Unplugged ft. Manoj Muntashir Shukla | Early Life| Writer| Adipurush Controversy | Ram | T-Series
मनोज मुंतशिर शुक्ला नमस्ते शुभंकर समर्थक. ही आलोचक बन गए सहयोगी ही विरोधी बन गए. मुझे लोग अक्सर यह कहते हैं कि आपके करियर. पे दाग है मैं कहता हूं नहीं दाग नहीं है. वो ब्यूटी स्पॉट है यह जो डाउनफॉल एक टर्म. दिया गया है एक्चुअली ये. डाउनफॉल यह मीडिया का दिया हुआ टर्म है. ऐसा कोई डाउनफॉल है नहीं अब अगर आप फिर. वास्तविकता से दूर है कि मैंने वो भी दौर. देखा है जब मुझे लोगों ने कमेंट सेक्शन. में भरभर के पोस्ट किया है कि मनोज जी को. बुलाइए और मैंने वो भी दौर देखा है जब. मैंने आपको लेके पोस्ट किया तो लोगों ने. कहा कि मनोज जी को क्यों बुला रहे हो.
अच्छा खासा आपका चैनल चल रहा है आप पर भी. दाग आएंगे मुझे बड़ा गर्व होता है कि. भगवान श्री राम पर जो सबसे बड़े गाने लिखे. गए हैं वो श्री राम ने मेरी कलम से. निकलवाए हैं वो मेरे राम हो वो राम. सियाराम हो जय श्री राम हो मेरे घर राम आए. हैं जो प्रधानमंत्री जी ने ट्वीट किया ये. सब गाने मेरी कलम से निकले हैं क्यों ना. कहा जाए कि मनोज मुंतशिर अवसरवादी है. क्योंकि आपने अपॉलिजी भी जो की वो तीन. हफ्ते बात की थी मेरे एक मित्र है आपके भी. अच्छे मित्र हैं विशाल मिश्रा उनका नाम है. उन्होंने मुझसे कहा कि मनोज भैया को मेरी.
मम्मी बहुत पसंद करती रही उन्होंने कहा कि. मेरी मां ने मुझसे कहा अब जब मनोज घर आएगा. मैं उससे चाय नहीं. पूछूंगी यह खोया मैंने तामीर यूं हुए थे. कि हैरान थे महल वाह उजड़े भी यूं कि. सूरते बगदाद हो गए वाह वाह वाह बहारों के. जमाने में कहां एहसास था मुझको मेरे. पेड़ों से एक दिन सब परिंदे रूठ जाएंगे. मुझसे एक रिक्वेस्ट की. गई. अनऑफिशियली आई वाज डेप्युटेड द स्पोक्स.
पर्सन ऑफ द फिल्म जो कुछ गलत है फिल्म में. वो ठीक किया जाएगा यह मुझे कहा गया मैंने. 15 जून की रात को पिक्चर देखी है 16 जून. को पिक्चर रिलीज हुई है मैं क्या कर सकता. था आपने इतना स्टैंड क्यों ले लिया सर गलत. किया नहीं लेना था आप कहना चाह रहे हैं कि. आप बेवकूफ थे टीसीरीज साथ दिया आपका क्यों. लोग कह रहे हैं कि आपको गाने मिलने कम हो. गए इंडियाज ग टैलेंट से आपको निकाला गया. था जी आप उनसे पूछिए मैं ये जानता हूं कि. मेरे पास लौट के आई नहीं क्या बदला तकरीबन. चार से पाच महीने मैं मेरी कंपनी मेरी टीम. हम सब बेरोजगार रहे अच्छा हुआ कि मैं ने.
पहली बार महसूस किया कि आपकी पत्नी आपकी. कितनी बड़ी ताकत हो सकती है मैंने कभी. नीलम की उतनी वैल्यू ही नहीं की जितनी. मैंने आदि पुरुष के बात की शी वाज ऑल ऑफ. 18 व्हेन वी गॉट मैरिड वो अपनी जिंदगी. जीती रही मैं अपनी जिंदगी जीता रहा लेकिन. जब अचानक मुझे जरूरत पड़ी शी स्टूड बाय मी. लाइक अ रॉक कौन सा टांका खुल गया मन का. भेद ये कैसे दुनिया जाने रात बहाए कितने. आंसू मैं जानूं मेरा तकिया जाने डॉक्टर. कुमार विश्वास से भी आपकी अदावत थी. उन्होंने किसी इंटरव्यू में यह जो पूरा. आदि पुरुष का विवाद चल रहा था जो कुछ भी. भला बुरा मुझे कहना था मुझे कहा और जब.
मैंने वो सुना तो मुझे बिल्कुल बुरा लगा. मुझे उसकी नाराजगी है और हमेशा रहेगी ये. नाराजगी कवि जो होता है वोह विद्रोही होता. है जी मनोज मुंतशिर सरकारी कवि बन गए तो. ये आप पर आरोप लगता है कि आप बहुत कास्टि. हो गए मनोज मुंतशिर पर सीधे-सीधे आरोप. लगते कि मनोज मुंतशिर हिंदू मुसलमान खूब. कर रहे हैं और अब आप ब्राह्मणवाद. ब्राह्मणवाद ब्राह्मणवाद कर रहे हैं. जातिवादी हो गए हैं मनोज मुंतशिर जब आपसे. पहली बार पूछा ग कि भैया मनोज मुंतशिर. क्यों थे तो आपने कहा यार शुक्ला में. थोड़ा वजन कमाता था राइटर के तौर पर अब ये. ब्राह्मण जीन उस वक्त क्यों गायब हो गई थी.
मनोज शुक्ला क्यों नहीं थी उस वक्त बड़े. सारे लोगों ने हमसे य भी कहा कि मनोज जी. से पूछेगा कि जब वो गाना हक से चुरा लेते. हैं तो फिर. उसमें एपल मैं आपको तीन चार एग्जांपल देता. किसी रोज बरस जल थल कर दे ना और सताओ. साहिब जी मैं युगों युगों की तृष्णा हूं त. मेरी घटा ओ साहिब जी औरत पर हाथ डालने. वाले की उंगलियां नहीं काटते काटते हैं. उसका गला जैसे आदि पुरुष का पूरा गुनहगार. मैं नहीं हूं वैसे ही बा बली में य जो.
शब्द है जो लाइने है इनका जिम्मेदार भी. मैं बस 20 30 प्र ही हू पाप जल्दी माथे. चढ़ता है. सर पुण्य जाने के बाद लोग याद रखते. हैं इज्जते शौहरत उल्फत चाहते सब कुछ इस. जहा में रहता नहीं आज जहां मैं हूं वहां. कल कोई और था यह भी एक दौर है वो भी एक. दौर था यह मैं इसलिए कह रहा हूं क्योंकि. जो मेरे मेहमान आज है एक दौर था जब. बाहुबली के डायलॉग्स उन्होने लिखे थे एक.
दौर था जब तेरी मिट्टी के गाने के लिए. नेशनल अवार्ड नहीं मिला तो हम सब उनके लिए. बुरा फील कर रहे थे एक दौर था जब उनके. गानों से हमने इश्क करना सीखा एक दौर था. जब उनके गानों को सुनकर हमने अपने आंसुओं. को बहाया लेकिन फिर एक दौर आया जब उन पर. सभी को गुस्सा आया सभी ने बेइंतहा सवाल. पूछे और आज वह मेरे साथ है मनोज मुंतशिर. शुक्ला नमस्ते शुभंकर शुरुआत जहां से हमने. की सर यह भी एक दौर है वह भी एक दौर था एक.
लड़का जिसके बारे में मैंने सुना कि अमेठी. की गलियों से निकलकर मुंबई की सड़कों पर. भिखारियों के साथ सोता है फिर मुंबई का. सबसे महंगा राइटर बनता है करोड़ों की. गाड़ियां करोड़ों का बंगला एशो आराम टीवी. शोज प्रधानमंत्री के तमाम डॉक्यूमेंट्री. चारों तरफ सोशल मीडिया पर नाम वीडियो. डालते हैं मिलियन बिलियन फिर एक दौर. आया समर्थक ही आलोचक बन गए सहयोगी ही. विरोधी बन गए.
क्या चला है बीते एक साल में क्योंकि एक. साल में मनोज मुंतशिर की लाइफ में बहुत. कुछ बदला. है बीते एक साल मेरे लिए वैसे रहे जैसे कि. मेरी जिंदगी के पिछले 47 साल नहीं थे. मैंने अपने जीवन के 47 वर्षों में पैदा. होने के बाद 47 वा साल था मेरा जब वह. फिल्म आई जिसका आप जिक्र कर रहे हैं शायद. मैंने उतना नहीं सीखा जितना मैंने पिछले. एक साल में सीखा.
75 फिल्म मेरी रही होगी आदि पुरुष बात. वहीं से शुरू हो रही है उसके पहले 74. फिल्म्स कर चुका था मैं मैंने अपने जीवन. में 74 फिल्मों से उतना नहीं सीखा जितना. मैंने एक आदि पुरुष से सीखा तो मुझे लोग. अक्सर यह कहते हैं कि आपके करियर पर दाग. है तो मैं कहता नहीं दाग नहीं है वह. ब्यूटी स्पॉट है व तिल है कोई चीज अगर. आपको सिखा के चली. जाए तो वो बुरा तजुर्बा नहीं हुआ व सिर्फ. तजुर्बा ही हुआ. लेकिन हां यह सच है.
कि जहां से गुजरा हूं आज अगर मेरे पास एक. चॉइस हो कोई टाइम मशीन हो मैं रिवर्स कर. पाऊ चीजों को तो मैं यह तजुर्बा नहीं. चाहता मैं उसके बिना ही ठीक. था मेरे एक मित्र है आपके भी अच्छे मित्र. हैं विशाल मिश्रा उनका नाम. है इस फिल्म के बाद से मैंने उन्होंने कई. बार संवाद किए और एक संवाद का मैं जिक्र. करता हूं जिससे आपको एहसास होगा कि क्या. बदला आपको ले.
और ये मैंने उनकी इजाजत लेकर यह बात मैं. कोट कर रहा हूं क्योंकि उनकी इजाजत ली है. मैंने उन्होंने मुझसे कहा. कि मनोज भैया को मेरी मम्मी बहुत पसंद. करती रही है सुनती रही. है फिर एक दौर ऐसा आया कि उन्होंने कहा कि. मेरी मां ने मुझसे कहा अब जब मनोज घर आएगा. मैं उससे चाय नहीं. पूछूंगी ये खोया. मैंने दो तरह के लोग थे शुभंकर जिनको. मुझसे नाराजगी थी.
एक विशाल की मम्मी की तरह लोग जो मुझे. जननली प्यार करते थे जो मुझसे कुछ उम्मीद. लगाकर बैठे थे जिनको यह लगा कि अगर मनोज. मुंतशिर हमारे श्री राम के बारे में. लिखेगा तो कुछ अच्छा बनेगा और जिनको शायद. जो टेक्निकल होती है कि एक फिल्म कैसे. बनती है यह सरल लोग हैं यह सहज लोग हैं यह. भोले लोग हैं इनको यह नहीं पता कि देर इ. ओनली सो मच राइटर कैन डू इन फिल्म फिल्म. जो है वो डायरेक्टस मीडियम होता है फिल्म. में बहुत सारे ऐसे पहलू हैं जो हमारे. कंट्रोल से बाहर होते हैं फिल्म में लिखना.
एक चीज है उसका एग्जीक्यूशन दूसरी चीज है. और पर्दे पर क्या पहुंचता है वह तीसरी चीज. है तो यह जो भोले भाले लोग हैं विशाल की. मां जैसे यह जो प्यारे सीधे सच्चे लोग हैं. इनको यह नहीं पता था और इसलिए मुझसे नाराज. थे यह नाराज थे कि जो कुछ हुआ तुमने किया. और मैंने इनकी नाराजगी के आगे सर झुका. दिया झुकाना भी चाहिए था मैंने पब्लिकली. अपोज किया लेकिन यह ना समझा जाए कि मैंने. यह माफी उन लोगों से भी मांग ली. जो एक षड्यंत्र के तहत मुझ पर पत्थर फेंक.
रहे थे क्योंकि उनकी तादाद भी बहुत ज्यादा. थी वह लोग जिन्होंने कभी भगवान श्री राम. को माना ही नहीं जिनका रामायण और राम में. विश्वास नहीं रहा जो रामायण जलाते रहे. फाड़ते रहे गलियों में जो राम मंदिर का जब. केस चल रहा था कोर्ट में तो खड़े होकर यह. चैलेंज करते रहे कि पहले यह प्रूफ करो कि. राम हुए थे कि नहीं हुए थे वह अचानक श्री. राम के कस्टोडियन बन गए अचानक लगा कि सबसे. ज्यादा दुख इन्हीं को पहुंचा है तो वो जो. राजनीति से प्रेरित वो जो मला से प्रेरित.
लोग थे मैं झूठ नहीं कहूंगा मुझे उन परे. गुस्सा भी बहुत आया नहीं मनोज जी देखिए. मैं बीते एक साल में मेरी आप दोनों की. जिंदगी में काफी कुछ बदला है जी जब आखिरी. बार मैंने आपको देखा तब आज तक में आए थे. हां अपने फिल्म के डायरेक्टर के साथ आए थे. और उस वक्त कंट्रोवर्सी पीक पर चल रही थी. और मैंने आपका इंटरव्यू मेरे सहयोगी के. साथ दूर बैठकर देखा था जी और उस वक्त मैं. भी आपको लेकर दिन रात वीडियोस हम बना रहे. थे जी अब जिन्होंने आरोप लगाए मैं उनको. दरकिनार कर देता जी जो आपके साथ थे उनके.
जहन में हमेशा यह सवाल था या एक जर्नलिस्ट. होने के नाते जो मेरा अपना एनालिसिस था वो. यह था उस वक्त भी और जब यह पूरी घटनाक्रम. चल रही थी मुझे ऐसा लगा कि मनोज मुंतशिर. बढ़ते बढ़ते बढ़ते बढ़ते इतना बढ़ गए कि. वो कहते हैं ना कि हमें एहसास नहीं होता. लेकिन एक मीडिया में टर्म यूज होता है. दिखा और छपा की. बीमारी क्योंकि आपकी फिल्म में प्रभास थे. कृति सनन थे सैफ अली खान थे सनी सिंह थे. देवदत्त नागे थे ओम राउत जी थे टी सीरीज.
में भूषण कुमार जी थे आज सबकी जिंदगी. नॉर्मल चल रही है किसी को सनी टीवी के शो. से आज हम बाहर नहीं देख रहे हैं किसी को. लेकर मेरे पास बॉलीवुड से खबर नहीं आती है. कि इनकी फिल्में कंपैरिजन में कम कर दी गई. हैं कई लोग बच रहे हैं कुछ स्टेट के बड़े. मुख्यमंत्री जो साथ में उठते बैठते थे. उन्होंने ऑर्डर दिया है कि अब यह हमारी. योजनाओं का हिस्सा नहीं होने चाहिए या आप. माने ना माने जो हमारे पास खबरें आती है. कई जगहों से आपको बॉयकॉट कर दिया गया है अ. किसी और ने शायद इतना तनाव नहीं लिया या.
किसी और के बारे में मैंने द उनके दोस्तों. से नहीं सुना कि शायद अब यह मेंटली बहुत. डिस्टर्ब हो रहे हैं और शायद दवाइयां भी. लेना शुरू कर दिए क्योंकि बहुत सोच रहे. हैं यह सच है. सब मैंने अपनी जिंदगी में कभी स्लीपिंग. पिल्स क्या होती है नाम सुन रखा था मैंने. कभी उनका सेवन नहीं किया मुझे कभी जरूरत. नहीं पड़ी इनफैक्ट मेरी तो प्रॉब्लम हमेशा. यह रही कि मैं घर आता ऑफिस. से और मैं कभी आपका कोई पॉडकास्ट लगा लिया.
कभी कुछ अच्छा देखने के लिए लगाया तो मुझे. हमेशा ये प्रॉब्लम थी कि पाच मिनट से. ज्यादा मैं जाग नहीं पाता था बिस्तर पर पा. मिनट में सो जाया करता. था. महीनों तकरीबन ढाई तीन महीने मुझे यह नहीं. पता कि दो घंटे से ऊपर की नींद क्या होती. है देर इज ओनली अ लिमिटेड अमाउंट ऑफ. स्लीपिंग प्स ट यू कुड हैव टेकन मुझे कोई. दवा सुला नहीं पाती. थी.
और यह एक एहसास के यह सब कुछ रोका जा सकता. था यह एक एहसास के इसमें सारी गलती मेरी. नहीं थी गलती तो थी यह एक एहसास कि जो कुछ. हो रहा है मैं जो सफर कर रहा हूं बहुत. छोटा है बनस्पति उसके जो मेरा परिवार सफर. कर रहा. है मेरी मां शी 76 मेरे पापा 85 है. अभी गौरीगंज. आज भी वही रहते हैं बड़ी साधारण जिंदगी.
जीते हैं ना उनके पास कोई सिक्योरिटी है. ना कोई पुलिस प्रोटेक्शन है ना उनको कुछ. चाहिए उनके घर पर अचानक अटैक होने. लगे काली गलोज होने लगी वो जिस तरफ से भी. निकल जाए पूरी जिंदगी ना एक सन के तौर पर. मैं उनके लिए बड़े गर्व का विषय रहा जब से. मैं मुंबई आया छोटे से गांव से बड़ा. प्राउड फील किया उन्होंने हमेशा रोज जब भी. पापा से फोन पर बात होती तो मुझे यही कहते. कि मैं तो 100 साल के ऊपर की उम्र पार. करूंगा क्यों ककी इतनी शोहरत मेरे पास है.
कि मैं जिधर निकल जाता हूं अरे भैया मनोज. मुंतशिर के पिताजी हैं 100 लोग पैर छूते. हैं कोई भी बड़ा आला अधिकारी आता है कोई. बड़ा नेता आता है तो एक बार वो मेरे घर भी. आता है मैं क्या था मन्नू कहते है मुझे. मन्नू मैं तो एक मामूली सा किसान था किसी. ने मुझे कभी सेकंड लुक नहीं दिया लेकिन. तुम्हारी वजह से इतना कुछ होता. है एंड एवरीथिंग टर्न अप साइड डाउन आफ्टर. आधि पुरुष ये सब कुछ का उल्टा हो. गया कोई मुझसे कुछ बताता नहीं था सब मुझसे. छुपा के चलते थे तकरीबन दो ढाई महीने.
मैंने टेलीविजन नहीं देखा दो ढाई महीने. मैंने कभी अपना फोन पर ट नहीं देखा मैंने. किसी तरह का कोई ऑडियो विजुअल मीडियम से. मुझे दूर रखा गया ताकि मैं परेशान ना रहूं. जहां भी आप देखोगे मैं ही मैं चल रहा हूं. और कुछ अच्छा तो चल नहीं रहा था लेकिन जो. कुछ मेरे पिताजी के साथ हुआ मेरी मां के. साथ हुआ नीलम के साथ हुआ मेरी पत्नी और. मेरा बेटा 13 साल का जिसे स्कूल में बहुत. कुछ सुनना पड़ा. जैसे लोगों ने पता नहीं कहां से उसका.
मोबाइल नंबर निकाल केर उसको ऐसी ऐसी. गालियां भेजनी शुरू की जो उस बच्चे ने कभी. सुनी भी नहीं है वह बहुत कोक रहा है बड़े. अच्छे माहौल में पला बड़ा है तो वह. गालियों को भी गालिया नहीं समझता था व कभी. वीर को दिखा के कभी नीलम को दिखा के कि. इसका मतलब क्या होता है मुझे किसी ने लिख. के भेजा. है यह सब आसान नहीं. था लेटिंग दोस पीपल डाउन हु र सो प्राउड. ऑफ यू.
ये कहां से हुआ क्योंकि मैं मुझे फिर याद. आ रहा वो टाइम जब पहली बार इसका टीजर आया. था और लोगों ने सार्वजनिक तौर पर विरोध. किया और प्रभाष सामने नहीं आए थे आप सामने. आए थे ओम राउत जी थे आप सामने आए थे एंड. ऐसा लगा कि ये फिल्म के प्रोड्यूसर भी आप. है उस वक्त ऐसा लग रहा था प्रोड्यूसर भी. आप है डायरेक्टर भी आप हैं एक्टर भी आप. हैं कंटेंट राइटर भी आप हैं क्योंकि मनोज. मुंतशिर उस वक्त एक ऐसी शख्सियत थी जिसने. ऐसे ऐसे गाने जिसे मैं आप कह रहा हूं कि. आपके गानों के बारे में चर्चाएं कम होती. है आपके बाकी चीजों चर्चा होती है बट लोग. भूल जाते हैं कि आप वही इंसान जिसने तेरी. मिट्टी गलियां तेरे सयारा कौन तुझे प्यार.
करेगा दिल ना मेरी सुने कैसे हुआ राम. आएंगे राम लला मतलब अनगिनत ऐसे गाने हैं. जिसे मैं हर रोज शायद अपनी गाड़ी में अभी. भी ड्राइव करते हुए रोज सुनता हूं अलग-अलग. इमोशंस के थ्रू गुजरता हूं और वह धार्मिक. हो वो प्यार के गाने हो आपका पीक चल रहा. था तो यह कैसे हो गया क्योंकि मुझे वो. स्टेटमेंट याद है कि जब पहली बार पूछा गया. आपसे तो आपने कहा ऐसा अनजाने में नहीं हुआ. है जानबूझकर हुआ यह कोई गलती नहीं है और. आप बहुत प्राउडली उसको लेकर स्टैंड लेते. थे फिर आप जित ने टीवी शोज करते गए आपने.
हर एक इंटरव्यू में गलतियां और बढ़ा दी. शुरू कर दी हनुमान जी भगवान नहीं है नहीं. मैंने ये कभी नहीं कहा था हनुमान जी भगवान. नहीं है यह तो एक इतनी बड़ी अफवा है और. मैं चाहता हूं बहुत अच्छा किया आपने इसका. जिक्र निकाला एक बार आप जरा मेरी टाइमलाइन. देखिएगा यह शायद 18 या 19 जून 2023 का. इंटरव्यू था जो आज तक था जहां से ये क्लिप. निकाल के वायरल की गई तकरीबन 45 50 मिनट. का इंटरव्यू था श्वेता के साथ श्वेता सिंह. के साथ उसमें से एक क्लिप निकाली गई और ये. वायरल की गई और मैं. फिर से चाहता हूं कि लोग पूरा वो इंटरव्यू.
एक बार देखें जो किस्सा बताया जा रहा था. ना जो संदर्भ था उस पूरी बातचीत का वो. संदर्भ यह था कि 4 साल की उम्र में मुझे. मेरे नाना जी ने सुंदर कांड लाकर दिया. पढ़ने के लिए तो मेरा जो पहला इंट्रोडक्शन. था हनुमान जी से वह एक भगवान के रूप में. नहीं था क्योंकि चा साल के का बच्चा व. भगवान और भगवता और देवता देवी यह सब नहीं. जानता मुझे हनुमान जी दोस्त जैसे लगे और. शायद तुलसीदास जी का जो ण है हनुमान जी का.
वो वाल्मीकि रामायण से इतना अलग इसलिए है. क्योंकि वहां हनुमान जी बहुत एक्सेसिबल है. बहुत अपने लगते हैं नितांत अपने लगते हैं. लगता है ठीक है यह तो कॉमिक रिलीफ भी है. इनसे तो बात भी की जा सकती है यह तो. हसाएंगे भी गुदगुदा जाएंगे भी तो मेरा जो. बाल मन था चा साल के बच्चे का मन उसने. हनुमान जी को एक मित्र की तरह देखा उसने. भगवान की तरह नहीं देखा बात सिर्फ इतनी सी. थी नहीं मनोज जी एक शेर है ना कि सियासत. में बीच का मरहला नहीं होता या तो होता या. नहीं होता राहुल गांधी ने कहा था कि इधर. से आलू डालो सोना निकलेगा किस कॉन्टेक्स्ट.
में कहा था किसी को याद नहीं है आप जिस. फील्ड में हो और जितना पॉलिटिकल विषय को. लेकर वोकल है इतने समझदार तो आप भी है कि. अगर आपकी जुबान से ये निकल रहा है कि मेरे. लिए हनुमान जी भगवान नहीं मित्र है तो वो. कटेगा आप कॉन्टेक्स्ट कितनों को समझाएंगे. पूरी बात कौन सुनता है हेडलाइन तो उतनी. बनती है 4 साल के बच्चे के लिए बात यह थी. सवाल पूरा यह था कि 4 साल के बच्चे ने जब. पहली बार हनुमान जी को समझा तो एक मित्र. के तौर पर समझा और आप देखिए एक चीज मैं यह. बताना चाहता हूं कि ये मैंने तारीख इसलिए. बताई कि शायद 19 जून 2023 का ये इंटरव्यू. है 19 जून 2023 से ठीक पहले उसी जून या मई.
की बात है मेरी कंपनी मनोज मुंत शर. एंटरटेनमेंट हमने हनुमान की भुजाई नाम से. विशाल के साथ ही एक इतना बड़ा गाना किया. जहां हम हनुमान जी को ग्लोरिफाई कर रहे. हैं उसके पहले मैंने हनुमान चालीसा के. वीडियोस अपने चैनल पर अपलोड किए 10 जगह. आपको दिखता है कि मैं हनुमान जी के मंदिर. के आगे सर झुका रहा हूं अचानक किसी का. चरित्र बदलता है क्या शुभंकर मुझे यह. जानना है यही तो डाउनफॉल समझ में नहीं आया. लोगों को एगजैक्टली कि अचानक चरित्र कैसे. बदल गया इतना तो जरा सा प्रूडेंस जरा सी. समझदारी मैं अपने सुनने वालों से अपने.
देखने वालों से इतनी ही उम्मीद करता था कि. आप यह समझो कि स्लिप हो सकता है बंदे से. गलती हो गई होगी यह सच है लेकिन जो मेरी. जिंदगी के पिछले 25 साल थे जो भी आपने. मुझे. गिनवाला पर जो सबसे बड़े गाने लिखे गए हैं. वह श्री राम ने मेरी कलम से निकलवाए हैं. वोह मेरे राम हो वो राम सियाराम हो जय. श्री राम हो मेरे घर राम आए हैं जो. प्रधानमंत्री जी ने ट्वीट किया ये सब गाने.
मेरी कलम से निकले हैं और ये सब गाने तब. निकले हैं जब कि हमारी लाइफ में आदि पुरुष. नहीं थी मैं ये बता रहा हूं आपसे नहीं तो. मैंने जिन जिन लोगों से मैंने बात की. उन्होंने मुझसे एक बड़ी खूबसूरत बात कही. कहा कि अगर आदि पुरुष हिट हो जाती तो मनोज. मुंतशिर सीधे पद न अवार्ड के लिए सम्मानित. होने वाले व्यक्तियों में से होते वो वहां. पहुंच जाते और जो डाउनफॉल हुआ उसका. बिल्कुल कंट्रास्ट हुआ क्योंकि आपने ऐसी. चीज को छुआ जो एक्सट्रीमली सेंसिटिव थी और. आपने उनको डेंट किया जो आपके अपने थे. बिल्कुल और इसीलिए फिर पूछ रहा हूं कि.
क्यों ना कहा जाए कि मनोज मुंतशिर. अवसरवादी है क्योंकि आपने अपॉलॉजी भी जो. की वो तीन हफ्ते बाद की थी और यह मुझे याद. है उस टाइम वीडियोस मैं लगातार बना रहा था. फिल्म पहले हफ्ते चढ़ी आप लोग कॉन्फिडेंस. पीक प था क्योंकि मार्केटिंग तगड़ी थी. प्रभास का नाम था सेकंड हफ्ते से गिरना. शुरू हुई और हम लोग हर दिन की कलेक्शन पे. वीडियोस बनाते थे और तीसरे हफ्ते के बाद. आपने अपॉलॉजी की तो ये तो अवसरवादी हुआ ना. कि आप आपकी फिल्म फ्लॉप हुई सबने क्रेडिट. आप ठुकरा डाला पे और आपने फिर अपॉलॉजी कर. दी बिकॉज ऑप्शन लेफ्ट नहीं था अब क्या. करते जब तक आप ले सकते थे आपने स्ट्रंग. स्टैंड लिया था मैं रियल था मैं तब भी.
रियल था और मैं आज भी रियल हूं मैं तब झूठ. बोल रहा था ना आज झूठ बोल रहा हूं और मैं. बताता हूं कि मैं रियल कैसे तो फिर माफी. कैसे मांगी एकली मैं यही तो बता रहा हूं. क्योंकि जब आप किसी चीज से गुजर रहे होते. हैं आपको क्या लगता है जब य फिल्म बन रही. थी आदि पुरुष तो जितने भी लोग थे फिल्म को. बनाने वाले वो चाहे मनोज मुंतशिर हो वो. चाहे एंड आई वास द लास्ट वन इन द लीज मुझे. आप ऊपर ना रखे मैं बहुत नीचे था वो चाहे. ओम राउत हो जो फिल्म के डायरेक्टर थे वो. चाहे भूषण कुमार जी हो जो फिल्म प्रोड्यूस. कर रहे थे वो चाहे प्र ह क्या हम सबके मन.
में ऐसा था कि हम एक ऐसी फिल्म बनाएंगे जो. कि राम की छवि को बिगाड़ देगी क्या हम एक. ऐसी फिल्म बनाएंगे जो सनातन पर डेंट मार. देगी क्या हम इस मंशा के साथ फिल्म बना. रहे थे बट बनी तो ही यही तो बता रहा हूं. मैं आपसे क्योंकि हम उस मंशा के साथ फिल्म. नहीं बना रहे थे तो जाहिर सी बात है कि हम. अपनी तरफ से तो ठीक ही बना रहे थे हम गलत. कर रहे थे हमसे गलती हो रही थी दोनों में. फर्क है हमसे गलती हो रही थी हम गलत कर. नहीं रहे थे नहीं बट ये मासूमियत कैसे. क्योंकि जब मैं आपको आपके वीडियो सुनता. हूं आपने कहा कि अी इस्लामी आपने जिक्र.
किया इस्लाम को लेकर आपने एक वीडियो बनाया. और जब आदि पुरुष आई तो पहला लोगों ने. क्वेश्चन किया था हनुमान जी की मछे नहीं. है उसका लोग जो है वो खिलजी वाला आ रहा है. मुझे अभी भी याद है क्योंकि ये सारी बातें. मेरे स्मरण में है बिल्कुल बिल्कुल सही और. जब मैं आपके वीडियोस देखता हूं आपके. youtube0 थी फिर आपने न क्यों किया डिफेंट. क्यों किया एगजैक्टली ये मेरी गलती थी.
मेरी गलती ये थी कि मैं अपने डायरेक्टर के. अपने मेकर के विजन पे चल रहा था कि भाई. अगर इसने ऐसा विजुलाइज किया है हनुमान जी. को और मैं जानता हूं कि इस बंदे की नियत. में कमी नहीं है मैं ये भी जानता हूं कि. ही 00 करोड़ रुपए डाल रहा था वो बंदा ये. कहां से अपना पूरा करियर दांव पे लगा रहा. था जानबूझ के वो भी नहीं कर रहे थे मैं. सिर्फ इतना और मैं किसी को डिफेंड नहीं कर. रहा हूं पर अगर मैं आपसे यहां ये झूठ. बोलूं ना बैठ के कि सबने बड़ा गलत किया और. मैं शिकार हो गया आई वाज थ्रोन अंडर द बस. ये बात शायद मुझे क्लीन शट दे देगी दुनिया.
