Unplugged ft. Mohammed Zeeshan Ayyub | Raanjhanaa | Tanu Weds Manu | Tere Ishq me| Shubhankar Mishra
रांझड़ा में हम लोगों ने जहर काट दिया था।. अबे मंडे [संगीत]. जब मैंने पहली बार रांजड़ा देखी तो मेरे को. लगा यार ये पीयूष मिश्रा जवान कैसे हो. गया। [हंसी] अब प्यार ना हुआ तुम्हारा. यूपीएससी का एग्जाम हो गया है। 10 साल से. क्लियर ही नहीं हो रहा है।. पीयूष भाई का मुझे फोन आया था। रांझड़ा के. बाद यही बोलते हो। क्या बात लोग कह रहा. है? आपके बेटे ने बहुत अच्छा काम किया।. मेरी बीवी मुझ पे वैसे ही शक करती है।. [हंसी]. ये लौंडो में सच में कंधा कैटेगरी होती. है।. तुम कौन? कंधा।. कौन? भैया एक बिरादरी होती है ना लौंडो की. वॉर भयंकर होती है। ये 1 लीटर पेट्रोल.
वाले लौंडे जो. जरा हंस के बात कर ली। तुम्हें लगता है. लड़की सेट हो गई।. तो हम क्या सिर्फ Hero Honda और 1 लीटर. पेट्रोल थे आपके लिए।. ये लड़की पटा पाती।. ये लौंडे साहब कभी नहीं पता। ये सिर्फ. इस्तेमाल होते हैं और उसके बाद ये कड़वे हो. जाए।. क्या स्टेज होती है ये? आशिक बनने तक।. ये डीएम से शुरुआत हो जाती है।. हां आजकल तो हां डीएम होगा।. ये मेरा प्यार।. मतलब हम तो तब वो वाली बात कर रहे हैं कि. भाई आदमी जो है ना कैंटीन में सबको पता था. कि हमारी वाली. हां हां कि भाई मालूम है पर कुछ है नहीं. वो आप हल्का सा आके चाय जो है कह रहे हो.
उसकी मैं दे देता हूं पर उसके बाद आपकी ये. वाली स्टेज आ जाती है जब आपको वो लड़की जो. है बुलाने लगती है तो आपको रात को 2:00. बजे भी अगर हुआ कि अरे उसको ड्रॉप करना है. तो आदमी पहुंच गया है बाइक लेता हुआ ठंड. लग रही है पर फिर भी पहुंच गए फिर आप जो. है वहां से फिर पहुंचते हैं कि उसका. ब्रेकअप होगा तो वो आके आपके ही कंधे पे. सर रख के रोएगी तब फिर वो जो है कोशिश. करते हैं कि कंधा सटक के पकड़ लेते. फिर कहना पड़ता है बिटमेंट खाओ हमसे लड़ाई. [हंसी] विटामिन हमसे खाओ और आशिकीन से. लड़ाओ।. तेरे इश्क में. प्रेम में मृत्यु है मुक्ति नहीं।. तू मर तो सकता है लेकिन निजाम [संगीत]. नहीं पसंद।.
बनारस से क्या सलाह किया है। मुझे बहुत. पसंद है वो शहर।. हर आदमी ज्ञानी है।. क्योंकि हमने रंझना से पहले भी यही किया. था कि हम चार दिन पहले चले गए थे। टूलते. थे हम। चलो इस ठे पे चाय पी लो। यहां पे. रबड़ी खा लो। और लोगों को सुन रहा है। और. भाई लोग जो है जो ज्ञान पीले पड़े हैं।. जान ले लो, जहान ले लो, धर्म ले लो, ईमान. ले लो, दुकान ले लो, मकान ले लो पर चाटो. मत।. [हंसी]. इसी एटीट्यूड से आसपास हर आदमी के पास कुछ. बता देने को है सामने वाले को।. आशिक तो आप भी जहर रहे हो ना। [हंसी]. अरे छुपा के रखो आप क्या कर रहे हो? जैसे 18 साल हो गए शादी को। अब 18 साल बाद. इश्क उतना ही जवान रहता है।.
इश्क बड़ा हो जाता है जब रात में सोना है।. चाहे बीच में जो है हमारी बेटी लेटी हुई. है। मेरे ना एक पैर जो है ना वो टच होना. चाहिए कि हां है साथ में। कपल से ज्यादा. हम लोग दोस्त ही दिखेंगे। क्योंकि हम उधम. काटते हैं। अभी भी एक दूसरे के साथ।. हां वैसे भी बचपन का प्यार तो डॉक्टर. इंजीनियर लेके चलो। मोहल्ले के लौंडो का. प्यार अक्सर डॉक्टर और इंजीनियर उठा के ले. जाते हैं। [हंसी]. सीए के प्रोटेस्ट आपने बहुत बढ़-चढ़कर. किए।. लगेगी आग तो आएंगे घर कई इज्जत में। यहां. पे सिर्फ हमारा मकान थोड़ी है।. सीए इंप्लीमेंट हो गया। अब आपके आलोचक.
क्रिटिसाइज करते हैं कि आप लोगों ने एक. माहौल बनाया। पूर्वाग्रह से शायद आप लोग. ग्रसित हो। स्टैंड अभी भी सेम है।. है।. नहीं मेरा स्टैंड अभी भी देखिए सेम है।. मोदी जी में कुछ अच्छा लगता है जीशान को? [हंसी]. इसको रहने ही देते हैं।. शाहरुख खान साथ भी काम किया, सलमान खान के. साथ भी काम किया, आमिर खान साथ भी काम. किया। सलमान भाई को थप्पड़ तक रसीद दिया. आपने। मजा ज्यादा कहां यार? ये थोड़ा मुश्किल सवाल है।. मैं ये 200 बार सुन चुका हूं। हां।. शाहरुख़ सर मुझे जानते नहीं थे। मैं छोटा. आदमी था। मुझसे मिले। फिर मुझे गेट पे. छोड़ के आए।. बिकॉज़ ही मेक्स श्योर दैट यू आर फीलिंग. स्पेश। जेंटलमैन होने का जो एक एकदम सटीक.
कोई डेफिनेशन मिले ना, तो इंसान है।. इट्स जस्ट द इनफेशियस लव दैट ही हैज़ फॉर. एवरीबॉडी। इतने बड़े स्टार का इतने लंबे. [संगीत] समय तक ऐसी खुद को रिलेटिबल रख. पाना अपने आप में एक रिसर्च का विषय हो. सकता है।. नहीं मैं इनमें से बात ही नहीं करता। एक. तो मैं नहीं मानता कि छोटा कलाकार हूं।. [हंसी]. कोई उम्मीद भर नहीं आती। कोई सूरत नजर. नहीं आती। मौत का एक दिन तो मोइयन है।. नींद क्यों रात भर नहीं आती? हमको पीयूष मिश्रा फिर सुनाई पड़ गए थे।. कोशिश किया गया।.
रांझणा का पंडित मुरारी हो तनु वेट्स मनु. का चिंटू शर्मा रईस का सादिक जीरो का. गुड्डू या छलांग का पीटी टीचर आर्टिकल 15. का साहसी किरदार या स्कूप का पत्रकार मेरे. आज के मेहमान जो हैं ऐसा लगता है कि वह. सिर्फ एक्टिंग नहीं करते सच बोलते हैं।. उनकी आवाज में तर्क है। आंखों में.
ईमानदारी और अंदाज में बगावत. जो उन्हें बड़े कलाकारों की फहरस्त में. रखता है। यह वो कलाकार हैं जो साइड. कैरेक्टर नहीं किसी भी कहानी के दिल का. कैरेक्टर करते हैं। वो कैरेक्टर जो पिक्चर. छोड़ने के बाद भी आपके ज़हन में रह जाता. है। ईशान अय्यूब बहुत-बहुत स्वागत है. आपका।. थैंक यू। थैंक यू सो मच।. बड़ी देर कर दी मेहरबान आते-आते।. बहुत ज्यादा देर हो गई। मतलब काफी वक्त से. हमारा कम से कम एक साल से।. आई थिंक पिछले दिसंबर में हमारी बात हुई. थी कि ट्राई करते हैं। और हो नहीं पाया।. देर आया दुरुस्त आए अभी तो ये बोल सकता. हूं।.
कैसे हैं आप? मैं एकदम बढ़िया हूं शानदार।. आप बताइए कैसे हैं? मैं बढ़िया शानदार। अभी बैक टू बैक. फिल्में आ रही है। बहुत सारी चीजें बेहतर. हो रही हैं। लेकिन जीशान अय्यूब से हम. शुरुआत करें उससे पहले हम पूछे आपका अपना. फेवरेट कैरेक्टर कौन सा है? मेरा मैं हमेशा वही बोलता हूं जो मतलब. नहीं है। मैं आपको बताऊं. आप ना अगर एक उसमें फंस गए ना मेरा बड़ा. स्ट्रांग मानना है कि अगर मैं मान लीजिए. फंस जाऊं कि भाई अरे यार मुरारी में जो हो. गया था। तो मैंने ना कई लोगों को देख लिया. सीनियर्स को वो ना एक किरदार में फंस के.
रह गए। हम्. वो ना फिर आपको ना हमेशा आप ना कि यार. उसकी आपको झलक फिर हमेशा दिखती रहती है।. आई थिंक वह हमारे लिए बड़ा पेनफुल भी होता. है। पर एक पॉइंट के बाद ना आपको उस किरदार. को अपने अंदर से अलग करना पड़ता है कि भाई. अगले में उसकी छाप जितनी कम आए उतना अच्छा. है। तो मेरा ऐसा कुछ नहीं है। सबकी देखिए. अपनी अलगेंस है। मतलब आई एम श्योर आपकी. जिंदगी में भी आपका जो ग्राफ रहा है उसमें. होगा जो आपकी पहली नौकरी होगी। आई एम. श्योर वो बड़ी एक अलग खुशी होगी जो.
पहला 2000 4000 जो भी आपके हाथ में आए. होंगे. आठ महीने फ्री में काम करवाया था. तो लेकिन वो जब पहली बार आप कुछ करते हैं. वो जो एक खुशी है तो अब जैसे नोन कल जसिका. को मैं पीछे नहीं कर सकता कभी वो जो एक. पहला काम मिला फिर जिसको बिग लॉन्च कहते. हैं तो जाहिर है मुरारी के बारे में बात. करनी ही पड़ेगी क्योंकि उसने सडनली वो. स्ट्रगल का पीरियड खत्म कर दिया अब उसके. बाद फिर स्क्रिप्ट आने लगी कि अब सीधे हां. बोलो या ना बोलो और काम करो वाला फेस शुरू. हुआ तनुव मनु रिटर्न्स ने एक अलग बुलंदी.
पे पहुंचा दिया। सडनली और ज्यादा ट्रस्ट. है। एक ठप्पा सा लग गया कि हां भाई ये. एक्टर है। फिर अब शाहरुख खान के साथ काम. कर रहा हूं तो शाहरुख खान के साथ काम करना. है।. आमिर खान के साथ कर रहा हूं। तो आमिर खान. तो आमिर खान. सलमान खान के साथ करो। सलमान खान के साथ. तो ये सबकी अपनी खूबसूरती है। तो मुझे. सारे याद रहते हैं। रीसेंट तौर पे अगर. बोला जाए तो अब जैसे क्रिमिनल जस्टिस में. जितना प्यार मिल गया या अभी तेरे इश्क में. जो मुरारी फिर वापस आया है मुझे इतना. प्यार दिलाने के लिए साहब।. मैं आऊंगा वहां तक। लेकिन जब मैंने पहली. बार राजझड़ा देखी.
