Unplugged ft. Laxmi Narayan Tripathi | Kinnar Akhada | Mamata Kulkarni | Baba Bageshwar
लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी जी कौन है. क्योंकि आपको हमने बिग बॉस में देखा आपको. हम आपके नाम से फिल्में बनी आपने सीरियल. कि फिलहाल आप महामंडलेश्वर हैं डॉक्टर भी. लगाते हैं. [संगीत]. आपको मैं तो विषकन्या थी एक जमाने में अब. मैं गंगा में नहा के शुद्ध हो चुकी हूं. विषकन्या की परिभाषा क्या है अरे वो रहने. दीजिए जैसे आज आप आचार्य महामंडलेश्वर आज. आपकी एक वेशभूषा है ये शुरू से ऐसी थी या. शुरू में आप भी अ थोड़े अरे मैं तो. माइक्रो मिनीज पहनती थी आप क्या बात करते. हो ममता कुलकर्णी.
हां श्री अमाई ममता नंदगिरी अब लोगों ने. पूछा वह क्या था क्यों था किस लिए था आज. आपको पूछती शुभंकर जी यही ममता जी जाके. इस्लाम कबूल लेती और हज मदीना कराती तो यह. सनातनी जितना विरोध कर रहे थे क्या वह कुछ. कर पाते उनके अंदर काली माता सच में आई थी. वो उनसे पूछना पड़ेगा ये किन्नर अखाड़े का. कांसेप्ट कहां से आपके जहन में हमने. डिसाइड किया कि किन्नर अखाड़ा बनाया जाए. सारे 13 अखाड़े हमारे खिलाफ हो गए कि हम.
मान्यता नहीं देंगे हम बोले कौन आ रहा है. आपसे मान्यता मांगले किन्नरों में जात पात. होता है किन्नरों में जात पात नहीं होता. है पर होता है किन्नर समाज को लेकर सबसे. बड़ा मिथ क्या है बच्चे चुराते हैं बाद. में जब मर जाते हैं तो चला के ले जाते. चप्पल मारते हैं है ना मरने के बाद इनका. चेहरा देख जाओ तो तुम करोड़पति हो जाओगे. आपको घर में ही दफना दिया जाता है अब मैं. फिफ्थ फ्लोर में रहती हूं अगर मैं मर गई. तो मेे घर में दफनाए तो वो तो मैं फोर्थ. फ्लोर प चली जाऊंगी हद जिंदगी.
में मैंने बहुत कुछ पाया पर बहुत कुछ खोया. भी और अपन को वन. [संगीत]. मिनट आपने कहा कि मेरे परिवार ने मुझे. बड़ा प्यार दिया मां-बाप ने बड़ा प्यार. दिया आपके मां-बाप कभी शर्मिंदा नहीं हुए. या कभी उन्होंने आपको असहज नहीं कराया. मैंने एक इंटरव्यू दी काली साड़ी स्लीवलेस. ब्लाउज पतली जीरो फिगर मैं लक्ष्मी नारायण. त्रिपाठी हमें ह्यूमन राइट्स चाहिए. कांस्टीट्यूशनल राइट्स चाहिए आई एम ड़ा.
वगैरह वगैरह बोली तो मेरे मां बाप को सब. फोन आने लगा य क्या लक्ष्मी बोल रही कि वो. है ये है अरे तिवारी जी हमने आपके. बच्चे को देखा साड़ी पहन के जा रहा था तो. माय फादर आंसर ब्यूटीफुल है ना वो बहुत. सुंदर दिखता है ना लक्ष्मी अगर आपको बताना. हो अपनी ऑटोबायोग्राफी में कि हमय तीन. कांड मैंने ऐसे कि जवानी बहुत कांड कि. होंगे आपने हा तो आपने कम किया है आज भोले. दिखते हो तो आप. रामचंद्र कह गए सिया से कि ऐसा कलयुग.
आएगा कि धर्म में जिन्हें भगवान का दर्जा. मिलेगा धरती पर उन्हें कायदे से इंसान भी. नहीं समझा. जाएगा हालाकि कहानी बदली है 2014 के बात. बदली है और आज का विषय थोड़ा जटिल भी है. लेकिन जो शख्सियत है वो उतनी ही ज्यादा. रोचक है उनमें कितनी शख्सियत है ये अब तक. हम भी समझ नहीं पाए आज समझने की कोशिश. करेंगे डॉक्टर आचार्य महामंडलेश्वर.
लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी जी नमस्कार जय. श्री महाकाल ओम नमो नारायण मैंने जो. शुरुआत की कि जिन्हें भगवान समझा जा. अर्धनारेश्वर हम कहते हैं धरती पर कायदे. से उन्हें इंसान भी नहीं समझा जाता कई. मर्तबा बहुत बार क्योंकि जब आक्रांता आए. आक्रांता के पहले हमारी जिंदगी बड़ी अच्छी. थी आक्रांता है तो धर्म ले गए इस्लाम का. प्रचार प्रसार हुआ और बहुत लोग दूसरे.
धर्मों में नतमस्तक हो गए ब्रिटिशर्स आए. तो उन्होंने हमें मुख्य धारा से निकाल के. अलग ही फेंक दिया उन्होंने लॉज लेकर आए. ट्राइबल एक्ट लाए सेक्शन 377 लाए अन्य. सारे लॉज लाए और उन्होंने हमारी जिंदगी. बड़ी दूभर कर दी और पूरा समाज मुख्य धारा. से हटके एक नट शेल में चला गया अपराधी. मानने लगे अपराधी अपराधी मानने लगे कभी.
बच्चे चुराते हैं कभी यह गुंडों का साथ. देते हैं क्योंकि हमारी समाज में अब जैसे. बहुत समाज के बारे में इतिहास ने अन्याय. किया कि अब मैं इतिहास कारो प उन परे आरोप. करूं या किसी दूसर पर आरोप करू यह अच्छा. नहीं है पर जिसका भी यह पाप है वह उनके सर. पर ही है कि जिन्होंने हमारे लोगों का भी. इतिहास रबर से पोछ दिया कि हम किसको सहारा.
देते थे हमारे डेरे हमारे घर जो आजादी के. मतवाले थे उनको शरण हमारे इधर भी मिलती थी. तो वह बातें नहीं करते हैं और कहने लगे कि. हम गुंडे हैं हम अलग प्रवृत्ति के लोग हैं. और यह मानसिकता विक्टोरियन मानसिकता को यह. फैलाते गए मैं आपके बा में स्टार्ट करूं.
उससे पहले मैं थोड़ा क्क आपने जो टॉपिक. छेड़ा बहुत ही संवेदनशील है आपने कहा कि. आक्रांता हों के आने के पहले आपकी जिंदगी. अच्छी. थी क्या अच्छी थी हमें वो थोड़ा बताइए. क्या समाज में भूमिका थी आपकी उस वक्त जो. आप कहते हो कि आक्रांता जब आए तो छीन लिया. गया क्योंकि देखिए सनातन धर्म था सनातन. धर्म में एक अलग तरीके से व्यवस्थाएं थी. जैसे देव दानव यक्ष गंधर्व किन्नर अप्सरा. संत महात्मा साधु तो बधाइयां थी हमारे. समाज में एक अलग जगह चाहे वह राजा हो नवाब.
हो सब अपनी. अपनी कोर्ट में क्या उसे कहते हैं कोर्ट. को क्या कहते हैं हिंदी में अदालत अदालत. नहीं अपनी सभा में अपनी सभा अ सभा में. बड़े-बड़े पोस्ट पे थे कभी एडवाइजर थे. किन्नर कभी कुछ ये पोजीशंस पे थे कभी. अच्छे कुक थे कभी वो बहुत सारा अच्छा. ड्रेसिंग आप करवाना सिखाते थे रानियों का. और रानियों की क्षेत्र में वह उनका ख्याल. रखते थे तो एक अलग पोजीशन.
और बधाई का सिस्टम तो था ही राजा दशरथ के. जमाने से चाहे वह राम जी के जमाना हो या. कृष्ण जी का जमाना हो तो किन्नर का उल्लेख. तो हर जगह है जब वह पैदा हुए मेरे दोनों. प्रभु पैदा हुए तो किन्नर ने बधाई ली तो. यह तो था ही परंपराएं थी हमारी और वह. परंपराएं जब आक्रांता आ तो उनको समझ में. नहीं आया ना कि यह अलग और तो भी इनका इतना. बड़ा. वजूद तो अक्रांता को पहले क्या चाहिए था. कि उनकी कैसे बचे तो कौन बचाएगा किन्नर.
बचाएंगे तो जवान किन्नरों को हमारे देरे. दैयार से लेके उनको अपने कोर्ट में रख दिए. अपनी अच्छी अच्छी जगह पर रख अभी बहादुर. शाह जफर के सिपा सालार भी तो किन्नर थे और. यह सारा इतिहास बताता है और इतिहास है तो. मुगल ने जब हमें आक्रांता ने जब धर्म लिया. पर पोजीशन भी. दिया अच्छी अच्छी पोजीशन पर रखे नोबल्स. करके रखे पर बाद में में जब ब्रिटिशर्स आए.
तो बहुत वो विक्टोरियन आइडियो के साथ आए. और विक्टोरियन मेंटालिटी के साथ आए और वह. मेंटालिटी ने पूरा तहस नहस करके रख दिया. हमारे समाज को जैसे मैं खिलजी का देख रहा. था फिल्म में तो उसमें भी था कि उनके साथ. वाले जो लोग थे वो समाज से थे आपके या कई. मुगल बादशाह ऐसे मिलते हैं जो जिनके आपस. में रिश्ते रहे हैं तो वो गेज अलग होते. हैं वो समलिंगी रिश्ते अलग हैं हमारा तो. जेंडर अब मैं फिर यहां पर आ जा रहा हूं.
जैसे आजकल एक टर्म है एलजीबीटी क्य प्लस. हां ये चलता है मैंने कई सारे किन्नरों का. इंटरव्यूज जब किए तो उनमें से कईयों ने. कहा कि हम अलग हैं हम एलजीबीटी क्य प्लस. का पार्ट नहीं है एलजीबीटी कू प्लस क्या. है और क्या किन्नर समाज इसका हिस्सा है. एलजीबीटी क्यू तो एलजीबी टी टी में. ट्रांसजेंडर आते हैं तो किन्नर. ट्रांसजेंडर के अंदर ही तो है ट्रेडिशनल. कल्चरल ग्रुप है किन्नर मंगलामुखी. अरवानी जोगति आराधी शक्ति यह अलग-अलग नाम.
है हमारे पूरे भारतवर्ष में है ना तो यह. ट्रांसजेंडर के ग्रुप में आता है और वही. डेफिनेशन है जो सुप्रीम कोर्ट ने. निर्धारित करी जो मिनिस्ट्री ऑफ सोशल. जस्टिस ने नि गवर्नमेंट इंडिया का जिसमें. नॉन बाइनरी भी आ गई जिसमें इंटरसेक्स भी आ. गई पर हमारा जेंडर इशू है हमारा. सेक्सुअलिटी का इशू नहीं है. एलजीबी. एलजीबी क्वेर और इंटरसेक्स भी तो व अलग. अलग है पर ये जो पूरा एलजीबीटी आई क्य.
प्लस यह सेक्सुअल माइनॉरिटी का एक बहुत. बड़ा समुदाय है जो साथ में लड़ता है और गे. हमसे अलग नहीं है अब वो भी दुख में है तो. हम भी उनके साथ हैं लेस्बियंस अलग नहीं है. बायसेक्सुअल अलग नहीं है हम साथ में हम. अपनी हकों के लिए लड़ाई करते हैं तो. ऑफकोर्स ट्रांसजेंडर के पार्ट में किन्नर. भी आ गए ट्रांस वुमेन भी आ गई ट्रांस मैन. भी आ गए ट्रांस वूमेन जो मेल से फीमेल हुई.
ट्रांस मैन जो मेल जो फीमेल से मेल हुए तो. उसमें हमारे इंडिया में इंटरसेक्स भी. उसमें ले लिया गया है हमारे इंडिया में. अलग मतलब जो शिवशक्ति जोगति वगैरह को भी. ट्रांसजेंडर्स में डाल दिया गया है तो ये. पूरा एक कल्चरल ग्रुप है एक जेंडर इशू का. ग्रुप है तो ऑफकोर्स किन्नर्स कहते कि हम. उनसे अलग है पर वी आर पार्ट टेक्निकली वी. आर पार्ट ऑफ द बिग अ अंब्रेला ऑफ ऑफ.
सेक्सुअल माइनॉरिटी ब जैसे परेड निकलती है. उसमें किनर्स भी शामिल होते हैं हां हां. प्राइड परेड जो निकलती है हमने ही तो. शुरुआत करी थी मैं अशोक राव कवि हम स फट. रस अस्तित्व दाई वगैरह सब मिलके हमने यह. बंबई में पहला शुरुआत हुआ था कोलकाता में. हुआ था तो यह सब हम लोगों ने किया था ब. जैसे कई लोग मैंने भी अपने आसपास देखे हैं. और कई बार जब मैं सुनता हूं वो कहते हैं. किन्नर किन्नर की व फिट करते हैं बट बाकी.
जितनी कम्युनिटी होती है वो कई लोग कहते. हैं कि ये मानसिक दोष है बहुत सारे लोग. मैंने अपने आसपास देखे हैं जो इस तरह के. सवाल पूछते हैं प्रॉब्लम देखिए आप आप. मानसिक दोष क्या कह सकते हो प्रकृति में. देखिए डॉल्फिंस में देखिए डॉग्स में देखिए. कितनी प्रजातियां है जिसमें. होमोसेक्सुअलिटी है हम जिसमें समलिंगी अ. प्रवृतियां हैं तो कोई गलत नहीं है चाहे. जो जानवर अपने आप को एक्सप्रेस नहीं नहीं. कर पाता पर उसमें भी.
यह अट्रैक्शन देखी गई है और हम मनुष्य. होने के कारण हमारे पास जीवा है हम बोलने. की शक्ति है हमें एक्सप्रेस करने की शक्ति. है तो हम बोलते हैं हम एक्सप्रेस करते हैं. तो अब दुनिया. वह क्या कहते हैं वोह अलग जो इंजेक्शन. कॉलोनियलिज्म का जो दे चुका है समाज के. अंदर वो अभी तक मिटा नहीं है तो तब वो. विकृति क यह कहते हमारे पूर्वजों ने तो.
कभी नहीं क चाहे कामा सूत्र उठा के देख. लीजिए कुछ भी उठा के देख लीजिए समलिंग पना. बड़ा ओपनली लिखा हुआ है उसके अंदर और. उसमें गंदगी के जैसा नहीं लिखा हुआ है. सम्मान के रूप में खा हुआ आज आप अपने. बेडरूम में क्या कर रहे हो मुझे क्या मतलब. है उससे है आप मैं अपने बेडरूम में कुछ भी. करूं शुभंकर जी पर मैं समाज को क्या दे. रही हूं मेरी प्रोडक्टिविटी समाज के लिए. क्या है दैट इज मोर इंपॉर्टेंट तो मैं. हमेशा कहती हूं कि लोगों को ज दीजिए उनको.
