Unplugged ft. Raghav Juyal | Bollywood vs TV| Uttarakhand | Dance India | Aryan Khan | 11 11 Zee 5|
देहरादून वाले राघव और मुंबई वाले राघव. में क्या बदला देहरादून वाले राघव को ठंड. लगती. है देहरादून में राघव जो रहता है वो मम्मी. का सलवार शूट बन के रहता है ये धर्मा के. टाइम में तो नहीं हुआ था कि करण जहर रणवीर. सिंह से काफी मिल लिए थे करण जहर के बारे. में एक इमेज होती है कि जितने स्टार के. लड़के होते हैं सबको काम मिल जाता है मैं. भी स्टार का लड़का हूं भाई दीपक जुयाल. स्टार है ऑब्जेक्शन जुयाल ऑब्जेक्शन. जुयाल ऑब्जेक्शन जुयाल धर्मा बॉय लगता हूं. मैं बनारस बॉय लगता हूं ना करण सर भी पता.
थक गए. हो खाने में आई थिंक पानीपुरी सड़क वाली. या सड़क वाली पीछे खुजा रहे हैं वही. गोलगप्पा दे रहे हैं उसके बाद भी सरक जाता. है वही टेस्ट. है व्हाट इज द मोस्ट एंबेस मोमेंट ऑफ र. लाइफ राइट. नाउ कंगना ने कहा कि अवर्ड शोज बिके हुए. होते हैं तो इमरान ने कहा क्योंकि अब. मिलने बंद हो. गए इमरान भाई ने कंगना अच्छा लगती है.
पॉइंट ऑफ व्यू स्ट्रंग है उनके हालाकि. मेरे पॉइंट ऑफ व्यू उनके पॉइंट ऑफ व्यू से. मिलते नहीं है हां पहाड़ी कनेक्शन हां. पहाड़ी कनेक्शन बोलिए राघव को क्यों देखे. पुलिस वाले के तौर पर मत देखो यार मन नहीं. है तो अभी तुमने किल देखी नहीं ना तो. इसलिए तुम ऐसे अभी इंप्रेस नहीं हो रखे हो. किल देखो पता हमने तो किसी इंटरव्यू में. पढ़ा कि राघव ने कहा कि मैं और शाहरुख खान. दोनों एक ही तरह है शाहरुख भाई ने भी टीवी. से शुरुआत की थी बाद में व तो कह रहा ह कह. रहा उन्होने वही तो कह रहा हूं सोचा नहीं. हो क फर भी किया तो सीधे शाहरुख खान बीच.
में कुछ छोड़ा ही नहीं कोई अच्छा लगता है. क्रिकेट पसंद है मुझे धोनी पसंद है क्यों. धोनी भैया की कुछ बात अलग है सोचो क्रिकेट. फैन नहीं हूं लेकिन धोनी फैन हूं बिना. देखे रणवीर शौरी जो मेरे को मैंने देखा. नहीं है बिग बॉस में देखता नहीं हूं इतना. अच्छा एक्टर अगर बोल रहा है मुझे मजबूरी. में आना पड़ रहा है मेरे पास काम नहीं है. तो ये ये समाज पे तमाचा है हमारे बट ये तो. आपकी बॉलीवुड पे तमाचा है समाज प तमाचा है. नहीं बॉलीवुड किसका हिस्सा है ठीक है समाज. का हिस्सा ब बस हो गया ना उत्तराखंड. देवभूमि है बट अभी के समय वो एक टूरिस्ट.
प्लेस बन गया बड़ी खबरें आती कि किनारे. बैठ के दारू पी रहे हैं बियर चल रही है. अने बाप की जागीर मत समझो जब आओ व मेरे को. एक दिन सलमान सर ने बोला हा ऐसे करके बोला. कि सम टाइम्स आई सी माय सेल्फ हु इ सलमान. खान क्योंकि आपने तो बहुत क्लोज काम किया. है सलमान सर इज नेचर वो पता है क्या वो. एम्यूजमेंट पार्क है राघव कौन है मैं भी. नेचर हूं क्या है 111 11 11 एक भाव है मैं. नेचर हूं व भाव है भाव.
वोह साल 2012 था जब हमने अपना कॉलेज शुरू. किया था लेकिन हमारे कॉलेज में एक नई नई. हवा आई थी लड़कों ने धीरे चलना शुरू कर. दिया था हम जिस शब्द को कह नहीं पा रहे थे. किसी ने उस शब्द का ईजाद किया था और वह. शख्स जिसने उसकी शुरुआत की थी वह बढ़ते. बढ़ते अब एक वटवृक्ष बन गया है नाम राघव. राघव सबसे पहला सवाल तो गुरु हमारा यही है. कि यार ये क्रॉक रोक्स हम कह नहीं पा रहे. थे तुम कहां से कर ले गए और करते करते अब. तुम डांस र भी हो एक्टर भी हो होस्ट भी हो.
सोशल मीडिया पर छाय भी हो हर दूसरी लड़की. से फ्लड भी मार रहे हो दुनिया बड़ी मतलब. कहां कहां पहुंच गई 12 साल में अच्छा ऐसा. इंट्रोडक्शन ऐसा दिया मैं पता नहीं हरप्पा. मोहन जदार के टाइम का आदमी हूं यार अब. कॉलेज लाइफ उनको ऐसे ही याद है हां. एक्चुअली 20111 की बात है. अ कि क्या क्या क्वेश्चन क्या पूछा आपने. क्वेश्चन हमारा ये था कि जो शब्द हम कह. नहीं पा रहे थे क्रॉक रोक्स जिसको आधे लोग. आज मेरे दोस्तों ने बोला कि यार बम्बे जा. रहा है तो वहां स्टेज नेम रख अपना हिप हॉप. में स्टेज नेम बहुत ज जरूरी है और मेरा था.
नहीं मेरे को सब राघ बोलते थे या जवाल. बोलते थे तो उस दौरान मुझे एक दोस्त ने. बोला यार कुछ कर ऐसा को तेरा डांस अजीब सा. है अलग है थोड़ा डिफरेंट है सबसे तो हां. क्रॉक रोक्स किसी ने बोल दिया दोस्त ने. क्रॉक कॉकरोज और क्रोकोडाइल का मिक्स कर. दे मैंने अच्छा कूल लगेगा क्या रहा हां. कूल लगेगा भाई और थोड़ा सा 20 र बचे थे. उसके कलर भी करा दिए मैंने बाल मैंने देखा. वो लाल लाल लड़कियों वाला तो वो मैंने जो. बचे थे पैसे उससे कलर करा दिए थे और. फिर जैसे कहानी शुरू हुई वो क्रॉक रोक्स.
की और वो मुझे नहीं यकी मुझे पता नहीं था. कि मैं इतना फेमस हो जाऊंगा तो मुझे लगा. था ठीक है फर्स्ट राउंड में जाक बाहर आ. जाऊंगा और क्रॉक रोस का कौन वो साला फेमस. ही हो गया हमने सुना शायद आपको टॉप 18 से. निकाल दिया गया था और उसके बाद वीडियो. वायरल हो गया ू और फ पिर बुला लिया और. उसके फिर मिथुन दादा ने कहा अरे अब तो. वायरल लड़का है हा कि पब्लिक डिमांड से. वापस आ जाओ बट बढ़िया है मतलब नाचने से. शुरू किया पिताजी अका वकील है ना पिताजी. तो पिताजी ने कहा नहीं कि कहां नाचने गाने. जा रहे हो मतलब हमारे यहां होता है ना कि.
अबे क्या नचनिया बने घूम रहे हो बहुत कहा. यार बहुत कहा और ऊपर. से ऐसा भी नहीं है ना कि तुम एक्टिंग करने. जा रहे हो कि एक्टर बनने जाना है मुंबई. नाचने जाना है तो एक अलग बहुत ही ज्यादा. उस वक्त तो कुछ ऐसा था भी नहीं एबी सीडी. भी नहीं. थी कि डांसरों के लिए बहुत वो है तो कहा. कि भाई क्या कर रहा है कुछ सरकारी देख. सरकारी देख ऐसा बोलते थे सरकारी नौकरी दे. मतलब उत्तराखंड मेरे जो जहन में आता है. उत्तराखंड हमें याद आता है फौजियों के लिए.
कि वहां से बहुत सारे फौजी निकलते सब. हमारे घर में मेरे ताऊजी है चाचा जी है सब. फौज में है तो अब एक सवाल मेरे मन में आता. है कि एक लड़का जो फौजियों के खानदान में. पैदा हुआ जिसके पिताजी वकील थे पहले वह. डांसर बनता है फिर वह एक्टर बनता है फिर. वो डायरेक्टर बन जाता है होस्ट बन जाता है. डायरेक्टर नहीं बना डायरेक्टर नहीं बने. चलो एक बचा हु बनना है बनना है तो ये एक. जगह मन नहीं लग रहा था या कर्जा ज्यादा हो. गया था दोनों ही समझ लीजिए. यार दोनों देखो कर्जा के लिए तो टीवी बहुत.
अच्छी चीज है मैंने सुना टीवी में बहुत. पैसा है बहुत पैसा है ये कोई पा एक सनकी. होगा जो टीवी छोड़ के फिल्म लाइन में आएगा. क्योंकि फिल्म लाइन में आपको पैशन तो पूरा. हो रहा है आपकी कलेक्टर्स के साथ कहानियों. के साथ पैसा टीवी में ही है फिल्म लाइन. में इतना भी पैसा नहीं है पैसा नहीं है जब. तक तुम बहुत बड़े कुछ ना बन जाओ नहीं तो. ये z5 वालों ने पैसा नहीं दिया आपको नहीं. ठीक है उतना नहीं उतना नहीं है जितना टीवी. में होता है टू बी ऑनेस्ट टीवी में तो. मतलब हफ्ते में एक दिन जाओ ये देख रहे हो.
आप पिक्चर फोटो ये करो और करो और आ. जाओ और बढ़िया पैसा भी है और बढ़िया. कंफर्टेबल लाइफस्टाइल है फिल्म्स में एक. एक साल शूटिंग हो रही है डेढ़ डेढ़ साल. शूटिंग हो रही है कैरेक्टर प्रिपरेशन हो. रही है पतले हो रहे हैं मोटे हो रहे हैं. पैसा नहीं है वैसा उस मेहनत का किसी का. भाई किसी का जाना थी उसमें कौन सी. प्रिपरेशन की थी आपने उसमें सबसे ज्यादा. प्रिपरेशन लगती. हैई मुझे खुद हसी आ गई नहीं उसमें इसमें. क्या है कि वो कुछ फिल्में होती है जिसमें.
एक्स्ट्रा करोगे तो अजीब लगेगा तो किसी का. भाई किसी की जान में जरूरत नहीं थी प्रप. दोबारा देखिए इसको घर पे मैंने देखी ना. फिल्म प्रीमियर पे देखी है उसके बाद. दोबारा घर पे कभी देखी साथ में बैठ के. उसके बाद आई थी z5 प ही आई थी तो देखी है. मैंने अच्छा एक सवाल आपके हमने एक पिछली. पिक्चर मेरे को तो बड़ी अच्छी लगती है वो. फिल्म आप क्यों हंस रहे हो उस फिल्म पे. मुझे हंस मतलब मैंने आप लोग की किरदार. देखी मैंने कहा सल मतलब जिस तरह से आप सब. आए थे मुझे लगा कुछ बड़ा फटने वाला है. अच्छा उसी दौरान उसी दौरान में किल भी कर. रहा था पता है आपको मेरी फिल्म किल भी कर.
रहा था मैं उसके. सेम डबल शिफ्ट कर रहा था मैं किल का एक. डायलॉग है बड़ा अच्छा लगा था हमको कि अबे. ऐसे कौन काम कर अरे अबे ऐसे कौन काम करता. है बे साला ये विक्की भाई का डायलॉग है. किल में मैंने बोला था ऐसे कौन मारता है. बे ऐसे कौन मारता है बे साला रक्षक नहीं. विक्की भाई ने मुझे बोला था विक्की कौशल. भाई ने कि ऐसे कौन काम करता है बे मतलब. ऐसे अच्छा लगा था उन्हें मेरा काम नहीं तो. यही हम भी बोलने वाले थे कि अभी ऐसे कौन. काम करता है भे अभी धर्मा से निकले फिर z5. पे आ गए हम उससे पहले सलमान भाई के साथ थे.
हमको लग रहा है जितना ये ब्रेक लिया था. सारा वसूल ले रहे हो एक बार में ब्रेक. लेना जरूरी था मेरे लिए क्योंकि बहुत दिख. रहा था मुझे मेरे कोच ने ही बोला था सौरव. सर का आपने लिया है इंटरव्यू उन्होंने कहा. था कि थोड़ा कम दिख और कम फेमस हो जा अब. तो 5 साल मैंने बट लोग कहते हैं ना कि. मेमोरी कम होती है लोगों की हां हां वो. अच्छी बात है आप 100 दिन ना दिखो लोग भूल. जाते हैं तो डर नहीं लगा कि कहीं ऐसा ना. हो गायब हो. गए डरता नहीं हूं यार मैं मेरे को जो करना.
