Unplugged ft. Mohan Yadav | Madhya Pradesh| MP| BJP | Virat Kohli| Akhilesh Yadav| Tejashwi Yadav|
मोहन यादव जी इसलिए सीएम बने क्योंकि वो. ओबीसी समाज से आते हैं यादव हैं चौथी. पंक्ति में बैठने वाले मोहन यादव अब मध्य. प्रदेश के नए मुख्यमंत्री. होंगे शिवराज सिंह चौहान जी के साथ गलत. हुआ क्या यह तो कभी उन्होने भी नहीं बोला. और मैंने भी नहीं बोला कहते मामा बड़ी. मेहनत किए थे अरे जनता बहुत जोरदार है भाई. साहब अखिलेश यादव तेजस्वी यादव में यादवों. का सबसे बड़ा नेता कौन आपका बैकग्राउंड. यूपी से वैसे मैंने क मना किया मैंने कहा. ना जितने यदुवंशी है सब यूपी से लैपटॉप. बांटने के थे स्कूटी देने कहे थे कब.
मिलेगा लैपटॉप कब मिलेगी. स्कूटी लाडली बहन योजना कंटरी रहेगी क्यों. नहीं रहेगी नाम 60 साल के ऊपर काट दिया. गया अब उसमें आए 2 साल वाले ऐड नहीं हुए. एक लड़का बीटेक करके ईटा उठा रहा था कि. मध्य प्रदेश में सरकारी पोर्टल पर 26 लाख. युवा ने फॉर्म भरा है यानी वो बेरोजगार है. सरकारी नौकरी आपकी प्राथमिकता नहीं है. जितने लोग स्कूल कॉलेज में गए हैं अगर वो. सब पर नौकरी पा जाते तो फिर क्या चाहिए. आपने कहा 60 पर बजट तनखा में जा रहा है. उनके लेकिन जैसे आपकी नजर उनके पेंशन का.
भार आपको दिख रहा है तो पब्लिक को भी नेता. के पेंशन का भार दिखता है एक हस्बैंड वाइफ. है बुड्ढे होगर काम नहीं कर पा रहे पेंशन. आ जाती थी संकेत में उत्तर दिया आप खोल के. बात पूछ रहे तो मैं बता सकता हूं किससे. इंस्पिरेशन लेते हो आप पॉलिटिक्स में. एक्सेप्ट मोदी जी अरे यार मोदी जी से बढ़. के कौन आदमी है आज आप भी क चक्कर में पड़ो. ये तो सेफ वाला आंसर हो गया सेफ कहां से. हो गया है तो नया वाला चल रहा है बटो ग तो. कटो ग कटेंगे तो. कटेंगे यह मैं नहीं बोलता हूं आप इससे. यकीन करते हो नारे प आप मेरे एक रहेंगे. सेफ रहेंगे एक रहेंगे तो नेक.
रहेंगे गोट से देशभक्त थे मैं उस समय पैदा. ही नहीं हुआ योगी आदित्यनाथ और हेमंत. शर्मा वा लाइन में आप भी है आपको भी बड़ा. शौक है नाम बदलने का सीएम मोहन यादव बोले. मौलाना लिखने में पेन अटकता था मोहन यादव. ने बदला मौलाना गांव का नाम गजनीखेड़ी और. जहांगीरपुर का भी नाम बदला गया किसी. व्यक्ति ने कहा कि मौलाना का नाम आने पर. पेन अटकना बताता है कि मुख्यमंत्री पद पर. बैठे शख्स की सोच थोड़ी और बड़ी हो सकती. थी गांव में कोई मौलाना नहीं है.
गांव में कोई मुस्लिम नहीं अब पेन अटके का. नहीं तो क्या चलेगा एंटी मुस्लिम हो आप. मैंने क्या सख रहा ह मुसलमान पसंद करते हो. आप अरे मेरे जितने नजदीक के दो सब मुस्लिम. ही है दो चार नाम बताओ मोहम्मद अकबर है. अनील है अनीर उद्दीन है बहुत सारे दो अब. देखो अकबर चले गए लेकिन अकबर अभी भी है तो. अब मेरा ये कहना कि अकबर है तो क्या अकबर. नाम रखना गलत है जैसे मैं हिंदू हूं मुझे. मजा आ रहा है लेकिन हो सकता है कोई. मुसलमान उसको मजा ना आ रहा हो ये आपने. क्यों सोच लिया कि जन्माष्टमी आप मना रहे. हो सरकार के तौर पर जन्माष्टमी मैंने क्या. अरे उत्स रे फिर नदन भाई हमारी ईद भी कर.
दो यार आप मुख्यमंत्री हो आप बकरी मना लो. देखो वो ईद मनाते हैं हम छुट्टी रखते हैं. हमको क्या मनाए मनाते तो नहीं हो नारी बात. मैं क्यों मनाऊ मेरी वो नवरात्रि मनाते. हैं क्या आप उनके मुख्यमंत्री हो अ मेरी. बात सुन वो मेरे राज्य के नहीं लोग विराट. कोहली रोहित शर्मा में कौन फेवरेट है आपका. विराट कोहली रोहित शर्मा में विराट कोहली. अरे हा मुझे याद आ गया क विराट कोहली. [संगीत].
[हंसी]. आपको भी तो मजा आता है तेरी. [हंसी]. ऐ यह कहते हैं कि सब्र का फल मीठा होता है. सफलता त्याग मांगती है अब बड़े बूढ़ों ने. जो यह कहा है यह एक व्यक्ति पर बिल्कुल. सटीक बैठता है और व व्यक्ति फिलहाल हमारे. साथ बैठे हुए हैं डॉक्टर मोहन यादव जी. मुख्यमंत्री म देश सही है सर सफलता त्याग.
मांगती है सब्र का फल मीठा होता है 2003. में अगर मैं गलत नहीं हूं टिकट छोड़ दिया. गया त्याग कर दिया गया बड़े बूढ़ों कहने. पर तीसरी पंक्ति में बैठे थे तस्वीर वायरल. हुई और वहां से मुख्यमंत्री बाबा का. आशीर्वाद महाकाल का आशीर्वाद. बाबा का आशीर्वाद तो सदैव. है बात तो हमारे मन में तो इस बात को लेकर. के जो भी मिले जब काम मिले हर पल काम के.
लिए भी तैयार रहो और काम से आपको लगता है. कि कुछ लोगों का मन 19 ब तो काम छोड़. के तसल्ली भी रख लो संतुष्टि भी रख. लो लेकिन काम के रिजल्ट जब भी आएंगे आप. काम को डूब के करोगे तो आपके हमेशा. काउंटिंग होगी इसमें इस मात में सदैव बाबा. महाकाल की नगरी में रहता हूं और काल. सदैव अवसर देता.
है काल सदेव परीक्षा लेता. है और जिस भी क्षण चाहोगे आप अपनी परीक्षा. में सफल हो गे तो आपको जनता अपने आप पहचान. लेगी लेकिन मानसिक तौर पर हमने कई बार. देखा लोग इतने मजबूत नहीं होते अगर टिकट. जैसे लोग आते हैं चुनाव ल नेता बनते हैं. चुनाव लड़ने के लिए अब जब मैं यह खबर. पढ़ता हूं कि 2003 में आपका टिकट ले लिया. गया विचलित तो आप भी हुए होंगे ना विचलित. तो होने का सवाल ही नहीं उठता क्योंकि. मैंने बी फॉर्म लौटाया अपना.
जो विचलित वो होता है जिसका मिले ही नहीं. है मिलने ते मिलते रह गया है कट गया है. मैं भगवान की दया से उस लाइन से. नहीं मैं जब भी जो काम करता हूं जिस समय. परमात्मा की कृपा है जो काम मिलता अच्छे. से करता हूं बी फॉर्म मेरे पास था हमारे. वरिष्ठ ने कहा आपसे बड़ी उम्र के इनको दे. दो 20 साल बड़ी उम्र के हैं मैंने क ठीक. है लेलो मेरे को कोई तकलीफ नहीं मतलब आपका. फार्मूला यह वाला है कि जो मेरे नसीब में.
होगा वो मिल जाएगा नसीब भी होगा और जब. मिलेगा जो मिलेगा उससे अच्छी पहचान बना. दूंगा मुझे इस परमात्मा की दया है काम के. मामले में काम सामने कौन सा दे रहा उसको ब. बेहतर से बेहतर करने की इच्छा रखता यह. वाली भी खबर सही है कि आप तीसरी पंक्ति. में बैठे थे तो गई बात हो गई बहुत पुराने. चक लेकिन बड़ी बात है उससे इंस्पिरेशन लोग. लेते हैं सर आप आप मुख्यमंत्री बन गए आप. भूल गए होंगे मैं ऐसा नहीं मानता हूं मेरा. इतना ही मानना है कि हम अपने बीते क कल की. बजाय आज जो मेरे पास है अब आप उसका आकलन.
आप. करिएगा उसको लगभग सवा साल के आसपास. पहुंचने वाला वो टाइम उसके लिए हमने 1 स. सवाल रखे हैं तो मैं तैयार हूं ना उसके. लिए मैं कामना कर रहा हूं हमने शुरुआत हम. उससे आगे बढ़े हा ठीक है चलिए उससे आगे. बढ़ते हैं आप का बैकग्राउंड यूपी से वैसे. थोड़ा सा आपके टच लेके जाता हूं उसके बाद. मैं आगे जाऊंगा सारे यादव का टच यूपी से. ही है बैकग्राउंड भी यूपी से मतलब बाप. दादा आपके भी यूपी से थे मैंने क मना किया. मैंने कहा ना यदुवंशी सब यूपी.
से क्या होता है यदुवंशी. होना देखिए ययाती की कहानी से चालू होती. है यदुवंशी रघुवंशी की कहानी हम इस देश. में दो ही वंश है हम या तो चंद्रवंशी या. सूर्यवंशी हम तो मैं मान के चलता हूं कि. हम उ अतीत में जाएंगे तो लंबा विषय हो. जाएगा जितना छड़ में छूके निकल सकते है. हां लेकिन इतना ही पर्याप्त देख कि हमारे. यहां दो ही वंश है या तो सूर्यवंशी या. चंद्रवंशी सूर्यवंशी रघुकुल से जुड़े जाते. हैं हम रघुवंशी मानते हैं और चंद्रवंशी हम.
सब हैं आपको अतिशयोक्ति लगेगी हम. चंद्रवंशी कहते हम अरब तक चले जाते हैं हम. इसका दायरा बहुत बड़ा है हम लेकिन आज. मुश्किल है मैं कोई बात कहूंगा तो थोड़ा. आति शोक्ति लगेगी चलिए ठीक बात है अ एक. गरीब परिवार से आकर क्योंकि जितना मैंने. आपके बारे में पढ़ा जाना वो यह था कि. पिताजी आपके यहां पर आए थे और आप लोगों ने. मेहनत की फिर इतना पढ़ाई के प्रति. दिलचस्पी क्योंकि इस देश के जो पढ़े लिखे. लोग हैं हालांकि अच्छी बात है इस देश के.
पढ़े लिखे लोग नेतागिरी कर रहे हैं आमतौर. पर लोग बचते हैं या कम पढ़े लिखे लोग होते. हैं हालाकि वो भी कोई पैमाना नहीं है बट. फिर भी पढ़ाई के प्रति रुझान क्यों था देख. पढ़ाई के प्रति रुझान सदैव रहना चाहिए आज. भी होना चाहिए नहीं आजकल बहुत लड़के मानते. पढ़ने कुछ नहीं होता मैं इसका विरोधी हूं. मैंने कल एक पॉडकास्ट किया एक टीचर है अ. यी आपको एक बात बताता हू मैं इ माफी चाहते. इतनी बात बोलूंगा अगर कोई कहता कि पढ़ाई. बेकार है तो मैं बड़ा आहत होता इस बात से. अ.
और अध्ययन तो एक और बात है अध्ययन को भी. लोग समझ नहीं पाते अध्ययन क्या होता है. अध्ययन एक मेरी डिग्री के लिए स्कूल कॉलेज. की पढ़ाई के लिए सिलेबस के पाठ्यक्रम के. अंदर के लिए है और एक स्वाध्याय होता है. जो सदैव जीवन भर करते रहना चाहि मेरे को. दोनों में रुचि मैं दोनों करता रहा ये जो. आपने बीएससी एलएलबी एमबीए पीएचडी किया अब. इससे आपको क्या मिल रहा है मेरे को उससे. कुछ चाहिए नहीं था पहले दिन भी फिर ये. किया क्यों था मेरे संतुष्टि के लिए मन का. समाधान भी तो है ना हम मैं इस बात के लिए.
जब किसी के सामने बैठूंगा और कोई इस बात. के लिए अहंकार पाले कि मेरे पास 1 डिग्री. 2 डिग्री तो तू तेरे पास रख मेरे पास 4. डिग्री हम मेरे को तो फर्क नहीं पड़ता ना. इससे मेरे मन में तो संतोष है ना पढ़ाई. व्यर्थ नहीं जाती मतलब आप यह कह रहे हैं. कभी नहीं जाती और हमारे मन के लिए भी तो. अच्छा है अगर मैं ला का अध्ययन करता हूं. तो ला के संबंध में कभी कोई प्रश्न उठेगा. तो मैं पढ़ा हूं तो मुझे उसका उत्तर आएगा. अगर मैं एमबीए एचआर से करता हूं तो मुझे. उससे जुड़े विषय के प्रश्न का उत्तर देते. आएंगे अगर मैं बीएससी करता हूं तो विज्ञान. की कोई बात आएगी तो मुझे मजा आएगा अगर मैं.