उनको एबिलिटी की दीजिए कि वह अपनी एबिलिटी. और अपनी प्रोडक्टिविटी समाज में दिखाए. इंस्टेड ऑफ जजिंग किसी की सेक्सुअलिटी पे. किसी की जेंडर पे आप जज करके क्या फायदा. है है ना आपको कोई मतलब नहीं है कि मैं. अपने बेडरूम में और अपने घर में मैं क्या. कर रही हूं कोई रास्ते प तो नंगा नहीं कुछ. कर रहा है ना इस देश में और इस देश में. सबको हक है और आई रिस्पेक्ट दैट कि आज की. भी सरकार और हमारी सरकारें जो रही हैं वह. संवेदनशील रही हैं और आज भी की सरकार इतनी.
संवेदनशील है जो एलजीबीटी इश्यूज पे भी. काम कर ही है ट्रांसजेंडर्स के लिए तो. मिनिस्ट्री ऑफ सोशल जस्टिस ट्रांसजेंडर. एक्ट है इस देश में सर्वोच्च न्यायालय ने. अ नालसा जजमेंट दी है 2014 में तो यह बहुत. बड़ी बात है एक लास्ट क्वेश्चन इस पे फिर. मैं आप पे आऊंगा अ जैसे किसी ने मुझसे कहा. कि जब बर्थ होता है तो ट्रांस पहचानना. ट्रांस पहचान में आते हैं कि लड़का है. लड़की है या ट्रांस है इंटरसेक्स पहचान. में आती है ट्रांस पहचान में नहीं जी. करेक्ट कर आज बहुत सारी गलतियां मुझसे.
होती रहेंगी नहीं नहीं कोई बात नहीं तो. ट्रांस तो एडोलस में उनको पता चलता है जी. माफ किन्नर जैसे कोई व्यक्ति है किन्नर. नहीं इंटरसेक्स जो होते हैं जो जब पैदा. होते हैं तो उनकी लैंगिक लैंग लिंग के. क्षेत्र में कुछ अलग तरीके से उसे क्या. कहते हैं क्या शब्द होगा. [संगीत]. व डेवलपमेंट्स नहीं हुए हैं या क्या. डेवलपमेंट्स हुए हैं मिक्स डेवलपमेंट हुए.
हैं नर नारी का हुआ है या नरों का तो इट. इज नॉट डेवलप प्रॉपर्ली तो इंटरसेक्स. बच्चा होता है तो उन इंटरसेक्स बच्चों को. तो किन्नरों में दान दे दिया जाता है मतलब. एक दिन का बच्चा डिसन किया गया है शुभंकर. जी मेरे गुरु के घर में माता-पिता अच्छे. घर के माता-पिता एक बच्चे को एक दिन का. डिसन करके गए. हैं आज उसे स्कूल भी पढ़ाया जा रहा है आज. उसको अच्छी तरीके से परवर भी किया जा रहा.
आज का किन्नर समाज व इंटरसेक्स बच्चों को. बेस्ट ऑफ द एजुकेशन दे रहा है मैंने बहुत. किसे सुने कि बच्चों को छोड़ जाते हैं जिन. किन्नरों से नफरत करते हैं उनके पास से. अपनी औलाद उनके घर के बाहर रख जाते हैं. बोलिए शर्म नहीं आती य समाज को बाद में. मुझे अभी रिसेंटली मैं कहीं बैठी थी तो. बोलती सब लोग भीख मांगते ताली बजाते यह है. वो है आप कुछ करती क्यों नहीं लक्ष्मी जी. मैं बोली जिस दिन यह समाज अपने घर के. बच्चों को घर से बाहर निकाल ना बंद करेगा.
या अपने आप से वो क्या कहते हैं डिसन करना. बंद करेगा तब आप मुझसे यह प्रश्न पूछने का. हकदार बनेंगे सहमत हो पूरी तरह सहमत हू. मैं वही लोग तो रख कर जाते हैं और कौन रख. के जाता है आसमान से टपक के आते क्या. बच्चे हमारे समाज में वही अपनी औलाद को. लेकर शर्म वही हमारे पास तो कितने बच्चों. का कहानियां है ट्रांस मैनो की कितनी. कहानियां है मतलब इंटरसेक्स बच्चों की तो. बड़े बुरे हाल है कुछ प तो बड़े कम उम्र.
में ऑपरेशन कर देते हैं अरे वो बच्चे को. बढ़ने दो उसको डिसाइड करने दो कौन से. जेंडर के तरफ जाएगा तब आप ऑपरेशन करा आप. बच्चे की पूरी जिंदगी नष्ट कर देते हो एंड. इट्स इट्स अ वन वे ट्रैफिक वो ऑपरेशन करने. के बाद यूटर्न नहीं है जिंदगी. में तो ये सारी कहानिया है उस जिंदगी खतरा. भी रहता होगा हा बहुत खतरा है. कॉम्प्लिकेशंस है खतरा है अब मैंने सेक्स. चेंज किया है तो मुझे जिंदगी भर हार्मोस. तो खाना ही है. ना बिना हार्मोंस के अगर हार्मोंस नहीं.
खाऊंगी तो मैं पागल हो जाऊंगी या मेंटली. मैं इमोशनल ज्यादा हो जाऊंगी या मेरे अंदर. कुछ बहुत सारी कमियां हो जाएंगी मेरी. हड्डियां कमजोर हो जाएंगी ऑस्टियोपोरोसिस. हो जाएगा जो कि मुझे हो ही चुका है. ऑस्टियोपोरोसिस उसके बाद में हार्मोंस. खाना शुरू करी है ना मैंने खुद की तबीयत. खुद खराब कर ली हो पर यह सारी बातें तो है. जिंदगी में इट्स नॉट एन इजी टास्क मतलब आप. कहो कि एक दिन में मैं अपने आप को पूरी. बदल लूं और दूसरे दिन मैं दूसरा बदल लू ये.
हो नहीं सकता ठीक है लक्ष्मी नारायण. त्रिपाठी जी कौन है क्योंकि आपको हमने बिग. बॉस में देखा आपको हम आपके नाम से फिल्में. बनी आपने सीरियल किया आपने जिंदगी में सब. कुछ किया और फिलहाल आप आचार्य. महामंडलेश्वर है डॉक्टर भी लगाते हैं आपको. आप अपने आप को कैसे देखते हैं कौन है आप. मैं लक्ष्मी हूं कौन है. लक्ष्मी मैं अपने अपने गुरु की चेला हूं. हां है ना चाहे मेरे धर्म गुरु हैं चाहे. मेरे समाज की गुरु हैं अनीता गुरु हरिगिरी. महाराज अवदेश आनंद जी और मैं हरिगिरी. महाराज जी की चेला हूं सन्यास परंपरा में.
तो मैं अपने गुरुओं की चेला हूं अपने. बच्चों की मैं मां हूं अपने दोस्तों की. मैं पक्की दोस्त हूं है ना पूरी तगड़ी. वाली एकदम मजबूत दोस्त हूं और मैं जो भिड़. जाती है जो भिड़ जाती है दोस्तो हां जो. भिड़ जाती हूं मैं तो मैं तो भिड़ने में. कम नहीं हूं और जो जो मुझसे प्यार करता है. मैं उससे बहुत प्यार करती हूं तो लक्ष्मी. पूर्ण रूप से सत्य जीवन जीना पसंद करती है. मतलब मैं जिंदगी में सत्य बोलना पसंद इसके. लिए करती हूं क्योंकि मेरी कहानी आपसे और.
जो भी देख रहा है मुझे आपके जरिए से उनके. लिए भी एक ही कहानी होगी मैं आपको अलग और. उनको अलग और कुछ ड्रामा नहीं है मेरी. जिंदगी में मेरा सत्यता ही मेरी कहानी है. तो जैसे आज आप आचार्य महामंडलेश्वर आज. आपकी एक वेशभूषा है ये शुरू से ऐसी थी या. शुरू में आप भी थोड़े अरे मैं तो माइक्रो. मिनीज पहनती थी आप क्या बात करते हो मैं. तो पार्टीज करती थी मेरे आज भी. का भी सत्य है है ना वो भी लक्ष्मी थी यह.
भी लक्ष्मी है जब वो समय में इंग्लिश में. कहती हूं ना डिसीजन टेकन एट दैट जंक्शन ऑफ. टाइम वाज राइट सो इवन इट इज राइट टुडे तो. मैंने जो अपना निर्णय लिया जिंदगी में. उससे पीछे नहीं मुड़ी और वो सत्यता से जी. हूं तो मतलब एक समय आप भी दारू शराब सब. पीते होगे हां एक जमाने में मैं सब कुछ. करती थी मैं पार्टीज करती थी बड़े-बड़े. पार्टीज थ्रो करती थी मैंने जिंदगी में. बड़ी मतलब हर मोड़ सेम हमारी जिंदगी मैं.
रेड कार्पेट नहीं था शुभंकर जी मैंने खुद. के रेड वो धागे लाए बुने और वो रेड. कार्पेट मैंने अपने लिए बनाया है मैंने. जिंदगी के हर एक मोड़ जी हूं जब यह समाज. का तिरस्कार था वह भी देखा है जब समाज में. मेरे दोस्त जब मैं किन्नर समाज में गई तो. यह दोस्त मेरे सारे हाई क्लास के दोस्त सब. कैसे मुझे डिसन कर दिए उसके बाद से मैंने. सारा पार्टी खत्म कर दिया कि यह लोग और. मैंने पहली संस्था हमने शुरू करी है ना. दाई वेलफेयर सोसाइटी. शबीना प्रिया वगैरह हम लोग सब लोग मिलकर य.
पहली संस्था शुरू करी वहां से लेकर यहां. तक की जिंदगी हमारे लिए आसान थोड़ी ना थी. जिंदगी में तो हमने मैंने सब विष मैं तो. विष कन्या थी एक जमाने में अब मैं गंगा. में नहा के शुद्ध हो चुकी कन्या की. परिभाषा क्या है अरे वो रहने दीजिए अरे. कुछ कर्म तो आपकी दुनिया देख ही रही है. कुछ कांड बता दीजिए पुराने वाले क्योंकि. वो भी जीवन का स मैं तो बहुत लड़ाई करती. थी कोई मुझे देखता भी था ना तो बो क्यों. देख रहा है रे पूरा बैंड बारात पूरा थी.
मैं लड़ाई झगड़ा तूफान सब कुछ करी हूं मैं. मैं कुछ नहीं मतलब मैं तो गुंडे जैसी. गुंडी भी थी और अच्छे जैसी अच्छी भी थी है. ना मैं किसी से झुक के जिंदगी में नहीं ली. जब मेरे एब्यूजर ने हा ना जिसने मेरी. लैंगिक शोषण किया जिस दिन मैंने उसे ना. बोली कि आज से तुम मुझे टच नहीं करोगे. उसके बाद से मैं अलग हो गई उसके बाद से तो. कोई मुझे हाथ नहीं लगा सकता था कोई मुझे. चिढ़ा नहीं सकता था कोई मुझे नीचा दिखा ही.
नहीं सकता था क्योंकि मैं बड़ी. फेमिनाइजिंग. माम करके मुझे तो पहले समझ में. नहीं आता था यह सब शब्द क्या है बाद में. सब समझने लगी बाद में गई लो सोसाइटी है जो. भी बोलना है बोलने दो चीप लोग हैं तो मुझे. कोई फर्क ही नहीं पड़ता था किस उमर की बात. बता रहे हो आप ये मैं फिफ्थ स्टैंडर्ड की. बात कर रही हूं जब मैंने अपने एब्यूजर को. जो मेरा लैंगिक शोषण करता था उसको मना करी. हूं ये परिवार से या बाहर परिवार के ही थे. ये बहुत कॉमन स्टोरी है मैंने ये बहुत.
कॉमन स्टोरी मैंने हम बच्चों को पढ़ाते थे. जब कॉलेज में थे तो तकरीबन 100 बच्चों को. हम पढ़ा रहे थे और पढ़ाते पढ़ाते एक घटना. आई जिसके हमने पूछना शुरू किया तो मुझे यह. पता लगा तकरीबन 40 से 50 बच्चे थे जिनके. परिवार में रिश्तेदार उनका शोषण कर रहे थे. कॉमन है और ये बहुत कमन हर दूसरे तीसरे. बच्चे शुभंकर जी शुकर है कि पॉस्को आ चुका. है पर पॉस्को सिखाना चाहिए समाज के अंदर. गुड टच बैड टच यह सिखाना चाहिए समाज में. स्कूलों में सिखाना चाहिए काउंसलर होना.
चाहिए हमारे जमाने में तो कोई नहीं था. हमारे साथ क्या हो रहा था हमें पता ही. नहीं छोटे बच्चे को क्या पता है जब मैं. थोड़ी बड़ी फिफ्थ स्टैंडर्ड में गई तब पता. चला मेरे साथ कुछ गलत हो रहा है उसके पहले. तो कुछ पता नहीं चलता था परिवार में लोग. आवाज दबाते हैं नहीं और वह कहते था अगर. बोलोगे मां बाप को मार डालेंगे. तो जिंदगी ऐसी थी ना बाबू बा आज य चमक धमक. दिख रही है लक्ष्मी तो ऐसी मैं.
बड़ी क्या कहते आज मैं बोल्ड हूं फ्लम हूं. पर पहले मैं बड़ी शांत थी मैं बचपन में. मेरी तबीयत भी बहुत खराब रहती थी अस्थमा. की वजह से है ना मुझे बड़ी मेरे मां-बाप. ने बड़े नाजो से पाला है मुझे अच्छा. एजुकेशन दिया और मैं उनके डर से तो मैं. कुछ नहीं कर पाती थी पर जब मैं सोची हां. गलत हो रहा है तो मैंने बो मम्मी डैडी को. तो जरूर हम बोलेंगे आप कुछ पर हमने कभी. बोला नहीं सच के सामना में पता चला मेरे. मां-बाप को पर उन्होंने कभी मुझसे कोई. प्रश्न नहीं किया क्योंकि उनको लगा अब तो.
यह चंट तो हो ही चुकी अब का है का डर. बच्ची अब तो ये हमको संभाल लेगी नहीं. मैंने मैंने अपने मां-बाप को बहुत संभाला. मैंने अपने मां-बाप को संभाला मेरी बहन से. बहुत प्यार था मेरे भाई को भी संभाला आज. इस दुनिया में कोई नहीं है आज मेरे परिवार. से मैं ही अकेली बची हूं अभी कुंभ जाने से. मैं कुंभ 21 तारीख को गई नवंबर को और 23. को मेरा भाई खत्म हुआ मैं वापस आई अंतिम. संस्कार करी और वापस प्रयाग गई टेंट का.
काम चालू था वह भी देखना था उसकी अंतिम. क्रिया भी करनी थी सब मैंने करा तो मैं. कहूं कि बाहर जो यह सख्त बोल्ड लक्ष्मी है. इसके अंदर एक कोमल लक्ष्मी है जो इतनी. कोमल है कि उ इसलिए उसने अपना को कठोर कर. रखा बाहर से क्या करें दुनिया मुझ. इस्तेमाल ना कर पाए मतलब शुभंकर. जी जिंदगी. में मैंने बहुत कुछ पाया पर बहुत कुछ खोया. भी. और अपनों को वन.
मिनट आप टिशू मंगा दू मैं हां टिशू मंगा. द जिंदगी फूलों का नहीं कांटों का ताज है. और चालू है ना तो मतलब मैं तो अपनों का. खोने का दर्द क्या होता है वह मुझसे अच्छा. कोई नहीं जान सकता क्योंकि 2021 आई लॉस्ट. मा माय मदर और.
