Unplugged ft. Piyush Mishra| Poetry, Cinema, Stories, Songs & Truths! Raw, Real & Unfiltered|
आरंभ है प्रचंड बोल मस्तकों. खरखस वाली आवाज है उसमें लोग पागल होते. यार. कोई फायदा उठाया अपनी आवाज का अपने टैलेंट. का. था. तो मैंने पहले बड़ा अहंकारी आदमी था मैं. अब कहीं जाकर ऐसी बड़ी है कि जो है अब जो. है मतलब वन कैन लुक इनसाइड मी. क्या ये नए सिरे का अहंकार. प्रियलाइजेशन है सर ये प्रलाइजेशन है. अहंकार कार नहीं है। रियलाइजेशन है। फैक्ट.
है, यथार्थ है।. जीशान ने कहा यार हमसे लोग पूछ रहे थे तुम. पीयूष मिश्रा के लौंडे हो। भाई का मुझे. फोन आया था राजणा के बाद यही बोलते हो।. क्या बात है? वो कह रहा है आपके बेटे ने. बहुत अच्छा काम किया। मेरी बीवी मुझ पर. वैसे ही शक करती है। [हंसी]. मेरी बीवी ने भी मुझसे कहा कि तुमने क्या. किया है? मतलब [हंसी] ये वाला प्रोडक्ट कब. हुआ है। रिश्ते बदलते हैं या गरीबी से? एक्टर नाम की कौम में अजीब सी बात है कि. हम बहुत बहुत जलते हैं। गुलाल के वक्त में. खाली केकेन था जिसने मुझे कांग्रेचुलेट. किया था। परेशानी हुई थी भाई लोगों को।.
बड़े गहरे दोस्त थे। बहुत गहरे दोस्त थे।. आपको किसी का टैलेंट देखकर कभी जलन हुई? हां हां। मनोज वाजपेयी को देखकर मुझे बड़ी. जलन हुई।. भूखा आदमी ईमानदार रह सकता है या थोड़ा सा. गिरना पड़ता है।. दो चीजें हैं सेक्स और भूख। उसमें आप. कॉम्प्रोमाइज ही नहीं कर सकते।. पहला इश्क रह जाता है साथ में? याद आता है। एक तरफा प्यार की ताकत ही कुछ. और जरूर होती है।. 17 साल की उम्र में कौन साला समझदारी का. इश्क करेगा। बावड़े भूत होते हैं मतलब. काटे आप कभी हाथ-वात। अरे देखिए ना खूब सर. आय हाय हाय ये इश्क में नहीं काटे आपकी.
स्माइल कह रही है झूठ बोल रहे हो आप इश्क. की परिभाषा अब क्या रहेगी आपकी नजर में जब. आपको अपनी प्रेमिका की जरूरत ही नहीं. महसूस हो रही वो होता है. मेरा काम ऐसा महसूस किया कभी आपने. हां किया [संगीत]. अकेले इश्क करना अकेले एक रिश्ता निभाना. हां अकेले ही दो लोगों की यादों को साथ. में बढ़ाना एक अपनी काल्पनिक दुनिया बनाकर. एक बार किया। ये खूबसूरत होता है या.
परेशान करने वाला होता है? बहुत खूबसूरत। क्या खूबसूरत होता है. इसमें? परेशानी होती रहती है उसमें।. लेकिन वो परेशानी बड़ा मजबूत दिखती है।. उसमें क्या अलग था जो रह गया और बाकी. लोगों के साथ रहकर भी वही इंसान यहां चलता. रहा, यहां चलता रहा।. ये थी मतलब आपकी था संबंध था। यही खासियत. है भाई।. हां प्रिय तुम हो निकट शब्द मेरे पास में. आप अच्छे पति रहे या बुरे पति थे. अनपढ़ गवा. अनपढ़ अनपढ़ अनपढ़ बस इनसे ज्यादा समझदार हूं.
मैं. पहले नहीं था अब तो बहुत अच्छा हूं. ये आपका वर्जन है या भाभी जी का वर्जन. मेरा वर्जन. अपने इंटेलेक्चुअल का फायदा उठाकर आप. महिलाओं को आकर्षित कर रहे थे सेक्स कर. रहे थे इन्वॉल्व्ड हो रहे थे क्यों लगता. है आपको कि आपकी वाइफ रुक गई थीम आपसे. प्यार करती सिर्फ इसलिए. प्यार करती थी मेरे लिए घर से भागी थी. मतलब उसने अपने पेरेंट्स को धोखा दिया था. एक तरह से. कोई ऑप्शन नहीं था उनके पास शायद. ग्रेटनेस थी उसकी बस। अगर यही सारी चीजें. आपकी पत्नी ने की होती अगर उसने किताब में. जिक्र किया होता। आपको लगता है कि समाज. वैसे ही उसको भुला देता मेरे ख्याल से.
उसके दिमाग में होता। आप माफ कर देते. पार्टनर के तौर पर अगर आपकी पत्नी ने इतने. सारे किस्से अपनी जिंदगी के सुनाए होते कि. आप छोड़ देते। शादी के सेटअप को लेकर आपकी. क्या राय है? यार मैं भी जो ऐसा कोई बड़े चक्कर वाला. नहीं हूं बंदा। आज की तारीख में भी जो है. बच्चे बड़े हो गए मेरे। तब भी जो मेरा दिल. जो है उछलता है। [हंसी]. मैं तो हूं बैठा। वो हुस्ना मेरी. [संगीत][गाना गाने की आवाज़]. ये इसी सिगरेट वाली मोहब्बत को लेकर था।. मैडम जिंजर की बात कर रहे हो आप? हां वो. तो 14-15 साल का इश्क था। टीचर से मैं.
अफेयर था वो। [संगीत]. अब तलब नहीं होती है।. तलब तो होती है।. अब वो सिगरेट का धुआं फेफड़ों में जाकर. नहीं एहसास कराता। कभी तुम थे। मैंने. प्यार किया ठुकराना। यहां भी तो लड़की. नहीं थी। लड़की थी। कोई ऐसी गाली जो आपके. लिए शब्द नहीं पूरी की पूरी शायरी।. [हंसी]. ठीक है आशिक वो समंदर है. शराब अगर आप नहीं पी रहे हैं तो आप. क्रिएटिव आदमी नहीं ये दुनिया बहुत कम. जानती है इस बीमारी के बारे में. अल्कोहलिज्म के बारे में पी के कोई गाना. नहीं लिखा. हां एक कदम कबभार हो गया हो जैसे कि.
हुस्ना गाते हुए अल्कोहलिक माइंड गुलाल. करते हुए अल्कोहलिक माइंड उस दौर में कोई. ऐसा काम किया जिसको लेकर आपको लगा ये तो. मैं नहीं हूं. अरे बहुत किया मैंने बहुत किया मेरे संबंध. जो थे लड़कियों को वो बड़े अनरगल बड़े. गंदे फोन गए मेरे और सुबह मुझे याद भी. नहीं था. पीयूष मिश्रा विथ अनुराग कश्यप और पीयूष. मिश्रा विद इम्तियाज अली. इम्तियाज अली. क्यों. अनुराग यार क्यों बोलता है साला पिक्चर. कैसे कर लेते हो फिर. वही तो बात नहीं करते पिक्चर करते हैं. पीयूष मिश्रा इम्तियाज अली इन तमाशा या रस. अच्छा अब इरफान खान साहब नहीं है आप लोग. कहते हैं कि इरफान साहब जैसा कोई एक्टर है.
ही नहीं दूरदराज तक. ये तो खैर फिजूल बातें हैं सारी की सारी. सॉरी टू से उसने कई जगह खराब भी किया है. उसने जो है हासिल और पांच तौर में इसलिए. बढ़िया किया क्योंकि दिमाशिया उसका अजीज. यार. वो लोग बड़े खुशकिस्मत थे जो इश्क को काम. समझते थे या काम से आशिक करते थे हम जीते. जी मशरूफ रहे कोशिश किया कुछ काम किया काम. इश्क के आड़े आता रहा इश्क में काम बिगड़ता. रहा और आखिर हमने तंग आकर दोनों को अधूरा. छोड़ दिया वो काम भला का काम हुआ जो मजा. नहीं दे वििसकी का वो इश्क भला का इश्क. हुआ जिसमें ना मौका सिस्की का.
हर आदमी में होते हैं 10 20 आदमी जिसको भी. देखो बार-बार देखो. यह इसलिए कह रहे हैं क्योंकि आज जो. शख्सियत हमारे साथ है उनको एक सांचे में. ढालना लगभग नामुमकिन है। यह जनाब कवि हैं, लेखक हैं, गायक हैं और उससे आगे बढ़कर. बेबाक इंसान है। इनकी जिंदगी में एक तरफ.
मिर्जा गालिब की वो बल्ली मरान वाली नफासत. है तो दूसरी तरफ गैंग्स ऑफ वासेपुर और. गुलाल की गालियां है जो एक संगीत की तरह. सुनाई पड़ती हैं। यह वह शख्स हैं जो. एनएसजी के स्टेज पर रॉकेट की तरह फटते थे. और फिर शराब की अदृश्य दीवार को तोड़कर आज. जीवन में शून्य की तलाश में है। आज बात. होगी अस्तित्व के संकट की। आज बात होगी. प्रियकांत शर्मा से प्रियकांश मिश्रा और. फिर इनके नए नाम की। आज हम कुरेदेंगे कुछ.
जख्मों को जिसने हुस्ना जैसी नज़्में. निकाली और कुछ सवाल पूछेंगे जो शायद. इन्होंने अपनी किताब में तो लिखे हैं. लेकिन बीते कुछ समय से इन्होंने पूछे नहीं. होंगे खुद से वो सवाल कि तुम्हारी औकात. क्या है पीयूष मिश्रा साहब. नमस्कार जी. बहुत-बहुत स्वागत. धन्यवाद धन्यवाद बहुत-बहुत थैंक यू साहब. बोलिए कौन है पीयूष मिश्रा. [हंसी] कौन है पीयूष मिश्रा आदमी है भाई. आदमी है सर्च कर रहा है अपने आप को खोज. में लगा हुआ है पर अर्थ से खोज में लगा.
हुआ है। आज कहीं जाके कुछ मिला है तो मतलब. शख्सियत खोए हुए आदमी है। शख्सियत जिसकी. बचपन में खो गई थी तो वो शख्सियत को पाने. के चक्कर में लगा हुआ था हमेशा। आज थोड़ी. बहुत हासिल हुई है तो आज थोड़ी बहुत. आत्मसंतुष्टि है। दैट्स ऑल। मैं इससे पहले. कि सीरियस सवालों की शुरुआत करूं। एक सवाल. जो हमेशा मेरे ज़हन में रहा कि क्या कभी. किसी ने आपसे कहा सर कि आपकी आवाज में जो. एक खूबसूरत सी दरार है. जिसे सुनकर हम सब बड़े रोमांचित हो किसी ने. कहा कि भाई साहब थोड़ा गला खराब है चाय पी.
लीजिए किसी ने नहीं कहा. [अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़] किसी. ने नहीं कहा ऐसा किसी ने नहीं कहा सब ने. एक्सेप्ट किया. बट ये यूनिक ये यूनिक होना भी क्या स्पेशल. हो जाता है क्योंकि पीयूष मिश्रा को हम. पहचान लेते हैं. यूनिक होना स्पेशल होता है मतलब यूनिक आप. ये परवाह मत कीजिए कि आप स्पेशल होंगे या. नहीं आप जो है मतलब उसको पर बिलीव कीजिए. जो आप कर रहे हैं। आप करना चाहते हैं। जो. आप करना चाहते हैं वो यूनिक है या जनरल है. मुझे मालूम नहीं। मैं जो है जो बोलता हूं. जो करता हूं वो जो है उस पर पूरा बिलीफ है. मेरा। तो मैं जो है जो बोलता हूं जो करता. हूं उस पूरा बिलीफ है। तो वो वो कहते हैं.
लोग कि आप हर बंदे से नौजवानों से बूढ़ों. से महिलाओं से लड़कियों से रिलेट कर लेते. हैं। सब आपको एक्सेप्ट करते हैं। तो ये. शायद पारदर्शीपन है जो शायद मुझ में. ईश्वर ने दिया है कि जो है मैं पारदर्शी. हूं कि अंदर झांक कर देख ट्रांसपेरेंसी जो. है मेरे अंदर झांक कर देख सकते हो। और जो. एक एक साथ नहीं आई है वक्त के साथ में जो. है धीमे-धीमे बढ़ी है। ये पहले नहीं थी।. पहले बड़ा अहंकारी आदमी था मैं। अब कहीं. जाकर ऐसी बड़ी है कि जो है अब जो है मतलब.
वन कैन लुक इनसाइड मी। तो इसलिए लोग. एक्सेप्ट करते हैं और दूसरे मैं जो है हर. बंदे के हर बंदे के करीब आकर बात करता. हूं। हर बंदे के तबके से जुड़कर बात करता. हूं। नौजवान है तो उससे वैसी बातें करता. हूं। अपनी नहीं बगाड़ता कि मैं अपनी जमाने. में क्या कर रहा था, क्या नहीं कर रहा था।. सामने वाला क्या कर रहा है? ये मेरे. लिएेंट है। बट क्या ये नए सिरे का अहंकार. नहीं होता सर जहां पर हमको पता हो कि कभी. हमने ये किया था और अब हम कह रहे हैं. क्योंकि [नाक से की जाने वाली आवाज़] मैं. कहीं पढ़ रहा था वो शो को तो उन्होंने. जिक्र किया था कि सबसे बड़ा बौद्धिक या. रिलीजियस अहंकार वही होता है।.
क्या चीज हमें पता है. क्या चीज. कि एक जमाने में क्या था।. मैं समझा नहीं आपकी बात को क्या. मैंने कहा कि जैसे आपने कहा कि मैं एक. जमाने में बड़ा अहंकारी था।. हम्म. तो ये बात का एक्सेप्टेंस आज होना। क्या. ये नए सिरे का अहंकार. रियलाइजेशन है सर ये रियलाइजेशन है।. अहंकार नहीं है। रियलाइजेशन है। फैक्ट है।. यथार्थ है कि एक टाइम में ऐसा था। एक टाइम. में अब आज की तारीख में ऐसा ये सेंस ऑफ़. इवोल्यूशन है एक्चुअली इवॉल्व होते बंदा. ऐसी जगह पर पहुंच चुका है कि आज जो है. बोलता है कि जो है मैं पीछे मुड़कर देखता. हूं तो बहुत सारी चीजें नजर आती हैं मुझे.
जो कि नहीं होनी चाहिए थी मुझ में आज की. तारीख में नहीं है या बहुत हद तक नहीं है. तो आज की तारीख में मैं अपना डिफाइन कर. सकता हूं कि हां मैं एक बहुत सरल तो नहीं. हूं मैं एक एवरेज सरल आदमी हूं कि आप मुझे. देखेंगे तो आप मुझे अपना लेंगे एक्सेप्ट. कर लेंगे ये जो है स्थिति है। मैंने सुदेश. भोसले जी का इंटरव्यू किया था तो उन्होंने. कहा कि यार मैं गाता अच्छा था लेकिन मेरी. गायकी को लोगों ने कभी उस गंभीरता से नहीं. लिया। उसकी वजह ये थी कि मैं मम्मी भी. अच्छी करता था।. मैं सबकी आवाजें निकाल लेता था। तो सुदेश.
भोसले कहां रहा वो पता नहीं चला। अब आप. क्योंकि गायक भी हैं, लेखक भी हैं, कलाकार. भी हैं। यह जो मल्टीटलेंटेड होना होता है, यह ग्रेटनेस की तरफ ले जाता है या. ग्रेटनेस से रोकता है। क्योंकि इंसान जब. एक शख्सियत को देखता है, समझने की या उसके. बारे में कहानियां लिखना शुरू करता है, तब. तक एक शख्सियत और निकल आती है। मालूम. [नाक से की जाने वाली आवाज़] नहीं क्या. होता है, क्या नहीं? मालूम नहीं। मुझे. मालूम नहीं वाकई। मैंने ग्रेट बनने की. कोशिश नहीं करी कभी। मैं जो काम मिला मैं. लगातार कर्म व्रत रहा। लगातार मैं कर्म. योगी रहा। यह मैं पहले नहीं जानता था। अब. जाना मैंने कि मैं जो कर रहा था वो कर्म. है। बिल्कुल अनवरत कर्म है। बिल्कुल.
निष्काम कर्म है। यह पहले नहीं जाना जब. मैं करता था काम जब मैं थिएटर करता था. उसमें तो खैर कुछ भी पैसे नहीं थे। तो जब. मैं थिएटर करता था तो उस वक्त मुझे ये. नहीं मालूम था कि निष्काम कर्म कर्म ये. भगवत गीता है। एक्चुअली मैं लगातार लगातार. काम करता रहा बिना ये सोचे कि मैं ग्रेट. बनूं या नहीं। करते करते आज इस मुकाम पर. पहुंचा हूं। आज 63 की उम्र है मेरी। तो आज. पीछे मुड़कर देख सकता हूं। इंट्रोस्पेक्शन. जब करता हूं तो मुझे लगता है कि हां यार. मतलब वाकई काम किया। वाकई काम किया। बाकी. खूब काम खूब काम किया खूब काम किया मैंने. खूब काम किया मतलब यह बोलने में अहंकार. नहीं है यह बोलने में बहुत ही सादी सी बात.
है कि मैंने बहुत काम किया और आज भी कर. रहा हूं मतलब अभी मैं देखता हूं कि इस. पिछले महीने पिछले साल की देख तो कितना. काम किया मैंने बहुत काम किया बहुत काम. किया बहुत काम किया कमर टूट गई और आगे भी. करता रहूंगा जब तक जिंदगी है क्योंकि बिना. काम के ना बिना काम के शुभंकर कोई जिंदगी. नहीं होती बिना काम के आदमी लाश के समान. होता है आपके पास पैसा आ जाए रुपया आ जाए. यश आ जाए सम्मान आ जाए लेकिन बिना काम के. आदमी लाश के समान होता है मतलब मतलब. कर्मरत रहना लगातार लगातार कर्म कर्म करते. रहना कर्म करते रहना उसी से कुछ गोल.
मिलेगा अगर मिलेगा तो मुझे मालूम नहीं गोल. क्या है एक्चुअली गोल डेस्टिनी जो है मुझे. बतलाती नहीं है कभी गोल क्या है आपका e =. mc² जो है एनर्जी जो है वो मास. [नाक से की जाने वाली आवाज़] * वेलोसिटी. स्क्वायर में जब तब्दील हो जाती है एनर्जी. बन जाती है आइंस्टीन ने कहा है तब जो है. वो चीज़ कहीं जब जनाथन लिविंगस्टन सी एक. नवेल लिखा गया था कि एक पक्षी सूरज की तरह. बढ़ने की कोशिश करता है और बहुत ऊपर. जाते-जाते उसके के पंख मुरझ जाते हैं।. इसके उसके बाद विलीन हो जाता है ऊपर। तो. उसके [नाक से की जाने वाली आवाज़] विलीन. हो जाता है तो उस कहते हैं कि ये भ्रम में.
मिल गया। तो वो एक अंत वो आइडियल अंत है।. मालूम नहीं क्या होता है क्या नहीं। लेकिन. मुझे लगता है कि अगर लगातार आप कर्म. करेंगे तो आप एक मुकाम पर पहुंच जाएंगे. जिसको आप मोक्ष कहते हैं जिसको आप मोक्ष. ही कहेंगे और क्या मालूम नहीं क्या है।. अभी तक ए क्ंबिग्यूस है। मैं करने की. कोशिश कर रहा हूं। तो ग्वालियर से मुंबई. की इस यात्रा में जितने उतार-चढ़ाव रहे. जीवन को कैसे परिभाषित करते हैं अब आप जब. पीछे सारे उतार-चढ़ाव गिरना उठना संभलना. फिर चढ़ना फिर राइज करना. लगातार चलने का नाम है जीवन लगातार चला.
एंड कंटीन्यूअस वॉकिंग कंटीन्यूअस लगातार. लगातार रुका नहीं मैं कहीं भी कहीं भी. रुका नहीं बहुत चला बहुत चला बहुत चला. इतना चला कि थक गया आज की तारीख में थक. जाता हूं एक्चुअली बहुत चला मैं बहुत चला. बिना किसी अवरोध के चिंता किए हुए लगातार. चलता रहा ग्वालियर से दिल्ली और दिल्ली से. बॉम्बे का तो बहुत लंबा चौड़ा जीवन है. यार। 40 50 साल का जीवन है। तो उस. ग्वालियर में भी जो है ग्वालियर का जीवन. भी जो है मतलब 10 साल पहले का जीवन जो 83. में आया था एनएसजी तो उसके पहले 75 से. लेकर 83 का तक का जीवन जो है बहुत रोमांचक.
है। तो लगातार चलता रहा। मैं लगातार चलता. रहा। मतलब रुका ही नहीं मैं। मेरी शादी हो. गई। मेरे बच्चे हो गए। मेरे दोस्त हो गए।. मेरी गर्लफ्रेंड्स हो गई।. [नाक से की जाने वाली आवाज़] मेरे साथी. संगी मेरे साथ काम करने वाले मेरे. कॉमरेड्स इनाम्स, मेरे फ्रेंड्स, फिलॉसफ. गाइड्स सब थे मेरे साथ में।. [नाक से की जाने वाली आवाज़] सबको अपनाकर. उसके बाद सबको छोड़कर आगे चलता रहा। किसी. पर भी टिका नहीं हुई। सब कुछ छोड़कर जिससे. जो लेना था वह लिया। उसके बाद में लगा कि. यार अब इसके आगे इसके आगे जरूरत नहीं है।. मतलब ऐसा अहंकार की बात नहीं कर रहा। इसके. आगे मुझे लगा कि अब जरूरत हो गई। पूरी हो.
गई। लेफ्ट था लेफ्ट बहुत बड़ा फेस था मेरी. जिंदगी में। उसके आगे लगा कि लेफ्ट का. जीवन हो गया। लेफ्ट की जरूरत जहां तक थी. हो गई। इसके बाद में कुछ और चीज आती है।. शायद अध्यात्म आता है। वहां आ की खोज करते. हैं। लेकिन रुकेंगे नहीं। लेकिन रुकेंगे. नहीं। लगातार लगातार. आज आप आध्यात्मिक हैं? अरे पूरी तरीके से मैं बोलना बड़ा खराब. लगता है ये बोलना बड़ा खराब लगता है। लेकिन. मैं विपना धारण की बिंदा हूं। लगातार. लगातार अब मैं जाऊंगा यहां से उसके बाद जो. है जैसे ही अकेला बैठूंगा तो मैं फिर लीन. हो जाऊंगा विपना में।.
आध्यात्मिक है या रिलीजियस है।. रिलीजियस नहीं है। आध्यात्मिक हूं।. रिलीजियस नहीं है।. रिलीजियस नहीं हूं। स्पिरिचुअलिज्म जो है. आपके वही वही वही होता है। रिलीजन में. मतलब वो उसका एक अपग्रेडेड वर्जन होता है।. हां हां वही होता है। वही होता है।. वहां आप निराकार पे जा रहे हो। उसकी. रिलीजियस की होने की कम्युनल की बात तो. नहीं कर रहे आप? कम्युनल नहीं मैं. रिलीजियस की बात कर रहा हूं।. रिलीजियस मैं एस सच जो है मतलब कोई भगवान. को तो मैं नहीं मान नहीं मानता। मतलब किस. कोई [गला साफ़ करने की आवाज़] किसी आराधना. नहीं करता। मैं सच बैठकर किसी मूर्ति पूजा. नहीं करता। एस सच आ जाते हैं तो मुझे. नमस्कार करने में हर्ज नहीं है। कोई. मूर्ति आ जाती है।.
जैसे हम कहीं गुजर रहे हैं। कोई मंदिर. दिखा हमने सर झुकाया।. हां सर झुका. त्यौहार है। हमने उस दिन. मुझे मुझे ऐतराज नहीं है सर झुकाने में।. मुझे ऐतराज नहीं है सर झुकाने में। लेकिन. जो है स्पिरिच स्पिरिचुअलिज्म जो है वो. वही है जीवन। एक्चुअली वही है जीवन। उसके. अलावा कोई जीवन नहीं है। आप ला कम्युनिस्ट. हो, ला लेफ्टिस्ट हो, ला सोशलिस्ट हो, ला. डेमोक्रेट हो। इवेंचुअली जाकर आपको वहीं. जाकर जो है रुक जाना है। वहीं जाकर विलन. हो जाना है। तो वही वही चीज करनी करनी. पड़ेगी। आपको नहीं करेंगे तो इस जन्म में. नहीं करेंगे, तो अगले जन्म में करेंगे।. मैं तो बहुत मानता हूं इन चीज़ों को जो है.
जिस जन्म पर जिस नोट पर मैं छूट रहा हूं. उस नोट पर मैं जन्म लूंगा और जिस नोट पर. मैं छूटा था उस जन्म उस नोट पर मैंने इस. जन्म में जन्म लिया। मैं तो बहुत मानता. हूं उस बात को बहुत मानता हूं। जीवन बहुत. लंबा चौड़ा बहुत आगे तक गया है। कहीं रुकना. नहीं है। इसी की खोजबीन में जो है मानव. लगा हुआ है और जो पा गया वो. वो लीन हो गया। वो कहीं चला गया। मेरे. ख्याल से इससे अगले वाले स्टेटस में इससे. अगले वाले. क्या कहना चाहिए? इससे कहीं और चला गया। मतलब इस इस जीवन से. आगे कहीं चला गया। वही सत्य है मेरे ख्याल.
से।. चलते फिरते घूमते टहलते जीशान अय्यूब. हमारे पास आए थे।. हम. अब जीशान अय्यूब आए तो जीशान ने कहा यार. हमसे लोग पूछते थे तुम पीयूष मिश्रा के. लौंडे हो। [हंसी]. हां उसकी शक्ल काफी मिलती है।. कई बार हम एमरेस भी आते हैं। कई बार मजा. भी आता है। क्या टैलेंटेड आदमी से तुलना. हो रही है।. हां हां नहीं उसकी उसकी काफी शक्ल मेरे. अलावा मुझे मुझे नहीं मजा लगा था लेकिन. बहुत बाद में मुझे मालूम पड़ा कि यार इसकी. मेरी बीवी ने भी मुझसे कहा कि तुमने क्या. किया है? मतलब [हंसी]. गलती. ये वाला प्रोडक्ट कब हुआ? ये वाला प्रोडक्ट कब हुआ है? तो जब मुझे.
मालूम हुआ वो बहुत बहुत टैलेंटेड बंदा है।. बहुत अच्छा बंदा है। बहुत अच्छा बंदा है।. लेकिन ये आप वाकई में कभी आपने देखा. क्योंकि जब मैंने रांझणा देखी थी या तनु. वेट्स मनु देखी थी तो मेरे को एक्चुअली. में लगा मैंने कहा पीयूष से जवान कैसे हो. गए? फिर मैंने कहा नहीं लौंडा उनका हो. सकता है।. बाद में नाम पड़े जीशान अयूब हम ये तो. पंडित थे ये तो मुसलमान है ये तो. नहीं नहीं वो एक फिल्म आई थी हु किल्ड. नोबडी किल्ड जेसिका। वहां से जो है मतलब. लोगों ने मुझसे पूछा कि ये इसमें जो काम. कर रहा है या आपका बेटा है कि नहीं? वो. पहली बार जब मेरा परिचय था जीशान से. इसके अलावा एनएसडी में मैं हमेशा फर्स्ट.
ईयर को दारू की पार्टी देता हूं। हर. फर्स्ट ईयर को पिछले 35 साल से चलन है. मेरा. तो उसमें भी जो है ये हजरत थे तो तब भी. नजर नहीं पड़ी. लेकिन जब नोबडी के लिए जसिका देखी मैंने. उससे मुझे काफी लोगों ने बुला कि जो है. आपका बेटा है ये. हम आपकी किताब पढ़ रहा था सर. और किताब पढ़ते-पढ़ते शुरुआत मैं आज वही. किताब से ही करूंगा। ग्वालियर से शुरुआत. करता हूं मैं।. [अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़]. बचपन में कहते हैं कि जैसे कई लोग कहते. हैं बचपन में सिखाई हुई चीजें जिंदगी भर. याद रहती हैं। बचपन की चोट भी जीवन भर.
