Unplugged ft Neha Singh Rathore | Loksabha| Bhojpuri | Vikas Divyakirti | Manoj Tiwari | Ravi Kishan
नेहा सिंह राठौड़ की मीडिया वालों से क्या. दुश मीडिया जो है शुभंकर जी जाकर के. अंबानी के घर पे हाथी की खिचड़ी खाएगा तो. मैं क्या बोलूं मीडिया के लोगों को. प्रधानमंत्री जी से सवाल करना सीखना चाहिए. बिना डरे ना कि जी जी सर जी सर ठीक है. बूढ़े बुजुर्ग आदमी है प्रणाम भी होना. चाहिए टीवी एंकर से आपको विशेष मोहब्बत है. नहीं मुझे लगता है कि नेहा सिंह राठौड़. खोजती कौन सा मिल गया आज ये मिल गया बस. चलो बस अब तुम ये हो तुम ये हो तुम ये हो. तुम ये हो ये मेरा फ्रीडम ऑफ स्पीच एंड. एक्सप्रेशन मेरे पुराने चैनल के एक साथी. थे मेरे सद अंसारी जी उन्होंने कुछ आपसे.
पूछा नेहा सिंह राठौड़ खड़ी हो गई पब्लिक. ने कहा जी बताओ बताओ बताओ क्या घटना हो गई. चलो बीजेपी से टिकट मिला हां दो चार. शर्तों के साथ जरूर क्यों नहीं बीजेपी. कांग्रेस में क्या डिफरेंस है अब आप. पॉलिटिक्स से इतना करीब इतना ऐसा हो सकता. है कि किसी भी एक दिन खबर आ जाए मैं ही. वीडियो बना रहा हूं कि आज नेहा सिंह. राठौड़ यहां से टिकट पाई यहां चुना लड़ने. वाली है देखिए लोग तो इस पे भी मजाक उड़ा. लेंगे पानी पीने लगी अरे प्यास प्यास लगती. है तो लोग पानी पीते हैं अरे ऐसा ही एक. इंटरव्यू वायरल होता है मोदी जी का पानी.
पी देखिए पानी गिर भी. गया हां हां हां मैं ये भी वायरल हो जाएगा. कि नेहा पानी पीने ल. ओ अगर मान लो नरेंद्र मोदी का एक विकल्प. देखना हो तो आपकी नजर में किस आइडल जिकल. पार्टी को आपको लगता है कि आप उससे ज्यादा. करीब पाते हो मैं कांग्रेस पार्टी की. प्रवक्ता नहीं हूं अभी मेरे बारे में पता. है गांव में क्या खबरें चल रही है मनोज. तिवारी से झगड़ा कले भैया काहे ना सोचे. आदमी आपका.
पे तीर मारे जा रहे हो एक दिन रवि किशन को. ऐसा लगता है कि सवेरे उठेंगे ये निशाना. मनोज जी पे ये रवि जी पे मनोज जी आपको. ब्लॉक कि नहीं ब्लॉक कि मनोज जी ने नहीं. ब्लॉक किया है रवि जी ने ब्लॉक किया है ये. सब एक ही थाली के हैं मनोज तिवारी जी एक. गाना गाते हैं बबुनी के लागल बा शहर के. हवा और पढ़ा हुआ कहनी की गए में नौआ लिखा. हुआ और पढ़ा हु और ये तो सिर्फ एक गाना है. बहुत से गाने हैं हाफ पेंट के घूम हाफ पैट. पहन के घूमे ली बेबी बियर पी के नाचे लग. ली फटाफट खोल के दिखाओ शहर के तितली.
अखिलेश यादव ने मनोज तिवारी को पहली बार. टिकट दिया था वो हार गए थे क्या उस वक्त. आपके पैमाने के हिसाब से अखिलेश यादव का. फैसला गलत था और अखिलेश यादव को भी इसके. लिए माफी मांगनी अरविंद केजरीवाल जी भारत. के पहले मुख्यमंत्री हैं जो सीएम पद पर. रहते हुए जेल आपका इस पर क्या जेल जाने के. लिए प्रॉपर आपका अपराध जो है वह साबित भी. होना चाहिए कि आपने क्या अपराध किया य. मानते हो आप मतलब जेल तभी तो आदमी जाएगा. नहीं आजकल आप बहुत ट्वीट कर रहे हो ना कि. ऐसे लोग को जेल भे दिया जा रहा है मोदी जी. हिटलर है.
लव मैरिज हुआ था हां लव मैरिज हुआ था तो. ये गरम दल और नरम दल कैसे मिल गई माई बाबू. जी को नहीं पता था अब माई बाबू को बता के. कौन प्रेम करता है शुभंकर जी गजब बतिया. रहे हैं आप यहा ने कहीं ऐसा तो नहीं कि. विकास दिव्य कीर्ति के नाम पर एक स्टंट. खेल दिया और सोचा इसे कैपिट इज कर लेते. हैं पॉपुलर और मिल जाएगी नेहा सिंह राठौड़. को गुस्सा बहुत आता है नहीं अभी हम देखे. गाड़ी वाला ठोक दिया उस परे चढ़. बैठी अब लोग कहते हैं हम नेहा साड़ी उतना. नजर नहीं आती है नेहा घूमती शर्ट पॉइंट. पॉइंट के हैं वीडियो बनाना होता है तो. साड़ी एकदम देसी महिला बन के अगली बार जब.
हम मिलेंगे तो माननीय बनके मिलेंगे या लोक. गायिका से मुलाकात कर जनता तय करेगी. [हंसी]. महाराज किसी इंसान ने कमाल की बात कही है. कि हर चेहरे में होते हैं कई सारे चेहरे. अगर उन चेहरों को पढ़ना है तो चेहरे की. किताब के पन्नों को आप पलटते जाइए आपको हर. इंसान में कई सारे शीट्स नजर आएंगे आज मैं. मेहमान जो है उनके भी कई सारी पहचान है कई.
सारे उनके अंदाज है जिसको लोग पसंद करते. हैं कोई उन्हें लोक गायिका कहता है कोई. उन्हें कवित्री मानता है कोई कहता है कि. यार बिहार की एक दिलेर लड़की है जो डरती. वरती नहीं है सबसे बड़ जाती है मौजूदा दौर. में कई लोग उन पर आरोप भी लगाते हैं कहते. हैं कि भाई सरकार विरोधी महिला है बीजेपी. के मोदी जी के एकदम पीछे पड़ी है मनोज. तिवारी और बाकी सांसदों के एकदम पीछे. जिसको देसी भाषा में कहे तो एकदम लपट आ गई. है कई कह रहे हैं कि भावी सांसद भी है.
अच्छा कौन है नेहा सिंह राठौड़ जरा बताइए. हमें क्योंकि बड़ी पहचान हो गई है पहले तो. था कि भाई कवित्री हैं बेबाकी से बोलते. हैं फ्रीडम ऑफ स्पीच एंड एक्सप्रेशन को. लेकर लेकिन हम चाहते हैं कि आप अपने. शब्दों में बताए दर्शकों को नेहा सिंह. राठौड़ कौन है नेहा सिंह राठौर एक भोजपुरी. लोक गायिका है जो जनहित के मुद्दे अपने. भोजपुरी में लोक गीत के माध्यम से उठाती. हैं बेरोजगारी के गीत गाती हैं महंगाई के.
गीत गाती हूं किसानों के गीत गाती हूं. मजदूरों के गीत गाती हूं महिलाओं के गीत. गाती हूं तो मुझे लगता है कि मैं एक लोक. गायिका हूं लोक गायिका है माननीय भी बनने. वाली. है बड़ी चर्चा चल रही है आजकल सोशल मीडिया. प एकदम भरा पड़ा है और पहले तो आप बड़ी बे. बाकिस कहती भी थी अब आप धीरे से मुस्क कह. देती है कि अब हम थोड़ी ना तय करेंगे आएगा. तो. देखेंगे नहीं अभी भी मैं यही कहना चाहूंगी.
कि मैं माननीय बनूंगी या नहीं बनूंगी यह. मैं थोड़ी तय करूंगी महाराज अच्छा मनोज. तिवारी से क्या रिश्ता हम आपकी र प्रोफाइल. चेक कर रहे थे भरा पड़ा था तो ये चलिए. शुरू से शुरू करते हैं हम लोग ये लोक. गायिका बनने कहा है क्योंकि आमतौर पर. लड़के जब यूपी बिहार में निकलते हैं तो. कहता हम लोग तो मिडिल क्लास फैमिली के हैं. तो ये होता है डॉक्टर बनेंगे इंजीनियर. बनेंगे या हमारे यहां टीचर बनते हैं आपके. अंदर ये वाला कहां से आया कि हमको लोक. गायिका बनना है या हमको लिखना है या हमको. ऐसे करना है मुझे लगता है है कि ऐसा कुछ.
बचपन से ऐसा मुझे नहीं था कि जैसे आपको था. कि आपको बीटेक करना है आपने बीटेक किया वो. भी हम पापा कहने पापा के कहने पे किया. मेरा भी ऐसा कुछ नहीं था कि मुझे लोक. गायिका बन जाना है 2018 में ग्रेजुएशन. कंप्लीट करने के बाद किस चीज में पढ़ाई कि. आपने ग बीएससी किया हुआ है मैंने पीसीएम. से तो मुझे बाद में लगा कि मुझे ये नहीं. पढ़ना चाहिए था बहुत अच्छा नहीं लगा या. फिर बहुत मजा नहीं आ रहा मजा नहीं आ रहा. था जैसे तैसे करके पास तो होना ही था. ग्रेजुएशन कंप्लीट कर लिया इसके बाद मैं. कोलकाता चली गई कि मुझे म्यूजिक सीख खना. है म्यूजिक सीखने को लेकर के यह हो गया कि.
जो मेरे गुरुजी थे वह प्रॉपर बंगाली थे तो. बंगाली बच्चों को ज्यादा प्राथमिकता देते. थे मुझे कम क्योंकि मैं कहती थी मुझे. भोजपुरी का लोकगीत सीखना है मुझे. हारमोनियम सिखा दीजिए और यह सारी चीजें. बात बन नहीं पाई क्योंकि एक तो पहले वो. बंगाली थे अच्छा ये सब कहना नहीं चाहिए. मेरे ख्याल से लेकिन वो बाल बड़ा बड़ा. रखते थे तो मुझे बहुत अब मैं बिहार से आती. हूं लड़का कोई बाल बढ़ाया हुआ है तो मुझे. बड़ी देख के उनको हंसी आती थी. तो फिर फिर दूसरी चीज यह थी कि भाषा का.
बड़ा अंतर जितने बड़े बाल आपके भी इसरा. बड़ा उनका रहा काफी बड़ा था चोटी ओटी भी. गोलगोल बनाते थे मैंने पहली बार किसी. लड़के को या किसी पुरुष को बड़े बाल में. देखा था तो मुझे बहुत अजीब लगता लगता था. ये क्या है चीज ये लेकिन वो बन नहीं पाया. गुरु शिष्य वाला वो बंगाली बच्चों को. ज्यादा प्राथमिकता देते थे वो मुझे समझ भी. नहीं पाते थे कि ये करना क्या चाहते. हालांकि वो बताते थे कि बेटा म्यूजिक की. कोई भाषा नहीं होती है पर बात बन नहीं पाई. एक दिन ऐसे ही सारे गम ऐसे आलाप लिया हम.
हंस दिए जोर से उनको बड़ी तेज हंसी आ गई. फिर मुझे लगा कि यह नहीं सीख पाऊंगी. क्योंकि कोई भी इससे पहले भी मैं बाल भवन. में इलाहाबाद में जब मैं छोटी सी थी तो. मैंने सीखने की कोशिश की थी तो दीप्ति मैम. थी जैसे ही कोई यह सरगम का आलाप लेता मेरी. हंसी ही नहीं रुकती मुझे लगता ये क्या है. फिर लगा कि नहीं हो पाएगा तो सर ने मेरे. को बाहर कर दिया फिर मैं वहां से गांव चली. आई तब भाई भाई को भी लगा तुम करने वाली. कुछ भी नहीं हो तुमको हर चीज में पढ़ाई. तुमको नहीं करनी है गाना तुम तुमको उसके.
लिए भी तुम गई पूरा धूमधाम से कोलकाता जा. रही हूं सीख करके आऊंगी वहां पर भी बात. नहीं बनी तो फिर मुझे लगा कि मुझे अब पता. नहीं लगा जैसा कुछ नहीं अब उसके बाद घर. में था कि बीएड कर लो बीएड मुझे करना नहीं. था एक दिन एक गीत लिखा मैंने सच में क्या. सोच के एक रोड है हमारे यहां और स्वक्ष. भारत मिशन बड़ा जोर शोर पे था एक रोड है. आप गांव देहात में तो अरे हमारा भी घर. गांव भाई बाप दादा हमारे वही पैदा हुए हैं. गन्ना किसान हमारे बाप दादा वैसा ही तो एक.
रोड है बड़ा गंदा रहता है जिनके घर में. शौचालय है वो भी जाकर के वहीं पर सुबह. सुबह आप देखेंगे एकदम भोरे भोरे लोटा ले. ले करके मुझे लगा बड़ा गंदा रोड है महाराज. मैं अगर कुछ कर सकती हूं लोगों में. जागरूकता फैला सकती हूं कि भाई जिनके घर. में शौचालय है कम से कम वो तो शौचालय यूज. करें तो मैंने एक गीत लिखा कि हमरा प्रेम. के निशानी दिखाई द पिया शौचालय बनाई द. पिया ना ये कौन सा वाली कहानी है 2018 के. बाद से ही है और पहला गीत मैंने यही गीत. लिखा था स्वक्ष भारत.
हो हमरा प्रेम के निशानी दिखाई द पिया. शौचालय बनाई द पियाना हो छोटकी भौजी बाड़ी. कनिया ननदी भईली रे. सनिया बेटी बहन के लजिया बचाई द पिया. शौचालय बनाई द पियाना काफी लंबा गीत है. जबरदस्त जबरदस्त थैंक यू तो वो गीत मैंने. लिखा तो आप हमको लग रहा आप बात तो नहीं. मान लिए मोदी जी की पूरे देश से बनवा दिए.
मुझे ल नहीं अरे महाराज हर घर शौचालय नहीं. नहीं उनका मिशन चल ही रहा था तो उसी मिशन. को एक अपना साथ देना अपना समर्थन देना. कहीं तो ऐसा है कि मोदी जी और नेहा सिंह. राठौड़ साथ-साथ है अरे महाराज ऐसा मोदी जी. से मेरी कोई दुश्मनी कभी नहीं रही है ना. है पर हां मुझे लगता है कि अगर देश में. बेरोजगारी है तो मैं बेरोजगारी के गीत. गाऊंगा मिशन जैसी चीजों को मुझे लगता है. प्रमोट करना चाहिए तो मैं करूंगी ये वाला. काम बढ़िया किया मोदी जी मैंने गीत गाया. तो शौचालय वाला हां शौचालय वाला पहला गीत.
वही लिखा था एक जगह तो आप तारीफ कर रही. नहीं उसके बाद भी जब लॉकडाउन लगा तो मैं. गाना गागा करके बता रही थी कि अरे मोदी जी. कह ले उने ने उने नहीं जाना घर ही बैठ. देशभक्ति निभाना तो बट चलो एक सवाल पूछ. लेता शौचालय से आपने शौचालय से गीत बनाया. कई बार इस चीज को लेकर बड़े हल्के में लोग. तंस करस देते हैं कि ये वो बना. जैसे आप बेरोजगारी की बात करते हो महंगाई. की बात करते कई ऐसे मुद्दे जिन पर लंबी. बहस होनी चाहिए और वो जरूरी भी है स्वस्थ. लोकतंत्र में लेकिन जोय ले जैसी चीज है यह.
आप मानते हो कि एक बड़ा कदम क्रांतिकारी. कदम क्योंकि हम भी गांव में गए हैं बरसात. के दिनों में अगर आप सड़क पर जाते थे तो. हमको याद है कई बार जिसे कहते है ना घन आ. जाती है सड़क प चलना मुश्किल होता था दो. चीज लाना एक शौचालय बनाना और एक आदमी को. ये समझाना कि भैया बाहर बीमारी है घर में. जरूरी है ये कैसे से देखते हो क्या ये. मानते हो कि एक सराहनीय कदम कम से कम ये. सरानी कदम है जो आप भी सोच से मैच करता है. नहीं नहीं बिल्कुल सरानी कदम है जैसे. स्वक्षता की रही बात तो मैं कह तो रही हूं.
कि वो 100 मीटर लंबी मेरे गांव में हमेशा. गंदा रहेगा हमेशा ही गंदा तालाब किनारे. बरसात हो जाए तो भाई नरक हो जाएगा ऐसा. लगेगा जगह-जगह पे विस्फोटक रखा हुआ पांव. रखेंगे आप ही उड़ जाएंगे वो वाला माहौल आप. सोचना कैसे आदमी हमको बात करने में. ना हां हां ये एकदम मतलब हां इसकी सराहना. की जानी चाहिए मैंने तो गीत गा कर के अपना. समर्थन दिया तो ये बहुत अच्छा पहल था है. तो मैंने भी अपने गीत के माध्यम से ये. गाना आपने गा दिया हां हां हां हां 18 के.
लास्ट में हां हां फिर ये वायरल हो गया. नहीं नहीं ये वायरल नहीं हुआ. नेहा सिंह राठौड़ की नजर में वो कौन से.
एक्स फैक्टर था यहां से हम हिट हो गए अ. देखिए हिट जैसी चीज नहीं होती है महाराज. मुझे अरे मतलब घर घर जाने लगे लोग की जाने. लगे एक लड़की है बिहार की भैया बढ़िया गा. बिहार में काबा कह सकते हैं यूपी में भी. पूर्वाचल बाद में यूपी में काबा गया था. हां हां बिहार में काबा यूपी में काबा वो. जते मुझ रवि किशन जी. को यूपी में काबा मुझे लगता है कि वो गीत. थोड़ा सा काहे ब्लॉक कर दी फिर आपको ये तो. रवि किशन जी से पूछिए ना मैंने उनको ब्लॉक. हो सकता है आप परेशान कर दू एकदम नहीं.
नहीं मैं परेशान नहीं हू मैं तो सवाल पूछ. लेती हूं हां तो अब सवाल पूछने पे देखिए. यही हाल है नेता जी लोगों का ब्लॉक कर. देते हैं रवि किशन जी का आप जब इंटरव्यू. कीजिएगा तो ये जरूर पूछिए कि नेहा सिंह. राठौर को आपने ब्लॉक क्यों किया ऐसे तो. हमको विराट कोहली भी ब्लॉक किए बैठे हम भी. सवाल पूछ लिए थे सही में तो सही बात है. फिर किसी और पॉडकास्ट में उनसे पूछा जाना. चाहिए कि शुभंकर मिश्रा को क्यों ब्लॉक. किए विराट कोहली हम रवि जी से पूछ लेंगे. आप हां जरूर पूछ ली आप कोहली से मिलेगा तो. आप पूछ लीजिए हां जरूर जरूर जरूर. अच्छा ये काबा वाली कहां से शुरुआत.