पॉलिटिकल साइंस में पढ़ रहा हूं तो आज की. दृष्टि में पुराने हिसाब में राजनीतिक. शत्र शास्त्र के अंदर उ राजनीतिक शास्त्र. में आने वाली बातों से राजनीतिक क्षेत्र. का व्यक्ति अगर उ नहीं समझेगा तो कौन. समझेगा दिलचस्प अभी लोगों का बच्चों का नई. पीढ़ी में पढ़ाई में थोड़ा मन कम हो रहा. है वो चाह रहे कि या लोग मान रहे कि आने. वाले टाइम में स्कूल्स की वैल्यू खत्म हो. जाएगी दोनों बात है मैं आपको अगर इस. दृष्टि से कहू कि ये स्कूलिंग सिस्टम कब. से लागू हुआ है.
अंग्रेजों के जमाने में तो उसके पहले क्या. था गुरुकुल गुरुकुल में क्या होता था आपके. जीवन जीने की पद्धति से लेकर ह तो फिर. जीवन जीने की पद्धति बात करो तो ये. मार्कशीट कहां से आ अच्छा आप क्रॉस. क्वेश्चन बहुत करते हैं हमने आपके. इंटरव्यू में देखा. हैनेले मैं आपको याद दिलाना चाने देखा सनि. सीनियर जर्नलिस्ट को आपने घड़ी पर लपेट. लिया था मैं कोई किसी को नहीं लपेट हूं. अपने आप लपटा जाए तो मना भी नहीं करता मैं. तो इतना ही कह रहा हूं कि जो 1857 के पहले. आप याद करें अंग्रेजों ने जब देश पर राज.
करना चालू किया तो उन्होने कई कारणों से. भारत की मूल धारा से एक तरफ करने का. प्रयास किया उसमें हमारी शिक्षा पद्धति भी. 1835 में लर्ड मेकाल ने शिक्षा पद्धति. लागू की तो 33 पर से पास फेल की जो नाटक. चालू किया उसका परिणाम देश आज तक भुगत रहा. हैसे क्या नुकसान है इसका इसका नुकसान यह. है आपको मालूम है पढ़ाई की दूसरी पद्धति. हमारी क्या है थोड़ा बताइए खुल के. शंकराचार्य पद्धति है आज भी हम जो पढ़ रहे.
हैं उसके हिसाब से उसमें मार्किंग कितनी. चाहिए मार्क्स कितना चाहिए पास होने के. लिए शंकराचार्य पद्धति कहती है कि 100 में. से 100 चाहिए 99 में भी फेल है 99 भी नहीं. चाहिए और मेकाले क्या कह रहे हैं 33 के. ऊपर हो गए तो फिर इसका मतलब क्या हो गया. हमारा और उनका कितना अंतर हो गया लेकिन हर. व्यक्ति सर इतना इंटेलिजेंट थोड़ी ना होगा. मेरा इंटेलिजेंट से सवाल नहीं है. स्वाध्याय से अध्ययन से कह रहा हूं तो. हमारी गुरुकुल पद्धति में जो आपने अभी कहा. कि अपने संतुष्टि के लिए हम तो हमारी जब.
मैकाल ने शिक्षा नीति लागू करी उसके पहले. हमारे य का जो स्वाध्याय था अध्ययन था. गुरुकुल की परंपरा थी साक्षरता का प्रतिशत. था वो 100% था इस पद्धति के आने के बाद तो. डाउन हुए तो हम उस चश्मे को कब तक लगा के. देखते रहेंगे जो चश्मा हमारे आंखों के. लायक ही नहीं है देखो इतिहास का डाटा तो. मेरे पास है नहीं लेकिन भविष्य की बात मैं. कर सकता हूं तो मैं भविष्य की दृष्टि से. ही कह रहा हं यशस्वी प्रधानमंत्री श्रीमान. नरेंद्र मोदी जी ने 2020 की शिक्षा नीति. लागू की वो उसी तरफ ले जा रही है कि अगर. हमारे यहां ब. आज केवल डिग्री लेने कॉलेज आ रहे हैं तो.
हमको नहीं आने देना है डिग्री लेने आना है. केवल और डिग्री लेकर बेरोजगारी की भीड़. बढ़ना है ये तो हमारे देश के लिए कभी उचित. नहीं हो सकता इसका तात्पर्य य है कि पूरे. दुनिया में ऐसा कहीं नहीं होता जो हमारे. यहां हो रहा है हमारी मूलत प्राइमरी मिडिल. के बाद ही व्यक्ति की जीवन धारा बनाने की. इच्छा उसकी सामने आने लगती है परमात्मा ने. जो पिंड दिया उसकी क्षमता योग्यता आने. लगती है तो उसकी क्षमता योग्यता के बलबूते. पर व अपने रु उ अनुसार बढ़ते जाए उसको जिस.
धारा में बढ़ना है और वाकई उसको उच्च. शिक्षा में आना उच्च से उच्चतम तरफ जाना. है तो ही वो पढ़ने आया पढ़ने आए जबरदस्ती. क्यों जिंदगी खराब करने आ रहा ये बात आप. मान के चलो मेडिकल साइंस कहता है कि. व्यक्ति के जीवन का सर्वाधिक महत्व का समय. 25 साल के अंदर वाला है सही बात है तो वो. सबसे अच्छा वाला समय हम सबसे ज्यादा. बिगाड़ रहे हैं तो ये क्या कर रहे हैं हम. हमको विचार नहीं करना पड़ेगा हमको उसका. सबसे अच्छा समय उसको देना पड़ेगा जिसका वो. अपने से बेहतर से बेहतर उपयोग कर.
इसलिए प्राइमरी मिडिल के बाद ही. स्क्रीनिंग करते हुए हम उस जिस दिशा में. वह जाना चाहता है वह अपने बच्चे पालना. चाहता आगे अपने जीवन में कुछ हा हासिल. करना चाहता है वह कोई और अपनी दुनिया में. अच्छे से अच्छे प्रकार से कोई सपना देखता. है तो आज के जमाने में उसका स्किल. डेवलपमेंट करते हुए मतलब क्लास एथ के बाद. आप ये कह रहे हैं कि अगर व्यक्ति पढ़ना. नहीं चाहता या कोई और काम करना आता है तो. पढ़ाई छोड़ दे ये इस तरह की हम प्लानिंग. डेवलप करनी चाहिए मतलब आप मेरे को एक बात. बताइए आप अभी सी पढ़ के मेरे सामने बात कर.
रहे हैंकी डिग्री बताए थो मैंने बीटेक. मेकेनिकल इजी बीटेक की है ना आपने. मैथमेटिक्स पढ़ा होगा आप कभी एक बताइए कभी. आप तो बहुत अच्छे से बहुत भाग्यशाली हो. इतने अच्छे पड़े होत सामान्य व्यक्ति के. जीवन में पांचवी तक पढ़ा हुआ गणित काम आता. है कि नहीं आता बल्कि पांचवी वाला भी. बेकार हो गया दूसरी तीसरी गणित काम आता है. जीवन भर दो दो चार केर होते हैं और व. आंकड़ा देखता बैंक बैलेंस देखता अपनी. जिंदगी पूरी कर लेता है लेकिन जिनको वाकई. आइंस्टीन बनना है आर्यभट्ट बनना है वो आए.
ना उच्च शिक्षा इस आपसे काफी हद तक सहमत. हूं मैं कि अगर जीवन की सचिन तेंडुलकर दवी. पढ़ के अगर स्पोर्ट्स प गए अच्छा कर गए ब. बहुत सारे एक्टर्स वई भाव तो नहीं है. हमारा कोई मेरा इतना ही कहना है कि आख. वाकई में उसके जीवन में ललक है इस बात का. अध्ययन स्वाध्याय करने की वो बहुत आगे. बढ़ना चाहिए अब यहां पे एक सवाल आता है आप. हो मुख्यमंत्री या बात कोई विपक्ष का या. कोई जनरल पत्रकार कहे समझ में आता है आप. तो नीति निर्धारित वाले हो आपकी सरकार है. तो आप शिक्षा मंत्री भी रह चुके हो तो आप.
जो बात आपने कही इसको इंप्लीमेंट कैसे करो. ये तो आपके हाथ में करने को है मैंने करके. दिखाया है इसलिए मैं बोल रहा कहां पर कैसे. थोड़ा बताइए मैं बताता हूं मैं. मुख्यमंत्री बनने के पहले शिक्षा मंत्री. था जानते हैं हम और शिक्षा मंत्री होने के. नाते से जैसे ही 2020 की शिक्षा नीति आई. और जिसने ये कहा कि हमारे लिए ये जो बीए. बीकम बीएससी के दायरे के बाहर भी जाकर के. विद्यार्थी को पढ़ने का मौका देना चाहिए. हमने इमीडिएट टास्क फोर्स बनाई और उसी के.
आधार पर जब हमने एक विद्वानों की कमेटी. बनाई उस कमेटी के बलबूते पर यह नई शिक्षा. नीति परिपेक्ष में हम किस प्रकार से. डिजाइन करें कि अगर कोई मैथ्स का बच्चा भी. कोई आर्ट्स का सब्जेक्ट लेना चाहता है तो. उसको मौका देना. चाहिए अगर कोई कॉमर्स का विद्यार्थी साइंस. की कोई बात सीखना चाहता है तो उसको मौका. देना चाहिए और इतना ही नहीं वो सब कुछ. किया जो शिक्षा नीति में हमको 2020 के. दायरे में लाने के लिए था और मुझे इस बात.
का गर्व है मध्य प्रदेश एकमात्र राज्य जो. शिक्षा नीति में सबसे पहले इस दिशा में. आगे बढ़ा जिसने तुरंत अपने दायरे खोल दिए. स्टेट के अंदर शिक्षा के लिए कोई उम्र. नहीं होना चाहिए इसलिए हमारे. विश्वविद्यालय में दादाजी पिताजी और बेटा. तीनों एडमिशन लेना जाए तो तीनों को देने. के उम्र का दायरा हमने खत्म कर दिया ओके. इंटरेस्टिंग क्योंकि हमने कहा कि उम्र के. दायरे से शिक्षा का महत्व नहीं है हम डबल. डिग्री लेना चाहे हमने कहा तू तीन ले भाई.
क्या तकलीफ है एक ही डिग्री क्यों पड़े. तुम्हारी इच्छा है हमको क्या परेशानी है. हमने कहा कि हमारे कृषि आधारित अगर आज की. इस दशा. में मध्य प्रदेश वह राज्य था जहां 2003 चर. तक केवल 7 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि थी. सिंचित और आज की स्थिति में हमारी 48 लाख. हेक्टेयर कृषि भूमि है और हमारी सरकार. बनने के बाद मुख्यमंत्री बनने बाद हमने. कहा एक लाख करोड़ हेक्टर.
तो हमने कहा कि जब हमारा कृषि का इतना. रकबा बढ़ने वाला है तो बीएस मैंने जैसे. बीएससी किया है तो मेरे मन में आता था कि. बीएससी एग्रीकल्चर करने के लिए मैं अगर. जाऊं तो पूरे प्रदेश में केवल बीएससी. एग्रीकल्चर के हमारे दो तीन चार ही कॉलेज. है तो वो उसके बाहर जा ही नहीं सकते तो. हमने कहा बीएससी एग्रीकल्चर करने के लिए. हमारे विश्वविद्यालय बाकी को समर्थन नहीं. होना चाहिए बाकी कॉलेजों में भी क गुंजा. ठीक है भारत सरकार के कुछ मापदंड है वो. मापदंड लगा लो अगर अगर किसी कॉलेज में.
प्रैक्टिकल करने के लिए कुछ जगह चाहिए तो. खेती किसानी की ले लो किराए प ले लो लेकिन. बीएससी एग्रीकल्चर तो करने दो भाई कम से. कम मैं बड़े पैमाने पर अपने राज्य के. विद्यार्थियों को वो अपनी खेती तो ढंग से. कर ले हर एक कोई नौकरी थोड़ी करना चाहेगा. और नौकरी करेगा तो भी काम आएगा नहीं करेगा. तो अपने घर की खेती कर लेगा आर्टिकल्चर कर. लेगा आप जो बात कर रहे हो ये प्रैक्टिकली. का मैंने लागू कर दिया प्रैक्टिकली साउंड. है अब इसमें एक सवाल मेरा और है. जी अभी भी सीबीएससी आईएससी का बोलबाला तो. है अब. क्या यह बातें आपने ऊपर ही पहुंचाई कि आने.
वाले टाइम में यह पैटर्न बढ़ाया जाए मैंने. क्या कहा ऊपर वालों ने तो डिजाइन बना के. दिया शिक्षा नीति का जो जो राज्य बढ़ेंगे. सबको लाभ मिलता जाएगा मैंने शिक्षामंत्री. बनकर लाभ मिला अब मैं मुख्यमंत्री बन गया. तो मैं स्कूल में भी लग गया हूं क्योंकि. मैंने उस समय उच्च शिक्षा में लागू कर दी. थी अब स्कूल शिक्षा में हम बढ़ रहे हैं. ठीक है गुरुकुल का आपने शुरू में जिक्र. किया उसका भी कुछ इंपैक्ट डालना चाहते हो. शिक्षा नीति में कि क्योंकि आपको मैंने कई. बार देखा है सनातन की बात करते हुए पुरानी. संस्कृतियों की जैसे आपने कहा कि अंग्रेज. लेकर आए कल्चर तो पुराने कल्चर की कोई नई.
