Unplugged FT. Praveen kumar| Talking about his High & Low, IPL 2024, Hardik vs Rohit, RCB & more.
रोहित शर्मा के पीछे उल्टी टोपी लगा के. प्रवीण कुमार हाथ में एक स्टंप लिया है थे. वो अपने वाले. ही शराब पी रखी थी उन लोगों ने कह दिया. उल्टा सीधा उसे फिर हम मुझे भी गुस्सा आ. गया था हो गई वो बात और जिस तरीके से वो. कप्तानी कर र है ना जिस तरीके से आप सुन. भी रहे होंगे के गार्डन में ये गार्डन. नहीं है अगर टलो होगे तो ये कर दूंगा. बिल्कुल सही कह रहा है वो कुछ. प्लेयर्स कंट्री को तवज्जो दे ही नहीं रहे. हैं तो उन्हें बिल्कुल सही डांट रहा है कि. ऐसा नहीं चलेगा वो वो सोच बदल जाएगी कि.
3032 के होते ही प्लेयर को ऐसे साइड करने. लग मिश्रा भाई मैं नहीं मानता ये मैं नाम. नहीं लूंगा किसी को गलतफहमी बाल लेनी. चाहिए हम गलतफहमी दूर होने में दो दिन. लगते हैं शमी वर्ल्ड कप में चोटिल थे चोट. के बावजूद इंजेक्शन लिया खेला क्या. परफॉर्म किया ब अच्छी बात है अच्छी बात है. खेलना पड़ेगा देश के लिए तो सब कुछ करना. पड़ेगा रही बात आजकल के लड़कों की आजकल. लड़के रील बना रहे हैं पार्टियां कर रहे. हैं करो कंट्री पहले यह फ्रेंचाइजी पहले.
दो महीने पहले इंजर्ड हो जाते हैं दो. महीने पहले अच्छा ट्रेनिंग किया खाया पिया. आईपीएल में परफॉर्मेंस किया फिर बिल्कुल. ईशान हो स्टेस हो कोई भी हो पांड्या क्यों. ना हो पांड्या कहीं वहां से चांद पर से. उतर गया है मैं टी20 का खेल लूंगा रीजनल. जो डोमेस्टिक होगा क्यों खेल लेगा तीन. क्यों खेल लेगा तीनों फॉर्मेट खेलना फिर. तो बीसीआई भी सवाल होने चाहिए बिल्कुल. होने चाहिए क्रिकेट में पॉलिटिक्स है मैं. आज आपको एक कहानी बताता हूं तो मैं इतनी. जान लगा दी मेरी बसली टूट गई थी ये आइडी.
किस साल मिले थ भुवनेश्वर से नहीं तो यही. सवाल मेरे मन में कि ये भूमरा सिराज शमी. अभी कहते हैं कि इंडिया की ये सबसे अच्छी. टकड़ी है ऑल टाइम अगर हिस्ट्री में देखें. इससे अच्छी तेज गेंदबाजी नहीं देखी हमने. अच्छा पाकिस्तान के खिलाफ खेलना क्या लगता. है क्योंकि आपका शुरुआत और अंत दोनों. पाकिस्तान रहा है तो आप थोड़ा बेहतर समझा. सकते हो उनके प्लेयर्स जैसे कोई कुछ हुआ. था बातों से पता लग जाता है ना अच्छा हम. लोग तो ऐसे पकड़ लेते हैं मिश्र भाई जिससे. बॉन्डिंग है चूहे तक की है तो कि भाई. किससे बडि.
दुश्मनी करते हैं चूहे तक किससे चूहे तक. की बंडिंग तो रोहित शर्मा में क्या ऐसा है. कि कोई बुराई नहीं करता ऑफ द रिकॉर्ड भी. नहीं करता कोई बुराई लोग बोलते हैं कि. धोनी भाई की किस्मत अच्छी थी यह था वो था. किस्मत अच्छी नहीं थी आपके रिश्ते हैं. धोनी से भी नहीं संदेश पहुंचाना होता तो. पहुचा देते डायरेक्ट कम्युनिकेशन नहीं. है बिल्कुल जायज बात है गौतम भाई बिल्कुल. ठीक कहते हैं मैं किसी एक चैनल का नाम तो. नहीं. लूंगा चैनल मुझे लीगल नोटिस भेज देगा. हालाकि लीगल लील नोटिस से डरते नहीं है.
लीगल नोटिस में जी बट क्यों लफड़ा पालना. बैठे बैठ बिल्कुल मैं आज आपको बात बताऊ. मैं परफॉर्मेंस वाइज बाहर नहीं. हुआ. बस बाकी आप समझदार हो सियासत इस कदर आवाम. पर एहसान करती है आंखें छीन है फिर उन्ही. चश्मा दान करती है लेकिन मेरी कभी लड़ाई. नहीं हुई एक झगड़ा सा हो गया था इधर शहर. में वो भी पी नहीं रखी थी उन्होंने इशू. बना दिया जबरदस्ती वही वाली बात थी लोग. चिड़ने लगे थे एक छोटा सा गेम रखा हमने.
आपको दो नाम देंगे आपको एक नाम चुनना है. और हम आगे बढ़ते जाएंगे. अ बेस्ट बॉलर आपके हिसाब से भुवनेश्वर. कुमार या इरफान पठान सहवाग या. लारा ये अपने सब भाई है छोटे कोई दिक्कत. नहीं आप ये कह रहे हो हमने बहुत दिनों से. आईसीसी ट्रॉफी नहीं जीती हम फाइनल हम. अच्छा खेलते हैं हां फाइनल में गड़बड़ हो. रही है जैसे अभी भी हम सारे में नंबर वन. है टी20 में नंबर वन है टेस्ट में मैं. आपको बताऊ इसमें तो.
मिस्टर भाई हमारी गलती थी इस वाले में हा. क्यों क्यों हार गए. हम हां जबान तक आ गया तो बोल दीजिए. ना नहीं इसमें टॉस प हो गया. था टॉस पही हो गया था कि. ट छोड़ो यार. इस बस हो गया भाई.
मेरठ की सरजमी को क्रांति की सरजमी कहा. जाता है यह क्रांति 1857 में भी हुई थी. लेकिन क्रिकेट की दुनिया में क्रांति 2008. में हुई जब ऑस्ट्रेलिया में जाकर एक. गेंदबाज ने अपनी स्विंग से ऑस्ट्रेलियाई. बल्लेबाजों को नचाया ऐसे ऐसे बोल्ड ऐसे. ऐसे बॉल दिखाई जिसको देखकर दुनिया ने कहा. कि वाह क्या कमाल का गेंदबाज है आज वही. प्रवीण कुमार हमारे साथ है प्रवीण आपका. बहुत-बहुत स्वागत है य तो आप इंसान खास है. लेकिन एक इंटरव्यू बड़ा ललन टॉप आपने.
किया और उस इंटरव्यू के बाद लगातार चर्चा. चल रही है तो जहां से आपने छोड़ा था मैं. वहीं से इस इंटरव्यू की शुरुआत करता हूं. क्योंकि हर किसी के मन में एक सवाल आया. उसके बाद आपको लोगों ने सोशल मीडिया पर. देखा सेलिब्रिटी लीग्स में देखा कई और जगह. आप लगातार एक्टिव होकर नजर आ रहे हैं जी. लेकिन फिर सबके मन में सवाल आया कि यार. प्रवीण के साथ गलत हो गया प्रवीण ने भी. कहा गलत हुआ लेकिन बताया नहीं गलत किसने. किया छेड़ दिया अब सबको वो सवाल कचोट रहा. है परेशान कर रहा.
है. नहीं बताऊंगा तो नहीं मैं लेकिन हां गलत. तो हुआ था खिलाड़ी था चेयरमैन का मैं व सब. कुछ रहा है सब कुछ रहे व एक लड़ाई भी हो. गई थी साउथ अफ्रीका में हम तो उन्होंने. शायद उन्होंने ऐसा मुझे लगता है कि उनसे. भी गलती हुई थी तो लड़ाई हो गई थी वहां पे. साउथ अफ्रीका में वो चल रहा था एक अ. आईपीएल चल रहा था उस दौरान भी कुछ लफड़ा. हो गया था वो सबको पता है.
फिर एक. बारी पंजाब में भी उन्होंने कुछ कह दिया. था मैं रुका हुआ था मेरे दोस्त रुके हुए. थे कमरे में. तो मैं बाहर गया हुआ था सामने कैफे कॉफी. डे था तो कॉफी पीने गए हुए थे मैं था फिर. दो लड़के थे टीम के तो वहां बोले उन्होंने. भी बोला वहां पे कि व इस ये कोई टाइम होता. कॉफी पीने का 1030 11 बजे हुए थे अरे भाई. तुम 9:00 बजे सो जाते हो हम 11:00 बजे. सोते हैं सबका अपना अपना कोई एक बजे सो.
रहा है कोई 12 बजे सो रहा है तो फिर भी. मैं उनके कमरे में गया था तो बोले ये कोई. टाइम है यह करर है 11 बजे आते हो तुम. 11:30 बजे आते हो तो सबका अपना अपना होता. है कोई किसी भी टाइम आए लेकिन ग्राउंड में. तो हम 100% दे रहे हैं तो होता है कुछ कुछ. कुछ लोग अपने तरीके से जीते हैं कुछ लोग. अपने तरीके से जीते हैं सबका अपना अपना. होता है कुछ अलग अपने तरीके से सोचते हैं. कुछ लोग अलग तरीके से सोचते हैं तो यह. नहीं होना चाहिए कि जो आप कर रहे हो व. सामने वाला भी करे हम लोग ऐसे नहीं है आप.
अपना करो हम अपना करते हैं तो आपने समझाया. नहीं कि आप मेरठ से आते हो नहीं समझाया. क्या उन्हें पता था लेकिन फिर भी ठीक है. सीनियर थे सुननी पड़ती है अच्छा आप. क्योंकि आप दिल्ली से दूर बेरठ में बैठे. हो हा क्रिकेट खत्म हो चुकी है अब आप. कमेंट्री कर सकते हो या एक्सपर्ट के तौर. पर या थोड़ा बहुत खेल सकते हो जहां पर एक. उतनी प्रोफेशनल क्रिकेट नहीं होती है. थोड़ा एंटरटेनमेंट परपस ज्यादा होता है या. यादों को जीने वाला होता है कभी पीछे मुड़. के लगता है यार कि कुछ चीजें मैं ठीक कर. सकता.
था सता था मै हो जाते नहीं ऐसा नहीं है जो. मैंने किया मैं उसम संतुष्ट हूं और हां. अभी आ रहे हैं लोग मैं खेला भी हूं अभी. मेरा मन करता है तो खेल लेता हूं जो टीम. का कप्तान होता वो भी कहता है कि हां अगर. तेरा मन है तो खेल लियो नहीं तो लड़कों के. साथ रहे लड़कों को समझा एज ए सीनियर एज ए. एज कोच तो जो मेरे से हो सकता है मैं वो. कर रहा हूं. बाकी मेरे पास आ रही है कॉल्स आती है कि. कमेंट्री करनी है आपको करना चाहोगे या.
कैसे है बताओ जैसे भी तो बोल देता हूं कि. मुझे इतना आईडिया तो नहीं है पर हां मैं. कर. लूंगा कम्युनिटी का इतना आईडिया नहीं है. कोचिंग का तो भगवान की दुआ से बहुत आईडिया. है बट आपके साथ वाले बहुत लोग ऐसे क्योंकि. मैं कई लोग का इंटरव्यू लेता हूं ब अभी. हाल फिलहाल में एक इंटरव्यू मैंने लिया था. एक विकास कुमार एक्टर है तो उन्होंने मुझे. बताया कि कई सारे क्रिकेटर्स जिसमें आरपी. सिंह हैं और कई और भाई है जिन यूपी से. जाते हैं जिनकी भाषा थोड़ी सी 1920 हो. सकती है रीजनल टच की वजह से हां तो उनको न.
करते तो तो आप भी एक दो महीना ट्रेन करके. एकदम नहीं मैंने नहीं मैंने करी भी है. कमेंट्री डोमेस्टिक का मैच था स्टार. स्पोर्ट्स के लिए किया. था तो उसमें मैं बताऊं क्या होता है जो. सीनियर प्लेयर होते हैं ना उनकी अब अब. साउथ इंडियन है वो हिंदी हिंदी की. कमेंट्री कर रहे हैं तो बड़े प्लेयर को ना. ज्यादा तवज्जो देते हैं य सच्चाई. है बड़ा प्लेयर माने जिसने ज्यादा मै जो. ज्यादा मैच खेल लिया तो उनके मुंह से कुछ. निकल भी गया तो नहीं नहीं कोई बात नहीं और.
जो कम मैच खेले थोड़ा सा वैसे रहते हैं कि. सोशल मीडिया पर नहीं है व अपने अपने में. तो उनको कहते नहीं यार य तो इनम तो. एटीट्यूड है यह नहीं बोल सकते उनकी. गलतफहमी क्यों नहीं बोल सकते अभी भी तो. बोल ही रहे में बट वहां आपकी बोली ज्यादा. आपकी एनालिसिस को लोग पसंद करते कोई. गेंदबाज गेंदबाजी कर रहा प्रवीण कुमार. ज्यादा बेहतर समझा सकता है मैं बहुत सुंदर. हूं बहुत बढ़िया बोल रहा हूं उसे क्या. फर्क पड़ता आरपी सिंह है जक भाई है इरफान. पठान है तो ये लोग बराबर बोल रहे हैं हम.
अब इन्हें मतलब कोई सीनियर प्लेयर ही. इन्हें कहने लगे कोई कि हां कैसे बोल रहा. एक एक एकाद लाइन हो जाती है एक शब्द हो. जाता है तो उसमें कोई ये थोड़ी है कि वो. जो पीछे बैठे रहते हैं क्या बोलते हैं. मुझे तो पता नहीं कि नहीं वो आपने ऐसा बोल. दिया ठीक है निकल गया निकल गया क्या. दिक्कत है आजकल तो लोगों को यही पसंद है. अड़ अख भाषा तो ऐसा हो जाता अरे अभी आप. लोग गए थे मुंबई में मैच खेलने और अभिषेक. बच्चन कमेंट्री कर रहे थे.
