुम कंफ्यूज हो. जाओगे कि सांस कहां से ले और पादे का सोनू. सूद ने फतेह लिखी भी सोनू सूद ने फतेह में. एक्टिंग भी की सोनू सूद ने डायरेक्शन भी. दिया प्रोड्यूसर भी खुद हो गए टैलेंट.
ज्यादा था या पैसा बचाना था किसी एक बंदे. ने बड़ी अच्छी बात बोली ऐसे कि यार सोनू. भाई आपने 75 लाख लोगों को करीबन घर प भेजा. था जुड़े थे आप साढ़े अगर वो 75 लाख लोग. टिकट खरीद ले ना तो पिक्चर ब्लॉकबस्टर हो. जाएगी वो कहते हैं कि विलन जो होता है वो. अच्छा नहीं होता है विलन की तरह मत बनो. लेकिन हम कहते हैं कि वो गलत कहते हैं. क्योंकि जिस विलन से आज हम आपको मिलवाने. वाले हैं.
वो रियल लाइफ का हीरो है अब फिल्मों में. भी हीरो बनने लगा है उसे लोग गरीबों का. मसीहा कहते हैं कहते हैं कि जब सरकार साथ. नहीं देती तब वह साथ देता है सोनू सूर भाई. थैंक. यू यार काम इतने बड़े-बड़े हैं बॉडी शॉट. इतनी लंबी चौड़ी है टांगे इतनी लंबी है. डोले छोले बड़े नाम छोटू सा सोनू यह जो. आपने बोला ये बहुत सारे लोगों ने तब बोला. जब मैं मुंबई पहली दफा आया था उन्होने. बोला यार सोन नाम तेरा थोड़ा एक्चुअल नाम.
क्या है मैं बोला सोनू सूद ही है यार तो. बोले कि यार नाम ऐसे सोनू सूद नाम का हीरो. थोड़ा हो सकता है जब तू बनने आया हीरो कभी. बन भी गया तो लोग क यार सोनू स ये कैसा. हीरो है तो नाम अपना कुछ आज का फैशन का. होना चाहिए तो तब कोशिश की तब आरन आर मन. ऐसे नाम सुद आर्य नाम ने रखा भी था कुछ. मैंने मतलब ऐसे कुछ सोचा कि ऐसा रखते हैं. नाम पर वो कभी पढ़ा ही नहीं मतलब आई मीन. वो थॉट्स में ही घूमता रहा फिर ये सोचा कि. जब सोनू सूद यहां तक लेकर आ गया तो सोनू. सूद आगे भी ले जाएगा तो फिर हाथ थामा तो.
फिर आज चल आई वाज वाचिंग ए इंटरव्यू ऑफ. कमल ऋषि कपूर सर जी तो ऋषि कपूर ने कहा कि. एक फिल्म आ रही थी मैं और कमल हसन शूट कर. रहे थे कमल हसन मेरा जूनियर थे उनको पूरा. क्रू जो रहे वो कमल सर कमल सर करे मेरे को. कहे चिंटू या या तो ही वाज लाइक यार मैंने. डिसाइड किया अपने बच्चों का नाम छोटा नहीं. रखूंगा तो आपके साथ कभी हुआ मेरा सुन नहीं. बोलते है ना अभी देखिए उसमें क्या होता है. आप नाम अपना छोटा करके ना पहले ही अपना. बना लेते हो तो यू नो अगर जैसे आपने बोला. नाम अगर आप ऐसा कुछ रहते तो फिर फलाना सर.
फलाना सर अभी कोई भी बोलेगा तो सोनू भाई. आज जा तो अपना ही बंदा है और मुझे लगता है. सोनू आजकल हर किसी ना किसी घर में रहता ही. है तो इसी बहाने कभी ना कभी याद कर लेते. होंगे मतलब यूपी बिहार में सिक्का फेंको. कहीं ना कहीं टकरा जाए सोनू हां तिल फेंको. के सोनू के सर पे गिरेंगे मां-बाप से कभी. नहीं कहा आपने कि भाई नौ महीने पाला पोसा. पैदा किया थोड़ा नाम में भी खर्च कर लेते. टाइम तो नहीं उन्होंने किया था आई थिंक. मेरा जो एक्चुअल पासपोर्ट सोनू पंकज सूद. है वैसे तो पर शॉर्ट में फिर सोनू सूद बात. करनी शुरू की तो फिर सोनू सूद ही पड़ गया. पर अभी पासवर्ड सोन पंकज सूद है ओके बीटेक.
किया आपने जी इलेक्ट्रॉनिक्स में ये मेरे. को बताओ बीटेक वालों को एक जगह मन क्यों. नहीं लगता. देखिए वो तो आप भी इसी नाव में सवार है तो. आपको पता है इसका क्या रीजन है बट आई थिंक. वो दुनिया सिखाती बहुत कुछ है आप यू नो. बीटेक करके आप कुछ भी करें तो वो जिंदगी. का जो समय आपने बिताया होता है अपने. दोस्तों के साथ कॉलेज के साथ लेक्चर बंग. करके लेक्चर में जाकर वो जिंदगी का एक. पार्ट सिखाती मुझे ऐसा लगता है और मैं यही.
कहता हूं कि बीटेक इंजीनियरिंग करते हैं. फिर आप चाहे दुनिया कोई भी पकड़े आपको पता. होता है कि टेक्निकल को पकड़ते हुए सीया. कै मैंने एक लाइन अपने लिए कही थी कि. बीटेक करने वाला बंदा 4 साल एक गलती करता. है फिर फोर्थ ईयर में या थर्ड ईयर में उसे. रिलाइज होता है कि एक बहुत बड़ी गलती कर. ली है अब इसको सुधारने का तरीका है इससे. बड़ी गलती कर दो एक करियर ऑप्शन चेंज कर. दो बिल्कुल 200 पर मुझे भी लगा था कि यार. ये चार साल ऐसे ही निकल गया या कुछ फायदा. तो हुआ नहीं और कई लोग पूछते भी फिर चार. साल ऐसे ही वेस्ट किया तो अपनी. इंजीनियरिंग करके कुछ और कर लिया होता पर.
वो सिखाता है लेकिन नामर पढ़ाई छोड़ के सब. क्या होगा नहीं पढ़ाई भी की थी मैं थोड़ा. सा मैं पढ़ने आया था जो बोलते हैं ना जब. आप घर से निकलते हैं मेरे मदर प्रोफेसर थे. कि पढ़ाई करनी है एक बड़ा सीरियस सा. स्टूडेंट जो निकला जिंदगी में कुछ करने के. लिए उस उस थॉट से मैं गया था तो मतलब आप. वो थे जो बाकी को पढ़ाते होंगे फिर. क्योंकि बीटेक में दो ही तरह के लड़के. होते हैं नहीं वो वो सिर्फ फर्स्ट ईयर में. था फिर सेकंड ईयर में वो छूट गया वो एक वो. होते हैं जो एक रात पहले पढ़ने बैठते हैं. एक लड़का पढ़ा हुआ होता है कि भाई आप पढ़ा. देहां तेरे आ जाएंगे 8 पॉइंट समथिंग हमारे.
सेन पॉइंट समथिंग प्लेसमेंट दोनों भाई की. होगी तो मेरा मैं खैर बहुत पढ़ाई करने. वाला नहीं था लेकिन जुनून था पढ़ाई करने. का तो जुनून के साथ आया था लेकिन वो पहले. साल ही जुनून रहा सेकंड ईयर से फिर वो. घूमने वाला बन गए यू नो बाइक पकड़ी और इधर. से उधर घूमने वाले बन गए तो आई थिंक वो वो. दुनिया ज्यादा चाहिए वहां पे फिर आज की. शुरू होई. ना कुमार विश्वास का एक वीडियो था हमारे. ओरिएंटेशन में आया था ही सेड कि जब बीटेक. में आते हैं बच्चे तो पहले साल छोटी-छोटी. बोतले मां-बाप रग जाते हैं नारियल का तेल.
है ये फलाना तेल है ये गंगाजल है ये है. तीसरे तीसरे चौथे साल बोतल बड़ी बाती है. पर मेरे मेरी जिंदगी में बोतलें छोटी रही. बड़ी बोतल की कभी जरूरत नहीं पड़ी तो आई. थिंक छोटी बोतलों के साथ ही अभी भी चल रही. है दुनिया फिर ये एक्टिंग कहां से आ गया. मैं कॉलेज में सिंटन वेंटिलेशन कुछ किया. था कॉलेज में मैंने थोड़े से वहां फैशन. शोज वगैरा करने शुरू किए थोड़े से पॉपुलर. हुए फिर वही वही तरीका होता है लड़कि को. इंप्रेस करने का नहीं पर ऐसा नहीं म्यूजिक. डांस और तीसरा वॉक करना रा आसान काम था.
फिर य नो सब ने बोला कि यार एक्टिंग के. लिए तेरे को ट्राई करना चाहिए तो बोलते. हैं चाबी दे देते आपके सब यार दोस्त और. फिर चाबी दी तो फिर आप खिलौने की तरह. नाचते नाचते कभी दिल्ली कभी साउथ कभी. मुंबई पहुंच गए बट ये सोच के निकला था कि. अभी निकले हैं तो बन के आएंगे मैंने एक. आपके. वो टिकट वाली राइट जो आपने पोस्ट की थी कि.
यार जनरल डब्बे में बैठे गए थे टीटी को. घूस देकर गए थे राइट राइट राइट कि भाई. पहुंचा देना राइट वो लगता है यार सोच लो. तो हो जाता है मुझे लगता है कि दुआओं में. बड़ा असर होता है यू नो मेरी मां हमेशा. कहा करती थी कि अपनी जिंदगी कलम में दुआओं. की स्याही डाल ले फिर देख तेरा नाम पन्नों. पर नहीं आसमान पर लिखा जाएगा सो मुझे लगता. है कि दुआओं में बड़ा असर होता है हम सारी. जिंदगी भागते रहते हैं कि यूनो इस. प्रोड्यूसर के साथ काम कर लो उस डायरेक्टर. को इंप्रेस कर दो कई बार आप पार्टीज में.
मैं तो खैर कम जाता हूं लेकिन मैंने हमेशा. देखा कि सब एक दूसरे को प्लीज करने में. लगे रहते हैं कि उसकी नजर में आ जाऊं या. शायद मुझे कास्ट कर ले और फिर आपको एक. जिंदगी की ऐसी इंट्रोडक्शन होती है आम. इंसान से और आपको लगता है यार वो सब. दुनिया कितनी छोटी है और आप इतने साल एक. ऐसी चीज के पीछे भाग रहे थे जिसके कोई. मायने ही नहीं है लाइफ में सो आई आई फेल्ट. कि कोविड में खासकर एक खुद की सोल से. इंट्रोडक्शन हुई और लगा कि इससे ऊपर कुछ. नहीं है सो आ आई आई फील ब्लेस्ड टुडे कि.
यू नो वो जरूरी आई थिंक इसीलिए वो जो 4420. वाली फर्स्ट क्लास की लोकल ट्रेन की जो. टिकट थी वो कहीं ना कहीं अ यू नो एरोप्लेन. के अ ऊपर तब्दील हुई ये संभाल के रखी थी. तब से पड़ी हुई मैं चीजें संभाल के रखता. हूं मेरे मदर मेरा जब जन्म हुआ था तो. पटियाला में हुआ था और मेरी मदर मेरे फादर. उस समय ट्रेवल कर रहे थे तो मेरी मदर ने. उनको एक टेलीग्राम लिखा था कि. कांग्रेचुलेशन ब्लेस्ड विद अ सन तो वो.
टेलीग्राम आज भी मेरे पास पड़ी है जो मेरी. पहली दूध की बोतल थी वो आज भी मेरे पास. पड़ी है तो मुझे लगता है कि वो बड़ी. प्रेशियस पोजीशंस होती हैं जिनको जिनके आज. की पता नहीं जनरेशन कितने उसकी मायने रखती. हैं लेकिन मैं तो रखता हूं उसके लिए मेरे. लिए आज वो टिकट भी मेरे पास पहली है मेरे. जो पहली मेरी कमाई मैंने 5500 मुझे मिले. थे दिल्ली के अंदर जब मैंने एक फर्स्ट. एक असाइनमेंट किया था तो उसके जो 3500 का. जो उसमें से कुछ जो नोट्स थे वो आज भी ने. संभाल के रखे कि मेरी पहली कमाई थी मेरे.
बेटे को जब स्कूल के अंदर अ मिला यू नो. कुछ प्राइज में नहीं मिला मैंने आज भी वो. फ्रेम करके उसके रूम में रखा हुआ है तो. मुझे लगता है कि हम हम जिस दुनिया में. रहते हैं बड़ी स्पीड से चल रही है सोशल. मीडिया इतना कुछ है उसमें कहीं ना कहीं अ. यादें पीछे छुटनी शुरू हो जाती है खासकर. आज की जनरेशन मेरी मदर की तो आज भी सारी. चिट्ठियां मेरे पास संभाल के रखी हुई है. आगे वाली जनरेशन कितनी रखेगी पता नहीं बट. आई थिंक इस दौर में ये बहुत जरूरी है कि. हम आज के साथ जुड़े रहे ताकि जब कल आए तो.
आज को ना भूले मेरे को फिल्म का याद. डायलॉग याद आ गया नगमे है किस्से हैं. बातें बातें भूल जाती है याद याद आ है ए. वो जो मॉम का जिक्र आपने किया वो लेटर्स. का जी आईम शर वो ऐसा लगता होगा कानों में. अभी भी मां की आवाज सुनाई पड़ती होगी. र्स आती. है मेरी मदर जो लेटर्स लिखती बड़ी कमाल की. लिखती थी और उसके. अंदर लिख ऐसा थी जैसे वो बातें कर रही है.
आपसे तो मैं हमेशा मदर को कहा करता था कि. मम्मा आप लेटर्स लिखते हो हम रोज तो फोन. पर बात करते हैं मैं कॉलेज से हर रोज मेरा. एक ड्यूटी था कि जब एसटीडी पीसीओ होते थे. हम लोग वहां से फोन करते थे फिर मोबाइल. फोनस आए तबी फोन तो मैं उस लाइन में लग के. हर रोज फोन प बात करता था ऐ कोई दिन नहीं. हुआ जब नहीं मैंने बात की लाइन लगती थी. आपको पता है फिर वापस उसी लाइन में लगता. था अगर कनेक्शन नहीं जुड़ता था सो मेरी. मदर जब लेटर्स मुझे लिखती थी तो मैं. क्योंकि आपकी रोज बात होती तो आप क्या. नहीं बात करोगे उनसे फोन तो कहती थी ये.
रिकॉर्ड्स रहेंगे हमारी यादों के जब मैं. नहीं रहूंगी तब तू पढ़ेगा तो तेरे को. लगेगा कि तू मुझसे बात कर रहे तो आज भी जब. मैं वो लेटस पढ़ता हूं तो उसके अंदर ऐसे. ही है. कि कि सोन मैं आई एम नॉट देयर बट यू नो. थिंग्स आर हैपनिंग सो मायने रखता है मुझे. लगता है कि मैं जब इस को सोच रहा आपने कहा. था मैं सुन रहा था. आज आपकी मॉम नहीं हैय मिस र मम सो मच एंड.