चीज जो आज की शिक्षा पद्धति में आप डालना. चाहते हो मैंने आपको उदाहरण दिया ना जैसे. शंकराचार्य पद्धति वैदिक ज्ञान की दृष्टि. से वेद को अध्ययन अध्यापन के लिए वेद का. दायरा इतना विशाल है मैंने वेद से उदाहरण. दिया है तो हमारे पास में एक शंकराचार्य. पद्धति जिसकी मैं बात कर रहा हूं उनकी. विद्यार्थी 100 में से 100 नंबर लाते हैं. हम और लाने के बाद वो पास फेल होते तो कोई. स सर्टिफिकेट नहीं मिलता उनको कागज.
में आप कल्पना कर सकते हो हम आप गुरुकुल. में आ रहे हो आप पढ़ भी रहे और पढ़ने के. बाद आपसे कोई भी पुस्तक उठाकर आपकी. परीक्षा जब लेंगे कहीं से भी पन्ना खोल. देंगे एक शब्द बोलेंगे उसका पूरा उसके बाद. आपको कंठस्थ पूरा सुनाना है हम ये हमारी. पद्धति थी और उसके बाद में भी कोई पास का. सर्टिफिकेट नहीं देंगे आपको क्योंकि उसके. अनुसार आपको जीवन जीना है तो जो हमारे. यहां एक कष्ट है जैसे अभी आप बात करते हो.
जनरल हम और बहुत कॉमन बात है माफ करना कई. लोगों को बुरा लगेगा हम मेरिट पे करो बात. हम अभी आप मेरिट को खराब मानते हो क्या. नहीं लेकिन मेरिट के आगे कुछ सोचते हो. क्या नहीं यही गलती कर रहे हो मेरिट से. आगे नैतिक शिक्षा है कि. नहीं मेरिट की अगर बात करोगे तो रावण से. बड़ा मेरिट पर कौन पास होगा मेरिट प बात. करोगे तो कंस से बड़ा कौन होगा तो वो क्या. सही थे नहीं इसका मतलब है कि नैतिक शिक्षा. हमारे देश की जो इसलिए केवल विद्वान होना.
पर्याप्त नहीं विद्वत्ता भी जरूरत है. लेकिन विद्वत्ता से ज्यादा बड़ी चीज है. नैतिक शिक्षा भी इसलिए हमारी मालवी में एक. भाषा भी बोलते हैं हम कि. ये पढ़ तो गया है हम लेकिन गुना नहीं गया. है हम तो पढ़ना और गुन्ना मतलब गुण धारण. नहीं करे आप जो कह रहे हो सुंदर है सुनने. में मजा आ रहा है लेकिन सवाल ये आ रहा है. कि नौकरी कैसे मिले क्योंकि जो कंपनी आएगी. वो तो मेरिट ही देखेगी वो तो पढ़ाई देखेगी.
वो तो डिग्री वही मांगेगी कि भैया इस. डिग्री वाले ही अप्लाई कर स आपने एलन मस्क. का उदाहरण दिया हा उनके कौन सी डिग्री. देके नौकरी कर ली उने तो अपना अपने अपने. तो मेरी बात आप समझ में आ गई कि नहीं आ गई. अच्छा स्वालंबन क्यों नहीं बनो कितनी. नौकरी दोगे आपको अंदाज है कभी इस देश का. हमारे देश की आबादी हम तो खुद की अपनी टीम. ले घूम रहे मेरा निवेदन आप बताओ पूरे देश. की आबादी कितनी है 14 करोड़ 140 से आगे. बढ़ गई है हा देश की सेना कितनी है बहुत. कम कितनी हम हमको डाटा नहीं याद है आप.
बताओ ना हमको डटा नहीं याद बं होगा बता. मैं बताता हूं थल सेना जल सेना वायु सेना. आप कितना भी धन कमा लो हम कितने भी धनी बन. जाओ ये सब मिला के केवल 135 लाख है हम. कितनी है 135 लाख आबादी कितनी है अगर आप. कह रहे आपके हिसाब से मान लो 150 करोड़ के. आसपास मान लो 42 करोड़ 45 करोड़ जो भी आप. 40 भी मान लो तो 40 करोड़ का कितना गुना. है वो ना के बराबर कुछ तो फिर आप बताओ ये. सारी चीजों की सुरक्षा करने में कौन है.
ठीक है मतलब आप कह रहे कि ये एक जरत हैरा. एक कहना कि. इसलिए हमारे विश्व प्रधानमंत्री ने जब. 2020 की शिक्षा नीति लागू की इसलिए. उन्होने कहा एनसीसी को भी डिग्री से. जोड़ो आप बात समझिए इसीलिए राष्ट्रीय. स्वयंसेवक संघ से जोड़ने की बात कर रहे. हैं कि स्वयंसेवक बनी अपनी अपनी रक्षा. करने में समर्थ बनी है अपनी सेवा खुद करिए. अपने जीवन के कुछ बहुमूल्य गुण अपने आप. में धारण करिए पर जो आरएसएस आइडल जीी से. इत्तेफाक नहीं रखते मैंने निवेदन किया.
एनसीसी का मैं क्या मना कर रहा हूं आप कुछ. भी करिए लेकिन अपने लिए अपने जीवन के लिए. स्वयं के लिए स्वयं से जीना चालू करिए ठीक. बात पॉलिटिक्स में आप क्यों आए थे. पॉलिटिकल साइंस में आपने पीएचडी भी की. पॉलिटिक्स में क्यों आए थे कुछ तो होगा. रीजन पॉलिटिक्स में क्यों आए थे मतलब एक. होता जैसे जैसे मुझे पत्रकार बनना था मुझे. बोलना पसंद था तो मैं इधर आ गया कुछ तो. होगा ना एक अलग फैक्टर कि आपने पॉलिटिकल. साइंस में ही अपनी पीएचडी की एवीवी पी. जुड़े रहे आरएसएस जुड़े रहे.
ये बड़ा कठिन लेकिन आपको थोड़ा हा क्योंकि. मैं आपका बैकग्राउंड देखता हूं एक गरीब. परिवार से मुझे व्यक्ति नजर आता है गरीब. व्यक्ति को होता पेट भर जाए पेट भरने के. साथ आपका बड़ा मैं मूलता किसान परिवार ह. और किसान से गरीब परिवार दोनों में आप. अंतर समझना किसानी मेरे अपनी पत्र परिवार. की थी लेकिन मेरे पिताजी जो मैंने आपसे. कहा वो पढ़े लिखे नहीं थे वो स्कूल भी. नहीं गए लेकिन परमात्मा की दया से उन ने. यह. जो दीवारों पर बोर्ड लिखे रहते हैं.
दुकानों के ऊपर हम अपने मित्र से वह अक्षर. ज्ञान लेते लेते उन्होंने अपनी पढ़ाई कर. ली थी हम उनका अपना एक फंडा बहुत अच्छा था. जो मुझे लगता सबके लिए उपयोगी रहेगा हम. हमारे टाइम 12थ नहीं था हमारे टाइम 11थ था. हम जब मैं 11थ पास हुआ तो उन्होने क 12थ. नहीं था मतलब आज की एजुकेशन में एथ के बाद. 4 साल के लिए हम 12थ करके आप एजुकेशन के. लिए उच्च शिक्षा में जाओ हम हमारे टाइम ए.
के बाद तीन साल में हायर सेकेंडरी हो जाती. थी ओके तो हम उस समय हायर सेकेंडरी करके. जैसे पास हुए हमारे पिताजी ने कहा बेटा तू. कुछ भी पढ़ ले पढ़ने के बाद यह जिंदगी. तुम्हारी मैं देखता हूं मेरा अनुभव है. तुमको मैं दुकान खोलता था तुम दुकान चलाते. चलाते पढ़ाई कर लेना जितने हम तीन भाई थे. तीनों की एक एक दुकान खुलवा दी ये अलग बात. थी कि मैं दुकान भी चलाता था जाते फर्स्ट. में चुनाव भी लड़ लिया फर्स्ट टे में जा ग. थे जीत भी गए हम और यह जो फंडा है यह.
हमारे देश के. हर समझदार व्यक्ति के दिमाग में रहता है. हम कि हर एक को नौकरी नहीं मिलेगी हम. इसलिए अपना स्वयं का स्वावलंबी रास्ता. ढूंढना पड़ेगा हम वो जिस रास्ते प जाना. चाहे वो रास्ते प बढ़े और यह बात तो सही. जैसे मैंने आपको नौकरी की सीमित बताते हुए. देश की सेना से जोड़ा हम कि हमारे यहां. इतनी बड़ी आबादी को कहां कितने दायरे में. लाओगे हम और बड़े दुर्भाग्य के साथ कहना.
पड़ रहा मुझे बोलने में अटपटा लगेगा मैं. मेरे राज्य का उदाहरण देना चाहूंगा मेरे. राज्य के. अंदर हमारी राज्य के बजट. का 60 पर हिस्सा तनखा में जाता. है क्या. और राज्य की आबादी कितनी. है लगभग 9. करोड़ लेकिन जो नौकरी पैसा लोग उनकी आबादी.
कितनी है बहुत कम हो 10 पर नहीं होगा उसका. 10 भी. नहीं 1 पर है 1 पर के भी अंदर तो मैं क्या. कर रहा हूं आप मेरे सामने इस बात का उत्तर. दो कैसे संभालोगे फिर बजट अपना मैं क्या. संभालू जो मैं देख के बता रहा हूं आपको. लेकिन वो 1 पर से भी कम होने के बावजूद भी. 60 पर राज्य का बजट का पूरा हिस्सा के उस. व्यवस्थाओं में जाता है ये कहीं ना कहीं.
प्रश्न खड़ा करता ठीक ये एक बजट का प्रश्न. लेकिन इसमें सर एक प्रश्न आता है जैसे. मेरे माता-पिता भी सरकारी नौकरी वाले हैं. अब वो ये कहते हैं कि जब कांग्रेस की. गवर्नमेंट देश में थी तब हमको पेंशन मिलती. थी हालांकि मेरे परिवार वालों को मिल रही. है नई पीढ़ी को नहीं मिले दिल्ली में खूब. प्रदर्शन भी होता आपने भी देखा होगा जो. बात आप भी कह रहे हो उससे भी मैं बजट पर. बोझ सुन रहा हूं अभी अग्निवीर की शुरुआत. हुई उसमें भी एक इनडायरेक्टली रीजन यही था. आपको मैं फिर वापस ले जाता हूं पुराने. हिसाब हां नहीं मैं एक बार क्वेश्चन. कंप्लीट कर लू तो वो ये कहते हैं कि पिछली. सरकारों ने मैनेज कर लिया था आप लोग क्यों.
नहीं मैनेज कर पा रहे हो या आप लोग सरकारी. नौकरी क्यों उसको एकदम कम करते जा रहे हो. खत्म करते जा रहे. हो ये मैं फिर मेकाल की तरफ आपको ले जाना. चाह ये सब मेकाल के किए गए संकटों के. पहाड़ है जिन पर अपन चढ़ना चाह रहे हैं हम. और उस पर कोई रास्ता नहीं है हम मेकाले ने. यह संकट खड़े किए शिक्षा. बिगाड़ी शिक्षा बिगाड़ने के बाद सर्विस का. यह जो पैटर्न वर्तमान ने ये भी वही लाए थे.
उसके पहले हमारे यहां नहीं था ये अंग्रेज. इनके पहले नहीं था हमारे यहां कोई बड़े से. बड़ा कोई भी ओदे दार उसको कुछ जमीन मिल. जाती थी कुछ गांव मिल जाते थे उसी से वह. अपनी जिंदगी का बाकी हिस्सा उसकी व्यवस्था. से चलाता था तो यह जो तनखा आधारित. व्यवस्था चलाना और इस सिस्टम में ही सबका. समाधान ढूंढना अब मेरी बात समझेगा तनखा. आधारित समाज. पूरे तौर पर कभी भी एक तरफा नहीं चल सकता.
हमेशा कष्ट आएंगे इसलिए जो बड़े पैमाने पर. पेंशन के और भी प्रश्न खड़े हो इसी में. उलझ रहे हैं इसलिए माफ करना हमारे अपने. अतीत की जड़ों की तरफ हमको जुड़ना पड़ेगा. आने वाले टाइम में पेंशन सरकारी नौकरियों. से आप और कम से कम करते जा स्वावलंबी. बनाना पड़ेगा अलग व्यवस्था मतलब आप. इंडिपेंडेंट करोगे सरकारी नौकरी आपकी. प्राथमिकता नहीं है भाई सरकारी नौकरी. कितने की दोगे कितनी दोगे कितनी मिल जाएगी. ब आपको डर नहीं लगता चुनाव में आपको.