और उनकी एलविस ने कुछ कह रहे कि. बास्केटबॉल चल रही है उन्होंने कहा कि भाई. इस बॉल को वाइड भी दे दो नो भी दे दो सब. दे दो और लोगों ने पसंद किया उस तरह की. कमेंट्री हां ले हां. बराबर तो यही है कि आजकल. तो सब कुछ चल रहा है सब कुछ बिक रहा है सब. हो रहा है ठीक हो रहा है तो ये जो मुंबई. में अभी सब गए खेले ये आपको अच्छा लगा. बहुत ट्रोलिंग हुई है सचिन सर को लेकर. लोगों ने कहा कि यार सचिन पाजी दुनिया का. सबसे बड़ा बल्लेबाज कहा या दिल से बुरा.
लगता है उनके लिए जो हो रहा था नहीं नहीं. नहीं नहीं बहुत मजा आया सब हस रहे थे सब. ये तो एक एक मतलब क्या बोलू एंटरटेनमेंट. एंटरटेनमेंट था प्योर एंटरटेनमेंट जिसे. कहते हैं सब मजा कर रहे थे सब वीडियो बना. रहे हैं फोन अपना उधर ही फोटो खींच रहे. हैं तो इसमें ऐसा कुछ नहीं था और टेनिस. बॉल मैच था एक इसमें एक्सपेरिमेंट यह कर. रहे थे कि टेप बॉल स्विंग होती है नहीं. होती है तो पाजी मुझे बार-बार पूछ रहे. पीके स्विंग हुआ तो मैं क पा हो रही है.
थोड़ी थोड़ी हो रही है हम लोग मैं तो कभी. खेला नहीं टेनिस बॉल से आज तक खेला ही. नहीं था या तो हम भी नहीं नहीं नहीं या तो. प्लास्टिक की बॉल से खेलते थे या फिर लेदर. की बॉल या फिर कॉक की बॉल आती थी हा उससे. खेलते थे तो बड़ी दूर जाती थी हां बल्ले. में. लगती तो पाजी बारबार सीरियसली बोल रहा हूं. पाजी बारबार पूछ र पके हो रहा है मैंने. कहा पाजी हो रहा है थोड़ा थोड़ा हो रहा था. मैं एक मैच देख रहा था आज ही आज दोपहर की. बात है तो किसी टीम के आपस में मैच था तो. इतना इतना लंबा स्विंग हो रहा था वो टेप.
बॉल आप देखना वो वीडियो तो यह अच्छा है और. सबसे बड़ी बात यह जो लीग हुई है यह गली. मोहल्ले जो लड़के जो नहीं खेल पाते जिनके. पास पैसे नहीं है क्लब क्रिकेट खेलने के. लिए जो नहीं दे पाते भाई फीस हो गई 5 हजज. ले रहे हैं आजकल क्लब अकेडमी तो उनके लिए. बहुत अच्छा वो है लड़के 20 20 22 लाख रुप. में. बिके तो उनके लिए बहुत अच्छा है नहीं तो. जैसे जब मैं आपको देखता हूं कि आप आपके. फदर पुलिस में थे सिपाही थे आप एक बहुत.
हंबल बैकग्राउंड से आए थे बिल्कुल उस टाइम. पैसे की समस्या आपको भी रही होगी आप तो. चलो टैलेंट से निकल तो आपने भी ये सब. संघर्ष किया था उस टाइम पैसे से चलते थे. कि क्लब लब जाने में क्योंकि आपकी जर्नी. बड़ी इंस्पायरिंग लगती है मतलब मिट में. मैं आपको. बताऊ मिश्रा भाई हम लोग. ना ऐसे भी खेले हैं कि पोटी पड़ी है चारों. तरफ हमने विकेट बना लिया पटी फावड़े से. उठाई फेंक दिया.
उसमें खेले फिर नेक्स्ट दिन अगले दिन आए. तो फिर वही मिला उधर फिर उठाई फिर फेंक दी. फिर साफ किया खेल लिए और घुस जाता होगा वो. खेत हां वो खोबा हा वो घुस जाते थे पैरों. में अब पहले पीटी शू आते थे पीटी शू पतला. होता था तो उसमें से निकल जाता कोई बात. नहीं लेकिन वो संघर्ष ना बहुत जरूरी है. खिलाड़ी के लिए अब आजकल क्या हो रहा है कि. बच्चे मर्सडीज में आ रहे हैं ठंडा पानी. लेकर खेल रहे हैं तो वो गली मोहल्ले में.
जब तक जब तक आप नहीं खेलोगे जब तक आप अपने. आप से खुद पीछ बना के नहीं खेलोगे खुद. तसला तसला तसला तो पता है तसला को बीच से. काट के तसला को हम ऐसे घुमाते थे खुद. विकेट बनाते थे तो वो ना आजकल कहीं ना. कहीं खो गई. है पहले हम जहां भी जहां भी जगह मिली वहीं. विकेट गाड़े वहीं साफ किया वहीं खेल लिए. आपस में और सबसे बड़ी बात मैं आपको बताऊ. हम लोग ना आपस में पैसे लगा के खेलते थे. हां एक टीम जैसे मान लो 00 का मैच हो गया. तो उसमें ना ये था हा जीतना ही है जीतना.
ही है तो एक भूख रहती थी या फिर बॉल बॉल. का मैच हो गया कि एक बॉल मिला ली मान लो. 00 की बॉल आ 50 इधर से मिला लिया 50 उधर. से जो जीता उसकी बल ये हमने भी खूब खेला. हा तो वो ना उसम ना इंटरेस्ट बना रहता था. मोहल्ले की टीमों का होता था मैच मुल्तान. नगर का हो गया नपुरे की टीम का एक मैच हो. गया तो ये सब ये सब चीज थी अब तो क्लब. क्रिकेट हो गया बच्चे बंद. गए अच्छा अब यह भी हो गया कि हां मेरे. क्लब का है तो तू उस क्लब से क्यों खेल. गया अरे खेलने दो बच्चे को किधर से भी खेल.
ले तुम्हारे क्लब से खेल या उसके क्लब से. खेल कि हां मेरे क्लब का है तो यहीं से. खेलोगे यहीं से सिलेक्शन हो जाएगा. तुम्हारा तो ये ये सब चीज है एक सवाल मन. में और आता है कि ज्यादातर प्लेयर जो हमने. बड़े खिलाड़ी देखे टीम इंडिया में देखते. हैं मैं उनका बैकग्राउंड बड़ा छोटे शहरों. से आता है तो ये छोटे शहर के लड़के जो हैं. ये कैसे इंटरनेशनल लेवल पर इतना हिट हो. जाते हैं क्योंकि रेस जादव जिनकी आप बात. कर रहे हैं कि गाड़ी मटी है वो बड़े रेयर. एग्जांपल है दो चार नाम हो बाकी सारे बड़े. नाम आप उठा लो सब वैसे ही जैसे आप आए हो. जिन्होंने ऐसा खेला है मैं आपको.
बताऊं अब मैं अपनी बताऊं ज्यादातर सारे. क्रिकेटर ऐसे जूझ हैं मान लो किसी पर. साइकिल थी साइकिल की चैन टूट गई उसके पैसे. नहीं मिले साइकिल वहीं खड़ी कर दी या. पेंचर हो गया तो साइकिल वहीं खड़ी कर दी. 11 किमी पैदल ही चले आए हम तो ऐसे बहुत. बहुत है सिटी बस में चले गए पैसे होते. नहीं थे तो सिटी बस वाला भी नहीं मांगता. था कि चलो खिलाड़ी खिलाड़ी है बच्चा है. ठीक है कोई बात नहीं फिर बेगमपुल उतरे. वहां से फिर पैदल हो ली अब यशस्वी जैसवाल. को ले लो उसके पिताजी ने कितना संघर्ष.
किया मुंबई के आजाद मैदान में दिन में. खेलना और शाम को बाहर गोलगप्पे की दुकान. लगाना दुकान लगाना उस और मतलब कितनी मेहनत. है पानी बनाना हां बदाश बनाने और दूध वाले. के यहां रहा हां टेंट में रहना रिंकू. सिंका लगा लो रिंकु अभी पिताजी उनकी अभी. भी तस्वीर आ थ सिलेंडर उठाने की तो माई. भाई को लगा. लो पाजी को लगा लो विराट के पिताजी को को. लगा लो विराट को मतलब सबने संघर्ष किया.
रोहित को लगा लो रोहित के मैं घर गया छोटा. सा घर था उसका तो अब. तो जीवन में यही सब चीज होती है मिश्रा. भाई यही सब चीज आपको स्ट्रांग बनाती है. जैसे-जैसे आप नीचे से पक के ऊपर आते हो तो. आप आपके लिए फिर वो चीज मायने नहीं रखती. नहीं तो क्या यही वजह है कि जो बड़े. क्रिकेटर्स हैं उनके बेटे उतने अच्छे. क्रिकेटर नहीं बने मतलब हम शुरू से बात. करें नहीं नहीं नहीं नहीं बिल्कुल सही. क्वेश्चन किया आपने अब एक बात बताओ सुनील. गावस्कर साहब हम उनके बेटे रोहन गवाकर.
अच्छे प्लेयर थे अच्छे प्लेयर मतलब टॉप. क्लास बैटिंग भी अच्छी लेफ्ट हा जी मैं. खेला उनके साथ में बढ़िया प्लेयर लेकिन. हमारे यहां प्रॉब्लम क्या है बच्चे को. उनके पिताजी से कंपेयर करते हैं ओके यह. गलत है ना भाई उनके पिताजी खेले सुपरस्टार. रहे तो बालक को उनसे कंपेयर मत करो. ना वो भी टैलेंटेड है वो भी अच्छा प्लेयर. है वो भी खेल रहे हैं.
यह वा यही वाली प्रॉब्लम नहीं तो आप. अर्जुन का नाम आहा अर्जुन को लेकर एक सवाल. चलता है कि अर्जुन ने हालांकि एक दो मैच. में अच्छी गेंदबाजी की थी लेकिन सवाल दो. चलता है कि वो टीम में इसलिए नहीं आ पा. रहे हैं क्योंकि वो सचिन तेंडुलकर के. लड़के हैं या वो टीम में इसलिए आ गए थे. मुंबई में लड़के थे यही प्रॉब्लम हो रही. है. कि बच्चे को उनके पिताजी से कंपेयर करा जा. रहा है नहीं ऐसा नहीं होना चाहिए. वो टैलेंटेड है उसने रन बनाए हैं बॉलिंग.
भी अच्छी की है तो वही वाली बात हो जाती. है कि हां यार यह उतना अच्छा नहीं है इसके. पिताजी तो इतने अच्छे ये ऐसे ही रह गया तो. कुछ भी करेगा पिता से जोड़ देंगे बस व वो. ये गलत चीज है बहुत ही गलत चीज है मैं ये. दो उदाहरण नहीं दे रहा हूं बहुत उदाहरण. ऐसे कि पिताजी पिताजी का बड़ा नाम है तो. बच्चे को कहते हैं तेरा मतलब तेरे पिताजी. तो इतने अच्छे थे तो बच्चे को कभी ना कभी. लग दिमाग में आते ही है सही बात है. अच्छा.
आप ने क्योंकि जब आखिरी इंटरव्यू दिया. उसमें कई सारी बातें आपने कही और अभी भी. आपने कोचिंग और उससे शुरुआत की फोन आते. हैं लोगों के मन में ये भी सवाल था बड़ी. तकलीफ हुई लोगों को कि यार इतना अच्छा. गेंदबाज उसे किसी टीम ना आईपीएल टीम में. हम कोचिंग करते देख रहे हैं ना यूपी की. नर्जी टीम में अभी उस इंटरव्यू के बाद. कांटेक्ट कर रहे हैं लोग आपसे कि प्रवीण. आओ यार सिखाओ यार मेरे पास मेरे ख्याल में. 10 11 हज वो आई क्या बोलते है मेल बच्चों. की. हमें सिखा दो ये कर दो वो कर दो मैं क भाई.
आ जाओ विक्टोरिया पाक मैं सिखा दूंगा और. मैं मेल वेल इतना पढ़ता भी नहीं हूं मेरी. समझ में भी नहीं आता कि नहीं रिप्लाई कैसे. करना है कुछ नहीं मैं पढ़ता रहता हूं. देखता रहता हूं दूसरे से करवाता हूं और. बात रही कोचिंग की जब मुझे मौका मिलेगा जब. फोन आएगा मैं तैयार हूं नहीं ये तो लड़को. ने किया ये ऑफिशल्स की बात कर रहा ऑफिशल्स. की बात कर रहा हूं मैं भी कि ऑफिशियल का. जब फोन आएगा या कोई मैसेज आएगा तो मैं. तैयार हूं मैं जाने के लिए तैयार हूं अभी. भी फोन नहीं किया उन्होंने मतलब नहीं हुई. है एक दो जगह बात बात चल रही है उनसे. आपका किधर दिलचस्प तो आईपीएल भी आ रहा है.
मुझे तो जो बुलाएगा मिश्रा भाई मैं उधर. चला जाऊंगा ऐसा कुछ नहीं है कि. मैं यही काम करू या एक पर्टिकुलर जगह ही. काम करू मुझे जहां कोई बुलाएगा शिद्दत से. काम करा जाएगा कोई हेरफेर नहीं होगा साफ. सी बात है यहां कोई एयरफेयर है ही नहीं मन. में पाप है ही नहीं नहीं यसे जब आईपीएल. खेलते थे आप तो आपका दिल था कि दिल्ली में. मिल. जाए असल में असल में दिल्ली पास है ना व. वही मैं कह रहा हूं दिल्ली पास है दो घंटे. का रास्ता होता था उस ढाई का मान लो उस.