जी. तो मेरे को लगा यार ये पीयूष पिछड़ा जवान. कैसे हुआ? [हंसी]. जी मैं अभी पिछली बार भी बोल रहा था ना आप. मेरे ख्याल से कुछ 35,000 आदमी होंगे. जिसने ये बात. मतलब मैं पकड़ी।. मैं कहा यार इनका लौंडा इतना बड़ा हो गया. है तो ये क्या था? मैं बहुत कंफ्यूज था।. फिर मैं बड़े टाइम तक। फिर नाम आया जीशान. अय्यूब ने कहा नहीं नहीं इतना तो फर्क. नहीं पड़ता। [हंसी]. बहुत ज्यादा बहुत ज्यादा है। मतलब इतनी. अनकैनी है सिमिलरिटी कि मुझे कई बार लग. जाता है कि यार एक सेकंड ये तो मेरी फोटो.
लग रही है एकदम और बहुत ज्यादा सिमिलरिटी. है यार।. और आवाज में भी वो जो कई बार पॉज है. और बहुत तेज अगर मैं बोलता हूं तब तो. बिल्कुल ही पीयूष भाई जैसी आवाज निकल जाती. है। तो है. वो लोग बहुत खुशकिस्मत थे।. थोड़ा थोड़ा चलता है। [हंसी]. हां है। नहीं आपसे तो बात नहीं हुई थी।. पीयूष भाई का मुझे फोन आया था रंझना के. बाद यही बोलते हुए क्या लोग कह रहे हैं कि. आपके बेटे ने बहुत अच्छा काम किया मेरी.
बीवी मुझ पर वैसे ही शक करती [हंसी] है. पर मतलब पहले आदमी पहले तो वो भी वामपंथी. ही थे. हां पर बहुत प्यारे आदमी है यार. आप मिले हो उनसे. हां लगातार बातचीत चल रही है अभी पीयूष जी. ने मुझे कहा कि शुभांकर कुछ करते हैं बीच. में पडकास्ट नहीं कर रहे थे अभी टेक्स मी. कि वी विल प्लान समथिंग सो आई एम क्वाइट. एक्साइटेड मुझे उनकी कविता बड़ी पसंद है. वो फैज साहब को रिकक्रिएट किया था. उन्होंने। वो लोग बड़े खुशकिस्मत थे जो. इश्क को काम समझते थे। काम से आशीष करते. थे। हम जीते जी मशरूफ रहे। कुछ इश्क किया. कुछ काम। उसका उन्होंने एक्सटेंडेड वर्जन.
लिखा था।. क्या क्या ये वाला बताइए? अरे नहीं सुना आपने। ज़हर है।. क्या गया? अलग सुनाइए।. वो काम भला क्या काम हुआ जिस काम और बड़ा. जबरदस्त लिखा। मैं आपको भेजूंगा सुन।. हां प्लीज भेजिए।. आप वो पीयूष मिश्रा की असली राइटिंग है।. जिसमें उन्होंने लौंडो के जज्बातों को. एकदम उखेर के रख दिया और समाज में बगावत. पैदा कर दी।. पीयूष भाई का जैसे मैंने ये पढ़ी है अभी।. तुम्हारी औकात क्या है? पीयूष मिश्रा वो. आपने पढ़ी? मैंने ये नहीं पढ़ी।. यार कमाल किताब है। उनकी ऑटोबायोग्राफिकल. ज़ोन में है। ऑटोबायोग्राफी तो नहीं बोल. सकते पर बहुत.
आपने सुना फैज साहब का वो लोग बड़े. खुशकिस्मत. हां वो तो पूरा इसी को उन्होंने कहा कि. मोहब्बत और इश्क अधूरा नहीं रह सकता।. अच्छा. तो फैज साहब को माफी मांगते हुए उन्होंने. उसका एक एक्सटेंडेड वर्जन पूरा निकला।. वाह! और बड़ा गजब लिखा हुआ।. पीयूष भाई ने लिखा है तो गजब ही होगा।. पीयूष भाई बहुत पसंद है मुझे। बहुत. इंस्पिरेशनल राइटर हैं।. ओके। अ मुलाकात रही आपकी उनसे? हां हां. हमारी सबसे पहली मुलाकात हुई थी एनएसडी. में हम. तो एक नाटक था रंजीत कपूर जी ने डायरेक्ट. किया था आंटियों का तहखाना.
करके एक आर्ट्स ओल्लेस्ट का अप्टेशन था वो. तो उसमें 84 में पीयूष भाई ने जो रोल किया. था सॉरी पीयूष भाई ने जो रोल किया था 84. में 200. सिक्स में वो रोल मैंने किया था और मुझे. रंजीत सर ने बोला था रंजीत का बोलना. उन्होंने बोला तुमने पीयूष के साथ काम. किया है है क्या? मैंने कहा सर मैं तो कभी. मिला भी नहीं हूं। वो बोले नहीं कई बार. ऐसा होता है कि आप अगर किसी के साथ काम. करते हो आप अपना थिएटर शुरू करते हो एक. पर्सनालिटी के साथ तो आप कई बार बहुत. इंस्पायर हो जाते हो एंड यू स्टार्ट.
परफॉर्मिंग लाइक दैट पर्सन। तो तुम्हारे. अंदर बहुत झलक दिखती है पीयूष की। तो. मैंने कहा सर मैं जानता हूं पीयूष मिश्रा. मतलब एक्टर को क्योंकि मकबूल देख चुके थे. तब तक और ये सब तो मैंने कहा यार मैं. जानता हूं लेकिन ऐसा कुछ तो नहीं है कि. हमने अब कोई काम किया है। तब पीयूष भाई आए. थे तब पर उनको पसंद आया था। तुम्हारी बैठक. हुई थी लंबी उसके बाद फिर वो जब भी एनएसडी. आते थे कि आ जाओ आ जाओ यार महफिल जमाएंगे. बैठेंगे वो बढ़िया गाने सुनाते थे बढ़िया. बातें होती थी उनसे तो पीयूष भाई से एक. राब्ता रहा पर 2013 के बाद रंझना के बाद.
और एक कुर्बत आ गई तो वो एक और उनका प्यार. जो है वो बढ़ा कि अरे यार बढ़िया एक्टर है. तू बढ़िया करता है पर घर पे खाने वाने पे. आना जाना थोड़ा बहुत ज्यादा नहीं पर थोड़ा. बहुत वो रहा और अभी तक भी अभी मिले थे हम. कुछ 6 महीने पहले वो जहां पे वो एक ऑफिस. है जहां से उनका सारा काम अभी ये बल्ली. महारान और ये सारे शोज़ का चलता है। तो. वहां पे हम लोग गए हुए थे। वहां पे कुछ तो. फोटो शूट था हमारा उसी जगह पे तो पीयूष. भाई भी बैठे हुए थे। अबे क्या समोसे समोसे.
खाए तूने ये वाले? बहुत बहुत अच्छे। तो वो. वाला एक प्यार है। मोहब्बत है उनसे। उनसे. मोहब्बत है।. नाइस। उन्होंने अपनी विचारधारा पूरी चेंज. की क्योंकि आप अपनी चीजों को लेकर बहुत. वोकल है। वो भी बहुत वोकल है।. और आई एम श्योर जो वो कह रहे होंगे वो. आपको कम से कम सुनने में बहुत अच्छा नहीं. लग रहा होगा। बिकॉज़ ही सेड कि. ये सब वामपंथी जो है ये क्यूटिया बनाते. रहते हैं। मैंने आधी जिंदगी इससे बर्बाद. कर दी।. तो ये जब साथ बैठते हो गप लड़ाते हो. क्योंकि बाकी सब तो सेम है एनएसडी सेम है. शक्ल सूरज सेम है आवाज सेम है टैलेंट सेम. है इस टैलेंट सेम सर वो गानेवाने और ये सब.
जो कर सकते हैं वो हमारे बस का नहीं है. नहीं पीयूष भाई ना इसके बारे में बात नहीं. करते ईमानदारी के बाद जैसे हम लोग उस दिन. भी ना कुछ तो एक किसी ने जिक्र किया था. मतलब ना मैंने किया था ना पीयूष भाई ने. किया था कुछ एक हल्की सी पिटिकल कुछ तो. बात निकली थी किसने बोला जिसने भी बोला. खैर वो जरूरी नहीं है तो उसमें पीयूष भाई. ने कुछ पार्टिस िपेट किए बिना जो है वो. बल्कि वहां से निकल गए थे कि इससे पहले कि. कोई डिस्कशन जैसी बात आती तो इस पे उनसे. कोई बात नहीं हुई है। सच्ची बात ये है कि.
भाई क्या हुआ है? क्यों ऐसे उनको क्यों. लगता है? इस पे ऐसे कोई कभी डिस्कशन उनका. मौका नहीं लगा रहा।. ओके तेरे इश्क में. जी राजझाणा में आप लोगों ने जहर काट दिया. था।. जी. इसमें साथ में फुल फ्लेजेट क्यों नहीं. आया? आप लोग आए।. आई थिंक ये कहानी अलग थी। हम. मतलब क्योंकि मुझे बड़ा क्लियर ही उनका. फोन आया था। जैसे कई लोगों को जब इसका. अनाउंसमेंट हुई थी आपको अगर याद हो आई. थिंक पिछले साल मिड में कभी इसकी. अनाउंसमेंट आई थी कि वो ऐसे धनुष भागता.
हुआ आ रहा है और रंझना लिखा हुआ है और वो. एक पेट्रोल बम उसके ऊपर फेंकता है और वो. जल के तेरे इश्क में हो जाता है। तो मुझे. कई लोगों का फोन आया था कि अरे आप लोगों. की फिल्म मैंने कहा भाई ऐसी हमारी कोई इस. पर बात नहीं हुई है हमारी फिल्म का। पर. हिमांशु क्योंकि मेरा पुराना दोस्त है। तो. मेरी हिमांशु से बात हुई। मैंने कहा कि. भाई ये क्या है भाई? लोग मुझे फोन कर रहे. हैं। तो उसने बोला यार ये बिल्कुल ही अलग. कहानी है। कह रहा है एक मोटे तौर पे. क्योंकि अब आ गई है और आप लोग भी थोड़ा. वक्त लेंगे अभी ये वीडियो रिलीज़ करने में. तो बोल सकता हूं। उसने बोला कि सिमिलरिटी.
इतनी ही है कि एक आदमी इश्क में पागल हुआ. और अपने आप को खो देता है। और वो मौत तक. की जर्नी. प्रेम में मृत्यु है। मुक्ति नहीं पंडित. मर तो सकता है।. तो उसने बोला कि इतना ही है। तो तेरे लिए. कुछ है नहीं। इसमें ऐसा कोई वर्थ नहीं है।. कोई कैरेक्टर कि हमें लगे कि यार इसमें. जीशान को लेते हैं। यह मना हो गया। फिर इस. साल की शुरुआत में मुझे दोबारा फोन आया कि. अरे यार जरा मिलने आजा। कॉफी-वफी पीते. हैं। बातें करते हैं। बहुत दिन हो गए।. मैंने कहा ठीक है। मैं गया तब उसने मुझे. बोला कि भाई सुनो ऐसे हमारा डिस्कशन हुआ. और सब लोगों ने बोला कि किसी एक जगह तो.
रांझणा का कनेक्शन बनना चाहिए। तो तो हम. इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि भाई मुरारी के. साथ ही वह कनेक्शन बनना चाहिए क्योंकि. लोगों का अभी भी है। तो फिर हिमांशु ने. मुझे यह सीन सुनाया कि ऐसे-से वो एक. सिचुएशन यह रहेगी कि वो बनारस पहुंचता है. उसके लिए अपने अंतिम संस्कार के लिए और. वहां पे उसे मिलता है और अब मुरारी जो है. वो बड़ा हो चुका है। मुरारी की उम्र बढ़. गई है और वो देखता है इसलिए वो पहली लाइन. उसने वो रखी कि मैं शुरुआत यहीं से करना. चाहता हूं कि यह सारे दिल जले, कर्म जले।.