2000 बस रख. दीजिए हां 2021 आई लॉस्ट माय मदर मम्मी. चली गई 22 में बहन चली गई और 24 में भाई. चला गया तो अब तो पूरा परिवार की. जिम्मेदारी मेरे ही पर आ गई जो मैं एकदम. बिंदास रहती थी कि परिवार है सब देख ले. मुझे भी देख लेगा पर अंत में सारी.
रिस्पांसिबिलिटी मेरे पर ही आ गई और पर. उन्होंने बहुत प्यार. दिया हद से ज्यादा प्यार दिया और साथ में. रखे पर आई थैंक कि जो मेने चूज ए फैमिली. है चाहे वो अनमोल है प्रवीण है आर्यन है. मेरा बेटा प्रतीक मोहुल है ना यह सब लोग. मेरे जो अपने हैं बहुत सारे मेरे एनाबेल. है मेरी बहुत पुरानी फ्रेंड जब मैं मॉडल. कोऑर्डिनेशन में थी तब से उन्होंने ने ही. मुझे मॉडल कोआर्डिनेशन मिलाया एनाबेल और.
मेरा फ्रेंड सैम तो ये सारे दोस्त मेरे. बहुत एक एक मेने जो परिवार बनाया वो बड़ा. स्ट्रांग है मेरे साथ मैंने कई बार सुना. कि जैसा हम और आप चर्चा कर रहे थे अभी कि. अपने बच्चों को कहीं और रग जाते हैं आप. फिर आपने कहा कि मेरे परिवार ने मुझे बड़ा. प्यार दिया मां-बाप ने बड़ा प्यार दिया. आपके मां-बाप कभी शर्मिंदा नहीं हुए या. कभी उन्होंने आपको असहज नहीं कराया नहीं. जी पहले जी टीवी थी ना सिर्फ न्यूज़ की. हां और मैंने सेक्शन 377 के वक्त मैंने एक. इंटरव्यू दी काली साड़ी स्लीवलेस ब्लाउज.
पतली जीरो फिगर अब मैं खुद ही जीरो हो. चुकी हूं फुल जीरो सकी लोकी है ना अंडे. जैसी हो गई हूं फुटबॉल अब तो तब मैंने. पूरी ट मैं लक्ष्मी नारायण त्रिपा जीी. हमें ह्यूमन राइट्स चाहिए कौन सा राइट्स. कांस्टीट्यूशनल राइट्स चाहिए आई एम अ. वगैरह वगैरह बोली तो मेरे मां-बाप. को सब फोन आने लगा ये क्या लक्ष्मी बोल. रही कि वो है ये है वो मैं. क्लासिकल डांसर के पर्दे में सब कुछ रहा. पर उस दिन सब कुछ बाहर हो गया मुझे लगा.
नहीं इतना बड़ा धमाका होगा तब बैठक बैठी. मेरे घर पर मम्मी डैडी ने मुझे बुलाया और. बातचीत हुई एकक बातचीत हुई मम्मी डैडी ने. बुलाया और बाद में उन्होंने कहा कि बच्चे. की शादी करा दो मैंने बोली शादी मैं बोली. किसी मैं बोली 100 हजार औरतें मरी होंगी. तो एक लक्ष्मी है मैं बोली किसी को लड़की. की जिंदगी में नहीं बरबाद कर सकते अगर आप. ये सोच रहे हो आई विल कमिट सुसाइड नहीं तो. मैं घर छोड़ के चली जाऊंगी तो मेरे. पेरेंट्स ने कहा कि ये बगल वाला जो घर.
भाड़े प दिया है इसे खाली कराओ लक्ष्मी को. इधर रखो मेरे पापा ने कहा. कि मेरे पापा ने कहा कि जो भी करोगे आप घर. से करोगे जो भी कपड़ा पहनना है तो उनके. दोस्त उनकी मजा लेते हैं लोग होते हैं ना. अरे तिवारी जी हमने आपके बच्चे को देखा. साड़ी पहन के जा रहा था तो माय फादर. आंसर्ड ब्यूटीफुल है ना वो बहुत सुंदर. दिखता है ना. लक्ष्मी तो लोगों का मुंह ऐसे बंद किया तो. मोर देन मी माय पेरेंट्स स्ट्रगल इ मच तो.
पहले आप लड़को की तरह कपड़े पहनते थे नहीं. फिर लोग क्यों शौक थे अरे मैं पहले कुर्ता. वरता ऐसे वैसे सरंग मॉडर्न स्लीवलेस. स्लीवलेस तब सब पहनती थी जमाने बहुत कांड. किए होंगे आपने तो आपने कम किया है आज. भोले दिखते हो तो. आप हमने काम हम काम कर रहे का तो हमने भी. काम किया है अब इतनी आज 45 की हूं 99 में. मैंने पहले संस्था चालू करी ट्रांसजेंडर. की आप आपका काम दुनिया के सामने में कांड. आप छुपा ले रहे हो नहीं कांड कुछ नहीं.
छुपा ले रही हो आप पूछो तो सब बता दूंगी. मैं तो क्या क्या अगर आपको बताना हो अपनी. टो बायोग्राफी में क्या तीन कांड मैंने. ऐसे किए जो मुझे लगता है कि नहीं करने. चाहिए लोगों को एक बार में उज्जैन में. बाबा. के सावन में बाबा की यात्रा रहती है तो. भांग पी ली थी तो वो नशा मुझे बड़ा चढ़ाता. भांग का नशा पू अरे हां बड़ा देसी था और. शुभंकर जी मुझे ना पूरा स्लो मोशन हो गया. था मेरी जि. दो दिन तक मैं सुबह से 9:00 बजे से मेकअप.
करना शुरू करी 3:30 बजे तक मैं मेकअप ही. कर रही थी मतलब यह हालत हो गया मेरी तो यह. सब चीजें नहीं करना चाहिए आपको लाइफ में. पर हां एंजॉय लाइफ आपको लाइफ फ फुल मजे से. जीना चाहिए क्लबिंग भी करो एक हद तक करो. अपनी लाइफ मैं सब कुछ करती थी पर पढ़ाई भी. करती थी मैं मस्ती खोर नहीं थी मैं स्टेज. पर बहुत अच्छा परफॉर्मर थी मैं भरतनाट्यम. करती थी शोज करती थी लावनी शोज कर करती थी. तो मैंने सब कुछ किया है जिंदगी में.
बूफ ये किन्नर अखाड़े का कांसेप्ट कहां से. आपके जहन में आ तो 2014 का सुप्रीम कोर्ट. का वर्डिक्ट आया उसके बाद हमने कहा. कि सत्य सनातन धर्म में किन्नरों का कितना. बड़ा वजूद है उप देवता कहते किन्नरों को. देवता तुल्य है प्राचीन परंपरा रही है तो. हमने डिसाइड किया कि किन्नर अखाड़ा बनाया. जाए नासिक का कुं खत्म हुआ था और उ का कुं. भाने वाला था तो 2015 में हमने बोले क्या.
किया जाए जैसे आदि शंकराचार्य ने अखाड़ा. बनाया था हम भी अखाड़ा बनाएंगे है ना अभी. क्या कहते चर्बी तो थी हमारे अंदर हमें. पता नहीं था कि हम ही आचार्य महामंडलेश्वर. बनेंगे हमने बोला बनाएंगे किसी दूसरे. कोचार्य महामंडल मैं फाउंडिंग मेंबर. रहूंगी है ना बिहाइंड द सीन में रहूंगी और. कुछ. नहीं तो सारे 13 अखाड़े हमारे खिलाफ हो गए. कि हम मान्यता नहीं देंगे हम बोले कौन. आपसे मान्यता मांग. ले देव दानव यक्ष गंधर्व किन्नर अप्सरा.
संत महात्मा साधु तो संत महात्मा साधु हम. से नीचे हमें कोई टेंशन नहीं है हम किसी. के पास मान्यता मांगने नहीं गए तो हरिगिरी. और मेरी पुरानी पहचान थी हरिगिरी जी. महाराज की मेरे गुरु जी की बड़ी पुरानी. पहचान थी तो गुरु जी से हमारी बातचीत होती. रही उन्होंने बोला कि किसी अखाड़े को जोड़. लो किसी अखाड़े के साथ तो 2016 में यह. बातचीत होती रही और कुछ तय नहीं हो पाया. और और हमने धड़ल्ले से सबके अगेंस्ट जाके.
सब कुछ के अगेंस्ट जाके गवर्नमेंट से. लड़ाई करके जमीन ली सब कुछ की गवर्नमेंट. ने सपोर्ट भी किया है ना मैं झूठ क्यों. बोल शिवराज जी और थावरचंद गहलोत जी ने ये. सब लोगों ने सपोर्ट किया कि इट्स अ गुड. आईडिया कि किन्नर अपने धर्म में वापस आ. रहे हैं सब कर रहे हैं और बहुत जन जुड़े. भी हमारे साथ लोग हज किए हुए वो वापस. सनातन धर्म में आए लोग क्रिश्चियनिटी. छोड़कर वापस सनातन धर्म में आए यहूदी धर्म. छोड़ के सनातन धर्म में आए तो अलग-अलग. धर्मों के भी लोग हमारे इधर जुड़ते रहे और.
हमने पहले दिन से ही खुला दरवाजा रखा था. कि हम मर्द औरत किन्नर सबके लिए किन्नर. अखाड़ा अपनी दरवाजा खुला रखेगा क्योंकि. तिरस्कार क्या होता है वह किन्नरों से. अच्छा कोई नहीं जानता 2016 का कुंभ हो गया. 2019 का अर्ध कुंभ आया और वहां पर हमारा. एग्रीमेंट जूना अखाड़े के साथ हुआ कि. किन्नर अखाड़ा था है और रहेगा और जूना. अखाड़े के साथ शाही सना करेगा 2021 के.
कुंभ में करोना काल के कुंभ में हमने जूना. अखाड़े के साथ सारा कार्यक्रम किया और. हरिगिरी महाराज जी से पूर्ण सन्यास लिया. हमने और वहां से हमारी कहानी और भी अलग. हुई और हम जूना अखाड़े के साथ ही रहे और. 2025 का भी कुंभ किया हमने बड़े अच्छे से. किया मैंने एक जैसे क पढ़ रहा था मैं कि. 13 अखाड़े हैं जिसमें सात शव संप्रदाय से. आप लोग भी शायद श से आते तो हमारा तिलक शव. कहते शव से आप लोग आते हैं वैष्णव स तीन. है तीन उदासीन से हां तो शैव से आप लोग.
हैं हम तो शैव से हम जूना अखाड़े के साथ. हैं जी तो अब कोई विरोध किन्नर अखाड़े को. लेकर अभी नहीं नहीं हमारे गुरु जीी हैं. अवदे शन जी हैं अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष. रविंद्रपुरी महाराज जी हैं सब हमें बहुत. प्यार करते हैं बहुत आशीर्वाद देते हैं और. साधुओं ने तो समाज को दिखाया कि मतलब. तिरस्कार नहीं होना चाहिए किन्नरों का. उनको अपनाना चाहिए तो ये महामंडलेश्वर का. काम क्या होता है वो एक मंडल का अध्यक्ष. होता है वह अपने धर्म कर्म और सोशल वर्क.
का आगे बढ़ाए आगे काम करें अपना प्रसिद्धि. करें अपना नाम बनाए अच्छा काम करें धर्म. को उत्थान की तरफ ले जाए कुछ डू एंड डोंट. भी होता है कि तो ये नहीं कर सकते वो अब. क्या शराब पीके वो लौट नहीं सकता है ना. मॉडर्न कपड़े पहन के घूम नहीं सकता ना. हमारे अखाड़े में हमने रंग बिरंगी कपड़े. पहन सकते हो क्योंकि हम श्रृंगार में. विश्वास करते हैं तो हम हर एक रंग को हर. एक रंग प्रभु का रंग है हमारे हिसाब से हम. भगवा भी पहनते हैं हमारा भी प्रिय भगवा. रंग है माता का रंग है तो हम पहनते हैं और.
बहुत सुंदर तरीके से हम श्रृंगार में रहते. हैं हमेशा क्योंकि किन्नरों की और हमारे. अखाड़े में जो मर्द औरत भी जो शामिल होते. हैं हम भी उनको कहते ग्रूम रह के रहा करो. मतलब मुझे थोड़ा कलरफुल कलरफुल नहीं मतलब. सुंदर दिखो सुंदर दिखो है ना मतलब वो. मटमैला मत रहो आप अपने आप को साफ सुथरे. सुंदर साफ सुथरे सुंदर प्रेजेंट बल रहो. समाज के आगे कि समाज में कोई भी आपके पास.
आए तो वोह डरे ना आपसे आप अब हमारे इधर. अघोरी भी हैं यह भी है तो वो लोग भी बहुत. सुंदर रहते हैं बहुत अच्छी तरीके से अपनी. साज सज्जा में रहते हैं मुंडमाला पहनते. हैं हमारे अखाड़े में अभी म अघोरी गुरु मण. कंडन को हमने शिष्य बनाया महामंडलेश्वर. बनाया तो वो भी मुंडमाला भस्म वगैरह लगा. के अपनी पूजा वगैरह सब करते लंगोट में. वगैरह तो वो अपनी परंपराएं करते हैं हम. अपनी परंपराएं करते हैं और सबके अलग-अलग. डोज एंड डोंट्स है और अगर कोई नाटक किया.
या कोसी ने मर्यादा का उल्लंघन किया हमारे. इधर लक्ष्मण रेखा नहीं है पर मर्यादा है. बट वही पूछ किन्नर अखाड़े में डोंट क्या. है ये करोगे तो निकाल दी नहीं नहीं आप. धर्म के प्रति और. अपने विचार और अपने वाणी और अपनी पहनावे. से अगर आप सनातन धर्म पर कोई आक्षेप लगता. है तो उस व्यक्ति को हम निकाल देते हैं. ऐसे बहुतों को भी हमने नमस्कार कर दिया.
है एक नाम आया ममता कुलकर्णी. हां यमाई ममता नंदगिरी श्री यमाई ममता. नंदगिरी. अब जी लोगों ने पूछा वो क्या था क्यों था. किस लिए था अब देखिए जब वो 23 साल से. मुख्य धारा समाज से भी वो अपने आप को. जिंदगी में अलग कर दी और वह ढाई साल ढाई. तीन साल से मेरे टच में थी तो वो अपने. पूरी परंपराएं बता रही थी और वो जूना.
अखाड़े के स्वामी से दीक्षित भी थी और वो. जब कुंभ में आई तो मुझसे मिली वापिस वह. बातचीत हुई और बाद में दूसरे दिन वह कही. कि इतना सुंदर. आज शुक्रवार का दिन. है इससे अच्छा क्या होगा कि एक. अर्धनारेश्वर मेरा पट्टा अभिषेक करें और. मैं महामंडलेश्वर बनू और मैं सनातन धर्म. में अपनी जिंदगी को पूर्ण रूप से अपने. आपको को सनातन धर्म के कार्य के लिए काम. के लिए समर्पित करना चाहती हूं तो उनका.