टाइम अब तो 50 मिनट लगते हैं तो मैंने उ. सौरभ भाई के इंटरव्यू में बोला था हा असल. में उस टाइम ना तो इंग्लिश आती थी अब तो. हम समझ तो लेते हैं हा और खाने वाने का. बड़ा सिस्टम वो था हा हम तो नॉर्थ. इंडियन अच्छा बंगलोर में ब बंगलोर तो अपन. लोग यही सोच रहे थे मैं यार दिल्ली में ही. हो जाए दिल्ली खेल लेंगे वो वो भी था वो. तो गड़बड़ हो गई थी आपने कभी सीखा नहीं. जैसे हरभजन का हम इंटरव्यू देखते हैं य का. या सहवाग का ये आपके साथ वाले हैं और वो.
बड़ा मजाक उड़ाते हैं एक दूसरे का कि सीख. गए हमी हा सीनियर और बड़े एबेस मूवमेंट्स. रहे किसी ने कुछ पूछ लिया हमने जवाब दिया. और वो याद करते हंसते आपस में एक दूसरे का. नहीं मैं कुछ हुआ ऐसा कभी आपके साथ बाहर. गए कि आप तो खूब खेलो ऑस्ट्रेलिया. ऑस्ट्रेलिया नहीं मेरे साथ मैं बोलता ही. नहीं था मैं चुप रह जाता था मैं कहा ठीक. है मैन ऑफ द मैच में मैन ऑफ द मैच में तो. भाग गया था मैं उसमें ऐसा हुआ मैं मेरे. सिट्टी पिट्टी घूम हो गए मैं कहां का मैच. था उसमें दो मैच में मिला था ना एक तो. कैनबरा में मिला था हा ऑस्ट्रेलिया में एक.
में. शद मेलबर्न था मेलबर्न था तो पहले तो उसम. कैनरा में अब मैं बो त तू होएगा मैं बात. तो ई होती है ना उसम ड्रेसिंग रूम अब. मैंने ऐसे तू बोलेगा क्या तू बोलेगा क्या. तो फिर रोहित रोहित हां रोहित रोहित ने. बोला कि अबे माई भाई है बोलते मैं फिर ठीक. है यार तो फिर माई भाई ने माई भाई साथ में.
ग हां वही गए थे वही मतलब ट्रांसलेटर बन. रहे थे वो तो उन्होंने बोला था हां ब. ट्रांसलेटर में लगता होगा ना सब देख रहे. होंगे यार नहीं ऐसा कुछ नहीं है क्या है. जब नहीं आती तो नहीं आती अच्छा ऑफ द. स्क्रीन आप बड़ा बोल्ड थे हां हमने एक. वीडियो और बड़ा सोशल मीडिया प अभी भी चलता. है प्रवीण कुमार का रोहित शर्मा के पीछे. उल्टी टोपी लगा के प्रवीण कुमार हाथ में. एक स्टंप लिया है पता बॉन्डिंग हो जाती है. जब. आप एक दूसरे से मतलब एक दूसरे से लगाव. इतना हो जाता हो जाता है कि कोई दूसरा उसे.
कुछ कह दे तो ऐसा मन करता कि. हां क्यों कह दिया तो उसे बहुत देर से. परेशान कर रहे थे सबने देखा है थे वो अपने. वाले. ही शराब पी रखी थी उन लोगों ने कह दिया. उल्टा सीधा उसे फिर हम मुझे भी गुस्सा आ. गया था हो गई वो बात कभी किसी फैन को कूटा. है वाकई में नहीं कभी. नहीं कुछ बोला हो जैसे विराट की तस्वीरें. आती है कई सारी कुछ जा र बोला किसी ने ने. कुछ इशारे कर दिए उसने ना ना कभी नहीं कभी.
नहीं अच्छा रोहित शर्मा ने क्योंकि अभी. पांचवें टेस्ट मैच में शतक मारा है और आप. उनके साथ खेले हैं सब कुछ रहा है मैं आपका. पढ़ रहा था आपने 26 किस किस एज में. रिटायरमेंट लिया था आपने लास्ट मैच 18 में. लिया था शायद आपकी एज कितनी थी उस टाइम. ऑफिशियल वाली ऑफिशियल वाली नहीं ध्यान. नहीं 28 साल ल भग शायद ना ना. ना शायद पता 26 28 साल नहीं 26 नहीं 28 29. हो 28 29 साल कागज वाली उम्र कागज वाली.
अनऑफिशियली तो आगे पीछे व सबकी रहती है. अच्छा ठीक है और रोहित का हमने एक स्टैड. देखा कि 30 साल के बाद उन्होंने 35 शतक. मार दिए जो टेंडोलकर के बराबर है बराबर तो. ये एक बड़ा मन में सवाल आता है कि यार कुछ. लोगों का करियर 30 में खत्म हो जाता है 3. 32 में खत्म हो जाता 30 में एक्चुअली पीक. पकड़ रहे. हैं रोहित ना रोहित को सेल्फ कॉन्फिडेंट. बहुत है अपने आप में आत्मविश्वास और जिस. तरीके से कप्तानी कर रहा है ना जिस तरीके. से आप सुन भी रहे होंगे कि गार्डन में ये.
गार्डन नहीं है अगर टलो होगे तो ये कर. दूंगा बिल्कुल सही कह रहा है वो अब कुछ. कुछ. प्लेयर्स कंट्री को तवज्जो दे ही नहीं रहे. हैं हम तो उन्हें बिल्कुल सही डांट रहा है. कि ऐसा नहीं चलेगा और रही बात रोहित की जो. आप बात कर रहे हो उसमें इतना कॉन्फिडेंस आ. गया है वो जिस तरीके से बैटिंग कर रहा जिस. तरीके से वर्ल्ड कप में उसने बैटिंग करी. उसने अपना बता दिया कि मुझे उसे पता भी था. कि मुझे क्या करना है शुरू में जाके मैं. 100 बनाऊं ना बनाओ उसे 10 में 80 बनाने थे.
बनवाने थे तो उसमें अलग अलग लेवल का. कॉन्फिडेंस है और अच्छी बात है ये ये. भारतीय क्रिकेट के लिए अच्छा है कि 30 के. बाद कोई लड़का ऐसा कर रहा है वो वो सोच. बदल जाएगी कि 30 32 के होते ही प्लेयर को. ऐसा साइड करने ल नहीं जैसे अभी चलता है ना. कि फिटनेस मेंटेन करो सिक्स पैक सारे. खिलाड़ियों के हैं सिक्स पैक वाले मैं देख. रहा हूं रेस्ट कर रहे हैं मिश्रा भाई मैं. नहीं मानता. ये मैं यह सब चीज नहीं मानता कि हां सिक्स. पैक वाला ही टीम में गा ठीक है जो प्लेयर. मेहनत कर रहा है ठीक है अच्छी बात है करनी.
चाहिए अब कोई आदमी अब जैसे माई भाई बिलीव. नहीं करते थे. ऐसा लंबी रनिंग करने में या जिम करने में. वीरू भाई को देख लो दादा को देख लो तो यह. नहीं करते तो तो अपना अपना होता है सबको. अपना पता रहता है सबको अपना शरीर पता रहता. है कि तेरा शरीर को क्या चाहिए तेरे शरीर. को क्या चाहिए मुझे नहीं लगता कि रोहित. इतनी फिटनेस करता होगा मुझे नहीं लगता फिर. सात महीने से वो लगातार खेल रहे हैं और.
बाकी सारे खिलाड़ी या तो रेस्ट ले लिए. चोटिल हो गए किसी ने मेंटल ब्रेक मांग. लिया किसी ने कुछ मांग लिया कोई फैमिली. में वो लगातार खेल रहा है नहीं फैमिली. वाले तो चलो ठीक है जैसे भाई विराट को. बेबी हुआ वो अच्छी वो बढ़िया बात है तो. यहां चाहिए भी आदमी नहीं मैं रोहित. कंटेस्ट बात कर रहा हूं कि उनकी बॉडी उसकी. बॉडी उसकी लोग मानते हैं कि थोड़ी सी वो. हेल्दी थोड़े हैं लेकिन फिर फिटनेस इने. गजब की है तो वो तो 12020. मीटर के मार रहे है ना हां तो क्या दिक्कत. है कुछ भी नहीं है तो मैं वही बोल रहा हूं.
कि प्लेयर को पता होता है कि उसे कितनी. मेहनत करनी है कितनी नहीं करनी है वो. जरूरी नहीं है कि उसके सिक्स पैक ही दिखे. इंजमाम उलक का सिक्स पैक थोड़ी है और क्या. गजब खेल मैं वही बोल रहा हूं तो ये तो ये. जरूरी नहीं है हां फिटनेस एक एक लेवल पर. जरूरी हो जाती है कि आपको तीनों फर्मेट. तीनों फॉर्मेट खेलना है बॉलर के लिए खास. तौर से या वही वाली बात कि सबको पता होता. है यार तुझे कितनी मेहनत करनी है कितनी. नहीं करनी सिंपल सी बात हैा रोहित शर्मा.
t20 वर्ल्ड कप में कप्तानी कर रहे हैं. आपको लग रहा है सही है ये मतलब या नई. पीढ़ी को देखना चाहिए था हार्दिक वादिक. नहीं नहीं बिल्कुल ठीक है रोहित शर्मा ही. कप्तान होना चाहिए तो फिर जो आईपीएल में. उनको हटा दिया गया वो भी सही था या नहीं. उसमें तो कुछ ना कुछ हुआ होगा मैनेजमेंट. ने बात करी होगी फ्रेंचाइजी होगी हम और. मैं नाम नहीं लूंगा किसी को गलतफहमी बाल. लेनी चाहिए हम गलतफहमी दूर होने में दो. दिन लगते हैं कहते नहीं है कि मोटिवेशन. तीन दिन का होता है ह बस अच्छा एक सवाल और.
आता है मन में कई खिलाड़ी ऐसे हैं कि. आईपीएल आता है फिट हो आते हैं 100% फिट. होते हैं खूब मैचेस खेलते हैं 90 पर मैचेस. आईएल खेलते हैं नेशनल ड्यूटी में चोटे लवा. आते हैं या गायब रहते हैं या या जैसे अभी. शबी का मैंने देख सुना शमी वर्ल्ड कप में. चोटिल थे चोट के बावजूद इंजेक्शन लिया. खेला क्या परफॉर्म किया ब अच्छी बात है. अच्छी बात है खेलना पड़ेगा देश के लिए तो. सब कुछ करना पड़ेगा अब आपको एक चीज ध्यान. हो आशीष नेहरा अगेंस्ट इंग्लैंड उन्हो उने. छह विकेट लिया था उनका पैर इतना मोटा था.
उन्होंने भी इंजेक्शन लिया था तो दादा ने. बोला था कैसे करना है तो आशु भाई ने कहा. खेलूंगा कोई दिक्कत ही नहीं इंजेक्शन. लूंगा तो यह यह चीज होनी चाहिए ऐसा ऐसा. पैशनेट होना पड़ेगा इंसान को ऐसा जज्बा. दिखाना पड़े रही बात आजकल के लड़कों की. आजकल लड़के रील बना रहे हैं पार्टियां कर. रहे हैं करो कोई मना नहीं कर रहा लेकिन. कंट्री पहले यह मैं पहले भी बात बोल चुका. हूं कंट्री पहले या. फ्रेंचाइजर आप डोमेस्टिक क्रिकेट खेलो. डोमेस्टिक में परफॉर्मेंस करो डोमेस्टिक.
के बाद आप व जाओ सीधा यह नहीं है कि. आईपीएल खेल लिए आईपीएल से सब कुछ हो जाएगा. गलत बात है तो ये मानते ये दो दो महीने. पहले दो महीने पहले इंजर्ड हो जाते हैं दो. महीने पहले अच्छा ट्रेनिंग किया खाया पिया. आईपीएल में परफॉर्मेंस किया. फिर तो यह तो सरा सर गलत है ना तो अब तो. बोर्ड ने बोल दिया आपको खेलना ही पड़ेगा. और बिल्कुल सही किया बोर्ड ने खेलो खेलना. ही पड़ेगा ये जो ईशान और शर वाला बिल्कुल. ईशान हो शेस हो कोई भी हो पांड्या क्यों. ना हो पांड्या कहीं से वहां से चांद प से.
उतर गया. है लेकिन पांड्या को तो रेड बॉल से इजाजत. दे दी उन्होने कि वो बिना खेले कांट्रेक्ट. पा गए तो मैं वही बोल रहा हूं ना ये चांद. प से थोड़ी उतर के आया खेलना पड़ेगा इसको. भी अलग नियम क्यों फिर इनके ले रहे है मैं. वही तो बोल रहा हूं क्यों इसके लिए अलग. अलग नियम है ये चांद पर से उतर के थोड़ी. आया इसको भी इसको भी बोर्ड को धमकाना. चाहिए जो अंदर से खबर आई वो ये थी कि. उन्होंने कहा कि मैं टी20 का खेल लूंगा. रीजनल जो डोमेस्टिक होगा क्य खेल लेगा खेल. लेगा फॉर्मेट. खेलना या या तू अभी या तू 60 70 टेस्ट मैच.
खेल चुका कि हां मैं टी20 खेलूंगा कंट्री. को जरूरत है तुम्हारी करो टेस्ट मैच एक. तरीके से रिटायरमेंट ही उनका अनऑफिशियल. रिटायरमेंट चल रहा है ना कंसीडर होते हैं. ना वो खुद अप्रोच करते हैं ना कहीं उनने. तो बोल दो ना दे दो रिटर्न में कि मैं. अवेलेबल नहीं हूं टेस्ट क्रिकेट के लिए ना. दे ही रहे हो ना खेल ही रहे हो बर्ग ला. रहे हो फिर तो बीसीआई भी सवाल होने चाहिए. बिल्कुल होने चाहिए कि आपने एक खिलाड़ी. नियम बिल्कुल अलग रखे हैं आपने तो बिल्कुल.