होता है वो मेरे को पसंद है करना मुझे सर. ने मेरे कोच ने बोला कि मत दिख तुम नहीं. दिखा लेकिन एक मुश्किल मुश्किलात की बात. है कि अपनी पूरी आइडेंटिटी छोड़ देना. तुम्हें कोई बोले कि तुम इतने सालों से जो. कर रहे हो छोड़ दो और नई जॉब के लिए 5 साल. गायब हो जाओ तो वह एक बहुत मुश्किल बात. होती है बीच में ऐसा ऐसा टाइम भी आता है. कि लोग बोलते हैं अरे यार कर ले यार क्या. कर रहा है बिग बॉस कर. ले यह कर ले वो कर ले अरे तो मैं उनको. समझाने में थोड़ी मुश्किल हो जाती है कि.
यार मैं किसी रीजन से ब्रेक लिया हुआ है. देखते हैं तो काम आया लेकिन वो ब्रेक अब. जो सरप्राइज एलिमेंट एकदम से किल में आया. वो ब्रेक के बाद ही आता अगर मैं दिखते. रहता रोज टीवी में तो लोग टिकट नहीं खर्च. नहीं आते फॉल में मुझे देखने खल प तो काफी. तारीफ हुई अब जी5 प 111 भी आ रही है अब एक. सवाल मेरे मन में आता है मां-बाप के पॉइंट. ऑफ व्यू से कि जैसे जब मैंने बीटेक किया. था मैं बीटेक करके मीडिया में आ गया अच्छा. फिर मैंने जब टीवी के टॉप प जा जाके टीवी. छोड़ी तो मेरे मां-बाप ने लिटरली बैठा के.
मुझसे पूछा बेटा करना क्या चाहते. हो मेरे को आपको लेके भी वही थॉट आ रहा है. कि मां-बाप ने बैठाया नहीं कि बेटा क्या. करना आप तो आज तक में थे ना पहले हां तो. मेरा यही है. कि कुछ एक एक मोनोटोन अस नहीं जी सकता मैं. लाइफ आपने देखा ही ये बनारस मेरी बीच-बीच. में जाते रहता हूं मैं तो वैसे ही मेरी. लाइफ स्टाइल भी है मैं मोनोटोन एक मनो. मतलब एक जैसा नहीं कर सकता कुछ भी है बहुत. टाइम से टीवी एक जैसा हो गया था.
छोड़ दिया मैंने और कुछ नया और फिल्म्स और. इसमें एक्टिंग में ऐसा है कि नए नए. कैरेक्टर्स निभाने का मौका मिलता है और. उनके द्वारा अपने आप को भी जानने का मौका. मिलता है तो यह बहुत मजेदार काम है मेरे. लिए बनारस जब मैं गया तो बनारस में किसी. ने मुझसे बड़ा खूब कहा कि बनारस वो शहर है. जहां हर कोई गुरु कोई नहीं चेला हा हर. गुरु हर कोई गुरु है सही बात है क्या. एक्सपीरियंस है बनारस को और बनारस में. क्या खास है क्यों जाना चाहिए लोगों को क्. आपको हमने देखा आप वहां जाक आराम से पड़े. रहते हो. बनारस.
यार बनारस मेरे दिल के बहुत करीब है मेरे. मुझे ऐसा लगता है बनारस ना एक शहर नहीं एक. फीलिंग है पहली गर्लफ्रेंड नहीं थी ना ना. ना गर्लफ्रेंड बफेंड नहीं है वहां से वो. स्पिरिचुअलिटी के लिए. बनारस भोले बाबा भोले बाबा भी है काशी. विश्वनाथ भी है भैर कोतवाल जी भी है मतलब. हा हालांकि मैं रिलीजस नहीं हूं टू बी. ऑनेस्ट मैं सिर्फ लेकिन मुझे मंदिर जाना. बहुत पसंद है क्योंकि वो क्या है कि कल्चर. इंटैक्ट रखता है अगर हम नहीं जाएंगे मंदिर.
या फिर व ये जो रिचल रिचुअल्स नहीं करेंगे. तो फिर वो हमारा और बाहर विदेशों में फर्क. ही नहीं रह जाएगा ना व सब आईक बन जाएगा. बेसिकली नहीं ये बड़ा इंटरेस्टिंग आपा ये. मैं मंदिर जाता हूं लेकिन मैं रिलीजियस. नहीं नहीं हूं ये क्या मतलब कल्चर. रिचुअल्स. वे ऑफ लिविंग ये डिफरेंट चीजें है रिलीजन. से वो तो आप घर प भी टीका लगा लो घर प भी. पूजा पाठ घर अच्छा नहीं लगता ना जो. सैकड़ों सास यार केदारनाथ में जो फील आएगी. पीछे गलेश.
हैं विशाल पर्वत दिख रहे हैं वो घर में. कैसे आ सकती है फील नहीं आ सकती वो. केदारनाथ में ही आएगी वो बद्रीनाथ में ही. आएगी वो फील वो एक फील है एक एक एक वो है. कितने टाइम ट्रेवल करके हम जा रहे हैं. बाइक में और सब दोस्त यार और फिर वहां पर. खट करके शांति मिल रही है कुछ हो रहा है. तो वो है लेकिन मैं मान नहीं सकता कुछ. मेरीय दिक्कत है घर वालों के लिए भी नहीं. बिल्कुल नहीं मेरे को बचपन से बल्कि मैं. बहुत पापा जी मतलब मेरे बहुत वैसे घर से.
में जहां पूजा पाठ बहुत रोज का रोज मर्रा. की जिंदगी है हम लेकिन मैं क्वेश्चन उठाने. पता नहीं मैं क्वेश्चन में रहता हूं हमेशा. डाउट है कि नहीं मैं हूं कि नहीं ये सब. डाउट रहता है और वो जब मैं पंडित जी से. पूछता तो वो बता नहीं पाते क्लियर लेकिन. जब भी कोई इंटेलिजेंट बंदा बताता है मुझे. पंडित कोई भी ऐसा है तो वो फिर उनकी सुनने. में मजा आता है बनारस मुझे घूमने में. इसलिए मजा आता है क् कुछ कुछ स्पिरिचुअल. है ऐसा लगता है कि सैकड़ों साल पुराना है.
वह शहर वो गलियां व सब जो जगह हैं वो पता. लगता है जिंदगी दुनिया का सबसे पहला शहर. होगा व ऐसा फील होता है वहा से तो बनारस. मेरे लिए एक फीलिंग है और लोग भी वहां पर. है अगर र से काम चल रहा है तो 26 के लिए. मेहनत नहीं करेंगे मुझे पसंद है वहां के. लोग भी ऐसा एक फील है वहा का और गाली देने. की इजाजत है गाली है नहीं मुझे लगता है. वहां गाली गाली है क्या वो सब गुरु है. जैसे आपने बोला कोई चिला नहीं है सब गुरु.
है क बे गुरु काे गुरु अरे बैठो बे अरे. रुको बे मतलब हां कि माहौल ऐसा है कि बैठे. तो फिर चाय में बैठ जाए अच्छा मुझे बनारस. सबसे पहले मिश्रा जी ने दिखाया था संजय मि. एक्सपीरियंस हां जी एक डेढ़ महीना में. मिश्रा जी के साथ रहा आश्रम में और संजय. मिश्रा जी के साथ और वो उन्होंने मुझे. इंट्रोड्यूस कराया था बनारस से और आज तक. उनके रिश्तेदार मेरे रिश्तेदार बने हुए. हैं अभी जो उनके रिश्तेदार हैं सब चाचा. भतीजे वो सब मेरे अब दोस्त. हैं बनारस में खानपान भी तगड़ा है बहुत.
बढ़िया बहुत टेस्टी खाना है. वहा बाकी भांग भांग तो चला ही होगे दबा के. अच्छ वहां पर चाट और उसका जो सीन है ना. बहुत टेस्टी खाना है भाग मतलब वो गली है. 80 के पहले राइट साइड में वो ठंडा ही देता. है वो तो वो अच्छा लगता है मुझे अभी धर्मा. प्रोडक्शन में काम मिला अब करण जहर के. बारे में एक इमेज होती है कि जितने स्टार. के लड़के होते हैं सबको काम मिल जाता है. स्टार किड्स की लंचिंग वा मैं भी स्टार का. लड़का हूं भाई दीपक जुयाल स्टार है अपने.
शहर में अपने पिताजी का आपने एक नाम भी. रखा था क्या नाम था सोचो क्या नाम था आप. ही ने नाम रखा था मैंने नहीं रखा होगा यार. अ जब आपको उन्होंने कहा कि बाहर नहीं जाना. है गुरु पढ़ो लिखो यहीं रहो मुझे नहीं पता. यार क्या नाम रखा था मुझे ऐसे चलो कोई. नहीं धर्मा प्रोडक्शन में कहां से घुस गए. आप क्योंकि उनके यहां तो स्टार स एंट्री. होती है सारे जितने स्टार किट्स आते हैं. वो नौकरी मिल जाती है लोग दिन भर. नेपोटिज्म नेपोटिज्म नेपोटिज्म कहते हैं. राघव लोगों ने कहा ये उत्तराखंड से जाते.
जाते कहां पहुच गया व तक मेरे लिए भी. हैरानी है मैंने बिल्कुल दिमाग में सोचा. नहीं था कि. धर्मा मैं काम करूंगा और अभी भी धर्म. धर्मा की प्रोडक्शन है और शिक्षा. की मगर टू बी ऑनेस्ट थैंक गॉड अभी. कास्टिंग का कल्चर है मुंबे में कास्टिंग. डायरेक्टर्स है अगर यह लोग नहीं होते तो. हमारा कुछ नहीं. होता ये कास्टिंग डायरेक्टर है अभी कल्चर. है बमबे में और बहुत अच्छी चीज है कि.
कास्टिंग के थ्रू अपनी एबिलिटी दिखा केर. आप कैरेक्टर ले सकते हैं तो मेरा भी ऑडिशन. हुआ. था अनमोल ने किया था कास्टिंग बे. से और बहुत सारी जो जितनी भी जगह है किल. में भी ऑडिशन हुआ था इसमें भी ऑडिशन हुआ. था तो वो ऑडिशन थैंक गॉड य कल्चर है और. ऑडिशन हो रहे हैं और अपनी कैपेबिलिटी और. एबिलिटी के. थ्रू और हमें लिया है क्योंकि हम कास्टिंग. के थ्रू आए. हैं करण सर भी क्या पता थक गए हो.
तो अरे यार कुछ नया या कुछ अच्छी फिल्में. बनाने के मन कर गया हो काफी टाइम ही इज वन. ऑफ द बेस्ट फिल्म मेकर्स ऑफ आवर कंट्री. ऐसा नहीं है कि ब वो खुद कहां बनाते तो. प्रोड्यूस करते हैं खाली अब नहीं बीच में. ए दि मुश्किल मुझे बहुत अच्छी लगी थी उनकी. फिल्म. और अच्छा टेक है फिल्म फिल्म मेकिंग. फिल्म्स को लेके और बहुत आई थिंक बहुत. बढ़िया डायरेक्टर है वो हमारे देश के. लेकिन मुझे एज अ. लीड कास्ट करेंगे वो मुने बिल्कुल दिमाग.
में मैं हूं भी धर्मा बॉय लगता हूं मैं. बनारस बॉय लगता हूं ना तो होता नहीं दिमाग. में ना अचानक से आप कैसे होगा दिमाग में. कि ध मुझे लगा था चलो अनुराग कश्यप या मैं. नीरज गवान या ये सोच के हमने तो किसी. इंटरव्यू में पढ़ा कि राघव ने कहा कि मैं. और शाहरुख खान दोनों एक ही तरह है शाहरुख. भाई ने भी टीवी से शुरुआत की थी बाद में. तो कह रहा उन्होने वही तो कह रहा हूं सोचा. नहीं साला कंपेयर भी किया शाहरुख खान बीच. में छोड़ा ही नहीं कुछ अच्छा लगता है.
क्योंकि एस अ विलन आए हैं वो मैं भी एस अ. विलन आया हूं और वो भी बाहर से आए हैं मैं. भी बाहर से आया हूं और एक पाथ 15 साल में. सच्ची बताऊं बिना किसी सर पर हाथ नहीं है. ना को किसी कंपनी से साइन कंपनी होती है. ना एक्टर्स की तो बहुत एक अच्छी लगता है. मुझे अपने आप को देख के कि मैं धर्मा की. एक्सेल की सिख्या की लोगों के साथ लास गेट. इन लोगों के साथ जुड़ पाया आया हूं अकेला. हम तो एक फील गुड आता है मैंने शाहरुख सर.