आशिकों की शक्ल एक सी हो जाती है क्या कि. वहां से शुरू करूंगा कि एक उसको ना उसने. देखा इसको बैठे हुए और उसको एकदम से कुंदन. याद आया और वो इसलिए आया और फिर वो लुक. में हम वो रखेंगे और एक सीन बस रहेगा. जिसके बाद फिल्म की कहानी फिर कुछ अलग रुख. लेती है ना मैंने ना देखी है और ना सुनी. है स्क्रिप्ट तो मुझे पता नहीं क्या रुख. लेती है पर अपेरेंटली उसके बाद शायद उसकी. लाइफ का कुछ ज़ोन बदलता है धनुष का. एक बार सुना था ना प्रेम में मृत्यु है. मुक्ति नहीं पड़े.
अरे वो इंटेंसिटी अलग थी पर. प्रेम में मृत्यु है। मुक्ति नहीं। यही है. ना? हां।. तू मर तो सकता है लेकिन निजात नहीं पा. सकता।. प्रेम में कुछ तो है। बनारस में वैसे कुछ. है।. बनारस गए हो? अरे पूरी राजा हमने बनारस में शूट किया. है। ये तेरे इश्क में हमने बनारस में शूट. किया है।. बनारस से क्या सिला के आए? मैं बहुत ज्यादा प्यार। मुझे बहुत पसंद है. वो शहर। उस जगह पर हम लोगों ने. हर आदमी ज्ञानी है।. हर आदमी ज्ञानी है। पर ना वो जो एक जिस.
ह्यूमर के साथ जिंदा है ना वहां पर आदमी. और जितना ई है लाइफ को लेके वो जो मजा है. हमने वही क्योंकि हमने राझना से पहले भी. यही किया था कि हम चार दिन पहले चले गए थे. और चार दिन पहले जाके हम लोगों ने है ना. हिमांशु ने वही बोला तब तो वो वाला मसला. भी नहीं था। अब तो थोड़ा सा लोग पहचान. पहचान जाते हैं। बाहर निकलो तो तब तो एकदम. टूलते थे हम कि चलो इस ठे पे चाय पी लो।. यहां पे रबड़ी खा लो। यहां पे कचौड़ी. अच्छी मिलती है। ये सब करते हुए और लोगों. को सुन रहे हैं। और भाई लोग जो है जो.
ज्ञान पेले पड़े [हंसी] जिस एटीट्यूड से. आसपास हर आदमी के पास कुछ बता देने को है. सामने वाले को तो हमने वही ऑब्जर्व किया. था और आनंद और हिमांशु का मेरे लिए वही. ब्रीफ था कि ये जो है दुनिया ये मुरारी. है। तो मुरारी की जिम्मेदारी है कि बनारस. जिंदा हो। तो तेरी जिम्मेदारी है बनारस को. जिंदा करने की। तो दैट इज हाउ ये शुरू हुआ. था। मेरे को कई बार लगता है कि धनुष ने. क्या कमाल किया यार। मेरे को वो यूपी का. लड़का लग गया था उसमें वो। धनुष बहुत. खूबसूरत एक्टर है। मुझे बहुत पसंद है। एक.
तो वो आदमी इतना प्यारा है। आप मिले? नहीं मैं उनसे नहीं मिला।. बहुत प्यारा आदमी। मतलब वो जो एक फ्लैम. पॉइंट और ऐसा वाला दिखता है ना। आप उससे. असली लाइफ में मिलेंगे। एकदम डोसाइल सा. बड़ा प्यारा। हां ओके ओके। ऐसा बंदा है।. बट वो पिक्चर में भी वो नेक्स्ट डोर गाय. वाला ही था कि मतलब आपको रिलेट कर गया।. बहुत ज्यादा बहुत ज्यादा। खूबसूरत आदमी. मतलब वो जो उसमें था ना एक ग्लास का सीन. था कि अब साला कौन फिर से उठे ये जो लड़की. बगल में बैठी है अरे आपको लगता है कि यार.
ये तो घर-घर की कहानी है वो बहुत नहीं वो. तो उसमें तो देखिए मैंने हिमांशु को बोला. था उन्होंने लिखा था ये उसने सुनाया था. मुझे याद है हम बनारस में ही बैठे थे घाट. पे बैठे थे. कुछ अलग शूट हो रहा था मेरे में वेट करने. का टाइम था तो कुर्सी डाल के मैं बैठा हुआ. था बढ़िया सामने गंगा जी दिख रही है. हिमांशु उधर कोने में बैठा बैठा हुआ था और. एकदम से उसने आवाज लगाई कि जीशान मैंने. कहा कह रहा यार मैंने ना लास्ट सीन जो. होगा फिल्म का वो लिखा है मैंने कहा तूने.
अब लिखा है कह रहा हां आजा मैं वहां गया. मुझे याद है मैं उसके बगल में बैठा और. उसने पढ़ के सुनाया था और मैंने सुना था. और मैंने उसे मेरे आंखें भराई थी मैंने. उसे लगाया गले मैंने कहा भाई यह तो काम हो. गया. आशिक तो आप भी ज़हर रहे हो ना. [हंसी]. तो वो आशिक वाला पेन जो है वो तो साहब. अरे छुपा के रखो आप क्या कर रहे हो? लौंडे जल्दी रिलेट कर लेता है।. लौंडे बहुत जल्दी रिलेट करता है। वो आंसू. देने वाला ही मामला है। वो रुला देता है.
वो। वो मोद लॉर्ड मोहब्बत में इंसान पगला. जाता है ना सब. तो अगर ये नहीं हुआ तो फिर किस बात की. मोहब्बत साहब? मेरा मानना है कि अगर आप. अपने आप को नहीं भूला आपने तो ये कैसी. मोहब्बत है? ये तो टाइम पास है फिर के आप. अपना. आप जब कुछ नया इलहाम होता है आई थिंक जब. आप पहली बार मोहब्बत करते हो खासतौर पे तब. ना आप कहीं और कनेक्ट हो जाते हो तब आपको. ना अपनी बीइंग जो है ना वो. इस दुनिया से यूनिवर्स से मिल गई है ऐसा. महसूस होता है और हर बार जब आप उस इंसान.
को देखते हैं अपने माशूक के सामने तो आप. उसी ज़ोन में जाते हैं और वही खुशी होती है. जो आपको एक आशिक बनाती है और इसीलिए वह. पेन भी इतना बड़ा होता है जब अगर आपका. विरह हो जाए तो आपको इसलिए इतना ज्यादा. दर्द होता है क्योंकि आप अपने उस इनर से. दूर जा रहे होते हो। दैट इज व्हाई इट इज़. सो पेनफुल।. बट ये प्यार उसी में जिंदा रहता है जो छूट. जाता है, अधूरा हो जाता है या जो मिल जाता. है उसमें भी पूर्ण रहता है।. नहीं उसमें भी रहता है। मतलब उसमें बात यह. है कि देखिए एक तो मैं साफ मानता हूं कि. ऐसा नहीं होता के आदमी सिर्फ एक बार इश्क.
करता है। मैं उस फिलॉसफी का आदमी हूं।. मेरा मानना है इश्क जो है ना वो आपको होता. रहता है।. शादी के बाद. शादी के बाद भी हो सकता है। इश्क जो है ना. मेरा उसके अंदर पंगा ये है कि हमने वो ऐड. कर दिया है। उसके साथ ना फिजिकैलिटी को. बहुत ज्यादा जोड़ दिया है। इश्क जो है ना. वो बड़ा खूबसूरत कांसेप्ट है। थोड़ा. जो मैंने आपको बताया कि वो ट्रांसेंडिंग. वो है कि हो सकता है कि मुझे. मैं ऐसे ही कहीं बाहर जा रहा हूं और मैंने. कोई एक किताब देखी। मुझे किताब से वेश.
होते हैं और मैं उसके बाद में उससे नहीं. निकल पाता। मैं उसी में रहता हूं और मैं. बार-बार विजिट करता रहता हूं कि अरे यार. यह क्या बोल दिया यार कोई एक लाइन है, कोई. एक शेर है और आप पागल हो गए। आप बार-बार. बार-बार उसको विजिट कर रहे हो। फिर ऐसे. सामने किसी ने कोई एक टेक दिया। कई बार हो. जाता है कि किसी एक्टर के उसमें आप एक शॉट. देखते हो और आप उसके बाद बाकी फिल्म मैंने. देखी नहीं। जैसे मैं उस तरह का आदमी हूं।. उसके बाद हुआ मेरा खत्म। यह क्या हो गया. और मुझे अब उससे इश्क हो गया। किसी का. कहीं कोई गाना सुना और गाने में कोई एक. हरकत ऐसी थी जिसने मुझे इश्क में डाल दिया.
और अब मैं पैशनेटली और बिल्कुल ही अपने आप. से दूर होके मैं सिर्फ उसके बारे में. सोचता रहता हूं। आप मुझसे बात भी कर रहे. होंगे और मेरे दिमाग में वो चल रहा होगा।. आई विल नॉट बी हियर। तो ये ना एक. कंटीन्यूअस प्रोसेस है। इट्स नॉट जस्ट. अबाउट के एक मर्द को एक औरत से ही. इश्क होगा और उसके बाद उनके बीच में कुछ. फिजिकली होगा।. आप इश्क के तसवुर में रहने वाले इंसान. हैं।. हां। इश्क से इश्क करना अगर आदमी सीख जाए. तो उससे खूबसूरत बात कुछ नहीं है।. तो ये बात मानव कॉल को क्यों नहीं सिखाई. आपने जब आप साथ में रियल कश्मीर फुटबॉल. क्लब पे.
मानव जो है वो अलग वो अलग मिट्टी के बने।. मानव जो है वो एकदम सादा कि अरे हां हो. जाएगा। मानव का एटीट्यूड अलग है। हम जो. हैं हमारा अलग है। आई थिंक यही तो अच्छी. बात है।. ये बड़ा खूबसूरत रहा क्योंकि मैंने एक ही. दिन में दोनों इंसान को स्टोर किया।. एक इंसान का रास्ता बिल्कुल अलग था। एक. इंसान का रास्ता अलग था। क्या सीखा आपने. मानव से जब ये कश्मीर में फिल्म शूट की।. सीखने जैसा तो देखिए वैसे. अरे नहीं होता ना व्यक्तित्व में जैसे मैं. बैठा था तो उन्होंने मुझसे सेल्फ लव के. बारे में वो बहुत थे। सेल्फ एक्सप्लोरेशन. मुझे अकेलेपन से डर लगता है। तन्हाई से डर.
लगता है। मुझे चाहिए. हां. मैं इश्क के तस्सवुर में रहना पसंद करता. हूं इंसान। मैं आपसे रिलेट कर पाता हूं. अपने आपको।. मैं उनसे रिलेट नहीं कर पाया। पर वो सुनने. में अच्छे लग रहे थे। मुझे वो वो कहानियां. सुना रहे थे जो मुझे सुनने में बड़ी अच्छी. लग रही थी। शायद जीने में मुझे उतना आनंद. नहीं आता।. हां।. नहीं देखिए हमें जितना वक्त मिला आरकेएफसी. में तो मैं और मानव एक दूसरे को जानते हैं. ऑलमोस्ट कुछ 18 साल से हम. वो एनएसडी आया था एक वर्कशॉप हो रही थी. ग्रतोष के सेंटर वालों ने करवाई थी तो. अटेंड करने के लिए मानव भी आया था. तभी हम एनएसडी से निकले थे. हम भी थे उस वर्कशॉप.
