Unplugged ft. Khesari Lal Yadav | Early Life | Bhojpuri Song | Pawan Singh | Akshara Singh
क्या रिश्ता है पवन सिंह से बाली और सुगरी. में वाला है पवन सिंह को हमने सी टारगेट. किया उन्होंने हमको रिएक्ट किया तो. उन्होंने ऑटोमेटिक हमको बड़ा कर दिया नहीं. मैं पहले पवन जी के सामने बैठा पवन जी से. बेहतर बॉडी बनाई पवन जी से बेहतर डांस. किया तब मुझे लगा जी मेरे आद मेरे लायक है. एक राजा को एक राजा को नहीं बोलना चाहिए. मुझे लगता था कि नहीं राजा को राजा ना. चाहि एक राजा को एक राजा को नहीं बोलना. चाहिए ज्यादा अच्छा सिंगर कौन है ज्यादा. अच्छा डांसर कौन है पवन सिंह या खेसारी. ज्यादा गर्लफ्रेंड किसकी रही है पवन सिंह. या खेसारी ये तो लोगों को पता होगा य भी.
लोगों को पता होगा अक्षरा सिंह ने हमसे. कहा कि भोजपुरी इंडस्ट्री मर्दों की. इंडस्ट्री है मेरे पास काम नहीं है तो. जितना करियर वा है वो बनाया किसने काजल की. भी यही शिकायत थी कि बड़े सितारों ने काम. करना मना कर दिया हमें छूने के लिए औकात. चाहिए आपकी औकात उतनी बड़ी होनी चाहिए कि. आप मुझे छू सको काजल रवानी ब्रेकप डिफेंडर. से आप उतरेगा बाबा आज जाके टेंपो में. बैठिए तो हमको दिक्कत होगा कि नहीं. नवाजुद्दीन सिद्दीकी का हमने इंटरव्यू. लिया हमने पूछा क्या लगता है प्यार मोह तो. कहे बड़ा सॉफ्ट सॉफ्ट सा लगता. है खेसारी लाल को क्या लगता है जब.
रोमांटिक सीन कर जिंदगी इतनी हार्ड है. हमारी की कुछ सॉफ्ट लगता ही नहीं बा शरम. दादा रोए थे या. काजल रोही दोनों में थे हम हमारा कुत्ता. मर जाता है तो हम रोने लगते हैं वो तो भाई. इंसान थी अगर आपकी वाइफ को किसी और से. थोड़ा भी लगाव हो गया होता क्या प्रता. कंटिन्यू करते मेरी पत्नी कलयुग की पत्नी. है द्वापर नहीं है बाबा भोजपुरी इंडस्ट्री. के जितने बड़े सुपरस्टार है सब शादीशुदा. है और उसके बाद सबकी लाइफ में एक लड़की और. है अब लोग कहते हैं ये कौन सा कल्चर बड़ा.
अश्लीलता का आरोप लगता है कि रिमोट से. लहंगा उठा दूंगा और बेबी बियर पी के नाचे. ली गाया हूं तो गाया हूं जुगा आप बनाते हो. सारा अपनी बिटी के साथ बैठ के सुन सकते हो. खेसारी लाल को अपने अश्लील गानों को लेकर. आज दुख है पछतावा है रश कुमार ने एक दिन. थंबनेल लगाए हम भी थे उसमें हा 700 मिलियन. 500 मिलियन 400 मिलियन आपको एंबेरेसमेंट. हुई थी रवीश कुमार ने डाला था बिग बॉस. जाना गलती थी आपकी बिग बॉस में थोड़ा सा. आप सहम गए थे बिग बॉस से निकले हुए जितने. भी लोग हैं वो कहां है हम कहां विराट. कोहली या रोहित शर्मा खेसारी लालो कौन.
तकलीफ हुई थी जब मुंबई इंडियंस की कैप्टन. से रोहित को हटाया गया था सर मैं सच पूछे. तो इस बार मुंबई इंडियंस का एक भी मैच. नहीं. देखा धीरेंद्र शास्त्री बाबा जैसे प्रवचन. करता तो हूं नहीं लोग उनको मानते कि उनमें. देव्य शक्ति है चमत्कार है कोई शक्ति नहीं. है ये स्टेटमेंट आया आपका जिसमें आपने कहा. कि मुझे बिहार का सुशांत सिंह राजपूत. बनाने की कोशिश की जा रही है मेरा कोई. सहयोग नहीं किया आपने किया किसी गरीब. कलाकार का सहयोग खेसारी लाल को प्रशांत. किशोर में कुछ दिखता है या लगता है कि यह. भी उन्हीं का हिस्सा है जो वहां पहले वो.
इंसान चीता है बिहार जो बदहाल उसके लिए. किसे जिम्मेदार मानता लोग दामाद ढूंढते. हैं नेता नहीं सही बात है बहुत बड़ी बात. बबुआ हमारी अब तो डीएम हुई है डीएम ना तो. सीएम हुई है. हो लाला ना हिंद के. सितारा मंजिलें मिल ही जाती है भटकते. भटकते गुमराह तो वो हैं जो घर से नहीं.
निकलते किसी कमाल के शायर ने कमाल की बात. कही और आज जो हमारे मेहमान हैं उन पर यह. बात सटीक बैठती है वो यह समझाते हैं कि. आसमान में सुराख हो सकता है अगर आपकी नियत. है अगर आप में हौसला है हिम्मत है तो आप. अपने हर ख्वाब को मुकम्मल कर सकते हैं. खेसारी लाल. यादव बहुत-बहुत शुक्रिया यहां आने के लिए. और काफी लोगों ने हमसे कहा था कि खेसारी. भैया को बुलाइए कोई अपने आप को पावर स्टार. कहता है कोई अपने आप को सुपरस्टार कहता है. लेकिन.
जितना लोगों से हमने देखा लोग आपको किंग. कहते हैं जो दिलों पर राज करता है ये. लोगों का प्यार है बाबा और न्यूज बुक के. देखने वाले जितने भी श्रोता है सबको दिल. से प्रणाम और मैं भी आपका फैन हूं और यह. मेरा सौभाग्य है ज मैं आज इस लायक बना ज. आप जैसे ज्ञानी आदमी और आप जैसे शुभ विचार. और इतने प्यारे हृदय के आदमी है आप आपके. सामने मुझे बैठने का मौका मिला तो ये हम. सबका सौभाग्य है क्योंकि आपको भी पता है. और पूरी दुनिया को पता है कि मैं पढ़ा. नहीं सिर्फ लड़ा हूं अपनी जिंदगी से तो.
लड़के बड़ा हुआ मैं पढ़ के नहीं बट आप. जैसे बड़े भाइयों का जगह जहां आदमी खड़ा. होने के लिए सोचता है आज मैं आपके सामने. बैठा हूं यह मेरी सौभाग्य है यूपी बिहार. में एक बहुत बड़ी आबादी है जो आपसे अपने. आप को रिलेट कर पाती है आज आप बहुत सारे. लोगों के लिए प्रेरणा भी है बहुत सारे लोग. आपकी तरह बनना भी चाहते हैं बहुत सारे. आपके फैन भी हैं लेकिन हम चाहते हैं कि. थोड़ा शुरू से शुरू किया. जाए शुरू वाला बहुत कठिनाई था क्योंकि ये.
ठीक है लोग अपनी रोने वाली कहानी. सक्सेसफुल होने के बा बताते हैं लेकिन कई. कहानियां असली होती है हर कहानी वो टीवी. वाली नहीं. होती कि टीवी पे आंसू दिखाए कि हम बहुत. गरीब थे आप थे हां कौन-कौन है घर परिवार. में मेरे घर परिवार में मम्मी पापा मेरे. चाचा जो कि चाचा नहीं मुझे पाला हम मम्मी. शुरू से पापा के साथ इसलिए रही कि पापा. दिन में चना चना भेजते थे हम कहां पे ओखला.
में संजय कलौनी एक जगह है दिल्ली में तो. वहां पर दिन में चाना भेजते थे रात को. गाड़ की नौकरी करते थे क्योंकि सात बच्चे. थे चाचा के चार लड़के और हम तीन भाई पहले. लोग मेहनती भी थे तो मां ने क्योंकि चाचा. की वाइफ हमारी बहुत पहले चाची मेरी गुजर. गई तो उस समय मां ने ही सबको पाला और एक. जिम्मेदारी थी मां को तो चाचा मेरे लिए. हृदय में हमेशा इसलिए रहते हैं कि मैं 6. साल के था तब से मैं कमाने ल लगा मैं उस.
समय से गाना गाने लगा दूध बेचता था 6 साल. में कहां गाना गा रहे थे हां किस मतलब. कहां पर दूध बेचता था मैं छ सात साल का. आसपास था हा तो मैं टिफिन में दूध लेके हा. और घर घर पहुंचाता था अच्छा तो वहां पर. जाता था ना तो दिल्ली में नहीं गांव पे. अच्छा गांव प ओके दिल्ली में तो मैं 2003. च में आया ओके ओके ओके हां तो वहां पे मैं. दूध लेकर जाता था तो पानी नहीं मिलाना. होता था थोड़ा सा तो दो रुपए मेला के लिए. भी मिलते थे उसी में से.
तो चाचा शुरू से ही गाय भैंस हम लोग य. बटैया चलता है जैसे किसी का भैंस हम बटैया. ले लिए हां उसके बाद कुछ प्रॉफिट देते रहे. हां प्रॉफिट उनको देते रहेंगे जैसे हम खेत. उत लेते खेत में हमारे हम भी सुने बटैया. हां तो उसी टाइप का हम लोग बटैया भैंस गाय. भी लेते थे तो अपना अपनी औकात तो थी नहीं. खरीदने की तो आदमी बटैया लेकर ही जीवन. चलाता था तो चाचा 1515 भैंस गाय हिसाब से. आदमी करता भी था और शुरुआत वहीं से हुई. मेरी और मेरे जीवन में चाचा के मेरे रोल.
बहुत ज्यादा रहा उन्होंने मुझे साइकिल पर. बैठा बैठाकर ब्यास लोग पहले होते थे आप आज. भी. है रामायण महाभारत जो गाते हैं हमारे य तो. उन्हीं के साथ में सीखता था नहीं तो हमारे. यहां जैसे कई बार लोग कहते हैं कि अंग्रेज. जब भारत से गए तो वह सबसे गंदी चीज कर कर. यह गए थे कि हमारे सपनों की औकात छूटी कर. गए थे हम बड़ा सोचना ही भूल गए थे कई. सालों तक कि यह बड़ा होता है अब खेसारी. लाल यादव जो दूध बेच रहे थे चाचा चना बेच. रहे थे कहां से मन में आ गया गुरु हम भी.
बनेंगे सुपरस्टार हमको भी चाहिए साला फुल. इज्जत बाबा हम कभी सोए ही नहीं इसलिए सपने. नहीं देख पाए हम तो सिर्फ मेहनत की और. मुझे लगता है कि मेरी गरीबी ही मेरी सबसे. बड़ी ताकत रही कि मुझे करने के लिए बहुत. कुछ था ऐसा नहीं था कि मेरे पास बहुत कुछ. थी मेरे लिए करने के लिए बहुत कुछ था शायद. मैं आज अगर इस जगह पर पहुंचा हूं तो मेरे. गरीबी का बहुत बड़ा योगदान है क्योंकि. मुझे सब कुछ चाहिए था मेरे पास कुछ था ही. नहीं एक पैट में हम सब अगर शादी किसी की.
होती थी तो एक ही पैट सेला जाता था और. सातों भाइयों को कभी छोटा होता था तो बड़ा. भाई का है पैट तो हम कभी डाढ से कस लेते. थे अब बेल्ट तो था नहीं औकात तो थी नहीं. बेल्ट पहनने की तो डाढ था हमारे यहां आज. भी डाढ पहनता है आदमी और हमारे यहां डाा. ब्लैक कलर की मां घुंघुर उघर बांध के. उसमें सब रखती थी तो डाना से कस लेते थे. क्योंकि वो ढीला होता था भाई का कमर और. हमारा कमर तो और यहां से आदमी मोड़ता था. इसको और मोड़ के उसी से बारात चले जाते थे. हम लोग तो वो गरीब इतनी ज्यादा थी ना कि.
बट एक चीज था उस गरीबी में प्यार बहुत. थे आजकल आज पैसे हुए ना तो सारे रिश्ते. कहीं ना कहीं थोड़ी से अलग हो गए और आज भी. आदमी रिश्तो को समेटने की कोशिश करता है. बट उनको लगता है कि हम उनसे दूर हो तो. खेसारी लाल यादव से एक सवाल अ भी पूछ जसे. अभी नवाजुद्दीन सिद्की का हमने इंटरव्यू. किया तो नवाज भाई ने हमसे एक बात कही कहा. या जब पैसा आ गया ना शुभंकर तो अकेलापन भी. आ गया हा अब सोचना पड़ता किसको फोन लगाए.
जब गांव में रहते थे तो दिन रात पता ही. नहीं लगता था पैसा नहीं था गरीबी थी फकीरी. थी लेकिन उस फकीरी में एक रईसी थी हा अब. रईसी में भी एक फकीरी है एक अकेलापन है. दिखाने के लिए सब है जलवा है नंबर है. स्टाइल मार के खड़े हो जाते हैं लेकिन. अंदर से लगता है यार कुछ अकेलापन है खोखला. पन थोड़ा साब लगने लगा है दोस्त यार कट गए. हैं जो आए हैं वो मतलब वाले हैं यह सब. आपको ही फील होता है बहुत ज्यादा एक्चुअली. मैं इमोशनल बहुत हूं तो मैं कभी आज तक. दिमाग से कुछ नहीं किया इसलिए मेरा दिमाग.
खराब आज तक नहीं हुआ हमेशा दिल से सोचा और. दिल से ही करने की कोशिश की चाहे वो मेरे. रिश्ते हो या मेरा वर्क या मेरी कोई भी. चीजें मैं हमेशा दिल से करता हूं ताकि. मुझे लगता है कि दिल की की हुई चीज कोई भी. हो ना तो दिल तक पहुंच ही जाती है और. दिमाग से की हुई चीज ज्यादा दिन तक नहीं. चलती तो मेरे कभी भी चाहे मेरे परिवार के. रिश्ते हो या चाहे मेरे जितने भी दोस्त. साथी हैं सबके रिश्ते हमेशा मैं उनके लिए. तत्पर रहा कभी-कभी ऐसा भी हुआ ज मैं थकता. बहु क्योंकि सोता बहुत कम हूं मैं तो कभी.
