Unplugged ft. Manoj Muntashir 2.O | Downfall & Comeback | Border 2 | Teri Mitti ke Bete
ने शब्दों को सरहद की मिट्टी से भी जोड़ा।. तेरी मिट्टी में मिल जावा. और टूटे दिलों की गलियों से भी।. मैं फिर भी तुमको चाहूंगा। [संगीत]. मेहमान है मनोज मुंतशिर शुक्ला।. गिरना भी जरूरी है। औकात का पता चलता है।. कान लगा के बातें सुन ले सूखे हुए दरख्तों. की। लेता है भगवान परीक्षा।. सबसे प्यारे [संगीत] भक्तों की। पूरा. समंदर अगर स्याही बन जाए तो भी मैं ये. नहीं लिख पाऊंगा कि मैं आदि पुरुष के.
दौरान कितने दर्द से गुजरा। [हंसी]. जूलियस सीज़र की हत्या करने वालों में. आखिरी चाकू उसने मारा था जो उनका सबसे. बड़ा कॉन्फिडेंट था। हम ब्रूटस मेरी. जिंदगी में कई ब्रूटस रहे हैं। [हंसी]. होता नहीं रघुनाथ मेरा तो देता कौन जग में. साथ मेरा। पुरोहित दूर जा बैठे थे सारे।. हवन करते जला जब हाथ मेरा। बॉर्डर टू बाबा. मैं तो रहा नहीं। तू मेरी जवानी जी लेना।. क्या यह किसी विवाद का जवाब थी या अंदर. मनोज मुंतशिर के दबी हुई कोई चीख?
यह तो सच है। कुछ दर्द कभी सोते ही नहीं।. वनवास खत्म होते ही नहीं। चौखट पे दिए. जलते। [संगीत]. कुछ राम कभी लौटे ही नहीं। कुछ राम कभी. लौटे ही नहीं। [संगीत]. इसमें पर्सनल यह था कि वो राम मैं भी हो. सकता था। इस गीत में एक स्टांजा और भी था।. आज मैं [संगीत] पहली बार कहीं पब्लिकली वो. अंतरा बताता हूं जो कि बॉर्डर टू में नहीं. गई।. क्या ये सच है कि बॉर्डर टू के लिए जावेद. साहब को भी लिखने को दिया गया लेकिन मनोज. जी की राइटिंग को प्रेफरेंस दी गई थी।. मैं तड़प के रह गया इसलिए कि काश ये जावेद.
साहब दोबारा लिखते तो इन सिचुएशंस पे क्या. अंतर लिखते? तो उन्होंने मुझे डिसपॉइंट. किया है। [संगीत]. वर्सेस जावेद साहब के किस स्कूल पे ज्यादा. करीब हो आप? मैं जावेद साहब की तरफ ज्यादा झुका हुआ. हूं। उसका दो रीज़न है। उनसे बढ़िया बातें. करने वाला इस [संगीत] धरती पे क्या इस. ब्रह्मांड में कोई नहीं अनुराग सिंह के. साथ तेरी मिट्टी. तेरी मिट्टी [संगीत] में मिल जा. और फिर अनुराग के साथ मिट्टी के बेटे वो. मिट्टी [गाना गाने की आवाज़] के बेटे. वाज इट इंटेंशनल कि मिट्टी होगी. इनफैक्ट अनुराग मुझे लगता है कम से कम 10. दिन तो मुझे यही कहते रहते बस एक लाइन हटा.
दो मिट्टी के बेटे लोग बोलेंगे ये जब. मिलते हैं दोनों मिट्टी मिट्टी करते हैं. [हंसी]. कबीर सिंह का गाना कैसे हुआ. कैसे [संगीत]. हुआ. इसमें वो एहसास था जो पहला नशा में था. [संगीत]. पहला नशा. पहला खवा. अचानक सोनू जी मुझसे कह रहे हैं पता नहीं. क्यों कभी आप और वो मिलके गाना बनाओगे ना. कोई बहुत बड़ा हिट होगा। जब मैं सोनू जी. को कहता हूं ना कि वाकई उनके ऊपर मां. सरस्वती का हाथ है।. तो आपको सोनू जी से भी कहना चाहिए ना कि. जिस दिन तुम शुभांकर से पॉडकास्ट करो।. [हंसी]. सबसे खूबसूरत अंतरा कौन सा था? कैसे हुआ.
आपका? मैं बारिश की बोली समझता नहीं था। हवाओं. से मैं यूं उलझता नहीं था। [संगीत]. है सीने में दिल भी कहां थी।. विशाल मिश्रा, मनोज मनुष्य टॉप फाइव गाने।. मेरा विशाल का एक बहुत ही सुंदर एक सिंगल. था। मेरा एक सिंगल फेवरेट है, वह चांद. कहां से? वो चांद कहां है? [हंसी]. जो चांद तुम्हारा. [संगीत][गाना गाने की आवाज़] मेरा था वो. चांद. तेरा बड़ा फेवरेट सॉन्ग तो जितना भरत का. है।. उतना ही हमारा [संगीत]. है।. कुछ लाइनें इतना अल्टीमेट गिफ्ट होती है.
कि उनपे आप अधिकार नहीं जमाना चाहते।. अचानक ये लाइन निकली है मेरी कीबोर्ड पे. मेरी उंगलियों से और मुझे सिहरन दौड़ गई. पूरे बदन में कि मैं भगवान श्री राम को ओन. कैसे कर रहा हूं। मैं उनका भक्त हूं।. कौन तुझे यूं प्यार करे? तुझे यू प्यार. कि एक तरफ मनोज मुंतशिर है जो तेरी मिट्टी. जैसे मर्दाना देशभक्ति गाने बनाते हैं।. लेकिन उसी बीच में एक कोमल स्त्री के मन. की जो इच्छाएं होती हैं उसको भी इज़हार कर. देते हैं।. मैं ये अक्सर कहता रहा कि जो औरत का दर्द. नहीं समझता मनोज मुंश उसे मर्द नहीं. समझता। तो ओरिजिनली हमने भी इसको मेल ही.
सोचा था। हमने सोचा था अरिजीत सिंह से. गवाएंगे।. फिर भी तुमको चाहूंगा। आज के हुक्म. सिचुएशन शिप के दौर में यह एहसास जिंदा. है।. प्यार का दूसरा तो कोई बैरामिटर ही नहीं. है। प्यार आपके कंट्रोल की चीज नहीं है।. पहले तो ये समझ लीजिए।. मनोज मुंतशिर और मिथुन शर्मा के पांच गाने. फिर भी तुमको चाहूंगा तुम प्यार करने. देती।. आए हाए।. तुम्हें तुम्हें इतना प्यार करते।. तुम्हें कितना प्यार करते। एक गाना है हेट. स्टोरी फोर में शायद। तुम मेरे हो [संगीत].
मेरे रहने।. मिट्टी के बेटे उफ।. [संगीत][गाना गाने की आवाज़] के बेटे. 90ज में कौन-कौन सीट खरीदी आपने? मैंने दीवाना खरीदी थी या गा रहा हूं इस. महफिल में। आप अरे कुमार साधु मैं एक गाना. सुनके पूरी पूरी रात रोता था क्योंकि मेरा. पहला हार्ट ब्रेक हुआ था। वो मेरी नींद. मेरा चैन मुझे लौटा था।. फूल और कांटे के एल्बम मैंने खरीदा था।. मेरे प्यार तुम आय हाय हाय [हंसी]. मिथुन ने हमारे पडकास्ट में हमसे प्रॉमिस. किया था। इस साल 2026 में वो कुमार सानू.
के साथ अपना ओरिजिनल गाना कंपोज करेंगे।. क्यों? मेरा तो वादा है सानू दा से। तो. मैंने कहा था कि मैं अपना ओरिजिनल गाना. उनके साथ करूंगा। 2026 में वो वादा पूरा. करूंगा।. मैं लिख रहा हूं। मैं लिख रहा हूं और. खबरदार अगर वो गाना आपने लिखा मिथुन तो. मोहित सूरी नहीं होते तो मनोज मुंतशिर. नहीं होता।. वाह। गलियां के पहले मुझे कौन पूछ रहा था।. [संगीत][गाना गाने की आवाज़]. मेरा 40वां गाना और नवमी फिल्म थी एक. विलन। नियति भेद नहीं करती जो लेती है. [संगीत] वो देती है जो बोएगा वो काटेगा ये.
जग कर्मों की खेती है। मन को मानसरोवर कर. ले तो ही मोती पाएगा। पता नहीं किस रूप. में आके नारायण मिल जाएगा।. नारायण मिल [संगीत] जाएगा।. किसी और का लिखा कोई गाना जिसको आपने पढ़ा. और आपने कहा हाय ये क्या लिखा इन्होंने. काश मैं ऐसा लिखता।. और मैं सबसे जलता हूं। पंछी नदियां पवन के. झोंके कोई सरहद ना इन्हें रोके। जावेद. साहब नमक इश्क गुलजार साहब।. तेरी बाहों में देखूं सनम गैरों की बाहें. मैं लाऊंगा कहां से भला ऐसी निगाहें।.
कभी-कभी मेरे दिल में ख्याल आता है. के जिंदगी तेरी जुल्फों की नरम छांव में. गुजरने पाती तो शादाब हो भी सकती थी। जो. एक्चुअल नज़्म थी। हयात चीखती फिरती बरहना. सर और मैं तेरी हसीन किनारों में छुप के. सो रहता।. मगर यह हो ना सका।. ना कोई राह ना मंजिल ना रोशनी का सुराग. भटक रही है खला खलाओ में जिंदगी मेरी।. इन्हीं खलाओं में रह जाऊंगा एक दिन खोकर।. मगर मैं जानता हूं पहले बस मगर यूं ही. कभी-कभी बिन बोले हैं प्रेम यशस्वी बोल.
दिया तो अर्थ नहीं है। प्यार वही सच्चा है. जिसमें मिलना कोई शर्त नहीं है। [संगीत]. आज हमारे साथ वो शख्सियत हैं जिन्होंने. शब्दों को सरहद की मिट्टी से भी जोड़ा और. टूटे दिलों की गलियों से भी। जिनके गाने. स्पॉटिफाई पर बिलियंस में ट्रैवल कर रहे. हैं। फिर चाहे वह तेरी मिट्टी का कभी ना. भूलने वाला जज्बा हो। कौन तुझे या फिर मैं.
फिर भी तुमको चाहूंगा कि खामोश मासूमियत. या फिर बॉर्डर टू का वो रोंगटे खड़े कर. देने वाला सच जहां पर एक शहीद बेटे और. पिता के जज्बात को जिस तरह से उन्होंने. घेरा वो हर एक के दिल में घर कर गया। यह. वो शख्स है जिन्होंने अयोध्या में प्रभु. राम के आने पर हमें एहसास कराया। यह बताया. कि दीपावली पर कैसे गाने जो हैं उन पर आप. झूम सकते हैं। अगर इस शख्स की बात की जाए. तो अमेठी से निकले यह इंसान आज के दौर के.
सबसे महंगे और सबसे चर्चित गीतकार हैं।. लेकिन अरबों व्यूज और ब्लॉकबस्टर गानों के. पीछे भी एक लेखक की अपनी कहानी है। अपनी. अग्नि परीक्षा है। विवादों का शोर है और. उन्हीं विवादों को फिर अपनी साधना के जरिए. सफलता में बदलने की एक लंबी दास्ता है।. मेहमान है मनोज मुंतशिर शुक्ला। नमस्कार. शुभांकर।. बहुत आभार मुझे दोबारा बुलाने के लिए और. इतना प्रेस्टीजियस जो आपका ये पडकास्ट है. ये कुर्सी मुझे दोबारा देने के लिए। मैं. देख रहा हूं दीवारों के रंग बदल गए हैं।.
सब कुछ बहुत आलीशान हो गया है। सिंस आई. केम हियर लास्ट टाइम।. यह आपकी सफलता, आपकी कामयाबी का प्रतीक. है। ऑल दैट यू हैव अ ओन फॉर योरसेल्फ। यह. शानो शौकत। इसकी बधाई आपको। यह अलग बात है. कि दीवारों के रंग बदल गए। आप होलस्ट्रीज. के रंग बदल गए, सोफों के रंग बदल गए। आपका. रंग नहीं बदला। आप वही हैं जो हुआ करते थे. और इसलिए आपको बधाई। पिछली बार से इस बार. में सर गंगा में बहुत पानी बह गया।. देख रहा हूं मैं।.
पिछली बार से इस बार में जैसे पिछली बार. जब मैंने आपका इंट्रोडक्शन किया था तो. मैंने कहा था कि समर्थक ही आलोचक बन गए।. लेकिन जैसा हमने अपनी ओपनिंग में कहा कि. उन विवादों को आपने साधना के जरिए सफलता. में तब्दील कर दिया। मैं क्या कहूं कि. बॉर्डर टू जो हमने सुना वो मनोज मुंतशिर. का पुनर्जन्म है मेन स्ट्रीम में 2.0 मनोज. मुंतशिर वो जिसे लोग नकारने लगे थे जिसने. पिछले पॉडकास्ट में कहा था कि छ महीने.
मेरे मेरी टीम के पास काम नहीं था जो. यह कह रहा था कि मेरा बेटा उस लाखों पोस्ट. में से एक वो ट्वीट उठा रहा था जिसमें. पिता की तारीफ थी। अब वापस जब चकाचौंध की. दुनिया आ गई और हर कोई कह रहा है कि मनोज. तुम क्या खूब लिखते हो? क्या एहसास कराते. हो? वही ब्रांड है, वही बैनर है जहां से. वो विवाद हुआ था और उसी बैनर में. पुनर्जन्म। क्या सीखा इस यात्रा में आपका? और यह क्या वाकई में पुनर्जन्म है मनोज. का? यह मैं लोगों पे छोड़ता हूं। मेरे लिए.
मैं सिर्फ इतना कह सकता हूं कि मैं एक पल. के लिए भी रोका नहीं। जब मेरे पास काम. नहीं था। जब मुझे ऐसा लग रहा था कि. दरकिनार किया जा रहा है। जब तमाम निगाहें. मुझसे बदल गई थी। उस वक्त भी जो मैंने एक. चीज नहीं छोड़ी वो यह था कि मैं सुबह उठता. था और अपने कंप्यूटर पर बैठता था और मैं. कुछ लिखता था। मैंने जो चीज कभी नहीं. छोड़ी वो यह है कि बगैर 100 पन्ने पढ़े 50. पन्ने पढ़े मैं कभी नहीं सोया। मेरी. जिंदगी में क्या चल रहा है वो एक तरफ. लेकिन मां सरस्वती से जो मेरा रिश्ता था. वो एक तरफ। वो कभी किसी कामयाबी का मोहताज.
नहीं था। वो कभी किसी स्ट्रीमिंग नंबर्स. का मोहताज नहीं था। वो दुनिया के फेंके. हुए तमाम पत्थरों के बावजूद वैसे ही बना. रहा। वो मेरी मां है। वो मुझे देती हैं।. जो मैं मांगता हूं। उनसे शब्द मांगता हूं।. शब्द देती हैं, भाव मांगता हूं, भाव देती. हैं। तो उनकी साधना छूट जाए यह तो मैं खैर. कभी नहीं होने दूंगा। और यही वजह थी कि जब. कश्ती तूफान में थी उस वक्त भी हौसला. बरकरार रहा। और एक दिन तो हर कश्ती किनारे. लग जाती है। मेरी भी लग गई। हरिवंश राय.
बच्चन साहब ने कहा था कि गिरना भी जरूरी. है औकात का पता चलता है और बढ़ते हैं हाथ. जब उठाने को तब जाकर अपनों का पता चलता है. इस बीच में अपनों परायों की समझ तो बढ़ी. होगी आपकी कम से कम और मैं उस समझ से भी. थोड़ा आगे चला गया पहले मुझे यह लगा कि. हां ठीक है जिनको मैं अपना समझता था वो. पराए निकले जिनको मैं कुछ नहीं समझता था. कि मेरी जिंदगी में इनकी भी कोई भूमिका है. उन लोगों ने बड़ा साथ दिया लेकिन अब मैं. शायद. समझदारी के जिस मुकाम पे हूं मैंने क्षमा.
भाव सीख लिया है और मैं किसी को जज नहीं. करता। उनकी अपनी मजबूरियां रही होंगी।. कुछ रहा होगा जो मेरी बुराई करके उनको मिल. जाना रहा होगा। मिल गया हासिल कर लिया. लोगों ने। मेरे लिए जरूरी यह था कि मैं. चलता रहूं। चरे वेती चरे वेती मैं चलता. रहा। तो सफल होना पहली बार में मुश्किल है. या पहली बार सफल होकर जब दुनिया नकार दे. और फिर उठना और फिर सफल होना यह ज्यादा. मुश्किल है।.
दोबारा बहुत मुश्किल है। पहली बार इसलिए. मुश्किल नहीं है कि आपके पास कोई मापदंड. ही नहीं है। आपने अपनी यात्रा शून्य से. आरंभ की है तो आप अगर दो नंबर पे भी. पहुंचे तो वो आपने कुछ कमाया ही। मैं. हमेशा एक बात कहता रहा शुभांकर कि मैं तो. गौरीगंज से ₹750 लेके आया था। तो अगर मैं. ₹800 ले वापस गौरीगंज चला जाऊंगा तो ₹50. के फायदे में हूं। मेरे पास खोने को क्या. है? कौन से गणित से आप यह बता सकते हैं कि. मनोज मुंतशिर तुमने अपनी जिंदगी तबाह कर. ली। नहीं साहब ₹50 लेके लौटा मैं मुंबई.
से। लेकिन वो दिन अब नहीं रह गए। तो जाहिर. सी बात है कि जब आपके मयार बदलते हैं, आपके मापदंड बदलते हैं और आप एक ऐसी जगह. पर खड़े होते हैं जहां आपके पास पलट के. देखने को बहुत कुछ है. तो वो दोबारा शून्य से शिखर पर पहुंचना या. एक-एक कदम उठाना, मेहनत करना वो थोड़ा सा. मुश्किल तो होता ही है।. पिछले पॉडकास्ट की हमारी आपकी बड़ी चर्चा. हुई थी।. मतलब कई सारे लोगों ने ट्रेलर देखकर कहा. था मुझे अभी भी याद है कि ये क्या है? उस पडकास्ट के बाद आपके पास कैसे रिएशंस.
आए थे? देखिए एक तो आपके फैंस की तादाद बहुत. ज्यादा बढ़ी है।. तो मुझे थोड़ी सी जलन होती थी रिएक्शंस पे. क्योंकि लोग मेरी बात तो करते थे।. सब्जेक्ट मैं था पॉडकास्ट का। आपने पूरा. फोकस मुझ पर रखता था लेकिन लोग आपकी बातें. बहुत करते थे। तो मुझे लगता था यार. पडकास्ट मेरा था लेकिन बातें इतनी शुभांकर. की हो रही है और किसी के साथ तो नहीं. होता। आप दुनिया में कहीं और जाएं तो. जिससे बातचीत की जा रही है उसकी बात होती. है।. लेकिन आपके पडकास्ट में यह है कि अक्सर.
फोकस या तो शिफ्ट होता है या डिफ्लेक्ट. होता है। तो मुझे थोड़ी सी जलन हुई, ईर्ष्या हुई जब रिएक्शन आए।. बड़प्पन है आपका ये लेकिन ऐसा कुछ नहीं. है।. लेकिन उसके साथ एक चीज और भी रही कि आपके. सवाल बहुत तीखे थे। अदब के दायरे में रह. के, इज्जत के दायरे में रह के आपने वो सब. पूछ लिया जो लोग मुझसे बदतमीजी से पूछते. थे। और यह फर्क था बाकियों में और आप में।. मैं नाम तो नहीं लेना चाहता। सब हमारे. दोस्त ही हैं। एंड दैट इज व्हाट पुट्स यू. ऑन अ पेडस्टल लाइक नोबडी एल्स। और यही वजह.
है कि मैं दिल्ली आया हूं और मैंने आपको. फोन किया खुद। आप बताइए अपने लोगों को कि. आपने मुझे नहीं बुलाया इस पॉडकास्ट पे।. मैंने आपको फोन किया कि यार शुभांकर मुझे. आकर बात करनी है आपसे। वो क्या कशिश रही. होगी? क्योंकि मैं जानता हूं यह पॉडकास्ट. वस्टिक नहीं है। आपकी जिंदगी के पन्ने. शुभांकर इसलिए नहीं खोलना चाहते कि उनका. तमाशा बन जाए। आपको बोलने का मौका देना. चाहते हैं कि जो लोग आपके तोह में नहीं. पहुंच पाए जो जिन गहराइयों में आपने अपनी. जिंदगी को जिया महसूस किया जो दुख आपने.
सहे उनप आपके पास कहने को कुछ तो होगा तो. शुभांकर अपने तीखे शब्दों से वहां पहुंचना. चाहते हैं। दिस इज व्हाट सेट्स यू. डिफरेंट। मुझे लगता है शायद यही तरीका भी. अच्छा होता है कि आप जनता से भी ईमानदार. रहिए और जो व्यक्ति आपके पास आया उसका भी. सम्मान बरकरार रहे।. जी. और अगर प्यार से मुस्कुरा कर सवाल पूछे जा. सकते हैं तो उसके लिए चीखने चिल्लाने की. जरूरत क्या है? समथिंग टू लर्न फ्रॉम यू।. सर लेकिन मुझे जरा ये बताइए क्योंकि थोड़ा. सा मैं आपका एक्सपीरियंस जानना चाहता हूं।. जब वो दौर चल रहा होगा आप कह रहे थे कि आप.
रुके नहीं, थमे नहीं। ठीक है। यह अच्छी. चीज होती है कि अगर आप रुकते नहीं है, थमते नहीं है, चलते रहते हैं तो देर सवेेर. फिर सुबह होती है। लेकिन उस दौर में जब. परेशानियां अधिक थी, कभी हाथ कांपा, कभी. डाउट हुआ कि यार जो वो शहरत मैंने देखी. थी, वो जो चमक मैंने देखी थी, वो जो भीड़. मेरे पीछे थी, वो जो टीवी शोज़ मेरे आगे. पीछे थे, अब वो दिन नहीं आएगा।. सेल्फ डाउट हुआ उस दौर में। कभी-कभी हाथ. कांपे, अपने लिखे शब्दों से डर लगने लगा. कि देखो मेरे पास लेखन तो है। मैं लिख.
सकता हूं। बहुत सारी फिल्में आ रही हैं जो. शायद मैं इससे बेहतर काम कर सकता हूं। यह. मेरे लिए फिल्में होनी चाहिए थी। यह मेरी. थी। मुझसे क्यों ले रहे हो? मैं. [नाक से की जाने वाली आवाज़] एक बात बताऊं. ये एक बड़ी अजीब सी चीज हुई मेरे साथ। मैं. बहुत अपने अर्ली स्टेज में मैंने फिल्म. इंडस्ट्री को और मैं जानता हूं ये बात. बहुतों को तकलीफ देगी। लेकिन यह मेरा सच. है और मैं अपना सच बोलने से डरता नहीं।. मैंने फिल्म इंडस्ट्री को सीरियसली लेना. बहुत पहले छोड़ दिया था।. ओके।. बहुत पहले। तो जब आदि पुरुष की घटना हुई.
उसके साथ जो कुछ भी हुआ तो ऐसा नहीं कि. मैंने बहुत ज्यादा दोस्त खो दिए। मेरे. दोस्त थे ही नहीं।. [नाक से की जाने वाली आवाज़]. और जो खो गए वो खैर कौन से दोस्त थे? तो. एक बात मैं हमेशा मानता रहा कि अगर मैं. मुंबई आके गौरीगंज से. अपने शब्दों के बल पे यहां तक पहुंच सकता. हूं। तो जाहिर सी बात है कि एक ही करेंसी. है जो मेरे पास है। बाकी दूसरी कोई है. नहीं।. मुझ पर किसी बड़े आदमी का हाथ नहीं है।.
कोई गॉड फादर नहीं है। मेरे ऐसे कोई संबंध. आज तक फिल्म इंडस्ट्री में नहीं है। लोगों. को लगता होगा। पर मैं आप मुझे किसी पार्टी. में कभी नहीं देखेंगे। किसी सेलिब्रेशन. में नहीं देखेंगे। अपनी फिल्मों के. प्रीमियर्स पे मैं नहीं जाता। तो मैं वाकई. जल में रह के भी कमल की तरह थोड़ा सा ऊपर. उठा हुआ हूं कि. मुझे नहीं फर्क पड़ता। सेल्फ डाउट इसलिए. नहीं आया कि अपने शब्दों पे तो कभी डाउट. था ही नहीं। अगर मैं अच्छा लिख रहा हूं।. इनफैक्ट मैं आपको बताऊं यह एक बड़ी अजीब. सी चीज है कि मैं स्विट्जरलैंड में था। यह.
उस दौर की बात है जब मैं यहां से थोड़ा. उकता के भाग गया था। तो. अपने सबसे उदास दिनों का एक वाक्य आपको. बताता हूं मैं। मैं जरिक से पेरिस जा रहा. था। तो जरिक में ट्रेन पकड़नी थी मुझे और. जब मैं पहुंचा प्लेटफार्म पे तो लगभग. ट्रेन मूव करना शुरू कर शुरू कर चुकी थी. और बहुत सारी ट्रेंस लगी होती हैं एक साथ।. तो आई जस्ट टैप्ड समवन। एक लड़की खड़ी हुई. मैंने पूछा मैम ये ट्रेन जरिक जा रही है. क्या? तो उसने अपने कान से एयरपोर्ट्स. निकाले और उसने मुझे देखा और बोला मिस्टर.
मुंतशिर आई एम सच अ ह्यूज फैन। ये मैं. जरिक की बात कर रहा हूं। शी हैप्पेंडें टू. बी एन इंडियन और ये सुनते ही मुझे ये सुने. हुए बहुत दिन हो गए थे कि मिस्टर मुंतशिरि. आई एम अ ह्यूज फैन। तो मैंने कहा ओके थैंक. यू। मैं आपका ही गाना सुन रही थी। और. उन्होंने कान में लगा कि मेरा और अरिजीत. का और मिथुन का एक बड़ा प्यारा सा गीत था. फिल्म बवाल से। तुम प्यार करने देती तो. तुम्हें कितना प्यार करते।. तुम्हें कितना प्यार करते। क्या खूबसूरत. गा रहा है।. तो अचानक मेरी आंखों में. खूबसूरत गा रहा है।. जी। तो अचानक मेरी आंखों में एक ट्विंकल. आया कि मेरे गीत तो लोग आज भी सुन रहे.
हैं। मैं ट्रेन पे बैठा और मैंने ट्रेन पे. बैठ के लिखना शुरू किया मेरे मोबाइल पे. ही। मैंने गीत के तौर पे नहीं लिखा था. लेकिन वो सबसे मेरे मशहूर सबसे हिट और. पॉपुलर गीतों में से एक बन गया। मैंने एक. लाइन लिखी कि कान लगा के बातें सुन ले. सूखे हुए दरख्तों की। कान लगा के बातें. सुन ले सूखे हुए दरख्तों की। लेता है. भगवान परीक्षा सबसे प्यारे भक्तों की। वाह. एक प्रश्न है गहरा जिसकी हरि को था लगानी.
है। तेरी श्रद्धा सोना है या बस सोने का. पानी है। जो फूल धरे हर डाली पर विश्वास. तो रख उस माली पर। तेरे भाग में पत्थर है. तो पत्थर भी खिल जाएगा। पता नहीं किस रूप. में आके नारायण मिल जाएगा।. वाओ वाओ।. तो इस पर तो कोई शक रहा ही नहीं कि नारायण. मेरे साथ है और हर किसी के साथ है। जब आप. अपनी जिंदगी के पन्ने पलट के देखेंगे तो. आपको यह समझ में आएगा कि अगर तमाम.
मुश्किलों के बावजूद आप खड़े रहे अगर आप. यहां बैठे हुए हैं। अगर आज आपके लाखों. करोड़ों सुनने वाले हैं। सब आपके बल पे तो. नहीं हुआ है। ये. क्षमा कीजिएगा।. ट्रू जी 100% किसी ने तो सर पर हाथ रखा ही. होगा। कोई धरातल होगा जिस पर तेरे पांव. टिके होंगे। युद्ध लिखे हैं यदि जीवन में. तो केशव भी लिखे होंगे।. बिल्कुल सही बात है। कुछ पुरुषार्थ होगा, कुछ बड़ों का आशीर्वाद होगा। मेरी मम्मी. की दादी नहीं है इस दुनिया में। तो मेरी. मां बहुत क्लोज रही है उनसे।.
जी।. और मेरी नानी की भी तबीयत खराब थी।. तो मेरी मां को ऐसे जिक्र उन्होंने करना. शुरू किया और मुझसे कहा कि तुमको पता है. जब नानी का हम इलाज करवा रहे थे। तो. उन्होंने कहा कि अगर तुम लोग उस समय होते. और हम सामर्थ होते तो शायद मेरी दादी कई. साल और जिंदा हो जाती।. लेकिन वो हर रोज तारीफ कर दुआ देती थी. मुझे कि मेरा बच्चा सोना मिट्टी बिछुएगा. सोना हो जाएगा। तो जब तुम लोग जीवन में. अच्छा करते हो तो मुझे लगता है कि मेरी. दादी की जितनी दुआएं थी ना वो सब तुम पर आ.
गई है।. ओह हो हाउ ब्यूटीफुल।. वाह।. एंड देन शी सेड कि हो सकता है तुम ना. मानो। तुम कहो कि मैंने बहुत मेहनत की. अकेले दिन रात तपस्या की है। मैं काम करता. हूं. लेकिन कुछ तो चमत्कार भी है। सब तुम्हारे. हिस्से का अकेले नहीं है। कुछ तो है और शी. स्टार्टेड फीलिंग इमोशनल एंड शी सेड दिस. कि दिन भर करती थी मेरा पुतवा मिट्टी. छुएगा सोना हो जाएगा। तो वो जहां है आई एम. श्योर वो खुश होंगी। और मैं उनको नहीं बचा. पाई। लेकिन अब मुझे खुशी है कि हम सक्षम.
है कि हम मैं अपनी मां का ख्याल रख पा रही. हूं। शुभंकर जब भी कोई मुझे और आप जैसे. लोगों से जब हमें कोई यह कहता है ना और. लोग प्यार से कहते हैं कि यार शुभांकर. सेल्फ मेड आदमी है। मनोज मुंतशर सेल्फ मेड. आदमी है। तो कहीं हमारे दिल के किसी कोने. में यह आवाज आती है कि झूठ है ये। हम. सेल्फ मेड नहीं है। और कम से कम मैं तो. अपने बारे में पूरी दुनिया से कहना चाहता. हूं कि बिल्कुल भी सेल्फमेड नहीं हूं मैं।. यह वाला टैग मेरे ऊपर से हटा लीजिए।. वो हमारे अध्यापक जिन्होंने.
कक्षा पांच या छह में पहली बार रश्मिरथी. पढ़ के सुनाई। यह देख गगन मुझ में लय है।. ये देख पवन मुझ में लय है। जिस तरह से. राजेंद्र सिंह सर थे हमारे टीचर हिंदी. पढ़ाते थे हमको। उन्होंने मुझे इसलिए. हिंदी नहीं पढ़ाई कि मैं आगे चलके हिंदी. मां की सेवा ऐसे करूं। सबको उन्होंने वही. पढ़ाया। लेकिन ऐसा आकर्षण था उनके. व्यक्तित्व में जब वो हिंदी पढ़ाते थे और. बोलते थे। तो कोई स्मृति हो दो लाइन हमको. भी सुना दीजिए। मुझे ये. हमेशा याद आता है कि हमारे सब्जेक्ट में. रश्मिरथी नहीं थी।.