2004. 2000 आठ में थी शायद ये वर्कशॉप. आप चार के पास आउट हुए ना. नहीं नहीं मैं चार में एडमिशन हुआ था. अच्छा. ओके सॉरी. सात में पास आउट हुआ मैं उसके अगले साल की. शायद ये वर्कशॉप 2008 की बात हो गई तब हम. लोगों की मुलाकात हुई थी। फिर हम बॉम्बे. चले गए 2009 के एंड में 2010 समझिए तो. बॉम्बे में वो थिएटर सर्किल के चक्कर में. मुलाकात होती रही। कुमुद भाई जो बहुत अजीज. हैं मानव के भी मेरे भी बहुत ज्यादा अजीज. हैं।. कुमद भाई हर जगह रहते हैं।. कुमद भाई ओमनी प्रेजेंट है।.
हां वो मतलब आप अनुभव से ना पूछिए तो वो. भी आप किसी भी पूछिए अच्छे कलाकार से तो. वहां कुमुद भाई हैं।. कुमुद भाई होंगे और कुमुद भाई कुमद भाई. इश्क है।. हां [हंसी]. तो आप उनसे मिलेंगे ना वो इश्क है। आप. देखेंगे और आप बोलेंगे कि हमें सही बात. बोली। आपको उनका भी करना चाहिए पडकास्ट।. तो कुमद भाई के थ्रू कई बार मुलाकात हुई।. फिर इनके जो बाकी लोग हैं सैम है और मतलब. एक घनश्याम करके है जो इनके ग्रुप में काम. करता है अभी जो रंगशीला खुला है वो ये. सारे लोग ना एक सर्किल है जिसमें मेरे और. मानव की कभी-कभी मुलाकात होती रहती थी पर.
बात बहुत होती थी मानव के बारे में लोगों. से ऐसा मानव का कहना है कि उन लोगों से. मेरे बारे में भी उसकी बहुत बात हुई है तो. ये करते हुए हमें यहां पे पहली बार मौका. मिला साथ में काम करने का तो उसमें ना. ज्यादा यही वाला था कि अरे यार फलानी चीज. जो थी वो वो कितनी बढ़िया हुई थी और हम. काम पे ज्यादा रहे। इतनी ना ये वाली बात. जो है इश्क आशकी वाली ये हुई नहीं। तो ये. जो काम था कश्मीर क्योंकि सब्जेक्ट बड़ा. अच्छा था कश्मीर फुटबॉल टीम मेरा हमेशा.
मुझे अटल जी की बात आती है मतभेद मनभेद. वाली और मेरा मानना है स्पोर्ट्स वो चीज. है जो दिल जोड़ देता है. तो कश्मीर जब आप गए आई एम श्योर आपकी भी. एक धारणा रही होगी जैसे मानव से कई विश्व. में कह रहे थे कि हम हिंदुस्तानी में. धारणा अलग पैदा होती जो हमने कहानियां. सुनी है. हां. जब आप वहां गए क्या कश्मीर में इस बार. देखा आपने क्या समझा क्या आपकी धारणा से. मेल खाया क्या उसके विपरीत था इस कहानी. कहानी में इस दौर में क्या आपने देखा सीखा. जाना? देखिए मैंने ना एक चीज जो जिंदगी में मैं.
मानता हूं थोड़ा मैं जिस पे प्राउड भी. महसूस करता हूं वो ये है कॉलेजवलेज में. आके ना मैंने एक बात अपने आपको सिखा दी कि. मैं किसी भी चीज को लेके ना धारणा नहीं. बनाता नाइस।. पहले से उसके साथ मतलब जैसे अगर मान लीजिए. आप मुझे बोलेंगे कि यार फलाना आदमी ना ठीक. है नहीं यार इसने ना मेरे साथ यह किया. मेरे साथ वो किया मुझसे ना अब होता ही. नहीं कि मैं उससे रिश्ता खत्म कर दूं कि. अरे यार इसने देखो ऐसा किया तो ये आदमी. ऐसा ही होगा मैं ना उसके साथ जाऊंगा धोखा. खाऊंगा फिर मैं बोलूंगा कि अरे यार इसने.
आज धोखा दिया यार ये आदमी ठीक नहीं [हंसी]. था. तो मैं ऐसा आदमी हूं. हम. तो मेरी मैं सही बताऊं तो मेरी कोई धारणा. नहीं थी मेरी सिर्फ एक क्यूरियोसिटी थी. बहुत स्ट्रांग कि भाई जो जिस तरह से हमें. कश्मीर दो स्पेक्ट्रम पर दिखाया गया हमेशा. मतलब फिल्मों से ही ज्यादा एसोसिएशन है उस. तौर पे तो एक है कि भाई साहब गाने वाने. शूट करने के लिए खूबसूरत वादियां और पीछे. बर्फ पड़ी हुई है और ऐसा हो रहा है वैसा. हो रहा है और दूसरा जो है वो बिल्कुल. कॉन्फ्लिक्ट वाला जो ज़ोन रहता है किताबें.
वताबें पढ़ी थी पर वो भी ना ज्यादा उसका. सोशियोपॉलिटिकल एनालिसिस के बारे में थी. रादर देन एनीथिंग एल्स और मेरा ना. ह्यूमैनिटी पे बहुत भारी भरोसा है और मुझे. ना हमेशा लगता है कि किसी जगह जाके ना. वहां के लोगों के साथ जब आप वक्त बिताते. हैं तब आपको ना वो इंसान और उसके आसपास के. कल्चरल चीजों से वो कैसे अफेक्ट हुआ है वो. पता चलता है तो मैं आई वास क्यूरियस कि. यार कैसा होगा और क्योंकि मेरा एक दोस्त. था कॉलेज में कश्मीर से मंजूर तो लेकिन आप.
जब डीयू में आप होते हैं तब कोई फर्क नहीं. पड़ता कि आप कहां से हैं। सब लोग एक साथ. वो हैं। इस बार मुझे मौका मिला महीने भर. उसको एक्सप्लोर करने का और वहां के आम. लोगों से मिलने का उन लोगों की दिनचर्या. क्या है? वह अपनी जिंदगी बिताते कैसे हैं? और. बड़ा खूबसूरत था वो मुझे बहुत मजा आया. उसमें। बहुत मजा आया।. नाइस। 2018 में आपकी शादी हुई।. नहीं नहीं।. कब हुई शादी? गलत इंफॉर्मेशन आई आपके पास। मेरी शादी.
हुई तो हो गई थी। अब हमारा बाल विवाह था।. 2007 में।. वाह! एनएसडी से निकलते ही। हां।. कॉलेज का इश्क था। एनएसडी का. हां वो कॉलेज ही हो गया आपके लिए तो. हां पोस्ट ग्रेजुएशन जी. हां पोस्ट ग्रेजुएशन हो गया. पहला सक्सेसफुल इश्क था मैंने कहा भाई. साहब पहली बार लड़की ने हां बोला है. [हंसी]. ये इससे पहले कि ये मुझे समझे तब तक शादी. शादी करके फंसा लो इस लड़के को तो वैसा. वाला था. अच्छा लड़के घबराते हैं खोने में मतलब.
साहब हमारा तो देखिए हम चौथी क्लास में. पहली बार इश्क किया था हमने. 12वीं तक करते रहे बताने की हिम्मत हुई. नहीं कभी. तो वन साइडेड इश्क चला। पूरे स्कूल को पता. था कि भाई यह जो है इस लड़के से इश्क करता. है। और लड़के मुझे आकर कहते भी थे कि भैया. तू बोल दे तेरा हां या ना हो जाए। अगर ना. हो तो फिर हम लोग ट्राई करें या कुछ करें।. तो अब मैं ऐसा कह नहीं कुछ नहीं कुछ नहीं. कुछ नहीं। कभी हिम्मत नहीं हुई। वहां पे. कुछ नहीं हुआ। कॉलेज में एक लड़की से. प्यार किया।. वो हमेशा वैसा वाला रहा कि बीच में रहे।.
तो कभी ऐसा नहीं हुआ कि उसने हां बोल. दिया। पर ऐसा भी नहीं था कि ना बोल दिया।. तो हम उसमें फंसे रहे। एनएसडी आए एनएसडी. में नया इश्क हुआ और इन्होंने जो है हां. बोल दिया। हमने कहा बस इसी का तो इंतजार. था इसीलिए तो पढ़ाई कर रहे थे हम कि यहीं. पे कोई लड़की मिल सकती है जिंदगी में और. हमने 2007 में शादी कर ली सर।. तो दो अलग तरह के लोग जब एक साथ आते हैं. इश्क कॉमन होता है।. हां।. केवल इश्क कॉमन। बाकी सब अलग है। सब अलग. है।. तुम्हारा उठना बैठना मां-बाप धर्म रीति.
रिवाज. मुश्किल होती है या इश्क सब संभाल लेता. है? इश्क सब संभाल लेता है सब। कुछ मुश्किल. नहीं। मतलब देखिए जैसे एक तो मुझे भी ना. वो कल्चरल रेफरेंसेस के तौर पे और ज्यादा. आसान था मेरे लिए। क्योंकि मेरी भी मर जो. है वो हिंदू थी ब्राह्मण। तो हमने तो भाई. बचपन से हम तो दिवाली की पूजा में बैठे. हैं। वहां पर जाकर वेज खाना है। उस तरह के. तौररीकों पर रहना है। और जब इधर आते थे तब. जो है आप नॉनवेज भी खा रहे हैं। आपको जो. करना है आप उस तरह से जी रहे हैं। तो वो. एक इशू नहीं था। मेन था कल्चरल डिफरेंस।.
पर एक जो चीज इश्क के साथ हमें बांट रही. थी वो थी कला। क्योंकि दोनों थिएटर एक. कॉमन चीज थी।. हम. करियर भी. करियर तक तो देखिए सोचा ही नहीं था।. ईमानदारी की बात पर एक वो था कि यार दोनों. का पैशन सेम है। दोनों ना खुश हो जाते हैं. कोई अच्छा नाटक पढ़ ले तो। और हमारी. दोस्ती पहले हुई थी। हमने उस तरह से कभी. एक्चुअली मैं बताऊं तो प्रपोज करने जैसा. तो कभी हुआ भी नहीं। कि मैंने प्रपोज किया. हो या उसने प्रपोज किया हो। एक पॉइंट के.
बाद आफ्टर पासिंग आउट हमें समझ में आया कि. यार ऐसा करते हैं और वक्त साथ में बिता. पाए इसके लिए शादी कर लेते हैं और इस तौर. पे हमने शादी की क्योंकि हमें एक दूसरे के. साथ वक्त बिताना बहुत अच्छा लगता है अभी. भी सॉरी तो इस तौर पे गए थे तो उसमें. प्यार हो गया था ये हो गया था और कोई उस. तरह की इस तरह की कोई मुश्किल है. तो जैसे 18 साल हो गए शादी को. अब 18 साल बाद इश्क उतना ही जवान रहता है. या गसबम्स आते हैं अभी भी इश्क बड़ा हो. जाता साहब बड़ा कैसे बड़ा हो जाता है इन द.
सेंस के आप ना वो लव लाइकिंग वाले लेवल पे. चले जाते हैं कि. वो प्यार आपकी जिंदगी का एक हिस्सा बन. जाता है। तो जैसे मैं अभी भी जब मैं अगर. आपको छोटा सा एक वो दूं तो अभी क्या है कि. जब रात में सोना है तो चाहे बीच में जो है. हमारी बेटी लेटी हुई है। पर मेरा ना एक. पैर जो है ना वो टच होना चाहिए कि हां है. साथ में दिन में ना एक बार मैसेज भी आ जाए.
