Unplugged ft. Retd. Col. Rajesh Pawar | Iran vs Israel | Mossad vs CIA | Russia | USA vs China | WW3
युद्ध के मैदान में हथियार पकड़े आप खड़े. थे।. ये कैमरा और माइक पकड़े कहां से पहुंच. गया? आई बिकम एक्सीडेंटल जर्नलिस्ट।. यूक्रेन रूस युद्ध हम सब ये मान रहे थे. 10-1 दिन में खत्म हो जाएगा। चार साल में. युद्ध क्यों चल रहा है? तो जो लड़ाई चल रही है ये यूक्रेन और रूस. की नहीं चल रही है।. एक्चुअली नेटो बनाम रूस है इट्स अ. प्रॉक्सी वॉर बट इफ इट्स अ ऑल आउट वॉर दे.
विल गो फॉर लंदन बर्न पेस दे विल. डिस्ट्रॉय एवरीथिंग देयर जो अंतिम युद्ध. होगा इस दुनिया में सबसे बड़ा युद्ध होगा. वो चीन का और अमेरिका का होगा।. कई जगह आपको भी डिटेन किया गया था।. कहां-कहां डिटेन हुए थे आप? मैं बूचा में था। तो मैं कैमरे से. रिपोर्टिंग कर रहा था। तो एक फौजी आया. मेरी पैर पे मारा और नीचे गिर गया और पूरी. बंदूक मेरे ऊपर ताल दी। उसके बाद फिर मैं. इजराइल गया रिपोर्टिंग के लिए। वहां पर. मेरे को अपने आईडीएफ ने पकड़ लिया और इसके. एक साल बाद ही मैं तेहरान पहुंच गया। से. मेरा पासपोर्ट देखा उसमें दो-तीन वीजा लगे. हुए थे इजराइल के। रंग उड़ गया उससे एकदम.
से। इजराइल इजराइल इजराइल। रूस की एजेंसी. दुश्मनों को जहर दे देती है और मोसाद अलग. लेवल पे खेल खेलती है।. सीआईए जो है वो दुनिया भर में सत्ता पलटने. के लिए मशहूर है। क्या इन तीनों एजेंसियों. से हम ले सकते हैं? देखिए मोसाद इज क्लास. अपार्ट। मोसाद हैज़ नो कंपेटिट। सीआईए के. पास पैसा बहुत ज्यादा है। दूसरी बड़ी. एजेंसी है MI6 ब्रिटेन की।. जब यूक्रेन में युद्ध शुरू हुआ यूक्रेनियन. मर्द जो है वो देश छोड़ के भाग रहे हैं कि.
लड़ना ना पड़ जाए। जब सेवंथ अक्टूबर हुआ. मेलबी में पूरी दुनिया से फ्लाइट्स इज के. अंदर जा रही थी लड़ने के लिए कि हम वापस. लड़ेंगे जाके।. यूक्रेन, इजराइल और ईरान। किसी ने आपको. ऑफर दिया कि डबल एजेंट बन जाओ।. ईरान ने बोला। मैंने बोला कोऑपरेट करूंगा।. वो सोचे कोपरेट का मतलब है कि मैं उनका. एजेंट बन के इजराइल दोबारा जाऊंगा। क्या. कम है इंडियन आर्मी में? हर एनकाउंटर में. अगर हमारे हमने दो उग्रवादियों को मारा है. तो हमारे दो जवान भी मारे गए हैं। कई बार. ज्यादा मारे गए हैं।. दो मिलेट मारे गए हैं जबकि फौज के दो शहीद. हो गए हैं।. दो आदतों को मार रहा है। सेना का एक जवान.
भी गंभीर रूप से घायल हो गया। वो एक. मोटरसाइकिल चल रही है। उसके ऊपर डंडे लगा. रखे हैं। किसी में 10 लोग, किसी में 20. लोग। देखिए हम सर्कस नहीं है। यह फौज है।. अभी जैसे इंडिया बहुत सारे हथियार खरीद. रहा है। राफेल को लेकर खास तौर पे बात चल. रही है कि बहुत सारा फ्रांस से हमने और. मंगा लिया है। ये वर्ल्ड लेवल के. इक्विपमेंट है। अगर 2036 में हम 1986 का. जहाज जो बनना शुरू हुआ था इस्तेमाल कर रहे. हैं तो कहीं ना कहीं मेरे हिसाब से इट वास. नॉट अ गुड बी फॉर अस। सोर्स कोड अगर हमें. मिल जाते हैं तो हम उसमें अपने हथियार लगा. सकते हैं। फ्रांस ने वो भी हमें शेयर करने. के लिए साफ मना कर दिया है। इंडियन आर्मी.
में करप्शन है? हां, फौज में करप्शन है और. सर्विसेज में बहुत ज्यादा करप्शन है।. एक ईमानदार फौजी था। जब आंख खुली तो पता. चला कि वो चोरों की बस्ती में है।. हमारे पास बेसिक इक्विपमेंट नहीं था। अभी. भी नहीं है। अब जब तक मैंने फौज छोड़ी थी. तब तक हम वो हेलमेट इस्तेमाल कर रहे थे जो. सेकंड वर्ल्ड वॉर में इस्तेमाल हो रहे थे।. नरवाड़े साहब की भी किताब आई जिसमें दो. बातें लीक हुई जो बाहर आई।. ये तो रिटायरमेंट की बात थी। व्हाई डिडंट. टॉक अबाउट इट व्हेन वा सर्विस? आप क्योंकि. आपको कुछ मिलना नहीं है अभी। मैं आपको यह. अंदर बात बताता हूं जब यह कि सारे आर्मी. कमांडर्स एवरीबडी वाज अगेंस्ट अग्निवीर.
अभी भी आप जान इतना रोश है इस चीज को लेकर. दिस वास अ पॉलिटिकल डिसीजन व्हिच वास टेकन. इंपोज अपॉन आर्मी कारगिल की थ्योरीज जब. आती थी तो बहुत सारी बातें आती थी कि उस. वक्त भी इक्विपमेंट्स नहीं थी. [संगीत]. फोटोज देखी हैं कारगिल के हाउ मेनी जवान. वेयरिंग ब्लूप्रूफ्स एक भी नहीं मिलेगा. पता है कैसे ब्लूप्रूफ आते थे उस वक्त. लोहे की प्लेटें होती थी लोहे की स्टील. प्लेट्स 16 किलो की अब चल नहीं पाएंगे. उससे जा के दुनिया के जब बाकी देशों में. आप जाते हो तो पाकिस्तान को लोग कैसे. देखते हैं? जब ये बाहर जाके अपना. रेस्टोरेंट खोलते हैं ना तो वो पाकिस्तान. रेस्टोरेंट एक इंडियन रेस्टोरेंट नाम देते. हैं। मुझे पता है पाकिस्तान बोलते ही डंडे.
लगेंगे इनको।. जो ऑपरेशन सिंदूर हुआ था इसको बाहर कैसे. लोग? पाकिस्तान का ये क्लेम कि हमने आपके छह. जहाज गिरा दिए। लेकिन दुनिया का ये मानना. है कि उस वक्त हिंदुस्तान के कुछ जहाज. गिरे हैं। तो हालांकि उसके टुकड़े कहीं. हमें दिखाई नहीं पड़े।. पंप मैंने खुद देखा है। वीडियो भटिंडा के. पास से आए हैं। दो जगह से तो मैं कंफर्म. आप वीडियो में खुद देखें।. क्या भारतीय महिला फौज को फ्रंटलाइन वॉर. में कभी हम देख सकते हैं और बिल्कुल भी. नहीं। आप इमेजिन कीजिए अगर उनमें से पांच. कैप्चर हो जाती हैं और कल पाकिस्तान टीवी. पे उन्हें दिखाया जाता है एक बुरी हालत. में क्या असर पड़ेगा हमारे जो सैनिक लड़के. उनकी मोरल के ऊपर. क्या देश की कभी भी आर्मी चीफ या डिफेंस.
ऑफ स्टाफ महिला हो सकती है. अगले 15-20 साल में इसकी कोई संभावना नहीं. है. ये कहते हैं कि जंग के मैदान में सबसे. पहले सच का गला घोटा जाता. लेकिन जब एक फौजी पत्रकार बन जाए तो आप सच. को ना दबा सकते हैं ना छुपा सकते हैं। आज. मेरे साथ जो शख्स है यह वो शख्स है.
जिन्होंने युद्ध को हमारी आपकी तरह टीवी. में सिर्फ देखा नहीं है। खबरों में सिर्फ. पढ़ा नहीं है। उसे जिया भी है और उसकी. रिपोर्टिंग भी की है। कभी इनके हाथ में. देश की सुरक्षा के लिए बंदूक थी। बीते कुछ. सालों से माइक थाम रखा है। देश दुनिया में. जाकर बता रहे हैं कि कहां-कहां युद्ध हो. रहा है। करगिल को भी इन्होंने करीब से. देखा और चार सालों से टीवी में हम सबके. साथ यूक्रेन युद्ध की बारीकियों को. समझाया। दुनिया के तीन अलग-अलग देशों ने. इन्हें डिटेन किया। कहानी बहुत.
इंटरेस्टिंग है। सवाल बहुत सारे हमारे पास. है। आज चुनौती ये नहीं क्या पूछे? चुनौती. ये है कि क्या छोड़े? राजेश जी बहुत-बहुत. स्वागत है आपका।. धन्यवाद।. कैसे हैं सर आप? बहुत बढ़िया। टीवी स्क्रीन के उस पार से. इस पार से पडकास्ट से कुर्सियों में सामने. बैठना. नहीं आज तक मैं आपके साथ जब आप एंकर होते. थे तब आपसे बातचीत करना और आमने सामने बात. करने में बहुत फर्क है अभी. बट क्या कमाल की चीज है मतलब चार साल हो. गए उस युद्ध को एक साल भारत में मैंने कभी. कल्पना नहीं की थी कि सुबह 6:00 बजे से. लेकर रात को 12:00 बजे तक युद्ध चलेगा एंड.
आई एम श्योर आपकी सेवाएं बड़ी ज्यादा ली. गई है टीवी में उसका अपना मजा था लाइक. मेरे लिए वो शुरुआत थी एक आप देखिए कि मैं. कभी सोचा नहीं था कि मैं पत्रकार बन. जाऊंगा और ये बाय चांस हुआ है कि आई. स्टार्टेड रिपोर्टिंग आई वास अप्रोच्ड एंड. देन आई सेड ओके लेट्स गिव अ ट्राई आई लाइक. टू ट्राई न्यू थिंग्स मुझे पसंद है हर नई. चीज को ट्राई करना एक बार और युद्ध से. संबंधित है युद्ध को रिपोर्ट कर रहे हैं. आप मतलब फौज से निकलने के बाद दोबारा एक. तरह से दोबारा फौज में रीएंट्री हो गई है. आपकी और जिस तरह का युद्ध जो मैंने मैंने.
कारगिल देखा है सारे काउंटर इंसर्जरी. ऑपरेशंस हैं जो हिंदुस्तान की आर्मी ने. किए हैं चाहे वो कश्मीर में हो नागालैंड. में हो आसाम में हो, मणिपुर में हो, मैंने. सब में हिस्सा लिया है।. नहीं तो एक सवाल जो जनता के मन में आएगा. वो ये कि युद्ध के मैदान में हथियार पकड़े. आप खड़े थे।. हम. ये कैमरा माइक पकड़े कहां से पहुंच गए आप? बताया ना इट्स अ एक्सीडेंटल। आई बिकम अ. एक्सीडेंटल जर्नलिस्ट।. आई वास अप्रोच आई स्टार्टेड रिपोर्टिंग. एंड पीपल लाइक इट एंड देन एवरीबडी. स्टार्टेड अप्रोचिंग। कैन यू डू इट फॉर. अस? कैन यू डू इट फॉर अस? आपकी पत्नी शायद यूक्रेन से है।.
जी।. इसलिए आपको चैनल उन्होंने अप्रोच किया था।. ये भी है और कुछ मेरे. यूक्रेन में आप मौजूद थे शायद। उस वक्त. मौजूद था और मैं किसी पर्सनल काम से गया. जैसा मैंने बोला पर्सनल काम के लिए गया था. और वहां क्योंकि उस वक्त मैं उपस्थित था. और यह खबरें चल रही थी कि लड़ाई कब भी. शुरू हो सकती है तो उनकी अप्रोच शुरू हुई. कि नहीं आप हमारे कुछ सवालों का जवाब दे. सकते हैं। हमारी एक छोटी सी रिपोर्ट बना. सकते हैं। इस तरह से मेरी जो ये. मुझे याद है जब वो सायरन बजते थे और आप घर. की खिड़कियों से दिखाते थे।. फिर बाहर निकल कर देखे काफिला गुजर रहा. है।. बट यूक्रेन रूस युद्ध जब शुरू हुआ था। हम.
सब ये मान रहे थे 10-1 दिन में खत्म हो. जाएगा।. चार साल हो गए। अभी भी चल रहा है। भारत पर. आज भी डॉन्ड ट्रंप ने जो डील की है उसका. मुख्य आधार यही है कि आप रूस से तेल नहीं. खरीदेंगे। अगर आप खरीदेंगे तो आप पर हम. फिर से सेंशन लगा देंगे। चार साल ये युद्ध. क्यों चल गया? रशिया कमजोर था। यूक्रेन. ज्यादा मजबूत हो गया। टैक्टिक फेलियर थे।. देखिए ज्यादातर लोगों का यह मानना है. खासकर हिंदुस्तान में जो लोग हैं क्योंकि. समझ बहुत लिमिटेड है। उनका मानना है कि. यूक्रेन और रूस की लड़ाई चल रही है। तो उन. ये साथ यही भी बोलते हैं कि रूस तो फिर.
कहां की महाशक्ति है? एक छोटे से देश. यूक्रेन को नहीं कर सका। वो कहां नेटो से. अमेरिका से लड़ेंगे। तो जो लड़ाई चल रही. है ये यूक्रेन और रूस की नहीं चल रही है।. ये नेटो प्लस अमेरिका जिस अमेरिका नेटो का. हिस्सा है और रूस की चल रही है। इट्स अ. प्रॉक्सी वॉर। पूरा जो प्लानिंग है, टारगेटिंग एक्विजिशन है, टारगेटिंग है, नेविगेशन है, इंटेलिजेंस है, प्लानिंग है. और यहां तक कि काफी हद तक एग्जीक्यूशन है, वो पूरा नेटो ही कर रही है। तो ये लड़ाई. [नाक से की जाने वाली आवाज़] एक्चुअली. नेटो बनाम रूस है और बाय प्रॉक्सी लड़ी जा.
रही है। सर जो जाने जा रही हैं वो. यूक्रेनियंस की जा रही हैं। बाकी लड़ाई. नेटो वर्सेस बट अब क्या नेटो का भी. अस्तित्व खतरे में है? क्योंकि जो ट्रंप. को मैंने ग्रीनलैंड पे बयान देते देखा।. फ्रांस को मैंने डिप्लॉयमेंट करते हुए. देखा। ज़हन में ख्याल आया कि शायद डोनल्ड. ट्रंप जो है वो नेटो से भी पार पाना चाह. रहे हैं। देखिए इसको कई तरह से हम देख. सकते हैं। पहली चीज तो यह कि यूरोप इस. वक्त किसी भी स्थिति में नहीं है कि अपने. आप ही लड़ाई लड़ सके। वो पूरी तरह से 100. फीसदी अमेरिका के ऊपर निर्भर है रूस से. मुकाबला करने के लिए। दूसरा इसका एक एंगल.
यह भी है कि कहीं ना कहीं मुझे लगता है. अमेरिका में एक यह भी एक स्कूल ऑफ थॉट चल. रहा है कि हमें रूस की जरूरत है। क्योंकि. जो फाइनल लड़ाई है जो अंतिम युद्ध होगा इस. दुनिया में जो सबसे बड़ा युद्ध होगा वो. चीन का और अमेरिका का होगा और उसमें कौन. चीन के साथ खड़ा है कौन अमेरिका के साथ. खड़ा है वो बहुत महत्व रखता है और अमेरिका. की जो इन चीजों में सोच रही है वो बहुत. दूरदर्शी रही है। उन्हें पता है कि यूरोप. एक बर्डन है। यूरोप उनकी कोई खास मदद नहीं. कर सकता। उनकी हालत ये है कि कुछ कंट्रीज. में अगर उनको बोले कि जैसे नीदरलैंड्स है,
डेनमार्क है जिसका ग्रीनलैंड से मसला चल. रहा है। आप बोल कि आपको फौज भेजनी है वो. 10010 से ज्यादा आदमी भेज नहीं सकते हैं।. तो यूरोप अपने आप में अमेरिका की एक सोच. है दो में से एक कि यूरोप एक बर्डन है. मिलिटरली। कल अगर जब वो व्हेन दे विल टेक. ऑन चाइना हु विल बी मोर बेनिफिशियल टू. देम? रशिया और यूरोप। तो कहीं ना कहीं एक. ये सोच भी चल रही है कि अगर रूस को किसी. तरह से हम चीन से तोड़ लेते हैं तो ड्राइव. अ वेज बिटवीन चाइना एंड रशिया। दिस इज. आल्सो अ स्कूल ऑफ़ थॉट व्हिच इज गोइंग ऑन.
इन वाशिंगटन। और प्रेजेंट ट्रंप की बहुत. सारी आपको ऐसी चीजें हिंट्स मिलेंगे. जिसमें ये लगेगा कि वो एक तरह का हाथ बढ़ा. रहे हैं रूस की तरफ और कहीं ना कहीं एक. गेम चल रहा है जिसमें वो पूरी कोशिश कर. रहे हैं।. एंगल पे आप कह रहे हैं क्योंकि हम भी. लगातार कवर कर रहे हैं। रूस वर्सेस. अमेरिका हमने पूरी जिंदगी सुना।. जी। अब कहां-कहां आपको हिंट लग रहे हैं कि. रूस की तरफ प्रेसिडेंट ट्रंप हाथ बढ़ा रहा. है। देखिए मैं आपको दो तीन उनके खुद के. स्टेटमेंट्स आए हैं। प्रेसिडेंट ट्रंप के. खुद के स्टेटमेंट्स आए हैं कि सबसे बड़ी. गलती जो की है बाइडन एडमिनिस्ट्रेशन ने यह. लड़ाई शुरू करके उन्होंने रूस को बिल्कुल.
चीनी के करीब ला दिया है। जिसको अभी. तोड़ना बहुत मुश्किल हो जाएगा। और ये चीज. दे कॉन्टिनेंटल पावर्स हैं। चाइना और. रशिया दे आर बिग कॉन्टिनेंटल पावर्स। और. अगर ये इकट्ठी हो जाती हैं तो इनका हराना. लगभग नामुमकिन है। और जैसे मैंने आपको. बोला इनकी लड़ाई एक ना दिन तो होनी ही. होनी है। ये इट्स अ मैटर ऑफ़ टाइम नाउ। एक. साल लगे, दो साल लगे, छ महीने लगे कहना. मुश्किल है। लेकिन अंत में युद्ध तो होगा. ही होगा। बिकॉज़ इट्स अ वॉर फॉर सुप्रीमसी. नाउ। अमेरिका किसी भी तरह में अपनी जो. उसकी हेजमनी है, जो उसकी सुप्रीमसी है इस.
वक्त वर्ल्ड में, उसको इतनी आसानी से. गिरने नहीं देगा। और उसका चैलेंज सिर्फ एक. है चीन। तो अमेरिका का पूरा फोकस चीन के. ऊपर है और यूरोप अगर मिलिट्रीली एक बर्डन. साबित हो रहा है तो फिर दूसरी पावर कौन सी. है जो उसको उसके साथ जा सकती है. हिंदुस्तान है पर हिंदुस्तान के. मिलिट्रीली वो एक स्थिति नहीं है जो रूस. की है। रूस इज़ अ सुपर पावर और अगर रूस और. चाइना इकट्ठे हैं तो अमेरिका उसके चाहे. जापान फिलीपींस यूरोप इंडिया सब लग जाएं. वो इनको नहीं हरा पाए। बट जैसे अभी हमने.
ऑपरेशन सिंदूर में देखा था कि जब इंडिया. और पाकिस्तान लड़ने आए तो दुनिया ने कहा. कि यह पहली बार है जब दो न्यूक्लियर पावर. लड़ रहे हैं। कारगिल में शायद इस तरह से. एक मोर्चे पर लड़ाई हुई थी। इस तरह से. खुलकर लड़ाई नहीं हुई थी कि दो देशों ने. वॉर का ऐलान कर दिया हो कि अब हम तुम्हारे. शहरों पर ही बम बरसाएंगे। सारी दुनिया आ. गई कि नहीं नहीं बंद करो बंद करो बंद करो।. अमेरिका पीस करने आ गया। इज इट रियली. पॉसिबल कि आज के दौर में जब इतने. न्यूक्लियरली मजबूत देश हैं अमेरिका जैसे. चाइना जैसे रशिया जैसे वो आपस में फुल. फ्लड वॉर लड़ेंगे क्योंकि वॉर अगर होती तो. शायद दुनिया ही खत्म हो जाएगी फिर तो.
देखिए व्हाट इज व्हाट यू थिंक इज अ रैशनल. ऑफ हैविंग न्यूक्लियर वेपंस न्यूक्लियर. वेपंस हर एक मुल्क कईयों की नो फर्स्ट. यूज़ पॉलिसी है जैसे हिंदुस्तान है कईयों. की डॉक्ट्रिनस डिफरेंट है दे कैन यूज़ इट. प्रीएमवली आल्सो अभी रूस ने भी अपनी. फिलॉसफी चेंज की है जो डॉक्ट न्यूक्लियर. डॉक्टिन को उसमें बदलाव किया है क्योंकि. जितनी ट्रीटीज थी एंटीबलेस्टिक मिसाइल. ट्रीटी और बाकी जितनी जो न्यूक्लियर युद्ध. रोक सकती थी जो कि कोल्ड वॉर के दौरान. एकिस्टेंस में थी बिटवीन सोवियत यूनियन. एंड यूएस वो सारी अमेरिका ने धीरे-धीरे.
करके रद्द कर दी है। पहले 2002 में पहली. ट्रीटी रद्द की और अभी लास्ट में 2018 में. की है। तो अभी एक भी संधि ऐसी मौजूद नहीं. है जो न्यूक्लियर युद्ध की जो संभावना है. उसको टाल सके जो कि पूरे कोल्ड वॉर के. दौरान एकिस्टेंस में रही है और एक बहुत. बड़ा डिटरेंस साबित हुई है। हां अभी एक. रिसेंटली शायद भी थ्योरी आई थी कि नए. परमाणु हथियार बनाने की जो थ्योरी थी वो. डील थी कि हम नहीं बनाएंगे रशिया अमेरिका।. अब वो भी खत्म हो गई और दोनों ने दोबारा. उसको नहीं फॉलो किया है। बनाने की. एक्सपेरिमेंटेशन की डेप्लॉयमेंट की सारी.
की सारी जो ट्रीटीज हैं वो सब निरस्त हो. चुकी है इस वक्त। इसीलिए जो खतरा है वो. बढ़ जाता है। और दूसरी चीज जो बहुत जरूरी. है। देखिए जो चीज प्रेसिडेंट पुटिन ने. बोली है। उन्होंने एक बार नहीं अपने दो. तीन इंटरव्यूज में बोला उनसे पूछा गया. क्या रूस परमाणु हथियार इस्तेमाल करेगा? तो उनका जवाब यह था कि हम पूरी कोशिश. करेंगे हम ये हथियार ना इस्तेमाल करें।. हमारे में इतनी क्षमता है कि हम नेटा को. नेटो को कन्वेंशनल वॉर में हरा सकते हैं।. लेकिन अगर नेटो यूरोप और अमेरिका यह सोचता. है कि वी विल डिफीट रशिया स्ट्रेटेजिकली.
ऑन द बैटल फील्ड वो हम होने नहीं देंगे।. इसका अर्थ ये हुआ कि किसी ना किसी स्टेज. पर क्योंकि देखिए रूस की जो इकोनमिक पावर. है बहुत छोटी है। उसका जीडीपी लगभग इटली. की जीडीपी के बराबर है। और अमेरिकन से. मजाक में बोलते भी हैं कि रश इज़ नथिंग बट. अ डेड इकॉनमी।. रशिया इस नथिंग बट अ गैस स्टेशन विद. न्यूक्लियर वेपंस। कि उसमें और कुछ है ही. नहीं मुल्क में। तो और ये काफी हद तक सच. भी है। नॉट व्हाट अमेरिकन से। इस हद तक कि. जो इकोनॉमिक माइट है सोवियत यूनियन की.
बहुत लिमिटेड है और अभी लगातार प्रेशर. बनाया जा रहा है हिंदुस्तान के ऊपर कि आप. तेल मत खरीदें। चीन के ऊपर प्रेशर बनाया. जा रहा है। अगर इकॉनमी डूबने लग गई रूस की. तो इकॉनमी ही आपकी वॉर को सपोर्ट करती है।. और वॉर नीड्स लॉट ऑफ़ मनी। मनी के बिना आप. इकॉनमी के बिना लड़ाई लड़ ही नहीं सकते।. अगर वो स्टेज आती है और रूस को लगता है कि. अब मैं नहीं लड़ पाऊंगा। कंबाइंड माइट ऑफ. नेटो एंड अमेरिका। उस स्टेज पे उन्होंने. बिल्कुल क्लियर कर दिया है कि वी विल गो. न्यूक्लियर। जो यूक्रेन बार-बार मना कर. रहा है कि वो नहीं करेंगे। हम तो जानते. हैं लेकिन यह होगा और मैं मैं मानता हूं.
कि अगर वो स्टेज आती है कि चीन रूस का साथ. नहीं देता ऑन ग्राउंड वो बोलेगा हम आपको. इकोनमिक सपोर्ट दे रहे हैं, टेक्निकल. सपोर्ट दे रहे हैं। पॉलिटिकल सपोर्ट दे. रहे हैं। लेकिन हम मिलिट्री नहीं उतारेंगे. आपके पक्ष में। और अगर रूस को पूरे नेट की. माइट के साथ फेस करना पड़ेगा तो रूस किसी. ना स्टेज पर हारना शुरू हो जाएगा। और जब. वो स्टेज आएगी जब रूस को लगेगा कि ये. एकिस्टेंशियल थ्रेट है रशिया विल 100% गो. न्यूक्लियर। इसकी आवाज अभी बहुत ज्यादा उठ. रही है पब्लिक में अभी से उठ रही है लेकिन. ट्रंप एक लोग मानते हैं जो उसकी.
प्रोजेक्शन हुई है जो इंफॉर्मेशनेशन. वॉरफेयर जिसकी हम बात कर रहे थे जो. अमेरिका शुरू से कर रहा है कि ट्रंप इज अ. बार्बरिक मैन ही वांट्स टू मेक रशियन. एंपायर वो सच नहीं है। रूस के अंदर उनकी. जो छवि है एक मॉडरेट लीडर की है और काफी. हद तक ये डिमांड जो है टू गो न्यूक्लियर. एंड रयूज मोर हारश फोर्स ऑन यूक्रेन उसको. उन्होंने अब तक रोक के रखा हुआ है। लेकिन. अगर वो स्टेज आती है जब रूस हारना शुरू हो. जाएगा बैटल फील्ड के ऊपर दे विल 100% गिव. न्यूक्लियर। किस पर? यूक्रेन पर या. अमेरिका पर?
