Unplugged ft. Mohammad Shami & Umesh Kumar | Friendship | Match Fixing | Shadi | Downfall | Comeback
एक क्रिकेटर जिसको सर्फ क्रिकेट खेलना जब. पर्सनल लाइफ में इंसान को डेंट होता है. कितना फर्क पड़ता है उसके परफॉर्मेंस पर. मुझे ऐसा लगा कि हां शायद वो रात वो मौत. जो है हमने अपनी आंखों के सामने से करीब. से देखा मैं आठ दिन तो मैं सोया खाया नहीं. मैंने जब पाकिस्तान के साथ फिक्सिंग का. आरोप लगा और जांच बैठी उस रात यह टूट गया. व रात सबसे कयामत की रात कह लीजिए शमी जो. है उस रात कुछ करना चाहते थे मतलब इनके मन. में एक ख्याल आ गया था कि दुनिया छोड़ने.
का सुबह 4:00 बजे का समय था मैं उठा पानी. पीने के लिए तो मैंने देखा एक गैलरी में. खड़ा है बालकनी में शमी आत्महत्या करना. चाहते थे शमी का यहां से पूरा खून बह रहा. था क्या पब्लिक चाहती क्यों है ऐसा मेरी. बात समझ में नहीं आती शायद अगर शमी की जगह. कोई और होता. तो टूट जाता खत्म हो जाता जो 1920 में. किया उसको ईश्वर ने 23 में दिया फर्स्ट. लॉकडाउन में तो मालूम ही है किस तरीके से. जो बेचारे मजदूर थे गरीब तबका था शमी का. फोन आया बोला भैया मैं ना किचन शुरू करना. चाहता हूं उस पीरियड में हमने इस रोड से.
निकलने वाले 16 लाख लोगों को खाना खिलाया. दो महीने में ज्यादा ही खिलाया होगा 20. लाख एक जिम्मेदारी बड़े भाई वाली रह गई. आपकी तो कुल मिला के आप लोगों ने कसम खा. ली है कि आज. इसको यहां लाके ही निचोड़ के छोड़ेंगे हम. नहीं अब उम्र भी हो गई शमी हर चीज का समय. होता है एक काम करते हैं कंपटीशन लगाते. हैं जो अपने आप को जवान समझता हो मेरे साथ. जिम में आ जाओ शमी का घर बसाने में ये. पॉडकास्ट काम आ सके ये मजे मजे में नहीं. मेरे गले पड़ जाएगी कंट्रोवर्सी.
मेरे साथ ग्राउंड में आ जाओ मेरे साथ. बैटिंग करने आ जाओ बॉलिंग करने के लिए आ. जाओ रनिंग करने के लिए आ जाओ मैंने तो. बैटिंग के पहले ही कहा था कि शमी भाई इगो. पे नहीं ले आप बैटिंग कर रहे हो ये पीछे. से कह रहे हैं देखो इंटरव्यू बाकी है. लड़का अपना है हमने आपको वर्ल्ड कप में. मिस किया आपने अपने को कितना मिस किया जब. 30 बॉल पे 30 रन चाहिए था फाइनल में. रियलिटी अगर आप देखो तो गेम हमारे हाथ से. जा चुका था मिलर के शॉट प भी लगा कि यार. अब तो नहीं हो गया सूर्य का भगवान. पैर हो गया वो कैच नहीं था वो मैच था. वर्ल्ड कप था.
वो ये कहते हैं कि सफलता में सारी दुनिया. आपके साथ होती है पर जब संघर्ष का दौर आता. है परेशानी का दौर आता है तो इंसान अक्सर. अकेला रहता है वर्ल्ड कप की चका चौद के. बीच जब हम और आप जश्न मना रहे थे तब. दिल्ली से तकरीबन दो घंटे की दूरी पर. सहजपुर अलीनगर में मोहम्मद शमी स्टार. लेजेंड क्रिकेटर यहां बैठे हुए थे अपना घर. बना रखा है आशियाना है फार्म हाउस है. जिंदगी सुकून की है परिवार के साथ है उनके.
साथ उनके मित्र जो कि विधायक भी है उमेश. जी आपका भी बहुत-बहुत स्वागत है शमी आपका. बहुत स्वागत है पहला सवाल तो हर एक. क्रिकेट फैन की तरह मेरे मन में जो है वो. यही है कि हमने आपको वर्ल्ड कप में मिस. किया आपने अपने आपको कितना मिस किया आप. लोगों ने देखा ही है क्योंकि मिस करने की. ऐसी बात होती है क्योंकि आदमी जब उससे दूर. जाता है तब मिस कर पाता है तो मैं हमेशा. कनेक्ट रहता हूं अब चाहे एस ए प्लेयर आप. मान लो चाहे अब तो मैं घर हूं तो एज ए फैन. नहीं बोलूंगा फैंस की तरीके से मैं भी देख.
रहा था घर में बैठा हुआ मेरी फैमिली के. साथ मिस तो यार क्रिकेट के बिना कहां कुछ. टाइम कटता है हमारा अगर हम ग्राउंड प नहीं. है तो हम टीवी प हैं सामने देख रहे हैं. अगर टीवी अगर रूम में अकेले भी चल रहा है. तो चैनल मैच का ही लगा हुआ है वैसा हाल. होता है हम लोगों का बच्चे भी अब रिपीट. देखना पसंद करते हैं कि बार-बार देखें उस. गेम को तो मिस एक ही चीज है कि अगर फिट. होते तो शायद एक बार कुछ और करने मिल जाता. थोड़ा हां जो अर्जुन पुरस्कार रखा इसके.
साथ एक और मेडल रखा. होता जरूर यार क्योंकि हर देशवासी हर. प्लेयर हर इंसान चाहता है मैं उस टीम का. हिस्सा हो मैं उस टीम का पार्ट बनू जो. चैंपियन हो जो वर्ल्ड कप जैसा खिताब जीत. कर घर में लाए तो उससे बड़ी खुशी तो हो ही. नहीं सकती और सबसे बड़ा अचीवमेंट यही है. हमारी लाइफ में देखि मैं उमेश भैया बात कर. रहे थे कि वर्ल्ड कप में हमारी दुख दुखी. बढी हुई थी उनके पास जाऊंगा सवाल लेके. लेकिन आपने कहा आप ए फैन देख रहे थे घर प. आके ए फैन जब बॉल पर 30 रन चाहिए था फाइनल.
में हम रिमोट पटकना शुरू कर चुके थे कि. यार फिर वही हो गया जो 23 में हुआ था नहीं. होना चाहिए इस बार दिल नहीं टूटना चाहिए न. महीने के अंदर आपको लगा तो यार फिर वही हो. गया एक पल के लिए भी टू बी नेस्ट अगर. रियलिटी अगर आप देखो तो गेम हमारे हाथ से. जा चुका था उस टाइम क्योंकि खलास वहां पर. बैटिंग कर रहा था क्योंकि मैं बहुत क्लोज. मैचों को देख रहा था सारे क्योंकि यूएसए. की कंडीशन अलग थी यहां की कंडीशन अलग है. वहां पर अगर आप बोलते 30 बॉल में 30 रन.
चाहिए तो मैं मैं वहां पर होप रखता कि हां. हमारे जो बॉलर हैं वो नहीं बनने देंगे. लेकिन वेस्ट इंडीज की अगर हम बात करें तो. वहां पर 30 में 30 मतलब पीनट बटर है वो और. खलास जैसा बैट्समैन अगर सेट हो तो फिर. लेकिन वहां पर गेम चेंजिंग हुआ वहां पर. मूमेंट आया वैसा जो कहते हैं ना कि एक. मिरेकल हो गया वैसा कुछ सीन होता है जब. लेसन आउट हुए उसके बाद डेविड मिलर आउट हुए. वहां से तो फिर.