से भी बात की है मतलब बात किया आर्यन से. बात की है शाहरुख सर से बात कि है इस बारे. में अरे इन के लिए तो बड़ा स्टैंड लिया था. आपने कई बार स्टैंड आपने लिया था टीवी. चैनल बरस गए थे बिल्कुल एक वो वीडियो भी. हमने देखा था बड़ा वायरल हुआ था बिल्कुल. बहुत साल पहले ड्रग्स वाला जो आपने कहा था. अपने भाई का किस्सा सुनाया था अरे. हां उसके साथ वो बेचारा इतना सीधा आदमी है. मेरा भाई छोटा भाई वो एक वो सौफ भी नहीं. खाता है वो इतना सीधा आदमी है वो मेरा. छोटा भाई पे नहीं गया बड़े वाले भाई पे.
नहीं गया है ठीक है तो उसको ना डॉक्टर उस. टाइम में बहुत कि वो चल रहा था कि बॉलीवुड. ऐसा है ये है सबसे बट काफी हद तक सच भी तो. है नहीं सच तो फिर समाज है वो सच सच. बॉलीवुड नहीं है सच समाज है हम गुरुदत्त. साहब ने अपनी फिल्म में कह दिया कि मैं. समाज से सवाल करना चाह रहा हूं हम ये समाज. है वो तो बॉलीवुड क्या है दिखता है हम बोल. सकते हैं सॉफ्ट किसी के लिए भी बोल सकते. है डॉक्टर अचाना से डॉक्टर इंडस्ट्री के. लिए नहीं बोलोगे ना उठके क्योंकि व्यूज. नहीं आएंगे आपके बॉलीवुड के लिए बोलोगे आप. हम सब लोग तो वो समाज है वो सोसाइटी है.
ऐसी हम ये नहीं कि सच है कि भाई वहां दारू. सारे दारू वहीं पी रहे. हैं पंजाब और कहीं भी चले जाओ उत्तराखंड. चले जाओ सारे शाम को सूरज अस्त पहाड़ी. मस्त कहां का डायलॉग है बॉलीवुड का तो है. नहीं जहां से आप आते हैं जहां से मैं आता. हूं तो ऐसा तो है नहीं कि वो ऐसा मैंने. वहां से ज्यादा देखा है दुनिया में ऐसा. नहीं है कि वही कर रहे हैं बॉलीवुड ही. साला सब इंसान है समाज है और हम लोग.
बॉलीवुड के लिए बोल सकते हैं इसलिए उनका. भा लेकिन एक कहावत है ना कि जितना बड़ा. नाम उतनी बड़ी भस हा भस सही बात है अब वो. शाहरुख खान का लड़का था तो इसलिए नाम. ज्यादा रहा उसकी चर्चा ज्यादा रही फिर बीच. में आपके भाई मुझे लगता नहीं है कि वो. अच्छा जर्नलिज्म होता है कि तुम गिद और. मतलब गिदों की तरह एक इंसान जो बच्चा है. उस पर चढ़ जाओ तुम्हें अगर दिल में. तुम्हारा साफ है तुम्ह उसे सुधार नहीं है. तो उसे कोई काउंसलिंग दे सकता है इंसान या.
किसी को कुछ कर सकता है मैं अपने अपने का. सोचता हूं यार तुम्हारा छोटा भाई हो और. तुम बहुत फेमस आदमी हो गए हो और तुम्हारा. छोटे भाई को. सिर्फ और एंड में क्या निकला एंड में क्या. हुआ बाहर हां मामला रफा दफा हो गया नहीं. रफा दफा नहीं हुआ मामला मतलब ये आ ग कि उन. पर एलिगेशन गलत थे और नहीं हां इतना बड़े. केस में रफा दफा नहीं हो सकता बाबा गलत. हुआ है बाद में पता लगा ना कि एलिगेशन गलत. है तो क्यों एक इंसान को जो 23 24 साल का.
है मैं अपने भाई को लेकर देखता हूं मेरा. बेटा होगा कल को मैं अगर उसके साथ होगा तो. सिर्फ व्यूज के लिए और टीआरपी के लिए और. सिर्फ एक ईगो के लिए कि यार कि शाहरुख के. बेटे को आज तो मैं मैसी की. तैसी ईगो है और बाद में रफा बाद में कुछ. हुआ भी नहीं तो वो बच्चे की तो जिंदगी. तबाह कर दी ना इन लोगों ने और जिस तरह से. चढ़ते हैं और जिस तरह से गिदों की तरह यह. जर्नलिज्म होता है मैं तो जा रहा था. जर्नलिज्म सीखने मैं तो जामिया किधर होता.
है जर्नलिज्म वहां मेरे को पापा भेज रहे. थे हा आईएमसी में होता है हर जगह होता है. अगर यह सिखाते जर्नलिस्ट को तो भाई बहुत. ही वाहियात बात है फिर मैं तो अच्छा व. मैंने नहीं किया क्योंकि बहुत ही गंदा लगा. मुझे वह वाकया और बच्चा था यार वो 22 ू की. मतलब 222 साल का बच्चा है उसे सुधारना ही. है हर चीज की हदें होनी चाहिए बट फिर राघव. लेकिन एक सवाल आता है ना कि जैसे हर. सिक्के के दो पहलू होते हैं हां बिलकुल. होते एक पहलू यह होता है कि आप शाहरुख खान. के बच्चे हो अब जैसे सुहाना को हमने आई. में ट्रॉफी देते हुए देखा अब वो ट्रॉफी.
इसलिए दे रही थी क्योंकि शाहरुख खान की. बिटिया थी अगर राघव जरेल की बिटिया होती. तो शायद अभी इतनी जल्दी नहीं दे. पाती प्रैक्टिकली बोल रहा हूं मैं या मेरी. बिट होती शना थी वो शाहरुख खान की लड़की. थी इसलिए दे रही थी या वो जिम जाते हैं तो. सारे कैमरे पहुंच जाते हैं आप 20 साल तक. मुंबई में भटके हो गे ऑटो में आपको कोई. देखने नहीं आया होगा देखने आया होगा तो वो. जो लाइमलाइट आ 200 साल तक शाहरुख भी भटका. होगा ना हां अब कल अभी मैं 20 साल भटका ह. तो मेरा बेटा वो कर कर पाएगा सिंपल है ऐसा. तो है नहीं कि अचानक से मेरे कर अर्जुन. आएंगे और अर्जुन भरती से निकल गया और.
शाहरुख खान पैदा नहीं शाहरुख बिकॉज शाहरुख. खान जो है वो अपनी बॉडी ऑफ वर्क जो उसका. जो उसका जो फिल्म फिल्मोग्राफी है आप. देखिए उसकी वजह से है वो ट्रू सही बात है. आई मीन फौजी से लेके सर्कस से लेके. अ. अपने बाजीगर से लेके बाजीगर से लेके और. बहुत सारे इंडिपेंडेंट फिल्म मेकर्स के. साथ भी बहुत बढ़िया काम किया उन्होंने. हेमा मालिनी जी के साथ शुरुआत की फिर बाज. भूल रहा हं उस फिल्म का डायरेक्ट. वैसी फिल्म बोल रहा हूं मैं पैरेलल सिनेमा.
की बात कर रहा हूं उस टाइम प मण कॉल आई. थिंक मण कॉल के साथ उन्होंने काम किया है. जो मण कॉल वन ऑफ द ग्रेटेस्ट फिल्म मेकर्स. ऑफ एफटीआई में पढ़ाया जाता है उन्हें उनके. साथ भी काम करके स्टेज में बैरी जॉन सब. करकर के वो शाहरुख खान बने और अब नहीं. उसके बेटे को पूछेगा कोई या बेटी को. अवार्ड अवार्ड नहीं देगी तो क्या फायदा. उनका शाहरुख खान बनने का. यार इतना को इतना कोई वैसी दुनिया नहीं है. कि जैसे हम चलते हैं कि. ऐसा ओबवियसली शाहरुख खान बना है और शाहरुख.
खान के बेटे बेटी लाक यू डोंट हैव एनी. प्रॉब्लम विथ नेपोटिज्म आई डोंट हैव आई. डोंट हैव एनी कंपलेंस ओके आई डोंट केयर. मैं अगर किसी जगह जा रहा हूं मैं अवार्ड. शो में जा रहा हूं मेरी आगे वाली सीट खाली. नहीं है मैं नहीं नहीं बैठूंगा मैं घर आ. जाऊंगा मुझे कंपलेंस नहीं है आप ही के एक. साथी है मेरे को मैंने तो नहीं देखा. शाहरुख सर को कभी कंप्लेन करते हुए अपनी. लाइफ करियर. मेंपट तो कैसे बनते हो उनको फर्क ही नहीं. था ना वो इसलिए वो बन पाए ना तो मुझे कोई.
कंप्लेन ही नहीं है यार नहीं आप मैं कैसे. धर्मा की फिल्म कर रहा हूं ट्रू मेरा पाप. तो अभी कचहरी बैठा हुआ है देहरादून में. ऑब्जेक्शन जुयाल ऑब्जेक्शन. जुयाल ऑब्जेक्शन जुयाल तो देर आर नो क आई. टोल्ड यू कितना बढ़िया नाम आपने रखा था. ऑक्शन. ऑब्जेक्शन क्यों आ गया था ऑब्जेक्शन जल. दफा एक का नाम दफा एक का नाम.
ऑब्जेक्शन बाप वकील है इसलिए बाबा वकील. है लेकिन हां य होता है नेपोटिज्म का क्या. है यार हर जगह होता है अब हमारे बगल में. जो शर्मा जी है वो अपने मतलब ये बहस भी आप. ही लोगों ने छेड़ी ना हमने थोड़ी छेड़ी. मैंने क. छे आप लोगों मतलब आपके साथी सहपाठियों ने. आप ही आप ही के एक साथी उन्होंने कहा कि. जहां हमारे सपने पूरे होते हैं वहां से. स्टार किट्स का संघर्ष शुरू होता है. बिल्कुल तो सही बात है उसम बुरा क्या है. कंप्लेन ई ना वो आप आप ही की तरह एक. आउटसाइडर थी पहाड़ से आती कंगना उन्होंने.
इन्हीं करण जोहर के सामने चुकाया तो जब आप. लोगों ने कहा मुझे बहुत पसंद है कंगना. क्यों पसंद हैना क्योंकि अपना पॉइंट ऑफ. व्यू बहुत क्लियर रख सकती है इतनी गट्स है. उसमें शौरी साहब. देखो शौरी साहब के साथ वो भी वो भी. बिल्कुल वैसे हीत बढ़िया मौज काट रहे है. अच्छा मैं देख नहीं रहा मुझे बहुत पसंद है. मैंने बहुत मजे बहुत लाइफ में मजे किए और. बहुत क्लियर आदमी है अच्छे अच्छों को. ज्ञान दे सकता है आदमी अभी परसन का एक. स्टेटमेंट आया कि अब बस एक तमन्ना मेरी है. घर जाऊ एक किलो मटन मंगाऊ एक बियर की.
बोतल एक अच्छी पिक्चर लगानी सोफे बैठ के. देखना बिग बॉस हा मैंने देखा है. व मैंने कहा इसके पीछे ड चलाते बनारस में. हम बहुत घूमे मैं शौरी साहब और वही आधा. किलो मटन उनका और. बियर देखो देखो फोटो भी आ गई ये सॉरी साहब. जी. देखिए लोग देखिए कैसे हैं कैसे नहीं. मिलेंगे तो मैंने कहा छेड़ी भाई भैस लेकिन. कना मुझे बहुत अच्छी लगती है सॉरी मैं. बहुत भटक रहा हूं टॉपिक से मैं आज कल रात.
बहुत वो थी लेकिन ये है कि मु कल रात आप. पूजा पाट में बिजी थे हां पूजा पाट में. बिजी था कंगना में अच्छा लगती है पॉइंट ऑफ. व्यू स्ट्रंग है उनके हालांकि मेरे पॉइंट. ऑफ व्यू उनके पॉइंट ऑफ व्यू से मिलते नहीं. है मगर बहुत स्ट्रंग पॉइंट ऑफ व्यू पहाड़ी. कनेक्शन हां पहाड़ी कनेक्शन बोल है लेकिन. स्ट्रांग पॉइंट ऑफ व्यूज रखती है और साला. एक्टर मेरे पास इमरान हाशमी आए थे अभी तो. इमरान हाशमी से उन्होंने कहा मैं अवर्ड. शोज में नहीं जाता अभी तो मैंने कहा कंगना. भी नहीं जाती कंगना ने कहा कि अवर्ड शो. बिके हुए होते तो इमरान ने कहा क्योंकि अब.
मिलने बंद हो. गए इन भा ने और वो काफी हेडलाइन बनी फिर. कई अखबारों बनी कि यार इमरान हाशमी ने. कंगना प मौज काट. दी नहीं खैर जो भी कहो एक्चुअली गैंगस्टर. की बात हो रही थी गैंगस्टर के सारे अवार्ड. कंगना को मिल गए थे डेब्यू करते ही इमरान. भाई को नहीं मिला था बाद में कंगना ने मना. कर दिया कि भाई मैं अवार्ड आप सब बके हुए. अवार्ड होते हैं मेरे को नहीं लेना तो. इमरान भाई ने कहा क मिलने बंद हो गए. मुझे पता नहीं इतना अंदर से जानता नहीं.
