Unplugged ft. Sidhi Marwadi | MasterChef | Business Woman | Entrepreneur | Rajasthan|
गांव में घूंघट में रहने वाली एक. महिला जिसने अपने कल्चर को भी फॉलो. किया खेतीबाड़ी भी. की लड़के बच्चे भी संभाल रही है. [संगीत].
हिजाब को लेकर हिंदू महिलाओ में घूंघट को. लेकर मेरी नजर में तो उन सबका मान सम्मान. है जो हमसे बड़े हैं आपका जो माइंडसेट है. इसको बदलने की जरूरत है मतलब घट आपके. सपनों के बीच में स्पीड ब्रेकर नहीं है. नहीं है बिल्कुल नहीं आप इनको साथ में. लेकर भी बहुत आगे तक जा सकते हैं लोग कहते. हैं कि हर सफल आदमी के पीछे एक औरत होती. है एक सफल औरत के पीछे कौन होता है मेरे. हस्बैंड का बहुत बड़ा रोल रहा लड़कियों के. बारे में अक्सर सोशल मीडिया में कहा था. जिस्म दिखाओ व्यूज फॉलोवर कमाओ पैसा बनाओ. लड़का है तो वो कुछ गाली ब केगा लड़कियां.
है तो अपने कपड़े कम करेगी मैं हमेशा यही. सोचती हूं कि यह सोशल मीडिया हमारे टाइम. में ना आकर हमारे दादी नानी के टाइम में. आता तो हम उनको देखना कैसा पसंद करते मेरी. मम्मी अगर क्रिएटर होती तो मेरे मम्मी के. कैसे वीडियो में देखना पसंद करती हूं बहुत. खूबसूरत बात कही आपने कैसे मनाया सास ससुर. को गांव की एक महिला अगर सोशल मीडिया प आ. जाए वीडियो बनाने लगे तो वीडियो बनाने का. मतलब सब यह समझते थे ये गलत काम है कुछ. गलत है या सोशल मीडिया पर गूंग हटा के.
फोटो अपलोड कर दिया तो फिर सास ससुर तक. कंप्लेन आती आपकी बहू की फोटो आई है सोशल. मीडिया. पर कोई ऐसा समाज का ताना या बात जो आपके. दिल में घर कर गई हो स्टार्टिंग जब मैंने. य शुरू किया तो मेरा ज्यादा वीडियो नहीं. चल रहे थे तो लोग बोलते थे आपकी वीडियो. खाने वाले तो चलने वाले है नहीं आप ऐसा. करो दोनों हस्बैंड वाइफ चिमटा लेके लड़ाई. करना शुरू करो और एक दूसरे के पीछे भागो. और उसका वीडियो शूट करो एक महिला एक सफल.
पुरुष से अलग कैसे होती है मुझे लगता है. कि अगर इतने काम पुरुष को सौंप दिए जाए ना. तो दिमाग रा हो बैठ. जाएगा औरत को क्या चाहिए बड़े मम्स बनते. आपने भी देखे होंगे रेस्पेक्ट चाहिए दूसरा. कुछ नहीं बाकी सारी चीज व एडजस्ट कर लेती. है चाहे उनकी गरीबी है तो भी झेल लेगी.
आसानी से उसके ख्वाहिश किसको है जिद उसकी. जो लोगों ने कहा कि तुम्हारे मुकद्दर में. लिखा. नहीं यह शुभ संवाद का पहला कार्यक्रम है. और आज जिस शख्सियत से हम आपको मिलवाने. वाले हैं उससे आप यह सीख सकते हैं कि. सफलता पाई कैसे जाती है सफलता का बड़ा. आसान सा मूल मंत्र है कि जो हालात से डरते. नहीं है जो इरादों के दम पर आसमान को चीर. देते हैं जिनके हौसले इतने बुलंद होते हैं. कि व दावा करें कि रेगिस्तान में दू की.
नदी बहा देंगे वो कर लेते और ऐसा ही किया. है राजस्थान की बेटी ने नाम है कौशल्या. चौधरी. जी नमस्कार आपको राजस्थानी परिवेश में. देखकर एक तो मैं कहूंगा आप बहुत सुंदर लग. रही है थैंक यू सो मच लेकिन उससे सुंदर है. आपकी. कहानी मैंने राजस्थान से अपने करियर की. शुरुआत की. थी और बड़े अफसोस से कहना पड़ रहा है भारत. के कुछ राज्य जहां पर महिलाओं को बहुत. दबाया जाता है जो खबरें हम पढ़ते थे उसमें. राजस्थान का एक नाम था लेकिन जब मैं आपकी.
कहानी पढ़ता हूं तो मुझे लगता है यार हम. लोगों ने लाइफ में कुछ किया ही नहीं आपने. पूरा गेम चेंज कर. दिया ऐसा नहीं है कि महिलाओं को दबाया. जाता. है पहले तो यह है कि महिलाएं खुद कुछ करना. चाहिए कुछ बनना चाहिए उसके बाद की बात. होती है कि हमारा सपोर्ट मतलब चाहे घर से. हो चाहे समाज से हो उनका सपोर्ट बाद में. पहला तो हमारा खुद का डि न क्या है या हम.
क्या बनना चाहते हैं तो जिन्होंने भी सोचा. है कुछ करने का कुछ बनने का तो अब कोर्स. वो आगे आई है बहुत कुछ अपने हर फील्ड में. नाम आगे किया है चाहे वो. गेम खेल में हो चाहे वो पॉलिटिन में हो. चाहे किसी भी इंडस्ट्री में चाहे वह. उद्यमी बनना चाहे तो बहुत सी महिलाएं हैं. ऐसी जो आगे ही लेकिन थोड़ा सा हमारा कल्चर. यह है कि बचपन से हमें यह सिखाया जाता है. कि घर आपको नहीं चलाना है थोड़ा सा ऐसा.
बोला जाता है और लड़कों को ऐसा बोला जाता. है कि यह तो पराय घर चली जाएगी आपको घर. संभालना है या इनको तो बस घर में बैठ के. घर का काम देखना है तो थोड़ा सा यह सिखाया. जाता है तो कहीं ना कहीं ल बच्चियों को या. महिलाओं को ऐसा लगता है कि मुझे बस घर तक. सीमित रहना है लेकिन अब थोड़ा कल्चर चेंज. हो रहा है और महिलाएं भी बहुत आगे आ रही. है पढ़ाई पढ़ाई के माध्यम से चाहे दूसरे.
माध्यम से बहुत सी महिलाएं और घर से निकली. है और कुछ कर भी रही है हर क्षेत्र में अब. आगे आ रही है क्योंकि अब जमाना धीरे-धीरे. बदल रहा है मैं जब ये कहानी सुनता हूं कि. गांव के गांव में घूंघट में रहने वाली एक. महिला जिसने अपने कल्चर को भी फॉलो किया. खेतीबाड़ी भी की लड़के बच्चे भी संभाल रही. है.
बिल्कुल आसान नहीं थी. और जब हम कुछ करना चाहे ना तो यह चीजें. मुझे नहीं लगता कहीं आड़ आती है बोलते हैं. ना घूंघट से बाहर नहीं निकलोगे तब तक कुछ. नहीं कर पाओगे या अपनी लैंग्वेज को छोड़. के इंग्लिश या वेस्टर्न कल्चर की तरफ आप. नहीं जाओगे तब तक कुछ नहीं कर पाओगे तो यह. कहीं ना कहीं मुझे लगता गलत है आप इनको. साथ में लिखकर भी बहुत आगे तक जा सकते हैं. आपको एहसास है आपने कितनी सारी महिलाओं को. देश भर में प्रभावित किया होगा बिल्कुल और.
मुझे बहुत सी महिलाएं फॉलो करती है और. मुझे बताती भी है कि हमने आपसे इंस्पायर्ड. होकर ये ये काम किया है तो मुझे बहुत खुशी. होती है कि मेरी वजह से अगर एक की भी. जिंदगी में बदलाव आता तो यह मेरे लिए बहुत. बड़ा अचीवमेंट है बट जब मैं आपकी कहानी. पढ़ रहा था जो आपने कहा ना कि महिलाओं को. दबाया नहीं आता है मैंने उसमें देखा कि कम. उम्र में आपकी भी शादी हो गई आपका डॉक्टर. बनने का सपना था उसे दबा दिया गया शुरू. में पढ़ाई रुक गई बच्चे हो गए और उसके बाद. भारत में आमतौर पर महिलाए मान लेती कि यही.
जीवन है अब लड़का बच्चा हो गया बच्चा बड़ा. करो पति बाहर से कुछ कमा कर लाएगा बच्चों. को संस्कार दो घर परिवार देखो बाहर कहां. जाओगी महिलाओं की इज्जत घर में अच्छी लगती. है यह सब चीजें हमने भी सुनी अपने आसपास. राजस्थान में थोड़ी ज्यादा सुनते हैं वहां. कल्चर को लेकर तो ये कैसे बैरियर तोड़ ले. गए. आप कम उम्र में जैसे मेरी शादी हो गई तो. कितने साल में शादी हुई थी आपकी 19 साल. 12थ करते ही मेरी शादी हो गई थी करते चलो. आप बच गए राजस्थान में बहुत बाल भी.
बिल्कुल. तो फिर मे बचपन से ये था कि जो मां-बाप. बोल रहे हैं जो जो कह रहे हैं उनके. अकॉर्डिंग चलेंगे तो कहीं ना कहीं ये. बेनिफिट के लिए तो ये 19 में शादी आपकी. मर्जी से हुई थी पूछा गया था आपसे या. मां-बाप ने तय कर लिया था नहीं मेरे दादा. दादी ने डिसाइड कर लिया था और पापा को और. आपको बता दिया गया हां पापा को बोल दिया. कि बेटियां आप बड़ी हो गई शादी कर दो तो. जो आपके पति थे उनको आपने देखा था नहीं. पहली बार कब देखा उनको. आपने ये मत कहना शादी के दिन देखा था.
यही सच है नहीं पहले देखा था फोटो आई. होगी ओके किस साल की बात है. ये ये मेरी ननंद की जब शादी हुई थी दो साल. पहले तब वो घर प आए थे साल क्या था हमें. नहीं बता ना नन की शादी कब हुई थी 2011. में यानी तब लने लगा था हां नहीं चला नहीं. था इतना एक्टिव नहीं था नहीं चल रहा था वो. कीपैड वाले फोन चल रहे थे हां तो आप शादी. आपकी हो गई आपको डर व लगा उस टाइम क्या. सपने क्योंकि मैं आपको ज देखता हूं फर.
कहानी देखता हूं मुझे लगता है इसके बाद. क्या एक महत्वाकांक्षी महिला नजर आती है. मुझे और महत्वाकांक्षी एक पिक्चर आई थी. मिर्जापुर उसमें बड़ा अच्छा डायलॉग है कि. बड़ी तकलीफ होती है जब आप योग्य हो और लोग. आपकी योग्यता ना पहचाने तो जब शादी वादी. करवाई जा रही थी आपकी तो आपको एहसास हो. रहा था कि यार पता नहीं कैसा नया घर होगा. सपने क्या होंगे अब क्या करेंगे सब खत्म. तो नहीं हो. जाएगा ब बहुत ऐसा डर भी था लेकिन फिर मेरे. हस्बैंड का भी उनका सपोर्ट रहा कि कोई. नहीं अगर घर वाले मना कर रहे तो छोड़ दो.