मोमेंटम मिल चुका था लेकिन एक टाइम को लगा. था कि 30 में 30 यार कुछ भी नहीं. बचा मिलर के शॉट प भी लगा कि यार अब. तो नहीं हो गया सूर्य का भगवान पैर ना छू. जाए देखो भाई आज की डेट अगर आज देखोगे. उसको तो बहुत सारे मीम्स बने हैं क्रिएट. करते हैं लोग लेन समझ में नहीं आता क्यों. कंट्रोवर्सी करनी क्यों है लोगों को समझ. में नहीं आता लेकिन वो कैच नहीं था वो मैच. था वर्ल्ड कप था व वो कैच अगर शायद ना. पकड़ा जाता तो शायद ट्रॉफी भी हाथ में. नहीं होती क मिलर मैं मानता हूं वो ऐसे.
कैलिबर का बैट्समैन अगर एक में 20 बीच बना. देगा वो आपके साथी गुजरात में मेरे साथ तो. बहुत टाइम से खेल रहा तो मुझे पता है उसका. लेकिन जो कैच था वो वो मैच था उमेश भैया. मैं दर्शकों को बताऊं शायद वो इमोशंस नहीं. आएंगे मैंने शुरुआत की थी संघर्षों में. आदमी अकेला होता है सफलता में दुनिया सात. होती है आज शमी के 1415 मिलियन फॉलोअर है. जलवा जलाल है वर्ल्ड कप में सबसे. फास्टेस्ट 50 विकेट निकाले हैं सारे. रिकॉर्ड्स तोड़ दिए 203 वर्ल्ड कप इट वाज. ल अबाउट मोहम्मद शमी बिगेस्ट स्टोरी.
वर्ल्ड कप. 2030 आप जरा लोगों को बताइए कि आप शमी. कैसे जानते हो कब से जानते हो किस तरह से. जानते. हो. 2018 की बात है मैं देहरादून में था. तो फरवरी की बात है मेरे फोन पर एक परिचित. है उनका फोन. आया बोले. कि भैया एक मदद चाहिए मैंने कहा क्या हुआ. ऐसे ऐसे एक हमारे क्रिकेटर हैं मोहम्मद.
शमी और कुछ लोग उनको फसाने का षड्यंत्र रच. रहे हैं और उनके परिवार के ही जो उनके. उनकी पत्नी है वह मोहरे के तौर पर. इस्तेमाल कुछ लोग करके उनको खत्म करना. चाहते हैं तो अच्छा मैं जानता नहीं था. क्योंकि मतलब उतना मेरा इंटरेक्शन क्रिकेट. के साथ नहीं रहता हालांकि बहुत सारे लोग. हैं टीम में जानते हैं पहचानते हैं मित्र. हैं तो व हा.
से अब मुझे लगा कि त्यौहार आ रहा था होली. का अब वो भी छोटे भाई हैं उन्होंने जिद प. अड़ गई नहीं आपको आना है तो मैं देहरादून. से आया तो पहली बार तब मेरी शमी से. मुलाकात हुई और फिर मैंने समझा पूरी कहानी. को तो मुझे लगा कि एक एक ऐसी प्रतिभा जो. एक एसेट है हमारे देश का और आने वाले समय. में हमारे देश का. नाम रोशन करने में बड़ी भागीदारी निभा. सकते हैं मुझे लगा कि नहीं.
सच है यह लड़का इसकी जो क्योंकि देखिए बात. करने से बात का ना एहसास हो जाता है हम. लोगों की जिंदगी का जो तजुर्बा है कि हम. इस बात को समझ जाते हैं कि सच कह रहा है. सामने वाला है झूठ कह रहा है तो शमी ने. मुझे जिस तरीके से जो कहानी बताई मुझे लगा. कि यह लड़का इनोसेंट है और इसके साथ गलत. हु और मुझे इसके साथ खड़ा होना चाहिए वहां. से हम दोनों एक दूसरे.
के साथ जुड़े तो वो मुझे लगता है शमी के. जीवन के 30 दिन जो है. वह जब कोलकाता में केस हुआ था हा व 30 दिन. शमी के जीवन के मुझे लगता है. सबसे बड़े संघर्षों के दिन थे और शायद अगर. शमी की जगह कोई और होता. तो टूट जाता खत्म हो जाता. और शायद दोबारा कभी क्रिकेट नहीं खेल पाता. लेकिन य शमी जो है ना यह एक अलग ही मिट्टी.
का बना हुआ है और एक हौसला एक जो कहते हैं. ना एक फौलाद जैसी हिम्मत वो इस लड़के में. है और तब से हम लोग साथ में रहे और एक. महीने में वो मुसीबतों का दौर धीरे-धीरे. गुजरा कोलकाता की एफआईआर फिर सबसे बड़ी. बात एक ना देखिए जब शमी मेरे साथ था उस. दौर में मेरे साथ मेरे घर पर ही रहता था. था तो सब चीजों से लड़ रहा था लेकिन जब.
पाकिस्तान के साथ फिक्सिंग का आरोप लगा और. जांच बैठी उस रात यह टूट. गया यह बोला कि मैं सब कुछ सह सकता हूं. लेकिन देश के साथ गद्दारी का आरोप नहीं. मुझे याद है दौर जब टीवी प काम कर रहे थे. तो आपको याद होगा कि फिर एक बार यह आया था. कि शमी जो है उस रात कुछ करना चाहते थे. मतलब इनके मन में एक ख्याल आ गया था कि. मैं दुनिया छोड़ सुबह वो जो पूछते हैं ना.
लोग अक्सर टीवी पर चलता रहता है कि कई बार. मैं देखता हूं लोग बोलते हैं कि भाई शमी. आत्महत्या करना चाहते थे क्या बात थी तो. वह सुबह 4 बजे का समय था मैं उठा पानी. पीने के लिए तो बोतल में मेरी पानी खत्म. हो गया था तो मैं उठकर किचन की तरफ जा रहा. था तो मैंने देखा एक गैलरी में खड़ा. बालकनी में बेडरूम उसके ड्राइंग रूम की. बालकनी में मैं 19 फ्लोर पर रहता. था तो मैं समझ गया कि क्या हो रहा है क्या.
चल रहा है तो वो रात जो है वो मुझे लगता. है इसके जीवन की वो रात सबसे कयामत की रात. कह लीजिए या दुखों की पहाड़ों की तकली. पहाड़ जैसे जो दुख होते हैं तकलीफ होती है. उनकी क्योंकि देखिए उस दिन रात एक बात. बोली थी शमी ने शमी ने कहा था कि भैया मैं. मुझे आप मार लो मुझे आप सजा दे दो फांसी. चढ़ा दो मैं हर चीज के लिए तैयार हूं. पाकिस्तान के साथ फिक्सिंग का आरोप में.
इसके लिए मैं यह मेरे से बर्दाश्त. से तो मैंने इससे कहा था कि जीवन में कोई. भी चीज रुकती नहीं है ठहरती नहीं है जीवन. चलता जाता. है वह अब एक दिन हम दोपहर में. दोनों ऐसे ही लेटे हुए गप्पे मार रहे थे. तो अचानक से मोबाइल पर मैसेज. आया शमी गट द क्लीन चिट फ्रॉम द यनो जो. कमेटी थी जो जांच कर रही थी नीरज जी जो.