देखिए यूक्रेन के साथ रूस का संबंध बहुत. अलग है। रूस से कितनी भी लड़ाई हो गई है. अब भी उनको अपना खुद का मानते हैं कि. हमारे लोग हैं। इनको बरगलाया गया है।. इसमें 5 से 10% वो एक्सट्रीम राइट विंग. नेशनलिस्ट्स हैं। बेंडराइट्स बोलते हैं. उनको। को नासिस बोलते हैं वो जो पूरा. कंट्रोल करके रखा हुआ है 2014 से पूरी. गवर्नमेंट को और बाकी लोग जो हैं यूक्रेन. के लगभग उनके बंधक हैं और ये लोग लड़ाई. लड़ रहे हैं रहे हैं इनको और इसके. अलावा आम लोग नहीं लड़ना चाहते वो हमारे. खुद के लोग हैं। तो मेरा यह मानना है कि. अगर यह लड़ाई न्यूक्लियर जाती है और अगर.
रूस यूक्रेन में कोई हथियार यूज़ करता है. न्यूक्लियर वेपन। अगर नेटो फर्सेस अंदर. आती है तो इट विल बी अ टैक्टिकल. न्यूक्लियर वेपन। बट इफ इट्स ऑल आउट वॉर. दे विल गोल फॉर ऑल मेजर यूरोपियन. कैपिटल्स। लंदन, बर्लिन, पेरिस दे विल. डिस्ट्रॉय एवरीथिंग देयर।. वैसे कई जगह आपको भी डिटेन किया गया था।. आपने कई शहरों का नाम लिया। तीन जगह मैंने. सुना कि आप डिटेन कर लिए गए रिपोर्टिंग. करते वक्त। कहां-कहां डिटेन हुए थे आप और. क्यों डिटेन हुए थे? देखिए सबसे पहली बार जैसे जब आपके साथ. शुरुआत की थी आप काफी बार आप उसमें अंकल. आप भी होते थे अक्सर।.
मैं बूचा में था तो बूचा में एक ब्रिज था. जिसको यूक्रेन फौज ने उड़ा दिया था ताकि. रूसी फौज शहर के अंदर दाखिल ना हो सके।. कीव शहर के अंदर दाखिल ना हो सके। ये कीव. से लगभग सिर्फ 10 कि.मी. दूर था। तो बाहर. एक काफिला था रूसी फौज का 60 कि.मी. लंबा. जिसकी अमेरिकन ने बहुत जिक्र किया था। उस. वक्त मैं नई-नई रिपोर्टिंग शुरू की थी। ना. मेरे पास प्रेस का वेस्ट था ना प्रेस का. हेलमेट था। तो मेरे शरीर में कोई ऐसी. आइडेंटिफिकेशन की चीज नहीं थी जिसकी. ना कोई आईडी कार्ड था।. ना आईडी कार्ड था और ना कोई कैमरा था। मैं. फोन से कैमरा मुझे याद है।.
जी वो पहले ही मना कर चुका था कि भ ये तो. क्या-क्या करते हैं। बहुत खतरनाक इलाकों. में जाते हैं। मैं इनके साथ नहीं जा सकता।. तो मैं कैमरे से रिपोर्टिंग कर रहा था। तो. जब मैं रिकॉर्ड कर रहा था, उसे लगा कि मैं. जबकि अपने कैमरे में ज़ूम पर बोल रहा था, उसे लगा कि मैं रिकॉर्ड कर रहा हूं। यहां. सामने डिप्लॉयमेंट थी यूक्रेन फौज की। तो. एक फौजी आया। उसने मुझे पैर से पैर पे. मारा और नीचे गिर गया और उसने पूरी बंदूक. मेरे ऊपर तान ली। फिर वहां से उन्होंने. मुझे मेरा कैमरा ले लिया। फिर मुझे. उन्होंने दो 2ाई घंटे तक डिटेंशन रखा।. पूरा कैमरा चेक किया। मेरे से बातचीत की।. मैंने बताया कि भाई मैं इस तरह से.
हिंदुस्तानी जर्नलिस्ट हूं। तो फिर. उन्होंने पूछा आपका वेस्ट हेलमेट कहां है? तो मैंने बोला अभी नया-नया बना हूं।. पहुंचा नहीं है। अभी तक पहुंचने वाला है।. यह पहला हुआ था। उसके बाद फिर मैं इजराइल. गया रिपोर्टिंग के लिए। इजराइल में जो है. जर्नलिस्ट जर्नलिस्ट सब तलवी और जेरूसम. रिपोर्ट कर रहे थे। वही सायरन दिखा रहे थे. वही सब कुछ दिखाते हैं। और जैसा आप जानते. हैं मुझे उसमें कोई रस नहीं है। मैं जाता. हूं जहां मुझे लगता है सबसे ज्यादा खतरा. है। मुझे वही मजा आता है और वहीं मैं जाके. करना चाहता हूं जो चीज कोई और ना कर पाए।.
तो मैं गया बिल्कुल लेबनॉन और इजराइल के. बॉर्डर पर। मेरा एक दोस्त है वहां पर। वो. आईडीएफ में पहले नौकरी कर चुका है। वहां. से रिटायर्ड है। उसकी कार में उसको साथ ले. गया मैं। हम दोनों गए वहां और वहां एक. पहाड़ी थी। पहाड़ी के बिल्कुल जैसे पहाड़ी. पहाड़ी के टॉप पे आईडीएफ के बेस था।. मिसाइल बेस और पूरा उनका वो बंकर बने हुए. थे। वहां से वो लगातार नीचे फायर कर रहे. थे और वहां से 1 कि.मी. दूर जो बॉर्डर था. बिल्कुल बॉर्डर के ऊपर थे हम यहां पे।. वहां हिजबुला के लड़ाके थे और वो लगातार. इस आईडीएफ बेस के ऊपर।. आईडीएफ इजराइली डिफेंस। इजराइल डिफेंस.
फोर्सेस जब वो वहां और मैंने जो. रिकॉर्डिंग की है मतलब मैं खड़ा हूं और. मेरा आईडीएफ का दोस्त रिकॉर्ड कर रहा है।. मेरे सिर्फ 100 मीटर पीछे से आप वो ट्रेसर. देख सकते हैं। बुलेट्स जा रही है और. मिसाइल जा रही है। तो मैं वहां से लाइव. रिपोर्टिंग कर रहा था। अनफॉर्चुनेटली जो. वहां पे ये था सिग्नल था बहुत वीक था। पर. हमने रिकॉर्डिंग की वहां पे जब वहां से हम. निकल रहे थे क्योंकि उस इलाके में कोई. जर्नलिस्ट नहीं था। ना जाते थे ना जाना. चाहते थे।. लोगों को अपने जीवन से प्यार होता है ना. सर।. हमें इतना प्यार नहीं है। तो वहां पर मेरे. को आईडीएफ ने पकड़ लिया। हमने हमारी गाड़ी.
रुकवाई और उन्होंने हम दोनों को डिटेन कर. लिया. हम. और हम लगभग 9 से 10 घंटे आईडीएफ की. डिटेंशन में रहे वहां पर हजारों उनसे सवाल. जवाब पूछे उन्होंने मेरे दो फोन थे दोनों. फोन ले लिए उनके सब पासवर्ड वगैरह सब कुछ. उन्होंने आगे फॉरेंसिक के लिए भेज दिया. मेरा जो आईडीएफ रिटायर्ड दोस्त था इजराइली. है खुद गोरा है उसको उन्होंने दूसरे कैंप. में बिठाया ताकि हम बातचीत ना कर सकें और. उसकी 810 घंटे पूछताछ हुई उसके बाद फिर. इंडियन एंबेसी जो जिस कंपनी में काम कर. रहा था उन्होंने इंडियन एम्बेसी को अप्रोच. किया उन्होंने इरली गवर्नमेंट को अप्रोच. किया तब तब 810 घंटे के बाद वहां से निकल.
पाया. और इसके एक साल बाद ही फिर. [नाक से की जाने वाली आवाज़] दोबारा ये जो. है लड़ाई इजराइल और ईरान की लगता था कि. शुरू हो गई है। हो चुकी थी कि अभी और हमला. होने वाला है।. तो आपने कहा यहां जिंदा बच गए तो अब चलो. वहां ट्राई करते हैं।. मुझे ऑफर दिया इन्होंने बोला कि जो कंपनी. है जिसके लिए काम कर रहा था कि आप इजराइल. जाइए दोबारा। मैंने कहा यार इजराइल तो हो. के आ चुका है। तीन महीने वहां रिपोर्टिंग. करके आ चुका। अब मुझे कहीं और जाना है। तो. मैं इस बार ईरान जाना चाहता हूं। मुझे. बहुत उन्होंने वार्निंग दी। कोई. हिंदुस्तानी जर्नलिस्ट ईरान नहीं जा रहा. है। वो अलव नहीं करते हैं। पकड़ लिया तो. छुड़ाना मुश्किल हो जाएगा। मैंने कहा नहीं.
मैं ईरान जाऊंगा और मैं उन्हें कन्विंस कर. लूंगा कि मैं आई वांट टू गिव योर नैरेटिव. टू द वर्ल्ड। लेट मी रिपोर्ट फ्रॉम योर. कंट्री। जब मैंने मैं उस टाइम यूरोप में. था तो मैंने जो बर्लिन में ईरानियन एंबेसी. है उसको अप्रोच किया। क्या मुझे जर्नलिस्ट. वीजा दे दीजिए। मैं तेहरान जा रहा हूं।. उन्होंने बोला इसको 5- 6 महीने से पहले. नहीं मिलेगा यह। क्योंकि हमें तैरान से. क्लीयरेंस चाहिए। मैंने कहा मुझे तो. इमीडिएटली निकलना है। लड़ाई होनी है तो. अभी होनी है। न्यूज़ आफ्टर अ मंथ इज ऑफ नो. यूज़। तो मैंने जहाज पकड़ा। उस वक्त. हिंदुस्तानियों को ईरान में वीजा की जरूरत. नहीं पड़ती थी। मैंने तेहरान के लिए.
फ्लाइट पकड़ी। दुबई। दुबई से तैरान। मैं. तेहरान पहुंच गया। पहुंचा जैसे मैंने. पहुंचा उसने मेरा पासपोर्ट देखा। उसमें. दो-तीन वीजा लगे हुए थे इजराइल के। और वो. तो उसके जैसे रंग उड़ गया उससे एकदम से।. इजराइल इजराइल इजराइल। मैं मैं डर गया।. मैंने कहा क्या हुआ एकदम से? वो यज्ञ सब. भागा वो वहां से भाग के वो जाके अपने. स्पीड के पास गया और तभी वहां पुलिस और. आईआरजीसी के लोग आ गए सारे एंड दे टूक मी. टू अ रूम वहां फिर मैं लगभग 30 घंटे तक. मैं डिटेंशन में रहा 30 घंटे 30 घंटे और.
इतने इतने किस्म के लोग आए कोई नॉर्मल. आर्मी से आए आईआरजी से आए सिंपल सादे. कपड़ों में आए कोई सवाल जवाब पूछे कोई लिख. के जवाब मांगे कोई डराए कोई प्यार से बात. करे कोई बोले आप हमारे लिए काम करना शुरू. कर दो बिकॉज़ दे वर कन्विंस्ड एम अ स्पाई. मैंने बोला आप मुझे क्यों सिपाही मान रहे. हैं? कहते हैं कि जो जर्नलिस्ट है उसका. क्या काम होता है? खबर इकट्ठा करना। और. सिपाही का काम क्या होता है? खबर इकट्ठा. करना। तो उसमें खास फर्क नहीं है। और. हमारा यहां कानून है अगर आप इजराइल गए हैं.
कभी और उसके बाद आप ईरान में घुसने की. कोशिश करते हैं तो कम से कम छ महीने की. सजा आपको मिलेगी इसके लिए। [हंसी]. और जो मैंने उनको वहां भी कन्वस कर लिया।. लेकिन मुझे उस चीज का मतलब अब मैं पीछे. देखता हूं तो इट कुड हैव बीन वै डेंजरस. फॉर मी। लेकिन वहां मुझे आप मानेंगे नहीं।. मेरे दिल की धड़कन भी तेज नहीं हुई। मैंने. उनको बोला मैंने कहा आपके लिए मैं आई एम. विलिंग टू कोपरेट विद यू। पर मुझे एक बार. आप यहां से रिपोर्ट करने दीजिए। मैं इतना. कुछ करके आया हूं। लड़ के आया हूं कि मुझे. ईरान जाना है रिपोर्ट करने के लिए। कोई. हिंदुस्तानी जर्नलिस्ट यहां नहीं आ पाया. है। मुझे यहां से आप रिपोर्ट करने दीजिए।.
एंड आप बिलीव नहीं करेंगे। उन्हें लगा. शायद हमारे लिए स्पाइंग कर देगा। ये मैंने. ईरान के अंदर ईरान एयरपोर्ट से इंडिया. टुडे के लिए और आज तक दोनों के लिए एक-ए. दो रिपोर्ट्स की जो वहां पे लाइव. टेलीकास्ट हुई। उसके बाद में फिर वो आए. उनके जो सीनियर ऑफिस आए जनरल्स आए. आईआरजीसी [नाक से की जाने वाली आवाज़]. के उन्होंने जूनियर्स को डांट लगाई कैसे. आपने अलव कर दिया सब करना है पर जब तक तो. वो बाय ऑन एयर हो चुका था और चलता ये चला. कोई 3032 घंटे ड्रामा चला धीरे-धीरे उनको. लगा कि भाई ये तो बात आगे चली यहां कंपनी.
ने भी बात करनी शुरू की एंबेसडर से बात की. रानी ने एंबेसडर कुछ दिन पहले ही जो हमारे. चैनल पे इंटरव्यू आया था तो धीरे-धीरे फिर. 30 घंटे बाद उन्होंने मुझे बाइज्जत जहाज. में बिठाया और कहा वापस दुबई वापस भेज. जिंदा छोड़ रहे हैं। बहुत है। [हंसी]. तो ईरान रिवोलशनरी फोर्स इजराइल में जाना. वहां पर मुसाद और आप यूक्रेन में थे। इन. तीनों के डिटेंशन में सबसे खतरनाक. इंटीग्रेशन किसने की आपसे? देखिए खतरनाक तो ये है कि.
या सबसे ज्यादा मेंटल टॉर्चर किसने किया? कि आपको मानसिक पर तोड़ने की कोशिश किसने. की? यूक्रेनियंस ने और इजराइली ने। मतलब. उन्होंने मुझे बिठा के रखा। हल्की-हल्की. बातचीत की कि कहां हो? क्यों यहां पे कैसे. हो? किस लिए आए हो यहां पे? इससे ज्यादा. कुछ नहीं। वो मेरे कैमरे पे, मेरे फोन पे. और मेरा जो बैकग्राउंड है, सोशल मीडिया उन. सब पे लगे हुए थे। ईरानी के पास मेरी पूरी. इनफार्मेशन पहले से ही थी। उन्हें पता था. कि मैं फौज में कर्नल रह चुका हूं। उनको. पता था कि मैं यहां पे जो हिंदुस्तान में. लड़ाईयां, क्या-क्या लड़ाईयां मैंने लड़ी. हैं। उनको ये पता था कि मैं जो रिपोर्टिंग.
कर रहा हूं, कहां से रिपोर्टिंग कर चुका. हूं। उनके पास मेरी सारी इनफार्मेशन पहले. से ही थी। मुझे नहीं पता कैसे थी। लेकिन. उसके बाद उन्होंने सवाल पूछे। इजराइल में. एक-एक चप्पे-चप्पे की जानकारी उन्होंने. मुझसे मांगी। किससे बात हुई, किस-किस से. बात हुई, क्या-क्या बात हुई? लिखित में. ली, वीडियो बनाया उसका, हर चीज उन्होंने. पता करने की कोशिश की। क्योंकि जो एक लेवल. ऑफ सस्पिशन है ना और वो नॉर्मल भी है। मैं. आई वोंट ब्लेम ईरानियंस फॉर दैट। इट्स. नॉर्मल कि जब आप ईरान में इजराइल में तीन. महीने रह के आए हैं। आपके आईडीएफ में. दोस्त हैं। वहां पे उन्होंने आपने. रिपोर्टिंग की है। तो एक डर रहता है और.
ईरानियंस खासकर भुगत चुके हैं कई बार कि. कहीं स्पाई तो नहीं है।. मतलब उनकी तो शायद फौज में भी शामिल करवा. दिया था इजराइलियों ने।. जी। उनके सारे साइंटिस्ट को मार डाला है।. जी. मोसाद का बहुत बड़ा नेटवर्क है ईरान में. और ईरान बहुत कोशिश कर रहा है किसी तरह से. उसको खत्म करने की और इसीलिए वो इतने. ज्यादा कॉशियस हैं।. किसी ने इन तीनों में से मतलब यूक्रेन, इजराइल और ईरान किसी ने आपको ऑफर दिया कि. डबल एजेंट बन जाओ क्योंकि तुम्हारा आर्मी. बैकग्राउंड है। तुम तो हमारे लिए स्पाई बन. सकते हो।. ईरान ने बोला ना बताया ना मैं ईरान में. गया तो उन्होंने जब मुझे सिर्फ इसी शर्त.
पे मैंने बोला कोऑपरेट करूंगा। वो सोचे. कोपरेट का मतलब है कि मैं उनका एजेंट बन. के इजराइल दोबारा जाऊंगा। इसीलिए उन्होंने. मुझे वहां से रिपोर्ट करना दिया। मैंने. बोला इतनी दूर से मुझे एक बार रिपोर्ट. करने दीजिए एंड देन आई विल कोपरेट विद यू।. तो दे अलाउड मी टू रिपोर्ट विद द ते त. तेहरान एयरपोर्ट इन बैकग्राउंड एवरीथिंग. इनसाइड। सर उन्हें लगा कि शायद मैं तैयार. हो जाऊंगा और जब आप सोए नहीं है दो रात से. कुछ खाया नहीं है। लगातार से क्वेश्चनिंग. चल रही है तो मेंटली आपके ऊपर बहुत ज्यादा. प्रेशर होता है।. तो खिलाते पिलाते भी नहीं है।. नहीं लास्ट में उन्होंने खिलाया पिलाया।.
मैंने बोला वेजिटेबल. पहले 20 30 घंटे रोक रोक के रखा। पहले. 20-30 घंटे में उनकी उनकी कोई मंशा नहीं. थी रोकने की। जब उनके सीनियर ऑफिसर्स काफी. आए और जब इधर-उधर से एम्बेसी वगैरह से फोन. फोन आने शुरू हुए तब उन्हें लगा कि शायद. यह गलत बंदा है। इसको हमें जाना चाहिए।. कहीं डर लगा डर कभी नहीं लगा। डर लगना ही. बंद हो गया है। घर परिवार में घर परिवार. में उनको जब बताऊंगा तो पता लगेगा ना।. बताता नहीं हूं सब चीजें।. सिर्फ एक बार जो आपको याद है जब मैं बूचा. में ही था मेरे पास तीन दो तीन बम फटे.
बिल्कुल नजदीक. हम याद है मुझे. यूक्रेन में. तो जब वो बम फटे वो बिल्कुल नेचुरल. रिएक्शन थी मैंने एकदम कैमरा निकाल के ऑन. कर दिया और मैं गिर वो पुराना फौजी हूं तो. बाय रिएक्शन आई वेंट डाउन द ग्राउंड. मोमेंट आई हर्ड द नॉइस उनके फौजे से पहले. मैं ग्राउंड पे था क्योंकि धमाका मतलब है. कि यू हैव टू गो ऑन ग्राउंड वांट टू सेफ. तो इंस्टिंक्ट चला गया तो आंखें माय मदर. सेड तेरी आंखें फटी हुई लग गई बिल्कुल फट. गई थी आंखें ऐसा लग रहा था कि बहुत ज्यादा. डर गया है मैंने कहा डर तो मुझे नहीं लगा. कहती नहीं ऐसा काम दोबारा नहीं करना. क्योंकि दे कुड सी ऑन टीवी लाइफ अदरवाइज.
आई डोंट टेल एनीथिंग टू माय फैमिली कि मैं. कहां जा रहा हूं, क्या कर रहा हूं।. बट किसी ने कहा आपसे कि आप पे कद काठी, आपका जो स्टाइल है, बात करने का तरीका. उससे आप पत्रकार कम जासूस लग सकते हो कि. आप पोस्ट रिटायरमेंट के काम किया। बहुत. मुझे ये चीज एक नहीं सैकड़ों लोग बोल चुके. हैं हिंदुस्तानी और फिरंगी सब. कि आप जो है आर राज आर यू स्पाई? हम. आई से व्हाई डू यू यू यू यू यू यू यू लाइक. दिस? यू लुक लाइक वन? मैंने कहा ऐसा चेहरे. में क्या है कि मैं स्पाई लगता हूं। लेकिन. लोग मेरे बहुत लोग मुझे ये चीज बोल चुके. हैं। [हंसी]. भारतीय फौज में कैसा आपका अनुभव रहा? बहुत.
ही शानदार अनुभव रहा। मतलब ऐसा. ऑर्गेनाइजेशन. जो है दुनिया में कोई एक्सिस्ट करता ही. नहीं है। मैं तो मानता हूं जो मैंने समय. गुजारा हिंदुस्तानी फौज के अंदर ऐसा समय. हुआ। दैट वाज़ द बेस्ट पार्ट ऑफ़ माय लाइफ।. और जब आप दुनिया भर में हो कि आप 100. देशों में आप गए। आप अलग-अलग दिखते हो।. अभी आप रिपोर्टिंग कर रहे हो। तीन देशों. की आपको एजेंसी ने डिटेन किया। भारतीय फौज. क्या उसी लेवल पर है जहां विश्व की बाकी. फौजे हैं या अभी हम में कुछ कमियां हैं?
देखिए यह बहुत एक बड़ा सवाल है। इसके कई. लेवल्स हैं। लेकिन सबसे पहले मैं अच्छी. चीज बोलूंगा जो हमारी फौज की बिल्कुल. स्टैंड आउट करती है। वो है हमारे जवान।. देखिए मैं राजपूताना राइफल्स में नौकरी की. है। मेरी पेरेंट यूनिट 19 राजफ थी। उसके. बाद मैंने फर्स्ट पैरा कमांडो बाद में जो. स्पेशल फर्सेस बनी उसमें नौकरी की है। मैं. स्पेशल फ्रंटियर फोर्स में नौकरी की है।. जहां हम तिब्बतिन ट्रूप्स थे उनको ट्रेन. करते थे। उनके साथ ऑपरेशंस किए हैं। तो जो. ट्रूप्स हमारे जवान हैं बहुत ही उम्दा.
दर्जे के हैं। इस तरह के जवान आपको किसी. भी फौज में मैं जर्मन स्टाफ कॉलेज. हैंमबर्ग में भी लेक्चर दे चुका हूं। कई. फौजों से [नाक से की जाने वाली आवाज़]. इंटैक्ट कर चुका हूं। रिपोर्टिंग के दौरान. अदरवाइज भी जिस तरह के जवान हमारे हैं ऐसे. जवान को दुनिया में कहीं नहीं मिलेंगे।. इसमें कोई शक नहीं। कोई दो राय नहीं है।. नाउ दूसरी चीज जो आती है वो आती है आपकी. लीडरशिप चाहे वो ऑफिसर्स हो और फिर. टेक्नोलॉजी इसमें मुझे लगता है कहीं ना. कहीं हमें सुधार की जरूरत है गुंजाइश है. और अगर हम ये चीजों में थोड़ा सुधार ला. सकते हैं तो इंडियन आर्मी विल बी अनबिटेबल.
इन जैसे मैं कारगिल गया था 20 साल होने पर. वॉर मेमोरियल देखने और बहुत सारी घटनाओं. को वहां पर दोबारा कवर करने इंडियन आर्मी. के डेपुटी चीफ भी उस वक्त मेरे साथ गए थे. अभी उत्तराखंड के वो राज्यपाल हैं. लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत जी तो जब फौजियों. से मैंने इंटरेक्ट किया और हम टाइगर हिल. के पास आए तो उन्होंने मुझसे कहा कि सर यह. जंग जो हमने जीती थी यह सिर्फ हमारे. जवानों के हौसले से जीती थी वरना कमियां. बहुत सारी थी उस जंग में क्योंकि आप भी. कारगिल तक गए थे ऑलमोस्ट गए थे लड़े नहीं. थे लेकिन आप गए थे ये हम ये 20 साल बाद.
वहां के एक जवान ने कहा कि बहुत सारी. कमियां थी हम सिर्फ इसलिए जीत गए क्योंकि. हमारे जवानों को ये एहसास था कि ये कितना. कीमती इसका इंपैक्ट कितना बड़ा होगा इसलिए. जान हाथ में लेकर हम गए लड़े भिड़े शहीद. हुए और आज देश को सुरक्षित कर दिया है। अब. मैं फिर पूछ रहा हूं यह सवाल कि जवानों के. हौसले का जिक्र क्योंकि आपने भी किया।. क्या कमियां है इंडियन आर्मी में? क्योंकि. जवान के हौसले पर कोई क्वेश्चन नहीं कर. रहा। ऑफ द रिकॉर्ड ऑन द रिकॉर्ड भी। बाकी. क्या चीज़ जहां हम बेहतर कर सकते हैं? देखिए अह सबके अपने-अपने व्यूज हैं। मेरा.
मानना है कहीं ना कहीं जो हमारी बेसिक फौज. है जो लड़ाई लड़ती है। हर फौज लड़ाई लड़ती. है। एयरफोर्स, नेवी, आर्मी के अंदर आर्मड, आर्टिलरी, इनफेंट्री सब लड़ाईयां लड़ती. हैं। अपनी अपना काम करती हैं और अच्छा काम. भी कर रही हैं। लेकिन जो रीड की हड्डी है. वो है इनफेंट्री। अगर हमारे सारे जहाज, शिप्स, टैंक्स भी फेल हो जाएंगे तो वो. जवान फिर भी लड़ाई लड़ेगा। इनफेंट का जवान. आखिरी दिन तक लड़ाई लड़ेगा। चाहे उसे कोई. सपोर्ट हो, एयरफोर्स का सपोर्ट हो, एिएशन.
का सपोर्ट हो, टैंक का सपोर्ट हो, तोपों. का सपोर्ट हो या नहीं हो लड़ाई लड़ेगा।. उसमें कहीं ना कहीं मुझे लगता है कि. इनफेंट्री में जो हमारी ट्रेनिंग है उसमें. कहीं ना कहीं कुछ कमी आ रही है।. जैसे. देखिए जो चीज मुझे बहुत डिस्टर्ब करती है. आप पिछले. 10 साल के जितने एनकाउंटर्स हुए हैं. कश्मीर में उनको उठा के देखिए। हर. एनकाउंटर में अगर हमारे हमने दो. उग्रवादियों को मारा है तो हमारे दो जवान. भी मारे गए हैं। कई बार ज्यादा मारे गए. हैं। और यह हालत उस वक्त है जब हमने चूज़.