अवर्ड शोज को मगर अभी कहीं नाम नहीं आया. अभी आएगा आई थिंक जब मुझे मिल जाएंगे तब. बोल. दूंगा लेकिन अभी अभी है नाम ना कई कई जगह. है अवार्ड्स के लिए इस बार किल के लिए है. आई थिंक जगह जगह तो अभी मैं कुछ बोलना. नहीं चाहता एक बार घर में आ जाए तो ये. बाटर वाला होता है या परफॉमेंस वाला होता. है मेरे लिए तो परफॉमेंस वाला ही है भाई. नहीं मैंने सलमान भाई का एक इंटरव्यू देखा. वो कह रहे थे कि हम अपने घर की कुंडी में. लगाते हैं मुझे लास्ट कहीं देखा है अवार्ड. में नहीं. मैं तभी जाता हूं जब मे अवार्ड मिल रहा.
होता है या मुझे परफॉमेंस का पैसा मिल रहा. होता मेरी आदत है पैसा कितना जरूरी है भाई. बहुत जरूरी है यार यह मुझे फिल्म करके पता. लगा टीवी में पता नहीं लग रहा था य फिल्म. लाइन में जब से आया ना तब से पता लग रहा. है कि अरे बा कसम य तो स्ट्रगल अलग है. टीवी वाले टीवी वाली लाइफ बहुत अलग थी यार. टीवी में ज्यादा पैसा है अभी के लिए मे. लिए तो ज्यादा पैसा था टीवी में शो के. हिसाब से. रोमांस करने भी मिल जाता है सब टीवी में.
कंफर्ट लेवल है टीवी में लेकिन यहां तो. पुलिस वाला बना दे रहे हैं गुंडा बना दे. रहे हैं और एक एक साल शूट हो रहा है कोई. पुलिस कैरेक्टर के लिए तीन-तीन महीना तुम. साइकोलॉजिकल प्रिपरेशन कर रहे हो बर्बाद. हो रहे हो सनकी कर सकता है सना के तोही. टीवी से हटेगा इंसान देखो ना सब टीवी. कितना कंफर्टेबल लाइफ है सब टीवी में इतना. पैसा है मैंने गैंगस्टर ऑफ वासेपुर देखी. थी उसमें मनोज वाजपेई का एक रोल था जब वो. जाते हैं ना कि इतना बड़ा हो गई हो बयाह. नहीं हुआ तुम्हारा और फिर मैंने किल का. टीजर विजर देखा मेरे को लगा यार काफी.
इंस्पायर्ड है लड़का किल देखी नहीं तुमने. देखी नहीं अभी क्यों नहीं देखी यार इतना. पॉडकास्ट जरहा टाइम नहीं मिल रहा अभी अरे. यार तुम्हें किल देखने का हिंदुस्तान आई. थिंक वर्ल्ड सिनेमा की हा मैंने काफी. तारीफ सुनी मैंने जी दोनों एक साथ नि. पटाऊंगा मैं 111 और केल एक ही दिन मैं भी. मैं बियर तो नहीं पिऊंगा लेकिन एक कोक. लगाऊंगा कुछ नमकीन रखूंगा पॉपकॉर्न लाके. देखना खल देखना मजा आएगा तुम्हें 111 भी. बहुत बहुत. कमाल सीरी. मैं चूज भी अब ऐसा चीज कर रहा हूं जिसमें.
अच्छी लिखाई हो तो जरूरी है बजट देख या. बजट देखिए नहीं बजट बजट नहीं है बजट तो. टीवी में था ना बजट देखता तो अभी तक होता. टीवी छोड़ने के बाद फिर खर्चा कैसे मेंटेन. किया लाइफ स्टाइल तो अच्छी हो गई. होगी करक बड़े हो ग शौक कम कर दो बनारस. में पड़े रहो हा मेरा कुछ ऐसा है नहीं ऐसा. बहुत महंगी चीज पहनने मनने मेरा इतना है.
नहीं हम कम बजट वाला आदमी हूं मैं अ कुछ. ऐसा महंगा कुछ पहनता नहीं हूं कुछ घड़ी. महंगी ऐसा कुछ है नहीं हम अ सिंपल लाइफ. स्टाइल जीता हूं मैं आप तो थे मेरे साथ. बनारस में हां तो देखा ही होगा उस दिन. मम्मी आई हुई थी मेरी उस दौरान तो इसलिए. होटल में था वरना मैं आश्रम में रुकता हूं. तो मम्मी के साथ खर्चा नहीं होता ना कहीं. और जाते होगे तब खर्चा होता होगा क्या. खर्चा हो. जाएगा दोस्त यारों में रहते हैं ह. सब चिप इन करते हैं ऐसा कुछ बड़ा खर्चा है.
नहीं मेरा लेकिन हां लाइफ स्टाइल है लोग. बहुत है मेरे साथ जो सालों से हैं अचानक. से उन्होने नहीं कह सकता मैं चले जाऊ तो. वो उनके लिए मुझे थोड़ा कशमकश है देहरादून. वाले राघो और मुंबई वाले राघव में क्या. बदला देहरादून वाले राघव को ठंड लगती. है क्योंकि मौसम ठंडा है मुंबई वाले राघव. को ठंड नहीं. लगती क्योंकि वो ठंडा भी रहता है ठंडा भी. रहता है. ऐसा नहीं है मुंबई वाले राघव.
और बदलाव तो यार जरूरी है इंसान. में बदलाव चेंज ये तो नेचर है एक चेंज. हमको दिखाई पड़ा क्या चीज देहरादून में. राघव जो रहता है वो मम्मी का सलवार सूट. पहन के रहता है देखी फोटो लॉकडाउन में. फोटो बाद में डाली थी अच्छा वो भी बड़ा. अजीब वो को मिल नहीं रहे थे कपड़े कुछ. मैंने क कौन देख रहा है घर में धमा के. टाइम तो नहीं हुआ था कि करण जहर रणवीर.
सिंह से काफी मिल लिए थे नहीं नहीं कि. मम्मी का स सूट पहले के जमाने में तो राजा. महाराजा वही सलवार जैसी चीज पहनते थे अरे. सलवार जैसी चीज और लड़कियों सलवार सूट में. अंतर होता है भाई कुछ अंतर नहीं होता. पुराने के महाराजाओ को देखो. आप तो उनके सूट जैसी होती थी तलवार रहती. थी तो वो मम्मी का था मेरे कपड़े धुले. नहीं थे तो मैंने. पहन ऑब्जेक्शन जयल साहब के सामने गए थे. सलवार सूट पहन के कहते वो ऑब्जेक्शन दे.
देते मुझे कहते राजा महाराजा ऐसे ही पहन. घूमते थे ये क्या कर रहे हो तुम इनके. सामने नहीं गए कभी जब ये बाल बाल कलर. करवाए थे तो पापा पापा ने कहा अे तुम क्या. छपरी बन ग अरे नहीं नहीं वो तो बहुत डांट. लगी थी और उस टाइम पे थोड़ा रिबेलियस था. मैं बचपन से ना आदमी मन मर्जी क्या बोलते. हैं उसे मन का करता था हम हम तो वो उस. टाइम पे था कि डांट वाट पड़ी थी क्या रा. बाल रंगा दिए क्या करना है तो गैंग.
वासेपुर का जिक्र किया था मैंने मैंने. कहीं पढ़ा कि राघव को एक्टिंग करने कीड़ा. गैंगस ऑफ वासेपुर देख ल गंग वासेपुर में. क्या देखा था क्योंकि हमारा तोले एक्टिंग. का शौक मुझे बचपन से ही था जैसे शाहरुख सर. दिख. रहे तो शौक था शौकी तौर पर था वो ऐसा था. कि जैसे सब लोग सोचते ना कि भाई बमबे चले. जाएंगे जिम चले जाएंगे एक्टिंग अपने आप आ. जाएगी वो वाला फील. था फिर मैंने गंग देखी विजयराज साहब के. साथ काम किया तो मुझे तब रिलाइज हुआ मैंने.
नहीं भैया ये ऐसी चीज इसके लिए ट्रेनिंग. चाहिए गैंग में जब देखा लोगों को मैंने. कहा ये क्या एक्टिंग कर रहे हैं ये तो. एक्टिंग ही नहीं कर. रहे और एक्टिंग ना करने अभी तुमने किल. देखी नहीं ना तो इसलिए तुमसे इंप्रेस नहीं. हो रखे हो किल देखो पता. ल तुमने देखी है किल है ना गुड ये देखो. देखोगे तो पता लगेगा मतलब मुझे जब गैंग. वापुर मैंने देखी तो उससे पहले मैंने एक. और फिल्म देखी थी ओम दरबदर.
वो भी बड़ी वैसी फिल्म थी तो मैंने कहा. यार ये कैसी कैसी चीजें कर रहे हैं दुनिया. में इंसान लोग वासेपुर मैंने 150 बार देखी. हो हां वासेपुर मैंने भी 150 बार देखी. पहली बार जब मैंने देखी थी मेरी एक्स एक्स. एक्स एक्स गर्लफ्रेंड ने दिखाई थी और जी. वहां पर मैंने कहा यार ये क्या कैसे कर. रहे हैं यार हम डायलॉग बोलने में कोई वो. नहीं है कोई लोदर अच्छा लगा था म हालांकि. तो पूरी फिल्म कल्ट थी जिसको देख लो सब एक. से बेहतर एक थे लेकिन फिर किसका बोलू यार. किरदार. मतलब पहली बार ऐसा लगा था कि किसी एक का.
किरदार से अच्छा नहीं पूरी फिल्म साली. इतनी गजब थी वो रामाधीर सिंह गजब के थे. मनोज हा और वो जो बातें करते हैं मेरे को. लग रहा था यार बातें कर रहे हैं ये ये. सीखनी है कला एक्टिंग ऐसी नहीं आ जाएगी तो. फिर मैं सौरभ सर पे गया पाछ साल मैंने हां. बैरी जॉन हां उस बैरी जॉन के साथ थे वो या. अलग हो गए थे नहीं अलग हो गए थे बैरी जॉन. सर तब दिल्ली में थे अभी बम्बे रेली करते. धर्मशाला में है शायद. सर तो तब मैं पांच छ साल ट्रेनिंग ली. एक्टिंग की और तब मुझे पता लगा अरे यार ये.
तो सारा शौकी बाहर की चीज नहीं है तो अंदर. अंदर की मामला है सारा सारा डीप अंदर. है तो वो मुझे फिर गैंग आसपुर की बात समझ. आई कि यार यह कुछ करना है ऐसा तो जब. अनुराग कश्यप ने कहा कि तुमने फोड़ दिया ख. में तो लगा तो होगा अ कुछ उखाड़ लि लाइफ. में यार उनके अनुराग सर के बाद फत फासिल. भाई ने मैसेज किया हां मैंने सुना साउथ. में भी काफी लोग बहुत बहुत मतलब पूरी. इंडस्ट्री ने मुझे मैसेज और कॉल किए मुझे. बहुत खुशी है कि ऐसा नहीं हो ऐसा बोलते.
हैं ना लोग कि सब चिड़ते हैं कोई किसी को. कुछ कर मेरे मेरे लिए तो सबने कॉल किया. यार विक्की भाई ने दिल खोल के तारीफ की. मेरी अनुरा मतलब आंखों से मैंने जितना. टीजर देखा मुझे आंखों में वहशी पन नजर आ. रहा था अच्छा तो सही है फिर कैरेक्टर आज. तो चश्मा लगाया लेकिन उस दिन आंखों में. दिख रहा था इसीलिए मैं तुम नहीं चश्मा. लगाया हु है मैंने कि ज्यादा वैशी पन ना. दिखे लेकिन फील था यार उस फिल्म का भी फील. है कितनी जगह ट्रेवल की है फिल्म कितने. फेस्टिवल्स में गई है बहुत लंबा सफर है उस.
फिल्म का भी तो ये डार्क कैरेक्टर्स या. पुलिस वाला कैरेक्टर से 111 में है ये. इसलिए चूज करो क्योंकि इससे सीरियस एक्टर. लगते हैं या नहीं इसमें सिलेक्ट हो गया था. ना ऑडिशन देके अच्छा बिगर्स कांट बी चूज. बैगर्स कां बी. चूज अभी मैं बोलू एक्चुअली मैं चूज कर रहा. हूं क्योंकि मैं स्टीरियो टाइप ब्रेक करना. चाहता हूं घंटा कुछ नहीं है 100 ऑडिशन. देते हैं 100 में से दो में सिलेक्ट होते. हैं तो दो ये थे. और कहां क ऑडिशन थी जहां सिलेक्ट नहीं हुए.