बैकफायर कर सकता है आने वाले टाइम में. नहीं मैंने कहा क्योंकि अभी भी इंडिया में. ज्यादातर लोग सर सरकारी नौकरी चाहते हैं. दूसरी छुट्टी मिलती गर्मी छुट्टी क्या हम. दूसरी तरफ भी ले जाना चाहेंगे जैसे मैं. आपको जानकारी बताऊ मेरी सरकार के गठन के. बाद हमने हमारी एक लाख सरकारी पदों की. नौकरियों के विज्ञापन निकाले सालों से. विज्ञापन नहीं निकल रहे थे तो हमने. निकालते भर्ती कराते हैं और हमने संकल्प. में कहा कि 270000 हम पद सरकारी नौकरियों. को भरेंगे कितने भरेंगे 270000 पा साल में.
लेकिन यह भी हम जानते हैं कि डेढ़ करोड़. युवा हमारे राज्य में है कितने डेढ़ करोड़. अगर मैं सत प्रतिशत भी भर दूंगा तो भी. नहीं पूरा तो भी कितना होगा नहीं हो पाएगा. इसीलिए हमने हमारी इस व्यवस्था के आधार पर. ो प्रधानमंत्री ने जो चार श्रेणिया. बाटी किसान युवा महिला गरीब इनके चारों को. मोड में लेकर के हमने अपने स्तर प.
विद्वानों की समिति के बलबूते अभी क्योंकि. मैं टीवी हालाकि बहुत कम देखता हूं लेकिन. जितना मैं देखता हूं एक खबर मध्य प्रदेश. की बड़ी वायरल हो रही थी एक लड़का बीटेक. करके ईटा उठा रहा था फिर उसके बाद उसमें. डटा दिखाया गया एक बड़े चैनल पर खबर चल. रही थी मैं देखा फिर उसमें डटा आया कि. मध्य प्रदेश में सरकारी पोर्टल पर 26 लाख. युवा ने फॉर्म भरा है यानी वो बेरोजगार है. सरकारी नौकरी आपकी प्राथमिकता नहीं है तो. जो 26 लाख लड़का है आपने रोजगार मिले में. 58000 दिया आप कह रहे हो कि इंडिपेंडेंट.
बनाओगे उनको बट उसको इसी में मजा आ रहा है. 26 लाख जो फॉर्म भर रहा है वो जो आवाज उठा. रहा है तो इनको कैसे समझाओ गया इन 26 लाख. लड़कों को मैं आपके सामने फिर दोबारा. दोहराता हूं हां हमने कहा कुल सरकारी पद. हम सब जोड़ ले तो भी पूरा नहीं हो पाएगा. फैक्ट है आप ये मैं तो किसी को नहीं. बताऊंगा तो खुद ही देख लेंगे ना हां तो आप. ही बताइए जो पढ़ने मैं पढ़ने गया था तो. मैं क्या नौकरी करने गया था जितने लोग. स्कूल कॉलेज में गए हैं अगर वो सब पर. नौकरी पा जाते फिर क्या चाहिए पाते हैं.
क्या नौकरी नहीं तो यह अ अठ को सब जानते. हैं जिनको सरकारी सर्विस में जाना है वो. जरूर जाए मैं ना नहीं बोल रहा उनके जाने. के लिए हम विभिन्न प्रकार की कोचिंग लगा. रहे हैं उनको सब प्रकार की सहूलियत दे रहे. हैं ब उधर प्राथमिकता कम है लेकिन फिर भी. जो बाकी लोग है उनका भी तो चिंता करना प. सरकार का मतलब सरकार समान रूप अब एक सवाल. मेरे मन में और आया आपने कहा 60 पर बजट. सरकारी लोगों पर जा रहा है अब जनता. तनखा में तनखा में जा रहा है उनके अब जनता.
के मन में एक सवाल आता है कि भाई आपने. हमारा तो काट दिया विधायक जी को पेंशन. मिलती रहती है अब काटना है तो नेता आप हो. आप भी अपने लोग कटवा ताकि बराबर चले मामला. आपकी जानकारी के लिए हमारी सरकार बनने के. बाद एजे. मुख्यमंत्री माफ करना हमारे यहां कांग्रेस. के शासन काल. [संगीत]. से मैं अलग से कोई व्यापार व्यवसाय करता. हूं उसका इनकम टैक्स भी भरती. थी मंत्री विधायक बनने के बाद मैंने कहा.
यह नहीं. चलेगा हम अपना व्यवसाय करते थे तब भी हम. टैक्स भरते थे आज हम मुख्यमंत्री होगा. मंत्री होगा तब भी हम क्यों अपना नहीं. भरेंगे और मे इस बात की प्रसन्नता हमने भी. अपना बंद किया हमारे विधानसभा अध्यक्ष जी. ने भी बंद किया हमारे नेता प्रतिपक्ष ने. भी बंद किया अच्छी परंपरा मानते ठीक अच्छ. इसके लिए आपको साधुवाद य आपने अच्छा काम. किया मैं इसकी तारीफ कैम लेकिन जैसे आपकी. नजर उनके पेंशन का भार आपको दिख रहा है तो.
पब्लिक को भी नेता के पेंशन का भार दिखता. है उसको लगता है यार नेता जी तो कमा लिए. उनका तो बढ़िया घर बन गया हमारे यहां अब. वैसे कोई गरीब आदमी है एक हस्बैंड वाइफ है. बुड्ढे होर काम नहीं कर पा रहे पेंशन आ. आती थी मैंने आपकी बात संकेत में उत्तर. दिया आप खोल के बात पूछ रहे हो तो मैं बता. सकता हूं भविष्य में मतलब आपकी योजनाएं. हैं नहीं बोलला कि इसलिए मैं कह रहा हूं. कि जो आपने मेरे से प्रश्न किया मैंने. आपको उत्तर दिया कि जो जो नहीं जमता जा. रहा करते जा रहे हैं हमारे समय में इन. सारी बातों के लिए ये अतीत की चली.
व्यवस्था है हम धीरे-धीरे उन सब बातों पर. समाधान ढूंढेंगे जिस पर आप प्रश्न करना. बढ़िया अगर ये है तो फिर आपको मुझे लगता. है कि लोग पसंद करेंगे आपके लिए अब आते. हैं सर एक बढ़िया सवाल पे अभी आपके एक. बीजेपी के नेता राजवर्धन सिंह राठौड़ फौज. में है राजस्थान सरकार के मंत्री है मैं. उनका पॉडकास्ट कर रहा था तो वो फौज में भी. थे फिर नेता बन गए तो मैंने कहा सर फौज और. इसमें क्या अंतर होता है ताही में तो. उन्होंने कहा फौज में जो साथी खड़ा होता. है पीछे जब लोग लड़ने आते हैं तो भरोसा. होता है कि वह बचा लेगा या आगे वाले देख.
के वक कर लेते हैं लेकिन नेत में क्या. होता है सामने वाला डर पीछे वाले को रहता. है कि जो हमारे साथ खड़ा ऐसा तो नहीं वही. खंजर मार देगा एक साल आपकी सरकार को हो. गया मध्य प्रदेश में बहुत बड़े-बड़े चेहरे. हैं इनसिक्योरिटी होती है कभी देखिए मैं. कि दुश्मनों का क्या तोते एक निवेदन है. मैं नहीं जानता ह मैंने वो उनका इंटरव्यू. नहीं देखा नहीं तो मेरे मित्र मैं उनको. समझाई दूंगा कि वो थोड़ा सा आपने बोले गए. शब्द में वह विनोद में बोल ग हूं यह मान.
के चलो. हम वह अर्ध सत्य पूर्ण सत्य नहीं है क्यों. मैं उसका उत्तर देता हूं जैसे खेल है ना. खेल हम कुछ इंडिविजुअल गेम होते हैं हम. जैसे निशानेबाजी आप करोगे कोई आप पकड़ नस. पकड़ लेते हो आप सट से क मैं समझ गया आप. क्या कहना चाह रहे हो भाई हां हां बढ़िया. बता रहे हो आप हा बात समझ में आ गई लेकिन. हकी में अकेला नहीं खेल सकता तो टीम मैन. खेलना पड़ेगा मैं क्रिकेट अकेला नहीं खेल. सकता फुटबॉल अकेला खे सता ऐसे राजनीति कोई. अकेला नहीं खेल सकता गलत जबरदस्त राजवर्धन.
जी. को कर मोटिवेशन दे दिया आपने याद दिलाई. मैंने तो देखा नहीं था मेरे भाई बोलू उनके. जरा टीम में टुगेदर चीफ मोर साथ मिलके. ज्यादा हासिल करें माननीय प्रधानमंत्री जी. मंत्रिमंडल बना कर. के हम तो विक्रमादित्य की नगरी वाले. नवरत्न चला रहे. थे सभी राजा कोई भी राजनीति. टीम गेम के बिना कैसे चले ठीक बात लेकिन.
जनता जो होती देवता भी इंद्र. दरबार समझ गया सर समझ गया आपने राज जी के. लिए मैसे दे. दिया लेकिन जनता जो उससे कंपेरिजन करने. में बड़ा मजा आता है अब यहां मामक सरकार. थी अरे जनता बहुत जोरदार है भाई साहब जनता. का तो मैं शुरू से कायल. हूं क्या विकेट उड़ता है तो ताली बजती मजा. आ जाता जनता को उसी आदमी के लिए ताली उसी. जनता को बेट से बाल गई स्टेडियम के बाहर. तो उसके साथ ताली.
तैयार मैंने अखिलेश यादव पूछा था सवाल की. राजनीति में ज्यादा मजेदार कौन है जनता या. नेता क जनता ही. होगी मैंने तो कही जनता इसलिए जनता भगवान. होती है जो बोला गया है ना इसलिए बोला गया. तो जो भगवान आपकी है वो कई बार जैसे देश. में बात करते हैं तो मामा को लेकर सेंटी. आते हैं कहते मामा बड़ी मेहनत कि थे और. किस्मत जबर आपकी हो गई. ये कंपैरिजन होता है क्योंकि आप अभी भी.
शिवराज जी से लोग जैसे आपके वो नेता रहे. आप भी उनका काम कि हो लेकिन 10 साल से ऊपर. मुख्यमंत्री रहे तो कंपेरिजन तो होता ही. होगा आप जाते होंगे आपके कामों की. समीक्षाओं में हर चीजों में श्री शिवराज. जी ऐसे करते थे आप ऐसे करते हो हालांकि आप. लोग बहुत अलग पर्सनालिटी हो देखिए यह. हमारे देश का कल्चर है हमने देश में दो. प्रधानमंत्री देखे स्वर्गीय भारत रत्न अटल. बिहारी वाजपेई भी देखे हमारी पार्टी से. हां हां एक मोदी जी और मोदी जी भी देखे तो. हमारी पार्टी में तो दोनों का आपके ज्यादा. फेवरेट कौन से हैं मैंने क्या कहा हमने तो.
दोनों का ज्यादा फेवरेट आप कौन से हैं. देखो मैंने मोदी जी के साथ काम किया है तो. मैं उनके अनुभव की बात कर सकता हूं अगर. नदी जोड़ो अभियान हमको मिला है अटल जी ने. स्वप्न देखा पॉलिटिकल साइंस की डिग्री का. पूरा उपयोग कर लिया आपने मैं तो नहीं. जानता हूं आप आप मार्किंग कर रहे. हो जबरदस्त तो हां ये जो हमने सवाल आपसे. पूछा था कि जैसे जब आपकी जब यहां पे. कैंपेन खत सर इलेक्शन जीते तो शिवराज जी. थे विजय वर्गी जी थे तोमर जी थे सिंधिया. जी है और बड़े-बड़े नाम चर्चा चलती है कभी.
लगता नहीं कि कभी आप देखो भाई चार पांच. पहिए कोई निकाल ले गया तो अरे कैसी बात. करते हो आपने विराट कोहली को नहीं देखा. उनकी टीम में कौन-कौन थे हम तो फिर. गावस्कर किसकी टीम में थे कमलनाथ संच. तेंदुलकर की टीम में गवस करर भी थे कमलनाथ. जी का एक पावा आप में लगा है मेरे से. मैंने क्या निवेदन किया मेरी बात आप समझो. तो सही मैं भाग्यशाली हूं कि मुझे सब. मार्गदर्शन करने के लिए उपलब्ध है लेकिन. ये बात तो सही है हम कि हमारे यहां तो. परमात्मा की दया से विक्रमादित्य की नगरी.
से हम आए हैं कि विक्रमादित्य के सिंहासन. पर बैठते ही जो कहा जाता है कि. एक गडरिया भी बैठेगा तो न्याय करेगा वो. इनी पवित्र स् ये तो आपकी नियत है ना आप. न्याय करना चाह रहे हो आप कह रहे हो कि. मैं टीम मैन हूं लेकिन जो अगल बगल वाले. हैं तो आप मेरी बात ही नहीं समझ रहे हो जो. मैं कह रहा हूं मैं तो सीधे-सीधे ही कह. रहा हूं कि हमारे यहां टीम गेम में जो. कप्तान होता सब उसकी बात मानते हैं उसके. आधार पर चल. और अगर कोई सुझाव अच्छा देते हो तो कप्तान.