की नजरों में पर मेरी आत्मा से नहीं. निकलेगी ये बात ये झूठ है सच ये है कि जब. ये पूरी प्रोसेस चल रही थी उस प्रोसेस में. किसी के मन में कोई द्वेष नहीं था राम के. लिए कोई द्वेष नहीं था सनातन के लिए हम तो. बनाई फिल्म इसीलिए रहे थे कि वो बच्चे जो. थोड़ा कम जानते हैं उनको यूजर फ्रेंडली. तरीके से हम रामायण की कहानी सुना पाएं. लेकिन हमने गलत कहानी सुनाई लेकिन हमने जो. फिल्म बनाई वो खराब थी ये भी मैं एक्सेप्ट. कर रहा हूं हमने जो फिल्म बनाई वो किसी. तरह से जो एक स्तरीय पिक्चर होती है कि आप. रामायण पे एक स्तरीय एक तरीके से कहानी.
सुनाए एक मेयार हो उसका एक लेवल हो एक. क्लास हो वो मिसिंग था समय चुक तुन का. पछताने का वर्षा जब कृषि सुखा ने बचपन से. हम लोग सुनते नहीं ये मैं इसलिए कह रहा. हूं क्योंकि राम भद्राचार्य जी से मैंने. मुलाकात की बड़ा लाड प्यार दिया मुझे. उन्होंने उन्होंने आपको आश की युग का. तुलसीदास कह दिया था और फिर मुझे पता लगा. कि वह आपसे बड़े खफा हो गए हां उनको उनको. अधिकार है उनको अधिकार है खफा होने का. क्योंकि जो कुछ उन्होंने जो जिम्मेदारियां. मुझ पर डाली थी हम मैं उन जिम्मेदारियों. पर खरा नहीं उतरा मुझसे भूल हुई लेकिन वह.
इतने विराट व्यक्तित्व के स्वामी हैं कि. थोड़े ही दिनों बाद 20 जनवरी की बात है. उनके पंडाल में खड़े होकर उनके सामने उनकी. मौजूदगी में मैंने तीन घंटे श्री राम कथा. सुनाई है अयोध्या में उसके दिन पहले मैं. भी वहीं था आप थे वहां तकरीबन मेरे ख्याल. से 28 30 हजार लोग थे तो यह बड़पन भी. सनातन ही आपको सिखाता है कि क्षमा कर दिया. लोगों ने और यह देश क्षमाशील है इसमें. क्षमा भावना इसकी अंतरात्मा में भरी हुई.
है 16 जून की घटना है 16 जून से अगले कुछ. महीनों जो हुआ वो मैंने आपको अभी बताया कि. मुझे देश तक छोड़ के जाना पड़ा मुझे लगा. मैं यहां सफोकेट हो जाऊंगा मैं यहां जी ही. नहीं सकता मैं यहां रह ही नहीं सकता लेकिन. यही देश दशहरा आते-आते. गली कूचे में मेरे गाने बज रहे थे दिवाली. आते-आते ऐसा कोई मंदिर नहीं था जहां के. मेरे लिखे हुए श्री राम के गीत ना चल रहे. हो ना बज रहे हो और सबको पता था क्योंकि. जिनको पहले नहीं भी पता था कि यह गीत मनोज.
मुश ने लिखे हैं बाद में वो भी जान चुके. थे कि हां मनोज नहीं लिखे लेकिन लोगों ने. कहीं एक मोड़ पे आके यह समझ लिया कि ठीक. है स्लिप हो गया होगा गलती हुई होगी और वो. गलती हुई थी उस गलती के लिए क्योंकि एक. बार फिर मुझे अवसर है तो मैं फिर एक बात. कहूंगा कि जिन लोगों. ने इस सिचुएशन का फायदा उठाना चाहा उनसे. मैं कभी कोई माफी नहीं मांगूंगा लेकिन. विशाल की मां जैसे लोग वो बूढ़े बुजुर्ग. वो मेरे चैनल के सब्सक्राइबर्स जो मुझ पर.
अंधा विश्वास करते हैं उन सबको मैंने बहुत. लेट डाउन किया और उन सबके आगे मैं हाथ. जोड़कर फिर से एक बार माफी मांगता हूं. मुझसे गलती हो गई और इस गलती के बदले मैं. नहीं चाहता कि कल आप फिर से आके मेरी. दुनिया बसा दें मेरी दुनिया जैसी है ठीक. ही है ये जो डाउनफॉल एक टर्म दिया गया है. एक्चुअली ये. डाउनफॉल ये मीडिया का दिया हुआ टर्म है. ऐसा कोई डाउनफॉल है नहीं नहीं अब अगर आप. फिर वास्तविकता से दूर है मैं मैं मैं. मैंने आपको जो लिकर पोस्ट किया मैं अपने.
हर बार अपनी वीडियो से बड़ा ईमानदार होता. हूं जी मैंने गडकरी जी को भी बात कही थी. और मैं आपको भी कह रहा हूं जी कि मैंने वो. भी दौर देखा है जब मुझे लोगों ने कमेंट. सेक्शन में भर भर के पोस्ट किया है कि. मनोज जी को बुलाइए और आपको मैंने टैग भी. किया था आपने एक बार जवाब भी दिया था. हालांकि आप आए नहीं थे उस वक्त और मैंने. वो भी दौर देखा है जब मैंने आपको लेकर. पोस्ट किया तो लोगों ने कहा कि मनोज जी को. क्यों बुला रहे हो अच्छा खासा आपका चैनल. चल रहा है आप पर भी दाग आएंगे यह चीजें जो. है लोगों में कई बार कहते हैं ना सर वो. दिल में में घर कर जाती कुछ चीजें जैसे.
मनोज जैसे विशाल की मां के घर कर गई आपने. बहुत अच्छे गाने लिखे आपके गाने अभी भी चल. रहे हैं रामलला आपने लिखा जिस दिन अयोध्या. में प्राण प्रतिष्ठा हो रही थी पूरे. रास्ते हम सुन रहे थे हम गुनगुनाते थे और. मैंने कहा भी लोगों से मैंने क्या खूबसूरत. लिखा है तू जितना भरत का था उतना ही उतना. ही हमारा है नगरी है अयोध्या की मैंने. आपके गानों को लेक गुस बम्स फील किए हैं. और एक दो गाने नहीं ऐसे अनगिनत गाने हैं. जो भजन में है राम लला अभी भी राम आएंगे. मेरा मेरी मॉम का फेवरेट गाना है जी मैंने. उसको अपने अनगिनत वीडियोस में रील्स में.
उसको बैकग्राउंड के म्यूजिक के तौर पर यूज. किया है लेकिन उस एक को लेकर इतना डेंट. रहा कि बाकी चीजें जो थी जो बहुत बड़ी. होनी चाहिए थी वो छपती चली गई देखिए ये ये. जो कुछ भी हुआ पहली चीज तो ये फिर से समझ. ली जाए मैं ये अंडरलाइन करके बोल्ड और. इटैलिक्स में बोल रहा हूं कि सारी गलती. मेरी थी सारी गलती और यह गलती क्या थी वन. फाइनल टाइम मैं इतना लोगों को क्योंकि. मेरे अपने हैं ना ये लोग ये लोग जो मुझसे. नाराज है मेरे अपने हैं और मेरे अपने हैं. तो मतलब इनसे मेरा संवाद होगा यह मेरी भी. सुनेंगे इन्होंने मुझे खूब डांटा इन्होंने.
मुझे जितना लानत मलामत करनी थी सबकी और. मैंने शिरोधार्य किया सब कुछ क्योंकि. प्यार भी इन्होंने ही किया था सरा आखों प. भी इन्होंने ही बिठाया था सब स्वीकार किया. मैंने आज इतने दिनों बाद जब तकरीबन एक साल. के ऊपर हो चुका है तो मैं सिर्फ इतना ही. कहना चाहता हूं कि एक बार मेरी नियत. देखिएगा आप यह पाएंगे कि मेरी नियत में. खोट नहीं था मुझसे गलती हुई और गलती होने. के बाद गलती को सही करने का तरीका क्या है. दो तरीके हैं या तो मैं एक डंजों में चला. जाऊं मैं एक ब्लैक होल में मैं एक. डार्कनेस में चला जाऊं और मनोज मुंतशिर.
खत्म हो जाए समाप्त हो जाए एक तरीका ये है. तो फिर आप मुझे भूल जाएंगे थोड़ी दिनों. बाद दूसरा तरीका यह है कि मैंने जो इस. गलती से सीखा है उसको मैं आगे इंप्लीमेंट. करूं मैं भगवान श्री राम के चरित्र को और. बड़ा करके और अच्छा करके और यूजर फ्रेंडली. करके मैं लोगों के सामने ले आऊं तो मैं. श्री राम पर लिखता रहा और लिखता. रहूंगा मैं हनुमान जी पर लिखता रहा और. लिखता रहूंगा और बोलता रहूंगा आज भी मैं. पिछले साल की अगर बात करूं तो सिर्फ जनवरी. में जनवरी इस साल का मैंने इस देश के नौ.
से 10 शहरों में राम कथाएं सुनाई लोगों को. और लोगों के सुनने वालों की जो तादाद थी. वो कभी 25000 कभी 300 अगर ऑडिटोरियम में. भी है तो 3000 4000 इस तरह की भीड़ को. मैंने राम कथाएं सुनाई लोगों ने मुझसे फिर. भी सुनी तो मैं सिर्फ इतना कहना चाहता हूं. कि ये देश क्षमाशील है ये मुझे क्षमा कर. देगा हम चाहते हैं देखिए आपको आप क्योंकि. आदल से कह रहे हैं वो आपके दर्शक जो हैं. वो आपको सुने समझे आई थिंक ये अच्छा मंच. भी कि लोग आप आपका वर्जन और दिल से सुने.
लेकिन एक सवाल मेरे मन में क्या बदला उस. बीच में कहते हैं ना कि सफलता में दुनिया. साथ होती है संघर्ष में आदमी अकेला होता. है मैं जानना चाहता हूं कि क्या थी इसके. बाद की स्टोरी क्योंकि यह तो सबने देख. लिया यहां तक तो आप प्रभाष के आगे आप टीवी. प बैठ रहे थे हमने वो दौर देखा लेकिन इसके. बाद क्या बदला नहीं आपने एक बड़ी अच्छी. बात कही बीच में जो कि रह गया जिसका जवाब. देना रह गया कि वो जो टेलीविजन पर दिखने. की भूख होती है वोस और छपा बस और छस की. भूख ये बीमारी मुझे नहीं थी और कभी नहीं. थी और ये मैं आपसे अगर यहां बात कर रहा.
हूं तो पहली बात तो यह जान लीजिए कि कुछ. भी मैनिपुलेट करके नहीं बोल रहा हूं जो सच. है वही बोल रहा हूं जो लोग मेरे आसपास 24. घंटे हैं उनको भी पता है कि हमारे एकज एक. करोड़ ऐसे मौके होते हैं जब लोग दिन रात. आपको टीवी पर डालना चाहते हैं आपका चेहरा. दिखाना चाहते हैं प्राइम टाइम लेना चाहते. हैं भरा पड़ा रहता है मैसेज और मेल बॉक्स. में कहां देखता हूं यह दिखा और छपा की भूख. नहीं थी यह सिर्फ इतना था कि जब फिल्म का. टीजर लच हुआ अयोध्या में. अयोध्या में टीजर लच होने के बाद बहुत.
फ्लैक आने शुरू हो गए कि बहुत गड़बड़ है. बहुत खराब है तब आप देखेंगे तो मैं स्टेज. पर मुश्किल से दो मिनट के लिए गया हूं मैं. आगे बैठा ताली बजा रहा हूं क्योंकि तब तक. मेरा फिल्म से कोई रिश्ता नहीं था जो आपने. बोला ना कि अचानक यह लगने लगा कि. प्रोड्यूसर तो मनोज मुंतशिर ही है तब तक. तो मैं वहां बैठा हुआ था और स्टेज पर लोग. थे फिर मैं भी एक यूनिट का जरूरी सदस्य. हूं तो मैं भी आया स्टेज पर मैंने भी जो. बोलना था बोला उसके बाद य सारी कहानी शुरू. हुई कहानी कहां शुरू हुई मुझे आज भी याद. है कि अयोध्या का टीजर लच के बाद मैं. एयरपोर्ट लखनऊ एयरपोर्ट पे आया और लखनऊ. एयरपोर्ट के सीआईएसएफ के एक ऑफिसर ने जो.
मुझे चेक कर रहे थे उन्होंने अचानक मुझे. देखा और बोले. सर दिल तोड़ दिया. आपने और ये वो लोग थे जो वर्दी वाले. ऑफिसर्स हैं वो चाहे तेरी मिटटी की वजह से. हो वो चाहे जो मैं सेना पे और सैनिकों प. बोलता रहता हूं उसकी ये बहुत प्यार और. बहुत सम्मान देते थे मुझे सर दिल तोड़. दिया आपने और बेरूखी से मुझसे बात की तब. तक मुझे अंदाजा नहीं था कि कैसा दिल तोड़. दिया मैंने किया क्या है तब तक मुझे ये. टीजर लच के अगले दिन की बात है फिर जब मैं.
मुंबई पहुंचा बाय देन इट हैड स्नो बर्ड. नटू समथिंग एल्स कुछ अलग बन चुका. था लेकिन फिर भी मैं इससे दूर था आनंद. फानन में एक मीटिंग होती है हम सब अपनी. गलतियों पर रिफ्लेक्ट अपऑन करना चाहते हैं. ओम राऊत भूषण कुमार जी हम सब बैठते हैं और. हम यह तय करते हैं कि भाई जो लोग कह रहे. हैं इनकी बातों में तथ्य है तो पहली चीज. तो फिल्म की रिलीज डेट पुश कर दी जाए. क्योंकि अब अगर हम पहले रिलीज डे एक साल. पहले थी अगर हम उसी डेट पे रिलीज करेंगे.
फिल्म तो ये गलतियां हम संभाल नहीं पाएंगे. फिर वहां मुझसे एक रिक्वेस्ट की. गई. अनऑफिशियली आई वाज डेप्युटेड द स्पोक्स. पर्सन ऑफ द फिल्म अनऑफिशियली लेकिन वो एक. रिक्वेस्ट थी कि देखो हम में से कोई वैसा. नहीं बोल पाएगा हम में से किसी को मीडिया. उतना अटेंशन नहीं देगा उतना टाइम नहीं. देगा और उतना विश्वास नहीं देगा जितना. आपको देगा तो अगर आप बोल दो मैंने कहा मैं. अगर बोलूं तो मैं क्या बोलूं नहीं आप यह. बोलो कि हम फिल्म अच्छी बनाएंगे मैंने क. बट आर यू रेडी टू मेक दोस चेंजेज ऑन.
रिकॉर्ड आईम से आई वास प्रॉमिस ट एवरी. चेंज विल बी कैरिड आउट जो कुछ गलत है. फिल्म में वो ठीक किया जाएगा यह मुझे कहा. गया और इस विश्वास के बल पर इसी पर तो. चलती है ना जिंदगी कोई कांट्रेक्ट में लिख. के थोड़ी देगा अगर शुभंकर ने मुझे बोला कि. हा मनोज जी आप आओ आई विल हैव गुड इंटरव्यू. विद यू आपको बढ़िया चाय पिलांग शुभंकर ने. मुझे कोई कांट्रैक्ट में लेक नहीं दिया कि. चाय पिलाएंगे पर पिलाएंगे इस विश्वास के. साथ में गया कि जो भी फिल्म में गलत है वो. ठीक किया. जाएगा यह जो पूरा अरसा रहा है फिल्म की. रिलीज पुश होने के बाद का यहां मैं जाने.
अनजाने मैं फिल्म का प्रमोटर बन गया जाने. अनजाने मैं फिल्म का कस्टोडियन बन गया सब. कुछ मैं फिल्म का बन गया यह बहुत बड़ी भूल. थी मुझे विश्वास नहीं करना चाहिए था मुझे. उस चीज पर विश्वास नहीं करना चाहिए था. जिसका आउटपुट मेरे हाथ में नहीं है मतलब. आप ये कह रहे हो कि मनोज मुंतशिर को ओम. राउत और भूषण कुमार ने इनडायरेक्टली बली. का बकरा बना दिया मैं दोनों नाम नहीं ले. रहा हूं आपसे आप नाम नहीं ले रहे हो बट. आपको कहना पड़ेगा नहीं तो लोग आप पर ब्लेम. करेंगे कक पहली गलती जनता ने किया जब पहली. बार टीजर आया आपने कहा ना सीएसएफ वाले ने.
कहा आपको अपनी गलती सुधारने का मौका मिला. था बिकॉज दैट वाज अ टाइम एवरी बडी यूज टू. लव यू लोगों ने आपसे कहा आप टीवी पर आए और. आपको एक साल का समय मिला बट एक साल बाद. अगर वो गलती लोगों के इतने आक्रोश देखने. के बाद ठीक नहीं हुई तब वो गलती नहीं थी. तब वो गुनाह में तब्दील हो गई शायद जिसका. दंश अभी तक चल रहा है फिर मुझे नहीं खड़े. होना था फिल्म के साथ ये जो ये पीरियड था. ना ये लिंबो का पीरियड था भाई जब मुझे कहा. गया कि मैं ठीक कर लूंगा या हम ठीक कर. लेंगे तब तक मैं गलत नहीं था हां मैं आपकी. बात प विश्वास कर रहा था मैं एक नाइव मैं. एक गांव का लड़का हूं यार और मैं आज भी.
गांव का लड़का हूं मैं नहीं जी सकता उस. तरीके से जिस तरह से शहर के लोग जीते हैं. वो मुझे तौर तरीके नहीं आते मुझे बहुत कुछ. सीखना है मैं सैकड़ों किताबें पढ़ डालता. हूं लेकिन मैं रहता वही हूं जो गौरीगंज का. था और मुझे पता है कि ये मुझसे कह रहा है. ना ये करेगा क्यों नहीं करेगा ये बंदा बोल. रहा है मुझसे सामने बैठ के आई वाज आई वाज. रॉन्ग इन ट्रस्टिंग दोज वर्ड्स आई शुड. नेवर हैव डन दैट और उसके बाद क्या होता है. जो फिल्म बनती है मैं बहुत इवॉल्व ही नहीं. रहा कभी और आखिर में जो आउटपुट निकलता है. इट वाज टू लेट अगर मैं आपको एक बात बताऊं.
मैंने कभी नहीं कही यह बात पब्लिक फरम पर. मैं आज आपसे कह रहा हूं मैंने 15 जून की. रात को पिक्चर देखी है 16 जून को पिक्चर. रिलीज हुई है मैं क्या कर सकता था तो आपने. इतना स्टैंड क्यों ले लिया गलत किया नहीं. लेना था तो आपने क्यों नहीं फिर कहा कि. भूषण जी ने या ओम राव जी ने मुझसे कहा था. सामने जाओ एक चीज मैं आपको और समझाता हूं. देखिए सिनेमा बहुत एक सब्जेक्टिव मीडियम. है मुझे एक बीच में एक दो जगह ऐसा. हुआ मुझे पता नहीं ये बात नाम लेक कहनी. चाहिए कि नहीं लेकिन मुझे दूसरा कोई तरीका.
नहीं नजर आ रहा और मेरा बहुत बहुत प्यारा. दोस्त है. ओम छोटे हैं मुझ से बड़े डायरेक्टर हैं. उन्होंने ताना जीी बनाई थी नेशनल अवार्ड. जीता इतनी बढ़िया पिक्चर बनाई थी ताना जीी. बीच में कहीं जब मैं ये फिल्म के मैंने. कुछ हिस्से देखे और मेरे अंदर नहीं घुसे. तो मैंने ओम से बोला मैंने कहा ओम ये बहुत. एक दो जगह बड़ा शैलो लग रहा है दैट वाज. व्हाट आई टोल्ड हिम एंड ही सेड सर हमें. अपनी रीच बढ़ानी है हम अगर सरल और सहज बात. करेंगे यह शैलो नहीं है यह सरल और सहज है.
लेकिन क्योंकि आप तो वाल्मीकि रामायण वाले. स्कूल से आते हैं तो आपको ये शैलो लग रही. है मैंने कहा अच्छा ये बात सही हो सकती है. देखिए इस बात पर विश्वास होगा कि नहीं. होगा एक फिल्म मेकर बोल रहा है जिसने अभी. 300 करोड़ प्लस की पिक्चर बनाई है थोड़े. दिनों पहले एंड देन ही सेड अच्छा एक बात. बताइए आपको ताना जीी कैसी लगी थी मैंने. कहा यार ताना जीी बहुत बड़ी हिट पिक्चर है. मुझे नहीं अच्छी लगी थी इट वाज नॉट माय. काइंड ऑफ सिनेमा बोला देयर यू गो सर आपको. तानाजी अच्छी नहीं लगी लेकिन पूरे देश को. को अच्छी लगी सर जो आपकी सेंसिबिलिटी है. सिनेमा के लिए आप उसको पत्थर की लकीर मान.
के मत चलो हो सकता है आप गलत सोच रहे. हो दैट मेड मी क्वाइट वहां चुप हो गयाल आप. आप कहना चाह रहे हैं कि आप बेवकूफ थे. क्योंकि जो मैं समझ पा रहा हूं यही मतलब. है क्योंकि आप किसी और की बातों को सुनकर. भरोसा कर गए बिना पिक्चर देखे आप टीवी पर. स्टैंड लेते रहे और जब आपने पिक्चर देखी. देन इट वाज टू लेट और आपके पास पीछे लौटने. का ऑप्शन कम था फिर तीन हफ्ते बाद आपको. रिलाइज हुआ ये समरी मुझे आ रही है नहीं. मैं मैं बेवकूफ नहीं था मैं सरल था दोनों.
में बड़ा फर्क है बेवकूफ तो मैं डीएनए से. नहीं हूं लेकिन मैं इतना भोला जरूर हूं कि. आप मुझे कभी बेवकूफ बना सकते हो सर मैंने. किसी से पूछा था कि अच्छे लोगों सा गलत. क्यों होता है उन्होंने कहा अच्छे लोगों. सा गलत नहीं होता है बेवकूफ लोगों के साथ. होता है आपको पता है कि आप साथ गलत हो रहा. है तो फिर अगर आपको पता है कि आपके साथ. गलत हो रहा है आपको इंटरनल कॉन्शियस से. आवाजें आ रही है आप खुद कह रहे हो कि आपको. आवाजें आ रही है और आप उसके बाद भी उस. प्रोसेस को फॉलो कर रहे हो आंख आंख मून के. भरोसा कर रहे हो और आप उस प्रोसेस जा रहे. हो मैंने आपसे पहला सवाल क्या पूछा कि.
प्रभास की जिंदगी अच्छी चल रही है फिल्में. आ रही है कृति सेनन अच्छा कर रही है सैफ. अली खान मस् जीर है भूषण जी का टी सीरीज. बढ़ता जा रहा है ओम राउत को भी फिल्में. मिल. जाएंगी सवाल किस पे आ रहे हैं पूरे आदि. पुरुष के शुभंकर अगर भरोसा करना विश्वास. करना बेवकूफी है तो मुझे लगता है ये. बेवकूफी मैं फिर. करूंगा भरोसा नहीं तोडूंगा किसी का यह. नहीं सोचूंगा कि ठीक है एक किसी ने मेरे. साथ ऐसा कर दिया तो इस दुनिया के सारे लोग. वो सब के सब मेरे साथ छल कपट करने ही आए. हुए हैं मैं कैसे जिऊंगा इसके साथ इस बोझ.
के साथ कैसे जिऊंगा साथ दिया लोग टी सीरीज. ने साथ दिया आपका क्योंकि मैंने आपके कल. मैं जब आप रात के आपके बारे में पढ़ रहा. था 100 मिलियन व 1000 मिलियन व्यूज 000. 1200 मिलियन व्यूज 1400 मिलियन व्यूज 700. मिलियन व्यूज सब टी सीरीज के लिए भरे पड़े. क्यों लोग कह रहे कि आपको गाने मिलने कम. हो गए आपके गाने ज्यादा आ रहे थे आज आज के. टाइम में आ रहे हैं गाने बट वो जो. प्रीमियम गाने आ रहे थे वो थोड़े कम हुए. हैं आप माने ना माने आपके पीछे आपके दोस्त. भी उसके पीछे सिर्फ आदि पुरुष वजह नहीं है.
पहली चीज लेट मी जस्ट करेक्ट. यू सात फिल्में मेरी इस साल आई है मैंने. पढ़ी है सात बड़ी फिल्में मैदान सरफिरा. मैं अटल हूं अभी मैं इमरजेंसी आने वाली है. अभी थोड़ी दिनों पहले और में कहां दम था. बड़ी फिल्में तो य कैसे फजी स्टूडियो मैं. फिर कह रहा हूं वो जो टी सीरीज साथ मिलकर. आप बम फोड़ रहे. थे सुष कुमार मैं सिंपल कह रहा हूं जुबन. नौटियाल का गाना मनोज मुंतशिर की आवाज टी.
सीरीज का बैनर विशाल मिश्रा गाना मनोज. मुंतशिर का लेखनी टी सीरीज का बैनर अर्जित. सिंह की आवाज मनोज मुंतशिर की राइटिंग टी. सीरीज का बैनर ये फट रहा था सर ये 700 800. हज मिलियन के नीचे बात नहीं कर रहा. था मैं आपका दर्शक हूं मैं आपको सुनता हूं. मैं आपके नंबर्स देखता हूं कितने गाने लूप. में चलते हैं मुझे पता होता कि बड़ा बैनर. काम करता उसके गाने कैसे चलते हैं और छोटे. प कैसे आते है मुझे मैं आप काम प क्वेश्चन. नहीं कर रहा हूं मेरा क्वेश्चन है कि. जिसके लिए आपने सब कर लिया क्या ये आपके.
साथ आदि पुरुष के बाद खड़े हुए एनिमल आदि. पुरुष के बाद ही आई थी मेरी फिल्म है बहुत. बड़ा हिट हुआ उसका गाना मेरा हुआ मैं आज. आप देख ले तो मेरे ख्याल से मेरी जिंदगी. के सबसे बड़े हिट गानों में से एक तो ऐसा. नहीं कोई साथ नहीं खड़ा हुआ और साथ खड़ा. होने की जरूरत भी नहीं थी मेरे टैलेंट के. लिए आप मेरे साथ खड़े हो मैं आपको बड़ा. अच्छा लगता हूं या मैं आपको बड़ा बुरा. लगता हूं जिस दिन हम इसके पार देखना शुरू. करेंगे ना आप जब मुझसे गाने लिखवाने आते. हैं तो आप क्यों मानते हैं मुझसे गाने. लिखवाने क्योंकि इस व्यक्ति को लिखना आता. है ये पोएट्री समझता है शायरी समझता है. कविता समझता है ये है ना आपका कारण आपका.
कारण राइट लेफ्ट कब से होने लगा भाई ये. आदमी तो राइट विंगर है ये आदमी लेफ्ट. विंगर है ये आदमी श्रीराम के बारे में ऐसा. सोचता है ये आदमी अकबर के बारे में ऐसा. बोलता है अगर इतने सारे फिल्टर से छन के. आप मेरे पास गाने लिखवाने आओगे तो आप अपनी. फिल्म के साथ गलत कर रहे हो इंडियाज ग. टैलेंट से आपको निकाला गया. था ये आप उनसे पूछिए मैं ये जानता हूं कि. मेरे पास लौट के आई नहीं मैंने सीजन वन. पिछला सीजन जो सोनी पे था वो मैंने जज. किया था और अगला सीजन उनका जाहिर सी बात. है आदि पुरुष के बाद आया सो दे डिन कम एक.
बहुत सीनियर जर्नलिस्ट ने एक ट्वीट किया. था और उसके बाद मैंने कई लोगों से पता. किया जी और ये मैं अपनी इंफॉर्मेशन बता. रहा हूं मैंने कई लोगों को फोन किया. बॉलीवुड में भी हमारी मीडिया की दुनिया. में भी केंद्र सरकार में जुड़े कुछ लोगों. को भी राज्य सरकार में जुड़े कुछ लोगों को. भी अच्छा उन लोगों को नहीं जो फैसला लेते. हैं उनके आसपास रहने वाले लोगों को जिनको. हम सूत्र कहते हैं मेरी जो अपनी कहानी. निकल कर आई उसमें ये था कि इंडियाज गॉट. टैलेंट से आपको हटाया गया केंद्र सरकार. यूपी सरकार के कई प्रोजेक्ट में उस टाइम. आपके वीडियोस चलते थे उनमें से धीरे-धीरे. साइडलाइन की बात की गई और एक इनडायरेक्टली.
मैसेज भी दिया गया कि थोड़ा सा उचित दूरी. मनोज मुंतशिर से बनाई जाए इसका जवाब मैं. दे ही नहीं सकता क्योंकि अगर मुझे सोनी ने. इंडियाज गट टैलेंट से निकाला सो हाउ डू आई. नो कि वो मुझे सीजन टू में लेने वाले थे. उन्होंने मुझे कभी फोन करके नहीं बोला कि. हम आपको निकाल रहे हैं सीजन वन तो मैंने. किया ही सीजन टू मैंने नहीं किया लेकिन. अभी भी आप जाके देखें तो मैंने अभी एक. महीने पहले सुपरस्टार सिंगर जो सोनी का ही. शो है मैंने उसके चार एपिसोड्स किए और. चारों एकदम टॉप रेटिंग पे गए उनकी रेटिंग. चेक कीजिए तो कुछ निकालना निकाल के बाहर.
कर देना यह सब इतना ड्रामा होता नहीं है. यह लोगों के दिमाग में है और लोग जो. सीनियर जर्नलिस्ट आपके बता रहे एक बार फिर. से बताइए इन्होने एक चीज और हां भारत. सरकार और प्रदेश सरकार के प्रोजेक्ट्स मैं. कभी कर ही नहीं रहा था कुछ मैंने कौन से. प्रोजेक्ट किए भारत सरकार और केंद्र सरकार. और जो किए हैं वह मैंने डिस्कवरी चैनल के. लिए किया अब डिस्कवरी चैनल अगर वडनगर पर. कोई सीरीज कर रहा है तो मैं डिस्कवरी के. लिए कर रहा हूं मैं किसी सरकार के लिए. नहीं कर रहा अगर मन की बात पे पूरी सीरीज. हो रही है सर ये जनता बड़ी मासूम है सर ये.
कैसे प्लेसिंग होती कैसे लोगों को पिक. किया था सब समझते लेकिन छोड़िए मैं उस. विषय पर नहीं जाऊंगा मैं आपके इमोशनल. पार्ट को आज तलाशने आता हूं मुझे जानना ये. है कि ये घटना हो गई अब क्योंकि मैं आदि. पुरुष से आगे बढ़ के आपकी लाइफ में बहुत. कुछ और भी कॉन्टेक्स्ट है उधर बढ़ने आता. हूं उससे पहले एक आखिरी सवाल इसको लेके. बदला क्या था क्योंकि ये कहते हैं ना कि. जैसे मैंने बार-बार कहा सफलता में सब साथ. होते हैं संघर्ष में आदमी अकेला होता है. कौन वो लोग थे जिन्होंने फोन उठाना बंद कर. दिया मैसेज के रिप्लाई करने या सामने पड़े. दर किनार कर दिया ऐसा दौर तो आया होगा और. मुझे लगता है कि इससे अच्छा मंच नहीं जब. आप इस बारे में खुलकर बताएं हमें क्या.
बदला क्योंकि आप देश छोड़कर जा रहे हैं. स्लीपिंग पिल्स खा रहे हैं अकेले हो रहे. हैं यह अगर सब साथ होते तो यह नहीं होता. है लोग साथ होते तो आपकी ताकत बन जाती. है बदला यह. के तकरीबन चार से पाच महीने मैं मेरी. कंपनी मेरी टीम हम सब बेरोजगार. रहे मैं करता क्या हूं वैसे बहुत कम लोग. पता है मैं आपके शो पर बताता हूं कि मैं. एक्चुअली करता क्या हूं अी आप थोड़ी देर.
