Unplugged ft. Neetu Singh | SSC Protest | Struggle | Paper Leak | SSC CGL | SSC Aspirants
अभी हाल फिलहाल में आप खान सर के यहां पर. गए थे रिसेप्शन में। नीतू मैम इकलौती थी. जो ऐसे झांक के ऐसे देख ली थी।. वो अंदर जो बिहारीपन भरा है वो तो फूल. बुलाता रहता है।. आपकी फेवरेट टीचर कौन है? विकास कीर्ति सर।. महिलाओं का नाम नहीं ले किसी का।. महिलाओं में नीतू सिंह है।. हमने एक वीडियो देखा जिसमें आपने कहा कि. कि जो इतना वो लड़कियों के खिलाफ बोलते. हैं अब उनकी बोली निकलती है कि नहीं? तो वो तो मैं अभी भी चैलेंज कर रही हूं कि. बोल के दिखा दो आप।. आजकल रीलबाज टीचर बहुत हो गए। पढ़ाने. ज्यादा यही बात का ध्यान रखते हैं कि ऐसा. क्या बोल दें कि रील वायरल हो जाए। अपने.
सब्जेक्ट से आगे निकलकर उनको देश दुनिया. में सब पे ज्ञान देना है।. बिल्कुल सही बात है। ये तो हो रहा है।. क्यों लीक होता है इतना पेपर बिहार में? जिसजिस का डिमांड ज्यादा होगा वहां पे उस. चीज के पीछे लोग परेशान होंगे।. अगर पैसा मोटा जेब में हो, जुगाड़ हो तो. क्या सरकारी नौकरी मिल सकती है? कोई एक. शब्द इंग्लिश का जिसको आपको सिखाने में. बड़ा मजा है। लोग बोल नहीं पाए।. स्पेलिंग है बोरगोइस करके। तो सब उसका. प्रोनंसिएशन, उसका स्पेलिंग से पढ़ते हैं।. बोरगोइस है मैम। तो मैं कहती हूं इसका. प्रोनन्सिएशन है बुषवा।. इसीलिए तो आपने नहीं कहा था कि जिसने. इंग्लिश भाषा बनाए वो दारू पी के बना रहता.
है।. कई बार मोहब्बत के एग्जाम में फेल हुई. नहीं तो मैं।. मैंने दो बार किए हैं।. दोनों बार कटा आपका।. दो बार कटा गंदा से कटा।. हाउ यू डिफाइंड दैट दिस इज लव।. प्यार बहुत रेयर चीज है। अगर होता है तो. जबरदस्त होता है। नहीं तो नहीं होता।. मैंने प्यार किया था 18 19 साल की उम्र. में। आफ्टर टू डेकेड्स फिर मुझे प्यार. हुआ।. तीन-तीन बार आप कटा उसके बाद भी मोहब्बत. की खुमारी खत्म नहीं हुई। नहीं तीन बार. नहीं कटा है। एक तीसरा तो जो कटा है वो तो. ऐसे ही भयंकर कट गया।. आप गिन ही नहीं रही है। दुनिया की जिंदगी.
में पति पत्नी वो होता है। आपकी जिंदगी. में पति पत्नी बाउंसर था।. बात सही है। हां ये तो है। उस घटना ने दो. चीजें की है। एक तो उस दिन के बाद मैंने. सिंदूर लगाना बंद कर दिया। दूसरा जब उस. बाउंसर ने मुझे लात मारा था। पता नहीं. क्यों मेरे मुंह से उसी समय एक अजीब सी. हाय निकली थी। अब तो बर्बाद हो गया ये।. कितने टाइप के शिप होते जैसे आजकल. सिचुएशनशिप चल रहा है।. सिचुएशन हमारे जमाने में बहुत ही गंदा. शब्द होता था। तो हम ऑन कैमरा बोल भी नहीं. सकते।. क्यों ऐसा होता है कि मर्द जो है वो सोशल.
मीडिया पर ब्रेकअप का ज्यादा रोते गाते. हैं। जबकि महिलाएं जो है वो सिर्फ बाल. कटवा कर काम चला लेती है।. मैंने इतना कटवा लिया कि मुझे लगा बाल भी. कटवाओ।. कभी बिग बॉस जाओगे आप? नहीं वहां पर जाकर टॉयलेट साफ करो और खाना. बनाओ। वो सब मेरा क्लास नहीं है भाई।. भोजपुरी गाना सुनते हो कब? एक इनका खाली सुना था रिंकिया के पापा।. मनोज. संदीप माहेश्वरी से क्या दिक्कत है आपको? संदीप माहेश्वरी से मुझे दिक्कत नहीं है।. संदीप माहेश्वरी को पूरी दुनिया से दिक्कत. है।.
किसी ने खूब कहा है कि मिल सके आसानी से. उसकी ख्वाहिश किसको है? जिद उसकी जो. दुनिया ने कहा तुम्हारे मुकद्दर में लिखा. ही नहीं है। मेरे मेहमान की यही कहानी है।. लोग सारी जिंदगी एक काम तमीज से नहीं कर. पाते। उन्होंने एक काम में मुकाम हासिल. करके फिर जीरो से अपने को रिस्टार्ट करके. उससे बड़ा मुकाम हासिल कर लिया। नाम नीतू. सिंह जी। लोग प्यार से नीतू मैम कहते हैं।.
हम भी आपको नीतू मैम ही कहने वाले हैं।. कैसी हैं आप मैम? बिल्कुल बढ़िया।. ये शेर सही था। मिल सके आसानी से सबसे. ख्वाहिश किसको है? अ स्ट्रगल करना किसी को. पसंद नहीं आता। लेकिन जब किस्मत में. स्ट्रगल लिखा हो तो करना पड़ता है। अगर आज. से पीछे मुड़कर आपको अपनी यात्रा देखनी हो. तो इस यात्रा को कैसे डिफाइन करोगे आप? बहुत अधिक कठिन बहुत स्ट्रगल भरा।. पर चेहरे पे मुस्कुराहट है। हमेशा वीडियोस. देखते हैं। आप मुस्कुराती रहती हैं।.
अ मेरे चेहरे से आपको मेरा गम का अंदाज. नहीं लगेगा।. तो जो लोग ये कहते हैं शायर कि. अक्सर मुस्कुराते हुए चेहरों के पीछे एक. गहरी उदासी होती है। अंदर एक तकलीफ होती. है। वो सच कहते हैं।. भगवान ने आपको क्या दिया है उसके लिए. शुक्रगुजार होना चाहिए। तकलीफें सबके लाइफ. में होती है। लेकिन हमेशा ग्रेटट्यूड रहना. चाहिए आपके दिल में और हमेशा थैंकफुल होना. चाहिए। मैं तो यह मानती हूं। बहुत कुछ.
दिया भगवान ने मुझे।. आपने वेट लूज कर लिया। अब आपके बहुत सारे. बच्चे हमको मैसेज कर रहे थे कि नीतू मैम. से कह दे कि वेट लूज मत करें। मैम जब. हल्की सी चबीचबी थी तो क्यूट लगती थी।. अ वेट लूज करने के बाद आपको खुद बहुत. अच्छा फील होगा अंदर से।. तो अब मुझे बहुत अच्छा फील होता है और मैं. बहुत थैंकफुल हूं अपने गाइड का जिन्होंने. मुझे ये करवाया है। तो इसीलिए अच्छी बात. है अगर आप मोटे हो तो वेट लूज करिए।. अच्छा लगेगा।. अभी हाल फिलहाल में आप खान सर के यहां पर.
गए थे रिसेप्शन में। हम्म हम्म।. और खान सर भी कुछ दिन पहले इसी कुर्सी पर. बैठे थे और हमने पूछा हमने कहा कि नीतू. मैम इकलौती थी जो ऐसे झांक के ऐसे देख ली. थी। हमसे लोग भी कहे कि खान सर की. मेहरारों को खाली एक ही औरत देखी हैं।. नीतू जी कैसी हैं खान सर की मैडम? खान सर की मैडम बहुत सुंदर है और इनफैक्ट. मुझे भी नहीं पता था क्योंकि मैं जैसे कार. से उतरी हूं तो उनके स्टाफ ने मुझे वहीं. से रिसीव करके सीधा स्टेज पर ले गए। अगर. बाय चांस मैंने देखा होता पहले कि कोई भी.
महिला ने उनका घूंघट नहीं उठाया तो शायद. मैं भी नहीं उठाती। तो वो अंदर जो. बिहारीपन भरा है वो तो कुलबुलाता रहता है।. जैसे एक दुल्हन दिखी मुझे घूंघट में तो. मुझे वो रीति रिवाज याद आ गया कि आपको. मुंह देखना है और मुंह दिखाई का. शगुन रखना है हाथ में। वो मैंने कर दिया।. तो आप ऐसे गई आपने इसे उठाया नहीं।. मैंने उठाया तो वो भी शायद चौंक गई थी. क्योंकि. वो एक्सपेक्ट नहीं कर रही थी वो।. एक्सपेक्ट नहीं कर रही थी। शायद उसके पहले. किसी ने उसे देखा भी नहीं। ऐसे उठा के घूम.
गई। तो वो भी शायद थोड़ा सा चौंक गई थी।. लेकिन उसने बहुत खिलखिला के वो हंसी थी और. सुंदर है।. खान सर नहीं सक पकाए कि मैडम अरे. नहीं खान सर बहुत डाउन टू अर्थ है और मुझे. लगता है उनको अपने गांव घर का सारा रीति. रिवाज पता है तो वो नॉर्मल ले रहे थे इस. चीज को क्योंकि उनको पता था कि अगर दुल्हन. का घूंघट है तो घूंघट उठा के कोई भी महिला. देख तो सकती है।. हालांकि खान सर ने हमने पूछा तो उन्होंने. कहा कि भैया वही शर्मा रही थी। वो नौकरी.
करती हैं दुनिया में जाती है ऑफिस तो. घूंघट पहन थोड़ी ना जाती हैं। नहीं मुझे. लगता है उनको घूंघट लेना बिल्कुल सही था. क्योंकि मैं कुछ दिन पहले गई थी पटना तो. मैंने अपने सारे स्टाफ वगैरह को कह दिया. था मेरे साथ मत आना मैं एक मॉल जाके थोड़ा. सा शॉपिंग करना चाहती हूं बिल्कुल शॉपिंग. नहीं कर पाई क्योंकि कहीं भी किसी भी शॉप. में गई कोई भी देखे ये नीतू मैम है फिर. आके फोटो खिंचाना फिर बातें करना और देखिए. आप क्या होता है ना आप में एक तमीज होती. है कोई अगर आके बात कर रहा है सेल्फी ले.
रहा है फिर उनको आपको बता रहा है कि वह. कैसे आपसे मिले हैं और आपको कैसे जानते. हैं। तो आपको बहुत प्यार से उनसे मिलना. पड़ता है। अल्टीमेटली मुझे 1 घंटे के बाद. महसूस हुआ मैं कुछ भी नहीं खरीद सकती हूं. यहां पे। फिर मैं चुपचाप से वापस आ गई।. खान सर बहुत फेमस है। अगर उनकी वाइफ का. चेहरा बच्चों ने देख लिया होता तो मुझे. नहीं लगता उनकी वाइफ कभी भी पटना में. शॉपिंग वगैरह के लिए निकल पाएंगी। तो. अच्छा ही हुआ। उन्होंने घूंघट लिया हुआ. था।. ये गजब का लॉजिक दिया आपने।. ये वाला तो खान सर भी नहीं सोच पाए। नहीं.
वो बिल्कुल सही की क्योंकि वो अब नॉर्मल. लाइफ जी सकती है। अदरवाइज बहुत प्रॉब्लम. है। बच्चे इतना प्यार देते हैं ना टीचर को. और टीचर के पेरेंट्स को, टीचर के वाइफ को, हस्बैंड को कि वो नई नॉर्मल लाइफ जी पाते।. 17 बीवी आई हैं खान सर की। हम फोटो गिन. रहे थे अलग-अलग अलग अलग-अलग। हम खान सर से. पूछे। खान सर भी गए। कचा गए हैं। जिस. लड़की की फोटो मिलती है कब वो खिंचाएं वो. बीवी बन के आती है।. और एक तो मेरे पास रील आया है जिसमें एआई. से उन्होंने खान सर की वाइफ, खान सर और.
मुझे तीनों को नचा दिया है। और वो कई. लोगों ने मुझे फॉरवर्ड किया। मैंने कहा. इतना गंदे तरीके से उन्होंने तीनों को. डांस करवाया है एआई के थ्रू।. मतलब आपका अच्छा डांस तो मैंने देखा है. मुंबई में एक कार्यक्रम में।. हां वो तो मैं कहीं भी नाच लेती हूं।. दिल में खुशी होनी चाहिए और खुशी का. एक्सप्रेशन सबसे अच्छा होता है डांस करके।. हम. तो खान सर क्या शादी में डांस नहीं की थी. आपको? नहीं नहीं वहां पे कैसे डांस करती? वहां रिसेप्शन था ना।. अच्छा हां. हां तो रिसेप्शन में थोड़ी डांस.
रह गया होगा।. हां।. अच्छा हम जब आप जा रही थी खान सर के यहां. रिसेप्शन में तो हमने एक वीडियो देखा. जिसमें आपने कहा कि आज देखते हैं जो. लड़कियों के खिलाफ दिन भर इतना बोलते हैं. वो अब क्या बोलते हैं. तो वो तो मैं अभी भी चैलेंज कर रही हूं कि. बोल के दिखा दो आप है ना देखिए. आपका चैलेंज कबूल कर लिया उन्होंने. हस्बैंड एक जगह पर ही दबता है वो है वाइफ. के सामने और नहीं दबा तब तो फिर प्रॉब्लम. तो होगा ही. उन्होंने कबूल कर लिया हमारे पॉडकास्ट में.
आए थे उन्होंने कहा कि भगवान हर जगह मौजूद. रह नहीं सकता इसलिए उसने मां बना दी और हर. बार भगवान आकर टेंशन दे नहीं सकता. इसलिए उसने बीवी बना दी. ये सब मजाक की बातें हैं लेकिन सच कहे तो. एक मर्द बहुत कंफर्टेबल तरीके से बाहर काम. कर सकता है अगर उसे घर में टेंशन ना मिले. तो. ट्रू. है ना तो अगर वो बहुत खुश हो के आज भी. पढ़ा रहे हैं तो कहीं ना कहीं अब योगदान. उनकी वाइफ का होगा वो टेंशन नहीं दे रही. होगी.
बट आशा लोग बहुत डरते मैम जैसे आप भी आपके. बेटे के लिए भी आजकल बड़ा रिश्ता आता है।. अभी छोटा ही है लेकिन बहू की खोज अभी से. चल रही है। लोग बहू बनने को तैयार भी बैठी. हैं। आप भी देख रहे हो बहू? नहीं अभी नहीं अभी तो छोटा है।. तो फिर इतनी चर्चाएं क्यों आती है बहू की. आपके बेटे की? क्योंकि उसके पास कभी-कभी लव लेटर्स आ. जाते हैं लड़कियों के।. आप ही कोचिंग से? नहीं नहीं। उसके क्लासमेट्स जो होती हैं. लड़कियां।. तो एक तो है अभी जो काफी फ्रेंडली होती है. उससे। तो वो मेरे साथ ये बहुत फ्रेंडली हो.
रही है। मैं समझ रही हूं उसका इंटेंशन. लेकिन मैं प्यार से बात कर लेती हूं।. तो ये बच्चा बताता है आपको ये सब? मेरा बेटा खुद आके मुझे लेटर दे देता है. कि मम्मी ये लेटर मुझे मिला है।. सो एंड सो ने मुझे ये लेटर दिया।. इसका रिप्लाई करेक्ट इंग्लिश में दे. दीजिएगा आप ताकि वापस कर आए।. नहीं लेटर जो उसके पास एक आया था। उसमें. बहुत बढ़िया इंग्लिश थी। बहुत अच्छी. हैंडराइटिंग थी। तो मुझे लगा कि. और क्या चाहिए? यही तो चाहिए मुझे।. क्राइटेरिया फुलफिल्ड।. कोचिंग सेंटर की विरासत ट्रांसफर।. यही तो चाहिए मुझे। तो वो इनोसेंट है। इस. मामले में इनोसेंट है। वो आके बता देता.
है।. 10वीं पास हो गया वो? हां 10थ पास कर गया। अभी 12th में है।. अंग्रेजी में क्या नंबर आए थे उसके? अंग्रेजी में क्या मतलब उसे किसी भी. सब्जेक्ट में इंटरेस्ट नहीं है। इंग्लिश. तो छोड़ दी।. फिर भी अंग्रेजी वाली मैडम की बच्ची के. अंग्रेजी में कई नंबर आए थे।. ये जरूरी नहीं है कि टीचर का बच्चा टीचर. बनेगा।. हां फिर भी।. इसीलिए वो बिल्कुल ऐसा कुछ नहीं है।. ये हमने ये हमने कहा बट किसी ने इस पे. हमको लॉजिक दिया कि अगर टॉप शेफ के यहां. पर गंदा खाना मिल रहा हो। तो शेप पे भी एक. बार सवाल तो आया भाई तेरे तेरी फ्रेंचाइज. है तो क्या नंबर है थोड़ा बताइए ना.
नहीं नंबर उससे ज्यादा नहीं आता है वो खुश. रहता है 60 में ला के खुश रहता है और उसको. कई बार मैंने कहा है कि भाई 80 के ऊपर तो. दिखना चाहिए ना तो कहता है कि तुम सोच. सकती हो तुम मुझसे ये उम्मीद करोगी तो मैं. तो सिर्फ 80ज में जाती हूं बाकी के तो. पेरेंट्स 90 95 में भी खुश नहीं होते. लेकिन मैं संतुष्ट रहती हूं कि बस वो एक. अच्छा इंसान बन जाए और किसी किसी को कभी. दुख ना दे, तकलीफ ना दें। कामकाज ठीक से. संभाल लें। बस सफिशिएंट है।. मम्मी नहीं पढ़ाती उसे?
नहीं वो मम्मी को वो अच्छी टीचर नहीं. मानती।. घर की मुर्गी दाल बना।. हां वो पहले रिजेक्ट कर चुका है। सिक्स. सेवंथ स्टैंडर्ड में ही कि तुमसे नहीं. पढूंगा।. हां मतलब जब गर्लफ्रेंड अच्छा पढ़ा रही है. उसकी इंग्लिश। नहीं नहीं उनके लिए उसके. लिए तो टटर है एक और गर्लफ्रेंड. गर्लफ्रेंड एज सच नहीं है. वो लड़की से पसंद करती है बस ये अच्छे से. बात कर लेता है गर्लफ्रेंड. हां 11 12th में ऐसे ही शुरू होता है फिर. ये भी कह सकते हैं आप. बाकी सब थोड़ी ना बता रहा जब आपसे पढ़. नहीं रहा तो आपको सब बताएगा ये.
बट अच्छी बहू क्या क्राइटेरिया होता है. थोड़ा बताइए ना कि हम लोग को भी अपना शादी. ब्याह करना है तो अब आप. देखिए सबसे पहले आप अगर पेरेंट्स हैं तो. आपको बहू से बहुत एक्सपेक्टेशंस नहीं करना. चाहिए कि आके आपका घर परिवार संभाले और. आपके बेटे को खुश रखे वो खाना बनाए घर. संभाले ये सब चीजें तुरंत नहीं होता. क्योंकि जब लड़कियां शादी करके आती है तो. उनके भी कुछ अपने अरमान होते हैं तो. जैसे क्या-क्या अरमान हमको नहीं पता हम तो. अपने हस्बैंड से वो बहुत सहयोग चाहती हैं।.
वो चाहती है मेरा हस्बैंड जिसके भरोसे मैं. इस घर में आई हूं वो मेरा साथ दें और. मम्मास बॉय ना रहे। तो सबसे पहले मैं यह. कहूंगी. अब यही आपकी बहू आपसे कहे कि जिंदगी भर आप. पाले हो।. हां नहीं तो मैं वो मम्मास बॉय मैं. चाहूंगी भी नहीं कि वो शादी के बाद रहे।. ओके।. अपनी वाइफ को खुश रखें। और मैं उससे इसलिए. उम्मीद नहीं करती हूं क्योंकि हम अपने बाल. बच्चों से तब ज्यादा उम्मीद करते हैं जब. हम खुद लाइफ में सक्सेसफुल शायद नहीं हुए.
रहते हैं तब कि अगर हमने तुम्हें पाला है, हमने तुम्हें बड़ा किया है, तुम्हें. पढ़ाया लिखाया है। पेरेंट्स हैं हम। हम. थोड़ी कोई इन्वेस्टमेंट कर रहे हैं कि. मुझे फिर रिटर्न्स चाहिए अपने बच्चों से।. तो वो सबसे पहले एक्सपेक्टेशन खत्म करना. पड़ेगा आपको। आपने कमाया है। आप अपने लिए. बुढ़ापे के लिए संजो के रख लीजिए। बाल. बच्चों पर इतना बोझ मत डालिए कि बेटा को. बेटा होने पर अफसोस हो कि भाई मैं बेटा. में क्यों पैदा हुआ हूं। मेरे ऊपर इतने.
बोझ है। मैंने पहले भी कहा था कि लड़कों. के कंधों पर बहुत बोझ होता है। तो अपने. एक्सपेक्टेशंस का बोझ मत डालिए। एक बड़ा. कॉमन परसेशन चला है मैम आजकल कि जो. सक्सेसफुल महिलाएं होती हैं उनके मैरिटल. रिश्तों में बड़ी प्रॉब्लम आ रही है. इंडिपेंडेंट महिलाओं के और ये बड़ा जेनरिक. असल चलने लगा है। इस पर मैंने कई लोगों से. पूछा भी तो उनका स्टेटमेंट था कि पहले. औरतें सहती रहती थी। दो चार ने आवाज उठा. ली तो आप लोगों ने एक परसेप्शन दे दिया।. एक ये भी आया। बट एक बड़ा कॉमन परसेप्शन.
है कि लड़की पढ़ लेगी भैया तो ब्याह बड़ा. मुश्किल है।. एक सच्चाई बोलूं मैं आपको।. मर्दों को स्ट्रांग वुमेन बर्दाश्त नहीं. होती है।. क्यों लगता है आपको ऐसा? क्योंकि अ एक स्ट्रांग इंडिपेंडेंट जो. वुमेन होती है फाइनेंशियली अगर. इंडिपेंडेंट है तो मर्द को ऐसा लगता है कि. वो मेरे से दब के नहीं रहेगी। ऐसी बात. नहीं है। महिलाएं हर महिला चाहे वो. फाइनेंशियली इंडिपेंडेंट भी हो तब भी वह.
एक हद तक अपने हस्बैंड से दबती है क्योंकि. वो परिवार तोड़ना नहीं चाहती। लेकिन जब. मर्द एक औरत को चाहता है वाइफ के रूप में।. तो पता नहीं क्यों वो अपने वाइफ के नाम से. अगर कहीं पर भी इंट्रोड्यूस्ड होता है तो. उसके एक जो अहम है उसको मेल ईगो जो कहोगे. आप उस पे चोट लगता है। तो शायद कई बार. जैसे मैंने अपनी लाइफ में महसूस किया है. कि मैंने किसी भी रिश्ते में 100% देने की.