हम कुछ ऐसा करेंगे जो तेरे सपने हैं जो. अचीवमेंट जो करना चाहती है जैसे मेरा कुछ. था कि मैं कुछ ये चीजें खदू या वो खरी दूं. लेकिन इनकी भी कोई खास जॉब नहीं मेरे पास. भी ऐसा कोई सोर्स नहीं इनकम सोर्स लेकिन. वह सपने जीवित थे कहीं ना कहीं हमारे जहन. में उनको हमने नहीं मरने दिया कि हम कुछ. ना कुछ तो कर ही लेंगे लोग कहते हैं कि हर. सफल आदमी के पीछे एक औरत होती है.
एक सफल औरत के पीछे कौन होता है मेरे. हस्बैंड का बहुत बड़ा रोल रहा यहां तक आने. में और उन सपनों को मैंने कभी मतलब कुछ हर. बार में यही सोचती घर का काम करते हुए खेत. का काम करते हुए कि मैंने जब 12थ की है तो. मैं 12 साल वहां स्कूल में क्यों दिए अगर. मुझे यही काम करना था तो क्योंकि चूल्हे. के पास तो डिग्री चाहिए नहीं थी वहां तो. ऐसे ही हम काम कर ही लेते हैं तो ये. डिग्री क्यों ली मैंने 12थ तक. की ऐसे करते करते मुझे पा साल हो गए मुझे.
कुछ करना है कुछ अलग करना है कुछ बनना है. वो सपना हमेशा दिमाग में था कि तो ऐसा. क्या करें जो गांव में बैठकर हम कुछ कर. सके या गांव से निकल सके हम गांव में आपको. पता ही है कि एकदम से कुछ हमें रोजगार या. कुछ करना चाहिए कोई जॉब वगैरह नहीं मिलती. आसानी. से फिर मैंने क्रिएटर के बारे में कुछ. youtube1 के आसपास 16 आऊंगा मैं 16 तक.
आऊंगा 16 के बीच ही कहानी जाननी है मुझे. ये जो 11 में शादी हुई 5 साल इसमें एक. बच्चा भी आपको हुआ एक ब डॉटर हुई आपको हां. एक बेटी हो गई थी फिर उसकी जिम्मेदारी थी. घर की जिम्मेदारी थी तो इस टाइम आप. फ्रस्ट्रेट नहीं हो रहे थे कि यार मेरे. सपने कहां चले गए नहीं बहुत दुख हुआ था. मुझे कि मैं मैं 12थ जो मैंने साइंस से. किया था मुझे आगे बीएससी करना रेगुलर. कॉलेज जाना था क्योंकि मेरे साथ की सारी. फ्रेंड्स कॉलेज जाती थी तो उसके उनसे मैं. कभी मिलती थी बात करती थी तो वो डेल्ली. कॉलेज जा रही है एंजॉय कर रही है और मैं. यहां गोघट में र के घर का काम कर रही हूं.
तो बहुत ऐसे दुख भी होता था कि मैं इन. चीजों को कैसे सही करूं हम तो पहली बार कब. आपने आपके हस्बैंड से बात की कि यार कुछ. करते हैं क्योंकि तब तक तो. youtube1 में मैंने शुरू किया ना तो भी. मेरे गांव में या आसपास के कोई क्रिएटर था. ही नहीं तो उस टाइम लोगों को भी उस टाइम. भी बहुत अजीब लग रहा था और खास तौर से हम. गांव की एक महिला अगर सोशल मीडिया प आ जाए. वीडियो बनाने लगे तो वीडियो बनाने का मतलब.
सब ये समझते थे ये गलत काम है पु हड़ता कर. रही है हां बिना देखे वो एक दिमाग में है. हां वो दिमाग में वैसा ही है कि ये मतलब. वीडियो बनाना कुछ गलत है या सोशल मीडिया. पर गुंट हटा के फोटो अपलोड कर दिया तो फिर. सास ससुर तक कंप्लेन आती आपकी बहू की फोटो. आई है सोशल मीडिया. पे तो और गांव के लोग मजे लेके दिखाते. होंगे ये देखो इनकी ब ये देखो ये इनकी बहू. है कि मतलब सोशल मीडिया पे डाल रही है. इनको शर्म तक नहीं है समाज बर्बाद कर रहे. हैं दिमाग खराब कर दिया लोगों का.
तो लेकिन फिर भी हम बहुत सी चीजें इग्नोर. की ग कुछ तो लोग कहेंगे कुछ करेंगे तो कुछ. कहेंगे तो सुनना पड़ेगा अगर उनको नहीं. सुनना है तो चुपचाप बैठ जाओ अगर कुछ करना. है आगे बढ़ना है तो लोगों को साथ लेकर. चलना पड़ेगा इनकी बातों को तो सुनना. पड़ेगा तो ये जैसे मैं यह मानता हूं अभी. भी छोटे शहरों में मानता हूं कि लड़कियां. जींस पहन लेती है तो कई बार घर में लड़ाई. आती है हालांकि अब काफी देश बदल चुका है. लेकिन जब मैं गांव देहात में आता हूं तो. वहां अभी भी जींस को लेकर भी बहुत बड़ा. बवाल होता है कि जींस टॉप के पहन रही हो.
आप सोशल मीडिया की बात कर रहे हो बहुत. सारे मैं अभी भी गांव में देखता हूं कि. पत्नियों को मना करते हैं मत जाया करो. 201617 में जब आपने तय किया कि.
वॉइस रिकॉर्ड के लिए माइक चाहिए लाइटिंग. के लिए हमें वो पूरा स्टूडियो वगैरह चाहिए. तो यह चीजें हमारे पास नहीं थी हमने वह घर. की जो पुरानी कढई थी उसी में शुरू किया और. फोन भी हमने दो तीन लोगों से पैसे लेकर. एडजस्ट. करके शुरू किया था जोब फोन मैंने खरीदा था. तो भी मैंने तीन लोगों से पैसे तो खरीदना. बाद में आ होगा पहले तो होगा ना कि हम ये. काम करेंगे तो कैसे कैसे तय आपने किया कि. खाना का वीडियो बनाना है. क्योंकि.
और उसमें से जो अच्छी लगती वो मैं.
एक्सपेरिमेंट घर पर करती थी देखिए टैलेंट. कोई बर्बाद नहीं आता आपने कहा था ना चूहे. के पास का टैलेंट कहां जाएगा आ गया काम. चूले के पास के टैलेंट तो वो चीजें बहुत. काम आई तो उसमें मेरा धीरे-धीरे इसमें. इंटरेस्ट बढ़ने लगा तो मैं हर रेसिपी घर. पर ट्राई करती और जब मैं बना के घर वालों. को या बहन भाई को खिलाती तो वो बहुत ऐसे. थैंक्स बोलते कि व दीदी क्या बना दिया पति. जीी को नहीं खिलाती थी आप खिलाती शादी के. बाद हा फिर सास ससुर को इन सब मेरा खाना.
मोस्टली सबको बहुत पसंद आता था स्पेशली जो. मैं सब्जी बनाती थी वह ऐसे ही अगर कुछ. स्पेशल ना डालती फिर भी उसमें इतना अच्छा. टेस्ट आता था घर में सबकी डिमांड रहती कि. बाकी चीजें कोई दूसरे बना लेगा रोटी या. कुछ भी बन रहा है लेकिन सब्जी तो मैं ही. बनाऊंगी ठीक है तो यहां से आपको लगा कि. खाना मेरा टैलेंट है जिसको मैं दिखा सकती. ह जिसको मैं आगे लेके जा सकती हूं अब सबसे. पहले किससे बात की आपने मैंने मेरा. हस्बैंड से बात की कि हम. [संगीत]. प्लेटफॉर्म में वीडियो बना के डालते भड़के.
नहीं ये भड़के वड़के नहीं नहीं नहीं कि. तुम वीडियो बनाओगी गांव समाज में लोग क्या. बोलेंगे नहीं इनका इतना तो सपोर्ट रहा है. इनका था और सास ससुर का फिर सास ससुर को. थोड़ा समझाया कि डालते हैं वीडियोस वगैरह. शुरू मना किया होगा हां शुरू में मना किया. दादी सास ने बहुत मना किया कि नहीं ऐसे. काम नहीं करने हमें हां क्योंकि वो तो जॉब. के भी अगेंस्ट जब लोग क्या. कहेंगे लोग बोलेंगे कि आप सोशल मीडिया पे. आ ग जी तो हम उनको समझाते नहीं हमारा फेस.
भी नहीं आएगा उसमें सिर्फ हाथ हाथ दिखेंगे. अच्छा शुरू में हां स्टार्टिंग में जब. मैंने वीडियो बनाना शुरू किए तो तो उससे. पता नहीं चलेगा कि मैं हूं या कोई दूसरी. है तो मेरे सिर्फ हाथ हाथ ही और गाड़. निकाल लिया आपने जुगाड़ू हो. आप तो सिर्फ हाथ ही आते थे रेसिपीज में और. मेरी वॉइस साथ में रिकॉर्ड होती तो तो. दिक्कतें भी बहुत आती क्योंकि जब वीडियो. शूट कर रहे तो कभी लाइट चली गई कभी बीच. में गेस्ट आ गए कभी अपलोड करते. करते अपलोड ही नहीं हो रहा क्योंकि जब. वीडियो हम स्टार्टिंग में गांव गांव में.
थे तो वहां जो रेंज थी बहुत कम थी अपलोड. होने में पांच पांच छछ घंटे फिर मेरे मन. सवाल आता है जब मैंने सोशल मीडिया की. जर्नी शुरू की थी तो मैं वीडियो ऐसे बनाता. था सारे या किसी अ पत्थर के सामने कहीं रख. दिया ऐसे मोबाइल और सनलाइट में शूट कर. लिया क्योंकि अंदर लाइट का इशू होता घर. में तो बाहर सुबह और शाम को मैं वीडियो. रिकॉर्ड कर रहा था बाहर कहीं उसी टाइम. अच्छा वीडियो रिकॉर्ड होता धूप अच्छी आती. तो कहते कि नेचुरल लाइट पे नेचुरल लाइट. कैमरा हल्का हो तो भी काम चल जाता है. बिलकुल आपके वीडियो कैसे रिकॉर्ड होते थे.
क्योंकि वीडियो रिकॉर्ड करना वीडियो एडिट. करना थंबनेल बनाना आप तो गांव देहात में. थे कैसे सीखा हो रही कैसे शुरू हुआ ये मैं. आपको पढ़ते समझ नहीं पा रहा था मैं वीडियो. मेरा भी पूरा ऐसे जुगाड़ कर रखा था फोन. रखने के लिए हमने स्टैंड बनाया थर्मा कॉल. का जिसमें फोन सेट हो जाए और उसको तार से. थर्मा कल को बांध के एक पास में ही छोटा. सा अलमीरा था उसमें रख के ऊपर पत्थर रख के. उसका सेट कर रखा था कि ये स्टैंड है. स्टैंड के नीचे किच यह गैस स्टॉप आ गया और.
