Unplugged FT. Manish Kashyap | LokSabha Election 2024 | BJP | Shubhankar Mishra
नीतीश कुमार से बड़े पलटू राम मनीष कश्यप. आपका तो बयान भी है कि एक ने देश को. बर्बाद कर दिया मोदी जी का नाम लेके नहीं. नहीं यह बात मैंने कभी नहीं कहा है हम भगत. सिंह को फॉलो करेंगे मदी के चक्कर में. राहुल गांधी और गांधी के चक्कर में जो है. एक देश बेच रहा है एक देश में कॉमेडी करता. है मनीष कश्यप का बीजेपी में जाना जरूरी. था या उनका मजबूरी था वाशिंग मशीन में आप. भी चले गए नहीं वाशिंग मशीन में नहीं गया. भारतीय जनता पार्टी के पास कोई वाशिंग. मशीन नहीं है आप डर के बीजेपी में नहीं डर. के नहीं मजबूरी मजबूरी में की दोबारा जेल. डाल दिया बीजेपी में क्या अच्छा लगा जो. बीजेपी गए मनी कश्यप ने बीजेपी से डील कर.
लिया है दबा के पैसा मिला है पिछली बार आए. थे बाल वाल पका था आपकी देखिए बढ़िया हेयर. स्टाइल कटवा लिए है दाढ़ी ट्रिम हो गई है. सब एकदम ट्रिम ट्रिम है कुर्ता बढ़िया. एकदम प्रेस प्रेस है मीठा गप गप तीखा तीखा. तूक तूक नेक्स्ट क्वेश्चन प्लीज मनीष. कश्यप एक सोच थी मनीष कश्यप एक विचारधारा. थी लेकिन जब मनीष को बीजेपी में जाना हुआ. तब मनीष कश्यप इंडिविजुअल हो गए जेपी. नड्डा से अब एक हाथ से देख हाथ से ले. सिंपल होता मनीष कश्यप इतने बेवकूफ तो है. नहीं तो कुछ तो डील बातचीत हुआ होगा भाई.
उन्होंने कहा कि चुनाव मत लड़ो आप जानते. थे कि आपको गाली पड़ेगा तो आपने भी तो कुछ. तो मांगा होगा ना मन का मुराद तो आपने. क्या मांगा उनसे चुनाव नहीं लड़े आप क्या. पता आप जीत जाते सांसद बन जाते बीजेपी के. पांच काम कौन से ऐसे थे जिसकी वजह जिसकी. वजह से मनीष कश्यप का हृदय परिवर्तन हो. गया बीजेपी की तरफ आपके पांच काम सुनके. हमको लगा एक बार कान यहां से पकड़ा फिर एक. बार कान यहां से पकड़ लिया फिर एक बार हाथ. इधर से उठा पकड़ लिया फिर इधर से पकड़. लिया बीजेपी नेता मनीष कश्यप के अनुसार.
बिहार राज्य में जो पांच सबसे बड़ी. समस्याएं हैं उसमें से एक समस्या है. स्वास्थ्य दूसरी कौन सी गिनाई थी शिक्षा. तीसरी कौन सी गिनाई थी पलायन चौथी समस्या. चौथी उल जो गिरा पांच और पलायन की वजह से. रोजगार तो ऑटोमेटिक अंडरस्टूड है तो फिर. सरकार तो निकम्मी निकली फिर बीजेपी. जॉइनिंग करते वक्त ये भी इंस्ट्रक्शन में. होता है क्या कि हर चार लाइन में दो लाइन. मोदी जी के नाम प बोलनी है कि मोदी जी ने. ये किया माननीय मोदी जी ने ऐसा हुआ कहीं. सभा लगी थी आपकी और सामने भीड़ थी और आप.
कह रहे थे कि मोदी जी ने यहां के लिए क्या. किया है यहां थोड़ी ना आएंगे मोदी जी यहां. तो मनिष वा रहेगा आपको 2028 में लोग 25. में या 30 में मुख्यमंत्री बनवा रहे थे और. आप कार्यकर्ता बनके खुश है आपको लोगों ने. दूध से लाया. था अब लोग पूछ रहे हैं कि उस दूध का कर्ज. कैसे चुकाएंगे मनीष कश्यप पवन सिंह से. बातचीत हो रही है अभी आपकी जब बीजेपी के. नेता मनीष कश्यप हो गए हैं तो क्या पवन. सिंह खिलाफ प्रचार करेंगे मनीष कश्यप तबक. मनीश क से प्रयास करेगा कि आखिरी आखिरी तक. पवन सिंह के खिलाफ अक्टूबर तक का मौका दे. दीजिए फिर क्या बदलेगा जितना वादा किया.
हूं जितना वादा किया हूं उसको धरातल प वो. सारी चीजें आप लोगों को दिखना शुरू हो. जाएगा तो मतलब पा महीना बाद अगर बिहार में. कोई पुल गिरेगा तो मनीष कश्यप अरे पुल तो. आज गिरेगा तो भी मैं मनीष कश्यप वीडियो. बनाएगा आवाज उठाएगा ये सवाल बहुत हैवी है. सवाल यह कि मनीष कश्यप ने हमको एक शेर याद. आ गया हमारे पूर्वांचल में अक्सर कहते हैं. मीठा मीठा गब गप और तीखा तीखा थूक थूक.
रामचंद्र कह गए सिया से ऐसा कलयुग आएगा कि. जो बिहार को बदलने निकला था गुरु एक रोज. वही बदल जाएगा स्वागत है बीजेपी नेता मनीष. कश्यप का सबसे पहले तो मैं आपको धन्यवाद. देना चाहता हूं कि रामायण के चौपाई से. आपने शुरुआत किया लेकिन रामचंद्र जी कह गए. सिया से ऐसा कलयुग आएगा बिहार को बदलने. निकला था मनीष बिहार को बदल के ही दम लेगा. यह मैं वादा करता हूं और मैं जब तक.
बिहार रास्ते पर नहीं आ जाएगा तब तक मनीष. रुकेगा नहीं झुकेगा नहीं अपना काम. ईमानदारी से करता रहे देखो मनीष तो फिल्मी. वाला हो गया ना जो पब्लिक का सवाल है हम. आज सु आज इस. पॉडकास्ट इस पॉडकास्ट अरे सुन तो लीजिए ना. महाराज नेता लोग का दिक्कत होता है अब आप. नेता है हम समझ रहे हैं लेकिन सवाल ये है. कि आज जो ये इंटरव्यू हम कर रहे हैं. दोबारा दो कुछ महीने के अंदर में उसका. रीजन ये है कि अब आपकी छवि बदली है पहले. आप जब आए थे आप एक यूटर थे इस बार जब आप.
आए हैं बीजेपी के नेता है और नेता से जनता. सवाल पूछती है वैसे ही जैसे मनीष कश्यप. नेताओं से पूछते थे तो आज हमारा इंटरव्यू. लोगों के उस पर है और जो आपने कहा कि जब. तक बिहार नहीं बदलेगा तब तक मनीष रुकेगा. नहीं थमेगा नहीं ये वो कई चीजें अब एक. सवाल लोगों के मन में बहुत ज्यादा है सबसे. कॉमन सवाल जो सबसे पहले वही शुरुआत करते. हैं कि मनीष कश्यप का बीजेपी में जाना. जरूरी था या उनका मजबूरी था.
क्योंकि मनीष ने सपना दिखाया था कि 5 साल. हम कहीं मिलेंगे नहीं मनीष कश्यप के साथ. ऐसी मां लोग का वीडियो आ रहा था कि जब. मनीष को चुनाव जिता लेंगे तभी छट व्रत. करेंगे तब तक ब्रेक ले लेंगे बहुत सारी. माताएं बहने बहुत सारे लोग इमोशन जुड़े. हुए थे अब वो लोग कहते हैं कि यार हम. थोड़ा अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहे. हैं नहीं देखिए कोई मां ऐसा नहीं कह रही. है कि ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं लेकिन. मेरे कुछ समर्थक हैं जो मेरे से चंपारण. में हुए जिनको यह उम्मीद था कि मनीष कश्यप.
चुनाव जीतेंगे और हमारे समस्याओं का. समाधान हमारे लिए हमारे सोसाइटी के लिए और. बिहार के लिए लड़ेंगे मैं उन लोगों से. वादा करना चाहता हूं कि मैं ऐसा नहीं है. कि मैं चुनाव से पीछे भाग गया हूं हां यह. बात सही है कि मैं 2024 का चुनाव नहीं लड़. रहा हूं लेकिन मनीष कसब चुनाव लड़ेगा जरूर. और उन लोगों के उम्मीदों पर खरा उतरेगा. जरूर जो लोग यह सोचते थे कि मनीष जो है. बिहार को बदलेगा यह मैं वादा करता हूं और. हां.
मैंने कोई ब्रेक नहीं लिया है मैंने कोई. अपना रास्ता नहीं बदला है मैंने कोई अपना. तरीका नहीं बदला है और ना ही मैंने अपना. चरित्र बदला है ठीक है अच्छी बात है लेकिन. मेरे ऊपर बहुत सारे लोगों का एहसान था जब. मैं जेल के अंदर था सलाखों के अंदर था. मेरे खिलाफ जो है जेल से निकलने के बाद जो. है बेतिया के डीएम को लेटर लिखा गया. मजलिया थाना में मार्च महीने में और. अप्रैल महीने में दोदो सनहा मेरे खिलाफ. पड़ा दोदो सनहा जो विपक्षी पार्टियों के. नेताओं के द्वारा डाला गया उसका नंबर है.
मेरे पास सब कुछ है मैं किसी इंटरव्यू में. यह बातें नहीं बोला हूं क्योंकि आपने. शुरुआत ही ऐसा लाइन से किया कि मुझे बोलना. जरूरी पड़. गया मेरे खिलाफ यहां तक कि साजिश किया जा. रहा था कि मनीष कश्यप जो है वह भीड़ तो. इकट्ठा कर दे रहा है और अन ऑर्गेनाइज भीड़. गरीबों का भीड़ वहां पे भगदड़ मचा दो हम. अगर कहीं खुदाना खस्ता अगर कहीं कोई. हंगामा हो जाता है कोई कोई घटना हो जाता. है उसके बाद से मनीष कसप अपने आप को माफ. नहीं कर पाता मनीष कश्यप को व सिस्टम.
चाहिए था मनीष कश्यप को व तरीका चाहिए था. व ताकत चाहिए था वाशिंग मशीन में भी चले. नहीं वाशिंग मशीन में नहीं गया भारतीय. जनता पार्टी के पास कोई वाशिंग मशीन नहीं. है नहीं है कोई वाशिंग मशीन नहीं है यह. वाशिंग मशीन जो है कांग्रेसियों के पास है. भारतीय जनता पार्टी के पास ऐसा कोई वासिक. मशीन नहीं है भारतीय जनता पार्टी का. स्पेशल एहसान है मनीष. का जब जेल के अंदर था तो सुभाकर मिश्रा ने. मेरे लिए अनेको वीडियो बनाया भारतीय जनता. पार्टी के अनेको नेता ने मेरे लिए आवाज उठ. हां उन लोगों का एहसान था विपक्ष ने उठाया.
विपक्ष ने नहीं उठा उठ किसी नेता ने उठ. मेरे बड़े मित्र हैं जो गैर भाजपाई हैं. गैर भाजपाई हैं और भाजपा को समर्थन नहीं. करते हैं जब आप पर एनएसए लगा तो उन्होंने. भी सार्वजनिक तौर पर. [संगीत]. हम तो मनीष ने कहा कि शुभंकर जी आप मेरी.
प्रोफाइल प जाइए मेरे सतक चैनल पे अगर 400. वीडियो होंगे तो उसमें 300 वीडियो ऐसे. होंगे जिस पर मैंने भाजपा प क्वेश्चन किया. है 300 क्वेश्चन किया है मैंने कि करप्शन. को लेकर क्वेश्चन कि अब सवाल य पॉलिटिकल. सिस्टम ने मेरे पूरे जीवन को बर्बाद करने. का प्रयास किया था और तेजस्वी यादव ने. खासकर मेरे जीवन को बर्बाद करने का प्रयास. किया था मेरे ऊपर एनएसए लगा सब कुछ लगा. कोर्ट ने मुझे मुझे मुझे एनएसए से बाइज्जत. बरी कर दिया जेल पे नहीं हूं मैं बाइज्जत.
बरी कर दिया बिहार में जो यूओयू ने केस. किया उसमें से तीन केस में जो है मेरी. रिहाई हो गई स्पीड ट्रायल में मेरा केस. डाल के चले गए उसके बाद भी इन लोगों को. शांति नहीं मिला तो मेरे खिलाफ जो है. बेतिया के डीएम साहब को लेटर लिख दिए ये. लोग उसके बाद से मैं तो आप डर के बीजेपी. में नहीं डर के नहीं मजबूरी में मजबूरी. में कि दोबारा जेल डाल जाए अगर कोई दो कदम. पीछे चला गया इसका मतलब ये नहीं कि वो डर. गया दो कदम पीछे गया इसका मतलब ये ये. समझिए कि वो संभालने के लिए तैयार है नहीं.
तो फिर तो इस तरह से अगर आप कहेंगे तो. आपके विरोधी जो हैं वो कहेंगे ऐसे तो फिर. हमें अंग्रेजों से समझौता करते रहना चाहिए. था क्योंकि वो जेल में डाल दिया करते थे. तो हम साथ में रहते ब चलता रह मनि जेल गया. कि नहीं गया जेल गया गांधी जी जेल गए कि. नहीं जेल गए लेकिन गांधी जी अंग्रेजों के. साथ मीटिंग भी किए अंग्रेजों के साथ. मीटिंग किया कि नहीं लेकिन अंग्रेजों के. साथ समझौता नहीं किए यहां पे अंग्रेज. विपक्षी. है अंग्रेज बिल्कुल विपक्षी है उनके साथ. हम कभी समझौता नहीं करेंगे लेकिन हां हमें.
बहुत सारी चीजों की जानकारी मिली अच्छा. बीजेपी में क्या अच्छा लगा जो बीजेपी गए. लोकतांत्रिक पार्टी है बोलने की आजादी है. आज मैं भारतीय जनता पार्टी में हूं मैं. अपनी दिल की बात कर रहा हूं भारतीय जनता. पार्टी में नहीं होता मैं अपनी दिल की बात. नहीं कर पाता एक आरोप लग रहा है आप पर जो. आपने पढ़ा होगा कमेंट सेक्शन कक आप भी. लगातार क्लेरिफाई कर रहे हैं अलग-अलग. वीडियोस में कई लोग ये आरोप लगा रहे हैं. कि मनीष कश्यप ने डील कर लिया बीजेपी से. नहीं कि बढ़िया बढ़िया एक सेकंड सवाल सुन. लीजिए महाराज नेता वाला गुण अभी दो चार. दिन रुक के निकालिए अभी चुनाव लड़गा तब.