सो गया तो किसी का कॉल नहीं उठा तो उसका. भी दर्द होता है यार मैंने उसकी कॉल नहीं. उठाई तो वह है एक अकेलापन तो है जा है. सबके लिए क्योंकि हम सबके लिए मरते हैं ना. बाबा तो अकेला ही फाइट करना प अभी दोस्त. ज्यादा है या फैन खाली फैन फैन रह गए या. मतलब वाले दोस्त है अभी दोस्त यार है वो. बचपन वाले जिनके साथ ठेलवा करते थे अब साथ. नहीं है तो कहां है वह भी अपने जीवन चला. रहे हैं व सब लोग दो दो तीन तीन बच्चा. पैदा कर लिया है हमारा तो दुय को है हम तो.
जब इस बार गांव में गए तो सबका तीन तीन. चार चार को सब मेरे से बाद में शादी हुआ. सब तीन तीन चार चार को खीच दिया है मैं. बोला यार इतनी जल्दी प्रोडक्शन हाउस तुम. लोग का कैसे खुल गया मैं तो अभी चल ही रहा. हूं क्यक मेरा ऐसा है कि बहुत कुछ देखना. पड़ता है तोब दो सब कोई दिल्ली है तो कोई. पंजाब है तो कोई कोलकाता है तो जब हम जाते. हैं तो मैं छठ में हमेशा जाता हूं क्योंकि. छठ में कई सारे दोस्त मेरे आते हैं तो. उनसे मिलना होता है लेकिन लोग मिलने कहां. देते हैं वहां भी जा जाता हूं तो लोग अपना.
त्यौहार छोड़कर बलिया से 10 गाड़ी से कोई. आ गया तो कोई आरा से आ गया तो कोई शिवान. से आया तो कोई छपरा से सब अपने घर के. त्यौहार छोड़ के मेरे घर घर पर आ जाते हैं. तो मैं वहां भी ठीक से नहीं मिल पाता उनसे. उनके साथ 10 मिनट टाइम नहीं दे पाता और. मैं जाता भी हूं दो घंटे के लिए अढ़ाई. घंटे के लिए नहीं तो फिर वहां मम्मी पापा. को परेशानी होने लग आप बिहार से हैं तो आप. लोग को तो छट की भव्यता पता है लेकिन देश. में बहुत बड़ा वर्ग है जो छट को छट की वो. भव्यता बिहारियों के लिए नहीं समझता हम जो. टीवी में काम करते थे तो हमारे जो बिहार. के मित्र थे क्योंकि दिवाली छट एक साथ आती.
है तो वो दिवाली नोएडा में रह के मना लेते. थे और छट के समय दिल्ली बंबई से गांव जाते. थे क्या है बिहारियों के लिए छट थोड़ा. बताइए ना हमारे लोगों को क्योंकि देश में. बहुत बड़ा वर्ग हो जो इससे नहीं जानता. होगा उनके लिए दिवाली बहुत बड़ा त्यौहार. है लोग दिवाली में घर आते हैं बिहारी छट. में घर जाता है समझिए कि हमारे लिए छट. हमारे लिए हमारा सम्मान है हमारा घमंड है. क्योंकि छठ अगर कोई बिहारी है और मुझे. लगता है कि अगर वो छठ के बारे में नहीं. जानता या अगर व छठ त्यौहार भूल गया है तो.
फिर उसे बिहारी नहीं होना चाहिए क्योंकि. हमारी संस्कार में छठ जो त्यौहार है ना वो. सबको जोड़ता है जैसे दीपावली हो गई हमारे. यहां त्यौहार ऐसे होते हैं कि लोगों को. जोड़ने के लिए चाहे व बहन भाई का रिश्ता. हो या मां बेटे की जिवतिया हो मुझे लगता. है कि हर रिश्तों के लिए हमारे यहां. त्यौहार बना हुआ है सिर्फ इसलिए कि तू एक. साल याद मत कर मुझे बट एक दिन आएगा ना या. कि तू मेरे लिए याद करेगा चाहे वो मां. बेटे की बात हो या पति पत्नी की हो या भाई.
बहन की हो तो सारे रिश्तों के लिए हमारे. यहां त्यौहार बना हुआ इसलिए शायद हम अपने. रिश्तों को ज्यादा समझ पाते हैं तो ठेकुआ. खाने का भी शौक है अरे बाबा ठेकुआ हमारी. मेहरारू ही करती है हा मुंबई में ही करती. है और मुंबई में अब ठीक ठाक घर है अपना एक. छोटा सा है तो वहां पर अपना पोखरा भी. खुनवा देती है वहां पर कोसी भरने के लिए. बहुत पर्याप्त जगह भी है तो बहुत सारे लोग. जो गोरखपुर से हैं देव से हैं शिवान से.
हैं तो मेरे ही लन में आके सब लोग छट करते. हैं तो ठेकुआ मिलता ही है और मैं यहां. जाता हूं तो फिर मम्मी के यहां से मंगा. लेता हूं क्योंकि आसपास ही शूट करते रहता. हूं तो ये छट मया का आशीर्वाद कब लगा कहां. से ये हीरो हीरो बनने की शुरुआत हुई कहां. से गाना बजाना हुआ क्योंकि कई लोगों ने. हमको बताया कि आप कलाकारों के साथ काम. करते थे उनका हेल्पर बॉय थे और छोटा-छोटा. बहुत सारा काम आपने किया हां मैं मैं गांव. पे ना अखंड बहुत गाया हूं हरे राम हरे राम. राम राम हरे हरे हरे कृष्णा हरे कृष्णा. कृष्णा कृष्णा हरे हरे ये मैं कम से कम ना. भी गया हूं तो 500 से.
700 जहां भी होता था ना सुन कान को सुनने. को आ गया ना मैं रातों रात हम लोग 40 45. लोग हमारे गांव के छोटे-छोटे एकदम उस समय. एज भी कम थी हम लोग चले जाते थे वो एक. ताके कैसे गाते थे दो लाइन सुनाइए नाना. हमको हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे हरे. कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे और. इतना ही गाना होता था और सारी दुनिया के. धु उसी में लपेट देते थे हम लोग और लोगों. को अच्छा लगता था क्योंकि हम छोटे थे और. पूरी खाने को भी मिलता था क्योंकि उस समय.
तो भूख बहुत थी हा खाना नहीं था भूख बहुत. थी तो कुछ भी मिलता था ना तो हमारे लिए. त्यौहार नजर आता था वैसे भी गांव में जो. पूड़ी और सब्जी मिलती है वो और गलक साथ. उसका स्वाद अलग है उसका तो जमीन प बैठे. खाना टाट बिछा के लाइन से लड़के बैठे हैं. पत्तल पे सब बैठे हैं और ब्यूटी अब वही आज. पंचायत में देखिए पंचायत जैसे सरीज में. छोटी-छोटी चीजों को कितना बेहतर किया गया. तो वो मुझे याद आया मैं कल देख रहा था तो.
मुझे मेरी गांव याद आने लगा कि अरे यार. ऐसा ही तो हम लोग करते थे हमको कोई बताए. कि पंचायत में गाना भी आपका था हे राजा. जी वो अलग दृश्य है बट ठीक है जिसके नसीब. में जो चीजें होती है होता है गाने का शौक. है सब आपको गाने का तो बहुत तो खेसारी लाल. के वर्जन में अगर ये गाना होता तो कैसे. होता दो चार लाइन अगर आपको याद हो तो. किसका इनका हा हिंद का सितारा अगर दो लाइन. याद हो तो हमारे यहां एक आपके सोहर होता. है. हा बबुआ हमारी तो डीएम हुई है डीएम ना तो.
सीएम हुई है. हो लाला ना हिंद के सितारा ऐसे कुछ गाती. है औरतें तो ये ज्यादा करके हमारे यहां. औरत गाती है हमारे यहां का सोहर है हा हा. और ये सब ट्रेडिशनल चीज है शाद में गालिया. पड़ती है अरे वो तो हमारे यहां का यूस भी. है हम लोग गाली सुनने के लिए पैसा देते. हैं बाबा गाली जब हम अपने शादी में गाली. पाए थे आप गाली एक्चुअली मेरी शादी जो हुई. ना सर वो बहुत छोटी में हो गई 17 साल के.
था मैं हो गया हा उस समय तो पता भी नहीं. था कि मोहब्बत क्या होती है प्यार के बारे. में पता नहीं था कि प्यार भी कोई चीज होती. है पापा ने जिम्मेदारी दी प्यार होने से. पहले बीवी दे दी तो नाबालिक बयाह कर लिए. थे आप 17 ही साल के आसपास थे हमारे यहां. तो पहले लड़के भी बिगड़ जाते हैं ना हमारे. मां-बाप के नजरों में उनको लगता है कि य. भी बिगड़ जाएगा यह भी कहीं भाग ना जाए साथ. तो था भी ना तो उनको लगा एडजस्ट करते. जल्दी जल्दी नहीं हमारे सारे भाइयों की. शादी बहुत कम एज में ई तो वही कह होते. उनको लगा उनको बोझ हम भी लगते हैं इससे.
पहले की लड़के बहु राए सेटल कर नहीं नहीं. बाबा लोग कहते हैं ना कि लड़कियां बोझ. होती हैं शादी बियाह करके निश्चिंत हो जाए. लेकिन हमारे बिहार में तो लड़के भी बोझ. होते हैं कि भाई वो जिम्मेदारी समझते हैं. हमारे मां-बाप शादी बयाह को जिम्मेदारी. समझते हैं भाई ये जिम्मेदारी हो जाए कमाने. लगे क्योंकि ये थोड़ी पता था कि भाई करियर. बनाने के लिए हमारे गांव में एक आदमी. करियर बनाने के लिए नहीं पढ़ा है हमारे. यहां एक आदमी करियर बनाने के लिए उसके. मां-बाप उसको आजादी नहीं दी. जबकि हमारे यहां मुझे लगता है कि 300 यादव.
परिवार होगा पूरा यादव परिवार का टोला है. एक आदमी ने अपने बेटे को करियर बनाने के. लिए वक्त नहीं. दिया शादी कर दिया जिम्मेदारी दे दी करियर. के लिए वक्त नहीं दिया जिम्मेदारी दे दी. जिम्मेदारी दे देगा तो तू भाई समझ ले. तुम्हारी बीवी तुम्हारे बच्चे तू कैसे भी. कमा के तो खिला ही लेगा ना तो जो तू भटक. रहा है कम से कम तुम्हें जिम्मेदार. व्यक्ति बना देते हैं उसी जिम्मेदारी के. साथ तुम्हें जीवन चलाने. तो हमारे जीवन में कभी हमें वक्त नहीं.
मिला जिम्मेदारी मिली तो गांव गाना कैसे. चला गया फिल्मों में आगे क्योंकि उस वक्त. तो भोजपुरी का राइस भी इतना तगड़ा नहीं था. कहां से ख्वाब आपके मन में आ तो उस समय. मैं उसके बाद मेरी शादी होने के बाद पापा. अब मम्मी पापा का भी एक होता है देखिए वो. लोग दोषी उनको नहीं बोल सकता क्योंकि उस. समय मैं खेसारी थोड़ी था उस समय तो मैं. उनके एक नॉर्मल बेटे बाकी जो सात बेटे थे. उन्हीं की तरह था तो जो उनको डांट पड़ती. थी व मुझे भी पड़ती थी तो मम्मी का और का. हमेशा कहना था कि भाई अब तो बीवी आ गई.
पहले तो तू नहीं भी कमाता था तो चलता था. तो फिर मैं वहां से दिल्ली आया दिल्ली आया. तो अब कार्यक्रम भी होते थे तो 500 700. ज्यादा ज्यादा जिस दिन 1000 मिल गया हमको. समझ लगता था कि जिंदगी का सबसे बड़ा जमा. किया हु पैसा मिला है मेरा तो वह सारी. चीजें करते करते फिर मैं दिल्ली जब आया ना. तो फिर वा वाइफ आई मेरी और यहां पर स्थिति. बड़ी खराब ई कि यहां पर अब 700 800 का शो.
हो रहा है तो मैं छूट बहुत लेता था मैं आज. भी स्टेज करता हूं तो अगर मुझे कोई रप भी. देता है ना तो बाबा मैं छोड़ता. नहीं मैं हाथ में लेता. हूं यह नहीं कि नहीं खेसारी के पास. स्टारडम है कोई पैसा दे रहा है और मैं. अवॉइड कर रहा हूं नहीं ऐसा नहीं करता मैं. व रप की औकात मुझे पता है कि व रप मेरे. पास नहीं थे तो मैं मोतिहारी शहर से. मोतिहारी शहर में मैं फुटपाथ पर सो होया. था और ₹ पा बचाने के लिए मैं मई के महीना.
में छत पे बस के आया था और बिना खाए और. मैंने 9 किलोमीटर उसी गर्मी में फिर पा. बचाने उसी ₹ से मैंने लीटी खाई और मैं 9. किलोमीटर पैदल गया स्टेशन ₹ पाने के लिए. स्टेशन से जाकर फिर मैं बुआ के यहां गया. कि बुआ को प्रणाम करूंगा तो 0 देती है तो. फिर मैं बुआ के यहां पैदल फिर गया छपरा से. उतर के. तो बुआ को प्रणाम किया आने लगा तो बुआ ने.
हमारे यहां होता है ना कि हम कहीं त पै. देते जाते वक्त पैसा मिलता जाते वक्त पैसा. मिलता बड़ा मजा आता उस हा तो उसके बहाने. भी कई बार आदमी जाता था कि कुछ तो मिलेगा. सही बात है स बात तो मैं वहां से मोतिहारी. शहर. से पाच रुपए बचाने के लिए छत प आया फिर. वहां से पाच रुप बचाने के लिए 9 किलोमीटर. दूर जाकर स्टेशन पर गया वहां से फिर र और. मिल जाए उसके लिए मैं बुआ के यहां गया तो. ऐसी स्थितियों में तो उस ₹ की औकात मुझे.
और 0 की क्षमता और ₹ की ताकत मुझे पता थी. और आज भी पता है इसीलिए कोई अगर मुझे ₹10. भी स्टेज प देता है वो 5 लाख पब्लिक की. भीड़ में गाता हूं लेकिन वहां जब कोई ₹. देता है ना तो मुझे वही ₹ बुआ का दिया बात. सुनकर हमको एक सवाल हमको किसी ने भेजा था. सलाह के तौर पर और आपने उसका जवाब पहले ही. दे दिया हमको किसी ने कहा कि यार खेसार से. कहना कि यार तुम इतना बड़ा स्टार बन गए हो. अभी भी तुम छोट भैया वाली हरकत छोड़ते. क्यों नहीं हो अब जो आपने कहा ना ₹ भी आप. ले लेते हो क् आपको उससे कीमत मत पता है. इसके लिए बहुत पापड़ बेला गया है ये इतना.