होने चाहिए उसमें क्या. है भाई एक खिलाड़ी के लिए नियम थोड़ी बदल. दोगे लेकिन लेकिन बात हुई होगी जरूर बात. बोर्ड ने बात करी होगी नहीं यही बात आई थी. कि कहा जो अंदर खबर आई थी कि हमें लगता है. कि हार्दिक हमारे लिए टी20 में एक कसेट है. हम उन्हें नहीं चाहते कि उनकी फिटनेस खराब. हो लेकिन फिर सवाल ये कि फिर ठीक है फिर. सवाल ये कि फिर आप पूरा आईपीएल फिर आप. पूरा आईपीएल कैसे खेलेंगे आप आईपीएल का. पूरा प्रेशर लेके आप सारे मैचेस खेलेंगे. 15 मैच 16 मैच इधर हो फाइनल तक गए ये तो. जैसे पहले होता था मिश्रा भाई कि हां आपको.
टी20 और वनडे में कंसीडर कर रहे हैं आपको. टेस्ट मैच में नहीं करेंगे कप्तान ना. प्लेयर को बता देते थे कि पीके जैसे मुझे. बताता था कि पीके तुझे वो नहीं ठीक है तो. फिर उसमें ना प्लेयर संतुष्ट हो जाता है. कि हां ठीक है तो मैं टी20. और वनडे के लिए हूं तो मैं उसी हिसाब से. मेहनत करूं तो क्या पतासे भी बोल दिया गया. हो पांडे को बोला गया हो कि हां भाई तुझे. टेस्ट मैच में हम नहीं देख रहे तुझे वनडे. टी20 में देख रहे हैं शायद हो सकता है यह. बात हुई हो मुझे इतनी जानकारी नहीं है ठीक.
है लेकिन एक ये सवाल आता है क्या आईपीएल. के चलते खिलाड़ी चोट छिपाते हैं पैसा. क्योंकि बहुत बड़ा होता है हर साल य आता. है कि आईपीएल में हार्दिक की केले बात. नहीं है बहुत सारे प्लेयर्स बा हा हार्दिक. की इसकी क्या नाम श्रेयस की और इसकी बात. नहीं है ईशान की यह ज्यादातर देखा गया है. प्लेयर छिपा लेते कोई. कोई जो जितने भी सीनियर प्लेयर्स है जितने. भी इंटरव्यू मैंने सुने हैं जितने भी कोई. भी प्लेयर झूठ नहीं बोल रहा यह चल रहा है. ये आज से नहीं चल. 2000 पहले दो एक दो सीजन तो रहने दो तीन.
तक हां वो तो रहने दो उसके बाद से चलने. लगा. था कोई अच्छी टीम होती थी सामने कोई बड़ा. प्लेयर होता था तो उसका एक बॉलर बीमार हो. जाता था मुझे तो बुखार हो. गया यह सच्चाई बोल रहा. हूं ये हमारी टीम में ये तो हमने. इंटरनेशनल क्रिकेट में सुना है कि एक बहुत. बड़े प्लेयर थे कैप्टन थे उन्होंने एक मैच. से अपने आपको को रोक लिया था तो ये ना. होता है कि हम मुझे बुखार हो गया सामने. अच्छी टीम है दो दो बड़े ओपनर सामने है और. आप आप मेन बॉलर हो ओपनर बॉलर.
हो तो कहते मुझे तो बुखार है मेरी तबीयत. ठीक नहीं है तो ये होता. है क्रिकेट में पॉलिटिक्स. है बड़े लेवल प नहीं है बड़े ले मतलब. इंटरनेशनल लेवल प नहीं है क्योंकि आप दिख. जाते हो ना इस पे टीवी टीवी दिख जाते हो. इस दिख जाते हो उसपे तो साफ पता लग जाता. है 140 करोड़ 120 करोड़ पहले 120 करोड़ थे. 100 करोड़ थे अब 140 करोड़ देख रहे बता. देते हां बट जैसे फिल्मों में कहते हैं कि. कोई आदमी नीचे नीचे थोड़ी बहुत है अब.
कितनी है कितनी नहीं है पता तो मुझे भी है. लेकिन बताऊंगा नहीं इस पे कोई नहीं जैसे. फिल्मों के बारे में कहते हैं कोई भी आदमी. हीरो बन जाता है अगर 10 फिल्म कर ले हम. लेकिन सवाल है 10 फिल्म मिलती नहीं है ऐसे. क्रिकेट का है अगर आप छह मैच खेल ले गए दो. फ्लॉप हुए तीन हुए चौथे में चल गए कई. खिलाड़ी ऐसे नहीं देखे कईयों को मौका ही. नहीं मिलता जैसे अभी अ एक लड़का बाबा. इंद्रजीत है कई साल से खेल रहा है अब. मन्यु ईश्वरण है कई साल से खेल रहा है. अच्छा खेल आता है बाहर जा है या सरफराज. खान च लिए अभी मौका मिला.
न मिश्र भाई मैं बताऊं. आपको कुछ प्लेयर ना डोमेस्टिक में बहुत. अच्छा खेलते. हैं डोमेस्टिक में और कुछ प्लेयर ऐसे होते. हैं कि उनका टैलेंट ना डोमेस्टिक के चार. मैच में दिख जाता है पांच मैच में या एक. सीजन में दिख जाता है तो जो सिलेक्टर्स. होते हैं उनकी निगाह भी बड़ी अच्छी है वो. भी बड़े लेवल पर खेले होते हैं तो पकड़. लेते हैं प्लेयर को कि लंबी रसोड़ा हां. इसमें कोई दरा नहीं. हम तो यही वाली बात है जैसे मैं एक उदाहरण.
दूं. आपको मार्क राम प्रकाश एक प्लेयर हुआ था. हम और डोमेस्टिक में बड़े सारे रन बनाए. उसने हम और जैसे ही वो ऊपर जाता था मतलब. कंट्री के लिए खेलता था तो फ्लॉप ट्रेस. कथक के साथ उल्टा था हम व डोमेस्टिक में. हल्का सा फ्लॉप हल्का सा मतलब रन बनाता था. वैसे फ्लॉप ही रहता था और जैसे ही ऊपर आ. है वो सीधा तो ये ये हो जाता है ये होता. है हम बट कई बार तो ना जैसे बक जैसे रोहित. शर्मा है रोहित शर्मा का मैं स्टेट आज देख.
रहा था 30 साल की उम्र तक 80 मैच खेले थे. उन्होंने 30 का एवरेज था लेकिन फिर धोनी. ने अच्छा बैक किया और बैक करने का असर ये. हुआ कि आज रोहित ग्रेटेस्ट खिलाड़ियों में. से एक वही वाली बात है ना टैलेंट पता था. ना कप्तान को कि हां य ये करके देगा एक ना. एक दिन करके देगा वो भी बहुत जरूरी है बैक. करना बहुत जरूरी है प्लेयर को मान लो उस. टाइम उसे बैक ना करता तो व गा नहीं था. प्रवीण कुमार को किसी ने बैक किया सबने. किया मुझे. तो मुझे तो सबने किया 2011 में चोट लगी थी. आपको हां वर्ल्ड कप में अफसोस करते हो कि.
यार एक वर्ल्ड कप तो बनता था मेरा मैं जो. टैलेंट मेरे पास था बैटिंग करता था अच्छी. आज ये टी20 वाले जो लड़के आज खेलते मुझे. मिश्रा भाई मलाल नहीं है ठीक है जो हुआ सो. हुआ मैं आज आपको एक कहानी बताता. हूं हम लोग ऑस्ट्रेलिया जा रहे थे 12 में. ये बात किसी को भी नहीं पता सौरभ भाई को. भी नहीं बताई थी मुझे बाद में ध्यान आई. मैं कुछ तो बचा के रखूं दूसरे के. लिए क्या हुआ ऑस्ट्रेलिया जाना था टेस्ट. मैच मेरा नाम.
था. तो जैसे मान लो आज क्या तारीख ठ तारीख सात. क्या तारीख आज जो भी रिलीज होगा तो अलग हो. जाएगी आज 8 तारीख है 8 तारीख है तो मान लो. हमें जाना है 11 को तो एक शादी थी हमने. उसमें पार्टी टी किया घर पर आ ग अगले दिन. अगले दिन फिर मस्ती मस्ती में हम कबड्डी. खेलने लगे य फार्म प पीछे कबड्डी खेले तो.
उसमें मुझे ना दो लड़कों ने पकड़ लिया. मेरे दोस्त ही थे तो मैं इतनी जान लगा दी. मेरी बसली टूट गई थी ये साइड की. तीन उस टाइम हल्का सा पेन हुआ मैं घर घर. जाक लेट गया तो जैसे मैं ऐसे ये ये करवट. लेट तो मुझे लग ये निकल के ये गिर जाएगा. नीचे इधर लेट तो मैं इधर हो जाएगा मैं फिर. रात को हॉस्पिटल गया रात को ही मैंने वो. कराया एक्सरे तो तीन टूटी हुई थी अब खास. तो दिक्कत और मतलब दिक्कत ही दिक्कत मैं.
चल भी नहीं पा रहा था मैं क तो हो गया. गड़बड़ फिर मैंने बोला वहां बोर्ड को मैं. ऐसे ऐसे दिक्कत हो गी तो उसमें ना मैंने. एक बहाना बनाया था ये बात पता लग गई थी. मैं कहा यार मैं. वो प्रैक्टिस मैच खेल रहा था विक्टोरिया. पार्क में मैं रन ले रहा था तो बैट अटक. गया और बैट का हैंडल घुस गया इधर व हैंडल. नहीं घुसा था तो ये बात थी तो यू भाई ने. कहा कि कि कैसे हुआ हैंडल तो ऐसे नहीं घुस.
सकता कुछ ना कुछ गड़बड़ है मैं कहा नहीं. भाई साहब. नहीं तो ये हो गया था तो मैं टेस्ट मैच. मिस कर गया था वो सीरीज मिस कर गया था फिर. मैं वनडे में गया. था बट 2012 में आपने आखरी मैच खेला था हां. बांग्लादेश का हा ओडीआई पाकिस्तान हां. शुरुआत भी पाकिस्तान शुरुआत भी पाकिस्तान. उधर भी ये हुआ उधर सब मार खा रहे. थे असल में उधर. हम एक ही शैली के तीन बल तीन फास्ट बॉलर.
थे मतलब मीडियम फास्ट बॉलर मैं इरफान भाई. और विनय हम विनय कुमार मार सबको पढ रही थी. हा बट वही वाली बात है बाहर कौन था बाहर. पता नहीं कौन बॉलिंग अच्छी हो रही थी वहां. पे चलो कोई नहीं व कोई मलाल नहीं है कुछ. नहीं अच्छा पाकिस्तान के खिलाफ खेलना क्या. अंतर मैं कम बैक कर भी जाता फिर से मेरे. फिर शोल्डर में लग गई थी. शोल्डर स् कपला फट गया था य मॉडर्न स्कूल.
में खेल रहे थे ओजीसी वर्सेस मतलब ओजीसी. का एक टूर्नामेंट ओजीसी पार्टिसिपेट करर. थी रघुवीर हा लाला रघुवीर एक टूर्नामेंट. होता है उस उसमें अपला फटा फिर एनसी व कम. बैक हो जाता इंडिया इंडिया है ऑस्ट्रेलिया. है और न्यूजीलैंड तो. उसमें मतलब नाम था मैं खेलता तो यह था कि. उसम तो फिटनेस ही देखनी थी बाकी तो बॉलिंग.
तो सिलेक्टर देखते ही नहीं है वो टाइम पर. जब आप छ सात साल कंट्री के लिए खेल जाते. हो तो वहां पे सब कुछ हो जाता तो उसम. गड़बड़ हो गई ी आपने जल्दी गिव अप कर दिया. ना मैं डोमेस्टिक खेला हूं. फिर खेलता रहा फिर मैं खेलता रहा शोल्डर. ठीक हो गया फिर खेलता रहा फिर फिर आईल आईल. आईल खूब खेला आईपीएल 18 तक. खेला बस. फिर मेरा रिप्लेसमेंट आ गया था भ. आप ही के सखाया हुआ हा हा कोई नहीं मेरा.
भाई है छोटा अच्छा किया उसने देश के लिए. बढ़िया कर रहा है अभी भी अच्छा भुवनेश्वर. आपकी शैली बिल्कुल एक जैसी थी बिल्कुल. अंदर आती गेंद वो भी छोटा था जब विक्टर. पाक में आया था कब किस साल मिले थ. भुवनेश्वर से भू. तो 2005 में छ में हां पाच में छोटा थांग. डालता था धीमे धीमे लेकिन उसने सीखा अपने. आप से सीखा उसने सीखा नहीं है मतलब आपस.
में डिस्कशन जैसे हो जाता है हो जाता है. लेकिन मेहनत भी तो खुद करनी पड़ती है तो. उसने सीखा खुद से सीखा विपिन भाई ने उसे. बहुत सिखाया विपिन. बसने मुझे याद है पाकिस्तान के खिलाफ पहला. मैच था क्या बेहतरीन गेंदबाजी की थी जो. डंडे उखाड़े थे उसने बिल्कुल उसके बाद में. वो फिर सीखा सीखना बहुत जरूरी है मिश्रा. भाई फिर वो 140 भी फेंकने लगा तो हालाकि. स्विंग कम हो गया था लेकिन उस दो बारी. आईपीएल में बेस्ट बॉलर होना बहुत बड़ी बात.
होती है सही बात है 2020 विकेट बहुत बड़ी. बात और अभी भी टीम से बाहर है बट. डोमेस्टिक में लगातार अी पर अच्छा बिल्कुल. अच्छी बॉलिंग कर र है गिव अप नहीं किया. उन्होंने 19वां ओवर उनको थोड़ा सा खा गया. हां वो वो ये सोशल मीडिया खा गया ना कि. उसम मीम बन गया ये बन गया 19 ओवर का जो. एकस लग गया शुरू में अच्छी गेंदबाजी कर. रहे थे वहां भी वो आखिरी में 19 ओवर में. उस सम हालाकि सब पिट रहे थे लेकिन सभी मार. खा रहे थे किसी एक बल फाड़ना होता हां राट. राइट असल में ऐसा हो जाता है ना कि बड़े. बड़ा जब बॉलर हो जाता है तो उस पर फिर.