भी मान लेता उस गलत है अभी मैं जैसे. पत्रकारों के बीच में बैठा था मैं हमको तो. चाय पीने का मौका चाहिए था हमने कहा चाय. बनवा दो पोहा खा लेंगे पोहा खाते खाते. किसी ने धीरे से हमसे कहा कि प्रहलाद पटेल. जी विजय वर्गीय जी राकेश जी थोड़ा-थोड़ा. कोशिश करते रहते हैं नहीं ये तो क्या होता. है लड़ाने वाले बहुत मिल जाएंगे इनके. चक्कर में नहीं पड़ना हम ये तो ल वेल है. बिल्कुल वेल वेल वेल है कैसे सबको मैनेज. कर लेते हो अब ये वाली कला थोड़ा बताइए ना. हमको मैनेज थोड़ी करते हैं एक बात बताओ आप. बुरा मत मानना आपके घर परिवार में बड़े.
कौन कन है घर में पिताजी हैं बड़े पापा है. हां दादा तो रहे नहीं व स्वर्गीय हो गए जो. भी है वो सब आपसे बड़े हैं ना सब बड़े हैं. तो आप बाजार में से जब घर जाते हो आप उनको. सबको मैनेज कैसे करते हो हमने आपकी. सेंट्रल में देखा मार्गदर्शक मंडल में भेज. दिया गया था मेरी निवेदन तो सुनो कैसे. मैनेज करते हो पा छू के नमस्ते भैया और. सम्मान देके सुन लेके जो सुझाव द सुन ये. तो आपने क्रिया बताई क्रिया से कोई. संतुष्ट नहीं होता है हम संतुष्टि विचारों.
से होता है हम जब आप अपने किए गए काम से. उनके सामने कोई विषय रखते हो हम और या वो. कोई टारगेट आपको देते हैं उसपे से आप. समाधान बताते हो तो फिर वो अंडरस्टैंडिंग. बनती है और महत्वाकांक्षा महत्वाकांक्षा. तो होती ही नहीं है महत्वाकांक्षा अलग. विषय प चले जाओगे आप सब आपकी तरह थोड़ी ना. सब मोहन याद थोड़ी ना होता है टिकट वापस. कर लो मैंने निवेदन फिर किया यह चीजों से. ही हमारा अपना मूल संस्कार से आपकी. आप बताइए तो आपको लगता है आप आपके जितने.
भी कंपट सहयोगी आपके कंपट कहना गलत होगा. सहयोगी आपके जो है उनमें किसी में. महत्वाकांक्षा नहीं है देखिए हमारी जिस. पार्टी की हम बात कर रहे हैं हां वो. पार्टी का काम करने का तरीका आप देखोगे तो. उसमें उत्तर मिल जाएगा सरमा भारती जी आफिक. पार्टी अरे हमारा निवेदन जभी तो मैं बता. रहा हूं उमा जी के बारे में भी गई थी छोड़. केरे आप हमारा निवेदन सुनो हमारी धारा से. जुड़ा हुआ व्यक्ति अंतत हमारी धारा के साथ. ही जुड़ता है माननीय उमा जी से लेकर के जो. भी आज हमारी पार्टी में है क्या मान के. चलो नड्डा जी को नहीं मानते क्या मान के.
चलते मोदी जी को नहीं मानते तो इसका मतलब. क्या हो गया इसका मतलब यह हो गया कि हमारे. यहां पर जो पद्धति है जो दायित्व वान. व्यक्ति है हम तो उस संघ की शाखा में जाते. हैं जहां कोई बाल स्वयंसेवक भी शाखा. लगाएगा तो हमारे परम पूज्य सत्संग चालक भी. उसको प्रणाम करते क् जो शाखा लगा रहा है. हमारे यहां जो भाजपा की दृष्टि से अध्यक्ष. की चेयर पर बैठता उसको सब सम्मान करते हैं. क्योंकि व्यक्ति का कुर्सी का सम्मान. कुर्सी का व्यवस्था का सम्मान है इसीलिए.
मुख्यमंत्री के पद का सम्मान है इस पा साल. आप पाच साल मुख्यमंत्री रहोगे कॉन्फिडेंट. हो मैंने फिर दूसरी बात कही कि पा साल मैं. मेरी इच्छा से थोड़ी गया हूं हा मेरी. पार्टी के लोगों ने तय किया मेरी पार्टी. के लोग जब तक चाहेंगे मैं रहूंगा वो. पार्टी अपेक्षा चाहे करेगी कि आप अच्छा. काम करो मैं कर रहा हूं जितना मेरे से बन. रहा है मेरा मूल्यांकन मैं थोड़ी करूंगा. मेरी खामोशी ने हजारों जवाबों की लाज रखी. मैं क्या कह रहा हूं ये सारी बात आप जानो. ठीक बात एक साल आपको हो गया सवा साल सवा. साल में क्या काम आपने ऐसा किया जो आपको. लगता है यार यह मैंने कुछ अच्छा किया इसको.
दुनिया को जानना चाहिए यह बोलने में. जल्दबाजी नहीं हो जाएगी फिर भी सवा साल. में कुछ तो एक राजनीति में इतने बड़े. राज्य के लिए साल भर लेकिन फिर भी मैं. बताना चाहूंगा लाइन से हमने साइबर तहसील. लागू की कोई भी प्रॉपर्टी किसी किसान को. इधर से उधर जमीन मान लो बंटवारा करना है. घर में या कोई कारण से जमीन बेचना हुई तो. पटवारी के नाम नामांतरण कराने में वो. परेशान हो जाता था आप भी जानते हो 50 आरोप. लगते थे हमने आधुनिक तकनीक लगाते हुए हम. पूरे प्रदेश के अंदर हम एक जैसे ही.
रजिस्ट्री कराएगा या नामंत्रण कराएगा या. बंटवारा करेगा अपने आप उसका नाम चढ़ जाएगा. ठीक बात तो ऐसे प्रत्येक क्षेत्र में अलग. 55 पीएम एक्सीलेंस कॉलेज खोले जो मैंने. प्रारंभ में बात कही थी कि सब प्रकार की. पढ़ाई के लिए एक-एक जिले में कम से कम एक. आदर्श कॉलेज होना चाहिए हमारा हमने टारगेट. तय किया कि हमारे बजट को 5 साल में डबल कर. देंगे हमने टारगेट किया कि हमारा सिंचाई. का रग 48 लाख हेक्टेयर से बढ़कर. एक करोड़ हेक्टर तक हो जाएगा उसके पा साल.
के चरण करते करते अलग-अलग टुकड़े में बात. की हमने ऐसे थानों की लगभग 1000 के आसपास. थाने 70 साल से थानों की सीमा नहीं बदली. गई थी आबादी इतनी बढ़ती गई तो आबादी के. परिपेक्ष में हमने उसको संकित करने का. प्रयास किया कि पुलिस की व्यवस्था से. व्यक्ति को नजदीक से नजदीक कैसे पहुंचाया. जा सके उसके जीवन में जब आवश्यकता पड़े तब. वह इतने लंबे दूर जो आजादी के पहले के बने. हुए थे उस वस् को बदलना पड़ेगा हमने सारे. के सारे जिलों की सीमा बदलने के लिए.
परिसीमन आयोग बनाया कहीं हमारा 5 लाख का. जिला कहीं 40 लाख काला ये बड़ा. इंटरेस्टिंग टॉपिक है इसके बारे में कई. पत्रकार भी हमसे जिक्र कर रहे थे कि ये. जिलों का परिसीमन क्यों किया आपने इसलिए. कर रहे हैं भाई साहब कि 55 जिले हमारे बने. हैं और उसमें निवाड़ी जैसा जिला जिसकी. आबादी 5 लाख भी नहीं है और एक जिला इंदौर. है जिसकी आबादी 40 लाख है इन उज्जैन हमारी. आबादी 35 लाख है तो अगर हमारी इतनी बड़ी. आबादी है और ऐसे में हमारे संसाधनों के. ठीक से बटवारे के अलावा लॉ एंड ऑर्डर से.
लेकर सब व्यवस्थाओं के लिए हमको पुनर समा. का वापस परिसीमन लाना पड़ेगा ताकि युक्ति. युक्त करण के आधार पर हम पदों पर भी इस. प्रकार से कर रहे हैं कि आज इस प्रशासनिक. दक्षता की दृष्टि से कौन सेकन से पदों का. व युक्तियुक्त करण का किया जाए ताकि वो पद. वहां मिले और व्यवस्था का संचालन ठीक से. हो तो लंबे समय तक चलने के लिए हमको. सुव्यवस्थित रहना पड़ेगा ठीक लड़के लोग. हमसे बहुत मैसेज किए कि सर से कहिए कि. बाटने कहे थे स्कूटी देने कहे थे वो उस.
बारे में बात नहीं हो रही है कब मिलेगा. लैपटॉप कब मिलेगी स्कूटी देखिए उनकी. श्रेणी बनी हुई है और उनको मिलती जा रही. है मेरे हा जो जो बराबर जिस जो जिस लाइन. के जो योजना हमारी है हमारी एक नहीं है. 170 योजना है नहीं इलेक्शन में जो वा. मैंने क्या कहा इलेक्शन में बटी थी. ना जो योजना जिस टाइम पीरियड की थी वो उस. टाइम पीरियड में हुई आज लिए जो हमने योजना. लागू करके सरकार बनाई जैसे उदाहरण के लिए.
हमने कहा था कि हम गेहूं का. दाम पा साल में. 2700 क्विंटल कर देंगे अब हम क्रमश सवा स. रप बोनस देते देते उस दिशा में बढ़ रहे तो. हमारा पा साल में 100% हो जाएगा आपकी. प्राथमिकता किसानों की ट मुझे काफी दिख. रही है नहीं मेरी सभी तरफ समान रूप से आप. सेक्टर पूछो जैसे जैसे फिर पूछ लैपटॉप. वाली क्या योजना आपकी है मैंने कहा कि. लैपटॉप वाली योजना के लिए जिन जिस श्रेणी. के बच्चों को जो लैपटॉप मिलना चाहिए उस.
श्रेणी के बच्चों को वह सामान पहले पैसा. डाल दिया गया था खातों में हम खातों के. बजाय और कुछ साल तक मेरी जानकारी में. क्योंकि मेरे टाइम की योजना नहीं है लेकिन. ऐसा बताया गया कि वो एक साल की योजना थी. सिर्फ एक साल इसलिए हम परमानेंट योजना. नहीं थी हा हमको मालूम नहीं है लेकिन हमने. कहा फिर भी जिन जिन योजनाओं जैसे साइकिल. हमारी बच्चों को देने की थी बच्चों को. पहले पैसे जा रहे थे तो बच्चे के पिताजी. घर में उठा लेते थे पैसे इस साल हमने. साइकिल खरीद के बांट दी वापस ठीक है हमने. कहा कि जो योजना ऐसी है उनका लाभ मिले हम. आपको एक साल का बेनिफिट ऑफ डाउट पूरा देके.
चलेंगे कि आपका एक समय हुआ है तो इतना. डाउट देंगे लडली बन योजना कंट रहेगी क्यों. नहीं रहेगी क्योंकि आप लोगों ने पूरे देश. को रस्ता दिखा दिया है झारखंड में देखिए. आप लोग हार गए इसी लाडली बहन योजना के. चलते ये मैं नहीं मानता कि उसके कारण हार. गए कि जीत गए लेकिन यह बात तय है हमारी. नारी सशक्तिकरण की दिशा में बहनों को मदद. करने की ये हमारी योजना है 1250 से 3000. जाए आपने शायद कहीं कहा था अरे हमने तो. कहा कि हमने और अभी आप हमारे अभी उज्जैन. में आप है यहां दो कारखाने चल रहे हैं आप.
चले जाइए दोनों कारखानों में 44 हज बहनों. को नौकरी दे रहे हैं और वो नौकरी में अगर. 12000 या 15000 फैक्ट्री मालिक दे रहा है. तो 000 महीना इंसेंटिव हम दे रहे हैं. क्योंकि अगर वह वाकई आठ घंटे काम कर रही. है तो 10 साल तक सरकार 000 महीना फैक्ट्री. में देगी क हमने कहा कि भाई हमारी बहनों. के हाथ में पैसा जाए तो तकलीफ क्या है. अच्छी बात है दो करोड़ 47 लाख महिलाएं लाभ. उठा रही है 1 करोड़ 29 लाख है 1 करोड़ 29.
लाख है लेकिन अभी इसमें कई सारा नाम कट. गया 60 साल के ऊपर वाला देखिए योजना ही. ऐसी है ना आप स सवाल पूरा कर अरे मैं तो. बता ही देता हूं आप नाम क्यों कट र सर ये. जादू दिखाए का सवाल इधर था सवाल इधर थे तो. जादू दिखा रहे थे नाम 60 साल के ऊपर काट. दिया गया अब उसमें आया कि जो आपको मालूम. फर्म भरने के टाइम पे क्या फर्म भरा गया. था 21 साल वाले ऐड नहीं हुए आपने पढ़ा. क्या क्या योजना जब चालू हुई तो आपने जो. फार्म दिया था आपने पढ़ा है. हमको तो यही पता है कि किस साल से लेकर. इसलिए आपने प्रश्न उठाया ना मैं आपसे पूछ.
रहा हूं आपने फ हमने मध्य प्रदेश का नहीं. पढ़ा लाली आप प्रश्न कर रहे हमने ये पढ़ा. 60 जी आप बता दीजिए सर जो फार्म है उस. फार्म में लिखा था कि इस योजना का पात्रता. 60 वर्ष की उम्र तक रहेगी हां सही बात है. ये फिर नहीं नहीं ये तो मैं ये मैं कह रहा. हूं ये 60 साल जो आप कह रहे ये सय तो ये. तो जानता नॉलेज मुझे है कि 60 साल के बाद. की महिलाओ को नहीं मिलेगा है ना अब आपने. एक बात कही अब मैंने कहा 60 तो आपने काट. दिया जो नए बच्चे ड होने आपकी पात्रता के. हिसाब से 21 साल शायद आपका जो पैरामीटर था.
