Unplugged ft. Mr. Sanjeev Kumar (President-ADSEI) | Network Marketing Scam or Real |MLM |Ravi Sharma
रवि शर्मा या बाकी लोगों पर यह आरोप लगता. है कि यह जो हवाबाजी होती है, मेरे पास Mercedes है, मेरे पास BMW है।. मैं ₹6 लाख महीना जीएसटी भरता हूं।. इसी हवाबाजी में गरीब आदमी फंस जाता है।. जो ऊपर वाला आदमी है वो तो पैसा कमा रहा. है। और जो नीचे आता जा रहा है वो केवल. सपनों में जी रहा है।. ये बिल्कुल 100%. एक महीने में 100 करोड़ कमा लिया। लोग कह. रहे हैं भाई साहब इनको देखे तो अंबानी जी. शर्मा रहे होंगे। मेरा मंथली टर्नओवर 100. करोड़ से ऊपर रहता है।. इस तरह की हवाबाज़ी चल रही है। इनमें और.
डायरेक्ट सेलिंग में क्या अंतर है? जिस व्यक्ति का था जो भी उसने बोला वो सफल. व्यक्ति है डायरेक्ट सेलिंग का। लेकिन. एक्सप्रेस करने का ढंग उसका सही नहीं था।. इसको लेकर एक परसेप्शन है कि ये पिरामिड. लेवल पर काम करती है कि आप नीचे पांच आदमी. जोड़िए। उसके नीचे पांच जोड़ेंगे।. पिरामिड का जो परसेप्शन है ये आज तक कोई. समझ नहीं पाया। व्हाट इज द पिरामिड? अब मान लीजिए गरीब आदमी आपके पास आता है. जिसको हिंदी बोलना भी ढंग से नहीं आता।. उसको क्या फ्री में सब सिखा रहे हो? 3 साल 5 साल लगते हैं एक आदमी को ग्रूम. करने में। में. ग्रूमिंग के तो पैसे आते होंगे।. ट्रेनिंग का कोई पैसा नहीं लिया जाता सर।. वो आएगा जाएगा उसका पैसा लगेगा।. कान इधर से पकड़ो इधर से [हंसी] पकड़ो। आप.
लोगों ने एनालाइज़ किया कि फिर आपकी. इंडस्ट्री मीम मटेरियल क्यों बन गई? हमारी इंडस्ट्री में लोग इतने दिखते हैं।. लोग रोज अचीवमेंट करते हैं। कोई गाड़ी. खरीदता है, कोई पैसे कमाता है। अब ये. बेरोजगार लोग जो इन्फ्लुएंसरर ये हमारा. मजाक बना के इनको पैसा मिल जाता है।. डायरेक्ट सेलिंग में नए लोगों को भर्ती. करने पर इतना जोर क्यों होता है? एक तो आप. लोगों में कला होती है कि आप लोग सब. स्पीकर बड़े अच्छे होते हो। अरे गरीबों से. तो लोगों को बदबू आती है। वो तो हम लोग. हैं जो हर गरीब को गले लगाते हैं।. ये भी बड़ा ट्रेंडिंग टॉपिक होता है कि. सूट पहन के उसके बाद फिर हवाबाजी होती है।. 2030 या 35 के बीच में मैं खरीदूंगा रyल्स.
रॉय।. नहीं हवाबाजी नहीं होती है। पर वो सूट. क्यों पहनते हैं? देखिए सर।. अगर डायरेक्ट सेलिंग से आदमी ऐसे रईस बन. जाता तो फिर 140 करोड़ की आबादी में सब. यही कर लेते। फिर अंबानी और अडानी को बाकी. धंधा करने की क्या जरूरत है? आए ना अनसंत अंबानी आए कोई भी आए हमारे. यहां काम करे। काम करना पड़ेगा ना। मेहनत. करनी पड़ेगी। घर-घर जाके प्रोडक्ट बेचना. पड़ेगा।. एक परसेप्शन आप लोग को लेकर यह भी है कि. आपके यहां कंपनियां भाग जाती है। आदमी. जुड़ा मेहनत किया और फिर एक कंपनी जो थी. वो झोला लेके भाग गई।. बिल्कुल है। जो कंपनियां इस डायरेक्ट. सेलिंग के नाम पर, एमएलएम के नाम पर, नेटवर्किंग के नाम पर, चैन के नाम पर पैसा.
घुमाती है सर वो सब भाग जाती है।. असली नकली कंपनी का फर्क कैसे पहचाने? कोई भी मीडिया चैनल या कोई भी न्यूज़. बनाते हैं। वो अपनी जगह कहीं हद तक सही भी. कहते हैं। जितने भी दुगने पैसे करने का. वादा करते हैं ये सब नकली है सर। [संगीत]. जो स्कैम वाले होते हैं। उस स्कैम से बचने. के लिए क्या सलाह दोगे? डायरेक्ट सेलिंग. में महिलाओं की क्या भूमिका है? सबसे बड़ी भूमिका उनकी थी सर। डायरेक्ट. सेलिंग बनी महिलाओं के लिए थी।. प्रोडक्ट ज्यादा इंसान बिकता है यहां पे।. अगर इंसान होशियार है तो बेच लिया जाएगा।. हां इंसान होशियार है तो फिर होशियार आदमी. तो बेच ही देता है।. ₹150 देगा।. कई सारे लोग डायरेक्ट सेलिंग में लीडर्स. को गुरु जी, महाराज जी, मेंटोर महाराज इसी.
को करके बुलाते हैं। ऐसा लगता है कंपनी पे. भरोसा नहीं है। आदमी में भरोसा है। वही जो. आता है। हां जी गुड मॉर्निंग।. हां जी गुड मॉर्निंग।. हरमनप्रीत कौर ने जीतने के बाद सबसे पहले. जाके अमोल मजबूदार के पैर पकड़े कि थैंक. यू कोच कि आज हम ये जीत गए। तो भावुकता. यहां भी है ना सर।. कैसे भरोसा करें कि आपका समाना सही है? सोशल मीडिया पे प्रोडक्ट के रिजल्ट्स भी. वायरल है सर।. अगर आप लोगों ने कैंसर का इलाज ढूंढ लिया।. नहीं हमने नहीं ढूंढा। कंज्यूमर कह रहा है. कि ये प्रोडक्ट लेके मैं ठीक हूं।. अरे अभी तो वैसा हुआ कि बाबा लोग पेट में. हाथ डाल के पथरी निकाल देते हैं। पत्थर. निकाल देते हैं। वो भी YouTube पे भरा. पड़ा है। हमारे एक बाबा किए थे हरिद्वार.
वाले। सुप्रीम कोर्ट में डांट खाए थे। ये. जो आपकी इंडस्ट्री है। इसमें कितनी परसेंट. हवाबाजी है? कितनी परसेंट सच्चाई है? तो एक चेक ला दे किसी का झूठा कि भाई इसने. ये बोला इसके पास ये गाड़ी नहीं है। आप ही. चलाइएगा चैनल पे मैं बोलता हूं। क्योंकि. गरीब आदमी इनवॉल्वड है इसलिए लोगों को. मजाक उड़ाने का मौका ज्यादा मिल जाता है।. बस सर थैंक यू सो मच शुभंकर सर। आपने यह. बात बोल के ना दिल खुश कर दिया। हमारे. यहां ना सर वो इस लेवल पे सफल होता है कि. बहुत से लोग हजम नहीं करते।.
कुछ सपने ऐसे होते हैं जो इंसान को उड़ने. का हौसला देते हैं। लेकिन कुछ सपने ऐसे भी. होते हैं जो इंसान की जड़ को काट देते. हैं। सोशल मीडिया पर बीते कुछ महीनों में. आपने कई ऐसे वीडियोस देखे होंगे जहां पर. कोई आदमी सूट बूट पहन कर आता है। वह बातें. करता है जिससे आपके खून में उबाल आता है।. आपको सपने दिखाता है। यह बताता है कि मेरे. पास सैकड़ों करोड़ रुपए हैं, गाड़ियां. हैं, बंगले हैं।. लेकिन क्या वह वाकई में सच है? एक ऐसी. इंडस्ट्री जिसमें जुड़े तो करोड़ों लोग.
हैं लेकिन वो इंडस्ट्री मीम मटेरियल बन गई. है। हमने भी कई सारे वीडियोस किए और कई. सारे सवाल खड़े किए। तमाम टीवी चैनल्स ने. खड़े किए। लेकिन फिर दूसरे पक्ष से एक राय. आई कि हर सिक्के के दो पहलू होते हैं। एक. पहलू जो प्रत्यक्ष तौर पर हमने भी दिखाया।. सारी दुनिया दिखा रही है। एक पहलू जो वह. कहना चाहते हैं और इसीलिए आज हमें लगा कि. दूसरे सिक्के को भी लाते हैं उन कठिन. सवालों के साथ जो हमारे मन में थे जो हमने.
उठाए थे और इसीलिए आज हमारे साथ हैं संजीव. कुमार जी। डायरेक्ट सेलिंग के दिग्गज हैं।. एब्ल्यूपीएल जैसी तेज बढ़ती कंपनी के. एमडीसीओ हैं। और आज इनसे डायरेक्ट सेलिंग. से लेकर एमएलएम और हर वो सवाल हम पूछने. वाले हैं जो हमने आपने देखे हैं, सुने. हैं, हमारे मन में है और हमने उठाए हैं।. बहुत-बहुत स्वागत सर आपका।. बहुत-बहुत धन्यवाद शुभंकर सर आपका कि आपने. मुझे मौका दिया।. देखिए यह मौका कठिन सवालों को लेकर है और. यह सवाल इसलिए हैं क्योंकि डायरेक्ट. सेलिंग हो या एमएलएम हो, पिरामिड.
इंडस्ट्री हो, चेन इंडस्ट्री हो इन. इंडस्ट्री को लेकर हमारे आम लोगों में एक. धारणा बन गई है कि यह गरीबों को लूटने. वाली इंडस्ट्री है। यह वो इंडस्ट्री है. जहां पर लोग सूट बूट पहन कर आते हैं, बड़ी-बड़ी बातें करते हैं। हवाबाजी करते. हैं और सपने दिखाकर उनकी जड़े खोद देते. हैं जिससे वह निकल नहीं पाते।. तो शुभांकर सर जैसा कि आप कह रहे हैं कि. यह गरीबों को सपने दिखाने वाली इंडस्ट्री. है। मैं बिल्कुल सही कहता हूं कि हां हम. सपने दिखाते हैं। लेकिन जैसा कि आपने कहा.
कि लूटने वाली इंडस्ट्री है। तो लूट को हम. कैसे समझे? लूट का मतलब होता है जब कोई. किसी व्यक्ति से कोई पैसा लेके उसका लॉस. कर दे उसको हम लूट कहेंगे। हमारी इकलौती. ऐसी इंडस्ट्री है जहां लूट के नाम पे हम. सर सपने दिखाने के नाम पे चवन्नी और 50. पैसे तक नहीं लेते हैं। क्योंकि हम जो भी. उसे देते हैं जो भी एथिकल प्रोडक्ट बेस्ड. डायरेक्ट सेलिंग कंपनी है वह किसी के पास. भी जाती है तो उसको एक उत्पाद देती है।. प्रोडक्ट देती है और प्रोडक्ट का प्राइस. समझाती है। प्रोडक्ट समझाती है तो वह.
व्यक्ति सपनों के पैसे नहीं देता सर।. प्रोडक्ट के पैसे देता है। प्रोडक्ट. उत्पाद खरीदने के बाद उसका मन करे तो. डायरेक्ट सेलिंग करें। मन ना करे तो. प्रोडक्ट यूज़ करें। अपने घर पे रहे। कभी. भी डायरेक्ट सेलिंग ना करें। ऐसे बहुत से. लोग हैं। सिर्फ हमारे कंज्यूमर हैं। हमारे. डिस्ट्रीब्यूटर नहीं है। डिस्ट्रीब्यूटिंग. करना उसकी मर्जी है कि वो प्रोडक्ट. डिस्ट्रीब्यूट करें, नेटवर्क बनाए, कंपनसेशन प्लान में आए, पैसे कमाए, सपने. पूरे करें या ना करें। तो, हम इकलौती. इंडस्ट्री हैं सर जो ₹1 नहीं, एक पैसा भी. नहीं लेते हैं। किसी को. नहीं तो यहां मैं आपको टोकूंगा। यह जो.
बीते कुछ समय में एमएलएम. के वीडियोस आए जिस पे कई सारे टीवी चैनल्स. ने फैक्ट चेक किया जिसके वीडियोस. कोरोना से तेजी से वायरल हो रहे हैं। अगर. मैं कहूं तो सोशल मीडिया भरा पड़ा है कि. एक महीने में 100 करोड़ कमा लिया। लोग कह. रहे हैं कि भाई साहब इनको देख के तो. अंबानी जी शर्मा रहे होंगे। इस तरह की. हवाबाजी चल रही है। इनमें और डायरेक्ट. सेलिंग में क्या अंतर है? ये जो वीडियो था सर जिस व्यक्ति का था जो. भी उसने बोला मैं कह सकता हूं वो सफल. व्यक्ति है डायरेक्ट सेलिंग का। लेकिन. एक्सप्रेस करने का ढंग उसका सही नहीं था।.
लेकिन अगर मैं कहूं 100 करोड़ का उसने. टर्नओवर बताया था जिसके उसने बाद में एक. बड़े चैनल पे जाकर प्रूफ भी दिए हैं कि. मैं 100 करोड़ का टर्नओवर करता हूं। उस. टर्नओवर में मेरा गवर्नमेंट को इतना. जीएसटी जाता है या मैंने ये कार खरीदी है. या मैंने ये मेरी लाइफ स्टाइल है ये. जिंदगी जीता हूं। पर हम उसे कह सकते हैं. वो एक सफल व्यक्ति है। तथ्यों के साथ सफल. है। उसके पास सारे तथ्य और हमने भी उसकी. जांच पड़ताल कराई है। लेकिन उसका जो. एक्सप्रेस करने का तरीका था वो थोड़ा अलग. था। मैं कह सकता हूं अह कि हर व्यक्ति का. अपना-अपना सफलता हर व्यक्ति कैसे. एक्सप्रेस करता है यह उसके ऊपर होता है।.
सफल व्यक्ति अपनी सफलता को कभी-कभी बहुत. एक्साइटेड हो जाता है, बहुत मोटिवेट हो. जाता है और हमारे यहां लोग सर तकरीबन लोग. जो सफल होते हैं और जब उन्हें सफलता मिल. जाती है तो रियली वो इतने मोटिवेट हो जाते. हैं कि उस मोटिवेशन में कुछ वो भी कह जाते. हैं जो उन्हें नहीं कहना चाहिए था।. नहीं तो जैसे यही मैं रवि शर्मा का नाम ले. लेता हूं। आप नहीं ले रहे हैं। मैं नाम ले. लेता हूं क्योंकि रवि शर्मा या बाकी लोगों. पर ये आरोप लगता है कि यह जो हवाबाजी होती. है इसी हवाबाजी में गरीब आदमी फंस जाता. है। ये जो कहा गया कि 100 करोड़ मैंने कमा. लिए। देखो मेरे पास प्राइवेट जेट है। मेरे.
पास ये गाड़ियां हैं।. सर मैं फिर कह रहा हूं उसने ये नहीं कहा. मैंने 100 करोड़ कमा लिया।. हां।. उसने ये भी नहीं कहा मेरे पास प्राइवेट. जेट. बट गाड़ियां तो दिखाई। वो सारी गाड़ियां. हां गाड़ियां. जो गाड़ियां दिखाई चार्टर दिखाया।. नहीं चार्टर नहीं दिखाया। दो तीन गाड़ियां. हैं उसके पास। ये सही है वो गाड़ियां हैं।. लेकिन जो मैसेज गया मैं जो एक गरीब आदमी. की बात कर रहा हूं। जो मैसेजिंग गया वो ये. गया कि इतना सब कुछ हो सकता है। और जो. मैंने कहा ना गरीब को सपने दिखाकर बेवकूफ. बनाने वाला वो इसीलिए आता है क्योंकि गरीब. आदमी को लगता है यार मैं भी ऐसा बन. जाऊंगा।. सर हम सपने दिखाते हैं। मैंने कहा सपने.
दिखाने की एवज में हम गरीब आदमी से कुछ एक. रुपया भी नहीं लेते और हमारे यहां सपने. लोग पूरे भी करते हैं। रवि शर्मा भी. उन्हीं में से है जिसने सपने पूरे किए।. रवि शर्मा के पिताजी ने डायरेक्ट सेलिंग. ज्वाइन की थी। रवि शर्मा किसी और प्रोफेशन. में था। उसके पिताजी का बनाया हुआ नेटवर्क. उसको मिलता है। फिर उसके साथ वह काम करता. है। तो जो नेटवर्क उसके पिताजी ने बनाया. था। उसका रिमोनेशन उसको आता है। अच्छे. अमाउंट में आता है और वो एक 25 साल पुरानी. कंपनी में काम कर रहा है। सर वो 25 साल. पुरानी कंपनी जब आई थी ये कंपनी तब उसके. पापा शुरू-शुर में डायरेक्ट सेलिंग में आ. गए थे।. हां मैं कहता हूं कि उसका जो एक्सप्रेस.
करने का तरीका है वो इतना सही नहीं था। ये. मैं भी मानता हूं और इसके लिए हम लोगों ने. भी जैसे हम एसोसिएशन का प्रेसिडेंट हूं. मैं एडीसीआई का तो हमने भी एक गाइडलाइंस. बनाई है कि अगर कोई व्यक्ति सफल हो जाए तो. उसे अपने आप को कैसे एक्सप्रेस करना. चाहिए। वो कलात्मक था थोड़ा फिल्में भी. बनती है सर। सारी चीज़ स्टोरी रियल नहीं. होती। चाहे संभाजी महाराज पे बनी हो उसमें. भी कुछ दृश्य डाल दिए जाते हैं। तो कुछ. ऐसे दृश्य उसके साथ हो चुके हैं जो उसने. बताया। उसका तरीका ऐसा था कि लोगों को. लगा। लेकिन उसने ऐसा कोई बात नहीं कही जो. अनऑथेंटिक थी।. ठीक है। हम अगर इसको सीरियस फैलाते हैं. मीम मटेरियल से आगे बढ़ते हैं। डायरेक्ट.