विचार अच्छा था तो हमने कर दिया बट. महामंडलेश्वर बनने की कोई क्राइटेरिया तो. होता हो अरे वो तो पहले से साधक थी साधना. करती थी पढ़ाई यां करती थी मंत्र जाप. वगैरह सब करती से सुने हमने सुना कि वो. किसी अबू सलेम के साथी के साथ भाग गई थी. बाहर विक्की के साथ रहती थी वो सारी बातें. आपकी सत्य होंगी हां है ना सत्य होंगे. हमें भी पता थी ये सारी बातें सारे केसेस. उसके स्क्वाश हो गए थे हम है ना सारा रेड. कॉर्नर नोटिस वगैरह सब निकल गया था तभी.
जाके हमने अब देखिए उंगली मार भी थे हम. उंगली मार क्या बने वाल्मीकि हम संत. ब्रह्म ऋषि वाल्मीकि बने हम महानंदा क्या. थी नगर वधु थी उनके वजह से प्रदोष का. उपहास शुरू हुआ तो यह परंपराएं हमारे. सनातन धर्म में रही है कि गणिका एं. भी जब धर्म में आई तो वो ऊंच स्तर पर गई. है हम तो जब गणिका जाती तो एक कलाकार जो.
गंधर्व रूप में है वो क्यों ना ऊपर जाए. ठीक बात है लॉजिक आपका ठीक है है ना क्यों. हम किसी को जो सनातन धर्म के शरण में आए. क्या हम उसका तिरस्कार करें आज आपको पूछती. शुभंकर जी यही ममता जी जाके इस्लाम कबूल. लेती और हज मदीना कराती तो ये सनातनी. जितना विरोध कर रहे थे क्या वोह कुछ कर. पाते मुस्लिम महिलाओ को इजाजत होती है. वहां जाने की सबकी होती है बच्चे औरत. हमारे तो सब जाते हैं किन्नर भी जाते. हैं तो फिर आप लोग बैकफुट पे क्यों आ गए.
आप लोग फ्रंट फुट पे क्यों नहीं आए क्यों. उन्हें बाद में उन्होंने खुद कहा कि मैं. हट रही हूं या आपको लेकर एक खबर आ गई कि. आपको ही हटा दिया गया ममता कुलकर्णी को. हटा दिया गया अरे ये सब कहते हैं हमारे. फेम पे ना दो हमारे कंधे पे रख के बंदूक. चलाई हां किसी ने अब वो ऋषि अजय दस को. हमने पहले ही बाय-बाय कर दिया था हां और. ऋषि अजय दस ने कहा कि ममता कुलकर्णी को. हटा दिया है मैंने और लक्ष्मी नारायण जी. को भी पद मुक्त कर दिया गया है पास एक बात. बताइए शुभंकर जी आपका न्यू बुक्स है न्यूज.
बुक न्यूज बुक न्यूज बुक है ना न्यूज बुक. है आपका तो न्यूज बुक से क्या मैं आपको. हटा सकती हूं नहीं अब हमारे किन्नर अखाड़े. के बोर्ड में हमारे ट्रस्ट में हमारे. सोसाइटी में आपका कोई पद है ही नहीं तो. क्या आप मुझे हटा पाओगे नहीं तो ऋषि अजय. दास को पहले ही नमस्कार कर दिया उनके. कुकर्म की वजह से तो आपने टीवी वालो को. रमेशन क्यों नहीं मारा सारे टीवी वाले चला. र नहीं डिफॉर्मेशन तो हमने डाला हुआ है हम. वेट कर रहे जैसे एड्रेस मिलेगा हम. रिफॉर्मेशन उनको भेज देंगे हमने एक और.
तथाकथित. अपने आपको जगतगुरु बोल रही हैं वगैरह उनके. ऊपर भी हमने केस डाल दिए है ना अब हम यह. सारा तो लॉ टीम हमारी देख रही है और. ज्यादा बोलने से क्या फर्क पड़ता है जब हम. हैं और रहेंगे और यमाई ममता ने गिरी थी. हैं और रहेंगी बाद में उन्होंने इस्तीफा. भी दिया बाद में इस्तीफा भी लिया वो भी. वीडिया वो भी वीडियो पूरे समाज में फैल के.
देखा सब न्यूज़ वालों ने चलाया क्यों. क्यों उन्होंने इस्तीफा दिया और क्यों. आपने लिया शी गॉट इनटू हमने लिया नहीं. इस्तीफा शिवांकर जी शी गॉट इनटू प्रेशर कि. हमारी गुरु को इतना तकलीफ क्यों हो मेरी. वजह से क्योंकि कंट्रोवर्सी जैसा बना दिया. ना एंड आई थॉट दिस इज रियली मेरे को लगा. यह बहुत बुरी बात है कि कल शुभांक जी भी. अगर धर्म में आना चाहे और वो कंट्रोवर्सी. बन जाए तो ये ग बात है तो ममता कुलकर्णी. को एक ति व्यक्ति के तौर पर कैसे आप देख.
रहे हो मतलब आप तो मिले बहुत अच्छे बहुत. अच्छी है सुलझी हुई है उनके अंदर काली. माता सक्ष में आई थी वो उनसे पूछना. पड़ेगा मेरे अंदर कोई माता नहीं आती हम. भक्त है माता के मतलब उन्होंने कई सारे. बड़े-बड़े दावे किए उन्होने इंटरव्यू दिया. अब देखिए वो वो उनके पर्सनल चीजें हैं वो. अखाड़े के प्रति की बात नहीं है ना मैं. अखाड़े को रिप्रेजेंट कर रही हूं मैं. आचार्य महामंडलेश्वर किन्नर अखाड़े कोई. अगर आपके अखाड़े में आता है तो उसकी जिम. भी आप क पुण्य भी उसका पाप भी उसका सब कुछ.
मेरा है तो अब आती होंगी तो आती होंगी ऐसे. बहुत बाबा है जो अपने आप को कृष्ण भगवान. कहते कोई अपने आप को काली माता कहते कितने. ऐसे आप आप मोबाइल चला दो तो इतने बाबा आए. हैं आजकल जिसके अंदर कौन सी माता आ रही है. कौन से भगवान आ रहे हैं कौन से गुरुजी आ. रहे हैं सब कुछ चल ही रहा है आजकल यह तो. देख के मैं भी अचंभित होती हूं आपके अंदर. कोई नहीं भगवान मेरे मुझे मेरे हिसाब से. मुझे यह लगता है कि मेरे भगवान के पास. इतना टाइम नहीं है या मेरा शरीर मेरा.
मनुष्य का यह शरीर इतना बलशाली नहीं है कि. इतनी बड़ी शक्ति को वह झेल ले आज कोई माता. मेरे अंदर आए या कोई प्रभु मेरे अंदर आए. मेरे तो मैं उसी वक्त शांत हो. जाऊंगी मेरे शरीर क्या उस काबिल है कि वह. सह पाए सही बात है मैं य फन में पूछा. लेकिन ये जनता को बेवकूफ बनाने की तरकीब. लगती. है मुझे बड़ा अजीब लगता देखो शक्तियां हैं. लोगों के पास शक्तियां हैं ऐसे ऐसे साधुओं.
को मैं जानती हूं ऐसे. ऐसे ऐसे ऐसे जगत गुरुओं को मैं जानती हूं. जिनके अंदर बहुत सिद्धियां है और मैं अपने. आंखों से नग्न आंखों से उनको देखी हूं. टेस्ट करी हूं सब कुछ है तो ऐसों को मैं. नमन करती हूं अभी हरिगिरी महाराज जैसे. मतलब सनातन की शिरोमणि उनको मानते हूं कि. इतना काम कि इतने आश्रम बनाए इतना कर्म. करते हैं कहीं कुछ नहीं है उनके हाथ में. ना इसमें वो बड़े प्रसन्न रहते हैं ऐसे भी.
वो क्या उन्हें कहते. हैं मस्त मलंग जैसे लोग ना मैंने देखा है. और मैंने बहुत ही मेरी जिंदगी में पर किसी. के अंदर देवी आ जाए किसी के अंदर भगवान आ. जाए किसीके अंदर गुरुजी आ जाए किसी के. अंदर कौन आ जाए आई डोंट बिलीव दिस. शक्तियां है शक्तियां आशीर्वाद देने के. लिए शक्तियों को नमन करने की जरूरत है. शक्तियों को फील करने की जरूरत है अपनी. साधना हों से अपनी कुंडलियों को जागृत.
करने की जरूरत है सिद्ध होने की जरूरत है. पर यह सब बोलना मेरे हिसाब से ये गलत बात. है हमारे एक बागेश्वर बाबा है उन्होंने. सवाल पूछा तो उन्होने कह दिया नेपी बाबा. है वो अब बागेश्वर बाबा को ये सारी बात भी. बोलने की ठीक बात नहीं थी हम आपके बारे. में नहीं बोलते ना आपके पास क्या विद्या. है क्या नहीं विद्या है आपकी क्षेत्र में. तो छोटे-छोटे बच्चे भी यह खेल करते. हैं पर्चा तो बहुत लोग बनाते हैं और आप. अकेले नहीं हो आज मीडिया से और गवर्नमेंट. मतलब आज मीडिया से आप इतने सपोर्ट आपको.
मिल गया तो अच्छी बात है है ना पर आपको. हमारे अखाड़े के बारे में या किसी के बारे. में ऐसे प्रश्न चिन्ह करना सही बात नहीं. है कोई आप पे प्रश्न चिन्ह नहीं कर रहा है. तो आपको भी नहीं करना चाहिए आप अपने आप को. इतना सनातनी के बारे में बोलते तो जो. सनातन में हमारे बच्चे आ गए तो उनको. सपोर्ट करना चाहिए आप इतने बड़े पद पे हो. इतनी बड़ी फॉलोइंग है आपको ऐसे बयान देना. चाहिए जो सनातन धर्म को उत्थान की तरफ ले. जाए ना कि किसी का दिल तोड़ के और किसी को.
नीचे ले जाए आपके अखाड़े को लेकर उने ममता. जी को लेकर कहा था वो चाहे वो ममता जी को. बोले या हमें बोले बात एक ही हो जाती है. ना हा उस वक्त तो आपको नहीं दिया उन्होंने. अभी जो उन्होने कैंसर हॉस्पिटल खोला है. नहीं कोई हमें नेवता नहीं. देता आपको दुनिया बुलाती शुभ कार्य में. नहीं शुभ कार्य में बुलाती है हमारे. किन्नर गए थे वहां प है ना नीतू जी गई थी. सब लोग गए थे वो विवाह वगैरह किए थे कोई. पिक. जी 26 साल उनकी उम्र है तो कुछ चीजों के.
उनको छोड़ देते नहीं वो तो वो तो मेरे लिए. तो मैं जिस उम्र की हूं आज अगर औरत रहती. तो उतना बड़ा मेरा बेटा रहता है सही बात. है है ना मैं शादीशुदा रहती में गोरखपुर. से मेरे माता-पिता आते तो बहुत कम उम्र. में ही शादी हो जाती है ब्राह्मण लड़कियों. की सबकी हमारे क्षेत्रों में जल्दी 18 19. 20 21 साल में शादी हो जाती है तो पहला. बेटा अगर मेरा रहता तो उतना बड़ा रहता और. वो सुंदर बेटा भागेश्वर तो मेरे समान है. मैं उनको बड़ा प्यार करती हूं उनकी हंसी.
मुझे बहुत अच्छी लगती है आप दोनों का. संवाद जब होगा तो मजा आएगा हा मुझे बहुत. प्यारे लगते हैं मुझे उसकी उनकी जो. मुस्कान है और जो चंचलता है क्योंकि कभी. मेरी जिंदगी में भी इतना चंचलता मेरे अंदर. थी तो उनकी चंचलता उनकी मुस्कान उनकी. सिंपलीसिटी और जो परिश्रम से वह आए हैं. उसका साधुवाद है सुंदर सुंदर एक और केस. आपके आया थाम वशिष्ठ नाम था शायद किसी. महिला का किनर अखाड़ दो महीने पहले उनकी.
शादी हुई थी और फिर महामंडलेश्वर उनको शद. बना दिया गया था तब भी सवाल आया था कि जो. शादीशुदा व्यक्ति दो महीना पहले शादी हुई. थी तो उन्होंने सब छोड़ दिया था ना सब. छोड़ दो महीना पहले शादी हुई थी बाद में. सब छोड़ छाड़ के वो चली आई थी ब दो महीने. टाइम तो कम होता है नामसे अब उनके डिस में. भी छ महीने समय देती अदालत अब सुनिए एक. बात उन्होंने वो कथावाचक थी है ना ममता. कथावाचक थी तो उनका इतिहास कथा वाचक का था. और उनको धर्म में ही रुचि थी और उनकी शादी.
हो गई थी ब जब हमारे पास आई तो वो सिंगल. आई तो हमने उनको महामंडलेश्वर बनाया तो. महामंडलेश्वर बनाने का कोई पैरामीटर रखा. आप लोगों ने हा जो धर्म जो धर्म का ज्ञाता. हो जो धर्म की परंपराएं लेकर चलता हो. जिनके अब जो भी हमारे इधर मैक्सिमम. महामंडलेश्वर उनके मंदिर है मठ है गौशाला. है ये सारा पैरामीटर्स तो है ही एक और. सवाल मेरे पास बहुत आया वो यह था कि. महामंडलेश्वर पद ब्राह्मणों को ही क्यों. मिलता है ब्राह्मण हम इर नहीं जरूरी है. हमारे अखाड़े में सबसे ज्यादा दलित लोग.
हैं जिनको महामंडलेश्वर का पद दिया है कि. किसने बोला य दलित समाज से ही सवाल आया था. जैसे आप आपके नाम को लेकर भी व कह रहे थे. कि आप त्रिपाठी हैं ज्यादातर महामंडलेश्वर. पद पर ब्राह्मण ही बैठे किन्नर अखाड़े ने. भी ब्राह्मण को ही आगे बढ़ाए यह आरोप लग. रहा था ना ना ना हमारे अखाड़े में आप. लोगों को पता क्या है आप आके देखिए जी कि. कितने अलग-अलग. जाति से अलग-अलग धर्मों से अलग-अलग. परंपराओं से जो लोग आए हैं हमने सबको.
बनाया र अखाड़े में और दलित या बाकी दलित. सबसे ज्यादा. है आप तो बाहर का पिक्चर देख रहे हो आप. मुझे देख रहे हो क्योंकि मैं ब्राह्मण. पैदा हो गई पर मैं भी तो किन्नर हूं ना. मेरी भी जिंदगी तो ब्राह्मण होने से मुझे. ताज नहीं मिल गया ना मे भी मेरा परिश्रम. है जिंदगी का मुझे नोबल प्राइज नहीं मिल. गया ना कि मुझे डायरेक्टली सब पोस्ट मिल. गए सब पोजीशन मिल गए जिंदगी में मैंने भी. मेहनत करी कि में जात पात होता है. किन्नरों में जात पात नहीं होता है पर.
होता है नहीं होता पर होता कैसे हम 70 जात. की रोटी खाते हैं हमारे को कोई जात पात. का भेदभाव है नहीं यह तो नहीं होने का हो. गया हा अब होता कैसे है अब होता ऐसे है कि. कभी-कभी कुछ लोग जात पात कर ही देते हैं. क्योंकि यह समाज से ही यह समाज है तो जब. समाज में जात पात है तो इस समाज में भी. होता है ओके धार्मिक लड़ाई भी होती है. किनरो में अभी तक तो मेरी नजरों में नहीं. है पर कुछ लोग करते हैं ओके ठीक है आपके.