मे लगता वो जो लेटर्स आप पढ़ते होगे आपको. उसकी कीमत समझ में आ या ये कितनी कीमती. चीज है और यह जो शब्द आते होंगे आईम शर. पूरा फ्लैशबैक देते. होंगे बहुत प्रेशिस है मुझे लगता है कि. मैं ओके जभी. भी आप लो फील करते लाइफ में. सो सो य कैन विजिट दोस लेनस और लगता है व.
आसपास ही है कहीं प या डू यू रिग्रेट. समटाइम की अभी तीन चार साल से सोनू सूद. पैन इंडिया बहुत फेमस हो गया है हर मां. सोशल मीडिया प जब मैं स्टॉक कर रहा था खास. कोविड के टाइम में सोनू सूट जैसा बेटा. सोनू सूट जैसा बेटा मम्मी देखती है यह सब. देखते शायद कुछ या ऑफकोर्स. वि मुझे लगता वही सब करवा रहे हैं ऊपर बैठ. के यू नो वट हैपनिंग उन्हीं के कारण हो.
रहा है बट या. इट्स उनके बिना कैसे पॉसिबल है ना सो. प्रेशिस है अच्छा लगता है जब दुआए मिलती. है लोगों की और लगता है कि पेरेंट्स ने. बोला था हो रहा है फाइनली काफी रोला दी. आपको मि ओके ये सवाल मैंने एक पॉडकास्ट. किया था मनोज मुंतशिर के साथ जी और मनोज. मुंतशिर के साथ पॉडकास्ट में मनोज जी ने. मुझसे कहा कि मां बाप के रहते हम उनकी. इज्जत नहीं कर. पाते मां वो होती जिसका फ सबसे ज्यादा हम. काट देते हैं अभी बिजी हूं बाद में बात.
करता हूं ये करता हूं वो करता हूं बट अगर. हम ये सोचना शुरू कर दें कि कितने कम दिन. बचे हैं अगर हम सोचना शुरू करें कि वो दूर. रहती है और साल में आप एक दिन जाते हो दो. दिन जाते हो दो बार जाते हो तो आपको. रिलाइज होगा कि उंगलियों पर वो दिन बचे. हुए. हैं क्योंकि अब आप अब मम नहीं आ रही सो वो. वैक्यूम कैसा होता है और नई पीढ़ी को. मां-बाप क्योंकि हम सपनों के पीछे भागने. में अपनों को खो देते हैं. या कि गलतियां मैं भी कर रहा हूं और बहुत. मेरे से भी कर रहे हैं कैसे इसे आप देखते.
हो और क्या कीमत होती है अपनों की सपनों. के बीच में तो मैं जब इंजीनरिंग करने गया. नागपुर तो मेरे लिए बड़ा मुश्किल था मैं. दूसरे दिन ही वापस आ गया तो मेरी मदर. बीमार हो गई थी जब मैं गया था तो कि यार. बेटा गया तो फिर मैं जब मिला तो मुझे तो. दो दिन ऐसे लगे कि यार मैं पता नहीं दो. साल बाद जा रहा हूं फिर दो दिन 10 दिन में. बदले 10 दिन एक महीने में बदला तो ऐसे ऐसे. गैप्स बढ़ने शुरू हुए सो तो मैं कोशिश कर.
रहा था कि ये जल्दी समय बीते चार साल बीते. और तब मैं वापस अपने मां-बाप के पास समय. बिताऊ आके पर मुझे ये लग रहा था कि वो चार. साल जो उनके बिना बीत पढ़ाई में सो चार. साल मैंने खो दिया उनके साथ ना रह के सो. जब वो पढ़ाई पूरी होने लगी और लगा कि. एक्टिंग करनी. है तो फिर लगा कि यार ये तो वापस गिनती. शुरू हो गई और ये वो गिनती शुरू हुई है जो. पता नहीं कब खत्म होगी.
तो छ महीने बीत हैं साल बीतेगा 10 साल में. कब काम मिलेगा पता नहीं और मां-बाप की. उम्र तो निकलती जा रही है तो एक डेढ़ साल. दो साल जब मैं स्ट्रगल कर रहा था तो ऐसा. बहुत ज्यादा हुआ नहीं दो साल तीन साल तो. पता ही नहीं चले मुंबई की सड़कों प घूमते. घूमते पता चले और मैं हर रोज उनसे पूछता. था कि और ममा क्या चल रहा है पापा क्या चल. रहा है कहते बस बेटे की एक खुशखबरी का. इंतजार चल रहा है बस वही हमारा तो वही. इंतजार ही है अभी और मैंने एक दिन उनको. आके बोला पंजाब में कि यार मेरा मैं वहां.
पे हूं सब ठीक है पिचर शुरू हो गई थी तीन. चार फिल्म्स कर ली थी साउथ में तो अ मे. इच्छा होती है ना कई बार वापस आए मन नहीं. लगता क्या मतलब ठीक है फिल्म्स कर लिए. सब सो मेरे मदर फादर दोनों बैठे कहते यार. सोनू तूने ना मुगा शहर छोड़ दिया है. तू इस शहर से आगे निकल गया है अभी तेरा. वापस दिल नहीं लगेगा यहां पे अब तू गया तू. कर क्या कि हम रहे हैं ना कोई बात नहीं हम. तो आते रहेंगे तेरे पास पर तू खुश वही.
रहेगा जहा तूने सपने. बुने. तो यह तब रिलाइज हुआ तब हिट हुआ कि कम. टाइम उनके. साथ. या य कहते हैं घर से हारा इंसान दुनिया. जीत नहीं पाता या मैं आपको सुन रहा था. आपने कहा मेरे फादर ने हमेशा सपोर्ट किया. जैसे यूपी बिहार में आमतौर पर होता तो आप. काफी एक्टिव यूपी बिहार में अगर आप. एक्टिंग या सिंगिंग या डांस में जा रहे हो. तो कहते हैं क्या नचनिया गवैया बनने जा.
रहे हो कभी ऐसा कुछ फेस किया नहीं या घर. से सपोर्ट था मेरे मैं जब पहली दफा उनसे. शेयर किया कि मुझे बनना तो सेड किया. ऑफकोर्स मेक इट हैपन ये नहीं कहा कि यार. बीटेक में 10 12 लाख रुपए लगा रहे थे. बर्बाद नहीं ऐसा नहीं उन्होंने कभी नहीं. कहा आई थिंक मुझे ऐसा आज रिलाइज होता है. कि मेरे मदर फादर उस समय बहुत यू नो बड़ी. सोच के थे उन्होंने पंजाब से भेजा ही. इसलिए था कि बड़े शहर जा कुछ करके शायद. मुगा में तेरे को इतनी अपॉर्चुनिटी नहीं. मिलेगी कि दुनिया फतह करके आओ या दुनिया. फतह.
करके या सो आई थिंक उनकी इच्छा थी कि मैं. उस शहर से निकल के कुछ बड़ा करके आऊ लाइफ. में और दे दे र ऑलवेज ह्यूज सपोर्ट सिस्टम. ये आपने सोनू सूत ने फतेह फिल्म इसलिए तो. नहीं कीक बॉलीवुड वालों ने टॉलीवुड वालों. ने खुब पिटवा था विलन बना बना के तो भाई. ने कहा कि यार सुनो बहुत पीट लिया इतनी. बॉडी के बाद अच्छा नहीं लगता अबकी मैं पीट. के आता. हूं उस पीटने से और पिटने से बहुत कुछ. सीखा मैंने अ इतनी भाषाओं में फिल्म्स की.
अवार्ड्स भी बड़े मिले नाम भी हुआ यू नो. रिकग्निशन भी मिली पर मुझे फिर भी ऐसा लगा. था कि मैं जो करना चाहता हूं कहीं ना कहीं. मिसिंग है और जो कर सकता हूं वो भी किसी. ने निकाला नहीं अभी तक सबने बड़े अच्छे. रोल्स दिए जैसे बोला कि अवार्ड्स भी मिले. लोगों को पसंद भी आया पर फिर भी जो मुझे. लग रहा था कि मैं कर सकता हूं वो हुआ नहीं. है और फिर कहते हैं कि कई बार जिंदगी की. तकदीर लिखने के लिए खुद की कलम उठानी. पड़ती है लिखना पड़ता है अपनी तकदीर तो.
वही किया फिल्म लिखी बनाई हर चीज डिजाइन. की और जो मैं चाहता था वो. बनाई फिल्म का किसी को पता नहीं होता कि. आगे क्या होगा जभी भी आएगी पर इतनी बात. पक्की है जभी भी देखेंगे वो कहेंगे कि यार. अगर इस फिल्म को इसने ढाई तीन साल दिए हैं. डिटेलिंग में तो कुछ तो नहीं सोनू सूद ने. फतेह लिखी भी सोनू सूद ने फत में एक्टिंग. भी की सोनू सूद ने डायरेक्शन भी दिया. प्रोड्यूसर भी खुद हो गए टैलेंट ज्यादा था. या पैसा बचाना था दोनों चीजें थी शायद.
टैलेंट तो जब फिल्म आएगी तब पता चलेगा. पर हमारी फिल्मों में बहुत सारा पैसा जो. खर्च होता है वो स्क्रीन पर कभी खर्च नहीं. दिखता एक एक्टर जो शायद सुबह 9:00 बजे. शुरू करना हो कई बारतीन चा बजे आता है या. वैन में बैठे रहते हैं इन बिटवीन शॉर्ट्स. अपनी वनस में चले जाते हैं शॉर्ट रेडी. होता है फिर धीरे से आते हैं तो बहुत सारा. व मीटर तो घूम ही रहा है तो वो खराब होता. है कई बार आप अब्रॉड जाते हैं तो अगर 100. लोगों की जरूरत वहां पे 150 200 लोग जाते.
हैं. मैं जब ये फिल्म बना रहा था जब स्टूडियोज. के साथ ओके हुई मेरी प्रोडक्शन हाउस थी उस. समय फिल्म में अमेरिका नहीं था इस्तांबुल. नहीं था दुबई नहीं था हेलीकॉप्टर्स नहीं. थे यट नहीं थे नसीर भाई नहीं थे मैंने उसी. बजट के अंदर वो सब डाला अमेरिका गया. शूटिंग करने के लिए अकेला गया मेरे साथ. कोई क्रू नहीं था मेरा कोई एडी नहीं था. अकेला अपना सूटकेस लेके गया वहां से लोग. पकड़े वहां से लोगों के लिए सैन. फ्रांसिस्को गोल्डन गेट ब्रिज एक ऐसी जगह. मुझे शूट करना जहां परमिशन नहीं मिलती है.
सो उन्होंने मुझे मैंने थोड़े तामझाम लगाए. मुझे 12 लोगों की परमिशन मिली कि 12 लोगों. के साथ आप आ सकते हो एक डॉक्यूमेंट्री. जैसा शूट करने के लिए तो मैं 12 लोग. जिसमें खाने वाले भी हैं लाइट वाले भी हैं. कैमरा वाले भी हैं आर्टिस्ट भी हैं सब कुछ. है मैंने उन 12 लोगों के साथ पूरी शूटिंग. की थी विदाउट एन एडी जब मैं दुबई गया था. सिर्फ छह लोग लेके गया था वहां पे एक्टर्स. के साथ वहां से लोकल क्रू लिया सब कुछ. किया अपने लेवल पे किया तो आईडिया ये था. कि प्रोड्यूसर थे इसलिए बजा पाए अगर कोई. और प्रोड्यूसर होता तो भैया 50 लोग जा जा. रहे हैं 100 लोग जाते हैं तो आई थिंक मैं.
नहीं मैं मैं तो कम के साथ करता हूं पर. ऐसा होता है जनरली फिल्म्स में सो आई आई. थॉट कि अगर फतेह की जो प्रोडक्शन वैल्यूज. दिख रही है वो जो खर्च होगा वही दिखेगा. मेकअप वन में बैठ के जो मीटर घूमता है वो. नहीं मैं होने दूंगा मैंने फतेह का ट्रेलर. देखा मेरे को मजा आया उसमें एक्शन को खास. तौर पर लोग कह रहे हैं कि शायद फास्ट एंड. फ्यूरियस वालों से आपने उठाया उ वही सेम. उन्होंने भी वहां भी एक्शन डायरेक्ट किया. था या तो जो लीव टेकर है उन्होंने फास्ट. एंड फ्यूरियस किया था कैप्टन मार्वल फिल्म. की थी जुरासिक पार्क उन्होंने की थी सो.
हमारी फिल्म में जब मैं इतने सालों से जब. एक्शन करता आया तो मुझे. एक एक चीज हम लोग देखते हैं यहां के एक्शन. के जो बंदे हैं उनका एक डीएनए बना हुआ कि. उनको मैंने भी जो इतनी फिल्में एक्शन में. की तो एक डायरेक्टर बोलता है कि यहां पे. एक एक्शन सीक्वेंस है 20 जानों से फाइट. करेगा एक गाड़ी आएगी कूदे गी उड़ेगी एक. होगा कुछ ऐसा कुछ है तो फिर एक्शन. डायरेक्टर जो जिसको लात मरवानी है पंच. मरवाना है कोई गिरेगा कोई उठेगा एक. बेसिकली होता है पर आपको कौन सी एक्शन. सीक्वेंसेस याद रहती है अगर मैं आपको 10. एक्शन सीक्वेंसेस बोलूं कि आप जब से. फिल्में दे मुझे 10 ऐसी एक्शन सीक्वेंसेस.
बताए जो फॉरेन के साथ कंपैरिजन कर पाए आप. नहीं गिना पाओगे क्य 10 तो नहीं गिना पाए. दो चार याद रहेंगे दो चार हां शायद रहे और. उसमें भी ऐसी चीज कि जिसको देख के आप बोले. यार ऐसा मुझे शूट करना है यार ऐसा अगर मैं. शूट करूं तो मजा आ जाएगा तो नहीं होता कोई. मुझे नहीं मैंने सब एक्शन ड डायरेक्टर के. साथ काम किया मुझे ऐसे कोई अपनी कोई. मेमोरेबल एक्शन सीक्वेंस याद नहीं आती सो. मैंने बोला तो अगर मैं ऐसा ही करूंगा तो. फिर मेरी भी एक और ऐसी फिल्म बन जाएगी सो. मैंने अपने बेटे को जो यू नो आजकल जो नई. जनरेशन उनका ब बहुत दे वेल इफॉर्म उनके.
दोस्त सब मैं बिठाया यार तुम लोग फतेह. क्यों देखना चाहोगे या तुम भूल जाओ कि मैं. डू पर तुम क्यों देखोगे फते जाके स डड उसम. एक ऐसा एक्शन होना चाहिए जो कभी किसी ने. देखा ना हो सो मैंने देखा ना हो इसका क्या. मतलब कि ऐसा एक्शन जिसमें शायद कोई कट ही. ना हो आप 60 70 80 लोगों से लड़ रहे हो पर. कोई कट नहीं है उसके अंदर तो मुझे बड़ा वो. थॉट बड़ा एक्साइट किया तो मैं बैठा अपने. रूम में मैंने बोला कि यार हम लोग अचानक. हीरोस के पास गंस आ जाती है बड़ी बड़ी और. वो गोलिया चलाते ते हैं वो कहां से गना. भगवान जानता है इसमें क्या तो व इसको कैसे.