बढ़िया है प्रवक्ता करिएगा पॉडकास्ट में. तो आराम से बताएंगे आरोप आप पर ये लग रहा. है कि मनीष कश्यप ने बीजेपी से डील कर. लिया है दबा के पैसा मिला है पिछली बार आए. थे बाल वाल पका था आपकी देखिए बढ़िया हेयर. स्टाइल कटवा लिए है दाढ़ी ट्रिम हो गई है. सब एकदम ट्रिम ड्रिम है कुर्ता बढ़िया. एकदम प्रेस फ्रेस है पिछली बार आए थे लेन. लाल लाल शर्ट थी पसीने भीगी हुई आत पकी. दाढ़ी अत पक्का बाल अब थोड़ा जवान भी लगने. लगे हैं फेशियल वेसिल सब करवा लिए बढ़िया. पैसा पाए हैं अच्छा देखिए फेशियल कराया. हूं क्या साफ सुथरा तो लग रहा है हेर. स्टाइल तो अच्छा है विराट कोहली टाइप क.
नहीं नहीं नहीं नहीं पहले भी इसी हेयर. स्टाइल में छोटा-छोटा बाल में मैं रहता था. सफेद था और और ये जो कुर्ता पैजामा है ये. तो इस पे तो मेरा बहुत सारा फोटो वायरल. हुआ है वहां पे भी आपको डिस्प्ले पे चलता. हुआ दिखाई कलर ल करवाए कलर तो मेरी मां. बहुत पहले से कहती थी उनका कहने का मतलब. यह रहता था मकसद यह रहता था कि इसका उम्र. ज्यादा दिखता है इसका शादी कराना है किसी. भी हाल में अ जब कभी मैं गांव में सो. देखिए ये वायर ये देखिए ये कुर्ता पैजामा. दिख रहा है ये जो है आज से 6 साल पहले का. सा साल पहले का 6 साल पहले का है तो मतलब.
मकसद वही था यही आने का बीजेपी में बीजेपी. में आने का मकसद भगवा ही दिल में था नहीं. नहीं नहीं भगवा ही दिल में था पत्रकारिता. करते भगवा ही दिल में था पत्रकारिता करते. हो मैं पत्रकार था ही नहीं मैंने पिछले. इंटरव्यू में भी आपको बोला था मैं यूटर था. तब तो चुनाव लड़ने की इच्छा थी किस समय. आपको पता है महाराज आपके कितने समर्थक जब. पहली बार आप पर हमने वीडियो बनाया आप तो. एक सवाल का जवाब कंप्लीट होने नहीं दे. दूरा पहली बार जब हमने आप पे वीडियो बनाया. और हमने लिखा किन है. बलर है कि बैट्समैन पहले क्लियर करहा आप.
इतना बाउंसर मारते हैं पहली बार जब हमने. वीडियो बनाया लिखा कौन है यूटर मनीष कश्यप. तो हजारों लोग हम पर नाराज हो गए थे कहा. कि अगर कोई लड़का. youtube1 ने देश को बर्बाद कर दिया मोदी. जी का नाम लेके नाम लेके आपका बयान नहीं. नहीं नहीं यह बात मैंने कभी कहा है कि.
मोदी जी ने देश को बर्बाद कर दिया आप. दिखाइए वो बयान चलिए महाराज आप चाह ही रहे. हैं कि हम दिखा ही दे दिखाए हम दिखा देते. हैं एकदम बिल्कुल. दिखाइए देखिए आप ढूंढना शुरू कर अरे. महाराज ढूंढने आपको देंगे ना वयो का. दुश्मनी है आपको मेरे से राहुल गांधी को. क्यों फलो करेंगे करना है तो विवेकानंद. सुनि को फलो करेंगे राहुल गांधी को क्यों. फलो. करलो कर हम भगत सिंह को फॉलो करेंगे के. चकर में राहुल गांधी ी के चक्कर में जो है. ना एक देश बेच रहा है एक देश में कॉमेडी.
करता है देखिए रुको जरा ये ये जो है ये. वीडियो जो है वो आज से चार पा साल तीन चार. साल पहले का है और आपको कुछ नहीं मिला यही. निकाल के रखे हैं आपका है और सुनिए सुनिए. सुनिए सुनिए सुनिए सुनिए वो उस समय का. वीडियो है जब कोरोना था ठीक है ठीक है. उसके बाद से जो है मैंने यह भी कहा कि. दुनिया का सबसे जो है मजबूत अगर. प्रधानमंत्री कोई है तो आपने पिछली बार भी. कहा था मोदी जी के फैन है और आपने हमसे भी. कहा था आपको फैन होना चाहिए और आप स्टैंड. आपने मोदी जी को लेके स्टैंड लिया था.
लास्ट इंटरव्यू में मुझे अच्छे से याद है. और उसकी मैंने कहा था कि मैं पत्रकार नहीं. स्टैंड लूंगा आपने कहा कोरोना के समय में. बहुत सारे लोगों को नाराजगी था लेकिन. कोरोना के बाद से हम लोगों को. रियलाइक्स के लिए काम किया और बहुत सारी. चीजों के लिए काम किया सच में हमें उनका. फैन होना चाहिए सच में फैन होना चाहिए और. जब कोई अच्छा काम करता है जब आप उसको समझ. जाते हैं जब जो है पैदा हुए थे उसी समय.
पूरा जो है अयोध्या नगरी उनकी फैन नहीं. हुई जब वह जंगल जा रहे थे उस समय भी नहीं. लेकिन जब. वह लंकापति लंकेश को जो है हरा के मां. सीता को वापस लेकर आ रहे थे तो पूरा. दुनिया जो है मस्तक थी उनके आगे और यह. जानती थी कि ये राम जो है मर्यादा. पुरुषोत्तम बन गए कोरोना के समय में थोड़ी. बहुत नाराजगी थी ये सत्य गाव में आपके. गांव में जब मैं आपके वीडियो देख रहा था. आप इलेक्शन लड़ रहे थे तो आपकी सभाओं को. मैं कब क्योंकि बात नहीं लेकि मैं वीडियो. सारे फॉलो कर रहा था तो उस वीडियोस में कई.
जगह मैंने देखा जहां पर आपने कहा कि यह जो. भीड़ आई है यह पैसा देके नहीं बुलाई हां. एकदम बिल्कुल मेरे पास चार्टर नहीं है. मेरे पास हेलीकॉप्टर नहीं है हेलीकॉप्टर. नहीं आप लोग आए हैं और लोग आ रहे थे लोग. खुद अपना पैसा भी लगा रहे थे खड़े हो रहे. थे बहुत सारे लोग ऐसे हैं जो देश विदेश से. मनीष कश्यप को समर्थन कर रहे थे बड़ा. व्यापक समर्थन रहा आप सोशल मीडिया के. स्टार रहे हैं इसको मुझे कबूल करने में. कोई तराज नहीं है अब वही लोग मुझसे. बार-बार कह रहे हैं कि उनको आप यह बात. कन्वेंस कीजिए देखिए मैं बता एक एक चीज 60.
सेकंड का मौका दीजिए मु मुझे सिर्फ 60. सेकंड मैं आपको एक सवाल ड कर दूं स पूगा. अब वो ये कह रहा है मनीष कश्यप पर आरोप लग. रहा है कि मनीष कश्यप एक सोच थी मनीष. कश्यप एक विचारधारा थी उस विचारधारा की. लड़ाई में सैकड़ों लोग साथ खड़े थे लेकिन. जब मनीष को बीजेपी में जाना हुआ तब मनीष. कश्यप इंडिविजुअल हो गए वो इंडिविजुअल. होकर उस वक्त उन लोगों के बारे में नहीं. सोचे ये अब बड़ा आरोप है इस पर आप मुझे 60. सेकंड का समय दीजिए दो मिनट बोलिए सबसे. पहले माफी चाहता हूं उन लोगों से तमाम.
लोगों से जो यह सोचते हैं कि मनीष कश्यप. पार्टी जॉइन के करके गलत किया और आप लोगों. ने मेरे साथ दिया देखिए मनोज तिवारी. पार्टी लाइन से अलग हट के जेल में मेरे से. मिलने आए पार्टी लाइन से अलग हट के मिलने. आए थे उसके बाद से जब मेरे वह गांव में आए. थे तो उन्हीं के पार्टी के बहुत सारे. लोगों ने मना किया था मत जाइए मत जाइए मत. जाइए बकायदा उन्होंने एक्सेप्ट किया इस. चीज को एक्सेप्ट किया और जब मैं चुनाव. लड़ने लगा तो बहुत सारी समस्याएं उनके.
सामने भी खड़ी हो गई क्योंकि क्या क्या. समस्या. हुई पूछने लगे कि आप उसको सह दे रहे हैं. आप उसको आगे बढ़ा रहे हैं बहुत सारी चीजें. मेरी मां के पास फोन आया किसका मनोज. तिवारी भैया का मेरी मां जानती है कि जब. वह संकट की घड़ी में थी नौ महीना दरदर की. ठोकरे खा रही थी तो किन किन लोगों ने साथ. दिया विनोद तावड़े जो महाराष्ट्र के हैं. बीजेपी बिहार के प्रभारी है जिनसे कभी. मेरी मुलाकात तक नहीं हु वो चारचार बार. मंच से मेरा मेरे लिए आवाज उठाए बिहार के.
राज्यपाल महोदय मेरे लिए आवाज. उठाए जो विजय सिन्हा नेता प्रतिपक्ष थे. जिनके ऊपर एक अधिकारी जो है मतलब कि उनके. पीछे भी पड़ गया था वो विजय सिन्हा जो है. हर चीज से अलग हटके मेरे लिए आवाज उठाए. सुशील मोदी जो वर्तमान समय में बीमार है. उन्होंने आवाज उठाए जिन जिन लोगों ने मेरे. लिए आवाज उठाया उन सब पर प्रश् चिन्ह खड़ा. होने लगा कि मनीष कश्यप के लिए आप लोगों. ने आवाज उठा जब बुरे दौर में मनीष कश्यप.
था उसके लिए आप आवाज उठाएं आज जो है. भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ मनीष कश्यप. खड़ा हो गया है मनीष कश्यप ने सोचा कि जब. मैं बुरे दौर में था मेरा इन लोगों ने साथ. दिया तो मैं इन लोगों का उम्मीद नहीं. तोडूंगा पहला चीज दूसरा चीज मेरी मां किसी. की भी मां चाहती है कि उसका बेटा का जीवन. जो है वो सुखी रहे अच्छा रहे मेरी मां को. इस बात का डर था कि कहीं चुनाव लड़ने के. दौरान अकेला मेरा बेटा लड़ रहा है कोई. उसके साथ नहीं है कोई पार्टी नहीं है अगर. उसके साथ खुदा नखाते कुछ गलत होता होता है. तो वो जाएगा कहां किससे मदद मांगेगा ठीक.
है आपने जो उसके उसके बाद से जी लोगों में. नाराजगी है जो जो लोग बेहद प्यार करते हैं. व नाराज होते हैं मैं माफी चाहता हूं आप. लोगों से कि इस बार मैं चुनाव नहीं लड़. रहा हूं लेकिन उम्मीद कीजिए कि मुझे कम से. कम पाच महीना का मौका दीजिए चुनाव के बाद. मुझे जून जुलाई अगस्त सितंबर अक्टूबर. अक्टूबर तक का मौका दे दीजिए फिर क्या. बदलेगा मैं जितना वादा किया हूं जितना. वादा किया हूं उसको धरातल पे वह सारी.
चीजें आप लोगों को दिखना शुरू हो जाएगा कि. मैं वह काम कर पाता हूं कि नहीं कर पाता. हूं सिर्फ मुझे 5 महीना का मौका दीजिए ठीक. अगर मैं नहीं कर पाऊंगा तो मैं यह भी वादा. करता हूं कि मैं सब कुछ छोड़-छाड़ के आप. लोगों के लिए खड़ा हो जाऊंगा सब कुछ. छोड़-छाड़ के लेकिन मुझे इतनी आजादी यह. पार्टी मुझे जरूर दे रही है जरूर मुझ पे. इतना भरोसा यह पार्टी जरूर कर रही है कि. मनीष कश्यप हम लोगों के साथ मिलके जो है. वह सारा काम करेगा और भारतीय जनता पार्टी. एक ऐसी पार्टी है जो एक यूटर को जो एक. गांव में पड़ा हुआ लड़का पर भरोसा दिखा के.
जो है एक मनुवा डुमरी गांव से जो है उठाकर. जो है दिल्ली में सबसे बड़े पार्टी का. रियाल से जो है और पार्टी के राष्ट्रीय. अध्यक्ष जो है वो मिलते हैं वो जॉइन कराते. हैं तो ये मेरे लिए सौभाग आपने 60 सेकंड. मांगा था हमने लगभग 35 मिनट सुना चलिए ठीक. है अब आते हैं फिर एक मुद्दे पर आप जो कह. रहे हैं उसमें कोई गलत बात नहीं है किसी. भी व्यक्ति को किसी राजनीतिक पार्टी से. जुड़ने का अधिकार है हां इस देश में पहले. भी पत्रकार रहे अटल जी जैसे हां या और भी. बहुत सारे बड़े-बड़े नेता हैं जो.
जर्नलिस्ट थे बाद में बन गए वो आतो बहुत. सारे और भी लोग हैं और जो बहुत अच्छा भी. किए कई सारे फ्लॉप भी हो गए हम उस परे. नहीं जा रहे सवाल मनीष वहां पर खड़ा होता. है जब आप एक उम्मीद देते हैं जैसे ब बहुत. सारे सुनि सुनिए अब महाराज साढ़े मिनट. बोले तो कम से कम 30 सेकंड. सुनिए साढ़े मिनट बोले 30 सेकंड सुनेंगे. ना महाराज अब सवाल यहां पर यह उठता है कि. नीतीश कुमार पर बिहार में आरोप लगता है कि. व टू राम है हम कहते कुछ थे पलट जाते थे.
कई नेता पलटते हैं लेकिन कई बार जब आप. ज्यादा कह रहेते हैं और फिर पलटते हैं तब. सवाल होता है इस पूरे कैंपेन में बार-बार. आप कह रहे थे कि हमारे लिए कौन आया मोदी. जी तो आएंगे नहीं फलनवा तो आएगा नहीं हम. खड़ा रहेंगे आपका लड़का चार्टर में बैठ के. मछली थोड़ी ना खाता तेजस्वी जी वाला आप कह. रहे थे तो उनको एक उम्मीद जग गई थी और कई. बार लोगों का ये होता है कि जब थोड़ा सा. वो भरोसा हिलता है ना ड्रग मंगाता है. क्योंकि आपसे नाराज विरोधी तो पहले ही थे. आपके अपने अब सवाल पूछ रहे हैं क्या ये. आपको नहीं डराता है कि यार एक बार कंसल्ट.