सेलिंग को आप कह रहे हो कि ये आर्थिक. सशक्तिकरण का जरिया है। लेकिन हम जब पढ़. रहे थे तो एफटीसी के आंकड़े कह रहे थे कि. इसमें 90% लोग ऐसे होते हैं जो नुकसान में. होते हैं। बड़े लिमिटेड लोग हैं जो ऊपर. वाला आदमी है वो तो पैसा कमा रहा है. जिसमें आप एग्जांपल दे दे रहे हो। बट जो. नीचे आता जा रहा है वो केवल सपनों में जी. रहा है और उसके सपने टूट जा रहे हैं।. ये बिल्कुल 100% सर गलत बात है। मुझे नहीं. पता ये आंकड़े कहां से निकालते हैं इनको. कौन निकालता है। सर नुकसान का मतलब होता. है लॉस ऑफ माय मनी।.
नुकसान हो ही नहीं सकता। अगर मेरा पैसा का. लॉस नहीं है तो मेरा नुकसान कैसा है? मैंने कहा यहां पर हम किसी को भी. अपॉर्चुनिटी देते हैं कि सबसे पहले आप. उत्पाद खरीदिए और इसका ये एमआरपी है ये. डीपी है। उसको पहले दिखाते हैं कि इसका ये. प्राइस है। ऐसे भी नहीं कि उससे प्राइस. छुपाते हैं या प्रोडक्ट छुपाते हैं।. व्यक्ति खरीदता है। किसी का इंटरेस्ट होता. है वो काम करता है। काम करने में सर यहां. बहुत मेहनत लगती है। स्किल डेवलपमेंट करनी. पड़ती है। पर्सनालिटी डेवलपमेंट करनी. पड़ती है। कम्युनिकेशन स्किल डेवलप करनी. पड़ती है। ट्रेनिंग लेनी पड़ती है। दिनरा. भागना पड़ता है। बहुत ज्यादा मेहनत का काम. है सर डायरेक्ट सेलिंग। तभी लोग यहां.
करियर बना पाते हैं। बहुत ज्यादा मेहनत. का। तो जो लोग नहीं बना पाते वो जो उस. लेवल की ट्रेनिंग नहीं लेते हैं उतनी. मेहनत नहीं कर पाते हैं तो वो उत्पाद खरीद. के रह जाते हैं लेकिन लॉस तो उनका नहीं. हुआ सर लॉस तो जब है जब किसी के मनी लॉस. हो किसी के पैसे का लॉस हो तो मैं मानता. हूं कि हां इंडस्ट्री ने लॉस दिया सर. मैंने आपने मुझे जो ₹1 भी दिया उसका भी. मैंने आपको प्रोडक्ट दिया है और यहां पर. अगर आपने नेटवर्क बनाया और आपको पहली इनकम. आई वो आपका प्रॉफिट है। यह दुनिया की. इकलौती इंडस्ट्री है सर जो फ्रॉम द फर्स्ट. डे आपको प्रॉफिट देती है। नहीं बट जैसे. इसको लेकर एक परसेप्शन है कि यह पिरामिड.
लेवल पर काम करती है कि आप नीचे पांच आदमी. जोड़िए उसके नीचे पांच जोड़ेंगे ऊपर वाला जो. बैठा है उसको पूरे नीचे कमीशन मिलेगा. ट्रेनिंग के नाम पर आपने कुछ इनिशियल पैसा. ले लिया उसके बाद जो सामान दिया वो. मार्केट रेट से ज्यादा महंगा था तो जो. नीचे वाला आदमी है मान लीजिए ऊपर वाला. आदमी तो मजे में है बट जो 10 चेन नीचे आया. उसका कैसे मुनाफा हुआ. सर आपने मुझसे तीन क्वेश्चन पूछ लिए इसमें. शुभांकर सर सबसे पहले तो हमारी इंडस्ट्री. की गाइडलाइंस 2021 में भारत सरकार द्वारा. रिलीज की गई है और उसमें एक ही चीज है कि. फ्री जॉइनिंग ट्रेनिंग हम किसी को ₹1 नहीं. लेते ना ट्रेनिंग के नाम का ना किसी.
मटेरियल के नाम का। हम प्रोडक्ट देंगे तो. ही पैसा लेंगे और प्रोडक्ट का ही पैसा. लेंगे। दूसरी बात सर पिरामिड का जो. परसेप्शन है ये आज तक कोई समझ नहीं पाया. व्हाट इज द पैरामिड। सर पैरामिडिक होता है. कि जैसे किसी के नेटवर्क में दो लोग दो के. चार, चार के आठ, आठ के 16, 16 के 32, 32. के 64, 64 के 128 और सबको अगर हम भरते हैं. सारे सों को 128 को भरते हैं, 264 को भरते. हैं। जो सबको भर-भर के भर-भर के जब इस. तरीके से नेटवर्क बनता है तो लास्ट वाले. आदमी को पैसा नहीं मिलता। बिल्कुल ठीक कह. रहे हैं। लेकिन वो पैरामिड डायरेक्ट.
सेलिंग के प्रोडक्ट बेस कंपनियों में होता. ही नहीं है। डायरेक्ट सेल सेलिंग की जो. प्रोडक्ट बेस ऑथेंटिक कंपनियां हैं उनका. मॉडल पैरामिड का होता नहीं। नहीं हुआ तो. जो काम करेगा उसको पैसा आएगा। जो काम नहीं. करेगा उसको पैसा नहीं आएगा। जो सर एक. बर्ड्स एक्ट है बैनिंग ऑफ अन डिपॉज़िटरी. रेगुलेटरी स्कीम वो इसलिए बर्ड्स एक्ट आया. ये जो पैसे का रोटेशन होता है मनी रोटेशन. ये इस पिरामिड मॉडल को यूज़ करते हैं।. डायरेक्ट सेलिंग कंपनी का तो पैरामिड मॉडल. होता नहीं। मतलब कैलकुलेटिव मैथमेटिकली. प्लान होता है सर। मैथमेटिकली कैलकुलेटिव. परसेंटेज बेस्ड प्लान कि आपका इतना.
टर्नओवर आएगा तो आपको इतना पैसा मिलेगा।. इतना आएगा तो इतना मिलेगा और नहीं आएगा तो. आपको नहीं मिलेगा। पैरामिड तो तकरीबन. तकरीबन क्या 100% मनी रोटेशन कंपनी यूज़. करती हैं। तो उसमें क्या होता है जो लोग. शुरू शुरू में एकद साल पैसा देते हैं तो. जो मनी रोटेशन कंपनी उसकी इनकमिंग बहुत. अच्छी होती है। पहले इनकमिंग होती है 2. साल बाद ज्यादा लोग पैसा देने लगते हैं कि. अरे हमें सबको डबल हो गया ट्रिपल हो गया. तो फिर सर इनकमिंग कम हो जाती है और. आउटगोइंग ज्यादा हो जाती है और कंपनियां. भाग जाती है तो नीचे वाले को पैसा नहीं. मिलता। हमारे यहां तो ये मॉडल यूज़ नहीं. होता सर नीचे और ऊपर वाला। हमारे यहां तो. मॉडल यूज़ होता आपका टर्नओवर होगा तो आपको.
पैसा मिलेगा नहीं तो नहीं मिलेगा। मैं एक. एग्जांपल से बताता हूं। हमारे यहां कहते. हैं कि लोगों को जोड़ने का बिज़नेस है, पैरामिड मॉडल है। नहीं सर, मेरे यहां. डॉक्टर काम करते हैं। वो डॉक्टर मेरे यहां. से 10 लाख के प्रोडक्ट खरीदता है। हर. महीने बेच देता है। और जो मेरा स्ट्रक्चर. ऑफ बिनेस मॉडल मैंने उसको दिया है कि इतने. पीवी तुझे यहां डालने हैं। इतने यहां. डालने, इतने यहां डालने तुझे इतना पैसा. मिलेगा। सर वो बिना एक आदमी को जोड़े उतने. ही पैसे कमाता है। सिर्फ प्रोडक्ट बेच के. उनके पीवी को प्लेस कर करके स्ट्रक्चर. में। अब आप यह बताइए पैरामिड मॉडल कैसे हो. गया? ये जो एमएलएम या रवि शर्मा पर जो आरोप लगे. ये आरोप तो इन्हीं चीजों को लेकर थे। अब.
सर वो तो मैं कहता हूं तो मीडिया की. जिम्मेदारी है कि गलत को गलत कहे, सही को. सही कहे। मैं तो सारी मीडिया से रिक्वेस्ट. करता हूं कि आप गलत और सही का डिफरेंशिएट. करें। इसी के लिए मीडिया होता है। हमारी. जिम्मेदारी है कि गलत और सही के बीच का. क्या अंतर है? आज आपने मुझे बुलाया मुझे. इतना अच्छा लगा। कम से कम आप मेरे से बात. तो कर रहे हैं। नहीं हमारी कोशिश यही थी. कि तस्वीर का जो दूसरा पहलू है क्योंकि एक. वर्ग वो भी है जो इस काम को कर रहा है।. उनकी भी आवाज है और उनको भी पहुंचना. चाहिए। उनके बारे में भी बात होनी चाहिए. और इसीलिए वह सवाल पूछ रहे हैं। लेकिन. जैसे यह सवाल है कि सपने दिखाने की बात.
हुई। अब अक्सर हम कहते हैं कि हमने कम समय. में इतने करोड़ कमा लिए। डबल पैसा हो गया।. पैसा बढ़ गया या प्रोडक्ट जो था जिसको. हमने कहा कि प्रोडक्ट की वहां वैल्यू नहीं. बताई जाती। प्रोडक्ट हमेशा महंगा होता है।. प्रोडक्ट की जगह बाकी चीजों पर ज्यादा. ध्यान है। चाहे वो लोग जोड़ने पर ध्यान हो. या ट्रेनिंग की बात हो। तीसरा जैसे आपने. ट्रेनिंग कहा कि ट्रेनिंग के पैसे नहीं. लगते। अब मान लीजिए गरीब आदमी आपके पास. आता है जिसको हिंदी बोलना भी ढंग से नहीं. आता। उसको उस ट्रेनिंग में लाने के लिए जो. आपने कहा कि बड़ी मेहनत करनी पड़ती है।. क्या आप फ्री में सब सिखा रहे हो? सर ट्रेनिंग में अगर वो आता है तो एक मॉडल.
जैसे ट्रेनिंग सेमिनार होता है तो. ट्रेनिंग में हम उसको बुलाते हैं। तो. ट्रेनिंग एक सिस्टम के माध्यम से होती है।. कंपनी के माध्यम से ट्रेनिंग होती है। सर. ऐसा नहीं है कि वो पैसे देके आता है और. रियली उसको हम ग्रूम करते हैं। हमने सर 3. साल 5 साल लगते हैं एक आदमी को ग्रूम करने. में। उसका पर्सनालिटी डेवलपमेंट उसका. तो पैसे लेते होंगे ना ग्रूमिंग के।. ग्रूमिंग के तो पैसे आते होंगे। रूम में. तो सर अपने होटल में रहता है। अपने होटल. में खाता है। उसके पैसे देता है। रूम में. रहता है। ट्रेनिंग का कोई पैसा नहीं लिया. जाता सर। वो आएगा जाएगा उसका पैसा लगेगा।. अब वो तो कान इधर से पकड़ो इधर से पकड़ो।. नहीं नहीं सर कान भाई ट्रेनिंग का पैसा तब.
है कि उस स्पेशल ट्रेनिंग का कोई डाला हो।. एक होटल में अगर वो वैसे भी घूमने जाता है. किसी होटल के अंदर तो उसको 5000 देने थे. होटल में तीन दिन रहने के तो वही ₹5,000. देता है। उसमें ट्रेनिंग और एक्स्ट्रा. मिलती है ना सर। तो वह तो अच्छी बात है कि. वह आया वहां पर रहा और उसका खुद का. इंटरेस्ट है वहां भी सर कोई कंपल्शन नहीं. है किसी चीज़ का यहां पर कि आपको काम करना. ही है। आपको ट्रेनिंग लेनी ही है। आपको. नेटवर्क बनाना ही है।. यही यही सवाल गरीबों को लेकर आता है। जो. सवाल उठाए जा रहे हैं लोग। मीडिया का भी. इंटेंशन किसी को बदनाम करना नहीं है। उनका. इंटेंशन यह है कि जब एक गरीब आदमी जो. बेरोजगार बैठा है, जो नया लड़का है,
बेरोजगार उस पर काम नहीं है। जब वो देख. रहा है कि एक आदमी कह रहा है करोड़ों रुपए. कमा लिए। या मेरा पैसा डबल हो जा रहा है. या मैं जुड़ाूंगा तो मैं अमीर बन जाऊंगा. करोड़पति बन जाऊंगा तो उसकी जो भी जमा. पूंजी है जो उसके बाप दादा ने रखी है उसको. वो बेच कर जाता है इन ट्रेनिंग करने में. या इन सिस्टम का हिस्सा बनने के लिए क्या. आप ये बता सकते हो मुझे कि कितने परसेंट. लोग इसमें सक्सेसफुल होते हैं. मैं सर आपसे सबसे पहले आपने कहा कि वो. देखता है हर व्यक्ति मुझे बताइए अपनी. सफलता को प्रमोट कौन नहीं करता. ऐसा कौन व्यक्ति है आज इतने बड़े-बड़े. कोचिंग इंस्टट्यूट है उसके अंदर लाखों.
रुपए करोड़ों रुपए लोग देते हैं कि मैं. आईएएस बनूंगा मैं आईआईटीए बनूंगा मैं. आईआईटी जेई करूंगा और वहां पांच बच्चे. निकलते हैं। उन पांच बच्चों को वह कितना. प्रमोट करते हैं कि देखो हमारे यहां पढ़. के पांच बच्चे निकले हैं। तभी उन्हें नया. बिज़नेस मिलता है। मुद्दे की बात ये है कि. वहां पर उस सपने को पूरा करने के लिए. कोचिंग इंस्टट्यूट में उसका पैसा लगा था।. पर इस डायरेक्ट सेलिंग इंडस्ट्री में उसने. सपना हमने दिखाया नहीं है सर। उसके सपने. जिंदा रखते हैं हम कि तुम हारो मत। तुम. डरो मत। अगर तुम पढ़े लिखे नहीं हो तो भी. अपॉर्चुनिटी है। तुम्हारे पास पैसा नहीं. है तो भी अपॉर्चुनिटी है। तुम्हारे पास. टैलेंट नहीं है। एज बात नहीं करने की.
टैलेंट है। कम्युनिकेशन की टैलेंट नहीं. है। सेल्स का टैलेंट नहीं है तो भी हम. आपको अपॉर्चुनिटी देते हैं। हम सपने जिंदा. रखते हैं सर। सपने दिखाते नहीं कि तुम. हताश मत हो। हमारे सर 40 साल की वूमेन 50. साल के जेंट्स 60 ओवर 60 इयर्स के लोग काम. करते हैं। मतलब उनके सपने भी हमारी. इंडस्ट्री नहीं तोड़ती। उनके सपने भी. हमारी इंडस्ट्री जिंदा रखती। उसका पैसा एक. रुपया नहीं लेती। हां मैं ये कहता हूं कि. एक व्यक्ति जो भी सफल होगा जिस भी. इंडस्ट्री में वो अपने आप को प्रमोट तो. करेगी सर।. ठीक बात है। ये कोचिंग इंस्टिट्यूट वाला. एग्जांपल आपका ठीक है कि चार बच्चे पास. होते हैं 1000 बच्चे आते हैं। उनमें से. चार कोई प्रचार करके अगले साल में एडमिशन.
लेते हैं। लेकिन फिर आपने क्या कभी आप. लोगों ने एनालाइज किया कि फिर आपकी. इंडस्ट्री मीम मटेरियल क्यों बन गई? क्योंकि आज आपकी इंडस्ट्री पर जितने मीम. बनते हैं मुझे नहीं लगता कि इस देश में. कोई और इंडस्ट्री है, कोई और ऐसा बिजनेस. धंधा है जिसका इतना मजाक उड़ाया जाता है. और आपकी इंडस्ट्री के लगभग हर व्यक्ति का. जो सफल है या जिसकी वीडियोस आते हैं वो. मजाक के दृष्टिकोण से ही वायरल होते हैं।. सर आप यह बताइए आज इन्फ्लुएंसर्स जो हैं. वो मजाक किसका नहीं उड़ाते? आनंद अंबानी. की शादी का भी लोगों ने मजाक उड़ाया। उसके. भी खूब मीम बनाए। और आपको बताता हूं आप ही. की दुनिया के एक बहुत बड़े इन्फ्लुएंसरर.
जो अपना पडकास्ट चैनल चलाते हैं। एक मजाक. शो में जाते हैं और वो मां-बाप के संबंध. का भी मजाक उड़ा देते हैं। तो मजाक उड़ाना. सर हमारी इंडस्ट्री का नहीं क्योंकि हमारी. इंडस्ट्री में लोग इतने दिखते हैं। हम लोग. सोशल मीडिया पे इतने होते हैं। लोग रोज. अचीवमेंट करते हैं। कोई गाड़ी खरीदता है, कोई पैसे कमाता है, कोई घर बनाता है। तो. वो वीडियो डालता है। अब ये बेरोजगार लोग. जो इन्फ्लुएंसरर ये हमारा मजाक बना के. इनको पैसा मिल जाता है। तो हम कहते हैं ये. मजाक बनाते रहेंगे। हम जिंदगियां बनाते. रहेंगे। सर ये बनाते रहेंगे आगे भी मजाक।. हम जिंदगी बनाएंगे। मजाक बनाएंगे। ठीक है।. ये आपने अपनी इंडस्ट्री के लोगों को. मोटिवेट करने के लिए अच्छी लाइन बोली। बट. फिर मैं एक एक कॉमन आदमी का सवाल पूछता.
हूं। एक आम इंसान जो आपको देख रहा है।. गरीब आदमी जो आपकी इंडस्ट्री से नहीं. जुड़ा है। उससे मैं ईमानदारी से आपसे. पूछना चाह रहा हूं कि ये जो आपकी. इंडस्ट्री है इसमें कितनी परसेंट हवाबाजी. है। कितनी परसेंट सच्चाई है? हमारी. इंडस्ट्री में सर हवाबाजी मैं कहता हूं जो. व्यक्ति अचीवमेंट लेता है सर वो एक मैं कई. बार मिडिल क्लास बच्चा आता है अपपर मिडिल. क्लास बच्चा आता है या कोई कम पढ़ा लिखा. भी आता है और वो भी एक अच्छा नेटवर्क. बनाने में मेहनत करता है दिन रात भागता है. सर यहां एक-ए महीना लोग घर से बाहर रहते. हैं मेहनत करते हैं और उनका नेटवर्क बन. जाता है तो सर उन्होंने कोई ट्रेनिंग.
