Unplugged ft. Sanjay Mishra | No Script, No Filter | Vadh 2| Shubhankar Mishra
हेलो. हेलो. हां मालिक. हां. अरे मालिक वो थोड़ा सा गलती हो गई. क्या हो गया. साड़ी पलट गई है रात में थोड़ा सा. जिंदा है मतलब गाली देते हो सर आप बहुत. [हंसी]. गाली इंपॉर्टेंट चीज है एक एक्सप्लेनेशन. है लच्छु महाराज तबला अपने सुबह 5:30 बजे. मेरे घर आते थे शंभू बहुत हम बच्चे पापा. जी को कौन गाली दे रहा है थ्योरी इसप हमने. पढ़ी थी गाली देने वाले लोग ज्यादा जिंदा. रहते हैं और वो जो प्राणायाम करते हैं वो.
बोलो. आपने गंभीर फिल्में बहुत सारी लेकिन जब. चर्चा दिमाग में आती है अब तो वो जस्ट चिल. ढूंढो. चिल्लाओ मत ढूंढो जस्ट चिल चिल. वो वाला जो पक्ष है ना हल्का पक्ष है कादर. खान. कल आया. फिर ले जाने आया लेकिन अबकी बार तो मेरे. पास कुछ भी नहीं है ये झोपड़ा भी किराए का. बड़े सीरियस किस्म के इंसान तो वो. एयरपोर्ट पे थे तो पीछे से कोई आवाज दे. रहा था. ए कादर खान यहां क्या कर रहा है रे. इस चीज से मैं बच गया. खाने में मृत्य है. जैसे देख मैंने तेरे से मिर्चा मंगवाया.
तुम ठंडी में मूंगफली आदमी ना खाए तो लानत. है इसकी. लानत है पान खाते हैं आप पान को नजर लगा. पाचन पान शिवजी को चढ़ता है बे कुछ चीज. थोड़ी है जो भगवान खाते हैं बहुत. डायरेक्टर्स का पानवान खाने से करियर खराब. हुआ. अच्छा छोटे शहर जो गाड़ी चलाते हैं जीप. चलाते हैं वो बहुत खा. में ट्रेन घुसे चिड़िया बादाम उसके साथ. मिर्चा और नमक बगल वाले खिड़की वाले को. मां की आंख हो जाती थी। आओ। पूरी-पूरी.
मूंगफली पीछे वाले पॉकेट में रख के. बड़ा मजा।. महिमा चौधरी ब्याह हो गया आपका? आज दुर्लभ सी लग रही है।. तुम भी [संगीत] लाल में काली लग रही हो।. हां।. मन में लड्डू फूटा महिमा चौधरी मिल गए. हैं।. हां अच्छा तो लगा था। [हंसी]. जैसे एक मान लो हीरो है। शादी कर लिया. पिक्चर में। मांग भर दिया। सारा इमोशन. मरना जीना। तो जब असली वाले पार्टनर के. साथ आप कुछ कर रहे हो।. यार ये बहुत कड़क सवाल पूछे। जिंदगी एक. नाटक है बाबू मुशाय।.
कितना गर्लफ्रेंड बनाए थे? अब एक दो तीन. करके गिनेंगे तो उनका अपमान हो जाएगा। ऐसे. तुक्का मार दो। 50 के अंदर. 27 28 मरतेमरते 35 तो कर ही दूंगा।. ये वाला [हंसी]. तू तो ऐसे खड़ा है जैसे मेरे पीछे वो।. मजा आया संजय बाबा के साथ। वो आपके बड़े. हैं। आप 35 तक पहुंचे। वो 350 तक पहुंचे. थे। बस इतने अंतर है।. के साथ सोए हो।. 308 तो याद है। कुछ भी सो गए होंगे।. डेफिनेटली 385. नहीं उस मामले में क्यों बहुत बड़ा है. यार। जाके मैंने कहा उनको कि मैं आपके गाल. खींच सकता हूं। क्यों? अरे सीन में सर वो.
खिलाफ पहले। हां कर ना कोई तू. मेरे साथ कॉमेडी कर।. मैंने आपके बैच की लिस्ट निकाली थी।. अल्लाहू अकबर।. मेरा नाम हैला।. अरे आप तो टॉप किए थे। निकाल भी दिए गए. थे। बस आप ही रुकवाए थे ना।. अबे तुम्हारा मोबाइल है कि मेरा बायोडाटा. है।. नवनीत निशांत।. हम लोग को पता चला है तीन साल इसके साथ. एक्टिंग पढ़ना है।. हो या गलियां हो। अरे बाहर आ गए। [हंसी]. भाई गॉड।. कामयाबी की क्या परिभाषा है आपके लिए? कल से देखना सुबह मैं गेट पे ही बैठा. रहूंगा। दो-तीन नींबू तो चुराऊंगा ही। ये.
होता है चरित्र।. वो भी कहेगा साला इतना बड़ा एक्टर है।. अरे मार खाया हूं मैं।. ये है सफलता। बनारस से क्या सीखे? मैं खुद बनारस हूं। जीता [संगीत] जागता. शहर। दूसरे शहर मृत्यु को लेके शोक मनाते. हैं। भूत्सव मनाता है।. पिताजी का जिक्र कर दिया।. वो डायरी पढ़ के फिर तकलीफ हुई आपको जो वो. लिखा था कि आपने उनको डिप्रेस कर दिया।. अरे बिल्कुल। और ऐसे समय में डेड बॉडी. वहां पड़ी हुई है उनकी। लास्ट डायलॉग क्या. था उनका? संजय मुझे तुम्हारे नसीहत की. जरूरत नहीं है।. पढ़ाई लिखाई में क्या मरने लगा आपका?
नकली। अरे आज बिहार है कल झारखंड बना. दोगे। [हंसी]. क्या क्लास पास हो आप? पता नहीं। एक बार पास हुए। छोटी वाली. सिस्टर के जो दो फ्रेंड थे ना सब मुझे. पहले भैया भैया बोलती थी। उसका संजय इधर. आ। [हंसी]. अबे हम लोग वध भूख लिए आए हैं। मेरा. प्रोड्यूसर बहुत मारेगा मुझे।. फिल्मों में हीरो वो होता है जो एक साथ 10.
गुंडों को मार गिराए। लेकिन असल जिंदगी का. हीरो वो होता है जो त्रासदियों को हंसी. में घोल कर पी जाए। मेरे साथ जो आज मेहमान. है जो शख्सियत है अगर इनके चेहरे को आप. गौर से देखेंगे तो आपको इसमें हिंदुस्तान. नजर आएगा। यह वो शख्स है जो ढूंढो जस्ट. चिल कहकर हंसाते भी हैं और आंखों देखी के. बाऊजी बनकर हमको रुलाते भी हैं। यह वो. शख्स है जिनमें बनारस की मस्ती है। दिल. में ऋषिकेश का ठहराव। कभी अंडे के ठेले पर.
ब्लैक टिकट बेचा। कभी ऋषिकेश के ढाबों पर. काम किया। लेकिन जब वापस लौटे तो सिनेमा. को बताया कि असली अदायगी क्या होती है और. शायद यही वजह है कि दर्शक जो है इनको. सिराखों पर बिठा रखा है और आसान शब्दों. में कहें तो चलता फिरता इंस्टिट्यूशन है. फक्कड़ है फनकार है हम सबके अजीज है संजय. मिश्रा जी. जय हो स्वागत है आपका जिंदाबाद. थैंक यू. हेमा साहब सही था. हां हां हां. अब हम बताएं सही था जो तुम्हें लगा तुमने. बताया ठीक है.
कैसे हैं आप वैसे ही जैसे छोड़ा था मस्त. हैं। अच्छे हैं। खुश हैं। जिंदा हैं। खुश।. आजकल एक बड़ा. अपने लोला अलग घर के दीवार पे लिखवा रखा. है। माइंड विदाउट थॉट. सन्नाटा।. जितना खा. वो हो गया।. अब थोड़ा अपने आप को जानने की एक उत्सुकता.
बढ़ गई है। ऐसा होता है उम्र एक जब होने. लगती है और आप थोड़े भी संवेदनशील होते. हैं तो आपको लगता है कि. अब थोड़ा. जानो अपने आपको देखो अपने आपको दुनिया के. लिए बहुत कुछ हो गया। मतलब वैसे. अब बारी अपनी है। समझदारी का उम्र से कोई. लेना देना है? आप जैसेजैसे उम्र बढ़ती है, आप अपने हिसाब.
से समझदार होते जाते हैं। जैसेजैसे उम्र. बढ़ती है आपकी।. समझदारी क्या चीज होती है? समझ छोटी थी. लम्हा तो मैं उनके साथ गेम मेरी डॉटर तो. एक गेम खेलता था। समझदारी उसको उंगली. पकड़ा के सुला देता था और हटा लेता था। तो. फिर वो. सोते-सोते ऐसी ही समझदारी होती उत तीन. महीने की बच्ची उतनी ही समझदारी तो आप.
जैसेजैसे आप दुनिया के कहने मेरा हमेशा से. बात रहा है कि. एक उम्र होती है किसी को पढ़ने की। एक. उम्र होती है जब आप खुद को पढ़ते हैं। उन. सबको पढ़ने के बाद जो आपके अंदर आता है जो. आप होते हैं।. तो समझदारी तो इसीलिए कहा जाता है. एक्सपीरियंस अनुभव। हमने एक शेर सुना था. सर बहुत पहले कहीं पे कि.
बड़ा अच्छा शेर था कि कभी आओ बैठो करीब. हमारे तो बताएं कि दिल का हाल क्या है? कभी आओ बैठो करीब हमारे तो बताएं कि दिल. का हाल क्या है? अब यूं दूर-दूर से पूछोगे. तो फिर बस खैरियत कहेंगे।. हां खैरियत है।. ठीक है सब बढ़िया है।. क्यों कहते हैं लोग यार हमेशा? कैसा है सब. अच्छा है भले ही ये बना दिया गया ना कि जब. भी कोई आपसे पूछे कैसे हो. सब बढ़िया. हां बहुत बढ़िया बहुत बढ़िया भले ही अंदर. से डामाडोल हो.
कैसे हो अच्छा पूछने वाले में भी ऐसा नहीं. होता कि पूछ के अच्छा कैसे हो तुम क्या. मतलब वैसा बस खाली इतना ही रहता है कैसे. हो भाई और सब ठीक-ठाक और जवाब दिल हां बस. इतना ही रिश्ता होता है. ये तो इसी में आगे की लाइन थी कि. कभी आओ बैठो करीब हमारे बताएं दिल का हाल. क्या है? आप दूरूर से पूछोगे फिर खैरियत. कहेंगे। तो इसका मतलब था कभी आओ बैठो करीब. हमारे। इसीलिए हमने करीब बैठा के आपसे. पूछा था पहला सवाल कि खुश हैं आप? क्योंकि. आज के दौर में बड़ी भागा दौड़ है।.
उतार-चढ़ाव, उम्र का कशमकश, अपनों को खोने. का कशमकश, संघर्ष, परिवार अब बच्चे भी. बड़े हो रहे होंगे।. आ. जीवन में बहुत कुछ रहा। कुछ. महत्वाकांक्षाएं पूरी हुई होंगी। कुछ. अधूरी होंगी।. कुछ ख्वाब होंगे, कुछ छूटे होंगे। खुशी का. पैमाना बड़ा अलग है।. किसी को अपने आप को खूबसूरत देख के खुशी. होती है।. हम. किसी के पास चार पैसे हो तो खुशी होती है।. ठीक है?
किसी को उसके हिसाब से मतलब सफलता भी एक. अलग कहानी है। अलग-अलग लेयर है। उसको उतनी. सफलता मिल जाती है तो वो खुश है।. खुशी बड़ी अलग चीज है। और कोई परफेक्ट खुश. नहीं है। कोई सफलता से खुश है तो परिवार. से गड़बड़ है। कोई परिवार से खुश है तो. सफलता से गड़बड़ है।. बड़ी अलग-अलग कहानियां है। खुश इंसान होता. है खुद में.
कि हां गुरु. क्या लेके आए थे और क्या पाए हो जैसे तुम. अपनीपनी कहानी बता रहे थे कहानी क्या. जिंदगी का एक्सपीरियंस. कि उसमें थे वहां लगा कि. अगर मन लगने लग गया इन सबों में तो ऐसा ही. होकर बाहर निकाला जाऊंगा गन्ने की तरह चूस. के लोग बाहर फेंक देंगे खत्म. कुछ करने की तमन्ना थी। दिमाग में खौफ था।.
खौफ कह ले। दिमाग में एक वो था कि खा. युद्ध युद्ध कुछ भी था दिमाग में जो. आज तुम घर जाते होंगे कम से कम एक खुशी तो. रहती होगी कि काम मैं अच्छी जगह अपनी पसंद. का कर रहा हूं। इसीलिए हमने एक्टिंग भी. चुनी।. मैं जहां काम करता हूं ना माहौल बना लेता. हूं। मुझे काम काम की तरह नहीं चाहिए।. तब बाप चले काम ला ला.
बजा लेते लेते काम कर जाओ तो काम भी वैसा. ही है। तो खुशी बड़ी अलग चीज है। हर एक की. अलग है।. बच्चे की खुशी. जब. 14 15 साल का था उन दिनों बिल बॉटम का. बड़ा फैशन था। [हंसी]. है ना? हां हां. और बेल बॉटम का फैशन. आगे पट ऐसे. तेरी और पापा जी ले जाते थे चलो पट सिलवा.
लो दिवाली आ रहा है. हम. तेरे पापा जी बेल बॉटम. हां हां तू जो सिलवाना है सिलवाओ मोहरी. कितना होगा मोहरी कहते थे इसको. हां नीचे वाला. हां. हम तो वही कह है ना [हंसी]. तो 22 करवा ले आ 22 नहीं. 20 नहीं 22 धोका है बस बस. अब ना वो दिन रहे ना पापा जी रहे लेकिन. बेल बॉटम. पहनने का शौक जितना डालना है मोहरी डाल.
मैं खुद तो ये एक खुशी है बेल बॉटम. अपने पैसे से सिलवा के खरीद के पहनना. जिसमें मोहरी देखने वाला कोई नहीं तो हर. एक की बच्ची. बट ये खुशी है या इसमें वो शिकायत है कि. यार खुशी तो वही थी जब वो मना कर रहे थे. और हम बड़वा रहे थे. शायद उल्टा सोचे देखे वैसे तो शायद वो. खुशी वो भी थी कि कम कम से कम आज सर पे. खड़ा तो रहता था एक आदमी क्या पहन रहे हो. आज कोई है ही नहीं माई बाप की क्या पहन. रहे हो क्या खा रहे हो.
उत्सुकता खत्म हो गई ना पता हम करवा सकते. हैं. हां करवा सकते हैं. लेकिन एक जो. कोका कोला. [हंसी]. 25 पैसे का मिलता था. तो हमें पूरा चार तीन भाई एक बहन. एक चौनी में आंखों आंखों में बात होती थी. कि. एक बोतल खरीदते हैं चारों लोग पिएंगे। ओए.
होए होए होए. आज आपके पास कितना भी. बॉटल्स रख दिए जाए आप अफोर्ड भी कर सकते. हैं लेकिन नहीं नहीं कोलेस्ट्रॉल दिस दैट. उस समय जो लास्ट पी रहा था. जो लास्ट वाला भाई पी रहा होता था तो. मतलब कितना लकी होता था वो अरे यार पहला. वाला आप बड़े होकर तो शुरुआत आपको करनी है. हां.
वह खुशी तो नहीं मिलेगी जो लेकिन खुशी. बड़ी अलग-अलग समय पर अलग-अलग चीज है।. जजी में जिसे ना पता हो चवन्नी को 25 पैसा. कहते हैं।. चवन्नी मैंने चवन्नी बोला. हां. अरे यार आज चवन्नी तो भूल ही गए हम।. हां 25 पैसे. चवन्नी आठ आना. आठ चवन्नी अठा. ये जनरेशन देखा ही नहीं होगा। हम हमारे. हमारे बचपने में खत्म हो गई थी वो। हमने. देखी है चवन्नी. चवन्नी की औकात खत्म हो गई कि. चवन्नी ही खत्म कर दी गई।. चवन्नी खत्म कर दी।. अब तो चवन्नी किसी को पता ही नहीं होगी।. यादों में भी पुराने लोगों की यादों में.
होंगे. 25 पैसे नहीं है ना मार्केट में. अब तो कई शहरों में से. कौन बनेगा करोड़पति भी नहीं चलते. तो करोड़पति होता है कितने चवया जुड़वा. लोगे. आज की जनरेशन को नहीं पता छत पे आके. एंटीना ठीक करना. क्यों भूल गए हम कभी सोचा है सब आगे बढ़. गए चीजें बेहतर हो गई. बेहतर इसको कहोगे. हां ये सवाल है. संसाधन ज्यादा हो गया. हम ढीले हो गए संसाधन ज्यादा हो गया. ज्यादा. आज पड़ोसी कौन है पता नहीं है। दुनिया को.
पता है।. कि अमेरिका में क्या चल रहा है? सब कुछ पता है। लेकिन हम क्या है ये नहीं. पता है। हमारा बेस क्या है नहीं पता है।. हमारे भीतर क्या चल रहा है ये तक नहीं पता. होता।. कुछ नहीं पता।. भाग रहे हैं।. आप आज किसी. गाड़ी में जाते हुए देखिए। हर ऑटो में सब. यहीं पे दुनिया आ गई है। घर में जाइए। मैं. कहीं गया हुआ था। हम. किसी ने कहा बच्चों को जरा मोबाइल से कैसे. अलग करेंगे आदत भी तो हमने ही.
डलवाई है उसको बेटा खाना नहीं खा रहे इतना. बड़ा नन्हा मुन्ना सामने रख दिया कार्टून. और वो आदत इसलिए पड़वाई जा रही है कि आप. फ्री हो जाए एक टाइम था जब. खाना खा देखो देखो देखो चिड़िया आई. चिड़िया आई चिड़िया आई एक और है ना ये कोई. करता था आपके लिए आप घूम उधर आ जाते थे. बच्चे फिर देखो देखो देखो देखो देखो देखो. भालू भालू भालू खा जाएगा भालू खा जाएगा एक. और डाल दिया वक्त ज्यादा हो गया है कम हो.
गया है ये नहीं पता चल रहा है लोगों के. पास लेकिन इसका. दोबारा रामायण नहीं लिखी जाएगी. इस तरह के कल्चर में दोबारा रामायण लिखना. या ऐसी कोई चीज लिखना मुश्किल है जिस तरह. से हम कोई किसी को किसी से कुछ हुआ है ही. नहीं. मेरे घर में खुद खुद खुद मेरे घर में. तो बेचैन करता है आपको क्योंकि जैसे आप.
बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल खेती किसने जुड़े. आदमी आप. अब जब आप देखते हो सब एआई हो गया. इंटेलिजेंस हो गया मोबाइल हो गया. हां. डर नहीं लगता कि यार अब इमोशन भी कम हो. गया सब. सब सब सब सब. सब सब अरेंज हो जाता है. हां हैप्पी बर्थडे आप मोबाइल पे ही लिख के. दे देते बस बोलने की भी जरूरत नहीं. अब बुरा ये लगता है कि तुमने मेरे लिए. पोस्ट क्यों नहीं किया था. कि क्यों नहीं किया. फोन पे बोला नहीं बोला चल जाएगा हां पोस्ट. क्यों नहीं किया? पोस्ट आपने मेरे लिए पोस्ट नहीं किया था।. हां सारी दुनिया ही यहां तक आके रह गई है।. हम लोग को याद है दिसंबर से पापा जी कुछ.
कार्ड्स ले आते थे. प्लेन कार्ड्स जिसको हम ग्रीटिंग कार्ड्स. बनाते थे।. हां. है ना? और हम बनाते थे उनकी राइटिंग अच्छी. थी तो वो हैप्पी न्यू ईयर लिखते थे। और. जिनके यहां जा रहा है वो उनके सबका नाम. और नीचे अपनी फैमिली का नाम।. मतलब एक रिलेशनशिप का एक दायित्व कहें. क्या कहें उसको कि एक दायित्व था कि बॉस.
