Unplugged ft. Shahnawaz Hussain | Loksabha Elections | Exit Polls | Bjp | Atal ji | Narendra Modi
शहनवाज हुसैन को सजा मुसलमान होने की. मिलती है या क्योंकि अटल जी के बड़े करीबी. थे उसकी सजा आपको मिलती है आपने कहीं एक. स्टेटमेंट दिया कि संविधान से सेकुलर शब्द. हटा देना चाहिए क्या करना है सेकुलरिज्म. का अचार डालना है उससे क्या मिल गया मोदी. जी अटल जी में ज्यादा बेहतर प्रधानमंत्री. फादर जो होते हैं उनकी बात अलग होती है. फादर फिगर जो बड़े होते हैं वो बड़े होते. हैं हां लाउड स्पीकर रहना चाहिए या बंद कर. देना चाहिए एकदम बंद होना चाहिए क्या. दिवाली पटाखे बहन होने चाहिए पोल्यूशन बंद. होना चाहिए में वाकई में पूर्ण रूप से.
शराब बंद है ब्लैक में तो ब्लैक में हर. चीज मिलती है तो क्या करेंगे मीठा मीठा गब. गब तीखा तीखा फर कैसे बचेंगे मोदी जी एंटी. मुस्लिम है गमी मत डालिए मुसलमानों को. क्या जो बाकी नेताओं की पॉलिटिक्स चक्कर. थोड़ा सा पीछे रहना पड़ता है बीजेपी में. क्या नरेंद्र मोदी जी मुसलमानों से नफरत. करते हैं नहीं मैं आपके ट्रैप में नहीं. आऊंगा राहुल गांधी में क्या बुराई लगती है. कोई बुराई नहीं ल पार्लियामेंट में साथ. रहे क्या बातचीत की कुछ क्या आपने सिखा. नहीं ऐसे हालचाल ही पूछते तो और क्या बात. करेंगे उनसे कोई ज्ञान लेना था क्या तो. मैं आपका फैन भी हूं क्योंकि.
और मैं आपका शुभ चिंतक चढ़ा नहीं रहे कि. आप थोड़े नरम सवाल पूछेंगे इसलिए नहीं कह. रहे परसेप्शन चलता मुसलमान की चार बीवियां. होती होंगी एक नहीं संभल चार कहां से लाए. गर्लफ्रेंड कितनी भी रखो बीवी जो है वो एक. ही रखनी पड़ेगी मैंने लव किया है जिहाद. नहीं किया है और लव तो हर दौर में रहेगा. हैप्पी मैरिज का फार्मूला क्या है जब वो. गुस्से में हो तो खामोश रही आप चड्डा से. ज्यादा खूबसूरत दिखते हैं वो लोग मिलाकर. आपके साथ अन्याय कर रहे हैं न्यूज बुक में.
यह बात को मैं कबूल करता हूं कि बिहार के. अंदर शिक्षा के क्षेत्र में ज्यादा काम. होने की जरूरत है यूसीसी पर आपकी राय क्या. लागू होना चाहिए आप ही के पार्टी से मनोज. तिवारी जी सांसद जो है दिल्ली के वो कह. दिए थे कि आजकल रात को बहुत गंदी गंदी. पिक्चर देख पता नहीं कब. कना कभी बीजेपी छोड़ने ख्याल आया या आपको. किसी ने अप्रोच किया आरजेडी ने या जेडीयू. ने या और पार्टियों ने अच्छे लड़के. लड़कियों के रिश्ते बहुत. आ मेरी पार्टी के बारे में यही है तुझसे. मिले थे तो कोई आरजू ना थी हां देखा तुझे.
तो तेरे तलबगार हो. गए इज्जत शोहरतें उल्फत चाहतें सब कुछ इस. जहां में रहता नहीं आज जहां मैं हूं वहां. कल कोई और था यह भी एक दौर है वो भी एक. दौर था किस इंसान ने कमाल कहा है और ये. शेर हमने इसलिए सुनाया है क्योंकि जो. मेहमान आज हमारे साथ है वो अटल बिहारी. वाजपेई साहब की सरकार में केंद्रीय मंत्री.
सबसे कम उम्र में केंद्रीय मंत्री थे अटल. बिहारी वाजपेई साहब के लाडले थे फिर बिहार. सरकार में मंत्री बने बिहार सरकार में खूब. काम किया मगर अब वह बीजेपी के एक पक्के. कार्यकर्ता है नाम है सैयद शहनवाज हुसैन. बहुत बहुत स्वागत सर आपका शुक्रिया आपका. सबसे पहला जो हमने शेर सुनाया सर उस शेर. में एक लाइन थी कि यह भी एक दौर है वह भी. एक दौर था हमसे तमाम लोगों ने जब हमने. डाला कि शहनवाज जी हमारे पास आ रहे हैं तो. उन्होंने कहा कि जरा पूछेगा उनसे कि जो. व्यक्ति अटल जी का इतना लाडला था कि.
मुसलमान होने के बावजूद बीजेपी में उसे. सबसे कम उम्र मंत्री बना दिया गया यहां से. लेकर यूएन तक गए जलवा जलाल था मोदी जी की. सरकार आने के बाद थोड़ा साइडलाइन कर दिया. गया वो कहते ना कि दूध में मक्खी की तरह. थोड़ा सा क्या गड़बड़ रहा. सर नहीं लोगों का अपने सोचने का अंदाज है. जो आपने शेर जब पढ़ा तो मुझे यह ध्यान आ. रहा था कि मैं बस में चलता था. हम जब लोकसभा का टिकट 98 में मिला हम त अब.
मैंने सोचा आज ऑटो ले लेता हूं क्योंकि बस. में चलना और वह टिकट की जो लिस्ट आई. फर्स्ट लिस्ट आई थी उसमें मेरा ही नाम था. सेकंड लिस्ट जो आई उसमें नकवी साहब का नाम. था हम दोनों लोग लड़े थे 8 के चुनाव में. जी. तो अपना फोन भी नहीं. था और जिस दिन मुझे लोकसभा का टिकट मिलना. था तो उमा जी ने फोन किया पीपी कॉल पे.
उन्होंने कहा मा भारती जी का फोन आ रहा है. तो उन्होंने कहा शाहनवाज तेरा टिकट हो गया. है तो मैंने कहा दीदी मैंने तो मजाक में. बोला था हां. क्योंकि ठीक पहले एक युवा मुस्लिम सम्मेलन. हुआ था हम उसी दिन 4 दिसंबर 1997 को हम. मैंने एक युवा मुस्लिम सम्मेलन किया था हम. तालकटोरा इंडोर स्टेडियम में ह उसमें अटल. बिहारी वाजपेई जी लाल कृष्ण आडवानी जी आए. ह.
उसमें सिकंदर बक्त साहब थे और उमा भारती. जी. थ तो. उसमें प्रमोद महाजन जी से बड़ा उस दिन. झड़प हो गया था आपका वो ऑफिस में मिले. उन्होने कहा कि लोकसभा भंग होने वाली है. तुमने एक सम्मेलन रख दिया अटल जी को भी. बुला रहे हो अडवाणी जी को भी बुला रहे हो. तालकटोरा ंडर स्टेडियम में भरना पूरा. दिल्ली प्रदेश लगता है तो भरता है कहां से. इतने मुस्लिम आएंगे चिड़िया खाने से. आएंगे बेजती होगी कोई नहीं जाएगा किसी को.
ले जाओगा फिर मैंने उमा जी को कहा. उन्होंने कहा चिंता मत कर अटल जी अडवाणी. जी दोनों आए तो उसमें उस वक्त एक पोस्टर. बना था उस पर लिखा हुआ था युवा मुस्लिम. सम्मेलन मुख्य अतिथि उद्घाटन करता लाल. कृष्ण. अडवाण समापन करता अटल बिहारी. वाजपेई अध्यक्षता उमा श्री भारती युवा. मुस्लिम. सम्मेलन अतिथ विशिष्ट अतिथि सिकंदर.
बक्त और नीचे लिखा हुआ. था संयोजक कार्यक्रम शाहनवाज हुसैन तो मैं. पहले प्लेट वाला पोस्टर होता था उस परे. मैंने लिखने को दे दिया नाम टाइप करके. उसने लिख दिया सबके नाम का साइज एक ही लिख. दिया मेरा भी नाम इतना बड़ा था अ मैं युवा. मोर्चे का छोटा सा कार्यकर्ता था. राष्ट्रीय मंत्री था युवा मोर्चे का तो. मैंने सम्मेलन हुआ 70 बसे हमें उसने दी. कृष्णपाल गुर्जर ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर थे.
और हमने हरियाणा से बहुत मुस्लिम बुलाया. आपको डांट नहीं पड़ी कि आपका नाम इतना. बड़ा कैसे हो गया वो वही बता रहा हूं तो. वो आया फिर मैंने उसका नाम रखा शहीद अशफाक. उल्ला खान नगर बसाया अलग-अलग मौलाना आजाद. द्वार यह द्वार मैंने एक द्वार पर लिख. दिया उसको कहा कि जनरल शाहनवाज द्वार लिख. दे तो क्योंकि सहगल ढिल्लन और शाहनवाज लाल. किले से आई आवाज तो मैंने कहा जनरल. शाहनवाज. उसने क्या किया लिखने वाले ने लिख दिया.
शाहनवाज दुआर तो आए अटल जी ने कहा तुमने. अपना नाम भी लिखवा दिया अब पोस्टर लगा था. प्रमोद महाजन जी ने देख लिया वही देख के. उन्होंने कहा कि इतने नेताओं को बुला लिया. उसके बाद मेरा भाषण अच्छा हुआ उमा जी हम. युवा मोर्चा के कार्यकर्ता थे बस से आते. थे ऑफिस हम ही खोलते थे बंद भी हम ही करते. थे बिहार वाला अशोक रोड दिल्ली वाला तो. उमा जी जब सम्मेलन हो गया तो कुशा बाऊ.
ठाकरे अध्यक्ष थे वह उनके रूम में मुझे. बुलाया गया किशन रेड्डी भी थे तो उमा जी. ने कहा कि भाई बड़ी तारीफ हो रही तुम्हारी. बहुत अच्छा सम्मेलन किया पाछ हजार लोग. मुस्लिम आए पहली बार इतना बड़ा मुस्लिम. जमघट लगा तो उन्होने कहा शाहनवाज तू चुनाव. लड़ेगा अटल जी के सामने मैंने एक भाषण जब. दिया तो मैंने कहा कि अशफाक उल्ला खान की. तस्वीर नहीं मिलती यहां दाऊद. इब्राहिम जैसों की तस्वीर तो मिल जाती है.
लेकिन जो मुल्क पर शहीद हुआ अशफाक उल्ला. उसकी तस्वीर नहीं अडवाणी जी के रथ से मैं. उतार कर लाया हूं अडवाणी जी के रथ प लगा. हुआ था चोकला की तस्वीर तो हम लोग छोटे. वर्कर थे अटल जी के सामने भाषण का मौका. कहां आता था अटल जी जब बोल के चले जाते थे. तो हम लोग उससे पहले बोलते थे या बाद. में दरी चादर समेट थे उस दिन संचालन मेरे. हाथ में था तो मैंने मौका गनीमत का फायदा. उठाया.
और मैंने व भाषण कर दिया अटल जी ने उमा जी. से कहा तो बहुत अच्छा बोलता है इसको. लोकसभा लड़ा बड़ी बड़ों की छुट्टी करेगा. उमा जी ने बुलाया कहा शाहनवाज तू लोकसभा. लड़ेगा कहां से लड़ेगा मैंने कहा दीदी मैं. समझ रहा था मजाक कर रही है हमने कहा जो. सबसे मुश्किल सीट है वो दे दीजिए तो मुझे. उन्होंने मैंने कहा किशनगंज 70 फीसद. मुस्लिम आबादी थी मैंने कहा सैयद. शहाबुद्दीन वहां से लड़ते हैं तो सैयद. शहाबुद्दीन वर्सेस सैयद शाहनवाज होगा तब. शब नी बड़े नेता थे उस.
वक्त मुस्लिम के तो मेरा. वो मैंने मजाक में कह दिया मैं घर गया मैं. हौजरानी में वन बेडरूम फ्लैट में रहता था. मालवी नगर के पास मेरी मिसेस टीचर थी हम. और वो वहीं सावित्री नगर में पढ़ाती थी वो. चिराग दिल्ली में तो हमारी लव मैरिज हुई. थी तो हम लोग उस टाइम में छुप छुपा के ही. रह रहे थे साल न साल बड़ा पचा किया आपने. वो भी एक अलग.
पूछेंगे आगे है. तो हम गए फिर उमा जी ने फोन किया मेरे पास. तो फोन मोबाइल होता नहीं था तो एक जकरिया. प्रधान साहब है उनके य फोन नंबर था तो. उन्होंने फोन किया बोला तू फोन ही नहीं. उठा रहा मैंने कहा दीदी फोन ही नहीं तो. उठाऊंगा क्या तो उन्होंने कहा शनवाज तेरा. टिकट हो गया मैंने कहा कहां का दीदी. क्योंकि उमा जी का क्या होता था जब वो. भाषण करती थी तो उसम कैलाश विजय वर्गज. रामशी राय किशन रेड्डी मैं यह सब टीम में.
थे तो उमा जी जहां भाषण कैंसिल होता था. वहां मैं जाता था भाषण करने और जब मैं. जाता था लोग मुझे देखते थे कहते पता नहीं. किसको भेज दिया और जब मैं भाषण कर लेता था. तो लोग कहते था अच्छा भेजा तो मुझे लगा. कहीं का टिकट करा दिया होगा क्योंकि वह. नहीं जा रही होंगी तो मैंने कहा तेरा टिकट. हो गया किशनगंज से मैं ताज्जुब में आया. फिर मैं चुनाव लड़ने गया कोई सीरियस ले. नहीं रहा था मैं 28 साल का था ही 29 साल.
का 98 में तो मैं किशनगंज लड़ने गया. किशनगंज लड़ने गया तो वो तस्लीमुद्दीन लड़. रहे थे वहां से वो गिरिराज मंत्री थे बड़ी. खतरनाक इमेज थी लोगों ने कहा किसको दे. दिया फिर मैं वहां लड़ने गया कोई सीरियस. नहीं ले में खूब पतला दुबला था तो पहले. मैं वहां गया तो लोकल उम्मीदवार नहीं था. मैं कभी गया नहीं था वहां एक नए आदमी को. वहां से लड़ाया पार्टी ने तो लोगों ने कहा. कि भाई आप पहले लोग आए नहीं टिकट वापस कर. दीजिए आप नहीं जी ंगे मैंने कहा देखो मैं.
लडूंगा तो यहीं से मैं वापस करने वाला. आदमी नहीं हूं तो फिर मैं चुनाव लड़ने लगा. मैं चलने लगा तो देखे सारे नेता चल रहे. हैं तो कोई लगता ही नहीं था उम्मीदवार कौन. है मैं इतना मामूली लगता था तो मैंने. कुर्ता पैजामा चार पांच जोड़ खादी भंडार. से खादी ग्राम उद्योग है ना कनाट पैलेस. में वो बनवाए थे हमारे दोस्तों ने बनवा. दिए और हम वहां तो मैंने कहा देखो तुम सब. पेंट शट में आओगे उम्मीदवार मैं लगना. चाहिए मैं कुर्ते पजामे में रहूंगा तो मैं. गया तो लोगों ने कहा यही उम्मीदवार है फिर.
नॉमिनेशन किया मैं गाड़ी में बैठा ट्रेन. में पटना के लिए तो मेरा बॉडीगार्ड आया. फतेह बहादुर मिश्रा नाम था क सर. तस्लीमुद्दीन इसी में बैठा है तो मैंने. कहा क्या करें कूद जाए गाड़ी से तो मैं. गया तस्लीमुद्दीन के सामने तो वो लुंगी. पेट पर बांधे हुए बैठे हुए थे पान वान. खाते हुए मैंने कहा सलाम वालेकुम चाचा कहा. सलाम मैंने कहा मेरा नाम शाहनवाज है बोला.
अच्छा आप ही शाहनवाज है अभी मैं बाथरूम से. आता हूं तो मैं य भाषण में ये यूज करने. लगा सही कहानी कि जैसे मैंने तस्लीमुद्दीन. को कहा कि मेरा नाम शाहनवाज है उन्होंने. कहा मैं बाथरूम से आता हूं तो मेरे भाषण. का टॉपिक बन गया मैं लड़ा पहला चुनाव 6000. वोट से बेईमानी से रह गया फिर दूसरा चुनाव. लगा तो सब ताकत से लग गए क्योंकि मैं 6000. से ही हारा था पूरे दुनिया लग गई कायनात. में मेरे पीछे लग गई लेकिन मैं लड़ा.
8648 वोट से किशनगंज में पहली बार कमल. खिलाया हम और जब वो कमल खिला तो मैंने फोन. किया सुशील मोदी जी को हम वो तब मोबाइल. होता नहीं था हम तो सर्टिफिकेट नहीं दे. रहा था मेरी मिसेस रेणू ने अडवाणी जी को. फोन किया कि देखिए सर्टिफिकेट नहीं दे रहे. लालू कहते थे कि भाई किशनगंज बीजेपी जीत. जाएगी तो हम क्या जवाब देंगे माई समीकरण. का हम तो सुशील मोदी को मैंने कहा कि जीत. गए. तो उन्होंने कहा सच में जीत गया हम कहा.
हां सर्टिफिकेट मिल गया हमने कहा हां मिल. गया बोले अपने को सेफ कीजिए फिर मैं एक. जगह रुका एक गोविंद बिहानी थे उनके घर में. जहां वो शटर होता है ना लोहे वाला वो बंद. करके फिर उस छत से दूसरे छत पर जाके तीसरे. जगह रुका यह था कि कहीं हत्या ना हो जाए. और फिर मैं जीत के आया यहां दिल्ली पहुंचा. दिल्ली पहुंचा तो कैलाशपति मिश्रा जी मिले. उन्होंने कहा कहीं जाना नहीं किसी नेता से. मिलना नहीं तो मैंने सोचा क्या कह रहे हैं.
और मैं उनको मानता. था फिर मेरे जो दोस्त यार थे उन्होंने कहा. भाई आप तो इकलौते मुस्लिम एमपी बीजेपी के. जीत के आए और 293 साल उम्र हो रही थी तो. वह मुझे ले गए टेलर के यहां और वो दिल्ली. के लोग होते हैं ना हमारे जो दिल्ली वाले. दोस्त होते हैं वो जब रुतबा रहता है तो. ज्यादा जुड़ते हैं आपको दिल्ली का मिजाज. है अगर आपको पता लग जाएगा कि आप कोई पद प. आने लगे हो कोई इंपोर्टेंट आदमी है हां तो. नहीं भीड़ बढ़ जाती है अब पता लगेगा.