लेकिन वो जब आते तो बातें यहां वहां से. निकलती निकलती वो कुछ भी पढ़ा रहे हो. मुंशी प्रेमचंद की कहानियां पढ़ाते थे।. लेकिन वो रश्मिरथी पे निकल जाया करते थे।. और मैंने ये पहली बार जो भगवान कृष्ण का. विराट रूप था वो उन्हीं से सुना था।. अंबर में कुंतल जाल देख पद के नीचे पाताल. देख मुट्ठी में तीनों काल देख मेरा स्वरूप. विकराल देख सब जन्म मुझे से पाते हैं फिर. लौट मुझे में आते हैं यह देख जगत का आदि. सृजन यह देख महाभारत का रण मृतकों से पटी. हुई भू है पहचान कहां इनमें तू है.
तो लगता था इस भाषा का सौंदर्य क्या है ये. कितनी सुंदर भाषा है ये रह जाती थी मेरे. साथ टिक जाती थी मेरे साथ तो अगर आज मैं. उनको अचानक भुला दूं जब मैं आज रश्मिरथी. या मैं कोई बात दुनिया में कर रहा हूं. खड़े खड़े होके गाने लिख रहा हूं तो मेरे. निर्माण में एक ईंट क्या राजेंद्र सिंह की. नहीं है मेरे निर्माण में क्या हजार ईंटें. उस मां की नहीं है जिसने एक छोटे से गांव. में जब मैं बड़ा हो रहा था तो आप याद करें.
अर्ली 80ज 81 82 की बात मैं कर रहा हूं. गौरीगंज में गौरीगंज एक गांव हुआ करता था. कस्बा भी नहीं था. [अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़] हमारे. पास संचार के नाम पे क्या साधन थे? एक. रेडियो था जिस पे आकाशवाणी लखनऊ से समाचार. आते थे और दिन में दो बार गाने आते थे।. मैं जहां बड़ा हुआ जिस घर में उसके आसपास. के तकरीबन 1 1/2 कि.मी. के इलाके में कोई. दूसरा घर नहीं था। हम जंगलों में रहते थे।. मेरे पेरेंट्स वही अफोर्ड कर सकते थे।.
वहां मेरी मां ने मुझे सोने से पहले बगैर. किसी बड़े आदमी की कहानी सुनाई। एक बार. सोने नहीं दिया। मैं इरिटेट होता था। मैं. चिढ़ता था। मम्मी सोने दो यार। नहीं सुनो. रवींद्र नाथ टैगोर ने फिर क्या बोला। सुनो. फिर स्वामी विवेकानंद ने क्या कहा। ये. मेरी मां का क्या विज़न रहा होगा। गांव में. पली बड़ी एक मां उस एक विज़न था कि मेरे. बेटे को मैं कहानियां सुनाऊंगी। वो सुनाती. रही है मुझे कहानियां। मैं जो कुछ बन पाया. शायद मेरे मन में भी कभी आया होगा। मुझे. एक बार याद है इंफॉर्मेशन अधूरी थी। 83.
में इंडिया ने जब वर्ल्ड कप जीता क्रिकेट. का तो मेरी मम्मी को क्रिकेट नहीं पता था।. कपिल देव पता था।. [हंसी]. तो मुझे आके कह रही है देखो मन्नू एक बहुत. बड़े खिलाड़ी हैं कपिल देव उन्होंने जीत. लिया मैंने कहा मम्मी क्या जीता ये तुम. क्या खेलते हो तुम बैडमिंटन उन्होंने. बैडमिंटन जीत लिया ये आज तक मेरे दिमाग. में है कि कपिल देव ने बैडमिंटन जीत लिया. ये 83 का वर्ल्ड कप था लेकिन जितनी. इंफॉर्मेशन उनको मिल पाई उन्होंने. जोड़तोड़ के मुझे बताने की कोशिश की.
[नाक से की जाने वाली आवाज़]. मेरे वो दोस्त. हम ऐसे चार लोग बैठ जाते छतें थी हमारे. गौरीगंज में खुली हुई छतें और शाम को 6:00. बजे एक पूरी जफड़ी लोगों की इकट्ठा हो. जाती और टूटे फूटे मैं उनको शेर सुनाता और. उनमें से कोई कहता अरे मन्नू तुमको तो. फिल्मों में जाना चाहिए क्या पता बेचारे. को फिल्मों के बारे में और क्या पता कि. मेरे अंदर कितनी काबिलियत है या मैं किस. लायक हूं उस लायक तो बहुत था भी नहीं बड़े. शुरुआती दिनों की बात कर रहा हूं मैं. लेकिन जिसने पहली बार बोला मन्नू तुमको.
फिल्मों में जाना चाहिए उसका हिस्सा नहीं. है मेरे निर्माण. मेरी पत्नी. शी वाज़ ऑल ऑफ़ 18 व्हेन वी गॉट मैरिड।. सिर्फ 18 साल की थी। 18 साल की लड़की शी. कम्स फ्रॉम अ वेरी रिच बैकग्राउंड। तो अगर. सोशल बैकग्राउंड में देखें तो वो बहुत. ज्यादा पैसे वाले लोग थे। ये उस जमाने में. भी गौरीगंज में उनके पास कारें हुआ करती. थी। कॉर्डस फोंस हुआ करते थे। बड़े-बड़े कलर. टेलीविज़ंस हुआ करते थे। ह्यूज. रेफ्रिजरेटर्स हुआ करते थे। ये उस लड़की की. बात मैं कर रहा हूं। और मेरे पास कुछ नहीं. था।.
जब उनको मुझसे प्यार होता है तो प्यार की. पहली पहले मोड़ पर मैं उनसे कहता हूं कि. देखो तुम्हारे दिमाग में या तुम्हारे पापा. के मन में जो कुछ भी है मैं वो इंसान नहीं. हूं। ना मैं डॉक्टर बनूंगा ना मैं. इंजीनियर बनूंगा ना मैं आईएएस बनूंगा। मैं. कुछ वैसा नहीं करूंगा जो दुनिया करती है।. उन सबका बड़ा सम्मान है मेरी नजर में।. लेकिन मैं उस लायक नहीं हूं। मेरी वो. दुनिया नहीं है। मैं संघर्ष करूंगा। हो. सकता है मैं किताबें लिखूं। हो सकता है. फिल्मों में चला जाऊं।. यह एक लूजर की निशानी है। जो ऐसी बातें.
करता है, वह लगभग उस जमाने में लूजर गिना. जाता। उसका मुझ में ट्रस्ट. 18 साल चार या पांच महीने की थी वो जब. हमने भाग के शादी कर ली थी। उस विश्वास ने. मेरी बुनियाद में ईंटें रखी हैं कि यार. कोई कितना ट्रस्ट कर सकता है। मुझे इसके. लिए कामयाब होना है। चलो छोड़ दो बाकी सब. कुछ। तो ये इतने लोग हैं। मैं अगर बताने. पे आऊं तो शायद पूरा दिन निकल जाएगा।.
मैं कितनी भी कोशिश कर लूं ये किस्सा रह. जाएगा आधा। किस-किस के मैं नाम गिनाऊं. सांसे कम है लोग ज्यादा।. इन सब ने मनोज मुंतशिर गढ़ा है। सेल्फ मेड. नहीं हूं मैं।. लेकिन कोई ऐसा भी था इस यात्रा में जिसने. जिससे आपको उम्मीद थी। जैसे एक होता है ना. कि. ठीक है बुरा वक्त आता है अपने साथ छोड़ते. हैं बट कुछ घाव रह जाते हैं तो. डिसपॉइंटमेंट के उस दौर में.
नाम आप चाहे तो ना ले कोई जरूरी नहीं किसी. को बदनाम क्यों करना किसी का जिक्र करके. लेकिन थे लोग ऐसे जिनसे आपको अपेक्षाएं. नहीं थी आपको लगा अरे. वो जैसे रोम में था कि तुम भी YouTube. ब्रूटस हां YouTube ब्रूटस [हंसी]. या. आई मीन व्हाई ये बड़ी अच्छी कहानी है। सो. जूलियस सीज़र की जब हत्या हो रही थी तो. जूलियस सीज़र की हत्या करने वालों में. आखिरी चाकू उसने मारा था जो उनका सबसे बड़ा. कॉन्फिडेंट था।. जिस पे कि उन्हें यह भरोसा था कि ये तो. दुनिया एक तरफ हो जाए लेकिन ये मेरे साथ.
खड़ा रहेगा। आखिरी नश्तर जूलियस सीज़र की. छाती में उसने गाड़ा था। उसका नाम ब्रूटस. था।. और तब जूलियस सीज़र कहते हैं यू टू ब्रूटस।. दैट बिकम अ प्रोवर्ब। अह मेरी जिंदगी में. कई ब्रूटस रहे हैं। [हंसी]. जिन लोगों को मैंने प्यार किया, जिन पे. मैंने भरोसा किया, उनमें मैंने स्वर्ग और. नर्क दोनों देखे हैं।. हम्म।. तो नाम तो नहीं लूंगा लेकिन मैं यह कह. सकता हूं कि ऐसे बहुत सारे लोग थे जिनको. देख के कभी यह लगा ही नहीं कि यह मेरा फोन. नहीं उठाएंगे।.
यह मेरी बात नहीं सुनेंगे और मुझे इनकी. जरूरत पड़ेगी। इसके पहले मुझे कभी किसी की. जरूरत पड़ी ही नहीं। तो मैं हमेशा खुश. रहा। मैं देता ही रहा। आई वास ऑलवेज इन. दैट पोजीशन कि ठीक है। जो भी दे पाया. मैंने लोगों को दिया। लेकिन एक बार ऐसा. वक्त था जिसका आप जिक्र कर रहे हैं जहां. मुझे कुछ पाने की ख्वाहिश थी कि कोई संभाल. ले कोई ये हिचकोले खा रही है जो नाव कोई. इसमें एक हाथ लगा दे। लेकिन ऐसे तमाम हाथ. गायब हो गए। अगर होता नहीं रघुनाथ मेरा तो.
देता कौन जग में साथ मेरा। पुरोहित दूर जा. बैठे थे सारे हवन करते जला जब हाथ मेरा. कोई ऐसा भी था जिसकी आपने कभी हेल्प की हो. या आपने उसे करियर में उठाने में हेल्प की. हो और फिर यूं ही आपको लगा चलो बात कर. लेते हैं पर फोन नहीं उठा. करियर की बात तो मैं नहीं करूंगा लेकिन. बहुत सारे.
पॉलिटिकल गलियारों में ऐसे लोग थे. जो मेरे. बहुत हितषी बनते थे। मैं बनते ही थे। अब. बोलूंगा जिनके दिन में चार फोन आते थे और. बड़ी पावर की जगह पर बैठे हुए लोग जो वाकई. देश और प्रदेश चलाते थे।. भैया आप हमारी शान है। भैया आप हमारी. इज्जत हैं।. हर चीज. तो मुझे लगता है कि हां ठीक है। अगर मैं. किसी की शान और इज्जत हूं तो आप एक दिन.
में तो यह शान और इज्जत नहीं चली गई।. एटलीस्ट मुझे सुन तो लो एक बार। हां, ठीक. है जो मैंने किया वह गलत था। जो मुझसे हुआ. वह गलत था।. इस देश ने मुझे इसकी बहुत सजा दी। लेकिन. उस सजा को मैं उनका प्यार समझ के स्वीकार. इसलिए करता हूं कि वो मुझसे डिस्कनेक्ट भी. हो सकते थे कि नहीं चाहिए मनोज मुंहशर. जिंदगी में। चलो और मैं ये देश की बात कर. रहा हूं। अपने सुनने वालों की बात कर रहा. हूं। बड़ा आसान है ना कि आप किसी से नाराज. हुए। किसी ने आपको हर्ट किया तो उससे. रिश्ते तोड़ लेना।. लेकिन यह मेरे सुनने वाले इनको पता नहीं.
क्या विश्वास था मुझ में। इन्होंने मुझे. जम के मेरी लानत मलामत की है। मेरी भरना. की है। मेरी निंदा की है। कभी-कभी अपशब्द. बोलने की हद तक ये गए हैं। लेकिन इन्होंने. मुझसे अपने आप को डिस्कनेक्ट नहीं किया।. ये भागे नहीं मुझसे दूर। यह मुझसे लड़. झगड़ के मेरे साथ रहे। और यही वजह है कि. जब मैं वापस कुछ अच्छा करता हूं तो यह सब. फिर मेरे पास आ गए। मेरी पीठ पर हजारों. हाथ शाबाशी के लिए आ गए।. अ.
तो यही सच्चा रिश्ता है।. मोहब्बत में कहीं किसी ने लिखा था कि माना. कि तुमसे लड़गढ़ कर ही सही। पर फिर भी. तुमसे उलझे रहना यह भी तो इश्क और प्रेम. ही है।. एक्सैक्टली। तो ये जो इश्क और प्रेम है ना. ये आपको आपके सुनने वाले आपकी जनता देती. है। वो जो बड़े-बड़े लोग जो हमेशा ये. गिनवाने पे लगे रहे कि भैया हम आपके साथ. हैं। वो ऐसे गायब हुए। ऐसे गायब हुए के. फिर आए वैसे। यह कमाल यह है कि पिछले कुछ. दिनों में मैं फिर देख रहा हूं। फिर लहरें. मुड़ गई हैं। फिर रास्ते मेरी तरफ मुड़ गए.
हैं। लेकिन मैं थोड़ा समझदार हो गया हूं।. अब नाइस। आपने एक समझदारी वाला गाना लिखा. जो मेरे दिल में बड़ा रह गया। इस गाने. कंपोजर से भी मैंने बात की। इस गाने. से जुड़े काफी लोगों से बात मैंने की।. बॉर्डर टू. जी।. और बॉर्डर टू में वो एक लाइन कि बाबा मैं. तो रहा नहीं तू मेरी जवानी जी लेना। क्या. यह किसी विवाद का जवाब थी या अंदर मनोज. मुंतशिर के दबी हुई कोई चीख जो चाहती थी. कि हर एक इंसान को झकझोर दे वो हर कोई जो.
मुझसे जुड़ा हुआ था उसको ये लाइन महसूस हो. जाए क्योंकि ये गाना जब आया तो उस वक्त. कुछ महसूस हुआ ये गाना इस अंतरे में इस. हिस्से में खत्म हो रहा था तो यह महसूस. हुआ मुझे. वरना तेरी मिट्टी का कंपैरिजन चलता था कि. इससे आगे क्या व्हाट्स नेक्स्ट बट यहां जब. हम पहुंचे तो सब हम भूल गए थे। एक नए सिरे. से हम आपको बेहतर होते देख रहे थे। क्या. था यह?
एक आपकी असलियत होती है। आपके अंदर एक तरह. की प्रोग्रामिंग होती है। आप उसको जेनेटिक. कोडिंग कह लें। जो आपको डिफाइन करती है।. अगर कभी ऐसा होता है कि जो आपकी एक्चुअल. जेनेटिक कोडिंग है उससे मिलताजुलता आप काम. भी करने लग जाए। आपको वह मौका भी मिले।. आपको प्रकृति वो मौका ला के दे दे तो कुछ. चमत्कार हो जाता है। तो मैं यह जानता हूं. कि मैं मेरे पास तीन साल की ढाई साल की. मेरी तस्वीरें हैं। जहां मैं जय हिंद कर. रहा हूं। जहां मैं सैल्यूट कर रहा हूं।.
मुझे वर्दियां बड़ी अच्छी लगती थी हमेशा. और मुझे फौजी बहुत ज्यादा अच्छे लगते थे।. मैं कहीं भी देख लूं मैं रुक जाता था। ये. मेरी बचपन से किस्से हैं। कभी मेरी मां के. साथ अगर आप एक पॉडकास्ट करें तो वो आपको. सुनाएंगी कि मैं चिल्लाने लगता था। अगर. मैं कहीं से गुजर रहा हूं बस में। मैं जिद. करता था कि मुझे बस से उतारो। मुझे इनसे. शेक हैंड करना है। ये मैं था बचपन से।. शायद यह एक वजह है कि जब भी मुझे मौका. मिला कि मैं वर्दियों के सम्मान में कुछ. लिख पाऊं तो मैंने अपनी आत्मा ही निकाल के.
रख दी। बट इसमें पर्सनल टच भी था। वनवास. खत्म होते ही नहीं। चौखट पर दिए जलते ही. रहे। कुछ राम कभी। सो ये देशभक्ति था, यह. भावना था। लेकिन इसमें एक मनोज भी था। अब. वो जानबूझकर था या हो गया या जिस हम जोन. में होते हैं वहां से कुछ वैसा निकल. रास्ता निकल जाता है।. हां ये ये तो सच है। ये सच है कि शायद. मिट्टी के बेटे. इसका आखरी आखिरी अंतर एक बार लाइन पढ़ के. सुनाइए।. मैं मैं आता हूं उस पे। मैं. [नाक से की जाने वाली आवाज़] एक बात के. लिए बहुत शुक्रगुजार हूं मेरे एक दोस्त का.
जो मुझसे बहुत छोटे उम्र में लेकिन बहुत. ज्यादा बड़े संगीतकार हैं। मिथुन का।. मिथुन शर्मा। मिथुन शर्मा. मेरे फेवरेट कंपोजर. हम हम सबके तो मिथुन से मैं हमेशा कहता. हूं कि मेरा आपका रिश्ता अब दोस्ती का है. लेकिन पहले जो पहला रिश्ता जिस तरह से मैं. आपको जानता हूं वो फेंडम का है मैं पहले. आपका फैन हूं बाद में आप मेरे दोस्त हो. कुछ भी हो बाद की बात है वो हम साथ में. काम हमने बहुत सारे गाने साथ में किए. मिथुन शायद इस इस वक्त इस देश के मुट्ठी.
भर कंपोजर्स में से होंगे जो कविता को. कंपोज कर सकते हैं और यह बहुत बड़ी चीज. है।. वाओ।. टेक्निकल लग सकती है सुनने में लेकिन ड्यू. देना पड़ेगा आपको।. सारे संगीतकार इस देश के और बड़े-बड़े. उनकी अपनी खूबियां हैं और वो बहुत बढ़िया. हैं। लेकिन वो हमेशा चाहते हैं कि वो एक. धुन दें। उस धुन पे आप लिखो। ये भी बहुत. अच्छी बात है। कोई गलत बात नहीं है। ये. तरीका है लिखने का। दूसरी चीज ये है कि. ठीक है आपका मुखड़ा हम ले लेते हैं लेकिन. सिनेमा के मुखड़े ना बड़े एक खास तरह से.
लिखे जाते हैं। फिल्मी होते हैं वो आपको. देखने में ही लग जाता है। जिसे कविता कहते. हैं, नज़्म कहते हैं, शायरी कहते हैं, पोएट्री कहते हैं। उसे कंपोज करने का गट्स. कोई नहीं दिखाता। सिर्फ एक इंसान है। जो. खड़ा हो जाता है कि मनोज जी आप मुझे कुछ. पोएट्री करके दो। मुझे नहीं देनी आपको कोई. धुन। मुझे नहीं बांधना है आपको। तो इस गीत. के लिए भी मिथुन ने सबसे पहले मुझे यही. बोला कि मनोज जी मैं कुछ नहीं दूंगा आपको।. आप सोचो ना आपके दिमाग में क्या आ रहा है? क्या रिएक्शन है आपका इस फिल्म की कहानी. सुन के बॉर्डर और हमारे डायरेक्टर अनुराग.
सिंह जिनके साथ इतने सालों बाद पिछली. फिल्म मैंने उनके साथ केसरी की थी और उसका. गीत अमर हो गया तेरी मिट्टी इतने साल. अनुराग ने फिल्म नहीं बनाई वरना मेरा. करियर कहीं और पहुंच चुका होता। इतने साल. बाद उन्होंने फिर बनाई बॉर्डर और फिर हम. साथ बैठे। तो ये पूरी पोएट्री पहले लिखी. गई। क्या मनमौजी बेफिकरे थे? मौत पे अपनी. हंसते थे। दिल में वतन को रखने वाले सर पर. कफन भी रखते थे। हम जो तिरंगा लहराएंगे. हिचकी बनके याद आएंगे वो मिट्टी के बेटे.
जो वापस ना लौटे।. जिसके लिए सरदार हमारा झूल गया था फंदे. पर। धूल नहीं लगने दी हमने उस बेदाग. तिरंगे पर। तेरा दर्द तू जाने बाबा मैं तो. खुशी से पागल हूं। जिसकी गोदी में खेला. था। चला उसी के कंधे पर।. लाडले जब सरहद जाएंगे हिचकी बनकर याद. आएंगे वो मिट्टी के बेटे जो वापस ना लौटे।.
[नाक से की जाने वाली आवाज़] आज मैं आपके. साथ हूं। मुझे एक और वाक्या याद आ रहा है. जो मैंने आपके पहले कहीं नहीं बोला है। इस. गीत में एक स्टैंजा और भी था क्योंकि जब. अनुराग कहानी सुनाते हैं बहुत पैशनेट. तरीके से सुनाते हैं। तो. [नाक से की जाने वाली आवाज़] आपने फिल्म. देखी है आपको वो चरित्र याद होगा जो. दिलजीत दोसांश की बहन का था। बड़ा प्यारा. रिश्ता था और वह हमेशा वरुण का जो चरित्र. था उससे कहती थी कि मुझे तुमसे राखी में. कुछ नहीं चाहिए। जब जरूरत होगी मैं मांग. लूंगी।. और आखिर में सिर्फ जब शहादत होती है.
दिलजीत की तो वो कहती है मुझे मेरा भाई दे. दो ना।. इस चीज ने मुझे तड़पा दिया था। इस सीन ने. तड़पा दिया था। तो एक अंतरा हमने लिखा था. जिस पर मैं मिथुन अनुराग हम सब रोए हैं।. लेकिन हम वो फिल्म में नहीं डाल पाए. क्योंकि हमारे पास फिल्म में जगह ही नहीं. बची ऑलरेडी बहुत कुछ हो गया था दिखाने के. लिए। आज मैं पहली बार कहीं पब्लिकली वो. अंतरा बताता हूं वो लाइनें क्या थी जो कि. बॉर्डर टू में नहीं गई।. [नाक से की जाने वाली आवाज़].
भैया तुझको ताने देगी बहना इस खुदग्रजी. पे।. भैया तुझको ताने देगी बहना इस खुदग्रजी पे. मेरी डोली उठी नहीं और लेट गया तू अर्थी. पे. [नाक से की जाने वाली आवाज़] रोते हैं. राखी के धागे तोड़ दिए क्यों तूने वादे. मेरी जान के बदले कोई मेरा चांद सा भाई ला. दे. हम जब राखी बंधवाएंगे हिचकी बनके याद. आएंगे उफ वो मिट्टी के बेटे जो वापस ना.
लौटे. और जिस आखिरी अंतरे की आपने बात की शुभंकर. वो कभी फिल्म में नहीं था। उसकी कोई जरूरत. नहीं थी फिल्म में। गाना पूरा हो चुका था।. गाना कंप्लीट हो चुका था। लेकिन हमारे जो. डायरेक्टर साहब हैं वो कभी खुश नहीं होते।. ये उनकी प्रॉब्लम है। शिकायत कर रहा हूं. मैं उनकी आपसे। तारीफ नहीं कर रहा हूं। तो. डायरेक्टर साहब सारा गाना खत्म होने के. बाद सबको गाना बहुत पसंद आ गया। सनी पाजी. से लेके दिलजीत तक, वरुण तक सब मिट्टी के.
बेटे के दीवाने हैं। भूषण कुमार जी।. लेकिन हमारे डायरेक्टर साहब एक दिन. बैठे-बैठे मुझे कह रहे हैं. यार आपको पता है सर हमारी पिक्चर में ना. एक कैरेक्टर है उसका नाम है राम. मैंने कहा अच्छा. वो दिए की हिफाजत करता हुआ बलिदान हो गया. क्योंकि उसने कुछ गांव वालों से यह वादा. किया था कि यह दिए बुझने नहीं दूंगा मैं. तो वह दिए बचाते बचाते उसके ऊपर एक शेल. गिरती है एंड ही डाइस वीरगति को प्राप्त.
हो गया दिए बचाते हुए. मैंने कहा तो नहीं सर मैं तो आपको खाली. बताना चाह रहा था कि राम है दिया है आपके. मन में कुछ आए तो बस और यह चले गए. समटाइ्स यू आर टच्ड बाय डिवििनिटी ये. लाइनें मैं समझता हूं कि मैं इनका अगर. क्रेडिट ले पाता तो जरूर लेता। अनुराग का. इधर जाना और उधर अगले एक से 1ढ़ मिनट में. मेरा मोबाइल मेरे हाथ में आना और मैंने. लिखा कुछ दर्द कभी सोते ही नहीं वनवास.
खत्म होते ही नहीं चौखट पर दिए जलते ही. रहे कुछ राम कभी लौटे ही नहीं. इसमें पर्सनल यह था कि वो राम मैं भी हो. सकता था. जो कभी लौट के नहीं आया जिसे उसकी अयोध्या. वापस मिली ही नहीं और मैं उसी मुहाने पर. खड़ा हुआ था बॉर्डर के पहले. कि पता नहीं कभी मेरे लिए फिर से दीप. जलेंगे कि नहीं जलेंगे. पता नहीं कभी फिर से मेरे स्वागत में.
पलकें बिछाई जाएंगी कि नहीं. फिर से वो सब होगा जिसकी मुझे कभी आदत पड़. चुकी थी सो दिस अंतरा वास पर्सनल यू आर. राइट. कि देशभक्ति की भावना थी लेकिन इंसान कई. बार जिस स्टेट ऑफ माइंड में होता है उसकी. झलकियां दिख जाती है जी चलिए दो खुराफाती. सवाल करता हूं मैं फैंस के लिए थोड़ा मूड. चेंज करते हैं। अह एक थ्योरी यह आई थी। आई. डोंट नो कितना सच कितना फसाना। जावेद साहब. ने कहा कि मैंने इस फिल्म में गाने लिखे.
नहीं।. मुझे क्रिएटिविटी मर गई है। नए सिरे से. राइटिंग नहीं हो रही है। वही रिपीटेटिव हो. रहा है। मेरे कुछ इंसाइडल दोस्तों ने मुझे. बताया। मैं आपसे कंफर्म करना चाह रहा हूं. कि इस फिल्म के लिए जावेद साहब को भी. अप्रोच किया गया था। उन्होंने भी कुछ लिखा. था। लेकिन फिर किसी ने कहा कि आपकी. राइटिंग को स्थलेक्ट किया गया था।. [हंसी]. यह बहुत और यह किसी फालतू इंसान ने नहीं. बताया था मुझे। ये किसी विश्वसनीय इंसान. ने क्योंकि इस फिल्म से काफी मैं भी जुड़ा.
रहा। काफी लोगों से उठना बैठना रहा मेरा।. [अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़] क्या. यह सच है कि बॉर्डर टू के लिए जावेद साहब. को भी लिखने को दिया गया। लेकिन मनोज जी. की राइटिंग को प्रेफरेंस दी गई थी। मैं. कहूं तो यह पार्शियल सच है और पार्शियल सच. यह है कि जावेद साहब को बिल्कुल यह कहा. गया कि आप इस फिल्म के गाने लिखें।. खासतौर से वो गीत लिखें जो कि आपके ही हैं. जो ओरिजिनली आपके हैं। बाकी गाने मैं शुरू. से लिख रहा था। तो बॉर्डर जब अनाउंस हुई. है तब से बॉर्डर के गीत लिखने के लिए मैं. ही था ऑन बोर्ड। लेकिन क्योंकि संदेश के.
बिना तो बॉर्डर बन नहीं सकती।. तो जाहिर सी बात है कि वो गीत भी लिखना है. और वो गीत लिखना क्यों है? वैसे का वैसा. क्यों नहीं रख सकते? क्योंकि इस फिल्म की. सिचुएशंस अलग थी। तो ये गीत इसलिए दोबारा. लिखना जरूरी था क्योंकि इस फिल्म में ऐसी. सिचुएशंस थी जो पिछली बॉर्डर में नहीं थी. जो ओरिजिनल बॉर्डर थी।. तो. जावेद साहब के पास गए हमारे डायरेक्टर, हमारे प्रोड्यूसर्स और मुझे ऐसा बताया गया.
क्योंकि मैं तो इसका कोई फर्स्ट हैंड मेरे. पास इनफेशन नहीं है। लेकिन जो मुझे बताया. गया वो यह था कि जावेद साहब ने कहा कि मैं. एक गीत को दोबारा नहीं लिखता और वो जब लिख. दिया तब लिख दिया। अब मैं दोबारा उन. गलियों से नहीं गुजरना चाहता। कुछ नया. लिखना हो तो मैं लिखूंगा लेकिन मैं पुराना. जो कि बड़ी एक सम्मान की चीज है वो इतने. बड़े जीनियस हैं। मैं अगर दुनिया में कुछ. लोगों की वाकई इतनी इज्जत करता हूं। इतनी. ज्यादा इज्जत करता हूं के मेरा सर नहीं. उठता उनके आगे तो उनमें एक जावेद सर.
उन्होंने लिखा नहीं था। मतलब. मैं नहीं जानता। मुझे इस बारे में कोई खबर. नहीं कि उन्होंने कुछ लिखा था। मुझे यही. बताया गया कि उन्होंने नहीं लिखा।. ओके।. उन्होंने नहीं लिखा तो जाहिर सी बात है कि. जो चीज उन्होंने छोड़ ही दी जो उन्होंने. मैदान खाली कर दिया तो मुझे भी कोई गिल्ट. नहीं थी। मुझे गिल्ट उस वक्त होती जब. जावेद साहब का गाना मैं रिकक्रिएट कर रहा. होता उनके होते हुए और वो आज भी शानदार. लिखते हैं।. मतलब ही इज अनडाउटेडली वन ऑफ द बेस्ट वी. हैव।. मैं ये जो गीत हमने अभी किया घर कब आओगे? मैं तड़प के रह गया इसलिए कि काश ये जावेद.
साहब दोबारा लिखते तो इन सिचुएशनंस पे. क्या अंतर है लिखते। तो एक स्टूडेंट के. तौर पे, एक तालिबेइल्म के तौर पे मेरा तो. नुकसान हो गया। मैं तो चाहता था कि जावेद. साहब लिखें। तो उन्होंने मुझे डिसपॉइंट. किया है ना लिख के। और मजबूरन मुझे लिखना. पड़ा। अब जिन सिचुएशनंस के लिए लिखना पड़ा. मेरे सामने एक चैलेंज ये था. [नाक से की जाने वाली आवाज़] कि पहली चीज. जिस दिन मैं मिथुन और अनुराग और भूषण. कुमार जी हम बैठे हैं हमने अपने दिमाग से. ये बात निकाल दी है कि हमें जावेद साहब से. ज्यादा कुछ. बढ़िया लिख के दिखा देना है. वो हमारा स्ट्रगल ही नहीं था। हमारा.
स्ट्रगल था कि हमारे पात्र हमारे चरित्र. क्या बोल रहे हैं। इनके लिए जो कहना है वो. कह दो।. तो. आप देखें जो विशाल का अंतरा है बहुत लोग. मुझे कहते हैं कि भाई इतना तो अच्छा लिखा. हुआ था आप उसी को यूज़ कर लेते सेम लिरिक्स. यूज़ कर लेते नहीं कर सकते थे विशाल का. अंतरा जो है विशाल मिश्रा जी का चरित्र है. वरुण धवन का वरुण धवन की शादी हुई है नईनई. और. दे आर एक्सपेक्टिंग अ चाइल्ड ये सब छोड़.
के वो सरहद पर आ गए हैं तो उनके लिए हमने. लिखा कि यह दिल जो बरसों से था खाली खाली. सा किसी के आने से सजा दिवाली सा जगे हैं. दरवाजे किसी की आहट से सवेरा होता है किसी. की करवट से. कान की बाली ने आम की डाली ने और पूछा है. चौथ की थाली ने कि घर कब आओगे. तो ये सिचुएशन नई थी हमारे सामने जो.
दिलजीत दोसा का अंतरा था आप वो स्टंजा. सुने वहां सिचुएशन. उनका फेवरेट है ये वाला. जी दिलजीत वाला यह पूछो आंखों के छलकते. पानी से बिछड़ता है कोई कहां आसानी से. यह पूछो आंखों के छलकते पानी से बिछड़ता. है कोई कहां आसानी से मैं पीछे छोड़ आया. दुआएं करती मां कि उससे भी प्यारी मुझे यह. धरती मां किसी ने धीरे से कहा था लौट आना. मैं रास्ता देखूंगी मुझे ना तड़पाना.