ऊपर थर्माकोल से जुगाड़ करके उसका स्टैंड. बनाया और ऊपर ही हमने रस्सी से रस्सी और. तार से बांध के चार लड्डू ऐसे बल्ब छोटे. छोटे. वाले आप याद करें कितना मजा आता होगा ये. सब और फिर हम जब रेसिपी शूट करते थे तो. इतनी गर्मी के अंदर जब वो ऊपर चार बल्ब जल. रहे हैं इधर दरवाजा पूरा बंद है कि अंदर. किसी की आवाज ना आए क्योंकि वॉइस हमारे. साथ साथ में रिकर्ड ये भी बहुत समस्या. होती पीछे कोई चिल्ला दे कोई खास दे तो.
फिर उस और छोटा सा किचन पूरी गर्मी से एक. घंटे में वो शूट करके जब बाहर आए ते पूरे. कपड़े भीगे हुए हैं कि चलो वीडियो शूट हो. गया और उसी में कभी-कभी जैसे लाइट चली गई. या कोई गेस्ट आ गए तो वो पूरी ऐसे ही जाती. थी और इसकी एडिटिंग फिर किसने शुरू की. काइन मास्टर सबका फेवरेट सिखा आपने. स्टार्टिंग में जी खुद सिखा आपने खुद से. सीखा तो ये एडिटिंग क. जैसे अब वीडियो अपलोड कैसे करना है या.
इसका थंबनेल कैसे बनाना है तो ये चीजें. मैं सर्च करती. youtube1 साल तक क्या इंस्पिरेशन थी. लगातार काम करने की क्योंकि एक साल आपका. वीडियो नहीं चला कई बार लोग गिव अप कर.
देते या किसी भी फील्ड में आज के टाइम. क्रिएटर को क्या लगता है कि शॉर्ट टाइम. में सब कुछ चाहिए लेकिन जब मैंने. youtube1 साल में 7080 के करीब वीडियो डाल. दिए थे तो यही मेरा सवाल है कि असफलता. क्या सिखाता है.
सफलता की सीढ़िया सफलता से ही गुजरती है. तो व चीजें हमें फेस करनी होगी अगर यह. चीजें हम फेस नहीं कर रहे हैं तो अगर. सफलता मिल भी जाएगी ना तो उसको हम लंबे. टाइम. तक पास में नहीं रख पाएंगे होता क्या है. कि लोगों को अगर कुछ बन बनाया अगर सेटअप. मिल जाता है या बन बनेई कुछ चीजें मिल. जाती तो तो उन चीजों को व लंबे टाइम तक. लेकर नहीं चल सकते और वो जो अचीवमेंट जब. मिलता है उसकी वो खुशी भी वो खुद नहीं. जानता कि इसकी जो अभी मुझे ये अचीव हुआ है.
या मेरे 1 मिलियन फॉलोअर्स हुए हैं तो. उसकी वैल्यू नहीं करेगा वो बंदा अब जब आप. गांव देहात से निकलते हो दिल्ली आते हो या. सोनी टीवी प जाते हो या कहीं भी जाते हो. प्रोग्राम अलग-अलग अटेंड करते. हो वो जो आसपास के लोग सवाल पूछ रहे थे वो. जो आसपास के लोग कह रहे थे गांव समाज का. नाम खराब करोगी तुम घर परिवार में कुछ लोग. रिश्तेदारों के मन में संदेह आया होगा कई. लोगों ने आपके पति को भी ताने मारे. होंगे अब क्या रिएक्शन आता है अब शाबाश ही. देने आते हैं. क्या.
कहते कि आपने यहां से निकलकर इतने ताने. सुनकर यहां तक पहुंच गए यह बहुत बड़ी बात. है. और सबको ऐसा बोलते हैं कि वाकई में मतलब. मे सास ससुर को बोलते कि आपकी बहु बहुत. टैलेंटेड है लेकिन जब मैंने शुरू किया तो. उनको लगता कि यह गलत कर रही है तो ये पूरी. कहानी क्या सिखाती है. फिर यही है कि हम लोगों की बात में ना आकर.
अपने मुझे लगता है कि जैसे कोई काम होता. है ना घर वाले अगर हमें नहीं रोक रहे टोक. रहे हैं तो उसके बाद अगर दुनिया कुछ कुछ. भी बोले ना उन पर ज्यादा फोकस नहीं करना. चाहिए अपने काम पर फोकस करें तो बेटर. है दुनिया क्या कह रही है दुनिया तो आप जब. घर पर बैठे रहोगे ना तो भी बोलेगी कुछ कर. नहीं रही है अब घर से बाहर निकलोगे तो भी. वह उनको जानना है कि यह क्या कर रही है आज. भी कई लोगों को ऐसा लगता है कि यह क्या कर. रही है जब मैं ने अपना मसालों का बिजनेस.
शुरू किया तो कई लोगों को लगा कि ये इनसे. कौन खरीदेगा या यह कहां सेल करेगी गांव. में इनसे लेने के लिए कौन आएगा हम तो इनके. पास जाएंगे भी नहीं लेकिन अब वो आके बोलते. हैं कि. आप लेकिन वह सपना तो क्या है हमारे मन में. उनके मन में नहीं है कि हम क्या सोच के. शुरू कर रहे हैं कोई काम को. youtube2 साल में नहीं मिली ना तो तब तक व. दिमाग में वो एक संतुष्टि भी नहीं थी कि.
हमने कुछ कर लिया है वह हमेशा ऐसा था कि. कुछ अलग करना है कुछ अलग करना है कुछ नया. करना है लोगों से हटकर हम कुछ करेंगे तभी. हम आगे बढ़ पाएंगे मैंने इसीलिए वो शेर. सुना था शुरू में कि मंजिलें मिल ही जाती. हैं भटकते भटकते गुमराह वो है जो घर से घर. से निकलोगे आपको रास्ता मिल जाता कुछ ना. कुछ रास्ता हमारे पास जैसे आपने शायद पहले. हिंदी में वीडियोस बनाए थे फिर आपको समझ. में आया कि नहीं कुछ गड़बड़ हो रहा है फिर. आपने कल्चर पकड़ दादी दादी नानी केहा जो.
दादी ने बताया कि ये वीडियो बना रही है. सिंपल सी सब्जी है लेकिन समझ नहीं आ रहा. तो वहां से आईडिया निकल के आया व मैंने दो. साल काम किया तब जाकर मेरे पास यह आईडिया. है ऐसा नहीं कि पहले दिन से ही हमने यह. चीजें सोच ली रे एकदम से सब कुछ हो गया. एकदम से कुछ नहीं भटकते भटकते समझ में आया. बिल्कुल घर से निकलने के बाद घर से निकलने. के बाद तो फिर ये कहा पहला पहला गेम चेंजर. क्या रहा कब एहसास हुआ कुछ अच्छा हो रहा. है जब मैंने अपनी रिजनल लैंग्वेज में. मेरा.
और फिर वो जेनन भी लगता है कि हम जब सामने.
आते हैं ना तो उनको लगता है कि हां सामने. बैठकर कोई सिखा रहा है और मैंने तो अपनी. रीजनल लैंग्वेज में शुरू किया तो जो. राजस्थानी भाषा जानते हैं जो पसंद करते. हैं उनको तो ऐसा लगा कि मेरा घर का सदस्य. कोई सामने बैठा और मुझसे बातचीत कर रहा है. तो वो एकदम वो कनेक्टिविटी बनती. है लेकिन इसका बैकल भी तो आया होगा अड़ोस. पड़ोस वाले रिश्तेदार तो हमेशा टांग. खींचने के लिए होते हैं पड़ोसी हमेशा. परेशान करने के लिए होते हैं अभी तक आपका. चेहरा नहीं दिख रहा था अपने सास ससुर को. समझाया था अब चेहरा लेके आप गए तो उनको.
थोड़ा ऐसा ल हां अब सामने आई तो फिर इससे. क्या अचीव कर लेगी हम पहले चेहरा नहीं. दिखाया इतने दिन का इतने साल काम किया है. उससे कुछ हुआ नहीं तो अब सामने ऐसे आई है. तो वो लोग तो बोलते रहते हैं उनको तो क्या. बोलने की आदत है अब लोग कुछ ना कुछ तो बात. करेंगे जब हम सोशल मीडिया पर होते हैं काम. करते हैं मैं अपनी अपने कल्चर में रहते. हुए अपनी भाषा में सारे इतने अच्छे वीडियो.
भी ड बनाते हू ना तो कई-कई लोगों तो ऐसे. प्रॉब्लम भी होती है जो इनके अगेंस्ट होते. हैं कि ये इतना क्यों इन चीजों को लेके. मैडम ी आपका परिवार आपके साथ था और इसीलिए. मेरा सवाल है कि एक सफल महिला के पीछे. उसका परिवार की कितनी अहमियत होती है बहुत. क्योंकि अगर परिवार का सपोर्ट मिल जाए ना. तो इंसान कुछ भी कर सकता है हम और मेरी. सफलता में मेरा परिवार का और मेरे हस्बैंड. का बहुत बड़ा रोल रहा है मेरे सास ससुर का. बहुत बड़ा रोल रहा है क्योंकि उन्होंने. बच्चों को संभाला है आज बच्चों को वह.
संभाल रहे हैं तभी हम यहां बैठ के बातचीत. कर रहे हैं ट्रू मेरे हस्बैंड ने मुझे. सपोर्ट किया है तो मैं यहां तक पहुंची हूं. बाकी अगर वह बोल देते कि नहीं यह तेरे बस. का नहीं है या तू नहीं कर सकती तो शायद. मैं पुरुषों को लेकर एक धारणा होती है कि. पुरुष अक्सर स्ट्रांग महिलाएं या सफल. महिलाओं को पचा नहीं. पाते एक धारणा बनाई जाती है समाज में इसी. लिए. शायद हर कपल में ज्यादा सक्सेसफुल पति.
होता है कंपैरिजन में एक धारणा ऐसी बनी. जाती है बिल्कुल आप ये मानते. हो नहीं अगर दोनों कन्वेंस करके दोनों की. रजामंदी से हम कुछ अगर काम कर रहे हैं तो. ऐसा कुछ नहीं है एक पुरुष महिला इतना. संघर्ष करती है एक पुरुष को सक्सेस बनाने. में तो पुरुष का जिम्मेदारी बनती है कि. अगर वह महिलाएं कुछ करनी चाहे अगर उसमें. वो है टैलेंट है तो उनको आगे लेके आना आप. और आपके पति देव आप लोग कहीं जाते हो और.
उनसे कहा गया कि ये है कौशल्या जी और इनसे. मिलिए कौशल्या जी के पति. है ये असहज करता है आप दोनों के बीच में. यह सामंजस्य कैसे बिठाते हो आप लोग नहीं. इनको कोई प्रॉब्लम नहीं होती है कि मुझे. कौशलिया जी के पत्ती. सेना लोग तो ऐसे बोलते हैं कि वाइफ को आगे. कर दिया इनको बोलते हैं कभी कभार कि खुद. से कुछ नहीं हो पाया तो खुद की पत्नी को. आगे य कैसे फिर इसमें कैसे आप दोनों आपस. समज बिठाते एक तो हो ग दुनिया के सामने वो. तो चलिए आपने मुस्कुरा दिया कि नहीं है.