कोशिश की है। लेकिन मुझे वो चीज इसलिए. नहीं मिला क्योंकि शायद जो एक महिला होती. है बहुत स्ट्रांग इंडिपेंडेंट होती है।. उसको वो प्यार के काबिल नहीं समझ पाते या. प्यार नहीं कर पाते मुझे नहीं समझ में आया. लेकिन ऐसा होता है।. बट ये जनरलाइज स्टेटमेंट है या स्पेसिफिक. केसेस में है। जैसे मैं नरगिस जी को देखता. था तो नरगिस जी ज्यादा पॉपुलर थी। सुनील. दत्त कम पॉपुलर थे। एक जमाने में जब काजोल. ने शादी की तब वो ज्यादा पॉपुलर बड़ी. एक्ट्रेस थींक. अजय थे लेकिन उस उस कद के नहीं थी जिस कद.
में इंडिया की टॉप फिल्मों में काजोल का. नाम आता था। और बहुत सारे ऐसे एक्टर्स हैं. जहां पर उनकी वाइफ बहुत अच्छी रही और और. अलग-अलग केसेस में भी अभी एक आईएस आए थे. अभिषेक सिंह। उनकी वाइफ डीएम है। तो आपको. लगता है कि ये जनरलाइज स्टेटमेंट है या ये. हर मर्द के साथ ये होता ही है।. देखिए एक्सेप्शनंस आर नॉट एग्जांपल्स। कुछ. मर्द ऐसे होते हैं जो अपनी वाइफ को आगे. बढ़ाते हैं।. वो पीछे से संभालते हैं। अपनी वाइफ को. पढ़ाते हैं ताकि वो कुछ बन जाए। किसी किसी. केस में फिर वो पढ़ के कहीं और भाग जाती. हैं।. तो ऐसा भी होता है। बात सही है। लेकिन.
किसी किसी केस में मैं हमेशा समझाती हूं. कि चार एग्जांपल्स जो आपको समाज में देख. रहे हैं। उसके बाद मर्दों के दिल में दहशत. पैदा हो गया शादी को लेकर।. और हर रोज इतनी महिलाएं. डरी डेथ का शिकार हो रही है। मोलस्टेशन. होता है। उसके बाद आप डोमेस्टिक वायलेंस. देखो। यह सब कुछ होता है। लेकिन फिर भी आज. कहां महिलाएं कहती है कि मैं शादी नहीं. करूंगी। वो फिर भी पूरे अरमान के साथ शादी.
करती है और ससुराल जाती है। चाहे उसमें से. कई ऐसी महिलाएं होती है जो डरी डेथ का. शिकार हो जाती है। लेकिन उसको देखकर हम. लोगों ने ऐसा जनरल स्टेटमेंट नहीं दिया. जैसे चार महिलाओं खराब महिलाओं को देखकर. जो मर्द आज जनरल स्टेटमेंट दे रहे हैं।. मेरा कहना है किसी भी जेंडर. खतरनाक भी था ना मैम ड्रम में पैक कर. दिया। बताइए. बहुत खतरनाक ऐसा भी होता है जब जिंदा जला. दिया जाता है।. बिल्कुल सही बात है।. तो ऐसे कई महिलाएं हैं जो जिंदा जला दी. गई। मैं सिर्फ एक क्वेश्चन आपसे पूछती.
हूं। पहले जमाने में जब स्टो फटता था तो. सिर्फ बहू ही क्यों होती थी? सास क्यों नहीं होती थी? ननंद क्यों नहीं. होती थी? तो इसीलिए देखा जाए तो सारे डेथ. जो अननेचुरल होते हैं वो पेनफुल तो होते. हैं।. बट पुराने केसेस की अगर आप बात करोगी जैसे. मैं भी अपने परिवार में या रिश्तेदारों. में देखता हूं तो मैंने रियलाइज किया है. कि महिलाएं ही महिलाओं को ज्यादा शोषित कर. रही थी जो सास झगड़े भी जो ज्यादा सुनाई. पड़े और सास बहू के सुनाई पड़े हैं। ननद. से सुनाई पड़े हैं कि मैं बेटी हूं तू.
बाहर से आई है और वो आपस में खून पी रही. हैं। लड़के बेचारे वहां भी सैंडविच की तरह. पिसी ही रहे थे। मैंने अपने रिश्तेदारों. में कई लोगों को देखा है कि बेचारे दोनों. तरफ ढोलक की तरह पिट रहे थे। उधर मम्मी के. पास जाके इधर बीवी के पास आके।. ओके। देखिए बात क्या है ना महिलाएं इतने. सदियों से शोषित हुई है कि शायद उनको खुद. भी पता नहीं रहता है कि मैं किसी के बंदूक. का कंधा बन रही हूं।. ओके।. अगर आप सास की बात करेंगे। एक बात बताइए.
आप सास को देखिए। वो अपने हस्बैंड के. कंट्रोल में है। लेकिन वह एक मामले में. कंट्रोल में नहीं है। कहां? जहां पे बहू. को का उत्पीड़न करना है।. तो ऐसी बात है ना कि फिर बंधुक किसी और का. रहता है। कंधा किसी और का रहता है। और. महिलाएं अगर घर में बैठी हुई है चाहे सास. हो या बहू हो तो खटपट उन दोनों के ही बीच. में होगा।. दिन भर वही रहेंगे। हां मतलब हर आदमी अपने. से कमजोर को दबाता है।. लेकिन अगर उनके हस्बैंड का इतना चल रहा. है। अगर घर में जो फादर इन लॉ है अगर वो. एक बार डपट दे अपनी वाइफ को तो मजा ले फिर.
वो बहू का शोषण करें। लेकिन मैंने कहा ना. कि महिलाएं इतनी शोषित हो चुकी है कि उनको. खुद नहीं पता है कि वो मेंटली भी एक स्लेव. हो चुकी है। आप किसी भी परिवार में देखिए. अगर दहेज चाहिए तो घर के मर्दों को चाहिए।. अगर आप कहेंगे कि नहीं सास को चाहिए तो. भाई सास जब सब मामले में अपने हस्बैंड के. कंट्रोल में है तो इस मामले में क्यों. कंट्रोल में नहीं है क्योंकि ऑब्वियसली. उनके हस्बैंड को भी दहेज चाहिए जो अपना जो.
उनका डिमांड है वो डिमांड वो ट्रांसफर कर. रहे हैं महिलाओं पर ही. और हम महिलाएं कुछ चीजों को बहुतेंस देती. हैं जैसे कि गहने हो अच्छे कपड़े हो सुंदर. देखने की जो एक चाह होती है हम सब में तो. वो सांस में भी होती है तो उनको लगता है. कि भाई अब मुझे गहने चाहिए नया तो कौन. देगा? तो हस्बैंड तो देंगे नहीं कि उनकी. कमाई तो उनको पता है। अब जब हस्बैंड नहीं. दे सकते तो बहू के पिता देंगे। तो यह जो. आपके एक्सपेक्टेशंस है मैं हमेशा यही कहती. हूं अपने एक्सपेक्टेशंस का बोझ नेक्स्ट.
जनरेशन पे मत डालिए। आप में इतनी हैसियत. होनी चाहिए कि अपने लिए कमा के रख लीजिए।. देखिए आप लव लाइफ रिलेशन समझती हैं अच्छे. से। अह किसी ने मुझसे बहुत अच्छी बात कही. थी कि जब एक लड़का लड़की रिलेशनशिप में. आते हैं तो लड़की के लिए लड़का हमेशा उसकी. स्ट्रिंग बन जाता है। और लड़कों के लिए वो. लड़की जो होती है जिससे वो प्यार करता है. वो वीकनेस बन जाती है। इज इट ट्रू? नहीं बिल्कुल नहीं।. मैं अपनी लाइफ के बारे में बता दूं। मैंने. जब भी किसी से प्यार किया, मैंने अपना. 100% दिया। लेकिन पता नहीं क्यों मेरे.
लाइफ में यह प्रॉब्लम जरूर आया कि जिसने. मुझसे क्लेम किया प्यार करने का उनको मुझ. में एक कमाऊं अच्छी कमाई करने वाली और. स्ट्रांग वूमन दिखा जिससे वो प्यार नहीं. कर सकते लेकिन बाकी सब कुछ ले सकते हैं।. तो मैं एज पिलर ऑफ स्ट्रेंथ हमेशा खड़ी. रही हूं। लेकिन हमेशा मैंने पाया है कि. धोखा मेरे साथ हुआ है। तो अगर आप कहेंगे. कि धोखा जेंडर रिलेटेड है। वीकनेस और. स्ट्रेंथ जेंडर रिलेटेड ऐसा कुछ भी नहीं.
है।. बट क्या जो लोग क्या जो लोग सक्सेसफुल हो. जाते हैं उनमें एक स्लाइट एोगेंस आता है. जैसे ये मुझे कई बार ये वाइब आती है कि. मैं बहुत अच्छा प्रोफेशनल हूं। बट. रिलेशनशिप्स में शायद मुझे लगता है कि मैं. उतना बेस्ट नहीं दे पाता। माइट बी वन ऑफ़ द. रीज़न बिकॉज़ मैं काम में बहुत इनवॉल्व्ड. हूं। और रिलेशनशिप में एक इंसान आपको पूरा. समय चाहता है। वो चाहता है कि आप सुने, समझे, जाने। ऐसे में लोग अक्सर शिकायतें. करते हैं। फिर एक वो एक हल्का सा कुर्सी. का या ताकत का या पैसे क्योंकि पैसा जेब. में हो तो भी हल्की गर्मी आती है। डू यू. बिलीव कि सक्सेसफुल लोगों के जो. रिलेशनशिप्स फेलर होते हैं उसमें ये भी एक.
रीज़न हो सकता है क्योंकि आपकी जीतने की. आदत है।. नहीं ये रीजन एक दूसरा है जो मैंने महसूस. किया कि जब मैं किसी रिलेशनशिप में हूं. मैं अपना 100% उस रिलेशन को देती हूं।. टाइम नहीं दे पाती हूं पूरा दिन भर. क्योंकि आप दिन भर तो काम करेंगे। या तो. काम करोगे आशिकी. और अगर आप शाम के बाद उनके साथ हो तो बहुत. अच्छा एक 100% देने की मैं कोशिश करती. हूं। लेकिन जब अगला को दिन भर रोमांस. चाहिए तो वो रोमांस फिर कहीं और ढूंढता है.
और उस मामले में फिर वो चीट करता है।. देखिए आप या तो वेले हो. हम. तो पूरा दिन भर रोमांस करते रहिए। और अगर. आपके सर पे आपके कंधों पर जिम्मेदारी है. कि आप कमा के भी लाओ तो आप रोमांस के लिए. शाम के बाद का ही समय रख सकते हो। कई बार. तो शाम में बिजी रहते हैं। रात का समय ही. आपके पास हो सकता है जब आप अपने पार्टनर. के साथ बैठ सकते हैं। तो ऐसे कंडीशन में. अगर आप कहेंगे कि नहीं एोगेंस तो एोगेंस. नहीं होता है। वो आपके कंधों पर बोझ होता. है काम का भी जिसके कारण कई बार आप समय.
लैग कर सकते हो। उतनी ही देर में अगला. कहीं और मुंह मारने लगता है। तो क्या. करिएगा? तो जैसे हम जैसे नए लड़कों को अगर आपको. सलाह देनी हो कि भैया अगर अच्छी शादी. चलानी है तो ये दो-तीन बातें कर लेना। तो. क्या सलाह देंगी आप? मैं यह मानूंगी कि. अगर अच्छी शादी चलानी है तो आप अपने. साथ-साथ अपनी वाइफ को भी बिजी रखिए और. बिजी ऐसा रखिए कि वह काम में बिजी हो. क्योंकि मैं यह मानती थी कि हां मैं काम. में बिजी हूं अगला थोड़ा सा रिलैक्स कर. ले। क्या इतना टेंशन लेगा है ना? जब मन है. तो तब काम कर ले। तो उनको समझ में आ गया.
कि मुझे दो-ती घंटे ही देखना है और वो भी. नहीं देखना है। और फिर आसपास जो लड़कियां. हैं उनके साथ ही रोमांस करना है। तो मैं. यह मानती हूं कि अपनी वाइफ को आप अपने साथ. ही बिजी रखिए। अपने बिजनेस में उसको. इनवॉल्व रखिए और उसको काम दीजिए ताकि वह. काम में इन्वॉल्व रहे। खाली दिमाग शैतान. का घर होता है। मैंने ये मान लिया है और. मैंने देखा है।. मतलब जॉबलेस बीवी ना लाएं।. जॉबलेस बीवी अगर लाइएगा तो. लाने सॉरी तो लाना भी तो गलत वर्ड हो गया।. जॉबलेस बीवी से शादी ना करें। ये. देखिए अगर आप जॉबलेस वाइफ आपकी रहेगी तो.
घर में फ्री रहेगी। आपसे भी उम्मीद करेगी. आप जल्दी फ्री होके आइए। और आप पता है. आपको कि आप जितने सक्सेसफुल होते जाइएगा. उतना लेट घर पहुंचते जाइएगा तो फिर वो. उसमें उनके बौखलाहट आएगी गुस्सा आएगा. क्योंकि वो दिन भर इंतजार करेगी और फिर. बाकी जगह इनवॉल्व होने लगेगी तो उसमें. आपको भी अच्छा नहीं लगेगा तो बेटर यही. होगा कि ऐसे पार्टनर लाइए जिसको आप अपने. साथ काम में इन्वॉल्व कर सके और उसको पूरा. इनवॉल्व करिए। बट क्या ये जो एक्स्ट्रा.
मैरिटल अफेयर्स हैं ये इस जनरेशन में. ज्यादा बड़े या पहले भी थे? क्योंकि पुराने. लोग कहते हैं कि पहले परिवार पूरा साथ था।. मर्द दिन भर खेत में काम करते थे। बाहर. काम करते थे। महिलाएं घर में थी। तब इतने. एक्स्ट्रा मेरिटल नहीं सुनाई पड़ रहे थे।. अब हर दूसरे घर में हर दूसरे व्यक्ति की. कहानी ये आ रही है।. देखिए एक्स्ट्रा मैरिटल की आप बात करें या. अपने पार्टनर से अलग हो के कहीं और आप. चीटिंग कर रहे हैं। उसकी बात करिए। सबसे. पहले आप में आज जो जनरेशन है उसमें एथिक्स. एंड मोरालिटी की थोड़ी कमी आ रही है। उनके.
लिए ये सब चीजें बहुत बड़ी बात नहीं है।. पहले आप देखते होंगे कि पहले प्यार का. मतलब प्यार होता था। अगर शारीरिक संबंध की. बात है तो शादी तक वेट करो। यह लड़कियां. जरूर बोलती थी। आजकल प्यार ही पहले तो. फिजिकल से शुरू होता है। उसके बाद उन लोग. बाकी कुछ बाद में देखते हैं।. फर्स्ट टाइम देखा तुम्हें लव हो गया।. सेकंड टाइम में सब हो. तो ये चीजें आजकल शुरू हो चुका है। तो अगर. आप कहेंगे कि नहीं पहले के जमाने में तो. पहले के जमाने में थोड़ी एथिक्स एंड. मोरालिटी थी कि ये सब चीजें सबसे लास्ट.
होती थी। अब ये सब कुछ पहले शुरुआत ही. यहीं से होता है। तो वो चीजें अब नहीं है. इस समाज में कि हां मुझे अपने पार्टनर के. साथ करना है। अगर उनको एंजॉयमेंट कहीं और. मिल रहा है तो वो वहां भी कर बैठते हैं।. और दिल से तो हम आज भी वही आज हम लोग. क्यों आप वेस्टर्न कंट्रीज में देखिए अगर. आप चीट करिएगा तो यू विल बी आउट ऑफ. रिलेशन। उसी समय ब्रेकअप हो जाता है। एक. ही चीज वहां पर भी नहीं चलता है। चाहे आप. किसी भी डेवलप्ड कंट्री में चले जाइए।. पार्टनर से चीटिंग करिएगा तो यू विल बी.
आउट ऑफ दैट रिलेशनशिप।. मेरे यहां एक पुंडरीिक गोस्वामी जी आए थे. और बड़ा अच्छा उन्होंने मुझे एक मैंने इस. पर सवाल पूछा था कि ये क्यों होता है? तो. उन्होंने कहा जिस चीज की शुरुआत चरम सुख. से होती है उसका हमेशा डिक्लाइन होता है. हम. और जिस चीज की शुरुआत साथ में धीरे-धीरे. उठने में होती है वो हमेशा आगे बढ़ता है।. शारीरिक संबंध में आप चरम सुख से शुरू. करते हैं इसलिए आप गिर जाते हैं। इंटरेस्ट. खो देते हैं और जब आप दोस्ती बना के चलते. हैं तो धीरे-धीरे प्रगाट होती है और फिर. आप आगे बढ़ते हैं और रिश्ता गहरा मजबूत हो. जाता है।.
मैं मानती हूं मर्द और औरत के प्यार में. थोड़ा डिफरेंस होता है। हम लोग शुरू में. थोड़े से ढीली डाली रहते हैं। करें ना. करें प्यार करें कि नहीं करें लेकिन एक. बार जब शुरू हो जाता है तो फिर हमारा. प्यार सीधा ऊपर जाता है और ऊपर ही जाता. है। मर्दों के मामले में उन लोग के लिए एक. तरह का चैलेंज होता है कि यह पटेगी कि. नहीं पटेगी? यह पटेगी कि नहीं पटेगी। एक. बार जब महिला पट गई तो उनके बाद उनका. चैलेंज जो है फिर खत्म हो जाता है। फिर वह.
बिल्कुल कंफर्टेबल हो जाती है कि अच्छा यह. तो पट गई। हु इज द नेक्स्ट तो शायद मुझे. ज्यादा महसूस होता है।. मर्द लेकिन जिंदगी भर याद भी रखते हैं।. लड़कियां मूव ऑन करती है तो फिर कहती है. मनोज जी को कोई मतलब नहीं।. नहीं. आप अपने किसी भी एक्स को फोन लगा लीजिएगा।. नहीं. वो अभी भी आ जाएंगे।. ऐसा नहीं है। देखिए डिपेंड करता है कि आप. किस लेवल तक का प्यार किए।. हम. अगर आपका प्यार बहुत स्ट्रांग है. तो मैं मानती हूं मूव ऑन करना बहुत. डिफिकल्ट होता है। और अगर प्यार ही नहीं.
था तो मूव ऑन कर जाएंगे।. सो हाउ यू डिफाइन दैट दिस इज लव? जिसके बिना मन ना लगे आप बस लाइफ वो तो. कुकुर वो तो कुकुर बिलार पाल लो उसमें भी. मन लग जाता है।. नहीं आप किसी से अगर प्यार करते हो तो. उसके बाद उसकी कमी का एहसास होता है।. दुनिया में 8 बिलियन से ऊपर लोग हैं।. लेकिन वो जो एक है वही आपके दिल में हमेशा. बसा रहता है। और उनके बिना उस इंसान के. बिना आपको बस लाइफ आप जी के काट लेते हो।.
बस जिंदा रह के काट लेते हो। जिसे कहते. हैं ना खुशी-खुशी जीना वो नहीं हो पाता।. मैंने इम्तियाज अली का पडकास्ट किया था।. इम्तियाज ने कहा कुछ लोगों को मोहब्बत के. खुमार में होना पसंद है। हम. वो किसी के साथ है इसका मतलब ये नहीं कि. उनसे ही मोहब्बत है। उन्हें मोहब्बत में. होना पसंद है। मोहब्बत के तसवुर में वो. है। और वो जैसे इस रिश्ते में है वो ऐसे. ही अगले रिश्ते में होते हैं। उसी पैशन के. साथ ऐसा नहीं कि वो बदल जाते हैं। तो कुछ. लोग इंसान पहले मोहब्बत में होता है। उसके. बाद किसी से मोहब्बत करता है। क्योंकि उसे. मोहब्बत में होना पसंद है कि आई वांट टू.
गेट लव्ड।. उसमें जो समझ में आ गया वो इनसे भी हो. गया, इनसे भी हो गया। वो एक बार, दो बार, तीन वाला प्यार नहीं है।. दिस इज व्हाट ही कोटेड। व्हाट यू थिंक? नहीं मेरा मानना है कि अगर आप किसी से. प्यार करते हो तो फिर आप उसी से प्यार. करते हो। फिर उसकी जगह कोई नहीं आ सकता।. और उसकी जगह कोई आने में फिर आपको 7 से 8. से 10 साल लग सकते हैं। उस लेवल का प्यार. मिलने में। मैंने प्यार किया था 18 19 साल. की उम्र में। उसके बाद.
आफ्टर टू डेकेड्स फिर मुझे प्यार हुआ तो. मैं नहीं मानती हूं कि आप हमेशा प्यार हां. होता है कई बार आप को कोई बहुत ज्यादा. अप्रोच करता है तो ठीक है आप उसका सम्मान. कर सकते हो वो ठीक है आप अगर मुझे केयर कर. रहे हो तो मैं शायद उसका उसको वैल्यू करूं. उसको थोड़ा साेंस दे दूं लेकिन वो प्यार. नहीं होता प्यार बहुत रेयर चीज है अगर. होता है तो जबरदस्त होता नहीं तो नहीं. होता।. इंटरेस्टिंग। मैं आऊंगा प्यार वाली कहानी.
पे। मेरे यहां खान सर जब आए तो उन्होंने. कहा कि ना कमाईब ना कमाए दे। वो कहे कि. बहुत सारे कोचिंग सेंटर वाले हमसे दुखी. हैं क्योंकि हम पैसा बहुत कम चार्ज करते. हैं। हम हम. नीतू मैडम कितना पैसा चार्ज करती हैं? नहीं हमारी ऑनलाइन की फीस बहुत कम है।. ऑफलाइन की फीस भी बहुत रीज़नेबल है।. क्योंकि ये जो पैसा चार्ज करने वाली बात. है ना वो चार्ज करते थे आईएएस वाले और नीट. वाले। नीट जेई जो वगैरह आते हैं उनके। तो. देखा जाए तो आईएएस वालों को डेंट लगाया है. खान सर ने और नीट जेई में जो बहुत चार्जेस.
थे उसको डेंट लगाया है फिजिक्स वाला ने।. तो ये दोनों जो बहुत ज्यादा चार्ज करते थे. उस फील्ड में डेंट लगाए। हम लोग वैसे ही. बहुत कम चार्ज करते हैं। बहुत कम है। फीस. एसएससी वगैरह जो भी फील्ड है ना बहुत कम. चार्जेस है। क्योंकि इसमें आप लोअर मिडिल. क्लास जो बच्चे हैं ना वो आते हैं उनके. लिए तो 1ढ़00 फीस भी जो ऑनलाइन का वो भी. उनके लिए बहुत लगता है।. लेकिन मैडम जो बस में चल रही थी वो. बढ़िया-बढ़िया गाड़ी चल रही है। कह रही है. देखो पहले तब भी दो दुपारी हम बस में आते. थे। फिर फलानवा गाड़ी खरीदे यहीं घुमा रहे.
थे। लड़का हमारा इसी गाड़ी जाता है स्कूल।. देखिए बात क्या है? कौन सी गाड़ी है मैडम पहले बताइए तो।. मेरे पास पोर्शेका पैनामेरा है।. हां ये पोर्शिका आपने कहा था कि कभी हम बस. में चलते थे। अब देखो पोर्शम घूम रहे हैं. यहीं पे।. और एक लैंड क्रीजर है। लेकिन बस यही सब. चीजें हैं जो मैंने थोड़ा सा बर्बाद किया. पैसे। अब फिर उसके 2018 के बाद मैं बहुत. शरीफ हो गई। फिर मैंने पैसे नहीं बर्बाद. किए गाड़ियों में।. अब नहीं बर्बाद करती हूं।. पैसा कितना जरूरी चीज है।.