दर्द देती है। अब जब मैं आपके बारे में. पढ़ रहा था तो मुझे प्रियकांत शर्मा दिखे. जो मिश्रा में तब्दील हुए. बुआ जी के पास गए और फिर वहां से आपकी एक. यात्रा शुरू हुई पीयूष मिश्रा को लेकर. जिसमें पिता से नाराजगी थी।. अपने आप पर सवाल था।. बचपन का कितना असर आपके जीवन पर रहा. क्योंकि आप आपके पिताजी ने आपकी बुआ जी को. आपकी बुआ जी ने आपको गोद ले लिया था। असर. क्या रहा? मतलब वो असर वैसा रहा कि इस असर. से छूट जाओ। बचपन का जो भी जो है प्रभाव.
था मुझे मैं उसको लेकर नहीं चला। बहुत. जरूरी था उसका छूटना। उससे छूटा हूं। तभी. कहीं जाकर आगे बढ़ पाया हूं। तो बचपन का. असर जो आई हैव नेवर हैड अ गुड चाइल्डहुड।. मतलब मेरा बड़ा कंफ्यूजिंग बचपन रहा है।. बड़ा हकारत वाला बचपन रहा है। आई कुडंट. गेट व्हाट आई वांटेड फ्रॉम व्हाट आई सॉर्ट. फ्रॉम माय पेरेंट्स। पेरेंट्स. जनरल आईक्यू कम कमजोर था उन सारे पेरेंट्स. का मां का, पिताजी, का, बुआ जी का, चाचा. का। तो मैं उनसे वो गाइडेंस नहीं पाया जो. कि मुझे पानी चाहिए थी। जो अक्सर पिता को. तो लेकर जो है देवतुल्य मानते हैं लोग बाग.
कि जो है मतलब मेरे को गा- गाइडिंग फोर्स. ही मेरे पेरेंट्स पर्टिकुलरली फादर हैं।. लेकिन, जो है वह चीज़ नहीं मिल पाई। उल्टे. उल्टा [नाक से की जाने वाली आवाज़] ही. मिला मतलब मुझे तो उस चीज को हटाते हटाते. ये जीवन बीत गया। वो जो संस्कार पढ़ते हैं. दो तरह के संस्कार होते हैं। एक तो पैतृक. संस्कार होते हैं अनुवांशिक और एक होते. हैं पिछले जन्म के संस्कार। पिछले जन्म के. संस्कार जो थे उसमें मैं आर्टिस्ट था। मैं. पक्का कहीं ना कहीं आर्टिस्ट बनके मरा था।. आर्टिस्ट की मौत मरा था। बहुत बड़ा. आर्टिस्ट था मैं। अदरवाइज पैदा होने के. साथ ही मैं ये सब हरकतें नहीं करने लगता।. और दूसरे होते हैं पैतृक संस्कार। तो. पैतृक संस्कार पिताजी के जो संस्कार थे या.
पेरेंट्स के संस्कार थे वो जो है मतलब वो. विकार था उसमें विकृत संस्कार थे मतलब. धोखा देना एडजस्ट करना अगर पुलिस वाला. पकड़ ले तो रुपए देकर भाग लेना वहां से. किसी के पछड़े मत नहीं पड़ना झगड़ा हो रहा. है तो दूर रहना ये सब चीजें ये संस्कार थे. ये पैतृक संस्कार थे कि सबसे. [नाक से की जाने वाली आवाज़] बचकर चलो. अपनी जिंदगी देखो तो इस इन संस्कार इन. संस्कारों से छूटते छूटते आज बहुत लंबा. टाइम हो गया 40 50 साल से जो 19 से लड़ने. की कोशिश कर रहा हूं। आज जो है मतलब थोड़ी.
शांति है कि जो है मैं उनसे काफी हद तक. तो अगर मैं इसी को समराइज कर दूं कि. प्रियकांश मिश्रा जो पीयूष मिश्रा बने या. प्रियकांत शर्मा जब पीयूष मिश्रा बने तो. वो सिर्फ नाम बदला गया या. नहीं नाम उस बच्चे से पीछा छुड़ा लिया गया. जिसका बचपन में यौन छोड़ छोड़ा गया था. छोड़ा छुड़ा नहीं लिया गया धीमे-धीमे छूटा. वो एकदम से नहीं छूट गया एकदम से नहीं छूट. वो सारे संस्कार एकदम से नहीं गए वो. धीमे-धीमे करके धीमे-धीमे करके जो जाते गए. धीमे-धीमे करके जो है मैं उनसे पीछे. छुड़ाता रहा और तरोताजा होता रहा।.
जैसे-जैसे मैंने पीछे छुड़ाया वैसे-वैसे. लगता है कि यार ये जिंदगी मेरे लिए थी. नहीं। ये तो कुछ और ही जिंदगी जी रहा था. मैं। मैं इस तरह की जिंदगी जीने के लिए. मैं बाध्य नहीं हूं। मैं पैदा ही नहीं हुआ. हूं इस तरह की। मैं क्या मिड मिडिल क्लास. लोअर मिडिल क्लास कोई जिंदगी होती है? मतलब आपको सुबह गए सुबह ऑफिस गए साइकिल. पर। उसके बाद शाम को आए। उसके बाद एक चाय. मांग ली बीवी से। उसके बाद टेलीविज़न देख. लिया। फिर खाना खा लिया, फिर सो गए। अरे. साला कुछ तो हो यार जिंदगी में। क्या सपाट. जिंदगी, सुनी सपाट जिंदगी। तो लोअर मिडिल. क्लास जिंदगी जो है ये मुझे कभी भी पसंद. नहीं आई। और मुझे हमेशा लगता था कि मैं. किसी और चीज करने के लिए बना हूं और जब.
मैं वहां से भागा वो थिएटर किया थिएटर. किया तो मुझे मालूम पड़ा कि ये चीज है जो. कि सुख देती है। इसीलिए आपने घर को जेल कह. दिया था।. घर को जेल कह दिया था। हां घर घर क्या. पूरा ग्वालियर जेल था मेरे लिए। [हंसी]. हां पूरा शहर जो है पूरा शहर में बदनाम भी. था मैं। पूरे बिरादरी में बदनाम था कि मैं. जो है वो चीज करता हूं जो कि वो नहीं. चाहते थे। मैं वही जानबूझकर वो चीज करता. था जो कि वो नहीं चाहते थे। जानबूझकर. बदनाम होता था। लड़कियों के साथ घूमता था. क्योंकि उन्हें पसंद नहीं था। मेरे. बिरादरी को पसंद नहीं था। तो मैं जानबूझकर. वो चीज करना पसंद करता था जो कि उन्हें. नागवार थी। पेरेंट्स इंक्लूडिंग बरादे.
तो यही यही रहा. तो आपके पिताजी को जितना पढ़ा मैंने कि आप. अपनी हर सक्सेस को दिखाना चाह रहे थे कि. मुझ में कुछ बात थी।. कुछ ना कुछ बात. मुझे अंडरएस्टीमेट कर रहे थे। एक शिकायत. थी। उनको उनके सामने प्रूव नहीं करना था।. उनके सामने प्रूव नहीं करना था। ये अपने. आप के सामने प्रूव करना था। उनके सामने. प्रूव करने के लिए मैंने कुछ नहीं किया।. मैंने ये बतलाया कि आप गलत कर रहे हो। आप. यू आर रोंग। आप. [नाक से की जाने वाली आवाज़] गलत कर रहे. हो। आपको बच्चा पालना नहीं आता। आपने. बच्चे को खराब तरीके से पालाया। आपने मां. ने बुआ जी ने मां तो बेचारी शरीफ थी। मां.
बेचारी गांव की देहातन थी। तो मां तो बहुत. ही सेंटली वो पिताजी के वश में थी। बुआ जी. के वश में थी। तो कुछ कर नहीं पाई वो।. ग्रामीण महिला है वैसे।. ग्रामीण महिला थी बेचारी। अब लास्ट दिन के. लास्ट के दिन बड़े अच्छे भी थे। उनके. बॉम्बे में मेरे साथ में मेरी फ्रेंड्स आई. हैं और ये है वो है। मतलब उनके मुंह से. फ्रेंड्स सुनना बड़ा अच्छा लगता था।. [हंसी] तो ये जो है तो पिताजी को प्रूव. करने के लिए कुछ नहीं किया मैंने। मैंने. बिरादरी को प्रूव करने के लिए आप आप अचानक. प्रूव हो गया। धीमे-धीमे करके अचानक प्रूव. होता गया कि जो है मैं मैं डिफरेंट हूं।. अच्छा हूं, बुरा हूं। मुझे मालूम नहीं।. मैं डिफरेंट हूं। मैं डिफरेंट था उनसे।.
हमेशा से डिफरेंट था। और मैंने प्रूव करने. के लिए कुछ भी नहीं किया। एक्चुअली मैं. काम करता गया।. आप अच्छे पिता हैं।. अरे बहुत अच्छा पिता हूं। मैंने मेरा बेटा. वो आया हुआ है।. हां मैं मिला इसलिए पूछ रहा हूं।. हां दोनों बंदों को मैं मैंने तो कभी हाथ. भी नहीं लगाया। मेरे पिता मां जो है इनकी. जो है मतलब वो अभी तक जो है उसकी कल सगाई. होने वाली है बड़े वाले की उसको चांटा मार. देती है [हंसी] जो है खाने में नमक ज्यादा. हो गया मच्छर भरा तो उसको चांटा मार देती. है मां जो है इनकी मतलब और है भी मम्मास. बॉय. मेरे पास जो है लेकिन मैंने कभी इनको जो. है मतलब मैंने हमेशा इनको करने दिया कि जो.
है जो करना चाहते हैं क्योंकि मैंने कभी. मुझे कभी करने का मौका नहीं मिला जो मैं. करना चाहता था।. अच्छे पिता की क्या परिभाषा होती है? वो. जो पूरा तरीके से लिबरल हो मतलब आपके. बच्चों में से 15 साल तक जो मेरी बीवी. बहुत बढ़िया बात बोलती है कि पांच साल तक. जो है ट्रीट द चाइल्ड लाइक अ प्रिंस ट्रीट. द चाइल्ड लाइक अ प्रिंस पांच से लेकर 15. तक जो है ट्रीट हिम लाइक अ सर्वेंट धूप. में स्कूल भेजो है ना धूप में चलाओ उसको. 15 साल के बाद उसको छोड़ दो क्योंकि 15. साल के बाद आप आप उसका कुछ नहीं कर सकते. 15 साल तक जो संस्कार डाल चुके हो आप डाल.
चुके हो उसके बाद में वो वही करेगा जो. उसके संस्कार कहेंगे तो मैं जो है उनको. उनको मैंने वो जो दोनों दोनों थे। दोनों. एक्टर एक्टर्स थे। मैं एक्टर हूं। मैं. पहचानता हूं क्या है क्या नहीं। दोनों. परफॉर्मिंग एबिलिटीज थी। गाना गला दोनों. का अच्छा था। लेकिन फिर भी दोनों ने कहा. कि हम बाबा ये जो है प्रोफेशनली इसको. एक्वायर नहीं करना चाहते। तो एक जो है. स्पोर्ट्स में गया बड़ा वाला छोटा वाला. फिजिक्स पढ़ रहा है। तो दोनों वही कर रहे. हैं जो कि उन्हें करना है और अब जो है हम. उन्हें कुछ कह भी नहीं सकते। कहना चाहेंगे. तब भी कुछ नहीं कह सकते। क्योंकि जो है. मैच्योर हो चुके हैं। जैसे आपने कहा कि 15.
साल तक संस्कार डाले जाते हैं। अब आप अपनी. जिंदगी में एक लंबा दौर था जब आप अपनी. उलझनों में उलझे हुए थे।. तो उसमें कभी रिग्रेट होता है कि यार मैं. थोड़ा समय कम दे पाया या मैं कहीं और. दुनिया बिजी था।. हां नहीं यार दिया आपने।. पूरा समय दिया मैंने। पूरा समय दिया. मैंने। उलझों में उलझना उलझा था मैं लेकिन. जो मेरी बीवी एक्चुअली उसमें बड़ी सहायक. थी। बीवी जो है मतलब आपके वो मिलना जो है. जुआ होता है। ये शायद ही जुआ होता है। अगर. बढ़िया बीवी मिल जाए तो आपके आधी से अधिक. प्रॉब्लम्स खत्म हो जाती हैं। तो मेरी. बीवी ने बहुत संभाला मुझे। मेरी बीवी ने. ही इनको एक्चुअली बड़ा किया है। मैं मेरे.
को तो. यही सवाल यही सवाल था मेरा।. हां तो मेरा मेरे को मुझको तो श्रेय कम. जाता है। एक्चुअली मेरी मैं लापरवाह नहीं. रहा घर से। लापरवाह भी था मेरे ख्याल से. लापरवाही एक टाइम में था मैं लापरवाह घर. से। मैं हां आप सही बोल रहे हैं कि मैं जो. है अपने उलझों में उलझा रखता था। बिल्कुल. सही बोल रहे हो कि मैं जो है बहुत बहुत. व्यस्त था अपने क्रिएटिविटी में। सो कॉल्ड. क्रिएटिविटी में। अपने परिवार की तरफ कम. ध्यान था मेरा। और धीमे-धीमे करके जो है. मेरी पत्नी जो है बहुत जागरूक थी। तो उसने. बहुत संभाला इन लोगों को। तो आज की तारीख. में लेकिन वो मुझे अच्छा बाप मानते हैं. मेरे ख्याल से मेरे बच्चे। अच्छा बाप.
मानते हैं कि आपने हमें कभी मारा नहीं, डांटा नहीं। वो करने के लिए मजबूर नहीं. किया जो कि आप चाहते थे। आपने हमें वो. करने दिया जो हम करना चाहते हैं। वी आर. थैंकफुल टू यू।. बट आपको पता है उनके बचपन में दोस्त कौन. से थे? ये लड़ाईयां कहां पर हुई है? मुझे कुछ नहीं पता। मुझे कुछ नहीं पता।. उनके दोस्त उनकी उनकी समझ संपत्ति है।. उनकी प्रॉब्लम है। उनके दोस्त कैसे हैं? वो क्या पीते हैं? बचपन में किन परेशानियों से गुजरे। जैसे. मैं. बचपन में वो किसी परेशानी से नहीं गुजरे।. दोनों बच्चे. दोनों बच्चे हां क्योंकि जो है मैं तब तक. समथ समर्थ हो चुका था पैसे के हिसाब से. नहीं नहीं परेशानियां कई तरह की जैसे मैं.
आपके बारे में पढ़ रहा था तो मैंने कहीं. पढ़ा शायद बचपन में आपका यौन शोषण हुआ था. यौन शोषण हुआ था. अब वो परेशानियां ऐसी होती हैं जो पता. नहीं लगती. अगर वो करीब में कोई. अगर हुआ है तो मुझे बताया नहीं मेरे ख्याल. से नहीं हुआ ऐसी कोई चीज घटी नहीं उनके. साथ में क्योंकि हमारे बहुत क्लोज रहे हैं. दोनों बच्चे हमारे परिवार के मेरे और बीवी. के बहुत क्लोज रहे हैं तो निरीक्षण में. रहे हमेशा तो मेरे ख्याल से ऐसे कोई कभी. दिल टूटे इनके जो है प्रेम संबंध हुआ इनका. दिल टूटे तो इन्होंने सालों ने खुद संभाल. लिया वो मेरा बड़ा वाला छोटा वाला बेटा जय. है उसका 15 16 साल में एक संबंध हुआ था.
उसने जो एक साल किया उसके बाद वो लड़की. पुणे की थी वो हजरत वहां चले गए दिल्ली. फिर आपस में म्यूचुअल अंडरस्टैंडिंग. म्यूचुअल अंडरस्टैंडिंग के साथ में. उन्होंने बंद कर दिया फिर वो बॉम्बे आ गया. उसके बाद फिर शुरू हो गया उसके बाद फिर. बंद कर दिया यार ये हो नहीं पाएगा इतना. मैच्योर्ड अगर 15 20 15 साल में हो जाए. बंदा तो कहने ही क्या है यहां पर साला. लड़की का हाथ पकड़ते पकड़ते उम्र लग जाएगा. करती थी हमारे टाइम में एक लड़की का हाथ. पकड़ना हमारे टाइम में मतलब टास्क था इट. वास यहां जो है वो बाबा बात ही वहां से. शुरू होती है तो वैसे कोई बात नहीं मेरे.
ख्याल से. मेरे ख्याल से चिंता रहित मेरे मैं जितना. चिंता में था बचपन में उतने नहीं चिंता. रहित रहे हैं बच्चे इन इनको चिंता करने का. मौका मिला नहीं मेरे ख्याल से मेरा बेटा. अभी है नहीं वरना आप उससे पूछ लेते कि. चिंता करने का मौका दिया नहीं हमने इनको. हम वी वेर वेरी अटेंटिव बोथ ऑफ द बोथ बोथ. ऑफ़ अस प्रिया इज मोर माय वाइफ इज मोर. ओके एक बड़ा अच्छा गालिब का शेर सर था कि र. में है रश की उम्र कहां देखिए थमे कभी.
लगता है कि जो बीच में 20 साल चाहे वो. फिल्मों से आप दूर रहे दिल्ली में अपने. उसमें या जो बच्चों वाला जिक्र रहा कि. थोड़ा सा उम्र खिसक गई अब अब क्योंकि समझ. में आ रहा होगा कि समय जो है सीमित होता. है हर इंसान के जीवन का हमारे जीवन का. आपके जीवन का कभी लगता है कि वक्त हाथ से. फैसला मुझे थोड़ा सही समय पर समेट लेते. हां मुझे लगता है अगर शराब कम होती या. मतलब आपके वो सही ऐसा होता है यार बहुत. सारी चीजें ऐसे तो मैं बोलता हूं कि मेरे. पेरेंट्स अगर समझ जाते हैं मेरे टैलेंट को. तो जल्दी शुरुआत हो जाती है आर्टिस्ट के. जीवन की वैसे ही जो है मुझे लगता है कि.
अगर मैं जल्दी आ गया होता बॉम्बे 20 साल. क्यों बिताया मैंने तो शुरुआत हो जाती. अच्छी होती जीवन की मुझे नहीं यार नहीं. होता ऐसा भी नहीं होता मेरे ख्याल से. डेस्टिनी होती है मतलब हर चीज अब कहीं. जाकर लगता है कि हर चीज करेक्ट जो उस जगह. पे होती है जिस जगह पे होनी होती हो. मैंने बहुत सारा मैं कई एक पिक्चरों से. मकबूल से मुझे बड़ी आशा थी कि जो हो जाएगा. कुछ कुछ नहीं हुआ। गैंग्स ऑफ़ हसपुर जिसमें. मैंने बहुत ही एवरेज परफस किया था। उस से. मुझे ख्याति मिल गई। पता नहीं तमाशा से. मुझे ख्याती मिल गई। जो अच्छे परफॉर्मेंस.
थे उनसे जो है मुझे कुछ लाभ नहीं हुआ। तो. इससे जो है मुझे लगता है कि कोई चीज देखती. है हमको शुभंकर कोई चीज़ समबडी वाचेस अस।. बट आपको क्यों लगता है गैंग्स ऑस्ट वासेप. या तमाशा जैसी फिल्मों में आपको नोटिस. नहीं होना चाहिए था। मतलब नहीं नोटिस. हमारी जनरेशन. अपने दिल से भाई आप मेरे बारे में क्या. सोचते हैं? और मैं अपने बारे में क्या. सोचता? मैं इसलिए मैंने जानने की कोशिश की. आप. वो अलग-अलग चीजें हैं जो मैं अपने बारे. में सोचता हूं कि जो मैंने एवरेज. परफॉर्मेंस किया था ये ऐसा मेरा मानना है. और वो जो है परफेंस बहुत ख्याति ले गया तो. इसलिए जो है मुझे लगता है कि हर चीज कोई.
मेरे चार साल के बीटे की मैंने 400 बार. देखी होगी. हां तो देखी होगी तो वो आपने देखी ना. मैंने मैं मेरा अपना खुद का मानना है कि. जो एवरेज परफॉर्मेंस था हो गया लेकिन कोई. चीज देखती है हमको मतलब हर चीज उसी टाइम. पर होती है जिस टाइम पर वो घटना होती है. ये मैंने बहुत बहुत बहुत बार देखा है।. बहुत बार देखा है। अगर मैं पहले आ गया. होता बॉम्बे तो क्या होता? पहले होता कुछ. नहीं होता। पहले हम जैसे लोगों के लिए काम. नहीं था। ये तो अनुराग कश्यप और दिग्मांशी. धुलिया और विशाल भारद्दा जैसे बंदों के.
आने के बाद हम जैसे शक्ल सूरत और चेहरे. मोहरे के बंदों को काम मिलना शुरू हुआ है।. अदरवाइज़ पहले आता तो पहले क्या? पहले. अमिताभ बच्चन थे। पहले विनोद खन्ना थे, शशि कपूर थे। पहले चक्रवर्ती थे। लंबे. चौड़े हाइट के बंदे थे। इनके बीच में मैं. कहां फता? नहीं अगर आप पहले आ गए होते तो. मैंने प्यार किया मैं भाग्य ऋषि के साथ आप. रोमांस कर रहे होते [हंसी] वो भी यार वो. भी एक. वो कबूतर उड़ाते हम आपको देख रहे होते. हां फिर मैं ये सब अब मालूम नहीं वो होता. कि नहीं होता वो जो है एक एक एक वाकया था. मतलब होकर.
जिंदगी में तो रोमांस किया है आपने पर्दे. पे भी अच्छे से कर लेते. ठीक है ठीक है [हंसी] ना. सही है सलमान भाई को देख कभी लगता है सर. कि यार ये मेरी भी यात्रा हो सकती थी नहीं. कभी नहीं लगता मैं इतना काम है बाद में. अपने काम में जुट गया क्यों माशा्लाह आप. भी खूबसूरत है सेम हाई हाइट भी सबकी है।. नहीं नहीं मैं बाद में अपने काम में जुट. गया। बाद में इन चीज़ यहां मेरे को ख्याल. भी नहीं है। मैंने बयान किया। बहुत भाई एक. छोटा सा वाकया था वो। बाद में मैं काम में. जुट गया। काम में जुट गया तो काम में जुट. गया। काम बहुत काम बहुत किया। एक्चुअली उस. चक्कर में काम बहुत किया। बहुत. गरीब थे इसलिए या पैशनेट थे।.
गरीब थे इसलिए या पैशनेट थे इसलिए।. पैशनेट था। गरीब गरीब काम कहां करता है? गरीब से काम से क्या था? गरीब ही होता है ना कि हमको अपना दिन. बदलना है।. नहीं दिन. अपनी औकात बदलनी है।. तो वो तो जो है 20 साल तक नहीं बदली।. मैंने 20 साल लगातार काम किया तो उसमें. कहां औकात बदली मेरी। गरीब तो बड़ा अपने. फील्ड में तो जलवा था जलाल था।. जलवा था लेकिन वैसे तो हैंड वैसे हैंड टू. माउथ था। मैं पैसे कहां कमाए मैंने? दिल्ली में रहते हुए पैसे कहां कमाए. मैंने? तो [नाक से की जाने वाली आवाज़]. फिर मुंबई क्यों नहीं भागे जल्दी? वही बोल रहा हूं ना कि नहीं भागा। अब क्या. कुछ कारण था? मतलब मजा आ रहा था करने में।. काम करने में मजा आ रहा था। तो इसलिए मैं.
यहां हरमा हुआ था। उस वक्त दो दिमाग में. लेफ्ट आइडियोलॉजी भी थी। तो उसमें लगे हुए. थे। देश जन जागरण की चिंता में कि देश को. आजाद कर देंगे और इंकलाब जिंदाबाद और. क्रांति आएगी और यह होगा और वो होगा। तो. वो भी था वो भी जरूरत थी वो भी जरूरत थी. उस बात उस वक्त की तो वो भी कर बैठे तो वो. मेरे ख्याल से उसी वक्त गया बॉम्बे. कई वामपंथियों का मेलडाउन बड़ा आइकॉनिक. ट्रेंड होता है उसमें पीयूष जी का नंबर वन. पर आता है. वो क्या. कई वामपंथियों का मेलडाउन होना बाद में. बड़ा ट्रेंड होता है उसमें आप नंबर वन पर.
आते हैं वामपंथी नहीं था मैं कम्युनिस्ट. कभी नहीं रहा मैं लेफ्टिस्ट था कम्युनिस्ट. लेफ्टिस्ट हम में से हर बंदा था पता नहीं. क्या दिक्कत आती है लोगों को एक्सेप्ट. करने में कि हम लेफ्टिस्ट हां लेफ्टिस्ट. थे अरे उस वक्त जो है मतलब मतलब हमारी. जनरेशन में बहुत पढ़ाई लिखाई थी और उस. वक्त जो 20 साल की उम्र में 30 साल की. उम्र में लेफ्टिस्ट होना आपकी जरूरत थी कि. एंटी एडमिनिस्ट्रेशन आप होगे ही होगे नहीं. चाहोगे तब भी आप होगे झक मार के होगे आप. एंटी एडमिनिस्ट्रेशन एंटी सिस्टम आप होगे. ही होगे तो हमारी जरूरत थी वो पता नहीं. क्यों लोग बाग जो है कलपते हैं इस बात को. कि यार हम लेफ्टिस्ट नहीं थे अरे थे यार.
तुम ना कम्युनिस्ट नहीं हो सकता है नहीं. हो आप कम्युनिस्ट वो आइडियोलॉजी अलग होती. है वो थोड़ी गहरी हो जाती है वो नहीं था. मैं लेकिन हां लेफ्ट तो था बाकायदा था. बट क्या दिल्ली के पानी का भी असर है कि. जेएनयू या फिर आप एनएसडी यहां पर जो बच्चा. आता है छोटे शहरों से. मेरे ख्याल से मेरे ख्याल से है बिल्कुल. बाकायदा असर जाम लिया डीयू जेएनयू ये उस. वक्त बहुत इन्फ्लुएंस करते थे सहमत था. जनाटमंज था एक्ट वन था एनएसडी था तो उस. समय जो है यही चीजें बहुत इन्फ्लुएंस करती.
थी तो उस वक्त जो है हम थे लेफ्ट ओरिएंटेड. क्योंकि सेम लड़के जब ग्वालियर से या. गोंडा से आते हैं तो वहां वो नॉर्मल रहते. हैं। यहां आकर उनके अंदर क्रांति आती है।. आना चाहिए ना क्या बुरी बात अच्छी बात है।. मतलब आपके माहौल देखकर. खुला-खुला माहौल होता है। हर चीज़ खुल जाती. है। कनोट प्लेस ऐसी चीज़ में चलना फिरना. मेरे लिए जो है स्वर्ग में चलने जैसा था।. ग्वालियर से आया था मैं। ग्वालियर से आया. था। अच्छा कन्नॉट प्लेस इतनी खूबसूरत. बिल्डिंग्स के बीच में चलना गुजरना वहां. पर नरुल्ला स्कूल ऐसे मतलब उनके बीच में. जाना, उनके बीच में खाना खाना मतलब ये. मेरे लिए बहुत क्नॉट प्लेस तो मेरे लिए जो.
है ड्रीम था। मतलब उस वक्त वंडी हाउस तो. मतलब इतनी खूबसूरत जगह मैंने देखी नहीं थी. आज तक कि इतनी जामुन के पेड़ और जो है. नियन लाइट्स और चलती हुई बारिश और ये और. वो और मैं तो बड़ा अभिभूत था मतलब वनडे. हाउस आके जो. खूबसूरत चाय बढ़िया खूबसूरत चाय जो है. भगवान चाय वाले की और ओमी फ्रूट वाले की. फ्रूट फ्रूट श चाट सब जो है मतलब हम तो. बहुत बहुत अभिभूत था मैं था वो भी था एक. फेस था बहुत बड़ा अच्छा बढ़िया बड़ा फेस. था खराब नहीं कहूंगा लेफ्ट को मैं खराब.