एक्स कमिश्नर थे पुलिस व जांच कर रहे थे. तो उन्होंने इसको क्लीन चीट दे दी थी तो. मुझे लगता है उस दिन का दिन शायद शमी के. जीवन में किसी वर्ल्ड कप को जीतने से. ज्यादा खुशी का दिन. था वह शमी और यह शमी तो आप खुद देख सकते. हैं कि एक लड़का कहां से संघर्षों को करता. हुआ सहसपुर अलीनगर गांव से निकलकर. दुनिया की चका चंद में कैसे अपने को हर.
षड्यंत्र से बचाता हुआ हर चीज से लड़ता. हुआ हर षड्यंत्र हर साजिश का सामना करता. हुआ आज दुनिया के चंद जो बेहतरीन गेंदबाज. आप कह सकते हैं उनमें से एक है शमी 2015. में मैंने आपको परफॉर्म करते हुए देखा था. वर्ल्ड कप में आपकी गेंदे अच्छी बाउंस साथ. निकलती थी और गजब गेंदबाजी चल र थी वर्ल्ड. कप अननेली हर गए फिर चोट लगी ये केस आया. बहुत सारी खबरें हम सबके कान में आ रही थी. मैंने उस टाइम हसीन का इंटरव्यू भी किया. था और वो मेरे पास शिकायत लेकर आई कि वो.
मेरी बहुत बड़ी फैन थी लेकिन क्योंकि. मैंने आपके फेवर में कई सारी बातें कही तो. वो काफी नाराज थी मुझसे कि आपने ऐसा क्यों. कहा आपने इस बारे में बहुत बार बात की है. बहुत बार बात की है बट मेरा क्वेश्चन. थोड़ा सा अलग है एक क्रिकेटर जिसको सिर्फ. क्रिकेट खेलना आता जिसने बचपन क्रिकेट. खेला और य आप अकेले नहीं है कई सारे और भी. खिलाड़ी है जब पर्सनल लाइफ में इंसान को. डेंट होता है कितना फर्क पड़ता है उसके. परफॉर्मेंस पर और. क्या हर कोई शम की तरह कम बैक कर पाता है.
या उसके लिए कुछ स्पेशल एबिलिटी चाहिए. साथी चाहिए दोस्त. चाहिए नहीं डिपेंड करता है इंसान प कि आप. किस चीज को प्रायोरिटी देते हो आप किस चीज. को पहले रखते हो तो वह वोह मैटर करता है. आप सामने वाले पर मैटर करता है वह कितना. ट्रू है कितना फॉल्स है अगर यह आपको पता. है कि वह चीज वैल्यू नहीं देती व चीज. मायने नहीं रखती और वह चीज वैलिड ही नहीं. है मुझे नहीं लगता आपको अपनी प्रायोरिटी. छोड़नी चाहिए आपको जो फर्स्ट प्रायोरिटी.
है उसको आपको मिस करना चाहिए वो बात मैंने. इनको भी बोली थी कि आज मैं यहां हूं इतना. मीडिया आप लोगों को बोलूंगा कि आप लोगों. के चलते जो भी इतना बड़ा सीन हुआ है जो. कंट्रोवर्सी हुई है इतनी बड़ी अगर मैं. मोहम्मद शमी नहीं होता मैं प्लेयर नहीं. होता तो शायद मुझे हमराह में भी कोई नहीं. पूछता ट्र ना आप लोग बेच रहे होते उसको ना. आप उसके पीछे भाग रहे होते तो जिस चीज ने. मुझे मोहम्मद शमी बना मैं उसको क्यों. छोड़ू और क्यों मैं उस चीज से दगा करूंगा.
तो मेरे दिमाग में तो यह रहता है मैं. मेंटली खुद में इतना स्ट्रांग हूं डजन. मैटर फाइट एक एक जगह पर है आप अपने स्किल. को आप अपने टैलेंट को या आप अपनी जॉब को. नहीं छोड़ सकते आपको फाइट करनी पड़ेगी उन. चीजों से जो जो नहीं चलता देखो चलता है. क्यों नहीं चलेगा आपको मेंटली भी तोड़ेगा. आपको फिजिकली भी आपको ब्रेक करेगा आपको हर. तरफ से वो आपको पुश करेगा बैक लेकि आपको. डिपेंड करता है कि आप कितने स्ट्रंग हो.
उससे आगे जाते श यही सबसे ज्यादा चलता है. इसके चेहरे से इसके हाव भाव से आप इस बात. का अंदाजा नहीं लगा सकते इसके दिमाग में. क्या चल रहा है लेकिन यह है कि शायद साथ. रहते रहते मैं उस चीज को जरूर पढ़ लेता. हूं किय. कब इसके दिमाग में चल के आ रहा है इसकी. खासियत यही है कि आप शमी के दिमाग में. क्या चल रहा है आप ये नहीं जान सकते ये तो. बाकी गेंदबाज भी कहते शमी भाई इतने. एक्सप्रेसिव नहीं फास्ट बलर उनकी बॉल. फास्ट होती है देखिए चीजें ना मैं हमेशा.
आपको कहता हूं कि आप अब लॉकडाउन को ही ले. लीजिए आप डजन मैटर आप फैमिली मैटर सबके. होते हैं लगड़े लड़ाई झगड़े सबके होते हैं. वो चीजें अलग छोड़ दीजिए आप क्रिकेट को ले. लीजिए कितने बंदों ने इंडिया में मैं. पर्सनली अगर पूछना चाहूं किसी से कि आपने. एज ए प्रोफेशनल एज ए क्रिकेटर आपने कितनी. प्योरिटी दी है कितनी फैसिलिटी अपने लिए. बनाई है आप मुझे गिनाई है नाम कि जिनके. अपने लिए य पर्सनल फैसिलिटी है कि मैं.
स्पोर्ट्समैन हूं यह मैं अपने लिए बिल्ड. करता हूं कि मैं इस पर प्रैक्टिस करूंगा. अपने लिए अपने लिए इस चीज को मैं तैयार. करूंगा अपने आप को इतना रेडी करूंगा कि. मैं अपने देश के लिए कुछ कर सकूं कितने. लोगों के पास अपनी फैसिलिटी है ऐसा हुआ कि. तो बहुत सारी चीजें अपने को करनी पड़ती है. जहां पर हम मैच खेल रहे थे ये लॉकडाउन का. नतीजा है जब लॉकडाउन आया तो मैं बताता हूं. इसके बारे में कि हमने शुरू मेरा भी फार्म. हाउस पास में ही है यहां से 10 मिनट की 15.
मिनट की दूरी पर है तो हम लोग आपस में बात. कर रहे थे कि यार अब ये लॉकडाउन शुरू हो. गया है मैंने कहा शमी कैसे होगा रोज नई नई. खबरें आती थी कि भाई आप लोगों की तरफ से. डराया भी बहुत जा रहा था लेकिन वो ट्रू. था रोज ये होता था कि भाई फ्लैट ऐसी चीज. पता नहीं था यूएसए की पिश की तरह थी. वो तो फिर ये हुआ कि शमी ने कहा कि भाई. ऐसा दौर फिर कभी भी आ सकता है तो फैसिलिटी. बनाई जाए फिर कुछ बनाया जाए तो फिर यहां. पर जो है एक इंटरनेशनल स्टैंडर्ड की शमी. ने ग्राउंड तैयार करना शुरू किया और सबसे.