स्किल्स तो उनके पास थी नहीं ना स्टेज. स्किल्स थी कि हाउ टू एक्सप्रेस माय. इमोशंस तो कई बार इमोशंस में कूदफात भी कर. देता है जोर से ताली बजा देता है जो बात. नहीं बोलने वाली है वो भी बोल देता है ये. मैं एक्सेप्ट करता हूं लेकिन वो इसलिए सर. सर क्योंकि उसने यह सोचा भी नहीं था कि. मेरे जीवन में इतनी सफलता 5 साल में 10. साल में मेहनत करके मैं प्राप्त कर लूंगा. या मेरे सपने जो टूट चुके थे क्योंकि मैं. पढ़ नहीं पाया मेरा बैकग्राउंड स्ट्रोक. नहीं था मैं गरीब था वो दोबारा पूरे हो. जाएंगे उस एक्साइटमेंट में वो बोल देता है. ये बात मैं भी मानता हूं कि उसके अंदर वो. इमोशन आ जाता है क्योंकि उसके पास ऐसी कोई. स्किल्स नहीं है कि हाउ टू एक्सप्रेस माय.
इमोशंस हर व्यक्ति अपने हिसाब से अपने. एजुकेशन के हिसाब से अपने इमोशंस को. एक्सप्रेस करता है लेकिन यहां पर झूठ कुछ. भी नहीं है सर यहां पर एक आप ला देना सर. एक चेक बता दे किसी का झूठा कि भाई इसने. यह बोला इसके पास यह गाड़ी नहीं है। आप ही. चलाइएगा चैनल पे मैं बोलता हूं कि इसने यह. बोला इसके पास नहीं है। जो वह बोल रहा है. उसके पास है। लेकिन उसका बोलने का तरीका. थोड़ा गलत है। थोड़ा हवाबाजी कर कर दी. क्योंकि उसने सोचा नहीं था कि मैं ये बन. गया। ये बात मैं मानता हूं। इसके लिए हमने. भी गाइडलाइंस बनाई है। अब हम हर कंपनी को. ठीक है। हमारे भी बहुत सारे इन्फ्लुएंसर्स. हैं जो किराए पे गाड़ी लेके हवाबाजी कर.
लेते हैं। माहौल दिखाने के लिए। ऐसे लोग. हमने देखे हैं जाने हैं। लेकिन मेरा. कंसर्न आम लोगों को लेकर है। और इसलिए मैं. आम लोगों के सवाल पूछ रहा हूं। डायरेक्ट. सेलिंग में नए लोगों को भर्ती करने पर. इतना जोर क्यों होता है? आप कह रहे हो. पिरामिड मॉडल नहीं है फिर भी नए लोगों की. भर्ती होती है। और नए लोगों में सक्सेस. रेट कितना है आपका? सर हमारे यहां पर देखिए कोई भी कंपनी अगर. बड़ी बनी या दुनिया में मान ले माने आज. बहुत बड़ा एंपायर चला रहा है। तो वो भी तो. 1 लाख 2 लाख लोगों को एंप्लॉयमेंट दे रखा. है। क्योंकि सर सक्सेस क्या है? जितने. वर्किंग हैंड्स ज्यादा होंगे आपका काम.
करेंगे और जितना टाइम मल्टीप्लाई होगा. आपके बिज़नेस में लोग अपना-अपना समय देंगे।. जितना टैलेंट मल्टीप्लाई होगा दैट इज़. कॉल्ड सक्सेस। तो टैलेंट मल्टीप्लाई करने. के लिए, समय मल्टीप्लाई करने के लिए और. वर्किंग हैंड्स मल्टीप्लाई करने के लिए. हमारी इंडस्ट्री में लोग कोशिश करते हैं. कि लोग हमारे उत्पाद खरीदें। उन्हें पसंद. करें और सर बेचे ना शेयर करें। अगर उत्पाद. अच्छा लगे तो उसको शेयर करें। हमारी. इंडस्ट्री को सेलिंग स्किल्स नहीं सेलिंग. इंडस्ट्री नहीं कहा जाता। शेयरिंग. इंडस्ट्री कहा जाता है। अब इसी काम के लिए. अंबानी अरबोंखरबों की तनख्वाह बांटता है. या बड़ा कोई इंडस्ट्रिस्ट बांटता है।. हमारी इंडस्ट्री में वो पैसा जो मीडिएटर्स.
का पैसा था, जो होलसेलर का पैसा था, स्टॉकिस्ट का पैसा था, रिटेलर का पैसा था. वो पैसा हम इन लोगों को दे देते उसी. कंपनसेशन प्लान के अंदर कि भई वो पैसा जो. हम दुनिया को दे रहे थे, एडवर्टाइजमेंट का. दे रहे थे वो हम आपको दे देते हैं। तो. प्रैक्टिकल मॉडल ये है। नए लोगों को भर्ती. करना हमारा मॉडल नहीं है। बट डायरेक्ट. सेलिंग हुआ या एमएलएम हुआ। इसमें प्रोडक्ट. के बारे में हमने जितने वीडियोस देखे बड़ी. कम बातें होती हैं। ज्यादा बातें जो होती. है वो मोटिवेशन की आती हैं या मार्केटिंग. पार्ट जो है वो बड़ा ज्यादा होता है।. प्रोडक्ट इसमें कहां रह जाता है? सर हमारी इंडस्ट्री का बेस ही प्राइमरी.
प्रोडक्ट है। अगर हम लोगों का प्रोडक्ट. में दम नहीं होगा ना, हमें कोई एक्सेप्ट. नहीं करेगा। सर, मैं रीज़न बताता हूं। आज. आप किसी भी दुकान से रिटेलर से कोई. प्रोडक्ट लो और आपको अच्छा ना लगे। आप. क्या करोगे? कंज्यूमर में जाके उसकी. कंप्लेंट कर दोगे। एक आदमी ने कंप्लेंट. करी। एक आदमी ने प्रोडक्ट खरीदना बंद कर. दिया तो क्या फर्क पड़ेगा? आपको कोई फर्क. नहीं पड़ेगा। कंपनी को कोई फर्क नहीं. पड़ेगा। लेकिन हमारे यहां इतना क्वालिटी. कंट्रोल हमें रखना पड़ता है कि अगर एक. प्रोडक्ट भी हमने अच्छा नहीं बनाया। उसमें. जो हमने कमिटमेंट किया वो नहीं दिया वो. क्वालिटी नहीं दी। एक प्रोडक्ट खराब देने.
से एक बंदा बात करता है तो 10 लाख लोग. उसके खिलाफ बात करते हैं। तो हम तो सबसे. ज्यादा क्वालिटी कंसर्न लोग हैं। सर हमारे. प्रोडक्ट आप भी यूज़ करके देखना। और मैं. आपको एक बात और बताता हूं। हमारे प्रोडक्ट. ज्यादातर पूरे अपर क्लास के लोग यूज़ करते. हैं। हाई क्लास के लोग यूज़ करते हैं। ऐसी. बहुत बड़ी-बड़ी कंपनियां जैसे एमबी के. प्रोडक्ट आप देखोगे तो हर बड़े घर में. मिलेंगे। उनका न्यूट्रलाइट आपको हर घर में. मिलेगा। हर्बल लाइफ के प्रोडक्ट आपको हर. बड़े घर में मिलेंगे। हमारे आयुर्वेदिक. प्रोडक्ट आपको हर घर में मिलेंगे। ये. अच्छे प्रोडक्ट बनाती है ये कंपनियां। तभी.
चल पाएंगी सर। क्योंकि हमारा तो रिश्तेदार. के पास जाना है। दोस्त के पास जाना है।. उसको प्रोडक्ट देना है। अगर अच्छा. प्रोडक्ट नहीं दिया तो कल डंडा लेके. भागेगा। भाई मेरे को पागल बना दिया तो. हमारे साथ काम कौन करेगा सर? हम तो 100%. लोग हमें छोड़ के चले जाएंगे।. हम फिर लेकिन मैं पूछ रहा हूं कि ये आम. लोगों के लिए टिकाऊ मॉडल है।. 100% सर टिकाऊ मॉडल है। आज इसके अंदर. एजुकेटेड लोग आ रहे हैं। सर पढ़े लिखे. बच्चे बीटेक एमटेक करे हुए बच्चे जो 25. 3000 की. तो इसलिए आ रहे हैं कि बीटेक एमटेक वाले. सब बेरोजगार घूम रहे हैं। इस देश में उनको. नौकरी नहीं मिलती कहीं पे।. ये अच्छी बात है ना सर हम रोजगार दे रहे. हैं। आप ये बात तो आज आप भी मान गए ना वो.
बेरोजगार घूम रहे हैं और हम रोजगार दे रहे. हैं। ये तो मैं कह रहा हूं। ये इंडस्ट्री. भारत के अंदर. आप इंस्टेंट ऑफर दिखा रहे हैं कि एक. इंस्टेंट सपना कि आप आइए यहां हमारे साथ. काम कीजिए। देखिए फलाना आदमी करोड़पति बन. गया तब आप भी बन जाएंगे।. नहीं देखो सर एक व्यक्ति को एक व्यक्ति से. रिलेट करना पड़ता है। आज शाहरुख खान को. देख के पूरी बहुत लोगों ने मेहनत करी और. शाहरुख खान तो नहीं बन पाए पर उस कहीं ना. कहीं आसपास पहुंचे और सब नहीं बन पाए पर. कुछ तो बने। दुनिया में आइडल तो सर किसी. ना किसी को बनाना पड़ता है कि इस मॉडल में. काम करके ये व्यक्ति बड़ा बना। तेंदुलकर. को फॉलो करके दुनिया ने क्रिकेट खेला. लेकिन कुछ लोग वहां तक पहुंचे और उन्होंने.
अपनी स्टोरी में बताया है। सेल्फ स्टोरी. में कि भाई मैं तेंदुलकर को फॉलो करता था।. हम भी वो मॉडल दिखाते हैं कि देखो ये आदमी. बड़ा बना। यह भी आपके जैसे परिवार से था।. ऐसे गरीब परिवार से था। पढ़ा लिखा भी नहीं. था। लेकिन आज देखो यह इतने लाख रुपए महीना. कमाता है। इसने यह गाड़ी मेंटेन कर रहा. है। तो वो हम दिखाते हैं। उसी से तो आदमी. रिलेट करता है यार कि जब यह कर सकता है तो. मैं भी कर सकता हूं। पर हम झूठा सपना नहीं. दिखाते और सपनों के एवज में एक रुपया किसी. से लेते हैं।. तो जो आपका प्रोडक्ट होता है यह मार्केट. के प्रोडक्ट से ज्यादा महंगा होता है।. सर हमारा जो भी. क्योंकि ये एलगेशन भी जितना हमने पढ़ा. लिखा समझा जाना उसमें ये होता है कि आपका.
प्रोडक्ट ज्यादा महंगा होता है और दबाव. होता है जो नीचे वाले लोग पैसा नहीं कमा. पाते। तो उसका रीज़न यही होता है कि. प्रोडक्ट महंगा होता है। वो जुड़ तो जाते. हैं लेकिन प्रोडक्ट महंगा है। बेचने में. उनकी हालत खराब होती है।. देखिए सर हमारे यहां दो तरह के प्रोडक्ट. होते हैं। एक तो रेगुलर प्रोडक्ट होते. हैं। तो आप किसी भी कंपनी का रेगुलर. प्रोडक्ट जैसे साबुन हो गया टूथब्रश हो. गया या कोई मसाले हो गया। आप किसी भी. कंपनी का प्रोडक्ट ले लीजिए। आप पक्का. रिसर्च करना हमारे पडकास्ट के बाद। आप. देखेंगे सब सिमिलर प्राइस के हैं। जो. ट्रेडिशनल मार्केट में प्राइस है उससे. सस्ता ही मिलेगा। महंगा नहीं। कुछ. प्रोडक्ट होते हैं सर आरएनडी बेस्ड.
प्रोडक्ट होते हैं, रिसर्च ओरिएंटेड. प्रोडक्ट होते हैं, जो इनफेटिव प्रोडक्ट. होते हैं, जो डेमो बेस्ड प्रोडक्ट होते. हैं जिनको सिर्फ आप बात करके नहीं बेच. सकते क्योंकि सर एक चीज अगर बाजार में 200. की मिल रही है और एक डायरेक्ट सेलर जाके. उसे 600 की बेच रहा है तो वो ज बेच सकता. है जब उसकी इनेशन उसके पास होगी। इसमें. क्या डला है? क्या पेटेंट इंग डला है। आज. जैसे क्रकुमिन है सर आप बाजार के कोई. रिटेलर आपको क्रकुमिन नहीं समझा सकता।. केएसएम 66 नहीं समझा सकता कि अश्वगंधा का. केएसएम 66 क्या पेटेंट है? यह क्या काम. करता है? तो रिसर्च ओरिएंटेड प्रोडक्ट जो. होते हैं उनके प्राइस होते हैं। लेकिन सर. प्राइस छुपा के थोड़ी देते हैं हम। प्राइस.
तो ओपन देते हैं। इतने का तुझे खरीदना है. खरीद नहीं है तो मत खरीद। प्राइस हम. छुपाते थोड़ी है कि पहले खरीद ले बाद में. पैसे लेते हैं।. जैसे जो नीचे वाला आदमी इसी इस यही जो. फेलर का आरोप लगता है वो इसी बात को लेकर. लगता है कि जो नीचे वाला आदमी है जो जुड़. गया वो बेच ही नहीं पा रहा फिर। इसलिए वो. फेल हो गया।. नीचे ऊपर पे जोर ना दे। यहां नीचे ऊपर का. बिज़नेस ही नहीं है। मैं फिर कह रहा हूं. आपको यहां. जो नया मैं नए आदमी की बात कर रहा हूं। जो. नया आदमी आया जिसको आपने कहा कि ये धंधा. ये सामान बेचाओ। अब वो नहीं बेच पा रहा. क्योंकि उसे लग रहा है ये महंगा हो गया है. और उसे समस्याएं आ रही हैं बेचने में उसे. इसलिए आती हैं सर क्योंकि अगर वो प्रोडक्ट. की नॉलेज नहीं लेगा कि ये क्यों महंगा है.
भाई अगर ये पेस्ट है तो महंगा क्यों है ये. प्रोडक्ट है ये प्रोटीन है तो महंगा क्यों. है आखिर इसमें क्या डला है सर आप समझते. हैं कि प्रोटीन 40% भी डलता है प्रोटीन के. डिब्बे में 80% भी डलता है 80% प्रोटीन. वाला डिब्बा महंगा होगा 40% वाला कम होगा. अश्वगंधा का एक एक्सट्रैक्ट भी आता है और. उसमें सेम 66 निकल के आता है तो आप नॉर्मल. अश्वगंधा लेंगे वो सस्ती होगी केएसएम वाली. लेंगे तो महंगी होगी हल्दी आप नॉर्मल. लेंगे तो सस्ती होगी जिसमें में. कुरकुकोमिन का परसेंट 2% है और एक हल्दी. है जिसमें परसेंट 18% है तो महंगी होगी।. वो उसे बताना पड़ेगा। देखिए सर यहां पर. इसलिए मैं कह रहा था आपको कि प्रोडक्ट की.
इंफॉर्मेशन देनी पड़ती है। प्रोडक्ट नॉलेज. लेनी पड़ती है। प्रोडक्ट डेमो करने पड़ते. हैं। तब एक आम कंज्यूमर समझता है हां यार. ये चीज महंगी इसलिए है क्योंकि इसमें ये. डला हुआ है। तो जो बड़ी-बड़ी कंपनियां. चाहे वो आयुर्वेद की कंपनियां हो या. नॉर्मल जो हम सामान खरीदते हैं साबुन, तेल, शैंपू वो हमारे बाप दादा भी यूज़ कर. रहे थे। उन कंपनियों पर हमको एक भरोसा है।. हमें लगता है कि उनके टीवी पर ऐड आते हैं।. सरकार जो है रेगुलेट करती है। एफसीआई उनको. देखती है। हम उनकी जगह आप पर क्यों जाते. हैं लोग फिर? सरकार ने सर हमें भी रेगुलेट किया गया है।.
एफएसएसआई हमको भी देखती है। अगर. आयुर्वेदिक प्रोडक्ट की बात करूं तो बिना. आयुष लाइसेंस के कोई कंपनी आयुर्वेदिक का. कोई फार्मूला नहीं बना सकती। वो हमारी. कंपनियां भी सारी आयुर्वेद के लाइसेंस का. उससे गवर्नमेंट से ऑथराइज होके वो. फार्मूला बनाती है और आयुर्वेद. डिपार्टमेंट से परमिशन लेके आयुष से उसके. बाद ही बनाती है। अब मैं आपको बताता हूं. सर कि ये जो इंडस्ट्री आई थी ना जब आई थी. 1883 की बात मैं कर रहा हूं 1883 के बाद. तो ये स्किन प्रोडक्ट को लेके आई थी कि. स्किन के बेस्ट प्रोडक्ट बनाने थे इनको और. वो लोगों तक पहुंचाने थे। 1883 में आके. पहला जो रेगुलेशन आया 1972 में आया.
अमेरिका के अंदर। फिर एक कंपनी आती है. एमवे कंपनी न्यूट्रासटutic को सर. इंट्रोड्यूस करने वाली कंपनी पूरे वर्ल्ड. में जब लोग जानते नहीं थे कि. न्यूट्रासटutिकल बॉडी में क्यों जरूरी है. क्या विटामिन की डेफिशिएंसी होती है क्या. मिनरल की डेफिशिएंसी होती है लोग नहीं. जानते थे ना ये इंट्रोड्यूस किया एमए ने. तो वो प्रोडक्ट सर कॉस्टली बने थे रिसर्च. ओरिएंटेड बने थे हमेशा बेस्ट प्रोडक्ट अगर. आपको बेचना है तो आप ट्रेडिशनल मार्केट. में सर इसलिए नहीं बेच सकते एक छोटे से. एग्जांपल से आपको बताता हूं अगर आज कोई ए. कंपनी एक एलोवेरा ₹100 का बेच रही है तो. बी कंपनी को भी मेडिकल स्टोर पे ₹1 ही का.
