Unplugged ft. Sanjiv Goenka | LSG | Rishabh Pant | Vaibhav Suryavanshi | MS Dhoni | IPL2027
आईपीएल के बेस्ट बॉलिंग टीम को बनाने के. बाद भी आपकी टीम आगे नहीं।. पर हम नंबर 10 आए।. और ये एलएसजी के करियर का सबसे ख़राब है।. ये किसी के भी करियर का ख़राब होगा 10 ही. टीम है। आप नंबर 10 आओगे तो सबसे ख़राब. होएगा ये।. [संगीत]. जितने मालिक 10 लोग हैं। आप लोगों ने अपना. भी कोई WhatsApp ग्रुप बना रखा है?
नहीं मैं तो कोई WhatsApp ग्रुप में ऐसा. हूं नहीं पर शायद WhatsApp ग्रुप किया है. जिसमें टाइटंस और हमने अभी तक इंक्लूड. नहीं किया। [हंसी]. मेरे को आप ये बताओ क्या आपको रिग्रेट हुआ. कि वैभव एक करोड़ दो करोड़ मिल सकता था।. आप लोगों ने नहीं लिया।. सोल्डर 1 करोड़ 10 थैंक यू वेरी मच। हर एक. टीम ओनर को यह दुख है या होगा कि वैभव. सूर्यवंशी उनके टीम में नहीं है।.
वैभव सूर्यवंशी. अब राजस्थान रॉयल्स को ओन करते हैं. लक्ष्मी मित्तल वो जिंदगी में वैभव. सूर्यवंशी को और कहीं जाने ही नहीं देंगे।. और छोड़ेंगे तो आप दोनों हाथ से बैठे हो. कि भाई. सिर्फ मैं नहीं और भी बहुत लोग बैठे हैं।. बट द ओनली बॉलर हु हैज़ बोल्ड मेड्स टू हिम. इज मोहसीन खान।. लखनऊ सुपर जंट्स। [हंसी]. तो आपने स्टइलर से कंसल्ट करवाया। लखनऊ.
ट्रॉफी अब उठा रही है।. [हंसी]. क्रिकेटर्स के अलावा सबसे ज्यादा जो कैमरे. पर दिखता है वो डॉक्टर संजीव का है। एक. बार ऐसा हुआ कि मैं बाथरूम जा रहा था।. गनीमत से उसी टाइम ऋषभ पंत आउट हो गए।. [हंसी] तो बोले दिस इज संजीव गोयनकास. डिगस्ट एट ऋषभ पंत गेटिंग आउट। आई एम वैरी. फोंड ऑफ़ हिम। क्या पसंद है आपको ऋषभ में? कभी भी आके कहीं से भी पकड़ लेगा।. वो कुछ प्रैंक प्ले कर देगा।.
ऑक्शन में आप लोग ब्ल भी करते हो सर। कि. कई बार रेट जानबूझ के बढ़वा देते हो कि कोई. खरीद ले। उसका पर्स खाली हो अगले वाले को. हम खरीद लेंगे। जैसे दिल्ली के ओनर पे. बहुत आता है यह कि वो हर बार सबका रेट. बढ़वाते हैं। [हंसी]. मैं मैं किसी के किसी के लिए कुछ कहूंगा. नहीं पर और लोग ऐसा करते हैं ये फैक्ट है।. कभी आपको लगा किसी ने रेट बढ़वाया फिर. आपने खरीदा? हां [हंसी]. और लगता भी कि बेवकूफ बन रहा हूं बट कभी. कोई प्लेयर ईगो में लिया गया? मोहम्मद शमी. 10 करोड़ के कैश ट्रेड में आए। 35 साल के.
बॉलर पर 10 करोड़ जब आपने लगाए तो बहुत. सारे लोग शॉक्ड थे। और शमी में यह जुनून. है कि मैं सबको गलत प्रूफ करूं और मैं. सक्सेस होऊं।. ओ ब्यूटी ब्यूटी. गौतम गंभीर क्योंकि वो आपकी टीम के मेंटोर. थे। ये अलग बात है कि बनाया आपने जो उसका. फल काटा गया वो केकेआर ने काटा और अभी. इंडियन टीम में वो हेड कोच हैं। कोशिश की. थी रोकने की? कोशिश की थी पर उनका केकेआर. से बॉन्ड. एक्स हमेशा क्लोज रहती है।. क्लोज रहती है।.
एलएसजी आपकी पहली टीम नहीं थी। इससे पहले. 2016 में एक टीम आई राइजिंग पुणे सुपर. जाइंट। एक टीम फाइनल पहुंची। सीएसके आरआर. की वापसी हुई तो उस टीम को हटा दिया गया।. कितना बड़ा सदमा था।. फाइनल हारे वो भी एक रन से लास्ट बॉल पे।. तो एक साथ तक क्रिकेट देखने की इच्छा ही. नहीं हुई।.
धोनी आपके पास भी थे। स्मिथ कैप्टन बन गए. थे।. आप ये क्वेश्चन माही से पूछो। [हंसी]. मैं आपसे पूछूं रोहित विराट और एमएसडी में. आपका फेवरेट कौन है? कैसे कोई चुन सकता है? प्रिंस यादव ने जो बोल्ड किया था वो विराट. कोहली ने बताया था। उन्होंने मुझे बोल्ड. कैसे मारा? प्रिंस ने आके बताया कि मैंने. इनसे सीखा था। [हंसी]. विराट भैया से ही मैं बात कर रहा था तो. खुद ही उन्होंने मेरे को ये बात बोली थी।. देखिए जब आदमी इनसिक्योर नहीं होता है तब. वो औरों के प्रोग्रेस से खुश होता है।. अमीर जब सारे अमीर एक साथ मिलते होंगे तो.
क्या बातें करते हैं आप लोग? [हंसी]. आपके पास रोज प्लेइंग 11 आती है? आती है।. ओके।. मैच से पहले? मैच से पहले।. वो हक है।. जिंदगी की सबसे महंगी गलती कितने की थी. सर? और हम क्रिकेट की बात नहीं कर रहे।. [हंसी]. सबसे महंगी चीज आपने क्या कर दी अपने लिए? अपने लिए।. एनर्जी। [हंसी].
आज सुबह जो आपने रील देखी उसमें जो पुराना. गाना बज रहा था उसका पैसा एक आदमी के घर. गया। कोलकाता में जो बल्ब जला उसका बिजली. का बिल जो था वह भी उसी घर गया। इनफैक्ट. आपने जो चिप्स खाई, जिस मॉल में घूमे, जो. मैगजीन पढ़ी, YouTube पर जो कई बड़े-बड़े. क्रिएटर्स आप देखते हैं, वो जिस कंपनी के. अंडर हैं, वह भी एक ही आदमी हैं। यह वही. इंसान हैं जिन्हें क्रिकेट से बेशुमार.
इश्क है। इतना इश्क है कि तीन देशों में. टीम है। कोलकाता के वो बनिए हैं जिनके. दादा जी सिखा गए कि बनिए की मूछ नीचे होती. है। और इसीलिए शायद इस आदमी ने एक शाम में. क्रिकेट की दुनिया की सबसे महंगी टीम खरीद. ली। 7000 करोड़ में। 400 से ज्यादा लोग. इनसे तनख्वाह पाते हैं जिसमें आप पूरा. कस्बा बसा सकते हैं। आज हमारे सामने बैठे. हैं डॉक्टर संजीव गोयनका और आज इनसे सिर्फ. क्रिकेट पे बात नहीं होगी। क्रिकेट के. अलावा ही बात करेंगे। ये समझेंगे पिता ने.
अंपायर कैसे बांटा? कागज पर दिल पर एक. बिलेनियर हफ्ते में कुंडली कितनी बार. दिखाता है? धर्म पर उसका विश्वास कितना. है? कौन-कौन से बिजनेस वो करता है? क्रिकेट से उतरे इतना ज्यादा प्यार क्यों. है? और बहुत कुछ है जो आज इनके बारे में. आप जानेंगे। संजय गोयनका साहब बहुत-बहुत. शुक्रिया वक्त देने के लिए।. थैंक यू शुभांकर। आई एम प्रिविलेज्ड दैट. यू हैव गॉट मी ऑन योर शो।. लोग कहते हैं कि गोइनका साहब क्रिकेट के. सबसे बड़े आइकॉन है। सबसे बड़े फैन हैं जो. टीवी पर सबसे ज्यादा दिखते हैं। [हंसी]. ये ब्लेसिंग है या स्क्रूटनी पर होना.
खतरनाक होता है। क्योंकि क्रिकेटर्स के. अलावा सबसे ज्यादा जो कैमरे पर दिखता है. वो डॉ. संजीव गोयन का है।. देखिए जब मैं स्टेडियम में रहता हूं तब तो. मैं टीवी नहीं देखता हूं। तो मुझे नहीं. अंदाज है कि मुझे कितने बार दिखाते हैं।. शुरू में जब यह चर्चा होती थी कि आपको. टीवी पर देखा तो अच्छा लगता था।. पर अब जैसे-जैसे समय जा रहा है अब ये.
बोलते हैं कि अब एक बार ऐसा हुआ कि मैं. बाथरूम जा रहा था। गनीमत से उसी टाइम ऋषभ. पंत आउट हो गए। [हंसी] तो बोले दिस इज. संजीव गोयनकास डिसगस्ट एट ऋषभ पंत गेटिंग. अप [हंसी]. वो चीज मैं नहीं समझ पाता हूं। [हंसी] एक. नॉर्मल रिएक्शन. आप. नहीं कर पाते। [हंसी]. एक एक नॉर्मल एक्शन को एक अलग ट्विस्ट दे.
दिया जाता है।. पर लोग जानते हैं, पहचानते हैं।. प्यार देते हैं, इज्जत देते हैं।. इसका मैं शुक्रगुजार हूं। इसके लिए मैं. आभारी हूं।. तो ये प्लस भी है, माइनस भी है।. काव्या मरान या प्रीति सिंटा जब वायरल. होती हैं तो वो खूबसूरत हैं। महिला ओनरों. के ऊपर कैमरा अक्सर जाता है। पुरुष ओनर जो. है उन पर इतने कैमरे नहीं जाते। तो कभी.
किसी आपके साथी ओनर ने कहा किसी टीम के कि. यार गोइंका साहब तुम इतना क्यों दिख जाते. हो? हम भी तो ओनर हैं। हमने भी टीम खरीद. रखी है।. [हंसी]. एक ने कहा तो था. मैं उसके बारे में ज्यादा चर्चा नहीं. करूंगा।. कभी किसी मीम को देखकर आप हंसे क्योंकि. जिसको लोग प्यार करते हैं जेंजी की जनरेशन. में उस मीम बहुत बनते हैं। जैसे आजकल. रविकिशन वायरल है। चारों तरफ वायरल है।. कभी कोई ऐसा मीम रहा जिसको देखकर आप खुश. होकर हंसिए।. मैं कई मीम पे हंसा हूं।.
पर. देखिए यह मीम की दुनिया ही ऐसी है कि. इसमें ज्यादातर नेगेटिव होती है। कम. पॉजिटिव होती है।. यह दुनिया से मैं वाकिफ नहीं हूं। वाकिफ. हो रहा हूं।. जब नेगेटिव होती है तो शुरू शुरू में अजीब. लगता था। अब धीरे-धीरे करके वह इनडिफरेंस. पर आ गया है।.
अब हो सकता है अगले साल तक मैं और हंसने. लगूं वो मीम्स देख के. बट टू मच लाइमलाइट जब पहली बार किसी के. पास आती है सर क्योंकि आप फेमस तो हमेशा. से रहे हैं बट क्रिकेट ऐसी चीज है जो. हमेशा कैमरे में ग्लोबली जाती है उसके. जैसे आपने कहा मीम्स नेगेटिव भी आते हैं. पॉजिटिव भी आते हैं डस इट बोदर मेंटल. हेल्थ पे और इसको कैसे कंट्रोल करते हो आप. क्योंकि यह आजकल हर इंसान फेस कर रहा है. बोदर तो करता है. पहले ज्यादा करता था अब कम करता है।.
मैं इतने मीम्स देखता ही नहीं हूं।. अ पर फिर भी देखता हूं।. धीरे धीरे धीरे करके एक. थिक स्किंड होने की चेष्टा कर रहा हूं।. [हंसी]. इश्क आसान नहीं होता सर। चाहे वो क्रिकेट. से ही हो।. इश्क आसान नहीं होता है पर जो बीवी से. इश्क होता है वो आसान होता है।. आई एम श्योर [हंसी].
आईपीएल टीम ऑन करने के बाद ये तो एहसास हो. रहा होगा कि बीबी इज़ इजी टू हैंडल। [हंसी]. बीबी हैंडल करना टफ है या क्रिकेट टीम. हैंडल करना? [हंसी]. ये सवाल देश के सारे मर्दों की तरफ से है।. [अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़] देखिए. बीबी को हैंडल करना भी इजी नहीं है।. क्रिकेट टीम को हैंडल करना भी इजी नहीं. है। दोनों ही टफ है।. पर मेरे शादी को 45 साल हो गए। 45 साल बाद. अब मैं एडजस्ट हुआ हूं कि वो एडजस्ट हुई.
है पता नहीं। पर हम दोनों को एक दूसरे की. आदत हो गई है।. खूबसूरत। क्रिकेट से पहला इश्क कब हुआ सर? फर्स्ट टाइम मतलब कब वो एहसास हुआ कि यार. जैसे इंडिया में सबको क्रिकेट से प्यार. है। बट आपका थोड़ा ज्यादा है। जो दिखता भी. हमें कैमरे पर है। तो ये कहां से स्टार्ट. हुआ था ये इडन गार्डन से? 1971 में कमेंट्री सुनता था इंडिया इंडीज. का और सुनील गवास्कर की. 750 या 800 रन की सीरीज थी.
तो वो सुनता था उसके बाद इडन गार्डन्स में. वो खेल रहे थे. एंड वो देख देख के देख देख के. एक लगाव हो गया. लगाव से बढ़ते-बढ़ते बढ़ते बढ़ते बढ़ते आप. धोनी पे आइए और माही को देखिए. तो वो जुनून हो गया. वो बढ़ते-बढ़ते बढ़ते एक पैशन हो गया.
इंटरेस्ट था जो पैशन हुआ अब पैशन के बाद. अब बिजनेस हो गया. तो आपने भी शेयर किया है माही मार रहा है. टीवी खोल के. [हंसी]. देखिए माही जैसा ब्रेन. मैंने इतने लोगों के साथ इतने क्रिकेटर्स. के साथ इतने आम लोगों के साथ इंटरेक्ट. किया है। वैसा ब्रेन मैंने आज तक नहीं. देखा है। वाओ. इनक्रेडिबल. क्लियर.
कूल. कलेक्टेड. डेफिनेट. एंड येट अ फैंटास्टिक ह्यूमन बीइंग।. गोइनका साहब को बिहार के लड़के अच्छे लगते. हैं। पहले माही साहब थे। आजकल गुनका साहब. वैभव सूर्यवंशी की तारीफ करते हैं।. तो वैभव सूर्यवंशी तारीफ के लायक है।. यह तो जनरेशनल टैलेंट है।. मेरे को आप ये बताओ क्या आपको रिग्रेट हुआ. कि वैभव एक करोड़ दो करोड़ मिल सकता था।. आप लोगों ने नहीं लिया।.
क्योंकि जितनी तारीफ आप करते हो और जो. उसने किया है मतलब एज अ क्रिकेट फैन हम. सोचते हैं. हर एक टीम ओनर को यह दुख है या होगा कि. वैभव सूर्यवंशी उनके टीम में नहीं है. और. अब राजस्थान रॉयल्स को ओन करते हैं. लक्ष्मी मित्तल वो जिंदगी में वैभव. सूर्यवंशी को और कहीं जाने ही नहीं देंगे. और छोड़ेंगे तो आप दोनों हाथ लिए बैठे हो. कि भाई. सिर्फ मैं नहीं और भी बहुत लोग बैठे हैं।.
बट कितना सरप्राइज है? आप 71 से क्रिकेट. देख रहे हो। आपने गवास्कर साहब को जिक्र. किया कि 700 800 रन बनाए थे।. जी।. वहां से आज 2026 में तब तो वैभव पैदा भी. नहीं हुए थे। वैभव तो अभी पैदा हुए हैं. आईपीएल शुरू होने के बाद।. वैभव का फर्स्ट पब्लिक इमेज. इज़ वेरिंग अ राइजिंग पुणे सुपर जॉइंट. जर्सी इन आवर गेम। हां बिल्कुल।. बिल्कुल।. और वो लड़का आज दुनिया में तबाही मचा रहा. है।. तबाही मचा रखा है एकदम देखिए। तो जितने. क्रिकेटर्स को आपने देखा.
क्या अलग वैभव में आपने देखा? उसके बाद मैं लखनऊ सुपर जॉइंट पे आऊंगा।. द कॉन्फिडेंस. टैलेंट तो है ही शॉट्स है ही. सुप्रीम कॉन्फिडेंस. नॉट ओवर कॉन्फिडेंस।. वो. दैट्स डिफरेंस। ये बहुत महीन सफा. हां आप ओवर कॉन्फिडेंट हो जाते हो तो फिर. वो आपकी डाउनफॉल की शुरुआत होती है। वैभव. में कॉन्फिडेंस है कि ये मैं कर सकता हूं.
और जितना कि मैंने देखा है मैंने इतना. क्लोजली तो नहीं देखा है बट जो देखा है ही. इज़ इंप्रूविंग विद एव्री गेम ट्रू ह शॉट्स. आर परफेक्ट क्रिकेट शॉट्स ही इज़ लर्निंग. टू टेंपर हिमसेल्फ अ बिट एंड दैट विल मेक. हिम मच मोर इफेक्टिव. बट द बेस्ट थिंग आई लव अबाउट बेबो इज़ क्लच. श्रीलंका में गया कई मैचेस फ्लॉप हुए सुपर. ओवर नहीं जीता पाया सबने क्वेश्चन किया. फाइनल में उसने ने डिफरेंस दिखाया अपने. श्रीलंका में। अंडर-19 वर्ल्ड कप नहीं.
चला। फाइनल में डिफरेंस दिखाया। आईपीएल. में आखिरी दो तीन मैचेस डिफरेंस दिखाया।. जो क्लच मैचेस हैं बड़ा बॉलर जितना बड़ा. नाम जहां लोग डर जाते हैं, कॉन्शियस होते. हैं वो बड़े गेम का प्लेयर है। और देखिए. वो आज तक. छोटी करियर रही है। बट द ओनली बॉलर हु हैज़. बोल्ड मेड्स टू हिम इज मोहसीन खान।. लखनऊ सुपर जॉइंट्स। [हंसी]. आईपीएल के बेस्ट बॉलिंग टीम को बनाने के. बाद भी आपकी टीम आगे नहीं बढ़ पाई। लखनऊ.
सुपर जॉइंट वो टीम जिसने शुरुआत में. प्लेऑ्स में जगह बनाई। इस साल सब अच्छा. था। टीम देखने के बाद हम जैसे क्रिकेट. एनालिसिस करने वाले भी क्रिकेटर्स भी, कमेंटेटर्स भी आपको टॉप फोर में देख रहे. थे।. मैं भी अपने आप को टॉप फोर में देख रहा. था।. पर हम नंबर 10 आए। नंबर 10. नंबर 10. और ये एलएसजी के करियर का सबसे खराब है।. ये किसी के भी करियर का खराब होगा क्योंकि. 10 ही टीम है। आप नंबर 10 आओगे तो सबसे. खराब होएगा ही।.
[अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़]. बट क्यों खराब? मतलब आपने तो जब ऋषभ आपकी. टीम में आए थे। आप लोग प्लान कर रहे थे।. एवरीबडी वास कॉन्फिडेंट हमारी तरह ही। हम. भी सोच रहे थे कि शायद ये टीम अगले कुछ. सालों में कई ट्रॉफीज़ उठा सकती है। आप एक. क्योंकि आप ओनर हैं। आपका भी एक एनालिसिस. रहा होगा पूरे साल का। एक्सजेक्टली आपको. क्या लगता है कि क्यों आप इतना गंदा सीजन. कैसे हो गया? देखिए ये कहना बहुत मुश्किल है कि कोई एक. चीज है या एक कारण है।. हम. इवेंचुअली.
एक बहुत अच्छी टीम पेपर पे होती है। यदि. वो क्लिक नहीं करती है. हम. तो वो टीम अच्छा नहीं करती है। एक एवरेज. टीम पेपर पे होती है। वो क्लिक करती है तो. बहुत अच्छा करती है।. ऑनेस्टली हमने अभी तक. कोचेस के साथ बैठ के एक एनालिसिस नहीं की. है। रिव्यू करना बाकी है। हम. वो 100्स खत्म हो जाएगा। उसके बाद हम. करेंगे। उसके बाद एक निर्णय पे पहुंचेंगे.
कि ये क्या हुआ? क्यों हुआ? क्या गलती. हमें नहीं दोहरानी है। पर हमारी बैटिंग भी. अच्छी है। बोलिंग भी अच्छी है। लास्ट ईयर. हमारी बैटिंग क्लिक की, बोलिंग फ्लॉप की।. इस साल हमारी बोलिंग क्लिक की बैटिंग. फ्लॉप की तो कुछ तो रिसेट करना है। अब वो. क्या करना है? टॉम मुडी हैं, केन विलियमसन. है, जस्टिन लंगर हैं। उनके साथ बात करनी.
है। एक समीक्षा करनी है और फिर उसके बाद. एक निर्णय पे आएंगे कि क्या करना है।. एक कॉमन परसेप्शन सर था कि गोइनका साहब ने. बहुत पैसा खर्चा कर दिया। जितने अच्छे लोग. थे टॉम मोडी केम विलियमसन जस्टिन लगर जो. जो चाहिए था आपको क्या चाहिए मुझे नंबर वन. टीम दे दो उन्होंने सब खर्च कर दिया कोई. एक ऐसी रात किसी एक हार के बाद जिसने आपको. डिसपॉइंट किया हो क्योंकि आपकी तरफ से. कहीं कोई कमी लग नहीं रही थी हर बड़ा नाम. आपकी टीम में मौजूद था पेपर में कोचेस से. लेकर प्लेयर्स तक में कहीं कोई कमी ओनर की.
तरफ से नहीं थी. देखिए ये लर्निंग ये है कि सिर्फ. नेम्स डू नॉट मेक अ टीम. दे कैन क्रिएट अ हाइप हम. बट इवेंचुअली इट इज आप जब बॉन्ड करते हो. आप जब वाइप करते हो. और जब हर एक प्लेयर में वही जोश होता है. जीत के लिए तब आप परफॉर्म करते हो.
तो अब एग्जैक्टली क्या है वो तो देखिए ये. एक्सपर्ट्स ही बताएंगे. नहीं मैं तो पूछ रहा हूं कोई एक हार जिसने. आपको उस दिन ज्यादा डिसपॉइंट किया हो कई. सारी हार हो गई बट बट कोई एक रह जाती है. दिल में सर। क्या. देखिए हर एक हार. डिसपॉइंट करती है। तो अब कोई एक को चुनना. तो बहुत मुश्किल है। पर डिसपॉइंटमेंट. तो थी हमने कई गेम हारे। सबसे ज्यादा गेम. हारे तो डिसपॉइंटमेंट तो थी।. पॉजिटिव क्या था इस साल का? जैसे अभी आपका.
प्रिंस इंडियन टीम में खेल रहा है। मोसेस. अगेन लाइक यू सेड वैभव सूर्यवंशी को. दुनिया में कोई डिकोड नहीं कर पाया। सारे. बड़े बॉलर्स को मारा उसने। स्टार्क से. लेकर जितने हज़लवुड हमारे इंडिया के बुमराह. सबकी पिटाई की। सिर्फ एक मोहसिन है जिससे. कॉलम में है। दो मैच में एक भी. नहीं।. देखिए मोहसीन ने बहुत अच्छी बोलिंग डाली।. शमी ने बहुत अच्छा किया। प्रिंस ने बहुत. अच्छा किया। मयंक की इतने साल बाद कमबैक. थी। तो हमारी बोलिंग यूनिट क्लिक कर रही.
थी।. मैं बहुत कीन था कि कुलदीप हमारे टीम में. हो। कानपुर से हैं कुलदीप तो लखनऊ के लिए. खेलें और वो ना खेलें तो इट्स नॉट अ गुड. थिंग। अब नेक्स्ट ईयर कुलदीप हमारे लिए. खेलेंगे तो बोलिंग यूनिट और भी कंप्लीट. लगेगी।. हां एक स्पिनर थोड़ा बहुत लग रहा था. क्वेश्चन मन में था।. तो. वी हैव स्टार्टेड। अब ऑलरेडी नेक्स्ट सीजन. के लिए हमने कैंप्स करने चालू कर दिए हैं।.
प्लेयर्स जो अवेलेबल हैं उनके साथ मेहनत. करनी चालू कर दी है। तो ये सब प्रयास तो. है बट एट द एंड ऑफ द डे तो डिसीजन कोचेस. का होना है।. बात आप कितनी भी कर लो क्रिकेटिंग डिसीजंस. तो कोचेस और कैप्टन ही लेंगे।. आपकी व्यू हो तो मोर ऑफन देन नॉट वो नकार.