बड़ी बात जो पिच यहां बनाई है मुझे लगता. है अगर हम उत्तर प्रदेश या दिल्ली की बात. करें या आसपास कहीं की तो ऐसी पिच कहीं. मुझे लगता नहीं बड़ा मेंटेन कर रखा घस से. ले बहुत अच्छी पिच बनाई है जहां पर आप. बैठे हो ना और ये फार्म हाउस जो है ये. इसीलिए शमी ने बनाया कि भाई मैं जब भी. महीने में दो महीने में छ महीने में जब भी. मुझे फुर्सत मिलेगी मैं आराम नहीं मैं. अपने क्रिकेट पर काम करूंगा अपने खेल पर. काम करूंगा अ तो उसी के हिसाब से इसने एक.
एक्चुअल में यह चीज जहां पर आप बैठे हो आज. और जो जिस रूट से आप निकले हो यह सबसे. मोस्ट डेंजरस था मेरे गांव जाने के लिए. क्योंकि गन्ने के खेत होते हैं पतला सा. रोड होता है और गांव में मेढ़ी कहते हैं. हां तो बड़ा डरावना सा था यहां पे लेकिन. अब जब आप आए हो तो आपको खुला खुला नजर आ. रहा है लेकिन यह जो शुरुआत हुई थी यह एक. लाइक 40 बा 40 के एक ऑफिस के हिसाब से. तैयार शुरू हुआ था उसके बीच में लॉकडाउन. की बात है फिर इन से भी बात हुई तो मैंने.
चलो बड़ा बनाते हैं कुछ थोड़ा और बड़ा. करते करते करते करते बढ़ता ही चला गया हम. बढ़ाते चले गए इसको फिर आप लोगों ने इतना. सुनाया कि वो वायरस आ रहा है यह वायरस आ. रहा है हर दिन न्यूज नहीं आ रही थी गट कर. दियार अंदर आए मैंने अब एक काम करिए भाई. पता कुछ नहीं ये सच. हो बट यह जो ग्राउंड मैंने बनाया है यह 25. दिन में तैयार कर दिया था ना भाई आए थे उस. टाइम चावला आए थे हम लोग सब लोग आए थे. खेलने के लिए 25 दिन में प्रैक्टिस हम.
लोगों ने स्टार्ट कर दी थी. इस जिस दिन फर्स्ट लॉकडाउन लगा है उस दिन. हमारी प्रैक्टिस शुरू हो गई थी. उस जबरदस्त आपने कई क्रिकेटर्स के नाम लिए. कई लोग पूछते हैं कि उमेश भाई मैं ऐसा. क्या है कि सारे क्रिकेटर आसपास रहते. हैं देखिए मैं एक ही चीज बोलना चाहूंगा यह. थोड़े अलग ही टाइप के इंसान है भाई के भाई. हैं दोस्तों के दोस्त हैं आप अगर दोस्ती. रखना चाहते हो तो दोस्त. आप अगर दुश्मनी निभाना चाहोगे तो दुश्मन.
भी है उत्तराखंड के कांड हमारे. सामने लेकिन मैं आपको ट्रू बताना चाहता. हूं कि क्योंकि यह अपने मुंह से बोलेंगे. तो शायद लोग लगता है कि हम बढ़ाई कर रहे. हैं या कर रहे हैं डे वन से जैसे हम लोग. मिले. हैं हमारे कनेक्शन मुझे लगता है कि भाइयों. से भी ज्यादा बेटर है मैंने देखा र पर आप. उमेश भाई के पोस्ट अक्सर रिट्वीट करते. रहते हैं आप ई वीडियोस डालते हैं तो आपके. लिए कौन उमेश भाई मैं ए एस ए पॉलिटिशियन. या एज ए कोई ऐसा अदर इंसान नहीं सोचता हूं.
क्योंकि मैं जिससे जिससे मैं रख रहा हूं. मैं जानता हूं यह इसलिए नहीं रख रहा हूं. कि इन्होंने मेरा साथ दिया है या मेरे साथ. खड़े हैं या मेरे साथ खड़े होंगे हमारे. कनेक्शन कभी वो नहीं है मैं आज भी इनसे एक. लाइन बोलूंगा वो क्रॉस नहीं हो सकती यह. मेरे से एक लाइन बोलेंगे मैं उसको क्रॉस. नहीं कर सकता तो मैं यह कनेक्शन दिल के. कनेक्शन होता है ऐसा नहीं है कि जबरजस्ती. किसी को साथ लाकर खड़ा कर लिया या आपके. साथ के लिए खड़े हैं तो जो चीज है साथ में. कि हां अगर आप हो तो हम है हम है तो आप.
हैं अगर यहां जाना है तो जाना है नहीं. जाना तो नहीं जाना है तो यह एक बंडिंग. होनी चाहिए एक दूसरे के साथ अगर आप अगर एक. भाई के नाते एक दोस्त के नाते एक रिलेशन. के नाते अगर आप बात करते हैं सुपर उमेश जी. अब मैं क्रिकेट के सवाल इनसे पूछना शुरू. करूं जो बहुत सारे फैंस ने भेज है उससे. पहले मैं एक बार आपसे भी जानना चाहूंगा. आपने शमी के तमाम उतार चढ़ाव देखे कौन सा. मूवमेंट था जहां आप लोग अब याद करते हो. अभी सब अच्छा चल रहा है अभी अर्जुन अवर्ड. बगल में नजर आ रहा है 2023 में टॉप किया. है नहीं भी खेल रहे हैं तो भी सोशल मीडिया.
पर फॉलोअर्स ऐसे बढ़ रहे हैं क्या देखा. जाए दो मिलियन सीधे 14 मिलियन पहुंच गए हर. वीडियो डालते हैं 5 मिलियन 8 मिलियन कुछ. भी खड़े भी हो गए तो भी 8 मिलियन कहीं. नहीं गया है एंडोर्समेंट बढ़ते जा रहे हैं. वो सबसे इमोशनल ब्रेकेज पॉइंट कौन सा था. जहा लगा कि यार ये ना संभला तो शायद टूट. जाते या यह शमीना दिखता क्योंकि वो लोग. नहीं जानते मैंने बताया ना वो रात बस वो. एक रात थी जिस रात ये शायद टूट गया हम. मेरी नजर में मुझे दो पॉइंट नजर आते हैं. एक तो वो रा जो य बता रहे हैं कि हम दोनों.
साथ में शाम को खाना खा रहे थे रात में. बहुत सारी चीजें चल थक के सो गए थे कब तक. जागेगा इंसान मेरे साथ मैं आठ दिन तो मैं. सोया खाया नहीं मैंने साथ में थे हम लोग. 18 दिन तो मैंने जिंदगी में कभी दो टाइम. वेज नहीं खाया है और मैंने 19 दिन. वेजीटेरियन खाया इनके साथ मुझे नहीं. पता यह मुझसे कह रहे तुझे पता है तूने 19. दिन से नॉनवेज नहीं खाया नवरात्रि और शरा. पहले शरा चल रहे थे फिर नवरात्रि आ गए एक.
वो सीन था जो हमें नजर आ मुझे नजर आता है. कि हां सब कुछ खत्म हो सकता था या एक बार. हमारा एक्सीडेंट दोनों एक गाड़ी में. थे वो दिन हमारा दोनों का आख हो सकता शमी. को क्लीन चीट मिली थी तो फिर ये हुआ कि. देहरादून चलते हैं 18 मई हां 18 मई और. हमने कहा चलो उस टाइम प मुझे ऐसा लगा कि. हां शायद हा वो रात वो मौत जो है हमने. अपनी आंखों के सामने से करीब से देखा और. उसमें भी तो हम दोनों जो है चले गए दे. और घर पर रुके प्रैक्टिस की कुछ दिन वहां.