कर लेना चाहिए था या नहीं किया तो आप. सार्वजनिक माफी मांग लेनी चाहिए उन लोगों. से जो आपके अपने लोग थे जो बिना मतलब आपके. लिए डीपी लगा रहे थे आपके लिए आंदोलन कर. रहे थे या जेल जवाब थे तो हम जैसे लोगों. को दिन रात मैसेज करते थे कि भैया मनीष. भैया के बारे में बात कीजिए उनको लगता है. किर हमको अब ये सब सब एक ही थाली चट्टे. बट्टे नहीं अगर आप लोगों को लगता है कि. मनीष कश्यप ने आप लोगों का भरोसा तोड़ा है. तो मैं सरवाजानिक ऑन कैमरा माफी मांगना. चाहता हूं मैं आप लोगों से लेकिन मैं यह. भी कहना चाहता हूं कि मुझे कुछ समय द. मैं आप लोगों का भरोसा नहीं तोडूंगा मैं.
एक अच्छा इंजीनियर बनके दिखाया हम और आज. भी उस इंजीनियरिंग का इस्तेमाल करता हूं. अपने रिपोर्टिंग के दौरान. youtube2 ओनली वन रीजन आप लोग मेरे साथ थे. अगर आप लोग मेरे साथ सा नहीं होते तो शायद.
पिछले 30 40 साल में बिहार का कोई भी युवा. जो है इस प्रकार से ग्रो नहीं किया इस. प्रकार से आगे नहीं बढ़ा उसमें सबसे बड़ा. योगदान आप लोगों का अगर आप लोगों को थोड़ा. भी कहीं भी मेरे इस स्टेप से दुख पहुंचा. होगा तो मैं सर्वजनिक तौर प माफी मांगना. चाहता हूं लेकिन मुझे मौका मिलना चाहिए कि. नहीं मैं आप लोग आपसे पूछ चाता. ह मेरा तरीका गलत था क्या मैंने पार्टी. जवाइन करके कोई गलत काम किया वो आपको आपके. लोगों को एड्रेस कर जिसका हमने आपको मंच. भी दिया है और व लोग तय करेंगे लेकिन सवाल.
हम उनके मन पूछ सकते हैं अब एक सवाल लोगों. के मन में और आता है कि आप चुनाव तो लड़. नहीं रहे आप जर्नलिज्म हम हमारी नज़र में. शुरू में था कि जर्नलिज्म कर रहे हैं आप. आप कह रहे हैं कि आप यूबर पर काम कर रहे. थे ठीक है आपका एक चैनल भी था जो सच टॉक. अभी है बगल में हमारे ऑफिस भी है उसका अब. लोगों के मन में सवाल यह कि अब मनीष कश्यप. क्या करेंगे अब मनीष कश्यप अ बीजेपी तो. जॉइन कर चुके हैं तो जनहित के मुद्दों के. लिए जर्नलिज्म की दुनिया अपनाएंगे अपनी. टीम के थ्रू या चुनाव तो लड़ नहीं रहे हैं. और बिना लड़े जीतेंगे नहीं तो पावर आएगी. नहीं अभी तो चलो इलेक्शन का दौर है तो.
मनीष कश्यप का अस्तित्व क्या है सिवाय. इसके कि भगवा झंडा डाल दिए और जय बीजेपी. जय मोदी जी इसके अलावा देखिए चुनाव के बाद. बिहार में अगर किसी अस्पताल में समस्याए. दिखेगी मैं उसी प्रकार से वीडियो बनाऊंगा. ईमानदारी पूर्वक कह रहा हूं लेकिन वो. वीडियो बनाने से पहले मैं आपको डर नहीं. आपको भी वरुण गांधी बना दिया जाएगा नहीं. नहीं नहीं नहीं मैं मुझे वरुण गांधी नहीं. बनाया जाएगा मुझे पूरा यकीन है क्यों मैं. आप आप आपके नाम में क्या है सरनेम में. आपके कि आपको नहीं बनाया जाएगा नहीं देखिए.
वरुण गांधी के साथ भी कुछ गलत नहीं हुआ. टिकट नहीं दिया गया उनके लिए कहीं कुछ. उनके समर्थक तो यही कहते हैं ना क्योंकि. सरकार के खिलाफ मुखर थे इसलिए टिकट नहीं. दिया गया मैं सरकार के खिलाफ मुखर की बात. नहीं कर रहा हूं मैं समाज के लिए आवाज. उठाने की बात कर कैसे उठाएंगे आप वो देखिए. वरुण गांधी वरुण गांधी आज भी भारतीय जनता. पार्टी में है उनकी मां को आज भी टिकट. मिला है और क्या पता उनके लिए भारतीय जनता. पार्टी कुछ और सोची होगी क्या पता उनको. राज्यसभा में भेजेगी क्या पता जो है. पार्टी को डिफेंड करना सीख गया नहीं नहीं.
नहीं नहीं वो करना पड़ेगा मेरा परिवार है. वो पार्टी इसलिए भी परिवार है भारतीय जनता. पार्टी इसलिए भी परिवार है कि सबसे ज्यादा. मैंने भारतीय जनता पार्टी को तंग किया था. और जेल में जब गया ना तो भारतीय जनता. पार्टी अपना बच्चा समझ के जो है मनीष कसेव. के लिए खड़ा हो गया मैंने तो आपको टिकट. कहे नहीं दे दिया आप आप कहते कि आप कहते. मुझे उस लायक नहीं समझा होगा मुझे समझा. होगा कि मनीष जो. है 2000 आगे के लिए 2025 के लिए होगा आगे. के लिए होगा म क्या बात की आपने आपने जेपी. नड्डा से मुलाकात की आपकी व तस्वीर आई.
माता आटी आंटी जी भी गई थी साथ में आपने. गीता गिफ्ट की सब कुछ हुआ जेपी नड्डा से. अब एक हाथ से देख हाथ से ले सिंपल होता. मनीष कश्यप इतने बेवकूफ तो है नहीं पढ़े. लिखे इंजीनियर हैं दन दुनिया देखे हैं चार. तीन तिकड़म सब जानते हैं तो कुछ तो डील. बातचीत हुआ होगा तो उस बातचीत में क्या. हुआ था ऐसा कि आपने आपने भी तो भाई. उन्होंने कहा चुनाव मत लड़ो आप जानते थे. कि आपको गाली पड़ेगा तो आपने भी तो कुछ तो. मांगा होगा ना मन का मुराद तो आपने क्या. मांगा उनसे देखिए जब हम मंदिर में जाते.
हैं ना और सामने भगवान होते हैं ना तो. सच्चे मन से हम प्रार्थना करते हैं सिर्फ. प्रार्थना और अगर हम सच्चे मन से कोई. प्रार्थना करते हैं ना तो भगवान जरूर. सुनते हैं मैं गया बस इतना ही सोचा नहीं. मैं मैं गया और मन ही मन बस इतना ही सोचा. कि बस मुझे उस लायक बना दिया जाए जहां पर. मैं हजारों लाखों लोगों की जिंदगी बदल सकू. बस इतना ही मैं अपने मन में सोचा बाकी अगर. मेरी मन की बात वो सुन सकते हैं तो मुझे.
उस लायक बना देंगे तो आपने मन आपने कुछ. कहा नहीं उनसे मैं कुछ कहा नहीं कुछ भी. नहीं कुछ नहीं कहा विधानसभा. देना ब. देना का वडियो जो है आप लोग सोशल मीडिया. दे नहीं आती है हर चीज टीवी वहां प मैंने. ऐसा. कुछ मैंने वहां प कुछ नहीं कहा मैंने गीता. दिया हम लोग भी इंटरव्यू करते पछ करते. मैंने गीता दिया उन्होंने कहा कि तुम्हारा. हम लोग वीडियो डियो देखते हैं बाबू अच्छा. करोगे आगे बढ़ो ग हम लोग सब लोग तुम्हारे.
साथ है अब उन्होंने इतना अगर मेरे लिए कहा. ना तो मैं इस बात को सुनक ही अपने आप को. गौरवा नित महसूस कर रहा हूं कि चलिए एक. यूटर का वीडियो जो है राष्ट्रीय अध्यक्ष. देखते हैं और कहते हैं कि तुम अच्छा करोगे. आगे बढ़ो गी तु सा मनीश मनीष अब देखिए जो. आपके लोग जो हम कु कहते हैं देखिए यहां पर. मैं उन बहुत लोगों की आवाज बनने की कोशिश. कर रहा हूं जो आपको बहुत पसंद करते रहे. मैं आप पर यहां ग्रिल करने के लिए से. ज्यादा उन लोगों की तरफ से बात रखने की.
कोशिश कर रहा हूं अब जो अभी आपने बात की. उससे मेरा अपना जो एनालाइज हो रहा है वो. ये हो रहा है कि आपका एक फैन मूमेंट हो. गया कि देश की एक सबसे बड़ी पार्टी के. पॉलिटिकल पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने. आपको बुलाया और कहा बेटा तुम अच्छा करोगे. हम तुम्हारे साथ हैं वो एक फैन मूवमेंट हो. गया बट वो एक आम आदमी या वो एक माई या वो. एक चाचा व रिक्शा वाला जो ₹10 भी अपना दिन. में ₹1 कमा ₹1 आपको दे दे रहा था कि मनीष. के चुनाव में हम ₹10 भी दे दे रहे हैं. उसके लिए ₹ बहुत बड़ा था वो क्योंकि दिन. भर में 100 ही कमा रहा था किसी नहीं नहीं. मैं एक बात कह रहा हूं मैं मैं मैंने मैं.
लेट मी क्लियर मैं एक चीज क्लियर कर देना. चाहता हूं कि एक बिहार के कोई आईपीएस. अधिकारी जो है वह वीडियो बना दिए हैं कि. किसी ने साइकिल बेच के मनीष का सेफ को. चंदा दे दिया किसी ने यह दे दिया वो दे. दिया वो नरेंद्र मोदी को मनस्टर लिखते हैं. उसके ऊपर ये होना चाहिए वो होना चा चलिए.
तो गैर जरूरी चीज है ये तो हम चंदा वाला. बात नहीं लेकिन लेकिन चंदा से ज्यादा मुझे. मिला मुझे मिला उन लोगों का समय मिला उन. लोगों का इमोशन मिला उन लोगों का भरोसा. मिला ये मैं क रहा ना उन लोगों का समय. बर्बाद होने दूंगा ना इमोशन के साथ. खेलूंगा और ना ही भरोसा छ तो मेरे मन में. सवाल ये आया कि कोई आदमी मान लो जिसने ₹. पेट्रोल भरवाया होगा ₹ खर्चा ₹1 खर्चा. करके आपकी तरफ आया होगा मैं इतना कह रहा. हूं अब जो ये प्योर इमोशन था जिसको जेपी. नड्डा में वो इमोशन नहीं दिखा जिसके लिए. आप उसके हीरो थे आप उसके फैन थे वो फैन जो.
आप जेपी नड्डा के बन गए कि भाई इतने बड़े. राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मुझसे कह दिया कि. लड़का तुम अच्छा करोगे वो आप में अपना. हीरो देख रहे थे अब वो ये समझ नहीं पा रहे. कि अगर उनको जेपी नड्डा को हीरो देखना था. तो फिर आपको उन्होंने हीरो क्यों बनाया. देखिए वही तो मैं कह रहा हूं वो कहते हैं. कि मनीष ने अपना भविष्य सुधार लिया अब. मनीष के ऊपर केस हट जाएगा मनीष को अच्छा. वकील मिल जाएगा या केस होगा तो अच्छा वकील. मिल जाएगा या मनीष हो सकता आगे जब राजत की. सरकार थी ना उस समय मैं जेल से बाहर आया.
था हां जब तमिलनाडु में डीएम की सरकार थी. ना उस समय मेरे ऊपर से एनएसए हटा था और जब. राजत की सरकार थी ना उसी समय मेरा केस जो. है स्पीड ट्रायल में डाला गया था क्या. आपने कभी सोचा है कि एक यूट्यूब का केस आज. तक जो है पूरे भारत में स्पीड ट्रायल में. गया हो मेरा चार का चार केस जो है राजत के. राजकुमार तेजस्वी यादव ने जो है मेरा चार. का चारों केस स्पीड ट्रायल में डाल दिया. था मनीश लेकिन एक यूटर रातों रात एक य एक. बिहार का यूटर रातों रात पैन इंडिया इतना.
वायरल भी तो नहीं हुआ ना जो आपके साथ गलत. हुआ उसी वजह से आज आप मनीष कश्यप हैं कि. दिल्ली नोएडा के सारे स्टूडियो में आपको. हर जगह डायरेक्ट एंट्री है आप दिन में चार. घंटा इंडिया टुडे बैठते हैं दो घंटा एवीपी. तीन घंटा टाइम्स में दो घंटा यहां पर जो. आप जा रहे हैं वो उस घटना के बाद ही हुआ. उसने मनीष को बनाया तो देशव्यापी समर्थन. मिला तो आपदा में अवसर तो आपको भी मिला अब. पॉइंट यह है कि वहां से जो यह बीजेपी वाला. हुआ है आप अभी भी नहीं समझा पा रहे मेरा. फिर पॉइंट यह है कि यह जो सामाजिक लड़ाई. थी बिहार को बदलेंगे बिहार का भविष्य.
धारें ये मनीष कश्यप की जिंदगी बदलने में. कन्वर्ट हो गई है नहीं नहीं नहीं नहीं. मनीष कश्यप की जिंदगी बदलने में नहीं कर. हु आप मुझे पांच महीने के मौका तो दीजिए. एक सरकार को 5 साल का मौका देते हैं एक. सरकार को कितने साल का मौका देते हैं हम. लोग एक बार वोट देने के बाद कितने साल का. मौका देते हैं 5 साल का मौका देते हैं आप. हमें 5 महीने का मौका तो दीजिए और 5 महीने. के बाद मुझे जज कीजिए कि मनीष तुम गलत कर. रहे हो तुम हमारे इमोशन के साथ खिलवाड़. किए तुम हमारे लिए आवाज नहीं उठा रहे हो. पा महीने के बाद अगर अगर मेरे आंखों के.