अखाड़े में झगड़े बहुत सारे आते कई सारे. झगड़े आते रहते कि जैसे एक मोहतरमा को मैं. देख रहा था हिमांगी जी शायद उनका नाम था. वो हमारे अखाड़े से नहीं है उन्होंने कहा. ये देखिए यहां प आंखों प मारा वो अपनी. टांगे दिखा र थ टीवी च सुनि एक बात हमारे. पास वीडियोस है हमारे पास प्रूफ है हमने. मानहानि का दावा भी किया है उनके ऊपर वो. पहली बात वो परी अखाड़े से जगतगुरु है. त्रिकाल भवंती गुरु है जिन्होंने उनको.
जगतगुरु बनाया हम त्रिकाल. भवंती हैं वह किन्नर अखाड़े से है नहीं. वीडियोस हैं हमारे उनके इधर जा र के हम. उनको समझाने गए थे अब उन्होंने कहा कि. उन्होंने क कि पीछे चाकू लगाया था और क. बताते रहो वडियो में अब वीडियो में सबके. चारों के चारों जो बैठे हैं सबके हाथ आगे. हैं अब मेरे पास तो भगवान जैसे पांच हाथ. नहीं है ना कि मैं चाकू लगा के आया अब मैं. इधर बैठी हूं और ऐसे दोनों हाथ आगे. सारे कैमरा के और मैं चाकू लगा के बैठी.
हूं पागल है क्या ऐसी बातें करते हम. आतंकवादी या गुंडे दिख रहे हैं क्या है ना. धर्म के इतने उच्च पद पर बैठे हैं और यही. काम रह गया हमारी जिंदगी में करने के लिए. जगतगुरु साधवी आचार्य इनमें क्या डिफरेंस. है वो जगतगुरु बन गई है वो जगतगुरु वो तो. वो त्रिकाल भवन होता जाने और वो तथाकथित. जगतगुरु जाने बट कुछ तो क्राइटेरिया कि. जगतगुरु. य त्रिकाल भवन से पूछे मैं उस बात बारे. में ज्यादा बोलना नहीं चाहती हूं आचार्य.
आचार्य और साधवी में क्या अंतर होता है. साधवी तो साधवी कोई भी हो सकता है आचार्य. महामंडलेश्वर महामंडलेश्वर श्री महंत महंत. थानापति साधु संत यह सब साधवी सब लोग ऐसा. है कर ठीक है सनातन में किन्नर की भूमिका. क्या रही है किन्नर नहीं रहते तो सनातन. बचता कहां कैसे क्या आज श्रीखंडी नहीं. रहते तो भी पितामह को शैया पर कैसे लिटा. तारों के बात तीरों के तीरों की शैया पर.
टानेनबाउम. साल राम जी वनवास गए तो किन्नर गए थे तमसा.
नदी तक छोड़ने तो राम जी ने कहा नर नारी. पशु पक्षी लौट जाओ किन्नर को तो कुछ नहीं. किया 14 साल वहीं इंतजार किए तो प्रभु आए. और आशीर्वाद दिए कि कलयुग में आपका राज. होगा जिसको आशीर्वाद दोगे वह आशीर्वाद. होगा जिसको श्रप दोगे वो श्राप होगा भगवान. शंकर और अर्धनारेश्वर का भी संबंध है. अर्धनारेश्वर क्योंकि किन्नर जब उत्पत्ति. हुई ब्रह्मा के कमंडल से ब्रह्मा ने शिव. को दे दिया हम तो हम शिव की गण मानने जाते. हैं भगवान भोलेनाथ के.
जी भगवान शिव आप लोग के आराध आप लोग. आराध्य है शिव जी की पूजा करते हैं आप लोग. हा हां महाकाल की पूजा करती शिव की पूजा. करते हैं जी किनर में पूजा पाठ कैसे होती. जैसे आपका अखाड़े किनर अखाड़ा है तो जैसे. आप लोग में होती वैसे ही होती है सिर्फ. हमारी बहुचरा माता की पूजा रात को 12 बजे. से शुरू होती है सुबह 4 बजे तक की शुरू. होती है पहला पहर वो क्या कहते हैं पहली. ली जब आती है तब हम नदी में.
जाकर जल वगैरह और दूध वगैरह यह करते हैं. प्रवाहित करते हैं उस पूजा की किन्नर समाज. को लेकर सबसे बड़ा मिथ क्या है बच्चे. चराते हैं बाद में जब मर जाते हैं तो चला. के ले जाते चप्पल मारते हैं है ना मरने के. बाद इनका चेहरा देख जाओ तो तुम करोड़पति. हो जाओगे यह सारी बातें हैं मुझे बड़े. अजीब अजीब सी कहानी और भी होती है किसी ने. पूछा आपसे ये सब बहुत कुछ पूछते हैं कि. आपको घर में ही दफना दिया जाता है अब मैं.
फिफ्थ फ्लोर में रहती हूं अगर मैं मर गई. तो मेे घर में दफनाए तो वो तो मैं फोर्थ. फ्लोर पर चली जाऊंगी है ना मतलब हद है. लोगों की ल सॉर्ट्स ऑफ क्वेश्चन आपको खड़ा. दफनाया जाता है आपको बिठा के दफनाया जाता. है आपको चौक पर ले जाकर चप्पल चप्पल मारा. जाता है मरने के बाद हद अच्छा. ले जाते हैं उन्हें चपल मते सब झूठ है हम.
जब देखिए जो मुसलमान मरता है तो उसका. बकायदा जनाजे की नमाज होती है जो हिंदू. मरता है उसकी प्रॉपर अर्थी निकलती है हम. जैसे सनातन धर्म में जैसे इस्लाम में है. जैसे क्रिश्चियनिटी में जैसे यहूदी परंपरा. में कोई भी किन्नर जिस परंपरा में है वह. मरता है तो उसका उस तरीके से लेके जाते. हैं और कौन अपने गुरु जिसने सारी संपत्ति. प्रेम भाव सब कुछ तुम्हें देके जा रहा है. उसको कौन चप्पल से मारेगा यहां तो अपने मर. जाते मां-बाप ने घर से हका दिया गुरुओं ने. सहारा दिया उस गुरु को कोई.
मारेगा कितनी भ्रांतियां है बच्चे तो खुद. तुम आके दरवाजे पर छोड़ जाते हो और बाद. में कहते हो किन्नर बच्चे चुराते इतना. टाइम तो हमारे पास नहीं है भैया अच्छा य. इसीलिए रखा तो नहीं गया कि आप बच्चे छोड़. आते हो इसलिए कह दिया किनर चुराले हां यही. है ना जैसे आपने फिल्मों में बड़ा देखा है. कि वो दिखाते हैं कि किसी का किन्नर पैदा. हो गया छिपा के रखो पता लग गया तो आएंगे. उठा के लेक चले जाएंगे क्यों ले जाएंगे. उठा के खुद के खाने के लाले आजकल बच्चे कम. पैदा हो रहे हैं इस देश में लोग बधाई नहीं. देते हैं और खुद बच्चे उठा के ले जाएंगे.
किनरो के बारे में कोई ऐसी चीज जो लोगों. को जाननी चाहिए नहीं पता है हम उतने ही. इंसान है जितने आप हैं हमारी परंपराएं अलग. है और उस परंपरा बनाने में ही आप ही का. समाज है कोई ऊपर से कोई समाज नहीं आया. था हमारे बुजुर्गों ने ही समाज को एक. सम्मान के तरीके से बनाया था वेद उपनिषद. में हमारा है सब कुछ है तो आप क्यों मतलब. हम कुछ अलग तो नहीं है ना इस देश में आधी.
आबादी का बड़ा जिक्र होता है महिलाओं का. उन्हें बराबरी का दर्जा मिलना चाहिए अब. समाज में बदलाव जो है वो तो पॉलिटिकल. सिस्टम से आता है इस देश में कोई किन्नर. सांसद नहीं बना जितनी मेरी जानकारी नहीं. अभी तक नहीं बना ये क्यों ऐसा रहा. किन्नरों में झिझक थी अधिकार नहीं था नहीं. नहीं बीजेपी ने टिकट नहीं दिया मुझे इसके. लिए नहीं बनी मैं अरे तो कांग्रेस से ले. लेती है एसपी से ले लेती से हम बीजेपी से.
ही. लेंगे हमें अमित शाह जी हमें टिकट दे तो. हमारे इधर से भी. कोई मोदी जी का भी आशीर्वाद रहे तो हमारी. तरफ से भी कोई एमपी बने कोई राज्यसभा. मेंबर बने मैंने यूपी में सुना था आम आदमी. पार्टी ने दिया था क्या पता हमें कुछ नहीं. पता यह सारी बातों का यह मिथ्या जीत के तो. कोई नहीं आया यूपी में आम आदमी पार्टी. जनाधार कम है अभी अब हमको पॉलिटिक्स. ज्यादा समझ में नहीं आता है तो हमने कहा.
ना कि अगर मोदी शाह समझ में आते हैं आपको. नहीं अगर मोदी और शाह देंगे टिकट तो वहा. ही से देंगे ना जहां से हम जीत के आएंगे. हा है ना तो वो इतनी तो वो अमित शाह जी के. पास. इतनी शक्ति है कि वो वैसा टिकट देंगे कि. जहां से हम हारेंगे नहीं अमित शाह की फैन. हो आप नहीं नहीं मैं सबकी फैन हूं मिले. अमित शह मोदी जी से वो कोई मिलता मिलना ही. नहीं चाहता अगर मिलना चाहेंगे तो जरूर. मिलेंगे चुनाव लड़ना चाहोगे मालो मोदी. राज्यसभा भेजेंगे तो चली जाऊंगी लोकसभा. नहीं लगी आप बहुत पैसा है ना जब निर्मला.
सीता रामन कहती है कि मेरे पास पैसा नहीं. है तो मैं कहां से इतना पैसा लाऊंगी. बीजेपी दे देगी आपको चलो दे. दे या डरते हो कि आप बहुत ब्लंट हो. पॉलिटिक्स में फिट नहीं होगी नहीं मैं. राज्यसभा में फिट हो. जाऊंगी मैं ब्लंट कहां हूं मैं सत्य बोलना. क्या ब्लंट होता है बट पॉलिटिक्स में. ज्यादा सच लोग पसंद नहीं करते ना वो चाहते. कि पार्टी लाइन क बार डिस्टर्ब होती है. पर मोदी जी बहुत सत्य बोलते हैं चलो आप कह. रहे हो तो मैं इस बात को मैं भी आपको.
मानती हूं क्योंकि ये पॉलिटिकल इंटरव्यू. नहीं फिर भी मैं आ रहा हूं ठीक है आपको. लगता है सनातन धर्म में किन्नरों को उचित. सम्मान मिला है मौजूदा दौर में हां जरूर. आप जैसे कुंभ गए थे सारे अखाड़ू जितना. सम्मान आपको भी था हां हां सबको जितना. सम्मान सबको था उतना सम्मान हमारे को भी. था क्या खास अनुभव रहा इस बार के. प्रयागराज महाकुंभ में नहीं देखिए जैसे. सबको सुविधाएं मिलती है हमें भी उतनी. सुविधाएं मिली. शाही स्नान के लिए व्यवस्थाएं सबकी होती. है वैसे ही हमारे लिए भी व्यवस्थाएं थी तो.
कुछ अलग नहीं था जो सबको था वह हमें भी था. कुछ अनुभव साझा कीजिए ना प्रियाग राज का. कैसा अनुभव रहा इस बार का बहुत ही अच्छा. रहा विजय किरण आनंद ने बहुत अच्छी तरीके. से हमारी पूरी छावनी को बनवाया और सब कुछ. अच्छे से किया धार्मिक अनुष्ठानों में. किन्नरों की भूमिका और कैसे क्या काम कर. रहे हो अभी आप लोग क्या आपके भी टास्क. होते होंगे ना कि लॉन्ग टर्म प्लान करते. होंगे आप लोग अभी भी हम रा हीलिंग वगैरह. पर कभी काम करना शुरू करेंगे सबसे बड़ी.
चुनौती क्या है अभी आपके लिए मौजूदा दौर. में. डिस्क्रिमिनेशन किस लेवल प लेवल बहुत है. ना आप अगर आप देखिए इस रूप में है तो बहुत. एक्सेप्टेंस है आप नॉर्मल रूप में आ जाओ. तो आपको कोई एक्सेप्टेंस नहीं है आप. सिग्नल पर आज भी देखते हो किनरो को सेक्स. वर्क में आज भी देखते हो किनर को मैं. चाहती हूं कि समाज में यह सब ना हो बहुत. सारे दरवाजे खुले रहे किन्नरों के लिए. जॉब्स हो सब कुछ हो तो किनर क्यों रेलवे. ट्रैक रेलवे स्टेशनों पर या फिर जो बस. स्टॉप पर जो भीख मांगने की बात होती है वो.
क्यों करते हैं स्वेच्छा से या फिर अरे. मर्द औरत भी करते हैं किन्नर अलग दिखते तो. किन्नरों का नाम बदनाम है अब कुछ करें कुछ. काम ही नहीं है तो क्या करेंगे अच्छे पढ़े. लिखे जो हैं पर अब अब की जनरेशन वांट्स टू. वर्क काम करना चाहती है और उसके लिए. मल्टीनेशनल कंपनीज वगैरह ने अपने दरवाजे. खोले हुए हैं पर अब पता नहीं ट्रंप आने के. बाद कितनी बैक लैश होगा वो भी नहीं पता. हां जैसे डोनाल्ड ट्रंप ने अभी कर दिया कि. दे विल बी ओनली टू जेंडर मेल एंड फीमेल तो.
ये आप लोग को लगता है कि और पीछे ले जा. सकता है यह उनके देश में तो पीछे जा सकता. है हमारे मोदी जी ने तो ऐसा कुछ नहीं कहा. और आई बिलीव कि यह यह. टिपिकल कॉलोनियल मेंटालिटी और यह अलग. मेंटालिटी का यह असर है यू नो यह बहुत. बुरा मेंटालिटी का इशू ये जेनोसाइड है. टेक्निकली स्पीकिंग कि अगर आपने ऐसा बोला. है एक यूएस के प्रेसिडेंट ने ऐसा बोला है.
तो यह आप अपने ही देश में इतने बड़े. संख्या के मनुष्यों का जेनोसाइड कर रहे हो. आप बट अमेरिका वह देश है जो बाकी देशों पर. इन्फ्लुएंस काफी रखता है वहां की पॉलिसी. काफी लोग चुराते हैं आपको लगता है कि आने. वाले भविष्य में और भी देशों में शद के. नरों को लेकर ये रवैया अपनाया जाए कि मेल. एंड फीमेल ओनली टू जेंडर्स इंडिया में तो. नहीं होगा हम तो जानते हैं हमारे सारे. पॉलिटिशियन बड़े. संवेदनशील तो हम प्रे करते हैं कि हमारे. इधर ऐसा ना.