पहले जब ये कह रहे थे कि करोड़ों की गाड़ी. करोड़ों का. घर यह सब गाने लिख के तो नहीं आता. है गाने लिखना एक हिस्सा है. उसका मैं पूरे देश में पूरी दुनिया में. शोज करता. हूं वह शो जिसमें हजारों लोग आते हैं वो. शोज जो मुझे याद नहीं आता कि मैंने पिछली. बार अपने किसी शो में खाली कुर्सी कब देखी. थी हम टिकटेड करते हैं तो आप देख सकते हैं. जाके बुक माय शो प कहीं भी यहां हमारा.
बैनर पोस्टर आया और विदन सेवन डेज हम. सोल्ड आउट होते हैं वो मेरी आमदनी का बहुत. बड़ा जरिया. है मेरी पूरी टीम है जो इन चीजों को कैरी. आउट करती. है और आदि पुरुष आने के बाद मेरे जितने. शोज लाइंड अप थे अगर मैं गिनती में बोलू. तो करोड़ों की बात मैं कर रहा हूं करोड़ों. रुपए. यह सब या तो कैंसिल हो गए या मुझे फोन.
करके बड़ी शराफत से य कहा गया कि सर अभी. नहीं करते बाद में करते हैं तो फिर यह. मेरा फर्ज था कि मैं उनका एडवांस लौटा तो. मैंने फाइनेंशली बहुत बड़ा. एक ट्रामा. झेला लोग अब आप इस पर ताज्जुब करेंगे. लेकिन मैंने कभी फिल्म इंडस्ट्री में. दोस्त बनाए ही नहीं मुझे लगता है फिल्म. इंडस्ट्री दोस्त बनाने के लिए होती ही. नहीं. है मेरा दोस्त आज भी वही है जो 10वीं. 12वीं में मेरा दोस्त हुआ करता था.
दीपक आप उठा के देख ले पूरी मेरी कायनात. इतने सारे वीडियोस इतने सारे फोटोग्राफ्स. आपके पास साथ चल रहे हैं आपको कहीं दिख. जाए कि मैं किसी फिल्मी पार्टी में खड़ा. हुआ हूं मैं कहीं किसी के साथ यारी दोस्ती. बढ़ा रहा हूं सोशलाइज कर रहा हूं तो. प्रोफेशनल फ्रेंड भी तो होते हैं ना सर सर. प्रोफेशनल फ्रेंड्स जो होते हैं जो आपके. कारी जरूरत थी जो आपके काम को पसंद करते. हैं आपके काम तो वो मैं वही तो बता रहा. हूं कि वरना ये सात फिल्में कैसे आ गई. अगले साल सात फिल्में कैसे आ गई एक दो.
नहीं ये मेरा मैक्सिमम है इनफैक्ट क्योंकि. प्रोफेशनल जो लोग थे उनको कोई फर्क नहीं. पड़ता वो तो मेरे पास आ ही रहे थे लेकिन. यह बहुत छोटा हिस्सा है मेरी जिंदगी का. गीत लिखना मेरी लाइफ का बहुत छोटा हिस्सा. है बहुत कुछ और भी है एक सोशल इमेज को जो. डेंट हुआ मैं ये बिल्कुल कह सकता हूं और. मुझे कहते हुए कोई शर्मिंदगी नहीं है कि. हां मेरे साथ सेल्फीज खचाने वालों की. तादाद कम हो गई वरना पहले मुश्किल था. एयरपोर्ट पर खड़े हो जाना मुश्किल था आप. कहीं निकल जाए तो मैं पहली बार ये महसूस. करने लगा था कि मुझे मास्क कभी उतारना ही.
नहीं था कोविड जाने के बाद क्योंकि मास्क. उतारने के बाद तो मुश्किल हो जाती है चलना. ये सब कम हुआ लेकिन जो अच्छा हुआ मैं आपको. वो बताता हूं अच्छा हुआ कि मैंने पहली बार. महसूस किया कि आपकी पत्नी आपकी कितनी बड़ी. ताकत हो सकती है मैंने कभी नीलम की उतनी. वैल्यू ही नहीं की जितनी मैंने आदि पुरुष. के बात. की शी वाज ऑल ऑफ 18 वन वी गट मैरिड वो 18. की थी मैं 21 का था हमारी शादी हुई शादी. हुई हम मुंबई आ गए. ना पैर तले जमीन ना सर पर आसमान फुटपाथ पर.
सोने वाले दिन थे किसी तरह मुश्किल से हम. लोगों ने मिलकर कितना बड़ा एक आशियाना. खड़ा किया एक करियर खड़ा किया इस भागदौड़. में वो जो दिन होते हैं ना जब आप एक दूसरे. को हैंड होल्ड करते हो जब बातें करते हो. जब स्वीट नथिंग होती है हमारे बीच में सब. कभी कुछ हुआ ही नहीं वह अपनी जिंदगी जीती. रही मैं अपनी जिंदगी जीता रहा लेकिन जब. अचानक मुझे जरूरत पड़ी श स्टूड बाय मी. लाइक. रॉक मेरे पिताजी. जिनको लोग आकर गालियां देकर जाते थे वो. मुझे फोन करते थे तो के फोन करते थे हां. मन्नू चिंता मत करना है हम तुम्हारे साथ.
86 साल का आदमी मेरी सबसे बड़ी ताकत था उस. वक्त मुझे लगता था ये है ना इसके रहते. मेरा कोई क्या. बिगाड़े हजारों मुश्किलों से लड़ रहा हूं. मैं अकेला ही दुआएं साथ हूं जिसके उसे. लश्कर नहीं लगता मेरे बाबूजी बूढ़े हैं. मगर अब भी ये आलम है वो मेरे पास होते हैं. तो मुझको डर नहीं लगता ही वाज मा ही वाज. माय. स्ट्रेंथ मेरी मां. बड़ी स्ट्रांग लेडी है व इतनी स्ट्रांग है.
कभी आप उनसे मिलेंगे ना तो यहां खड़े होते. तो आप मुझे बोलते कि मनोज आप हट जाओ मुझे. इनका इंटरव्यू करना है बिकॉज शी इज मोर. इंटरेस्टिंग देन यू मेरी मां मुझे फोन. करके जब बाकी बातें सब उन्होंने बाद में. बताई लेकिन मुझे फोन करती तो इतना ही. बोलती यहां आ जाओ मन्नू बढ़िया निमोना. बनाएंगे और खाएंगे इतना मजा आएगा इसको. ब्लेसिंग एंड डिसगाइज समझ लो तुम्हें टाइम. नहीं मिला तुम इतना बिजी रहे तुम साल साल. भर में कभी गांव नहीं आते हो यह मौका है. मन्नू गांव आ जाओ दे केप्ट एवरीथिंग सो. पॉजिटिव अराउंड मी मेरा. बेटा कोई.
भार आ जाए ना कि भैया हमें तो आप पर. विश्वास है मैंने अपनी ऑडियंस मुझे सुनने.
वाले इतनी कद्र हुई मुझे उनकी जितनी पहले. कभी नहीं थी और आपको मैं बताऊं अब जब ऐसा. दिन आता है ना अभी भी कल एक शो में ही था. मैं डेढ़ घंटे खड़े होकर मैं सेल्फी खे. जाता हूं मैं एक को भी मायूस नहीं करता. मुझे लगता है यह जो है. ना ये पता नहीं कब चले जाएंगे आज ये चल के. मेरे पास आ रहे हैं सर एक फोटो चाहिए. कितना बड़ा सौभाग्य है मेरा ये दुनिया में.
कितनों को मिलता है इसकी कदर करनी सीख ली. मैंने आप रोए थे इस घटना के बाद कक आप. भावुक व्यक्ति लग रहे हैं. [हंसी]. मुझे दो चार आंसू होते तो दिखा. देता रोया था.
कौन सा टांका खुल गया मन का भेद ये कैसे. दुनिया जाने रात बहाए कितने आंसू मैं जानू. मेरा तकिया. जाने ठीक है क्या क्या सबक मिला आपको जैसे. मैं प्रोफेशनली सबक की बात करर एक तो हो. गया एक घटना हुई उसको लेकर चर्चा होगी. भगवान से जुड़ी हुई थी उसके डेंट ज्यादा. होंगे बट इस पूरे उतार चढ़ाव ने एक इंसान. के तौर पर क्या आपको समझाया और बॉलीवुड की.
दुनिया से क्या सबक मिला आपको एक इंसान के. तौर पर यह समझाया कि कुछ भी परमानेंट नहीं. है जो आज है य हो सकता है कल ना हो लेकिन. साथ ही यह भी सिखाया कि अगर जो आज अच्छा. है वह कल बुरा हो सकता है तो कल बुरा है व. परसों अच्छा भी हो सकता है तो मैं रुका. नहीं हूं मैं झुका नहीं हूं मैं दिन रात. कोशिश कर रहा हूं. और. बॉलीवुड ठीक है बाजार है इट्स अ मार्केट. मार्केट में तो कोई नियम कानून होता नहीं. फायदा ही एक नियम कानून है उते सूरज को. सलाम करें हां तो बिल्कुल तो जब फिर फायदा.
होगा उनको मुझसे और हो ही रहा है तो फिर. आएंगे मेरे पास आ ही रहे हैं एक बड़ा. अच्छा शेर हमने कहीं पढ़ा था हमने आपको जब. आपके बारे में पढ़ रहे थे तो कहीं मिला तो. हमने उसको नोट कर लिया हसनैन आकिब करके. हैं वो लिखते हैं कि पकड़ी ना थी किताब की. उस्ताद हो गए वाह हाथ आई गुलैल तो सैयाद. हो गए वाह तामीर यूं हुए थे कि हैरान थे. महल वाह उजड़े भी यूं कि सूरत बगदाद हो गए. वाह वाह वाह. वाह जो लास्ट लाइन है बहुत गहरी लाइन है.
कि तामीर यूं हुए थे कि हैरान थे. महल उजड़ भी यूं कि सूरते बगदाद हो गए. बहारों के जमाने में कहां एहसास था. मुझको बहारों के जमाने में कहां एहसास था. मुझको मेरे पेड़ों से एक दिन सब परिंदे. रूठ. जाएंगे होता है डॉक्टर कुमार विश्वास से. आपकी अदावत थी अदावत क्यों होगी वो तो.
मेरे सीनियर हैं मेरे बड़े भाई जैसे हैं. अंदर खाने से मैंने सुना मैंने अभी उनका. इंटरव्यू किया था मुझे नहीं पता था बट आया. कि एक एक समय आया जब आप दोनों अपने पीक पर. थे और आप ही गाने आ रहे थे एक अदावत शुरू. हुई फिर एक मैंने सोशल मीडिया को जब और. स्क्रॉल किया आपको घालने के लिए इतिहास के. पन्नों में तो जो आपका वो डायलॉग बड़ा. वायरल हुआ था हनुमान जी की पूंछ में उसको. लेके उनके पैरोडी अकाउंट ने ट्वीट किया कि. यह तो कुमार विश्वास जी ने लिखा था और वो. 20 सालों से अपने कॉलेज में एमबीए के. बच्चों को यह सिखाते थे अ कि हनुमान जी जो.
है वो एमबीए स्टूडेंट्स के लिए प्रेरणा है. उनसे मैनेजमेंट सीखना चाहिए और फिर उसमें. टिप्पणी थी कि इसका बेहूदा प्रयोग हो गया. इनडायरेक्टली उनके समर्थकों ने आपको ट्रोल. किया आपके बीच में अदावत थी कैसे रिश्ते. आपके रहे पहली चीज तो मैं ये बता दूं कि. ये जो डायलॉग है ये डायलॉग पब्लिक डोमेन. का डायलॉग है हां ये ये कुमार विश्वास जी. बोलते ऑफिशियल कि उनका लिखा हुआ है तो मैं. मानूंगा यह किसी का लिखा हुआ नहीं यह. तरीका है जैसे कहानियां सुनाई जाती है और. कुमार विश्वास इसको बहुत अच्छे से सुनाते.
हैं हम कुमार विश्वास इसको सुनाते हैं. इसको हमारे जो बागेश्वर वाले बाबा हैं. मैंने उनको सुना है बोलते हुए हमारे और भी. बहुत सारे संत महात्मा हैं जो बड़े चाव से. हम एक ह्यूमरस ब्रेक के लिए यह प्रसंग. सुनाते हैं हम तो जो चीज पब्लिक डोमेन में. है उसको फिल्म में ले जाना कुछ गलत नहीं. है इसमें कुछ भी कॉपीराइट का हनन नहीं है. कोई कॉपीराइट का उल्लंघन नहीं है और अगर. होता कॉपीराइट का उल्लंघन तो आपको लगता है. मैं यहां बैठा था मेरे ऊपर 50 केस होते एक.
आप उठा के लाओ कहीं से कि एक केस आपके. खिलाफ हुआ है कॉपीराइट का सिंगल केस तो. नहीं है पहली चीज ये दूसरी चीज ये आपने. पूछा कि कुमार विश्वास से कोई अदावत है. क्या पहली बात कि वो बहुत बड़े वक्ता है. उनसे बहुत कुछ सीखने को मिलता है और मैंने. उनको सुन के बहुत कुछ सीखा है इसमें कोई. दो राय नहीं है अदावत इसलिए नहीं हो सकती. कि मैं फिल्मों के गाने लिखता हूं वो. फिल्मों में नहीं है वो एक आद इक्की. दुक्की फिल्में यहां वहां उन्होंने की. होंगी वो फिल्मों में वो तो कहते भी है कि.
मुंबई हमसे तेरे तकाज नहीं झेले जाते तो. अदावत कहां है जब हम एक खेल ही नहीं खेल. रहे हैं एक ग्राउंड में नहीं है एक मैदान. में नहीं है अब आप यह कहेंगे कि आप दोनों. साथ क्यों नहीं दिखते मैं बहुत बार देखा. है कि लोग कहते हैं भाई आप दोनों साथ. क्यों नहीं दिखते एक शो में इतना उनका. सबसे बड़ा नाम है मैं भी थोड़ा बहुत जाना. जाता हूं दुनिया में तो आप दोनों एक मंच प. क्यों नहीं देखते ज्यादा पैसा चार्ज करते. होंगे नहीं सवाल पैसे का नहीं सवाल ये कि. चाय और चटनी कभी एक साथ नहीं खाए जाते ना. कि आप च चाय पीने साथ चटनी भी खा रहे. तो हम साथ जुड़ के कोई तुक नहीं बनता.
हमारी जोड़ी कुछ ऐसा मिल नहीं जाएगा. दुनिया को कि अरे वाह कुमार विश्वास मनोज. मुंतशिर साथ में आ गए तो कमाल हो गया कोई. कमाल नहीं होगा इसलिए कभी उनके मन कहते ना. धुआ वही उठता है जहां कहीं आग लगी होती है. कुछ तो होगा ना जहां से शुरू हुआ होगा ऐसे. थोड़ी लोगों ने अपने मन से कह दिया. उन्होंने किसी इंटरव्यू. में एक चैनल पर न्यूज चैनल. प यह जो पूरा आदि पुरुष का विवाद चल रहा. था आदि पुरुष के विवाद में दो तरह के लोग. थे. एक जो मुझे जानते थे ना उनको यह भी पता था.
कि ये आदमी ऐसा नहीं. है गलती हुई तो वो चुप रहे ऐसा नहीं कि. उन्होंने मीडिया में आके मेरा सपोर्ट किया. या मेरे समर्थन में जुलूस निकाले पर व चुप. रहे और उस वक्त चुप रहना मेरा बहुत बड़ा. साथ देना. था कुमार जी चुप नहीं. रहे वह आए टेलीविजन पर उन्होंने जो कुछ भी. भला बुरा मुझे कहना था मुझे कहा और जब. मैंने वो सुना तो मुझे बिल्कुल अच्छा नहीं. लगा ये तो झूठ होगा कि मैं बोलू कि ठीक है. मैंने उसको दिल पर नहीं लिया क्योंकि एक.
तो बड़े भाई जैसे थे दूसरा वो राइटर है. खुद बहुत बड़े राइटर हैं अच्छे राइटर है. वह तो समझते हैं कि चीजें कैसे चलती है. सिनेमा में भी उनका दखल है उनको पता है कि. उन्होंने गीत लिख दिया वो पिक्चराइज कैसे. होगा उनके ऊपर है क्या ये कैन ही कंट्रोल. कि उनका गाना कैसे पिक्चराइज. होगा तो मैंने जो डायलॉग लिखे हैं उसके. पीछे लंका काली दिखेगी पीली दिखेगी माता. सीता के वस्त्र क्या य मैं डिसाइड कर रहा. हूं यह मैं नहीं कर रहा हूं ना तो सारी.
चीजें आपने मेरे ऊपर कैसे फोड़ दी मेरे. डायलॉग्स के लिए मैं जिम्मेदार हूं वहां. भागने का कोई रीजन नहीं है मेरे पास साथ. में एक जो व्यक्ति साहित्य समझेगा सिनेमा. समझेगा पोएट्री समझेगा व यह भी बोलेगा. लेकिन उसी फिल्म में कितना सुंदर गीत लिखा. है जय श्री राम उसी फिल्म में कितना सुंदर. गीत लिखा है राम सियाराम उसकी कभी कोई बात. ही नहीं की तो आप दोनों तरफ बात करते तो. मुझे बिल्कुल बुरा लग मुझे उसकी नाराजगी. है और हमेशा रहेगी य नाराजगी.
और ऐसे कितने लोग थे जिन्होंने आपको नाराज. किया बहुत लोग मैटर नहीं करते कुमार विश्. कुमार विश्वास मैटर करते थे इसलिए मैटर. करते थे क्योंकि वो हम उनको एक एक स्तर पर. रख के आइडल प रख के देखते थे और देखते हैं. नॉट टू बी मिसअंडरस्टूड कि मैं उनको मेरा. उनका सम्मान कोई मेरी नजर में कम हो गया. बिल्कुल वही है जहां होना चाहिए और अभी तो. कुछ दिन पहले मिले भी बहुत अच्छे से मिले. और मैं चाहूंगा कि यह जो मेरे दिल पर दरार. पड़ी है यह कभी मिट जा कभी ऐसा भी हो कि. मैं उ उसी तरह से उनको गले लगा सकूं वह.
मुझे गले लगा सके लेकिन आज. तो थोड़ी सी तकलीफ तो है कहीं मन. में एक और बड़ा सवाल आपको लेकर उठता है कि. कवि जो होता है वह विद्रोही होता है मनोज. मुंतशिर सरकारी कवि बन गए दिन भर सोशल. मीडिया पर विपक्ष को ताना मार देते हैं. उल्टी सीधी बातें लिख देते हैं और सरकारी. क जो होता है उसको उतना सम्मान नहीं मिलता. आप अगर सरकारी कवि हो विद्रोही कवि होते.
तो शायद ज्यादा सम्मान पाते यह आप पर टैग. लगा है और यह आपके ट्वीट्स देखकर लगता भी. है कुछ दिनों में थोड़ा हाइपर एक्टिव हो. गया था अब तो नहीं हूं बहुत सालों से नहीं. हूं मुझे लगता है तकरीबन साल डेढ़ साल हो. गए ले रिलाइज हो गया आपको कि सरकार भी साथ. नहीं देती नहीं नहीं नहीं सरकार साथ मैं. सरकार के साथ मैंने कभी मांगा ही नहीं. कंगना कभी य भी स्टेटमेंट आया है कि आप. लोग की जो पिक्चर है इमरजेंसी कि आपके. अपने ही रिलीज नहीं कर रहे हैं सरकार का. साथ मैंने मांगा कब और किस चीज के लिए. मांगा मैं बहुत सेल्फ सफिशिएंट आदमी हूं. पहली बात तो ये और ये मैं बड़ी खुद्दारी.
से बड़ी शान से बात कहना चाहता हूं कि. मेरे लिखे हुए 750 गीत मुझे इतनी रॉयल्टी. देते हैं कि मैं अगर अपने कमरे से बाहर. नहीं निकलूंगा तब भी मैं माय बैक से. चलूंगा कुछ नहीं बदलेगा मेरी जिंदगी में. आज भगवान ना करे मैं अपाहिज हो जाऊं आज. भगवान ना करे मैं आज से एक शब्द ना लिखूं. फिर भी इतनी रॉयल्टी मेरे हर महीने आती. रहती है कि मैं आराम से शान की जिंदगी जी. सकता हूं तो पहली बात तो ये समझ ले कि मैं. सरकार के पास कुछ अगर गया भी कभी तो कुछ. मांगने नहीं गया था कुछ देने गया हूं कुछ. विचार रहा होगा मेरे पास कोई प्रस्ताव रहा. होगा मेरे पास मांगने कभी कुछ नहीं गया और.
कोई य खड़ा होक बोल दे कि मनोज मुश मांगने. आए थे कुछ नहीं मांगता मैं और मुझे कुछ. नहीं चाहिए आपसे लेकिन एक चीज है कि मैं. हमेशा से तीन चीजों के साथ खड़ा रहा सत्य. सेना सनातन यह तीन ऐसे विषय हैं जहां जो. मेरे दिल के बहुत करीब है जो भी इनके साथ. खड़ा होता है मैं उसके साथ खड़ा हो जाता. हूं अब जब आप देखेंगे कि वर्तमान परिपेक्ष. में राजनीतिक परिपेक्ष में कौन सी पार्टी. है जो इन तीनों के साथ अलाइड है तो आपको. एक ही पार्टी दिखती है फिर आप कह ले कि.
भाजपा वाला है मैं भाजपा वाला नहीं हूं. मैंने ना भाजपा जवाइन की है ना मेरा भाजपा. से ठीक है मेरे मित्र है मेरे मित्र हर. तरफ है हर पार्टी में है लेकिन तो फिर आप. क्यों कहते हो विदेशी मां के कोक से जन्मा. लड़का देश की सेवा नहीं कर पाएगा आप. डायरेक्टली कांग्रेस को टारगेट कर लेते. चाणक्य का एक कोट बताया थाय शर चाणक्य ने. लिखा है क्योंकि उसको लेक भी बड़ा इसको इस. इसको लेकर जो विवाद है देखिए ये एक तो. चाणक्य के बारे में अगर आप ऑथेंटिक. लिटरेचर ढूंढने आ मैंने एक पिक्चर लिखी है. बाय द वे मैं आपको बता दूं और मैंने ढाई. साल नीरज पांडे जी जो फिल्म के डायरेक्टर.
प्रोड्यूसर हैं हमने ढाई साल चाणक्य पे. स्टडी किया ढाई साल तो चाणक्य के बारे में. जितनी बातें हैं सब वो किम वदंती है फिर. आप कुछ नहीं बोल सकते नथिंग लेकिन यह है. कि चंद्रगुप्त की पत्नी जो सलूकस की बेटी. हुआ करती थी उसका पूरा एक प्रसंग है और. आपको मिल भी जाएगा कि जब चंद्रगुप्त की. शादी हुई तो उस वक्त चाणक्य की एक शर्त थी. कि इस शादी से जो बच्चा पैदा होगा जो बेटा. पैदा होगा वो राजा नहीं बनेगा क्योंकि. विदेशी माता से पैदा हुआ पुत्र कभी. देशभक्त नहीं हो सकता यह एक प्रसंग है ये.
कथा है आप बोलेंगे राहुल गांधी देशभक्त. नहीं है नहीं मैं इस बारे में देखिए राहुल. गांधी ऐसा सब्जेक्ट लिए पूछ टिप आप मैंने. राहुल गांधी का नाम कहां लिया मैंने जो. बात क कांसेप्ट उस कांसेप्ट प जोड़ रहा. हूं मैं क्योंकि कांग्रेस के कई. प्रवक्ताओं ने आपको इसको लेकर धर के लिखा. है और अभी भी वो ट्वीट्स आते हैं मेरे पास. कटेक्स देखिए आप कहां का कॉन्टेक्स्ट था. वो कांटेस्ट था अब फिर वही बात आ गई. सियासत में बीच का मरहला नहीं होता या तो. होता है या नहीं होता है आप इधर खड़े हैं. अपोजिट के अपने आप दुश्मन है फिर आप. स्टेटमेंट ऐसा दे रहे हैं मैं कहां खड़ा.
हूं लेकिन किसने किसने कह दिया कि मैं. किसी तरफ खड़ा हूं अब अगर वड़ोदरा के. वीडियो में आप नजर आ रहे हैं आप उनके. आसपास नजर आ रहे हैं जो सरकार के आसपास. रहने वाले लोग हैं अगर आपके ट्वीट्स के. झुकाव इधर है सवाल उधर है आपने कई ट्वीट. कर दिए नरेंद्र मोदी जी के खिलाफ या योगी. जी के खिलाफ ये एक आम जनता सर मतलब बड़ी. जनता बड़ी समझदार है उससे काला सफेद बड़ा. स्पष्ट दिखता है अब मैं ये बात नहीं. छुपाऊंगा हम कि जो मेरी सोच है मैंने अभी. भी कहा हम सत्य सनातन सेना इन तीनों के. साथ बीजेपी अला लगती है इसलिए मैं बीजेपी.
के साथ अलाइड हूं मैं बीजेपी के साथ इसलिए. अला नहीं हूं कि आज वो पावर में है आज व. सत्ता में है मैं इनके साथ खड़ा हुआ हूं. यह बिल्कुल रीजन नहीं है मैं जब भी सोचता. हूं मुझे लगता है कि हा इन तीन चीजों को. वी मस्ट प्रोटेक्ट देम एस अ कंट्री एस. नेशन व शुड फाइट फॉर देम हमें खड़ा होना. चाहिए इन तीनों के साथ हम सबको खड़ा होना. चाहिए कौन सी एक पार्टी है जिसको वाकई. फर्क पड़ता है एक तरफ एक राजनेता इस देश. का अगर स्टेटमेंट देता है कि चीन में. हमारे सैनिक. मारे जा रहे हैं खदेड़ जा रहे हैं कुछ एक. शब्द था मैं भूल गया एजेक्ट वर्ड क्या था.
चीन में हमारे सैनिक पिट रहे चीन में. हमारे सैनिक पिट रहे. हैं. यह आदरणीय राहुल गांधी जी का स्टेटमेंट था. मुझे इस स्टेटमेंट से तकलीफ थी बाकी कुछ. उसको आप बहुत ज्यादा बड़े अंब्रेला में. बड़े चश्मा लगा के ना देखें और ये अचानक. हुआ मैं एक सामान्य व्यक्ति की तरह अगर. बात करू बीजेपी में भी कई ऐसे नेता है सर. जो ऐसी बातें बोलते जिनको लेकर कई बार. कटाक्ष करने का करता होगा आपने राहुल जी. पर किया जब आप सिलेक्टिव हो जाते आपने.
राहुल जी के गलत बयान पर कोट कर दिया. दूसरे वाले पर कभी कोट किया बीजेपी कई. नेताओं ने बहुत बड़े-बड़े बयान दिए होंगे. सवाल इसलिए उठता है कि आपने एक जो मीडिया. पर अक्सर आरोप लगता है आजकल कि आप एक आंख. से देखते हैं सच मैं हालांकि इस पर जाना. नहीं चाह रहा हूं ये बहुत लंबा विषय है. मेरे पास और कई इंपोर्टेंट टॉपिक्स है एक. छोटी सी बात कह के इसको मैं खत्म करूंगा. कि आप मेरा पूरा ट्विटर उठा के देखिए जी. देख लीजिए पूरा साल डेढ़ साल दो साल क्या. आपको रोज ये लगता है कि मैं उठता हूं और. मैं एक कोई अच्छी बात बीजेपी की निकाल के. देखो आज इन्होंने यह किया चाहे वह अटल.
सेतु बना हो चाहे देश में 36 किलोमीटर रोज. हाईवेज बन रहे हैं आदरणीय नितिन गडकरी जी. बना रहे हैं क्या मैं इसके बारे में भी. बात कर रहा हूं मैं न्यूज एंकर नहीं हूं. सर हम मैं राइटर हूं मैं एक कलाकार हूं. मेरी कोई जिम्मेदारी नहीं है कि जो भी हो. रहा है देश में मैं पहले उठूं उस परे. टिप्पणी करूं कोई जरूरत तो जैसे हर बात पे. हर अच्छी बात पर टिप्पणी करना मेरी. जिम्मेदारी नहीं है वैसे हर बुरी बात पर. टिप्पणी करना भी मेरी जिम्मेदारी नहीं है. उसके लिए अथॉरिटीज है उसके लिए बिल्कुल. सही बात है बिल्कुल सही बात है बट जैसे. मैंने अभी मोदी जी को सुना कई कहते हुए कि.
हिंदू मुसलमान मैं नहीं करता और मुझे नहीं. पसंद है बट मनोज मुंतशिर पर सीधे-सीधे रूप. लगते हैं कि मनोज मुंतशिर हिंदू मुसलमान. खूब कर रहे हैं और आप दिन रात अब पहले. आपने हिंदू मुसलमान किया ये आप पर एक्यूज. जो लगता है और अब आप ब्राह्मणवाद. ब्राह्मणवाद ब्राह्मणवाद कर रहे हैं और ये. ज्यादा हो रहा है जातिवादी हो गए हैं मनोज. मुंतशिर जबकि एक गीतकार को प्रेम का होता. है वो सबके बारे में बात करते हैं जैसे. आपने कुमार विश्वास जी की बात की अब मैं. को प्राउड ब्राह्मण ब्राह्मण जीनस आपके. वीडियोस देख रहा था मैंने कुमार विश्वास. जी से पूछा तो उन्होंने कहा कि देखो.
शुभंकर दलित और स्त्री का दु सुख जो है. दुख जो है एक दलित और स्त्री का दुख. शुभंकर मिश्रा या कुमार विश्वास शर्मा. होकर समझा नहीं जा सकता शोषण किया है यह. उनके कोर्ट से इसी कुर्सी प बैठकर जिसे. मिलियंस ऑफ लोगों ने हमें हमारे पॉडकास्ट. में देखा फिर एक मनोज मुंतशिर का आता है. ब्राह्मण जीन क्या हो गया ऐसा ब्राह्मण. जीन ब्राह्मण जीन सो ये आप पर आरोप लगता. है कि आप बहुत कास्ट हो गए एक राइटर बहुत. कास्ट हो गया बहुत ब्राह्मण ब्राह्मण. ब्राह्मण है और इसकी वजह से भी जो सनातन. वाले लोग भी थे उसमें से भी एक सेक्शन.
आपसे छिटक गया है ठीक है पहला हिस्सा आपके. सवाल का यह है कि हिंदू मुसलमान करते रहते. हैं एक लाइन हम मेरी पूरी जिंदगी में एक. लाइन मैं चैलेंज कर रहा हूं बैठ के यहां. हम कोई भी जितने लोग मुझे आपके पॉडकास्ट प. देख रहे हैं एक लाइन खाली निकाल के मुझे. ये बता दें कि इस लाइन में आपने हिंदू. मुसलमान किया है मैं एक लाइन आप बताएं आप. बता आप बाकी बात पूरी कीजिए मैं आपको बता. रहा हूं मैं रुक ही जाता हूं क्योंकि वरना. फिर आपसे बात नहीं होगी मुखातिब नहीं. होंगा तो मुझे लगेगा कि मैं बोल के आपने. ताजमहल को लेके जो बात कही थी ताजमहल किस.
मुसलमान की जागीर है हां जिस आपने जिस तरह. से मुसलमानों को लेकर उसमें कोर्ट किया. मैं आपको आ रहा हूं उसपे जी आप आए बताए. मुझे. जी जैसे आपने भोपाल का नाम बदलने की मांग. की हम उस परे आया कि यह नाम बदलने की. प्रथा जो है यह आपने भोपाल के नाम बदलने. की बात की ताजमहल को लेकर आपने निशाने पर. लिया आपका स्टेटमेंट था मुगल काल में. मंदिरों को तोड़कर अल्लाह अलाहु अकबर कहकर. तबाही मचाई गई 800 साल पहले मुगल आक्रांता. ने देश के कई प्राचीन प्रेम स्थल तोड़े.