पैसा आपको कंफर्टेबल लाइफ देने के लिए. बहुत जरूरी है। मनी कैन फिक्स एवरीथिंग।. एक्सेप्ट ब्रोकन हार्ट्स।. ये तो है।. लेकिन उसी पैसा कमाने के चक्कर में ब्रोकन. हार्ट भी होता है।. नहीं पैसे कमाने के चक्कर में ब्रोकन. हार्ट नहीं होता। पैसे कमाने के चक्कर में. आप दिन भर बिजी रहते हो। मेरा मानना है. नहीं बिजी रहना चाहिए। आपको काम करना. चाहिए। प्रोडक्टिव होना चाहिए। लेकिन इस. दौरान जब आप बिजी रहते हो काम करने में और.
आपका पार्टनर कहीं और मुंह मार रहा होता. है वो आप नहीं रोक पाते क्योंकि बाद में. फिर यह रियलाइज होता है शायद मैं नहीं थी. उस समय और उनको शायद उस समय जो जरूरत था. इमोशनल एंड जो भी केयर एंड अफेक्शन वो. शायद नहीं दे पाई इसलिए कहीं और गया लेकिन. मैं मानती हूं सर जिनको मुंह मारने की आदत. होती है वो मुंह मारता है और मेरी किस्मत. में ऐसा ही लिखा था तो मैं क्या करूं. बहुत बहुत शिकायत है आपको आशिकी में अपने. आप से. हां मैं एक ही फील्ड में फेल हुई हूं।. सिर्फ एक ही जगह फेल हुई हूं। वो है.
आशिकी।. कई बार मोहब्बत एग्जाम में फेल हुई नीतू. मैम।. मैंने दो बार किए हैं। दोनों बार फेल।. दोनों बार कटा।. दोनों बार कटा और गंदा से कटा। एक बार तो. पता नहीं क्या कटा तो मुझे खुद नहीं समझ. में आया क्या हुआ। लेकिन दूसरी बार तो. गंदा से कटा।. ये दूसरा वाला ब्याह वाला था।. नहीं ब्याह वाला से प्यार कौन करता है. यार।. [हंसी]. वो तो बस ऐसे ही कट गया।. वो तो बिना प्यार के कट गया।. बहुत गंदा कटा।. तो मुफ्त में कट गया और बहुत गंदा कट गया।.
बहुत गंदा कटा। मतलब उसका वीडियो मैंने. देखा। मेरा दिमाग सबका गया था। उसके बाद. फिर मोहब्बत हुई थी। ब्याहो. कैसे बताऊं आपको उसके बाद कि उसके पहले. उसके बाद ही हुई थी। एक 18 में ब्याह. जल्दी हुआ होगा।. नहीं नहीं देखिए बात क्या है ना। अगर आप. मेरे ब्याह के बारे में बात करेंगे तो मैं. आपको ऑन कैमरा बताती हूं। जिस समय उनसे. मेरी मुलाकात हुई बहुत शरीफ इंसान थे।. बहुत शरीफ. कितने साल की थी आप? नहीं दिल्ली आके मुलाकात हुई। दिल्ली आके.
मुलाकात हुई। बहुत शरीफ थी।. यंग थी आप मिड में।. अराउंड 30 तो मुझे लगता है कि वो बहुत. शरीफ थी।. ना ये 18 वाले थे ना ही 38 वाले थे।. अच्छा हुआ क्या मैं बताती हूं आपको। मैं. हमेशा कहती हूं कि मर्द का कैरेक्टर तब. देखा जाता है जब उनके पास पैसा आ जाता है।. तो मैं बता रही हूं कि ऐसा नहीं बहुत शरीफ. थे।. लेकिन कटना लिखा था। मैंने कहा ना मेरी. किस्मत में कटना लिखा है तो कट ही रहा है. बस और कुछ नहीं।. तो अगर पीछे जाके जिंदगी में कुछ ठीक करना. हो या मान लीजिए भगवान आपको ऑप्शन दें.
वापस कि बिटिया मुन्नी जी तुम्हें आपको दो. आशीर्वाद हमारे पास है लाइफ लाइन में एक. है कि जिंदगी में सक्सेसफुल हो जाओगी नाम. कमाओगी शोहरत कमाओगी और दूसरी है जिसमें. बेशुमार मोहब्बत है. क्या चुनेंगी पीछे जाके वापस आप. जो चीज नहीं मिला वो चुनना चाहूंगी. ये पूरा चला जाएगा बर्दाश्त हो गया. शायद. क्योंकि मैंने कभी भी आप जैसे कह रहे हैं. सक्सेसफुल है और पैसा है। सर मैंने शायद. कभी पैसे को वैल्यू भी नहीं किया और शायद.
इसीलिए मेरे पास आ गए क्योंकि मैंने इस. चीज को कभीेंस लिया ही नहीं।. इसी बात पे आपने मजाक उड़ाया था दो. कथावाचकों का कि पैसे को वैल्यू नहीं. किया। पैसा मोह माया है।. तो वही मैं कह रही हूं कि. और फिर आपने कहा पूरा दिन गला फाड़ते हैं।. हमको नहीं होता। वहां देखो गाड़ी देख रहे. हो लाल कलर वाली।. तो देखिए मैं अगर पढ़ा रही हूं तो मैं. कहती हूं हां ऑफ कोर्स मैं फीस लेती हूं।. और मैं सन्यासी नहीं हूं। अगर मैं खुद को. सन्यासी कहूं और फिर मैं इन गाड़ियों में. घूमूं तो वो अच्छा नहीं लगेगा।.
अरे भाई वो हमारे मित्र हैं जया जी वो. कहते हैं हम भी सन्यासी नहीं है। लोग. जबरदस्ती हमको सन्यासी बना दिए हैं।. भगवान के बारे में जो दिन भर प्रवचन दें. तो उनको आप सन्यासी नहीं कहेंगे तो क्या. कहेंगे? आप तो फिर तो फिर मैं कहूंगी मैं. भी सन्यासी हूं। भाई मैं भी पूजा करती. हूं। आप अपना प्रोफेशन पहले चुनिए और अगर. आपने प्रोफेशन चुन रहा है चुन रहे हैं तो. वो प्रोफेशन नहीं है सर उसको एज अ. प्रोफेशन लोग देख रहे हैं आप देखिए. कथावाचक स्टोरी टेलर. नहीं स्टोरी टेलर तो फिर आप स्टोरी दूसरों.
की नहीं सुना रहे हैं ना आप तो भगवान की. सुना रहे हैं. आप अपनी भी किताब लिखी है उन्होंने. भगवान की सुना रहे हैं फिर आंस आंखों में. आंसू भी है बिल्कुल वो डूब के सुना रही है. एनीवे. पूरा देखा है आपने उनको. देखा तो है. बहुत गहरा कटाक्ष किया था आपने उन पे।. बहुत रील वायरल हो गई थी वो।. देखिए मैं. ठीक-ठाक कमाई करती हूं। फिर भी मैं इतने. महंगे पर्स नहीं रखती हूं। और मुझे लगता. है अगर एक सन्यासी है और सन्यासी होके.
आई एम नॉट सन्यासी। आई एम अ नॉर्मल गर्ल. ट्रीट मी लाइक अ नॉर्मल गर्ल।. ओके। नॉर्मल. मतलब उन्होंने ये दो-ती साल से वो लगातार. कह रही है कि दुनिया उन्हें नॉर्मल गर्ल. क्यों नहीं ले रही है। उनको भी जिंदगी. जीने को क्यों? कह रही है मुझे भी हक है।. मैं भी एंजॉय करूं। मैं फोन बदलती हूं, गाड़ियां रखती हूं। पर्स है। मेरी अपनी. जिंदगी है। मैं कमा रही हूं।. देखिए सर अगर आप भगवान के बारे में बात कर. रहे हैं। हमेशा आप गाय की सेवा करना और. भगवान की सेवा करने की बात कर रहे हैं।. फिर उसी गाय के चमड़े से बना हुआ पर्स.
इस्तेमाल कर रहे हैं। वो चीज आपके. कैरेक्टर को सीधा एंटी जा रहा है।. इस पे भी हमने उनसे पूछा तो उन्होंने कहा. कि वो कस्टमाइज था। कस्टमाइज्ड वो सिर्फ. नेम कस्टमाइज करते हैं। याद रखिएगा वो जो. ब्रांड है वो सिर्फ आपका नेम कस्टमाइज कर. देता है। वो मटेरियल कस्टमाइज नहीं करता।. अब महिलाओं के पर्स के बारे में इतनी गहन. हमारे को जानकारी नहीं।. मुझे तो है ना इससे तो बता रही हूं मैं. आपको।. हां आप भी खरीदती होंगी हो सकता है फिर।. नहीं, नहीं। मैं खरीदती नहीं तभी तो मैंने. कहा। मैं इतने महंगे पर्स नहीं खरीदती।. आप देख के छोड़ देती हैं।.
हां। इतना पैसा कौन लगाए? बहुत महंगे।. क्या करेंगे बचा के फिर आप? नहीं। तो. मैं बहुत सारी चीजें करती हूं। इनफैक्ट. बहुत सारे सोशल सर्विस करती हूं और. कुछ इन्वेस्टमेंट करती हूं। लेकिन देखिए. इन्वेस्टमेंट का मतलब देखिए ये पर्स जो है. पर्स हो या आप महंगे घड़ी ले लो या महंगे. सूट ले लो। ये इन्वेस्टमेंट नहीं है। तो. इन्वेस्टमेंट अगर करना है तो कोई अच्छी. चीजों पे करिए जिसमें आप अपने बाल बच्चों. के लिए थोड़ा सा कंफर्टेबल लाइफ छोड़ के.
जाइएगा। क्योंकि देखिए मेरे में मेरे में. बहुत टैलेंट है। आप में भी बहुत टैलेंट. है। लेकिन आपको महसूस नहीं हो रहा हम अपने. लाइफ का एक बहुत बड़ा भाग स्ट्रगल में. बिता दिए।. ट्रू. मैं नहीं चाहती हूं कि मेरे बच्चे जो है. मेरा बेटा जो है वो भी वो स्ट्रगल में भी. काटे क्योंकि एक कहावत है ना पूत सपूत तो. क्या धन संचय। पूत कपूत तो क्या धन संचय।. लेकिन वो ये नहीं समझा ये श्लोक बनाने. वाला कि ये बेटा सपूत भी है ना तो भी अपना. 20 साल संचय कर देता है। वो अपने आप को. सक्सेसफुल बनाने में। वैसे भी लौंडा आपका.
लव मैरिज करने वाला है। दहेज भी नहीं. पाओगे आप।. नहीं दहेज तो ऐसे भी लेना नहीं। चाहे वो. लव मैरिज हो या अरेंजमेंट।. पहले तय है वहां तो उल्टा देना हौसला देना. पड़े आपको।. नहीं मैं अपनी बहू को बहुत खुश हूं।. दफ्तर में है कुछ लोग जो उधर भी खर्चा कर. रहे हैं। अपने घर से भी कर रहे हैं।. मेरी बहू बहुत खुश रहेगी क्योंकि मैं अपनी. बहू से कभी भी यह एक्सपेक्ट नहीं करें. करूंगी कि वो घर आए और मेरे बेटे को. संभाले। मेरा घर संभाले। मेरे बेटा मेरा. बेटा इस लायक होना चाहिए खुद को संभाल. सके।. ओके। एक एलगेशन बड़ा आता है मैम कि आजकल. रीलबाज टीचर बहुत हो गए हैं।.
सारे टीचर जो है वो पढ़ाने ज्यादा इस बात. का ध्यान रखते हैं कि ऐसा क्या बोल दें कि. रील वायरल हो जाए। अपने सब्जेक्ट से आगे. निकल कर उनको देश दुनिया में सब पे ज्ञान. देना है।. कैसे इसे देखती हैं आप? बिल्कुल सही बात है। ये तो हो रहा है। और. आज जितने सक्सेसफुल टीचर्स को आप देखिएगा. सबके रील्स वायरल होते हैं। इसलिए. सक्सेसफुल है।. और जो जितना बड़ा बकैती करेगा उतना वायरल. होगा। नहीं ऐसा नहीं है। कुछ बातें होती. हैं जो बहुत वायरल हो जाती है।. जैसे मेरे क्लास में ये लोग कैमरा से. निकाल लेते हैं। कुछ भी ऐसी चीज जो क्लास.
में बिल्कुल नेचुरली बहुत हंसी का माहौल. बन जाता है उस चीज को लेके। वो सारी चीजें. वायरल होती है। ये आप कुछ प्लान करके. करोगे तो वो वायरल भी नहीं होगा। क्योंकि. आपको वो वाइब्स आ जाएगा कि वो सब कुछ. प्लंड था। अब जैसे क्लास में मैं क्लास ले. रही थी तो उसमें एक लड़के ने भेज दिया आई. लव ये कौन सा टेंस है? तो अब एज अ टीचर तो. मैं डांट भी सकती थी। तो मैंने कह दिया ये. तुम्हारा फ्यूचर इंपॉसिबल टेंस है। तो तो.
वो बहुत वायरल हो गया था। तो ये सब चीजें. वायरल हो जाती है और इससे क्या होता है कि. आपको लोग जान जाते हैं कि आप टीचर हैं। आप. सो एंड सो पे प्लेस पे पढ़ा रहे हैं और. उसके बाद बच्चे आते हैं। कई बार ऑनलाइन भी. यह प्रमोशन का एक माध्यम है। आप जितने. टीचर्स देखिए चाहे आप अलक सर को देखिए या. खान सर को देखिए। सबके रील्स वायरल हुए।. विकास सर, अवध सर. विकास सर का जो रील्स वायरल होता है उसमें. बहुत ही गहरी बातें बोलते हैं। वो उनका जो.
सब्जेक्ट है ना उनकी बहुत गहरी बातें. बताता है। उससे पेरेंट्स और बच्चे दोनों. कनेक्ट होते हैं।. तो आपके फेवरेट टीचर कौन है? अगर वन टू थ्री फोर बताना हो। नीतू मैम के. टॉप फोर टीचर फेवरेट।. अ ऑनलाइन ऑफलाइन दोनों मिला के पूछ रहे. हैं आप। देखिए अगर आप कंटेंट्स के हिसाब. से देखिए तो विकास देव कीर्ति सर उनके पास. कंटेंट्स क्योंकि वो हिंदी और फिलॉसफी के. टीचर रहे हैं तो अच्छा बोलते हैं। अगर आप. मास को कैटर करने की बात है तो कहेंगे तो.
खान सर क्योंकि उन्होंने एक रिक्शा वाला. भी उनका रील देखता है क्योंकि वो ऐसे. लैंग्वेज में बताते हैं कि उससे सब कनेक्ट. होते हैं। अलक. बहुत ही प्यारा इंसान है। मैं देखती हूं. वह बहुत ही डाउन टू अर्थ है और बहुत अच्छा. टीचर भी है। तो ये तीन तो मैं मानती हूं. कि काफी अच्छे टीचर हैं।. महिलाओं का नाम नहीं ले किसी का।. महिलाओं में नीतू सिंह है एक।. गलत नहीं कहते लोग औरत ही औरत की दुश्मन.
होती है।. नहीं महिलाओं में अभी एज सच बहुत हो गया. नहीं है। अब आगे बढ़ वही तो मैंने कहा औरत. ही औरत की दुश्मन होती है। अच्छा ये जो ये. नए जंजीव बच्चे आते हैं आजकल तो क्योंकि. आप जब पढ़ी होगी तो हिसाब किताब अलग रहा. होगा। अब बच्चे आ गए हिसाब किताब अलग है।. तो इनकी शब्दावली में कैसे फिट करते हो. अपने आपको? आप भी सीखते हो।. अब जजी जो है अब उसके बाद का जनरेशन अल्फा. कहलाता है।. अच्छा ये हमको नहीं पता।. हां ये मैं बता रही हूं आपको। तो ये जो है.
इनको समझाने के लिए इनका लैंग्वेज आपको. बोलना पड़ेगा। अब जैसे हमारे जमाने में लव. बर्ड्स कहते थे। अब ये लोग कहते हैं. निब्बान निब्बी। है ना? अब आप अगर किसी को. कहेंगे जो बहुत ही ज्यादा सेक्सुअली. इंक्लाइंड होते हैं। उस समय हम लोग उनको. परवर्ट कहते थे। अब ये लोग ठरकी बोलते. हैं। तो ऐसे शब्द इन लोगों ने इस्तेमाल. करना शुरू किया। अब इनके लैंग्वेज में. फ्लेमबॉइंट अगर कहेंगे तो वो हो गए क्या. कहते हैं इसे?
फ्लेमबॉइंट को इन लोग कहते हैं छपरी।. और यार इन लोग का जो लैंग्वेज है ना इनके. लैंग्वेज में क्लास में समझाना पड़ता है. इनको।. [हंसी]. जैसे आपने एक बड़ा अच्छा डेफिनेशन समझाया. कि मैं आपकी रील देख रहा था। ब्रेड. क्रमबिंग. वो आज का जनरेशन करता है और हमारा जनरेशन. कंफ्यूज्ड हो जाता है कि भाई यह क्या हो. रहा है? वो आपको थोड़ा ध्यान देंगे और. दिखाएंगे आई लव यू। उसके बाद जब आप. अट्रैक्ट होना शुरू करेंगे तो वो किसी और.
चीज में बिजी होंगे। फिर आप अपने काम में. बिजी हो जाइए। फिर वो ध्यान देंगे। तो ये. क्या होता है? थोड़ा-थोड़ा क्रम्स के रूप. में जैसे ब्रेड आप चिड़िया को खिलाते हैं. ना।. ना जिएंगे ना जीने देंगे।. मतलब वो है ना कि आपको एक बार में नहीं. मारेंगे। धीरे-धीरे करके मारेंगे। वो काम. कर जाते हैं। यह एक बहुत बड़ा प्रॉब्लम. क्रिएट करता है। यह मेंटली इंसान को बहुत. कमजोर कर देता है। और वो धीरे-धीरे वो. इंसान सिर्फ अगले के बारे में सोचना शुरू.
कर देता है और यह एक मेंटल डिसऑर्डर. क्रिएट करता है।. तो ये टर्म्स कहां से सीखते हो आप? जैसे. सीखते हो इसको कि ब्रेड क्रमबलिंग या ये. अल्फा जो आपने बताया हमें। तो ये सारे. मॉडर्न जनरेशन के वर्ड्स अगर आपको आज के. जनरेशन को पढ़ाना है तो इनके टर्म्स. इस्तेमाल करने पड़ेंगे। आज हम उस फसल को. काट रहे हैं जो 2020 में लॉकडाउन में बोया. था कि बच्चे अपना माइक अपना कैमरा सब ऑफ. करके सोते थे और उधर क्लास चल रहा होता. था। तो वो बच्चे अब आ गए हैं पढ़ने के लिए.
हमारे पास इंस्टट्यूट में। इनको पढ़ाना. बहुत मुश्किल होता है। इनको ज्यादा कुछ. समझ में नहीं आता। बहुत आसान तरीके से. पढ़ाना पड़ता है इनको सबको। मैं जावेद. साहब को सुन रहा था अभी एक हमारे इवेंट. में आए थे एक कार्यक्रम में तो वो कह रहे. थे कि जो 30 साल के नीचे की जनरेशन है. उनको मुहावरे नहीं आते।. हां. वो अंग्रेजी में भी यू नो व्हाट खत्म हो. जाते हैं। उनके हर बात में शब्द रिपीट. होते हैं। पुराने लोगों में उनके पास. शब्दकोश ज्यादा था। वो अलग-अलग शब्दों का. इस्तेमाल करते थे। मुहावरों का जिक्र करते. थे और उदाहरण ज्यादा थे उनके पास। नई.
पीढ़ी में यह समस्या आ गई है। शब्दावली. बहुत लिमिटेड हो गई है।. क्योंकि नई पीढ़ी पढ़ नहीं रही है। इनके. पास अगर इनको कहो कि तुम ये किताब पढ़ो वो. तुरंत YouTube में जाएंगे। उसका बिल्कुल. शॉर्ट में सुन लेंगे 15-20 मिनट में खत्म. मामला। हमें पता है इस बुक में क्या है।. वो इनफैक्ट कोई भी चीज में मेहनत करने को. तैयार नहीं है। और जब तक आप किसी चीज को. लिखिए, फिर से लिखिए, फिर से उसको करेक्ट. करिए। फिर उसमें कुछ और इंप्रूवमेंट करना. है। ये सब हम लोग करते थे। अब नहीं करते.
लोग और इनफैक्ट इन लोग को देख के तो अब हम. लोग भी वैसे ही होने लगे हैं। अब मैं भी. जाती हूं सीधा ग्रुप में लिखती हूं कि इस. पर ऐसे लिख के दो और वो लिख के दे देता. है।. इंटरेस्टिंग तो ये आपको पता चला कितने. टाइप के शिप होते हैं जैसे आजकल सिचुएशन. शिप चल रहा है। अभी कई टाइप के होते हैं. आपको पता है।. अब देखिए नहीं वो तो मुझे नहीं पता. क्योंकि मैं इन सब सिचुएशन शिप वगैरह पर. बिल्कुल भरोसा नहीं करती थी।. फिर भी कितने टाइप. सिचुएशन शिप हमारे जमाने में बहुत ही गंदा. शब्द होता था सिचुएशनशिप के लिए। यह आपको. अच्छे से पता है जो हम ऑन कैमरा बोल भी.
नहीं सकते हैं। लेकिन हमारा जनरेशन इन सब. चीजों को ना कभी किया है और मैं फ्रैंकली. बताती हूं मैं हमेशा मानती हूं कि आप अगर. बहुत प्यार किसी से करते हैं. प्यार के उफान पे जाते हैं तब आप किसी तरह. के रिलेशनशिप में जाते हैं। और मैं. फ्रैंकली बताती हूं मुझे नहीं पता कितनी. तरह के शिप होते हैं।. आपको भी सीखना बाकी है अभी। सिचुएशन सुना. था तो मैंने कहा यह होता क्या है? फिर. देखा यह तो बहुत ही गंदी चीज होती है और. हमारे जमाने में तो इसको बहुत गंदा ही. लैंग्वेज बोलते थे। तो ये आजकल मॉडर्न.
जमाने में चल रहा है। लोग. छोटे शहर के जो बच्चे आते हैं. दिल्ली बंबई वो तो लड़कियों से बात भी. नहीं कर पाते हैं। उनमें कॉन्फिडेंस लाने. के लिए आप क्या करते हो? देखिए हमें उनमें ज्यादा कॉन्फिडेंस लाने. की जरूरत भी नहीं होती। मैं रीजन बताती. हूं। ज्यादा कॉन्फिडेंस आएगा तो ज्यादा. इधर-उधर जाएंगे। वो सीधा चुपचाप से क्लास. आए क्योंकि अब कोई हम लोग जो तैयारी करवा. रहे हैं एसएससी वगैरह की उसमें इंटरव्यू. नहीं होता कि उनमें एक कॉन्फिडेंस लाना. जरूरी है कि तुम कैसे बात करोगे कैसे. इंटरव्यू फेस करोगे हमारा है कि बस बच्चा.