हो डर लगता है. कभी अभी जिस रूप में जा रहा है तो मतलब. यूएस को देख के थोड़ा धक्का तो लगा ही है. हालांकि भारतीय समाज में किन्नरों को लेकर. तो एक्सेप्टेंस रही है शुरू से हमारी. परंपराएं रही है प्राचीन परंपराएं रही है. तो इतना आसान नहीं है किन्नरों को अनदेखा. करना आज के जमाने में लेकिन जो बाकी. कम्युनिटी के लोग है जैसे अभी भी मुझे कई. बार मैं सोशल मीडिया देखता हको सम्मान. नहीं उतना आता किन्नरों को लेकर फिर भी. सम्मान जैसे किन्नरों से लोग आशीर्वाद. मांगने जाते हैं घर में बुलाते हैं लेकिन.
जो बाकी कम्युनिटी है जैसे ये सारे फैसले. आते तो उनका मजाक उड़ाते हैं लोग सोशल. मीडिया पर मतलब वो करते ही है मूर्ख लोग. हैं जो यह सब करते. हैं और इस बात का तो दुख होता ही है ओके. किनर में भी सरनेम होता है या आप लोग एक. दूसरे को वही जो मैंने जात पात वाला सवाल. पूछा था कुछ आपके भी छुआछूत होता है कुछ. डिस्क्रिमिनेशन की अपर का लो कास्ट नहीं. ऐसा नहीं होता. है कुछ फर्क नहीं पड़ता मैं ब्राह्मण हूं.
आप दलित तो हम एक प्लेट में खाना खाते हैं. कुछ फर्क नहीं आपकी कम्युनिटी होती है. जैसे कोई बाहर कोई व्यक्ति नॉर्मल परिवार. में परिवार निकाला तो कैसे आप लोग के साथ. वो शामिल तो वो आ जाता है वो खुद ही ढूंढ. के आ जाता है और स्वागत रहता है स्वागत. सबका रहता है हमारे इधर फिर खाना पीना. बाकी सब सब सब कुछ गुरु टेक केयर करते आप. जहां पर आप जिनसे दीक्षा आपने ली थी उनके. नीचे कितने लोग या आपके नीचे भी कितने लोग. हैं. मेरे तो सारे चेलो की संस्थाएं हैं. अलग-अलग कोई बैंक में मैनेजर है कोई कहां.
कुछ काम कर रहा है कोई कुछ कहां काम कर. रहे हैं तो हमारे चेले तो सब वेल सेटल्ड. है किनर में जैसे एक बात जो कई बार जैसे. मैंने ट्रेन में ट्रेवल किया तो ये आता है. कि लोग लज्जा का फायदा उठाकर वो थोड़ा. पैसे ट लेते हैं ये एक आरोप लगता है उन पर. ये सच है औरतें मर्द भी पैसे ठ लेते मुझसे. आपसे हां आप इतनी सुंदर दिखती हो माता जी. आप दे दो दे दो दे दो. तो हमें भी देना पड़ता है तो जैसा आप. प्रश्न मुझे पूछ रहे हो तो वैसे ही प्रश्न.
समाज को भी तो पूछना ये सच बात है हो सकता. है ऐसा होता लेकिन जैसे मैंने एक दो जगह. खुद भी जैसे मैं देखा कि ट्रेन में थे अब. उन्होंने घोड़ा घास से दोस्ती क्या करेगा. अब वो कभी नंगे भी हो जाते कभी ताले भी. पीट लेते कभी तमाशे भी कर लेते तो ये गलत. बातें हैं पर पांचों उंगली एक जैसी नहीं. होती ना ये भी बात बिल्कुल सही बात है सब. मर्द टेररिस्ट औरत टेररिस्ट थोड़ी ना हो. जाती है सब मर्द रेपिस्ट थोड़ी ना होते. हैं तो सब लोग सारे किनर एक जैसे थोड़ी ना. होते विवादों से आपक क आप कंट्रोवर्सी में.
क्यों आते हो बारबार क्या पता क्यों क्यों. मुझे खुद को नहीं पता लोग मुझे. कंट्रोवर्सी में जबरदस्ती खींच लेते. हैं मैं कुछ नहीं करती मैं चुपचाप अपनी. जिंदगी जीती हूं क्यों मैंने मल्टीपल दे. हिमांशी वाला था या ममता कुलकर्णी वाला था. या आपकी स्टेटमेंट आपका नाम जरूर ले लेते. हैं वो कहीं ना कहीं से आपको शामिल करते. टीवी चैनल वालों को भी आपसे मोहब्बत है. सुंदर नागिन सबको अच्छी लगती है वह बस में. नहीं कर पाते हैं ना इच्छाधारी नागिन को.
तो मैं रूप बदलती रहती ह कितने रूप है. आपके मेरे बहुत रूप हैन अरे सभी रूप है अब. मुझे समझ में नहीं आता शुभंकर जी मैंने. ऐसा क्या कर दिया अब ममता वो दीक्षा दे दी. तो इतना बड़ा क्या कर लिया और अगर मैं. किन्नर अखाड़े को उत्थान पर ले जा रही हूं. या किन्नर अखाड़े का विस्तार कर रही हूं. तो आपको तकलीफ क्या है अगर आप कथावाचक हो. तो कथा करो भाई. आप अपना चीज दिखाओ आप लक्ष्मी का माला. क्यों जप रहे.
हो मैं गलत हूं आप न्यूज बुक में आप. पॉडकास्ट कर रहे हो आप अलग न्यूज देखते हो. तो आपका काम आपको है अब मैं कहूं कि मुझे. भी यही करना है तो कैसे चलेगा भैया आपको. जिसका काम उसको. साझे तो मतलब ममता कुलकर्णी को शामिल करने. को लेकर आप पछतावा नहीं अफसोस नहीं आपको. क्यों. होगा कल आप भी आओगे मैं आपको भी शामिल कर. लूंगी आपको भी म तो साधु बना दूंगी आप. सीखते रहो छ साल अगर परिपक्व हो गए तो.
आपको भी महामंडलेश्वर बना दिया जाएगा. महामंडलेश्वर बनने का फायदा क्या होता है. अब जो बन रहा है उससे पूछिए मुझसे क्या. पूछ कह बड़ा पैसा मिल जाता तने आते काफी. पैसा ता. है जिनके पास आता होगा आता होगा हम तो. खर्च करके आते कुम में लंगर चलाते हैं मजे. से हजारों लोग खा रहे हैं हर सुबह दोपहर. शाम सब खा रहे हैं कु में करोड़ लोगों ने. स्नान किया आप लोगों से मिलते हैं सम्मान. की भावना पूरी रहती है बहुत रहती है मैं.
झूठ क्यों बोलू उनके बाल बच्चे जीते. रहे बहुत लोग प्यार करते सम्मान करते हैं. नमन होके आशीर्वाद लेते हैं चाहे वह. वीवीआईपी हो चाहे वीआईपी हो चाहे वो आम. श्रद्धालु गांव खेड़े का हो सब जगह वीआईपी. में कौन-कौन किसने किसने आपसे समान लिया. अरे सभी ने अब हम क्या नाम बताए कोई. चुपचाप आया कोई कुछ हम मीडिया प वो सब. नहीं दिखा चुपचाप क्यों आते हैं लोग चलो. नाम मत बताओ चुपचाप क्यों आते हैं चुपचाप. नहीं अभी रात को 2 बजे आ गए 12:00 बजे आ. गए सा आ मतलब 11 बजे के बाद आ गए अब जैसा.
उनको समय मिला आ गए व हम भी मिल. लिए अब थोड़ी ना सबका हम पोस्टर में डालते. रहे. आपको यह बात पता चली कई सारे सीरियल में. हमने आपको देखा फिल्म आपके नाम पर आई कई.
सारे आपने काफी टीवी पर काम किया है या. आपके नाम से टीवी पर काफी काम हुआ है नहीं. मैंने किया है मैंने बिग बॉस किया सच का. सामना किया 10 कदम किया राज पिछले जन्म का. सब तो कमर्शियल शोज है इनम ये सब हां ये. सब पैसों के लिए किया या अपने प्रसिद्धि. के लिए प्रसिद्धि के लिए नहीं देखिए बिग. बॉस जब. करी तब तक कोई किन्नर 24 मतलब हर दिन. प्राइम टाइम पर कभी टेलीविजन पर दिखाई. नहीं दिया तो ये एक्टिविज्म ही था कि समाज.
देखे सबको लगता था किन्नर बदतमीज होते. किन्नरों को मैनर्स नहीं होता तो ऐसी तो. बात नहीं थी किन्नर बड़े बुरे ड्रेस अप. होते हैं तो हमने अपने तरीके से अपने तौर. तरीके से ये दिखाया कि भाई हम सम्मानित घर. के होते हैं हम भी आप ही के समाज के बच्चे. और हम अच्छे रहते हैं तो यह हमने. एक वो क्या कहते सलमान के साथ काफी शोज. किया आपने हां 10 कदम में उन्होंने बुलाया. तो मैं गई. तो उन्होंने वह बहुत अच्छे व्यक्ति हैं. बड़ा सम्मान करते हैं और बड़ा प्रेम करते.
कैसा सलमान के साथ ही वेरी गुड बहुत अच्छे. ऑफ रिकॉर्ड वाला. पूछ नहीं ऑन द रिकॉर्ड भी डाल दीजिए उसके. जैसा व्यक्तिमत्व मैंने नहीं देखा ही इज. वेरी डाउन टू अर्थ और बहुत मतलब में शोज. के बाद भी दसों बार मिली रही होंगी तो व. बड़े नम्र तरीके से और बड़े प्यार और. इज्जत से मिलते. हैं बिग बॉस क या आप बहुत जबरदस्त नहीं. बिग बॉस 10 का दम सच का सामना मैंने राजीव. खंडेवाला के साथ किया चलो वो वापस नहीं.
मिले मैं भी नहीं मिली उनसे बड़ा हैंडसम. व्यक्ति था आपके जैसा गोरा गोरा है ना तो. वो शो मैंने बड़ा वो हमारी गेस्ट ऑडिटर. बहुत टच में है अगर आप चाहो तो हम टच में. लगवा देंगे नहीं कोई टच की जरूरत नहीं है. अब आचार्य महा मंडली शुरू हो गई मैं. मर्यादाओं का पालन करना पड़ हां सब सारी. मर्यादा अब तो कोई मतलब नहीं है कोई भी आ. जाए शाहरुख खान भी आ जाए तो हां अच्छी बात. है तो हां अब का करूंगी मैं सब पीना खाना. सब बंद करवा दिया गया हां नहीं मैंने खुद. ही अपनी स्व इच्छा से किया है ना बा और.
बाकी इच्छा सभी इच्छा दमन है सारी इच्छाओं. का मैंने मेरे दो बुक है द रेड लिपस्टिक. मैन इन माय लाइफ मेरी जिंदगी बड़ी खुली. किताब रही है हम और एक किता एक बुक है मी. मी लक्ष्मी मी मी लक्ष्मी. गुजराती मराठी हिंदी अ इंग्लिश ये चार. पांच भाषाओं में है और रेड लिपस्टिक मेन. इन माय लाइफ सिर्फ एक ही भाषा इंग्लिश में. है पेंग्विन रैंडम हाउस ने पब्लिश करी थी. और मी हिजरा मी लक्ष्मी ऑक्सफोर्ड.
यूनिवर्सिटी प्रेस ने इंग्लिश में पब्लिश. करी थी तो मैं जिंदगी बड़ी खुली तरीके से. जी हूं तो सलमान खान वाज वंडरफुल पर्सन इज. अ वंडरफुल पर्सन बहुत अच्छे व्यक्ति हैं. अक्षय कुमार और भी अच्छे व्यक्ति हैं हां. लक्ष्मी फिल्म हां तो लक्ष्मी फिल्म को. हमने सपोर्ट किया था क्योंकि उसमें आइडियो. जीी अच्छी थी वो आपसे इंस्पायर्ड थी पूरी. फिल्म आई डोंट नो नाम तो इस्तेमाल किया था. आपसे बातचीत तो हुई होगी नहीं बाद में.
बातचीत हुई पहले नहीं बातचीत. पर आपने कहा नहीं कि मेरा नाम क्यों. इस्तेमाल कर रहे हो नहीं मैं लक्ष्मी 100. है फेमस तो आप हो ना हा आबल मुझे मार नहीं. करना चाहिए ना जिंदगी में सबको करना चाहिए. जो काम तो जब उन्होंने हमारी सपोर्ट की. मांग करी तो हमने सपोर्ट किया और अक्षय जी. बहुत बेस्ट पर्सन है बड़े अच्छे. व्यक्तिमत्व है वो भी तो कुछ आपके समाज के. लिए उन्होने किया आपसे हेल्प मांगी. उन्होंने किया ना हमारे समाज के लिए साउथ.
में उन्होंने किया बहुत अच्छा काम किया. उन्होने ये सारे एक्टर सा आपने और उससे. पहले सीरियल में काम किया आहट में बहुत. पुरानी बात है यह तो डराते थे आप डराते थे. बच्चे चुराते थे कुछ नहीं करती थी आप डर. आप भी बच्चे रहे होंगे ना सही बात है हा ट. र. आई छोटे ही हो आप तो बच्चे ही थे त हां डर. ही जाते होंगे है ना हम तो वैसी नहीं थी. ना कि दूध पियो नहीं तो गब्बर को.
बुलाऊंगा रहा हूं क्योंकि मेरे पास सबसे. ज्यादा सवाल जो मैंने आपका पोस्ट डाली थी. तो सबसे ज्यादा जो क्वेश्चन मेरे पास आया. था वो यही आया था कि महामंडलेश्वर की. क्वालिफिकेशन क्या है कितने वेद शास्त्र. श्लोक का ज्ञान या फिर सिर्फ मुझे आपको. अच्छा लग गया तो डन है ऐसी बात नहीं है ना. हद है मेरे को अच्छा लगे तो मैं कर दूंगी. ये क्या है लगा थे कि ममता कुलकर्णी से. मैंने कहीं ज पढ़ा कि आप पर एलिगेशन लगा. के 1010 करोड़ रुपए आपने ले लिए उसने खुद.
अपने मुखारी बिंदु से कहा है उसने दो लाख. रुपए दिए छत्र. चवरिया लिया है हम 10 करोड़ लेती तो उसी. दिन पैक करके चली आती इतना पैसा मैंने. जिंदगी में नहीं देखा है भैया 10 करोड़. मिलता तो उसी दिन बोरिया बिस्तर बांधती और. कहती मेरा कुंभ हो गया अब तुम कंट्रोवर्सी. करते रहो मैं आके यहां ला लेती नोएडा में. आपके के पास और यही बगल में ही रहती और. चार पॉडकास्ट आपके साथ करती एक एक करोड़.
देती आपको अच्छा पॉडकास्ट करो हमारे साथ. है ना अरे यह सब सारी मिथ्या हैं उनके. बैंक अकाउंट सीज थे. तभी अभी जाकर खुले होंगे तो तब व कहां से. हमें पैसा देती और हम नहीं पैसा लेते और. जो लेते हैं वह हमारे अखाड़े के खर्च के. लिए पैसे लेते हैं लंगर कैसे चलेगा मेरी. फैक्ट्री थोड़ी ना चल रही है ट्र जब मैं. हजार लोगों को सुबह दोपहर शाम को खाना. खिला रही हूं तो वो कहां से आएगा चार चार.