बनाए इसको क्या बनाए ऐसी चीज जो लोग कहे. यार ये बड़ा थॉटफुल है तो मैंने वो एक्शन. लिखना शुरू किया उसकी कहानी लिखनी शुरू की. अगर फतेह लड़ रहा है तो क्यों लड़ रहा अगर. गन से लड़ रहा है फिर गन खत्म होगी तो. मैगजीन निकाल के लड़ाई शुरू कर दी कप पड़ा. हो तो कप से मारना शुरू कर दिया प्लेट. पड़ी तो प्लेट मारना शुरू कर दिया पेन. पड़ा तो पेन से मारना शुरू कर दिया जो भी. चीजें उसको आसपास दिख रही हैं उसको उसने. वेपंस बनाने शुरू किए ये तो पहले कहानी. लिखी उसकी एक्शन की फिर मैंने एक सिंगल. शॉट के अंदर एक्शन के लिए मैंने लोकेश. ढूंढ और खुद एक एक्शन का पोशन पूरा डिजाइन.
किया कि एक्शन चलेगा कैसे सिंगल एक्शन में. क्योंकि जो एक्शन डायरेक्टर थे वो अमेरिका. में थे उन्होंने लोकेशन देखी नहीं है. उन्होंने फाइटर्स देखे नहीं तो जब मैंने. उनको पूरा एक्शन वो एक तरह का एडिट बना के. भेजा कि मुझे ऐसा चाहिए स ही सेड और उसमें. एक भी पंच ऐसा नहीं रहेगा जो नॉर्मल कोई. मारता है जो मैंने कभी मारा हर एक पंच कुछ. ना कुछ अलग होगा सो ही गट वेरी एक्साइटेड. हीट सोनो दिस इज वेरी वेरी गुड बट वी डोंट. हैव दोस काइंड ऑफ फाइटर्स इन इंडिया तो. अगर आपने 70 लोगों से लड़ रहे हो और अगर. एक ने भी गलती कर दी 69 तो फिर वापस पूरा.
पूरा हो गया तो इट्स अ नेवर एंडिंग. प्रोसेस सो मैंने बोला कि क्या करना चाहिए. सेड कैन वी गेट फाइटर्स फ्रॉम अब्रॉड. आल्सो उसे बुलाते हैं सो हमने साउथ. अफ्रीका से फाइटर्स बुलाए मेक्सिको से. फाइटर्स आए उनको वहां जगह पे उनको ट्रेन. किया गया उनके पर्टिकुलर शॉट्स के लिए फिर. यहां पे आए तो वो लोकेशन ली गई पूरी की. पूरी ढाई महीने प्रेप हुआ था उस एक्शन का. जब से मैंने लिखना शुरू किया जब वो टीम आई. हमने वो सिंगल शॉट एग्जीक्यूशन एग्जीक्यूट. किया सो अगर आप विश्वास करें जो वो एक्शन. एडिट करके हमने डाला और जो हम प्ले कर रहे. थे थे तो सारा यूनिट जो था एकदम तालिब जा.
रहा कहता ये होता है एक्शन सो आईडिया यह. था कि फतेह जब लोग देखें वो कहे यार ऐसा. एक्शन करना ब मैं बॉलीवुड लवर हूं जी. मैंने बॉलीवुड में एक्शन फिल्मों के नाम. पे विद्युत जामवाल की कमांडो देखी है जी. मैंने एक्शन के नाम पर अभी एनिमल देखी थी. और जॉन अब्राहम की फोर्स देखी है जी ये. तीन फिल्में मेरे को अभी रिसेंटली जो मेरी. मेमोरी में आप जब बता रहे थे आ रही थी जी. इनसे ज्यादा एक्शन है वो भी बड़े अच्छे थे.
एक्शन थे बट मैं इतना वादा कर सकता हूं. कि बॉलीवुड में ऐसी सीक्वेंस नहीं देखी. होगी मेरा वादा आपसे बड़ा क्लेम है बड़ा. क्लेम है देख लीजिएगा प्ले करिएगा जब. एक्शन आएगा तो उसके साथ जोड़ के बनाइए. ताली गाली दोनों आएगी एक साथ दोनों आए उसी. के लिए आई थिंक जब आप मंच प खड़े हो जाते. तो आप उसी के लिए बस पत्थर मारो या फूल. मारो खड़ा धूम है मंच प है या तो ये एक. रीजन है वई पीपल शुड गो एंड वच नॉ जस्ट आई. थिंक एक इमोशन भी होना चाहिए एक्शन विदाउट.
इमोशन इ पॉइंट तो पंजाब के अंदर रहने वाले. एक यूनो सिंपल बंदे की कहानी जो एक दूध की. फैक्ट्री चलाता है और किस तरह उसकी कहानी. अनफोल्ड होती है वो कोशिश है मैं नहीं. कहता कि मैं कोई बहुत बड़ा मास्टर पीस. बनाने की कोशिश कर रहा हूं बट ईमानदार. फिल्म बनाने की कोशिश की और मेहनत इतनी की. है कि लोगों को मेहनत दिखेगी देखिए मेहनत. दिख जाती है सच्चाई. आप यू नो सिने की दुनिया से है आपको पता. चल जाता है कि जब आप किसी के एट करते तो. कितनी सच्चाई दिखती है नहीं दिखती है वैसी.
तरह फिल्म्स के अंदर भी जब अप देखने जाते. लेमन बता देता कि कितनी ईमानदारी से फिल्म. बनाई है सही बात है कैमरा झूठ बोलते कैमरा. झू बो तो वो ईमानदारी आपको उसके अंदर देख. और एक सचय भी कि 2005 में मैंने आशिक बनाए. देखी थी गेटअप तो मे को आशिक बनाए वाला ही. दिख रहा है वही है बस यू नो कोशिश यही है. कि तब शुरुआत हुई थी और लोगों को पसंद आई. थी और तब हम लोग छिप छिप के देख रहे थे. छिप चिप के देख रहे. था तो मलब आपका रोल वाला छिप के नहीं. देखना था मेरा मेरा एकदम आपका.
साथ इमरान भाई वाला तो हम हम लोग मजाक. उड़ाते थे कि आशिक बनाए देखकर हम लोग बड़े. हो गए मेंटली फिजिकली दोनों. राइट बौद्धिक तौर पर विकास वहीं से शुरू. हुआ था बॉलीवुड को सीरियसली बट आई थिंक वो. भी बड़ी स्पेशल फिल्म थी क्या बढ़िया कहना. था आपकी कशिश या या मुझे याद है कि जब. म्यूजिक भी थे उसके सारे जितना था मुझे. आदित्य ने बताया था कि यार मैं तब थोड़ा. सा ड्रामा डोल हो रहा था फिल्म छोड़ रहा. है कहता म्यूजिक ऐसा दूंगा ना भाई की पूरा. देश ल जाएगा और उसने वो दिया सो आ आई फील.
कि उसका एक कन्न था उस समय जब वो फिल्म तो. सोनू सूत का लुक क्यों चें नहीं हुआ मतलब. 2005 से 2024 अब तो 25 आ ग ऑलमोस्ट फिल्म. रिलीज हो गई 25 में 20 साल 20 साल में. आदमी एक जैसा कैसे दिख सकता. है पता नहीं मे भी शायद आते डिसिप्लिन ने. बचा क्यक मैं स्कूल में था जी मैंने स्कूल. के बाद कॉलेज पास आउट किया या दुनिया भर. में नौकरी की खुद का अपना शुरू किया और. अभी भी सोनू सूत मुझे वैसे दिख रहे हैं.
मुझे लगता है सोच बहुत मायने रखती है क्या. आप सोचते हैं और जिंदगी आप कैसे लीड करते. हैं और आप लोगों के बारे में क्या सोचते. हैं हमेशा मेरी जिंदगी एक्सपीरियंस ने. सिखाया है कि जो आपकी सोच होती है वो आपके. चेहरे पर दिखती है आपका कैरेक्टर. आपका जो चेहरा बताता है कि आपका क्या. किरदार क्या है तो मैंने कोशिश की कि यू. नो एक लाइफ में डिसिप्लिन रखें अच्छी सोच. रखें तो शायद उसके कारण सोनस का डाइट.
प्लान क्या है मैं वेजिटेरियन हूं. मैं ड्रिंक नहीं करता मैं नॉनवेज कभ नहीं. ये इतनी बॉडी जो है ये वेजिटेरियन बॉडी है. या ऑल आई थिंक कहीं ना कहीं पेरेंट्स का. भी थोड़ा उसमें योगदान है एक पंजाबी डीएनए. था मेरे डैड बड़े स्ट्रांग थे तो मैंने आज. तक माई एम द ओनली वन इन द फैमिली जिसने. नॉनवेज आज तक टच नहीं किया दारू आज तक टच. नहीं की पार्टी में बिल्कुल जाता नहीं हूं. कुछ अलग से सप्लीमेंट लिए बॉडी बनाने के. लिए सप्लीमेंट्स नहीं मुझे लिए मुझे याद. है मुझे मेरे पहले मैं जब नागपुर में पढ. किया तो मुझे प्रोटींस क्या होते हैं. कार्ब्स क्या होते हैं मुझे इसके बारे में.
पता ही नहीं था मैंने पुरानी फोटो देखी वो. शर्ट खोल के या तो मुझे कोई आईडिया नहीं. था मैं अभी मैं एक लोफ ऑफ ब्रेड पूरा एक. पूरा जो बटर की जो अमूल की बड़ी वाली. ब्रिक आती है वो वो रोज रात को खाता था. मुझे लगता है इससे ताकत आती है तो और एक. जो कच्चा दूध का पैकेट होता है जो मिलता. है उस समय दिन शस का नागपुर में मिलता था. तो बाहर उनका एक ऐसे टब सा पड़ा रहता था. उसमें पैकेट लिया और ऐसे मुंह से फाड़ और. पूरा पी लिया और फिर अंडे खा लिए तो मुझे. लगता था इससे ताकत है तो मुझे कोई नहीं. पता कि फैट जा रहा है अच्छा अंडा खाके. वेजिटेरियन रहते हैं तो मैं एग वाइट्स खा.
लेता हूं तब से क्योंकि मैं एग वाइट्स खैर. शुरू से मैं अा क लोग तो सोच सकते हैं कि. अगर बी एगिटेरियन व्ट एवर य डिफाइन तो वो. मैं खाता हूं. और मैंने अपनी लाइफ में आज तक मेरे घर. वालों की एक शिकायत रहती है कि कभी तो बोल. कि क्या बनाए तेरे लिए तो मेरे लिए जो बन. जाता है मैं वही खा लेता हूं मेरी एक. सालों से है कि मेरे को अगर आप दाल और. राइस दे दे या फुलका मैंने रोटी छोड़ दी. काफी टाइम से दे दे मैं पूरी जिंदगी उसी. पे रह सकता हूं आफ्टरनून के अंदर मैं वैसे.
अभी सैलेड सैलेड्स अभी आजकल क्या है ना. कुछ सालों से मुझे हमें भी ये एवोकैडो और. ब्रोकली और ये सब नई चीजें पहले तो थी. नहीं ना हमें पता था क्या चीजें होती हैं. जब इससे इंट्रोडक्शन हुआ तो अभी मिल जाती. है तो खा लेते हैं पर सबको पता है कि यार. यही खाएगा मैं मैं आपको एक छोटा सा किस्सा. बताता हूं मैं ताज में रुका था ताज बंजारा. हैदराबाद में शूट कर रहा था आजसे 10 12 15. साल पहले की बात है तभी मैं ऐसे ही था कि. रात को एक ब खा लिए थोड़ा सा सैलेड वैलेड. खा लिया फ्रूट खा लि यही मेरी पूरे दिन की. डाइट रहती तो मैं मुझे शेफ ने नीचे से फोन.
किया कि सोनू सर शुड आई कुक समथिंग नाइस. फॉर यू टुडे तो मैं क नहीं यार तो कहता सर. 22 दिन हो गया आपको रुके के यहां 22 दिन. से एक ही चीज खाते हो बॉयल डे खाते हो कुछ. खाते ही नहीं हो उसके अलावा तो यू नो वी. वांट टू कुक समथिंग नाइस तो मैं बोला क्या. बनाओगे अच्छा तो उसने 10 12 कोई ऐसी. अलग-अलग कुछ नाम भल चलते बताए कुछ ऐसा उस. समय मेरे को कुछ समझ नहीं आया कि क्या है. बोल रहा है बोला हां अच्छा अच्छा तो ब्रदर. आई विल हैव दिस टुमारो टुडे ओनली आई विल. हैव एग वाइट्स एंड ऑल तो मैंने कहा आज ही. भेज दे तो वो मैंने छोड़ा नहीं तो मुझे. लगता है कि आपकी जो जिंदगी की रूटीन होती.
है वो आपके चेहरे पे दिखती है नहीं बट. मेरा जो मेन क्वेश्चन था वो ये था कि आपकी. फिजिक बहुत शानदार है मैंने शाहरुख खान को. भी कहते हुए सुना कि मैं सोनू सूत की. फिजिक्स से इंस्पायर्ड हुआ जिस तरह. वर्कआउट करता है बट जब मैं जिम गया तो. ट्रेनर ने पहले दिन कहा कि देखो अगर अच्छी. बॉडी चाहिए तो सप्लीमेंट्स लेने पड़ेंगे. एक कॉमन परसेप्शन भी है कि बिना सुई चुपाए. बॉडी बनती नहीं है ये सब खाली टीवी पर. ज्ञान देते हैं इस एज में इतने सालों तक. लगातार आपकी बॉडी बनी हुई है फिटनेस. मंत्रा क्या दोगे कैसे इज इट पॉसिबल बिना. सुई बिल्कुल मुझे लगता है सुई हुई तो मतलब.
मैं तो मेरे जिम में कई बार मुझे दिख जाए. दिख जाता है मैं तो थोड़ा हि मतलब हिच. चाते हुए बोल देता हूं कि मत करि सब देखिए. क्या है ना मैं आपको सिंपल चीज बताता हूं. शायद मेरे से ज्यादा लोगों की नॉलेज होगी. जो हमने सुन रहे होंगे फिटनेस के बारे में. जो आपकी स्किन होती है जो आपका स्किन का. टेक्सचर होता है ना वो बता देता है आप. कितने सप्लीमेंट्स लेते हो कितना. ब्यूटीफुल है का बॉडी आप देखो कि मैं कुछ. नहीं लेता ये नहीं करता तो आपका स्किन. टेक्सचर बता देगा कि आपकी बॉडी में क्या. आप इंटेक्स लेते हो सब सप्लीमेंट्स आज अगर. आप आज कोई जेड एमए की बात करो कोई लोग.
चीजें जो आपको विटामिंस लेने वो सब बड़े. जरूरी है पर मैं प्री वर्कआउट ले लेता हूं. कई बार अच्छा लगता है कि यार हां ले लो. मैं प्रोटीन भी कई बार ले लेता हूं कि ऐसा. नहीं कि मैंने कभी प्रोटीन लिया मैं लेता. हूं प्रोटीन ले लेता हूं कई बार पर वो. क्या है कि ट्स अ सप्लीमेंट जब मेरे को. खाना नहीं मिला है कुछ नहीं किला पर इट्स. अगर आप मेरा बोलो कि मुझे जिम के बाद ये. चीज चाहिए चाहिए नहीं ऐसा नहीं है आई आई द. ओनली थिंग दैट केप्ट गोइंग वास कि मैंने. जिस दिन नागपुर से कॉलेज से जिम जाना शुरू.