नहीं कहूंगा। अच्छा फेस था आना ही था वो।. तो फिर मोह भंग क्यों हुआ? [नाक से की जाने वाली आवाज़]. मोह भंग मतलब हो उसका जरूरत खत्म हो चुकी. थी ना। उसकी जरूरत खत्म हो चुकी थी। एक. लेफ्टिस्ट थे एक जमाने में एक हद तक जो है. लेफ्टिस्ट काम करता है। इसके बाद में फिर. जो है झक मार के आपको ये सोचना पड़ता है. कि आप कहां से आए हैं? कहां जा रहे हैं।. लेफ्ट आपको ये तो दिखाएगा नहीं कि आपकी. गति क्या होगी। इवेचुली आपको खुद सोचना. पड़ता है। फिर धीमे से अध्यात्म प्रवेश. करता है तो अध्यात्म प्रवेश करता है तो. फिर सब चीजें बदल जाती है। तो ये जो है जब. से अध्यात्म प्रवेश ने प्रवेश किया पिछले.
15 साल से तो हुई हो ही गए प्रश्ना जब से. आई है जब से गीता भगवत गीता आजकल वेद भी. मैंने पढ़े हैं पढ़ना शुरू किए हैं। लगा. कि मैं इतना बेवकूफ था कि इतने दूर वेद. वेदों से अब तक दूर रहा हिंदुस्तानी होने. के बावजूद हमारे वेद मतलब हमारे संस्कार. में रहे और मैंने नहीं पढ़े। तो. क्या सीखा वेदों से आपने. अरे यार क्या नहीं सीखा मतलब आपके नेम वन. कोई चीज ऐसे बतला दो जो कि उसमें नहीं हो।. एक चीज़ बतला दो ह्यूमन मैनकाइंड की जो कि. उसमें नहीं हो। हर चीज तो है उसमें हर चीज. का जवाब है। इवन ऑकल्ट साइंसेस जो है जो.
प्रेत विद्या है या जिन पर यकीन नहीं होता. सम्मोन है वो तक वो छोड़ो यार वो छोड़ो. मतलब आपके ह्यूमन साइंस की बात करो ना. उसमें जो है क्या चीज है जिस जो वेदों में. नहीं जिसमें वेदों में जिस बतलाया नहीं. गया इसके बारे में तो हर चीज है उसमें तो. बहुत बड़ी चीज है बहुत बड़ी चीज है वो. पढ़ना चाहिए हर बंदे को लेकिन अब हां. एनएसडी आ गए एनएसडी में हमने पढ़ लिया. स्टैन वस्की और मेयर होल्ड और यूजीनो. बारबा और पीटर ब्रूक हमने नाट्यशास्त्र. नहीं पढ़ा एनएसडी के किस बंदे ने नाट्य.
यूनिक बंदे होंगे जिन लोगों ने. नाट्यशास्त्र हमारा जो ग्रंथ है उसकी तरफ. झांक कर देखा होगा। बहुत ही कम बंदे। एक. जो अभी डायरेक्टर जो है मतलब ये. त्रिपाठी चितंजन त्रिपाठी उसने जो बेचारे. ने मुझे कई बार कूट करता है कि पीयूष भाई. नाट्यशास्त्र में जो कुछ है जो है मतलब. अगर पढ़ लें इसको तो विदेश जाने की जरूरत. नहीं है। आपके मतलब. आर्ट. स्टैन की पढ़ने की जरूरत नहीं है। हर चीज. है हमारे पास में हर चीज है। नाट्य विद्या. हमें पता नहीं कब से कब से प्राप्त है। कब. से प्राप्त नाट्यशास्त्र जो है जिसमें.
2000 सन 2000 में ग्रंथ लिखा गया इसका. मतलब यह है कि वो कम से कम 10,000 साल. पहले से होगी। यहां पर जिस पर पूरा ग्रंथ. लिखा गया वो कम से कम 10,000 साल पहले से. होगी। तो उसमें जो क्या नहीं हर चीज बतलाई. गई है। लेकिन हमारा दुर्भाग्य है कि हम. आपके वेस्टर्न कल्चर की तरफ खिसक चुके. हैं। हमें वही मार्डो और नॉट दैट कि इस. नॉट अ ग्रेट एक्टर लेकिन जो एक्टर. स्टूडियो और ये और वो आपके मतलब ये चीजों. चीज़ हमारी जिंदगी में घुस चुकी हैं। इसके. अलावा हमारे पास में बहुत सारी चीजें हैं. यार जिसको हम छोड़ के पता नहीं किस तरह.
भागे जा रहे हैं।. तो क्या मतलब इसको क्योंकि कई बार मैं. सुनता हूं लोगों से अलग-अलग कि जो हमारी. ऐतिहासिक परंपराएं रही हैं या हिस्टोरिकल. चीजें रही है उनको हम चेरिश कम करते हैं।. आपको लगता है कि यह भी एक पार्ट हो सकता. है कि सिस्टमेटिकली इनको आउटडेटेड किया. गया या वो फील कराया कि पिछड़े लोग मुझे. लगता है अब लगता है कि इन्हें सिस्टेटिकली. जो आउटडेट कराया गया। पता नहीं क्यों ऐसा. लगता है मतलब मुझे मैं पढ़ता हूं मैं. इतिहास पढ़ता हूं तो इतिहास तो बहुत ही. अजीब सा लगता है। मतलब चंद राजाओं के. दृष्टिकोण से लिखा हुआ लगता है कि चंद. लोगों के दृष्टिकोण से चंद पंथ कुछ पंथों.
के दृष्ट दृष्टिकोण से लिखा हुआ इतिहास. लगता है। मतलब हमारे हीरोज़ आए ही नहीं कभी. सामने। बड़े-बड़े हीरोज़ रहे हैं यार। राणा. प्रताप कम, राणा सांगा कम। मतलब ये ये. हीरोज़ आए ही नहीं हमारे कभी। हां, हाईलाइट. ही नहीं किया गया कभी। हाईलाइट ही नहीं. किया है कभी। पता नहीं क्या था क्या नहीं।. मतलब हम गुलाम थे इसलिए या जो है. लेफ्ट का कम्युनिस्ट कम्युनिस्ट का ओवरटेक. था इसलिए या पता नहीं क्या था। मतलब. हिंदुस्तान में हिंदू हिंदू जिसे कहते हैं.
ना हिंदुत्व की बात नहीं कर रहा मैं।. कम्युनिज़्म कम्युनलिज्म की बात नहीं कर. रहा मैं। हिंदू जो है जाति वो बहुत. सप्रेस दबी हुई है।. सप्रेस दबी हुई है। गायब सी कर दी गई है।. तो अब जब उठी है तो ऑब्वियसली जब उठी है. तो. बहुत दिनों बाद उठी है वो तो उसे भी. दिखाने का मौका मिलेगा कि मैं कुछ हूं मैं. कुछ हूं मैं कुछ हूं। अब इल्जाम देते हैं. कि आप जो है मतलब रेडिकल हो गए। अरे. रेडिकल हो गए। पहले तो बिल्कुल कुछ भी. नहीं थे ये लोग तो। तो कोई लाइफ का ऐसा. दौर था जहां पर आपको अपनी पहचान पर हिंदू.
पहचान पर थोड़ा असहज था शर्म थी या. ब्राह्मण हो आप इसको लेकर. उस पर था कम्युनिस्ट जब मैं लेफ्टिस्ट था. तब ब्राह्मण शर्म. अरे बड़ी शर्म थी ब्राह्मण हो. हां ब्राह्मण हूं मैं लेफ्ट मैं एक हिंदू. हूं मैं क्यों हूं मतलब आपके हिंदुस्तान. में रहते हुए हिंदू हूं गाली देता था मैं. ये तमाम जो है मतलब बेवकूफियां थी. बेवकूफियां थी निहायत बेवकूफ और मेरे. लेफ्टेस्ट साथी थे जो है वो बड़े मतलब. रियस करते थे इस बात को कि हां यार हमें. ऐसा करना करना चाहिए। हम सच्चे प्राणी हैं.
दुनिया के तो अजीब सा था। पता नहीं क्या. था।. अब जब पीछे देखते हो सारा किस्सा कहानियां. अब आज के नए बच्चों को वही करते हुए देखते. हो आप तो फिर क्या चलता है मन में? आज के बच्चों को क्या करते थे? यही जब बहुत सारे नए बच्चे जो आ रहे हैं. जैसे अभी जेएनयू में ही एक प्रेसिडेंट बनी. वो भी शायद ब्रह्म नहीं है।. हां. वो भी सारे स्लोगनंस. लगता है कि जो है इनकी नियति है ऐसा मतलब. इस उम्र में सब करते हैं। ये लोग तो विलेन. नहीं है। वैंप नहीं है बोलो। वो लड़की. वैंप नहीं है। ये लोग विलेन नहीं है। इस. उम्र में सब लोग करते हैं। तो करने देना. चाहिए। इनको अपने आप सद्बुद्धि मिलेगी तो.
अपने आप से मिलेंगे।. ठीक है। मैं गरीबी सर क्योंकि आप बहुत. नीचे से ऊपर आए और फिर आपने अपनी पहचान. बनाई और आज आप दुनिया भर में नाम रोशन कर. रहे हैं। क्या गरीबी आत्मसम्मान को चोट. पहुंचाती है? पहुंचाती है यार। पहुंचाती है। पहुंचाती. है। पहुंचाती है।. क्योंकि मैं किस्सा पढ़ा था आपका कि एक. जमाने में एक कप चाय के लिए भी आप कई बार. मुस्कुराते थे।. हां।. किसी के सामने मुस्कुराते कोई चाय पिला. देगा या दारू पी कहे गया सिगरेट पी के ले. कोई आदमी दोस्ती कर ले झूठी तारीफ कर दे. उसकी कि पिला देगा वो. हां गरीबी जो है मतलब चोट तो पहुंचाती है.
मतलब पैसा बहुत बड़ी चीज होती है समाज में. रहने के लिए पैसा बहुत बड़ी चीज अगर साधु. संत बन जाओ आप अगर सेंट बन जाओ सेठ बन जाओ. तो फिर उसके बाद में भिक्षा पर ही काम. भिक्षा एक बहुत बड़ा बहुत बड़ा ट्रेडिशन. रहा हिंदुस्तान बुद्ध जब भिक्षु बने थे तो. पहली भिक्षा उन्होंने अपनी बीवी से मांगी. थी भिक्षा मतलब भिक्षा मेरे पास कमाने के. लिए और कोई साधन नहीं है इसलिए और मैं ना. कमाना चाहता हूं आई डोंट डोंट वांट टू. अर्न। मैं सबसे ऊपर उठ चुका हूं। खाना. मुझे जरूरी है। खाने के लिए मुझे भिक्षा. चाहिए तो मुझे भिक्षा दो। भिक्षाम दे।. पहली भिक्षा उन्होंने अपनी पत्नी से मांगी.
थी। और जो है उसके बाद में बड़े मस्त थे. कि जो मुझे खाली जिंदा भर रहना है। पहनने. के लिए कपड़े चाहिए। रहने के लिए कोई जगह. नहीं। मैं वृक्ष के नीचे सो जाऊंगा और. खाने के लिए कोई जो है सुबह शाम जो है. मतलब या तो भिक्षा ही दो या कोई रख जाए. सामने। वो भी एक तरह से भिक्षा ही होती. है। भिक्षाटन भिक्षाटन एक बहुत बड़ी चीज. होती है। भिक्षाटन जो है करते थे लोग बाग. भिक्षा मांगते हुए तो वो सेंट थे। वो. भिक्षुक थे। तो वो जो है उनका भी जो है. गलत तरीके से इंटरप्रिटेशन दिया गया कि वो.
साले वो थे मतलब शर्म लिहाज नहीं थी। लाज. नहीं थी इनमें। अरे लाज नहीं थी। उसके. पीछे ट्रेडिशन है पूरा का पूरा। भिक्षाम. दे भिक्षाम दे जो गौतम बुद्ध ने भिक्षा. मांगी है। तो और किसको आप दोष देंगे? मतलब. उससे बड़ा आदमी क्या होगा? और वो जो. निर्वाण पाए हुए व्यक्ति है तो कहां से. बात शुरू हुई थी? हां कि जो है चोट. पहुंचाती है। कई बार आपको लगता है कि जो. है मतलब आपके पास में पैसे नहीं है तो. इसका मतलब अनाचार किया आपके पिताजी ने. आपके साथ में या खानदान ने आपके साथ में. या आपने अपने आपने आपके साथ में तो आपको.
लगता है कि जो है मतलब कहीं कुछ त्रुटि. त्रुटि रह गई। कहीं कुछ कमी रह गई।. भूखा आदमी ईमानदार रह सकता है या थोड़ा सा. गिरना पड़ता है।. भूखा आदमी. हां भूखा आदमी ईमानदार रह सकता है।. नहीं रह सकता। मैं अभी तक तो देखा नहीं।. नहीं मैंने देखा अभी तक तो देखा नहीं मतलब. भूख जो है भूख भूख नेचुरल नेचुरल नीड है. ना आदमी की अंतनियां अगर कुलबुलाती है तो. आपको खाना देना पड़ेगा उनको आप उसमें आप. कुछ नहीं कर सकते आप लेफ्टिस्ट हो. राइटेस्ट हो सेंट्रिस्ट हो आपको अंतनियों. को खाना देना पड़ेगा तो वो जरूरत है आपकी. दो चीजें हैं सेक्स और भूख उसमें आप.
कंप्रोमाइज ही नहीं कर सकते आपको झक मार. के उनको संतुष्ट करना पड़ेगा तो उसमें जो. है कोई भूखा आदमी का सवाल ही पैदा नहीं. होता जो बिल्कुल भूखा है जिसके पेट में. दाने नहीं जा रहे वो वो जो है संतुष्ट. कैसे रहेगा यार? बट कई लोग कहते हैं कि सर वो भूख भी जरूरी. होती है क्योंकि कंगाली और बेबसी से जब. इंसान गुजरता है तो अंदर एक फायर डेवलप. होती है।. सबके अंदर नहीं होती। कुछ लोग टूट भी जाते. हैं। मैंने टूटते हुए देखे हैं लोग। मैं. नहीं टूटा इत्तफाक है। वरना मैंने टूटते. हुए देखे हैं लोग बाग। बहुत बहुत बिखर.
जाते हैं लोग बाग कि यार कुछ भी नहीं हो. पा रहा, कुछ भी नहीं हो पा रहा, कुछ भी. नहीं हो पा रहा। ऐसा करके बिखर जाते हैं।. तो वो जो है दूसरा तरफ मार भी करती है। बट. जहां क्रिएटिविटी रह जाती है, जहां पर. हिम्मत हौसला रह गया। जैसे कई लोग कई लोग. ये मानते हैं कि पीयूष जी ने जो गुलाल के. गाने लिखे आरंभ में प्रचंड लिखा वो उस दौर. की तपिश थी तभी लिख गया। आज के पीयूष जी. लिख सकते हैं ऐसा गाना? हां क्यों नहीं. सकता मैं उस दौर की तमिश क्या थी मतलब तब. मैं बॉम्बे आ चुका था तब. नहीं जब ज्यादा सुविधाएं संपन्न हो जाता. है इंसान तो कई कई बार भईमान है जैसे मैं.
क्रिकेट टीम में देखता हूं तो मैं सचिन को. देखता हूं धोनी को देखता हूं या बाकी. खिलाड़ी को देखता हूं अधिकतर खिलाड़ी ऐसे. हैं जो बड़े लोअर बैकग्राउंड से हैं या. किसी भी क्षेत्र में ले लीजिए जो बड़े लोग. बने हैं वो ज्यादातर वो हैं जो बहुत नीचे. से आए हैं और बड़े के बाद सेकंड बड़ा आपकी. बॉलीवुड में भी बहुत रेयर लोग हैं रणबीर. कपूर जैसे जिन्होंने अपनी पीढ़ी सक्सेस के. बाद अपने पिता सक्सेस पाई भाई अदरवाइज. पहली पीढ़ी को ही सक्सेस मिली ज्यादातर. केसेस में और वह वो लोग हैं जो निम्न उस. जगह से आए अभाव से निकल कर आए साबित करना.
अभाव सिखाता है आपको बहुत कुछ नहीं सिखाता. है अभाव प्रशंसा हमेशा जो है तारीफ हमेशा. आपको जो तारीफ जो है मतलब गोली मारती है. आपको. इवेंचुअली अभाव से आप बहुत सारी चीज़ सीखते. हैं अभाव अगर आपकी जिंदगी में हो कि किसी. चीज की कमी है कि ना किसी चीज में आस्था. रह जाए तो किसी चीज की कमी हो ना. तो जिंदगी में आस्था रह जाती है आपकी. आस्था रहती है जिंदगी में कि यार अभी कुछ. मिलने मिलने वाला है कुछ पाने वाले हैं हम. कुछ पा लेंगे तो ऐसा करके जो होता है तो. मेरे ख्याल से जो है अभाव बहुत कुछ सिखाता. है आप क्रिटिसिज्म बहुत कुछ सिखाता है.
रिश्ते बदलते हैं गरीबी से कि अगर आप पैसा. वाले हो गए तो रिश्ते बेहतर होते हैं या. गरीब आदमी हैं तो तो आगे पीछे लोग नहीं. आते या मानते हैं कि नहीं. नहीं यार आते तो नहीं है लोग बहुत गरीब से. तो पहले ही बात है रिश्ता करेगा कौन बहुत. गरीब होगा तो पहले नकार देंगे नकार देंगे. या नकार देंगी. [अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़]. अच्छी अचीवर के आसपास बंडराते हैं लोग बाग. जो है अचीवर के चढ़ते हुए सूरज के आसपास. बंडराते हैं जो बन गया वो हमारे वहां पर. भी यही चलन है हॉलीवुड में बॉलीवुड में.
बॉलीवुड तो कहना गलत हो गया हिंदुस्तानी. फिल्म इंडस्ट्री में जो है जो जब तक बनता. नहीं है आदमी फिल्मों में तब तक जो है लोग. बाग उसके पास मंडराना पसंद नहीं करते मैं. भी जब गया था बॉम्बे में तो मेरे कुछ. दोस्त थे जो बन चुके थे ऑलरेडी नाम नहीं. लूंगा उनके बड़े नाम है वो लोग जो है मुझे. हकारत के दृष्टि से ही देखते थे एक तरह से. मतलब मुझे पास बैठाना पसंद करते थे तो. रिलक्टेंस के साथ में जब तक गुलाल नहीं आई. थी जब तक गैंग्स ऑफ नहीं आई थी जब तक मैं. कुछ बन नहीं गया था तब इन लोगों ने.
एक्सेप्ट करना शुरू किया मुझे कि जो है. तुम आ सकते हो हमारे पास में तब बोले नहीं. मुंह से लेकिन जो है खुली बाएं पसार दी. [गला साफ़ करने की आवाज़]. बिना कहे तब मैं इनके पास गया तब मैं. एक्सेप्टेड हुआ. [नाक से की जाने वाली आवाज़]. तो ये आपके जैसे आपने उनके साथ काम किया. बाद में कई फिल्मों में काम किया कई नाम. मेरे ज़हन में आ रहे हैं मैं ले नहीं रहा. हूं लेकिन अब जब वो आपके अच्छे मित्र हैं. जब आप स्क्रीन पर साथ में नजर आते हो।. बाहर दिखती है दोस्ती। तो उस दोस्ती में. कहीं जब अकेले बैठते हो तो यह समझ में आता. है कि यार. बिल्कुल सोचता हूं। बिल्कुल सोचता हूं।. बिल्कुल सोचता हूं मैं। मैं मुझे ये भी.
याद है गुलाल जब आई थी तो मुझे किसी ने. कांग्रेचुलेट नहीं किया था। छोड़ के कि. मैंने इनकी गुलाल जब आई थी तो उसकी. म्यूजिक को लेकर लिस्ट को लेकर एक्टिंग को. लेकर जो है गानों को लेकर किसी ने मुझे. कांग्रेचुले कांग्रेचुलेट नहीं किया था।. उस जगह एक अजीब सी बात एक्टर नाम की कौम. में अजीब सी बात है कि हम बहुत बहुत जलते. हैं। बहुत्टर्स बहुत बहुत जलते हैं। बहुत. जलते हैं। हमारी कौम में है ये अंदर पंडित. जसराज और आपके मल्लिकार्जुन मशहूर में कोई. कंपटीशन नहीं है। वो दोनों एक दूसरे को. प्यार करते हैं। आपके मतलब पैरों में झुक.
जाएंगे। क्लासिकल म्यूजिक में ऐसा कुछ. नहीं है। बिजू महाराज साहब और जो है भीमसन. जोशी जो है मतलब आपके दे ब्रदर्स कि जब. मैं डांस कर रहा हूं। आप गाना गाओ कोई. टेंशन नहीं है। एक्टर्स बहुत जल्द थे।. एक्टर्स बहुत जल्द थे। गुलाल के वक्त में. खाली के मेनन था जिसने मुझे कांग्रेचुलेट. किया था। जबकि इट वाज़ एन अचीवमेंट भाई. क्यों नहीं अचीवमेंट? मैं तो इतना हम्ल. थोड़ी बनूंगा कि बोलूं कि गुलाल कुछ नहीं. थी। गुलाल वाज़ समथिंग। तो उस वक्त जो है. मतलब परेशानी हुई थी भाई लोगों को। मेरे. अजीज दोस्त जो थे अजीज दोस्त थे यार. दुर्भाग्य था। अजीज दोस्त ही थे। बड़े बड़े.
गहरे दोस्त थे। बहुत गहरे दोस्त थे। उनका. मुझे अभी तक याद है कि जो है मकबूल जब आई. थी तो मेरे बहुत अजीज दोस्तों ने जो है. मुझे बधाई तक नहीं दी थी। कहा था कि कहा. था कि हां अच्छा लगा परफेंस तुम्हारा भी।. मुझे मालूम था कि मकबूल में मैंने आई डीड. वेरी वेल। मुझे मालूम था। मुझे मालूम है. कहां मैंने अच्छा किया। सचिन तेंदुलकर की. तरह से सचिन तेंदुलकर मुझे मालूम है ना कि. मैं मुझे हर हर बॉल मालूम है जिस पर इतनी. खराब थी कि मैं उस पर आउट हुआ। ऐसी मुझे. हर मोमेंट मालूम है जहां पर मुझे जो है इस. तरह की चीजें मिली। तो मुझे याद.
[नाक से की जाने वाली आवाज़] है अभी तक. याद है खुदा हुआ मेरी मेमोरी बहुत अच्छी. है खुदा हुआ मेरे दिमाग में कि जो है किसी. ने क्या. [गला साफ़ करने की आवाज़] कैसे रिएक्ट. किया था लेकिन यही जिंदगी है सबक यही. जिंदगी है. तो गांठ के तौर पर है सबक हरगिज़ हर सबक के. तौर पर गांठ के तौर पर नहीं. क्या सबक है. गांठ के तौर पर नहीं है सबक यही है कि जो. है हां ये ऐसे लोग भी होते हैं ऐसे लोग भी. होते हैं एक्सेप्ट एवरीबडी. तो ये डराता नहीं कल को मान लो काम नहीं. चला. तो फिर ये सब बदल जाएगी ये सब जितने आसपास. डराता डराता इसलिए नहीं कि एक्सेप्ट करते. चलो ना आप जब बंदे को एक्सेप्ट करते हैं.
कि मैंने तुम्हें एक्सेप्ट कर लिया। तुम. जैसे हो अच्छे भरे भले बुरे हो। कैसे भी. मैं तुम्हें एक्सेप्ट करता हूं। तुम मेरे. बारे में खराब सोचते हो ना। तुम मेरे को. गाली देते हो। तुम मेरे बारे में खराब. सोचते हो। यही करोगे ना। मैं तुम्हें. एक्सेप्ट करता हूं। तुम्हारी बुराइयों के. साथ में मैं तुम्हें एक्सेप्ट करता हूं।. बात खत्म हो गई। इसके बाद में आप आपको. गाली देगा। आपको क्रिटिसाइज़ करेगा। बुराई. करेगा। आप एक्सेप्टेड हो यार। आप एक्सेप्ट. आप कहां भागोगे? मुझसे बचकर कहां भागोगे? मैं आपको स्वीकार करता हूं। मैं स्वीकार. उक्ति है मेरी। मैं आपको एक्सेप्ट करता. हूं। बस बात खत्म हो गई। तो आपके जो. पुराने दोस्त बाद में आपको थोड़ा आपसे जलन.
कर रहे थे। आपने कभी याद नहीं दिलाया? वो. पुराने दिन. नहीं नहीं याद नहीं दिलाया मैंने वो नहीं. याद याद दिलाने की जरूरत भी नहीं है। मैं. अपना काम करता रहा इसके बाद में अब आज भी. अपना काम कर रहा हूं तो. सब लोग ठीक है यार बड़ी लंबी जिंदगी। बहुत. लंबी जिंदगी बीत गई। मतलब इस चक्कर में. बहुत काम कर लिया। साला भले बुरे अच्छे. दिन देख लिए, भले बुरे दोस्त देख लिए। तो. अब जो है रिग्रेट्स नहीं है जिंदगी में।. मतलब इतना काम कर रहा हूं कि रिग्रेट्स. नहीं है जिंदगी में और लगा कि वो. रिग्रेट्स रखी तो क्यों रखी बहुत मामूली.
छिछोरिया की रिग्रेट्स थी छचुरिया की. रिग्रेट्स थी ऐसा नहीं करना चाहिए था मुझे. तो अब रिग्रेट्स नहीं है काम कर लिया काम. कर रहे हैं काम करते रहेंगे अभी काम करने. की स्थितियां है अभी मेरा बैंड बज रहा है. अभी मैं लिख रहा हूं अभी मैं एक्टिंग कर. रहा हूं तो अभी काम करने की आदर्श. स्थितियां मेरे सामने है अभी चुका नहीं. हूं मैं जब तक जो है बॉडीली बिल्कुल थक. नहीं जाऊंगा मैं तब तक मैं चुकूंगा नहीं. गुलाल भाई क्या वो सीन चेंज नहीं होना. चाहिए था जल्दी मार दिया गया था मतलब मैं. पिक्चर गुलाल जब भी देखता हूं एंड तक बड़ा. मजा आता है मुझे केके मेनन ने आपने एकदम.
कहर बरपा रखा था बट मेरे को एक जहां सीन. लगता है यार वो उसको जल्दी मार दिया था. अभिमन्यु को शायद. अभिमन्यु को मेरे को लगा यार वहां से. थोड़ा सा मामला थोड़ा ढीला हो गया क्योंकि. वो बड़ा हैवी कैरेक्टर दिखाया था. बहुत ही हैवी. वल्लरेबल कैरेक्टर हर चीज में. अनुराग की खासियत है वो जो है सबसे अधिक. जो प्यार करता है जिस कैरेक्टर को उसको. जल्दी भरवा देता है. ऐसे भग से मर गया ऐसे ही मरवाता है वो हर. पिक्चर में देखो उसकी जो है मतलब राधिका. आपके जो है उसकी फिल्म कौन सी. सीरीज थी उसकी. सेक्रेट गेम. हां हां. नहीं. सेक्रेटरी सेक्रेट गेम्स उसमें उसने. सीक्रेट गेम्स में उसने राधिका आपटे थी ना.
उसको ऐसे मरवा दिया खट से मरवा दिया खट से. मरवाता है वो. सबसे प्रिय कैरेक्टर्स जो होते हैं उसके. वो उसको खट से मरवा देता है उसको बिल्कुल. भी शर्म लिहाज नहीं है साले को बिल्कुल खट. से मरवा साहब ने देखा खड़ाक से मार दिया. मर बचने का मौका बोलने का मौका कुछ. एक्सप्लेन तो करे वो उसके पहले वो खत्म कर. देता है मतलब कई जगह तीन-चार गोली लग के. भी आदमी जिंदा रहता है. अरे वो नहीं करता ऐसा तो वो ऐसा उसकी. रिपोर्ट फोटो है उसका उसका मतलब फट है. उसका करवाना तो अभिमन्यु की डेथ वो भी हुआ. गुलाल भी थी मकबूल में एक इरफान खान साहब.