इंपॉर्टेंट नहीं है तो भीर घट जाती है ये. दिल्ली का मिजाज है लुटियन मिजाज हमा यूपी. बिहार में भीला यूपी बिहार में थोड़ा लोग. रिश्ते निभाते हैं दिल्ली में तो आप. हुकूमत में आने वाले हैं चर्चा होने वाली. है तो वो ले गए मुझे सबसे बड़े ट्रेलर के. यहां ले गए दीवान साहब के उन्होंने कहा ये. कुछ बनने वाले हैं इनके लिए जरा जैकेट सिल. दीजिए उसने कहा ये उमर अब्दुल्ला की. शेरवानी है और वो मंत्री बनने वाले उनके. लिए कर रहे हैं जैकेट में देर होगा शरवानी.
सिल दूं उने कहा यह मंत्री बनेंगे मैंने. कहा अरे यह मत कहो तो उसने कहा मैं. आपको परसों दे दूंगा डेढ़ दिन में सिल. दूंगा शरवानी अब मेरी शादी तो लव मैरिज. हुई थी पुराने कपड़े में शादी की तो मैंने. तो कोई शेरवानी पहनी नहीं घोड़े प घोड़ी. पर चढ़ा नहीं कोई ढोल बाजा बजा नहीं तो. पहले ही ऑकेजन से शेरवानी कभी पहनी नहीं. थी आप जानते हैं बिहार में कोई मुस्लिम. लोग शेरवानी रवानी उतनी नहीं पहनते शादी. पते तो वो शरवानी सिल गई आ गई हमारे घर.
और मैं साउथ एक्स गया वहां से जूता भी. लिया शेरवानी पर कौन सा पहना जाए तो उस पर. रिसर्च हुआ जूता पहना वहां लिया सब सामान. आ गया और उसके बाद कोई निमंत्रण ही नहीं. आया मैंने कहा कि कल ओत है अभी 11 बज गए. तो मैंने फिर बिहार में हुकुमदेव यादव जी. को फोन किया उने कहा हुकुमदेव बाब आपको. मंत्रण आया बोला हां आया है राज मंत्री का.
तुमको आया क्या हमने कहा मुझे तो नहीं आया. बोल रुक तुझे तो आना चाहिए तोही मुस्लिम. जीता है मंत्री बनना चाहिए मैं पूछता हूं. पीएम ऑफिस तो उन्होंने पीएम ऑफिस फोन. लगाया तो उन्होंने कहा नहीं शनवाज का नाम. तो है पीएम साहब बात करना चाहते थे लेकिन. फोन नंबर नहीं तो उन्होंने मेरा जब तक. मेरा नंबर लग गया था जल्दी मैं एमपी जीत. गया था तो फिर फोन आया पीएमओ से कि. प्रधानमंत्री जी के कार्यालय से बोल.
प्रधानमंत्री जी आपसे बात करना चाहते थे. आपको बधाई हो आपको भारत सरकार का मंत्री. नियुक्त किया गया है हम और कितना उम्र था. उस टाइम आपका 30 साल 30 साल में आप केंद्र. के मंत्री ब राजमंत्री राजमंत्री तो आप. पांच पास ले जाइए हम तो उस टाइम में मेरी. माताजी नहीं थी तो पिताजी थे तो पिताजी और. मेरी मिसेस गई साथ में हम ओथ लेने गए और. जब वहां पहुंचे तो क्योंकि मैं जीत के भी. जब आया था तो मैं सीधे उमा भारती जी के. यहां आया था तो उन्होंने मुझी आरती किया.
मुझे तिलक किया गले लगाया वो मुझे मैं. राखी बांधती मेरी बड़ी बहन तो उनको बड़ी. खुशी थी जैसे घर का बेटा जीतता है वैसा 99. की बात कर र हां 99 में मैं जीत के जब आया. था और 98 में जब हार गया था तो बड़ी चिंता. करती थी मु मुझे एक दो डेलिगेशन में भेज. दिया था श्रीलंका और कई जगह तो मैंने कहा. भी था कि दीदी एक तो आया हर के आप भेज भी. रही है कोई अच्छी जगह भेजती श्रीलंका भेज. रही है यूथ.
उमा भारती जी ने वो किया मैंने ओथ लिया. उनको प्रणाम किया फिर पूरे महफिल में. उन्होंने मेरी पेशानी चमी गले लगाया और. फिर मुझे गाड़ी में अपने बैठाया जब. कैबिनेट की बैठक हो रही थी तो उसमें ले गई. और कहने लगी शाहनवाज. आज मुझे बड़ी खुशी हो रही तुझे देख के कि. आज हमारा शाहनवाज भारत सरकार का मंत्री. बनी तो मैं तो बस में चलकर पार्टी ने बस. में चलने वाले कारक को जमीन से उठवा उठाकर.
आसमान में बैठा दिया बकुल सही तो अगर आपका. कहना कि तब वह दौड़ था तो मैं तीन तरह से. दौड़ देखता हूं एक मैं बस में चलने वाले. को भारत सरकार का मंत्री फिर मुझे मैं. बीजेपी का लगातार तीन बार कोई मुस्लिम. नहीं है जो जीत के आया हो बीजेपी के सिंबल. पर 13वीं 14वीं 15वीं लोकसभा मैं मैं जीत. के आया सवी लोकसभा में मैं 8000 वोट लेस. देन % वोट से गपुर रह गया अब यहीं से मैं.
सवाल शुरू करता मैंने आपको बहुत अच्छे. सुना सवाल यह आता है कि वो आदमी जो 1999. में चुनाव जीत कर आया किशनगंज से जहां लोग. जीतते नहीं थे वह आदमी जो बिना मोदी लहर. के दो बार और चुनाव जीत गया जब सब हार रहे. थे और बीजेपी की नैया डूब रही थी 1999 में. जो आदमी केंद्रीय मंत्री बन जाता है. 2019 से व आदमी राजनीतिक बनवास पर क्यों. रहता है बीच में थोड़ा साहब आए थे फिर. गुमनामी के साय में चले गए लोग ये सवाल.
पूछते हैं कि शहनवाज हुसैन को सजा मुसलमान. होने की मिलती है या क्योंकि अटल जी के. बड़े करीबी थे और अब अटल जी के करीबी. लोगों को धीरे-धीरे किनारे लगा दिया गया. है उसकी सजा आपको मिलती है नहीं देखिए ये. नहीं ये बात सही नहीं है मैं अ बिहार देश. में एक आकलन है कि जो मंत्री है जो सांसद. है विधायक है वही बड़ा पमपम बाबू है. बड़ा लाट साहब जो नहीं है वो कुछ नहीं है.
राजनीति में आप समाज सेवा. कर से पार्टी में भी तो काम करते हैं लोग. पार्टी में बहुत से लोग हैं जो बहुत. इंपॉर्टेंट. हैय आप कहेंगे दिल को खुश रखने को लिब य. ख्याल अच्छा आपको पता है पूरे बिहार से. मैं अकेला आदमी हूं जो 18 साल तक सेंट्रल. इलेक्शन क का मेंबर रहा बिहार से अकेला हा.
कोई हिंदू कोई मुसलमान नहीं डिसीजन मेकिंग. क कमेटी में रहा मोदी जी के प्रधानमंत्री. रहते भी 14 से लेके पिछले साल 23 में जब. गडकरी जी शिवराज जी भी नहीं रहे उसमें तो. मैं भी उससे हटा हूं मतलब पिछले साल हटा ह. तो इंपॉर्टेंट रहा पार्टी का प्रवक्ता हूं. जो थे वो तो धीरे-धीरे जा रहा है नया क्या. आ रहा है लोग य पूछ रहे हैं कि शहनवाज जी. जो इतने टैलेंटेड आदमी कि मैंने सोशल. मीडिया पर डाला आपको लेकर क्या पा रहे हैं. और चाहे हिंदू वर्ग हो या मुसलमान वर्ग हो.
बहुत सारे लोगों ने कहा कि शहनवाज जी एक. नंबर आदमी है बिहार में बीच में जब मंत्री. बने थे काम धंधा कर रहे थे लेकिन दोबारा. सरकार आई वहां से भी हटा दिया एक बार. थोड़ा इनाम मिला था जब कश्मीर आपका पलायन. हुआ था वहां पर आप काम किए थे उसके बाद. थोड़ा सा इनाम दिया नितीश जी दोबारा आ गए. गाली देने के बाद लौट आए लेकिन शहनवाज जी. जो काम किए थे वो थैंक यू होके साइडलाइन. कर दिए देखिए मुझे मैं जब कोरोना में. भर्ती हुआ था हां तो प्रधानमंत्री जी का. दो बार फोन आया मेरी हालचाल जानने के. फिर जब मैं ठीक हुआ उनसे मिला फिर कश्मीर.
गया मैं जब कश्मीर गया तो मैं कोरोना से. ठीक होने के बाद 48 डेज कश्मीर में रहा. वली में घूमा वहां कमल खिलाया पार्टी ने. मुझे कहा था जाओ किशनगंज कमल खिलाओ वहां. कमल खिलाया पार्टी ने कहा जाओ कश्मीर कमल. खिलाओ वहां कमल खिलाया फिर जब मोदी जी के. पास गया तो मोदी जी के मन में एक बात थी. कि मैं स्टेट पॉलिटिक्स में एक रोल अदा. करूं मुझे उन्होंने मैं रिकॉर्ड पे भी कह. सकता हूं हम मुझे उन्होंने 15 में ही कहा.
था कि आपको विधानसभा चुनाव लड़ना चाहिए हम. लेकिन मैं नहीं लड़ पाया था फिर उन्होंने. मुझे एमएलसी बनाया और एमएलसी बनाक मैं. बिहार में इंडस्ट्री मिनिस्टर बना श्री. बाबू के बाद इंडस्ट्री में सबसे ज्यादा. काम हुआ आज 17 इथेनॉल प्लांट है ग्रेन बेस. इंडस्ट्री इथेनॉल इंडस्ट्री में बिहार देश. का नंबर वन राज है आपके दर्शकों को यह. मालूम होना चाहिए सर जो दर्शक हमारे हैं. वो ये जानते हैं कि शहनवाज हुसैन टैलेंटेड. आदमी है वो तो यही कह रहे हैं जो.
मिर्जापुर एक पिक्चर आई थी उसमें कहा गया. था कि बड़ी तकलीफ होती है जब आप टैलेंटेड. हो और आपके टैलेंट की कदर ना हो हर आदमी. कह रहा है कि आप टैलेंटेड है 9999 मंत्री. तब टैलेंटेड थे अभी इधर मंत्री तब. टैलेंटेड थे लेकिन टैलेंट का इस्तेमाल. क्यों नहीं हो रहा जनता ये पूछ रही है. आपके मन में भी तो आता होगा ना घर परिवार. में आपकी जो फैन फॉलोइंग होगी किशनगंज से. लेकर दिल्ली तक कि भाई क्यों मौका नहीं. दिया जा रहा आप कश्मीर तक में टैलेंट दिखा. चुके नहीं मौका देखिए ये यह जो सवाल है. मेरे बारे में फैसला नेतृत्व करता उनके मन. में मे लिए क्या प्लान है वह तो आपको उनसे.
पूछना पड़ेगा मैं तो एक बीजेपी का वर्कर. हूं मैं मोदी जी के लिए काम करता हूं अभी. एक धय है एक मकसद है मोदी को फिर से. प्रधानमंत्री बनाना उसके लिए मैं आंध्रा. गया कश्मीर गया उत्तराखंड गया यूपी गया. बिहार में कंपेन कर रहा हूं पूरी ताकत झकी. हुई है कि मोदी जी को फिर से प्रधानमंत्री. बनाना है तो हमारे नेता प्रधानमंत्री बने. सिर्फ अपने लिए जिए कि मैं क्या बन रहा. हूं मैं तो बहुत कुछ बना आजादी के. सबसे कम उम्र में कैबिनेट मिनिस्टर बनने.
का रिकॉर्ड बिना विरासत के शाहनवाज हुसैन. के पास है यही तो सवाल फिर मेरा आप देखिए. आप ही मेरा सवाल दोहरा दिए जो मैंने सवाल. पूछा था कि शहनवाज हुसैन को अटल बिहारी. वाजपेई के लाडले होने की सजा मिली या. बीजेपी की पॉलिटिक्स एंटी मुस्लिम है उसम. फिट नहीं होता देखिए जो आप सजा कह रहे हैं. ना हा वो मेरे लिए मजा है सजा नहीं है. कैसे मजा है क्योंकि मैं कंपेन कर रहा हूं. मैं जीतता मैं जीता आपका मनता चुनाव लड़ने. का नहीं मन किसका का नहीं करता मेरी सीट.
अगर भागलपुर और किशनगंज दोनों सीट गठबंधन. में जेडीयू के पास चली गई अगर वो सीट रहती. और मेरी जगह आपके बिहार से पवन सिंह को. उठा के आसनसोल भेज दिए जाओ चुनाव लड़ के. आओ नहीं लड़े मैं कोई फिल्म स्टार हूं. आपको आप कम है आप सुपरस्टार है आप. केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं इतना बड़ा. फैन फॉलोइंग आपका है लड़का लोग हमसे बोला. कि शहनवाज जी को बिहार का सीएम बनना चाहिए. बन जाएंगे शायद बिहार का उद्धार हो जाए. देखिए बिहार का सीएम तो बीजेपी का बनने ही. चाहिए जब मौका मिलेगा अभी तो हम नीतीश.
कुमार हमारे सीएम हैं लेकिन मैं आपको बता. दूं कि अगर भागलपुर और किशनगंज बीजेपी के. पास रहती तो पार्टी के मन में था भी मुझे. अंदर से मालूम है कि पार्टी ने बाज होकर. कोई डिसीजन नहीं किया शाहनवाज हुसैन के. बारे में जो भी निर्णय बीजेपी में होता है. मुझे कार्यकर्ता के नाते होता है अगर मेरा. मुसलमान होना कहीं आड़े आ रहा हो ऐसा मुझे. कभी फील नहीं हुआ अगर यह कभी फील होगा तो. मैं काम नहीं करूंगा पत्रकारिता के. क्षेत्र में जब नौकरी ढूंढ रहा था तो एक.
बड़े सीनियर संपादक मिले मुझे मैंने उनसे. कहा कि सर किसी चैनल में नौकरी खाली होगी. बताइएगा तो उन्होंने एक बड़ी अच्छी बात. कही थी मुझसे कि बाबू बड़े चैनलों में. नौकरी खाली नहीं होती है जिसको देना होता. है जब तो अपने आप खाली कर दी जाती है यही. खेल सियासत का भी है अगर देना होता तो. आपको एडजस्ट कर दिया जाता नहीं इच्छा होगी. आपने पूछा नहीं कभी आपकी फोन में बातचीत. होती हो कि कहां कमी रह गई अब तो पवन. खेड़ा भी लिख दिए थे हमारी सेवा में कहीं. कमी रह गई हो आपने कभी जाहर नहीं किया. इतने सी आदमी नहीं मैं बीजेपी के स्टार.
कैंपेनर से बात कर रहे हैं आप कंपेन छोड़. के शुभंकर मिश्रा के प्रोग्राम में जो मैं. आपका फैन भी हूं क्योंकि और मैं आपका. शुभचिंतक नहीं मैं मैं सही बता रहा हूं. आपको. वोय चढ़ा नहीं रहे कि आप थोड़े नरम सवाल. पूछेंगे इसलिए नहीं कह रहे लेकिन सही में. मैं आपका प्रोग्राम देखता हूं क्रिकेट. वाला मैं क्रिकेट का भी बहुत बड़ा फैन. हू मैं आपका प्रोग्राम देखता हूं तो मैं. अगर कैंपेन छोड़ के कल मैंने ढाका में सभा.
किया ढाका बिहार का ढाका ढाका में सभा. किया आप सोचेंगे कि बांग्लादेश भी जा रहे. हैं तो कल ढाका में शहर में जी कैंपेन. किया उसके बाद कल पालीगंज में राम कृपाल. भाई के लिए वोट मांगा हेलीकॉप्टर से सभा. थी वहां से उतरा जहाज पकड़ा पहले यह इरादा. था कि रात में आपके साथ बात करेंगे और फिर. मैं आज आया कलरी मुझे आड़ जाना है उसके.
बाद 26 को और दौरा लगा हुआ है चार लोकसभा. का तो सारा कैंपेन छोड़कर मैं आपके. प्रोग्राम में इसलिए. आ मैं मानता हूं कि पार्टी मेरे से का. पार्टी ने मुझे बहुत दिया बहुत से लोग हैं. जिनको टिकट नहीं मिला कोई रोड आ है कोई. गाड़ आ है कोई क रहा मेरी सेवा में कोई. कमी तो नहीं रह गई मैं यह नहीं कह रहा. मेरी पार्टी ने मुझे नहीं लड़ाया मैं. मानता हूं कि जो निर्णय किया होगा पार्टी. ने सही किया होगा पार्टी के मन में कुछ.
होगा मुझे क्या पता था जब नड्डा जी ने. मुझे फोन किया कहा शाहनवाज जी आपको कल. नॉमिनेशन करना है जब एमएलसी का और यह आदेश. है प्रधानमंत्री जी का तो मैंने जाकर. नॉमिनेशन किया फिर फोन आया आपको उद्योग. मंत्री का थ लेना है अब पार्टी के मन में. मेरे लिए क्या होगा वह पार्टी तय करेगी. पार्टी ने मुझे बहुत कुछ दिया है दिल दिया. है जान भी देंगे पार्टी तेरे लिए तो. पार्टी ने हमको दिया है मैं अपना फर्ज अदा. कर रहा हूं अभी चुनाव में जितना मैं चुनाव.
लड़ता जितनी मेहनत कर रहा हूं मैं कसम से. कहता हूं उससे ज्यादा मेहनत मैं अभी कर. रहा हूं क्योंकि मोदी जी को प्रधानमंत्री. बनाना आपने देखा ना इतना वायरल हो गया. प्रधानमंत्री छपरा में आए तो लाखों की. भीड़ खड़ी थी मंच पे बहुत लोग थे मेरे पास. आए उन्होंने पूछा गले का क्या हाल है घूम. रहे हैं पूरे हिंदुस्तान में उनका जी पूरा. घूम रहे हैं सर तो नहीं नहीं अपने गले का. ध्यान रखना कुछ इलाज कराए कि नहीं गले का. क्योंकि पहले भी मैं जब बोलता था कहते थे. आपका गला दिवाई है तो जिस प्रधानमंत्री को.
जिस दुनिया का लीडर है वर्ल्ड लीडर है. दुनिया में अभी कैंपेन में लगे हुए हैं. उसमें मेरे लिए अगर सबके मंच पर आकर मेरे. गले का हाल पूछ लिया तो इससे बढ़कर. शुभचिंतक क्या हो सकता धीर का में नहीं. पूछे कि सर 24 ना से 25 में कुछ सोचे हैं. नहीं वो हम नहीं पूछे ये सही बात है कि. धीरे से पूछ लेते गला भी आराम रहता और. मेरे जो मुखालिफ है ना देखिए एक बात सही. है कि जब आपका आप चुनाव नहीं लड़ते या. सिस्टम में नहीं रहते तो आपके दोस्त तो.