ना तो आप ना वो हो जाते हो कि एंकर बन. जाता है एक्चुअली वो ज्यादा आसान है उसको. डिस्क्राइब करने के लिए एक एंकर बन जाता. है कि यार यह हमेशा है अब मैं जाता हूं और. करियर एक्सप्लोर कर लूं या जो भी करना है. जिंदगी में आप उसके लिए वहां पे जाते हैं. पर आपको हमेशा पता है कि यार यह ना यहां. पे है कोई टेंशन नहीं होगी एक बार ढीला. छोडूंगा अपने आप फ्लोट करके वापस आ. जाएंगे। वो एक अलग स्ट्रेंथ देता है।. नहीं सवाल मैंने इसलिए पूछा कि अभी जया जी. ने एक स्टेटमेंट दे दिया. कि.
शादीवादी नहीं करनी चाहिए। मैं अपनी पोती. को नहीं कहूंगी शादी करने के लिए. हम. और कोई जरूरत नहीं है। काजोल का भी एक. स्टेटमेंट रिसेंटली वायरल हुआ था. कि आफ्टर अ टाइम रिकॉल होना चाहिए कि करें. ना करें।. और बड़ी चर्चा चलती है कि मेंटल चीटिंग. फिजिकल चीटिंग।. उस दौर में मुझसे एक इंसान कह रहा है कि. मैं रात को पैर छुआ के. हां।. खुश रहता हूं।. हां। देखिए अब सबके अपने आप. तो जो लोग कहते हैं ना कि शादी से लोग बोर. हो एक्स्ट्रा मेटल अफेयर चलते हैं दाल. चावल लगने लगता है।. हां पीपल देयर आर पीपल हु से स्पेशली इन.
मेट्रो सिटीज कि एक ही इंसान से कितना भी. अच्छा हो बोरियत हो आती है।. आई थिंक अभी भी पैर छुवाने में वो क्यों. क्यों ये है कि वो ना देखिए एक ना वो जगह. है शुभंकर जहां पे ना मैं बिल्कुल सच्चा. हूं। मुझे ना कहीं इतना सा भी एक पैसे का. भी झूठ बोलने की जरूरत नहीं है।. नाइस. वो एक जगह ना आपकी एक सेफ स्पेस जिंदगी. में होनी जरूरी है।. जो हम शुरुआत में बात कर रहे थे आई थिंक. कहीं उससे भी एक कनेक्शन है। वो जो आपने. अभी दाल चावल और इस सब की जो बात की.
हम. आपका इश्क जो है वो किस तौर पे हुआ था? हम. क्या आपने अपने आप को खोया था और एक नए. इंसान को पाया था जो कि मिक्सचर था आपका. और आपके माशूक का तो आप खुश रहेंगे ना खुश. रह सकते हैं पूरी जिंदगी मैं वैसे फ्यूचर. के बारे में कभी नहीं बात करता यू नेवर नो. होपफुली सब सही रहे बट मैं फ्यूचर के बारे. में कभी नहीं बोलता बिकॉज़ कुछ नहीं पता. ह्यूमन माइंड का लेकिन अगर आपका शुरुआत. में वैसा रहा ना मान लीजिए के अरे यार.
क्या खूबसूरत लड़की है सिर्फ उस वजह से. आपने आपको लगा के ट्रॉफी वाइफ अगर आप लेके. आए. तो यार हो सकता है एक पॉइंट के बाद आपको. लगे कि अरे ये ट्रॉफी तो जो है इस पे तो. जंग लग गया है। पर वो सोच का फर्क है। आई. थिंक जो लोग उस अप्रोच से बढ़ते हैं और कि. अरे हस्बैंड में फलानी चीजें होनी चाहिए।. अगर उस तौर पे देखती होगी लड़की वो एक. पॉइंट पे हो सकता है बोर हो जाए या जो भी. है यह आपको मंडेन लगने लगे वो जिंदगी। पर. अगर आपने लिटरली अंदर से कुछ कनेक्ट किया.
था तो नहीं होता। और हम लोग बहुत अच्छे. दोस्त हैं। मतलब आप हमें देखेंगे तो अगर. ऐसे साथ में आप कहीं देखेंगे तो कपल से. ज्यादा हम लोग दोस्त ही दिखेंगे। क्योंकि. हम उधम काटते हैं अभी भी एक दूसरे के साथ. और उससे मिलते ही मैं मैं दोबारा से वो. 18-20 साल का बन जाता हूं जब उससे मिला. था। एंड मैं वैसी बेवकूफियां करता पाया. जाऊंगा। ऐसे लौट रहे हैं। अजीब आवाें. निकाल रहा हूं। ये सब चीजें पर इट्स अ. वेरी पर्सनल थिंग व्हिच इज़ रिजर्व ओनली. फॉर हर। तो ये कहते हैं ना कि मर्द बड़े.
खूबसूरत होते हैं जब वो इश्क में [हंसी]. बड़े मासूम नादान से भी होते हैं।. नादान भी होते हैं। जी. अलग दिखते हैं वो।. उतने गंभीर नहीं होते वो। दुनिया के सामने. गंभीर. दुनिया के सामने गंभीर रहना पड़ जाता है।. जितना [हंसी] रह रहे हैं।. हां वैसे भी बचपन का प्यार तो डॉक्टर. इंजीनियर लेके चला। [हंसी]. ये सही है ना ये? लेकिन ये. बिल्कुल साहब। इसी चक्कर में मैं सोच रहा. था इंजीनियर बन जाऊं। [हंसी]. पर हो ना सका। बट सही इश्क इश्क इश्क की.
एक उम्र की बात करना चाहिए क्योंकि सही. बात है बचपन वाला प्यार तो वही जाता है. नहीं साहब करते रहना चाहिए जैसे मैंने. बोला कि ये अगर कैलकुलेशन से हुआ. तो फिर तो साहब इश्क नहीं होगा. आजकल तो लोग जबरदस्ती इश्क करते हैं कि. हमको इश्क करना है. हां वो वो अलग बेवकूफी है तो फिर इस तरह. के केसेस और आएंगे दाल भात वाले. जो आपने बोला ये और आएंगे आई थिंक इश्क तो. आप ओपन रहेंगे आपको अपने आप मिल जाएगा बट. वो है कि वही वही जो मैं शुरुआत में बोला.
था कि इश्क के आईडिया से इश्क करना पड़ेगा. ज़िंदगी में आगे बढ़ने के लिए।. इससे पहले कि मैं गंभीरता थोड़ा सीरियस. प्रश्न लाऊं थोड़े से कुछ अच्छे-अच्छे. फनी-फनी क्वेश्चंस मैंने रखे थे।. जो स्पेशली मेरे जेहन में आए थे।. ये लौंडो में सच में कंधा कैटेगरी होती. है? साहब आप ना पूछे साहब। आई एम [हंसी] श्योर. आपको पता है।. हम कंधा नहीं बन पाए ना हम।. होती है।. हम हमेशा अपनी पिक्चर के अक्षय कुमार थे।. हां नहीं होती है साहब। वॉर भयंकर होती. है। आपको क्या लग रहा है? वो इतना वायरल. वो लोग जो हैं अरे कंधा अरे तो वो है कंधा. कंधा लोग चिंटूमिंटू भूल गए थे वकील भूल.
गए थे आज वो कह रहे हैं अरे कंधा हमें याद. है आपका कंधा. भैया कंधा कंधा कौन. भाई साहब. भैया हमारी गलत बिरादरी होती है. हम तब आते हैं जब कंधे बहुत उदास होती है. वो वाला. उसने. और ये होता है साहब आप लकी रहे. भैया छोड़े आपने पकड़ लिया आपने पकड़ा मनु. भैया ने पकड़ लिया उन्होंने छोड़ा हमने. पकड़ लिया हम छोड़ आपने पकड़ लिया [हंसी]. तो है साहब इसीलिए वायरल हुआ वो बहुत. मैंने जब पहली बार सुना हिमांशु ने मुझे. स्लाइड में जो हंसा मैंने कहा अब यार तू.
कैसा आदमी है. बोला जीशान ये बैठ गया अगर सही सीन कह रहा. है देख. कितना शोर होगा इस सीन पे और वो हुआ. अरे आपका पहला सीन जबरदस्त था हसरत लखनऊ. बसते कानपुर सुरमई है बरेली कातिलाना. रामपुर. रामपुर. दंड ऊपर से आता है. एक तो कंगना उसमें बवाल थी. अरे यार [हंसी] और कंगना खास तौर पे उसमें. दत्त वाला उसका जो है उफ क्या काम मैं. आपको बताऊं मैं आया था इधर ये लोग शूट कर.
रहे थे कौन से कॉलेज में शूट कर रहे थे. लोग हंसराज में हंसराज कॉलेज में इनका शूट. चल रहा था यूनिवर्सिटी वाला उसमें मैं तो. था नहीं मैं ऐसे ही घूमता फिरता आया था और. मैंने ऐसे ही देखा कंगना खड़ी हुई है वैसे. करते हुए वो कुछ कर रही है वैसे उसको दूर. से देख रहा था और जैसे ही खत्म हुआ मैंने. आके हिमांशु से ऐसे ही बोला मैं कहा लेंस. लगाया है क्या बोला नहीं मैंने कहा यार. झूठ बोल रहा है तू लेंस लगाया सोला नहीं. भाई कुछ नहीं लगाया मेरे पास उसकी आंखें. बदल गई है शी वास सो ब्रिलियंट इन दैट उफ.
मतलब आग लगा दी थी उसने वो दत्तो वाले में. खासतौर पे मतलब तनु भी बहुत बढ़िया था. लेकिन मैं पागल हुआ था दत्तो वाला देख के. मैंने जब फिल्म देखी थी मैं ऐसा था मैंने. उसके पास गया मैंने कहा यार क्या ये क्या. किया है भाई दत्तों वाले एंड शी इज़ अ. कॉन्फिडेंट गर्ल उसका भी वैसा वाला था. उसको बोला है ना बैठ गया ना बढ़िया बैठा. ना बढ़िया बैठा ना मैंने कहा हां यार. बढ़िया बैठा. मैंने उसका टॉवल वाला सीन कितना खतरनाक है. यार जिस कॉन्फिडेंस से आती है वो. [हंसी]. और. जलील सीन है वो जलील सीन. मतलब सामने वाले का कॉन्फिडेंस हिल जाए. हमको देख के हमारा कॉन्फिडेंस हिल गया.
[हंसी]. अभी तक वायरल हो जाता है वो अभी कुछ आई. थिंक 10 दिन पहले फिर वायरल हो गया था वो. वही सीन. टंगना का पडकास्ट मेरा बहुत अच्छा देखिए. कभी समय मिले. अच्छा. बहुत अच्छा पॉडकास्ट है. क्यों दोस्ती खराब कर ली आप लोगों ने. पॉलिटिकल विचारधारा में. देखिए दोस्ती तो मैं आपको ईमानदारी से. बोलूं तो उस तरह से तो बहुत ज्यादा कोई. दोस्ती थी नहीं और खराब हो गया जैसा भी. अभी तक तो कोई वो है नहीं। कमाल की बात यह. है कि हमारी. मणिकर्णिका कब हमने शूट किया 2017.
उसके बाद कभी इत्तेफाक से हम कभी मिले ही. नहीं। कभी टकराए ही नहीं है आमने-सामने।. तो मुझे नहीं पता कि वो मिलेगी तो कैसे. बात करेगी। मैं कैसे करूंगा। मुझे आईडिया. ही नहीं है उसके बारे में। तो हम मिले ही. नहीं है उसके बारे में। बट क्या वे टू मच. ऑफ लाइक पॉलिटिकल ओपिनियन इज गुड क्योंकि. या कभी किसी ने जीशान से कहा कि यार जीशान. यार थोड़ा कम बोला करो यार कम ट्वीट किया. करो यार. समस्या होती है. बहुत बोलते हैं मतलब ये तो लगातार चलने.