आसान नहीं है ये भी आ रहा है जाने मत दो. हां मुझे लगता है कि कुछ आ ही रहा है ना. और दूसरी चीज ये है कि वो ₹ नहीं है मेरे. लिए वो मुझे छूना चाहता है हम और वो ₹ के. बहाने वो आदमी छूना चाहता है क्योंकि मुझे. प्यार करता है और उसी बहाने वो छुए मुझे. और जो खुशी होती है ना वो मेरे हाथ टच. होते हैं उनसे और उनको लगता है ना कि उनको. जीवन में सब कुछ मिल गया घर जाके. मुस्कुराएंगे कि अरे आज ी को मैंने छुआ. यार तो वो मैंने मैं क्योंकि उस समय भी.
उनके रिएक्शन देखता हूं ना तो मुझे मुझे. लगता है नहीं यार वो रप नहीं उसकी आस्था. जुड़ी है उस उस खेसारी से अब कोई अब किसी. मंदिर में हम जब प्रसाद लेकर जाते हैं तो. पंडित यह थोड़ी पूछता है कि नहीं आपके एक. लड्डू है तो आपको दर्शन नहीं. मिलेगा 10 किलो लड्डू वाले भी दर्शन करते. हैं सही बात है तो श्रद्धा बहुत बड़ी चीज. होती है तो उसके श्रद्धा को हम कैसे तोड़. दे इसीलिए वो ₹ मेरे लिए ठीक है वो तो 0.
की कीमत भी पता है दूसरी की वो मुझे छूता. है तो मुझे भी अच्छा लगता है यार कि वो. खुश है क्योंकि मैं आया हूं उसी के लिए. अगर वही नहीं छुआ तो फिर मेरे मतलब क्या. है आने का अच्छा एक सवाल और हमारे मन में. आता है अक्सर जब आदमी बड़ा हो जाता है. पैसा वाला होता कहता यार लाइफ में मनी इज. नॉट इंपोर्टेंट पैसा जरूरी नहीं है हम और. आप बहुत नीचे से उठे लोग हैं पैसा कितना. जरूरी है क्योंकि मेरी मम्मी अक्सर कहती. है कि पैसा ना हो तो अस्पताल में आपका. इलाज भी नहीं होगा आप मर. जाएंगे पैसा कितना जरूरी है इंसान के लिए.
और आज के समय जब आप पैसा कमा लिए लाखों. लाख रुपया शो में लेते हैं तब पैसे की. कीमत क्या नजर आती है इच्छाओं को मरने मत. दीजिए मैं तो हमेशा इच्छा अपनी जाहिर करता. हूं कि इच्छाओं का अगर अंत हो गया तो. इंसान संत हो. गया लेकिन हम तो संतो पैसा लेते हैं दबा. के एक बात बोलता हूं कि इच्छाओं का अगर. अंत हो गया तो इंसान संत हो जाएगा क्योंकि. जब आपके पास कोई इच्छा ही नहीं रहेगी तो. फिर आपको जरूरत किस चीज की है तो फिर तो. आप भगवान के हो भगवान आपके हैं ना आपको. किसी धन की जरूरत है क्योंकि हम जो भी.
लालच करते हैं आजकल संत भी जो ले रहे हैं. तो उनके पास इच्छा किस चीज की है उनको भी. धन की इच्छा है इसीलिए उसके उनके इच्छा का. अंत हुआ नहीं है मुझे लगता है कि पैसे. जरूरी हैं बट लोग कमाना बहुत ज्यादा जरूरी. है जिंदगी में कभी-कभी मैं अपने घर पर भी. देखता हूं कि मैं पैसे तो बहुत है मेरे. पास हम बट कभी जरूरत पापा को पड़ती है तो. पैसे नहीं जा पाते मेरे लोग जा पाते हैं. तो मुझे लगता है कि पैसे जरूरी है बट अगर.
इंसान को जिंदा रहना है ना और इंसान को. पैसे से ज्यादा जरूरत एक इंसान की होती है. अचानक खेसारी के पास डिफेंडर है बीएमडब्लू. है गाड़ी है घोड़ा है पैसा है दौलत है. लेकिन अगर आपके पास एक इंसान है ना तो कल. आपके पापा की जरूरत होगी तो बाइक ही आपका. व दोस्त काम करेगा और व इंसान काम करेगा. अगर आपने उस इंसान को कमाया है तो और आपके. पापा को तुरंत कहीं ना कहीं ट्रीटमेंट. कराएगा क्योंकि आपने उस इंसान को कम. सही बात है तो इंसान कमाना बहुत जरूरी है.
अगर आपने पैसे कमाए इंसान नहीं कमाए ना. मैं बहुत ऐसे करोड़पति को मरते हुए देखा. हो कि उनके मरने के बाद कोई उनके पास जाता. तक नहीं प्रवीण. बॉबी तीन चार दिन वरूम में लाश पड़ी रही. बताइए कोई कंधा ने बॉलीवुड से नहीं पहुंचा. जब उनकी डेथ हुई थी उस पैसे का क्या. मतलब लेकि जब वही. कोई सामाजिक आदमी मरता है तो लगता है ना. कि पूरी दुनिया है उसके साथ तो आपने पैसे.
कमाए लेकिन दुनिया में पैसे के साथ-साथ जि. जो आदमी दुनिया कमा लिया उससे बड़ा. दौलतमंद मुझे नहीं लगता कि कोई धरती पर. होता है आपके कई चाहने वाले हैं वो आप पर. कई आरोप भी लगाते हैं एक आरोप लगाते हैं. खेसारी. लाल बहुत छोटी सी उनकी टीम थी जब शुरुआत. किए थे बढ़िया चल रहा था फिर धीरे-धीरे. बड़े होने लगे फिर खेसारी अकेले बड़े हो. गए जो साथ वाले थे उनको बड़ा होने नहीं. दिए एक नाम उसमें लेते हैं कई लोग कमेंट. सेक्शन कॉमन नाम आरा था शंभू बाबा का और.
भी बहुत सारे नाम आरहे थे ये सवाल आपके. पास आते हैं आपके लोग क्योंकि आप ही के. चाहने वाले लाखों वो चाहने वाले जो आपको. पसंद करते हैं वही ये कहते हैं नहीं देखिए. वो सम्मानित है शभ बाबा सम्मानित है लेकिन. मेरे बढ़ने के बाद व मिले थे खेसारी लाल. के हीरो बनने के बाद उस समय कम से कम 15. सिनेमा कर चुका था 20 सिनेमा में उसके बाद. मैंने झल कोटन गाई थी विषय वो नहीं है. मेरे बढ़ने में सबसे बड़ी चीज कि जब दायरा. बड़ा हो होता है ना बाबा हम तो बहुत सारी.
चीजें जिम्मेदारियां आप पे आती है अब मेरा. दायरा वो नहीं रहा कि मैं झलकूटन गाऊ. हमारे कहने का मतलब कि जब हम बाइक पर चलते. थे तो हम किसी ठेला पर बैठकर खा भी लेते. थे सही बात है बिल्कुल सही बात है लेकिन. आज हम डिफेंडर से चलते हैं तो हम आम जगह. पर रोकना भी मेरे लिए इतना प्रॉब्लम हो. जाता है ना कि ल मेरे से पहले मेरी गाड़ी. पहुंच जाती है मेरे से उतरने से पहले मेरी. गाड़ी लैंड कर जाती है और वहां पंगा बहुत. होता है तो एक चीज जब आपकी चीजें बढ़ती है.
ना तो बहुत सारी चीजें बढ़ जाती है ऐसा यह. नहीं है कि आदमी आपको छोड़ दिया आप अगर. साथ रहना चाहो तो आपको कोई छोड़ सकता है. सबसे बड़ी चीज है कि निर्भर आप पर करता है. य आप समझ रहे हो ना कि आपको कोई छोड़ दिया. है बट कोई किसी को छोड़ता नहीं है आप मान. लेते हो आप उसकी व्यवस्था को देख नहीं. पाते किसी को समझने के लिए उसके पास जाना. बहुत जरूरी होता. है और जब तक आप उसके पास जाएंगे नहीं ना.
मुझे नहीं लगता कि आप किसी को समझ पाएंगे. तो सबसे पहले जरूरी है कि वह किस मानसिकता. में है उसकी दशा क्या है वह कैसे जीता है. उसकी जीने की स्टाइल क्या है आप दूर से. किसी को जज करते हो कि फलान बदल गया यार. बहुत अच्छा दोस्त. था यह तुम्हें लगता है वह तुम्हारा आज भी. दोस्त है एक बार जाकर देखो उसकी व्यस्तता. को देखो हो सकता है यही बात आपसे उम्मीद. कर रहे हो कि पहले तुम भी तो लौट आया करते. थे अब शायद तुम बड़े आदमी बन गए तुम में आ. गया है नहीं हम उस समय भी उनके पास लौट के.
नहीं गए थे जब हम पटना रिकॉर्डिंग करते थे. तो लोग खुद आते थे आकर कर जाते थे ऐसा. थोड़ी कि हम 24 घंटा किसी के साथ रहेंगे. 24 घंटा क्योंकि और भी तो काम है और भी तो. लोग हैं मेरे पर एक जिम्मेदारी भोजपुरी. समाज का है भोजपुरी भाषा का है भोजपुरी के. लोगों ने खेसारी लाल यादव को बनाया एक. शंभू बाबा के प्यार करने से एक मंगर यादव. जी के प्यार करने से एक मनोज तिवारी जी के. प्यार करने से एक पवन सिंह के प करने से. एक रवि जी के प्यार करने से चाहे व दिनेश.
जी के प्यार करने से खसारी बड़ा हुआ है. नहीं लोगों के प्यार से बड़ा हुआ हूं मैं. तो छोटी छोटी जो चीजें हैं अब आपने मुझे. प्यार किया अब आप यह कह रहे हैं कि आप. मुझे भूल. गए हर वह बाल हर वो माली अपने फूल को सवार. है पर व खुद के लिए नहीं सही बात है किसी. ना किसी भगवान पर चढ़ने के लिए या किसी ना. किसी के गले में माला बन के डलने के लिए. या कहीं ना कहीं टूट के ब करने के लिए. आपने बहुत बड़ी बात कह दी तो जिंदगी में.
कोई तो मालिक उस मालिक को समझना चाहिए कि. अगर आपने किसी को बनाया है तो आपका. स्वार्थ तो उसे होना ही नहीं. चाहिए कि हर वह दुनिया में बनाई हुई चीज. अपने लिए होती ही नहीं. है हम आज इतनी सारी चीजें बना दिए व मेरे. लिए है. क्या मुझे लगता है कि इस दुनिया में कोई. किसी का है ही नहीं शरीर शमशान का है बेटी. दामाद की हो जाएगी बेटा पतो का हो जाएगा. जिंदगी मौत की हो जाएगी और लास्ट में धन.
ली खाना है करना क्या है मुझे नहीं लगता. धन धन करते रहिए निधन ली खाना है तो जब. कोई किसी का हैय नहीं है तो फिर आप ये. क्यों सोचते हो चलो एक सवाल घुमा के पूछते. हैं सफलता के मुनाफे सब जानते हैं सफलता. का नुकसान क्या होता. है क्योंकि सफलता कीमत देकर तो आती है हां. कीमत आपने भी चुकाई होगी क्या नुकसान हुआ. खेसारी के सफल होने का खेसारी को वो जो. बाकी लोग नहीं जान सकते तो आप ही पता होगा. ना बाबा एक साइकिल और एक डिफेंडर.
हा असफलता साइकिल हो गई हा सफलता डिफेंडर. हो गई. हा डिफेंडर को खरोच भी लगता है ना तो च. लाख रुप लगते. हैं लेकिन साइकिल पाच रप के पंचर बनाकर और. इंसान सफर तय कर लेता फिर चैन चढ़ाए चैन. चढ़ाए और निकल गए तो सफलता वही है जब. इंसान सफल होता है ना तो उसके जीवन हरद. मौत की तरह होती है क्योंकि हमारे हर चीज.
नोटिस होती है पहले खेसारी लाल यादव कुछ. भी बोल जाता था कुछ भी कह जाता था मैं. कितने लोगों का बाबा सरसों उखाड़ हूं. सरसों हा अच्छे से सरसों उखाड़ के मैंने. अपने भैंसों को खिला दी कितने लोगों का. मकई का बाल तोड़ लिया रात को कितने कितने. लोगों का मसूरिया काट लिया रात को उस समय. खेसारी को कोई जानता नहीं था इसलिए चोरी. चकारी था चोरी चकारी बहुत सारी चीजें की. मैंने लेकिन कोई खेसारी को नहीं पता कि. हां खेसारी नहीं भी किया ये भी किया वो भी. किया ऐसा भी किया लेकिन आज खेसारी खसता भी.
है ना तो लोगों को लगता है कि खेसारी अब. खत्म हो रहा है बीमारी हो गई है कोई उसको. तो दिक्कत वहां है. सफलता लोगों को लगता है कि सफल है सफल. इंसान तब हो जाता है जब मुझे लगता है. कि जिस दिन हर वह इंसान अकेला हो गया ना. तो समझ लीजिए कि व सफल हो गया क्योंकि. सफलता में कोई साथ होता ही नहीं है हर. आदमी उससे कुछ ना कुछ चाहिए कोई साथ नहीं.
होता है मैं आज महसूस यही करता हूं अपने. जीवन में क्योंकि मुझे हर आदमी के खुशी के. लिए काम करना होता है मम्मी नाराज ना हो. जाए सबकी अपेक्षाएं होंगी हां पापा नाराज. ना हो जाए बीवी नाराज ना हो जाए और सबके. टॉन तुरंत होंगे तुम बदल गए हां है क्या. ना कि क्योंकि आप उनके लिए कमाने जा रहे. हो उनको लग रहा है कि हमें टाइम नहीं दे. रहा है तो भाई तुम्हें टाइम देगा तो फिर. कमाए क्या अगर तुम एसी में सो रहे हो तो. उस उस एसी के बिल के पैसे तो होते हैं. तो उसके लिए वसी खराब हुआ उसके लिए तो हर.