एलोवेरा बनाना पड़ेगा 300 का बनाने की कोई. हिम्मत नहीं करेगा। क्यों? रिटेलर रखता ही. नहीं है कि भाई वह 100 का दे रही है। मैं. तेरा 300 का क्यों रखूं? तो प्राइस की जो. वार है प्राइस कंपिटिटिव वार है वो. ट्रेडिशनल में हमारे यहां नहीं है। हम कुछ. भी बना सकते हैं सर। आप बोलो कि सर 1 लाख. का चवनप्राश बना दो। तो मैं 1 लाख का. चवनप्राश बना के आपको दे सकता हूं। और. क्यों बनाएं? इसमें कितनी स्वर्ण बसम डली. है वो भी आपको बताऊंगा। पर वो 1 लाख में. प्रूफ कर दूंगा कि सर 1 लाख का चवनप्राश. है। लेकिन वो 1 लाख का चवनप्राश दुकान पे. मैं किसी भी दुकान पे रख के नहीं बेच. सकता। नोबडी कैन एक्सेप्ट। बोला यार दो के. चवनप्राश है। मैं तुम्हारा 1 लाख का क्यों.
रखूंगा? क्यों रखेगा मेरा? उसके पीछे. रिसर्च क्या है? साइंस क्या है? इंफॉर्मेशन क्या है? डाला क्या है? और मैं. क्यों बेच रहा हूं इतने का? हमारे गोयल साहब बेच रहे हैं ₹.5 लाख का. चवनप्राश. बिक रहा है ना सर. लाख का लेकिन वो इसलिए. क्यों. कितना बिक रहा है वो हमको नहीं पता लेकिन. उन्होंने लाए और बना रहे हैं दबा के वो तो. इसका मतलब शायद बिक ही रहा होगा।. अब बिक रहा होगा नहीं बिक रहा होगा वो तो. गोयल साहब जाने लेकिन ₹1.5 लाख का. चवनप्राश तो बनाया ना।. खिलाया नहीं उन्होंने हमें।. वो ₹1.5 लाख का [हंसी]. लेकिन वो ₹1.5 लाख का चवनप्राश आपको किसी. भी रिटेल स्टोर पे नहीं बिक सकता। क्यों. बेचेगा नहीं? रिटेलर ही नहीं बेचेगा. क्योंकि रिटेलर के पास 50 कंपनियों के चवन.
परास है वो सब 250 300 की रेंज में है तो. ₹1.5 लाख का वो रखेगा नहीं सर सबसे पहली. बात तो अगर उनको भी बेचना होगा तो अपने. सेल्फ प्लेटफार्म से बेचेंगे यही है सर. डायरेक्ट सेलिंग अगर हमें अच्छे प्रोडक्ट. बनाने हैं प्राइस की वार में नहीं फंसना. क्वालिटी वार में फंसना है तब हमारा मॉडल. है सर डायरेक्ट सेलिंग इसलिए आप आप सर आप. यूज़ कीजिए किसी भी डायरेक्ट सेलिंग का. कोई भी प्रोडक्ट आप मुझे रिव्यु करना उसके. बाद आप फिर एक चला देना एक पडकास्ट कि यार. मजा नहीं आया किसी भी अच्छी डायरेक्ट. सेलिंग कंपनी का कोई भी प्रोडक्ट यूज. करेंगे सर. भारत में कौन-कौन से डायरेक्ट सेलिंग की. अच्छी अच्छी कंपनियां है. सर एमवे है हर्बल लाइफ है वेस्टीज है.
आरसीएम है शॉप नेट है दारजू है. आरसीएम रवि शर्मा वाली. हां 25 साल पुरानी है सर अच्छी कंपनी है. उसके सर उसकी तो मैं आपको बताऊं बाजार से. सस्ते प्रोडक्ट है उस कंपनी ने इतनी. रिसर्च करी हुई है अगर बाजार में साबुन 50. की तो उसकी ₹35 की है मैं रियली आपको बता. रहा हूं. आप भी कह रहे हो उसका प्रोडक्ट अच्छा है. मैं भी मैं कह रहा हूं मैं कह रहा हूं सर. अब जो सच है वो तो सच ही रहेगा ना सर अब. जैसे हमारे आयुर्वेदिक प्रोडक्ट है हमारे. महंगे प्रोडक्ट है 100% महंगे प्रोडक्ट है. लेकिन हमारा पेस्ट जिसने भी कर लिया उसने. कम से कम हम पूरे जीवन दूसरा पेस्ट को हाथ. नहीं लगाया लेकिन हमारा पेस्ट महंगा है।.
लेकिन जब क्यों महंगा है उसमें कितना लौंग. का तेल है? कितना हमने डाला है? दांतों को. क्या देता है? ये हम प्रूफ करते हैं।. इनेशन देते हैं कि भ इसलिए हमारा प्रोडक्ट. महंगा है।. अब देखो आपकी एक तो आप लोगों में कला होती. है कि आप लोग सब स्पीकर बड़े अच्छे होते. हो। आदमी को कन्विंस करना आता है। आप. मुझको भी कोशिश कर रहे हो कि अपने [हंसी]. कन्वेंस वाले जाल में रख लो। लेकिन मैं. क्योंकि हूं पत्रकार तो फिर पूछता हूं एक. आम आदमी का सवाल कि अगर डायरेक्ट सेलिंग. से आदमी ऐसे रईस बन जाता तो फिर 140 करोड़. की आबादी में सब यही कर लेते। इस देश में.
इतनी गरीबी है फिर अंबानी और अडानी को. बाकी धंधा करने की क्या जरूरत थी? वो भी. डायरेक्ट सेलिंग में आते। उनके पास तो और. रिसोर्सेज थे। लाखों करोड़ों लोग जुड़े. हुए थे। तो वो धंधे पे क्यों नहीं हाथ. लगाए? वो अपना क्यों अलग सामान बेच रहे. हैं? देखिए सर अगर हमारी अपॉर्चुनिटी. ओपन फॉर ऑल है। आए ना अनंत अंबानी आए कोई. भी आए हमारे यहां काम करे काम करना पड़ेगा. ना मेहनत करनी पड़ेगी घरघर जाकर प्रोडक्ट. बेचना पड़ेगा प्रोडक्ट के डेमो करने. पड़ेंगे आज इस गांव जाना है कल उस गांव. जाना है अगर किसी में इतनी हिम्मत इतनी. झील है तो आके काम करें देखिए सर हर आदमी. इंजीनियर नहीं बनता हर आदमी डॉक्टर नहीं.
बनता हर आदमी टीचर नहीं बनता हर आदमी. प्रोफेसर नहीं बनता हर व्यक्ति के ड्रीम्स. ड्रीमर हर व्यक्ति नहीं होता जो ड्रीमर हो. और उसे इंप्लीमेंट करे वो मेहनत करे वो. जज्बा जिसके अंदर हो सर हम भी अपॉर्चुनिटी. सबको देते हैं हम खुद कहते हैं नहीं करते. ज्यादा ज्यादातर लोग हमारे यहां भी काम. नहीं करते प्रोडक्ट यूज़ करेंगे महीना दो. महीना हमारे ट्रेनिंग सेमिनार आएंगे फिर. बोलेंगे हमारे बस की नहीं है क्योंकि सर. रातों को जागना धूप में जलना सर्दी में. ठुठर के काम करना घर छोड़ के घर से दूर. रहना ये सबके बस की बात नहीं होती तो सभी. अमीर बन जाएंगे सर तो फिर अमीर बनने वाले. की क्या वैल्यू रहेगी.
तो कैसे भरोसा करें कि आपका जमाना सही है. जैसे मान लो आप गांव में आप गए यूज़ तो. यूज़ करने में तो खर्चा करना पड़ेगा ना. भाई दो चार बार लेना पड़ेगा अब. एक बार में पता. महंगा है अब ₹100 वाला आप 500 में दे रहे. हो हम क्या यूज़ करें. एक बार में पता चल जाता है सर यूज़ करके. पता चल जाता है अब मैं बताता हूं हमारे. यहां पर एग्रीकल्चर प्रोडक्ट है सर किसान. से ज्यादा ज्यादा ऑनेस्ट तो कोई नहीं है।. आज इतने चैनल पड़े हैं जैसे सोशल मीडिया. पे मीम्स बन सकती हैं, इतनी वायरल हो सकती. हैं। तो सोशल मीडिया पे प्रोडक्ट के. रिजल्ट्स भी वायरल हैं सर। वो भी हमें. देखने चाहिए कि कितने लोग बताते हैं और. कंज्यूमर मैं चलो सर मैं दावा करता हूं ये. मेरा प्रोडक्ट है। कैंसर ठीक करता है। मैं.
बिल्कुल दावा नहीं करता। झूठ बोल रहा हूं. और मैं मैं ये दावा जीवन में नहीं करूंगा. कि मेरे प्रोडक्ट से कैंसर ठीक होता है।. मेरे प्रोडक्ट से लिवर साइरोसिस ठीक होता. है या मेरे प्रोडक्ट से किसी को बेऔलाद को. बच्चा हो सकता है। एज ए कंपनी मैं दावा. नहीं करता। लेकिन जिस कंज्यूमर ने लिया है. वो दावा कर रहा है और वो अपनी रिपोर्ट. शेयर कर रहा है उसको हम कैसे डिनाई कर. सकते हैं. सर कैंसर कैसे ठीक हो सकता है. सर आपके YouTube के ऊपर जाइए आप रिजल्ट. उन्होंने डाले जो. अरे अभी तो वैसा हुआ कि बाबा लोग पेट में. हाथ डाल के पथरी निकाल देते हैं पत्थर. निकाल देते हैं उसमें वो भी YouTube पे. भरा पड़ा है. हम तो मना कर रहे हैं ना नहीं होता सर मैं.
मना कर रहा हूं मैं मना कर रहा हूं ना मैं. कह रहा हूं नहीं होता कैंसर डेक हमारे. प्रोडक्ट से. हमारे एक बाबा किए थे हरिद्वार वाले. सुप्रीम कोर्ट में डांट खाए थे. हम कह रहे थे हम तो बोल ही रहे हैं नहीं. होता सर. वो कह दिए थे. हम तो मना कर रहे. उनके भी लोग कह रहे थे कि हां ठीक हो रहा. है कोविड में और उसके बाद डांट सुप्रीम. कोर्ट तक. तो हम तो मना कर रहे हैं ना नहीं होता सर. लेकिन जो कंज्यूमर कह रहा है उसको कैसे. चुप कराओगे आप. कैसे माने वो कंज्यूमर है कि आप ही का. आदमी है. अब उसकी रिपोर्ट देख के मानेंगे उससे फोन. करके माने उससे बात करके उसके डॉक्टर की. रिपोर्ट देख के मानेंगे जहां उसका इलाज चल. रहा था वो देख के मानेंगे. तो अगर आप लोगों ने कैंसर का इलाज ढूंढ.
लिया. नहीं हमने नहीं ढूंढा. हां. कंूमर कह रहा है कि ये प्रोडक्ट लेकर मैं. ठीक हूं. हां तो वही मैं कह रहा हूं आज भाई वो आप. ही का इलाज हुआ ना आपके दवा खाया. नहीं हम तो दावा नहीं कर रहे है ना. अरे भाई आप फिर वही बात कहा इधर से पकड़ो. इधर से पकड़ो बात ये. यहां बात आती है क्वालिटी प्रोडक्ट की. यहां बात आती है क्वालिटी प्रोडक्ट की।. अगर ऑथेंटिक प्रोडक्ट बनाया जा रहा है, रिसर्च पे बनाया जा रहा है, मेहनत की जा. रही है, उसमें अच्छी चीजें डाली जा रही. हैं तो वो प्रोडक्ट कुछ भी कर रहे हैं और. कस्टमर भी. होता तो अमेरिका से लेकर रशिया, जापान, ऑस्ट्रेलिया ये सब ना बना लेते।. हैं सर. कि कैंसर ठीक हो गया।. सर मैं रशिया जापान की बात कर रहा हूं। एक.
ट्रेवो कंपनी है। एक. अब जाके रशिया से कहीं खबर आई थी कि. उन्होंने एक वैक्सीन बनाई है। उसको भी. दुनिया यकीन नहीं कर रही है। अभी कि सही. हो गया। सर आपने अभी सुना भी होगा कि. नेचुरोपैथी में जा के लोग कितने ठीक होते. हैं। भूखे रह के लोग कितने ठीक होते हैं।. इस हब्स को लेके क्या फायदा होता है? हर. देखो आप अपनी अपनी पावर को खासकर आयेदा को. तो हम नहीं भूल सकते भारत में 5000 साल. पुरानी पद्धति है। बहुत सी ऐसी चीजें हैं. सर मान रहे हैं ना कुरकुमन का पेटेंट लिया. ना अमेरिका ने बायोपन का पेटेंट अमेरिका. ने लिया। केएसएम 66 का पेटेंट अमेरिका ने. लिया। आपके सारे हर्ब्स का पेटेंट तो.
अमेरिका ने इसलिए तो लिया उसको पता ही. नहीं हब्स में ताकत है।. नहीं ये तो बात दुनिया जानती है। ताकत हम. कहां मना कर रहे हैं कि हमारे आयुर्वेद. में बहुत सारी चीजें हैं। लेकिन ये कह. देना कि फलाना बीमारी ठीक हो गई या जो आप. दावों को प्रत्यक्ष तौर पर सामने रख के. अपने आप को छुपा ले रहे हो। ये थोड़ा अतिश. युक्ति लग रहा है।. नहीं नहीं हम छुपा नहीं रहे सर। अभी क्या. है ना हमारी हमारी इंडस्ट्री में भी और. वैसे बाहर की ट्रेडिशनल इंडस्ट्री में भी. अब क्या है रिसर्च होने लगी हैं। जब तक. ह्यूमन ट्रायल नहीं होंगे सर। ह्यूमन. रिसर्च नहीं होंगे। तो कोई भी दावा नहीं. कर सकता इसलिए हम भी दावा नहीं कर रहे। पर. मैं ये बता रहा हूं कि लोग ऐसे प्रोडक्ट. लेके ये क्लेम करते हैं कि सर ये ठीक हो.
गया वो ठीक हो गया हम भी हैरान हो जाते. हैं कि यार हमने भी ऐसा कुछ नहीं बनाया इन. प्रोडक्ट से तुम कैसे ठीक हो गए. अरे लोग तो भी कहते हैं फलाने बाबा के पास. जाओ तो वहां ठीक हो जाता है सब. नहीं सर. बहुत सारे बाबा इस देश में हम जानते हैं. ना हम बहुत लोग का पॉडकास्ट किए हैं कि. जिनके यहां जाओ तो कहते हैं सब ठीक हो गया. नहीं वो लोग. और लोग दावा भी करते हैं।. सर दावा कहना कहना और प्रूफ करना अंतर है।. अरे भाई वही लोग वो भी कह रहे हैं। वही. लोग वह भी कह रहे हैं कि देखो हम नाच रहे. थे या आजकल वह पंजाब में चलता है उ लाला. लाला वाला नहीं. कि खड़ा हो गया लड़का. ऐसे नहीं सर हमारे तो क्या है कि कोई. रिपोर्ट्स होती हैं अगर आपका थायरॉइड पहले.
ज्यादा था कम हुआ तो तो रिपोर्ट बता रही. है सर आपका कोलेस्ट्रॉल पहले ज्यादा था अब. कम हुआ तो आपकी रिपोर्ट बता रही है ये तो. मतलब मैं उन कंपनी की बात कर रहा हूं जो. हेल्थ वेलनेस पे काम कर रही हैं और भी. हमारे सर्विस पे भी काम करती है हमारी. कंपनियां हमारी कंपनियां नॉर्मल होम केयर. पे भी काम करती है हमारी कंपनियां स्किन. केयर पे भी काम करती है मैं तो सिर्फ एक. बात बता रहा हूं. नहीं बाकी सब तो मैं डाइजेस्ट कर पा रहा. था। यह कैंसर वाला बच्चा वाला थोड़ा सा. मेरे को डाइजेशन नहीं आ रहा है।. तो सर इसके लिए मैं आपको YouTube का लिंक. दे दूंगा। उसके ऊपर एक जितने लोगों ने डाल. रखा है आपकी पूरी टीम उनसे बात करें और. पूरा उनका रिसर्च कर ले और अगर आपको एक भी.
कंज्यूमर का गलत आ जाए जो मैं लिंक दूंगा. कि भ ये बिल्कुल झूठता ये पैसे देके करा. गया। सर आप एक्सपोज कर देना।. हमको दिक्कत नहीं है। बस आपकी ध्यान आपको. दिक्कत ना हो जाए।. एक्सपोज कर देना। मैं खुद कह रहा हूं सर. आप कर देना ना एक्सपोज। मैं आपको लिंक. दूंगा। आप उस आम आदमी के पास जाके देखना. कि अगर ये. तो ये वीडियो उठा के काट के मैं देश के. सारे अथॉरिटीज को टैग कर दूंगा।. [हंसी]. तब वो जब जब आपके पास तथ्य होंगे तब. नहीं कि दावा किया जा रहा है लोगों की तरफ. से आपका नाम ही ले रहा हूं मैं आपकी चीज. लेकर लोग दावा कर. नहीं मेरी चीज लेके नहीं किसी भी कंपनी का. अच्छा प्रोडक्ट.
किसी भी कंपनी का अच्छा प्रोडक्ट लेकर लोग. दावा कर रहे हैं कैंसर ठीक हो गया. लोग दावा कर रहे हैं लोग दावा तो लोग तो. दावा कर. उसको वेरीफाई वो कर दे. हां कर दे सर कोई बात नहीं कर दे. बिल्कुल रिजल्ट के साथ करें रिपोर्ट्स के. साथ करें कहां ट्रीटमेंट चलता था उससे. करें ना हो लेने देने पड़ जाए. कोई बात नहीं सर अगर अगर हम गलत होंगे तो. देने लेने के देने पड़ जाएंगे जी ठीक है।. अ क्या इसमें क्लेरिटी होती है डायरेक्ट. सेलिंग में? मान लो मैं एक नया बच्चा हूं।. मेरे को आपका हिस्सा बनना है। मेरा कितना. खर्चा आएगा? ट्रेनिंग पूरा होते-होते. एवरेज खर्चा कितना आता है?