वाली चीज है तो शुभचिंतक भी बोलते हैं और. जो गुस्सा करते हैं वो लोग भी बोलते हैं. कि भाई मत बोला करो पर भाई अब क्या करें. जैसे मैंने अनुभव जी से कहा अनुभव जी ने. कहा यार मैंने छोड़ दिया मुझे समझ में आ. गया इससे कुछ होता है ट्वीट करने से. हां. अब मैं चुप हो गया मैं मजा ले रहा हूं घूम. रहा हूं एक्सप्लोर कर रहा हूं। सब कुछ कर. रहा हूं।. अब आपके भी ट्वीट कम दिखाई पड़ते हैं मुझे. क्रांतिकारी Twitter पे।. नहीं देखिए उसमें मेरा क्या वो है पॉइंट. के मुझे जो एक चीज समझ में आई वो ये आई कि. कई बार क्या हो जाता है.
कई बार ना आप अपने अरे यार इस जगह पे ना. मेरे मैं मैं क्या बोल रहा हूं भी एक बार. ना जरूरी है डाल देना। आपका कई बार अप्रोच. ना उधर चला जाता है।. मुझे वो रियलाइज हुआ कि नहीं उसकी जरूरत. नहीं है। वो कहीं ना कहीं ना पर बड़ा. पर्सनल ईगो बूस्ट भी बन सकता है। मैं ये. नहीं कह रहा हूं कि जो लोग डाल रहे होंगे. वो इसलिए डाल रहे होंगे। बट दैट इज हाउ आई. फ्ट।. तो इसलिए मेरे जो आपको ट्वीट जो कम दिख. रहे हैं वो ये है कि हर बात पे मैं ये. स्टेटमेंट मेरी है। दे रहा हूं जरूरी नहीं. है। पर मैं रीपोस्ट करता हूं।.
ठीक है? मतलब रीट्वीट जो भी कहते हैं उसे अब तो. नाम बदल गया ना अब क्या? एक्स हो गया।. हां। तो अब रिएक्ट्स या जो भी करते होंगे. उसे तो मैं वो करता हूं कि भाई अच्छा मुझे. लगता है अगर यह बात लोगों तक पहुंचनी. चाहिए तो मैं यह लोगों तक पहुंचाने में. हेल्प कर सकता हूं।. ये 1 लीटर वाले 1 लीटर पेट्रोल वाले लौंडे. जो हैं ये लड़की पटा पाते. ये लौंडे साहब कभी नहीं पटा पाते। ये. सिर्फ इस्तेमाल होते हैं और उसके बाद ये. जो है वो हो जाते हैं। कड़वे हो जाते हैं।. ये आपने देखे होंगे कि बड़ा पसंद है मुझे।. छोटे इलाकों में ना ये उत्तर प्रदेश में.
चलता है कि मैं बड़ा कड़वा लौंडा है। तो. ये कड़वे लौंडे यही होते हैं जो बेचारे 1. लीटर पेट्रोल में इधर से उधर लड़की को. ड्रॉप कर रहे होते हैं। इनको लग रहा होता. है कि मौका लगेगा तो हम कंधा बनेंगे तो ना. ये कंधा बन पाते हैं और बाकी उससे आगे. क्या स्टेज होती है ये आशिक बनने तक? साहब आशिक अलग है।. हां। नहीं वो स्टेज अच्छा वो बिरादरी अलग. है।. उसका ये जो है कंधा जो है ये आशिक कभी. नहीं बन रहा।. ये कंधा ही रहेगा। इसके इसका पीक जो है वो. कंधा है। तो.
ये शुरू कहां से होता है ये राइस? ये साहब ये एक्चुअली इतनी ही स्टेजेस हैं।. ये शुरुआत वो है कि आप. ये डीएम से शुरुआत. थोड़ा दूर हां आजकल तो हां डीएम होगा। हां. मतलब हम तो वो वाली बात कर रहे हैं कि भाई. आदमी जो है ना आके. आपने देखा नहीं स्टॉकिंग तो अलग ज़ोन में. जाती है। मैं कह रहा हूं ये कैंटीन में. हम. कि अच्छा वो बैठे हुए हैं तो. जो आप कर रहे थे स्कूल में कि सबको पता था. कि हमारी वाली. हां हां. तो वो पहली. वो पहला वो है कि भाई मालूम है पर कुछ है. नहीं वो आप हल्का सा आके आपने चाय जो है. कह रहे उसकी मैं दे देता हूं तो पीछे वाले.
लोगों में आप डील कर रहे हैं. गलती से उसने टिशू छोड़ दिया था हम लेके. चल. तो हम वो लेके चले गए कि अरे यार पता है. उसका है उसने ये कर दिया था तो आप थोड़ी. एक वहां पे हरकतें करते हैं पर उसके बाद. आपकी ये वाली स्टेज आ जाती है. हां. जब आपको वो लड़की जो है. थोड़ा भाव दे. बुलाने लगती है फिर उसको नाम पता लगता. तो हमेशा आप अवेलेबल है।. हां तो आपको रात को 2:00 बजे भी अगर हुआ. कि अरे उसको ड्रॉप करना है तो आदमी पहुंच. गया बाइक लेता हुआ। ठंड लग रही है पर फिर. भी पहुंच गए। फिर वो अपना कपड़ा देने के. भी वो करेगा कि अरे जैकेट आप रखिए हमें. क्यों दे रहे हैं? तो. दोस्त उधार मांग लिया भाई दे दे यार।. हां. हां वो वो तो देखिए दोस्त.
हम हमको अपने हॉस्टल टाइम में बहुत लड़के. याद आ रहे हैं।. दोस्त तो बेचारे इसी पे चल रहे हैं। वो तो. बेचारे उधार दे दे के अब इसका कुछ होना. जाना है नहीं। पर फिर भी वह दे रहे। फिर. आप जो है वहां से फिर पहुंचते हैं कि आप. उस स्टेज पर पहुंच गए हैं कि उसका ब्रेकअप. होगा तो वह आके आपके ही कंधे पे सर रख के. रोएगी। तब फिर वो जो है कोशिश करते हैं कि. कंधा सटक के पकड़ ले। पर हो नहीं पाता. साहब।. फिर कहना पड़ता है बिटमैन खाओ हमसे लड़ाओ।. [हंसी]. खैर, यह वही है।. आय रे।.
बड़ी रियलिस्टिक पिक्चर थी ये भी।. अरे, तभी आशिकों में इतनी चली वो फिल्म।. वो बहुत ज्यादा रिलेटेबल थी। हर कैरेक्टर. को ना लोगों ने कहीं ना कहीं रिलेट कर. लिया था।. बट जैसे तेरे इश्क में आई या रंझड़ा आई ये. टॉक्सिटी को एक रूप नहीं दे रहे हैं या. स्टॉकिंग को जैसे अब आजकल. हम जब छोटे शहरों में थे तो जो चीजें हमें. नॉर्मल लगती थी अब मुझे वो एक्स पर आकर जब. से मैं पत्रकार बना. हां. उन चीजों को देखने का नजरिया मेरा पता है. कि ये गंभीर चीजें हैं जो हम आम बोलचाल. में बात करते हैं कई बार. वो शायद गलत जाती है। अब आप मोटे को मोटा.
नहीं कह सकते। छोटे को छोटा नहीं कह सकते. वो शायद हम बचपन में इतना सोचते नहीं थे।. इतना सोचते नहीं थे।. या वही नॉर्मल था हमारे लिए।. हां नहीं देखिए अ मैं दोनों को अलग रखूंगा. हम. क्योंकि इसके बारे में ना मैं कुछ नहीं. बोलूंगा बिकॉज़ मुझे मैंने वाकई में ना. देखी है और ना मुझे स्क्रिप्ट पता है तेरे. इश्क में।. राजा लेते हैं।. राजा लेते हैं। उसमें. बिल्कुल। देखिए तो बात क्या है? आईडिया जो. शुरुआत में था जो मैंने मेरी आनंद हिमांशु. से भी उस पे बड़ी क्लियरली बात हुई थी कि. कुंदन वास सपोज टू बी अ नेगेटिव कैरेक्टर.
इन द फर्स्ट हाफ। तभी वह जो पहुंचता है. दिल्ली पहुंचता है वो एक्चुअली वैसे ही वो. टर्न अराउंड सीन था ना वो जो राहुल. सांकल्य जो उनके एसोसिएट डायरेक्टर हैं. आनंद जी के उन्होंने किया था वो जो एक. बंदा मिलता है इसे बनारस में. और वो बोलता है कि यहां पे रहने से कुछ. नहीं होगा. हम. अगर सब ठीक करना है तो वहां जाओ. किसी का खून करके आए हो क्या वो एक सीन. होगा अगर आपको याद है. तो आईडिया वाज कि वो जो एक पॉइंट था वो.
टर्न अराउंड है उसे ना तब तक लग रहा था कि. अरे हां तो क्या हो गया? हां तो क्या हो. गया? ही इज़ लिविंग हिज लाइफ लाइक दैट. जिसमें वो हीरो हीरो नहीं है उस तरह से।. सेकंड हाफ जो है दैट वास सपोज टू बी कि अब. इसका पूरी तरह से ट्रांसफॉर्मेशन होता है. और उसको समझ में आता है कि भाई मेरी ना एक. जिम्मेदारी है लोगों की तरफ और मेरे किसी. भी एक्शन से हो सकता है मैं किसी की मदद. कर पाऊं या कुछ अच्छा कर पाऊं। एंड दैट इज. व्हाई ही गेट्स इनवॉल्वड इन. नहीं जिशा नहीं सवाल मैंने आपसे पूछा। अभी. मैंने एक खबर पढ़ी कुछ दिन पहले दो चार. दिन पहले ही। गुजरात के स्कूल में स्कूल.
छात्रों के बैग से कंडोम्स निकले, हम. ब्लेड निकले, चाकू निकले।. उसी गुजरात में एक बच्चे का मर्डर हो गया. था। जिसके बाद जांच हो रही थी। हम. फिर जब उस पे रिसर्च हुई तो लगा कि यार ये. फिल्में वेब सीरीज में कई बार जो दिखाते. हैं. उससे न्यू नॉर्मल हो गया। हो सकता है. सेकंड हाफ में अच्छा दिखा रहे हो।. चेंजेस बट चेंजेस याद नहीं रहते। वो पहला. वाला दिमाग में. पहले वाला रह गया। नहीं मैं एग्री कर रहा. हूं। मैं वही बोल रहा हूं के ये आईडिया. था। पर जब आप फिल्म देखते हैं तो कुंदन इज़. ज़ीरो। और मैं उससे बिल्कुल डिसएग्री करता.
हूं इस आईडिया से। ये मैंने हमेशा बोला है. कि मैं जो हूं मानता हूं कि फिल्म्स जो. हैं वो एक माध्यम होता है लोगों से बात. करने का समाज से और समाज फिल्म मेकर्स की. सुनता है। जब आप एक फिल्म बनाते हैं उसका. क्या इंपैक्ट होता है सोसाइटी में ये. मैंने अपनी आंखों से देखा हुआ है। तो ये. चीज अगर इसकी वजह से कहीं एक कोने में भी. मैं कह रहा हूं इतना बड़ा इंसिडेंट ना भी. हो। यह तो बहुत बड़ी आप बात बता रहे हैं।. मैं कह रहा हूं अगर छोटा सा भी हो ना कि. कोई प्रमोट हुआ है तो वह गलत है।.