लाख का ती लाख का जो. मैं राशन खरीद रही हूं तो उसके लिए भी तो. पैसा लगता है जो बना रहा है उसको भी तो. पैसा है जो सर्व कर रहा है उसको भी तो. पैसा जा रहा है तो सब चीज का तो खर्च है. ठीक बात है मैं कुछ नाम लेता हूं आपको वन. वर्ड में इनके बारे में जो भी आपके मन में. आता है वह आप बता दीजिएगा एक लाइन में आप. बोल सकते हो इनके ऊपर अक्षय कुमार. ही माय बिग. ब्रदर ओके.
ब्यूटीफुल अब लाइन पूछ बिग बदर बिकॉज वो. मुझे बहन जैसा मानते हैं और बहुत प्यार. करते हैं मैं उनको कभी भी फोन करू तो व. फोन नहीं उठा सकते तो पलट के जरूर फोन. करेंगे कि पूछेंगे कैसी है क्या है सब ठीक. है ग ममता. कुलक अच्छा व्यक्तिमत्व. सिर्फ मिस अंडरस्टूड. ओके तेज प्रताप. यादव बिहार वाले हा कृष्णा.
बाबा पसंद है आपको नहीं मेरा उनके मैं. उनको ज्यादा पढ़ी नहीं हूं पर मुझे बड़े उ. मिनिस्टर भी रहे हैं हां. तो मैं नॉन पॉलिटिकल हूं तो मैं ज्यादा. कुछ क्या बोलूं जानते तो हो ना आपको. भोजपुरी आती है व भी भक्ति में आप भी. भक्ति में हो कुछ उनको ले कुछ तो देखने का. नजरिया वो काफी पूजा पाठ करते हैं कृष्ण. बन जाते हैं उनके उनके एलिगेशंस भी लगा था.
उनकी बीवी ने बहुत सारे एलिगेशन भी लगाए. थे तो जो पुरुष के ऊपर बीवियों ने एलिगेशन. लगाए हैं तो मुझे बड़ा बुरा लगता है कि हम. उनसे इंटरव्यू कि वो कहे हम बहुत सीधे. साधे आदमी है गाय हमको सब बेवकूफ बना देते. हैं फसा देते हैं बीवी ने का फसाया. तुम्ह वो तो बीवी उनकी जाने कोर्ट जाने वो. जाने चलो अच्छे व्यक्ति हैं कृष्ण भगवान. जैसा वो व्यवहार कर कभी कभी हमने सुना है. वह नाचते भी अच्छा. है ठीक है आईटी.
बाबा मीडिया बाबा है वो मीडिया ने बनाया. हुआ बाबा है व मिले थे आपको में नहीं नहीं. इतना मेरे सौभाग्य नहीं थे कि मैं उनसे. मुलाकात कर पाऊ कैसे लगते आपको आटी बाबा. नहीं मीडिया पर जब देखती हूं तो मैं. उन्हें क्लूलेस आई फाइंड मम वेरी क्लूलेस. बहुत वायरल हो गए थे तो एकदम अभी गांजा के. चक्कर में जेल भी गए थे ल निकले जमानत प.
अब आई डोंट नो सारी बात ठीक है मनाल सा. सुंदर आंखें हैं उसकी हमारे अर्ध आर्ट एंड. कल्चर कुंभ में हमने अर्ध आर्ट और कल्चर. किया था ट्रांसजेंडर और पेंटर के साथ. पेंटिंग बनाई थी तो मोना लिजा की भी. पेंटिंग बनी थी ब्यू करिश्मा कपूर शी. ब्यूटीफुल आपने काम किया. हा आशिक फिल्म में मैंने काम करी थी बहुत. सुंदर है व कितनी फिल्म में आपने काम किया.
मैं आशिक में करी क्वींस में करी और. डेस्टिनी ऑफ डांस और बिटवीन द लाइंस. डॉक्यूमेंट्री फीचर फिल्म बहुत सारे में. करी हू ठीक है आपकी जिंदगी का सबसे प्राउड. मूमेंट कौन सा था जब मैं एशिया पैसिफिक को. रिप्रेजेंट कर रही थी और संयुक्त राष्ट्र. जनरल असेंबली प्रेसिडेंट ऑफिस में. मैं सिविल सोसाइटी टास्क मेंबर थी और मैं. हलवे में जा रही थी और वहां तिरंगा देखा.
और जब मैंने तिरंगे को वहां हाथ लगाया ऐसे. बढ के तो मुझे लगा कि मैं पहली किनर हूं. जो यहां तक पहुंची हूं इसके पहले कोई नहीं. होगा तो तब मुझे लगा कि हां मैंने जिंदगी. में कुछ तो पाया है. ब्यूटीफुल कोई एक ऐसी बॉलीवुड हीरोइन जिसे. देखकर आपको लगता है यार ये मेरी तरह सुंदर. है इसकी तरह मैं स्टाइल. करूं या वो मेरी तरह स्टाइल कर तो और. सुंदर हो जाए ना ना ना. मुझे मीना कुमारी बहुत पसंद है और रेखा आई. लव रेखा देख रेखा जी आपके आपको जहन में.
मेरे आ रही थी वो आई लव रेखा जी उमराव जान. आई लव रेखा जी रेखा जी इज माय फेवरेट और. श्रीदेवी ऑफकोर्स. रेस्ट एंड पीस शी इ नो मोर रेखा जी क्या. पसंद आई लाइक हर. ओरा और जिस तरीके से वो कैरी करती है अपने. आप को मतलब वो इतना मतलब स्टार कोई बोले. ना सुपरस्टार का ग्रेस अगर आज किसी भी.
हीरोइन में है तो वो रेखा जी है हीरो. अमिताभ बच्चन पसंद होंगे फिर तो आपको नहीं. चिरंजीवी चिरंजीवी क्यों मुझे उनका वो. गाना अच्छा लगा था जेंटलमैन का तब से मुझे. वो बहुत पसंद है अमिताभ बच्चन नहीं पसंद. आपको अमिताभ बच्चन अच्छे एक्टर है आई लाइक. हिम वेरी मच मैं उनकी बड़ी इज्जत करती हूं. पर आप पसंद के बारे में कर ना हाथ थ्रोब ऐ. कहते हैं ना जैसे दिल में दे हमको रेखा जी. सुनते अमिताब जी याद आते हैं हां रेखा जी. सुनते अमिताब जी याद आते हैं रेखा जी खुल.
खुल कर इजहार करती रहती है रह रह कर हमारे. फीड में या हमारे जहन में आते रहते हैं. नहीं नहीं वो तो इजहार करने दो उन्हें वो. उनका हक है उनकी मोहब्बत पे तो उन्हीं का. हक है बट ऐसी मोहब्बत ठीक है कई बार चर्चा. होती कि वो शादीशुदा है फिर भी रेखा जी. इजहार करती रहती है कि अब किसी बिगी से. नहीं डर लगता बिग बॉस से नहीं डर. लगता प्यार से नहीं लगता बिग बी से लगता. है ऐसे कह देती ह कई बार मुस्कुरा. मुस्कुरा कर तो लोग चलता रहता है फीड में.
अच्छी बात है ना किसी के अंदर हिम्मत तो. है मोहब्बत का इजहार करने की मोहब्बत ठीक. है सर मोहब्बत ठीक है मोहब्बत की कोई जात. नहीं कोई धर्म नहीं कुछ नहीं मोहब्बत अपने. आप में एक धर्म है क्या परिभाषा है. मोहब्बत की आप मोहब्बत तो मोहब्बत है उसकी. कोई परिभाषा नहीं कर सकता क्या एहसास है. मोहब्त चलो क्या बताऊ बापू मोहब्बत. मोहब्बत है की तो आपने भी होगी अरे हमने. बहुत. और बहुत जन को दफन भी कर द है ना. मोहब्बतों को दफन भी करना सीख लिया मैंने.
पहले बताए मोहब्बत क्या होती है जो आप पेट. में. गुड़गुर फ्लाई आ जाए हा बटरफ्लाई आ. जाए आपको आया है कभी बटर हां हां क्यों. नहीं आप अभी भी रिलेशन में है मैं अभी तो. नहीं है. अच्छा ब्रेकअप से कैसे हैंडल करते हैं दो. मिनट रोती हूं बाद में रेड लिपस्टिक लगा. लेती हू तो फाइन विथ. इट और जो य और जो यहां चलता है वो वो यहां.
पर कभी नहीं क्यों इतना सारा लड़का लोग. अभी देखा हमने सुसाइड कर लिया एक लड़की ने. दिल्ली में आरजे थी बहुत सारे लोग ऐसे हैं. जो रिश्तों से उभर कर संभाल नहीं पाते. अपने आप को आप कह रहे हो लिपस्टिक ला के. ठीक हो गया हां हमें कोई फर्क नहीं पड़ता. दिल प पत्थर रख के मु मैंने कहा ना मैंने. मुझे अपनी नशा थी तुम आए ठीक है तुम गए तो. और भी ठीक है बला गई मेरे लाइफ में गण है. क्या आए गण गण गण समझते हैं ना आप है ना.
तो गण आए और गण गए बाकी लोग को समझा दीजिए. थोड़ा समझ अबूसिव भी आए बुरे भी आए अच्छे. भी आए प्यार करने वाले भी आए सब गए सबको. नमस्कार है वोह अपनी जिंदगियों में खुश. रहे और मुझे खुशी से जीने दे तो ये गाना. आप ही प तो नहीं बना था दिल पर पत्थर रख. के मुंह पर मेकअप कर लिया ना ना मेरे सया. जी से आज मैंने ब्रेकअप कर लिया नहीं वो. तो मैं तो ब्रेकअप तो वो खुद ही ब्रेकअप. करके चले जाते थे या अपनी खुद की कांड कर. लेते थे जो मैं ब्रेकअप कर लेती.
थी कोई किन्नर हमेशा मोहब्बत की तलाश में. रहता है और मोहब्बत खरीदते रहता है और. प्रॉब्लम यही होती है कि जब खरीदते खरीदते. वह थक जाता है उस मोहब्बत को तो कहीं ना. कहीं उसे अंकुश लगाना पड़ता. है मैक्सिमम क्या होता है कि मां-बाप का. प्यार नहीं मिला यह नहीं मिला हमें तो. मां-बाप का प्यार मिला सब कुछ तो मैं घर. से बड़ी स्ट्रांग थी तो मोहब्बत तो हुई पर. बाद में कभी मां ने बोला कि यह ठीक नहीं.
है वह ठीक नहीं है तो बाय बाय बाय बाय बाय. बाय एक बार फसी गई तो मैं एब्यूजिंग. रिलेशन में आ गई तो वो उसने भी गलतियां कर. दी फुक पर जाकर उसने बहुत सारी बातें कर. दी मैं नाम तो नहीं लूंगी तो बहुत सारी. मुझे. टर्निन ऐसे आधा दिन तक मैं ऐसे बैठी रही. बिस्तर पर चुपचाप बाद में मैं बाथरूम में. गई और शवर में ब अच्छे से नहाए और मेकअप. करी और मैं बोली रिवेंज वास हर.
रिप्लाई स्टेट पुलिस स्टेशन पहुंच. गई मैं बोली इतना नहीं किसी का हक है कि. वह मेरे इमेज को टर्नेज करे और कोई बड़े. पॉलिटिशियन औरतों ने मुझे फोन किया बोले. कि तुम्हें लक्ष्मी अगर हम रहते तो हम तो. आत्महत्या कर लेते बो इतनी इतनी छोटी बात. के लिए इतनी बड़ी जिंदगी में नहीं दे सकती. जिंदगी एक ही बत मिला. है है ना मैंने कई ज किन्नरों से बात की.
तो उन्होंने कहा कि किन्नर को कोई जिंदगी. भर प्यार नहीं मिलता तो जब कोई पहली बार. प्यार देता है तो अक्सर भावुक होकर. समर्पित हो जाती है समर्पित मतलब कहते हैं. ना कैसे ना प्यार करें मतलब अब क्या बताऊं. हर एक चीज स्पेंड करते हैं सब कुछ करते. हैं सब कुछ करते हैं पर एंड में धोखा. मिलता है और यह मल्टीपल केसेस में ये. मल्टीपल केसेस और ढूंढते रहते हैं और सबको. ये चाह रहती है ना कि हमारी जिंदगी में. कोई हमें प्यार करने वाला मिले सबका जोड़ा.
है तो हमारा क्यों. ना पर अब बस हो गया बहुत जोड़ देख लि. महाकाल से सुंदर कोई जोड़ा नहीं है देखिए. ब्यूटीफुल मेरे शिव मेरे साथ. है ये हम दोनों के पास शिव. है चलो आप भी तो शेव हुए. मुझे रुद्राक्ष लानी चाहिए थी आपके लिए. कोई नहीं फिर मुलाकात कर ले मैं भेज दूंगी.
आपके पास तो ये जो नए बच्चे होंगे जो आपकी. कम्युनिटी से है उन्हें आप क्या समझाओ. अपने एक्सपीरियंस अगर आपको कोई एक सबक. संदेश उन्हें समझाना हो तो एजुकेशन. करें और फाइनेंशली स्टेबल. हो सबसे बड़ी बात कंप्लीट योर एजुकेशन एंड. व्ट अबाउट इमोशनल पार्ट इमोशन पाट जब पैसा. और एजुकेशन आ जाता है यू कैन हैंडल. एवरीथिंग. ब ये सब पर लागू होता है ये सब पर लागू. होता है कि अगर पैसा है काम अच्छा चल रहा.
है तो दिल टूटना हैंडल हो जाएगा सब चीज. हैंडल हो. जाएगी. ब्यूटीफुल कोई एक एडवाइस जो यंग लक्ष्मी. को देनी हो. आपको नहीं मेरे को कोई एडवाइस नहीं देनी. है य लक्ष्मी को मैं एक ही बात कहूंगी कि. जैसे तूने जिंदगी जी सनम उस तूने अच्छा जी. देखिए कहां तक पहुंची. है यंग लक्ष्मी को कहूंगी कि मस्ती भी करी.
तमाशे भी करी ड्रामे भी करी और संभल भी गई. मैं किसी की आदी नहीं हुई लोग मेरे आदि हो. गए वो उनका प्रॉब्लम. था तो यह कैसे य कैसे कर लेते हो आप य. मतलब यह बहुत इंपोर्टेंट चीज लोग मेंटल. हेल्थ की बात करते उसम यही प्रॉब्लम होती. है लोग आगे नहीं बढ़ पाते लोग नहीं समझ. पाते कि देखिए मैं मेरी माता चली मेरी बहन. चली गई मैं डिप्रेशन में चली गई बहुत बड़े. डिप्रेशन में चली गई मैं शाम के चार चार.
बजे तक सोती रहती थी मैं बिस्तर से हटती. ही नहीं. थी उसके बाद मुझे कहीं भेजा गया मैं बात. करी जो मुझे काउंसिल करने वाले थे मैंने. उन्हीं को काउंसिल करी और जब वापस आई तो. मैं ठीक हो गई. थी मैंने बोली ये जिंदगी जिसको काउंसिल. करने गए थे आपने उनको कांसिल कर दिया जो. मुझे काउंसिल करने गए थे तो ने काउंसिल. में करके चली. गई क्योंकि उसका भी दुख दुख ही था वो किसी.