किया था से आज तक मैंने आज तक लाइफ में. कभी छुट्टी नहीं दी जिम से मैं 365 दिन. जिम मारता हूं छुट्टी तब होती है जब मेरी. आज जैसे सुबह फ्लाइट थी 6 6:30 बजे की. मेरा जिम खुला नहीं था मुझे 5 5:30 निकलना. था तो मेरा जिम मिस हो गया मैं भी आज रात. को आऊंगा तो मैं रात को जिम में जाऊंगा बट. मैंने आज तक छुट्टी कभी नहीं दी और. वेजिटेरियन होकर भी ऐसी बॉडी बन सकती है. 100% क्योंकि मेरे भाई साहब भी बैठे हैं. वो जिंदगी ब ताने मारते रहे मुझे कि नहीं. पॉसिबल नहीं है ये वेजीटेरियन में ऐसी. बॉडी नहीं आती ऐसा आई डोंट थिंक सो मिस्टर. यूनिवर्स. यू नो आई थिंक प्रचन वो भी वेजीटेरियन रहे.
हैं सो आई डोंट बाय दिस थिंग की. वेजीटेरियन हो आर बॉडी नहीं बना सकते नहीं. अच्छा आपको कभी लगा यार कि फिल्मों में. मेरी हीरोइन क्यों छीन लेते हैं हर लोग. आशिक बनाया मैं छीन ली दबंग में आप आशिक. बनाया तो बहुत देर बाद आई थी जो मैं पहले. शुरू में म्यूजिक वीडियोस की है ना उसके. अंदर भी हीरोइन निकल मुझे याद है एक बहुत. पुराना म्यूजिक वीडियो था सुरजीत सिंह. बिंदरखिया का तो उसके अंदर भी वो लड़की. दूसरा लेके चले गया आज तो मेरे घर वाले. बोलते तेरे घर वाले नहीं बहुत सारे मेरे. दोस्त तेरे साथ लड़की क्यों नहीं आती छीन. के ले जाते हैं तेरे से क्या मैं क ये तो.
पता नहीं अभी नेक्स्ट टाइम ध्यान रखूंगा. लड़की छीन नहीं सकते आप मेरे को लग रहा है. इसमें भी लड़की चली गई होगी फतेह में भी. आज तो मर गई होगी कुछ पक्का ऐसा हुआ. होगा अब देखिए पिच देखनी पड़ेगी आपको ठीक. है वो तो तो दिमाग लग गया बट या य दबंग. में भी यही हुआ था ये मुन्नी बदनाम आप. गाना था सलमान भैया बीच में आ गए तो मैं. ने जब दबंग साइन की पहले पहले तो मैंने. मना कर दिया दबंग के हीरो आप थे चुल पांडे. आप शायद बन रहे थे तो पहले जो अभिनव थे ही. वाज एन असिस्टेंट विद मणिरत्नम और मेरे.
बड़े अच्छे दोस्त थे हीज वेरी बहुत सुपर्ब. है बंदे अनुराग के भाई तो तब उन्होंने. बोला यार सोनू मैं ना जब पिक्चर बनाऊंगा. ना एक मैं करप्ट कॉप की कहानी लिख रहा हूं. ऐसे चुलबुल करके बनाएंगे हम लोग करेंगे. मैंने कहा वेरी गुड यार सुपर्ब था और. दोस्त था बड़ा अच्छा और एक ट्रेनिंग बड़ी. कमाल की थी तो मैंने कहा यार करेंगे और. फिर जब अ बढ़ते बढ़ते आए मुझे याद है कि. अरबाज के पास एक बार गए थे और अरबाज भाई. बोलते कि मैं एक फिल्म कर रहा हूं और यू. नो सलमान भाई वांट्स टू डू इट और उन्होंने. आई थिंक का मुझे बताया कि कहीं पे फिल्म.
स्तान या कहां उनको नरेट करने गया और. सलमान भाई को चुलबुल पांडे जो वर्ड है. बड़ा अच्छा लगा कहते यार मैं कर रहा हूं. पिक्चर और एक दिन उनको मैसेज आया यस तो. इसने बोला कि यस कहां आया मैसेज किसका आया. कोई आगे कुछ है ही नहीं तो पता लगा कि व. सलमान भाई का नंबर था और उन्होंने ओके. किया फिर उन्होने बोला कि यार तुम छेदी. सिंह कर लो तो मैं कहा यार वो छेदी सिंह. तो नहीं करूंगा मैं बस तो नहीं यार बहुत. अच्छा है ये वो तो मुझे सबने बोला अरबाज. भाई ने फोन नहीं यार मेरे को समझ नहीं आता. रोल मैं नहीं करूंगा तो खैर वो फिर इधर. उधर थोड़ा सा ढूंढते रहे फिर पर अंदर से.
उनको कन्वे हो नहीं रहा था कि कोई और सही. करेगा तो उन्होंने बोला नहीं तेरे को क्या. प्रॉब्लम है तू कर क्यों नहीं रहा एंड. अभिनव भी आए तो मैं क्या अभिनव इसको थोड़ा. सा घुमाते हैं रोल को मुझे एक दो दिन. लिखते हैं दो चार दिन लिख के अगर उनको समझ. में आया तो मैं करूंगा और मुझे गाना चाहिए. पिक्चर के अंदर तो गाना कैसे आएगा फिर. मैंने कहा भैया गाना एक है आइटम नंबर है. डाल दो तो ठीक है कुछ करते हैं इसको हा तो. यही कह रहा हूं कि गाना आपको मिल गया. मुन्नी बदनाम हुई तो मैं आता हूं उस पे तो. मैं गाना आया मुन्नी बदनाम हुई फरा खान कर. रही थी गाना तो मैं कहा फरा यार ऐसा स्प.
बनाएंगे यार गाना हिट होना चाहिए बॉस गाना. एक ही मेरा गाना है पिक्चर के अंदर सब है. तो दो चार दिन पांच दिन पहले गाने से. सलमान भाई से खुशी देखी नहीं गई नहीं नहीं. ऐसे नहीं ही वाज ग्रेट इन द सॉन्ग बड़ा. अच्छा केमिस्ट्री बनी ऐसी बात नहीं हाट. पूरी चमक मार ले गए ना आखिर में आके वो जो. उनका अपना स्टाइल था डांस था नहीं आई थिंक. अच्छा था फिल्म के लिए अच्छा ही रहता है. जो भी आता है तो मुझे अभिनव ने बोला यार. दो बातें हैं एक अच्छी खबर है एक और है. खबर तो कौन सी सुनेगा त मैं कहा सुना कौन. सी अच्छी अच्छी भाई वो तेरा वो सीन था ना. वो वाला फिटा हम लोग कर रहे हैं अच्छा बो.
तो कहते वो सलमान भाई ना गाने में आना चा. अरे वो गाना मेरा हो कैसे आ जाएंगे बीच. में तो नहीं वो रेड मारेंगे किया मैं कहा. यार ये तो बहुत गलत है यार ऐसे कैसे रेड. मारेंगे गाना एक ही तो है मेरा यार तुम. ऐसा क्यों कर रहे हो बट ठीक है फाइनली आई. थिंक जो हुआ अच्छा ही हुआ एंड लोग याद. रखते हैं उस गाने का तो मतलब सलमान खान ने. आपका गाना भी लिया और फिर नाक भी तोड़ दी. नहीं नाक उनसे नहीं टूटी थी वो जब हम. एक्शन कर रहे थे तो एक रिहर्सल कर रहा था. एक मेरे साथ फाइटर तो जब वो कूदा मेरे ऊपर.
जो सलमान भाई का. डूब करके मेरे साथ रिहर्सल कर रहा था उसका. घुटना मेरा सीधा नाक प लगा और पूरी जो नाक. थी कड़क से साउंड आई और मेरा नाक ना ऐसे. घूम के इधर से इधर हो गया तो मैंने बोला. ये क्या हुआ साला तो मैंने अपना पुश किया. नाक और तो भी टेढ़ा था नाक तो मैं क रे तो. बड़ा पंगा हो गया र हिल गया पर मैंने फिर. मुझे हॉस्पिटल वगैरह लेके गए थोड़ा वो. कहते यार एक्स एक्सरे निकालने पड़ेंगे फिर. कैसे भी करके मैंने वो एक्शन सीक्वेंस. खत्म किया और उसके बाद जाके मैंने यू नो. उसको लगाया मैंने दबंग में भी सुना सलमान.
भाई आपकी बॉडी दे के थोड़ा सकपका गए थे. फिर उन्होंने अलग से मेहनत की कि नहीं. नहीं भाई दोनों की शर्ट उतरनी है इसकी. ज्यादा लग रही पता लगे हीरो मैं हूं लाइम. लाइट ये मार ले जाए नहीं ऐसा नहीं है. सलमान ये उन्होंने कहीं कहा था जी नहीं. सलमान भा एक एक जरूर उसकी बॉडी देखी फिजिक. देखी मेरा दिमाग खराब मैंने कहा हीरो मैं. हूं मेरा पेट निकल रहा है इसके पैक्स देखो. या ही वाज काइंड इनफ टू से दैट बट ही वा. वेरी इनफैक्ट जब हम शूट भी कर रहे थे तो. उन्होंने हमेशा बोलते थे कि यार तेरी बॉडी. देख के बड़े इंस्पायर होंगे मस्त है एकदम.
जबरदस्त लग रहा है सो ी यूज टू वर्क आउट. आल्सो टुगेदर तो बट आई थिंक ही वाज काइंड. इनफ की इन्होंने बोला कि यार दोनों तगड़े. लगेंगे तो पिक्चर चलेगी और फिर डायलॉग भी. आपका ले लिया हम तुम में इत नि छेद करेंगे. नहीं वो डायलॉग उन्हीं का था खा लिखावट. में मेरा उसमें योगदान ये वाली कला कहां. से आती है कि हम तुम में इतने छेद करेंगे. कि तुम कंफ्यूज हो जाओगे ठाई ठाई कहां से. करो ठाई ठाई कहां से करो मुझे ना लिखने. काक बहुत सारा ये वाली कला कहां लिखाई. सिखाई जाती है लिखने की ऐसी वाली ये अपने. आप होती है मेरी मदर लिखती थी तो इसलिए. मैं भी लिखता था सशन ये ठेट यूपी बिहारी.
वाला है पंजाब के हो नहीं मैं बिहार वालों. के साथ रहा हूं वो तो बाद में कोविड के. बाद रहे हो ना पहले नहीं कॉलेज के अंदर. अच्छा हां आपकी रैगिंग हुई थी दबा नहीं. मेरी रैगिंग नहीं उतनी हुई थी मेरी रैगिंग. इसलिए कम हुई क्योंकि जब मैं फर्स्ट ईयर. में आया तो मेरी बिहारी वालों से दोस्ती. हो गई तो जो बिहार वाले थे क्या उस समय. कट्टा चट्टा लेके आते थे पूरा पूरा एक. बिहारी 100 पर भारी तो जब उनसे दोस्ती हुई. तो तो सब लने मेरे से थोड़े लग रहे थे कि. यार इसके जो दोस्त है ना वो बिहार वाले. थोड़े से गुंडे ही करते हैं सब होते हैं.
तो मेरे रूम पार्टनर भी बने मेरे साथ रहे. भी चार साल झगड़े भी हुए यूपी बिहार पंजाब. के झगड़े भी हुए सब थे मैं उस उस दौर से. गुजरा और इसीलिए जो छेदी सिंह का रोल और. उसकी भाषा जो उसके बैठने का तरीका जो क्या. पहने का कैसे बात करेगा वो सारा का सारा. जो मैंने उनके साथ रह के चार साल जिया है. वो उसको उतारने की कोशिश की इनफैक्ट जो. भैया जी स्माइल वाला किरदार था उनको. फोटोग्राफ खचाने का बड़ा शौक था कि चलो. फोटो खींचें तो भैया जी स्माइल वाला. किरदार भी एक दिन पहले डाला गया था दो दिन. पहले सुपर्ब मेरा एक रूममेट था मकामा से. तो हमसे क कि अरे मिस्टर जी सुनिए ना तो.
फिर मेरी आदत इतनी वो हो गई कि मम्मी से. बात करू अरे मम्मी सुनिए ना सुनिए नाना. बिल्कुल आपके डीएनए में घुस जाता है फिर. वो ये आपके साथ भी हुआ है क्या खास होता. है आप बिहारियों में बहुत रहे हो या तो. उनके अंदर ना एक नेचुरल ंगई होती है ठीक. है एक्चुअली कुछ भी बोल देने कभी. तो हम कई बार सोचते हैं बात करते समय या. ठीक लगे वो एकदम बिंदास वाले काम होते हैं. तो मुझे याद है कि हमारे कॉलेज के अंदर. उनको था कि कोई भी लड़ का किसी लड़की से. बात नहीं करेगा तो कोई अगर लड़की ने किताब.
भी मांगी तो बोलता अरे सुनवा वो देखा साला. बहुत बात कर रहा है उससे जरा बुलाते हैं. उसको रूम के अंदर तेरे को क्या लेने देना. बात कर रहा है उससे किताब कर और वो लड़का. जो बेचारे खासकर दिल्ली वगैरह वा लड़के. होते उनकी बड़ी हवा टाइट होती थी यार उसने. देख लिया मेरे को बात करते हुए उसको. बुलाना इधर आरे तो हम बात नहीं करे लेकिन. ये हमारी वाली है हां तो नहीं उनकी ना भी. हो तू बात नहीं कर सकते तुम क बात कर हां. भाई मतलब हम उससे बात नहीं कर रहे वो. हमारी बकि तुम भी नहीं करो वो हमारी वाली. हमने उसको देख लिया वो हमको ब और उनकी. प्लानिंग ऐसी रहती थी सुनो क्या करेंगे ना.
उसको बुलाएंगे तो तुम ना विकास दो झापड़. दे देना फिर हम तुम्हें भी दो झापड़ देंगे. का मारा तुम उसको तो उसको लगने जरूरी. चाहिए पहले आ तो ऐसी उनकी प्लानिंग होती. थी हां दबदबा बना रहना बातचीत करनी और. धीरे से एक लड़का बीच में कुछ भी बोले. तुमने लड़की से बात किया अगर वो बोलेगा. किया दे थप्पड़ अगर तुमने लड़की से बात. किया नहीं किया दे थप्पड़ झूठ बोल रहा है. तो मतलब तय है मारना है तो बेचारा वो क्या. करेगा तो मुझे याद है कि जितने मेरे दोस्त. दिली उनको अगर बुला लिया कमरा नंबर 10 था. मेरा वाईसीसी हॉस्टल में अगर उसको किसी.
लड़के को बुला लिया कि भैया शुभंकर आज तुम. बात कर रहे लड़की से तो शंकर तुम्ह बुलाया. 10 अभी आपको पता है कि लगे तो वो शुभंकर. मुझे ढूंढ रहा है सुनो भाई देखो बुला रहे. उनको समझाओ तो मैं बो क बुला रहे हो तुम. लोग क्या तकलीफ है अरे नहीं सुनो लड़की से. बात करर तेरे को क्या लेने लड़की से बात. कर र करने दो उसको नहीं खराब कर रहा है. पढ़ाई में तूने कभी किताब खोल के देखी है. क्या जो तू उसकी बात कर रहा है तो ये उनका. एक माहौल बना के रखते थे वो जो मिर्जापुर. प है वो ओरिजिनल है वहां पे 100% है सबके. अंदर है वो मैं कह रहा हूं सिस्टम में हम. लोग अभी आते हैं मैं बी बीच में गया. था तो क्या क्योंकि बिहार वाले य नो मानते.