सवाल उठने लगते हैं या हां ये भी बात है. और ये भी था कि बुमरा की वापसी हो रही थी. तो आपको किसी एक को तो हटाना था तो सिराज. को आपने रखा बुमरा हो गया शमी पीछे से लगे. शमी को भी आप टी20 में कहां क अर्शदीप है. कई नए लड़के आ गए नहीं समी को तो मैं तो. चाहूंगा शमी खेले लेकिन समी की बॉडी कैसी. है कैसे इधर तो नहीं खेल पाएंगे वो जो खबर. आई है उसके मुताबिक दिसंबर में खेलेंगे. बॉर्डर गवास करर अगर वो फिट होके आते हैं. ल अभी तो हा अभी छ महीना पूरा जाएगा उनका.
उसके बाद एंड में ऑस्ट्रेलिया वाली सीरीज. देखो समी तो अलग बॉलर है हमारे कुछ बॉलर. ऐसे हैं जो सीख गए जैसे कौन कैसे मुमरा हो. गया समी हो गया आपका भुवनेश्वर को आप कह. रहे थे भुवनेश्वर तो है हीराज सिराज सिराज. हो गया सिराज भी सीख गया विकेट कैसे लेना. है कैसे आउट करना है तो विरा भा ये यह पता. रहना चाहिए कि आपको विकेट कैसे दूसरे को. कैसे आउट करना है विकेट कैसे लेनी है अगर. वह आपको आ गया तो आप बॉलर बन गए अगर आपको.
रन बनाने आ गए कैसे रन बनाने किस कंडीशन. में कैसा खेलना है तो आप बैट्समैन बन गए. नहीं तो यही सवाल मेरे मन में कि ये भूमरा. सिराज शमी अभी कहते हैं कि इंडिया की ये. सबसे अच्छी टकड़ी है ऑल टाइम अगर हिस्ट्री. में देखें इस अच्छी तेज गेंदबाजी नहीं. देखी हमने कई सारे कमेंटेटर्स और सीनियर. प्लेयर्स कहते हैं क्या अलग था इनका जो. आपकी जनरेशन थी विनय कुमार आप इरफान पठान. आशीष नेहरा इन सब से क्या इन्होंने अलग. किया जो यह लंबे समय तक लगातार खेल रहे. हैं नहीं नहीं नहीं मैं बताऊंगा. मैं तो खेला हूं आरपी के साथ जैक भाई हो.
गए आशु भाई हो गए इरफान. पठान तो यह ये यह तो बहुत ही बड़ा यूनिट. था अजीत अगरकर हालाकि मैं उनके साथ में. कंट्री के लिए नहीं खेला हूं लेकिन. ये य अलग किस्म की बॉलिंग यूनिट थी. क्योंकि दो लेफ्ट आम तीन लेफ्ट आम आपके. पास में चार इरफान भाई तो ये. अलग किस्म की वो है एक टीम टीम इन द स.
बॉलिंग. यूनिट तो कंपेयर नहीं कर सकते एक दूसरे. में हम उस टाइम के अलग टाइप के बॉलर थे अब. आपकी क्रिकेट के हिसाब से ये अलग टाइप के. बॉलर है. तो ये है हा बट ये जैसे ये पहले क्या था. 130 35 स्विंग करने वाले गेंदबाज हमारे. पास अभी ये सब 140 वाले भी है नहीं जैक. भाई 140 आशु भाई 140 फेंकते थे आरपी 140. 45 फेंकता था इरफान भाई 135 36 का मैंने. चेक किया परसों की इंडिया का सेकंड.
फास्टेस्ट बॉल इरफान पठान की है 153. किलोमीटर प्रति. घंटा हां पाकिस्तान के खिलाफ 2007 वर्ल्ड. कप में अब रीड सही हुआ या इरफान भाई कुछ. अलग खाके आए. थे इरफान भाई को लेकर बाद में एक बार वहां. पर मैच हो रहा था पंजाब. में किंगल पंजाब का और राजस्थान का हां. राजस्थान का तो मैं मैं बॉलिंग कर रहा था. मैंने डाली स्लोवर तो सीधा दिखाया.
143 ओके तो मीटर में पहले गड़बड़ थी ओके. हा बट वो उनका ऑफिशियल रिकॉर्ड में चलता. अगर आप सर्च करोगे नहीं फैक दी होगी ऐसा. कुछ नहीं फास्ट डिलिवरी इंडिया की बट 153. इरफान मतलब उमरान मलिक ने फेंकी है उसके. अलावा मैंने किसी को 150 पार करते इंडिया. में नहीं देखा था बट वो अभी परसों नरसो एक. हमारी वमन क्रिकेटर है उन्होंने फेंकी थी. हां वो उस पे आ रही है कुछ.
instagram2 और एक जहां 138 दिखा रहा था. हालांकि वो रिटायरमेंट उन्होंने जो अपनी. फास्ट फेंकी थी वो 128 थी 8 साल पहले और. अब वो रिटायर हो चुकी है रिटायर के एक साल. बाद उन्होने ब्लू जर्सी में है कुछ मु में. मुंबई. में तो शनम का नाम है शनम होगी ऐसा कुछ. नहीं अब मीटर ठीक है हा तो मैंने वही मुझे. याद है तो हम स्टोरी कर रहे थे कि लड़को. में किसने किसने फ की है तो शब अखतर 161.3. था वो तो ब्रेटली थे और इंडिया हां शन टेट.
ये तीनों. 161.3 है इंडिया से मैंने चेक किया उसमें. इरफान पठान नहीं फेंक दी होगी तो मैंने. कहा यार इरफान का तो मैंने बहुत सारे. मीम्स देखते थे कि झूलन गोस्वामी कई बार. तेज फेंक देती. थी अरे मिश्र भाई उस. टाइम नयो स्पोर्ट्स बड़ा खराब था हां उसका. मीटर बहुत ही खराब था हमने भी जान लगा लगा. के फेंकी है बल सीधा 128 32 35 36 से ऊपर. जाती नहीं.
थी तो ये है अच्छा पाकिस्तान के खिलाफ. खेलना क्या लगता है आपका शुरुआत और अंत. दोनों पाकिस्तान रहा है तो आप थोड़ा बेहतर. समझा सकते हो नहीं अच्छा है अच्छा. एक्सपीरियंस रहता है लड़के अच्छे हैं एक. ही भाषा. है मुझसे किसी ने कहा था एक सवाल पूछना हा. आप बता दो फिर मैं एक सवाल पूछता नहीं. लड़के अच्छे हैं ऐसे नहीं है. देखो ये लड़ाई झगड़े तो चलते र लेकिन हम. लोग खिलाड़ी हैं हम लोग खिलाड़ियों की तरह.
रहते हैं प्यार मोहब्बत से रहते हैं सब. चीज है लेकिन व वाली बात है कि पीठ पीछे. कुछ है वो लोग मुंह पर कुछ है उनके. प्लेयर्स जैसे कोई कुछ हुआ था नहीं ऐसा. कुछ नहीं हुआ लेकिन बा कुछ तो रहा होगा ना. ल बातो से पता लग जाता है ना हम लोग तो. ऐसा पकड़ लेते हैं तो ऐसा नहीं है दोस्त. भी है उमर. है कामरान है एक दो लड़के और है अब्दुल. रज्जाक एक रजक नहीं अब्दुल रज्जाक वो. लेफ्ट हां हां सम स्पिनर तो बड़े फनी लोग.
हैं शब भाई से एक बार बात हुई. थी कहां पे दोहा में उन्होंने एक घंटा. बैठा रखा मुझे बातें करते वो वीडियो. रिकॉर्ड कर रहे होंगे सोशल मीडिया प बहुत. एक्टिव ना ना ना कमरे में बैठे थे ऐसे ही. आमने सामने हमारा रूम था ऐसी बातें चल रही. थी क्रिकेट की क्या चल रहा है फैमिली की. बातें होती है घर में कौन-कौन है ऐसी बात. बट आप कह रहे थे ना इसके पहले कि ये. वीडियो डियो क्या होता है शब अखतर परफेक्ट. एग्जांपल. हम बहुत दिन से बना रहे हैं हां वो आपस. में भी नहीं वो कमाल का आदमी है सच्चा.
आदमी है वो मतलब बातों से पता लग जाता है. इंसान का सच्चे आदमी है खरा आदमी जैसे. मुंह प बोलना जिसको बोलना नहीं तो नहीं. बोलना पता लग जाता ये बढ़िया चीज है हां. यही अच्छी मैंने हां सुना वो मतलब हां वो. मैदान पे ज्यादा वो थे वैसे थोड़ा सा वैसे. कुछ नहीं है वैसे हसी मजाक चिल कोई दिक्कत. अच्छा एक किस्सा मुझसे किसी ने कहा पूछ. लेना शतर का नाम ले लिया आपने एक मैच चल. रहा था हरभजन सिंह और आप बैटिंग कर रहे थे. हां मोहम्मद आमिर ने बॉल डाली पहले अखतर. ने डाली बा हां क्या था वो और क्यों शुरू.
हुआ था क्यों बवाल कट गया था. वो नहीं उस टाइम उनके साथ में बैटिंग कर. रहा था रना हां तो हुआ नहीं था चलती रहती. है पंजाबी में एक दूसरे से गाली गलोज हो. गई तो फिर रहना आउट हुआ तो मैं गया तो मैं. एक रन दिया एशिया कप था एशिया कप था मैं. एक रन दिया तो भज्जू भाई बोले देख इसको. मारूंगा मैं कहा भू आमिर फेंक रहा. था हां लास्ट ओवर था वो अब मारा ही भज्जू. भाई ने फिर फिर उसकी तरफ इशारा कर दिया श.
भक्तर की ऐसा कुछ हा तो कह रहा कह रहा ना. ना उसने कहा कि तीन ही मारे अभी तक तो. निकल. निकल तो भज्जू भाई अच्छा अच्छा मैच खत्म. हुआ फिर दोनों एक साथ तो ये चलता रहता है. अच्छा ये मैंने भी देखा सवाक के बहुत सारे. वीडियोस आते हैं कि वो अखतर के ऊपर कुछ भी. बोल लेते हैं. कि ढेला मारता था ये करता था वो करता था. वो भी यहां से बोलते हैं और फिर दोनों साथ. में बैठ के इतनी अच्छी दोस्ती है कि लगता. है यार. हां ऐसे ही होता है ऐसे ही होता है.
ग्राउंड के ग्राउंड पे छोड़ देनी चाहिए. मिश्रा भाई बाहर कुछ नहीं बाहर तो सब ऐसे. ही है एक ही थाली में खा रहे हैं तोय चलता. है तो इंडियन टीम में कोई आपका दोस्त. क्योंकि आपने सबके साथ खेला है अभी भी. करंट में आप विराट की टीम से खेले आरसीबी. में आप धोनी भाई के अंडर आपने अपना डेब्यू. किया रोहित के साथ तो आप स्टंप उखाड़ के. चले गए थे रैना के साथ ख रना के साथ रहे. सबके साथ आपने वो जो एक अच्छी जनरेशन जो. बड़े नाम प्लेयर है विराट विराट साहब हां. हां तो अभी किसी से है आपका वन टू वन. रापता नहीं सबसे है नहीं एक तो होता है कि.
चलो जानते हैं खेला है नहीं नहीं नहीं. मिश्रा भाई जिससे बंडिंग है चूहे तक की है. किससे ब करते यारी करते हम लोग चूहे तक की. और दुश्मनी करते हैं चूले तक किससे चूहे. तक की बॉन्डिंग है सबसे ही है साल भर में. किसके साथ चल खाना खाए किसके घर गए आप. रहना तो मतलब घर का ही है हा रहना भाई तो. गाजियाबाद के हो गए पड़ोसी भी है और साथ. में खेलते रहते हैं तो सबसे ऐसी है ऐसा. कुछ नहीं है सबसे जितने भी चाहे सीनियर हो. चाहे भज्जू भाई हो वीरू भाई हो वीरू भाई. अभी खेल रहे थे यहां पर ग्रेटर न तो सबसे.
ऐसी है ज जीत गए थे हमारा इंटरव्यू एक दिन. बाद. हुआ. तो मिश्र. भाई बड़ों को सम्मान देना चाहिए जो बराबर. के और जो छोटे उन्ह प्यार होना चाहिए यही. दुनिया है बाकी कुछ नहीं रखा बाकी झूठ. फरेब हमारे पास है नहीं जो है यहां से. बाकी है नहीं अच्छा अभी टीम इंडिया में हम. देखते जैसे रोहित शर्मा वो किसी ख ड़ कभ. टपरी मार देते हैं हंसी मजा करते हैं यही.
लाड होता है और किसी को अभी खिसका वाला. वीडियो था कि सरफराज को डांटा भी हेलमेट. पहन नहीं पहन रहा तू एक बड़ा अच्छा बंड. दिखता है मुझे कि जिसको दुलार करना दुलार. किया जिसको डांटना था एक गार्डन में नहीं. घूम रहा है सही से खड़ा रहे नहीं पूरी टीम. को बोला था अगर तुम लोग गार्डन में घूम हो. तो ऐसा कर दूंगा हां और उसके बाद सीनियर. खिलाड़ियों में सुनता हूं मैं हरभजन को या. बाकी लोग को सब तारीफ करते नहीं सब इनकी. युवराज भी तारीफ करता है अपने वीडियोस में. तो रोहित शर्मा में क्या ऐसा है कि कोई. बुराई नहीं करता ऑफ द रिकॉर्ड भी नहीं.
करता कोई. बुराई पता है क्या है उसका उसका स् स्वभाव. ही ऐसा है कि हां ग्राउंड प उ 100% चाहिए. ग्राउंड पर डांटे का भी प्यार भी करेगा और. मैदान के बाहर भी ऐसे ही है डांटे का भी. प्यार भी करेगा तो एक एक होता नहीं है कि. सीनियर प्लेयर के नाते एक उस परे. जिम्मेदारी है एक होता नहीं है कि मास्टर. मास्टर बच्चों को डांटता भी है प्यार भी. करता है तो यह जो मतलब मास्टर वाली लेवल. में आ गया है ये टीचर हो गया कि बच्चों को.