रंझना या तनु विट्समैन. किस तौर पे सर? आपके दिल के करीब. ये. जिसने. आई थिंक आई थिंक रंझना। दिल के करीब इन द. सेंस के शूट करने में जितना मजा हमें. रंझना आया था. खाए पी हो गए।. उससे बहुत खाया था। नहीं और हमने ना वो. शूट करी है बहुत लंबे वक्त।. तो वो हम बहुत और उस टाइम पे मैं और कुछ. भी नहीं कर रहा था। सिर्फ वही कर रहा था।. तो हम ना शूट नहीं भी है तब भी बनारस में. है। घर पे हैं। मतलब वो होटल में है। रोज.
शाम को मिलने का था। तो वो जो एक घर बना. था ना जैसे अगर आप हॉस्टल में रह क्या हम. हॉस्टल वाला फील था कि आप दिन में जाते. हैं अपनी क्लासेस करते हैं तो हम जाके शूट. करते थे। शाम में वापस आके कि हां चलो. घंटा भर में मिलते हैं।. अब वो घंटा भर बाद जो है ज्यादातर वो धनुष. का ही रूम होता था क्योंकि वो उसका स्वीट. था। तो वो बाहर बैठने की थोड़ी जगह ज्यादा. रहती थी तो धनुष के रूम में जाने का होता. था या कभी-कभी आनंद सर के रूम में क्योंकि. उनका भी. डायलॉग्स ज्यादा किसमें अच्छे हैं? राजा.
में तनुवेट्स बनूंगा। मुझे राजा के ज्यादा. पसंद है।. ओके। तनुव्स बनू के ज्यादा हिलरियस है. डायलॉग्स। पर हम कहे थे ना लखनऊ से कानपुर. की दूरी. 1ढ़ घंटे की है. कि वो पहुंच जाएंगे। वो वो धमकी देता है. कि अब हजरतपुर थाने में लिखवा के आए हैं. कि अगर हमें कुछ हो गया तो राजा बस्ती. जिम्मेदार होगा।. अरे छोड़ दो मार देगा ये। सच में मार देगा।. हां। तो वो फनी ज्यादा था। पर रंजना में. ना एक तो वो एटीट्यूड वाली भी बात है ना।. वो जो खासतौर पे मुरारी का जो एटीट्यूड. दिया गया था वो था और उसमें ना एक नयापन.
था। आई थिंक एक वो भी फर्क होता है। उसके. बाद ना मैं रिटर्न्स में आई वास. एक्सपेक्टिंग के हिमांशु डायलॉग में तो आग. लगा ही देगा। रांजणा जब मैंने पहली बार. सुन रहा था मैं स्क्रिप्ट जब नरेशन दे रहा. था. वो मैं जब खास तौर पे वो यूपीएससी वाला. डायलॉग आया कि तुम्हारा प्यार ना हुआ. यूपीएससी का एग्जाम हो गया। 10 साल से. क्लियर नहीं हो रहा है। मैं उठ के बाहर. चला गया था हंसते-हंसते कमरे से। मैंने. कहा क्या लिखा है ये तूने भाई? और वो बोला. कह रहा है नहीं सही. ईशान अयूब की मोहब्बत कहानी लिख दी थी।. हां मैं पागल हो गया मैं।.
आई थिंक वो नोवेल्टी भी जो है ना वो एक. खास आपको एक वो देती है ट्रिप के यार क्या. बात है यार क्या लिख दिया? तो मुझे ज्यादा. करीब मेरे रंझना उस तौर पे है।. ठीक है। एक पॉलिटिकल क्वेश्चन रख लेता हूं. मैं। उसके बाद फिर मैं आपके फिल्म पे बात. कर लूंगा क्योंकि इवेंट टाइम आ गया. ऑलमोस्ट।. हां।. सीए के प्रोटेस्ट आपने बहुत बढ़-चढ़कर किए।. अब सीएए इंप्लीमेंट हो गया है।. हां। अब आपके आलोचक ये कहते हैं कि किसकी. नागरिकता छीन ली गई? वो आपको क्रिटिसाइज. करते हैं कि आप लोगों ने एक माहौल बनाया।. बहुत सारी बातें कही जो रियलिटी से दूर.
थी।. पूर्वाग्रह से शायद आप लोग ग्रसित हो गए।. डू यू बिलीव? स्टैंड अभी भी सेम है।. नहीं मेरा स्टैंड अभी भी देखिए सेम है।. बात यह है कि नागरिकता ऐसे छिन गई वाला जो. माहौल की बात कर रहे हैं। बात यह है कि. सीएए और एनआरसी एक साथ मिलके जो एक वेपन. बनने की संभावना है उसके बारे में बात हो. रही थी जो कि एक डेमोक्रेटिक राइट के तौर. पे किसी भी आदमी को करना पड़ेगा। अब जो. लोग साहब जा रहे हैं मुझे नहीं पता है कि.
बीच-बीच में खबरें आती हैं कि यहां से लोग. निकाल दिए गए। कई लोगों के जैसे कोर्ट ने. बोला ना घर तोड़ने से लेके कि भाई आपको. उनको देखना पड़ेगा कि यह कहां से हैं या. कहां से नहीं है या जिस तरह पे कि अच्छा. अब आधार एकदम से वैलिड नहीं है। यह करते. हुए जो एक जो केओस है जो इतने जैसे अभी. बिहार में जो वोटर्स सडनली गायब हो गए और. अब जिनके नाम जो हैं निकाले गए. हम्. अब बात ये है कि हो सकता है वो सॉर्ट हो. जाए लेकिन वो अपने आप में आप किसी को एकदम.
से धक्का देके बोल दे रहे हो कि पीछे खड़े. हो अब जरा बाद में बात करेंगे आपसे तो. मेरा स्टैंड अभी भी सेम है. इंप्लीमेंट हुआ नहीं हुआ देखिए अब सरकार. जो है वो अपने पैटर्न पे काम करेगी मेरा. यहां का नागरिक होने के नाते मेरा हक भी. है और मेरी जिम्मेदारी भी है कि मैं उस पे. जो मेरा ओपिनियन है वो मैं सामने रखूं।. ठीक है? और उसके बारे में उस बहुत विस्तार. से कभी. हां कभी डिटेल में और वो करेंगे।. लेकिन एक छोटा सा छेड़ते हुए पूछ लेते. हैं।. हां प्लीज प्लीज।. मोदी जी पे कुछ अच्छा लगता है जीशान को? [हंसी].
इसको रहने ही देते हैं। [हंसी]. हां।. नाइस। अ आपकी जो ये फिल्म आई है रियल. कश्मीर फुटबॉल क्लब।. इफ यू हैव टू टेल वन थिंग अबाउट दिस. फिल्म।. कुछ एक जो होता है ना हर हर हर जैसे हर. पॉडकास्ट मुझे कुछ दे जाता है। ऐसे हर. कहानी कुछ आपको लेकर जाती है। हम. इस कहानी से क्या लेकर आ पाए? कुछ तो होता. है ना जो एक हिस्सा छू जाता है। जैसे मानव. ने मुझसे कहा कि ये महिलाओं के लिए फिल्म. देखिए।. हम. वेब सीरीज. नहीं देखिए महिलाओं वाला तो पॉइंट उसने.
बोल ही दिया। हम्।. आई थिंक यह ना एक जो. आप अभी बोल भी रहे थे ना कि एक पूर्वाग्रह. हम्. एक होता है और उसके उससे ज्यादा एक हमारे. दिमाग में ना फिल्में देख के और बहुत कुछ. देख के ना एक इमेज बनी है कश्मीर को लेकर।. आई थिंक उसके लिए बहुत जरूरी है कि ये. सीरीज जो है ना लोग लोगों तक पहुंचे और. लोग देखें क्योंकि मैं आपको जैसे एग्जांपल. देता हूं छोटा सा। हम्म।. कि अब वहां के जो लड़के हैं.
हम. कहानी उनके बारे में है। ठीक है? उसको आगे. से लेके चल रहे हैं ये दो किरदार वो एक. अलग बात है। पर कहानी जो है ना वो उस टीम. के बारे में उस क्लब के बारे में।. कश्मीर के लड़के की भी सेम प्रॉब्लम है कि. बाप बोल रहा है कि अरे पागल है कहां. स्पोर्ट्स में जाएगा। कोई नौकरी कर ले। घर. बेहतर तौर पे चलेगा। इसमें एक दिल्ली के. लड़के में, एक कोलकाता के लड़के में, एक. त्रिपुरा के लड़के में और एक चेन्नई के. लड़के में कोई फर्क है नहीं।. हम्म।. सेम प्रॉब्लम जो है कोई एक बोल रहा है कि. भाई तुम क्रिकेट खेलो। फुटबॉल क्यों खेल.
रहे हो? क्योंकि. क्रिकेट में पैसा ज्यादा है।. क्योंकि क्रिकेट में पैसा ज्यादा है।. फुटबॉल में पैसा नहीं मिलेगा। तो वो आपको. आप बोलते हो यार ये सेम है। वहीं पे एक. क्लास डिस्पैरिटी जो है वो वहां पे आपको. दिखती है। अब वो ये है कि भाई एक लड़के के. लिए ये कम है। तो वो बोल रहे हैं कि ये मत. करो नौकरी छोड़ के। और दूसरा एक लड़का कह. रहा है कि भाई साहब मुझे इतना महीने का. पैसा मिलने लगा। इतने हजार मेरा बाप तो. बहुत खुश हो गया क्योंकि वो बिल्कुल वैसे. बैकग्राउंड से आता है। यह पढ़ते हुए ही. मुझे जो रियलाइज हुआ था कि यूथ तो सेम है.
ना वो तो साहब वही ढूंढ रहा है ना कि यार. मुझे ओपोरर्चुनिटी मिले। मैं कुछ कर पाऊं।. मैं अपने परिवार का पेट पाल पाऊं। मैं. अपने लोगों के लिए कुछ कर पाऊं।. हमारे दिमाग में जो इमेज आती है कश्मीर के. लोगों को लेके उसको तोड़ता है और वहां के. असली इंसान जो वहां बस रहे हैं उनकी. दिनचर्या को उनकी जिंदगी को दर्शाता है।. एक तो ये फिल्म हो गई जैसे उमरान मलिक खेल. रहे हैं और भी बहुत सारे क्रिकेटर कश्मीर. से आ रहे हैं।. रियलिटी में वहां के लोगों में कुछ आप. कनेक्शन देख रहे हो क्योंकि एक टाइम पे एक.
नजरिया था जो हमने कॉलेज महसूस किया। इस. बीच में मैं काफी ट्रेवल किया। मेरा अपना. एक्सपीरियंस है। आपके नजरिए से जानना चाह. रहा हूं।. कश्मीर. कश्मीर और दिल्ली की दूरी कम हुई है।. आई थिंक देखिए यह तो वही लोग ज्यादा. आप एक महीने रहे हो मैं आपके एक्सपीरियंस. पे समझना चाहता हूं।. हां मतलब मैं. देखिए मेरे लिए ये बोलना कि कम हुई है गलत. है। मैं दिल्ली में बैठा हूं। एक. प्रिविलेज जगह पे बैठा हूं।. वहां का आदमी बताएगा कि हुई है या नहीं।. ये तो वही है पूछो जो आप वहां गए होगे. महीने रहे होगे। फिल्म शूट की होगी।.
देखिए दिक्कतें तो है उनकी। अभी भी. दिक्कतें तो चली रही हैं उन लोगों की. जिंदगी में। ऐसा तो है नहीं कि एकदम सब. कुछ जो है वो ऐसा हो गया जैसा हमारा. दिल्ली या मुंबई में है। है ना? वो है. टेक लॉट ऑफ़ टाइम। दैट्स. हां ऑब्वियसली मतलब इट टेक्स टाइम तो मैं. किसी को उस पे ब्लेम नहीं कर रहा। मैं पर. बात ये है कि वो. अभी भी ढूंढ रहे हैं बेचारे। अच्छा वो. चाहते जो हैं जो बड़ा इंपॉर्टेंट है मेरे. हिसाब से वो ये है कि यार यहां पे क्यों. नहीं है वो ओपोरर्चुनिटी हमें ज्यादा. मिलती। हम. क्यों मुझे हमेशा यहां से निकल के किसी एक.