उस व्यवस्था के लिए और व्यवस्था तो ऐसे. बनती नहीं. है कोई भी चीज एक जगह तो मिलता नहीं है. बाबा य जूता किसी अलग कंपनी से लाया हूं. मैं यह पैंट किसी अलग से लाया हूं यह घड़ी. कहीं अलग से. है लेकिन हुआ किसके लिए सिर्फ खेसारी के. लिए यह इतनी सारी चीजें जो आपके सामने है. कोई एक दुकान से आई है तो ये बताइए और. लेकिन इस घर को सजाने के लिए इस सारे. व्यवस्था का जरूरत है लेकिन किया है आप ही.
ने मेहनत आपकी है कि इसको कहां कहां से. लेकर आए हैं आप तो ये आपको पता है खसारी. को क्या पता है कि आप कहां से लाए हैं. खसारी के भोजपुरी में दोस्त है जानते तो. सब है भोजपुरी इंडस्ट्री में कोई दोस्त है. क्योंकि भोजपुरी इंडस्ट्री में जितना हमने. महसूस किया बड़ा कंपटीशन है हर आदमी साथ. है बट साथ नहीं है पीछे से काटने की कोशिश. कर रहा है आपके मीडिया लाइन में कोई दोस्त. है हमारे तो फिर भी दो चार मित्र है अच्छे. नहीं ये झूठ है ना हमारा स्वार्थ नहीं है. ना हमने कंपटीशन नहीं रखा एक्चुअली है. क्या कि अगर भजपुरी इंडस्ट्री की बात. करेंगे बाबा तो मुझे नहीं लगता कि कोई.
मेरा दोस्त है सब लोग अर्जेंट है सब सबको. मानते हैं बट अगर दोस्त बना लेंगे तो मुझे. नहीं लगता कि वो किसी दूसरे को कप कंपटीशन. दे पाए गाजन कह रहे हो आप बड़े बड़े नाम. है रवि जी हैं मनोज जी है पवन और बहुत. सारे नाम है आपको लगता है कभी खेसारी गिरे. इनमें से कोई होगा जो आपको उठाने के लिए. आएगा दिल से मौज नहीं काटेगा पीछे से नहीं. कोई नहीं उठाएगा क्यों उठाएगा तो फिर कैसे. गार्जियन हुए लोग आपके नहीं गार्जियन अलग. विषय हो गया एक मानना क्योंकि हम. गगार्जियन मानते हैं वो मेरा विषय है ये.
हमारा दिल है ये हमारा दिल है और य हमारी. भाषा है हमारी जुबान है और हमारी सोच है. हमारी परवरिश है ये हमारी परवरिश है कि हम. उनको गार्जियन मानते हैं वो हमें क्या. मानते हैं देखिए मैं वही कहा ना कि मालिक. कभी भी फूल लगाता है या बाग लगाता है ना. तो खुद के पूजा के लिए नहीं लगाता है वह. किसी दूसरे के श्रद्धा के लिए लगाता है और. मेरे मन में अगर श्रद्धा है तो मैं आपको. प्यार करता हूं हम आप आपको बाबा बोलता हूं. आपको बाबा मानता हूं और मैं आपको बहुत.
फॉलो करता हूं क्योंकि मैं आपके शब्दों का. कायल हूं क्योंकि आपके शब्द ऐसे होते हैं. ना कि हमेशा कुछ ना कुछ सीखने को मिलता है. इसलिए मुझे सीखने की चाहत आज भी है और. हमेशा रहती इसलिए है क्योंकि. मुझे मेरी परवरिश के लिए मेरे गगार्जियन. ने कुछ नहीं किया समाज ने किया और समाज के. शब्दों से मैं बड़ा हुआ इसलिए हर दिन समाज. के शब्दों के साथ जीना चाहता हूं और समाज. से कुछ शब्द लेना चाहता हूं पढ़ाई लिखाई. कितनी. जरूरी आपने नहीं पढ़ाई की मैं कई बार आपको.
सुनता हूं आप कहते हो कि मैंने पढ़ाई नहीं. की इसलिए मैं यहां बेवकूफ बन गया यहां फस. गया यहां ये हो गया मुझे लगता है कि आपके. अंदर सीखने की चा है और इस बात का अफसोस. है कि आप पढ़ नहीं पाए या आपके मां बाप ने. आपको पढ़ाया नहीं पढ़ाया होता तो शायद आप. और बेहतर होते और कॉन्फिडेंट होते बुल. बिल्कुल अगर पढ़ा होता तो. मुझे मुझे लगता है कि मेरी सीढ़ी दो कदम. और ऊपर. होती क्योंकि बहुत सारी चीजें ऐसी होती है. कि बिना पढ़े लिखे की वजह से चली जाती है. अफसोस होता है लेकिन मैं उससे क क्या हुआ.
कुछ कोई किस्सा कहानी जहां पर आप आपको लगा. हो हां दिल की बात है यहां तो आपने आपने. खुद कहा कि दिल की बात दिल से कहो तो दिल. तक पहुंच जाती है शायद कोई हो जो गांव में. बैठा हो आज उसके मां-बाप ये वीडियो देखें. और गरीबी में उसको पढ़ाने भेज दे नहीं है. मैं अपनी मम्मी पापा को दोष नहीं देता. बाबा और किसी भी गार्जियन का कोई दोष होता. नहीं है हमें वो पाल पोस के इतना प्रणा तो. होती है ना जैसे आपके मां बाप नहीं कर पाए. हो सकता है आपको दे कोई कर दे कहा आपको. एहसास हुआ पहली बार कि पढ़े होते तो और. बेहतर होता पैसा कमा लिया नाम कमा लिया.
लेकिन पढ़ाई नहीं हुई उसका एहसास हो जाता. कई ऐसे जगह आए जहां मैंने जहां पर मेरे. कोई मैनेजर नहीं थे मैं अकेला था सफर कर. रहा था तो कई ऐसी जगह आई जहां पर मुझे. बड़ी-बड़ी अपॉर्चुनिटी मैं पेपर साइन करने. के लिए वो लोग लाए तो मैं बोला कि स पेपर. साइन नहीं करूंगा ये काम छोड़ दीजिए मैं. नहीं करूंगा लेकिन पेपर साइन नहीं करूंगा. और वो पेपर साइन करने की वजह से बड़ी-बड़ी. अपॉर्चुनिटी मेरे थ से चली गई आज जब पढ़े. लिखे लोग आए वो पेपर साइन कर तू. अपॉर्चुनिटी चली. [हंसी].
गई यह वाला किस्सा हम सुनना चाहेंगे ये जो. म्यूजिक लेवल वाला किस्सा ही आप बता रहे. हैं तो बड़े बे जब पढ़े लिखे आए तो भी दो. चार पाच साल बर्बाद करवा दिए देखिए विषय. जानते हैं क्या क्या गाना गाना था उस. म्यूजिक लेवल के साथ कोई 100 गाने का कुछ. ऐसे डील था बट मैं तीन चार साल से परेशान. हूं उस बात के लिए कोर्ट कचेहरी में मामला. पहुंच गया कोर्ट ने कहा कि आप 2025 तक. शायद कहीं और काम नहीं कर सकते हां सोचिए. कि रोज आदमी धु प या गाना पर डिस्कशन करता.
था कौन शब्द कहां रखना है अब अपने वकील. लोग के साथ बैठकर मैं मुद्दा पर डिस्कशन. करता हूं यह मुद्दा ठीक नहीं है नहीं नहीं. नहीं यहां से ये नहीं क्या नहीं सर नहीं. यहां सेय पॉइंट पॉइंट प बात करता हूं मैं. अ लोग हमसे कहे कि यार खेसारी इतना पैसा. कमाए कह देते यार मैनेज कर लेते पैसा से. आजकल पैसा तो सब खरीद लेता है देखिए पैसे. से सबसे बड़ी चीज है कि पैसा मेरे लिए. विषय है ही नहीं अगर कोई पैसा कह दे कि. भाई तू दो चार पाच 10 करोड़ हमें दे दे. हां हमारी लालच वही है तो ज्यादा विषय.
नहीं है बाबा मुझे लगता है कि मैं लोगों. से दूर होता हूं तो मुझे तकलीफ होती है. क्योंकि मैं लोगों के बिना जी ही नहीं. सकता मेरी परवरिश जब लोगों ने की है तो. अकेला जी नहीं पाता मैं मुझे लोगों के बीच. में रहने की एक भीड़ का जो शोर का आदत है. ना मुझे वह मुझे हमेशा मेरे मुझे सुकून. देता है मुझे नींद नहीं आती मैं रात को. मैं ज्यादा से ज्यादा तीन घंटे या चार ही. घंटे सोता हूं बट मुझे लगता है चार घंटे. की नींद जो है ना वो शोर के साथ होती है.
खसारी खेसारी खसारी खेसारी मैं अपना हमेशा. अपना वीडियो देखते रहता हूं अपने शो का. क्योंकि बहुत सारी भीड़ होती है ना तो. वहां जो मैं लोगों को देखता हूं तो मैं. मुझे लगता है. कि मैं सामने हूं कभी किसी भीड़ में खड़ा. मैं भी था तो जिंदगी में मैंने खुद को. बड़ा करने के लिए उस भीड़ से हटा और भीड़. को अपना बना ले ऐसा नहीं कि मैं उस भीड़. का हिस्सा बना मैं उस भीड़ को अपना बना. लिया मेरी है और यह जनता मेरी है इसको कोई.
मेरे से छीन नहीं सकता कब तक कोई छीनेगा. मेरे हुनर को कोई छीन लेगा मेरे काबिलियत. को कोई छीन लेगा मेरे मेहनत को तो कोई दबा. नहीं सकता है ठीक है थोड़ी देर के लिए. इंसान डिस्टर्ब होता है तो जब. राम जिस दिन आपको अयोध्या से लालच होगी ना. आप मर्यादा नहीं बन पाएंगे मुझे अयोध्या. से लालच ही नहीं है लेकिन एक स्टेटमेंट. आया आपका जिसमें आपने कहा कि मुझे बिहार. का सुशांत सिंह राजपूत बनाने कोशिश की जा. रही है वो बचपना था मुझे मैं चोर नहीं था.
मैं मैं बहुत सारी चीजें क्योंकि मुझे. कहीं से कोई सपोर्ट ही नहीं मिल रहा था उस. बीच में मेरी मेरे ऊपर एक पथराव हो गया था. हम मैं. एक हाजीपुर से थोड़ा सा आगे एक जगह था. वहीं पे मेरा शो था और कुछ पॉलिटिकल चीजें. थी और कंपलीटली मुझे मार दिया गया था जिस. गाड़ी में मैं बैठा था उस गाड़ी का एक भी. शीसा और एक भी गेट अस्थिर नहीं था. कंपलीटली उस गाड़ी से नीचे में रौद के और.
अपना शर्ट फाड़ के भीड़ का हिस्सा बन के. भागा किसने करवाया. थाय आपके साथियो ने कोई सबूत उसके मेरे. पास है नहीं फिर भी कुछ तो आपके. मन लोग. लोग कुछ नहीं कलाकार नहीं देखि कलाकार. कलाकार को नहीं मारता कलाकार तो कोमल दिल. का आदमी होता है जो प्रोड्यूसर टाइप लोग. होते हैं हां कुछ लोग थे वही के लोकल ही. लोग थे अब उनका पता क्या दुश्मनी थी क्या. विषय थी ब ठीक है व जीवन में आया और उसके.
लिए बिहार की जनता ने एक दिन पूरा बिहार. बंद कर दिया तो वह मेरे लिए था कि एक छोटा. आदमी जो एक भुजा बेचने वाला आदमी एक लीटी. चोखा बेचने वाला आदमी का बेटा और एक लीटी. चोखा बेचने वाला आदमी के लिए पूरा बिहार. बंद हो गया और एक दिन पूरा बिहार बंद रहा. तो इससे बड़ी बात खेसारी लाल यादव के लिए. क्या हो सकती है मुझे लगता है नहीं लगता. कि किसी नेता के लिए भी बिहार बंद हुआ. होगा कभी लेकिन खेसारी लाल के लिए बिहार. बंद हो गया तो यह एक छोटे से इंसान के लिए.
मुझे लगता है कि बहुत बड़ी बात है कहते. हैं गरीबी अभिशाप होती जब मैं आपको सुनता. हूं तो मुझे लगता है अभिशाप नहीं है आपके. लिए वरदान है हां आपकी गरीबी ही आपकी ताकत. बन गई और वही मोहब्बत की वजह बन गई और इसी. वजह से क्योंकि आप गरीब थे आप अनपढ़ थे आप. उनके बीच के थे लोगों ने आपको सर पर बिठा. लिया मुझे सब कुछ चाहिए देख गरीब आदमी. बाबा मैं आपसे बताता हूं कि एक गरीब आदमी. के पास बहुत सारे अवसर होते हैं. उसको घर भी चाहिए उसको गाड़ी भी चाहिए.
उसको पैसे भी चाहिए उसको लोग भी चाहिए. उसको फैक्ट्री भी चाहिए लेकि एक अमीर आदमी. के पास करने के लिए कुछ होता नहीं है. भोगने के लिए होता. है एक अमीर का बेटा जब पैदा होगा ना तो. कभी आप ये नहीं सुनिए बड़ा किस्मत वाला है. ये हम इसको करने के लिए कुछ नहीं है यह. उसका दुर्भाग्य है जी वो जीवन में आया तो. है लेकिन सिर्फ गवाने के लिए कुछ पाने के.
लिए नहीं क्योंकि उसके पास पाने के लिए. इतना कुछ पा लिया है उसके बाप ने कि वो अब. क्या पाएगा उससे बड़ा बन ही नहीं सकता है. तो एक गरीब के पास ना बड़ा बनने का अवसर. होता है और व खुद को बड़ा करने के लिए. अपनी फैमिली को संवारने के चक्कर में व. बड़ा हो जाता है और व कब जिम्मेदार बन. जाता है पता ही नहीं चलता और व करते करते. क्या नहीं कर जाता है तोव जो पब्लिक आपकी. उस पब्लिक ने हमें थोक के भाव सवाल भेजे. और हम जब इंटरव्यू करते हैं तो हम हमारी. कोशिश होती है कि जनता का सवाल उठाए.
क्योंकि एक्चुअली में हम और आप उन्हीं के. लिए काम करते हैं आप गाते हैं उनके लिए हम. काम करते हैं उनके लिए और जो वीडियो देख. रहा है उसी के मन का ना हो तो फिर मजा. नहीं आता तो एक सवाल आप पर आया कि खेसारी. इमोशनल ब्लैकमेल करते हैं वह अपने कहानिया. इमोशनल सुनाते हैं और उससे सिंपैथी पाते. हैं इसको मानते हो आप लोग य आरोप लगाते. हैं खेसारी खुद तो गरीबी से निकल गए लेकिन. बाकी जो गरीब कलाकार है उनको उस तरह सहयोग. नहीं किया खेसारी ने मेरा कोई सहयोग नहीं. किया आपने किया किसी गरीब कलाकार का सहयोग. अच्छा बबा एक बात बताइए ह मुझे कैसे पता.