रेगुलर 8 से 9 महीना पढ़ लें ज्यादा. इधर-उधर ना करें क्योंकि बहुत सारी चीजें. होती हैं बड़े शहरों में जो आपका ध्यान. भटकाता है। तो ज्यादा इधर-उधर बच्चे ना. करें और वो सीरियसली पढ़ाई करें। हम. क्लासेस में कोशिश यही करते हैं। मैं हूं. या मेरे बाकी टीचर्स कि बच्चों को हमेशा. कुछ मोरालिटी और यह सब नैतिकता के रिलेटेड. बातें करते रह ताकि वो बस कंसंट्रेट होके. पढ़ाई करें और जिस मकसद से आए हैं वो पूरा. करें और जाएं।.
जब आप तैयारी करने जाते हैं कोई बच्चा. छोटे शहरों से आकर बड़े शहर तैयारी करता. है। क्या तैयारी के वक्त गर्लफ्रेंड. बॉयफ्रेंड बनाना आपके करियर के लिए. नुकसानदायक हो सकता है? बहुत ज्यादा। क्योंकि उसमें आप अपने टाइम. एंड एनर्जी बहुत अधिक वेस्ट करते हो और वो. आपके मेंटल हेल्थ को भी डैमेज करता है।. अगर बाय चांस उस समय कुछ ऐसा हुआ क्योंकि. देखिए आप शुरुआत में बहुत ज्यादा इन्वेस्ट. करते हो अपने आपको टाइम एनर्जी सब कुछ. इन्वेस्ट करोगे क्योंकि उस समय नया-नया. प्यार का खुमार होता है। और अगर बाय चांस.
उसके बाद ब्रेकअप हुआ तो फिर अपने आपको. हील करने में बहुत टाइम और एनर्जी लगता. है। मेरा मानना है मैं हमेशा स्टूडेंट्स. को यही सलाह देती हूं। 2 से 3 साल बिना मन. भटकाए बस बढ़िया तैयारी कर लो। एक जॉब ले. लो और उसके बाद तुम्हें तुम अगर बोलोगे भी. पेरेंट्स को कि मुझे वो लड़की पसंद है तो. तुम्हारे पेरेंट्स तुम्हारी बात भी. सुनेंगे और लड़की वाले भी तुमको थोड़ा सा. वेटेज देंगे। अदरवाइज बेरोजगार से शादी. कौन करता? लड़के तो कर लेते हैं।.
देखिए. लड़कियां नहीं करती।. अगर आप. अब ये इस बार तो इस बार तो लड़कों का साथ. दीजिए आप। नहीं। इस बारे में भी मैंने. लड़कों को एक बात समझाया है कि तुम्हें. फाइनेंसियली इंडिपेंडेंट होना जरूरी है. क्योंकि लड़कियां अपना घर छोड़कर तुम्हारे. घर आ रही हैं। तुम अपने घर को छोड़ के. कहीं नहीं जा रहे। पहली चीज यानी तुमको. अपनी वाइफ, बच्चे और पेरेंट्स इन सबको. पालना तुम्हारी जिम्मेदारी बनेगी। दूसरी. बात है अगर आप वर्किंग वुमेन की बात करें. तो वह तीन से लेकर 5 साल तक नॉन वर्किंग.
रहती है जब उसे डिलीवरी होता है उसके बाद. होना चाहिए उनको काम नहीं करना चाहिए. क्योंकि आप बच्चे पर ध्यान नहीं दे पाते. हो और जो छोटा बच्चा होता है वो मेड का. कंप्लेन आपको तब तक नहीं कर पाता है जब तक. कि वो बोलना नहीं सीखता है। तो इसीलिए मेड. के हाथ में बच्चे को छोड़ के आप काम पे. नहीं जा सकते हो। यानी कि आपको शादी के. बाद 5 साल तक अपने वाइफ को भी बिठा के. खिलाना है। तो मैं मानती हूं कि लड़कों को. एंप्लॉयड होना तो बहुत जरूरी है। बहुत ही. जरूरी है। महिलाओं को भी होना इसलिए जरूरी.
है क्योंकि मैंने मान पाया है कि समाज में. उन महिलाओं का सम्मान ज्यादा होता है जो. वर्किंग होती है जो बाहर से कमा के लाती. है।. इंटरेस्टिंग। अभी मैंने एक पॉडकास्ट किया. था मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं मोहन. यादव जी।. तो उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरी का कल्चर. मैं खत्म करना चाहता हूं।. सारी दुनिया भाग रही है। हम स्टूडेंट. पॉलिसी भी चेंज कर जाते हैं। जिनको पढ़ना. है सिर्फ वही पढ़े। आप सरकारी नौकरी बहुत. फोकस करते हो। क्या सरकारी नौकरी सब कुछ. है? अगर कोई गवर्नमेंट कहता है कि हम सरकारी.
नौकरी से लोगों को हटाना चाहते हैं। इसका. मतलब उनका सबसे पहला जो टारगेट वो यह है. कि सरकारी नौकरी में वैकेंसीज कम करना।. पहली चीज मैं यह मानती हूं। दूसरी बात है. कि अगर आप कह रहे हैं कि. सेल्फ एंप्लॉयमेंट की बात कर रहे हैं।. चलिए मैं मान लेती हूं चाय की दुकान हो या. पकोड़े की दुकान है तो फिर हमें ग्रेजुएशन. करना पोस्ट ग्रेजुएशन करने की जरूरत ही. नहीं है। हम 10थ पास करके पकोड़े की दुकान. लगा लें। फिर हम पढ़ क्यों रहे हैं? देखिए.
जो पढ़ा लिखा व्यक्ति होता है वो दो चीजें. चाहता है। या तो वो स्टार्टअप करे और बहुत. बढ़िया स्टार्टअप करें। या तो फिर वो. चाहता है कि मैं कोई बहुत प्रेस्टीजियस. जॉब में जाऊं और इंडिया में जो. प्रेस्टीजियस जॉब्स हैं वो पता है एक. सरकारी नौकरी है जिसमें आपके पास हाथ में. अच्छी सैलरी भी आती है और पावर भी आता है. और जहां तक आप स्टार्टअप की बात करेंगे तो. आप ये देखिए ना कि आपके पास कितने. ओपोरर्चुनिटीज है इंडिया में स्टार्टअप. करने की अब क्या स्टार्टअप कर लेंगे तो.
इसीलिए मैं मानती हूं कि अगर एक मिडिल. क्लास और लोअर मिडिल क्लास फैमिली के पास. एक ही तरीका होता है एलट क्लास में. पहुंचने का वह होता है एक प्रेस्टीजियस. गवर्नमेंट जॉब।. ओके इंटरेस्टिंग। अ बिहार से क्यों आप आते. हो? बिहार बाद में वो झारखंड में चला गया. लेकिन बिहार क्योंकि मैं मूल मान के चल. रहा हूं। बिहार में पेपर बड़ा लीक होता. है।. हम. क्यों लीक होता है इतना पेपर बिहार में? जो आपको मैंने अभी कहा प्रेस्टीजियस. गवर्नमेंट जॉब। एक गवर्नमेंट जॉब के पीछे. दुनिया पागल है। अगर इंडिया की बात देखें.
तो पूरी इंडिया एक गवर्नमेंट जॉब के पीछे. पागल है। चाहे आप बिहार देखिए, झारखंड, यूपी, राजस्थान और हरियाणा। तो ये. गवर्नमेंट जॉब्स के पीछे भागते हैं।. जिसजिस का डिमांड ज्यादा होगा वहां पे उस. चीज के पीछे लोग परेशान होंगे। और इसीलिए. पेपर आउट होता है क्योंकि डिमांड है, इन. डिमांड है और लोग बहुत भारी भरकम पैसा. देने को तैयार होते हैं पेपर के लिए। तो. इसीलिए हो जाता है।. अगर पैसा मोटा जेब में हो, जुगाड़ हो तो. क्या सरकारी नौकरी मिल सकती है? नहीं ऐसा नहीं है। अभी हाल में दो साल.
पहले एक लड़के का जीएसटी इंस्पेक्टर वो. लगा था।. हम. अभी उनका उसका टर्मिनेशन लेटर आया।. हम. क्योंकि उसने खुद पेपर नहीं देखे। उसकी. जगह कोई और पेपर दिया था और बाद में किसी. ने इन्वेस्टिगेशन. के लिए कुछ एक एनोनिमस लेटर भेज दिया और. उसका इन्वेस्टिगेशन हो गया। 2 साल के बाद. 2025 में उसका टर्मिनेशन लेटर आ गया है।. मेरा मानना है कि कभी भी ऐसा कोई गलत काम. करके गवर्नमेंट जॉब में मत जाइए। नहीं तो.
एक तलवार लटकी रहेगी। 10 साल के बाद भी. आपकी जॉब जा सकती है। इसलिए मेहनत करिए. बहुत बढ़िया से। मैं मानती हूं अगर आप. प्रॉपर तरीके से तैयारी करेंगे। आपका. सिलेक्शन हो जाएगा क्योंकि भीड़ बहुत है।. लेकिन भीड़ में पढ़ के बढ़िया तैयारी करके. जाने वाले स्टूडेंट्स जिनको प्रॉपर. गाइडेंस मिला वो बहुत कम है। अब अंग्रेजी. पे आते हैं मैम। आप अंग्रेजी सिखाते हैं।. शुरुआत में आपने अंग्रेजी सिखाने से कि. एसएससी बच्चों पढ़ाते हो आप।. सबसे अजीबोगरीब कारण किसी ने क्या बताया.
कि मैडम हमको इसलिए अंग्रेजी सिखा दो।. देखिए मेरे पास कुछ ऐसे लोग आते हैं. इंग्लिश सीखने के लिए जो पूरा बैच जब खत्म. हो जाता है तब मुझे पता चलता है कि ये. मुझसे इंग्लिश सीख कर अपने शहर में जाकर. इंस्टट्यूट खोलने वाला है और वो वही. पढ़ाएगा जो मैंने इसे पढ़ाया है। तो वो एक. अजीबोगरीब सा लगता है कि भाई वो टीचर जो. ऑलरेडी इंस्टट्यूट पहले से चला भी रहा था. वो पहले वहां से सब कुछ छोड़ के आया है. यहां पर वो सीखने के लिए जो वो वहां जाकर. पढ़ाएगा। ये मुझे थोड़ा सा अजीब लगता है कि.
आप टीचर हो के फिर से किसी के क्लास में. बैठ के एस अ स्टूडेंट फिर पढ़ रहे हो फिर. जाकर पढ़ाओगे। ये अजीब सा लगता है।. उसके हिसाब से सोचे सर इट्स अ स्मार्ट. मूव।. हां स्मार्ट मूव तो ऐसे भी हो सकता था कि. वो ऑनलाइन मुझसे पढ़ लेता। अब वो सब कुछ. अपना बंद करके यहां आके फिर से वो ऑफलाइन. पढ़ के जा रहा है। वो थोड़ा अजीब सा लगता. है। स्मार्ट मूव नहीं है। वो थोड़ा डम मूव. है।. चुपचाप से धीरे से पढ़ लो। सबको क्यों. बताना कि वो मेरे क्लास में बैठ के पढ़ रहा. है। किसी दिन मैं वायरल कर दूं। देखो ये. मेरे क्लास में यहां बैठा हुआ था फिर।.
कंपटीशन तो नहीं लेने का ना।. हां बट जो चीज वायरल होती है उसको लोग छाप. लेते हैं। हमने येलो कुर्सी रखी है आज आधे. पॉडकास्ट येलो कुर्सी उठाते हैं।. हम्म तो. क्योंकि मैं भी यहां जब आई तो मैंने इन. कुर्सियों को देख के मैं समझ गई कि अच्छा. पॉडकास्ट यहीं होने वाला है।. ओके। अ आपको जो अंग्रेजी सिखाने आते हैं।. इंडियन इंग्लिश, अमेरिकन इंग्लिश और. ब्रिटिश इंग्लिश। इन तीनों में क्या फर्क. होता तो हम चाहते हैं थोड़ा सा हमें डेमो. देके आप समझाओ।.
नहीं डेमो मैं नहीं दे पाऊंगी क्योंकि मैं. न्यूट्रल इंग्लिश बोलती हूं। मैं हमेशा. मानती हूं कि आपको न्यूट्रल इंग्लिश बोलना. चाहिए।. शब्दों से शब्दों से समझा सकते हैं।. अगर आप एक शब्द देखिए वेयर आर यू गोइंग? तो ये और पता नहीं क्यों? हम लोग इंडिया. में कैसे कहेंगे वेयर आर यू गोइंग? क्योंकि हम लोग में क्लेरिटी है। आप एक. मार्क एक चीज मार्क करिएगा। जितने भी कॉल. सेंटर्स आए वो इंडिया में आए क्योंकि. हमारी जो इंग्लिश थी उसमें थोड़ा मदर टंग.
इन्फ्लुएंस से अगर आप देखोगे तो आप किसी. भी स्टेट में चले जाओ जब वो इंग्लिश. बोलेंगे तो थोड़ा सा वो अपना छाप दे देते. हैं। जैसे बिहारी सीधा कहेंगे माय फादर्स. नेम इज सो एंड सो फादर बोलेंगे फ को फ बोल. देते हैं। वैसे ही अगर आप बंगाल चले जाओ. तो वो अ को अ बोलते हैं। इसीलिए आप. देखेंगे वहां पे जो ब्रिंजल वह ब्रिंजोल. हो जाता है।. शुभंकर. हां अच्छा अगर आप साउथ इंडिया में जाइए तो. टी के जगह पे टी एच लिखते हैं। इसीलिए कई.
लोग मेरा नीतू को नीथू लिख देते हैं। एन. आई टी एच वो कभी भी देखिएगा जय ललिता में. भी जय ललिता लिखा हुआ था टीएच। तो वो अपने. स्टेट के अकॉर्डिंग चेंज कर देते हैं।. लेकिन अगर आप अच्छे इंग्लिश मीडियम स्कूल. में पढ़े हैं तो आपको न्यूट्रल इंग्लिश. बोलना सिखाया जाता है। खासकर यहां पे कॉल. सेंटर्स भी आपको एक अलग से देता है. ट्रेनिंग ताकि आपका मदर टंग इन्फ्लुएंस. अगर है अच्छे इंग्लिश भी बोल देते हैं तब. भी वो नहीं लेते हैं। तो इंडिया का जो. इंग्लिश है मच बेटर है क्योंकि हम लोग.
थोड़ा न्यूट्रल बोलते हैं। अगर आप अमेरिका. चले जाइए तो आप देख लीजिए ट्रंप को बोलते. हुए हमेशा उनका जो होठ है वह हमेशा गोल सा. ही रहेगा क्योंकि वह हमेशा वैसे ही. एक्सेंट में ही बोलेंगे और इन लोग अपने आर. को. अर्थ का अर्थ कर दिया था उन्होंने इंडिया. में बोल के कुछ. इनफैक्ट ही हैज़ केप्ट वन अनदर ट्रांसलेटर. टू ट्रांसलेट द इंग्लिश जो इंडियंस पूछ. रहे थे उनसे फ्रॉम इंग्लिश टू इंग्लिश. बिकॉज़ ही इज़ नॉट हैबिटचुअल ऑफ़ स्पीकिंग.
दैट इंग्लिश वो बहुत ही ज्यादा ऐसे. इंग्लिश बोलते हैं यू हैव टू पे अ लॉट ऑफ. अटेंशन अगर आप उनको समझना चाहते हैं तो तो. उन लोग थोड़ा सा वैसे ही. तो अगर एक शब्द कोई हो जिसको आप तीनों. एक्स में समझाऊं मैं ब्रिटिश अमेरिकन और. इंडियन. आप जैसे मैंने कहा वेयर आर की अगर आप बात. करोगे तो जो ये होते हैं. ब्रिटिश वो क्या करते हैं ना बीच के. शब्दों को खा जाते हैं वेयर यू गोइंग वो. सीधा वेयर आर यू गोइंग नहीं कहेंगे. अमेरिकनंस जो होते हैं वह थोड़ा रोल करते.
हैं अपने टंग को वेयर आर यू गोइंग. और इंडियंस जो होंगे वेयर आर यू गोइंग? क्योंकि हम लोग का वो फर्स्ट लैंग्वेज. नहीं है। हम लोग का वो फर्स्ट लैंग्वेज. नहीं है। इसीलिए हम लोगों को पता है कि. अगर हमें बोलना है तो वेयर यू गोइंग नहीं. बोल सकते हैं। वेयर आर यू गोइंग? और जो. लोग इंग्लिश में शुरुआत से पढ़े होते हैं. या उनके बीच में इंग्लिश चल रहा होता है।. तो वो बहुत सारे हेल्पिंग वर्ब एंड बहुत. सारे वर्ड्स खा जाते हैं। तो वो इंडिया. में भी चलने लगा। अब. अच्छा अंग्रेजी जब लोग बोलते हैं तो ध्यान.
रखते हो उच्चारण का। हिंदी बोलने वाले जो. है वो कुछ बोल देते हैं।. नहीं कुछ नहीं बोल देते हैं। ये हर जगह. में एक प्रॉब्लम है। अब जैसे एक. जैसे मैं आप आप किसी भी बच्चे को बुला. लीजिए और उससे कहिए कि आप 20 से 30 तक. गिनती सुना सुना दीजिए। मैं 99% दावा कर. रहा हूं वो गलत सुनाएगा। वो सब कहेंगे 20. 21 22 23 24 25 26 27 जबकि सब में बड़ी ई. की मात्रा है।. आप उनसे पूछिए कि होम मिनिस्टर को कहते. हैं गृह मंत्री ससुर गृह प्लनेट होता है।. [संगीत].
गृह मंत्री को गृह मंत्री आप नमस्कार को. नमस्कार देवियों सज्जनों. हां ये मैं बताती हूं जैसे अगर आप अमित. शाह जी को देखिएगा. तो गृह मंत्री बोलेंगे क्योंकि वो गृह जो. है गृह नहीं वो उधर शायद जहां तक मैं. जानती हूं गुजरात में वो ऋ की मात्रा नहीं. होती उ की मात्रा होती है तो गृह मंत्री. बोलेंगे अगर आप आज की बात करेंगे. स्टूडेंट्स को तो स्टूडेंट्स को लगता है. कि नहीं हिंदी जानना ना अच्छी बात नहीं है.
क्योंकि सीबीएसई में एक चलन है कि नहीं हम. इंग्लिश मीडियम के इंग्लिश भी नहीं आती. उनको उनको हिंदी भी नहीं आती और सबसे बड़ी. बात है कि उनको छोटी ई और बड़ी ई ये सब. नहीं पता. हां मतलब सीबीएसई वालों को अगर बहुत लानत. मलानत वाली भाषा में कहूं मैं तो वो जैसे. एक गाय का गोबर होता है कम से कम लिपने. पोतने में काम आता है वो सूअर वाले होते. हैं कि ना वो ससुर हिंदी में होते हैं ना. अंग्रेजी में होते हैं वो आधी जिंदगी. संघर्ष करते हैं और उसमें मैं भी था. जब मैं मीडिया मीडिया में आया तो मुझे. हिंदी एक्चुअली सीखनी पड़ी। मुझे अपनी.
शब्दावली बेहतर करनी पड़ी। मुझे शब्दों पर. ध्यान देना पड़ा। बहुत सारे शब्द को मैं. हिंदी में भी गलत बोलता था। और लोग लोगों. को एहसास नहीं होता कि वो हिंदी सही नहीं. बोल रहे हैं।. वो टोकने वाला नहीं है।. आप अगर मैं आज के बच्चों की बात करूं जब. उनको कहती हैं छोटी इ की मात्रा, बड़ी ई. की मात्रा तो हम लोग कहते थे उसको ह्रस्व. ई और दीर्घ ई ऐसे कुछ कहते थे। अब वो तो. बोल ही नहीं सकते। अब तो छोटी इ और बड़ी ई. बोलिए। उसके बाद यह समझ में उनको नहीं आता. है तो उनको कहते हैं शॉर्ट सेलबल एंड. लॉन्ग सेलेबल। वो तो बिल्कुल समझ में नहीं.
आता। फिर मैं पूछती हूं भाई कौन से. लैंग्वेज में तुम लोग कंफर्टेबल हो ये. बताओ। तो इन लोग बहुत ही सच कह जो छपरी. टाइप लैंग्वेज है ना इन लोग का ये. शब्दावली हो गया है। आप किसी से कह दीजिए. क्षत्रिय बोल दे।. नहीं बोल पाएगा।. अच्छा दूसरी बात है अगर वो कहते हैं मैम. हम हिंदी भाषी है। मैंने कहा आपको पता है. ये हिंदी में तो सिर्फ स और श है। इंग्लिश. में तो तीन हैं। तो वो तो फिर कंफ्यूज हो. जाते हैं कि मैंने कहा भाई आप हिंदी भाष.
कैसे बोल रहे हो? तो नहीं मैडम हम लोग है. ना बिहार के हैं तो बिहार के हैं तो इसका. मतलब नहीं होता है कि आप हिंदी भाष बोलोगे. इनू को हिंदी भी नहीं आती। इंग्लिश. छोड़िए। दूसरी बात एक और प्रॉब्लम है।. सीबीएसई अपना सिलेबस कम करता चला जा रहा. है ताकि बच्चों पर बोझ ना आए। वो मेंटली. परेशान ना हो। वो सुसाइड ना करें। वो. टेंशन में ना आए। लेकिन एक चीज वो नहीं. जान रही है सीबीएसई कि कंपटीशन बढ़ता जा. रहा है। यह जो कहते हैं ना कोचिंग सेंटर्स.
माइट बी दे वांट कि बच्चा पास हो जाए 12थ. तक. तो सुसाइडल केस कम हो जाए।. सबसे बड़ी बात है कि कोचिंग सेंटर्स अगर. आपको नहीं चाहिए तो आपको अपना सिलेबस तो. ठीक कराना पड़ेगा जो स्कूल में पढ़ाना ही. पड़ेगा बच्चों को। आपने सिलेबस यहां कर. रखा है और जो एग्जाम में आ रहा है यहां आ. रहा है तो वो पूर्ति कौन करेगा? ऑफ कोर्स. कोचिंग सेंटर्स आएंगे। क्या कोचिंग सेंटर. का होना देश में इस बात का गवाह है कि देश. का जो सरकारी एजुकेशन सिस्टम है वो अच्छा.
नहीं है? बिल्कुल नहीं है सर। अगर आप माने तो. एजुकेशन सिस्टम में बहुत सारे लूप्स एंड. होल्स हैं। अगर आप उनको सही कर देंगे तो. शायद बच्चे सेवंथ के ऊपर ही नहीं जाएं। अब. अब. स्कूल्स पर ये प्रेशर रहता है। किसी तरह. उनको नाइंथ 10थ तक पहुंचाना है। बीच में. तो सीबीएसई का ये भी नियम था कि आप बच्चों. को फेल भी नहीं कर सकते हैं। और नाइंथ और. 10थ जब 10थ में पहुंच गए तो सीबीएसई पर ये. प्रेशर होता है कि किसी भी तरीके से उनको. पास कराना है। इसलिए वो सिलेबस कम करते.