देते हैं। तो. हम जब कंपनी भी चलाते हैं तो जो मैनेजिंग. डायरेक्टर होता है उसी का निर्णय फाइनल. डिसिशन होता है।. जिसका काम उसी को. जिसका काम उसी तो वैसे ही क्रिकेट में. मेरा एक्सपीरियंस ये कहता है कि भ. जब आपने बेस्ट ब्रेनेंस रखे हैं तो. डिसिशनंस उनके होने हैं।. बट सर जैसे एक सवाल मेरे मन में आता है।. बहुत बार ये सवाल उठते भी हैं कि जैसे टॉम. मोडी साहब फॉरेन से आए। जस्टिन लगर फॉरेन. से आए। केन विलियमसन फॉरेन से आए। आईपीएल.
में बड़ी मेजॉरिटी बच्चों की इंडियन होती. है। क्या ये जेल करने में इशू नहीं होता. है? इशू होता है।. क्योंकि एक को अंग्रेजी आती नहीं। एक को. हिंदी समझ में नहीं आ रही। कल्चरल डिफरेंस. है। हेजिटेशन आ रहा होगा। वो है। तो यह. मेरी एक लर्निंग है कि इंटरनेशनल कोचेस जो. हमारे इंडियन बच्चे हैं उनके साथ इतना. इफेक्टिवली कम्युनिकेट नहीं कर पाते हैं।. क्रिकेटिंग भाषा वो समझते हैं। पर जो. बिय्ड दैट है वो नहीं समझते हैं। तो इसको.
अब आगे चल के करेक्ट भी करना होगा शायद।. हार और डिजास्टर में थोड़ा डिफरेंस होता. है। आप 5 साल से लगातार कोशिश कर रहे हैं. फाइनल में जाने की। हर साल आपने रिव्यु. किया होगा, एनालिसिस किया होगा। बेहतर. प्लांस बनाए होंगे। बट ये डिजास्टर था।. डिजास्टर में क्या अलग तरह के स्टेप्स. उठाए जाते हैं? देखिए कोई भी चीज से आदमी. एक नीज रिएक्शन नहीं कर सकता है। तो आगे. तो यह आपको तय करना है कि.
व्हाट यू नीड टू फिक्स।. तो यह जब रिव्यू होगी कोचेस के साथ. तब फिर बैठ के एक डिसिशन होगा कि दिस इज. व्हाट वी नीड टू फेस।. इट कुड बी समथिंग एज सिंपल एज मे बी. कम्युनिकेशन टू द प्लेयर्स इन हिंदी।. यह मुझे नहीं पता कि क्या मैं कैसे प्रीजज. करूं कि क्या उस डिस्कशन का निर्णय होगा।. पर वो डिस्कशन के बाद क्लियरली कुछ तो.
रिसेट करना है।. तो वह कैसे करेंगे क्या करेंगे क्या होगा. वह देखिए अभी तो ऑक्शन में टाइम है पर. ट्रेनिंग हमने अपने प्लेयर्स की कैम. स्वम्स ये सब चालू कर दिया है. मेरी ऑक्शन में कोई है निगाहों में. देखिए ये तो पता नहीं अब कौन-कौन आएंगे बट. उम्मीद तो है. उम्मीद है. आपको लगता है कि आईपीएल में आधी लड़ाई. ऑक्शन की भी होती है. ऑक्शन में लड़ाई होती है आपने टीम अच्छी.
बनाई. जैसे जैसे आरसीबी को लेकर हमारा एक. परसेप्शन सर था कि आरसीबी ऑक्शन भी हार. जाती थी। विराट अकेले कोशिश करते थे। अब. ऑक्शन में मजबूत हुए दो साल से लगातार. ट्रॉफी उठा रहे हैं।. देखिए आप जीतते हैं तो आपकी हर एक चीज. अच्छी लगती है। आप हारते हो तो हर एक चीज. खराब लगती है।. ये बात सही है।. तो. आज इतने टीम्स हैं जो ऑन पेपर लुक. ब्रिलियंट।. बट हर साल उनकी परफॉर्मेंस उतनी ब्रिलियंट. नहीं होती है। हम. तो स्पोर्ट ऐसी एक चीज है जहां पर.
कंसिस्टेंसी एक चीज है बट परमानेंट सक्सेस. किसी की भी गारंटीड नहीं है। फुटबॉल में. हमारी टीम है जो 11 सालों में पांच ट्रॉफी. जीती है। सात बार फाइनल पे गई है। नौ बार. प्लेऑ में गई है।. पर फिर भी लास्ट ईयर एआईएफएफ ने रूल ट्वीक. कर दिया।. तो. उस बेसिस पर हम रनर अप हो गए।.
तो ये कोई गारंटी नहीं है कि आप जीतोगे।. यू मे हैव द बेस्ट टीम।. बट एक क्षण एक एक कैच ड्रॉप कर लिया आपने. या एक बढ़िया कैच ले लिया।. एक एक्स्ट्रा लग गया, एक विकेट ले. लिया आपने। उसमें पूरा. नक्शा बदली हो जाता है। तो. पर. आप कंटेंशन में तो रहो।.
हारना गलत नहीं है। लड़कर हारो।. लड़ के हारो।. दैट्स अप।. तो हमारे साथ लास्ट ईयर हम कई गेम में. कंटेंशन में ही नहीं थे। तो इसीलिए एक. सीरियस डिस्कशन करना होगा कि हमें क्या. करना है।. ओके। नाइस पॉइंट। सर मैंने एडन माकरण का. इंटरव्यू लिया था। मैं एलएसजी कैंप में. गया था और मुझे आसपास के लोगों ने बताया. कि गोइनका साहब को माकरम बहुत अच्छे लगते. हैं। [हंसी]. कि समवन कोटेड मी अ निक नेम कि गोइनका.
साहब इस मकरम पगलू क्योंकि आजकल इंस्टा की. दुनिया में ऐसी बातें होती हैं। [हंसी]. और अब तो खबरें भी है कि माकरम साहब ही. कैप्टन शायद संभवता हो सकते हैं। आई डोंट. नो रमर्स हैं। आप चाहो वेरीफाई कर देना।. चाहो तो मत करना। आगे जो खबर आई कर देना।. ऐसा लोग बात करते हैं। हालांकि आपके पास. मिचमाश भी हैं, पूरन भी हैं। देयर आर मेनी. ग्रेट प्लेयर्स आर अगेन इन बट ये मकरम. साहब कुछ है मतलब आपको पसंद है प्लेयर के. तौर पर? देखिए मुझे ज्यादातर. हमारे सभी प्लेयर्स अच्छे लगते हैं।.
क्योंकि आप जब टीम ओन करते हो तो यू आर. लाइक अ पेरेंट। तो आपके कई बच्चे होंगे तो. आप ये बोलोगे कि ये बच्चा ज्यादा पसंद है. या ये कम पसंद है। ऐसा तो नहीं बोल सकते. ना। मैं तो खुशुसाहट हमारा तो पत्रकारों. वाला काम है। खुसफुसाहट आती गई मकरम. मकरम्रम माक्रम इधर उधर से।. हां तो ये कोई चर्चा चलती है। अभी आज. मार्करम की चल रही है। कल मार्श की चलेगी. परसों पूरन की चलेगी।. तो ये कहीं कोई ट्वीट कर देता है। कोई. सोशल मीडिया में डाल देता है।. बट हाउ डस इट फील कि आपके पास ऑस्ट्रेलिया.
का भी कैप्टन है, साउथ अफ्रीका भी कैप्टन. है। आई मीन दो बहुत बड़ी जॉइंट टीम है. वर्ल्ड क्रिकेट की। दोनों के कैप्टेंस. आपके पास हैं और वो लीथल प्लेयर्स हैं।. एंड इसलिए शायद हम ज्यादा शॉक थे कि हम. हार क्यों रहे हैं।. सो देयर फॉर. द प्लेयर्स एंड लीडर्स आर अ मीन्स टू एन. एंड दे आर नॉट द एंड. तो यदि टीम में आप विजय नहीं होते हो।. चैंपियन नहीं हुए एक बात है।.
आप हारे बिना लड़ाई के वो दूसरी बात है।. तो टीम हमारी अच्छी थी या अच्छी है। पर. कोचेस हैव टू डिकोड कि व्हाट डिड नॉट गो. राइट। तो ये कोचेस के साथ बैठ के एक बहुत. इंटेंस डिस्कशन होनी है। शायद उन्होंने. आपस में ऑलरेडी कर लिया हो। उसमें यह तीन. फॉरेनर्स भी हैं। भरत अरुण भी हैं।.
तो अब हमारे साथ बैटिंग कोच जय किशन जुड़े. हैं जो कि साईं सुदर्शन के कोच हैं। तो. ये बैठ के एक चर्चा करने की बात है और. उसमें क्या सीख हमें लेनी है वो हमें. देखना है।. आप कितना टाइम क्रिकेट को देते हो? आपके. बहुत सारे बिज़नेस हैं। क्रिएटर बिज़नेस से. लेकर सारे गामा से लेकर बिजली उत्पादन और. बहुत सारे एंडलेस बिज़नेस हैं जिसका थोड़ा. सा झलक मैंने ओपनिंग में दी थी। क्या सबसे. ज्यादा टाइम आप क्रिकेट में देते हो? नहीं देखिए क्रिकेट में दो चीज है। एक तो.
है द बिनेस ऑफ क्रिकेट।. दूसरा है द गेम ऑफ क्रिकेट। तो मैं. ऑलमोस्ट थ्रू एंड थ्रू आईपीएल का हर एक. गेम देखा हूं।. तो एज अ फैन देन एज एन ओनर. देन एज अ डिसपॉइंटेड एक्स ओनर. नाउ वंस अगेन एज एन ओनर मैं प्राय हर एक. गेम आईपीएल का देखता हूं तो.
और जो देश में शायद बहुत करोड़ों लोग ऐसे. होंगे जो आईपीएल का हर एक गेम देखते हैं. इफ नॉट फुल्ली लार्जली. ट्रू तो जब आप एज एज अ फैन देखते हो तो एक. अलग चीज होती है। जब आप एज एन ओनर देखते. हो. क्या डिफरेंस होता है? आप अपनी टीम खेलती है तो आप ये अपने माइंड. में एक कर रहे हो कि शायद यह अलग होता तो. बेटर होता। शायद वो अलग होता तो बेटर.
होता।. ये एक टप्पा खा के बाउंड्री पे गया तो. शायद गेम इसमें हार जाएंगे। तो. उसमें डिसअपॉइंटमेंट और एक्साइटमेंट दोनों. ज्यादा होती है।. एट द सेम टाइम जब मुकुल चौधरी जैसा प्लेयर. आपको एक गेम खुद की हाथों में इडन. गार्डन्स में जिताता है. घर में. मेरे होमटाउन में तो यह लगता है कि.
और वो बच्चा फिर खुशी से. आपके कंधे पे अपना सर रख के रोता है. तो उस टाइम लगता है कि इट इज सो. सेटिस्फाइंग. कि आपकी सर्च ने एक क्रिकेट को ऐसा टैलेंट. दिया है और उसके परिवार वालों को कितनी. खुशी दी है। टैलेंट उसकी है, मेहनत उसकी. है पर प्लेटफार्म आपने दिया है। तो आप एक.
माध्यम हो। तो इससे आपको. मुझे कम से कम बहुत बड़ी सेटिस्फेक्शन. मिलती है। आज प्रिंस है, मोहसीन है। आज 5. साल से शुरू से मोहसेन हमारे साथ है।. आपने बहुत ख्याल रखा मोहसिन का इसलिए मैं. आपको अलग से एकनॉलेज भी करूंगा। मोहसिन के. हाथ कटने वाली खबरों ने सबको परेशान किया. था कि उस स्तर तक मोसिन अपने को सोचने लगे. थे। बट खिलाड़ियों का जो ख्याल आपने रखा. है मयंक ने शायद चारप मैचेस खेले थे दो-ती. सालों में। बट आपने लगातार रिटेन कि अभी.
वो इंडियन टीम में अच्छा कर रहे थे। मोहसन. का जिक्र हम कर रहे हैं। शमी इतने सारे. इमोशंस हमारे थे। आपने उसको लेकर शमी इस. साल गए। तो आई थिंक ख्याल रखने के मामले. में तो लखनऊ के ओनर की तारीफ होनी चाहिए।. चलिए एक मामले में तो कोई तारीफ कर रहा. है।. नहीं बट ये सच है। मोसिन का जिस तरह से. आपने ख्याल रखा और मोसिन जिस लेवल के. टैलेंट है वो खत्म हो सकते थे अगर आपने. उन्हें बैक ना किया होता।. ये एक. आप समटाइ्स.
यू हैव टू रिमूव योरसेल्फ फ्रॉम द प्योर. प्रॉफिट एंड लॉस ऑफ द स्पॉट।. आप जुड़ जाते हो और फिर आप देखते हो कि. ये जितने क्रिकेटर्स हैं बच्चे. मेरे लड़के से सब यंगर हैं।. आप उनके साथ जब जुड़ते हो तो आप उनकी. स्ट्रगल को देखते हो।. पोटेंशियल एक साइड है। स्ट्रगल दूसरी साइड.
है और ज्यादातर लोगों की स्ट्रगल बहुत. इंटेंस होती है। तो आप. फिर यह देखते हो कि थोड़ा यदि आप सपोर्ट. कर सको. तो करना चाहिए।. मयंक का ऐसा था कि यह पता था हमें कि 2. साल से कि वह शायद नहीं खेल पाएगा। अब. तीसरी साल खेलेगा।. फिर भी हमने बैक किया।.
एक उम्मीद तो है कि आगे चलके वन ऑफ द. बेस्ट बॉलर्स बने।. बट साथ में एक अंदर से एक ऐसी आवाज आती है. कि यदि आपने यह थोड़ा सा योगदान किसी की. जिंदगी में किया. तो इसमें आपको. आशीर्वाद मिलेगा और आशीर्वाद के बिना आपकी.
जिंदगी में. इनक्रेडिबल प्रोस्पेरिटी नहीं मिल सकती. है।. आप बिलीव करते हो इन चीजों में? मैं बहुत ज्यादा बिलीव करता हूं।. लोगों की दुआओं में, ईश्वर के आशीर्वाद. में, बहुत ज्यादा।. पेरेंट्स के आशीर्वाद में? बहुत ज्यादा। मतलब बहुत बहुत ज्यादा।. कोई ऐसी घटना जिसमें आपको यह बिलीफ और. बढ़ा हो अगर आप जिक्र करना चाहो। बहुत. सारी घटनाएं ऐसी हैं।. खास करके मेरा तो यह बहुत स्ट्रांग मानना.
है कि. एक ही. जगह है दुनिया में जहां कि लव, सपोर्ट और. क्रिटिसिज्म. अनकंडीशनल होता है और वो है मां-बाप का।. जिनके मां-बाप आप हम लोग से पूछिए मां-बाप. नहीं है।. आप तरसते रह जाते हैं कि.
थोड़ा और टाइम स्पेंड किया होता।. ये और कर लिया होता।. ये रिग्रेट कई बार रह जाता है।. मिस योर मॉम डैड।. क्या होता है मां-बाप का होना?
आपको जब डांटते हैं तो उसमें भी. आपके लिए उन दे थिंक गुड ऑफ यू फॉर योर. इंप्रूवमेंट।. प्यार करते हैं।. तो अनकंडीशनल रहता है. और पेरेंट्स एक वह जगह है जहां पर जब आप. यदि उनको सुपरसीड करते हो तो उनको आपसे. ज्यादा खुशी होती है।. यह और कहीं नहीं कितना भी गहरा दोस्त हो.
बीवी हो बच्चे हो. रिलेटिव हो भाई कोई भी. भाई हो. तो इतनी. खुशी. जब मेरा कुछ काम में अच्छा होता था या कोई. अवार्ड मिलता था. तो जो मां-बाप के चेहरे पर खुशी दिखती थी. या मां के आंखों में आंसू दिखती थी. उसका क्या मोल हो सकता मैंने हालांकि.
मां-बाप के लिए एक सेगमेंट रखा है लेकिन. फिर भी मैं सवाल पूछूंगा। कोई एक चीज जो. आपने अपने पिताजी या माताजी से अपने अंदर. ली हो और वो आप बढ़ा रहे हो अपनी जनरेशंस. में. बहुत कुछ एक चीज तो ऐसी है नहीं बहुत सारी. हैं।. फिर भी जो एक चीज आप चाहोगे कि ये जनरेशन. वाइज बढ़ती रहे।. फादर्स से एक चीज था वो रिलजन। हमारे घर. में. हर साल. एक हवन होता था। 150 ब्राह्मण वो बुलाते.
थे बनारस से।. सात दिन सुबह से शाम तक. 11 या 21 अग्निकुंड बनते थे। डिपेंडिंग. अपॉन कौन सा यज्ञ है। कौन से भगवान का है? किस स्केल पर है? और. हमारे घर में एक और उन्होंने प्रथा चालू.
की। पूजा होती थी। मंदिर घर में हमेशा से. था। आज भी है।. इनफैक्ट और बड़ा है पहले से।. बट छोटा बच्चा भी उसके घर में भी भगवान की. मूर्ति होगी।. और वह जाकर एक फूल भगवान को रोज नहा के. चढ़ाएंगे।. तो एक आस्था.
डिवप होती है बचपन से।. बट जैसे गरीब आदमी पूजा करता है। उसकी. इच्छाएं होती हैं। आप तो उद्योगपति आदमी. हो। बहुत सारा पैसा आप लोग के पास है। आप. पूजा पाठ आप लोग क्यों करते हैं? बच्चों. में क्यों संस्कार डाल रहे हो पूजा पाठ. करने के? देखिए आदमी पूजा पाठ रुपए के लिए थोड़ी. करता है। खाली आप इसमें यह भी बोलते हो कि. मेरी यह तरक्की हो या यह सक्सेस मिले मुझे. वो भी भगवान से मांग करते हो।.
पर सबसे बड़ी चीज आदमी की जिंदगी में क्या. है? सुकून।. शांति।. पैसा इंपॉर्टेंट है और कोई भी बोले पैसा. नहीं इंपॉर्टेंट है तो वह हिपोक्रेट है।. पैसा इंपॉर्टेंट है।. पर पैसा हुए बाद. आपको सुकून नहीं मिले या शांति नहीं मिले. तो पैसा किस काम का. और वो सुकून का रास्ता अध्यात्म से आता. है।. अध्यात्म से आता है। आस्था से आता है।.
विश्वास से आता है। आपकी जब कठिन घड़ी आती. है तो यह विश्वास है या यह आस्था है जो. आपको बोलती है कि मैं भगवान की शरण में. जाऊंगा. तो मुझे साहस मिलेगी। मुझे भरोसा मिलेगा. कि मैं यह कर सकता हूं और यह जो एक गंभीर. बादल है वह भी छट जाएंगे।. तो यह जो विश्वास है. एक सिक्योरिटी है यह आपको यह.
विश्वास ना हो आपको कि आप कर सकते हैं तो. आप तो करेंगे नहीं। आप टूट जाएंगे। नहीं. बट यह बहुत अच्छी चीज इसको और थोड़ा. चाहूंगा आप बताएं इसमें क्योंकि आज की. जनरेशन जो है उनमें से कई लोग भगवान से. डिस्कनेक्टेड हैं। बहुत लोग डिस्कनेक्टेड. हैं। बहुत सारे कनेक्टेड भी हुए हैं। पर. जब आप जैसा एक इंसान ये कहता है कि मैं. अपने छोटे बच्चे को भी यह सिखा रहा हूं कि. तुम जाओ और चाहे एक फूल चढ़ाकर ही भगवान. से दिन की शुरुआत करो। तो ये पीढ़ी को जो. कल्चरल चीज देना होता है। ये क्यों आपको.
लगता है बहुत जरूरी है ये? आप यदि बच्चों को नहीं सिखाएंगे तो वह. सीखेंगे कैसे? और आप जबरदस्ती करेंगे तो वो रिबेल. करेंगे।. आप उसको एक एक्टिविटी बना दीजिए।. यह फूल है। आप रोज अलग-अलग फूल लाओ।. बगीचे से तोड़ के लाओ। इसको भगवान को. चढ़ाओ।. तो वह उसके लिए भी एक एक्साइटमेंट रहता है.
और वह एक्साइटमेंट एक गेम से धीरे-धीरे. करके आस्था में परिवर्तित हो जाता है।. किसी के पांच साल में होता है, किसी के. सात साल में होता है, किसी के 10 साल में. होता है पर होता है।. और किसी दिन फिर वो नहीं करते हैं तो उनको. फीलिंग होती है कि आज मैंने यह नहीं किया।. मुझसे किसी संत ने कहा था बचपन में की गई. पूजा पाठ जवानी और बुढ़ापे की पूजा पाठ से. हजार गुना ज्यादा असर करती है क्योंकि तब. आप निश्चल निष्काम होते हो और इसका.
आशीर्वाद आपको तब मिलता है जब आप समझदार. हो जाते हो. और देखिए पूजा का आशीर्वाद. तो यह मानना है कि जन्म जन्मांतर चलता है. तो यह तो सिर्फ आज का नहीं है और निष्काम. पूजा. बच्चों की तो होती है क्योंकि. उनकी क्या कामना होती है कुछ नहीं. मेरे बच्चों से मैंने आप पेरेंट्स की कह.
रहे थे मैं बच्चों की कहूंगा मेरे ग्रैंड. चिल्ड्रन की मैंने एक चीज सीखी है उनसे. आप छोटे बच्चों को देखिए. तो वो हमेशा हंसते रहते हैं गिर पड़ जाते. हैं चोट लगती है तो उस टाइम रोते हैं फिर. 10 मिनट के बाद उठते हैं फिर नॉर्मल हो. जाते हंसते हैं।. दे आर हैप्पी. अंटिल दे हैव अ रीज़ टू बी सैड।. आप जैसे-जैसे जैसे-जैसे बड़े होते हैं, यू.
आर हैप्पी ओनली व्हेन यू हैव अ रीज़न टू बी. हैप्पी।. तो यह लर्निंग है एक लाइफ की जो बच्चों से. मुझे मिली है कि खुशी तो आपके लिए है। आप. यदि उसको ना स्वीकारो तो ये आपका दोष है।. ट्रू और खुशी की बात आई है सर। ऑक्शन की. दुनिया का जिक्र कर लेते हैं क्योंकि खुशी. वहां से भी आती है। सबसे सस्ता सौदा कौन. सा रहा जो आपने लगाया किसी खिलाड़ी पर और. आपको लगा अरे ये दांव तो बड़ा क्लिक कर.
गया। आई एम श्योर बहुत सारे हैं।. बहुत सारे हैं। बट. हमें लास्ट ऑक्शन में एडन मारकरम दो करोड़. में मिल गए बेस प्राइस में [हंसी] जो कि. हमने कभी उम्मीद ही नहीं करी थी। तो आपने. मारकरम पगलू की बात की तो 2 करोड़ के. प्लेयर हैं। [हंसी]. ऑक्शन में आप लोग ब्लफ भी करते हो सर कि. जैसे हमारे सोशल मीडिया बहुत सारे आते. हैं। ये कई बार रेट जानबूझ के बढ़वा देते. हो कि कोई खरीद ले। उसका पर्स खाली हो. अगले वाले को हम खरीद लेंगे।. मैंने आज तक किया नहीं है।.
जैसे दिल्ली के ओनर उन पे बहुत आता है कि. वो हर बार सबका रेट बढ़वाते हैं।. मैं [हंसी] मैं किसी के किसी के लिए कुछ. कहूंगा नहीं पर और लोग ऐसा करते हैं। ये. फैक्ट है। अ मैंने नहीं किया। अब आगे. करूंगा।. कभी आपको लगा किसी ने रेट बढ़वाया फिर आपने. खरीदा? हां। [हंसी]. और लगता भी कि बेवकूफ बन रहा हूं। बट साथ. में ये है कि देखिए हमारी स्ट्रेटजी क्या. होती है कि एक.
एक पोजीशन के लिए मान लीजिए आपने. हाइपोथेटिकली ओपनर चाहिए. तो आपने ओपनर के लिए x करोड़ रखा. दो हो 20 हो 25 हो मैटर ऑफ डिटेल है बट x. करोड़ रखा और उसमें आपके. चार कैंडिडेट्स हैं 1 2 3 4. कई बार यह होता है कि आप ऑक्शन मिस. सीक्वेंस क्या आती है ये तो आपको पता.
नहीं।. ग्रुप्स हैं पर वह हर एक ग्रुप में भी. सीक्वेंस तो बाय लॉट आता है।. तो आपका जो नंबर थ्री चॉइस होता है कई बार. वो शुरू में आ जाता है और वो सस्ते में जा. रहा है।. तो ये एक दिस इज़ द टाइम वेयर द ओनर. एंड द कोच मोस्ट ऑफेन टाइम्स द कैप्टेन इज़. नॉट अवेलेबल ऑन बिकॉज़ ही इज़ नॉट देयर।.
हैस टू टेक द कॉल इन दैट. हाफ अ मिनट. कि हम इसको ले अपना एक सिक्योर करें कि आई. वेट फॉर. नेक्स्ट वन. नेक्स्ट वन. अब ये उस समय क्या वो मूड रहता है कैसा. रहता है उसके ऊपर बहुत निर्भर करता है तो. ऑक्शन की डायनामिक्स एक अलग ही चीज होती. है. वहां भी स्ट्रेस होता होगा अच्छा खासा. वहां स्ट्रेस होता है और वहां पे ओनर का. रोल सबसे ज्यादा होता है उसके बाद तो. कोचेस और कैप्टन का रोल होता है।.