क्योंकि हमने देखा रवि जी ने एक बड़े. स्वैग से गाना बनाया अ यूपी में बाबा ये. वो ऐसा वैसा फिर आपने एक तंस कसा साड़ी. में एक लड़की बैठ के वो ढपली बजते एकदम. देसी टच में आप लोग कहते हैं हम नेहा. साड़ी में उतना नजर नहीं आती है नेहा. घूमती शर्ट पॉइंट पॉइंट के हैं वीडियो. बनाना होता है तो साड़ी माते एकदम देसी. महिला बन के नहीं देखिए मैं भोजपुरी को. रिप्रेजेंट कर रही हूं तो भोजपुरी की. महिला कैसी होगी साड़ी पहने हुए ससुर भसुर. से थोड़ा ऐसे शर्माते हुए और बहुत. फ्रस्ट्रेट भी है बहुत सारी चीजों के अभाव. में जूझते हुए बहुत समझ भी नहीं पा रही है.
कि कैसे अपनी बात कहनी है तो वो उसी अंदाज. में कहेगी अरे बाबा काबा समझ नहीं पा रही. है कि उसके अधिकार क्या है क्या-क्या पूछ. लेना चाहिए क्या नहीं पूछना चाहिए तो वही. एकदम फ्रस्ट्रेटेड सी महिला है गांव देहात. की सारा काम धाम करने के बाद उसका बच्चा. दिल्ली बंबई में पढ़ाई भी करता है रहीला. चना बेच करके उसको पैसा भी भेजना है तो. पूरी तरीके से जो है वो एक परेशान महिला. है तो वो जो कैरेक्टर है वो भोजपुरी की एक. महिला का कैरेक्टर है यह नेहा सिंह राठौर.
अलग है वो जोगा रही है वो अलग वो कैरेक्टर. है आप. ऐसे समझ सकते हैं उसको ठीक है हम आपकी. पॉलिटिकल दुनिया बाकी सब पर आएंगे उससे. पहले थोड़ा आपके जीवन को हम समझते हैं. नेहा सिंह राठौड़ को गुस्सा बहुत आता. है नहीं प्यारी बच्ची हूं मैं अभी हम. देखिए गाड़ी वाला ठोक दिया आप उस परे चढ़. बैठी हैं. ढ़ तो अच्छी बात है.
लेकिन ये सवाल लोग कहते हैं कि नेहा सिंह. राठौड़ को इतना गुस्सा क आता है नहीं नहीं. मैं बहुत प्यारी बच्ची हूं मुझे बिल्कुल. भी गुस्सा नहीं आता है पर मुझे लगता है. कि गलत का विरोध कर देना चाहिए जैसे अगर. कोई भी गाड़ी वाला दारू पी कर के उल्टी. गाड़ी मेरी गाड़ी पर चढ़ा मैं मर भी सकती. थी आपको पता है तो आपको क्या लगता है मुझे. गुस्सा नहीं होना चाहिए कि आप कैसे हमारी. गाड़ी में टक्कर मार सकते हैं ऊपर से दारू. पी कर के आप गाड़ी चला रहे हैं हिमांशु. वीडियो में कहते रुको गाड़ी के पास मत जाओ. मत जाओ म आप एकदम रुको हम आते हैं रुक. गाड़ी रुक गुस्सा आ गया था पति देव कह र.
रुक जाओ रुक जा पता लगे चढ़ा दे तु चढ़ा. दे हां हां अच्छा हां उस हां उस दिन. गुस्सा आ गया था एकदम ठीक बात है पर इतना. मैं गुस्सा नहीं हूं अब कुछ ऐसा गलत हो. जाएगा तो आदमी देखी जानते आदमी जब डर जाता. है तो आदमी गुस्सा जाता है तो मैं वहां डर. गई थी आप अगर वीडियो देखे होंगे तो मैं. एकदम सहम गई थी ऐसा लगा जैसे जब गाड़ी. मेरी लड़ी ना तो मुझे सच में लगा कि अब. मैं होगा नहीं कुछ भी अब मैं मर जाऊंगी गए. थे हम इंटरव्यू देने फेमस. होने पता लगा हमारे नाम से खबर चलने वाली. है हमारे नाम से खबर चलने लगी कि सड़क.
दुर्घटना में नेहा सिंह राठौर ऐसा ना हो. आगे नहीं बोलेंगे हम लोग तो पता है आपको. जब मेरी आंख खुली तो मुझे पता चला कि मैं. बच गई हूं फिर मैंने कहा हिमांशु तुम. सुरक्षित हो तो वो डर गई थी मैं तो डर के. मारे वो तो गुस्सा निकल ही हिमांशु भी. डरते हैं आपसे नहीं महाराज आप देखिए डर के. मारे इंटरव्यू बिना देखे बाहर चले नहीं. नहीं नहीं नहीं ऐसी बात नहीं है वो सामने. रहता है तो मैं असहज हो जाती हूं मुझे. लगता है जानते हैं जिनके सामने जैसे मैं. मेरी मम्मी और पापा के मुझे भी लगता है कि. अपने पापा के सामने बहुत बकैती नहीं कर.
पाएंगे हां क्योंकि आपको पता है पापा पति. मंतर है ना नहीं पति के साथ तो सारी आप. दिन भर बैठ के आप वीडियो बनवाते है अब तो. आपने परमानेंट कैमरा पर्सन पति कम कैमरा. पर्सन आपका है नहीं मैं उसके सामने थोड़ी. असहज हो जाती हूं मैं बस मैं यही कहूंगी. और वो सामने रहेगा तो मैं कुछ भी बोलू. अच्छा एक और बात है वो पीछे से कुछ कुछ. करता भी रहेगा तो मैं हंस दूंगी मुझे. लगेगा मैं बहुत सीरियस बात कर रही हूं. हिमांशु तुम क्या कर रहे हो तो ये लव. मैरिज हुआ था हां लव मैरिज हुआ था गरम दल. और नरम दल कैसे मिल गई अच्छा आप दो मिनट.
उससे मिले नहीं कि आप उसकी तरफदारी करें. गर्म दल नरम दल वाह वाह शुभंकर जी आपको. क्यों लगता है कि वो नरम दल है हमने जितने. देखो आप क्या करते हो आप सोशल मीडिया प. लोगों को ऑब्जर्व करते हो हां तो जितना. हमने आपके वीडियोस में आपको ऑब्जर्व किया. गर्म दल लगती हूं हां मतलब हर मसले पर वो. आप थोड़ा तैश में आते हो कहते हैं हां हां. रुक जाओ रुक जाओ हां हां नेहा रुक जाओ रुक. जाओ रुक जाओ वो थोड़ा समझाते रहते हैं तो. ये कहां से आपका मेल शुरू हुआ ये आपकी. मोहब्बत की कहानी क्या है थोड़ा समझाइए. क्योंकि क्रांतिकारी तो सबको सुनाया आपने. हां हां हां हा हा हा मोहब्बत मोहब्बत.
थोड़ा आपका वो हिस्सा रह गया है मोहब्बत. की कहानी देखिए दिल्ली मिले थे दिल्ली में. मिले थे प्रगति मैदान में मिले थे बुक. फेयर में मिले थे हम दोनों गए थे आ हाय. अच्छा मुझे लगता है बुक फेयर का कहानी की. एक बड़ा अच्छा गुलजार साहब का शेर था कि. वो जो किताबों को गिरने उठाने के बहाने जो. रिश्ते बना करते थे वो किताबों में जो सखे. हुए फूल मिला करते. थे ऐसा हुआ था प्रगति मैदान गए हुए थे वो. भी किताब खरीदने चाहे घूमने मेला घूमने. मैं भी गई थी तो वो भी किताब को उल्टी.
करके पढ़ रहे थे मैं भी उल्टी करके पढ़. रही थी ऐसे लड़कियां पढ़ जाती है ऐसे नहीं. नहीं नहीं नहीं नहीं ऐसा नहीं हुआ था कि. बस ऐसे लड़ आप सोच रहे हैं कि क्या पता. मेरे से मेरे साथ भी कोई नहीं तो फिर हुआ. ये तो आपकी सहेली ने शादी कर ली ना. ओ सच में मैं ये बात बोल दूं क्या. प्रियंका दीदी क्या ही मैं बोलू सच में वो. उनकी आप क्रश है उन्होंने बोला था कि कभी. भी तुम शुभंकर से मिलना यार तू जा करके ये. बता देना पिछला इंटरव्यू उन्होंने देखा था. तो बोला था कि जाके बता देना क् मुझे बहुत. हैंडसम लड़ लगता है लड़का मैंने कहा यार.
तो फिर तुमको बताना चाहिए था मुझे बयाह भी. कर ली बबुआ भी हो गया बताओ हाल हाय हाय. हाय क्या ही मैं बोलूं खैर तो हम लोग मिले. तो वही किताब बताब हम लोग पढ़ रहे थे. मैंने कहा वो भी उ सच में ये थोड़ा सा. फिल्मी लगेगा आपको कि वो भी उल्टा ही पढ. रहा था या फिर एक चीज ये हो उल्टा जैसे ये. किताब है जैसे ये है हां तो ये ऐसे सीधी. है तो वो ऐसे टाइप करके जैसे यहां पे यहां. पे कुछ लिखा नहीं हुआ है उसको पढ़ रहा. उल्टा करके पढ़ रहा था वो मैं भी कुछ.
उल्टा ध्यान नहीं दिए होंगे हम दोनों हम. दोनों की नजर पड़ी तो मैंने कहा उल्टी पढ़. रहे हैं ही तो उन्होंने बोला आप भी उल्टा. ही करके पढ़ रही है ही मैंने कहा अच्छा सच. में ऐसा अच्छा ये फिल्मी लग रहा है ना पर. ऐसा ही हुआ था फिर चाहे बड़ा उधर चलता अब. तो गए होंगे बुक फेयर में खूब अपने मन का. लोग चाय पी रहे हैं इस साल गेस्ट के तौर. पर इनवाइट किए गए थे ओ हो तो ऐसे ही हुआ. फिर एक दूसरे से हम लोगों ने नंबर लिया दो. तीन दिन हम लोग मेले में गए थे किताब ताब. खरीदने मैं भी बहुत जानती नहीं थी ही टाइम. पहुंच रहे थे मन में लड्डू दोनों तरफ फूट.
रहा था कि आज 5 बजे पहले दिन नंबर लिया. नहीं होगा हां पहले दिन नंबर नहीं लिया था. तो आज 5:00 बजे गए थे कल भी 5:00 बजे आएगा. आया नहीं आया किताब छोड़या किताब तो बहाना. है बस आप समझ रहे हैं एकदम आप सही समझ रहे. हैं कि किताब तो एक बहाना था मेन तो माई. बाबू जी को नहीं पता था हम किताब पढ़ने. भेजे थे बिटिया वहां प अब माई बाबू को बता. के कौन प्रेम करता है शुभंकर जी गजब बतिया. रहे हैं आप माई बाबू तियांग नहीं अगर पता. चल जाएगा कि प्रेम हो गया है उनकी लड़की. को तो नहीं नहीं मा बा हा कौन साल कहानी. वैसी है 2019 के लास्ट 20191 सब सारा.
क्रांति 18 के बाद ही हुई है 18 के बाद ही. सारी क्रांति हुई है हां सब पूरा जीवन बदल. गया 18 के बाद हां मतलब ग्रेजुएशन कंप्लीट. करने के बाद अब मेरे पास टाइम था कि मुझे. क्या-क्या करना है उसके पहले दाल चावल. जिंदगी थी उसके बाद दाल सारा तड़का 18 के. बाद लगा कह सकते हैं कह सकते हैं हम तो. ऐसे ही फिर बातचीत हमारी होने लगी शुरू. में मैं बहुत भाव मैंने नहीं दिया मैसेंजर. प बहुत सारी मैसेज कविताएं भेजते थे मुझे. लगता था भक क्या है बिना पढ़े ही मैं. डिलीट कर देती थी क्योंकि मेरा जो फ था.
उसका लॉगिन मेरे भाई के पास भी था उसका. एक्सेस तो मुझे लगता रहता था डर लगता था. धीरे-धीरे करके चार पाच महीने बाद मैंने. नोटिस किया मुझे लगा कि यह लड़का उनका मन. आईस की तैयारी करवाने में कम लग रहा है. हमें ज्यादा लग रहा. है बस सही समझ रहे हैं सही समझ रहे हैं. कविताएं लिख लिख करके मुझे भेजते रहते थे. ना हिमांशु जी तो मुझे भी लगा कि ठीक. लड़का है मुझे भी लगने लगा एक टाइम पर कि. मैं भी इसको पसंद करती हूं तो फिर लोगों. ने शादी बयाह का भी मन बनाया घर परिवार.
में कोई विरोध विरोध कुछ नहीं हु हां बहुत. विरोध हुआ ऐसा कैसे हो सकता है मैं बिहार. से आती हूं विरोध ना हो वही हम क लव मैरिज. मतलब यूपी बिहार में तो बहुत हआ वाली चीज. है बहुत बड़ी चीज होती है बहुत हआ वाली. चीज होती है पड़ोस वाले क्या कहेंगे बाप. पिताजी कहे होंगे नाक कटवा दोगी समाज में. तुम बिल्कुल बिल्कुल मैं तो इतनी बार बोल. चुकी हूं शुभांक जी कि मेरा भाई एक बार. नाराज हो गया था अभी भी मैं बोलूंगी और. मेरी मम्मी और भैया इंटरव्यू ये देखेंगे. तो कहेंगे तुम हर जगह जा कर के यही बात. बोल आते अच्छा मेरी मम्मी ना कहती थी मेरी. मम्मी कहती थी गांव भर में ना ना लव मैरिज.
नाहा सबको पता था मैं मीडिया में बोल चुकी. हूं यह बात लेकिन मम्मी अपनी तरफ से पूरी. कोशिश करती थी ना ना व तो जानते ना रहे. हमार बचिया ना लव मेरिज ना व तो गल रहल. तिलक हरू बन के शेर हुआ के पापा तो हाही ह. सबने कहा मम्मी मैं मीडिया में बोल चुकी. हूं यह बात क्या कर रही हो तुम तो क्या. कीजिएगा मम्मी तो थोड़ा दुखी भी हो जाती. है कि हां तुम जाके सबको बता दी मैंने कहा. क्या करूं अब एक बार मैंने बोल दिया सब. पूछते हैं मुझसे तो हां लव मैरिज था बहुत.
क्रांतिकारी तरीके से हुआ बहुत थप्पड़ खाई. हूं मोबाइल सबाइल भी तोड़ा गया थप्पड़ खाई. मतलब चाटा वाला चाटा खाए चाटा वाला चाटा. वाला टंकी किसने चाटा दिया मम्मी ने टंकी. के पीछे छुप के बत आ रही थी मम्मी ने देख. ली भाई ने मेरा फोन ही तोड़ दिया बहुत. बहुत थप्पड़ खाई हूं कितने दिन पापड़ पले. ब आ ली बहुत ज्यादा कितना दिन लगभग 18 181. से मिले हां हां हां तो ब कब ब्याह कब किए. थे ब्याह. 2023 में हुआ था 2 में यानी चार साल में. सारा 2 में तीन साल में सारा कर्मकांड.
प्यार मोहब्बत तीन साल बहुत होता है एक एक. दिन गुजरना मुश्किल हो जाता किने दिन में. हा हां ना वाला हुआ था हा ना वाला मतलब कि. शादी करेंगे नहीं करेंगे मतलब हम आपस पहला. फैसला तो आपस में हुआ होगा ना एक लड़ाई तो. आपस में होगी अरे हम दोनों को बयाह करना. था भाई हां हां हम दोनों का कांसेप्ट बड़ा. क्लियर था कि बियाह करना है मैंने बियाह. करोगे हमसे अरे कब करना है य बताओ कहां. करना है यह बताओ मैंने कहा ठीक है ये. लड़के से मेरी शादी होगी यह लड़का मुझे. पसंद है अच्छा बिया पहले सियासी बातो करते. थे कि नहीं करते थे प्रेम मोहब्बत में कोई.
सियासी बातचीत नहीं होती है महाराज हम. हाइपोथेटिकल बहुत सोचते हैं हम सोच रहे. हैं कि मान लो सरकारी समर्थक निकल जाता तब. क्या करते देखिए मुझे लगता है कि अगर मैं. आपको प्रेम करती हूं तो आप किसी के भी. समर्थक किसी के भी विरोधी हैं मेरा दिल. आपसे लगा है तो लगा है मेरा यह मानना है. फिर वो किसी के समर्थक विरोधी होते उससे. मुझे फर्क नहीं पड़ता प्रेम है तो प्रेम. है तो आपके उनके जीवन में आने में उनके के. जीवन में ज्यादा कांड हुआ या आपके उनके.
आने से आपके जीवन में ज्यादा कांड हुआ. कांड की अगर बात करें तो देखिए लड़कों के. साथ कांड बहुत नहीं होता है जैसे हिमांशु. की जो फैमिली भी रही है जैसे शादी वादी को. लेकर हुआ तो उनके पापा एक मिनट में कि हां. ठीक है बेटा कहां शादी करनी अच्छा सच में. वो लोग बड़े कूल लोग हैं उसके पा मुझे. यकीन जैसे फिल्मों में नहीं होता है तो. पहले ही कह दिया ना नरम दल गरम दल अब पता. नहीं हां कह सकते हैं जैसे हिमांशु के. पापा को पता लगा कि शादी ब्याज जैसी चीजें. चल रही है तो हां हां बताओ बेटा कहां पे. शादी करनी है हम लोग चले आएंगे दो चार. फैमिली में लोग हैं एकदम रेडी रहते हैं कल.
शाम को आना है बारात लेके हम कल शाम को आ. जाएंगे दान दहेज नहीं मांगी थ उनकी पिता. कुछ भी नहीं कोई दान दहेज नहीं ना हिमांशु. ने मांगा ना दिया गया घर वाले हमारे एक. दान लव मैरिज और दान दहेज बिल्कुल नहीं और. नहीं आपको लगता है मैं दान दहेज दूंगी हा. मतलब लव मैरिज में कहां मिलता है अरेज. वाले में मिल जाता है यूपी हां बिल्कुल. मैंने ल सच्चाई है ना अभी हर आदमी देखता. है ना क्या मिला हां हां देखता है बिल्कुल. देखता है मैंने कोई दान दहेज कितना तिलक. चढ़ा. हां नहीं कोई कोई दान दहेज मांगा नहीं था. ना देने का मूड था हां हां ठीक है फिर.
शादी ब्याह हो गया फर शादी ब्याह हो गया. अब हिमांशु मेरी स्मृतियों में पहली बार. तब आए जब वो दृष्टि आईएस वाला केस हुआ था. हम हम हम तो ये इसकी क्या भूमिका थी क्या. हुआ था विकास दिव्य कीर्ति य पूरा मामला. थोड़ा चाहते हैं आप बताइए आपका वर्जन जो. है वो समझ में आए क्योंकि पहली बार. हिमांशु को तभी सबने जाना बार-बार हिमांशु. हिमांशु हिमांशु हिमांशु आया क्या कहानी. थी कहानी यह थी कि यूपी में काबा सीजन टू. करके वो जो कानपुर देहात में कांड हुआ था. उसको लेकर के मैंने एक गीत साबा वाला जी. जी तो मैंने एक गीत अपलोड किया उसके बाद.