शुभचिंतक थोड़े चिंतित होते हैं और दुश्मन. कहते हैं दुश्मन मौज काटते च वो कहते हैं. बहुत नेता बनता था इलाज हुआ इसका और वो. करते हैं और वो जब देखते हैं स्टार कंपेन. में भी इसका नाम है हेलीकॉप्टर से भी घूम. रहा है आंध्रा पट्टा पृथ्वी जिला भी जा. रहा है विजयवाड़ा भी जा रहा है रुड़की भी. जा रहा है डोडा किश्तवार भी जा रहा है और. फिर प्रधानमंत्री ने मेला हाल पूछा मैंने. कहा यह तो मेरे दुश्मनों का हाल पूछा जो.
समझते थे कि पता नहीं मोदी ने इसको नहीं. कुछ दिया नहीं लड़ाया लेकिन आप सेंटल. पॉलिटिक्स में मोदी जी के सीनियर हैं आप. नहीं नहीं नहीं वो तो आप पहले गए थे आप. केंद्रीय मंत्री बन गए थे हम तो युवा. मोर्चा में थे जब नड्डा जी युवा मोर्चा के. अध्यक्ष थे जब आप मंत्री बने थे तब मोदी. जी मुख्यमंत्री थे मुख्यमंत्री नहीं थे वो. राष्ट्रीय म वो भी दिल्ली में थे दिल्ली. दिल्ली तो आप टेक्निकली आप सीनियर हु मोदी. जी नहीं नहीं मोदी जी हमारे युवा मोर्चा. के इंचार्ज थे नड्डा जी अध्यक्ष थे मोदी. मोदी जी प्रभारी थे और वो चंडीगढ़ पंजाब.
हिमाचल को देखते थे मैं भी चंडीगढ़ युवा. मोर्चे का इंचार्ज था वो तो हमारे नेता. हमने बहुत उनसे सीखा है अब क्या है कि. मोदी जी इतने बड़े हो गए हैं कि बहुत सी. बातें हैं कि कहने में अब यह भी लगता है. कि मैं कोई अपनी तारीफ कर रहा हूं बहुत. पुराना रिश्ता रहा है और मोदी जी से बराबर. गुजरात में भी थे तो उनसे जाना मिलना एक. रिश्ता रहा है बड़े भाई की तरह वो टीट. करते हैं ठीक अब मैं अब आपको आपके सवाल पर. ग्रिल नहीं करूंगा मैं दूसरा सवाल उठाता. हूं एक सवाल और आता है बीजेपी को लेकर य. आप सवाल आप रोज सामना भी करते हो क्या आप.
बीजेपी में मुस्लिम चेहरा है और पहली बार. आपने खुद कहा कि आप जीत कर आए थे बीजेपी. में इकलौता मुसलमान जो तीन आमतौर पर. राज्यसभा वाले फिर भी दिख जाते हैं लोकसभा. वाले मुसलमान बीजेपी में नहीं दिखते हैं. हा तो लगातार तीन बार बीजेपी या जनसंघ. मिला के लगातार तीन लोकसभा में कोई आया तो. मैं ही आया तो इसी से मेरा सवाल आता है तो. इसका मतलब ये तो है कि अगर टैलेंटेड. मुसलमान को टिकट मिलेगा तो बीजेपी में जीत. सकता है अगर टैलेंट होगा तो आप किशन गं से. जीत के आए तो फिर जब यह आता है कि र इतनी. सारी सीटें लेकिन बीजेपी मुसलमानों को. टिकट नहीं देती है और उसको लॉजिक पूछो तो.
कहा जाता है कि जीत कर नहीं आते क्योंकि. मुसलमान वोट नहीं देता तो अगर शहनवाज जीत. सकते हैं तो शायद चार शहनवाज और पैदा होते. अटल जी ने पैदा किया एक शहनवाज बनाया. मुख्तार जी आए और भी कई नए नए लड़के आए तो. मुसलमानों को क्या जो बाकी नेताओं की. पॉलिटिक्स चक्कर थोड़ा सा पीछे रहना पड़ता. है बीजेपी में नहीं पीछे नहीं रहना पड़ता. है देखिए या मुसलमानों में कंपटीशन बड़ा. हिंदू कौन है बड़ा हां ये सवाल बड़ा अच्छा. है मैं दोनों पे आता हूं पहला पार्ट जो है. बड़ी तादाद में मुसलमान आए हा अटल बिहारी.
वाजपेई जी ने कहा था कि जो मुसलमान बीजेपी. में आए उनको मुसलमान बन के रहे नहीं उनको. मुसलमानों को लगना चाहिए कि उनका आदमी. हमारे बीच में है हमारे पास बहुत आदमी है. ऐसा ना लगे कि हमारे आदमी से कंपटीशन दे. रहे हैं तो बड़ी तादाद में मुस्लिम बीजेपी. में आए लेकिन जो मुसलमान आज बीजेपी में. दिखते हमको वो ऐसा लगता है कि शुभंकर. मिश्रा जैसे ब्राह्मण से भी ज्यादा बड़े. ब्राह्मण है या और बड़े पंडित है नहीं. देखिए मतलब मुसलमान बीजेपी का मुसलमान. मुसलमान नहीं लगता रिकर्ड पर बात कहता हूं. क्योंकि प्रधानमंत्री जी की कोई बात को.
कोट करना आसान तो होता नहीं सही बात है. मैं प्रधानमंत्री जी से मिला था मोदी जी. अटल जी नहीं अटल जी अभी तो मोदी जी से कह. रहा हूं तो उन्होंने कहा कि देखिए मुस्लिम. समाज को लगना चाहिए कि उनका नेता यहां है. आप लोगों को उनमें काम करना चाहिए तो. प्रधानमंत्री इस फेवर में नहीं रहते हैं. कि आप बीजेपी में हो मुस्लिम हो ग मुस्लिम. को गाली दो आजकल तो इंडिया में फैशन है ना. कि अगर आप हिंदू हो गए हिंदू को गाली दो. तो बहुत बड़े सेकुलर और मुसलमान होक.
मुसलमान को गाली दो तो राष्ट्रवादी हमारी. पार्टी में मैं मुसलमान बनकर पार्टी में. काम करता हूं और मुझे कभी कोई दिक्कत नहीं. हुई मेरी पार्टी में काम करने में उनको. पता है हम युवा मोर्चा में थे डेढ़ बजे. बजता था कभी फ्राइडे होता था तो उमा जी को. मालूम था कि जुमे की नमाज में जाएगा तो. मैं कहता था दीदी मैं जरा जा रहा हूं. प्रेयर है मेरा अब देखिए सिफ हमको एक सवाल. और में आया. रामलला का प्राण प्रतिष्ठा हो रहा था हमने.
शहनवाज जी को देखा हमने मुख्तार जी को. देखा शहनवाज जी कहते हैं कि उमा दीदी. हमारी दीदी हैं राखी बांधती हैं तिलक लगा. लेती हैं हमको गले लगा ली हमने आपको. गिरिराज सिंह के साथ देखा आप तो चले जाते. हैं वह आपकी टोपी लगाते हैं कब वो या वो. आपके दरगाह में या आपके इबादत जगह पर कभी. आपके साथ आए या एक तरफा मोहब्बत है नहीं. दरगाह प तो जाते हैं लोग दरगा भारती ग. आपके साथ हां हमारे साथ गई गराज जी आते. हैं नहीं अब अब अब कहिए कि मैं लिस्ट लेके. बैठू कौन-कौन दरगाह प जा रहा.
है की बात कर रहा जिनका आपसे गिरिराज. देखिए गिरिराज और शाहनवाज एक ही पार्टी. में और मेरे बचपन वाले दोस्त हैं युवा. मोर्चा में हम लोग साथ थे. और मेरे चुनाव में वह बहुत किशनगंज में. बहुत टाइम देते थे तो लेकिन उनकी तो. मुसलमानों से मोहब्बत जग जाहिर है नहीं. अंदाज बया अलग है लेकिन बात तो एक ही कहते. उनका बोलने का अपना अंदाज है और गिरिराज.
जी की भी फैन फॉलोइंग है लेकिन यह सही है. कि लालू यादव क्या करते थे टोपी पहन लेते. थे मुसलमान इसी में खुश लालू ने हमारा. टोपी पहना आपको याद है कि नरेंद्र मोदी जी. ने जब उपवास किया था तो एक कंट्रोवर्सी. पैदा की उन्होने टोपी नहीं मैं उस दिन. बैठा था मोदी जी के बगल में उन्होंने. फास्ट का दूसरा दिन था उस दिन उनके में. कुर्सी पर उन्होंने मुझे ही बैठाया था.
पूरे दिन और जब वो एक मौलाना साहब आए तो. एक आयते करीमा जिस पर कलाम पाक की आयत. लिखी थी वो चादर दिया मोदी जी ने अपने गले. प रखा उसको अपने कंधे र देखी थी ललक और. उसके बाद ऐसे शेरवानी से निकाली हमने कहा. ये हाथ क्यों डाल रहा है ऐसे करके निकाली. टोपी वो पहनाना चाहा तो उन्होने कहा कि. नहीं नहीं ये चादर दे दीजिए मैं चादर रख. लेता बड़ी कंट्रोवर्सी हुई और मैं मंच पर. था कि मोदी ने टोपी नहीं पहनी तो मैंने.
उसमें एक जवाब मैंने ही दिया था टोपी. इबादत के लिए है सियासत के लिए नहीं है. यानी आपने बढ़िया कवर कर लिया हा आप तिलक. लगाए मैं टोपी पहनू ये हम अपने अपने मजहब. प चलेंगे हम मुल्क के लिए एक रहेंगे मुल्क. के लिए इकट्ठे रहेंगे तो चलिए आपकी तो ऑफ. द रिकॉर्ड बात होती होगी आपने कहा आपके. कलीग भी है आप लोग 1998 जानते हैं एक सवाल. जो कई बार आम मुसलमान पूछता है ये मैं. आपसे पूछ ले रहा हूं आप क्योंकि उन्हे. जानते हैं बेहतर आप बेहतर. क्या नरेंद्र मोदी जी मुसलमानों से नफरत.
करते हैं एकदम नहीं तो फिर यह परसेप्शन. क्यों बनाया जाता है परसेप्शन हमारे. विरोधी बनाते हैं वह इस तरह का माहौल. बनाते हैं जैसे मुसलमानों का ठेका उन्हीं. के पास है वह मुसलमानों को डराते हैं खुदा. से डरने वाली कौम को यह कांग्रेस सपा बसपा. आरजेडी यह सब लोग बीजेपी से डराते हैं कोई. बात नहीं है नरेंद्र मोदी कहते हैं सबका. साथ सबका विकास सबका विश्वास कोई नरेंद्र. मोदी की योजना बताइए जो मुसलमान नों के. लिए नहीं हो अगर कोरोना का टीका दिया तो.
सबको दिया बूस्टर लगाया तो सबको लगाया कोई. यह नहीं कहा कि हिंदू को पहले देंगे. मुस्लिम को बाद में देंगे अनाज दिया तो. सबको दिया और देखिए 25 करोड़ लोग गरीबी. रेखा से के नीचे से ऊपर आए हैं आपको पता. है शुवांक जी सबसे ज्यादा उसमें मुसलमान. है ठीक है क्योंकि कांग्रेस ने अपने दौरे. इक्दर्म. बनाया गरीब का बेटा नरेंद्र मोदी आया उसने. मुसलमानों के लिए नहीं बल्कि गरीबों के. लिए योजना क ये बात आपने जो कही है शत.
प्रतिशत सच है कि जितना विकास हुआ है वो. भेदभाव के साथ जो भी वो चाहे राशन सबको. पटाओ लेकिन फिर मुसलमान के मन में सर सवाल. ये आता है कि जब आप सारी नीतियां बराबर. बना रहे हो कि चलो तुमको भी मिल रहा है. तुमको भी मिल रहा है अब चाहे वो कॉरिडोर. बन रहा है कुछ भी हो रहा है हर जगह सब. दुकान उनकी भी लग रही है बढ़िया सड़क बन. रही है उस पे सब चल रहे हैं सब चल रहे है. लेकिन फिर ये आता है जैसे मोदी जी ने एक. स्टेटमेंट दिया कि मैं मुसलमान मैं हिंदू. मुसलमान नहीं करता फिर कांग्रेस ने बकायदा. एक लिस्ट निकाल दी वीडियो की जिसमें बताया. कि देखिए शमशान कब्रिस्तान या फला ना या. रिजर्वेशन वाला बयान तो शमशान कब्रिस्तान.
पर तो मैं बात करने को तैयार हूं आपसे कहा. कि वहां बिजली आती थी व नहीं आती नहीं सही. बात है ना आप शमशान कब्रिस्तान की गहरा. बंदी कराइए और शमशान की भी कराइए बड़बड़ी. देने में क्या इसमें हिंदू मुसलमान कहां. हो गया आप कहिए शुभंकर जी को एक गिलास चाय. दो तो शाहनवाज को भी दे दो तो इसमें क्या. हिंदू मुसलमान हो गया तो जैसे अभी. रिजर्वेशन ने कहा कि मंगल उन्होंने कहा कि. दिवाली दिवाली पे ईद पे बिजली दो तो. दिवाली पे भी दे दो या बड़बड़ी दे दो क्या. दिक्कत ट नहीं मुसलमान अब मंगलसूत्र क्या. कहा देखिए अभी क्या हो रहा है कि हिंदू.
मुसलमान वाले पे मैं इसको कई जगह मुझे. जवाब देना पड़ता है हम नरेंद्र मोदी जी ने. क्या कहा जी हां मंडल कमीशन में जो लागू. हुआ जो बैकवर्ड मुस्लिम थे अंसारी राइन. कुरेशी ये सब मंडल कमीशन में कवर है उनको. दे दिया गया था उनको रिजर्वेशन मिला. बीजेपी ने कभी तराज नहीं किया अपर कास्ट. मुस्लिम रह गया था जिसको आप. उसमें 27 फीसद में 100 जातियां है आप क्या.
कर रहे हो कि उसमें आंध्रा में तेलंगाना. में कर्नाटक में मंडल कमीशन के 27 पर में. 4 पर मुस्लिम को दे दे रहे हो धर्म के नाम. प यह गलत है संविधान में नहीं लिखा बाबा. साहब ने नहीं लिखा क्यों देंगे रिजर्वेशन. आपको मुकाबला करना है 27 पर में कीजिए वह. पसमांदा मुस्लिम थे लेकिन अगर मैं कहूं कि. राजपूत ब्राह्मण भूमिया के साथ वो चार भाई.
और तीन भाई और आ गए शेख सैयद पठान मुगल तो. बाबर. वाले मतलब मुगल वही है मुगल तो उनके वंश. के हैं तो उन बहुत कम है बिहार में भी. अपने यहां बहुत कम होंगे तो मेन शेख सैयद. पठान है सात लो कास्ट हो गया अब रिजर्वेशन. कितना दिया 10 पर ईडब्ल्यूएस में उसमें. ज्यादा गरीब कौन है शेख सैयद पठान है. ज्यादा फायदा किसको होगा नहीं ज्यादा.
फायदा किसको होगा अपर कास्ट हिंदू में तो. थोड़ा आर्थिक लेवल ऊंचा भी है ज्यादा. फायदा तो शेख सैयद पठान ले जाएंगे और. बिहार में जातीय जनगणना में 10 पर हिंदू. फॉरवर्ड हैं और 4 पर बक हिंदू मुस्लिम. फॉरवर्ड तो 14 पर और गरीब तो उसमें ज्यादा. मुसलमानों के आ जाएंगे तो यह तो मोदी ने. किसको रिजर्वेशन दिया शेख सैयद पठान को ही. मिला ना तो दे दो ना वोट मोदी को मतलब यह. है कि रिजर्वेशन दे मोदी अनाज दे मोदी.
मकान दे मोदी अकाउंट में पैसा डाले मोदी. और वोट दो किसी और कोट देते मोदी जी अरे. टिकवा से क्या हो जाएगा अरे. टिकटवाला आदमी देखिए खड़ा है अच्छा शुभंकर. मिश्रा एंकर है तो मैं आपको कल से कहूंगा. हिंदू एंकर शुभांक शुभंकर मिश्रा ये तो. नहीं है ना ये क्या होगा बिल्कुल सही कह. रहे आप सही कह रहे लेकिन जिस बिहार से आप. आते हैं जिस बिहार से आप आते हैं आप ना. नहीं ना इतने मासूम आप है ना मैं कि वहां. जात पात है आदमी आजो कहीं ट्रेन में बैठता.
है तो पूछ लेता है नाम क्या भाई अगर अपने. घर परिवार के आओ बैठो थोड़ा सा अच्छा तो. एक जात पर मैं भी आपसे सवाल पूछ लेता हूं. कि बिहार में कहते हैं माई समीकरण है हां. 14.4 पर यादव है हां और 18 पर 18.8. मुसलमान है करीब 19 पर हम तो उन्होंने जो. टिकट बांटा तो यादव को सात आठ दे दिया और. मुस्लिम को दो ही दिया क्यों नहीं सवाल. करते आप उनसे जस्वी जिस दिन बैठेंगे उस. दिन में बैठा के आपने माई समीकरण अगर है. तो जब मुख्यमंत्री बनना होगा तो लालू यादव.
राबड़ी यादव फिर उप मुख्यमंत्री बनना. तेजस्वी यादव विधानमंडल का नेता तो जब. आपने बनाया तो बीजेपी ने दो उ मुख्यमंत्री. बनाए ना विजय सिन्हा और सम्राट चौधरी तो. ये भी बना देते दो क्यों नहीं बनाए जब माई. समीकरण है माई समीकरण है तो बराबर का हक. नहीं सिर्फ बीजेपी से डरा डरा के वोट. लेंगे मीठा मीठा गप गप तीता तीता थू थू ये. नहीं चलने वाला है हम तो यह जान रहे हैं. मैं तो आपके प्रोग्राम के जरिए बहुत लोग.
देखते हैं और आपकी इमेज भी है आप ना राइट. है ना लेफ्ट है आप ईमानदार सवाल पूछते हैं. तो मैं आपसे ये कहता हूं कि आपका आपके. दर्शक बहुत है मैं भी आपके रील देखते रहता. हूं ऐसे करके मेरी मिसेस कहती है ये कितना. शुभंकर मिश्रा को सुनेंगे आप क्योंकि मैं. क्रिकेट भी सुनता हूं तो आपका क्योंकि मैं. क्रिकेट का भी बड़ा फैन हूं हम सवाल इसके. तो नरमी नहीं बढ़ती नहीं नरमी एकदम मत. बढ़ती है लेकिन मैं आपको देखता हूं तो मैं. आपसे यह कहता हूं कि यह जो आखिर कौन.
बताएगा मस्जिद में हम जाते हैं आज जुमा. में गए थे तो इमाम साहब नमाज पढ़ा रहे थे. वही रामपुर से चुनाव लड़े हैं मस्जिद में. जो इमाम साहब थे तो उनको मैंने कहा भाई. दनी दीन की बात वो बताएंगे लेकिन जो. दुनियावी बात है मैं बता रहा हूं अकलियत. के लोगों को अपने कौम के लोगों को कि. आएंगे मोदी छाए हैं मोदी जीतेंगे मोदी. प्रधानमंत्री बनेंगे मोदी मोदी की कश्ती.