और शहर में जाना है। वहां पे जाके मुझे. कुछ क्लेम करना है या पावर लेनी है या. व्हाटएवर मैं यहां पे ही मुझे डिग्निटी और. रिस्पेक्ट क्यों नहीं मिल सकती? ये एक. उनका भी स्ट्रगल अभी भी चल रहा है।. नाइस।. लास्ट क्वेश्चन।. शाहरुख खान साथ भी काम किया, सलमान खान. साथ भी काम किया, आमिर खान साथ भी काम. किया।. सलमान भाई को थप्पड़ तक रसीद दिया आपने।. सलमान भाई दुनिया ठोकते हैं। आप उनको चमाट. लगा दिए।. मजा ज्यादा कहां आया? कहां जा रहा सपना. पूरा हुआ? लगा यार यह वाला बटरफ्लाई.
मोमेंट था। इसके बगल खड़ा हूं मैं। अबे. यार शाहरुख के बगल सलमान आमिर. ये थोड़ा मुश्किल सवाल है। मैं अगर. ईमानदारी से बोलूं देखिए तीनों के अपने. मजे थे। पर. दोबारा आई थिंक वो है ना पहले. एक में तो होता है ना।. वो नएपन में होता है। जैसे मैं ना वो नहीं. हूं। मैं होता नहीं लाइफ में। स्टार. स्ट्रक नहीं होता मैं। अह के अरे यार यह. आदमी मैं मेरे साथ वो होता नहीं है लकीली।. पर क्योंकि पहली बार मैं अगर मुलाकात हुई. है और किसी इतने बड़े स्टार से तो वो.
शाहरुख सर थे रईस में. जिन्होंने स्वेटर दे दिया था. वो तो हां मतलब वो फिल्म के एंड में. इसी स्वेटर के चक्कर में नाम ले ले रहे हो. स्वेटर खा गए थे. हां कि भैया स्वेटर जो है वापस ना मांग ले. कहीं. तो शाहरुख सर डेफिनेटली यार मतलब क्योंकि. आप पहली बार आप मिले आप पहली बार मिले एक. तो वो आदमी कमाल है आप. मैं ये 200 बार सुन चुका हूं. वही वाली बात है कि वो ना रेपटीशन लगता है. लेकिन आप जब मिलेंगे तो तो आपको समझ में. आएगा और फिर कोई आपसे जब पूछेगा ऐसे किसी. पॉडकास्ट में. मुझे जानते नहीं थे। मैं छोटा आदमी था.
मुझसे मिले। फिर मुझे गेट तक छोड़ के आए।. मुझे एहसास करा कि आप बहुत इंपॉर्टेंट हो।. ये मैं 150 कलाकारों से सुन चुका हूं और. नहीं मैं इनमें से बात ही नहीं कर रहा।. मैं अपनी बात ही नहीं कर रहा सर। मुझे एक. तो मैं नहीं मानता कि छोटा कलाकार हूं।. [हंसी]. दूसरा. गेट तक छोड़ने और भी लोग आते हैं।. बात क्या होती है? ये मैं आपको बताऊं. शुभंकर मेरी मेरे नजर में कहां एक आदमी की. रिस्पेक्ट आती है जब वो ना अपने से अपने. से भी नहीं छोड़ो आप एक बेसिक स्टैंडर्ड. में ना जो आदमी असल में मजदूरी के लेवल पर.
काम कर रहा है ना फिजिकल वर्क जिसका. ज्यादा बहुत कम पैसे में ज्यादा मेहनत कर. रहा है उसकी तरफ क्या रवैया है वो मैं. मेरे लिए ना इंसान की परख है कि मैं उस. आदमी को समझता हूं कि वो कैसा है वो आदमी. कभी मिस नहीं करता मैं उनके साथ रहा हूं. कुछ साल क्योंकि हमारी यह खत्म हुई है. उसको दो महीने के बाद जीरो शुरू हो गई थी।. तो 3 साल का वफा मैंने उनके साथ बिताया. है। और. वो अगर यहां से अभी बाहर जा रहे होंगे और. किसी ने मान लीजिए उनके लिए दरवाजा खोला.
दरवान ने।. आपसे कितनी भी गहन उसमें लगे हुए हो, चिंतन में हो और बहुत गहरी बात हो रही है।. ही विल मेक श्योर कि उसके बीच में मुड़ के. पूरा अटेंशन उस आदमी को देके थैंक यू. बोलेंगे और फिर वापस जाएंगे। ये ये. ग्रेटनेस की पहचान होती है। इट इज़ नॉट. अबाउट कि अरे अच्छा मैं आपके लिए आके. दरवाजा खोल रहा हूं या आप मेरे लिए आकर. दरवाजा खोल रहे हैं। होता रहता है। ठीक. है? उसमें भाई आप अपने आप को छोटा मानते. हो। वो एक बेसिक मेहमान नवाजी का हिस्सा. है जो शाहरुख साहब बहुत अच्छे से करते.
हैं। पर जब आप यहां पे ये करते हो कि आप. इतनी भीड़ चल रही है। आपको अगर आधा घंटा. एक्सटेंड करवाना है जूनियर्स से वो आदमी. जाके माइक लेके माफी मांगते हुए वो बोल. रहा है कि प्लीज आप लोग हमारे लिए आधे. घंटे एक्स्ट्रा करेंगे। वो पहले भी रेडी. हो ही जाते आधा घंटा करने के लिए पर कि. नहीं यार मेरी फिल्म है मेरी वजह से थोड़ा. डिले हुआ मैं उस कॉल पे था और फलाना था तो. मेरा मेरी रिस्पांसिबिलिटी बनती है कि मैं. जाके इन लोगों से बोलूं कि यार प्लीज मेरे.
लिए कर दीजिए ये जेस्चर जो है ना ये. खूबसूरत आदमी का जेस्चर है. ना कि बाकी चीजें तो मैं सिर्फ उनको. ऑब्जर्व करता था और मैं कहता था कि यार ये. अखलाक जो है ना मतलब ये क्रेडिट उनके. मां-बाप का है मैं बोलूंगा ये अपने आप. नहीं होता। यह परवरिश से आता है।. जाते-जाते दिल्ली में आपका गला थोड़ा सा. डैमेज हुआ। कैसा लगता है बड़े होकर जब यह. एहसास होता है कि आप हवा भी खरीद रहे हैं, पानी भी खरीद रहे हैं।. क्या हालत हो गई है साहब? मैं अब वही. बच्चों को बताओगे यकीन हो रही है। मेरी. बेटी जो है वो ऐसे यूं देखती रही मुझे। नो.
यू आर लाइंग। मैंने कहा मैंने उसको बोला।. मैंने कहा पानी हमारे टाइम पे फ्री में. मिलता है। [हंसी]. वो ऐसे देख रही कह रही नो। मतलब फ्री में. कैसे मिलता है? मैंने कहा क्योंकि बोतलों. में नहीं आता था। नल से डायरेक्टली ले. लिया जाता था। बाहर कहीं जो है मिलता था।. हमसे पहले वालों को तो नदियों से मिलता. होगा। पर हमें भी ईजीली एक्सेसबल था। मैं. अभी बता रहा था मेरे भाई के बच्चे आए हुए. हैं। ऑस्ट्रेलिया में रहते हैं कि हम पाइप. से जो है हम क्रिकेट खेल रहे होते थे कहीं. मैदान में तो वो जो पानी देने के लिए जो.
पाइप होता है हम उसमें से पानी पी लेते. थे। कुछ बीमारी नहीं होती थी। साफ पानी के. मुंह लगा के मोटर. हां वो पी लिया आपने साफ पानी था। हां आज. की डेट में बल्कि आरओ में भी चेक करना पड़. रहा है कि भाई साहब ये वाला आरओ ठीक है।. दूसरे वाले में पानी हार्ड रह जाता है।. पेट खराब हो जाता है। बड़ी कैलकुलेशंस हो. गई है साहब। और हवा तो साहब अब मैं क्या. बोलूं? मतलब ये तो यार कम से कम ये तो. बिल्कुल ही बेसिक होना चाहिए था। राइट? इसमें एयर प्यूरीिफायर के बिना आपका हो. नहीं रहा। मैं डेढ़ दिन हुआ है मुझे।.
शुभमंग भाई ऐसा नहीं है कि मैं कोई बहुत. दिनों से यहां पे हूं। डेढ़ दिन में मैं 4. घंटे बाहर रहा हूं। कल शाम को 4 घंटे मैं. बाहर था। वापस आया हूं और ऐसा जाम पूरा. साइनस मेरा एक्टिवेट हो गया है और काला. हुआ हुआ हूं अंदर से। चलो. मैं आपको इजाजत देता हूं लेकिन एक शेर. सुना दो कोई भी खराब।. कोई भी एक शेर जो दिल के करीब एक शायरी जो. लौंडो वाली हो हमको दिल पे रह जाए।. लौंडो वाली है।. कुछ भी एक आशिक मोहब्बत पे जीवन दर्पण. इसमें ना बड़ा खराब हूं। मैं सही बताऊं. आपको। मुझे ना याद नहीं रहता।. कुछ भी चलो जो याद हो सुनाता हूं। कोई.
कविता कोई कहानी कोई एक छोटा सा शेर।. देखो कुछ याद नहीं आ रहा।. अरे. ब्लैंक [हंसी] ये वही जैसे कुछ भी कर दो. तो मैं फंस जाता हूं। कुछ भी का कोई ऑप्शन. ही नहीं है।. आप प्रपोज करने थोड़ी ना कह रहे हैं किसी. को।. साहब वो आसान काम है।. सॉरी. पडकास्ट भाभी भी दिखेगी।. उसी को सुनाया करता था मैं।. आपने. चलो भाभी को याद करके कुछ सुनना दो।. भाभी को जब हम पटाने की कोशिश कर रहे थे. तो एक गालिब.
हमारी भाभी आपकी भाभी नहीं गालिब के शेर. के अरे सब शब्द है कहीं भी जा सकते हैं।. तो उस टाइम पे गालिब की एक वो है छोटी सी. उसके चार लाइनें मैं वो कर दिया करता था. कि. कोई उम्मीद भर नहीं आती। कोई सूरत नजर. नहीं आती।. मौत का एक दिन तो मुयन है। नींद क्यों रात. पर नहीं आती? काबे के मुंह से जाओगे गालिब। नहीं पहले. तो हाले दिल पे आती थी हंसी। अब किसी बात. पर नहीं आती। काबे केस मुंह से जाओगे.
गालिब शर्म तुमको मगर नहीं आती तो यह मैं. उसको सबसे पहली चीज जो मैंने उसको लिख के. भेजी थी वो यह कविता थी जिसमें उसने एकदम. उसको वो करते हुए बोला था क्या मतलब है. इसका [हंसी] इसमें उर्दू बहुत ज्यादा है. मैंने कहा ओके बैठ मैं आ रहा हूं मिलने. समझाऊंगा तो आपने जिक्र किया रसिका का तो. मैंने मुझे ये याद आया तो मैंने आपको सुना. दी चार. नहीं हमको पीयूष मिश्रा फिर सुनाई पड़ गई. है ना कोशिश किया कुछ काम किया [हंसी].
थैंक यू सो मच जी भाई टॉकिंग टू यू एंड आई. होप कि कभी सुकून से बैठेंगे. हां एक लंबा कभी करेंगे आज तो थोड़ा छोटा. रखना. बैठेंगे फिर. जरूर. और दिल को थोड़ा परते खोलेंगे. हां हां. शुक्रिया खुल गया।.