तरसती यादों ने अधूरे ख्वाबों ने और पूछा. है उसकी यादों. कि घर कब आओगे? तो ये सब दोबारा लिखना. पड़ा। लेकिन शायद जावेद साहब लिखते तो. इससे बेहतर लिखते।. एक थ्योरी सर और आती है कि जो तेरी मिट्टी. के बेटे गाना था. हम. ये इनिशियली शायद अर्जित सिंह गाने वाले. थे। ये लॉक्ड था। लेकिन फिर संदेश आते का. जो वर्जन था घर कब आओगे? वो मार्केट में. आया। और उस गाने में सोनू निगम साहब की.
बहुत तारीफें हुई क्योंकि उन्होंने पिछले. वाले से भी शायद ज्यादा बेहतर गाया था। ये. मार्केट रमर्स में बता रहा हूं। आप. वेरीफाई कर देना। और फिर अर्जित वाला. हिस्सा लोगों ने कहा कि वी एक्सपेक्टेड. मोर फ्रॉम अरजीत सिंह। समवन इज़ अ लेजेंड. लिविंग लेजेंड। हम ज्यादा थोड़ा एक्सपेक्ट. कर रहे थे। इसलिए मिट्टी के बेटे चला गया. सोन निगम के पास। यह तो मैं कह रहा हूं कि. इसमें 70% तो मैं यकीन करता हूं सच्चाई है. जो मुझे पता है। आप बाकी वेरीफाई कर सकते. हो। मैं इसको वेरीफाई इसलिए नहीं कर सकता. कि जब हम एक गाना बनाते हैं तो हम बहुत.
सारे नाम कंसीडर करते हैं।. इज इट ट्रू कि अरजीत सिंह कंसीडर किया. गया।. बिल्कुल कंसीडर किया गया था।. मिट्टी के बेटे. बिल्कुल और इतने कमाल के सिंगर हैं अरजीत. सिंह। मैं आपको बताऊं हमने अरजीत सिंह को. भी कंसीडर किया था। एक लहक मेरे मन में कई. बार थी और मिथुन के मन में भी थी। विशाल. मिश्रा कैसे रहेंगे इस गाने के लिए। फिर. हमने ये सोचा कि इसमें मल्टीपल आवाें रखते. हैं। लेट देयर बी सोनू जी, लेट देयर बी. अरिजीत, लेट देयर जैसे हमने संदेश किया. था। हां।. तो ये सब प्रोसेससेस से हम गुजरे हैं।. लेकिन इनसे गुजरते गुजरते हम एक ऐसी जगह.
पहुंच गए जहां सोनू जी को जब हमने डब किया. तो उन्होंने पता नहीं एक नई चीज साबित कर. दी कि वो अब ज्यादा नए हैं।. [हंसी]. तो वो सोनू निगम जो अर्ली 2000 में जिनको. हम जानते थे और इस बात के लिए शायद मुझे. वो डांट भी दे। लेकिन मैं फिर भी कहना. चाहूंगा कि मुझे यह वाला सोनू निगम चाहिए।. वो सोनू निगम तो था लिविंग लेजेंड। उसको. तो पूरी दुनिया ने सेलिब्रेट किया। अब. क्या ही मैं बोल दूंगा जो उनकी शान में. कोई इजाफा कर देगा।.
ये क्या नए वाले सोनिगम में क्या बेहतर. है? एक्सप्रेशंस. वो इसलिए भी क्योंकि वो जो दौर था जब. अर्ली 2000 की बात आप करते हैं तो वहां. सिनेमा बहुत लाउड हुआ करता था। तो जाहिर. सी बात है कि आपको तो सिनेमा के साथ ही. तालमेलानी है ना। आप ऐसा थोड़ी अलग से कुछ. गा के निकल जाएंगे। तो सोनू जी वहां. ज्यादा इमोट करते थे जो कि रिक्वायरमेंट. थी हमारे कैरेक्टर्स की, हमारी फिल्मों. की। ये थोड़ा सा सर्टिलिटी का दौर है। इस. सर्टिलिटी के दौर को उन्होंने इतनी. खूबसूरती से समझा है, इतने अच्छे से समझा.
है कि भैया जो नई फौज है सिंगर्स की दे. शुड लर्न फ्रॉम दैट लेजेंड।. तो कौन सा गाना सोन निगम का बीते कुछ. सालों में आपको बहुत दिल पे छू गया।. मुझे पापा मेरी जान बहुत अच्छा लगा।. मेरे जुबान पे यही गाना।. बहुत ज्यादा। उन्होंने अभी जो अमीर जतोबा. का जो उनका जो वर्जन था ढोलना? वाह मेरे ढोलना क्या सुंदर गाया उन्होंने।. मैंने तो रिसवर किया उस गाने को। अमाल ने. बहुत अच्छा कंपोज किया दोबारा। कंपोजीशन. तो शायद वही थी लेकिन बहुत अच्छा नए तरीके. से प्रेजेंट किया। तो सोनू जी ने तो पता.
नहीं क्यों ये बता दिया कि. बट फिर लोग सफल व्यक्ति पे ही क्यों बात. करते हैं। जैसे अमाल का भी कहना था कि जब. ये गाना कंपोज हो रहा था। सो फर्स्ट चॉइस. सोनू जी नहीं थे। उनको रिप्लेस करने की. बार-बार बातें आ रही थी। बट अमाल रुक गए. उस गाने पे। हम. अब [गला साफ़ करने की आवाज़] सोनू जी का. एक नया वर्जन हम देख रहे हैं। पापा मेरी. जान बॉर्डर टू में भी एक्चुअली हम सोनू जी. को भी कह सकते हैं कि एक नए सिरे से दी. लेजेंड्री सोनू निगम का कमबैक हम कह सकते. हैं क्योंकि बीच में गाने आ रहे थे सिंगल. सिंगल बट इस फिल्म. का चेहरा या आवाज सोनू निगम थे बड़ी आवाज.
कई सारे गाने उनके से थे तो सेम आदमी उतना. ही गुडी आदमी है। टैलेंटेड आदमी है। आवाज. बड़ी खूबसूरत है। टेक्निकली साउंड है।. सारे सिंगर्स से ज्यादा जल्दी सीख ले रहा. है। लेकिन फिर इंतजार करते हैं लोग कि जब. गाना सफल हो जाएगा तभी सारे गाने ले. जाएंगे।. ये हमारी दिमागी प्रॉब्लम है। ये हमारी. इंडस्ट्री का एक एक मैं क्या बताऊं ये. प्रोग्रामिंग एरर है। हम अपने आप ही चीजों. को पुराना मानने लगते हैं। कुछ कोई पुराना. नहीं होता। जब भी मिलता है वो अंदाज जुदा. होता है। चांद 100 बार भी निकले तो नया.
होता है।. वाह! लेकिन आप वो हैं जिन्होंने आर डी बर्मन को. पुराना मान लिया। भाई।. एक्जेक्टली। हां।. तो आपकी तो अब मैं क्या ही कहूं। कि जिनको. आडी बर्मन पुराने लगने लगे थे अगर उनको. सोन निगम पुराने लगने लगे तो प्रॉब्लम ना. आडी बर्मन में थी ना सोनोनिगम में. प्रॉब्लम आपके समझने में थी आपकी. अंडरस्टैंडिंग में थी कि कोई चीज आपके लिए. अवेलेबल थी. हम. तो आपने उसकी कदर कीमत नहीं की मुझे भी इस. बात का दुख है कि एक बहुत सारा अरसा ऐसा. गुजर गया जिसमें सोनू जी को कम से कम डेढ़. 200 और गाने गा देने थे वो अवेलेबल थे.
लेकिन द इंडस्ट्री एज इट फंक्शनंस और उनके. साथ एक चीज और भी है वो अपनी शर्तों पे. काम करने वाले इंसान हैं और इतना इतना. बड़ा आदमी ऐसे ही जीता है। तो आप सोनू. निगम को दोस्ती में तो वो आपके सामने चटाई. पर बैठे हुए मिल जाएंगे। लेकिन अगर आप. चाहें कि आप उनको कोई लालच देकर सिंहासन. पे बिठा दें तो वो सिंहासन पे भी बैठे हुए. आपको नहीं मिलेंगे।. मेरे एक पॉडकास्ट में अनु मलिक ने कहा कि. सोनू निगम जैसा गुड़ी सिंगर मुझे विशाल.
मिश्रा में दिखता है।. हां।. और अनु जी ने ही संदेश से आते गवाया था।. उस दौर में जब कुमार सानूदित नारायण का. राज था।. हां। उस दौर में सोन जी से गाना गवाया था. रूप कुमार जी से तो उनसे ये स्टेटमेंट आना. मेरे लिए बड़ा शॉकिंग था कि बहुत बड़ा. स्टेटमेंट ये है कि सोनू जी के जूतों को. अगर कोई फिल कर सकता है आज की जनरेशन में. तो विशाल है. आपने भी कहा कि तेरी मिट्टी के बेटे हम. विशाल से भी गवाना चाह रहे थे। आपका एक. विशाल के प्रति आकर्षण हमने देखा भी है।. अपार्ट फ्रॉम व्यक्तिगत रिश्ता प्रोफेशनल. रिश्ते को ध्यान में रखते हुए क्या विशाल.
मिश्रा में ऐसा है जो मनोज मुंतशिर अपनी. सारी खूबसूरत रचनाओं को विशाल की तरफ. मोड़ना चाहते हैं? विशाल उन्नाव की आवाज हैं।. और विशाल नहीं बनना चाहते हैं। लॉस. एंजेलिस की आवाज, न्यूयॉर्क की आवाज नहीं. बनना उसको। विशाल की वो यात्रा ही नहीं. है। एंड दैट इज व्हाट इज वेरी स्पेशल. अबाउट दैट पर्सन। आप विशाल से मिले। विशाल. की बॉडी लैंग्वेज आप देखें। मैं विशाल को. तब से जानता हूं जब विशाल को शायद उनकी. बिल्डिंग का वॉशमैन नहीं जानता था।. और आज विशाल को पूरा देश जानता है। तो.
मैंने कुछ तो यात्रा देखी ना विशाल की जो. नहीं बदला है वो यह था भैया पायलागू ये. भैया पायलागू तब भी था। यह भैया पायलागू. अब भी है। यह उन्नाव का लड़का बात कर रहा. है।. रॉकस्टार ओढ़ी हुई शोहरत, ओढ़ी हुई. कामयाबी. यह तो खत्म कर देती है लोगों को। मैं इस. बात से बहुत खुश हूं और विशाल के पास मैं. हूं कि जब मुझे कभी ऐसा कुछ दिखेगा तो. डांटने के लिए मैं हूं कि दैट इज नॉट यू।. विशाल जब किसी गाने को अप्रोच करते हैं तो.
उनके दिमाग में सबसे पहली चीज यह नहीं. होती है कि मेरे कितने नोट सही हिट होने. चाहिए। वो तो हिट होंगे ही। बड़ा कलाकार. है। बड़ा कलाकार सही करता है। विशाल की. पहली तड़प ये होती है कि क्या मैं ये. वर्ड्स इमोट कर पाया या एक्सप्रेस कर. पाया? जो लिखा हुआ है कि किसी ने धीरे से. कहा था लौट आना। सवेरा होता है किसी की. करवट से। आप देखो आप वो गाना हम शायद प्ले. नहीं कर सकते कॉपीराइट की वजह से लेकिन. लोगों से मैं कहता हूं वो गाना जाके आप. खाली वो सवेरा होता है किसी की करवट से।. वो करवट बदलता हुआ इंसान आपको नजर आएगा.
अदायगी में। यह रफी साहब करते थे।. मुझे तो कभी-कभी लगता है कि रफी साहब के. गाने दुनिया को इसलिए पसंद थे क्योंकि. लैंग्वेज की भी जरूरत नहीं थी। आई कैन. अंडरस्टैंड क्या गाया जा रहा है। रफी साहब. मेरे लिए तमिल तेलुगु गाना गा दें। बड़ी. सुंदर भाषाएं हैं लेकिन मैं जानता नहीं. हूं। तो मैं उसमें भी समझ जाऊंगा कि. मोहम्मद रफी ने क्या गाया है। वो खूबी. आपको दिखती है सोनू निगम में। वो खूबी. आपको दिखती है विशाल मिश्रा में।. मुझे लगता है कि घर कबागे में विशाल. सबसे करीब थे सोनू निगम साहब के। या वो जो.
वो अदायगी थी जो एक मिट्टी कि कहते हैं ना. छोटे शहरों की खुशबू जो होती है उस गाने. में. विशाल वो उसके आसपास थे जो क्योंकि विशाल. बहुत एक्साइटेड थे उस गाने को लेके मुझे. अभी भी याद है बॉर्डर टू रिलीज होने वाली. थी और हर रात हम रात भर बैठे कप लड़ते थे. कि भाई कैसा गाया इसने कैसा गाया ऑनेस्ट. फीडबैक देना तो मैंने उनसे बात कही थी. मैंने कहा कि मुझे सबसे बेहतरीन सोनू साहब. लगे और मुझे ऐसा लगा कि विशाल उस गाने की. आत्मा को समझ के सोनू निगम के काफी करीब.
थे. देखिए मैं एक बात कहूं इसलिए भी करीब थे. क्योंकि विशाल की जिंदगी में जो दो चार. भगवान हैं उनमें से एक सोनू निगम भी है।. तो सोनू निगम विशाल के भगवान है और यह मैं. पब्लिकली कह रहा हूं। तो विशाल के लिए ये. बहुत बड़ा मौका था कि अपने भगवान के साथ. आप गा रहे हैं।. और पहला ही अंतरा था। सोनू जी ने मुखड़ा. गाया और जो फर्स्ट अंतर आता है वो विशाल. की आवाज हिट करती है। मुझे लगता है कि जो. उनके मन में श्रद्धा रही होगी उस गीत के. लिए और सोनू जी के लिए वो सब उमड़ के उस.
अंतरे में आ गई और मैं अपना फेवरेट तो. नहीं चुन सकता लेकिन मैं यह बात कह सकता. हूं कि विशाल का अंतरा मेरी रिपीट. प्लेलिस्ट में रहता है।. ख्वाब देखिए ख्वाब पूरे होते हैं।. ख्वाब पूरे होते हैं। ये मैं आपको एक बात. बताता हूं। 97 में पहली बॉर्डर आई थी। यह. भी मैंने कहीं जिक्र नहीं किया इसका। मैं. अपने कॉलेज के सेकंड ईयर में था। इलाहाबाद. विश्वविद्यालय हमारा शहर प्रयागराज।.
₹30 का टिकट मिलता था चंद्रलोक थिएटर में।. चंद्रलोक थिएटर बहुत प्रेस्टीजियस थिएटर. हुआ करता था उस जमाने के हिसाब से और बाकी. बहुत सारे थिएटर्स थे जो नकली प्रिंट्स. में फिल्में दिखाया करते थे तब। तो वहां. फिल्में पहुंचती नहीं थी। इलाहाबाद जैसी. जगह पे फिल्में आखिर में आती थी और अगर नई. फिल्म कोई रिलीज होती थी तो अक्सर नकली जो. के स्मग्ड प्रिंट्स होते थे उनसे देखती. थी। काली पीली कलर सही नहीं आते थे। ऑडियो. सही नहीं आता था। चंद्रलोक वाज़ ऑलवेज लाइक. अपराइट कि सही पिक्चर दिखाएंगे महंगी होगी. पर हमारे यहां सही पिक्चर देखने को. मिलेगी। एक ही जगह लगी बॉर्डर। चंद्रलोक.
में ₹30 का टिकट और ₹30 बहुत ज्यादा थे 97. में मेरे जैसे एक मिडिल क्लास बच्चे के. लिए।. मैंने जाके किसी तरह सारे अपने खर्चे एक. तरफ किए। मैंने कहा पिक्चर तो देखेंगे. क्योंकि वो संदेश आते हैं गाना हम सुन. चुके थे। पिक्चर देखी और पिक्चर देख के. मैं पागलों की तरह रोया और जब वो गीत आता. है हरिहरन साहब का जिसके लिए उनको नेशनल. अवार्ड मिला। मेरे दुश्मन, मेरे भाई, मेरे. हमसाए वहां तक आते-आते मेरे आंसू बांध. तोड़ चुके थे। मैं थिएटर से बाहर निकला।.
मैंने मुझे आज भी याद है 12:00 से तीन का. शो देखा था। और थिएटर से निकलने के बाद. मैं सिविल लाइंस में टहलता रहा क्योंकि वो. पिक्चर मुझ पर भूत की तरह सवार हो चुकी. थी। छोड़ नहीं रही थी। और वो लड़का जिसके. लिए ₹30 इतनी ज्यादा रकम थे। उसने 6 से 9. का शो फिर से देखा फिर से ₹30 देके। मुझे. नहीं पता था कि 29 साल बाद यह फिल्म. दोबारा बनेगी और इस बार यही गीत मैं लिख. रहा होगा। तो सपने सच होते हैं।.
तो चलिए मैं एक सेल्फ इंस्पेक्शन का एक. ऑप्शन देता हूं आपको मैं। जावेद साहब अनु. मलिक ने 97 में बॉर्डर कंपोज की थी।. जी. 2026 में मिथुन मनोज मुंतशिर ने रिकंपोज. की।. इस फिल्म के रिलीज होने से पहले ही सवाल. था कि क्या उस लेगसी को ये टच कर पाएगी? उससे आगे निकल पाएगी? उसके आसपास पहुंच. पाएगी? अब मनोज मुंतशिर समाज के सारे.
फीडबैक देखने के बाद बॉर्डर टू में अपने. और मिथुन के काम को अनु मलिक जी और जावेद. साहब के काम के कितने करीब कितने पास कैसे. उसका आकलन ईमानदारी से करते हैं। जावेद. साहब और अनु मलिक ने जो किया वो ओरिजिनल. था। वो उस दौर के लिए बहुत नया था। उसकी. कोई तुलना मनोज मुंतशिर और मिथुन के काम. से नहीं है। और मैं जानता हूं यह बात. मिथुन भी कहेंगे। यह मैं किसी ह्यूमिलिटी. में नहीं बोल रहा हूं। ये मैं सच बोल रहा. हूं। आज अगर आप मिथुन से ये सवाल पूछेंगे. तो वो अनु मलिक और जावेद साहब के ही गाने.
चुन लेंगे। अपने गानों को लेके एक बहुत. बड़ी प्रॉब्लम है। मेरी तो है। मैं अपने. गानों को लेके बहुत ज्यादा क्रिटिकल हूं।. मुझे अपना कुछ अच्छा नहीं लगता। मैं सच. बताऊं आपसे तो। क्योंकि मुझे हर 10 दिन पे. लगता है इसमें तो यह थॉट भी आना चाहिए था।. ये भी आना चाहिए था। मैंने काम चोरी की।. मैं अगर 2 घंटे और दे देता ना तो मैं यह. भी लिख देता इस गाने में। तो मैं सही आदमी. नहीं हूं यह सवाल पूछने के लिए क्योंकि. मुझे एक हद के बाद मैं अपने काम से बहुत. जल्दी ऊब जाता हूं। आप मेरा फोन अभी उठा. के देखें और मैं आपको चैलेंज करता हूं।.
250 प्लेलिस्ट होंगी मेरे स्पॉटिफाई पे।. एक भी मनोज मुंतशिर हिट्स की नहीं है।. स्पॉटफाई ने मेरी प्लेलिस्ट बनाई है।. मल्टीपल प्लेलिस्ट मेरी बनाई हुई है। मैं. सब्सक्राइब नहीं करता। मैं अपने गाने नहीं. सुनता। तो मैं अपने गानों को बहुत. सीरियसली भी नहीं लेता। मेरे गाने लोगों. के लिए हैं। आप सुने। आपको लगे कि कुछ. आपको उनसे मिला। कुछ आपको एक नई रोशनी. मिली।. आपने मेरे गानों के साथ प्यार किया। आपने. मेरे गानों के साथ आंसू बहाए। मैं खुश. हूं।. चलिए मेरा काम खत्म।. इसको नए सिरे से फ्रेम कर लेता हूं मैं।. मनोज मुंतशिर और मिथुन शर्मा के पांच गाने.
जो आप रिकमेंड करना चाहोगे कि ये सुनो. इससे खूबसूरत कुछ नहीं।. फिर भी तुमको चाहूंगा वन ऑफ माय ऑल टाइम. फेवरेट। मुझे इस गाने से अलग इश्क है।. एक गीत है जो बहुत कम लोगों ने सुना है।. बड़ा सुंदर गीत है। एक फिल्म आई थी. राधेश्याम प्रभास की। उसमें हमारा एक गीत. है।. आशिकी आ गई।. नहीं सोच लिया।. सोच लिया।. हां आशिकी तो मिथुन ने खुद ही लिखा था।. अच्छा ये भी मिथुन की प्रॉब्लम है। वो अगर. उनको आप चार दिन गाने ना दो तो वो खुद लिख.
लेते हैं और इतना बढ़िया लिखते हैं।. [हंसी]. तो बड़ी शिकायतें हैं मुझे।. चलो तो सोच लिया।. हां।. तुम प्यार करने देती। आए हाए। तुम. तुम्हें तुम्हें इतना प्यार करते हैं।. तुम्हें कितना प्यार करते हैं। देयर इज वन. सॉन्ग देयर इज वन सॉन्ग व्हिच इज वेरी. क्लोज टू माय हार्ट। और मुझे लगता है कि. इट्स द मोस्ट ब्यूटीफुल वे टू एक्सप्रेस. उस इंसान को जो मिला नहीं लेकिन आप उससे. खट्टे भी नहीं हो और आप सिर्फ बता रहे हो. कि तुम वहां हो ठीक है लेकिन अगर तुम मेरे. साथ होते तो शायद बात अलग होती। बहुत सारा.
प्यार मैं तुम्हें करना चाहता था। आप. सोचें इस गीत की भी एक बात बताऊं मैं. आपको। मैं जब कहता हूं ना कि मिथुन को. पोएट्री अट्रैक्ट करती है। नए कंपोजर्स के. लिए बहुत बड़ा एक ये इनसाइट हो सकता है।. हम पहले दो गाने और पूरे कर लेते।. हां मैं दो गाने पूरे कर लेता हूं। अ. तीन एक गाना है हमारा हेट स्टोरी फोर में. शायद तुम मेरे हो मेरे रहना।. मेरे हो मेरे रहना।. बहुत सुंदर कंपोज किया है उसको मिथुन ने।. और उसके विजुअल्स कभी जस्टिफाई नहीं कर. पाए उस गाने की प्युरिटी को।.
क्योंकि जिस पवित्रता के साथ वो गाना. कंपोज किया गया था वो विजुअल्स में नहीं।. उसी नग्नता के साथ उसे प्रस्तुत. एक्सैक्ट्ली तो तो फिर हम हमने कभी उसकी. बात ही नहीं की और मिथुन तो इतने. डिसपॉइंटेड थे कि उन्होंने कभी वो वीडियो. भी नहीं देखा। उनको मैंने बताया कि यू विल. बी हार्ट ब्रोकन और उन्होंने बोला मनोज जी. मैं नहीं देखूंगा और उन्होंने कभी देखा ही. नहीं।. इट्स अ ब्यूटीफुल सॉन्ग।. पर अगर आप ऑडियो सिर्फ प्ले कर लें स्पॉट. पे आज तुम मेरे हो मेरे रहना तो आपको बहुत. अच्छा लगेगा। मैंने चार गिना दिए।. एक दिन अकेले में हम तुम।. एक दिन अकेले थे हम तुम। तुम मुझ में मैं. तुम में गुम। मेरे कानों में आहिस्ता से.
उस रोज कहा था जो तुमने किसी और से ना वो. कहना. तुम मेरे हो. तुम मेरे हो. मेरे रहना. मेरे रहना. पांचवा गाना. मिट्टी के बेटे. उफ [गहरी सांस लेने की आवाज़]. [अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़]. ये वो गाने हैं जो मुझे लगता है मनोज. मुंतशिर और मिथुन मैं ऑर्डर बदल दूं इनका. मिथुन और मनोज मुंतशिर वो हमेशा ड्राइविंग. सीट पर रहे हैं. अब इसमें गाने की अभी कहानी सुना रहे थे. किस गाने की बात हां. तुम प्यार करने देती तुम्हें कितना प्यार.
करते। मिथुन मेरे ऑफिस आए थे एक मीटिंग के. लिए जो हम किसी दूसरी फिल्म के लिए कर रहे. थे। शायद हम ये कर रहे थे क्या? एक विलन. टू कुछ तो था मुझे इस वक्त याद नहीं आ रहा. है। लेकिन किसी फिल्म के लिए मिथुन आए थे।. हमारा [नाक से की जाने वाली आवाज़] एक. म्यूजिक सेशन होना था। वो टाइम के बहुत. पंक्चुअल हैं। कभी-कभी इतने पंक्चुअल हैं. कि 15 मिनट 20 मिनट पहले आ जाते हैं। तो. 15-20 मिनट पहले आ गए। मेरी दूसरी मीटिंग. चल रही थी। तो मैंने उनसे रिक्वेस्ट की कि. आप बस 15 मिनट मुझे दे दो। तो बोला नहीं. नहीं मैं तो अर्ली आ गया हूं। आई विल वेट।.
आप चिंता मत करो। अपना काम खत्म करो। मैं. अपनी मीटिंग्स में रहा और मेरे ऑफिस में. एक बड़ा सुंदर सा पियानो है। और उस पियानो. पे इत्तेफाक से मेरी एक जो पहली किताब थी. मेरी जो कि बेस्ट सेलर हुई शायद नाइंथ. एडिशन में है वाणी प्रकाशन से। मेरी फितरत. है माना। मेरी फितरत है माना खुली रखी हुई. थी। पियानो है। मेरी फितरत है माना है। जो. पन्ना खुला था इत्तेफाक देखिए संजोग था।. उस पे लिखा हुआ था कभी दिल निसार करते कभी.
जान निसार करते तुम प्यार करने देती. तुम्हें कितना प्यार करते. 15 मिनट बाद 5:00 बजे की मीटिंग जब मैं. वापस आया तो मैं सुन रहा हूं पियानो पे. मिथुन कुछ गा रहे हैं अपनी धुन में और मैं. चुपचाप खड़ा हो गया नोटिस मी कि मैं खड़ा. हुआ हूं और वो एक्साक्टली यही गाना गा रहे. थे तुम प्यार करने देती तुम्हें कितना. प्यार करते तुम्हें आया तो सॉरी मनोज जी. मुझे कुछ दिखा मैंने कहा यार आप कितने. ब्लेस्ड हो आप यहां गाना बनाने नहीं आए थे. यार आप किसी और काम से आए थे। एंड यू मेड. अ सॉन्ग? हां मनोज जी लेकिन देखेंगे कोई.
जो अच्छी फिल्म होगी जहां लगेगा कि ये. फिल्म में इस गाने की जरूरत है। देन नितीश. तिवारी जी की फिल्म थी वो बवाल बहुत सुंदर. फिल्म थी। वो गाना उस फिल्म में गया। तो. आप यह देखें कि कभी उस गाने को बनाने के. लिए हम मिले ही नहीं थे। अगर उस दिन 15. मिनट पहले ना आ गए होते और उस दिन पियानो. पर मेरी फितरत है माना का वही पेज ना खुला. होता तो तुम प्यार करने देती तुम्हें. कितना प्यार करते ये गाना कभी नहीं बना.
ही मैजिशियन ही इज़ मैजिशियन. या ट्रूली ट्रूली नवाज ने अभी एक बात कही. क्योंकि आप देशभक्ति गाने बहुत सारे बना. रहे हैं आप बॉर्डर टू जो थी वो देशभक्ति. की भावना से लबरेज थी उधर और भी बहुत सारी. फिल्में आई हैं। धुरंधर आई है। नवाज ने. अभी एक स्टेटमेंट दिया। कहा कि आजकल झूठी. फिल्में बन रही हैं। फेक फिल्में बन रही. हैं। असली सच्चाई क्या है? वह सब जानते. हैं। मेरे मुंह से मत निकलवाइए।. प्रोपेगेंडा फिल्मों से भी आगे जाकर अब. उन्होंने फेक फिल्में कोट की।. हम. इस बीच में जो फिल्में आई हैं बीते साल दो.
सालों में जिसे देशभक्ति की भावना से. लबरेज फिल्में हम कहते हैं।. हम. जिसमें आप धुरंधर जैसी फिल्मों को भी. शामिल कर सकते हैं। अब क्योंकि आप बहुत. वोकल रहे हैं।. इसको देखने के दो नजरिए लोगों के थे। एक. वर्ग ने कहा कि नवाज ने सच कह दिया। वह सच. जो बाकी लोग कहने से डरते हैं। दूसरा. लोगों ने कहा कि अब वो जो सेकुलरिज्म का. चोला जो था वो जो क्योंकि हट रहा है। अब. एक भावना दूसरी भी जो थी जो एक्सप्रेस.
नहीं करती थी एक्सप्रेस कर रही है। तो. इसलिए कुंठा निकल रही है। आप इस दोनों के. बीच में कहां देखते हो अपने आप को? बहुत शानदार कलाकार हैं नवाज भाई। हमारे. साथी हैं, हमारे दोस्त हैं। लेकिन मैं एक. बात जरूर पूछना चाहता हूं कि तो क्या वो. फिल्में सही थी? जिसमें हवस का पुजारी, पाप का देवता जैसे इड्स यूज़ होते थे।. जिसमें इनवेरिएबली गांव का सबसे शरीफ आदमी. खान चाचा हुआ करता था और सबसे दुष्ट आदमी. मंदिर का पुजारी हुआ करता था। वो फिल्में. सही थी। हां अगर वह फिल्में सही थी और अगर.
आपका वह बैरोमीटर है तो आज तो फेक फिल्में. बन रही हैं। मैं समझता हूं यह रेनासेंस का. पीरियड है। यह जागरण का पीरियड है। हम जाग. गए हैं। हम उन कहानियों को कहने की हिम्मत. जुटा पाए हैं जो आज से 20 साल पहले कहना. असंभव था।. अच्छी बुरी फिल्में हर दौर में बनती रही. है। अभी भी बनती रहेंगी। लेकिन इस बात से. किसी को तकलीफ नहीं होनी चाहिए कि आज हम. केरला स्टोरी वन और केरला स्टोरी टू बनाते. हैं। इस बात से दुनिया में किसी को तकलीफ. नहीं होनी चाहिए कि कश्मीर फाइल्स बनाने. की हिम्मत हमारे अंदर आ गई है। इस बात से.
किसी को तकलीफ नहीं होनी चाहिए कि धुरंधर. वन और धुरंधर टू हम बना रहे हैं और लोग. 800 करोड़, 900 करोड़, 1000 करोड़ तक उन. फिल्मों को लेके जा रहे हैं। वो फिल्में. देखी जा रही है। फेक हिट्स तो है नहीं।. मैंने जिन फिल्मों के नाम लिए इनमें से. क्या फेक हिट है? असली हिट्स हैं, असली. बॉक्स ऑफिस नंबर्स हैं। तो इन फिल्मों के. लिए आप तैयार रहिए क्योंकि साहब यह. फिल्में तो बनेंग अब इनको कोई रोक नहीं. सकता।. मतलब फिर जो ये बयान आते हैं बहुत सारे. लोग एक्टर्स ऐसे हैं जो खुलकर कहते हैं कि. इट्स कंप्लीट प्रोपेगेंडा। ये सिर्फ हाई.
हाइपर नेशनलिज्म को दिखाने का तरीका है।. जैसे केयरलेस स्टोरी टू का जिक्र आपने. किया। उसमें आपकी भी राइटिंग है। केरलेस. स्टोरी में मैंने विपुल जी का पॉडकास्ट भी. किया था।. जी. उसको लेके भी आया कि एक प्रोपेगेंडा जो है. वो फैलाया जा रहा है। हालांकि अभी बॉम्बे. में ही एक कपल एक इन्फ्लुएंसरर कोई थे।. उनकी वाइफ शायद पहले एयर होस्टेस थी और वो. बुर्के में कहीं नजर आई। तो सोशल मीडिया. पर एक्सट्रीम ट्रोलिंग चल रही थी कि देखो. व्हेन अ हिंदू गर्ल मैरी अ मुस्लिम गाय तो. ये जिंदगी होती और शिवम दुबे की जिंदगी.