में नाव में बैठ जाइए यही बेरा पड़. कराएंगे बाकी डूबते हुए नाव में क्यों. बैठना ये मौका है मोदी का दिल जीतने का. उनको आने का जब हारे हुए लोगों के साथ. मुसलमान क्यों जाएगा जब वो लोग जीते हुए. थे तो मेरठ करा दिया मलियाना करा दिया. भागलपुर यह कांग्रेस सेकुलर बनती है मैं. भागलपुर से जीता हूं जहां किशनगंज जीता. मैं जहां भागलपुर में कभी हिंदू मुस्लिम. दंगा हुआ वहां मैंने मोहब्बत का फूल. खिलाया और वहां पे जहां मुसलमानों को मार. के लगाई चंदेरी गांव में 100 100 लोगों को.
मारकर कांग्रेस ने गोभी की खेती कर दी थी. वहां मैंने मोहब्बत का फूल खिलाया. उन्होंने तो गोभी का फूल खिलाया अगर कुछ. गड़बड़ अगर कुछ गड़बड़ नहीं नहीं अगर कुछ. गड़बड़ ना किए होते तो आज विलुप्त कैसे. होते तो अगर विलुप्त हो गए तो फिर उनका. सवाल उनको अपने आप मिल गया जनता ने जवाब. दे दिया शुभंकर जी अगर यही बात है तो आप. ये बता दीजिए कि सबसे ज्यादा आप ही का. जीके टेस्ट कर लिया जाए अरे महाराज जि. बैठिए. एक एक सवाल एक सबसे ज्यादा मुस्लिम वजीर.
हां किसके दौरे इक्त दार में बने किस. प्रधानमंत्री के सबसे ज्यादा मुस्लिम. मंत्री थे नरसिंहा राव के मैं आपको दुविधा. में नहीं डालता अबरार अहमद असलम शेरखान. ये गुलाम नबी आजाद पता नहीं कितने थे आठ. सबसे ज्यादा थे और सबसे ज्यादा मुसलमानों. को शिकायत नरस महाराव की सरकार से रहती है. यह क्या होगा कि कोई मुसलमान प्रधानमंत्री. हो मुख्यमंत्री हो वही वो मुसलमान का. ध्यान रखेगा मतलब या जो ईमानदार होगा जो.
मसावत के रास्ते पर चलेगा इस्लाम के मानने. वाले कहते हैं कि जब हमारे खलीफा थे वो जब. खिलाफत करते थे तो वो सबको बराबरी से. देखते थे हम समझ गए सर आप बड़े नेता है ले. गए और इसका फैसला जनता छोड़ देते बड़ जो. बड़ा बड़ा आदमी होगा करेंगे टिकट नहीं. देंगे जो पद पे बैठेगा वो सबकी फिक्र. करेगा या मुसलमान है तो वही मुसलमान की. फिक्र करेगा ठीक है आपकी बात मान ली अब. जनता पोड़ चलिए शुक्रिया आप. ठीक है अब आते हैं थोड़ा सा बिहार पे अभी.
दो बयान वायरल हुआ एक तेलंगाना का एक. उड़ीसा का. कि अगर आप हमें जिता देंगे तो हम आपके. राज्य को नंबर एक बना देंगे ये एक बड़ा. वायरल बयान था किका मोदी जी का वहां गए थे. अमित शाह जी आते हैं बीजेपी के सारे बड़े. नेता जहां जहां जा रहे हैं वो कह रहे हैं. कि आप हमें जिताए हम आपको नंबर वन बना. देंगे क्योंकि मेरे पास बिहार से बहुत लोग. जुड़े हुए हैं मेरे साथ और लगातार वो मुझे. फॉलो करती यूपी बिहार के तमाम बिहारी. लोगों ने मुझसे सवाल पूछा और यह सवाल अब. वहां उठने लगा बच्चे बच्चे में भी कि सर. 40 में से 39 सीट तो हमारे यहां से गया है.
आप जहां 10 सीट है जहां पांच सीट है वहां. तो आप जोर लगा रहे हैं कि हम नंबर वन बना. देंगे महाराज जो 39 देके गया उसको भी कुछ. दे दीजिए सब तो गुजरात चला आता है देखिए. बुलेट ट्रेन आई गुजरात सबसे बड़ा जो आपका. स्टेडियम बना गुजरात गुजरात से बिहार से. खेलने वाले जो लड़के आकाश दीप मुकेश कुमार. ईशान किशन इन सबको दूसरे दूसरे राज्य से. क्रिकेट खेलना पड़ रहा है एक स्टेडियम तक. नहीं है एक बनवाया था आप लोगों ने अभी तो. उसकी हालत ये थी कि उसको देखकर यूपी वा. होकर हमको बिहार पर शर्म आ रही थी नहीं.
बिहार से तो आपका रिश्ता है आप राम जी के. स्टेट से हम सीता जी के स्टेट से हैं छोटा. मोटा चुनाव हम भी जीत जाएंगे हमारा भी फान. फल तो हां तो है आजकल आजकल तो जो यूटर लोग. हैं वो दावा कर रहे हैं कि हम जीत जाएंगे. आप लोग तो शामिल भी करवा रहे यूटर्स को. नहीं नहीं बहुत सारे क्योंकि जो पॉपुलर. होगा मकबूल होगा वो सिस्टम में तो आएगा ही. हा और उसको खुश फहमी या गलतफहमी ऐसे लोगों. को होना चाहिए जब तक चुनाव लोग लड़ते नहीं. हैं जब तक तो जीत का दावा हर कोई करता है.
चलिए हम पत्रकारिता ही करेंगे अब सवाल पे. आते हैं 40 में से 39 गया 40 में से 39. दिया क्या मिला देखिए रिकंस्ट्रक्शन ऑफ. बिहार है वो तो पूरे देश और जगर डेवलपमेंट. है यहां पुनर्निर्माण है जिस तरह इराक. ईरान में जब जंग हुई तो गड्ढे गड्ढे हो गए. थे हम ऐसे बम गिरे हो तो यहां विनाश का बम. गिरा था लालू राज में गड्ढे ही गड्ढे थे. उसको भरने में टाइम लगा है नीतीश कुमार जी. ने आज बिहार को उस लेवल पर खड़ा किया कि 8.
पर 9 पर जीडीपी से बिहार बढ़ रहा है 17. इथेनॉल प्लांट लग गए इंडस्ट्री लग गई वहां. हम एक साल में थे देखिए बड़ी-बड़ी. फैक्ट्री लग गई सिलाई की लेदर की लग गई. टेक्सटाइल की लग गई एक साल मुझे मौका मिला. 00 करोड़ से ज्यादा का इन्वेस्टमेंट आ गया. अभी चुनाव के बाद अभी मैं नहीं कर रहा हूं. लेकिन हमारी सरकार है उसमें काम करेंगे. लेकिन मैं यह आप मानता हूं कि बिहार में. क्रिकेट स्टेडियम हो चाहिए बिहारियों में. बहुत दम है बिहार के लड़के बाहर जाकर खेल.
के जीत जाते हैं लेकिन बिहार में वह मौका. नहीं मिलता है बिहार में फिल्म इंडस्ट्री. भी होनी चाहिए बिहार में क्रिकेट स्टेडियम. भी होना चाहिए बिहारी तौर के बिहार में एक. अच्छा काम हुआ जो रोड का पुल का हुआ नितिन. गडकरी साहब के डिपार्टमेंट का उसकी तारीफ. दुनिया करती है और फर्टिलाइजर का जो. फैक्ट्री खोला जो आपने फैक्ट्री खोली उसकी. तारीफ दुनिया करती है लेकिन उसके बाद दो. सवाल आते हैं एक शहनवाज जी जो उद्योग लेकर. आए क्या उनकी दुर्दशा नहीं शुरू हो गई है. कई लोगों ने ने कहा दुर्दशा अब शुरू हो गई. है उसकी एक जो आप अच्छा काम करके गए थे.
दूसरा रोड और कंस्ट्रक्शन के अलावा बिहार. में कोई ऐसा काम नजर नहीं आ है आप. स्वास्थ्य देखिए बदहाल है आप शिक्षा देखिए. खत्म है आप रोजगार देखिए पलायन बेमिसाल है. अ बड़ा-बड़ा आदमी सब बाहर जा रहा है बिजली. थोड़ी बहुत ठीक हुई है जो ठीक भी हो बता. रहे हैं हम कि ठीक भी हुआ है ये लेकिन जो. मुख्य बातें हैं जिसमें शिक्षा स्वास्थ. रोजगार आता है जो डेली हितु ता आज आप कह. रहे थे ना कि मैं बस में सफर करता था तो. वो वाला जो क्राउड है वह कह रहा है कि सर. हमको वैसा नहीं मिला जैसा सपना 14 में या.
19 में दिखाया गया था और 10 साल एक ठीक. ठाक पैरामीटर होता है नहीं देखिए नीतीश. कुमार जी विकास पुरुष है बहुत काम हुआ है. अगर आप 10 साल पहले का बिहार 15 साल पहले. का. देखते देखिए आपने सब कुछ अच्छा बनाया हुआ. है मैं राज्य वाली बात नहीं कर रहा अभी. सेंट्रल इलेक्शन है सेंट्रल पॉइंट ऑफ व्यू. से जी और जब इंटीरियर करना हो तो बड़ा. आसान है और पूरी बिल्डिंग को डिमोलिश करके. फिर बेसमेंट खोद के फिर बनाना हो तो वक्त.
लगता है तो बिहार में ये सही है कि रोड. में बिजली में पानी में सड़क में अब स्कूल. में भी इतना काम होना चाहिए कि बिहार के. बच्चे बाहर ना जाए खेल में भी बच्चे ना. बाहर जाए आपके दो लड़के हैं आदिल अरबाज. अरबाज अदीब अदीब जी कहां पढ़ते हैं सर. डीपीएस में पढ़े यहां डीपीएस में तो उनकी. मां यही पढ़ाती है टीचर है दिल्ली की माडी. देश का एक रेपुटेड कॉलेज है तो अब जी ये. आम सवाल मैं आपको कटाक्ष नहीं कर रहा हूं. ये ये पूरे देश में जैसे मेरी माता जीी.
प्राइमरी टीचर है मैं भी नहीं पढ़ा. प्राइमरी मेरी मेरी जो मेरे पिताजी टीचर. थे मैं शिक्षक पुत्र हूं और मेरी पत्नी. रेण जो है वो शिक्षिका है दिल्ली में. पढ़ाती हैं तो दिल्ली में पढ़ाती है तो. बच्चे लाजमी बात ही पढ उनके यहीं मां के. पास ही रहेंगे मैं उनको ले जाता बिहार के. स्कूल 100% आप सच है लेकि मेरा सवाल यह है. आप एक बार दिल पे हाथ रख बोलिए अगर आपकी. पत्नी बिहार रहती मैं हाइपोथेटिकल कर रहा. हूं वो रहती है जायस बात है उसमें कोई गलत. बात नहीं मेरा कोई एजेंडा नहीं है लेकिन.
आप ये मानते हैं कि क्या कोई भी मंत्री. नेता आप ही नहीं नीतीश कुमार नहीं या आप. नहीं या तेजस्वी जी भी नहीं कोई भी आदमी. बिहार में प्राइमरी स्कूल में या जो. गवर्नमेंट स्कूल है वहां पढ़ाने लायक नेता. अपना बच्चा पढ़ाए और नहीं पढ़ाए तो क्या. किसी पार्टी के नेता मैं आपको व्यक्तिगत. कटाक्ष नहीं कर रहा हूं मैं सारी पार्टी. की बात कर रहा हूं बिहार के लोगों के से. कि उनके लड़के पढ़ रहे हैं लेकिन क्या. वहां पर व्यवस्था उस लेवल की है और नहीं. है तो फिर सर कहीं ना कहीं जिम्मेदारी. होगा ना ऐसा थोड़ी नहीं होगा कि मीठा मीठा. गप गब तीखा तीखा थूक थूक नहीं बात सही है. कि शिक्षा के लेवल में बिहार अन्य राज्यों.
से काफी पीछे है लेकिन अभी शिक्षा के. क्षेत्र में बहुत अच्छा काम हो रहा है हा. अभी अभी आप. देखें अभी टीचर नहीं थे करीब लाखों टीचर. बहाल हुए हैं बिल्डिंग ठीक की जा रही है. वहां जो पढ़ाई पर बहुत सख्ती की जा रही है. और यह टारगेट है कि बिहार के बच्चों को. बाहर ना जाना पाए यह सही है कि बिहार में. ग्रेजुएशन और जगह न साल में हो रहा है.
वहां पाच साल लग जा रहा था यूनिवर्सिटी. में और कैसे पास हो रहे थे वो भी बड़ा. अच्छा था नहीं पास उस देख के पास हो गए कि. लिखना आता है ब्लैक बोर्ड देख के एक जमाना. था वो हाजीपुर की फोटो कनाडा और न्यूयॉर्क. में छप गई थी कि वो पांच मंजिल पे चढ़कर. चिट दे रहे थे नहीं तो नर्मल हम आपको और. अच्छा ता सर हमारे मित्र यार सब वहीं से. हैं बहुत सारे तो हमको व्यवस्था बताते थे. कि आप ब्लैक बोर्ड से देख के लिख लेते हो. कि किताब ले जाओगे कि टीचर बैठा होगे अपना. सबका रेट अलग-अलग है अगर पैसा है तो.
तुम्हारे जहां को जाकर लिख भी सकता है यह. वाली व्यवस्था भी थी नहीं अब ऐसा नहीं है. बिहार के बच्चे बहुत टैलेंटेड है आप जानते. हैं हर कंपटीशन में. बिहारी रहते लेकिन बिहार के लोग बिहार से. बाहर जाके जो पढ़ रहे हैं यह मैं आपकी बात. को स्वीकार कर ले रहा हूं कि. वह न्यूज बुक में यह बात को मैं कबूल करता. हूं कि बिहार के अंदर शिक्षा के क्षेत्र. में ज्यादा काम होने की जरूरत है ताकि. बिहार के बच्चे को बाहर ना जाना बहुत.
अच्छी बात स्वास्थ्य में आप मानते हैं. बेहतर होना चाहिए स्वास्थ्य में नीतीश. कुमार जी ने बहुत काम किया मंगल पांडे. मंत्री हैं उन्होंने बहुत अच्छा काम किया. रिजल्ट मिलने लगा है अभी बिहार सरकार की. जमीन पर मेदांता से कोऑर्डिनेशन करके पटना. में बहुत अच्छा हॉस्पिटल खोला उसके बाद. बिहार में 3000 बेड का पटना में हॉस्पिटल. बन रहा है और हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज. बन रहा है तो बिहार में यह जो रिजल्ट है. बट सरसे दो तीन साल जैसे हम और आप बात कर. दिल्ली है अब दिल्ली में आप कैनॉट प्लेस. में जाएंगे तो आपको हरियाली नजर आती है.
लगता है क्या खूबसूरत जगह जन्नत है ऐसे. कुछ है ही नहीं लेकिन थोड़ा जब आउटर जाते. हैं जमना हां तब आपको असली भी दिल्ली एक. और दिल्ली दिखाई पड़ती है जो शायद टीवी. कैमरो में नहीं दिखाई जाती पटना तो. राजधानी हो गया वहां कुछ आ रहा है तो नहीं. अभी सब डिस्ट्रिक्ट हेड क्वार्टर में. मेडिकल कॉलेज जैसे न नोएडा और लखनऊ की बात. हम करेंगे तो यूपी में तो यहां सब बढ़िया. बढ़िया है कैमरा आता है मीडिया खड़ी रहती. है सब बड़ी व्यवस्था है मंत्री घूम रहा है. नेता का घर है बात तब है जब छोटे-छोटे. इलाको में गोंडा बस्ती बहरा श्रावस्ती. यूपी की बात कर रहा ऐसे ही बिहार में भी.
छोटे-छोटे इलाकों में होगा नहीं वो ये. हेल्थ में काफी काम हो रहा है इसका रिजल्ट. जल्दी आएगा और मैं हेल्थ में बहुत फोकस्ड. है नीतीश कुमार जी वो उस पर काम कर रहे. हैं मंगल जी भी उनके साथ स्वास्थ्य मंत्री. है सा साल तीन जहा काम करना है शिक्षा. स्वास्थ्य रोजगार और खेल खेल यानी सब करना. है सारा काम करना देखिए बिहार को पटरी पर. अन्य राज्यों के मुकाबले रोड बिजली पानी. सड़क जो होता था बीएसपी उसमें हम लोग. बराबर पर ले आए कृषि में बिहार ने बहुत.
तरक्की की आज देश में सबसे ज्यादा मक्का. बिहार में होता है इसीलिए तो हमने कहा था. किसानों की मैं कहीं जाता हूं तो मेरे से. इंडस्ट्री हमने लगाई सबसे ज्यादा मेरे से. खुश किसान होते हैं उनको 3 साल पहले 800. 900 में मक्का बेचना पड़ता था आज 2200. 2400 में बेच रहे हैं खुशहाली आ रही है. फिर आप हटा दिया गया नहीं हटा नहीं दिया. गया पार्टी ने कोई रणनीति बनाई होगी मेरे. लिए मैं जब कह कि मैं इंडस्ट्री में अच्छा. काम किया इंडस्ट्री में अगर बिहार का.
मुख्यमंत्री बनाया जाए नहीं मैं आपकी. इच्छा है नहीं मैं आपके ट्रैप में नहीं. आऊगा मैं कहू बनाया जाए तो क्या. क्या टी क देता है बता नहीं नहीं मैं तो. कभी नजर लग जाती है पहले से लोग नजर लगाने. लगते हैं यह सही है कि किसी भी पद के लिए. भारतीय जनता पार्टी ने जब भारत 32 साल में. भारत सरकार का कैबिनेट मंत्री बनाया 52. साल में बिहार का कैबिनेट मंत्री बनाया तो.
दोनों कैबिनेट मंत्री तो बनाया ही है और. पार्टी के पास जो भी मोदी जी जो करेंगे. मैं भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता था. कार्यकर्ता हूं कार्यकर्ता रहूंगा मेरे. लिए एक ही पार्टी है वह है भारतीय जनता. पार्टी मुझे अगर आप बुलाया है आपने इसलिए. बुलाया है कि मुझे बीजेपी ने वह पहचान दिए. मां-बाप ने जन्म दिया और पार्टी ने तराशा. है और तराश कर यहां पहुंचाया चलिए स्प मन. में एक हाइपोथेटिकल सवाल आया तो आपने कहा. कि बीजेपी की व से आप यहां बैठे हैं चच इ.