सामने दिखे कि अस्पताल में प्रॉब्लम है और. मैं नहीं वीडियो बना पाऊं तब आप मेरे ऊपर. सवाल खड़ा कीजिए अगर शिक्षा व्यवस्था के. लिए मनीष कश नहीं लड़े नहीं आवाज उठाए. शीर्ष नेतृत्व तक अपनी बातों को नहीं. पहुंचाए तब आप बोलिए तो मतलब 5 महीना बाद. अगर बिहार में कोई पुल गिरेगा तो मनीष. कश्यप नीतीश अरे पुल तो आज गिरेगा तो भी. मैं मनीष कश्यप वीडियो बनाएगा आवाज उठाएगा. आज गिरेगा तब लेकिन अभी चुनाव का माहौल है. मैं जिस पार्टी से जुड़ा हूं मेरा दायित्व. बनता मेरा कर्तव्य बनता है कि मैं अपनी. पार्टी को मजबूत करूं बीजेपी में बीजेपी.
में पांच अच्छी चीज क्या है जो बीजेपी छड़. वो भी मैं बता रहा हूं अभी बीजेपी की पांच. अच्छी चीजें मैं अभी बताऊंगा लेकिन मेरा. दायित्व बनता है कि मैं पार्टी से जुड़ा. हूं मैं ईमानदारी पूर्वक पार्टी को मजबूत. करूं लेकिन उससे ज्यादा मेरी. रिस्पांसिबिलिटी बनती है कि जिन बिहार के. गरीब लोगों ने मुझे इस मुकाम तक पहुंचाया. उसके लिए भी लडू त तो नेता बन के होता ना. चुनाव नहीं लड़े आप क्या क्या पता आप जीत. जाते सांसद बन जाते सांसद बनते तो आपको. अधिकार मिलता भारतीय जनता पार्टी जो है. मुझे उस मुकाम तक पहुंचा दे जहां प.
पहुंचने के बाद जो है मैं अनेकों लोगों का. जिंदगी बदल दूं मुझे पांच महीने का क्या. पता दे दे मुझे पांच महीने का मौका तो. दीजिए मुझ एक नेता को 5 साल का मौका देते. हैं मनीष कसब को पाच महीने का मौका नहीं. देंगे 10 पर सिर्फ मैं मांग रहा हूं सिर्फ. 10 पर मांग रहा हूं मैं सिर्फ 10 पर अच्छा. ठीक है मान चलो ठीक ठीक है पांच अच्छा काम. आपने बोला पांच मिनट उस पर आएंगे फिर मान. लो पाच महीने का मौका दे भी तो जिनके. खिलाफ आप चुनाव लड़ रहे थे बीजेपी से जो. भी लड़ रहे होंगे आपके कौन लड़ रहा है. संजय ज संजय जैसवाल ल अब संजय जैसवाल के.
खिलाफ आप प्रचार कर रहे होंगे आप गए होंगे. अपने आपने कैंपेन भी किया तो कुछ ना कुछ. तो कहा भी होगा संजय जैसवाल के खिलाफ कि. इनको वोट क्यों ना दो हमको वोट दो तो अब. आप संजय जैसवाल का प्रचार करने जाओगे. पार्टी बोलेगी बिल्कुल जाएंगे क्यों नहीं. जाएंगे और अच्छा यह बताइए तो. लोग पति पति पत्नी में झगड़ा होता है भाई. भाई में झगड़ा होता है दोस्त दोस्त में. झगड़ा होता है गार्जियन से झगड़ा होता है. घर में झगड़ा होता है तो क्या हम पूरा घर. छोड़ देते हैं क्या पत्नी को तलाक दे देते. हैं क्या दोस्त को जिंदगी भर भूल जाते हैं. क्या अपने पिताजी को भूल जाते हैं क्या.
मां से नाराज होकर घर छोड़ के भाग जाते. हैं हम है यह बात सत्य है ऑन कैमरा है यह. सारी चीजें मनीष कश्यप इन सब चीजों से. नहीं भाग सकता है चाह के भी नहीं भाग सकता. हजारों वीडियो आपके पास होगा आप तैयारी. करके रखे होंगे मनीष कश्यप संजय जैसवाल. जैसे ही. you9 बजे आप बताए एक बजे इंटरव्यू करें. क्या तैयारी की होंगे हम चलिए वो आप बहुत. ब्रिंट आदमी है बहुत ब्रिंट आदमी आप हमारे. आईडी प जुड़े हुए हैं इसलिए हम आपको देखते. रहते हैंको पता बहुत ब्रिलियंट आदमी है आप. इस चीजें मैं मानता हूं मुझे मौका दीजिए. चीजों को समझने का मुझे अच्छे ढंग से इन.
सब चीजों को समझने का मौका दीजिए पाच. महीने का मौका दीजिए और पांच अच्छी काम. आपने बोला दुनिया का सबसे लोकप्रिय नेता. जो है नरेंद्र मोदी जी. हैं मैं इसलिए जुड़ा भारत का सबसे बड़ा. लोकतांत्रिक पार्टी जो है बीजेपी है. इंदिरा गांधी ने आपातकाल लगाया था भारतीय. जनता पार्टी कभी आपातकाल नहीं लगाएगी. इंदिरा गांधी के सरकार में अगर केरल जैसा. घटना होता अगर बंगाल जैसा घटना होता तो आज. तक इंदिरा गांधी ने इंदिरा गांधी अगर होती. तो दोनों जगह राष्ट्रपति शासन लगा देती.
अनेकों राज्यों में राष्ट्रपति शासन लगा. दिया उन्होंने अपना राजपाल डिप्यू कर दिया. उन्होंने यह दूसरी खूबसूरती भारतीय जनता. पार्टी की तीसरी खूबसूरती भारतीय जनता. पार्टी टैलेंट का कदर करती है अगर. कांग्रेस में चले जाए तो राहुल गांधी से. ज्यादा टैलेंटेड लोगों का कदर नहीं है. कांग्रेस में राजत में चले जाइए नौवी फेल. तेजस्वी यादव से ज्यादा टैलेंट का कदर. नहीं होगा अब समाजवादी पार्टी में चले. जाइए अखिलेश यादव से ज्यादा आगे नहीं बढ़. सकते हैं आप आप डीएमके में चले जाइए तो. करुणा निधि उसके बाद से जो है उदया निधि. थी एमके स्टालिन और फिर उदया निधि स्टालिन. वहां पे लाइन फिक्स है भारतीय जनता पार्टी.
में एक चाय बेचने वाला प्रधानमंत्री बन. जाता है एक छोटे से घर में उड़ीसा में. रहने वाला आदमी सांसद बन जाता है भारतीय. जनता पार्टी की ये चौथी सबसे बड़ी. खूबसूरती है और पांचवी सबसे बड़ी खूबसूरती. है कि इस देश को सबसे ज्यादा अगर किसी ने. मजबूत किया है पिछले 75 सालों में आजादी. के बाद और विदेशों में मतलब कि गर्व के. साथ हम लोग सीना चौड़ा करके अगर कहते हैं. कि वी ऑल आर इंडियन या आई एम कम फ्रॉम. भारत या आई एम कम फ्रॉम इंडिया और लोग जो.
है गर्व के साथ हमें देखते हैं तो वह. भारतीय जनता पार्टी और नरेंद्र मोदी जी के. वजह से हुआ है तो मश वाला हो गया नहीं. वाला नहीं है रियल है आप आप ये बताइए. विदेशों में भारत का मान सम्मान बढ़ा कि. नहीं ईमानदारी से कसम से बोलिएगा अभी आप. वो वीडियो देख रहे थे जो वायरल होता है. यूक्रेन यूक्रेन और रशिया में युद्ध होता. है दोनों देश मोदी को ढूंढते हैं गाजा पटी. और फ उसको लेके मीस बन रहे हैं हमारे. ऑफिशियल जो अधिकारी हैं जो एक वीडियो. वायरल हुआ था जिसमें कहा गया था कि पा वॉर. रोक दी गई उसका एक ऑफिशियल बयान आया है उस.
मंत्रालय की तरफ से किस मंत्रालय की तरफ. से यही विदेश विभाग का जो मंत्रालय है. उसका ऑफिशियल बयान है जिसमें कहा गया है. कि ऐसा कोई ऑफिशियल नहीं है वो कैंपेन में. यूज कर दिया गया है और उसको लेके मीम्स बन. रहे हैं जो आप कह. रहे नहीं मैं आपसे पूछ रहा हूं आपसे पूछ. रहा हूं राहुल गांधी की बातों पे मीम्स. बनता है आपसे पूछ रहा हूं दुनिया का सबसे. लोकप्रिय नेता कौ मैं पांच पॉपुलर तो. सलमान न. तो सलमान खान. और लोकप्रिय नेता का बात बोल लोकप्रिय.
पर्न स्टार का या लोकप्रिय एक्टर का बात. नहीं कर रहा हूं एक्ट्रेस का नहीं बात कर. रहा लो नेता बात बीजेपी के पांच काम कौन. से ऐसे. थेस जिसकी वजह से मनीष कश्यप का हृदय. परिवर्तन हो गया बीजेपी की तरफ देखिए मेरा. रीजन अलग है लेकिन आप पांच अच्छा काम. पूछ प्रचार करेंगे ना महाराज बिहार में. प्रचार करेंगे इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत हुआ. बनी एक्सप्रेसवे बना हाईवे बना यह काम.
नितिन गडकरी जी का मंत्रालय नरेंद्र मोदी. जी के नेतृत्व में अच्छा किया कि नहीं कि. एक नंबर एक नंबर अच्छा किया आज अगर भारत. की कूटनीति अच्छी नहीं होती तो पाकिस्तान. का इकोनॉमिक क्रैश नहीं होता पाकिस्तान के. पूरे इकोनॉमी को क्रैश कर दिया नरेंद्र. मोदी जी का सक्षम निर्णय ने हां ये क्या. गलत हुआ महाराज हम भारत के लोगों के लिए. बात करें बिहार में जो यही आप कहते थे. अपने वीडियो में सब कहते थे वहां से क्या. मतलब बिहार में जो आदमी गांव में बैठा है. उसको पाकिस्तान से क्या मतलब रहा लोग.
बिहार के किसी बस स्टैंड में आके बम फोड़. देते थे मुंबई में जाकर ट्रेन में हादसा. कर देते थे ताज होटल में जाके हादसा कर. देते थे बम ब्लास्ट कर देते थे 170 लोगों. से ज्यादा लोगों की मौत हो जाती थी सीएसटी. स्टेशन प आके आतंकवादी जो है घटना कर देते. थे इससे जो है देश सुरक्षित हुआ तो देश के. लोगों को फायदा हुआ कि नहीं हुआ जिस दिन. जो है मुंबई में हमला हुआ था उस दिन जो है. शेयर मार्केट हमारा क्रैश हो गया था और. ब्लैक आउट जो लेवल होता है जो लोअर सर्किट. जो लगाया जाता है उससे ज्यादा डाउन हुआ था. और लोअर सर्किट लगाने का नौबत आ गया और.
पठानकोट में जब हुआ उरी में जब हुआ या. बाकी जगह जब कुछ कुछ होता रहता है तब जब. पुलवामा में हुआ तो हम घुस के मारे. पाकिस्तानियों को यह भी तो देखिए और पहले. जो है पुलवामा जैसा अनेको हमला हो जाता था. और हम चुपचाप मनमोहन सिंह की सरकार में. चुपचाप हाथ प हाथ धरे बैठे रहते थे और. हमारे भारतीय सेना के ऊपर जो पत्थरबाजी. होता था आज जो है धारा 370 हटा दिया हमने. यही बिहार की लड़ाई 37 यही बिहार की लड़ाई. थी बिहार की लड़ाई हम बता रहे हैं सब पा. हमको बीजेपी का पांच काम बताइए जो बिहार. के लोगों को फायदा होगा हां ये चीजें अब.
आपने सही पूछा कि बिहार पे पूछा आपने देश. पे पूछा देश की बात मैं कर रहा था बिहार. पे पूछिए तो बिहार प बात कर एक रोड हो गया. देखिए एक रोड का काम हो गया नहीं नहीं अब. बिहार पे पूछे तो बिहार पे पांच काम. गिनाने तो दीजिए सुन रहे पहला बिहार में. पहले लाइट का सबसे बड़ा समस्या था बिहार. अगर सबसे ज्यादा परेशान होता था तो बिहार. की राजधानी पटना में भी इलेक्ट्रिसिटी. नहीं हुआ करती थी लोग परेशान होते थे और. ललटेन यग हुआ करता था और वही ललटेन जला. जला के लोग जो है ना परेशान हो जाते थे उस.
ललटेन के चक्कर में ना जाने कितने लोगों. का सपना जल जाता था कितने लोगों का घर जल. जाता था इलेक्ट्रिसिटी बढ़िया हुआ पहला हम. आप मानते हैं कि नहीं इस बात को अब वो तो. कमेंट सेक्शन में बता देंगे हां ठीक है. दूसरा बिहार की सड़कें इतनी खराब थी कि. लोग कहते थे पत्रकार कहते थे कि सड़कों. में खड्डा है कि खड्डा में सड़क है बिहार. के बारे में कहावत पूरे देश में चरितार्थ. था पूरे देश में हम आज सड़कें बिहार की. सही हुई है दूसरा यह दो काम तीसरा जब.
बीजेपी की सरकार नहीं थी तो कब किसका. किडनैपिंग हो जाता था कोई गारंटी नहीं. पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा अपहरण अगर. कहीं होता था तो बिहार में होता था और. लालू यादव के गुंडे करते थे लोग परेशान थे. 5:00 बजे के बाद अंधेरा होने के बाद जो है. घर से नहीं निकलते थे नहीं निकलते थे अगर. सरकारी नौकरी है तो आपके बेटे का. किडनैपिंग होगा अगर बेटा वहां पर रहेगा तो. वहीं से शुरू हुआ पलायन तीसरा चौथा जब. चुनाव होता था तो लालू प्रसाद यादव के. गुंडे जो है वो जो बैलेट बॉक्स होता था.
उसका अपहरण कर लेते थे बैलेट बॉक्स का. अपहरण कर लेते थे और उस परे बूथ कैपचरिंग. होता था छप्पा मारा जाता था और ओरिजिनल. बूथ जो ओरिजिनल बैलेट बॉक्स जो है ना. नदियों में फेंक दिया जाता था चौथा काम. इससे हम लोगों को आजादी मिली लोकतांत्रिक. तरीके से जो है यह सारी चीजें पांचवा जो. गुंडे मवाली जो है बिहार के लोगों को. बेवजह बिहार में परेशान करते थे और कहीं. भी गोलीबारी और ये सब शुरू कर देते थे. नीतीश मराए उन गुंडों को जेल में डाले यह. पांच काम बिहार के लिए अच्छा हुआ लेकिन.
हां एक काम बिहार के लिए इन 20 सालों के. अंदर जो नीतीश कुमार जी का 19 साल का. कार्यकाल रहा 2005 से लेकर 2024 तक उसमें. एक काम बहुत गलत हुआ जो 2012 के बाद से. लगातार अल्ट पलटी अल्ट पलटी हुआ उसका म. निष्कर्ष अब समर्थन नहीं करता है लेकिन ये. पांच काम बिहार के लिए हुआ कि नहीं हुआ. दर्शक आप लोग बताइएगा अब आपके पांच काम. सुनके हमको जो हैसा बहुत शांति से सुन रहे. थे आपको आप भी सुनिए हमको लगा एक बार कान. यहां से पकड़ा फिर फ एक बार कान यहां से. पकड़ लिया फिर एक बार हाथ इधर से उठा के.