किया है कि किस टाइम हमने अटैक करना है, कहां अटैक करना है, कितनी संख्या के साथ. अटैक करना है, क्या टैक्टिक्स यूज़ करनी. है, क्या हथियार यूज़ करने हैं। कब. सरप्राइज यूज़ करना है, सब कुछ हमारे फेवर. में है। उसके बावजूद देखिए, हालात वहां. बहुत खराब होते हैं। मैंने देखी है खुद।. मैं रहा हूं इस एजेंसी में। लेकिन उसके. बावजूद हमारे उतने ही सैनिक मारे जाना या. उससे ज्यादा मारे जाना जितना हम उग्रवादी. मान रहे हैं मारे जा रहे हैं। उनकी. ट्रेनिंग हुई है दो हफ्ते के लिए। हमारे. यहां ट्रेनिंग होती है एक साल डेढ़ साल के. लिए और पूरे यूनिट में ट्रेनिंग चलती है।.
तो कहीं ना कहीं उस ट्रेनिंग में खामी है।. कहीं ना कहीं वो ट्रेनिंग सीरियसली नहीं. की जा रही है। कहीं ना कहीं चाहे वो लोअर. लेवल हो चाहे हायर लेवल हो जो प्रायोरिटीज. दी जा रही हैं। देखिए मैं एक और बहुत. थोड़ी चीज हो जिसमें 90% अफसर जो है फौज. के मेरे इस चीज को ना मेरे खिलाफ हो जाए. इस चीज को सुन के। लेकिन जो एक सहायकी. सिस्टम है। फौज के अंदर ऑर्डरली सिस्टम है. कि आप एक जवान को नौकर कहना तो गलत होगा।. एक सहायक बोलते हैं उसको कि आपकी हर चीज. में लेकिन वो आपके हर चीज कर रहे हैं जो.
एक नौकर करते हैं घर में। देखिए हमारे. जवान क्यों इतने सक्सेसफुल हुए ब्रिटिश. इंडिया के अंदर? क्योंकि जवान के अंदर एक. वो गौरव है कि मैं सैनिक हूं। लेकिन जब. उससे आप ऐसे काम करा रहे हैं जो एक सैनिक. को नहीं करने चाहिए और उसको एक फौजी वो. जामा पहना देते हैं। तो कहीं ना कहीं जो. ये हादसे हो रहे हैं मैं उसको भी एक तरह. से उसके लिए जिम्मेदार मानूंगा। दूसरा. यहां आप किसी ट्रेनिंग सेंटर चेंज ये नहीं. कि मैंने फौज छोड़े मुझे इतने साल हो गए. हैं। मैं हिंदुस्तान आर्मी के लगातार टच. में रहता हूं। जवानों से बात करता हूं।. जैसा मैंने बोला पत्रकार बन गया हूं ना.
अभी तो हर चीज पता करता हूं। क्या हो रहा. है, कैसे हो रहा है, क्या बदलाव आ रहे. हैं। तो ये जो है जहां ट्रेनिंग होनी. चाहिए ट्रेनिंग सेंटर्स के अंदर। कुछ जगह. हो रही है। कुछ अच्छे कमांडेंट्स आते हैं. कराते हैं। लेकिन ज्यादातर हर जगह सहायक. बांट रखे हैं आपने। जहां भी उस कमांडेंट. को उनके कर्नल साहब को अगर कोई फेवर्स. चाहिए फौज के अंदर वहां एक सहायक दे देता. है वो और सहायक कौन चाहते हैं ये ज्यादातर. इनफेंट्री के जवान जवान वही राजपूत जाट. सिख गुरखे जो लड़ने हुए लोग हैं उनको अगर. आप ये काम कराएंगे तो फिर कहीं ना कहीं. हमारी ट्रेनिंग उनका जो मोटिवेशन लेवल है.
और जो रिजल्ट्स हमें देखने को मिल रहे हैं. वो सामने आएंगे। मेरे को आपकी बात सुनके. एक फौजी की बात याद आई क्योंकि एक चैनल. में कई सारे फौजी हमारे साथ थे तो मैंने. उनसे पूछा था कि कैसे पता करें कि जो. आतंकवादी है वो कश्मीरी है या पाकिस्तान. से आया है? तो उन्होंने बड़ा छोटा छोटा. उदाहरण दिया था मुझे कि अगर शहादत. हम उनकी उनकी ज्यादा होती है कि चार आतंक. आप खबर पढ़ते हैं कि चार आतंकवादी मारे गए. और कोई जवान शहीद नहीं हुआ या एक जवान. शहीद हुआ तो समझ लेना वो कश्मीर का था. क्योंकि वो उतने ट्रेंड नहीं होते हैं नए. होते हैं सिर्फ जोजश में आगे भेज दिया गया.
लेकिन अगर यह उल्टा सुनाई पड़े कि दो. आतंकवादी मारे गए चार हमारे भी जवान शहीद. हुए तो समझ लेना वो सरहद पार से आया था. क्योंकि वो बहुत ट्रेंड हो के आया था. मुश्किलों से आया था तो मेरे ज़हन में. हमेशा सवाल चलता था कि अगर एक आतंकवादी. उतनी ट्रेनिंग ले रहा है तो हम क्या कमजोर. पड़ जा रहे हैं ट्रेनिंग उस पे और यह फौजी. की बताई हुई बात है कर्नल वही आपको बता. रहा हूं कि वो जो सरहद पारसी भी आया है ना. उसकी ट्रेनिंग भी कुछ हफ्तों से ज्यादा. नहीं होती है यहां हम 9 महीने तो सेंटर.
में ट्रेनिंग कराते हैं एक नए जवान जो. भर्ती होता है उसकी लगातार यूनिट में. ट्रेनिंग चलती है तो कहीं ना कहीं उसमें. कमी रही है और हमारी प्रॉब्लम क्या है अब. मैं ये चीज बोल रहा हूं ना कल 10 लोग मुझे. इस चीज के लिए गाली देंगे कि आप ये कैसे. बोल बोल सकते हो अपनी फौज के बारे में।. अरे हमारी फौज इसलिए बोलना जरूरी है अगर. इस चीज को हम एड्रेस नहीं करेंगे और सिर्फ. फौज के अंदर रहने देंगे तो इसमें कभी. सुधार हो ही नहीं सकता। एक और सवाल मेरे. ज़हन में ऐसे आ गया क्योंकि हिस्ट्री का. जिक्र हो गया। किसी एक जवान ने मुझसे कहा. कि 26 जनवरी को जो परेड होती है उसमें. हमारे यहां करतब दिखाया जाता है।.
हम. सैन्य शक्ति के प्रदर्शन के तौर पर। एक. जवान के तौर पर कैसे देखते हैं इसे आप? देखिए. मार्च पास ठीक है। आपकी सैन्य शक्ति का. प्रदर्शन है। सही है। बहुत अच्छी चीज है।. हमारे जो सिटीजंस हैं, नागरिक हैं उनका. मनोबल बढ़ता है। कि देखिए हमारी फौज कितनी. स्ट्रांग है और हमारी रक्षा कर सकती है।. सक्षम है। बहुत अच्छी चीज है। लेकिन जिस. चीज के मैं खिलाफ हूं थोड़ा। आप जो लगातार. मैं बचपन से देखता आ रहा हूं वो एक. मोटरसाइकिल चल रही है। उसके ऊपर डंडे लगा. रखे हैं। किसी में 10 लोग, किसी में 20.
लोग कोई इस पे शीर्ष शासन कर रहा है।. देखिए हम सर्कस नहीं है। ये फौज है और. हमें सिर्फ वो चीज दिखानी चाहिए जो हमारे. कॉम्बैट पोटेंशियल दिखाती हैं। हां. झलकियां वो अलग हैं। वो हमारी कल्चरल. विरासत दिखाती है। अलग चीजें हैं। जहां तक. सैन्य शक्ति शक्ति का प्रदर्शन है। वो. चीजें दिखाएं जिससे हमारा कॉम्बैट कॉम्बैट. पोटेंशियल है वो दुनिया को दिखे। हमारे. नागरिकों को दिखे। इस तरह की चीज दिखा के. मजाक बनता है। मेरे जो बाहर के दोस्त हैं, मेरे बहुत मुल्कों के आर्मी ऑफिसर्स. फ्रेंड्स हैं। मिलते हैं, बातचीत करते. हैं। मुझे किसी ने इतनी क्लिप दिखाई राज.
इज दिस इंडियन आर्मी? वो मोटरसाइकिल चला. रहा है मूछे बड़ी करके और पांच छह लोग. चढ़े हैं ऊपर नीचे और वो हम नेशनल. रिपब्लिक डे के अंदर वो हम अपने कर्तव्य. पथ पे चला रहे हैं। मतलब व्हाट इंप्रेशन. गिविंग टू द वर्ल्ड? आई डोंट वांट टू बी. एक्स्ट्रा क्रिटिकल बट वी हैव टू स्टॉप. डूइंग दिस सर्कस एंड ऑल। लेट्स शो ओनली. कॉम्बैट पावर व्हेन वी शो इट टू अपने जो. नागरिक हैं अपनी सिटीजनरी है उनका मोरल. बढ़ाने के लिए और दुनिया में एक इंप्रेशन. क्रिएट करने के लिए कि हम क्या चीज हैं हम. अपनी सिर्फ सैन्य सैन्य शक्ति का प्रदर्शन. करें और इन चीजों से बचें.
ओके इंडियन आर्मी या इंडिया की पूरी. मिलिट्री फ़ोर्स की अगर बात हम करें. क्योंकि आपने दुनिया के कई देशों को करीब. से देखा है। यूएस यूक्रेन में रशिया में. इन्वॉल्व हुआ। रशिया आप देख ही रहे हैं।. इजराइल आप देख रहे हैं। ईरान की. रिवोल्यूशनरी फ़ोर्स के भी आप करीब गए जाकर. देखा। इंडियन आर्मी कहां स्टैंड आउट करती. इन सबके बीच में. ओवरऑल इंडिया एज अ पावरफुल कंट्री कहां. स्टैंड करती है टैक्टर्स के मामले में. वेपन्स के मामले में मैं जवानों के मोराल. के अलावा सारी बातें कर रहा हूं देखिए. [नाक से की जाने वाली आवाज़] ऐसा नहीं है. कि मैंने ये चीज आपको बताई इसके कारण. जवानों का मोराल डाउन है हमारे जवान जब.
जरूरत पड़ती है. मैं जवानों के मोराल की बात इसलिए नहीं कर. रहा हूं कि मुझे पता है वो बहुत हाई है।. हां, वह चाहे कुछ भी। इतना सब के बावजूद. भी जब जरूरत पड़ेगी, तो जवान आपको खड़ा. दिखेगा अपना और काम पूरी पूरी मुस्तैदी से. करेगा।. जहां तक नंबरिंग का सवाल है कि हम किस. नंबर पे आते हैं? देखिए हमारी बहुत बड़ी. फौज है। मोर देन 1.1. मिलियन स्टैंडिंग आर्मी जो कि दुनिया में. तीसरे नंबर की सबसे बड़ी फौज है। तो साइज. में हम बहुत बड़े हैं। एंड दिस इज अ कोर्ट.
फ्रॉम अमेरिकन जर्नल जस्ट अ फ्यू इयर्स. बैक। इसे इंडियन आर्मी इज अ क्रमबलिंग. एडिफाइस जिससे मैं सहमत नहीं हूं। मान. लिया हमारी खामियां है। हर मुल्क में. खामियां होती हैं। नथिंग कैन बी परफेक्ट।. हमें खामियां बताना जरूरी है ताकि उस पे. एक्शन हो सके। उसको बदला जा सके। सुधार. लाया जा सके। खामियां ना लेने का पर्पस यह. है। अपनी आर्मी को डिग्रेट करना है उसका. पर्पस नहीं है। लेकिन हमारे अंदर खूबियां. भी हैं। जहां हमने कुछ हो सकता है लीडरशिप. कहीं इतना लेवल इतने ऊंचे दर्जे का ना रहा. हो। लेकिन हम वी हैव प्रोड्यूस वै ग्रेट. लीडर्स आल्सो इन द इंडियन आर्मी। एंड वेयर.
पीपल हैव गॉन डिस्पाइट ऑफ हाजीवीर पास. हमने कब्जे में लिया था वो वन पैरा के. हमारे जो उसमें मेरी जो यूनिट है पुरानी. वन पैरा इट वास इन्वॉल्व इन दिस जो बाद. में हमने वापस पाकिस्तान को दे दिया जिसको. मैं अभी देख के आया हूं पिछले दो हफ्ते. पहले आई वाज़ ऑन एलओसी एंड आई सॉ हाजीबीर. पास कितना मुश्किल है कब्जा करना तो हमारा. जो ओवरऑल आप मोराल देखें जज्बा देखें. हमारा ऑर्गेनाइजेशन देखें हमारी टेक्निकल. पावर देखें हमारे फायर पावर इंडेक्स देखें. मैं मानता हूं कि हम दुनिया की बेहतरीन. आर्मी में एक हैं नंबर नंबर लगाना बड़ा.
मुश्किल हुआ कि हम चौथे नंबर की हैं, पांचव नंबर की हैं। पर हम दुनिया की. बेहतरीन आर्मी से एक हैं। और पर अभी. टेक्नोलॉजिकल जो चेंजेस आए हैं दुनिया में. हमें उस पे थोड़ा और फोकस करने की जरूरत. है ताकि हम जो मॉडर्न आर्मीज़ दुनिया की. उनको मैच कर। अभी जैसे इंडिया बहुत सारे. हथियार खरीद रहा है। राफेल को लेकर खास. तौर पर बात चल रही है कि बहुत सारा फ्रांस. से हमने और मंगा लिया है। रूस से हम. समझौता कर रहे हैं। अमेरिका से हमारी डील. चल रही है। ये वर्ल्ड लेवल के इक्विपमेंट. है जो हम अब लेते जा रहे हैं। नई बढ़ती. हुई टेक्नोलॉजी के हिसाब से मैं कंपेयर कर. रहा हूं। देखिए आप ओब सिंदूर लें तो S400.
जो है जो हमने एयर डिफेंस सिस्टम लिया है. रूस से। वो बहुत ही कारगिल साबित हुआ है।. अगर कोई भी पाकिस्तानी जहाज या मिसाइल्स. अपना कोई जो टारगेट है जो नुकसान है या. नहीं पहुंचा पाया S400 को उसका बहुत बड़ा. श्रेय उसको जाता है। तो इट्स अ वेरी गुड. डील एंड नाउ वी आर ट्राइंग टू हैव S500. आल्सो व्हिच इज़ अ वेरी गुड डील एस फ एस. रफाल इज़ कंसर्न। आई एम नॉट इन फुल. एग्रीमेंट विथ दैट बिकॉज़ आई हैव सीन नाउ. अराउंड द वर्ल्ड कि किस तरह की. डेवलपमेंट्स हो रही हैं। नाउ इज़ अ एज ऑफ़.
अनमैंड प्लेटफॉर्म्स। मैंड प्लेटफार्म कुछ. रहेंगे लेकिन ज्यादातर जो है अनमल्ड. प्लेटफॉर्म्स हो जाएंगे और हवाई जहाज में. भी अब जितने हैं जो बड़ी आर्मीज़ हैं या जो. टेक्नोलॉजी के एडवांस्ड मुल्क हैं सारे के. सारे अनम्ट प्लेटफॉर्म्स पे पूरा जोर है. उनका इवन. कंट्रीज लाइक टर्की दे हैव रिसेंटली यूज्ड. अ अनमैंड एयरक्राफ्ट टू शट डाउन अ फोर्थ. जनरेशन मैड एयरक्राफ्ट तो उस लेवल तक. डेवलपमेंट हो चुकी है टेक्नोलॉजी में उस. स्टेज पे आके जब हमें इतना सारा.
टेक्नोलॉजी इतनी इतनी जल्दी डेवलप हो रही. है। तो एक 4.5 जनरेशन एयरक्राफ्ट जो कि. 1989 से बनना शुरू हो गया था और जो सर्विस. में है तो और ये अगले 10 साल तक हमें. मिलता रहेगा। तो सोचें अगर 2036 में हम. 1986 का हथ जहाज जो बनना शुरू हुआ था. इस्तेमाल कर रहे हैं 50 साल पुराना तो. कहीं ना कहीं मेरे हिसाब से इट वाज़ नॉट अ. गुड डील फॉर अस।. राफेल का सौदा घाटे का सौदा है। भविष्य के. अगर कुछ ऐसे क्लॉज़ हैं इसमें जो आम पब्लिक.
को नहीं पता जो पब्लिक डोमेन में नहीं है. तो मैं कह नहीं सकता। शायद हो सकता है. गवर्नमेंट ने कुछ ऐसी डील की हो जो आम. डोमेन में नहीं है। पब्लिक डोमेन में. लोगों को नहीं पता है जिससे हमें कुछ. टेक्नोलॉजी ट्रांसफर होने वाला है। लेकिन. जो जो सोर्स कोड है जहाज के वो हमसे वो भी. शेयर करने को तैयार नहीं है तो मुझे नहीं. लगता कि हमें कोई एडवांटेज मिली है। सोर्स. कोड अगर हमें मिल जाते हैं तो हम उसमें. अपने हथियार लगा सकते हैं जो हमने. हिंदुस्तान में इंडीजली बनाए हैं। फ्रांस. ने वो भी हमें शेयर करने के लिए साफ मना. कर दिया है। अगर हमें सोर्स कोड भी नहीं.
मिल रहे हैं उनके फोर्थ 4.5 जनरेशन. एयरक्राफ्ट जो 2000 36 तक हमें मिलेगा।. मैं इससे सहमत नहीं हूं।. इंडियन आर्मी में करप्शन है।. देखिए अब आप मुझे मरवाएंगे बोल के कि मैं. हां बोलूंगा तो मुझे इतने मेरे फौज के. अंदर मेरे यार दोस्त हैं। सब मैं वहीं से. पला बढ़ा हूं। काफी लोग मुझे इस चीज के. लिए वो करेंगे। लेकिन हां फौज में करप्शन. है और सर्विज में बहुत ज्यादा करप्शन है।. किस लेवल पे कैसे करप्शन? लेवल मैं नहीं जानता क्योंकि मैं उसे. किस तरह करप्शन? मैं कार रिलीज़ करता था। हम.
मैंने जो रेड्डी हिमालय कार रैली होती है. उसमें 2006 में मैं रनर अप भी था. एक्सट्रीम कैटेगरी में. वो बार-बार प्रॉब्लम आ रही थी उसके अंदर. ना तब मुझे जो ईएमई के ऑफिसर होते हैं जो. फौज में एक महकमा है जो रिपेयर करता है. अभी गाड़ियों को सारे कॉन्ट्रैक्ट्स लेता. है बाहर से चीज लेता है तो वो एक बंदा. कहता है मुझे एक कांट्रेक्टर बता रहा है. जो ग्रीस सप्लाई करता है फौज को ग्रीस. कहता है हम सारी जो बिल्कुल थर्ड ग नकली. ग्रीस दे रहे हैं मुझे तो हैरानी है कि. फौजी गाड़ी से वो चल कैसे रही हैं और वो. जो प्रक्योर कर पता है क्या आ रहा है तो.
है करप्शन है सप्लाई में करप्शन है चाहे. ऑर्डिनेंस हो सप्लाई को सर्विज हो या ईएमई. हो इनमें है और हम काफी जब से हमने फौज. ज्वाइन की थी यंगस्टर थे जब लेफ्टिनेंट. कैप्टन थे तब से सुनते आ रहे हैं है उनमें. लेकिन पिन पॉइंट करना किस लेवल पे है क्या. मुश्किल है क्या. ये कैसे पॉसिबल क्योंकि जो भी फौजी जा रहा. है फौज वो जगह है जहां पर एक इंसान परिवार. भूलकर शहादत देने को तैयार है फौज वो जगह. है जहां घर परिवार सब छूट जाता है सिर्फ. देश का हित आगे रहता है तो जहां जहां पर. इतना डेडीकेशन लेवल हो कि आपकी जिंदगी की.
परवाह नहीं है। भारत माता के झंडे के आगे. वहां पर फिर ये करप्शन कैसे इतने सालों से. पला बढ़ा है क्योंकि हर दूसरी फिल्म में. दिखाया जाता है। हम फिल्मों के जरिए भी. देखते हैं। कहानियों में भी सुनते हैं।. मेरे पास वी के सिंह साहब भी आए थे। उनसे. भी मैंने समझने की कोशिश की थी। और राजीव. गांधी जी के जमाने से लेकर अब तक हर बार. अपोजिशन जो है वो आरोप लगाता है कि यह जो. डील हुई इसमें इतना पैसा खाया गया, इतना. पैसा इधर गया। हाउ इज इट पॉसिबल देन? देखिए दो चीज बताऊंगा आपको मैं पहली चीज.
आप बोले हर कोई डेडिकेटेड है फौज में जब. भर्ती होते हैं ना अफसर हैं जवान है आपको. बोला जाता है आप चूज़ करें आप किस किस. महकमे जाना चाहते हैं फौज के अंदर फौज में. लड़ाई के महकमे हैं इनफेंट्री है आर्मड है. आर्टरी है जो जाके फ्रंट पे लड़ते हैं. दुश्मन के आमने सामने फिर कुछ महकमे जो. पीछे रहते हैं आपको दाल चाल हिस्सा सप्लाई. करना आपका राशन सप्लाई करना आपको हथियार. सप्लाई करना कपड़े सप्लाई करना आपकी. गाड़ियां रिपेयर करना ये लोग फेस टू फेस. कभी नहीं आते लड़ाई में। हां, मुश्किल. कंडीशन में पहुंच सकते हैं। कोई बमबारी हो.
सकती है। खट्टरता इनको भी रहता है। लेकिन. आमने सामने की लड़ाई में कभी इनका मतलब वो. नहीं होता। बहुत से लोग हैं जाके सीधा यही. ऑप्ट करते हैं कि हमें सप्लाई कोर में. जाना है। हमें ऑर्डिनेंस में जाना है।. हमें एएम में जाना है। वो कभी ऑप्ट ही. नहीं करते। डरते हैं किस तरह हमारा. इनफेंट्री में ना आ जाए। तो ऐसा नहीं है।. मैं नहीं बोलूंगा कि हम कहीं दूध के. दूल्हे हैं। कोई ऐसे हैं कि हर कोई आता है. कि मैं लड़ के देश के लिए शहीद होने के. लिए आया हूं। बहुत से लोग हैं जो सिर्फ. नौकरी के तौर पर आते हैं। दूसरा जो आपने. बोला कि. कि बड़ी-बड़ी डील हमने करप्शन सुना है। हम.
छोटी डील क्यों नहीं करते हैं? जैसे मैंने आपको पहले बताया हमारे देश की. फौज की रीड की हड्डी वो है इनफेंट्री। जब. तक दुश्मन की जमीन इनफेंट्री जवान के बूट. के नीचे नहीं होगी। जीत पक्की नहीं होती. है। चाहे आप कितने बम गिरा लें जहाजों से. कितने आपके शिप्स जहाज जो समुद्र में. बमबारी करते रहे पूरा पाकिस्तान तबाह कर. दें चीन तबाह कर दें जब तक इनफेंट्री. सोल्जर वहां पहुंच के जमीन अपने बूट खींचे. नहीं रखेगा जीत पूरी नहीं हुई है और जैसे. आपको बोले बोला ये सब भी खत्म हो जाएंगे.
ना सारी जहाज शिप्स तोप इनफेंट जवान तब भी. लड़ेगा और आखिर में लड़ता रहेगा. लेकिन अब तक और मैंने फौज 8 9 साल पहले. छोड़ी है. सेकंड लेफ्टिनेंट से ले लेफ्टिनेंट कर्नल. तक जो भी 202 साल जो नौकरी की है हमारे. पास बेसिक इक्विपमेंट नहीं था। अभी भी. नहीं है। अभी मैं जाऊं देखता हूं। आप किसी. भी ग्रेड वन आर्मी को देखेंगे ना फर्स्ट. आर्मी दे विल ऑल हैव नी नी पैड्स। दे विल.
ऑल हैव गगल्स। दे विल ऑल हैव क्वालिटी. हेलमेट्स। दे विल ऑल हैव केवलार वेस्ट्स।. हमारे पास वो अब भी नहीं है। और यह चीजें. जितना आप एक एयरक्राफ्ट कैरेक्टर पर खर्च. कर रहे हैं ना पैसा सिर्फ एक एयरक्राफ्ट. पे जितना जो बिलियन डॉलर आप लगा रहे हैं. उसमें आप पूरी पूरी इनफेंट्री को अच्छे से. इक्विप कर सकते हैं। लेकिन इतने सालों में. अब जब तक मैंने फौज छोड़ी थी तब तक हम वो. हेलमेट इस्तेमाल कर रहे थे जो सेकंड. वर्ल्ड वॉर में इस्तेमाल हो रहे थे। हमारे. हथियार थे जो राइफल एक पर्सन है जिससे. जवान ने लड़ना है वो एक थर्ड वर्ल्ड.
कंट्री के बराबर की राइफल थी। इट वाज़ नॉट. अ फर्स्ट वर्ल्ड आर्मी राइफल। नन ऑफ़ देम. हैड अ बुलेट प्रूफ वेस्ट। अभी भी नहीं है।. 80% फौज के पास बुलेट प्रूफ वेस्ट नहीं है. जो हर आर्मी में होता है। नी पैड्स वगैरह. तो भूल ही जाइए। ये तो मतलब बात ही नहीं. कोई जिक्र नहीं है। Google सर ने छोड़ दिए. इनको कि दिखावे के लिए है। तो आपका जो. बेसिक जमाना है जिसने लड़ाई आखिरी दम तक. लड़नी है उसको आप ढंग से इक्विप नहीं कर. पाए। और फिर आप बातें सारी ये एयरक्राफ्ट. कैरियर्स, राफाल्स और ये डील्स वो डील्स।. अब क्यों ये सब बातें होती है? और क्यों. ये लोअर लेवल की जो हमारे जर्नल्स बनते.
हैं क्यों आज तक वो प्रोजेक्ट नहीं कर पाए. कि इन जवानों को हमें बेसिक इक्विपमेंट. दिलाना है। नहीं दिला पा रहे हम क्यों. नहीं दिला पा रहे? कैप्टन नहीं बोल सकता ये मेजर नहीं बोल. सकता ये जनरल्स को बोलना है ना क्यों नहीं. बोले वो आज तक बट जो जनरल ऊपर तक गया है. हां. क्या वो इतना डिस्कनेक्टेड है नीचे वालों. से. देखिए डिस्कनेक्टेड एक चीज. या वहां पर भी नंबर गेम है कि आप ऊपर. जाएंगे अगर आप फेवरेट हैं नहीं है देखिए. अगर आप अब बोलेंगे कि भाई आप हमें एक. लिस्ट दे दीजिए और जनरल हम चूज़ करेंगे.