को अपना दुख ही नहीं बता पाती थी अब वो. काउंसलिंग करने बैठी थी. हा उसके अंदर मां नजर आई मेरी सहेली नजर. आई वह बोलती गई मैं सुनती गई और व बहुत. अच्छी व्यक्ति मत में. है चलो यह तो आपने काउंसल कर समझ लेकिन. अगर कोई बच्चा या कोई नया बच्चा क्योंकि. आपको य पॉडकास्ट बहुत लोग देखेंगे अगर वो. किसी भावना से आगे नहीं बढ़ पा रहा है आप. उसे क्या सलाह दोगे कैसे अपने लव. योरसेल्फ यू आर द मोस्ट इंपोर्टेंट पर्सन.
फॉर योर ओन सेल्फ अपने लिए अपने आप से. प्यार करो आप ही ऐसे व्यक्ति हो जो आप. स्वतः के लिए इंपॉर्टेंट हो आपसे. इंपॉर्टेंट कोई व्यक्ति हो ही नहीं सकता. इस दुनिया. में मुझसे किसी एक शख्स ने कहा था कि. मैंने पूछा कैसे मूव ऑन करें तो उन्होने. मुझे बताया कि जीवन एक यात्रा है इस. यात्रा में आपको चलते रहना. जो साथ चल रहा है उसे लेकर चलिए अगर कोई. साथ छोड़ रहा है तो उसकी यादों को लेकर. आगे बढ़ जाइए अगर आप ठहर जाते हैं तो आप.
आगे यात्रा में मिलने वाले लोगों को मिस. कर जाएंगे या उस मेमोरीज को मिस कर जाएंगे. सही बात बोली आपने यह भी मेरा मानना है. चलते रहो सही बात है अब आप अपनी खुशियों. की चाबी किसी और को क्यों दे रहे हो. हा बट य आसान चीज लोग समझ नहीं पाते ठीक. है कुछ थोड़े फनी फनी भी क्वेश्चन हमने. रखे हैं तीन चार किन्नर समाज की दुआएं तो. बड़ी फेमस है लेकिन कभी ऐसा हुआ कि आप. किसी ने आपसे मजे मजे में दुआ मांगी और.
फिर कहा बस करि अब जिंदगी संभाली नहीं जा. रही नहीं ऐसा कभी नहीं हुआ इंसान बड़ा. मतलबी होता है उसको जितनी दुआए दो वो उतनी. लेते रहता. है कोई फर्क कुंभ में देखिए हमारी तबीयत. खराब है अच्छी है किसी को कोई मतलब नहीं. है माता जी से पा मिनट हमारा ट्रेन है. हमारी गाड़ी है हमारी फ्लाइट है पाच मिनट. मिल लीजिए चाहे मैं नेबुलाइज कर रही हूं. कुछ भी र पाच मिनट आशीर्वाद दीजिए तो यह. हमने देखा है केनर समाज की दुआओ में असर. होता है तो य प्राचीन परंपरा ऐसी ही रहेगी.
किन्नर अखाड़े में सबसे ज्यादा भीड़ नजर. आई आपने महसूस किया दुआ में असर होता है. बहुत होता है सच्चे दिल से अगर किन्नर दुआ. दे दे तो उसका भाग्य खुल जाता. है जैसे कई सारी चीजें हमारे समाज में है. कि बली रास्ता काट गई या थर्सडे को बाल मत. धोए उसको विज्ञान को लोग ने अध्यात्म से. जोड़ दिया एक लॉजिक देख हम ये किन्नर समाज. का आशीर्वाद वाला ये फैक्ट है या इसलिए. जोड़ दिया गया कि सम्मान उनका भी बढ़ता.
रहे क्या पता मुझे पर है असर तो दिखता है. हम किसी की गोद भर देते तो साल डेढ़ साल. में बच्चा भी हो जाता है हां वो हमारे. यहां एक किसी ने आपने आपने किसी से कहा है. कि उनका. गोद वो देखिए मुस्कुरा रहे हैं वैसे हमारे. हमारे ऑफिस में यह श्राप है कि यहां किसी. का शादी नहीं होती ब्याह नहीं होता अगली. बार आऊंगी तो सब अपने पार्टनर्स के साथ. मिल. मुझे आपको शेरो शायरी का भी शौक है तेरा.
तफर तुझे मुबारक मुझे जुदाई का गम नहीं. ब्यूटीफुल एक मैंने लिखा था अभी रिसेंटली. लिखा था कि अगर तुम मुझे खुश देखना चाहते. हो तो बेहतर है आप मुझे गमजदा रहने दो हाय. हाय आप कितने प्यारे हो. शुभंकर लेट मिले. मुझे मैं जल्दी पैदा हो गई. थी अब तो मेरे जैसे बच्चे होने तो होते आप. नहीं नहीं होंगे आपके आपके दो बच्चे दो. बच्चे डॉप्ट किए ना आपने हां मोहल और. प्रतीक तो मेरे बच्चे ही हैं जी दीपक भी.
मेरा बच्चा है कितनी उम्र है इन लोग की. दीपक तो मेरी उम्र का है ही लॉस्ट हिज. वाइफ रिसेंटली ओके एंड तो आई एम लिटिल सैड. वो भी मामले में पर प्रती का तो बोर्ड्स. चल रहा है 12थ स्टैंडर्ड में है मेरे भाई. का बेटा अंशुमान अब वो मेरी पहले भी मेरी. रिस्पांसिबिलिटी थी अभी उसका 10थ का बोर्ड. चल रहा है एक माता के तौर पर कैसे हो आप. क्याल लगो जो लक्ष्मी और लक्ष्मी मॉम अरे. बहुत मतलब सभी मां एक जैसी होती है पढ़ाई.
करे कि नहीं करे ट्यूशन तो वो हमारा जो. प्रतीक था. है तो इनको ट्यूशन नहीं लेना था हम ऑनलाइन. कर लेंगे हम ऑनलाइन जब मार्क्स तो बोली. ट्यूशन कर लो घर पर आके पढ़ा जाएगा तो. उनको बड़ा डर था डॉट फटकार के मैं बोली. नहीं करोगे तो हाथ पैर तोड़ देंगे. तुम्हारा तो चुपचाप से वो ट्यूशन लेने लगे. अच्छे से पढ़ रहे हैं वो. अब हमारा भाई का लड़का भी गण होते जा रहा. है तो उसको अभी भूत उतारना है उसके भी.
बड़े कांड नजर आ रहे हैं लक्षण दिख रहे. आपको हा बहुत लक्षण है उसके हार्मोस कुछ. ज्यादा ही कूद रहे हैं बोर्डिंग में है तो. अभी कुछ नहीं कर पाएंगे तो उनको बोर्डिंग. से लेके आ जाए कैसे ठीक करते हो फ अरे ठीक. कर लेंगे अच्छे अच्छे भूत भगा देते. हैं घाट घाट का पानी. पिया ब्यूटीफुल एक सेकंड सवाल है सवाल में. ही है ये सब फन सेगमेंट में कि किन्नर के. परिवार में किसी की शादी हो तो क्या वहां. भी किन्नर आकर बधाई देते हैं देते देते.
अपने अपने समाज वालों को बुला केर बधाई. देते अब मेरा भतीजा जब पैदा हुआ था तो. मैंने अपने गुरुओं को बुलाकर उनको बधाई दी. थी तो उसमें भी डिमांड होती है या हा. डिमांड कर लेते हैं ना कि नहीं नहीं आप तो. समझो आपको तो देना पड़ेगा ना आप तो हां. उनको तो सब पता है वो तो भी ले लेते हैं. अगर किन्नर समाज किसी बॉलीवुड एक्टर को. अपना ब्रांड एंबेसडर बनाना हो तो कौन होगा. ब्रांड एंबेसडर बनाना हो किस चीज का समाज.
को रिप्रेजेंटेशन के लिए समाज को और. पॉपुलर मिले यासे बनाते ब्रांड एंबेसडर. लोग उत्तराखंड के ब्रांड एंबेसडर यूपी के. ब्रांड एंबेसडर है ये कुंभ के ब्रांड. एंबेसडर है ऐसे अगर किनर समा किसी बॉलीवुड. एक्टर को आपको ब्रांड एमस्ट. बनाना रेखा जी को क्यों रेखा जी का नाम. क्यों लि सब मोहब्बत करते हैं रेखा से. जितने भी किन्नर है सब रेखा जी को हाय. रेखा जी ऐसा है क्या है रेखा जी बताओ ना. कशिश थोड़ी सी मेरे को फील हो रही क्या है. रेखा जी में अरे आप ना जानेंगे तो हम का. जानेंगे हम हम उनको उस नजर से नहीं देखते.
ना रेखा जी को वो हमारे बाप दादा की उम्र. में लोग देखते होंगे. उनको व्ट अ यूजलेस पर्सन यू. आर रेखा रेखा है हां तो सुंदर है जहर. खूबसूरत है हां जहर खूबसूरत है वो. हैदराबादी में कहते हैं ना भाई कत्ल कर. डालते वो ठीक है अगर किन्नर समाज को एक. दिन के लिए देश चलाने का मौका मिले तो. पहला स आदेश क्या करेंगे आप.
लोग अगर अगर मैं उस पोजीशन पर रहूंगी तो. मैं सोच देखूंगी कि प्राइवेटाइजेशन. ऑफ हेल्थ सर्विसेस निकाल. दूंगी. ओके और एजुकेशन एक्सेस टू एजुकेशन सबके. लिए ले कर. दूंगी य मैंने अरविंद केजरीवाल से कहा था. कि इस देश में शिक्षा स्वास्थ फ्री होना.
चाहिए ताकि हर आदमी अपनी किस्मत बदल सके. और जीने का अधिकार मिल सके तो मैंने मैंने. कुछ गलत तो नहीं बिल्कुल. सहमत यह तो बहुत पर्ट गरीबी बहुत बड़ी चीज. है ना बहुत बड़ी अब मैं जानती हूं ना कि. मतलब हॉस्पिटल में कितना पैसा लग जाता है. कितना क्या होता है अगर आप सक्षम नहीं हो. तो आपका घर दार सब बिक जाता है. हॉस्पिटल डिस्क्रिमिनेशन होता है आप लोग. के साथ कभी वैसे हैं तो कोई.
डिस्क्रिमिनेशन नहीं वेटम में बड़ी ताकत. है हा गांधी जी में बहुत ताकत. है कितनी अजीब बात है ना कि एक पैसा हर. नजरिया बदल दे रहा है सब कुछ बदल देता है. आप पैसा हो या आप फेमस हो तो नजरिया बदल. जाता. है और नहीं है तो फिर आप भीड़ में हो और. भीड़ की कोई इज्जत. मुझे दुख इस बात का लगता है कि इस देश में. ह्यूमन लाइफ की कोई वैल्यू नहीं.
है हमारा इतना बड़ा देश है पर ह्यूमन लाइफ. की कोई वैल्यू नहीं है और यह देख के मुझे. बड़ा दुख होता. है आम आदमी की कोई इज्जत नहीं और पैसा है. तो आप कुछ भी है हां. हां अब कितना भी आपके अंदर कलंक है आपके. पास पैसा तो सलाम साहब. मैंने इस पर लिखा था कि प्यार मोहब्बत. कहने की बातें जीवन में सबसे बड़ा दुख.
गरीबी है गरीबी आपको हर पल एहसास कराती है. सही आपकी वाइफ कुछ चाहिए आपको नहीं आपकी. नजरें झुकती है आप इलाज नहीं करवा सकते. बिना इलाज के मर जाते हैं आप क्योंकि पैसा. नहीं है बाकी सारी चीजों से आप पार पा. सकते हैं व जो आपने कहा था ना कि एजुकेशन. ले लो पैसा कमा लो लाइफ इजी हो आती है. डिप्रेशन से मूव ऑन कर जाता हां. हां नहीं तो आपके अंदर कशिश होनी चाहिए ना. लाइफ जीने की आगे ले जाने की समाज में कोई. चीज बदलना चाहो तो क्या बदलो ग आप समाज का.
ढकोसला. कैसा मेरे सबको छत्रपति शिवाजी चाहिए पर. बगल वाले घर में अपने घर में. नहीं थोड़ा सा इसको और लबरेट करिए मतलब. समाज में सबको बदलाव करना है सबको कुछ कुछ. चाहिए पर मैं नहीं करूंगी यह. करेंगे ट्रांसजेंडर सम को लेकर क्या लोगों. का नजरिया इस बीच में बदला है बहुत बदला. है एक्सेप्टेंस बढ़ी है हां हां बढी.
है पर अभी भी बहुत काम बाकी है कहां पर. आपने महसूस किया कि बदली है चीज नहीं अभी. जिस तरीके से मल्टीनेशनल कंपनी जिस तरीके. से गवर्नमेंट जिस तरीके से पॉलिसीज आ रही. है तो देखने का नजरिया थोड़ा तो बदला. है ओके कोई दो चार काम जो आप चाहते हो कि. किनर समाज के लिए करके आप आपकी लाइफ लंग. लाइफ कि हमारा एक अंत गोलय होता है अंत. गोल तो नहीं है मब ये तो शुरुआत है मैं तो. चाहूंगी एक्सेस टू क्वालिटी हेल्थ.
सर्विसेस हो हाउसिंग हो एजुकेशन हो यह सब. चीजों पर तो काम स्किल डेवलपमेंट हो य. सारी लक्ष्मी को लोग कैसे याद रखें कभी. आया वन में आई शल पेरिश दय नॉट माय नेम इट. शल बी कावड इन द मार्बल्स टू बी रिमेंबर्ड. इट वास रिटन य ये कविता द स्कॉलर है रिटन. बाय रॉबर्ट स्वती तो यह मेरी जिंदगी में. चिपक गया है इसका हिंदी अनुवाद करके समझा. दीजिए आप कर दीजिए आई शल पेरिश अगर मैं.
मिट जाऊ आई शल पेरिश पर मेरा नाम नहीं दाय. नॉट माय नेम वह मेरा नाम को मार्बल संग. मरमर में कुरेद के उसको याद रखें लोग. बफल सो इंग्लिश में है आई शल पेरिश दाय. नॉट माय नेम इट शल बी कावड इन द मार्बल्स. टू बी. रिमेंबर्ड ब्यूटीफुल श पीपल ल रि य लेकिन. बहुत अभी काम करना है बहुत जनी लवली. टॉकिंग टू यू मैम मुझे बहुत अत आनंद रहा.
अगली कौन सी हीरोइन शामिल हो रही है राखी. सावंत को करू अर्शी खान को करू वो. पाकिस्तान जा रही थी रा. तो कोई भी जो आएगा हम उसको शामिल करेंगे. बट वो बात आपकी मेरे दिल पर छू गई सही बात. थी कि इतिहास कवा है कि हमारे धर्म में हर. तरह स्वीकार किया गया है. सनातन धर्म में किसी के लिए तिरस्कार नहीं. है जो तिरस्कार की बातें करते व सनातन ही. नहीं है सो ब्यूटीफुल सो ब्यूटीफुल अवश.
लोग ये समझे और लोग यह भी समझे जिससे हमने. शुरुआत की थी कि जिस धर्म में जिन्हे. भगवान का दर्जा दिया गया देवता का दर्जा. दिया गया कम से कम धरती पर इंसान तो नहीं. समझे सही बात है ट्रांसपेरेंट ऑब्जेक्ट तो. ना समझे सही बात है लवली टॉकिंग टम थैंक. यू सो मच जय श्री मकल ओम नमो नारायण ओम. नमः शिवाय नमः शिवाय.