हैं कि सोनू सुद अपना ही है और एक उनको हक. लगता है जले चाहे वो जानते हो या ना जानते. हो तो मेरे साथ जब सिक्योरिटी वाले गए हम. लोग कुछ गए तो मैं पहले तो अपने जो. सिक्योरिटी वाले मैं क बॉस तुम ना पहले तो. धक्का लगना चाहिए तुम ना चलो मुझे रहने दो. मैं पब्लिक के पीछे जाने दो मुझे तो जिसको. फोटो खि चानी होती है ना अगर कोई बंदा बोल. दे कि सर रुक मत क है आए ना हमारे तुम. हमें स खाओगे तो अरे तो बंदा बोलता है यार. जो हमारे साथ जाते कि भैया हमने या. बोलेंगे आप देखो या इनको हैंडल और बड़े हक. से हक भी दिखाते हक है एकदम उनका मतलब कोई.
उसमें डिस्कशन ही नहीं भया हमारे हां भैया. है हमारे. भा ओके दबंग टू में दबंग में सलमान खान से. लड़ना टफ था या कुंगफू योगा में जैकी चैन. से एक्चुअली दोनों ही इजी थे मैं इतने. सालों से यू नो लड़ते ही आए हैं जग चैन भी. आसान थे लड़ने या ऑफकोर्स यू नो बड़े. प्लान तरीके से काम करते हैं वो लोग. मुश्किल नहीं था क्योंकि कर कर के इतना. बॉडी में उस आ चुके है ना नेचुरल रिएक्शंस. देना कितनी हडी टूटी है अंदर मेरा ना.
एक्शन करते समय एक्शन करते समय ज्यादा. नहीं हुआ चोटें बहुत बार लगी है लेकिन अभी. सब सही है पूरा शरीर एकदम पूरा फिट है. एकदम या अच्छा अजय देगन कहीं बता रहे थे. कि ये टूटा ये टूटा ये टूटा यटू देखिए. डिसलोकेशन हो जाती है सब कुछ होता है होता. है ट्स पार्ट ऑफ थिंग बट फिर आप यू नो. वापस आना आई थिंक ट्स अ पार्ट ऑफ द होल. गेम ये जैकी चैन वाली फिल्म कहां से मिल. गई थी जैकी चैन मुझे याद है कि मैं पंजाब. में था अचानक मेरे फोन पे एक मैसेज आता है. कि यू नो आई एम मैगी कॉलिंग फ्रॉम जैकी.
चैंस टीम एंड वी वुड लव टू कास्ट यू इन आ. नेक्स्ट फिल्म मैं कहा अरे यार ये तो मेरे. फादर उस समय मेरे पास थे पापा या देखो. मैसेज आ देखते हैं चेक करते हैं मैंने. किया दे स्पोक दे सेंड मी द मैसेज वी आर. डूइंग द फिल्म और मैं इन नो टाइम 1015 दिन. में मैं जैकी चैन के सामने बैठे थे हम लोग. खाना खा रहे थे और मेरे एक दोस्त ने मुझे. मैसेज भेजा कथा यार सोनू तू आज जैकी शन के. साथ शूट कर रहा है 6 साल पहले तेरा एक. इंटरव्यू आया था टाइम्स ऑफ इंडिया में. जिसमें तूने लिखा था था कि तू सोट फाइटिंग. की प्रैक्टिस कर रहा था किसी फिल्म के लिए.
और किसी ने पूछा तेरे से कि तू सोट. फाइटिंग की प्रैक्टिस कर रहा है किस लिए. कर रहा है मैंने बोला कि क्या पता एक दिन. जैकी शन के साथ मैं करूं और वो देखो तने. उस दिन पाच 6 साल पहले बोली और वो आज हो. गया और उसने मुझे उसकी एक स्क्रीनशॉट भेजा. जो मैंने जैकी चैन को दिखाया सेड कि यार. वाह दिस इज सो नाइस यार यू नो व्हेन यू. मेनिफेस्ट थिंग्स हैपन तो फिर आई मीन दिस. इज हाउ इट इज चाइनीज सीखी क्योंकि हमें तो. सिर्फ इतनी आती चिंग चंग चिंग नहीं मैंने. थोड़ी सी सीखनी शुरू की थी उनके साथ बुला. के यू. नो एकट भी रखा था पर फिर पूरा फ्लो टूट. गया कुछ भी याद है ए बी सी डी चाइनीज का.
नहीं जैसे नहीं हा ये सब यू नो करते कैसे. इंट्रोड्यूस करते हैं मैं सोनू सूद हूं. चाइनीज में मैं अभी भूल गया यार मैं मैं. वही बोर ना कि बात करने अभी सात आठ साल हो. गए सब छूट गया बात करने पर उस समय. थोड़ी-थोड़ी पकड़नी शुरू की थी चाइनीज और. कुछ कुछ याद था अभी तो बट अंदर से आपके. हॉलीवुड का रहता है मतलब बाहर फिल्में. करने. का देखिए मैंने की है फिल्म्स अमरा. फिल्म्स भी की है सब है पर आई थिंक जब आप. दूसरे सोइल प जाके कुछ काम करते हो सो. उनकी दुनिया सीखने का मौका मिलता है यू अ.
अ यू नो यू बेटर योर क्राफ्ट व्हेन यू. वर्क विद डिफरेंट डायरेक्टर्स सो आई थिंक. वो जो सीखने की जो जर्नी है वो चलती रहनी. चाहिए शाहरुख खान हैप्पी न्यू ईयर सलमान. खान दबंग जी दो बिल्कुल अलग कंट्रास्ट. पर्सनेलिटीज मजा ज्यादा कया नहीं दोनों के. साथ है एक्चुअली अगर बात करें पर अगर आप. बोले कि जो होल प्रोसेस था मुझे शाहरुख के. साथ भी बहुत मजा आया था क्योंकि हम लोग. वर्ड टूर ट्रेवल किए लंडन अमेरिका पूरा. किया पूरा हम एक चार्टर फ्लाइट था हमारे.
पांच छह लोग थे क्योंकि सब लोग थे जब आप. बहुत सार लोग होते हैं ना तो मजे आते हैं. सबके साथ यनो शो खत्म हो जाते हैं खूब. टाइम बिताते हैं जाते हैं गेम्स खेलते. रहते हैं कुछ ना कुछ तो आई थिंक एक वो. लंबा दौर था तो और मजा भी आया था बट सलमान. भाई के साथ भी बहुत तो अगर दोनों की. यूएसपी बतानी हो यार यह सलमान भाई की. खासियत है लोगों को नहीं पता यह शाहरुख. भाई की है सलमान भाई की खासियत यह है कि. वो एकदम रियल है कई बार एक्सप्रेस नहीं कर. पाते ट अबाउट यू बट अगर वो किसी को चाहते. हैं तो पूरे दिल से चाहते हैं एंड ही विल.
मेक श्यर कि वो सामने वाले को पता चले कि. वो कितना केयर करते हैं शाहरुख भाई इ मोर. एक्सप्रेसिव कि वो अगर बताएंगे आपको चाहते. हैं उनको कोई अच्छी चीज लगी वो हमेशा आपसे. ल मेक शर क्या आपको रिसीव करें ही विल. कन्वे दैट सो वो एक यूएसपी है बट आई थिंक. दोनों की खासियत ये है. कि अपार्ट फ्रॉम बीइंग वेरी सक्सेसफुल. इंडिविजुअल्स दे नो हाउ टू टेक केयर ऑफ. पीपल अराउंड देम कुछ फोटोज मैंने रखी मैं. चाहता कहानिया सुनाओ हमें जी ये फोटो ये. जो मैंने जिक्र भी किया था सेवियर सोनू.
सूद अ सलूट टू द ये कैसे हुआ था ये मुझे. याद है कि. मैंने जब पहली फ्लाइट उड़ी थी कोविड के. दौरान उस समय एनेकल से करीबन 169 गर्ल्स. को मैंने निकाला था जो फसी हुई थी वो पहली. फ्लाइट होड़ी थी और जो वहां के सीएम है. पटनायक सर थे तो नवीन पटनायक जी उन्होंने. ट्वीट करके मुझे मुबारकबाद दी थी कि आपने. हमारी अ भुवनेश्वर कोचीन से भुवनेश्वर. फ्लाइट ड़ी थी और उन्होने कि हमारे 169.
लड़कियों को तूने बचा दिया उस समय सो दैट. वाज द फर्स्ट फ्लाइट दैट फ्लू ड्यूरिंग. कोविड और मुझे याद है कितना प्रोसेस था. एमई में बात कर रहा था मैं कोचिन एयरपोर्ट. से कमिशनर से कहां से 3:00 बजे लड़कियों. को बसेस में बिठा के लेके आना और डेढ़ दो. घंटे के लिए एयरपोर्ट खुला था उस समय सो. वो एक मुझे लगा कि र बहुत सही हुआ है अभी. फ्लाइटों से जल्दी से इनको भेजा जा सकता. है मैंने बहुत सारे चार्टर फ्लाइट्स कर कर. के उड़ाए थे इनफैक्ट 12500 स्टूडेंट्स जो. बाहर फंसे हुए थे इन अ प्लेस लाइक. पकिस्तान कजाकिस्तान उज्बेकिस्तान. जॉर्जिया फिलीपींस रशिया इन छह कंट्रीज.
में तो मुझे उ उनको भी इवेक्युएशन बहुत. लोगों को मैंने वहां से करवाया था और जब. ये चल रहा था तो जैसे बोलते हैं ना मुझे. खुद ही नहीं पता मैं कैसे कर रहा हूं तो. एकदम ऑटो मोड प चल रहा था और फिर स्पाइस. जट की बहुत सारी फ्लाइट्स मैंने की परमिशन. लेके इकश में मदद की थी देन दे वांटेड की. जो पूरी उनकी र ये डेंटिंग पेंटिंग स्पाइस. वालों ने की थी या आपकी टीम ने करवाई थी. नहीं नहीं उनकी थी उन्होंने हमारी तरफ से. अपनी तरफ से एक ऑनर करने के लिए उन्होंने.
करवाया था कि यू नो वी जस्ट वांट टू सलूट. यू फॉर द वर्क दैट यू हैव डन या ये. लड़का ये दिल्ली की कहानी है जब मैं. दिल्ली में आ कितने साल के थे आप ये ये. शर्ट खोल के जो आपने फोटो या ये वाली है. आई थिंक 90 7 98 की ये इसको डाला भी था. किसी ने कि अच्छा आप हीने डाला था इसको. पोस्ट करते हुए कि हीरो बन सकता है या या. हां राइट राइट तो ये तब की कहानी है. दिल्ली के अंदर साउथ एक्स में ये खींची. फोटोग्राफ और मैंने वहीं पे दिल्ली में. साउथ एक्स पार्ट वन से ही एक शोरूम से.
शर्ट खरीदी थी इस पोर्टफोलियो के लिए. पैक्स सब भी थे पैक्स तब भी भी थे कॉलेज. में भी थे मेरे. तो या य माय सपोर्ट सिस्टम एंड टुडे आज. मैं अगर आपके सामने बैठा हूं तो इनके कारण. बैठा हूं ये कैसी क्या कहानी इस फोटो की. ये मेरे मदर मेरे को बम्बे में मिलने आए. थे और हमने ये पिक्चर्स खिंचवाई थी और. मुझे याद है कि मम्मी ने एक सोलो पचर भी. खींच ने बोला था कि यार सोनू मेरी अकेले. की एक पिक्चर लेले क्यों भा काम आएगी तेरे.
कभी तो आज भी जो घर में वो पिक्चर लगी हुई. है मेरे मदर की इसी सारी में खींची हुई. पिक्चर है बट या शी वाज वेरी स्पेशल काफी. चीजें मुझे लगता है वो सोच उन्होंने. उन्हें जिंदगी का नजरिया पता था जब मैं. आपको अब सुन रहा हूं आपकी सारी बातें या. आज भी मेरे घर में अंदर इसी सारी में. फोटोग्राफ जीवन की यात्रा पता थी न शी वा. वेरी हार्ड वकिंग जब वो स्कूल में भी. पढ़ती थी तभी वो ट्यूशन पढ़ाती थी जब. स्कूल में खुद पढ़ती थी एंड शी वेरी वेल. रेड लर्ड इंडिविजुअल जब वो बम्बे में कभी. आई तो कभी मेरे डायरेक्टर या दोस्त मिलते.
कहते यार आपकी मदर के साथ बैठते हैं इतना. सीखने को मिलता है और ये ऐसी थी शुभंकर. भाई कि अगर उनको एक एक कॉलेज के बच्चे का. पता रहता था कि कौन सा है बा आज अगर क्लास. में शुभंकर नहीं आए तो वो पूछते अरे. शुभंकर क्यों नहीं आया वो लड़का जो आया तो. मैम उनका तो 50 एकड़ 100 एकड़ जगाह है तो. गांव में अभी वो कहते यार वही देखेंगे तो. मेरे मम्मी ने कहना च काम कर स्कूटर निकाल. जा रहा चल उसके गांव तो भरी गर्मी के अंदर. पंजाब की 3040 किलोमीटर उसके गांव जाएंगे. उसका घर ढूंढेंगे अी शिवांकर का कौन सा घर. है फिर उनके घर पहुंचेंगे पेरेंट्स से भी.
क्यों नहीं आ रहा तम इसके 10050 एकड़ है. की करना पड़ के सब बढ़िया चल रहा है ना तो. 100 एकड़ तेरे हैं इसको बनाने दो कल मुझे. स्कूल में चाहिए कॉलेज में चाहिए बच्चा और. अगले दिन वो कॉलेज में आता था पढ़ाते थे. सारा दिन पढ़ाते रहते थे बच्चों को घर पे. बाहर उनका इनफैक्ट वॉइस भी जाना शुरू हो. गया था लास्ट के अंदर बिकॉज और हम बोलते. मत पढ़ाओ यार कहते नहीं नहीं ये मेरी. धरोहर है यू नो स्टूडेंट्स मेरे बच्चे हैं. मैं इन्हीं के साथ तो चलती हूं तू बाहर. रहता है तो यही तो है जो मुझे वो गैप करते. हैं तो आज भी जब मैं इतना ट्रेवल करता हूं. तो बहुत सारे स्टूडेंट मिलते कहते कनाडा.
यूएस की आज प्रोफेसर सरोज सूद है ना इसके. कारण हम यहां पे नहीं तो हम शायद छोड़. छाड़ के वहां प रहते तो शी समवन आपको. पढ़ाया था उसमें सूरज मल के रोल के लिए. सूजा मल के लिए सज मल के बुक्स दी थी आज. भी मेरे घर प बहुत सारी बुक्स इनकी संभाल. के रखी हुई है और लास्ट मेरी जब इनसे. मीटिंग हुई थी मम्मी से जब मैं बम्बे निकल. रहा था तो ऐसी किताबें देख रहे थे साफ कर. रहे थे तो कहते यार सोनू जब मैं चले. जाऊंगी ना एक किताबें संभाल के रखना है. बेज बूझ मत देना रद के अंदर मेरी यू नो है. पूंजी है मैं क मम्मा नहीं रहेंगी आज भी.