आप. बाद में जाके पीठ थपथपाइए या कान पकड़िए. वो एक अलग बात होती है। पर ओनर का रोल टीम. डिसिशंस में बहुत लिमिटेड होता है।. बट जैसे पैडल उठाते हम देखते हैं।. तो पैडल कोच बगलने बैठा है. तो वो कोच का फैसला होता है या ओनर का? कंसल्टेटिव होता है। जनरली कोच. का ही होता है। 90% ऑफ द टाइम्स कोच का ही.
होता है। पर. कई बार आप [नाक से की जाने वाली आवाज़] यू. आर कन्विंस्ड। जैसे कि जब पुणे की टीम थी. तो मैं यह कन्विंस था कि बें स्टोक्स. हमें तीन चार पांच गेम जीता देगा।. तो उस टाइम स्टीफन फ्लेमिंग हमारे कोच थे।. तो उन्होंने कहा बट ही इज नॉट गोइंग टू बी. अवेलेबल फॉर द प्ले ऑफ्स। ऐसे लास्ट सीजन. तो हम ऑलमोस्ट लास्ट आए थे। प्लेऑ्स तो. बहुत दूर की चीज है। ये चार गेम जीता दे.
तो ही इज़ वर्थ इट।. तो इट्स अ गैंबल आई वुड लाइक टू टेक।. जैसे आपने साल जोश इंग्लिश पे लिया था।. जॉश इंग्लिश का यह था कि. वो शादी करने वाले थे तो वो आधे से ज्यादा. सीजन अवेलेबल नहीं थे। पर हमारे माइंड में. यह था और यह टॉम मुडी और जस्टिन लगर का. बहुत स्ट्रांग रेकमेंडेशन था. कि जॉश इंग्लिश इज़ अ प्लेयर हु कैन चेंज द.
गेम ऑन इट्स हेड।. तो इस साल से ज्यादा नेक्स्ट ईयर एंड. नेक्स्ट ईयर से ज्यादा उसके आगे रिटेंशन. प्लेयर. ही इज़ अ पोटेंशियल रिटेंशन प्लेयर. हम. तो. जोश इंग्लिश वाज़ अ लॉन्ग टर्म बेड. तो जैसे कोई आधे सीजन ना आए शादी कर रहा. है तबीयत खराब हो गई गायब है कुछ भी नहीं. सुन रहा पैसे पूरे लेते हैं वो. टेक्निकली प्रोपोशननेट एंटाइटलमेंट वो है.
फिर बाकी का फ्रेंचाइज और उनके बीच की बात. ओके। कभी कोई प्लेयर ईगो में लिया गया कि. एक ओनर्स बार-बार पैडल उठा रहा था। हमने. भी उठाना शुरू किया। फिर इसको लेके ही. माने हम।. कभी मैंने ऐसा किया कि कभी किसी और ओनर ने. किया।. कभी आपने ऐसा किया या देखा? दोनों पूछ. लेता हूं मैं। [हंसी]. क्योंकि ये भी तो एक कंपटीशन होता होगा. ना।. देखिए जो आदमी. ईगो और वैनिटी को इसमें ले आता है.
हम. थोड़ी गड़बड़ हो जाती है उसमें ऐसा नहीं. होता हो यह मैं नहीं कह सकता. मैंने इतने ऑक्शन नहीं देखे हैं कि बहुत. अथॉरिटी से मैं यह कहूं. बट ऐसा शायद होता है।. मैंने आज तक ईगो में तो नहीं लिया बट बें. स्ट्रोक्स का जैसे लिया था वो एक. इंस्टिंक्ट भी लिया था.
उस टाइम के बें स्ट्रोक्स वाज़ नॉट द बें. स्ट्रोक्स ऑफ़ टुडे ट्रू. तो एंड उस टाइम. दिस वाज़ एन इंस्टिंक्ट. तो ईगो पे नहीं पर इंस्टिंक्ट पे लिया. कुछ सवाल हमने सर ऐसे दर्शकों के पॉइंट ऑफ. व्यू से रख लिए हैं क्योंकि दर्शक रोज. मालिक से मिलता नहीं है तो उसको. क्यूरोसिटी होती है कई सारी चीजों की।. जैसे क्यूरोसिटी आई थी कि आप जितने मालिक. 10 लोग हैं आप लोगों ने अपना भी कोई. WhatsApp ग्रुप बना रखा है?
नहीं मैं तो कोई WhatsApp ग्रुप में ऐसा. हूं नहीं पर शायद एक WhatsApp ग्रुप किया. है जिसमें टाइटंस और हमें अभी तक इंक्लूड. नहीं किया। [हंसी]. बट. वी आर इन टच।. तो ये आपको कैसे पता टाइटंस और आप ही नहीं. बचे हो उस ग्रुप में? क्योंकि कहा कि तुम. दोनों को इंक्लूड करना है इसमें।. ओके।. पर हम दोनों अभी तक इंक्लूड हुए नहीं।. [हंसी]. तो आप कोलकाता में रहते हैं जब कोलकाता.
में मैच चल रहा हो। जैसे आपकी टीम ने. जिताया बट आई एम श्योर कोलकाता को ऑडियंस. कोलकाता कोलकाता ज्यादा होता होगा इन. कंपैरिजन क्योंकि वो कोलकाता को सपोर्ट. करता है। आपका होमटाउन कोलकाता है। ये. ड्यूल इमोशन कैसे हैंडल करते हो उस टाइम? हालांकि मैंने देखा था कोलकाता में. कोलकाता के फैंस आपको आपसे टीशर्ट ले रहे. थे। सिर्फ वही नहीं. कोलकाता में मोहन बगान के फैंस भी हैं. [हंसी] और शायद मोहन बगान के फैंस उतनी ही.
इंटेंसिटी से मोहन बगान. के लिए फील करते हैं या शायद ज्यादा ही. फील करते हो।. तो जब मोहन बगान के फैंस को इडन गार्डन्स. में आना अलाउ होता है. तो उनकी भी आवाज बहुत तेज होती है। बट कई. बार उनको अलाउ ही नहीं होता है।. क्यों? अब ये क्यों का तो जवाब मेरे पास नहीं है।. बट कई बार ऐसा हुआ है कि आप मोहन बगान की. जर्सीज पहन के आओगे तो आप नहीं जा सकते।.
यदि मैं 10,000 टिकट खरीदना चाहूं तो मुझे. नहीं बेचे जाएंगे।. मतलब मोहन भगान खरीदना चाहे. कि हमारे लोग भी दिखे. या हमारे इतने एम्प्लाइज हैं यहां पे। वो. सब जाना चाहते हैं। पर हमें टिकट्स नहीं. मिलते हैं। चाहे टिकट्स अनसोल्ड ही रहे पर. हमें नहीं बेचे जाएंगे।. बट ये तो अनफेयर है।. फेयर अनफेयर की बात नहीं है। जो है सो है।.
कि होम टीम में होम टीम का ही दबदबा होना. चाहिए। एक. और ये पता नहीं क्या थिंकिंग है। मैं लखनऊ. में आता हूं जब. माही खेलते हैं तो तो स्टेडियम येलो होता. है। तो मैं बहुत राजी हूं। एक तो माही है. जिनका कि मैं भी फैन हूं। बट मोरेंटली उस. दिन मेरे 10 करोड़ के सेल हो जाते हैं. टिकट के। [हंसी]. नाइस मोहम्मद शमी। 10 करोड़ के कैश ट्रेड.
में आए। 35 साल के बॉलर पर 10 करोड़ जब. आपने लगाए तो बहुत सारे लोग शॉक थे. क्योंकि इंडियन टीम में दरवाजे नहीं खुल. रहे थे। हालांकि शमी ने आपके इंस्टेंट को. सही साबित किया। स्टिल 35 साल के बॉलर पर. 10 करोड़. शमी फिट है।. शमी में स्किल है। और शमी में यह जुनून है. कि मैं सबको गलत प्रूफ करूं और मैं सक्सेस. हूं। और वही उन्होंने किया।.
तो देखिए कई बार. एज अ बिजनेसमैन और एज एन ओनर यू हैव टू. टेक अ कॉल. व्हाट आर बोलिंग वाज़ लैकिंग वाज़. एक्सपीरियंस।. एंड शमी. ने सिर्फ वो एक्सपीरियंस खुद की बोलिंग. में नहीं दिखाया।. पर जो हमारे यंग बॉलर्स थे उनको भी बहुत. सीख दिए। बहुत सुझाव दिए कि तुम ऐसे करो, तुम वैसे करो। बोलिंग करते टाइम जाके उन. उन्हें कहा कि. इसमें बैक ऑफ लेंथ डालो। इसमें यर्कर.
डालो। इसमें ये करो। इसमें थोड़ी सी. स्लोअर बॉल डाल दो। तो वो ये सब चीज का भी. एक योगदान होता है। तो एक्सपीरियंस जो है. हमारी बाकी के आप बॉलर्स देखिए तो यंग है।. बहुत यंग है। पर शमी के आने से वो एक. ठहराव आया बोलिंग में।. तो मैं तो बहुत खुश हूं इस डिसिशन।. एंड इज़ अ ईजी गाय आल्सो। भैया भैया. ही इज़ अ वेरी इजी गाय एंड ही इज अ वेरी. स्वीट गाय.
एंड अ वेरी. विलिंग टू टीच काइंड ऑफ अ पर्सन। मतलब वो. बच्चों को एक बहुत. एक एल्डर की तरह देखते हैं। एक एक थ्रेट. की तरह नहीं देखते हैं।. एक मीम चल रहा था सर कि आधी टीमों का बॉलर. नहीं थे क्योंकि गोइनका साहब ने सारे बॉलर. खरीद लिए थे। मतलब आकाश सिंह जो आके पहले. मैच बना था तो मैच बना वो बेचारा बैठा रह. गया। इतने बॉलर थे मोहसिन मयंक इनको रोटेट. होना पड़ रहा था। प्रिंस शमी.
तो ये सारी टीमों के बॉलर आपने क्यों. कब्जा कर लिया सर? क्योंकि बहुत सारी टीम. थी जो डिसाइड ही नहीं कर पा रही थी कि. हमें एक दो बॉलर दे दो भाई।. नहीं नहीं नहीं हमने तो सब बॉलर्स हमारे. ही लिए थे। एक शमी बाहर से लिया था। बाकी. के तो हमारे नेट बॉलर्स थे जिनको हमने मेन. टीम में लिया।. और कई ऐसे हैं जो अभी भी अगले साल आ सकते. हैं। नमन और कई लड़कों का जिक्र मैं सुन. रहा था।. नमन तो हमारी टीम में था। उसको खेलने का. मौका नहीं मिला क्योंकि बोलिंग अच्छी जा. रही थी और सभी परफॉर्म कर रहे थे बट नमन.
भी बहुत अच्छी बोलिंग करता है स्पीड से भी. डालता है और इंप्रूव करते जा रहा है थोड़ी. और मेहनत करेगा तो थोड़ा और बेहतर होगा. हाउस यू बॉर्डन वि गौतम गंभीर क्योंकि वो. आपकी टीम के मेंटोर थे आप ने जब उन्हें. कोच की भूमिका में आप लाए आपकी टीम. उन्होंने बनाई थी पहले सीजन फिर आप. प्लेऑ्स तक गए ये अलग बात है कि बनाया. आपने जो उसका फल काटा गया वो केकेआर ने. काटा और अभी इंडियन टीम में वो हेड कोच. हैं। बट स्टिल हाउस यू बोर्न वि गंभीर।. फैंटास्टिक. आई नॉट ओनली रिस्पेक्ट आई हैव नॉट गंभीर.
फॉर अ लॉन्ग टाइम।. वो जब केकेआर के लिए प्लेयर थे कोलकाते. में रहते थे। तो उस टाइम से मैं उनको. जानता हूं। एंड आई हैव. रिस्पेक्टेड हिम। फिर वो हमारी एक. प्रोडक्ट के लिए ब्रांड एंबेसडर थे। हमने. एक क्लोथ्स लाइन ल्च की थी बहुत साल आगे. तो उसके वो ब्रांड एंबेसडर थे और फिर वो. दोस्ती बढ़ती गई।.
आई वास सैड. टू सी हिम गो। वेरी सैड।. ही नोस इट। [गहरी सांस लेने की आवाज़]. कोशिश की थी रोकने की।. कोशिश की थी. पर. उनका केकेआर से बॉन्ड. वो सात साल केकेआर के लिए उन्होंने खेला.
था।. एक्स हमेशा क्लोज रहती है।. क्लोज रहती है। तो पर अभी भी इनफैक्ट अभी. भी आई स्पेंट टाइम टॉकिंग टू हिम इन लंदन।. तो क्या अलग था? जैसे लखनऊ जब पहली बार आई. तो लोग इतनी बात नहीं कर रहे थे बट आप. लोगों ने सरप्राइज किया हमें प्लेऑ में ले. जाकर फर्स्ट सीजन में ही आप सेकंड सीजन. में अच्छा कर रहे थे और बड़ी टीमों से. पंगे भी हो रहे थे मजा आ रहा था देखकर कि. खबरों में भी खूब आ रहे थे नवीन विराट. काफी चीजें चल रही थी काफी न्यूज़ में आप. लोग आ रहे थे गौतम गंभीर क्या अलग किया या.
जो आपने देखा हो उस दौरान कि जो उन्होंने. केकेआर को भी जिताया बाद में इंडियन टीम. वो गया अभी इंडिया वर्ल्ड कप. उनमें वो कैपेसिटी है कैपेबिलिटी है वो. थॉट है. वो और वह एक नो नॉनसेंस पर्सन भी हैं और. उनका फोकस है ऑन द गेम एंड विक्ट्री. और थिंकिंग बहुत शार्प है तो कॉम्बिनेशन. इज क्वाइट फैंटास्टिक. तो.
यदि मौका लगेगा तो मैं उनको वापस लाऊंगा. मैं बिल्कुल लाऊंगा. पर मुझे नहीं लगता BCCI उन्हें छोड़ने. वाला है। [हंसी]. नाइस। आपका घर कोलकाता में होमटाउन है सर।. टीम आपने लखनऊ में खरीदी है। लखनऊ का. कल्चर कोलकाता से कैसे अलग रहा और लखनऊ की. टीम का ओनर बनके क्या आपको डिफरेंस दिखा? दो आप बनारस में भी काफी एक्टिव आप लोग. हैं। वहां भी आपकी कोठियां हैं। तो यूपी. से आपका रिश्ता रहा। स्टिल वन ऑफ़ माय. फर्स्ट प्रोफेशनल असाइनमेंट्स.
वाज़ अ पॉलीएस्टर फाइबर यूनिट इन. बाराबांकी।. और उस टाइम मैं महीने में 15 दिन जाकर. बाराबंकी रहता था। फैक्ट्री वहां थी।. तो मेरा यूपी से रिश्ता प्रोफेशनलली उस. टाइम चालू हुआ। मेरे नाना बनारस के हैं।. तो. उनके यहां भी मैं एज अ चाइल्ड जाता था।. बनारस अपने आप में एक पूरी कहानी है। एक. दुनिया है।. मेरे.
मेरी एक मेरे ग्रैंडफादर की. देवरानी. वो बनारस रहती थी. तो हर साल हमें उनके पास जाना पड़ता था।. दो दिन उनके साथ रहना पड़ता था।. उनकी कोठी थी। गंगा किनारे उनकी कोठी थी।. हमें नहीं अच्छा लगता था क्योंकि कुछ कर. नहीं सकते थे। उनके यहां डिसिप्लिन बहुत. था।. फर्श पे गद्दा लगाती थी। उस पे सोना पड़ता.
था।. अ 7:00 बजे खाना खाना पड़ता था। टीवी का. जमाना नहीं था। अब रेडियो नहीं सुन सकते. थे। पर जाना पड़ता था। पेरेंट्स वर क्लियर. कि ये डिसिप्लिन है। घर की बड़ी हैं। उनके. बच्चे नहीं है। जाना है।. तो बनारस में बहुत कुछ देखा है। तो ऐसा. लगता है कि वो इट्स लाइक नॉट अ होमउन बट अ. वेरी फमिलियर टाउन।.
तो कई बार वह उनके घर में जाने के लिए. गलियों से जाना पड़ता था। तो कभी गाय आकर. सींग लगा देती थी। कभी कुछ होता था। वहां. पर चाट भी खाते थे। मलैया भी खाते थे।. घाट पे नहाते भी थे। तो वो एक अलग ही चीज. थी।. फिर हमने दो फैक्ट्री लगाई यूपी में। एक. जेली फील्ड केबल्स की, एक पॉलीस्टर फाइबर. की, बाराबंकी और आईबरेली में। उस समय बहुत. जाना होता था।.
तो यूपी से रिश्ता एक पुराना है।. बाबा से कैसा रिश्ता है आपका? बहुत अच्छा।. योगी जी से।. योगी जी की मैं बहुत इज्जत करता हूं। मैं. मैं बहुत प्रेरित हूं उनसे जो उन्होंने. किया है उत्तर प्रदेश के लिए और जिस हिसाब. से किया है और जिस सादगी से किया है और. जिस दृढ़ता से किया है वो एक इंस्पिरेशनल. है।. तो क्या चीज आपको इंस्पायर करती है योगी.
जी में? उनकी क्लेरिटी ऑफ़ थॉट उनका एग्जीक्यूशन. उनका जो. एक सिंपलीसिटी से वो कन्व कर देते हैं. सबसे डिफिकल्ट डिसिशन भी है।. मैंने उनसे एक बार पूछा कि ये. यहां पे मैं आने में डरता था। हमारे नोएडा. में पावर डिस्ट्रीब्यूशन है।.
तो उस टाइम जब हमने लिया था वो. तो वो कंज्यूमर आके गुंडे आके कुर्सीवर्सी. मारते थे सर पे यह वो. तो एक डर भी लगता था।. देखिए इसीलिए पहले 5 साल मैंने सिर्फ लॉ. एंड ऑर्डर पर फोकस किया और उन्होंने. समझाया कि उन्होंने क्या किया कैसे किया।. जब आप उनसे वो स्टोरी सुनते हैं तो आपको. लगता है कि.
कितनी सिंपलीसिटी से इन्होंने कितना. कॉम्प्लेक्स प्रॉब्लम को सॉल्व कर दिया।. फिर उनसे जैसेजैसे इंटरेक्शन होता रहा अब. इन सालों में. तो वह एक [नाक से की जाने वाली आवाज़]. रिस्पेक्ट बढ़ती गई. और अब एक रिश्ता हो गया है तो. और उनका यह है कि आप उत्तर प्रदेश में.
निवेश कर रहे हो. तो उत्तर प्रदेश आपका आभारी है।. ये चीज हर एक स्टेट में नहीं होता है।. कॉन्फिडेंस कॉन्फिडेंस भी है और एक. अप्रिसिएशन भी है और उसके चलते इज्जत भी. वो देते हैं।. तो मतलब ये मान ले कि अभी गोइनका साहब. यूपी में बिज़नेस बढ़ाएंगे अपना हिंदी पढ़।. निश्चित रूप से. निश्चित रूप से।.
चलिए बढ़िया है। यूपी वालों के लिए अच्छी. बात है। यूपी बिहार के लोग खुश होंगे। मैं. तो निश्चित रूप से करूंगा और आप बहुत जल्द. कुछ अनाउंसमेंट सुनोगे।. अरे वाह।. वापस लड़ते हैं क्रिकेट में। सर एलएसजी. आपकी पहली टीम नहीं थी। इससे पहले 2016. में एक टीम आई राइजिंग पुणे सुपर जॉइंट।. एक टीम फाइनल पहुंची। सीएसके आरआर की. वापसी हुई तो उस टीम को हटा दिया गया। अब. जिस दिन आपको पता चला कि आपकी टीम नहीं. रहेगी और वो भी तब जब आप उस टीम को फाइनल. तक पहुंचा चुके थे।.
कितना बड़ा सदमा था।. नहीं हमें आगे से बोला गया था कि यह 2 साल. के लिए फ्रेंचाइज है। हम. तो यह कोई एकाएक उन्होंने नहीं कहा।. फिर भी. पर साथ में ये कहा कि हम उम्मीद करते हैं. कि हम 8 से 10 टीम कर देंगे। पर ये कोई. गारंटी नहीं दी थी। तो ये मुझे अंदाज था. कि. 2 साल की ही है।. पर उम्मीद साथ में ये भी थी कि बढ़ जाएगा।.
फाइनल हारे वह भी एक रन से लास्ट बॉल पे. तो दिल टूटता है।. आई एम श्योर एक रन से. और जीता हुआ गेम हारे।. सही बात है।. तो दिल बहुत टूटा। इसमें कोई दो राय नहीं. है। उसके बाद टीम नहीं रहेगी।. तो एक साल तक क्रिकेट देखने की इच्छा ही. नहीं हुई।.
डिसपॉइंटिंग भी था, सैड भी था।. आप बोलिए तो निराशा थी कोई इसमें. क्या मतलब अगर आप कह रहे हो कि मैंने एक. साल क्रिकेट नहीं देखा. नहीं देखा. तो इसका मतलब है दिल टूट गया था. दिल टूटा. ये ऐसा था होता है जैसे जैसे नॉर्मली. लड़कों को ब्रेकअप के बाद अब किसी से बात. नहीं करनी अब चुपचाप काम करेंगे अब दूर. रहेंगे. हां तो टूटा था दिल इसमें कोई डाउट नहीं. है पर फिर. लाइफ मूव्स ऑन एंड फिर वो एंजॉयमेंट वापस. क्रिकेट में आ गया धीरे-धीरे करके और जब.
भी ये दो टीम्स. आई BCCI ने ऑफर की. तो एक बहुत सीरियस प्रयास हमने किया कि. हमें मिलना मिलनी चाहिए. तो उस टाइम देखा कि तमाम इंडस्ट्री के लोग. वो पता नहीं कितने 20 25 30 सब के सब. दिग्गज लगे हुए हैं. और फिर वो बिडिंग प्रोसेस थी क्लोज बिट्स.
थे एक बिट था ये भी नहीं कि आप बिट बढ़ाते. रहो। हम. तो हमने. कंसल्टिंग फर्म को लगाया कि भ आप इसको. क्या वैल्यू करते हो? तो एक कंसल्टिंग फर्म ने ज्यादातर. कंसल्टिंग फर्म्स ने सब ने कहा 4000 4500. करोड़।. मैंने कहा मुझे गणित समझाइए आप।. तो उनकी गणित में यह था कि 300 करोड़ में.
ब्रॉडकास्ट राइट जाएगी।. मैंने. टीवी चैनल से ओनर से जब बात की तो मुझे एक. सबने कहा नहीं नहीं इट वोंट गो हाई इट. वोंट गो हाई इट वोंट गो हाई ये तो नेचुरल. चीज थी। पर मुझे उस टाइम यह आभास हुआ कि. 45000 करोड़ के नीचे नहीं जाएगी।. तो आप 300 करोड़ का मानते हो तो एक्स. वैल्यू होता है। 45000 कर मानते हो तो.
उससे डेढ़ गुना वैल्यू हो जाता है।. तो वो 4500 का 6500 करोड़ का वैल्यू आया. और आपने कहा लो 790 करोड़. वो वो मेरी वाइफ ने कहा बट जब सबमिट करना. था उसके आगे वाले दिन हमारी पूरी फैमिली. बैठी हुई थी बेटा बहू बीवी मैं और मेरी. बेटी और दामाद zूम पे थे. और हम ये डिस्कस कर रहे थे कि क्या करना. है.
तो बहुत सारी डिस्कशंस हुई ये वर्थ वाइल. है ये नहीं है इस लेवल पे कितना घाटा होगा. इस लेवल पर कितना नफा होगा. तो एक कंसेंस सा हुआ कि 6500 करोड़ तक इट. मेक्स कमर्शियल सेंस टू डू इट।. फिर मेरी वाइफ ने कहा मेरे से एक क्वेश्चन. पूछा. कि यदि आप इसको आपने 6500 करोड़ किया और.
किसी ने 6600 कर दिया और आप बड लूज़ कर गए. तो आप आपको क्या फीलिंग होगी? [हंसी]. तो आई. वो अपने हस्बैंड को जानती थी।. तो आई सेड वेरी डिसपॉइंटेड। शी सेड नो यू. विल बी मोर देन वेरी डिसपॉइंटेड।. तो शी सेड. यदि 6500 करोड़ आपके हिसाब से या 6000 जो. भी है एक वैल्यू है.
तो मेरे हिसाब से आप 10 साल का 100 करोड़. पर साल एक्स्ट्रा डाल दो 1000 करोड़ वो. नॉकआउट होगा उसमें आप हार नहीं सकते हो और. उस लेवल पर हार गए तो फिर आपको रिग्रेट. नहीं है. तो वही हमने किया. और यह हमारी फैमिली के सिवाय सिर्फ एक. आदमी को पता था जो कि बड एक्चुअली ले गया।. हमारे सीईओ को भी नहीं पता था क्योंकि. सीईओ को लगा था कि हमें यह बड हम जीत ही.