पर एक स्टेडियम में वापस लौट रहे थे सुबह. चले हम लोग ब पा 530 6 बजे निकले घर से तो. मेरे पास हा की वन थी अपना अब सुबह सुबह. था आंख लग गई इसकी भी और यह सामने की सीट. पर था मैं इधर था तो फ्रंट फेस सीट थी. दोनों में वैनिटी वन थी. छोटी तो अचानक से ऐसा लगा कि जैसे गाड़ी. के पक्षे उड़ गए. अब जब तक संभलते तो शमी का यहां से पूरा.
खून बह रहा था सब सामने से ट्रक ने हिट. किया सामने के इंडिकेटर से और पीछे के. इंडिकेटर तक गाड़ी को फाड़ते चला गया साइड. से वो ये हिस्सा यहां से फट चुका था चोट. लगी हुई थी पूरी और पूरा एकदम ब्लडी ब्लड. था डेंजर सामने और मेरा जो बेटा है छोटा. उसके पूरे चेहरे पे छोटे छोटे छोटे पीछे. हाफ बैड होता है उसम लेट और एक वो हाफ बेड. में डिक्की में था छोटा बेटा उससे तो मतलब. समझ में नहीं आया.
सुबह 600 बजे किस्मत ये थी कि और सबसे. मोस्ट डेंजरस चीज क्या थी वो उसने. एक्सीडेंट किया और वो भागा एस्कोर्ट की. गाड़ी भी उड़ाई उसने वो हमारी सारी. गाड़ियों को मारता हुआ गया एकदम से फिर. गाड़ी जब ऐसे डिसबैलेंस होके जब गाड़ी. जहां ऑफ रोड हुई उससे 2 मीटर आगे. ट्रांसफॉर्मर था एक मीटर जस्ट मतलब जहां. गाड़ी पूरी एकदम ऐसे करके जाके नीचे खाई. थी और सामने पोल था उस पर ट्रांसफार्मर. रखा और वहां जाके गाड़ी बिल्कुल पोल पे. रुक गई और नीचे पल अगर पलट जाती गाड़ी.
नीचे तो फिर बचना किसे को एक तो इधर खाई. सामने ट्रांसफार्मर और उसके बीच में से. मैं निकल गया पीछे से निकल गया फिर लेकर. इसको फटाफट भागे सीएमआई गए वहां इसको. एडमिट कराया इसका सर्जरी वगैरा वो सीन. मुझे लग दो मोमेंट हम दोनों ने एक साथ. जीवन में देखे हैं जहां जो है लगा था कि. सब खतम है कुछ कहानियां ऊपर वाला लिखता है. कुछ रिश्ते भी ऊपर वाला लिखता है ट्रू. ट्रू ये भी एक रिश्ता ऐसे ही बना. मैं आप दोनों से सवाल पूछूंगा कि फिर आपने.
कहा मौत बड़े करीब से देखी आपने हम लोग. रोज लाइफ जीते हैं भगवान को कोसते हैं जो. मिला है हाथ पांव सब कुछ उसके बावजूद. शिकायत करते रहते हैं उस दिन लाइफ की. वैल्यू क्या समझ में आ कि जिंदगी क्या. कीमत है मोहम्मद शमी की. न देखिए मैं एक ही चीज कहना चाहूंगा. शिकायत तो हमारी कभी खत्म होने नहीं वाली. है उसके य क्योंकि हम कितना भी ऊपर वाला. हमें दे ले शायद हम खुश नहीं है क्योंकि. हमारे लिए वह चीज कम है लेकिन एक ही चीज. कहना चाहूंगा.
कि कुछ अच्छे कर्म आपके मां-बाप के हो या. आपके हो आपके साथ होते हैं तो मैं एक ही. चीज माना कि यह कुछ ना कुछ मेरे लाइफ के. या मेरे मां-बाप की लाइफ के कुछ अच्छे. कर्म होंगे जो आज क्योंकि ट्रक के सामने. वन का कोई वैल्यू है नहीं और ट्रक भी बड़ा. ट ऐसे नहीं ईट से भरा हुआ था ब्रिक से भरा. हुआ ट्रक ता इतना भरी हुई चीज अगर मार दे. गाड़ी में क्या र बोलते जिसको आप लोग 10. टायर की टा गाड़ी और एक टायर पर जा रहे थे.
वो ऊपर से आ रहा था तो मुझे लगता है वो. अच्छे कर्म है वो अच्छे काम है जो हमें. बचाते हैं अच्छी दुआओं का अच्छे कर्मों की. बात बताता हूं मैं जब यह सब दौर निकल गया. लॉकडाउन आया तो लॉकडाउन में लोग सड़कों पर. फर्स्ट लॉकडाउन में तो मालूम ही है किस. तरीके से जो बेचारे मजदूर थे गरीब तबका था. तो फिर एक दिन शमी का फोन आया मैं भी. फार्महाउस पर था और ये भी था बोला भैया एक.
बात मैं ना इधर देख रहा हूं टीवी पर सब. गरीब लोग आ रहे जा रहे हैं मैं ना किचन. शुरू करना चाहता हूं तो मैंने कहा ठीक है. करते हैं फिर शमी ने और हमने मिलके एक. गजरो में एक आगे बरेली मोड़ पर एक रामपुर. के पास एक यहां चार किचन हम लोगों ने चलाई. और मुझे लगता है लगभग डेली 200 हज से. 35000 लोगों को दो ढाई महीने चला हम फीड. किया करते थे और दोनों बायर हम लोग पूरा. दिन इसके अलावा और बता. यहां पर अमरोहा में भट्टे बहुत है तो.
भट्टों की जितनी लेबर है वो सब बिहार की. है पूरी ट्रेन शमी ने करा बुक कराई हम बुक. करा के लगभग 3000 लोगों को हमने उस ट्रेन. में बिठाया और सबको एक एक बगी पर जाकर. अपने हाथ से उनको टिफिन दिया खाने का कि. अब आप रास्ते में क्योंकि लंबी यात्रा है. सैनिटाइजर. माज जो ट्रेन मुंबई से आती थी जो हम लोग. बुकिंग कराते थे लोगों को वहां सोनू सूद. हमारी मदद कर रहे थे लोकल लोगों को कलेक्ट.
करना उनको स्टेशन पहुंचाना फिर ट्रेन. निजामुद्दीन आती थी और शमी रिसीव करते थे. उन लोगों को बसेस में एयर कंडीशन बसेस में. बिठाते थे और जो बसे जहां जहां जिस रूट प. जानी होती थी वहां उस पीरियड में हमने इस. रोड से निकलने वाले 16 लाख लोगों को खाना. खिलाया दो महीने में ज्यादा ही खिलाया. होगा. लाख बट मैंने कभी यह नहीं सोचा या इनके मन. में कभी यह नहीं आया था कि हम कभी. पॉलिटिशियन या कुछ बन जाएंगे या वोट चाहिए. हमें वह एक नेचुरल आया यहां भी बहुत पैसे.
पैसे वाले लोग हैं आज तक किसी ने नहीं. पूछा कि एक प्लेट खाने का हमारा भी योगदान. दे दो उसमें किसी ने नहीं पूछा लेकिन वह. दिल को इतना सेटिस्फेक्शन था ना और ये जिस. फार्म पे आप बैठे हैं यहां पीछे जो स् उस. पूल साइड पर वहां बकायदा वो कूक लगे रहते. थे और पैकिंग फाइल में जो होती है पैकिंग. होती रहती थी दिन में डेली 101 हज 20-2. हजार पैकेट निकलते रहते थे गाड़ियां चलती. थी बक ट बैक जितनी रसोई थी हमने वही वही.