आपस में कभी इस बात को लेकर तकरार हुआ. नहीं य ये कभी ऐसा डिस्कस होता ही नहीं. हमारे बीच में कि मुझे ऐसा बोलते हैं लोग. या तुझे क्या बोलते हैं इन चीजों को. डिस्कस हम करते भी नहीं एक महिला का. संघर्ष पुरुष के संघर्ष से कैसे अलग होता. है. बहुत महिला को देखो सब कुछ देखना होता है. समाज का भी देखना होता है परिवार का भी. देखना होता है बच्चों का देखना होता है. हस्बैंड का मतलब सबको साथ में लेके चलना. होता है अगर पुरुष घर से निकल जाए और घर.
वापस काम करके वो घर वापस आए ना तो सब कुछ. म मिलता. है उनका तैयार है उनको डिस्टर्ब ना करें. तो बच्चों को हम बोलते ये थके हुए इनको मत. परेशान करो लेकिन एक महिला जब काम करके घर. आती है तो उसको वही वापस वही खाना बनाना. है बच्चों को संभालना है सुबह स्कूल उनको. भेजना है तो काफी जिम्मेदारियां रहती है. और जो परिवार यह समझ लेता है ना कि ये कुछ. कर रही है तो इनका सपोर्ट करते हैं तो वो.
महिलाएं आगे निकल जाती है तो जैसे अभी. आपके तीन बच्चे हैं घर का काम अभी भी करना. पड़ता है आपको मैं ऑफिस जब सुबह जाती हूं. तो थोड़ा बहुत काम करके जाती हूं शाम को. आते टाइम वापस आती हूं तो मैं शाम को. बच्चे हमारे पास में ही रहते हैं क् दिन. भर दादा दादी के पास रहते तो फिर हमें. लगता है कि पूरे दिन ये रखते हैं तो. परेशान तो होते ही है तो शाम को हम. संभालते हैं फिर लेकिन वो फिर भी मतलब. उनका इतना सपोर्ट है कि वह भेजते भी नहीं.
है वह बोलते हैं कि यह पूरे दिन काम करके. आए हैं तो इनको परेशान मत करो लेकिन मेरी. मेरी मम्मी क्योंकि वर्किंग मम्मी है मेरी. मम्मी प्रिंसिपल है सरकारी स्कूल में तो. इस बात को मैं समझता हूं मैं जानता हूं. लेकिन फिर भी मैं चाहता हूं आप लोगों को. बताओ कि परिवार और करियर के बीच में एक. सफल महिला कैसे संतुलन बनाती है क्योंकि. बच्चे को तो मां चाहिए बिल्कुल. पति की अपेक्षा सासुर की अपेक्षा हैं तो. ये एक सल महिला एक महिला है जो होम वाइफ.
है घर पर रहती है सारा काम देखती है बट वो. महिला जो सारा काम कर रही है दुनिया में. जा रही है वह परिवार और करियर के बीच में. क्या संतुलन बनाती. है थोड़ा टाइम तो परिवार को वो कम दे पाती. है लेकिन फिर भी महिला कहीं ना कहीं से वो. टाइम एडजस्ट कर ही लेती है निकाल ही लेती. है परिवार के लिए जैसे हम पहले काम करते े. तो दिन भर अगर बच्चे को संभाल रहे हैं तो. हमें एक्स्ट्रा टाइम निकालना होता है कि. रात में वीडियो शूट करेंगे हम दिन में. बच्चे परेशान करते हैं तो इसको इनको.
इग्नोर नहीं कर सकते या ऐसे रोते हुए नहीं. छोड़ सकते कि कोई नहीं ये साइड में कर दो. इनको और हमें काम को इंपोर्टेंस देनी नहीं. बच्चों को संभालते हैं बच्चे अगर परेशान. कर रहे हैं तो उनको शाम को सुलाते 11 12. बजे अगर वो सो जाते उसके बाद वीडियो शूट. करते हैं हम तो यह टाइम तो हमें थोड़ा सा. कहीं ना कहीं कहीं से निकाल के एडजस्ट तो. करना होता है परिवार के लिए भी देना होता. है मेरी दादी सास वो बूढ़े होते उनको ऐसा. लगता है कि हम जब ऑफिस जाते हैं तो एक दिन. भी अगर ऐसा हो जाए कि उनसे मिलक ना जाए या.
उनसे बातचीत करके ना जाए तो व नाराज हो. जाते हैं हां वो बड़े उनका वो होता हा. बिना कहे आप कैसे निकल गए वापस आए तो. बताया क्यों नहीं तो हम जब ऑफिस से वापस. घर जाते तो उनके पास बैठते हैं और. दिनचर्या दिन की जो भी होती है उनसे. डिस्कस करते हैं और उनको भी जानना है दिन. में क्या काम किया है या काम कैसे आपका चल. रहा है कोई ऐसा समाज का ताना या बात जो. आपके दिल में घर कर गई हो जब आप ये सब. शुरू कर रहे थे या बीच में कर रहे थे कोई. बात जो गई हो कहते ना कुछ बातें दिल में.
जखम कर जाती है स्टार्टिंग जब मैंने ुरु. किया तो मेरा ज्यादा वीडियो नहीं चल रहे. थे तो लोग बोलते थे आपके वीडियो खाने वाले. तो चलने वाले है नहीं आप ऐसा करो दोनों. हस्बैंड वाइफ चिमटा लेके लड़ाई करना शुरू. करो और एक दूसरे के पीछे भागो और उसका. वीडियो शूट. करो तो फिर उस टाइम जब परिवार वाले ऐसे. बोलते हैं ना तो थोड़ा बहुत ऐसे मन में. फील होता है कि ऐसा क्यों बोल रहे हैं या.
हमें सलाह देते हैं कि आप इस इस टाइप के. वीडियो बना. लो तो ये सलाह के तौर पर थे उपहास के तौर. पर थे शायद उपस के तौर पर उनके लिए तो यही. था सलाह तो अगर अच्छी देते तो मा समझ आती. कि हां हमारे लिए हित की बात सोच रहे हैं. या कुछ बलाई की बता रहे हैं और उनको तो. आजकल लोग कहते हैं बहुत गंदगी हो गई है.
लड़कियां लड़कियों के बारे में अक्सर सोशल. मीडिया में कहा था है कि कम कपड़े पहनकर. शरीर का दिखावा करके इजली तरीका है फॉलोवर. लाने का बिल्कुल मैं आपको देखता हूं आप. पूरे राजस्थानी वेशभूषा में है सर पे. घूंघट रखा है अब आप एंटरप्रेन्योर भी बन. चुकी हैं आप. youtube0 धारणा है कि लड़कियों के पास इजी. फॉर्मूला होता है जिसम दिखाओ व्यूज फॉलोअर. क पैसा बनाओ ये हालांकि सारी लड़किया नहीं.
आप जैसे लोग अपवाद इसलिए आपसे पूछ चा रहा. हूं आजकल का थोड़ा ट्रेंड बन गया कि हमें. फेमस होना है चाहे लड़कियां हो चाहे लड़का. हो कोई भी हो लड़का है तो वह कुछ गाली बके. का लड़कियां है तो अपने कपड़े कम. करेगी मेरा मानना है कि यह चीजें आप कर भी. लोगे ना तो इससे आप क्या अचीव. करोगे फॉलोवर्स अगर आपने कमा लिए हैं. कपड़े उतार कर तो वह फॉलोअर्स आपके क्या.
काम. आएंगे या एक टाइम के बाद उनको भी लगेगा. अभी तो शायद उनको इतनी समझ नहीं है कि मैं. कर क्या रही हूं लेकिन जब 20 साल बाद 30. साल बाद उनके बच्चे होंगे या उनकी उम्र एक. टाइम के बाद उनको लगेगा कि मैं क्या कर. रही. थी मैं हमेशा यही सोचती हूं कि यह सोशल. मीडिया हमारे टाइम में ना आकर हमारे दादी. नानी के टाइम में आता तो हम उनको देखना. कैसा पसंद. करते वह चीजें हमेशा थोड़ा जहन में रखकर.
हम अगर वीडियो बनाए तो शायद हम रास्ता. नहीं. भटक कि मैं मेरी मम्मी अगर क्रिएटर होती. तो मेरे मम्मी के कैसे वीडियो मैं देखना. पसंद करती बहुत खूबसूरत बात कही आपने अगर. मेरी दादी क्रिएटर होती तो मैं दादी को. कैसा देखना पसंद करती तो आप भी आने वाले. टाइम में दादी बनोगे मम्मी बनोगे नानी. बनोगे तो जो आपकी आने वाली जनरेशन है वह. आपसे क्या सीख रही है आप उनको किस दिशा. में लेकर जा रहे हो आप खुद किस दिशा में.
जा रहे. हो तो मैं इन चीजों के बहुत अगेंस हूं और. मैं बोलती भी हूं कई लड़कियां ऐसी आती है. मेरे पास बाल पूरे खुले किए हुए हैं कम. कपड़े पहने हुए तो मैं उनके साथ फोटो भी. नहीं खींचती मैं मना करती हूं मैंने कहा. बेटा थोड़ा घर जाकर एक बार सोचना और जिस. कपड़ों में तू आई है एक बार दादा को या. पापा के सामने उनको बोलना कि मैं कैसी लग. रही हूं तो उनका क्या रिएक्शन है आपके प्र.
तो कहते हैं हमारी मर्जी हमारी आजादी आपने. सुना होगा ये कहते हुए लोगों को बिल्कुल. सुना है अब तो राजस्थान में भी लोग काफी. मॉडर्न हो गए हैं हर जगह देश भर में ही हो. गए हैं अब तो काफी सोशल मीडिया की वजह से. इंपैक्ट पड़ा है अच्छा ठीक है हम आपके. बारे में आते हैं शुरुआत में आपने हिंदी. से शुरुआत की थी जी फिर आप मारवाड़ी पे गए. बिल्कुल अब वापस हिंदी शुरू कर अब करते हो. वीडियोस या केवल मारवाड़ी में भी है अ मैं. मास्टर शेप से आने के बाद मैंने वीडियोस. नहीं डाले हैं. क्योंकि इतना टाइम हम अलग से नहीं निकाल.
पाए कि हम खुद के ब्रांड पर बिजनेस बन गई. उस थोड़ा ध्यान दे क्या बदल दिया मास्टर. शेफ ने कैसे कॉल आई थी वहां से आपके पास. सोनी टीवी की तरफ से कॉल आता कि यह शो है. जहां रेसिपीज ज पार्टिसिपेट होता है इसके. पहले वायरल हो गई थी हां मेरा चैनल अच्छा. चल रहा था 11 12 लाख फॉलोवर्स थे प और अदर. सोशल मीडिया मिलाकर 40 लाख के करीब. फॉलोवर्स पे हम तो फिर मुझे लगा कि मैं तो.