नहीं सकते।. तो समवेयर मुझे यह लगा था कि ही इज मेंटली. प्रिपेयरिंग टू लीव। क्योंकि जब क्रिकेट. टीम ही नहीं रहेगी तो फिर मैं यहां पे. क्या करूं? एंड राइटली सो. तो यह सिर्फ एक आदमी को पता था।. और. जब. सेकंड लास्ट बिट भी खुल गया.
तो ये तो ऑब्वियस था कि मैं हाईएस्ट हूं।. मुझे पता था कि मेरा क्या नंबर है।. सेकंड लास्ट नंबर कितना सर था? वो बिट का नंबर था आई थिंक 5000 करोड़।. मार्जिन हेड थे आप।. नहीं बट उसके आगे एक एक बिट 5600 करोड़ का. भी था। नोबडी वास 6000 पे. नोबडी वास एट 6000 तो आई न्यू कि आई वास. देर बट वो बिट खुला नहीं था. [नाक से की जाने वाली आवाज़]. जब बिट खुला तो.
वो टीवी पे दिखा रहे थे अच्छा 7 मिनट आगे. मुझे यह तो पता था कि मैं जीत रहा हूं।. तो वह जो फर्स्ट थ्रिल था. वो तो हम फैमिली में शेयर कर ही लिए थे. क्योंकि वी आर द हाईएस्ट वी नो वी आर द. हाईएस्ट लखनऊ से एक लगाव था उत्तर प्रदेश. से कनेक्शन था. देश की सबसे बड़ी आबादी वाली टीम आपके पास. है. देश से 26 करोड़ लोग थे.
तो लखनऊ चुना हमने और. सबसे बड़ी आबादी दी और एक आईपीएल टीम. नहीं।. उसके बाद. जो अब मुझे प्यार मिलता है लखनऊ में. मतलब. ये ये प्यार.
है कि ये ग्रेटट्यूड है मुझे नहीं पता।. पटापी कहानी से एक चीज़ समझ में आ गई मुझे।. जहां पर बात इश्क की हो, पैशन की हो, वहां. कीमत नहीं देखी जाती।. ऋषभ पंत को चाहे लाना था भीड़ इतनी बड़ी. कर दो, कोई आसपास ना हो। यहां 790 करोड़. पहुंच गए। कोई 6000 करोड़ में नहीं आया।. कॉम्प्रोमाइज नहीं करना है। जहां पैशन है।. ये चाहिए तो किसी की. जहां क्लेरिटी है।. जहां क्लेरिटी है।. पैशन से ज्यादा क्लेरिटी है। जहां पे. क्लेरिटी है। वहां पे मेक अ मिनिंग बेटा।.
बट फिर भी ये हजार करोड़ से कम में मिल. सकती थी। लेकिन वहां रिस्ट था। दिल टूटने. का रिस्ट था। दिल टूटने का भी रिस्क था, एक बिजनेस ओपोरर्चुनिटी का भी लॉस था।. और अब शायद उस टीम की वैल्यू्यूएशन 19,000. करोड़ के आसपास. शायद।. एक अभी रमर आया सर 10% मिस्टेक्स का दैट्स. ट्रू।. ये तो देखिए साल भर से लोगों ने मेरे 10%. 15% बेच ही दिए हैं। [हंसी]. मैंने आज तक किसी से बात नहीं की है।. लोगों ने मुझे अप्रोच किया है।.
और वो 19,000 वैल्यू्यूएशन के हिसाब से. पैसे देने को तैयार हैं।. देखिए मैं तो वैल्यू्यूएशन की जब बात करूं. जब मैं सीरियस हूं एज अ से डाइल्यूट करने. में हम. बट हां जब वो ऑफर देते हैं तो वो 18 19000. की बात करते हैं। दैट इज अ फैक्ट. आप दोगे टीम कभी अपनी 10% 20% अभी कुछ. सालों तक. कभी अभी सोचा ही नहीं. रिसेंट एक दो साल में हालांकि. ये पता नहीं पता नहीं ये ऐसा होगा कि नहीं. बट देखिए एक चीज ये है कि मेरे 1800 करोड़. लगे हैं अभी तक.
तो मैं 10% यदि बेचता हूं तो मेरे 90%. फ्री में हो जाते हैं [हंसी]. तो एक एंगल यह है। दूसरा एंगल यह है कि. नेक्स्ट ब्रॉडकास्ट साइकिल जो कि अगले साल. होगा आफ्टर नेक्स्ट इयर्स आईपीएल. ये जो 48,000 करोड़ है ये 48,000 का 70. होगा, 80 होगा, 90 होगा, लाख होगा, सवा. लाख होगा ये किसी को नहीं पता।. पर बहुत ज्यादा होगा टू मच मनी। तो. वैल्यू्यूएशन जो अभी है उससे तो बहुत.
ज्यादा होने ही है। तो बेचना ही है यदि 5. 10% तो अभी क्यों. जब वो 70000 करोड़ हो 80 करोड़ हो. तब तब तब बात करेंगे. क्या पता कि 7000 के 7000 ही निकल आए. [हंसी]. तो अभी उस पे कोई सीरियस थॉट नहीं है टू. बी ऑनेस्ट. नाइस. कभी ऐसा जहन में नहीं आया हो ऐसी बात भी. नहीं है। बट फिलहाल देयर इज नो थॉट।.
जैसे आपकी पूरी फैमिली बिजनेसमैन है। आप. बिजनेसमैन हो।. बिजनेसमैन होने और एक आईपीएल टीम के ओनर. होने में क्या डिफरेंस है? देखिए आपको आईपीएल का बिजनेस और आईपीएल का. एंटरटेनमेंट दो अलग-अलग चीज है।. आप ओनर हो. तो आपकी एक जिम्मेवारी बनती है।. आपके फैंस के प्रति.
जो कि एज अ फैन नहीं होता है।. आप सिर्फ एंटरटेन होते हो उसमें एज अ फैन. तो आप उसमें यह भी बोलते हो कि अरे रोहित. ने यह किया, विराट ने यह किया, धोनी ने यह. किया, इसने यह किया, उसने यह किया।. आप जब एक ओनर हैं तब आप की पोजीशन थोड़ी. रिस्पांसिबिलिटी की भी होती है। पीपल व्यू. यू विद स्लाइटली मोर. इंफॉर्मेशन और नॉलेज और एक्सेस टू.
इंफॉर्मेशन और नॉलेज देन देम। देयर फॉर. व्हाट यू से उसको लोग सीरियसली लेते हैं।. उसको कोट करते हैं। उसको मिसकट करते हैं।. तो एक तो यह जिम्मेवारी होती है कि आपके. मुंह से कभी भी कोई ऐसी चीज नहीं निकले. जिससे कि. किसी का भी कोई नुकसान हो सके। आप कोर्ट. हो सके, मिसकोट हो सके।.
आज मैं यह बोलूं कि वैभव सूर्यवंशी इज अ. जनरेशनल टैलेंट।. इट्स अ स्टेटमेंट ऑफ एक्ट। इसमें आप हजार. बार भी कोट करो तो दैट्स फाइन। नॉट एन. इशू।. आपने यह बोल दिया ये नॉक इसका अच्छा नहीं. था।. तो वो मिस इंटरप्रेट भी हो सकता है। फैक्ट. मे बी द नॉक वास नॉट गुड। बट एज अ टीम ओनर. आपकी पोजीशन थोड़ी फर्क है। तो आपको.
कमेंट्स भी रिस्पांसिबली देने होते हैं।. पॉइंट नंबर वन पॉइंट नंबर टू आज उत्तर. प्रदेश की जनता. इस भरोसे पे है कि आप ट्रॉफी जीतोगे। 5. साल हो गए हम नहीं जीत पाए।. तो यह एक मेरा ऑब्लिगेशन है. उनकी आकांक्षाओं के प्रति कि यह करना है।. जिस दिन आप कर दोगे देखना क्या प्यार. लुटाएगी यूपी बिहार की जनता। बिल्कुल.
क्योंकि यूपी की टीम को यूपी बिहार दोनों. मान के देखते हैं।. हां तो आप आज के दिन भी वहां पे यूनिक्लो. की दुकान है जो कोलकाते में नहीं है।. तो मैं सीजन में एक बार कम से कम यूनिकलो. में वहां पे लखनऊ में जाता हूं। क्योंकि. आप मान लीजिए अच्छे कपड़े मिलते हैं।. अच्छे कपड़े भी मिलते हैं और मैं मेरे रोज. के कपड़े वहीं के होते हैं।. उनका फ्री में प्रमोशन हो गया। आप आप उनसे. ले सकते हैं पैसे [हंसी].
या हमारी कंपनी में इन्वेस्ट करवाइएगा।. [हंसी]. तो अब वो वो मॉल में मैं जाता हूं तो. ज्यादातर तो आप जाते हो यदि पिछले दिन शाम. को आप गए क्योंकि आपको टीम के साथ एक. थोड़ी उनको मोटिवेशन देनी हो या कुछ करना. हो या कोई डिनर टीम मैनेजमेंट ने रखा हो. तो सुबह में आपके पास कोई लंबा चौड़ा काम.
नहीं होता तो मैं मॉल जाता हूं।. बगल में ही है अभी।. बगल में है। 10 मिनट की दूरी. मैं वहीं गया था सर जाके मैं भी शॉपिंग. करके दिल्ली [हंसी] गया था। दिल्ली वाले. से बड़ा स्टोर है उनका।. दिल्ली से बड़ा. जो हमारा नोएडा में स्टोर है उससे बेहतर. है।. उससे बेहतर स्टोर है। अच्छा और एयरपोर्ट. और होटल के बीच में।. बीच में पड़ता है। यही यही यही रीज़न मेरा. भी था। [हंसी]. तो वहां पे अच्छा और मैं टाइम लगाता हूं. आधे पौन घंटे क्योंकि पूरे साल भर की. शॉपिंग वहां कर लेता हूं। [हंसी].
आप मानेंगे नहीं कि वहां पे 200, 300, 400, 500, 600. लोग इकट्ठे हो जाते हैं जो मॉल में होते. हैं. फोटो खिंचाने के लिए।. फोटो खिंचाने के लिए। तो ये जो प्यार. मिलता है. उसका आप क्या वर्णन कर सकते हो? दैट्स बिय्ड मनी। इट्स बिय्ड एनीथिंग।. मैं अभी लंदन में था।. बट यूनिक्लो का सर आप बिल भिजवा देना. उनको। [हंसी].
और. या लखनऊ में कहना है इस साल प्रमोशन में. थोड़ा पैसा लगा है। [हंसी]. क्योंकि बहुत लोग जाने वाले हैं इस. पॉडकास्ट के बाद। [हंसी]. तो. लंदन में मैं एक कैफे में था। कॉफी पी रहा. था।. तो मेरी ग्रैंड डॉटर थी। मेरी दोनों. ग्रैंड डॉटर्स थी।. और हम दो थे मेरी वाइफ और मैं।. तो ग्रैंड डॉटर्स ने पेस्ट्री ऑर्डर की।.
मैंने सैंडविच किया, कॉफी किया।. आराम से बैठे हुए थे। 40 45 मिनट से। उसके. बाद मैंने बिल मांगा जो कि आप नॉर्मली. करोगे।. तो वो मैनेजर आया। बोला सर आपसे बिल नहीं. ले सकते।. क्यों? वैरी स्वीट ऑफ यू बट बिल क्यों नहीं ले. सकते? ही सेड मैं लखनऊ का हूं।.
अरे. मैं आपसे बिल नहीं ले सकता।. तो मैं यह मेरी तरफ से है।. खैर मैंने अलऊ नहीं किया वह एक अलग बात. है। बट यह जो फीलिंग है कि मैं लखनऊ का. हूं. और आपने लखनऊ के लिए कुछ किया है. तो एक आभार है या एक अप्रिसिएशन है या एक. ग्रेटट्यूड है। वो फीलिंग आप कैसे कंपेयर. कर सकते हो?
सर इसी में एक सवाल मेरे मन में और आया. क्योंकि मैं आपसे बातचीत के में आपने कई. बार धोनी साहब का जिक्र किया। आप उनके. बहुत बड़े फैन हैं। मुझे यह भी समझ में आ. रहा है कि आपका उनसे रिश्ता अच्छा है। पर. फैंस के मन में एक सवाल आता है। धोनी आपके. पास भी थे। स्मिथ कैप्टन बन गए थे। अब आप. जितने बड़े फैन उनके हैं आई एम श्योर आप. तो नहीं होंगे। बट लोगों के मन में आता है. कि क्या कुछ अगर उसप कुछ प्रकाश डाल पाओ. आप क्योंकि इतने बड़ा धोनी फैन आप मतलब आज. भी आप धोनी धोनी इस पॉडकास्ट में 10 बार. आपने बिना धोनी के धोनी कर दिया।.
देखिए. किस समय क्या डिसिशन होता है, कैसे होता. है। यह किसी को नहीं पता कि यह डिसिशन. कैसे क्यों और किस-किस के साथ ली गई और अब. 10 साल बाद उस बात का कोई रेलेवेंस भी. नहीं है।. आपका धोनी का बॉन्ड कैसा है अभी? बहुत अच्छा। बहुत अच्छा।. कब मिले थे लास्ट टाइम में आप? कैसे जल. करते हो आप लोग? हम बहुत अच्छा जल करते हैं। मतलब. वेरी वेरीरी गुड।.
आप ये क्वेश्चन माही से पूछो। [हंसी]. [अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़]. नो इट्स इट्स अ फिनोमिनल क्रिकेट क्रिकेट. इज मोर देन जस्ट अ गेम। इट्स इमोशन आल्सो।. इट्स इमोशन एंड देयर इज़ अ कनेक्ट एंड वी. कनेक्ट।. हम सब ऑस्ट्रेलिया में जीते हैं। जैसे. एमआई ने रोहित को जब सैक किया कैप्टन से. हटाया था। तो उनके दो-ती मिलियन फॉलोअ कम. हो गए थे। तो क्रिकेट फैंस थोड़े अलग. इमोशंस से लेते हैं। तो थोड़ा आप अपना धोनी. का रिश्ता बताओ ना हमें। कैसे? कोई. किस्सा, कोई कहानी। देखिए हमारे तो बहुत. सारे किस्से हैं। बहुत सारी कहानी है।.
पर मैं आपको एक चीज बताऊंगा। मेरे घर पे. वो आए थे दिल्ली में डिनर पे।. मेरी लड़की का लड़का मेरा ग्रैंड सन उस. टाइम दो अाई साल का था।. तो वो. भी धोनी को मतलब दो ढाई साल का या तीन साल. का बच्चा भी धोनी को जानता है। तो वो सोया.
नहीं कि मैं धोनी से मिलूंगा।. माही ने उसके साथ 25 मिनट क्रिकेट खेला।. अब ये चीज आप बताइए। ये एज अ ह्यूमन. जेस्चर आप इसको कहां करेंगे? 10 आउट ऑफ 10. रेट करेंगे ना? समवन टोल्ड मी धोनी जैसे. लोग पैसों पर नहीं बिकते। प्यार में बिक. जाते हैं।. तो अब यह रिश्ता को आप कैसे बयान करेंगे? वाओ आई मीन सही बात है। साक्षी मिलती है. तो गले मिलती है और फिर पांव पड़ती है।.
तो ये रिश्ता क्या है? इट इज बिय्ड. क्रिकेट। इट मे हैव स्टार्टेड बिकॉज़ ऑफ़. क्रिकेट, बट इट इज़ बियनड क्रिकेट।. इट्स पर्सनल।. तो मैं क्या कहूं संजीव गोयन का सबसे. ज्यादा मिसजज किए वाले ओनर हैं? क्योंकि. जो कहानी आप बता रहे हो और कई बार जो लोग. बात करते हैं बहुत डिफरेंस है उसमें।. देखिए ये निर्णय तो आपको लेना है।.
बट कभी आपको लगता है कि आपको मिसज लोगों. ने ज्यादा कर दिया? देखिए मेरे साथ एक चीज मेरी लाइफ में कई. बार हुई है।. हम्म।. पहले हमारी लार्जर फैमिली में लोगों ने एक. चर्चा फैलाने की चेष्टा की और काफी हद तक. सक्सेसफुल भी हुए. कि इसमें यह खामी है, यह खामी है, यह खामी. है। और जब पांच आदमी. एक बात करने लगे।. एक बात करते हैं चाहे उनका इंटरेस्ट.
मैलिफाइड ही हो. तो कुछ लोग विश्वास करने लगते हैं।. फिर जो लोग आपको नहीं जानते हैं उस. उन्होंने सुना यह है। फिर यह बोलते हैं कि. नहीं हमारा इंप्रेशन ये है।. हां मतलब ये सच है। ऐसा होता है। हर जगह. होता है। ऐसा. ऐसा होता है।. 2 साल 4 साल 5 साल छ साल आठ साल में जब. रियलिटी सामने आई तो वही लार्जर फैमिली. मेंबर्स बोलते हैं कि हमारी.
असेसमेंट तुम्हारे बारे में गलत थी। यू आर. वेरी डिफरेंट टू द वे यू वर पोट्रेट।. और हमारे ही लार्जर फैमिली के कुछ लोग यह. स्प्रेड करने में लगे हुए थे। उनके खुद के. वेस्टेड इंटरेस्ट होंगे, उनके इमोशनल. इंटरेस्ट होंगे, जो भी था। उस टाइम तो. गुस्सा आता था।. अब लगता है कि उनका कुछ ना कुछ एंगल था।. एंड गॉड हैज़ बीन काइंड।.
तो एंड दैट्स इन द पास्ट। इस टाइप की चीज. मेरे साथ लाइफ में मोर देन वंस हुआ है।. और अब भी ऐसा हुआ है।. किसी ने पब्लिसिटी के लिए की है। किसी ने. कोई और कारण से की है।. मैं रिएक्ट नहीं करता हूं।. कभी तकलीफ होती है? कई बार रिएक्शन ही नहीं होता है।. जिन लोगों के साथ बहुत अच्छा किया है,
आपने बहुत आउट ऑफ द वे जाकर उनको सपोर्ट. किया है, उन्होंने भी पीठ में छुरा भोका है। तो. तकलीफ होती है।. पर अब 65 साल के लाइफ के एक्सपीरियंस के. बाद यह लगता है कि ऐसे लोगों को जस्ट. रिमूव देम फ्रॉम योर लाइफ।. टॉक्सिसिटी को आप हटा दो। आपकी लाइफ आपकी. है। आपकी खुशी आपकी है। आपका गम आपका है।.
तो यदि आप. किसी और के कारण. अपनी लाइफ के अच्छे पल को डाइल्यूट कर दो. या कम कर दो तो ये आपकी बेवकूफी है। छोड़. दो। कट देम आउट।. तो उससे हर बार नहीं होता है क्योंकि. जितना ज्यादा इमोशन होता है उतनी ज्यादा. चोट होती है। उतनी गहरी ही वो गहरा आघात.
होता है। बट दिस इज लाइफ एंड दिस इज़ दिस. इज द वे इट इज़। कम लोग जानते हैं सर कि. आपकी साउथ अफ्रीका इंग्लैंड में भी टीम. है। धीरे-धीरे आप ग्लोबली क्रिकेट. फ्रेंचाइज़ को बढ़ाते जा रहे हैं।. क्रिकेट कितना बदल जाएगा इससे? क्योंकि अब. हर देश के पास एक टीम आ रही है और अब बहुत. सारे फ्रेंचाइज़ ऐसे हैं जो प्लेयर्स को. परमानेंटली साइन कर रहे हैं। तो क्या देश. के प्रति खेलने का जुनून हो सकता है कुछ. बड़े खिलाड़ियों में कम हो जाए। जैसे बहुत. सारे खिलाड़ी हैं जिन्होंने ऑलरेडी कर.
दिया। क्लासिन का नाम आया, पूरन का नाम. आया और बहुत सारे प्लेयर्स को ऑफर दिया. गया कि अब आप हमारी फ्रेंचाइज़ के लिए हर. जगह खेलिए।. देखिए ऐसा होगा। हो भी रहा है और शायद आगे. जाके और भी ज्यादा हो। हम्।. पर यह एक एववोल्यूशनरी प्रोसेस है। इसमें. एग्जैक्टली कहां जाएगा, कैसे जाएगा, कब. जाएगा, यह कहना बहुत मुश्किल है।. [नाक से की जाने वाली आवाज़] पूरन क्लासन. आपने दोनों का नाम लिया। दोनों ने नेशनल. ड्यूटी से छुट्टी ले ली है। अब फ्रेंचाइज. क्रिकेट ही खेलते हैं।.
दोनों ही हमारे टीम से जुड़े हुए हैं। पर. पूरी रकम से दोनों अभी तक हमारे टीमों से. नहीं जुड़े हुए हैं।. पूरन लखनऊ के लिए खेलते हैं। क्लासिन और. फ्रेंचाइज़ के लिए खेलते हैं। लखनऊ के लिए. नहीं खेलते हैं।. बट आगे चलके ऐसे. एडन मार्कर्रम हमारे तीनों फ्रेंचाइज़ में. खेलते हैं। नाउ आई गॉट माकरम पग [हंसी]. इट इज आल्सो अ क्वेश्चन ऑफ़ अवेलेबिलिटी हम.
मेरा बस चले तो मैं पूरन को भी सब. फ्रेंचाइज़ में खिलाऊं और क्लासन को भी. खिलाऊं पर. आज आकाश अंबानी भी यही कह रहे होंगे कि. मैं भी पूरन को मुंबई इंडियंस के लिए. खिलाऊं. और काव्या मारन ये कह रही होंगी कि मैं. क्लासन को. अपने साउथ अफ्रीका और इंग्लैंड की टीम्स. में खिलाओ। आओ। अब कल मार्श उनकी टीम में. ऐसे धमाधम धमाधम बैटिंग कर रहे थे और मुझे. तकलीफ हो रही थी कि वह मैनचेस्टर के लिए.
नहीं खेल रहे हैं। पर अब ये होगा बट अब. देखिए ये इवॉल्व होते जाएगा। ये. आपने डब्ल्यूपीएल में टीम क्यों नहीं. खरीदी? उस टाइम मेरा फोकस बहुत कुछ. लखनऊ पे था. और मैं बिल्कुल भी वुमस क्रिकेट को नहीं. समझता था। मुझे यह भी नहीं पता था कि. वुमस क्रिकेट में मैं कोच किसको बनाऊं।.
मुझे कोई आईडिया ही नहीं था। अब मैनचेस्टर. में हमारी वुमस टीम है उसे थोड़ी-थोड़ी. आईडिया होने लगी है। थोड़ी-थोड़ी रुचि भी. होने लगी है। तो. क्या पता यदि BCCI फ्रेंचाइज़ को एक्सपेंड. करें तो शायद आगे चलके कुछ हो।. ओके। दादा से आपका रिश्ता सर कितना पुराना. है।. बहुत पुराना। हम दोनों कलकत्ते के हैं।. हम. मेरी फर्स्ट मुलाकात हुई थी। अ एक अवार्ड. फंक्शन में मैं उनको इमर्जिंग क्रिकेटर ऑफ.
द ईयर का अवार्ड दे रहा था।. उसके बाद रिश्ता अच्छा ही चलता गया। अ. दादा सक्सेसफुल रहे हैं देश के लिए। अ. कप्तानी भी अच्छी की, बल्लेबाजी भी अच्छी. की।. आप. दिल्ली कैपिटल्स के कोच हैं।. तो कभी आपका मन नहीं हुआ कि लखनऊ में. उन्हें कुछ सोचे? पुराने दोस्त थे।. हालांकि वो दिल्ली से काफी समय से जुड़े. हुए हैं।. देखिए एक तो मैं दोस्ती और यारी और.
रिश्तेदारी को अपने प्रोफेशनल लाइफ में. इनवॉल्व नहीं करता।. खाटी बिज़नेसमैन।. खाटी बिज़नेसमैन। मारवाड़ी बिज़नेसमैन।. [हंसी]. दूसरा जो सौरभ का पार्थ जिंडल से कनेक्शन. है।. हम वह दिल से तो वहां जुड़े हुए हैं। तो. मेरी टीम में आ भी जाएंगे तो दिल से तो. दिल्ली दिल्ली करेंगे।. वो तो आपके ऋषभ पंत भी जुड़े थे। काफी. उन्हें बॉन्ड रहा।. दिल्ली हां ऋषभ का पार्थ के साथ भी बहुत. बढ़िया रिश्ता है। दिल्ली के साथ भी बहुत. बढ़िया रिश्ता है। और मैं उम्मीद करता हूं.
कि उनका लखनऊ के साथ भी बहुत अच्छा रिश्ता. रहेगा।. आई एम श्योर लखनऊ ने उन्हें काफी कुछ दिया. भी। आईपीएल हिस्ट्री के सबसे महंगे प्लेयर. वो बने। जो अभी तक तो रिकॉर्ड है। एंड आई. एम श्योर कि शायद नेक्स्ट मेगा ऑक्सक्शन. तक तो शायद वह रहेगा। 27 करोड़। बट अब जब. आप एनालाइज करते हो 27 करोड़ वाज़ वर्थ और. टू मच।. देखिए ये सब बहुत सब्जेक्टिव चीज है।. सिचुएशनल चीज है। जब बें स्ट्रोक्स के लिए. हमने 15 करोड़ दिए थे. तो वो उस टाइम बहुत महंगा था।.