आर्मी कमांडर हम चूज़ करेंगे तो फिर नंबर. गेम तो आएगा उसमें क्वालिटी इटरेट होगी. होगी. और जहां तक यह प्रेजेंट गवर्नमेंट है, जहां तक इनका इंटरफेरेंस है, मुझे लगता है. इनकी कहीं ना कहीं एक और यह इस गवर्नमेंट. का नहीं है। हर गवर्नमेंट सिर्फ कांग्रेस. गवर्नमेंट थी। कोई भी हिंदुस्तान में ये. चीज पसंद नहीं करता कि एक जनरल खड़ा हो।. खड़ा हो के बोले सर हमें ये चाहिए और. हमारी जरूरत है और यह होना चाहिए। वो. चाहते हैं जो हमने बोल दिया एक बार जनरल. की बात सुन ले। उन्होंने बोला ठीक है हम. करेंगे। दोबारा हमारे सामने खड़ा हो के. बोल ना सके। रिक्वेस्ट करें। रिक्वेस्ट तो.
करते ही हैं कि उसके बाद जो हमने बोल दिया. चुपचाप उसे मान लें।. हम इतने हम अभी तक हम जो है जनरल मानिक. शाह की किताबें पढ़ते हैं। हम यहां पे. जनरल सुंदर जी की बातें करते हैं। उसके. बाद हमें किसी जगह का नाम सुनाई जो खड़ा. हो उसके गवर्नमेंट के सामने कि ये हमारी. क्रिटिकल रिक्वायरमेंट है और हमें चाहिए. ये नहीं सुना हमने नाम. और अगर यही हाल था कि पांच का पैनल दीजिए. हम एक चूज़ करेंगे तो शायद सुनेंगे भी. नहीं। नरवाड़े साहब की भी एक किताब आई. जिसको लेकर काफी रिटायरमेंट के बाद. रिटायरमेंट के बाद आई जिस बैन भी अभी लगा. हुआ है। बैन कहें कि होल्ड कर दिया गया. है। रिलीज नहीं की गई है। उसमें दो बातें.
लीक हुई जो बाहर आई उसमें एक बात अग्निवीर. को लेकर थी कि फौज तैयार नहीं थी। बट एज अ. जर्नलिस्ट जो मैंने कवर किया गया या आपने. भी सुना होगा उस दौर में क्योंकि उसी दौर. की खबरें हैं।. जी. उसमें कहा गया था कि आर्मी का पुराना. ड्राफ्ट है जिसको बाद में एग्जीक्यूट किया. गया और ये आर्मी का ही प्रपोजल था। साह. हमने किया और दूसरा जो लड़ाई हुई चाइना से. उसमें कहा गया कि जब पूछा गया नरवड़े साहब. की तरफ से क्या किया जाए तो कहा गया जो आप. सोच ले उन्होंने कहा ये जिम्मेदारी से. बचने का तरीका था रिटायरमेंट की बात किताब.
है किताब पब्लिश नहीं हुई है बट इन दोनों. घटनाओं को आप कैसे देख रहे हैं क्योंकि. ऐसा लोग कह रहे हैं कि ये भी पहली बार हो. रहा है कि ऐसी जनरल ने ये सब बातें लिख दी. आमतौर पर तो ये बातें आती ही नहीं थी जनरल. खत्म हो गया ना अभी तो जनरल तो बन गया ना. वो ये तो डायमंड की बात व्हाई डिडंट यू. टॉक अबाउट इट व्हेन सर्विस इफ यू आर अ. कमांडर ऑफ़ इंडियन आर्मी 1.1 मिलियन स्टंग. आर्मी व्हाई डिडंट टॉक अबाउट इट व्हेन यू. वन सर्विस ज्यादा क्योंकि आपको कुछ मिलना. नहीं है अभी आपने उस वक्त क्यों नहीं बात. की इसके बारे में दूसरी बात मैं आपको ये. अंदर की बात बताता हूं जब ये जो ये आप की.
बात कर रहे हैं एक कमांडर्स कॉन्फ्रेंस. होती है जिसमें सारे आर्मी कमांडर्स आते. हैं चीफ आता है मुझे खुद जिसने बताया जो. उसमें उपस्थित था उसकी बताई बात बता रहा. हूं कि सारे आर्मी कमांडर्स एवरीबडी वाज. अगेंस्ट अग्निवीर ऑल आर्मी कमांडर्स. अगेंस्ट दिस एंड देन दे वर टोल्ड बाय चीफ. दैट दीज़ आर द ऑर्डर्स फ्रॉम प्राइम. मिनिस्टर एंड वी हैव टू इंप्लीमेंट दिस. एंड लेट्स एग्री टू दिस एंड देन एवरीबडी. एग्रीड। अगर ये जनरल्स वहां तक पहुंचे हैं. उन्होंने क्यों कॉम्प्रोमाइज किया इस. उसको? क्यों नहीं बोला कि नहीं हम इसके. खिलाफ हैं। क्यों नहीं लिखे थे हम खिलाफ.
हैं इस चीज के? रिटायरमेंट के बाद बोल रहे. हैं। अब क्या फर्क पड़ता है उसका? उस टाइम. क्यों नहीं बोला साहब ने कि हम इसके खिलाफ. हैं।. बट जो ये थ्योरीज आती है कि 45 साल से. डिमांड इसकी थी। मांगी नहीं। नहीं नहीं हम. भी रहे हैं ना। हम तो जवानों के साथ रहे. हैं। कि इस अभी भी आप जवानों पे इतना रोश. है इस चीज को लेकर। कोई यार हर किसी को. सिक्योरिटी चाहिए। आपको भी सिक्योरिटी. चाहिए मुझे भी चाहिए। आपको पता है अब 21. साल के बाद हमारा क्या होने वाला है कुछ. पता ही नहीं है। अभी भी रोश है और ना इसकी. कोई आर्मी की तरफ से डिमांड थी। दिस वाज़ अ. पॉलिटिकल डिसजन व्हिच वाज़ टेकन इंपोज्ड. अपॉन आर्मी एंड नन ऑफ़ आवर जनरल स्पोक.
अगेंस्ट इट। एंड दैट्स व्हाई आई एम सो. बिटर अबाउट जनरल। बट इन दैट केस।. जनरल वी के सिंह तो उसका हिस्सा थे। वो वो. उसकी पॉजिटिव बातें बता रहे।. वो मिनिस्टर थे। भाई हिंदुस्तानी तो है ना. हम लोग।. तो वो भूल गए कि वो फौज।. अरे हम हिंदुस्तानी है ना।. जी।. तो हमारा क्या है? पहले अपना देखना ना।. मेरा घर भर जाए देश के बाद में देखेंगे. मिनिस्टर थे वो क्यों नहीं बोले वो. नरवाड़ी साहब चीफ थे क्यों नहीं बोले अब. बोलना क्या फायदा है. क्योंकि इन्हीं लोगों को सामने रखकर ही ये. जनता. गवर्नर है क्या साहब अभी. हां मतलब सरकार बीजेपी मेंबर रहे है सब. कुछ हां. हां तो बोलना चाहिए था उस वक्त तो ये.
अग्निवीर से भारतीय फौज को फायदा नहीं है।. देखिए मैं इस एनालिसिस में नहीं जाऊंगा. फायदा है नहीं है। लेकिन जनरली इसका विरोध. था जवानों लेवल पे भी और टॉप लेवल पे भी।. उसके बाद भी हमारे ऊपर इंपोज हुई है ये. चीज।. ओके। फायदेमंद है या नहीं है वो एनालिसिस. अलग है। उस फौज भी इसको लेके रोश था। ये. आप कह रहे हो।. अभी भी है।. अभी भी इसको लेकर रोश है।. जी. मतलब एक काफी पेनफुल चीज है जो आप ये कर.
रहे हैं। कारगिल में भी एक इस पे लास्ट. सवाल पूछ लेता हूं मैं क्योंकि कारगिल की. थ्योरीज जब आती थी तो बहुत सारी बातें आती. थी कि उस वक्त भी इक्विपमेंट्स नहीं थे।. सही से इक्विपमेंट नहीं थे। जो इक्विपमेंट. चाहिए होते थे उस तरह की फौज को लड़ युद्ध. लड़ने के लिए इज इट ट्रू आपने देखे हैं. वीडियोस देखे हैं ना फोटो देखे हैं कारगिल. के हाउ मेनी जवान आर वियरिंग बुलेट प्रूफ. फोटो देखी जाके वापस एक भी नहीं मिलेगा. आपको पता है कैसे बुलेट प्रूफ आते थे उस. वक्त वो भी किसी को मिलते थे लोहे की. प्लेटें होती थी लोहे की स्टील प्लेट्स 16.
किलो की आप चल नहीं पाएंगे उससे जाके क्या. आप वो और देख उस टाइम नई कांसेप्ट शुरू. हुई थी क्लिफ असल्ट कि आपको पूरी क्लिफ. मतलब जो 80 80 90 डिग्री के बिल्कुल एंगल. पे खड़े होता है पहाड़ उसके ऊपर चढ़ के. आपको असलॉ करना है। उसके साथ तो सवाल नहीं. उठता। केवलर आपके पास बुल प्रूफ जैकेट्स. हल्की हैं। आप वो तो कम से कम उन जवानों. को दे सकते थे जो उस क्लिप असो के जा रहे. हैं। उनके पास भी नहीं थी। अभी भी नहीं. है।. तो फिर ये कौन लोग हैं फौज से जो आकर टीवी. पर कहते हैं कि अब हाईली इक्विप्ड हो गए.
हैं। हम सब बेहतर हो गया है। अब बहुत. खर्चा हो रहा है। अब आर्मी को प्रायोरिटी. है। आर्मी अपने फैसले खुद लेती है। ये. सारे बयान आम जनता सुनती है।. ये सच है।. ये सच है। आर्मी को काफी इंडिपेंडेंस मिली. है इस गवर्नमेंट में आने के बाद और काफी. हद तक जो आर्मी कमांडर्स हैं उनकी खरीदने. की जो क्षमता है उनको पैसे दिए गए हैं कि. आप खुद खरीद सकते हैं लेकिन लिमिटेड चॉइस. है। जैसे ड्रोंस का एग्जांपल देता हूं. बटालियन लेवल पे अभी वो ड्रोन खरीद सकते. हैं कि उनकी जरूरत है। लेकिन वेंडर्स का. लिस्ट ऊपर से आता है कि भाई ये है आपको. भारत जो हमारा खुद में बनाना है। मेड इन.
इंडिया ही आपको लेना है। उनमें क्वालिटी. नहीं है। वो सब भी चोरी करते हैं जो हमें. सप्लाई कर रहे हैं। चाइनीज़ पार्ट लाते. हैं। पेस्ट मारते हैं चिप्स के ऊपर मेड इन. वियतनाम मेड इन सिंगापुर दे ऑल चाइनीज़. असेंबल करके यहां हमें चार प्राइस से बेच. रहे हैं वो हर कोई ये कर रहा है हर कोई. यही कर रहा है अभी चाहे वो बाहर का हो. चाहे अंदर का हो इतना आप रेस्ट्रिक्शन लगा. देंगे अगर लिमिटेड कर देंगे तो यही होगा. उसका. हम. हश्र यही होगा फिर आखिर में लेकिन हां ये. चीज को मैं कबूल करता हूं और मानता हूं कि. काफी हद तक कमांडर्स हैं जो हमारे सीनियर.
आर्मी कमांडर्स हैं उनको काफी हद तक इस नई. गवर्नमेंट ने एक छूट दी है काफी फ्रीडम दी. है फ्रीडम ऑफ एक्शन कि आप डिसाइड करें. क्या ठीक है क्या नहीं उस हिसाब से करें. नए इक्विपमेंट आए हैं बिल्कुल ये बोलना है. कुछ नहीं आया गलत होगा बहुत सा नया. इक्विपमेंट आया है और इंप्रूवमेंट लगातार. हो रही है लेकिन अभी काफी कुछ होना है और. फिर मैं चीज दोहराता हूं हमारी फर्स्ट. प्रायोरिटी हमारा बेसिक जो बिल्डिंग ब्लॉक. है इनफेंट्री सोल्जर वहां से शुरू होनी. चाहिए देन यू शुड गो टू एयरक्राफ्ट. कैरियर्स एंड एंड एंड एंड एंड एंड एंड एंड. एंड एंड रफाल्स पहली शुरुआत वहां से होनी. चाहिए जहां अभी भी बहुत सारी चीजें ऐसी. हैं व्हिच नीड्स टू बी डन.
ठीक है अब एक बार हम ग्लोबल लेवल से थोड़ा. इंडिया जोड़े कुछ सवाल मैंने रखे थे सीआईए. जो है वो दुनिया भर में सत्ता पल पलटने के. लिए मशहूर है। रूस की एजेंसी दुश्मनों को. जहर दे देती है और मोसाद अलग लेवल पे खेल. खेलती है। रॉ जो आज चल रही है। क्या सीखना. चाहिए? क्या इन तीनों एजेंसियों से हम ले. सकते हैं? देखिए मोसाद इज क्लास अपार्ट। मोसाद अपनी. प्लानिंग बहुत पहले शुरू करती है।. सीआईए से बेहतर मोसाद है। मोसाद हैज़ नो नो.
कंपिटिट। आप देखिए आपको उदाहरण देता हूं।. एक आपको चीज़ अच्छे से समझ में आएगी। जो. पीछे एक पेजर्स थे हिजबुल्ला कमांडर से. पास में बिकॉज़ दे डिड वो फोन यूज़ नहीं. करते थे और उनकी लोकेशन पता लग जाएगी।. पेजेस यूज़ करने शुरू किए। अब देखिए जिस. स्टेज से मैन्युफैक्चर हुए हैं जहां से. ऑर्डर प्लेस हुआ है तब से मसा ने उस पर. नजर रखी हुई है। कहां से ऑर्डर प्लेस. होगा? कहां वो बनाए जाएंगे? कहां उनके. अंदर एक्सप्लोसिव डाला जाएगा? कब उनको हज़ब. और सप्लाई होगा। इतने साल से प्लानिंग चल. रही है। ये एंड दिस इज़ अ क्लासिकल. एग्जांपल समथिंग व्हिच वाज़ पुल्ड ऑफ बाय अ.
इंटेलिजेंस एजेंसी एवर इन द वर्ल्ड। ऐसी. ना कभी घटना हुई है ना शायद दोबारा होगी।. एक स्ट्राइक में उन्होंने जो है 50%. हिजबुल्ला कमांडर्स जो टॉप कमांडर्स हैं. उनको इनकपेसिटेट कर दिया और ये प्लानिंग. कितने साल से चल रही है और कितनी मैंडेड. प्लानिंग हुई है ये और कोई इंटेलिजेंसी. सोच भी नहीं सकती इंक्लूडिंग सीआईए। सीआईए. के पास पैसा बहुत ज्यादा है। दे स्पेशलाइज. इन कलर रेवोलशंस लाइक मैदान इन यूक्रेन. 2014 एंड अराउंड द वर्ल्ड लाइक व्हाट दे. डिड इन बांग्लादेश। तो दे स्पेशलाइज इन ऑन. दिस सीआई क्योंकि पैसा बहुत है आप पैसा.
फेंको व्हाट दे डडी इन वन वाला पैसा फेंको. किसी को खरीदो बोला तेरी फैमिली को वहां. भेज दूंगा मैं अमेरिका तेरे बच्चे अमेरिका. में पढ़ेंगे यू विल गेट अमेरिकन पासपोर्ट. तुझे ये करना है और जो गरीब मुल्क हैं. जिसमें हिंदुस्तान भी शामिल है आपने बोला. कि भ तेरे को हम अमेरिकन पासपोर्ट देंगे. तेरी पूरी फैमिली अमेरिका में सेटल्ड है. तेरे बच्चे अमेरिका में पढ़ेंगे और तुझे. इतना पैसा मिलता रहेगा कि आपको लगता है. कितने लोग तैयार हो जाएंगे काम कुछ भी काम. करने तैयार हो जाए इसके लिए ये पूरी. दुनिया में ये हालत है सर गरीब मुल्कों. कमी और सीआई के पास पैसे की कमी नहीं है।. पैसा फैक्टर काम करवाते हैं। मोसाद.
प्रोफेशनल डेडिकेटेशन है वो अलग है। दूसरी. बड़ी एजेंसी है MI6 ब्रिटेन की। वो. कुछ-कुछ सीआईए का ही एक कुछ हद तक वो है।. उसे आप मोसाद और सीआई के बीच की एजेंसी. लगा लीजिए जो काफी हद तक सक्सेसफुल रही है. अपना नरेटिव सेट करने के अंदर। रशियंस की. केजीबी वाज़ अ डिफरेंट लेवल। बट जो अभी. उनकी इंटेलिजेंस एजेंसी है और जिनके. डिप्टी जो लीडर हैं उनके ऊपर असेसनेशन. अटेमप्ट हुई है। अभी हॉस्पिटल में पड़े. हैं वो उससे काफी जो बातचीत में फर्क पड़ा. है अभी रशिया और यूक्रेन की दो दिन पहले. उनके ऊपर अससिनेशन अटेमप्ट हुआ है। अब. उनका वो लेवल नहीं रहा है। इतना पैसों की.
वजह से पैसे की कमी है, रिसोर्सेज की कमी. है। रीच की कमी है। बट ये वो सारी इतनी. बड़ी कैसे हो गई? छोटा सा देश डेडिकेशन. आप इजराइली इंटेलिज एजेंसी उसको पैसे फेंक. के और पासपोर्ट दिखा के नहीं खरीद सकते जो. कि 90% मुल्कों में ऐसा हो सकता है वहां. नहीं हो सकता।. मतलब आप ये कह रहे हो कि दुनिया में सबसे. ज्यादा ऑनेस्ट देश के प्रति इजराइली है।. उदाहरण देता हूं आपको ये चीज समझाने के. लिए। जब यूक्रेन में युद्ध शुरू हुआ. यूक्रेनियन मर्द जो हैं बाहर भागने की.
कोशिश कर रहे थे। उस टाइम गोड था $3000 पर. मैन कि आप बॉर्डर गार्ड से 3000 की ब्राइव. दीजिए डॉलर्स की और आपको बाहर निकलने. देंगे। वो देश छोड़ के भाग रहे हैं कहीं. लड़ना ना पड़ जाए। जब सेवंथ अक्टूबर हुआ. मैं 9 अक्टूबर पहुंचा हूं तलवी में हर. पूरी दुनिया से फ्लाइट्स इजराइल के अंदर. जा रही थी लड़ने के लिए कि हम वापस. लड़ेंगे जाके। ये फर्क है इजराइल में और. बाकी मुल्कों में दुनिया के।. इसीलिए वो गल्फ कंट्री डेडिकेशन है। आप. देखिए कितने हैं 80 लाख लोग चारों तरफ. उनसे 10 गुना बड़े-बड़े मुल्क हैं। 10.
गुना ज्यादा पॉपुलेशन है। सब मिलके वो. तबाह करने की कोशिश कर रहे हैं 1948 से और. सबको उन्होंने हर बार हराया है। हर बार. हराया है। कैसे ऐसा हो सकता है? 80 लाख. लोग 8 करोड़ लोगों को 80 करोड़ लोगों को. जो उनसे उनके रिसोर्सेज हैं चाहा से घेर. रखा है आपको और जिन्होंने अचानक आपके ऊपर. हमला किया है। आपने फिर भी उन सबको परास्त. कर दिया। ऐसा कैसे संभव है? तो वो जो. इजराइयली कौम है ना जो डडीिकेशन है जो. मुल्क के लिए एक वफादारी है प्यार है एक. डेडिकेशन है कि मुल्क के लिए कुछ भी कर. सकते हैं वो जज्बा आपको दुनिया में और.
कहीं भी नहीं मिलेगा बट क्या अब जासूसों. की कमी मतलब जासूसों की जरूरत खत्म हो रही. है क्योंकि अब टेक्नोलॉजी इतनी बढ़ गई. जैसे हमने ईरान में देखा कि कई जगहों पर. अटैक करवा दिया गया ड्रोनस उड़ा दिया गया. इराक में गए थे साइंटिस्ट को उड़ा दिया. गया क्या अब जासूसों की जरूरत टेक्नोलॉजी. की वजह से भविष्य में कम हो जाएगी देखिए. इसको हम बोलते बोलते हैं इलेक्ट्र. इलेक्ट्रॉनिक इंटेलिजेंस सिग्नल. इंटेलिजेंस आप डिफरेंट आपके जो सेटाइट. इंटेलिजेंस एंड देन समथिंग कॉल्ड ह्यूमन. इंट ह्यूमन इंट इज ऑलवेज क्रिटिकल आपको जब.
आप इंटेलिजेंस मिलती है आपको इंटेलिजेंस. बहुत ज्यादा होती है उसे शिफ्ट करना बहुत. मुश्किल है आपके पास जैसे 2000 पेज आ गए. उनमें इंटेलिजेंस दो पेज की है वो दो पेज. निकालना बड़ा मुश्किल है तो हर चीज कोबेट. की जाती है सिग्नल इंटेलिजेंस. इलेक्ट्रॉनिक इंटेलिजेंस योर सेटेलाइट. इंटेलिजेंस एंड ह्यूमन इंटेलिजेंस एंड द. ह्यूमन इज़ द मोस्टेंट पार्ट जब कोबेट करते. हैं। वहां से आपको बिल्कुल सटीक इनफेशन. मिलती है और ह्यूमन इंंट कभी भी. इररेिलेवेंट नहीं होगी दुनिया के अंदर। और. ह्यूमन एंट सिर्फ आपके खुद के जो लोग हैं. जो आपके स्पाइस आपके एजेंट्स वहां उपस्थित.
हैं सिर्फ आपको ह्यूमन प्रोवाइड कर सकते. हैं और कहीं से नहीं आ सकती।. नहीं बेटे टेक्नोलॉजी इसलिए पूछा मैंने. जैसे वेनेजुएला को लेकर ये खबर आई थी कि. अमेरिका ने साइबर अटैक कर दिया। सारा. कोऑर्डिनेशन जो था वो खत्म कर दिया। ईरान. को लेकर भी यही था कि इजराइल और अमेरिका. ने ईरान में जब उनके परमाणु हथियारों को. निरस्त करने की कोशिश की थी तो सारे उनकी. टेक्नोलॉजी गायब करी थी। फेड आउट हो गया. था। क्या यही अगला वॉर है कि जिसके हाथ. में कंट्रोल है, मशीन है, वही दुनिया जीत. रहा है? देखिए वेनेजुएला वेनेजुला भी मजबूत देश. है। अच्छी खासी उनकी आर्मी है। नॉट लाइक.
ईरान। ईरान इज़ मच मोर बिगर एंड मच मोर. पावरफुल।. देखिए अभी जैसे मैं एग्जिट फिगर तो नहीं. जानता। आई थिंक वेनेजुएला इज़ समथिंग अबाउट. 8 मिलियन पीपल। एंड. ईरान इज़ ऑलमोस्ट 86 मिलियन पीपल। एंड ईरान. इज़ अ वेरी ओल्ड एंड प्राउड कंट्री।. इसका हम हमारे जितना पुराना उनका एक. सिविलाइजेशन रहा है और जो इवन मिलिट्री. पावर है ईरान की और अभी तो सपोर्ट आ रहा. है लगातार अभी खबरें आ रही है काफी चाइनीस. एयरक्राफ्ट लैंड कर रहे हैं वहां सब कर. रहे हैं तो टेक्नोलॉजी तो हमेशा.
इंपॉर्टेंट थी जब बाबर आया बाबर क्यों. इतनी छोटी सेना के साथ हमारे से जीत के. यहां हिंदुस्तानी जो यहां के जो हेमू था. उससे कि जीत गए. गोला बारूद ले गया गोला बारूद के हमारे. पास आर्टरी नहीं थी उनके पास टेक्नोलॉजी. थी ना तो टेक्नोलॉजी आज भी इंपॉर्टेंट है. लेकिन आज उसकीेंस थोड़ी बढ़ गई है क्योंकि. टेक्नोलॉजी जी बहुत फास्ट इवॉल्व हो रही. है। इंट्रोडक्शन ऑफ़ ड्रोंस, रोबोटिक्स, एआई इसने सब कुछ बदल दिया है। और जो. कंट्री इन फील्ड्स में ज्यादा महारत हासिल. करेगी उसको हमेशा एज रहेगी। ह्यूमन जो है.
एलिमेंट है वॉरफेयर में, स्पाइंग में कम. हो गया। खत्म कभी भी नहीं होगा। इट विल. स्टिल बी द मैन बिहाइंड द मशीन हु विल. ऑलवेज मैटर। बट मशीन हैज़ बिकम मच मोरेंट।. और उनका स्कोप जो है वॉरफेयर में जो चीजें. वो करते हैं वो बहुत ज्यादा बढ़ गया है. अभी और उसको हमें भी कैच अप करने की जरूरत. जैसे एक ड्रोन है लाखों रुपए का ड्रोन आया. वो करोड़ों के टैंक को जाके उड़ा दे रहा. है. हम. तो फिर जो पुराना वॉरफेयर सिस्टम था जहां. करोड़ों का आप टैंक लेते थे या आप. एयरक्राफ्ट लेते थे उनकी तो वैल्यू कम हो. जाएगी अब. अब ये हुआ क्या है ये क्या काम से शुरू. हुआ है ये जो एक आपने दो मुल्क सुने होंगे.
आर्मी और अजरबजान में वहां भी था. मैं खुद जमीन पे जाके देख के आऊंगा. आजकल तो हिंदुस्तान खाली वॉर ही कवर करता. है [हंसी]. नागोन काराबाक में. हां हां वहां बराबर की फौजे हैं। दोनों।. दोनों की लगभग संख्या बराबर है। टैंक्स की. संख्या बराबर है। एयर डिफेंस बराबर है।. हथियार बराबर है। मोटिवेशन बराबर है। और. 48 घंटे के अंदर-अंदर आर्मेनिया सरेंडर कर. देता है कि हमें लड़ाई रोकनी है। हम हाथ. खड़े करते हैं। क्योंकि ड्रोंस फर्स्ट. टाइम इतने बड़े लेवल पे बैटल फील्ड में के. ड्रोंस में।.
हां।. अजर ने खरीदे थे डायरेक्टर से। बैक्टर. ड्रोन थे जो तो आप सोचें अब 48 टैंक. डिप्लॉयड हैं जमीन पे 34 कि.मी. के इलाके. में और अचानक से ऊपर से कुछ आगे गिर रहा. है और एकदम टैंक बर्बाद हो रहे हैं।. उन्हें समझ में ही नहीं आ रहा था कहां से. क्या रहा और हो क्या रहा है और कैसे. रेस्पोंड करें। तो जो बराबर आपके बराबर की. आर्मी है आपके सामने लड़ाई लड़ रही है और. 48 घंटे में आपने हाथ खड़े कर देगी हम. नहीं लड़ पाएंगे क्योंकि समझ में नहीं आ. रहा था। तो टेक्नोलॉजी जो नई टेक्नोलॉजी. आएगी वो आपको इससे स्तब्ध कर देगी।. बिल्कुल सरप्राइज कर देगी और मेरा यह. मानना है कि जितनी बड़ी आर्मीज़ हैं इस. वक्त दुनिया में चाहे वो चीन हो, रूस हो,
अमेरिका हो और कुछ हद तक मैं बोलूंगा. जापान और इजराइल हो। इनके पास एक ना एक. ऐसी टेक्नोलॉजी पक्का मिलेगी आपको जिसका. कहीं कोई जिक्र नहीं है जो कहीं पब्लिकेशन. नहीं हुआ है और जो सिर्फ उस वक्त इस्तेमाल. इस्तेमाल की जाएगी जब एक क्रिटिकल फज़ होगा. लड़ाई का। और अगर हमें फ्यूचर की लड़ाई. जीतनी है तो हमें अपनी कम से कम एक ऐसी. टेक्नोलॉजी जो कि लीक से हटकर है जो करंट. टेक्नोलॉजीस हैं करंट प्लेटफॉर्म्स हैं. इनकी इंप्रूवमेंट नहीं बिल्कुल अलग चीज जो.