सिर्फ अपना रीजनल खाना बनाती हूं. राजस्थानी खाने तक सीमित हूं लेकिन ये. इतना बड़ा प्लेटफार्म है जहां इंटरनेशनल. खाने हो गए उनकी भी डिश आनी जरूरी है तो. वहां हम हमें कैसे कैसे वहां अपनी जगह. बनाएंगे आप टॉप 12 तक गई थी वहां प हां. लेकिन फिर भी कि मतलब राजस्थानी खाना इतना. जायकेदार है कि एक जगह तक तो हम पहुंच ही. जाएंगे तो अग थोड़ा सा मन में अगर किसी. इंसान ने राजस्थानी खाना ना चखा हो क. हमारे ऑडियंस जो है वो देश भर में है तो.
आप उसे क्या कहोगे कि यह तीन या चार चीजें. राजस्थान की ट्राई करो तब जानोगे खाने में. स्वाद क्या यह नहीं चखा तो जीवन में क्या. खाया बिल्कुल हमारे राजस्थान की दाल बाटी. चूरमा है और हमारे जोधपुर की बहुत फेमस. माकन या लस्सी है और मिर्ची बड़े हैं बाकी. मावा कचोरी है यह चीज आप अगर खाओगे ना तो. उस खाने के दीवाने हो जाओगे राजस्थान में. सबसे अच्छा खाना कहां मिलता है किस शहर. में. जहां आपने चखा हो या आप गए हो तो आप पूरा.
राजस्थान घूमते हो राजस्थान को रिप्रेजेंट. करते हो मुझे तो मोस्टली जोधपुर का खाना. ही पसंद आता. है वैसे अलग-अलग जगह की हमारी बहुत सी. जैसे लूनी के रसगुल्ले हो. गए हर जगह के अलग अलग फेमस पाली का गुलाब. लवा हो गया बहुत सी डिशेस है मोस्टली. वर्ल्ड फेमस भी है और हमारे राजस्थान में. भी खूब फेमस है लेकिन जोधपुर में मैं कभी. कभार कहीं बाहर निकलना होता है या कहीं. जाना होता तो ये मिर्ची बड़े हो गए या.
लस्सी हो गई यह जरूर ट्राई करते हैं तो अब. मैं जो आपकी जर्नी देखता हूं मुझे दिखाई. पड़ता है एक महत्वाकांक्षी लड़की जिसकी कम. उवर में शादी हुई बच्चे हो गए फिर उसने य. शुरू किया क्योंकि सब सोशल मीडिया पर जा. रहे थे फिर यह बिजनेस वमन कहां से बनने का. थॉट आ. गया जब मैंने क्योंकि वीडियो बनाना आसान. है कंपनी खोलना थोड़ा थोड़ा बड़ी सोच है. और ये सोच कहां से आ गई इतना सोचने के लिए. भी मैं सोच रहा हूं कैसे सोच लिया जब. टिकटक चल रहा था ना उस टाइम मैं भी अपने. जो एक काम री बात करन मतलब.
एक शॉर्ट वीडियो में व बनाती थी हम तो. उसमें राजस्थानी लैंग्वेज में ही था जो. मोटिवेशन के तौर पर कुछ लाइने होती है जो. हम राजस्थानी लैंग्वेज में कन्वर्ट करके. बोलते थे और वहां अच्छे खासे फॉलोअर्स थे. तो जब वो चला गया तो मुझे लगा कि एक दिन. ऐसा होगा कि. कुछ ना कुछ ऑप्शन होना चाहिए कि जो हमारे.
इधर फॉलोअर्स है उनको खुद का प्लेटफॉर्म. बनाते हैं खुद की प या वेबसाइट बनाते हैं. उसमें कन्वर्ट करते हैं और उस टाइम यह भी. थोड़ा सा था कि हम कुछ सेल करते हैं कि. सिर्फ वीडियो बनाने से कुछ नहीं होगा. धरातल पर भी कुछ हमारा काम होना चाहिए अगर. लंबे टाइम तक चलना है या कुछ काम करना है. तो तो मैंने ऐ बनवाया था ऐप और वेबसाइट. मेरा मास्टर शफ से आते आते कंप्लीट हुआ था. तब तो काफी लोगों ने अप्रोच कर दिया होगा. मास्टर शेफ के बाद आपको हां तो वहां से.
आने के बाद मैंने डिसाइड किया पहले यह. डिसाइड नहीं था कि ऐप पर हम सेल क्या. करेंगे या कौन सा प्रोडक्ट हम लेके आएंगे. या कोई दूसरे यहां सेल करेंगे ऐसा तो वहां. से आने के बाद मेरा क्लियर हुआ कि मैं. मसालो का ही. करूंगी क्योंकि जब मुंबई रही या मैं कहीं. बाहर जाती हूं तो मोस्टली मुझे कहीं का भी. खाना पसंद नहीं आता है हम और खाने में. सबसे बड़ा रोल रहता है मसाले और ऑइल्स का. ह. हमारे घर त घर में तो सुध मिल जाते हैं.
जैसे हम. तो हमारे घर में ट्यूबवेल है तो वहां. मिर्ची हो जाती है धनिया हो जाता है हल्दी. हम घर पर तैयार कर लेते हैं ऑयल जो बारिश. के टाइम जो तिल होते हैं उनका तेल निकल के. साल भर काम में लेते हैं हां लेकिन घर में. बनाना य होता है कि चलो आपने एक सीमित. खेती की वहां से निकाल दिया निका लेकिन जब. आप इसे कंपनी के तौर पर सोचते हो जब तब. मैंने सोचा कि जो भी मुझसे लोग जुड़े हुए. हैं वहां हम हमारी ऐप और वेबसाइट के थ्रू. उन लोगों तक हम हमारे प्रोडक्ट ट्रेडिशनल.
तरीके से तैयार करेंगे और उन तक. पहुंचाएंगे. तो वहां से आने के बाद पहले तो मैंने सोचा. कि हम किसी से खरीद लेते हैं लेकिन जब. इधर-उधर घूमे देखा फैक्ट्रियां देखी कई. जगह हमने विजिट किया तो कई-कई जगह तो हमें. मना ही कर दिया कि आप फैक्ट्री के अंदर. अलव नहीं. हो और फिर लगा कि अगर हम इनसे सामान खरीद. रहे हैं सेल के लिए अगर हम एक क्विंटल पाच. क्विंटल 10 क्विंटल हम माल इधर उठा रहे.
हैं तो ये मना क्यों कर रहे हैं हम. क्योंकि हम बिजनेस के सिलसिले में अगर. किसी इंसान के साथ जुड़ रहे हैं तो. क्लेरिटी होनी चाहिए छुपाने वाली क्या बात. है तो वहां से थोड़ क्या छुपा रहे थे वो. कि आप जो प्रोडक्शन हो रहा है जहां. फैक्ट्री में वहां आप विजिट नहीं कर सकते. क्यों अब उसका रीजन तो वही जाने तो वहां. से थोड़ी कसि बड़ी की ये क्यों नहीं जाने. देते मसालों का फार्मूले के लेकर हां उनको. लगता है कि कहीं अगर यह प्रोसेस देख लिया. है तो या तो कुछ ऐसा होता होगा कि मसाले.
के नाम पर भी कुछ भी पीस रहे हैं ब जैसे. मसाले बहुत बड़े-बड़े म कंपनियां है. बड़ी-बड़ी कंपनिया बड़ी कंपनिया हां और वो. मतलब 100 100 साल पुरानी कंपनियां है तो. आपको डर नहीं लगा कि यार एक आदमी का 100. साल पुराना नाम है ब्रांड है जिसके जिसके. मसाले आपके घर में भी चल रहे हैं दिन भर. टीवी पर ऐड आते हैं करोड़ों अरबों रुपए का. उनका व्यापार है एक लेगासी है आपके दादा. परदादा भी वही खा रहे थे आपका लोग क्यों. लेंगे. वही तो मैंने मतलब अलग की भाई जो कंपनियां.
सब कर रही है उनकी तरह हमें तैयार नहीं. करना है हमें कुछ अलग करना है तो. फिर सोचा कि हम ट्रेडिशनल तरीके से हम. मसाले तैयार करते हैं बिना किसी. प्रिजर्वेटिव के या बिना कोई केमिकल डाले. हुए हम इसको पैक करेंगे और सेल करेंगे. कितनी बिक्री आज के टाइम. आपकी हमारे अभी तक तो छह आउटलेट ओपन हो. चुके हैं कहां-कहां. पर सांचोर है अजमेर है जयपुर है बालोतरा.
है और हैदराबाद आउटलेट ओपन कर दिए हां. सीधी मार हमारे ब्रांड नेम से. जबरदस्त तो अब तो जलवा एकदम होगा हां. अच्छा रिस्पांस है सबका. और लोगों का यह भी बहुत थैंक्स करते हैं. कि सच में आपने कुछ अच्छी चीजें प्रोवाइड. करवाई है इस जमाने में हम क्यक आजकल पैसे. देकर भी सु चीजें मिलती नहीं है अगर कोई.
प्रोवाइड करवा भी रहा है ना तो लोग ट्रस्ट. नहीं करते. हैं जैसे लोग मुझे जो सोशल मीडिया पर. जानते हैं या जो मुझसे जुड़े हुए हैं उन. लोगों का एक विश्वास है मेरे साथ जुड़ा. हुआ कि नहीं यह कोई चीज बता रहे हैं या. बना रहे तो जनन होगी नहीं तो मैं अगर मैं. अगर मैं आपसे पूछूं कि फलाने ब्रांड का. फलाने ब्रांड का फलाने ब्रांड का मसाला ना. लेकर मैं आपका मसाला लू क्या ऐसा आपके. मसाले. में बाकी ब्रांड से एक तो हमारा प्रोसेस.
अलग है हम ट्रेडिशनल तरीके से जैसे हमारे. दादी और नानी तैयार करती थी मसालो को. मिर्ची को हम सिर्फ कूटते हैं हल्दी और. धनिया को हम बिल्कुल लो आरपीएम पर पीसते. हैं जिसमें एक घंटे में तीन से चार. किलो हल्दी पिसती है तो उस लो आरपीएम पे. पीसने से क्या होता है कि मसालों के अंदर. जो भी उनका जो नेचुरल ऑयल. है जो उसमें पोषक तत्व है वो सारी चीजें.
बनी रहती है और हाई हीट प जब हम पीसकर. मसाला को तैयार करते हैं तो उसमें सारे. चीजें नेस्ट हो जाती है लेकिन इसमें तो. फिर आप प्रोडक्शन कम होता होगा हां. प्रोडक्शन हमारा कम होता है जैसे हल्दी. पीसने के लिए हमने 10 घटिया लगा रखी है तो. एक गट्टी से तीन तीन चार किलो एक घंटे में. मसाला पिसता है तो ऐसे करके मतलब 10 घंटे. अगर चल रही. है तो 40 तो आपकी जितने भी छह आउटलेट सब.
प्रॉफिट में है. हां प्रॉफिट में है. और बहुत अच्छा रिस्पांस है और सबसे बड़ी. यह बात है कि जो भी कस्टमर है व हमारे. 100% रिपीटेड है हम जो भी अगर कस्टमर एक. बार मसाला लेकर जाता है तो उनको खुद को. रियलाइफ खरीदी. है सच में मतलब जेनन है अच्छी है ज्यादा. सेल कहां पे ऑनलाइन में या ऑफलाइन में. बराबर रहती है जैसे हमारे जोधपुर का.