थे वो तो ये तो पार्ट ऑफ जॉब है यार फिर. भी कोई ऐसी फिल्म हर जगह ज लगा हो कि यार. य वाला फट देता अगर मिल जाता तो यह वाला. फट. देता किसको ऑडिशन दिया था एक ऑडिशन मैंने. दिया. था उस ऑडिशन में हाइट की वजह से रह गया था. मैं उन्होने मुझसे फोन करके पूछा कि आपकी. हाइट क्या है मैंने कहा 61 ग में तो 5 लिख. उन्होने बोला मैंने कहा को रख लो फिर. कैरेक्टर. मैं 61 हूं नहीं सर ग में 51 लिखे मैंने.
कहा यार सुनो मैं सक्सव हूं मुझे पता है. सक्सव हूं सिलेक्ट लेक्ट हो गया था ऑडिशन. में सब पेपर पेपर आने लग गए हाइट पूछी थी. एंड में उन्होंने उसके बाद उनका कॉल बंद. हो ग उस चीज. के अब ट्रामा हो गया है तो अभी ऑडिशन में. जब हाइट पूछते मेरे से तो कम बोलता जो ग. में वही हाइट. है पहले होता था किल के बाद तो मैं खैर. अभी वो नहीं लेकिन किल से पहले मैं सबको. कहता था य जो ग में वही हाइट है हाइट की. वजह से मैं नहीं हुआ क्योंकि लंबा था तो.
इससे अच्छा तो ग में वो. बताओ मतलब सब दोस्त लोग गए हुए हैं. महाराष्ट्र ट्रैकिंग पे मच काटी जिंदगी. में. बहुत मौज काट ही रहे हैं हम अ शाहरुख सर. को लेके तो आपने बड़ी कहानी सुना दी हम. सलमान खान हां बिग बॉस आप जाते रहते हो. सलमान खान के साथ हमने कई बार आपको देखा. फिल्म में भी है सलमान खान साथ थे जी. सलमान खान अपने आप में कैरेक्टर है वो वो.
पता है क्या वो अम्य जमेंट पार्क है उनके. साथ काम करना लाइक अम्य जमेंट पार्क यू आर. मतलब बहुत मजे आते हैं उनके साथ काम करके. महफिल जमती है रात को पार्टी होती है फिर. फार्म में दो दिन रुको अच्छा फार्म में. उनके रुको तो इतना खुला मतलब कोई मना ही. नहीं है उनकी एटीवी चला सकते हो तुम डर्ट. बाइकिंग कर सकते हो स्विमिंग कर सकते हो. लेक में वो दिल सच्ची में क्या बोलते हो. ना खुले दिल वाले आदमी है. मतलब सलमान भाई को लेकर उनको अच्छा लगता.
है कि बच्चे जो है ये मजे कर रहे हैं मेरे. फार्म में या मेरे आसपास अच्छा लगता है उ. मैंने सलमान भाई को लेकर दो तरह के लोग. देखिए जैसे एक मेरे दोस्त है विशाल मिश्रा. वो हमेशा तारीफ करते हैं कि भाई सलमान भाई. ने यार ही टू गुड आपको आधी रात को जरूरत. है हेल्प कर दो एक अयास खान जैसे लोग जो. शिकायत करते रहते कि यार सलमान भाई ने खान. बिग बॉस. कहते एजाज खान सॉरी हा कि यार शुभंकर भाई. और उन्होंने मेरे को हेल्प करने कहा था. किया नहीं सलमान खान कौन है क्योंकि एक तो. पर्सनालिटी दिखती है दबंगई वाली एक दिखता. है कि एक्टर्स है एक उनकी अपनी इमेज है एक.
लाइफ है बट हु इज सलमान खान क्योंकि आपने. तो बहुत क्लोज काम किया. है सलमान सर इज नेचर नेचर होती है ना मौसम. अपने हिसाब से नेचर अपने हिसाब से काम. करती है कब बारिश हो जाएगी कब धूप हो. जाएगी कब मौसम चेंज तो सलमान सर इज लाइक. दैट तो मौसम के हिसाब से ट्रैकिंग करो हम. ट्रैक पर जाते हैं जब तो मौसम देखते हैं. अच्छा आज के. ये है तो ट्रैक करते हैं बे मौसम बरसात.
में तुम ट्रैकिंग करने जाओगे तो भूस्खलन. हो जाएगा कुछ हो जाएगा तो सलमान सर इ लाइक. नेचर डर लगता है कभी डर नहीं रिस्पेक्ट है. और डर भी है होना भी चाहिए यार क्यों नहीं. हो होगा वो देखो क्या. कोइंसिडेंस यह गैलेक्सी की फोटो. है नहीं मगर. लेकिन जो मजे कराने में सलमान सर करते हैं. ना कोई नहीं कर सकता मतलब. एंजॉय देखो ना कितना एंजॉयमेंट वाला ये.
गैलेक्सी नहीं हमने देखे थे उसके प्रोमोज. भी देखे थे और जब आप लोग पोस्ट प्रोडक्शन. काम करने जा रहे थे आप लोग प्रमोट कर रहे. थे फिल्म तो उस टाइम भी जो बंडिंग दे रहे. थे लग रहा था काफी चिल्ड माहौल था फिल्म. में मतलब ऐसा वो एक्टिंग वाला टेंशन हमें. दिखाई नहीं पड़ था मेरे साथ तो बहुत चिल्ड. है सर. और बहुत पसंद भी करते हैं इसीलिए फिल्म. में बुलाया था मुझे अच्छा पहली फिल्म है. जिसमें मैं बिना ऑडिशन के गया. हूं सर ने बुलाया पूछा नहीं सर क्यों मतलब. मुझे कॉल आया था सर का तो पहले मुझे लगा. सलमान भाई का कॉल है जो डांसर वाले सलमान.
भाई हैं फिर इन्होंने बोला कि फिल्म करनी. हैरे भयंकर सर करेंगे सर पहली फिल्म है. जिसमें बिना ऑडिशन. के इस दौरान. हम सलमान भाई के साथ ये अच्छा एक्सपीरियंस. रहा अ राघव. जुयाल की दो इमेज मेरे दिमाग में आती है. एक आती है बहुत कॉमिक इमेज है जो वो टीवी. पर जाकर प्रेजेंट करते हैं जब वो फ्लड. करते हैं मजाक करते हैं हंसाते हैं रेमो. को छेड़ते हैं और एक इमेज उनके सोशल.
मीडिया पर आती है जहां पर बहुत सारे. सेंसिटिव इशू को उठाते हैं जैसे एक आपके. भाई वाला इशू हमने छेड़ा एक रिसेंटली. वीडियो बहुत वायरल हुआ था जो मेरी फीट पर. बारबार आ रहा था नेचर से छेड़छाड़ को लेकर. आपने एक बोतल उठाई और कहा ये स्वक से. स्वागत जो है और जाकर करना यहां मत. करो अब मेरे जहन में सवाल आता है कि राघव. कौन है मतलब यह वाली पर्सनालिटी है या. अगेन इट्स लाइक नेचर की अलग अलग शीट्स है. मैं भी नेचर हूं.
मेरे को एक दिन सलमान सर ने बोला कुछ तो. हुई थी बात हमारे कुछ बात हुई थी तो एक. दिन उन्होने मुझे बोला. कि ऐसे करके बोला कि सम टाइम्स आई सी माय. सेल्फ ऐसे कुछ बोला मैंने कहा सर ऐसे य. तारीफ य तो मेरे लिए तो तारीफ हुई नाय तो. मेरा मैं भी ऐसे बहुत वैसा हिसाब है मेरा. और मुझे कोई चीज लगती है मैं उसी वक्त बोल. देता हूं उस दिन जो वाटरफॉल में हम बचपन. से क्योंकि देहरादून में पला बड़ा हूं मैं. मसूरी देहरादून में और वो मेरी जगह है हम. ऐसा नहीं मैं कोई अभी का बना हुआ गया हूं.
और वहां वीडियो के ऐसा नहीं है वो मेरी. जगह है वो मेरा घर है और मैं बचपन से जा. रहा हूं उस वाटरफॉल में और अब जो मैं देख. रहा हूं देहरादून में कि पहाड़ कट के. बिल्डिंग बन रही हैं तो वो मुझे द दर्द. होता है अंदर बहुत एक एक लोकल को जो दर्द. होगा देहरादून के लोगों को वो मुझे दर्द. होता है अंदर और वो मैं फील करता हूं कि. मैं पिछली बार जब आया था तो ये पहाड़ नहीं. कटा हुआ था इस बार पहाड़ कटा हुआ क्योंकि. कोई कंस्ट्रक्शन कर रहा है वहां हम या.
वाटरफॉल में प्लास्टिक की बोतलें दिख रही. हैं जो पहले नहीं होती थी हम हम भी पिकनिक. हमारा लाइफ स्टाइल वही रहा है देहरादून के. लोगों का हम पिकनिक्स जाते थे पापा लेके. जाते. थे तो वो वाटरफॉल में मैं कांच की बोतले. और वो देख रहा हूं और और वो सब देखता हूं. तो मुझे दर्द होता है अंदर और कुछ नहीं तो. आपको लगा नहीं उसपे बैक फायर भी हो सकता. है लोग कहेंगे यार आपने पब्लिसिटी के लिए. कर दिया हालांकि काफी अप्रिशिएट किया गया. वो मैंने देखा काफी लोगों ने पसंद किया. काफी लोगों ने अप्रिशिएट किया उसे यार. देखो चार चार लोग भी अगर सुधर रहे हैं चार.
लोग भी वो देख के तो वो बाकी के छह को. सुधारें वो चार काफी है बाकी के जो दो. उससे फर्क नहीं पड़ता लेकिन जो चार अच्छा. बोल रहे हैं जो सुधरेंगे उस चीज को देख के. व वो मेन है और ऐसा नहीं है कि मैंने. क्योंकि इंटरनेट है दिया हुआ है हमें. तो वो इशू मुझे लगा था कि मैं बोलना चाहिए. मुझे कि देहरादून में आया क्या कर रहे हो. आप लोग इतना गंद मचाया हुआ.
है या तो मैं कहीं और का बंदा हूं दिल्ली. बम्बे का और फिर मैं देहरादून गया हूं फिर. मैं वीडियो बना रहा हूं गाइस ये क्या कर. रहे हो वो बात मैं वहां पर पला बड़ा हूं. भाई थोड़ा तो रिसर्च. करो मेरी जगह है वो वहां पर मैं पला बड़ा. हूं पहाड़ी हूं मैं और आज से नहीं हूं मैं. शो ऑफ के लिए नहीं हूं मैं मेरी पूर्वज. पहाड़ी थ तो मैं पहाड़ी हूं बाय फॉल्ट में. क्या करूं मैं हूं और मैं पला बड़ा हूं. वहां. पर इस एक सवाल मेरे आता है कि अभी जैसे. छुट्टियां होती है अब उत्तराखंड देवभूमि.
है हम जो लॉजिकली तो देवस्थान है जहां पर. लोग पूजा पाठ करने आ भगवान की आस्था के. जाते हैं बट अभी के समय वो एक टूरिस्ट. प्लेस बन गया है दिल्ली गाजियाबाद एनसीआर. के जितने लोग हैं जैसे ही संडे वीकेंड आया. फ्राइडे आओ गाड़ी उठाओ चलते हैं लंबा जाम. लग जाता है हरिद्वार ऋषिकेश सब इधर तो. वहां जाते हैं तो चिल करने के लिए आते हैं. घाट के किनारे बड़ी खबरें आती हैं कई बार. हमने भी खबर की कि किनारे बैठ के दारू पी. रहे हैं बियर चल रही है और ये कॉमन ट्रेंड. हो गया है तो फिर इसको लेकर आप लोग का कोई. स्टैंड या आप लोगों ने कभी कोशिश की कितनी.
बार बोला है मैंने आपने देखा नहीं होगा. मैंने बहुत बार बोला है यह चीज. [संगीत]. और यही है कि. यार अपने बाप की ज जागीर मत समझो जब आओ. वहां टूरिस्ट को मैं य बोलना चाहूंगा कि. यार एक बीच में केस हुआ था वहां पर जॉर्ज. एवरेस्ट में हुआ था कि वो हम लोग थे वहां. पर क्लाउड ज बोलते हैं वो पिस्टल लेके वो. ढक ढक फायरिंग हो रही थी. वहां आई थिंक हरियाणा की गाड़ी थी और कहीं.
की गाड़ी थी तो तब वो पिस्टल आज तक वापस. नहीं मिली है उस बंदे को तो आप उतना ही. करो एंजॉय करो उस चीज की पीस को महसूस करो. पहाड़ों में पीस है डोंट लीगन्स मत बन जाओ. वहां के नहीं जैसे आपने अगेन मेरे दिमाग. बारबार सवाल मेरा आता है जैसे आपने. स्पिरिचुअलिटी की बात की कि आप मंदिर जाते. हो अब आज के टाइम में यूथ में एक बड़ा. कॉमन ट्रेंड चला है मंदिर जाते होए वो. स्पिरिचुअल नहीं हो सक जरूरी नहीं कि वो. स्पिरिचुअल हां मतलब ठीक है हां वो. रिलीजियस आप हो स्पिरिचुअलिटी रिलीजियस वो.