प्रेम के नाम पर ताजल ड़ चलते एक एक बात प. चलते हैं बट जैसे ही आप अल्लाह अ हर धर्म. में कुछ अच्छे बुरे लोग होते होंगे ऐसा तो. होगा नहीं पुराने जमाने में जैसे. क्रिश्चियंस थे उन्होंने अपने जमाने में. कुछ किया होगा हमारे हिंदू राजा होंगे. उन्होंने अपने किया होगा अकबर के साथ भी. जो लोग मिले उसमें कई हिंदू राजा भी थे. पॉइंट ये है कि जब आप प्रॉपर अल्लाह हू. अकबर कहते जो आप पर हिंदू मुसलमान वाला लग. रहा है तो आप सभी मुस्लिमों को टारगेट. इनडायरेक्टली कर देते हो हो सकता है आपके. इंटेंशन ना हो बट आप साउंड वैसे कर रहे. हैं अशफाक उल्ला खान की तारीफ में मैं. घंटों घंटों बोलता रहता हूं तब मुझे कोई.
आके क्यों नहीं बोलता कि व आदमी खान है हम. जब मैं अपने हर शो में अपने वीडियोस पे. हमारे आदरणीय पूर्व राष्ट्रपति एपीजे. अब्दुल कलाम जी के बारे में बोलता हूं मैं. उनके बारे में बोले बगैर शायद मेरा कोई शो. खत्म नहीं होता उन पे मैं एपिसोड्स बनाता. रहता हूं मैं कहता हूं भैया एक ही आदमी है. जिससे अगर सीखना है आपको तो इनसे सीखो तब. कोई आके नहीं कहता कि भाई ये तो मुसलमान. थे आप इनके फेवर में कैसे बोल रहे हो या. इनके खिलाफ कैसे बोल रहे हो ये हिंदू. मुसलमान वही कैसे हो जाता है जब मैं अकबर. के बारे में बोलने लगता हूं और फिर मुझे. आके कुछ लोगर यह बताते हैं ना कि अरे.
देखिए क्या है ना कि आप तो बहुत सिलेक्टिव. तौर प आप हिस्ट्री को देख रहे हैं अकबर ने. क्या किया अकबर ने तो रामायण और महाभारत. का तर्जुमा करवाया उसका ट्रांसलेशन करवा. के पूरी दुनिया को भेजा हां तो ये करने के. बाद अकबर को चित्तौड़गढ़ में 300. निर्देशों को 300 सिविलियंस को भेड़ बकरी. की तरह काट डालने का अधिकार मिल. गया अगर ऐसा हुआ है मुझे इस देश से नकली. हीरोज. मिटाने हैं और मैं इसके लिए कमर कस चुका. हूं जब तक मैं जिऊंगा ना मैं बोलता रहूंगा.
इससे किसी को तकलीफ होती है मेरी कोई अगर. दुनिया को लग रहा होगा कि मेरा कोई. पॉलिटिकल ग्राउंड है जो उसे खिसक रहा है. तो आज खिसक जाए कल खिसकने की जगह पे मेरी. कोई पॉलिटिकल लीनिंग ही नहीं है भाई साहब. चलिए ठीक है मेरी लीनिंग सिर्फ इतनी सी है. कि इस देश में जो हीरो हैं हमारे हमारा. हीरो दूषित नहीं होना चाहिए हमारा हीरो. कंटेम नहीं होना चाहिए हम जाति के नाम पे. धर्म के नाम पे अपने हीरोज ना चुने मेरे. लिए रावण हीरो नहीं हो सकता ठीक है मैं. ब्राह्मण ब्राह्मण जींस ब्राह्मण जींस. आपने कितनी बार देखा कि मैं रावण के बारे. में अच्छी बातें बोल रहा हूं मुझे बोलनी.
चाहिए रावण के बारे में तो जेनू में. बकायदा इतने बड़े-बड़े व्याख्यान दिए जाते. हैं मैं क्यों नहीं बोलता ब्राह्मण था ना. उससे बड़ा कोई पंडित उससे बड़ा कोई ज्ञानी. लेकिन वो ज्ञान किस काम का जो एक पराई. स्त्री का हरण करने से पहले आपको रोके तक. नहीं मैंने अपने हीरोज मैंने अपने नायक. जाति धर्म देख के नहीं चुने हैं ब्राह्मण. जींस पर मुझे गर्व है शुभंकर जिंदगी भर. रहेगा और इसलिए रहेगा कि होना ही चाहिए आप. जिस वंश में जिस कुल में पैदा हुए हैं जिस. भारत की मिट्टी में पैदा हुए हैं अपने देश. पर आपको गर्व होना चाहिए बट सर ब्राह्मणों.
के बारे में क्योंकि मैं अलग-अलग मैं खुद. एक ब्राह्मण हूं बट ब्राह्मणों के बारे. में जितना मैंने लोगों समझा वर्ण व्यवस्था. से पहले कर्म व्यवस्था बताई गई मुझे कि ये. कर्म व्यवस्था थी कि जो इस तरह का जीवन. जीते हैं ये ब्राह्मण है जो इस तरह का. जीवन जीते हैं ये शायद शूद्र होंगे ऐसा. ऐसा होंगे मुझे मैं इसका बहुत जानकार. व्यक्ति नहीं हूं तो हो सकता है इसम मेरी. त्रुटि हो जाए इसलिए मैं लोगों से माफी. मांग रहा हूं बट मुझे यह समझाया गया कि उस. जमाने और हर आदमी केवल नाम से जो ब्राह्मण. है वो ब्राह्मण भी नहीं है मुझसे ये भी. समझाया गया सही है तो फिर उस हिसाब से. ब्राह्मण जींस जो है ये तो ये तो हमने तय.
नहीं किया था ये मेरा सौभाग्य था कि मेरी. मम्मी मेरे पापा से भी आई थी जो ब्राह्मण. थे अगर मेरी मम्मी की शादी किसी और कास्ट. में हो तो शायद मैं कोई और व्यक्ति होता. जो मोटे मोटी बात ये तो भगवान तय किए फिर. इसमें जींस में वो गर्व करना वो अनुभूति. करना क्या यह बाकियों को छोटा एहसास कराने. जैसा नहीं है शुभंकर आपने तो ये भी नहीं. चुना था कि आपके पिता कौन होंगे आपकी माता. कौन होंगी आपने चुना था बिल्कुल सही बात. है आप पैर छूते हैं उनके बिल्कुल छता. क्यों छूते हैं क्यों गर्व है आप उन पे. क्यों पैर समान करना छोड़ दीजिए आज से. आपने थोड़ी चुना उ क्योंकि उन्होने पालन. पोषण किया बड़ा किया एगजैक्टली एगजैक्टली.
देयर यू गो तो जो जींस है ना हमारी वो. जींस भी हमारे पुरखों से आती हैं हमारे. बुजुर्गों से आती हैं जब आप किसी अपने आगे. मिश्रा लगाते हैं ना और मैं शुक्ला लगाता. हूं तो ये हमारा फैमिली नेम है मुझे अपनी. फैमिली प गर्व क्यों नहीं होगा नहीं. परिवार पर गर्व करना और पूरी जात पर गर्व. करना सर जात ही परिवार है फैमिली नेम क्या. होता है फैमिली नेम जब आप बोलते हैं मेरे. माता-पिता ने अच्छे संस्कार दिए मुझे. अच्छे संस्कार दिए जीवन को अच्छे जीना. सिखाया लोगों की मदद करना सिखाया मेरी. मम्मी की आज भी मेरे गांव में जितने भी. गरीब परिवार के लोग हैं सबसे ज्यादा उनसे.
बनती है मैं उस सम्मान के चलते उनका पैर. छूता हूं दिन रात करता हूं अगर शायद उनके. भी कर्म बहुत खराब हो जाते तो शायद मैं. उनसे भी आपत्ति जताता एक समय के बाद वो. मेरे माता-पिता उसका एक सम्मान होता. उन्होंने मुझे पालन पोषण किया लेकिन वो. चीज जो है वो संस्कारों में आ रही है उनकी. भावनाओं में इसलिए मैं उनके चरण छू रहा. हूं कि आपने मुझे बेहतर शिक्षा दीक्षा दी. और इसके लिए आपका आभार वैसे ही जैसे भगवान. का कि हाथ पांव सकुशल दिए बट ब्राह्मण जीन. पे ये करना मतलब ये मैं सवाल कंटिन्यू. इसलिए आ रहा है और इसी को लेकर एक सवाल और. भी आ रहा है जी मैं इसका जवाब दे दूं अगर. आप कह तो जी जी आपको अच्छे संस्कार आपके.
माता-पिता ने दिए आप उनके पैर छूते हैं. हालांकि यहां मैं थोड़ा सा आपसे डिफर. करूंगा अगर वो बहुत खराब लोग भी होते पैर. तो फिर भी छूना चाहिए था ये अलग बात है कि. आप उनके नक्शे कदम पर चले या ना चले लेकिन. जिसने जन्म दिया है जो आपका जन्मदाता है. उसके पैर तो आपको छूने ही चाहिए पहली चीज. य होत दूसरी चीज ब्राह्मण. जींस जो कंट्रीब्यूशन रहा है इस देश में. सवाल खाली ब अच्छा ब्राह्मण जीनस मैंने. नहीं चलाया हम लड़की एक लड़की ने चलाया था. जिसको लेकर ट्रोलिंग शुरू हो गई थी च.
ट्रोलिंग क्यों हुई अगर किसी ने बताया कि. मैं ब्राह्मण हूं या आईम आई एम अ प्राउड. ब्राह्मण आपके शो पे मैं बैठ के बोल रहा. हूं आई एम अ प्राउड ब्राह्मण अगर आज मैं. ब्राह्मण ना होता मैं क्षत्रिय होता मैं. बोलता आईम अ प्राउड क्षत्रिय क्षत्रिय ना. हो के मैं वैश्य होता आई एम अ प्राउड. वैश्य आई एम प्राउड ऑफ माय रूट्स आई एम. प्राउड ऑफ माय एक्जिस्टेंस व्हाट एवर आई. एम व्हाई शुड आई बी कंडेम फॉर दैट आप मेरी. आलोचना क्यों करेंगे मेरे होने के लिए आप. मेरी आलोचना क्यों करेंगे चलिए और जब मैं. कहता हूं कि मैं ब्राह्मण हूं तो क्या. इसका मतलब ये हो गया कि बाकी सबके मैं. खिलाफ हूं ये कहां से बात आ गई मैं मुंबई. में रहता हूं मैं मुंबई में रहता हूं तो.
दिल्ली वालों को मैं बड़ा बुरा समझता हूं. दिल्ली के तो मैं दुश्मन हूं क्योंकि अरे. मैं मुंबई में रहता हूं मेरा सच है मैं. ब्राह्मण हूं मेरा सच है आपका दुश्मन कैसे. हो गया मैं मैंने आपके खिलाफ कुछ बोला. मैंने यह बोला कि बाकी जो जातियां है बाकी. जो वर्ण है ये सब बड़े गलत है सिर्फ. ब्राह्मण ये कभी नहीं बोला ना मैंने ठीक. बात मुझे मेरी जाति पर मुझे मेरी वंशावली. पर गर्व है और यह अधिकार मुझसे कोई नहीं. छीन सकता ठीक है यह बात आपकी समझ में आई. बट ये आपका अपना फैसला है जी अब आप पर.
आरोप ये लगता है कि जिस चंद्रशेखर आजाद ने. स्वयं को सभी संज्ञा विशेषण से मुक्त करके. अपना नाम चंद्रशेखर आजाद रखा अपनी. स्वेच्छा से आपने उन्हें भी जातीय वर्चस्व. में ले आए कि जने उधारी तिवारी और आपने एक. प्राउड फीलिंग देना शुरू कर दिया उन्होंने. तो अपने जीवन भर चंद्रशेखर आजाद के तौर पर. अपने आप को प्रस्तुत किया हम सब ने जाना. तो फिर यह जो आप पर आरोप लगा कि एक देश के. आजादी के नायक को भी आपने जातीय सूत्र में. दिया उससे आपको सपोर्ट मिल गया फैन. फॉलोइंग मिल गई आप बन गए मनोज मुंतशिर.
शुक्ला चंद्रशेखर आजाद जी चंद्रशेखर. तिवारी आजाद जी मैं तो यही बोलता हूं. चंद्रशेखर तिवारी आजाद जी का एक ही चित्र. है जो आपको इंटरनेट पर आप ढूंढेंगे तो. मिलेगा दूसरी कोई उनकी फोटो है नहीं बाकी. इलस्ट्रेशन है लेकिन एक्चुअल फोटो एक ही. है वो फोटो मैं चाहूंगा कि अगर दिखा पाए. तो बीच में दिखा दीजिएगा एडिट में डाल के. उस फोटो में उन्होंने जनेऊ पहनी हुई है और. वो अपनी मूछों पर ताव दे रहे हैं गर्व के. साथ. आपसे यह किसने बता दिया कि चंद्रशेखर आजाद. जी ने ब्राह्मण त्व छोड़ दिया था ब्राह्मण.
छोड़ दिया था सबसे पहले जने छोड़ देनी. चाहिए थी कभी छोड़ी. उन्होने. अगर अब फिर से आप पलट आप कहेंगे कि आप तो. कांटेक्ट की बात करते हैं पर बात तो. कॉन्टेक्स्ट में ही होती है ये उस जमाने. की बात है जब ये ट्वीट आया था मेरा. उनके बलिदान दिवस प आया था शायद 27 फरवरी. की बात है मेरे खल से तीन चार साल पहले की. बात है यह वो टाइम था जब विकास दुबे नाम. का एक क्रिमिनल कानपुर में कानपुर में हु. वाज गन डाउन बाय यूपी पुलिस एंड यूपी.
पुलिस डिड अ ग्रेट जॉब विद. दैट अचानक मैं देख रहा था चारों तरफ यह. चर्चा हो गई कि ये ब्राह्मण तो क्रिमिनल. ही होते. हैं बहुत सारे नाम गिराए जाने लगे कि ये. ब्राह्मण देखिए विकास दुबे क्या था. ब्राह्मण था और बहुत सारे ब्राह्मण ने भी. जो बेचारे कम पढ़े लिखे हैं जो मैं ये. समझता हूं कि जिनका एक्सपोजर नहीं है. दुनिया से वो भी उसको अपना नायक बनाने लगे. हीरो बनाने लगे हमारा हीरो है बहुत आप. देखेंगे आपको ने देख मुझे याद है तो मुझे. सिर्फ इतना कहना था अगर आपको ब्राह्मण ही. हीरो चाहिए तो चंद्रशेखर तिवारी आजाद.
तुम्हारा हीरो होना चाहिए अगर तुमको गन. वाला हीरो चाहिए तो चंद्रशेखर तिवारी आजाद. तुम्हारा हो हीरो होना चाहिए उन्होंने भी. गन उठाई लेकिन उनके गन उठाने का मकसद अलग. था वो राष्ट्रभक्त है ये क्रिमिनल था डोंट. चूज रंग हीरोज मैंने क्या गलत किया अगर. मैंने एक इतने महान क्रांतिकारी को तिवारी. उनके नाम के साथ लगा के कुछ भटके हुए. गुमराह नौजवानों को रास्ते पर लाने की. कोशिश की र इस लॉजिक से मैं आपके साथ हूं. इस लॉजिक में मैं आपको खिलाफ नहीं कर रहा. हूं अगर आपने विकास दुबे वाली इमेज से. निकालने के लिए कहा लेकिन फिर जब ये कोर्ट.
आता है कि ब्राह्मण समाज जो ब्राह्मण जो. है वो राष्ट्र का मुकुट होता है मस्तक है. मुकुट नहीं बोला मैंने मस्तक बोला. ब्राह्मण राष्ट्र का मस्तक देख अगर. ब्राह्मण राष्ट्र का मस्तक है तो लोग. पूछते हैं कि फिर बाकी क्या है दलित समाज. क्या है ठाकुर समाज क्या है नहीं नहीं ये. तो ये तो बहुत सिंपल चीज है जब गीता में. भगवान श्री कृष्ण कहते हैं चतुर्वर्ण मया. सृष्टि गुण कर्म विभाग श मतलब मैंने गुण. और कर्म के आधार पर य दृष्टि चार वर्णों. में बांट रखी. है तो अब गुण और कर्म की बात करते हैं.
क्षत्रिय का काम क्या था अपने बाहुबल के. जोर से युद्ध लड़ना जीतना मातृभूमि की. रक्षा करना ये क्षत्रियों का काम था फिर. वैश्य का भी एक काम था कि भाई जो अर्थ है. जो धन संपदा है जो इकोनॉमिक्स है वो. संभालने की जिम्मेदारी आपके ऊपर है वैसे. ही जो शूद्र उस जमाने में अब तो खैर ये. शब्द रहा नहीं था उनका भी अपना काम था. ब्राह्मणों का काम क्या था ब्राह्मणों का. काम था मेधा प्रतिभा इंटेलेक्ट. मस्तक दिमाग तो यही तो बात मैंने बोली कि. ब्राह्मण मस्तक है क्योंकि ब्राह्मण को ही.
सोचने की समझने की नीति निर्धारण करने की. जो जिम्मेदारी थी वो ब्राह्मणों को दी गई. थी वो है मस्तक व्हाट इज रंग इन दैट अब ये. भी देखिए फिर कांसेप्ट आ गया दिमाग से तेज. थे वो ब्राह्मण थे मतलब उस वक्त जो दिमाग. से जो राजा महाराजा को गाइडेंस करते थे या. समाज में पूजा पाठ करवाते थे यह वर्ण. व्यवस्था के हिसाब से ये वर्ण व्यवस्था के. हिसाब से य था हां यही था तो फिर ये. ब्राह्मण जींस वाला फार्मूला फिर गड़बड़. ता है कि हर आदमी प्राउड ब्राह्मण अरे. जिसके पास बुद्धि हो जो समाज में सेवा कर. रहा हो धर्म को आगे बढ़ा रहा हो तो फिर ये.
तो आप जाके सरकार से कहिए इस देश के. संविधान से कहिए कि फिर मैं हो सकता है कि. मेरा जन्म जो है वो वंचित समाज में हुआ हो. हो सकता है मैं एससी एसटी ओबीसी में मैं. प्राउड की कॉन्टेक्स्ट में बात कर रहा हू. हां मैं मैं यही बता रहा हूं कि मैं एससी. एसटी ओबीसी में पैदा हुआ हूं लेकिन. क्योंकि मैं पढ़ने में बहुत तेज हूं मेरा. दिमाग बहुत तेज है मेरा लिटरेचर प बड़ा. कमांड है तो मैं जब नौकरी के लिए फॉर्म. भरना होता है तो वहां मैं सामान्य वर्ग ना. लिख के एससी एसटी ना लिख के मैं सामान्य. लिख पाऊं मुझे लिखने दोगे आप सामान ने. वहां ठीक है ये आप देखिए शब्दों के जादूगर. आप आपने यहां प अच्छे से खेल दिया बट ठीक. है अब मैं आप पे एक क्वेश्चन लाता हूं जी.
अ इस पर भी आप पर आरोप लगता है कि आपने जब. आपसे पहली बार पूछा गया कि भैया मनोज. मुंतशिर क्यों थे तो आपने कहा यार शुक्ला. में थोड़ा वजन कम आता था राइटर के तौर पर. मुंतशिर थोड़ा हैवी वेटेज लगता है अब ये. ब्राह्मण जींस उस वक्त क्यों गायब हो गई. थी मनोज शुक्ला क्यों नहीं थी उस वक्त तब. तो आपने मुंतशिर चिपका. दिया मुझे बड़ी हैरानी होती है कि एक इतने. नाइव इतने इनोसेंट इतने मासूम काम को भी. लोग अवसरवादी के चश्मे से देखते हैं तब तक. तो शायद मुझे अवसरवादी का मतलब भी नहीं. पता जिस पेशे में आप आ गए हो ना यहां पर.
आप इस दुनिया में हर चीज पर सवाल है. रघुपति सहाय हा इस देश के सबसे बड़े शहर. वो फिराक गोरखपुरी क्यों हो जाते हैं. फिराक क्यों हो जाते हैं उनको भी फिल्मों. में आ काम करना था यहां उनका भी कुछ. टारगेट ऐसा रहा होगा वो आए थे क्या. स्ट्रगल करने य आपको एक नरेश कुमार शाद. क्यों हो जाते हैं सबसे बड़े शायरों में. से एक है उर्दू के नरेश कुमार दाद दाद. क्यों लगा. लिया बहुत साधारण चीज है ये कि एकन नेम जो. एक तरीका मैं सुल्तानपुर में पला बड़ा हूं. सुल्तानपुर में शेरो शरी का बड़ा माहौल था.
आप जहां से आए हैं जो आपकी ग्राउंडिंग है. जो आपकी रूट्स है जो आपकी जड़े हैं आप. उनसे अलग नहीं फल सकते आप जो कुछ हो उसी. की वजह से हो तो मुझे पहली बार शब्दों की. दुनिया में धकेलने वाला मेरा शहर. सुल्तानपुर तब जिला मेरा सुल्तानपुर हुआ. करता था गौरीगंज जिला नहीं था तब तो मैं. वहां के लोगों से मिलता वहां के शायरों से. मिलता वहां के पोएट से मिलता और मुझे लोग. कहते हैं कि मनोज कुमार शुक्ला इज फाइन पर. तुम इसके आगे जरूरी नहीं है मुंतशिर लगाओ. तुम इसके आगे मोही लगा लो मनोज कुमार मोहक. लगा लो मुझे किसी ने नहीं बोला कि उर्दू. वाला शब्द तुम्हे टाइटल में लगाना है दैट.
वाज नॉट इट वाज जस्ट दैट आई वांटेड सम पेन. नेम अब उस सम पेन नेम में एक बहुत ही. साधारण सा बहुत ही हार्मलेस संजोग ये हुआ. कि एक दिन मैं गौरीगंज की सड़कों पर घूम. रहा था शाम के 7:00 बजे की बात होगी. सर्दियों के दिन थे सारा शहर सो चुका था. एक मुझे जगह दिखी चाय की टपरी आपकी तरह. मैं भी चाय का बड़ा शौकीन हूं तो कहीं चाय. की भट्टी प चाय बन रही थी ब नाम था उसका. या बबलू एक चाय पिला दो सा 7:30 बजे की. बात है बबलू चाय बना रहा था ऑल इंडिया.
रेडियो पर एक मुशायरा चल रहा था खूंटी से. एक रेडियो टंगा हुआ था अचानक मेरे कानों. में कुछ शब्द पड़े मैंने कहा थ वॉल्यूम. बढ़ाओ बबलू ने वॉल्यूम बढ़ाया तो जो मैंने. शेर सुना बहुत मशहूर शायर है व उनका शेर. हैय कि मुंतशिर हम है तो रुखसार पर शबनम. क्यों है आईने टूटते रहते हैं तुम्हें गम. क्यों है मैंने ये साथ रख के देखा. एलिटरेशन मनोज मुंतशिर वाह क्या बढ़िया. साउंड करता है दूसरी चीज यह वो जमाना था. जब जो भी शायरी की दुनिया में आता उसका. टाइटल होता सागर साहिर कैफी बहुत मुश्किल.
था शुभंकर कि आप एक ऐसा पेन नेम ढूंढ के. लाए जो दुनिया में किसी का ना हो आप पहले. शायर थोड़ी है आपसे पहले लाखों करोड़ों. शायर हो चुके हैं इतने पेन नेम्स हो चुके. हैं आप ऐसा क्या लाओगे जो आपसे पहले किसी. का था ही नहीं मुंतशिर में केला था पूरी. दुनिया में दैट वाज द रीजन टू पिक दैट और. अब वही मुंतशिर कहता है कि ये जो उर्दू. वुड की दुनिया है आपके वीडियोस में उर्दू. वुड मैंने कभी नहीं बोला उर्दू वुड मैं. नहीं बोलता मैं ये वाला लोग अब एगजैक्टली.
जब आप मुझे कंपार्टमेंटलाइज करने पे आएंगे. जब आप मुझे किसी के साथ रखने पे आएंगे. क्योंकि इंसान का दिमाग ऐसा होता है कि. मुझे शुभंकर को समझना है पहले तो शुभंकर. बहुत इंटरेस्टिंग है पर मुझे शुभंकर को. समझना है तो शुभंकर को जब तक मैं राइट में. लेफ्ट में इसमें उसमें कहीं रख नहीं दूंगा. मुझे शुभंकर समझ में नहीं आएगा हमने किसी. को रखने दिया ही नहीं इसीलिए सर एटली हमने. ये मेक श्योर कर रखा है ना हमको इधर फेंको. ना उधर फोगे नहीं बिल्कुल आपने बहुत अच्छा. किया है और इसके लिए मैं की तारीफ करता. हूं मेरे साथ यह हुआ कि लोगों ने ऑटोमेटिक. सोच लिया कि ये उर्दू वूड वाला है मुझे.
उर्दू से कोई प्रॉब्लम नहीं है हम बदतमीजी. नहीं तो फिर क्या है जो जुबानो के साथ. करते हो हिंदी हिंदू है उर्दू मुस्लिम है. जाहिल वाली बात करते हो यह मैं अपनी किताब. में लिखता हूं इस देश में शायद तुम्हें 10. लोग ऐसे नहीं मिलेंगे जिनसे मैं बोलूं कि. भैया एक मिनट बै बैठ जाओ यहां चार लाइनें. शुद्ध हिंदी में बोल दो शुद्ध हिंदी का. मतलब क्या है शुद्ध हिंदी का मतलब मतलब ये. है जो इस्लामिक इन्फ्लुएंस से मुक्त भाषा. रही हो वो भाषा कौन बोलता है यार और वो.
भाषा बोल के आप क्या करोगे जिस भाषा की. संप्रेषण कंप्रोमाइज हो जाएगी समझ ही नहीं. आएगा कि आपने बोला क्या मैं थोड़ी दिन. पहले किसी को एग्जांपल के तौर पर बोल रहा. था कि एक मामूली सी बात अगर आप कहते हैं. कि भैया एक चाय ले आओ अब चाय लाने के लिए. अगर आपने यह तय ही कर लिया कि हिंदी में. बोलना है तो एक दुग्ध शर्करा युक्त उष्म. प्रे प्रदान किया जाए य रिली वा ू टॉक. लाइक एक शर्करा युक्त उष्म पे प्रदान किया. जाए बड़े बड़े आप उर्दू वाले हो गए हो तो. आप वाकई चाय उर्दू में मांगने के लिए आप.
बोलोगे एक लबरेज तपिश प्याला बर्ग बतानिया. पेश किया जाए रियली अरे चाय मांगो. यार मैं चाय मांग रहा हूं भाई टस मनोज. मुंतशिर. ल सुपर दिस इ इट तो मुझे ये हिंदू हिंदी. उर्दू का विवाद ये चलो उर्दू से दिक्कत. नहीं मुसलमानों से दिक्कत है बिल्कुल नहीं. है बिल्कुल मुसलमानों से दिक्कत नहीं और. से दिक्कत है औरंगजेब के फॉलोअर्स से. दिक्कत है औरंगजेब की कब्र पर जाके आंसू. बहाने वालों से और फातिहा पढ़ने वालों से.
दिक्कत है मुसलमानों से कोई दिक्कत नहीं. भाई है. मेरे आपकी टीम में कोई मुसलमान है मेरी. टीम में सिकंदर अली सैफी वो बंदा जो मेरी. चाय में कभी भी जहर मिला सकता. है सिकंदर अली सैफी मेरे ड्राइवर साहब. मुनीरूद्दीन शेख लोग कहेंगे आपने सोच लिया. ऐसी बात प आप आर टल हो. जाओगे नहीं मैं तो खैर आपको एक एग्जांपल. दे रहा हूं मैं मुनीरूद्दीन शेख अगर किसी. को आदि पुरुष के दौरान भी जबक वहां से.
करनी सेना चल चुकी थी ये ऐलान करके कि. मनोज मुंतशिर को तो मारेंगे मेरे घर के. आगे मेरे ऑफिस के आगे पुलिस की तीन-तीन. चारचार वेंस खड़ी रहती थी मुझे पता नहीं. था कब पथराव हो जाएगा उस वक्त भी अगर एक. आदमी को हमेशा यह पता था कि मैं कितने बजे. कहां होंगा तो उस व्यक्ति का नाम है. मुनीरूद्दीन शेख यह मेरे ड्राइवर साहब हैं. सा साल से मेरे ड्राइवर हैं और आज भी है. आपने पूछा मेरे में कोई मुसलमान है मेरा. सबसे प्यारा दोस्त जिसके साथ मैंने तेरी. मिट्टी बनाया अजीम. दयानी धर्मा प्रोडक्शंस में काम करते हैं.
वो वो मेरा सबसे अगर मैं कहूं कि मुंबई. में जो दो चार लोग हैं तो उनमें से एक. अजीम दयानी है मुस कहां हिंदू मुसलमान के. चक्कर में पढ़ते हैं आप और कहां मैं पढूका. इतनी छोटी सोच रखता हूं मैं इतनी छोटी सोच. रख के मैं यहां बैठ के आपसे बात कर रहा हू. तो आप मुझे बुलाते कितने छोटे लोगों को आप. बुलाते हैं यहां बात करने के लिए हम छोटा. बड़ा देख के नहीं बुलाते हम इंसान देख के. बुलाते हैं अगर सोच छोटी है तो इंसान छोटा. हो गया ठीक है अब उसके बहुत गहरे माइंड. निकाले जाएंगे ठीक है सर आपने तेरी मिट्टी. का जिक्र किया तो मुझे फिर एक किस्सा याद.
आया बीच में आपने कॉपीराइट का भी जिक्र. किया था जब ये सारी घटनाएं हुई इसके आसपास. से कहते हैं ना कि जब आप एक चीज आपकी. कुरेदी जाती है तो पीछे सारी चीज लोग खलना. शुरू करते हैं बड़े सारे आर्टिकल पड़े कि. और बड़े सारे लोगों ने हमसे ये भी कहा कि. मनोज जी से पूछेगा कि जब वो गाना हक से. चुरा लेते हैं तो फिर उसमें एक एग्जांपल. कट देते एक एग्जांपल चुराने का मैं आपको. तीन चार एग्जांपल देता हूं जी एक तो जैसे. आपने कई चैनलों पे भी एक्सेप्ट किया कि इफ. वन डे यू फील लाइक क्राइंग कॉल मी एक मैं. आ रहा हूं आगे आ रहा हूं ये एक तो आपने ये.
आया कि कभी उसको आपने हिंदी अनुवाद किया. था तुम कभी उदास हो रोने का दिल करे जिसपे. आपने कहा कि इसने मुझे पैसे नहीं दिए मैं. भूल गया था कि ये मेरा मैंने नहीं लिखा है. नहीं पैसे नहीं दिए की बात नहीं है इस. इसका बहुत एक सिंपल सा फंडा और ये कोई भी. राइटर ना वो आपको इस बात के लिए खड़ा हो. जाएगा ये तकरीबन मेरे ख्याल से ये सहमत. हूं मैं कई सारे लोगों ने आगे आ टोटली फ. क्योंकि इस इस कविता का मेरे जीवन में रोल. क्या है यह कविता मेरे लिए तेरी मिटटी है. यह कविता मेरे लिए तेरी गलियां है यह. कविता मेरे लिए जो राम पे मैंने गीत लिखे. यह कविता मेरे लिए गौण है इसके होने ना.
होने से मुझे फर्क नहीं पड़ता तो मैं ऐसी. कोई चीज नहीं बट अगर उसने नाम नहीं दिया. इसका मतलब थोड़ी ना कि गौड़ हो गई सर. परिप्रेक्ष्य अगर आप लार्ज कॉन्टेक्स्ट. में देखें तो इस कविता के होने ना होने से. मतलब ऐसे ही है कि आप किसी पे इल्जाम लगाओ. आप मुझ पे इल्जाम लगाओ आज यहां आ के कि. देखिए मनोज मुंतशिर जो इल्जाम लगाए मुझ पे. कई बार कि आपने आदि पुरुष में भगवान राम. की छवि को बिगाड़ने के लिए 50 करोड़ रुपए. लिए जो कि बहुत जगह चलती है अफवा सबसे. बड़ी अफवा मैंने अपने ब यही सुनी है इसको. मैं डिग्निटी से इसका जवाब दूंगा कि नहीं. शुभंकर ऐसा नहीं था मैंने कोई पैसे नहीं. लिए आप मुझे बोलो मनोज मुंत जब आप अभी.