ट्रू सम हाउ कि शह निवास जी की पहचान है. किसी सिचुएशन में कभी बीजेपी छोड़ने ख्याल. आया या आपको किसी ने अप्रोच किया आरजेडी. ने या जेडीयू ने या और पार्टियों ने आप. बड़े नेता थे कभी तो अप्रोच किया होगा ना. अप्रोच किया कभी अच्छे लड़के लड़कियों के. रिश्ते बहुत. आ अप्रोच. हमय किया गया था हां किसने किया था कुछ. अगर हल्का भी बता सके नाम मत लीजिएगा. पार्टी तो ले सकते तीन चार पार्टी इतना. कुछ है भी नहीं नहीं राष्ट्रीय पार्टी से.
भी किया गया था कांग्रेस से भी किया गया. और बहुत बार अप्रोच किया चार में ही पांच. में भी किया तब तो आपका जलवा जलाल था मैं. थोड़ा डाउनफॉल की बात कर रहा हूं कि जब. राजनीतिक थोड़ा सा नहीं नहीं माशाल्लाह. मैं देश की सबसे बड़ी पार्टी का राष्ट्रीय. प्रवक्ता हूं जलवा जलाल अल्लाह का शुक्र. है कि बना हुआ है चिंता मत कीजिए 14 के. बाद कि आ जाइए शवा जी जब मुझे टिकट नहीं. मिला. तो कुछ किया लेकिन वो सब अधूरे मन से किया. उनको पता है कि ये जाएगा नहीं बीजेपी मुझे.
कुछ भी ना दे तब भी मैं भारतीय जनता. पार्टी में ही काम. करूंगा ओके हा यह बात मैं रिकॉर्ड पर कह. के जाता हूं रिकॉर्ड करके रख लीजिएगा यह व. केजरीवाल वालाला नहीं है कि मैं बच्चों की. कसम खाता हूं कि मैं कांग्रेस और बीजेपी. से समझौता नहीं करूंगा वैसा वाला कमिटमेंट. नहीं हैले आपकी बात सुनक हमको एक शेर याद. आ गया कि तुमने अंदाज मोहब्बत देखी है. जाने जा अंदाज वफा नहीं हम वह हैं जो.
पिंजरा खोलने के बाद भी उड़ा नहीं करते. यही है कि तुझ मेरी पार्टी के बारे में. यही है तुझसे मिले ना थे तो कोई आरजू ना. थी देखा तुझे तो तेरे तलबगार हो गए हां तो. भारतीय जनता पार्टी के साथ मेरा रिश्ता. इतना दिल का रिश्ता है और मैं कई बार कहता. हूं ये लव 86 है फिल्म आई थी लव 86 तो उस. टाइम में तो आप स्कूल स्क. लेकिन 86 की बात है 86 में तो हम आए ही. नहीं थे वेट कर रहे थे हम ऊपर अच्छा ना हम.
नहीं आए थे तो 86 में 86 में मुझे दो. चीजें मिली थी एक मेरी पार्टी और एक मेरी. अर्धांगिनी दिल्ली. के वो स्कूल में पढ़ती थी और मैं 12थ करके. आया था तो उनसे मुलाकात हुई थी तो दो मेरी. चीजें हैं जो मैं जिंदगी में नहीं छोड़. सकता आप देखिए वाइफ पे आते आप हमको एक. बड़ा अच्छा सवाल याद आया जब आपका जिक्र. हमने किया तो आपको लेकर एक बड़ी कहानी. चलती रहती जैसे मैंने आपकी लव स्टोरी पढ़ी. तो मैंने उसमें न साल का संघर्ष देखा मुझे.
पता लगा कि सियासत से संघर्ष आपने शादी. चक्कर में किया है ये हमने पढ़ा उसम वो 90. का दौर था ना अयोध्या आंदोलन चल रहा था उस. और उस वक्त शादी होना हा मुस्लिम सैयद. लड़का और एक ब्राह्मण लड़की रे रेण शर्मा. जी नाम रेण शर्मा नाम था और वो शादी होना. कोई आसान काम तो था एक सवाल पहले पूछ बड़ा. मिथ चलता है अच्छे मिथ आप बता देंगे आपकी. जो वाइफ है वो आपसे कॉलेज में मिली थी या. कोई बीजेपी पॉलिटिशियन की वो फैमिली मेंबर.
है डॉटर है अा ये बड़ा मिथ है कि कोई कोई. कह रता मुरली मनोहर जोशी जी की लड़की कोई. कहा आडवानी जी की लड़की है हां ये देखिए. जोशी जी और आडवाणी जी उनको बेटी की तरह. मानते हैं ये सच नहीं मानते हैं नहीं बेटी. ही मानते हैं आपकी वाइफ जो है क्या वो. आडवानी जी और मनोहर जी कीी बेटी एयरफोर्स. ऑफिसर हीरानंद शर्मा जी की बेटी है वो हां. स्वर्गीय हीरानंद शर्मा एयरफोर्स के ऑफिसर. थे. और उनकी मां.
चंद्रवर्धन. है हा मैंने उनका पूरा बायोडाटा आपको बता. दिया तो फिर आपके पास नहीं आए कि ये सब. बातें आती है कि आडवानी जी की बेटी है. मुरली मनोहर जोशी जी की बेटी है वो वो हम. जब चुनाव लड़े हा किशनगंज में तो. तस्लीमुद्दीन साहब ने दो बात प्रचारित की. हा एक तो मेरे बारे में कहा कि ये अडवाण. जोशी का दामाद है इसलिए टिकट इस उम्र में. मिला दूसरी बात यह कह दी. कि ये खगड़ा के एक नवाब थे हा तो मैं वो.
नवाब थे वो शिया कम्युनिटी से थे हा मेरे. नाम के आगे सैयद है और हुसैन है तो वहां. शिया आबादी कम थी तो मुस्लिम में मेरे. बारे में थोड़ा मुझे शिया बताएंगे तो मुझे. वोट नहीं मिलेगा इसलिए कहा कि यह शिया है. खगड़ा नवाब का नाती है इंग्लैंड में पढ़ता. था वहां से आया है और इनका दामाद है तो यह. सब कहानी उस वक्त की बनी हुई आपने भी तो. कहा कि हमको देख के बाथरूम चले गए. नहीं तो मैंने तो सही कहा ना वो जो मैंने. उनको कहा अच्छा सलाम वालेकुम.
तोक उनको लगा हो वाकई में गए वो ऐसा नहीं. था कि मुझे देखकर डर से गए लेकिन मैं. बताता था कि जैसे मैंने उनको कहा कि मैं. शाहनवाज हूं तो उन्होने कहा अच्छा आप. शाहनवाज है बैठिए मैं अभी बाथरूम से आता. हूं तो वो बाथरूम गए जैसे आप खेल गए चाचा. भी खेल गए हा चाचा खेल गए चाचा पुराने. खिलाड़ी थे अब तो दुनिया में नहीं है तो. अरे अभी भी लोग कहते हैं अभी मैंने अपने. घर प प जब मेरी बात चल रही थी तो किसी ने. कहा कि मुरली मनोहर जोशी की बिटिया फिर. मैं पढ़ने लगा मैंने कहा तो फिर मुझे कहीं.
पढ़ाई क्यों नहीं मिल रहा है फिर मुझे लगा. अगर ये मेरे परिवार तक पहुंच गया है तो. भारत भर में कितना ट्रेवल किया होगा आपको. लेके कई बार होता है लोग कहते हैं वो मेरे. कहानी सुनाने लगते हैं हम गए थे आपके वो. डॉक्टर साहब से भी मिले ये सब झूठी झूठी. कहानी लेकिन डॉक्टर साहब मेरे लिए भी पिता. तुल है और रेण को भी बेटी की तरह मानते. हैं लेकिन ठीक है सब तो कैसे राम मंदिर. आंदोलन के बीच में कैसे आपका इश्क परवान. अब तो लोग कहेंगे आपसे कि पहला लव जिहाद.
तो आप ही किए थे आज उस वक्त उस वक्त ये. वर्ड पॉपुलर नहीं था नहीं सच में आप आप ही. पार्टी पीछे पड़ गए थे नहीं मैं मैंने लव. किया है जिहाद नहीं किया है और लव तो हर. दौर में रहेगा हा चाहे शरी फरात का हो. लैला मजनू का हो जूलियट सीजर का हो सबका. वो एक ये आज भी मोहब्बत होती है थोड़ा. हां तो लेकिन वो रहती है लेकिन यह सही है.
मैं जब दिल्ली आया तो मैं उत्तमनगर किस. साल में 86 में मतलब एक तरफ राम मंदिर. आंदोलन परवान च रहा एक तरफ तो मैं आया तो. वहां एक बस में मैं जा रहा था मैं पूसा. पॉलिटेक्निक आता था वो सेंट्रल स्कूल जाती. थी तो बड़ा सा बस्ता लेकर आती थी और सीट. मिलती नहीं थी बसों में भीर है तो हम तो. बिहारी लोग हैं देखा कोई लड़की खड़ी है तो. सीट दे दी एक दिन फिर दूसरे दिन मैंने सीट. दे दी तो मेरे साथ एक दोस्त था तू इसके. कौन जानकार है रोज सीट दे देता है तो वो. बैठा था उस दिन कहा कि नहीं तू बैठा रहा.
मैं सीट दे देता हूं तो वो सीट उसने दिया. तो बगल में बैठ गई वो फिर जान पहचान हुई. फिर रोज बैठ जान जान पहचान दोस्ती में. बदली दोस्ती इश्क में बदला इश्क के बाद वह. 9 साल का वेट रहा प्रपोज आप किए थे प्रपोज. मैंने ही किया था हम पहली बार लोदी का. अंदर एक गालिब था आपके लोदी हमने पहली जो. डेट थी मेरी हम लोदी गार्डन गए हा और लोदी. गार्डन में गए तो वो डरी सहमी थी और मिडिल.
क्लास फैमिली से थी तो उन्होंने मुझे उनकी. आवाज बहुत अच्छी थी उन्होंने एक गाना. सुनाया आपकी नजरों ने समझा प्यार के काबिल. में बहुत अच्छी आवाज में वो कवित्री भी है. बहुत अच्छा गाती भी मैं कभी उनको भी. बुलाऊंगा हां जी वो हमसे ज्यादा. इंटरेस्टिंग इंटरव्यू रहेगा और हमसे. ज्यादा देखा जाएगा यह भी मैं कहता हूं. क्योंकि उन वो कवित्री भी है और तरन्नुम. से बहुत अच्छा गाती भी है हम तो और टीचर. भी हैं जब हम भारत सरकार मंत्री भी थे तो.
छद्र वाला छत था तब भी वो स्कूल टाइम पर. जाती थी अभी भी स्कूल जाती उन्होंने जॉब. कभी नहीं छोड़ा तो हम लोग वहां मिले फिर. हमारा मिलना बहुत मुश्किल था तो एक दिन. उमा जी ने कहा कि शाहनवाज वो ऑफिस में ही. संभालता था तो उन्होंने कहा थोड़ा ध्यान. से रहना दिल्ली की लड़कियों से बच के रहना. तो मैंने कहा कि दीदी क्या तो उन्होंने. कहा कि ठीक से रहना तो मैंने कहा दीदी मैं. तो बचा नहीं हूं मेरी जिंदगी में कोई है.
तो क्या नाम है वह बताया फिर हमने जब शादी. की तो उन्होंने कहा भाई तेरी धूमधाम से तो. शादी होगी नहीं तो हम लोगों ने शादी की अब. छप छपा केदी छिप छुपा के ही की और. रजिस्टर्ड कराया उसके बाद वह टीचर हो गई. गवर्नमेंट स्कूल में तो साहब सिंह चीफ. मिनिस्टर थे तो वो पढ़ाती थी द्वारिका की. उत्तम नगर रहती थी तो मैंने एक ही दिन में. साहब सिंह ने ट्रांसफर करा दिया सावित्री.
नगर यह चिराग दिल्ली और मैं सावित्री नगर. में रहता था छुप छुपा के ही और खाना खाने. हम जाते थे मोती रेस्टोरेंट वहां पर और तब. घर में मेरे एक दोस्त ने टू बेडरूम का. फ्लैट दे दिया था सैयद इस्माइल साहब और एक. चौकी दे दी थी हमारे पास छोटा मोटा सामान. था हमारा हस्त साल में फ्लैट था तो वहां. से सामान भी नहीं ला सकते थे. तो हमने पहले 842 के बर्तन खरीदे जाकर. करोल बाग से फिर हमने थोड़े पैसे हुए रेण.
तो तब ज्यादा उन्हीं पर डिपेंड था मैं. क्योंकि उनकी तनख प सब चल रहा था फिर. उन्होंने कहा टीवी खरीदे या फ्रिज तो. उन्होंने कहा टीवी में तो पानी लेना है तो. ऊपर वाले से ले लेंगे जो जिन्होंने मकान. दिया ऊपर रहते थे तो हम टीवी लेकर आए फिर. फ्रिज लेकर आए हमारे एक दोस्त थे मनोज. अरोड़ा एक बैग वो पता करते विंदू परिषद के. कोषाध्यक्ष है तो मेरे दोस्त थे तो वो ईद. क्या दिवाली दिवाली देने के लिए मेरे घर. आए और सच बता दूं मेरे पास बैठाने को.
बैठाने के लिए जगह नहीं थी क्योंकि ना. सोफा. था जब शादी के बाद. 94 93 में तो बड़ी शर्मिंदगी हुई तो बोले. नहीं शान जी आप दोस्त है आपको हम तलाशते. हु कैसे तलाश लिया उन्होंने फिर उमा जी ने. बीजेपी ऑफिस में बुलाया स युवा मोर्चा. वालो को विजय जौली थे आरती मेहरा थे सब थे. उन्होने कहा शाहनवाज ने शादी कर ली और कोई.
पाटी उटी तो हुई नहीं यहीं पर आ जाओ तो. नाश्ता बस्ता हुआ. फिर मेरे पास गाड़ी बोले किसी के पास. गाड़ी है तो आरती मेहरा के पास गाड़ी थी. तो आरती को कहा कि नवास को छोड़ के आओ तो. आरती ने फिर मेरी मिसेस रेण से कहा कि. भाभी आप पीछे बैठ जाएंगे क्योंकि मैं. गाड़ी ड्राइव कर रही हूं या आप आगे बैठ. जाए पीछे मैं ड्राइवर बनकर तो चलूंगी नहीं. तो वो मुझे छोड़ के आई वहा और फिर एक साल. रहे मेरे ससुराल के लोग उतना मानते नहीं. थे मतलब वो आना जाना एकदम नहीं था फिर.
मेरा बेटा हुआ अरबाज तो जब अरबाज हुआ तो. तब भी मेरे ससुराल के लोग नहीं आए ना मेरी. सास आई ना अब तो खैर वो घर एकदम मैं ही. वहां गार्जियन हूं ससुर जी नहीं है तो. सांसद बनने का फायदा वहां भी मिला नहीं. सांसद बनने का नहीं वो उन्होंने देखा फिर. उमा जी ने दुनिया सर ऐसी है सर दुनिया ऐसी. ही है सर हम भी समझते हैं हमारे घर में भी. हमारी बढ उमा जी ने अपने घर पे वो दिया. दावत दिया पहला बर्थडे मेरे बेटे का उमा.
जी ने अपने घर पे किया उसमें अडवाण जी आए. भंडारी जी आए ठाकरे जी आए साहब सिंह आए. मदनलाल खुराना फ साब पहला बर्थडे था तो. साहब सिंह ने गोद में उठाया मेरे बेटे को. बड़ा खूबसूरत था तो उन्होंने कहा शाहनवाज. ये बड़ा लकी है बताय पहले बर्थडे प चीफ. मिनिस्टर के गोद में खेल और ठीक उसके बाद. दो साल बाद मुझे टिकट मिला मैं लोकसभा. जीता मिनिस्टर बना और आज ये है कि हमारे.
जो आप कह रहे हैं ना लव जिहाद तो नहीं. नहीं हमने कहा कि आप जो चलता है मार्केट. में आप िक पार्टी वाले चलाते हैं सब ना तो. अगर उस टाइम जैसे आप लोधी गार्डन में घूम. रहे थे आप िक पकड़ के सब पीटे होते हैं. आपकी पार्टी वाले वो जो अपरेशन मजनू चलता. हां कि तुम लड़की देख के तुम ये कर रहे हो. वो भी हिंदू लड़की हां ऐसा नहीं बहला. फुसला रहे हो हिंदू लड़की को तुम नहीं. नहीं उन्होंने दोनों ने एक दूसरे को. बहलाया फुसला ह ऐसा नहीं था कि मेरे यहां. तो मेरी अम्मी कई रिश्ता तलाश लेती थी रोज.
एक फोटो आता था यह देखो कितनी खूबसूरत. लड़की है यह इतने बड़े से यह वहां है. बिहार में रिश्ते बहुत आते हैं तो रिश्ते. की ना रेन आपके घर वाले संतुष्ट थे शादी. से एकदम. नहीं दोनों तरफ यह था कि भाई पहली हमारे. यहां कोई इंटर रिलीजस शादी नहीं हुई थी. मेरी पहली हुई तो बड़ी नाराजगी थी लेकिन. मेरी अम्मी मा नी रेन के नेचर से बहुत खुश. रहती बाकी काम संसद ही ने कर दिया नहीं वो.
नहीं वो ऐसे ही हो. गया वि पावर बहुत चीजें बदलती है सर जीवन. में अच्छी बुरी दोनों नहीं पावर ना भी. होता तो हम तो 9 साल एक दूसरे को पक कर. हमने शादी की नहीं आप दोनों के बीच में. नहीं बाकी लोग बात कर प्यार में तो इंसान. कहते हैं ना अंधा हो जाता है फिर दिखाई. नहीं पड़ता कुछ दिखाई पड़ा होता तो फिर आप. दोनों लोग घर परिवार थोड़ छोड़े नहीं हम. तो आंख खोल के प्यार किया हमने अंधे में. क्या अच्छा लगा था आपको मैडम में आवाज के. अलावा उनकी आंखें. कुछ शेर शायरी सुना दीजिए मैम के लिए हम. काट के डाल देंगे मैम को मैम रील दिखती है.
नहीं नहीं. वो कवि वो है जब आप कभी कोई लाइ आप नहीं. नहीं जब देखिए मैं बेसुरा हूं मैं कविता. सम्मेलन उनका भी देखने नहीं जाता मेरी. आवाज के बारे में तो खुद प्रधानमंत्री जी. ने पूछा तो आप समझ जाइए कि मैं जो चीज मैं. जो नहीं करना वो मैं नहीं करता हूं ठीक है. आप ये मान लिया अच्छा एक सीरियस क्वेश्चन. है किसे पूछ लेते हैं ये जो अभी लफ जिहाद. वाला टर्म चला है आप इसे मानते हो कि कुछ. केसेस तो हैं जहां पर घटनाएं हुई है जहां.
पर सीरियसली र केरल में और कई जगह नाम बदल. के मैंने शाहनवाज बता के शादी की. हम उनको रेण जान के शादी की कई लोग नाम. बदल लेते हैं कई लोग धोखा देते हैं साजिश. करते हैं यह प्लानिंग करते हैं तो यह गलत. है लव जिहाद वाला विषय तो सही है आजकल अब. कई लोग ऐसे हैं लेकिन उसके वजह से जो रियल. में इश्क होता है वो प्रभावित नहीं होना. चाहिए हम ठीक कई मुस्लिम लड़कियां हैं.