यह 50 दोस्तों के ऑफिस वालों के ये 30 घर. वालों के इतने को तो जाना ही जाना तब आप. जानते भी थे अरे गणेश अंकल को गया वो. कार्ड. हां भेज दिया भेज दिया शोभा दीदी को हां. भेज दिया भेज दिया आज वो चीज यही है।. आज तो एक स्टेटस लगा दो। फॉरवर्ड कर दो।. जय माता दी।.
मुझे तो समझ में नहीं आ रहा।. इससे लगता है कमजोर हो गए रिश्ते। आज के. जमाने में. बहुत ज्यादा रिश्ते तो नाम के हैं। बहुत. ज्यादा कमजोर हैं।. सतही पना रह गया।. हां सतही पना रह गया।. किसी के डेथ पर आप जो हाथ रखते हैं उसके. ऊपर. और WhatsApp पर अगर रिप लिख के भेज देते. हैं दो चीज बिल्कुल अंतर है।. आप दुकान में जाकर के परचून की दुकान में. खड़े हो के जब चीनी दे रहा है जब तक वो.
चीनी दे रहा है तब तक 15 और चीजें यह क्या. है बे? यह अरे सर यह होता है पहले जमाने. में खाते थे इसको नूडल्स की तरह होता।. अच्छा. एक्सपायरी तो नहीं हुआ। पहले जमाने में. बोल नहीं नहीं एक्सपायरी नहीं हुआ तो दे. दो यार।. साहब चार आदमी और भी आते थे वहां पे।. चार आदमी और भी आते थे या वहां पे एक. परमानेंट दुकान होता था आपका जो चीजें अब.
बहुत पहले हम लोग जब बॉम्बे में थे तब वो. होता था यार ये शहर अच्छा है। माचिस खत्म. हुआ मंगवा लो फोन से। हां भैया दो माचिस. भेज देना। उस समय आज से 20 30 साल पहले. आज तो. 10 मिनट में डिलीवरी है।. ओ कैमरा की बैटरी कोई ऐसा भी नहीं कि दूध. कैमरा की बैटरी. डिलीवरी।.
ऐसा हो गया इंसान बहुत सिर्फ अपना-अपना. अपना अपना। क्या नुकसान होगा इसका? अलग-अलग सेल हो गए. जो एक सेंसिटिव. सी. विकास होती है वो नहीं होगी। एक इंसान से. इंसान का ताल्लुक नहीं रहेगा।. बहुत कुछ. ऐसा ही सा होगा।. 2 मिनट का जो आया था ना मैगी 2 मिनट में.
कोई खाना 2 मिनट में नहीं बनता। तब चटनी. बनने में भी 5 मिनट लग जाता है जो खाना. नहीं होता सिर्फ. इतना ही होता है उस सुबह 2 मिनट में तो. चीजें बड़ी जल्दी-जल्दी होने लग गई दोद. मिनट दो मिनट पहले एक हनुमान चालीसा सुना. हनुमान जग लग राम हनुमान जी भी डर जाए इ. का है बे. भाई कुछ करो. ये भूत भगाने वाला है भूत बुलाने वाला है. हां तो इतना फास्ट. मुकेश ने गाया था रामायण सुन सुनना कभी.
अगर सुने होगे उनका गाया. चीजें समझ में आती है चार बार सुनो तो. शब्द समझ में आते हैं तो वो एक ठहराव. मोहम्मद रफी ठहराव अगर आपकी पिक्चर में हम. आज ही एक सीन देख रहे थे पर्दा है पर्दा. आप लेटे थे लौंडा एक तो आता है साइड में. कल रात को टैक्स तो ही ड्रॉप किए थे एक. महिला को. वो गाना चलता है पर्दा है पर्दा. रफी साहब की बात अलग थी.
वो वो वो. लिख दिया तेरा नाम चांदनी मतलब. आज कौन खड़ा हो रहा है चार दिन बाद कौन था. बे हां वो था अच्छा हां ठीक था. मतलब एक एक लाइन पढ़े गाना बन जाता. हां तुरंत तुरंत तुरंत तुरंत तो फिर रियाज. जो किया आमिर खान ने विलायत खान ने भीमसेन. जोशी ने डीवी पुलस्कर ने वो चिरकुट थोड़ी. थे यार. 40-40 साल.
एक गाए जा रहे हैं, गाए जा रहे हैं।. आज तो मतलब वह दूसरी चीज थी। तो अब जो पूछ. रहे हो ना आगे क्या होगा? ऐसा ही कुछ. होगा। खाली खाली खिड़की है। खालीखाली बोतल. ऐसा ए भाई जरा देख के चलो आगे भी सही।. यहां तो फिर भी ठीक था। अब तो खाली एक पढ़. ले लो। पेप्सी पेप्सी तू. बहुत. 21 क्रिटिसाइज करना ठीक है।. लेकिन एक बात क्या लगता है ना?
मेरे फादर की बुआ वगैरह जब पटना में आती. थी. और हम लोग कोई गाना सुन रहे होते थे. उस उन दिन उन दिन उन दिन उन दिन उन दिन उन. दिन उन दिन उन दिन उन दिन उन दिन उन दिनों. वो रेडियो में जो गाना आ रहा होता था. कभी-कभी. आज के डेट में क्लासिक है और उस समय वो. कहती थी ये कोई गाना है. गाना था वो ख्यालों में तो ये. हमेशा इंसान वर्सेस वक्त की लड़ाई चलती.
रहेगी।. सही बात है।. इसमें अपने आप को पकड़ के रखना है बॉस।. जैसे हम लोग कुमार सानुत नायड सुनते हैं।. हां।. मेरा चांद मुझे आया है नजर।. कोई अब कह क्या ये कह रहा है यार अब तो ये. सही है। आपने 10 मिनट की चर्चा में 8 से. नौ बार पिताजी का जिक्र कर दिया।. बिना पिता तो कोई कुछ होता ही नहीं।. तो काहे उनका दिल दुखा दिए थे इतना? उन्होंने अपना कुछ सोच रखा था। जैसे हर. बाप सोचता है देखिए जिंदगी में तो थोड़ा.
लाइन से अलग होना पड़ता है। यह मैं अपने. पापा जी को भी कहता था. मुझे हिस्ट्री समझ नहीं आता।. जिस तरह से आप समझाते मुझे. कुछ और बताइए हिस्ट्री के बारे में। क्या. महारानी दिनभर. मुंह पेंट करके बैठी रहती होंगी। को फोटो. क्या कैसे होता था उनका.
क्या पेंसिल इजाद हो गया था या ऐसी कुछ. इंटरेस्टिंग तरीके से हिस्ट्री बताते तो. दिल कभी नहीं तोड़ा थोड़ा अलग होने का. सोचा कि नहीं नहीं. नहीं मैं पढ़ाई की बात नहीं कर रहा हूं. पढ़ाई का बात नहीं. मैं वो उस लम्हे की बात कर रहा हूं जब वो. लेकर आए दोस्तों को और जिसका जिक्र वो. अपनी डायरी में कर गए थे। सिचुएशन था वो।. आज ही मैं नहाते हुए सोच रहा था कि जब मैं. मुंबई गया था स्ट्रगल करने मेरे पापा जी. 59 के थे।. हम.
और आज मैं 60 के ऊपर हूं। तो मतलब. क्या बात कर रहे हो? मैं अपने आप को अभी. भी बच्चा समझ रहा हूं और मैं उस समय. स्ट्रगल करने आया था। पापा जी वैसे थे।. मेरे उम्र के थे। चीजों को थोड़ा पढ़ा ही. नहीं।. और भी कई चीजों को तबला सीखोगे तो कहा हां. सीखेंगे काहे नहीं सीखेंगे भाई साहब. बिल्कुल सीखेंगे आप सिखवाइए तो सही. और तबला के पास गए तो तबला तो बड़ा कठिन.
मामला है इससे बढ़िया मैथ्स पढ़ लेता मैं. इसे समझे कि नहीं तबला तो बड़ा कठिन मामला. है इससे बढ़िया संस्कृत पढ़ धा धना तिन्ना. धगना. पहले याद करेंगे. धुआ निकल गया. धुआ पहले. मतलब. पहले याद करें कि पहले बजाएं। [हंसी]. हम तो सोचे थे पान खा के तबला बजाना सीख. जाता है आदमी। बड़े-बड़े गुरु जी को देखो. पान रवा टन टन यही होता होगा। पेट्रोल यही.
है।. मजा लेने जा रहे हैं।. हां। गए तबला सीखने तैरना सीख के आ गए।. सोचे दो अलग-अलग चीज है।. ये कैसे हुआ? ये कैसे क्या हुआ? तबला वाले गुरु जी के. यहां जाते थे। जाते ही नहीं थे। अब दशास. में घाप पर बैठे रहे।. हां।. इधर उधर इधर थोड़ा मुंह गंगा की तरफ करके. कि ना देखेगा अरे शंभूनाथ जी का बेटा यहां. क्या कर रहा है. तो पापा जी गए थे जाम सीखते थे सबको डोसा. खिलाने ले चलेंगे संजय को भी तो जाना है.
उनको वहां से उठाना है फिर ले आते हैं तुम. लोग बैठो वहां गए तो सब आधा बनारसी तो. मुंह में पानी नहीं रहता आंखों से बात. होती है. गुस्सा नहीं मतलब गुस्से में बाहर निकले. और गुस्से में पान नहीं थूक रहे. अब वो गुरुजी आशुतोष भट्टाचार्य कह रहे वो.
तो 15 20 दिन से नहीं आया हूं. [हंसी]. तुम बजाते रहो तुम बजाते रहो अब पापा जी. सीढ़ी से उतरे देखे हम देखे पापा जी एक. तरफ गंगा दूसरी तरफ तेरा बाप बाप से. लिपटेंगे तो थप्पड़ खाएंगे. जय गंगा मैया. जय गंगा मैया अरे तरह सीख गए वाह वाह वाह. वाह डूबे नहीं. तो ये चीज कि भेजे थे तबला सीखने बुरा मत. मानिए हम तैरना सीख के आ गए तो इसमें.
बुराई क्या है. आप लोग डरते नहीं लेकिन अपने बाप से उस. जमाने में डरते थे. नहीं अब अब नहीं डरते शायद मेरे बच्चे. नहीं डरते. नहीं डरते अब. हां वो मेरी तो इमेज ना मेरी तो इमेज ही. कॉमेडियन वाली वाली ना पापा आप डांट रहे. हो कि. तेरी. डोंट. हां वो वाले उनके वजह पापा आप डांट रहे हो. हमें. हटाओ वहां से मैं बोल रहा हूं लास्ट पक्का. पापा. ले फिर छोड़ना मैं ही हटा देता हूं हम लोग.
तो मतलब पापा जी लोग एंट्री लेते थे लोटा. लेके गायब खाना नाश्ता खा रहे हैं पापा जी. एक बिस्तर बैठने के लिए. तो मम्मी का एक फेवरेट डायलॉग होता था आने. दो पापा जी को हां अरे अरे आने दो लाते. अभी आने दो है कि नहीं. और इतने में फटके फ्लावर. हां [हंसी]. वक्त जो है ना बच्चों को भी चेंज कर दिया. है अरे सर मैंने भी एक किस एक स्टोरी की. थी अपने क्राइम बुक चैनल पे जिसमें एक. बच्चे ने जाकर थाने में शिकायत कर दी और.
उसके बाप ने थाने में जाकर माफी मांगी और. लड़का नहीं माना उसको पैर पकड़ना पड़ा. अपने बेटे का. कितना बड़ा बेटा बे. 15 साल का. पैर पकड़ा बाप ने थाने में एक बड़ी वायरल. खबर हुई। लोगों ने कहा पहले बच्चे डरते थे. अब मां-बाप।. हां।. आज गुरु जी लोग से डरते थे पहले।. हमारे टीचर्स जो थे यहां जरा एक लेके आओ।. बढ़िया सी पतली लकड़ी ला।. वाली।. हां पतली वाली।. बांस का मतलब. जी सर। अभी लाया।.
हम ही से लकड़ी मंगवाए। हम ही को मारे. यार। मतलब तुम्हारे लिए मंगवाए थे।. अच्छा हमारे यहां तो और बहुत दुष्ट थे. टीचर। यहां मारते थे। यहां मारते थे। इस. पे मारते थे जो पीछे काफ होता है. कि मारो तो ऐसी जगह दर्द हो कि चल ना पाओ. चल ना पाओ. या पीछे बम से मारे कि दिखा ना पाओ. हां और कुछ लेडी टीचर होती थी ना. हां अरे पेन बीच में रख के दबा दें आत्मा. निकल जाए. बस. और एक टीचर हमको याद है मैथ. और फिर पिछवाड़ा झाड़े भूल गए.
और एक मैथ के टीचर हमारे हमको किस्सा याद. है कुछ पढ़ा रहे थे तो बोले इसका सशन ऐसे. हो और पीछे से कोई लौंडा बोल दे ग अब वो. कहीं खरियाए. घूमे कहे कौन है तुम में से कहे बता दो तो. सबको ठोकेंगे सब इशारा कर दिए उसको बुलाए. टांग के बीच में उसका सर रखे पीठ एकदम ऐसे. कर्व टाइम से. उसके बाद जो पीठ पर दोनों हाथ से तबला. बजाया है वाइट शर्ट पे गर्मी के दिन में. अरे भगवान मार [हंसी] उसको पड़ रही थी पीठ. में दर्द हमको हो रहा था. अब तो सोच नहीं सकता कोई ऐसा मारपिटाई.
मेरे फादर तो पेरेंट्स तो बाद में शिकायत. भी करना अरे छोटे भाई बोलते भैया भैया. क्या मार खाया उस टीचर से उसका तो रोज का. छोड़ो हां आगे बताओ क्या कहानी है ऐसा हो. गया था बहुत लात खाते थे मजा भी आता था. आपको कभी इस बात से शिकायत हुई सर जैसे. अभी आपने अपनी बेटी का जिक्र किया कि आपने. गंभीर फिल्में बहुत सारी की है।. हां. बढ़िया-बढ़िया फिल्म की अभी जो आपकी नई. फिल्में आ रही है वो भी इसी पर है। वध टू.
वध टू एक गंभीर पिक्चर है ये वी टू. वी टू. वध हो गई आंखों देखी हुई और कई फिल्में. आपकी ऐसी है जो बड़ी गंभीर फिल्में हैं. जिसमें संजय मिश्रा द कलाकार जो है वो. निकल कर आया है लेकिन जब चर्चा दिमाग में. आती है तस्वीर दिमाग में आती है तो वो. जस्ट चिल ढूंढू. या वो भूल भुलैया के पंडित जी. वो ज्यादा जल्दी स्मृतियों में आते हैं।. बकैती ज्यादा याद रहती है। अदायगी जो है. वो गहराई में कुछ लोगों की रहती है। यह. तकलीफ देता है कि यार आई एम मोर सीरियस. एक्टर। मेरे अंदर बहुत कुछ है। उसको तुम.
नहीं लगते। और ये आपने घर में भी कह दिया. कि बच्चे भी ऐसे देख रहे हैं।. हां।. तो इसका मतलब यह दूर तक प्रॉब्लम गई है।. वो वाला जो पक्ष है ना हल्का पक्ष है. थोड़ा। हल्का पक्ष क्या वाह वाह वाह. ये वही है. ये आंखों देखे बाबूजी है. मुंह खुला. तो ढोलू जस्ट चिल है ये. मैं लकी हूं एक्चुअली कि दोनों तरह का शेड.
वरना और लकी इसलिए भी हूं नहीं तो में फंस. जाता कॉमेडी एक्टर कॉमेडी एक्टर कॉमेडी. एक्टर. आंखों देखी के बाद अब बड़ी-बड़ी रिस्पेक्ट. करते हैं लोग. हम. बहुत रेस हुई ये ये लकी है मुझे एक बार. जॉनी लवर कहानी सुना रहे थे कि कादर खान. बड़े सीरियस किस्म के इंसान जिसको कहा जाए. जो मेरे पापा मुझे बजाना चाहते.
लेजेंड्री. हां कादर खान को मुझे लगता है इस बॉलीवुड. ने ड्यू नहीं दिया. नहीं दिया लेकिन बहुत बड़े आदमी है. राइटिंग में एक्टिंग में कोई तोड़ नहीं. उनका।. बिल्कुल।. हम सबके बाप मुझे काद कादरी खान बनाना. चाहते थे। पढ़ा लिखा हो। समझदार बाकी जो. करना है करें। तो वो एयरपोर्ट पे थे तो. पीछे से कोई आवाज दे रहा है। ऐ कादर खान. यहां क्या कर रहा है रे? वो बड़े सीरियस थे। हम क्या बोल रहे थे तुम.
तो? ए कादर खान।. नहीं नहीं ऐसा कुछ नहीं वो ए का यहां क्या. कर रहा है रे. इस चीज से मैं बच गया. मतलब कॉमेडी एक्टर ना अपना ही है अरे इधर. आस. चीज से मैं इन पिक्चरों से. हां क्योंकि गोविंदा के साथ कादर जी ने. आखिरी में बहुत कॉमेडी फिल्में की.
जवानी क्यों क्राइम. मजेदार कॉमेडी करते थे. हां और कभी-कभी तो विलेन भी बड़े खतरनाक. तगड़े विलेन रहे हैं वो अपने टाइम में. जवानी में विलेन ज्यादा. एक लावारिस में फकीर बने थे. हां. मुझे बहुत अच्छे लगे थे जिसका कोई नहीं. उसका तो खुदा है और लिखते मतलब अब उसको ए. कादर खान तू. थोड़ा ऐसे होगा ही ना इंसान. कितना सच वाली बात है कि आप गंभीर इंसान. है एक अदायगी आपने की.
और आप सड़क पे निकल लो साला आदमी हल्का ले. रहा है आपको. और आप रिएक्ट भी नहीं कर सकते।. उस दिन कोई कह रहा था कि आप काम ऐसा क्यों. करते हैं कि मुंह छुपा के चलना पड़ता है।. मैं लगा मतलब. सब्जीवब्जी लेने या कुछ लेने जब मैं जाता. हूं वो मैं खुद पसंद करता हूं कि मैं खुद. जाऊं।. मैं सबसे पहले आज दिल्ली आया अभी कहीं गया. हुआ था इंटरव्यू के लिए। जैसे निकला बाहर. एक लेडी मटर गोभी सब। अरे एक मिनट एक मिनट.
कहां से क्या भाव ₹40 का. कुछ नहीं होता ₹40 लेकिन हां चल कुछ तो. ठीक हुआ ₹100 से शुरू हुआ था अभी मटर. मेरे खानदान में जो मम्मी से पत्नी से. मेरी ज्यादातर सुनो यहां गोभी ₹30 किलो दे. रहा है ये सब आपको जिंदा रखता है ये सब. जिंदा रखता है वरना मुझे क्या मतलब गोभी. कितने का भी आता हो मैं तो एक्टर हूं हूं.
सेलिब्रिटी हो गया हूं घंटा। अबे पहले. जाकर के इसकी जात का ये सब कुछ पता तो. करो।. जो बहुत दिनों से मैंने अंडे नहीं खरीदे. थे।. तो हम लोग को मालूम था ₹12 दर्जन के बाद. भूल ही गया था अंडे का रेट पता करना। बंबई. में एक दिन खुद लेने गया। कहा ₹60 दर्जन।. आ. अबे इतनी तो उम्र नहीं बढ़ी मेरी तनख्वाह.
नहीं बढ़ी इतनी सीधे ही [हंसी]. ये कब हुआ कैसे हुआ क्यों हुआ. मेरा सोचो. तेरी जात का तब उस दिन से लगा भाई जहां. रहते हो चीजों के दाम तो पता कर लो खामखा. महंगाई को कोस रहे हो तब से चीजों का दाम. किसी भी शहर में जाता हूं और आजकल अभी. दिल्ली में हूं बेस्ट सीजन है सब्जी खाने.
का।. मटर खाने का. मटर, पालक, सरसों का साग, गोभी. गोभी. क्या है? मैं बाहर का कभी नहीं खाता हूं।. कभी नहीं। खाता हूं तो एकदम ही बाहर का. खाता हूं। जैसे आज छोले कुलचे समझे? ठेले. पे। इतनी ही बड़ा जगह होता है।. छोला कुलचा बढ़िया मिलता है लेकिन. अलग मिलता है यार।. वो अलग मां है।. ₹30 का प्लेट मिलाता है।. ₹30. हां. और बढ़िया मिलता है। मतलब पेट भर जाता है.