नहीं बनाते थे वहां हम पैकेट्स पहुंचाते. थे हर रसोई पर हमारे 5000 7000 पैकेट हर. समय रहते थे कोई बस आई पहले पूरी बस को. सैनिटाइज कराते थे फिर उनको खाना देते थे. पानी मतलब हर चीज हमने उस टाइम उस टाइम को. अगर सोचते ना तो ऐसा लगता है बड़ा सुकून. होता है यार कि हां पैसा कहीं ऐसी जगह. खर्च हो रहा है जहां किसी के काम आ रहा है. कहां मजबूरी में किसी की मदद हो रही है और. कभी ऐसा नहीं लगा कि यार आज मत करो डे वन.
से सुबह उठ जाते थे मंडी के सारी सब्जियां. मंगानी थी फ्रूट्स मंगाने थे पानी की बोटल. मंगने मजा भी आने लगा. था कितना कर सकते कोई ड्राइवर नहीं कोई. नहीं मैं चलाता था ये चलाता था य से. दिल्ली जा रहे हैं इधर मुरादाबाद की तरफ. जा रहे हैं हाईवे प किचन प जा रहे हैं. चलते रहते थे ऐसे ऐसे इंसान देखने को मिले. ना कुछ लोग मुझे यहां से निकलते हु ऐसे एक. बच्चे की डेथ हो गई उसको लेकर जा रहा है. इसको झांसी जाना.
है यहां से झांसी जाना है भाई पदल कैसे. पहुंचेगा. इंसान पेंचर हो गया रे में बेचारा वो ले. पड़े हुए पैरों में लोगों की चला जा रहा. मलब आंसू आ जाए देख के लोगों के ऐसे लोगों. की हालत ी बेटी को जो है व रेढ़े में. बिठाया हुआ है उसी में राशन अपना सामान. रखा हुआ है पेंचर है चला जा रहा है लेके. पूरी फैमिली दक्षा में बैठी है एक खींच. रहा है खेले प बैठी है चला रहा एकदम भरी. धूप में जून के महीने में बड़ा बड़ा बहुत. ही मतलब टफ टाइम था वो पब्लिक के लिए भी.
सी न हमसे जितना हो सका हमने किया पॉसिबल. जितना कर सकते थे सैनिटाइजर भी इन्होंने. अरेंज कराए फिर हम लोगों ने मास्क मंगाए. बाहर से तो कोशिश उतनी करर जितना हो सकता. था रोड पर खड़े होक हम लोगों ने मास्क. सैनिटाइजर बाटे आपने जो 192 में किया उसको. ईश्वर ने 2 में दिया देखिए अच्छी से कि हम. लोग क्या करते थे किट्स बनते रिल्ट देगा. राशन की बड़ी किट बनवाई कि आटा हो गया 10. किलो दाल चावल सब पूरी एक किट एक महीने का. फिर अलग-अलग जगहों पर खड़े होकर फिर जो.
आसपास के परिवार जिनकी हमको जानकारी रहती. थी कि इन परिवारों के पास नहीं है उनको. बुलाकर पूरा पूरा राशन की किट महीने महीने. की डिस्ट्रीब्यूटर थी और मैं मतलब जो हमसे. बन पड़ता व हम करते थे सारी सैड स्टोरी. हमने काफी सुन ली व्हाट इज योर फेवरेट. मेमोरी अबाउट मोहम्मद. शम मेरे जीवन में ये तो कर्म बताया आपने. कुछ कांड भी तो किए होंगे मेरे जीवन में. इसका होना ही एक मेमोरी है मतलब मुझे लगता. है कि मेरा छोटा भाई है और देश के लिए खेल.
रहा है और पूरी दुनिया शमी शमी शमी करती. है तब उस समय जब आप एक स्क्रीन पर देख रहे. होते कि पूरी दुनिया में चारों तरफ दशमी. विकेट पर विकेट ले रहे हैं और पूरी दुनिया. जो है शमी शमी कर रही है उस समय आपको ऐ. यार यह तो मेरा भाई है व यह मेमोरी है. जिंदगी एक जिम्मेदारी बड़े भाई वाली रह गई. आपकी हमेशा. वो तो है वो मैं पूरी करूंगा ऐसा नहीं है.
कुछ चल रहा है आपके दिमाग में है नहीं. नहीं अब सोशल मीडिया प इधर उधर बहुत सारी. चीजें चलती रहती हैं मैं भी अक्सर इसको. कुछ मे कुछ मेम्स भेज देता हूं तो ये हाथ. जोड़ के भेज देता है मुझे माफ करो तो कई. कईयों के साथ नाम जोड़ा जाता रहता है. लगातार कि भाई अब वो सिंगल है तो ये भी. सिंगल है ये नेताओं की तरह आपने इशारे में. कह दिया पूरी बात नहीं भी कही लेकिन कह. दिया क्या पब्लिक चाहती क्यों है ऐसा मेरी. बात समझ में नहीं आती देखना चाहती लोगों. को मेरी यह समझ में नहीं आता क्योंकि जब.
कोई चीज मैं कहता हूं कहीं से कोई. इंडिकेशन मिलता है तो समझ में आती है. चीजें यार विदाउट इंडिकेशन आप क्रिएट किए. जा रहे हो इतना मीम्स बनाए जा रहे हो क्या. करेगा इन मेरी बात समझ नहीं आता मैं तो. हाथ जोड़ के रिक्वेस्ट करता हूं भाई लोगों. से जो मासूम दर्शक नहीं समझ रहे उ बता दे. कहां प बात किसकी र भया नहीं भाई किसी को. कंट्रोवर्सी में लाने की जरूरत नहीं है. बिन मतलब के भाई देखिए मैं कह रहा हूं नाम. तो यहां किसी का भी किसी के साथ आप जोड़. सकते हैं लेकिन मोस्ट एलिजिबल की बात कहीं.
ना कहीं आती रहती है मेम्स भी आते रहते. हैं भेजते रहते हैं मैं भी देख के खुश. होता रहता हूं मैं इसको भेजता रहता हूं. मेरी डांग खींचते रहते हैं फालतू की मैंने. कहा फिर क्या इरादा है बताओ इस बारे में. तो कहता है नहीं भैया मुझे माफ करो. देखो अभी जो रिस्प लेना किसी का ठीक नहीं. है मुझे लगता. है अभी टाइम बचा है कंट्री के लिए सर्व. करने का अभी मैं अपने आप से ही फाइट कर. रहा हूं अपनी फिटनेस से कर रहा हूं कोशिश. कर रहा हूं जल्दी से जल्दी ठीक हो ग्राउंड.
प आओ और अपना ट्रैक पकड़कर फिर से. प्लेटफार्म पर जितने दिन खेलना है शांति. के साथ परफॉर्म करो और उनको भेजते रहो. उमेश भैया ये दोस्ती का सेगमेंट हमारा था. जिस परे हमने आप दोनों के रिश्ते रखे कुछ. जाते तो कोई आप इनका सीक्रेट बताना चाहे. दोस्ती वाले सेगमेंट में क्योंकि फिर हम. क्रिकेट सेगमेंट प थोड़ी देर शमी से कुछ. तो कांड ऐसा होगा जो बचा के रखा होगा आपने. दोस्ती वाला कांड वैसा वाला नहीं जो सोशल. मीडिया बवाल काट दे बट कुछ तो ऐसा हो आज. हमने क्रिकेट खेलते. देखा ऐसे तो नहीं इनके इनके दोस्त ये.