जिन्होंने गैर मुस्लिम लड़कों से शाद आमिर. खान की बहन मैंने अभी पढ़ा आमिर खान प थे. आमिर खान की बेटी आमिर खान की बहने जो हैं. सब हिंदुओं में शादी की उन्होंने ब और. क्या हो ही है और मैं जब रोज टी प आमिर. खान ने लफ जिहाद के अरे भाई सैफ अली खान. की बहन ने शादी किया हिंदू से हां तो ये. बहुत लोग मोहब्बत में हिंदू मुस्लिम नहीं. है हम लेकिन कोई प्लानिंग से किसी की. साजिश करके करे हम और मोहब्बत साजिश का. शिकार नहीं होनी चाहिए हैप्पी मैरिज का. फार्मूला क्या है बस बीवी हमेशा सही होती.
है यही एकदम जब वो गुस्से में हो तो खामोश. रहिए वो जब और कहीं भी जाइए मेरा तो. फार्मूला य है मैं घूमता रहता हूं जहां. कोई अच्छी चीज मिल गई अच्छी साड़ी अच्छा. सूट अच्छा कुछ वो ले लेना है अभी भी हां. अभी भी मैं कहीं भी जाता हू रोमांटिक आदमी. है शवा अभी नहीं अभी भी मैं मैं गया था. अभी पुट्टापर्थी जिले में धर्माडम हम वो. सत्या के प्रचार में बीजेपी के राष्ट्रीय.
मंत्री हम तो वहां एक मुझे वीविंग की जगह. ले गए तो वहां मैंने देखा कि बहुत महंगी. साड़ी बन तो इन्होंने कहा कि यह साड़ी. रेखा पहनती है यह नीता अंबानी पहनते. उन्होने कहा कितने की है तो उन्होंने कहा. कि 1 लाख की है उन्होने कहा आप कितने में. देते हैं तो उन्होंने कहा कि नहीं ये आपके. लिए 00 की मतलब कॉस्ट हमने खर्चा लगा उसको. बाकी मोहब्बत में तो मैं ले आया वो वहां. से उनको दिया मैंने लाके तो कहीं भी जाते.
हैं और मैंने वो ग रूपे से उनको पे किया. तो हैप्पी मैरिज लाइफ की यही है कि आप. पहले दिन की तरह उनके जज्बात की कदर करते. रहिए और जब वो गुस्सा हो तो चुप हो जाइए. नहीं गुस्सा हो तो खिसक लीजिए या चुप हो. जाइए हमारी नहीं हुई ना इसलिए पूछ लेते. हैं कई बार नहीं मैं. तो आप इतनी कहानियां सुन चुके हैं कि आपको. और आसानी होगी इसीलिए हम काफी सीख रहे आप.
लोगों से लेकिन मैं आपको सलाह दूंगा देर. से मत कीजिएगा मम्मी देख रही है कुछ हुआ. तो शायद साल भर में हो सकता है आपको बुलाए. मम्मी को आप पर भरोसा नहीं है हमको अपने. भरोसा नहीं कि बच्चा चुन. के आगे बढ़ते सर एक बड़ा आपकी योजना है जो. बड़ी पॉपुलर है जिसने आपको बड़ा फायदा भी. पहुंचाया है लेकिन उस पर सवाल भी बहुत. उठता है वो योजना है राशन देने की कोविड. में आपने शुरुआत की मेरी मम्मी क्योंकि. टीचर है तो मैं कई बार उनसे पूछता हूं. इसका फायदा बीजेपी को बहुत बड़ा मिला है.
बंपर मिला बंपर मिला है सबसे ज्यादा फायदा. अंडर करेंट जिसे हम कहते हैं व ये राशन. वाले होते हैं लेकिन फिर एक सवाल उठता है. कि राशन देकर क्या आप वाकई में देश को. समृद्ध बना रहे हैं या जो आप पर आरोप लगता. है कि एक तरीके की बिन कही खैरात है जो आप. देकर उन लोगों को आदी बना रहे हैं कि यह. लॉलीपॉप लेते रहो वोट देते रहो तुम्हारा. भी घर चलता रहेगा तुम आदी हो जाओगे हमारे. बिना रह नहीं पाओगे इसको वोट के जरिए मत. देखिए जब योजना शुरू हुई थी तो कोविड के. वक्त ठीक है उस वक्त तो जरूरी था जरूरी था.
बाद में लगा कि जो गरीब आदमी है एकदम नहीं. कमा पा रहा है सरकार की इतनी योजना है रोड. की पुल की इसकी उसकी बहुत सारी योजना. उसमें लाखों करोड़ रुपए हम खर्च कर रहे. हैं और अगर इसमें 80 करोड़ लोगों को यह. अनाज मिल जाए तो वो गरीबी रेखा से ऊपर. होंगे जो कमाएंगे उससे वो ऊपर आ जाएंगे तो. यह योजना बहुत मोदी सरकार की मैं जब जमीन. पर जाता. तो साहब इसका तो असर साफ दिखता है ट्रू है. मैंने अभी ट्वीट भी किया था और मैं छपरा.
में एक जगह गया तो महिलाओं ने कहा खिलाता. है मोदी माने फिक्र करता हूं क्यों नहीं. देंगे दूसरे को क्यों देंगे तो इसमें. देखिए किसी के यहां अनाज ना पहुंचना एकदम. अनाज नहीं है तो गरीबी रेखा के नीचे वालों. को है तो उनको यह योजना बहुत ये आपकी बात. मैं सहमत खुद आपसे कहा मैंने शुरुआत ही की. कि इस योजना का लाभ बहुत बंपर मिल रहा है. लेकिन जिस देश में 80 करोड़ लोगों को. मुफ्त में अनाज मिल रहा साहब गरीबी रेखा. के नीचे लोग है ना सिर्फ उनको गरीबी रेखा.
के नीचे मानेंगे पॉइंट फिर ये आएगा ना सर. कि 10 साल कार्यकाल में अगर आपके 10 साल. कार्यकाल के बाद भी 80 करोड़ लोग गरीबी. रेखा के नीचे हैं तो फिर तो ओवरऑल. क्वेश्चन हो जाएगा ना सर कि ओवरऑल आपने. काम नहीं किया अपट सुनिए आप 25 करोड़ को. ऊपर लाए कि नहीं लाए 25 करोड़ आप छोटी बात. समझते हैं 25 करोड़ लोगों को मोदी ने. गरीबी रेखा से ऊपर लाने का काम किया ये. बहुत बड़ी उपलब्धि है और यह तीसरा. कार्यकाल आने दीजिए आ ही जाएगा तीसरे.
कार्यकाल में देखिएगा 50 करोड़ के करीब. लोग गरीबी रेखा से ऊपर आ जाएंगे 80 में 20. करोड़ कम राशन हो जाएगा 60 करोड़ प रो. जाएगा कम कम हो जाएगा 50 करोड़ उल्टा ना. ले ले आपको कि राशन कम हो जाएगा आपका वोट. दे देंगे नहीं नहीं ये ये जिद है मोदी जी. की कि गरीब को भूखा नहीं मरने देना और जो. गरीबी रेखा के नीचे हो उनको ऊपर लाना ठीक. है. इस पर एक सवाल मेरा और आता है कई बार जब. हम लोग पढ़ लिख लेते हैं तो अब जैसे मुझे.
एहसास होता है कि इस देश में शिक्षा बड़ी. महंगी है इस देश में स्वास्थ्य बड़ा महंगा. है अ जब शुरुआत हुई थी जैसे जेएनयू में. मैं प्रोटेस्ट कवर करने गया तो कई बार. जेएनयू की फीस बढ़ने पर बड़ा हंगामा होता. था यार पहले बहुत सस्ती फीस थी बाद में. थोड़ी महंगी हुई तो वहां बड़ा लोगों ने. कहा अरे पाच पाच साल पड़े रहते हो अगर. 2000 देना है तो क्या नुकसान है तो जब मैं. उन लड़कों से मिला तो उन्होंने कहा कि यार. जेनयू जैसे दो चार नए संस्थान तो खड़े हुए. नहीं अगर कोई कॉलेज ऐसा जहां कम फीस है. जहां पर आप एफर्ट नहीं कर सकते हो तो वो.
बना हुआ है तो उसका दाम बढ़ाना जरूरी है. या उसकी तरह चार कॉलेज खड़े करना तो मेरा. सवाल फिर मेरे मन में थॉट ये आया कि. विकसित देश की सबसे पहली पहचान होती है. जहां शिक्षा स्वास्थ्य जैसी चीजें जो है. वो आपको आसानी से या मुफ्त में मिल जाए. आपको लगता नहीं कि ये राशन के साथ-साथ अगर. आप कर ही रहे हो और इतना टैक्स आप लेते हो. तो फिर शिक्षा स्वास्थ्य यह थोड़ा सस्ती. या मुफ्त होनी चाहिए जिससे ज्यादा नहीं. बहुत वैलिड क्वेश्चन है इसीलिए 5 लाख की. योजना जो आयुष्मान भारत है शिक्षा.
स्वास्थ्य में शुरू की गई दूसरा मोदी. सरकार ने तय किया कि हर जिले में एक. मेडिकल कॉलेज शुरू करें हर जिले में और वह. शुरू हो रहा है दूसरा प्राइवेट हॉस्पिटल्स. जो है वहां की शिकायत रहती है आप ठीक भी. हो तो दो बोतल पानी चढ़ा देंगे आपको आप. ठीक हो सकते हो जबरदस्ती आईसीयू में ले. जाएंगे उसके बाद वेंट लेटर प भी डाल देंगे. तो यह शिकायत क्योंकि मैं बिहार के जो. नेता हैं उनके यहां सबसे ज्यादा स्वास्थ्य.
वाले लोग आते हैं यहां एड एडमिट कराइए तभी. तो एम्स ज्यादा खोला मोदी जी ने तो एम्स. ज्यादा खोला है आप पर आय भी आरोप लगता है. सब कागज में खुला है जमीन पे इतना नहीं. हुआ अभी पटना वाला तो गए ज्यादातर बहुत. दिल्ली के एम्स प बहुत बिहार के लोग आते. थे पटना एम्स से बड़ी मदद मिली है और. दूसरी चीज हुई जो शिक्षा का आपने सवाल. किया हम प्राइवेट इंस्टिट्यूशन. में फीस बहुत मनमानी है बहुत जबरदस्त.
कोचिंग सेंटर में कोचिंग सेंटर तो ऐसे खुल. गए हैं कुकर मुत्ते की तरह कि लगता है कि. हर कोई दावा कर रहा है हर कोई वोट लगा दे. रहा है कि 50 जो टॉपर है उसी के य टॉप कि. है कपड़ा भी वही देंगे बैग भी वही देंगे. और एक यहां प वो बैग दे देंगे और एक ड्रेस. दे देंगे और मैं भागलपुर में ही देखता हूं. हजारों बच्चे अब पटना में देख रहा हूं. दिल्ली में तो है ही कोटा में में है हर. जगह तो फिर अब छोटी छोटी जगह अभी मैं देरा.
उत्तराखंड गया था वहां पर देखा कि कितने. कोचिंग संस्थान है झुंड के झुंड बच्चे. निकल रहे हैं तो मुझे लगता है कि मैं अपने. लोगों को सलाह भी दूंगा कि क्या शिक्षा. में ऐसी पहल की जाए कि स्कूल में पढ़ते. हुए भी उसको कोचिंग की तरह और माहौल अच्छा. मिल जाए और स्कूल की फीस कभी एक रेगुलेशन. होग नहीं कपड़ा हो गया कि फलाने ब्रांड का. पहनो तो इतना महंगा शहनवाज जी शहनवाज जी. का लड़का डीपीएस में पढ़ रहा है आप सांसद.
रहे आपका बढ़िया रहा बट हर आदमी अफर्ड. नहीं कर पाएगा सर लेकिन आपको यह भी बता. दूं मैं वसंत वहली और बड़े बड़े जो स्कूल. है श्रीराम स्कूल ये सब में नहीं पढ़ा. पाया क्योंकि फीस बहुत थी मुझे उस मुकाबले. में डीपीएस ठीक लगा हम लोग तनखा प ही. डिपेंड थे आप सांसद भी नहीं है नहीं अब. नहीं अब तो बच्चे मेरे पढ़ लिए छोटा बेटा. लंदन में बैंकर है बड़ा बेटा मॉडलर किचन. की एक अच्छी कंपनी मेकर मैन के नाम से वो. चला रहा है तो हम तो अब मेरे बच्चे मुझे.
देख के सांसद र आप नहीं पढ़ा पाए थे नहीं. वो वो बड़े बड़े जो स्कूल आप कह रहे हैं. केंद्र में आप तो तनखा कितनी होती है आप. समझ रहे आप सांसद की कितनी एक डेढ़ लाख के. अंदर ही सामने वाली मंत्री रहते नहीं पढ़ा. पाए सामने वाली तनखा ना मंत्री रहते नहीं. सामने वाली होती है भारतीय जनता पार्टी. अरे आप आपके बिहार में कितना नेता है. जिनका आप 20 साल पहले फोटो देखो और आज देख. देखो हमारे यूपी में नेता लोग को तो पता. नहीं कौन सा जादू होता छड़ी होती कि सब.
गरीब के बेटा होते और सडन एकदम अरबपति. उद्योगपति ना हम तो अरबपति है ना. उद्योगपति है यह सही है कि आप पीछे रह गए. मतलब अपने दोस्तो से नहीं सीख पाए आप नहीं. नहीं हमारे जो बीजेपी के दोस्त है वो ऐसे. नहीं है आप कांग्रेसियों की बात आपकी. पार्टी दुनिया की सबसे रईस पार्टी बन गई. नहीं पार्टी बन गई ना हमारे जो पार्टी में. वर्कर है वो आज भी सुचिता के साथ राजनीति. कर रहे हैं यह है भारतीय जनता पार्टी सारे. सारे और जो कांग्रेस से आए वो कांग्रेस से.
आए तो हमारे माहौल में ढल जाएंगे वाशिंग. मशीन में वाशिंग मशीन आप कहते हैं माहौल. होता है ना जहां माहौल होगा खिदमत करना है. सेवा करनी है सेवा ही धर्म है नर सेवा. नारायण सेवा है यह मंत्र लेकर आते हैं और. जगह खुद की सेवा सबकी सेवा है तो लोग कहते. हैं एक नेता जी थे वो कहते थे मैंने अपने. कौम के लोगों का बड़ा भला किया एक ने पूछा. कि कौन से कौम के आपने तो खाली अपने. बच्चों का भला किया तो बोने कहा बदतमीज.
क्या वो कौम में से बाहर है उनकी उनका भला. किया तो वो भी तो कौम में शामिल है ठीक है. आरजेडी कहती है हमने 4 लाख नौकरी दी है. तेजस्वी जी बड़ा कहते हैं कि जब नीतीश जी. की सरकार थी तो हम ये कहकर आए थे तब नितीश. जी उधर थे जब वो हमारे साथ आए क्योंकि. नितीश जी तो यहां से वहां उस कुर्सी से इस. कुर्सी बैठा करते हैं जब उनका मन करता है. तो वो कह रहे थे कि वो हमने 4 लाख नौकरी. दी और 40 में से हमको डबल डिजिट में इस. बार बिहार की जनता देगी नहीं देखिए. तेजस्वी.
यादव की पिछली बार सीट जीरो थी उनका. संघर्ष जीरो से एक होने का. है हमारा भी एक सीट का संघर्ष है उनका भी. एक सीट का संघर्ष आगे लग गया एक तो जीरो. के पहले उनका एक सीट का संघर्ष है वो जीरो. से वन होना चाहते हैं खाता खोलना चाहते. हैं हम 39 से 40 होना चाहते हैं बिहार की. लड़ाई मैंने आपको एक लाइन में समझा दी. दूसरी बात मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने सात. निश्चय में तय किया था कि हम इतने शिक्षक. को नौकरी देंगे तेजस्वी यादव के पास.
शिक्षा विभाग उनके पास नहीं था उनके. मंत्री जो थे रामचरित मानस वाले जो ज्ञान. देते रहते थे चंद्रशेखर यादव उनके पास याद. आ गया और पूरी प्लानिंग की नीतीश कुमार ने. बिना मुख्यमंत्री के कुछ होता है क्या आप. बता दीजिए तो मुख्यमंत्री ने कोशिश किया. वो कह रहे हैं कि हमने किया हमने किया अगर. मैं ने 17 इथेनॉल प्लांट लगाया टेक्सटाइल. पार्क लगाया तो मैं कहूं सब मैंने किया.
अरे भाई नीतीश कुमार का भी तो रोल है बिना. मुख्यमंत्री आप अपने चैनल के एडिटर हैं और. आपका कोई रिपोर्टर अच्छा काम करेगा तो. आपका कोई क्रेडिट ही नहीं है आप कहेंगे. नहीं रिपोर्टर ना होता तो ये चैनल ही ना. होता बिलकुल सही बात स 100% सत तो जो. बिहार में बिना उद्घाटन के पुल गिर गया था. व भी नितीश जी खोटे में गया होगा हां पुल. हवा में उड़ गया था बिना उद्घाटन हुए चला. गया एक बार वो पुल हवा में उड़ गया आंधी. में व जो स्वास्थ को लेक आवाल होता है.
पेपर चोरी है फिर ढह गया फिर बह गया उस पर. हाई कोर्ट ने कहा कि ठेकेदार को अपनी कीमत. उसको बनाना प ठेकेदार गलती व ठेकेदार को. कोर्ट ने कहा मैं थोड़ी कह रहा हूं कोर्ट. ने कहा तो नेता फसता क लालू जी छोड़ दीजिए. बाकी नेता को फसा क नहीं फगा क्यों नितीश. कुमार तो ईमानदारी के प्रतीक है नितीश. कुमार जी का कोई परिवार थोड़ी है उनके. यहां वह तो बिहार के लिए काम करते हैं और. प्रधानमंत्री जी ने एक नहीं अनेक बार उनकी.
प्रशंसा. की दोनों की है मतलब वो कटाक्ष भी है. तारीफ भी है अब तो पता अब तो जनता भी. सीरियसली नहीं लेती सर कब क्या बोल रहा है. कोई कहा गया था कसम खाएंगे नहीं जाएंगे. इधर आएंगे उधर तो आपको नहीं लगता सबसे भी. बड़ा इमेज डैमेज होता है कि यार आज यहां. बैठे हैं आजकल गाली दे रहे हैं फिर दोस्ती. कर रहे हैं फिर पार्टी बना रहे फिर गाली. दे रहे हैं इसीलिए तो इसको राजनीति कहते. हैं राजनीति में कुछ भी संभव है और. राजनीति में नितीश कुमार जी पुराने साथी. हैं हमारे साथ आए हैं उन्होंने व खुद ही.