दिखा के था कि वाइसेवरसा। सो यह. प्रोपेगेंडा का हिस्सा है या जो केरला. स्टोरी टू में भी आपने दिखाया वो रियलिटी. का हिस्सा है। जिन पिताओं ने अपनी बेटियां. खोई हैं जिनकी बेटियों को 36 टुकड़े काट. के और फ्रिज में रख दिया गया उनसे पूछिए. वो आपको बताएंगे कि इसमें कितना. प्रोपेगेंडा है और कितनी पीड़ा है? कमाल. करते हैं आप। इतने अनसंवेदनशील कैसे हो. सकते हैं? इतने इनेंसिटिव कैसे हो सकते. हैं कि एक सच जो आपके सामने रेंग रहा है. सांप की तरह। वो आपको नजर नहीं आता। यू.
वांट टू पुश एवरीथिंग अंडर द रग। यह कभी. हुआ ही नहीं। हम इतने झूठे हैं। तो जो. केरला स्टोरी 2 के आखिर में एक स्लाइड. चलती है जहां हम डाटा देते हैं, बताते. हैं। आप उसको काउंटर कीजिए। आप जाइए कोर्ट. में पिक्चर रुकवाइए। मैं अभी भी कह रहा. हूं। आप रुकवाइए। ओटीटी पे रिलीज मत होने. दीजिए। केरला स्टोरी 2. आप क्यों नहीं रोक रहे हैं? क्योंकि वो सब. सच है। आप भी जानते हैं कि सब सच है। आप. भी जानते हैं कि. रेट कार्ड्स हैं इसी देश में कि ब्राह्मण.
की बेटी को कन्वर्ट किया तो यह रेट कार्ड. है। मोटरसाइकिल मिलेगी 500 मिलेंगे। अगर. दलित की बेटी को कन्वर्ट किया तो यह रेट. कार्ड है। क्षत्रिय की बेटी को कन्वर्ट. किया तो यह रेट कार्ड है। ये सब एक्सिस्ट. नहीं करता है दुनिया में। ये सब एक्सिस्ट. करता है। और आप उस बिल्ली की तरह ना हो. जाए कि आपने आंखें बंद करके दूध पी लिया. तो दुनिया ने आपको दूध पीते हुए नहीं. देखा। यह सब सच है और यह सब सच आगे आता. रहेगा। और मैं पूरी कोशिश करूंगा कि मुझे. ये इंडस्ट्री ऑस्ट्रोसाइज कर दे। मुझे ये. इंडस्ट्री हाशिए पे डाल दे। मुझे काम देना. बंद कर दे। मैं तैयार हूं। इन कहानियों से. मैं जुड़ता रहूंगा। ये कहानियां मैं. जिंदगी भर कहता रहूंगा।.
तो फिर इनको लेकर ये जो जैसे फिर मैं नवाज. पे आ जा रहा हूं कि नवाज या बहुत सारे. एक्टर्स हैं जिनकी आप जिक्र कर लो। मैं ना. कितनों का नाम लूंगा मैं। एन नंबर ऑफ. एक्टर्स हैं जिन्होंने एक बात खुलकर कही. कि ये पूरी तरह प्रोपेगेंडा है। अब यहां. पर दो सवाल आता है मेरे ज़हन में। एक सवाल. ये आता है जो राइट विंग कहता है कि हमने. कुछ-कुछ होता है देखी. हम. तो कुछ-कुछ होता है में जो शाहरुख खान की. बेटी थी वो हिंदू बेटी थी. एंड में जाती है तो वो दुआ पढ़ने लगती है. उसको लेके राइट विंग ने बड़ा बनाया कि उस.
दौर में वो फिल्में बनती थी अब ये बनती है. तो क्या ये दोनों प्रोपेगेंडा है या उस. दौर में वो कल्चर था इसलिए शायद ये. डाइजेस्ट नहीं हो रहा. फिल्में हमेशा पॉप कल्चर को कैटर करती हैं. जो चीज है वो दिखाते हैं। हम सेकुलरिज्म. की संताने हैं। जिस दौर की फिल्म की बात. आप कर रहे हैं कुछ-कुछ होता है।. मतलब ऐसा नहीं है कि. ऐसी अनगिनत फिल्में हैं जिनको हमने नोटिस. नहीं किया था। अब सोशल मीडिया पे जब.
क्लिप्स में दिखाया जाता है तो हम सोचते. हैं कि हां कुछ तो अलग था उस दौर में।. तो ऐसा नहीं है कि ये फिल्में करण जौहर ने. इसलिए बनाई थी कि ये किसी एक सेक्टर को. अपीज़ करनी है तुष्टीरण के लिए। ये फिल्में. इसलिए नहीं बनी थी। लेकिन हम ही ऐसे थे।. हम ही ऐसे हमको अंदाजा ही नहीं था इस बात. का कि हम एक दूसरे कल्चर की तरफ जो उधार. का कल्चर है और मुझे इस पे कोई ऐतराज नहीं. है कि आप जो हैं जो आपकी परवरिश है जो. आपकी सभ्यता है जो आपके संस्कार हैं आप. उनके साथ जिए लेकिन कौन से हिंदू परिवार. में ऐसा होता है कि आप.
एक चटाई बिछा के नमाज पढ़ रहे होते हैं. दुआ कर रहे होते हैं वो जो दुआ जो बच्ची. पढ़ रही है वो दुआ है क्या उसको आती भी है. वो दुआ वो कलमा पढ़ रही है क्या पढ़ रही. है वो अगर मैं जाऊं क्योंकि वो तो सिर्फ. होठ हिल रहे हैं आपने तो देखा नहीं क्या. पढ़ रही है। कर क्या रही है वो। तो ये. चीजें ना होती तो अच्छा था। लेकिन ये जहर. हमारी नसों में इतनी क्रिएटिविटी के साथ. घोला गया है। ये इंटेंशनल था उस दौर में।. नहीं करण जौहर ने इंटेंशन नहीं किया। ये. तो बिल्कुल गलत है कहना। उन्होंने कुछ भी. इंटेंशन नहीं किया था। लेकिन यही चल रहा.
था। ऐसा ही था। हम भी ऐसा ही सोचते थे। ये. सवाल मेरे मन में उस वक्त क्यों नहीं आया. जब मैंने फिल्म देखी। मैं अपने आप से सवाल. कर रहा हूं कि कुछ-कुछ होता है जब रिलीज. हुई तो मैंने देखी। मुझे फिल्म बड़ी अच्छी. लगी। मैंने तो दो-दो बार तीन-तीन बार. देखी। तो मेरे मन में ये सवाल नहीं आया. क्योंकि तब तक हमारे अंदर ये अवेयरनेस. नहीं थी।. मतलब ऐसी बहुत सारी फिल्में जैसे अ दीवार. का आता है. हां. कि वो मंदिर की सीढ़ियों पे नहीं जाएगा. प्रसाद नहीं लेगा भगवान के पास नहीं जाएगा. पर बिल्ला नंबर 786 पहनेगा और वहीं पर. गोली लगेगी जिससे वो बच जाएगा। यह दोगलापन.
है। यह क्रिएटिव दोगलापन है। आप मुझे यह. बात बताएं कि अगर आपका चरित्र ऐसा है और. मैंने फिर बताया कि इस दुनिया में सबसे. ज्यादा अगर किसी की इज्जत करता हूं तो मैं. जावेद साहब की करता हूं। सलीम साहब मेरे. लिए पिता समान है। लेकिन इसके बावजूद मैं. ये जानना चाहता हूं कि ऐसा कैसे हो सकता. है? ये सवाल है। एक ओपन सोसाइटी में. डायलॉग की इजाजत है ना सम्मान के दायरे. में रह के। तो मैं उसी सम्मान के दायरे. में रहने के ये पूछना चाहता हूं कि ये. कैसे हो सकता है कि अगर आप एथिस्ट हैं।. अगर आप ईश्वर में विश्वास ही नहीं करते तो. इसका मतलब यह है कि ईश्वर अल्लाह गॉड खुदा.
वाहेगुरु आप किसी में विश्वास नहीं करते।. आप उस परम सत्ता में ही विश्वास नहीं करते. हैं।. हाउ डस दैट हैपन? कि. [नाक से की जाने वाली आवाज़] आप भगवान. शंकर में विश्वास नहीं करते हो। लेकिन आप. 786 नंबर के बिल्ले में विश्वास करते हो।. यह कैसे हो सकता है कि. एक डिफरेंट रिलजन की तरफ आपका ध्यान है।. उस तरफ आपकी श्रद्धाएं हैं। लेकिन जिसमें. आप जन्मे पले बढ़े उसकी तरफ से आप एथिस्ट.
हो। तो पूरी तरह एथिस्ट हो जाओ ना। मत करो. किसी में विश्वास। और एथिज्म इज वेलकम।. उसका पूरी तरह स्वागत है हमारे यहां। आप. नहीं मानते विश्व भगवान में। आप नहीं. मानते कि राम हुए थे, कृष्ण हुए थे। पूरा. अधिकार है आपको ना मानने का।. लेकिन ये क्या मान रहे हो आप? तो यह तो यार यह तो दोगलापन है। तो आप ऐसी. फिल्मों के साथ कैसे खड़े हो सकते हो? आप. ऐसी फिल्मों के साथ कैसे खड़े हो सकते हो. जहां के जब कोई दुराचार कर रहा है, कोई.
व्यभचार कर रहा है. तो पीछे दुर्गा सप्तशती के श्लोक चलने. लगते हैं और जब कहीं कुछ अच्छा हो रहा है. तो अल्लाहू होने लगता है। ये सोच समझ के. नहीं किया गया ये हजम करना मुश्किल है। बट. जैसे रहमान साहब ने अभी कहा कि उनकी. धार्मिक पहचान की वजह से उन्हें काम नहीं. मिल रहा। रहमान साहब तो बहुत बड़े आदमी. हैं। मतलब हमारे आपके सबके बचपन के फेवरेट. रहे हैं। हम सब ने जिया है उनको। फिर यह.
स्टेटमेंट जब वो कहते हैं कि आज के दौर. में दोगलापन हो रहा है कि मैं ए आर रहमान. हूं। जब मोहम्मद असरुद्दीन को इस देश के. क्रिकेट टीम का कैप्टन बनाया जाता है। जब. एक मुसलमान इस देश का राष्ट्रपति बनता है।. जब ए आर रहमान साहब जैसा लेजेंड. हम. जो उनकी धार्मिक पहचान और धार्मिक. प्रतीकों के बावजूद उनसे बड़ा तो कोई नाम. ही नहीं है ना इस देश में। उस वक्त क्यों. नहीं पूछा गया व्हाई मी या व्हाई अ. मुस्लिम?
आज अगर किसी वजह से आपको लगता है कि आपको. काम कम मिल रहा है तो क्यों ना हम और. रीज़ंस तलाशें हो सकता है हमारे संबंध इतने. अच्छे ना बचे हो। हो सकता है हमारे गाने. पिछले कुछ दिनों में ना चले हो इतने। बहुत. सारी वजह वजह और हो सकती हैं। अचानक इस. देश के सोशल फैब्रिक को हर्ट करने का क्या. मतलब है? ये मैं कभी समझ नहीं पाया। लेकिन. मैं जब भी उनसे मिलूंगा मैं उनसे जरूर. पूछूंगा। वो बहुत ज्यादा ओपन डायलॉग के. इंसान हैं। बहुत अच्छी बातें करते हैं।. मैं रहमान साहब से मिलके पूछना चाहूंगा।. मैंने एक फिल्म उनके साथ की। मैदान गाने.
सारे बहुत बढ़िया रहे। मेरा उनके साथ. एक्सपीरियंस बहुत ही ज्यादा खूबसूरत रहा।. उन्होंने भी अगेन छावा इस फिल्म को. प्रोपेगेंडा फिल्म कहा था।. जुड़ना ही नहीं था फिर उस फिल्म के साथ।. ऐसा तो है नहीं कि वो फिल्म बनाने के पहले. स्क्रिप्ट आपको नहीं सुनाई गई होगी। आपने. अचानक म्यूजिक कंपोज करना शुरू कर दिया।. स्क्रिप्ट पढ़ी होगी ना आपने तो वो. प्रोपगेंडा फिल्म थी। आपको नहीं करनी थी।. फिल्म करने के बाद प्रोपगेंडा फिल्म कहना. आई डू नॉट अंडरस्टैंड दिस। सॉरी।.
अच्छा मैं एक सवाल आपसे पूछ लेता हूं। ये. और ये मैं चाहता हूं इस थोड़ा ईमानदारी आप. रखना क्योंकि ये बहुत पर्सनल सवाल है।. क्या पिछले 30-40 सालों में. हिंदू वर्ग में अपनी धार्मिक पहचान को. लेकर एक संकोच थी? यह सवाल मैं थोड़ा आगे. बढ़कर इसलिए भी आपसे पूछ ले रहा हूं. क्योंकि आप भी मनोज मुंतशिर थे। क्या. हिंदुओं में क्योंकि जब मैं बड़ा हो रहा. था बचपन में तो मैंने लोगों को गंगा नहाते. नहीं देखा था। हम्।.
हम्।. मैंने बहुत सारी बॉलीवुड की इफ़्तार पार्टी. की फोटो देखी थी। कोई ख़राब नहीं है। अच्छी. चीज है। जाते हैं लोग। हमारे मीडिया में. बहुत सारे हम भी जाते हैं। लेकिन गंगा. नहाते, पूजा पाठ करते फोटोस। यह चलन बीते. कुछ सालों में ज्यादा वोकल हुआ है।. हम. नेताओं का, अभिनेताओं का यह स्वीकार करना. कि हम हिंदू हैं। ये वोकल हुआ है। तो क्या. पहले एक धार्मिक संकोच था जो उन फिल्मों. में भी दिख रहा था, समाज में भी दिख रहा. था, तस्वीरों में भी दिख रहा था। क्योंकि.
हर फिल्म रिलीज होती थी, अजमेर दरगाह जाने. की तस्वीरें आती थी।. जो अब बदला है इसलिए कई लोग बेचैन हो रहे. हैं।. कैसे इसको आप देखते हो? तो मतलब ये सवाल. मेरे मन में बहुत बार आता है ये और ये. मेरे अपने आप को लेकर भी है।. हां धार्मिक संकोच था।. मेरे मन में नहीं था जिस बात को आप मैं. पहले वो क्लियर कर दूं ताकि फिर बाद मैं. खोल के बोल पाऊं। मनोज मुंतशिर सिर्फ एक. पेन नेम था। मेरा पासपोर्ट जिंदगी भर मनोज. कुमार शुक्ला था। मनोज मुंतशिर शुक्ला दो.
नाम मेरे पासपोर्ट पे रहे हैं। एक्चुअली. पासपोर्ट पे तो एक ही नाम रहा है। मनोज. मुंतशिरि शुक्ला क्योंकि तब तक तो मैं. मुंतशिरि हो चुका था। मेरे स्कूल के. मार्कशीट पे मनोज कुमार शुक्ला लिखा हुआ. था। मनोज मुंतशिर सिर्फ इसलिए था कि छोटा. है आसानी से फिट हो जाता है। और तब मुझे. बहुत सारे लोग यह कहते थे कि इतना बड़ा. नाम यार कहां लिखेंगे मनोज मुंतशिर शुक्ला. आप? छोटा नाम बताओ दो कुछ। मैं फिल्मों की. बात कर रहा हूं और जो मेरे क्रेडिट्स में. आता था। तो मैंने कहा ठीक है मनोज मुंतशिर. लिख दो। मेरा ध्यान कभी इस तरफ गया ही. नहीं कि ये मुंतशिर लगाने से मैं मुसलमान. हो जाता हूं।. मैं उसी की बात कर रहा हूं कि वो एक अनसेड.
आकर्षण था जो उस दौर की प्रथा की बात मैं. कर रहा हूं।. नहीं भाषा की तरफ था।. ओके। भाषा की तरफ था। मुंतशिर लगाने का. मतलब यह नहीं था कि मैं किसी इस्लामिक. कल्चर की तरफ ग्रेविटेट हो रहा था।. मुंतशिर लगाने का सिर्फ इतना मतलब था कि. मेरी जो शायरी की जुबान थी, जो स्कूलिंग. थी वो मेजरली उर्दू पोएट्री थी और उर्दू. को तो मैं खैर कभी मानता नहीं कि वो किसी. और की भाषा है या किसी एक किसी टोपी या. तिलक की भाषा है। उर्दू भाषा है। इस भारत. देश की भाषा है। और ये हमको एक्सेप्ट करते. रहना चाहिए या मैं चैलेंज करता हूं कि इस. दुनिया में कोई भी आए जो 10 मिनट मुझे बात.
करके दिखा दे और उर्दू का एक शब्द. इस्तेमाल ना करे। 10 मिनट आप नहीं बोल. सकते। मैं कह रहा हूं पांच मिनट नहीं बोल. सकते बिना उर्दू का इस्तेमाल किए हुए।. उर्दू से जितना भी परहेज है वो खत्म हो. जाना चाहिए।. बदतमीजी नहीं तो फिर क्या है जोानों के. साथ करते हो। हिंदी हिंदू है, उर्दू. मुस्लिम है, जाहिलों जैसी बात करते हो।. जिस रामचरितमानस में भगवान श्री राम को. बाबा तुलसीदास गरीब नवाज कहते हैं।.
क्योंकि ये उस वक्त की भाषा थी। बन रही थी. भाषा। ऐसी भाषा थी, जबान तो गरीब नवाज हटा. दो आप उससे कि नहीं ये तो हम तुलसी बाबा. ने गलत कह दिया गरीब नवाज ये लड़ाई मत. लड़ो बहुत सारी लड़ाईयां लड़ने के लिए हैं. इतनी प्यारी भाषा है इतनी प्यारी जुबान है. आप क्या करोगे अपनी जिंदगी से सारे गाने. जिनमें उर्दू है निकाल दोगे आज आप हो गए. पूरी तरह से और जब आप हिंदी कहते हो तो. हिंदी और उर्दू एक ऐसा सामंजस्य है जिसको. तोड़ पाना ही असंभव है तो ये हो गई भाषा. की बात वो डिफरेंसिएशन में मैं कतई बिलीव.
नहीं करता जितना मेरी मेरी संस्कृत है।. शायद पर्शियन और फारसी मेरी भाषा नहीं है।. और बिल्कुल नहीं है। वो ठीक है। सीखने में. तो कोई बुराई नहीं है। मैं तो फ्रेंच भी. सीखना चाहता हूं। मुझे मौका मिले तो लेकिन. उर्दू मेरी भाषा है। उर्दू उधार की भाषा. नहीं है। इसी हिंदुस्तान में जन्मी है।. यहीं पली पड़ी है। हमारी बेटी. रही बात तो उस कल्चर की जिसकी आप बात कर. रहे हैं। तो यह बात बिल्कुल सही है कि मैं. तो इमरजेंसी की पैदाइश हूं। 76 में मैं. पैदा हुआ। यह इमरजेंसी वही पीरियड था जब. जबरदस्ती.
मिसेज इंदिरा गांधी ने कॉन्स्टिट्यूशन के. प्रएमबल में सेुलर वर्ड जोड़ दिया था। तो. आपको मैं बता रहा हूं ये बातें शुरू कहां. से होती हैं। तो कभी आपने अपने आप से पूछा. या सोचा कि संविधान का प्रियमबल जो कभी. बदला ही नहीं जाता उसे बदलने का हक किसने. दिया? लेकिन आप यह सवाल इसलिए नहीं. पूछेंगे कि इमरजेंसी का पीरियड था।. डेमोक्रेसी सस्पेंडेड थी। लोकतंत्र कटघरे. में खड़ा हुआ था। तो जो मैडम कहे वो सही. है। सेकुलर वोट जोड़ दिया। सेकुलर वोट. जोड़ने के पीछे वोट बैंक की राजनीति थी।. हम सब जानते हैं। हम क्यों सेुलर हो?
सेकुलर आता कहां से है? यूरोपियन कल्चर से. आता है। और यूरोपियन कल्चर में सेुलर की. जरूरत है। क्योंकि वहां जो सरकारें थी, जो. ब्यूरोक्रेसी थी, जो डिप्लोमेसी थी, उसको. अक्सर चर्च कंट्रोल किया करता था। तो जब. वहां लोकतंत्र की आहट आई तो पहली चीज ये. थी कि भाई अब चर्च कंट्रोल नहीं करेगा।. आपके धार्मिक बिलीफ, धार्मिक विश्वास यह. कंट्रोल नहीं करेंगे कि सरकार कैसे चले और. नीतियां क्या बने और पॉलिसीज क्या बने। तो. सेकुलर सोरेन गवर्नमेंट उनके लिए एकदम. करेक्ट था। मैं भारतवर्ष के पूरे इतिहास.
में आपसे पूछना चाहता हूं कि कब ऐसा हुआ. है कि किसी मंदिर ने, किसी मठ ने फॉर दैट. मैटर किसी दरगाह या किसी मस्जिद ने. सरकारें चलाई हो। कभी ऐसा हुआ है? कोई एक. एग्जांपल आपके पास है? तो आपको सेकुलर. वर्ड डालने की जरूरत क्या थी? आपने हमें. वो दवाई दी जो मर्ज ही हमको नहीं था। मेरा. पेट दुख ही नहीं रहा था। आप मुझे पेट दर्द. की गोलियों पे गोलियां दिए जा रहे हो। यह. वोट बैंक की राजनीति थी। क्योंकि यह समझ. में आ चुका था कि आप पोलराइज करोगे। तो यह. जो एक सेगमेंट है जिसने इस पर अपना कब्जा. जमा लिया क्योंकि यह एक साथ वोट करते हैं।.
एक हर्ड मेंटालिटी हमेशा रही है उस तरफ और. हमारी तरफ बिल्कुल नहीं रही है और हिंदू. तो खासतौर से हमेशा बिखरे हुए रहे हैं और. ये ऐसी कमजोरी है कि जिस हम जितनी जल्दी. सीख पाएं वरना हजार साल गुलाम रह के तो. हमने सीखा नहीं है। पता नहीं हमें शायद और. इंतजार है कि हम अभी भी एक नहीं हो रहे।. हमें और हजार साल की गुलामी चाहिए।. तो यह वोट बैंक पॉलिटिक्स की वजह से सेुलर. वोट डाला गया। इसके बाद से फिर जो हमारे. हीरोज़ बनने लगे वो हमारे हीरोज़, हमारे.
नायक सारे ऐसे तैयार किए गए जो उस तरफ. ज्यादा झुके हुए हो। क्योंकि वो फैशनेबल. था। आप हमेशा देखना जिस तरह से आप कपड़े. पहनते हो। आज आपने जो कपड़े पहने हैं जो. आप वॉश पहन रहे हो ये सब कहीं ना कहीं एक. फैशन के साथ आप चलने की कोशिश करते हो।. हमारे टाइम पे फैशनेबल था। हमारे टाइम पे. हम दिवाली मनाए ना मनाए और मैं ये सच कह. रहा हूं। गौरीगंज में जब ईद होती थी तो. टोपी लगा के मैं भी निकलता था। बहुत वक्त. लग गया समझने में कि हमारी ईद पे आके. लक्ष्मी पूजा कोई नहीं कर रहा। मैं हमारी. दिवाली पे आके लक्ष्मी पूजा कोई नहीं कर.
रहा। मैं इनकी ईद पे गोल टोपी लगा के. सेवयां खा रहा हूं। यह समझने में बहुत. वक्त लग गया। तो जब कभी लोग मेरे पुराने. वीडियोस निकालते हैं कि देखो ये तो बात. करते थे कि शहरों का नाम बदलना गलत है।. प्रयागराज भाई मैं इग्नोरेंट था।. मैं उसी षड्यंत्र का शिकार था जिस. षड्यंत्र का शिकार मेरे जैसे हजारों लाखों. करोड़ों नौजवान आज भी हैं। लेकिन मैं वक्त. के साथ जागा। मैंने समझना शुरू किया।. मैंने पढ़ना शुरू किया। सूचना क्रांति के. दौर में पैदा हुआ हूं मैं। एंड आई स्टडीड. एंड आई रियलाइज्ड कि ये इतना बारीक.
षड्यंत्र हुआ है हमारी जनरेशन के साथ कि. हमको फैशनेबल होने के नाम पे, हमको इवॉल्व. होने के नाम पे, हमको मॉडर्न होने के नाम. पे, हमारे ही धर्म से दूर कर दिया गया।. हमारे मजहब से दूर कर दिया गया। हमने नहीं. पढ़ा है कृष्ण को। हमने भगवत गीता हम. बोलते रहे बोलते रहे। हर किसी से भी आप. पूछ लो। श्रीमद भगवत गीता। मैं अपनी लाइफ. में ऐसे 100 लोगों से नहीं मिला हूं जो. मुझे ये बता पाए कि वाकई 700 श्लोक. उन्होंने गीता के पढ़ डाले हैं।. आपने उस तरफ ध्यान ही नहीं दिया जो खजाना.
आपके पास था। आप कहीं और भटकते चले गए। अब. एक ऐसा वक्त है अगर इसको आप प्रोपगेंडा. कहते हैं। इसको आप हाइपरनेशनलिज्म कहते. हैं। मुझे स्वीकार है। मैं इस प्रोपोगेंडा. का हिस्सा हूं। मैं हाइपरनेशनलिज्म का. हिस्सा हूं। और जब तक मेरे हाथ में कलम है. जब तक एक शब्द भी मां शारदा मुझसे लिखवाती. रहेंगी। मैं इसी हाइपरनेशनलिज्म के लिए. लिखूंगा। मैं इसी प्रोपोगेंडा के लिए. लिखूंगा।. ठीक है। हम आपके गानों पर अब बात कर लेते. हैं। वो गाने जिन्होंने देश दुनिया पर. अपनी छाप छोड़ी। कई सारे गाने क्योंकि.
मुझे आप आज गानों पर स्पेशली बात करनी थी।. जी। तो मैं एक-ए गानों का जिक्र करता हूं।. आप जितना उसमें आपको लगे आप बताते रहिएगा. मैं। सबसे पहला जिक्र तेरी मिट्टी करता. हूं। अब तेरी मिट्टी वो गाना है जो कई बार. मुझे लगता है कि बड़े लंबे समय तक मनोज. मुंतशिर की पहचान पर बड़ा हावी रहा।. क्योंकि मनोज जी कुछ भी बनाते लोग तुलना. करते हैं कि भैया तेरी मिट्टी जैसा होगा।. इज इट ट्रू? या इट इट इज ट्रू। इनफैक्ट तेरी मिट्टी. जैसे बड़े गाने से फायदा और नुकसान दोनों. बराबर का होता है।. तो ये गाना एक लेखक के तौर पर कामयाबी के. साथ-साथ दुश्मन भी था। यह एक चीज का दुख.
मेरी बीवी और मेरी टीम को यह बात पता है. कि मैं हमेशा यह बात इस बात पर रोता रहा. कि यार अचानक तेरी मिट्टी के बाद लोगों ने. मेरे नाम के साथ सिर्फ एक गाना लगा दिया. तेरी मिट्टी। लोग ये क्यों भूल गए कि फिर. भी तुमको चाहूंगा मैंने लिखा है। लोग ये. क्यों भूल गए कि तेरे संग यारा मैंने लिखा. है। देखा हजारों दफा मैंने लिखा है। तुम. मेरे हो मैंने लिखा है। तेरी गलियां मैंने. लिखा है। अनगिनत सुपरहिट कौन तुझे यूं. प्यार करेगा? मैंने लिखा है। जब तक मैंने. इतने सारे मेरे गाने इतना सारा मेरा बॉडी. ऑफ वर्क जो पूरी ईमानदारी से किया गया वो. सब हाशिए पे डाल दिया गया। अब सारा फोकस.
इस तरफ है कि इन्होंने तेरी मिट्टी लिखाई. तो वो अच्छी चीज भी थी और माफ़ कीजिएगा गलत. चीज भी थी। आपने भी शिकायत करी थी ना कि. मुझे जनता का प्यार मिला अवार्ड नहीं मिला. तो क्या हुआ? तो आई थिंक वो इतने. सेंटीमेंट ज्यादा जुड़ गए उस वजह से आपके. साथ कि वो आपके साथ चिपक गया।. हां और. क्योंकि उसको उस गाने को लेकर आप भी बहुत. वोकल हुए थे। बहुत सारे ट्वीट्स, बहुत. सारे पोस्ट और वो मनोज मुंतशिर 1.0 में. पीक दौर था। हां वो था और उस गाने को लेकर. वोकल होने का भी एक रीजन था मेरे पास। मैं.
अपनी वजह से वोकल नहीं हुआ था। मेरा वो. पहला गाना था जिसे पब्लिक ने मनोज मुंदे. का गाना माना ही नहीं। यह उनका गाना था।. मैं बताऊं आपको कभी-कभी मेरे नए गाने आते. हैं या अभी तक बहुत सारे और पेट्रियोटिक. गाने हैं। मैं अगर किसी से बात करने लग. जाऊं कि नहीं तेरी मिट्टी तो ठीक है लेकिन. यह गाना भी मैंने लोग मुझसे लड़ जाते हैं।. अरे यार आप तेरी मिट्टी के बारे में ऐसे. कैसे बात कर रहे हैं कि तेरी मिट्टी ठीक. है। वो तेरी मिट्टी मेरे गाने के बारे में. लोग मुझसे ऐसे बात करते हैं। तो वो गाना. मेरा रहा ही नहीं। जाहिर सी बात है कि जो. गाना मेरा नहीं रहा जिस गाने को लोगों ने. इतना शिरोधारी किया और जो गाना इस देश में.
जन गण मन और वंदे मातरम के बाद एंथम की. तरह गाया गया. उस गाने को आपने बहुत छोटा कर दिया एक. अवार्ड शो में कत्थ चूना खनी सुपारी. अवार्ड शो में मेरी गलती यह है कि मैं गया. मुझे जाना ही नहीं था इट वास टू प्रिशियस. एंड टू पायस अ थिंग बहुत प्योर ्योर गीत. था। उस प्योर गीत को हम बाजार में ले आए।. तो मैं समझता हूं यह गलती किसी अवार्ड शो.
की नहीं है। पहली गलती तो मेरी है कि मैं. गया वहां तक और मैंने यह उम्मीद की कि. इनको यह गीत समझ में आएगा और नहीं समझ में. आएगा। चलिए ठीक है। आप देशभक्ति का सम्मान. नहीं करते हैं। परफेक्टली ऑलराइट क्योंकि. आप वहां देशभक्ति को सम्मानित करने के लिए. नहीं बैठे हो। कोई सोल्जर्स का अवार्ड शो. नहीं है।. लेकिन लिखे जाते हैं ना शब्द।. एक शायरी एक चीज है। कविता एक चीज है।. उसका एक मीटर होता है, छंद होता है, बहर. होता है। इतने सुंदर गाने उस साल थे जो. नॉमिनेट हुए थे। आप दे देते कलंक के टाइटल. सॉन्ग को अवार्ड अमिताभ भट्टाचार्य ने.
इससे सुंदर तो क्या ही गीत कोई लिखेगा? कलंक नहीं इश्क है काजल पिया वो आपको नहीं. दिखाई दिया। बेखयाली में भी तेरा ही ख्याल. आया। इरशाद कामिल का वो गीत आपको नहीं. दिखाई दिया। आपको सबसे अच्छा गीत लिखा हुआ. उस साल का समझ में आया तो नंगा ही तो आया. था। क्या घंटा लेके. [गला साफ़ करने की आवाज़] जाएगा? मेरी. प्रॉब्लम इस चीज से थी। मेरी प्रॉब्लम कभी. इस बात से नहीं थी कि मुझे अवार्ड नहीं. दिया। आप यकीन मानिए उस दिन वही अवार्ड. इरशाद कामिल को मिला होता। उस दिन वही. अवार्ड अमिताभ भट्टाचार्य को मिला होता।. पहली ताली मेरी बजती।. कमाल का कलंक कमाल लिखा था अमिताभ जी ने।.