20 साल के ऊपर या 21 साल जो भी था वो ऐड. नहीं हुए मैं ये कह रहा हूं काटने वाला कट. गया मैंने क्या कहा अभी एक बात हुई पुरानी. वाली जो आपने प्रश्न किया कि नाम काट दिए. तो अब मैं सही हूं कि नहीं बिल्कुल सही आप. है आपके योजना का यही पॉलिसी थी कि 60 साल. के बाद नहीं मिलेगा अब ये बात को हमारे. विरोधी कहते हैं किने नाम काट दिए नहीं. नहीं अब मैं उसको क्या मानू आपने वो वो. आपकी योजना यही थीट जस्टिफाइड ना अब दूसरी. बात कि हमने केवल ला बहना ही देना है. क्या हमने तो कहा कि हम 000 इंसेंटिव दे.
रहे हैं अगर बहन काम करने आ रही तो तो हम. यह जो औद्योगीकरण का दूसरा दौर चालू करते. उसमें बड़े पैमाने पर बहनों को उनकी. जिंदगी में और सक्षम बनाने के लिए और बड़ी. योजना च या दूसरी योजना में उनको ला बड़ी. योजना चल र उस योजना में ड नहीं होंगे. किसी और योजना के थू ला उसे लाभ देने आपको. बताया ना जैसे 5000 इंसेंटिव रेडीमेड. गारमेंट्स इंडस्ट्री में कोई बहन काम. करेगी हम उसको पैसा दे रहे हैं हमने कहा. कि आईटी सेक्टर में आए उसमें लाभ दे रहे.
हैं जिस भी सेक्टर में आए जो काम करने आए. नहीं तो यही कंफ्यूजन था लोगों को कि 60. प्लस वाला वो तो आपका पॉलिसी का पार्ट था. 20 के बाद आप ऐड नहीं कर रहे आप कह रहे. हैं कि हम दूसरी योजना के थ ला बहुत सारे. लाभ दे रहे अलग अलग और जो इले जिस टाइम. योजना आई थी उस टाइम जो पात्र थे उनको. इसके थ्रू मिलता रहेगा उन हमने इने तो कहा. था ये योजना बंद कर देंगे हमने योजना बंद. नहीं की बल्कि उसमें पैसे बढ़ा दिए भा तो. आपके लिए क्या हमने कहा सीट निकाल ले ग आप. लोग मैंने कहा कि हमने 1000 देते 12 चालू. कर दि क्लीन स्प ओनली बिग. स्टेट परमात्मा की दया है जनता भरोसा करती.
है क तो बढ़ गया होगा आपका सेंट्रल में. देखिए भारतीय जनता पार्टी का ना कद बढ़ता. है ना घटता है हमारी पार्टी की विश यह है. इसलिए दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी हो गई. छवा जीत गया आप तो जीत गए मतलब कांग्रेस. हार गई है बोलो ना तो उनकी बात मैं आपसे. बात कर रहा आप जीते हम तो क रहे हम. कांग्रेस को हराने के लिए तो आए हैं. कांग्रेस को हराया ना हमने हमने कहा कि ये. जो कह रहे थे यूपी में डाल हो गया मामला. सब जगह फसे ये जो कह रहे थे ना कि.
हम ये छीन लेंगे वो गलती गई वो फलाना हो. गया ये हो गया ये उसी बात का जवाब है. देखिए बड़ा मजा आता है मोदी जी ने पीठ. थपथपाई थी अरे क्यों नहीं अच्छे काम पे तो. सभी खुश होंगे माननीय मोदी जी तो बहुत. जल्दी अच्छा लगा मैं तो आपको एक दिन सुन. रहा था किसी वीडियो में और आपने कहा कि. मोदी जी जानते नहीं थे मैं नारा लगाता था. और फिर एक दिन हाथ पकड़ के ले गया मैं डर. रहा था कि मैं आगे कैसे बैठूं ये बिल्कुल. सही बात है क्योंकि मोदी जी का व्यक्तित्व. एकदम बहुत ऊंचा है अल प्रकार का है और. उनके जीवन प कदम कदम प हम चीजें सीखते.
रहते हैं लेकिन उनका बहुत तो ये 29 वाले. जानना मुझे कुछ तो आया होगा फोन आया होगा. बधाई आई होगी नहीं बधाई तो है आनंद तो है. उस बात का खुशी है लेकिन मैं मान के चलता. हूं मैं अकेला नहीं हूं मेरी पार्टी के. प्रदेश के एक एक कार्यकर्ता ने अपनी अपनी. यही बात राजवर्धन जी को समझनी चाहिए. ना ठीक है आपने नाम बदला अब मेरे को. बार-बार आपको जब मैं देखता हूं यूपी में. बैठ के दिल्ली में बैठ के तो मुझे लगता है. कि योगी आदित्यनाथ और हेमंत शर्मा वाई.
लाइन में आप भी है आपको भी बड़ा शौक है. नाम बदलने का क्यों नाम बदलते रहते हैं आप. सारे मुसलमान जो मुस्लिमों की पुरानी. पहचान है उनसे देखिए मैंने कभी ऐसा कहा कि. मैं ऐसा करता हूं नाम तो वही बदले गए. लेकिन सर तो मेरे से पूछो स क्यों बदला. क्यों बदले नाम आपने तो मैं बताता हूं ना. आपको आपने उस लाइन में खड़ा कर दिया जहां. मैं बोलना नहीं चाहता था इतनी जल्दी तो आप. ले जाते हो जब मेरे को वापस पहुंचना नहीं. है वो बड़े लोग हैं मैं उनका सम्मान करता. हूं आप बहुत सीनियर है मैं उनकी तुलना में. बहुत जूनियर हूं लेकिन एक मैं जानकारी दे.
जसे नाम में बताता हूं मौलाना एक गांव है. बड़नगर तहसील उज्जैन जिले का अब मैंने. पूछा कि इस गांव में कोई मौलाना है क्या. बोले कोई मौलाना नहीं है हमने कहा कोई. मुस्लिम बंधु है क्या बो कोई मुस्लिम नहीं. है तो अब मेरे को आप बताइए लेकिन. जहांगीरपुरी में तो है नहीं है ना. जहांगीरपुर में भी एक मुसलमान नहीं है. नहीं अब मैं क्या करूं उसका और जहांगीरपुर. जब जहांगीर आए थे उज्जैन पर कब्जा करने. हां तब उन्होने जहांगीरपुर कर दिया तो. वहां के लोगों ने कहा जैसे गजनी खेड़ी तो.
चामुंडा नगरी थी अब गजनी खेड़ी जब गजनी. लूट करके सोमनाथ से उज्जैन के रास्ते. अफगान गया तो वो गजनी खेड़ी तीन दिन तक. निवास करा उसने तो गांव का नाम गजनी खेड़ी. कर गया अब सब लोगों ने कहा इतना भव्य. मंदिर माता जी का उस समय भी लूट गया और. 1000 साल बाद भी ये गुलामी के मतलब अभी भी. आप थको ग नहीं अभी आगे और नाम बदले जाएंगे. मेरा निवेदन ये है जन हम जनता चुनती सरकार. हम और सरकार चलती जनता की भावना के अनुसार.
और जनता ने कहा कि जिस नाम मेरा गांव का. नाम मुख्तियार पुर और कोई मुख्तियार नहीं. तो क्यों होना चाहिए मुख्तियार पूर तो. जनता की भावना हम नहीं रखेंगे यह. संवैधानिक प्रक्रिया है गांव ने अगर. प्रस्ताव दिया है कि हम सब मिलकर तय कर. रहे हैं पंचायत से कि कृपया करके. मुख्यमंत्री जी इस पंचायत का नाम बदल दो. तो पंचायत का नाम बदलने का पावर सरकार के. पास से मुख्या तक ही आएगा चलो यह बात आप. एक मोस्टली आप पुरानी चीजों को रिस्टोर. करने कह रहे हो लेकिन जो दूसरा पक्ष है इस.
प्रदेश का जो मुसलमान जिससे जिसने मुझे. मुझसे कहा जैसे कि किसी व्यक्ति ने कहा कि. मौलाना का नाम आने पर पन अटकना बताता है. कि मुख्यमंत्री पद पर ब बैठे शख्स की सोच. थोड़ी और बड़ी हो सकती है थोड़ा दिल और. बड़ा हो सकता है मैंने आपसे फिर कहा मैंने. उस समय भी बोला अभी भी बोला गांव में कोई. मौलाना नहीं है गांव में कोई मुस्लिम नहीं. अब पेन अटके का नहीं तो क्या चलेगा आप बता. दो एंटी मुस्लिम हो आप मैंने क्या सख रहा. पूछ रहा मैं आपसे पूछ मैंने तो मेरे जितने. नजदीक अरे मेरे जितने नजदीक के दोस्त सब.
मुस्लिम ही है तो मैं क्या करूं वो सब. चिल्लाते नाराज नहीं होते कोई नाराज नहीं. होता इसलिए दोस्ती चल रही है वो नहीं कहते. यार तुम सारा मुस्लिम काट दे रहे हो हमारा. मेरे को अगर एक दोस्त ऐसा बोलता तो मैं. बताता ना तुमने मस्जिद भी ग द मुझे गर्व. है मेरे जितने मुस्लिम दोस्त थे उन्होंने. कहा कि हां गांव में कोई मौलाना हो तो म. कौन-कौन दोस्त है मुस्लिम आप बहुत दोस्त. दो चार नाम बताओ मेरे नाम आप मेरे पहचानते. हो क्या उनको मैं नहीं जानता आपके लोग. जानते होंगे तो मेरे बहुत सारे दोस्त. ट्रैक कर ले मोहम्मद अकबर है अनिल है अनीर. उद्दीन है बहुत सारे अब देखो अकबर चले गए. लेकिन अकबर अभी भी है तो मेरा कहना अकबर.
है तो क्या अकबर नाम रखना गलत है लेकिन यह. बात है उसकी भावना कितनी अच्छी है जो मेरे. दोस्त इस बात का समर्थन कर रहे हैं चलो. ठीक यह बात आपकी मान ली मैं देखिए मैं. इनकी नहीं कह रहा हूं आप इसके लिए जाना. पड़ेगा. इंडोनेशिया इंडोनेशिया के लोग मुस्लिम भाव. को कितने अच्छे ढंग से बताते हैं. इंडोनेशिया में पूरा दुनिया का सबसे. ज्यादा मुस्लिम देश आबादी की दृष्टि से. कोई है तो इंडोनेशिया लेकिन इंडोनेशिया के. लोगों ने घर-घर रामायण खेलते हैं अभी भी.
और उनकी एयरलाइंस भी गरुड़ एलायस है हम वो. कहते हैं भाई गरुड़ हमारे विष्णु भगवान का. वाहन है और वो विमान की यात्रा करता था तो. फिर अपने इंटरव्यूज में पाकिस्तान की. क्यों कह रहे थे कि पाकिस्तान के लोग भी. देखो ऐसा नहीं कहते नाम बदलने पे हमारे. यहां लोग शिकायत करते रहते हैं तो मेरे को. पाकिस्तान तक क्यों ले जा रहे मैं. इंडोनेशिया या आपने एक इंटरव्यू में कह. दिया दो तीन जहां कहा आपने नहीं मैंने. इसलिए कहा कि पाकिस्तान की मानसिकता बताता. हू हां कि उनकी हमसे बेहतर है कि वो. शिकायत नहीं करते मैंने ये बोला दूसरी बात. आप कभी मेरे को जानकारी नहीं कि आप किस.
बात आपने मैं स्ट बता दे रहा हूं आपने कहा. देखो हमसे उससे बेहतर तो पाकिस्तानी है जो. कम से कम एक्सेप्ट करते हैं अमेरिका में. रहने वाला अमेरिकी हिंदुस्तान में रहने वा. से मैं बताता हूं ना आपको ये तो बिल्कुल. सही बात है पाकिस्तान के लोग हमारे देश का. नाम क्या है सर भारत इंडिया दैट इज भारत. ये आप बता रहे हो हां संविधान के हिसाब से. ये मैंने क्या कहा लेकिन पाकिस्तान के लोग. जिस दिन पाकिस्तान बनाया था उस दिन उनसे. उन्होने कहा था हिंदुस्तान है तो वो. हिंदुस्तान कहते हैं ब हमारे वाले तो सब. सब बनाए थे नात मेरा निवेदन तो सुनो आपके.
आरएसएस में भी मुस्लिम विंग है तो मैं का. मना कर रहा हूं मैंने तो कहा मेरे दोस्त. है तो मैं जो राष्ट्रवादी मुस्लिम है उनका. सम्मान करता हूं जो इस बात को मानते कि भा. हम पूजा पद्धति हमारी नमाज पढ़ना अजान. देना पवित्र कुरान पढ़ना वो अपनी पद्धति. है उनकी इससे ना नहीं अरे हमारे पास तो 33. करोड़ देवी देवता है कोई राम को माने तो. ठी 3 करोड़ 33 करोड़ और उसके बाद करोड़. नहीं करोड़ नहीं शायद करोड़ है नहीं अरे.