चले जा रहे हैं। तो आप सिर्फ एक 10थ पास. अह जो पब्लिक है वह निकाल रहे हैं जो. सोसाइटी में कंपटीशन करके सस्टेन नहीं कर. पाएंगे क्योंकि सर्वाइवल ऑफ़ द फिटेस्ट. होता है इस दुनिया में भी और इस देश में. भी है। तो इसलिए अगर आप फिटेस्ट है तो आप. कामयाब होंगे नहीं तो बस ठीक है। मैट्रिक. पास, 12th पास, ग्रेजुएट्स बहुत सारे. मिलेंगे जिनको कुछ नहीं आता है।. कोई एक शब्द इंग्लिश का जिसको आपको सिखाने. में बड़ा मजा आया। लोग बोल नहीं पाए। आप.
लूटपोट हो गए।. नहीं एक है जिसका स्पेलिंग है ब्गोइस करके. और उसका प्रोनंसिएशन है बुशवा। तो वो बड़ा. मजा आता है बुशवा क्योंकि वो मिडिल क्लास. लोगों को कहते हैं। तो मैं कहती हूं इसको. क्या कहेंगे? तो सब उसका प्रोनंसिएशन उसका. स्पेलिंग से पढ़ते हैं। बोर्गॉइस है मैम. जी ओ आई एस ई ए बोर्गोइस हुआ। तो मैं कहती. हूं उसका प्रोनंसिएशन बुशवा. क्योंकि वो फ्रेंच ओरिजिन है उस वर्ड का. तो उसका प्रोनंसिएशन उसका स्पेलिंग.
बिल्कुल अलग है। अब जैसे देखिए ना आप. डेबिस बोल देते हैं कई लोग। लास्ट में एस. है वो डेबरी है। अब एसले बोल देते हैं। एक. टीचर को मैंने देखा ए आई एस एल इ को एसले. बोल रहे हैं। मैंने कहा आई एल है। तो एस. कहां गया? तो इंग्लिश में बहुत सारे ऐसे वर्ड्स हैं. जिसका स्पेलिंग अलग है, प्रोनंसिएशन अलग. है। और यह प्रॉब्लम है। सबके साथ यह. प्रॉब्लम है। जैसे एक बार मैं लॉ करने के. बाद मैं कोर्ट्स में जाकर कई बार बैठती थी. जहां पे चिदंबरम जी हो या कपिल सिबल हो.
जहां पे आर्गुममेंट करते थे।. तो एक बार मैंने देखा कि इन्होंने इनडाइट. बोला। जबकि एक्चुअली वो वर्ड जो फिट हो. रहा था वहां पे वो इंडिक हो रहा था। तो. फिर मैं बाहर निकल के मैंने उस वर्ड को. देखा कि इंडिक को इंडडाइट क्यों बोल रहे. हैं? और एक्चुअली डीआईसीटी था लेकिन उनका. उसका प्रोनंसिएशन इंडाइट है। जबकि आप अगर. फिनेटिक्स में देखोगे तो आई का. प्रोनंसिएशन ई है लेकिन आई भी होता है।. वहां पे आई का प्रोनंसिएशन आई है और सी.
साइलेंट है। इंडाइट है।. इसीलिए तो आपने नहीं कहा था कि जिसने. इंग्लिश भाषा बनाया वो दारू पी के बना रहा. था।. हां ये तो लगता है क्योंकि अब सिंगुलर. प्लुरल मैं एक बार क्लास में पढ़ा रही थी।. तो मैम ऐसे क्यों? मैंने कहा यार वो नशे. में था तो उसने सोचा थोड़ा मजा ले लो सबका. इसलिए ऐसा किया उसने।. बट एक्चुअली वो लॉजिक अच्छा था जो आपने. दिया था।. क्या लॉजिक था आपका? कोई लॉजिक नहीं है। इनफैक्ट कुछ शब्दों के. पीछे कोई लॉजिक ही नहीं है। कि अगर आप. कहोगे बस तो बस का प्लूरल तो बसेस हो गया।. लेकिन अगर आप सिलेबस कहोगे तो सिलेबाई.
होता है। अब क्यों है उसका रीज़न कुछ नहीं. है। अगर आप देखिए टैक्स का प्लूरल है. टैक्सेस। तो ऑक्सक्स का प्लूरल तो ऑक्सेस. होना चाहिए। लेकिन ऑक्सिजन है। चाइल्ड का. प्लूरल चिल्ड्रन है तो आर कहां से आ गया? पता नहीं। अब डाटा को लोग डाटा बोलते हैं।. कहते हैं मैम डाटा होगा ना? क्योंकि दो ए. है तो एक बार ए और एक बार आ क्यों है? डाटा क्यों है? डाटा होना चाहिए। अब है तो. है। क्या कर सकते हो आप? क्या आप उनका. लॉजिक दोगे? तो ना खाता ना भाई जिसने बनाया बस वही है।.
लॉजिकलेस है ये।. अच्छा ये शशि थरूर जैसी अंग्रेजी जिसको. सीखनी हो।. जरूरी क्या है? वो बहुत बहुत एजुकेटेड है. और उन्होंने बहुत पढ़ाई की है और उनको आप. किसी भी फील्ड में उनसे बात करिए चाहे. हिस्ट्री लेके इंडिया के इंडिपेंडेंस को. लेकर अगर आप चले जाइए अंग्रेजों की बात. करिए जो ब्रिटिश हमारे पेल राज किए हैं वो. बहुत अच्छे से सब कुछ एक्सप्लेन. चलिए मैं इसी को पूछता हूं क्या एक जन्म. में आप शशि थरू जैसे अंग्रेजी सीख सकते. हैं. अगर सीख लिया मैंने तो मेरा जन्म सफल हो.
जाएगा मैं फ्रैंकली बता रही हूं वो सिर्फ. इंग्लिश नहीं है उनके पास उनके पास. कंटेंट्स नॉलेज है। बहुत अच्छा बोलते हैं।. बहुत अच्छा बोलते हैं।. इंडिया में आपको सबसे बेस्ट स्पीकर कौन. लगता है इंग्लिश का? शशि थरूर बहुत अच्छा बोलते हैं। बेस्ट है।. दूसरी बात है मैं कभी-कभी आचार्य प्रशांत. को देखती हूं क्योंकि बहुत आउट ऑफ द वे. जाके बोलते हैं वो। और बहुत सारी चीजें. ऐसे बोलते हैं जो ऐसा लगता है जैसे कि अगर. ऐसा उन्होंने बोल भी दिया तो इंडिया में.
बोल कैसे दिया? बहुत बड़ी चीज है।. इंटरेस्टिंग। अच्छा जो बच्चों को पढ़ाते. हैं जैसे मेरे एक टीचर थे बहुत पहले स्कूल. या कॉलेज में थे तो उन्होंने कहा कि मैं. हंसता हूं या हंसाता हूं इसलिए नहीं कि. तुम्हारा एंटरटेनमेंट कर रहा हूं। मुझे. दिन भर पढ़ाना है इसलिए मैं अपना. एंटरटेनमेंट करता रहता हूं। बट आजकल सारे. टीचर हंसा रहे हैं। तो ये हंसाने के पीछे. लॉजिक क्या होता है? देखिए हमारे जो क्लासेस चलते हैं 4 1/2. घंटा चलते हैं और लास्ट जो डेढ़ घंटे का. क्लास होता है वो मेरा होता है। तब तक. बच्चे 3 घंटा पढ़ चुके होते हैं। डायट भी.
हो जाते हैं और इंग्लिश क्योंकि उनका. जेनेटिक डिसऑर्डर होता है। पढ़े लिखे तो. होते नहीं इंग्लिश गांव से अधिकतर बच्चे. होते हैं तो तो उनको पढ़ाना भी है और साथ. में उनको क्लास में इनवॉल्व भी रखना है।. हमारे समय में अगर हम क्लास में सो जाते. थे तो टीचर हमें पीटती. अब अगर क्लास में अगर वो सो जाए तो मेरे. लिए इंसल्ट होगा कि भाई मैं इतना बोरिंग. पढ़ा रही हूं कि वो सो गया। तो इसीलिए. उनको एंगेज्ड भी रखना है और उनको पढ़ाना.
भी है। दोनों के लिए आपको बीच-बीच में. कभी-कभी मजाक भी करते रहना पड़ता है।. इसीलिए आपने कह दिया कि प्यार किया नहीं. जाता।. यस।. गलत अंग्रेजी है।. हां। क्योंकि देखिए. गाना है प्यार किया नहीं जाता। हो जाता. है। एक्चुअली देखा जाए तो प्यार आप नहीं. कर सकते हो क्योंकि वो स्टेटिव वर्ब है।. वो डायनामिक वर्ब ही नहीं है। यस हां उनको. नहीं कर सकते हो आप। आपको अगर मैं कहूं आई. एम नोइंग यू तो एक बात बताइए कोई एक्शन है. क्या? नहीं। क्योंकि मैं आपको जानती हूं.
या नहीं जानती हूं। बस यही हो सकता है।. अगर मैं लव, लाइक, हेट, नो यह सब वर्ब यूज़. कर रही हूं। उनको डायनेमिक वर्ब की तरह आई. एनजी फॉर्म में यूज़ नहीं कर सकते। वो किसी. की अवस्था बताने के लिए होता है। चाहे वो. दिमाग की अवस्था हो या दिल की अवस्था हो।. तो ये आप कर नहीं सकते हो। इसीलिए ये. स्टेटिव वर्ब्स है।. तो प्यार किया नहीं जाता। बस हो जाता है।. ऐसे भी देखा जाए तो हो ही जाता है। अब ये. मत बोलिएगा कि आपको कभी नहीं हुआ। अब हम.
काहे अपने बहुत पडकास्ट में अपने आज की. चर्चा कर चुके हैं। आज हम अंग्रेजी की. चर्चा करते हैं। कोई आदमी कोई लड़का जो. गांव देहात से आया हो क्योंकि ऐसे बहुत. सारे बच्चे मिलते हैं जो बहुत अच्छे होते. हैं पढ़ने में लेकिन अंग्रेजी में मात. खाते हैं। तो एक बच्चा जिसको इंग्लिश. बोलना नहीं आता है या जिसने जिंदगी में. कभी इंग्लिश नहीं बोली अच्छे से। क्या वो. सीख सकता है? क्या वो उतना कॉन्फिडेंट हो. सकता है जितना किसी इंग्लिश मीडियम का. बच्चा हो? देखिए आप पिछले 10 साल का. टॉपर्स उठा के देख लीजिए। आपको आधे टॉपर्स.
ऐसे मिलेंगे। वन टू 10थ रैंक तक देख लीजिए. आप। आपको आधे ऐसे मिलेंगे जो हिंदी मीडियम. के हैं। हिंदी मीडियम वाले बच्चे मेहनती. बहुत होते हैं। इंग्लिश मीडियम वाले कई. बार तो ओवर कॉन्फिडेंट होते हैं। उसमें. चले जाते हैं कि इंग्लिश को तो मुझे आता. है। लेकिन उसे नहीं आती इंग्लिश। क्योंकि. वो चीजें जो एग्जाम्स में आती हैं, ऐसी. चीजें आती हैं जिसमें हिंदी मीडियम और. इंग्लिश मीडियम दोनों फंसे। तो इसीलिए. हिंदी मीडियम वाला बच्चा कॉन्फिडेंट नहीं. होता। इसीलिए वो मेहनत करता है और सीख.
सकता है। आराम से सीख सकता है। इनफैक्ट. इंग्लिश बोलना भी सीख सकता है और सीख लेता. है।. कितना समय लगता है? अह उनको अराउंड सिक्स टू 7 मंथ्स लगता है।. इंग्लिश के प्रॉपर सेंटेंसेस जो उनके. दिमाग में है वो बोलने में। मैंने यह. ट्राई किया है यूपीएससी के स्टूडेंट्स के. साथ। मैंने पाया है कि तीन से चार महीने. के बाद जब उनको सेंटेंस का स्ट्रक्चर सिखा. देते हैं उनके पास वोकैबलरीज होते हैं और. उनके पास कंटेंट्स भी बहुत अच्छे जानदार. होते हैं क्योंकि वो आईएएस की तैयारी कर.
रहे होते हैं। तीन से चार महीने के बाद. उनके दिमाग में जो रहता है वो बहुत ही. आसान सिंपल इंग्लिश में अच्छे से समझा. लेते हैं।. बट जो लोग हिंदी में दिमाग में सोचते हैं. और फिर इंग्लिश में ट्रांसलेट करते हैं।. इनफैक्ट जिनकी बातें मैं कर रही हूं वो. हिंदी मीडियम वाले ही हैं। वो सोचते हिंदी. में ही है। लेकिन क्योंकि उनके दिमाग में. बहुत सारी चीजें होती है। बहुत कंटेंट्स. होते हैं। उनको सिर्फ प्रॉपर स्ट्रक्चर. चाहिए और वो बोलना शुरू कर देते हैं। कोई. जरूरी नहीं कि वो हिंदी में सोच के. इंग्लिश में बोलेंगे। एक बार अगर उनको. सेंटेंस का स्ट्रक्चर समझ में आ गया तो वो.
प्रॉपर बोल लेते हैं।. बट जैसे जिनकी आप बात करो तैयारी वाले. बच्चे हैं। तो चलिए स्कॉलर हैं, दिमाग तेज. है, मेहनत कर रहे हैं। बहुत सारे. क्रिकेटर्स से मैंने देखा है कि वो पढ़े. लिखे नहीं है। वो गए उनको हिंदी हिंदी भी. सही से बोलने में तकलीफ थी और फिर कुछ. महीनों में वो अंग्रेजी ठीक-ठाक बोलने लगे. या काम चलाऊ बोलने लगे। आने वाले सालों. में बेहतर हो गए। अब वो खुद सुनाते हैं कि. हम मैन ऑफ द मैच का अवार्ड लेने जाने बचते. थे कि शर्मा जाएंगे। कोई एक पार्टी में है. बचते थे या आज भी ऐसे लोग हैं जो फ्लाइट. पे चढ़ते हैं और एयर होस्टेस से पानी.
मांगने में घबराते हैं क्योंकि अंग्रेजी. में जवाब आएगा। तो ये भी क्या सीख सकते. हैं? इनको कितना समय लगता होगा अप्रोक्स? देखिए आप जब इंग्लिश सीखना शुरू करते हैं. तो एक चीज आपने मार्क किया होगा कि आप एक. ही एनवायरमेंट में रहते हैं। जहां पर. रेगुलर बेसिस पे आप वही सारे सेंटेंसेस. चाहे घर वालों से या ऑफिस में यूज़ कर रहे. होते हैं।. शब्दावली जो होती है अराउंड 3000 के लगभग. होता है। सेंटेंस का स्ट्रक्चर जो होता है. बहुत ही आसान होते हैं। बहुत डिफिकल्ट. सेंटेंसेस आपको करना नहीं है। कुछ.
चैप्टर्स होते हैं जिनको प्रॉपर तरीके से. उनको रखना होता है कि हां इतना तो आना. चाहिए। अगर मैं नाउन पढ़ाने जाती हूं जब. एग्जाम के लिए एसएससी वालों को तो जो मैं. पढ़ाती हूं वो मैं स्पोकन वालों को कभी. नहीं पढ़ाती हूं। एक बात बताइए आप ही. वोटर्स बोलते होंगे। कभी इलेक्टोरेट वर्ड. तो यूज़ नहीं किया होगा। तो इलेक्टोरेट का. मीनिंग पूछा जाता है एसएससी में जो कि जो. इंग्लिश मीडियम में अच्छा बोलने वाले हैं. वो भी कभी यूज नहीं करते हैं। तो मेरा. मानना है कि आप अगर स्पोकन की बात करें. बहुत थोड़ा सा इंग्लिश है। बहुत थोड़ा सा.
प्लस 3000 वोकैबलरीज जो डे टू डे यूज़ के. लिए कोई एग्जाम तो आपको देना नहीं है। तो. इसीलिए ये इस चीज को अगर प्रॉपर तरीके से. टारगेट करके कोई टीचर सिखा दे बढ़िया से. जिनको बताना पढ़ाना आता है वो अच्छा पढ़ा. लेगा। तो इंग्लिश सीखने के लिए क्या तीन. चीजें आप बताएंगे? अगर ये तीन चीजें आप. करते हैं तो आप बेहतर हो जाएंगे।. देखिए एक तो सबसे पहले आपको जो बेसिक. स्ट्रक्चर्स हैं ग्रामर के वो आने चाहिए. क्योंकि आप जब बच्चे थे ना तो आप मम बोलते. थे तो पता होता था मां को कि पानी चाहिए।.
आप बड़े हो चुके हैं। आपको सेंटेंस का. स्ट्रक्चर तो बता के पूरा बताना पड़ेगा।. क्योंकि इस उम्र में अगर आप मम बोलेंगे तो. कहेगा ये क्या बोल रहा है? तो इसीलिए मुझे. पानी चाहिए। अगर आप हिंदी में बोल रहे हो. तो इंग्लिश में भी ऐसे ही चाहिए। यानी एक. तो ग्रामर दूसरा डे टू डे जो यूज़ का. वोकैबलरी है वो तीसरा याद रखिएगा फर्स्ट. थ्री मंथ्स आपको हर चीज सोचना पड़ेगा. इंग्लिश में अगर वो बैठा है तो ये मैं. इंग्लिश में कैसे बोलूं मुझे एक गिलास. पानी चाहिए इंग्लिश में मैं कैसे बोलूं.
हमेशा दिमाग में सेंटेंस का स्ट्रक्चर. चलते रहना चाहिए तीन चीजें आपको जरूरी है।. ग्रामर बहुत आसान वाले स्ट्रक्चर डे टू डे. वोकैब और इंग्लिश में सोचने का हमेशा एक. इंटेंशन होना चाहिए।. एक आम इंसान सीबीएसई बोर्ड का बच्चा जो ना. हिंदी में है ना अंग्रेजी में उसको कितना. समय लगता होगा हिंदी सीख इंग्लिश सीखने. में? उन वो बहुत जल्दी सीख जाते हैं. क्योंकि वो हिस्ट्री हो या ज्योग्राफी हो. या साइंस हो सब कुछ इंग्लिश में ही पढ़ा. है और इंग्लिश में रट के ही एग्जाम दिया.
लेकिन इंग्लिश में रटा है तो उनको आसान जो. स्ट्रक्चर्स होते हैं उनको आते हैं वो. बहुत जल्दी कर जाते हैं।. कितना समझ जैसे इंडिया में मुझे लगता है. ज्यादातर लोग ऐसे हैं जो या स्कूल एजुकेशन. वाले जो इंग्लिश को समझ लेते हैं।. इंग्लिश पिक्चर भी देख लेते हैं। इंग्लिश. को कंटेंट भी पढ़ लेते हैं। समझ में भी आ. गया। कोई बोल रहा है तो भी सुन लिया। हम. नहीं बोल पाते. उनको 3 मंथ्स लग जाता है और उसके लिए भी. एक चीज है कि 3 मंथ्स में उनको मैं नॉर्मल. स्ट्रक्चर्स भी सिखाती हूं जो उनको पता. नहीं होता है कि हां ये स्ट्रक्चर गलत है.
और ये सही है। एक तो स्ट्रक्चर्स भी. सिखाती हूं। प्लस 3 मंथ्स के बाद उनको 3. मंथ्स के पहले ही उनको बोलना शुरू कर देना. चाहिए। तो जैसे हमारी कोशिश यही रहती है. कि ज़ूम कराएं मीटिंग बच्चों को एक. शेड्यूलर लगा देते हैं तो उसमें 12-15. बच्चे एक साथ इकट्ठे हो जाते हैं। फिर एक. दूसरे के साथ बोलना शुरू करते हैं। वो आप. में कॉन्फिडेंस बिल्डिंग की भी बहुत जरूरत. होती है।. क्या चैट जीपीटी के आने से या एआई. टेक्नोलॉजी के बढ़ने से टीचर्स को नुकसान. हो सकता है? मुझे नहीं लगता है कि टीचर का जगह चैटिटी.
या ग्रग वगैरह कभी ले सकते हैं।. एआई एआई. जैसे आजकल इंग्लिश सीखने के लिए बहुत सारे. एआई एप्स आ गए हैं जो आपको सिखा रहे हैं. जो आप इंस्टेंट बात भी कर रहे हैं। आपको. ग्रामर भी सिखा रहे हैं। आपको और. जानकारियां भी दे रहे हैं। तो क्या इनसे. आपके कोचिंग इंस्टट्यूट पर भविष्य में. फर्क पड़ सकता है? देखिए मुझे नहीं महसूस. होता है कि यह टीचर की जगह ले सकते हैं।. हां टीचर इनका फायदा उठा के बच्चों को. बहुत ज्यादा कुछ दे सकता है। जैसे पहले हम. अगर सेंटेंसेस देते थे बच्चों को तो 50.
100 सेंटेंसेस दे देते थे। अब क्या है? उनके रेगुलर प्रैक्टिस के लिए हम कभी 100. कभी 200 कभी 500 सेंटेंसेस दे देते हैं।. कभी-कभी मैं एआई को इस तरह का कमांड देती. हूं तो एआई भी थोड़ा कंफ्यूज्ड होता है. क्या करें? अब उनको कह दिया मैंने कि आप. 300 सेंटेंसेस बनाओ। सिंपल प्रेजेंट, सिंपल पास्ट और सिंपल फ्यूचर में विदाउट. रिपीटिंग द वर्ब। अब उसके लिए भी वो. चैलेंजिंग टास्क हो गया था कि विदाउट. रिपीटिंग द वर्ब। तो अब हम लोग के लिए. आसान हो गया है बच्चों को प्रैक्टिस के.
चीजें ज्यादा देने के लिए। हां अगर. स्टूडेंट्स चाहे खुद भी सीखना. तो वो हेल्प ले सकते हैं। वो हेल्प कर. सकता है। लेकिन टीचर के साथ जो एक कनेक्शन. होता है टीचर आपको समझता है कि आप कहां. फंस सकते हो। अब मैंने हजारों बच्चों को. पढ़ाया तो मुझे समझ में आ गया कि जो बेसिक. प्रोनाउन है, एडजेक्टिव है, बच्चा उस पे. भी फंसता है।. तो मैंने तुरंत उसको ही तीसरा क्लास बना. दिया कि मैं बेसिक प्रोनाउन और एडजेक्टिव. पहले पढ़ा दूं। आगे सेंटेंस स्ट्रक्चर. जाने से पहले वो चीज ग्रोक नहीं पकड़.
पाता।. ओके। पिता का ना होना क्या होता है? क्योंकि मैंने सुना कि आप शायद तीन साल की. थी।. जी।. जब आपके पिताजी की डेथ हो गई। आपका बच्चा. भी आपके साथ रहता है। बट क्योंकि आप. सेपरेट हो गए तो वह भी शायद फादर के साथ. नहीं रह पाया। हम. तो पिता का ना होने से क्या फर्क पड़ता है. जीवन में? देखिए अ जब मेरे फादर का डेथ हुआ तो मुझे. समझ में ही नहीं आया था कि डेथ क्या होता. है। और मुझे बहुत अच्छा लगा था। मेरे घर.
में पूरा परिवार जमा था। मैं बड़ी खुश थी. कि कितने बच्चे आ गए हैं। पूरा फैमिली के. बच्चे आ गए और मैं खेल रही थी। मुझे आज भी. याद है कि वहां पे सीढ़ियों पे चढ़ के दो. सीढ़ी पे चढ़ के कूद रही थी मैं और मेरे. भैया उधर एक लकड़ी की कुर्सी हुआ करती थी. आंगन में ही वहां बैठ के रो रहे थे तो. मुझे नहीं समझ में आया था क्या हुआ लेकिन. मैं मानती हूं कि शायद मैं उस समय नहीं. रोई हूं तो मैं कई रातों में रोई हूं उसको.