समझाना भी है तो डिनर प भी साथ में ले. जाना है बच्चों को लड़को को तो वैसा हो. गया है बाकी इसका स्वभाव ही ऐसा है अभी ये. टेस्ट सीरीज में कैप्टन स कैसे देख रहे हो. आप क्योंकि बत बढ़िया सब नए लड़के थे बहुत. बढ़िया लेके चल रहा है और बेस बॉल पहली. बार आ रहा है हां आठ सीरीज खेली उन्होंने. ब्रेंडन मैकल और बेन स्टोक्स एक सीरीज भी. नहीं हा र थे बिल्कुल बकुल पाकिस्तान में. तो 5500 मार के आए थे पहले दिन में. बिल्कुल भाई बहुत अच्छे कैप्टन से कर रहे. हैं और पूरी टीम ऐसे खेलती है जैसे जैसे.
एक परिवार के लोग हो सारे छोटे भाई बड़े. भाई खेल रहे हो जैसे होता नहीं था कि छोटे. की लड़ाई हो गई तो बड़े सब चल दिए बड़े के. कुछ बड़े को कुछ किसी ने कुछ कह दिया छोटे. सब चल दिए तो ऐसे हो रहा है मन लगता है. देखने टीवी में दिख जाता है तो ये ये कैसे. ये समझ यही समझना चाहता हूं मैं क्योंकि. कुछ समय पहले तक टीम इंडिया में गुड बाजी. की बड़ी खबरें आती थी इनफैक्ट बीते कई. सालों में लगातार खबर एक ये खेमा है एक ये. खेमा है एक वो खेमा है हम बट गए थे लोग. हां अभी भी कुछ कुछ है जैसे टी20 या व में. आती रहती है बट उतना पता नहीं लगता जब. मैदान पर उतरते हैं रोहित टीम के साथ तो.
ऐसा लगता है कि सब एक है सरफराज भी स्टोरी. लगा रहा है कुलदीप ने अभी पांच विकेट. निकाले तो उसने कहा कि या रोहित भाई मुझे. कॉल करते थे जब मैं बाहर था कुलदीप को तो. उस केकेआर ने भी ड्रॉप कर दिया था बेंच प. बैठा रखा था अभी उसने उसने कहा कि रोहित. भाई पूछते थे कि यार तू करेगा मेरे लिए. कैसे करेगा वो तेरा सरर तेरा काम है. हा नहीं पहले. देखो पहले क्या हुआ क्या नहीं हुआ वो तो. राम जान है क्योंकि हम लोग तो जूनियर थे. हम अब सी के सीनियर के बीच में क्या चल.
रहा था क्या नहीं चल रहा था वो नहीं पता. हम लोग अलग रहते थे मैं हो गया विराट हो. गया जितने भी ते और ये हो गया रोहित हो. गया ओझा हो गया हम लोग तब ना एक कमरे में. चारों बैठे मस्ती करी निकले खाना वाना. खाया निकले हमें कुछ नहीं पता था सीरियसली. लेकिन अब जो दिख रहा है वो अब ये दिख रहा. है कि हां यह एक टीचर है बच्चों को संभाल. रहा है इन्हें टाइम पे टॉफी भी दे रहा है. इन्हें टाइम पे छड़ी भी मार रहा है तो. अच्छी चीज है अच्छा आपने धोनी के कैप्टन स.
में अपना डेब्यू किया था धोनी की कैप्टन स. में क्या स्पेशल था क्योंकि दुनिया में. जिससे पूछो आप हर आदमी कहता है यार धोनी. कैप्टन स में खेल इसके कैप्टन स में खेलो. तो बेस्ट निकल आता है रहाणे भी पिछले सीजन. में हमने देखा बवाल काट दिया रायडू आखिर. में काट के बवाल उथप्पा ने खेला उन्होंने. भी मारा ऐसा लगता है धोनी के पास जो आता. चल जाता है तो ये क्या फैक्टर धोनी का रहा. आपने लोग बोलते हैं कि धोनी भाई की किस्मत. अच्छी थी यह था वो था किस्मत अच्छी नहीं. थी उन्हें उन्हें यूज करना आता था प्लेयर. का प्लेयर को कैसे यूज करना है किस समय.
यूज करना है और किस सिचुएशन में किसे. भेजना है किस सिचुएशन में किस कंडीशन में. कौन बेहतर बॉलिंग करेगा किस कंडीशन में. कौन बेहतर बैटिंग करेगा यह ये एक. स्ट्रेटेजी होती है हम एक एक प्लान होता. है तो उन्हे य उन्हें पता होता था कि. किसको कैसे खिलाना है किससे कैसे लेना है. वापस तो ये कर कर के आता है एक दिन में. नहीं आता या एक साल में नहीं आता जितना आप.
मैचेस खेलोगे एक्सपीरियंस होता रहेगा देखो. आपने देखा होगा माई भाई ने कहा था कि एक. बार क्या कहां पे. थे हां उन्होंने भी ऐसे ऐसे खिलाया सीनियर. और जूनियर का मिक्स अप खिलाया उस टाइम में. पाजी थे वीरू भाई थे यूवी भाई भज्जू भाई. फिर आशु भाई जहीर भाई जैक भाई फिर विराट. रोहित रैना. तो जूनियर और सीनियर्स का मिक्स अप था. जैसे आपको ध्यान हो दादा ने टीम बनाई थी.
जबरदस्त दादा ने ही टीम मनाई हा जो बाद. में 2011 वर्ल्ड कप में जीत कर आई मेन. प्लेयर वही थे सचिन सचिन सहवाग नहीं दादा. ने शुरू में 2011 में दो तीन में सॉरी. 2003 में टीम थ आशीष नेहरा जहीर. खान मोहद के ये सब यंग थे मतलब टीम. इन्होंने बनाई थी तो ऐसे ही माई भाई ने भी. जूनियर्स का और सीनियर्स का कॉमिनेशन लेकर. चले क्योंकि बिना सीनियर के काम नहीं चलता. बिना सीनियर्स के बंडिंग के काम नहीं चलता.
सबसे बात करनी पड़ती है ऐसा नहीं है कि आप. अकेले ही सब कुछ करते सब को लेकर चलना. पड़ता है और वह माई भाई बखूबी जानते थे कि. कैसे लेकर चलना है कैसे नहीं अब ऐसा तो हो. नहीं सकता कि पाजी टीम में आप पाजी से बात. नहीं करोगे सलाह नहीं लोगे या राहुल भाई. से सला नहीं लोगे या या जैक भाई से सलाह. नहीं लोगे य भाई से सलाह नहीं लोगे तो या. भज्जू भाई से सलाह नहीं लोगे तो सबसे सलाह. लेकर चलनी पड़ती है लेक चलना पड़ता है तो. भाई भाई को बखूबी पता था आपके रिश्ते हैं. धोनी से.
भी रिश्ते क्या बड़े भाई है मतलब बड़े भाई. तो होता है कि होली दिवाली प बात हुई एक. होता है कि यार हफ्ते दो दिन में बात कर. ली लाइक कर दिया या कुछ शादी फंक्शन रहा. चले. गए नहीं संदेश पहुंचाना होता तो पहुंचा. देते डायरेक्ट कम्युनिकेशन नहीं. है काफी बात काफी क्लियर हो गया अच्छा. विराट की कैप्टन स में भी आपने खेला. आरसीबी संदेश कहने का मतलब ये है कि मैं.
अपनी बा कोई बात पहु वो तो आप ट्वीट भी कर. दोगे तो पढ़ आदमी तो पढ़ नहीं ट्वीट नहीं. सीधा आदमी को भिजवा देते हैं आदमी के थ्रू. अच्छा ट्वीट ट्वीट नहीं मतलब दाएं बाए. वाला आदमी आपको अच्छे हां संपर्क तो फोन उ. नहीं रखते हैं वो नहीं रखते होंगे रखते. हैं पर उठाते नहीं. है अच्छा गौतम गंभीर से रिश्ते हैं आपके. हां वो भी बड़े भाई हैं हां गंभीर ने कई. बार टीवी पर ये कहा क्योंकि आप बेबाक. बोलते हो. कि टीवी चैनल्स का भी बड़ा दोष है जब.
गंभीर से लोग कहते हैं कि तुम्हारी 97 रन. की पारी नोटिस नहीं हुई वो कहते आप एक ही. पारी दिखाते रहते हो अगर आप दिन रात टीवी. प यही दिखाओगे एक आदमी ने मारा. वर्ल्ड कप जिता दिया तो फिर बाकी लोग कैसे. याद आएंगे उस टीम को जिताया था जहीर खान. ने 21 विकेट लेके जिताया था युवराज सिंह. ने नहीं बिल्कुल जायज बात है बिल्कुल जायज. बात है आप मुझे एक बात बताओ. यार गौतम भाई बिल्कुल ठीक कहते हैं यह. कुश्ती या इंजल गेम तो है नहीं एक.
आदमी नहीं जिता सकता अब युवराज. सिंह ने कितना विकेट लिया था 15 शायद 15. विकेट लिया था कु और 350 रन थे 350 400 रन. थे जैक भाई ने 21 22 विकेट लिया. था गंभीर ने गौती भाई ने रन बनाए थे दोनों. फाइनल दोनों फाइनल में रन बनाए माई भाई ने. भी रन बनाए माई भाई ने 11 बनाए थे सात में. नहीं बनाए थे शायद 11 में बनाए थे 11 में.
छ मार हां उसकी बात कर रहा हूं मैं. तो टीम तभी जीतती है मिश्रा भाई जब आपके. तीन बैट्समैन फॉर्म में हो हम और दो बॉलर. फॉर्म में हो आप उठा के देख लेना चाहे. टेस्ट मैच हो चाहे टी20 हो चाहे वनडे हो. टीम तभी चैंपियन होती है जब आपके तीन. बैट्समैन फॉर्म में हो और दो बॉलर फॉर्म. में. हो तो ऐसी ये एक इंडिविजुअल गेम नहीं है. कि एक के के एक ने एक ने 100 बना दिया तो.
आप रात दिन उसे दिखाते रहो कि 100 बनाया. टीवी प यही चल रहा है कि उसने 100 बनाया. उसकी. बदलत विजय प्राप्त कर ली और ये है अजय बढत. बना ली और ये फलाना डिम आप ये मानते हो कि. इंडिया में क्रिकेट ज्यादा क्रिकेटर्स की. पूजा होती है क्रिकेटर ज्यादा बड़े. क्रिकेट छोटा होता है एक व्यक्ति वि कोई. हर अलग अलग बिल्कुल एक प्लेयर को इतना. बड़ा बना दिया क् क्रिकेट से बड़ा हो जा. है बाकी छिप गए अब बाकी सब छिप जाते हैं. उसके नीचे हां होता होता आया आज से थोड़ी. पहले से होता है आज से थोड़ी तो पहले से.
80 के दशक से होता आ रहा है गंभीर इसी में. जिक्र किया मोहिंद्र अमर सही कहा तो सही क. अमरनाथ कितने लोग जानते हैं कि वो मैन ऑफ. द मैच बने थे हा आज की ज पता भी नहीं तो. आज ये आज से थोड़ी है ये पहले से होता है. 80 के दशक से बोल रहा हं तो तब से होता आ. रहा है तो गलत बात है ना ये अच्छा इंडिया. का सबसे बड़ा मैचर कौन कि चैनल का नाम तो. नहीं. लूंगा चैनल मुझे लीगल नोटिस भेज देगा. हालाकि लीगल लीगल नोटिस से डरते नहीं है. लीगल नोटिस में जी बट क्यों लफड़ा पालना. बैठे बैठा हां बिल्कुल.
तो वो एक पर्टिकुलर दो पर्टिकुलर आदमी को. दिखाते हैं वो गलत बात है गंभीर भाई ने तो. नाम भी नहीं लि था उनका हां कोई नहीं फला. चैनल है मैं हम नहीं ले. सकते तो ऐसा नहीं होना. चाहिए तो ये आप ये मानते हो कि जिसके पीछे. ब्रांडिंग होती है बैकअप होता है कई बार. वो प्लेयर बड़ा बन जाता है हां आपके साथ. वाले भी कई जैसे आपने कहा ना क्रिकेट से. बड़े क्रिकेटर हो गए हां हां जो बिक रहा. है मार्केट में जिसको सेल करते हैं. बिल्कुल. जबरदस्त ये भी बात बिल्कुल सच है कई बार.
मेरे मन में अच्छा एक सवाल फिर और आता है. कि 2011 टीम हम जीत गए ये 2011 वा लॉबी. क्योंकि आप खेले हैं आप सवाग के साथ भी. खेले हैं युवराज के साथ भी खेले हैं हरभजन. के साथ भी खेले हैं गंभीर भी आपने खेला ही. होगा ये पूरी वही टीम दिल्ली में तो. दिल्ली में तो हम ये पूरी वही टीम रही है. तो इस टीम के ज्यादातर प्लेयर जो हैं सोशल. मीडिया पर अ अलग-अलग इंटरव्यू में जब भी. उन्होंने बोला तो कहीं ना कहीं सबके दिल. में एक शिकायत रही कि यार हम अच्छे थे बट. हमको वो रिस्पेक्ट नहीं दी गई जो हम. डिजर्व करते थे हम वर्ल्ड कप दोदो वर्ल्ड. कप जीत कर आए थे जैसे युवराज ने भी कहा कि.
वेट के चलते उन्हें बाद में कर दिया गया. लौट कर आए लूप में रखा गायब कर दिया सवाक. को गायब कर दिया असल में मिश्र भाई येना. ये ना ये आज का आज की प्रथा नहीं है ये. पहले से होती आई है मैं बता रहा हूं ना कि. हां जैसे ही अब तो यह चेंज हो गया है जैसे. ही आप 3032 के हुए तो यह मन में हो जाता. था बोर्ड के कि यार उम्र हो गई है चलो भाई. थोड़ा थोड़ा धीमे-धीमे साइड करना स्टार्ट. कर दो हालांकि अब नहीं. है उठा के देख लो किसी को भी सब बोलते.