हमारे दोस्त इनके भी एक दोस्त हा अब तो वो. हमारे भी करीबी है भाई जैसे हो गए हैं. लेकिन उस टाइम की बात बता रहा जब हम मिले. थे तो एक हमारे भी और दोस्त सेम सिचुएशन. उनके सामने आई क्योंकि जब हम अब मैं आपसे. मिलूंगा ना तो मुझे कुछ ना कुछ ऐसा लगता. है कि मैं आपके स्टाइल में रहूं आपके. तरीके से बोलू या मैं हाई वॉल्यूम कर लू. अपना कुछ ऐसा करूं मैं जरूर मुझे कीड़े. उते क्योंकि जब आपके हाथ में जब मैं बॉलर. हूं तो मुझे बैट पकड़ने का कीड़ा उठता है.
बढ़िया बैटिंग कर ना तो वैसा होता है तो. एक दिन यह भी शौक में आए थे एक भाई और थे. इन्होंने हालांकि बहुत समझाया कि भाई देखो. पड़ी लकड़ी नहीं लेते हैं यह इसका. प्रोफेशन है य इसमें हीरो है आपका. प्रोफेशन और है तो ये नहीं इन्होंने बहुत. समझाया नहीं. माने यह बोले देख अब ये पीछे से मुझे खींच. रहे हैं देख तू कुछ नहीं करेगा चोट लग. जाएगी इसको अब भाई जैसे कनेक्शन है अब.
मैंने भी आराम से बॉल डाला वो मारे मिस हो. गई हिट कमर में झटका आया छ महीने के लिए. वो आज तक स्लिप डिस बेचारे पीड़ित है आज. तक वो उस दिन स्लिप हु डिस्क की स्लिप हो. गई उस दिन अभी तै आज में इनका पीछे से जो. है रोप खींच रहा था बार-बार कि शुभंकर खेल. रहा है बहुत सारे एपिसोड करने आराम से आप. बैटिंग कर रहे मैंने तो बैटिंग के पहले ही. कहा था कि शमी भाई ईगो पे नहीं लेने का आप. मेरे को आप बैटिंग कर रहे हो ये पीछे से. कह रहे हैं देखो इंटरव्यू बाकी है. लड़का अपना है कुछ नहीं होना चाहिए जब ये.
बैटिंग कर जब ये बैटिंग कर रहे थे तो पीछे. से दूसरे वाले बोल रहे देखो आदमी अपना. बारबार य कह रहा शकर एक दो बॉल निकलने दो. ना ो प आ जाएगी बात नहीं उन्होने लास्ट. में थोड़ी तेज माई तो मैंने फिर कहा मैंने. कहा शमी भाई नहीं रन बड़ा हो रहा है रन. छोटा करो अपना जितना सोशल मीडिया प ले. जाएगा उस तो हालत खराब हो जाएगा लेकिन शमी. सब कुछ कर सकता है. शमी सब कुछ सह सकता है लेकिन शॉर्ट नहीं. शमी को. अगर मटन ना मिले तो ये जिंदा नहीं रह सकता.
मैक्सिमम एक दिन बर्दाश्त कर लेगा दूसरे. दिन आपको थोड़ा सा ये मतलब भड़खा हुआ सा. दिखेगा और तीसरे दिन इसका दिमाग चल जाएगा. देखो मैं अपना हाईएस्ट रिकॉर्ड तोड़ चुका. हूं वच का 19 दिन है 20 दिन मेरे से नहीं. होंगे हुआ क्या कि जब मेरे पास आकर रहने. लगा तो शरा शुरू हो गए अब मैंने कहा भाई. शरा. 20 दिन के करीब शरा थे फिर नवरात्र आ गए.
तो वो जो मुझे लगता है इसकी जीवन का जो. रिकॉर्ड टूटा है अच्छा रोज रोज क्या था वो. अब मैं नाश्ता करता नहीं लंच खाता नहीं. रात को डिनर करते हैं अब रात को जो मिला. थोड़ा बहुत एक तो खाया नहीं जा रहा दोप से. जो मिला वो खा लिया अब बीच में सूप है वो. है चल रहा है एक दिन मुझसे पूछे तुझे पता. है कितने दिन हो गए तुझे नॉनवेज खाए. हु यार याद नहीं खाया तो है बीच में ऐसा. बोला बोले बेवकूफ ये लगे हुए थे ये ये दिन.
ऐसे लगे हुए थे 11 दिन वो थे न दिन ये थे. 20 दिन आज बीच वाला दिन है आप मैंने बाप. रे ये तो बहुत बड़ा अचीवमेंट है मेरे लिए. क्योंकि मैं नॉनवेज तो हार्डकोर नॉनवेज. मुस्लिम फसी. इसकी बकी कमजोरी मटन है भाया ना मैं बहुत. बदनाम हूं देखो नॉनवेज को लेकर और मत बोलो. मतलब अगर एक डेढ़ किलो मटन डेली नहीं. खाएंगे तो मुझे लगता है शमी की बॉल की. स्पीड 5 10 15 घ कम हो जाएगी मतलब शमी की.
जो फीमेल फैंस है उन्हें मटन अच्छा बनाना. चाहिए सही रहे मतलब ल मिला के आप लोगों ने. कसम खा ली है कि आज. इसको यहां लाके ही निचोड़ के छोड़ेंगे हम. नहीं अब उम्र भी हो गई शमी हर चीज का समय. होता है वक्त पे अगर जो चीजें नहीं होती. तो फिर बुढ़ापे में जो एक काम करते हैं. कंपटीशन लगाते हैं जो अपने आप को जवान. समझता हो मेरे साथ जिम में आ जाओ मेरे साथ. ग्राउंड में आ जाओ मेरे साथ बैटिंग करने आ. जाओ बॉलिंग करने के लिए आ जाओ रनिंग करने. के लिए आ जाओ ये शुभंकर कर सकता है फारूक.
कर. लेगा मैं तो कहूंगा आप ऐसे खेलते रहो. बढ़िया चल रहा है बस एक ही दुआ है कि भाई. जल्दी से ठीक हो जाए बस अब ये है ना पांच. छ महीने हो गए अब ऐसा होता है ना कि बस एक. घंटे की जगह ना दो घंटे काम करो दो घंटे. फिटनेस करो लेकिन हो जाना चाहिए सही एकदम. मैं दो दो घंटे जिम में रहता हूं मुझे पता. ही नहीं. चलता पसीने में तर होता हूं ये लोग भाग. जाते हैं सारे लोग एक-एक करके निकल रहे. होते हैं कि मैं मुझ मैं गाड़ी देख के आया. कोई गेट पर आया कोई काम से आया सब गायब हो.
जाते हैं लेकिन जिम में लास्ट में मैं कैफ. य व ब बच्ची नहीं भैया की छोटी वाली वो. रहती है इनसे सबसे ज्यादा केफ भी आजकल. बहुत अच्छा खेल नके छोटे भाई अच्छा खेल र. है लगता है कि वो दो स्टेप ऊपर उठ के. इंडियन. टीम ब्राइट हो उसका लेकिन अच्छा टैलेंट है. बैटिंग को लेकर भी बॉलिंग को लेकर भी. अच्छा अच्छा है और स्ट्रंग भी है मैं इतना. स्ट्रंग नहीं था उस टाइम उस में अच्छे. स्ट्रंग तुमे सर लास्ट क्वेश्चन दोस्ती.