वाज़ इट वर्थ? वाज़ इट नॉट वर्थ? ये आप. सक्सीड करते हो तो बहुत अच्छी चीज है।. नहीं सक्सीड करते हो तो नहीं अच्छी चीज. है। अब ये ऋषभ पंत में दम है कि नहीं? दम. है। एंड रियली अच्छा क्रिकेटर है। तभी तो. इतना लोगों ने बात. ऋषभ से मेरे ताल्लुकात बहुत अच्छे हैं।. हमेशा से रहे हैं। लोगों ने बहुत कहा. चर्चा भी बहुत हुई कि ऋषभ को डांट लगाया. ये क्या? कभी आज तक ऐसा हुआ।. नहीं इस साल तो सब कह रहे थे। गोका साहब. बहुत स्वीट है इस साल।. इस साल कहां लोग? इस साल लोग कह रहे थे गोयनका साहब ओवर.
स्वीट हो गए हैं। इतने में तो हम लोग डांट. लगाने लगते हैं। इस साल लोग सिम्पताइज कर. रहे थे आपके साथ।. क्योंकि [हंसी] मैं तो जैसा हूं वैसा हूं।. एक इंसिडेंट, वन इंसिडेंट डस नॉट मेक अ. पर्सन और डिफाइन अ पर्सन। ट्रू।. सोशल मीडिया कैन ब्रूटल सम टाइम।. व्हिच आई हैव फेस्ड।. बहुत अच्छे स्केल पे। [हंसी]. बट [अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़] इस. साल आप इंटेंशनली ज्यादा सॉफ्ट थे या. दैट्स यू।. दैट्स मी। आई एम नॉट सॉफ्ट और हार्ड। आई. एम मी।. एंड आई एम अ वेरी सिक्योर पर्सन। तो एंड.
एट माय एज आई डोंट हैव एनीथिंग टू प्रूव. टू एनीवन एक्सेप्टिंग मसेल्फ।. कुलदीप को लखनऊ लाना एक बहुत ही वर्थ डील. है। बिकॉज़ लखनऊ के पिच के हिसाब से कुलदीप. जो लखनऊ को समझते हैं। इंडिया के प्रीमियम. स्पिनर बॉलर हैं। चाइना मैन बॉलर बट ऋषभ. जा रहे थे। आपकी आखिरी कन्वर्सेशन क्या. रही? आप लोगों ने बहुत हैप्पी नोट पे खत्म. किया। मतलब आमतौर पर. हमारी आखिरी कन्वर्सेशन सिर्फ ट्रेड की. नहीं उसके बाद भी हमारी बात होती है।. ओके।. फिर भी क्या बातें हुई? मतलब तो थोड़ा. इंटरेस्ट मिलेंगे कि आप और ऋषभ अच्छा जेल.
कर रहे अब ऋषभ दूसरी टीम का हिस्सा है।. एंड फ्रेंचाइज़ क्रिकेट में होता है।. नॉर्मल है।. गुड लक टू हिम एंड बेस्ट विशेस।. एंड वी आर प्लान टू हैव अ डिनर टुगेदर वन. ऑफ़ दीज़ डेज।. वाओ।. हाउ इज ऋषभ एस अ पर्सन? ह्यूमन बीइंग? आई एम वैरी फोंड ऑफ़ हिम।. क्या पसंद है आपको ऋषभ में? उसमें एक इनोसेंस है। एक बचपना है। वो कभी. भी आके कहीं से भी पकड़ लेगा। [हंसी].
वो कुछ प्रैंक प्ले कर देगा।. [गहरी सांस लेने की आवाज़]. मतलब वो कुछ भी कर देगा।. वाओ ही इज़ अ फाइटर। आई होप कि वो अच्छा. करें। अपनी जिस टीम में दिल्ली की टीम में. गए अच्छा करें। और कुलदीप आपको लगता है. कुलदीप ने आपके बॉलिंग में जो एक छोटा सा. एज लग रहा था वो स्लॉट फिक्स कर दिया है।. और इस साल लखनऊ लीथल हो जाएगा। बॉलिंग में. कम से कम. सिर्फ बॉलिंग हां बोल रहे हैं। [हंसी]. अब बाकी टीम तो आप बनाओगे सर। अभी अभी तो. टाइम बाकी है। अभी मैंने ऑप्शन है।. हां पर बहुत कुछ तो बना हुआ ही है।.
हां। एक आध स्पॉट्स बाकी है. लखनऊ की टीम में लखनऊ की टीम कई बार मुझे. दिल्ली की टीम लगती है। यह भी एक मीम चल. रहा था। बहुत सारे दिल्ली के प्लेयर्स. हैं। ये कोइंसिडेंस से हो गया।. देखिए हमारे यहां. डिसीजंस आर प्रोफेशनली टेकन।. हम. तो. कैप्टन, कोच ये सब का रोल रहता है. प्लेयर्स में।.
तो दिल्ली के कई प्लेयर्स हैं। यह सही है।. रेकमेंडेशन. स्काउटिंग टीम की आती है या कैप्टन की आती. है या कोशिश की आती है। उस बेसिस पे आपने. टीम पैडल उठाया. तो दिल्ली के हैं तो दिल्ली के हैं। मतलब. मेरे ज़हन में यह कभी नहीं है कि दिल्ली के. होने चाहिए या बंगाल के होने चाहिए या. यूपी के होने चाहिए या महाराष्ट्र के होने.
चाहिए वो बात नहीं है। यह प्लेयर. एप्रोप्रियट है कि नहीं है और कोचिंग. स्टाफ, स्काउटिंग स्टाफ इसको रेकमेंड कर. रहा है कि नहीं? तो जनरली. हमारे. विजय दहिया काफी एक्टिव थे इस चीज में।. फिर वो लास्ट ईयर गुजरात टाइटंस में थे।. तो उन्होंने बहुत हेल्प की इसमें हो सकता. है. उनका परिचय दिल्ली के प्लेयर से ज्यादा. रहा हो। ऋषभ का परिचय दिल्ली के प्लेयर से.
ज्यादा रहा हो। ये सब पॉसिबिलिटीज हैं।. मैंने कभी ये सब उस एंगल से सोचा ही नहीं।. सर फैंस सोचते हैं सर। फैंस क्योंकि उनके. लिए क्रिकेट. मैंने कहा ना खेल से ज्यादा है। वो. एनालाइज करते हैं। वो लिस्ट बनाते हैं कि. हम क्या अपना फीडबैक दें कि ये भी सोचना. चाहिए क्योंकि वो चाहते हैं कि लखनऊ की. टीम जीते। इतनी बड़ी आबादी है। इतना बड़ा. सपोर्ट है। दे वांट कि हम जीतें। तो उसमें. ये फीडबैक्स में से एक क्वेश्चन मेरे पास. ये भी आया था कि क्या गवन साहब ने नोटिस. किया ये सवाल? अब नोटिस कर रहा हूं। [हंसी].
एक सवाल सर और मेरे मन में आता है कि आप. एक टीम के ओनर हैं। बहुत सारे ओनर्स हैं।. एक ओनर या मालिक आपके नजरिए में एक टीम. बनाने में या टीम चलाने में क्या. लिमिटेशंस होनी चाहिए उनकी? कितना बड़ा. रोल या कहां स्टॉप होना चाहिए? आपके पॉइंट. ऑफ व्यू क्या है इस पर? देखिए रोल. ओनर का क्या होता है? टीम बनाना. टीम को मोटिवेट करना।. टीम को.
एक बढ़ावा देना, कोचेस से, कैप्टन से. एक डिस्कशन करना।. एंड द ओनर आल्सो बिकम्स. इन अ वे अ कॉन्सेंट. आइडेंटिफिकेशन फॉर फैंस। इन एडिशन टू द. ब्रांड्स बिकॉज़ प्लेयर.
बहुत कम प्लेयर हैं। धोनी ने लाइफ अपनी. चेन्नई में लगाई. विराट. विराट ने बोर में, रोहित ने, बॉम्बे में. पर बल्क ऑफ द प्लेयर्स रोटेट होते हैं। तो. प्लेयर बेस्ड लॉयल्टी फ्रेंचाइज़ की लॉन्ग. टर्म नहीं टिकती अनलेस यू आर अ रोहित, विराट और धोनी।. तो बेबी प्रोडक्ट जो उनके हो लॉन्चिंग. प्रोडक्ट हो. कौन सी हां. उसमें भी एक्सेप्शनल टैलेंट है. एक्सेप्शनल टैलेंट हो वैभव सूर्यवंशी है.
बट वैभव. राजस्थान में 5 साल रह गया. तो एक अलग बात है कहीं और चला गया तो अलग. बात है. गोका साहब कह रहे बाबू पहली फोटो तुम्हारी. हमारे साथ ही वायरल हुई थी [हंसी]. विचार करो तो बताना. पर वैभव के वैभव के साथ. हमारा बजट बाकी लोगों से बड़ा होता है।. [हंसी]. पर टोटल बजट तो हर एक टीम का बराबर ही. होता है।. पर देखिए अब लखनऊ सुपर जाइंट्स आज मुंबई.
इंडियंस के साथ. नीता अंबानी इज अ बिगर ब्रांड देन एनीबडी. एल्स। यस इट इज़ बिकॉज़ शी इज़ नीता अंबानी।. इट इज़ बिकॉज़ शी इज़ सो नॉलेजेबल। इट इज़. बिकॉज़ शी इज़ शी कंट्रीब्यूट्स सो. सिग्निफिकेंटली।. इट इज बिकॉज़ ऑफ हर. बट द फैक्ट इज मुंबई इंडियंस ब्रांड द. बिगेस्ट ब्रांड फॉर मुंबई इंडियंस इज़ नीता. अंबानी. डिस्पाइट हैविंग सम ऑफ़ द बेस्ट इंडियन.
प्लेयर्स शी इज़ द बिगेस्ट ब्रांड।. तो एक वो एग्जांपल है कि टीम ओनर कैन. आल्सो बिकम अ काइंड ऑफ एन आइडेंटिफिकेशन. पॉइंट फॉर द फ्रेंचाइज़।. तो आप यदि वह. रोल प्ले करना चाहें. तो दैट्स अ पोटेंशियल वे बट. क्रिकेटिंग. डिसीजंस में अवेयर होना टीम आपको टीम.
मैनेजमेंट इन्फॉर्म करती है कि यह टीम खेल. रही है और इस कारण से यह टीम खेल रही है।. वो एक चीज है।. वो आपका हक है।. आपके पास रोज प्लेइंग 11 आती है? आती है।. ओके। मैच से पहले. मैच से पहले. वो हक है। पर मैं बोलूं कि इसको खिलाओ यह. मेरी बेवकूफी है।. क्योंकि ऐसे आरोप भी लगे हैं। अभी एक. प्लेयर हैं इंग्लैंड के। उन्होंने अपने एक. पॉडकास्ट में एक ओनर का नाम लेके बकायदा.
कोट किया कि इस प्लेयर को स्पेशली कहा गया. खिलाओ और वो काफी कंट्रोवर्शियल था। मैं. नाम नहीं लूंगा बट उन्होंने एक ओनर को. प्रॉपर कोट किया। देखिए मैं तो देखिए हर. एक ओनर का अपना नजरिया होता है और मैं. अपने उससे कह सकता हूं. मैंने दो-तीन बार पूछा भी है कि अ. डोंट यू थिंक इट इज़ वाइस टू प्ले एक्स. इंस्टेड ऑफ़ व्हाई? तो गंभीर बहुत पेशेंटली एक्सप्लेन करते थे.
कि इस कारण से यह मैचअप ठीक नहीं है। वहां. पे लेफ्ट हैंडर्स हैं इसलिए इस बॉलर को. खिलाना है।. तो इट्स अ लर्निंग फॉर यू आल्सो।. अजनीता अंबानी इज वन ओनर हु कैन राइवल एनी. कोच फॉर नॉलेज।. उनकी जो नॉलेज है क्रिकेट में इट वुड बी अ. सेकंड टू नन।.
आप बहुत तारीफ करें उनकी। मतलब यह. मतलब मैं मैं दिल से ये मैं इतनी उनकी. इज्जत करता हूं। एंड शी इज़ एन इंस्पिरेशन. फॉर मी कि किस हिसाब से वो टीम चलाती हैं. और वंस यू आर इनसाइड दिस वर्ल्ड यू नो कि. कितनी मुश्किल होती है और वो कैसे हैंडल. करती हैं।. आप सूर्यकुमार यादव, रोहित शर्मा, जसप्रीत. बुमराह, हार्दिक पांड्या सबको हैंडल करते. हो।.
एक मयान में दो तलवार नहीं होती। वहां. चार-चार हैं।. चार-चार हैं. और सब हैं. और सब हैं एंड कमिटेड हैं। तो दिस इज अ. क्रेडिट टू नीता अंबानी। इट इज नॉट. जयवर्धने और पोलार्ड ऑफ कोर्स दे वुड हैव. प्लेड अ रोल। बट दिस इज नीता अंबानी।. इनफैक्ट पोलार्ड भी आईपीएल से रिटायर हुए. बट वो वहीं है।. वहीं है। तो ये जो चीज है ना यह आपकी जब. नॉलेज होती है तब आप गवर्न कर सकते हो। पर. यह नॉलेज नहीं है तो लीव इट टू समबडी हु.
हैज़ हायर नॉलेज। यह जो लोग बोलते हैं ना. कि इन्होंने यह बोला, इतने प्रश्न किए सब. फालतू झूठ, बकवास।. अ. द पॉइंट इज़ यू कैन मेक अ सजेशन. एंड ऑनर एंड रिस्पेक्ट. इफ दैट सजेशन इज़ ओवरटर्न। सिंपल।. ओके। नाइस। सर क्रिकेट मुनाफा देता है. फुटबॉल घाटा। फिर फुटबॉल किसके लिए? दिल.
के लिए, इमेज के लिए, पैशन है, आगे फ्यूचर. देखना है। क्या रीजन है फुटबॉल? क्योंकि. आप फुटबॉल भी बहुत पैशनेटली बात करते हो।. आपकी टीम ने अच्छा भी किया है। वो एक बाय. प्रोडक्ट है। बट स्टिल. वो बाय प्रोडक्ट नहीं है। वो मेहनत है।. नहीं मतलब अच्छा फुटबॉल में उतना पैसा. नहीं जितना क्रिकेट में है। आप जीत रहे. हैं वो भी अच्छी वो बहुत अच्छी बात है।. देखिए सिर्फ जीत या स्पोर्ट्स सिर्फ पैसे. के लिए नहीं होता। पैसा. [गला साफ़ करने की आवाज़] इज़ एन. इंपॉर्टेंट थिंग इन एवरीथिंग।. बट.
यह कलकत्ते शहर के लिए है। मेरी जन्मभूमि. है। मेरी कर्मभूमि है। तो यहां पे फुटबॉल. एक रिलीजन है। मोहन बगान इंडिया का. बिगेस्ट क्लब है।. आप. आप जब तक देखोगे नहीं, आप विश्वास नहीं कर. सकते हो कि किस तरह से जुनून है मोहन भगान. के लिए।. और क्या फॉलोइंग है और क्या. यदि मोहन बगान गेम जीतती है तो उस रोड शाम.
कोलकत्ते की सड़कें मरून और ग्रीन होती. हैं।. यस दैट इज अ फैक्ट। मैं स्टेडियम से. निकलता हूं तो मुझे घर आने में नॉर्मल कोस. में 20-25 मिनट लगते हैं। उस दिन मुझे. 60-70 मिनट लगते हैं। क्योंकि कितने जगह. पे वो रोकते हैं फैंस? मतलब. यह जो तो मोहन बगान यहां पर एक इट्स अ.
रिलजन इन बंगाल।. तो फॉर मी दिस इज माय पेबैक टू द सिटी।. हाउ कैन आई मेक. दी फैंस एंड दी पीपल इन माय. सिटी. प्राउड ऑफ दिस ह्यूज लेगसी. दैट मोहन भगान इज़ व्हाट कैन आई डू टू. एनहांस दैट लेगसी.
एंड द ओनली थिंग आई कैन डू इज टू. कंसिस्टेंटली ट्राई एंड विन। सर फिर मेरे. एक मन में एक सवाल आता है। वही सवाल बहुत. लोग के मन में होगा। फुटबॉल को लेकर. इंडिया में प्रेम है। स्कूल कॉलेज के लेवल. पर भी दिखाई पड़ता है। हर देश में बंगाल. में थोड़ा ज्यादा है। ओवरपैशनेट लोग हैं. फुटबॉल को लेके। इंडियन फुटबॉल टीम या. फुटबॉल में हम जिस तरह क्रिकेट में अच्छा. कर रहे हैं। फिर हम वैसे अपलिफ्ट क्यों. नहीं हुए? क्योंकि सबको फुटबॉल पसंद है।. फिर कहां रह जा रही कमी? और आप जैसे.
बिज़नेसमैन भी अब इन्वॉल्वड हैं। अंबानी से. लेकर सभी इन्वॉल्व हो रहे हैं।. देखिए अंबानी थे तो बहुत आगे जा रहा था।. फिर पता नहीं क्यों क्या हुआ और उनको. लोगों ने एआईएफएफ ने बाहर कर दिया। मुझे. मैं पॉलिटिक्स में पढ़ता नहीं हूं। मुझे. नहीं समझ में आता है। मैं समझना चाहता भी. नहीं हूं। बट इट इज अ डिसपॉइंटमेंट फॉर. फुटबॉल दैट Reliance इज़ आउट ऑफ द आईएसएल।. एंड आई हैव नो हेजिटेशन इन सेइंग दिस।.
वो फुटबॉल का स्केल और कर सकती थी।. कर रहे थे और करते।. आपने सोचा कि इंडियन फुटबॉल किस स्टेज पर. आकर ग्लोबली अच्छा करेगा। अगर आज. अभी तो बहुत समय है। पर जब तक आप यंग. टैलेंट को ट्रेन करना तो एक चीज है। बट. यहां पे लेवल ही ऐसी है कि वो ये सीमा से.
आप इस बेस से इधर जाते हो। पर आपको इधर से. इधर जाना है।. तो जब तक आप एस्पिरेशनली यह नहीं करोगे कि. मुझे. वर्ल्ड कप में खेलना है और फिर खेल के. जीतना है। जब तक 1983 में क्रिकेट में. आपने वर्ल्ड कप नहीं जीता था तब तक इतने. लोग क्रिकेट को प्रोफेशनलली नहीं ले रहे. थे एज अ करियर। तो फुटबॉल में अभी तक वह.
हुआ नहीं है।. वो जब तक आप वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई. नहीं करोगे. तो यह चीज नहीं होगी। जब तक. कमी क्या है? टैलेंट के लेवल पे कमी आ रही. है।. टैलेंट बहुत है पर टैलेंट को ट्रेनिंग की. कमी है और फिर ओपोरर्चुनिटी की कमी है।. आपने ट्रेन किया, आपने सब चीज किया। फिर. व्हाट देन? वेयर डू यू गो? इंडिया डजंट क्वालीफाई? व्हाट डू यू डू?
लोकल क्लब्स, लोकल मैचेस. वही. उसमें उतने पैसे नहीं. उतने पैसे नहीं तो फिर लोग नहीं आते. तो बच्चा चला गया किसी और फील्ड में. वही तो चीज तो वही हो गई ना तो जब तक आपकी. सोच ग्लोबल नहीं होगी जब तक जब आपकी. एस्पिरेशन ग्लोबल नहीं होगी आप नहीं कर. पाओगे क्रिकेट में वो सोच थी तो वो हुआ. वो जिसने भी उस टाइम किया हम.
वह सोचा कि. हम ऐसी टीम बनाएंगे ऑलराउंडर्स को रखेंगे. ये करेंगे वो करेंगे एक. वी आर गोइंग इंडिया वाज़ नॉट एनीवेयर. अमंग्स द फेवरेट्स इट वाज़ द अंडर डॉग बट. दैट टीम वेंट ऑन टू विन. द कप उसके बाद क्रिकेट बिकम अ पैशन मच. बिगर पैशन तो फुटबॉल बॉल में कोई आपको ऐसा.
एक इंसिडेंट चाहिए, एक इंस्पिरेशनल मोमेंट. चाहिए जो अभी तक नहीं आया है।. जो इंस्पायर करेगा जनरेशंस को। हालांकि. विज़ आपके पिताजी का ही बहुत अच्छा सर था।. मैं कहीं बात कर रहा था उनको लोग टेकओवर. किंग कहते थे। 80 के दशक में कई ऐसी. कंपनियां उन्होंने ऐसे-से खरीद ली। लोग. जैसे सब्जियां खरीदते हैं वैसे वो. कंपनियां लगातार टेक ओवर कर रहे थे।. जिसमें डनलप हो, सीएट हो। कोई एक टेकओवर. जिसका कोई रोचक सा किस्सा आपने देखा हो, सुना हो, समझा हो, जाना हो पिताजी का।.
[हंसी]. वो उनका नशा था ये. कंपनियां खरीदना. कंपनियां खरीदना [हंसी]. तो ये जब एचएमवी उस टाइम में सारेगा आज उस. टाइम एचएमबी होती थी ग्राम कंपनी ऑफ. इंडिया. उसके जो ग्लोबल सीईओ थे एक इंडियन थे. भास्कर मेनन बोल के जिनसे उनकी बहुत अच्छी. दोस्ती थी. तोक आए थे कंपनी बंद करने ग्रैंड होटल में. रुके हुए थे. तो पापा गए उनके पास कॉफी पीने।.
कॉफी के बाद आए तो बोले मैंने खरीद ली। हम. क्या खरीद ली? [हंसी] मैंने कंपनी खरीद. ली। कौन सी कंपनी खरीद ली? एचएमबी।. एचएमबी खरीद ली।. हां। ₹1 में खरीद ली।. बोले वो बंद कर रहे थे। तो मैंने कहा ₹1. में मुझे दोगे? उन्होंने कहा हां लो। तो. ₹1 में खरीद दी। बैलेंस शीट तो हमने देखी. नहीं। नहीं नहीं मुझे पता नहीं।.
नफा है या नुकसान है मुझे नहीं पता।. ये दिल का वो था। मैंने खरीद ली। तो. ऐसी भी चीजें थी।. अंदाजन कितनी कंपनियां खरीदी होंगी. उन्होंने।. पता नहीं 15 20 आई डोंट नो कभी गिनती नहीं. की। पर 15-20 तो होंगी।. बट ये भी अलग सा पैशन है।. ये अलग पैशन था और उन उनको एक अगेन. कॉन्फिडेंस था। अच्छा और उनका कॉन्फिडेंस.
किस चीज से था? आप समझिए इसका।. वो खुद भी एक एस्ट्रोलॉजर थे। एमच्योर. एस्ट्रोलॉजर और एस्ट्रोलॉजी में उनको बहुत. विश्वास था। आपको भी बहुत ज्यादा विश्वास. मुझे भी बहुत ज्यादा है बट उन्हें भी था. और उनसे ही मुझे यह विश्वास मिला है तो. उनके जो एस्ट्रोलॉजर थे बहुत पहुंचे हुए. थे बनारस केदार जोशी थे उन्होंने उनका कहा. था कि अभी आपका समय इतना अच्छा आठ साल आप. जो करोगे.
वो सोना होगा. उससे उनको मिला भरोसा. और फिर दना धन धना धन धना धन धना धन धना. धन वो लेते गए. खरीदते गए खरीदे जाओ। [हंसी]. तो ये हिम्मत थी कि जो होगा देखा जाएगा।. तो आपने स्टॉइलर से कंसल्ट करवाया। लखनऊ. ट्रॉफी अब उठा रही है। [हंसी]. कराया. कराया। [हंसी].
उसके आगे मैं बोल नहीं सकता हूं। बट. कराया। [हंसी]. आपकी पीढ़ी में सर हरिराम गोयनका जी से. लेकर अब आगे शाश्वत गोयनका तक।. जी।. कुछ बातें होती है जो पीढ़ी दर पीढ़ी. ट्रांसफर होती है हर लेगेसी में आपके यहां. क्या ट्रांसफर हुआ. कोई बात जो परदादा जी से चली आ रही है. एक तो वैल्यू सिस्टम्स. हम. किसी का रुपया नहीं मारना है किसी के साथ. धोखाधड़ी नहीं करनी है. हम. और ये बचपन से सिखाया जाता है कि तुम किसी.
के साथ खराब करोगे तो उससे दो गुना. तुम्हारे साथ होगा. तो यह कभी नहीं करना है तो मैं आपको एक. एग्जांपल देता हूं।. मेरे एक बहुत नजदीकी थे हम. वो मेरे लिए काफी खराब कर रहे थे। ये 7 आठ. साल 10 साल 12 साल आगे की बात है। मेरी. मदर थी उस टाइम।. उनके कुछ अनफॉर्चूनेट इंसिडेंट हुआ उनके.
साथ।. मैंने कहा अच्छा हुआ ही डिर्व्स इट। और. मैं खुश हुआ. तीन चार महीने बाद मेरे साथ दैट इन 34. हुआ।. ऐसा चांटा पड़ा. सीख भी मिली।. हालांकि मैंने खराब किया नहीं था। मैंने. वो मोमेंट को एंजॉय किया था।.
सर चेरिश किया था।. चेरिश किया था।. ये चीज बड़े हमेशा बोलते थे।. बट यह उस दिन पहले तो यू फॉललोड इट बिकॉज़. यू वर टोल्ड दैट डे दैट लेसन बिकम अ. कन्विक्शन. तो वैल्यू सिस्टम्स. ट्रांसपेरेंसी ऑनेस्टी ये चीज चलती आई है।. कर्मा में यकीन करते हैं।. कर्मा बहुत इंपॉर्टेंट है।.