मंच पर कहते हैं कि अब हम कहीं नहीं. जाएंगे और वो उधर से तो कहते थे कब वो. नहीं आएंगे वो तो कहेंगे देखिए मनोज मनोज. तिवारी जी कहे कि आजकल बड़ी गंदी गंदी. पिक्चर देखने लगे आप पार्टी से कहा गया था. नितीश जी को कहां गंदी पिक्चर अरे जो. विधानसभा में बयान दिए थे देखिए वो. एनसीआरटी के बुक में वो जो कुछ शिक्षा दी. जाती है अच्छा रेडियो का ही प्रचार कर रहे. हैं ना सर हां तो आपका डिफेंड करना बनता. है फ नहीं नहीं हम तो दोनों का कर रहे हैं.
तो उसमें से जो नहीं कहा जाता है कुछ. चीजें है ना जो पढ़ाया जाता है समझ गए सर. आपकी मजबूरी है ठीक छोड़ देते सरहा जाता. हैकी मजबूरी अब आप ही किसी को बुला लीजिए. यहां और उसके गायनेकोलॉजिस्ट को बुला. लीजिए आपने डॉक्टर सरीन को बुलाया. अच्छी-अच्छी बात सबने सुना होगा लेकिन आप. वो गायनेकोलॉजी की कई चीज बता देंगी हम तो. उसको ब्रॉडकास्ट कीजिए तरीका बताने का भी. हां किस तरह आप बता रहे हैं वो बता दिया. था वो उनसे खुद माफी नहीं माफी मांग ली थी.
उनके लिए तो इसलिए उमर दराज है आप भी माफ. आप ही के पार्टी से मनो मनोज तिवारी जी. सांसद जो है दिल्ली के वो कह दिए थे कि. आजकल रात को बहुत गंदी गंदी पिक्चर देखते. हैं अब पता नहीं कब क हमने तो नहीं. सुना अच्छा ठीक है राहुल गांधी जी हर आदमी. को अाई कुछ बुराई होती है ये तो आप भी. मानते हो कुछ अच्छा हो कुछ बुरा होगा. राहुल गांधी में क्या बुराई लगती है आपको. कोई बुराई नहीं लगती क्या अच्छाई दिखती है. आपको अच्छाई दिखती है कि वो कांग्रेस के.
नेता बने रहे और हम सरकार में उनकी वजह से. जीतते रहे अपने काम पर भी और सामने वो बने. रहे आप देखते हैं सोशल मीडिया पर राहुल. गांधी के वीडियोस को मिलियन मिलियन शेयर. होता है बहुत लोग पसंद करते हैं राहुल जी. कह रहे हैं कि इस बार इंडिया आ जाएगा. बीजेपी हार जाएगी एनडीए नहीं राहु राहुल. जी पदयात्रा करके आए हैं य बरेली से चुनाव. लड़ रहे हैं और उस बार इस बार उनकी टीम आ. गई है जो अच्छा-अच्छा वीडियो बनाती है हम. हम और चुनाव लड़ रहे हैं चुनाव में व्यू. तो मिलेगा ही अब तो जमाना है नहीं टीआरपी. का झगड़ा रहता था कि मैं आगे नंबर एक मैं.
नंबर एक लेकिन. youtube1 तो पता लग जाता है तो ये कटाक्ष. के अलावा कोई अच्छी आपको क्वालिटी नहीं. दिखाई पड़ती राहुल जी में कोई ऐसा खूबी. कुछ जो सीखने लायक हो अच्छे इंसान. है कैसे पता आपको मिले राहुल जी से तो. पार्लियामेंट में साथ रहे बात होती थी. आपकी हां जब मिलते थे तो मुलाकात होती थी. क्या बातचीत की कुछ क्या आपने सिखा नहीं. ऐसे हालचाल ही पूछते तो और क्या बात. करेंगे उनसे कोई ज्ञान लेना था क्या या. उनसे बताते पार्टी को कैसे छोटा करते हैं.
थोड़ी पूछना था अगर वो पार्टी को बढ़ा रहे. होते तो पूछते उनसे ठीक है आप आप अटल जी. को भी देखिए मोदी जी को देखिए आपकी नजर. में दोनों में आप किसके करीब अपने आप को. पाए नहीं करीब का क्या बात है देखिए अटल. जी मोद जी ब अटल जी फादर फिगर थे और मोदी. जी बड़े भाई की तरह तो बड़े फादर जो होते. हैं उनकी बात अलग होती है फादर फिगर जो. बड़े होते बड़े होते हैं हां और बड़े भाई. जो होते हैं उनका अंदाज अलग होता है वही.
अंदाज है इनका जो कहना मुंह पर कहना टोक. के कहना चिंता करना तो मोदी जी अटल जी के. रास्ते पर ही तो चलना है ठीक अब कुछ बेसिक. सवाल है छोटे-छोटे सवाल है जैसे रवि किशन. जी ने बिल पेश करने की बात की थी पॉपुलेशन. कंट्रोल करने को लेकर हालाकि लोग उनका ही. मजाक उड़ा कि चार बच्चा ही पैदा किए हैं. आपके दो ही शायद है पॉपुलेशन कंट्रोल आना. चाहिए इससे मुसलमानों को अक्सर टारगेट. किया आता है अ पानी आपको य वो वाला पानी.
नहीं है जो वायरल वाला होता है साधारण. वाला पानी है यह आपके सवाल पर पानी नहीं. है पी. रहा आजकल पानी वाला वीडियो फिर वायरल होने. लगा है इसलिए हमने पहले क्लियर कर दि कि. वाला पानी नहीं है पॉपुलेशन कंट्रोल बिल. परवा पानी पीने लगे हा वो को करना चाहेगा. तो कर देगा देखिए ये सही है पॉपुलेशन. कंट्रोल होना चाहिए मैं देख रहा हूं. मुस्लिम समाज में भी जो मेरे फ्रेंड्स है.
आपके भी कई फ्रेंड्स मुस्लिम होंगे अब वो. बहुत सारे मेरे ऑफिस में काम करते हैं. बहुत सारे लोग सात आठ बच्चे छ बच्चे नहीं. होते पहले जमाने में प्लेग होता था हैजा. होता था तो हिंदू परिवार में भी बहुत. बच्चे होते थे यानी आपके जो चाचा होंगे या. बाबा दादा काफी मेहनती थे वो नहीं मेहनती. की वजह से नहीं वो क्या था कि अब एक बच्चा. भी हो तो उसका इलाज संभव है द चीज संभव तो. वो दिक्कत नहीं रहती तो अब यह प्रचार हुआ.
है कि छोटा परिवार सुखी परिवार है तो. मुस्लिम समाज में भी छोटा परिवार होगा तो. अच्छा होगा इसमें किसी को क्या तराज है तो. फिर क्यों ऐसा लगता है मुसलमानों को हमारे. जितने भाई है सबके दो बच्चे हैं ये. ज्यादातर जो जितने भी मेरे भी मित्र हैं. उनके भी परिवार में एक दो एक देखिए. परसेप्शन चलता मुसलमान की चार बीवियां. होती होंगी अब लोग समझ र चार चार लेकर चल. रहा हो एक नहीं संभलते चार कहां से लाए. आपके कितने दोस्त हैं जिनकी चार बीवी है. बताए हमारे कोई दोस्त नहीं जिनकी चार बीवी. है आपकी खुद एक नहीं है तो आपके दोस्तों.
की चार कहां से होगी और कितने आपके. मुस्लिम दोस्त हैं हां जिनके मतलब मेरे. मुस्लिम दोस्त ऐसे हैं जो चार पांच. गर्लफ्रेंड ले घूम रहे हैं बीवी नहीं उनके. पास चार नहीं गर्लफ्रेंड का तो आजकल हिंदू. मुस्लिम का उसम पैमाना ही नहीं है उसका. पैमाना ये है कि वो किसके कितने हैं. किसमें टैलेंट कितना है छिपाने का अ वो. छिपा आजकल पहले बताना होता था लोग कहते थे. इश्क और मुश्क छुपता नहीं हां आजकल इश्क.
मुश्क से भी ज्यादा प्रचारित हो जाता है. हां तो यह परसेप्शन बना हुआ है हमारे एक. दोस्त हैं गुप्ता जी हैं हम वो जब मिलेंगे. टीवी पर इंटरव्यू करते. हैं तो वह कहेंगे मुसलमान की चार बीवियां. 40 बच्चे होते हैं तो मैंने उनसे कहा कि. आपके कितने दोस्त हैं हां कि जिसकी चार. बीवियां 40 बच्चे हैं उन्होंने कहा मेरा. तो मुसलमान एक ही दोस्त है शाहनवाज हुसैन. हम तो मैंने कहा मुझको देख के राय बनाइए. ना आप आप ऐसे ही फैशन हो गया कहना हम तो.
ये फैशन हो गया है इसमें प्रचार की जरूरत. है प्रसार की जरूरत है तो फिर इसमें क्वेन. आता मुस्लिम समाज में भी छोटा परिवार होगा. तो सुखी परिवार ठीक है इसमें क्वेश्चन ये. आता है कि अगर नहीं है जैसे मान लीजिए दो. ही बच्चे आपके हैं सही बात है कि मेरे भी. जितने मित्र दिखाई नहीं पड़ते तो फिर जब. पॉपुलेशन कंट्रोल बिल की बात आती है तो. इसको लेकर इतना हवा क्यों ब जाता है फिर. तो बड़ी नॉर्मल चीज होनी चाहिए कि आ गया. ठीक है वैसे भी लोगों के बच्चे दो ही है. नहीं अब देखिए कई लोगों की अलग-अलग राय. रहती है अब जो भी आप बिल लाएंगे उसमें.
ट्राइब्स पर भी लागू होगा कि नहीं लागू. होगा यह सवाल लोग उठाते हैं. अब यूनिफॉर्म सिविल कोट के बाद तो यूसीसी. अब कहते हैं कि क्या ट्राइब को छोड़कर. करेंगे क्योंकि वहां तो रिवाज है हा सही. बात है अब वो ट्राइब कहेंगे कि हमारे हक. में हक मरी हो रही है तो इस पर राय बनाई. जाएगी यूसीसी का मतलब यह थोड़ी है कि. हिंदू कोर्ट बिल मुस्लिम पर थोप देना.
हिंदू तो कुछ फर्क ही नहीं पड़ेगी उसी से. नहीं कोई ऐसा नहीं है लोग समझ रहे हैं कि. यूनियन यूनिफॉर्म सिविल कोड होगा तो जनव. पहनना पड़ेगा कब्रिस्तान की जगह शमशान. जाना पड़ेगा ये पजामा की जगह धोती पहनना. पड़ेगा ऐसा नहीं है नहीं यूनिफॉर्म से. प्रचार बहुत है यूनिफॉर्म सिविल कोर्ट से. ये तो मैरेज रिफॉर्म ही है और क्या है. हिंदू जैन सिख पारसी इन पर ज्यादा नहीं. असर है जो असली असर पड़ेगा वो मुसलमानों. पड़ेगा कि आप लोग जो शरिया लॉ या इस्लामिक. लॉ फॉलो करते हैं उसकी जगह आपको कॉमन लॉ.
फॉलो करना पड़ेगा देखिए तलाक वाला तो हो. ही गया झटका वाला हां जो ट्रिपल तलाक वाला. तो बंद ही हो गया वो यूसीसी आने से पहले. बंद हो ग ठीक है अब बच गया मैरिज रिफॉर्म. वही चार बीवी 40 बच्चे गर्लफ्रेंड कितनी. भी रखो बीवी जो है वो एक ही रखनी पड़ेगी. लीगल एक रख सकते हो अब इसमें मैं इस विवाद. में जाना नहीं नहीं चाहता वो आप ही की बात. मैंने कही आपने कहा था कि चार गर्लफ्रेंड. है आपके कई दोस्तों के हमारे दोस्तों के.
तो एक दो है ऐसे जिनकी तीन चार है आपके भी. दोस्त ऐसे इस उम्र में भी है ऐसे जो चार. मब चार रख रहे हैं आप मेरी उम्र कोई बहुत. बड़ी मान रहे हैं क्या मैं राहुल गांधी से. 18 महीने सात दिन बड़ा हूं बस आप तो ऐसे. बता रहे हैं जैसे किसी बुजुर्ग से बात कर. रहे. हैं ठीक है 50 प्लस में भी चार रख सकते. हैं मतलब भविष्य उज्जवल है नहीं. गर्लफ्रेंड नहीं रखना. चाहिए शादी कर लेनी चाहिए और आपको भी सलाह. है कि आप जल्दी शादी करें आपके नजर में. कोई होगा जरूर बताइएगा सर नहीं मैं रिश्ते.
थोड़ी तलाश हूं आप जाइएगा एक जगह लगा हुआ. है रिश्ते ही रिश्ते जब हम दिल्ली आए कोई. आप देश भर में घूमते हैं प्रचार करते हैं. अब आप उससे मिल के गए हैं कोई आपको अच्छा. दिखेगा योग्य तो आप उसको बता दीजिएगा आपको. कि हम संपर्क कर ले आपको चड्डा है ना वो. आमा झाड़ू वाला हां तो झाड़ू वाले चड्डे. की तरह लोग कहते थे कि आप देखते हैं. प्रनीति की शादी में बड़ा हमको मैसेज आया. था शुभकामनाए श और मेरा मानना है कि आप वो. भी श बीजेपी माने वाले हैं नहीं मुझे.
मानना मेरा मानना है कि चड्डा से ज्यादा. खूबसूरत दिखते हैं वो लोग मिला के आपके. साथ अन्याय कर रहे हैं तो जब उनको मिल. सकती है तो आपको क्यों नहीं मिल सकती है. अा बीजेपी में आ रहे नहीं आ रहे सर राघव. जी भी बड़ा चल रहा है आजकल नहीं अभी उनके. आंख में कुछ तकलीफ बहुत लंबी समस्या हो गई. हम ऐसे तो आख के डॉक्टर इंडिया में बहुत. अच्छे अच्छे वो भगवत ज आजाद जी के बेटे. हैं डॉक्टर राघवेंद्र आजाद बहुत अच्छे आई. सर्जन है तो मेरे से अगर सलाह लेते तो मैं.
उनसे दिवा देता बीजेपी वालो सलाह लेनी. चाहिए उ लेकिन आम आदमी है ना आम आदमी को. लंदन में ही डॉक्टर मिलता. है तो आम आदमी तो खास लोग होते हैं तो. यूसीसी पर आपकी राय क्या लागू होना चाहिए. नहीं होना चाहिए नहीं यूसीसी एकदम आना. चाहिए इसपे मेरी एकदम राय है सबके साथ या. जो ट्राइब्स को अलग करके चल रहा है अब. इसमें आपकी राय नहीं इसमें मैं अभी कोई. राय नहीं दूंगा कि किसको छोड़ना चाहि. किसको लेना चाहिए लेकिन यूसीसी कंसेंसस.
बनाएगी सरकार और यूसीसी पर काम सरकार कर. रही है अभी उस पर बहुत सारे लेक्चर हुए. हैं मैंने बहुत पढ़ा है उसको क्योंकि. मुझसे ज्यादा सवाल होते हैं तो मैं खुद. ज्यादा पढ़ता हूं ऑनलाइन ही पढ़ा है कई. बार सुशील मोदी उस पर बहुत. वो जो हमारी लीगल कमेटी थी उसके उसको हेड. कर रहे थे तो उन्होंने बहुत मटेरियल मुझे. दिया था तो मैंने उस पर बहुत पढ़ा है. लेकिन वो लोग मान रहे हैं 24 वाली सरकार. में हो जाएगा शायद यूसीसी अब तो जो वजीर.
आजम बनेंगे वही बताएंगे ना अब बनेंगे वो. कली है ना नहीं तो मैं अभी से उनके बिहा. पर सब कुछ बताने के लिए थोड़ी हाजिर हु. ठीक है आपने कहीं एक स्टेटमेंट दिया कि. संविधान से सेकुलर शब्द हटा देना चाहिए. मैं आपका एक इंटरव्यू देख रहा था नहीं. देखिए संविधान कहते बदल देंगे जब संविधान. बना था तो उसमें यह सब था सेकुलर. डेमोक्रेटिक कंट्री ड किया गया था ऐड किया. गया ना बाद में में हम ये बाबा साहब ने. नहीं लिखा ना संविधान सभा के लोगों ने. नहीं लिखा ना सेकुलरिज्म का मतलब क्या है.
सेकुलरिज्म से सबसे ज्यादा नुकसान किसी को. हुआ है तो मुसलमानों को हुआ है हम. सेकुलरिज्म के लिए इकट्ठे हो रहे हैं. सेकुलर ताकत को इकट्ठा कर रहे हैं अरे तू. सत्ता के लिए हो रहा है नाम सेकुलरिज्म का. ले रहा है तो इसलिए मैंने कहा इस सेकुलर. वर्ड से कहने के लिए है ये नहीं कसमें. वादे बात प्यार वफा सब बात बात हैं बातें. मैं कहता हूं कसमें वादे सेकुलर वर्ड. बातें हैं बातों का क्या तो संविधान से. सेकुलर हटा देना चाहिए नहीं सेकुलर क्या. करना है सेकुलरिज्म का अचार डालना है उससे.
क्या मिल गया मुसलमानों को क्या मिल गया. उससे मुसलमानों को तो सबका साथ सबका विकास. सबका विश्वास आज है सी और डी कैटेगरी में. इंटरव्यू खत्म कर दिया कोई भेदभाव ही नहीं. होगा सब जितनी योजना सबके लिए आएगी हमको. भारतीय बनकर रहना है मैं बराबर कहता हूं. कि पूरे दुनिया में आज एक पिक्चर बनाया जा. रहा है कुछ लोग. यूटर हैं कुछ लोग बागी पत्रकार हैं वो लोग. क्या करते हैं दिन रात मुसलमानों पर ये.
खतरा है हमें तो कुछ नहीं दिखता एक दौड़. था जहां दंगे ही दंगे होते थे दंगा और. फसाद यही मेरठ में मलियाना में मुसलमानों. को इकट्ठा करके कांग्रेस की वीर बहादुर. सिंह की सरकार ने छाती पर गोली मार दी थी. वह तब वह सेकुलर पार्टी थी आज कहीं दंगा. नहीं एक दो जगह कहीं झगड़ा होगा कोई हो. गया पटका रख लिया बोल जय श्री राम अब उसका. मन एक थप्पड़ मार के जैसे श्री राम कहलाने. में हो रहा है श्री राम जी मोहताज हैं. किसी के जबरदस्ती बोलने के या लोग कम है. जय श्री राम नारा लगाने वाले यह एक दो चार.
लोग ऐसे होंगे लेकिन वो हमारे पार्टी के. नहीं होते लेकिन ऐसा माहौल बना दिया जाता. है और कहा जाता है सेकुलरिज्म खतरे में. सेकुलरिज्म के नाम पर यह नेता खतरे में यह. इस तरह की बात करते हैं मैं मानता हूं कि. भारत में मुसलमानों को जो आज हक है मैं. इसको आज नहीं कह रहा हूं मेरी मेडन स्पीच. इन पार्लियामेंट देख लीजिएगा मैंने. पार्लियामेंट में कहा था कि भारत के. मुसलमानों के लिए भारत से अच्छा देश हिंदू. से अच्छा दोस्त ऐड किया मोदी से अच्छा.