पकड़ लिया फिर इधर से पकड़ लिया मैंने. इलेक्ट्रिसिटी का बात एक लाइन में एक. सेकंड आप बहुत शांति सुना मैंने सड़क का. बात कि अलग है किपिंग का बात किया अरे. मनीष सुनिए ना भाई आपको शांति सुना गया ना. पूरा आपको समय दिया गया एकदम मंच बना दिया. हमने अब आप भी सुनिए ना. महाराज जनतक मन में आएगा कि या तो 10 साल. से जो आपको य पर देख रहे थे वो बेवकूफ थे. क्योंकि अब मैं ज आपको सुनता हूं अभी जब. मैं सुन रहा हूं तो मुझको लग रहा है कि. बिहार में राम राज्य था मनीष आए कहे राम. राज्य में अब लवकुश वाला भी राज ऐड हो.
जाएगा अब हमको आपको सुन के लग रहा है बट. जो पुराना वाला मनीष हम देखते थे उसको देख. के हमको लगता था कि बिहार बिहार बर्बाद. क्या कमी है पांच कमी क्या है वो भी पूछिए. मैं वो भी बता दू पा अा तो आपने पांच में. से चार काम जंगल राज वाले कांसेप्ट को. इर्दगिर्द बताया जिसके नाम पर नीतीश कुमार. 17 18 साल से वोट मांग रहे सु सुनि सुनिए. ना महाराज जो लड़का तीसरी चौथी पंचवी में. पढ़ रहा था अब उसका उसका उसका लड़का तीसरी. चौथी पंचवी पड़ने लगा है जिस दौर की आप.
बात बता रहे हैं तो उसने नहीं देखा है आप. जिस जंगल राज की बात कर रहे हैं आपकी उम्र. कितना 30 साल है कितना उम्र है 32 32 साल. उम्र है 2004 5 में क साल के थे आप मतलब. उसम से माइनस आप रहे होगे 12 13 साल के. हल्का फुल का याद होगा यानी आपकी जवानी. में आपने जंगल राज नहीं देखा आपकी जवानी. में आपने पलायन देखा आपकी जवानी में आपने. बिहार में समस्याएं देखी पुल टूटते देखा. पैसा बर्बाद होते सुनि पा अच्छे काम तो. आपने पूछ लिया और पांच वो काम भी पूछिए ना. जो इस सरकार में जो है पिछले 19 साल में.
नहीं हुआ वो भी मैं बताऊंगा ना अ चलो हम. ये भी पूछ लेते हैं हां क्या नहीं हुआ. शिक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ ठीक. है स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ. पलायन जो है वह जबरदस्त तरीके से हुआ. जिससे बिहार के लोग परेशान हैं और ट्रेनों. में भर भर के गए एक पार्टी का कार्यकर्ता. होने के बावजूद मैं यह बात बोल रहा हूं. कोई नहीं बोल सकता है मैं बोल रहा हूं और. हमारे सम्राट चौधरी जी भी इस पर खुल के. बोलते हैं कि हम इस पर कंट्रोल करेंगे वो. बोलते हैं पलायन जो है वो नहीं रुका हम. रोकने का प्रयास करेंगे पूल टूटा ती पूल. टूटा वो नहीं टूटना चाहिए उसे बिहार का.
छवि धूमिल हुआ एकदम बिल्कुल नहीं टूटना. चाहिए और उसके बाद से सबसे बड़ा समस्या. बिहार का भी है जो बिहार के निचले लेवल पे. जो है छोटे-छोटे नहीं छोटे-छोटे कर्मचारी. जो है सरकारी कर्मचारी जो है भ्रष्टाचार. करते हैं जिसके वजह से बिहार का गरीब. परेशान होता है वो सबसे ज्यादा परेशानी का. सबक है और ये पांच का पांच चीजों पे मैंने. खु रिपोर्टिंग ठीक है अब अगर मैं आप ही की. बात को रिपीट करता हूं मैं अपना वर्ड ऐड. नहीं करूंगा तो बीजे के नेता मनीष कश्यप य. कह रहे हैं कि 171 साल से बीजेपी की सरकार.
जिस प्रदेश में है वहां की सबसे बड़ी पांच. समस्या उनकी सरकार में. भ्रष्टाचार ग्राउंड लेवल प ग्राउंड. भ्रष्टाचार उसके लिए उसके लिए उसके लिए. भारतीय जनता पार्टी दो सफाई मत दीजिए खाली. मुद्दा बात कर बिहार के मुद्दे की बात कर. हम सिर्फ मुझे 15 सेकंड दे दीजिए. 200 सेकंड 2005 से 12 तक सरकार और. पॉलिटिकल अनस्टेबल स्टेट नहीं था उस समय.
यह सारी समस्याएं नहीं थी 2012 से लेकर 23. तक पॉलिटिकल अनस्टेबल स्टेट हो गया इसलिए. ये सारी समस्याए आई ठीक ठीक है अब हम फिर. से दोहराते हैं बीजेपी नेता मनीष कश्यप के. अनुसार बिहार राज्य में जो पांच सबसे बड़ी. समस्याएं हैं उसमें से एक समस्या है. स्वास्थ्य स्वास्थ्य की जो आम आदमी से. सीधे जुड़ा हुआ है हर क्योंकि स्वास्थ्य. मतलब सबको दिक्कत और बहुत सारे मामलों में. आपने भी रिपोर्टिंग की है जब मंगल पांडे. जी शायद थे तभी किया होगा ना उस टाइम काफी. विवाद हु तो सबसे बड़ी समस्या स्वास्थ. आपने गिनाई जो हर आदमी का सामना होता है.
दूसरी कौन सी गिनाई थी शिक्षा यानी ना. आपकी सेहत का ख्याल है ना आपकी भविष्य. ख्याल है तीसरी कौन सी गिनाई थी पलायन. पलायन यानी जो थोड़ा बहुत गलती से पढ़ लिख. लिया उसको भी नौकरी करनी है तो बाहर चला. जाओ पहली बात तो पढ़ाएंगे नहीं और गलती से. पढ़ ली तो बाहर जाक नौकरी करो चौथी समस्या. चौथी पुल जो गिरा हां भ्रष्टाचार सरकारी. तंत्र भ्रष्टाचार और नीचे भ्रष्टाचार और. रोजगार और पलाइन की वजह से रोजगार तो. ऑटोमेटिक अंडरस्टूड है तो यही तो मनीष. मुख्य मुद्दे होते हैं जनता के कि अगर. आपको शिक्षा नहीं मिल रही आपको स्वास्थ्य. नहीं मिल रहा आपकी सेहत का ध्यान नहीं है.
आप अपने माबाप साथ रह नहीं सकते हो तो फिर. सरकार तो निकम्मी निकली फिर देखिए भारतीय. जनता बाकी आतंकवादी और बाकी चीज तो सब बात. आदमी का पेट नहीं भरा है बीमार. प मुझे तो बोलने दीजिए आप बात मुझे तो. बोलने. दीजिए किने 2013 में मुख्यमंत्री बदल गए. बिहार. के सर दिन केलिए. बदले एक साल के लिए जीतराम माझी.
मुख्यमंत्री ब सुनिए ना जीत राम माझी. नीतीश कुमार की बीजेपी की सरकार नहीं ऐसे. तो ऐसे तो मुझे गिनाने तो दीजिए ऐसे अगर. पाच महीने बाद मनीष ने क ऐसे अगर पाच. महीने बाद मनीष ने कह दिया कि भैया हम. थोड़ी ना सांसद थे सांसद तो फलनवा था मुझे. पहले इस चीज को गिनाने तो दीजिए 2012 तक. पूरी दुनिया ने और पूरा मीडिया ने कहा कि. बिहार में जबरदस्त तरीके से काम हुआ और. बिहार का विकास दर 2005 से लेकर 12 तक. पूरे देश में नंबर वन पे था ये मैं नहीं.
कह रहा हूं ग प आप सर्च मार सकते हैं जब. पॉलिटिकल अनस्टेबल स्टेट हुआ जीतन राम. माझी जो बने उसके बाद से 2015 में. विधानसभा का चुनाव हुआ तेजस्वी जी और. नीतीश कुमार की सरकार बनी 2017 तक चली 17. के आधा तक चली उसके बाद से फिर जो है. नीतीश कुमार जी भारतीय जनता पार्टी के साथ. है शाहनवाज हुसैन जी जो है मिलकर जो है. नरेंद्र मोदी जी एम्स दिए वहां पे एम्स का. स्थापना हुआ और छह जो है छह से ज्यादा. इथेनॉल फैक्ट्रियों का स्थापना. सड़कें बननी शुरू हो गई उसके बाद से 2020.
में भारतीय जनता पार्टी और जदयू की सरकार. बनी लेकिन उसके बाद से फिर 21 से जो है. खिट पिट चालू हुआ और 22 में सरकार जो है. बदल गई जब सरकार बदल गई तो दरभंगा एम्स जो. बनने वाला था वो दरभंगा एम्स नहीं बन पाया. लेकिन फिर जो है भारतीय जनता पार्टी और. जदयू की सरकार बनी है जब जब भारतीय जनता. पार्टी और जदयू की सरकार बनी है बिहार में. आईआईटी बना है एम्स बना है फोरलेन रोड बना. है बिहार में जो है दरभंगा एयरपोर्ट बना. बिहार में जो है य से 11 नए मेडिकल कॉलेज. जो है नरेंद्र मोदी जी के वजह से जो है.
बिहार में बना दो सेंट्रल यूनिवर्सिटी जो. है ग में और मोतिहारी में बना उसके बाद से. अनेकों जो है सेंट्रल स्कूल जो है बिहार. में बना तो जब जब पॉलिटिकल अनस्टेबल होगा. लोगों को परेशानी होगी और पॉलिटिकल स्टेबल. होगा तो लोगों की समस्याओं का समाधान होगा. और अगली बार बिहार में फिर से जदू और. बीजेपी पूर्ण बहुमत से सरकार बनाएगी और. अगला 5 साल जो 2024 से लेकर. होगा वो बिहार का दौर होगा पूरी पूरे भारत.
में सबसे ज्यादा जो है बिहार के का विकास. होगा और बिहार के विकास चर्चा बहुत बढ़िया. बढ़िया आपने भाषण दिया लेकिन हमको एक शेर. याद आ गया हमारे पूर्वांचल में अक्सर कहते. हैं मीठा मीठा गप गप और तीखा तीखा थूक. थूक सही सही कहते हैं ना चलिए आप लेकिन. देखिए आप तो पूरा एकदम पूरा कमर कस के. बैठे हुए अरे महाराज ढाई मिनट आप बोले 10. सेकंड हम बोले आप कह रहे हम कमर कसे बैठ. ढाई मिनट तक आप हमको पूरा भाषण सुने हम. शांति से सुने आपका बड़ा अच्छा एक शेर और.
था पांच महीने बाद जो है आप जो शेर. सुनाएंगे ना वो मुझे भी अच्छा लगेगा. दर्शकों को भी अच्छा लगेगा और आपको भी. अच्छा लगेगा में अभी तो मुझे जो है वो. थोड़ा सा वो तीर के जैसा चुप रहा है ये. बात सत्य है और हां ये भी बात सत्य है कि. हम लोग जो है पहले स्वतंत्र थे हम लोग. बहुत सारे मुद्दों पे खुल के रख सकते थे. अब जो है हमारी अब अब हर दो लाइन में हम. भी सुन रहे हैं आपको कहना पड़ रहा है मोदी. जी ने यह किया मोदी. जी देख मुस्क.
थे देखिए तो ये खुशी की बात है ना कि मोदी. जी का नाम आते ही हमारे चेहरे प खुशी आ. जाती है राहुल गांधी का नाम आता है तो. गुस्सा आ जाता तो बीजेपी जॉइनिंग करते. वक्त ये भी इंस्ट्रक्शन में होता है क्या. कि हर चार लाइन में दो लाइन मोदी जी के. नाम प बोलनी है कि मोदी जी ने ये किया. माननीय मोदी जी ने ऐसा हुआ माननीय. प्रधानमंत्री जी का जिक्र माननीय. प्रधानमंत्री अगर कोई बुकलेट आती है. रे के पीछे हर सब लोग जानते हैं सब लोग. मोदी जी के फैन है मोदी जी के बहुत देश.
में फैन हम कहां कह रहे हैं बहुत देश में. आप प्रधानमंत्री बने हैं आप दो दो बार. रिपीट हु तो जाहिर जदा फैन है लेकिन हम तो. प्रवक्ताओं की बात कर रहे हैं कि सारे. प्रवक्ता या नेता या जो नेता होते हैं. भारतीय जनता पार्टी के या जो मुख्यमंत्री. होते हैं वो दो लाइन में हर बार माननीय. प्रधानमंत्री जी शुरू करते हैं फिर मोदी. जी मोदी जी मोदी जी मोदी जी तो ये लिखकर. आता है या अपने मन से लोग करते हैं ये जो. सच है टैलेंट हो आता है नहीं नहीं नहीं ये. जो सच है वो हम लोग बोलते हैं मतलब उसमें. नहीं आता कोई ऐसा आपको बुक नहीं जाती है. कि ये फॉलो करना पड़ेगा मतलब कि.
गजब ऐसा कुछ नहीं है ये चीज है बढ़िया है. जल्दी सीख गए आप नहीं नहीं बढ़िया क्रिकेट. पे तो करते करते जो है आप जो है एकदम. बाउंसर पे बाउंसर मार रहे हैं लेकिन जिस. दिन आप मोदी जी का इंटरव्यू कीजिएगा वो. देंगे इंटरव्यू एकदम बिल्कुल देंगे क्यों. नहीं देंगे एकदम 100% देंगे और सुभाकर. मिश्रा जो है बहुत जल्द जो है मोदी जी का. इंटरव्यू करेंगे जिस दिन आप मोदी जी का. इंटरव्यू कीजिएगा आपको खुद पता चल जाएगा. कि उन्होंने देश इसके लिए क्या नहीं किया. है और क्या किया है और उसके बाद से आप खुद.