मुझे एक नोटिस आता है जैसे ही मुझे नोटिस. आया उसके अगले दिन हिमांशू से रिजाइन. लिखवा लिया गया तो मुझे अच्छा रिजाइन. वगैरह का प्रोसेस मुझे लगता हैब कभी मैंने. वो ऑफिस में जॉब नहीं किया है तो मुझे. नहीं आईडिया पर मुझे इतना जरूर आईडिया है. कि ये होता होगा आपने तो ऑफिस वगैरह आप गए. हैं जाते हैं तो आपको पता होगा कि दो चार. दिन पहले आपका जो बॉस है या आपसे ऊपर जो. भी काम करता है बताएगा कि भाई तुम्हारा. काम ठीक नहीं लग रहा है तो री हरकत सही. नहीं है जो ऑफिस के लिए कर्मचारी के तौर.
पर तुम लापरवाह हो चाहे जो भी कुछ भी नहीं. बस हिमांशु एक दिन ऑफिस गए और उनसे उनका. जो भी एचर चाहे जो भी होता होगा उसने बोला. कि यहां प देख लो यही कार्ड निकाल के रख. जाओ और जाओ हो गया क्लियर जाएगी हां तो. हिमांशु ने भी वहां पर साइन करके वो चले आ. मैंने कहा क्या हुआ तो रिजाइन दे दिया. मैंने कहा. क्यों ऐसा. हुआ फिर क्या माहौल था घर प इस जब ये घटना. हुई. क्योंकि है तो सब मिडल क्लास. तो पैसा छाप लि आप लेकिन नहीं नहीं नहीं.
पैसा अभी भी मैंने नहीं छाप लिया है और. बिल्कुल सही बात है कि मिडल क्लास मिडल. क्लास फैमिली में जैसे पति की जॉब हो भी. क्योंकि जिस माइंडसेट से भी हम लोग आते. हैं आपके मां-बाप के बारे में सुन रहा हूं. तो मैं इमेजिन कर पा रहा हूं कि उस वक्त. घर में एक बड़ा कस हुआ होगा दोनों फैमिलीज. में तो क्या चल रहा था उस वक्त घर में जब. ये सारी घटना चल रही थी कि हिमांशु की जॉब. चली हो सकता कुछ लोगों ने आप पर तंस भी. कसा हो तुम्हारे चलते उसकी नौकरी तुम छीन. ले गई या ये सब आया होगा ना पक्का बिल्कुल. देखिए मैं कह तो रही हूं कि मैं गांव.
देहात से आती हूं शादी बियाह भी मेरा. अकबरपुर में हुआ गोंडा के बगल में ही है. तो सच बात ये है कि मेरी शादी को सात आठ. महीने ही या नौ महीने ऐसे ही कुछ करके हुए. थे मेरे यहां ससुराल में यह बात चल रही थी. कि बताओ शादी के अभी इतने दिन भी नहीं हुए. पुलिस दरोगा बुलाने लग गई है हां यही सब. हां हां मेरी सास भी नहीं है तो ससुर मेरे. अकेले वहां पे रहते हैं उनको बहुत ताने. सुनने मिले कि रिश्तेदारों से पड़ोसियों. से कि देखो देखो हमको तो पहले से ही पता. था पता नहीं उधर कहते हीरोइन से बियाह. करोगे तो यही ना होगा. हां उधर यही चलता है उनको ये नहीं पता मैं.
कौन हूं मेरा काम क्या है बस इतना पता है. कि सोशल मीडिया प जो थोड़ा एक्टिव वो. हीरोइन होता है तो अंकिता लोखंडे वाला. आपको सीन याद आ. गया वैसा ही समझ लीजिए कि अरे तोत उनसे. बयाह किए हैं अरे वो बहुत कंट्रोवर्सी में. रहती है तो पुलिस दरोगा अब तो नौकरी भी. उसकी खा गई हां अब तो मुझे तो कमेंट्स में. लोग कहते रहते हैं कि पति की नौकरी खा गई. मतलब जिस मैं जहां से आता हूं गोंडा से या. वो जो यूपी के बेल्ट है जो जानता हूं मैं. इमेजिन कर सकता हूं कि वहां पर महिलाओं को. ऐसे ताने पड़ते हैं ताने पड़ते हैं हां.
बिल्कुल बिलकुल आमतौर पर महिलाओं को लोग. लक्ष्मी मानते हैं बट आप पर ये आरोप आए. होंगे तुम्हारे आते ही नौकरी खा गई तुम और. देखो क्या हुआ क्या रहा आपके घर में क्या. बातचीत थ आपके माता पिता देखिए मेरे घर की. अगर रही बातचीत तो मैं इस पे हमारे यहां. क्या होता है ना कि शादी बयाह कर देने के. बाद नहर वालों को बहुत मतलब नहीं रहता है. उनका एक अब तुम देख लो अपना शादी बियाह भी. अपने ही मन से की हो लड़का खुद से ही पसंद. मैरिज में ये भी होता है हां तो उनका बहुत. वैसा कुछ हस्तक्षेप नहीं था कि अब क्या. होगा बट फिर भी आपके मां-बाप होंगे फोन.
पक्कड़ गया होगा खबर अखबार वो भी पढ़ते. होंगे मेरी मम्मी मेरे को लेकर के परेशान. थी उनको पता नहीं किसने बता दिया था कि. जेल वेल में जाने वाली हूं और वो ये कह. रती है कि जेल में तो चूहे होते हैं चूहे. काट खाएंगे. मुझे मतलब ये चिंता नहीं थी कि जेल जाओगी. हां हां हां जेल में चूहे काट देंगे चूहा. आपको खाके मोटा जाएगा य चिंता थी उसको ये. चिंता थी कि जेलल में तो चूहे होते हैं. खाने वाने को भी वहां कुछ नहीं होता है. जेल में मेरी बेटी को चूहे काट देंगे वो. चूहे काट देंगे और मर जाएगी उसको ये पता. नहीं देखिए गांव में ना उड़ती फिरती खबरें. जाती हैं एक्चुअल खबर नहीं जाती बस यह पता.
है सोशल मीडिया पे कोई एक तो पहले वहां प. नेटवर्क भी ठीक नहीं रहता दो मिनट की. वीडियो चली पा मिनट वाली छूट गई तो दो. मिनट में जो जिसको समझ में आया वही बता. रहा है जैसे अभी मेरे बारे में पता है. गांव में क्या खबरें चल रही है मनोज. तिवारी से झगड़ा कले भैया झगड़ा क ले भया. मनोज तिवारी से उस टाइम पे ये था कि हां. तो अब जेल में जा रही है बहुत उछल रही थी. ना कही ना सोचे आदमी आपका. निशाना मनोज जी पे ये रवि जी पे टीवी में.
आपका जो क्लिप वायरल होता है जैसे कई सारे. बड़े-बड़े चैनलों में आप क्लिप देखे वहां. भी यही आता है तो गांव देहात में आदमी दो. मिनट क्लिप देखा उसके दिमाग में बैठ गया. नहीं तो वही मैं कह रही हूं ना कि गांव. देहात में पूरी खबर नहीं जाती है उस टाइम. पे भी यही लोग कह रहे थे कि ये जो है बहुत. बोलती रहती है अब अब जेल जाएगी तो इसको. समझ में आ आएगा तो मेरी मम्मी को भी पता. चल गया था कि मैं जेल जाने वाली हूं पूरी. खबर उनको ये नहीं पता थी कि नोटिस मिलने. पे ही केवल जेल नहीं हो जाता और जेल जाने. के लिए प्रॉपर आपका अपराध जो है वो साबित.
भी होना चाहिए कि आपने क्या अपराध किया है. ये मानते हो आप मतलब जेल तभी तो आदमी. जाएगा लेकिन नहीं आजकल आप बहुत ट्वीट कर. रहे हो ना कि ऐसे लोग को जेल भेज दिया जा. रहा. है हां मुझे मेरे खिलाफ भी मुझे भी धमकाने. डराने की पूरी कोशिश की जाती रहती है. हमेशा अभी भी की जाती है तो जब ये घटना. हुई तो हिमांशु का रिएक्शन क्या था. क्योंकि असली तो दंश उन्होंने झेला एक. जहां पढ़ाने जा रहे होंगे एक रूटीन होगा. एक लाइफ होती है भले ही बीवी कितना नाम. कमा ले इंडिविजुअल लाइफ भी होती है. बिल्कुल बकुल तो उन्होंने एक्सप्रेस किया.
या पर्सनल आपने फील किया कभी एज अ गिल्ट. कियार अनइंटेंशनली ही सही लेकिन मैं. जिम्मेदार हूं वो नहीं भी कह रहा तो भी या. उन्होंने कुछ आपसे एक्सप्रेस किया आपको. पता है यही तो सबसे अच्छी बात है हिमांशु. की कभी कभी महसूस नहीं हुआ कि व मुझे यह. महसूस करा दे कि तुम्हारी वजह से आज जो है. मेरी जॉब कभी नहीं कभी नहीं पता नहीं व. बहुत अलग लड़का है मैं मुझे लगता है कि. ठीक से बता नहीं पा रही हूं कि वो कैसा. लड़का है हम दोनों की जो बॉन्डिंग है वो.
बहुत अलग है बिल्कुल उसमें यह बात नहीं. होती है कि मेरी जॉब चली नहीं यार हम लोग. नून रोटी खा कर के भी ना बहुत मस्त रहने. वाले जीने वाले लड़के मतलब लोग हैं कभी. नहीं कभी भी नहीं मुझे याद ही नहीं है. कभी-कभी बल्कि मैं पूछती हूं कि हिमांशु. तू सोचता तो नहीं है ऐसा बचिया तुम पागल. हो क्या तुम मेरी बचिया हो क्या हुआ इससे. भी कठिन बड़ी-बड़ी कठिनाइयां आएंगी झेल. लिया जाएगा मैं तुम्हारे साथ हूं सबसे लड़. जाना आना डरना मत किसी से कॉन्फिडेंट रहना.
अभी जैसे उन्होंने मुझे बुलाया था ना तो. पता है उसने क्या किया ऐसे मेरा पीठ ठोकते. हो जाओ आराम से इंटरव्यू देना सच में. नर्वस मत होना नर्वस मत. होना हां वो ऐसा ही है कहीं भी कोई भी. जैसे अभी बातचीत अभी हो रही है किसी भी. इंटरव्यू में मैं जाती हू नहीं बट दो. चीजें एक तो हो गया चलिए हिमांशु ने नहीं. कहा बट हिमांशु को लेकर खबर जो दृष्टि. आईएस से आई थी वो ये आई थी कि वो एक. लापरवाह व्यक्ति है जो मैंने क्योंकि उस. खबर को मैंने भी कवर किया था लगातार उस. मैंने बनाए थे तो जो उनका स्टेटमेंट आया.
था वो यह था कि वो एक लापरवाह व्यक्ति है. कई बार उनको हमने वार्निंग दी थी उस वनिंग. को नजर अंदाज कर रहे थे हमारा एक्शन प्री. प्लान था हमने किया देन हिमांशु का भी. रिएक्शन था कि वो विकास जी की बहुत इज्जत. करते हैं और संस्थान की इज्जत करते हैं और. उन्होंने उनके खिलाफ एक लफ्ज भी नहीं कहा. अब विकास कीर्ति को जानने वाले लोग भी यह. मानते हैं कि वो एक ऐसे व्यक्ति हैं जो. समय समय पर कई कठिन विषयों पर अपनी बात. रखते. हैं कई बार हमने उनको देखा धर्म पर और कई. बार वह खुद वादों में फस जाते हैं तो फिर. लोगों के मन में आता है कि जो आदमी खुद.
बेबाक है जो आदमी खुद इतना वोकल है वो. कैसे डर सकता है नेहा ने कहीं ऐसा तो नहीं. कि विकास दिव्य कीर्ति के नाम पर एक स्टंट. खेल दिया और सोचा इसे कैपिट इज कर लेते. हैं पॉपुलर और मिल जाएगी देखिए सबसे पहली. चीज कि मुझे लगता है कि मेरे पति को. व्यक्तिगत तौर पे मैं जानती होंगी या मेरे. घर वाले जानते होंगे या हिमांशु के घर. वाले जानते होंगे विकास सर या विकास सर की. जो वह संस्थान है और वहां के जो लोग हैं व. एक कर्मचारी के तौर पर उनको जानते होंगे. तो एक लापरवाह कर्मचारी थे यह तो समझ में.
आता है पर एक लापरवाह व्यक्ति थे यह तो. स्टेटमेंट ही अपने आप में पूरी तरीके से. गलत व्यक्ति के तौर पर आप उन्हें जानते ही. नहीं आपके वो 8 घंटे सात घंटे की ड्यूटी. पर जाते होंगे तो आप उनको एक कर्मचारी के. तौर पर जानते तो आप यह कहते तो वह सही था. एक तरीके से कि हां चलो तुमको जो बोलना था. या तुमको जो समझ में आया कि एक लापरवाह. कर्मचारी लापरवाह व्यक्ति आप कैसे बोल. सकते हैं हिमांशु कैसे व्यक्ति हैं आप. नहीं जानते हैं उनको वह आपके यहां नौकरी. करते हैं वह व्यक्तिगत तौर पर कैसे हैं. उनका वह व्यक्ति कैसे हैं वह मैं जानती.
हूं तो वह बिल्कुल लापरवाह व्यक्ति नहीं. है बाकी हां अपने आदमी खुद को डिफेंड करने. के लिए कुछ ना कुछ बोलते रहता है आप मिली. विकास सर से कभी उसके बाद नहीं मैं कभी. नहीं मिली हूं या इन सवालों को लेकर आपका. रिएक्शन के जब ये बातें आई थी कि मुझे. लगता है कि मुझे नोटिस मिलने के बाद महज. ये संयोग नहीं है हां मुझे ये लगता है तो. फिर हिमांशु ने इस बात को लेकर प्रोटेस्ट. क्यों नहीं किया क्योंकि हिमांशु विकास सर. की बहुत रिस्पेक्ट करते हैं हिमांशु के. मुंह से कभी भी विकास सर के लिए कोई बुरे. शब्द मैंने नहीं सुने मतलब मैं बहुत.
पर्सनल हो गया ना मेरा और हिमांशु का वह. मीडिया में बाइट और व तो बहुत दूसरी चीज़. होगी कभी नहीं बहुत इज्जत करते हैं और वह. कहते हैं कि बहुत जो है उनका सम्मान है. सम्मानित व्यक्ति हैं तो फिर चलिए मैं. सवाल को एक और तरीके से पूछता हूं तो फिर. विकास दिव्य कीर्ति के संस्थान की तरफ से. जो स्टेटमेंट आया क्या उसको सुनकर हिमांशु. को दुख हुआ क्योंकि आप कह रही हैं कि वो. बहुत इज्जत करते हैं दुख हुआ बिल्कुल दुख. हुआ क्या कहा था उन्होंने आपसे कि देखिए. वो ना अ सबसे पहली चीज कि वो अपनी बातें. बहुत एक्सप्रेस नहीं करता है उसकी आदत है.
जैसे हम लोगों का भी कभी झगड़ा हो जाएगा. तो बोलता बहुत कम है दुखी हो जाएगा बोलेगा. नहीं तो वो दुखी था नहीं करना चाहिए था. ऐसा उनको ऐसे ही बस शांत सा और बुरा जो. आदमी महसूस करता है उसी भाव के साथ नहीं. करना चाहिए कोई बात नहीं होता रहता है अरे. वो बहुत अलग टाइप का लड़का है उसका ऐसा ही. मुझे तो लगता है कि भूकंप आ जाएगा अभी इस. बिल्डिंग में ना तो उस व हम सभी भागेंगे. अफरा तफरी मत जाएगी वो व्यक्ति बोलेगा ठीक. है आराम से चलते हैं कोई बात नहीं मरना तो.
है. ही प्राकृतिक आपदा से मरे चाहे वो ऐसा ही. है कुछ भी बहुत बड़ी आपको पता है सबसे. पहले इसीलिए आपने अपना कैमरा पर्सन बनाया. उसम पेशेंस बहुत चाहिए होता. है पता नहीं ये ये तो मैं नहीं वडियो. बनवाने में फोटो खिंचवाने में बहुत धैर्य. चाहिए होता है धैर्य कई बार तो मैं उसको. डांट भी देती मुझे लगता है तुमम हिमांशु. अच्छी फोटो नहीं क्लिक कर पाए यार यहां पे. अच्छी फोटो नहीं क्लिक कर पा नहीं महा आप. परमानेंट कैमरा पसन नहीं नहीं ये नहीं कह. सकते कि परमानेंट कैमरा प आपका वीडियो. क्लिप कैसा होता है इधर आओ नेहा हम ऐसा ही.
होता है वो खुद ही बनाता रहता है बची आओ. इधर उसको लगता है कि मेरी हरकतें बहुत जो. है वो कैमरे में मतलब रिकॉर्ड होनी चाहिए. क्यूट है पता नहीं उसको क्यूट ही लगती है. उ उससे पूछिए ना मेरी हरकतें कैसी लगती है. उसको हां लेकिन वो करता रहता बच्चे तुम. इधर आओ इधर आओ तो जब ये नौकरी होक का सीन. हुआ था तो घर में फाइनेंशियल स्टेटस कोई. इशू तो नहीं हुआ था देखिए इशू नहीं होने. का दिक्कत यह था कि मेरे ससुर जी का एक. अपना पेंट का छोटा सा व्यवसाय है दूसरी. चीज कि.
youtube0 दो गाने आपके हिट हुए थे ना ये. यूपी में काबा एक हिट हुआ था सेकंड वाला. शायद आया था हां लेकिन मैं. कि लखनऊ ज्यादा करीब है अपने घर से तो. वैसी कोई दिक्कत नहीं हुई या फिर शायद.
हमने दिक्कत महसूस नहीं किया हम वैसे लोग. नहीं है कि हम हाय तौबा क्या हो गया अब तो. लगता है सड़क पर आ जाएंगे वैसे शायद है भी. नहीं हम लोग ठीक नेहा सिंह राठौड़ की. मीडिया वालों से क्या. दुश्मनी मुझे लगता है कि मेरी कोई किसी से. दुश्मनी नहीं है काहे दिन रात आप उनको कोस. देती हो मतलब ऐसा लगता है जो मिल जाए इसको. रगड़ देंगे अगर मीडिया जो है शुभंकर जी. जाकर के अंबानी के घर पर हाथी की खिचड़. खाएगा तो मैं क्या बोलूं मीडिया के लोग.