नेता नहीं मिलेगा जो बड़बड़ी में चले लोग. कह देंगे चापलूसी है सर अच्छा ये चापलूसी. है सर लोग कह देंगे बीजेपी वाला हर नेता. अपनी दो लाइन में मोदी जी से शुरू करते. मोदी जी बीच में मोदी ब्लक कोर्ट पहन के. बैठे हैं ना वकील हैं लोगों के हा तर्जुमा. है हा आप उनकी तरफ से हमें हमसे बहस कीजिए. यह मेरी चापलूसी है यह सच्चाई है यमन. सीरिया सूडान चिली. चाड क्या हाल है पाकिस्तान मुसलमानों का.
जो मुसलमान हिंदुस्तान में है उसके लिए. हिंदुस्तान से अच्छा क्या देश होगा. संविधान. बराबर अल्लामा इकबाल ने कहा सारे जहां से. अच्छा हिंदुस्ता हमारा और यह कहा मीरे अरब. को आई ठंडी हवा जहां से मेरा वतन वही है. तो हमारे आका ताजदार मदीना मोहम्मद सला. सलम को पूछा गया आपको हिंदुस्तान से क्या. एहसास होता है तो उन्होंने कहा ठंडी हवा. का एहसास होता है जिनको हम मानते हैं और.
मैं आपको यह भी बता देना चाहता हूं कि. हमारे आका ताजदार मदीना मोहम्मद सला. वसल्लम को अपने वतन मक्का से बहुत प्यार. था जब मक्का में उनका जीना हराम कर दिया. गया जब उनके खिलाफ साजिश होने लगी उनको. मक्का छोड़ने पर मजबूर किया गया तो जब वो. मक्का से मदीना हिजरत किए वहां से प्लान. कहे उसको हिजरत किए तो उन्होंने किसको. किया आवाम को नहीं संबोधित किया मिट्टी को. संबोधित किया कहा मक्का अगर तेरे रहने. वाले मजबूर ना करते तो मैं जिंदगी के बाकी.
तमाम दिन तुझ में ही गुजारता इसका मतलब है. हमारे आका को अपने वतन मक्का से प्यार था. और अगर शाहनवाज हुसैन को अपने वतन. हिंदुस्तान से प्यार है तो हम सही इस्लाम. के रास्ते पर चल रहे ये हमारा मुल्क है और. हमारे मुल्क का जो राजा है जो बादशाह है. जो हमारे मुल्क का शासक है जो हमारे मुल्क. का प्रधान सेवक है जिसका नाम नरेंद्र मोदी. है वह अनाज देता है तो सबको टीका देता है. तो सबको वह 5 लाख आयुष्मान भारत देता है.
तो सबको वह सबका साथ सबके विकास वाला है. तो इससे बढ़कर तो कोई नेता मिल ही नहीं. सकता मैं तो मुसलमानों से अपील करता हूं. माइनॉरिटी के लोगों से कहता हूं यह मौका. है डूबते नाव में मत बैठो मैं बता रहा हूं. आओ मोदी के नाव में बैठ जाओ मोदी का दिल. जीतो मोदी जीतने वाले हैं आप उनका दिल जीत. लो देखो मोदी आपके लिए क्या करता है सबको. लेकर चलेंगे 140 करोड़ हिंदुस्तानी की. खिदमत करना यह मोदी अपना धर्म समझते हैं. फर्ज समझते हैं और इसको वो करते रहेंगे.
ठीक अब लास्ट राउंड है सर समय समाप्त हो. रहा है रैपिड फायर रैपिड फायर में क्क एन. एकदम आप अपने स्टाइल में जवाब देंगे मैं. आपको टोकू नहीं जवाब आपका होगा सवाल सिर्फ. मेरा होगा सवाल नंबर. एक क्या देश में बीफ बैन होना चाहिए एकदम. बैन होना चाहिए मैं ही हूं 4 दिसंबर 1997. को तालकटोरा इंडोर स्टेडियम में हजारों. मुसलमान के बीच में यह हमने प्रस्ताव. पारित किया था कि हिंदुस्तान में बंद होना.
चाहिए गौ मांस गौ हत्या बंद होनी चाहिए गौ. मांस का सेवन बंद होना चाहिए मैं और आप एक. थाली में खाएं हम कहेंगे हम भाई भाई है और. एक थाली में ना खा सके तो उसमें बाधा कहां. आता है एकदम बंद होना चाहिए पार्टी पर कुछ. लोग आरोप लगाते हैं कि बीफ एक्सपोर्ट करने. वाले लोगों से आप लो च दे मैं आपको बताता. हूं ये गलत फहमी मत डालिए मैंने आरोप कहा. है आपको बताया मैंने कि आप बोल सकते हैं. मैं कह रहा हूं बीफ को लोग भैंस का.
मार हिंदुस्तान में गौ मांस का एक केजी भी. कोई एक्सपोर्ट माइका लाल नहीं कर. सकता जो भैंस का मानस है अब वो तो. पशुपतिनाथ में भी भैसा चढ़ता है नहीं. चढ़ता है जो भैंस का बफलो मीट है. वो यहां से एक्सपोर्ट होता है. बफलो मीट जब भैंस जो है जब बूढ़ी हो जाती. है तो किसान वह भैंस बेच देता है और उसका.
मीट बाहर एक्सपोर्ट होता है जो वाइट स्किन. मीट है जिसको गोमांस कहते हैं वह एकदम. एक्सपोर्ट नहीं होता जो कहता है वो झूठा. है मेरे से बहस कर ले. वो लेकिन बीफ बैन होना चाहिए आपके हिसाब. से गौ मांस पूरी तरह बंद ठीक है पॉपुलेशन. कंट्रोल बल आना चाहिए एकदम आना चाहिए. संविधान से सेकुलर शब्द रहना चाहिए हटना. चाहिए. इस देखिए रहे ना रहे कोई फर्क नहीं पड़ता. लेकिन सेकुलर शब्द से सबसे ज्यादा नुकसान.
मुसलमानों को होता है ठीक है मोदी जी अटल. जी में ज्यादा बेहतर प्रधानमंत्री. कौन मोदी जी देखिए पिता पुत्र की तुलना कर. होती है क्या वेल. प्लेड क्रिकेटर अच्छे होते हैं आप देश जो. दूर का लाउड स्पीकर है या लाउड स्पीकर है. हिंदुओं के लिए भी हिंदुओं में भजन चलता. है और मुसलमानों में होती लाउड स्पीकर. रहना चाहिए या बंद कर देना चाहिए एकदम बंद. होना चाहिए मैं इसलिए जब प्रोफिट आए थे तो.
लॉर्ड वेनम आया था उस टाइम में वो ग्राहम. विलियम जो है उसने लड स्पीकर बनाया उसने. तो बहुत बाद में बनाया तब तो मस्जिद के. ऊपर खड़े होकर अजान होती थी आसपास के लोग. आ जाते थे कि नमाज का वक्त हो गया घड़ी. नहीं है अब तो हर हाथ में मोबाइल है लगा. लीजिए ना टून और उसमें जैसे नमाज का टाइम. होगा मस्जिद भागी जाइए मस्जिद में नमाज. पढ़िए कि लॉर्ड स्पीकर सब जगह क्यों होना.
चाहिए अब तो सऊदी अरब में मैं आपकी. जानकारी के लिए कहूं वहां भी लड स्पीकर का. साउंड दूर मक्का में भी दूर का कम कर दिया. गया नजदीक के लोगों के लिए अजान क्यों है. आओ मस्जिद की. तरफ अजान है यही तो है अल्लाह अकबर अल्लाह. बड़ा है आओ नमाज की तरफ आओ फलाह की तरफ तो. ये कहने के लिए जो आसपास लोग हैं उनको. बुलाना है अब तो मोबाइल पर रहता है कहां. कितने बजे नमाज है आप जाइए सब काम के लिए. टाइम देखेंगे खाने के लिए डॉक्टर कहेगा हम.
टाइम पर खाना खाइए तो उसके लिए तो आप माइक. नहीं लगाएंगे आ जाओ खाना खाने तो भजन के. लिए या निवास के लिए दूर दूर क्यों आवाज. होनी चाहिए ठीक है अ अगला सवाल क्या बिहार. में वाकई में पूर्ण रूप से शराब बंद. है शराब बंदी पूर्ण रूप से है लेकिन कुछ. ब्लैक मार्केटियर हैं जो कुछ होम डिलीवरी. की कोशिश करते.
हैं गुजरात में शराब बैन है बिहार में. शराब बैन है गुजरात में जो लोग बाहर से. जाते उनको तो अलाउड है उनको अलाउड है. गुजरातियों के लिए बैन है बिहार में तो. पूर्ण बंदी का कम से कम कागज पर है बाकी. अंदर खाने तो जुगाड़ अलग कहानी है नहीं. फिर भी शराब बंदी का बड़ा असर है लोग कहते. हैं ब्लैक मिल जाता है इ अब ब्लैक में तो. ब्लैक में हर चीज मिलती है तो क्या करेंगे. कानून बनाएंगे मीठा मठा गब गब तीखा तीखा फ. कैसे बचेंगे सर नहीं. नहीं कुछ हां क्रेडिट लेना वा लेते मैंने.
तो आपको कहा कि कुछ ब्लैक मार्केटिंग की. कोशिश होती है जिसको सरकार पकड़ रही है और. उसमें कुछ लोग का पैसा भी भेजते हैं अच्छा. मोटा हां वो जब ब्लैक मार्केटिंग होगा तो. कुछ ना कुछ तो लोग करेंगे ऊपर तक भी आता. हो ठीक है ऊपर नहीं आता नीचे नीचे करते. हैं कुछ क्या देश जाते देश में शराब हां. वो देखें पिक्चर में हम लोगों ने कि चार. ट्रक निकाल दो आधा ट्रक रोक के रख दो पेपर. में छपवा देते हैं देखिए आपने एक ऐसे आदमी. से सवाल कर रहे हैं हां जिसने जिंदगी में. शराब छुई नहीं है सर मैंने भी तो इतना आप. भी शराब शराब मत बोलिए गुनाह होगा मैं.
मैंने भी नहीं छुई मुझे तो गुनाह होगा. डॉक्टर साहब ने कल तो और बता दिया है तो. उसके बाद तो और मेरे लिए डर पैदा हो गया. अगर नहीं मैंने पान बीरी सिगरेट गुटका. शराब खैनी कभी छुआ नहीं मैंने भी सर एक. बार 10थ में एक जब 10थ किए थे तो एक लड़का. कैप्शन का एक सिगरेट ले आया था ऐसे पिया. तो खांसी हो गई हमने फेंका उसको हमने ये. भी नहीं हमारा सर हमने पहली बार हमने एक. घोट उसका सिगरेट का लिया था एक घोट थ.
हमारी मम्मी ने हमको सिखाया था कि पहली. बार मना कर देना तो बचे रहोगे नहीं तो. मैंने मना कर दिया ना उसको तो क्या देश. में शराब बंदी होनी चाहिए शराब कहीं से. अच्छी नहीं है मैंने लोगों से पूछा. शराबियों से हम कि यार इसको इतना पीते. क्यों हो हम तो मैंने सोचा कि रु अफजा. शरबत जैसा होगा या कोल्ड ड्रिंक जैसा होगा. लोग कहते हैं बड़ा तीखा होता है फिर भी. पीते हैं जैसे मैं करेला नहीं खाता तीता. होता है तो मैंने कहा क्यों खाना जो करेला. जो मुह तीता हो जाए तो मैं करेला नहीं.
खाता तो शराब ना पिए तो अच्छा है ठीक क्या. दिवाली पटाखे बैन होने चाहिए पोल्यूशन बंद. होना चाहिए पटाखे बैन हो नहीं होने चाहिए. लाउड स्पीकर आपने कहा कि जब प्रोफेट साहब. आए तब नहीं चल रहा था मामला देख तब लाउड. स्पीकर अगर आप सृष्टि को बचाना है तो. दिवाली में नहीं शादियों में भी पटाखे इस. बार डक नहीं कर पाए सर आप नहीं डक नहीं कर. रहा हूं मैं कह रहा हूं कि. वो पोल्यूशन का सृष्टि को बचाना है ना थ. डैमेज कंट्रोल कर रहे हैं आप सृष्टि को.
बचाना है बैन होना चाहिए नहीं होना चाहिए. आगे बढ़े नहीं मुझे लगता है कि बैन कैसे. कर सकते हैं चलिए नेक्स्ट क्वेश्चन कर. धार्मिक भावना है थोड़ी लोगों को लगता है. कि चलो एक पटाखे तो चला ले दिवाली में अब. यहां तो वो जो लड़ी वाले पटाखे हैं ना ऐसे. पटाखे आने चाहिए जो पोल्यूशन कम हो ठीक. अजान लाउड स्पीकर बंद करना चाहिए पटाखे. धार्मिक भावना छोड़ नहीं छोड़ना नहीं. चाहिए मैं कह रहा हूं कि पोल्यूशन वाला. पटाखा नहीं आना चाहिए जैसे लड़ी होती है.
ना कोई ग्रीन पटाखा हो तो उसका इजाद करना. चाहिए ठीक क्या देश का हिंदू खतरे में है. हिंदू खतर अरे बड़ा t प चलतार प एक्टिव. नहीं है बहुत चलता था बीच में अरे 1.9. मिलियन मेरे भी फॉलोअर है सर बताइए उसके. बाद आपने नहीं पढ़ा कभी आप जितना ट्वीट. करेंगे सब रिट्वीट करू तो छोड़ देर हम तो. खाली t पर जानकारी लेते हैं हम. क्या देश का हिंदू खतरे में है कभी. नहीं देश के हिंदू को क्या खतरा होगा देश. का हिंदू तो चलता है ना कि उठो हिंदुओं.
जगाने आए हैं वो है कुछ लोग बोलते हैं ना. हिंदू खतरे में ना मुसलमान खतरे में. मुसलमान खतरे में ना सिख खतरे में ना ईसाई. खतरे में है ठीक है य आपने मोदी जी एंटी. मुस्लिम है एंटी मुस्लिम क्या बात कर रहे. हैं ये तो तोहमत है ये गाली है मोदी जी. बीजेपी एंटी मुस्लिम है एकदम नहीं नहीं. बीजेपी एंटी मुस्लिम होता तो उसका तर्जुमा. शाहनवाज हुसैन आपसे बात कर रहा. होता लोग इसी बात पर लोग कह देंगे सर टिकट. नहीं दिए अब टिकट बहुत बड़ा आपने पैमाना.
बना लिया है जिसको टिकट मिल गया वो बहुत. बड़ा आदमी और जिसको टिकट नहीं मिला वो. बहुत छोटा आदमी आप ही कह रहे थे मोदी जी. कितना बड़ा आदमी बन ग देखते देख देखते. टिकट से बने वो टिकट तो बने ना टिकट मिला. तब सांसद बने सांसद बने तो प्रधानमंत्री. बन गए देखिए जो सांसद बने वो सच में अब आप. गए थे विदेश हरदीप पुरी जी आपका स्वागत कर. रहे थे आज वो केंद्रीय मंत्री हैं हरदीप. पुरी जी जब मैं यूएन गया था आप सासद थे. वहां वो परमानेंट एंबेसडर थे वहां और बहुत.
विद्यार्थी परिषद में रहे हम लोग के बड़े. सीनियर है लेकिन वो जिम्मेदारी निभा रहे. थे उन्होंने मुझे यूएन जनरल असेंबली में. बोलने का मौका भी दिलाया था बड़ा शौक था. मुझे टा लगा के आप तो बड़े स्मार्ट लग रहे. थे क्या धोती कुर्ता पहनते वहां य शरवानी. पहनते अब वहां गए तो पहन लिया जैसा देश. वैसा भ शट पहनते अभी पहनते टाला मैं जब. बाहर जाता हूं मेरे पास बहुत अच्छे-अच्छे. सूट है हां लेकिन मैं इंडिया में नहीं. पहनता क्यों नहीं यहां जैसा देश वैसा भेस.
कभी-कभी विदेश जाता हूं तो पहन लेता हूं. बिहार में अगर आप चुनाव लड़े तो हम आपका. टाइम लेकिन तो वहां पब्लिक कहेगी फिर कहां. बिहार में टाइ पहना घुमा रहे हो जब थोड़ा. बुढ़ापा आएगा तो पहन लेंगे लोग कहेंगे. थोड़ा यंग लुक दे रहा जब मैडम के साथ. इंटरव्यू आपका लेंगे तब टाई बनवा द आप साथ. में कहां लेते हैं आप तो वन टू वन ही लेते. हैं करेंगे कोई बात नहीं आपके लिए नियम तो. को अलग से देखिए हम तो जो साहित्य के लोग. हैं कवि लोग हैं उनको अलग ही बुलाइए.
क्योंकि मैं रहूंगा तो बहुत सी बात दबाव. में वो नहीं कह पाएंगे ठीक क्या बिहार को. विशेष राज्य का दर्जा मिलना चाहिए विशेष. राज ही है बिहार मोदी के नजरों में विशेष. पैकेज मिला है और भी इस बार बिहार के लोग. 40 सीट देंगे बिहार की हर उम्मीद को पूरा. करेंगे बिहार ने 39 सीट दी बीजेपी ने क्या. आखरी सवा बीजेपी बीजेपी ने बिहार को क्या. दिया 177 एथनल प्लांट. दिया लोकसभा की बात लोकसभा में तो मोदी.
नेल की पॉलिसी बसी चुन कर आ पाए थे तो. एमएलसी वा तो मैं मोदी के सिपाही के नाते. दिया ना वो आज किसानों का जो अनाज है जो. मक्का है वो 2400 मिल रहा है पैसा डबल हो. गया खुशहाल हो गया 17 एथनल प्लांट ना लगते. तो खुशहाल होता मोदी की एथनल पॉलिसी से ल. फर्टिलाइजर का कंपनी दिया पेट्रोलियम की. कंपनी दी बरौनी में काम किया उसके कई. फैक्ट्रियां लगी बड़े-बड़े पुल दिया रोड. दिया क्या नहीं दिया और बिहार को दिल दिया.
[हंसी]. मोदी चलिए हमारी कोशिश थी कि आपके दिल में. जितनी बातें व निकाला जाए हमने अपनी तरफ. से कोशिश की आखरी फैसला हमेशा जनता पर. छोड़ते हैं कोई मैसेज सर आप जाते आते अपने. लोगों को देना चाहते हैं जो ये इंटरव्यू. देख रहे थे जो इंटरव्यू देख रहे हैं मैं. तो उनको यही कह सकता हूं कि जब आप जो. बातें मैंने कही सुवांकर जी को जो बात रह. गई हो आप इनको कहिए. फिर सियासत से अलग भी उठकर बात करेंगे जो.
बात रह जाए अच्छी बात को सराए और कोई बात. बुरी लगी हो तो माफ कीजिए थैंक यू सो मच. सर थैंक य.