जी।. क्या है? कैसे लोगों के बीच में हम हैं? जिनके हाथ में जिनको ये समझने की और ये तय. करने की जिम्मेदारी दे दी गई है कि कौन सा. काम अच्छा है, कौन सा बुरा? अनुराग सिंह. के साथ तेरी मिट्टी और फिर अनुराग के साथ. मिट्टी के बेटे। वाज इट इंटेंशनल कि. मिट्टी होगी? नो इट वाज़ नॉट इंटेंशन। इनफैक्ट अनुराग. वाज वेरी अप्रहेंसिव अबाउट दिस।. अनुराग ने शुरू में मुझे लगता है कम से कम. 10 दिन तो मुझे यही कहते रहे सर ये गाने. का नाम कुछ और सर। ये बस एक लाइन हटा दो.
मिट्टी के बेटे। मैंने कहा क्यों भाई? क्यों हटा दूं? नहीं लोग ना जोड़ लेंगे।. लोग बोलेंगे ये जब मिलते हैं दोनों मिट्टी. मिट्टी ही करते हैं। [हंसी]. तो मैंने कहा देखो हमने तो ऐसा सोचा नहीं. था कि हम इसको भुनाते हैं। एक ये भी. माइंडसेट होता है ना कि हमारी पिछला गाना. हमने साथ में बनाया तेरी मिट्टी बहुत बड़ा. हिट हुआ। उसको कैश कराते हैं। मैंने कहा. क्या इस माइंडसेट से मैं और आप बैठे थे? नहीं ना ये प्रकृति का इशारा है। प्रकृति. को इसमें यही चाहिए। जाने दीजिए। गिव इट. टू गॉड एंड गो टू स्लीप।.
ओके। कबीर सिंह का गाना कैसे हुआ? हां।. एक हिंसक फिल्म थी। लेकिन उस हिंसक फिल्म. में एक बड़ा मासूम गाना है। एक गाना जो. पहले प्यार का एहसास कराता है।. इसमें वो एहसास था जो पहला नशा में था।. हां।. मैं बारिश की बोली समझता नहीं था। हवाओं. से यूं मैं उलझता नहीं था। अगेन विशाल. मिश्रा, मनोज मुंद शेर।. एक आपको बात बताता हूं मैं इस गाने पे आने. के पहले।. हम. ये किस्सा है 2015 का।.
14 या 15 की बात है। एक दिन मैं और सोनू. जी बैठे हुए थे सोनू निगम जी शायद 15 की. बात है। हां उन्होंने रैंडमली मुझे एक बात. बोली ये आपको सुन के लगेगा फैब्रिकेटेड. स्टोरी है। बट आप ये सोनू जी से भी. पूछिएगा और विशाल से भी पूछिएगा वो लोग. इसको सेकंड करेंगे कि ये सही है ऐसा हुआ।. हम कहीं की यहां वहां की बातें कर रहे. हैं। अचानक सोनू जी मुझसे कह रहे हैं अरे. मनोज जी. आप विशाल मिश्रा को जानते हो? रैंडम मैंने. कहा नहीं कौन है ये?
नहीं नया लड़का है। मुझे ऐसे ही थॉट आया. कि पता नहीं क्यों कभी आप और वो मिलकर. गाना बनाओगे ना कोई बहुत बड़ा हिट होगा।. मैंने कहा अच्छा जी सोनू जी मैंने ये बात. नजरअंदाज कर दी।. आई डिडंट इवन नो विशाल मिश्रा देन 2015 की. बात है। और आप सोचें कि 2019 में वाकई. हमने मिलके एक गाना बनाया और जिसने सारे. रिकॉर्ड्स तोड़ दिए। जब मैं सोनी जी को. कहता हूं ना कि वाकई उनके ऊपर मां सरस्वती.
का हाथ है।. यह प्रेडिक्शन कोई कैसे कर सकता था? कहां. मनोज मुंतशिर कहां विशाल मिश्रा दोनों एक. दूसरे को जानते नहीं। कोई कनेक्शन नहीं, कुछ काम साथ में नहीं किया। एक चाय भी साथ. में नहीं पी। 4 साल पहले कोई प्रोडक्शन कर. रहा है कि जिस दिन आप लोग साथ में गाना. बनाओगे कमाल कर दोगे।. तो आपको सोनू जी से मैं कहना चाह रहा कि. जिस दिन तुम शुभांकर से पॉडकास्ट करोगे।. [हंसी]. सोनू जी जिस दिन आप शुभांकर मिश्रा जी के. साथ पॉडकास्ट करेंगे उस दिन आप मुझे थैंक. यू बोलेंगे क्योंकि यहां बातें करने में. जितना मजा आता है वो आपको कहीं और नहीं.
आएगा। दिस इज योर प्लेस प्लीज कम सोनू जी. मैं आपसे हाथ जोड़ रहा हूं। बट सबसे. खूबसूरत अतरा कौन सा था? कैसे हुआ आपका? ये जो आपने बोला अभी. मैं बारिश की बोली. मैं बारिश की बोली समझता नहीं था। हवाओं. से मैं यूं उलझता नहीं था। है सीने में. दिल भी कहां थी मुझे यह खबर। कहीं पे हो. रातें कहीं पे सवेरे यह आवारगी ही रही साथ. मेरे। ठहर जा ठहर जा यह कहती है तेरी नजर. विशाल मिश्रा मनोज मुदशर टॉप फाइव गन है. हालांकि इसमें मेरी प्लेलिस्ट से मेरे को. सिर्फ मैच करना है कि मेरी प्लेलिस्ट से.
कितने मैच करते हैं. मुझे आप कुछ याद भी दिलाइएगा लेकिन मैं. फिलहाल शुरू करता हूं तो ऑफ कोर्स कैसे. हुआ. बॉर्डर का जो हमारा गाना है प्यारी लगे वो. गाना भाई मैं तो क्या ही बताऊं उस मैं. पहले गाने बता दूं या मैं. पहले गाने कह देते हैं फिर गाने सुन लेंगे. ठीक है तो मुझे कैसे हुआ प्यारी लगे? खूबसूरत है तू इस कदर क्या कहूं देखने में. तुझे उम्र सारी लगे। तुझ में जोडूं ना मैं. कोई रंग नया जैसी है तू मुझे वैसी प्यारी.
लगे।. तीसरा गाना मुझे मेरा विशाल का एक बहुत ही. सुंदर एक सिंगल था। और प्लीज शुभांकर. मिश्रा के जितने फैंस हैं आप जाके वो गाना. सुनो।. मेरा एक सिंगल फेवरेट है। वो चांद कहां. से? वो चांद कहां? [हंसी]. मैं इसी गाने की बात करने वाला था। वो. चांद कहां से लाओ. लाओगे? आओ दैट्स मैजिक मैजिक मैजिक।. जो चांद तुम्हारा मेरा वो चांद. वो चांद कहां से लाओगी? प्लीज ये गाना आप.
जाके सुने। जो मुझे एक और गाना याद आता है. जो कि मेरा और विशाल का बड़ा ही फेवरेट. गाना है वो है रूबरू। रूबरू फिल्म खुदा. हाफिज ट्रू से।. और जो लोग मुझ पर यह इल्जाम लगाते रहे कि. मैं तो किसी और का रिलजन सेलिब्रेट नहीं. करता। आप जाकर देखें वो एक दरगाह पर गाया. हुआ गाना है और बड़ा ही खूबसूरत गाना है. क्योंकि वो फिल्म की सिचुएशन थी। हमारा. कैरेक्टर वहां है तो मैं उनमें से नहीं. हूं। जो मैं बोलूंगा कि नहीं मैं तो अब.
लिखूंगा ही नहीं इस पे। वो रूबरू तू मेरे. रूबरू मैं तेरे रूबरू।. इन पांचों में से कोई गाना रिप्लेस करके. वहां राम आएंगे डाल दें तो मेरी प्लेलिस्ट. तैयार हो जाएगी।. नहीं चार ही हुए अभी मैं राम आएंगे पे आने. वाला था।. राम आएंगे। और सबसे फेवरेट वो गीत जो. विशाल और मैं बना के धन्य हो गए जो हमसे. भगवान श्री राम ने बनवाया। मैं समझता हूं. कि मैंने एक परफॉर्मेंस देखी विशाल की. जिसमें वो गीत गाने के पहले उनको इतना. ध्यान रहा और इतना एहतियात रहा कि पहले. उन्होंने जूते उतारे हैं फिर वो गीत गाया. है। तो आप सोचिए ऐसा आदमी ही गाना बना. सकता था।.
हालांकि इसमें एक गाना आपका और भजन है जो. मेरा बड़ा फेवरेट है।. नगरी हो रामलला. रामलला जो आपने प्राण प्रतिष्ठा के दिन. रिलीज़ किया था। आपने अद्भुत गाना है।. आपने पांच गाने कह के एक ज्यादती की है।. मैं एक जरा सा लिबर्टी लूंगा। एक्चुअली. मेरा और विशाल का. मेरी मां के बराबर कोई नहीं।. नहीं इसमें एक गाना भी मां को लेकर आपने. बनाया था। बहुत मां का मन. मां का मन।. मां का मन। वो जाके देखें कौन हराए उस. बेटे को जिसने मां का मन जीता। एक गीत मैं. और कहना चाहूंगा।. [नाक से की जाने वाली आवाज़]. एंड. इतने इतना सारा हमारा पॉडकास्ट हुआ। इतनी.
अच्छी हमने बातें की। लेकिन यह गीत मेरे. सीने के किसी कोने में खटकता है क्योंकि. विशाल और मैं यह गीत बनाते हुए बेतहाशा. रोए हैं और यह गाना लोगों ने सुना नहीं यह. तड़प बहुत ज्यादा है मेरे अंदर और विशाल. के अंदर भी होगी। एक हमारा गाना है राधा. के चरण।. लोग बरसाने में यह कहते हैं प्रेम के वश. में प्रभु रहते हैं। उन्हीं नैनों को दरस. दे मोहन मोह के मेघ जिनसे बहते हैं। पल. में खुश होंगे यशोदा के ललन थाम ले बावरे.
राधा के चरण। एक बार ये गीत सुनिए राधा. राधा के चरण के नाम से। फिर बंसी की ताने. छेड़ो जमुना में जल भर दो ना। फिर बंसी की. ताने छेड़ो जमुना में रस भर दो ना। ब्रिज. की गलियां जोगन हो गई आके सुहागन कर दो ना. यूं लगा प्राण प्रभु यह बदन छोड़ गए हम. बहुत रोए जो तुम वृंदावन छोड़ गए. एक बार ये गाना सुनिए इस गाने को अधिकार. है कि इसको 100 बार सुना जाए वो सब लोग जो.
भगवान कृष्ण के चरणों में झुके हुए रहते. हैं जो मां राधा का नाम लेके अपना दिन. शुरू करते हैं अपनी रातें खत्म करते हैं. यह गीत आपके लिए था हम आप तक पहुंचा नहीं. पाए हमारी नाकामी है लेकिन आज शायद इस. पॉडकास्ट के बाद आप यह गीत सुने और एक बार. आप सुनेंगे. तो मेरी ऐसी भावना है कि सबसे पहले तो मैं. ही सुनूंगा कि मैं आप लोग के गाने मैं. ऑलमोस्ट सारे गाने सुनता हूं। जैसे रामलला. मेरा बड़ा फेवरेट सॉन्ग है।. हां. मैं विशाल से जब भी फोन में बात करते हो. मैं हमेशा कहता हूं कि बहुत अंडररेटेड. गाना है। इससे शायद आप लोग दो-चार दिन. पहले रिलीज करते।.
प्राण प्रतिष्ठा होने के बाद ये गाना. दोपहर है। मुझे अभी भी याद है। हम अयोध्या. से लौट रहे थे।. उसी दिन के आसपास ये गाना आया था और हम. ड्राइव कर रहे थे और हमने पूरे रास्ते. ये गाना प्ले किया था। तू जितना भरत का है. उतना ही हमारा है।. ये लाइन जब आई है तो मैं फिर बता रहा हूं।. कुछ लाइनें इतना अल्टीमेट गिफ्ट होती है. कि उन पे आप अधिकार नहीं जमाना चाहते। मैं. क्यों बात नहीं करता इस लाइन की? क्योंकि. मेरे अंदर से एक आवाज आती है कि तुम्हारा. क्या है इसमें? ये गाना लिखते हुए ये मैंने ट्यून पे लिखा. था। विशाल ने पहले कंपोज किया था। फिर. मैंने लिखा जब हम इस लाइन पे अचानक ये.
लाइन निकली है मेरी कीबोर्ड पे मेरी. उंगलियों से और मुझे सिहरमन दौड़ गई पूरे. बदन में कि मैं भगवान श्री राम को ओन कैसे. कर रहा हूं। मैं उनका भक्त हूं। मेरा सर. उनके चरणों में नतमस्तक है। लेकिन मेरा. अधिकार भी है उन पे। यह रिश्ता सिर्फ भक्त. और भगवान का नहीं है। यह मेरे बड़े भाई का. रिश्ता है।. तो जितना भरत. जितना भरत का था उतना ही हमारा है।. तो. शायद जब हम डिवोशनल गाने बनाते हैं और अब. तो हमारे पास एक डिवोशनल लेबल है जहां हम.
बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। नीलम मुंतशिर. मेरी पत्नी वो उस लेबल को पूरा रन करती. हैं भूषण कुमार जी का और उनका जॉइंट. पार्टनरशिप में है। इट्स कॉल्ड टीसीरीज. प्रार्थना। तो टीसीरीज प्रार्थना का पूरा. सिंगल पॉइंट एजेंडा है कि नया टैलेंट, नए. गाने वाले, नए लिखने वाले, नए कंपोजर्स. जिनके मन में रसधार बह रही है भक्ति और. भावना की उनको एक मंच दो और हम बहुत. ग्रैंड तरीके से उनको शूट करते हैं. क्योंकि हमारे पीछे टी- सीरीज की मसल्स. हैं। तो नए बच्चों को शायद जितने मौके.
पिछले कुछ दिनों में मैं बड़ा सौभाग्यशाली. हूं। पिछले एक साल में हमने दिए वो कहीं. और नहीं मिले होंगे।. ब्यूटीफुल। आपको सुनके मैंने गाना कंपोज. लिखा था। मुझे राम मिल गए, चारों धाम मिल. गए।. मैंने वो गाना आपका सुना था। बहुत सुंदर. गाना है। वो भी लोगों को सुनना चाहिए।. मुझे राम. मुझे मतलब हालांकि उस गाने को हम प्रमोट. नहीं कर पा क्योंकि हमारी व्यस्तता अलग थी. और हम अपने जीवन में प्राथमिकताएं भी शायद. अलग थी। हमारा काम भी अलग है। बट अपने शौक. शौक के लिए लिखा था मैंने और वो मैंने. डेडिकेट के सारे कार सेवकों को।. तो वो बड़ा दिल के मेरे करीब रहा। और वो.
आपसे इंस्पायर्ड था कि मुझे राम मिल गए, चारों धाम मिल गए। तो बड़ा खूबसूरत गाना. था। लोगों को. बहुत सुंदर गाना मैंने सुना था।. हां। क्योंकि आप मैं उन खुशकिस्मत लोगों. में हूं जो आपकी लिस्ट में है फोन की और. आप मुझे भेजते रहते हैं। बहुत सुंदर गाना. था।. एक और गाना आपका बड़ा पसंद है। मुझे कौन. तुझे यूं प्यार करेगा? अब इसको लेकर मेरे. ज़हन में कई बार सवाल आता है कि एक तरफ. मनोज मुंतशिर है जो तेरी मिट्टी जैसे. मर्दाना देशभक्ति गाने बनाते हैं। एकदम. जोश से भरे हुए कि आपको लबरेज कर दे।. लेकिन उसी बीच में एक कोमल स्त्री के मन.
की जो इच्छाएं होती हैं उसको भी इजहार कर. देते हैं। तो ये सरल होना इतना मुश्किल. है। हालांकि इस गाने की बैक स्टोरी मैं. जानता हूं लेकिन फिर भी क्योंकि इस देश की. पलक मुल ने गाना गाया था और पलक का ये वन. ऑफ द फेवरेट सॉन्ग है। और इस देश की लगभग. सारी महिलाओं ने डिबिश किया होगा अपने जो. कहते हैं ना जिसमें इश्क वाला इश्क होता. है। वो प्यार मोहब्बत से ऊपर उठकर जो दिल. से रूह तक जाता है उस इश्क में शायद यही. एहसास रहा होगा कि कौन तुझे यूं प्यार.
करेगा जैसे मैं करती हूं।. हम वो देश हैं जहां अर्धनारेश्वर का. कांसेप्ट है। वो पुरुष अधूरा है जिसके. अंदर एक स्त्री नहीं है और वो एक स्त्री. अधूरी है जिसके अंदर एक पुरुष नहीं है। तो. हम तो यंग और यंग वाली बात को इस तरह से. देखते हैं कि जब तक दोनों जुड़ नहीं जाते. जब तक मैं एक लड़की की तरह सोच नहीं सकता. मैं क्या ही पुरुष हुआ। जब तक मैं उसका. दर्द नहीं समझ सकता। मैं ये अक्सर कहता. रहा कि जो औरत का दर्द नहीं समझता मनोज. मुंतशर उसे मर्द नहीं समझता।.
तो जब इस गीत की सिचुएशन हमारे सामने आई. ये गीत इसकी बैक स्टोरी आप चाहे तो मैं. बता दूं वैसे. पिछले पडकास्ट हमने बताया था. बताइए तो फिर. ये आपने अपने बेटे के लिए लिखा था उससे. आपने कहा था कि कौन तुझे यूं प्यार करेगा. एक्सक्ट्ली तो इस गीत में एक बड़ी कमाल की. चीज ये भी थी मैं आपको मार्केट फोर्सेस. कैसे काम करती है ये शायद पिछली बार बात. नहीं की होगी ये वो जमाना था जब अरिजीत. सिंह के नाम की ऐसी आंधी चलती थी कि.
अब जब भी कुछ ऐसा इंकलाब टाइप आता है रजीत. सिंह एक इंकलाब की तरह आए थे फिल्म. इंडस्ट्री में और इससे अच्छी आवाज हमने. बहुत जमाने से सुनी नहीं थी जो इतना. इमोशंस को कैरी करता हो तो उसका नुकसान ये. हुआ जैसे मैंने आपको बताया कि तेरी मिट्टी. का मुझे नुकसान हुआ। वैसे इसका नुकसान ये. हुआ कि बहुत सारे और टैलेंटेड गाने वाले. कहीं उस आंधी तूफान में बह गए। एक सबसे. बड़ा नुकसान ये हुआ कि मार्केट फोर्सेस को. ये लगने लगा कि सिर्फ मेल सॉन्ग्स चलते. हैं। फीमेल सॉन्ग्स चलते ही नहीं है।. फीमेल सॉन्ग्स डू नॉट डू लाइक 100 मिलियन. 200 मिलियन पे नहीं पहुंचते यार। कुछ तो.
गड़बड़ है। नहीं पहुंचते हैं। या तो डू. इट। और अगर फीमेल सॉन्ग्स चलते हैं तो वो. सिर्फ आइटम सॉन्ग्स चलते हैं। आप चिकनी. चमेली बनाओ चलेगा। फेविकोल बना दो चलेगा।. मुन्नी बना दो चलेगा। लेकिन नॉर्मल गाना. वो मेल वॉइस में ही अच्छा लगता है क्योंकि. तुम ही वही अच्छा लगता है।. ऐसे दौर में जब ये गाने की सिचुएशन आई तो. ओरिजिनली हमने भी इसको मेल ही सोचा था।. अरजीत सिंह के आवाज में सोचा होगा पक्का।. हमने सोचा था अरिजीत सिंह से गवाएंगे। और.
यह गाना मैंने लिखा। नीरज पांडे जी नीरज. पांडे जी ने जब ये गाना सुना तो उनको ये. लगा कि अ जो कैरेक्टर है. थाला फॉर ए रीज़ तो धोनी साहब के कैरेक्टर. में इतना अपफ्रंट होना नहीं है कि वो किसी. लड़की को ऐसे आगे जाके बोलेंगे हीरो की. तरह बाहें फैला के शाहरुख खान की तरह कि. कौन तुझे यूं प्यार करेगा जैसे मैं करता. हूं। तो नीरज जी एक पशोपेश में आ गए कि. यार ये चरित्र के साथ गाना नहीं जाता है।. लेकिन लाइन बड़ी अच्छी है। तो क्या करें? तो इस उहापोह से हम निकले कैसे कि एक काम.
करते हैं।. महेंद्र सिंह धोनी अपनी गर्लफ्रेंड के लिए. नहीं गा सकते। लेकिन गर्लफ्रेंड महेंद्र. सिंह धोनी के लिए तो गा सकती है। तो गाने. का जेंडर बदल दो। कौन तुझे यूं प्यार. करेगा जैसे मैं करता हूं? नहीं। कौन तुझे. यूं प्यार करेगा जैसे मैं करती हूं। सो. लेट द जो दिशा पाटनी का कैरेक्टर है वो. गए। तो नीरज जी ने इसका तोड़ तो ढूंढ. लिया। लेकिन अब दूसरा क्योंकि वो इतनी. बड़ी पिक्चर थी। उस पे सारी मार्केट. फोर्सेस की नजर हर तरफ से ये फीडबैक आने. लगा कि यार फीमेल गाना नहीं नहीं फीमेल.
गाना कांट बी द ड्राइविंग सॉन्ग ऑफ द. फिल्म नहीं हो सकता फीमेल गाना नहीं ये सब. आने लगा लेकिन नीरज पांडे बीइंग नीरज. पांडे वो एक बार उन्होंने तय कर लिया तो. तय कर लिया पत्थर की लकीर है वो हिले ही. नहीं उससे और जब कौन गाएगा यह सवाल आया तो. शायद प्रेम रतन धन पायो आ चुका था उस वक्त. पलक का गाना बहुत पसंद था हम सबको आशिकी. के गाने हमने पलक के सुने थे तो पलक तब भी. फेवरेट थी, आज भी फेवरेट हैं।.
यूनिमसली डिसाइड हुआ कि यह पलक गाएंगी।. क्या खूबसूरत गाया. वन शॉट पलक ने गाया है और अमाल मलिक की. ऐसी कंपोजिशन मैं यह समझता हूं कि अगर. मुझे इन तीन डिपार्टमेंट्स में से किसी एक. को ही ऑनर करना हो तो मैं सारी ट्रॉफीज़. अमाल के नाम लिख दूंगा।. इट्स वेरी टैलेंटेड।. इट्स वेरी टैलेंटेड।. गाना बनाया अमाल ने वो।. [गहरी सांस लेने की आवाज़]. आई विश थोड़ा और फोकस थोड़ा डिस्प्ले हो जाए. तो ही कैन क्रिएट मोर मैजिक। मोर मैजिक।. आई मीन आई एम अमाल फैन। उन्होंने जो गाने. बनाए हैं जितने भी गाने बनाए हैं वो.
प्रीतम वाली लेगसी से जो उन्होंने सीखा उस. दौर में प्रीतम मिथुन जीत गांगुली और फिर. वहां से एक नए सिरे से म्यूजिक दिया सारे. गाने कमाल के और स्पेशली रोमांटिक गाने. अमाल मलिक के बहुत कमाल के हैं। सॉफ्ट. गाने जिसे सॉफ्ट गाने हम कहते हैं।. एक्साक्ट्ली वो पूरा एल्बम अमाल मलिक का. था। आप अगर आप देखें तो उसमें कोई भी गाना. बेसब्रियां क्या खूबसूरत खूबसूरत गाना. बेसबरियां जब तक तेरी [हंसी] आंश में बूंद. बूंद में जल खूबसूरत गाना है।. हां. तो अमाल बहुत टैलेंटेड है। अमाल का एक ही. प्रॉब्लम है जो कि नहीं जो इस दौर का.
प्रॉब्लम है वो इस दौर में इशू बन चुका. है। वरना शायद यही चीज कुछ बरस पहले होती. तो अमाल की ताकत होती। अमाल कॉल्स अस पेड. एस पेड। अमाल कुछ भी बोलने से परहेज नहीं. करते। उनको कोई चीज़ दुखी, उनको कोई चीज़. गलत लगी तो वह इस बात की परवाह नहीं करते. कि पॉलिटिकली यह बात करेक्ट है कि नहीं।. मुझे कहनी चाहिए कि नहीं। जो गलत लगा वो. अमाल ने गलत बोला और पब्लिकली आके बोला।. बट अमाल को मेलोडी की समझ बहुत अच्छी है।. मुझे जो सबसे अच्छे थे।. खानदानी है भाई।. डब्बू मलिक जी से जो जींस आते हैं और.
पहले भी दादा जी, चाचा जी. सरदार मलिकारंगा।. अनु मलिक जी सरदार मलिक जी डब्बो देख पूरा. खानदानी समझ है। आप अरमान को भी देखें तो. अरमान की गायकी में आपको वो बात नजर आती. है कि लगता है कोई उस्ताद गा रहा है। अगर. आप अरमान की शक्ल ना देखो तो मैंने जब. शुरू में तो मुझे लगता था ये कोई उस्ताद. जी गा रहे हैं क्या? इतनी बढ़िया गायकी है. अरमान की और वो 90 वाली जिसे हम कहते है. ना आज के दौर में मेलोडी मिसिंग है। जोर. अमाल ने चले आना बनाया था।. ओह हो क्या बढ़िया गाना बनाया। उफ उफ उफ. चले आना मैं रहूं या ना रहूं तुम।. मैं रहूं ना रहूं। वन ऑफ माय फेवरेट। फिर.
एक गाना केके के साथ उनका था जख्म आए या. आया। सब आए तुम ना आए उसने केके के साथ भी. कई गाने. एलिफ्ट एयर लिफ्ट फिल्म का. तो कमाल मतलब जितने भी गाने रहे उनके सूरज. डूबा से लेकर. बट रोमांटिक जो सॉन्ग थे सॉफ्ट गाने थे वो. अमाल के बहुत अच्छे थे जो अमाल ने बनाए. अर्जित ने गाए या अमाल ने बनाए अरमान ने. गाए. आई थिंक और हमें उसे अप्रिशिएट करना चाहिए. था उसे और गाने मिलने चाहिए थे. एक गाना अमाल का और मेरा था जो कि बहुत. ज्यादा नहीं चला लेकिन बहुत सुंदर गाना था. फिल्म थी सनम रे.
सनम रे आपको फिल्म याद है. हां बहुत अच्छे से बहुत बढ़िया वो आया. पहली बार? नहीं वो वो नहीं है। एक अमल उसमें अमल के. मेरे शायद कई गाने थे। मिथुन का भी मेरा. एक गाना रहा था।. सनम रे मिथुन का था।. सनम रे मिथुन का था। मुझे एक गाना अमल का. था मेरा अ क्या तुझे अब यह दिल बताए। क्या. तुझे अब यह दिल बताए, कितना तुझ पे मुझे. प्यार आए, आंसुओं से मैं लिख दूं तुझको, मेरे सिवा कोई पढ़ ही ना पाए। क्या तुझे. अब यह दिल बताए? ब्यूटीफुल।. सो वन ऑफ़ दोज़ सॉन्ग्स जो अमल और मैं बहुत. खुश हो के हमने गाना बनाया। कुछ गाने नहीं.
चलते। बट आई थिंक एमएस धोनी एक पिक था उस. दौर में जो अभी भी आप एमएस धोनी के सारे. गाने प्ले कर लो। सो आपको सॉन्ग चेंज करने. की जरूरत नहीं पड़ेगी।. मैं स्पॉट देखता हूं और मुझे इस बात की. हैरानी होती है कि स्पॉटिफाई में मेरे टॉप. 50 गानों में टॉप 10 में अगर आप देखें तो. एम एस धोनी के तीन गाने दिखते हैं। फ्लैश. होते हैं। आज भी जबकि मैंने तब से अब तक. क्या-क्या कर दिया, कितना कुछ. कौन तुझे जब तक बेसब्री. कौन तुझे जब तक और एक गाना उसमें अरिजीत. सिंह का था। फिर कभी. फिर कभी हां अरे क्या खूबसूरत.
ये तीनों गाने मेरे आज भी टॉप 10 में बहुत. खूबसूरत गाना है. हां. वाव. तो अमाल ने वाकई जो अपने कलर्स दिखाए थे. उस फिल्म में जो शेड्स दिखाए थे वो अद्भुत. थे और एक बात मैं कहूंगा कि बहुत सिक्योर. फिल्म मेकर रहे हैं नीरज पांडे जी वो. हमेशा उनकी फिल्में जो रही हैं वो. पेटियोटिज्म थ्रिलर जॉनर एस्पेनोज जोर उस. तरफ रही हैं लेकिन जो उनकी समझ मेलडी की. रही है वो इतनी यूनिक रही है कि हम सबसे. उन्होंने ऐसे गाने बनवाए हम. और एक के बाद एक बहुत सारे गाने हैं उनके.
जो हमने साथ में किए आप रोजाना देखें नाम. शबाना का. हवाओं की तरह. हवाओं की तरह मुझे छू के तू गुजर रोजाना. वो कंपोजिशन. रोचक कोहली. बहुत अच्छे गाने नीरज जी ने बनवाए इन सबसे. नाइस फिर भी तुमको चाहूंगा आज के हुकअप. सिचुएशनशिप के दौर में [हंसी]. ये एहसास जिंदा है आपको लगता है कि मैं. फिर भी तुमको चाहूंगा क्योंकि यह गाना.
मेरे दिल के बड़े करीब है। मेरी पर्सनल. लाइफ के बड़े करीब है। मैंने बड़ा जिया है. इस गाने को। मैंने मिथुन से कहा भी था कि. मिथुन मुझे इसलिए पसंद है क्योंकि. [नाक से की जाने वाली आवाज़] उनके गानों. पर इश्क किया भी है और अलगाव भी दिखा है।. तुम ही हो से लेकर फिर भी तुमको चाहूंगा. तक की कहानी जिंदगी की भी रही है। बट आज. के दौर में जब हम कहते हैं हुक अप कल्चर. इतना हो गया है। मल्टीपल शिप्स आ गई हैं।. फर्स्ट टाइम देखा लव हो गया। सेकंड टाइम. में सब हो गया। थर्ड टाइम में तू झूठी में. मक्कार।. नहीं वो. ये बचा है अभी.
प्यार का दूसरा तो कोई बैरोमीटर ही नहीं. है। सिचुएशन. वन नाइट स्टैंड आप दुनिया में कुछ भी कर. लें लेकिन प्यार आपके कंट्रोल की चीज नहीं. है। पहले तो ये समझ लीजिए अगर आप सिचुएशन. शिप में है और आप सिचुएशन बदल सकते हैं।. आज ये कल वो परसों वो तो आप प्यार नहीं कर. रहे हो। आप कुछ और कर रहे हो। वो भी ठीक. है। उस पे हम कोई कमेंट नहीं करना चाहते।. लेकिन अगर आपके इख्तियार में है तो. मोहब्बत नहीं है।. चलो राइटिंग में बचाइए।. राइट. इतना सरल कि मैं फिर भी तुमको चाहूंगा।.
वहां मैंने तो नहीं सुने ऐसे गाने बहुत. जमाने से। ऐसी सिचुएशनंस नहीं आ रही है. फिल्मों में वरना मैंने ही लिखे होते।. कल शायद ये आलम ना रहे। कुछ ऐसा हो तुम. तुम ना रहो, कुछ ऐसा हो, हम ना रहे। वाह! पल भर जो तुम्हें ना सोचूं तो धड़कनें. तरसने लगती हैं। तुम्हें देख लूं तो नम. आंखें भी हौले से हंसने लगती हैं। दिल से. दिल का यह मेल सनम मुमकिन है कभी हो जाए. कम। कुछ तुम मेरे जैसी ना रहो, कुछ मैं ना. रहूं तुम सजा जनम हालात बिगड़ भी जाए अगर.