चलेगा जी गरीब होने से कोई एक्टर थोड़ी. बनता है हम आपको एक्टिंग तो आना चाहिए ना. हम अब आप गरीबी का झांसा देकर किसी को. बोले कि नहीं हमको फिल्म में हीरो बना दो. भाई अरे भाई आपके गरीबी से जनता को क्या. लेना देना है हम आपके गरीबी से उस. प्रोड्यूसर को क्या लेना देना है आपके. गरीबी से उस टेक्निशियन को क्या लेना देना. है आपके गरीबी से उस हॉल वाले को क्या. लेना देना है मेरे कहने का मतलब कि एक बार.
खेसारी आपको मदद. करेगा दो बार करेगा लेकिन आपके अंदर कोई. बात नहीं होगी तो पूरे जीवन कोई आपको मदद. करके बड़ा नहीं बना सकता तो जिंदगी में य. बड़े-बड़े बाप के बेटे कुछ नहीं कर पाते. हैं और मेहनत करने वाला आदमी खेसारी बन. जाता है मेहनत करने वाला आदमी कोई मनोज. तिवारी बन जाता है मेहनत करने वाला आदमी. पवन सिंह बन जाता है मेहनत करने वाला हम. पर किसका हाथ था. हम पे तो किसी का हाथ नहीं था हम लेटी.
बेचे हम लोगों के घर में झाड़ू लगाए लोगों. के घर में जाकर बर्तन माजे सारी चीजें तो. मैंने की तो मैं तो बोलता हूं कि भाई. मैंने की है इसमें शर्म की क्या बात है. इसमें मुझे शर्म नहीं है एक आरोप और आता. है कि खेसारी ने सानिया मिर्जा का नाम का. इस्तेमाल कर लिया सुपरहिट होने के लिए भले. मामला गया लीगल फसे लेकिन उस लीगल फस के. उतना कमा ले गए जिसने उनको रोशन कर दिया. सान मिर्ज साब ने भी आपने कहा था मैंने वो. वीडियो देखा था कि सानिया साहब ने कहा कि.
हा आपने केस की थी और हम हिट हो गए थे वो. फैंस उनके. थे सानिया से जो मुलाकात आपकी थी यार की. बारात में मैं गया था उन्होने बोला मेरे. ऊपर बिहार में बहुत गाने बने ही गाए थे हा. हम ही गाए थे तो मैं भी गाया था और पन भीभ. सानि मिर्जा जान मेरा था नथिया वाली. सानिया दहा खोजली. पाकिस्तानी अब तो लौट आई बाबा मैं क्या. बोला कि दुख तो मुझे हुआ ही था उस टाइम.
आपको दुख नहीं हुआ था छोटे थे हम लोग म उ. सोचते र थे अरे तो हम कौन से लगता था कि. हम झंडा फहरा रहे थे उस आपको काहे दुख हुआ. था कि सानिया मिर्जा का ब पाकिस्तान में. हो गया बाबा किसको दुख नहीं पूरे. हिंदुस्तान को दुख हुआ था कोई अब विषय. खेसारी को बोलते अलग विषय है बट मुझे लगता. था कि उस समय बचपना थी मेरी उस समय में. 181 साल का आदमी था मुझे क्या पता जसे. गाने क्या होते हैं शब्द क्या होते हैं उस. समय तो बाबा एक चाह थी कि हिट होना है. मुझे अब नहीं बर्दाश्त हो रहा यार मुझे.
हिट होना है बस दो चार 10 प्रोग्राम. मिलेगा उसी में जीवन चलता रहेगा मुझे. लोगों को देखता था तो मुझे भी ऐसे ही बनना. ऐसे बनना है तो उस लिखा कौन थे गाना आप. लिखे थे ये नहीं हमारे एक लिखवाया लिखवाया. कौन संजय सनेही आईडिया किसका था ये गाना. ये आईडिया उन्हीं का था वो लाए थे मेरे. पास हां और हमारे रमेश जी हमारे एंगल. म्यूजिक के मालिक जिन्होंने मेरे पीछे. बहुत पैसे लगाए उन्होंने बहुत सपोर्ट भी. किया तो ये संजी सनेही बहुत प्यारे लेकिन.
दिल क्या दिल से दिल से आपके निकला. क्योंकि आपको बुरा था कि हां तो उन्होंने. जब ये सनाया तो उसी समय का एक घटना था तो. घटना था तो मैं बोला कि भाई नया मैटर है. ये गा ही देते हैं और हम गाए. और ो दि उसके उस उस कैसेट के नौ गाने और. नौ के नौ सुपरहिट थे मेरा एक सऊदी रे भौजी. गाना उसमें था हां सारी गाने मेरी उसके. सारे हिट थे और उसमें सानिया भी था तो. सानिया मिर्जा ने पूछा तो मैंने बोल दिया. कि हां भाई मैं गा. ऑफर्ड नहीं था आपके लिए सानिया ने पूछा कि.
सानिया ने कहा बहुत सारे गाने आए थे फिर. आपने बताया एक ठ हम भी गाए थे सर मैं ऐसा. आदमी हूं ना कि मैं अपना गुनाह कबूल कर. लेता हूं मुझे लगता है कि एक एक गुनाह को. छुपाने के लिए ना इंसान 10 गुनाह करता है. एक झूठ को छुपाने के लिए एक सच झूठ को. छुपाने के लिए इंसान 20 झूठ बोलता है और. फसते जाता है तो भाई एक काहे के लिए वो सच. बोल के खत्म करो मैंने बोल दिया सिलेंडर. हो गया कि सनि जी मैं गाया था मैं फसा भी. था मैं ट्रोल भी हुआ था और फिर मैंने. कमाया और मैंने कमाया था और मैं उसी से. स्टार भी बन गया तो कम से कम एक भोजपुरी.
को सानिया मिर्जा ने एक कलाकार तो दे दिया. मतलब सानिया मिर्जा ने खेसारी लाल को. स्टार बना दिया नहीं ऐसा नहीं है लोगों ने. बनाया और मेरी भोजपुरी भाषा ने बना तो. शुरुआत बोहनी तो कहीं से होती है ना हां. बोहनी हुई वहां से मेरी बोहनी हुई लेकिन. देखिए आज क्या हुआ तो देखिए कुछ रिश्ते. ऐसे होते हैं तो अब जब सानिया मिर्जा का. डिवोर्स हुआ और ये खबर आई कि शोब मलिक. कहीं और बियाह कर लिए और चीट किया. उन्होंने तो फिर आपको फिर बुरा लगा अब. हमको कहे बुरा लगेगा. हमको कहे बुरा लगेगा बुरा उनको लगना चाहिए. जिंदगी उनकी थी उनको सोचना चाहिए था कि य.
तो बगल के गांव में शादी करने पर टूट जाता. है तुम देश से अलग कर ली भाई तुम्हें. क्यों नहीं समझ में आया कि देश से अलग. जाने का क्या मतलब ठीक है उनका अपना. विचारधारा है उनका अपना विषय उनकी अपनी. जिंदगी क्योंकि दिल पर किसी का जोर नहीं. चलता है और दिल कभी ना मजहब देखता है और. ना ही समुंदर पार देखता है लग गया तो लग. गया और आदमी दिल की जब बात सुनता है तो. फिर दिमाग काम नहीं करता है इसलिए इंसान. दिल के साथ जुड़ जाता है खेसारी लाल का. दिल टूटा कभी सर हमारा रोज टूट जाता.
है हमारा दिल कहिए मत नहीं नहीं प्यार में. कभी कटा चलो और अच्छे से पूछ लेते हैं. प्यार में कभी का कटा आपका कि बैठ के. किनारे बैठ के रोए हो या इमोशनल हो मैं. थोड़ा सा मुझे प्यार जानते हैं बाबा कहां. होता है जैसे कि आप मुझे पसंद हो कुछ लोग. कहते हैं खेसारी को हर हीरोइन से प्यार. होता है अच्छा तो ये बताइए हरि रन से. प्यार नहीं करेंगे तो काम कैसे करेंगे. प्यार तो करना ही पड़ेगा अब हमेशा बंदूक. के नोक प त काम कराएंगे नहीं उससे हम. प्यार ये कोई जरूरी नहीं कि हम जिससे.
प्यार करते हैं उसके साथ हम रहते हैं हम. अगर हम किसी को चाहेंगे नहीं प्यार नहीं. करेंगे तो हमारा केमिस्ट्री कैसे बनेगा हम. और शादी जहां तक बात है तो शादी तो हुई है. मेरी दो बच्चे भी हैं मैं तो पहले ही पूरी. दुनिया इंडस्ट्री को और मुझे लगता है कि. मेरे बच्चे से लेकर मेरे बीवी से लेकर. मेरे घर परिवार मेरे हर आदमी का तस्वीर. दुनिया जानती है हम मैं ही एक ऐसा एक्टर. हूं भोजपुरी में जिसकी पूरी फैमिली को. दुनिया जानती है हां बाकी लोग छुपा के. रखते हैं बाकी लोग छुपा क्योंकि बाकी. लोगों को कर्म कांड करना होता है मुझे तो. मैं साफ सुथरा इंसान हूं अगर मैं करता भी.
हूं तो दुनिया को पता चलती है कि हां मैं. कर रहा हूं भाई तो मैं इसीलिए प्यार. मोहब्बत जहां तक बात है मुझे हुआ था कई. बार हुआ कई बार रोए भी हम बट ठीक है समय. के साथ फिर बदल जा शम दादा रो थे या काजल. में रोही दोनों में थे हम अच्छा क्योंकि. खोने का डर तो कौन आपको छोड़ा था किसको आप. छोड़े थे. देखिए प्यार में जब हम किसी से प्यार करते.
हैं ना तो दोनों को राजी से ही छोड़ते. हैं और प्यार किसी एक ही को होता है दोनों. को नहीं हो. सकता या तो उनको मुझसे प्यार हुआ होगा या. मुझे प्यार. था अगर दोनों प्यार कर ले तो मुझे लगता है. कि दोनों एक दूसरे को इतना समझ लेंगे कि. उसमें दो हो ही नहीं सकते फिर तो एक हो गए. ना वो और एक कभी अलग नहीं होता. एक अलग नहीं होता. है दो थे.
हम हम एक समझ रहे थे या उन्होंने एक समझ. लिया होगा इसलिए रिश्ते अलग होते हैं ठीक. है और मुझे प्यार उनसे होता है ना जो बड़ी. मेहनती होते हैं जो काम को एंजॉय करते हैं. ना बाबा वह कितना सुंदर है मेरे लिए मायने. नहीं रखता है मुझे लगता है एक खेसारी है. और मैं उसके अंदर खेसारी देखता हूं और. खेसारी देखता हूं तो कैसे नहीं चाहूं कि. खेसारी यहां खड़ा है और खेसारी को छोड़ दो. मैं. हर दुनिया खेसारी को अपनाना चाहती तो मैं. कोई खेसारी मिला है तो कैसे छोड़ दो इसलिए.
उस खेसारी को नहीं छोड़ पाता और उससे जुड़. जाता हूं और मेरे काम का हिस्सा हो जाता. है और हम मिलकर जो करते हैं तांडव वो. लोगों के नहीं आपकी जोड़ी बहुत सुपरहिट. चाहे काजल के साथ थ बाकी लोग साथ भी लेकिन. एक सवाल लोगों के मन में आता है कि. भोजपुरी इंडस्ट्री के जितने बड़े. सुपरस्टार है सब शादीशुदा है और उसके बाद. सबकी लाइफ में एक लड़की और है अब लोग कहते. हैं ये कौन सा कल्चर है दुनिया भर की बात. करते हैं लोग लेकिन सबकी जिंदगी में. मोहब्बत एक बाहर आप किसी का नाम उठा लीजिए. ऊपर से लेकर नीचे.
तक तोय ये काम की जरूरत है या मजबूरी है. यह सबका कम उमर बयाह हो गया बाद में सुंदर. लड़की देखी तो दिल पिघल गया य हो सकता है. नहीं विषय बाबा य होता है ना कि देखिए हम. जिस परिवेश में रहे हैं ना हमें कभी सुंदर. लड़की दिखी. नहीं मेरा पहला प्यार मैं आपको बता ही. देता क्योंकि अब दिल की बात हो रही है और. आपसे झूठ बोलना ठीक नहीं है और पहला जब. मुझे प्यार हुआ ना तो मैंने पहली बार. सुंदर लड़की. देखी गांव में और और कोई मुझे बाबू बोले.
तो. बाबा कोई मुझे बाबू बोल रहा है और सुंदर. लड़की बोल रही है भैंस पर चढ़ने वाला आदमी. अभी तक भैंस का मुंह देखा है गाय को देखा. है भैंस को देखा है बछर देखा. है एक सुंदर लड़की और हरने पूरी दुनिया की. कायनात लग रहा है जो वही है और बोल रही है. बाबू खा लो ये बाबू यह पहनो तो लगता है कि. जिंदगी में यार सब कुछ मिल ही गया तो हम.
जिस परिवेश में पैदा हुए ना यही मोक्ष है. हा यही उस समय तो वही लग रहा था अब आदमी. धीरे-धीरे जब समझदार हुआ तो लगा कि नहीं. यार ये एक रील है और वो भी आदमी प्ले कर. रहा था मेरे साथ क्योंकि मैं नया था मेरे. लिए वो रिल नहीं था मेरे लिए रियल था. क्योंकि मैं रियल जिंदगी जी के आया था. लेकिन अगला रील का जिंदगी जिया था उसको. पता था कि यह रील है बट मुझे पता नहीं था. बट ठीक है हम जितने दिन रहे तर अच्छे एक. व्यक्ति व्यक्तिगत इंसान की तरह रहे और.
उन्होंने भी मुझे बहुत कुछ सिखाया हो सकता. है मेरे से भी उन्होंने कुछ सीखा होगा. चाहे वो उनकी बात कर ले चाहे उनकी बात कर. ले तो कहीं ना कहीं उनका भी बहुत बड़ा. योगदान होता है हमारे जीवन में कि जो. हमारी कमियां होती है उसको पूरा हमेशा. करते हैं कि कभी-कभी हम पेन में होते हैं. ना तो एक सकून देने वाला कोई चाहिए. क्योंकि बहुत सारी चीजें होती है बाबा कभी. मार्केट का प्रेशर कभी फैमिली का प्रेशर. कभी पापा का तो कभी मम्मी का तो कभी बीवी. का तो कभी बच्चों का बहुत सारी प्रेशर. होती है क्योंकि हमारे अपने हमें कभी नहीं.