है बुक्स है मम्मी की सारी ब्यूटीफुल आपके. अंदर शुरू से एक बच्चन. था हालांकि इंडिया में सबके अंदर एक बच्चन. है. या बड़ी क कहां से ढूंढ लिया. आपने तो आ आई डोंट नो एक लोग बोलते थे. एकदम एकदम जेरोक्स कॉपी मारी आपने या ये. ढूंढते रह जाओगी फिल्म है जिसमें एक एक. किरदार निभाया था जो शोले का किरदार था सो. आई थिंक वहां से कुछ सिमल अरे बट बच्चन. साहब की कई सारी पुरानी तस्वीरें भी आई थी. एक फोटो आई थी मैं आपको दिखाता हूं.
रिमेंबर वो पगड़ी वाली ये या. या और आई थिंक बच्चन साहब ने भी डाली थी. हाय बच्चन साहब ने अपना मेमोरी र की थी और. और कई लोगों ने नीचे बोला कि नहीं नहीं सर. ये सोनू सू कहां से आ. ग ब्यूटीफुल. ब्यूटीफुल ये पिताजी या ये मॉम जा चुके थे. और मैं घर पूरा रिनोवेट कर रहा था तो जब. पूरी घर की रेनवे बाबा कहते कौन रहता है. सुन यहां पे ठीक तो है बढ़िया चल रहा है.
क्या फर्क पड़ता है त मैं क नहीं बाबा आप. रहते हो यार बढ़िया रहना चाहिए घर तो कहते. मैं चल जाना तो पीछे कौन ध्यान रखेगा तू. ऐसा करियर इतने खर्चे करया नहीं यार. बढ़िया रह जो फर्स्ट टाइम रिनोवेशन के बाद. य पहली पिक्चर हम लोगों ने कीजी साथ में. बैठ के कि यार सब पूरा अच्छा लग रहा है और. यह तब की पिक्चर है अक्सर मतलब मॉम के. बारे में लोग बहुत बातें करते हैं मां की. ममता मां के दयालु पन मां से जुड़ बेटे. खासतौर पर डाट कई बार रह जाते हैं उनकी.
चर्चाएं नहीं होती उनके बारे में उतनी. महानता किस्से नहीं होते हैं तो. मेरे मैं तो आपने फते में शायद अपने डट के. नाम से शायद प्रोडक्शन प्रोडक्शन उ के नाम. से. और मेरे डैड मुझे लगता है कि जो मेरे. दोस्त भी मेरे फादर को जानते हैं व कहते. यार हमने इतना सिंपल बंदा नहीं आज तक देखा. मेरे मैं अभी रिसेंटली बता रहा हूं जब. पापा गए हैं उससे मैं 20151 की बात कर रहा. हूं सात आ साल पहले तो जब घर पे आते थे तो.
पापा ने मेरे ड्राइवर को बोलना कि अर एक. काम कर गाड़ी निकाल शेव करवा उनको शेव. करवाने का बड़ा शौक की बाहर जाके शेव. करवाते हैं तो पंजाब में भी ऐसे ही करवाते. हैं शेव अभी भी वो छोटी सी दुकान जहां पे. जाते हा लोग जाते हैं शेव हम लोग हमारी. जनरेशन में लोग घर पे करते उससे पहले. जनरेशन बाहर जा तो उनका वही था कि वहां. थोड़े जाने बैठे कुछ शॉप वैसे ही वो लकड़ी. की उनकी वैसे ही पापा शॉप शूप बढ़िया बना. देते हैं यार आप जाएंगे नहीं नहीं बधिया. बढ़िया टेंशन तो तो जब बम्बे आते थे. उन्होंने ड्राइवर को पकड़ना थ गाड़ी ले तो. बोला कि यार शिवक पापा कहते ऐसे ही कोई. देख ली साइड पे रोक दे ध करवा लेंगे तो.
ड्राइवर बोलता नहीं नहीं सर वो कहेंगे. सोनू सूद के पापा इधर बैठे कोई नहीं जानता. ऐसे तू को रोक दे इधर आराम से करा लेंगे. आराम से और फिर उन्होंने क्या किया जो. नीचे वो डिब्बा लेके घूमते हैं पता नहीं. इधर नहीं होता एक छोटी सी पेटी होती. है उसके अंदर उनके जंतर मंतर होते हैं और. वो घूमते रहते गली के अंदर तो वो हमारी. गली के अंदर पापा ने उसको पकड़ लिया कि तू. बेटा तू रोज आके आके शेव करानी जब उसने. आना तो बापा ने बोला एक काम करो इसको. खिलाओ नाश्ता कराओ तो फिर उसने ो बटर. टोस्ट खाने चाय पीनी जो भी उसने बनाना. खाना तो पापा ने क चल शेव करा फ पापा ने. शेव बा भी पिक्चर्स पड़ी हुई है तो वो.
बंदा रोज आता शेव करने जब पापा बंबई में. 15 20 दिन आते तो. जब पापा चले गए तो शेवाला अभी भी आता है. हमारे पास कहता यार ऐसे ही हेलो करने आया. था आपको तो जो सिंपलीसिटी है पापा की वो. आई थिंक मतलब हम लोगों को हमारे जो भाई. बहन हम लोग को ग्रो करने बड़ा हेल्प कि हो. कि किस तरह करना अभी मैं एक्टर बन के. पंजाब जाता बड़ा रश हो जाता है इकट्ठा. पंजाब में सब मैं बताता नहीं किसी को मौका.
गया हूं क्योंकि क्या पूरा सारा दिन शहर. आवाज भी रहती है बैठ नहीं पता मेरी सिस्टर. जाती कि तू आता है सारा हम हमारे पास बैठ. ही नहीं पाता इतनी दुनिया तेरे से मिलने. आती तो मैं किसी को बताता नहीं था कई बार. चुपचाप गाड़ी खोलनी बोलना गेट खोल के रखो. सीधी गाड़ी अंदर घुसी फर मैं अंदर ही रहता. हूं तीन चार दिन किसी को मिलता नहीं. था पर जब लोगों को धीरे-धीरे पता चलना. शुरू हुआ कि अंदर घर में हलचल है सोनू. सुदा आया वो पक्का तो पापा को बोलना शक्ति. जी वो सुना बेटा आया हु है तो फैमिली आई. मिलना हां भेज दो भेज दो फिर एक आ दो घंटे. में पूरे शहर को पता चल जाता है फिर गेट. खुल जाता है परमानेंट गेट खुला रहता है.
सारा दिन लोग पूरे भीड़ बैठी पापा ने. बर्फी मंगा रहे इनके लिए इनके लिए वो मंगा. तो जिनको जानते नहीं वही बैठे हुए हैं. वहां पे सुबह से लेकर शाम तक तो मैं पापा. जाएंगे कब जाएंगे तो अपन बैठे नहीं बैठे. उनको खाने दे नॉन स्टॉप चलता रहता तो ये. उनकी आदत थी लंगर शॉप पे हर हफ्ते लगना ही. लगना लंगर फिक्स्ड है जब से हम छोटे हुए. थे बड़े हो के खिलाओ इनको पूरियां खिलाओ. इनको ये खिलाओ तो आई थिंक वो उनकी जो. दुआएं भी है ना बड़ी वो हमारी जिंदगी को. बड़ी तरीके से मनवर कर रही मैंने पंकज.
त्रिपाठी का पॉडकास्ट किया था और पिता का. जिक्र हो रहा था तो ही सेड. की पिताजी के जाने के बाद मुझे सबसे जदा. डर इस बात का रहा कि छत चली गई अब मैं. बताऊंगा किसे या लेकिन फिर वो कहते हैं कि. फिर मुझे एहसास हुआ कि लेकिन बीते 30. सालों से कुछ बताया था ही नहीं मैंने या. या लेकिन फिर भी एक सिक्योरिटी थी कि वो. है मैंने उनसे पूछा कुछ नहीं उनसे इजाजत. नहीं मांगी लेकिन उनकी प्रेजेंस थी थे या. अब लगता है कि अब किससे बात करूंगा अब.
किससे. पूछूंगा क्या होता है एक पता का. होना मुझे लगता है. कि जैसे बिजली जब चले जाती है तो जनरेटर. होता है घर के अंदर उससे अपन तार जोड़ते. थे और बिजली चलती रहती थी जब वो जनरेटर. निकल जाता है लाइफ से तो कनेक्शन टूट जाता.
है हर चीज से आपके बच्चे हो फैमिली हो. वाइफ्स हो सारे बड़े करीब रहते हैं दे लव. यू मोर देन मे बी सम टाइम्स यू आल्सो लव. देम पर फादर एक ऐसी चीज होती है. जो कहीं से ना कहीं. से एक एनर्जी भेजता रहता है आपको आप चलते. रहते हो मैं मुझे पैदल चलने का बड़ा शौक. था जब मैं स्ट्रगल करता बैंडर अंधेरी. कितनी दफा पैदल आया हूं ऐसे सोचते बैग. टांगा हुआ था चलते रहते चलते रहते सोचते. रहते. तो ऐसा लगता था फादर है संभाल लेंगे कर. लेंगे कुछ कर.
लेंगे पहली दफा दिल्ली में जब मुझे छोड़ने. आए मुंबई तो मैंने ट्रेन पकड़ी थी यहां से. तो जो कनाट प्लेस में कल परसों जब मैं और. हनी सिंह आए थे वहां से पीवीआर प्लाज के. पास हमने गाना रिलीज किया उस मुझे वो. स्पॉट याद आया तो जब छोड़ने आए तो उन्होने. बोला कि सोनू अपना ये पैसे रख ले और तू जा. र ट्रेन रेजरवेशन तो है नहीं पापा एडजस्ट. कर लूंगा कोई सेटिंग कर लूंगा अंदर तो. उन्होंने कुछ दो भी दो चार पाच हजार और.
पकड़ा दी कि चल तेरे पास जो पड़े हैं ये. भी ले जा तो मैं हां पापा चलता हूं गले. गले में ना पैरी हाथ छुआ उनका तो जब. निकलने लगा तो क एक मिनट रुक जा रुक जा तो. पैसे ना उनका एक बड़े तरीके से ऑर्गेनाइज. पैसे रखते थे कि. पहले अगर 500 का नोट है फिर 100 वाले सारे. नोट है फिर 50 वाले हैं फिर तो बड़ा एकदम. हर चीज ऑर्गेनाइज वाला रोज गिनना रबर बैंड. चढ़ाना पॉकेट में रखना है तो उन्होंने बस. एक उसमें से 100 20000 निकाले और सारा रबर.
मैन चढ़ाया हुआ मुझे पकड़ा दिया मैं कहा. पापा मुगा जाना वापस यार आपको नहीं नहीं. कर लूंगा एडजस्ट तू जा तेरे को लोड़ पड़. सकती ते जरूरत पड़ सकती है तो. मैंने वो रखे अपने पास तो यह रिलाइज किया. कि जब ये वापस जाएंगे पता नहीं कहीं जरूरत. ना पड़ जाए कुछ पर एक फादर बोलता है कि. मैं एडजस्ट कर लूंगा तू चल जा तेरे को कमी. ना पड़ जाए और मुझे. हमेशा यह लगता रहता था जब हमारे बच्चे. बड़े हो रहे थे कि जो हमारे मां-बाप हमें.
सिखा पाए कि हम उनको सिखा पाएंगे नहीं. पाएंगे हम वो लेगासी आगे प्यार की रिश्ते. की अहमियत की वो हम दे पाएंगे दे पाएंगे. अगर हम लोग नहीं दे पाए तो हम लोग फेल हो. जाएंगे ऐसे पेरेंट्स सो मुझे हमेशा य डर. लगा रहता था और आज भी मेरे. पापा की सात साल हो गए पापा आठ साल जो. उनकी बोतल थी जिससे पानी पीते थे एक उनका. बटल छोटा सा रखा होता था पानी वो आज भी.
मैंने संभाल के रखा है जो उनका नोट वाला. बंडल है जिस पर रबर में च आज भी वैसे रखा. हुआ है जो आखिरी उन्होने हैंड आज भी उसको. वैसे ही रखा हुआ है सो मुझे लगता है कि वो. जो चीजें है मेरी मदर हमेशा कहा करती सोनू. जब हम नहीं रहेंगे ना गा वाले घर की बेज. बूझ मत देना व जितना मर्जी कि इस घर की ना. दीवार तेरे से बातें करेगी ज हम नहीं. रहेंगे तो आज भी जब मैं जाता हूं तो मुझे. ऐसा लगता है कि वो दीवारे बातें करती से. और ऐसा कनेक्शन है उस का कि आप कितना भी. लो जिंदगी में फील करो आप एक ऐसे वहां से.
ताकत लेकर निकलते हो कि आपको लगता है यार. सही बोल रहे थे या ब्यूटीफुल ब्यूटीफुल और. बहुत सारे लोगों को डर भी लग रहा होगा वो. आपको सुन रहे होंगे और अपने पेरेंट्स को. लेके इमेजिन कर रहे होंगे बिकॉज लाइफ की. हार्ड रियलिटी यही. है यह कौन सी फोटो है भाई और ये मोहतरमा. कौन है ये रवीना रंडन. है मेरी फेवरेट हीरोइन हुआ करती उस सम. मुझे याद है इनकी फूल और कांटे फिल्म आई. थी.
लड़ाए उस फूल और कांटे उनकी फिल्म आई थी. फूल और काटे नहीं फूल काटे में नहीं थ ये. अपना सलमान के साथ थी समझ गया मैं दिल. तेरा आशिक और क दिल तेरा आशिक नहीं तो. कुछ सलमान और इनकी पहली फिल्म थी देखते ही. तुमको जो प्यार सॉन्ग उसका बड़ तो तब मेरी. फेवरेट थी या लिंकिंग रो सो या तब की. फोटोग्राफ है कॉलेज की पत्थर के फूल हां. पत्थर के फूल पत्थर के फूल या या ओके ये.
तो आशिक ये सदार जी कहां पे आए थे ये शहीद. आजम भगत सिंह की पिक्चर है पहली मेरी. फिल्म है ये बच्चे आप ही हो या ऑफकोर्स. मैं या आई रिमेंबर दिस या मुझे याद है जब. शूट भी किया था इस रिमेंबर अगेन रवीना. टेंडन या देखिए फेवरेट थी मेरी इजहार किया. मीना जी से आपने कभी मैंने बताया था उनको. जब मैंने उनके साथ मिला मैं कहा देख तेरी. फोटोग्राफ अभी भी संभाल के रखी हुई है. वहां पे बड़ी खुश हुई कह यार अच्छा है यार. ये आपकी मेमोरी या तो ये अगर आप देखेंगे.
ना बड़ी कमाल की चीज है जो आजकल मलते. शिवांकर ये अगर आप इसको थोड़ा सा जूम इन. करेंगे तो ये फोटोग्राफ गोवा की थी मेरे. मदर मेरे साथ एक फिल्म के शूट में गए थे. और उन्होंने हर फोटोग्राफ के पीछे और साथ. में एक नोट लिखा था कि दिस इज द टाइम. व्हेन आई वेंट विद माय सन फॉर द फर्स्ट. टाइम टू गोवा और बड़ी यादें बनाई मेरे. बेटे ने बड़ा ध्यान रखा मेरा हाथ पकड़ के. मुझे यू नो जहां ढलान होती थी लेके आता था. मुझे बड़ा स्पेशल लगता था उने जितनी. फोटोग्राफ्स उनकी पड़ी है उनमें सब में.