हम दोनों बिछड़ भी जाए अगर यादों के चांद. शिकारे पर मैं तुमसे मिलने आऊंगा।. मैं फिर भी तुमको भी तुमको चाहूंगा।. मुझे लगता है हम फिल्मों में उतनी गहरी. मोहब्बत एक्सप्लोर नहीं कर रहे हैं। अगर. करेंगे तो ऐसे गाने फिर से लिखे जाएंगे।. क्या जमाने मोहब्बत कमजोर पड़ गई इस चीज. का असर फिल्मों में भी दिख रहा है। [हंसी]. नहीं मोहब्बत कभी कमजोर नहीं हो सकती। अ. ये अलग बात है कि. आज के दौर ने मान लिया है कसमें वादे.
प्यार वफा सब बातें हैं बातों का क्या. नहीं ऐसा नहीं कि ये बच्चे मोहब्बत नहीं. करते लेकिन ये बच्चे किसी रिलेशनशिप को. सीरियसली लेने से पहले बहुत एप्रिहेंसिव. होते हैं। इतना फर्क है। हमें तुरंत प्यार. हो जाता था। ये बच्चे नहीं करते। ये बच्चे. वक्त देते हैं। ठीक है? आई लाइक दैट पर्सन। इट्स फाइन। बट दैट. डजंट नेसेसरी मीन कि इसके साथ मुझे अपनी. पूरी जिंदगी गुजारनी है। वो कई लेयर्स आ. गई हैं अब। लेकिन जब उन लेयर्स को पार. करके आप पहुंचेंगे वहां तक, दैट इज द वन.
फॉर मी, शी इज़ द वन फॉर मी, ही इज़ द वन. फॉर मी। तो आप ऐसी ही मोहब्बत करेंगे जैसी. इस गीत में लिखी गई है। मैं फिर भी तुमको. चाहूंगा। उस दीवानगी तक आपको कौन तुझे यूं. प्यार करेगा? उस दीवानगी तक आपको पहुंचना. होगा।. और पहुंचेंगे उस दीवानगी तक। ये अलग बात. है कि आप बहुत वक्त लेते हैं। अब 1820 साल. में नहीं पहुंचते। 3035 में पहुंचते हैं।. फिर भी इंस्टेंट प्यार करने वालों को यह. जिद्दी प्यार समझ में आता है। जब आजकल. ऑप्शंस भी ज्यादा हो गए। आप स्वाइप करेंगे. आपको इंसान मिल जाएगा। पहले मोहब्बत मिलती. भी नहीं थी ना इतनी आसानी से।. एक ही शख्स पे सारी चाहत खत्म कर दी हमने।.
अब इश्क किसे कहते हैं वो खुदा ही जाने।. ऑप्शन भी कम थे ना। हमने एक ही को देखा।. एक ही को चाहा उसी के पीछे रहे। कुछ सोचा. ही नहीं। 10 से बात ही नहीं हो रही थी।. बातें भी तो पहले लिमिटेड थी।. अब ऑप्शन ज्यादा है। आप Instagram खोलते. हो आपको प्रोफाइल्स मिल रही हैं। इतने. सारे डेटिंग एप्स हैं। सोशल मीडिया पर. आपका इंटरेक्शन ज्यादा है। लोग ज्यादा ओपन. है। ज्यादा एक्सपोज्ड हैं। एक इंसान को. लेकर बैठ के लोग रोते कम है।. जो नर्मो नाजुक एहसास थे ना जो कोई चीज ना.
पाने की तड़प होती है।. हम. वो वाकई ओवर अवेलेबिलिटी ने बहुत कुछ खत्म. तो कर दिया है। ये जो म्यूजिक के साथ हुआ. है। जो गानों के साथ हुआ है वही मोहब्बत. के साथ हुआ है। गाने इतने अबंडेंस में. आपके सामने हैं कि आप परेशान हो जाते हो।. आप एक बार स्पॉटिफाई का पेज खोलते हो।. इतना कुछ आपको दिखता है कि आप शायद गाने. ही ना सुनना चाहो। हमारे जमाने में जब हम. एक कसेट खरीद के और तीन-4 महीने की सेविंग. से हमारे पास ₹22 जुड़ते थे। वो ₹22 का. कैसेट जब हम खरीद के लाते और हमें मान. लीजिए पहली बार सुन के नहीं भी अच्छा लगा.
तो कोई ऑप्शन नहीं है। आपको ये कसेट ही. सुनना है क्योंकि अगला कैसेट आपको खरीदने. में 3 महीने और निकल जाएंगे। तो 3 महीने. तक हम उस गाने को फेयर चांस देते थे। और. इसलिए कुछ गाने जो बहुत अच्छे नहीं थे वो. भी हमारी जुबान पे चढ़ गए। आज आप 7 सेकंड. में एक गाने को रिजेक्ट करते हो। ऐसे ही. आप मोहब्बत को 7 सेकंड में स्वाइप राइट. स्वाइप लेफ्ट करते हो। 7 सेकंड में दैट इज. द रिस्पांस टाइम ऑफ योर थंब ऑफ योर. फिंगर्स। 7 सेकंड में आप क्या जज कर लोगे. यार प्यार को? और जिसे आप इंस्टेंट प्यार. कह रहे हो वो इंस्टेंट इनफचुएशन है। वो.
इंस्टेंट प्यार तो नहीं है।. कौन-कौन सी कैसेट खरीदी थी आपने? मैंने बहुत सारी। मुझे एक जो आज तक याद है. जो मेरे पास आज तक है कैसेट वो थी कह।. जगजीत सिंह जी का एक एल्बम था जो टीवी पर. शो आया था कहकर शो वो वो मैं आज तक सुनता. हूं शायद इस कितने साल हो गए होंगे 35 साल. हो गए होंगे 35 36 साल मैं 35 36 साल से. वो एल्बम रोज सुनता हूं आज भी. 90 में कौन-कौन सी कैसेट खरीदी आपने हमने. दीवाना खरीदी थी. दीवाना. सोन निगम वाली. जी नहीं ऋषि कपूर वाली.
ऋषि कपूर वाली दीवाना शाहरुख़ शाहरुख खान. ऋषि कपूर. शाहरुख खान. तेरे दर से दिल आबाद रहा कुछ भूल गए कुछ. हां अरे वो गाना. कोई ना कोई चाहिए ऐसा. जी प्यार करने वाला और जो. सोचेंगे तुम्हें प्यार करें कि नहीं. और मुझे एक एल्बम याद आता है जो बहुत चला. नहीं लेकिन मैं फिल्म का नाम भूल गया गा. रहा हूं इस महफिल में आपके मोहब्बत. अरे कुमार सानू. कुमार सानू साहब वो और जो गाने मैंने बहुत. सुने वो थे हमरा ही प्यार के गाने उसमें. कट जाएगा सफर साथ चलने से. नहीं मैं तो हमेशा थोड़ा पेन की तरफ झुका.
हुआ था मैं एक गाना सुन के पूरी पूरी रात. रोता था मेरे घर पे एक रेडियो एक टेप. रिकॉर्डर हुआ करता था। उस टेप रिकॉर्डर का. स्पीकर फटा हुआ था। तो मैंने वो ऑक्सिलरी. से एक केबल जोड़ के एक स्पीकर कहीं बाहर. से लाके और एक मटके पे स्पीकर रखा हुआ था।. मटका समझ रहे हैं ना घड़ा? समझ गए? तो. तो घड़े के ऊपर स्पीकर का तो हल्का सा वो. लोस जो है फ्रीक्वेंसीज डम डम डम।. वो सुनाई पड़ती थी। तो उसमें एक गाना लगा. के मैं पूरी रात रोता था क्योंकि मेरा. पहला हार्ट ब्रेक हुआ था। वो मेरी नींद.
मेरा चैन मुझे लौटा था।. इसमें तीन गाने हैं चित्त एक घूंघट की. आड़।. काश कोई लड़की मुझे प्यार. काश कोई लड़की मुझे प्यार करती. तो ये वो दौर था फूल और कांटे का एल्बम. मैंने खरीदा था. मैंने प्यार तुम्ही से किया. मैंने प्यार तुम ही आय हाय हाय [हंसी]. [अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़]. लेकिन उस दौर में भी मेरे पास जो ज्यादा. कलेक्शन था वो गजलों का था. तो मैं चंदन दास जी उस वक्त. बट आप भी कुमार सानू फैन थे इससे मुझे लग. रहा है. कुमार सानू फैन कोई ना हो ऐसा हो कैसे. सकता है और कुमार सानू फैन होने के बाद. मैं आपको बताऊं वैसे ही ब्रॉड सिनेमैटिक.
आवाज ये चौड़ी राइट लेफ्ट जो आपके. स्पीकर्स थे वो ऐसा बजने लगते थे। आपको. लगता था कि कहां से आ गई ये आवाज? सर शानूदा में एक हीरो वाली आवाज थी।. हमेशा से थी आज भी है। सेम मतलब सेम गाना. कोई और भी गा रहा हो शानूदा गा रहे हो।. उसमें जो एक अपना वो टच देके निकलते थे।. हां।. तो वो मैजिक था। मैजिक मतलब आई डोंट नो।. मुझे अभी भी फिर तेरी कहानी के गाने. अरे बाप रे तेरे दर पे सनम चले आए। तू ना. आया।. बादलों में छुप रहा चांद। एक-एक गाने. अनु मलिक जी.
हां शानूदा आंखों की गुस्ताखियां आप कोई. भी गाना प्ले कर दो. मुझे एक अभी थोड़े दिन पहले एक फ्लाइट पे. मिल गए शानूदा हम लोग कहां से आ रहे थे. कोलकाता से आ रहे थे तो साथ में ही बैठे. हुए थे हम बातें शुरू हो गई यहां वहां की. तो मैंने उनसे एक बात बड़ी ऐसी बातों. क्योंकि वो हमारे तो हीरो रहे हैं एक. जमाने में आज चलिए हम साथ काम करते हैं. हमारा मिलना मिलाना हो गया है पर वो हम एक. जमाने में हमारे बहुत वी यूज्ड टू लुक अप. टू हिम एंड वी लुक अप टू हिम टुडे आल्सो. तो मैंने उनसे कहा मैंने कहा दादा ये इतना. हंगर आपका खत्म नहीं होता। वो शो करके आए.
थे। मुझे बता रहे थे कि अरे मनोज शो किया. इतने लोग और मैं तो पागल हो गया। क्या. जनता मैं सोचा यार इस आदमी ने सब कुछ. हासिल कर लिया है। फिर भी आज जनता को देख. के ये इतने दीवाने हो गए। तो उन्होंने. मुझे एक बात बताई उन्होंने बोला मैं. अफ्रीका में था। आशा जी के साथ मेरा शो था. आशा भोसले जी। और आशा जी की एंट्री थी।. मैं बैक स्टेज खड़ा हुआ था। और मैं देख. रहा हूं आशा जी बहुत नर्वस हैं। बहुत. नर्वस है। तो मैंने उनका हाथ हाथों में. लिया। एकदम हाथ उनके ठंडे थे। तो मैंने. कहा दीदी आपको ताई आपको आप घबरा रही हैं.
स्टेज पे जाने के पहले आपके हाथ ठंडे हैं।. किश ताई ने पलट के मुझे बोला सानू जब तक. ये हाथ ठंडे हैं तभी तक स्टारडम की गर्मी. है। वाह. ये सीखने वाली बात है। आज जब हम चार गानों. में खुश हो जाते हैं कि अरे वाह हम तो. बहुत बड़े हो गए। बहुत नाम हो गया हमारा।. वाह क्या हमारे गाने बज रहे हैं यहां. वहां। अगर आशा भोसले जी के हाथ ठंडे होते. हैं स्टेज पर जाने से पहले लेजेंड ऑफ द.
लेजेंड्स तो भाई मैं और आप कहां खड़े हैं? यह एक इंट्रोस्पेक्शन की बात है।. यू विल बी हैप्पी टू नो मिथुन ने हमारे. पॉडकास्ट में हमसे ये प्रॉमिस किया था ऑन. कैमरा मिथुन ने कहा है कि इस साल 2026 में. वो कुमार सानू के साथ अपना ओरिजिनल गाना. कंपोज करेंगे।. वाह! मैं लिख रहा हूं। मैं लिख रहा हूं और. खबरदार अगर वो गाना आपने लिखा मिथुन तो. [हंसी] धमकी दे रहा हूं मैं आपको खुलेआम. आई वास एज अ फैन आई वास वै हैप्पी यस इट.
हैज़. क्या डेडली कॉम्बिनेशन है मिथुन और कुमार. शानू क्या जबरदस्त. मैंने स्टेज पे थोड़ा सा देखा था वो हे तुम. ही होगा जो उन्होंने किया था. सो आई टोल्ड मिथुन मैंने कहा देखो आपसे. अच्छी मेलोडी कोई बनाता नहीं है और शानू. दा का नस्टेल्जिया मेलोडी से अच्छा किसी. ने देखा नहीं है. सो आपने उदित जी के साथ काम कर लिया गदर. टू में रूप जी के साथ काम कर लिया बॉर्डर. टू व्हाई नॉट कुमार सानू? तो ही प्रॉमिस. मेरे जैसे सारे कुमार सानू फैंस को कि वो. एक कंपोज करेंगे और ओरिजिनल गाना कंपोज. करेंगे इस साल।. और मैं आपको बताऊं मैंने शानू दा को अभी.
हालिया गाते हुए सुना है।. वही चमत्कार हो सकता है जो सोनू जी के साथ. हुआ।. अगर शानू दा सही गाने के साथ आ गए तो माफ़. कीजिएगा। लेकिन हो सकता है कि बहुत सारी. मीडियाकर दुकानें बंद हो जाए।. आप सुन देखिए। मैं तो इसी में खुश था कि. आप जिस कुर्सी पर आप बैठे हैं वहां शानू. दा बैठे थे [हंसी] और दो ढाई घंटे हमने. बैठे गप लड़ाई ही हग्ड मी और जाने के बाद. वो और खुश होकर उन्होंने मुझसे कहा कि.
उनके पास हजारों कॉल्स आई उनकी डॉटर ने. स्पेशली मुझे मैसेज किया. कि नो वन एक्सप्लोर्ड हिम लाइक यू. एक्सप्लर्लोड मेरे लिए वो मोमेंट था एंड. देन शानू दास सेड कि शुभांकर ए एक बार हम. फिर से करेंगे साथ बैठ के जल्दी से इस बार. मैं हारमोनियम लेके आता हूं सो एज अ. म्यूजिक लवर मेरे लिए वो ट्रीट था मतलब. मैं क्या क्या ही कहूं उससे बड़ा लम्हा. नहीं था।. मैं आपसे यही कह रहा हूं ना कि पता नहीं. हम कब किस इग्नोरेंस के किस लम्हे में हम. यह मान लेते हैं कि अरे ये बंदा खत्म हो. गया वो बंदा खत्म हो गया। अरे आप कौन होते. हो जज करने वाला कौन खत्म हो गया?
[नाक से की जाने वाली आवाज़] आपके दिमाग. में जो मापदंड है उसके हिसाब से भाई कोई. आदमी 100 गाने गा लिया बहुत हो गया। हो. सकता है वो आदमी 2500 गाने लेके आया हो।. ट्रू. आपको कैसे पता? लेकिन आपने डिसाइड कर लिया. कि अरे बहुत बहुत सुना सोनू शानू दादा को।. बहुत बढ़िया-बढ़िया गाने गाए। हो गया अभी. हो गया आप डिसाइड कर रहे हो वो थोड़ी कर. रहे हैं उनको आप माइक दे दो उनको सिचुएशन. दे दो उनको गाना दे दो वो खेलते हैं ऐसे. खेल के चले जाएंगे. बट आई थिंक वो जो आपने एक लाइन कही कि. राइट सॉन्ग अगर उनको मिल जाए राइट.
ही कैन क्रिएट मैजिक. हां राइट सॉन्ग जो थोड़ा ढंग का लिखा हुआ. भी हो क्योंकि वो एक करेंसी है जिस पे तो. हमें विश्वास ही नहीं है. बस आप हो गए मिथुन बात करो आवारापन अभी वो. कर रहे हैं आवारापन से फ्री होते हैं तो. आप लोग एक प्लान करो. मोहित बना रहे हैं आवारापन. मोहित ही बना रहे होंगे उनकी बड़ी फेवरेट. पिक्चर है. मोहित नहीं बना रहे हैं अनुराग बासू बना. रहे हैं। आवारापन हां ये अनफॉर्चूनेट है।. अ मतलब आज मैं कह ही देता हूं क्योंकि. मोहित ने हमारे पॉडकास्ट में एक्सेप्ट. किया था। सो मोहित सूरी की जब फिल्में. फ्लॉप हुई सो आवारापन में उन्हें दोबारा.
नहीं लिया गया। एंड इट्स वेरी अनफॉर्चुनेट. मोहित ने मोहित ने कहा भी कि मैं दुनिया. इकलौता फिल्म डायरेक्टर हूं जिसकी फिल्म. 17 18 साल बाद बन रही है और उसकी फ्लॉप. फिल्म का रिमेक किया जा रहा है जिसमें वो. नहीं है और मुझे याद है जब. [नाक से की जाने वाली आवाज़]. हम मोहित के साथ मैंने शायद तीन फिल्में. की हैं और तीनों फिल्मों के दौरान ऐसा कभी. नहीं हुआ है जब बातोंबातों में मोहित सूरी. ने आवारापन का जिक्र ना किया हो। इट. हैप्पेंस टू बी हिस फेवरेट फिल्म इवन फॉर. ऑल टाइम। इवन माय फेवरेट फिल्म विथ मोहित.
सूरी की फिल्मों में बड़ी फेवरेट फिल्म. स्पेशली गानों के पॉइंट ऑफ व्यू से। हां. लेकिन मोहित सूरी को उसमें लिया नहीं गया. और मैंने मोहित से सवाल पूछा था कि. क्योंकि ये परिवार की फिल्म उनकी है तो. मैंने उनसे सवाल पूछा था कि फिल्में फ्लॉप. होने का असर परिवार नहीं पड़ता है।. हम. रिश्ते बदलते हैं. हम. एंड ही सेड यस. सयारा के पहले लोग उनसे कटने लगे थे। और. सयारा भी सयारा नहीं थी। सयारा वाज़ सपोज. टू बी आशिकी थ्री।. ओ यस।.
सो सयारा लिखी गई थी आशिकी 3 के लिए।. इसीलिए आशिकी जो बन रही है उसे डिले कर. दिया गया। आपको याद होगा एक डेढ़ साल पहले. फिल्म आई थी अब गायब हो गई वो। सो सयारा. वाज़ आशिकी थ्री. बट जस्ट बिकॉज़ वो शायद चल ही रही थी. गलियां टू और उसके बीच में एक दो फिल्में. तो लोग आपसे डू लोग आपसे भरोसा करना छोड़. देते हैं। बट दैट्स अगेन द मैजिक स्टोरी. दैट्स मोहित सूरी कि मोहित को जब दुनिया. ने गिराया तो रबर बॉल की तरह अपनी लाइफ का. बेस्ट देकर आ गए। वाई आरएफ मोहित एंड. सयारा इज अ डेडली कॉम्बिनेशन और इतनी बड़ी.
फिल्म. वो जिस सिनेमा को फॉर लैक ऑफ एनी बेटर. वर्ड बॉलीवुड कहा जाता है जिसमें मोहब्बत. होती है जिसमें डिमलेट मोमेंट्स होते हैं. जिनमें ट्रैक शॉट्स होते हैं जिनमें एक-एक. शब्द को म्यूजिक को एक्सप्लोर किया जाता. है मोहित सूरी उस विधा के मास्टर हैं।. मोहित सूरी उस विधा के टरेंटेनो हैं। और. मैं एक बात दावे से कह सकता हूं कि सयारा. भी उनका पीक नहीं है। ये आप देख लेना।.
हम हम. लग रहा होगा अभी सबको और बहुत बढ़िया. फिल्म बनाई उन्होंने। मैंने भी देखी बट इट. इज नॉट दैट डिफाइन मोहित सूरी ही इज बिय्ड. दिस।. आई एम अ बिग मोहित फैन एंड मुझे बहुत खुशी. कि मैंने बीते एक साल में उनके दो. इंटरव्यूज की। मेरे लिए बड़ा अच्छा मोमेंट. था। हां।. आई टोल्ड मोहित मैंने कहा आपकी फिल्में. मैंने बड़ी एंजॉय की है। फ्रॉम ज़हर जब. मिथुन और पहली बार साथ आए थे और वहां से. आते-आते जो इनका इवॉल्व हुआ है और जिस तरह. से स्पेशली मोहित की फिल्मों में गाने आई. लव मोहित सूरी मोर बिकॉज़ ऑफ ह सॉन्ग्स।.
यार शुभांकर मोहित सूरी नहीं होते तो मनोज. मुंतशिर नहीं होता।. वाओ [हंसी]. गलियां गलियां. बिग विलन हां. गलियां के पहले मुझे कौन पूछ रहा था? कौन. जान रहा था? मेरा 40वां गाना और नौवीं. फिल्म थी एक विलेन। उसके पहले मैं आठ. फिल्में कर चुका था। आठ फ्लॉप फिल्में आई. वाज़ रिटन ऑफ नोबडी इवन केयर्ड हु इज मनोज. मुंतशिर। मैं टेलीविज़ में था। वही मेरी. रोजीरोटी चल रही थी। मैं कोशिश करता लोग. और एक मैं एक बात आपको और बताऊं। आपने कोई.
पिक्चर नहीं की। ये आसान है आपके लिए कि. आपको फिल्म मिल जाए। आपने आठ फ्लॉप. फिल्में की हैं। इसके बाद आपको कोई खड़ा. करे। यह बहुत मुश्किल है। बट मोहित सूरी. डिडंट सीम टू केयर अबाउट दिस। उन्होंने बस. उतनी ही लाइन सुनी थी। यही मंदिर और मदीना. गलियां तेरी गलियां।. क्या खूबसूरत मतलब बड़े अंकित तिवारी. अंकित तिवारी अगेन. दोस्त है हमारे और क्या खूबसूरत कंपोजशन. थी आपके अंकित की।. वाकई मैं बहुत खुश हूं कि एक इत्तेफाक से. जन्मा ये गाना। इसने अंकित को भी रिीडफाइन.
किया और मुझे तो खैर सब कुछ दे दिया। इसने. हां मतलब अंकित को मैं उससे पहले सोच रहा. था कि सुन रहा है कि बाद अंकित क्या. करेंगे? हां. कहीं ऐसा तो नहीं वो एक फ्लूक था सुन रहा. है तू क्योंकि अंकित ने बहुत पहले बनाया. था वो और कई सालों से पड़ा था उनके पास. सुगाना. बट गलिया फिर बाद में आया और उससे बड़ा था. हां. और उनके लिए उसको अवार्ड भी मिला अंकित को. हां हां सारे अवार्ड्स मिले अंकित को सारे. हां. मुझे भी और अंकित को भी लगभग सारे. अवार्ड्स. आई वास वैरी हैप्पी फॉर अंकित तिवारी एंड. आई स्टिल बिलीव कि अंकित को भी अभी और. बहुत काम करना चाहिए और बहुत पोटेंशियल.
उनमें है और वो आना चाहिए निकल कर. दर-बदर उन्होंने बहुत सारे गाने. अच्छे-अच्छे अंकित ने किए हैं। वो भी मेरा. गाना था दिल दरबदर. हां बहुत अच्छा गाना था. पीके हां. हां. बड़ा अंडररेटेड गाना है बट बहुत अच्छा. गाना है. बड़ा ही अंडररेटेड गाना है क्योंकि किसी. को वो गाना फिल्म में चाहिए नहीं था वो तो. भूषण कुमार जी की जिद थी वो अड़ गए थे कि. हमें चाहिए हमें चाहिए तो किसी तरह वो. फिल्म में चला गया लेकिन उस गाने को उसका. ड्यू इसलिए नहीं मिला कि जिस तरह से वो. गाना फिल्म में इस्तेमाल होना था उस तरह. से कभी हुआ नहीं. मलक ने भी उसे गाना था हम फिर ना मिले कभी. इट वास अ ब्यूटीफुल ट्रैक.
अंकित इस वैरी टैलेंटेड. इट जस्ट दैट ही नीड्स टू डू मोर वर्क आई. थिंक राइट कॉम्बिनेशन वही सारा खेल है। आप. मुझे हमेशा लगता है कि एक एक समय के बाद. टैलेंट से ज्यादा आपकी आपका सर्किल मैटर. करता है। कितने लोग आप पर भरोसा करते हैं. और वो कल्चर से बचना चाहिए कि जिसका हिट. चला रहा है उसी को हम दूसरा गाना देंगे।. तीसरा देंगे, चौथा देंगे। पर उस कल्चर से. आप नहीं बच सकते। वो कल्चर एक ऐसे एक एक. सडन की तरह हमारे सिस्टम में है। आप कभी. किसी को इस बात पे इवैल्यूएट नहीं करते कि.
ये आदमी क्या कर सकता है। आप हमेशा इस बात. पे इवैलुएट करते हो ये आदमी क्या कर चुका. है। दैट इज व्हाट द प्रॉब्लम लाइंकर. मिश्रा क्या कर चुके हैं। मैं इस पे जज. करूंगा इनको। काश मैं वो संभावनाएं देख. सकता कि शुभांकर मिश्रा क्या कर सकते हैं।. वो आंखें बहुत कम लोगों के पास हैं।. ट्रू। हालांकि एक सिंगर जैसा बहुत आप. अंडररेटेड हो या अंडररेटेड नहीं हो। बहुत. बड़े-बड़े हिट है बट पीपल टॉक लेस बिकॉज़ वी. टॉक मोर अबाउट विशाल मिश्रा एंड ऑल जुबिन. नॉट या. मुझे लगता है आप और जुबिन ने जो नंबर वाइज.
हम बात करते हैं हिट लिस्ट. यस हमने. ब्लॉकबस्टर्स. बहुत बड़े गाने दिए हैं हमने. बहुत बड़े-बड़े गाने दिए. चाहे वो डिवोशनल गाने हो या. सिंगल्स गाने हो फिल्मों गाने हो कमाल रहा. है. जुबीन एक यूनिक आवाज के मालिक हैं उनकी. आवाज की तुलना आप किसी से नहीं कर सकते।. आप उनकी तारीफ भी करना चाहे ना जैसे अगर. आप किसी की तारीफ करना चाहते हैं तो आप. बोलते हैं कि यह तो उनके जैसा साउंड करता. है। यह तो रफी साहब जैसे ये तो उदित जी. जैसे है। आप जुबिन की आवाज को किसी से मैच.
ही नहीं कर सकते।. महिलाओं को शिल्पा राव की तरह है वो।. हां शिल्पा राव की तरह है। ये शिल्पा जी. शिल्पा की आवाज भी ऐसी ही है।. बिल्कुल। दोनों मखमली आवाज है। शिल्पा राव. और जुबिन। जुबिन आई थिंक ये दो सबसे यूनिक. आवाें हैं।. बहुत यूनिक आवाें हैं। और मैं तो इस बारे. में इतना अपने आप को खुशनसीब समझता हूं कि. जुबिन के करियर की शुरुआत से हम दोनों. जुड़े रहे हैं। जब यहां भी मैं ये कहूंगा. कि जब जुबिन को कोई नहीं जानता था तब हमने. उनके साथ गाने किए। एक फिल्म थी हमारी वन. नाइट स्टैंड।. हम हम वन नाइट स्टैंड में एक बड़ा खूबसूरत. सा गाना था। मैं भी गाने का एग्जैक्ट वर्ड.
भूल रहा हूं। पर जुबिन के साथ वो मेरा. शायद पहला गाना था। फिर हमने रुस्तम में. भी एक गाना किया था जोबिन के साथ।. ढल जाऊं मैं तुझ में। दैट वास जुबिन. नोटियल।. वो गाना भी चला नहीं तब तक शायद जुबिन का. दौर नहीं आया था। लेकिन हमनवा मेरे एंड. दैट ब्रोक एव्री पॉसिबल रिकॉर्ड। मुझे. लगता है मेरा पहला 1 बिलियन पार करने वाला. गाना है।. वो गाना हमने कंपोजिशन पे लिखा था ट्यून.
पे। वो गाना अभी दोबारा हमने रिवजिट किया।. एक फिल्म आई थी मां काजोल जी की। हॉरर. फिल्म थी उसमें उस गाने को हमने दोबारा. रिवजिट किया श्रेया जी के साथ श्रेया. गोशाल के साथ वो फिर भी बहुत अच्छा सुना. गया तो ये तो. भजन बहुत आप लोग के अच्छे रहे. भजन तो इसलिए क्योंकि जुबिन बहुत. स्पिरिचुअली इंक्लाइंड है बहुत ज्यादा तो. जुबिन से अगर आप कभी बात भी करेंगे ना तो. आपको 5 मिनट में ये समझ में आ जाएगा कि इस. आदमी के अंदर फिल्मी का एफ तक नहीं छू के. गुजरा है। पहाड़ी आदमी पहाड़ों पे रहने. वाला अपने बाबा भोलेनाथ के.
हम. अह की सेवा करने वाला. अपने [नाक से की जाने वाली आवाज़] माता और. पिता को भगवान मानने वाला उनके पिताजी और. उनकी माताजी दोनों से मेरी मुलाकातें हो. चुकी हैं और जब मैं उनसे मिला और मैंने. बहुत सारी बातें की तो मैंने कहा जुबिन. नोटियाल आपके ही घर में पैदा हो सकता था. और कहां होता. लुट गए तेरी मोहब्बत. लुट गए बाप रे इतने इतने गाने हैं मेरे और. जुबिन के कि अब तो मेरी मां के बराबर कोई. नहीं व्हिच बीम लाइक एन मेरे घर राम आए. हैं. हां मेरे. मेरे घर राम आए हैं मेरी मां के बराबर कोई. नहीं इन सब. तुम ही आना. तुम ही आना मेरा नहीं था। बहुत सारे लोग.
मुझे कहते हैं कि तुम ही आना मेरा गाना. था। बट ये मेरे बड़े प्यारे छोटे भाई. कुणाल वर्मा का लिखा हुआ गाना।. अगेन ही बहुत सुंदर लिखा था कुणाल ने।. कुणाल भी मुझे बहुत पसंद है। कुणाल के भी. बहुत सारे अंडररेटेड गाने हैं जो मुझे. बहुत पसंद है। जैसे कुणाल ने एक गाना लिखा. है। लोग बात नहीं करते हैं। आप भी कभी अगर. आपने सुना हो। चले जाना।. चले जाना। मैंने चले आना सुना है।. चले जाना भी।. अच्छा. बहुत अच्छा गाना है।. हां। किस फिल्म में है ये? एल्बम उन्होंने बनाया था। एल्बम है।. शायद अमीर मिश्रा किसने गाया पता नहीं. मुझे याद नहीं आ रहा। बट गाना इतना अच्छा. है कि वो जो कशिश है कि मैं अभी तुम्हारे.
अभी अभी तुमसे मैं अलग होने की वो नहीं कर. सकता।. हां।. पहले सिखा जाओ मुझे तुम्हारे बिना जीना. फिर चले आना।. हां। अमी मिश्रा भी कितने टैलेंटेड इंसान. का नाम लिया आपने। अमी मिश्रा के भी गाने. कम सुनने को मिलते हैं। मुझे तकलीफ है।. अमी में बहुत म्यूजिक भरा हुआ है।. [नाक से की जाने वाली आवाज़] एंड जहां भी. है अमी अगर मुझे सुन सुन रहे हैं तो भाई. प्लीज और गाने बनाओ। आप बहुत ज्यादा अच्छा. काम करते हो।. आई थिंक वो भी उस दुनिया में फिट नहीं हो. पाए शायद। हो सकता है।. मैं मिला था। हो सकता है यहां।. अह फिर वो अपने घर चले गए वापस।. अच्छा वो. वो मुंबई नहीं है अभी।. भोपाल में या कहीं उनका मध्य प्रदेश शाह.