सर ट्रेनिंग का तो कोई खर्चा आता है।. अरे भाई ट्रेनिंग नहीं वो होटल या उधर उधर. नहीं वो तो सर जब है जब आपका इंटरेस्ट है।. ये तो वैसे है जैसे मेरे को Apple वाला. देता है कि आपका पहले 3 महीने का म्यूजिक. फ्री है। लेकिन आपको ₹2000 का ये लेना. पड़ेगा तब फ्री दूंगा।. ऐसा सर मैं बताता हूं। अगर देखिए इसका. मॉडल क्या है कि हम आके आपको प्रोडक्ट. देंगे। आप यूजर बन. नहीं नहीं मैं एक रैंडम इंसान कह रहा हूं. आपको जॉइ करना चाहता है जो. नहीं जाइन तो मुझे जिसने प्रोडक्ट लिए वो. मेरे से अपने आप ही जुड़ गया अब उसे काम. करना नहीं करना वो उसकी चॉइस है बहुत से. लोग हैं सर जैसे बहुत सारे जैसे सरकारी.
जॉब में होते हैं वो नहीं करते काम वो. कहते थे कि यार हम तो बढ़े हुए हैं. प्रोडक्ट तुम्हारे अच्छे हैं यूज़ करेंगे. बात खत्म हम प्रचार नहीं करेंगे अब जो. प्रमोट ही नहीं करेगा प्रचार ही नहीं. करेगा रिजल्ट शेयर नहीं करेंगे. मान लो मैंने आपका प्रोडक्ट खरीदा. खरीद लिया. खरीद लिया अब मैं आपसे जुड़ गया अब यहां. से आगे मेरा काम कैसे बढ़ेगा. आपका काम अगर आप लोगों के पास जाएंगे उस. प्रोडक्ट आपको समझाएंगे, उसकी इंफॉर्मेशन. देंगे। जो आपको यूज़ज़ किए हैं, उसको. शेयरिंग करेंगे अपना एक्सपीरियंस। अगर वह. लोग भी आपसे प्रोडक्ट लेंगे और आपके. नेटवर्क में शामिल होंगे, तो ही आपका पैसा. बनेगा। नहीं तो ₹1 आपका नहीं बनेगा।. प्रोडक्ट लेके अगर आपने आगे प्रमोट नहीं.
किया, सब खत्म और कोई कमिटमेंट कंपनी नहीं. करती है। डायरेक्ट सेलिंग के रूल्स के. अंदर साफ-साफ है। आज 11 स्टेट ने. मॉनिटरिंग कमेटी बनाई है। 11 स्टेट ने. हमारे रूल्स निकाले हैं। हर स्टेट हमें. वॉच करता है कि यह कंपनी कैसे काम करती. है। आप यह कमिटमेंट ही नहीं कर सकते कि. इतना लगा इतना मिलेगा। ये तो इन्वेस्टमेंट. प्लान कंपनियां करती हैं जो क्रिप्टो पे. काम कर रही हैं। मैं तो सर आप लोगों से एक. रिक्वेस्ट करता हूं। आपने हम तो 25-25 साल. पुरानी कंपनियां हैं जिनके ये चीजें चलो. मीम बन गया। लेकिन आप इतने जिम्मेदार चैनल. हो। आप ये देखो कि क्रिप्टो का खेल कर. करके ये मॉडल पिरामिड मॉडल यूज़ कर करके.
आज कोई दुबई मलेशिया बैठे कम से कम देश के. ₹-500 करोड़ लूट के उनके बारे में भी तो. बात किया करो सर कभी। अच्छा लगेगा हमें भी. कि वो लोग जिन्होंने पूरा देश ही लूट. लिया। गरीब आदमी ने जमीन मकान दुकान सब. बेच के पैसा लगाया कि तुझे 3 महीने में. डबल मिलेगा। तुझे 6 महीने में डबल मिलेगा।. तुझे 12 महीने में डबल मिलेगा। और सब आज. दुबई में कोई 1 लाख करोड़ का मालिक है, कोई 500 करोड़ का मालिक है। ऐसीऐसी. कंपनियां इस देश को लूट रही हैं। वो है सर. अनएथिकल। वो मॉडल नाम लेते हैं एमएलएम. नेटवर्क मार्केटिंग। उन्होंने हमें बदनाम. कर रखा है। हम तो प्योर डायरेक्ट सेलिंग.
है। प्रोडक्ट बेस एथिकल डायरेक्ट सेलिंग. विदाउट प्रोडक्ट सेल। आपको ₹5 भी नहीं. मिलेंगे।. कोई कमिटमेंट।. मान लो मैंने आपका प्रोडक्ट लिया। मैंने. दो आदमी को बेच दिया।. उसने दो आदमी को और बेच दिया। फिर उसने दो. आदमियों को और बेच दिया। मेरा इसमें क्या. मुनाफा है? वो एक मॉडल होता है सर मैथमेटिकली वही. समझना चाह मैथमेटिकली कैलकुलेशन रेमिनेशन. मॉडल होता है कि आपने दो को बेचा मान लो. आपका 10 ₹100 का प्रोडक्ट था मान लो. 10,000 20,000 का माल आपने बेचा तो आपको. ₹1000 कंपनसेशन में मिलेंगे। ₹00 का माल. आपके नीचे मिला तो आपको ₹2000 मिलेंगे।.
60,000 का माल बेचा तो 3000 हर कंपनी का. अलग-अलग मैथमेटिकल मान लो कैलकुलेटिव. का सामान बेचा। अब मेरे को 1000 मिला।. फिर जिसको मैंने 10,000 का बेचा था उसने. नीचे 10,000 का बेचा उसमें भी मेरा कमीशन. होगा। उसमें भी आपका कमीशन होगा।. ये तो पिरामिड ही होगा ना जिसका. पिरामिड कब होता है सर? पैरामिड फिर मैं. बता रहा हूं सर जहां 100% कंप्लीशन मनी. रोटेशन होता है कि दो लोग आए फिर चार आए. आठ आए 16 आए 32 आए 64 आए और वो जब भरता. चला जाता है उसे पैरामिड कहते हैं वो. क्रैश हो जाता है सर पिरामिड मॉडल 25 साल. 48 साल 30 साल 40 साल चलते हैं एमवे 60.
साल पुरानी हस्बल वाइफ आज 40 साल पुरानी. कंपनी है एमवे 60 साल पैरामिड तो क्रैश हो. जाता है ना सर विद इन अ वन मंथ टू मंथ वन. ईयर टू ईयर लास्ट ईयर की लाइफ पैरामिड. मॉडल नहीं होता सर हमारा प्लान का जो. कंपनसेशन मॉडल होता है जो स्ट्रक्चर होता. है वो पैरामिड नहीं होता वहां सेलिंग पे. पैसा. लेकिन जिसने सबसे पहले खरीदा होगा वो मजे. में रहेगा।. जिसकी ज्यादा टीम होगी सर जिसका टर्नओवर. ज्यादा होगा पहले और बाद का नहीं है। कोई. पहले आया उसने काम ही नहीं किया सर। मैं. पहले आया।. नहीं नहीं पहले मतलब जैसे जिस आदमी ने. पहले बनाया मैं आप मेरे नए गांव में आए.
तो उस गांव में जो पहला आदमी खरीद लिया. उसके बाद जितने खरीदते जा रहे हैं।. कुछ नहीं बनेगा उस नए पहले आदमी का। कुछ. नहीं बनेगा। वो पहला आदमी ₹1 नहीं कमाएगा. और जो उसके 2 साल बाद उसकी उसी के नेटवर्क. में आया वो पैसे बनाएगा। क्योंकि उस. स्ट्रक्चर पे पूरे पे काम करना पड़ता है. ना कि ये है कि मेरे नीचे आप आ गए तो आप. पैसे कमा लोगे। आपके नीचे ये आ गए तो ये. पैसे कमा लेंगे। नहीं वो एक मॉडल है। पूरा. स्ट्रक्चर है। उसको पूरे को आपको पीवी. बीवी डालने पड़ेंगे। पूरा टर्नओवर क्रिएट. करना पड़ेगा। अब मैं पहले आया मैं टर्नओवर. कुछ नहीं क्रिएट किया कम आपके प्रोडक्ट ही. नहीं बेच पाया। आखिरी में आया वो 1 करोड़.
का टर्नओवर कर रहा है। 5 करोड़ का कर रहा. है। तो जो आखिरी वाला वो कमाएगा सर। पहले. वाला नहीं कमाएगा।. ठीक है। भारत में डायरेक्ट सेलिंग कानून. कितने सख्त हैं और इसमें वलेशन के उदाहरण. है।. सबसे पहले मैं एक बात बताता हूं सर। भारत. में हमारी इंडस्ट्री एक इकलौती इंडस्ट्री. है। हमें बड़ा दुख होता है जब अपने बारे. में ब्रीफ करना पड़ता है। पर थैंक यू टू. सो मच टू यू कि आपने मुझे बुलाया।. बहुत-बहुत मैं आपको धन्यवाद कर रहा हूं और. करोड़ों लोगों को आपको धन्यवाद मिलेगा इस. पॉडकास्ट के बाद। बताऊं क्यों सर? हम एक. ऐसी इंडस्ट्री है जो बिल्कुल एथिकल हैं।. 100% जीएसटी पेअर हैं हम। हम ₹1 कैश में.
काम नहीं होता हमारे यहां। कोई कमीशन जाता. है तो टीडीएस कट के जाता है। 100% वाइट. इनकम हम लोगों को देते हैं। एक बात। दूसरा. हम पहली इंडस्ट्री जो सरकार के पास जाके. हाथ जोड़ के खड़े थे कि हमें रूल्स दे दो. प्लीज। हमें रूल्स दे दो प्लीज। सारी. इंडस्ट्री रूल्स ब्रेक करती है। हमारी. इंडस्ट्री रूल्स मांग के लाई थी सर। 2016. में हम गाइडलाइंस लाई जा के हजारों बार. संवाद किया गवर्नमेंट के साथ। 21 में. संवाद किया फिर हमें मिले रूल्स। फिर अब. सभी स्टेट हमें रूल्स बना रहे हैं।. तो एक ऐसी इंडस्ट्री जो अपने रूल्स खुद. बनवा के लाई है। तो सर वो क्या रूल्स. ब्रेक करेगी? जिसने खुद रूल्स बनवाए हैं।.
कोई वायलेशन का उदाहरण है कि आपके यहां. वायलेशन हुआ है। कभी किसी पर एक्शन हुआ जब. रूल्स बने उसके बाद. हां उसके बाद हुआ है। कंज्यूमर अफेयर्स ने. एक्शन लिया है। जिन्होंने कुछ मिस. कमिटमेंट किया या कुछ ऐसा बोला एक रिपोर्ट. हुई तो वलेशन पे एक्शन लिया। उन्होंने. सर्कुलर जारी किया कि ये नहीं करना इस. कंपनी को ये नहीं करना। उन कंपनी को एकदम. नोटिस गया है।. जैसे एक परसेप्शन आप लोग को लेकर यह भी है. कि आपके यहां कंपनियां भाग जाती है। आदमी. जुड़ा मेहनत किया और फिर एक कंपनी जो थी. वो झोला लेके भाग गई। बिल्कुल है। देखो सर. हर इंडस्ट्री में टिकने वाली कंपनी और. भागने वाली कंपनी होती है। मैं तो सीमेंट.
की इंडस्ट्री की मैं फैक्ट्री खोलूं और. मैं फैक्ट्री ना चला पाऊं। वहां भी लाखों. लोगों ने अपना हजारों लोगों ने लेबर बने।. कोई मैनेजर बना, कोई सुपरवाइजर बना। अब वो. सीमेंट की फैक्ट्री बंद हो गई। मालिक की. गलती के कारण या उसके गलत पॉलिसीज के. कारण। तो उसमें उन लोगों की क्या गलती? उन्हें दूसरी जगह नौकरी मिल जाएगी। टिकती. और भागती कौन है सर? भागेगी वो जो अच्छे. प्रोडक्ट नहीं बनाएगी जिसे लोग एक्सेप्ट. नहीं करेंगे। टिकेगी वो जिसे लोग एक्सेप्ट. करेंगे। मैंने क्या कहा सर 60 साल पुरानी. कंपनी है एमबी हर्बल लाइफ वेस्टीज हमारी. 22 साल पुरानी कंपनी हो गई आरसीएम 30 25.
साल पुरानी हो गई मोदी खैर 29 साल पुरानी. हमारी कंपनी है हमारी कंपनी खुद की 11 साल. पुरानी है हम क्यों टिके हम क्यों नहीं. भाग रहे सर जब हम हमारा माल बिक रहा है. लोग खरीद रहे हैं हमें प्रॉफिट आएगा हम. क्यों भागेंगे अगर हमारे प्रोडक्ट. एक्सेप्ट होंगे लोग बार-बार खरीदेंगे. रिपर्चेस करेंगे जितनी बार लोग बार-बार. खरीदेंगे उतना हमारा टर्नओवर बढ़ेगा पैसे. आएंगे हम क्यों भागेंगे भागती सर वही है. जो बड्स एक्ट में आती है बैनिंग ऑफ अन. डिपॉजिटरी रेगुल ुलेटरी स्कीम जो कंपनियां. इस डायरेक्ट सेलिंग के नाम पर, एमएलएम के. नाम पर, नेटवर्किंग के नाम पर, चैन के नाम. पर पैसा घुमाती है सर वह सब भाग जाती हैं।.
तो कैसे पहचाने कि ये कंपनी नहीं भागेगी. या कंपनी टिकने वाली है? कोई भी कोई भी. व्यक्ति जब भी डायरेक्ट सेलिंग की तरफ चले. सबसे पहले वो उसकी वेबसाइट पे जाए।. वेबसाइट पे पूरे नॉर्म्स देखे कि डायरेक्ट. सेलिंग की गाइडलाइंस पढ़े। रूल्स पढ़े और वो. कंपनी रूल्स फॉलो कर रही है या नहीं कर. रही है। उसका ट्रेडमार्क खुद का है या. नहीं है। उसके प्रोडक्ट ऑथेंटिक है या. नहीं है। उसने जो पॉलिसी डाली है जैसे. ग्रीवेंस सेल होती है। आप कोई भी कंप्लेन. कर सकते हो। वो गवर्नमेंट का रूल है कि भ. आपको अपनी वेबसाइट पे ग्रीवेंस सेल डालनी. पड़ती। अगर किसी डायरेक्ट सेलर को.
कंज्यूमर को प्रॉब्लम आई तो वो उसी टाइम. आपको ग्रीवेंस में अपना क्वेश्चन डालेगा. और आपको सॉल्यूशन करके देना है और आपको. देना होगा। तो हमें सर क्या होता है ना. लोग प्रभाव में आके और खासकर ईजी मनी इस. दुनिया में सबको चाहिए। तो ज्यादातर लोग. तो ईजी मनी की तरह भाग जाते हैं। जहां दो. नंबर का काम होता है। जहां दो-दो साल में. पूरा पूरी जीवन बर्बाद हो जाते हैं लोगों. के। हमारे यहां हमारी कंपनियां जानने से. पहले पहले वो किसी एसोसिएशन के मेंबर होने. चाहिए। किसी भी एसोसिएशन क्योंकि सर. एसोसिएशन पूरी स्क्रूटनी करती है फिर किसी. को अपना मेंबर बनाती है। पहली बात। दूसरी. बात वो डायरेक्ट सेलिंग के पूरे रूल्स.
फॉलो कर रही है या नहीं कर रही? वो उसका. एग्रीमेंट कैसा उसने बनाया? क्या एक. डायरेक्ट सेलर और कंपनी के बीच में. एग्रीमेंट हो रहा है या नहीं हो रहा? और. एग्रीमेंट में जो टर्म्स एंड कंडीशंस है. वो रूल्स के अनुसार है या नहीं? यहीं से. पता चल जाएगा ये कंपनी ऑथेंटिक एंड. ऑथेंटिक है। सर देखो नकली और असली ये तो. आज तक बिकता था, बिकता है और आगे भी. बिकेगा। दूध बेचना गलत काम नहीं है पर. नकली दूध बेचना गलत काम है।. ठीक बात है। लेकिन जब आप दूध लेने जा रहे. हो तो आपको पता है ना कि कहीं असली मिलता. है, कहीं नकली मिलता है। कुछ कंपनियां. जहां हमको पता होता है असली मिलता है।. खुले में लोगे तो उसमें आदमी पता होता है. कई बार पानी मिला होगा क्या होगा। तो जो.
आदमी जुड़ने आपके साथ आ रहा है। उसको आपने. सपना दिखाया कि तुम ऐसे बड़े आदमी बन सकते. हो। तेंदुलकर बन सकते हो।. बन सकते हो।. तेंदुलकर बन सकते हो। लेकिन क्या उसमें. डाउनफेलर का बताया कि तुम काम भी हो सकते. हो। अमोल मजूमदार भी हो सकते हो कि हो. सकता है भाई 11 साल तक खेलते रहो कुछ हो. ही ना 11000 रन बना दो कुछ ना हो यह भी. बताते हो आप कि फेल चांसेस कितने ज्यादा. है. 100% बताते हैं सर हम कि अगर यह प्रोडक्ट. आप बेचोगे नेटवर्क बनाओगे टर्नओवर बनाओगे. तो पैसे मिलेंगे नहीं बनाओगे तो ₹1 नहीं. मिलेंगे और ये हमारे डायरेक्ट सेलिंग के.
रूल्स में भी और डायरेक्ट सेलर के लिए. गाइडलाइंस है। डायरेक्ट सेलिंग रूल्स में. कंपनी के लिए गाइडलाइंस अलग है सर कि. कंपनी को ऐसे काम करना है और डायरेक्ट. सेलर्स जो बाजार में जाके माल बेचेगा उसके. लिए भी गाइडलाइंस है कि तुम्हें डेमो करना. है सामने वाले से पहले अपॉइंटमेंट लेनी है. मिलने से पहले फिर प्रोडक्ट का डेमो देना. है प्रोडक्ट के बारे में पूरी इंफॉर्मेशन. देनी है और जो आपका रेमुनेशन मॉडल है पैसे. का जो मॉडल है जो भी कमीशन बेस मॉडल है उस. मॉडल को पूरा समझाना है और आपको कोई भी. वादा नहीं करना ये तो हमारे रूल्स में है. सर हमें फॉलो करना ही पड़ता है हमारी. ट्रेनिंग में डायरेक्ट सेलर को हम ट्रेंड. करते हैं कि भाई ये तुम जाके कमिट नहीं कर.