और मजा आता है। चटनी वटनी दुनिया भर का वो. दे देता है।. अचार गाजर और गाजर. गाजर वाजर काट के हां यहां अलग लेवल का. है।. भाई गॉड और वो सड़क पे ही खाने का मजा।. इतना बड़ा सा होता है ये। उसी पे छोले रखा।. इतना बड़ा [हंसी] होगा। इसी बिठू बस बस।. मटका रखा होगा। उसी में निकाला सट सट सट. इसे बनाया।. अरे मेरी. कम पड़ जाता है। दो-तीन दिन आता हूं। चेले. खींचे चेले तो मतलब वैसे बाहर का मतलब. सीधा ही वैसे. नहीं ये तो बढ़िया वाला चीज है। मेरे अंदर.
एक सेंस है। मैं. जगह देख के समझ जाता हूं यहां खाना कैसा. मिलेगा।. चाहे तुम बहुत बड़ा कुछ रहे। नहीं नहीं. नहीं समझ नहीं आता। इसके यहां मिलेगा। चाय. पी के देखना इसके यहां। सर इसका मैंने एक. बहुत अच्छा फार्मूला डिकोड किया है।. क्या? जहां ₹20 से महंगी चाय हो. और ₹100 सस्ती कॉफी वहां रद्दी मिलती है।. ये बचपन से आओ।. ₹20 से महंगी अगर चाय मिल रही है कहीं. हां. या ₹100 सस्ती कॉफी. तो रद्दी है।.
रद्दी है।. अच्छी चाय ₹20 के नीचे मिलेगी।. हां।. झारखंड में ₹5 का पी रहा था।. कुल्हाड़ लाख 1520 कर देगा। इससे ऊपर अगर. चाय जा रही है। इसका मतलब वो नौटंकी. ज्यादा चाय नहीं है।. हां। तुमको कोई सुपारी दिया है कि मेरे. मुंह में पानी आए और यही सब छोड़ो जल्दी. खिचड़ के।. यह बताओ खाने में अमृत क्या है? खाने में अमृत क्या है? एकदम थक के बैठे. हैं।. मूड मूड. मूड में क्या? मूड मतलब आप भी किस तरह का? अरे एकदम थक गए। टूटा है शरीर। सवेरे कुछ. खाने को नहीं मिला था।.
डायरेक्टर कचवा दिया है। अब हमको हमारा. टाइम चाहिए। कोई हमको बोलोगे नहीं, नोचोगे. नहीं।. अब मनपसंद खाना है। क्या खाएं जो? शायद उस. समय के छोड़ो आज कुछ नहीं खाते हैं। ऐसे. ही नींबू पानी पी के सो जाते हैं। लेकिन. जैसे देख मैंने तेरे से मिर्चा मंगवाया।. [हंसी]. वो ले भी आया तू ही लाया था ना मिर्चा। ये. देखिए. कैमरा कैमरामैन ना. बताओ कैमरामैन मिर्चा ला रहा है।. हमारे यहां चटनी बहुत खाते हैं ना।. हां। वो चटनी अच्छी लगी थी। और मूंगफली.
मूंगफली। ठंडी में मूंगफली तो मू. ठंडी में मूंगफली आदमी ना खाए तो लानत है. इसकी. लानत है हम लोग बनारस में बोलते थे पट्टी. गुड़ में मूंगफली डाल के गोलगोल बनाते हैं. समझे. पट्टी. हां हां. गुड़ में. समझ गया मैं. हां और उसमें अभी आ रहा है मकर सक्रांति. उसमें भी खाएंगे तो मूंगफली डाल के तोड़. के. कट्टा कुछ हमारा कहते हैं. हां पट्टी कहते हैं बनारस में.
हां. एक चीज नहीं समझ में आया यार। मरते वक्त. तक नहीं समझ में आएगा। कोई समझा के बता. दे।. एक ही सब्जी का नाम अलग-अलग होता है।. हम लोग बोलते हैं एक बड़ा वाला कद्दू। तुम. कहां के हो? तुम लोग कौनची बोलते हो उसको? बड़का गोल. वाला पीला रंग का कोहड़ा।. सजन।. कद्दू सजमल।. अब कद्दू कोई बोलता है उसको। कोई हम कोहड़ा. कहीं कुछ कोई सीताफल.
किसी प्रदेश में सीताफल मतलब वो शरीफा. ये क्या चक्कर है बे मरते भगत कोई एक नाम. मिलेगा हमें. समझ रहे हो एक तो गोल हरी वाली लौकी होती. है. हां. उसको क्या बोलते हो. लौकी हमारे तो लौकी. लौकी कहीं-कहीं लंबे वाले को बोलते हैं. देखो आज भी. लंबे वाली लौकी बोलते हैं हां. हां लंबे वाले को लौकी गोल वाले को कोई. कद्दू बोले. हां वो कद्दू होता है हमारे यहां. वाला कद्दू लंबी भाई लौकी.
हां. समझ रहे हो आज तक नाम में कोई आप कोड़ा. समझ रहे हैं क्या नहीं. हमारा कोड़ा कहते हैं. कोकोड़ा कदीमा कहीं-कहीं बोलते हैं. एक ही पल के नाम यार. प्रभु एक है जिसको जिस सूरत में नजर आ गए. [हंसी]. लेकिन हम लोग के लिए तो कंफ्यूजन हो जाता. है ना. अरे वैसे तो गोलगप्पे देख लो सर आप. हां कहीं कुछ कहीं बतासा कहीं कहीं कुछ. कहीं कुछ. वाह. मतलब अलग-अलग शहर में अलग-अलग कहानी है आ.
तो यही खूबसूरती सर यही तो मजा है ना सब. एक हो जाते फिर मजा कहां से. लेकिन हमारा क्या कसूर कि हमको एक बार अगर. आम को आप यहां कुछ बोलते हैं साउथ में कुछ. बोलते हैं कुछ मडगड़ मट्टटू कुछ. बहुत मीठा था मडगड़ मट्टटू क्या बोल रहा. है लाला मतलब [हंसी] परिभाषा ही चेंज हो. जाती है. हम. गाली देते हो सर आप. बहुत और लोगों लोगों ने सिखाया मुझे गाली. देना कि तेरे मुंह भोसड़ी की बहुत सही गाली.
निकलती है गाली. नहीं बनारस में तो गाली है भी नहीं. गाली ये सब गाली नहीं. बनारस में गाली जब तक बोले तब पता बनारस. क्या है. हां गाली गाली गाली एक अभिव्यक्ति है यार. आप अकेले में भी देते हो अरे साला जूता. पड़ गया भोसड़ी का जूते को क्या मालूम कि. क्या सुन रहा है कि क्या लेकिन [हंसी]. बताओ यार रात भर नींद नहीं आ रही. [हंसी] क्या बात ये ये कोई गाली गाली का.
भाव समझो हम मुझसे कहते हैं मिश्रा तू. गाली देता है ना तो हमें कुछ बुरा ही नहीं. लगता। तो. गाली कहां पे उसकी बॉर्डर लाइन क्या होती. है? उस पार गड़बड़ इस पार सही है।. किस एटीट्यूड से बोलना है? अच्छा।. दांत पीस के बोल रहे हो या मुस्कुरा के? हां। अभी तो मैं तेरे इस पे कितनी भी गाली. दे रहा हूं। लेकिन वैसा अगर गाली देना हो. ना तो लोग बुरा मान जाएंगे।. हम्म।. हैं। अबे ऊपर वाला है। रात में. बताओ पलंग खिसका रहा है। कर आवाज आ रही. है।. [हंसी] अब उसको तुम अगर ऐसे बोले ऊपर वाला.
सज्जन क्या है? रात में खटिया खिसका रहा. है। नीचे आवाज आ रही है। एक जगह फिक्स कर. ले। वो तो बोलना ही पड़ा। ऊपर वाला बहुत. भोसड़ी का खटिया खिसका रहा है। सोने नहीं. दे रहा है। हमारा एक लौंडा आया था। लौंडा. क्या? हमारा एक इंटरनेशनल स्टार आए थे. जैवलिन थ्रो के। अच्छा. तो वो पैरा ओलंपिक में जीत कर आए थे।. हम. नवदीप नाम है उसका। हरियाणा का है।. लौंडा इसलिए कहते हैं कि भाई है अपना. छोटा।. और क्योंकि पैरा ओलंपिक में थे तो नवदीप.
भाई का एक वीडियो बड़ा वायरल हुआ। भाला. फेंके ओखरी बाद जी भर के मतलब आम धूम धड़. धुम धूम धूम धूम. गाली।. हां।. और वो सब इंटरनेशनल मंच पे था पेरिस. ओलंपिक में। तो वो सब हाई क्वालिटी में. रिकॉर्ड हुआ।. अच्छे वाले में तो. मोदी जी भी छेड़ दिए। तो जब यहां हमारे. पास आए तो हम उनसे पूछे हम कह नदी भाई ये. गाली मतलब क्या होता है? तो बोले भैया अगर. गाली नहीं दूंगा मैं तो मेरा भाला छोटा. दूर जाएगा।. कैसे छोटा. कहे जब मैं दौड़ता हूं तो गाली चढ़ती है. ऐसे चढ़ती है चढ़ती है चढ़ती चढ़ती फिर जब.
मैं भाला यहां ला गाली देता हूं तो जितनी. गाली निकलती है भैया भाला उतना दूर और आगे. गिर जाता है। [हंसी]. कितनी सही बात हो गई।. और उन्होंने बकायदा एक्सप्लेन किया कि. भाला. शादी हो गई है उनकी। मैं भी नहीं भैया. जयमाल में क्या करेंगे [हंसी]. बाला तो अपने हाथ में जयमाल में क्या. करेंगे [हंसी]. परमानेंट फिक्स हो जाए माला तो घर पे. गाली गाली से याद आया.
हम. लच्छू महाराज. तबला प्लेयर. हम हम. आधा बनारस. सुबह 5:30 बजे उठते थे पैदल चलते करते हुए. 6:00 बजे मेरे घर आते थे। शंभू भोसड़ी के. उठो. और शंभू मेरे पापा और हम बच्चे यानी अंदर. ही अंदर पापा जी को कौन गाली दे रहा है? [हंसी]. अबे कब तक सोते रहोगे बे उतर सरकारी नौकर.
बने और कोई ऐसा वैसा नहीं रिक्शा लच्छू. महाराज. तो एंड एंड में उनके गुजरने के मुझे वो. बहुत फैसिनेट करते थे ऐसे लोग मुझे बड़े. फैसिनेट करते थे फक्कड़ आदमी फक्कड़ आदमी. कि गुरु ये जिंदगी ऐसी मिल जाए. है कौन गोदई महाराज आज उनके रिकॉर्ड्स हैं. मेरे पास वैसेवैसे बड़ा फैसनेट कर रहे तो. मैं उनके पास गया था नंगे ही थे.
आओ आओ अंदर आओ तो अंदर हम बड़ा घर था ना. कमरा तो आप तीन दरवाजे तो मैं उस दरवाजे. से देख रहा था मुझे लगा अकेले नंगे क्यों. बैठे हैं लक्ष्मी महाराज जी. आओ आओ भाई यहां आओ क्या कर रहे हो इधर आओ. अंदर उस दरवाजे से घुसे तो देखे इधर बड़े. शिष्य बैठे हैं हम कह इनको क्या हुआ इतने. [हंसी] सारे लोग कौन हो तुम तुमको हम कहीं. देखे हैं। हम कहा हम एक्टर हैं। तबाही तब.
यहां का करने आए हो। हम कहा आपको शंभूनाथ. मिश्रा याद है? जिंदा है [हंसी]. हम कहा जी. मेरे ही पापा को बोल।. ओ भोलेनाथ हैं। [हंसी] जिंदा है. हम कहा जी. कहां बात कराओ? पापा जी लच्छू। नहीं नहीं. संजय। अब पापा जी हमारे घर में कमबख्त भी. कोई बोल दे ना बहुत बड़ी बात. हम. कमबख्त बोल दिया साला वाला तो बहुत बड़ी.
गाली हो गई. हम. नहीं संजय मत देना उनको मत देना पापा जी. वो बात करना चाह रहे हैं कुछ अजीब से हो. गए हैं बात कीजिए अरे. मेरे ही फोन से. गंगा की धारा तेज मेरे ही फोन से मेरे. पापा को गाली दे रहे इससे बड़ा दबंग कौन. होगा बे लाओ फ़ दो तुम्हारे फोन से. तुम्हारे [हंसी]. तो गाली इंपॉर्टेंट चीज है। एक एक्सप्रेशन. है। एक्सप्रेशन है। एक गाली.
बुरा नहीं मानना चाहिए। मतलब. भाव समझ करके समझना चाहिए।. बताओ गाय पीछे पड़ गई. [हंसी]. आय रे. मैं फिल्म डायरेक्ट कर रहा था प्रणाम. वालेकुम. तो अपने तरीके से कोई एक्टिंग नहीं करेगा.
है ना एक्टिंग एक्टिंग होने लगती है कोई. एक्टिंग नहीं करेगा तो एक मेरा असिस्टेंट. आया कहा सर आज कुछ स्कूल के बच्चे आने. वाले हैं तो हां तो क्या अच्छा आपको. आईडिया नहीं रहता आप गाली दे रहे हो ना. हां तो क्या सर आप थोड़ा थोड़ा गाली वाली. देखना चाहते हैं वो शूटिंग हां ठीक है और. 500 गाली नहीं देगा सेट पे साड़ो जैसे. बच्चे आए हम जन गन मनगन शुरू कर दिए कि. इसी में और आए और चले गए तुरंत कि जन गन.
मनगन खत्म अब चलो गाली एक मजा आता है मजा. आता है मतलब दिखना चाहिए मुझे तो लोग कहते. हैं आप गाली देते हैं तो अच्छा लगता है. [हंसी] अब मैं क्या करूं देना ही पड़ेगा. एक थ्योरी उसप हमने पढ़ी थी गाली देने. वाले लोग ज्यादा जिंदा रहते हैं और वो जो. प्राणायाम करते हैं वो बोलो. दोनों का निष्कर्ष एक ही है। गाली वाले का. थ्योरी आई थी। अमेरिका में एक स्टडी हुई. थी जिसमें बताया गया कि जो आदमी गाली देता. है उसका स्ट्रेस निकल जाता है।.
तो वो दिमाग में सोच लेके बैठा नहीं रहता. है। तो जब स्ट्रेस निकल गया तो वो हार्मोन. गायब हो गए। उससे दिमाग में चला नहीं। चला. नहीं तो बीमारी घर नहीं पैदा की। सोच यही. चीज अगर कोई वॉचमैन जान जाए कि गाली देने. से बिल्डिंग का वॉचमैन अगर ये जान जाए. गाली देने से गुरु उम्र बढ़ती है. लेकिन उसमें भी तय है ना कि अगर सार्वजनिक. गरिया को थाने में बैठा दे जाओगे तो फिर. बीमारी उधर से आ जाएगी पैसा चला जाएगा. बीमारी आ जाएगी तो गरियाना अच्छा है लेकिन. जब तक. लेकिन क्यों लगा है फिर. हां लेकिन उसमें लेकिन लगा है.
हां लेकिन नहीं लगा होगा तो फिर. हां. कहां गरिया रहे हो किसको गरिया रहे हो देख. ये मंत्र थोड़ा सोच के करना की गाली देने. से जिंदगी बढ़ती है।. हम. फ्यूचर क्या होगा? लेकिन आप आजाद हो सकलिए। [हंसी]. हां।. सर हम एक उम्र के बाद जैसे कोई आदमी. एक्टिंग जैसे अभी आप इस फिल्म में लीड. एक्टर हो।. इससे पहले भी आपकी फिल्म आई थी उसमें लीड. एक्टर आप थे। अब एक उम्र के बाद आदमी. सोचता है कि यार सीनियर एक्टर मतलब. दादाजी। पिताजी साइड किरदार, छोटा किरदार।.
दौर बदल रहा है या आप लोग को लेके अब. फाइनली बॉलीवुड में अच्छा कंटेंट बनने. लगा।. कंटेंट बेस्ट इज कंटेंट. वध के कंटेंट में कहीं से. 25 साल का लड़का और. 22 साल की लड़की जाती ही नहीं है।. हम. देखो पहले जो था सिनेमा कि एक हीरो होगा. वो या तो अमीर होगा या गरीब होगा। एक.
हीरोइन होगी. या तो अमीर होगी या गरीब होगी। भारतीय. युवा के पास प्यार करने के अलावा और दूसरा. कोई काम ही नहीं। तभी तो 140 करोड़ हो गए।. हां वही तो हर फिल्म में दोनों में प्यार. होता है। मैं तेरे लिए यह कर दूंगा। तू. मेरे लिए यह कर दे। यही उसके बाद एक होगा. कॉमेडी।. बड़े-बड़े हम लोगों को क्यों कास्ट किया. जाता है? नया एक्टर है उसको ले लो। बाकी. संजय मिश्रा संभाल लेंगे।.
वो एक्टर है महमूद।. ये एक्टर है जॉनी वेव वॉकर संभाल लेगा।. मतलब फिर एक कॉमेडियन वही हीरो हीरोइन. उनका कोई कॉमेडियन एक दुष्ट बाप या गरीब. बाप वो ये बन जाएंगे।. तो ऐसी फिल्में बनती रही। शुरू से शुरू से. ये जगह जो है ना ये सिनेमा.
अरे भाई आपका छोले कुलचे चल गया अब इसको. भूल के भी इमली मत डालना. यही बनाते रहो कहीं कोई नकार ना दिखेगा. इंगली डाल के बुरा तो वैसे ही फिल्मों का. दौर था कि अब बेटा डकैतों पे फिल्म बनेगी. डकैतों पे पिक्चर. कॉमेडी बनी सब. कॉमेडी बन रही है कॉमेडी कॉमेडी बनाओ सब. कोई कॉमेडी सब कोई कॉमेडी तो ये जो दौर हम.
लोग नहीं हमारे सिर्फ नसीब सर श्याम. बेनेगल केतन मेहता. ये लोग के टाइम में. सही परज पे. शुरू हो गया था ये हम. कंटेंट एक. तो आज कंटेंट जो है ना. तो अगर मैं आपसे पूछूं कि इतना लंबा करियर. आपका रहा सिनेमा इतिहास में वह कौन सा दौर. था जो आपको लगता है कि यह भारत का. स्वर्णिम दौर था अगर दो तीन दौर बताना हो.
दशक के हिसाब से 70 80 90 2010. एक एक जो 70 वगैरह दौर था वो आर्ट सिनेमा. कल्चर पूरे वर्ल्ड के लिए बढ़ जाता था. हम. अच्छे-अच्छे म्यूजिशियन खड़े हुए. आर डी बर्मन राजेश खन्ना. आरडी बर्मन रविशंकर. ब्लैक खान. बीटल्स. डोर्स यह सब. सिनेमा में भी हिंदी में भी 70 में 17 आए. शोले. एक एकदम जय संतोषी माता कैसी पिक्चर थी.
बहुत थी उसका श्रेय. मेकर को नहीं जाता उसका श्रेय दर्शक को. जाता दर्शक बदलते गए धीरे-धीरे. बीच में एकदम हरिओ हो गए थे मौके पे. बीच पिक्चर क्या बनती थी? एक गरीब लड़का. है। अमीर लड़के से प्यार हो गया। उसका बाप. या तो कहेगा पैसा ले लो या पिटवा देगा।. चार चार गाना हम गा देंगे।. बस. और आखिर में हैप्पी एंडिंग।.
हैप्पी एंडिंग। हीरो का बेल बॉटम, हीरो का. पैंट, हीरो के बाल, हीरो के कान, हीरो की. आंख, हीरो यही इस्तेमाल करता है। हीरो वो. करता है। बस इतना कुछ किए। अब बारी आ गई. है कंटेंट की।. कंटेंट चाहिए। कुछ नया दिखाओ मुझे।. कुछ नया। तो ऐसे कंटेंट में फिर हम जैसे. एक्टर्स का यूज़ होना शुरू हुआ कि हां भाई. लाओ कितने अच्छे-अच्छे एक्टर मिले। ये. ओटीटी से कितने अच्छे-अच्छे एक्टर मिले? यही मेरा अगला सवाल सर था कि ओटीटी आज आप.