समझ सकते यह दुनिया का दस्तूर है हर बड़ा. आदमी को अपनों ने कभी नहीं. अपनाया अगर अपनों ने अपना लिया होता तो. गैर के हो ही नहीं पाते व क्योंकि अपने. कभी समझ ही नहीं पाते कि हम उनके हैं हमें. रोज अपने रिश्तों को क्लियर करना पड़ता है. कि मैं तुम्हारा हूं यार और अपने घर में. ही करना पड़ता है अपने मम्मी को बताना. पड़ता है अपने भाइयों को बताना पड़ता है.
कि मैं तुम्हारा हूं मैं अगर अपने दोस्तों. पर 50 रप खर्चा करता हूं तो अपने भाइयों. के लिए 50 लाख फिर भी उनको यकीन नहीं होता. उनको लगता है कि नहीं अपने दोस्तों पर. लुटा रहा है तो अपने रिश्तों को हर दिन. मुझे क्लियर करना पड़ता है अपनों के बीच. में अपनों के लिए कि मैं तुम्हारा हूं बट. उसके बावजूद भी उनको यकीन नहीं होता कि हम. उनके हैं अच्छा एक सवाल घुमा के पूछती है. मैंने सवाल आईएस अभिषेक सिंह से पूछा था. मैं आपसे पूछूंगा और यह सब सब मर्दों प. क्या मर्द हिपोक्रिटस.
सवाल सवाल का कॉन्टेक्स्ट पूछ लेता हूं. किस किस संदर्भ में पूछ रहा हूं पूछता. खेसारी लाल स्टार बने हा उनके अफेयर रहे. आज व सार्वजनिक तौर पर एक्सेप्ट भी करते. हैं कि इनके साथ रिश्ता रहा और हीरोइन साथ. प्यार नहीं कर तो केमिस्ट्री कैसे. बनेगी इसी रोल को रिवर्स कर देते हैं. अगर आपकी वाइफ को किसी और से थोड़ा भी. लगाव हो गया होता क्या रिश्ता कंटिन्यू.
करते अब मैं आपको बताता हूं जिस जगह प ये. सवाल इसलिए पूछ रहा हूं बिग बॉस में भी गए. थे जिस जगह पर मैं हूं बाबा अगर उस जगह पर. मेरी वाइफ भी होती ना तो उसके भी अफेयर हो. जाते य बताइए क्यों लगता आपका बता रहा जिस. जगह पर. आज जितनी भी शादीशुदा महिला है जो में काम. करती जितने भी है क्या उनके अफेयर नहीं.
होते उनके लफड़े नहीं होते क्योंकि होता. यह है कि जब हम किसी के साथ रहते हैं तीन. महीने चार महीने पाच महीने तो जानवरों से. लगाव हो जाता है धीरे-धीरे अब हम हर दिन. प्यार की बातें कर रहे हैं वह सीन हो हम. डिस्कशन कर रहे हैं प्यार की बातें कर रहे. हैं यह कर रहे हैं वो कर रहे. हैं अगला सुंदर है. मुझसे बेहतर पढ़ा लिखा है मुझसे बेहतर वो.
रहता है मुझसे बेहतर हर चीज को जानता है. अब वह मेरे प्यार के तौर पर नहीं एक. समझाने वाला इंसान के तौर पर आता है. क्योंकि हमें आज भी लगता है कि हम बेवकूफ. है इसलिए कोई समझाने वाला आकर मेरा हो. जाता. है तो मुझे लगता है कि कुछ सीख रहा हूं और. उस सिखाने में मैं उसका हो जाता हूं मेरी. प्रॉब्लम य है और हर मर्द की प्रॉब्लम यही. होती है कि अपने आप को कभी ताकतवर नहीं. समझ पाता बोल देता है कि मैं बहुत ताकतवर.
हूं वो हमेशा अपने आप को कमजोर उसको जिस. मर्द को आगे बढ़ना है वो डर के ही जिंदगी. को चलाता है बहुत ईमानदार है. आप डर के जिंदगी को इसलिए चलाता है कि. उसको पता है कि जहां डर नहीं ना वहां. सिर्फ मौत हो मैं दावे से कह सकता हूं कोई. इतनी ईमानदारी से इस बात को नहीं कह सकता. जितनी ईमानदारी से आपने कि शायद यही वज कि. लोगों के दिल में आप है सही है गलत है वो. एक अलग विषय हो जाएगा लेकिन ईमानदारी जो. है बड़ी गजब. घर परिवार में इसका नुकसान हुआ जब जाते.
हैं घर आप बच्चों के साथ बीवी के साथ इस. बारे में लड़ाई झगड़े होते हैं आपके या. एडजस्ट कर लिया उन्होने नहीं नहीं देखिए. मैं एक मुझे लगता है कि मैं आपके साथ. बैठने के बाद मुझे नहीं लगता कि मेरे. सामने कैमरे हैं मुझे लगता है कि मैं अपने. बड़े भाई के साथ बैठा हूं और मुझे हा मुझे. बहुत कंफर्ट महसूस हो रहा है झगड़े कहां. नहीं होते हैं मेरी पत्नी राधा थोड़ी है. रुक्मिणी थोड़ी. है मेरी पत्नी कलयुग की पत्नी है द्वापर. नहीं है. बाबा झगड़ते हैं हम बट झगड़ना अलग विषय हो.
गया बट उसका लड़ना भी तो एक कला है ना कोई. तो है जो मुझे समझने वाला नहीं है और कोई. तो है जो मुझे बताता है कि तू कुछ नहीं है. आय. शाबाश दुनिया जीत के घर पे हार गए हां तो. कोई तो है जो मुझे बताता है कि तू कुछ. नहीं भाई तू जीरो है हेलो कौन सा अहंकार. में पड़ रहे. हो क्या खाना है. तुम्हारे हिसाब से नहीं बनेगा यहां बच्चों. के हिसाब से खाना बनता है बच्चों को जो.
पसंद है वह खाना बनता है जो मम्मी पापा को. पसंद है वह खाना बनता है मैंने अपने पसंद. से कभी पत्नी से कहा नहीं कि तुम खाना. बनाओ अ कभी पूछती है तो मेरे जीवन में एक. ही चीज मडुआ के रोटी और दल पीठी दाल में. हमारे यहां जो दाल के दल आप खाए ही होंगे. तो हम हमें बहुत पसंद है लीटी चोखा मडुआ. की लीटी और दल पीठी ये मुझे बहुत पसंद है. तो मेरी भाई. गांव से है तो वह बहुत अच्छा बनाती भी है. और वो बहुत अच्छी कुक भी है और बहुत अच्छी.
लेडीज है व अपने माने क्या बोलते हैं वाइफ. हाउस क्या बोलते हैं उसको हां हां हाउस. वाइफ है हाउस वाइफ बहुत अच्छी घर अच्छा. संभाला घर अच्छा संभाला उन्हो घर सुकून. दिया है ताकि आप दुनिया बकुल बिलकुल देखिए. लड़ना ऐसा नहीं है कि मैं कह दूं कि नहीं. मेरी वाइफ बहुत लड़ती नहीं है क्यों नहीं. लड़ेगी भाई वो पूरी दुनिया देख रही है कि. मैं क्या गलत कर रहा हूं क्या सही कर रहा. हूं तो उतना भी नहीं करेगी तो फिर वाइफ. कहां है हां कोई तो लड़ाई तो वही होती है. जहां हक होता है जहां पर प्यार होते हैं.
जहां पर रिश्ते होते हैं तो उसका लड़ना भी. जायज है ठीक है हम भी चुप हो जाते हैं. शांत हो जाते हैं कि चलो यार कोई बात नहीं. हर जगह तो मैं जीत ही देता हूं हर आदमी को. तो चुप करा ही देता हूं कहीं तो मुझे चुप. होना पड़ेगा चलो बाहर कम से निकलो आज नहीं. सोगे. तु नहीं नहीं कभी-कभी मैं गुस्सा करके मैं. ऑफिस में भी चला जाता हूं सोने के लिए. क्योंकि मुझे लगता है ना कि उनके जिद को. वो कुछ बोले मैं कुछ बोलूंगा एक गाना. भाविक लिए हो हमको लगता है कि इतना तो.
भाविक बनता है इतना झेल रही है आपको कहे. बू जान लेब का हो अरे हमर चिरई परा लेब का. हो जबरदस्त एक शायरी हमको याद आ गई कैसे. करें उनके प्यार के काबिल खुद को शायरी व. समझते नहीं अदाए हमें आती नहीं आगे बढ़ते. हैं पवन सिंह का बड़ा जिक्र होता है एक. बड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होता है. ा जिसम आप दोनों लोग गजब का डांस करते हैं. लोग समझ नहीं पाए कि आप दोनों में रेवलरी.
है मोहब्बत है कबो गरि आते रहते हो एक. दूसरे को कब एक दूसरे को पुकारते रहते हो. कब वो भैया भौजी चलता रहता है क्या रिश्ता. है पवन सिंह से आपका सच्ची वाला देखो आप. दिल की बात चल आज आज बनावटी वाला कोई काम. नहीं है आप बाली और सुगरी में वाला. है देखिए एक्चुअली है क्या बताता हूं आपको. बाली सुग्रीव. वाला अब हम लोग के जीवन में कोई राम आएगा. और किसी को मारेगा अब बाली कौन है सुग्रीम. कौन है ये नहीं बताऊंगा हां ठीक है तो.
विषय ये है ना कि मेरे बहुत सीनियर है प. भैया चाहे मनोज भैया या दिनेश भैया या रवि. भैया ये लोग बहुत मुझे लगता है कि इन. लोगों के इन लोगों से छोटा भी मैं बहुत. हूं दिनेश भया से भी छोटा हूं पवन भया से. भी क्योंकि 2007 या पा. में पवन भ आ गए थे इंडस्ट्री में उससे. बहुत पहले से उगाते भी हैं और कमाल के. सिंगर है नो डाउट मैं उनका फैन हूं और. मुझे मुझे लगता है कि पूरी भजपुरी समाज. फैन है उस आदमी की गायकी की हमारे यहां के.
रफी हैं और मुझे बहुत प्यारे उनकी आवाज. बहुत लेकि व्यक्तिगत तौर पर मैं उनका कंपट. हूं ये मुझे मानना पड़ेगा और मैं कंपीटर. के तौर पर उनको कभी नहीं छोड़. सकता क्योंकि मैं मानना अलग विषय हो गया. और मैं एक चैनल प बोल रहा हूं और मैं एक. कंपट की तारीफ कर रहा हूं हा तो मैं कंपट. की नहीं बल्कि भोजपुरी भाषा के गौरव का. तारीफ कर रहा हूं भोजपुरी भाषा के एक. सम्मान की तारीफ कर रहा हूं क्योंकि. भोजपुरी भाषा सिर्फ खेसारी लाल यादव से. नहीं बल्कि हमारे बड़े-बड़े लोग चाहे.
हमारे भिखारी ठाकुर जी हो महेंद्र मिश्र. जी हो चाहे वो हमारी श्रद्धा सिन्हा जी हो. चाहे हमारे बलेसर चाचा हो तो जिन्होंने. भजपुरी को संवारा है वो अगर छूट गए कंपट. अलग विषय हो गया बट अगर उनके बारे में अगर. हम बड़े चैनल पे आज आपके करोड़ों में फैंस. हैं तो उनको भी जानना चाहिए कि हमारी. भोजपुरी के गौरव कौन-कौन है लेकिन लोग. कहते हैं कि खेसारी होशियार हो गए खेसारी. मौज भी काट लेते हैं फिर धीरे सहला भी. देते हैं सर तो अ ताकि बुरा भी ना लगे और.
कह भी गए पूरी दुनिया हमसे मजा ले रही है. क्या हमें मना मन नहीं करता मजा लेने का. कह भी दिए बाली है मैसेज भी चला गया और. उसके बास सुहरा के कह भी दिए कि नहीं नहीं. वो तो हमारे रफी भी है नहीं बाबा विषय य. बताइए जब मामला गढ बढ़ाएगा तो कवर भी हो. जाएगा कि देखो भैया वो भी तो कहे थे ना. आपके बारे में पूरी दुनिया अा ही बताइए. पूरी दुनिया हमसे मजा लेती है हमें भी तो. मन करता है मजा लेने का तो हमारे लिए भी. तो आदमी चाहिए ना हम किसी आम आदमी को खोद. देंगे तो सर तो द को गालियो दे देगा तो. मेरी इज्जत चली जाएगी तो हम खोदते भी ऐसे.
ही आदमी को होंगे उसके बातों में आनंद हो. और उस आदमी की बातें दुनिया सुने तो मेरे. खोदने के लिए मनोज भैया को मैं खोद नहीं. सकता दिनेश भैया को खोद नहीं सकता रवि. भैया को खोद नहीं सकता तो मैं उनको खोदता. हूं क्योंकि मुझे मजा आता है एक बड़े भाई. के तौर पे और थोड़े सेशेल भी है तो मुझे. लगता है कि थोड़ा सा भैया को खोदा हूं. गर्लफ्रेंड भी कॉमन रही है. नहीं चलिए वो भी महिला है और हम सम्मानित.
है हमारी इंडस्ट्री की बहुत बड़ी हमने नाम. तो किसी लिया नहीं जो भी है लेकिन वो लोग. सम्मान है और भोजपुरी को बहुत कुछ दिया उन. लोगों ने हमारे अच्छे मित्र है भाई दोनों. आपके मित्र. है दूसरे का तो हम सोच नहीं थे हमको याद. दिला. दिए उनसे भी आपका था नहीं दोस्ती थी अच्छा. ठीक है हम समझ गए दोस्ती थी तो पवन सिंह. को जाने कोछा आपने कभी जानबूझ से मौश. काटने के लिए कि अभी थोड़ा गाना वाना चल. रहा है एक कुछ देंगे अभी चार रिएक्शन आएगा.
खट से क्योंकि आपको पता है वो रिएक्ट कर. देते हैं नहीं सबसे बड़ी चीज कि किसी चीज. का एक अंत तो होना ही चाहिए हर चीज का एक. अंत है जब तक ये चीजें समझदारी नहीं थी तब. तक हमें भी लगता था कि नहीं यार. कंट्रोवर्सी करना जरूरी होता है मैं जो. सीखा था लोगों से देखा था क्योंकि मनोज. भैया का और रवि भैया का मैं बहुत. कंट्रोवर्सी देखा था तो मुझे लगा यार कोई. तो आदमी हो जिसे मैं भी कंट्रोवर्सी कर कर. के हम लोग इंडस्ट्री को माहौल बना रहे. माहौल बना रहे दोनों फैन बेस में बना रहे. माहौल और भोजपुरी एकदम जिंदा रहे नहीं तो.