फैन हो जाएंगे अरे भाई मैं तो मनीष कश्यप. का एक वीडियो देख रहा था जिसमें मनीष जी. ने कहा कि मोदी जी ने यहां के लिए क्या. किया है अब एक कहीं सभा लगी थी आपकी और. सामने भीड़ थी और आप कह रहे थे कि मोदी जी. ने यहां के लिए क्या किया है यहां थोड़ी. ना आएंगे मोदी जी यहां तो मनिष वा रहेगा. हां तो अब वो गांव का आदमी पूछ रहा है हा. तो मनवा तो रहेगा मनीष वा रहेगा और मनीष. वा काम करेगा और मनीष वा जो है वहां के. समस्याओं को मोदी जी तक पहुंचाएगा मवा जो. है रोड के लिए जब नितिन गडकरी जी तक.
समस्या पहुंचा समस लेटर लिख सकता है मनीष. वा जो है जल शक्ति मंत्री को जो है बाढ पर. कंट्रोल के लिए जब लेटर लिख सकता है मनीष. वा जो है एयरपोर्ट के लिए रक्सौल एयरपोर्ट. के. लिए पूर्णिया एयरपोर्ट के लिए और बेगुसराय. एयरपोर्ट के लिए लेटर लिख सकता है मनीष वा. जब एक यूट्यू होकर लेटर लिख सकता है मनीष. वा एक पार्टी में कार्यकर्ता बनकर जब लेटर. लिखेगा तो काम 100% होगा वही मैं बार-बार. बोल रहा हूं कि देखिए. पूरे भारत में अनेकों नेता जो है पार्टी. जवाइन करते हैं अनेकों नेता जो है पार्टी.
बदल लेते हैं मैंने पार्टी नहीं बदला है. मेरा विचारधारा पहले भी वही था राष्ट्रवाद. का और नरेंद्र मोदी जी का आज भी वही है बस. मैं निर्दलीय चुनाव लड़ रहा था आपका तो. बहनी हुआ है ना पॉलिटिकल पार्टी में बोनी. अब बोहनी में ही जो है आप लोग जो है इतना. पलट नहीं पलट तो बात बात अभी तो बा बात है. अभी बोनी हुआ है और उसमें जो है आप लोग. ब्रेकर की तरह खड़े हो जा रहे हैं अरे कम. से कम शुरुआत तो ठीक ठाक से होने दीजिए. इतना ना ज्यादा कड़वे सवाल पूछ लेंगे और.
सारा मेरा वीडियो ऑलरेडी ऑन रिकॉर्ड जो है. सी है नहीं बिल्कुल नहीं मैं यूटर था और. मैं समाज के लिए कुछ करना चाहता था इसलिए.
मैंने पार्टी जवाइन किया नीतीश कुमार से. बड़े पलटू राम मनीष कश्यप अरे मैं तो अभी. पहली बार पार्टी जवाइन किया हूं पहली बार. ये आप ही के फैन लोग लिख के भज अरे तो. मैंने तो देखिए आप लॉजिकली आप इंजीनियर. हैं हां आप बताइए कि मैंने मैंने कुछ कहे. होंगे आप ऐसा कि नहीं जुडा 5 साल नहीं. जाऊंगा नहीं मैंने एक बात कहा था हमको तो. नहीं कह रहे नहीं नहीं मैंने एक बात कहा. था कि अगर मैं चुनाव जीत जाता हूं. निर्दलीय तो मैं कहीं नहीं जाऊंगा बीजेपी. नहीं जॉइन करूंगा नहीं मैं किसी पार्टी. में नहीं जाऊंगा मैंने ये बात जि बीजेपी. भी है हां सब पार्टी है लेकिन मैंने.
निर्दलीय. चना निर्दलीय चुनाव मैं नहीं लने पहले. निकल लि आप तो निर्द आमतौर पर लोग मानते. हैं कि जीत जाएंगे फिर ह रहे गुस्सा दिला. रहे फिर सेटिंग होती. है अच्छा एक सवाल और आया था कि मनीष कश्यप. पाकिस्तान में बात कर लेते हैं मनीष कश्यप. चाइना प बात कर लेते हैं लेकिन मनीष कश्यप. लद्दाख प वीडियो नहीं बनाते हैं लद्दाख पे. म कश मणिपुर प वीडियो नहीं बनाते या. मणिपुर ल मणिपुर जब कांड हुआ था तो मैं. जेल के अंदर था भाई वहां प अगर वीडियो. बनाता तो फिर मुझे एक और केस मेरे ऊपर.
लद्दाख की वीडियो बनाए थे आपने उस समय भी. मैं जेल में था अभी अभी लद्दाख में जो. सोनम वांगचुक वाला चल रहा था प्रोटेस्ट चल. रहा था देखिए मैं उनके बारे में स्टडी. करने का प्रयास कर मैं तो अभी जेल से. निकला हूं जब विवाद जानते हैं हा वा हां. जब मैं जेल के अंदर था तो लद्दाख तो अभी. चल रहा था उस समय भी उस समय भी वो आंदोलन. बैठ थे रिसेंटली जो अभी प्रोटेस्ट किया था. उन्होने देखिए उस समय भी वो आंदोलन प बैठे. थे वीडियो बनाया आपने देखिए उसके उसके. पहले हम लोगों को स्टडी करना पड़ेगा बहुत. मी मीठा गप गप तीखा तीखा थूक.
थूक नेक्स्ट क्वेश्चन. प्लीज अच्छा एक सवाल और है कि मनीष कश्यप. जिस तरह से दिल्ली में बैठ के इंटरव्यू दे. रहे हैं ऐसा लगता है कि दिल्ली में रहना. है बिहार भूल ग अरे बिहार से अभी आया हूं. मैं अभी तो तीन चार दिन तीन दिन भी नहीं. हुआ तो दिल्ली वाली पॉलिटिक्स करेंगे. बिहार वाली या मनोज तिवारी जैसे दिल्ली. जैसे रहते हैं वो नहीं नहीं नहीं नहीं. एकदम हम लोग बिहार वाली करेंगे दिल्ली में. नहीं रहेंगे अरे दिल्ली में भी रहेंगे. बिहार में भी रहेंगे दोनों जगह अब मैं बोल. दू दिल्ली में नहीं रहेंगे दिल्ली वाले. नाराज हो जाएंगे ये चीज है तो अरे तो मनोज.
तिवारी जी से भी चलो चलो पार्टी जहां. भेजेगी जिस रूप में भेजेगी उस रूप में मैं. अपना काम ईमानदारी से करने का प्रयास ये. वाला भी लाइन लिख के आता होगा नहीं ये. वाला लाइन लिख के नहीं आता है य बोलना. पड़ता. है अच्छा एक सवाल और था कि ये तो अली आपके. मी स्लोवर बॉल फुल टॉस मार देंगे कि. मनीष को अभी भी वैसे स्वतंत्र बुलंद आवाज. रहेगी या भाजपा की सुगंध का मिश्रण उनकी. आवाज में सुनाई पड़ेगा नहीं बिल्कुल मेरी. आवाज जो है स्वतंत्र रहेगी क्योंकि भारतीय. जनता पार्टी जो है उतनी स्वतंत्रता जरूर.
देती है कि आप सही को सही और गलत को गलत. बोल सके पांच नेता के नाम बताओ बीजेपी में. जो खुल के बोलते हो टीवी प प्रवक्ता छोड़. के नेता नरेंद्र मोदी जी अमित शाह. जी योगी आदित्यनाथ जी हेमंत विश्व शर्मा. और नितिन गडकरी और बिहार के पांच नेता. बीजेपी केट चौधरी सम्राट चौधरी विजय. सिनाहा. मोदी जी संजय जयसवाल जी नित्यानंद राय जी.
पांच लोग और भी बहुत सारे लोग बोलते हैं. जिनका नाम मैं नहीं बोल पाया माफी चाहता. हूं लेकिन हां गिरिराज दा भी बोलते हैं. गिरिराज दा खुल के बोलते हैं एकदम पूरा. बढ़िया तरीके से ठीक एक सवाल और आया कि. मनीष कश्यप का बीजेपी जवाइन करने की क्या. शुरू से मंशा. थी. एकदम प्रयास भी किया था भारतीय जनता. पार्टी से कि मुझे टिकट मिले मैं कोशिश भी. कर रहा था नहीं मिला मैं वहां पर असफल हुआ. कैमरा पे बैठ के झूठ बोल दू मेरे सामने जो. है एक समर्थक बैठा है अगर मैं झूठ बोलूंगा.
वो नाराज हो जाएगा हम मैं सामने बैठा हूं. ठीक है तो मैं पूरा कोशिश किया था कि मुझे. टिकट मिले लेकिन पार्टी का कोई भी नेता जो. है मुझे आश्वासन नहीं दिया था कि मनीष. साहब को टिकट दिया जाएगा लेकिन मैंने. कोशिश किया ये बात सत्य है क्या सन ऑफ. बिहार बीजेपी के हाथों बिक गया डील क्या. हुई लोग पूछ रहे हैं डील बता दीजिए कम से. कम वो आपको जो है पा पांच महीने बाद देखने. को मिलेगा कि मनीष क बिका है कि नहीं ब. कुछ तो लेनदेन हुआ होगा ना एकदम कुछ. लेनदेन नहीं हुआ एक कोई रुप नहीं पाया एक. देखिए भारतीय जनता पार्टी किसी को को. जवाइन कराती है तो पैसा लेनदेन नहीं करती. है तो ठेकाओ का कुछ नहीं कुछ कभी भी.
ठेकेदारी करते हुए आप मुझे नहीं देखेंगे. कभी नहीं देखेंगे पूरे जीवन कुछ ये कहा. गया केस उसमें आपके वकील वकील नहीं देखिए. केस में तो मैं पहले से ही लड़ रहा हूं. मेरे बहुत सारे केस जो है खत्म हो चुके. हैं छह केस तो मैं जेल से निकलने के बाद. खत्म करा लिया जब आरजेडी की सरकार थी उस. समय करा लिया मैंने छ केस खत्म मतलब कुछ. नहीं पाए आप देखिए मुझे इतनी सिर्फ एक वही. फोटो और अच्छा करोगे तो इतनी स्वतंत्रता. मिली मुझे कि आप जो है बाढ़ प बात करो आप. जो है भ्रष्टाचार पर बात करो अब जो है. देखिए लॉजिकली समझने की जरूरत है अब अगर.
मैं ब्लॉक में जाऊंगा और वीडियो साहब से. कहूंगा कि इस बूढ़ी चाची का काम करो तो. वीडियो को मजबूरी में काम करना पड़ेगा. क्योंकि उन्हें पता है कि मनीष कश्यप. पावरफुल है ठीक ये चीज है उन्हें काम करना. पड़ेगा उस बूढ़ी चाची के लिए मैं अगर. अंचला अधिकारी के कार्यालय में जाऊंगा और. बोलूंगा कि अगर जो है जमीन के रजिस्ट्री. में जो है दाखिल खारिज में जो है घुस लगता. है उसका घुस नहीं लेना है तो उनको काम. करना पड़ेगा मैं अस्पताल में जाऊंगा और. मेरे जैसे अगर 10 लोगों की भी जिंदगी बच. जा बच गई तो मैं अपने आप को सौभाग्यशाली.
मानूंगा तो ये सारी चीजें जो है बदलाव. होगा एक सवाल बहुत लोगों ने लिखा था हमसे. कि मनीष कश्यप क्या आसन सोल से चुनाव. लड़ने वाले हैं नहीं ये आसन सोल कहां से आ. गया अरे पता नहीं कहां से आ गया मुझे भी. नहीं पता है बहुत ज्यादा सवाल आया था आम. पता नहीं अरे मतलब कि मेरे कुछ खास. शुभचिंतक लोग जो मतलब कि पता नहीं पूरा. एनालिसिस करके टीवी पर बढ़िया से वीडियो. बनाए मनीष कसप अब सन ऑफ बंगाल बन जाएगा. बंगाल में जाएगा अरे यार बत लोग कछ पलायन. रोकने वाले थे और खुद पलायन कर.
गए मैं चुनाव लडूंगा तो बिहार से लडूंगा. और अगर पार्टी टिकट देगी तो य भी बोलिए ना. हा अगर पार्टी टिकट देगी तो और ना टिकट दी. तो तो मैं जो करता कर रहा हूं तो. कार्यकर्ता बन के काम करता रल काता एकदम. बिल्कुल. तो इसमें जनता नहीं क गायब हो जाएगी. पार्टी और आपकी ल नहीं जनता गायब नहीं. होगी कहां महाराज मुख्यमंत्री आपको 2028. में लोग 25 में या 30 में मुख्यमंत्री.
बनवा रहे थे और आप कार्यकर्ता बनके खुश. हैं आपको नहीं लग रहा कि वाटर डाउनफॉल. नहीं नहीं नहीं नहीं कि कहां आपको लोग. माने थे कि मनीष अपनी पार्टी मनीष लड़ेगा. साथ में और लोग जुड़ेंगे चुनाव लड़ेंगे. आपने तो कह दिया वटर डाउनफॉल लेकिन वहीं. पानी जो है धीरे-धीरे जो है ना जाने कितने. पहाड़ों को चीरते हुए मैदानी रास्तों को. जो है पार करते हुए और अपना खुद का रास्ता. बना के जो है और समुंदर में मिलती है तो. ये भी तो देखिए. ठीक है आपको लग रहा है आप आशावादी आपने. बेहतर सोचा होगा हम तो सवाल पूछ रहे हैं.
एक सवाल और है कि ऐसा सवाल पूछा जा. बेरोजगारी को लेकर बेरोजगारी को लेकर. क्योंकि आप लगातार बात करते थे महंगाई को. लेकर या जैसे कई सारे और भी विषय थे लोगों. ने कहा कि एजुकेशन सिस्टम हेल्थ सिस्टम. स्टेडियम स्टेडियम को लेकर आपने एकदम. स्टेडियम बिहार में नहीं है और बनना चाहिए. और अगला 5 साल में एकदम 100% किसी भी हाल. में बिहार में दो स्टेडियम एक स्टेडियम. नहीं दो स्टेडियम बनना चाहिए एक चंपारण के. क्षेत्र में और एक जो है राजगीर में जो बन. रहा है वहां पे चंपारण के क्षेत्र में. इसलिए स्टेडियम बनना चाहिए कि वहां पे.
नेपाल के भी बहुत सारे दर्शक आएंगे मैच. देखने के लिए नड्डा जी से यही मांग लेते. आपकी महाराज एक स्टेडियम में करवा दीजिए. चुनाव के बाद मैं ये सारी चीजों चीजें जो. है संबंधित मंत्रालय से मिलकर जो है इन. सारे चीजों पे बातचीत करूंगा ठीक है एकदम. हां ये सब लोग देखिए हां एकदम लोग को. देखिए आप लोगों से मैं विनती करना चाहता. हूं कि आप अपनी नाराजगी जाहिर कीजिए लेकिन. उम्मीद कीजिए मनीष क से बदला नहीं है और. आप लोग जहां भी ढूंढेंगे वहां प मनीष कप. आप लोगों के लिए खड़ा रहेगा यह वादा करता. हूं अब एक बहुत हैवी वेटेज सवाल है यह.