लोग को मिला है पिछले पांच छ साल।. टेलीविज़ भी मिला था।. हां टेलीविज़ मिला। बट अगर ओटीटी शुरू से. मिला होता. तो क्या आप लोग को ये लगता है कि आप लोग. की पॉपुलैरिटी लार्जर देन लाइफ और ज्यादा. होती? शायद शत्रुघ्न सिन्हा के बारे में सोचो।. जब वह स्ट्रगल करते होंगे तो यह भी नहीं. था, फोन भी नहीं था। हां, एक बी आर इशारा डायरेक्टर थे। हम लोग. नए-नए गए थे ना तो एक क्या होता है जब तुम. नए-नए स्ट्रगल करने जाओ ना तो रोज एक.
स्ट्रगल करना पड़ता है। नहीं तो ना रात. में खुजली चालू हो गई वहां और आज कहीं गए. नहीं यार। कल जाएंगे जरूर। दो लोगों से. मिले। तो एक बी आर इशारा एक डायरेक्टर थे।. अब तो टाइम का अच्छा कई सदियों से कई. तेरे ला यह गाना उन्हीं के दस्तक फिल्म था. शायद मुझे वो गाना अच्छा लगता है तो मैंने. कहा चलो बिहार इशारा से ये स्ट्रगल शुरू. करते हैं. तो दो-ती महीने में एक बार झलक मिलती थी.
उनकी खाली अब कर लो अपने आप को इस्टैब्लिश. कि मैं एक्टर हूं और क्या उनका भी था. अच्छा आ गए तुम गजब चल रहा है सब ठीक अगले. महीने 31 तारीख सर अगला महीना तो 30 का. हां वही ठीक है चलो बेटा एक महीना अगले. फुर्सतगंज. तो ओटीटी से लोगों ने पहचाना. कि हां यार ये ये कितने अच्छे-अच्छे एक्टर. पंकज.
त्रिपाठी हां. मतलब ओटीटी से कैसे-कैसे आ रहे हैं गुड हम. लोग जब आए थे तब एकाएक बहुत सारे चैनल खुल. भूल गए थे हम. एल टीवी तो फ्ल्ला टीवी तो ढिकाना टीवी तो. फल्ला जाओ बे उसके आज आज काम मिल रहा है. उसके यहां कोई डेली एपिसोड बन रहा है कम. से कम ये हो गया था महीने का खर्चा आने लग. जाता है इन चीजों पे. सीरियल से तो क्या भला पॉपुलर थे आप नहीं. होंगे ऑफिस ऑफिस घर चला दिया घर खरीदवा.
दिया बस. वहां पे आप पान खा के वो पूरा. शुक्ला शुक्ला ही ना हां शुक्ला. पाकिस्तान का बम एयर गिर सकता है। शुक्ला. जो है जहां फेंके अलग ही था वो यार. उसमें. घर तोड़ने वाले नहीं होते नाजायज घरम. तोड़ने वाले. तो महाराष्ट्र में कोई बहुत क्रांतिकारी.
ऑफिसर हुआ था जो बहुत तुड़वाया था तो उसका. रोल करते रहे थे हम शोलेकर शुक्ला पान. खाता ओ हो तोड़ दिए साले कह रहे थे छोड़ दो. [हंसी]. और तोड़ दिए तो होमो. छोड़ने कैठे बे. हां छोड़ने कह अपने घर तड़वा [हंसी]. पान खाते हैं आप. हां. पान खाते हैं. बनारस में रहे तो पान तो खाएंगे पान खाने.
पान बड़ी देखो पता नहीं पान को क्या नजर लग. गया बैठ जा कोई दिक्कत नहीं बढ़िया है. हां पान को पता पता नहीं क्या. लपेट लीजिए पैर ऊपर. पैर पान को नजर लगा गुरु पान जो है ना. पाचन के लिए बहुत सही चीज है. आप जाइए मेघालय अबे जूता मेरा ही है ना. [हंसी]. खुल नहीं रहा आप जाइए मेघालय. हम. हर दुकान में पान है. हां.
चेहरा तुम्हारी तरह लाल है खाने समझ रहे. हो क्या गुरु अब पान खाने के लिए आपको या. तो घर में पान दान रखिए या फिर चार कदम. मोड़ पे जाके अरे तुम भी आ गए आओ कहां बना. था घर पे तो हम आ रहे यहां भी वही बना था. थोड़ी बातचीत हुई सुने कल वो उठ के जा रहे. हैं दिल्ली अच्छा यही सब बात एक तो वो. ऑप्शन या तो एक अगर बुजुर्ग हो गए हैं तो. घर में ही पान रखिए खाइए. धीरे से यह सब आ गया.
रजनीक गंधा त वो तवो इससे क्या होगा पान. के दुकान जाने की जरूरत त नहीं पड़ेगी जो. घड़ी घड़ी तुम जाते रहते हो ना पान दुकान. यह बंद हो जाएगा अपना डिब्बा लो. उसी समय लोगों को खड़ा हो जाना चाहिए था. बॉयकॉट. पहले आदत बनवाई दिए सबको. पान मेरे लूनावाला में ना 14 किस्म के पान. होंगे पता नहीं अलग-अलग अलग और मैं वहां.
जाता हूं तो पान ही ज्यादा खाता हूं मतलब. तोड़ो पत्ता मुंह में डालो पाचन पान पान. पान पान शिव जी को चढ़ता है बे. कोई भी पूजा में पहले पान चढ़ाइए सुपारी. भी चढ़ाया जाता है. चिरकुट चीज थोड़ी है जो भगवान खाते हो. [हंसी]. कुछ तो चीज होगा ना लौंग चढ़ाइए इलायची. चढ़ाइए. तो ये तो उसको गड़बड़ा दिया ये गुटखा बाजी. ने. अच्छा पान के शौकीन के लिए वो अमृत है.
बड़े खाए एक बार पान चला गया मुंह में. मेरे नौ मामा. उस समय होते थे. हंस क्यों रही है? शिकायत है कोई? नौ मामा. थे। [हंसी]. नौ मामा पान खाते थे। नौ मामा पान खाते. थे। सोच कैसे आता होगा अगर कोई त्यौहार. में मिले सब दशहरे में तो झोला भर के पान. और कोई कैंसर से नहीं मरा। [हंसी]. दिल्ली तो वैसे मर जाओ हवा कभी के। कोई.
कैंसर से नहीं मरा।. [हंसी]. हार्ट आई अटैक।. कैंसर इतने बड़े-बड़े शब्द हो ना हो ही. जाए क्योंकि आपने पढ़ा है इससे खाने से. कैंसर होता है। पान बहुत. इस कल्चर को वापस खड़ा करना पड़ेगा। बॉस. आज डॉक्टर कहते हैं आप थोड़ा सा चूना खाया. कीजिए। सुना है बंबईव्बई में तो बहुत मेरी. वाइफ डॉक्टर ने मुझे कहा है थोड़ा चूना.
खाने को आए चूना ब्रेड पर लगा के किस पर. खाने कोना क्योंकि पान में आप चू चुना. खाते थे. कत्थ जब बच्चों को ना एक होता है ना छाला. पड़ जाता है. हम. तो थोड़ा सा कत्थ यहां लगा देते थे तो ठीक. हो जाता था ये बुआ दादी लोग जानती थी तो. मतलब अंदर अगर कत्थ गया अगर अंदर कोई घाव. हो रहा है. कत्थ चिरकुट चीज थोड़ी है यार हमने उसको.
जैसे हिंदी पत्रकारिता और इंग्लिश. पत्रकारिता होती है ना तो पान और सिगरेट. वैसे ही और हम दोनों में माहिर है तो. ज्यादा ये. सुकून किस में आपको बच्चों के सामने थोड़ा. ये कम. और उनके सामने बोलना क्या है मुंह में पान. रख लो बड़ा मजा देता है. यार एक सिंधिया हाउस हुआ करता था कराड. प्लेस में. हम.
मैं स्कूल से भाग के खाली उसको ही देखता. एक दिन. मैं भी ऐसा. नहीं मैं भी ऐसा ही बनूंगा तेरी तरह गोरा. चिट्ठा क्या पान लगाता था. हम लोग [हंसी]. दसवीं तेल. पढ़ाई लिखाई में क्या मरने लगा आपका नकली. का है नकली. अरे आज बिहार है कल झार झारखंड बना दोगे।. [हंसी]. हम तो पढ़ के जाए मैथमेटिक्स। तो उसको. बोला आप संस्कृत पढ़ रहे हैं।.
पढ़ाई लिखाई अपनी होनी चाहिए।. क्या क्लास पास हुआ आप? पता नहीं। अरे. [हंसी]. दसवीं 12वीं पास. पांचवीं में फेल हुए, नौवीं में फेल हुए, दसवीं में फेल हुए, पांचवी में फेल हुए तो. कितना फेल पास कितना याद रखें? एक बार पास. हुए। हमको कोई बताए कि आपके छोटे वाले भाई. बहन में सब बराबर।. बराबर है। छोटी वाली सिस्टर के जो दो. फ्रेंड थे ना सब मुझे पहले भैया भैया. बोलती उसके बाद संजय इधर आ [हंसी]. सोच कि पढ़ाई ने मुझे क्या-क्या दिया है. बहुत बेइज्जत हो गई. अरे केंद्र विद्यालय के वो क्या बोलते हैं.
जब सारे स्टूडेंट मिलते हैं. तू भी मेरी तरफ. रीयनियन अरे [हंसी] हमारा भी 11 12 हम. कोचिंग में बाप हमारे भेज दिए थे. क्या बोलते हैं उसको जब सब जैसे. रीयनियन. रीयनियन हां. अबे हर साल आता है हर साल आता है हम लोग. इस बार रीयनियन कर रहे हैं आप आ जाइए अरे. तुम कौन मतलब एक ही क्लास में तीन-तीन बार. है यार।. कौन से वाले में चले जाए? किस वाले में जाए? तीनों हमारे बैचमेट हैं।. अब एक्टर है तो लोग चाहते भी हैं आए।.
बड़ी समस्या है। पढ़ाई ने मुझे बहुत कुछ. दिया है। पूरा देश घुमा दिया। [हंसी] ऐसा. हिस्सा निखत जगह पर घुसे पड़े हुए हैं।. क्या करने आए हो आप? पढ़ने। कहां पढ़ते थे. पहले? दिल्ली। वाओ। [हंसी]. दिल्ली से यहां पढ़ने आए हो। हां। कुछ. पढ़ाई ऐसी है [हंसी]. लेकिन फिर वो जीवन और लेकिन पढ़ने में मैं. चिरकुट था मुझे नंबर नहीं आते थे लेकिन. मुझे हर टीचर प्यार करता था एक मेरे गोल. मार्केट वाले सेंट्रल स्कूल के केमिस्ट्री.
के टीचर. दूसरी बार होता नहीं 10थ आज लास्ट सारे. स्टूडेंट्स को बुला के डांस फेयरवेल होता. था मेरा दो-तीन बार हो चुका था. धक्का देके भी नहीं उस. तो जाओ हा धक्का देके भी तो फेयरवेल था. कहा मिश्रा इधर आ तू मेरे लिए ना 300 नंबर. जर्रे का पान ले आ उस समय डॉन बड़ी हिट हुई. थी. और हमको सब बनारसी बनारसी कहते भी थे और.
तू अपने लिए मीठा पान ला के ना तू स्टेज. पे खाना और खई के पान बनारस वाले पे. डांस करना. दो ही जेब होते हैं किससे क्या पलट गया. मीठा उनको चला गया और मैं मसाला. हां और चढ़ा फिर टन टन [हंसी]. टन टन टन टन तर रहा उल्टी वोमिटिंग सब. चार दिन से ख के पान तैयार कर रहे थे वाकई. में पान खाए तो [हंसी] गजब.
मुझे पान खिलाना सिखाया था रंजीत कपूर. हमारे एक डायरेक्टर राइटर बढ़िया उन्होंने. ले आउट उठा रहा हूं। हमारे ही पान वाले से. हमसे ही उधार करवाते थे। बड़े प्यारे. इंसान बस मलंग। अब मैं ऐसे लोगों से बहुत. इंप्रेस रहता हूं। मेरे ही नाम पे जय संजय. का जरा चार पान बांध दो। मेरा ही टीचर कह. रहा है। [हंसी].
और खाते क्या थे? 300 राज रतन।. बड़ा मजा आता था। मैं ऐसे लोगों को. अभी खाते हैं बॉलीवुड में डायरेक्टर लोग. कोई? हैं जो पानवान खाते हैं। बढ़िया। अब. तो इंसल्ट हो जाता है ना पान खाते छी छी. छी छी. वरुण धवन ने किसी डायरेक्टर का सुनाया था. कोई कानपुर के. वो खाने के बाद खा लेते. नितीश जी क्या नाम है उनका कोई बता रहे थे. कोई पंडित हैं. हां. कि वो पान खाटे उनके वरुण धवन काम कर रहे. वो कहे कि वो हमको. तिवारी. नितीश तिवारी अरे मैंने भी काम किया बड़ा.
मजा आता था. वो पान खाटे हैं. तो वरुण धवन हमको बता रहे थे कि हम लोग. एक्टिंग कर रहे. ये पकड़ लिया अपना माइक और ये मैच चला ऐसा. हो जाए साला। [हंसी]. बहुत डायरेक्टर्स का पानवान खाने से करियर. खराब हुआ। सही एक्टर गए. [हंसी] कट कैसे बोले? हम.
बुला रहे हैं सर। [हंसी]. अरे बोल ले कैट उसको लग रहा है बुला रहा. हूं।. [हंसी]. हमारे यहां पर पीसीआर में एक लौंडा था।. मेरा नया नया करियर शुरू हुआ था। तो उसने. कुछ गलती चला दिया होगा। पान खा के बैठा ऊ. करे तो हम लोग जूनियर थे। बोल ना पाए एक. दिन बॉस हमारे आए। गरियाना शुरू पान पूरा. अंदर।. हां।. हां सर। [हंसी] पूरा इतना मसाला कत्था. पत्ता सब।. हां।.
मैं तो सोच रहा हूं पार्लियामेंट में एक. दिन होना चाहिए पान डे।. पान डे नहीं।. पान डे. डे।. कोई कुछ बोल ही नहीं रहा। कोई. बिल पास कर रहे बिलपा. कितना बढ़िया चीज होता है यार। [हंसी]. रे. समझे इसलिए रिक्शा वाले हर कोई ज्यादा. बोलते ही नहीं। अच्छा छोटे शर्मा जो गाड़ी. चलाते हैं, जीप चलाते हैं।. हां।. वो बहुत काटे हैं।.
घर से निकले मुंह बंद।. खत्म। [हंसी] रस्ते भर के लॉक।. ट्रेन में मूंगफली. आप खाएं ट्रेन में मूंगफली. अरे हम तुम्हारे यहां तक काहे यहां से. [हंसी]. ट्रेन में चिनिया बादाम. बिहार में ट्रेन घुसे. चीनिया बादाम उसके साथ मिर्चा और नमक. मिर्चा बहुत खाए. हां और बगल वाले खिड़की वाले को की मां की. आंख हो जाती थी उधर से [हंसी] पीछे से वो. फट फट फट फट फट. अरे अच्छा.
मूंगफली का [हंसी]. अरे बड़ा मजा कभी पीछे वाले पॉकेट में रख. के. मूंगफली पूरी पूरी मूंगफली पीसे वाले. पॉकेट में रख के [हंसी]. बड़ा मजा मूंगफली बड़ी अच्छी चीज है. अच्छा एक बात है हमको एक कांसेप्ट समझ में. नहीं आया आज तक मूंगफली फोड़ के खाने में. जो मजा है वो साधा मूंगफली खाने में काहे. नहीं है. अरे बात है ना [हंसी]. अगर मूंगफली फोड़ के मिल जाए तो उसको आप. ऐसे नहीं खा पाओगे. लेकिन इसको फोड़फोड़ के दो घंटा खा लोगे.
हां. चटनी मोर के हां ये [हंसी]. उसका अलग मजा है ना दही जमा के खाने का. अलग मजा है और डब्बे में लाके खाने का अलग. मजा है। ऐसे बनाता हूं खाना आदमी. कुछ भी. हां [हंसी]. हां यार मूंगफली तोड़ के खाने में ही मजा. है। लेकिन नारियल खुद काट के पीने में मजा. नहीं है।. नहीं लेकिन मूंगफली में देखा हूं मैं। अगर. मम्मी रख दे कभी सामने प्लेट आप नहीं खा. पाओगे। चार दाना खाओगे छोड़ दूंगा।. हां उसके साथ मिर्चा भी नहीं खा सकते आप।.
अगर पन्नी भर रख दी गई है. तो आपका प्लांट हां भैया।. भुट्टे का भी ऐसा ही होता है। एक ऐसे का. अबे हम लोग व टू के लिए आए। मेरा. प्रोड्यूसर बहुत मारेगा मुझे।. हम. ये भी एक अलग चीज हो गया ना।. प्रमोशन. प्रमोशन।. परेशान करता है।. कि 36 जगह जाना पड़ता है।. कितना अच्छा होता था ना पहले। एक जीप पे. लगाए.
पोस्टर लगा दिए।. बाकी काम धर्मेंद्र की है। आधा काम ये. बोलने वाला कल से 7:30 बजे से पता नहीं. कौन एक्टिंग करी है। ये अलग एक्टिंग. [हंसी]. इसका एक्टिंग लेकिन बहुत बढ़िया होता था।. किसका है? ये बोलने वाले का. बोलने वाले का साहब. कलाकार था ये।. कोई ट्यूशन चल रहा हो हम लोग का। ऐसी तैसी. हो जाए ट्यूशन की। कोई आया छोड़ो ट्यूशन. देखो पोस्टर।. आदमी जुड़े दादा थे ना? हम. अब प्रमोशन का तो क्या हाल बताएं। कुछ भी.
होता जा रहा है प्रमोशन। महिमा चौधरी से. हमारी शादी करा दिए।. अरे हां हम सुने थे। महिमा चौधरी ब्याह हो. गया आपका? हां मतलब करवा दिए। अच्छा हुआ टला किस्मत. में मेरी वाइफ एक पंडित जी को लेके आई. समझे? और बहुत मुश्किल से मेरा शूटिंग नहीं था. तो उस दिन घर पे था। तो उसने कहा सुनो. बुला रही उनको दिखवाओ उनसे। बहुत. पंडित जी आए भाभी जी जरा उधर बैठेंग।.
अरे सर आपकी तो तीसरी शादी लिखी है। बन गए. भगवान हे दोद बच्चे हैं हमारे यार ऐसे मत. करो कुछ करो तोड़ तो ये तीसरी शादी निपट. गई मेरी महिमा चौधरी असल शादी हुई नहीं बे. [हंसी]. हो के शादी एक्चुअल शादी क्या होता है. भगवान थोड़ी उतरते हैं कि शादी का. आशीर्वाद एक्चुअल शादी घूम लो हां फूल. फेंक दो वो सब तो हो ही गया ना खत्म करो. समझे कि नहीं हो गया तीन बहुत लोग करते.
हैं जेल का रोटी खाना लिखा है तो इसलिए. अरे वो तो हमारे यहां पेड़ पौधे करते हैं।. कोई जानवर से कर लेते हैं। आप हीरोइन है. पकड़ कर ली।. नहीं मर हम करवाया गया। हम कहां. मन में लड्डू फूटामा चौधरी मिल गए।. हां अच्छा तो लगा था। [हंसी]. बिल्कुल अच्छा लगेगा यार। हम लोग थे वो. वाला वो कौन सा गाना दिल दीवाना। अब उससे. शादी हो रही है भाई।. दो दिल मिल रहे हैं चुपके-चुपके।. हां। एक और भी दौर होता था ना जब किसी. लड़के को मतलब हम लोग को कभी फोन आता था. कि आपकी शादी की बात करनी है दादी। जरा.
बात कीजिए लड़की से तो उधर या तो महिमा ही. चौधरी दिख रही होती थी या विद्या बालन ऐसे. ही फसेस दिखते थे हम. मलिका शेरावत नहीं दिखती थी खाली महिमा ये. ऐसे ही वाली तो अच्छा तो लगा तो बला टली. जेल से लोग रोटी खरीद के खाते हैं मालूम. पता है मुझे मैं तो जेलर का इंटरव्यू किया. हूं. बहुत सारे. हां क्योंकि कभी जेल की किस्मत में लिखी. हो ये हमारी फिल्म वन टू पूरा जेल पे ही. है. हम. हां तो लिखी हो हमने तो जेल की नहीं खाई.