जितने भी सीनियर प्लेयर्स हैं सब ये कहते. हैं कि हमसे पूछा नहीं गया ये वोट की गलती. है बट सचिन सर तो लग 40 तक गए धोनी लगभग. 38 39 तक गए हां ये तो पहुंच. गए हां पहुंच गए परफॉर्मेंस प तो इनके भी. क्वेश्चंस थे उस वक्त कि उस टाइम का जो. आखिरी का जो एरा था एक दो साल का जैसे. सचिन सर का वि आखिरी शतक जो है बहुत बड़े. प्लेयर रहे हैं बट 100 शतक लिट आया या भाई. का था कि अभी भी कई बार लोग कहते हैं कि. जो न्यूजीलैंड वाला मैच था थोड़ा स्लो हो.
गए थे उसम कई बार ऐसे आते बात तो ऐ ऐसा है. तीन चार जब आदमी न 350 वनडे या टेस्ट मैच. खेल लेता है 90 100 तो एक दो मैच तो ऐसा. हो जाता है ऐसा नहीं है कि उन्होंने स्लो. खेल के और बाद में मैच ना जिताया तो. अनलिमिटेड अच्छा दुनिया देख रही है. जबरदस्त खेला है. तो यह जो आप क्वेश्चन कर रहे हो ना. कि कुछ प्लेयर को लाइकिंग डिसलाइकिंग भी. होते है हां ये जैसे था कि 11 वर्ल्ड कप.
खत्म हुआ तभी ये हुआ कि 15 की टीम बनाएंगे. तो उन्होंने कहा आमतौर पर गंभीर क्या. स्टेटमेंट था कि 15 की टीम आप वर्ल्ड कप. से एक दो साल पहले बनाते हो दो साल तीन. साल पहले वर्ल्ड कप हम जीत कर आए हैं अपनी. पीक पर खेल रहे हैं आपने कहा कि नहीं सचिन. सहवाग गंभीर में दो ही खेलेंगे एक को बाहर. बैठना पड़ेगा तो ऑटोमेटिक हम में से मैं. और सहवाग में से गायब होने लगा धीरे-धीरे. आपने गायब करना शुरू किया बाद में नए. लड़के रिप्लेस करके हरभजन ने सवाल पूछ. श्रीकांत जी से एक कपिल शर्मा शो में मज. सर आपने क नि दिया तो गवाकर साहब ने कहा. क्योंकि उन्ह अपने तमिलनाडु से अश्विन को.
लाना. था यह तो ऑनर है जो मैं आपको बता रहा हूं. कपिल शर्मा श में सबके सामने ऐसा हुआ तो. ये सब मैटर करता है कि आप आपका चीफ. सिलेक्टर कौन है उससे बॉन्डिंग कैसी है. जैसे रायडू का इशू था रायडू के सिलेक्टर. उनके यहां के थे बट उनसे विवाद था और. उन्होंने नहीं सिलेक्ट किया अभी बाद में. रायडू ने कई बार कहा वो उसी स्टेट से थे. एमस के प्रसाद क्या नाम उनका था जो चार. नंबर को लेकर विवा समझ समझ व आपस की रही. थी अभी मिश्रा भाई छोड़ो मैं हालाकि मैं. इतनी जानता भी नहीं हूं अंदर की बात छोड़ो.
क्या चलिए ठीक है अच्छा एक आईपीएल आईपीएल. आ रहा है किस टीम को सपोर्ट करते हो पहना. तो आपने पीला. है देखो दो टीम को आप े खेलना चाहते थे. जीते नहीं अबकी बार आरसीबी. आरसीबी अब क्यों मत पूछना क्यों कभी और. बताऊ किसी और टाइम प बताऊंगा कितने लड़के. थे जो जवान हो गए दाढ़ी बाल पक गए आरसीबी. को जीतने के इंतजार में आप कह रहे हो. आरसीबी बड़े खुश होंगे आरसीबी वाले ये. क्लिप ये क्लिप वायरल हो गई बता दे रहा. आपको मैं हां अबकी बार देखना कुछ ना.
कुछ अच्छा होगा आरसीबी कली शाम का वक्त है. 7:00 बज रहे है निकल ग इस मुंह से जबरदस्त. 16 साल. बाद देखो क्या होता है दो बार पहुंचे हैं. वो हां एसआरएस ने दो बार हरा दिया बटकन. चार्जर्स ने हां मनीश पांडे ने शतक मार. दिया था हां और एक बार वर्नर वाली टीम जो. थी उसने सनरा सनराइजर सा. वही हैदरा वही हैदराबाद वाली टीम जो है.
अबकी बार आरसीबी अब निकल गई मि मुह से. मेरे मुह से निकल. मतलब हो जाता है कभी कभी ठीक जबरदस्त. अच्छा आप कोई टीम रही जिस खेलने का मन था. इस टीम से खेल लेता मैं ये तो दिल्ली वाला. कांसेप्ट पड़ोसी के नाते था बस बस. बस नहीं देखो मैं तो जहां मुझे मौका मिलता. मतलब जिस भी टीम में मौका मिला है मैंने. भगवान का नाम लेके अच्छा ही किया बट कोई. तो एक होता हुआ ना क्या जैसे अब क्रिकेट. जो देखता है उससे मन में आ जाता है यार ये.
वाली थोड़ी फेवरेट हो गई है ना ना ना ना. ऐसा कुछ नहीं है कोई नहीं है ना ना ना. जहां जिस टीम से मैं खेला हूं मैं मैंने. अच्छा ही किया है मैं खेला हूं हैदराबाद. से भी खेला हूं पंजाब से तीन साल रासी भी. से न साल गुजरात से दो साल बंबई से एक साल. तो मैं अच्छा ही. किया मैं आज आपको बात बताऊं मैं. परफॉर्मेंस वाइज बाहर नहीं हुआ हम बस. क्या आप समझदार हो आप सियासत इस कदर आवाम. पर एहसान करती है आंखें छीन है फिर उन्हीं.
चश्मा दान करती है सियासत भी नहीं. हुई अा फेवरेट और ये. आप दो बातें आती है प्रवीण कुमार को लेके. सोशल मीडिया क्योंकि आपने लास्ट इंटरव्यू. बड़ा विभाग दिया था एक आता है कि ये ये भी. ठीक ठाक लाइकिंग डिसलाइकिंग का ये तो हम. वायरल जाएगा अच्छा और दूसरा आता है आपका. वो आप पर जो आरोप लगता है कि नाम पीके है. और उस परे बड़ा आरोप लगता है बड़ी सारी. बातें आपने खुद कह दिया तो उस उसको हर. इंसान ने भर दिया कमेंट सेक्शन में कि यार. प्रवीण भाई का कहीं और कई सारे लोग और भी.
थे जो. के मन में ये रहता है अबे अब तक तो यही. खेलता रहता था अच्छा इस पर पैसा आ गया.
अच्छा अबे अब तक तो हमारे यहां खाना खाता. था अब तक तो ये साइकिल में घूमता था पैसा. आ गया था तो स्वाभाविक से बात है लोग. कहेंगे तो घमंडी है घमंड आ गया. इसमें तो ये स्वाभाविक चीज है और यह मेरठ. शहर है इसमें आपस में इसमें आपस में कभी. बनी नहीं यहां तो श्रवण कुमार भूल गए था. अपने माता-पिता को कि मेरे मम्मी पापा है. तो यहां के लोग तो अलग है यहां पे और सरने. छेड़ने वाले छेड़ो सड़ने वाले सड़ोदय.
तो एक घमंड वाले का हो गया हां सीरियसली. बता रहा हूं कुछ फर्क नहीं पड़ा मेरे. सामने लाओ किसी को कह दे एक. बार आप नहीं पढ़े प पीछे पढ़ते नहीं कमेंट. में तो पता नहीं लोग क्याक कहते हैं पीठ. पीछे तो. दुनिया कुछ ही बोले सही बात है तो पीठ. पीछे लोग मां बाप को गाली देते हैं बराबर. बड़े बड़ टीचर को स्कूल के प्रधानमंत्री. को नेता. एक बात बताता हूं. एक वो है ओजा सर है वो कोचिंग देते हैं.
बड़े अच्छे अवद होज बड़े अच्छी बड़े अच्छे. आदमी है बड़े अच्छे आदमी तो उनको मैं. सुनता रहता हूं तो उन्होंने एक बात कही थी. कि बाग और गधा. ना आपस में बात बात कर रहे थे तो गधा कहता. देख घास ना नीली. है तो बाग कह रहा है मजाक कर रहा है मेरे. से मजाक कर रहा है तू कहा ये तो हरी है कह. रहा नहीं नहीं नहीं ली क फिर मजाक कर रहा. है कह नहीं नहीं ली कहता एक काम कर उधर चल.
रहे हैं महाराज के पास शेर के. पास. तो शेर के पास. गए तो बाग बोला महाराज यह. तो गधा एक आया घास नहीं लिए कि हां हां. घास नहीं लिया महाराज आप भी मैं मतलब आप. ही मुझे तो उसे कहता भाई एक काम करो इसे. ना बाग को 50 कोड़े मारो क महाराज मतलब.
नहीं मुझे मुझे 50. कोड़े लगे तो कह र महाराज आपने गदा स्ता. हु निकल गया कह रहा महाराज. आपने मुझे 50 खड़े लगवा दि क्या 50 कोड़े. मैंने तुझे इसलिए लगवाए हैं कि तू इससे. बहस कर रहा है गधे से गधे से वही वाली बात. है ठीक है बढ़िया जवाब था आपका जायज बात. है और ये हर जगह हर समाज में हमने भी अपने. इर्द गिद महसूस किया है वो है दूसरी वाली. बात जो आपने कही थी एक बहुत वायरल हुई कि. पीते सब है बदनाम पीके को कर.
दिया वही वाली बात है कोई टिशू में पी रहा. है कोई खुली पी रहा है पार्टी में सब पीते. थे हम तो फिर आपके वाले इतना मसला क्यों. बन गया मसला इसलिए बन गया. कि क्या कभी पीपा के लड़ाई बड़ाई हो गई थी. कभी नहीं चां नहीं तो फिर फिर जब सब पी. रहे हैंब किसी को मिश्रा भाई किसी को बाहर. करना होता है तो उस परे टैग लगा लगा देते. हैं लोग अ तोरा पिता पार्टी में बदतमीजी. मेरी आज तक शराब पी के कभी बदतमीजी नहीं. हुई किसीको किसी को गाली गलो हुई.
नहीं किसी से भी पूछ लेना या आप मेरठ से. थे आपकी भाषा थोड़ी ठेट है इस वजह से लगता. हो ठेट थी तो लोगों को लगता था तो इसकी तो. भाषा ऐसी है बाद में लेकिन समझने लगे थे. लेकिन मेरी कभी लड़ाई नहीं हुई एक झगड़ा. सा हो गया था इधर शहर में वो भी पी नहीं. रखी थी उन्होंने इशू बना दिया जबरदस्ती. वही वाली बात की लोग चिड़ने लगे थे हम अब. नहीं चिड़ते अब समझ गए तो मेरी कभी लड़ाई. नहीं हुई शराब पी के कभी लड़ाई. ठीक है एक छोटा सा गेम रखा हमने आपको दो. नाम देंगे आपको एक नाम चुनना है और हम आगे.
बढ़ते. जाएंगे बेस्ट बॉलर आपके हिसाब से अब तक के. नहीं मैं नाम दूंगा आपको आपको दो में से. एक चुनना है ठी भुवनेश्वर कुमार या इरफान. पठान एक एक चुनना है भूवी भुवी भुवनेश्वर. कुमार या मुनाफ पटेल भुवी भुवनेश्वर कुमार. या आशीष नेहरा आशीष नेहरा आशीष नेहरा या. मोहम्मद. सिराज आशीष नेहरा. आशीष. नेहरा या जसप्रीत भमरा मैं मोहम्मद.
शमी दोनों ही ठीक है एक आगे बढ़ना है ना. अभी तो दो नाम और बाकी है यही फस जाओगे तो. आगे कैसे जाएंगे एक एक लेना है फस नहीं. रहा एक कोई जो लग यार इसम थोड़ा सा बात है. आशीष नेर या मोहम्मद शमी शमी का ले लेते. मोहम्मद शमी या जसप्रीत बुमरा बुमरा बुमरा. बुमरा बुमरा या जहीर खान जहीर खान वाह. क्यों जहीर खान आपको आपने प्रेफर किया इन. सबके ऊपर वो अलग शैली का बॉलर.
है 90 90 कितने मैच 90 टेस्ट मैच खेले 92. टेस्ट मैच खेले ऐसे ही मुमरा कितना खेला. अभी अभी तो कम है बस तो ठीक है तो ऐसे तो. जहीर खान या ईशान शर्मा जहीर खान ईशान 100. खेले वो अलग बात है ठीक है अब बल्लेबाजों. में आपके रा के पूछ लेते हैं सहभाग हेडन. वीरु भाई सहभाग पीटरसन वीरु भाई सहभाग.
पंटिंग वीरू भाई सहवाग या द्रव वीरू भाई. सहवाग या. लारा लारा लारा या विराट. कोहली विराट कोहली विराट कोहली या सचिन. तेंडुलकर सचिन तेंडुलकर. सचि ुक सचिन तेंदुलकर साहब. ने 89 का डेब्यू है ना तो उन्होंने रेड.
बॉल भी खेली है वाइट बॉल भी खेली है. रिवर्स भी खेली है रेड बॉल रिवर्स वाइट. बॉल भी खेली है दोनों तरफ से नई बॉल भी. खेली आप और मेरे ख्याल में 400 से ऊपर. वंडे है ना मैं चाहता हूं आप थोड़ा समझाए. क्यों आजकल के जो नए बच्चे सचिन और विराट. की तुलना कई बार होती है देखो तुलना तो. होही नहीं सकती क्यों वो अलग शैली के रहे. उ और उन्होंने सारा मतलब कितने कितने 80.