डिफरेंस हम ही समझ रहे हैं बट एक ये आता. है कि आजकल जब से सोशल मीडिया है एवरीथिंग. इज फॉर सोशल मीडिया मैं वृंदावन जाता हूं. वहां भी लोग कहते हैं कि 90 पर कैमरे का. हिसाब किताब है केदारनाथ में सेल्फी रील. बैन कर दी गई क्योंकि ऊपर काफी तमाशा हो. गया था ढोल नगाड़ा कोई अपना कुत्ता लेके. पहुंच गया हां बहुत अच्छा किया ये हर जगह. होता है तो डू यू बिलीव कि यह सब चीजें. सोशल मीडिया की वजह से ज्यादा हो गया है. देवभूमि को टूरिस्ट स्पॉट बना दिया गया है. सोशल मीडिया ने सो इट्स गुड और बैड बिकॉज. एट द एंड ऑफ द डे प्रॉफिट भी दे रहा ने.
शुरू में कहा था कि हर सिक्के के दो पहलू. होते हैं हा अब हमारी जो स्टेट है वो इ. टूरिस्ट हा से बहुत लोग कमा रहे हैं च इज. गुड बट कंट्रोल्ड टूरिजम जरूरी है टूरिज्म. का मतलब ये नहीं कि भीड़ आ जाए और कुछ भी. कर ले वहां कंट्रोल टूरिजम जरूरी है रूल्स. एंड रेगुलेशन जरूरी है जैसे यूरोप में. होता है कंट्रोल टूरिजम है और एक एक एक एक. नंबर्स ऑफ भीड़ आ रही है वहां पर व पता.
लगना जरूरी है तो वह जरूरी है कंट्रोल. टूरिजम जरूरी है जगह जगह जैसे नॉर्थ ईस्ट. में डस्टबिन लगे हैं तो वो सब वो इंसान को. भी करना चाहिए तुम. प्रार्थना 24 घंटे पूजा कर रहे हो और. प्लास्टिक फेंक रहे हो बाहर तो घंटा की पू. घंटे की पूजा है व मुझे तो नहीं लगती व. मुझे तो नहीं लगता वो भगवान को मानता है. इंसान. ओके तुम केदारनाथ बद्रीनाथ जा रहे हो और. बाहर प्लास्टिक के फेंक रहे हो पहाड़ों. में. मुझे तो नहीं लगता वो रिलीजस है किसी भी. एंगल से या.
किस या तुम भीड़. स्टैंपेड्स. टू से मैं जब ये पॉइंट आउट करता हूं लोगों. को तो सब फिर वो चिट जाते हैं लेकिन यह. मैं देखता हूं जब केदारनाथ बद्रीनाथ में.
भीड़ लाइन लगी है वहां मां बहन की गालियां. चल रही है मैं कहा ये है य इस अच्छा तो. मैं हूं यार दूर से शांति से कम से कम हाथ. जोड़ के. च तो वो मुझे अजीब लगता है बहुत और ऐसे. ऐसे यात्री. जो टीके लगे हैं 24 घंटे वाली पूजा कर रहे. हैं और वो कर रहे हैं प्लास्टिक फेंक रहे. हैं बाहर और मां बहन कर रहे हैं और फिर जा. रहे हैं केदारनाथ बद्रीनाथ तो वो किस बात. का है फिर स्पिरिचुअलिटी या रिलीजस मुझे. समझ नहीं आता वो ये सवाल उठाता हूं एक. मंदिर प आखरी सवाल है इसके बाद फिल्म प. लौटेंगे हम एक और मेरे मन में थॉट आता है.
क्योंकि आप देवभूमि से हो आप बहुत ही. बेबाकी से बोलते. हो हमारे हिंदू धर्म में चलता है वीआईपी. टिकटिंग का या वीआईपी कोटा बनारस भी गए. होगा आपने देखा होगा कि सुबह तीन ब लाइन. लग जाती है अलग से टिकट ले आओ भगवान के. जल्दी दर्शन हो जाएंगे हर मंदिर में शुरू. कर दि इज इट गुड और बैड कि पैसा है तो. भगवान जल्दी देखो ये भी यह भी एक. है मतलब आप तो बनारस काफी रहते हो इसलिए. पूछ ऐसे जाते हो कभी दर्शन करने देखो देखा. जाए तो सब बोलते हैं भगवान अंदर है.
हम हमारे अंदर है पहले अपने अंदर चेंज लाओ. तो फिर आभार चेंज आएगा. हम वो कबीर का है कि कबीर जी का दोहा है. कि किसका है. कि अगर मुझे पत्थर पूजना होता तो पहाड़. पूछता मैं कबीर जी का है शायद से अगर. पत्थर में भगवान होते तो पहाड़ पूछता मैं. कुछ था ऐसा तो वो वहां पर भी वो सीन है चल. रहा है और सही तो नहीं है मुझे लगता है कि. भाई वीआईपी वाली लाइन अलग है और वो है. दर्शन तो सबके एक ही होने चाहिए तो है.
सिस्टम है और ये हायरा की जो है ये आई. थिंक इट्स पार्ट ऑफ द सोसाइटी सिंस वेरी. लॉन्ग और ये राकी रायकी और उससे सेही आता. है ये क्लास डिफरेंस से आता है बिकॉज इट्स. अ क्लास सोसाइटी इंडिया क्योंकि हम हम हम. ऐसी सोसाइटी है जहां फाइव स्टार में बैठते. तो बोलते हैं हाय व्हाट्स यो नेम राजी ओ. आई एम हियर टू टेक केयर ऑफ यू ओके व्ट आई. हैव वन रोटी वन नान थैंक यू राजीव जैसे ही.
हम लोग बाहर जाएंगे और खोके में जाएंगे. छोटू तो यह वो सोसाइटी. है तो वह मंदिर की लाइन नहीं चेंज हो सकती. आपको हमें अपनी मेंटालिटी चेंज करनी. पड़ेगी यहां तो कह रहे हो चलो दर्शन की. कहानी हो गई 11 में आपको दर्शन हुए कातिल. के जो 15 साल पुराना कातिल था वो तो आपको. देख के पता लगेगा ना वो मैं भी बता दूंगा. तो फिर बड़े सारे फिल्मी कैरेक्टर हमने. देखे पुलिस वाले हमने सलमान भाई को पुलिस. वाला बनते देखा है हमने शुख भाई को पुलिस. वाला बनते देखा है राघव को हम क्यों देखें. पुलिस वाले के तौर पर मेरे को क्यों देखें.
हा मत देखो यार मन नहीं है तो अरे बट जी5. वाला पैसा लगा है वो तो पूछे मेरे को. इसलिए देखे क्योंकि मेरे मेरे में मैं मैं. कोई ऐसा नहीं होगी मेरी वजह से आपको देखना. है कहानी में दम है फिल्म मेकर्स में दम. है प्रोड्यूसर हमारी ऑस्कर विनर है एक करण. जोहर है और कहानी जो है बहुत ही लाजवाब. कहानी है और कहानी हमारी फिल्म का हीरो है. हमारी सीरीज का हीरो है और ये आजकल चल भी. रहा है कि कहानी हीरो है और मैंने अच्छी.
कहानी लोग देख लेते मैंने एक्सपीरियंस भी. कर लिया ये जो वर्ड ऑफ माउथ जो इतने दिनों. से सुन रहा था मैं मैंने अपनी फिल्म में. एक्सपीरियंस भी कर लि है तो यह जरूरी है. मैं अच्छी कहानियां चुन रहा हूं और वो. कहानी देखिए आपको मजा आएगा और उसके लिए. देखिए यह नहीं कि राघव जवाल के लिए देखिए. यह जमाने चले गए कि भाई आपने मेरी पिछली. फिल्म ने मुझे प्यार दिया इसमें भी. दीजिएगा यह जमाने चले गए हैं अगर अच्छी. लगेगी ऑडियंस को सीरीज और क कहानी में दम. होगा तो ही देखेगी यह सिंपल बात है और मैं.
कल परसों से बोल रहा हूं ये बात बिल्कुल. सही है काफी पीछे से मुझे बोलते हैं ऐसे. लेकिन मैं बोलता हूं ये कहानी में दम होगा. तो चलेगी कहानी में दम नहीं लगेगा ऑडियंस. को तो नहीं चलेगी सिंपल फैक्ट है भाई. बड़ी-बड़ी फिल्में बड़े-बड़े स्टार्स की. जिसका हमने वेट किया अभी एक बहुत बड़ी. सीरीज आई थी जिसका हम दो-तीन साल से वेट. कर रहे थे एक बहुत बड़ी वेब सीरीज आई थी. अभी मैं नाम नहीं लूंगा बट उसकी कहानी. नहीं अच्छी थी तो माउथ पब्लिसिटी खराब हो. गई हमने तीन चार साल वेट किया बट वो मजा. नहीं आया हमें हां वही होता है ना. पब्लिक जो साउथ में फटी है फिल्म हमारी.
फिर उसके बाद नॉर्थ में फटी तो वो वर्ल्ड. वाइड फटी फिर तो वो इसीलिए फटी कहानी. क्योंकि फिल्म में दम था हम फिल्म चलेगी. तो तुम चलोगे कुछ घंटा फर्क नहीं पड़ता. तुम्हारे कितने फॉलोअर हैं तुम कितने बड़े. दिग्गज हो तुम्हारे कितने आर्मी बैठी है. पीछे पब्लिक जेब से पैसा यहां पर एक. क्वेश्चन आ गया मिर्जापुर में जो उसकी लीड. एक्ट्रेस हैं उनका हालिया में एक. स्टेटमेंट आया था कि आज के टाइम में आपको. जब कास्ट किया आता है तो आपके फॉलोअर्स भी. देखे जाते हैं थोड़ा टाइम चला था ये चलन.
लेकिन वो खत्म हो गया अब कि आपके कितने. फॉलोअर है वो खत्म हो गया है ना सर वो. क्योंकि नहीं च चला ना वो वो वो वो बीच. में चला था चलाने की फॉलोअर देख के तुम. कास्टिंग कर रहे हो हां और फिर उसी की. लेकिन फिर एंड एट द एंड ऑफ द डे आपको. एक्टिंग करनी है स्क्रीन पे आपकी मां मर. रही है या बाप मर रहा है आपको वो इमोशन. दिखाना है बट उसम क्या कंसेप्ट था 30. सेकंड की रील के आधार पर फिल्म देना. बहुत गलत कांसेप्ट है बहुत नुकसान हुए है.
हमें सबको कितने एक्टरों को जो एक्टर. हैं जिसकी वही है ना कि तुम अच्छे. इंटेलिजेंट हो किसी मंत्री ने तुम्हारा. कोटा लगा दिया है डॉक्टर बन गए तुम. इंजीनियर बन गए हो सरकारी में तो जो जिस. जो जो जो सच्ची में कर रहा है एक्टिंग व. तो बेचारा पड़ा हुआ है ना घर में बट डू यू. थिंक फॉलोअर्स वाला जो यह फार्मूला अ हर. जगह हावी होता जा रहा है जैसे बिग बॉस भी. चल रहा है अब बिग बॉस को लेकर भी कांसेप्ट. चल रहा है कि इट्स नो मोर पर्सनालिटी शो. पहले क्या था पर्सनालिटी के आधार पर जज कि.
र था अब आए कि आपके अगर फॉलोअर पीछे अच्छे. हैं आपका बैकिंग अच्छा है तो आप जीत जाओगे. आपकी पर्सनैलिटी में भले ही चार दाग हो बट. क्योंकि आपकी वोटर है वो फिर तो गलत बात. है ये बट आपको लगता है रणवीर शोरे जीत. सकते हैं क्योंकि वो बारबार र शौर सबके बा. या बट वो खुद बार-बार कहते हैं कि अगर. वोटिंग के आधार पर हुआ तो शायद मैं नहीं. जीतूंगा क्योंकि बाकी लोग एक बात सुनो एक. मैच एक रेस है दो लोग भागे हैं हां एक. बंदा जीत गया है हां लेकिन जो बंदा जीता. है उसे जिता नहीं रहे क्योंकि फॉलोअर उसके. ज्यादा हैं जो पीछे आया है सेकंड तो ये.
कहां का लॉजिक. है रणवीर शौरी जो मेरे को मैंने देखा नहीं. है बिग बॉस में देखता नहीं हूं मैं को. शौरी साहब पर्सनली जानता हूं मैं शौरी. साहब. को यार वो आदमी एक्टर को बनाता है यार. मतलब वो ट्रेनर है हम वो इतने सारे एक्टर. इंस्पायर हुए हैं उससे देख के वो उसको पता. है कि अंदर ध्वन क्या चल रहा है अंद रंग. क्या चल रहा है उसे पता है कि इंसान के. अंदर का क्या सिस्टम है आपके आंखों में. देख के वो जान लेगा अंदर आपके क्या चल रहा. है उसको आप बेवकूफ नहीं बना सकते बेसिकली. वो बहुत दिग्गज आदमी है हम वो थिएटर के.