लेकिन जेल में बैठे. अरे जेल में तो बहुत सारे टोने-टोटके हैं।. कैसे-कैसे. कैसा-कसा कि एक तो यह रोटी वाला है कि खा. लोगे तो नहीं होगा।. नहीं होगा।. बच्चे का है कि वहां से लड़के पैदा होते. हैं जो वहां करवा लेता है।. बहुत कहानी अरे मैंने जेलर का इंटरव्यू. किया। बहुत बढ़िया-बढ़िया कहानी आई थी।. नाइजीरियन वहां बम में फोन छिपाक जाते. हैं।. वाओ वाओ [हंसी] नहीं हमारी वन टू पूरी जेल. में है। हमने पूरी शूटिंग जेल में की है।. रियल जेल में बहुत खौफनाक।. आपके जीवन में जेल जाना भी लिखा था। लिखा.
था हम एक्टरों के लिए हम मर भी चुके हैं।. हम चिता पर चढ़ चुके हैं। ऊपर लिखा जा. चुका है। एंट्री है और गाली दीजिए. आपका एंट्री है। सही में. पटना में एक फिल्म कर रहे थे डेथ ऑन अ. संडे।. छ महीने पहले वहीं पे मैंने अपने दादी का. क्रियाक्रम किया था। आज डायरेक्टर कह रहा. है यही लिटना है।. राम नाम सत्य बोल बोल के ले आते थे। ऐसे. ही मम्मी से पूछा कि मम्मी यह रोल है.
उसमें चिता पर लेटना है। बस खाली लेटना ही. है ना बेटा। क्यों करते हो ऐसी फिल्में? पीछे से आग तो नहीं लगाएंगे। कह नहीं नहीं. नहीं उतना नहीं खाली लेटना है। देख लो डर. लगा कि कहीं ऊपर कोई नोट तो बनाता हुआ आ. गए। आ गए कहीं मेरा लिख लिया आ गए।. जल्दी आगे बुला लो।. हां आ गए जल्दी आ गए बुला लो। तो हम लोग. के लिए तो सब माफ है। अभिनय बड़ी. बट इसमें से कुछ बचता है। जैसे एक मान लो. हीरो है शादी कर लिया पिक्चर में अमंग भर. दिया.
हां. किसमिस भी कर लिया प्यार भी कर लिया सब हो. गया. सारा इमोशन मरना जीना तो जब असली वाले. पार्टनर के साथ आप कुछ कर रहे हो असली. बिया हो गया असली में कुछ कर रहे हो. यार ये बहुत कड़क सवाल पूछ रहे हो तुम हा. तो उस टाइम रियल वाला फीलिंग आता है या लग. रहा है कि ये भी एक्टिंग चल रहा है कुछ. मतलब उतना फील नहीं आ रहा क्योंकि. इंटेंसिटी तो वहां भी आप दिखाई थी स्क्रीन. पे. जिंदगी एक नाटक है बाबू मुशाय. समझ रहे हो कि नहीं जिंदगी को हमेशा. नाटक समझो और नाटक को जिंदगी एक्टर के लिए.
बहुत बड़ी बात कही गई. कि अगर सामने आप देखिए तो इनका ये नाटक है. उनका रोल है वो बैठना है उनको सुनना है कि. तेरा एक रोल है मेरा एक रोल है लेकिन इसी. रोल को मैं हकीकत में दिखा दूं. तभी तो ऑडियंस कहती है हाय क्या बात है. यार. तो वही मैं समझना चाह रहा हूं कि आपने. महसूस तो वहां भी किया।. अब जैसे आप कह चौधरी से मेरी शादी हुई. अच्छा तो लगा मुझे।. भले नकली थी तो आई।.
पल भर को तो लगा कि पत्नी है मेरी।. हां।. एहसास. ये आगे बढ़ गए तुम। पल भर को क्यों लगेगा? एक पल भी नहीं लगा पत्नी है मेरी।. हम दो एक्टर हैं।. हां। हम दो एक्टर हैं। या चलो फिल्मों में. मान लेते हैं। रोमांटिक सीन है।. अभी जब उसका ट्रेलर लॉन्च हो रहा था ना, तो सचमुच का पंडित बुलवा करके आग-वाग. लगवाए हुए थे। तो मैंने महिमा जी को देखा।. उन्होंने कहा. तुम यहां कैसे आई हो? हां। घर चलो।. अच्छा [हंसी]. भाई साहब बहुत डरावना था। बहुत डरावना था।.
तो ये डिफरशिएट कैसे होता है? क्या. दोनों मतलब कहीं किसी एक किरदार. मुझे अभी मिल और मेरे घर में मैं घर में. बिल्कुल अलग हूं।. मैं घर में बिल्कुल अलग हूं। अब ये 24ों. घंटा थोड़ी एक्टिंग।. हां लेकिन एक चीज. नहीं मैं जानना चाह रहा हूं कैसे पता लगे. ये एक्टिंग है या जिंदगी है? क्योंकि. दोनों में महसूस तो पूरा कर रहे हो। कहां? घर की वाली घर की बात होती है।. हां।. इस वाले में थोड़ा महसूस के बीच-बीच में. मलमल भी लग जाता है। मेकअप भी हो जाता है।.
दाढ़ी भी कट जाती है। कट कट कट ये भी होता. है।. वहां भी बीवी चिल्ला देती होगी। चुप चुप।. हट हट हट हट हट हट।. नहीं नहीं। वो जिंदगी बिल्कुल अलग होती. है। मैं बिल्कुल अलग होता हूं। हां वध वन. जब मैंने किया था ना. हम्म।. ऐसे रोल मुझे कभी मिले नहीं थे। तूने देखी. है शायद कत्लवत मर्डर ऑर्डर की आप. और वो जो गलियां थी ग्वालियर की. बड़ी अजीब सी थी एक तो हमारे यहां बड़ा वो.
कल्चर है कि खाना बच गया है नीचे जाके गली. में रख दो गाय खा जाएगी गाय तो बाद में. खाएगी पहले वो पैर से ही गंदा फंदा सा गली. लंबा चलना पड़ता था और उस तरह का एक महीने. में डिप्रेस रहा यार बुखार सा हो गया था. किसी चीज में मन ही नहीं लगता था, गंदा. लगता था। तो थोड़ा वो ऐसा हो जाता है।. लेकिन शादीवादी. खर्चा अपना होता है ना।. आप उतना रोमांस किए हो स्क्रीन पे?
नहीं।. हां। इसीलिए मैं पूछ. एक दो फिल्में की थी। रोमांटिक तो कहीं से. हूं ही मैं। वैसा वाला तो नहीं हूं।. जिंदगी को लेके रोमांटिक हूं। बहुत. ज्यादा। कितना गर्लफ्रेंड बनाए थे? कभी-कभी तो हफ तो बदलते थे। अरे भोलेनाथ. [हंसी]. किसी गर्लफ्रेंड से उम्मीद नहीं लगाई थी।. उससे उम्मीद करता था कि तुम उम्मीद।. अरे हमको नंबर जानना है। हमको. तुम बड़ा नंबर बता दे मान लो।.
अच्छा ऐसा अंदा अंदाजा बता दो।. अब एक दो तीन करके गिनेंगे तो उनका अपमान. हो जाएगा। ऐसे तुक्का मारते हो। 50 के. अंदर. 27 28. 27 28 गर्लफ्रेंड. मरतेमरते 35 तो कर ही दूंगा। [हंसी]. नहीं नहीं अच्छी बात है। दिल लगा रहना. चाहिए।. तो इसीलिए आपका हिमांशु जी का वो रेड. फ्लैग ग्रीन फ्लैग था।. क्या रेड फ्लैग ग्रीन. वो साइन वाला जो था कि लाल मतलब अंदर है।.
हर हरा मतलब नहीं है। खाली है। चले आओ तुम. भी।. और अगर पीला है तो सिगरेट लेके आना। समझे? वो भी अलग।. सही सही वाला किस्सा ही है।. हां हां। भी अपने घर पे छत पे पांच माले. का है. हम. तो एक डंडा था ऐसे एक था चौड़ा खटिए का. पाया नहीं होता. उसमें एक. चौकोर सा छेद होता है. हम. उनमें एक डंडा अगर. उस पे कोई झंडा नहीं है डंडे पे तो मत आना.
पीजी रहते थे मकान मालिक को खोलना पड़ेगा. गाली देगा दोपहर में तुम मत आना. हरा है चले आओ चले ले आओ और लाल है सिगरेट. लेके आओ।. पीले पे सिगरेट लाओ।. लाल नहीं खाली झंडा होता था। पीले पे. सिगरेट ऐसा हरा पीला लाल ऐसा सा होता था।. और लाल है तो तुम्हारी नई वाली भाभी अंदर. है।. हां [हंसी]. होना भी चाहिए यार।. मुंह से क्यों बोलना नहीं भाभी अंदर है।.
मतलब वो अंडरस्ट. अंडे ही लगा दूंगा।. लौंडो में तो तुरंत भाभी बनती थी ना।. कई बार झूठ भूल करके दिल्ली चले आओ लाल. वाला अब तो फै रहा है। [हंसी]. क्या जिंदगी था यार हाय रे. एनएसडी. जीते थे फ़ नहीं था. हम. आप एक चीज माइंड कीजिएगा फ़ नहीं था. तो फिर ये 28 गर्लफ्रेंड कैसे बना लेगा फ़. नहीं था तब ऐसा अब तो आसान है WhatsApp पे. हेल्प वो करते थे स्ट्रगल. कैसे. अरे बस. फ़ पे आसान है आप मिले आपका नंबर हो गया.
बारात को WhatsApp पे एक साथ चार को आई लव. यू फॉरवर्ड कर दिए. नहीं वो वैसे वाले भी नहीं थे. वो तो अब है ना ये उस टाइम पे कैसे 28 लोग. को मैनेज कर लिया आपने. 222 नंबर बस होती थी. हम्म हम. एक बस में बन गई।. गए. खड़े रहे। आज वहां काम चल रहा है तो वहां. चले गए। टाइम देना पड़ता था प्यार में।. मोबाइल नहीं देना पड़ता था। लेकिन अच्छा. था, बढ़िया था। होना चाहिए। देखो. हर इंसान को ना अपना बच्चा जिंदा रखना.
चाहिए।. आपके अंदर का बचपना मारा। हमारे यहां. हिंदुस्तान में ज्यादातर 40 के बाद 45 के. बाद लोग बस रिटायर हो गया। पूजा पाठ. हां टीवी देखो ये करो वो करो वो करो बहुत. दुख है भैया. हां सबको समझाने लगते हैं कि देखो ऐसा. बच्चे रहो ना बच्चे अंत तक सीखते ही रहो. मजा आएगा कभी शिकायत होती है सर जैसे वो. लोग कहते हैं बॉलीवुड में अच्छी पिक्चर. नहीं बनती है अब आपने वध बनाई अब वध अच्छी.
पिक्चर थी जबरदस्त एक्टिंग थी आंखों देखिए. हालांकि आंखों देखिए अप्रिशिएशन भी बहुत. मिला. बहुत अच्छी-अच्छी फिल्में आई. बहुत अच्छी फिल्में आई एप्रिशिएशन मिला बट. जैसे लोग हम देते हैं ना कोई फिल्चर फालतू. से हम कहते हैं यार क्या बनाते हैं. बॉलीवुड वाले हम ही लोग गाली देते. एक तो ये नाम ही गलत है. चलो हिंदी हिंदी सिनेमा कह देते हैं. इंडियन सिनेमा. इंडियन इंडियन. इंडियन सिनेमा कहोगे तो कितनी बड़ी जायदाद. है आपके पास. हां. मलयालम फिल्म से लेकर के यहां तक. गाली देने लोग तैयार होते हैं कि यार बना. यही कूड़ा बनाते हैं यही हीरो हीरोइन इधर.
उधर कर दिए. देखो हमारे यहां पंगा क्या है ना. और जो बढ़िया पिक्चर बनाए उसको देखने नहीं. आते. पॉलिटिक्स. फिल्म क्रिकेट हर कोई कैप्टन है।. ये क्या जरूरत थी इसको देने की? सही बात है।. बिंग ये कोई तरीका है? लास्ट ओवर बचा है।. स्पिनर को दे दिए। बैक. आगे एक और जोड़ देते हैं। फिल्म वाले. थोड़ी एडिटिंग अच्छी होती ना कौन? कोई भी. आंटी थोड़ी एडिटिंग फास्ट होती ना।. एडिटिंग समझ गई। साला वहां तीन साल बैठ के.
एफटीआई में आदमी तो रहता है। अरे थोड़ा. म्यूजिक स्लो सेकंड हाफ ना मुझे कभी होगा. ही नहीं। शोले फर्स्ट हाफ सेकंड हाफ नहीं. था भाई साहब शोले शोले थी. दीवार दीवार पूरी. फर्स्ट हाफ सेकंड हाफ अब ये अंकल आंटी बैठ. के वो ना एक्टिंग उसकी बहुत बुरी थी सब तो. क्रिटिक हो गए हम. बट अब कोई भी तो हीरो ही बन जाता तो. अब कोई भी. कोई भी तो क्रिटिक भी बन जाए. बात सही है. हां तू तो खुला खेल फर्रूखाबादी.
अब चलो पैसा खर्चा करके देख रहे हैं तुम. तो. जो बात उसमें थी ना वो बात इसमें नहीं है. ला लोटा. बहुत इमोशनल लोग हैं बे हम लोग. सही बात है. कल्ला का बेटा है तो उसकी पिक्चर तो हम. देखेंगे ना बापाओं को तारे बेटों को तारे. बेटे के बेटे को भी तारे. अगला छोटा वाला आया उसको भी अभी तैयारी. उसको भी तैयार उसको भी प्यार होगा उसकी. पहली फिल्म होगी. तैमूर को देखो. देखो. अपना पोता बेचारा भू [हंसी] फाक रहा है. पानी नहीं मांग रहा है कुछ नहीं मांग रहा.
है लेकिन उसका देखो. हल्ला का बेटा. तो हम तो ऐसे ही हैं। तो पिक्चर तो हम रोज. बनाते हैं। हर घर में बैठकर पिक्चर बनता. है। टेलीविजन कितना बड़ा कीड़ा फेंका। बहू. बेटी सास ननद हर औरत की वही दुखती रक्त पे. हाथ डाल दिया उसने।. जो भी शो आते थे वैसे ही सही बात है। घर. कहानी. हां और मम्मी चाची खाना बनाते बनाते देख.
रही है। देख कहां रही? टेलीविजन चल रहा. उसके साउंड ही से पता चल रहा है का चल रहा. होगा. कोई अरे हम अपने. अरे हमने अपने ऑडियंस को कभी सीरियसली. नहीं लिया दोस्त. हमने कभी अपने ऑडियंस को सीरियसली हम. हमारी ऑडियंस क्या चीज है यार मुख्यमंत्री. बना देती है एक्टर को. हां. सिनेमा को दिल से लगा लेती है अगर उसको. हमने अच्छी फिल्में प्रस्तुत की होती तो. कहां होते हम अच्छा दर्शक हमेशा अच्छा.
जनता होगा अच्छी जनता. तो बोदर करता है मान लो कोई पिक्चर नहीं. चली. बिल्कुल. बिल्कुल. आप अपेक्षाएं करते हो अभी भी पिक्चरों की. नहीं देखिए देखिए देखिए देखिए एक होती है. पिक्चर. अपनी ही पिक्चर हो देखने के बाद लगे अगर. ये चल गई ना तो मैं सर फोड़ लूंगा खुद ही. लगता है. होता है सर. हां बिल्कुल. लेकिन कोई पिक्चर मैं थोड़ा डिसीजन लेने. में गलत हूं। मुझे आंखों देख के बहुत. बेकार शुरू में पिक्चर लगी थी कि क्या. पिक्चर क्योंकि मैं उसमें अपने आप को या.
वैसे देख ही नहीं रहा था। बाद में लोगों. ने कहा कि भाई बहुत महान है तो कहा अच्छा. भाई साहब फिर मुझे भी अच्छी लगने लगी. जो अच्छी होती है वो रास्ता खोल लेती है।. रस्ता अब और. वो बिजनेस के लिए नहीं बनती बिजनेस के लिए. है। लेकिन डायरेक्टर को जैसे वध का. डायरेक्टर है यार पागल है उस इस पिक्चर के. पीछे।. जस्सी घुसा पड़ा हुआ है और देख के लगता है.
फिल्म देख के लगता है हां यार हर चीज पर. काम है हर चीज पे अब ऐसी पिक्चर को कोई भी. आंटी क्रिटिक लिख देंगी वो बात नहीं जो. उसमें थी. चप्पल कहां है और जब किसका. रिएक्शन आएगा. हां चप्पल का साला बताओ यार कोई भी. क्रिटिक बना हुआ है बट यही तो खूबसूरती है. ना कि हम उसको इतना लगाव लेते क्रिटिक बन. जा. इसीलिए हीरो बनाते हैं इतनी जल्दी हां. बहुत क्षेत्र में आदमी बहुत जीवन भर काम. करता रहता है। उसको अटेंशन ही नहीं मिलता।. इसमें हीरो बना।.
इसमें आपको तुरंत लार्जर दन लाइन बना लेते. हैं। आपके नाती पोता नाती पोता बच्चों तक. को लेके हम एक्साइटेड हैं।. भाई है ही ऐसी लाइन ये है ही ऐसी लाइन।. संजय मिश्रा को अगर बताना हो दर्शक को कि. मेरा ये पांच काम जरूर देखो। क्या बताओगे. आप? ये पॉलिटिक्स कर रहा है। इसको किसी ने. सुपारी दी है गुरु।. फिर ऐसे कहता है ना कि एक होता है ना आदमी. तो दो तो वधी है तीन ही बताने मुझे. एक आंखों देखी लगा दोगे.
नहीं मेरी कुछ अच्छी फिल्मों में. हम. अंग्रेजी में कहते हैं एक फिल्म है मेरी. हम. वो. कामयाब नाम था दूसरे का ऑब्वियसली मेरी. कुछ अच्छी फिल्में और मैं क्यों बताऊं. मेरे मेरे दर्शक को पता है कि वो पांच. फिल्में कौन है।. मुझे तो कभी-कभी धमाल देखने में भी मजा. आता है।. धमाल कमाल पिक्चर है।. धमाल कमाल मतलब.
हर कुछ काम और लेकिन कुछ ऐसी पिक्चर जो. मैं अभी नहीं देखा हूं अभी तक। बस डबिंग. करके गायब पैसे के लिए करना पड़ता है ना।. हर मैच में 100 थोड़ी मारोगे आप।. जिसको देख के रिमोट बदल देते हैं।. समझे ये उसके लिए किया था।. बाबा के साथ मजा आया था।. संजय बाबा के साथ।. आ. तू तो ऐसे कह रहा है जैसे मेरे पीछे वो. बाबा भी बाबा ही हैं बड़े.
वो आपके बड़े हैं. हां हां. आप 35 तक पहुंचे वो 350 तक पहुंचे थे बस. इतना अंतर है। हां नहीं उस मामले में. क्यों बहुत बड़ा यह है यार सुपारी दिया. इसको किसी ने या तो यह घर में लड़ाई. करवाएगा. वो बड़े हैं. बड़े हैं हां हां संजू बाबा के साथ बड़ा. मजा आता है जब भी जब काम किया हमने वो एक. हमारा सीन था ना कौन सा ऑल द बेस्ट. एक तो पहले हमको ऑल द बेस्ट एक चीज बताओ.
ये लाल पैंट लाल जैकेट और पिंक पैंट कौन. पहना है. यह तेरी तरह कॉस्ट्यूम वाले की कृपा थी कि. आपको ये. लाल जैकेट पिंक पैंट. पिंक पैंट. घूमता रहता था ऐसे ही चिरकुट टाइप लेकिन. बड़ा हिट हुआ था वो. पिताजी का डेथ हुआ था उसके बाद ही एक. महीने बाद ही शूट हुआ था इसका और मेरे लिए. एकदम बहुत बड़ी बात थी कि.