यहां आ रहे थे तो मेरे बंदे की जेब से. आपने ₹10 निकाल लिए हम भाई साहब ₹10 नहीं. चुराऊंगी मैं तो ये वैसे ही है कि अगर. मुझे चोरी करनी ही होगी तो मैं कुछ बड़ा. करूंगा नहीं मैं आ रहा हूं मैं आगे आ रहा. हूं सर जैसे नुसरत साहब की कवाली थी आंख. उठी मोहब्बत ने अंगड़ाई ली दिल का सौदा. हुआ चांदनी रात में ये गाना आपका जुबिन के. साथ बड़ा छाट सोशल मीडिया पर वायरल है लुट. गए हम पहली मुलाकात में इसके अलावा भी कई. और गाने हैं मतलब जो आप लोगों ने नुसरत. साहब से इंस्पायर होकर या उनके कहीं हमने.
सुने होंगे उसको टी सीरीज ने रीक्रिएट. किया होगा जबन नौटियाल ने गाए और बड़े. 1000 मिलियन मिलियन व्यूज है और उसमें. नुसरत साहब को को क्रेडिट नहीं दिया गया. है उन गानों के जो डिटेल में जानकारियां. दी गई है कहीं ऐसा नहीं है उसमें कहीं. जिक्र नहीं दिया गया नहीं ये कहीं ऐसा. नहीं है कि उनको क्रेडिट नहीं दिया गया एक. भी जगह ऐसा नहीं है मैं. प्रोसेस है ये ये गाने बाकायदा रीक्रिएट. किए हुए गाने हैं इनकी लाइसेंसिंग होती है.
टी सीरीज जब कोई गाना मेरे रश के कमर को. आप कैसे भूल सकते हैं मेरे रश के कमर. देखते देख देखते मेरे सैकड़ों गाने हैं जो. दिल तोड़ के हंसती हो मेरा बहु अब जैसे ये. लुट गए था तो इसमें लिखकर आता है इमरान. हाशमी युक्ति जुबन नौटियाल मनोज मुंतशिर. बट इसमें कहीं नीचे जाइए ना क्रेडिट में. उसके नीचे आप पढ़िए. ना यहां तक तो हमें कहीं नहीं दिख रहा सर. तो वहां तक तो को उसके नीचे भी अगर हम आते. हैं. टेल के पहली 20 30 लाइन में तो क नहीं दिख. रहा पहली चीज ये चैनल मैं नहीं चलाता टी.
सीरीज का जो हमें दिख रहा है 20 30 लाइन. 40 लाइन तक मैं आ चुका हूं एक बार आप आप. फिर शायद आप स्क्रोल डाउन करके मैं आपको. ये देखिए आपको दिखा रहा हूं ये देखिए इधर. आइए ये गाना है शूट कर गुलशन कुमार एंड टी. सीरीज प्रेजेंट भूषण कुमार लुट गए. रोमांटिक बर्ड कंपोज बाय फिक्स फॉर्मेट है. आप छोड़ जहा मेन क्रेडिट आती है वो देखिए. ये देखिए ये आपका चल रहा है ये देखिए रिजन. नल स सॉन् आंख उठी सिंगर ऑथर कंपोजर. उस्ताद नुशरत फतेह अली खान एंड अदर.
क्रेडिटस ठीक ये काफी नीचे कोने में आया. और जो फ्रंट हाईलाइट प जितने भी गानों में. डिस्क्रिप्शन में जो आया उसमें कहीं भी. उनका जिक्र नहीं था जबक ये पूरा पूरा. ऑलमोस्ट उनसे इंस्पायर्ड सॉन्ग है नहीं. इंस्पायर्ड नहीं है उन्हीं की लाइन है. इंस्पायर्ड तो ये होता है कि इंस्पायर तो. हर गाना है कोई ऐसी चीज ऐसी नहीं है मेरे. 750 गानों में मैं आपको बता दूं मुकम्मल. ओरिजनलिटी नाम की कोई चीज नहीं होती है. मैंने धरती तोड़ के कोई शब्द नहीं निकाला. है नहीं ये आपने बाद में कहा पहले जो आपका. स्टेटमेंट था क्योंकि मैं आपको बहुत फॉलो. मैं आपको सुनता हमेशा से आया हूं हमने. अपने इंटरव्यू नहीं किया बट हमने फॉलो खूब. किया था आपने इनिशियली कहा था कि जो भी.
आरोप लगे हैं अगर वो सिद्ध हो गए तो आप. लिखना छोड़ देंगे ये आपका इनिशियल था अभी. भी कह रहा हूं फिर बाद में आपने कहा कि इस. देश में मुकम्मल दो चीजें हैं एक वाल्मीकि. रामायण एक वेदव्यास जी का महाभारत बाकी सब. जो रचनाएं हैं वो उसके इर्दगिर्द बनाई गई. है तो एक तो आप पर चलिए रॉबर्ट जे लावरी. साहब का व आरोप लगा था दिस इ द ओनली. लेजिटीमेट जस्टिफाई. जस्टिफाइड एक आरोप अगर आप कह तो इसके. अलावा यह बिल्कुल सही है और इसकी मैं सफाई. भी दे चुका हूं स्पष्टीकरण दे चुका हूं कि.
यह मुझसे मिस हो गया था मिस हो गया था बस. हां ये कई सारे राइटर से हमने भी पूछा तो. उन्होंने भी कहा कि कई बार ऐसा होता है. आपको मैं बताऊं कई बार ऐसा होता है कि कोई. शेर मेरा होता है मेरे दिमाग में और उसको. ट्वीट करने के पहले मेरे आसपास बहुत सारे. बच्चे मुझसे बड़े प्रतिभाशाली बच्चे आते. रहते हैं मैं लोगों से पूछता हूं यार तुम. में से किसी का तो नहीं है नहीं भैया मेरा. तो नहीं है मैंने कहा क्योंकि मेरे दिमाग. में दो दिन से है अब मैं कंफ्यूज हूं कि. ये मेरा है या मैंने किसी से सुना है नहीं. ये तो हमारे साथ भी जैसे एक शेर बड़ा. अच्छा था एक लड़की ने लिखा था कि इश्क. किया था हमने भी हम भी रातों को जागे थे. कभी था कोई ऐसा जिसके पीछे नंगे पांव भागे.
थे वाह ब्यूटीफुल अब इसको इतनी बार हमने. कह दिया कि हमको लगता है कि हम हीने कहा. था ये ये सहमत हूं मैं लेकिन इसके बाद भी. आगे भी है कुछ राइटर्स ने आपके ऊपर डिटेल. किया तो हमने थोड़ा उनसे मदद मांगी और फिर. हमें दिया जैसे एक गाना आया था तेरी. मिट्टी अब तेरी मिट्टी में एक तो वो. वीडियो आया था जो हिंदुस्तानी महिला. गुजराती थी जिसको लोगों ने पाकिस्तानी बना. के बेच दिया था वो तो चलिए आप पर गलत आरोप. था वो तो हम खुद कह रहे हैं कि जो पुराना. वीडियो दिखता है व फर्जी है हां वह इंडियन. सिंगर हैं गुजराती जिन्होंने आपसे. इंस्पायर होकर रीक्रिएट किया उसको हल्की. क्वालिटी में डाल दिया बट एक आरोप जो आप.
पर लगता है वह यह लगता है कि एक पोएट थे. शकील आजमी साहब उनकी एक लाइन थी कि मर के. मिट्टी में मिल मर के मिट्टी में मिलूंगा. खाद हो जाऊंगा मैं फिर लिखूंगा फिर. खेलूंगा शाख पर आबाद हो जाऊंगा मैं और. इसके बाद मनोज जी का गाना आया तेरी मिट्टी. में मिल जावा गुल बन के खिल जावा मैंने यह. विवाद के बाद ही यह शेर सुना क्योंकि यह. इतना वाहियात शेर. है और वह अच्छा लिखते हैं उनके बड़े. अच्छे-अच्छे कलाम भी है उनके लेकिन यह. बहुत ही थर्ड क्लास ये तृतीय श्रेणी की एक.
कविता में आप इसको डाल सकते हैं इससे. इंस्पायर होना नहीं अगर मैंने ये शेर पहले. सुन लिया होता तेरी मिट्टी लिखने के तो. मैं कभी तेरी मिट्टी लिख नहीं पाता. क्योंकि इस शेर में जो खाद और ये सब जो. बदबू है ना वो बदबू तेरी मिट्टी में नहीं. है दिस इज कंपलीटली समथिंग व्च विल नेवर. इंस्पायर एनी मैन ऑफ पेन इन द वर्ल्ड ये. आपको डी इंस्पायर करेगी अगर कोई वर्ड ऐसा. है तो है तो नहीं मेरे ख्याल से लेकिन डी. इंस्पायर करेगी ये आपको लिखना भुला देगी. लिखना सिखाने के बात छोड़ दीजिए ये थर्ड. क्लास राइटिंग है और इस राइटिंग से कोई.
इंस्पायर नहीं होता और इतना बड़ा गाना. जिसको इस देश का फौजी वंदे मातरम और जनगण. मन के बाद अपने होठों पर सजाए हुए फिरता. है ये इनका बहुत उछापन है इनका बहुत. छोटापन है कि उस गाने का क्रेडिट लेने की. कोशिश की फिल्मों में गाने लिखते हैं भाई. साहब कितने हिट गाने लिख दिए इन्होंने फिर. तो चलिए ठीक है एक गाना मनोज मुंदर ने. आपका उठा लिया अगर मैं आपका उठा के आपसे. बेहतर कर सकता हूं तो आप तो ओरिजिनल है सर. आपने कुछ क्यों नहीं कर लिया. क्योंकि आपसे हो नहीं सकता है और आपको एक. मौका मिला वो जो आपने छपा और कौन-कौन सी.
भूख बोली थी ना ये उस कोट का एक एग्जांपल. है कोई मौका मिला खुद तो आप कुछ कर नहीं. पाए अब किसी आदमी के ऊपर कीचड़ फेंक के. पत्थर फेंक के एक कैमरा आपकी तरफ भी घूम. रहा है तो आपने घुमा लिया एक राइटर होने. के नाते शर्म आनी चाहिए ऐसी हरकत करते. हुए और एक चीज और आपके शो पर बहुत. बड़े-बड़े लोग आएंगे कभी जावेद साहब आएंगे. कभी गुलजार साहब आएंगे सबको बुलाए आप मैं. चाहता हूं कुमार विश्वास भी आए और बहुत. बड़े बड़े लोग लिखने पढ़ने वाले किसी के. सामने केस रख दीजिएगा बस कि सर देखिए एक.
ये शेर है और एक य तेरी मिट्टी है अगर कोई. आपको यह बोल देगा मैं फिर से बोल के जा. रहा हूं आपको लिखना छोड़ दूंगा अगर कोई. यहां बैठ के यह बोल दे कि हा दोनों में. कोई कनेक्शन है कोई तो बोल. दे. ह शर्मिंदगी होती है कि हम कैसे कैसे. लोगों के साथ य इंडस्ट्री शेयर कर रहे हैं. एक तरफ बड़े लोग एक तरफ वो. लोग हजारों गाने लिखने के बाद मैं तो यह. समझता हूं कि पिछले दो डिकेड में या तीन.
डिकेड में जितनी पोएट्री जितनी फिल्मी. गाने हुए हैं कहीं ना कहीं सब में गुलदार. साहब की झलक मिलती है मैंने लिखे हो. दूसरों ने लिखे हो कहीं ना कहीं सब में. जावेद साहब की झलक मिलती है मैंने कभी. नहीं सुना कि जावेद साहब और गुलजार साहब आ. गए आगे कि देखो ये मेरी झलक मिल रही है. क्योंकि इनको पता है क्रिएटिविटी एक बहती. हुई नदी की तरह है उस नदी के छींटे कहां. जा रहे हैं कुछ पता नहीं होता और अपने देश. काल समाज बड़ों से हम सीखेंगे लेकिन मुझे. सीखने के लिए बड़ा आदमी चाहिए मुझे सीखने. के लिए छोटे दर्जे की शायरी नहीं चाहिए. ठीक है एक आरोप और लगा एक जावेद शेख करके.
पोएट है उन्होंने उनका एक शेर था कि अपने. सामान को बांधे हुए सोच में हूं जो कहीं. के नहीं रहते वह कहां जाते हैं फिर एक. गाना आया कि हम दीवानों का पता पूछना तो. पूछना यूं जो कहीं के नहीं रहते वो कहां. रहते हैं ये तो पता नहीं ये ये तो मतलब. फिर से आप उसी लेवल प मुझे मैं जानता भी. नहीं जो ये राइटिंग्स आई लगा कि तो एक चीज. है ना शुभंकर बहुत सिंपल सी बात है देखिए. मैं कहूंगा इट इज लाइक माय वर्ड अगेंस्ट. देयर वर्ड ना इसको खत्म करते हैं. सिंपलीफाई करता हूं मैं सिंपलीफाई य करता.
हूं उनको भी करता दु जी को जानते हैं आप. एक बात इसको खत्म कर बात हां इसको. सिंपलीफाई करते हैं सिंपलीफाई करने का. बड़ा सिंपल तरीका है कि हम एक ऐसे देश में. है जहां कोर्ट ऑफ लॉ है कॉपीराइट कोर्ट्स. है खुला चैलेंज देता हूं मैं जाओ मेरे. खिलाफ केस करो अगर तुम्हारा केस एक्सेप्ट. हो गया अगर तुम्हारा केस ऐसा हो गया कि. हां भाई इट मेक्स सेंस जिस दि पब्लिक. डोमेन की लाइन है भाई जो कहीं का नहीं. रहता वो कहां रहता है बचपन से सुनता हुआ आ. रहा हूं मैं तो मैं ये नहीं कह रहा कि. उन्होंने मुझसे चुराई है लेकिन ये भी गलत. है कि मैंने उनसे ली है ये पब्लिक डोमेन.
की लाइन है एक चीज है तेरे बिन जिया जाए. ना तेरे बिन आप. youtube1 100 गाने मिलेंगे इसी टाइटल से. तेरे बिन अब मैं कल लिखूं तेरे बिन कुछ तो. आप बोले अरे मनोज बंश ने तेरे बिन चुरा. लिया भाई साहब तेरे बिन इज अ पब्लिक डोमेन. का थॉट हर कोई सोचता है मुहावरा आप ये. समझे अब पछताए का हो जब चिड़िया चुक गई. खेत कल मैं इस पे एक गाना लिख दूं हम कि. ठीक है मेरा दिल समंदर है तेरा दिल रेत अब. पछताए का हो जब चिड़िया चुक गई खेत आप. मेरे पास आओ अरे सर ये लाइन तो आपने चुरा.
ली अब पछताए का भाई साहब मैंने चुराही. नहीं वो मुहावरा है इट्स एन डियम इट इज. ओपन टू बी यूज बाय एवरीवन एनीबडी कैन यूज. इट तो ये है बात कि जो कहीं के नहीं रहते. वो कहां रहते हैं इट्स एन डियम ये मुहावरा. है हालांकि मैं आपके बारे में पढ़ने लगा. तो मुझे पता लगा गुलजार साहब पर भी आरोप. लगे थे उनका एक गाना आया था इब्ने बतूता. पहन के जूता बिल्कुल उन पे भी लगे थे. सर्वेश्वर दयाल साहब की कविता थी जिसमें. था बतूता का जूता उन पर गया इरशाद कामिल. पर अभी थला फिल्म में एक सॉन्ग आया था उस.
पर लगा कि पूरा पूरा उसको खाली भाषा. कन्वर्ट कर ली गई है और बड़े सारे ऐसे. मुझे मिले जो बैक टू बैक बैक टू बैक बैक. टू बैक लोग कहते स बेबुनियाद इसलिए हैं. क्योंकि ये कॉपीराइट एक्ट के तहत ये आप. इनको चैलेंज नहीं कर सकते जी और कुछ तो और. बड़े-बड़े मुझे मिले जैसे कि कैफी आजमी. साहब का शेर है मैं ढूंढता जिसे हूं वो. जहां नहीं मिलता नई जमीन नया आसमान नहीं. मिलता फिर निदा फाजली कहा गया कि कभी किसी. को मुकम्मल जहा नहीं मिलता हर आई मीन बहुत. सारे थे मनोवर राणा आलोक श्रीवास्तव जी का. काफी कंट्रोवर्शियल था मां वाला तो फिर आप.
इतने क्यों आए और एक गीतकार है दुष्यंत जी. उन्होंने आप गीतकार है दुष्यंत जी उनकी. तरफ से एक टिप्पणी आई थी आपको लेके कि कुछ. गलत नहीं है प्रेरणा लेना लेकिन क्रेडिट. या इजाजत लेना वो फर्ज होता है जैसे कई. लोगों ने जैसे था मैं तू किसी रेल से. गुजरती है उन्होंने क्रेडिट दिया सबने तो. मैंने कहा नहीं दिया ओपनली मैंने कहां. नहीं दिया अभी एक चीज आपको बताता हूं मैं. अभी मेरी फिल्म आ रही है इमरजेंसी. इमरजेंसी का गाना आया सिंहासन खाली करो कि. जनता आती है अब ये दिनकर जी की लाइन है हम. सबने बचपन में पढ़ी हुई है हा हा तो जब.
पहला ट्वीट आप मेरा देखते हैं तो पहला. ट्वीट यहीं से शुरू होता है कि दिनकर एक. ही लाइन है उनकी बाकी सब कुछ मैंने लिखा. है बाकी उस गाने में मेरे ख्याल से 708. लाइने होंगी 79 मैंने लिखी है एक लेकिन कि. सिंहासन खाली करोगे जनता आती है लेकिन. मेरा कोई ट्वीट उस गाने को लेके यहीं से. शुरू होता है कि दिनकर जी को प्रणाम. क्योंकि अगर वो इस एक लाइन से इंस्पायर ना. करते तो 79 भी नहीं आते सही बात है तो और. एक बात मैं बताऊं. हम जब आप संघर्ष वाले मूड में होते हैं जब.
कोई ग्राउंड ब्रेक करना होता है जैसे मेरा. गलिया के पहले का पीरियड था गलिया के पहले. मैं संघर्ष कर रहा था मैं ये बताने की. कोशिश कर रहा था कि हां मैं अच्छा लिखता. हूं मुझे मौका दिया जाए उस वक्त अगर आप. कोई ऐसी हरकत करते हैं चलो भाई ठीक है कुछ. कर लेते हैं किसी तरह एक ग्राउंड तो ब्रेक. हो आपको एंट्री तो मिले दरवाजा तो खोले. बाद में देखा जाएगा अपनी असलियत भी दिखा. देंगे हम उस वक्त चांसेस होते हैं कोई ऐसा. करे जिस लेवल पे मेरे पहुंचने के बाद के. ये सब एग्जांपल्स हैं हम कोई नहीं करता. इस वक्त आपको सबसे ज्यादा जरूरी चीज क्या. है सबसे जरूरी चीज है बट बॉलीवुड में चोरी. दबा के होती है हमने सारे बड़े म्यूजिक.
डायरेक्टर के आजकल गाने मतलब किसी ने मैं. नाम नहीं लूंगा उनका बहुत बड़े म्यूजिक. डायरेक्टर है उन्होंने तो इजराइल का नेशनल. एंथम उठा कॉपी कर. दिया करते होंगे लेकिन मैं अपने कुछ छोड़ा. नहीं सीधे नेशनल एंथम कॉपी कर दिया आपने. अगर गाना सुना हो मेरा मुल्क मेरा देश. मेरा वो वतन शांति का उन्नती का दिल जले. पिक्चर आई थी वो इजराइल के नेशनल एंथम. म्यूजिक मैंने अपना माथा पकड़ लिया मैंने. कहा यार शायद उन लोग का अंदाजा नहीं हो कि. सोशल मीडिया इतना बढ़ जाएगा ये ये बिल्कुल. होता आया है ये बर्सों से होता आया है.
लेकिन क्योंकि आज कटघरे में मैं हूं तो. मैं एक बात ऑफिशियल मैं इसको खत्म कर रहा. हूं कि वो रॉबर्ट लावरी वाली एक कविता को. छोड़. के मैं किसी भी गुनाह का गुनहगार नहीं हूं. मैं पूरी तरह से बेदाग हूं पूरी तरह से. पाक साफ हूं और जैसा कि मैंने आपसे कहा कि. दुनिया के बड़े से बड़े राइटर को आप बुला. के ये सब डिस्कस कर लीजिएगा तीसरी चीज ये. कि प्लीज प्लीज जिनको भी ऐसा लगता है कि. मनोज मुंतशिर ने किसी का कुछ लिया है या. कुछ चुराया है प्लीज इस देश में कोर्ट है. लॉ है आप जाओ मेरे खिलाफ केस करो मैं भी.
अपना लॉयर खड़ा करूंगा अपनी बात कहूंगा आप. क्यों केस नहीं कर रहे हो आप ये. देखो यार मि बड़ा होता सर उसका नाम होता. है जो टॉप प पहुंच गया अब आप से अगर कोई. ऊपर जाता तेरी मिट्टी लेके तो फिर ये होता.
कि भाई मनोज जी गाना है अब हर आदमी जो. तेरी मिट्टी सुन रहा उसको पता है तेरी. मिट्टी कहां से आया है एटली तो मैं ये कह. रहा हूं लेकिन कि ये जिनके साथ भी मैंने. जुल्म किया है अन्याय किया है इन सबको. कोर्ट में जाना चाहिए और मेरे खिलाफ केस. करना चाहिए ठीक है मैं अपने फेवरेट सेक्शन. प जाऊं प्यार मोहब्बत इश्क उससे पहले एक. आखिरी सेगमेंट छोटा सा रखा मैंने आप वाकई. मानते हो कि आपको छपा स दिखा की बीमारी. नहीं लगी थी नहीं मैं आपको कुछ 10 12. किस्से सुनाता हूं एक एक लाइन के सुनाइए. विदेशी मां से पैदा हुआ राष्ट्रभक्त नहीं. हो सकता मुगल डकैत है असली प्रेम की.
निशानी ताजमहल नहीं है कश्मीर फाइल्स को. लेकर एक बयान आया पीएम मोदी ने. वास्तुशास्त्र का ध्यान रखकर संसद का. निर्माण करवाया पहले दिन आसुरी शक्तियां. जो थी वो बाहर हो गई सावरकर को लेकर. टिप्पणी आई मुगल काल में मंदिर को तोड़कर. अल्लाहू अकबर ताजमहल को निशाने पर भोपाल. का नाम बदलने की बात स्कूल के पाठ्यक्रम. बैक टू बैक जो बयान थे ये एक तो तीर जो थे. सारे एक निशाने पर जा रहे थे जो चर्चा में. आए हम लोग कह रहे हैं कि हर उड़ता तीर. मनोज जी ले रहे थे एक टाइम पे मतलब बैक टू.
बैक बयान जो है वो सारे जा रहे थे आप मेरे. आप मेरे विचारों के लिए मुझसे सहमत हो. सकते हैं मुझसे असहमत हो सकते हैं मुझसे. बहस कर सकते हैं बिल्कुल ठीक है क्योंकि. हर विचार के कंट्रास्ट में दूसरा विचार भी. होगा ये सच है पर इसमें दिखा स और छपा. कहां से आ गई एक बात मैं बताऊं दिखा स और. छपा उस व्यक्ति के लिए जो इस देश के सबसे. बड़े शो में जिसकी टीआरपी सबसे ज्यादा है. उसमें हर दूसरे दिन नजर आ रहा है इंडियन. आइडल मैं जज किया मैंने अ अनगिनत एपिसोड्स. किए मैं तो अब मुझे गिनती भी नहीं मैंने. कितने किए इस देश की हर मां मुझे अपना.
बेटा इसीलिए मानने लगी क्योंकि वो देखती. थी कि मैं आइडल पे उसके बारे में कुछ बात. कर ह हां हमने शिल्पा जी के साथ. मुस्कुराते हुए देखा आपको हां वो दूसरा शो. है वो दूसरा शो है मतलब मैं तो अब गिनती. भी नहीं बता सकता कि कितने शोज पे मैं जज. की कुर्सी प बैठा जाके और जीसी आप तो ए. टूज सारे न्यूज़ चैनल्स से गुजर चुके हैं. आपसे बेहतर कौन जानता है कि ठीक है न्यूज़. चैनल्स का कितना भी बड़ा दायरा हो जाए. लेकिन जीसी देखने वाले लोग और एंटरटेनमेंट. हां सही बात है और ही दुनिया है तो जिसको. वहां रोज बुलाया जा रहा है वो आदमी एक माफ. कीजिएगा छोटे से मामूली से चैनल पे.
पब्लिसिटी पाने के लिए विदेशी माता इस तरह. की बातें मैं क्यों बोलूंगा ये मेरे विचार. हैसे छपा का कोई खम हटाइए आगे बढ़ते हैं. बाहुबली टू में राइटर के तौर पर एक किस्सा. हमें सुनाई पड़ा कि राजामौली साहब ने. छुपकर आपको सुना हवाई चप्पल पहनकर कहीं. कोने में बैठ गए और उसके बाद सुना और आपको. जब बताया गया तो आपके कान से धुआ निकला. आपको लगा मुझको कहे पकड़ लो भाई मैं तो. कभी डायलॉग लिखा ही नहीं सच है ये सच है. उन्होंने एमएम क्रीम सर एम एम कीरवानी. जिन्होने क्या खूबसूरत गाने लिखे हैं मतलब.
उनके गाने आहा म्यूजिक क्या जबरदस्त है आप. रोग मूवी के म्यूजिक देखिए देख लीजिए. खूबसूरत है वो इतना मैंने दिल से कहा ढूंढ. लाना खुशी. आउटस्टैंडिंग एमएम करीम सर ने ऑन रिकॉर्ड. क्योंकि आपने उनका जिक्र किया तो मैं. बताऊं उन्होंने ऑन रिकॉर्ड कहा है कि उनकी. जिंदगी का सबसे अच्छा ना मेरा लिखा हुआ है. आप सुनिए एक फिल्म है और में कहां दम था. उसमें एक गीत है साहिब जी किसी रोज बरस जल. थल कर दे ना और सताओ साहिब जी मैं युगों. युगों की तृष्णा हूं तू मेरी घटाओ साहिब. जी.
वाह पत्थर जग में कांच के लमहे कैसे सहेज. समझ ना आए तेरे मेरे बीच में क्या है. ज्ञानी जग ये जान ना पाए मन में तेरी छुअन. तलाशु तन पे तेरी छाप पिया भाप के जैसे पल. उड़ जाएं प्रेम को है ये शराप पिया कैसे. समेट जल अंजुरी में भेद बताओ साहिब जी. किसी रोज बरस जल थल कर दे ना और सताओ. साहिब जी सुनिए जिक्र निकला मैंने कह. दिया मैं एम एम क्रीम सर के साथ और नीरज.
पांडे जी के साथ किसी फिल्म के म्यूजिक पर. काम कर एमस धोनी अनटोल्ड स्टोरीस ल्. स्टोरी जिसम के बाद में फिर क्रीम सर का. संगीत नहीं रहा बज उनकी डेट गगर का कुछ. इशू था फिल्म भी पुश हो गई थी लेकिन एमएम. क्रीम और कीरवानी इनको दोनों तर से बुलाते. हैं आदरणीय हमारे प्रसाद. स्टूडियो हैदराबाद तो वहा हम लोग बैठ के. गाना बना रहे थे और मनो जी जी ने कुछ कोई. एंथमिस कुछ लिखिए मैंने कहा राइट सम एंथम. सम बिग हिंदी वर्ड्स मैंने कहा ओके तो मैं.
बैठ के कुछ हिंदी वर्ड्स अ वर्चस्व है. टाइप का कुछ बड़ा बड़ा कुछ लिख रहा. धमनियों में लाल लाल रक्त का प्रवाह है और. छोर शौर्य का ना शक्ति की हिता है अग्नि. पुत्र देख विश्व में तेरा वर्चस्व है इस. छंद प कुछ मैं लिख रहा था और लिखा मैंने. मैं लिख के उनको सुनाने लगा जैसे मैं. सुनाने लगा स्टूडियो के उस तरफ एक दरवाजा. खुला और एक साहब आके मेरे ख्याल से हाफ. पैट पहनी हुई थी रबर की चप्पल थी आके एक. कोने में स्टूल था वहां आके बैठ गए मैंने. सुनाया जो मुझे करना था अपने फ्लेयर में.
अपने अंदाज में कहानी खत्म हो गई मैं चला. गया मेरे वापस आने के तीन चार दिन बाद. मुझे फोन आता है कि श्री एसएस राजा मौली. आपसे मिलना चाहते हैं तो मैंने कहा अब. उनका तो कौन फैन नहीं था हमने म मधीरा. देखी थी हमने मक्खी देखी थी हम सब उनके. दीवाने थे उनसे मिलने का मौका कौन चूके. मैंने ये पूछा भी नहीं क्यों मिलना चाहते. हैं मैंने कहा हां मैं टिकट कराओ मैं. तुरंत पहुंच रहा हूं पहुंच गया तो पता. चला राजा मौली सर एंड आई हैड टू टेल मैंने. करीम सर से भी कहा मैंने हमारे प्रोड्यूसर.
थे मैंने उनसे भी कहा मैंने कहा मैं डायलग. नहीं लिखता. हूं मैं गीतकार हूं मैं बहुत खुश होंगा और. बाहुबली तो इतनी बड़ी पिक्चर आप बना रहे. हो मुझसे प्लीज गाने लिखवा लो इसके लेकिन. मैं डायलॉग लिखना मुझे नहीं आता ठीक है आप. लिखो लिखो सो दे डि लिसन टू मी आई केप. टेलिंग देम कि मेरा काम नहीं है और मुझे. एक बात और याद आती हैय बहुत मजे की बात है. मैंने सबसे एक बात कही इंक्लूडिंग. राजामौली सर अगर मेरी याददाश्त सही है तो.
कि सर मैंने भी भाग मिलखा भाग देखी थोड़ी. दिनों पहले पिक्चर आई थी बाहुबली को ना. वैसे डायलॉग राइटर की जरूरत है आप प्रसून. जी को फोन करें प्रसून जोशी जी को उनसे. अच्छा इस फिल्म को कोई लिख नहीं सकता यह. मैं बता रहा हूं आपको दिस इज व्ट आई वास. डूइंग बिकॉज आई जस्ट वांटेड टू एस्केप. फ्रॉम देयर मेरी हिम्मत नहीं पड़ रही थी. लेकिन उनका. कन्वे उस दिन आपको बोलते हुए सुना था जैसा. आप उस दिन बोल रहे थे ना बस हमारा बाहुबली. वैसा ही बोलेगा आप वैसे ही लिख. दो रेस्ट हिस्ट्री जो गला काटने वाला सीन.
है औरत पर हाथ डालने वाले की उंगलियां. नहीं काटते काटते हैं उसका गला जब तक तुम. मेरे साथ हो मामा मुझे मारने वाला कोई. पैदा नहीं हुआ गजब की लाइन मेरा वचन ही. मेरा शासन है हा मेरा वचन ही मेरा शासन एक. एक शब्द बाहुबली का लेकिन फिर देखिए एक. चीज जैसे आदि पुरुष का पूरा गुनहगार मैं. नहीं हूं वैसे ही बाहुबली में ये जो शब्द. हैं ये जो लाइने हैं इनका जिम्मेदार भी. मैं बस 20-30 प्र ही हूं पाप जल्दी माथे.