बिल्कुल अलग डोमेन में है ऐसा एक हथियार. डेवलप करना पड़ेगा जिसका ना किसी को खबर. हो ना किसी को इल्म हो और जब उस वक्त. इस्तेमाल किया जाए जब क्रिटिकल स्टेज हो. वॉरफेयर की अगर हम वो डेवलप कर पा जाते. हैं तभी हम ये बोल सकते हैं कि हम जो. मुल्क हैं जो बड़े-बड़े मुल्क हैं उनकी. लीग में खड़े हो पाएंगे. तो क्या इसीलिए आपने चाइना को रशिया से. ऊपर स्केल किया था कि अब असली लड़ाई. अमेरिका और चाइना की है। इट्स आल्सो. इकॉनमी।. पैसा पैसा आप देखिए अभी जो लड़ाई है रूस. में चीन सस्टेन कर रहा है काफी हद तक।. कहां से आ रहे हैं? चिप्स इलेक्ट्रॉनिक्स.
पूरा चीन से जा रहा है। नहीं तो रशिया. इसको सस्टेन नहीं कर पाता इसको। इकोनमी और. अभी क्यों हमें तेल के ऊपर जोर दिया जा. रहा है। हर कोई हमारे पीछे पड़ा तेल मत. खरीदो, तेल मत खरीदो। क्यों? क्योंकि वो. इकोनमिक बैकबोन तोड़ना चाहते हैं रूस की।. इफ दे ब्रेक इफ द इकॉनमी ऑफ रशिया. कोलप्सेस दे मिलिट्री विल कोलप्स तो हमने. तो मान लिया लेकिन यह अभी माना है नहीं. माना कहीं ब्लैक एंड वाइट में नहीं आया है. तो उन्होंने 25% जो एक्स्ट्रा टेरिफ लगाया. था वो हटाया जो क्लेरिटी दी गई उसमें भी. लिखा गया जो साझा बयान आ रहे हैं अब आ रहे.
हैं एक दिन से उस पे भी सारी चीजें निकल. कर आ रही है. लेकिन क्या बयान आया है हमारा किसी का. ऑफिशियली कि वी विल स्टॉप बाइंग रश. हां बट उन्होंने ये तो कह दिया कि अगर. आपने गलती से भी खरीदा तो फिर से ठोक. देंगे वो उन्होंने बोला है लेकिन हमने ये. नहीं बोला कि हमे रोक देंगे अभी तो. कहीं में यह बयान ऑफ. ये ऑफिशियल बयान नहीं है लेकिन उन्होंने. फिर क्लेरिटी की कि हमने हटा दिया है और. इन्होंने आश्वासन दिया है और फिर यह धमकी. भी दी हमें इसका एक एंगल और भी हो सकता. है। देखिए अभी डोनाल्ड ट्रंप के ऊपर बड़ा. प्रेशर है कि इंडिया जैसा मुल्क आपकी इतनी. बरखिलाफी कर गया। आपको उंगठ दिखा के चला. गया कि आप जो करना है करिए। हम तेल खरीदना.
नहीं रोकेंगे।. तो अब ये डील होने के बाद उसका ही हैड अ. फेस सेविंग इन अमेरिका। लुक आई हैव टोल्ड. इंडिया एंड इंडिया विल नॉट बाय एनी मोर. ऑयल। हिंदुस्तान जो पॉलिटिकल एलट है जो. रूल कर रही है उनका तो देखिए हम इतनी बड़ी. पावर है हम उसके बर खिलाफ खड़े हो गए कि. आप हमें कुछ बोलते रहे जो हमारी जनता के. फेवर में होगा हम वही करेंगे हम तेल. खरीदेंगे अब हम उनको हमने ये तो नहीं बोला. कि हम रोक देंगे तो हमारा फेस हो गया हमने. तो नहीं बोला कि हम रोक देंगे. उन्होंने कह दिया. उन्होंने बोल दिया हम रोकेंगे तो इवन ड्र.
ट्रंप कुड सेव हैज़ अ फेस सेविंग इन ह. कंट्री आवर पॉलिटिकल लीड हैज़ अ फेस सेविंग. इन इंडिया अगर इसको डील है. और ईजी सबराइज करो वर्ल्ड पॉलिटिक्स में. परसेप्शन कितना बड़ा खेल करता है। परसेप्शन. ही सब कुछ है।. अगर आप बोले कि अभी अमेरिका इज यूरोप इज. नॉट एंटरिंग इनसाइड यूक्रेन बिकॉज़. परसेप्शन इज कि रशिया विल इदर यूज़. न्यूक्लियर वेपंस और देर ट्रूप्स बी. डिस्ट्रॉयड मोर दे एंट्री यूक्रेन। तो अगर. आप देखे जाते हैं वीक मुल्क तो आप वीक. माने जाएंगे।.
और जो नैरेटिव वॉरफेयर है आप देखें कितना. खर्चा हुआ है इस लड़ाई में। पूरा उन्होंने. जितना भी रशियन नैरेटिव है दे मेड श्योर. दैट इट इज नॉट टेलीकास्टेड एनीवेयर इट इज. नॉट एक्सेसिबल नीदर थ्रू सोशल मीडिया. प्लेटफॉर्म्स नॉर थ्रू मीडिया नर थ्रू. प्रिंट मीडिया एनीवेयर इन द वेस्ट बिकॉज़. इफ दे कंटिन्यू देयर नैरेटिव कि भाई खतरा. है रूसी आ रहे हैं रूसी आ रहे हैं हमला आ. रहा है तो आप अपनी जनता को डरा कर कितनी. मदद देना चाहे वो मदद दे सकते हैं हथियार. खरीदना हथियार खरीद सकते हैं कहीं से. अपोजिशन नहीं होगी तो नैरेटिव इज़ दैट. इंपॉर्टेंट यू कैन फूल एंटायर पॉपुलेशन यू.
कैन मेक एंटायर पापुलेशन सपोर्ट समथिंग. व्हिच दे डोंट वांट टू सपोर्ट. तो दैट इज हाउ. बिकॉज़ ऑफ़ लैंग्वेज आल्सो कि चाइना और. रशिया का नैरेटिव नहीं आता या उनका यह. टैक्टिक ही है।. इज़ इन इंग्लिश रशिया टुडे टीवी व्हिच इज़. ऑल ओवर इन यूएस इन यूरोप यूज़ टू टेलीकास्ट. इट्स इन इंग्लिश वो बंद कर दिया उसने बैन. लगा दिया हर चीज़ के ऊपर। देखिए वेस्ट. टोटली डोमिनेट करता है जो मीडिया जो. इंफॉर्मेशनेशन स्पेस है वेयर इनफेशन.
वॉरफेयर इज़ थॉट दैट इज़ टोटली डोमिनेटेड. बाय द वेस्ट। पहले हम फिजिकल. इंफ्रास्ट्रक्चर बात करें जितनी भी अंडर. सी केबल्स हैं जो इंटरनेट से आपका मिलता. है अभी दे आर ऑल ओन बाय वेस्टर्न कंपनीज़. ऑल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स आल्सो. सोशल दे आर योर सेटेलाइट्स स्टारलिंक हैज़. मोर सेटेलाइट्स देन प्रोब्ली अमेरिका एंड. रशिया पुट टुगेदर ऑल मीडिया प्लेटफार्म. मेटा Facebook. Telegram एवरीथिंग इज़ ओन बाय द ऑल योर. डेटा सेंटर्स इवन TikTok नाउ इज़ दे इट विल. कम व्हाई अमेरिका इज़ सो हेल बेंट कि. TikTok सर्वर्स विल बी इन अमेरिका एंड नाउ.
दे विल हैव टू अ पार्टनर व्हिच इज़ अमेरिकन. पार्टनर व्हिच अ मेजोरिटी स्टॉक स्टेक।. बिकॉज़ एवरीथिंग इज़ अबाउट इनफार्मेशन एंड. इन्फ्लुएंसिंग माइंड्स ऑफ़ द पीपल। यू कैन. चेंज एनीथिंग। यू कैन मेक अ लाइ लुक लाइक. अ ट्रुथ एंड मेक अ ट्रुथ लुक लाइक अ लाइं. तो हम बहुत पीछे हो गए इंडियन। आज हम जैसे. जैसे चाइना रशिया की बात मैं कर लूं।. चाइना रशिया ने कम से कम इतनी प्लानिंग तो. की कि उनके देश में अपना Google है अपना. YouTube है, अपना WhatsApp है। अपने उनके. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स हैं। हमारा तो. ये फोन भी जो भी यूज़ कर रहा हूं ये भी. अमेरिकन है। इसमें जिस ऐप पर मैं ट्वीट.
करता हूं वो भी अमेरिकन है। जिस जहां फोटो. डालता हूं वो भी अमेरिकन है। जहां से पैसे. आ रहे हैं YouTube वो भी अमेरिकन है। और. वो कितना दिखाया जाएगा कितना दिखा? एल्गोरिदम भी अमेरिकन है। एवरीथिंग इज दे. हैव अ टोटल डोमिनेशन। दैट्स व्हाई सेइंग. इट्स नॉट अबाउट लैंग्वेज। दे टोटली. डोमिनेट इनफार्मेशन फेयर। क्योंकि हम. हमारे यहां कोई हमारा भी तो पैसा है।. हमारे यहां अंबानी जी हैं, अडानी जी हैं।. अरबों खरबों रुपए वाले टाटा जी हैं। कभी. हमने क्यों टेक्नोलॉजी की तरह कदम नहीं. बढ़ाए? अगर दुनिया कह रही है कि अब सब. टेक्नोलॉजी ही है। हम केवल छापो और बनाओ. क्यों करते हैं कि किसी ने बनाया छाप के. उसका हाई कॉपी दे दिया। देखिए हमारा.
स्टार्ट बहुत लेट हुआ है।. [गहरी सांस लेने की आवाज़]. अब हम 1947 में आजाद हुए हैं। चाइना 1949. में कम्युनिस्ट रिवोल्यूशन के बाद एक. मुल्क बना और उन्होंने तरक्की शुरू की है।. अब चाइना और हमारे में फर्क देख लीजिए. कितना है। मलेशिया 1960 तक जंगल थे वहां. पे सिर्फ टोटली ट्रॉपिकल क्लाइमेट ब्रिटिश. कॉलोनी थी। आई थिंक 1960 के आसपास उन्हें. आजादी मिली है। आज मलेशिया से कितना आगे. पहुंच गए हैं। तो हमारे जो एक पॉलिसीज रही. हैं शुरू-शुर में सोशलिज्म पॉलिसीज जो. कांग्रेस केरा में शुरू-शुर में आई. सोशलिज्म इतना वी सो क्लोज टू दिस थिंग वी.
डिड ओपन अप आवर इकॉनमी जो लाइसेंस राज की. बात करते हैं हमारे जगह इंस्पेक्टर राज की. बात करते हैं। तो इसने गला घोट दिया. एंटरप्रेन्योरशिप का जो कि हिंदुस्तानी. इतने ज्यादा एंटरप्रेन्योरशिप है. हिंदुस्तान के अंदर उसका गला घोट दिया। जब. खुली 1990 के बाद से तो हमारी एक्चुअल. जर्नी तो 1990 से शुरू हुई है। तो हम इतना. एकदम से दुनिया को कैच करना।. आज के दौर में जो सोशल मीडिया है। अब अगर. सोशल मीडिया पे नया पहले हम ऑर्कुट चलाते. थे। ऑर्कुट के बाद हम Facebook पे आ गए।. Facebook से इंस्टा पर आ गए। आज Twitter. है YouTube है। अगर आज के दौर में एक.
इंडिया का कोई बड़ा बिजनेसमैन एक नया. प्लेटफार्म शुरू करता है। भारतीय टच देता. है और विदेशों में भी अगर उसका अच्छा. रेवेन्यू मिलता है। लोग इस्तेमाल करेंगे।. सबसे बड़ी आबादी तो इंडियन है। आज दुनिया. भर में लोग जो वो इंडिया के नाम से ही. व्यूज ले रहे हैं। हमारी आबादी जो इतनी. बड़ी है तो इस आबादी को क्या हमने. यूटिलाइज नहीं किया? जो ताकत बन सकती थी. उसे केवल कमजोरी बनकर हम चलाते रहे। देखिए. इसमें एक तो मैं बताया कि उनका हेड. स्टार्ट है। बहुत पहले से बहुत आगे हैं।. टेक्नोलॉजी इस आल्सो इनवॉल्वड। अब देखिए. पीछे मुझे उसका नाम ध्यान नहीं आ रहा। एक. हिंदुस्तानी ने ये ईमेल शुरू की थी और. सारा सब शुरू किया था। होम मिनिस्टर ने भी.
ट्वीट किया था कि मैं अब ये Gmail की जगह. मैं ये ईमेल यूज़ कर रहा हूं। याद है एक. साउथ में एक बेच।. हां मुझे याद है।. अब उसका नाम सुनने कहीं नहीं आ रहा। उस. टाइम मैंने भी वो वो किया कि भाई अपना. हिंदुस्तानी कुछ शुरू करेंगे कि इंस्टेड. ऑफ़ WhatsApp वी विल यूज़ दिस। उनका जिक्र. ही बंद हो गया। उस लेवल तक पहुंचे। देखिए. उनके पास पैसा है, टेक्नोलॉजी है और बहुत. हेडस्टार्ट बहुत बड़ा है। वो कैच अप करने. किसी पॉलिटिकल पार्टी का टूल भी बन के ना. आए कि ये भी डर होता है।. चले वो तो वो तो हर दुनिया में वो सिर्फ. हिंदुस्तान की प्रॉब्लम नहीं है। पूरी. दुनिया की प्रॉब्लम है। एव्री मीडिया. प्लेटफार्म इज़ बायस्ड। एव्री हम इतनी बड़ी.
जो गोल्ड स्टैंडर्ड जर्नलिज्म की बातें. सुनते बीबीसी सीएनएन वाशिंगटन पोस्ट योर. न्यूयॉर्क टाइम्स. यूक्रेन की लड़ाई ने ये दिखा दिया है ये. रशिया यूक्रेन की लड़ाई है कि कोई भी. मीडिया अनबायस नहीं है। हर कोई नैरेटिव. चलाता है अपने मुल्क का पॉलिटिकल पार्टीज. का अपने आईडियोलॉजी का और झूठ को सच और झट. सच को झूठ साबित कर सकता है। गोल्ड. स्टैंडर्ड जर्नलिज्म एक्सिस्ट नहीं करती. इस दुनिया में। अब एक बड़ा इंटरेस्टिंग. टॉपिक जो बड़ी चर्चा में इस बीच में है।.
आपने मुसाद का जिक्र किया था। एब्सेंट. फाइल आई है।. जी।. एब्सेंट फाइल के दो कहानियां चल रही हैं।. एक गंदगी का किस्सा कि देखो सारे सफेद पोश. जो हैं कितने काले होते हैं। वो जो पेश. थ्री का डायलॉग था कि मुंबई गटर है बंद. रहे तो ही अच्छी है। इसकी सलाम बाहर आएगी. तो सब परेशान हो जाएंगे। हम्म।. एक थ्योरी और आ रही है जो अंदर वाली बात. चली है कि जो दिख रहा है इसके पीछे की भी. एक कहानी है। वो कहानी मोसाद से जुड़ी जा. रही है।. हम. क्या ये सच है कि एब्स्टिन फाइल या. एबस्टेन जो थे उनके पीछे मुसाद का हाथ था?
देखिए ये सिर्फ एक स्टोरी चल रही है। ये. अमेरिका में चल रही है। और खासकर जो लेफ्ट. विंग पॉलिटिशंस हैं डेमोक्रेटिक पार्टी वो. चला रहे हैं कि एब्सस्टीन वाज़ अ मोसाद. एजेंट बेसिकली। ही टू ट्रैप जो बड़े-बड़े. पॉलिटिशियन है हर एक मुल्क के. इंडस्ट्रिस्ट हैं उन सबके ऊपर उनके वीडियो. होते थे फोटो होते थे दे कुड ब्लैकमेल देम. लेकिन इंग्लैंड क्या चला रहा है mi6 क्या. चला रही है कि एस्टीिन वाज़ अ रशियन एजेंट. आप खोल के देखिए इंटरनेट भरा पड़ा है Mi6. भी चला रही है मैं बता रहा हूं ना ये.
इनफेशन इतना इतना गंदा खेल है ये और किसी. भी सच को झूठ बनाया जा सकता है और झूठ को. सच अभी वो पूरा का पूरा MI6 बिकॉज़ यूरोप. वांट्स टू कंटिन्यू दिस वॉर विद रशिया Mi6. का पूरा गेम ये हैं कि एपस्टीन वाज़ अ. रशियन एसेट रशियन एजेंट एंड ही वाज़ पेड. फॉर ही ट्राई टू मीट पुटिन।. अरे आप एक चीज़ बोलिए। आप खुद ही बोल रहे. हैं मीट पुटिन आई कुड नॉट मीट हिम। अगर आप. मेरे एजेंट हैं तो मुझसे मिलने में क्या. दिक्कत होगी? उसका इतना प्रयास करने की. जरूरत ही नहीं है। लेकिन वो ये कहानी चला. रहे हैं। और यहां क्योंकि बहुत स्ट्रांग.
एंटी जुइश लॉबी भी है। खासकर लेफ्ट विंग. अमेरिका में वो बोल रहे हैं कि ये मोसाद. एजेंट है। तो हर कोई अपना-अपना एजेंडा सीख. रहा है। सच्चाई ये है कि वो एक. इंडस्ट्रिस्ट था। पैसे वाला था और पैसे. वाले जो अय्याश लोग थे सबको वह खिला पिलाए. खुश रखता था और अपना काम निकालता रहता था।. अब यह पॉलिटिकल नैरेटिव्स हैं। यह अपने. हिसाब से हर कोई चला रहा है। एब्सेंट फाइल. में सबसे ज्यादा झटका आपको किस टॉपिक पे. लगा? जैसे बहुत सारे झटके थे। अलग-अलग हर. दूसरा नाम ही झटका था। हर दूसरी कहानी. झटके वाली थी। बट होता है ना कि क्योंकि.
आप भी फौजी रहे फिर कवर कर रहे होंगे।. आपका भी एक नजरिया रहा होगा। जैसे मैं. अपना जिक्र करता हूं। मुझे बिल गेट्स. हैरान कर गए। शक्ल से साधु दिखने वाला. आदमी हमने बचपन से उसकी कहानियां पढ़ी. महानता की वैक्सीन बांटने की और जब कहानी. आई कि अपनी वाइफ को वो ड्रग दे रहे थे और. रशियन औरतों के साथ उनके संबंध थे स्टडी. उन्हें हुआ ऐसे ही और भी एक हमारे. साइंटिस्ट थे महान उनको लेकर जब कहानी आई. तो कुछ घटनाएं डोनाल्ड ट्रंप को आई वास. एक्सपेक्टिंग बिल गेट्स के अलावा बिल. क्लिंटन को लेकर आई वास एक्सपेक्टिंग. क्योंकि उनका नाम तो हर जगह गंदी फाइलों.
में आता रहता है। मुझे लगता है उनके ऊपर. आप एक डर्टी पिक्चर बना सकते हैं। आपके. लिए सबसे उसमें खतरनाक नाम और कहानी कौन. सी थी? देखिए मैं इतना जो मसालेदार मेरे पास कोई. नाम तो नहीं है। लेकिन जो चीज़ मुझे. सरप्राइजिंग लगी. कि अभी जो चीज़ खबर उसमें लेटेस्ट आई काफी. लड़कियां वहां टर्की से स्मगल हुई हैं। और. उसमें कहीं ना कहीं यूक्रेन एंगल है।. देखिए मैं अपना मेरा फोकस रशिया यूक्रेन. वॉर और मिडिल ईस्ट की लड़ाई है।. और उसमें जो लड़कियां आई हैं वो काफी सारी. कुर्द लड़कियां थी।. कुर्दिश लड़कियां जो कुर जो लड़ रहे हैं.
अभी जिसका टर्की से हमेशा संघर्ष रहा है. और अभी जो सीरिया की जो यह अलजोलानी. गवर्नमेंट के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं जो. लड़कियां कैप्चर हुई हैं और जब इस लड़ाई. के दौरान बच्चियां कैप्चर हुई हैं और जो. यूक्रेनिय जिसमें कि अब मुझे कहना नहीं. चाहिए क्योंकि मैं उस मुल्क में रहता हूं. जो जेलस्की की वाइफ का जो ऑ्गेनाइजेशन है. वो इन्वॉल्व था कि भाई वो उनको जो यतीम. लड़कियां हैं उनको हेल्प करके टर्की भेज. रहे थे और वहां जो जिस वॉटर में रखी जा. रही थी दो यूक्रेन लड़कियां प्रेग्नेंट हो.
गई थी जो स्टाफ है उनकी अंडर एज गर्ल्स और. काफी बड़ा जो रैकेट सामने आया कि टर्की से. काफी लड़कियां सप्लाई हुई हैं वहां पे. यूएस में डिफरेंट-डिफरेंट और वहां इनफैक्ट. एस्टीन टर्की लड़कियां भेजता था मसाज की. ट्रेनिंग लेने के लिए कि मसाज करना सीख के. वापस आएंगी। तो मेरे लिए कि टर्की की. इन्वॉल्वमेंट जो इस पूरे एप्स फेल के. एपिसोड में है वो काफी जो है इंटरेस्टिंग. और काफी सरप्राइजिंग रही है।. मतलब बेटे कितना घिनौना है कि एक अलग. दुनिया चल रही है पूरी दुनिया में। वही.
जैसे इंफॉर्मेशन का चाहे वो डोमेस्टिक. पॉलिटिक्स हो, डोमेस्टिक सीन हो, इंटरनेशनल सीन हो. जो सच है आपको दिखेगा नहीं और जो दिख रहा. है वो सच नहीं है।. हालांकि ये सवाल मैंने इसलिए पूछताछ कि जो. उसमें मैक्सवेल का नाम आता है एफस्टीन की. बीवी उनको लेकर बड़ी थ्योरीज आई थी कि वो. इजराइल में उनके पिता थे, जासूस थे और. इसलिए वो कनेक्शन काफी लंबा चला कि उनकी. वाइफ ने ही एफस्टीन को फंसाया। फिर. एफस्टीन के जरिए करवाया। अब इतनी थ्योरीज. है आप उसमें क्या यकीन करो क्या छोड़ो. मुश्किल है क्योंकि कहीं ना कहीं जैसे. होता है ना कि हर चीज में या तो रूस को. जिम्मेवार ठहरा देते हैं या जस को.
जिम्मेवार ठहरा देते हैं। ये लॉबीज़ हैं वो. जो पूरी दुनिया में काम करती हैं। एंटी. जुइश एंड रूसोफोबिक लॉबीज़ दे विल ऑलवेज. ब्लेम एवरीथिंग ऑन जस और रशिया। इंडिया. रशिया की दोस्ती खराब हो गई अगर इंडिया ने. तेल लेना बंद कर दिया।. नहीं इंडिया रशिया की दोस्ती किसी भी हालत. में खराब नहीं हो सकती क्योंकि एक इंडिया. में बहुत चाहे वो एक पब्लिक है पब्लिक. सेंटीमेंट है चाहे वो पॉलिटिकल एलट है एक. ये सेंटीमेंट बहुत स्ट्रांग है कि जब हमें. जरूरत थी 1971 की जंग में जिस वक्त यूएसए.
ने हमें धमका दिया था उनका सेवंथ फ्लीट. हैड मूव टू बे ऑफ़ बंगाल कि आप यह ऑपरेशन. नहीं कर सकते इट वाज़ सोवियत यूनियन व्हिच. मूव देम सबमरींस जस्ट बिहाइंड दिस फ्लट और. एक कहीं ना कहीं एक. एक जो ग्रेटट्यूड है वो पब्लिक में भी है. सिर्फ पॉलिटिकल में नहीं है आप कि जब. हमारा मुश्किल वक्त था तो जो मुल्क सब. हमारे साथ खड़ा था वो रूस था और अब जब रूस. का मुश्किल वक्त है तो हम उसको हम छोड़. नहीं सकते तो मुझे नहीं लगता कि ये कहीं. ना कहीं ये तेल अप डाउन होता रहेगा अगर. इंडिया कल ये भी बोलता है कि हमने तेल.
ऑलमोस्ट जीरो कर दिया है मान के चलिए कुछ. महीने बाद चाहे वो शैडो फ्लड्स है कैसे है. वो फिर अप चला जाएगा या हम उनसे अब. यूरेनियम ज्यादा खरीदना शुरू कर देंगे या. जेम्स ज्यादा खरीदना शुरू कर देंगे जो. लेकिन लेकिन जो टोटल वॉल्यूम ऑफ़ ट्रेड है. थ्रू व्हिच आवर मनी ऑन टू रशिया विल नॉट. चेंज मच।. भरोसेमंद दोस्त है इसलिए वो वो भरोसेमंद. दोस्त है और हिंदुस्तान अपने आप को दगाबा. साबित नहीं करना चाहता।. ओके। मिडिल ईस्ट में भी लड़ाई अलग चल रही. है। मिडिल ईस्ट में मुस्लिम कंट्रीज बहुत. सारी हैं। आपका ओवरऑल एनालिसिस क्या रहा.
कि क्यों ये जो क्रिश्चियन डोमिनेंस रहा. ये भारी हो गया। जबकि अमेरिका ने इराक को. बर्बाद किया, सीरिया को बर्बाद किया।. अलग-अलग देशों में अभी ईरान को बर्बाद कर. रहा है। ये कैसे पॉसिबल होता गया? कितनी. बड़ी आबादी मिडिल ईस्ट में है। वो इजराइल. से भी नहीं जीत पा रहे। अमेरिका से भी. नहीं जीत पाए। जबकि फाइनेंशियली भी ठीक. रहे हैं। वो पैसा अच्छा रहा है या पैसा ही. वजह है जिस वजह से वो आपस में लड़ते मरते. रहे और क्रिश्चियन कंट्रीज डोमिनेट करती. रही। देखिए मिडिल ईस्ट की एक बड़ी स्पेशल. चीज है। आपको बताऊं मैं वहां जो गवर्नमेंट.
या एलट्स हैं जो रूलिंग एलट्स हैं उनकी. सोच और पब्लिक की सोच में हमेशा बहुत फर्क. रहा है। जो पब्लिक है नॉर्मल पब्लिक है. चाहे वह इजिप्ट हो चाहे वह जॉर्डन हो चाहे. वह सऊदी अरेबिया हो या और किसी मिडिल ईस्ट. कंट्री को उठा के देख लीजिए आप वो बहुत. ज्यादा सपोर्ट है. अगेंस्ट बहुत ज्यादा सपोर्ट है पेलेस्टाइन. के लिए एंड दे आर टोटली एंटी इजराइल लेकिन. जो गवर्नमेंट्स हैं ऑन टॉप दे लॉट ऑफ देम. आर नॉट ओवर्टली मे बी कोर्टली प्रो इजराइल. और प्रो अमेरिका व्हेन यू आर प्रो अमेरिका.