अगर प्रधानमंत्री जी के साथ फोटो खिंचा. खिंचा करके मार अपने मन का कैप्शन और देश. में बहुत सारे मुद्दे चल रहे हैं जिस परे. बात की जानी चाहिए उस परे बात नहीं करेगा. तो आप बताइए मैं क्या करूं बट यह तो हमेशा. से होता है जैसे अभी आप चलो आप जिनकी बात. कर रहे हो क्योंकि मैं टीवी से आया हूं. मैं समझता हूं कि जब प्रधानमंत्री आते हैं. कोई आते हैं तो आपसे कहा भी जाता है कि और. आपके घर कोई अगर आता है मेहमान जैसे आप. मेरी मेहमान है तो हो सकता है नेहा सिंह. राठौड़ 10 लोग को ना पसंद हो को बहुत पस. हम ले आपके साथ ू मुझे भी ली देंगे ऐसे ही.
अगर प्रधानमंत्री आ रहे हैं तो लोग खिंचवा. ले रहे हैं भाई ता किसी मम्मी. प्रधानमंत्री अच्छे लगते हो ठीक है ठीक है. देश के प्रधा और वो प्रधानमंत्री आप कई. बार पद का भी सम्मान करते हो कि यार इतना. बड़ा आदमी आपके साथ आया है हालचाल ले रहा. है मेरा सवाल य कि मैंने कई और भी. पत्रकारों को जो य पर दिन रात क्रांति की. बात करते हैं मैंने कई सारे नेताओं के मंच. पर जाते हुए देखा है और उनकी तारीफ करते. हुए देखा है या कई ऐसे यूट्यूब हैं जो. बहुत बात करते हैं छोटी-छोटी बातों को अलग. तरीके से इ मोश आ तो ये तो दोनों तरफ है. तो फिर एक वर्ग को आप इतना क्यों टारगेट.
करती है एंकर्स को ठी ठीक है प्रधानमंत्री. पद का सम्मान करते हुए जो न्यूज एंकर्स. हैं उनको कभी उनसे सवाल भी पूछ लेना चाहिए. प्रधानमंत्री जी की जिम्मेदारी तो है नहीं. देश में बहुत सारी जो चीजें हो रही हैं तो. उनके पद का ही सम्मान करते हुए उनसे दो. चार सवाल भी पूछ लेने चाहिए वो क्यों नहीं. होता है अब अनौपचारिक मुलाकात होगी. औपचारिक मुलाकात शायद मौका ना दिया गया. उन्हें नहीं तो आप लोगों ने क्यों नहीं. मौका उनसे मांगा जैसे आप हैं आपने मुझे. बुलाया आप भी उन लोगों को अप्रोच करिए. बुलाया तो हमने अखिलेश यादव को भी था.
बुलाया तो हमने नहीं अखिलेश यादव जी की तो. दूसरी बात हो गई वो विपक्ष के हो गए. प्रधानमंत्री की बात मैं बात बता रहा हूं. कि बुलाने को तो हम सबको बुलाते हैं लेकिन. अगर कोई नेता नहीं आ रहा है जैसे मैं. एग्जांपल दे रहा हूं जैसे मेरा मन है अगर. प्रधानमंत्री जी आए तो जितने सवाल मैंने. आपके लिए रखे हैं मेरा तरीका वही रहेगा कि. मैं एक सोशल मीडिया पोस्ट डालूंगा मैं. कहूंगा आपके कोई सवाल है प्रधानमंत्री जी. को लेके आप दे दीजिए मैं उनसे व सवाल पूछ. लूंग सबसे पहली चीज कि मेरे में और. प्रधानमंत्री जी में बड़ा अंतर है मैं. बहुत दूसरी चीज हो गई पूरे देश के प्रति. जो भी चीजें हो रही है उसकी जिम्मेदारी. प्रधानमंत्री जी को लेनी ही होगी मुझे.
लगता है कि न्यूज़ एंकर्स जिनको वोह. प्रधानमंत्री जी इंटरव्यू नहीं दे रहे हैं. यह कहना चाहिए दिन रात कि प्रधानमंत्री जी. जो है इंटरव्यू ही नहीं दे रहे हैं ये भी. बात नहीं चल रही है मुझे लगता है ये मेरा. अपना जो है ओपिनियन है. कि मीडिया के लोगों को प्रधानमंत्री जी से. सवाल करना सीखना चाहिए बिना डरे ना कि जी. जी सर जी सर ठीक है सम्मान तो है. प्रधानमंत्री का सम्मान होना चाहिए बढ़े. बुजुर्ग आदमी है प्रणाम भी होना चाहिए. आपको बुजुर्ग लगते हैं वो वो तो कह लोग.
कहते हैं लोग कहते हैं कि बड़ा मेहनत करते. हैं जवान है एकदम अभी दिन रात काम करते. हैं 17 18 घंटे नहीं ठीक है वो दाढ़ी वाढ. तो सफेद है उनके बुजुर्ग आदमी है हो सकता. है स्टाइल. हो पता नहीं मुझे नहीं पता ये उनसे ही. पूछिए अच्छा ये सवाल मैंने इसलिए पूछा. क्योंकि लखनऊ में एक घटना घटी थी मेरे. पुराने चैनल के एक साथी थे मेरे सद अंसारी. जी उन्होंने कुछ आपसे पूछा नेहा सिंह. राठौड़ खड़ी हो गई पब्लिक ने कहा जी बताओ. बताओ बताओ क्या घटना हो गई थी वो आपकी. नहीं नहीं वो बहुत बड़ी चर्चित क्लिप थेथर.
पे आमादा हो गए थे हां एक तो पहले समझा दो. थेथर का होता है देसी भाषा हर आदमी समझता. नहीं है क्योंकि पॉडकास्ट मतलब इलॉजिकल. बात कर देना मतलब जिस बात में कोई तर्क ना. हो जैसे आपने डीएम को रंगबाज क्यों कहा आप. मेरी भूमिका को बहुत कमत आक रही है आप. अपने आप को क्या समझती हैं एक बीमार लड़की. आप मतलब उस चीज को आप बस समझिए एक मध्यम. वर्गीय परिवार की लड़की जिसको नोटिस आया. उसके पति की नौकरी छीन गई लव मैरिज बियाह.
भी करके क्रांति करके आई है पता है आपको. फिर मीडिया में इतना ज्यादा बातचीत बातचीत. बातचीत होने लगी बिना खाए पिए मैं लोगों. को बाइट पे बाइट दिए जा रही हूं कि हां. भाई फलाने चैनल से आए हैं ठीक है कुछ मंग. दे अभी नहीं नहीं नहीं अभी नहीं अभी नहीं. कंटिन्यू बोलते बोलते पता है मैं एकदम से. मुझे लगा कि जैसे पैनिक अटैक टाइप का मुझे. आ गया मैं सोचने लग गई कि अब क्या होगा अब. कैसे करना है आप समझ पा रहे हैं अंबेडकर. पार्क में लखनऊ इंटरव्यू था हां और उस उस. रात को मैं बीमार हो गई थी दूसरे दिन. इंटरव्यू था मैं जाना ही चाहती थी हिमांशु.
ने बोला कि तुम्हारी तबीयत सही आपको पता. है एयरपोर्ट प मैं व्हील चेयर प बैठ कर के. गई थी मेरी तबीयत इतनी खराब थी पर मैंने. कहा कि नहीं मैं अभी जाऊंगी क्योंकि मुझे. अपनी बात कहनी है मेरी तबीयत सच में बहुत. खराब थी आपने वो देखा होगा मैं भी कभी. देखती हूं मुझे लगता है मैं बोल भी नहीं. पा रही थी हां नमस्ते ठीक है ऐसे मैं बोल. रही हूं जबकि मेरी आवाज वैसे बहुत ऐसे तेज. है टाइट है पर वैसी लड़की को आप बार-बार. पिन कर रहे हो पोक कर रहे हो कि कुछ भी. कुछ भी आपको मसालेदार कुछ निकलवा लेना मैं. बहुत शांत थी आपने शुरुआत में देखा होगा.
जी जी क्या मुझे तो लगता है खैर छोड़ी उसम. मैं बात नहीं करना चाहूंगी नहीं वो अभी. मेरे मुंह से निकलने वाला था पर मैं उसम. बात नहीं करूंगी पर हां धीरे धीरे प्या ही. बात हो रही थी अच्छा ये जनता के मुद्दे. में यह करती हूं वो करती हूं और उन्होंने. बहुत मुझे पोक करना शुरू कर दिया तो मुझे. भी गुस्सा आया यार इंसान ही तो हूं मैंने. भी बोल दिया पता नहीं क्या तो भूल भी गई. चत्र जी भी आप एकवा होती. आपकी वहां भी मंच पर आप खड़ी हो गई फिर. आना जाना काफी वो भी सोशल मीडिया पर काफी. क्लिप वायरल होती है तो कहा जा रहा है कि.
टीवी एंकर से आपको विशेष मोहब्बत है नहीं. मुझे लगता है नेहा सिंह राठौड़ खोजनी कौन. सा मिल गया आज ये मिल गया बस चलो बस अब. तुम ये हो तुम ये हो तुम ये हो तुम ये हो. ये मेरा फ्रीडम ऑफ स्पीच एंड एक्सप्रेशन. है हम नहीं सुनेंगे हमको मत बोलना हम. बोलेंगे हमारा एक्सप्रेशन है देखिए सच बात. यह है ना कि बहुत सारे लोगों का भी और. मेरा भी गुस्सा है मीडिया वाले लोगों को. लेकर के कि वो जनता के मुद्दे नहीं दिखा. रहे हैं जैसे पता नहीं अभी लद्दाख में कोई. है उनका नाम सोनम वांगचुक जी हां सोनम. वांगचुक जी वो बड़ा कई दिनों से प्रदर्शन.
कर रहे हैं कई लोग मुझसे हमने कवर किया. उसे आपने उसे बहुत बधाई के पात्र हैं आप. तो लोग मुझसे कह रहे थे कि यार देखो देश. का मीडिया इस चीज को नहीं दिखा रहा है. मणिपुर में बहुत सारी चीजें होती रही अभी. भी हो रही है देश का मीडिया इसको नहीं. दिखा रहा तो ये गुस्सा तो है ही लोगों का. गुस्सा है आप मेरी बात क्यों कर रहे हैं. नहीं बट फिर देखो यही यही सवाल शुरू होता. है आपने यूपी प वीडियो बनाया जैसे मैंने. जब आज आपको लेके एक सोशल मीडिया पोस्ट. डाली कि सिंह राठौड़ हमारे यहां पर आ रही. हैं आपके क्या-क्या सवाल है तो उसमें कई.
लोगों ने आपकी बहुत तारीफ की कि आप बहुत. दिलेर हैं आज के दौर में इतनी बेबाक महिला. मिलना क्योंकि आपने झेला भी होगा लाजमी. बात है आपको भी डर लगा होगा आपकी मम्मी ने. कहा जेल जा सकती हो आई एम शर आपके मन में. थॉट होगा बट फिर बहुत लोग एक क्लिप मैं. आपके. लेकिन अब वो मुस्कुरा कर कांग्रेस की टिकट. पर नजाकत से सर झुका लेती हैं और कहती हैं.
वो तो आला कमान देगा तो देखा जाएगा तो अब. आप तैयार हो गई है तो यह कई बार फिर आप. आरोप भी लगता है कि अल्टीमेट मकसद जो था. आपका वो यह था कि कहीं से टिकट मिल जाए. इसलिए हम बीजेपी पर इतना विरोध करहे थे अब. पहले लोग कहते हैं कि सपा में ट्राई हुआ. फिर केजरीवाल जी को रहा अब कांग्रेस की. बात बन गई है और इसीलिए मनोज तिवारी जी को. आप रेले जा रही है नहीं मुझे लगता है कि. फिर आपने सही से रिसर्च नहीं किया आप य यह. मैं आपको एक एक पर की बात करर जो पर आरोप. लगता है ठीक है क्या सच है वो आप बताओगे.
मैं बता देती हूं आज से मुझे लगता है तीन. चार साल तो हो ही गए होंगे मुझे गीत गाते. हुए आप मेरा पहला इंटरव्यू देखेंगे पहला. जो पहली बार जब मैं मीडिया को जानती भी. नहीं मीडिया में इंटरव्यू जैसी क्या चीज. होती है जब मैं गांव में थी उस दिन भी. मैंने भोजपुरी बचाव आंदोलन की बात की थी. उस दिन भी पहले दिन भी और कंटिन्यू में. भोजपुरी को लेकर के बात करती रहती हूं और. मेरा तो क्या बोलते हैं वो बायो भी जो. लिखा जाता है ना. बायो भी वही है कि मैं जो है भोजपुरी जो.
है वो एक सांस्कृतिक विरासत है उसको. सहेजने के लिए उसको संवारने के लिए ये. सारे भोजपुरी स्टार से हम पूछते भी है. क्यों आप लोग इसके लिए काम नहीं करते हो. हां तो मेरा वो काम है भोजपुरी बचाओ. आंदोलन को लेकर के मेरा काम है मनोज. तिवारी जी से सवाल इसलिए उठ सवाल मनोज. तिवारी को लेके नहीं आपने थोड़ा शायद मिस. रीट कर लिया सवाल ये है कि आपने एक बात. रखना शुरू किया जिसको लेकर आप पर आरोप लग. रहे हैं कि आपने जैसे दो आंखें हमारी तो. कई बार आप लोग आरोप लगाते हो कि टीवी वाले. केवल दाहिनी आंख से देखते हैं राइट आंख से. आप पर आ लोप लग र है कि आप लेफ्ट और सेंटर.
आंख से देखते हो राइट वाली छुपा लेते हो. तो जहां पर बीजेपी शासित राज्य होते हैं. वहां पर आपकी बोली ज्यादा तेज होती है कुछ. एक जगह आपने उठाई है आवाज लेकिन बाकी जो. बड़े मसले हैं वहां पर आप खामोश होते हो. और इसका अल्टीमेट गोल था टिकट मिलने का. क्योंकि जब आप कांग्रेस के टिकट को लेक. कहते हो कि मिलेगा तो लड़ लेंगे तो ये. आरोप लगता है कि अल्टीमेट टिकट का गोल था. यह क्रांति या लोक गायका कहानी नहीं थी. आपने अपना एक तरीका चुना टिकट पाने का. मुझे लगता है कि यह आरोप बिल्कुल गलत है. दूसरी चीज यह रही कि जहां पर बीजेपी शासित.
राज्य है वहां पर आप बहुत वोकल हो जाती. हैं सब कुछ अपना तो आप भी पढ़ते होंगे ना. आपके कमेंट सेक्शन में बिल्कुल पढ़ती हूं. इसमें मैं ये कहना चाहूंगी देखिए मैं. भोजपुरी में लोग गीत गाती हूं भाषा को. लेकर एक बाध्यता तो है ही जैसे बंगाल को. लेकर के मैंने गाना गाया आप भी नहीं जानते. होंगे लगभग लोगों को नहीं पता चला हम. बंगाल इलेक्शन के टाइम पर लेकिन जब मैं. यूपी इलेक्शन के टाइम में यूपी में काबा. भोजपुरी में गाती हूं तो सबको पता चल जाता. है बंगाल इलेक्शन के टाइम में गाना गाती. हूं किसी को नहीं भाषा को लेकर क्योंकि.
बंगाल में जो है लोग उतना नहीं समझ पाए. चाहे अभी लोग मुझ पर आरोप लगाते रते कि. जहां पे बीजेपी का राज्य शासन है वहां पे. तुम बोलती रहते भाई मणिपुर में भी है. मणिपुर में काबा तो मैंने नहीं गाया है. मणिपुर में तो बीजेपी की ही सरकार है मतलब. मुद्दे उठाने की कोशिश की है पर वो काबा. तो नहीं गाया है राजस्थान में भी बीजेपी. की सरकार है जब तक कांग्रेस की सरकार थी. लोग मुझसे पूछते रहते थे पूछते रहते थे. अभी तो चार महीने पहले की बात है कि. राजस्थान में काबा तो नहीं गाई नहीं ई अरे. अब तो बीजेपी की सरकार है कहां गाया मैंने.
मुझे पता है आपको पता है एक बार मैं एक. इवेंट में गई थी वहां पे मालवा भाषा बोली. जाती है राजस्थान की मैं बात बता रही हूं. राजस्थान उज्जैन के बीच में ऐसे कुछ जगह. है तो वहां प मैं इवेंट के लिए गई थी वो. जो ऑर्गेनाइज कराए थे शायद उनको आईडिया ही. नहीं रहा होगा कि मैं भोजपुरी से हूं. मैंने जब स्टेज प अपना परफॉर्म करना शुरू. किया गीत गाना बेरोजगारी की ग तो सब पगड़ी. बांधे हुए मोटे मोटे पगड़ी बांधे हुए. राजस्थानी लोग बैठे हुए हैं मुझे लग रहा. है कि अब ऑडियंस की ताली आएगी जोक यूपी. बिहार के मंचों पर तो ऐसे ही होता रहा है.
कि जब मैं गाती हूं कि बेरोजगार बानी. साहेब रोजगार मांगीले तो सब लोग एकदम झूम. के गा रहे हैं वहां मैं कर सब चुप बैठे. हुए हैं 15 20 मिनट में मुझे यह समझ में आ. गया कि इनको समझ में ही नहीं आ रहा है तो. जिन्होंने आयोजन किया था मैंने बोला कि. भैया समझ नहीं रहे हैं क्या तो वो आगे बोल. रहे सॉरी सॉरी य मालवा भाषा बोलते हैं अब. मालवा भाषा के लोगों को मैं भोजपुरी में. बेरोजगारी के गीतको समझ में आएगा. चलो वहां नहीं समझ में आता बट.
दिखाती है मुझे उस काबिल समझती है उस. योग्य समझती है तो मुझे लगता है कि विचार.
जरूर करूंगी मैंने पहले भी कहा है कि मैं. विचार करूंगी सर विचार विचार करूंगी मैं. जो नजाकत हमने कई वीडियोस में देखी ना. आपकी सर झुका के की अब वो तो आला कमान तय. करता है हमको कई सारे लोगों की बातें आने. लगी कि लोगों के सुर कैसे बदल जाते हैं. क्योंकि आपको हमने कवित्री के तौर पर बवाग. देखा है ओके और जब वो नजाकत आए ना कि जी. आला कमान वो तो पार्टी आला कमान देखता है. तो सडन चेंज ऑफ टोन हुआ हमने कहा ये नेता.
बन रही हैं अरे नहीं नहीं नहीं नहीं मैं. नेता ता नहीं बन चलो बीजेपी से टिकट मिला. हां दो चार शर्तों के साथ जरूर क्यों नहीं. क्यों नहीं हां बीजेपी से भी टिकट मिला. बीजेपी कांग्रेस में क्या डिफरेंस है. देखिए बीजेपी कांग्रेस में क्या डिफरेंस. है ये मुझे नहीं पता है आपके हिसाब से. देखो आप हर विषय पर बेबाकी से रखते हो. नहीं नहीं मुझे लगता है कि इस तरीके से. बीजेपी के किसी प्रवक्ता को बुला लेंगे और. कांग्रेस के किसी प्रवक्ता को बुला लेंगे. तो वो दोनों अपनी-अपनी पार्टी को ज्यादा. अच्छे तरीके से डिफेंड भी कर पाए और एक. दूसरे थॉट प्रोसेस तो होगा ना जैसे बीजेपी. वाले दो अलग-अलग डोलजी है कांग्रेस कहती.