चढ़ता है. सर पुण्य जाने के बाद लोग याद रखते हैं एक. चीज शुभंकर. यार आपको आपको एक बात जानकी और हैरानी. होगी मैं बाहुबली के डायलॉग्स पूरे देश. में स्टेजेस से सुनाता हूं बिना ये बोले. कि ये बाहुबली के हैं हम और मुझे लोग. स्टैंडिंग ओमिशन देते हैं आज मेरे लिए मत. लड़ना हम उस दिन के लिए लड़ना जब इतिहास. में तुम्हारा नाम पढ़कर लोगों के मन. सम्मान से भर जाएंगे उस दिन के लिए लड़ना.
जब तुम्हारी कहानियां सुनाकर माए बेटों को. बड़ा. करेंगी उस दिन के लिए लड़ना जब भारतवर्ष. की किसी स्त्री पर किसी नारी पर हाथ डालने. के पहले दुराचारी तुम्हारा पौरुष याद करके. थर्रा उठेगा आज मेरे लिए मत लड़ना मर्यादा. के लिए लड़ना यह सब उसी फिल्म के डायलॉग्स. है कभी रजिस्टर ही नहीं होते तेरी लंका. में इतना सोना नहीं है रावण जो जानकी का. प्रेम खरीद सके जा यहां. से य उसी फिल्म के डायलॉग्स. है नथिंग रीड.
आउट हमारी गलती शायद हमने शब्दों का सही. प्रयोग नहीं किया शायद हम जिस ग्रेविटी के. साथ दिखाना था दिखा नहीं पाए ये शायद. दूसरी चीज ज्यादा हाईलाइट हो गई कि वो दब. गई उसको देखने का नजरिया ही चेंज हो गया. जैसे बाहुबली को आज भी हम देखते हैं तो. डायलॉग्स गुस बम देते हैं मैं ये वाला सीन. जो था बिल्कुल. जो गला काटता है बाहुबली क्या वो सीन जो. है आप चार पांच बार बैक टू बैक देख सकते. हो मुझे बड़ा मजा आता है हर बार वो सीन. देखने में आप सोचे आदि पुरुष में एक सीन. है जहां जब मां सीता का हरण करके दशानन ले.
आता है उनको. और टेरेस से छज्जे से मंदोदरी देखती है और. मंदोदरी उदास हो जाती है देख किसी स्त्री. का हरण करके लाया है मेरे पति उधर से. सुपनखा आती है और सुपनखा कुटिल मुस्कान के. साथ कहती है कि क्यों जलन हो रही है मेरा. भाई जो है व ब्रह्मांड की सबसे स्त्री को. अपनी रानी बनाने वाला है जलन हो रही है ना. मंदोदरी सिर्फ एक बात कहती. है लंका ने बहुत शोभा यात्राए देख ली.
सुपनखा अब शौ यात्राओं की तैयारी करो एंड. शी वक्स अवे डजन दिस क्वालिफाई फॉर अ गुड. डायलॉग बट नथिंग गट. रजिस्टर्ड ये फिल्म और बहुत बेहतर बन सकती. थी बहुत ज्यादा बेहतर बन सकती थी बहुत. ज्यादा एक हमारे पास अपॉर्चुनिटी थी हमारे. पास एक मौका था हम चूक गए बहुत बड़ा चूक. गया एक हालाकि रामायण और भी आने वाली है. एक मीम बड़ा अच्छा वायरल हुआ था आप ही की. दोनों फिल्मों को मिला के कि कटप्पा ने. बाहुबली को इसलिए मार दिया था ताकि वो लोग.
आदि पुरुष में काम ना कर. सके देखिए ये जो ये जो ये जो दूसरी फिल्म. अभी थोड़ी देर पहले आप मुझसे पूछ रहे थे. कि नुकसान क्या हुआ आपका हां मैं बताऊं एक. नुकसान भगवान श्री राम पे कुछ भी बड़ा. होता है इस देश में कोई सिनेमा कोई फिल्म. तो मैं बहुत एक ओबवियस चॉइस था इसलिए नहीं. कि मैं सबसे अच्छा हूं इसलिए कि एक ओबवियस. चॉइस होती है जिनके साथ आप हमेशा होते. ट्रू ट्रू ट्रू प्रू करके अपना मेटल बट आई. एम श्यर दैट आई विल बी केप्ट अवे फ्रॉम द. रामाय वच इज इन मेकिंग राइट नाउ एंड आई.
वुड लव टू राइट फॉर इट आई वुड हैव लव टू. रिडीम माय सेल्फ आई वुड हैव लव टू गिव देम. सोंग्स लाइक मेरे घर राम आए हैं लाइक राम. आएंगे. लाइक राम सियाराम जय श्री राम ये सारे. गाने मैं लिखना चाहता हूं पर अब देखिए ये. कितना बड़ा दुर्भाग्य है कि कुछ उनका भी. नुकसान है इसमें और बहुत बड़ा नुकसान मेरा. है आपका नुकसान ज्यादा है क्योंकि ज्यादा. है जब मैं ये लाइन पढ़ता हूं कि सूखी नदी. में जैसे मछली बहे नाथ बिन तेरे हम ऐसे. जिए आज बावरा तो होना बनता है प्रभु बन गए.
सारे फूल दर्द जो सहे तू जितना भरत का. उतना ही हमारा है नगरी है अयोध्या की सरयु. किनारा है ये मुझे याद है कि प्राण. प्रतिष्ठा का दिन था मैं आपको बता रहा हूं. मेरी आपसे मेरी बातचीत नहीं रही है विशाल. मिश्रा से मेरी बातचीत रही है तो उस दिन. ये गाना रिलीज हुआ था और विशाल मुझसे कह. रहे थे कि मैं गाना करने वाले हैं इस वक्त. बट उसका उन्होने प्रमोशन नहीं किया तो ना. आपने ये गाना पोस्ट किया था पहले ना विशाल. ने पोस्ट किया था ये गाना मैंने सुना और. जब भगवान राम की पहली तस्वीर आई रामलला की.
तो उसके साथ मैंने इसे लगाया और सौरभ यहां. बैठा मेरी टीम में लोग चेतन बैठे हैं हम. लखनऊ हम अयोध्या से लौट रहे थे इस दिन और. पूरे रास्ते वो 500 किलोमीटर की यात्रा. में सिर्फ एक गाना बजा था राम. लला सरजू जल थल जल थल रोई जिस दिन राघव. हुए. पराए सरजू जल थल जल थल रोई जिस दिन राघव. हुए पराए बिरहा के स पर्वत पिघले हे. रघुराई तब तुम आए यह वही क्षण है निरंजन.
जिसको दशरत देख आय हा क्या विशाल की गायकी. आपकी आवाज मतलब. वो ना आप महसूस कर लेते अंत आत्मा में. विशाल बहुत गुण है विशाल के साथ एक बड़ा. अच्छा फील करता हूं मैं कि वो उन लोगों. में से है जिसको मुझे बड़ी इज्जत नहीं. देनी पड़ती क्योंकि वो बहुत छोटा है मुझसे. और मैं थोड़ा सा छोटों के लिए बुली हूं ये. मैं अपनी कमी बता रहा हूं आपको मैं. छुपाऊंगा नहीं मतलब मैं उनको बस ऐसे ही. छोटा है वो कितना बड़ा कलाकार है उसकी. कितनी बड़ी फैन फॉलोइंग है कितने देश. दुनिया में लोग उसको पूछते हैं मुझे जब.
मौका मिलता है तो मैं वैसे ही बात करता. हूं जैसे मैं उन्नाव के किसी लड़के से. छोटे भाई से बात करूंगा और ये विशाल का. बड़पन है कि उसने आज तक इस बात की शिकायत. करने की जगह कि भैया नाउ आई एम समथिंग आई. हैव बिकम ह्यूज आई हैव बिकम बिग आप मुझसे. पब्लिक में भी कैसे बात करते हो तो मैंने. कहा यार मेरी टोन तो नहीं बदलेगी विशाल. यही चाहता है कि मैं ऐसे ही बात करता रहूं. ये एक बड़े कलाकार की निशानी है ये एक. बड़े इंसान की निशानी गाड़ी भी आप दोनों. ने एक ही खरीदी है. उसने खर्चा करवाया मेरा उसकी गलती है. अच्छा चलिए मैं थोड़ा सा फसा आता हूं आपको.
मैं आपको दो नाम देता हूं जिन सा आपने. बहुत काम किया है अगर मान लीजिए किसी. डायरेक्टर का फोन आता है कि यार मनोज ये. दो सिंगर हैं इनमें से एक चुनना है. तुम्हें तुम्हारा गाना है अब सोलो न तो. जुब नौटियाल चुनेंगे विशाल मिश्रा हर गाने. का अपना एक अलग मिजाज होता है आप यकीन. मानिए कैसे हुआ मैं कभी नहीं चाहूंगा कि. जुबन नौटियाल गाए और मेरे घर राम आए हैं. मैं कभी नहीं चाहूंगा कि विशाल गाए. आर. य जो राइटर की खूबसूरती होती.
है तो यही आप आते अर्जित में भी चिपका. देंगे पर य सच है गाना बोलता है कौन गा. अरे बट अगर आपको एक ही मौका है भाई एक ही. आदमी को गवा सकते आप कोई आपने गाना लिखा. तो पहला कॉल आप किसे करेंगे विशाल को. करेंगे अप्रूव करेंगे या जन करय सवाल गलत. है ना इसका जवाब आपको जरूर देता सही है. गाने के टपर प गाने के मूड प चलिए ठीक है. और दूसरी होरी करते राम सियाराम या राम. आएंगे एक अगर आपको प्ले करना मैं कह मनोज. जी राम आएंगे राम आएंगे राम.
आएंगे इसलिए क्योंकि जो राम सियाराम की. बेसिक जो कंपोजिशन है उसको बहुत बढ़िया. सचित परंपरा ने इतना अच्छा सजाया है लेकिन. वो बेसिक कंपो ट्रेडिशनल है मंगल हा. सियाराम बचपन सु हा तो उसमें कुछ ऐसा है. जो मैंने पूरा उधार लिया मैंने बाबा. तुलसीदास से उधार लिया जो रामायण गाते रहे. हैं सदियों से उनसे उधार लिया लेकिन राम. आएंगे पूरी तरह से हमारा गाना है उसमें जो. ओरिजनलिटी का पुट है वो ज्यादा है हालांकि. विशाल भाई का ट्वीट पीएम मोदी ने गाना.
ट्वीट नहीं किया था लास्ट में जिस साल ये. प्राण प्रतिष्ठा हो रही थी बाकी लोगों का. ट्वीट किया था मैंने विशाल भाई से कहा भी. था अगर आप इसको एक साल बाद रिलीज करते ये. आप लोग दोबारा से इसको रीक्रिएट तो और. बड़ा हिट होता कई लोग भूल कि आप दोनों ने. किया था कंपोज क्योंकि उस बीच में स्वाति. मिश्रा ने गा दिया जिसको पीएम ने ट्वीट कर. दिया था तो बड़ा गायब हो गया ये ओके देश. मेरे या तेरी. मिट्टी तेरी मिट्टी. तेरी मिट्टी में कुछ अलग है सही बात. है मि तेरी मिट्टी इसलिए भी क्योंकि तेरी.
मिट्टी तक मेरे ऊपर ये प्रेशर नहीं था कि. मुझे दुनिया का सबसे बड़ा देशभक्ति का. एंथम लिख देना है देश मेरे के वक्त था कि. यार आपने तेरी मिट्टी लिखा है सेम टीम. अरिजीत बदल गए थे खाली वहां विपरा थे य. अरिजीत आ गए लेकिन वही और को वही मैं तो. उस प्रेशर को हटा पाना कि भाई ठीक है तेरी. मिट्टी जब लिखा गया था तब कोई दबाव नहीं. था तो भी बिना दबाव के लिखेंगे और देश. मेरे बहुत सुंदर गाना है मेरे दिल के बड़ा. करीब है इनफैक्ट जब वो फिल्म रिलीज हुई और. फिल्म को बहुत क्रिटिसिजम मिला और छ महीने.
तक तो ये गाना चला ही नहीं था किसी ने. इसको सुना नहीं तो मेरे ऑफिस के बच्चे. नीलम इन सबको पता है कि मैं हर चौथे. पांचवे दिन एक ये बात उदासी जरूर जाहिर. करता यार इतना अच्छा गाना इसको लोग सुन. नहीं रहे देश में. रे तो उसके साथ एक मेरा बड़ा जुड़ाव रहा. है लेकिन सच ये है तेरी मिट्टी अभी लोग. सुनते हैं काफी से देश मेरे बहुत अच्छा. हिट ज्यादा हिट हुआ है और हिट हुआ के बाद. में बताऊं आपको spotify.com.
जो आपको लगता है कि आपकी आवाज में तो अलग. होता तो उन्होंने कहा छुपाना भी नहीं आता. मुझे लगता है कि ये गाना मेरे लिए था मेरी. टोन का था मैंने गाया होता तो इसम अलग बात.
होती दो विनोद राठौड़ साहब हैट्स ऑफ आई एम. बिग फैन उनका भी तो ऐसे कोई एक गाना या. कोई राइट जो लगा आपको यार ये क्या लिखा. यार अनगिनत है लेकिन अगर मुझे तुरंत टॉप. ऑफ द माइंड तो मुझे वो थोड़ी सी बेवफाई का. एक गीत जो गुजार साहब का है बड़ी वफा से. निभाई तुमने हमारी थोड़ी सी बेवफाई उसमें. एक अंतरा है कहने वालों का कुछ नहीं जाता. सहने वाले कमाल करते. हैं कहने वालों का कुछ नहीं जाता सहने. वाले कमाल करते हैं कौन ढूंढे जवाब दर्दों.
के लोग तो बस सवाल करते हैं वाह मुझे लगता. है काश कभी मेरी जो काव्यात्मक चेतना है. वो इतनी ऊंची उड़ान भरे कि मैं ऐसा कुछ. लिख पाऊ और यह तो खैर एक लेजेंड की बात हो. गई हमारे कंटेंपररी अमिताभ भट्टाचार्य. इतना इतना सुंदर लिखते हैं अमिताब इतना. सुंदर लिखते हैं कि कई बार उनके गीतों से. ऐसी जलन होती है ऐसी र्ष होती है कि मेरा. मन करता है कि मैं फोन करके कुछ अंड शंड. बोल दूं इतना अच्छा क्यों लिख सकते हो आप. क्यों लिखते हो सौदेबाजी उन्होंने लिखा है. ना नहीं उन्होने सौदेबाजी सौदेबाजी एक.
गाना है सौदा इरादों का सौदा वादों का. उसमें एक बड़ी खूबसूरत सी लाइन है ले ले. तू वादे चाहे फिर मुकर भी दे आ हाहा. ब्यूटीफ वो जो लाइन है आप सुनिए बहुत. अच्छा गाना है सौदेबाजी. उसे जावेद अली ने भी गाया है अमोद जी ने. भी गाया दो वर्जन में है लेकिन उसमें जो. लाइने है वो तीन मिनट के बाद जो आती है. सौदा ये मतलब उसमें सौदे के ऊपर ही पूरी. लाइन लिरिक्स है बैक टू बैक बैक एंड एक. लाइन आती है कि सौदा मैं आपको लिरिक्स. सुनाता अरे सुनाइए ना बिल्कुल सु जब जिक्र.
हुई रहा. पढ़ेंगे मतलब ये गाना मुझे लगता है कि एक. गाना ऐसा है जिसको आप सुनेंगे तो आपको. लगेगा यार ये राइटिंग अच्छी है हां मुझसे. मिस हो गया मैं वरना सुनता तो रहता हूं. ओके ये लाइन है बहुत अच्छी लाइन है जिसको. मैं पढ़ना चाहूंगा मैं कभी भूलूंगा ना. तुझे चाहे तू मुझको देना भुला वाह आदतों. जैसी है तू मेरी आदत कैसे भूलू भला वाह. वाह ब्यूटीफुल ओ हो हो ओ कौन लिखा किसने. सौदा ये वादों का है इरादों का है ले ले.
तू वादे फिर चाहे तू मुकर भी दे वाह. ब्यूटीफ अरे बहुत बहुत खूबसूरत गाना है. मतलब बट जो ये लाइन है ना की क्या नाम है. मैं कभी भूलूंगा ना तुझे चाहे तू मुझको. देना भुला आदतों जैसी है तू आदतें कैसे. भूलू ला आई फेल्ट यार दिस राइटिंग बहुत. अच्छा लोग लिख रहे हैं और देखिए क्या है. ना कि अब के दौर में ये लिखना थोड़ा. मुश्किल हो हो चुका है जावेद साहब एक बड़ी. अच्छी बात कहते हैं वो कहते हैं कि जो युग. शैलेंद्र ने देखा साहिर ने देखा वो आनंद.
बक्षी ने नहीं देखा क्योंकि आनंद बक्षी तक. आते-आते थोड़ा फिल्मों का मिजाज जो है नॉन. पोएटिक हो गया था शैलेंद्र और साहिर और. कैफी साहब के जमाने में बहुत बढ़िया. पोएट्री का माहौल था तो जो दौर उनको जो. लिखने को मिला उनको जो ग्राउंड मिला उनको. लिखने को वो आनंद बक्षी को नहीं मिला जो. आनंद बक्षी को मिला वो जावेद साहब कहते. हैं कि मुझे नहीं मिला कि मेरे दौर तक. आते-आते फिल्में थोड़ी सी और नॉन पोएटिक. हो गई थी और मैं कहता हूं कि जो जावेद. साहब को मिला उसका आधा भी मुझे नहीं मिला. ये जिसने भी यह लिखा है जो अमिताभ आज कर. रहे हैं यह पत्थरों से तेल निकालने वाली.
बात है भाई साहब आपने भी निकाला है मैं. आपको बताता हूं ना मैं आपकी राइटिंग का. अभी तो तो ये पॉलिटिक्स पॉलिटिक्स हटा दे. मैं कह रहा हूं ना कि मनोज मुंतशिर के मैं. दो-तीन घंटे के एपिसोड खाली उनकी राइटिंग. में कर सकता हूं 2001 में आपने गाना लिखा. था जिसको देखकर हम सबने अपना ब्रेकअप. महसूस किया जिसमें गाना था कि ऐसे जरूरी. हो तुम मुझको जैसे हवाए सांसों को ऐसे. तलाश हू तुमको कि जैसे पैर जमीनों को हसना. या रोना पागल सा ढूंढू तुझे आई मीन व्हाट. अ ब्यूटीफुल राइटिंग फिर भी तुमको चाहूंगा. मुझे हमेशा लगता है कि मिथुन एज अ म्यूजिक.
कंपोजर उस तपती दुपहरी में वो जो हल्की सी. ठंडी बयार आती है उसकी तरह है और उसपे ये. राइटिंग बहुत गु है मिथुन बहुत गुण है और. मिथुन उन लोगों में से हैं लिमिटेड लोग. हैं इस इंडस्ट्री में जो कोई नजम वैसी की. वैसी कंपोज कर सकते हैं देखिए धुन बनाना. फिर राइटर को बोलना कि आप इस पर लिखो ये. तो एक बात है ये भी बड़ा टैलेंट है पर. मिथुन के साथ ये है आप उनको पूरी पूरी की. पूरी शायरी उठा के दे दें और उससे वो गाना. बना के दिखा देंगे बहुत मुश्किल काम क्या. आप सोलफुल म्यूजिक को बनाते हैं मतलब एवरी. टाइम आई थिंक इसके बाद क्या तुम ही हो फिर.
फिर भी तुमको चाहूंगा हमारी अधूरी कहानी. एंड कीप ऑन गोइंग सो ये इसकी कहानी क्या. थी हाफ गर्लफ्रेंड फिर भी तुमको चाहू. बिकॉज ये बहुत ही नॉर्मल सी लाइन है बट ये. सबके रूह में जाने वाली लाइन है इसकी. कहानी बड़ी सिंपल सी थी इनफैक्ट 2001 में. मैं आपका दिल टूटा था नहीं मेरी शादी हो. चुकी थी बट मैंने सुना शादी के पहले एक. तगड़ा वाला आपका दिल टूटा है. एक एक का तो बहुत सीरियस वाला सुना है. मैंने पिघले हैं बदन कितने ही आगोश में. आके हम खत आए गए कितने किताबों में छुपा.
के हम छोटे हैं कई लम्हे मगर यादें बड़ी. हैं तस्वीरें कई आज ब सरने पड़ी है आय हाय. हाय दो चार छ या 10 की ये तादाद नहीं है. कितने हैं मिटे हम पे हमें याद नहीं है. कितने आप पे मिटे हो पता नहीं आप किसम. मिटे थे उसको लेके तो नहीं लिख दिया था. क्या चीज गवा दी तुमने ये सोच के पछताओ गी. ये सोच के सो ना पाओगी हां ये लेकिन ये ये. खुराफात मुझसे ज्यादा विशाल की है क्योंकि. इस गाने का जो पूरी प्रेरणा मैं यहां. आऊंगा पहले फिर भी तुमको चाहूंगा मैं आज छ. सात गाने लिखे मैंने जिससे बात करूंगा मैं.
बिकॉज बड़े दिल के करीब है मेरे ये गाने. 2001 में हम मेरी शादी हुई नीलम के साथ. नीलम के साथ मेरा बहुत लंबा एक प्रेम. प्रसंग चला उसके बाद पूरी दुनिया से लड़. झगड़ के हमने शादी की 2001 में मैं मुझे. काम मिलना शुरू हो गया था तो मैं टेलीविजन. के किसी शो के लिए शूटिंग के लिए मैं गया. कश्मीर डल लेक के किनारे टहल रहा था और. मुझे नीलम बहुत याद आ रही थी तो अचानक हाथ. में एक कहावा था और तब मेरे पास मोबाइल. फोन नहीं था एक डायरी हुआ करती थी हम तो. उस डायरी में मैंने लिखना शुरू किया कुछ.
नीलम के लिए और जो लिखा था वो ये था कि ये. सब्ज चनारो के पत्ते चनारो के पेड़ थे. मेरे चारों तरफ हम हम हम ये सब्ज नारों के. पत्ते जब शाखों से गिर जाएंगे जब झील का. पानी सूखे और सारे कमल कुमला जाएंगे ये. वादियां जब सो जाएंगी और आवाजें खो जाएंगी. मेरी जान मैं उस खामोशी में भी तेरे प्यार. के नगमे गाऊंगा मैं फिर भी तुमको. चाहूंगा तो दिस इज व्हाट ट्रांस्पायर्ड. लेटर 15 साल बाद 15 साल तक वो एक डायरी का.
पन्ना बना रहा 15 साल के बाद कहीं से. मोहित सूरी की नजर गई उसपे क्या खूबसूरत. लाइन है ऐसे जरूरी तू मुझको जैसे हवाएं. सांसों को ऐसे तलाश मैं तुझको की जैसे पैर. जमीनों को हंसना या रोना हो मुझे पागल सा. ढूंढूं मैं तुम्हें कल मुझसे मोहब्बत हो. ना हो कल मुझको इजाजत हो ना हो टूटे दिल. के टुकड़े लेके तेरे दर पे ही रह जाऊंगा. फिर तुम जा ब्यूटीफुल लाइ मुझे लगता है ये. फिल्म इन गानों की वजह से हिट हुई थी हां.
इन गानों में जो सारे गाने मैंने अम. मिश्रा का भी इंटरव्यू किया बहुत अच्छा अम. मिश्रा ने भी क्या गाने बनाए थे उस हां. बहुत खूबसूरत गाने थे मैंने काफी करीब. मतलब ये वो एल्बम रहा जो मेरे दिल के काफी. करीब रहा एक ये था फिर एम एस धोनी मैं. तुझसे ही छुप-छुप कर तेरी आंखें पढ़ती हूं. कौन तुझे यूं प्यार करेगा जैसे मैं करती. हूं आई मीन क्या ब्यूटीफुल राइटिंग थी. मेरी हंसी तुझसे मेरी खुशी तुझसे तुझे खबर. क्या बेकदर जिस दिन तुझको ना देखूं पागल. पागल फिरती हो कौन तुझे यूं प्यार करेगा. जैसे मैं ये गीत मैंने अपने बेटे के लिए.
लिखा था गीत नहीं एक लाइन एक लाइन एक जो. मिडिल क्लास हाउसहोल्ड होता है हम लोग. वैसे ही मध्यवर्गीय लोग है तो बच्चों के. साथ एक जोक बहुत होता है मेरा बच्चा मेरा. बेटा आर तकरीबन मेरे ख्याल से उस वक्त. क्या उम्र ी दो या तीन साल का रहा होगा और. हम मैं और नीलम उसके साथ खेल रहे थे कमरे. में बैठे-बैठे तो जो एक सवाल होता है कि. बाबू हु लव्स यू मोर मम्मा और पापा बाबू. तुम्हें कौन ज्यादा प्यार करता है अब उस. दिन मेरा टाइम खराब था और नीलम का अच्छा. था तो उसने बोला मम्मा चल बे कौन तुझे यूं.
प्यार करेगा जैसे मैं करता हूं रिफ्लेक्स. में निकली हुई लाइन है इट वाज नॉट पोएट्री. इट वाज नॉट रिटन विद लाइक एनी इंटेंट टू. राइट पोएट्री रिफ्लेक्स था लेकिन जब निकला. ना मेरी जबान से कौन तुझे यूं प्यार करेगा. जैसे मैं करता हूं दिस इ सन् देर इ सॉन्. और मैंने वो साइड भी लिख के रख लिया फिर. सिचुएशन आई फिल्म आई एम एस धोनी पांड जी. को भूषण कुमार जी को इतनी लाइन सुनाई एंड.
दैट्ची राइटिंग में आप लोगों ने जो लिखा. खास तौर पर उसका लास्ट टेंज कि जीने मरने. की वजह थे हम ही और हम ही जीने मरने की हम. थे वजह और हम ही बेवजह हो गए देखते देखते. क्या खूबसूरत आते जाते थे सांस बन के कभी. वो हवा हो गए देखते देखते अब देखिए ये सब. ओरिजिनल लाइंस है ये जो लाइंस है आप लाइन. साहब पढ़ के सुना रहे हैं ना ये नुशरत. साहब के गाने से इंस्पायर्ड उनके गाने का. रिक्रिएशन पर ये सब लाइनें ओरिजिनल है. सुपर्ब सुपर्ब अ और बहुत सारे गाने ऐसे.
हैं जैसे एक वो सॉन्ग था कि अ तुम मेरे हो. मेरे रहना मुझे लगता है बहुत अंडररेटेड. सॉन्ग है मिथुन अगेन तुम मेरे हो मेरे बत. अटेड शंकर आपका म्यूजिक टेस्ट भाई कुछ अलग. है सीरियसली यू आर अ. डिस्कवरी थोड़ा बहुत गेट यू ऑन माय. पॉडकास्ट ऑफकोर्स वी कैन आई हैव आल्सो. रिटन सो मेनी थिंग्स इश्क मोहब्बत प्यार. बहुत कुछ लिखा हमने भी तो मैं आज तक कभी. पॉडकास्ट के मैं उस साइड नहीं बैठा लेकिन. आप मुझे इंस्पायर कर रहे हैं कि मैं उस. तरफ बैठूं और आपको इस तरफ बिठाऊ करेंगे. कभी एक शेरो शायरी पे करेंगे बड़ा मजा. आएगा मैंने एक भी एक दौर में लिखा था काफी.
कुछ बट ये लाइन बड़ी खूबसूरत थी तुम ना. होते तो दर्द ये दिल का हद से बढ़ जाता. इश्क ना करता तुम पे ना मरता मैं मर जाता. मेरे अंदर मुझसे ज्यादा तुम चलो वाश करो. यह वादा तुम अलविदा कभी ना कहना मेरे हो. मेरे. रहना ये फिल्म तो किसी को याद भी नहीं. होगी हेट स्टोरी फोर फाइव ऐसे कोई वन ऑफ द. हेट स्टोरीज में ये गाना था बड़ा ग आई सेड. ना कि मिथुन का म्यूजिक आ है कुछ लोग होते. हैं ना आपको पता होता है खूबसूरत लिखते. हैं ये म्यूजिक खूबसूरत आता है आप पॉज कर. जाते हो मिथुन बहुत संवेदनशील है इतने. संवेदनशील हैं कि कभी आप उनके जहां उनका.
म्यूजिक रूम है जहां हमने बहुत सारे गाने. बनाए मिथुन के म्यूजिक रूम में जाते हैं. तो आप ऑटोमेटिक कोई आपसे ना भी कहे तो आप. जूते बाहर उतार दोगे क्योंकि वो जो फिजा. है ना जो एंबिएंस है वो आपको इसके लिए. विवश करती है कि ये एक पवित्र जगह है यह. एक मंदिर है इस मंदिर में जूते उतार के ही. जाओ और मिथुन ने कभी किसी को नहीं बोला ना. कोई वहां लगा रखा है कि प्लीज लीव योर फूड. बर आउटसाइड नहीं रखा है आप खुद उतार देते. हो आपको लगता है यहां तो जूते पहन के जा. ही नहीं सकते इतनी पवित्रता बना के रखी है.
मैं थने ट्स म मेरी उनसे दो चार बार संवाद. हुआ है मेरा एक बार हम पॉडकास्ट भी प्लान. कर रहे थे नहीं हो पाया बोलते कम वो बट. उन्होंने मुझसे कहा है कि हम करेंगे एंड. आई एम वेरी एक्साइटेड मुझे उनसे बहुत सारी. कहानियां सुननी है उनके गानों को लेके. कैसे कैसे कंपोज किया उन्होंने जैसे मैं. आपसे सुनूंगा कि वो चांद कहां से लाओ गी. यह क्या था मतलब ये यह 90 वाला गाना था ये. आज के दवारा गाना नहीं है वो चांद कहां से. लागी ये चांद और ये सारी बातें पहले होती. थी विशाल ने एगजैक्टली यही कहा था भैया वो. जो हमारे टाइम पे हमारे यहां जो प्यार.
होता था ना भैया भैया आजकल ना मैं विशाल. की तरह भैया आजकल ना यार बड़ा सब कुछ. बनावटी बनावटी है भैया बड़ा बनत लगता है. बनत पने से लिखते हैं यहां राइम करा दिया. यहां काफिया मिला दिया भैया असली वाला माल. नहीं मिल रहा भैया शुद्ध देशी घी नहीं. मिला मैंने कहा यार लो विशाल शुद्ध देशी. घी क्या होता है भैया वो 90 वाली मासूमियत. से कुछ ले ो ना भैया तो 90 वाली मासूमियत. को 90 वाला मनोज मुंतशिर बन के लिखना पड़ा. ये वो दौर है 90 का जब मेरा इश्क शबाब प.
था और देखिए जब आप किसी से प्यार करते हैं. तो यह तो समझदारी बहुत बाद में आती है कि. भाई सामने वाले का भी क्या कंट्रीब्यूशन. है आपके लाइफ में पहले तो यही लगता है कि. भैया तुम्ह मेरे ऐसा कोई नहीं मिलेगा तो. ये वो इनसेंस है इसमें वो मासूमियत है कि. जो चांद तुम्हारा मेरा था वो चांद कहां से. लाओ और छोड़ते वक्त एक दम भी है कि चाहे. इतनी कोशिश कर लो किसी और की होना पाओगी. और की होना पाओगी जो चांद तुम्हारा मेरा. था वो चांद कहां से लागी आस्मा ये तेरा. रोशनी को तरस जाएगा चांद ये तेरा लौट के.
फिर कभी ना आएगा हर दिलजले आशिक कहानी है. क्या चीज गवा दी तुमने ये सोच के पछताओ गी. हां पर इस गाने में विशाल का बहुत. कंट्रीब्यूशन है शायरी में भी मतलब ही. ऑलवेज ही वाज देयर. इनफैक्ट सोचिए कि जहां एक छोटे भाई और. बड़े भाई का रिश्ता हो वहां कितना मुश्किल. होता है ये कहना और मैं सीनियर भी हूं. विशाल से बहुत सीनियर हूं मैं अल्ट्रा. सीनियर हूं मैं बड़ा मुश्किल होता है कि. वो मुझे आके बोले कि भैया इस लाइन में मजा. नहीं आ रहा है बट इस गाने में तीन चार बार. भैया आपने ये अच्छा लिखा है लेकिन ये असली. नहीं है अच्छा और असली में फर्क है भैया.