थिएटर के प्ले जगत में मतलब इतने 30 सालों. से हैं वो और हम उनके प्लेस देखते आ रहे. हैं हम मैंने देखा था आपने बहुत तारीफ की. थी उनकी जब आप गए थे हां क्योंकि मैंने. बहुत सिखाया है मुझे बहुत अच्छे एक्टर हैं. हम और मजबूरी में गया है वो आदमी वहां एक. होता है शौक में जाना वो मजबूरी में वहां. पर गया हुआ है तो उसका समझो बात को तो फिर. यही सवाल आता है कि इतना अच्छा एक्टर आप. कह रहे हो कि जो तो समाज पे समाज की ये. ये एक इतना अच्छा एक्टर अगर बोल रहा है. मुझे मजबूरी में आना पड़ रहा है मेरे पास.
काम नहीं है तो ये समाज प तमाचा है हमारे. बट ये तो आपकी बॉलीवुड प तमाचा है समाज प. तमाचा है नहीं बॉलीवुड किसका हिस्सा है. ठीक है समाज का हिस्सा बस हो गया. ना किसका हिस्सा है बॉलीवुड बॉलीवुड कहां. का हिस्सा है बॉलीवुड के अंतरिक्ष से आया. वो बात ठीक है वैसे सारी चीज समाज की हो. गई तो किसी प डायरेक्ट क्वेश्चन होगा ही. नहीं है तमाचा है बिल्कुल. है यह तमाचा है कि एक एक्टर को यह बोलना. पड़ रहा है इतने बड़े रियलिटी शो में आके. कि मेरे पास काम नहीं है इतने बड़े इतने. दिग्गज एक्टर को इतने मतलब एक्सपीरियंस्ड.
एक्टर को ये बोलना पड़ रहा है और मैं. मजबूरी में ये शो कर रहा हूं तो मेरे को. तो आंसू आते हैं इस बात पे नहीं बट थोड़ी. देर पहले जो आपने मुझसे कहा कि अब अच्छी. बात है कि हमारे यहां कास्टिंग डायरेक्टर. होते हैं जो आपको ऑडिशन बुलाते हैं और. कास्ट कर लेते हैं तो क्या रणवीर शौर जैसे. एक्टर वहां जाते नहीं है या जाते हैं. सेलेक्ट जाते हैं क्यों नहीं जाते हैं ले. फिर सेलेक्ट क्यों नहीं होते भैया अब. सेलेक्ट क्यों नहीं होते वो मुझे सिलेक्ट. मतलब क्या नहीं होते बहुत सारी सीरीज कर. रहे हैं बहुत सारी फिल्म्स कर रहे हैं वो. ऐसी बात नहीं है लेकिन क्या पता उनको को. लगा हो कि उनको जरूरत हो उस शो की उस वक्त.
या उस वक्त. उन या या दो महीने मेरे पास नहीं है फिल्म. फॉर एग्जांपल एक मिनट फॉर एग्जांपल दो. महीने मेरे पास फिल्म नहीं है या मेरे पास. काम नहीं है तो चलो जाओ शो कर लो. एक्सपीरियंस ले लो नहीं उनका जो शिवानी से. फर्स्ट इंटरेक्शन था व्हेन शी आस्क कि आप. क्या करते हैं बिकॉज उसको नहीं पता था तो. ही सेड आई एम एन एक्टर इतने सालों से. एक्टिंग कर रहा हूं बट फिलहाल मेरे पास. कोई काम नहीं था तो मुझे लगा कुछ करना ही. है बिग बॉस कर लेते हैं हां सो दैट वाज. वेरी पेनफुल जो बहुत वायरल हुआ था और लगा. कि यार एक्टिंग तो कमाल की इनकी रही है सब. अप्रिशिएट करते हैं बट फिर ये आया कि.
क्यों नहीं मिला पता. नहीं खर एक लाइटर नोट पे आपने नकल करके. पास किया था 12थ किसम नकल करके पास किया. था हां सब नकल करके किया था क्योंकि मेरी. औकात नहीं थी कि मैं ऐसे पास कर. लू बीकॉम भी नकल करके पास होते है या वहां. प पढ़ाई बढ़ाई करके होते नहीं थोड़े दे. देख लिया था अ तो उसको नकल करने कहते है. ना अब में फिर एक सवाल आता है कि जैसे अभी. सोशल मीडिया का दौर है आप डांसर बने फिर.
आप एक्टर बने होस्ट बने और अभी. कंटीन्यूअसली हीरो बनने काम कर रहे हो जो. पढ़ाई लिखाई वाला बंदा है आजकल मेरे दिन. में ख्याल आता है बार-बार कि उसको क्या. फायदा है आज के टाइम में सोशल मीडिया आ. गया तब से कई जैसे था ना पहले पढ़ोगे. लिखोगे बनोगे नवाब खेलोगे कूदोगे बनोगे. खराब अब मुझे कई बार डाउट होता है कि. एजुकेशन सिस्टम जो है वो स्कैम नजर आता है. हर इंसान कोई भी कुछ उटपटांग करता वायरल. होता है अच्छे खासे एंडोर्समेंट आते हैं. जितना आप जीवन भर करोगे कमाओगे जैसे अभी. एक वीडियो वायरल हुआ था डॉली डॉली टपरी. वाले का एंड देन पीपल सेड कि अगर आप वहां.
नौकरी करते होते तो शायद आपकी उम्र खब. जाती इस तरह से फोटो खिंचवाने में बॉस के. साथ बट इट वास इी दो उनकी पर्सनालिटी है. वो अपनी जगह क्रिएटिव है अपनी जगह हिट है. बट आज के एजुकेशन सिस्टम को आप मानते हो. कि अ अब ये थोड़ा सा स्कम टाइप ल मैं. एजुकेशन सिस्टम में कभी बिलीव नहीं करता. था यह. वाले यह ऐसा ऐसा है व. एक क्म में 50 बच्चे बैठे हैं एक टीचर है. और ग्रेडिंग सिस्टम हो रखा है और वह.
स्पेसिफिक सब्जेक्ट हैं क्योंकि उस उनको. उस सिस्टम के का उनको कुछ बनाना है खरगोश. क्योंकि अगर इसी सिस्टम से पढ़ेंगे तो इसी. सिस्टम के हिसाब से हम इस सिस्टम के अंडर. काम करते. रहेंगे ब्रेक आउट एजुकेशन सिस्टम होना. चाहिए कि बाहर पेड़ पौधों के साथ बैठे हैं. अगर कोई बच्चा नेचर में बैठा है वहां पर. पूछ रहा है कि व्हाट इज दिस इट्स एन. इंसेक्ट ओ व्हाट इज इट कॉल्ड टच इट फील इट.
ओ व्हाट इज इट व चल रहा है एंड च दिस इ. कॉल्ड एंट ओके दिस इ एंट ओके व्हाट इ ट्स. द सन व्हाई इज इट सो हॉट एक्सपीरियंशियल. एजुकेशन सिस्टम नहीं है यार बहुत ही. ज्यादा ऐसा है हां चलो ठीक है अच्छा. सिस्टम में आना है अब सिस्टम के अंडर काम. करना है आईपीएस यूपीएस ये अंडर हमेशा कि. किसी के अंडर रखने वाला सिस्टम मुझे लगा. था हमेशा तो मुझे एजुकेशन सिस्टम बहुत अलग.
होना चेंज होना चाहिए बिकॉज पीपल आर अब. बच्चे अवेयर हो रहे हैं यार बच्चे अवेयर. हो रहे हैं पहले के जमाने में बच्चों को. से आप मैंने पहले भी बोला है पूछोगे कि. हाउ आर यू. तो अभी पूछो हाउ यू आ एम फाइन आई एम. फीलिंग लिटिल एंस राइट नाउ बिकॉज माय टीचर. डि लेट मी सिट इन द फ्रंट बेंच ये बच्चे. हैं आजकल के तो अभी एजुकेशन सिस्टम आप ये. नहीं रख सकते पुराना मुझे तो एजुकेशन. सिस्टम प ही वो है. अ. क्वेश्चन बट पढ़ाई करके आपके सारे ख्वाब.
मुकम्मल हो सकते हैं या क्रिएटिव होके. जल्दी हो सकते हैं नहीं पढ़ाई करके मतलब. ये नहीं है कि पढ़ाई पढ़ाई मैंने भी की है. मैंने एक्टिंग की पढ़ाई की है इसका कोई. सर्टिफिकेट नहीं होता हम मगर एजुकेशन जस्ट. एजुकेशन डजन मीन कि सिर्फ ग्रेड व्हिच इज. वेरी इंपोर्टेंट व्हिच इज वेरी इंपोर्टेंट. टू गो टू स्कूल एंड कॉलेजेस आपको. एक्सपीरियंस मिलता है हम आपको पता लगता है. कि भाई दुनिया कैसी है. लेकिन यह है कि एजुकेशन सिर्फ वो नहीं. एजुकेशन वो भी है जो आप बाहर भी सीख पा.
रहे. हैं कोर्स के अलावा भी एजुकेशन होती है. जैसे मेरे में मैथ्स था यह था बट मुझे. आर्ट्स एंड कल्चर में जाना था वो सब्जेक्ट. नहीं था तो जरूरी नहीं है कि समझ र अब मैं. मुझे मुझे लगता है. कि जैसे अब्दुल एपीजे अब्दुल कलाम है. उन्होंने कहते हैं कि मोमबत्ती के नीचे रह. के पढ़ाई की अपनी क्योंकि उनका था अपना. कोई भी पैशन लो और उसको एजुकेशन बना दो. मुझे ऐसा लगता है तो य है ओके लास्ट.
सेगमेंट हम करते हैं कुछ बेसिक सवाल है. रैपिड फायर में जस्ट टू नो कि बॉलीवुड में. आपकी पसंद ना पसंद कौन है शाहरुख सलमान. आमिर योर फेवरेट खान क्यों शाहरुख. क्यों सर क्योंकि शाहरुख सर का इसलिए. क्योंकि मेरे को व बहुत स्पेशल फील कराते. है जब मिलते हैं और उनका जो बैकग्राउंड है. और जिस तरीके से वो आए हैं वो एक रिलेटेबल. लगता है. मुझे स्टेज करके बरी उन से और वो मुझे. रिलेटेबल लगता है हम मतलब एकदम से नहीं आ.
गए वो उन्होंने उनकी जर्नी धीरे-धीरे. धीरे-धीरे शाहरुख खान बने वो तो रिलेटेबल. है और जब वो आपको मिलते हैं जब वो बैठते. हैं आपके साथ तो आप ऐसा लगता है आप शाहरुख. खान हो इसलिए दीपिका या आमिर सर से मैं. कभी मिला नहीं हूं बट आई रियली वांट टू. वर्क विद हिम और सलमान समान सा तो कर चुका. हूं तो मैं उनका नाम लास्ट में ले लेता. हूं क्योंकि ऑलरेडी काम तो हो चुका. है दीपिका या आलिया आलिया क्यों अच्छे. एक्टर लगती है मुझे ओके. कौन सी फिल्म देखी आपने उनकी ला सब देखी. है मैंने उड़ता पंजाब देखी है वो देखी है.
जो उसम रा हीरा मंडी नहीं किया था हा सम. सुना है उनको शिकायत बहुत है जिसम हा हा. गंगू भाई गंगू भाई उसम कितना अच्छा. कैरेक्टर प्ले किया यार उड़ता पंजाब में. एक बांडा में रहने वाली. लड़की कैसे प्ले कर सकती है व हम तो चलो. हम दुनिया भर के लोगों से मिलके एक्टर बने. 10000 लोगों से बनारस में आपने देखा ही. लोगों से मिलके हमने लिए वो वहां बैठी हुई. कैसे मतलब हां मतलब उनको देख के लगता है. कि अगर नेपोटिज्म का प्रोडक्ट ये है तो.
ऐसे प्रोडक्ट आ चाहिए हां रणवीर और आलिया. बाहर भी होते तो ब्रेक आउट कर जाते ट्रू. रणवीर कपूर अगेन आई. मीन ओके नई जनरेशन में रणवीर सिंह या. रणवीर. कपूर रणवीर कपूर क्यों अच्छा मुझे अच्छा. लगते हैं एनिमल देखी थी हां आई हैड. इंटरव्यू विद सानिया नेहवाल शी वाज लाइक. मैं अंबानी जी की शादी जब शादी में गई थी. तो मेरे को सिर्फ रणवीर कपूर से मिलना. मेरे को देखना था कि जो एनिमल बनके आया था. वो दिखता कैसे है एंड ही वाज लाइक ही वाज.