उनका घर है। वहां वापस लौट गए वो।. हम. बट उन्होंने हंसी जो बनाया था वो मैजिक. था।. हंसी बन. हाफ गर्लफ्रेंड में उन्होंने गाने मैजिकल. गाने थे।. बहुत अच्छे गाने।. एक भजन उन्होंने बनाया था लास्ट टाइम जो. वो हमारे पास आए थे।. तो बहुत कमाल कमाल का टैलेंट है बट वही है. कि टैलेंट को अपॉर्चुनिटीज से मिलाने वाले. लोग बीच में शायद नहीं मिल रहे हैं. उन्हें।. ये ये होता है। यही एक हादसा है जो इस. इंडस्ट्री को. और सेकंड वो अरजीत सिंह की आंधी के दौर. में आए हुए लोग हैं।. हां लेकिन मैं अमी से एक शिकायत करूंगा कि.
क्यों चले गए आप। उसी अरजीत सिंह की आंधी. में विशाल मिश्रा भी थे। उसी अरजीत सिंह. की आंधी में जुबिन नटियाल भी थे।. कोई नहीं आप आप एक फोन करवा देना। क्या. पता एक गाना शायद आपकी किस्मत से. मैं बिल्कुल मैं बिल्कुल करूंगा क्योंकि. आपने बहुत अच्छा किया जो इस पॉडकास्ट में. मुझे याद आया तो मैं अब जो भी बहुत सारी. फिल्में मैं कर रहा हूं आगे मैं ये नाम. ड्रॉप करना आज से शुरू करूंगा मैं अपने. डायरेक्टर्स को बोलूंगा कि लेट्स गो विद. अम मिश्रा एक गाना करते हैं उनके साथ. मुझसे किसी ने एक बहुत अच्छी बात कही थी. मनोज जी कि जब आपका अच्छा दौर चल रहा हो. हम. तो सबके साथ अच्छा करो.
हां बहुत अच्छी बात है. अच्छा इसलिए करो क्योंकि तुम्हारे बुरे. वक्त की पूंजी है. वही रिश्ते बचते हैं। आप यह आपको. अपॉर्चुनिटी दी ऊपर वाले ने कि अब आप इस. काबिल बन गए हो कि आप कुछ ठीक कर सकते हो. किसी के जीवन में। और स्पेशली वो इंसान जो. दर्द से निकला है। सो मुझे लगता है कि आप. बहुत लोगों की हेल्प कर सकते हो क्योंकि. आप उस पीड़ा से गुजरे हो। जब लोगों ने फोन. उठाना बंद कर दिया। जब जीवन में निराशा. बढ़नी शुरू हुई। एंड यू नेवर नो कि क्या. पता आपका एक कॉल या एक गाना कहीं पर या एक.
एल्बम या एक सिंगल किसी की लाइफ में कितना. बड़ा इंपैक्ट क्रिएट कर दे।. वो जो काबिल है. बिल्कुल सही है। नियति भेद नहीं करती जो. लेती है वह देती है। जो बोएगा वो काटेगा. यह जग कर्मों की खेती है।. तो मैं ये समझता हूं कि अगर आप अच्छाइयां. बो रहे हैं तो वो कभी ना कभी पलट के आपको. मिलेंगी जरूर। एक छोटा सा वाक्य मैं आपको. बताऊंगा। फिर हम आगे बढ़ जाएंगे।. मेरी मम्मी मुझे एक बात हमेशा कहा करती थी. कि जब मैं छोटा था मुझे 50 पैसे जेब खर्च.
मिला करता था जब मैं स्कूल जाया करता था।. और फिर बाद में वह जेब खर्च ₹1 हुआ, ₹2. हुआ। लेकिन इस पूरे दौरान एक चीज हमेशा. कॉमन रही कि मैं आधे पैसे हमेशा भिखारियों. को दान किया करता था। हम. हमेशा की बात है कि मैं जब भी मेरी जेब. में ₹2 हैं। मैं स्कूल गया, मैंने ₹1 ही. अपने ऊपर खर्च किए। टॉफी, चॉकलेट, कंफर्ट. जो भी लेना था, ₹1 मैंने किसी ना किसी के. भिखारी के कटोरे में हमेशा रख दिए। यह मैं. करता था बचपन से और आप देखें जब मैं 99.
में मुंबई आया और सारे दरवाजे मुझ पर बंद. थे। मुझे पहचानने वाला कोई नहीं था। तो. मुझे तकरीबन एक साल तीन महीने फुटपाथ पे. उन्हीं भिखारियों ने सहारा दिया।. [नाक से की जाने वाली आवाज़] ये सेम लोग. नहीं थे जो मेरे बचपन के थे वो अलग थे। जो. यहां थे वो लोग अलग थे। लेकिन आप देखें. कैसे ईश्वर ने ये तार जोड़े थे कि बचपन. में जो भिखारियों की हेल्प करता था उसको. मुंबई में वाकई रोक के रखने वाले भिखारी. थे। एक साल 3 महीने। वरना मैं चला गया. होता। मेरे पास कोई ठिकाना ही नहीं था. रहने का। कैसे भिखार रोका? क्योंकि मैं फुटपाथों पे रहता था। महाकाली.
केव्स रोड एक जगह है. और जब मैं मुंबई से आया 99 में तो हमारे. एक भैया थे उनके साथ कुछ दिन रहा लेकिन. मुंबई में आपको कोई कुछ दिन ही रखता है. उससे ज्यादा नहीं रख सकता तो वन फाइंड डे. ही सेड कि मनोज अपना इंतजाम कर लो अब मनोज. कैसे इंतजाम कर लें हमारे पास तो कुछ भी. नहीं था तो. मैं एक अगर आप महाकाली के एप्स की. ज्योग्राफी से वाकिफ हो तो तक्षशिला एक. बिल्डिंग है वहां कॉम्प्लेक्स है पूरा. अपार्टमेंट्स तक्षशिला के सामने एक फुटपाथ.
है। उसी फुटपाथ पे मैं जाके एक रात तकरीबन. 9:00 बजे की बात है। मैं जाके लेट गया।. मैंने कहा आज सोते हैं कल का कल देखेंगे।. खैर एक दिन दो दिन तीन दिन वो फुटपाथ. मुझसे छूटे ही नहीं। और मैंने देखा कि. बहुत सारे लोग मेरे बगल आके लेटने लगे। जब. रात हुई तो 10:00 बजे 11:00 बजे के आसपास।. एक का एम्प्टी था। पैर कटा हुआ था। किसी. को हाथ में पोलियो हुआ था। ये सब आके मेरे. बगल बिस्तर बिछा बिछा के सोने लगे। तो ये.
सब भिखारी थे जो भीख मांगते थे सिग्नल्स. पे चौराहों पे बातें होनी शुरू हुई और. मैंने अपने जीवन का इतना अच्छा पीरियड. जिया उसके बाद इसके पहले मैंने भूख से. लड़ना सीख लिया था क्योंकि खाना नहीं. मिलता था। एक Parleg बिस्किट खा के पूरा. दिन आप कैसे निकालूं पर मैं निकालता था. क्योंकि ₹2 ही खर्च हो सकते थे एक दिन. में। तो ₹2 में एक Parleg बिस्किट लिया।. वही ब्रेकफास्ट, वही लंच, वही डिनर। हेल्थ. की भी बड़ी बुरी हालत हो चुकी थी क्योंकि. वेट गेन करना शुरू कर दिया था मैंने। आप.
जिस तरह का खाना खा रहे हो। ₹8 प्लेट एक. नरेश का होटल हुआ करता था। शायद अभी हो. महाकाली केव्स रोड पे। वहां ₹8 का एक राइस. प्लेट मिलता था जिसमें राइस तो होता था. लेकिन दाल के नाम पे कुछ नहीं होता था।. सिर्फ पानी होता था। तो वो नरेश के यहां. राइस प्लेट मैं 4:00 बजे शाम को खाता था।. पूरा दिन अपने को भूखा रखने के बाद कि अगर. मैंने 4:00 बजे खाया तो मेरा फायदा यह है. कि मेरा दिन भी निकल गया, मेरी रात भी. निकल गई। तो मेरा लंच और मेरा डिनर दोनों. एड्रेस हो गया ₹8 में। तो ये उन दिनों की.
बात है। उन दिनों जब मैं इन भिखारियों के. साथ सोता तो इनको बड़ा मजा आता कि मैं. शेरो शायरी सुनाता, कविताएं सुनाता, कभी-कभी गाने वाने लगता। ये बड़े खुश होते. मुझसे। अगले दिन मैं देख रहा हूं कोई आते. हुए मेरे लिए जलेबियां ला रहा है। एक. राजक्ष्मी शॉप हुआ करती थी वहां महाकाली. के रोड पे। कोई वहां से मुझे बड़े पसंद थे. उसके समोसे। कोई राजक्ष्मी से समोसे लेके. आ रहा है। तो इन्होंने तो इतना ख्याल रखा।. मैंने एक मिनट भी यह महसूस नहीं किया के. मैं भिखारियों के बीच में हूं। मुझे लगा. इनके पास तो देने को बहुत कुछ है। शायद.
भिखारी वो रहे हो जिनके पास देने को कुछ. नहीं था। जिन्होंने तमाम रिश्तों के. बावजूद मुझे रात के 12:00 बजे घर से बाहर. निकाल दिया।. व्हाट गोज़ अराउंड कम्स अराउंड।. तो सही बात है कि नेकी व्यर्थ नहीं जाती।. हरी लेखाजोखा रखते हैं। नेकी. आपके पास मौका है।. बिल्कुल [नाक से की जाने वाली आवाज़] नेकी. व्यर्थ नहीं जाती। हरी लेखाजोखा रखते हैं।. औरों को फूल दिए जिसने उसके भी हाथ महकते. हैं।.
कोई दीप मिले तो बाती बन। तू भी तो किसी. का साथी बन। मन को मानसरोवर कर ले तो ही. मोती पाएगा। पता नहीं किस रूप में आके. नारायण मिल जाएगा। सो लेट्स स्टार्ट विद. अम मिश्रा। 10001%. एंड आई एम थैंकफुल टू यू। आई रिमेंबर दिस. पॉडकास्ट फॉर वेरियस रीज़ंस बट वन ऑफ़ द. प्राइम रीज़ंस बीइंग कि आपने अमी का जिक्र. किया और मैं उनको इतना ज्यादा पसंद करता. हूं। मुझे थोड़ी सी शर्मिंदगीगी है कि. मैंने कैसे ये नाम पिछले इतने दिनों से. फरामोश किया हुआ था। मुझे भूला हुआ था।. लेकिन मैं यह तो नहीं कहता कि मेरे कहने.
से ये इंडस्ट्री चलती है। सबके अपनी-अपनी. चॉइससेस हैं। लेकिन मैं यह जानता हूं कि. मैं लगभग 10-12 बड़ी फिल्में कर रहा हूं. और बहुत ही बड़ी फिल्में कर रहा हूं। उन. सब में एक नाम मैं जरूर ड्रॉप करने वाला. हूं। वो है अम बाकी ईश्वर।. बाकी ईश्वर और बाकी अपनी यात्रा होती है।. इसीलिए मैंने कुछ जिंदगी के सवाल रखे हैं।. धीरे-धीरे हम एंड सेगमेंट पर आ रहे हैं कि. क्या हम सब एक ऐसी दौड़ का हिस्सा है. जिसका कोई फिनिशिंग पॉइंट नहीं है क्योंकि. हम सब भाग रहे हैं। चीजों को पाना चाह रहे. हैं। कई वो चीजें भी जिनकी शायद हमें. जरूरत नहीं है। जिनका शायद हम इस्तेमाल भी. नहीं कर पाएंगे।.
हम लेकिन हम सब भाग रहे हैं। आपको लगता है. अगर स्पीड में आपको थ्रिल मिलता है तो कोई. बुराई नहीं है। मुझे स्पीड में थ्रिल. मिलता है। मैं भी भाग रहा हूं। मैं ये. बड़ी-बड़ी इसिक बातें आपसे कर सकता हूं. दर्शनशास्त्र की। मैं आजकल दर्शनशास्त्र. पढ़ भी रहा हूं लेकिन मैं करूंगा नहीं. क्योंकि वो झूठी लगेंग मेरे मुंह से। मुझे. ये स्पीड अच्छी लगती है। हां, स्पीड के. साथ अगर डेप्थ आपने कॉम्प्रोमाइज कर दी तो. प्रॉब्लम है।. हुआ ये है कि जैसे हम ट्रेन पकड़ने की. जल्दी में प्लेटफार्म पे सामान भूल जाते. हैं। वैसे हमने जो जिंदगी की ट्रेन है उसे.
पकड़ने की जल्दी में संस्कारों वाली पोटरी. प्लेटफार्म पे छोड़ दी है।. वो मत आप खो वो बहुत जरूरी है कि वो भी. आपके साथ रहे। अगर स्पीड डेप्थ की कीमत पे. आ रही है तो आपका नुकसान है। एक चीज पाके. एक खो रहे हो। अगर मनोज मुंतशिर को आज आधा. घंटा या एक घंटा उधार मिले जिसे वो अपनी. मर्जी से कहीं भी खर्च कर सकते हैं तो. बिना किसी कैमरे बिना काम बिना किसी. जिम्मेदारी के उसे वो कहां खर्च करेंगे या. किसके साथ खर्च करेंगे. रवींद्र नाथ टैगोर के साथ. मैं रविंद्र नाथ टैगोर जी के चरणों में.
बैठना चाहूंगा और मैं जानना चाहूंगा कि एक. इंसान एक जीवन में इतना कुछ कैसे कर सकता. है और इतना कुछ करने के बाद भी वो अपने आप. को इतना साधारण इतना मामूली कैसे समझ सकता. है रवि रविंद्र नाथ टैगोर से बड़ा कोई. पोएट नहीं था। यह मेरे बताने से आप नहीं. जानोगे। उन्होंने गीतांजलि द ओनली नोबेल. प्राइज दैट इंडिया हैज़ गॉट इन टर्म्स ऑफ. पोएट्री। वो रवींद्र नाथ टैगोर साहब हैं।. वो इतने बड़े क्रांतिकारी थे कि अंग्रेजों. के पैरों के तले से जमीन खींच खींच ली। जब. उन्होंने संगीत बनाना शुरू किया तो.
रवींद्र संगीत नाम से एक अलग धारा बना दी।. एक इंसान की बात मैं आपसे कर रहा हूं। जब. उन्होंने स्कल्प्चर्स बनाने शुरू किए तो. ऐसे बनाए कि ब्रिटिश म्यूजियम में उनके. हाथों के बनाए हुए पुतले रखे हुए हैं।. मतलब जो चीज की वो ऐसी की दो-दो देशों का. नेशनल एंथम लिख दिया। अमरार सोनार बंगला. जन गण मन ऐसा व्यक्ति जब इस दुनिया से जा. रहा हो तो उसको तो सुकून होना चाहिए ना कि. भाई सब कुछ कर लिया। सब कुछ नहीं कर लिया।. सब कुछ इंटू 1000 कर लिया। सब कुछ इंटू. इंफिनिटी कर लिया। जब रवंद्र नाथ टैगोर इस. दुनिया से जा रहे थे तो अचानक उनकी आंखों.
में आंसू आ गए। उनके सिराने उनके एक दोस्त. बैठे हुए थे जो प्रोफेसर थे कोलकाता. यूनिवर्सिटी में कोलकाता तब तक बोलते थे. तो उन्होंने कहा रविंद्र तुम्हारी आंखों. में आंसू तुम भी मौत से डर गए मुझे तो. लगता था कि रविंद्र नाथ टैगोर इन सबसे परे. है क्या जिंदगी मौत सब समझ चुके हैं सारी. मीमांसाएं आती तुम मौत से डर गए तुम्हारी. आंखों में आंसू. उस वक्त जो टैगोर ने बात कही वो हम सबको.
याद रखनी चाहिए उन्होंने बोला नहीं मैं. इसलिए नहीं रो रहा कि मृत्यु सामने खड़ी. है। मैं इसलिए रो रहा हूं कि परमात्मा ने. मुझे इतना विशाल समुद्र दिया था। लेकिन. मेरी बाल्टी बहुत छोटी थी। ज्यादा कुछ भर. नहीं पाया। ज्यादा कुछ कर नहीं पाया। जाने. का टाइम हो गया।. रविंद्र नाथ टैगोर को दुनिया से जाते हुए. यह दुख था कि वो कुछ कर नहीं पाए। मुझे. ऐसे आदमी के चरणों में बैठना है आधा घंटा।. बाप रे।. कोई सच जो आप दुनिया को बताना चाहते हो।.
लेकिन आपको लगता है दुनिया उस सच के लिए. तैयार नहीं है? मैं यह कह सकता हूं कि मैं बहुत मुझसे. बहुत लोग कहते हैं कि तुम बहुत सेल्फ. कॉन्फिडेंट हो। बहुत आत्मविश्वास है. तुम्हारे अंदर। मैं दुनिया से ये बताना. चाहता हूं कि मेरे अंदर आत्मविश्वास की. भारी कमी है।. जब आप किसी पोजीशन पर होते हो ना तो आपको. गॉड प्ले करना बड़ा अच्छा लगता है। लेकिन. उससे लोगों का नुकसान बहुत होता है। मैं. कई बार ये सोच चुका हूं कि मुझे बड़ा. अच्छा लगेगा जब लोग मेरे पास एक मिस्टिक. वैल्यू के तहत मेरे पास आए और बोले अरे. वाह यार मनोज कहां से आता है सब? कैसे.
लिखते हो? कैसे बोलते हो? इंडियन आइडल पे. सुनते हैं सुनते ही रह जाते हैं। सबको. लगता है कि मैं कहीं आसमान से टपका हुआ. हूं। मैं उतना ही फ्लॉड हूं। मैं उतना ही. कमजोर हूं जितना दिल्ली के फुटपाथों पर. टहलता हुआ एक 22 साल का लड़का होता है।. मेरे अंदर उतनी ही कमजोरियां हैं। उतनी ही. बुराइयां हैं जो किसी के अंदर भी होती. हैं। खाली एक चॉइस है मेरी कि मैंने इन. बुराइयों से लड़ना और इन पे विजय पाना. सीखा है। मैं आज भी लड़ता हूं। आज भी मेरे. पांव कप-कपाते हैं। आज भी मेरे हाथों से. वो जो आशा जी ने बोला मेरे हाथ ठंडे पड़. जाते हैं। कहीं किसी स्टेज पर जाने के.
पहले बोलने के पहले तो अगर मुझे सुनने. वाले बच्चे उनको लगता हो कि यार हम थोड़ी. बन पाएंगे जावेद अख्तर। हम थोड़ी बन. पाएंगे गुलजार। और हम थोड़ी बन पाएंगे. मनोज मुंतशिर। भाई हम सब वहीं से गुजरे. हैं जहां आप गुजर रहे हो। और हम सब में. उतनी ही कमियां है जितनी आप में है। लेट्स. फाइट देम और जो अपने प्लस पॉइंट्स हैं. उनके दम पे कुछ चमक के कुछ बन के दिखाते. हैं।. वर्सेस जावेद साहब के किस स्कूल में. ज्यादा करीब हो आप?
मुझे दोनों बड़े पसंद है यार। मैं समझता. फिर भी एक होता है ना कि थोड़ा हमारा एक. स्कूल में ज्यादा हमारा इंटरेस्ट होता है।. मैं अगर इंटरेस्ट की बात करेंगे मैं जावेद. साहब की तरफ ज्यादा झुका हुआ हूं। उसका दो. रीज़न है। उस एक तो उनके गाने हैं ही हैं।. उनसे बढ़िया कन्वर्सेशनिस्ट उनसे बढ़िया. बातें करने वाला इस धरती पे क्या इस. ब्रह्मांड में कोई नहीं है। द वे ही टॉक्स. ओह माय गॉड। ओह माय गॉड। आप. तुलना नहीं कर सकते दुनिया में किसी की. उनसे। तो जब पैकेज के तौर पर देखता हूं तो.
मैं ग्रेविटेट हो जाता हूं जावेद अख्तर की. तरफ।. नाइस नाइस। अ हम सब पूरी उम्र किसी ना. किसी का इंतजार करते हैं। कामयाबी का, प्यार का, सुकून का? क्या जिंदगी यही है? इंतजार वाली या. इंतजार ही जीवन है। मतलब हाउ यू सी ऑल. दिस? एक्चुअली हम वेट करते जैसे अभी भी. आपका होगा तो आप बहुत सारी ख्वाहिशें. होंगी आगे के लिए भी। देखिए जब ब्रह्मा जी. ने ये सृष्टि बनाई तो उसके साथ एक चीज और. बना दी। उसका नाम था खुशी।.
खुशी बना तो दी लेकिन वो घबरा गए कि मेरी. बनाई हुई खुशी अगर इंसान के हाथ लग गई तो. वो कर्म करना छोड़ देगा. और मेरी ही बनाई हुई सृष्टि का द एंड हो. जाएगा।. तो ये खुशी कहां छुपाएं कि इसको इंसान. ढूंढ ना पाए।. कई ऑप्शंस थे सामने समुद्र में छुपा दें।. रेगिस्तान में छुपा दें, अंतरिक्ष में. छुपा दें। लेकिन ब्रह्मा जी जानते थे कि. आज नहीं तो कल इंसान हर जगह पहुंच जाएगा।. तो एक काम करते हैं। यह खुशी वहां छुपा. देते हैं जहां इंसान कभी नहीं ढूंढेगा।.
दुख इंसान के अंदर।. तो ब्रह्मा जी ने खुशी आपके अंदर छुपा दी।. ये आपके साथ बड़ा गेम हो गया। आप पूरी. दुनिया में खुशी ढूंढ लेते हैं। एक बार. गर्दन झुका लेंगे तो आपको अपने अंदर खुशी. मिल जाएगी। और यह बात मैं फिर मैं कह रहा. हूं कि मैं दार्शनिक के तौर पर नहीं कह. रहा हूं। प्रैक्टिकल चीज है। मेरी आजमाई. हुई चीज है यह। इस दुनिया में खुश होने के. कई तरीके हैं। लेकिन दूसरों से ज्यादा खुश. होने का कोई तरीका नहीं है।. तो असली खुशी आपके जीवन में तब आनी शुरू. होती है जब आप यह समझ जाते हैं कि खुशी.
में कोई पैरेलल लाइंस ड्रॉ नहीं करनी है।. आपकी अपनी नितांत व्यक्तिगत खुशी है। अगर. मैं एक प्याला चाय पी के और अपने आप को. दुनिया का बादशाह समझ सकता हूं तो मैं. पूंगा और मैं समझूंगा। मुझे कोई परवाह. नहीं कि मेरे पैरों में जूते जो हैं वो. फटे हुए हैं। ये एक प्याला चाय ये मेरी. खुशी है।. चलो मैं इसी का बिल्कुल अपोजिट काउंटर. क्वेश्चन।. एक चीज़ बस मैं और जोड़ दूं शुभ क्योंकि. मुझे लग रहा है मुझे बोल देनी चाहिए। अ. खैर मैं भूल गया बातों में कुछ था मेरे. ज़हन में। आप अगला पूछ लें सवाल।. चल आपको याद आ गया बता दीजिएगा।.
मेरे ज़हन में सवाल आया। खुशी तो चलो आपने. जिक्र कर दिया।. एक जेलसी फैक्टर भी होता है। आप एक राइटर. भी हैं, लिरिसिस्ट भी हैं। किसी और का. लिखा कोई गाना जिसको आपने पढ़ा और आपने. कहा हाय ये क्या लिखा इन्होंने? काश मैं. ऐसा लिखता।. ऐसे अनगिनत गाने हैं और मैं सबसे जलता. हूं।. फिर भी दो-तीन गाने हम चाहते हैं जिनको आप. पढ़कर आपको लगा अरे ये क्या था? पंछी नदियां पवन के झोंके कोई सरहद ना. इन्हें रोके। जावेद साहब.
सरहद इंसानों के लिए हैं। सोचो तुमने और. मैंने क्या पाया इंसाहों के जावेद साहब. अ नमक इश्क. [अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़] का. गुलजार. गुलजार साहब [नाक से की जाने वाली आवाज़]. यहां मैं अजनबी हूं मैं जो हूं बस वहीं. हूं आनंद बख्शी तेरी बाहों में देखूं सनम. गैरों की बाहें मैं लाऊंगा कहां से भला. ऐसी निगाहें यह कोई रक्स होगा कोई दस्तूर. होगा मुझे दस्तूर ऐसा कहां मंजूर होगा भला. कैसे यह मेरा लहू हो जाए पानी मैं कैसे.
भूल भूल जाऊं मैं हूं हिंदुस्तानी. यहां मैं अजनबी हूं कैफी आजमी दोस्ती. जुर्म वफा जुर्म मोहब्बत है गुनाह ये वो. दुनिया है जहां प्यार नहीं हो सकता कैसे. बाजार का दस्तूर तुम्हें समझाऊं बिक गया. जो वो खरीदार नहीं हो सकता जाने क्या. ढूंढती रहती है ये आंखें मुझ में ये सब वो. गीत है. जाने वो कैसे लोग थे. लोग थे जिनके प्यार. प्यार को प्यार मिला हम. [अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़]. उस फिल्म का तो हर गीत.
मैं समझता हूं प्यासा आप मेरे घर आए हैं।. आपने देखा है मेरे थिएटर के बाहर जो एक. पोस्टर लगा हुआ है। हजारों फिल्मों में. मैंने वही पोस्टर क्यों चुना प्यासा? क्योंकि मैं प्यासा पे आकर ठहर गया हूं।. मैं अपने जीवन में अब इसको आप ये कह लें. कि मैं प्री कंसीव्ड नोशन से बात कर रहा. हूं। पूर्वाग्रह से ग्रस्त हूं लेकिन. प्यासा से अच्छी फिल्म ना बन सकती है। और. बनेगी भी तो मैं इसको स्वीकार नहीं. करूंगा। मेरे लिए प्यासा ही सबसे बेस्ट. है।. मैं कुछ शब्दों के नाम ले रहा हूं।. जी।. आप इस पर कोई शायरी सुना सकते हो। चाहो तो. कोई गाने के बोल बता सकते हो जो भी आपके.
ज़हन में थॉट आता है।. जी. पहला मिट्टी. एक गाना है जो शायद कुछ लोगों ने सुना है।. तेरी मिट्टी में मिल जाऊंगा। [हंसी]. गुल बनके मैं खिल जाऊं।. यहां भी आपने मिट्टी के बेटे नहीं सुना।. फिर आप कहते हो मिट्टी तेरी मिट्टी मेरे. पे चिपका हुआ है।. नहीं मैं मैं आने वाला था। मैं दो गानों. की बात करने वाला था। [हंसी]. मलाल. हम एक बड़ी अच्छी शायरा है हिमांशी बावरा. उनका एक अभी शेर सुना मैंने थोड़े दिनों. पहले.
दिल ऐसे मुब्तला हुआ तेरे मलाल में. वाह दिल ऐसे मुब्तला हुआ तेरे मलाल में. जुल्फें सफेद हो गई 19 साल में [हंसी]. बहुत प्यारा शेर है हिमांशी का वो जहां भी. हैं आपको बधाई हिमांशी बहुत अच्छी शायरी. कर रही हैं आप स्याही. स्याही ये. पूरा समंदर अगर स्याही बन जाए. तो भी मैं यह नहीं लिख पाऊंगा कि मैं. [हंसी] आदि पुरुष के दौरान कितने दर्द से.
गुजरा।. [हंसी]. आ [गहरी सांस लेने की आवाज़] बस यही. कुछ जख्म [हंसी] कुछ जख्म कभी भरते ही. नहीं।. सही कहा है किसी ने। नाइस। जी. पर्दा. पर्दा बड़ी खूबसूरत चीज है। जब तक वो. इंसान अपनी मर्जी से करे, किसी रिवायत, किसी परंपरा के अधीन आके ना करे। अगर मुझे.
अपनी कुछ चीजें पर्दे में रखनी है, यह. मेरा हक है। लेकिन अगर मुझ पे ऐसी. पाबंदियां लगाई गई है कि आपको पर्दे में. ही रहना पड़ेगा, तो यह गलत है।. अब मैंने मनोज द लिरिसिस्ट को थोड़ा सा. चैलेंज करने की हिमाकत की है। तो मुझे लगा. थोड़ा छेड़खानी करते हैं। देखते हैं क्या. निकल कर आता है क्योंकि आप इंप्रम व्यक्ति. भी हैं। सो कुछ गानों का नाम मैं ले रहा. हूं और उन गानों से कुछ सवाल मेरे हैं।. जैसे एक गाना था कभी-कभी मेरे दिल में. ख्याल आता है। अब इन गानों में एक अधूरी. हसरत की तरह इसे साहिर साहब ने लिखा था।.
अगर आज के मनोज मुंतशिर इस गाने. या इस भावना को एक्सप्रेस करते तो वो कैसे. करते? ये इमोर्टल है कभी-कभी।. इसीलिए मैंने मैंने चार पांच वही रखे जो. इम्मोर्टल है। मैं सिर्फ मनोज की नजर से. उनको थोड़ा सा एक्सप्लोर करना चाहता हूं।. कभी-कभी मेरे दिल में ख्याल आता है कि. जिंदगी तेरी जुल्फों की नरम छांव में. गुजरने पाती तो शादाब हो भी सकती थी। वाह! यह रंजो गम की स्याही जो मेरे दिल पर छाई. है। तेरी नजर की श में खो भी सकती थी।. अजब ना था कि मैं बेगाना-ए अलम रह के तेरे.
जमाल की रानयों में खो रहता। ये जो. एक्चुअल नज़्म थी हयात चीखती फिरती बरहना. सर और मैं तेरी हसीन किनारों में छुप के. सो रहता। मगर यह हो ना सका. और अब आलम है आलम है. कि तू नहीं तो तेरा गम तेरी जुस्तजू ही. नहीं। वाह. गुजर रही है कुछ इस तरह जिंदगी मेरी मानो. किसी सहारे की कोई आरजू भी नहीं ना कोई. राह ना चाहत ना रोशनी का सफर इन्हीं. अंधेरों में गुजर रही जिंदगी मेरी.
ना कोई राह ना मंजिल ना रोशनी का सुराग. भटक रही है खला खलाओं में जिंदगी मेरी. इन्हीं खलाओं में रह जाऊंगा एक दिन खोकर. मगर मैं जानता हूं मेरे. बस बस मगर यूं ही कभी-कभी उफ उफ हाउ. ब्यूटीफुल मैं इसको एक्चुअली साहिर साहब. के ही एक दूसरे गीत से इसका जवाब देना. चाहूंगा. मुझे वो गीत भी बड़ा पसंद है और वो शायद. इसके पहले आया था। मिलती है जिंदगी में. मोहब्बत कभी-कभी हां होती है दिलबरों की. इनायत कभी-कभी फिर खो ना जाए हम कहीं. दुनिया की भीड़ में लाती है ऐसे मोड़ पे.
किस्मत कभी-कभी. नेक्स्ट तुझसे नाराज नहीं जिंदगी हैरान. हूं मैं। अब गुलजार साहब की हैरानी जो थी. बड़ी मासूम थी। अगर आज के शब्दों में. जिंदगी की हैरानी को आपको बयां करना हो तो. आप कैसे करोगे? आप तो हैरानी के मोड़ से. निकल कर भी आए हो।. मुझे आप बहुत सारे आइडियाज दे रहे हैं गीत. लिखने के एक्चुअली मुझे ये लग रहा है कि. ये वाला पार्ट तो मैं अब पूरा एडिट करके. और अपने पास रखूंगा क्योंकि वाकई इस तरह.
का इस पराए का एक गीत फिर से लिखा जाना. चाहिए क्योंकि अब जिंदगी हमें ज्यादा. हैरान कर रही है। अब जो हमारे सामने. डाईकॉटनीज़ हैं लाइफ की वो ज्यादा ग्रेव. हैं। ज्यादा मुश्किलात में हम हैं। अब हम. जंगोजल के दौर में हैं। अब हम ऐसा दौर में. हैं जहां वर्ल्ड वॉर होने वाला है। हमारी. प्रीवियस जनरेशन ने तो नहीं देखी वर्ल्ड. वॉर। मेरे पिताजी ने वर्ल्ड वॉर नहीं देखी. है। लेकिन हम देखेंगे शायद ऐसा लग रहा है।. हां हां। तो बिल्कुल इस मुद्दे पर मैं कुछ. ना कुछ तो लिखना चाहूंगा। कभी ऐसी हैरानी. पर कुछ कहना चाहोगे आप?