थे बड़ा चर्चित सीन है जब वो अपनी आंखें. ऐसे उठाते हैं जिक्र होता है मकबूल का और. वो ऐसे अपनी आंखें उठाते हैं और लोग कहते. हैं यार क्या कमाल के एक्टर थे। अब फिर. बड़ी चर्चा अब इरफान खान साहब नहीं है. तो मैं अनू कपूर साहब से एक दिन पडकास्ट. में बात कर रहा था तो उन्होंने तारीफ की. इरफान साहब की लेकिन फिर कहा कि हमारा देश. मुर्दों की पूजा करने वाला देश है।. हां. मैं भी नहीं रहूंगा जिस दिन लोग मेरे काम. की सराहना ज्यादा करेंगे।. तो उरफान का मरता कहां है? मुर्दा कहां. होता है? नहीं नहीं अब इरफान साहब दुनिया में नहीं.
है।. हां। इरफान खान साहब दुनिया में नहीं है।. ऐसा कुछ नहीं है। जब था तब उसकी तारीफ थी. और जब नया नहीं रहा तब और जो है. आप लोग कहते हैं कि इरफान साहब जैसा कोई. एक्टर है ही नहीं दूर दराज में।. ये तो डू यू बिलीव दिस? नहीं नहीं मैंने ऐसा ऐसा ऐसे हर हर दौर. में नए बंदे एक्टर्स नए एक्टर्स आते. रहेंगे और काम करते रहेंगे। ये तो खैर. फिजूल बातें हैं सारी की सारी। ऐसा एक्टर. नहीं है। ये क्या मतलब है? मतलब उसने दो. परफॉर्मेंस बहुत बढ़िया किए। हासिल और पान. सिंह तोमर में मैं कॉम्प्लेक्स में आ गया. था। की तरह बढ़िया परफस.
सॉलिड टू से उसने कई जगह खराब भी किया वो. मैं कोट नहीं करूंगा तो ऐसा हर बंदे के. साथ में होता है नसीर के साथ में हुआ पूरी. साहब के साथ में हुआ पंकज जी जैसे महान. एक्टर के साथ में हुआ रेयरली कोई बंदा. रोल्स जो है आपके वश में नहीं होते ना. शुभंकर रूल्स जो है आप यू आर एन एंप्लई इन. सिनेमा यू डोंट काव द रूल आपको जो रूल. मिलता है आप करना पड़ता है उस रूल में आप. जान डालते हो अलग बात है लेकिन अगर कुछ. कमी रह गई तो वो लिखने वाले का दोष है वो. रूल बना नहीं पाए और खराब स्क्रिप्ट के. साथ में आप कुछ नहीं कर सकते। खराब है।.
उसने जो है हासिल और पानसिंह तोर में. इसलिए बढ़िया किया क्योंकि तगमाशु धुलिया. उसका अजीज यार है। उसने हर चीज हर चीज जो. है दे रखी थी प्लेटर में उसको कई जगह उसने. खराब भी किया इन दोनों फिल्मों में नहीं. कई जगह उसने खराब क्या मतलब एवरेज. परफॉर्मेंस किया। कई जगह एवरेज भी किया. उसने तो उसको भी जो है हमें लेकिन हमें. एवरेज को क्यों बोलने. बट ये बॉन्डिंग से फर्क पड़ता है जैसे. आपके अनुराग कश्यप से बॉन्डिंग बहुत तगड़ा. है।. बॉन्डिंग. कम से कम दिख फिल्मों में तो दिखता है. हमें। जितनी फिल्में आपकी अनुराग कश्यप की. आती है।. बॉन्डिंग से. आप डांटते रहते हो उन्हें लेकिन [हंसी]. नहीं नहीं है बॉन्डिंग से फर्क पड़ता है. बाकायदा बॉन्डिंग से फर्क पड़ता है.
बॉन्डिंग जो है बॉन्डिंग हमेशा कहकर नहीं. होती है इनका कही बॉन्डिंग भी होती है कि. जो है और मेरे अनुराग में पर्टिकुलरली. मेरे अनुराग में और मेरे और इम्तियाज़ में. कभी अनुराग तो जो है कई बार अपने. स्क्रिप्ट में जो है लिख दिया करता था कि. दिस सीन टू बी इंप्रोवाइज इस टू बी. इंप्रोवाइड बाय पीयूष पीयूष मिश्रा. बाकायदा दिस सीन टू बी इंप्रोवाइज्ड बाय. मनोज वाजपेयी ऐसे लिख दिया करता था वो ये. जो गुलाल में जो सीन था ना जब मैं गाता. हूं. बजाता हूं। उन्होंने लिख दिया था कि जो आप. इम्प्रोवाइज करो इसको जो है मैं छाप या.
हरी ने भीषण हुंकार किया। अपना स्वरूप. विस्तार किया जब मैं पोछ बोलता हूं। तो. उन्होंने कहा आप इंप्रोवाइज करो मैं काट. दूंगा इसको अपने हिसाब से काट लूंगा। तो. वो था बॉन्डिंग से फर्क पड़ता है।. बॉन्डिंग से बहुत फर्क पड़ता है। तिघमांशु. और इरफान की बहुत जबरदस्त और आज से नहीं. थी वो आप जब पढ़ रहे थे ये लोग स्कूल में. तब इरफान मेरे से एक साल जूनियर था और ये. मेरे से तीन साल जूनियर था। तिगमाशु तब से. थी इनकी बॉन्डिंग। एक ही कमरे में बैठना, एक ही तरह की फिल्में देखना, एक ही तरह की. बातें करना, एक ही साथ बंबई में जाना, एक. ही साथ में करियर शुरू करना। तो ये था तो.
रिजल्ट भी अच्छे मिल मिलने लाजमी थे।. पीयूष मिश्रा विद अनुराग कश्यप या पीयूष. मिश्रा वि इम्तियाज अली।. इम्तियाज अली।. इम्तियाज अली।. एनीडे एनीडे।. क्यों? बहुत [नाक से की जाने वाली आवाज़] बढ़िया. डायरेक्टर है वो। बहुत स्क्रिप्ट बहुत. बढ़िया लिखता है। स्क्रिप्ट बहुत बढ़िया. लिखता है। मेरे को बहुत अंतरिम. सेटिस्फेक्शन मिलता है उसके साथ काम करने. के बाद। अनुराग. करता है लेकिन पता नहीं क्या अनुराग. अनुराग. अनुराग कश्यप कैसे डिफाइन करूं उसको मैं. यार क्यों बोलता है साला इतना ज्यादा.
[हंसी] जबरदस्ती अपना बुरा करना मतलब आप. या तो भूलकर भूलकर जो है किसी का भला कर. रहे हो अपना भला कर रहे हो अपना भी भला. नहीं करता वो एक्चुअली उससे दिक्कत ये है. मतलब आप कोई चीज का विरोध कर रहे हो तो. उसका रिजल्ट तो मिले ना कम से कम ऐसी कोई. चीज़ करो जिससे रिजल्ट रिजल्ट तो मिले. रिजल्ट भी नहीं मिलते उसको जो खास बात ये. है कि उसको मालूम है कि रिजल्ट नहीं. मिलेंगे फिर भी बोलता है तो मेरी तो. जबरदस्त जबरदस्त.
विरोध है उससे जबरदस्त विरोध है मैं बहुत. देर तक बात नहीं कर सकता अनुराग से ना ही. वो मुझसे बात कर सकता है लेकिन. पिक्चर कैसे कर लेते हो फिर. वही तो बात नहीं करते पिक्चर करते [हंसी]. बात नहीं करते पिक्चर में कहां बात होती. है पिक्चर में वो म्यूजिक करवाता है वो. म्यूजिक भी ऐसे ही करवाता है वो एक वो. मनोज वाजपेयी के साथ में फिल्म कर रहा था. अभी पिछले पिछले साल तो उसने कहा कि मेरे. को ऐसे ही जो है मतलब मेरे को बुलाया मेरे. को राहुल को बुलाया ऑफिस में कि मेरे को. गाने चाहिए अब गाने उसको गाने के लिए कौन.
मना करेगा उसको लेकिन वो रहा है कि भाई. आपसे गाने चाहिए मेरे को छह गाने चाहिए और. बस दैट्स ऑल अब जाओ मैं आ गया गाने कर दिए. भेज दिए उसको हां अप्रूव्ड है अप्रूव्ड है. अप्रूव्ड है रख दिया फोन और गाने इंतजार. कर रहा है रिकॉर्ड करो हमको तो हम आए उसकी. पिक्चर में पिक्चर ही नहीं बनाई उसके बाद. में तो ऐसे होता है उससे जो है मतलब मतलब. सीन क्या होता है उससे मतलब बातचीत वाकई. नहीं आप बोल रहे हो ना बातचीत नहीं होती. उससे बातचीत बिल्कुल नहीं होती उससे काम. करते हैं काम पलक की नोक पर होता है मतलब.
बिल्कुल तिरछी नजर से वो समझ जाता है कि. मैं क्या करना चाहता हूं मैं समझ जाता हूं. कि वो क्या चाहता है तो ऐसे काम हो जाता. है गाली गलौज होती है आप दोनों के बीच में. [हंसी]. मैं ही देता हूं अगर देता है देता हूं तो. मतलब मैं तो बड़ा पड़ जाता मेरी तो. रिगार्ड करता है मैं ही देता हूं कई बार. वो भी पहले दिया करता था अब जो है नहीं. देता अब तो मैं रिस्पेक्ट करता हूं उसकी. क्या हर बंदे की तो वही है आपके रिश्ते. खराब हुए किसी से बदली विचारधारा के चलते. बदली विचारधारा के चलते तो नहीं लेकिन. वैसे जो है रिश्ते खराब नसीर से अच्छे. नहीं है मेरे ना वो मुझे पसंद करते हैं ना.
मैं उन्हें पसंद करता हूं बहुत क्लियर और. दोनों पार्टीज जब एक दूसरे को पसंद नहीं. कर रही तो बात करने की इससे अधिक आदर्श. स्थिति और कोई हो ही नहीं सकती कि आप इतना. पसंद कर रहे हो कि मुझे मालूम है कि आप. मुझे पसंद नहीं करते मैं आपको मालूम है कि. मैं आपको पसंद नहीं करता तो बात बहुत. बढ़िया तरीके से होती है कि बात ही नहीं. करो यार फिर वो अपना मस्ती में मैं अपनी. मस्ती किसी पे बात ही नहीं करो। कोई टेंशन. नहीं है। क्या क्या जरूरत है बात करने की? ना आपका रिस्पेक्ट घटेगा ना उनका घटेगा।. तो इंटैक्ट है। रिलेशंस बहुत बढ़िया है. उनसे। बहुत बढ़िया। पीयूष मिश्रा, इम्तियाज़ अली एंड तमाशा या रॉकस्टार.
तय [नाक से की जाने वाली आवाज़] करना बड़ा. मुश्किल है। एक्चुअली दोनों अलग-अलग रोल्स. थे। और. क्योंकि इम्तियाज़ की फिल्मों के फैंस जो. हैं वो दोनों फिल्म को लेके अब अलग बटे. हुए हैं। तमाशा देर से समझ में आई।. रॉकस्टार देर तक दिल में रही। तमाशा देर. से आई बट अंदर कहीं घर कर गई। पता नहीं. मैं समझ दोनों पिक्चरें समझ नहीं पाया मैं. दोनों में जो है रोज जो दिए उसने मुझे ना. तो उसने जो है मुझे तमाशा में जो दिया था. उसने तो उसने मतलब चालाक है इम्तियाज तो. सब सुनाया मैंने कहा मेरे को मेरे कोई रोल.
ही नहीं है तो साला क्या रोल करूंगा मैं. तो लास्ट में उसने वो लास्ट वाला सीन जो. सुनाया मुझे कि ब्लास्ट हो जाता है बोलता. है कि तू क्यों आया मेरे पास अपनी कहानी. में पूछने के लिए तो मैंने कहा हां यार ये. ये फिर उसमें बात है तो मैंने कहा ये. करूंगा ऐसे ही जो है तमाशा ये रॉकस्टार. में मैंने उसे बहुत जब मेरे साथ काम करता. था. एक्टफोन में तब मैंने उसे एक मैं रूम एंड. जूलियट जो है अडप्ट कर रहा था चांदनी चौक. में. हम [खांसने की आवाज़]. तो मैंने उसे एक सीन सुनाया था उसका कि जो. है बहुत सारे पंडे हैं वहां पर करीब 20. पंडे जमुना घाट पर बैठे हुए हैं और 20.
पंडों के ऊपर जो है एक-एक बंदा जुटा हुआ. है उनकी गर्दन मरोड़ रहा है चीखें निकल. रही है उनकी और नजदीक जाते हैं तो मालूम. पड़ता है कि उसकी मालिश कर रहा है हर हर. बंदा उनकी मालिश कर रहा है मोटे-मोटे. बंदों का तो मैंने कहा वो सीन मेरे दिमाग. में रह गया पीयूष भाई तो मैं वो सीन मैंने. इसमें लिखा है तो उसने रॉकस्टार में जो है. वही सीन सुनाया था मुझे और वो सीन मुझे. पसंद आया. मालिश हो रही थी. मालिश हो रही थी. आय हाय हाय क्या आवाें निकल रही थी. कहा चलो मैंने कहा फिर करते हैं तो इसलिए. तय करना बड़ा मुश्किल है इम्तियाज़ बहुत.
बहुत क्लियर बहुत ट्रांसपेरेंट बंदा है. मतलब उसको अपनी चीजें समझाने में देर नहीं. लगती अनुराग जहां पर जो है रुक जाता है. इम्तियाज़ से जितना पूछो उतना बोलता है. अनुराग से भी जितना पूछो उतना बोलता है. लेकिन अनुराग बड़ा मतलब मतलब. अनुराग के साथ में काम करने के बाद में. एक्टर्स को गलतफहमी हो जाती है कि बहुत. बड़े एक्टर हैं। [हंसी] अनुराग और तगमांशु. धोलिया इन दोनों के साथ में और अगली. पिक्चर में पकड़े जाते हैं साले। अगली. पिक्चर में जब किसी और के साथ काम करते. हैं तो पकड़े जाते हैं। ये लोग क्या करते.
हैं कि ये मत करो। ये करो नहीं ये करो ये. करो। नहीं ये मत करो। ये मत करो। बहुत. छांट देते हैं तो परफॉर्मेंस निकल के आ. जाता है। इसका इम्तियाज का ये है कि. स्क्रिप्ट पहली बात तो स्क्रिप्ट लिखता. है। इम्तियाज अनुराग स्क्रिप्ट नहीं लिखता. तो वो ये जो है. ये जो है बेलता है मतलब आपके जो बेल दूध. फेंटते हैं ना इम्तियाज वो करता है वो. करता है और इसकी पिक्चरों में एक. पॉपुलिस्ट अपील है जो कि किसी की पिक्चर.
में नहीं है। पॉपुलिस्ट अपील का ख्याल. हमेशा करता है कि ये पिक्चर पसंद आनी. चाहिए। भले वह हाईवे हो या कोई भी फिल्म. हो यह पिक्चर दिखाई यह पिक्चर देखी जाएगी।. मतलब देखी जाएगी तो इसका मतलब यह है कि. इसको. एक होता है टू शो एंड एक होता है टू बी. सीन कि ये ये चीज देखी जाएगी। देखी जाएगी. तो इसका मतलब ये है कि इस बात का लिहाज. करना पड़ेगा कि आप ऐसी कोई चीज बनाओ जो कि. देखी भी जाएगी। शेल्फ लाइफ नहीं है उसकी. खाली।. इम्तियाज़ का जब मैंने इंटरव्यू किया था. तो उन्होंने कहा कि मेरी फिल्में तीन चार.
साल बाद समझ में आना शुरू होती हैं और फिर. चर्चाएं बढ़ती है उसके बारे। तमाशा ने तो. कमाल ही कर दिया। तमाशा तो लोगों ने. सर्विसेज छोड़ी है यार अपनी तमाशा देखने. के बाद में कि हम स्टूडियो टेलिंग करना. चाहते हैं। वाकई सच बोल रहा हूं। ये मैं. मुझे बतलाया लोगों ने कि जो हमने सर्विज. छोड़ी है कि हमारी जिंदगी इसलिए सिर्फ. इसके लिए नहीं है। और ये थोड़ा देर में. समझ में आई वो पहले तो पहले तो उसके फैंस. बैठे हुए थे कि कुछ लोगों को आउटराइटल. रिजेक्ट कर दिया।. उसमें ये था रिएक्शन दो तरह के थे। एक था. क्या बना दिया और एक है क्या? क्या बनाया? हां। तो उसको मैं बाद में. मुझे बतलाया कि लोगों ने सर्विज छोड़ी है.
उसको देखकर। तो बहुत ही इनक्रेडिबल पिक्चर. है। रणबीर ने तो कमाल ही किया है उसमें।. बहुत रिगार्ड है मेरा। उसमें बहुत ही. रिगार्ड है मेरा। क्या साला एक्टर है अपने. मतलब जिसके बाप जो है ऋषि कपूर हो और उसके. दादा जो है राज कपूर जी हो वो वो मतलब. उसके बिगड़ने के चांसेस कितने ज्यादा हैं. ऐसे बंदे के। कितने ज्यादा हैं और खुद भी. खूबसूरत है। लंबा चौड़ा अच्छा एक्टर वो तो. मतलब उसके पैर जमीन पर कैसे रहेंगे यार ये. उसके लिए टास्क होता होगा कि मैं बहुत आम. आदमी की तरह से बिहेव करूं। करता है। साला.
आम आदमी की तरह से बिहेव करता है। आम आदमी. की तरह से घूमता है। बातचीत करता है। ऐसे. बंदे आम आदमी की तरीके से बातचीत नहीं. करते। मैंने देखा है लोगों पैर उखड़ते हैं. लोगों के। लेकिन वो करता है वो करता है. जमीन का जमीन से जुड़ा हुआ बंदा है वो. जमीन से जुड़ा हुआ बंदा एक सूक्ति होती है. कि बंदा जमीन से जुड़ा हुआ है वो है वो जो. भी उसके साथ काम करता है उसका ये कहना है. उससे पूछ लो आप कि जो और. [नाक से की जाने वाली आवाज़] सच्चा बंदा. है सच बोलता है सच्चा बंदा सच बोलता है हो.
सकता है कि जिस वक्त बोल रहा हो उस वक्त. आप ही उसके पास में हो और कोई नहीं हो. लेकिन वो बोलेगा सच बहुत अधिक जो है नकली. नहीं बोलता वो उसमें एक खासियत है। बहुत. बहुत मैं बहुत रिगार्ड करता हूं।. मैंने बहुत सारे लोगों से सुना कि वो. एक्टर बहुत कमाल के हैं। मतलब वो गिलसरीन. तक यूज़ नहीं करते। उनको अगर रोना भी होगा. आप बताओगे स्पिन ड्रॉप मोमेंट पे एक आंसू. गिराने हैं। तो रणवीर कपूर उन एक्टर्स में. से हैं जो. वो करता है वो करता है। और दूसरी बात ये. है कि वो शॉट के पहले अलग ही मूड में रहता. है। शॉट एकदम से जब होता है कि जो है आप.
क्या. तैयार हो जाओ तो उसके बाद एकदम से. ट्रांसफॉर्म हो जाता है।. साइना नेवाल ने मेरे साथ इंटरव्यू में कहा. कि एनिमल देखने के बाद रणवीर कपूर सबको. पसंद थे तो किसी अंबानी साहब की पार्टी. में गई।. तो वो एक कोने एक सॉफ्ट ड्रिंक लेके वो पी. रहे होंगे किनारे बैठ के। तो ये गई. क्योंकि इनके दिमाग में एनिमल था रणवीर. कपूर। तो ये गई कि हाय आई एम साइना नेवाल।. तो बहुत सॉफ्टली उन्होंने कि हाय ये वो. बहुत प्यार से बात करते हैं। तो शी वास्. लाइक यार मैं तो बड़े सदमे में चली गई।.
कि मतलब [गला साफ़ करने की आवाज़] मैं. क्या देख के गई थी? इतना सॉफ्ट जेंटलमैन. सीधा इंसान मतलब इतने सीधा तो नहीं है वो।. खैर सीधा तो नहीं है। [हंसी]. उसके चेहरे को देख के ही लगता है कि बहुत. सीधा है। एक्चुअली उस चक्कर में गलत समय. हो जाती है लोगों को।. तो वो सीधा तो नहीं है। सीधे. सीधा मतलब सीधा मतलब सीधा मतलब सीधा मतलब. सिंपल सिंपल है।. सिंपल है। सीधा मतलब आपके ही नोस क्या ही. नोस कितना बड़ा स्टार है वो। पूरी तरीके. से मालूम है उसको कितना बड़ा स्टार है। वो. कहां पर उसे कहां पर उसे ये नहीं बतलाना.
कि मैं इतना बड़ा स्टार हूं। कहां पर. बतलाना है कि बस बस इसके आगे नहीं। ये उसे. मालूम है। इतना मालूम होना चाहिए। इतना. माल होना चाहिए। अपने वर्ज इतनी बड़ी चीज. है अगर यह मालूम है तो. बहुत बहुत क्लियर मालूम है कि मुझे यह. चाहिए तो यार मुझे ये दे दो बस बिस्किट. चाहिए मुझे बिस्किट दे दो। मैं बोलना नहीं. चाहता मेरे इतना कहने से उसके बिस्किट. हाजिर हाजिर हो जाते हैं।. तो इतना इतना ही बोलता है आगे मुझे. बिस्किट चाहिए। ये नहीं बोलेगा वो। मुझे. जो है यहां जाना है। मुझे ये चीज दे दो।. इतना काफी है। मेरे. हालांकि उनका उनके पिता का रिश्ता भी बड़ा.
कॉम्प्लिकेटेड है।. वो पता नहीं क्या है। वो उसके बारे. [नाक से की जाने वाली आवाज़] में भी बहुत. चीज़ बोल चुका है मुझसे। वो लेकिन मैं उसके. बारे में खुलासा नहीं करूंगा। पिताजी तो. काफी नाराज हुआ करते थे उनके।. उन्होंने सार्वजनिक कई बार कहा। मतलब मैं. आपकी कहानी को भी थोड़ा रिलेट कर पा रहा. हूं जो मैं देख रहा हूं। क्योंकि उनके. पिताजी सार्वजनिक कहते थे। हम हम अलग एक. कोई शो था वहां पर आए। हम साथ नहीं आए। हम. अलग-अलग आए हैं। ये मेरे साथ नहीं रहता. है। सो मैं रणबीर कपूर की जगह अपने को रख. कर देख रहा था कि उस वक्त क्या भावना चल. रही होगी कि मैं नाम कमा लिया मैंने। पैसा.
कमा लिया। लेकिन मेरा पिता ये सबके सामने. कह रहा है कि नहीं नहीं हम अलग रहते हैं।. ये अलग रहता है। ये मेरे साथ नहीं है। आज. के बच्चे ऐसे हो गए। अब वो उनका मामला है।. वो उनसे क्या बोलूं मैं? बहरहाल वो जो है. वो ऐसा है। पिता भी बड़े बड़े एक्टर थे।. बहुत बड़े एक्टर थे। जबरदस्त।. आपकी रणवीर कपूर फेवरेट फिल्म कौन सी है. सर? हां? रणबीर कपूर की? क्या? रणवीर कपूर की फेवरेट फिल्म कौन सी है. आपकी? यू यू नो हैं। हां।. एनिमल देखी थी आप?
इसमें? मुझे अच्छा लगा था। मुझे कभी खराब. नहीं लगता वो। मुझे कभी खराब नहीं लगता।. बस वो करो अनजाना अनजानी जैसी पिक्चर में. भी मुझे अच्छा लगा।. मुझे भी अच्छे लगे क्या गाने सर थे।. मुझे तो अजब गजब कहानी में ठीक लग गया। वो. नई जनरेशन के हिसाब से अच्छी हमारे टाइम. में तो हम कॉलेज में थे। दिनभर वैसे घूम. रहे थे। हां अब आते हैं एक टॉपिक पर। सर. आपके लिए एक टॉपिक था। आपके जीवन में सबसे. बड़ा रोल इसका रहा है। शराब।. अब आजकल के युवाओं में या आर्टिस्ट में.
मैं जब मिलता हूं लोगों से हमारी. इंडस्ट्री में भी मीडिया इंडस्ट्री में भी. या कोई भी क्रिएटिव इंडस्ट्री हो तो सबको. ये लगता है कि ये कूल कल्चर है। है ना? वो एक गलतफहमी पाल के बैठे हैं कि नशे या. तनाव के बिना मतलब अगर कोई जिगत है सिगरेट. पी लेते हैं, शराब पी लेते हैं। अगर आप. नहीं पी रहे हैं तो आप क्रिएटिव आदमी नहीं. हो। और जो नहीं पी रहा है उसको वो खुलकर. कहते हैं कि यार तुम कितने नीरस इंसान हो।. जैसे मैंने जिंदगी में शराब नहीं पी।. तो मैं कल रात भी एक फंक्शन में गया था।. तो लोगों ने मुझसे कहा यार तुम कैसी. जिंदगी जी रहे हो? झंड है तुम्हारी. जिंदगी। यह कोई जिंदगी है जिसमें शराब.
नहीं है।. एक टाइम में लगता है ऐसा एक टाइम में लगता. है। मुझे भी लगता था पहले. हम. एक टाइम लगता था एक टाइम लगता है दिल. टूटना जरूरी है और शराब पीना जरूरी है। जो. रॉकस्टार में आपने बताया था। शुरुआत तो. ऐसे ही होती है मेरे ख्याल से हर बंदे की. टेस्ट से हम. उसका टेस्ट जितना वो एलुसिव रहता है ना कि. उसका इफेक्ट जो है इतना एलुसिव रहता है. हम. कि. वो जो है उसका इफेक्ट इतना एलुसिव रहता है. कि जो है मतलब आदमी शराब पीता है. हम. तो बाद में फिर जो है बढ़ जाती है जब.
अल्कोहलिज्म एक मालूम नहीं है दुनिया बहुत. कम जानती है इस बीमारी के बारे में. अल्कोलिज्म के बारे में लोग कहते हैं कि. अधिक शराब पीने को जो है अल्कोलिज्म कहते. हैं ऐसी बात नहीं है अल्कोहलिज्म एक मारक. मारक मारक बीमारी है। अल्कोहलिज्म के बारे. में कोई नहीं जानता। जो अल्कोहलिक होते. हैं उनको भी नहीं मालूम कि हम अल्कोहलिक. है। एक टांग है जो टूट जाती है। उसके बाद. में वो रिकवर नहीं हुआ। इनके मेडिकल साइंस. के पास में अल्कोहलिक्स का कोई जवाब नहीं. है। अल्कोहलिज्म का कोई इलाज नहीं है। हाथ.
खड़े कर देते हैं। आप पूछिए किसी डॉक्टर. से वो हाथ खड़े कर देंगे। उसका खाली एक. स्पिरिचुअल रिलीफ है। स्पिरिचुअल रेमेडी. है उसकी। बस दैट्स ऑल। दैट्स। अभी तक. डिस्कवर नहीं कर पाए हैं। क्या इलाज हो? अल्कोहलिज्म हो तो फिर सारी दुनिया तकलीफ. घुटन से बचने के लिए शराब का सहारा क्यों. लेती है? एलुसिव वो उसका टेस्ट बहुत एलुसिव है।. उसका इफेक्ट बहुत बहुत आप सुबह से लेकर. शाम तक तनाव में हो। शाम को आप एक पैक पैक. लगाएं। आप एकदम से सतह पर आ जाते हैं। और. वही एक पैक जब अधिक हो जाता है तब आपको. मालूम पड़ता है कि ये आपकी जरूरत बन गई.
है।. आप कुछ नहीं कर सकते। इसमें आपकी जरूरत बन. गई। आप चाहे एक फिर टाइम ऐसा आता है कि आप. चाहे ना चाहे आप भले मूड में हो या बुरे. मूड में हो आपको शराब चाहिए और एक टाइम. ऐसा आता है जब आपके जिस्म जो है शराब. क्रेविंग होती है जब आपका बॉडी शराब. मांगने लगती है. तलब. तलब तलब क्रेविंग हां क्रेविंग क्रेविंग. वो मैं देख चुका हूं अपने बारे में भी देख. चुका हूं मैं और मेरे दोस्त हैं जिनके कई. बार गांजा चरस वगैरह जो है इनका क्रेविंग. होती है क्रेविंग क्या चीज होती है मुझे.