बहुत इंपॉर्टेंट है।. अच्छा बुरा दोनों मिलेगा।. अच्छा बुरा दोनों मिलेगा।. इसी जन्म में आ गई। अब यह तो मैं पूर्व. जन्म में भी विश्वास करता हूं और मैं. पुनर्जन्म में भी विश्वास करता हूं।. तो यह तो पता नहीं इस जन्म में या अगले. जन्म में पर कई ऐसे लोग हैं जो मेरे जान. पहचान में जो लोगों का बुरा ही करते हैं. बट उनके साथ कभी खराब हुआ नहीं अभी तक। तो. क्या पता अगले जन्म में हो कुछ।. सर मैंने अर्जुन तेंदुलकर का इंटरव्यू.
किया था और बहुत चर्चित इंटरव्यू रहा।. काफी उसके बारे में बातें हुई। मैंने. अर्जुन से भी सवाल पूछा था। यह सवाल मैं. आपसे ही पूछता हूं। जब आपके पिता एक बड़ी. लेगसी क्रिएट करते हैं। बहुत बड़ी लेगसी. क्रिएट कर दें तो फिर वो नाम सरनेम लेकर. चलना कंधे पर ताकत बनता है या बोझ बनता. है? और क्या कभी मन में ख्याल आता है कि. अगर वो कंपैरिजन ना हो। मेरी इंडिविजुअल. आइडेंटिटी हो तो शायद रास्ता आसान होता या. यही ब्लेसिंग था?
देखिए ब्लेसिंग है। इसमें तो कोई दो राय. नहीं है।. क्योंकि वह नाम आपके लिए बहुत दरवाजे भी. खोलता है और बहुत अपोरर्चुनिटीज भी खोलता. है जो आप खुद नहीं खोल पाते।. आप आरपी गोयनका के लड़के हो बोल के आपके. पास प्रपोजल्स आते हैं। उनका टेकओवर. सक्सेसफुल करने का ट्रैक रिकॉर्ड है बोल. के एमएनए ओपोरर्चुनिटीज आपके पास आते हैं।. उन्होंने एक बेस क्रिएट किया उसको आप बढ़ा. सकते हैं।. वो ब्लेसिंग है। उनका नाम इतना बड़ा है।.
आप जब तक उनको सुपरसीड ना करो तब तक आपकी. पहचान नहीं होती है। देन यू आर आरपी. गोइनका सन।. यू बिकम अ मैन इन योर ओन राइट ओनली व्हेन. यू सुपरसीड ह अचीवमेंट्स।. सो इट इज एन ओपोरर्चुनिटी। इट इज अ. चैलेंज। इट इज़ अ ब्लेसिंग।. बोझ तो नहीं है पर एक चैलेंज निश्चित रूप. से है। कंपैरिजन परेशान नहीं है कभी आपको?
अर्ली डेज में स्पेशली कि पिताजी से देखो।. पिताजी ये और आपका कंपैरिजन तो आपके भाई. भी हैं, पिताजी भी हैं। दो-दो बिज़नेसमैन. हो गए।. हमारे फैमिली में कंपैरिजनंस बहुत होती. थी।. मेरे फादर बहुत कंपेयर करते थे।. दोनों भाइयों को।. दोनों भाइयों को। अच्छा कंपैरिजन में आप. एक अच्छा होगा, एक रिलेटिवली, एक खराब. होगा रिलेटिवली।. आप कौन से थे? किसी चीज में वो अच्छा होता था, किसी चीज. में मैं अच्छा होता था। अच्छा जो खराब.
होता था बच्चे ही थे? तो रंजिश भी होती. थी। उससे फिर जेलसी होती है।. तो मेरे लाइफ में मैंने कंपैरिजन करना ही. छोड़ दिया। बिकॉज़ मेरे को एक चीज बहुत. खराब लगती थी कि आप कंपेयर करोगे तो एक. अच्छा होगा, एक बुरा होगा।. ट्रू बिल्कुल सही बात है।. एंड बोथ मे बी वेरी गुड इन देयर ओन वे। दे. आर टू डिफरेंट पीपल।. हाथ की पांच उंगलियां बराबर नहीं।. बराबर नहीं होती। और आप एक के बिना भी काम. नहीं कर सकते।. नहीं कर सकते। ये बिल्कुल सही बात है।. मेरे ग्रैंडफादर कहते थे कि छतरी में छह.
सीख होती है।. हम. तो एक सीख हटा दो। तो पांचों गिर जाती है।. सही बात है।. तो यह कंपैरिजन वाली चीज मुझे कभी समझ में. ही नहीं आती थी।. एंड हमारे फैमिली में बड़े लड़के को. ज्यादा तू दिया जाता था। एल्डर्स. अधिकतर परिवारों में होता है।. तो. मुझे इसकी कंपैरिजन और भी नहीं अच्छी लगती. थी। [हंसी]. तो हालांकि माय ब्रदर एंड आई आर वेरी.
क्लोज बट ये जो चीज कंपैरिजन की है मुझे. नहीं पसंद थी।. मेरे ही ऑर्गेनाइजेशन में लोग बोलते थे बट. आरपी साहब वुड नॉट हैव डन दिस।. [नाक से की जाने वाली आवाज़] पहले. कॉन्फिडेंस नहीं था बोलने का कि बट आई हैव. मी आई हैव नॉट हिम।. तो इट टेक्स टाइम बट एट सम स्टेज इफ यू. स्टार्ट टेकिंग द राइट कॉल्स.
लोग आपकी इज्जत करने लगते हैं नॉट बिकॉज़. ऑफ योर लीनिएज बट बिकॉज़ ऑफ योर. कंट्रीब्यूशन एंड दैट इज व्हाट यू हैव टू. वर्क टुवर्ड्स।. नाइस। आपने अभी अपने भाई साहब का जिक्र. किया। कैसा रिश्ता आपका है हर्ष जी से? अच्छा है।. आप उनके ट्वीट्स को एंजॉय करते हो? उनके [हंसी] ट्वीट्स फनी होते हैं।. [अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़]. मैं बहुत ज्यादा Twitter पे एक्टिव नहीं. हूं बट उनके ट्वीट्स फनी तो होते हैं।. इसमें कोई दो राय नहीं है।. बिजनेस अगर दो लोग साथ में कर रहे हो. अलग-अलग फील्ड में भले ही वो भाई हो जैसे.
मैं मेरा भाई बचपन सबका सारे भाइयों का. रिश्ता बहुत क्लोज होता है। बट जिनके साथ. भी आप जॉब करते हो या काम करते हो थोड़ा. सा एक या तो मैं बहुत जगह मैंने देखा है. कि जब कंपटीशन आता है तो अपनी-अपनी एक. यात्रा होती है। उस यात्रा में अपनी-अपनी. टीम होती है। अपनी-अपनी कहानियां होती. हैं। उस किरदार में कुछ रिश्ता बदलता है. कभी? देखिए हम हम जब साथ काम किए 30 साल हमने. साथ किया. पिताजी के सब. हां और वो दे वर ब्रिलियंट. मतलब वी वर कॉम्प्लीमेंटिंग ईच अदर ऑन.
एवरीथिंग. इट वाज़ अ डिफरेंट मैटर कि आई वाज़ द फॉल. गाय जो नेगेटिव चीज बोलनी होती थी मेरे. नाम से बोला जाता था बट वो एक. अंडरस्टैंडिंग थी कि गुड कॉप बैड कॉप. जब फादर ने बिजनेस डिवाइड किया तो दो तीन. चार साल रिश्ते बहुत खराब हुए।. बातचीत बंद थी।. बेमानस थी। एक तो मतलब खराब रिश्ता था।.
अब रिश्ता अच्छा है। फोन पे भी बात होती. है, मिलते भी हैं।. कांटेक्ट भी है।. दैट इज अ पास्ट। दैट पीरियड. तो यह क्या पीस वापस बनाया? किस चीज ने? यह नहीं पता कि किस चीज से हुआ। हो सकता. है दोनों को ही लगा हो। हो सकता है कि. दोनों की बीवियों ने रोल प्ले किया हो। ये. कहना बहुत मुश्किल है। बच्चों का तो आपस. में हमेशा से ही बहुत अच्छा रिश्ता था। दे.
आर वेरी क्लोज। ऑल द कजिंस आर वेरी क्लोज।. अब हमारा भी रिश्ता बहुत अच्छा है। पहले. भी अच्छा था। बीच में खराब था। अब वापस. अच्छा है।. तो इस इस चीज ने क्या सिखाया आपको? बहुत. सारे बच्चे आपको देख रहे होंगे। बहुत सारे. लोग देख रहे होंगे जो छोटे भाई होंगे आज. बहुत प्यार होगा आपस में और फिर शायद एक. ही बिज़नेस करें। इसकी पूरी सीख क्या थी आप. दोनों लोगों की? देखिए सेपरेशन जब होता है तो एक तो फादर. के लिए बहुत डिफिकल्ट होता है।. उसके ज़हन में उनके बहुत सारी सवालें होती. है कि दोनों की लेवल ऑफ कॉम्पिटेंसी एक.
नहीं होती है। तो जिसकी कम होती है उसको. ज्यादा कंपनसेट करो. कि दोनों को बराबर करो।. एक मैं सोचता हूं तो मैं भी पॉइंट. तो और कोई भी चीज 50-50 नहीं होगा 55 45. 60 40 65 35 जो भी. पर उस समय दोनों को लगता है कि हमें कम. मिला चाहे किसी को एक को तो ज्यादा मिला.
एक को कम मिला पर दोनों को ही लगेगा कि. हमको कम मिला. इमोशंस ऐसे होते हैं एटमॉस्फेयर वैसी होती. है तो. एक नेचुरल टेंडेंसी है टू फील. डिप्र्राइव्ड एंड टू फील चीटेड एंड टू. होल्ड द अदर साइड अकाउंटेबल फॉर हैविंग. चीटेड यू. ओवर अ पीरियड ऑफ़ टाइम यू रियलाइज़. सरकमस्टसेस ऐसे थे.
गलती भी थी गलती हो भी सकती है. बट गलती मानो और आगे बढ़ो।. परिवार. परिवार है ना? इमोशन है, ब्लड लाइन है, पेरेंट्स हैं कॉमन में।. एंड इससे ज्यादा. मेमोरीज रही होंगी। बचपन से. कितनी सारी मेमोरीज हैं। कितने मोमेंट्स. हैं? साथ मिलकर बड़े हुए हैं।. साथ मिलके बड़े हुए हैं। तो.
वो 3 साल 4 साल आपके 40-50 साल की गुड. मेमोरीज को तो नहीं मिटा सकते।. पर वो जब सेपरेशन हुआ तो इमच्योरिटी. बोलिए, स्टुपिडिटी बोलिए, मायोपिक अप्रोच. बोलिए। वो हुआ। नहीं ये सवाल मैंने इसलिए. पूछा था सर क्योंकि जितने बड़े बिज़नेस. घराने हैं जब भी वहां पर बंटवारा हुआ है. सब में ऑलमोस्ट यही सिचुएशन आई है। तो मैं. चाह रहा था जो नया बच्चा सुन रहा हो आपको. जो शायद साथ मिलके काम करेंगे और सारे.
भाइयों में प्यार रहता है। आई एम श्योर आप. लोग के बचपन में अनलिमिटेड लव रहा होगा।. एंडलेस चीजें उन्होंने आपके लिए की होंगी।. आपने उनके लिए की होंगी। और वो याद भी. नहीं रहती है ना। बिकॉज़ यू टेक इट फॉर. ग्रांटेड।. हां। तो. पर वो बचपना था। जो बीच में झगड़ा था वो. बचपना था। बेवकूफी थी. और बचपना किसी भी उम्र में हो सकता है।. बचपना [हंसी] किसी भी उम्र में हो सकता. है।. ब्यूटीफुल।. बट. एंड हम दोनों ने ही फादर को रिस्पांसिबल.
माना। मैंने सोचा मुझे कब मिला? उन्होंने. सोचा उन्हें कम मिला। एंड दोनों ने फादर. को रिस्पांसिबल माना। बट एज अ फादर व्हेन. आई थिंक. इट वास द मोस्ट डिफिकल्ट जॉब फॉर हिम टू. डू इमोशनली. एंड प्रैक्टिकली. क्योंकि आज आप मतलब अपने बिजनेस को डिवाइड. कर रहे हो।. सो टुमारो इट इज नॉट योर्स एस वन बट.
डिवाइडेड।. तो इट्स अ वेरी डिफिकल्ट डिसिशन टू मेक।. सेकंडली आप एक को कम दे रहे हो एंड एक को. ज्यादा दे रहे हो मे बी नोइंगली मे नॉट बी. नोइंगली. तो यू आर हैविंग टू फेस बोथ द चिल्ड्रन. दोनों से. कभी कोई कुछ बोल रहा है कभी कोई कुछ बोल. रहा है आप फेस कर रहे हो आप.
वै टफ. इट हैस टू बी वेरी टफ फॉर अ फादर इट कैन. नॉट बी इजी बट आई वुड रेकमेंड फॉर एवरी. फादर फादर. टू डू दिस नहीं तो बच्चों के बीच में. एनिमोसिटी बढ़ेगी ही बढ़ेगी। आप कर दो. फादर का एक एक्सेप्टेंस रहता है कि फादर. ने किया है। चलो. हां. अच्छा है बुरा है किया है।. पिताजी करके गए।. पिताजी करके गए थे।.
पर लाइफ सिखाती है ये सब चीज।. इट्स वैरी टफ। ये जिंदगी के बहुत इट्स. वेरी टफ. और मैं इमेजिन कर पा रहा हूं क्योंकि उनकी. जगह जाकर के उनके लिए कितना टफ रहा होगा. वो पूरा समय. और वो स्ट्रेस्ड रहते थे तो हमें लगता था. कि वो स्ट्रेस्ड क्यों है पर अब समझ में. आता है कि क्यों स्ट्रेस थे. आप लोग जेल करते हो चायवा पीते हो साथ में. खाना या फेस्टिवल्स में. हम लोग मैं बॉम्बे जाता हूं तो उनके घर. जाता हूं वोक आते हैं तो मेरे घर आते हैं.
फोन पे बात होती है दिवाली दिवाली पे तो. मतलब मस्ट ही है। एव्री मेंबर ऑफ़ द फैमिली. स्पीक्स टू एव्री मेंबर ऑफ़ द फैमिली।. दैट्स अ मस्ट।. इट शुड बी बाकी सब सपने आप एटलीस्ट आखिर. तो यही चीज है ना पहली बार।. हां तो बर्थडेज में गिफ्ट्स एक्सचेंज करते. हैं। विशेस एक्सचेंज करते हैं। तो फोन पे. बात करते हैं। आप कभी 2 मिनट बात करते हो, कभी 1 घंटे बात करते हो।.
वो समय मैटर नहीं करता। दिल में जगह है, साफ सुथरी है, इज्जत है, बस इतना ही।. बिल्कुल।. अपने मुंबई का जिक्र किया गाने आ गए सर।. कारवा एक डूबती म्यूजिक कंपनी उस रेडियो. जैसे डब्बे से लौटा दिया आप लोगों ने।. मैंने भी खरीदे हैं कारवा के डब्बे।. [हंसी]. तो कारवा टेक्नोलॉजिकली बहुत एडवांस. प्रोडक्ट है। और आज तक बहुत कंपनियों ने. ट्राई किया रिवर्स इंजीनियर करने को। आज. तक किसी ने सक्सीड नहीं किया।. उसको यह लुक हमने क्यों दिया? उसी शायद.
लुक की वजह से देखा हमने. तो उसकी पूरी एक स्ट्रेटजी थी मार्केटिंग. की फर्स्ट प्रोडक्ट क्रिएशन की. हम. और फिर मार्केटिंग की. आपके जो पुराने गाने हैं वो उस टाइम. ज्यादातर 50 60 70 ईयर ओल्ड सुनते थे।. आजकल यूथ भी थोड़ा बहुत सुनने लगा है ये. और वो सब फोन पे.
इंटमिडेट हो जाते थे कि फोन पर हम कैसे. सुनेंगे।. तो यह था कि उनको. सिंपलीसिटी से आप गाने कैसे दो।. उनकी आदत थी कि आप रेडियो चलाते थे तो वो. नब होता था।. मर्फी हमारी कंपनी होती थी। मर्फी की का. एक रेडियो एज अ मैटर ऑफ डेकोरेशन हमारे वो. कॉन्फ्रेंस रूम में पड़ा हुआ था।. वो आप कई बार नहीं लाते कबाड़ की दुकान से.
वो. इस टाइप की चीजें कि एंटीिक वैल्यू. टेलीफोन. हमारे सारे गामा के ग्रामाफोन तो बहुत ही. लोग ले जाते हैं और लगाते हैं. रेडियो. वैसे एक मर्फी का पुराना रेडियो लगा हुआ. था. तो बैठे-बैठे वहीं पे इवॉल्व हुआ कि लेट्स. गिव इट दैट काइंड ऑफ अ लुक नस्टेल्जिया. पीपल आइडेंटिफाई विद इट। सो इट्स नॉट. इंटिमिडेटिंग नब से ऑपरेट होता। हालांकि. अंदर में पूरी टेक्नोलॉजी है।.
मूड्स कर दो, आर्टिस्ट कर दो, डिफरेंट. काइंड ऑफ कॉम्बिनेशंस कर दो और 5000 गाने. डाल दो।. प्रोडक्ट बन तो गई। बहुत अच्छी बनी। अब. मार्केट में वो फर्स्ट बजट आया 600 करोड़. का। प्रोडक्ट बनाने में लगे 14 करोड़।. प्रमोट [हंसी] करने में लगे 600 करोड़।. तो मैंने कहा यह नहीं चलेगा 600 करोड़. कंपनी के पास है कहां देंगे देने को.
उसके बाद भी गारंटी नहीं जो कैंपेन बना के. लाए वो उसमें दम नहीं था. तो हमने कहा कि व्हाट डस इट. व्हाट इज इट व्हाट डू यू वांटेड टू टच. तो जितने सारे गामा के लोग थे किसी ने कुछ. कहा किसी ने कुछ कहा किसी ने कुछ कहा किसी. ने कुछ कहा. इट टक्स एट एन इमोशन।.
दैट इज व्हाट यू आर ट्राइंग टू रीच एट एन. इमोशन।. हाउ डू यू गेट टू एन इमोशन। तो फिर एक. फिल्म मेकर को लिया. कि हमें एक जिंगल नहीं बनाना। हमें एक 30. सेकंड का ऐड नहीं बनाना है। हमें एक छोटी. फिल्म बनानी है।. व्हिच बिकम्स. अ प्रोमो फॉर कारवा बट द ओनली थिंग इन दैट. फिल्म कार्वा इज़ इंसिडेंटल।. द ओनली थिंग दैट इज़ देयर इन द फिल्म इज़.
इमोशन।. और बहुत खूबसूरत बनकर आया।. बहुत खूबसूरत। और उस फिल्म की वजह से वो. सोशल मीडिया में बढ़ते बढ़ते बढ़ते बढ़ते. बढ़ते बढ़ते बढ़ते एकदम वायरल हो गया।. मेरे मोबाइल में सारे गाने हैं। मैं सारे. गामा का कारवा खरीदा मैंने।. आई थिंक वो ऐड ने मेरे को उस जगह टच कर. दिया था।. दैट्स दैट्स दैट वास द थिंग। वो सक्सेस था. उस प्रोडक्ट का कि हमने आइडेंटिफाई. करेक्टली किया कि इमोशन पे प्ले करना है।. एंड वो जो फिल्म मेकर था उसने इतनी सुंदर.
फिल्म वो बनाई। जब मैंने फर्स्ट टाइम. हमारे बोर्ड रूम में उसने दिखाया मैं तो. रोने लगा एंड जितने लोग थे रो रहे थे. तो. इनिशियली पॉपुलैरिटी गेन करी वो फिल्म के. ऊपर नॉट ऑन कारवा बट कारवा गॉट इन बिकॉज़. ऑफ़ दैट एंड इट वाज़ ब्यूटीफुली डिज़।. [खांसने की आवाज़]. आज जितने भी गाने सर हम रील पर सुनते हैं. जैसे मैंने ओपनिंग कहा उसका पैसा आपके पास.
आ जाता है। लता जी की आवाज आज आपकी कंपनी. कमाई है।. आपने एआई आपने रिकक्रिएट भी किया था. ऑर्केस्ट्रा के बगैर उनकी आवाज को एआई से।. जी जी [हंसी]. लता जी के साथ मेरी मदर के एकदम पारिवारिक. रिश्ते थे।. तो वो रोज बात करती थी दोनों एक घंटे।. हम. और एक दूसरे की लाइफ के बारे में ऐसी कोई. चीज नहीं थी जो इन दोनों को नहीं पता हो।. तो वो आती थी हमारे घर पे ही रुकती थी. दिल्ली मेंक में.
आप. कई बार. सुबह में वो रियाज करती थी रोज ही करती. होंगी रियाज डेढ़ दो घंटे. वो हमारे घर में गार्डन में करती थी उसके. ऊपर एक कमरा था जिसकी हम खिड़कियां खोलते. थे और उनका रियाज सुनते. दैट वास हेवन।. अमीर होने के ये फायदे होते हैं। आप लता. मंगेशकर से रियासत.
अमीर नहीं. अमीर रिश्ते बना के. मदर एंड उनका. बहनों का रिश्ता होने का यह फायदा था।. आई मीन लता मंगेशकर को आप खिड़की खोल के. रियाज सुन रहे हैं।. मेरी लड़की को उन्होंने नर्सरी ड्राइव. सिखाए हैं। जैक एंड जेल वेंट अप द हिल और. उसकी रिकॉर्डिंग है हमारे पास। ऑब्वियसली. इट्स अ वेरी प्राइवेट इट्स यस इट्स इट्स अ. ब्लेसिंग एंड वी विल नेवर एवर रिलीज़ दैट. बट वी हैव सिंगिंग नर्सरी र फॉर माय डॉटर.
अवरणा आज वो संभालती है ये कंपनी सारे. गामा को बट एंड लता जी ने उस टाइम मेरी. मदर को कहा था कि भाभी ये इस लड़की में एक. इंस्टिंक्टिव समझ है म्यूजिक की. तो उसको फिर लता जी ने कह के गाना सिखवाया. और वो विशारत विशारत में गोल्ड मेडल पैडल. भी ली हुई है। फिर उसने छोड़ दिया। फिर वो. मैगजीन पब्लिश करती है। म्यूजिक चलाती है. और अपने हस्बैंड और इनलॉस के साथ बहुत.
हैप्पीली रहती है।. बट. लता जी के साथ, आशा जी के साथ, मैंने राज कपूर साहब से मेरा इतना कोई. रिश्ता नहीं था। बट मेरे फादर का बहुत ही. आरके के सब फिल्म्स हमारे पास हैं।. तो वो एक जो रिश्ता है वो ये जो धरोहर है. इसकी क्या वैल्यू होती है? कोई वैल्यू ही. नहीं है।. और हम लोग जा रहे हैं उन गानों के पास।. अब जा रहे हैं। अब देखिए वो रॉकी और रानी.
की प्रेम कहानी में 17 हमारे पुराने गाने. करण ने यूज़ किए।. क्या कमाल की चीज है।. और कितने सुंदरता से उसने उपयोग किया वो. गानों का।. इनफैक्ट धुरंधर वन में भी आपके सारे।. धुरंधर वन में भी हमारे ही हैं।. और मैंने तो यह बात कोट भी की थी कि. धुरंधर वन के गाने मुझे ज्यादा अच्छे लगे. थे।. ये मैंने जब फिल्म का रिव्यु आया था मैंने. कहा फिल्म दोनों मजेदार है बराबर है बट. अगर जो नस्टेलजा यूज़ किया गया था वो. फर्स्ट वाला थोड़ा डिफरेंट हिट का. देखिए मेरा तो बायस है क्योंकि धुरंधर टू.
की म्यूजिक हमारी नहीं थी धुरंधर वन की. हमारी. पता है मुझे लेकिन. तो वो बायस है हमारा. ये मुझे बाद में बताइए ये मैंने रिव्यु. किया था आपकी टीम ने किसी ने मुझे कॉल. किया. तो उन्होंने कहा आपने एक्सीडेंटली हमारी. तारीफ कर दी मैंने कहा मतलब तो कहने का आप. रिव्यु कर रहे थे ना तो उसमें आपने कहा कि. बाकी सब अच्छा लगा मुझे बहुत मजा आया यार. लेकिन जो पुराने गाने यूज किए थे वो वो वन. वाले ज्यादा अच्छे थे।. तो देन आई रियलाइज कि अरे ये तो टी सीरीज. अच्छा सारे गाना [हंसी] मैंने कहा. बट ये जो आजकल ये पुराने गानों को. इन्होंने इतने ब्यूटीफुली यूज़ किया है और.
ये एक चलन भी आ रहा है आप ये जो. प्रोग्राम्स भी हो रहे हैं रियलिटी शोज़ हो. रहे हैं उनके जरिए भी पुराने गाने चलते. हैं लोग देखते हैं सुनते हैं जैसे सुनते. हैं उसको और सुनते हैं और सुनते हैं तो. फिर और सुनते हैं रिमिक्स होते हैं. रिकक्रिएट होते हैं वर्जन होते है तो. मैं सुबह वॉक पे जाता हूं। मेरे घर के. सामने एक पार्क है।. तो वहां पे भी हमारे कई साथी हैं जो साथी.