यू आर बाय डिफॉल्ट प्रो इजराइल वो एलिट्स. रूलिंग एलिट्स जिनको यह गारंटी है कि आपकी. जो जो एंड दे मोस्ट ऑफ़ देम आर दे आर नॉट. डेमोक्रेसीज़। दे आर ऑल किंग्स एंड. डेस्पॉर्ट्स हु आर सिंग देयर। सो दे हैव अ. गारंटी फ्रॉम अमेरिका एंड इट इज़ सिंस. आपका पेट्रो डॉलर एग्रीमेंट बिटवीन सऊदी. अरेबिया एंड यूएस दैट दे विल सेफ गार्ड द. द रॉयल फैमिली फ्रॉम इंटरनल एज़ वेल एज़. एक्सटर्नल थ्रेट्स। दैट्स व्हाई दिस. पेट्रो डॉलर वाज़ साइन। दैट वाज़ अ डील। एंड.
इफ यू सी द बिगेस्ट सबसे इस्लामिस्ट. कंट्री जो है जो पूरी दुनिया में वहाबिज्म. और टेररिज्म फैलाता है वो है बहरीन. सॉरी कतर नॉट बहरीन कतर दोहा में और देखिए. आप जो सबसे बड़ा हेड क्वार्टर है सेंट कॉम. जो सेंट्रल कमांड है पूरी नेटो की अमेरिकन. फ्लट की उसका हेड क्वार्टर दोहा में है. क्योंकि लोग वहां के खिलाफ हो सकते हैं. लेकिन जो एलट है उनकी प्रोटेक्शन अमेरिका. से है। अब ईरान ने यह बोला कि अगर हम हमला. करते तो अपने ऊपर हमला मत मानना। हम तो. उनके बेस पे हमला करेंगे। तो यह वहां जो.
खेल चल रहा है पब्लिक मोस्ट ऑफ़ दिस. कंट्रीज हैव बैंड इस्लामिक ब्रदरहुड. क्योंकि यूए यूके में बैंड नहीं है। यूएस. ने अभी बैन किया है। लेकिन पूरे मिडिल. ईस्ट में बैंड है। इस्लामिक ब्रदरहुड की. जैसी गवर्नमेंट आ गई थी इजिप्ट में जो अभी. फतह अलसीसी हैं जो प्रेसिडेंट है इजिप्ट. के उन्होंने तो फांसी लगा दिया था उसके. चुने हुए प्रेसिडेंट को। क्योंकि जनता तो. वो चाहती है इस्लामिक ब्रदरहुड को। लेकिन. एलट्स नहीं चाहते हैं। तो कंप्लीट डिवीजन. है वहां पे एलट्स में एंड नॉर्मल पब्लिक. में, मिडिल ईस्ट में। और जब तक ये रहेगा.
कोई भी वो इकट्ठे इफेक्टिव चाहे वो. इसीलिए इजराइल सर्वाइव करता है।. इजराइल के हमने कारण बताएं और भी हैं। ये. भी एक कारण है कि वो जॉइंट फ्रंट कभी नहीं. दे पाए। अमेरिका एक कारण है कि अमेरिका. सपोर्ट हमेशा इर साथ रहा। और तीसरा खुद का. जज्बा जो है ये तीनों कारण हैं कि. जैसे पाकिस्तान में भी हम देखते हैं आसिम. मुनीर हो शबाज शरीफ हो इन्होंने भी एक. एग्रीमेंट साइन किया कि अप्रत्यक्ष तौर पर. वो भी लड़ाई रुकवाएंगे और अगर हिजबुल्ला. हमास आता है तो ये भी अटैक करेंगे।. देखिए पाकिस्तान की इतनी कैपेसिटी नहीं है. और बिकॉज़ पाकिस्तान इज़ अंडर ट्रेमेंडस.
प्रेशर ऑफ यूएस एंड आल्सो आईएमएफ। क्योंकि. उनको लोन चाहिए होते हैं। तो वो इस तरह. कोई कदम नहीं उठाएंगे। लेकिन एक. इंटरेस्टिंग खबर मैं आपको बता दूं कि अभी. इजराइल हैज़ बिकम वेरी एक्टिव इन. बलूचिस्तान। बिकॉज़ बलचिस्तान के एक तरफ है. ईरान और ईरान में एक प्रोविज़ है कॉल्ड. सिक्स सिस बलचिस्तान. वो सारे सुन्नी मुसलमान हैं बलोच हैं जबकि. ईरान पूरी एक शिया कंट्री है तो वो हमेशा. उनको दबाते आए हैं जो बलोच है ईरान के. अंदर तो ईरान नंबर एक दुश्मन है इजराइल का. और इधर पाकिस्तान जो न्यूक्लियर कंट्री है.
वो इसका दुश्मन है। अगर बलूचिस्तान कल एक. इंडिपेंडेंट मुल्क बन जाता है और वो अगर. ईरान के साथ अलाई करता है उसे कुर्द कर. रहे हैं अभी। इजराइल के साथ अलाई करता है।. तो दिस इज द बेस्ट सिनेरियो फॉर इजराइल. वेयर दे कैन कीप एन आई ऑन ईरान एज वेल एज. पाकिस्तान एट द सेम टाइम वि द बेस इन. बलचिस्तान।. इज इट पॉसिबल एनी. चल रहा है ये. इस वक्त जो बलोच लीडर्स है पीछे अभी एक. इकोनमिक टाइम्स ने शायद एक इंटरव्यू. पब्लिश किया है ऑफ अ ब्लोच लीडर हु इज इन. इग्जाइल जिसने बोला कि हमने इजराइल को.
बोला है आप हमें इस वक्त सपोर्ट करो एंड. वी विल रिकग्नाइज इजराइल वी विल हैव. डिप्लोमेटिक रिलेशन इजराइल एंड वी विल. सपोर्ट इजराइल. तो मीर बलोच और बाकी जितने भी हो सब कई कई. दो तीन दो तीन अलग मैगज़िंस ने अलग डाउट. न्यूज़ और मीडिया आउटलेट्स ने जो ब्लोच. लीडर्स ने इगज़ाइल का इंटरव्यू पब्लिश किया. है और जो खबर जो मुझे थोड़ी बहुत है वो ये. है कि इजराइल इज़ नाउ एक्टिवली इनवॉल्व्ड. इन बूचिस्तान दुनिया के जब बाकी देशों में. आप जाते हो तकरीबन 100 देशों में आप गए. घूमे लाइफ देखी पाकिस्तान को लोग कैसे. देखते हैं [नाक से की जाने वाली आवाज़]. क्या इज्जत है दुनिया के पाकिस्तान में एक.
छोटी सी इंसिडेंट से समझ में आ जाएगा मुझे. बोलने की जरूरत नहीं पड़ेगी जब ये बाहर. जाके अपना रेस्टोरेंट खोलते हैं ना तो वो. पाकिस्तानी पाकिस्तान रेस्टोरेंट नहीं. लिखते। इंडियन रेस्टोरेंट नाम लिखते हैं।. और जब कोई कहीं फंस जाते हैं तो उसे पूछते. हैं कि वेयर आर यू फ्रॉम? आई एम फ्रॉम. इंडिया बोलते हैं। उन्हें पता है. पाकिस्तान बोलते ही डंडे लगेंगे इनको। जब. बोलेंगे आई फ्रॉम पाकिस्तान देर. क्रेडिबिलिटी इज़ जीरो एवरीव एंड पीपल थिंक. ऑफ़ देम एस इस्लामिस्ट एंड टेररिस्ट्स।. दैट्स देयर इमेज। सो इवन दे ओपन अ बिज़नेस।. दे विल ओपन वि इंडियन नेम एंड व्हेन दे. गेट ट्रैप्ड समवेयर दे से आई एम एन. इंडियन।. और चार शहरों के नाम जान लिए होंगे।.
पता ही होता है पंजाब के शहर को जितने जो. बाहर हैं जितने पाकिस्तानी हैं मुस्लिम. धर्म पाकिस्तानी पंजाब नाइस मतलब ये हमने. सुना था ये काफी लोगों ने कहा है कि हम. इंडियन ही बोलते हैं अपने आपको ठीक है. अमेरिका क्या जानबूझकर भी युद्ध को फ्यूल. देता रहता है ताकि हथियारों के कारोबार जो. चलता रहे देखिए एक ये. स्नोडन नाम है उसका एडवर्ड स्नोडन जो विसल. ब्लोअर था जिसके उसने एक चीज बोली थी. हम्म कि वेस्ट एफर्ट इज नॉट टू फिनिश अ.
वॉर। इट इज़ ऑल दीज़ एफर्ट्स आर टू मेक. श्योर दैट द वॉर इट्स नॉट फॉर विक्ट्री।. इट्स वॉर टू कंटिन्यू। जितना लंबा वॉर. खींचेगा उतना आपके हथियार बकेंगे। व्हिच. व्हिच कंपनी इस बेनिफिटेड मोस्ट फ्रॉम. रशिया यूक्रेन वॉर। किन-किन शेयर्स सबसे. ऊपर गए? यूरोपियन कंट्रीज।. योर ऑल मिलिट्री इंडस्ट्री कॉम्प्लेक्स ऑफ़. यूएस। यू आर गोइंग लोकेट मार्टिन यू आर ऑल. द इथन देयर शेयर्स वेंट अप। दे ऑल वेंट. बाय 26 30% अप बिकॉज़ लगातार हथियार बिक. रहे हैं। अभी उन्होंने डर डर बिठा दिया है.
यूरोपियंस के अंदर। रूसी आ रहे हैं। रूसी. आ रहे हैं। अपनी फौजे तैयार करो। अब फौजे. तैयार करेंगे हथियार खरीद कहां से. खरीदेंगे? दे हैव टू बी नेटो. स्पेसिफिकेशन। नेटो स्पेसिफिकेशन मींस दे. टू बाइट फ्रॉम अमेरिका। सो मोर कंट्रीज इन. नेटो मींस मोर वेपन टू बी सोल्ड। इस पे भी. एक अभी एक बयान आया था कि ऑपरेशन सिंदूर. में भी इतनी सारी फेक इनफेशन इसलिए निकाली. गई ताकि हथियार कारोबार चलता रहे। वो जो. छीरो रफाल के जिक्र आया या इधर आया. क्योंकि वो लड़ाई चल रही थी चाइनीस. इंडस्ट्री वर्सेस आपकी फ्रांस इंडस्ट्री.
अमेरिकन इंडस्ट्री भारत के पास जो हथियार. थे वो फ्रांस की इंडस्ट्री के थे. पाकिस्तान के पास जो हथियार थे वो चाइनीस. इंडस्ट्री के थे और अमेरिकन इंडस्ट्री के. थे और एक थ्योरी निकल कर आई कि इसलिए भी. मार्केट फैलाया गया ताकि क्योंकि ये पहली. वॉर थी जो न्यूक्लियर कंट्रीज के बीच में. वॉर थी ताकि अब जो देश है वो इनको देखकर. एक्साइटेड हो कि यह जीता इसके हथियार. ज्यादा मंगा लेते हैं। देखिए इसमें काफी. हद तक सच्चाई है क्योंकि अगर कोई नया. मुल्क कोई हथियार खरीदने की सोचता है तो. दे वांट बैटल टेस्टेड वेपन्स। ऐसे कहने को.
तो आप कुछ भी कहें शोज़ में आप कुछ भी दिखा. दें और कुछ भी स्पेसिफिकेशंस लिख दें।. लेकिन लड़ाई में जो हथियार टेस्ट हुए और. जिन्होंने अपनी एफिकसी प्रूव की है तो हर. कंट्री चाहता है कि वो हथियार खरीदे। तो. इसमें जो थ्यरी आप बोल रहे हैं ये कहीं ना. कहीं मैं भी इसको सच मानता हूं कि जो भी. इसका आउटकम आया है तो जिन जो हथियार इसमें. सक्सेसफुल हुए हैं उन रेस्पेक्टिव कंट्रीज. ने उनको बहुत मार्केटिंग की है कि लुक हाउ. वी हैव सक्सीड इन दिस और हमने देखा उसके. बाद जो चाइनीस एयरक्राफ्ट्स हैं उनकी सेल. बढ़ी है। इनफैक्ट पाकिस्तान एयरक्राफ्ट. व्हिच इज़ इन कोलैबोरेशन दे प्रोड्यूस.
सर्टेन एयरक्राफ्ट विद चाइना व्हिच नाउ. अज़र भाईजान हैज़ ऑर्डर्ड एंड आई थिंक फ्यू. अदर कंट्रीज हैव ऑर्डर द एयरक्राफ्ट। तो. S400 की डिमांड बहुत बढ़ गई बिकॉज़ इट वाज़. वैरी सक्सेसफुल। हमारे आकाश में काफी. सक्सेसफुल नहीं है। उनकी डिमांड बढ़ी है।. तो यस देयर इज़ ऑलवेज एन एंगल दैट व्हिच. एवर वेपंस हैव डन वेल इन अ पर्टिकुलर. कॉन्फ्लिक्ट उस कंट्री जो उसको प्रोड्यूस. करती है उसको मार्केटिंग के लिए यूज़ करती. है और उसकी डिमांड दुनिया में बढ़ जाती है।. ये सच है।. जो ऑपरेशन सिंदूर हुआ था इसको बाहर कैसे. लोग देख रहे? जैसे इंडिया में हमारा एक. परसेप्शन है कि हमने घर में घुस के मारा. उनको। हमने मसूद अजहर के इलाकों को ठोका,
पाकिस्तान को चढ़ के किया। हमारे यहां कहीं. विज़िबल नुकसान हमें नहीं दिख रहा। जैसा. पाकिस्तान के वीडियोस आ रहे हैं। वहां पर. शहीदों की फोटोस आ रही हैं। उनकी अपनी. कहानी चल रही है। बट पाकिस्तान के लीडर्स. अलग-अलग बातें कर रहे थे। रक्षा मंत्री. बैठ के WhatsApp पे हमें सबूत दे रहे थे।. ये सब हमने देखा। वेस्ट कंट्रीज में, इजराइल में, बाकी जगहों पर, यूक्रेन में, रशिया में वहां कैसे लोग देख रहे हैं जो. ये इंडिया पाकिस्तान वॉरिंग देखें।. जो ओवरऑल इसका जो एक परसेप्शन है वो ये है. कि हिंदुस्तान का पलड़ा भारी था। क्योंकि.
हमने वहां डैमेज काफी किया है और उनके जो. मिसाइल्स आई हैं जो उनका असला हमारे डैमेज. करने के एयरक्राफ्ट्स आए हैं हमारे जो एयर. डिफेंस है बहुत सक्सेसफुल रहा है। लेकिन. जहां तक एक पर्टिकुलर चीज का बार-बार. जिक्र ट्रंप भी करता है और पाकिस्तान. जिसको बहुत यूज़ कर रहा है वो है वो पहली. रात जिस टाइम हमारे 84 जहाज हवा में उड़े. पाकिस्तान पर हमला करने के लिए और. पाकिस्तान का क्लेम कि हमने आपके छह जहाज. गिरा दिए। और वो उनका यह भी कहना है कि हम. तो और भी ज्यादा गिरा सकते थे क्योंकि. हमने वी हैव लॉक्ड ऑन टू मेनी ऑफ योर.
एयरक्राफ्ट्स। पर हमने कहीं कि बात आगे ना. बढ़े छह गिराए। अब ये छह जहाज गिरे हैं. नहीं गिरे हैं जिसको हमने डिनाई किया है।. ट्रंप बार-बार इसको बोल रहा है। क्यों बोल. रहा है उसका एक हमें छेड़ने का भी मकसद था. कि भाई हम हिंदुस्तान को हमने ट्राइब. लगाया है। थोड़ा वो हमें. उनका F16 भी उनके पास है। तो उसको उसकी. मार्केटिंग. वो भी एक है और कि जो है हिंदुस्तान. एयरक्राफ्ट जो राफेल और खरीदा में जो भी. हैं ये इतने सक्सेसफुल नहीं हो पाए हैं।. देखिए बाहर जो सोशल मीडिया है अह लोग. स्विस पूरा ज़िक्र करते हैं कि इसमें. हिंदुस्तान का पलड़ा भारी दिखाया गया है।. लेकिन जो जनरल परसेप्शन है कॉमन पब्लिक.
में और इवन इन द एलट्स मिलिट्री एलट्स. आउटसाइड इंडिया इज़ दैट इन ओवरऑल वॉर. इंडिया का पलड़ा थोड़ा भारी था। इंडिया कुड. डैमेज लॉट ऑफ़ देयर एयर बेसेस एंड कुड. डिस्ट्रॉय देयर एयरक्राफ्ट इन हैंगर्स। बट. जो वो रात थी जहां भी एयर बैटल हुई जो कि. द्वितीय विश्व युद्ध के बाद आज तक की सबसे. बड़ी एयर बैटल थी। 84 जहाज हिंदुस्तान के. हवा में उड़े थे और 42 पाकिस्तान के थे। और. उन्होंने लेकिन दुनिया का ये मानना है कि. उस वक्त हिंदुस्तानी कुछ जहाज गिरे हैं।. कितने गिरे हैं मैं नहीं जानता। लेकिन ऐसा. दुनिया में परसेप्शन है। सच है या गलत है.
मैं नहीं जानता।. बट हालांकि उसके टुकड़े कहीं हमें दिखाई. नहीं पड़े क्योंकि हमने कहा कि सेटेलाइट. इमेज के जरिए कुछ दिखा दो। हमारे यहां से. कई लोगों ने चैलेंज भी किया।. देखिए अब लड़ाई खत्म हो गई है।. नहीं जैसे हमने. हमारे हमारे पुराने कोलीग रहे हैं। आपके. और मेरे सीनियर में जो बेस उनका नाम मैं. नहीं लूंगा। हम. वह बोले पंप मैंने खुद देखा है। वीडियो. भटिंडा के पास से आए हैं। दो जगह से तो. मैं कंफर्म हूं। वीडियो मैंने खुद देखे. हैं। आए हैं। लेकिन कि इसमें एक परसेप्ट. गलत वो भी हो सकती है। क्योंकि सिविलियन. लोगों को अंदाजा नहीं कि जहाज है ये क्या. है। जब फाइटर एयरक्राफ्ट जाते हैं उनमें.
बहुत सारा फ्यूल भरा होता है। लेकिन उनको. अपनी मैनुरेबिलिटी के लिए जो एक्स्ट्रा. एक्सटर्नल फ्यूल टैंक्स होते हैं वो गिरा. देते हैं वो ताकि उसकी मैनुरेबिलिटी बढ़. जाए। डिस्टेंस जो रेंज है वो बढ़ जाए। तो. ये फाइटर एयरक्राफ्ट जो फ्यूल टैंक गिराते. हैं तो एक सिविलियन के लिए तो लगेगा कि. कुछ गिरा जहाज का टुकड़ा गिरा शायद ग्रस्त. हुआ है। ये भी एक कारण हो सकता है कि शायद. उन्होंने फ्यूल टैंक से ऐसा कुछ देखा होगा. और उन्हें लगा कि ये जहाज गिर गए हैं या. जहाज थे। अब देखिए कहना बड़ा मुश्किल है. ये।. ठीक है। हालांकि हमने जो उनका एयरबेस. उड़ाया वो तो हमने दिखाया कि देखो.
तुम्हारा ये गड्ढा हमने कर दिया। चाहे वो. गड्ढे तो एक दिन में भर जाते हैं। गड्ढे. एक दिन में भर जाते हैं। और वो कोई बड़ा. उसको बड़ा डैमेज नहीं मानता मैं।. ओके।. तो क्या इस इस ऑपरेशन इंडिया के लिए क्या. सबक रहे होंगे फिर फ्यूचर को लेकर वो. देखिए अब इसके बहुत इसकी डिटेल स्टडी करनी. पड़ेगी एक चीज जो बोल रहे हैं कि. इंटीग्रेशन की बहुत जरूर उनके एवरीथिंग. वाज़ इंटीग्रेटेड ऑल द एयर डिफेंस ऑल द. रडार्स फ्रॉम नेवी टू आर्टरी टू एिएशन टू. एयरफोर्स ऑल एवरीथिंग वाज़ इंटीग्रेटेड. व्हिच आई थिंक वर इंटीग्रेटेड ऑन आर साइड.
एज वेल प्रोब्ली वी नीड बेटर इंटीग्रेशन. टेक्नोलॉजी उनके पास है. चाइनीस चाइनीस ऑल सैटेलाइट इमेजरी वर. प्रोवाइड कंटीन्यूअस इंटेलिजेंस वाज़. प्राइड बाय चाइना चाइना एंड टर्की देखिए. एक जो बड़ी चीज बड़ी चीज लड़ाई में सामने आई. है हम बिल्कुल अकेले थे इस लड़ाई में आपने. ऑब्ज़र्व किया ये. हम. जिस तरह से टर्की चीन अज़रबजान बिल्कुल. खुलकर खड़े थे पाकिस्तान साथ में कि हमारा. एक ब्रदर मिल्क है और हम इसके साथ खड़े हैं. और आखिर अंदर लड़ेंगे हमारे साथ कोई खड़ा था. ऐसे. नहीं. एक भी मुल्क नहीं था और हम जयशंकर जी की.
आंखों में वो हम दिखा देते हैं लेजर जा. रही है और पता नहीं उन्होंने कहां-कहां. झंडे गाड़ दिए बहुत अच्छा काम किया है. मानता हूं लेकिन जब विंड केम पुश केम टू. शव तब जब असली जरूरत पड़ी जहां क्रिटिकल. मोमेंट थी हमारे लिए हमारे साथ कौन खड़ा. था कोई भी नहीं तो ये हमें सोचने की जरूरत. है. ऐसा हमेशा से एक रूस था तो उसको आपने दूर. कर रखा है देखिए मैं कारणों में नहीं. जाऊंगा लेकिन ये रिजल्ट एंड रिजल्ट ये है. और अगर कल चीन अमेरिका और ये सब चीन और. पाकिस्तान इकट्ठे हो जाते हैं और टर्की. इकट्ठे हो जाते हैं सऊदी अरबिया ने तो.
पैक्ट कर ही लिया है कि अगर पाकिस्तान में. लड़ाई होगी तो सऊदी अरेबिया शामिल है तो. हम कहां जाएं किससे लड़ें बांग्लादेश. हमारे वैसे दुश्मनी हो गई है अभी हम अकेले. लड़ेंगे उनसे. हमें इस पर सोचने की जरूरत है कि हमारी. क्या जो हम नॉन अलाइनमेंट कर रहे हैं हम. किसी से दोस्ती नहीं करेंगे किसी से. दुश्मनी करेंगे क्या यह सही है और अगर ऐसी. क्रिटिकिटी आती है विजयनगर अंपायर जो था. कृष्णदेव आया इतना महान एंपायर था कैसे. तबाह हुआ सारे दुश्मन जो मुसलमान थे आसपास. सारे सारे क्योंकि अकेला हिंदू किंगडम था. सारे इकट्ठे हो गए जो आपस में दुश्मन थे.
वो भी इकट्ठे हो गए अकेला लड़ा और सारे. इकट्ठे हो गए तो हार गया खत्म कर दिया गया. हमेशा के लिए इतिहास के पन्नों से मिटा. दिया गया आप मतलब आपकी मैं सिर्फ ये कहना. चाह रहा हूं कि जो इतिहास में हमने. गलतियां की हैं वो दो उनका दोराही नहीं. होनी चाहिए और उसे हमें कैसे रोक सकते हैं. इसको हमें इस पे सबक लेने की जरूरत है इस. पे स्टडी करने की जरूरत है और इस पे काम. करने की जरूरत है. तो आप क्योंकि एक फौजी भी रहे हो एक. जर्नलिस्ट भी रहे हो इंडिया की फॉरेन. पॉलिसी अप टू मार्क नहीं है मैं ये नहीं. कहूंगा बहुत अच्छे फॉरेन मिनिस्टर हैं. इन्होंने बहुत जैसे हमेशा यूनाइटेड नेशन.
जनरल असेंबली है या कई और मुद्दों पे हमें. बहुत सपोर्ट मिला है और न्यूट्रलिटी कहीं. ना कहीं हमें कुछ हद तक हमें कामयाब भी आई. है लेकिन लेकिन क्या जो क्रिटिकल मोमेंट. होगा देखिए अंत में क्या है जब आपके. एकिस्टेंस की बात आ जाएगी एकिस्टेंस खतरे. में है कि हमें खत्म कर देंगे सारे. मुस्लिम दुश्मन मुल्क मिलके उससे हमें. बचाने कोई अगर नहीं आएगा तो क्या हमारी. न्यूट्रिलिटी ठीक ठीक पॉलिसी थी ये हमें. सोचना है और ऐसी हालतों में हमें क्या. करना है फ्यूचर के लिए कैसे हमें अपने को. प्रिपेयर करना है सिर्फ हमारी अकेली काम. नहीं आएगी चीन जैसे हम ट्रेड डील कर रहे.
हैं हमने ईू के साथ डील की हमने अमेरिका. के साथ डील की तो वो कह रहे हैं कि हम. अपना देश ग्रोथ पे ध्यान दे रहे हैं। बाकी. जो है वो आपस में लड़ मर रहे हैं। अभी. मिश्रा जी जब अंग्रेज हिंदुस्तान में थे. यहां पे जब उन्होंने कब्जा किया मैं सिर्फ. आज से 200 साल की बात कर रहा हूं। एस पर. एस पर वन एस्टीमेट हम दुनिया का 25%. जीडीपी प्रोड्यूस करते थे। 25% जीडीपी ऑफ़. द वर्ल्ड. जो कि आज यूएस भी नहीं करता है।. ट्रू. उस टाइम में हमने बड़ा ग्रोथ पे ध्यान.
दिया हुआ था। और आज से 1500 साल जब हमले. शुरू हुए सोमनाथ को इतना लूटा गया। इतने. हमले हुए तब हम सोने की चिड़िया थे। अब भी. हम सोने की चिड़िया बन सकते हैं तो फिर. लूट लिए जाएंगे। तो क्या सिर्फ फोकस. जीडीपी पे होना चाहिए? सही बात है।. जब तक हम अपने को मजबूत नहीं करते और जब. तक हम इंटरनल थ्रेट्स को नहीं समझते. एक्सटर्नल थ्रेट्स को असेस नहीं करते ठीक. से जीडीपी ग्रोथ, सोने की चिड़िया सब. बेईमानी है। बिल्कुल सही बात है। क्या. विदेशी मीडिया जो है न्यूयॉर्क टाइम. बीबीसी या और भी जितने बड़े अखबार या.