मालूम है क्रेव कितनी खतरनाक चीज होती. मैंने सुना कि आप सुबह जाते थे तो आपको. चाहिए था।. नहीं सुबह कभी नहीं पी मैंने। अच्छा कहीं. मैंने पढ़ा था ये कि. नहीं नहीं सुबह कभी नहीं पी। मैंने शाम को. फिल्मों में कभी ऐसा रहा कि बिना पिए नहीं. जा पाए या मैंने आज तक कभी शराब पी के. एक्टिंग नहीं की? नहीं की? नहीं नहीं शराब पी के मैंने तो फिर सेट पर. नहीं गया मैं कभी आज तक रिहर्सल नहीं की. मैंने कभी आज तक।. जिंदगी में केवल असर रहा।. जिंदगी में असर रहा। अल्कोहलिक माइंड था।. मतलब मैं अल्कोहल पीता था मैं लेकिन हुस्न. गाते हुए जैसे कि हुस्न गाते हुए. अल्कोहलिक माइंड गुलाल करते हुए अल्कोहलिक. माइंड था। अल्कोहल मैं पिए हुए नहीं। आई. वास नॉट कंज्यूम्ड दैट दैट पर्टिकुलर डे।.
पी के कभी शराब का पी के कभी कोई चीज नहीं. करी. पी के कोई गाना नहीं लिखा कुछ नहीं कभी. कुछ नहीं किया मैंने कभी कुछ नहीं किया. मैंने. गाने लिखे लिखा भी नहीं मेरे ख्याल से. नहीं लिखा भी नहीं मेरे ख्याल से हां. एकक्कादुक्का बार हो गया हो लेकिन पीना. जरूर लिखने के लिए पेड़ को कभी पीने की. जरूरत नहीं पड़ी. फिर किस लिए पीते थे आप वही सवाल वही ये. बहुत ही मेजर सवाल है पिछली ये इसलिए पीता. था क्योंकि जो है फिजिकल क्लीनिंग होती थी. हर बंदा नहीं समझ पाता कि जो है ये क्यों. पी रहा है शराब उसे नहीं मालूम है कि ये.
एक ऐसी क्रेविंग को दबाने के लिए पी रहा. है जो कि उसके वश में नहीं है। जो कि जो. है आपके मतलब गंजेची में होती है, चरसी. में होती है। ऐसी क्रेविंग होती है फिजिकल. फिजिकल. उसको आप दबा नहीं सकते और उसको दोष दोष भी. नहीं दे सकते। लेकिन पीने के बाद में जो. बंदा एंटीसोशल बन जाता है तब आप उसको दोष. देते हैं कि यार ये एंटीसोशियल बन गया।. अरे एंटीसोशियल बन गया। वो नहीं जानता. बेचारा कि मैं क्यों पी रहा हूं। उसको जेल. में कैद कर दो। वो पिएगा। जैसे ही छूटेगा. वहां से वो पिएगा। रिहब में डाल दो। छूट.
के आएगा पिएगा। रिहब सैकड़ों केसेस है. मैंने अपने आसपास देखा. हां सैकड़ों केसेस है वो नहीं कर पाते तो. जैसे कॉन्शियसनेस मर जाती है जब आदमी दारू. पी रहा है या क्रेविंग जिस ज़ोन के आप बता. रहे. क्रेविंग की बात कॉन्शियसनेस अपने आप मर. जाएगी जब आदमी एंड सुल जाएगा. तो कभी कोई उस दौर में जिसका किसी का आपने. अपनी किताब में अच्छे से किया कोई ऐसा काम. किया या किसी ऐसे का भरोसा तोड़ा या कोई. ऐसी चीज जिसको लेकर आपको लगा ये तो मैं. नहीं हूं. अरे बहुत किया मैंने बहुत किया बहुत किया. कुछ ऐसा जिसका जिक्र कर सकते हो. जिक्र ही जिक्र है मतलब बहुत किया मेरे. संबंध जो थे लड़कियों से संबंध थे मेरे.
मेरे मां से संबंध जो थे मां को मैंने. बहुत भला बुरा कहा बहुत भला बुरा कहा जो. उस वक्त तो मैं बॉम्बे था बॉम्बे में मेरी. मां मेरे साथ में थी वो गरीब औरत थी. बेचारी वो तब तक मैं समझ चुका था कि मैं. मैच्योर हो चुका हूं अब मुझे माफ कर देना. चाहिए तब भी मैं रुका नहीं. लड़कियों को तो बड़े अनर्गल बड़े गंदे फोन. गए मेरे और सुबह मुझे याद भी नहीं था. मैंने बाद में जिक्र भी किया कि मैंने कब. कहा यह बात तुमसे से रात को फोन पर।.
उन्होंने कहा आपने कहा सर हम कैसे मान. लें? आपने कहा इतनी गंदी बात कही। मैंने. कहा कि मैं मैं नहीं कह सकता यह बात।. उन्होंने कहा आपने कहा तो ऐसा था मतलब वो. चीज कि मैं अपने वश में नहीं था। मैं वो. चीज कर रहा था जो कि मैं नहीं करना चाह. रहा था। मैं समझता था कि मैं कर ही नहीं. सकता अपने सीन माइंड में।. [नाक से की जाने वाली आवाज़] ऐसी बहुत. सारे प्रोफेशनली जो है प्रोफेशनल लोग. मुझसे डरते थे कि मैं ऐसी हरकतें कर जाया. करता था वहां पर कि तू साला क्या. जानता है तू उसके बारे में। ऐसा कहने की.
जरूरत नहीं है ना. कोई फिल्में गई इस चक्कर में हाथ से या. काम गया कभी. काम काम पर इफेक्ट पड़ने लगा था काम पर. मैं लोगों ने ये बोलना शुरू कर दिया था कि. इट्स वै डिफिकल्ट टू वर्क विद ही इज़ वेरी. डिफिकल्ट टू वर्क विद तो ये बहुत बड़ी बात. है अगर ये बात उड़ जाए और बात अभी तक उड़ी. हुई है कि इतना टेंपरामेंटल है ही इट्स. वेरी डिफिकल्ट टू वर्क विद तो अभी तक बात. उड़ी हुई है अभी तक समझाते समझाते मेरी. चूलें हिल जाती है कि यार मैं वो बंदा. नहीं रहा मैं काफी हद तक संभल चुका हूं।. कितना टाइम हुआ दारू छोड़े? दारू छोड़ूंगा नहीं। मैं कभी-कभी पी लेता.
हूं।. फिर भी मतलब वो एक मैं वो जो एक रेगुलर. वाला होता है वो छोड़ के।. नहीं नहीं पी लेता हूं। कभी-कभी. इक्कादुक्का हो जाते हैं।. तो अब कैसे कंट्रोल है? वो क्रेविंग कैसे. खत्म हो गई? क्रेविंग खत्म।. अच्छा खत्म क्यों हो गई? उससे ज्यादा. जरूरी है। कैसे खत्म? क्यों खत्म की? नहीं वो तो एक स्पिरिचुअल मीन्स होते हैं. उसके पीछे।. बट वहां क्यों गए? जैसे एक होता है ना कि. हम एक एक प्रक्रिया में हैं कि अब हम नशे. में हैं। हमारे कंट्रोल में नहीं है।. हमें समझ खत्म हो गई है। अब शाम को चाहिए।. तो वो एक एंड पॉइंट क्या था? कौन सा एक.
हिटिंग पॉइंट था? जैसे भट्ट साहब का सुन. रहा था मैं। तो भट्ट साहब ने कहा कि मैंने. अपनी बेटी को गोद में उठाया। मेरी बेटी. शाहीन पैदा हुई थी और दो-ती दिन बाद आया. मैं। तो जब उसको गोद में उठाया तो उसने. मुंह फेर लिया। बदबू आ रही थी।. तो मेरे को लगा यार कैसा? नहीं हुआ। मेरे में ये तो ऐसा नहीं हुआ।. मैंने बतलाया ना आपको जो मैंने हाथ से. बतलाया आपको सारे के सारे। किस्से बतलाए. जो कि शराब पीकर मैंने किसका नुकसान किया, किसका भला किया। तो ये सारे किस्से जो है. ये इकट्ठे हो गए थे कि जो यार ये बढ़ती जा. रही है, बढ़ती जा रही है। इसके बाद में. मेरे को 2009 में एक ब्रेन स्ट्रोक आया था. जिसमें कि मेरा पूरा राइट राइट हैंड चला.
गया राइट साइड चला गया था। उसके बाद भी का. साथ मिला।. हम. तो उसके बाद में अब मैं बट आई एम एन. अल्कोहल। मैं हूं। अल्कोहल जाता नहीं है. कभी अल्कोहलिज्म।. अल्कोहलिज्म [नाक से की जाने वाली आवाज़]. कभी जाता नहीं। आई एम एन अल्कोहलिक।. देखिए हम दारू तो पिला नहीं पाएंगे। हम. चाय पिला देते हैं।. चाय पिलाइए आप। लेकिन जो है अल्कोहलिज्म. कभी जाता नहीं है। अल्कोलिज्म हमेशा रहता. है। अल्कोहलिज्म से आप जो आप यू कैन टेक अ. डेली रिप्रीव। आप रोज बच सकते हैं। यू कैन. अरेस्ट योर डिजीज बट यू कांट गेट रिड ऑफ. इट।. हम. यू कैन अरेस्ट योर डिजीज बट यू कांट गेट. रिड ऑफ इट। तो आप जो एक-एक दिन के हिसाब.
से जो है आप उससे बचे रह सकते हैं। लेकिन. वो कभी जाता नहीं।. तो फिर फिल्मों में या जो गाने आते हैं. सब रोमांस है। सब रोमांस है।. उसमें इतना रोमांटिसाइज क्यों किया था. शराब? रोमांस है। अरे मतलब शराब से अधिक. रोमांटिसाइज कौन चीज होगी? मतलब हमने बच्चन साहब से लेकर आदित्य रॉय. कपूर तक शराब को रोमांटसाइज कर देखा।. और हमने ये भी देखा कि आशिकी टू में लौंडा. मर गया। [हंसी]. लेकिन दारू नहीं छोड़ा। सुसाइड कर लिया. उसने लेकिन लड़की के लिए कि लड़की का. करियर मेरे डाउनफॉल हो रहा है। लेकिन उसने.
कहा मैं दारू नहीं छोडूंगा भाई।. हां हां।. दारू नहीं छूटेगी। जिंदगी छोड़ सकता हूं. मैं।. ऐसा होता ऐसा ही होता है। मतलब इसको मजाक. में नहीं ले अगर तो वाकई ऐसा होता है कि. मैं किसी भी चीज के लिए दारू नहीं छोड़. सकता। अगर वो लत लग जाए आपको एल्फोलिज्म. हो जाए तो मैं भी डरता हूं जब मैं पीता. हूं तो मैं बहुत डर जाता हूं आजकल कि मैं. किस किसी से बात करूंगा तो क्या होगा क्या. नहीं होगा हालांकि असर होता नहीं है ऐसा. लेकिन अभी मेरे अंदर बहुत खौफ है उसको. लेकर शराब को लेकर. [नाक से की जाने वाली आवाज़]. तो फिर पूरी तरह क्यों नहीं छोड़ा नहीं.
छूट पाती ना छूट पाती इसीलिए तो. अल्कोहलिज्म है वो नहीं छूट पाती नॉर्मल. ड्रिंकर होते आप तो आप छोड़ देते या हैवी. ड्रिंकर भी एक चीज होती है जो बहुत पीता. है लेकिन कई बार छोड़ भी देता है कुछ वक्त. के लिए शायद मैं वो हूं। तीन तरह के ऐसे. बताए गए हैं कि एक तो होता है नॉर्मल. ड्रिंकर। सोशल ड्रिंकर जो तीन पैक पी के. छुट्टों खा लेता है। एक होता है हैवी. ड्रिंकर जो बहुत भयंकर शराब पीता है। बहुत. भयंकर शराब पीता है। लेकिन फिर डॉक्टर के. एडवाइस के साथ में या किसी और की वजह से. छोड़ सकता है। एक होता है अल्कोहलिक वो.
कभी नहीं छोड़ सकता। अलकोहलिक मेरे ख्याल. से वो 24 आवर्स राउंड द क्लॉक की बात होती. है। वो मैं कभी नहीं रहा। शायद डिप्री मिल. गई मुझे। उसकी वजह से कि जो है मैं थोड़ा. बच गया।. राउंड द क्लॉक जो है मेरी शराब कभी नहीं. रही। शाम को शराब आई इसलिए थोड़ा सा बच. गया मैं।. ओके। अ क्या आप अपने आप को पति के तौर पे. कैसे देखते हो आप? आप अच्छे पति रहे या. बुरे पति थे? या पहले नहीं था। अब तो बहुत अच्छा हूं।. अब तो पहले [नाक से की जाने वाली आवाज़].
नहीं था।. ये आपका वर्जन है या भाभी जी का वर्जन? मेरा वर्जन। वो बतलाएगी नहीं अपना वर्जन।. वो भली लड़की है। वो बतलाएगी नहीं कि मेरे. पति ने मेरे साथ क्या किया है। लेकिन पहले. नहीं था। पहले तो दुरदान था।. तो जैसे अभी आपने कहा कि अब मैं अच्छा पति. हूं। ये आपसे कई भाभी जी ने कहा कि आप. अच्छे पति हैं।. जब ये हुआ था ना. या आपने इसको खुद से मान लिया कि मैं. अच्छा पति जो हुआ था पेंडेमिक प्रिया ने. कभी मेरा उसके यहां पर जो है उसके. मां जो है उसके पिता के पैर छूती है। तो.
उसने मेरे पैर कभी नहीं छुए। पेंडेमिक जब. आया पेंडेमिक में मैंने पूरा पूरा काम. किया घर का उसके साथ बैठाया पहली मर्तबा. उसने मेरे पैर छुए उन्होंने कहा तुमने यू. आर वर्थ अभी तुमने काम किया है तो अभी तुम. जो है पैर छूने के काबिल हो उसके बाद फिर. फिर नहीं छुए [हंसी] फिर वो फिर उखड़ गई. कि जो है मैं उन्होंने कहा तुम फिर जो है. मतलब लेकिन जो है मैं पहले नहीं था पहले. तो यार मैं पहले नहीं था पहले तो मैं. जिम्मेदारी नहीं था ना मैं और शादी तो. बहुत बड़ी जिम्मेदारी होती है शादी तो. [नाक से की जाने वाली आवाज़] बहुत बड़ी. जिम्मेदारी होती है आप आप देखिए देखिए 20.
साल की उम्र में आप प्यार करते हैं तो. प्यार श्रंखल होता है मतलब जिसमें कोई. लॉजिक नहीं होता तर्क नहीं होता उसी का तो. मजा होता है एक्चुअली अंधा खत लिखना हाथ. काट लेना पैर काट लेना पागल हो जाना लड़की. के लिए दाढ़ी बढ़ा लेना वो एक्चुअली मेरे. हिसाब से प्यार होता है वो हमने किया सब. लोगों ने आपने भी किया होगा सब ने किया है. उसके बाद में 30 45 35 साल के बाद में आप. प्यार उस बंदे से करते हैं जो आपके संग. संग बूढ़ा होने के लिए तैयार हो जो आपके. संग संग बूढ़ा होने के तब आप सेक्स मर.
जाता है तब तक खत्म हो चुका होता है। ढल. जाता है। तब जो औरत आपके साथ में बूढ़ा. होने के लिए तैयार हो आप उससे जो है प्रेम. की परिभाषा वो होती है। तो उसने स्वीकार. किया कि जो है मैं बूढ़ा होने के लिए. तैयार हूं। आज की तारीख में वो मेरे साथ. बूढ़ा होने के लिए तैयार है। तो मैंने ये. बहुत लेट एक्सेप्ट किया कि जो है मैं पति. हो गया तुम्हारा।. हम. तो इसमें टाइम लगा मुझे। बहुत टाइम लगा. मुझे। बहुत टाइम लगा। बहुत ज्यादा टाइम लग. गया। एक्चुअली बहुत लेट रेस्ट किया मैंने।. करीब 15.
15 भी नहीं 10 15 साल में मैंने रियलाइज़. किया कि यह मेरी बीवी है। उसके पहले शी. वाज़ जस्ट एक औरत जिसने मेरे बच्चे पैदा. किए हैं। मेरे खाना बनाती है। अच्छा खाना. बहुत बड़े खाना बनाती है। घर की. जिम्मेदारियां पूरी करती है। घर संभालती. है। इससे आगे फीलिंग नहीं थी। मतलब अंदर. फीलिंग नहीं थी। मैं ड्राई बंदा था बहुत।. मैं बहुत ड प्रिया को लेकर नहीं हर चीज को. लेकर थी। मतलब ड्राई बंदा था। मेरी मां की.
मौत पर भी जो है मैं गमगीन था लेकिन गमगीन. नहीं था। मैं ड्राई बंदा था। सूखा. [नाक से की जाने वाली आवाज़] हुआ बंदा था।. बिल्कुल सूखा हुआ बंदा ड्राई बंदा। मुझे. कोई फीलिंग ही नहीं हुआ करती थी। तो. फीलिंग ही जो है मैंने करीब 15 20 साल से. 15 एक साल से मैंने फील करना महसूस किया।. जब सेना की है फील करना महसूस किया कि यार. यह अगला बंदा भी जो दुखी है। अगला बंदा भी. जो है वर्थ प्रेजिंग है। अगला बंदा भी. सहानुभूति देने के लायक है। ऐसा करके. मैंने पिछले अगले बंदे की प्रेजेंस मैंने.
जो है करीब 15 एक साल से महसूस की है।. इसके पहले के बारे में बोलता हूं कि मैं. अजीब सा बंदा था। अजीब सा बंदा मैं अगर. मैं काम नहीं कर रहा होता तो मैं मार दिया. जाता। इतना एंटीसोशल था। एंटीसोशल मतलब. ऐसा नहीं कि मैं चाकू ले दुनिया को मार. रहा था। इतना. नापसंद आने वाला बंदा था कि जो है शायद. मैं मर जाता शायद मेरा कोई खून कर देता या. हिकारत से जो है अलग बिठा देते वो खून. करने के बराबर ही है आपसे कोई बात नहीं कर. रहा या आप खून करने के बराबर ही है आपसे.
विरक्ति है आपसे बात नहीं कर रहा यू आर. नॉट वर्थ टॉकिंग टू अगर मैं काम नहीं कर. रहा होता काम ने ही मुझे बचाया और आज की. तारीख में काम के साथ में पैशन भी है आज. की तारीख में मैं सोचता हूं हमने हमारा. बड़ा घर है आज की तारीख औरवा में तो उसमें. हर बंदा इनवाइटेड है जिसको भी चाय पीनी. है, दारू पीनी है, होम सेक है, कोई बंदा. प्रिया इज़ अ वेरी गुड होस्ट। आई एम आल्सो. वैरी गुड होस्ट। हर बंदा इनवाइटेड है। आते. रहते हैं लोग बार। जिसको भी जो है परवाह. है पर कि घर घर की याद आ रही है ऐसा कुछ.
करके आते रहते हैं लोग बाग। तो वी आर आज. की तारीख में दूसरे के बारे में सोचना यार. बहुत बड़ी चीज होती है। हमने कभी मैंने. कभी सोचा नहीं दूसरे के बारे में। अभी. सोचा है पिछले 15 एक साल से। मॉडर्न डे. रिलेशनशिप में सर रिश्ते बहुत जल्दी टूट. रहे हैं।. किस में? आजकल के जो रिश्ते हैं बहुत जल्दी टूट. जाते हैं।. उसमें जब मैं लड़कियों का पॉइंट ऑफ व्यू. लेता हूं तो उनका पॉइंट ऑफ व्यू होता है. कि पहले हम बेबस थे। पानी मंगा दूं? नहीं।. कि पहले हम बेबस थे, कमजोर थे। ऑप्शन नहीं.
थे। मां-बाप दोबारा एक्सेप्ट करेंगे नहीं।. पति का घर छोड़ के जाएं कहां पर? अब. इंडिपेंडेंट हो गए हैं। तो हमने अपने हक. की आवाज उठानी शुरू करी। बराबरी की। ये. बेकार कैसी बात है।. मैं इससे रिलेट करके सवाल पूछ रहा हूं कि. अगर आप आज के दौर में शादी करते. क्या कोई टिकता आपके साथ? जितनी चीजें. आपने अपनी किताब में जिक्र की उसको ध्यान. में रखते हुए।. आज के दौर में करता तो आज तो इवॉल्व बंदा. हूं मैं। इवॉल्व बंदा हूं। खासा इवॉल्व. बंदा हूं। आज तो लड़की बड़ी खुश रहती मेरे. साथ में।. नहीं मतलब जो उस आज के दौर मतलब अगर आप इस.
जनरेशन से वो शुरू करते।. अब ये तो हाइपोथेसिस है।. क्यों लगता है आपको कि आपकी वाइफ आप रुक. गई थी। आपसे प्यार करती थी सिर्फ इसलिए।. हां [अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़]. प्यार करती थी। प्यार करती थी। मेरे लिए. घर से भागी थी। उसको मैं. लव मैरिज थी आपकी।. हां। किडनैप करके लाया था चेन्नई से।. [हंसी]. बहुत मतलब उसने अपने पेरेंट्स को धोखा. दिया था। एक तरह से पेरेंट्स के मर्जी के. खिलाफ शादी की थी। दोनों पेरेंट्स के. खिलाफ।. हम. तो मेरे लिए इतना कुछ सैक्रिफाइस किया था।. उसने तो जाहिर था कि जो तुम्हें नहीं. तुम्हें तलाक नहीं दूंगी। भले तुम कुछ भी.
कर लो। तुमसे अलग. क्योंकि ऑप्शन नहीं था उनके पास शायद।. ऑप्शन था। पढ़ी लिखी थी खूबसूरत लेकिन घर. से क्योंकि निकल कर आई थी. वो था लेकिन अगर ऑप्शन पढ़ी लिखी थी. खूबसूरत थी और आर्किटेक्ट शी इज़ अ ट्रेंड. आर्किटेक्ट फ्रॉम स्कूल ऑफ़ लाइन. परिवार की जरूरतें अलग होती. परिवार की जरूरतें परिवार के बिना भी रह. लेती वो अकेली काम करती है वो अच्छा खासा. काम करती. तो फिर आप आपकी नजर में क्या रीज़न रहा कि. वो आपके साथ रही जब आप इतना सब कुछ कर रहे. थे जैसे आपकी किताब में पढ़ रहा था उसमें. था कि एक तरीके से आप इंटेलेक्चुअल हंटर. बन गए थे कि अपने इंटेलेक्चुअल का फायदा. उठाकर आप महिलाओं को आकर्षित कर रहे थे.
सेक्स कर रहे थे इन्वॉल्व हो रहे थे और ये. उनको पता. [गहरी सांस लेने की आवाज़]. ग्रेटनेस थी उसकी बस इसको मानता थी आपके. मतलब आज समझ में आता है कि मानता थी मानता. थी और कोई वर्ड है नहीं मेरे पास डिफाइन. करने के लिए मानता थी और कोई वर्ड ढूंढू. भी तो नहीं मिलेगा उसकी ग्रेटनेस थी खाली. ग्रेटनेस थी कि अब तक निभाया उसने और शी. इज़ विद मी. हम. आई एम फॉर्चूनेट मैरिजेस आर मेड इन हेवन. एंड ब्रोकन ऑन अर्थ ऐसा होता है लेकिन वो.
उसने टूटने नहीं दी शादी. मेरे को इसमें इसमें थोड़े टफ सवाल रखिए. सर समझने के लिए सिर्फ क्योंकि आपने खुद. एक्सप्रेस किया इसलिए मैं आपसे पूछ सकता. हूं। जैसे आपकी किताब है तुम्हारी औकात. क्या है? उसमें है कि मैंने सिर्फ शारीरिक. रूप से नहीं बल्कि मानसिक रूप से भी कई. बार शादी से बाहर था मैं। क्या अपनी. गलतियों को सार्वजनिक कर देना प्रायश्चित. है? या फिर उस वफादार साथी को यह थोड़ा सा. अब दोबारा नीचा दिखाना, बुरा फील कराना. जिसने चुपचाप सहा और क्या यह ईमानदारी भी. सेल्फिश नहीं है कि अब आपने सब कुछ कह. दिया। आप तो हल्के हो गए लेकिन वो बोझ.
बाकी चला गया उधर बोझ कहां चला गया मैं. हल्का ही हो गया. आप हल्के हो गए ना वही मैं कह रहा हूं. क्या ये ईमानदारी सेल्फिश नहीं है कि आप. अपने लिए हल्के हो गया. हां तो और किसके लिए हल्का हऊंगा मैं मुझे. तो अपने लिए हल्का होना था ना और किस लिए. हल्का हूं मैं. लेकिन अब दुनिया को उनके लिए सिंपैथी आ. रही होगी कि आए. उनके साथ गलत हुआ. हां आए ना गलत क्या हुआ मतलब आज की तारीख. में वो भी सुखी है उसको भी लगा कि जो है. मेरे पति ने मुझे. स्वीकार नहीं किया मतलब मैंने अपने पति को. स्वीकार कर लिया मेरे पति में ये प्रॉब्लम.
प्रॉब्लम थी, दिक्कतें थी। उसने रियलाइज. किया इस बात को। एक ही जिंदगी जीते हुए. अगर आदमी ऐसा हो जाए कि दो बंदे एक दूसरे. के सामने सब कुछ कह दें कि यार मैंने ये. गलती की, मैंने गलती की। एक ही जिंदगी में. जीते हुए मरने के बाद में नहीं। मरने के. बाद में ये बात भूली बिसरी बात हो जाती. है। एक ही जिंदगी में जीते हुए अगर ये. एहसास हो जाए तो बहुत बड़ी बात होती है।. आपने उनसे परमिशन ली थी किताब में सब. जिक्र करने के पहले? हां। परमिशन ली थी। हां परमिशन ली थी।. परमिशन नहीं भी ली थी मैंने। लेकिन उसके. बाद में जब पढ़वाया मैंने उसे कि ये बातें.
कही है मैंने और ये बातें कही है मैंने तो. उसने रियलाइज किया कि हां सही बात है ये. बात वर्थ सेइंग थी और आई एक्सेप्ट यू. मैंने जब प्रिया से मैंने जब उनसे अब. मैंने पर्सनली जब अपनी गलतियां किताब. लिखने के पहले जब रियलाइज की थी मैंने. उनसे बोला था. एक पूरा दिन रात बैठा के. [गला साफ़ करने की आवाज़] जो है मैंने. बतलाया था कि मैं ये गलतियां करके आया हूं. तब भी जो है हम वी आर क्राइंग बोथ एंड वी. एम रे ईच अदर और हमारी रात पड़ी अच्छी हुई.
थी। उन्होंने कहा कि अब हम दोनों हल्के हो. गए। तुमने गलतियां की, मैंने भी गलतियां. की थोड़ी बहुत तुमने ज्यादा की, मैंने कम. की. और हम जो है खत्म करते हैं इन बातों को और. अंडरस्टैंडिंग थी दोनों की। बहुत बढ़िया।. मैं इसको रिवर्स अगर करके देखूं। अगर यही. गलतियां प्रिया जी ने की होती। जैसे पीयूष. जी ने जिक्र किया, किताब में जिक्र किया, आप आर्टिस्ट हैं। समाज आपको खुले दिल. स्वीकार कर रहा है। आज भी मेरी बहुत सारी. फीमेल फ्रेंड है जो आपको लेके पागल है।. दिल से पागल है और मैं जानता हूं मैं खुद. पागल हूं। तो बाकी उनका मैं क्या कहूं? मैं पुरुष होकर आपको इतना पसंद करता हूं।.
लेकिन अगर यही सारी चीजें आपकी पत्नी ने. की होती या किसी महिला ने की होती और उसने. किताब में जिक्र किया होता। आपको लगता है. कि समाज वैसे ही उसको भुला देता कि चलो ये. अच्छी बात एक्सेप्ट कर लिया। महान व्यक्ति. है। सच बोल दिया या फिर उसके लिए मापदंड. अलग होता। अगर ये बात आप सही होते पत्नी. ये होती।. मेरे ख्याल से उसके लिए मापदंड अलग होता।. समाज [नाक से की जाने वाली आवाज़] में जो. है अभी वो अभी वो वरी प्राथमिक वोेंस. बिलीन नहीं है औरत को औरत इतना अधिक साफ. अगर इतना खुला बोले औरत तो मेरे ख्याल से.