कि हम सबको साथ लेकर चलते हैं हमारा लेफ्ट. राइट सेंटर हम तीनों ले चलते हैं बीजेपी. पर ये कई बार आरोप लगता है कि आप राइट. विंग की तरफ ज्यादा डिक्लाइन है बट बीजेपी. आरोप लगाती है कि हम पारिवारिक पैटर्न. नहीं फॉलो करते कि मैं मेरा बेटा ही. अध्यक्ष रहेगा हमारे यहां चेंज होते रहते. हैं नहीं पता कि अमित शाह के बाद कौन होगा. आपका भी एक थॉट प्रोसेस होगा ना बीजेपी. कांग्रेस या बाकी पार्टियों को लेकर कोर. डिफरेंस आप क्या समझते हो अ इ तो मासूम ना. आप हो ना मैं हं नहीं नहीं देखिए आपने एक. सवाल पूछा कि बीजेपी से आपको टिकट मिला तो. आप लड़ेंगे कि नहीं मैं उस परे एक जवाब.
देना चाहती हूं कि हां बिल्कुल मुझे लगता. है कि मैं उस परे भी विचार कर सकती हूं दो. चार जो मेरे शर्त होंगे और इसी में जैसे. क्या शर्त हो हां वो शर्त मैं बताती हूं. उसी से आप समझ जाइएगा अंतर भी मुझे लगता. है कि जिस दिन प्रधानमंत्री जी साहिब जी. मणिपुर चले जाएंगे मैं विचार कर सकती हूं. बेरोजगारों पर लाठी बरसाना जिस दिन बंद हो. जाएंगी मैं उस दिन विचार कर सकती हूं. किसानों पर जिस दिन बम और गोले ब साए जाने. बंद हो जाएंगे मैं उस दिन विचार कर सकती. हूं जिस दिन अ क्या बोलते हैं जंतर मंतर.
पर जो बेटियां प्रदर्शन कर रही थी बेटियों. के साथ यह जो बलात्कार अत्याचार और यह जो. दुर्व्यवहार है यह रुक जाएगा मुझे लगता है. कि मैं जरूर विचार कर सकता मतलब अगर मैं. प्रैक्टिकल होकर बात करूं मणिपुर को जितना. मैंने पढ़ा क्योंकि मैंने बहुत सारे. वीडियोस बनाए और मेरे कई वीडियोस को. कांग्रेस से कई प्रवक्ताओं ने आज तक पर जब. मैं डिबेट करता था वो कोट भी करते थे कि. देखिए आपका वो वीडियो हमने देखा भावुक हो. गया उसमें मैंने पढ़ा कि वो लड़ाई जो है. दो समुदाय की हम मेती और कुकी समुदाय वो.
90 से चली आ रही है और बीच-बीच में हर 10. साल में एक बार ऐसा मौका आता है कि बहुत. खतरनाक अतर प जाती है और थोड़ा सा वहां. हिंसक प्रवृत्ति है रुकना चाहिए लाजमी है. बहुत समय लगा सरकार पर क्वेश्चंस है वो. हमने भी उठाए बेटियों की जो बात है वो. घटनाएं पहले भी आई हमने आपने कई घटनाएं. कवर की होंगी दामिनी वाला केस हम सबको आप. स्कूल कॉलेज में रहोगे रौन गया तो ऐसे तो. फिर आप किसी भी पॉलिटिकल पार्टी में जाओगे. तो य कंपलीटली रुक नहीं पाएगा एकदम ठीक तो. फिर आप फिर आप फिर फिर तो आपको पॉलिटिक्स. में जाना ही नहीं चाहिए नहीं नहीं नहीं आप. एकदम ठीक बात कह रहे हैं इसपे मैं हमेशा य.
एक तर्क देती भी रहती हूं कि कोई भी. पॉलिटिकल पार्टी कोई भी कांग्रेस बीजेपी. कोई भी कभी भी पूरी तरीके से सफल या पूरी. तरीके से विफल नहीं होती है पर एक कोशिश. तो करती ही है ना जैसे अगर प्रधानमंत्री. जी संदेश खाली जाते हैं और वहीं मणिपुर. नहीं जाते हैं तो एक आम नागरिक मैं कोई. कांग्रेस और किसी विपक्ष की प्रवक्ता नहीं. हूं एक गांव की लड़की एक दूर गांव की. लड़की जो जिसको यह खबर मिली कि. प्रधानमंत्री जी संदेश खाली गए थे तो मेरे. जहन में एक सवाल तो आएगा बिल्कुल आना. चाहिए और आना भी चाहिए हमने भी पूछा है कि.
उन्हें मणिपुर जाना चाहिए था और ये हमने. भी पूछा है चाहे वो जितने भी लोग आए कि. प्रेस कॉन्फ्रेंस भी होनी चाहिए लेकिन फिर. इसका दूसरा पहलू य आता है यहां कि लड़की. हूं लड़ सकती हूं यूपी में तो चल जाता है. लेकिन जब हम केसेस देखते हैं राजस्थान में. मैक्सिमम केसेस थे और हमने बहुत सारे. ट्वीट्स वहां भी किए वहां पर प्रियंका जी. भी नहीं गई सो जो सेम पैटर्न है सियासत दन. तो हर हर सियासत दन उसी सिक्के उसी सिक्के. की तरह है जिसके दो पहलू हैं अपने राज को. लेकर अलग पैमाना रखता है और दूसरे राज्य. को लेकर अलग एकदम ठीक बात है तो फिर सवाल.
ये आता है कि आप एक एक तरफा आपका आक्रोश. इतना ज्यादा क्यों देखिए मुझे लगता है. एकदम ठीक बात है अंतिम जिम्मेदारी जो देश. का मुखिया है उसी की होती है जो सबसे बड़ा. है उसी की होती है मेरे को कोई भी. प्रॉब्लम होगी ठीक है मैं और आपस में किसी. चीज को लेकर के लड़ रहे हैं झगड़ रहे हैं. जैसे मैं और भैया जो है आपस में अक्सर कलम. किताब कॉपी को लेकर के लड़ते रहते थे तो. लड़ाई झगड़ा कितना भी करेंगे अंतिम में. मम्मी के पास जाते थे वही अदालत था तो. मम्मी तय करती थी कि किसको क्या करना है. किसको क्या नहीं करना है तो हम जब रोएंगे.
चिल्लाए कोई भी दुख परेशानी होगी तो किससे. कहेंगे ट्रू वो अलग बात है कि आप जो है वो. बीजेपी पार्टी से तो आपको लगता रहता है कि. नेहा के सवाल तो खाली बीजेपी से ही होता. है ऐसा नहीं है प्रधानमंत्री आप. हैं और आप अक्सर यह बात कहते रहते हैं. मैंने सुना है कि इस राज्य से आपका पुराना. रिश्ता है वहां से आपका पुराना रिश्ता है. उनके आप बेटे हैं उनके आप बट ही इज अ. पॉलिटिशियन नो नो नो नो ठीक है ठीक तो मैं. कोई पॉलिटिशियन की तरह बात भी नहीं कर रही. हूं कि मैं कोई किसी विपक्षी पार्टी के.
प्रवक्ता के तौर पर किसी को एकदम धो देना. चाहती हूं मैं एकदम आम नागरिक की तरह एक. आम लड़की की तरह ही मैं ये चीज देखती हूं. और मुझे जो लगता है ये मेरा अपना ओपिनियन. है कि हां अंतिम जिम्मेदारी जो शीर्ष प. बैठा हुआ है उसको लेना पड़ेगा और सवाल मैं. आपसे ही पूछूंगी ठीक है अब इसको मैं दूसरी. तरीके से रिफ्रेम करता हूं अ ये बहुत सारे. लोगों का परसेप्शन है राम शोर इस सवाल से. रोज आप डील करते होगे और यह बेहतर है कि. आपके वर्जन में इसका जवाब आए क्योंकि वो. ज्यादा बेहतर है ह हम देखिए लोग तो इसपे. भी मजाक उड़ा लेंगे पानी पीने लगी नेहा. अरे प्यास प्यास लगती है तो लोग पानी पीते.
हैं अरे ऐसा ही एक इंटरव्यू वायरल होता है. मोदी जी का पानी पी देखिए पानी गिर भी. गया हां हा ये भी वायरल हो जाएगा कि नेहा. पानी पीने लग ओ हो मैं समझ गई समझ ग ये भी. तो हो सकता है कि नेहा पानी पी पी करके. जवाब दे रही थी बढ भी अच्छी वर्जन है हा. बोलिए बोरे आप आराम से पानी नहीं नहीं ठीक. है ठीक है मैंने हालांकि लंग रखा हुआ. बोलते बोलते आदमी थक जाता प कुछ नहीं जी. ठीक है ठीक ठीक है ओके अब क्वेश्चन ये है. कि.
क्या आपको लग रहा है आप जीत गए नहीं नहीं. मेरा जीत हार कोई मकसद नहीं है देखिए आप. मेरे मेहमान है और मैं आपको भी सुनता आया. हूं मेरी कोशिश हमेशा होती है कि जिस. मेहमान को आप बुलाते हैं उसको लेकर जो. दूसरे वर्जन का पक्ष होता है वो हमेशा. पूछिए चाहे वो मनीष कश्यप आए या केंद्रीय. मंत्री हरदीप पुरी साहब आए तो मेरी. जिम्मेदारी उधर वाली हो गई थी तो उससे. क्या होता है कि सवाल लोग क्योंकि जाते. हैं इंटरटेन सुनना जो कमेंट सेक्शन में. आता अगर हम उसे पूछ लेते हैं तो कई बार. कमेंट सेक्शन में लोग उल्टिया नहीं करते. हैं हां हां ये मेरा पस तो एक सवाल शायद.
आप भी रोज सामना करते होंगे कि आप पर ये. आरोप लगता है कि आप पीएम मोदी के विरोधी. हो या बीजेपी विरोधी हो क्या आप वाकई में. उनकी आइडल जिकल विरोधी हो या अगर नहीं है. तो ऐसा परसेप्शन क्यों बिल्कुल बन गया है. और या फिर ऐसे ट्वीट्स आप पे क्यों आते. हैं कि अगर हम शुरू के 30 ट्वीट स्क्रॉल. करते हैं तो वो एक ही पार्टी विशेष को. लेकर केवल तंज में होते हैं कई बार लोग. कहते हैं कि कुछ तो अच्छा भी किया होगा वो. नहीं आते या कुछ भी किसी और भी राज्य में. गलत हुआ होगा वो भी नहीं आते तो ये क्यों.
होता है देखिए एक रही बात कि कुछ तो अच्छा. किया होगा मैं बार-बार वही बात कह रही हूं. कि बिल्कुल ठीक बात है कि इस सरकार की भी. कुछ सफलताएं हैं कुछ विफलता एं हैं ठीक है. जो सफलताएं हैं जो उनको लगता है कि. सफलताएं हैं उनके पास अपना मंच है अपनी. मीडिया है रोज-रोज वही बात कह रहे हैं कि. मैंने तो यह कर दिया बोलो थैंक यू मैंने. तो वो कर दिया बोलो थैंक यू मीडिया भी सेम. वही चीज दिखा रहा है बड़े-बड़े होल्डिंग. एडवर्टाइजमेंट हो हो रहे हैं क्या नहीं है. महाराज उनके पास ऐसा कुछ है जो उनकी.
मुट्ठी में नहीं है ऐसे ऐसे करेंगे सब कुछ. है उनके पास मेरे पास कुछ भी नहीं है है. ना लोगों के पास कुछ नहीं है जनता के पास. उसका मंच नहीं है जनता के अगर जनता परेशान. है उसके पास कौन सा मंच है मुझे एक और चीज. लगता है कि मेरी तो फिर भी एक छोटी सी. पहचान है तो मुझे अगर अपनी बात कोई मुझे. लगता है कि दबी मेरे मन में कोई बात है. कोई नहीं सुन रहा है तो मैं एक कॉल करूंगी. आपको शुभंकर जी मेरे मन में ये बात है मैं. चाहती हूं कि मीडिया में जाए तो मुझे लगता. है एक मिनट के लिए आप मेरी बात सुनेंगे.
मेरा इंटरव्यू जाएगा और चार लोग देखेंगे. या मेरे पास अपना सोशल मीडिया है हम मैं. वहां से भी अपनी बात रख सकती हूं जनता के. पास उनका मंच नहीं है बीजेपी के पास या. पार्टियों के पास कोई भी पार्टी हो. सरकारों के पास अपना मंच है अपनी मीडिया. है अपनी बात वो कह रहे हैं अपनी तारीफें. तो वो रोज गिना रहे हैं ठीक है कुछ तो. सरकारी चाटुकार लोग भी गिना रहे हैं. कलाकारों की मैं बात कर रही हूं जो मेरे. दौर के कलाकार हैं मैं समझ गया आप इशारा. कहां कर आप समझ रहे हैं ना बहुत सारे लोग. तो बचा कुचा काम मुझे लगता है जो वो नहीं. गिना रहे हैं जहां पर कमियां है उसे मैं.
उजागर कर रही हूं ठीक है अब क्योंकि. सरकारी व्यवस्थाओं में जब परिवर्तन होता. है आप दो ही तरीका होता है एक आइडल है. जिससे लोग पसंद कर रहे हैं दो बार से वो. रिपीट हुए हैं जितने अब तक सर्वे आए हैं. उसके मुताबिक वो तीसरी बार भी आ रहे हैं. सर्वे के मुताबिक मैं उनको लेके कोई. ओपिनियन नहीं दे रहा हूं अब अगर इसमें. बदलाव लाना है तो फिर आपको देश में जो. तरीका हमारे पास है वो पॉलिटिकल तरीका ही. है एक है कि अच्छे लोग चुनाव लड़ने आए हम. तय हो आगे वो देश की राजनीति को स्वच्छ.
साफ रखें लेकिन उस पर जाने से पहले मेरे. मन में थॉट ये आता है कई बार जनता भी थॉट. पूछती है कि अगर मान लो नरेंद्र मोदी का. एक विकल्प देखना हो हम तो आपकी नजर में हम. किस आइडल जिकल पार्टी को आपको लगता है कि. आप उससे ज्यादा करीब पाती हो मैं ये नहीं. कह रहा आप सपोर्ट करती हो देखिए किसको. ज्यादा करीब पाती हो कि ये अगर आएंगे तो. शायद एक बेहतर विकल्प दे सकते हैं ये. देखिए सबसे पहली चीज कि अभी मैं कुछ भी. बोलूंगी तो वो एक साइड चला जाएगा लेकिन. फिर भी मैं इस पे ये बात कहना चाहूंगी कि. जो देश को जोड़ने की बात करें वो उनका.
विकल्प होना चाहिए तो भारत जोड़ो से मुझे. याद आने लगा फिर ये देखिए सियासत में कहते. हैं कि कड़ी दर कड़ी जुड़ती है अच्छा नहीं. आपको जो क मैंने कहा मैंने कहा जो मुझे. लगता है मुझे नहीं प बिटवीन द लाइंस हम. लोग की पढ़ने की आदत भी होती है बहुत. अच्छी बात है आपका तो वही काम ही है मैंने. कहा तो कि मैं किसी एक का अगर नाम ले. लूंगी कि यही तो मुझे नहीं पता है वो क्या. करेंगे नहीं करेंगे और वो सही भी नहीं. होगा बतौर आर्टिस्ट उस बात को बोल देना. क्योंकि वो बहुत से पक्षपात हो जाएगा कि. तुम लेकिन फिर य नॉट जस्ट एन आर्टिस्ट बता. रही अब आप आर्टिस्ट से ज्यादा हो अब आप.
पॉलिटिक्स से इतना करीब हो इतना सा ऐसा. ऐसा हो सकता है कि किसी भी एक दिन खबर आ. जाए मैं ही वीडियो बना रहा हूं कि आज नेहा. सिंह राठौड़ यहां से टिकट पाई यहां से. चुनाव लड़ने वाली है और हम अपने इंटरव्यू. क् चुका रहे हो नहीं देखिए वो कल की बात. है कल की बात कल जरूर कर ली जाएगी लेकिन. अगर आज की बात है तो मैं एक लोक गायिका. हूं एक आर्टिस्ट हूं मुझे लगता है कि जो. देश को जो लोगों को जोड़ने की बात करें वो. अच्छा विकल्प होना चाए जोड़ने का मकसद. क्या होता वो जो यात्रा चल रही है वही. मकसद है या क्या मकसद है क्योंकि भारत. जोड़ यात्रा के बीच में कई बार य भी मजाक.
उड़ता है कि पार्टी के लोग नहीं रुके हां. पार्टी के लोग ही नहीं रुके राहुल गांधी. जी की जो कोर टीम थी जितने नौजवान नेता थे. जितने भी थे जिनपे उन्होंने इन्वेस्ट किया. था वो एक-एक करके निकल गए एक्सेप्ट फॉर. सचिन पायलट जिनको लेकर भी राहे बगाहे खबर. आती रहती कि आज गए कल गए परसों गए या लोग. कहते हैं कि राजस्थान में बीजेपी में बहुत. भीड़ रहे तो फिर सवाल यह होता है कि आप. देखिए देखिए मैं बता रही हूं देखिए मैं. कांग्रेस पार्टी की प्रवक्ता नहीं हूं तो. मुझसे अगर आप इस चलिए ठीक है हटाते सही. बात है हटाते ठीक हम हटाते हैं राहुल में.
आपको क्या अच्छा लगता है कि आपको लग रहा. है कि वो भारत जोड़ से रहे हैं राहुल जी. से मैं वैसे नहीं मिली हूं कि जैसे बिना. किसी से मिले मैं कैसे ही किसी के बारे. में कोई टिप्पणी कर सकती हूं पर मुझे लगता. है कि वो साफ दिल इंसान है ये आपने टीवी. में देख के परसेप्शन बनाया एक बार हम. लोगों की वैसे भारत जोड़ में मुझे. इन्विटेशन मिला था राहुल गांधी जी के वो. से मेल आया हुआ था तो पर वैसे बात नहीं. हुई थी कि चाय कॉफी पीते हुए हाय कैसे हैं. आप तो आप क्या करना चाहते हैं ऐसी कुछ.
बातचीत में बैठी हुई थी वो बड़ा लोग उसको. वायरल भी कराते रहते हैं कि देखो इसका. बड़ा पुराना क मुझे इन्विटेशन मिला था मैं. गई थी तो वहां पे जो बातचीत हो रही थी. मुझसे बातचीत नहीं हुई थी बहुत मीडिया के. लोगों से बातचीत हो रही थी तो जो बोल रहे. थे मुझे लगा कि यह व्यक्ति जो है वो साफ. दिल इंसान है बहुत वो जो पॉलिटिक्स में. लोग नहीं बहुत लेयर लगा कर के बहुत सारा. रखते हैं वैसे वो मुझे नहीं लगे बाकी मैं. बहुत उनको नहीं जानती हूं जब मिलू दू तो. मैं ज्यादा उनके बारे में कुछ आपको लगता. है राहुल गांधी जी जैसे आप लोग कई बार. कहते हो कि मोदी जी इंटरव्यूज नहीं देते.