पता चला जा कोई दूसरा आगे घुसा और भोजपुरी. के लोगों को लोग भूल गए वो कंट्रोवर्सी. ऐसा नहीं कि भोजपुरी को बर्बाद करने के. लिए हां कुछ फैंस लोग हैं जो वो गलत कमेंट. कर देते हैं और वो गाली गलोज पर उतर जाते. हैं कुछ यूटर हैं भाई हमारे जो बेचारे. उनको भी दुकान चलाना ना अपना दुकान चलाने. के लिए ऐसा थोड़ी है आप किसी का गला काट. के बेच है अब जैसे आप पर एक आरोप लगता है. कि जब पर गाना वाना आता था या पिक्चर आती. थी तो आप जानबूझ के हल्क कं क्रिएट कर. दिया करते थे कि अब मामला गरमा आएगा चर्चा. होगी और इसी बहाने पिक्चर सुपर डुपर हिट.
बाबा अगर मान नहीं मान के चलिए कि अगर. मेरा कोई गाना आ रहा है या कोई फिल्म आ. रहा है तो मैं फिल्म पे कंट्रोवर्सी. करूंगा ना किसी पर्सनल आदमी से. कंट्रोवर्सी करके उस फिल्मा को क्या फायदा. होने वाला है या उस गाने को क्या फायदा. होने वाला है फैन लॉयल हो जाते हैं खट से. नहीं नहीं ऐसा नहीं है जो फैन है वो है और. हमारे जो भी फैन है कट्टर फैन है आज मैं. 45 50 करोड़ जनता का हीरो हूं या मैं फैन. फॉलिंग है. जो भी है भगवान ने जो भी दिया है लेकिन. बड़े आदमी से आदमी लड़ता है जब बड़े आदमी.
से लड़ते आप बिग बॉस गए थे अब बिग बॉस में. हमारा बाद सिद्धार्थ शुक्ला से आसिम ने. लड़ाई करी आसिम पहले डाउन थे फिर बड़े हो. गए खट से आप जब आप बड़े आदमी से लड़ते हैं. तो आप भी बड़े होते हैं बराबर में खड़े. होते हैं तो आपको लगता है कि ये वाला. स्ट्रेटेजी बढ़िया रहा कि पवन सिंह बड़े. थे पवन सिंह को हमने सी टारगेट किया. उन्होंने हमको रिएक्ट किया तो उन्होंने. ऑटोमेटिक हमको बड़ा कर दिया फिर हमारा. टैलेंट भी लोगों ने देखा अब टैलेंट और. कंट्रोवर्सी दोनों हमको सुपर डुपर हिट कर. दिया नहीं मैं पवन सिंह जी से ऐसे नहीं. लड़ भैस पर से चढ़ के आक और पवन जी को खोद. दिया मैं पहले पवन जी के सामने बैठा पवन.
जी के सामने खड़ा हुआ पवन जी के कंपट बना. पवन जी से बेहतर बॉडी बनाई पवन जी से. बेहतर डांस किया पवन जी से बेहतर मैंने हर. वो चीजें की हा मैं खुद पे काम किया जो. पवन भैया नहीं कर पाते थे वो मैंने किया. पहले मैं उस आदमी के पास गया तब मुझे लगा. जी मेरे मेरे लायक है क्योंकि मैं किसी को. ऐसे तो खोद नहीं सकता लगना चाहिए ना कि. मैं पहले उसके लायक बनू खोदने के कोई. क्यों नहीं खोद देता बाकी कलाकार का नहीं.
खोद देते स का नहीं खोद देते पन जी को. विषय वो नहीं है बाबा आपके अंदर हथियार. होगा ही नहीं तो आप क्यों किसी से लड़ने. जाए ऐसे कुरुक्षेत्र में चले जाएंगे अच्छा. वो वीडियो क्या था जिसमें आप दोनों नाच. रहे बगल में काजल खड़े बड़ा जबरदस्त वायरल. है वो एक मचा रखा उस गाने नेराज कया त. मोटा में हरी के हाथ. तो और फिर आप दोनों का डांस जो है हां. हमारा व एक हमारे वेब कंपनी के जी वही. उन्हीं के रिसेप्शन था और उसी में हम सबका.
इनवाइट किया गया था तो हम लोग उसी स्टेज. पर थे और दोनों भाई उस दिन नाचे और नाच के. बेचारे उस समय कंट्रोवर्सी में चल रहे थे. हम लोग इसलिए ज्यादा वायरल हो गया और हा. शायद उसके लिए कि पहली बार हम लोग क्योंकि. एक साथ नजर आ गए ना ऐसे कभी नहीं हुआ कि. हमारी उनसे पर्सनल दुश्मनी हुई आज भी मेरे. बड़े भाई हैं हमेशा रहेंगे लेकिन मैं. कंपीटीटर के तौर पर कभी-कभी कुछ बोल देता. था लेकिन आज मुझे लगता है कि नहीं. एक सान का सम्मान है और एक जगह पर है व. ऐसे जहां पर एक राजा को एक राजा को नहीं.
बोलना चाहिए पहले मुझे लगता था कि नहीं. राजा को राजा राजा को एक राजा को नहीं. बोलना चाहिए सम्मान भी है लेकिन मेंटेन भी. अपना. गजब शब्दों की बारीक बड़ी अच्छी होती है. समझने में चलिए पूछ लेते हैं ज्यादा अच्छा. डांसर कौन है पवन सिंह या खेसारी ये तो. दुनिया से पूछेगा तो बताएंगे मैं खुद की. तारीफ नहीं कर सकता ना ज्यादा अच्छा एक्टर. कौन है पवन सिंह खेसारी मैं खुद की तारीफ. नहीं कर सकता ज्यादा अच्छा सिंगर कौन है. पवन सिंह खेसारी पवन सिंह सिंगर ज्यादा. बेहतर है वो ज्यादा गर्लफ्रेंड किसकी रही.
है पवन सिंह या. खेसारी ये तो लोगों को पता होगा ये भी. लोगों को पता होगा क्योंकि हम कभी. गर्लफ्रेंड गिने ही नहीं इतना काम करते. हैं ना कि टाइम ही नहीं मिलता सिंगल डिजिट. में है या डबल डिजिट में हो गई थी य तो. बता सकते हैं ना महाराज सिंगल डिजिट मतलब. मतलब एक से नौ तक है या नौ के पाद दो. डिजिट में हो गई है 10 11 मेरे जीवन में. एक ही है हां और वो एक ही रहेगी हम लोग. आते हैं जाते हैं आ शा भाभी जी भी खुश चलो. आज लड़ाई नहीं लड़े तुमसे आज खाना. तुम्हारे मन का बन.
जाएगा अच्छा एक वीडियो और वायरल हुआ था. जिसमें शायद आपने पवन जी को पिता बताया था. वो एडिटेड है या ओरिजिनल वीडियो है बड़ा. भाई पिता के तोलिए होता है मुझे ऐसा लगता. है क्योंकि मैं अपने बड़े भैया का पैर. हमेशा छूता हूं अपने भाभी को मा ही बोलता. हूं हम और मुझे लगता है कि जब आपके जीवन. में पिता नहीं होता है ना तोत बड़ा भाई आप. का वो सब वो पिता की तरह ही आपके परवरिश. को देखता है और आपकी चीजों को इसलिए मैं. उनको हमेशा पिता की तरह मानता भी ह और. उन्हीं को नहीं बल्कि मुझे लगता है कि. मेरे चारों सीनियर जैसे रवि भैया मनोज.
भैया दिनेश भैया ये बड़े भाई के तौर पर. हैं तो ये कहीं ना कहीं मेरे पिता तुल्य. ही है तो रवि किशन मनोज तिवारी दिनेश लाल. और पवन सिंह अगर खेसारी को जरूरत हो मान. लो कुछ समझना चार में किसको फोन लगा सकते. हैं. आप मुझे समझना हो कुछ मान लो जानना हो. समझना हो कुछ सलाह लेनी हो मदद मांगनी हो. कोई काम पड़े नहीं ऐसा उनके पास ऐसा कुछ. नहीं है जो उनसे जानने की जरूरत है मुझे. ईश्वर ने इतनी पब्लिक दिया है मुझ चारों.
में किससे कंफर्टेबल ज्यादा आप है किसके. करीब आप ज्यादा मैं सबसे हूं जरूरत मेरी. पढ़ने प सब लोग सबसे ह लेकिन सबसे नहीं. मुझे कभी जरूरत पड़ी ही. नहीं मैं मेरी जरूरत उतनी बड़ी है ही नहीं. मुझे अगर मेरे पास पा करोड़ रुप है हम तो. मैं तीन करोड़ का सामान लेता हूं दो करोड़. बैलेंस रखता हूं कब दिन बदल जाए पता नहीं. हां पता नहीं ना मुझे तो इसलिए मैंने अपनी. शौक को बड़ा नहीं किया कर जीवन में कभी. अपनी देखिए आदत खराब होती है ना जब आपके. शौक बढ़ते हैं तब इंसान बिगड़ता है.
बिगड़ने का मतलब कि आप कुछ है अवगुण क्या. है आप. में गुण तो दो लोग देख लिए नाच लेते हो. बढ़िया गा लेते हो बढ़िया मौश काट लेते हो. हा. मेरे अवगुण यही है कि मैं इमोशनल बहुत. रोते बहुत हो और यहां इमोशनल लोग को लोग. नहीं समझ सकते मुझे लगाव हो जाता है किसी. से मुझे लगता है कि नहीं यार मैं इंसान को. इंसान की तरह चाहता हूं मेरे साथ रहने.
वाले जितने भी लोग. हैं सबका सम्मान करता हूं मैं अपने अपने. बेड पर बैठाकर खाना खिलाता हूं अब में खुद. खाता हूं खिलाता हूं साथ में सोता हूं ऐसा. नहीं कि एक स्टार की कि तुम मेरे आदमी हो. तुम काम करते हो तुम उधर जाओ अगर मैंने. कोई चीज खरीदी चाहे वो ब्रांडेड हो या. अनब्रांडेड तो ऐसा नहीं कि खेसारी लाल खुद. के लिए खरीदता है अगर पांच लोग साथ में तो. पांचों के लिए वही चीज खरी दी जाएगी जो. मैंने खुद के लिए खरीदी और यह चीज को.
लोगों को लगता है कि यह बेवकूफ आदमी है. इसलिए मैं फस जाता हूं यहां पर थोड़ा सा. मैं प्रॉब्लम में हूं यह मेरी कमजोरी है. कि मैं इमोशनल मुझे इंसान समझ में आते. हैं वह किस रिश्ते के साथ मेरे साथ है यह. मुझे पता नहीं बट मुझे लगता है कि इंसान. है यार डीप है हां और इंसान को इंसानियत. ही आना चाहिए ठीक है एक आखरी सवाल पवन. सिंह उसके बाद हम और लोगों के सवाल लेंगे. एक वीडियो बड़ा वायरल उनका हुआ कि ससुरा.
पीते सब है बदनाम हमको कर दिए खेसारी भी क. कह दिए थ कि बिना पिए चढ़ते नहीं है ये. स्टेज पे नहीं एक्चुअली है क्या ना पिए के. बोलते हैं इसलिए प्रॉब्लम है इसीलिए उ. पकड़े जाते हैं बेचारे उनको मैं कई बार. माना भी किया कि भैया आप मार के मत आइए तो. क्योंकि वो शब्द बदल जाते हैं ना आपके भाव. बदल जाते हैं पीते ऐसा नहीं है उ उन्होंने. सही बोला है पीते सब है बट इस दुनिया में. कौन नहीं पीता है हम प भगवान विष नहीं पिए. पिए ना हम वो भी तो मौत ही पिए सीख गए हैं.
आप पूरा बोलना एकदम क्या शब्दों की. बाजीगरी सीख पढ़ाई लिखाई भले ना हुई लेकिन. शब्दों की बाजीगरी सीख अब आप जैसे अनुभवी. लोगों को सुन सुन के हम भी बड़े हो रहे. हैं एक राजा एक राजा के बार बहुत बारीकी. से हम महसूस कर रहे हैं हां शब्दों की. बाजीगरी सीख गए पूरा तो पीने के लिए हर. आदमी पीता है बट वो पीता क्या है ये माने. रखता है वो पीता किस लिए है ये माने र. खसारी पीते हैं बिल्कुल पीता हूं मैं क्या. दूध. क्योंकि हर दिन में दो से तीन गिलास दूध. हमारे दो किलो तीन किलो दूध तो आता ही है.
और लिटिल लिटिल हां कभी बियर और ले लेता. हूं मैं ऐसा नहीं कि मैं झूठ बोलूंगा हां. कभी ले लेता हूं ऐसा थोड़ी है कि मैं साधु. बन जाऊ अपने आप को और जो मेरे साथ पार्टी. करते हैं वो बेचारा क्या बोलेंगे कितना. झूठ बोल रहा है और आपके साथ सच ही बोलना. है मुझे तो ऐसा नहीं है कि मैं पीता नहीं. हूं हां पीना देखिए वो कभी थकता है आदमी. बहुत बबा कभी थक जाता है अब कभी पार्टी टी. में गया तो कैसा लगता है क्या पीने से. क्या होता है हम तो पी नहीं आली आप नशा के. लिए तब ना आपको प्रॉब्लम होगी मैं नशे के. लिए थोड़ी पीता हूं थकान के लिए मैं तो. एंजॉय के लिए पीता हूं लोगों के मान.
सम्मान के लिए पीता हूं कि भैया आए हैं तो. थोड़ा सा ले लीजिए ओके भाई चल ठीक है अब. लोगों के सवाल हम धीरे-धीरे एंड प जा रहे. हैं एक आरोप आप पर लगा कि स्टेज शो पर आप. थोड़ा अश्लील हरकत कई बार कर देते हैं. थोड़े ऐसे शब्दों का प्रयोग करते डबल. मीनिंग वाले इससे पॉपुलर मिल जाती है यह. व्यूज कमाने एक बढ़िया तरीका कि थोड़ा सा. मश काट. दो विषय वो नहीं है मेरे कहने का मतलब कि. जो चीजें सामने होती है ना बाबा जैसे. परफॉर्म होता है हम वो एडिट नहीं होता है. हम वो लोग जो है ना वो अब भजन हम द को.