सकते किसी को गारंटी नहीं दे सकते कि तुझे. पैसा मिलेगा। तुम कमा सकते हो। इतने पैसे. तुम्हें आ सकते हैं। अगर इस पे काम करोगे, इतनी मेहनत करोगे, इतना टर्नओवर बनाओगे तो. तुम्हारी इनकम हो सकती है। होगी। ये तो. बोल ही नहीं सकते। हमारी गाइडलाइंस में. नहीं है। सर, हमारे रूल्स में नहीं है।. अच्छा एक सवाल बहुत कॉमन आदमी का होता है।. अगर आप लोग आम लोगों के लिए काम करते हो, गांव सामान बेचते हो तो जितने आपके बॉसेस. होते हैं वो सब सूट बूट में काहे घूमते. हैं? अब सर सूट बूट में देखिए आप समझिए कि. ये भी बड़ा ट्रेंडिंग टॉपिक होता है कि. सूट पहन के उसके बाद फिर हवाबाजी होती है।.
नहीं हवाबाजी नहीं होती है। पर वो सूट. क्यों पहनते हैं? देखिए सर क्या होता है. कि हमारे यहां पर कौन आ सकता है? पहले हम. उस पे बात करते हैं। हम. इस दुनिया में सफलता उस व्यक्ति को मिलती. है जो आपकी तरह बहुत अच्छा या तो पत्रकार. हो, बहुत ज्यादा पढ़ा लिखा हो, बहुत. ज्यादा डिग्री होल्डर हो, इंजीनियर, डॉक्टर, आर्किटेक्ट बन जाएगा या किसी के. पास बहुत बड़ा पैसा हो पैसा लगा के दुकान. खोल ले, स्कूल खोल ले, हॉस्पिटल खोल ले या. कोई व्यक्ति इनबिल्टि टैलेंट रखता हो, सिंगर, डांसर, बॉक्सर बन जाए। इसके सिवा. एक कैटेगरी और है। ना पढ़ा लिखा है, ना. बैकग्राउंड बहुत चढ़ रहा है, ना सेल्फ. ओरिएंटेड कुछ टैलेंट है कि सेल्फ बिल्ड. कोई टैलेंट है। ऐसे लोग जब हमारे यहां आते.
हैं, उन्हें एक उम्मीद जगती है कि यार. यहां मेरे सपने पूरे हो सकते हैं। यहां. मैं कर सकता हूं। तो फिर हम उसे बुला के. उसे जेंटलमैन बनाने की कोशिश करते हैं। हो. सकता है वो टाई टेढ़ी लगाता है। अभी. नया-नया आया क्योंकि नया-नया आया लेकिन. उसे हम कहते हैं जब आप अपने आप को. प्रेजेंट करो तो पर्सनालिटी प्रेजेंट पहले. होती है। आप कहीं जाओ तो अपने को प्रेजेंट. करो। अच्छे कपड़े पहनो। अब मैं सर उसे. कुर्ते पजामे भेजूंगा या फटी हुई चप्पल. में भेजूंगा तो बात तो करेगा वो लाखों. रुपए महीने की और उसका जब यह हुलिया होगा. तो कौन उस पे भरोसा करेगा? तो हम उन्हें. ट्रेनिंग देते हैं टू बी अ सूटेड वोटेड।. एक अच्छी ग्रूम रहो और जाके लोगों को तब. प्रेजेंट करोगे तब लोग आप पे भरोसा.
करेंगे। तो सब ये लोग सर आते हैं जहां से. भी आते हैं और कुछ अच्छी कैटेगरी की क्लास. आती हैं वो तो अपने आप ही ग्रूम्ड होते. हैं तो वो भी बहुत बड़ा काम करते हैं।. हमारे यहां सर एमबीबीएस डॉक्टर आईआईटी. इंजीनियर्स एमबीए करे हुए आईएम हर तरह के. लोग आपको मिल जाएंगे। सर आप थोड़ा सा. रिसर्च कर लो जो डायरेक्ट सेलिंग करते. हैं।. तो मतलब आप ये कह रहे हो कि क्योंकि गरीब. आदमी इन्वॉल्वड है इसलिए लोगों को मजाक. उड़ाने का मौका ज्यादा मिल जाता है।. बस सर थैंक यू सो मच शुभंकर सर। आपने ये. बात बोल के ना दिल खुश कर दिया। सच्चाई. बात यह है कि एक गरीब आदमी बड़ा बनता है. ना उसकी हजम नहीं हो रही वो तरक्की किसी.
को। कोई हजम नहीं कर पा रहा कि यार यह 30. साल में एक लेडीज ने काम करना शुरू किया. इस वुमेन ने और ये आज गाड़ी BMW लेके घूम. रही है तो हजम नहीं कर पा रहे। ये वो लोग. हैं जो खुद नहीं कर सकते और लेकिन दूसरों. की तरक्की हजम नहीं कर पा रहे। ये बना रहे. हैं हमारे पर मीम्स। ये बनाते हैं हमारी. मजाक। अगर सर ये मजाक और मीम्स है तो कल. आप बोलो कि संजीव जी आप मेरे को डाटा भेजो. कि डायरेक्ट सेलिंग में कोई कौन आदमी क्या. करता था? कितना पढ़ा था? क्या बैकग्राउंड. था? और आज क्या मेंटेन कर रहा है ऑथेंटिक. डायरेक्ट सेलिंग करके तो मैं सर आपको कम. से कम 2000 लोगों का डाटा भेजूंगा जो.
करोड़पति बने हैं और जिनकी कोई उम्मीद. नहीं थी जिनके सपने मर चुके थे जिनको कोई. रास्ते नहीं दिख रहे थे सर ये इंडस्ट्री. बहुत पावरफुल इंडस्ट्री है यहां पर कुछ भी. झूठ नहीं है बस शर्तें प्रोडक्ट. जैसे एक होता है कि ऐसा नहीं कि गरीब. लोगों का हर आदमी मजाक उड़ाता हमारी. इंडियन क्रिकेट टीम में भी महिलाओं में. बहुत सारी गरीब लड़कियां थी जिनकी सफलता. की हम कहानी सुनाते हैं। आप लोगों ने अपने. आप को एनालाइज़ नहीं किया। कहीं तो गलत कर. रहे होंगे कि कितना मजाक उड़ा रहा है। तो. या तो वह एक्सट्रीम हवाबाजी होगी या वह. होगा कि इतना बढ़ा चढ़ाकर कह दिया कि जहां. पर आपको संवेदना मिलनी चाहिए थी वहां पर.
आप को उपहास होने लगा।. हां मैं कह मैंने आपको बोला कि बढ़ा चढ़ा. के बोल देते हैं क्योंकि वो अपने आप को. एक्सप्रेस नहीं कर पाते। उस तरह की. जैसे इस देश में गरीब आदमी को लोग पसंद. करते हैं। उसकी सफलता कहानी किसी फील्ड. में जाता है वो। हमारे यहां ना सर वो इस. लेवल पे सफल होता है कि बहुत से लोग हजम. नहीं करते हैं क्योंकि सर यहां वो लोग वो. लोग बड़े बने हैं जिन लोगों के पास झोपड़ी. थी सर उन्होंने मेहनत करी है और सर इतना. मेहनत का काम है शुभांकर सर ये इतना मेहनत. का काम है कि आप कहते हो ना लोग छोड़ देते. हैं होती नहीं सर दिन में 2020 घरों में.
जाना 20-20 घरों में जाकर डेमो करना. लगातार जाना अपने घर से दूर रहना अच्छा. दुनिया मना करती है नहीं जी नहीं जी ये. प्रोडक्ट हमें नहीं चाहिए फिर उन्हें. मनाना फिर जाना फिर एक नेटवर्क बनाना फिर. उसे ट्रेंड करना उस नेटवर्क में ऐसा थोड़ी. है कि वह उसके साथ जो लोग हैं वह ट्रेंड. है। फिर उनको रात-रात भर बैठ के काम. सिखाना फिर उनके नेटवर्क को काम सिखाना. बहुत हार्ड वर्क है सर डायरेक्ट सेलिंग. बहुत हार्ड वर्क है। तब लोग यहां सक्सेस. हो जाते हैं। तो कुछ लोगों को लगता है यार. ये कैसे हो सकता है? ये तो हो ही नहीं. सकता। ये आदमी गाड़ी ले ही नहीं सकता। ये. आदमी इतना पैसा कमा ही नहीं सकता। मैं तो. इसको बैकग्राउंड से जानता हूं। इसके साथ.
बचपन में कंचे खेला हूं। मैं तो गिल्ली. डंडा खेला हूं। इसके पास तो ऐसा कोई. टैलेंट नहीं था। लेकिन वो इस प्लेटफार्म. की पावर है। इस डायरेक्ट सेलिंग की पावर. है। क्योंकि यहां पर क्या है सर? कंपटीशन. नहीं है। यहां सब एक दूसरे को आगे बढ़ाते. हैं। टांग पकड़ के खींचते नहीं है। गिराते. नहीं है। किसी को रोकते नहीं है। सब कहते. हैं चल तू भी मेहनत कर। मैं भी करता हूं।. चल अपन तू इधर चल मैं इधर चलता हूं। चल हम. सारे लोग मिलके मेहनत करते हैं। तब जाके. एक नेटवर्क बनता है। तब जाके लोग पैसा. कमाते हैं।. ठीक है। असली और नकली कंपनी का फर्क कैसे. पहचाने? असली नकली का सर एक ही फर्क है कि. सबसे पहले तो जो कंपनी आपको पैसे दुगने.
करने का वादा कर रही है चाहे वो क्रिप्टो. को बेस बना रही है और प्रोडक्ट को भी बेस. बना लेती हैं जो आज आप लोग हमारे खिलाफ. बात करते हैं या आप नहीं या कोई भी मीडिया. चैनल या कोई भी मीम्स बनाते हैं वो अपनी. जगह कहीं हद तक सही भी कहते हैं क्योंकि. कई कंपनियों ने क्या किया कि प्रोडक्ट तो. जैसे ये कप है उसके बाद कहा यार ये तू कप. बेचेगा ना तो 3 महीने में तेरे पैसे डबल. कर दूंगा एक तो कप के पैसे दे दे और जो. तूने पैसे दिए डबल हो के मिल जाएंगे तो. प्रोडक्ट तो वहां भी इन्वॉल्व हो गया अब. लोगों का यही यही यही भ्रांति रही आज तक. यार प्रोडक्ट तो वहां भी इन्वॉल्व था. जिसने मुझे दोनों दो दुगने पैसे की बात. करी थी। इसी तरह कोई क्रिप्टो के आड़ में.
कि मैं बिटकॉइन दूंगा मैं यह कॉइन दूंगा. या मेरा कॉइन दूंगा। ये जो लोग जितने भी. दुगने पैसे करने का वादा करते हैं ये सब. नकली है सर। यही पहचानने क्या है कि जो. आपको बड़ा लालच दे रहा है। दुगने करने की. बात कर रहा है। बिना मेहनत के जो पैसे. देने की बात कर रहा है सर। चाहे वो कोई भी. कंपनी कर रही है चाहे वो प्रोडक्ट लेके. उसकी आड़ में कर रही है वो भी गलत है और. असली वो है जो कहता है भाई प्रोडक्ट. बेचोगे टर्नओवर दोगे कंपनी को इतना दोगे. तो इतना मिलेगा नहीं दोगे तो नहीं मिलेगा.
गाइडलाइंस रूल्स जो भारत सरकार के पूरा. फॉलो कर रही है वो 100% असली है और वहां. 100% कैरियर है और यह 60 साल से प्रूवन है. और भारत में भी आज 29 साल हो गई 29 साल से. कम नहीं उन्हें कैरियर बना रही है लोगों. के. तो जो नया आदमी आपको सुन रहा होगा और वो. जो इसके स्कैम वाले प्रोसेस होते हैं जो. स्कैम वाले होते हैं क्योंकि आप खुद मान. रहे हो कई जगह स्कैम आपके यहां है। उस. स्कैम से बचने के लिए क्या सलाह दोगे? हमारे यहां नहीं है।. अरे आपकी आड़ में ही जैसे आपने बताया कि. प्रोडक्ट आपका बेच रहा है तो वो भी आप ही. का हिस्सा हो गया। पुण्य पाप दोनों हम. आपको दे रहे हैं। [हंसी].
नहीं पुण्य पुण्य तो जो पाप वाला हिस्सा. है वो स्कैम से आम आदमी कैसे बचे? उस. स्कैम से बचने के लिए उसे यही देखना है कि. ये कंपनी जो प्रोडक्ट तेरे को दे रही है।. पहली बात तो ये यूज़ का होना चाहिए। तेरी. नीड का होना चाहिए। ऐसा नहीं है कि तेरे. को कई कंपनियां चाइना से लाके कोई ऐसा. प्रोडक्ट देती हैं। इसी मैं बता रहा हूं. सर जो कि ये प्रोडक्ट जो उसके किसी काम का. नहीं है। सबसे पहले मेरा प्रोडक्ट मेरे. काम का नहीं है। क्यों दे रहे हो भाई? चाहे अपॉर्चुनिटी दो चाहे मुझे मैं पैसे. कमाऊं चाहे ना कमाऊं पर प्रोडक्ट वो दो जो. मैं घर में यूज़ कर सकूं। वर्थबल हो, यूज़बल. हो और रियली उसकी मुझे जरूरत हो। सबसे.
पहला पहला स्टेप यह है। दूसरा कोई भी वादा. नहीं होना चाहिए कि इतना करेगा, मेहनत. करेगा, टर्नओवर देगा, प्रोडक्ट सेल होगा. तो पैसा आएगा। और अगर प्रोडक्ट सेल हुए. बिना पैसा आ रहा है 100% स्कैम है सर।. 100% स्कैम है। दुगने का वादा 4% ब्याज. मिलेगा हर महीने। 3% ब्याज मिलेगा। 8%. ब्याज मिलेगा। 100% स्कैम है। अगर ये चीज. लोग ध्यान रखें तो ऑथेंटिक डायरेक्ट. सेलिंग में आएंगे। वो कामयाब हो ना हो. लेकिन उनका पैसा डूबने का 0% चांस होगा।. डायरेक्ट सेलिंग में भारत कितने स्थान पर.
है? 11वें स्थान पे है सर। अमेरिका पहले स्थान. पे है। अब अमेरिका इतनी डेवलप कंट्री है।. 40 बिलियन डॉलर का। शुभांकर सर 40 बिलियन. डॉलर का अमेरिका इस अगर इस बिजनेस में जान. नहीं होती इसके प्रोडक्ट की एक्स. एक्सेप्टेबिलिटी नहीं होती अगर इस बिजनेस. में जान नहीं होती इसके प्रोडक्ट की. एक्सेप्टेबिलिटी नहीं होती अमेरिका जैसा. देश में 4 लाख करोड़ का व्यापार होता है।. चाइना में तकरीबन. मेरे ख्याल डेढ़ पौने दो लाख करोड़ का. व्यापार होता है। साउथ कोरिया में सर डेढ़. 2 लाख करोड़ का व्यापार होता है। जर्मनी.
में 10 लाख करोड़ का सॉरी 2 लाख करोड़ का. व्यापार होता है। टोटल व्यापार हमारा 16. लाख करोड़ का होता है। और हम सिर्फ 25,000. करोड़ का करते हैं इंडिया में। क्योंकि. हमें रूल्स थोड़ा लेट आए। 2021 में रूल्स. मिले और जैसे अब आप जैसे लोग आने लगे. हमारे बारे में बात करने लगे। आप बात ही. कर रहे हैं इसी से हम हमारी इंडस्ट्री को. कहीं ना कहीं लोग अच्छा बुरा समझ जाए ना. वही बड़ी बात है। बस ये अच्छा बुरा लोग. समझ जाएंगे तो हमारा भी एक दिन 2-3 लाख. करोड़ का टर्नओवर होगा इंडस्ट्री का। ये. जरूर ऐसा दिन आएगा। लेकिन आज हमारा 11वा. स्थान है सर।. हमारी कोशिश यही है कि जो सारे संदेह सारे. सवाल शक हैं वो आपसे पूछ ले ताकि थोड़ा.
क्लेरिटी हो लोगों के मन में। लेकिन 140. करोड़ की आबादी ज्यादा फिर तो कम है ये।. हां जी सर क्योंकि सर वही है ना कि इसकी. आड़ में गलत कमियां आई स्कैम हुए और किसी. ने ध्यान नहीं दिया जैसे आप आपने अपने. चैनल पे आज मुझे बुलाया कि आओ जी बात करते. हैं ओपनली ओपन टॉक करते हैं और आप ओपन टॉक. कर रहे हो आप ऐसा नहीं मेरे फेवर में कोई. बात कर रहे हो ऐसी ओपन टॉक करने वाले लोग. जब आएंगे आप जैसे अच्छे लोग बढ़ के आएंगे. देश डायरेक्ट सेलिंग में अच्छा काम करेगा. मैं नहीं कहता बेरोजगार मिटा देंगे लेकिन. गवर्नमेंट का सहयोग बहुत करेंगे क्योंकि. 100% यहां पर ट्रांसपेरेंसी है सर चाहे.
जीएसटी हो चाहे टैक्स हो चाहे वाइट की. इनकम हो चाहे प्रोडक्ट बनाना. हमारे भारत में सर 45% वुमेन है यहां पर।. हमने वुमस डे किया था 8 मार्च को जिसमें. दो सीएम ने अपना हमें आशीर्वाद देके गए. थे। अब आप समझिए दो सीएम देश के आए। वो भी. समझते हैं डायरेक्ट सेलिंग और भी पिछले. उससे पिछले किया था तो कंज्यूमर मिनिस्टर. आए क्योंकि इन्होंने ही बनाए हमारे लिए. रूल। ये भी समझते हैं डायरेक्ट सेलिंग। तो. उनका भी उम्मीद है कि दो-ती लाख करोड़ की. इंडस्ट्री हो। वुमेन एंपावरमेंट को स्किल. इंडिया को आत्मनिर्भर भारत को ये. इंडस्ट्री सहयोग करें और भारत में.
बेरोजगारी दूर करने में एक छोटा-मोटा रोल. जरूर निभाए। आपने कई बार महिलाओं का जिक्र. कर दिया। डायरेक्ट सेलिंग में महिलाओं की. क्या भूमिका है? सबसे बड़ी भूमिका उनकी थी सर। डायरेक्ट. सेलिंग बनी महिलाओं के लिए थी। डायरेक्ट. सेलिंग जब आई थी तो उन महिलाओं के लिए आई. थी कि जो महिला अपने घर में फ्री हो जाती. है वो दो चार छ घंटे जो टाइम रहता है उस. टाइम पे वो प्रोडक्ट यूज़ करें और लोगों. को जा के प्रोडक्ट का डेमो करें और कुछ. एक्स्ट्रा इनकम करें। हकीकत में डायरेक्ट. सेलिंग जो शुरू में बनी थी सर 1883 की मैं. बात कर रहा हूं। तो पार्ट टाइम के लिए बनी. थी। फुल टाइम के लिए नहीं बनी। फिर. महिलाओं ने इसमें योगदान दिया बढ़चढ़ के. तो फिर महिलाएं जब अच्छा कमाने लगी तो.