हैं यह सारे जो लोग उनको नापसंद करते. अक्सर क्वेश्चन करते हैं और ये ट्रू भी. उन्होने वो प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं करे. उन्होंने 10 साल में कोई प्रेस कॉन्फ्रेंस. नहीं आई जिसको लेकर हम लोग भी कई बार कहते. हैं करना चाहिए फॉर गुड डेमोक्रेसी बट. आपको लगता है कि राहुल गांधी भी ऐसे ओपनली. जैसे मैं जर्नलिस्ट हूं ऐसे लोगों से. इंटरेक्ट करते हैं अपने फरम के अलावा या. उनको करना चाहिए क्योंकि क्योंकि हमने कई. बार अप्रोच करने की कोशिश की कांग्रेस के. अलग-अलग लोगों के जरिए तो इतना इजी नहीं. लगा हमें मुझे लगा कि अभी तो आप अपोजिशन. में अभी तो आपको सबसे बात करनी चाहिए आप.
घर-घर बात कर रहे हो पूरे देश में ट्रेवल. कर रहे हो बट और जिन लोगों ने इंटरव्यूज. भी लिए जितना मेरी कहा मैं जानता हूं अ. उनसे ही पूछा गया आप क्या पूछने वाले हो. तो फिर तो डर तो वहां भी है राहुल गांधी. की पार्टी में भी कि आप ओ मुझे नहीं. आईडिया मैं कह तो रही हूं कि बहुत मेरी कह. तो रही हूं कि वैसी बातचीत मेरी है ही. नहीं मुझे एक बार इन्विटेशन मिला था कि. भाई आप लोगों को आना है तो मैं गई थी कह. तो रही हूं कि बहुत वैसे बातचीत नहीं कि. चाय कॉफी पी रहे हैं राहुल गांधी जी के. साथ और और राहुल जी आप बातचीत हुई होगी तब. तो मैं आपको जान पाऊंगी तो मैं नहीं जानती. हूं अच्छा ये पॉलिटिकल वाली खबर कहां से.
उड़ी आपको कब पता लगा कि कांग्रेस पार्टी. से आप चुनाव ल मनोज तिवारी के खिलाफ मैं. गई थी एक इवेंट में मुंबई तो वहां पे किसी. न्यूज़ चैनल वाले ने मुझसे ये पूछ लिया. कि कांग्रेस पार्टी से अगर आपको टिकट. मिलता है तो आप चुनाव लड़ना चाहेंगी मैंने. जो एक बात बोल दिया कि मैं जरूर विचार. करूंगी उसके बाद से तो मुझे अच्छा लग रहा. है मीडिया में खूब मैं सकारात्मक कारणों. से चर्चा में हूं एकदम मीडिया वालों ने. खूब अच्छा हवा बनाया हुआ है मैं तो एंजॉय. कर रही हूं मुझे अच्छा लग रहा है मनोज री.
साब सच में लड़ना चाहोगे नहीं मैंने कहा. तो कि मुझे नहीं पता है महाराज आपका मन तो. होगा ना जैसे आप आजकल खूब ट्वीट कर रहे. उनको लेके रवि जी तो मनोज जी आपको ब्लॉक. कि नहीं ब्लॉक कि मनोज जी ने नहीं ब्लॉक. किया है रवि जी ने ब्लॉक किया है रवि किशन. जी. ने आपने उसका स्क्रीनशॉट डाला था हां मुझे. लगा कि भाई ये क्या बात हुई सवाल पूछने पर. आप जो है ब्लॉक कर देंगे ऐसे तो आप. लोकतंत्र की आवाज दबा रहे हैं मतलब विपक्ष. की आवाज दबा रहे हैं मैं तो कह सकती हूं.
हां तो ब्लॉक करते नहीं मनोज तिवारी जी ने. ब्लॉक नहीं किया मनोज तिवारी जी से मिले. हो आप मनोज तिवारी जी से हां एक बार. मुलाकात उनसे हुई है क्या अनुभव था आपका. मनोज जी से मुलाकात. का अनुभव जैसा कुछ नहीं था जैसे वैसे नहीं. मिले थे कि आज मनोज तिवारी जी की और मेरी. कुछ मीटिंग है किसी हम लोग इवेंट में गए. हुए थे ये दिल्ली की बात है हाय हेलो हुआ. था कैसे हैं उ मुझे लगता है उनसे आप. पूछेंगे तो बोलेंगे मैं तो नहीं जानता. क्योंकि एक जगह उन्होंने बोला भी है पता. है कि नहीं आपको अब तो आप कंपीटर हो जाओगे. ना इसलिए बोल दिया होगा भाई साहब उन्होंने. क्या बोला आज से एक साल पहले किसी को देख.
मैंने वो भी क्लिप देखी हां अब अब मुलाकात. वाली जहां तक ई बात आप मैथली और आपकी दो. लोग की उन्होंने तारीफ की थी कि आप लोग की. भाषा पे पकड़ अच्छी है आप लोग अच्छा काम. कर रहे हो लेकिन उन्होंने उस टाइम भी सलाह. दी थी कि आपको थोड़ा सा और बाकी चीजों को. लेकर भी करना चाहिए सिर्फ हमारे पीछे मत. लपटी आ जाओ अच्छा अच्छा लेकिन दूसरी बार. फिर उन्होंने ये बोला कि कौन है नेहा सिंह. राठौर तो मुझे लगता है जब उनसे आप पूछेंगे. कभी मिले हो तो वो ये भी बोलते नहीं मैं. तो मिला भी नहीं लेकिन मैं झूठ नहीं बोलती. हूं हो सकता है भुला गए हो बहु से मिलते. हो बड़े कलाकार हैं मुझे लगता है वो भूले.
ना भूले आप भुलवा जरूर देंगे उनको नहीं एक. बार ऐसे ही मतलब वैसे कुछ नहीं था लेकिन. हां किसी इवेंट में गए हुए थे वो भी थे हम. भी थे तो कुछ बहुत बहुत दो चार मिनट जो दो. चार सेकंड की बातचीत है ठीक है आप हम भी. अच्छे हैं ऐसे ही बातचीत हुई थी अच्छा एक. एक आप भोजपुरी में अश्लीलता को लेकर आप. बहुत सारे पोस्ट करते हो विच इज ट्रू. आल्सो कि भोजपुरी के गाने जो हैं के साथ. नहीं सुन सकते थे और अभी भी कई बार हम लोग. क्वेश्चन करते हैं बहुत सारी चीजों को.
लेके रवि किशन ने इसको लेकर पब्लिकली. अपॉलॉजी कर दी मैंने उनके कई सारे. इंटरव्यूज देखे जिसमें उनसे पूछा गया कि. आपके गानों के लिरिक्स को लेकर तो. उन्होंने कहा हां मेरा एक गाना है रिमोट. से लहंगा वाला कुछ था और उसको लेकर मैं. अपॉलॉजी करता हूं ऐसा नहीं करना चाहिए था. और मैं आगे ध्यान रखूंगा आपको नहीं लगता. कि ये बात डन एंड डस्टेड हो जानी चाहिए. इसके बाद नहीं होनी चाहिए बताती हूं क्यों. हां क्यों मुझे ऐसा लगता है. मैं मनोज तिवारी जी की रवि किशन जी की इन. सब की बात करना चाहूंगी क्योंकि ये सब एक. ही थाली के.
हैं मनोज तिवारी जी एक गाना गाते हैं कि. बबुनी के लागल बा मैं कई बार हां कई बार. इसका एग्जांपल दे चुकी हूं बबुनी के लागल. बा शहर के हवा री पढ़ा हुआ कहनी की गौवे. में नौवा लिखा हुआ और पढ़ा हुआ जब आप यह. गाना गा रहे थे तो आप तो आंख बंद कर चुके. थे आपको किसी म्यूजिक डायरेक्टर ने आपको. संपर्क किया होगा पैसा वसा दिया होगा और. इस तरीके का फूहड़ गीत गा रहे हैं आप कैसे. फूहड़ है यह मैं बता दे रही हूं जब आप यह. गीत गा रहे थे तो घर में जितने भी मम्मी.
पापा टाइप के लोग थे जिनके बच्चे थे जिनकी. बिटिया थी उनके मन में एक बात जो आ गई कि. बेटियों को बाहर नहीं भेजना है पढ़ने के. लिए क्योंकि इनको शहर की हवा लग जाएगी ठीक. है तो मतलब य सा ये मेरे साथ भी हुआ है. मेरी और दो दो चार दोस्त हैं उन लोगों के. साथ भी यह हुआ है कि उनके भैया लोग बाहर. चले गए पढ़ने के लिए ये लोग नहीं गई. क्योंकि घर में मम्मी पापा का यही रिएक्शन. रहा कि बाहर जाएगी हॉस्टल में पता नहीं. क्या करती है लड़कियां और ये सारी चीजें. बहुत सारी लड़कियों का आपने शिक्षा बाधित. किया उसकी जिम्मेदारी लेंगे उसकी भरपाई आप.
कर पाएंगे आप कितना भी माफी मांग लेंगे आप. कितना भी हाथ पैर पकड़ लेंगे कि अब मुझे. माफ कर दो बहुत बड़ी गलती हो गई लेकिन जिन. लड़कियों के अवसर खा गए आप जिन लड़कियों. का करियर खा गए आप वो लड़कियां जो डॉक्टर. बन सकती थी इंजीनियर बन सकती थी कलेक्टर. बन सकती थी वो पार्लियामेंट जा सकती थी वो. न्यूज एंकर बन सकती थी वो देश का नाम रोशन. कर सकती थी वो आज सिर्फ चूल्हा चौका कर. रही है बेडरूम से किचन किचन से बेडरूम. जिम्मेदार हैं आप क्योंकि आप उस उस टाइम.
मिशन चला रहे थे और यह तो सिर्फ एक गाना. है बहुत से गाने हैं हाफ पैट के घूम हाफ. पैट पहन के घूमे ली बेबी बियर पी के नाचे. लग ली फटाफट खोल के दिखाओ शहर के तितली. शहरी लैकिया से दूरे रहिया बबुआ बहुत से. गीत गागा करके आप लड़कियों को जो है. अपमानित करते रहे महिलाओं को आप बेइज्जत. करते रहे तो इसकी वजह से लड़कियों पर. महिलाओं पे बहुत बुरा असर पड़ा है ना भाई. इन सब चीजों को लेकर के वो बाहर तक नहीं आ.
पाई पढ़ने के लिए तो माफी मांग लेने से तो. पाप नहीं खत्म होगा भैया आपका ठीक है अब. इस पे क्या है जैसे अभी हाल फिलहाल में. कंट्रोवर्सी हुई थी अंबानी के यहां शादी. थी शाहरुख खान ने रामचरण को बुलाया तो. उसमें कुछ इडली विडली कह के बुला लिया था. इडली विडली इडली कह के उन्हें संबोधित. किया था इडली खाने वाला हां बिकॉज ही इ. फ्रॉम साउथ इंडिया ओके ओके ओके फिर उस. कंट्रोवर्सी जब थोड़ा डीप में हम गए तो. पता लगा कि 2001 में शाहरुख की कोई फिल्म. आई थी 2000 के आसपास अा में भी उन्होंने. अपनी फिल्म में डायलॉग यूज़ किया था बट तब. ये डायलॉग कंट्रोवर्शियल नहीं हुआ था.
बिकॉज़ तब बहुत सारी चीजें उसमें इडली. जैसा कुछ बोला सेम साउथ इंडियन को ऐसे. करते हुए अ इस बार बहुत कंट्रोवर्सी हो गई. रामचंद्र की मैनेजर ने कहा कि आप लोग. डिस्क्रिमिनेशन करते हैं साउथ इंडिया को. लेकर और बहुत सारे बशिंग जो है और एक नई. बहस चल गई कि आप लोग नॉर्थ इंडियन साउथ. इंडियन को डिस्क्रिमिनेट करते हैं सो. उसमें ये निकल कर जब हमने रिसर्च की तो ये. निकला कि 2000 में ये अननोटिसड गया था तब. शायद इतने वोकल नहीं थे हम बहुत सारी. चीजें आती थी डबल मीनिंग गाने इनफैक्ट. पुराने हिंदी गानों की बात कर रहा था मैं. परसों एक सिंगर आई थी तो उनसे मैंने अ.
टोनी कक्कड़ को लेकर बात करता था तो शी. सेड कि 60 के दौर में भी 70 के दौर में भी. कई सारे सिंगर्स थे जो डबल मीनिंग गाने. बनाते थे और बहुत सारे बॉलीवुड के गाने. जिनको हम सुनते थे बट जस्ट दे वेर जस्ट. पार्ट ऑफ म्यूजिक ठीक है अब उसको लेकर. प्रोटेस्ट ज्यादा होता है चाहे वो एनिमल. मूवी हो कि अल्फा मेल सही है गलत है बट. उनमें ज्यादा लोग को मानना कि फिल्में. समाज पर अग इतना असर करती होती तो कई. अच्छी फिल्में देखकर सब अच्छे बन गए होते. इनको जस्ट एंटरटेनमेंट प लग के छोड़ देना. चाहिए या अब समय के साथ चीजें बदल गई है. ये उनका र्क आता है ठीक है देखिए दो चीज.
दो चीज एक तो पहले लोग मुझ पे ये भी आरोप. लगाते रहते हैं कि बॉलीवुड में बहुत गंदगी. है वहां तो नहीं बोलती हो बॉलीवुड गानों. में भी बड़ा डबल मीनिंग टाइप की चीजें हैं. उसपे तो तुम कुछ नहीं बोलती हो मैं दो तीन. चीजें इसमें बताना चाहती हूं कि मेरा काम. हिंदी को लेकर के नहीं है मेरा काम. भोजपुरी को लेकर के है सबसे पहले हम अपने. अंगना में झाड़ू लगाएंगे बाद में हम दुवार. पे झाड़ू लगा लेंगे ठीक है दूसरी चीज ये. है कि भाषा को लेकर समाज में जब आप रहते. हैं तो बहुत सारी चीजों को लेकर के आपको. जिम्मेदारी लेनी पड़ती है जैसे आपको वोट.
डालने की जिम्मेदारी है आप कहते रहते हैं. ना कि लोकतंत्र का महापर्व है आपको जो है. वोट डालना होगा तो आप उसी जैसे मुझसे कल. ही एक सवाल पूछा गया कि यह तो भाई हमारा. पर्सनल चॉइस है कि हम क्या गाएंगे हम क्या. खाएंगे हम क्या पहनेंगे ठीक बात है एकदम. ठीक बात है लेकिन समाज के प्रति आपकी एक. जिम्मेदारी है उस समाज के आप बाहर नहीं हो. तो उस समाज के प्रति जो आपकी जिम्मेदारी. है उसका निर्वाहन करना पड़ेगा उसके. अकॉर्डिंग आपको एडजस्ट करना भी पड़ेगा.
जैसे कल ही किसी इंटरव्यू में किसी लड़की. ने मुझसे पूछा कि छोटे कपड़े पहनना तो. हमारी आजादी है हम तो क्यों नहीं पहने. बिल्कुल ठीक बात है वो आप ही डिसाइड करोगे. कि आप क्या पहनो ग पर एक चीज आपके दिमाग. में हमेशा होना चाहिए कि आपके छोटे कपड़े. पहनने से आप कहीं समाज में नग्नता को. प्रमोट तो नहीं कर रहे हैं बट नग्नता की. डेफिनेशन तो बहुत लंबी हो गई नहीं मैं. नहीं नहीं मैं ये मेरा अपना है आप उसपे. लंबी बहस हो सकती है. ये जब ये बातें आती है तो मैंने अपने अगल. बगल ये बात सुनते है कि नग्नता की. डेफिनेशन भी अलग-अलग है एक है कि वो.
कंफर्टेबल वो पहन रही है एक है कि आप आप. असहज हो रहे हो नहीं नहीं वही तो मैं कह. रही हूं कि समाज में आपके अगर कपड़े पहनने. से चार लोग अनकंफर्ट बल हो रहे हैं ऐसा लग. रहा है जैसे आप नग्नता को ये किसकी समस्या. होनी चाहिए उन चार लोगों की या उस लड़की. की नहीं देखिए ये फिर से मतलब आपका वर्जन. जाना चाह रहा हूं कि अगर किसी लड़की के. क्लीवेज दिखने से चार लोग अनकंफर्ट बल हो. रहे कह रहे हैं ऐसे कपड़े पहनो तो कुछ हो. जाएगा देखिए मैं इस पे कुछ भी कह पाना. मुझे लगता है कि बड़ा मेरे लिए मुश्किल है. क्योंकि एक तो पहले मैं उस टाइप के कपड़े. पहनती नहीं हूं मुझे लगता है कि बट एक.
आपका थॉट प्रोसेस तो होगा ना उसको. लेके कि अगर कोई लड़की के क्लीवेज दिख रहा. है वो मेट्रो वो मेट्रो में सफर कर रही है. देखिए मैं इस चीज के फेवर में हूं कि ये. आप ही तय करोगे कि आप क्या पहनो पर मुझे. लगता है कि इस चीज का ध्यान आपको जरूर. रखना चाहिए कि आपके किसी हरकत की वजह से. या आपके किसी कपड़े की वजह से या आपकी. भाषा की वजह से सामने वाला असहज ना हो जाए. जैसे बात करने का भी एक तरीका एक तो गाली. की भी भाषा है है तो समाज में ही एजिस्ट.
करता है हम और आप यूज भी करते हैं पर हर. जगह तो यूज नहीं कर सकते आपको पता है. शादियों में भी गरि आ जाता है हां वो तो. वो तो दूसरी बात हो गई शादियों में गरी आ. जाता तो आदमी उसको सम्मान से लेता शादी की. अगली सुबह किसी को गाली दे कर के देखिए तो. आपको झप झ पड़ मार मार हो जाएगा तो उसका. ध्यान तो आपको रखना ही पड़ता है ठीक है तो. मुझे लगता है कि भाषा को लेकर के इन लोगों. ने बहुत बर्बाद किया है भपुरी भाषा को. भोजपुरी भाषा की जो खराब छवि है वही उसका.
जो है पहचान बन गया है अच्छा चलिए इसपे भी. क्वेश्चन आया जैसे अभी नगमा जी कांग्रेस. से हैं हम बहुत सारे एक्टर एक्ट्रेस. भोजपुरी के ऐसे भी हैं जो बाकी पॉलिटिकल. पार्टी से भी है ठीक है सिर्फ इन्होंने. खराब किया या वो लोग सही है देखिए एक और. चीज क्य जिन जिन बबुनी के या बाकी गानों. में ये डांस कर रहे थे तो उसमें हीरोइंस. तो वही सब लोग थी और तमाम फिल्मों में काम. किया नगमा जी ने रवि जी के साथ वो भी. कांग्रेस पार्टी में है तो वो कैसे सही है. ये कैसे गलत और इनको अगर माफ नहीं करे तो. उनके साथ कैसे काम करोगे फिर अगर मौका. मिला नहीं नहीं मैं इस पर एक चीज कहना.