नोट्स चीज को रिकर्ड रख दिया रिकॉर्ड प. रखा तो आज भी जब मैं एल्बम देखता हूं कई. बार हम क्या होता है फोटो खींचते हैं अरे. हां बड़ी अच्छी पिक्चर है पर उ इतिहास. क्या था सो उन्होंने वो लिख के रखा और. मुझे लगता है लिख के रखना जरूरी रहता है. अब कुछ थोड़े तीखे सवाल पूछते हैं आपसे आप. ही कॉलीग है कंगना उन्होंने आपको लेके. बहुत प्यार भरा ट्वीट किया था कि नेक्स्ट. यू नो सोनू जी विल डायरेक्ट हिज ओन. रामायना बेस्ड ऑन हिज ओन पर्सनल फाइंडिंग. जब से मणि कणिका छोड़ी आपने बड़ा प्यार. आता था कंगना को. देखिए मैंने मण करने क जब छोड़ी तो इसलिए. भी छोड़ी क्योंकि मेरी दोस्त है वो दोस्त.
मैं ठीक अभी नहीं बात उनसे मेरी होती पर. मैं उनके बहुत करीब भी रहा उनकी फैमिली. उसके मदर फादर मेरे को बहुत प्यार करते. हैं जब भी मिले उनकी सिस्टर सब कुछ मेरे. है तो मेरा एक जिंदगी का असूल है कि अगर. मैं कभी भी किसी के करीब रहा हूं या. दोस्ती रही है कम दोस्ती ज्यादा दोस्ती. रही है अगर उनसे कोई प्रॉब्लम हुई मैं. उनके अगेंस्ट कभी नहीं कुछ बोलूंगा यह. मेरा मैं आप मेरे बारे में कुछ भी बोलते. रहे मैं कभी अगेंस्ट मुझे दुख हो सकता है. कि यार यार शुभंकर भाई बढ़िया दोस्त थे. मेरे यार बोल रहे हैं पर तो आपको दुख हुआ.
था कि जब कंगना ने आपको लेके दो स्टेटमेंट. दिया एक कि फीमेल डायरेक्टर के नीचे आप. काम नहीं कर रहे मे लीगो के चलते और दूसरा. ये वाला कि अब आप अपनी खुद की रामायण. लिखोगे देखिए मुझे लगता है कि कहीं देखिए. मुझे लगता है थोड़ी सी उसकी थोड़ी ना समझी. है शी इज नॉट अ बैड पर्सन बट क्या होता है. कि कई बार हमेशा आप चीजें जो लिखते हैं. बोलते हैं आपको कई बार नहीं समझ होता है. मुझे भी ऐसी मैं भी इस चीजों से गुजरता. हूंगा मुझसे भी नासमझी में लिखी जाती. होंगी चीजें बट कोई रिग्रेट नहीं है आई. थिंक वो उसकी सोच है तो कोई फर्क नहीं बट. मैं कभी जवाब देता नहीं हू उस चीज का.
दोबारा कभी कंगना ने ऑफर नहीं किया फिल्म. साथ करने के लिए नहीं मेरी कभी दोबारा बात. नहीं ई उसके बाद मणिकर्णिका के बाद हमने. कभी बात नहीं की दोनों साइड से कोशिश नहीं. हुई मां-बाप आपके फैमिली रिश्ते थे आपके. मेरे मैं उसके पेरेंट्स को बड़ा मिला हूं. बहुत अच्छा कर मेरा एक हमारा कॉमन फ्रेंड. है अजय जो आज भी उसका बड़ा करीबी दोस्त है. मेरा भी करीबी दोस्त है तो उसने कई बार. कोशिश किया कि मिलते हैं तो मैंने कहा कोई. बात नहीं यार लेट हर बी हैप्पी इन हर. स्पेस एक और आप पर एलिगेशन आया जो इसी थूक. वाले से जोड़कर था वो ये और ये पूरे. बॉलीवुड पर आता है और ये मुझसे कहा भी गया.
कि पूछा जाए कि हिंदू फेस्टिवल्स जब होते. हैं तो अलग से जो एक्टस होते हैं वो एक. क्लाइंट का ज्ञान दे देते हैं दिवाली है. तो पोल्यूशन का होली है तो वाटर का या. रक्षाबंधन है तो जैसा आपका एक ट्वीट था. रक्षाबंधन को लेके कि महिलाओं को हर दिन. सुरक्षा मैसेज अच्छा है बट वो कहते हैं कि. साल भर ज्ञान नहीं दिया जाता स्पेशली ऑन. फेस्टिवल दे रते हैं जब दूसरे फेस्टिवल. आते हैं तो वहां सिंपल विश करते हैं आपका. भी जैसे किसी ने स्क्रीनशॉट भेजा मुझे ट. कि ये सोनू सूत का है कि ईद मुबारक था तो.
सिंपल ईद मुबारक दिल बना दिया जी इमोजी. लेकिन जब दिवाली आई या बाकी फेस्टिवल्स आए. तो एक लाइन का एक्स्ट्रा नहीं देखिए ऐसा. नहीं है मैं अगर आप मुझे अ तो वो स्ट्रेंट. से कई लोग कते ये ट्रेंड क्या है बॉलीवुड. में क्यों ऐसा है दे नहीं ऐसा नहीं अगर आप. धर्म की बात करें मंदिर की मैं हर रोज. मंदिर जाता हूं एवरी सिंगल डे अगर आप बोले. कि मंदिरों की बात करें या कोई पढ़ने की. बात करें आप मेरे से सारे मुंह जुवानी. पढवा लीजिए मैं हर रोज पढ़ता हूं. आप कितने भी कोई भी आप हिंदू धर्म का मेरे. साथ बैठा दीजिए.
मैं आता आपको देखिए मैं जैसे मैं आपको. बताता हूं मुझे क्या जो चीजें आती हैं आप. मुझसे हनुमान चालीसा पढ़ा लीजिए मुझसे आप. लक्ष्मी जी की आरती पढ़ा लीजिए मुझ मुझसे. आप जो हनुमान जी की जो तीनों चारों आरती. है जो पूरा मैं पूरा हर रोज पढ़ता हूं सो. मुझे किसी को प्रूव नहीं करना कि मैं किस. धर्म को इट नॉट अब प्रूफंग ये ये था कि. बॉलीवुड में और मेरा अगर आप पहला भी देखें. तो मेरा ये मकसद नहीं था कि मैंने पढा के. चलाते मैं हमें ये बोला था कि साथ में. किसी के घर की हेल्प करो देखिए मैं एक ऐसे.
दौर से गुजरा हूं कोविड के दौर पे जब मुझे. लगता है कि मैंने सिर्फ सफरिंग्स देखी है. लोगों की सो जब सफरिंग्स आती है कई बार आप. उस बात पे रिएक्ट करते हैं बट दैट हैज. नथिंग टू डू कि भैया मैंने उस धर्म के. फेस्टिवल को मैं बोलता नहीं और इस धर्म के. फेस्टिवल को मैं चाहता हूं नहीं मनाए. मनाते हैं हम लोग भी मनाते हैं बट आई थिंक. लाइक आई सेड कि हम हमर ओनिस में ता मतलब. क्योंकि ये पहले हम नोटिस भी नहीं करते थे. पहले हम नोटिस नहीं करते थे बीते कुछ. सालों से ये नोटिस कराया गया है राइट और. अब जैसे मैं पटाखे नहीं जलाता हूं राइट. मैंने कभी लाइफ में दिवाली पटाखे नहीं.
चलाए लेकिन मैं अपोज नहीं करता मुझे लगता. है कि अगर अ अपोज क्योंकि उनका एक थॉट. प्रोसेस है और ठीक है वो आपका फेस्टिवल है. आप रिस्पेक्ट कीजिए उसकी तो ये जो जैसे. मैंने आपको ट्वीट दिखाया ये सब अनजाने में. हुआ जाने में हुआ बट जब मैं इधर देखता हूं. साल दर साल का ट्वीट है ये अलग-अलग. ट्वीट्स है तो नहीं तो आप देखिए ईद मुबारक. पे यहां पे मुस्कुराहट यहां मुस्कुराहट. यहां मुस्कुराहट जी बट यहां पर क्वेश्चंस. आए राइट तो ये अब जैसे दिवाली वाला आपने. किसी घर का चूल्हा जलाओ चूल्हा जलाना आप. साल भर जला लो राइट तो देखिए दिवाली के.
अंदर मैंने किसी को ये नहीं बोला कि तुम. दिवाली मत बनाओ पटाखे मेरे बेटे भी जलाते. हैं फिर हम भी बोलते हैं कि यार थोड़े कम. जलाओ कई बार पोलूशन के कारण बात होती है. कई बार कोई हर हर एक ढंग से बात करने की. कोशिश करता है पर मैंने ऐसा नहीं बोला कि. दिवाली ने हम भी दिवाली मनाते हैं और. मैंने नहीं नहीं आप आप या क्वेश्चन आप पर. अकेले पर जैसे प्रियंका पर आया तो. प्रियंका के वो स्मोक करते हु एक फोटो. वायरल हो आती है या होता है यार आप लोग. खुद दिन भर एसी में ट्र बहुत सारी चीजें. बट आप फेस्टिवल्स में जो अलग से करते हो. शिलिंग दूध चढ़ाओ होगे दूध बर्बाद हो. जाएगा सो ये क्वेश्चंस आते हैं कि व्हाई. दिस ये काता जैसे बांग्लादेश इशू पर अभी.
था सो कहा कि बॉलीवुड से ट्वीट नहीं आया. और ये मुझसे बहुत लोगों ने कहा कि सोनू. भाई हर जगह कह लेते हैं बट बांग्लादेशी. हिंदू को लेके इतना एक्टिव नहीं ह नहीं. मैंने बांग्लादेशी अगर आप मेरा देखेंगे. रिकॉर्ड के अंदर जब वो एक इंसीडेंट हुआ था. मैंने उसपे ट्वीट किया था अगर आप रिकॉर्ड. में देख स्टिल रिमेंबर मैंने मुझे अी. एगजैक्टली याद नहीं है बट इफ यू गो इन द. थ्रेड मेरे ट्वीट पे उसके अंदर मैंने उनके. सपोर्ट में किया हुआ ट्वीट है एक सो बट. लाइक आई सेड कि लोग अपनी कन्वीनियंस से भी. देखते हैं कि किस पे यार इसको उठा लि अब. ये डराता है सोशल मीडिया सब चीज जब नोटिस.
होती है अलग से क्योंकि सोशल मीडिया ने. आपको बूम भी बहुत दिया है मैं देखता हूं. जैसे यूपी बिहार के बच्चे हैं आपका नाम. लिखते ही वो एकदम आपको भगवान के समान बना. देते हैं मैंने देखा कि इस देश में झारखंड. से लेकर बंगाल साउथ में कई जगह सोनू सूत. के मंदिर बना दिए गए और मैं बड़ा शॉक था. कि यार जीते जी इंसान को आपने भगवान बना. दिया बट वो शायद आपके अच्छे कामों की वजह. से होगा ऑफ कोर्स मुझे लगता है कि मैं. डिजर्व नहीं करता कि मेरे मंदिर बने बट ये. अच्छा लगता है कि लोग इतना प्यार करते हैं. विश्वास मेरे आज भी घर के आप नीचे चले जाए. आज संडे है आप शाम को 4:30 पा बजे मैं.
मुझे वीडियो कॉल पर बात करनी है नीचे. क्योंकि आज नीचे 3 400 आदमी 250 आदमी खड़ा. ही होगा उनको ही नहीं पता कि मैं दिल्ली आ. गया हूं मेरा या शूट है या कुछ है बट वो. विश्वास से अपने यूपी बिहार झारखंड आंध्रा. तेलंगाना चलके आ चुके हैं कि भैया आज संडे. है सोनू भाई मिलेंगे और आज हमारा कुछ ना. कुछ ठीक हो जाएगा जिंदगी में चाहे वो. मेडिकल है या पढ़ाई है सो विश्वास की बात. है. तो मतलब हर रिलीजन के लोग हर के हर जाति. के लोग मिलेंगे आपको नीचे मैं खुद भी कई. लोगों को जानता हूं जिने जिनकी आपने हेल्प. की है पर्सनली लेकिन उसके बाद भी और ऐसे.
बहुत सार लोग को जानता हूं मैं जो आपको. बहुत दिल से मानते हैं भगवान मानते हैं वो. मेरे पर्सनल टच में भी है ये बात मैं कोट. करते हुए ये सवाल पूछ रहा हूं लेकिन इसके. बाद भी एक वर्ग है जो सोनू ये कहता है कि. अच्छा पीआर भी है सोनू सूत का पीआर बहुत. अच्छा है काम तो बहुत लोगों ने किया था. काम तो बच्चन साहब ने भी किया था अक्षय. कुमार ने भी किया जैसे एक आता है कि बच्चन. साहब ने 15 करोड़ खर्च किए 4 लाख मजदूरों. को खाना खिलाया बसे की फ्लाइट बुक करी. लेकिन बच्चन साहब को किसी को पता ही नहीं. है सोनू भाई का सोशल मीडिया पीआर बड़ा.
तगड़ा था इसलिए उन्होंने उसको बहुत अच्छे. से प्रचार प्रसार कर दिया ठीक है मुझे. लगता है लोग जो बोलते होंगे सही सब लोगों. ने काम किया है. एंड जब आप मैं जब यह दौर में कर रहा था आप. उसमें से उसी टाइमलाइन पर जाके आप कभी. देखेगा आपको. उस सम मैं.
जिन्होंने किया तो फर्स्ट हैंड में. एक्सपीरियंस हो बट उसमें जो पॉइंट आता है. कुछ चीजें बढ़ गई जैसे अ कुछ लोगों ने आप.
पे रिसर्च की और मैं आपको ये दिखाता हूं. देखिए ये आपका. जैसे ये देखिए हाउ डिड यू फाइंड दिस ट्वीट. व्हेन ही जज नॉट टैग्ड यू बिल्कुल सही तो. अभी मैं आपको बताता हूं इसका आज आपका.
प्लेटफार्म बड़ा कमाल क्या बता नहीं मैंने. वैसे एक्सप्लेन किया हु है किसी ने शुभंकर. ने ट्वीट किया कि यार मेरे मदर की ये. प्रॉब्लम है मुझे आप ये मदद पहुंचा दो कि. यार अपने मोबाइल नंबर डाल दिया कुछ है. मैंने कर दिया आपकी मदद तो जब आपको मदद. मिलती है शुभंकर को मदद मिलती तो जितने. लोग मदद के ढूंढ रहे हैं आपके नंबर पर फोन. करना शुरू करते हैं दे ड़ा दर फोन आने. शुरू होते हैं तो आप तो पागल हो जाते हो. आप मुझे बोलते हो यार मेरे को इतने फोन आ. रहे मेरा नॉनस्टॉप फोन बज रहा है लोग. बोलते हैं मैं मर जाऊंगा तेरा हो गया काम. तू क्यों नहीं कर रहा ता वो डिलीट करता है. ट्वीट के भैया बस मेरे से हो नहीं रहा.
मेरा फोन दिन रात बज रहा है ट्वीट डिलीट. होना यह बताता है कि उनकी मदद हुई अगर कोई. फेक अकाउंट से लोग करते हैं तो वो एजिस्ट. करते हैं क्योंकि वो अकाउंट्स एजिस्ट करते. हैं दूसरी बात ये कि. जब जो आम लोग हैं कई बार जैसे आपको किसी. की मुझे कई बार ऐसा क्या होता था कि मुझे. याद है एक लखनऊ के बार एक बच्चा बच्चे की. थोड़ी किसी ने फोन फोटो खींचा और मुझे. ट्वीट कर दिया कि यार सोन भाई लखनऊ के बार. ये बंदा पड़ा हुआ है बच्चा इसको प्लीज बचा.