सवाल बहुत हैवी है सवाल यह है कि मनीष. कश्यप जब अरे अच्छा सवाल है अच्छा सवाल ये. आपको भी आप इमोशनल आदमी है और यह वीडियो. बड़ा वायरल हुआ था सवाल यह कि मनीष खश जब. निर्दलीय चुनाव लड़ रहे थे तब एक वीडियो. बड़ा वायरल हुआ आपको लोगों ने दूध से. नहलाया. था अब लोग पूछ रहे हैं कि उस दूध का कर्ज. कैसे चुकाएंगे मनीष कश्यप तब तो निर्दलीय. लड़ रहे थे अब अब जीपी के जब भगवा पट्टी. में चले गए तो कह रहे कि अब दूध कर्ष कैसे.
चुकाया जाएगा वो तो निर्दलीय मनीष को हमने. दूध चढ़ाया था पाच महीना बाद आपको देखने. को मिलेगा कि मैं उस दूर दूध का कर्ज. चुकाने लायक हूं या नहीं हूं और आप खुद एक. वीडियो मेरे ऊपर बनाएंगे जब मैं आपके. स्टूडियो में नहीं रहूंगा जब मैं संकट की. घड़ी में था तो आपने बों वीडियो मेरे ऊपर. बनाया था आप खुद बनाएंगे कि नहीं उस लड़के. ने साबित कर दिया कि वह रियल सन ऑफ बिहार. है और वह दूध का कर्ज चु रहा है अच्छा वो. तो हम खुद आएंगे बिहार कवर करने एकदम. बिल्कुल हम बंगे आप नहीं मिलेंगे तो फिर.
वीडियो बनाएंगे मिलेंगे तो भी बनाएंगे और. नहीं मिलेंगे तो भी बनाएंगे कि मनीष नहीं. मिले थे चलिए ठीक है कुछ और सवाल भी एक. सवाल और है कि मनीष क्या जल्दी हार मान गए. नहीं हम लोग हार मारने वाले लोगों में से. नहीं है लेकिन हां दो कदम पीछे हटने का. मतलब यह नहीं है कि हम जो है मैदान छोड़. के भाग गए हैं हां इसका मतलब यह भी हो. सकता है कि हम जो है जो काम करना चाहते थे. व काम जो है और अच्छे ढंग से जो है करेंगे. और और बड़े लेवल पर करेंगे ठीक है जनता की.
आवाज बनते बनते सरकार की आवाज बनना क्या. जरूरी था क्या जनता की आवाज बनकर भी लड़ाई. नहीं लड़ी जा सकती थी आपके एक समर्थक ने. सवाल पूछा देखिए जनता का आवाज तो मैं पहले. भी था आज भी हूं और भविष्य में भी रहूंगा. लेकिन जनता का आवाज जब सरकार के साथ मिल. जाता है तो जनता की समस्याओं का समाधान जो. है सरकार के दरवाजे होता है तो मैं प्रयास. करूंगा कि जनता का आवाज बन के सरकार के. साथ जो है जनता की समस्याओं को जो है. सरकार के दरवाज तक लाऊ और उस समस्याओं का. समाधान कराऊं ठीक है एक अच्छा सवाल है कि.
केंद्र में सरकार बीजेपी की है केंद्र की. बीजेपी ने बिहार राज्य के आम लोगों के. विकास के लिए क्या किया है पांच ऐसी अगर. मनीष बता पाए मैंने तो पहले ही बताया आपको. इलेक्ट्रिसिटी का व्यवस्था किया है सड़कें. सड़कों का कंडीशन सही हुआ है दरभंगा में. एयरपोर्ट बना एम्स का निर्माण हुआ बिहार. में सेंट्रल यूनिवर्सिटी जो है गाया में. और मोतिहारी में सेंट्रल यूनिवर्सिटी खोला. गया उसके अलावा केंद्रीय विद्यालय बहुत. सारा केंद्रीय विद्यालय खोला गया छह से. ज्यादा इथेनॉल फैक्ट्री का जो है बिहार. में निर्माण हो गया कंप्लीट मतलब कि चालू.
है और भी बहुत सारा इथेनॉल फैक्ट्री जो है. वो बिहार में बन रहा है अडानी जो है बिहार. में आए उन्होंने इन्वेस्टमेंट किया अडानी. जी कैसे आदमी हैं अडानी जी अच्छे आदमी हैं. अपने दम पे जो है वहां तक पहुंचे हैं मैं. उनकी निंदा क्यों करूं निंदा की बात ही. नहीं हुई हां एकदम बिल्कुल अच्छे आदमी है. और वह अपने दम पे वहां तक पहुंचे हैं हम. एक और सवाल है इंपॉर्टेंट कि अक्सर आप जब. जर्नलिज्म तो कर नहीं रहे थे आपके शब्दों. में तो मैं जर्नलिज्म नहीं कोट कर रहा हूं.
अ देखिए आप तो बड़े भाई हैं तो बहुत आसान. है एक नेता के चरित्र के ऊपर अनेकों.
प्रकार का सवाल करना बहुत आसान है लेकिन. बड़ा मुश्किल है नेता का किराएदार को. समझना वैसे ही बहुत आसान है एक मीडिया. वाले को बिका हुआ कह देना गोदी मीडिया कह. देना लेकिन बड़ा मुश्किल है कि वह मीडिया. वाला जो है कैसे जो है अपने आप को जो है. उस आग में झोक के जो है देश को बचाने का. प्रयास करता है तो देखिए मीडिया का भी दो. पहलू होता है और एक नेता का भी दो पहलू. होता है कभी-कभी लोग जो है अपने चश्मा के. हिसाब से जो है ना अपने फायदे और नुकसान.
के हिसाब से जो है ना मीडिया को भी देख. लेते हैं तो गोदी कह देते हैं और नेता को. भी देख लेते हैं तो गाली दे कुछ आखरी के. सवाल बचे हैं एक बड़ा अच्छा सवाल है पता. नहीं सच है या झूठ है मुझे घटना नहीं पता. आपके कि समर्थक ने लिखा कि जब आप जेल में. थे तब आंटी जी यानी आपकी माता जी जो है वो. शायद बागेश्वर बाबा के पास गई थी जहां पर. शायद पूरे दिन इंतजार करना पड़ा था ऐसा. आपके किसी प्रशंसक ने लिखा है सच झूठ हमें. नहीं पता व बता देंगे जबकि वहां पर बीजेपी. के बड़े-बड़े नेता मौजूद थे तब जनता आपके.
साथ. थी जब संघर्ष का टाइम था तब ये लोग आपको. नहीं कर रहे थे वो कह रहे हैं कि तब हम ही. लोग खड़े थे आपके साथ जब ये नेता आपकी. माता जी तक का सम्मान नहीं कर पा रहे थे. अब आपका वक्त था कर्ज चुकाने का यह घटना. सच है वैसे भागेश्वर बाबा वाली सच है आंटी. जी गई थी और उन्हें अलाउ नहीं किया गया. था बड़ी दुखत बात है और उन्होने बताया था. कि वो आपकी मां है बिल्कुल क्या घटना थी. है नहीं पता चला होगा वहां तक मैसेज नहीं. गया. होगा मैं किसी पर उंगली नहीं उठा.
सकता यह बात सत लेकिन अगर लोगों को ये बात. पता लगी तो जाहिर सी बात है कि अगर अगर वो. किस लिए गई थे आप जेल में तब थे देखिए. बिहार के भोले भाले लोग जो है उसमें से. कुछ लोग कहां की घटना बिहार की घटना है. बिहार बिर जै जब वो गए थे बिहार में था. बिहार के भोले भाले लोग जो है इतना. बेइंतहा मोहब्बत मेरे से करते थे आज भी. करते हैं उनकी नाराजगी जायज है देखिए ये. सब सवाल बड़ी पर्सनल है एकदम एकदम नहीं ये. पर्सनल नहीं है ये जेनुइन सवाल है और जब.
मतलब कि वहां तक मैसेज नहीं पहुंचा या जो. भी हुआ सामने बैठे हुए हैं उन्होंने भी. मेरे लिए बहुत आवाज उठाया माइक से सब कुछ. जो भी हुआ जैसे भी हुआ लेकिन बस मैं इतना. ही कहूंगा कि बीजेपी के कुछ नेता और उससे. ज्यादा उससे ज्यादा बिहार के वो भोले भाले. लोग और उससे भी ज्यादा मेरी मां यानी सबसे. पहले मेरी मां फिर बिहार की जनता और फिर. बीजेपी के कुछ नेता ये तीन लोगों ने मेरे.
लिए बहुत कुछ किया जिसमें सबसे बड़ा. योगदान मां का है उसके बाद से बिहार की. भोली भाली जनता का. है और इन लोगों का दोनों का योगदान मैं. अपने जीवन में कभी नहीं बोलूंगा मैं. पार्टी मतलब कि चुनाव से मेरा हटने का. सिर्फ और सिर्फ एक ही ही का इस घटना में. किसी ने जो जिसने मेंशन किया है उसने. बकायदा यह बात लिखी है कि जब आप आप जेल. में थे और माता जी बागेश्वर बाबा के पास. गई पूरे दिन इंतजार करना पड़ा उस दिन वहां. पर मनोज तिवारी जी भी थे मैंने क्या बोला.
और उसके बावजूद आंटी जी को इजाजत नहीं दी. गई अब वो कह रहे हैं कि बीजेपी जब जॉइन. कराया सुनिए सुनिए मैंने क्या बोला कि. वहां तक मैं ये नहीं बोल रहा हूं कि. बागेश्वर बाबा गलत है मैं यह बोल रहा हूं. कि वहां तक मैसेज नहीं पहुंचा होगा मनोज. तिवारी भैया तक भी मैसेज नहीं पहुंचा होगा. क्योंकि वहां पे 10 लाख लोगों की भीड़ थी. चलिए ठीक है अगर मनोज तिवारी भैया को मेरा. मदद नहीं करना था तो मनीष कश्यप जेल के. अंदर है है बेऊर में बंद है वो दिल्ली के. नेता हैं बिहार के नेता भी नहीं है दिल्ली.
से अपने पैसा से फ्लाइट का टिकट लेते हैं. और जाते हैं बेऊर में मेरे से मिलने जाते. हैं मेरे से मिलने जाते हैं और बेऊर का. जेलर और सुपरिटेंडेंट मिलने तक नहीं देता. है अब इसमें भी एक सवाल इसी से जुड़ा सवाल. है कि अगर बीजेपी के नेताओं ने ही मनीष. कश्यप को बाहर निकलवाया जैसा कि मनीष. कश्यप दावा कर रहे हैं नहीं नहीं निकलवाया. जॉइनिंग करते वक्त तो उनका सवाल यह है कि. फिर मनीष कश्यप को 9 महीने की सजा क्यों. कटवाई नहीं नहीं नहीं बीजेपी के नेताओं ने. निकलवाया नहीं हां लेकिन मैं जेल में था. बुरे दौर में था तो बीजेपी के नेताओं ने. मदद जरूर किया मुझे जेल से निकलवाने में.
सबसे बड़ा योगदान किसी का है तो मेरी मां. का और बिहार के लोगों का है मैं उसमें. किसी तीसरे को क्रेडिट नहीं दे सकता हम. अगर मैं दूंगा क्रेडिट ऑन रिकॉर्डिंग जो. है लोग जो है बुरा मान जाएंगे लोग जो है. गाली देना शुरू करेंगे निस्वार्थ भाव से. उन लोगों ने मेरा साथ दिया उन लोग को कोई. लोभ लालच नहीं था मेरी मां को भी चलिए ठीक. है मेरा बेटा है इसलिए लालच था मेरी मां. को लेकिन उन मांओं को क्या लालच था जिनका. मैं बेटा नहीं था उन लोगों ने भी जो है. मेरे लिए प्रयास किया कि मनीष तुम निकल.
जाओ लेकिन जब मैं इन सारे देखिए मैं जब. चुनाव प्रचार कर रहा था ना मैं एक चीजें. अपने दिल की बात बोल रहा हूं मेरे साथ. इतना ज्यादा भीड़ था ना सुरक्षा का कोई. इंतजाम नहीं था कोई इंतजाम नहीं छोटे-छोटे. बच्चे घुस जाते थे बूढ़ी औरत घुस जाती थी. अगर भगदड़ मत जाता ना किसी के साथ कुछ हो. जाता ना तो फिर आप इसी चैनल पर बैठ के. कहते हैं कि मनीष ने राजनीति के चक्कर में. ना जाने कितने लोगों का जान ले लिया. छोटे-छोटे बच्चे चा साल 5 साल के बच्चे 6. साल के बच्चे उस भीड़ में घुस जाते गिर. जाते थे दो मोटरसाइकिल वाला जो है एक जगह.
रैली कर रहा था आगे-आगे चल रहे थे दोनों. मोटरसाइकिल वाले गिर गए बोले कि भैया पैसा. नहीं लेंगे तो रजनीश को बोले कि इन लोगों. को पैसा दे दीजिए इन लोग का मोटरसाइकिल. बनवाने के लिए बोला कि नहीं कुछ भी हो जाए. भैया पैसा एक रुपया नहीं लेंगे पूरा मुंह. टूट गया था पूरा ये टूट गया था खून खून आ. रहा था देखिए ठीक है कुछ लोगों को लग रहा. होगा कि मनीश वा जो है बदल गया ये हो गया. हो गया बदला नहीं मनीश वा के ऊपर फिर कोई. कलंक ना लगे आप भावुक हो गए आपके आ नहीं. नहीं नहीं नहीं आ ये तो मतलब आंख नहीं भरी.
ये हमको लग रहा है माता जी वाले सवाल प. आपको फ्लैशबैक में काफी कुछ याद आ गया. देखिए मेरी मां मेरे लिए मेरे लिए लड़ रही. थी लेकिन उन मांओं का क्या आपकी मां जो. यहां पर बैठ के जो है मेरा 3:00 बजे रात. तक इंतजार की वैसे अनेको माओ मां बिहार. में जिनको उम्मीद था मनीष कुछ करेगा मनीष. को तो पीछे हट जाना पड़ा हट गया मनीष वा. पीछे उन लोगों को तो यही लग रहा होगा कि. मनीष वा तो हम लोग जो है कितने लोगों ने. जो है मेरे लिए पूजा किया प्रसाद चढ़ाया. उन लोगों को लग रहा होगा कि मनि सवा पीछे.