चाहती हूं कई बार लोग मुझ पर ये आरोप. लगाते रहते हैं कई सारा क्लिप निकाल निकाल. करके कि ये देखो क्या बोलते हैं यह तो रेप. कर रहे हैं इन परे तो तुम कुछ नहीं बोल. रही हो इनके बारे में तो तुम कुछ नहीं बोल. रही हो तुम्हारे हिसाब से तो अमरीश पुरी. जी को अगर वह जिंदा होते तो फांसी दे देनी. चाहिए और भी बहुत सारे लोगों के नाम निकाल. के उन्होने बहुत गंदे गंदे फिल्मों में एक. बात इसम मैं यह कहना चाहूंगी जो मुझे लगता. है कि अमरीश जी को हमेशा फिल्मों में एक. विलन के रूप में ही दिखाया गया है वो अगर.
रेप कर रहे हैं फिल्मों में क्योंकि वो. फिल्म का स्क्रिप्ट है डायरेक्टर ने बोला. है ऐसा करने के लिए तो अंत में हस्र उनका. बुरा ही हुआ है हीरो के द्वारा वो पीटे गए. हैं या तो मार दिए गए राज बब्बर जी को. लेके आता होगा ये बहुत सारे लोगों को. सिर्फ राज बब्बर जी ने बहुत सारे लोगों को. लेक मेरा क्वेश्चन ये नहीं था मेरा. क्वेश्चन ये था कि वो जो दौर था जिसमें आप. बात करर ये सब गाने बनते थे उस दौर के. जितने भी लोग काम करते थे उस इंडस्ट्री. में हीरो होंगे हीरोइन होंगे राइटर होगा. म्यूजिक डायरेक्टर होगा उन सबका सामूहिक.
दोष होगा ये स्टार बन गए तो हमने इनको सुन. लिया बट आप भी जानते हो गाना कोई और लिखता. है म्यूजिक कोई और देता है गाया इन्होंने. क्योंकि सिंगर का नाम हो जाता है चेहरा. वीडियो पे आया होगा उसमें से कई लोग होंगे. जो आज कांग्रेस में भी होंगे सपा में भी. होंगे आरजेडी में भी होंगे जेडीयू में भी. होंगे तो उस दौर के क्या सभी लोगों का. सामूहिक दोष था या ये बड़े बन गए तो केवल. इन्ही का दोष रह गया क्योंकि उस टाइम तो. इन्हे भी अंदाजा नहीं होगा कल को हम नेता. बनेंगे सांसद बनेंगे बने ठीक बात है देखिए. मेरी लड़ाई भाषा को लेकर के और मेरी लड़ाई. खास तौर से भोजपुरी को लेकर के है क्योंकि.
मैं भोजपुरी बोलती हूं मुझे भोजपुरी समझ. में आता है तो मेरी लड़ाई भोजपुरी को लेकर. के है जब गंदे गीत द्व अर्थी गीत बजते हैं. तो मुझे समझ में आता है मुझे बहुत शर्म. आती है जैसे एक बार की बात है सरस्वती. पूजा था और सरस्वती पूजा में सरस्वती माई. का जो म मूर्ति है वो सामने रखा हुआ पीछे. डीजे में एक से बढ़कर एक फूहड़ गीत बज रहे. थे ू बहुत करता हां और मैं. घर में छुट्टी में पिताजी आए हुए थे मेरा. भाई आया हुआ था हम लोग एक ही साथ बैठ कर. के खाना खा रहे थे मुझे यह भी पता है कि.
सामने वाले को भी भोजपुरी समझ में आ रही. है मुझे भी समझ में आ रही है एक और दो क. खाना मुश्किल हो गया था तो मेरी लड़ाई मैं. ये कह रही हूं कि भोजपुरी को लेषा को लेकर. आपकी मुखरी राय भाषा को लेक अगर वो माफी. मांगते हैं कहते हैं कि हम इसको बेहतर. करने प काम करते हैं तो क्या आप दोस्ती. करेंगे रवि जी से मनी मनोज जी से मैं कह. तो रही हूं और आपने जो कंडीशन बताई थी. बीजेपी जवाइन करने की उसमें भी ये नहीं था. नहीं मैं नहीं मैं ये बता नहीं मैं ये बता. दे रही हूं कि माफी मांग लेने से इन लोगों.
के पाप खत्म नहीं होने वाले हैं दूसरी बात. रही कि अब वो क्या बेहतर करेंगे महाराज. गंध तो फैला. दिए अरे राम राम रामरे आपको बता तो बता तो. रही हूं कि यह तो तीन चार लोग जो किए सो. किए अभ आदर्श बन गए हैं क्यों आदर्श बन गए. क्योंकि भाजपा इनको टिकट देती है फिर यह. वहां पहुंचते हैं जहां से नीति बनती. बिगड़ती है वो इतने पावरफुल हो गए हैं तो. इनके पीछे जो टू लोग हैं भोजपुरी के इनको. अभ लगता है कि फलाने भैया ढिमरा भैया. फलाने भैया ये हमारे आदर्श है करना क्या.
है कुछ नहीं एक से बढ़ के एक फूहड़ गीत. गाओ भाजपा तो है ही हमें टिकट देगी और. इसके बाद हम सीधे पहुंचेंगे संसद क्या. चाहिए तो यह जो एक तरीका बन गया है ना इस. बाकी पार्टियां टिकट नहीं देती बाकी. पार्टियां टिकट नहीं देती मतलब मनोज. तिवारी जी को पहला टिकट जो था वो सपा ने. दिया था जितना मुझे याद है शायद गोरखपुर. से शायद चुना कोई ट दे देखिए मैं बता रही. हूं कोई भी टिकट दे. मैं उन सबसे सवाल करना चाहती ह मतलब. अखिलेश यादव ने जब मनोज तिवारी को टिकट. दिया था तो गलत काम किया था मैं कह तो रही.
हूं कि कोई भी पार्टी मैं अखिलेश जी की. बात कर रहा हूं कोई भी पार्टी की बात करर. मनोज तिवारी को पॉलिटिक्स में लाने वाले. अखिलेश यादव थे जिन्होंने उन्हें बीजेपी. के खिलाफ उतारा था गोरखपुर से अगर मैं गलत. नहीं हूं उनकी प्रसिद्धि को भुनाने के लिए. तो क्या अखिलेश यादव का वो फैसला गलत था. कोई भी पार्टी अगर ऐसे गंदे और लुचे लफंगे. टाइप गवैया लोगों को प्रमोट करती है तो. मेरा विरोध है तो यानी अखिलेश ने काम मेरा. विरोध है अखिलेश काम गलत मेरा विरोध है अब. आप तो बेबाक है आप देखो आप डिप्लोम पटरा.
विरोध है मैं तो एक कवित्री से बात करर. मेरा विरोध है नहीं नहीं महाराज मैं क्या. बोल दू मेरा विरोध है मैं एक लोक गायिका. से बात कर रहा फिर पानी आप उठाओ. फिर आप तो अलग ही मुझे बदनाम करने प लगे. हुए मेरा सवाल फिर ये है बड़ा बेबाकी से. आप लोग गायका पॉलिटिशियन नहीं हो ये जवाब. पॉलिटिशियन देता मैं चुप रहता मैं कहता. ठीक है बिकॉज आई अंडरस्टैंड कुछ मजबूरियां. होती है उनकी आप अभी पॉलिटिक्स में नहीं. गए हो कल कांग्रेस जॉइन कर लोगे फिर इतना. नहीं पूछूंगा नहीं. पूछूंगा फिर सवाल है अखिलेश यादव ने मनोज. तिवारी को पहली बार टिकट दिया था वो हार.
गए थे क्या उस वक्त आपके पैमाने के हिसाब. से अखिलेश यादव का फैसला गलत था और अखिलेश. यादव को भी इसके लिए माफी मांगनी चाहि मैं. दोबारा आपसे वही बात कहूंगी शुभंकर मिश्रा. जी कि कोई भी पार्टी ऐसे लोगों को अगर. प्रमोट करती है तो नेहा सिंह राठौर का. विरोध उसे झेलना पड़ेगा देव सर्जनों आपके. सामने नई नेता मौजूद है इन्होंने नेतागिरी. के सारे गु सारे गुर सीख लिए नहीं नहीं. ऐसी ऐसी बात नहीं सारे गुर सीख लिए. इन्होंने कि कैसे जवाब. नहीं नहीं सारे सवाल इन्होने उठाए आपने. उठाए सब बेबाकी से जवाब मांगती है सबसे आप.
प्रधानमंत्री जवाब मांग आप क्यों नहीं बोल. रहे बेबाकी अखलेश जी ने गलत कि मैं बोल तो. रही हूं कि मेरा विरोध है किस आप बोलो ना. अखिलेश जी ने गलत कर दिया वो नहीं देना. चाहिए था उनको अब ऐसा है अब शिवांकर जी अब. यही पर कुछ हम बोल दे चलो ठीक है हम आगे. बढ़ते आप मैं आपको ग्रिल नहीं करूंगा एक. और अभी ट्वीट देखा मैंने राम मंदिर को. लेकर आपने किया था रिसेंट आपके कुछ. ट्वीट्स में से एक है तो रहा होगा आप आप. राम मंदिर बना उससे खुश या आपको अजीब लगा. अजीब क्यों लगेगा पूछ रहा हूं मैं क्योंकि. आपने कुछ ट्वीट किया था अभी आधि अधूरे ऐसा. कुछ लिखा था आपने हां मुझे यह पता चला कि.
अधूरे राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के. मैंने ये सवाल एक्चुअली पूछा था मैं गया. था अयोध्या. में उनसे रामभद्राचार्य जी से मुलाकात की. थी मैंने तो उनसे मैंने पूछा था ये सवाल. कि बहुत सारे लोग ये आरोप लगा रहे हैं कि. आधा अधूरा राम मंदिर का आप लोगों ने जल्दी. में कर दिया है तो क्या यह सही या गलत है. क्योंकि वो जगतगुरु है तो उनको धर्म की. बेहतर नॉलेज होगी मेरी तुलना में तो उनका. जवाब आया था कि नहीं शुभं. जो गर्भ ग्रेह में भगवान को रखा गया है वो. शास्त्र संगत है अच्छा उनके हिसाब से और.
ये ट्वीट आपने परसों नरस शायद अभी दो चार. दिन पहले क्या होगा तो ये उनका वर्जन था. मैं अपना वर्जन हटा रहा हूं तो राम मंदिर. जो बना उससे आप खुश हो नहीं देखिए मैं इस. पे ये कहना चाहूंगी मुझे नहीं पता कि क्या. चीजें शास्त्र संगत थी या नहीं थी एक बात. तो यह है कि मैं पंडित जी भी नहीं हूं भी. नहीं इसलिए मैंने इसलिए मैंने खुद कोट कर. दिया उनको क्योंकि मैंने इंटरव्यू लिया था. इसलिए मैंने कोट कर दिया अच्छा मुझे बहुत. आईडिया भी नहीं है वो शायद पंडित जी लोग. बता होंगे क्या वास् क्या बोलते हैं उसको. वास्तुशास्त्र वास्तुशास्त्र और भी बहुत.
सारे जो शास्त्र होते हैं उसके अकॉर्डिंग. क्या ठीक है क्या नहीं ठीक है ये मुझे. बिल्कुल आईडिया नहीं है ना तो मैं बहुत. बड़ी पुजारन हूं कि मुझे बहुत मेरी मम्मी. से अगर आप पूजा पाठ करते मुझे लगता है कि. मुझे मेरे राम मेरे अंदर है ये तो सबको. पता है राम सबके अंदर है भगवान मतलब वैसा. वाला है घर में जाके सुबह उठ के प्रणाम. कररी मम्मी करती है मेरी मम्मी कर मेरी. मम्मी बहुत ार मम्मी सबकी करते लड़के बड़े. आपके भी होंगे लड़के बड़े आप भी करोगे. अच्छा ऐसा पता नहीं करती है मैंने कभी. नहीं किया ऐसे नहीं होता मंदिर जाते हो. कभी ट्यूजडे को या. कभी मतलब कभी-कभी मैं चली जाती ससुराल आपी.
कहां पर है अंबेडकर नगर त यानी अयोध्या के. आसपास अयोध्या गई हूं अभी गए हो नहीं नहीं. मंदिर बनने के बाद नहीं उससे पहले गई हूं. जा बिल्कुल जाऊंगी अरे भाई हमारे यहां से. लोग खूब जाते रते हैं हमारे तो जाते हैं. नाब जाते हैं अभी तो कल लखनऊ की जो टीम थी. पूरी हमने देखा कि वो जस्टिन लैंगर भी ऐसे. बैठे थे पूजा पाठ करते हुए और केशव महाराज. आए थे और कई और खिलाड़ियों को हमने देखा. जिनको पता भी नहीं होगा कि भगवान बड़े. बड़े भक्ति भावना से बैठे पूरी टीम गई थी. लखनऊ की तस्वीर हमने देखी बड़ी अच्छी.
तस्वीर आई थी नहीं नहीं मैं क्यों नहीं. खुश हूं मुझे क्यों दुख होगा भाई राम. हमारे जो हैं भगवान हैं और हमारा तो बयाह. भी राम जी के ही परिवार में हुआ. हैबा तो मैं क्यों क्यों दुख ये वाला चक. वायरल हो. जाएगा अच्छा एक अभी रिसेंटली केजरीवाल जी. की घटना हुई है अरविंद केजरीवाल जी भारत. के पहले मुख्यमंत्री हैं जो सीएम पद पर. रहते हुए जेल गए आपका इस पर क्या टेक था. देखिए मैं इस पर यह कहना चाहूंगी कि मुझे. लगता है कि आम आदमी पार्टी के जो प्रवक्ता. होंगे वह ज्यादा इस चीज को सही तरीके से.
बता पाएंगे बतौर लोक गायिका या बतौर आम. नागरिक मुझे यह लगता है. कि एक लोकतांत्रिक देश में. एक मजबूत विपक्ष का होना बहुत जरूरी है या. विपक्ष की आवाज को सुना जाना भी जरूरी है. मुझे यह लगता है कि यह विपक्ष की आवाज को. दबाने की कोशिश की जा रही है जस चुनाव से. पहले अगर यह चीजें हुई हैं तो मुझे लग. लगता है कि लोकतांत्रिक मूल्य पर मब मैंने. कल एक स्टोरी की थी ईडी को.
लेकर कांग्रेस के जमाने में तकरीबन 56 पर. जो नेता जेल गए थे वो विपक्ष के थे बीजेपी. का जो स्टेट 2014 से 2022 का आया था वो था. इंडियन एक्सप्रेस ने कोट किया था कि 121. या 22 नेताओं में से 115 शायद विपक्ष के. थे हालांकि ईडी को ताकत 201819 के बाद. मिली है जब से उन्हें आजादी मिल गई मनी. लरिंग केस खुद रजिस्टर करने की पहले कानून. अलग इसलिए ईडी इतनी पावरफुल नहीं थी 1819. में जब कानून संशोधन हुआ तो ईडी ज्यादा. पावरफुल ई इसलिए ईडी केसेस में उछाल.
ज्यादा देखने को मिले पहले दूसरी. एजेंसियां रजिस्टर्ड करती थी फिर ईडी करती. थी जो मेरा अपना रिसर्च था तो यह बात सच. है कि ईडी ने ज्यादातर विपक्ष के नेताओं. पर कारवाई की है जिसको लेकर कल मैंने भी. एक वीडियो बनाया और यह पूछा कि क्या सारे. बुरे लोग एक ही तरफ है बट दूसरा वर्जन यह. आता है जो अन्ना हजारे जी ने कहा कि जब. दिल्ली में शराब नीति बन रही थी आज अना. जार जी कोर्ट है तब मैंने केजरीवाल जी को. मना किया था कि आप इसके अगेंस्ट आए थे. क्योंकि आप एक नॉर्मल पॉलिटिशियन नहीं है. आप एक आंदोलन के बनके आए थे आप प्लीज इसे. अवॉइड. कीजिएगा अगर आप कांग्रेस में जाती हैं तो.
उस कांग्रेस ने भी लास्ट ईयर बहुत सारे. ट्वीट बनाए थे दारू दारू और फनी मीम्स जो. आजकल बीजेपी वाले वायरल करते हैं हां हा. तो वो कहते हैं कि जो आपने किया वो आप भर. रहे हो हम आपने घोटाला किया इसी वजह से. क्योंकि वरना सुप्रीम कोर्ट है सब है आज. आपके तीन-तीन चार-चार मंत्री जो हैं वो. जेल में बैठे हैं मनीष सिसौदिया 266 फरवरी. को गिरफ्तार हुए सत्येंद्र जैन 4 अक्टूबर. को गए संजय सिंह 4 अक्टूबर को गए और अब. केजरीवाल जी. हम हो सकता है एक तरफ हो बट क्या आप लोग. को लगता है कि दोषी होंगे तभी जैसे आपने.
कहा था ना कुछ गलत कि हो तभी जेल गए होंगे. आप मानते हो कुछ गलत किया होगा नहीं देखिए. शुभंकर जी मैं बार-बार एक चीज कहना. चाहूंगी कि मेरा अभी पॉलिटिक्स से कोई. वास्ता तो है नहीं ना आम आदमी पार्टी से. ऑब्जर्वर तो हो ना नहीं मैंने कह दिया. मुझे जो कहना था कि मुझे लगता है कि चुनाव. से ठीक पहले विपक्ष के सारे नेताओं को जेल. में डाल देना मुझे लगता है कि यह लोकतंत्र. के लिए ठीक बात नहीं है बस मुझे इतना ही. कहना है एक आम नागरिक होने के नाते बाकी. तो मुझे पता ही नहीं है वो उनका पॉलिटिक्स. है उनका अपना ट्वीट किया आपने मैंने आपका.
[हंसी]. नहीं नहीं आप मुझसे मेरे मुंह से. कहलवान हैं और आपको लगता है मैं कह दूं कि.
यस मोदी जी हिटलर हैं बताइए अभी आपको पता. है यह चीज जो मैंने बोला यह भी एडिट होके. जा सकता है खैर कोई बात नहीं ओ हो आपको तो. अच्छा अच्छा सा लग रहा है कि यस यस यस ये. तो क्लिप मिल गया नहीं देखिए मैं मैं मुझे. जो कहना है मुझे जो कहना था मैंने कह दिया. है बाकी मुझे लगता है कि विपक्ष के. प्रवक्ता लोग ज्यादा अच्छे से इस चीज को. में नेहा सिंह राठौड़ को चार पांच चीजें. बदलने का मौका मिले क्या बदलो चलो सवाल तो. सब खड़े करते हैं कई बार लोग कहते हैं ना.