दिक्कत होती लोगों को। आप माफ़ कर देते. पार्टनर के तौर पर अगर आपकी पत्नी ने इतने. सारे किस्से अपनी जिंदगी के सुनाए होते।. पति के तौर पर या आप छोड़ देते। मैं माफ कर. देता यार। क्योंकि जो है उसके साथ में फिर. मैं भी गलती करके आया होता। ऐसा नहीं हो. सकता कि खाली वही गलती करे। मैंने गलती. नहीं की। मैं उसके साथ में मैं भी उतनी. गलती करके आया होता तो मैं माफ कर देता।. क्योंकि उसमें क्या था कि हम दोनों को. संभलना था। हम दोनों को जिंदगी बेहतर. बनानी थी। खाली मेरा सवाल नहीं था। प्रिया.
[नाक से की जाने वाली आवाज़] की जिंदगी भी. दुभ थी। मेरी भी जिंदगी दुर थी। हम दोनों. क्रिटिकल. मानसिकता से गुजर रहे थे कि ना तुम सुखी. हो पा रही हो ना मैं सुखी हो पा रहा हूं।. कुछ बातें हैं जो मुझे तुम बता बतानी है।. लेकिन डर लगता है। कैसे कैसे हैंडल कर. पाएंगे इसको। सो ये उसका कहना था। मुझे भी. कुछ बातें हैं जो बतानी है लेकिन डर लगता. है कैसे बताऊंगी तो एक दिन जो है मन मार. के मन को मसल के जो है मैंने कहा कि आज कर. देते हैं यार और इसमें टाइम लगा पांच छह. साल लगे पांच छह साल लगे एक दिन करके फिर.
हमने कहा खत्म करते हैं बिल्कुल कानों में. रूई ठूंस के मैंने बता दिया उसने भी बता. दिया और इनिशियली धक्का लगा इनिशियली. धक्का लगा दोनों को उसके बाद में अगले दिन. से या उससे अगले दिन से आप 5 दिन बाद या. 10 दिन बाद जिंदगी बहुत सफल थी। जिंदगी. शुद्ध थी कि अब और तो कुछ नहीं है बताने. के लिए। उन्होंने कहा और कुछ नहीं है।. उन्होंने कहा ठीक है बढ़िया बात है। अब. इसके आगे की जिंदगी देखते हैं। नई पीढ़ी.
को मैरिज का जो प्रोसेस सेटअप है उस पर अब. बहुत क्वेश्चन होने लगा है। बहुत सारे लोग. जो हैं शादी से झिझकने लगे हैं। उनके मन. में आता है कि हर दूसरे कपल का तो. एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर चल रहा है या झूठ. बोल रहे हैं अपने पार्टनर से। अपने. पार्टनर सबसे कम ईमानदार होते हैं। आपके. दो बच्चे बड़े हो रहे हैं। आज की पीढ़ी जो. आपसे जुड़ी हुई है, शादी के सेटअप को लेकर. आपकी क्या राय है? उनको क्या बताओगे आप? यार मैं भी जो ऐसा कोई बड़े चरित्र वाला. नहीं हूं बंदा। मेरा भी दिल मतलब आज की. तारीख में भी जो है बच्चे बड़े हो गए. मेरे। तब भी जो है मेरा दिल जो है उछलता. [हंसी] है.
तो ऐसा जो है कुछ महान आदमी मैं नहीं हूं।. लेकिन शादी करो तो फिर निभाओ यार। शादी. एडजस्टमेंट का ही नाम है। शादी नहीं करनी. चाहिए। वरना आप साथ रहो। कोई टेंशन नहीं. है। लिविंग लिविंग टुगेदर में मुझे ऐतराज. नहीं है। शादी करो तो फिर निभाओ यार। शादी. एडजस्टमेंट का एक नाम है कि कुछ तुम करो. कुछ हम करें। कुछ. आप तो कह रहे हो अभी भी दिल आपका डोले मार. लेता है।. वही तो बोल रहा हूं।. शौकीन है अभी भी।. अभी भी है।. इसमें तो अपनी कमजोरी एक्सेप्ट करने में. क्या ऐतराज है? तो और.
सबसे गंदी दौलत आपको लगी। शराब और शबाब।. शबाब भी नहीं। शराब ही थी। शबाब ऐसा कुछ. खास नहीं रहा मेरा।. ये तो शबाब वाला टॉपिक है।. ये तो हर बंदे के साथ में है। हर बंदा. बोलता नहीं। हर बंदा हर बंदे के साथ में. है। ये लड़की देख के किसका दिल उछलता है. यार? हर बंदे के साथ में है। लेकिन जो है. मैं बोल देता हूं। तो शराब ही थी. बायोलॉजिकल शराब वाज़ अ बायोलॉजिकल डिजीज।. उसको आप कुछ नहीं कर सकते। शबाब जो है हर. बंदे की जिंदगी. दैट्स अ हार्मोनल डिजीज कह सकते।. हारमोनियल हर बंदे की जिंदगी में जितनी. डिजीज आई जितनी आई लड़कियां आई है उतनी.
मेरी जिंदगी में आई हैं।. मेरी मैं कोई ऐसा ह्यूमन नहीं रहा। मैं. मतलब. हां बट 63 साल की उम्र में भी अगर आ रही. है तो फिर तो सोचने वाली. लोगों की 80 साल की उम्र में आती है लोग. [हंसी]. [अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़] लोग. बाग जो है आराम कुछ कर नहीं पा ये. जिम्मेदारी समझते हैं अब अपनी जिम्मेदारी. समझते हैं ना कि जो है इतनी खूबसूरत बीवी. है इतने अच्छे बच्चे हैं अब इनको एडवाइस. करता हूं मैं कि जो है मतलब प्रेम संबंध. होते हैं इनकी तो एडवाइस करता हूं उनको. मैं एक की तो एक की तो आज सगाई है मेरे. बड़े बेटे की तो आज सगाई है गुड़गांव में. तो उसको उनको एडवाइस करता हूं मैं और मैं.
जो है अब जो है अब अब वो दौर भी चला गया. मतलब बायोलॉजिकली भी अब. अब तो और ओपन हो गया सर अब तो मोबाइल पे. ऑप्शन मिलते है स्वाइप मारिए आपको लड़की. मिल जाती है. हां तो अब वो. या लड़का मिल जाता है दोनों केस में. उस उस केस में उसमें इंटरेस्ट नहीं है. मेरा अभी जो है थोड़ा सनातन धर्मी हो गया. नहीं बट मैं आपकी एक्सपीरियंस समझ एक एक. चीज समझना चाह रहा हूं जैसे आपने मुझसे एक. अच्छी बात कही कि अगर शादी करो तो निभाओ. बट एट द सेम टाइम आप एक्सेप्ट भी कर रहे. हो कि यार ये होता है प्रॉब्लम. कौन बंदा है जो कि मोनोगमस रहा है मतलब.
कौन बंदा है जो मोनोगमस रहता आदमी क्या. करे जैसे अगर जैसे अभी आपने कहा ना कि. बीवी सुंदर है तुम्हारी. दबाना दबाना पड़ेगा अपने आप को दबाना. पड़ेगा दबाना पड़ेगा बिल्कुल बिल्कुल. बिल्कुल अदरवाइज तो जो है गुल खुल्ला राज. हो जाएगा यार मतलब जंगल राज हो जाएगा जंगल. राज थोड़ी करना है और क्या शादी होती किस. लिए है कि जो है मतलब आपके एक एक पति हो. और एक पत्नी हो तो उसके बाद में अगर आप. छोड़ दें हर चीज को अगर मैं बोलूं कि मैं. 63 साल का हूं और मेरी जिंदगी में. लड़कियां आती रहे तो फिर तो यार जंगल राज. हो जाएगा फिर तो मतलब क्या मतलब आप आप.
क्या चाहते हो फिर उसका मतलब पत्नी नहीं. फिर कुत्ता बिल्ली में कुछ तो बिल्ली में. कुछ तो फर्क हुआ ना तो वह नहीं होना चाहिए. वह कि टेम्पिटिशंस होती हैं टेंपटेशंस को. कौन. मेरा एक दोस्त था वो साइकोलॉजिस्ट. साइकेट्रिस्ट था उसने कहा कि जो है अह. सामने से अगर एक खूबसूरत लड़की जा रही हो. और मैं बोलूं कि मैं उससे राखी बंधवाना. चाहता हूं [गला साफ़ करने की आवाज़] तो सम. दे प्रॉब्लम विद मी होती है टेंप्टेशन.
होती है लेकिन एकदम से विवेक काम करता है. आज की तारीख में यह है कि विवेक काम करता. है। कॉन्शियसनेस का कॉन्शियस काम करती है. कि नहीं यार अब शादी हो चुकी है अब जो है. बीयर मेरा एक मित्र है सर वो इंडिया टुडे. में एंकर है तो जब कोई फ्रेंड रिक्वेस्ट. आती है मुझे कहीं पर Instagram या कहीं पर. तो हर जगह पर हर लड़की का म्यूचुअल वो. रहता है तो मैंने एक दिन फोन किया उसे. मैंने कहा भाई यार तू शादीशुदा है और हर. कोई भी लड़की नई चाहे सीनियर एंकर हो. जूनियर हो इंटर्न आई हो एक्स वाई जेड कोई. दूर दराज की हो मौसी लड़की भी हो सब जगह.
तू म्यूचुअल दिखाई पड़ाता है तो उसने कहा. भाई मैं ओशो का भक्त हूं। ओशो ने मुझसे. कहा था [हंसी] कि अगर तुम गुलाब से प्यार. करते हो तो जरूरी थोड़ी ना गेंदा से नहीं. करोगे। गेंदा से भी करो, चमेली से भी करो।. एंड उसने ये अपने आपको समझा रखा है।. समझ में नहीं आती ये बात।. कहने की बातें हैं सर। ये सब बातें कहने. की है। बातें. नहीं बट जैसे मैं आपका भी पढ़ रहा था तो. आपने भी कहा कि फ्री लव या रिलेशनशिप जो. आर्टिस्ट होते हैं इनको यूज़ करते हैं इन. शब्दों को।. किसी. और जो सवाल करते हैं उनको वो पिछड़ा छोटा. दिखाते हैं। तुम तो. किसी हद तक किसी हद तक मतलब एक उम्र तक.
करते हैं ऐसा। इसके बाद में ये शाश्वत. नहीं होता। ये इवेंचुअली जाकर आपको. स्वीकार करना पड़ता है कि यही चीज सब कुछ. नहीं है।. बट जो आज आज के जमाने में 36 शिप चल रही. है। सिचुएशन शिप फलाना शिप धमाका शिप क्या. ये भी अपने चरित्र की कमजोरियों को छिपाने. के लिए स्कूल नहीं है।. आज के जमाने की क्या बात करें यार? आज के. जमाने में तो बहुत कुछ हो रहा है।. आज के जमाने में मैं आज के जमाने का नहीं. हूं। मैं आज के जमाने से एक्सेप्ट एग्री. नहीं करता बहुत सारी बातों में। तो आज के. जमाने में. बट आप आपका आधी ऑडियंस तो आपकी जेंजी है।. आप उनकी उठते बैठते हैं।.
हां तो मुझे ऐतराज नहीं है। मैं एक्सेप्ट. करता हूं उनको। करें ना. अंदर जलन वो भावना रहेगी भी खत्म हो गई।. किस चीज की? आपके अंदर जैसे आपने शुरू में मैं पढ़ा था. कि जब आप दिल्ली में थे और आपके दोस्त. मुंबई जाके हीरो बन गए। तो आपको कुंठा. होती थी यार।. क्यों बन गया? मैं तो इंसान टैलेंटेड था।. ये भावना भी है या खत्म हो गई? अब तो मैं भी बन गया। आप तो मैंने भी काफी. काम कर लिया।. हां बट होता है ना जैसे मान लीजिए हो सकता. है किसी की एक फिल्म ज्यादा चल गई हो।. नहीं ये इसमें नहीं ये चिटपुट बातें हैं।.
इसमें तो ऐसा कुछ जलन कुलन ईशा का जो है. जमाना चला गया। एक टाइम में था एक टाइम. में जब नौजवान थे तो बहुत जलन हुआ करती थी. किसी बंदे के बढ़ने से। अब नहीं होती अब. नहीं होती। अब नहीं होती। जलन होना ठीक. होता है? या इंसान के तौर पर हमारी हार है या यही. मोटिवेट करता है? नहीं अगर ये मोटिवेट करे तो बहुत ही. बढ़िया बात है वरना इंसान के तौर पर हार. है। अगर मोटिवेट करे तो बहुत ही बढ़िया. बात है। वरना ये इंसान के तौर पर हार है।. आप जलन के आगे झुक जाते हो। जब आप बिचिंग. करते हो आप बुरा भला बोलते हो दूसरे के. बारे में.
तो ये जो है हार है। लेकिन जलन से अगर आप. इंस्पायर हो कि मुझे भी ऐसा कुछ करना है. जो कि ये कर रहा है। तो ये कहीं जाके. पॉजिटिव साइन दैट्स ऑल। आपको किसी का. टैलेंट देखकर कभी जलन हुई? इतनी प्रतिभा पोस्ट में भी होती तो मजा. आता।. हां हां मनोज वाजपेयी को देखकर मुझे बड़ी. जलन हुई कि यार यह इतना बढ़िया एक्टर कैसे. है साला? जबकि वो उसने वो कहता है कि जो. मैं जब मैंने पहली बार पीयूष मिश्रा का. हैमलेट देखा था. तब मुझे लगा था कि मुझे ऐसा एक्टर बनना. है। मैं बोलता हूं कि यार ये इतना बढ़िया. एक्टर कैसे है? साला ये मैं मैं क्यों. नहीं कर पाया। पता इस इस के बराबर एक्टिंग.
बहुत ही बढ़िया एक्टर है यार। बहुत बढ़िया. एक्टर है। मैं एडवायर करता हूं उसको।. गैंग्स ऑफ़ वासेपुर में आपके साथ होते पहले. आपको शायद आपको वही रोल मिला था सरदार खान. का. या रमाधीर सिंह का मिला था आपको. रामाधीर सिंह. रामाधीर सिंह का रोल मिला था हिमांशु. धुलिया वाला. मतलब ऑप्शन थे रामाधर सिंह और नासिर में. मुझे सेलेक्ट करना था तो मैंने सेलेक्ट कर. लिया नासिर. क्योंकि नासिर मरता नहीं है. नहीं नासिर अनुराग का ही कहना था कि नासिर. करोगे तो आप फिर आपका वॉइस ओवर इस्तेमाल. करूंगा रामदेव सिंह करोगे तो आपका वॉइस. ओवर इस्तेमाल नहीं कर सकता क्योंकि सारी.
की सारी नासिर की जुबान में है ना पिक्चर. पूरी की पूरी. तो उसने कहा था कि जो है यह फिर आपका वॉइस. ओवर इस्तेमाल करूंगा में और गाने भी आपके. हो जाएंगे आपको आप खुद गाओगे ऐसा कुछ करके. जो है और बाकी रमाधीर सिंह में मेरा. इंटरेस्ट भी नहीं था नासिर में मेरे को. अधिक शेर दिखे तो इसलिए मैंने आई वेंट फॉर. दिस ऑप्शन ओके हमसे किसी ने सवाल पूछा कि. पीयूष जी से पूछ लीजिएगा कि गैंग्स ऑफ. वासीपुर में इतना गोली चला मनोज भाई मर गए. विनीत मर गया रमाधीर भी मर गए नवाज भी. आखिर में चला गया आपको खरोच नहीं लगी.
नासिर जो है उसको खरोश नहीं लगी. ये तो संजय संजय मेरे ख्याल से महाभारत. में जो संजय का संजय का रोल है ना वो है. इसका नासिर का कि ये साक्षी भाव से देखता. है हर चीज को और हर चीज को कहानी कहानी. कहता है बतलाता संजय मतलब आपके वो ही वास. अ स्टोरी टेलर ना. संजय तो वो स्टोरी बतलाता है कि ऐसा-सा. जमाने में ऐसा-सा हुआ था तो बाकी अनुराग. कश्यप नोस बेटर किस चरित्र कुमार. गैंगस्टर वासेपुर थ्री क्यों नहीं बनी कभी. हमको तो लगा था कि जब हमको लगा था कि वो.
एक लौंडा और होगा फिर. थ्री कभी दिमाग में नहीं मालूम नहीं. अनुराग के दिमाग में जना मैं जानता हूं. उसके दिमाग में कभी थी नहीं और फिर जब आया. समय तो जो है सब बूढ़े हो चुके थे सब जो. है बड़े हो चुके थे तब मेरे ख्याल से. दिमाग में नहीं थी उसके कभी पार्ट थ्री. कभी दिमाग में नहीं थी अनुराग के जितना. मैं [नाक से की जाने वाली आवाज़] जानता. हूं उसको उसने जो है ये अभी कौन सी फिल्म. बनाई थी अभी जो रिसेंटली बनाई थी ऐश्वर्या. के साथ में अभी रिसेंटली जो फ्लॉप हुई है. उसकी पिक्चर निशांची जो बनाई थी ना उसने. निशांची में उसने जो है गैंग्स ऑफ़ बासापुर. के शेयर लाने की कोशिश की थी कि जो है दो.
भाई हैं और रिवेंज लेते हैं और ये होता है. वो होता है उसने कहा भी था कि अगर अब किसी. ने मुझसे बोला कि मैं मैंने गैंग्स ऑफ हसर. पार्ट थ्री बनाओ तो मैं चाटा मार दूंगा. साले को। ये बना दी मैंने उसमें जो है वो. फेलियर हुआ उसमें वो पिक्चर नहीं चली।. लेकिन मैं समझता नहीं कि जो है पार्ट थ्री. की कभी बातचीत थी। ओके गैंग्स ऑफ वासेपुर. की सर मैंने 400 बार कम से कम देखी होगी।. तो हम लोग उसका विश्लेषण अलग-अलग पैमानों. पर करते हैं हर पिक्चर का। तो जैसे हम. लड़कों में एक ब्रोक कोड होता है सारे. लड़कों में कि अगर तेरी बंदी है तो वो.
मेरी भाभी और वो नहीं रही तो उस दिन भाभी. से हमारा भी रिश्ता खत्म बंदा खत्म तो. हमारा भी खत्म अब क्योंकि मनोज भाई उधर. बिजी थे आपका और नगमा जी का एक दो सीन हो. गया था उसमें तो एक मन में शरारती सवाल. हमारे आया कि जीवन में आप खुराफात कर रहे. थे [गला साफ़ करने की आवाज़] कभी किसी. दोस्त की गर्लफ्रेंड से खुराफात की आपने. [हंसी]. दोस्त की गर्लफ्रेंड से खुराफात नहीं की. यार अरे सोच के देखिए एक छोटे शहर के आदमी. थे हम लोग उस वक़्त भाभी बहुत बड़ी चीज़ हुआ. करती थी. हम्म.
तो भाभी भाभी मां के समान होती है टाइप. में टाइप में ऐसा कुछ करते थे हम लोग तो. छोटे शहर में ये छोटे शहर में भाभी बहुत. बड़ी भाभी और बहन जो है दोस्त की बहन और. दोस्त की पत्नी. ये बहुत बड़ी चीज होती है. नहीं नहीं जो गर्लफ्रेंड वाली भाभी होती. है. गर्लफ्रेंड वाली भाभी. कभी किसी दोस्त गर्लफ्रेंड को आप ट्राई. किए लाइफ में. नहीं नहीं कभी नहीं किया ऐसा कभी वाक्य. मुझे तो याद नहीं पड़ता. हम. याद नहीं पड़ता. आप 20 साल की उम्र में अगर हीरो बन जाते. जो 20 साल आपने वेट किया 20-25 साल जो आप. 20 साल मुंबई नहीं गए आप दिल्ली रह गए।. आपको लगता है कि आपकी यात्रा और खूबसूरत.
हो सकती थी या जो दिल्ली रुके आप इसका असर. है कि हमें गुलाल या जो रॉकस्टार दिख रहा. है या तमाशा दिख रहा है।. यही हुआ यही हुआ। मेरे ख्याल से रुकना ये. ये वो हर चीज को होना था। हर चीज को होना. था। उसी वक्त पे हुई वो तो मेरे ख्याल से. जो है ये यही होना था। एक्चुअली मुझे यही. बनना था। आई वाज़ ट्राइंग टू बी एन. आर्टिस्ट। आई वाज़ स्ट्राइंग टू बी एन एन. एन एन एन एन एन एन एन एन एक्सप्लोरर। मुझे. यही बनना था। मुझे यही बन इवेंचुअली यही. बनना था। इसी रूप में लोगों के सामने आना. था और मैं इस रूप में लोगों के सामने आ. गया। बट क्या सही जगह पहुंचना भी ज्यादा.
जरूरी होता है टैलेंट से? क्योंकि बहुत. सारे छोटे शहरों में लोग होते हैं जो बड़े. टैलेंटेड हैं। हमें दिखते हैं क्रिकेट. खेलते, गाना गाते, एक्टिंग करते लेकिन वो. कभी गए ही नहीं सही जगह पर।. तो क्या टैलेंटेड होना ज्यादा जरूरी है या. सही जगह पर होना जरूरी है कि जिससे काम. आता दोनों ही है। सही जगह होना बहुत जरूरी. है। सही जगह पर अगर आप एक्टर हैं और आप. बॉम्बे नहीं जा रहे हैं। इसका मतलब ये है. कि आप अपने टैलेंट की जो है. कोई समीक्षा नहीं कर रहे हैं। आपको जाना. पड़ेगा। जिस जगह काम मिल रहा है, जिस जगह. आपको इवन अगर आप एनएसडी से हैं, थिएटर कर. रहे हैं. तब भी आपको कभी ना कभी तो सिनेमा ज्वाइन.
करना ही करना पड़ेगा ना क्योंकि नाम, यश. और पैसा और सम्मान वहां पर है। तो आप. थिएटर से इतने बड़े एक्टर नहीं बन सकते।. हिंदुस्तान में तो कभी नहीं। हिंदुस्तान. में क्या, पाकिस्तान में क्या, वर्ल्ड में. क्या कभी नहीं बन सकते। हर थिएटर करने. वाला बंदा जो है कभी ना कभी सिनेमा की तरफ. रुखसत होता है और उसमें कुछ गलत नहीं करता. वो। यह बेवकूफी बेवकूफी है। थिएटर में. पैसा नहीं है। हम जानते हैं थिएटर में. पैसा नहीं है। हम जानते हैं जानबूझ के हम. जो एनएसडी ज्वाइन करते हैं। हम थिएटर. ज्वाइन करते हैं। हमें रिग्रेट करने का. कोई हक नहीं। हमें शिकायत करने का, कंप्लेंट करने का कोई हक नहीं। हमें मालूम.
था शुरू से इसमें पैसा नहीं है। हमको. मालूम था। हमने जानते बूझते हुए उसको. एक्सेप्ट किया प्रोफेशन को। इसके बाद में. अपने आप लालसा ऐसा उठाने लगती है कि पैसा. नाम यश सम्मान वो आपको सिनेमा पिक्चर. गाड़ी घर या आपको सिनेमा में मिलता है। तो. ऐसे इसलिए ज्वाइन करते हैं सिनेमा रैपिड. फायर से पहले एक आखिरी सवाल सर मेरा आरंभ. है प्रचंड मैं जिम जाता हूं तो सुन लेता. हूं। डीमोटिवेट होता हूं सुन लेता हूं। कई. बार क्रिकेट मैच खेलता हूं तो वहां भी. हेडफोन लगा के सुन लेता हूं।.
क्या सोच इस गाने के पीछे थी? भगत सिंह. साहब से इंस्पायर्ड थे ना ये कहीं सोच से. अनुराग कश्यप था इसके पीछे अनुराग कश्यप. ने मुझे कहा था कि पॉलिटिकल. मैं भगत सिंह का जिक्र कहा अनुराग कश्यप. ने. पॉलिटिकल पॉलिटिकल गाना लिखना है आपको एक. जो है इलेक्शंस हो रहे हैं स्टूडेंट्स. पॉलिटिक्स पर जो है स्टूडेंट्स इलेक्शंस. हो रहे हैं. हम. तो वहां पर आप जो है एक गाना लिखो और. मैंने बिना किसी सोचे समझे मैंने दो दिन. में ये गाना लिख दिया था और इसके पीछे कोई. रॉकेट साइंस नहीं है। मैं कितनी बार. बोलूंगा लोगों को? मैंने कुछ भी सोच के.
गाना नहीं लिखा था। तो यह लोगों को क्यों. लगता है कि जो आप लिखते हो उसके पीछे बहुत. गहरी सोच होती है।. होती होगी पक्का होती है।. जैसे एक बगल में चांद होगा एक बगल में. रोटियां। अब लोग इसी गहराई में मरे जा रहे. हैं। एक दिन में आपका एक वीडियो देखा आपका. कुछ नहीं था। इसे लिख दिया मैंने कहा भाई. ये या तो ओवर टैलेंटेड आदमी है या ये अपनी. बातों के जरिए अपने ही काम को छोटा कर रहे. हैं।. ऐसे नहीं रहती सबकॉन्शियस में होता होगा।. सबकॉन्शियस में रहती होगी। बहुत गहरी सोच।. बहुत गहरी सोच रहती होगी। इतना आसानी से. मैंने बोला है कि मैं लिख ऐसे लिख दिया था.
मैंने लेकिन अगर ध्यान से सोचे अगर. अंतर्मन में जाके सोचे एनालाइज करें तो. डेफिनेटली इसके अंदर कुछ गहरी सोच होती. होगी मतलब वो उस इतनी गहरी सोच है कि उसको. डिफाइन नहीं किया जा सकता ऐसे कोई आपसे. पूछे कि आप आपकी जिंदगी क्या रही. हम. तो आप डिफाइन नहीं कर सकते आप एक एक पल. में उसके लिए लगेंगे 5 घंटे आपको डिफाइन. करने में ऐसी बात है कि इतनी गहरी फिलसफा. इतना गहरा फलसफा इतनी गहरे विचार होते हैं. कि उसको एक पल में डिफाइन. बट ये आरंभ में प्रचंड यह आज में बजता है, फेस्ट में बजता है। हर बंदा जो यूथ जो.
बड़ा हो रहा है, जिसके अंदर कुछ क्रांति आ. रही है, वो उसको सुन रहा है। ये दो दिन. में मतलब अच्छी चीजें ऐसी आती है।. दो दिन में ऐसी निकलती है। मेरे से तो कम. से कम सारे गाने मेरे दो दिन में हैं। सब. घुसना है या एक बगल में चांद होगा या घर. है या आरंभ है। दो दिन एक रुक जा रे बंदे।. ये सब दो दिन में लिखे हैं मैंने। और कोई. बहुत बड़ी बात नहीं मेरे लिख मैं लिखना. मेरे लिए कोई बहुत बड़ी बात नहीं लिख देता. हूं [गहरी सांस लेने की आवाज़] मुझे कोई. दिक्कत नहीं होती एक रंच मात्र दिक्कत.
नहीं होती और डिस्टरबेंस भी लिखता हूं मैं. फोन कॉल मेरा खुले रहते हैं लगातार फोन पर. बात करता हूं लगातार चाय पीता हूं बीवी से. बात करता हूं बच्चों से बात करता हूं. लगातार डिस्टरबेंस होता रहता है मुझे और. डिस्टरबेंस में लिखता हूं और मुझे कोई. ऐतराज. ये आप ओवर टैलेंटेड हैं. मुझे मालूम नहीं है ओवरटेड हूं. मैं जब एक्टर्स को सुनता हूं मेथड एक्टिंग. की बात करते सब. अब यह सब बकवास है? बकवास है। मेथड एक्टिंग इतनी वाहियात चीज़. है साली। मतलब क्या एक्टिंग तो कर लो पहले. उसके बाद मेथड एक्टिंग।. अरे मैंने शाहिद कपूर को सुना कबीर सिंह. के बाद वो अपने घर में अजीब सा बिहेव कर.