मैंने हिस्सों में मैं रोई हूं अपने फादर. को लेके जो मैं कभी किसी के साथ शेयर भी. नहीं कर सकती हूं और इसीलिए मेरा जब. सेपरेशन भी हुआ तो मैं सेपरेशन के 9 साल. तक मैंने बहुत कुछ झेला। बहुत सारी चीजें. झेली। सिर्फ इसीलिए दो कारण थे कि एक तो. मैं फेमस थी। उस समय भी ऑफलाइन कोचिंग था. तब भी मैं बहुत फेमस ऑल ओवर इंडिया में. मेरी किताबें जाती थी कि नीतू सिंह का यह. फैमिली में प्रॉब्लम हुआ है। दूसरी बात है.
इसी चीज को लेके जो आपने कहा कि पिता के. बिना एक बच्चा बहुत ही लाचार सा महसूस. करता है। इसीलिए 9 साल तक मैंने बहुत सारी. चीजें झेली। लेकिन सेपरेशन के बाद बच्चे. की पूरी कस्टडी मुझे मिली। कंप्लीट. कस्टडी। लेकिन मेरा बेटा यह जरूर कह सकता. है कि मैंने कभी भी उसे उसके पिता से. मिलने के लिए मैंने कभी नहीं रोका। कभी भी. नहीं। बिल्कुल फ्रीली वो गया है। जब भी वो. मिलना चाहता था वो मिलके आया है।.
बट पिता के ना होने से क्या हो? क्या लाइफ. में फर्क पड़ता है? एक कमी रहती है। एक वॉइड रह जाता है। वो. खालीपन सा आपको महसूस होगा कि पिता की जगह. कोई नहीं ले सकता। मैं आज भी आप सोचिए 3. साल की उम्र में आपको याद भी नहीं होगा. कुछ भी लेकिन कुछ चीजें मेरे दिमाग में. छपी हुई है। जैसे डाइनिंग टेबल पर मेरे. पापा मुझे बिठा के खिलाते थे। वो खुद. कुर्सी बैठते थे। डाइनिंग टेबल पर मुझे. बिठा के खिलाते थे। मुझे याद है कि वो आते. थे तो एक सेब लेके आ जाते थे मेरे लिए। तो.
बहुत सारी चीजें हैं जो याद रह जाती है।. जैसे मैंने एक बार अभी हाल में अपनी मां. से पूछा था कि मां मुझे एक चीज नहीं समझ. में आ रहा है। मेरे दिमाग में एक मेमोरी. है कि पापा मुझे स्कूटर में चढ़ा रहे हैं. और मैं रो के उतर रही हूं। चढ़ा रहे हैं. रो के उतर रही हूं। ऐसा कैसे? क्योंकि. बच्चे तो स्कूल जाने से रोते हैं। मुझे तो. चढ़ने में रोना चाहिए। अब मैं उतर रही हूं. जबरदस्ती। तो मुझे नहीं समझ में आया कुछ।. तो उन्होंने कहा कि इनफैक्ट क्या है ना.
तुम स्कूल में. अ 12:00 बजे वापस आना नहीं चाहती थी। तुम. लोअर क्लास में बच्चों की छुट्टी 12:00. बजे हो जाती थी और तुम्हारी बहनें आती थी. 2:30 बजे तो तुम्हारा कहना होता था कि मैं. जल्दी नहीं जाऊंगी। जब सब कोई आते हैं. 2:00 बजे तो मैं जल्दी नहीं जाऊंगी।. तुम्हें स्कूल में रहना ज्यादा पसंद था और. तुम स्कूल में इसीलिए चिल्ला-चिल्ला के रो. के उतर जाती थी क्योंकि मुझे याद था मैं. स्कूल में रो के उतरती थी। तो मुझे लगता. था कि भाई मुझे तो.
उतरने से रोना चाहिए क्योंकि बच्चे तो. स्कूल जाने से रोते हैं। तो कुछ चीजें. दिमाग में अभी भी है फादर के साथ का।. लेकिन बहुत धुंधली यादें हैं। क्योंकि. बहुत समय बिताया नहीं पापा के साथ।. मैं बीती रात एक वीडियो देख रहा था। एक. चैनल पर अपलोड था। एक तरफ आप बैठे थे। एक. तरफ आपके हस्बैंड बैठे एक सस्पेंड और बीच. में वो वीडियो प्ले हो रहा था जो आपके. कोचिंग सेंटर का था।. हम हम. मैंने वो स्टोरी आपके मुंह से कई बार सुनी. थी।. हम. लेकिन उस दर्द को मैंने महसूस उस तरह से.
नहीं किया था। वो एक घटना लग रही थी। आप. अपनी बता रही थी।. हम. लेकिन जब वो वीडियो मैंने देखा तो मैं. सिहर गया।. एक नई लड़की बाल पकड़ के घसीटती है, पैर. से मारती है, जानवरों की तरह ट्रीटमेंट. करती है।. और फिर जब आपके मैं शब्द सुन रहा था कि यह. मेरी कोचिंग थी, मेरा सेंटर था। मेरे. सेंटर में मुझे पिटाई पड़ी। आपके हस्बैंड. बार-बार बात तो घुमा रहे थे कि उनको सोचना. चाहिए कि वो क्यों लड़ गई और आप कह रहे थे. कि ये सोचने वाली बात है कि ₹5,000 कमाने.
वाली मुझ पर ही।. हम हम. ऐसा क्यों कर रही है? और पीछे एक दो लोग. काम भी कर रहे हैं। हम हम. वो भी दिखाई पड़ रहे थे मुझे। आपने कहा आज. तक सॉरी नहीं बोला आप सॉरी बोल दो।. उन्होंने कहा एक महिला के तौर पर बुरा लग. रहा है। लेकिन मैं सॉरी क्यों बोलूं? हम. उस घटना ने क्या आपकी लाइफ पर असर डाला? क्योंकि तो अब तक आप शायद अपने कोचिंग. सेंटर खोल चुके थे। केडी लाइफ केडी. सर उस घटना ने दो चीजें किया मेरे ऊपर। एक. तो उस दिन के बाद मैंने सिंदूर लगाना बंद.
कर दिया।. मैंने मान लिया कि ही इज नो मोर फॉर मी।. पहली चीज दूसरा. डिवोर्स के पहले ही. यस। दूसरा क्योंकि हम लोग बिहारी हैं सर. हम लोग सिंदूर लगाते हैं। और दूसरा जब उस. बाउंसर ने मुझे लात मारा था। पता नहीं. क्यों मेरे मुंह से उसी समय एक अजीब सी. हाय निकली थी। कि अब तो बर्बाद हो गया यह।. अब यह नहीं रहेगा। और वह मेरी हाई जो थी.
उस दिन शायद लग गई क्योंकि एक बहुत ही. फ्लोरिशिंग बिजनेस बिल्कुल स्टैंड स्टील. पर आया है तो वो दो चीजें उसके बाद मेरी. लाइफ में हुई है कि फिर वापस पलट के नहीं. देखना है और मेरे मुंह से बद्दुआ निकली थी. उस दिन और मैंने सिंदूर लगाना उसी दिन. छोड़ दिया था और आज तक मैं इस मंच से यहां. से एक चैलेंज करना चाहती हूं सर इंडिया. में.
लोग अपनी वाइफ पर हाथ उठाते हैं तो उनको. जेल हो जाता है। लेकिन यहां पर बाउंसर्स. से उन्होंने पिटवाया जिसका कंप्लेंट मैंने. हर जगह किया। लेकिन ना ही कोर्ट ने और ना. ही पुलिस ने आज तक कोई एक्शन लिया मेरे. हस्बैंड के खिलाफ।. क्यों? पैसा बोलता है। आई थिंक क्योंकि. पैसा तो आपके पास भी आज है।. उस समय तो मैंने सब कुछ छोड़ दिया था ना।. छोड़ के निकली थी मैं। मतलब सब लोग मुझे. मूर्ख ही कहते हैं कि सब कुछ छोड़ के फिर.
से शुरुआत करना आपका आत्मसम्मान भी होता. और एक टाइम तक आप झेल चुके होते इतना ना. कि लगता है भाई इससे अच्छा तो मैं मर जाऊं. लेकिन अब नहीं बर्दाश्त होगा। तो इसीलिए. लास्ट में मुझे यही महसूस हुआ था कि अब. करना है तो अपना कुछ अलग से कर लेंगे।. रोज-रोज के चिकचिक रोज-रोज का टेंशन मुझसे. नहीं झेला जाएगा। लेकिन मुझे बड़ा इस बात. का आश्चर्य है कि वो कंप्लेंट मैंने यहां. तक जाके. जो कमिश्नर है उनके ऑफिस तक दिया था।.
लेकिन कुछ भी नहीं हुआ। क्यों नहीं हुआ? क्या हुआ कुछ नहीं पता मुझे। लेकिन कोई. एक्शन नहीं हुआ।. उस बाउंसर के खिलाफ कोई एक्शन लिया आपने? उस बाउंसर का सर तीन-चार साल के बाद डेथ. हो गया था ब्रेस्ट कैंसर के कारण। तो. इसीलिए वो भी केस ऑलमोस्ट खत्म हो गया। जब. जिसके खिलाफ मामला था उसी का डेथ हो गया।. लेकिन मेरे एक्स हस्बैंड ने आके ऑन कैमरा. किसी चैनल में आज तक या किसी में उन्होंने. आकर बोला था कि हां मैंने भेजा था लेकिन.
ये कुछ ज्यादा पिटा गई। उनका ये लैंग्वेज. था। तो अगर वो आप आके कबूल भी रहे हो कि. हां मैंने भेजा था लेकिन कुछ ज्यादा पिटा. गई।. मैंने ये तो सुना था कि उन्होंने कहा कि. आपके बाउंसर्स को नीचे रोक दिया गया था।. आप और आपकी बहन शायद गए थे. कोचिंग सेंटर में और आपके साथ जो लोग गए. थे सिक्योरिटी में उनको उन्होंने जाने. नहीं दिया था ऊपर।. नहीं नहीं ऐसा दो लोग ऊपर गए थे।. मैं सीधा चली गई थी ऊपर ना क्योंकि मैं ये. सब ये मैं सोच भी नहीं सकती थी ना। ये आप. कैसे सोचेंगे कि जहां के आप मालिक हैं.
आपको कोई पीट सकता है। यह नहीं आप सोचेंगे. कि आपका अपने प्रिमिससेस पे कोई ऐसे. बाउंसर को प्लांट किया जा रहा है जो एक. महिला है और एक पर्टिकुलर जाति की है।. उसको इसलिए प्लांट किया गया था कि एक तो. तुम उसको पीटना भी और उसके बाद इसके खिलाफ. जाकर कंप्लेन भी करना कि इसने तुम्हें. जातिचक शब्द कहा है ताकि इसके बाद यह अंदर. भी हो जाए। लेकिन वो बाय चांस क्योंकि. मैंने कुछ दिनों पहले मुझे पता चला था कि. वहां पर बहुत सारा गड़बड़ चल रहा है। तो. मैंने जो सीसीटीवी था फुट उसका कैमरा का.
कनेक्शन वो मैंने डायरेक्ट करवा दिया था।. हालांकि इन लोगों ने पहले स्विच ऑफ कर. दिया था। लेकिन इन लोगों को पता नहीं था. कि वह डायरेक्ट कनेक्टेड है अभी भी।. और रिकॉर्ड हो रहा है सब कुछ।. इस टाइम तक आप अपना कोचिंग स्टार्ट कर. चुके थे।. सर इस टाइम तक हम लोग जो शुरुआत किया था. मैंने. क्योंकि. उसके अंडर मैंने जो अपना पब्लिकेशन शुरू. किया उसकी भी कमाई वो पूरा उड़ा रहे थे।. कोचिंग की भी कमाई पूरा उड़ा रहे थे और. मुझे टेक्निकल शुरू करना था जेईएई का। तो.
मुझे लगा कि सारा का सारा जो कहते हैं ना. सारा जो जल चढ़े वो शिवजी पर चढ़े। मुझे. लगा कि नहीं अब मुझे अलग करना पड़ेगा. क्योंकि सेम कंपनी पे जितनी भी कमाई आ रही. है सब अपने अपने पीछे लगाना ये सही नहीं. है। तो इसीलिए मैंने चाहा था कि अब जेई एई. वगैरह वो सब कुछ अलग कंपनी में हो। तो. मैंने जो केडी कैंपस खोला था वो स्पेशली. शुरू में सिर्फ टेक्निकल के लिए खोला था।. बस.
ये सब घटना के बाद मैंने पूरा फुल फ्लेज. वे में अलग हो।. उस दौर में आप उतना पढ़ाते नहीं थे।. मैं उस दौर में बिल्कुल भी नहीं पढ़ाती. सिर्फ एक क्लास लेती थी 11 से 12:30 उन. बच्चों के लिए जो हमारे यहां एडमिशन ले. चुके होते थे। बस उनको सिर्फ इंग्लिश में. गाइड करने के लिए जाती थी। मैं नहीं. पढ़ाती थी पूरे दिन भर।. क्या यही उनको मोटिवेट कर गया कि आपके. बिना भी काम चल रहा है? यस। उन्होंने हमारे ही एक स्टाफ जिनको. मैंने ही रखा था उससे उन्होंने पूछा था कि.
अगर नीतू सिंह चले गए तो क्या होगा? तो. उन्होंने कहा था कुछ नहीं होगा। फ्री बैच. जो चल रहा है वो बंद हो जाएगा। और उस फ्री. बैच में बाहर के जो 150 200 बच्चों ने. एडमिशन ले रखा है उनका रिफंड करना पड़. जाएगा। बाकी ऐसा कुछ नहीं होगा क्योंकि अब. हमारा नाम चलता है। तो इसीलिए उससे वो. मोटिवेटेड हो गए थे कि अब इसको लात मार के. भी निकाल दिया जाए तो कोई फर्क नहीं. पड़ेगा।. बट जितना उनको मैंने शुरुआत में तस्वीरों. में देखा कोई और भी रीज़न था आपसे अलग होने. का सिर्फ पैसा था।.
मैंने कहा आपको कि जब मुलाकात हुई थी तो. सब कुछ ठीक था। बिकॉज़ ही सीम्स अ डिसेंट. मैन जैसे जैसा वो रिप्रेजेंट कर रहे थे. अपने आपको वो एक डिसेंट इंसान दिख रहे थे।. अ आपको एक बात बताइए आपको क्या पता है कि. नार्सिसिस्ट कैसे दिखते हैं? मतलब. नार्सिसिस्ट आपको डिसेंट दिखेंगे और बाहर. वालों के लिए बहुत अच्छे होंगे। उनका. रिलेशन अपनी मां से बहुत खराब था। अपनी. बहन से अभी भी खराब है। अपनी वाइफ से खराब. है। और आपको बता दें पिछले डेढ़ साल से. अपने बेटे से भी बात नहीं की है। क्योंकि.
उनका बेटा ने सिर्फ एक ही क्वेश्चन कर. दिया कि तुम बार-बार मेरी मम्मी के खिलाफ. यह सारे वीडियोस क्यों डालते रहते हो? तो. तब से उन्होंने अपने बेटे को पूरे एक साल. तक ब्लॉक रखा है। और आज भी उनके साथ. बातचीत ना के बराबर है। वो भी अभी हाल. फिलहाल उन्होंने क्यों उसे अनब्लॉक किया? क्योंकि कोर्ट ने पूछ लिया कि कितने. महीनों से आप अपने बेटे से नहीं मिले? तो. शायद हमेशा कोर्ट को यह रहता है अंडर द. इंप्रेशन कोर्ट्स ये रहती है कि शायद मां.
बच्चे को मिलने नहीं दे रही है। तो. उन्होंने कह दिया डेढ़ साल से तो एक बार. जज को यह लगा कि शायद यह मिलने नहीं दे. रही है। तो उन्होंने मुझे कहा कि नेक्स्ट. डेट में आप बेटे को लेकर आइएगा। तो मैंने. आकर जैसे उसे बोला है वैसे उसने देखा कि. डेढ़ दो घंटे के बाद वो अनब्लॉक हो गया।. तो कहा मम्मी देखो मुझे अनब्लॉक कर दिया. पापा ने तो ये है तो आप मान के चलिए जितने. लोग डिसेंट होते हैं बाहर की दुनिया के. सामने वो सारे डिसेंट होंगे ये जरूरी नहीं.
वैलिड पॉइंट. अ आज आप कर्मा में बिलीव करते हो. यस बहुत ज्यादा बिलीव करती हूं सर मैं. बहुत ज्यादा बिलीव करती हूं. क्योंकि जिस बाउंसर का जिक्र आपने किया. मैं वो वीडियो देख रहा था तो उस उसके नीचे. कमेंट सेक्शन में बात लिखी थी. हम. कि शी डाइड आफ्टर थ्री फोर इयर्स. यस आप मैं. ये अनफॉर्चुनेट है बहुत अनफ फर्चुनेट है. भगवान सबको जिंदगी दे।. देखिए मैं मानती हूं कि उस बाउंसर को मेरे. पर अटैक करने के बाद अगर स्कूटी और ₹00. गिफ्ट में मिल रहा है तो ऐसे बाउंसर्स.
आपकी लाइन लग जाएगी कि नीतू सिंह पर अटैक. करो और ₹00 लो। तो मुझे नहीं लगता है कि. उस बाउंसर की गलती थी। जिसने भेजा है उसकी. गलती थी। क्योंकि आप सुपारी किलिंग भी. जानते हो। लेकिन अल्टीमेटली. कोई अपनी बीवी को क्यों पिटवाएगा? मैं. मकसद क्या था उनका पिटवाने का? आपको. फाइनशियली अलग कर देते, लड़ाई झगड़ा करते. आपसे आपस में।. क्योंकि. आम पति खुद हाथ उठाते हैं।. उनका उनका इंटेंशन था मुझे जलील करने का।. आज भी जलील करते हैं। कभी कुछ भी अपलोड कर.
देंगे। किसी चीज में कोई भी कहीं भी कुछ. अपलोड कर देंगे। वो. कोर्ट में जलील करते हैं। आप. हां मैंने उस वीडियो में भी सुना। वो आपकी. कई शादियों का जिक्र करने लगे तो उनका. उनका काम है जलील करना। मेरा यही कहना है. कि अगर तुम्हें लग रहा है कि हां तुमको. मैंने धोखा देके तुमसे शादी कर ली तो तुम. मुझे अंदर करा दो। मैं सेक्शन भी बताती. हूं। आईपीसी में क्या सेक्शन लागू होता है. वो भी मैं बता देती हूं। क्यों नहीं करवा. दिए? हर जगह पे मैं अपने आप को इनोसेंट.
साबित करती चली गई। यहां तक कि मेरे ऊपर. 70 से 75 केसेस थे। इन्होंने कमर्शियल. फाइल किए। पर्सनल केसेस कई फाइल किए।. इनफैक्ट इन्होंने कोई उपाय मतलब कोई भी. ऐसा जगह नहीं छोड़ा जहां पर उन्होंने. कोशिश नहीं की मुझे खत्म करने का बर्बाद. करने का चाहे वो अंदर कराना हो या फिर. फाइनेंशियली हार्म करना हो हर जगह कोशिश. करके देख लिया उन्होंने. वो कोचिंग सेंटर कैसे चल रहा है उसमें.
आपका स्टेक है अभी. सर उन उसमें अभी भी मेरा स्टेक है क्योंकि. उसका जब. हालांकि मैंने यही कहा कि मैं मुनीरका. सेंटर इसलिए गई थी क्योंकि मुझे पता चला. था बहुत सारा घपला चल रहा है। बहुत सारा. फर्जीवाड़ा चल रहा है। इसलिए मैं वहां गई. थी। फिर भी उतना फर्जीवाड़ा करने के बाद. भी कंपनी का जो निकाला गया था. वैल्यू्यूएशन वो निकाला गया था ₹37 करोड़. नहीं ₹38 करोड़। उसमें ₹1 लाख ₹18 करोड़. मुझे मिलना है। वह भी केस खत्म होने के. बाद वो भी केस का जो आया था जजमेंट वह था.
कि 1 साल में केस खत्म करना है। हाईकोर्ट. को। वो केस अब जाके 9 साल होने वाला है।. अभी तक खत्म नहीं हुआ है। जिसमें डिवीजन. बेंच का आर्डर था कि इस केस को एक साल में. निपटाना है। अब एक साल में निपट गया होता. अगर वो केस तो 18 सीआर मुझे मिल जाता. क्योंकि कंपनी उस समय वो था जहां पे मुझे. मिल सकता था। अब तो कंपनी में कुछ है ही. नहीं। उसका कंपनी का लिक्विडेशन में जा. चुका है कंपनी।.
तो अब मुझे क्या मिलेगा भगवान जाने। आपकी. कंपनी कैसा काम कर रही है? ठीक कर रही है क्योंकि मैं काम करती हूं. तो इसलिए ठीक कर रही है। अब हम लोग काफी. कुछ कोशिश यही रहता है कि ऑनलाइन में. ज्यादा करें क्योंकि ऑनलाइन का जमाना है।. तो आपको समय के अकॉर्डिंग चेंज होना. पड़ेगा। ऑफलाइन में भी अच्छा कर रहे हैं, ऑनलाइन भी अच्छा कर रहे हैं।. इंटरेस्टिंग। एक जगह आपने बहुत अच्छी बात. कही मुझे अच्छी लग रही थी वो कि मर्द जो. है वो सोशल मीडिया पर रोना धोना कटवाते. हैं और उसमें फिर मैंने ऐड किया कि क्यों.
ऐसा होता है कि मर्द जो है वो सोशल मीडिया. पर ब्रेकअप के बाद ज्यादा रोते गाते हैं।. जबकि महिलाएं जो है वो सिर्फ बाल कटवा कर. काम चला लेती हैं।. क्योंकि मर्दों को ये बात शायद डाइजेस्ट. नहीं होता कि उसे धोखा मिल गया है। वो जो. मेल ईगो है वो डाइजेस्ट नहीं कर पाता। और. मर्द ज्यादा हैं सोशल मीडिया में तो वो जब. एक मर्द रोता है तो उसे समर्थन बहुत. मर्दों का मिलता है। और महिलाएं अगर यह.
सोशल मीडिया में आकर रोएगी कि यार मेरा कट. गया मुझे इसने छोड़ दिया तो अगला भी कोई. नहीं मिलने वाला उससे शादी करने वाला कि. अच्छा इसका कोई और रहा है पास्ट कोई है।. तो मैं मानती हूं इसलिए महिलाएं ज्यादा. डिस्कस नहीं करती ओपनली।. वो सिर्फ वो सिर्फ बाल कटवा लेती है।. मैंने तो बाल भी नहीं कटवाए। आजकल बड़ा. ट्रेंड चलता है। जिस महिला का ब्रेकअप. होता जाके बाल कटवा लेती है।. मैंने इतना कटवा लिया कि मुझे लगा बाल भी. कटवाऊं। ना बाल नहीं कटवाए फिर मैंने. जिंदगी में सर कटवाया।. इतना कटवा चुके कि मैंने कहा नहीं अब ये.