पब्लिशर्स हैं वो इंडिया के खिलाफ एक. नैरेटिव बनाते हैं? बिल्कुल बनाते हैं।. देखिए बीबीसी अलजजीरा दे आर इस्लामिस्ट. एंड लेफ्टिस्ट आउटलेट्स। आई एम सेइंग अ. बिग थिंग बट इट्स ट्रू। आप उठा के देख. लीजिए कोई भी डॉक्यूमेंट्रीज उनकी न्यूज़. रिपोर्टिंग देख लीजिए। दे आर जनरली एंटी. हिंदू एंटी इंडिया एंटी मोदी। सो देयर इज़. एज़ आई सेड दे नो न्यूट्रल मीडिया अराउंड द. वर्ल्ड? एंड इन फैक्ट व्हाई वी डू नॉट बैन. ऑल दिस एनजीओस एंड इन दिस। व्हाई शुड वी. हैव बीबीसी इन इंडिया? व्हाई शुड वी लिसन. टू प्रोपेगेंडा फ्रॉम अदर कंट्रीज? व्हाई.
आर वी नॉट स्ट्रोंग इनफ से वी डू नॉट वांट. देम। जस्ट बैन देम। हम हर चीज में डरते. हैं कि फिर रिपरकशंस क्या होंगे? कुछ. रिपरकशंस नहीं होंगे। दो दिन में सब हमने. ये पोखर में हम ये किया परमाणु. एक्सप्लोजन। रिपरकशंस हो जाएंगे। बैन लग. जाएंगे। क्या हो गया? सब ठीक नॉर्मल हो. गया ना? सब नॉर्मल हो जाता है। अमेरिका. उठा के ले आया ना प्रेसिडेंट सर्विंग. प्रेसिडेंट ऑफ़ अ सोवन कंट्री। ऑल. इंटरनेशनल ऑर्डर, रूल बेस्ड ऑर्डर, इंटरनेशनल लॉ सब दरगा दर रह गया। तो अगर. आप अपने आपको एक मजबूत मुल्क दिखाना चाहते. हैं तो मजबूत।. नई ईयर बनाया उसने।. हां। तो हम क्यों नहीं हैप्पी न्यू ईयर.
बना सकते कभी? हम बोलते रहते हैं विश्व. गुरु और हम यह बन जाएंगे और हमारी इतनी. बड़ी पावर है। अरे भाई कुछ करके दिखाई. जमीन के ऊपर जमीन भी कुछ कर लो।. बांग्लादेश में क्या किया हमने और क्या. नहीं कर सकते थे हम। कुछ नहीं किया हमने।. बोलते रह गए हम सिर्फ। वो तो हम 2000 साल. से बोल रहे हैं। बोलने में तो आगे हैं ही. ना हम।. बांग्लादेश बहुत क्लोज फ्रेंड था।. आज के टाइम में रिश्ते हैं।. मोमेंट दे. शेख हसीना लेफ्ट दैट कंट्री। शी वाज़ थ्रोन. आउट एंड द न्यू गवर्नमेंट केम इन। इट वाज़. एन इस्लामिस्ट गवर्नमेंट। होल वर्ल्ड.
एकनॉलेजेस दैट इट वास अ सीआईए पोर्न व्हिच. वास रूलिंग द कंट्री अगेंस्ट इंडिया ऑल. आवर इंटरेस्ट वर ओवरलुक्ड जिस तरह हिंदुओं. को वहां जला जला के मारा गया पकड़ पकड़ के. घर के घर उठा दिए खबरें तक नहीं छपी. हिंदुस्तान के अंदर आदमी की तो हमारा. उसमें कोई वो नहीं अगर रूस हमला करने का. एक प्रिटिक्स ये बोल सकता है कि डॉन बास. में जो एथनिक रशंस थे उनके ऊपर जातियां हो. रही थी हम बर्दाश्त नहीं कर सकते इजराइल. इसके ऊपर दूसरे मुल्कों में हमला कर सकता. है और कोई भी मुल्क जो बोलता है कि हमारे. हम मुल्क के ऊपर वहां वो हो रहा है. अत्याचार हो रहे हैं उस पे एक्शन लेते.
हैं। हम इतनी बड़ी सुपर पावर किस लिए हमने. इतनी बड़ी आर्मी बना के रखी हुई है? बांग्लादेश जैसे मुल्क पे वहां पे और जो. बार-बार दे इवन पब्लिश्ड अ मैप ऑफ ग्रेटर. बांग्लादेश पूरा नसे दिखाया उन्होंने।. बोलते हैं जो तुम्हारी चिकन नेक है सिलरी. कॉरिडोर इसको हम कभी भी काट सकते हैं।. चाइना के हम बेसिस लेके आएंगे यहां पे।. अरे भाई आप ये खतरा क्यों बढ़ने दे रहे. हैं? तो क्या इंडिया को फौजी हेल्प भेजनी चाहिए. थी? जब. हेल्प नहीं भेजनी चाहिए थी। इंडिया शुड. हैव मेड श्योर दैट आफ्टर गिविंग टू थ्री. वार्निंग्स टू बांग्लादेश दैट इफ. एट्रोसिटीज़ अगेंस्ट माइनॉरिटीज़ एंड हिंदू. डू नॉट स्टॉप इन बांग्लादेश वी विल टेक.
मिलिट्री एक्शन और ये चीज हर एक एंबेसडर. को जो हिंदुस्तान में है और जितनी. गवर्नमेंट्स हैं वर्ल्ड अराउंड भेज देनी. चाहिए थी एट्रोसिटीज़ या तो इमीडिएटली रुक. जाती नहीं रुकती तो हम वहां पर एक सुनहरा. मौका था जो किचन जो चिकन नेक है इसको बड़ा. करने का और जो नॉर्थ पोश्चर है बांग्लादेश. का उसको अपने कब्जे में लेने का लेट ऑल. हिंदूस एंड माइनॉरिटीज कम टू दैट नॉर्थ. पार्ट ऑफ़ बांग्लादेश लेट इट बी अ डिफरेंट. कंट्री अगर हम पाकिस्तान के दो टुकड़े बना. के बांग्लादेश बना सकते हैं। तो हम. बांग्लादेश के दो टुकड़े बना के एक नया. वहां भी एक हिंदुस्तान बना सकते हैं।. बट जैसा कि आपने कहा कि हमारे साथ तो कोई. दोस्त खड़ा ही नहीं है।.
अब बांग्लादेश के लिए भी हमें दोस्तों की. जरूरत पड़ेगी।. सारी दुनिया हमारे खिलाफ आती है।. तो ये फिर इतनी बड़ी फौज और ये सब ले रखा. हो गया उसके लिए भी हमें दुश्मनों की. दोस्तों की जरूरत पड़ेगी। बांग्लादेश के. लिए हमें दोस्तों की जरूरत पड़ेगी।. बट बांग्लादेश के साथ भी खड़े होते।. पाकिस्तान खड़ा होता, पाकिस्तान खड़ा. होता, चाइना खड़ा होता, चाइना खड़ा होता. तो हमारे ऊपर किसी का हमला नहीं होता।. बांग्लादेश जरूर अमेरिका हमारी कंडमिनेशन. होती। अमेरिका से बहुत सारी जो है. स्टेटमेंट्स इशू होते हैं। चीन से धमकियां. आती है कि हम एक्शन लेने वाले हैं।. पाकिस्तान बहुत बोलता है लेकिन कुछ नहीं. होता जमीन पे। इट वाज़ ऑल अबाउट. इच्छाशक्ति। ये सब पोशिंग होती है कि हम.
ये कर देंगे वो कर देंगे। अगर हमें करना. था हमने बांग्लादेश बना दिया। सोचिए 1971. में जिस टाइम वर्ल्ड ऑर्डर वाज़ सो. स्ट्रांग टोटली आई मीन वर्ल्ड रूल बेस्ड. वर्ल्ड ऑर्डर एंड वी क्रिएटेड अ सोवन. कंट्री आउट ऑफ अनदर सोन कंट्री।. वी आर सो वीक दैट टाइम। इमेजिन एंड नाउ वी. हैव आर्मी थर्ड टाइम थ्री टाइम बिगर देन. दिस। वी आर द फिफ्थ लार्जेस्ट इकॉनमी इन द. वर्ल्ड। और अब हम इतने घबराए हुए हैं और. हम इतना नेशनलिस्टिक प्राइम मिनिस्टर और. इतनी बड़ी तादाद के साथ हिंदुओं ने वोट दी. है इस प्राइम मिनिस्टर को और फिर अगर यह. हिचकिचाएंगे कि भाई हम हिंदुओं को वहां. नहीं बचा सकते हैं तो फिर ये वोट लोग.
क्यों इतने कम वोट आए हैं इस बार कि इतनी. सीट दी थी सेकंड टाइम प्राइम मिनिस्टर. मोदी को बीजेपी को हिंदुओं ने क्यों इस. बार कम सीट दी हैं अगर इस तरह की. कारवाईयां होंगी आप जहां जरूरत पड़ेगी. वहां आप मादा नहीं दिखाएंगे तो फिर बातें. करते रहिए घर में घुस के और वो सब वो सब. बेईमानी है फिर. मैं क्योंकि अब हम एंड सेगमेंट की तरफ आ. रहे हैं प्राइम मिनिस्टर मोदी मोदी के कुछ. अचीवमेंट्स और कुछ फेलियर्स जो आप एनालाइज. करते हैं। आर्मी के तौर पर, जर्नलिस्ट के. तौर पर मैं देश की सुरक्षा की बात कर रहा. हूं। विदेश नीति के कॉन्टेक्स्ट में बात. कर रहा हूं। आई थिंक मैं जो मानता हूं कि.
प्राइम मिनिस्टर मोदी के जो बहुत बड़ी. सक्सेस रही है। पहला इकॉनमी उन्होंने. बिल्कुल इकॉनमी को पलट दिया है। बिल्कुल. इकॉनमी इज़ अ गुड ट्रैक नाउ। हम जितनी तेजी. से ग्रो कर रहे हैं और जितनी प्रोस्पेरिटी. हिंदुस्तान में आई है। इट इज़ फिनोमिनल. मतलब अनमैच्ड। दूसरा हिंदुस्तानियों की जो. इमेज है पहले हिंदुस्तानियों को एक एक. छोटी नजर से देखा जाता था हिंदुस्तानी. इंडियंस वो उन्होंने बिल्कुल बदल दिया।. नाउ पीपल लुक एट यू विद रिस्पेक्ट एंड अ. लॉट क्रेडिट गोस टू मोदी जी फॉर दिस। उसके. [नाक से की जाने वाली आवाज़] अलावा जो. उन्होंने एक फौज के अंदर आत्मनिर्भर चीज.
लेके आए हैं। हम कुछ भी नहीं बनाते थे. यहां पे। जीभ तक नहीं बनती थी। वो एक बहुत. अच्छा स्टेप है। आत्मनिर्भरता की तरफ हम. बढ़ रहे हैं। उसको तेज करने की जरूरत है।. आरएडी पे और ज्यादा पैसा खर्च करने की. जरूरत है। लेकिन यह बहुत बड़ी अचीवमेंट. है। और ये अपने आप में मतलब एक करिश्मा. है। और जो फिर उन्होंने 370 हटाया किसी ने. सपने में नहीं सोचा था ये हट सकता है कभी।. उन्होंने हटा के दिखा दिया। ये उनकी मैं. मानता हूं। सबसे बड़ी अचीवमेंट्स रही हैं।. जिसके लिए पूरा मुल्क उनका शुक्रगुजार है।. लेकिन जो उनके फेलियर्स रहे हैं जहांजहां.
हिंदू हित की बात आई है। देखिए उनके. वोटर्स कौन है। मुसलमानों ने उनको. प्रधानमंत्री नहीं बनाया। मैं नहीं बोलता. कि वो पूरे हिंदुस्तान के प्रधानमंत्री. हैं। देश के हर एक नागरिक के प्रधानमंत्री. हैं। लेकिन अगर मैं आपको वोट दे रहा हूं।. मेरे से पहले आप उस आदमी का ख्याल रख रहे. हैं जो आप किसी ने कभी आपको वोट दिया ही. नहीं ना कभी देगा तो मुझे बुरा नहीं लगेगा. इस चीज का क्या? आपने घर बनाए. प्रधानमंत्री। अब पीछे मैं अखबार में पढ़. रहा था। गांव है रामपुर डिस्ट्रिक्ट में।. सिर्फ मुसलमान गांव है। वहां 40-50 घर बने. हैं प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत और. उनके पास में हिंदुओं गांव है जहां कुछ घर.
बने। लेकिन काफी हिंदू बेचारे अभी भी जिन. पर दो वक्त की रोटी मिलना मुश्किल है।. उनके घर नहीं बने हैं। जब वो देखेंगे उन. लोगों के जिन्होंने कभी एक वोट तक नहीं. दिया प्रधानमंत्री को और ये घर बनने के. बाद भी नहीं दिया और जो वो लगातार वोट. देते आ रहे हैं। आपको क्या लगता है अगली. बार मोदी जी वोट देंगे? जहां हम बात कर. रहे हैं कन्वर्जन। हमारे सबसे बड़े. हिंदुओं के मुद्दे क्या हैं? कन्वर्जन कि. हमारी संख्या घटती जा रही है। मुसलमानों. का इनफिल्ट्रेशन हो रहा है। पपुलेशन. एक्सप्लोजन हो रहा है। और ईसाई जो लगातार. कन्वर्ट कर रहे हैं। गरीब हिंदुओं को पैसा. देके ये करके वो करके लगातार ये चल रहा.
है। इन दो मुद्दे सबसे बड़े जो फिक्र के. मुद्दे हैं हिंदू कम्युनिटी के लिए जो. सबसे बड़े वोटर हैं प्राइम मिनिस्टर मोदी. के। इन पे दोनों मुद्दों के ऊपर मैं मानता. हूं कि मोदी जी ने कुछ नहीं किया। और. दूसरा बड़ी सबसे बड़ी जो फेलियर है वो है. इनफिल्ट्रेशन की। आप 11 साल से. प्रधानमंत्री हैं। आपको ओवरवेल्मिंग. मेजॉरिटी दी है हिंदुस्तान के लोगों ने।. आप अब तक पूरी बाढ़ नहीं लगा पाए हैं. बांग्लादेश बॉर्डर पे। अभी भी कई इलाके. हैं आप कभी भी चले जाइए और जो बीएसएफ लगा. रखी है ऐसी भी रिपोर्ट्स आई है जो ₹20. ₹2000 में बांग्लादेशियों को अंदर एंटर. करा देती हैं। क्या कर रहे हैं आप इसके. बारे में? आप हर मुद्दे में इशू हर.
इलेक्शन में मुद्दा उठाते हैं। ये. इनफिल्ट्रेशन घुसपैठी घुसपैठी। क्या किया. आपने घुसपैठी को रोकने के लिए? 11 साल. काफी नहीं है। ट्रंप ने वो चीज एक साल में. करके दिखा दी। व्हाई डोंट यू मेक समथिंग. लाइक आइस इन इंडिया? व्हाई डोंट यू डू इट? विल नहीं है और यह सबसे बड़ा फेलियर है इस. गवर्नमेंट का।. ओके। वॉर के अलावा जीवन में और क्या चल. रहा है आपके? जीवन में खुशी है। घूम रहे हैं।. [गहरी सांस लेने की आवाज़]. यूक्रेन में शादी कैसे की आपने? [हंसी]. छोड़िए इस चीज को। उनसे मुलाकात हुई थी जब. घूमने गए थे काफी साल पहले और फिर मुलाकात.
हो गई धीरे-धीरे। इतने टैलेंटेड थे कि. आपने ट्रिप में ही. टैलेंट हम काफी हैं। लोग ऐसा मानते हैं।. [हंसी]. उस ट्रिप में ही आपने इतनी अश्योरिटी कर. ली कि अब साथ निभाना है।. नहीं मतलब दोस्ती हुई घूमने गए थे वहां पे. मुलाकात हुई। काफी फिर इंटरेक्शन हुई।. धीरे-धीरे बातें एक से दूसरी बात निकलती. चली गई।. और क्या शौक है आपके वैसे? [नाक से की जाने वाली आवाज़] आई एम अ लॉट।. सिवाय जान जोखिम में डालने के।. आई एम अ लॉट इन टू एडवेंचर एक्टिविटीज़।. वहां भी थोड़ी जानखिम में रहती है। और. घूमना फिरना एज आई सेड आई कीप ट्रेवलिंग.
अराउंड द वर्ल्ड। एंड एनी एडवेंचर सपोर्ट. आई थिंक आई हैव डन ऑल एडवेंचर स्पोर्ट्स. यू कैन थिंक ऑफ इन द एयर अंडर वाटर ऑन द. वाटर एवरीवेयर. नथिंग रिलेटेड टू पोएट्री म्यूजिक. अब मैं किताब लिख रहा हूं एक. क्या किताब है. किताब का नाम है फौ्ट लाइंस ऑफ पावर. क्या उस. एंड उस किताब में जो अभी चल रहा है मुद्दा. रशिया यूक्रेन का जो युद्ध चल रहा है और. मिडिल ईस्ट में जो डेवलपमेंट्स हो रही हैं. इनका क्या बैकग्राउंड रहा है किस तरह से. ये फौल्ट लाइंस डेवलप थी शुरू से एक्सिस्ट. करती हैं अब बड़ी हो गई हैं किस तरह से.
आने वाले टाइम में यह फोल्ड लाइंस और. बढ़ेंगी और यह किस मुकाम पर जाकर. पहुंचेंगी वो जो फ्यूचर सिनेरियोस मैंने. बिल्ड किए हैं एंड वी हैव ट्राई टू गिव अ. एक्सैक्ट पिक्चर सो अ पर्सन कैन. अंडरस्टैंड कि दुनिया में हो क्या रहा है. जो मीडिया में दिख रहा है उसके अलावा. मीडिया में दिखता है मैंने बताया जो दिखता. है वो होता नहीं जो होता है वो दिखता नहीं. तो टीवी एंकर जिन आप बात करते हो जो. स्टूडियो में हाई ग्राफिक्स बना के दिखाते. हैं उनसे रियलिटी में ग्राउंड पर जो वॉर. चल रही है कितनी अलग होती है और कई बार. आपको लगा कि भाई क्या दिखा रहे हो ये. एहसास कभी आया थॉट मन में.
अक्सर आता है अक्सर अक्सर आता है और मुझे. बोलते भी हैं। मुझे एक दो बार बोला फिर. मैंने बोला मुझे आगे से कभी ऐसा मत. बोलिएगा कि राजेश जी आप ना देखिए कुछ ना. वो वो तो एक इतना वो बनाते हैं इतना अरे. ये हो रहा है वो हो रहा है और फिर आप ठंडा. करते हैं कि आज कुछ नहीं हुआ यहां पे कहता. आप थोड़ा ना ऐसा ना किया करें थोड़ा आप भी. थोड़ा बताएं कि कुछ होना चाहिए. सायरन बजता रहता है. तो हमारी हमारे ये तो हर्ननेस हमारी नहीं. पूरी दुनिया की मीडिया की है हम सेंसलाइज. बहुत करते हैं खबरों को हर चीज को कि कुछ. लगे उसमें कि लोग अरे ये क्या हो गया कुछ. भी नहीं हो तब भी हम ऐसा बनाने की कोशिश. करते हैं और ये सिर्फ हिंदुस्तानी मीडिया.
नहीं है पूरी दुनिया का मीडिया इसने काम. करता है।. इसका मतलब मैंने भी सुबह 6:00 बजे बुलेटिन. पढ़े हैं। जहां पर युवा के बम फटने लगे।. एंड आई एम लाइक या डूड अभी 6:00 बज रहा है. यार। [हंसी] मेरी आंख नहीं खुली अभी। सुबह. 6:00 बजे फट रहा है। रात को उधर से फट रहा. हो। इतना फट रहा है तो फिर दिख क्यों नहीं. रहा है? सबसे खतरनाक सीन कौन सा था? यूक्रेन वॉर कवर करने में। मुझे एक बार. याद है आपने दिखाया था जमीन पे गड्ढों में. लाशें बाट दी गई थी।. हां। दैट वाज़ इन बूचा।. हां। बूचा में। दो जगह है जो दो. इंसिडेंट्स हैं। एक में तो मैंने आपको. बताया कि मैं था वहां पे मतलब यूक्रेन के.
जस्ट कीव के 8 9 कि.मी. दूर और अचानक. आर्टिफायर शुरू हो गया। पहले एक बम फटा है. जो कि लगभग 150 200 मीटर दूर है। और जो. किलिंग रेडियस होता है आर्टरी बम का वो. 300-400 मीटर तक होता है। शार्पनेस जाते. हैं। तो आपके बेस्ट डिफेंसेस है जो आपको. फौज में सिखाया जाता है। हिट द ग्राउंड।. जैसे आवाज सुनी इससे पहले कि रफ शार्पनेस. यू आर फ्लैट ऑन द ग्राउंड। लेकिन मैं. क्योंकि तब तक पत्रकार बन चुका था। तो. मैंने गिरते-गिरते भी कैमरा ऑन कर दिया था. हमने। तो सेकंड एंड थर्ड राउंड जब गिरा आई. कुड टेक इट लाइफ ऑन दिस थिंग एंड दैट वास. वै स्केरी बिकॉज़ एवरीबडी अराउंड मी वाज़ इन.
द ग्राउंड। काफी फौजों में शार्पनेस लगे. थे। उसके बाद एंबुलेंस रनिंग एवरीवेयर।. किसी के पैर उड़ गया, किसी के खून ही खून. वहां पड़ा चार तरफ। काफी उसमें तबाही हुई. थी और रिफ्यूजीस एक तरफ से आ रहे थे। तो. बड़ा भयाव सीन था। दैट इज़ समथिंग आई विल से. वन ऑफ़ द मोस्ट डेंजरस सिचुएशनंस। सेकंड. वाज़ व्हेन द वॉर स्टार्टेड, आई वाज़ इन. मरियो पोल। एक शहर है जो अभी क्रूसी कब्जे. में है। लड़ाई शुरू वहां से हुई थी।. और जब लड़ाई का ऐलान हुआ जिस दिन मैं एक. मेरे साथ और एक कोलीग थे हम निकलने की. कोशिश कर रहे थे वहां से तो ट्रेन का टाइम.
था लेकिन ट्रेन फिर चली नहीं क्योंकि वो. कब्जा शायद कुछ इलाके पे रूस का कब्जा. ऑलरेडी हो चुका था और सारे बैरिकेड लग गए. थे हर एक रोड पे सब कुछ बंद कर दिया गया. था किसी तरह से हमने मैनेज करके एक टैक्सी. किसी तरह करके हम जो कि बहुत ज्यादा. एक्स्ट्रा पैसा देके मिली हम वहां से. निकलने का हमने जुगाड़ किया और जब हम निकल. रहे थे तो मैंने एक ट्रक देखा जो सड़क के. साइड में टूटा हुआ था मतलब इट वाज़ ब्रोकन. क्योंकि पहिया पया कुछ खराब हो गया था और. कुछ सैनिक बाहर खड़े थे। तो मैं क्योंकि. अभी नई लड़ाई शुरू हुई थी। आई वांटेड टू. रिकॉर्ड इट ऑन कैमरा। तो मैंने अपना फोन. निकाला और मैं कैमरे पे निकाल के बोलना.
शुरू किया। एंड दे सॉ मी। उन्होंने मुझे. देख लिया कि हमें रिकॉर्ड कर रहा है। और. वो लड़ाई किसी को नहीं पता। रूसी कौन है. यूक्रेन कौन? लड़ाई शुरू शुरू हुई थी उस. दिन। 24 25 फरवरी की बात है। ये जब उसने. मुझे देखा तो चिल्लाया और उन्हें कुछ बोला. और मैंने जो ड्राइवर था मैंने कहा आप. सिर्फ एक्सलेटर दबाई और भागे और पीछे से. उन्होंने हम पर सात गोलियां सात राउंड. फायर किए उस गोली के ऊपर। कोई भी गोली. अंदर जाके हमें उसमें लग सकती थी।. तो बाकी उसके अलावा फौजी ने आके या पुलिस. ने आके गन तान दी है। तो मेरे साथ बहुत. बार हुआ है। अक्सर होता रहा है क्योंकि.
मैं फोन से वो करता हूं। तो अगर मैं ज़ूम. पे भी हूं अपने से बात कर रहा हूं। उनको. लगता है मैं सामने रिकॉर्ड कर रहा हूं और. कैमरा है हाथ में वो नॉर्मल कैमरा है।. इट्स नॉट अ लाइक प्रोफेशनल कैमरा। सो काफी. लोग मिसअंडरस्ट कर जाते हैं कि शायद ये. कोई स्पाई है या कुछ यहां रिकॉर्ड करने की. कोशिश कर रहा है। तो बहुत लोगों ने आके. टोका है। पुलिस ने कई बार आके गानी है। तो. अक्सर होता रहता है ये तो। एक लास्ट टॉपिक. मेरे ज़हन में है। मैंने कुछ समय पहले एक. भारतीय फौज की महिला ऑफिसर का इंटरव्यू. किया था। फिर मैंने आपके कुछ स्टेटमेंट भी. सुने इस बीच में। अब एक कॉमन सवाल मेरे.
ज़हन में आ रहा है। क्या भारतीय महिला फौज. को फ्रंटलाइन वॉर में कभी हम देख सकते. हैं? और क्या भेजा जाना चाहिए? बिल्कुल भी. नहीं। 1% नॉट।. क्यों? मैं नहीं बोलता कि हमारी महिलाएं किसी भी. तरह से हमसे कम है। हमसे शायद बेहतरी. होंगी, कम नहीं है। पर देर आर फील्ड्स. वेयर दे कैन डू मच बेटर। एस फार एस. एक्चुअल कॉम्बैट इज कंसर्न दैट्स नॉट अ. प्लेस फॉर वुमेन। एक्चुअल कॉम्बैट जो है. ना मिश्रा जी बहुत इट्स अ वेरी ब्रूटल. थिंग। इट्स अ वेरी घास्टी थिंग व्हेन यू.
पुट अ बेनेट इनसाइड अ मैन द क्लोज कॉम्बैट. होता है ना दैट इज नॉट मेड फॉर वुमेन। नॉट. नॉट ओनली इंडिया इनफैक्ट एनीवेयर। मैं कभी. कितनी मैं तारीफ की है आईडीएफ की? इजराइल. डिफेंस फोर्सेस की। बाय पॉलिसी नॉट अ. सिंगल सोल्जर वास सेंट इन गाज़ा। वुमेन. सोल्जर बिकॉज़ वहां क्लोज कांटेक्ट है।. वहां आप किडनैप हो सकते हैं। आप इमेजिन. कीजिए हमने जैसे अभी बातचीत भी चल रही है. कि इनफेंट्री में भी हम महिलाओं को लेके. आएंगे क्योंकि मोदी जी नारी शक्ति का. प्रदर्शन करना चाहते हैं हर जगह। अगर कल. वो इनफेंट्री में कहीं जाती हैं। क्या.
लड़ने की कैपेसिटी को उस बात ही नहीं. करते। छोड़ दीजिए इस चीज को। अगर उनमें से. पांच कैप्चर हो जाती हैं और कल पाकिस्तान. टीवी पे उन्हें दिखाया जाता है बुरी हालत. में। क्या असर पड़ेगा पूरे देश के मोरल के. ऊपर? हमारे जो सैनिक लड़के हैं उनके मोरल. के ऊपर कि क्या हो रहा है। उनको छुड़वाने. के लिए कितनी बड़ी आवाज शुरू हो जाएगी. यहां पे। दूसरा अगर आपको लेके आनी है. महिलाएं फौज के अंदर लाइए। लेकिन फिर. स्टैंडर्ड्स वही रखिए। चाहे फिजिकल. स्टैंडर्ड्स हैं या अदरवाइज आजकल जो. स्टैंडर्ड्स हैं हमारी एक होती है बीपीईटी. बैटल फील्ड फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट।. महिलाओं के लिए टाइमिंग अलग है। काफी.