संजय दत्त. जो आप बनना चाहते थे बन नहीं पाए अजय. देवगन जो आप बनना चाहते थे बन नहीं पाए. फरदीन खान. पसंद है फरदीन खान आपको. मतलब अभी पूरा सुनने ही नहीं दिया खुद ही. पसंद है बोल दिया हां मतलब उस समय तो. अच्छे ही थे. बहुत स्मार्ट था अपने जमाने. वाह वाह वाह उस समय तो अच्छे ही थे. जब रिलीज हुआ था गोरा चट्टा एकदम. तो क्या करें भाई साहब इसके लिए तो प्राण.
बन जाओ. ऐसे लोगों में खड़े होने के लिए. रोहित शेट्टी को बताते नहीं थे कि ऐसे. करेंगे. हम. डर जाएगा ना वो अरे ये क्या कर रहा है ऐसे. कैसे अजय भाई को थोड़ा सा बताया अजय भाई. थोड़ा ऐसा करूं कर कर. संजय दत्त को मन था थप्पड़ मारने का गांड. पकड़ के खींचने का अरे पागल है वो संजय. दत्त छोड़ के भाग जाएगा सेट फिर क्या.
करेंगे पिक्चर कौन बनाएगा. मैंने कहा इतना खड़ा एक्टर तो होगा नहीं. यार यह कुछ अच्छा हो रहा होगा और को एक्टर. के हिसाब से दोनों को मिलकर काम करना होगा. आप संजय दत्त के संजय दत्त बने रहो और मैं. संजय मिश्रा दो कहानी दत्त मिश्रा भाई भाई. तेरी जात का जाके मैंने कहा उनको. कि मैं आपके गाल खींच सकता हूं क्यों. [हंसी]. अरे सीन में सर. वो खिलाओ पहले.
[हंसी] मसाला खाए है हां कर ना बहनच कोई. तू मेरे साथ कॉमेडी कर. मैंने कहा अगला तैयार है आंखों देखी अगला. तैयार है लेकिन हवा क्या फैला रखी है. भाग जाएगा कुछ मत बोलो आ गया यही काफी है. समझ रहे हो. [हंसी]. आंखों देखी यही बोलता है ना कि आप खामखा. सोच लिए शमशेर तो ऐसे थे ऐसे थे और शमशेर.
से मिले तो शमशेर तो सवा शेर कुछ अलग ही. निकले ना।. हां।. और वो सीन लेकिन बहुत बढ़िया हुआ।. आइकॉनिक सर वो पिक्चर आइकनिक हो गया।. हां मतलब क्या हो गया था वो सीन में किसी. ने कट भी नहीं बोला।. अब ऐसा क्या है? कुछ समझ में नहीं आया।. लेकिन. मजेदार तो संजय को एक्टर्स मेरे साथ अच्छे. रहते हैं।. बहुत अच्छे रहते हैं। किस किसको देख के. आपका बड़ा मन था? इसके साथ काम करना है.
जीवन मैं फैन मोमेंट आपका रहा जब. एक्सप्लोर करते गए. प्राण साहब. और और डायरेक्टर्स ज्यादा थे. नाम ले लिया आपने प्राण साहब का. क्या बेहतरीन कई आए कई गए लेकिन वो गलगी. तुम्हारे नाम के कोई है. अच्छा तो उतारे हो आप उसमें. हां वही तो उतारा हूं मैंने कहा संजय दत्त. अजय देवगन के सामने प्राण बन जाओ. प्राण बन जाओ.
हैं। जहां परेश रावल हो, सुनील शेट्टी हो, तुषार कपूर हो वहां जीवन बन जाओ। पाव. समझ रहे हो कि नहीं? तो ये ये गेम. तो ये डायरेक्टर का नहीं था। ये आपका. कीड़ा था।. डायरेक्टर इतना सोच भी नहीं पाते। [हंसी]. उनको जैसा बताया जाता है वो राइटर पढ़ के।. पैसे तभी तो लेते हैं बॉस। मैं अगर. स्क्रिप्ट को 12% 20% 30% ऊपर कर दूं तभी.
तो मैं अभिनेता और 2025% नीचे ही कर दूं. तब तो नेता ही नेता. इसीलिए लोग शुरू में मैं बहुत डरता था कि. अरे यार डायलॉग डायलॉग डायलॉग सर डायलॉग. याद है ना. इससे बढ़िया मैट्रिक पास कर जाते हैं साला. आएगा डायलॉग और फिर आप ऐसा बोलने लगे कि. संजय मिश्रा जैसा बोलते हैं वैसा ही चाहिए. आपका वो चाहिए तो अपने कमजोरी को आप जो है. शत्रुघन सेना बहुत पसंद है आपको?
बिल्कुल मुझे हर वो पसंद जो मुझे एंटरटेन. करता था।. जिसको मैं देखता रहूं. बट एक होता है ना सर जैसे कोई आदमी जैसे. हम लोग पॉडकास्ट करते हैं कोई आता है कोई. आता है तो उससे मिलकर आपका एक फैन मोमेंट. होता है। ऐसे जब आप बॉलीवुड गए होगे, पार्टी में मिलेगे, साथ उठे बैठे होगे।. हमारे ड्रामा स्कूल में. हम. कन्वोकेशन था। हम्. और ड्रामा स्कूल का कन्वेशन कन्वोकेशन तो. सब हल्का-हल्का यही दिल्ली की ठंडक.
सर्दी में राज बब्बर को मैंने देख लिया था. तब मेरे बाल बड़े कर्ली थे. ओ भाई साहब उसके बाद से जो शुरू हुआ. मुझे राज बब्बर बनना है यार मुझे राज. बब्बर मतलब नादिरा जी से भी मैंने कहा था. चुप रहिए. राज बब्बर बहन नहीं मुझे पन्न है राज. बब्बर को भी पकड़ के आपके बाल मेरे बाल. कभी-कभी अकेले मैं आईने में देखता हूं आप.
ही दिखते हैं समझे कि [हंसी] नहीं. वो भी जूनियर समझ के माफ कर दे रहे थे कि. भाई. बंदा फिदा है और लोग कहें कि लोग नसीर. बनना चाहते हैं लोग फलना. ओमपुरी नसीर. हां हां हां और मैं जितेंद्र राज बब्बर ये. सब क्या है. मेरे बैच के लोग मुझे एनएसडी ने कभी वैसा. नहीं लिया कुछ ऐसा वैसा एक्टर और मैं भी. कि मैं तो आया ही इसी काम के लिए मैं तो. छोटा हूं झुका लूंगा सर को अपने पहले सब.
बड़े तय तो कर ले कौन बड़ा है. मैंने आपके बैच की लिस्ट निकाली थी. अल्लाहू अकबर. कि आपके बैच में जो जो लोग थे. मेरा नाम हैला. हां अरे आप तो टॉप किए थे निकाल भी दिए गए. थे. हां. तब तो आप क्रांतिकारी थे. क्रांतिकारी. स्कूल वाले थे ड्रामा स्कूल वाले. अभी तो अच्छा. मैं तो अदाकारी में था।. बस आप ही रुकवाए थे ना? हां वो भी।. अबे तुम्हारा मोबाइल है कि मेरा बायोडटा. है? [हंसी]. बस रुकवाए लेकिन आया नहीं वो मुझे फीलिंग.
आता है कि भाई सारा बस रुकवा दिया अपने आप. को देखे। अरे यार. बेंडेड क्वीन में जो थीमा सीमा विश्वास. उनको कोई छेड़ दिया था।. उनको कोई छेड़ दिया था। ये हमें भी मालूम. नहीं। कितने छेड़े जाते थे। कौन हम क्या. हिसाब रखें और एक फिल्म थी बव्ली हिल. स्कोप तो मैं और मेरे रूम पार्टनर तिशु. देख के आ रहे थे वो एक्शन वाली मूवी थी. पिक्चर देख के बाहर आ गए. हां [हंसी].
9:30 बजे शो खत्म हुआ. आते-आते 10 10:30 देखे ड्रामा स्कूल के. सामने बहुत भीड़. तो क्या हुआ अरे सीमा जी को किसी ने छेड़ा. है ड्राइवर ने. और आपको पता नहीं था कौन छेड़ा कौन किसी. को नहीं पता 200 लोग खड़े हैं वहां. सारा बस आज रात. लेकिन 200 लोगों में से सिर्फ दो ही लोग. एक्शन फिल्म देख के आए टमा. जी यही है क्या.
नहीं नहीं. फिर 15 मिनट बाद एक और बस आएगी बस नंबर भी. याद है मुझे 216. फिर एक बस आई सीमा जी सीमा जी ये ये क्या. ये. नहीं. ये तो नहीं हां खत्म फिर उधर. आई आई दूसरा शिवा जी यही क्या अंत में. सीमा जी को लोग कहा हां कह दो यही है यही. है खामखा तीसरा ही पिट गया और जब तक हम.
लोग उसको अंदर पीटे बाहर सारे रोडवेज वाले. लोहे का वो नहीं होता था जिससे बस स्टार्ट. करते थे पहले. हम्म. और मैं और त्रिशु वन टू थ्री गायब. सारा हीरो गायब. हां अगले दिन वही पूछ रहे थे। कुछ हुआ था. क्या? रात में बहुत भीड़ भीड़ लगी थी। कुछ. मारपीट कोई कुछ कहा अरे आधा स्कूल आपका. जेल में था। बोलो आप ही लोग भागे हुए थे।. इधर सो के उठ रहे हैं। अभी आप ही लोग तो. सबसे ज्यादा कुकू कर रहे थे।. तो आपके बैच के पांच लोगों का नाम मैंने. रखा है। आपको बताना है उनके किसी काम के.
बारे में। थोड़ा इसे टेस्ट कर लेते हैं।. हां हां।. तगमांशु धुलिया। आपका फेवरेट काम उनका. क्या है? हासिल।. हासिल. नाइस।. कमाल करो। हिमांशु जब कास्टिंग डायरेक्टर. बने थे तो कुछ फायदा मिला था आपको? उनको मिला।. आपको मिला था कुछ? अच्छा मुझे. हां. दोस्त कोई फायदा नहीं है।. इनफैक्ट वो जब बेंडेड क्वीन की कास्टिंग. कर रहे थे. तो मैं और वो स्कूटर पर जाके कास्टिंग ही. करने जाते थे मिश्रा जरा ये देख लो वो देख.
कर ले। ऐसा कोई हाय मणि रत्नम की दिल से. दिलाई थी।. पिक्चर भी थी।. हां। वो मणि रत्नम के लिए हमने की रोल कुछ. ऐसा नहीं है।. ये मणि रत्नम सोच के आप उनका पैर छू लिए. थे।. किनका? रामगोपाल वर्मा का।. नहीं।. हां।. मणि रत्नम बैठे हुए थे। हम रामगोपाल के हम. फैन हम जाने भी नहीं कौन है ये। हमको लगा. होगा कोई मणि रत्नम का ऐसे ही आने जाने का. टिकट करने वाला। [हंसी].
मणि रत्न।. मणि रत्न के साथ और जैसे उन्होंने कहा डू. नो हिम।. कहीं लगा वो प्रोडक्शन के कोई होंगे टिकट. विकट करवाते होंगे [हंसी] बैठे रहते हैं. इस रामगोपाल वर्मा और जैसे मैं बहुत अलग. रामगोपाल वर्मा मां कसम. फिर गिल्ट फील करना पड़ा सॉरी सर हम आपको. नहीं जान पाए मोबाइल नहीं था ना उस समय. रामगोपाल वर्माम क्या था ऐसा इतना ऑब्सेशन. है मतलब आपकी जनरेशन में एनएसडी वालों का.
एक पागलपन जुनून है उनको लेके. उनकी फिल्में देखो यार उनकी फिल्में देखो. इनफैक्ट अभी भी संदीप वांगा रेड्डी को देख. लो या आदित्य धर को देख लो जो धरंधर बनाई. है. सब कहते हैं कि हम तुमसे सीखे हैं. रामगोपाल वर्मा. हां ये सब कहते हैं कि हम तुमसे सीखे हैं. गुरुजी तो है वो गुरुजी तो है वो सत्य. सरकार. शिवा. एक दो हॉरर फिल्म भी थी कहानी कहने का. तरीका तो मालूम था उनको टेक्निकली बहुत. कुछ लोग टेक्निकली बहुत सही होते.
ड्रामेटिकली बिल्कुल ही खत्म होते उसमें. बढ़िया कॉम्बिनेशन. रंगीला बै. रंगीला हां रंगीला कैसे बोल सकते हो आप हर. कुछ उर्मिला उर्मिला बना दी उन्होंने आमिर. खान याद. रामगोपाल वर्मा. सटीक क्या होता है ना देखो डायरेक्टर को. ना अपनी कहानी बतानी है. हम. कहां कितना पॉज क्या.
कैसे पकड़ के रखे हम दो तरह के जोक सुनाने. वाले होते हैं। एक का समझ में नहीं आता।. एक का लगता है खत्म कैसे हो गया यार यह. बड़ा बढ़िया सुना रहा था। तो वही. तरीका है फिल्म दिखाने का।. आपका एक्शन फिल्म करने का मन नहीं किया और. तगड़ी वाली जैसे अभी धुरंधर आई थी उसमें. हम का कर रहे होते।. सोचो। अरे अक्षय खन्ना जब ये कर सकते हैं. तो आपको कुछ ना कुछ तो कर ही सकते थे।. प्राण अंदर तो प्राण ही है ना अंदर। जीवन. भी है।.
हां अंदर प्राण है जीवन है शत्रुघन सेना. सब एक्टर है अमिताभ बच्चे हैं। बनना तो. बच्चे ने था ना. हां लेकिन करना तो वो अक्षय को होता था ना. हम उठ के कमरे में क्या कर लेते. कोई ऐसा रोल है जो आपको नहीं मिला आपको. लगता है ये मैं करता मैं करता मजा आता. नहीं मुझे ये वध या आंखों देखी या कामयाब. कड़वी हवा ये ये जो फिल्में है ना मेरे. लिए काफी है ये अच्छे-अच्छे एक्टर्स को. नहीं मिला. नंबर टू विनीत कुमार जी. हेमलेट हेमलेट उनका एक नाटक था.
हमको महारानी बहुत अच्छे लगे थे काला नाग. बने थे. अच्छा अच्छा. बहुत जहर बोए हैं। पूरी पिक्चर में जहर. बोए हैं।. बहुत अच्छे एक्टर हैं।. अभिनेता तो अच्छे हैं।. बहुत अच्छी एक्टिंग की उन्होंने। काला नाग. बनके जो एक्टिंग की है उन्होंने. सिखाते ज्यादा बेहतर है।. हम सीखे तो नहीं लेकिन हम. लेकिन जितना बात बताते हैं. हम. निर्मल पांडे। ये आपके बैच के लोग हैं ना. ये सब? निर्मल पांडे मेरे बैच के।. बेट क्वीन उस बेचारे को बहुत जल्दी. ईश्वर ने बुलाया।.
नवनीत निशांत. खर्चा करवा देती है यार। बहुत खर्चा करवा. देती है।. एक्चुअली हम पांच लोग थे। मैं. नवनीत, तिशु, विनीत और केनित. केनित था।. हम लोग साथ रहते थे। मतलब जब भी. मुझे तो पूरा क्लास ही बहुत प्यार करता. था। लेकिन एक पांच का एक अलग ही ग्रुप. होता था। नवनीत इतना बड़ा एस्थेटिक सेंस.
बहुत अच्छा उसका।. बहुत अच्छा. राजा हिंदुस्तानी में बहुत अच्छी एक्टिंग. की है।. राजा हिंदुस्तानी में वैसे भी वो बड़ा. ग्रेस रेस. जब हम लोग को पता चला तीन साल इसके साथ. एक्टिंग पढ़ना है। अरे पागल आ गए [हंसी]. बाय गॉड. तीन साल. ऐसे ही कट जाएगा।. रोज मिलेंगे।. रोज क्या मिले ही रहेंगे।. साथ रहेंगे।. हां साथ रहेंगे। नवनीत ये उठा दूं मैं सब. इसी में लगे हैं। निर्मल उर्मल साहब ना.
लवजीत यह कर दूं यह कर दूं वो कर दूं बहुत. खूबसूरत बहुत अच्छा इस तरह सेंस आज भी. ब्यूटीफुल. हां कह रहे दिशा ही पूछेगा अब तू. ओके मैं सर आपके लिए कुछ रैपिड फायर रखा. है मैंने. अरे तेरी. रैपिड फायर में ऐसे ही है. इसमें मैं फ्लॉप ही होता हूं. नहीं नहीं फ्लॉप नहीं बढ़िया आपका जाएगा. हाइपोथेटिकल क्वेश्चन है अगर आपको एक दिन. भारत का प्रधानमंत्री बना दिया जाए तो. पहला काम क्या करेंगे. एक दिन के लिए. बस एक दिन. और वो काम सिर्फ एक दिन के लिए रहेगा. वो आपकी मर्जी है वो आप बता दो आदेश पारित.
करवा दो राष्ट्रपति साइन करवा. मैं सबसे पहला काम करूंगा कि हमारे जो. पॉलिटिशियन खड़े होते हैं उनके लिए एक. इंस्टट्यूट बनवाऊंगा। कोई भी ऐला बैला. टैला ना खड़ा हो जाए। मतलब एक इंस्टट्यूट. से आए हैं और हम जानते हैं उनके उसके बारे. में. उनकी कैपेबिलिटी के बारे में कैसा एक. इंस्टट्यूट होता है ना डॉक्टर तो आप. बेसिक पैरामीटर होगा। इसके बाद. इसके बाद आप क्वालीफाई एक दिन के लिए तो. यही काम किया जा सकता है।. बढ़िया काम है।. हां घर में खाना पीना खा के खाली आर्डर दे. दोगे। आज से इंस्टट्यूट बनेगा इन इन लोगों.
का। कोई भी नहीं खड़ा हो सकता।. अगर संजय मिश्रा को अपनी बायोपिक बनवानी. हो या बनाई जाए तो संजय मिश्रा किरदार कौन. निभाए? मैं खुद. मैं खुद. अगर बनवानी हो तो नवाजुद्दीन सिद्दीकी।. नवाज में. बहुत ज्यादा।. क्या पसंद है आपको नवाज में? ठाकरे।. बहुत बढ़िया। वो भी जहरीले एक्टर है।.
बहुत बहुत्ट. है। बाऊजी और अगर ढूंढू ये दोनों एक लिफ्ट. में मिल जाए।. हां. तो ये दोनों क्या बात करेंगे? हम तुम एक कमरे में बंद हो और लाइट चली. जाए।. लिफ्ट रुक जाए।. बाबूजी और ढूंढू दो।. क्या बताएंगे? क्या सोचेगा क्या हाइप. डोनू लिफ्ट में शीशे में देख रहा होगा. बाबूजी उसको देखते हुए देख रहे होंगे कौन. है बे पगला टाइप.
आंखों देखी पे ही बिलीव करूंगा. ओके तीन चीजें अगर आपसे सारी चीजें छीन ली. जाए और आपके पास सिर्फ तीन चीजें आपको दी. जाए सर्वाइवल के लिए मोबाइल के अलावा वो. कौन सी तीन चीजें होंगी जो. मोबाइल तो होगा ही नहीं उसमें. नहीं पर क्या रखोगे. मेरा वो बैग जो हमेशा मैं लेके. जो काला वाला छोटा होगा. काला वाला छोटा. वो क्या था हम देखे बहुत. सिगरेट होता है।. इत्र होते हैं उसमें।. पसंद है आपको? आ इत्र होता है। बस यही सब होता है। काम.
की चीज एक पेन होता है।. ओके। कोई ऐसा कलाकार जो इस दुनिया में. नहीं है उसके साथ आपको डिनर करने का मौका. मिले तो कौन होगा? कोई भी ऐतिहासिक पात्र. कलाकार कोई इंसान. सत्यजीत रे और डिनर उनके घर में ही उनका. खाना हो। और यह ख्वाहिश क्यों? हां. ये ख्वाहिश के पीछे वजह. उनके हाथों को देखो यार वो जब खाते होंगे. ना खाने वालों के हाथ अलग होते हैं हाथ.
इसको हथेली बोलते हैं ना बहुत-बहुत. खूबसूरत सत्यजीत रे कलाकार हम और रविशंकर. म्यूजिशियन. हम. है ना और गुरु दत्त इन तीन लोगों के साथ. जमीन पे ही बैठ के खिला दे. अपनी कोई पिक्चर देख के रोना आया कभी. हर पिक्चर. कैसा वाला रोना था कि अच्छी एक्टिंग की वो. देख के या क्या कर दिया मैंने वो देख के. अच्छी एक्टिंग की देख के मतलब सिचुएशन. जैसे आंखों देख के देख के मैं बहुत रोया.