रहे थे। रणबीर सिंह को सुना मैंने कि वो. अरे हां. पद्मावत के बाद उनके उनके कलाकार ने जिम. जिम ने बताया कि सब लोग कह रहे थे कि वो. अलग सी दुनिया में चले आते हैं लोग।. अरे सब बकवास है। चेक लेते हैं उसके बाद. में सब भूल जाते हैं। [हंसी]. सब बकवास है। ये तो यहां तो मैं बहुत. स्पष्ट बोलता हूं। मतलब एक्टिंग जो है. मतलब अपने आप को भुलाने का भूल जाते हैं. आप अपने आप को उसका तरीका नहीं है। आप. बकायदा एक्टिंग योग है। योग में आप आंख. बंद करते हैं ना आंख बंद करते हैं लेकिन. आपका चेतन बिल्कुल जो है आपके मन चेतन. होता है। योग का मतलब है कि योग में आंख.
बंद करके आप हर चीज देख रहे हैं। आपके आंख. पर जो है आप एक. हजार वाट का बल्ब डाल दिया जाए। तब भी. आपके आगे अंधेरा रहता है। आपको अंधेरे में. खड़ा कर दिया जाए। तब भी आपके अंदर अंधेरा. रहता है। लेकिन दोनों में फर्क है। वह. भयंकर रोशनी है। आप इतने ज़्यादा जो है. जागरूक हैं कि आपके आंखों के सामने अंधेरा. जाता है। तो एक्टिंग में आप सबसे अधिक जो. जागरूक हैं। आप सबसे अधिक जागरूक होते. हैं। योग में आप सबसे अधिक जागरूक होते.
हैं। योग करते हुए आप. व्हाई पीपल से ऑल दिस।. क्योंकि कहने के बाद या तो जानते नहीं है. चीजों के बारे में या कहना अच्छा लगता है. उन्हें या उन्हें लगता है कि कहने से. हमारा मान सम्मान होगा। दैट्स ऑल। ओके।. मुझसे बहुत सारे लोगों ने कहा था कि सर से. पूछिएगा कि सिगरेट की तलब होती है नहीं. होती है। अब दो घंटा हो गया। आपने एक बार. कहा नहीं कि. लोगों ने पूछा कि अब शायद लोग पूछ ले इसके. बाद कि सर का सर का पुराना प्यार खत्म तो. नहीं हो गया।. कि प्यार क्या मतलब इसके बाद पीऊंगा मैं? गलत है यार वो शराब सिगरेट दोनों गलत है।.
मैं नहीं मैं कतई इसको प्रमोट नहीं करता. मैं।. नहीं नहीं देखिए सिगरेट दो चीज़ है। जैसे. आपकी सिगरेट अलग थी। आपकी सिगरेट वो. ग्वालियर के इंतजार वाली सिगरेट थी कि हम. खड़े हैं और फिर इंतजार कर रहे हैं।. सिगरेट इंतजार मोहब्बत और फिर वो एक. इंटरव्यू में भी आपकी तलब दिख गई पुराने. इश्क को लेकर तो आप लोग कहेंगे कि इस बार. सर मूव ऑन कर गए क्या मतलब याद नहीं आई सर. को. नहीं इसके बाद में पिऊंगा इसके बाद में. पिऊंगा इंटरव्यू के बाद में पिऊंगा मैं. लेकिन गलत है सिगरेट तो बहुत ही बुरी आदत. है यार सिगरेट तो शराब से अधिक बुरी आदत. है छोड़ देनी चाहिए मेरे ख्याल से किसी.
इंसान को नहीं पीनी चाहिए ये सिट्टा गाना. सुट्टा सही था. हं. सिट्टा गाना सुट्टा सही था सिट्टा सुट्टा. क्या आपका जो गाना था हिंदुस्तान. पाकिस्तान की मोहब्बत को लेकर कौन सा गाना. हुस्ना. हुस्ना हुसना हां हुस्ना. ये इसी सिगरेट वाली मोहब्बत को लेकर था।. सिगरेट वाली मोहब्बत को लेकर मतलब जो आपकी. बचपन की मोहब्बत थी वो बिछड़ने वाली. मोहब्बत को. वो अच्छा वो मैडम टीचर की बात कर रहे हो. आप वो टीचर की बात थी वो तो. [अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़]. मैडम जेंजर की बात कर रहे हो आप वो हां वो.
तो 14-15 साल का इश्क था तो वो टीचर से. अफेयर था वो वो अलग बात है हुसना तो अलग. बात है हुस्ना तो. ना मिलने की वो भी कहानी है. हां हां हां वो भी कहानी हां वो भी कहानी. ना मिलने की कहानी. पहला इश्क रह जाता है साथ में याद. [गला साफ़ करने की आवाज़] आता है क्यों. नहीं आता याद आता है आपने जब किया होता है. बावड़े होते हैं उस वक्त जो 17 साल की. उम्र में कौन साला समझदारी का इश्क करेगा. सब बावड़े होते हैं सब बावड़े भूत होते.
हैं मतलब पागलपन का इश्क होता है फ्रेंड. से बोलते हैं तू जा के बात कर ले और खत दे. उसको और ये कर और वो कर और रात में चुप. चुपके से बिल्डिंग में चले गए और मिल लिए. और बाप का डर और भाई का डर और सब चीजें. मतलब वो इतना हैरतंगेज इश्क होता है कि जो. है मतलब मतलब पूरा रिस्क लेके ब्लेड लेके. चले गए कि मैं मर जाऊंगा तेरे लिए।. काटे आप भी कभी हाथ-वात देखिए. कहां पे? अरे देखिए ना खूब सारे हैं ये।. आय हाय हाय नहीं लेकिन ये इश्क में नहीं. काटे। ये अपने पेरेंट्स के खिलाफ काटेगी.
जो मेरी बात नहीं मानते हो आप।. इश्क में नहीं काटा इसको।. तब कैसा इश्क किया आपने? आप इतनी सारी. बातें करते हो इश्क पे। आप ही कह रहे थे. आप नहीं काटा तो क्या हुआ? कह दो कि इश्क. में काटा था। मां-बाप पे डाल दे रहे हैं।. बच्चे बड़े हो गए हमारे।. नहीं नहीं क्या झूठ बोले? आपकी स्माइल कह रही है झूठ बोल रहे हो आप।. [हंसी]. झूठ नहीं बोल रहा। बट सर मतलब ये मेरे को. जानना भी था रुक्मणी जी जीवन भर साधनी. कृष्ण जी का लेकिन आज जब हम पूजा करते हैं. तो हम कहते हैं राधा कृष्ण है कुछ बात. इसके तले में जाना चाहिए. पत्नी कितनी भी अच्छी हो.
नहीं नहीं एक ही एक ही एग्जांपल है सर. राधा और मीरा का और कोई एग्जांपल नहीं. लेकिन पत्नी कितनी भी अच्छी हो मर्द. प्रियसी को याद रखेंगे. नहीं वो कृष्ण को याद रखते हैं कृष्ण. इकलौते बंदे थे जिनके बारे में अगर आप बात. करते हैं तो कृष्ण के बारे में सोचना. पड़ेगा आपको कि ऐसी क्या बात थी और कोई. बंदा बंद नहीं है और कोई बंदा नहीं है. जिसकी गर्लफ्रेंड को उतना तरजी दी जाती हो. बट मैं इसको इंडिविजुअल लाइफ में ला रहा. हूं मैं जितने लोगों से मिलता हूं उनकी. लाइफ में जो अधूरा इश्क रहा वही उनको. तकलीफ देता रहा मैं जानी से बैठा था ज. राइटर हैं पंजाब के अच्छे राइटर हैं वो भी.
अपने इश्क में थे बीवी साथ में है अच्छी. लाइफ चल रही है उन्होंने कहा मैं अधूरापन. है तो वो जो अधूरापन है वही साथ क्यों. इंसान लेके चलता है जो पूरा हो गया साथ. आस्था रहती है आपको अगर जिंदगी में कुछ. अधूरापन रहे आपकी जिंदगी में तो आप आपको. जिंदगी पर आस्था रहती कारण यह रहता है अगर. जो चीज फुलफिल हो जाए उसकी फिर आपको जरूरत. नहीं पड़ती फिर आप सेटिस्फाई हो जाते हो. तो यही कारण होता होगा और क्या कारण होता. होगा. बस दैट्स ऑल. अभी भी चलता है इश्क अभी पुराना वाला आता. है अब अब खत्म हो चुका है पूरी तरीके से. अब तो यार पता नहीं है मतलब अब तो गृहस्थ.
हो चुके हैं पूरी तरीके से अब कहां. इश्क-विश्क करना. अब तलब नहीं होती. तलब तो होती है. अब वो सिगरेट का धुआं फेफड़ों में जाकर. नहीं एहसास होती तलब बंद नहीं होती किसी. इंसान की पर्टिकुलरली मर्द की तलब तो. हमेशा रहती नहीं मैं उस उस तलब की बात कर. रहा हूं। पर रोक लगाना बड़ा जरूरी है।. ये कहते हैं कुछ लोग जख्म भी होते हैं, मरहम भी होते हैं। कुछ की यादें अलग टच. करती हैं। जब आप कहते हैं ना कि आंसू सूख. गए तब भी कुछ लोग होते हैं जो रुला सकते. हैं। वो एक ही दो लोग होते हैं कि उस दौर. में भी आपको टच कर सकते हैं।.
बिल्कुल होते हैं, बिल्कुल होते हैं. पक्का।. तो ये कैसे डिफरेंशिएट करते हो इश्क को. फिर आप? आपने इतने सारे लोगों से इश्क. किया। इश्क की परिभाषा अब क्या रह गई आपकी. नजर में? वो जो मैडम वाला इश्क था या जो. पत्नी वाला इश्क जो है या जो बीच में इश्क. रहा. नहीं नहीं जो जो बंदी आपके साथ में बूढ़ा. होने के लिए तैयार हूं वो बस वही अंतिम. सत्य. प्रेम की अंतिम परिभाषा है. और उसके बाद में जब ये भी खत्म हो जाए जब. पत्नी औरत भी खत्म हो जाए यार देखो बड़ी. अजीब सी बात कर रहा हूं मतलब आपके बहुत. बड़ी बात है प्रेम.
प्रेम ही बस हो निरंतर काल ना बन पाए अंतर. हां प्रिय तुम हो निकट निशब्द मेरे पास. में श्वास में हो तुम उपस्थित तुम अटल. विश्वास में क्यों प्रणय का हो निवेदन या. निमंत्रित दृष्टिभेदन क्यों रहे यह आवेश. देह में क्यों रहे यह देह नेह में मूक. बैठे दो ही प्राणी ना हो स्मरण क्या है. वाणी प्रेम ही बस हो निरंतर काल ना बन पाए. अंतर स्वर्ग ही तो है छिपाए सन कहे आभास. में हां प्रिय तुम हो निकट निशब्द मेरे.
पास में जब आपको अपनी प्रेमिका की जरूरत. ही नहीं महसूस हो रही वो होता है. इवेंचुअली निराकार आप इतना प्यार कर रहे. हो मेरा. कृष्ण थे ही नहीं उनके पास में और वो भ्रम. में लीन हो गए। वो होता है इश्क। अब. एक्सप्लेन करना बड़ा मैंने देखा नहीं क्या. हुआ।. ऐसा महसूस किया कभी आपने किसी के ना होने. पर वेश में महसूस होना।. हां किया।.
अकेले इश्क करना। अकेले एक रिश्ता निभाना।. हां। अकेले ही दो लोगों की यादों को साथ. में बढ़ाना एक अपनी काल्पनिक दुनिया बनाकर. एक बार किया. एक ही बार किया ये खूबसूरत होता है या. परेशान करने वाला होता है बहुत खूबसूरत. क्या खूबसूरत होता है इसमें परेशानी होती. रहती है उसमें परेशानी होती रहती है लेकिन. वो परेशानी बड़ा मजा देती है कि अब आपको. उसकी जरूरत नहीं है अब आप वुड हैव यू आर.
यू आर नॉट क्रेविंग फॉर हर आप क्रेव नहीं. कर रहे हो उससे बट आप उसके साथ हो बट आप. उसके साथ साथ ऐसा हुआ जैसे मैंने लिखा था. बहुत पहले एक बार कि जो तू नहीं तो चल तू. ना ही सही वैसे भी शायद तेरी मौजूदगी मेरी. जिंदगी से ज्यादा मेरे किस्से कहानी और. ख्वाबों में अच्छी लगती है हां अच्छी बात. है. अच्छी बात है ये किया था मैंने एक एक बार. ही किया था ग्वालियर में किया था मैंने. वही 15 साल वाला नहीं. [गला साफ़ करने की आवाज़] वो मैंने इसमें.
अलग तरीके से दर्ज किया आपको समझ में नहीं. आएगा वो बड़ा चालाक बाकी से मेंशन किया. मैंने तो आपको मालूम नहीं पड़ेगा. लेकिन किया है उस वक्त मुझे जरूरत नहीं थी. उनकी. बाद में भी नहीं रही पर जब लाइफ में और. लोग आते रहे बहुत लोग मिलते रहे उठते रहे. मिलते रहे हम कई लोगों के साथ गए उसमें. क्या अलग था जो रह गया और बाकी लोगों के. साथ रहकर भी वही इंसान यहां चलता रहा यहां. चलता रहा. क्या. जैसे एक इंसान रहा जैसे आपने कहा आप साथ.
[नाक से की जाने वाली आवाज़] ले चल रहे थे. अकेले एक रिश्ते को आई एम श्योर फिर उस. बीच में बहुत लोग मिले होंगे आपसे। आप. इनवॉल्व्ड हुए होगे मानसिक शारीरिक तौर. पर। लेकिन एक इंसान कहीं और होते हुए भी. यहां कैसे रह गया? फिर उसमें क्या अलग ऐसा. था? ये थी मतलब आपकी था संबंध था। यही. खासियत है भाई। यही मोटलिटी इसी कहते हैं. मेरे ख्याल से मूर्त इसी कहते हैं। हां. प्रिय तुम हो निकटने शब्द मेरे पास में।. क्यों प्रणय का हो या नमः क्यों रहे यह. देह में देह क्यों रहे यह देह नेह में?
देह नेह में प्रेम में जो है देह भी क्यों. रहे प्रेम में जो है शरीर भी क्यों रहे. शरीर को भी छोड़ते हैं ना तो मीरा का वही. था मतलब आप क्यों रहे देह कृष्ण थे ही. नहीं उनके आसपास कृष्ण भक्ति थी खाली. प्रेम से आगे बढ़ के भक्ति में जो संबंध. तब्दील हो जाए ना वो होता है प्रेम. भक्ति वो बिल्कुल मोटिलिटी होती है वहां. पर आपको जरूरत भी नहीं है बंदे की आप खाली. प्यार कर रहे हो वो बड़ी फीलिंग कमाल है. आप खाली प्यार कर रहे हो। किससे कर रहे.
हो? किससे नहीं मालूम नहीं।. ये जीवन में एक ही बार होता है।. एक बार होता है, दो बार होता है मुझे. मालूम नहीं। मेरे जिंदगी में एक बार हुआ. है। ग्वालियर. एक ही बार हुआ है। अभी भी ये एहसास कुछ है. या पूरी तरह डन इंडस्टेड हो चुका है।. [गहरी सांस लेने की आवाज़][अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़]. समय के साथ अब ढल गया है मेरे ख्याल से।. समय या सोचना बंद कर दिया उस तरफ। सोचना. अब जिंदगी के आपा-धापे इतनी बढ़ चुकी है. कि जो मतलब कुछ और काम करने लगे हैं तो.
बहुत कुछ चीजें पुरानी चीजें भी पुरानी. चीजें पुरानी भी तो होती है ना सर बट कई. बार ये सोचा कि जिसके लिए हम इतना सोच रहे. हैं शायद उसको ख्याल ही ना हो कि हम इतना. सोच रहे हैं उनको भी ख्याल है. ये खूबसूरत है। उनको भी ख्याल है। मुकाम. पर नहीं पहुंचा पाए अलग बात है। लेकिन. उनको भी ख्याल है। ऐसा क्यों होता है कि. दो लोग एक ही दुनिया में जी रहे हैं।. अलग-अलग जिंदगियां, दो अलग लोगों के साथ,
जहां पर वो भी शायद दो बहुत खुश नहीं. होंगे। पर फिर भी हम साथ नहीं आ रहे। और. हम एक दूसरे के बारे में सोचते आ रहे हैं।. होता है।. पर हम साथ होने की कोशिश नहीं कर पाए।. सामाजिक मर्यादाएं होती हैं सर। सामाजिक. मर्यादा होती है।. बहुत लोग तोड़ देते। बाद में दोबारा साथ. लेते हैं। मजबूरी थोड़ी ना है।. हां तो कुछ लोग नहीं तोड़ पाते। कुछ लोगों. की मजबूरियां बहुत ज्यादा होती हैं। तो. ऐसे ही था। उनकी भी मजबूरियां बहुत अधिक. थी। तो इसीलिए तो फैज साहब की वो आपको. अच्छी नहीं लगी कविता की नज़्म कि वो लोग. बड़े खुशकिस्मत थे जो इश्क को काम समझते थे. या काम से आशिकी करते थे।.
नज़्म है। खाली नज़्म है।. हम जीते जी मशरूफ रहे। कुछ इश्क किया कुछ. काम किया। वो नज़्म है।. काम इश्क के आड़े आता रहा। इश्क में काम. बिगड़ता रहा और आखिर हमने तंग. [नाक से की जाने वाली आवाज़] आकर दोनों को. अधूरा छोड़ दिया। वो नज़्में हैं नज़्में. कहने वाली।. क्यों फिर इस नज़्म को आपने? इस नज़्म को छेड़ा क्यों आपने? क्योंकि. बदमाशी थी उस वक्त जो है मतलब इतनी वो काम. भला का काम हुआ जो मजा नहीं दे विस्की का।. का वो इश्क भला का इश्क हुआ जिसमें मौका. से [हंसी] ऐसे जो है वो बदमाशी की नज़्में. आ गई थी बाद में फिर मुकाम भला का काम हुआ. कि एक्टिंग थोड़ी झूल के हो वो इश्क भला का.
इश्क हुआ जो मारलन बैंडो भूल के हो ऐसी जो. है ये बहुत लंबी नज़्म बन गई थी करीब 200. 2000 शेरों की नज़्म बन गई थी तो उसमें. खाली ये फिर फैज साहब कहां रहे थे फैज. साहब तो इक्कादुक्का शेरों में रहे थे. उसके बाद आई वास जस्ट इंस्पायर्ड बाय फैज. साहब ये मैंने कहा था तो ये था सबसे. ज्यादा डिमांड क्या होती है जो आप कहीं. में जाते हो कंसर्ट करने में क्या सुनना. लोग पसंद. आरंभ भी यार और क्या सुनेंगे लोग आरंभ एक. बगल में चांद होगा कल जो है वो मोबाइल ऑन. कर लेते हैं ना आपके कॉन्सर्ट के बीच में.
लोग बाग ये देखा मैंने कि आरंभ में प्रचंड. बहुत पॉपुलर है लेकिन सबसे अधिक मोबाइल उस. पर ऑन होते हैं एक बगल में चांद होगा. कोई गहराई है. गहराई है. इसका मतलब ये है कि लोग बाग समझते हैं कि. वो अधिक गहरी नजर में अधिक गहरा गाना है. एक बगल में चांद होगा उस पर बहुत मोबाइल. ऑन होते हैं। पूरा अंबार था मतलब आसमान. बिल्कुल जो है मोबाइल ही मोबाइल थे।. [गहरी सांस लेने की आवाज़][अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़]. तो मैं देखकर चकित रह गया। फिर मैंने सोचा. कि उसके बाद में आता आरंभ प्रचंड। तो आराम. प्रचंड पर मुझे लगा कि जो बहुत सारे. मोबाइल ऑन होंगे लेकिन इतने मोबाइल्स ऑन.
नहीं थे। तो देख कर चकित भी हुआ मैं अच्छा. भी अच्छा भी लगा और देख कर चकित भी हुआ कि. ऐसी क्या खासियत है इस गाने में? कुछ होगी. खास।. तो उस उस फिल्म में कुछ आई थिंक ऊपर वाले. की ब्लेसिंग भीतर थी। जितने आए सब बड़े बन. गए।. हां।. जो गया सब बड़ा हो गए।. सब बड़े। मतलब मैं उसमें राजकुमार राव को. पीछे से देख रहा था या पंकज त्रिपाठी जी. के छोटा सा रोल देख रहा था या वो पंचायत. वाले चाचा [नाक से की जाने वाली आवाज़] को. देख रहा था पहला चाचा को मैंने कहा या. आजकल जयदीप अलावत उसमें शुरू में आके मर. जाते हैं विनीत का मैं रोल देखा था ये सब.
कितने बड़े बन गए. सही बात है. कुछ तो उसको ऊपर वाले ने अलग से आशीर्वाद. दिया था कि जा. हां अनुराग वाज अ वेरी. अनुराग ने उसके पहले उसके बाद ही बहुत काम. किया लेकिन इसमें जो भगवान की ब्लेसिंग है. सब बड़े बन गए. हां हां बहुत बहुत. कितने सुपरस्टार इस फिल्म से मिले. इंडस्ट्री. क्लियर जो है उसकी थिंकिंग बहुत क्लियर थी. कि मैं क्या बना रहा हूं एंड ही वास वैरी. ऑनेस्ट अबाउट इट अबाउट दिस फिल्म ही वास्. वैरी ऑनेस्ट अबाउट मेकिंग दिस फिल्म एंड. ही न्यू कि आई एम मेकिंग अ इंडियन फिल्म. आई एम मेकिंग एन इंडियन फिल्म विद इंडियन.
एथोस एथोस उसका हिंदुस्तानी था उसमें बहुत. क्लियर था कि मैं हिंदुस्तानी फिल्म बना. रहा हूं। उसकी जो है बॉम्बे वेलवेट वाज़. नॉट एन इंडियन फिल्म। उसमें जो है. वेस्टर्न कांसेप्ट था। उसकी. वो तो लोग कहते हैं गरीबन कश्यप हिट्स. डिफरेंट। हां।. [नाक से की जाने वाली आवाज़] तो, उसने. अच्छा बनाया था यह। मैंने एक मीम देखा सर. अभी कि करण जौहर ने बॉलीवुड में मतलब एक. ऐसा करण जौहर की इफ्तारी की फिल्में जब. आती हैं, तो रतिक रोशन, रणबीर कपूर जैसे, फरीद खान जैसे फरदीन खान जैसे खूबसूरत. चेहरे निकलते हैं। अनुराग कश्यप की. फिल्मों से निकाल [हंसी] के बहुत अच्छा.
किसी ने मीम बनाया था। अभी करता है वो।. मतलब पहले तो यही था उसका। मतलब अननोन. चेहरे को जो है रोल दिया करता था। वो अनोन. चेहरे को रोल क्या? स्ट्रिट भी ऐसे अननोन. बंदे से लिखवाया करता था। था. सिनेमेटोग्राफी ऐसे करवाया करता था. एडिटिंग भी नए सी बंदे नए अतरंगी से बंदे. थे उसके बहुत ही बहुत. सर सरप्राइज किसने किया आपको गैंग्स ऑस्ट. वासीपुर में किसकी [हंसी] सक्सेस ने आपको. लगा यार ये कमाल किया. सभी लोगों ने अच्छा किया उसमें. फिर भी कोई एक दो तो आपके होता है ना कि. सब लोगों ने अच्छा किया उसमें बाद में सब.
लोग अच्छे बन गए पंकज ने उसमें बहुत बहुत. बढ़िया रोल किया था त्रिपाठी ने पंकज मुझे. बहुत इंप्रेस किया ओके सर मैं एक लास्ट. रैपिड फायर राउंड है छोटे-छोटे सवाल है। अ. कोई ऐसी गाली जो आपके लिए शब्द नहीं पूरी. की पूरी शायरी हो।. यार दूंगा तो बड़ा मुश्किल हो जाएगा।. अरे मैं बीप लगा दूंगा।. भोसले वाले [हंसी]. मेरे एक दोस्त ने मुझे मैसेज किया कि. पीयूष सर से पूछना बिना साले बोले वो जीवन. में रह सकते हैं? [हंसी]. बिना साले बोले? बिना साले बोले क्या वो जीवन में रह सकते.
हैं? जीवन में नहीं यार।. साले [हंसी]. भोसड़ी वाली है। बहुत बड़ी गाली है।. ओके।. कौन सी फिल्म है जिसको देखकर आपको लगा यार. मैंने पैसे के लिए कर ली थी। आप पीछे. देखो।. अरे तमिल फिल्म है। एक तेलुगु फिल्म थी।. एक बुलेट बुलेट करके फिल्म नागा नागार्जुन. उसमें. वो कर रहे थे। मैं उसमें विलेन का रोल कर. रहा था। नागार्जुन और आयशा तकिया उसमें. हीरो हीरोइन थे।. हम. तो वो मैंने पैसे के लिए कर ली थी।. लैंग्वेज नहीं जानता था। मैंने ऐसी रट के.
डायलॉग. ओके।. थिएटर के उस अंधेरे मंच से आज जब बड़े. सेट्स में आप पहुंचे हैं तो वो कौन सी चीज. है जो आपने खोई है? पाया तो बहुत कुछ है।. मैंने यार कुछ नहीं खोया। मैंने पाया ही. पाया है। मैंने कुछ नहीं खोया।. हम पाया है। मैंने कुछ नहीं खोया। मतलब. आपकी बहुत. काफी रोशनी है। ऐसी जैसी जगह पर भी काफी. रोशनी है। मैं ऐसा कोई मतलब देयर इज़ नथिंग. रोमांटिक अबाउट पावर्टी। देयर इज़ नथिंग. रोमांटिक अबाउट भूखमरी। भूख को लेकर कोई.
रूमानी अंदाज नहीं हो सकता। भूख भूख होती. है। उसमें दर्द होता है। अंत कुल बुलाती. हैं। आपको खाना चाहिए। रोटी चाहिए। आपको. खानी चाहिए। आपको कमाने का हक है। आपको. रोटी खानी चाहिए। रोटी कमाने आनी चाहिए।. तो देयर इज नथिंग नथिंग रोमांटिक अबाउट. पावर्टी।. दिल्ली की कड़कड़ाती ठंड में मंडी हाउस की. गरम चाय या आज बॉम्बे में एक किसी अच्छे. कॉफी।. दिल्ली दिल्ली दिल्ली मंडी।. क्या है मंडी हाउस की चाय में? अरे वो कुछ है खास बात है। मक्का है साला।.
हम दिल्ली जो है मंडी हाउस तो मक्का है. मतलब वो खराब से खराब हालत में भी जो है. वो मक्का है हमारे लिए तो बहुत बड़ी जगह. बहुत ही खुशनुमा जगह है. क्या है वहां के चाय में. चाय में नहीं उसकी जगह में कुछ है मतलब. हमारे टाइम में ₹50 लेकर जाओ मंडी हाउस. में एक साल तक रहो एक साल में आपको खाना. भी मिल जाएगा दारू भी मिल जाएगी सिगरेट भी. मिल जाएगी फ्रूट चॉट भी मिल जाएगी और वो. ₹50 आपके जेब में सुरक्षित रहेंगे वो था. ऐसा कुछ था मंडी हाउस में सब खिला दिया. करते थे शराब भी पिला दिया करते थे सिगरेट. भी पिला दिया करते थे और फिर भी जो है.
आपकी आपको पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं. पड़ती थी। अजीब सी जगह थी वो ठीक है। है. अब भी है मेरे ख्याल से वो वो जमाना चला. गया खैर. ओके गालिब या भगत सिंह किधर आपकी रूह. ज्यादा है इश्क में या इंकलाब में. इंकलाब की वजह से नहीं लेकिन भगत सिंह. मुझे बहुत इंस्पायर करते हैं। इंकलाब की. वजह से नहीं. हम. इंकलाब की वजह से नहीं मतलब एज अ पर्सन जो. है बहुत एज अ पर्सन बहुत बड़ा आदमी था।. बहुत ही बड़ा आदमी मिर्जा गालिब से कहीं. ज्यादा मिले कोई कंपैरिजन नहीं हो सकता. उनका। अगर आप फैज अहमद फैज की बात करते और.