सो क्वाइट हंबल डाउन टू अर्थ शांत एक्टर. का काम होता है ना हम करना क्रिकेट पसंद. है क्रिकेट नहीं पसंद मुझे ऐसा मैं देखता. नहीं हूं मैं मुझे धोनी पसंद है क्यों. धोनी भैया की कुछ बात अलग है मैं क्रिकेट. देखता ही नहीं सोचो लेकिन मुझे पता नहीं. क्यों मैं उनके साथ मुझे कुछ है लगाव क्या. है मतलब धोनी क्यों पसंद है पता नहीं मुझे. उसे सीखने को मिलता है सबर. पेशेंस लीडरशिप. क्वालिटी मुझे नी भी सीखने को मिलता.
क्रिकेट देखा ऐसे नहीं कभी वर्ड का वर्ड. लेकिन मैं ऐसा फॉलो नहीं कर पाता हूं. स्पोर्ट्स तो फिर कैसे पता धोनी में सब पे. पता नहीं उनकी रील्स देखता हूं उनकी चीज. देखता हूं उनको फॉलो करता. हूं ओके सोचो क्रिकेट फैन नहीं ह लेकिन. धोनी फैन हूं बिना देखे बिना देखे व फील. है मुझ उनसे है कुछ लगाव ओके केके आतिफ. असलम फेवरेट सिन. ओ माय गॉड ये डिफिकल्ट क्वेश्चन. है ओ माय गॉड केके आतिफ असलम या.
सुन यार ये कैसे बता सकता है इंसान यार ये. तो मुझे आपने फंसा दिया. मतलब मैं ऐसा बहुत ब्लंट आदमी हूं लेकिन. इसमें भी मैं बोल नहीं पा रहा हूं बिकॉज. तीनों दिग्गज मतलब मुझे तीनों ही मेरे. फेवरेट है कैसे बताऊं मैं ऐसे तो नाम लिया. गया ना इसीलिए सोच के. जरा सी दिल में दे जगाह तू आई नो मैन.
क्रेजी आपने दिया है ये बचपन जिसके साथ. बीता है इमरान हाशमी है और केके के और. आतिफ असलम मतलब मतलब हमारी जवानी तो केके. में रही है ना केके आतिफ में रही है सोनू. सर तो लेजेंड है सोनू सर लेजेंड. है ऐसे मत करो यार फिर भी कोई चलो टू थ कर. सोचो सलमान शा सर शाहरुख सर सब में बता. दिया ये मत करो यार मुझे सबसे सच्ची में. मेरे तीन चलो टूथ कर लो तीनों मेरे फेवरेट. है अरे तो टूथ कर लो नंबर वन फेवरेट नंबर. टू फेवरेट नंबर थ्री.
फेवरेट नहीं कर पा रहा हूं मैं बट आई थंक. वन इ टू बी. केके आपका पॉइंट ऑफ व्यू है लेकिन वन सभी. वन है यार इसमें तीनों में मतलब आफ असलम. चलो ठीक है दो दो गाने बता अभिजीत अभिजीत. सर. भट्टाचार्य वो भी क्या बोलते थे ना कभी. कभी अलग आइटम है. मजा आता उनको देख कुछ. कंगना सर ये लोग एकदम क्लियर पॉइंट ऑफ.
व्यू रखते तुमको बबाल वाले लोग पसंद है. मजा आता है इनको देखने में यार वो भी कुछ. भी बोलती है यार क्या किया था उन्होंने. कॉफी विद कर. मतलब सामने बैठ के. हा वो बैठ के मतलब कैसे कर मूवी माफिया कर. मैं नहीं कर सीखने की वाली बात है कि अपना. पॉइंट ऑफ व्यू इतना स्ट्रंग रखना अरे आप. उसकी बात करो हो अर्जुन क्या नाम संदीप. वांगा रेड्डी संदीप वांगा रेड्डी ने एनिमल. के बाद उनको ऑफर किया कुछ ट्वीट ट्वीट हुआ.
उनको ऑफर किया एक फिल्म के लिए शी इज अ. ग्रेट एक्ट्रेस ऐसा वैसा उसपे भी उन्होने. रिप्लाई किया बट यू कैन नॉट हायर मी बिकॉज. अगर मुझे हायर करोगे तुम्हारा अल्फा मेल. अल्फा फीमेल हो जाएगा अ ट्वीट किया. उन्होंने बाब रे वाब सामने वाले ने ऑफर. किया उसको पलट के दे दिया मैंने कहा ये. कंगना कर सकती हं कोई और नहीं कर सकता कोई. और नहीं कर सकता इतना बड़ा डायरेक्टर जो. भी ट्रेंड में है टॉप ट्रेंड में वो आपको. ऑफर कर रहा है क्या एक्टर है यार क्या. एक्टर है. कंगना नथ क्या एक्टर है यार मेरे मेरे. व्यूज मैच नहीं करते उनसे वो अलग बात है.
मगर वट एन एक्टर शी इ उन्होने मतलब ऐसा मन. मेरा ऐसा हुआ कि किस लाइन में चले गए मजनू. भाई मेरा मन था उनको और एस एन एक्टर. कैरेक्टर्स में देखने का. यार तो व वो मेरा बड़ा मलाल रहता है दिल. में कि. यार डू यू बिलीव टू मच पॉलिटिकल ओपिनियन. आपका करियर डेंट करता है. इस देश में तो कर सकता. है बॉलीवुड में भी बॉलीवुड कहां.
है आप बहुत अच्छा एक्टर हो बट अगर आप टू. मच पॉलिटिकल ओपनि रख हा इतना मुझे लगता है. कि एक्टर किसी भी आर्टिस्ट को. इतना इस वक्त ना करें यह सब तो बेटर है. क्योंकि फायदा कुछ नहीं है तुम्हें करना. अपना काम है अपना काम करो घर आओ है ना. अपना और अपने आर्ट के थ्रू कुछ बता रहे है. तो बता. दो य योर मीडियम इज योर आर्ट राइट ू तो. थ्रू योर आर्ट.
सडली अपने व्यूज दे दो बट. डोंट बोलोगे तो फिर फायदा कुछ नहीं है. अपना भी मेरे को फिल्में करनी है फायदा. मेरे घर में मेरा घर बन रहा है बेचारे. मेरे मां-बाप सब पे प्रेशर आ जाता है सारे. पूरी दुनिया का प्रेशर सब तुम पे आ जाता. है फिर सेकंड लास्ट क्वेश्चन रणवीर शोरे. सेड कि जब मैं बिग बॉस से घर जाऊंगा मेरा. चिल टाइम होता है एक किलोमीटर क्या पता. मैं ही बैठा हूं उनके साथ मैं मिलूंगा. उनसे राघव का क्या वो होता. है मेरा यार जब फ्री होता हूं मैं.
देहरादून चला जाता हूं या बनारस में आपने. देखा ही है वहां बैठ जाता हूं तो मुझे. ट्रेवलिंग पसंद है जब फ्री टाइम होता है. तो लोकल ट्रेवलिंग बिल्कुल. खाने में खाने में मम्मी के हाथ का राजमा. चावल और आई थिंक पानी पूरी गोलगप्पे सड़क. वाली या सड़क वाली वो वीडियो नहीं देखे जो. बर्फ की सिल्ली पर एक नंगा लड़का का बैठा. रहता है आजकल तो बड़े आते हैं हाइजीन. वाइजन को लेके बेस्ट है भाई सड़क वाला.
ज्यादा अच्छा हाइजीन है आपको पता है फाइव. स्टार होटलों में और पीछे होटलों में कैसी. कैसे किचेंस है हां बट इनके भी तो वीडियोस. आते हैं ना कई बार ऐसे कहीं से भी पानी भर. लिया मेरे को पच जाता. है मैंने अपना पेट बनाया है कहीं से भी. पानी भर के पी लेता हूं. मैं पीछे खुज आ रहे हैं वही गोलगप्पा दे. रहे हैं वो सब ना वीडियो मैंने देखी है. मुझे पच जाता है उसके बाद भी सर जाता है.
वही टेस्ट. [हंसी]. है अब क्या ही बोले इंसान. यार अब मैं इधर बोलूंगा न पर ध्यान. दो वही टेस्ट है वही टेस्ट है. लास्ट क्वेश्चन व्ट इज द मोस्ट इरेसिंग. मोमेंट ऑफ र लाइफ मुझे तो लगता है य राइट.
ना यही टेस्ट है यही टेस्ट है सुपर्ब. सुपर्ब देखो हम हिंदुस्तानी जो है ना अगर. चांद अगर अंतरिक्ष में चांद में हमें ले. जाया जाए और पूरी दुनिया को ले जाया जाए. हर देश से तो हिंदुस्ता हिंदुस्तानी पा. मिनट ज्यादा जिएंगे. क्यों क्योंकि हर चीज में सिचुएशन में. रहने की आदत होती है. हमें बाहर तो गवर्नमेंट कर रही है हर चीज.
जिस हिसाब से टैक्स है उस हिसाब से. सुविधाएं भी है सब कुछ हो रहा है हेल्थ. केयर एजुकेशन सब हम लोग एडजस्टिंग जुगाड़. यह जो सारे चीज है ना ये हम ही कर सकते. हैं चांद प भी साला पा मिनट ज्यादा जिएंगे. हम अगर बिना ऑक्सीजन के क्यक कुछ जुगाड़. बना लेंगे सही बात है हमारे तो सरका भी. जुगाड़ चलती है सारा काम जुगाड़ प चल रहा. है पूरा देश मतलब है कुछ बात है हमारे. इंडिया इ नॉट फर. सोचो ना एक फनर आया यूरोप से हाजन वाजन आप.
बोल रहे हो वो ऐसे करके फिर वो गोलगप्पा. दे रहा है उ तो अरे देखने कोलकाता में एक. शॉप है जिसका बड़ा वीडियो वायरल होता है. वो कुछ चाट वाटते हा वो हड़ता है गाली दे. दे के भेजते. रहते सही. हैने है. निकलो इंडिया पहला देश है खाना देने वाला. डाट के भगाता पैसा लेके इया बिगिनर्स भाई. इवन बड़ा पाव गर्ल को हैव सीन कि वो डाट. डाट के वही मिलेगा और मैं बोल रहा हूं. लोगों को कि अगर तुम्हें एक्टर बनना है तो.
चलो पढ़ाई पढ़ाई लिखाई बहुत जरूरी है फॉर. एग्जांपल बहुत जरूरी है तालीम हासिल करना. और एक्टिंग की कोचिंग करना बहुत जरूरी है. उसके. अलावा लोकली घूमो हैव डायलॉग्स विद पीपल. और ये सब जो इंसीडेंट्स आप बता रहे हैं वो. सब देखो तो ही एक्टर बनोगे ठीक है. 111 इंग्लिश में लिखा था हिंदी में लिखा. था. समझ नहीं आया 11 क्यों मतलब ये नाम क्या. 11 और लिखने का स्टाइल भी था एक इंग्लिश.
में था एक वर्ल्डिंग में था 11 क्या है. 11 11 एक भाव है मैं नेचर ह भाव है भाव. नहीं 11 का सीन यह है कि. यार एंजेलिक नंबर बोलते हैं इसे और. सिंक्रोन सिटी काल युंग करके साइकोलॉजिस्ट. है उसका एक कांसेप्ट था सिंक्रोन सिटी और. सिंक्रोनाइज होती है मैथमेटिक्स को कैसे. उसने यूनिवर्सल कांसेप्ट से जोड़ा था वो. सब थे तो 11 11 ही एक ऐसा पॉइंट है जब हम.
लोग पास्ट प्रेजेंट और फ्यूचर से जुड़ते. हैं सीरीज में. बेसिकली और इसलिए उसका नाम 11 रखा है. सीरीज. का आईम रियली प्राउड टू बी अ पार्ट ऑफ दिस. स्क्रिप्ट क्योंकि. बहुत कमाल के डायरेक्टर है उमेश सर यह. कहना पड़ता है या यह है ये है उमेश बि जी. तो यार बि जी मतलब पग नहीं उन्होंने इतने. अवार्ड जीते हैं य कहना क्यों पड़ेगा मुझे. दिखता है ना काम बोलता है.
और अ मैं अगर कोई बंदा ऑडिशन देके आया है. सेलेक्ट होके आया है तो वह प्रोजेक्ट. अच्छा ही होता है अगर आपको रेफरेंस व फिर. वो उसमें डाउट हो सकता है मगर देके आया. फिर आपने स्क्रिप्ट पढ़ी. है और वह आई थिंक मुझे बहुत इंट्रिग लगा. बहुत मिस्टिसिजम है बहुत मिस्ट्री है. थ्रिलर है और यह बहुत चाहिए अभी आजकल के. जनरेशन को चाहिए ये ये सब ना वी विल लव टू. वच दोनों सी आपकी दोनों फिल्म में देखना.
पसंद करूंगा बाकी दो मिनट साइलेंस उसके. लिए जो आपने कहा जहां बिना कास्टिंग के. फिल्म मिलती है हा दो मिनट साइलेंस लेते. हैं उसके लिए और उसके लिए भी जो हाइजीन. वाली बात हुई बट आई थिंक. वही आइसक्रीम ऑन द केक था थैंक यू सो मच. राघव थैंक य लवली टॉकिंग टू यू थैंक यू. भाई.