आउटलेट है या हैदराबाद का आउटलेट है जितनी. सेल हमारे ऑफलाइन होती है कस्टमर आके लेकर. जाते हैं उतने ऑनलाइन ऑर्डर भी आ जाते हैं. क्योंकि कई लोग ऐसे हैं जो बाहर निकलना. पसंद नहीं करते हैं उनको घर में चाहिए तो. व ऑनलाइन ऑर्डर करके ऐसे मंगवा लेते हैं. फिर से क्वेश्चन रिपीट कर दे रहा हूं मैं. इस देश में बहुत सारे बड़े-बड़े ब्रांड्स. है आपका मसाला कोई क्यों. खरीदे सबसे पहले तो हम. मसाला बनाने का प्रोसेस एकदम अलग है जैसे.
बाकी कंपनिया जैसे मसाला तैयार करती है हम. वैसे नहीं तैयार करते हम एक ट्रेडिशनल. तरीके से तैयार करते हैं जैसे दादी नानी. हमारे मसाले कूट के घर के घर में कैसे. तैयार करती उस तरह से मिर्ची को हम सिर्फ. कूटते हैं कूटने के लिए एक पत्थर की बड़ी. ओखली लगी हुई है लकड़ी के बड़े-बड़े हते. लगे हुए हैं उनसे कूटते हैं और हल्दी और. धनिया. को लो आरपीएम पर हम पीसते हैं जिसमें पथर. के जो पिसने वाले पार्ट होते हैं ना वह भी. पत्थर के लगे हुए नेचुरल स्टोन और उन पर.
हम किसी तरह का दाब नहीं देते हैं ना ही. बड़ी स्पीड से चलाते हैं तो नॉर्मल स्पीड. जो एक महिला की जो कैपेसिटी होती है उसी. आरपीएम पर मसाले हम पीसते हैं और पीसने के. बाद ज्यादातर कंपनियां क्या करती है कि. मसाला को लंबे टाइम तक चलाने के लिए जैसे. बड़ी कंपनियां के जैसे डिस्ट्रीब्यूटर हो. गए डीलर हो गए उसके बाद दुकान वाले के पास. जाते हैं दुकान वाले से फिर कस्टमर के पास. जाते हैं तो उनको थोड़ा लंबा खींचना होता. है और मार्केट में पड़े रहते हैं तो व एक.
दो साल के लिए खराब ना हो इसीलिए. उसमें केमिकल्स वगैरह डालते हैं जैसे ट. वगैरह हो गया तो. वह शरीर के लिए बहुत नुकसानदायक है यह. चीजें केमिकल्स जो मसालों को फ्रेश रखने. के लिए लंबे टाइम तक चलाने के लिए. गवर्नमेंट कुछ हद तक छूट देती है लेकिन कई. कंपनियां है कि वह हद पार कर लेती है वोह. गवर्नमेंट छूट इसीलिए देती है कि अगर जब. पाउच बनता है उसमें कोई कीटाणु या जीवाणु. ना हो जिससे मसाला खराब हो जाए तो फिर वह.
उस जैसे टियो वगैरह डालते हैं उस टियो को. कम करने के लिए भी और केमिकल वगैरह डालते. हैं तो ऐसी चीजें हम अगर प्रिजर्वेटिव. डाले हुए मसाले लंबे टाइम तक यूज करते हैं. या खाते हैं ना तो बहुत सी बीमारियां होने. के चांसेस रहते हैं और इनसे तो कैंसर होने. का भी खतरा रहता है तो हम क्या है कि. मसालों को पैक करते टाइम. कुछ केमिकल्स वगैरह नहीं डालते हैं इसकी.
जो सेल्फ लाइफ खुद की है वही है क्योंकि. हम जब मसाला पीसते हैं तैयार करते हैं तो. हम हम डायरेक्ट कस्टमर को देते हैं और उसी. के अकॉर्डिंग ही जैसे हमें हमें लगता है. कि हमारे 15 दिन में इतना मसाला निकला है. तो हम उसके अकॉर्डिंग ही पीस के रखते हैं. ऐसा नहीं है कि हमने साल भर का या छ महीने. का स्टो करके रख लिया वैसा नहीं है एक. सवाल मेरे मन में और आता है जो मसाला रोज. हम खा रहे हैं कैसे पता करें कि शुद्ध है. इससे हमारे शरीर पर नुकसान नहीं होग बीच. में बहुत सारी खबरें आई थी कि इस कंपनी के.
मसाले को बैन कर दिया गया इस कंपनी के. मसाले को उस देश में बैन किया गया उसमें. खराब निकला कैसे पता करें य मसाला हमारी. सेहत पर नुकसान नहीं आएगा स्वाद के. साथ-साथ सेहत का ख्याल रखेगा सबसे पहले तो. उस परे जो लेबल लगा होता है उसके ऊपर जो. लिखा होता है इंग्रेडिएंट्स. को जांचने के भी तरीके होते हैं जैसे. हल्दी को हम जैसे पानी में डालते हैं. तो अगर नेचुरल हल्दी है तो वह अपना रंग.
एकदम से नहीं छोड़ेगी. अगर उसमें कलर डाला हुआ. है यह कलर मतलब कलर भी डालते हैं और हाई. हीट पर जब मसाले पीस के तैयार करते हैं ना. तो वह सिर्फ पाउडर ही होता है उसकी कोई ना. तो न्यूट्रिशन वैल्यू है ना उसका कोई. स्वाद है ना कोई सुगंध है कुछ भी नहीं है. वह सिर्फ एक लाल पाउडर है हरा पाउडर है और. पीला पाउडर है जिसको हम खा रहे हैं मले. स्वाद के साथ-साथ हमारे सेहद को बेनिफिट.
देते हैं इसीलिए हम खाते हैं उसको खाने का. टेस्ट तो जायका तो बढ़ाते ही है लेकिन व. शरीर के लिए भी बहुत बेनिफिट देते हैं य. पता कैसे हल्दी आपने बता दिया बाकी मसाले. कैसे पता करें वैसे ही हम धनिया को पता कर. सकते हैं मिर्ची को अगर हम मतलब पानी में. घोलेंग या चेक करेंगे या ऐसे हाथ में लेकर. भी देखेंगे ना तो भी अगर उसमें कलर मिला. हुआ है प्रिजर्वेटिव का तो हम पता नहीं कर. सकते इसमें केमिकल्स कितना ा डाला हुआ है. वह तो कंपनियां ज्यादा डालती है तो वह.
लिखती नहीं है वह तो अगर लैब टेस्ट करवाए. तो पता चलता है लेकिन कई बेसिक मसाले अगर. हम य पर मतलब बोल के सर्च करेंगे मसालों. की शुद्ध है नहीं है या मिलावट है नहीं है. उसको कैसे जांच तो ऐसे आपको बहुत से. वीडियो मिल जाएंगे तो सबसे शुद्ध मसाला. किसका सिद्धि. [संगीत]. मारवाड़ी और यह हम 100% गारंटी के साथ. कहते हैं वैसा नहीं है कि चीज बोल दी और. हो गए नहीं हम पूरी कोशिश हमारी रहती है.
कि 100% शुद्ध मसाले जो हम हमारे घर में. जैसे खाते हैं वैसे ही हमारे कस्टमर को हम. प्रोवाइड करवाए अब फिर मेरे मन में एक. सवाल आता कि आपने काफी अच्छा अंपायर खड़ा. कर लिया ठीक ठाक आप पांच अलग-अलग शहरों. में अगर आउटलेट खोल ले तो बहुत बड़ी बात. है आपके लिए तालिया भी होनी चाहिए लेकिन. मैं हमेशा मानता हूं कि सफलता कुर्बानियां. मांगती कुछ ना कुछ तो छीना होगा इतना कुछ. दिया है कहां-कहां समझौते किए आपने की. जिंदगी में जो आपको लगता है यार इतनी. सफलता पाने के लिए दिन रात तपस्या करके अ.
जो अंपायर खड़ा किया है बहुत सी चीजें. छोड़नी पड़ी पहले तो जो मेरा सपना था. डॉक्टर बनने का उसको छोड़ा और फिर मैंने. मेरी पढ़ाई थी वह बीच में ड्रॉप की फिर. लगा कि ऐसे बैठने से कोई मतलब नहीं है हम. ऐसे रेगुलर अगर कॉलेज नहीं भेज रहे हैं तो. हम प्राइवेट मैंने बीए किया फिर बीए करने. के बाद मुझे लगा कि अब मैं बीएड करके. मास्टर बन जाते हैं क्यों ैनू तो चल रहा. था साथ-साथ में लेकिन उसमें ज्यादा ग्रो. नहीं थी तो थोड़ा इधर भी था कि मैं पढ़ाई.
कर लेती हूं तो जब मैंने ये पीटीटी का. फॉर्म भरा और उसमें जब मुझे कॉलेज जो अलवर. मिली थी काफी दूर है तो उधर शिफ्ट होना. बच्चों को लेकर और वहां फिर कॉलेज में ही. रहना साथ में बच्ची भी अलव नहीं थी तो या. वहां रूम लेकर मैं रहूं तो इतना कोई इनकम. सोर्स मेरे पास नहीं था कि मैं अलग से. रहूं तो उस टाइम यह डिसाइड करना था य तो. मैं.
[संगीत]. youtube2 में आपने अच्छा किया लेकिन फिर. 20 में और 21 20 में आपको एक डॉटर हुई 21. में लड़का हुआ अब प्रेगनेंसी के टाइम में. य और काम कैसे हैंडल कर रहे थे फिर आप.
प्रेगनेंसी के टाइम काफी गैप आया था और य. पर होता क्या है पूरा काम बंद कर दिया था. पूरा बंद किया था. तो उसमें मैंने ज्यादा गैप नहीं लिया था. जैसे 15 दिन या 20 दिन का टाइम लेकर मैंने. वापस वीडियोस बनाने शुरू कर. [संगीत]. दिए और काफी हम हम ज जब सोसाइटी या परिवार. के साथ रहते हैं तो ऐसे सामाजिक कई कार्य. हो जाता उसकी वजह से भी हमें काफी लॉन्ग.
डिस्टेंस नहीं डाल पाते. वीडियो जैसे मेरे दादा जी गुजर गए उस टाइम. दादी ससुर जी गुजर गए तो भी 15 20 दिन का. या महीने का बीच में गैप आ जाता तो गैप. आता है तो फिर उनको वापस रिकवर कर चैनल को. वापस उठाने में भी बहुत मेहनत लगती है तो. उस वापस हमें डबल एक्स्ट्रा मेहनत करनी. पड़ती थी तो टेंशन होती होगी अब फिर मेरे. मन में एक सवाल आ रहा है कि टेंशन से कैसे. निकल कर आते हैं आपका फार्मूला क्या. है अगर दबाव है तनाव है तो हमें काम करना.