मिर्जा गालिब की बात करते तो मैं जवाब. देता इसका। भगत सिंह के बारे में भगत सिंह. और मिर्जा गालिब का कंपैरिजन कैसे करेंगे? मैं इंकलाब और इश्क में तोड़ के देख रहा. हूं।. नहीं नहीं ऐसी कोई बात नहीं है। इंकलाब. इश्क की भी कोई बात नहीं है। ऐसा इंकलाब. का मुरीद रहा भी नहीं मैं कभी। ऐसा इंकलाब. यहां आना चाहिए। आपके अंदर होता है. इंकलाब। इंकलाब जब ये बेवकूफ लेफ्टिस्ट. होते हैं जो बोलते हैं कि हां समाज को बदल. डालो और क्रांति कर दो और ये कर दो, वो कर. दो। वैसा इंकलाब कभी नहीं आता। आना भी. नहीं चाहिए। मैंने प्यार किया, ठुकराना, आर्टिस्टिक जिद थी या जवानी की बेवकूफी?
उसके पीछे कारण जो था वो बतला नहीं सकता. मैं। कारण वो किसी और वजह से मैंने. [नाक से की जाने वाली आवाज़] मैं नहीं गया. था। ठुकरा ठुकराई तो मैं मुझे मिल नहीं गई. थी वो पिक्चर। मैं बॉम्बे गया ही नहीं था।. मतलब कि कोई और कारण थे। मतलब कुछ मेरे. संबंध. नहीं वो बताऊंगा नहीं मैं। लेकिन किसी और. मानसिकता से गुजर रहा था मैं। तो अच्छे. अंदर बहुत द्वंद चल रहा था तो उस वजह से. मैंने एक्सेप्ट नहीं करी। मैं गया ही नहीं. वहां पर। यहां भी तो लड़की नहीं थी।.
लड़की थी। [हंसी]. लड़की बहुत काम खराब करती है बीच में।. इश्कमिश्क में आदमी बहुत लेवल तक बहुत. कॉम्प्रोमाइज कर लेता है। कई लोग संभल. जाते हैं कुछ झटके खाने के बाद।. सही है। समझ जाए तो. ये दिल्ली में आपको पक्का इश्क हो गया. होगा ना। इसलिए दिल्ली नहीं छोड़े होंगे. आप।. दिल्ली में थिएटर से इश्क था। मतलब उसके. अलावा भी, यह जो आपका यह जीवन शैली रहा. होगा, इसने भी बहुत समय तक बांध के रखा. होगा।. जीवन शैली मतलब उस वक्त जवान थे यार। उस. वक़्त जो है जवान थे। इस वक्त रंगीनियत थी, काम था, इश्क था।.
यहां वेश्क, वहां भी इश्क, वहां वेश। मतलब. ऐसा मैं मुंह मुंह नहीं मारता था कभी मैं. ऐसा मतलब मुंह मारू नहीं रहा।. इतने मैंने सुना लोग अपना एनएसडी क्लास. छोड़ के आपको सुनने आते हैं। तो मैं मुंह. मारने की बात ही नहीं है। लोग तो खुद ही. आते होंगे। प्लस आप इंटेलेक्चुअल आदमी चार. अच्छी बातें सुना दी होगी। वो पुराने दिन. वो हल्की सी कश जो खरखश वाली आवाज है. उसमें लोग पागल होते होंगे।. कोई फायदा उठाया अपनी आवाज का अपने टैलेंट. का ऐसे वाला क्या. कि किसी को एक अच्छी शेर सुनाई नज़्म. सुनाया या चार अच्छी बातें की या किसी को.
अपने उस दीप पयूष मिश्रा वाले उसमें करके. और फिर वहां [हंसी] किया तो मैंने. था मैं. उस वक्त कहां यार खुश रहता है उस वक्त तो. ये रहता है कि इंप्रेस हो गया या इंप्रेस. हो गई तो और इंप्रेस कर दो तो करते थे उस. वक्त जवानी का था सही है शराब की बोतल का. नशा ज्यादा खतरनाक था या विपशना का वो होश. जिसमें आप पीछे अपने. का होश बहुत इंपॉर्टेंट है वो एक्चुअली वो. रिप्लेसमेंट होता है आप किसी और नशे की. तलाश में रहते हैं वो स्पिरिचुअल इसलिए.
बोलते हैं कि आपको रिप्लेस करना पड़ता है. कि शराब का नशा जो है वो यू हैव टू. रिप्लेस इट बाय सम. अदर इनटॉक्सिकेशन. किसी और चीज का स्पिरिचुलिज्म का जो नशा. होता है ना वो रिप्लेसमेंट होता है तब. कहीं जाकर शराब छूटती है। आई एम श्योर. बहुत टफ रहा होगा शुरू में जब आप गए होगे. पहले 10 दिन नहीं वह नहीं रहा नहीं. प्रश्ना में जब गए होगे आप. नहीं नहीं रहा नहीं रहा. क्रेविंग नहीं हुई तब की क्रेविंग नहीं. हुई आराम से आराम से ऐसी क्रेविंग नहीं. होती थी मेरे को गुजर जाते थे उसके बाद. में उसको समझने में बहुत टाइम लगा चार.
पांच साल लग गए सुबह को करवाना क्या चाहते. हैं ये लोग साले जब समझ में आया तो मालूम. पड़ा कि यार ये तो मतलब आपके दुनिया में. ऐसा कोई चीज नहीं है जिसका जवाब इनके पास. में नहीं हो तो कभी मेंटल थेरेपी ली आपने. या थेरेपी है थेरेपी है ना विपचना बबल. थेरेपी विपचना ही थेरेपी है विपचना मतलब. राजयोग राजयोग मतलब इससे बड़ी थेरेपी क्या. होगी दिमागी है सारा का सारा खेल दिमाग. वैसे कभी साइकेटिस्ट के पास जाके. वैसे भी गया था जब मैं ओवर ड्रिंक करने. लगा था तब मैं गया था एक बार गया था उसने.
भी कमोबेशी के साथ में इसी तरफ इशारा किया. था जो बाद में इन लोगों ने बतलाया कि जो. है. अपने उद्गार व्यक्त कर दो किसी के सामने. तो कमोबेशी के साथ में उन्होंने इसी तरह. बस ये फर्क था कि उसको पैसे देने पड़ रहे. थे. यहां पर फ्री मिल गया था ये चीज फ्री. एडवाइस मिल गई ओके आरंभ है प्रचंड लिखते. वक्त जब दो दिन में आपने गाना कंपोज किया. आपको पता था कि ये आने वाली पीढ़ियों का. खून गरम करता रहेगा? नहीं नहीं कभी नहीं पता था। कमाल ही हो. गया। कभी नहीं पता था। अब तो मतलब आपके. इतना पॉपुलर हो गया है कि वो नेशनल एंथम. के बाद में जो है अपनी जगह ले चुका है। अब.
तो जो है बहुत पॉपुलर हो गया। मैं कोई. तारीफ नहीं कर रहा अपनी लेकिन इत्तफाक था. हो गया मतलब हो गया। मतलब बहुत बहुत अधिक. पॉपुलर हुई। उस पर कौन ब्लैक एक्टर है वो. देख जिसने विल स्मिथ तक को नाच नाचते हुए. देख लिया मैंने उसमें विल स्मिथ तक ने. मालूम नहीं है गाने का मतलब क्या है उसको. मालूम नहीं है दैट वाइब. वाइब था हां. जिस कवि की कल्पना में हो प्रेम गीत. नहीं वो तो लिरिक्स भी नहीं जानता ना विल. स्मिथ को क्या मतलब है. हां बट वो म्यूजिक तगड़ तड़ त.
वो म्यूजिक के लिए जो है हितेश सोनिक जो. है मेरे जो म्यूजिक प्रोग्रामर है वो. जिम्मेदार है उसने एक्चुअली वो मुझे गलत. प्रज़ करते हैं लोग बाग आरंभ में प्रचंड के. लिए हम दोनों ही जिम्मेदार हैं। मैं भी. हूं और हितेश सोनिक भी जो म्यूजिक जो. म्यूजिक प्रोग्रामर है जिन्होंने. प्रोग्राम किया है उस म्यूजिक कमाल मतलब. म्यूजिक तो उसका आप आपको लगता है कि बस. तलवार निकाल के मैं चला जाऊं युद्ध लड़ने।. एक्साक्ट्ली एक्सक्ट्ली बहुत बड़ी चीज है।. या पाकिस्तान के मोर्चे पे मुझे खड़ा कर. दो। ईरान इजराइल में एक मोर्चे पे मैं भी. जाके बम डाक से आ सकता हूं।. सही बात है। सही बात है।. दो लाइन सुना दो सर इसके कुछ भी।. आरंभ है प्रचंड बोल मस्तकों के झुंड आज.
जंग की बड़ी तुम गुहार दो। आन बान शान आगे. जान गा दान आज एक धनुष के बाण पे उतार दो. कल गा कर आए हैं यार कल बड़ा कल ही. कॉन्सर्ट. बल्ली मरान. बल्ली मरान का कॉन्सर्ट था कल दो बार गाना. पड़ा इसको दो बार ही गाना पड़ता है हमको. और मोर का नारा लगता है. तो अगर गालिब जिंदा होते आज तो बल्ली मरान. में आप क्या परफॉर्म क्या लिखवाते उनके. लिए आप. हाइपोथेसिस है यार अब उनसे क्या लिखवाता. मैं हाइपोथेसिस.
गालिब अभी भी है जिंदा लोगों के ज़हन में. अरे हैं बहुत बड़े शायर थे बहुत बड़े शायर. थे। अपनी कॉम्प्लेक्सिटी की वजह से अधिक. हैं। उनके अधिकतर शेर समझ में नहीं आते।. उर्दू जानने वालों को भी उनके शेर जो है. समझ में नहीं आते। बहुत सारे लोग डिकोड. करने की कोशिश अब भी कर रहे हैं उनके. शेरों को। इतने अजीबोगरीब किस्म से लिखा. है उन्होंने। इसलिए अधिक हैं ज़हन में।. इकलौता शायर है जिसके शेर समझ में नहीं. आते। कई कुछ एक शेर समझ में नहीं आते।. अब तो इतने सारे WhatsApp फॉरवर्ड आज. समझेगा। गालिब कौन सा लिखे थे। हां. आधा तो कोई भी लिखता है नीचे गाली लिख.
देता है।. आजकल आजकल क्या कहें आजकल के बारे में? तुम्हारी औकात क्या है? ये टाइटल क्यों था? तुम्हारी औकात क्या है? पीयूष मिश्रा है।. पूरा नाम इसका. नहीं मतलब मैं अपनी जिंदगी बताना चाह रहा. था कि जो है ये ऐसीऐसी जिंदगी बीती। इतना. इन मुकामों से गुजर के आया मैं।. तो ये तुम्हारी औकात क्या है? ये आंतरिक. सवाल है या फिर खुद को एक हीन भावना देना. है? नहीं नहीं आंतरिक सवाल है। आंतरिक. सवाल है। अपने को एक्सपोज करना जो है अपने.
आप को ऑपरेशन टेबल पे लिटाना हम. ये था पर्पस इस किताब का उल्टा दिया. मैंने।. अगर पीयूष सर को कोई एक आखिरी बात दुनिया. को बतानी हो काम करो यार कर्म करो। बस बस. और क्या कर्म से बड़ी चीज जिंदा हो जब तक. काम करो। जब तक मर जाओगे तो किसने देखा. है? कहां जाओगे कहां नहीं। जब तक जिंदा हो. तब तक कर्म करो। काम भी बोलना बड़ा खराब।. कर्म करो। भगवत गीता से बड़ा ग्रंथ कोई. लिखा नहीं गया आज तक। इससे बड़ा इससे बड़ी.
प्रीचिंग कभी दी नहीं गई। किसी भी भाषा. में, किसी भी मुल्क में, किसी भी जगह पे. भगवत गीता से बड़ी प्रीचिंग कोई नहीं दी. गई। एक बार बिलीव करके देखो आप कि अनासक्त. कर्म करना, निष्काम कर्म करना इससे बड़ी. कोई चीज नहीं हो सकती। कोई भी चीज नहीं हो. सकती। और इससे बड़ा सुख भी कोई नहीं। सुख. भी नहीं होता। सुख अगर आप इमेजिन करते हो. तो फिर आपको दुख का भी इमेजिन करना पड़ता. है। आनंद की बात होती है। सच्चिदानंद वो. सुख से और दुख से बड़ा होता है। अलग परे. होता है। आनंद जिसे कहते हैं ना फीलिंग ही.
अलग होती है। तो वो जो है फीलिंग. सिर्फ कर्म करने से निष्काम कर्म करने से. आती है। काम करो।. कुछ डरते हो उस जीवन में किसी चीज से? डर बहुत कम हुआ है। एक्चुअली कुछ लोगों से. डर था मुझे।. लोगों से लोगों से डर था।. कुछ लोगों से बहुत डर था। अब डर बहुत कम. हुआ है। अब मैं एक्चुअली शख्सियत का भाव. था ना शुभंकर शख्सियत नहीं थी मेरे पास. में बचपन में। सिर्फ काम था। अंधा काम था।.
शख्सियत का भाव था। तो शख्सियत धीमे-धीमे. जब मैंने अचीव की है तो उसके बाद में बहुत. सारे डिफाइलमेंट्स चले गए हैं। विसंगतियां. चली गई हैं। उसमें डर भी है, घृणा भी है, क्रोध भी है, आश्चर्यज भी है। उसमें बहुत. सारी चीजें चली गई। तो. [गहरी सांस लेने की आवाज़]. डर भी नहीं रहा। डर भी बहुत कम लोगों का. अभी भी है। बचा हुआ है। फिजिकल अभी भी है।. लगता है कुछ लोगों से। लेकिन फिर लगता है. कि अगर. सामना कर लिया तो कर लेंगे। ऐसी बात नहीं.
है।. ये भी इश्क वाला डर है।. किसी शख्स की बात कर रहे हैं आप या. नहीं नहीं नहीं दूसरा है।. और किस शख्स से आपको डर लगता है? शख्स क्या बच्चों से डर लगता है? बच्चे कई. बार ऐसी बात बोल देते हैं कि जो मुझे डर. लग डर लग जाता है अब मेरे बारे में कई बार. मेरे बेटे बोल देते हैं तो मुझे लगता है. कि यार वाकई डर जाओ जैसे. आप शराब के पीते हो इतनी. इतनी अधिक पिया मत करो मुश्किल हो जाएगी. आपके लिए ये डर वाली बात है.
आपकी कौन सी आदतें हैं जो आप नहीं चाहते. आपके बच्चों में जाए या नहीं ली उन्होंने. शराब. नहीं ली उन्होंने है यार मालूम नहीं अभी. अभी छोटे हैं अभी तो एक 28 साल का है एक. 21 साल का है तो कह नहीं सकता उसके बाद. में क्या स्थिति हो जाएगी अभी तक तो यार. समझदार बच्चे हैं भगवान करे हर बंदे के. बच्चे इतने ही समझदार हो अभी जिम्मेदार. बच्चे हैं इसके बाद में यार कुछ नहीं कह. सकते जिंदगी का कुछ नहीं कह सकते रेस्ट.
नहीं क्या बनाती है उनको मृत्यु से डरते. हो आप अब नहीं डरता पहले था. जब से विवेचना की है मैंने तब से मुझे लगा. है कि बहुत ही नेचुरल प्रोसेस गुजरते हैं।. हम एक चूल्हा छोड़ के अगले चूल्हे में. शामिल हो जाएंगे। बहुत ही नेचुरल है। बट. जैसे आपके बच्चे हैं, पत्नी है, मेहनत है, काम है। ये सब जितना जिसके लिए आपने खून. पसीना एक किया, बचपन से जिसकी तलाश की अब. हासिल है मेरे पास। मैं पीयूष मिश्रा हूं।. हां।. ये चोला छोड़ने में डर नहीं लगता। रिश्ते. छोड़ने में डर नहीं लगता।.
ये चोला छोड़ेंगे उसके बाद में नया चोला. मिलेगा। नई जिंदगी शुरू होगी। उस जिंदगी. का उस जिंदगी की आशा उम्मीद है तभी कहीं. डर नहीं लगता। वो कहते हैं ना 72 हरें. मिलेंग इस चक्कर में जो है आपके वर्ल्ड. डोर पे चूस जाते हैं लोग बाग तो 72 हूरों. वाले सवाल है कि जो कोई जिंदगी जो है. हमारी प्रतीक्षा कर रही है जो जिंदगी से. अगर अगर आपने सत्कर्म किए हैं जिंदगी में. जिंदगी का मतलब ही ये होता है कि. डिफाइलमेंट्स छोड़ते जाओ अपने अहम पूरी. जिंदगी जो है आपके एक ही चीज एक ही चीज.
होती है स्लो स्लो. इट. [गहरी सांस लेने की आवाज़][अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़]. क्या कहना चाहिए. आपके ईगो को धीमे-धीमे गलाने का स्लो. प्रोसेस है। अहम को धीमे-धीमे गलाने का. स्लो प्रोसेस है। स्लो प्रोसेस है। पूरी. जिंदगी आपको एक ही पर्पस के लिए मिली है. कि आप धीमे-धीमे करके अपने ईगो को कैसे. जला रहे हैं। गला रहे हैं। खत्म हो जाए. आपको। खत्म हो जाता है तो आपको नई जिंदगी. मिल जाती है। तो जैसे मान लो नई जिंदगी के. लिए आप ऊपर आपका जीवन खत्म हुआ। अब एक.
हाइपोथेटिकल सवाल है कि आप ऊपर गए तो आपको. क्या लगता है? आपके कर्मों के हिसाब से. आपको भगवान स्वर्ग देंगे, नर्क देंगे या. कहेंगे वापस धरती में जाओ।. ये तो मुझे मालूम नहीं। लेकिन वापस धरती. पे जाओ।. अभी इवॉल्व है। इवॉल्व तो हुआ हूं मैं।. इसमें कोई शक नहीं है कि जो अगर मैं अपनी. जिंदगी को देखूं बचपन से लेकर अब तक तो. इवॉल्व तो रहा हूं मैं। बहुत इवोल्यूशन. हुआ है मुझे। मैंने अधिकतर लोग देखे हैं. अपने आसपास जो है उन्होंने इवॉल्व होना. पसंद नहीं किया। हम जैसे हैं वैसे सुखी. हैं। और मुझे कई बार भी आया उन पर कि एक. बहुत बड़ी चीज से मिस कर रहे हो तुम लोग।.
मतलब उन पर इल्जाम आरोप मैंने कभी नहीं. लगाया। लेकिन मैंने अपने मन में सोचा कि. यार ये कैसे बंदे हैं जो ये नहीं समझ रहे. कि हमें जिंदगी ऐसे जानी चाहिए एक्सीलरेशन. ऐसे नहीं जानी चाहिए तो मेरी जिंदगी ऐसे. गई एक्स ऐसे किया है मैंने ग्राफ उसको ऐसे. रहा है एक टास्क क्वेश्चन सर एक बड़ा. अच्छा शेर था कि इंसान के ख्वाहिश की कोई. इंतहा नहीं होती दो गज जमीन चाहिए दो गज. कफन के बाद 63 साल के पीयूष मिश्रा को अब. क्या चाहिए.
यार जब तक मर नहीं जाते तब तक तो काम. चाहिए। काम मतलब ऐसा नहीं कि जो है. प्रोफेशनल काम चाहिए। कर्म चाहिए। जब तक. दिल धड़क रहा है तब तक मैं काम करता. रहूंगा। जब तक मेरा दिल धड़क रहा है तब तक. मैं कर्म करता रहूंगा। इसके बाद में मुझे. मालूम नहीं क्या होने वाला है। एक्चुअली. उस जो स्टेट ऑफ़ माइंड है, स्टेट ऑफ़ ज़हन. है, स्टेट ऑफ़ कॉन्शियसनेस है, स्टेट ऑफ. स्पिरिट है वो मुझे मालूम नहीं क्या होने.
वाला है। मतलब मरकर मैं कहां जाऊंगा, क्या. होगा मेरा इसका मुझे अंदाजा नहीं है।. लेकिन जब तक मैं जिंदा हूं तब तक तो मुझे. कर्म करना है। मुझे कर्म करना है। लगातार. कर्म करना है। और अब जो है अनासक्त कर्म. भी करना है। अब जो है मतलब किसी चीज की. उम्मीद के साथ में कर्म नहीं करना है।. अनासक्त कर्म करना है लगातार लगातार. उम्मीद अपेक्षाएं तकलीफ की वजह होती है. यार वही तकलीफ की वजह होती है और क्या. मतलब आप आस लगा लेते हैं कि मुझसे मुझे.
मेरी भगवत गीता भगवत गीता. फल की चिंता मत कर्म की. हां मतलब एक बार किया गया कर्म बिना अपना. फल दिए नष्ट नहीं होता ये तय बात. एक बार किया गया कर्म. बिना अपना फल दिए नष्ट नहीं होता बेफिक्र. रहिए इसमें ऐड कर लो बेफिक्र रहो एक बार. किया कर्म बिना अपना फल दिए नष्ट नहीं. होता ऐसा बहुत बहुत स्पष्ट मैंने तो जाना. है अपनी जिंदगी में कर्म करके बाकायदा. बार-बार धक्के मार के टकरा के दीवार से. मैंने जाना है कि एक बार किया कर्म बिना. अपना फल रश नहीं होता।. अपेक्षा करते हो किसी से जीवन में आप. अब नहीं करते।.
किसी से भी नहीं।. बच्चों से पत्नी से. अब साथी सहयोगियों से अब राहुल जी से. ये तो कहना बड़ा मुश्किल है कि नहीं करता।. थोड़ा बहुत तो होती है लेकिन फिर भी काफी. काबू बहुत अधिक मैं बहुत अधिक मैं अपेक्षा. नहीं करता। मतलब. अपेक्षा पूरी नहीं होती तो तकलीफ होती है।. आप इतना अधिक जो है आस मत बांधो किसी भी. व्यक्ति से या किसी भी सिचुएशन से या किसी. भी चीज से कि आपको तकलीफ हो ना मिलने पर. तकलीफ हो।. खुश हो यार बहुत खुश हूं। बहुत खुश हूं।.
अब तो बहुत खुश हूं।. कोई शिकायत नहीं है जिंदगी से।. कोई शिकायत नहीं है। छोड़ इसके कि जो है. बॉडी डके हो रही है। 63 के हो गए। अब बॉडी. डिक हो रही है। बॉडी में अब वो दम नहीं. रहा जो पहले था। ये इस बात की तकलीफ है कि. और लेकिन तो फिर तकलीफ क्या मतलब होना ही. है वो तो आप जब धीमे-धीमे आप एजिड होगे तो. आपको इस बात का सामना करना पड़ेगा कि आप. वीक होगे कमजोर होगे शरीर की ग्रंथियां. साथ नहीं देंगी तो उससे लग रहा है कि. अशक्त हो [हंसी] जाओगे अशक्त होना मैं मैं.
स्वीकार नहीं कर पता नहीं एक यही चीज है. अशक्त होना मैं स्वीकार नहीं कर पा रहा. अशक्त कैसे होगे यार मैं लेकिन है नियति. है आपको होना पड़ेगा जब आप जवान पैदा हुए. हो किसी वक्त में जवान रहे हो तो आपको जो. है बूढ़ा भी होना पड़ेगा यह बड़ा फैक्ट है. जिसको स्वीकार करना बड़ा मुश्किल है हम. बूढ़े भी हो जाएंगे। गौतम बुद्ध ने यही. सोचा था कि मैं अब बूढ़ा भी हो जाऊंगा, मर. भी जाऊंगा। ऐसे कैसे हो सकता है? यही सोच. के जो है वो शादीशुदा होने के बाद भी जो. है निर्वाण पाने के लिए चले गए थे। वो पा. भी लिया था उन्होंने। तो इसीलिए महान.
व्यक्ति है वो।. निर्वाण किसी की भी प्रतीक्षा नहीं करता।. किसी भी वक्त में मिल सकता है वो। और आपको. आत्मबोध किसी भी वक्त में मिल सकता है।. किसी भी जिंदगी में 60 साल की उम्र में 70. साल की उम्र में आपको आत्मबोध मिल सकता है. कि लाइफ ये नहीं है वो है और मुझे थोड़ा. बहुत मिल चुका है यार। मुझे थोड़ा बहुत. मिल चुका है। तो अगर जवान पीयूष मिश्रा को. 63 साल के पीयूष मिश्रा को सलाह देनी होती. या ईश्वर मौका देते कि चलो एक चीज लाइफ. में फिक्स कर लेते हो। किसको? अगर ईश्वर.
आपको मौका देते. कि आप अपनी जिंदगी की कोई एक चीज नए सिरे. से प्लान कर सकते। अरे पूरी जिंदगी प्लान. करता यार पूरी जिंदगी प्लान. कोई एक चीज सारा सारा ऑप्शन फिर तो फिर. कहानी का ट्विस्ट खत्म होता है ना. नहीं नहीं यार ऐसा. वो जो पिताजी ने बुआ जी के पास भेजा वो. पहला इश्क अधूरा रहा वो वो शराब. नहीं नहीं नहीं ये सब सवाल ही हाइपोथेसिस. है ये सवाल हाइपोथेटिक है बहुत ज्यादा मैं. क्या एडवाइस करूंगा यार मतलब जिंदगी नहीं. होता मैं ये एडवाइस भी नहीं करता मैं मतलब.
ये अंडरस्टैंड था ऐसी ही जिंदगी मिलनी थी. मुझे इसी [नाक से की जाने वाली आवाज़] सब. से गुजरना था मुझे इस सब से सब गुजर रहे. हैं इस सब से गुजर करना था मुझे और. यह प्रोसेस होता है ऊपर वाले का. यह प्रोसेस है ऊपर वाले को. ये हर चीज हो रही है कुछ करवाने के लिए. प्रकृति का प्रोसेस है इसमें आप आपकी दखल. अंदाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी आप समय जो. है प्रतीक्षा नहीं करता किसी की भी. तो अब आप स्वीकार कर चुके हो कि हर घटनाएं. वो बुआ जी के यहां जाना इश्क छूटना शराब. का आना. ये सब जो है नियत था.
इससे कुछ हो रहा था. प्रीप्लांड था सब प्रीप्लांड था ये सब. प्रीप्लांड था ये सब घटना ही था. यह सब घटना ही था। फिर वहीं से आखिरी सवाल. खत्म करते हैं। जीवन से शुरू किया था जीवन. पे। प्री प्लान था। तो अब जीवन जो ये पूरा. सार हमने समझा. अगर फिर से एक बार जीवन को आपको परिभाषित. करना हो।. फिर से एक बार जीवन को परिभाषित करना हो. मत।. हमने सारी बातें की कि आप कहां से शुरू. हुए, कहां आए, कैसे गए, ये रहा मृत्यु का. डर। अब फिर से इन सारी चर्चाओं के बाद.
जीवन का निष्कर्ष क्या है? जीवन एक हकीकत है। दैट्स ऑल। रियलिटी है. जीवन आप जो है ना एक नूर कृष्ण बिहारी नूर. साहब का शेर है ना कि जो है वह जिंदगी से. बड़ी कोई सजा ही नहीं जुर्म क्या है यह. पता ही नहीं तो आपका जुर्म क्या है ये पता. ही नहीं है फिर भी आपको जीनी पड़ती है तो. जिंदगी रियलिटी है हकीकत है बहुत क्रूल. रियलिटी है आपको जीनी पड़ेगी और अपनी. शर्तों पर नहीं जीनी पड़ेगी आपको कुदरत की. शर्तों पर ही जीनी पड़ेगी प्रकृति की.
शर्तों पर जीनी पड़ेगी. जीनी पड़ेगी. यही है सर जिंदगी। यही है जिंदगी। इंकलाब. जिंदाबाद।. थैंक यू सर। लवली टॉकिंग टू यू।. चलो सर। धन्यवाद।. एंड बेस्ट विशेस आपके बच्चे के इंगेजमेंट. के लिए।. क्या बात है।. भविष्य में शादी के लिए।. चलो चलो।. [संगीत].