कि करोगे क्या नेहा सिंह राठौड़ क्या पांच. चीजें बदलना चाहेंगे अगर उनको प्यार मिलता. है भरोसा मिलता है प्यार मिलता है भरोसा. मिलता है सबसे पहले तो मुझे लगता है. कि ये जो बेरोजगार प्रदर्शन करते हैं और. हमेशा इनके साथ यही होता रहा है कि पुलिस. आती है चार डंडा मारती है दो दिन में इनका. प्रदर्शन और इनका जो क्रांति है जोश है वो. सब शांत हो जाता है तो मैं इस चीज. को मतलब खत्म करना चाहूंगी कि बेरोजगार डू.
यू थिंक ने इट्स पॉसिबल क्योंकि हम जिस. देश में रहते हैं 140 करोड़ की आबादी है. कोशिश तो की ही जा सकती है ना शुभंकर जी. और आपको लगता है नहीं इसके पीछे भी बहुत. सारा काम हो जैसे पोलूशन पॉपुलेशन कंट्रोल. हुआ हम हम हमारे बा हमारे बाप दादाओ ने. बहुत मेहनत की है 5च पा छ छ आठ आठ लड़के. सबके होते थे आप तो देखी होंगे ना आपने. अगल-बगल हां हां हां हां हां हा कितने भाई. बहन आपके पापा. मेरे पिताजी तो दो दो भाई और एक बहन है. तीन लोग तीन मैच है फिर भी तीन लोग तो उस.
टाइम तो हमने देखा अड़ोस पड़ोस में किसी. के कंपटीशन चलता था कि तुम्हारे यहां पांच. हुआ हमारे यहां आठ हुआ है हां वहां प ये. कहा जाता था कि जितना हाथ उतना साथ हा हां. तो नहीं नहीं आपने चार पांच चीजें पूछी एक. चलिए हो गया बेरोजगारों को आप उनका हक. दिला जाते हो हां दूसरी चीज देखिए क्या है. ना कि एक तो सबसे पहली चीज मुझे आईडिया. नहीं है कि जब आप उस पद पर उस पावर पर. जाते हो तो बहुत सारी चीजें होती है आपके. बहुत सारे सलाहकार होते हैं सिर्फ आप ही. नहीं डिसाइड कर रहे होते कि यह मुझे कर.
देना है बस ये काम हो गया ऐसा नहीं होता. है उसके इर्दगिर्द बहुत सारी चीजें होती. है मेरे बहुत सारे सलाहकार होंगे मुझे. लगता है कि मैं उसे मैं उनसे पूछूंगी कि. बताओ क्या कर दिया जाना चाहिए कैसे होगा. तो तब का तब देखा जाएगा ना तब का तब देख. सोचिए नहीं क्या करना है नहीं मैंने बोला. था मैं बेरोजगारों के लिए काम करना. चाहूंगी मैं मजदूरों के लिए काम करना. चाहूंगी मैं किसानों के लिए काम करना. चाहूंगी मैं महिलाओं के लिए काम महिलाओं. की शिक्षा प काम करना चाहूंगी तो मुझे. लगता है कि इन चीजों पे मैं काम करना चा. अच्छा जिस बिहार से आप आते हो आपका मूल. क्योंकि बिहार है बाकी आपने ट्रेवल किया.
बिहार से इतने लोग बाहर क्यों जाते हैं आप. भी बिहार के हो वहां आके जॉब कर रहे हो या. अपना काम कर रहे हो पूरे देश में लोग फैले. हुए हैं विदेशों में भी लोग काम कर रहे. हैं मजदूरी कर रहे हैं जबकि सरकार सारी आ. गई ऐसा नहीं किसी को मौका नहीं मिला मतलब. नीतीश सबके. थे उनके साथ लोग बदलते रहे दाए बाएं कभी. कभी उनका दाया हाथ आ गया कभी बाया हाथ आ. गया ऐसी ही सरकार चली हां हां हां हां तो. फिर जब सारी सरकारों को सबको मौका दे दिया. बिहार ने तब बिहार क्यों नहीं बदला देखिए.
आप जो अभी आपने एक बात कही कि बिहार से. लोग बाहर क्यों जाते हैं बिहार में रोजगार. नहीं. है बिहार में रोजगार नहीं है बिहार में. शायद रोजगार नहीं है इसीलिए अभी मुखर्जी. नगर में मैं पहले रहती थी तो मैंने वहां. पे देखा कि वहां पे गार्ड की नौकरी करने. वाले लोग बिहारी वहां पे कुक की नौकरी. करने वाले झाड़ू पोछा करने वाले बिहार के. ही लोग हैं सब्जी तरकारी बेचने वाला ठेला. लगा कर के बिहार के लोग हैं मतलब एक चीज. को लेकर के मुझे कभी-कभी सच में बड़ा रोना. आ जाता है कि दूर से बिहार अपने गांव घर.
छोड़ 12000 10000 8000 15000 के लिए आप. आते हो छुट्टी छपा परिवार घर गांव छोड़ के. बट ये मुझे ये समझ में नहीं आता कि जब सब. ट्राई कर लिया बिहार ने इनको भी इनको भी. इनको भी इनको भी अब जो वहां लड़का पैदा हु. कैसे अपनी नेताओं की कभी मंशा नहीं रही. महाराज नेताओं की कभी मंशा नहीं रही उनकी. नियत ठीक नहीं रही उनकी नीति ठीक नहीं रही. इसलिए नहीं हुआ रोजगार इस पर क्या सवाल. करना है मंशा उनकी सही नहीं रही अदर वाइज. ऐसा कैसे हो सकता है कि सब आए सब चले गए.
लेकिन बिहार में गरीबी मजदूरी और वह. बेगारी करने वाली जैसी चीज और प्रवासन. जैसी चीज खत्म नहीं हो रही क्योंकि उनकी. मंशा नहीं सही रही प्रशांत किशोर कैसे. लगते हैं आपको प्रशांत किशोर इन दिनों. काफी ट्रेवल कर रहे हैं और मैंने कई सारे. एक्टर्स का इंटरव्यू लिया मैंने पंकज. त्रिपाठी जी का इंटरव्यू लिया मैंने अभी. एक फिल्म आई थी आर्या उसमें एक एक्टर है. बिहार के विकास कुमार जी उनसे बात की. अक्षरा आई थी उनसे बात की मैं ने और जो. थोड़ा सेलिब्रिटी वर्ग में आते हैं जो. टीवी की दुनिया वाले लोग हैं उनमें जितने. से बात कर रहा हूं सबने प्रशांत जी को.
लेकर बड़ी पॉजिटिव बस दिखाई कि यार वो. अच्छी बात कर रहे हैं वो कहते हैं मैंने. जब उनसे पूछता हूं कहां उम्मीद दिखती है. तो दे से प्रशांत किशोर मैं कहता हूं. क्यों तो कहते हैं अभी उनको देख के लग रहा. है उनकी बात सुन के लग रहा है कि बात. अच्छी कर रहे हैं आप तो बिहार से हो हम आप. कैसे देख रहे हो प्रशांत बस मैं मैं भी. वही कहना चाहूंगी कि मैं भी उनसे कभी मिली. नहीं हूं अ सोशल मीडिया प एक्टिव रहती हूं. तो कभी रील्स में दिख जाते हैं कभी कुछ. वीडियोस में दिख जाते हैं तो हां लगता है. कि बिहार को लेकर के अच्छी-अच्छी बातें कर. रहे हैं या उनकी जो सोच है पर मैं इन.
बातों पर यकीन नहीं करती हूं बहुत क्योंकि. बहुत से वादे किए जाते हैं बहुत सी बातें. की जाती हैं कल को अभी तो हां अगर अभी की. बात कर रहे तो हां वो बहुत अच्छी अच्छी. बहुत पॉजिटिव बातें कर रहे हैं बस इतना ही. मैंने बट राहुल गांधी भी यकी नहीं देख के. उनको टीवी प अरे महाराज आप तो सच में कुछ. ना कुछ मेरे मुंह से निकलवा ही लेना चाह. रहे नहीं मैंने ऐसा कब कहा आपने कहा ना. मैंने उनको देखा था मुझे उनकी बातें सुनकर. ल सच्चे इंसान है वो साफ दिल इंसान लगते. देखकर लगा आपको कि वो साफ इंसान है. प्रशांत जी को देखकर भरोसा नहीं कर सकते.
अभी बातें सुन रहे हैं मैंने कहा कहा कब. कहा कि भरोसा नहीं कर सकते मैंने कहा कि. हां उनकी बातें सुन कर के लगता है कि काफी. बिहार को लेकर के वहां की समस्याओं को. लेकर के काफी ज्यादा वो पॉजिटिव सोच रखते. हैं या कुछ उन्हें लगता है कि उन पावर में. आएंगे तो कुछ कर अभी देख के यही लगता है. अब बाकी उससे ज्यादा में कुछ नहीं कह सकते. हम क्लोजिंग प नेहा सिंह राठौड़ की क्या. विश लिस्ट है अगर अगले दो तीन साल की कोई. विश लिस्ट हो. मतलब जैसे मान लो मुझसे कोई पूछे कि क्या. करना है तो मेरा मन है कि एक घर बनवा. दूंगा बड़ा और बड़ा इंडिया का नंबर वन.
पॉडकास्ट करने वाला बन जाऊंगा आपका भी. होगा ना कि सांसद बन जाऊंगी मंत्री बन. जाऊंगी और या कुछ और होगा कुछ तो होगा ना. आपके एमिशंस आपके अपने एमिशंस क्या है. बिकॉज पॉलिटिकल इंटरेस्ट तो आपका है इसलिए. मैं घूम टल के सीधे बात कर रहा हूं मेरा. मुझे लगता है कि आगे भी दो चार साल तक मैं. भोजपुरी को लेकर के ही काफी एक्टिव रहना. चाहती हूं मुझे लगता है कि जब तक मैं. भोजपु मैं भोजपुरी में से ना अश्लीलता. खत्म कर देना चाहती हूं मैं यह चाहती हूं. भोजपुरी से अश्लीलता खत्म करना चाहती पहला. काम तो मैं यह करना चाहती हूं कोई इसका.
सोचा कैसे खत्म करना है देखिए बहुत. मुश्किल है और मैं इस लड़ाई में एकदम. अकेला चना अपने आप को महसूस कर पा रही हूं. कई बार ऐसा हुआ है कि मैंने दो चार लोगों. से कांटेक्ट करने की कोशिश की शारदा. सिन्हा जी अच्छा कर रही है मैथली ठाकुर. शारदा सिन्हा जी बहुत अच्छा किया मैथली. ठाकुर को हम देखते हैं वो हमें अच्छी लग. गाने अच्छे लगते हैं अभी तो मोदी जी ने. अवार्ड भी दिया था आपको नहीं बोला मोदी. जीने आपको पता है यह जो कंटेंट क्रिएटर. अवार्ड हुआ है मुझे नहीं बुलाया गया कई. बार मुझसे लोग सवाल भी करते रहते हैं कर. रहे हैं आजकल कि आपको नहीं बुलाया हमको भी. नहीं बुलाया गया अच्छा.
आपको आपको क्यों नहीं बुलाया गया वैसे यही. तो बात सोच ना कुछ तो हमने भी किया होगा ओ. हो मुझे लगता है क्या हो सकता है कुछ हम. में कमी हो ओ हो या जो कुछ नेता लोग कहते. हैं कि हमारी तपस्या में थोड़ी कमी र. गई. देखिए कंटेंट क्रिएटर्स अवार्ड में नहीं. बुलाया जाना ही मुझे लगता है ये सबसे बड़ा. पुरस्कार है मेरे लिए फिर अवार्ड हमको भी. मानना चाहिए कि हम भी अवार्ड पा गए आप मान. सकते हैं मेरे लिए यह तो है यह बहुत बड़ा. पुरस्कार है कि मुझे वहां नहीं बुलाया गया. हां तो मैं अपने आप को पुरस्कृत महसूस कर.
रही हूं जब मेरे खिलाफ चार-चार एफआईआर. दर्ज होता है तो मैं महसूस करती हूं कि यस. इसे मुझे लगता है कि कहीं लेमिनेट करके रख. देना चाहिए ये पुरस्कार है मेरा एक कॉपी. हमारे लिए भी निकलवा देना यहां लगवा. देंगे ठीक है कि नहीं. मिला नीचे लोगो लगा देंगे नहीं मिला. कंटेंट क्रिएटर अवार्ड यस ऐसे ही. कॉन्फिडेंस में रहने का का ये क्या आदमी. कटोरा लेके थोड़ी जाएगा कि भीख दे दो हमको. पुरस्कार दे दो हमारा मैथली तो अच्छा करे. ना मैथली को तो आप देख मैथली ठाकुर जी के.
बारे में मैं ये कहना चाहूंगी कि जब मैंने. बिहार में वि मैं उनको बिहार में विधानसभा. चुनाव था 2020 से जानती हूं जब मैंने. बिहार में काबा गाया और मैंने जब. बेरोजगारी और महंगाई के मुद्दे उठाए बिहार. में काबा के माध्यम से तो उन्होंने इन. मुद्दों को अल्लर बल्लर कहा गीत के माध्यम. से और बताया कि बिहार में हैई छे बिहार. में हौ छे तुम जोन गहल रही छे वो सब अल्लर. बल्लर छे सबसे बवाल काटे. उन्होंने कहा उन्होंने कहा तो मैं कह रही. हूं कि मैथिली ठाकुर जी के लिए बिहार के. बेरोजगार अल्लर बल्लर हैं बिहार के महंगाई.
के मुद्दे अल्लर बल्लर हैं अल्लर बल्लर. माने जो नहीं समझ पा रहे होंगे उनको मैं. बता दूं बेकार के मुद्दे जिस परे ध्यान भी. नहीं देने की जरूरत है जो बकवास की बात है. ये कहा था उन्होने कोई दोस्त है आपका मतलब. पतिदेव के अलावा और बहुत सारे जो ऐसे. थोड़ा फेमस इंसान हो थोड़ा सा हमको बताए. ना चार पांच नाम जिको जानते हैं लोग सोशल. मीडिया पे फेमस मतलब जिसको थोड़ा बहुत भी. लोग जानते हो चार आदमी पहचान सके कि हां. फलनवा नहीं नहीं नहीं नहीं वैसे नहीं मेरे. तो सारे दोस्त दोस्त नहीं बनाई नहीं वैसे. दोस्त मतलब दुश्मन तो बहुत सारा बना भा.
महाराज दुश्मन भी कोई नहीं है दोस्त भी. नहीं है वैसे दोस्त मेरी है मेरे साथ. पढ़ती थी वो स अच्छा चलो सोशल जैसे सोशल. मीडिया वाली दुश्मनी है सोशल मीडिया तो. कोई फ्रेंड होगा ना कि कोई वहां भी नहीं. बना कि हम तुम्हारा रिट्वीट कर देंगे तुम. हमारा कर देना बिल्कुल नहीं ये तो काम. मुझे बिल्कुल नहीं पसंद है मैं अकेले ही. काफी हूं बिल्कुल नहीं कि तुम चलो यार तुम. मेरा रिट्वीट करू बिल्कुल नहीं एकदम नहीं. मैं नहीं कर सकती ये काम मुझसे नहीं होगा. कि मैं चलो मैं तुम्हारा रिट्वीट करती हूं. तुम मेरा कर दो एकदम नहीं हां नहीं होता. है ये मुझसे मैंने कभी नहीं किया मनोज जी. गाना गाए थे अनुरा कक्षक फिल्म में जिया.
हो बिहार के लाला नेहा कश्यप नेहा सिंह. राठौड़ का कोई ऐसा प्लान है कि हम भी. गाएंगे बॉलीवुड ली कोई फिल्म आती है तो. मैंने. नून तेल धनिया का खर्चा चल जाता है बस. इतनी ही कमाई होती हैय के एडसेंस गाड़ी. वाड़ी नहीं ली म कोई महंगी गाड़ी नहीं.
महाराज मैं कह तो रही हूं कि नून तेल. धनिया का खर्चा चल जाता है याही डर लग रहा. है कि पता लगे बता दिए हमारे यहां भी छापा. पड़ेगा अरे नहीं महाराज मैं बहुत साधारण. परिवार से आती हूं भेज दीजिए ना ईडी सीडी. को भी जो भी है वो भी लजा के चले. जाएंगे आलू धनिया मर्चा प्याज आओ महाराज. आओ मैं तो बुला रही हूं आओ लेकर के जाओ ये. सब घर मेरा थोड़ा सा कपड़े पपड़े थित रहते. हैं उसको थोड़ा व्यवस्थित भी करके चले. जाइएगा आइए आप लोग आइए बहुत सारा काम है.
मेरे घर प अच्छा बताओ दर्शक आपका इंटरव्यू. नेहा सिंह राठौड़ का जो इंटरव्यू है इसे. दर्शक क्यों. देखे अब ऐसी बात बोलेंगे तो मैं बोल दूंगी. भाई आपकी मर्जी आप ना. देखे नहीं मैं क्यों देखे मैं कैसे कह. सकती तो बड़ी आत्ममुग्धता वाली बात हो गई. कि मेरे में तो ये दम है आप चलो जो आपको. नेहा सिंह राठौड़ को पसंद ना पसंद करने. वाले कोई एक लास्ट मैसेज उनके लिए जाते. आते दे देखिए जो मुझे पसंद करते हैं बहुत. धन्यवाद आप लोगों का बहुत जो है अ आप. लोगों से ताकत मिलती है आत्मविश्वास मिलता. है जो मुझे मेरी आलोचना करते हैं उनका भी.
स्वागत है क्योंकि अगर वह मेरी आलोचना. नहीं करते तो मुझे लगता है कि बहुत सारी. चीजों को मैं इतनी चुनौती की तरह नहीं. लेती और इतनी कॉन्फिडेंट मेरी आलोचना करने. वाले लोगों ने मुझे बहुत कॉन्फिडेंट बना. दिया और वत ढीठ बना दिया मुझे लगता है. पहली बार जब मुझे गाली पड़ी थ तो मैं. नहीं मैं बहुत कॉन्फिडेंट हो गई हूं कमेंट. सेक्शन पढ़ते होना हां बिल्कुल पढ़ती हूं. बिल्कुल पढ़ती.
हूं कभी-कभी अच्छा भी लगता है कभी-कभी. बुरा भी लगता है कि भाई लोग क्या लिख रहे. हैं प्रभावित भी होती हूं ऐसा नहीं है पर. मुझे मोटा मोटी यह पता है कि यहां पर कौन. क्या कर रहा है तो मेरे आलोचकों ने मुझे. बहुत कॉन्फिडेंट और बहुत बोल्ड लड़की बना. दिया शायद मैं इतनी कॉन्फिडेंट नहीं थी. अगली बार जब हम मिलेंगे तो माननीय बनके. मिलेंगे या लोग गायिका से मुलाकात कर जनता. तय करेगी महाराज. बढ़िया बन गए आप. नेता बहुत-बहुत शुक्रिया नेहा आपका आपसे.
बात करके बहुत मजा आया बहुत सारे सवाल थे. हमारे आपने भी हर सवाल का विकी से जवाब. दिया थोड़ा पानी बचा हुआ है वो भी हम. लास्ट में पिएंगे और साथ में प हां जरूर. जरूर. जरूर थैंक यू थैंक यू थैंक यू शुभंकर जी. अच्छा लगा.