होगा टेंशन लेके बैठने से कुछ नहीं होगा. अगर डाउन गया है चैनल तो उस पे काम करेंगे. त मैं जिंदगी के हिसाब से पूछ रहा बहुत. सारी लड़किया राजस्थान में होंगी जो कहती. होंगी यही हमारी किस्मत है यही हो गया अब. क्या करें हम भगवान नकस रहे हैं नहीं. किस्मत ये नहीं है किस्मत देखो जो बीत गया. वो तो हमारे हाथ में नहीं है लेकि आने. वाला टाइम कैसा रहेगा वोह तो आज हमारा हाथ. में है ना उसको हम बेहतर कैसे बनाएंगे जब.
हम आज काम करेंगे आज जो हम सोचेंगे जिस. परे हम वर्क करेंगे वह आने वाले फ्यूचर. में हम कल का टाइम मतलब कल का समय को. सुधारना का हमारा हाथ में. ना जो जो चला गया उसको दिमाग में ना रखे. आने वाले टाइम को तो हम और बेहतर कैसे कर. सकते हैं उस पर काम करना होता है मैंने. देखा बहुत सारे सामाजिक कार्यक्रमों में. जाते हो कई जगह आप इंस्पिरेशनल स्पीच देके. आते हो सामने से किसी ने आकर आप सबसे.
अच्छी बात क्या कही आपसे जो आपको लगा कि. अरे मुझे तो एहसास ही नहीं हुआ कि ये भी. हो गया मेरी वजह से किसी के जीवन. में ऐसी काफी महिलाएं आती है हमारे. पास. जब उनको घर से भी मना कर देते हैं कि तू. नहीं करेगी तो व कभी अपने पिता को या कभी. अपने हस्बैंड को लिखकर मेरे पास आती है और. वह जब मैं उनको समझाती हूं और फिर वह आगे. काम करते हैं तो फिर कभी कहीं मिलते हैं.
ना तो फिर वह हस्बैंड भी बोलते हैं कि. आपने मुझे सही कहा और वह महिला भी बहुत. थैंक्स बोलती है कि आपने उस दिन थोड़ा. समझाया और आज हम यह काम कर रहे. हैं तो ऐसे आके एकदम बोलते हैं ना कि आपकी. वजह से हमने यह चीजें कंटिन्यू की या हमने. यह अचीव किया या आपको देखकर हमने यह जिंदी. में सीखा है और कई बोल देता है हमने यह. रेसिपी सीखी है कोई जेंट्स आकर बोल देता.
है कि मैंने कोविड के टाइम में आपके. वीडियो देखे और यह चीज मैंने बनाना सीख. गया तो भी ऐसे बहुत खुशी होती है इंडिया. में लोग शायद माने नहीं लेकिन सच यही है. कि अधिकतर मां बाप चाहते हैं कि उनको बेटा. हो बेटिया होने पर थोड़ी नाराजगी होती है. छोटे जहा ज्यादा अभी भी होती है होगी शायद. अग जितना मैंने लोगों को जाना शायद दिल्ली. मेट्रो सिटीज में ना हो लेकिन छोटी जगह पर. होती है. आपको क्या लगता है कि आप जैसे लोगों की व.
से राजस्थान में आपके आसपास में यह सोच. थोड़ी बदल रही होगी कि बेटियां. भी हां अब धीरे-धीरे बदलने थ बन सकती है. एजुकेशन की वजह से और वो जो फिल्म में था. मरी छोरियां छोरों से कम है के कम है के. बिल्कुल और स्टार्टिंग से क्या है कि. हमारा देश पुरुष प्रधान रहा है हमेशा. महिलाओं को वही करना होता है जो. इंस्ट्रक्शन एक पुरुष देता है चाहे वह. पिता हो चाहे पति हो चाहे सास हो ससुर हो. उनके अकॉर्डिंग ही चलना होता है और यह.
चीजें गलत भी नहीं है ऐसा देखा जाए ना कि. कईयों को लगता है कि महिलाएं किसी दूसरे. के इशारों पर चल रही है लेकिन वह इशारा कर. कौन रहा है कोई आप ही का परिवार का ही है. ना ऐसा नहीं है कोई बाहर वाला आके आपको. बोल रहा है आप इसके अकॉर्डिंग चलो बट एक. होता है समझाना एक होता है थोपना हां हां. वो चीज अगर थोपी ना जाए समझाई जाए और भलाई. के लिए कुछ चीजें कही जाए तो वो बुरी नहीं. है. और मां-बाप या कोई भी हस्बैंड किसी का.
बुरा नहीं चाहता अपनी खास तौर से अपनी. वाइफ का या अपनी बच्ची का एक पिता कभी. बुरा नहीं सोचता अपनी बेटे या बेटी के. प्रति वह तो हमेशा यही चाहते कि मुझसे भी. बेहतर बने राजस्थान में महिलाओं की स्थिति. क्या है आपकी नजर में. अभी बराबरी है आपके आसपास समाज में गांव. देहात में जहां आप रहते हो हां धीरे-धीरे. अब बदल रहा है टाइम महिलाएं भी अब मतलब. एजुकेशन जितना एक बेटे को दिया जाता उतना. ही बेटी को दे रहे हैं और आजकल बेटियां.
आगे भी निकल रही है व हमेशा से टॉप करती. आई हर साल सीबीएससी आईसीएससी में बेटिया. टॉप करती है लड़के तो नीचे से निकल के आते. नंबर वन नंबर टू वही रहती है और वो अपने. आप को प्रूफ भी कर रही है कि हा हम कर. सकते हैं ठीक है कोविड के टाइम में आपने. एक लाख रुप का दान भी किया था जी आप कह. रहे थे पैसे ही नहीं है फिर इतने पैसे आ. गए या कैसे किया आपने दान क्यों किया था. कोविड के. टाम एकदम से ऐसा था कि पूरी दुनिया जहां.
है वहीं रुक गई और थोड़ा रिलाइज होने लगा. कि हम आगे रहेंगे या नहीं रहेंगे क्योंकि. एक टाइम ऐसा लगा कि घर के अंदर सारे बंद. है कहीं बाहर आना नहीं जाना नहीं किसी से. बातचीत नहीं बाहर से अगर सामान भी आ रहा. तो भी डर रहे हैं लोग मतलब एक इंसान इंसान. से डरने लगा था और उस टाइम मेरे पास एक. लाख सेविंग थी और मुख्यमंत्री से उस. सहायता कोस में मैंने एक लाख का चेक दि. दिया आपको भी पॉलिटिक्स लिटिक्स में. इंटरेस्ट. है नहीं अभी तो नहीं है फिर भी राजस्थान.
में मतलब महिलाओं के लिए कुछ काम हुआ है. बीते कुछ सालों. में अब होता क्या है कि ज्यादातर काम. कागजों तक ही सीमित रह पाता है जितना अगर. गवर्नमेंट कर रही है ना वह धरातल पर बहुत. कम आता है महिलाओं के लिए क्या तीन चीजें. राजस्थान में बेहतर होनी. चाहिए एक तो महिलाओं के लिए अगर वह कुछ. बिजनेस कर रही है उसके लिए कुछ ऐसी.
सुविधाएं हो वह जाकर इजली किसी से बात. करके या उसको फंड वगैरह चाहिए या फंड. छोड़ो अगर उसको अच्छी गाइडलाइन भी कहीं. मिल जाए ना इस चीज में सुधार और महिलाए. अच्छा कर सकती है अच्छा कर सकती है. और महिलाओं को थोड़ा. सा मतलब ऐसे सेंटर हो जो जिस फील्ड में. अगर वह जाना चाहे उसकी थोड़ी स्किल्स दे स. स्किल्स जैसे उस पे फोकस करना चाहिए काफी. महिलाएं बेहतर कर जाएंगी हां क्योंकि.
पढ़ाई करके भी बहुत सी महिलाएं ऐसी है जो. बीए बीएड करके घर पे बैठी है हम लेकिन. उनके पास कोई स्किल नहीं है उन्होंने कुछ. अलग सीखा ही नहीं. है वही है थोक पीट के उनको या तो मास्टर. बना दो या फिर पुलिस में चली जाओ अगर उनके. वहां सिलेक्शन नहीं होता तो फिर घर का और. बहुत सारे ऑप्शंस स्कोप अब है बहुत स्कोप. है और एक और चीज अगर देनी हो तीन चीज. तीसरी और गांव का जो जो जो भी कला है जो.
हुनर है जो हमारे परंपरागत जो भी चीजें. हैं ट्रेडिशनल तरीके से चाहे वह बर्तन. बनाने की हो चाहे कपड़े बुनने की हो उन. कला को थोड़ा सा सपोर्ट करें ना तो बहुत. सुधार हो सकता है और वह चीजें आगे आ सकती. है ठीक संघर्ष ने आपको क्या सिखाया जो. सफलता नहीं बताएगी क्योंकि यह जवाब सबके. के लिए मैटर करेगा संघर्ष में आदमी क्या. सीखता है जो सफलता में नहीं जान सकता या.
जिसने पापड़ बेले हैं उसे क्या अलग अनुभव. होता. है इंसान सफलता से तो कुछ सीख ही नहीं. सकता है सफलता से तो मुझे लगता है कि. इंसान का तो सिर्फ दिमाग खराब होता है. लेकिन असली मजा जो है ना जो उस संघर्ष में. ही है जो वह संघर्ष करता है उस राह पर. चलते चलते मंजिल तक पहुंचता है तो उस. रास्ते का. ही एंजॉय है आनंद है आनंद है और वो आनंद. अलग ही है जब हम किसी चीज को अचीव कर लेते.
हैं और उनके लिए जितना पापड़ बेलते हैं वो. बैठ के जब याद करते हैं ना तो एक अलग ही. अनुभव होता है कि हम कहां थे कहां क्या. सोचा उस टाइम ये ऐसा टाइम हमारे पास था. इतने इतने हमने फेसेज फेलियर को फेसेज. किया. है इन चीजों को हमने लोगों के तानों को. सुना है उस दिन वो देखो क्या बोल रहा था. आज ये क्या बोल रहा. है तो बहुत मतलब जो सीखता है वो संघर्ष. में ही सीखता है.
संघर्ष में मंजिल की तरफ की यात्रा सफलता. में मिली हुई मंजिल से ज्यादा खूबसूरत. खूबसूरत होती. है मंजिल प आने के बाद आदमी ठहर जाता है. ना वो वो फिर उनका थोड़ा नशा चढ़ जाता है. कि हां अब मैंने ये अचीव कर लिया है हम. कभी डाउट हुआ अपने ऊपर कि यार कुछ नहीं हो. पाएगा या फस गए क्या कर रहे. हैं नहीं ऐसा कुछ नहीं कभी डाउट नहीं हुआ. किसी मूवमेंट में भी. उस टाइम ऐसा लग रहा है कि हम और बेहतर. करेंगे.
और जो भी हमारे सामने चुनौतिया आई है इनसे. निपटना कैसे इनसे बाहर कैसे निकलना. है एक टाइम के लिए आप थोड़े टाइम के लिए. ठीक है कोई चीजें सामने आ गई तो हम थोड़ा. नारा होकर बैठ जाते हैं कि अब क्या होगा. कैसे होगा लेकिन उसको लॉन्ग टाइम अपने. जीवन में लेकर बैठना गलत है कई सारे लोग. ऐसे हैं जो घूंघट ट को पिछड़ेपन का वजह. मानते हैं बहुत सारे लोग कई बार बातें. करते हैं मुस्लिम महिलाओं में हिजाब को. लेकर हिंदू महिलाओं में घूंघट को लेकर.