पहले मैं उनको जानता भी नहीं था। अब साथी. हो गए रोज वॉक कर करके। तो वो भी ये गाने. सुनते हैं तो किशोर कुमार, लता मंगेशकर, आशा भोसले, मोहम्मद रफी, मनाडे ये सब. सुनते हैं। तो ये जो चीज है ये एक उनकी जो. मेलेडी है, उनकी लिरिक्स हैं वो एक अलग ही. टाइप की है।. फिर आपने लता जी की आवाज रिकक्रिएट क्यों. करवाई? क्योंकि इसको लेकर चर्चा।. लता जी की आवाज नहीं रिकक्रिएट कराई। लता.
जी आई से लता जी के गानों को रिकक्रिएट. किया म्यूजिक बैकग्राउंड को हटाके। ओके।. उनकी आवाज नहीं रिकक्रिएट कराई।. ओके।. एक रिकक्रिएट एज अ टेस्ट किया था कि कोई. उनकी आवाज रिकक्रिएट हो सकती है क्या? सो. वो फॉल फ्लैट हुआ। वो नहीं हो सके।. जो वेरिएशन है वो नहीं हो सका। तो हमने आप. यदि उनकी आवाज सुनिए विदाउट. इंस्ट्रूमेंटेशन.
उसकी पोरिटी एक अलग ही लेवल की आती है तो. हमने इसलिए इंस्ट्रूमेंटेशन को हटा दिया. कि सिर्फ अभी ना जाओ छोड़ के सिर्फ उनकी. आवाज है। कोई उसमें. इंस्ट्रूमेंट नहीं है।. वो मेरे फोन पर है। वो हमने अभी तक रिलीज. नहीं की है। आप उसको सुनेंगे तो रोंगटे. खड़े हो जाते हैं। विदाउट इंस्ट्रूमेंट्स. हर वॉइस साउंड्स इवन बेटर एंड इवन प्योर।.
मैं आपको लता जी के तीन गाने बताता हूं।. आपको चूज़ करना है इसमें आपका बेस्ट कौन सा. है? एक अभी ना जाओ छोड़ के। एक तेरा मेरा. प्यार अमर और तीसरा लग जा गले।. इन तीनों में अभी ना जाओ छोड़ के।. क्यों? यह पता नहीं क्यों।. बट इन तीनों में यह बट. किशोर दा के, लता जी के, आशा जी के, मुकेश.
साहब के आप एक गाना कैसे चुन सकते हो? ट्रू।. मतलब इतने सारे गाने हैं। इतने सारे गाने. हैं।. इट्स लाइक मैं आपसे पूछूं रोहित, विराट और. एमएसडी में आपका फेवरेट कौन है? कैसे कोई चुन सकता है? [हंसी]. मेरे मेरे ताल्लुकात तीनों से बहुत अच्छे. हैं।. और क्लोज रिश्ता है। बट सबसे क्लोज इन. तीनों में एमएसडी से हैं। बट हाउ डू यू. चूज़ अ क्रिकेटर हु इज ग्रेटर ऑल थ्री आर. ग्रेट्स? ट्रू।. विराट को आपने साइन किया सर ब्रांड टू यम।.
जी।. विराट कोहली के बारे में कुछ बताइए।. क्रिकेट पे तो वो अग्रेसिव हैं। बिहाइंड द. सीन कैसे हैं? ऐड कैंपेन में क्या कोई. उनका नखरा था या नहीं था? कितने कोपरेटिव. थे? वो बहुत प्रोफेशनल हैं।. और उनमें एक वो चीज है ही वांट्स टू. रीइन्वेंट हिमसेल्फ।. हम. तो उन्होंने इंडियन क्रिकेट को फिटनेस दी।. हम. आई रिमेंबर हिम टॉकिंग देन कि रोनाल्डो का. आई डोंट नो क्या लेवल कुछ नंबर बताया था.
वैल्यूएशन में. नहीं फिटनेस का कुछ कुछ मार्कर होता है. मुझे अब ध्यान नहीं नंबर क्या था तो मेरा. क्यों नहीं हो सकता क्रिकेटर्स का क्यों. नहीं हो सकता है. आई रिमेंबर उन्होंने मुझे बताया था कि. किसी ने कहा था कि आप एक्स प्लेयर को टीम. में रखो. ही सेड ये यो यो टेस्ट पास कर जाएगा मैं. उसको रख लूंगा ूंगा नहीं करेगा तो मैं. नहीं रखूंगा। मैं अनफिट प्लेयर को नहीं. रखूंगा।. ही गॉट फिटनेस दैट कल्चर ऑफ़ फिटनेस इट वाज़.
हिज गिफ्ट टू इंडियन क्रिकेट। द एबिलिटी. टू रीइन्वेंट दैट थिंग ही बिकम वीगन. बिकॉज़ ऑफ वो जो एक जोश था, एक डिटरमिनेशन. था।. सर आपके लड़के को सिखाया था मुझे बोल्ड. कैसे मारो।. प्रिंस यादव ने जो बोल्ड किया था विराट. कोहली ने बताया था। उन्होंने मुझे बोल्ड. कैसे मारा? प्रिंस ने आके बताया कि मैंने. इनसे सीखा था। [हंसी]. तो [अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़]. देखिए जब आदमी इनसिक्योर नहीं होता है। जब.
वो. अपने स्किन में कंफर्टेबल है तब वो औरों. के प्रोग्रेस से खुश होता है।. पर कितनी कमाल कहानी है सर। मयंक को. उन्होंने पिछले मैच में सिखाया। अगले मैच. में प्रिंस बॉल ने बोल्ड मार दिया।. तो ये मयंक के लिए भी क्रेडिटेबल है ना? प्रिंस प्रिंस माफी प्रिंस के लिए। प्रिंस. और प्रिंस देखिए प्रिंस कितना ग्रो किया. है। प्रिंस हमारा नेट बॉलर होता था।. और वो कहां से कहां अब इंडिया के लिए. रेगुलर खेलने लगा है और आप देखिए अभी तो. उसकी पीक आनी है। अभी आई नहीं है।.
कमाल है। सर एi बैटरी ग्रीन एनर्जी अभी. क्योंकि आप बिजनेसमैन भी हो आगे इनमें. कहां पैदा लगाने वाले हो? तीनों में।. तो सारा पोटेंशियल कहां दिख रहा है? सबसे. ज्यादा तो अभी दुनिया एआई कह रही है. तो एआई समझते हो आप या बच्चों से अपने. कहते हो समझाओ मुझे. नहीं एआई मैं तो बिल्कुल भी नहीं समझता. हूं [हंसी] पर मेरे को लगता है दुनिया में. शायद कोई भी नहीं समझता हो. हम. क्योंकि एआई.
है क्या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब जैसे. हमारे इंटरव्यूज होते हैं एचआर के. तो वो एआई के जरिए होते हैं कोई आदमी नहीं. लेता उनको. एआई वाले लेते हैं तो शुभांकर मिश्रा का. उन्होंने एक इमेज क्रिएट कर दिया वो ले. रहा है वही एनालिसिस करके आपको दे रहा है।. वह रोबोट आपको एनालिसिस करके दे रहा है।. ईजी हो गया।. ईजी हो गया. और बट डिफिकल्ट हो गया।. बोथ इजी बिकॉज़ यू आर सेविंग टाइम, कॉस्ट, एफर्ट, एनालिसिस दे गव यू अ रेडीमेड थिंग.
कि इसमें यह स्ट्रेंथ है, ये वीकनेस है।. बट जो एक इंस्टिंक्टिव फील आपको फेस टू. फेस पर्सन टू पर्सन में आता है वो इसमें. नहीं आता है।. ट्रू. इमरान खान ने ज़मामुल हक को इंस्टिंक्ट पे. टीम में रख लिया था।. एंड ही वन वर्ल्ड कप।. देखिए एमएसडी ने कितने प्लेयर्स को. इंस्टिंक्ट पे रखा। जोगिंद शर्मा को लास्ट. ओवर दे दिया था।. दीदी आज वो चीज़ हिस्टोरिकल है। राइट? वन ऑफ़ हज़ मोस्ट ब्रिलियंट डिसिशनंस।.
तो इंस्टिंक्ट पे बहुत चीज होती है और वो. फील पे बहुत चीज होती है। तो मैं एआई नहीं. समझता हूं। बट दैट डजंट मीन आपने. आई मीन नॉट डू इट। माय बिज़नेस विल नॉट डू. इट। माय सॉफ्टवेयर बिज़नेस, माय आईटी. बिज़नेस इज डूइंग एआई। वी हैव टू. आउटस्टैंडिंग एजेंटिक एआई स्टूडियोज इन. यूके एंड ऑस्ट्रेलिया। हम. तो वी आर यूजिंग एआई. बट इससे जैसे आप आप 400 से ज्यादा लोग. आपके एम्प्लई हैं। मैं यही पढ़ रहा था।. जी. तो जो आपके एम्प्लाइजस के बच्चे होंगे. जी।. अब आप उनको क्या सलाह दोगे कि आगे की.
पढ़ाई कैसे करो कि तुम्हारे पापा की तरह. मैं नौकरी बची रहे।. मैं तो ये बोलूंगा सोचो कि तुम. एंटरप्रेन्योर कैसे बन सकते हो? वाओ।. तुम क्यों नौकरी की सोच रहे हो? नाइस।. बिकॉज़ हर एक आदमी में यह कैपेबिलिटी है।. आप में आपके हाथों में स्किल है तो आप कोई. उनसे करने का सोचो।. बट डू योर ओन थिंग।. खैर. आप कोलकाता के सैकड़ों घरों में आपकी. बिजली जाती है।. जी।. चंडीगढ़ में भी बिजली आपके हाथ में है।. कभी आपके घर की बिजली जाती है? [हंसी].
नहीं।. आपको ये बिजली बिल भरना पड़ता है? हां जी बिल्कुल।. ₹400 हर महीने. बहुत सारा बिज़नेस कर रखा है आपने सर मैं. आपको रिसर्च कर रहा था बैक टू बैक सारी. चीजें निकल रही थी आपने इनफ्लुएंसर्स के. लिए भी कंपनी बना रखी है. इनफ्लुएंसर्स वाली कंपनी खरीदी [हंसी]. पिताजी वाला शौक. नहीं ये. दिस वाज़ अ डिफरेंट अप्रोच. हम.
मेरे हिसाब से इन्फ्लुएंसरर कम्युनिटी. इज़ गोइंग टू बिकम. अ वेरी बिग कम्युनिटी एज वी गो अलोंग. दे आर नॉट मार्केटेड एज वेल एज दे कुड बी. दे आर नॉट प्रोजेक्टेड एज वेल एज दे कुड. बी और हर एक इन्फ्लुएंसरर. और यदि हर एक नहीं. तो अ ग्रुप ऑफ इन्फ्लुएंसर्स कैन सर्टेनली. बिकम.
ग्रेट बिजनेस पीपल. तो आप बहुत सारी ओपोरर्चुनिटीज हैं इसमें. और आज के दिन नई मीडिया. इज इनफ्लुएंसर्स।. पुराने जमाने में मैं नाम सुनता था. गिरीलाल जैन का। आज के दिन शुभांकर. मिश्रा, राज शमनी, रणवीर इलाहाबाद या दिस. इज द न्यू वर्जन ऑफ द गिरीलाल जैन ऑफ द. वर्ल्ड।. तो दिस कम्युनिटी ये जो है हम.
इसका रोल बहुत अलग है और बहुत अलग होगा।. एक ओपन मैगजीन भी आपकी है।. हां जी।. मीडिया के मालिक आप हैं।. ओपन है, Fortun है, स्क्वायर है, हॉलीवुड. रिपोर्टर है, और भी है। हमारी हुक ऑनलाइन. भी है।. तो कभी संपादक को फोन करते हैं आप? नहीं जी। मुझे ये भी नहीं पता कौन है।. [नाक से की जाने वाली आवाज़] मुझे मुझे. ओपन के एडिटर का पता है बिकॉज़ उनको मैंने. अपॉइंट [खांसने की आवाज़] किया था और. फॉर्च्यून के एडिटर का पता है बिकॉज़ उनको.
भी मैंने अपॉइंट किया था। बाकी के हमारे. मैगजीन के किसी एडिटर या किसी से मेरी कोई. इंटरेक्शन भी नहीं है।. बट जितने बड़े देश के बिज़नेसमैन सर हैं वो. उन्होंने मीडिया हाउसेस में इन्वेस्ट कर. रखा है। टीवी चैनल्स में. सारे बड़े बिज़नेसमैन।. मीडिया चैनल्स में लोग पैसा क्यों लगाते. हैं? जबकि जानते हैं कि उससे इतना प्रॉफिट. नहीं होता।. मीडिया चैनल में मेरा अभी तक इन्वेस्टमेंट. नहीं है। हालांकि मैं उम्मीद करता हूं कि. आगे चलके हो। [हंसी]. तो अगले 5 साल में सारा पैसा कहां लगाने. वाले हैं आप? किस धंधे में? देखिए हमारा.
अभी तो ज्यादा से ज्यादा रुपया जा रहा है।. हमारे सब बिनेसेस ग्रो कर रहे हैं और सब. में एक्सपेंशन बहुत तगड़े रूप से हो रहा. है। बट रिन्यूएबल एनर्जी में अभी 64,000. करोड़ की इन्वेस्टमेंट्स ऑनगोइंग है। अ. हमारी बैटरी स्टोरेज में. 25,000 करोड़ का प्लान है। भी है. हमारी टेक्नोलॉजी में मतलब ये डिजिटल डाटा. एनालिटिक्स एआई उसमें 6000 करोड़ का प्लान.
है। तो अभी सब जगह ही एक्सपेंशन है।. केमिकल्स में ग्रोथ है। पावर जनरेशन में. ग्रोथ है। अभी अभी सब जगह हम ग्रो कर रहे. हैं।. आपके मॉल्स हैं? एक मॉल है क्वेस्ट बोल केक में। हम. का बिगेस्ट मॉल है. जहां रोलेक्स मिलती है. जहां रोलेक्स भी मिलती है. रोलेक्स भी मिलती है दैट्स अ करेक्ट. स्टेटमेंट कोलकाता का जिक्र हुआ सर अभी. वेस्ट बंगाल में रिजीम चेंज हुआ है दो आई. नो कि आप पॉलिटिकल बातें नहीं पसंद करते. फिर भी एक समझने के लिए बिजनेसमैन के.
पॉइंट ऑफ व्यू से अब कोलकाता में आपको. क्या उम्मीदें हैं क्योंकि कोलकाता को. लेकर एक परसेप्शन जो दिल्ली में हमारा बन. रहा था वो ये था कि हिस्ट्री बहुत खूबसूरत. है वर्तमान बाकी शहरों का बहुत सुंदर होता. जा रहा है 15 साल साल पहले कहानियां. इतिहास की बातें ज्यादा हो रही हैं। अभी. इधर 90 दिनों में आप कुछ अगर कहना चाहो तो. पिछले 90 दिनों में मुझे ऐसा लग रहा है कि. एक कॉन्फिडेंस आ रही है कि अब बंगाल का. फ्यूचर बहुत अच्छा है।.
हम. बीजेपी का आप ट्रैक रिकॉर्ड देखिए। जहां. भी वो सत्ता में है. वो स्टेट की प्रगति हुई है. और महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।. आप टीम देखिए आप इनका अप्रोच देखिए।. कल मुझे एक अवार्ड सेरेमनी में मैं गया. था। कोई अवार्ड मिल रहा था।. मुझे अवार्ड देते टाइम चीफ सेक्रेटरी ने.
बोला कि तुम्हारा यह प्रपोजल है, इसका यह. है, यह है। आप देखिए यह चेंज है कि वो 1. मिनट में उन्होंने मुझसे एक प्रस्ताव की. बात की. स्टेज पे. स्टेज पे. धीरे से. धीरे से।. तो ये चेंज है इन द अप्रोच ऑफ द बीजेपी. लेड गवर्नमेंट एंड द प्रीवियस. गवर्नमेंट्स।. तो पहले हमने इतने सालों में यहां पर. निवेश जो करना था डिस्ट्रीब्यूशन बिजनेस. में आपको 1000 1200 करोड़ हर साल.
डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को अपग्रेड करने. में मीटरिंग में इसमें उसमें लगाना पड़ता. है। वो लगा रहे थे हमने और कोई लंबा चौड़ा. इन्वेस्टमेंट नहीं किया था। अब एक साथ. हमने 25,000 करोड़ का प्लान उनको दिया है. वेस्ट बंगाल के लिए।. वेस्ट बंगाल के लिए और वो कह रहे हैं हम. पूजा के आगे फाउंडेशन स्टोन दुर्गा पूजा. के आगे फाउंडेशन स्टोन ले कर देंगे।. मैं ऐसा मेरी वर्किंग लाइफ में मैं सोच. नहीं सकता था। इस टाइप की प्रपोजल बंगाल. में छ साल लगते।. यह चेंज है।. हां मतलब बुद्ध भट्टाचार्य की सरकार इसलिए. गई थी वो थोड़ा इन्वेस्टमेंट ला रहे थे।.
इसीलिए सरकार गई तो ज्योति बासू थे एक. टाइप की। तृणमूल की ये सरकार थी एक एक और. टाइप की।. पर इंडस्ट्री की तरफ, इंफ्रास्ट्रक्चर. डेवलपमेंट की तरफ, प्रोग्रेस की तरफ, प्रीवियस गवर्नमेंट का कोई फोकस ही नहीं. था। अब सड़कें देखिए बंगाल में। इतनी खराब. सड़कें शायद कोई देश में कोई और सिटी में. है ही नहीं।. आप यहां से निकलेंगे तो धड़ धर धर धड़.
करते हुए निकलेंगे। आपका सस्पेंशन नहीं. टूटता हो गाड़ी का तो टूट जाएगा।. 90 दिनों में इन्होंने 7000 करोड़ कमिट. किया है इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए ऑलरेडी।. धम धम धम धम करके इन्वेस्टमेंट प्रपोजल्स. आ रहे हैं।. मेगा प्रपोजल आएगा. पर छोटे-छोटे छोटे मीडियम साइज बहुत सारे. आ गए हैं जिसके जिनमें कि काम चालू हो गया. है। जमीन दे दी।.
तृणमूल सरकार ने इंसेंटिव्स को रिवर्स कर. दिया। अनाउंस्ड इंसेंटिव जिसके बेसिस पे. लोगों ने निवेश किया. एक वन फाइंड डे कह दिया कि नहीं हम नहीं. देंगे हम हम रिवर्स करते रहे. तो कोई का भरोसा कैसे होगा कि आप पे आपके. शब्द पे भरोसा करके कोई एक पैसा भी लगाए.
और आदमी पैसा कई बार तो वंटरी देता. कई बार मजबूरी में देता है।. पॉलिटिकल पार्टीज को खासतौर पर समझने वाले. समझते हैं। बट चलिए मैं कोलकाता की बात. करूं। कोलकाता आपके लिए मोशन है। एक समय. देश की राजधानी थी। फिर सारी बड़ी. कंपनियां निकल गई। फिर मैं कह रहा हूं कि. कोलकाता में इतिहास बताने के लिए बहुत कुछ. है। वर्तमान थोड़ा सा हिलाडुला नजर आता. है। अगर आप देश के बाकी बड़े शहरों से. कंपेयर करें और मैं प्रैक्टिकल बच्चा बाहर. निकल के जॉब कर रहा है। नई चीजें कम बनी।.
आपको लग रहा है कि जो यह बदलाव शुरू हुआ. है या जो अब आप कह रहे हो जैसा अभी आपने. कहा कि 25,000 करोड़ आप इन्वेस्ट करने जा. रहे हो यह कोलकाता को दिल्ली, मुंबई, चेन्नई के आसपास पहुंचा देगा।. देखिए उम्मीद तो आदमी ये करेगा कि पहुंचा. दे।. पर उनको 49 इयर्स का हेड स्टार्ट मिला है।. हम. तो कैचअप करने में भी समय लगेगा।. बट बट बिजनेसमैन आप एक हो। लाइक एक होता. है ना कि पूत के पांव पालने में दिख जाते.
हैं। मैं आपका सिर्फ नजरिया समझना चाह रहा. हूं। वो तो हमें एनालिसिस हर साल मिलते. रहेंगे करते रहेंगे हम आगे भी। बट एक होता. है ना कि शुरुआत एक नजरिए पे. बहुत अच्छी शुरुआत है ये सरकार की।. हम. और इन्होंने कैबिनेट भी जिस हिसाब से चुना. है बहुत सोच समझ के चुना है। बहुत अच्छे. लोगों को अच्छी पोजीशंस में बैठाया है।. हम [गला साफ़ करने की आवाज़]. ब्यूरोक्रेसी भी एकदम चार्जड अप है।. हम [गला साफ़ करने की आवाज़]. तो आप देखेंगे कि बहुत फर्क आ गया। लॉ एंड. ऑर्डर एकदम एक साथ से इंप्रूव हो गया है।. हम.
तो अभी तो एक डिटरेंट तरीके से इंप्रूव. हुआ है बट इवेंचुअली सिस्टमेटिकली इंप्रूव. होगा।. मैंने कुछ सर ऐसे बिलेनियर की दुनिया को. लेकर छोटे-छोटे फनी फनी सवाल भी रखे थे।. आपको दूध का भाव पता है? पेट्रोल टमाटर. किसी का आज के टाइम नहीं? नहीं। [हंसी]. आपने भी एक जिक्र किया कि कई सारे बिज़नेस. हमने एक साथ मिलते हैं। अमीर अमीर जब सारे. अमीर एक साथ मिलते होंगे तो क्या बातें. करते हैं आप लोग? वहां भी डील्स की बातें. करते हैं पैसों के बारे में या फिर कुछ और. बातें करते हैं अमीर जब वो मिलते हैं।.
देखिए अमीर और गरीब की बात नहीं होती।. अचीवर्स साथ मिलते हैं तब एक रकम की बात. होती है।. नाइस तो या. तो मैं व्यू करता हूं सोसाइटी ऑफ़ अचीवर्स. रादर देन सोसाइटी ऑफ़ रिच।. ओके नाइस।. तो जब आप अचीवर्स. के बीच में बात होती है तो आप सीखने की. चेष्टा करते हो कि मैं क्या सीख सकूं।. किस बिलेनियर से आपने सीखा आखिरी बार.
लास्ट? आखिरी बार तो नहीं बट मैं रेगुलरली मैं. इंस्पायर होता हूं मुकेश से। वो. आप हर इंटरेक्शन में आप कुछ ना कुछ सीख के. आएंगे उनसे।. एव्री इंटरेक्शन. और ह्यूमिलिटी है उनकी डिस्पाइट इज. इतना बेशुमार धन है पर हम्ल उतने ही हैं.
जितना कि कोई और है।. हमारे यहां एक मीम सब लोग कह रहे थे एक. दिन कहीं बैठा था मैं कि इस देश में सभी. लोग मेहनत करते हैं ताकि एक दिन अंबानी. अडानी जी खरीद ले। [हंसी]. देखिए मैं आपको एक एग्जांपल दूंगा।. जी. आप इनके घर में जाइए. तो मुकेश, नीता और बच्चे गेट पर खड़े रहते. हैं आपको रिसीव करने के लिए।. सर ये संस्कारों की बात ये आप सही कह रहे. हैं। उनके फैमिली के जो वैल्यूस है उसको.
लोग सोशल मीडिया पे एक्नॉलेज करते हैं।. इतना पैसा और इतनी रुतबा, इतनी ताकत होने. के बाद अगर आप अपने बच्चों को वो दे रहे. हैं तो आप जिंदगी में तो जीत गए।. तो वही तो जीत है ना। आप रुपए कितना खर्च. कर लोगे? और यह मैं बहुत सारे साधु संतों के साथ भी. देखा मैंने क्योंकि बहुत सारे बाबा साधु. संत उनके यहां जाते हैं मिलकर आते हैं. हमारे यहां इंटरव्यू करते हैं। वो भी उस. ह्यूमिलिटी की बात करते हैं जिसका जिक्र. आप कर रहे हैं।. तो ये चीज जो है और ये सीखने को मिलती है. कि जब आप गेस्ट को बुला रहे हो। आप गेट पे.
रहो उनको रिसीव करने। हमारे परिवार में था. कि आप गेट पे जाओ छोड़ने।. हां।. दैट वाज़ अ मस्ट।. ट्रू जाते वक्त। बट उनसे हमने सीखा है कि. गेट पर रहो रिसीव करने भी।. स्मॉल एग्जांपल. मेरे बेटे और दामाद को मुकेश ने. सीख दी कि दोनों रिन्यूएबल एनर्जी करते. हैं। तो तुम यह पिटफॉल मत करना। इसमें यह. गड़बड़ हो सकता है। यह मेरा एक्सपीरियंस. है। मैंने यह गलती की। मेरी बहू स्कूल.