लो तो मैं अपनी टीम को भेजा जो भी है उसको. बचा लिया लेकिन जब मैंने उस उसको. रिस्पॉन्ड कर दिया तो उसके पास इतने. मैसेजेस और उसकी टाइमलाइन इतनी भर गई तो. बंदा बंदा बोलता है कि यार मैं तो डिलीट. करता हूं टैट्जु एक और आपका सवाल. था यही य मतलब एक तो ये था एक तो बिना टैग. वाला था कि बिना टैग के पता लग गया जैसे. एक और आया था ये देखिए कि पेशेंट 3:00 बजे. एक्सपायर हो गया 9:00 बजे आप कह रहे हैं. कि आपने चीजें पहुंचा दी तो यू नो आई आई. आई आ फील कि यू नो जब आपको पहले वाला क्या. था सॉरी मैं भूल गया आप ये कह रहे हो कि.
लोगों की मदद हो गई इस वजह से हुआ कभी. आसान फरामोशी हुई कि आपको किसी ने बेवकूफ. बना दिया देखिए जब आप मदद करने लगते हैं. तो आपको फर्क नहीं पड़ता कि आप ना तो आप. उनसे कभी मिलने वाले हैं ना आप कभी जानते. हैं आप करते हैं क्योंकि आपको लगता है आप. कर सकते. हैं अगर आप यह सोच के करेंगे कि वो मुझे. कैसे रेस्पों करेगा या मुझे जैसे किस्सा. आपने कहीं सुनाया था कि 18 लाख रप शायद. सरकार से दिलवाए थे आपने उन्होंने अपने. पर्सनल के रख लिए बच्चे का इलाज करवाया. जोधपुर का केस था यू नो और लिवर. ट्रांसप्लांट का केस था 10 लाख उनके.
अकाउंट में ट्रांसफर हो गए वो कभी. उन्होंने आगे दिया ही नहीं तो आप काम करना. तो छोड़ तो ये ब्रेक नहीं करता आपको कि. यार मदद करने मैं तो अच्छे कॉस्ट के लिए. कर रहा था तुमने मुझे बेवकूफ बना दिया एंड. आई एम शर बहुत सारे लोग फ्रॉड करते. होंगे करते हैं बट लाइक आई सेड थोड़े से. हम चौकन्ना रहते हैं पर फिर भी अगर उस 10. लोगों की मदद करने में अगर एक गलती से. किसी की मदद हो जाए यू कांट स्टॉप. हेल्पिंग अदर एक फिल्म का आईडिया लोगों ने. कहा कि आप जरूर दीजिएगा सोनू सूत को मैंने. देखा नागराज पहली दिल्ली के अंदर य शूट. किया हुआ था एंड आई थिंक स्पेशल था और मैं.
आपसे ले लूंगा इसकी कॉपी है नहीं मेरे पास. आप पढ़ते हो राज कॉमिक्स पढ़ते थे कभी. नहीं मैं मैं उस समय डायमंड और मनोज चित्र. करता पढ़ता था और आई थिंक ये तो बट ये. पिक्चर देख अब ये पिक्चर जो आप देखते. हो लगता है यार कि क्या कर रहा हूं यार. मैं बट आई थिंक इट्स एन एक्सपीरियंस उस. समय ये करके सरवाइव किए थे आगे बढ़े थे. ब्यूटीफुल आ हैव लास्ट रप फ कुछ. अच्छे क्वेश्चन है जो मुझे लगता है कि. आपको भी मजा.
आएगा आपको वन वर्ड में बताना लव य वन लाइन. भी चल जाएगा या लव ज आई थिंक पोर एंड. कनेक्ट इनर सोल ओके साउथ और हिंदी फिल्म. में सबसे बड़ा डिफरेंस क्या होता है नाउ. इट्स ल द सेम बट आई थंक एक टाइम डिसिप्लिन. की बाती साउथ वा मोर डिसिप्लिन ंद. मूवी ओके या सो दे प मो व्हाट इज द. बेस्ट एडवाइस यू हैव रिसीवड फ्रॉम किसी से.
भी दुनिया में कोई इंसान जिसने एक सलाह दी. और सलाह तो रोज मिलती है हर रोज बट मानते. नहीं मानते बट आई थ कोई ऐसी सला जिसने. नजरिया बदला हो आपका आई थिंक फ्रॉम माय. पेरेंट्स ओनली मेरी मां हमेशा कहा करती थी. यू नो कि कभी अपनी मुट्ठी खोल कर तो देख. शायद तेरी हाथ की लकीरों में किसी की जान. बचाना लिखा हो ब्यूटीफुल स्पिरिचुअलिटी का. कोई रोल है आपकी लाइफ में मेजर रोल क्या. रोल है मुझे लगता है कि दैट कीप्स यू. कनेक्टेड टू योरसेल्फ मेरा दिन की शुरुआत. हमेशा पूजा से होती है और उसके बिना कभी. घर से बाहर नहीं निकलता शाम को भी आता हूं. तो मैं पूजा करता हूं सोन सुत को लोग कैसे.
याद रखें कभी चलता दिमाग में नहीं मुझे. लगता है आप आपको आप प्लान नहीं कर सकते कि. आपको कैसे याद रखना चाहिए आपके कर्म होंगे. जो आपको बताएंगे कि आप याद रखने लायक हो. या नहीं कोई एक लेसन जो आप नई पीढ़ी को. देना चाहते हो लव योर पेरेंट्स सोशल. मीडिया की दुनिया के अंदर अनजान लोगों से. जुड़ने के कोशिश में अपनों से दूर मत हो. जाना सफलता के मायने क्या है सोनू सूत के. लिए अ टिके रहना अ अ बदलाव आप में नहीं. आना चाहिए जो आप ओरिजिनल हो कहीं.
ओरिजनलिटी ना खो जाए और एक मास्क मत पहन. लेना जिंदगी का जो आपकी सोल से आपको. डिस्कनेक्ट कर दे लोगों की हेल्प करते. वक्त एक क्या चीज सीखी आपने दुआओं में. बड़ा असर होता है और दुआएं होती हैं जो. जिंदगी की जंग में आपको जीतने के लिए आगे. बढ़ाती है हम अ हनी सिंह से पूछा आपने. ब्राउन रंग किसने गाया था नहीं मैंने नहीं. पूछा लिखा किसने सॉरी हनी सिंह से पूछा. आपने ब्राउन रंग किसने लिखा था नहीं मैंने. नहीं पूछा आई थंक बुरे वक्त प सोनू सूद ने. सबका साथ दिया फतेह को लेकर कभी चलता है.
कि जनता साथ चलता है मन में आता है. क्योंकि मैंने देखा आपके जो ट्रेलर टीजर. देख रहा था मैं तो उसमें बहुत सारे. कमेंट्स थे कि सोनू भैया आपने हमारा साथ. दिया था अब हमारी बारी किसी एक बंदे ने. बड़ी अच्छी बात बोली ऐसे कि यार सोनू भाई. आपने 75 लाख लोगों को करीबन घर प भेजा था. जुड़े थे आप साढ़े अगर वो 75 लाख लोग. टिकट्स खरीद ले ना तो पिक्चर ब्लॉकबस्टर. हो जाएगी सो आई इस मैंने उस समय जब लोगों. को भेज रहा था मैंने फिल्म ने का सोचा. नहीं था सो इट्स नॉट इंपोर्टेंट मुझे लगता. है कि अगर आपको लगता है कि फतेह उस लायक. है देखने वाए तो आप जरूर देखिएगा बट ऑल आई.
कैन से इज कि ये दुनिया की कहानी लोगों की. कहानी है उन्हीं के लिए बनाई गई कहानी और. उन्हीं के जो उनके साथ हुआ मुझ तक पहुंचते. इस समय साइबर फ्रॉड उसी को जहन में रख के. ही लिखी गई थी कहानी और मुझे लगता है एक. आम इंसान इस कहानी से जरूर जुड़ेगा मैंने. आप इस पॉडकास्ट में ऑलमोस्ट सारे टॉपिक्स. कवर किए सिवाय भाभी के जी जिनका आपकी लाइफ. में बहुत मेजर रोल रहा है और इंटरेस्टिंग. है कि आपकी पहली फिल्म भी साउथ इंडियन थी. भाभी भी साउथ इंडिया निकली या तेलगु है और. आई थिंकल ल जी तो शी बीन ह्यूज सपोर्ट.
सिस्टम मुझे लगता है आज भी वो भी उनको. उनका प्रोड्यूसर है हमारी फिल्म की इसीलिए. मैंने तीन चार सवाल इश्क प रखे थे क्योंकि. कितने साल हो गए शादी के आपके मेरे हो गए. 22 24 साल 24 साल हो गए हैं 24 साल शादी. के हो गए तो 24 साल को लेकर तीन चार सवाल. इश्क को लेकर मेरे जहन में जैसे एक सवाल. है कि हाउ यू डिफाइन लव और क्या प्यार की. समझ समय के साथ बदलती है समय समय के साथ. आप ज्यादा समझने लगते हो सामने वाले को और.
अगर आप समय के साथ आपका प्यार अभी भी वैसा. ही है तो आई थिंक यू मेड द राइट चॉइस क्या. ट्रू लव अनकंडीशनल होता है या हर रिश्ते. में कुछ ना कुछ एक्सपेक्टेशन अटैचमेंट तो. होती है देखिए उम्मीदें जरूर रहती है. एक्सपेक्टेशन जरूर होती है बट या ट्रू लव. इज लवेज अनकंडीशनल अगर वो ट्रू है तो फिर. आप सही हो या गलत हो आपके साथ आपका साथ ही. टिका रहेगा ओके रिलेशनशिप में अगर. डिफरेंसेस हो जो आई एम शर होते हैं दो. बरा तो लोग स कैसे हो सकती है तो. डिफरेंसेस कैसे हैंडल करें आई एम शर 24.
साल में बहुत डिफें जानते हो वाइफ इ लवेज. राइट राट ये तो डाट पड़ जाएगी इस आपको लोग. राघव चड्डा ने कहा था लोग कह रहे पुराने. डायलग हो अच्छा ऐसा है उन्होने कहा था. क्या मेरे को अच्छा पता नहीं या प्रनीति. को लेके उन्होंने डाला काफी बैकफायर कर. गया उन्हे लोगों ने कहा ये टिपिकल मैन. वाले जवाब है जो चलेंगे नहीं बट आई थंक इट. म्यूचल थिंग दोनों को यनो कई बार आपकी. जिंदगी में बैक स्टेप लेना पड़ता है जस्ट. टू अंडरस्टैंड ईच अदर सेल्फ लव मोर. इंपोर्टेंट होता है रोमांटिक लव से या.
सामने वाला ज्यादा अहमियत रखता है क्यों. कई बार प्यार में लोग खुद को खो देते हैं. आप 24 साल एक्सपीरियंस नहीं आई थिंक मुझे. लगता है कि इट्स इट्स अ म्यूचुअल थिंग. दोनों तरफ से उतना ही होना चाहिए तभी वो. गाड़ी आगे चल सकती है ग्रेटेस्ट चैलेंज. प्यार बरकरार रखने में या यू हैव टू ऑलवेज. गिव बैक यू नो उम्मीदें कम रखो और वापस. देने की ज्यादा कोशिश करो लव इट इटरनल. होता है या समय के साथ बदल जाता है आई. थिंक अगर ट्रू लव है तो इटरनल रहेगा जो. बदल गया वो इटरनल नहीं था कोई एक डायलॉग.
सोनू सूत को अगर कहना हो जिंदगी का आखरी. डायलॉग. अ बहुत सारे हैं बट आई थिंक हर एक इंसान. की जिंदगी में एक समय आता है जब उसे तय. करना होता है कि पन्ना पलटना है या किताब. बंद करनी है सो आई थिंक पन्ना पलटने का. समय आ गया है खुद के लिए लिखते हैं कुछ. हमेशा खुद के लिए लिखता हूं और फिर कुछ. ऐसा जो गहरा लिखा हो उसी से क्लोज कर. देंगे. एक दो डायलॉग है जो फते में लिखे थे कि.
बहुत कम लोग जानते हैं कि वो बहुत कम. जानते. हैं और कहते हैं कि हैसियत भी आसमान जैसी. होनी चाहिए क्योंकि जमीन कितनी भी महंगी. हो कोई ना कोई खरीद ही लेता है. ब्यूटीफुल. सोनू बहुत अच्छा लगा आपसे बात करके एक. दूसरा जो उम्मीद आपने दी कोविड. में सवाल तो भगवान पर भी लोग उठाते हैं. सवाल उठते रहते हैं व चीज अपनी जगह पर है. बट जो उम्मीद आपने दी उस दौर में जब लोग. निराश थे परेशान थे जो सरकारों के माथे पर.
आपने टेंशन दी और जो सरकारों को एहसास हुआ. कि एक आदमी कैसे कर रहा जो हम नहीं कर रहे. आई थिंक उसके लिए आपकी जितनी तारीफ की जाए. कम है एंड आई थिंक दैट इज द रीजन वाई. बिहार में सोनू सूत. गुप्ता र्स य यूपी बिहार में आपका जलवा. अलग है मतलब मैं बहुत सारे यूपी बिहार के. लोगों से लगातार मैं उनके कमेंट्स पढ़ा था. मैंने पोस्ट डाले थे और 90 पर कमेंट यूपी. बिहार के थे जो आपको अलग लेवल मान रहे हैं. मेरा परिवार है यूपी बिहार के मैं हमेशा. बंदों को बोलता मैं आज भी जब जाता मुझे. लगता है मेरा घर है अपने वहां के लोग. मिलते हैं मैं कोई बिहार वाला मिल जाता.
मैं कंधे अरे कहां किधर तो आ रहा मैं बहुत. घुमा हमसे पूछेगी पूछेगा भोजपुरी पिक्चर. नहीं करेंगे तो दीजिए ना का नहीं करेंगे. हम लोग सुनते हैं गाना पवन सिंह खेसारी का. प सुने हैं गाने. बट उनको अभी कुछ प्लान कर भी रहे हैं कि. बिहार में भी जाके थोड़ा सि टू में काटी. रात खेतो में आई नहीं तो चला देखिए खूब. मिस्त्री को बना दिया हिट कर दिया. उन्होंने कोई प्लान है आगे बिहार एक लड़के. को शायद आपने गाना गवाया है बिहार के अमर. जी था इनफैक्ट मुझे याद है कि जब वो एक.
सोशल मीडिया से बहुत टैलेंटेड बंदा है एंड. आप मार्क कर लीजिए अगले एक साल के अंदर वो. आप ही के यहां बैठा होगा मैं जानता हू. मैसे ब टैलेंटेड है बंदा एंड आई विश मम ल. द बेस्ट या एक्साइटेड फॉर फते वेरी. एक्साइटेड फिंगर्स क्रॉस्ट लेट्स जस्ट होप. की जो उस लड़के ने जो कमेंट सेक्शन में. लिखा कि लोगों ने आपने लोगों के लिए किया. आप लोगों की आपके लिए बारी है थैंक यू सो. मच थ लवली टॉकिंग टू यू ऑल प्लेजर मै थैंक. यू.