90 200 टेस्ट मैच खेलिए 200 टेस्ट वही. नहीं मैं साल गिन रहा हूं मतलब 89 से लेके. और 15 तक हा बहुत साल होते 13 14 तक 13. 14 पाजी ने एमज खेला है वस खेला बिशप. डोनाल्ड वसीम अकरम. वकार बटली शोब ब्रेटली. मै तो उन्होंने हर टाइम के पीक बॉलर खेले.
चाहे वो फास्ट बलर चाहे स्पिनर. हो और रिवर्स में लाल बॉल में 100 बनाना. उस टाइम बहुत बड़ी बात थी क्योंकि लाल बॉल. बल्ले के बीच में लगी तभी जाती थी लाल बल. इधर उधर लगी तो फिर आउट ये तो टॉप एज भी. हो तो हो जाता है आजकल विकेट भी. बहुत अच्छे बनने लगे उस टाइम विकेट ऐसे. बनते थे कि उस टाइम अगर आपने 270 बना लिया. तो अब समझो जीत गए. तो और अभी का जो विराट की बात करें अभी.
थोड़ा गेम चेंज हो गया. है दोनों तरफ से बॉले नई बल हो रिवर्स. खत्म हो गया वो उसमें इतना अंतर हो गया. रिवर्स में मतलब अगर रिवर्स नहीं हो रही. है तो तो फिर अंतर ही नहीं है कुछ रिवर्स. हो रही है तो इतना अंतर हो जाता है तो वो. मतलब पहले गेंदबाज डोमिनेटिंग क्रिकेट था. अब बल्लेबाज डोमिनेटिंग विकेट अच्छे हो गए.
पिचस अच्छी हो गई बैट अच्छे हो गए बैट तो. अच्छे तब भी हां उतने अच्छे नहीं थे डुकर. का तो पहला शायद मैच बिना हेलमेट के देखा. आपने जो आगे जी हा जी हा ग्रिल वो नॉर्मल. हेलमेट विदाउट ग्रिल वाला हा कुछ वीडियोस. है जहां पर बॉल आके लगती है वो दक करते. हैं शुरू शुरू में. हा. तो देखो ये दोनों अलग-अलग शैली के प्लेयर. है तो कंपेयर नहीं करना चाहिए विराट मैं. और पाजी. में क्योंकि विराट. भी पाजी की इज्जत तो सभी करते हैं र 400.
वनडे खेलना आसान नहीं है भले ही विराट ने. बहुत जल्दी वो बना दिए रिकॉर्ड तोड़ दिया. लेकिन वो टाइम में क्रिकेट अलग थी 200. टेस्ट मैच फिर 200 टेस्ट वो टाइम प. क्रिकेट अलग थी अच्छा किसी ने भी मैंने कई. इंटरव्यू देख रहा था किसी का किसी ने कहा. कि विराट भले ही रिकॉर्ड तोड़ दे सचिन का. बट रिकॉर्ड बाइ नहीं र रिकॉर्ड कोई भी. तोड़े जैसे बॉक्सिंग में मोहम्मद अली का. रिकॉर्ड सना नहीं है वो नाम है या मुरली.
धर मुरली धरने शद ये कहा था कि सचिन जैसा. कोई नहीं है वो क्रिकेट के सबसे बड़े. लेजेंड हमेशा रहेंगे बिल्कुल बिल्कुल. इसमें कोई दोराई नहीं. है ठीक है अभी बड़ी चर्चा चलती है आजकल. रोहित और विराट की दोनों की फैन नहीं. कंपेयर करना चाहिए फिर भी आप एक आपका. झुकाव तो होगा ना आप जैसे प्रवीण कुमार आप. भी बॉलर रहे हो आप दोनों को टीवी प दे. देखो दोनों में सेम टाइप का गुस्सा है सेम. टाइप का गुस्सा है रोहित में गुस्सा रोहित.
रोहित दर्शाता नहीं है विराट दर्शा देता. है रोहित में गुस्सा है अरे ठीक-ठाक वाला. गुस्सा है वो थोड़ा सा कैमरे से कैमरे में. दिखाता नहीं है विराट दिखा देता है तो ये. अपने सब भाई है छोटे कोई दिक्कत नहीं बट. बैट्समैन में कौन आपको ज्यादा टफ लगता है. आपकी नजर में अगर आपको जैसे आप इमेजिन. करते होंगे ना कि यार मैं बॉल करता इसको. रोहित रोहित क्यों. रोहित वो लेट खेलता थोड़ा. थोड़ा लेट खेलता है एक्स्ट्रा टाइम लोग.
कहते हैं थोड़ा एक्स्ट्रा टाइम है राइट. थोड़ा लेट. खेलता विराट को. बस विराट को मैंने खूब बॉलिंग करी है. डोमेस्टिक में भी करी है विराट को आप पकड़. सकते हो वो टाइम पर पकड़ सकते थे अब. मुश्किल है रोहित को भी पकड़ सकते हैं से. भोलाराम तो पकड़ लेंगे पकड़ा भी है बट. मेरे हिसाब से रोहित. रोहित बस हो गया भाई बस दो मिनट आपसे और.
लेंगे फिर हम आपको करने देंगे प्रवीण. कुमार के बारे में कहते हैं यारों के यार. है कई लोगों ने कहा कि यार मुस्कुराते कम. है हमारे इंटरव्यू में हालाकि आप खूब. मुस्कुराए हो. हा ऐसा. नहीं जब हम चार पांच आदमी बैठ जाते बैठते. थे मैं हो गया विराट हो गया रोहित हो गया. तो कोई हमारे पास बैठता नहीं था खींच देते. थे बहुत बुरी तरह मतलब वो रो जाता था. दूसरा आदमी कि यार तुम तो हमारी मजाक ले.
रहे हो यह कर रहे हो वो कर रहे हो तो ऐसा. नहीं है एक आखरी सवाल आपसे 2011 में आखिरी. बार हम वर्ल्ड कप जीते थे फिर 2013 में. चैंपियंस ट्रॉफी जीते उसके बाद से कई बार. ऐसे मौके रहे जहा हम जीत सकते थे 2019 में. बारिश हुई अगले दिन मैच हुआ थोड़े रनों से. हार गए यह वाला तो बिल्कुल ऐसा लगा कि. क्या ही धरती फट जाए जीता हुआ मैच था. हमारा मतलब हम सारे मैच ड आप ये आप ये कह. रहे हो हमने बहुत दिनों से आईसी ट्रॉफी. नहीं जीते हम फाइनल हम अच्छा खेलते हैं.
हां फाइनल में गड़बड़ हो रही है जैसे अभी. भी हम सारे में नंबर वन है t20 में नंबर. वन है टेस्ट मैं आपको बताऊ इसमें तो मिशर. भाई हमारी गलती थी इस वाले में हां क्यों. क्यों हार गए हम हां जबान तक आ गए तो बोल. दीजिए. ना नहीं इसमें टॉस पे हो गया. था टॉस पे ही हो गया था. कि विकेट. छोड़ यार. अरे अने बहुत बोल्ड बातें बताई इस.
इंटरव्यू में लिस कोई नहीं फाइनल में तो. हो जाता है जो अच्छा खेलता है व. ऑस्ट्रेलियन टीम अच्छा खेली तो जीत ग टॉस. तो चलिए उन्होने जीत लिया था हमने टॉस था. ॉ हमारी बॉडी लैंग्वेज थोड़ी खराब थी उस. मैच में फाइनल में प्रेशर ज्यादा लिए. प्रेशर ज्यादा था या हम य हो गए थे कि या. हम तो जीतते आ रहे हैं थोड़ा सा नहीं नहीं. उसम प्रेशर ज्यादा ले लिया बॉडी लैंग्वेज. भी ठीक नहीं लग रही थी ऐसा लग रहा था डल. डल से लग रहे थे झुके झुके से लग रहे थे. मेरे हिसाब से जो रोहित शर्मा आउट हुआ था. जब 80 रन 10 ओवर में 80 रन था आउट हु. एक्चुअली हां रोहित ने भी गलत शॉट मार दी.
थी वहीं पे मुझे लगा मैच हमारा फस गया. बराबर वो शुरू में जल्दी आउट हो गए दो तीन. और फिर थोड़ा डर डर के सब आप सही कह रहे. हो बॉडी लैंग्वेज अलग थी वो ऑस्ट्रेलियन. ऑस्ट्रेलियन ऑस्ट्रेलियन मतलब वो ऐसे ही. खेल रहे थे जैसे वो फाइनलो में खेलते हैं. तो उसमें कि हम उनको हरा के आए थे बिल्कुल. 10 के 10 में शायद नौ मैच जीते थे ना सारे. जीत के आए थे 10 शायद 10 जीत कर आए थे जीत. कर आए थे हम और डोमिनेट करते हुए. डब्लूटीसी भी हम हार गए थे कोई नहीं अब हो.
जाएगा ठीक अब इस बार डब्लूटीसी निकाल. लेंगे हम निकाल लेंगे टी20 t20 तो जीत ही. जाएंगे टी20 तो अपना ही है आपकी टीम क्या. है चलो अब आखिरी सवाल ये है आपकी टीम क्या. टी20 क्या अभी जो हमने शो से पहले बात करी. थी वही र रोहित रोहित शर्मा जैसवाल जसवाल. हो गया शुभमन शुभमन गिल या जैसवाल आपका. जैसवाल का स्ट्राइक रेट बेहतर है जो मैंने. आपको बताया था 670 आपकी मान लेते हैं. जैसवाल जैसवाल शुभमन जैसवाल रोहित जैसवाल. आपका ओपनर तीन नंबर विराट तीन नंबर विराट. खिलाओगे आप हां वो तो खेलेगा ही मतलब उस. कोई डाउट नहीं है कुछ लोग कह रहे हैं कि.
खिला तीन पे विराट सीनियर मोस्ट प्लेयर है. सीनियर मोस्ट प्लेयर चार पर आ गया सूर्य. कुमार हां पांच पर आ गया हार्दिक हां वाइस. कैप्टन है तो 100% खेलेगा ऑप्शन कहीं है. शिवम दुबे रिंकू सिंह लेकिन पांच पे. हार्दिक हां छह पे रिंकू विकेट कीपर. कहां य यही तो ट्रिक है ना इस छ अगर आप. विराट और जैसवाल दोनों खिला रहे हो जो. जैसे हम बात कर रहे थे शो से पहले कि अगर. आईपीएल में केएल हां मिडिल ऑर्डर चार चार.
चार नंबर खेलता है पांच नंबर खेलता है तो. तो उसकी जगह बनती है नहीं तो फिर नहीं तो. फिर हमें ट्राई करना चाहिए ध्रुव जुरे या. जितेश किसी को हां जी हां जी जितेश कुमार. तो रोहित जैसवाल विराट चार पे सूर्या पांच. पे हमारा हार्दिक छह पे चला गया राहुल. जुरे जरेल कोई भी चला गया उनमें से सात पे. जड्डू जड्डू फिर आठ पे बुमरा फिर कोई भी. हा वो कोई भी फिर तो बॉलर आभार हो गए. तीनों तो फिर इसमें तो रिंकू की जगह नहीं.
बनी आपको लगता नहीं रिंकू सिंह की जगह बन. स् स्क्वाड में तो रहेगा हां प्लेइंग 11. में शुरू में तो शायद ना खेले हो जैसे शमी. के साथ हुआ था हा तीन चार मैच बाहर. रहे शायद इस अच्छा जो ये टीम आपने बनाई है. इसमें दम लगता है वर्ल्ड कप जीतने का. वेस्ट इंडीज में बिल्कुल. वेस्ट इंडीज में तीन फास्ट बॉलर खेलेंगे. पांड्या हो गया चौथा एक स्पिनर कौन स्पिनर. कुलदीप या जड्डू जड्डू खेलेगा हां एक. स्पिनर 100% और बुमरा सिराज और एक कोई.
फास्ट बॉलर और अर्शदीप या कोई भी जो आ. जाएगा आपके हिसाब से जो भी उस टाइम होगा. एक जो भी होगा मुमरा सिराज पक्का वेस्ट. इंडीज में तो जाएंगे पांच फास्ट बोलर. जाएंगे बट आपकी प्रायोरिटी यही होगी ना. बुमरा सिराजी तो होंगे मेरे खल से हा जी. हा जी शमी तो चोटे. है पांच फास्ट बॉलर जाएंगे हां हम अच्छा. ये जो फास्ट बॉलर कांट्रैक्ट एक आया है. आखिरी सवाल पूछता मैं याद आ गया मुझे जो. बीसीआई ने पहली बार निकाला फास्ट बॉलिंग.
का अलग से कोटा निकाल कांट्रैक्ट निकाला. है कि अब हम उनको ही पैसे देंगे जिसमें. आवेश खान का नाम है जितेश शर्मा का नाम है. आकाश का नाम है कई और खिलाड़ी का नाम है. ये अच्छी चीज. है ये इसलिए अच्छी चीज है फास्ट बलर. ज्यादा इंजर्ड होते. हैं ठीक है बच स्ट्रेंथ हमारी फास्ट बॉलर. की अच्छी हो जाएगी हम उन्हें भी अच्छा. लगेगा हां मैं कंट्री के लिए औरन एक लड़का. आया था 150 फेंकता था उमरान मलिक गायब हो. गया दो साल से कहीं ता चल है. वो इसमें रखा कोई नहीं हो जाता पालो के.
साथ दिक्कत होती है ठीक है बहुत-बहुत. शुक्रिया प्र भाई आपका मिश्र जी बहुत-बहुत. धन्यवाद उम्मीद करते हैं कई सारे इस. क्लब्स कई सारे बातें इसकी सोशल मीडिया. चर्चा में आएंगी और जाते आते फिर वही. आरसीबी आरसीबी 200 100% तो नहीं कह रहा. लेकिन आरसीबी इस साल कुछ ना कुछ करेगी. चलिए देखते हैं आरसीबी के प्रशंसकों के. लिए अच्छी खबर है वैसे आपने सबको दे दिया. कुछ ना कुछ रोहित शर्मा के फैंस के लिए. धोनी के लिए बकल बढ़िया शुक्रिया आपका. धन्यवाद.