था. मैं तो पूरी फैमिली को लेके गया था 27 लोग. थे सबका टिकट कटवाया और बाहर निकल के सब. रो रहे थे मैंने कहा लो. खर्चा भी हुआ रुला भी रहे हैं सबको आंखों. देखी कामयाब कामयाब कामयाब देख के काफी. रोया हूं मैं. और दूसरे सेंस में किसी पीछे को देख के. रोए कि क्या कर दिया मैंने पैसे. ऐसा रोना होता था वो भी नाक से भी आंख से. भी निकलता था। क्या कर दिया? हां।. अब एक सर जीवन को लेके आखिरी सेगमेंट है।. रस रखा है मैंने।. जीवन बोले तो पाप. नहीं जीवन बोले तो जैसे आपने शुरू में कहा.
था ना तजुर्बा सिखाता है।. तो हमको लगा कि जब इतना देर आप सब बैठे. हैं तो कुछ सीख के भी जाए तो एक एंड. सेगमेंट है। उसके बाद हम आपको फ्री कर. देंगे।. ये जीवन के ऊपर है। सात आठ सवाल है।. सात आठ छोटे।. हां हां हां हां।. आप कहते हो शहर चूस लेता है तो पहाड़ों और. खेतों में ऐसा क्या सुकून मिलता है जो. शहरों में आपको नहीं मिलता।. मैं अभी अपने लोलावाला में हूं जाता जो. मेरा गांव है.
महाराष्ट्र में. एक-एक पौधा मुझे ध्यान है। एक-एक पेड़. मुझे ध्यान है। अगर वो सूख जाता है ना तो. लगता है अरे यार कैसे? मैं फोन करके पूछता. रहता हूं। अरे वो जो पालक लगाया था वो जो. वो लगाया था आप इतना खो जाते हो उनमें ना. जो यहां पे रहिएगा तो खिड़की से बाहर देख. लीजिए शहर में. काम बहुत वाकई में चूस लेता है आपको काम. शहर.
देखो कॉल आया टिंग टोंग टिंग टटोंग. मुझे फोन की घंटी से बेल से बहुत डर लगता. है पता नहीं क्या हो मेरी जिंदगी एक तरह. एक एक्टर हूं। सोचता रहता हूं। सो मैं फोन. नहीं उठाता। तो वो सब चीजें मैं वहां. निश्चिंत रहता हूं। बहुत हल्का रहता हूं।. पेड़ों में ज्यादा रहता हूं। अब समझ में. आता है किसान की जब फसल बर्बाद होती है।. बच्चे की तरह दुख होता है जैसे बच्चा गुजर.
गया हो। तो यह सुकून जो है ना शांत आय हाय. हाय. अपनी चीजों को बड़ा होता देखना। खुशी. ज्यादा मायने लगती है सुकून।. सुकून है। सुकून ज्यादा होना चाहिए। खुशी. बड़ा अलग-अलग होता है। मैच जीत गए, खुश हो. गए। सुकून होता है।. शांत शांत हो गया। एक उम्र तक सुकून में. रहता तो कुछ अलग ही निकल जाता। लेकिन अब. यह उम्र है कि अब मैं जानू कि सुकून क्या.
चीज है? जिंदगी क्या चीज है? बिहेवियर क्या चीज है? अब एक्टर होने के. नाते कि अब यह क्या करेंगे? कैसे बहुत कुछ. सुकून बहुत जरूरी है।. आपने अपने जीवन में अपने पिताजी को जाते. देखा। आपके छोटे भाई साहब गए।. मृत्यु ने क्या सिखाया आपको? क्योंकि दो करीबियों को करीब से खोना. पत्ते पीले पड़ जाते हैं।. टूट के गिर जाते हैं। तो यह हर अवस्था में.
होनी ही चीज है। मृत्यु. डरते नहीं हो आप? मृत्यु से। जरूर कतई. नहीं लव यू। मुझे बहुत पसंद है। हां, एक. डर है कि बहुत बीमार उमार होके ना पेनफुल. मौत ना हो। ऐसे तो मैं जगह भी चूज़ कर रखा. है कि बॉस यहीं लाना गुरु मतलब बनारस।. सोच रखा है आपने? हां।. कहां जाओगे? हां।. तो वो सब जो लगाया है सिंदूर का खेत और सब. कुछ वो तो सबको छोड़ के जाना है।.
वो तो सबको छोड़ के।. तो छोड़ना आसान रहेगा। हां उतना भी जानो. चीजों को जानो सब चलेगा यार. आज आपके मोबाइल में जितने नंबर है 30% आ. नंबर आप डिलीट नहीं कर सकते कैसे इरफान. भाई का नंबर डिलीट कर दोगे कैसे निर्मल. पांडे का नंबर डिलीट कर दोगे अरे वो अब. नहीं रहे तो हटा दो नंबर कैसे फादर का. नंबर डिलीट कर दोगे अब तो फादर है नहीं. डिलीट करो नंबर.
कैसे कर दोगे यार. तुमसे भी नहीं हो। किसी से नहीं होता।. जब छोटा भाई. गुजरा था ना. एक साल से अस्पताल में था वो।. और अस्पताल वाले घर की हालत तुम जानते ही. हो। चलो सब कुछ हो गया। गुड्डू के लिए यह. लेके जाना है। चलो सब कुछ एक साल तक सब.
उसके डेड बॉडी के पास मम्मी बैठी हुई थी।. बहुत सारे लोग थे। पता नहीं मुझे एक गाना. याद आया। रुला के गया सपना. मेरा।. कैसे पाला था उन्होंने. हर बात पर आज भी गुड्डू उनके लिए जिंदा ही. है अभी जाऊंगा उनसे मिलने जिंदा ही है हम. लोग बात कर रहे थे मृत्यु की हां मृत्यु. हकीकत है और मान के रखो उससे डरो मत कभी.
नहीं. जैसे अपनों खोने का डर होता है कि आपके. अपने चले गए किसी हर एक के अपने जाते हैं. यार. इसको स्वीकार करना. स्वीकार कर लो अब ज्यादा अब देखो पापा जी. वाले में शौक था कि ये क्या हुआ माता जी. वाले में मालूम है।. 83 की है मम्मी। मालूम है। होना ही है। बस. एक डर है कि उनके पहले मैं ना जाऊं।. बहुत रोती है मैं। बहुत रोती है। एक.
गुड्डू एक मैं। मेरे फादर जब एक्सपायर हुए. थे तो मेरी दादी किसी से मिलती नहीं थी।. उनको बहुत बुरा लगता था कि मैं अभी जिंदा. हूं। मेरा बेटा मर गया।. यह शॉर्ट थॉट सोचिए आप दादी किसी को शक्ल. नहीं दिखाती थी. तो एक ही ख्वाहिश है कि माता जी के पहले. मैं ना निकलूं. वो दिक्कत हो जाएगा और बाकी कोई नहीं. और मैं थोड़ा वैसा हूं भी रिलेशन भी आजकल.
मैं थोड़ा गायब में हूं. हम. लोगों से उतना ही मिलता हूं मुझे जितनी. जरूरत है इमोशन बच्चों से भी मालूम है कि. कभी भी कहीं भी. किसी भी वक्त आप अलग हो सकते हैं तो उसको. मोह माया मत पालिए। ठीक है? वहां लोनावाला. में अब आगे जिनको मर्जी हुआ करेंगे। पूत. सपूत तो क्यों धन संजय पूत कपूत तो क्यों. धन संय. तो जिंदगी का क्या पर्पस है फिर? मतलब कुछ.
तो एक्सप्लोर किया होगा ना कि जीवन क्या. देखिए अभी तक का मेरे जिंदगी का जो पर्पस. था इंसान को सबसे पहले अपने आप को प्रूफ. करना पड़ता है कि जो मैंने सोचा था आज तू. चार जगह काम करने के बाद एक जगह पे आया. जो तूने सोचा था तुझे. होता दिख रहा है अपने आप को प्रूफ करना. सबसे पहले उसके बाद समाज को प्रूफ करना. ये सब मैंने कर दिया कि मैं निकम्मा नहीं. हूं जो एक उपाधि दी जाए.
ना. मैं वो नहीं सब अचीव कर लिया। अब बस बैठ. के जानना है ऊपर वाले ने किस दुनिया में. भेजा है मुझे। मैं वो भी तो जानू कि सिर्फ. मैं अपना।. उसमें क्या-क्या चीजें हैं।. शमशेर ऐसे बैठा है तो क्यों बैठा है? या. ऑब्जरवेशन देखना यह सारी चीजें अब देखो.
जानो।. पीछे का सोचो कि क्या कहानी लिखी गई थी. उसके साथ क्या कहानी लिखी गई थी उसके साथ. सब कहानी ही है लिखी लिखाई. तो अब वो वाले सिचुएशन में मैं फोन उठाना. बंद कर चुका हूं मैं पिछले एक हफ्ते से. अभी नया साल शुरू हुआ है मैंने किसी का. फोन नहीं उठाया इवन मम्मी से भी नहीं बात. की. हर बार नए साल का बल्ले बल्ले ओय ओय.
2025 में हमने क्या-क्या खोया? 2026 क्या होगा? क्या पाएंगे? वेनेजुएला तुम बता रहे थे अभी कहानी। सोचो. इतने सारे उस चीज के बीच में. आप हैं। सुकून में रहिए। सुकून बहुत जरूरी. है।. कामयाबी की क्या परिभाषा है आपके लिए?
सक्सेसफुल होना।. सक्सेसफुल कौन है? हर वक्त पे आज हमारा इंटरव्यू हुआ। हम. सक्सेसफुल हैं। सुबह से सोचा होगा ना. हम. कि आज एक ये करना है। किसी ने यह बना के. दिया होगा या तुमने बनाया होगा। मैं भी कि. क्या पहन के आऊंगा? कैसे जाऊंगा? कुछ. अच्छी बात हो। मैं भी कुछ सीखूं तो अभी. सक्सेसफुल है। बाहर निकलेंगे कुछ अच्छी सी. चाय मिल जाए सक्सेसफुल है। रात में छब. फ्रिज से चोरी करते हुए खाली के किसी ने.
नहीं देखा सक्सेसफुल है।. बहुत छोटे-छोटे सक्सेसफुल चीजें होती हैं।. छोटे-छोटे खुशी. हां हां राजधानी में जाना है परसों मम्मी. को लेके। वाह राजा टिकट मिल गया। वाह. सक्सेसफुल है। कितना मजा है।. बस सारा खाना यही सरसों का साग यह सब. राजधानी में पूरा लगा रहेगा।. आपकी वैनिटी में क्या होता है या आप वहां. भी देसी बना देते हो सर वैनिटी को? हां हां.
साग पत्ता. जो मैं हूं मैं वैसे ही रहूंगा ना। अब. सोफे के हिसाब से मैं नहीं बदलूंगा।. सही बात है।. मेरे हिसाब से सोफा भी नहीं बदलेगा। तो आप. जैसे हो वैसे. सोफा सोफा रहे मैं रहूं।. मैं मैं रहूं। मैं अभी मतलब मैं झारखंड. घूम के आया हूं। क्या-क्या खाया हूं मैं? और कोई मसाला फसाला वसाला नहीं मुझे। सेम. समझते हो? सेम की सब्जी होती है।. उसका स्वाद चाहिए।. उसमें गरम मसाला डाल के बेचारी की इज्जत. क्यों खराब करूं? तो ये सब बहुत अभी मैं.
दिल्ली कल से देखना सुबह. यहां बहुत होता है। लो आलू आलू पजाओ पालक. साग सागवाग काटने वाले। कल से मैं गेट पे. ही बैठा रहूंगा। अरे आप तो फिल्मों में. आते हैं ना। हां ठीक है। चला आगे के बैठ।. हां साग वाला आ गया।. मम्मी ने कल से ही बता के रखा है सब्जी. वाले को। संजय आ रहा है थोड़ा बच के रहना।. दो-तीन नींबू तो चुराऊंगा ही। एक गाजर तो. मार ही दूंगा। ये बचपन से ये होता है. चरित्र।.
दो गाजर दो गाजर में ना गाजर का हलवा बनने. वाला वैसे ही खा लो। वो लेकिन वो जो सुख. है ना गाजर चोरी किया भाई साहब।. यह है सफलता। वो भी कहेगा साला इतना बड़ा. एक्टर है।. अरे मार खाया हूं मैं। सिरडी में. दुकानें लगती है। होता है हर गांव का एक. होता है। आज मंगल बाजार तंगल बाजार एक. बुढ़िया थी बड़े मोटे चश्मे वाली। मुझे. लगा ये अच्छी रहेगी।. चलो पता नहीं चले।.
अब पता नहीं वो चुराया भी तो बैंगन बड़ा. वाला।. और लुंगी पहनते थे ऐसे।. [हंसी]. उसको शक हुआ. फिर वो उधर ताई वो गया है उधर आई आई वो. क्या है पलटी. दूसरा. उसने भी तुरंत नहीं मारा. तेरी धड़ धड़ वो गाय भगाने वाला से दो लाइक. का अरे किसको मार रही है मालूम है एक्टर.
है वो काहे का एक्टर निकाल हां ले लो उसका. थोड़ा पैसा एक्स्ट्रा दिया फिर भी निकलते. हुए मटर चुरा ही लिया था थोड़ा सा. चोरी करने में कौन मजा. चोरी वैसी चोरी नहीं करता. समझ गया. मैं भारत सरकार में होता तो भ्रष्टाचार. टाइप नहीं होता. चिरकुटाई वाली. नींबू चोरी. चिरकुटाई वाली. हां. मूंगफली दिखा रहे थे. मैं मेरा जो चंदन है उसको मैं धीरे से कह. मूंगफली वाले के हाथ.
आम पक्का वही होते हुए जो पैक कर रहा है. चाटू निकाल. चाटू हां अभी कहीं था मैं वहां वो आ रही. थी उसके बैग में मटर था गोभी था। अरे क्या. रेट है? इसको क्या पड़ी है? किसी बिल्डिंग. में पूछ रहे हैं मटर का रेट क्या है? उसका. मटर में हाथ डाले एक ही लिए लेडी थी वो।. कह रहे आप पांच लीजिए।. ये सब चीज कर लेना चाहिए।. मजा बरकरार है।. अरे बचपन में बारात में दूसरे अनजाने के.
बारात में अच्छा कपड़ा पहन के जो कोका पिए. ये खाए वो खाए भाग आए। खत्म।. तब भी किया। तो लखनऊ को खूब किए हैं।. तब अभी मिले मौका तो फिर भी अब नहीं जा. सकते।. अब थोड़ा सा होता है। उस टाइम थे लखनऊ. शादी शादी ढूंढते थे। आज आज कहां शादी. होगी? शादी हां चार लौंडे।. हम थोड़ा सा सुथरे थे।. हां तो तुमको तो इज्जत मिलता होगा।. हम प्यार से खुश आते थे और फिर अंदर से. निकल के आए। तुम लोग बाहर क्या कर रहे हो? अंदर आओ। और पूरी बारात लेके अंदर।. अरे यार।. फिर जी भर के खाओ।. और आखिर में पान खा के सड़क पे पुट पुटच.
करते चले आओ।. अरे क्या मजेदार जिंदगी। छोटी-छोटी चीजें. जिससे आपको सुकून मिलता है करिए। हां ये. वाला. नींबू चुराओ ये सब करो. समझे. लेकिन लखनऊ में लौंडे बहुत छिड़े जाते लखनऊ. वो बिरादरी बहुत वाली है ना तो रात को. बहुत परेशान कर देते हो. अरे साले. [हंसी]. पैसा कितना जरूरी है. जरूरी है. कितना पैसे से क्या होता है. मैं भी भूखा ना रहूं साधु ना भूखा जाए. इतना दीजिए.
चादर ऐसा होना चाहिए कि वहां से लेके यहां. तक को अब ऐसा ना हो कि मुंह छुपाएं तो पैर. नंगा, पैर छुपाए तो मुंह नंगा। उतनी जरूरी. है। बहुत मैं तो क्या कर लूंगा बहुत पैसा. लेके? फिर भी जेब में अगर पैसा हो तो उससे क्या. बदलता है? जैसे आप पहले आप लोग मिडिल. जैसे हां. फिर पैसा आ गया होगा। तो पैसा आदमी तो. बॉटम बना लेता हूं मैं अपना बनाया हुआ।. ₹1000 का पट है यह कपड़ा समेत।.
समझे? बड़ा अच्छा लगता है। बड़े ब्रांड्स. वाले भी अलग है। लेकिन ये. कम से कम घूम तो रहे हैं दुनिया में कि. कौन ₹1000 में पट बना दे बे।. गया था एक मैं नाटक कर रहा था। वहां पांच. सात पट बनवा लिया। हजार सस्ते में और उसकी. वाइफ से मटन भी बनवाए।. दर्जी जो होता था ना बना के ला। कहा कि हम.
तो आजमगढ़ के हैं सर से ना. तो वो भी. हां वो दो फोटो में काम चल गया होगा. हां तो पैसा उत ही जरूरी है. एक बात बताऊं मैं कभी पैसा रखता नहीं हूं. हम. और ना किसी को देता हूं. ना लेता हूं ना देता हूं. तो जो बीच में आते हो मांगने वांगने वाले. दे देते. ला भाई मुंह छुपा लेता हूं पैसा खुद ही के. पास नहीं है अभी तुम मुझे यहां छोड़ के. भाग जाओ चवन्नी देखे कितने साल हो गए मैं.
कभी पैसा नहीं रखता। मैं कभी नहीं रखता. हूं।. ये पैसे वैसे ना मेरे मतलब की चीजें होनी. चाहिए।. आप डायरेक्टर से लूट लेते होंगे।. वो मैनेजर का काम है।. मुझे कभी कोई मतलब नहीं होता पैसे का।. मुझे रिकॉर्ड्स चाहिए वो मैं लूंगा।. हम. इतनी मेहनत धूप में, गर्मी में मुझे. रिकॉर्ड्स चाहिए। मैं उठा के ले आऊंगा।.
रिकॉर्ड्स मतलब. विनिय रिकॉर्ड्स।. ओके।. अच्छा कलेक्शन हो गया मेरे पास। वो सुनता. हूं तो लगता है जितना. मेहनत किया शूटिंग-वूटिंग में सब वो चाहिए. मुझे।. चाहिए मुझे। बस. क्या डिमांड करते हो? मान लो कोई. प्रोड्यूसर साइन किया आपको।. अभिजीत तुम तो. अरे पैसा बात नहीं कर रहा मैं। पैसा के. अलावा क्या डिमांड करते हो? कुछ नहीं। मैं होटल में नहीं रहता हूं।. हां।. कभी नहीं। वैसे एक दिन के लिए रहना हो तो.
ठीक है। हम. मुझे एक आप घर दीजिए हम. जिसमें आग हो, पानी हो। बर्तन मैं खुद. खरीदता रहा। लोगों के अलग-अलग शहर में. बच्चे होते हैं। हमारे सिलेंडर पड़े हैं. सारे को। स्टो पड़ा है, गैस पड़ा है।. महाराज अभी भी स्टो पे बनाते हो आप? स्टो मतलब वो वो हमारे यहां लोनावल में. उसको स्टोरी बोलते हैं। जो होता है. स्टोप हमारे पहले वो था।. वो क्या उसके खाने की अलग खुशबू होती थी. बॉस।. मिट्टी तेल पता नहीं अब मिलता है कि नहीं. एक मिट्टी तेल नाम सुने हो मिट्टी तेल.
हम भरवाए हैं. हां तो वही तो अब तो भी भरवाए उसमें भी. भरवाए हैं. हां. क्या नाम है उसका. अरे उसकी खुशबू प्रेशर कुकर होता है. हर. भोपाल के साले आधे सब्जी वाले हमें जानने. लग गए आ गए और बड़ी टेढ़ी-टेढ़ी चीज बड़ा. गुस्सा आता है मुझे कि एक चीज खेसारी का. एक साग होता है. हम. बिहार में हम. उसका दाल भी होता है।. उसको बेसन में लपेट के सुखा करके बीड़िया.