घूंघट क्या है आपकी नजर. में मेरी नजर में. तो उन सबका मान सम्मान है जो हमसे बड़े. हैं. [संगीत]. हम और अगर हम कुछ करना चाहे ना तो यह. चीजें कहीं आड़े नहीं आती. है अब मैं मेरा काम भी कर रही हूं. तो मुझे नहीं लगता यह चीजें कहीं आड़े आती. है कई महिलाएं बोलती है.
कि यह जो गेटअप है ना इससे मैं बाहर. निकलूंगा हैं उनके लिए मान सम्मान है. इनफैक्ट मुझे लगता है कि आपको घूंघट वाले. सेटअप में ज्यादा लोगों ने पसंद किया होगा. कि आप कहीं जाते होंगे ज्यादा आपके कल्चर. से रिलेट कर होंगे बिल्कुल और स्पेशली जो. महिलाएं कंटिन्यू जो सलवार सूट या जींस.
पहनती है और किसी प्रोग्राम में उनको लगता. है कि मैं जाऊंगी तो वो स्पेशल ऐसा गेटअप. बना के आती है कि हम आपसे मिलने आए तो यह. ड्रेस पहन के आए सीधी मारवाड़ी नाम क्यों. दिया था आपने एकदम सीधा सिंपल स्ट्रेट. डायरेक्ट य आपका दिया नाम है पति देव का. दिया नाम था यह हम दोनों ने सोचा था कि. नाम क्या रखें जब. मारवाड़ी भाषा में हम अगर बना रहे हैं तो.
फिर ऐ लगा कि सिंपल सा नाम. रखते सबको याद रहे एक बार सुने. तो याद रहे कि हां ऐसा इस नाम का चैनल भी. है बहुत बड़ा लंबा या एकदम शॉर्ट तो थोड़ा. सा हमारे कल्चर को भी टच करें इस टाइप का. तो फिर बहुत से नाम हमने सोचे एक बड़ी. लिस्ट. बनाई उसमें से यह हमें अट्र लगा किय सीधा. सीधी मारवाड़ी सीधा सीधा आपने 12वीं तक की.
पढ़ाई कर य पर मिलियंस में फॉलोवर है ं पर. मिलियंस से फॉलोअर है अब आप एंटरप्रेन्योर. बन गए हो पांच शहर में आपके आउटलेट. है क्या आपको लगता है कि आज के टाइम में. डिग्री सफलता की मोहताज है सफलता के. डिग्री मोहताज है या अगर आपने कुछ अलग. करने का हुनर है या चाहे तो कर सकते हो. आप पढ़ाई मायने नहीं रखती. है पढ़े से ज्यादा आपका मा माइंड सेट. मायने रखता है हम बड़े-बड़े एजुकेट लोग भी.
मतलब जब उनसे बात करते हैं ना तो वो माइंड. सेट नहीं है उनका उनके अंदर इतनी अच्छी. डिग्रियां ले. ली इतना पढ़ाई लिखाई कर ली लेकिन फिर भी. उनके मन में कहीं ना कहीं कई चीजों को. लेकर डर रहता है हम कि यह हम कैसे करेंगे. यह हमारे बस की बात नहीं है तो मुझे लगता. है कि एक माइंडसेट और हौसला. इंसान में अगर हो ना कुछ भी कर सकता है वो. बाहर के कभी विदेश विदेश घूमे हो आप विदेश.
अभी जाएंगे हमारा आउटलेट खोलने के लिए. विदेश में आउटलेट. खोलोगे किस जगह पर सोच रहे हो दुबई कनाडा. यूएसए गांव वाले में जिन्होंने शुरू में. सवाल तो जल् के राख हो. जाएंगे वो तो शुरू से होही रहे हैं तो. थोड़ा और हो जाएंगे तो ये सब कैसे थॉट आ. रहा है कि दुबई में खोलेंगे कनाडा में. खोलेंगे कोई सिखाता है या आपका खुद का है. सीखा ता कोई नहीं है और ये इतना सोचना भी.
कैसे हो रहा है मतलब मैं इस बात से हैरान. हूं फिर मैं वही कहूंगा गांव के घूंघट में. जीरो से लेकर कनाडा और दुबई में आउटलेट. खोलने तक हीरो तक ये कैसे सोच आ रही. है कहां से प्रेरणा आती जा रही. है होता क्या है कि हर इंसान को आगे बढ़ने. के लिए जो फर्स्ट स्टेप होता है ना हम वो. सबसे मुश्किल होता है ट्रू मानता हूं मैं. हां और. जो गांव से बिलोंग करता है जो जमीन से. जुड़ा हुआ आदमी है ना उसको खोने के लिए.
उनके पास कुछ नहीं है जो जीरो से शुरुआत. करता है और पाने के लिए पूरी दुनिया है. उसके सामने तो डिपेंड उस परे करता है कि. वह क्या करना चाहता. है ब्यूटीफुली सेड ब्यूटीफुली सेड तो यहां. से आगे. क्या मतलब जिंदगी में आपने सपने हासिल कर. लिए अब यहां से आ क्या सोचते हो क्या करना. है मैं महिलाओं के लिए और बच्चियों के लिए. कुछ काम. करूंगी क्योंकि पढ़ाई लिखाई एजुकेशन तो चल.
ही रहा है कर भी रही है लेकिन वह अगर. स्किल पर काम करें तो वह और बेहतर बन सकती. है वह अपनी सोसाइटी को और बेहतर बना सकती. है व आने वाले खुद का फ्यूचर अपने बच्चों. का फ्यूचर और बेहतर बना सकती है तो उनकी. स्किल को कैसे और काम किया जाए या उनको. पढ़ाई लिखाई करने के बाद उनके पास ऑप्शन. होना चाहिए कि मैं अब और क्या बनू या क्या.
सीखूं तो इस टाइप से मैं कुछ करूंगी कि एक. गांव से एक कौशल्या नहीं हजारों कौशल्या. निकले ब एक सफल महिला एक सफल पुरुष से अलग. कैसे होती. है कैसे उसकी सोच अलग होती है क्या अलग. होता है उसमें क्योंकि आप सक्सेसफुल तो हो. गए. हो महिला क्या कि उन सब चीजों को साथ में. लेकर चलती है परिवार को लेकर चलती है समाज. को साथ में लेकर चलती.
है बच्चों को साथ में ले उनका फ्यूचर भी उ. दिमाग में होता है कि बच्चे कैसे रहेंगे. और मैं मेरे फ्यूचर को और कैसे बदतर बनाऊ. उस पर भी काम करती. है पुरुष. को अगर कुछ काम दिया जाए तो वह एक ही काम. कर पाता है और भगवान ने एक महिला को अलग. ही आशीवाद हां आशीर्वाद दिया है तो जो. जैसे घर में अगर कुछ काम कर रही है वो तो.
रोटी बना रही है तो रोटी भी बना लेगी. साथ-साथ में मम्मी से बात कर लेगी उसके. साथ वो ध्यान रख लेगी बच्चा क्या कर रहा. है और हस्बैंड क्या कर रहा है ऑफिस जा रहा. है तो उस किस चीज की रिक्वायरमेंट है और. वो चीज कहां पड़ी है वो भी बता देगी तो. मुझे लगता है कि अगर इतने काम पुरुष को. सौंप दिए जाए ना तो वो तो दिमाग खराब हो. गया वो बैठ ही. जाएगा तो ये जिम्मेदारी जो एक एक बेखब से. महिला ही नहीं ब सकती है शादी को 13 साल. हो गए आपके हम 13 साल तीन बच्चों के बाद.
ही प्यार रहता. [हंसी]. है क्या परिभाषा है प्यार की आपकी नजर में. क्योंकि आपने पति दे ने बड़ा साथ दिया. आपका ये आप बार-बार तारीफ कर रहे हो एक. दूसरे की रेस्पेक्ट करें हम यही है सबसे. बड़ा तो और एक महिला को यही चाहिए कि वो. उनका अरे हां ये तो बड़ा अच्छा सवाल. बड़े मीम्स बनते हैं आपने भी देखे होंगे. रेस्पेक्ट चाहिए बस दूसरा कुछ नहीं बाकी.
सारी चीजें वो एडजस्ट कर लेती है चाहे. उनकी गरीबी है तो भी झेल लेगी अमीरी है. उनको भी झेल लेगी सारी चीजें जैसे भी उसका. परिवार है सबको एडजस्ट कर लेती है अगर. उनकी रेस्पेक्ट की जाए. तो वो अगर देना बंद कर देते हो ना तो तो. बाकी चीजों कोई अहमियत नहीं रहती. ब्यूटीफुल सेट आपने बहुत सारी चीज सिखाई. हमें मुझे लगता है देश में बहुत सारी. महिला भी होंगी जो आपको सुनेगी समझें. सीखें और इस पॉडकास्ट को सराइज करते वक्त. मुझे फिर वही एक शेर याद आ रहा है कि ये.
आपकी जर्नी को लेकर मैं आपको डेडिकेट कर. रहा हूं कि कौन कहता है आसमान में सुराख. नहीं हो सकता तबीयत से एक. बतलो आई थिंक यही यही मूल मंत्र है सफलता. का जाते जाते बताओ ना आपकी नजर में क्या. मंत्र है सफलता का कैसे मिल जाती है. सक्सेस सक्सेस के लिए आपको कंटिन्यू दो. तीन साल तो काम करना ही पड़ेगा बिना कुछ. अब लोग अब इस उम्र में करते क्या है कि.
मुझे वह भी चीज एंजॉय करनी है मुझे उस. मौसी के घर वह फंक्शन है वह भी अटेंड करना. है भाई को नाराज नहीं करना है मम्मी ने जो. काम दिया वह भी करना है तो सारी चीजें एक. बार साइड में. करके थोड़ा सा एंजॉय को कम. करके सलीके से अगर आप एक दो साल भी किसी. काम को लेकर ईमानदारी से कर लेते हो ना तो. आप सक्सेस हो जाते हो मैंने आप ही की बात. को किसी कार्यक्रम में थोड़े दिन पहले.
किसी ने पूछा सक्सेस का फार्मूला क्या. होता है तो मैंने इसी का सार बताया था कि. सक्सेस का फार्मूला 3 सी का फार्मूला होता. है पहला आपको कॉन्फिडेंस होना चाहिए कि आप. कर लोगे जब तक खुद को विश्वास नहीं है तब. तक कुछ नहीं हो सकता दूसरा क्लेरिटी कैसे. करोगे और तीसरा कंसिस्टेंसी लगातार करते. रहो लगे रहो जमे रहो डटे रहो रक. सरा आखों पर बिठाए गी शर्त यही है लगे रहो. जबे रहो डटे रहो बिल्कुल थैंक यू सो मच.
कौशल्या जी लवली टॉकिंग टू यू और मुझे. लगता है बहुत सारी महिलाओं को आपने. इंस्पायर किया है आप यूं ही बढ़ते रहो यूं. ही मुस्कुराते रहो यूं ही छाते रहो यूंही. लोगों को सिखाते रहो थैंक यू सो मच.