बाल तो नहीं कटवाऊंगी मैं। ऐसे ही बाल. नहीं बढ़ते हैं।. इंटरेस्टिंग। ये मैम ये ब्लू हार्ट और रेड. हार्ट क्या होता है इमोजी? देखिए हम लोग. रेड हार्ट भेजते हैं। इनफैक्ट ब्लू हार्ट. सिंबल. गुलाब जैसा होता है तो गुलाब जैसा भेज. देते हैं।. ब्लू हार्ट सिंबलाइज करता है स्टेबल लव।. स्टेबल लव है अगर आपका तो आप ब्लू हार्ट. भेजिए।. जो होता नहीं है मर्दों में।. बहुत समस्या आपको मर्दों से है।. क्योंकि मेरा कटा तो मर्दों से।.
लौंडा भी तो आपका मर्द ही है। वो भी तो कल. किसी का पति बनेगा। किसी का बॉयफ्रेंड. ऑलरेडी है. तो उसको बीच-बीच में मैं धमका देती हूं ना. कि तुम्हें तुमने अगर किसी का काटा तो. देखना. वो धमकाती रहती है।. तो मान लो किसी दिन कोई लड़की आई कि मैडम. आपका लौंडा मादल तोड़ दिया फिर क्या करोगे. आप? तो मैं इसी को अच्छे से बहुत अच्छे से. रगडूंगी।. कैसे रगड़ोगे थोड़ा बताओ।. उसे इतना तो पता है क्योंकि मैंने उसको एक. ही चीज कहा है कि कभी भी किसी के साथ गलत. मत करना। क्योंकि पता नहीं क्यों मुझे.
महसूस होता है कि मेरे साथ जिसने जिसने. गलत किया है और बहुत गलत किया है उसका. अच्छा नहीं हुआ है। तो मैं मानती हूं कभी. भी किसी महिला का दिल मत तोड़िए।. और महिला काट के चली जाए उसका तो. महिला उसका काट के चली जाए तो फिर महिला. को मैं जाकर ठोक दूंगी।. मेरा बेटा है भाई। तो ये एडिशनल प्रेशर. नहीं आता आपके लड़के पे कि नीतू मैम का. लड़का है। जैसे आपने कहीं कहा भी कि बहुत. सारी लड़कियों को मेरे बेटे में इसलिए. इंटरेस्ट है क्योंकि उसकी मां नीतू सिंह.
है।. देखिए क्लास में बाकी बच्चों को अलग तरीके. से डांट पड़ता है।. हम. और इसको अलग तरीके से पड़ता है कि. तुम्हारी मम्मी इतना मेहनत करती है और तुम. ऐसा करते हो तो इसको डांट इसकी मां के नाम. से पड़ता है। तो एक तो प्रेशर यहां पे. एडिशनल हो गया इसके साथ। दूसरी बात है अगर. लड़कियों की बात करें तो मैं मानती हूं. मैं ये मजाक में बोल देती हूं। हालांकि. हालांकि उसमें सच्चाई भी है।. हालांकि लड़कियां ऐसी नहीं होती।. अच्छा. नहीं होती।. फिर लड़कियों के सपनों में राजकुमार ही.
क्यों आते हैं? कभी सब्जी वाला, ठेला. वाला, रिक्शा वाला क्यों नहीं आता? अगर सब्जी वाले से प्यार हो जाएगा तो. सब्जी वाला ही आएगा। देखिए हमारे सपनों. में वही आता है जिससे हम प्यार करते हैं।. आपके सपने में वो सारी आती है जिसको लेके. आपको मन रहता है कि हां इसके साथ मैं कुछ. कर लूं।. देखिए लड़का समाज की तरफ से मैं आपसे कहना. चाहूंगा कि लड़के अक्सर शिकायत करते हैं. कि पापा वही नहीं मानते हैं जहां तुम्हारी. औकात से बेहतर लड़का मिलता है।. नहीं. सरकारी नौकरी में लड़का मिल जाएगा तो पापा.
नहीं मान रहे हैं। लोअर मिलेगा पापा से. लड़ जाएंगी।. देखिए अगर आप यह कहें ना कि पापा तो पापा. चाहते हैं कि आप ऐसे परिवार में जाइए ऐसे. लड़के से शादी करिए जो स्टेबल हो. स्टेबल हो यानी पैसा आसान शब्दों में पैसा. वाला हो. पैसा वाला भी नहीं स्टेबल नौकरी. स्टेबल मतलब पैसा ही होता है मैम. अरे नहीं यूपी बिहार में जाइए ना आपके पास. पैसा भी है तब भी नहीं करेंगे अगर आपके. पास सरकारी नौकरी डी ग्रुप की भी है तो भी. कर देंगे ये हालत है बिहार यूपी में तो. उनको स्टेबिलिटी चाहिए.
बेटी का भविष्य में टेंशन ना हो और बहुत. स्ट्रगल ना हो। अप्स एंड डाउन्स ज्यादा. नहीं हो।. तो ये. लड़कों को फिर क्या संदेश होगा इसमें. आपका? कमाओ।. अब लड़के कहते हैं कि लड़कियां पैसों के. पीछे भागती है तो कमाओ।. कमाओ।. तो फिर लड़कियों को दिक्कत क्यों अगर इस. बात से कहा जाए कि बच्ची तुम पैसा देके जा. रही हो।. तो कौन मना कर रहा है? सही बात है।. बट ये सच है।. सही बात है। लड़कियां भी स्टेबिलिटी देखती. है।. हां मतलब. मैंने क्या कहा? अगर एक महिला आपसे शादी.
कर रही है तो अगले 5 साल तक आपके बच्चे की. मां बनेगी और वह बच्चे को कम से कम इस. लाइक तो करेगी कि हम स्कूल जा सके तो उन. सालों में कौन खिलाएगा उसे और उसके बच्चे. को. तो ये जो आता है कि बंदर के हाथ अंगूर लग. गया ये इसी वालों पे होता है कि कमा लिया. सरकारी नौकरी पा ली. देखिए. कई बार ऐसा होता है. मतलब किसी ने एक बड़ा मजाक में मुझसे मैम. कहा था कि कई मूवी देख रहा था मैं कि वो.
लड़की जिसे आप जीवन में मेहनत करके नहीं. पढ़ा पाओगे वो अच्छी सरकारी नौकरी से अपने. आप आपको मिल जाएगी।. अब एक बार एक स्टूडेंट आया उसके साथ जिसका. सिलेक्शन हो गया था और उसको लेके आया. मिठाई खिलाने और उसके बाद फोटो दिखा देखिए. ना मैम लंगूर के मुंह में अंगूर ठीक है. क्योंकि उसका जो जिसके साथ शादी होने वाली. थी बहुत सुंदर लड़की थी वो लड़का देखने. में बिल्कुल एवरेज से भी नीचे था तो मैंने. कहा कि अगर लंगूर के मुंह में अंगूर है तो. तुम्हारे मुंह में भी अंगूर होगा तुम भी. सरकारी नौकरी ले आओ देखिए लड़कों को.
पहचाना जाता है कि आप ने लाइफ में कितना. सक्सेस हासिल किया है। उससे है ना बहुत. सुंदर हो तो भी नहीं चलता है। अब आप देखिए. सुंदर भी है सक्सेसफुल भी है। तो आपकी. लड़कियों की लाइन लग जाएगी।. फिर भी हमारा ब्याह नहीं हुआ।. अरे वो तो आप मना कर रहे होंगे। वरना. लड़कियों की. तो बताइए संपादक भी बन गए हम एक देश के. बड़े चैनल में। अपना चार चैनल खोले बैठे. हैं।. हां।. देश का सारा हीरो हीरोइन यहां आ के बैठ. गया। फिर भी हमारा ब्याह नहीं हुआ। वो आप. मना कर रहे होंगे वरना आपकी मम्मी तो रोज.
फोटो दिखा रही होंगी आपको। ये तो बिल्कुल. मैं कंफर्म्ड बोल रही हूं। 100% अब कितने. का शर्त लग रहा है? मम्मी हमारी तौबा कर चुकी है।. हां ₹10 ₹10 के शर्त लग रही है।. अब वो जो लड़की वो जो लड़की लाती है उनको. समझी नहीं आती।. तो आप ले आइए।. उसके लिए समय नहीं मिलता।. हां, तो फिर वही तो मैंने कहा ना, हम लोग. के साथ यही प्रॉब्लम है। हम लोग दिन भर. बिजी रह जाते हैं। हम लोग का कट जाता है।. फिर चलता है अच्छा कट गया।. तो फिर इसका फार्मूला क्या है? ऐसे बचे. कैसे? आपका तो कट गया। मेरा बचा है। अभी. तक।. आपका ये फार्मूला है।. 10 साल 20 साल बाद मैं वहां ना बैठूं।.
उससे पहले मैं क्या करूं? आपका ये फार्मूला है कि आप कोई अपने ही. फील्ड की एक सुंदर सी प्यारी सी अच्छी सी. लड़की देख हो गया सब बड़ी-बड़ी है हमसे।. हां। तो फिर आप अभी नया जनरेशन नई खेप भी. आ रही है। हां वो अब जो नई खेप आ रही है. वही है। कोविड काल वाली। थोड़ा सा दिमाग. से पैदल।. देखिए प्यार में दिमाग की जरूरत नहीं. होती। हम. सही मायने में देखा जाए।. खान सर भी कहते हैं कि जैसे खान सर का. वीडियो सुनना था। अच्छा हम लड़की नहीं. पैदा हुए।. देखिए. नहीं तो. मैं बता रही हूं। प्यार हमेशा दो ऐसे.
लोगों के बीच में होगा जिसमें एक मूर्ख. होता है। ये जरूरी है। दिमाग से ज्यादा. सोचने वाला प्यार नहीं कर पाता। वो. व्यापार करता है प्यार में भी।. अरे मुझे राजन जी महाराज की बात याद आ गई. कि दो में से किसी एक को मूर्ख बनना. पड़ेगा। अगर लंबा चलना है तो. अगर प्यार करना है. दोनों दोनों से नहीं चल सकते हो।. राजन जी महाराज ने हमारे पडकास्ट में कहा. था कि किसी रिश्ते को अगर अच्छे से निभाना. है तो दो में से किसी एक को मूर्ख बनना.
पड़ेगा। दोनों समझदार हो गए तो रिश्ता टूट. जाएगा।. ये सही बात है। सही बात है। और प्यार में. मूर्ख बनने का मजा ही अपना कुछ और है।. बिना दिमाग से सोचे प्यार करो। एकदम हार्ट. एंड सोल सब कुछ दे दो। फिर एक दिन जब. कटेगा तो फिर बैठकर. तीन तीन बार आपका कटा उसके बाद भी मोहब्बत. की खुमारी खत्म नहीं हुई आपकी. नहीं तीन बार नहीं कटा है एक तीसरा तो जो. कटा है वो तो ऐसे ही भयंकर कट गया. पति को आप गिन नहीं रही है मतलब बॉयफ्रेंड. इतना इंपॉर्टेंट है कि उसको कह रही है हां. वो है पति वाले कह रही है एक्सिस्ट ही. नहीं करता ये जिससे बच्चा हुआ है बच्चा.
बड़ा हो गया है जिसके चक्कर में 9 साल. कोर्ट कचहरी में घूम रही है मार खाई. देखिए वहां प्यार प्यार की बात कर रहे हो. आप ना आप दो अलग-अलग चीजों को एक साथ. इकट्ठा अरे बिना प्यार किए वो जो आज 12th. में घूम रहा है।. शादी इज समथिंग डिफरेंट। है ना? प्यार इज. समथिंग डिफरेंट।. शादी के बाद प्यार नहीं होता।. ah पता नहीं।. बिना प्यार के बच्चा हो गया वो जो 12th. में है।. बच्चा पैदा करने के लिए प्यार करने की. जरूरत थोड़ी होती है।.
तो उतना लंबा समय आप लोग कितने साल से थे. आप लोग? 9 इयर्स? मैंने कहा आपको कि 9 इयर्स में. 9 साल रह के प्यार नहीं हुआ। देखिए नाइन. इयर्स मैंने सिर्फ इसीलिए काटा क्योंकि. मुझे था कि नीतू सिंह के साथ ऐसा हो गया।. अब जब पिट पिटा गई तो फिर बचा क्या इज्जत? तो मैंने कहा चलो खत्म मामला।. पुराने वाला एक्स का मैसेज नहीं आया वो जो. पहला वाला था 18 साल वाला जिसमें आप भावुक. हो रहे थे अभी।. नहीं आप देखिए सब कुछ सब कोई अपना-अपना. आगे बढ़ चुका होता है।. नहीं लड़का लड़के याद रखते हैं। सलमान भाई.
भी ख्याल रखते हैं। अभी भी देखिए ध्यान. रखते हैं लड़के।. देखिए बात. लोगों की अच्छी आदत होती है। वो अपनी. अच्छी एक्सेस को नहीं भूलते हैं।. समय-समय पर याद कर लेते हैं।. पता नहीं लेकिन मैं तो एक चीज जरूर जानती. हूं कि. मैं एक छाप तो छोड़कर जरूर आती हूं। अगला. मिस तो करेगा। जब अगला काटेगी उसका जब. कटेगा तब मिस करेगा।. ब्रेकअप के बाद क्या करना चाहिए? कैसे मूव. ऑन करना चाहिए? नहीं पता मुझे। मुझे अगर किसी कोई बताए तो.
मुझे भी वो जरा वो रील भेज दीजिएगा। कैसे. मूव ऑन करना चाहिए अगर कोई बता दे तो मैं. मूव ऑन नहीं कर पाती. हम बता दे रहे हैं आपको. हम बताइए. उससे बड़ा उससे बड़ा बवाल पाल लीजिए. तो फिर यही करते रहो जिंदगी में. अरे लड़की के अलावा सपने बड़े कर लीजिए. ख्वाहिशें बड़ी कर लीजिए नए दोस्त बना. लीजिए नए दुनिया में चले आइए हर वो काम. पुराने सारे लोगों को हटा दीजिए. मतलब सब लोगों को हटा देना. जितने आपके म्यूचुअल्स हैं जो उस इंसान के. साथ म्यूचुअल्स हैं उनसे रिश्ता कुछ समय.
के लिए तोड़ दीजिए. ओके. अपने अपने आप को कहीं और नई जगह इन्वेस्ट. कर दीजिए। नई सीखने में कुछ नई जगह. एक्सप्लोर कर दीजिए। उन लोगों के बीच में. जाइए जो आपको जानते नहीं है। वहां पर आपको. सिंपैथी नहीं मिलेगी। आप जीरो से शुरू कर. सकते हो। नई दुनिया को एक्सप्लोर कीजिए।. अच्छी फिल्में देखिए। अच्छे गाने सुनिए।. अच्छे लोगों से मिलिए। और ये एहसास कीजिए. कि जिंदगी ने जो आपको दिया वो बहुतों के. पास नहीं है। ये एहसास कीजिए कि अहमदाबाद. के उस प्लेन में कितने ऐसे थे जिनका. परिवार ही खत्म हो गया। कोई ऐसा कोई ऐसी. लव महिला थी जिस जो अपने पति से मिले आ.
रही थी। कोई पति था जो महिला से मिलने आया. था उनको सोचिए कि सोचिए आपके पास सब कुछ. है। आपको तो भगवान ने बच्चा भी दिया है. बहाना।. देखिए मैं तो यही कहती हूं ना कि ग्रेटफुल. होना चाहिए लाइफ में उस चीज के प्रति जो. आपको मिला है। रादर दन उस चीज के लिए रोना. जो आपको नहीं मिला।. बट दैट्स ट्रू। हमारी उंगली में चोट लगती. है। यही देखते हैं। पूरा शरीर. एक शेर है ना कभी किसी को मुकम्मल जहां. नहीं मिलता। कभी जमी तो कभी आसमान नहीं. मिलता। तो बस यही मान के चलिए और खुश. एक शेर हम भी सुनाते हैं।.
कि सब कुछ जो मिल गया जिंदगी में तो फिर. तमन्ना किसकी करोगे? यह कुछ अधूरी सी. ख्वाहिशें ही तो हैं जो जिंदगी को जीने का. मजा बरकरार रखती हैं।. बात सही है।. बाकी जो आपके आशिक होंगे उनके लिए हम एक. शेर और सुना देते हैं।. मेरे आशिक होंगे ऐसा थोड़ी है।. हम किसी भी उम्र में मिल सकते हैं जाना।. मेरे हिस्से की मोहब्बत को बचा के रखना।. क्या पता 18 लाइफ इन अ मेट्रो आ रही है. ना? हम. क्या पता वो 18 वाला आपको 58 60 पे मिल.
जाए।. देखिए कुछ चीजें ऐसी होती है जो वापस नहीं. आती।. तो ये. बट यू नेवर नो आई ऑलवेज बिलीव लाइफ जो है. वो एक जर्नी है बर्थ से डेथ की। आपके साथ. जो हो रहा है वो आपको सिखाने के लिए हुआ. है। और यह है कि आप आगे बढ़ते रहो। आप. सिक्योर रहो। आप आगे बढ़ते रहो। क्योंकि. जब आप ठहर जाते हो तो आप ईश्वर की दी हुई. उस चीज को लेने से इंकार कर देते हो जो उस. यात्रा में आगे रखी थी।. देखिए आपको यू विल हैव टू लर्न योर लेसन।.
अगर आप अपना लेसन नहीं सीखते हो ना देन द. नेचर विल टीच यू द सेम लेसन अगेन एंड अगेन. इन अ मोर वैलेंट वे। तो मैं यही मानती हूं. कि अगर मेरी जिंदगी में कुछ चीज नहीं लिखा. है. और वो अगर मैं चाहती हूं जबरदस्ती मेरी. लाइफ में आए तो मेरा अगला फिर कटेगा और. उससे बड़ा वाला कटेगा। तो इसलिए क्या. जरूरी बार-बार? नीतू मैडम ये क्यों कहती. हैं कि लड़के जो हैं असली रंग शादी के बाद. दिखाते हैं।. क्योंकि वह शादी के बाद पति परमेश्वर हो.
जाते हैं। फिर उनका वो. आपका आपका भी लौंडा है। सारी बात में उसकी. शादी के दिन जिस दिन बुलाओगे आप मुझे यही. वीडियो प्ले करूंगा मैं कि ये लौंडा असली. रंग शादी के बाद दिखाएगा।. देखिए वही तो मैं कह रही हूं। आप ये फील. मत करिए कि मैं पति हूं। हम्म।. यही तुम्हारा घर है।. नहीं आपका स्टेटमेंट था बॉय शो ट्रू कलर, पोस्ट मैरिज सबका वाला धोखेबाज है। और वो. जो कंधा दे रहा है वो भी धो वो धोखेबाज. नंबर दो है। उसको जब मौका मिलेगा तब वो. फिर धोखा देगा।.
देखिए लड़के हैं ना कंधा बनने के लिए बहुत. तत्पर रहते हैं। किसी लड़की का अगर कटा तो. देखिएगा उसको कंधा देने वाला कितने लड़के. आ जाएंगे।. हम्म।. है ना? वो भी धोखेबाज है।. ऑफकोर्स वो मौके का फायदा उठा के कंधा बन. रहा है तो क्यों बन रहा है? अभी वो मलहम लगाएगा घाव में और फिर अगला. उससे भी बड़ा घाव देके जाएगा।. अभी कह रहा है यू डिर्व बेटर।. ये सब चीजें वही बोलते हैं जिनको पता होता. है कि मुझे इसके लाइफ से निकलना है। इसलिए.
कहता है यू डिर्व बेटर। ये प्यार में एक. प्यार से जो काटना है तो यही कहना रहता. है। यू डिर्व बेटर। और यह जो लोग होते हैं. जैसे आपके यहां एक लड़के ने कहा कि मैडम. हम आजकल बड़ा डिस्प्रेशन में चल रहे हैं. वो आजकल तो डिप्रेशन. और एक महिला है वो आके हमारा डीपी ला हम. ब्रेकअप हो गया था मूव ऑन कर रहे थे. डिस्प्रेशन में थे फिर वो डीपी लाइक कर दी. हमारी अब हम करें तो करें क्या बोले तो. बोले क्या. तो मैंने कहा ना कि लड़कियों को पता होता. है कि कब दबाना है और कौन सा नस दबाना है।.
तो इसीलिए. फिर भी लड़के धोखेबाज हैं।. देखिए जिसको मौका मिलता है वो काट के. निकलता है। चाहे लड़का हो या लड़की हो।. हां तो ये बोलिए ना अब आप. देखिए लेकिन अब मैं महिला हूं तो मैं कैसे. कहूं लड़कियां काट देती है आपका नहीं बोल. सकती ना. कभी बिग बॉस जाओ. कुछ भाईचारा भी तो होता है यहां बहनचारा. है. कभी बिग बॉस जाओगे आप. बिग बॉस में यार बहुत ही मूर्खतापूर्ण. तरीके से वहां पर भी. बड़ा फेल मिलता है लोग कहते हैं आजकल जाते. रहते हैं लोग. अब नहीं हूं वहां पे जाके टॉयलेट साफ करो. और खाना बनाओ वो सब मेरा क्लास नहीं है.
भाई मैं नहीं कर सकती. देखते हो बिग बॉस. ना बिल्कुल बिल्कुल नहीं। उसमें दिमाग. लगता है देखने में जरा बताइए। सारा एकदम. यूज़लेस चीजें होती है।. देखिए मजा तो आता है। दो लोग लड़ रहे हैं।. अब वो गंदा लगता है मुझे देख के। मुझे. लगता है कि. कभी नहीं देखा आपने? नहीं।. कोई सीजन. एक आध बार कभी रूम में आई हूं और चल रहा. हो तो दिख गया। अदरवाइज कभी नहीं। वो जो. क्या नाम है जो प्रेरणा बनी थी वो गई तो.
एक बार जब उसका डॉली बिंद्रा से लड़ाई. होता था वो देखा था श्वेता तिवारी का एक. दो एपिसोड. मनोज तिवारी वाला सीजन. हां बाप पे नहीं जाना नहीं तिवारी को भी. बहुत अच्छे से कदेड़ी थी वो बाप पे नहीं. जाना. तो ये सब दो तीन चीजें देखा था मैंने. अदरवाइज नहीं देखा. आप बिहार से हो तो भोजपुरी गाना सुनते हो. कब? भोजपुरी गाना कुछ गाने बहुत अच्छे. बहुत अच्छे थे भोजपुरी गाने और खासकर जो. मुझे छठ का गाना है वो तो यहां भी सुनती. हूं तो मेरे रोंगटे खड़े हो जाते हैं बहुत.
अच्छा लगता है लेकिन भोजपुरी गानों का जो. लेवल स्टैंडर्ड है वो इतना गंदा कर दिया. है. तो आप ये सब नहीं सुनते हो. डबल मीनिंग बातें हैं उसमें. पवन सिंह खेसारी निरहुआ और रितेश. पांडे और जो जो है नहीं सुनते आप. आप नहीं सुनती मैं. इनमें से किसी से मिले नहीं आप. नहीं मिली भी नहीं हूं. अच्छा ओके. आपके आसपास नहीं बचते। कोई कोई भोजपुरी. नहीं है। आजकल बड़ा ट्रेंड चलता है। आजकल. तो इंस्टा पे भी बड़ा भोजपुरी गानों का. ट्रेंड चला है।. नहीं मेरे पास जब भी बचता है तो जैसे मैं. या तो छठ में गिरिडीह चली जाती हूं तब छठ.