हट गया लेकिन मनिष वा जो है इसलिए हटा कि. मनीष के ऊपर कोई कलंक ना लगे फिर से अभी. नौ महीना काट के आया हूं फिर चला जाता तो. फिर क्या करता मैं फिर जेल चला जाता तो. क्या करता क्या तो बहुत सारा समस्या होता. है बहुत सारी मजबूरी होती है और बहुत सारी. चीजें होती है जो ऑन कैमरा आप नहीं बोल. सकते हैं लेकिन मैं वादा करता हूं कि मनीष. का सब चाहे कुछ भी हो जाए ठीक है अपना. तरीका नहीं बदलेगा और बिहार के लिए लड़ेगा. और जब तक बिहार ना बदल जाए तब तक हम लोग.
जो है चुप नहीं बैठे ठीक सेकंड लास्ट सवाल. पवन सिंह से बातचीत हो रही है अभी आपकी. अभी चुनाव के दौरान जब मैं भारतीय जनता. पार्टी जवाइन किया उसके बाद से नहीं हुई. उसके पहले पवन सिंह जी से बातचीत होती थी. तो अब किसी ने कहा कि पवन सिंह चुनाव लड़. रहे हैं पहले बीजेपी से टिकट पाए फिर छोड़. दिए अब अपना लड़ रहे हैं तो लोग कह रहे. हैं कि अब जब बीजेपी के नेता मनीष कश्यप. हो गए हैं तो क्या पवन सिंह खिलाफ प्रचार. करेंगे मनीष कशम अगर भेजा जाएगा कि जाओ. पवन सिंह खिलाफ अपने पार्टी कैंडिडेट. पार्टी अगर कहीं भी भेजेगी मैं.
जाऊंगा पार्टी कहीं भी भेजेगी मैं जाऊंगा. लेकिन तो क्या बोलेंगे आप काहे बीजेपी को. वोट दो पवन सिंह काहे वोट ना दो लेकिन. भारतीय जनता पार्टी का वहां पे कैंडिडेट. कोई नहीं खड़ा है वहां पे उपेंद्र कुशवाहा. है और वो अलग दूसरे एनडीए एलायंस के है तो. आप बड़ आप स्टार प्रचारक हो सकता है जाए. देखिए पार्टी भेजेगी तो मैं जाऊंगा तो. क्या कहेंगे पवन सिंह को वोट क्यों ना दे. नहीं पार्टी भेजेगी तो मैं जाऊंगा लेकिन. पार्टी का वहां पर प्रत्याशी नहीं खड़ा है. और मैं प्रयास करूंगा मैं खुल के ऑन. रिकॉर्डिंग कह र हूं कि मैं प्रयास करूंगा.
कि मैं वहां ना जाऊं मैं खुल के कहर मतलब. आप आपका दिल पवन सिंह के साथ है आत्मा. बीजेपी में है लेकिन दिल पवन सिंह के साथ. है आत्मा और दिल दोनों बीजेपी में है. आत्मा और दिल दोनों बीजेपी में लेकिन वहां. पे भारतीय जनता पार्टी का कोई कैंडिडेट. खड़ा हुआ रहा था नहीं नहीं भारतीय जनता. पार्टी का कोई भी कैंडिडेट खड़ा होता मनीष. कशेफ 100% जाता तो एनडीए के प्रत्याशी के. लिए पवन सिंह खिलाफ मनीष कशेफ समर्थन नहीं. देंगे. यह कह रहे आप देखिए कुछ चीजों को जो है. एस्केप कर दिया जाए तो ज्यादा अच्छा है.
पवन सिंह मेरे बुरे दिनों में मेरा बुरा. नहीं किए थे हा ठीक है इसको कहने अच्छी. बात है यही मैं कह रहा हूं ये दिल की बात. केंगे लोग जदा कनेक्ट करेंगे राजनीति और. कभी-कभी जो है दोष थी उसको जो है तराजू पर. नहीं तोला जाता और पवन सिंह के खिलाफ मतलब. की मनीष कश प्रयास करेगा कि आखरी आखरी तक. पवन सिंह के खिलाफ ना. जाए ठीक है अच्छी बात है आपने अपने बात की. शत्रुघन सिन्हा की बात याद आ गई मुझे कि. राजेश खन्ना से दोस्ती थी चुनाव.
दिया गया अब चुनाव लड़े तो हार गए राजेश. खन्ना ने बाद में डाटा बहुत तो कह रहे थे. कि मैं से डबल भारी मिस्टेक हो गया दो. गलती हो गया एक तो मैं चुनाव भी हार गया. दूसरा दो उस भी हार गया मैं समझाता रहा कि. पार्टी ने भेजा था पार्टी नहीं हुया था वो. कहे तू कैसे चलाया मेरे खिलाफ बाकी दुनिया. लड़े लड़े तुम्हें नहीं आना तुम मेरे. दोस्त थे मैं तुमको प्यार करता था और फिर. जीवन में राजेश खन्ना ने उनसे डिस्टेंस. बना के रखा तो आपको नहीं डर लगता कि. सियासत में बहुत लोग खो भी जाते हैं. नहीं ये अभी अभी रिसेंटली मैंने सुना. शत्रुघन सिन्हा का ये बयान चलिए कुछ चीजें.
जो है भगवान के ऊपर छोड़ दिया जाता है. अपना काम है कर्म करना और हम लोग उस. बैकग्राउंड से आए हैं जहां पर जो है हम. लोग अगर कुछ भी पाते हैं तो अपने संघर्ष. के दम प पाते हैं तो कुछ चीजों को जो है. ऊपर वाले. के हाथों में छोड़ दिया जाए बाकी हाथों की. लकीरों में जो होगा वह तो मिलेगा ही और. अपना काम है कर्म करना वो करता रहूंगा एक. बार फिर से यही सवाल आखिरी सवाल है इसको. फिर सराइज करते हुए शो के पॉडकास्ट को. कि बीजेपी से मनीष को क्या आश्वासन मिला. या मनीष को बीजेपी में क्या दिखा जो सन ऑफ.
बिहार बिहार मां को छोड़कर. भाजपा में चला गया बिहार मां को मैंने. नहीं छोड़ा है ना ही मैंने भारत मां को. छोड़ा है हा भारतीय जनता पार्टी के साथ. हूं मैं मुझे अच्छा. लगा मेरे दुख में जो है बहुत सारे लोग जो. है काम आए थे मेरा मदद किए थे हां मैं फिर. से कह देना चाहता हूं लेकिन उन लोगों से. ज्यादा मदद जो है बिहार के गरीब लोगों ने. किया था. और मेरी मां ने किया था मेरा मदद किए थे.
मुझे लगा कि नहीं यहां पर जो है मैं जाकर. जो है मैं लोगों का आसानी से मदद कर सकता. हूं और मुझे लगा कि जिन लोगों ने मेरे दुख. के घड़ी में मेरा साथ दिया आज मैं अगर जेल. से बाहर हूं तो मेरे वजह से उन लोगों को. किसी भी प्रकार का नुकसान ना हो इसलिए मैं. भारतीय जनता पार्टी 2025 में विधायकी. चुनाव. लड़ेंगे देखिए इच्छा है इच्छा तो है क. कहां कहां लड़ एकदम बिल्कुल इच्छा है कहां. से लड़ने की इच्छा हो लोगों का सेवा करने.
का इच्छा है कोई विधानसभा ऐसी है जो पसंद. है कि यहां से लड़ ऐसा कुछ नहीं है पार्टी. जहां से बोलेगी वहां से लड़ जाऊंगा और. क्या पता पार्टी जो है उसके पहले जो है. कुछ और दायित्व दे दे एमएलसी मैं तो मैं. तो ये नहीं कह सकता लेकिन क्या पता पार्टी. जो है उ ऑप्शन बचता है नहीं और भी बहुत. सारा चीजें होता है और भी बहुत सरा चीज. होता है उससे पहले कोई और दायित्व दे दे. मुझे बोले कि यहां पे आओ और तुम काम करो. मैं करूंगा बिल्कुल करूंगा लेकिन हां मैं. इस बात का जरूर ख्याल रखूंगा. कि मैं वहीं रहूंगा जहां से पब्लिक के साथ. मैं जुड़ा रहूं और पब्लिक के समस्याओं का.
समाधान में करने का प्रयास कर उम्र कम है. राजनीतिक नॉलेज कम है अगर मैंने कुछ गलत. सल बोल दिया हो तो मैं माफी चाहता हूं हर. किसी से माफी चाहता हूं बस लेकिन मैं इतना. जरूर कहूंगा आप क रहे आपके इंटेंशन अच्छे. नहीं मैं इतना जरूर कहूंगा कि मेरे जैसे. अनेकों असंख्य युवाओं को जो है ना. पॉलिटिक्स में आना चाहिए जो पहले से नॉन. पॉलिटिकल बैकग्राउंड से हो पॉलिटिकल ब. ब्रंड से नहीं नॉन पॉलिटिकल बैकग्राउंड से. और अनेकों युवाओं को आना चाहिए देखिए हम.
लोगों ने अनेकों मजबूरियों को देखा है उस. मजबूरियों में हम लोगों ने अपने आपको बड़े. होते हुए देखा है हमारी जवानी जो है. मजबूरियों में बड़ी हुई है उन सारे. समस्याओं को देखा है अगर हम जैसे युवा. आएंगे राजनीति में तो बहुत सारे समस्याओं. का समाधान होगा हम लोग जो है छोटे-छोटे. चीजों में खुशियों को देखते हैं और उसमें. हम लोग अपने आप को खुश रखना सीख लेते हैं. तो बस मैं इतना ही कहूंगा मैं फिर से. कहूंगा कि हमारे जैसे अनेकों लोगों को आना. चाहिए और उम्मीद करूंगा भगवान से भी मैं. प्रार्थना करूंगा कि भविष्य में आपके जैसे.
लोग भी जो है राजनीति में उत्तर प्रदेश की. राजनीति में देश की राजनीति में धीरे से. आपने गुगली खेली लेकिन हमारी तरफ से आपको. शुभकामनाएं और मेरी तरफ से आपको भी भविष्य. से की ढेर सारी शुभकामनाएं कि आपके जैसे. लोग जिनको राजनीति का बहुत अच्छा नॉलेज है. वो राजनीति में जरूर आ वो हिंदी में कहते. हैं ना कि होगा वही जो राम चाहेंगे और मैं. और और और मेरा भी ट्रैक रिकॉर्ड आपको पता. है कि मैं जो भविष्यवाणी करता हूं होता. है आप अपना तेजस्वी वाला चिपका दिए य पे. जाते जाते क्रेडिट ले.
लिए चलिए हमेशा गुगली आप ही तोही खेलेंगे. क्रिकेट मैं भी थोड़ा बहुत खेलता. हूं और मैं भी रोहित शर्मा का जो है फैन. हूं आप भी है जेल जाने का फायदा हो. गया हां एकदम बिल्कुल हुआ जेल में गया तो. मैंने आपदा आपदा ने नेता बना दिया अवसर दे. दिया आपदा ने नेता नहीं बनाए काबिलियत. कात और संघर्ष ने नेता बना होते तो नेता. कैसे बनते उसके पहले भी मैं 10000 वोट. लेके आया था 10000 था ना थोड़ा निर्दलीय.
के रूप में चनपटिया में उठा के देख लीजिए. 4200 से ज्यादा वोट किसी ने नहीं लाया था. मनीष कश्यप उस समय निर्दलीय के रूप में. 10000 वोट लेकर आया था आपकी जीत जाती यही. तो लोग कह रहे थे आपके समर्थक यही तो कहते. हैं कि मनीष मनीष जीत जाता है इस बार कुछ. कई ऐसे समर्थक थे जो कहते बीजेपी के खिलाफ. जो बीजेपी के वोटर थे क्या मनीष को वोट दे. देते कुछ बड़ा पाने के लिए कभी-कभी कुछ. चीजों को खोना पड़ता है और शायद उन लोगों. को लग रहा होगा कि मैंने कुछ खोया है मुझे. लग रहा है कि मैंने बहुत सारा चीज को पाया. है मैंने उन दोस्तों को पाया है संघर्ष.
में मेरा जो उन लोगों ने साथ दिया उन्हें. पाया है और इन लोगों की नाराजगी को जो है. मैंने देखा है और इन लोगों की नाराजगी को. भी मैं दूर करने का प्रयास चलिए आपको नेता. बनाया जनता ने आपको सन ऑफ बिहार बनाया. जनता ने हम आखिरी फैसला भी जनता छोड़ देते. हैं हमारी कोशिश थी कि जो उनके सवाल हैं. वो बिना लाग लपेट के वैसे ही क्लेरिटी आ. जाए आपके मन की भावना जो है वो उन तक. पहुंच जाए मैं आरी फैसला आपका और मैंने कम. से कम पार्टी जवाइन करने के बाद 100 से. ज्यादा इंटरव्यू दिया है और मैं इमोशनली.
कहीं भी अपनी बातों को नहीं कहा है मैं. पार्टी लाइन से अलग हट के यहां पर मैंने. बात बोला है पार्टी लाइन से अलग हट के एक. इंसान एक पुराना मनिष कश्यप ने बोला बाकी. लोगों की मर्जी 100 इंट इतना सहज हुए थे. कहीं. प पिछली बार कह गए थे ना इतना मतलब की. परेशान भी कहीं नहीं हुआ. था ये चीज है लेकिन चलिए आपने दिल का बा. पूछा और वो सारी चीजों को पूछा जिस जो. असली असली बात देखो मेरा मनीष हमेशा य.
माना रहा है कि जो बात कमेंट सेक्शन में. लिखी जाए अगर उसे आप पूछ लोगे तो उसका. जवाब वो मिल जाएगा जो आदमी सुनना चाहता है. आंख मने से हाद से नहीं टते उन सवालों को. इग्नोर अब जिसको समझना होगा वह समझ जाएगा. जिसको नहीं समझना होगा व अपने राह देख. लेगा चलिए ठीक है. लेकिन आगे बढ़ता हुआ मनीष कश्यप भले किसी. को पसंद आए या ना आए लेकिन मंजिल पर. पहुंचा हुआ मनीष कश्यप सबको पसंद आएगा ये.
मैं आशा करते हैं 25 में हम भी आएंगे. बिहार कवर करने इलेक्शन उम्मीद मिलेंगे और. अब तो कलर कलर वाला करवा लिए आप हो. सताब जाए उसके पहले जो है ब्रेकिंग न्यूज. देने का मौका मैं आपको दे दूं क्या ब बयाग. तो बाल बाल भी कलर हो गया चलिए ठीक है और. 27 में उम्मीद है 27 में उत्तर प्रदेश के. चुनाव में या फिर 29 में जब लोकसभा का. चुनाव होगा उस समय आप भी किसी मीडिया का. सवालों का जवाब दे रहे होंगे मोदी जी के. रिटायरमेंट के बाद सोचेंगे तब तक तो हम. पत्रकारिता अच्छे से करने दीजिए हमें अभी. काम है ईमानदारी से दर्श सवाल पूछना थैंक.
यू मनीष चलिए जय हिंद.