अच्छा नहीं चाहिए भैया अच्छा उठा के फेंक. दीजिए खिड़की से बाहर भैया असली लिखी तो. ये असली गाना है विशाल भी दिल जला है ना. अच्छा मैं कई बार उनसे कहता हूं कि आप. विशाल को सट गाने दो जिसमें हल्की सी खराश. हो उफ उफ आपको गुस बम दे देगा वो आज भी. अभी टू आया है या कोई भी गाने जिसमें. हल्की सी खराश हो आपका भी एक बड़ा खूब. रोमांटिक गाने तो अच्छा गाते. हल्के से वो सड ने दे दीजिए रूबरू आप देख. खुदा हाफिज टू का अभी विशाल के साथ हमने. एक बहुत बढ़िया गाना.
किया मां का एक भजन किया हमने आप वो गाना. सुने मेरे ख्याल से अगले छ सात दिनों में. रिलीज होने वाला है और उसको सुनके आपको. लगेगा कि विशाल ने वाकई अपना दिल निकाल के. रख दिया. है जैसे मां ने जैसे हमको सजाया वैसे सजा. के रखना है मां को. राज दुलारा हमको बनाया रानी बना के रखना. है मां को एक बहुत अच्छा गाना विशाल का. मेरा हमारी कंपनी है मनोज मुश एंटरटेनमेंट.
उसने ही प्रोड्यूस किया है टी सीरीज के. लिए नीलम मेरी पत्नी उनके संरक्षण में यह. गीत मैं चाहता हूं लोग सुने यह है तो देवी. मां के लिए लेकिन जितना यह देवी मां को. समर्पित है उतना ही हर मां को समर्पित है. मैं पर्वत ना चढ़ा तो क्या जगदंबा मेरे घर. पर है मैं पर्वत ना चढ़ा तो क्या जगदंबा. मेरे घर पर है 100 तीर्थ का है पुण्य मिला. मां के पैरों में सर है यही लिखा है वेदों. में यही बताती है गीता कौन हराए उस बेटे.
को जिसने मां का मन. जीता बहुत ब्यूटीफुल कंपोज बाय कंपोज बाय. विशाल ओनली विशाल कंपोज एंड संग वो तो. मतलब वन मैन आर्मी है ना उनको बड़ी. मुश्किल से मैं रोक के रखता हूं कि लिखो. मत वना वो लिख भी लेंगे अच्छा है मैं अपनी. शादी गाना आपसे लिखवा हंगा उनसे कंपोज कर. डन कमिटमेंट आज से आपकी शादी का गाना मैं. ही लिखूं अब मैं उनसे तो कंपोज करवा ही. लूंगा उनसे तो हम करवा लेंगे कहीं प कहां. भागेगा तो ठीक है मेरा पिक्चर खाली लड़की. ढूंढनी बाकी रह गई बाकी सब हो गया है बट.
एक बड़ा अच्छा सॉन्ग है जिसको शादी में एक. बार हमने वाइब ली थी आपका एक गाना है अगेन. मुझे बहुत पसंद है और मुझे बड़ी खुशी हुई. कल मैं आपके गाने पढ़ रहा था कौन-कौन से. और गाने जो मनोज म ने लिखे हैं तो देखा. हजारों दफा प तो मेरी नजर गई लेकिन मेरा. फेवरेट सॉन्ग जो था वो तेरे संग यारा था. तेरे संगरा और मुझे लगता है कि अगर आपको. एक शादी की रोमांटिक वीडियो बनानी हो तो. इससे अच्छा बैकग्राउंड गाना नहीं मिल सकता. जिसमें आप लगाएंगे कि कभी किसी भी गली में. जाऊं मैं तेरी खुशबू से टकराऊ मैं हर रात. जो आता है मुझे वो ख्वाब है तू तेरा मेरा. मिलना दस्तूर है तेरे से तेरे होने से मुझ.
में नूर है मैं हूं सुना स एक आस्मा. मेहताब तू ये बहुत बढ़िया फिल्म थी रुस्तम. जिसके लिए हमने ये गीत ये देखें ये मेरे. बड़े क्लोज लाइक मेरे दिल के बड़े अजीज. गानों में से एक है और माहौल कहां से बनना. शुरू होता है आपको शुभंकर ताजु जान के कि. दिस इज द सेकंड सॉन्ग ट रको एंड मी वर्क. अपऑन बिफोर मिट्टी सो तेरी मिट्टी तब तक. तो कहीं था नहीं लेकिन यह दूसरा गाना था. इसके पहले मैंने और और को ने एक गाना किया. था फॉर कपूर एंड सस इट वास कॉल्ड साथीरे.
बड़ा सुंदर गाना है व कभी आप सुने पर यहां. से हमारी बॉन्डिंग होनी शुरू हुई क्योंकि. म्यूजिक डायरेक्टर और लिरिसिस्ट जब तक. वाकई हैंड इन ग्लव नहीं हो जाते जब तक आप. और मैं एक दूसरे के इशारे ना समझ ले तब तक. हम साथ मिलकर कोई इमोल गाना नहीं बना सकते. यह सब ये वो कंदील थी छोटी-छोटी शम में जो. आगे चलके मिट्टी जैसी मशाल बन गई बहुत. खूबसूरत ये गाना अपने आप में लेसी अगर आप. प्यार में पढ़ना शुरू हुए हैं तो कैसे हुआ. या यह गाना जो है मैं बारिश की बोली समझता.
नहीं था हवाओं से यूं मैं उलझता नहीं था. आई मीन व्हाट अ ब्यूटीफुल राइटिंग थैंक यू. कई गाने आपके लेकिन अंडररेटेड भी जैसे. मुझे एक गाना आपको और बहुत अच्छा लगता है. जो बहुत अंडररेटेड है तुम्हें कितना प्यार. करते ओ यस आंखों पर तुम्हारी गजल सुनाते. कितनी वफा इस दिल में तुम्हें हर दिन. दिखाते तारीफ हम तुम्हारी यूं बेशुमार. करते तुम प्यार कर र देते तो तुम्हें. कितना प्यार करते ये मिथुन वंस अगेन मिथुन. देखिए मैंने अभी आपसे थोड़ी देर पहले एक. बात कही कि मिथुन इज वन ऑफ दोज कंपोजर्स. वेरी फ्यू कंपोजर्स जो किताब में लिखी हुई. शायरी को गाना बना सकते हैं तो मिथुन मेरे.
ऑफिस आए थे मुझसे मिलने हम किसी तो फिल्म. प काम कर रहे थे मुझे याद नहीं है और मैं. 15 मिनट वो अर्ली आ गए मैं लेट था ऐसा. नहीं है वो अर्ली आ गए क्योंकि वो बहुत. टाइम के पंक्चुअल है 15 मिनट जल्दी आ गए. तो उन्होंने मुझे मैसेज भिजवाया कोई बात. नहीं मैं बैठता हूं हमारा एक म्यूजिक रूम. है वहां बैठता हूं आप चिंता मत 15 मिनट. बाद आओ वहां एक प्यानो है उस पियानो प. मेरी किताब मेरी फितरत है मस्ताना खुली. रखी हुई थी ऐसे ही रैंडम पियानो है उस पर.
खुली रखी किताब है उस जिस पन्ने पे यह नजम. थी वो पन्ना खुला हुआ था और अब मिथुन है. मैस्ट्रो है बैठ गए पियानो की सामने है. सामने कुछ पोट्री दिख रही है यह 10 12. मिनट के अंदर उन्होने पूरा गाना बना लिया. यह शायरी है यह किताब में लिखी हुई शायरी. है जो बाद में गीत बन. गई ही सो. गिफ्टेड और य ये हमारे जो दर्शक अभी मैं. सुन रहे हैं उनको ये मामूली बात लगेगी पर. ये मामूली बात नहीं है कभी आप किससे क्या. होता है ना जितनी महानता है ना वो सब.
रेट्रोस्पेक्ट में अच्छी लगती है अरे एक. जमाने में ऐसा हुआ जो लोग आपके सामने हैं. वो कभी आपको महान लगते ही नहीं है हम. सुनते हैं कि एक फ्री वर्स की नजम लिखी. गुलदार साहब ने कि मेरा कुछ सामान. तुम्हारे पास पड़ा. है 116 चांद की रातें एक तुम्हारे कांधे. का तिल वो रात बुझा दो मेरा वो सामान लौटा. दो हम और पंचम द आडी वर्मन ने बोला यार ये. तो इस पर कैसे गाना बनेगा फिर आशा जी थी. बोली क्यों नहीं बनेगा कोशिश करते हैं. बनेगा और वो इतना बड़ा गीत बन गया लेकिन.
यह करिश्मा पंचम द को प्रणाम करके बहुत. लोगों ने और भी किया है और उनमें से एक. करिश्माई इंसान मिथुन है जिनको आप नजम दे. दो वो गीत बना. देंगे इट्स इट्स मिरेकल आई मीन बट ये. राइटिंग भी आप ही कर सकते हो ये शायरी. वाली आई थिंक ट् ट्स व् आई कैन रिलेट. मोर जैसे अगर आपको थोड़ा लिखने का शौक. जैसे मैंने कभी लिखा था कि सच कहता हूं कि. ना होकर भी हर रोज तुम मुझे याद आओगे वाह. सच कहता हूं कि ना होकर भी हर रोज तुम. मुझे याद आओगे किसी से कह तो ना पाऊंगा पर.
अक्सर रातों में मेरी आंखों से नींद में. झलक जाओगे वाह वाह वाह वाह वा ब्यूटीफुल. कि ना होने पर भी याद रखेगी दुनिया यह. मेरी कहानी जिसमें होके किसी गैर के तुम. दिल में हमेशा मेरे जिंदा रह जाओगे वाह. जिस्म तुम्हारा भले किसी और का हो जाएगा. पर यकीनन बदनाम तो तुम मेरे प्यार में ही. कहलाओगे वाह. ओ हो हो और हां हक दिखाकर हर बात मना लेने. के जिद में वास्ता दुनिया का देकर मुझसे. जिस्म तो जुदा कर दोगे तुम पर जरा यह बताओ.
तुम्हारी रूह पर जो हमने अपनी खुशबू. बिखेरी है वाह उस खुशबू को कैसे मिटा. पाओगे तुम वाह वाह ब्यूटीफुल उफ सो आई. थिंक दैट व् आई कैन रिलेट मोर इन शायरियों. में इन बातों में देखिए क्या है ना वो. शायरी जो आपके तजुर्बे से निकले दो तरह की. शायरी होती है ये ये जो आपने मुझे अभी. सुनाया इसकी मैं आपको खासियत बताता हूं. पता नहीं किसी के साथ आपने बांटी है कि. नहीं इसमें एक विशेष प्रकार का खुरदुरा पन. है एक रफनेस है वह रफनेस. है जो कलाकारी की आंच में अक्सर पिघल जाती.
है हम जब आप कलाकारी करने लगते हैं ना फिर. यह सब बात नहीं आती सही बात है हां क फिर. तो शायरी बढ़िया-बढ़िया हो जाएगी तो बहुत. सारी चीजें ऐसी हैं मैं अगर आपको मेरा. लिखा हुआ कुछ भी अच्छा लगता है तो आप. जानते हैं उसकी वजह क्या है मैं अनलर्न. करने की कोशिश रोज सवेरे उठक करता हूं कि. जो मुझे आता है मुझे सब भूलना है वो जो एक. लड़का जिसको पहली बार मोहब्बत हुई और वो. गौरीगंज की गलियों में भटकता रहता था धूप. जून जुलाई की गर्मी में एचएल जहां वो. लड़की रहती थी उसका उसकी खिड़की का दरवाजा.
खोले उसके इंतजार में मैं एक पोल पकड़ के. सामने मई जून की तपती हुई दोपहर में छछ. घंटे खड़ा रहता था कि एक बार वो खिड़की. खुलेगी मुझे वो दिखेगी वो लड़का अगर जिंदा. रह गया ना अगर वो लड़का बचा रह गया तो इस. दुनिया को ऐसे गीत मिलेंगे जो शायद कभी. सुने नहीं गए उस लड़के को संभालने की. मुश्किल है बस और कुछ नहीं देखना काम नहीं. जो गुस्सा जो एंगर आपको आता है मैंने अपनी. नाराजगी भी कभी नहीं मरने दी एक नाराजगी. होती है ना बिकॉज आई वाज डंपड मुझे ठुकरा.
दिया गया था और बहुत बुरी तरह ठुकराया गया. इसलिए कि सरकारी नौकरी कर लो तो मैंने कहा. मैं नहीं हूं सरकारी नौकरी वाला अभी आप. मुझे बता रहे थे पॉडकास्ट शुरू होने के. पहले कि जो चीज आपके अंदर नहीं होती वो. नहीं होती मट नहीं मैं अपने पापा से क्या. कहूंगी कि जिससे मैं प्यार करती हूं जिससे. शादी कर हमारा आपका सेम किस्सा हो गया है. ना तो जिससे मैं शादी करना चाहती हूं वो. जो है राइटर वाइटर बनेगा क्या बनेगा और बस. तुम छोड़ दो ये ऐसा नहीं चलेगा मुझे अपना. जब मैंने बोला कि फिल्मों में गाने. लिखूंगा अरे भैया सपने औकात पर रहकर देखे.
जाते हैं मुझे अपना जवाब आज तक याद है. बेबी औकात में रहकर किराए के मकान देखे. जाते हैं सपने तो वही है जो औकात से बाहर. देखे जाए और बुलंदियों का रिश्ता डिजाइनर. फुटवेयर से नहीं होता फटे हुए जूतों से. होता है मेरे पास फटे हुए जूते हैं जूते. फटे पहन के आकाश पर चढ़े थे सपने हमारे. हरदम औकात से बड़े थे. तो मैं सरकारी नौकरी नहीं कर पाया लेकिन. अभी थोड़ी दिनों पहले मुझे कहीं पता चला. कि सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले उसके.
बच्चे मेरे फैन. है और एक ने तो अभी एनुअल फंक्शन में. फर्स्ट प्राइज जीता तेरी मिट्टी गा. [हंसी]. के क्या चीज गवा दी है तुमने यह सोच के. तुम पछताओ गी जो लिखता है मुकद्दर की. इबारत व तेरी सोच से ज्यादा बड़ा. है जो लिखता है मुक की इबारत वो तेरी सोच. से ज्यादा बड़ा है जिसे ठुकरा दिया मिट्टी. समझ के वो लड़का आज तारों पर खड़ा है. सुपर्ब सुपर्ब ब्यूटीफुल तो अपने दर्द को.
अपनी ताकत बनाए बहुत सारे नौजवान लोग हमें. सुन रहे होंगे देखिए टूटा हुआ दिल वो. न्यूक्लियर पावर है जिससे आप बिजली भी बना. सकते हैं बम भी बना सकते हैं आप आबाद भी. हो सकते हैं बर्बाद भी हो सकते हैं आपकी. चॉइस है आप क्या करना चाहते. हो सो मेक द करेक्ट यूज ऑफ इट कैसे मूव ऑन. किया आपने ये तो आपने कह दिया कि बिजली बन. सकती है बम बन सकता है बिजली कैसे. बनाई क्योंकि मैं विध्वंसक प्रवृत्ति का. व्यक्ति नहीं था मेरे अंदर नाराजगी थी और.
नाराजगी क्यों थी कि मुझे इसलिए ठुकरा. दिया गया क्योंकि मैं किसी लायक नहीं था. मैं इसलिए ठुकरा दिया गया क्योंकि मेरी. मां एक प्राइमरी स्कूल में टीचर थी मेरा. बाप एक किसान था तो मुझ में ऐसी कोई बात. नहीं थी जिसके दम पे एक आपका सोशो. इकोनॉमिक स्टेटस बने आपका क्लास बने और. ऊपर से जब आप एक गौरीगंज जैसे कस्बे में. कहते हैं कि मैं तो फिल्मों में गीत. लिखूंगा. तो जो बाकी संभावनाएं थी कि भाई लड़का. पढ़ने लिखने में अच्छा है कुछ डॉक्टर. इंजीनियर बने का वो भी खत्म हो गया तो. आपने सब हर चीज पर मिट्टी डाल दी तो आपको. अंडर द रग शरक कर दिया गया आपको हटा दिया.
गया रास्ते से अब आपके पास चॉइस क्या है. चॉइस यह है कि या तो जिंदगी भर छाती पीटते. रहो उस पे अरे यार लड़कियां बड़ी खराब. होती है उसकी मजबूरी रही होगी उस वक्त. मेरे सामने एक अल्टरनेटिव ये था कि क्या. मैं वाकई इतना बड़ा आदमी बनक दिखा सकता. हूं कि एक दिन इन सबको पछतावा हो कि क्या. चीज गमा दी है तुमने और वो बड़ा आदमी आप. कैसे बनोगे बड़ा आदमी मैं मुझे कभी-कभी. बड़ी हैरत होती है जब मैं ये मोटिवेशनल. स्पीकर्स को सुनता हूं बहुत सारे आपके तो.
शो पे भी कभी आ चुके होंगे यू कैन डू इट. यू कैन डू इट यू कैन डू इट अरे भाईब ये. वाले हमने नहीं बुलाए थे बु जिनको आप कह. रहे है हां मैं नाम नहीं लेना चाहता बहुत. है ये नहीं बुलाए और मुझे लगता है ये. कितना गुमराह कर रहे हैं यू कैन डू इट इस. देश के नौजवान के पास पर्पस नहीं है उसको. इट पता नहीं है यू कैन डू व्हाट सर फर्स्ट. गिव मी अ पर्पस और पर्पस कहां से आएगा का. परपस आपकी अपनी स्किल सेट से आएगा कि आपके. अंदर ऐसा क्या है जो यूनिक है जो आपको. लोगों से अलग खड़ा करता है पहले वो तलाश. हो आपने वो तलाशा नहीं आपके अंदर कोई.
डोपामाइन भरे जा रहा है यू कैन डू इट यू. कैन डू इट तुम पगला जाते हो पगला के चले. आते हो ये दे शुड बी बैन दे शुड बी. स्टॉप्ड गिव मी अ पर्पस मैंने अपना पर्पस. ढूंढा मैंने यह देखा कि एक चीज है जो मैं. औरों से बेहतर करता हूं सबसे अच्छा करता. हूं यह दावा कभी नहीं था लेकिन औरों से एक. आम एवरेज आदमी अगर 100 लोग कमरे में हो तो. मैं उनमें से 50 60 से अा लिखता था मेरा. शब्दों पर पावर कंट्रोल था आई पिक दैट अप. कि मैं इसके साथ जो कुछ करूंगा करूंगा फिर. जो हुआ आपके सामने तो शायद तरीका यही.
है क्योंकि ईश्वर ने किसी को बिना मकसद के. तो बनाया नहीं मेनी पीपल कैन रिलेट बहुत. लोग रिलेट कर पाएंगे हर हर छोटे शहर के. बच्चे की यही कहानी है जिसने सफलता पा ली. जिसने ऊर्जा बिजली बना ली और आपकी भी यही. कहानी है सबकी यही कहानी है आपकी भी यही. कहानी है मैं आपकी लाइफ को आप मुझे फॉलो. करते हैं आपको लगता है मैं फॉलो नहीं करता. आपको मैं भी आपको फॉलो करता हूं मुझे भी. पता है कि आप आज जहां बैठे हुए हैं और आप. इसलिए नहीं बैठे हैं कि आपने क्या-क्या. पाया आप इसलिए यहां बैठे हैं कि आपने. क्या-क्या त्याग दिया क्या-क्या छोड़ दिया. कितने आसान रास्ते आपके सामने रहे होंगे.
जिस तरफ आपने पलट के देखा नहीं कितने. पेचेक्स आपके सामने टेबल प तड़प रहे होंगे. लेकिन उसकी जगह पे आपने एक संघर्ष करने का. चॉइस लिया कि नहीं मैं खुद अपना खड़ा. करूंगा मैं किसी से पेचक लेने के बजाय 70. लोगों को पेचक साइन करूंगा दिस वाज अ चॉइस. दैट यू मेड एंड दैट इज व्हाई यू आर हियर. शुभंकर हालांकि जब आप थे न्यूज़ में तब भी. आपकी शख्सियत इतनी प्रभावशाली और इतनी. प्यारी शख्सियत थी आपकी हम आपको शुभ एंकर. बोलते थे नॉट शुभंकर शुभ एंकर मेरे नाम. में घर वालों ने अंकर लगा के पैदा किया.
था जी. बट सो हैप्पी टू एक छोटे शहर का लड़का गडा. बस्ती बहरा से निकल के आज यहां बैठा हुआ. है बहुत अच्छा लगता है जब मैं आपके. पॉडकास्ट देखता हूं बड़े-बड़े लोग इस देश. के बड़े बड़े लोग और छोड़िए बड़े-बड़े लोग. जो यहां आए उनकी बात छोड़ी सच ये है कितने. लोग बिकॉज हमारा पर जो कनेक्ट हुआ ना. स्पीच कि आपने कभी ट्वीट किया मैंने कभी. जवाब दिया तो उसकी वजह से एंड देर आर पीपल. हु कीप अ टैप ऑफ एवरीथिंग तो मेरे पास लोग. आते हैं कि भैया मेरी फिल्म का प्रमोशन.
करना है अच्छी फिल्म बड़ी फिल्मों की एक. बार आप शुभंकर से बात कर लोगे क्या तो मैं. सबको कहता हूं कि एक बार आप बात कर लो. शुभंकर के पास वक्त होगा बिल्कुल अगर आपके. फिल्म में दम है अगर आप उस पराई के हैं तो. वो खुद ही आपको बुलाएंगे नहीं बुलाते तो. मैं भाई सोर्स लगा दूंगा एक फोन कर दूंगा. अच्छा लगता है कि वो बंदा जो बॉलीवुड का. नहीं है वो बं बंदा जिसने कभी क्लेम नहीं. किया बॉलीवुड से किसी कनेक्शन का आज. बॉलीवुड उसके पॉडकास्ट में आना चाहता है. इट्स नॉट अ. जोक इंस्पिरेशन है बहुतों के लिए हमारी. संघर्ष की सबसे बड़ी जो मुझे एक साल में.
खुशी है वो यह खुशी है ये हमने शेयर नहीं. कि कभी किसी से कि जब मैंने आज तक छोड़ा. था तो सबने मुझसे जब ये पहला हमने ऑफिस. लिया था जी तो हमने गेस्ट कोऑर्डिनेटर. हायर किया हां तो वो आए दो चार दिन यहां. रहे हमारे साथ फिर उन्होंने कहा कि ये. ऑफिस बंद कर दो हमने कहा क्यों अच्छा कहा. कि देखो फिल्म यहां कोई आने वाला नहीं है. अगर आप फिल्म सिटी में रहते तो किसी को. बुलाया आपने बगल वाले दफ्तर में लोग चले. जाते हैं आपके लिए स्पेशली कोई फिल्म सिटी. से इतनी दूर नोएडा के दूसरे कोने में नहीं. आएगा और वह बात मुझे एक धक्के की तरह थी.
कि शायद यह सच हो सकता है बट फिर हमने. अपने आप को बैक किया और मेरा यह मानना था. जो आज नहीं आएगा वो कल अपने आप फोन करके. आएगा और बहुत सारे उदाहरण ऐसे हैं जो. हमारे पास जब हमने अप्रोच किया नहीं आया. फिर फोन करके हमारे पास आए और यह गुरुर. में नहीं लेकिन ये अपनी मेहनत की उस. यात्रा में हमने अपने आप को महसूस किया कि. अगर आप अच्छा काम करते हैं तो दुनिया आपको. सरा आखों पर बिठा है बस लगे रहो जमे रहो. डटे रहो बिल्कुल सही है दुनिया आपको सरा. आखों पर बिठा है आप लगे रहिए जो लोग आज. आपको मिलने का वक्त नहीं देते वो कभी वक्त.
लेके आपसे मिलने आएंगे ओके मनोज जी आपने. इश्के ऊपर इतने सारे गाने लिख दिए अब अगर. एक लाइन में आपसे कोई पूछे या आपको डिफाइन. करना हो यार इश्क क्या. है इश्क एक लाइन में मतलब एक आप ले लो आप. ज्यादा लाइन ले लो लेकिन समझा दो इश्क. क्या. है. इश्क देना है. कुछ पाने की खवाहिश किए. बगैर इश्क में सबसे बड़ा हादसा होता है व. यह होता है कि आप जो कुछ भी देते हैं.
सामने वाले को आप उससे बदले में उतना ही. चाहते. भी मुझे लगता है जिस दिन हम अपनी इच्छाओं. को हम अपनी इश्क को लेकर जो महत्वाकांक्षा. हैं उनको जरा सा कटेल करना शुरू कर दें. हमारे रिश्ते और सच्चे हो जाएंगे और देखिए. जैसे क्या है कि इश्क शुरू कहां से होता. है के ठीक है आई लव यू यू लव मी लेट्स गेट. टूगेदर मेरे ख्याल से जो सबसे बड़ी. प्रॉब्लम है ना वो यही शुरू हो जाती है ये. क्या जिद है कि जिसे प्यार किया उसे पाना.
भी. है क्या तुम इतना भी नहीं जानते कि पाना. ही प्यार का पूर्ण विराम. है यह क्या बचपना है कि जो गीत दिल में. उठा उसे होठों से गाना भी है क्या तुम. इतना भी नहीं समझते कि आत्मा का गीत. गुमनाम है यह क्या नादानी है कि किसी को. अपना बना के रहोगे समय वो नदी जिसमें कोई. साथ नहीं बहा तुम भी अकेले ही बहो. ग लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि तुम प्यार. मत. करना प्यार करना ताकि यह जिंदगी जीने के.
काबिल बन जाए प्यार करना ताकि सीने में. रखा हुआ पत्थर धड़क उठे और दिल बन जाए. प्यार करना ताकि इंसान होने की शर्त पूरी. कर सको प्यार करना ताकि अधूरे पन से भरी. इस दुनिया में तुम पूर्णता के साथ मर. सको अगर प्यार ऐसे किया जाए. लेकिन प्यार के साथ जो शर्तें आती हैं हम. जितने शब्द प्यार में बोलते हैं जितनी बार. मैंने किसी को आई लव यू कहा आई कैन नॉट.
लिव विदाउट यू उतनी बार हम उसके कंधे पर. जिम्मेदारी रख रहे हैं कि मेरी खुशी अब. तुम्हारी जिम्मेदारी है क्योंकि मैं. तुम्हें प्यार करता हूं यह कितना बड़ा. षड्यंत्र है प्यार के. साथ जो निश्चल प्यार है व वहीं खत्म हो. जाता है जहां मैं आपसे यह उम्मीद करता हूं. कि देखो मैंने तुमको कितनी बार आई लव यू. कितने तरीके से बोला तुम्हारे लिए गिफ्ट्स. लाया क्या तुम देख नहीं सकती मैं तुम्हें. कितना प्यार करता हूं ये जिम्मेदार. बगिंग द पर्सन डाउन विस रिस्पांसिबिलिटी. की आपकी खुशी उसकी जिम्मेदारी है जिस दिन. हम यह छोड़ पाए ना बिन बोले है प्रेम. यशस्वी बोल दिया तो अर्थ नहीं है बिन बोले.
है प्रेम यशस्वी बोल दिया तो अर्थ नहीं है. प्यार वही सच्चा है जिसमें मिलना कोई शर्त. नहीं है क्या बात. है ब्यूटीफुल जब भगवान कृष्ण वृंदावन से. मथुरा जा रहे थे ये पता था सबको कि कृष्ण. जहां से जाते हैं एक बार वहां लौट के कभी. नहीं आते अंतिम बार वो राधा से मिलने. आए उन्होंने कहा मैं जा रहा हूं और शायद.
कभी पलट के बरसाने की ओर वृंदावन की ओर अब. कभी ना आऊ राधा ने उनसे कहा मैंने तो. तुम्हारे बिना अपने जीवन की कल्पना तक. नहीं की काना मुझे किसके भरोसे छोड़ के जा. रहे हो मुझे भी ले चलो कृष्ण चुप हो गए. राधा समझ गई कि जो कृष्ण की मर्यादा है वो. उनको इस बात की अनुमति नहीं दे रही है कि. बिना ब्याही किसी को अपने साथ लेकर जाए. राधा ने कहा अगर ऐसा है कृष्ण तो मैं भी. यही हूं तुम भी यही हो भर दो मेरी मांग. में सिंदूर बना लो मुझे अपनी बहता ले चलो. मुझे अपने साथ ये सुनते ही कृष्ण पलट गए. राधा की तरफ पीट करके खड़े हो गए राधा का.
दिल टूट गया और घबरा गई वो कह कृष्ण मेरे. काना मैंने प्यार को शादी में बदलने की. बात कह के क्या कुछ इतना गलत कह दिया कि. तुमने मुझसे नजर ही फेर ली. कृष्ण कहते हैं राधे शादी के लिए दो की. जरूरत पड़ती है मैं और तुम दो कहां है एक. ही तो है बताओ किससे शादी करूं अपने आप.
से अगर हम प्यार को इस मोड़ तक ले जा. पाए. शायद हमारा प्यार भी अ स्मरणीय बन जाए याद. रहे लेकिन एक चीज और होती है हमेशा य गलती. होती है मैं इसे गलती तो नहीं कहूंगा यह. सामाजिक सरोकार है गुरुदेव रविंद्रनाथ. टैगोर की एक कहानी है जहां एक नायक और. नायिका एक दूसरे से प्यार करते हैं इतना. प्यार करते हैं कि बात शादी तक पहुंचती है.
नायक प्रपोज करता है और नायिका कहती है. देखो मैं तुमसे शादी करने के लिए तैयार. हूं लेकिन मेरी एक छोटी सी शर्त है लड़का. कहता है हा बताओ शर्त यह कि शादी के बाद. मैं झील के उस पार रहूंगी इस पार रहूंगी. तुम झील के उस पार. रहना लड़का हस पड़ता है कहता है अरे हम. शादी कर ही इसलिए रहे हैं कि हम साथ रहे. दूसरे के इतना प्यार करते हैं हम एक दूसरे. से लड़की कहती है प्यार करती हूं इसीलिए. कह रही हूं शादी के बाद एक साथ रहना हमारे. प्यार को विश बना देगा जहर बना देगा हम एक.
दूसरे के लिए लायबिलिटी बन जाएंगे. जिम्मेदारी बन जाएंगे बाधा बन जाएंगे. रुकावट बन जाएंगे लेकिन इसका मतलब यह नहीं. कि हम मिलेंगे नहीं कभी तुम बुलावा भेजोगे. तो मैं आ जाऊंगी तुमसे मिलने कभी मैं. बुलावा भेजूं तो तुम आ जाना मुझसे मिलने. या कभी झील पे नौका विहार करते हुए वोटिंग. करते हुए एक दूसरे से टकरा जाएंगे अचानक. चौक के एक दूसरे को देखेंगे अच्छा लगेगा. लेकिन गुलामी नहीं. होगी कितना बड़ा मैसेज है इसमें प्यार वह. फूल है जो बंद कमरे में नहीं खिल सकता.
इसको खुली हवा चाहिए वो मौसम चाहिए जो. बिना शर्तों के आते. हैं लेकिन होता क्या है यह फूलों से सजे. हुए जो कमरे हैं यह अक्सर दुल्हनों को. अपने दिल की बात कहने की इजाजत नहीं. देते पता नहीं कितनी भावनाएं सुहाग के शेष. पर दम तोड़ देती है रविंद्र टगर की नायिका. को यह पता था कि. मैं आसमान खो के चांद नहीं पाना चाहती मैं. अपनी जिंदगी की तमाम खूबसूरत रातें बेच के. एक सुहाग रात नहीं कमाना.