के गाने सुनती हूं बहुत। या फिर छठ के समय. में यहीं पर बहुत तेज गाना लगा देती हूं. अपने घर में और छठ के गाने सुनती हूं।. वो हमारे खेसारी भाई का आपने जिम नहीं. देखा? नहीं। वो सब कहां देखते हैं? मिस कर दिया आपने बड़ा।. अब उस फील्ड के नहीं है ना इसीलिए उतना. ध्यान नहीं दिया कभी। या पवन जी का गाना. नहीं सुना आपने काटी रात खेतों में।. हां वो तो गाना बहुत फेमस हुआ था। है ना? उसके स्टेप्स कुछ बहुत फेमस हुए थे।. आपने डांस किया कभी? नहीं नहीं नहीं मैंने डांस नहीं किया. लेकिन गाना अच्छा है।. एक और गाना उनका आया था। ओ मेरी स्वीटी. क्यू टू कुछ ऐसे था उसमें।.
नहीं नहीं एक इनका खाली सुना था रिंकिया. के पापा।. ये ये बजाया था आम आदमी पार्टी ने।. जब वो जीते थे ना यहां पे 67 सीट्स तो. पूरा हमारे मोहल्ले में रिंकिया के पापा. गाना बजाया था। सुनीला की मर्द के ना ले. जाला. हंसले रिंकी के पापा. चाय दो जरा सा मनोज जी के पीछे भी गाना. चिपक गया बहुत गंदा चिपक गया. हां. अच्छा दुनिया की जिंदगी में पति पत्नी वो.
होता है आपकी जिंदगी में पति पत्नी बाउंसर. था. बात सही है बात सही है हां ये तो है. पीछे मुड़ के मतलब कैसे देखते हो इस पूरी. यात्रा को आप या अगर आप यंग सिंह को. समझाना होता।. अ मैं अगर सच कहूं तो मैं मानती हूं कि. कुछ चीजों से कुछ बुरी चीजों से कुछ अच्छी. चीजें भी प्राप्त होती है।. हमेशा ये सच. तो अगर अगर आप कहेंगे कि नहीं पीछे जाके. आप क्या चेंज करना चाहे और अगर मैं चेंज. करूं नहीं मेरी शादी नहीं होती तो मेरा.
इतना प्यारा बेटा भी नहीं होता। तो कुछ. बुरी चीजों से कुछ बहुत अच्छी चीजें. निकलती है। इसीलिए लाइफ को एक्सेप्ट करिए।. जैसा है वैसा एक्सेप्ट करिए। आप उसको चेंज. नहीं कर सकते। कुछ चीजें होती है जो लाइफ. में लिखा होता है वो होगा ही डेस्टिनी है।. कभी किसी बच्चे ने कोचिंग सेंटर में कोई. बात ऐसी आपसे कह दी जिससे आप इंसान के तौर. पर टीचर के तौर पर बेहतर हो गए।. कल ही मैंने एक इंटरव्यू लिया है एक बच्चे. का जिसका स्पेशलिस्ट ऑफिसर में हो गया है।.
वो बैंक ऑफ बरोड़ा जॉइ किया और मेरे पास. इंटरव्यू देने आया क्योंकि हमारा स्टूडेंट. रहा है केडी कैंपस का। वो इतना प्यारा. मुस्कुरा रहा था और बात-बात पे खिलखिला. रहा था। तो मैंने कहा क्या तुम्हें कभी. किसी ने कहा है कि तुम्हारी प्यार बहुत. प्यारी मुस्कान है और तुम इतना. ऑप्टिमिस्टिक कैसे रह लेते हो? तुम्हारी. आंखें नहीं है और वो बिल्कुल टोटली 100%. ब्लाइंड था। तो उसने यही कहा कि लाइफ बहुत. कुछ छीनती है। लेकिन अगर हम यही बैठ के. रोते रहे तो फिर हम आगे कैसे बढ़ेंगे? और.
वो लड़का थर्ड स्टैंडर्ड तक नॉर्मल आईज थे. उसके और उसके बाद उसकी आईसाइट चली गई।. ऑपरेशन हुआ उसके बाद कंप्लीटली ब्लाइंड हो. गया और फिर से उसको नर्सरी से शुरुआत करना. पड़ा क्योंकि आपको जो ब्रेल सिखाया जाता. है अगर अंधे को जो ब्लाइंड्स होते हैं. उनको उनको बचपन से सिखाया जाता है नर्सरी. से तो उसका 5 साल का लॉस हुआ लेकिन फिर. वहां से शुरुआत किया उसने तो उसकी. मुस्कुराहट उसकी हंसी उसकी खिलखिलाहट ये.
बताता है कि हम बेकार का रोते रहते हैं सब. कुछ होने के बावजूद भी. हमारा आप कितने लखिए अगर इस इस पॉइंट ऑफ. व्यू सोचें. आप सोचिए तो लगेगा कि जैसे हम लोग तो. ब्लेस्ड हैं।. एक्चुअली में ब्लेस्ड है।. इसीलिए मैं मानती हूं हमेशा कि थैंकफुल. रहिए। ग्रेटट्यूड रखिए। भगवान ने जो दिया. बहुत दिया है।. कितनी बड़ी बात है उस उस को लाइफ में कुछ. दिख ही नहीं रहा।. कुछ नहीं दिख रहा। मैंने कहा मैंने कहा. तुम तो कलर्स भी देखे हो। तो मुझे बताना. कि बिना आंखों के क्या दिखता है। तो कहता. है मैम अंधेरा।.
बाप रे।. आप जिंदगी में कुछ देख ही नहीं सकते। हम. लोग रंग, रूप, कलर शॉपिंग करने जा रहे. हैं। यह कलर देखेंगे, वह कलर देखेंगे। यह. सुंदरता वो लड़की सुंदर होनी चाहिए। बेटा. ऐसा दिखता है। फलाने का ऐसा है।. फिर मैंने पूछा तुम्हारे लाइफ में कोई. नहीं आई? तो कहा कि नहीं मैंने चाहा था कि. मैं सबसे पहले अपने लाइफ को सक्सेसफुल बना. लूं। और यह सब डिस्ट्रैक्शंस होते हैं. लाइफ के। आज तक उसके लाइफ में एक भी लड़की.
नहीं है जिससे उसने बात की हो।. और उसका अभी जाकर 30 इयर्स का हो गया है।. लेकिन मैं तो यही मानती हूं कि 25 साल का. लड़का है क्योंकि पांच साल उसके बर्बाद. हुए हैं। 25 साल का लड़का है क्योंकि पांच. साल उसके बर्बाद हुए हैं।. आई मीन इट्स अ लेसन फॉर एवरीवन जो हम जैसे. लोग भी जो शिकायत करते हैं जिंदगी से कि. भगवान आपने क्यों किया? हट्स ऑफ हट्स ऑफ।. अ संदीप माहेश्वरी से क्या दिक्कत है.
आपको? संदीप माहेश्वरी से मुझे दिक्कत नहीं है।. संदीप महेश्वरी को पूरी दुनिया से दिक्कत. है।. इनफैक्ट एक एपिसोड में उन्होंने यह कहा कि. जो एमबीबीएस कर रहे हैं वह अपना टाइम. एनर्जी वेस्ट कर रहे हैं क्योंकि एमबीबीएस. करने के बाद आपको 500 की भी नौकरी नहीं. मिलती है। आप अपना बैंक का जो एजुकेशन लोन. है वह भी नहीं चुका पाते।. मेरा मानना है कि अगर हम यह बात हर मेडिकल. एस्पिरेंट को बोल दें तो हमारा इलाज कौन.
करेगा? कुछ चीजें होती हैं जो बियों्ड मनी. होता है वो उनको समझना चाहिए।. हम. तो बस इस मामले में थोड़ी सी दिक्कत है।. फिर वो एक बार और कहे थे कि. मतलब वो सब चीज में सलाह दे सकते हैं। तो. सारी चीजों में आप एक्सपर्ट नहीं होते।. अगर आप भी मुझे जैसे अगर अभी. अभी आपने मुझसे पूछा म्यूजिक इंडस्ट्री के. बारे में मुझे कुछ पता नहीं है तो मैं. किसी पर कमेंट नहीं कर सकती। बट जैसे आप.
ये सार्वजनिक टिप्पणियां कर देते हो।. संदीप माहेश्वरी पर आप काफी बोल्ड हुए।. जया पर आप हुए, चित्रलेखा पर हुए। बैकलैश. नहीं होता।. इनके बहुत फैन फॉलोअर्स हैं। वो बैकलैश. करते हैं। लेकिन आपने अगर कोई स्टैंड ले. लिया है तो ठीक है। ले लिया है। क्योंकि. मैं मानती हूं कि आप सब चीज में अच्छे. नहीं हो सकते। हम. तो हर फील्ड के लोगों को आप सलाह ना दे तो. सही रहेगा।. आप एक वुमेन एंटरप्रेन्योर हो। कितना टफ. होता है मर्दों की इंडस्ट्री के बीच में.
एक महिला का अपनी पहचान बनाना और किस तरह. से आपका संघर्ष अलग होता है पुरुषों से? अगर मैं कहूं कि अगर मैं मर्द होती और. अपने आप को रेट करती तो अगर मैं शायद अभी. 10 में सिक्स हूं तो मैं 10 में एट होती. क्योंकि महिलाओं को बहुत सारी चीजों में. सपोर्ट नहीं मिलता है। घर से सपोर्ट नहीं. मिलता। चाहे अगर आप देखें तो 9 साल तक जो. मेरी लाइफ रही है तो एक तरह से पीछे खींचा.
गया है। कभी भी मुझे प्रमोट नहीं किया गया. या यह नहीं कहा गया कि हां तुम करो मैं. तुम्हारे साथ हूं। यह मुझे कभी नहीं कहा. गया। तो मैं मानती हूं कि महिलाएं जो होती. है उनको बहुत ज्यादा आपको हेल्प नहीं. मिलता है सोसाइटी से भी। सेकंडली अगर आप. दीनहीन महिला हैं तो आप पर कोई दया करके. आपको हेल्प भी कर देगा। लेकिन अगर आप. स्ट्रांग इंडिपेंडेंट वूमेन हो तो मैंने. कहा ना कि अगर मैं एक हाउसवाइफ होती. हम. और अगर मेरे पर ऐसा आक्रमण मेरा हस्बैंड.
भी करता तो शायद वो अंदर होता। लेकिन. क्योंकि मैं स्ट्रांग इंडिपेंडेंट वूमेन. हूं इसीलिए मुझे हेल्प भी नहीं मिला इस. मामले में भी।. एक क्वेश्चन बहुत सारे लोगों ने भेजा था. कि नीतू मैम जो है पहले बच्चों को पढ़ाती. थी उनका भविष्य बनाती थी। अब वो एस्ट्रोक. पर ऐड कर रही हैं और ये बहुत आया था। हम. हालांकि पर्सनली मेरा ये मानना है कि हम. एडवरटाइजमेंट करते हैं एंडोर्समेंट के. लिए। हम. सब करते होंगे। अलग-अलग इंडस्ट्री के लोग. करते हैं।. पैसा सबके लिए जरूरी है। बट क्योंकि आप एक.
शिक्षिका हैं।. और ये इस एंगल से आया कि. पहले पढ़ाकर भविष्य बनाया जाता था। अब. उन्हें एस्ट्रोक की दुनिया में धकेल कर. नीतू मैडम कह रही है भविष्य बनाओ।. नहीं बताती हूं। इस मामले में थोड़ा मेरा. मोयमोय हो गया।. वो मैं एक्सप्लेन करूं कि मेरा मोयमोय. कैसे हुआ है? देखिए मनी तो मैटर करता है।. दैट इज समथिंग डिफरेंट।. मुझे ऑनलाइन जब मैं स्पोकन इंग्लिश ले आई.
हूं तो आपको पता है जो एसएससी वाला क्राउड. है वो स्पोकन इंग्लिश का नहीं है और मैंने. जब बाकी लोगों का देखा तो मुझे महसूस हुआ. कि मैं इंग्लिश बहुत अच्छा सिखा सकती हूं. और बेटर देन अदर्स हूं जो पढ़ाने का मेरा. तरीका है। मुझे चाहिए क्राउड। अब एस्ट्रोक. का जब मैंने ऐप देखा तो मैंने देखा यार. इसमें तो ह्यूज मिलियंस में फॉलोवर्स हैं।. तो उन्होंने मुझे कहा कि ठीक है ज्यादा. नहीं बस थोड़ा सा चाहिए मुझे क्योंकि एक. मेरी क्लिप उनको बहुत पसंद आ गई थी।.
उन्होंने कहा बस आगे दो लाइन और बोल देना. है। मैंने कहा ठीक है। अब मुझे था कि मुझे. एस्ट्रोटक्स के जो क्राउड है वो मुझे. मिलेगा। उसके बाद मैं वायरल होना शुरू. हुई। उसके बाद होना शुरू। वो तो खुद ऐड. लगवा के बढ़ा देते हैं।. अब प्रॉब्लम क्या हुआ कि उधर का मैं क्या. इस्तेमाल करूंगा? मेरा वो इस्तेमाल कर रहे. हैं और जब ज्यादा मैं वायरल होती हूं तो. वो मेरा वो एडवर्टाइजमेंट ज्यादा कर देते. हैं और लोगों के फीड में ज्यादा आता है।. तो मैं ज्यादा गालियां खाती हूं।.
ये प्रॉब्लम हो गया। यहां पर मेरा. एक्चुअली मोएम मोए हुए है।. तो ज्यादा पैसा लेके गाली खा रहे हो आप या. कम पैसे में खा रहे हो? नहीं नहीं उसमें. तो बहुत कम पैसे इनफैक्ट मुझे वो क्राउड. चाहिए था।. आप भी यह चीज महसूस करते होगे ऑनलाइन में. कि मेरा क्राउड आपके पास आपका क्राउड मेरे. पास ऐसे ही तो लोगों का होता है। तो मैं. इस फीलिंग में थी कि वहां का जो क्राउड है. वो ठीक-ठाक क्राउड मुझे भी मिल जाएगा। अगर. दे कम टू नो दैट शी इज़ अ टीचर। अब.
प्रॉब्लम ये हो गया कि अब उसके बाद जब मैं. बहुत भयंकर वायरल वगैरह हो गई दो-तीन. शॉट्स में तो उन्होंने मेरा एडवर्टाइजमेंट. ज्यादा लगाना शुरू कर दिया। तो मैं ज्यादा. गालियां खा रही हूं। अब. ना मिला खुदा ना मिसाल सनमदार. कह रहा है।. ओके। एंड सेगमेंट है मैम। कुछ लाइफ में. आपके समझ आते हैं। मुश्किल वक्त में इंसान. खुद को मोटिवेट कैसे करें? आप सिर्फ जितना मिला है उसके लिए थैंकफुल.
होइए। अपना जो काम कर रहे हैं उसको और. अपने काम में और डूब जाइए और बाकी सब. चीजें फालतू बातें हैं और कुछ नहीं। लोग. सिर्फ याद रखते हैं आपको आपके काम से।. आपको किसने छोड़ा? आपकी प्यार आपका प्यार. कौन है? आपकी शादी किससे हुई? इन सब चीजों. से आप याद नहीं रखे जाओगे। अपने काम से. रखे जाओगे। तो कुछ ऐसा करके जाइए कि आपके. काम के लिए आपको आपके बाद भी याद रखा जाए।. तो मैं डूब जाती हूं अपने काम में। अपने.
बुक्स लिखने का जो मैं प्रोसेस है जो और. बुक्स लिखूं वो और अपने आप को बिजी रखती. हूं।. फेल होने के डर से कैसे बचें? फेलियर इज अ पार्ट इन पार्सल ऑफ़ लाइफ। अगर. आप उससे कुछ सीख के फिर से कोशिश करते हैं. और आगे बढ़ते हैं तो आप बस यही मोटिवेटेड. रहिए कि ठीक है फेल हो गए कोई बात नहीं।. फिर से ट्राई करना। बट केस जैसे जैसे मेरे. साथ भी एक टाइम पे स्कूल स्कूल कॉलेज में. था कि. अगर मुझे लगता था कि एग्जाम क्लियर नहीं. होगा तो मैं एग्जाम देना छोड़ छोड़ देता.
था कि जाऊंगा ही नहीं देने. और मैंने बहुत सारी चीजें छोड़ने की. परंपरा डाल ली बाद में मुझे रियलाइज हुआ. कि इस हैबिट पे तो मैं छोड़ता रहूंगा तो. मैंने अपने को ट्रांसफॉर्म किया मेरी लाइफ. में काम कर गया बट आई एम श्योर बहुत सारे. लोग ऐसे होंगे तो जो डरते होंगे कि कुछ. नहीं हो रहा छोड़ देते हैं गिव अप करने. वाले तो वो गिव अप करने वालों को क्या. समझाओगे आप. देखिए अगर आपके मन का हो गया तो अच्छा. नहीं हुआ तो और भी अच्छा हम तो यह मान के. चलते हैं. हरिवंश राय बच्चन. आप. मेरी लाइफ में देखिए तो मुझे टशंस मिलते.
थे मैथ्स के और इंग्लिश के और मैं घरघर. घूम के पढ़ाती थी आज मैं एक सिनेमा हॉल. में अगर खड़े होकर पूछती हूं बोलती हूं. कहीं से क्वेश्चन पूछना है तो पूछो वो. कॉन्फिडेंस कहां से आया घर-घर घूम के. ट्यूशन पढ़ाने से आया अगर मेरा मेरा अगर. वो बैकग्राउंड नहीं रहता कि मुझे इतना. ज्यादा एफर्ट डालना पड़ता अपनी लाइफ में. तो शायद शायद आज इतनी कॉन्फिडेंट नहीं. होती। तो सब कुछ आपको मजबूत बनाता है उस. चीज के लिए जो भगवान स्टोर में रखे हुए.
हैं कि आपको देना है। लेकिन पहले उस लायक. तो बन जाओ।. जो बच्चे तैयारी करने आते हैं उन्हें तीन. सलाह क्या दोगे आप? सबसे पहले आपको डिस्ट्रैक्शंस से बचना है।. दूसरा टारगेटेड तैयारी करनी है। यानी कि. वो पढ़ना है जो एग्जाम्स में आते हैं। वो. सब नहीं जो आपका मन करता है। और तीसरा. कंसिस्टेंट रहना है। सिर्फ कंसिस्टेंट।. मतलब रेगुलर बेसिस पे 7 आठ घंटे पढ़ो। आज. नहीं पढ़ पाए कोई बात नहीं। तबीयत खराब है.
कोई बात नहीं। फिर शुरुआत हो जाओ। यानी कि. एक जो होता है कि नहीं. अब मन नहीं कर रहा है। आप गम में डूबे हुए. हैं। आज डिप्रेशन है, फ्रस्ट्रेशन है। कोई. कुछ नहीं देखता। सब आपका सक्सेस देखता है।. इसीलिए कंसिस्टेंट तरीके से आप मेहनत. करिए। टारगेटेड तैयारी और डिस्ट्रैक्शन. फ्री होना चाहिए।. ओके। सफलता के मायने आपकी नजर में क्या. है? एक अच्छा इंसान होना और खुश रहना। कभी-कभी. ऐसा होता है बहुत पैसा भी हो तब भी आप खुश.
नहीं है। हम. तो मैं हमेशा जब भी अपने स्टूडेंट्स को. आशीर्वाद देती हूं और कई बार कहते हैं मैम. सर पे हाथ रख के बोलो कि तुम जीएसटी. इंस्पेक्टर बन जाओगे। मैंने कहा क्या पता. तुम आईएएस बनो। क्या पता तुम प्रधानमंत्री. बनने वाले हो। तो मैं तुम्हारे आशीर्वाद. वो दे दूं मतलब तुमको Lamborghini भगवान. देने वाला है। हम तुमको एंबेसडर कार दे. दें।. हम. हमेशा इंसान को कोशिश करना चाहिए खुश रहने. का। वो अल्टीमेट गोल होना चाहिए। अच्छा. इंसान बनिए और खुश रहिए।. छोटे शहर के बच्चे बड़ा क्यों करते हैं?
छोटे क्या. छोटे शहर के बच्चे या गरीब बैकग्राउंड के. बच्चे जिंदगी में बड़ा क्यों करते हैं? इन. कंपैरिजन टू दोस जो संसाधन पाकर रहते हैं।. देखिए जो छोटे शहरों के या छोटे गांव के. जो बच्चे बड़ा करते हैं मीडिया वाले उनको. हाईलाइट करते हैं। जिनके पास सारे संसाधन. हैं और अगर वो आईएएस ऑफिसर बन भी जाते हैं. तो लोग कहते हैं ठीक है इतना सब कुछ मिला. फैसिलिटीज तो बन गया तो क्या कर लिया? बहुत बड़ा काम तो नहीं कर दिया। तो मेरा.
मानना है कि हम लोग जो गरीब होते हैं उनको. बहुत हाईलाइट करके दिखाते हैं क्योंकि. उन्होंने एडवर्स सिचुएशन में वो काम कर. दिखाया है जो कि पैसे वाले क्योंकि उनके. पास सब कुछ है इसलिए वो कर दिखाएं। तो. मेरा मानना है कि आपको डबल मेहनत. हम. और आपको डबल हिम्मत. और बहुत ही एक्सेस जो कह सकते हो मोटिवेशन. के अंदर से जो कहते हैं इंटरनल मोटिवेशन. की जरूरत होती है। अगर एडवर्स सिचुएशन में. आपको कामयाब होना है तो जिंदगी में.
अपमानित होना जरूरी है कुछ बड़ा करने के. लिए। मुझसे किसी ने कहा था कि वह अपमान. चाहे पार्टनर का हो, वह अपमान चाहे गरीबी. का हो, वह अपमान चाहे किसी तिरस्कार का. हो, वो अपमान चाहे किसी ने आपको छोटा. दिखाया हो, इज्जत ना मिली हो, दिल टूटा. हो, जिंदगी में कुछ बड़ा करने के लिए. व्यक्ति को एक बार अपमानित होना जरूरी है।. डू यू बिलीव इन दिस थ्योरी? आप जो यह बात बोल रहे हो शायद मुझे लगा था. एक बार कि मुझे अगर वह अपमान नहीं मिला. होता और मेरे पीठ पर उस बाउंसर का लात.
नहीं पड़ा होता तो शायद मैं कभी भी इस तरह. से स्ट्रांगली खड़ी नहीं होती कि अब मुझे. करके दिखाना है क्योंकि उसके पहले भी मैं. थोड़ा सा डामाडोल थी क्या करूं क्या करूं. क्या करूं उसके बाद बहुत एक स्ट्रांग. हेडेड हो गई थी मैं कि मुझे करके दिखाना. है और इससे बड़ी लाइन खींच को दिखानी है।. तो मेरा मानना है कि कभी-कभी ऐसा होता है. कि महात्मा गांधी भी अपमानित हुए थे तो. महात्मा बन गए तो फिर हम लोग तो बहुत छोटे.
लोग हैं।. थैंक यू सो मच मैम। लवली टॉकिंग टू यू।. मुझे मजा आया। आई होप दर्शकों को मजा. आएगा। थोड़ा सा गला खराब था उसके लिए आप. लोग माफ कर दीजिएगा।. थैंक यू सो मच। थैंक यू।.