धीरे-धीरे लोगों को समझ आया अच्छा मॉडल है. ये तो सेलिंग का अच्छा मॉडल है कहीं ना. कहीं पैसे भी बन जाते हैं 2 घंटे काम करें. चाहे 4 घंटे काम करें कुछ एक्स्ट्रा इनकम. आ जाती है घर में थोड़ा और अच्छा घर चल. जाता है तो धीरे-धीरे फिर पुरुष आने लगे. बनी है महिलाओं के लिए थी और आज भी. महिलाएं 45% महिलाएं हमारे यहां एंप्लई. सॉरी हमारे यहां डायरेक्ट सेलर्स 100% में. 80 लाख के करीब डायरेक्ट सेलर एक्टिव हैं. भारत के आज के अंदर आपके पडकास्ट को भी 80. लाख के आसपास डायरेक्ट सेलर जरूर देखेंगे. जो भी डायरेक्ट सेलिंग को जानते हैं और आज. 10 लाख लोगों को डायरेक्ट और इनडायरेक्ट.
परमानेंट एंप्लॉयमेंट दे रखा है। जैसे. हमारी फैक्ट्रियां हैं। पांच फैक्ट्रियां. हमारी हजार लोगों का हमारा वहां पर है।. कोरियर है, लॉजिस्टिक है। ये सब चीजों में. डायरेक्ट इनडायरेक्ट रोजगार आज जितना हमने. दे रखा है सर।. ठीक है। डायरेक्ट सेलिंग में कौन-कौन सी. स्किल सीखी जा सकती है? पर्सनालिटी डेवलपमेंट. हम. उसके बाद कम्युनिकेशन, सेल्स स्किल्स। तीन. चीजें तो हमें सिखानी पड़ेंगी। क्योंकि जब. तक वो पर्सनालिटी डेवलप नहीं करेगा वो ना. नेटवर्क बना पाएगा ना लीडरशिप क्रिएट कर. पाएगा ना नेटवर्क चला पाएगा क्योंकि इतने. बड़े नेटवर्क को चलाना तो एक आपको लीडर.
बनना पड़ेगा तो लीडरशिप स्किल्स सेल्स. स्किल्स कहीं जाना बार-बार जाना अपने. प्रोडक्ट को समझाना बिलीव दिलाना वो. कम्युनिकेशन हाउ टू कम्युनिकेट विद पीपल. एक रो बच्चा आता है हमारे यहां तो कोई भी. आ जाता है ना सर यहां तो प्रोडक्ट ही तो. खरीदना है बस उसके बाद आ गया डायरेक्ट. सेलर बन गया नाम का हो गया डायरेक्ट सेलर. पर विदाउट एजुकेशन तो किसी से बात भी नहीं. कर सकता तो कम्युनिकेशन स्किल्स भी हम. उसको सिखाते हैं. तो मतलब प्रोडक्ट सारा इंसान बिकता है. यहां पे. इंसान प्रोडक्ट पहले उसके बाद इंसान दोनों. दोनों बराबर-बराबर सर अगर दोनों. अगर इंसान होशियार है तो बेच ले जाएगा।.
हां इंसान होशियार है तो फिर होशियार आदमी. तो बेच ही देता है सर बिल्कुल सही कह रहे. हो अब ये बात मान रहा हूं मैं आपकी अगर. कोई अच्छे पर्सनालिटी डेवलपमेंट है. कम्युनिकेशन अच्छा है सेल्स स्किल अच्छी. है तो बेच देगा. अब देखिए फिर यहीं से वही सवाल पहला वाला. आ गया हमारा कि अगर इंसान बहुत अच्छा है. सारी बात कर लेगा तो लोग बेवकूफ बन जा रहे. हैं. अरे सर वो जो इंसान था उसकी कम्युनिकेशन. स्किल जो पहला वाला आपका सवाल था क्या थी. ऐसी जो बेच पाएगा फिर भी बिक रहा है तो आप. सोचो कितनी स्ट्रांग इंडस्ट्री है. हो सकता है बाप दादा ने उनके अच्छा कर. दिया हो [हंसी]. इसमें क्या-क्या चीजें और आप बताना चाहोगे.
मतलब मतलब इस इंडस्ट्री को लेकर जो आपको. लगता है सबसे बड़ा मिथ है।. सबसे बड़ा मिथ है सर डिफरेंशिएट बिटवीन अ. एथिकल एंड अनएथिकल वी वांट अ सपोर्ट ऑफ़. मीडिया। सबसे पहले हमें मीडिया का सपोर्ट. चाहिए। आप लोगों का हमें सपोर्ट मिले। आप. हमें गलत को गलत ही कहें पर लेकिन सही को. सही कहें। ये जिम्मेदारी ना ले कि सबको. गलत ही कहें। बस ये जिम्मेदारी हमारे. मीडिया को एहसास हो। गलत को गलत कहें, सही. को सही कहें। दूसरा गवर्नमेंट भी हमारा. यही सपोर्ट करें कि डिफरेंशिएट करें। जो. गवर्नमेंट कर चुकी है रूल्स लाने के बाद।. एक बया गवर्नमेंट ने जो दो नंबर की.
कंपनियां डायरेक्ट सेलिंग का मॉडल करती है. एमएलएम बोलती हैं नेटवर्क मार्केटिंग. बोलती हैं दो के चार करती उनके लिए बना ऑफ. अनपो. रेगुलेटेड डिपॉजिट स्कीम का एक्ट बना है. बर्ड्स एक्ट और हमें रूल्स बना के दिए भ. तुम प्रोडक्ट वाले हो तुम ऑथेंटिक. प्रोडक्ट सेलिंग कंपनी हो तुम अपने. प्रोडक्ट बेचो इन रूल के अनुसार. बट डायरेक्ट सेलिंग का मतलब क्यों इंसान. जाए ई-कॉमर्स से क्यों ना ले ले वो भी तो. लोग बना के Flipkart पे डाल दे रहे हैं. Amazon पे डाल दे रहे हैं आदमी सीधे खरीद. ले रहा है. बिल्कुल सही प्रोडक्ट की अगर मैं बात करूं. तो बिल्कुल सही चाहिए। मैं कहीं से भी ले. सकता हूं। लेकिन मैंने जैसे कहा कि कुछ.
प्रोडक्ट हमारे आरएडी बेस्ड होते हैं। कुछ. प्रोडक्ट जो कि रेगुलर यूज़ के नहीं होते।. उनमें क्वालिटी बेस्ड प्रोडक्ट होते हैं।. वह भी हम भी डाल सकते हैं। लेकिन यहां पर. जो आपको प्लेटफार्म मिलता है कि भ इसी. प्रोडक्ट को सेल करके आप चाहे ₹2 कमाओ. महीने के चाहे 2000 एक एक्स्ट्रा इनकम. जनरेट कर सकते हो। और सर एक सबसे बड़ी. ब्यूटी बता रहा हूं। अभी जितना भी एआई आ. रहा है या ई-कॉमर्स आ रहा है। ये कहीं ना. कहीं धंधा तो खाया है। लोगों का धंधा तो. खराब रिटेलर का धंधा तो इन्होंने खराब. किया ही है। हमारी इकलौती इंडस्ट्री ऐसी. है जहां ह्यूमन इंटरफेरेंस लगता है. क्योंकि हमें प्रोडक्ट का डेमो करना. पड़ेगा। किसी के घर पे प्रोडक्ट समझाना.
पड़ेगा। हमारे यहां से कभी भी जो मैन पावर. वो हमें कभी कम नहीं होगी। मैन पावर बढ़ती. जाएगी। चाहे कितना ही मशीनरी का युग आ जाए. चाहे एआई का युग आ जाए। हमारी इकलौती. इंडस्ट्री है जो हमेशा व्यक्ति को रोजगार. देगी।. कौन-कौन सा आप लोग प्रोडक्ट का उस दिखाते. हो डेमो करके? कितने प्रोडक्ट हम थोड़ा. समझाओ। हमको हमको जानना है। कौन-कौन सा. प्रोडक्ट है आपके यहां पे? देखिए सर हमारे. यहां पर आयुर्वेदिक आयुर्वेदिक वेलनेस. प्रोडक्ट होते हैं। हमारे यहां स्किन के. प्रोडक्ट होते हैं तो डेमो भी चलते हैं।. कॉस्मेटिक्स होता है स्किन का या हर्बल. स्किन भी होता है या दूसरा स्किन के. प्रोडक्ट भी होते हैं। तो उनके भी डेमो.
चलते हैं। हमारे यहां लोग एयर प्यूरीिफायर. भी देते हैं। ये अपना वाटर प्यूरीिफायर भी. देते हैं। उनके भी डेमो होते हैं। एक. कंपनी बताता हूं मैं आपको। कंगन वाटर कोई. ऐसा सेलिब्रिटी बताओ इंडिया में जिसके. यहां कंगन वाटर का आरो ना लगा हो।. डायरेक्ट सेलिंग का प्रोडक्ट है सर।. डायरेक्ट सेलिंग का 1 लाख का लगता है।. जापान की कंपनी है। पूरे वर्ल्ड वाइड काम. करती है। कंगन वाटर आप कोई सेलिब्रिटी. जितने भी बॉलीवुड के बैठे हैं, हॉलीवुड के. बैठे हैं कि कंगन वाटर लगाया नहीं लगा।. किसने बनाया सर? और कंपनियों ने क्यों. नहीं बनाया? डायरेक्ट सेलिंग में ही क्यों. बिका? डायरेक्ट सेलिंग का प्रोडक्ट है सर. कंगन वाटर का। उसका डेमो लगता है। तो ऐसे.
बहुत से प्रोडक्ट है जिनके डेमो देने. पड़ते हैं।. ओके। सबसे ज्यादा हेड प्रोडक्ट कौन-कौन से. हैं? आयुर्वेदिक और वेलनेस।. 64% का कंट्रीब्यूशन है। आयुर्वेदिक और. वेलनेस के प्रोडक्ट। न्यूट्रासिकल्स।. इनमें आप क्या डेमो देते होगे आयुर्वेदिक. प्रोडक्ट. इनमें इनमें डेमो नहीं देते इनमें तो. कस्टमर यूज़ करता है उसके बाद बताता है अगर. उसे अच्छा लगता है कि यार मजा आया या. पेस्ट अच्छा किया पेस्ट में मजा आया मैंने. तुलसी ली तुलसी से मेरा चेस्ट को रिलीफ. मिला या मैंने कोई तेल लगाया तो मेरे. घुटनों को रिलीफ मिला बस इतना ही रहता है. लेकिन इनके डेमो जो मैंने अभी बताए एयर. प्यूरीिफायर है वाटर प्यूरीिफायर है उसके.
बाद सैनिटरी पैड्स हैं हमारे बहुत अब सर. मैं आपको बताता हूं सेनेरी पैड डायरेक्ट. सेलिंग का सेनेरी पैड और ट्रेडिशनल का. सैनिटरी पैड आप ही जाके कंपेयर कर लेना. आपके घर में कोई ना कोई महिला जरूर होगी. आप उससे कहना बेटा एक डायरेक्ट डायरेक्ट. सेलिंग का मंगा ले और एक यहां मंगा ले और. दोनों सेरी पैड का यूजज़ करके आप खुद कह. दोगे कि क्या क्वालिटी बनाती है डायरेक्ट. सेलिंग कंपनियां। यह जो बाजार का सेनेरी. पैड है वो कितना अनहाइजेनिक है जिसकी. रिसर्च हो रखी है जिसके ऊपर खूब सारे लेख. आ रखे हैं वो कितना लेडीज़ के लिए. अनहाइजेनिक है और डायरेक्ट सेलिंग. कंपनियों ने इतना हाइजीनिक सेंटीमेंट. बनाया है। बहुत सी कंपनियों ने जो कि कोई.
भी महिला यूज़ करके उसको बार-बार यूज़ करती. है और प्योरली हाइजीनिक प्रोडक्ट है. विद साइंस।. ओके। ये तो जो लोगों ने जो वीडियो देख रहे. होंगे हम चाहेंगे जिन्होंने इस्तेमाल किया. वो बताएं क्योंकि असली तो वही लोग हैं. फीडबैक के लिए। डायरेक्ट सेलिंग कंपनी से. जुड़ने से पहले क्या-क्या देखना चाहिए? उस कंपनी के प्रोडक्ट क्या है? उस कंपनी का मैनेजमेंट कैसा है? एक्सपीरियंस मैनेजमेंट या अनएक्सपीरियंस. मैनेजमेंट है और जैसे कि आपने एक बीच में. क्वेश्चन किया था। बड़े हिंदुस्तान लीवर. भी डायरेक्ट सेलिंग में आगे चला गया। नहीं. कर पाया काम क्योंकि यहां पर वो लीडरशिप.
डालनी पड़ती है। स्किल्स डेवलप ओसवाल. ग्रुप ने भी की। बहुत सी बड़ी-बड़ी ग्रुप. आए हैं। करने की कोशिश की है। लेकिन यहां. मेहनत बहुत है सर। बहुत ज्यादा मेहनत है।. जो प्रमोटर्स हैं ना उनको दिन रात भागना. पड़ता है। तब जाके नेटवर्क क्रिएट कर पाते. हैं। तब जाके अपना और प्रोडक्ट लोगों को. एक्सेप्ट करा पाते हैं। तो एक ही चीज. देखें कि गवर्नमेंट के पूरे रूल्स फॉलो कर. रही है। प्रोडक्ट के डेमो कर रही है या. नहीं कर रही है। प्रोडक्ट हमारे यूज़ के. हैं या नीड के हैं या नहीं है? वर्थबल है. या नहीं है। और जो प्रोडक्ट आप एक बार. चाहे उसका छोटा प्रोडक्ट ले लें। कोई. जरूरी नहीं है। आप हजारों का लें। कोई. ₹100 का ₹50 का प्रोडक्ट ले लें जो भी कम.
नहीं है। क्योंकि यहां पर ऐसा कुछ नहीं है. कि आपको ₹2,000 का लेना है, ₹5,000 का. लेना है, आप ₹50 साबुन में ले सकते हो। एक. साबुन लेके भी यूज़ कर लें। हां यार इसमें. दम होगा तब मैं इसके आगे आगे बढूंगा। तो. ये तरीका है।. 2021 में जो गाइडलाइन आई थी उसमें. क्या-क्या इंपॉर्टेंट बातें थी? को लेके. यही सारी इंपॉर्टेंट बातें थी कि आपके. सारे प्रोडक्ट के टीएम्स होने चाहिए। आपका. ग्रीवेंस सेल होना चाहिए। आपकी वेबसाइट पे. फुल इंफॉर्मेशन होनी चाहिए। लिस्टेड ब्लैक. लिस्टेड डायरेक्ट सेलर की होनी चाहिए। जी. अगर आपने कोई ब्लैक लिस्ट भी किया है. डायरेक्ट सेलर जो दूसरे काम करता है अन. ऑथेंटिक प्रैक्टिस करता है। डायरेक्ट सेलर. के लिए आपको कहीं जाना है तो पहले.
अपॉइंटमेंट लेनी है। फिर व्यक्ति को पूरा. डेमो देना है। मिसइफेशन आपको बिल्कुल भी. नहीं देनी है। कोई भी मिस इनफार्मेशन वाली. बात आपको नहीं करनी है। चाहे वो प्रोडक्ट. पे हो और हर चीज आपको ओपन करनी है। हर चीज. आपकी वेबसाइट पे दिखनी चाहिए। अगर आज मेरी. वेबसाइट आप खोलो तो मेरे रेट, मेरे. प्राइस, मेरे टीएम, गवर्नमेंट के जितने. सर्टिफिकेशन है चाहे वो आयुष के हो, चाहे. एफएसएसआई को सारे मैं ले रहा हूं या नहीं. ले रहा। तब जाके आप उस कंपनी में कह सकते. हो हां यह कंपनी पूरी सही है। इस पे मैं. काम कर सकता हूं।. बट जैसे बाकी कंपनी में हम प्रोडक्ट यूज़. करते हैं। कोई शिकायत है कंज्यूमर फोरम. जाके शिकायत कर सकते हैं।.
डायरेक्ट सेलिंग की शिकायत कैसे होती है? यहां भी होती है सर कंज्यूमर में। आप. प्रोडक्ट यूज़ कर रहे हो। आपको कोई. मिसइफेशन मिली या प्रोडक्ट को जो किसी ने. नहीं यहां भी सेम है। सेम प्रोसेस है सर।. ऑथेंटिक डायरेक्ट सेलिंग मींस सिर्फ एक. मॉडल बदला है बेचने का। बाकी सब सेम है सर. ट्रेडिशनल की तरह। सब सर्टिफिकेशन चाहिए।. ईच एंड एवरीथिंग आपको चाहिए। सिर्फ मॉडल. ऑफ डायरेक्ट सेलिंग किसी का ई-कॉमर्स है, किसी का रिटेलर है और हमारा मैन टू मैन. जाके बस इतना ही है सर। बाकी सब सेम. प्रोसेस है।. फिर सारे सवाल आप पर ही क्यों आए? इस ई.
सेलिंग वाले पे आरोप नहीं लगते।. ई-कॉमर्स वाले पे आरोप नहीं लगते। वेबसाइट. वाले पे नहीं आ रहे या बाकी जो दुकानों. बेच पे आरोप नहीं आ रहे। सर ई सेलिंग वाला. ई-कॉमर्स कंपनी अगर किसी आदमी के दो. प्रमोटर है चार प्रमोटर मेरे पांच प्रमोटर. हैं तो उनका प्रोडक्ट बिक रहा है वो पैसे. कमा रहे हैं। हमारे यहां तो सारे लाखों. प्रमोटर हैं। अब लाखों प्रमोटर जब कुछ. बेचेंगे तो कुछ बोलेंगे भी अपनी बताएंगे. भी मैंने गाड़ी ली मैंने घर लिया। तो अब. इतने सारे लोगों को लोग देखते हैं तो. बिलीव नहीं हो पाता कि यार इतने सारे लोग. इस इंडस्ट्री में कामयाब हो रहे हैं।. अच्छा कई सारे लोग डायरेक्ट सेलिंग में. लीडर्स को गुरु जी, महाराज जी, मेंटोर.