रिलैक्स्ड है। मेल सोल्जर्स की अलग है।. आपने बोला बराबर तो उसमें बराबर क्योंकि. लड़ाई है इसमें। वो नहीं देखेगा कि महिला. है तो इसको मैं ना मारूं। उसके लिए तो. लड़ाई तो जिसमें जिसने दम खमा वो लड़ेगा. और सब कुछ टेक्नोलॉजी नहीं है। एज आई सेड. इट इज स्टिल मैन बिहाइंड द मशीन हु. मैटर्स। और जब एक्चुअल जीत और हार की बात. होगी तो वहां उनके सैनिक सामने होंगे और. यहां हमारे सैनिक सामने होंगे। उस वक्त. क्या आप चाहेंगे कि आपकी महिलाएं वहां. खड़ी हो? आपकी बेटियां वहां खड़ी हो वहां. पे। उन पाकिस्तानियों, छह-छह फुट के बलोच. और पठानों के सामने। वो लड़ पाएंगी।.
मैं. पूरी तरह सहमत हूं। आप हर जगह एंपावर. कीजिए। हमसे ज्यादा जॉब्स दीजिए उनको ऑल. ओवर वर्ल्ड बट डोंट ब्रिंग देम इनू. कॉम्बैट कॉम्बैट इज टू डर्टी प्लेस फॉर. वुमेन टू बी इन. क्या जो भी महिलाएं फौज में है उनका. स्टैंडर्ड अ मर्दों के स्टैंडर्ड के आसपास. है. क्योंकि यशिका जी ने जो बातें बताई थी. उसमें कहा कि हम नेक टू नेक कंपटीशन कर. रहे हैं। सेम बराबर जितनी ताकत. कुछ फील्ड्स में है। मैं मानता हूं जैसे. कुछ मैंने बताया ना आपको जैसे सर्विज हैं.
एएससी है, ऑर्डिनेंस है, ईएमई है ये लड़ाई. कांटेक्ट में नहीं आते। वहां महिलाएं बहुत. अच्छा काम कर रही हैं और कईयों ने कई. एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी काम भी कर रही हैं।. बड़ा अच्छा काम कर रही हैं। लेकिन मैं. सिर्फ इस खिलाफ की जो कॉम्बैट आर्म्स हैं. जहां पे आपको फिजिकल कांटेक्ट है दुश्मन. के सामने उन डिपार्टमेंट्स में इनफेंट्री. है, आर्टरी है, आर्मड़ है, जो लड़ाई करनी. है, जिन दुश्मन को फेस टू फेस लड़ाई करनी. है, मैं उसमें महिलाओं के लाने के सख्त. खिलाफ हूं।. क्या देश की कभी भी आर्मी चीफ या डिफेंस. ऑफ़ स्टाफ महिला हो सकती है? लेफ्टिनेंट.
जनरल्स बनी है। देखिए मेडिकल में जो हैं. हमारी एक कोर है एएमसी आर्मी मेडिकल कोर. उसमें लगभग मैं बोलूंगा 30 से 40% महिलाएं. हैं और बहुत अच्छा काम कर ले जनरल के रैंक. तक पहुंची हैं। डीजी बनी है डीजी आर्म. फर्सेस मेडिकल सर्विस. स्टाफ की बात कर रहा हूं।. चीफ ऑफ स्टाफ देखिए आमतौर पर जो है. फाइटिंग आर्म से होता है। क्योंकि मेन काम. फौज का फीस टाइम में पार्टियां करना और ये. सब पीआर करना ये नहीं है। मेन काम है. लड़ाई लड़ना दुश्मन से और लड़ाई करती हैं. फाइटिंग आर्म्स। तो आमतौर पे. जो चीफ होता है वह फाइटिंग आर्म से होता.
है जिसमें अभी तक महिलाएं नहीं थी और अभी. टेक्नोलॉजी का इतना वो आया है लेकिन. टेक्नोलॉजी के आने के बाद भी जो. टेक्नोलॉजी एक्चुअली ऑन ग्राउंड में ऑपरेट. करेगा वो तो फाइटिंग आम आदमी करेंगे पीछे. वाले भी करेंगे लेकिन एक्चुअली लड़ाई तो. उसने लड़नी है तो कुछ वर्षों तक गॉड नोज़. व्हाट विल हैपन आफ्टर 30 इयर्स बट अगले 15. 20 साल में ऐसी कोई संभावना नहीं है. ओके यहां से आगे आप कहां जान जोखिम में. डालने वाले हैं वक्त बताएगा अब कहां जाना. है पर मुझे लगता है कि ईरान के ऊपर हमला. होगा इट्स अ मैटर ऑफ़ टाइम। चाहे आज जैसे.
ट्रंप ने आज ही स्टेटमेंट दिया है कि वी. हैड गुड टॉक्स विथ देम। बट एट द सेम टाइम. दे आर सेइंग सेम फॉर वेनेजुला आल्सो कि. हमारी बहुत अच्छी बात है।. तो सेम टाइम उसकी जो मैं बता रहा हूं जो. बेड़े की नफरी है हिंद महासागर में लगातार. बढ़ रही है। व्हिच इज़ अ इंडिकेशन कि मोस्ट. लाइकली ईरान विल बी अटैक्ड। तो कोशिश. करेंगे अगर ईरान किसी ने बोला जाने के लिए. तो दोबारा जाने की कोशिश करेंगे।. क्या ईरान इतना कमजोर है कि अमेरिका उसे. हरा देगा तुरंत।. इस बार सिर्फ ईरान इतना कमजोर नहीं है।. देखिए पिछली बार भी और मैं जब उनकी. गिरफ्त में था ईरानियों की जो आईआरजीसी ने.
मुझे वहां डिटेन किया हुआ था तो वह मुझसे. बार पूछे तुम्हें क्या लगता है कि इजराइल. हमला करेगा अभी ईरान के ऊपर मैंने कहा. 100% आपने मिसाइल डाली 100% हमला करेगा तो. हम तो वेट कर रहे हैं इसकी कि वो हमला करे. हम बिल्कुल निस्तानाबूत कर देंगे पूरे. इजराइल को उन्हें पता नहीं हमारे पास. क्या-क्या टेक्नोलॉजीस है। हम तो बहाना. ढूंढ रहे हैं। तो ईरान को कम ना आंका जाए।. और अब जिस तरह से पिछले रिपोर्ट्स आई कई. चाइनीस एयरक्राफ्ट्स लैंड किए हैं वहां. पे। ट्रांसर ऑफ करके ताकि पता लगे कहां. लैंड कर रहे हैं। कई एयरक्राफ्ट्स लैंड. किए हैं। रशिया से काफी वहां पे.
एयरक्राफ्ट के जो मिलिट्री सप्लाई गए हैं।. तो इस बार ईरान विल बी मच मोर प्रिपयर्ड. देन इट वाज़ लास्ट टाइम। एंड सेकंडली इस. बार वो इस जलासे में नहीं आएंगे। बातचीत. चल रही है। उन्हें पिछली बारी बातचीत. चलते-चलते हमला हुआ था। तो इस बार वह. तैयार हैं। उन्होंने बोल दिया है हमारी जो. एक उंगली बंदूक की ट्रिगर के ऊपर है और इस. बार पिछली बार ऐसी लड़ाई नहीं होगी। जितने. बेसिस हैं यूएसके एंड इजराइल इन मिडिल. ईस्ट दे विल ऑल बी अटैक्ड।. बट हम यूएस की बात कर रहे हैं। चाइना ने. सपोर्ट दिया, रशिया ने सपोर्ट दिया, ईरान. अपग्रेड हुआ। बट क्या वो उस कॉम्पिटेंस.
लेवल पे जा रहा है जहां पे यूएस से वो. लड़ने की हिम्मत दिखा सकता है? देखिए यूएस को लड़ के हरा तो नहीं सकता वो. ईरान। ईरान की मैं बोला यूएस इज मच अबव. एवरीबडी एल्स। लेकिन जो नुकसान वो पहुंचा. सकता है वो शायद अमेरिका ने इमेजिन नहीं. किया होगा। इतना नुकसान पहुंचाने की. क्षमता ईरान के अंदर है। ईरान इज नॉट. वेनेजुएला। ईरान इज नॉट इराक। ईरान इज नॉट. लीबिया।. हाउ इज डिफरेंट? क्योंकि उनके यहां भी इंटरनली तो काफी. विरोध है ही। ईरान के अंदर लोगों का।. आपको एक छोटा सा एग्जांपल देता हूं। हम.
मानते हैं कि ईरान तो कोई खास. टेक्नोलॉजिकल साइंटिफिक पावर नहीं है। कौन. से ड्रोंस रूस ने सबसे ज्यादा इस्तेमाल. किए हैं यूक्रेन के अंदर? शाहीन कहां से आए हैं? ईरान से शाहीद सॉरी. नॉट शाहीन शाहीद जो ड्रोंस आए हैं वो ईरान. से इंपोर्ट किए। रूस ने एक टेक्नोलॉजिकल. पावर है मिलिट्री पावर। उसने रूस से. ड्रोनस फिर उनको आपने उन्होंने मॉडिफाई. किया बाद में। तो ईरान के पास जो इनकी. ड्रोन टेक्नोलॉजी है, उनकी मिसाइल. टेक्नोलॉजी है और उनके जो अदर असले जो हैं. वो बहुत आले दर्जे के हैं और उनकी जो.
मिलिट्री इज मच बिगर मच मोर मोटिवेटेड। तो. ईरान विल नॉट बी एन इजी गेम फॉर यूएस। इफ. यूएस अटैक्स इट डिस्पड ऑफ़ ऑल इट्स. मिलिट्री माइट दे विल हैव अ बिफिटिंग. रिप्लाई। आई थिंक।. अगले एक साल में दुनिया में कहां-कहां. युद्ध हो सकता है? मिडिल ईस्ट विल ऑलवेज. बी हॉट। अभी लीबिया में अगर ईरान मसला. सुलट भी गया तो लीबिया में चल रहा है। अभी. कुड्सकी और जो अलजुलानी की फर्सेस हैं जो. बेसिकली इस्लामिक स्टेट की फर्सेस हैं. जिनको वेस्ट रिकग्नाइज कर दिया। 10 मिलियन. डॉलर्स का उसके ऊपर इनाम था। टेररिस्ट बना.
रखा था उसको। अब अचानक उसके उसको वाइट डस. बुला के हाथ में ला रहे हैं। तो वेस्ट पे. आप विश्वास मत करिए किसी भी चीज का। एंड द. वे दे जो कत्लेआम कर रहे हैं इस वक्त वो. कर्ड्स का तुर्किश और ये अलजुला ने मिलके. तो ये एक हमेशा हॉट रहेगा। और जिस तरह से. अमेरिकन ने उनको अबेंडन किया है आई थिंक. अमेरिका क्रेडिबिलिटी लगातार नीचे जाएगी. और सीरिया विल रिमेन अ हॉट बेड बिकॉज़ साउथ. में द्रूस है जिनको इजराइल सपोर्ट कर रहा. है उनको भी अलजलानी खत्म करना चाहता है तो. यह एक हॉट बेड रहेगा और यूक्रेन वॉर खत्म. होने वाली नहीं है। यूक्रेन वॉर विल नॉट.
एंड एंड आई एम सेइंग सो बिकॉज़ आई नो इट. फॉर श्योर। आई नो आई हैव इन एंड आई हैव. सीन थिंग्स ऑन ग्राउंड विथ व्हिच आई एम. सेइंग वि सर्टेनिटी। कितनी बातें चलें कि. ट्रंप ने ये कर दिया। आज ये मुलाकात हो. अभी अबू धाबी मिले हैं। चार दिन बाद. मियामी मिलने वाले हैं। अगले हफ्ते कुछ भी. चलता रहे ये लड़ाई खत्म नहीं होगी।. एशिया में कहीं पर. एशिया में फिलहाल मुझे नहीं लगता कि मिडिल. ईस्ट के अलावा ताइवान वगैरह में कोई भी. संभावना इस वक्त नहीं है।. इंडिया पाकिस्तान. इंडिया पाकिस्तान मुझे नहीं लगता कि फुल. फ्लेजिड वॉर होगी। अंटिल अनलेस टू द बिग. टेररिस्ट अटैक इन इंडिया। जो मेरे खयाल.
पाकिस्तान वह करने की अभी हिमा नहीं करेगा. क्योंकि उसका अफगानिस्तान से मसला चल रहा. है। अभी आपने देखा होगा कल या परसों की. बात है।. इस्लामाबाद में जो अटैक हुआ? इस्लामाबाद में अटैक हुआ। उसके अलावा. बलचिस्तान में 10 शहरों पर कोऑर्डिनेट. अटैक हुआ है। 10 शहरों पर एक साथ ब्लोच. आर्मी ने किया है। तो पाकिस्तान इतना उलझा. हुआ है बलचिस्तान में और अफगानिस्तान के. साथ में। में अफगानिस्तान के साथ उनके अभी. भी सुलह नहीं हुई है। वो हमला अभी भी जारी. है। उनकी जो लड़ाई है जारी है। मतलब. छुटपुट अभी भी जारी है। तो इतना उलझा हुआ. है कि वो शायद ऐसा कोई जोखिम नहीं उठाएगा.
कि इतना बड़ा अटैक करने का इंडिया में. लेकिन अगर इंडिया में कोई बड़ा अटैक होता. है और मैं इस चीज के लिए भी वो नहीं. करूंगा। अगर कुछ कोऑर्डिनेटेड वो है. बिटवीन इजराइल, अफगानिस्तान इंडिया। दे. माइट डू इन अ फॉल्स फ्लैग इन इंडिया एंड. देन कैन अटैक पाकिस्तान। इसकी संभावना भी. है।. मतलब यहां पर अटैक थोड़ा हल्काफुल्का. फॉल्स फ्लैग करके मतलब जो खुद ही कुछ दिखा. दिया और आपने अगर अगर ऐसी कुछ प्लानिंग है. पर ये सब चीजें सीक्रेट होती हैं। इसका. कहीं पब्लिक डोमेन में जिक्र नहीं होता. है।. ऐसा कोई ऑपरेशन हुआ है पहले।. फॉल्स फ्लैग पूरी दुनिया में हुए हैं।.
पूरी दुनिया में लोग खुद करते हैं और. बोलते हैं देखिए दुश्मन ने कर दिया। अब हम. इनको नहीं छोड़ेंगे। अब हमला करो। ये तो. सेकंड वर्ल्ड वॉर से तो हमेशा होता है।. कोई ऐसा रमर जो भारत में हुआ हो कभी? भारत. में फॉल्स फ्लैग देखिए अभी उसमें अगर होगा. तो अगर इंडियन गवर्नमेंट ने फॉल्स फ्लैग. किया तो इंडियन गवर्नमेंट हमेशा डिनाई. करेगी और मैं हिंदुस्तानी होने के नाते यह. नहीं बोलूंगा कि वहां हिंदुस्तान. गवर्नमेंट. इंडिया में कोई बड़ा ऑपरेशन आ रही है. इंडिया को छोड़ देते हैं. अ दो बताता हूं आपको यूक्रेन का एग्जांपल. देता हूं पोलैंड के अंदर मिसाइल ग्रे थी. हम. तो पोलैंड जो नेटो कंट्री पोलैंड इज़ अ. नेटो कंट्री नेटो कंट्री में एक आर्टिकल.
टू है सेकंड आर्टिकल आई थिंक इट इज़ देयर. व्हिच इज़ कि अटैक ऑन वन विल बी कंसीडर्ड. अटैक ऑन एवरीबॉडी तो यूक्रेन और ब्रिटेन. लगातार कोशिश कर रहे हैं किस तरह से पूरी. नेटो और अमेरिका को हम युद्ध के अंदर. शामिल करें और जिससे बाकी यूरोप और. अमेरिका बचना चाहता है। तो देखा कि देखिए. अब ये रशियन मिसाइल्स जो है यूक्रेन के. अंदर आके गिरी हैं और रशियन मिसाइल्स हैं. तो ये नेटो के ऊपर हमला है वो था नहीं वो. बाद में पता लगा एयर डिफेंस मिसाइल थी. यूक्रेन की जो अंदर आ गिरी थी और उन्होंने. उसको रशियन बना के दिखा दिया। दूसरा जो. हुआ जपोजिया न्यूक्लियर पावर प्लांट है।.
सबसे बड़ा पावर प्लांट है यूरोप का वो।. रूस के कब्जे में इस वक्त यूक्रेन पावर. प्लांट है। उसके ऊपर हमला हुआ। वहां अगर. हमला होता है तो रेडिएशन लीक होगा। इससे. पूरा यूरोप प्रभावित होगा और बहुत बड़ी. चीज है अपने आप में। वो हमला वो रूसी ही. कब्जे में है। लेकिन वो हमला किसने किया. आप भी समझ सकते हैं और फिर बोलते हैं रूस. ने इस पे हमला कर दिया है। रूस के कब्जे. में है रूस के लोग हैं वहां पे। लेकिन रूस. ने हमला कर दिया है। तो आप समझते हैं. किसने हमला किया और कौन ब्लेम कर रहा है? दैट वाज़ अ फॉल्स फ्लैग। ये कुछ उदाहरण है।. बहुत ऐसे उदाहरण है फॉल्स फ्लैग के। पूरे. अगर आप जाएंगे मिलिट्री हिस्ट्री में देर.
थाउजेंड सच एग्जांपल्स। हर एक बड़ी पावर. ने यूज़ किया है हमला करने के लिए फॉल्स. फ्लैग ऑपरेशंस को। युद्ध हथियार बेचने के. लिए होता है या शांति बनाने के लिए युद्ध. जरूरी होता है? देखिए अमेरिका के लिए. युद्ध एक बिजनेस है। आप देखें जब से ये. 1945 से लेके आज तक लगातार रूस अमेरिका जो. है किसी ना किसी युद्ध में इन्वॉल्व रहा. है। तो उनके लिए तो एक बिज़नेस है ये।. बेसिकली दे से यूएस इज़ नॉट अ कंट्री। इट्स. अ कॉरपोरेशन। सो दे आर कॉर्पोरेट्स व्हिच. आर मेकिंग प्रॉफिट फॉर देम। प्रॉफिट इज़.
एवरीथिंग। दे डोंट केयर अबाउट लाइफ डेथ।. दे डोंट केयर हाउ मेनी पीपल आर डाइंग इन. यूक्रेन और रशिया और इन मिडिल ईस्ट दे. जस्ट टॉक अबाउट ह्यूमन राइट्स एंड ऑल दे. डोंट केयर उनके लिए एक बिजनेस है पैसा आ. रहा है लोग उनके हथियार खरीद रहे हैं. जितनी लड़ाईयां होंगी उन हथियार बिकते. रहेंगे और लड़ाईयां रुकने वो देंगे नहीं. व्हाट दे हैव डन इन आवर बी नेबरहुड. बांग्लादेश में यू थिंक इट वाज़ इट वाज़. स्पॉनटेनियस इट वाज़ ऑर्गेनिक व्हाट हैपन. बांग्लादेश इंडिया के सारे पड़ोसियों व्हाट. हैपेंड नेपाल व्हाट हैपन श्रीलंका इमरान. खान आपको लगता है इमरान खान को पाकिस्तान. हटाया है इट वास इट वास अमेरिका व्हिच मूड. इमरान खान नॉट पाकिस्तान.
इसीलिए इमरान खान अभी पड़े हैं अंदर।. सबसे पॉपुलर लीडर देखिए आप आज इलेक्शन करा. दीजिए। ही विल मोर देन 70% वोट शेयर पर. जेल में पड़े हैं।. दैट इज द पावर ऑफ़ अमेरिका एंड सीआईए एंड. मनी एंड डॉलर्स।. भारत पे भी कोशिश की होगी उन्होंने प्रेशर. बनाने की।. आप सोचिए जो डॉक्यूमेंट्री निकली थी. बीबीसी ने बनाई थी। ट्रंप के ऊपर उन्होंने. यही कोशिश की थी। दे सप्लाइस पार्ट ऑफ. स्पीच ऑफ ड्रंप आफ्टर व्हेन ही लॉस्ट इन. 2020 और जोड़ के ऐसा दिखाया कि स्पीच का. ही पार्ट है कि यह उकसा रहा है लोगों को.
वो करने के लिए। ट्रंप हैज़ सूट देम फॉर 1. बिलियन डॉलर्स। बीबीसी को एक बिलियन डॉलर. के सू कर रखा है ट्रंप ने इस वक्त। सिमिलर. डॉक्यूमेंट्री दे मेड ऑन नरेंद्र मोदी।. जबकि सुप्रीम कोर्ट ने नरेंद्र मोदी को. बरी कर दिया है कि इसका कोई इनका कोई दोष. नहीं है इस उस प्रोस में। ही वाज़ नॉट. इनवॉल्व इन दोज़ राइट्स। बीबीसी मेड अ. डॉक्यूमेंट्री ऑन दैट प्रूविंग दैट सारा. दोष तो नरेंद्र मोदी का है इसमें। और वो. यहां पे बैन हुई तो सारा होलना मचाया है. लेफ्टिस्ट उसने कि कैसे बैन कर दिया आपने. तो फ्रीडम एक्सप्रेशन नहीं है एस आई सेड. तो बीबीसी एस आई सेड इस टोटली डोमिनेटेड.
बाय लेफ्टिस्ट्स एंड इस्लामिस्ट्स एंड दे. ट्राई टू प्रोजेक्ट नरेंद्र मोदी एस सम. काइंड ऑफ़ अ मॉन्सर इन इंडिया हमारी. सुप्रीम कोर्ट ने उनको बरी किया है. इलेक्टेड प्रधानमंत्री हैं इतने पॉपुलर. वोट है और आप उनको इस तरह से कर रहे हैं. तो इन लोगों पे आप ना विश्वास कर सकते हो. मैं तो फिर बोल रहा हूं जितनी एनजीओस हैं. फोन फंडेड पब्लिकेशंस हैं आउट मीडिया. आउटलेट्स हैं बैन देम थ्रू देम आउट ऑफ. इंडिया दे विल नॉट डू एनी गुड फॉर आवर. कंट्री। दे विल ओनली हार्म अस। भारत का. सबसे अच्छा दोस्त कौन है? आखिरी सवाल. आपसे।. आप भी जानते हैं सवाल एक ही है। हमारा. दोस्त कितने दोस्त हैं दुनिया में? एक ही.
दोस्त है हमारा। मेरे ख्याल रूस के अलावा. मैं नहीं जानता कि कोई और ऐसा देश है. जिसको हम दोस्त बोल सकते हैं इस दुनिया. में इस वक्त।. कोई ऐसा देश नहीं जो हमारे बताएं दुख में. काम आएगा।. कुछ आना चाहेंगे तो उनके पास क्षमता नहीं. है और जो उनके पास क्षमता है उनमें से काम. आने वाला नहीं है। आपने वो सिंदूर में. देखा नहीं।. कौन काम आया आपके? बातें बातें बातें होती हैं। सिर्फ बातें. तो हर कोई कर लेता है। हम भी बहुत करते. हैं। बाकी लोग भी हमसे करते हैं। पर जब. जरूरत पड़ती है कौन हमारे काम आया?
आसिम मुनीर को जिसको अमेरिका के साथ हम. साठगांठ कर रहे हैं 15 साल से। ही कॉल्ड. आसिम मुनीर टू वाइट हाउस। ऑप्शन इमीडिएटली. बात।. वो तो इसलिए बुलाया हुआ कि हमसे हमको. प्रेशर दिखाने के लिए कि हम जो भी लेंगे. हम ये कर लेंगे। हमारा दोस्त कोई नहीं है।. और हमारा ओनली टाइम टेस्ट फ्रेंड इन द. वर्ल्ड एक ही है जो मैंने बताया आपको। और. अभी हम उसके अगर उसकी जब वो अब वो इस वक्त. इतने बुरे वक्त में है और अगर हम पीछे हट. जाते हैं अभी तो वो दोस्त भी नहीं रहेगा. फिर। हमारा कोई दोस्त नहीं है।.
कड़वा सच। थैंक यू सो मच राजेश जी। काफी. आनंद आया आपसे बात करके। आपको आपके किताब. के लिए बहुत सारी शुभकामनाएं।. धन्यवाद।. जब किताब आएगी तो दर्शकों तक पहुंचा. देंगे। कहां मिलेगी, कैसे मिलेगी, क्या. नाम है? एक बार अगर आप फिर से बता देंगे. तो शायद इस पॉडकास्ट के क्लिप्स देखते. वक्त वो लोग. दो महीने बाद पब्लिश हो जाएगी। नाम है. फौल्ट लाइंस ऑफ़ पावर। इट्स अबाउट. जिओपॉलिटिकल गेम्स बीइंग प्लेड अराउंड द. वर्ल्ड। उसका कैसे जेनेसिस क्या है? क्या. प्रेजेंट स्टेट है? और उसका फ्यूचर में. क्या होने वाला है? ये इस विषय में है।.
भविष्य में और भी किताबें लिखने का मन है।. देखते हैं अभी पहली किताब देखते हैं। इसको. कैसा है? हाउ डस इट गो इफ इट सक्सेस मे बी. मोर।. किताब लिखने का मन क्यों हुआ? बहुत लोगों ने बोला। अब ये कहानी आपको. सुनाऊंगा तो फिर शायद किताब इतना ना बिके. कि मैंने किस तरह से मन मार के लिखी है. क्योंकि मैं ज्यादा किताब मैं टेबल पे. बैठकर 5 घंटे नहीं लगा सकता और मुझसे काफी. लोग बोलते हैं कि आपने फिर इसके बाद इतने. साल बाद फौज छोड़ क्यों दी क्योंकि इसके. बाद फौज का काम जो है ना सीनियर लेवल पे. वो सारा डेथ का काम होता है ऑफिस में बंद. रहते हैं आप 24 घंटे मैं हूं आदमी मुझे आप.
101 मिनट कहीं बिठा दीजिए उसके बाद मैं. रेस्ट हो सकता हूं मुझे बाहर जाना है. फील्ड में जाना है कुछ करना है कहीं थोड़ा. बहुत एड्रन रश होना चाहिए कुछ थोड़ा बहुत. खतरा होना चाहिए कहीं पे आई लाइक टू गो टू. सच प्लेसेस किताब किताब लिखना अपने वो है।. तो मेरी इसमें कुछ लोग मदद कर रहे हैं। दो. स्टूडेंट्स हैं फ्रॉम रमैया यूनिवर्सिटी. जो उसमें मैंने काफी हद तक बोला है कुछ. लिखा है और फिर वो मेरी उसको लिखने में. मदद कर रहे हैं और उसको हम इस तरह से. पब्लिश करने की कोशिश कर रहे हैं।. चलिए बेस्ट विशेस आपको शुभकामनाएं जो. हमारे सहयोग होगा हम भी करेंगे।. बिल्कुल थैंक यू वेरी मच।.
लवली टॉकिंग टू यू।. सेम हियर। थैंक यू।.