33 करोड़ है 3 कोट दे अरे कोटि करोड़ में. आप अंदर बता दो ओ उलझ जाओगे. इसीलिए अधर्म में आपका ला ज्यादा होगा. नहीं मेरा कोई धर्म में नहीं है लेकिन. अधर्म में नहीं है हमने जितना पढ़ा उसम. करोड़ किसी बाबा ने हमको सिखाया था करोड़. नहीं है मैंने क्या बोला जानकारी के बता. रहा हूं हमारे यहां आर समाज है वो कोई. पूजा पद्धति नहीं उनके पास यज्ञ करते तो. हमारे यहां ये भाव है कि आप पूजा प कोई भी. रख लो ठीक बात लेकिन अल्टीमेटली. राष्ट्रीयता तो आपकी देश से जुड़े गी और.
राष्ट्रीयता हिंदुत्व है इतनी सी तो बात. अभी यही बात आ गई जैसे मैं हिंदू हूं मुझे. मजा आ रहा है मैं हिंदू हूं मुझे मजा आ. रहा है कि राष्ट्रीयता हिंदू रहेगी लेकिन. हो सकता है कोई मुसलमान उसको मजा ना आ रहा. हो ये आपने क्यों सोच लिया कि जन्माष्टमी. आप मना रहे हो सरकार के तौर पर जन्माष्टमी. मैंने क्या गीता उत्सव कर रहे हो वो कह. रहे कि भाई हमारी ईद भी कर दो यार आप. मुख्यमंत्री हो आप बकरीद बना लो देखो वो. ईद मनाते हैं हम छुट्टी रखते हैं हमको. क्या मनाए मनाते. मेरी बात मैं क्यों मनाऊंगा मेरी वो. नवरात्रि मनाते हैं क्या आप उनके. मुख्यमंत्री हो अरे मेरी बात सुन तो वो.
मेरे मेरे राज्य के नहीं. लोग मैंने ऐसा दोनों में फरक है आप इसको. इस इस रूप में मत लो मैं समझना चाह रहा. हूं मेरी जिज्ञासा समने समने के लिए बता. ये जो पूजा पद्धति का मैंने विस्तार से. आपको बताया ना कि अगर मैं आर्य समाजी हूं. तो मैं रोज यज्ञ करूंगा मैं पूजा करने. नहीं जाऊंगा इसका मतलब मैं हिंदू नहीं हूं. क्या तो यही फर्क उन पे आ जाएगा कि अगर वो. न आज पढ़ रहे हैं तो भी वो अपने मुस्लिम. है लेकिन वो देशभक्त है ये गौरव की बात है.
और वो हिंदुस्तान को मानते और अच्छी बात. है तब मैंने सही कंपैरिजन किया था योगी जी. और हेमंता जी से बढ़िया कंपैरिजन किया था. मैंने मैंने कहा मेरे कंपैरिजन से मैं. चक्कर में नहीं पड़ना चाहता हूं आप. बार-बार ले जाते हैं वहां आपको दोनों क्या. दोनों में ज्यादा पसंद कौन आता आपको मैंने. क्या कहा ये तो दोनों दोनों काम देख र. देखो दोनों सीनियर है दोनों वरिष्ठ है वो. अपना काम कर रहे हैं हम लोग उनकी तुलना. में तुलनात्मक रूप से किससे इंस्पिरेशन. लेते हो आप पॉलिटिक्स में एक्सेप्ट मोदी. जी मोदी शाह नड्डा जी छोड़ के. क्यों ये तो तीन तो आपके टॉप लीडरशिप इनका. नाम तो आप लोगे ही लोगे इसके अलावा किससे.
इंस्पिरेशन लेते हो आप दूसरे से लेने की. जरूरत क्या है आपके बड़े नेताओं में और. किससे लेते अरे यार मोदी जी से बढ़ के कौन. आदमी है आज आप भी कहां चक्कर में पड़ो ये. तो सेफ वाला आंसर हो गया सेफ कहां से हो. गया है यही मूल आं एक रहेंगे तो सेफ. रहेंगे नहीं क्यों आप बताओ ना एक के साथ. सब सबके साथ एक हमारी पार्टी का नारा. है अलग से नहीं है सबका साथ सबका विकास. सबका नारा है अब तो नया वाला चल रहा है. बटो ग तो कटो ग यह मैं नहीं बोलता आप इस. यकीन करते हो मेरे एक रहेंगे सेफ.
रहेंगे जबरदस्त सर जबरदस्त और आगे नाम. जैसे बदले जाएंगे शहरों के पंचायतों के. शहरों के भी नाम बदलो भाई ये सरकार चलाना. ये पूरी पा साल की व्यवस्था रहती है तो. निर्वाचन से निर्वाचन के बीच में ऐसे आने. वाले सारे प्रस्ताव प उनके गुण दोष के. आधार पर निर्णय करते महाकाल कितना इंपैक्ट. आप प रहा है महाकाल प किसी प इंपैक्ट नहीं. है मैं आपसे समझना चाह रहा हूं मैंने.
थोड़ी उनकी महिमा बताए क्योंकि आपसे बेहतर. कोई समझा नहीं सकता इसलिए मैं चाहता हूं. देश में जो बाकी हिस्से में लोग देखे. महाकाल की थोड़ी महिमा बताइए हमें आप समझा. सकते मैं इतना ही बता सकता हूं अगर आपने. महाकाल का विषय लिया है तो महाकाल का मतलब. भगवान काल के देवता और काल के देवता मतलब. समय के देवता और समय व्यक्ति का मां की. गर्भ की अंदर आने वाली आत्मा से ही शुरू. हो जाता है और शरीर छोड़ने तक उसका समय. पूरा नियत रहता है ना वह बढ़ा सकता है ना.
घटा सकता है लेकिन इस लोक में मृत्यु लोक. बोलते हैं इसको अगर वह धरती पर आता है तो. अपने समय का जो बेहतर से बेहतर उपयोग. करेगा वही स्मरण रहेगा बाकी शरीर भी चला. जाएगा वक्त भी चला जाएगा जय महाकाल लेकिन. सर मेरे मन में एक सवाल महाकाल को लेकर. आता है कई लोगों ने मुझसे कहा कि महाकाल. को या आपसे पिछली सरकारों से चला आ रहा है. मतलब ये इसका एलिगेशन मैं आपको नहीं दूंगा. इसका मैं सब कहूंगा और ये देश के हर.
मंदिरों में कि मंदिरों को हमारे यहां देश. में दो हिस्सों में बांट दिया गया है अमीर. के लिए अलग मंदिर गरीब के लिए अलग मंदिर. बड़ा आदमी आया तो छोटा आदमी दर्शन नहीं कर. सता बड़ा आदमी निकल ना जाए पैसा है जल्दी. दर्शन कर लो आपको लगता नहीं कि ये. व्यवस्था हमारे धर्म में अगर इस पर आप लोग. विचार करें क्योंकि आप लोग उस पद पर है तो. जो दर्शन करने व्यक्ति आएगा उसके लिए सुगम. अनुभव रहेगा वो जाएगा और भगवान का. आशीर्वाद चले जाएगा ऐसा लगता है कि अमीरों. के भगवान अलग हैं गरीबों को समय इंतजार. करना पड़ता. है ये एक एक मंदिर की कहानी नहीं बता रहा.
हूं ये देश के हर बड़े मंदिर की लेकिन. क्योंकि मैं और आप बैठे हैं उज्जैन में तो. मैं उज्जैन के संदर्भ में आपसे पूछ ले रहा. हूं देखिए क्या हो गया मैं आपसे 100% सहमत. हूं हमने काफी बदलाव किए हैं सुधार भी किए. हैं उज्जैन बाबा महाकाल की नगरी में और यह. बात भी सही है कि हमने महाकाल पर पूरे. ध्यान देश का जाए इसलिए कई प्रकार के. विकास के काम भी किए हैं क्योंकि मैं तो. उज्जैन से ही बाल्यकाल से जुड़ा हूं हम. इसलिए बाबा महाकाल की वैभव उनकी गाथा उनकी.
विशेषता उनके दर्शन का लाभ अधिकतम लोग. उठाए इसलिए हमने बाबा महाकाल के महालक का. भी निर्माण कराया सामने बैठ कर के 17 18. तरह से अलग-अलग रोज आ सकती व्यवस्था भी. बनाई और खासकर मेरी सरकार के बनने के बाद. हमने उसमें काफी सुधार किए जैसे उदाहरण के. लिए ये भस्मारती का बहुत आकर्षण रहता था. तो भस्मारती में हमारी सारी क्षमता लाले. तो 2200 से लोग ज्यादा नहीं बैठ पाते हम.
हमने चलित भस्मारती चालू कर दी जितने लोग. भी चलते चलते भी दो घंटे बैठ के क्यों. देखना हम दर्शन तो कुछ पल के लिए भी. पर्याप्त है तो वो भी सिस्टम चालू किया. अपने आप गर्भ ग्रह के अंदर जाने का बहुत. आकर्षण था काफी विवाद रहता था अंदर जाने. का हमने गर्भ के दर्शन ही बंद कराए कि आप. बाहर से. करिए जितने लोग कर सकते हैं यह व्यवस्था. में थोड़ा सा मुझे संकट भी आता है कि कुछ. वीवीआईपी टाइप के दबाव रहते हैं उसके कारण. कष्ट आता है लेकिन वो व्यवस्था खिलाफ लड़.
रहा है नहीं मैं चाहता हूं इस आप थोड़ा और. ध्यान द कि आप भी भक्त है और जैसे अभी खबर. आई थी मुझे बड़ा बेचैन कर गई कि कुछ लोग. थे वो दर्शन के नाम में पैसा सा ले रहे थे. आप लोगों गिरफ्तार भी कर कावा कर हमने कहा. ब एक भक्त के नाते आपको भी दुख हुआ होगा. नहीं इसीलिए कि लेकिन क्या होता है कि. जैसे कोई चोरी कर रहा है हम अवॉइड करेंगे. तो और बड़ा हिम्मत करेगा तो हमको हड़ना. पड़ेगा कि अल्टीमेटली गलत बात तो गलत है. उसको दंड देना पड़ेगा उसके खिलाफ कारवाही. करना पड़े ठीक बात है अब एक बार जरा हमारा. यस और नो वाला डंडा दीजिए भाई साहब तो तो.
सबसे पहले यस या आपके पास जो है यस या नो. में आपको जवाब देना है आप चाहे तो. एक्सप्लेन भी कर सकते हैं बीजेपी में. परिवारवाद है यस या नो. नो क्या मालूम आप पूछ रहे तो उधर दिखा रहा. कोई बात नहीं नो है चलिए ठीक है आप कह रहे. मैं आपसे इस एक्सप्लेनेशन नहीं लूंगा मोहन. यादव जी इसलिए सीएम बने क्योंकि वो ओबीसी. समाज से आते यादव है. गलत लोग कहते हैं जो कहते हैं इसम कुछ ऐड. करना चाहोगे आप बिल्कुल गलत क्योंकि मैं.
मेरी अपनी जैसे आपने खुद ने कहा कि मैं तो. 2003 में मुझे टिकट मिली और मैंने छोड़ी. तो मैं अगर इस वर्ग से आता था यह होता तो. इसका मतलब मैं ना कर सकता था. क्या ठीक इंडिया को हिंदू राष्ट्र बनना. चाहिए यस या नो हिंदू राष्ट्र बनना चाहिए. इसका मतलब मैंने फिर बारबार कहा कि कौन से. हिंदू की बात कर रहे हैं अमेरिका में. अमेरिकन रशिया में रशियन तो भारत का बारे.
में क्या है भारत एक एक डेमोक्रेटिक देश. है आप इसको क्यों अलग नाम दे रहे हो और. भारत का सही अर्थ में नाम तो भारत है हम. बट हिंदू राष्ट्र तो नहीं हैना सर मैंने. क्या मेरा निवेदन जहां राष्ट्रीयता की बात. कर रहे हो तो राष्ट्रीयता तो वही है जो आप. कह रहे हो पाकिस्तान वाले कहते हैं. हिंदुस्तान से आ र हो क्या कहते हो आप कह. दो यस हिंदू राष्ट्र बनना चाहिए तो मैंने. कहा हिंदू राष् बनना क्यों चाहिए जो है तो. बट है कहां अभी अरे क्यों नहीं कहते नहीं. यही तो है हिंदू का मतलब सहिष्णुता हिंदू.
राष्ट्रीयता से जुड़ती है हिंदू सनातन. पद्धति से जुड़ती है हिंदू जीवन शैली है. हिंदू को कोई बनने बनाने से काम नहीं चलने. वाला कोई जानकारी नहीं तो मैं क्या करूं. ये तो सुप्रीम कोर्ट वाली बात सुप्रीम. कोर्ट नहीं मानूंगा तो किसको मान ठीक है. लेकिन हिंदू राष्ट्र भारत बनना चाहिए नहीं. ये बनना मतलब फिर वही कोई नया आके बनाएगा. क्या जो सनातन पद्धति जीवन की वही तो. राष्ट्रीयता जुड़ती है ठीक है चलिए गोट से. जी देश गोट से देशभक्त थे या. देशद्रोही गोट से देशभक्त थे मैं उस समय.