महाराज ये सब कर बुलाते हैं। ऐसा लगता है. कंपनी पे भरोसा नहीं है। आदमी में भरोसा. है। डायरेक्ट सेलिंग में मुझे प्रोडक्ट से. ज्यादा आदमी दिखाई पड़ता है कि ये फलाना. आदमी है। वही जो आता है। हां जी गुड. मॉर्निंग। [हंसी]. तो सर क्रिकेट पे भरोसा बाद में पहले कोच. पे भरोसा है कि मुझे क्रिकेट सिखाएगा या. नहीं सिखाएगा। हमारे यहां पर क्या होता है. सर जैसा मैंने बताया यह इकलौती ऐसी. इंडस्ट्री है जहां पर एक व्यक्ति अपने. जीवन भर का टैलेंट जीवन भर की नॉलेज बिना. एक लिए उनको देता है जिनको कुछ नहीं आता. तो उस आदमी में लोग अपनी उम्मीद देखते हैं.
कामयाबी की अभी सर आप अभी रिसेंट एग्जांपल. इंडिया वर्ल्ड कप लेके आया हरमनप्रीत कौर. ने जीतने के बाद सबसे पहले जाकर अमोल. मजबूतदार के पैर पकड़े कि थैंक यू कोच कि. आज हम ये जीत गए तो क्या वो गलत था. नहीं गलत नहीं था तो भावुक थी वो जैसा के. भी पैर पकड़ लिए उन्होंने. हां जैसा के भी पैर पकड़े तो भावुकता यहां. भी है ना सर सर हर व्यक्ति को लग रहा है. यार मुझे तो कुछ नहीं आता था। गुरुजी मुझे. सिखाएंगे तो वो गुरुजी खुद बनाते हैं। हम. नहीं कहते हमें गुरुजी बोलो। वो उनको. मेंटर खुद मानते हैं क्योंकि उस मेंटर ने. उन्हें रात-रात भर काम सिखाया है कि ऐसे. प्लान देना है। प्रोडक्ट में ये डला हुआ.
है। तुझे ऐसे बताना है और जब तेरी टीम बन. जाती है तो उन्हें सेल्स की ट्रेनिंग ऐसे. देनी है। पर्सनालिटी की ट्रेनिंग ऐसे देनी. है। जो उस उस इंसान ने अपने 10 साल के. करियर में सीखा। वो अगले 10 महीने में. डिलीवर करता है फ्री ऑफ कॉस्ट। और उसमें. लोगों को दिखता है अगर सर हमें गाइडलाइन. देंगे, नॉलेज देते रहेंगे तो हम भी. नेटवर्क बना जाएंगे और हम भी एक दिन यहां. सफल हो जाएंगे। तो उस उम्मीदों के कारण सर. कोई पैसे देकर कहीं भीड़ नहीं बुलाई जाती. ना पैसे देके ये एकली तो इंडस्ट्री है. जहां पैसे देके ना तो सर भीड़ आती है कोई. नहीं आएगा आप बताइए कौन आएगा पैसे दे के. और कोई माला नहीं पहनाता यही इंडस्ट्रीज. है दिल से लोग करते हैं इमोशनल इंडस्ट्री.
है सर. यानी कुल मिलाकर आप ये कह रहे हैं कि. भरोसे की इंडस्ट्री जिससे भरोसा आदमी जो. है उसी उसी के इर्द-गिर्द है। प्रोडक्ट से. ज्यादा वो इंसान जो आपको सेल कर रहा है उस. पर भरोसा करे। चाहे नीचे वाला हो या ऊपर. वाला हो।. हां जी प्रोडक्ट प्रोडक्ट एक पार्ट है सर।. लेकिन अगर मुझे प्रोडक्ट बेचना ही कोई. नहीं सिखाएगा। मैंने नेटवर्क बनाया उसको. चलाना ही कोई नहीं सिखाएगा। उसको सेल्स. स्किल्स कैसे डेवलप करनी है? उसमें. पर्सनालिटी स्किल्स कैसे कम्युनिकेशन. स्किल्स कोई बताएगा ही नहीं। तो मैं तो. रों हूं ना सर। मैं तो पता नहीं किस मेरा. जो बैकग्राउंड है हो सकता है इंजीनियर का. है। हो सकता है डॉक्टर का है। हो सकता है.
टीचर का हो सकता है प्रोफेसर का। हो सकता. है मजदूर का भी हो सकता है। हो सकता है एक. सुपरवाइजर का भी हो सकता है। एक लेबर का. भी हो सकता है। अब मुझे जो व्यक्ति सिखा. रहा है, जो मुझे रोज बता रहा है, रात-रात. भर जाग रहा है मेरे साथ, उस व्यक्ति को. रिस्पेक्ट।. बट सोशल मीडिया के दौर में इसका फ्यूचर. क्या देख रहे हो आप? क्योंकि आजकल कोई भी. कंपनी का ऐड आता है लोग Facebook पर लगा. देते हैं, Instagram पे लगा देते हैं, YouTube पे लगा देते हैं। एक बार प्रोडक्ट. यूज़ किया लोगों ने थोड़ा सा वायरल हुआ तो. लोगों को पता है ये अच्छा प्रोडक्ट है।. इसको लेना है। तो उसमें फिर डायरेक्ट. सेलिंग का फ्यूचर क्या देख रहे हो आप? सोशल मीडिया से तो हमें बहुत ज्यादा.
प्रिविलेज मिली है सर। हमारे यहां लोग. पूछते हैं प्रोडक्ट के रिजल्ट बताते हैं।. खुद आके बताते हैं। कंज्यूमर बताता है।. जैसे मैं भी प्रोग्राम पे स्टेज पे लोगों. को बुलाता हूं कि भ बता ईमानदारी से बता।. और यह भी बताएं तेरे से सारी बातें करता. हूं और कोई भी जाके उन्हें चेक कर ले। कोई. भी जाके चेक कर ले कि इसका रियल रिजल्ट. है। तो हमें भी बहुत प्रिविलेज मिला है।. सर आज सोशल मीडिया में मेरे खुद के 11 लाख. फॉलोअ हैं। खुद के मेरे 11 लाख फॉलोअ हैं।. पहले कभी नहीं होते थे। सोशल मीडिया से तो. हमें प्रिविलेज मिल रहा है। सर दोनों. पार्ट होते हैं। नेगेटिव पार्ट है तो. पॉजिटिव पार्ट भी है। कुछ लोग हमारे. नहीं मैं चैलेंजेस के पॉइंट ऑफ व्यू पे कह. रहा हूं कि जैसे किसी आदमी ने सोशल मीडिया. पे प्रोडक्ट बेचा तो उसके लिए आसान है कि.
एक बार वायरल हो गया वो तो फिर उसके. प्रोडक्ट और प्रोडक्ट अच्छा है। तो उसको. लोग रिपीट करते रहते हैं। अनलेस एंड अंटिल. वो खुद उसको खराब करेगा। और ऐसे बहुत सारी. कंपनीज़ हैं जो सोशल मीडिया के सहारे. बिजनेस चला रही हैं। उसमें में डायरेक्ट. सेलिंग लोगों तक जाना, हर एक व्यक्ति में. इन्वॉल्वड होना, घर-घर गांव-गांव पहुंचना. ये इसका फ्यूचर क्या है? क्योंकि अभी तो. चलिए गांव देखो सर ये ये एक बिज़नेस मॉडल. हुआ जो आपने कहा कि वो एक सोशल मीडिया से. प्रोडक्ट सेल करना एक बिज़नेस मॉडल है। पर. ओनली फॉर इंडिविजुअल है। डायरेक्ट सेलिंग. का बिज़नेस मॉडल फॉर एवरीवन है। इतना ही.
फर्क है। ई-कॉमर्स का मॉडल है। वो ओनली. फॉर प्रमोटर्स है। रिटेलर का मॉडल है।. ओनली फॉर रिटेल स्टोर्स का कि मैं मैं. इसका मालिक हूं। जी मैं कमा रहा हूं। यहां. सबके लिए समान अपॉर्चुनिटी है। तो हमारा. फ्यूचर इसलिए है कि लोगों को जिनको ज्यादा. एक आदमी को पैसा देश में नहीं चाहिए सर।. लाखों को चाहिए ना उन लाखों के लिए हमारी. इंडस्ट्री है। तो हमें तो सोशल मीडिया से. बहुत बेहतर है कि वो लाखों लोग आए और अपना. करियर बनाए और हमारे प्रोडक्ट बेच के आए।. आप पहले फौज में थे।. हां जी।. पिताजी भी थे।. पिताजी भी तो फौज से फिर इधर आने का मतलब. मकसद. फौज में रहते-रहते डायरेक्ट सेलिंग के.
मॉडल की ताकत को समझा, प्रोडक्ट को समझा, गैप्स को समझा खासकर कि भ में क्या गैप्स. है? तो सर एक बहुत बड़ा गैप मुझे सर. रियलाइज़ हुआ कि हमारे देश में ना बीमारी. बहुत है और बेरोजगारी बहुत है। बहुत बड़ा. गैप है। और वेलनेस का नॉलेज ही नहीं है।. अवेयरनेस नहीं है। मुद्दा यह नहीं है कि. आप बीमार क्यों? बीमार हो रहे हो। मुद्दा. ये बीमार हो क्यों रहे हो? तो ये अवेयरनेस. क्रिएट करना, सेमिनार्स करना तो मुझे. अच्छा लगा यार ये मॉडल पे काम करेंगे।. हर्बल प्रोडक्ट्स बनाएंगे। लोगों को. देंगे, पैसा भी कमाएंगे, दुआएं भी पाएंगे, रोजगार भी देंगे। तो आज आपके भगवान के.
आशीर्वाद से और सभी लोगों के सहयोग से आज. सब कुछ है।. क्या करते थे फौज में आप? फौज में मैं गनर था। आर्मड कोर में टैंक. के गोले चलाता था।. कहां-कहां पोस्टिंग थी? मेरी पठानकोट थी, हिसार थी। जम्मू कश्मीर. में आरआर राष्ट्रीय राइफलल्स में भी रहा. हूं।. उसका एक्सपीरियंस कुछ काम आता है यहां पे? पूरा काम आता है। डिसिप्लिन काम आता है।. दिन जागने की ताकत रहती है। मेहनत करने की. हिम्मत रहती है। सच बोलने की सबसे बड़ी. ताकत है मेरे अंदर। ऑनेस्टी। ऑनेस्टी इज द. बेस्ट पॉलिसी। वो आर्मी से ही सीखी है. मैंने। तो डिसिप्लिन लूं.
हम तो अब फिर मैं वहीं आ रहा हूं क्योंकि. हमने इसके कई सारे पॉजिटिव, नेगेटिव सारे. पहलुओं पर बात की।. एक नए इंसान को आप क्या बताओगे? मैं नए इंसान को बताऊंगा।. उस दौर में जहां पर आप मीम कल्चर बन चुके. हो।. मैं नए इंसान को एक ही चीज बताऊंगा। मीम. कल्चर तो जैसे आज हमारा नेगेटिव मीम्स है. तो आने वाले दिनों में जब पॉजिटिव मीम्स. भी आने लगेंगे पॉजिटिव बात भी लोग करेंगे. मैं यह नहीं कहता मजाक बनाने वालों का काम. है मजाक बनाना हमारा काम है काम करते रहना. और वो सही और गलत का फैसला तो मैं कहता.
हूं ऑथॉरिटीज कर सकती है क्या सही क्या. गलत है एक इन्फ्लुएंसरर आ के कैसे गलत. साबित कर सकता है क्या उसके पास डायरेक्ट. सेलिंग के क्या रूल्स जानता है क्या. गवर्नमेंट ने रूल्स बनाए क्या गाइडलाइंस. बनाए उसे कुछ नहीं पता ठीक है उसने कुछ. वीडियो देखा बना दिया कोई बात नहीं लेकिन. नए आदमी के लिए मैं ये कहना चाहता हूं कि. डायरेक्ट सेलिंग इकलौता एक प्लेटफार्म. नहीं है आपकी सफलता का पहले आप दुनिया का. हर काम करने की कोशिश करो। अच्छे पढ़ाई. लिखाई करो। एक आम आदमी को मैं बताता हूं।. टैलेंट डेवलप करो। बड़े इंजीनियर बनो।. डॉक्टर बनो। आर्किटेक्ट बनो। साइंटिस्ट. बनो। देश के लिए कुछ अच्छा बड़ा करो। कोई.
बड़ा और बिजनेस करके देखो। अगर कुछ और कर. सकते हो। आप दुनिया में जितना भी कुछ और. कर सकते हो। सिंगर बनो, बॉक्सर बनो, डांसर. बनो, एक्टर बनो। आप कोशिश करो पहले वो. सेक्टर्स पकड़ो जहां पर आप और बड़े बन. सकते हो। आप क्योंकि डायरेक्ट सेलिंग का. मतलब थोड़ी कि आप यहीं बड़े बन सकते हो।. इसके सिवा विराट कोहली के बनो, धोनी बनो, वो मेहनत करो, वहां तक पहुंचो। अगर आपको. लगता है नहीं यार ये सब मुझसे नहीं हो. पाया और अभी भी मैं अपने सपने जिंदा रखना. चाहता हूं तो एक ट्राई डायरेक्ट सेलिंग. में करो सिर्फ ओनली वन ट्राई वो भी लास्ट. में।.
ओके। जाते-जाते कोई पांच प्रोडक्ट जो. डायरेक्ट सेलिंग के सुपरहिट हो जो आप. चाहेंगे कि लोग रिकमेंड करें, ट्राई करें. शुरुआत के तौर पर कि आपको आपको. एक्सपीरियंस करें कि ये आपके पांच. प्रोडक्ट हैं जो मार्केट में इस तरह के. प्रोडक्ट से बेहतर हैं।. डायरेक्ट सेलिंग के पेस्ट किसी भी कंपनी. का आप यूज़ करके देख सकते हैं। मैं अपनी. कंपनी का नाम तो लेना मुझे अच्छा नहीं. लगेगा। हम. सेनेरी पैड आप किसी भी कंपनी का ले सकते. हैं जो लेडीज का होता है। प्रोटीन आप किसी. भी कंपनी का ले सकते हैं। मल्टीविटामिन आप. किसी भी कंपनी का ले सकते हैं। जो अच्छी.
कंपनियां अच्छी बुरी कंपनियों का फर्क यही. है प्रोडक्ट का ही फर्क होता है। जो अच्छे. प्रोडक्ट दे रही है वो सबसे अच्छी कंपनी. है। जो सबसे बेस्ट प्रोडक्ट बना रही है वो. सबसे बेस्ट कंपनी है।. अभी सबसे बेस्ट प्रोडक्ट का क्राइटेरिया. क्या है? जिसके अच्छे रिजल्ट्स हो जहां कंज्यूमर. एक्सेप्टेबिलिटी. एक आम आदमी जो नहीं जानता मैं फिर घुमा के. पूछ रहा हूं। एक आम आदमी जो डायरेक्ट. सेलिंग से बिल्कुल वाकिफ नहीं है उसको कौन. से पांच आप प्रोडक्ट रिकमेंड करेंगे और. कैसे भरोसा करेंगे ये अच्छी कंपनी है इससे. ले लो. देखो सर हर कंपनी के अलग-अलग प्रोडक्ट है. तो मैं स्पेसिफिकली पांच प्रोडक्ट नहीं. बोल सकता फिर भी बोल देता हूं कि सेनेरी. पैड हो गया ये ऐसा प्रोडक्ट है कॉमन सा.
कोई भी ले सकता है पेस्ट हो गया अच्छी. कंपनियों का कोई ले मल्टीविटामिंस हो गए. प्रोटंस हो गए बाकी हर कोई कंपनियां. सर्विस सेक्टर में भी है हमारे यहां किसी. के बहुत सारे प्रोडक्ट है मसाले भी बहुत. कंपनियां बनाती है बहुत नहीं भी बनाती. क्योंकि हर कंपनी की प्रोडक्ट रेंज. अलग-अलग है किसी की 100 है किसी के 200 है. किसी के 400 है तो अलग-अलग रेंज है पर आप. कोई भी एक प्रोडक्ट यूज़ करो कि मैं तो. कहता हूं कोई भी एक यूज़ करो और सबसे सस्ते. वाला यूज़ करो उस कंपनी का और फिर देखो. इसमें रिजल्ट है और मुझे व्थेबल है और. मुझे मजा आया तो समझ लो आपका करियर बनेगा. क्योंकि अगर आपको कोई चीज अच्छी लगी है सर. जब तक आप संतुष्ट नहीं हो ना आप दुनिया.
में किसी को संतुष्ट नहीं कर सकते पहले आप. सेल्फ सेटिस्फाइड हो उसके बाद ही आगे बढ़ो. नहीं तो उसके बारे में ना नेगेटिव बोलो ना. पॉजिटिव बोलो प्रोडक्ट लो यूज़ करो अच्छा. लगे तो प्रमोट करो नहीं लगे तो बोलो चलो. यार 10-20 की तो बात थी. चलिए हम कमेंट सेक्शन आपके हवाले कर देते. इसीलिए हमने सवाल पूछे ताकि लोग उसका. इस्तेमाल करें और फिर अपना जो ओरिजिनल. फीडबैक है वो कमेंट सेक्शन में दें जिससे. हम भी पढ़ेंगे और आप भी पढ़ेंगे और आपके. जान पहचान वाले या वो लोग जो इस्तेमाल कर. रहे हैं नहीं कर रहे हैं वो भी पढ़ेंगे।. बहुत-बहुत शुक्रिया आपका। हमारी कोशिश थी. सारे सवालों के जरिए आप लोगों का जो एक.
पहलू था उसे लाया जाए। कोई बात रह गई हो. तो आप पूरी कर सकते हैं।. मेरे लिए सर आज का दिन बहुत महत्वपूर्ण. दिन है। शिवांकर सर आपने मुझे बुलाया और. आप बिल्कुल सबको पता है कि बिल्कुल ऑनेस्ट. पत्रकार हैं और जो है वही बोलना है आपने. और कोई आपसे बुलवा तो सकता नहीं। मनवा. आपको नहीं। वो नॉलेज आपके पास है। वो. इंटेलिजेंसी आपके पास है। आज आपने मुझे यह. प्लेटफार्म दिया तो मुझे बहुत अच्छा लगा. कि देश के लोगों को अनएथिकल और एथिकल. डायरेक्शन जानने का मौका मिलेगा। आपका. बहुत-बहुत धन्यवाद।. थैंक यू सो मच।.