हैरानी तो बस इस बात की होती है मुझे. कभी-कभी के. मेरे अंदर ऐसी क्या सलाहियत थी जो एक. जर्रे को मेरे प्यार करने वालों ने मेरे. सुनने वालों ने एक सूरज के करीब लाके खड़ा. कर दिया। इस बात पे मुझे वाकई हैरानी होती. है। मैं आज भी अपने अंदर इतनी खूबियां. नहीं ढूंढ पाता जिन खूबियों की वजह से. मनोज मुंतशर को सेलिब्रेट कर दिया जाए। या. मुझे ये मैं ये कहूं कि मेरा तो हक था ये. सब पाना। आज भी डर जाता हूं कि ये सब कोई. हक नहीं था। ये एक इतना बड़ा फ्लूक है कि.
हजारों उस एल्गोरिदम में थे। मेरा बस नंबर. आ गया। तो इस बात पे मैं अक्सर हैरान होता. हूं। और शायद ये हैरानी कभी मेरा साथ नहीं. छोड़ेगी।. वक्त ने किया क्या हंसी सितम। तुम रहे ना. तुम, हम रहे ना हम। कैफी-आज़मी साहब ने. वक्त की मार को पिरोया था। अगर आज वक्त के. सितम पर दो लाइन लिखनी हो।. कैफी आजमी साहब तो आपको पसंद भी है। शबाना. जी के साथ हमने वो शो भी देखा था जिसमें. आपने बड़ी तारीफ की थी। अरे कैफी साहब. मुझे इस इस तरह पसंद है। आपने वो देखा.
होगा ना इंडियन आइडल का वो एपिसोड।. जी।. वक्त के बारे में मैं एक ही चीज कह सकता. हूं कि यह दुनिया की अकेली चीज है जिस पे. आपका कोई कंट्रोल नहीं है।. अगर वक्त अच्छा है तो शुक्र करो। वक्त. बुरा है तो सबर करो। दिस टू शैल पास। ये. भी गुजर जाएगा।. ओके।. जाने वो कैसे लोग थे जिनके प्यार को प्यार. मिला। अब आज के स्वाइप वाले दौर में प्यार.
ना मिलने के इस पुराने दर्द को किस तरह. बयां करेंगे। कोई अपना गाना भी बता सकते. हैं आप।. जिसको साथ गए, पार्टी साथ हुई। दिन. साथ-साथ बीता और साथ में रात हुई। यू लव. मी लाइक अ फ्रेंड? बेबी ये क्या बात हुई? [हंसी]. तो मुझे लगता है कि ये जो अब मोहब्बत और. फ्रेंडशिप ये इतना गुथमगु हो गया।. हालांकि इसका जवाब आपने फिर भी तुमको. चाहूंगा से भी दे सकते थे।. हां फिर भी. चांद कहां से लाओगी? एक्सैक्टली. मैं एक डाई हार्ड रोमांटिक हूं। हम्म.
और मैं इस बात पे हमेशा विश्वास करता. रहूंगा कि जितनी बार आपका दिल टूटता है. उतनी बार आप और एनरिच होते हैं। आप जितनी. मोहब्बत करते हैं उतने आप धनवान होते हैं।. तो मैं कभी ये राइट स्वाइप और लेफ्ट. स्वाइप की जनरेशन को समझ नहीं पाऊंगा।. इज्जत इनकी करता हूं मैं। इनकी चॉइससेस की. इज्जत करता हूं। लेकिन ये मैं पूरी. ईमानदारी से कह रहा हूं कि मुझे समझ में. तो नहीं आते।. आखिरी सवाल है इस सेगमेंट में।. चिंगारी कोई भड़के तो सावन उसे बुझाए।. आनंद बक्शी साहब ने विरोधाभास की बात कही. थी। आज के जले हुए दिलों के लिए मनोज.
मुंतशिर क्या कहेंगे? यार दिल जो ये जले हुए दिल है ना इनको कोई. इनका इलाज नहीं है। मैं खंडहर हो गया पर. तुम ना मेरी याद से निकले।. वाह मैं खंडहर हो गया पर तुम ना मेरी याद. से निकले। तुम्हारे नाम के पत्थर मेरी. बुनियाद से निकले।. तो यह दिल ऐसे ही जलते रहेंगे और हम ऐसे. ही गीत गाते रहेंगे। अगर दुनिया में कोई. आपको इसका कोई इलाज, कोई कीमिया बताना. चाहे तो वो झूठा है। इसका कोई नुस्खा नहीं.
है। इसका कोई प्रिस्क्रिप्शन नहीं है। ये. ऐसे ही चुभता रहेगा।. तेरी मिट्टी या फिर मिट्टी के बेटे? किसका. दर्द जो है वो आप में ज्यादा है? तेरी. मिट्टी का जज्बा या मिट्टी के बेटे का वो. कच्चा सा दर्द।. मैं इसका जवाब भी दे सकता हूं कि क्या ही. कंपेयर करूं। लेकिन इस वक्त मैं मिट्टी के. बेटे ज्यादा सुन रहा हूं। शायद वो 7 साल. में होगा। जरा सा सेचुरेशन आ गया होगा. मेरे अंदर। लेकिन मुझे मिट्टी के बेटे. मेरी प्लेलिस्ट में मेरा शायद अकेला गाना.
है जो मेरी प्लेलिस्ट में है इस वक्त।. बाकी नहीं है गाने।. ओके। दुनिया भर में मशहूर होने का नशा या. गुमनाम होने का सुकून।. मेरे साथ एक बड़ी अच्छी चीज हुई है। मैं. दोनों के बीच में हूं। आप प्रैक्टिकली. देखिएगा इससे अच्छी पोजीशन में कभी कोई. रहा ही नहीं।. तो मैं इतना गुमनाम नहीं हूं कि मुझे कोई. देश और दुनिया में जाने ना। और मैं इतना. मशहूर भी नहीं हूं कि अगर मैं सड़क पर पनी. पूरी खाना चाहूं तो 10 लोग मुझे जाकर घेर. लें। मैं बीच में खड़ा हूं। देयर इज अ. बेस्ट पोजीशन टू बी इन।. ओके। अ बौद्धिक आलोचकों की गालियां या फिर.
करोड़ों अनजान देशवासियों की तालियां।. बौद्धिक आलोचक. के साथ ही आप यह भी कह रहे हैं कि यह. प्रींसीव नोशन वाले लोग हैं जो 90%. पूर्वाग्रह से ग्रस्त रहते हैं। इन्होंने. अपने दिमाग में ये तय कर लिया है कि मनोज. मुंतशिर अच्छा है या बुरा है। तो ये जब भी. बात करते हैं उसी चश्मे से करते हैं।. हम. तो मैं अगर कोई चीज मान के ही बैठा हूं जो. धर्म और विज्ञान का अंतर है वो पता है ना. क्या है? अक्सर जो है वो धर्म आपको.
ये बताता है कि ये लॉजिक है यह सही है।. इसमें किसी खोज की जरूरत नहीं है जो हम कह. रहे हैं मानो। और साइंस कहता है चलो मिलके. साथ खोजते हैं ना कि पानी कैसे बनता है? पानी का फार्मूला क्या है? साथ मिलके. खोजते हैं। तो ये जो बौद्धिक लोग हैं ये. उन मठाधीशों की तरह हैं जिन्होंने अपने. दिमाग में यह तय कर ही लिया है कि यह कुछ. भी अच्छा बुरा करें। यह मैं आपको एक बात. बताता हूं।. जब मेरी लिखी हुई कुछ पंक्तियों पे इतना. ऐतराज हुआ कि इस देश में बड़े-बड़े.
समालोचकों ने मुझे जी भर के गालियां दी, तोहमतें दी। उनमें से किसी एक का आर्टिकल. लाइएगा कि मनोज आपने जब मिट्टी के बेटे. लिखा तो देखो ये इंडियन एक्सप्रेस ने ये. भी छाप दिया आपके बारे में। अच्छा लाइए ना. मैं सुनना चाहता हूं। मैं देखना चाहता. हूं। तो अगर मैं वहां गलत था तो मैं यहां. सही नहीं था।. तो ऐसे लोगों को जिस दिन मैं सीरियसली. लेने लगा शुभांकर मैं बड़ी तकलीफ में आ. जाऊंगा। आप मेरे किए हुए किसी भी अच्छे. काम को अच्छा नहीं कहते हैं। और आप मेरे. किए हुए हर बुरे काम की तलाश में रहते. हैं। तो माफ कीजिएगा मैं आपके हिसाब से. नहीं चलूंगा। जो मुझसे मेरे राम लिखवाएंगे.
वो मैं लिखता रहूंगा। एंड आई डोंट केयर. अबाउट यू। अब आपने राम का जिक्र कर दिया. है तो कृष्ण का जिक्र अपने आप आ जाता है।. यह. 2 साल पहले पता नहीं क्या हुआ क्योंकि. मेरी जिंदगी में बहुत सारी चीजें ऐसी हैं. जो बहुत मिस्टिकली होती हैं जिनको मैं समझ. नहीं पाता लेकिन मैं उस तरफ बह जाता हूं।. मैं यह समझता हूं कि एक हायर अथॉरिटी है. जो आपके लिए सोच रही है। तो अगर किसी दिशा. में आपको ईश्वर ले जा रहा है चले जाओ।. सवाल क्या करोगे? मैंने आपके राम के गाने. बहुत सुने हैं। प्रभु श्री राम पर आपने आई. थिंक हिंदुस्तान में बीते कुछ बीते एक दशक.
में सबसे अच्छे गाने भगवान श्री राम पर. आपने लिखे हैं।. थैंक यू।. लेकिन फिर मैंने एक आर्टिकल पढ़ा। कुछ. लोगों से सुना कि आप कृष्ण जी पर एक शो कर. रहे हैं। वो शो जिसके टिकट 80-90 हजार के. बिक रहे हैं। मैंने कहा ₹400 में फिल्म का. टिकट मिल जाता है। लोग 80-90 हजार खर्च. करके जा रहे हैं कृष्णा देखने। ऐसा क्या. दिखा रहे हैं मनोज जी? तो यह जो कॉमर्स है. इसके लिए हमारे जो प्रोड्यूसर्स हैं. सारेगामा लाइव और नीलम मुंतशिर यह सवाल. मैं उनसे करूंगा कि भाई इतने महंगे टिकट्स. क्यों बेच रहे हो? लेकिन मैं यह बात कह.
सकता हूं कि. दो साल भगवान श्री कृष्ण को अध्ययन करके. और तकरीबन 50 के ऊपर किताबें पढ़ के मेरे. मन में मेरे कृष्ण क्रिस्टलाइज हुए और मैं. बड़े गर्व से कहता हूं कि जब आप मेरा शो. देखने आएंगे राधा से रणभूमि तक कृष्ण राधा. से रणभूमि तक. तो 2ाई घंटे के रन में आप कम से कम 2 घंटे. 15 मिनट तो ऐसा बहुत कुछ देखेंगे जो आपको. पता ही नहीं था। इसके पहले.
यह भगवान कृष्ण पे बना हुआ भारतवर्ष का. भव्यतम शो है जिसको तकरीबन 200 के ऊपर. टेक्नशियंस और आर्टिस्ट ने 2 साल की मेहनत. से दिन रात सोते जागते भगवान कृष्ण पे काम. करके हमने बनाया है। आप यह शो एक बार. देखिए। और. हमने इसका प्रीमियर किया है एनएमसीसी. ग्रैंड थिएटर मुंबई में।. शायद शोज़ की हिस्ट्री में पहली बार ऐसा. हुआ होगा कि किसी शो का प्रीमियर हाउसफुल. था। हमारे पास एक सीट नहीं थी। लोग हमें.
फोन करके कोई अपने संबंध गिना रहा था। कोई. अपनी दोस्ती गिना रहा था और हम इतने मजबूर. थे कि हमारे पास अगर मेरे पिताजी भी आ. जाते उस दिन कि बेटा एक टिकट दे दो बैठने. के लिए तो मेरे पास टिकट देने के लिए थी. नहीं। जिस तरह से लोगों ने हाथों हाथ. लिया। तकरीबन ढाई घंटे पहले शो में जिस. तरह लोग भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं पर. हंसे जिस तरह. हमारे शो में एक दृश्य है जहां भगवान श्री. कृष्ण यह दुनिया छोड़कर जा रहे हैं। हमने.
कृष्ण जन्म की तो बड़ी कथाएं सुनी है।. लेकिन कृष्ण जब इस दुनिया से जा रहे थे. 125 वर्ष की आयु में उनके मन में क्या चल. रहा था? ये वो हैं जिन्होंने मटकियां तोड़ी, माखन. चुराया, राधा के साथ प्रेम किया, रुक्मणी. से स्वयंवर रचाया।. और. महाभारत के रचनाकार जब यह दुनिया से जा. रहे होंगे एक मेरे जैसे मामूली आदमी के. पास कहने को इतना कुछ होता है जब आप मुझे. बुला लेते हैं जब भगवान कृष्ण जा रहे हैं. और हमने सुना है कि जाते-जाते आपकी पूरी.
जिंदगी आपकी आंखों के सामने से फ्लैश होती. है तो भगवान कृष्ण की जिंदगी जब खत्म होने. वाली है उनके आंखों के सामने जो उनके 125. वर्ष बीत रहे हैं मेरा शो बस उसके बारे. में है कि उस वक्त कृष्ण क्या सोच रहे हैं. कृष्ण के मन में क्या चल रहा है जो हुआ जो. किया मैंने कितना कितना सही था, कितना गलत. था, भगवान है। हम उनको क्वेश्चन नहीं कर. सकते।. तो ये देश भर में भी आप और इसको एक्सपेंड. करने वाले हैं।. हम पूरी दुनिया में लेके जाने वाले हैं।. और मैं बहुत खुश हूं इस बात से कि जो. रिस्पांस हमें मिल रहा है, जो श्रद्धालुओं.
का रिस्पांस मिल रहा है। क्योंकि आप हमारे. शो में जब आते हैं तो आपको एक बात पता. चलती है। एक जरा सी बेसिक अंडरस्टैंडिंग. कि दुनिया की हर जीत और हर हार के बीच एक. ही अंतर है कि आपके साथ कृष्ण है कि नहीं. है। ही इज़ द एटर्नल गाइड।. तो कैसे माने कृष्ण है या नहीं हमारे साथ? कृष्ण आपकी चेतना है। जब आप किसी दोराहे. पर खड़े हो, जब आप अर्जुन की तरह आपके हाथ. से छूट जाए तो क्या आपके अंदर से एक. आवाज आती है कि धनुष उठा अर्जुन अगर यह. आवाज आती है मेरे अंदर आई जब मेरे हाथ से. धनुष छूट गया था तो मेरे अंदर एक आवाज आई. वो आवाज कृष्ण की थी। मनोज तुम वापस जाने.
के लिए नहीं बने हो। जो गलतियां हैं उनसे. भी लड़ो। फिर से वापस लौटो। तो जब आप वो. शो देखेंगे तो आपको यह समझ में आएगा कि वो. एक इटरनल गाइड जो आपके अंदर है शायद वो. आपको ढूंढने से मिल जाए। उस 2ाई घंटे के. बाद जब आप थिएटर से निकलेंगे तो आपके अंदर. कुछ जाग चुका होगा। हृदय के किसी कोने में. थोड़े से कृष्ण जरूर जाग चुके होंगे।. तो श्री राम पर आपने गाने लिखे, कृष्ण पर. आपने शो बनाया। राम और कृष्ण को आपने कैसे. समझा? क्या समानताएं हैं? क्या असमानताएं. हैं? क्या लीलाएं हैं? कौन है राम और.
कृष्ण? भगवान श्री राम मर्यादा हैं।. साक्षात मर्यादा पुरुषोत्तम ही नहीं है।. वो मैं समझता हूं साक्षात मर्यादा हैं। और. कृष्ण मर्यादाओं में भी नहीं बनते।. कृष्ण वह नौका है जो हर घाट पर लगती है।. कृष्ण स्वीकार हैं। अगर मुझे एक शब्द कहना. हो तो राम मर्यादा है। कृष्ण स्वीकार है।. जो जीवन में आ गया वो स्वीकार है। किसी. चीज से कोई. वैमनस्य नहीं है। किसी से कोई दुराव नहीं. है। किसी से कोई द्वेष नहीं है। सब. स्वीकार है।.
कृष्ण हर गलत को सही करने के लिए खुद धनुष. नहीं उठाते। वो ऐसा माहौल बनाते हैं कि आप. कर्म करें। आप अपने लिए जो कुछ करना है. करें। भगवान राम ने खुद धनुष उठाया। कृष्ण. आप जैसा मैंने बोला वो इटरनल गाइड हैं। वो. आपके अंदर वो प्रेरणाएं जगाते हैं कि आप. अपनी समस्याओं से अपनी परेशानियों से खुद. लड़े और इसीलिए मैं कहता हूं कि वो जो 700. श्लोकों का एक कैप्सूल है ना जो हमारे लिए. भगवान छोड़ गए हैं। जिसको हमने कभी पढ़ा. ही नहीं। लाल कपड़े में लपेट के मंदिर में. रख दिया और हमें लगा काम हो गया। हमने.
कृष्ण के चरण पकड़ लिए। उनके आचरण छोड़. दिए। मेरे शो में आप आएंगे। आप कृष्ण के. आचरण भी पकड़ेंगे। आप यह समझेंगे कि. अल्बर्ट आइंस्टाइन भगवत गीता क्यों पढ़ते. थे? आप यह समझेंगे कि ओपन हाइमर भगवत गीता. क्यों पढ़ते थे? आप ये समझेंगे कि सुनीता. विलियम्स जब स्पेस में जाती हैं तो अपने. साथ एक छोटी सी पॉकेट साइज भगवत गीता ले. क्यों जाती हैं? ऐसा क्या है उसमें? ऐसा. क्या है? मैं जानता हूं कि वो जो भाषा है. उस भाषा को समझना आज बड़ा मुश्किल है। मैं.
आपको कहां बताऊंगा कि साइकोलॉजी का पहला. ग्रंथ है वो। असंशयम महाबाहु मनो दुर्ग्रह. चलम अभ्यासेनु कौते वैराग्यन च ग्रहमते इन. सब बातों को अगर एक बच्चे की भाषा में आप. सुनना चाहते हैं समझना चाहते हैं और कृष्ण. की जो लीलाएं हैं वहां से लेकर कृष्ण के. जीवन का जो ड्रामा है और ड्रामा यह है कि. दुनिया को जीवन देने वाला. माता गांधारी के श्राप से मरता है। माता. गांधारी ने उनको श्राप दिया था कि जिस तरह. से तुम्हारे होते हुए मेरे 100 पुत्र चिता.
की आग में भस्म हो गए ऐसे ही तुम अपनी. आंखों के सामने अपने पूरे वंश का सर्वनाश. देखोगे कृष्ण भगवान थे वरदान और. सोमनाथ से 11. प्रभास प्रभास पाटन ने. भगवान पुण्य और पाप से दूर वरदान और श्राप. से मुक्त क्या है उनको क्या किसी का श्राप. लेने की जरूरत थी लेकिन उन्होंने माता. गांधारी का श्राप सर झुकाकर स्वीकार कर. लिया क्योंकि वह यह बात समझते थे. कि यह एक मां की पीड़ा है और पीड़ा कभी. अपमानित नहीं होनी चाहिए। वह अपनी होए.
पराई।. आपने कृष्ण भगवान को लेकर जो प्रोग्राम. किया उसमें आपने जिक्र किया राधा से लेकर. गणधारी जी तक।. राधा से रणभूमि तक।. राधा से रणभूमि तक।. जी. अब मेरे ज़हन में फिर ये सवाल आया। ये सवाल. मैंने पिछली बार भी आपसे पूछा था। कृष्ण. की पत्नी रुक्मणी थी।. जिक्र हमेशा राधा का क्यों रहा? भजन हमेशा. मीरा के क्यों रहे? रुक्मणी के त्याग पर. लोगों का ध्यान क्यों नहीं गया? रुक्मणी तो अपना पूरा कर्तव्य निभाती रही. जीवन भर।.
रुक्मणी कृष्ण की ताकत थी। उनका बल थी। और. अगर आपने शास्त्र पढ़े हैं तो ये आप भी. जानते हैं कि जब भगवान श्री कृष्ण द इटरनल. गाइड जब वो किसी दुविधा में आते थे तो वो. सलाह किससे लेते थे? मां रुक्मणी से। उनसे. पूछते थे क्या करना चाहिए? द्वारकाधीश जब. वो थे तो द्वारका के राजकाज में सबसे. ज्यादा अगर किसी से वो राय लिया करते थे. तो मां रुक्मणी से लिया करते थे। उनका. संबंध इतना गहरा था। महाभारत में जब. उन्होंने अपना विश्वूप दिखाया है. कुरुक्षेत्र में तो उन्होंने अपना परिचय.
दिया है। अपना परिचय क्या था उनका? मैं. नदियों में गंगा हूं। मैं गायों में. कामधेनु हूं और मैं स्त्रियों में रुक्मणी. हूं। विश्व की महानतम स्त्री स्वीकार किया. था उन्होंने स्वयं मां रुक्मणी को। लेकिन. राधा कृष्ण का नाम क्यों साथ में आता है? भगवान ने नहीं लगाया। हमने लगाया क्योंकि. हम वो लोग हैं जो अधूरे प्यार को ही. सेलिब्रेट करते हैं।. [नाक से की जाने वाली आवाज़]. [हंसी]. तो राधा और कृष्ण का प्यार अधूरा रह गया.
इसलिए सेलिब्रेट किया जाता है। लेकिन इसका. मतलब यह नहीं है कि मां रुक्मणी की महिमा. कुछ कम थी।. और क्यों नहीं हुआ यह प्यार पूरा? मैं. इसके बारे में भी सोचता हूं कि भाई यह. प्यार पूरा हो सकता था। वह भगवान थे। यह. प्रेम क्यों पूरा नहीं हुआ? तो शायद यह तारों पर लिखी हुई कहानी थी।. अगर यह मिलन हो जाता तो वह कहानी. जरों पर लिख दी जाती तो उन वो ऊंचाइयां. कायम रहें, सलामत रहे, बरकरार रहें। शायद. इसीलिए वो प्यार अधूरा रहा और मैं यह भी.
कहता हूं कि. याद नहीं कहां सुना था पर सुना था कहीं।. राधा कृष्ण एक कैसे होते जब दो थे ही. नहीं।. बिन बोले है प्रेम यशस्वी. बोल दिया तो अर्थ नहीं है. बिन बोले है प्रेम यशस्वी बोल दिया तो.
अर्थ नहीं है प्यार वही सच्चा है जिसमें. मिलना कोई शर्त नहीं है. श्री राधे. राधेधे आखिरी सवाल सर हमारे दफ्तर में एक. व्यक्ति हैं काम करती हैं प्रिया नाम उनका. उन्होंने हमसे कहा कि मनोज जी के प्रशंसक. इसलिए हूं कि उनकी आवाज अटल जी की तरह है।. वो अटल जी के बहुत सारे गीत गाते रहते. हैं। तो मेरा सवाल आपसे है कि क्या वाकई. में मनोज जी जो है वो अटल जी जैसी आवाज. उनकी है और अटल जी के सबसे करीब कविता कौन.
सी आपकी है? वो हम आपसे सुनना चाहेंगे।. क्योंकि ये कई लोगों ने मुझसे कहा है ये. बार।. मुझे यह बात एक करोड़ बार सुनने को मिली. है कि आपकी आवाज और आपका अंदाज दोनों अटल. बिहारी वाजपेयी जी जैसा है। तो पहली बात. तो मैं घबरा जाता हूं ये सुन के क्योंकि. भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी. वो हमारे लिए श्रद्धा के उस शिखर पे हैं. जहां हम उनसे तुलना भी नहीं चाहते। अपने. हीरो से आप तुलना चाहते हो ना मैं नहीं. चाहता। क्योंकि उतना बड़ा ना मैं कभी हो. पाऊंगा ना। मुझे वहां तक पहुंचने की कोई.
मेरे मन में इच्छा है। लेकिन अगर मेरे. व्यक्तित्व का एक छोटा सा भी कोई हिस्सा. अटल बिहारी वाजपेयी से मिलता है तो मेरे. लिए तो यह जश्न का और उत्सव का क्षण है।. व्हाई नॉट. मुझे अटल जी की लिखी हुई अनगिनत कविताएं. पसंद है। लेकिन. जिनमें कोई भी आप चाहे तो।. जी गीत नया गाता हूं।. हम. काल के कपाल पर लिखता हूं।. काल के कपाल पर लिखता हूं। मिटाता हूं।. गीत नया गाता हूं। मुझे वो कविता बहुत. पसंद है। बड़ी ऊर्जा है इसमें और बड़े आने. वाले युग की धमक है। एक कविता जो मुझे.
उनकी और बहुत ज्यादा पसंद है। अ. क्या है हिंदू मेरा परिचय? वो क्या है. उसकी लाइन? रगरग हिंदू मेरा परिचय।. तो कोई भी एक आप अगर आपने चार लाइन सुना. दे अटल जी की तो. मैं शंकर का वो क्रोधान कर सकता जगती. छारशार। डमरू की वो प्रलय ध्वनि हूं. जिसमें नचता भीषण संहार। रणचंडी की अतृप्त. प्यास मैं दुर्गा का उन्मत्त हास मैं यम. की प्रलयंकर पुकार जलते मरघट का धुआंधार.
फिर अंतरतम की ज्वाला से जगती में आग लगा. दूं मैं यदि धधक उठे जल थल अंबर जड़ चेतन. तो कैसा विस्मय हिंदू तन मन हिंदू जीवन रग. रग हिंदू मेरा परिचय हिंदू तन मन हिंदू. जीवन रगरग हिंदू मेरा परिचय. ये अटल जी वाली वाइफ जो थी यह मैंने भी. महसूस की मैंने ऐसा नोटिस नहीं किया था बट. इट्स ब्यूटीफुल ब्यूटीफुल या सम पीपल टेल. मी दैट आई स्लाइटली लुक लाइक हिम एंड आई.
फील लाइक [हंसी] इतना ज्यादा मैं पैंपर्ड. फील करता हूं जब मुझे कोई वहां से जोड़. देता है वो वो मेरे आदर्श हैं और मैं बड़ा. सौभाग्यशाली हूं कि उनके जीवन पे जो फिल्म. बनी उसके गीत लिखे मैंने और उसका एक गीत. तो बहुत पॉपुलर हुआ बाद में है सब जगत के. सुख सुनहले मेरे मस्तक पे लिखा है देश. पहले. वाओ ब्यूटीफुल यहां से आगे सर क्या. क्योंकि अब समय समाप्त हो रहा है आपको भी. जाना. यहां से. अपकमिंग प्रोजेक्ट्स क्या है अभी आपके? अपकमिंग बहुत सारी फिल्में कर रहा हूं।. कौन-कौन सी फिल्में मुझे धीरे-धीरे याद. आएंगी। सूरज बजात्या जी की अगली पिक्चर.
इसमें आयुष्मान खुराना है। बहुत ही प्यारी. फिल्म है। उसका टाइटल कुछ आगे पीछे हो रहा. है। लेकिन पिक्चर बड़ी अच्छी है। मैं. धर्मा प्रोडक्शन करण जौहर जी की। लग जा. गले। यह हमारी अगली पिक्चर है। वरुण की. अगली पिक्चर जो डेविड जी डायरेक्ट कर रहे. हैं। है जवानी तो इश्क होना है। कई. फिल्में बैक ऑन ट्रैक राइटिंग अ लॉट।. हैप्पी फॉर यू।. थैंक यू। थैंक यू वेरी मच।. क्योंकि पिछली बार जब हम आए थे तो हमने. कहा था कि समर्थक आलोचक बन गए। लोग कह रहे.
थे कि मनोज जी क्यों आए? अब लोग फिर कह. रहे हैं कि मनोज जी को बुलाइए ना। यही. जीवन है। यही जीवन है और मैं कुल मिला के. बहुत कृतज्ञता से भरा हुआ हूं। मुझे कोई. शिकायत नहीं है। वो शायद आपने इस दौरान. देखा होगा कि जो थोड़ी बहुत शिकायतें थी. वो मेरी नासमझी की वजह से थी। कोई शिकायत. नहीं है। सब मेरे अपने हैं। मैं सबको. प्यार करता हूं। मेरा इस दुनिया में होने. का एक ही उद्देश्य है कि मैं आपके जीवन. में अपने शब्दों से कुछ पॉजिटिव चेंज ला.
पाऊं। ये कोशिश निरंतर चलती रहेगी। जब तक. ये उंगलियां सलामत हैं। इनमें कलम रहेगी।. आपके लिए लिखता रहूंगा।. आप ही की बात सुनकर सलीम साहब ने एक शेर. कहा था। मुझे याद आ गया।. [नाक से की जाने वाली आवाज़] आंसू अगर आए. तो खुद पूछिएगा।. वाह।. लोग पूछने आए तो वो सौदा कर लेंगे। क्या. बात है। आंसू वगैरह आए तो खुद अपना मैं भी. कहता हूं अपना दुख और अपना ओटीपी किसी को. ना बताना। लोग फायदा उठा लेते हैं। [हंसी]. ये दोनों चीजें किसी को नहीं बतानी चाहिए।. दैट्स ट्रू दैट्स ट्रू। यही लाइफ है। लाइफ.
बट यही अच्छी अच्छी चीज है कि पहले मनोज. जी से लोगों ने सीखा कि छोटे शहर का लड़का. कैसे बड़ा बन सकता है। अब पूरे देश ने. शायद सीखा होगा कि आप गिर कर भी दोबारा. खड़े हो सकते हैं। अगर आपकी तपस्या अच्छी. है। अगर आपकी नियत अच्छी है। अगर आपकी. कोशिश में कमी नहीं है। अगर आपकी चाह बड़ी. है, राह बड़ी है और आपके साथ कुछ वो दो. चार अपने हैं जो गिरने पर भी कह रहे हैं।. कोई बात नहीं।. हर रात की सुबह होती है। बुरा वक्त अच्छा. भी आएगा। आज गिरा मैं जहां कल पाओगे मुझको. खड़ा वहीं.
आज गिरा मैं जहां कल पाओगे मुझको खड़ा. वहीं बंद करो यह मातम मेरी मात हुई है मौत. नहीं. वाह जाते दो लाइन हम आपके लिए कह दे रहे. हैं कि आसमानों से कह दो कि अगर फिर से. हमारी उड़ान पकड़नी है. तो वक्त आ गया है कि अपने कद को एक बार. फिर से ऊंचा कर [हंसी]. थैंक यू थैंक यू शुभंकर मुझे आपसे बातें. करके कितना अच्छा लगता है ये आपको पता है. मैं एक्चुअली थोड़ी देर के लिए भूल गया था. कि हमारे बीच में माइक भी है और कैमरास भी. हैं। मैं अपने दोस्त से अपने छोटे भाई से.
बात कर रहा था और शायद इसीलिए मैं इतना. खुल गया एक बार फिर आपके सामने।. मुझे बहुत खुशी है कि जीवन के दो. इंपॉर्टेंट क्षण हमने आपके साथ गुजारे। वो. दौर भी और उसके बाद अब दोबारा जब चीजें. बेहतर हो रही हैं, अच्छी हो रही हैं और. मैंने कहा कि ये 2.0 है। सो लेट्स जस्ट. होप कि ये 2.0 1.0 से और ज्यादा ग्रैंड और. ज्यादा भव्य और ज्यादा दिव्य हो और हमारी. तरफ से सारे प्रशंसकों की तरफ से आपको. बहुत-बहुत शुभकामनाएं।. बहुत-बहुत धन्यवाद। जय श्री कृष्णा। मेरा. शो एक बार जरूर देखें। कृष्णा राधा से.
रणभूमि तक। [हंसी] प्रणाम।.