पैदा ही नहीं. हुआ आपने क्रिकेट अच्छा खेला है लग रहा है. अच्छी बॉल डक कर लेते हैं आरएसएस बीजेपी. की लॉजी मुस्लिम के खिलाफ है बिल्कुल. बिल्कुल. नहीं नो ओके शिवराज सिंह चौहान जी के साथ. गलत हुआ क्या शिवराज सिंह चौहान जी के साथ. गलत हुआ मुख्यमंत्री ना बनाकर नहीं ये आप. क रहे हो यह तो कभी उने भी नहीं बोला और. मैंने भी नहीं बोला तो आप मर्जी से कैसे. कुछ कह ठीक है ी को नेशनल लैंग्वेज बनना. चाहिए हिंदी को राष्ट्रीय भाषा का दर्जा. मिलना चाहिए उसम उसमें क्या राष्ट्र भाषा.
हिंदी है नहीं सर हमारी हिंदी हमारे देश. की किसी भाषा को हिंदी राष्ट्र भाषा नहीं. बनाए गई राजभाषा हिंदी मैंने बोला ना. राजभाषा हिंदी है मैं राष्ट्र भाषा की बात. कर नेशनल लैंग्वेज मैं राजभाषा हिंदी है. ना उसम क्या दिक्कत है और हिंदू पूरे देश. में पड़ी और सुनी जाने वाली भाषा है ठीक. है देश का सबसे करप्ट नेता कौन है क्या. देश का सबसे करप्ट नेता मोहन यादव जी की. नजर में तो क्या बोलूंगा इसमें ये तो. कोर्ट डिसाइड करती है लेकिन ये मैं मान के. चलता हूं कि जब भी रिकॉर्ड उठा के दोगे तो.
हमारी पार्टी का तो कोई नहीं मिलेगा ठीक. है सबसे ईमानदार नेता कौन है सबसे ईमानदार. नेता कौन है देश का माननी नरेंद्र मोदी जी. ये तो आप लोग रटा रटा है जवाब आपने प्रश्न. पूछा मैं पूछूंगा फिट कौन है मोदी जी तो. चलो ठीक है मध्य प्रदेश का आज तक का बेस्ट. चीफ मिनिस्टर कौन रहा. है मध्य प्रदेश के बेस्ट आज तक का सबसे. अच्छा चीफ मिनिस्टर कौन रहा है अ तो मोदी. जी नहीं हो सकते नहीं नहीं नहीं इसमें आप. थोड़ा सा जाति कर रहे हैं जाति व टूथ बता.
दो चलो आप मैंने इसलिए कहा न टूथ करेंगे. तो इसमें हमारे जितने भी नंबर वन नंबर वन. में आएंगे तो शिवराज जी आएंगे ओके उमा जी. आएगी दो पटवा जी आएंगे तीन ठीक डन है मोदी. जी के बाद अगला प्रधानमंत्री बीजेपी से. किसे बनना चाहिए आपकी नजर में आप किसे. योग्य मानते हैं मोदी जी के बाद आपकी नजर. में देखो मैं कल्प प्रश्नों का उत्तर नहीं. देता. ठीक है एक लास्ट सेगमेंट है उसके आपको पाच. मिनट फ्री कर दूं आपको दिस और द टाइम तो.
खत्म हो बस पाच मिनट सर योगी आदित्यनाथ जी. हेमंत विश्व शर्मा जी आपको एक आप जिससे भी. अपने को करीब पाते हो दिस और दैट है जिससे. करीब पाते हो योगी जी या हेमंता जी करीब. पाता ह मैं योगी जी का भी मित्र हूं और. हेमंत जी का भी मित्र हूं एक थोड़ा होता. है ना कि ज्यादा होता है हमारा नहीं कम. ज्यादा तो मेरे को हिसाब नहीं लगाता ऐसा. नाप तोल के क्या करना है ठीक है गांधी जी. सावरकर जी में कौन बड़ा विचारक था सावरकर. जी में बड़ा विचारक कौन था दोनों की धारा. अलग-अलग है लेकिन दोनों की धारा महान है.
ठीक है राहुल जी और केजरीवाल जी में. अपोजिशन का ज्यादा बेहतर नेता कौन. है अब मैं इसको क्या. बोलूंगा दोनों एक से बढ़कर एक दो दोनों. फेल हुए दोनों के आधार पर देश ने निराश. हासिल कि 10 साल से मुख्यमंत्री राहुल जी. के लोग कह रहे प्रधानमंत्री बन जाएंगे. राहुल जी बो दोबारा मैं फिर बोल रहा हूं. 10 नहीं 15 साल बोलो उनको हम 2014 में. उनकी रहते रहते ही सरकार गई और आज तीसरा.
चुनाव हार गया 15 साल के लिए बाहर हो गए. तो उनको क्या बोलोगे और केजरीवाल जी जिस. बात को लेकर सरकार में आए थे कांग्रेस में. कभी नहीं जाऊंगा कांग्रेस से हाथ नहीं. मिलाऊंगा और कांग्रेस से हाथ मिला रहे है. इसको क्या बोलोगे जितनी बातें बोली सब झूठ. अखिलेश यादव तेजस्वी यादव में यादवों का. सबसे बड़ा नेता कौन है अब मैं भी इसको इस. तरह से नहीं देखता जिस ंग से आप देख रहे. हो क्योंकि क्या हु आपकी बड़ी तुलना होती. है सोशल मीडिया प कि बिहार में तेजस्वी जी. वहां पर अखिलेश जी और बीजेपी ने कर दिया.
है आपको और आप को आप भले ही नहीं मानते. लेकिन लोग ये मानते हैं कि बीजेपी आने. वाले टाइम में नेशनल पॉलिटिक्स में अखिलेश. जी और तेजस्वी साहब ने आपको शायद. प्रोजेक्ट कर सकती है देखो मैं मेरी. पार्टी का सिपाही हूं पार्टी के विचार को. लेकर आगे बढ़ता हूं हम तो मैं अपनी पार्टी. की बात करूंगा इनमें से किसी संपर्क में. आप है मेरा मेरा कोई संपर्क नहीं अखिलेश. जीया आज क्योंकि आप आजमगढ़ के ही हैं मतलब. मूलता नहीं तो मैं 300 साल पहले मेरे. पिताजी यहां आ गए ना प्रचार करने गए थे आप. सफ ही तो क्यों नहीं जाएंगे अपना देश है. तो यादव सबसे बड़ा नेता कौन है देश में. मैंने फिर कहा कि कोई किसी जाति से मत.
जोड़िए अपना नाम भी ले सकते हो हमारी. पार्टी नहीं हमेशा नहीं क्यों बोलेंगे हम. तो अपनी पार्टी की विचारधारा के लिए जहां. भेजेंगे हम जरूर जाएंगे हमको क्या तकलीफ. है हरियाणा में आप गए थे आप जीत गए अच्छा. रिकॉर्डर आपका तो यूपी बिहार में चलिए मैं. फिरता अखिलेश जी तेजस्वी जी मोहन जी. यादवों का सबसे बड़ा नेता कौन है मैंने. इसिस देखा ही नहीं किसी को वो अपनी पार्टी. के नेता हम हमारी पार्टी के नेता उन दोनों. में ज्यादा बेहतर कौन है फिर मैंने दूसरी. बात कही वो बिहार में एक यूपी में उनसे. क्यों तुलना कर र विराट को चलो ठीक है मत. बताओ आप बहुत डिफेंस विराट कोहली रोहित. शर्मा में कौन फेवरेट है आपका विराट कोहली.
रोहित शर्मा में विराट कोहली क्यों देखो. बाक यहां देखिए सट से आंसर दिया एक सेकंड. नहीं लि तो क्या हो. गया बाकी वाले में टुक टुक टुक टुक टुक टक. नहीं है मुद्दा आप आप टूक टूक मान लो. क्योंकि मैं आपके हिसाब से उत्तर नहीं दे. रहा हूं लेकिन उत्तर देने का दायरा तो. मेरे पास है ना क्यों विराट कोहली विराट. कोहली इसलिए है कि विराट कोहली की अपनी एक. नैसर्गिक शैली जो मुझे पसंद है हम वो जो. अग्रेसिव अब मैं एक बताऊंगा उनके बन. स्टोक्स फेवरेट प्लेयर है है ना अब 56. दुकान पे आप खरीदने जा अरे हां मुझे याद आ.
गया क्यों विराट. कोहली आपको भी तो मजा आता है भा तेरी. ऐसी आपका ये गलत आकलन अरे हमने वीडियो. देखा आपका नहीं तो वीडियो देखा तो वीडियो. की पोजीशन नहीं देखी कहां वीडियो तो विराट. कोहली की तो वही रहती है ना वो खेलता है. जब उस मैदान में पूरे फॉर्म में रहता है. तब उसको बेंचो जाता है देखो जब कोई सेना. में रहेगा हम. सेना की भूमिका में रहेगा कोई साधु रहेगा. तो साधु की भूमिका में रहेगा समझ गया.
विराट कोहली आपके फेवरेट क्यों. है जबरदस्त जबरदस्त मध्य प्रदेश में क्या. है सर आखरी सवाल जो लोगों को यहां आना. चाहिए मध्य प्रदेश में वो सब कुछ जिसको. देखने के लिए जरूर आना चाहिए मुझे इस बात. की प्रसन्नता है आप किसी भी क्षेत्र में. जाइए वन संपदा. में जीव संपदा में खास करके वन्य जीव. संपदा में हम आप बताइए जितना मध्य प्रदेश. समृद्ध इतना कोई राज्य नहीं हमारे यहां.
आर्कोलॉजी. में टूरिजम में फॉरेस्ट में स्पेस. टेक्नोलॉजी में साइंस में आप जिस भी. क्षेत्र में देखना चाहोगे मध्य से बढ़कर. के बड़ी संभावना का जिज्ञासु के लिए जानने. का स्थान अगर कोई है तो मध्य प्रदेश है. मुझे गर्व है कि मध्य प्रदेश भारत का इस. तरह का हिस्सा है जो नदियों का भी मायका. हैने सु नदियों को जोड़ भी रहे हैं आप. नदिया विश्व के पहला अभियान माननीय मोदी.
जी के आशीर्वाद से दो राज्यों के साथ नदी. जोड़ो केन बेतवा यूपी के साथ और पार्वती. काली सिं चंबल योजना राजस्थान के साथ ये. दोनों नदी जोड़ों पर हमने दो बड़े. प्रोजेक्ट किए जिसम माननीय मोदी जी ने. 1700 हजार करोड़ की धनराशि हमको दी है और. आज ही हमने अपने राज्य के अंदर की एक नदी. जोड़ो अभियान अलग चालू किया जो कान नदी और. गंभीर नदी का था जिसमें आज पटेल जी उजना. के गए तो ये यशस्वी भारतर रत्न पंडित अटल.
बिहारी वाजपेई जी का जो सपना था कि नदी. जोड़ों पर हमको जाना ही चाहिए क्योंकि एक. नदी में बाढ आती है दूसरी नदी सूखी है तो. दोनों को मिला देने से दोनों तरफ जीवन. बदलेगा ना दोनों को लाभ मिलेगा मुझे बड़ा. दुख के साथ कहना पड़ा कि कांग्रेस ने 20. साल तक य अच्छे विचार को टाले रखा और. माननीय मोदी जी ने इस विचार को परवान. चढ़ाया और हम राज्य में आगे बढ़ गए आखरी. चीज यस नो है लेकिन आपने बच्ची को उठा. उसके आद में तलवार थी बहुत वायरल तस्वीर. हुई नेशनल मीडिया बस ये आखरी है ये आखिरी.
है वो तलवार सही था सर तलवार बच्ची छोटी. बच्ची को देना दोनों बात आपने तलवार नहीं. वो तलवार का खिलौना था वो बच्ची के हाथ. में तलवार का मतलब बच्ची गोद में है और. अहिल्या माता का 300 वा जन्म उत्सव चल रहा. है तो प्रतिकृति बना कर के कोई बच्ची ऐसे. कुछ लेकर आएगी इसको क्या मानोगे आप आप भी. तल बाजी अच्छी करते हैं क्यों नहीं करते. 10 बार करेंगे हम तलवार अपना खेल है. ओलंपियन खेल है उसमें क्या परेशानी है जो.
लोग कह रहे थे कि किताब होना चाहिए तलवार. नहीं उनको क्या कहेंगे फिर आप मैंने फिर. कहा कि आप बताइए कोई झांसी की रानी बच्ची. बन के आएगी तो क्या लकड़ी का डंडा लेके. आएगी साथ में सही बात है फैक्ट है सहमत है. फिर वो तो तलवारी लाएगी ना तो अगर अहिल्या. माता बन गई तो अहिल्या माता महारानी है और. उनके नेतृत्व में कोई युद्ध नहीं आ रहे. हैं तो उसको क्या बनाएंगे कितने क्लेरिटी. से सारी बात आपने बता दी बीच में थोड़ा. डिफेंस किया था. बट अंत भला तो सब भला थैंक यू स जय महाकाल. मजा आया आपसे बात करके आपका पहला साल है. उम्मीद रहेगी कि आने वाले सालों में आपसे.
मुलाकात होती रहे साल दर साल काम काज का. आकलन होता रहे जनता के सवाल हम लाते रहे. और आपको बताते रहे जनता आपसे क्या अपेक्षा. कर रही है बहुत धन्यवाद धन्यवाद स बहुत अ. बहुत धन.