वाले सेगमेंट प तीन शम की खूबियां जो लोग. नहीं जानते एक तो आपने बता दिया मटन का एक. शौक है तगड़ा वाला कोई और दो बातें जो. आपको लगता हो शमी का जाना चाहिए किसी भी. चीज में कपड़ों में गानों में कोई ऐसी. इनसाइडर जो शमी को शॉपिंग का बहुत शौक. है एक दिल्ली में मॉल है एंपोरिया बहुत. दिन हो. गए पहले क्या होता था पहले ये कंडीशन होती. थी कि शमी जब भी मैच खेल के वापस आएगा र. से जब मैं आऊंगा या तो मैं कुछ लेकर आऊंगा. हमारी ये शर्त है ये जाए बाहर या मैं जाऊं.
बाहर या तो जो बाहर जाएगा वो लेके आएगा. अदर वाइज अगर मिस कर दिया आपने तो. गुड़गांव ज्यादा दूर नहीं है समझ फर हम शप. वहां जाने के बाद हमको ये नहीं पता रहता. सच कि हमने कितनी की शॉपिंग कर ली बाहर जब. आते हैं तब एहसास होता है देख लेते बैग हो. ग खले में ले घूम लेते नहीं नहीं सब लड़के. लोग साथ जाते हैं सिक्योरिटी रहती है व सब. है लड़के लोग साथ जाते. सब हो जाते हैं 10 15 लोग हो जाते हैं फिर. कौन कहीं भी निकल जाओ और शमी की एक खासियत.
और है कि शमी दोस्त नहीं. बनाता लेकिन शमी जिनसे रिश्ते जीवन में. बनाता है फिर उनके साथ शमी के रिश्ते जीवन. भर के होते हैं इसको गुस्सा नहीं आता है. मतलब आप इसको कुछ कह लीजिए कुछ मतलब शमी. क्वालिटी में बिलीव करते हैं क्वांटिटी. में नहीं क्वांटिटी में नहीं क्वालिटी. क्वालिटी भी और ऐसे नहीं मतलब मुझे लगता. है शमी को अगर मैं कहूं कि पांच नाम गिन. के बताओ उंगलियों पर दोस्तों के तो गिन. नहीं पाएगा एकदम से. 20 साल 20 22 साल से एकदम नहीं गिन पाएगा.
बस तो ये तीन खूबियां शमी में है और मैं. तो चाहूंगा किय खूबिया इसकी बनी रहे और यह. अब जब भी आए अब काफी दिनों से इसने मुझे. शॉपिंग भी नहीं कराई है तो मैं तो श जल्दी. से वापस आए और मुझे लगता है कि आपको. शॉपिंग और तैयारिया करनी चाहिए जनवरी तक. और मैं तो सोच रहा हूं. कि हम सबको ही शॉपिंग करनी चाहिए अब पहले. बिए अब तो वो समय आ गया हम सबको शॉपिंग. करनी चाहिए शमी भाई शामिल होने के लिए जब.
जाएंगे सब तो वाह तो फिर हमारी रिक्वेस्ट. यही कि क्या विचार मैचिंग ड्रेस करवाएगा. वा शुभंकर मेरे से ज्यादा. आप आप लोगों को जानते हैं तो कहीं देखिए. कहीं अगर कुछ बड़े बड़े बड़े बड़े अच्छे. विचार है आप लोगों के मुझे लगता है इस. पॉडकास्ट के बाद आप एक ईमेल आईडी दे. दीजिएगा मैं आप लोगों को एक ही एडवाइस. देना चाहता मैं एक ईमेल आईडी अपना दे देता. हूं जो लोग भी शमी के लिए लगता है कि की. बेस्ट पेयर बनाने में हेल्प कर स मैं आपको.
एक एक ही ऑफर देता हूं आप अगर कुछ अच्छा. कर सकते हैं मेरी लाइफ में तो मेरे फिटनेस. में मदद कीजिए यहां पर आइए 15 20 दिन के. लिए आइए मेरे साथ नहीं वो तो मैंने शुभांग. कर लि हम 15 दिन के लिए आ रहे दिन आओगे. दिन डेढ़ घंटे का रास्ता है दिल्ली चला. जाया करेगा डेढ़ दो घंटा नहीं यहां पर. पूरा दिन स्पेंड करेंगे अच्छे से हम. करेंगे वो रात को पॉडकास्ट किया करेगा. अपना एकदम स्लिम ट्रिम बना के भेजूंगा 15. बहुत जरूरी हैने उमेश भली प्रॉमिस किया है.
कि इस पॉडकास्ट में सबसे सुंदर बोलेंगे तो. इससे उ कॉन्फिडेंस आ गया है मैं लगता नहीं. हूं नहीं आप है बट आप सबसे अलग लेंगे सबसे. माशाल्ला सबसे खूबसूरत आप लेे क्या जब मैं. बायोग्राफी बनाऊंगा आप कोच का रोल कर लाइफ. कोच नहीं. नहीं तेरी बायोग्राफी मेरे बिना पूरी नहीं. हो. सकती क्योंकि तेरे जीवन में जितने भूकंप. आए उनका आपको मोटिवेशनल कोच बनाया जाएगा. उन उन भूकंप का जो प्रक्ष दर्शी हूं वो.
मैं हूं मोटिवेशनल कोच बनाया जाएगा. इनको उसमें तेरी शादी के बाद अबे यार फिर. गलत ट्रैक प चले गए शुभंकर आप ईमेल आईडी. आप मेंशन कर सकते आप सभी से एक ही. रिक्वेस्ट है मैं. सीरियसली मैं सीरियस बात कर रहा हूं और. हमें कोई सेलिब्रिटी या कोश करता हं हमें. कोई बड़ा चेहरा नहीं चाहिए कोई से नहीं. चाहि मतलब हम तो चाहते हैं कि इसका घर जो. हैवर से निवेदन करता हूं मुझे क्रिकेट. खेलते रहने दीजिए नहीं हम तुम्हारे.
क्रिकेट में कोई बाधा नहीं आने देंगे बस. ये यही एजेंडा चाहिए मुझे क्या आप मुझे. क्रिकेट में सपोर्ट करें अगर करना चाहते. हैं तो भाई जो लोग भी इस पॉडकास्ट को देख. रहे हैं वह लोग शुभंकर को मैसेज कर सकते. हैं उसको डीएम कर सकते हैं उसको इनबॉक्स. कर सकते हैं अपना. रिज्यूम भेज सकते हैं उसके बाद फिर हम उस. पर विचार करेंगे और मुझे लगता है हो सकता. है शायद शुभंकर का यह पॉडकास्ट ये मजे मजे.
में नहीं मेरे गले पड़ जाएगी. कंट्रोवर्सी मजाक मजाक का घर बसाने में ये. पॉडकास्ट काम आ सके थैंक यू सो मच उमेश जी. आपका देखिए मैं आप सबसे फिर एक ही. रिक्वेस्ट करता हूं जबरदस्ती की लकड़ी. नहीं चाहिए मजाक मजाक की बात मजाक हम बड़े. हैं हमारा फर्ज है तुम्हारे प्रति इसलिए. तुम इस बारे में आप और बड़े हो जाओ मैं. नहीं मना कर रहा चलिए बड़ा मजा आया शुभंकर. आपके साथ और मुझे लगता है कि आगे फिर. दोबारा जरूर मैं आप लोग का वो सेकंड सीजन.
हम सेकंड टाइम पे करेंगे तीनों ट्रायो हां. हां थैंक यू सो मच.