चालू करने जा रही थी। तो नीता ने उसको. बुला के बोला हमने धीरूभाई अंबानी स्कूल. में ये ये मिस्टेक्स किया। तुम मत रिमेट. करना।. तो ये ये चीज आदमी कैसे भूल सकता है? और. ये कौन करता है? तो ये बड़प्पन है ना? सर कोई रिश्तेदार पैसे मांगे तो मना कैसे. करते हो या नहीं मना कर पाते हो? देखिए हमारे रिश्तेदारों में बहुत रुपए. डूबे हैं। [हंसी]. [अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़].
बहुत रुपए डूबे हैं दोस्तों में, रिश्तेदारों में और उसके बाद उनकी छुरी भी. पीठ पर पड़ी है।. अच्छा आपके तो वैसे भी नहीं हमारे आप वाले. कि भाई 1000500 दे दो आपके तो000500 मतलब. करोड़ में आता होगा हां बिल्कुल [हंसी] तो. अब कोई बहुत ही नजदीकी हो. तो कभी आप दे भी देते हैं पर जनरली. मदद कर देते हैं इंफ्रास्ट्रक्चरली.
रुपए से भी कई बार किया ऐसी बात नहीं है. कि नहीं किया है शायद करते भी हैं शायद. आगे भी करें. पर. हम धंधे में रिश्तेदारों को नहीं इन्वॉल्व. करते हैं।. नो सप्लाई, नो एजेंसीज, नो एंप्लॉयमेंट. बिल्कुल भी नहीं।. कई हैं ऐसे जिनको रुपए हर महीने भेजते.
हैं।. उनको उनकी जरूरत है।. हमारी परिस्थिति ऐसी है कि हम दे सकते. हैं। तो महीने के महीने उनके पास रुपए. पहुंच जाते हैं।. वो है. पर. और रुपए देते हैं तो उस सोच से देते हैं. कि ये रुपए वापस नहीं आएंगे।. [हंसी] तो जितना. देकर विदाउट स्पॉइलिंग रिलेशनशिप आप दे. सकते हो उतना ही देते हैं।.
नाइस। सर जब आपके पास बहुत पैसे हो जाए तो. आपके फ्रेंड्स बनते हैं या सिर्फ. पार्टनर्स बनते हैं? फ्रेंड्स भी बनते हैं और चमचे भी बनते. हैं? हाउ यू गेट टू नो कि ये दोस्त मेरा है या. ये केवल चमचा करके मेरे साथ बॉन्ड बना रहा. है क्योंकि मैं बड़ा आदमी हूं।. बाय मेकिंग मिस्टेक्स? किया आपने? बहुत. दो तीन सही दोस्त भी मिल जाए ना. हम तो दैट्स अ ब्लेसिंग।. नाइस। सर। हम लोग हमेशा कहते हैं कि केवल.
सफल व्यक्तियों से मत सीखो। असफल लोगों से. भी सीखो या जिन्होंने गलतियां की हो।. बहुत सारे ऐसे इंडिया में बड़े-बड़े. बिजनेसमैन हैं जिन्हों जिनका एक टाइम बहुत. नाम था जिसमें मालिया साहब रहे, अनिल. अंबानी रहे, सुब्रत राय सारा रहे और बहुत. सारे रहे होंगे। अनगिनत एग्जांपल्स रहे. होंगे। सबके अपने-अपने रीज़ंस रहे होंगे।. सब ऊंचाई पर थे। सब इंस्पिरेशन थे। फिर. कईयों के डाउनफॉल भी आए। और मैं नाम से इत. हट के बात कर रहा हूं।. लोगों का डाउनफॉल सिखाता है कुछ. या इसको भी नोटिस करते हो आप या. देखिए आप हर एक चीज से सीखते हो सक्सेस से.
सीखते हो फेलियर से सीखते हो. हम. फेलियर से ज्यादा सीखते हो. जैसे आपने क्या सीखा फेलियर से. ज्यादातर जिन लोगों के गुरूर हुआ है उनका. फेलियर हुआ है. ओके. तो गुरूर नहीं करना है. अहंकार. अहंकार बिल्कुल नहीं करना है. बट कुर्सी में तो ताकत होती है तो कैसे. करोगे? कुर्सी में ताकत है। आप ताकत का इस्तेमाल. सही से यूज करो। पर.
जैसे ही थोड़ा आपको अहंकार आने लगे आप. मुकेश अंबानी गौतम अडानी की तरफ देखो। फिर. आपको लगेगा आप कुछ भी नहीं हो। आप धरती पे. आ जाओगे।. बट कोई है जो पीठ दिखाने वाला होता है।. जैसे आपके पास कोई है कि जो आपको रियलिटी. चेक दे दे कि. शायद हर एक के पास हो तो मेरी वाइफ धाम।. डांटती है आपको? बिल्कुल ऐसे वहां मौके पे. डांटती है। बिल्कुल बोलती है। व्हाट आर यू. डूइंग? हाउ डू यू थिंक लाइक दिस? हाउ कैन. यू थिंक लाइक दिस? लास्ट टाइम कब ब्लड पड़ी थी आपको? कल। [हंसी]. किस बात पे?
मेरे को उसको पिकअप करना था ये अवार्ड. फंक्शन में जाने के लिए। और मैं काफी लेट. हो गया।. हस्बैंड बी हस्बैंड।. हां। तो वो बस डांट पड़ गई।. नाइस।. और फिर वहां पे मैं गिर गया ट्रिप करके।. तो वहां तो कुछ नहीं बोली। गाड़ी में बैठ. के बोलती है आप बिना देखे क्यों चलते हैं? [हंसी]. सो डांट तो पड़ती है।. नाइस मैम हम आपके साथ हैं।. [नाक से की जाने वाली आवाज़][हंसी].
हम भी उनके साथ हैं।. पैसे से कोई ऐसी चीज है सर जो नहीं खरीद. पाए? देखिए पैसे में बहुत ताकत है।. आई नो तभी तो मैंने पूछा कोई ऐसी चीज जो. नहीं खरीद पाए।. पर आप प्यार और इज्जत. पैसे से नहीं खरीद सकते।. आदमी परखने का आपका तरीका क्या है? बहुत इंस्टिंक्टिव है।. वेरी डिफिकल्ट टू डिफाइन।. बट आज आई एम वेरी आई थिंक आई एम वेरी गुड.
विथ माय जजमेंट ऑफ़ पीपल।. मैं फर्स्ट मीटिंग में आई मेक योर ओपिनियन. एंड आई एम जनरली नॉट रोंग।. इंस्टंट इंस्टिंक्ट।. नाइस। जिंदगी की सबसे महंगी गलती कितने की. थी सर? सबसे महंगी गलती है जैसे नुकसान फाइनेंसली. अच्छा पहुंचाया हो मेरे को हां और हम. क्रिकेट की बात नहीं कर रहे [हंसी].
[गहरी सांस लेने की आवाज़]. मैं सिंगल आउट नहीं करना चाहूंगा बट. एक हमारे सीनियर कोलीग थे. [गला साफ़ करने की आवाज़]. जिन पे कि फैमिली का बहुत भरोसा था।. उन्होंने बहुत खराब चीजें भी की, नेगेटिव. चीजें भी की और बहुत लेट डाउन भी किया।. जिसके कारण स्ट्रेस भी हुआ और नुकसान भी. हुआ।.
जख्म तो अपने ही देते हैं।. [गहरी सांस लेने की आवाज़]. कौन सी नाकामी जिसके लिए आप शुक्रगुजार. हैं कि अच्छा हुआ या नहीं हुआ? सोचना पड़ेगा।. हम्म कहते हैं ना मन का हो तो अच्छा ना हो. तो और अच्छा ईश्वर का. वो तो बोलने की बात होती है बट किस चीज. में जेन्युइनली ऐसा फील हो?
एक पेट्रोकेमिकल प्लांट हमारी फैमिली करने. जा रही थी।. अह. मैं मेरे फादर बहुत कीम थे।. उसमें उन्होंने चार-पांच साल भी लगाए।. बहुत मेहनत की है। हुआ नहीं।. और मैं बहुत शुक्रगुजार हूं कि वो नहीं. हुआ क्योंकि वो. वो हमसे नहीं संभलती। वो चीज ही नहीं.
संभलती।. तो उस टाइम लगा था डिसपॉइंटमेंट भी हुई थी. फादर को और फादर को हुई तो बोल के फैमिली. में हुई।. पर आज के दिन लगता है इट वास अ ब्लेसिंग।. एक फर्टिलाइजर प्लांट बिठाने की बात थी।. मेरे ब्रदर ने ना कर दिया तो नहीं किया।. उस टाइम बहुत डिसपॉइंटिंग लगा।. पर आज लगता है अच्छा फर्टिलाइजर प्लांट. नहीं है। सब्सिडी के ऊपर आप कोई चीज को.
चला के कंपेटिटिव नहीं हो सकते हो। तो. अच्छा हुआ नहीं हुई।. ऐसे और भी होंगे बट सोचना पड़ेगा।. ओके। लोग अक्सर पूछते होंगे आपसे कि सर. सक्सेस का फार्मूला क्या है? मैं आपसे. इसको उल्टा करके पूछता हूं कि एक इंसान के. बर्बाद होने का राज क्या होता है? वो कौन. सी तीन चीजें हैं जो आप अपने तजुर्ब सीखे. आपने और आप बताना चाहेंगे कि ये चीजें मत. करो वरना कोई सफल व्यक्ति बर्बाद हो सकता. है।.
एक तो आ गया आपको मैंने कहा अहंकार।. दूसरा बेफिजूल खर्च।. हम आमदनी से ज्यादा खर्च।. और तीसरा आप एक्सपेंड करो फॉर वैनिटी।. लोगों की वाहवाही के लिए आप एक्सपेंड करो।. आप एक्सपेंड करो प्रॉफिट या वैल्यू्यूएशन. के लिए।. आप एक्सपेंड करोगे कि उसने कहा अरे वाह. तुमने यह कर लिया, तुमने तुम्हारी. कैपेसिटी इतनी बढ़ गई।. तो उसमें फिर निश्चित रूप से नुकसान ही.
नुकसान होना है। जहां आपका ईगो टेकओवर कर. लेता है. उसमें आप. फिर इमोशनल होके इन्वेस्ट करते हो।. इन्वेस्ट आपको कमर्शियल होके करना पड़ेगा।. इमोशनल होके नहीं करना पड़ेगा।. मारवाड़ी घरों में बच्चों को पैसों की. तमीज कैसे सिखाई जाती है? आपके बच्चों की. पॉकेट मनी कितनी थी? जब आप छोटे थे और अभी. जब पोते आए हैं तो उनको कितनी मिल रही है? देखिए अ. [नाक से की जाने वाली आवाज़].
हम लोग जब छोटे थे तो हमें 50 पैसा मिलता. था हफ्ते का।. मेरे बच्चों को ₹10 हफ्ते का।. और अभी पोतियां तो दोनों छोटी हैं तो उनको. तो पॉकेट मनी का सवाल नहीं है।. मेरे लड़की के बच्चे वो उनके घर के वो हैं. बट वहां पे भी बहुत टाइट हिसाब है।. डिसिप्लिन है। [गला साफ़ करने की आवाज़]. और हम लोग को ग्रोइंग अप में मैं और मेरा.
एक कजिन था जो मेरे मेरे से साल भर छोटा. है।. हम रूम्स भी शेयर करते थे और हम कपड़े भी. शेयर करते थे। तो हमारे साइजेस बराबर नहीं. थे। वह मेरे से थोड़ा मोटा था, थोड़ा नाटा. था। तो मेरी मदद हमारी जॉइंट फैमिली थी।. तो दोनों के बीच का साइज बनवाती थी। चार. हाफ पट उस टाइम में बोलते थे शॉट्स को. और छह कमीजें थी। वो दोनों के बीच में थी. और वही होती थी।.
उससे ज्यादा कभी किसी ने गिफ्ट किया। शायद. किसी ने किया भी नहीं हो। पर कोई कभी आता. तो मदर उठा के रख देती कि डिसिप्लिन यही. है। इसका कांसेप्ट क्या था? दिमाग खराब. नहीं होना चाहिए।. दिमाग खराब नहीं होना चाहिए। एंड यू मस्ट. दिस इज़ एडिक्वेट फॉर यू एंड यू मस्ट लर्न. टू बी सेटिस्फाइड।. और आज जब इतना पैसा सबसे सबसे महंगी चीज. आपने यहां खरीदी अपने लिए? अपने लिए।. परिवार में तो लोग खर्च कर लेते हैं।. व्यक्तिगत तौर पर आपने अपने लिए सबसे. महंगी चीज कौन सी खरीदी? एनर्जी। [हंसी].
1500 करोड़ बढ़ा के 790 करोड़ में [हंसी]. सस्ता रोए बार-बार महंगा रोए एक बार. आप अपने बेटे शाश्वत के बारे में मुझे. बताइए सर. वो किस पर ज्यादा गए आप पर भाई पर पिताजी. पर द पर दादाजी पर. वो अपने दादा का फेवरेट था. हम. सो उनके चार ग्रैंड चिल्ड्रन थे उनमें. फेवरेट वही था.
हम. तो. उसने काफी हद तक पापा से बहुत कुछ सीखा. है।. वो खुद वो पढ़ाई में एकदम. एक क्रेजीली इंटेलिजेंट था। उसके पेरेंट. टीचर मीटिंग थी। क्लास सेवन की बात थी। तो. उसके स्कूल में मैं गया मेरी वाइफ का. पेरेंट टीचर मीटिंग में।. तो यह इट इज़ वन ऑफ द प्राउडेस्ट मोमेंट्स. ऑफ़ माय लाइफ। एंड देयर फॉर आई विल से दिस।.
तो उसके टीचर ने कहा मिस्टर मिसेस गोयन का. आई हैव अ ह्यूज कंप्लेंट अगेन शाश्वत दिल. बैठ गया एकदम कि क्या उसने किया है वो भी. था हम घूर के उसकी तरफ घूर रहे थे कि. तुमने क्या खुराफात किया है. तो वेरी बैड एंड ही नीड्स टू चेंज. और दिल बैठा जाए. तो फिर [हंसी]. उसने रिपोर्ट दिखाई बोले.
एव्री सब्जेक्ट ही हैज़ स्टॉप्ड ही इज़ नॉट. गिविंग अ चांस टू एनीवन. एंड वही उसकी फिर जो बोर्ड एग्जाम्स थे. उसमें फोर्थ ऑल इंडिया रैंक थी उसकी. एटसेट्रा एटसेटरा एटसेट्रा. तो ये एकेडमिक साइड उसके आया अपने नाना. मामा के साइड से हमारी फैमिली में कोई भी. पढ़ाई में बहुत अच्छा नहीं था. [हंसी]. मेरी वाइफ की फैमिली में सब पढ़ाई में. एकेडमिकली गिफ्टेड थे तो मेरे दोनों बच्चे.
एकेडेमिकली ब्रिलियंट थे।. आई थिंक वो. लार्जली इन्फ्लुएंस्ड बाय माय वाइफ।. आई लाइक टू बिलीव पार्शियली बाय मी अ लॉट. बाय माय पेरेंट्स।. बहुत टाइम उसने मेरे मदर और फादर के साथ. स्पेंड किया है। तो उनका भी बहुत. इन्फ्लुएंस है। तो आई थिंक कि एक कंबाइंड. है। कोई एक का भी ऐसा सिग्निफिकेंट.
इन्फ्लुएंस हो नहीं और फिर खुद का भी उसका. माइंड बहुत क्लियर है और बहुत स्ट्रांग. है।. व्हाट इज वन थिंग आई ऑप्टिने बेटे सीखी. है।. पेशेंस. [हंसी]. हां इसकी जरूरत आपको. मुझे ये लगता है मैं. आई एम श्योर आपके घर में मैम या बच्चे. कहते होंगे थोड़ा सा।. हां वाइफ तो हमेशा बोलती है [हंसी]. क्योंकि आपके चेहरे पे रिफ्लेक्शन आता है।. कुछ लोग के चेहरे कुछ लोग के चेहरे बड़े.
खामोश होते हैं। कुछ के चेहरे बड़े. रिएक्टिव होते हैं।. हां तो मेरा है वैसा. कि जो जो अंदर चल रहा है जो अंदर है वो. भाव चेहरे पे आ जाएगा।. हां आएगा।. हां।. पर मेरे हिसाब से आई डोंट वांट टू चेंज. इट।. हां।. दैट इज दैट इज मी।. बट दुनिया वैसे एक्सेप्ट नहीं कर पाती।. पीपल वांट कि आप अंदर गंदा फील करो लेकिन. बाहर मुस्कुराते रहो। नहीं मुझसे नहीं. होता है। अगर 25 साल के संजीव गोयनका से. आज आपकी मुलाकात होती तो आज आप उस नौजवान. बच्चे को क्या कहते? क्या सलाह देते?
डोंट थिंक इंपल्सिव डिसिशनंस।. उस टाइम कई डिसिशनंस इमल्सिव थे। आज के. दिन मैं कहता मैं वह नहीं करो।. इंस्टिंक्टिव यस इंपल्सिव नो।. नाइस। इसीलिए शायद लोग कहते हैं कि एक. बेटा जो अपने पिता के फैसलों पर सवाल करता. है, जब वो जब तक उसे पिताजी की बात समझ.
में आती है, तब तक उसका अपना बेटा तैयार. होता है। [हंसी]. बट तब तक समय इतना नहीं बचता है।. एंड दिस प्रोसेस गोज ऑन।. याह। बट अगेन लाइफ इज ऑल अबाउट लर्निंग।. लाइफ इज लर्निंग। यू लर्न एवरीडे।. सक्सेस की परिभाषा कैसे बदली सर? 30 35. सालों में।. और आज सफलता के क्या मायने आपकी नजर में? देखिए पहले इट वाज़ अ क्वेश्चन ऑफ़ प्रॉफिट. ऑफ योर कंपनी।. देन इट बिकम रिकॉग्निशन. इन अ स्मॉल कम्युनिटी। हम.
फिर इट बिकम. नेशनल रिकॉग्निशन. देन इट बिकम. पीपल नेशनली एंड इंटरनेशनलली व्यूइंग यू. विद रिस्पेक्ट. नाउ इट इज़. फॉर सेल्फ. व्हाट आई व्यू एस द सक्सेस व्हाट अदर्स से.
अच्छा लगता है सुनके या बुरा लगता है. सुनके फैक्ट है बट दैट मैटर्स लेस एंड लेस. एंड आई एम नॉट स्पीकिंग फ्रॉम एोगेंस और. बट इट्स जस्ट फ्रॉम बीइंग. श्योर ऑफ व्हाट आई वांट व्हाट आई वांट टू. डू और मुझे कहां जाना है 15 20 25 साल पता. नहीं कितने जिंदगी के बाकी हैं।.
तो उसमें क्या करना है? बिजनेस में क्या. करना है? समाज के लिए क्या करना है? खुद. के लिए क्या करना है? क्या मोमेंट्स है जो. मुझे लिव करने हैं? क्लेरिटी है।. ईश्वर की दया से वो योग्यता है कि आप कर. सकते हो। क्षमता भी है, फाइनेंससेस भी. हैं।. तो. मेरे यही अगले दो सवाल हैं।. मृत्यु एक अंतिम सत्य है जिस तक सबको.
पहुंचना है। हमारे हमसे पहले भी लोग आए थे. हमारे बाद भी जाएंगे। बट एक होती है लेगसी. छोड़ना। कभी सोचा आपने कि जब आप जा रहे. होगे दुनिया से हाउ पीपल शुड रिमेंबर यू? अगले दिन अखबार में क्या छपे? कैसी बातें हो? आपके परिवार में लोग कैसे. आपको याद रखें? या दुनिया में कैसे याद. रखें? अगले दिन अखबार क्या कहे? कभी ख्याल. आया यह उम्र के इस पड़ाव में? देखिए. अब देखिए बिजनेसमैन जो जाता है.
जब जाता है सक्सेसफुल होता है तो लोग. बोलते हैं बहुत सक्सेसफुल है। बहुत अच्छा. किया इसने। बहुत काम बढ़ाया, वैल्यूएशन. बढ़ाए, नफा बढ़ाया। है वो. उसका बेटा पोता भतीजा. या कोई और उसको सुपरसीड कर लेता है तो दैट. मैन बिकम्स हिज फादर. तो फिर आपकी पहचान नहीं रह जाती है। तो ये. जो लोग बोलते हैं कि गए बाद कोई मतलब मैं.
नहीं चाहता हूं कि मैं सिर्फ बिजनेस के. तौर पर जाना जाऊं।. सक्सेसफुल यस. कंपैशनेट. गव बैक टू सोसाइटी।. समाज के लिए यह किया, यह किया, यह किया, शहर के लिए यह किया, देश के लिए यह किया।. दैट इज मोरेंट।. ऑफकोर्स बीइंग रेग्नाइज्ड इज़ बीइंग. सक्सेसफुल इज़ेंट। बट दीज़ थिंग्स आर आल्सो.
गेनिंग इन प्रोपोशन।. जैसे टाटा साहब हैं।. हम. आप जिक्र करेंगे वही बिज़नेसमैन रहे। खाटी. बिज़नेसमैन रहे। पूरा अंपायर बनाया. उन्होंने, उनके परिवार ने। बट एक. हिंदुस्तान में समाज में इज्जत बहुत है. उनकी। ना रहने पर भी।. बहुत इज्जत है।. आप किसी भी रैंडम इंसान को उनका जिक्र कर. दीजिए।. सब जानते हैं।. और सब सम्मान की नजरों से देखते हैं।. सम्मान की नजर से देखते हैं।. आपका एनालिसिस क्या? क्या वो अलग किया. उन्होंने जो बाकी बिजनेसमैन से अलग था? शायद लिस्ट में वो नहीं आएंगे टॉप पे।. नंबर वन पैसों में नहीं दिख रहा होगा।. लेकिन वो सम्मान आप गांव से लेकर शहर तक.
पहुंचाइए। या छोटा बच्चा भी. देखिए वही वो एक जो जो भी उन्होंने किया. वह जो इज्जत है वह इवेंचुअली वही रहती है।. पैसा ना तो आप लेके आते ना आप लेके. जाएंगे।. नाम आज आपका है, कल बेटे का है, परसों. पोते का है।. आज मोर पीपल टॉक ऑफ मी देन माय फादर।.
20 इयर्स एगो मोर पीपल टॉक ऑफ माय फादर. देन माय ग्रैंडफादर। तो दे वर ऑल वेरी. सक्सेसफुल इन देयर ओन राइट।. पर ये इज्जत प्रेम. उन्होंने इतना समाज के लिए किया। उन्होंने. फेयरली बिजनेस किया। बिजनेस को भी बढ़ाया।. लोगों के साथ अच्छा किया।. आई थिंक वो चीजें इंपॉर्टेंट रहती है। आज. हर एक कोई मुकेश और नीता अंबानी की तरफ.
देखता है इज्जत से।. क्योंकि उन्होंने कुछ ऐसा किया है या रोज. कर रहे हैं जिससे कि उनको इज्जत मिलती है. और इज्जत में वृद्धि होती है।. आज अनंत अंबानी ने जो बनाया है वनारा. वो एक ग्लोबल चीज तो है ही बेस्ट इन द. वर्ल्ड है। इसमें तो कोई डाउट ही नहीं है।. पर जो पैशन से किया है जिस विज़न से किया. है वो विज़न की भी दाद देनी होगी। फिर उनके.
यहां के आम बहुत अच्छे आते हैं।. बहुत अच्छे आते हैं।. हमारे घर. वो केसर मैंगोज़. भगवान जाने कौन भिजवाता है लेकिन जो. भिजवाता है बड़ा अच्छा भिजवाता है।. बहुत बढ़िया होता है।. मुझे बड़ा आनंद आता है वो खा के।. वो हम प्रिजर्व करके रखते हैं। मतलब जब तक. चलते हैं 24 आम आते हैं।. हम. तो हमारे यहां अचार खाने वाले हैं। तो छह. दिन चलते हैं।. मतलब वो एक डब्बे का अलग स्वाद है। [हंसी]. अबकी मैं आपको हमारे फार्म के. हम्म।. हापुस भेजूंगा। हम.
हमारे वो फार्म छोटा सा है पुणे में उसमें. 25 पेड़ हास के जो मेरे फादर ने लगवाए थे. अब जाके उसमें से जो आम आते हैं बहुत बड़े. दिन ही होते हैं पर खुशबू और मिठास. सुपर्ब होती है। मैं आपकी भिजवाऊंगा आपको. पर वो एंड मे अर्ली जून में वो आते हैं. टुवर्ड्स द एंड ऑफ द सीजन।. मैं इंतजार करूंगा। आखिरी सवाल सर एक बड़ा. अच्छा शेर था कि इंसान के ख्वाहिश की कोई. इंतहा नहीं होती। दो गज जमीन चाहिए दो गज.
कफन के बाद भी बहुत कुछ हासिल किया आपने. लेकिन कुछ अधूरी ख्वाहिशें भी होती हैं।. क्या और है जो आपके ज़हन में है वो जो भूख. है कि यात्रा के पहले ये ये करके रहना है. मुझे।. अभी तो बहुत कुछ है।. कोई बड़ी चीज इसका जिक्र करना चाहें आप? देखिए अभी तो बेस्ट इज येट टू कम। [हंसी]. बेस्ट विशेस सर। लवली थैंक यू।. थैंक यू शुभांकर। थैंक यू फॉर हैविंग मी. ऑन योर शो। थैंक यू सो मच सर।.