बनाया जाता है।. हम. वारा. समझ रहे हो? वो कल्चर खत्म।. एक पूजा होती है बिहार में समा चकेवा।. हम ला. खत्म। कौन बढ़ाएगा उसको आगे? क्या ले. जाएंगे हम आगे? यह बात का बहुत गुस्सा. रहेगा मुझे। खाने की चीजें यार।. कि लोग एक दूसरे से जनरेशन.
सीखता जा रहा जाता है। वह थोड़ा. बच्चों को सिखाए हो आपने सब. हैं. बच्चों को सिखाए वो भी. बच्चे तो मैगी बर्गर वाले हैं।. [हंसी]. आप बच्चे वही निकले।. हैं? आप बच्चे मैगी. हम कौन सा बहुत बड़े वाले? हम रहते ही नहीं ना ज्यादा घर पे। तो ये. परेशान नहीं करता कि बच्चे बड़े हो रहे. हैं। हम नए हैं नहीं काम के चक्कर में।. लेकिन कल मेरे घर में सत्संग था. तो मैं तो घर में वैसे ही वो कहां रखा है.
क्योंकि मैं बहुत कम रह पाता हूं घर में।. हम. तो कल देख रहा था लम्हा को मैं. श्रीदेवी वाली।. छोटी वाली।. अच्छा बच्ची. बच्ची।. उसका नाम लम्हा।. हां लम्हा है। बड़ी वाली का पल।. तो कल उसको देख रहा था मैं। वो सारे. प्लेट्स काउंट कर रही थी। पापा 49 लोग. हैं। और मैंने 39 प्लेट मैंने कहा वाओ. इसको कितना अच्छा फिर मैगीवगी मैं भूल गया. कि अच्छा सारे चप्पल बाहर ठीक से रखे हैं.
कि नहीं सारी चीजें तो अच्छा लगने लगता है. आपके बच्चे धीरे से घर की रिस्पांसिबिलिटी. ले रहे हैं. तो कल बड़ा अच्छा लगा मुझे देख के मैंने. उसको बताया नहीं जा के बताऊंगा हर चीज अभी. कितने नाउ आई एम 13 आई एम टीन पापा आई. वांट एप्पल व्हाट हैं तीन हो गई अब वो कल. बड़ा खुशी अब अभी मैं तने कहा उसको थोड़े. दिन बाद कम उम्र बताओगे तुम. अभी मुझे साला बड़ा होने की इतनी जल्दी. आदमी बड़ा हो जाता है. हां पलवल को अगर बोल दो ना पल तुम 14 की.
हो क्या पापा. 15. और मम्मी उम्र छुपाते घूम रही है एक उम्र. में समझ रहे हो हां. आखिरी सवाल सर जहां शुरू हुए थे वहीं पे. गंगस से क्या सीखे बनारस से क्या सीखे. बनारस. मैं खुद बनारस हूं. जीता जागता शहर. जिस दूसरे शहर मृत्यु को ले शोक मनाते हैं.
वो उत्सव मनाता है जिंदा शहर. बहुत कुछ बहुत कुछ फक्कड़ पना यार राजा. बनारस. गंगा जी मुझे मालूम है कभी वह मुझे. डूबाएगी. खाना. दो चार दिन पहले ही मैं बता रहा था के. नाटी इमली जगह है वहां बनारस में लवरावीर.
के पास तो हमारा घर हम लोग छोटे-छोटे. छोटे-छोटे सामने सिन्हा अंकल का घर बंगलो. पुराना बनारस टाइप सफेद और हम लोग का छोटा. सिन्हा अंकल पापा जी बड़ी रिस्पेक्ट करते. थे उनकी पापा जी आते थे 8 9:00 बजे रात. में और इस समय ठंडी के समय 8 9:00 बजे. मतलब. सन्नाटा हम सब लोग सिन्हा अंकल के घर पे. ही रहते थे।.
चलो बच्चा लोग तो थाली एक कान कान वाली. थाली बोलते हैं ऐसे ऊपर उठी हुई माचिस का. डब्बा लगा के उसको थोड़ा ऐसे कर लिया और. आलू का झोर छड़ीला की सब्जी के सब्जी और. रोटी कह तह करके खाए पिए उन्हीं के यहां. सो गए बनारस में बहुत कुछ दिया है यार. सिन्हा अंकल के तंबाकू का महक जो हुक्के. का किताबों और तंबा तंबाकू का महक अरे.
बहुत कुछ संगीत. संगीत बनारस मतलब जान है मेरी मैं खुद. बनारस हूं बस एक बार तुमको तुम्हारे. प्रोग्राम के थ्रू भी जब जाऊं तो वहां. पहुंचवा देना वो कह नहीं यही आज बॉम्बे. में इधर ही उसी के बारे में डलवा देते. पैसा भी रखा हूं वो कि बेटा. क्या मजा आएगा यार जिन गलियों में आप. लस्सी पी रहे हो उन्हीं गलियों से आप. ऐसेसे राम नाम सत्य जा रहे.
क्या देखूंगा वो वो वो ख्वाहिश है यार. मेरी ख्वाहिश है. कि उन गलियों से सांड गाय पान की दुकान. मिठाई की दुकान और कपड़ा रंगने वाली की. दुकान और उसके बीच में से आपको पतली सी. गली में ले जाके वहां किनारे रख देगा. बस यही ख्वाहिश है. बड़ा मजा शायद करवट बदल लूं मैं उस पर.
जरा अच्छे से देखूं।. कूल. कोई विरासत छोड़ना का सोचते हो आप कभी. विरासत. कि मैं जाऊं तो मुझे लोग कैसे याद रखें. दो लोगों से बस चिंता है। वो मुझे याद. रखें। बाकियों का मुझे बाकियों की परवाह. नहीं है। मेरे दोनों बच्चे. उनको मेरा काम अच्छा लगे। अच्छा लगता है. उनको बस वो याद रखें मुझे मेरी मम्मी ना.
याद रखें. उनसे पहले ही निकल जाऊं और मुझे किसी से. कोई मतलब नहीं पडकास्ट में आपने पिताजी की. बात की बेटियों का कई बार जिक्र किया. माताजी का कई बार जिक्र हुआ छोटे भाई का. जिक्र हुआ पत्नी का जिक्र कब हुआ. बीच-बीच में हुआ होगा पूरा संभालती है यार. वो पूरा संभालती है. हम अंडरस्टिमेट कर लेते हैं उस रिश्ते. मुझे लगता है कई बार. कई बार कई बार. और देखो मेरा काम है काम करना पैसे लाना.
तुम्हारा काम है ये करना बस इसी पे इसीलिए. बोल रहा हूं अंग्रेजी में कहते हैं देखना. तुम लोग कभी. इसी पर है कि मेरा काम है पैसे लाना और. तुम्हारा काम है घर चलाना. और वो काम बहुत हल्का लगता है. हां. वो काम बहुत हल्का लगता है कि मेहनत ही कर. रहे हैं ना. हां वो जोक भी है ना कि मैं नेशनल संभालती. हूं ये इंटरनेशनल संभालते हैं अखबार में. पत्नी. दोनों बच्चों का पूरा पूरा घर ही जब मैं.
शादी करने वाला था तो सौरभ शुक्ला ने कहा. था मुझे कि ए मिश्रा सुन किराएदार बनके. रहियो घर में अपने किराएदार. तो किराएदार बन के रहता हूं। मजा आता है. मुझे।. किरण नाम है उनका। पहाड़ की है।. अरेंज मैरिज है। थोड़े दिन एडजस्ट करने. में लगे क्योंकि. डीडी हार्ट मैंने कभी नाम भी नहीं सुना था. उस जगह का। वहां शादी हुई और डीडी हार्ट.
की एक छोरी. बंबई एक्टरों के बीच में इनका तो कुछ अलग. ही चल रहा भाई साहब। अब सोचो ना महिमा. चौधरी से जब शादी हुई तो मैं तुरंत उसको. लेके गया। किरण को महिमा चौधरी से. मिलवाया। महिमा. दोनों और ये हमारी शक्ल भी बहुत मिलती है।. महिमा चौधरी करेंगे. पलमा को पूरा संभाला हुआ है।. महिमा ये मेरी बीवी है।. महिमा. दादा ये हैं राधा राधा ये है दादा उसी.
टाइप का था पूरा मामला। अ. हां. किरण ने संभाला हुआ है पूरा।. कभी मिली फुर्सत तो सोचा जाएगा कि क्या. संभाला हुआ है। अभी तो जैसे होता है।. जैसे आपने कहा ना आपकी बेटियां आपको याद. रखें बट बेटियों को बड़ा करने में वो नहीं. करोगे।. उनका हाथ है। हां।. सो अगर आज बेटियों से अपेक्षाएं कर. कभी-कभी क्या लगता है ना जब मम्मी पापा के. सामने शादी नहीं होती. कुछ अधूरापन रह जाता है।.
अगर आपके पत्नी को आपके पापा ने नहीं. देखा।. लगता है कि अरे यार एक होता है ना. पिताजी के जाने के बाद. बाद शादी हुई थी।. कैसे तय हुई थी अरेंज मैरिज पहाड़ से? अरे बड़ी लंबी कहानी है। माइक का बैटरी. खत्म हो जाएगा।. किसी ने कहा था कि 2000. नौ. अगर ये निकाल ले तो लड़की घर चल के आएगी।.
निकालने मतलब डेथ बेड और मैं अस्पताल में. था। मेरी जगह मेरे पिताजी चले गए। पता. नहीं कैसे और फिर किरण उनकी मम्मी उनके. पापा सब लोग चाचा घर चल के आए। मैंने. तुरंत अपने ड्राइवर के बेटे को गोद में ले. लिया।. आओ बेटा बेटा कि मतलब कहीं गड़बड़ हो तो. कह दूं कि ये भी हमारे साथ। तो.
मम्मी ने कहा कि वो एक आंटी ने कहा था कि. 2009 बचा लेगा संजय तो लड़की घर चल के. आएगी और देखो सब कुछ वही हो रहा है। मैंने. कहा हो रहा है तो होने दीजिए. कर दीजिए शादी और लिटरली किरण लाइफ में आई. फ़िल्मफेयर मिला सारी चीजें ये लोग सब आ गए. तब वो एक बाप का होता है ना मेरे बच्चे ही. मेरा तूने सही बोला बाप का होता है कि. मेरे बच्चे ही मुझे याद रखें काफी कुछ.
कैल्शियल शौक उनके लिए तो बहुत कुछ रहा. होगा. माई गॉड. सब पका गई होंगे. अबे मेरे ससुर आए थे शादी के बाद मेरे. ससुर आए थे और मैं अपने ड्राइवर के साथ था. और घर में बैठा दारू पी रहा था। यही टना. टन टना टन ऐ उदय मुझे पापा जी को जहां. जलाया गया था वहां लेके चलो।. क्या नाम है? निगम बोतघाट. और ससुर सास पहाड़ों से उतर के आई। दुनिया.
तो ऐसी होती है। बाबा क्या. दामाद जी दिख नहीं रहे।. दामाद जी निगम बोध घाट पर कोई अर्थी जल. रही थी। वहां जल चुकी थी। मतलब हल्का सा. गर्माहट था। उसके राख को लपेट के पापा जी. आप क्यों गए पापा जी और राख में भी सेल्फी. खिंचवा रहे हैं। एक सेल्फी सर नहीं जलाया. अभी इसको।. और जब घर आया हूं ठक ठक ठक ठक ठक.
सफेद पैंट शर्ट पहना हुआ था। उस पे पूरा. राख बालों में राख श्मशान का राख समझ रहे. हो मम्मी को नहीं पता चला उधर ही उधर. ड्राइवर ने नहवा दिया मुझे और मेरे ससुर. ने जब दरवाजा खोला आए. बेटी का फ्यूचर दिख गया उनको कि ये कहां. से आ रहे हैं ये अरे मत पूछिए इनका तो. पापा जहां जले थे वहीं जाकर के राख लपेट. के आए.
और मैं बकायदा प्रणाम कोई ऐसा नहीं आ. मेरे दामाद जो है राखों में मुर्दे के राख. में लपेटा हुआ दामाद जा रहा और चुपचाप उदय. ने मुझे दूसरे बाथरूम में नहवा दिया मम्मी. मेरी मुर्दा देख के बेहोश हो जाती है उनको. पता चला पता नहीं बलते ही किसी के राख पे. साला लपेट के आया अपने को पूरा पापा बहुत. रोया बहुत रोया इमोशनल हो रहा था मैं.
बहुत रोया. वो होता नहीं कैसे छोड़ के आ गए मुझे वहां. जला के तुम. कैसे छोड़ के आ गए तुम कई दिनों तक वो था. होता क्या है कि आप कुछ अचीव करते हैं. तो उनको दिखाना बहुत जरूरी है। बहुत. परेशान रहते थे। संजय मैं तुम्हें अपने. ऑफिस में चपरासी लगवा दूंगा। तुम 10थ पास.
कर जाओ बस।. घर से ₹50 चुरा के गया था। ₹500 ले आया।. क्या तू कितना टैलेंटेड है संजय।. लेकिन क्यों? ऐसा क्यों है? मुझे पढ़ना ही. नहीं। अल्फा, बीटा, थीटा मुझे मेरी जिंदगी. का मकसद ही नहीं है।. मुझे उस समय तान पूरा दिया गया होता तो आज. मैं बहुत बढ़िया सिंगर होता। मुझे उस समय. सितार दिया गया होता, मैं सितारिस्त होता।. मुझे जो मुझे चाहिए.
उसकी जगह नहीं आधे घंटे संस्कृत उत्तरी. आप कविता याद करेंगे याद करने का क्या. मतलब उसको समझने का मतलब है भाई मुझे कौन. सी कविता चाहिए मैं खुद जाकर के ले आऊंगा. अभी हफ्ते भर पहले मैंने टाइप राइटर खरीदा. याद है वो टाइप राइटर तो जानते ही होंगे. ना कट कट कट कट कट कट पापा ये क्या कर रहे. हो रात भर कट कट कट कट कट मैं नाटक उस पर. ही अपना याद करता हूं.
क्योंकि मेरे फादर मुझे चाहते थे कि वो. टाइप राइटर सीखे और ₹700 मिलेंगे महीने का. तो अब उनके ना रहने पर मैं टाइप राइटर सीख. रहा हूं है लैपटॉप की तरह ही. लेकिन उसका कुछ ढक ढक टक टक ढक ढक. लैपटॉप में वो एहसास पिताजी. वो वो एहसास नहीं है. वो एहसास. वो एहसास नहीं है. वो एहसास जिंदा नहीं है. वो एहसास नहीं है गोल्ड मार्केट में मुझे. एक बंगाली स्वीट है या कुछ है बंग स्वीट. हाउस उसी के बगल में एक टाइप राइटर वाले.
को वहां पर लोग छाप टाइप करते रहते थे. उनको महीने का 700 मिलता था पापा जी को. लगा कि चलो इसको कम से कम कुछ 700 तो. कमाएगा कम से कम बैठ के इंग्लिश टाइप तो. करेगा बगल में साला मिठाई का दुकान वहां. भी मन नहीं लगा. ऐसी सी होनी चाहिए जिंदगी भी. तो डायरी पढ़ के फिर तकलीफ हुई आपको जो वो. लिखा कहा था कि आपने उनको डिप्रेस कर. दिया।. अरे बिल्कुल और ऐसे समय में डेड बॉडी वहां. पड़ी हुई है उनकी.
और मेरा कतई मतलब नहीं था। उस बंदे ने जो. मेरा फोटो खींचना चाह रहे थे तंग करे जा. रहा था।. अब अपना सिक्योरिटी का गन देके कह रहा है. सर एक मेरे कान पे लगा के खिंचवाइए ना. फोटो। और पिक्चर चल रही है यार। बढ़िया. फिल्म चल रही है। हट मारे चल। ऐसे बोल. दिया उसको। और मेरे पापा के सामने इतनी. बड़ी गाली. उनको फिल्म देखने में मजा ही नहीं आया।.
और उन दिनों ना बहुत ज्यादा वो क्या कहते. हैं उसको वो दवा होती है जो जो बहुत सुखा. देती है बॉडी को कुछ एंटी में कुछ-कुछ. होता है वो. कुछ बोलते हैं उसको. इरिटेट वो होता था मैं. डेढ़ महीने तक एंटी एलर्जिक नहीं. एंटीबायोटिक. इतना खिलाया गया था मुझे मुझे मेरे अंदर. के घाव को सुखाने के के लिए.
समझ में नहीं हमारी लड़ाई होती थी. के ये केदार राग में उन्होंने गाया है. राशिद खान ने कह नहीं उन्होंने गाया है. उन्होंने जिनसे मैं सीखा हुआ हूं पापा जी. से उन्हीं को सिखा रहा हूं आप समझते नहीं. हो पापा जी. नहीं वही गाया है अच्छा सो जाओ तुम तुम. पागल हो और उसके बाद एक का है गायब लास्ट. डायलॉग क्या था उनका संजय मुझे तुम्हारे. नसीहत की जरूरत नहीं है यह किसी बेटे के. एक कितना बड़ा वो है कि फादर का लास्ट.
डायलॉग उसके लिए था कि मुझे तुम्हारी. नसीहत की जरूरत नहीं है।. कैसे निकले सर इस अपराध बोध से? मुझे लगता था मुझसे खुश है। प्यार तो मुझे. बहुत करते थे क्योंकि मैं उन्हीं की तरह. का था। उनको जबरदस्ती सरकारी नौकरी में. जाना पड़ा।. वरना वो भी मेरी ही तरह कुछ सितारतार तो.
प्यार तो मुझे बहुत करते थे वो एक बड़ा. अच्छा शेर है सर. क्या सब कुछ जो मिल गया जिंदगी में तो. तमन्ना किसकी करोगे. ये कुछ अधूरी सी ख्वाहिशें ही तो जिंदगी. जीने का मजा बरकरार रखती है।. यही बनारस है। यही संजय मिश्रा है। यही. सत्य है।. और यही जीवन है।. एक बार फिर से बोलना. सब कुछ जो मिल गया जिंदगी में. तो फिर तमन्ना किसकी करोगे? यह कुछ अधूरी. सी ख्वाहिशें ही तो जिंदगी जीने का मजा.
बरकरार रखती है।. वो है. इसलिए वो पैसे वाले में मैं चुप था।. क्या कितना भय? अरे सब कुछ नहीं कुछ. कोई नहीं। आत्मा जाने के बाद 13 दिन तो. यहीं रहती है।. 13 दिनों तक ना. यहीं रहती है।. वो देखती है अपनों को, अपनों के चरित्र. को। आपकी भावनाएं जो रही होंगी उन तक. पहुंच गई होंगी। पहुंच गई होंगी। बिल्कुल।. और अभी देखो ना मम्मी सुबह से फ्लाइट.
उड़ने के पहले से उनका फोन कहां आ रहे हो. ना? क्या बनाएं? क्या क्या अभी आज उनको. ठंड भी नहीं लग रही? कुछ नहीं। क्योंकि. संजय आ रहा है। कितने दिन बाद? 83 सीज।. 83 और उनको कोई ठंड नहीं लग रही। कुछ. नहीं।. कब आएंगे? क्या बनाए? मछली बनाए बेटा।. मछली. हम लोग के जहां के हम ब्राह्मण हैं वहां. मछली खाया जाता है मिथिला के मछली बना दे. आज इतने दिनों बाद जा रहा हूं अभी से फिर. वो तुम अब और जिस दिन मैं जा रहा सेम आज.
से 40 साल पहले भी वो ऐसे ही थी कि देखो. बेटा ये सब मत करना रात में यह मत करना. दिन में वो मत करना पैसा बचा अब यही कहानी. अब हां मम्मी अब इस उम्र में साला. इंटरव्यू दे के आ रहे हैं कि आपके पहले. मुझे नहीं जाना। अब आप जो है यहां पर देखो. बेटा ऐसा करना वो करना. अच्छा था उनके टाइम पे मोबाइल नहीं था।. [हंसी]. है ना?
चलो शमशेर मजा आया।. अद्भुत. ये कौन से बुक में आएगा? न्यूज़ बुक में. आएगा कि. सारे बुक में जाएगा।. अल्लाहू अकबर बम भोलेनाथ।. जय भोले शंकर।. जय बाबा।. मजा आया।. रस रहा सर।. हां। और तूने जो कुर्सी बनवाया ना और तूने. मुझे भक्ति वाला दो तीन दिखाया तो मुझे. थोड़ी देर बाद तो लगा कि मैं ऐसे ही. [हंसी]. [संगीत].