चाहती बस इतनी सी. समझदारी फिर शादी का. कांसेप्ट शादी का कांसेप्ट यह है कि जो. शादी का बेसिक प्रिंसिपल जो सिद्धांत हम. शुरू से देखते आए हैं कि अगर हमें प्यार. हो गया यही है ऑर्गेनिकली यही है कि प्यार. हो गया अब हमें शादी करनी. चाहिए यहां तक कोई प्रॉब्लम नहीं है आपने. अपने प्यार को शादी में बदल दिया अच्छी. बात है लेकिन अगर आप यह मान के बैठ गए कि.
प्यार को शादी में बदल के आपका प्यार पूरा. हो गया तो आप गलती कर रहे हैं क्योंकि एक. स्टेप और है वह भी आपको साथ लेनी है प्यार. को शादी में बदला शादी को दोस्ती में बदला. अगर शादी दोस्ती में नहीं बदलती तो आपका. प्यार अधूरा रह गया भले ही मेरे. सर्टिफिकेट प एक दूसरे के नाम के आगे. पति-पत्नी लिखा हुआ है भले ही आप एक घर. में एक साथ रहते हैं पर शादी दोस्ती में. बदली क्या नहीं बदली तो आपका प्यार नाकाम. है य. फेल ब्यूटीफुली सेड आई थट इ रीजन आजकल लोग. इतने लग क्य हो रहे.
हैं एक्सपेक्टेशन का बोझ इतना है प्यार के. नाम पर हम जितनी गुलामी करवाते हैं लोगों. से वह शायद आप गले में पट्टा बांध के भी. नहीं करवा सकते किसी से जो हम देखते नहीं. है वो अफ्रीकन जिनके गले में पट्टा बंधा. होता. है ससे ज्यादा गुलामी वहां होती है जहां. एक अदृश्य पड़ता है कुछ दिख नहीं रहा सब. कुछ इनविजिबल है पर हर पल आपको ये एहसास. है कि आपको किसी की खुशी के लिए जीना है. किसी के दूसरे के लिए जीना है कोई है जो.
कहीं किसी बात प नाराज ना हो जाए मेरी कोई. बात उसको बुरी ना लग जाए अगर आप खुल के. बात नहीं कर सकते अगर आपके अंदर. कम्युनिकेशन नहीं होता एक दूसरे के साथ. कैसी शादी आप चाहते हैं कैसा प्यार आप. चाहते हैं सबसे बड़ी बात हमारे बीच में. डायलॉग हो पाए मैं कुछ भी तुमसे बोल. पाऊं निर्वस्त्र. होना शादी के बाद यह तो दो शरीरों का. संबंध है लेकिन अगर आपकी आत्मा निर्वस्त्र. हो पाए मैं तुम्हारे सामने अपने तमाम. रूहानी लिबास उतार के खड़ा हो जाऊं और. मुझे पता है कि तुम मुझे जज नहीं करोगी. तुम मुझे गलत नहीं समझी मैं जैसा हूं जो.
हूं वो तुम. समझो और यही एक यात्रा है जो हम करते करते. रह जाते हैं अमृता प्रीतम की बड़ी सुंदर. कविता है आज हमारी सुहागरात है दुल्हन कह. रही है कि आज हमारी सुहागरात है मुझे. तुम्हारा इंतजार है. आओ लेकिन. एक छोटी सी शर्त है अपनी घड़ी की तरह अपने. जूतों की तरह अपने कपड़ों की तरह अपना. जिस्म भी उतार के.
आओ तो अगर जिस्म उतार के और आसमान उड़ के. हम एक दूसरे से मिल. पाए तो प्रेम बहुत सुंदर चीज है और विवाह. उससे भी सुंदर चीज है बट एक जब मैं लोगों. में सर देखता हूं या फिल्मों में देखता. हूं जैसे हम आपकी बात करें हम दुनिया की. बात करें एक बड़ा अच्छा एक बड़ी अच्छी. खूबसूरत सी लाइन थी कि पत्नी कितनी भी. अच्छी हो लोग प्रेसी को ही याद रखते.
हैं किसी भी रिश्ते में आप किसी से पूछे. क्या है वह अपने अतीत के बारे में बैठकर. आपको एक इश्क का किस्सा सुनाएगा मैंने. मनोज जी से पूछा वोह भी इंस्पिरेशन में. अपनी एक्स का जिक्र कर. गए यह क्यों होता है कि पत्नी कितनी भी. अच्छी हो याद प्रेसी ही रहती है प्रेरणा. प्रेसी ही रहती है पासवर्ड प्रेसी. है प्रेयसी का पत्नी बन जाना इस दुनिया की. एक खूबसूरत घटना है अच्छी चीज. है प्रियसी का पत्नी बन जाना बड़ी अच्छी.
चीज है लेकिन पत्नी का फिर से प्रियसी बन. जाना य अलौकिक है बहुत कम रिश्ते वहां तक. सफर कर पाते. हैं जब आप कहते हैं कि याद प्रियसी ही. रहती है तो इसका मतलब यही हुआ कि शायद. पत्नी प्रियसी बन नहीं पाई वरना वो भी याद. रहती वही याद रहती शायद. अब. इसमें गलती दोनों तरफ से होती है कुछ. कमियां दोनों तरफ से रह जाती है वी टेक सो. मच फॉर ग्रांटेड मैंने अभी आपको बताया.
थोड़ी देर पहले कि जब तक आदि पुरुष की. घटना नहीं हुई थी मैंने कभी यह समझा ही. नहीं कि नीलम की कितनी जगह है मेरी जिंदगी. में श वा गुड व र वेरी गुड कपल सब अच्छा. था हमारे बीच में लेकिन आदि पुरुष अगर कुछ. अच्छा निकल के आया तो व यह है कि मेरा वो. रिश्ता और मजबूत हो गया. शायद पत्नी फिर से प्रेसी बन रही.
है ब्यूटीफुल आई मीन आईम हैप्पी फॉर यू कि. ब्लेसिंग इन डिसगाइज में कुछ अच्छा आया वो. लोग जो अहमियत रखते थे बाकी चीज देर सवेर. साथ वापस आ. जाएगी बिल्कुल और मुझे कोई जल्दी नहीं है. मैं मैं बहुत खुश इंसान हूं और मेरी खुशी. की सबसे बड़ी जो वजह है वो यह है कि जो. चीज मेरे लिए मैटर करती थी जो वाकई मेरे. लिए मायने रखती थी वो सब मेरे पास आज भी. है मेरी फैमिली मेरे लिए मैटर करती थी वह.
मेरे साथ है मेरे दोस्त कुछ जो मुट्ठी भर. गिनती के हैं उनको कभी मैंने बदलते हुए. नहीं देखा और जो बदल गए वो कभी मेरे थे ही. नहीं तो उनका मुझे कोई दुख नहीं है एक जरा. सी बात पर बरसों के याराने. गए एक जरा सी बात प बरसों के याराने गए यह. भी चलो अच्छा हुआ कुछ लोग पहचाने गए. सही बात है कुछ ना कुछ सिखा जाती. चीज थाना की शेर की गिरना भी जरूरी है. औकात का पता चलता है वाह बढ़ते हैं जब हाथ.
उठाने को तब जाकर अपनों को पता चलता है. जिन्हें गुस्सा आता है अक्सर वह लोग सच्चे. होते हैं मैंने झूठों को दिन रात. मुस्कुराते हुए देखा है सीख रहा हूं. इंसानों को पढ़ने का हुनर यह सुना है कि. चेहरे पर किताबों से ज्यादा लिखा होता है. वाह हश राय बच्चन साहब ब्यूटीफुल. वाह क्या बात है आ मेरे बड़े पसंदीदा है. बचन सा इस पार प्रिय तुम हो मधु है उस पार. न जाने क्या होगा इस जग के रहने वालों ने.
बचपन छीना यवन छीना उस जग के रहने वालों. का व्यवहार ना जाने क्या. होगा उस बार जाने क्या होगा मनोज मुंतशिर. शुक्ला सबसे महंगे राइटर है बॉलीवुड. के पता नहीं लेकिन हां महंगा ही बिकता हूं. मतलब एक जमाने में सलीम जावेद साब कहते थे. ठोक के कि हमने शुरू किया इंडस्ट्री में. राइटर्स का रुतबा बढ़ाना फिर बीच में. थोड़ा गायब हुआ कई सारे राइटर्स आए बट. राइटर्स इतना टीवी पर नहीं आया मनोज.
मुंतशिर टीवी पर भी छाए हैं हर तरफ छाए. रहे अभी सबसे महंगे राइटर क्योंकि हमने. सुना है काफी पैसा बना लिया आपने हालांकि. आप चलते बलते साइकिल वाइकल प है गांव में. हां साइकिल है मेरे पास मेरे पास बिल्कुल. गांव में साइकिल है और मैं बिल्कुल चलाता. हूं और वही साइकिल है ऐसी कोई फैंसी. साइकिल नहीं साइकिल सोशल मीडिया तक के लिए. है दिखाने. वाली चीजें क्या है दुनिया में अपना घर. दिखाइए 11 कमरों का. बेडरूम लता जी लता मंगेशकर. जी मैं उनसे बड़ा तो नहीं हो गया भारत.
रत्न सारे पद्म पुरस्कार उनकी दीवारों पर. लगे हुए हैं अनगिनत राष्ट्रीय पुरस्कार. दुनिया में कोई चीज ऐसी पाने लायक नहीं है. जो व पा ना चुकी हो लेकिन मैं उनको. व्यक्तिगत तौर पर जानता था मैं बड़ा. खुशनसीब हूं कि मेरी जीवन का पहला गीत जो. मैंने लिखा वो उन्होंने गाया और उनका. अंतिम गीत भी वह चाहती थी कि मैं लिखूं. कभी हो नहीं पाया अगर आप कभी लता जी के घर. जाए तो इतना बड़ा आलीशान घर छोड़ के वह. आपको घर के सिर्फ एक कमरे में ले जाती हैं. और बच्चों की तरह दिखावा करती थी शो ऑफ. करती थी बच्चों की तरह यह देखो क्या था उस.
कोने में जानते हैं आप कोने में उनके. ठाकुर जी का मंदिर और दीवार पर उनके. माता-पिता की. तस्वीर कहती देखो अगर दिखावा करना ही है. तो छोटी मोटी चीजों को क्यों करना गाड़ी. बंगला अवार्ड पुरस्कार ये वो वो दिखाओ जो. सबसे कीमती है जो सबसे अनमोल है ये है. सबसे. अनमोल मैं भी बस उतना ही दिखाता हूं जो. मेरे लिए अनमोल है और वो दिखाता रहूंगा और. मैं बहुत शो ऑफ करता हूं ऐसा नहीं कि मैं. शो ऑफ नहीं करता लेकिन गाड़ियां शो ऑफ.
नहीं करूंगा बंगला शो ऑफ नहीं करूंगा. प्रॉपर्टी शो ऑफ नहीं करूंगा वो कोई भी पा. सकता है कोई भी कमा सकता है उसके लिए मनोज. मुंतशिर होना जरूरी नहीं है कोई भी लाइफ. में सही चले आपका दिमाग सही दिशा में रहे. आप अपने चरित्र के साथ सही रहे आप अपने. टैलेंट को समझे उसको रोज पॉलिश करें हर. दिन उठके क्योंकि ये दुनिया ऐसी है कि. यहां अगर कल आप एक दिन नए नहीं होंगे तो. एक दिन पुराने हो जाएंगे आप जहां है वही. तो नहीं रहेंगे य ढलान है स्लोप या तो आप. आगे जाओ या पीछे आओ चॉइस आपकी है तो अगर. आपको इतना पता है कि रोज एक नई स्किल.
सीखनी है रोज एक धार मार देनी है अपने. आर्ट पर अपने फन पर तो आप पहुंच जाओगे और. यह सबको मिल जाएगा य कोई ऐसा नहीं कि. सिर्फ मनोज मुर को मिला मैं क्या लेके आया. मेरे पास तो कुछ भी नहीं था मैंने तो अगर. सा 50 आखिरी वो पैसे हैं जो मेरे पापा के. मेरे काम आए जो उन्होने मुझे दिए. थे 00 र दिए थेने मुझे 350 का टिकट आया था. पुष्कर पुष्पक एक्सप्रेस 7 ब 20 मिन पर.
चार बाग रेलवे स्टेशन से चलती. थी 18 जनवरी. 1999 मैंने ट्रेन पकड़ी. थी 350 खर्च हो गए उसके टिकट में बच गए. 350 वो 350 और आज मैं जो कुछ भी हूं मुझे. किसी के आगे हाथ फैलाने की जरूरत नहीं. पड़ी मैं अपने रब से अपने ईश्वर से कहता. भी यही था मुझे मोहताज ना रख गैर का जमाने. में कमी है कौन सी मालिक तेरे खजाने.
में जोझ थोड़ी बहुत प्रतिभा दी थी उस. प्रतिभा को एक मकान दिया बहुत आभार से भरा. हुआ व्यक्ति हूं मैं स मेरा ग्रेट ूडल आप. मुझ में ढूंढेंगे कुछ तो आपको शायद जो. ह्यूमन कमजोरियां है वो सब तो होंगी थोड़ी. नाराजगी होगी थोड़ा गुस्सा होगा सब कुछ है. लेकिन अगर सबसे ज्यादा मेरे अंदर कुछ. निकलेगा तो ग्रेटू निकलेगा मैं बहुत आभार. से भरा हुआ. हूं मैं कुछ लिखवा के थोड़ी आया था कि यह.
सब होना ही चाहिए क्या हक था मेरा क्या. अधिकार था मेरा जो आज पाया मैंने कोई. अधिकार नहीं था कोई शर्त नहीं. थी सब मिलता गया सब देते गए अब लेसी क्या. छोड़ेंगे मैं सनातन के लिए बहुत कुछ करना. चाहता हूं जैसे मैंने अभी आपसे थोड़ी देर. पहले कहा कि सत्य सेना सनातन यह तीन चीजें. मेरे एजेंडा में टॉप पर आती हैं तो मैं. तीनों के लिए सत्य कोई ऐसी चीज नहीं है. जिसके लिए कि आप कोई प्रोजेक्ट बनाए सत्य. आपके साथ हमेशा रहता है हर कदम रहता है.
सेना के लिए जो मुझसे बन पड़ता है मैं. करता रहता हूं करता रहूंगा लेकिन मेरा ऐसा. मानना है कि हम अपने हेरिटेज से अपने. कल्चर से अपनी संस्कृति से और अपने महान. वैदिक नॉलेज से थोड़ा सा दूर हो रहे हैं. ड्रिफ्ट अपार्ट हो रहे हैं इसलिए हो रहे. हैं क्योंकि हमें कोई सही तरीके से उधर. खींच लाने वाला नहीं है तो मैं और नीलम हम. एक लेबल शुरू कर रहे हैं जिसका नाम है. प्रार्थना द साउंड ऑफ. सनातन तो ये प्रार्थना द साउंड ऑफ सनातन. में क्या होगा इसमें हम गीत.
बनाएंगे नए टैलेंट्स को लेकर आएंगे. क्योंकि मुझे ऐसा लगता है कि पता नहीं. कितने मनोज मुंतशिर तड़प रहे हैं एक मौके. के लिए एक मौका दे दो वो बन के दिखा देगा. तुमसे बेहतर बन के दिखा देगा जो आज आप हैं. आपसे बेहतर कोई बन के दिखाएगा लेकिन. उसको एक जो गिव एंड टेक है नेचर के साथ जब. मैं यहां आया था तो किसी ने तो मदद की. होगी ना अगर मैं आपसे यह बोलू कि मैं आया. और मैं छा गया मैंने सब कुछ कर ये तो झूठ. होगा ना कुछ तो लोग रहे होंगे जो इसका.
हिस्सा बने कुछ लोग रहे होंगे जो. इसका जो पुर्जा बने कि मेरी गाड़ी चले. कहीं पहुंचे वो इतने बड़े लोग हैं कि मैं. उनको कुछ लौटा नहीं सकता लेकिन उनका ऋण. मेरे ऊपर है अमिताभ बच्चन जी ने मुझे अगर. केबीसी लिखने के लिए चुना उस वक्त जब मैं. फुटपाथ पर था तो मैं अमिताभ बच्चन को क्या. दूंगा पलट के तो मैं किसी दूसरे मनोज र को. दे सकता हूं कि ये. है अगर मैंने उसके साथ कुछ अच्छा कर दिया. तो हो सकता है कि जो अमिताभ बच्चन जी का. ऋण मेरे ऊपर चढ़ाए वो उतर जाए साउंड ऑफ. सनातन इस देश के नए टैलेंट को सामने लाके.
और हमारी महान भारतीय संस्कृति और हमारा. वह संगीत जो हम अपने मंदिरों में गाते हैं. जो हम अपने गुरुद्वार में गाते हैं उस. संगीत को दुनिया तक पहुंचाने का एक प्रयास. है पहला गीत हमारा नवरात्रि में लॉन्च हो. रहा है. मैं आपके पॉडकास्ट के जरिए तो मुझे बहुत. लोग सुन रहे होंगे मेरी आपसे हाथ जोड़कर. प्रार्थना है कि मेरे लिखे हुए गीतों पर. आपने दशहरा मनाया दिवाली मनाई नवरात्रि. मनाई एक बार मेरे चैनल पर आए और देखें कि.
मेरे पास अब आपको सुनाने के लिए क्या है. और जो है वह अच्छा ही होगा आपको निराश. नहीं करूंगा. बफल य काफी लोगों ने कहा कि आपके क्योंकि. आप जिस यूपी में अमेठी से आते हैं और लोग. कह रहे थे कि आप क्या उनके लिए कर करेंगे. बिकॉज हर आदमी नहीं पहुंच पाता जी वहां. आपके हाथ में पावर होना चाहिए देखिए एक. चीज है रिकमेंडेशन वो तो मैं करता ही रहता. हूं मैंने अभी आपको बोला कि मुझे लोग कहते. हैं मुझे शुभंकर के शो पे जाना है तो मैं. कहता हूं हां ठीक है ही इज लाइक माय यंगर.
ब्रदर बड़े शो ऑफ करके मैं कहता हूं मैं. बोलूंगा शुभंकर को तो मैं बुलाएगा ये मैं. अभी भी करता हूं अगर मेरे पास कोई आता है. और मैं किसी को एक फोन कॉल कर सकता हू. लेकिन फोन कॉल के बाद मेरे हाथ में कुछ. नहीं है ना मैंने आपको फोन कॉल कर दिया. बुलाना ना बुलाना आपके ऊपर है तो मैं बहुत. कभी-कभी लेम बड़ा अपाहिज महसूस करता हूं. कि इतना अच्छा टैलेंट है ये मैं जानता हूं. पर ये आगे नहीं बढ़ पाया क्योंकि मेरे फोन. पे लोग मिल तो लिए आगे कुछ हुआ नहीं तो. मेरा जो म्यूजिक लेवल है वो ये दिन रात. कोशिश करेगा कि सिर्फ फोन तक बात ना रुके. बात रिलीज तक पहुंचे आपके गाने आपकी.
प्रतिभा आपकी आवाज आपका टैलेंट मंजर आम पे. आई पूरी दुनिया देखे कि हां इसमें टैलेंट. है ग्रेट पॉलिटिक्स में जाओगे आप ये बड़ा. चलता रहता है कि आप बीजेपी जॉइन करने वाले. हो पर पॉलिटिक्स में तो मैं हूं. ना वो तो आपके साथ हुई है. देखिए 18 साल का था मैं 19 साल का जब. मैंने पहली बार वोट दिया था हां तो जब आप. वोट दे देते हैं तो आप ए पॉलिटिकल नहीं.
रहे आपने अपने देश की सरकार को अपना. जनप्रतिनिधि चुनने में आपने योगदान दिया. तो जो भी कोई आपसे आके यह बोले कि मैंने. वोट दिया है लेकिन मैं राजनीति में नहीं. हूं तो यह बात मुझे समझ में नहीं आती अगर. आपने वोट दिया है तो आप राजनीति में है तो. मैंने वोट दिया है कई बार दिया है मैं. बिल्कुल राजनीति में. हूं तो सियासत का खेल खेलेंगे मतलब खुलकर. ये सवाल हुआ कि अगर राजनीति में आने का. मतलब ये हुआ कि मैं कोई पार्टी जवाइन. करूंगा राजनीति में आने का मतलब ये हुआ. क्या मैं चुनाव लडूंगा तो ऐसा कोई इरादा. फिलहाल नहीं. है देखा जाएगा जैसा गणपति बाप्पा चाहेंगे.
जैसा महादेव चाहेंगे अभी मैं इसके लिए ना. तैयार हूं ना इक्विप्ड हूं ना मैं सोच रहा. हूं और ना दूर दूर तक मेरे वहम गुमान में. कोई अपने बारे में अफवा सुनी आपने जो आपको. अभी भी याद है मैंने अभी आपको एक अफवा. बताई कि आदि पुरुष के लिए 50 करोड़ रुप. लिए सीरियसली. यह इतनी बड़ी बात हो गई क्यों लिए 50. करोड़ रुपए ताकि भगवान श्री राम की छवि को. कलुषित और धूमिल किया जा सके और यह वही कर. सकता है जो श्री राम के बारे में जानता हो.
वैसे ही कोई आके कुछ बोलेगा लिखेगा तो. उसकी वैल्यू नहीं होगी लेकिन बड़ा घाव तो. कोई अपना ही दे सकता है ना तो मैं अपना था. तो इस आदमी को 50 करोड़ रुप दो और इससे. ऐसी स्क्रिप्ट लिखवा अच्छा स्क्रिप्ट. लिखवा देखिए मैंने स्क्रिप्ट भी नहीं लिखी. थ आदि पुरुष की मैंने सिर्फ डायलॉग लिखे. गाने लिखे. लेकिन यह अफवा थी कि मनोज मुंतशिर ने 50. करोड़ रुपए लेके. और सनातन का सत्यानाश कर दिया अफवा है सच. य है कि जो पैसे मेरे बनते हैं व भी मुझे.
अब तक नहीं मिले. पूरे क्या क एक कहावत कहते हैं कनव साथे. रहा ना जाए कनव बिना चला ना. जाए भूषण कुमार जी आपकी जिंदगी वही हो गए. हमको लग रहा है भूषण जी साथ में अभी आगे. भी गाना आ रहा है समझ नहीं पा रहे मनोज जी. बोले उनके परर बोले बोले तो भविष्य देखें. या पिछला साफ करें नहीं लेकिन लेकिन भूषण. जी बहुत बढ़े आदमी देखिए एक बात जब आप. फिल्म बनाने के लिए आप फिल्म प्रोड्यूस कर. रहे होते हैं ना तो आप क्रिएटिविटी में. बहुत नहीं उतरते क्योंकि आपका काम है.
डायरेक्टर के विजन को पैसे से सपोर्ट करना. तो भूषण कुमार का काम क्या था आदि पुरुष. में जो विजन है ओम राउत जी का उसको सपोर्ट. करना ये पहली गाली आपने खाई थी सेकंड. उन्होंने खाई थी डायरेक्टर साहब तीन नंबर. पर थे स्टार कास्ट को कुछ नहीं पड़ी थी. लेकिन एक बात मैं आपको और बताऊ देखिए भूषण. जी का एक आपको बिल्कुल जाननी चाहिए लोग. क्या है ना अक्सर हम किसी को इतना जानते. हैं कि हमारे लिए फिर से वो अजनबी हो जाता. है भूषण कुमार इस देश के लिए अजनबी है एक. मायने में कि जो उनके पिताजी की लेगासी थी.
आदरणीय श्री गुलशन कुमार जी की आप देखें. कि उस लेगे को संभाल के रखना उस लगसी को. किसी और लेवल पर लेकर जाना और अभी दो साल. पहले की बात है दो साल पहले मैं और वो. बैठे हुए थे उनका मुझसे कहना था कि हम. डिवोशनल म्यूजिक अच्छा नहीं कर पा रहे हैं. क्योंकि जैसा करना चाहिए मैंने कहा अच्छा. मतलब सर सब चल ही रहा है ठीक ठाक चल रहा. है को बिलियन व्यूज हो रहे हैं हनुमान. चालीसा पे नहीं जैसा पापा करते थे वैसा हम. नहीं कर पा रहे तो अगर आप सपोर्ट करो तो. हम कर सकते हैं डिवोशनल म्यूजिक भूषण. कुमार ये उनका आईडिया था और दो ढाई जिन.
गानों की आपने बात की अभी आपने विशाल के. गाने बताए राम आएंगे हनुमान के भुजाएं. मेरे घर राम आए हैं यह सब गाने इनको. सपोर्ट किसने किया इन सब गानों को सपोर्ट. करने वाले एक व्यक्ति का नाम है भूषण. कुमार मेरी कंपनी मनोज मुंतशिर. एंटरटेनमेंट उसको पूरी तरह से उन्होंने. फ्री हैंड दिया बोले मेरा सिर्फ एक काम है. और ये आदि पुरुष के बाद है बाय द वे सो ही. टोल्ड मी आई स्टिल ट्रस्ट योर विजन आप जो. करोगे ठीक करोगे और देखें उसके बाद हमने. जो किया क्या किया आज बड़ी खुशी होती है. ये देख के.
कि एक जमाना था जब बड़े-बड़े गाने नरेंद्र. चंचल जी के चलते थे हम सुनते थे आज. नवरात्रि मनाए आप मेरी मां के बराबर कोई. नहीं सबसे बड़ा गाना होता है तो उस चीज को. हम वापस ले आए ये बगैर भूषण कुमार जी की. मदद के संभव नहीं था ग्रेट अ कोई एक अपना. पसंदीदा शेर आप सुनाइए फिर उसके बाद. क्योंकि आपको भी दिल्ली से मुंबई की. यात्रा करनी है पसंदीदा शेर कोई भी आपके. जो दिल के बड़े करीब जैसे कोई कहता है ना. कि यार क्या सुनाओ एक होता है ना एक होता.
है हमारी यहां भरा होता है कि हम सुनाने. का मौका ढूंढते. हैं तन्हाइयों में छुप के जितना रोया हूं. मैं तुमको भी उतना कभी रोना. पड़ेगा तन्हाइयों में छुप के जितना रोया. हूं मैं तुमको भी उतना कभी रोना पड़ेगा. सिर्फ मेरा टूटना काफी नहीं है तुमको भी. तो मुंतशिर होना. पड़ेगा मैंने आपकी मां को लेकर आपकी शद. किसी टीवी चैनल पर आपने बताया था कि बच्चे.
और मां का संवाद था कि मम्मी बहुत बिजी. हूं मैं हा बड़ा खूबसूरत संवाद था. ये बहुत मसरूफ हो. तुम घर दफ्तर कारोबार और सबसे फुर्सत मिली. तो दोस्त यार. जिंदगी पहियों पर भागती है ठहर के यह. सोचना मुश्किल है कि मां आज भी तुम्हारे. इंतजार में जागती. है. सुनो आज दो घड़ी बैठो उसके.
साथ छेड़ो कोई पुराना किस्सा पूछो कैसे. हुई थी पापा से पहली मुलाकात दोहरा उसके. गुजरे जमाने बजाओ मोहम्मद रफी के गाने जो. करना है आज करो कल सूरज सर पर पिघले का तो. याद करोगे कि मां से घना कोई दरख्त नहीं. था इस प तवे के साथ कैसे जियोगे कि वो. तुमसे बात करना चाहती थी और तुम्हारे पास. वक्त नहीं. था और ये होता है एक स्टडी के मुताबिक अगर.
हम सबसे ज्यादा किसी का फोन इग्नोर करते. हैं तो मां का फोन इग्नोर करते हैं सबसे. ज्यादा आप अपने बॉस का फोन इग्नोर नहीं. करते अपने दोस्तों का फोन इग्नोर नहीं. करते अपनी बीवी का फोन इग्नोर नहीं. करते और इसका मतलब ये नहीं कि आप कोई खराब. बच्चे हैं ऐसा नहीं है बट वी जस्ट टेक हर. फॉर. ग्रांटेड कभी यह ख्याल नहीं आता कि आज हम. यह फोन इग्नोर कर रहे हैं कल इसी फोन से. जब वह नंबर डिलीट करना पड़ेगा जिस दिन आप. जान जाएंगे कि मां का फोन कभी नहीं आएगा. अब वह जा चुकी है जहां उसे जाना था वो.
नंबर डिलीट कैसे करोगे छाती फट जाएगी व. नंबर डिलीट करते हुए आज तुम्हारे पास मां. के लिए वक्त नहीं है कल वक्त बहुत होगा. मां नहीं. होगी संभालना पड़ेगा हमें ये रिश्ता हमारा. कैलेंडर अलग-अलग चलता है. हमें लगता है बहुत टाइम बहुत टाइम रोज. लगता है ब टाइम चले जाएंगे कल चले जाएंगे. परसों चले जाएंगे मा को फोन कर लेंगे बहुत. वक्त है अभी अरे वक्त तुम्हारे पास है भाई. क्योंकि तुम 30 साल के 35 साल के 20 साल.
के 18 साल के हो उसका कैलेंडर अलग है उसके. पास बहुत वक्त नहीं. है सिर्फ इतना समझना है कि तुम दोनों का. कैलेंडर अलग है एक्चुअली बिल्कुल वक्त. नहीं आज अगर आप बैठ के कैलकुलेशन करने प. आओगे. ना आपने मां की उम्र जोड़ ली 80 साल जिए 8. भगवान करे कभी ना दुनिया से जाए वो 8085. साल आज से जोड़ना आपकी आप कितनी बार उससे. मिल पाओगे गिनती के वीकेंड्स है आपके पास.
गिनती के मुट्ठी भर वीकेंड्स. है वह मुट्ठी भर वीकेंड्स आप यहां वहां. खर्च कर देते. हैं वह इंतजार कर रही वो तो एक हद के बाद. कुछ कहती भी. नहीं इंतजार रोज करती है. और ठीक है. यार मैं मानता हूं कि दुनिया में कोई. रिश्ता छोटा या बड़ा नहीं होता लेकिन मेरी.
मां के बराबर कोई और खड़ा नहीं. होता मेरे इंतजार में खुली आंखों से बस. वही सो सकती है मेरे दुख में मुझसे ज्यादा. बस वही रो सकती है माथा चूम के मुकद्दर. बदल देने का जादू उसी को आता है और उसी का. हाथ है जो जो थर्मामीटर से भी ज्यादा. करेक्ट टेंपरेचर बताता. है मैंने रिश्तों की तमाम किताबें पढ़ के. देख ली पहले पन्ने पर मां का ही नाम लिखा. था वह मुझ पर तब से जान देती है जब मैं.
प्रेगनेंसी स्ट्रिप पर सिर्फ एक लकीर बन. के देखा. था हिसाब लगा के देख लो दुनिया के हर. रिश्ते में कुछ अधूरा आधा निकलेगा एक मां. का प्यार है जो दूसरों से न महीने ज्यादा. निकलेगा. ब्यूटफुल. आई.
थिंक और सवाल थे बट अब इसके आगे कोई सवाल. करने का उचित नहीं आई थिंक इससे ज्यादा. खूबसूरत नोट नहीं हो सकता इस कार्यक्रम को. अंद करने का बहुत आभार आपका शुभंकर आपने. इतना समय दिया मुझे. और आप लोग जो मुझे सुन रहे. हैं मैं ना बहुत अच्छा हूं ना बहुत बुरा. हूं मैं बहुत साधारण हूं और मुझे ऐसे ही. समझते रहिए ना मैं महापुरुष हूं ना मैं. आदि पुरुष हूं मैं दोनों के बीच में कहीं.
खड़ा. हूं थैंक यू इतना वक्त देने के लिए मुझे. सुनने के लिए थैंक यू सो मच सर थैंक यू.