गाते हैं दो गाते तीसरा गाते हैं तो लोग. हाला करने लगते हैं समय देखिए मेरे कहने. का मतलब कि. अब शंकर जी को लड्डू. चढ़ाइब देवता देवताओं का तो पूजा अलग है. बढ़ बढ़ विधि अलग है उनके प्रसाद अलग हैं. तो जो चीजें है हां हम प्रेजेंट कर रहे. हैं वो वहीं तक खत्म है कि भाई वहां आए. हैं मजा लेने के लिए मैं धीरेंद्र.
शास्त्री बाबा जैसे प्रवचन करता तो हूं. नहीं अरे हां उनसे भी तो मिले थे ना आप. हां कैसा एक्सपीरियंस रहा महाराज जी से. बताए आपका पचा काटे थे वो धीरें शास्त्री. मुझे पचा की जरूरत थोड़ी है कुछ पूछ. क्योंकि मेरे किस्मत में कुछ था ही नहीं. बाबा मैंने सब कुछ मेहनत से पाई है और. किस्मत में कुछ होता नहीं है इंसान जो. करता है वही मिलता है और मेरी किस्मत में. कुछ नहीं था मैंने मेहनत की आज मैं आपके. सामने बैठा हूं तो इसमें मेरी खुद की. मेहनत ये किस्मत नहीं है किस्मत होती तो. मैं भैंस नहीं चरा रहा था अगर किस्मत होती.
तो मैं. बचन वचन जी के यहां पैदा हुआ होता बात तो. इंसान मेहनत से इंसान वचन बनता है और. किस्मत से अभि आप धीरें शास्त्री से मिले. होंगे आप क्योंकि मैंने जो तस्वीर देखी थी. मुझे याद आ गया मैं उनके यहां कार्यक्रम. किया था हां बहुत अच्छा हां वो आपके डांस. में हंसे भी तो थे हां मौज पूरी काटी थी. उन्होंने मुस्कुरा मुस्कुरा के तो आपको. उनसे क्या वाइब आई कुछ तो क्या लगा आपको. जैसे कई लोग उनको मानते हैं कि उनमें. देव्य शक्ति है है चमत्कार है आप कुछ. महसूस किया अपना या खाली उनके अंदर कोई. शक्ति नहीं है वो आदमी बी पॉजिटिव.
है धीर शास्त्र को शक्ति नहीं पॉजिटिव. शक्ति एक बात बताए आपसे जब आप भी पॉजिटिव. होते हैं ना बाबा अगर आप बिल्कुल पॉजिटिव. है ना तो आपके हर वो शब्द लोगों के दिल तक. पहुंच जाएगी शाबाश मैं आपको क्यों प्यार. करता हूं उसका उसका रीजन सिर्फ एक ही है. हा जैसे आप यहां से बहुत क्लियर है हा. आपको जो मन में आता है व आप बोलते हो आपके. जो शब्द होते हैं वो लोगों के दिल तक. पहुंचते हैं देखिए आपसे भी कई सुंदर सुंदर. लोग तो.
youtube0 50 करोड़ जनता का हीरो है 4050. करोड़ जनता खेसारी को बाय फेस बाय नेम. जानती है वह आदमी आपको फॉलो करके चलता है. वह आपको सब्सक्राइब करके रखा है उसका एक. चीज तो होगा जो कुछ तो बातें आपके अंदर है. जो हमें सिखाती है और वो शब्द है जिसके. लिए हम आपको लाइक करते हैं तो धीरेंद्र. शास्त्री जी के अंदर एक चीज है मैंने देखी. ना कि वो इतने पॉजिटिव है और इतने पॉजिटिव.
सर कि उनके हर वो शब्द लगता है कि सिर्फ. सच है और आदमी झूठ बोल नहीं सकते और जो. दिल से बोलता है वह कभी झूठ नहीं बोलता. बाबा के अंदर बस एक बातें है ना कि उनके. पास जाने के बाद उनका आप हो. जाएंगे उसका एक ही कारण है सच्चा. होना क्योंकि मंदिर में ना आशीर्वाद ही. मिलता है पर प्र साद थोड़ी मिलते हैं. प्रसाद तो लेकर जाया जाता है खेसारी लाल. धार्मिक व्यक्ति है हैं.
हां कितने धार्मिक है क्या होता है धर्म. क्योंकि आजकल बड़ी लड़ाई चलती है लोग कुछ. साल पहले धर्म और मान्य इंकार करते थे मैं. आपका हाथ देख रहा हूं कलावा बांध रखा आपने. और भी कई सारा पूजा पाठ है फिर हमने आपका. एक गाना देखा राम जी के ऊपर आया था. अयोध्या में घाट प सरयू पे क्या बढ़िया. एकदम बॉलीवुड स्टाइल में शूट किया गया था. हां सिनेमा थी मेरी रंगदे बसंती जो कि छ. सात करोड़ के ऊपर की बजट फिल्म भजपुरी की. पहली ऐसी बिग बजट की फिल्म धार्मिक में. इसलिए हूं क्योंकि बाबा मैं किसी के बारे.
में जानने की कोशिश करता हूं और अगर हम. आपके बारे में जानते हैं तो हमें आपको. मानने की जरूरत नहीं किसके भक्त है. आप शिव जी के राम जी के हनुमान जी. के देखिए श्रद्धा आपके अंदर है ना तो आपके. लिए भगवान जरूरी. नहीं श्रद्धा सबके प्रति होना. चाहिए हमारे परिवार में ही 50 लोग हैं अब. हम कह दें कि उसमें से हम बाबू जी को. ज्यादा मानते हैं माई को कम मानते हैं. उनको कम मानते हैं कोई तो होता है ना नहीं.
मुझे लगता है ना कि मैं इंसानियत को सबसे. ज्यादा पूछता हूं और जिसके विचारधारा जैसे. मुझे राम की विचारधारा अच्छी लगती है. हम भगवान शिव का अल्हड़ पन अच्छा लगता है. कृष्ण का नटखट वो बातें अच्छी लगती है. उनका वोह बर्दाश्त करना 100 गलतियां. शिशुपाल का बर्दाश्त करना भी अच्छा लगता. है मुझे कि करते हैं ना तो मुझे लगता है. कि कि राम के विचारधारा इसलिए पसंद है. मुझे कि बन जाना इंपोर्टेंट नहीं है लौटना.
इंपोर्टेंट था कि बन के क्या लौटे हर आदमी. बन जाता है आप भी अपने घर छोड़कर आइए तो. आए हैं अपने पूरी फैमिली को छोड़कर आए आप. तो आप आए हैं आप भी बन बन बन समझिए कि बन. ही है अगर आप अपनी फैमिली के साथ नहीं है. तो हम वन में ही है ना हा बट हमारा वन आना. इंपोर्टेंट थोड़ी है आज सु अंकर मिश्रा को. मुझे लगता है कि आपके पिता के नाम से आपको. नहीं जानता दुनिया आपके नाम से पिताजी को.
जानते होंगे विषय व. है दशरथ को हम जानते कि नहीं जानते हमें. पता ही नहीं. था लेकिन एक इतना बड़ा मर्यादित पुत्र. उन्होंने पैदा. किया जिन्होंने पूरी अयोध्या ही नहीं परके. सनातन को सनातन को एक अलग रूप दे दिया तो. कहीं ना कहीं मुझे ऐसा लगता है कि राम को. मानने की जरूरत नहीं है राम को जानने की. जरूरत है बेहतर आज मां के एक डांट पे हम. घर छोड़ देते हैं.
[संगीत]. हम बट एक मां ने वचन मांग लिया और. खुशी-खुशी कोई रज गद्दी छोड़ के और भाई को. देकर सौंप के और चला. गया तो जाना इंपोर्टेंट नहीं था मुझे लगता. है कि लौटना इंपोर्टेंट था उन्होंने. मर्यादा के साथ ठीक है शिव जी उनका अल्हड़. पन उनको कुछ नहीं चाहिए उनको कुछ नहीं. चाहिए मैं क्या बोला जब इ का अंत हो जाता. है तो इंसान संत हो जाता है उनकी कोई. इच्छा ही नहीं है उनके पास बस एक दया है.
उस दया के साथ लोगों के साथ इसलिए वो मुझे. अच्छे लगते. हैं कृष्ण का बर्दाश्त करना शिशुपाल की. 100 गलतियां 100 गालियां इसीलिए एक हद तक. आप बर्दाश्त करिए बर्दाश्त में बहुत ताकत. होती है अगर एक गलती पर उन्होंने अगर. गर्दन काट दी होती तो. शायद वो 100 गलतियां बर्दाश्त करने की. क्षमता हमारे अंदर नहीं आती क्योंकि हम. उसी कृष्ण से सीखे हैं कि 100 गलतियां. हमें बर्दाश्त करनी चाहिए अगर कोई आपको.
बहुत ज्यादा गलत कर रहा है तो 100 गलतियां. बर्दाश्त करना यार हो सकता है 99 प रुक. जाए वो और एक अच्छा इंसान बन के लौटे. तुम्हारे सामने इसलिए कोशिश करता हूं. खेसारी लाल में जात पात है क्योंकि जिस. जाति से आप आते हैं बड़ी यूनाइटेड जाति है. और इंडिया में जात पात एक सच है आप कितना. भी इग्नोर करें वो सच है उसको आप इग्नोर. नहीं करते बिग बॉस भी कई लोग गए हैं वो भी. तब तक बाहर नाम नहीं ले रहे थे अब नाम. लेना शुरू किए कि हमारी जात वाले हमको. जरूर देखें ये इससे बड़ा फायदा होता है.
आपकी इंडस्ट्री में काफी है आपके अंदर है. व्यक्तिगत या बाहर निकलकर हित मित्र बन गए. तो अब लगता है कि नहीं आदमी बढ़िया होना. चाहिए जात का फर्क पड़ता है. मैं मुझे लगता था कि मेरी जब शादी हुई थी. तब तक ही मैं यादव था. हम उसके बाद कलाकार बन गया बाबा और कलाकार. की कोई जात होती नहीं बढ़िया खूबसूरत लाइन. जोड़ी उस समय तक ये जाति जो है ना मुझे. लगता है कि शादी ब्याह के लिए ठीक है शादी.
तक बच्चों के शादी तक ठीक. है बट जिंदगी जीने के लिए जात की जरूरत. नहीं होती है जमात की जरूरत होती. है और रिश्ते जात देखकर नहीं होते रिश्ते. तो बन जाते हैं और जो जात देकर रिश्ते. बनाते हैं मुझे नहीं लगता कि वह आपको. प्यार करते. होंगे इसलिए मुझे लगता है कि जिस दिन से. मैं कलाकार बना उस दिन से सारे धर्म मेरे. हो गए सारी वो जात मेरे हो गए सारे वो. मजहब मेरे हो गए क्योंकि मैं हर मजहब का.
आदमी हूं मैं हर धर्म का आदमी हूं मैं हर. वर्ग का कलाकार हूं जो कि हर वर्ग मुझे. सुनता है इसलिए मुझे लगता है कि मेरी जात. अब एक ही है कि मैं कलाकार हूं तो खेसारी. लाल यादव होने का फायदा मिला या. नुकसान जैसे मैं क्रिकेट के वीडियोस बनाता. हूं तो जिस दिन सूर्य कुमार यादव चलते हैं. और मैं लिख देता हूं उस दिन बड़ा अच्छा. शेयर होता है या कोई मुस्लिम प्ले बड़ा. अच्छा शेयर आता है और मैं कमेंट सेक्शन. में महसूस कर पाता हूं कि जाति वाला अपने.
आप समर्थन आता है मैंने शुरुआत में कुछ. पॉडकास्ट किए मनोज तिवारी जी का था एक दो. लोग का और था लोगों ने उस पर भी शुरू कर. दिया कि आप तो ब्राह्मण लेकर आ रहे हैं. मुझे एहसास नहीं था फिर मैंने कहा अरे ऐसा. भी लोग सोच लेते हैं तो आप गाना गाते. होंगे आप भी अपना कमेंट सेक्शन पढ़ते. होंगे आपको खेसारी लाल यादव होने का फायदा. मिला वही विषय आप ही के आप ही के सवाल में. आपका जवाब है जैसे आपने बोला ना कि लोग. बोलते कि आप ब्राह्मण है ब्राह्मण को लेकर. आते हैं तो एक समाज का जब इंसान हो जाता.
है ना बाबा तो मुझे लगता ही नहीं कि वह. किसी एक वर्ग का है जैसे आप आज समाज के हो. गए हैं आप लोगों के मनोरंजन के लिए लोगों. को अच्छे दिशा के लिए आप काम करते हैं उसी. तरह हम भी करते हैं जाति का फायदा उस हद. तक होता है और वह लोग. जैसे जो कट्टर होते हैं बेचारे उनको जात. के अलावा कुछ चाहिए ही नहीं और ये उनकी. गलती नहीं है वो उनकी दीवानगी है मैं उनको. बुरा नहीं बोलता बट मुझे लगता है कि समाज. को जैसे हम प्रदेश में आते हैं ना तो मुझे. लगता है कि एक बिल्डिंग में कई सारे जाति.
के लोग कई सारे धर्म के लोग और कई सारे. देश के लोग भी रहते हैं लेकिन वो एक होके. रहते हैं तो जब उनके अंदर हम जब हम ही. अपने गांव छोड़ के जब प्रदेश आते हैं तो. हम समाज के हो जाते हैं और जैसे. हम शहर से गांव जाते हैं तुरंत जात के हो. जाते. हैं सही बात है तो हमें हम बदलते हैं ये. समाज नहीं बदलता समाज को जैसे आप अपने आप. को.
ढालीगांव. मैं पॉलिटिकल चीजें भी बहुत देखा हूं कोई. भी जात के नेता किसी भी जात के अपने जाति. बदर के बेटा. को बड़ा नेता नहीं बना पाया क्योंकि हमें. जात का नेता चाहिए. उस नेता को जात नहीं चाहिए वह हर जात के. लोगों को टिकट देता है हर जात के समुदाय.
के लोगों को अपने पास बैठता है क्योंकि वो. समाज का है तो हमें भी अब आपने नेताओ मेरे. दिमाग में मनोज तिवारी तीन बार के सांसद. दिनेश लाल निरहुआ बते सांसद बने तबकी हार. गए पवन सिंह लड़े हार गए सियास रवि किशन. सांसद गोरखपुर से पहली बार लड़े वो भी हार. गए थे बाद में जीत गए सांसद दो बार से बने. आपके सारे जो कंपर हैं वो चुनाव में गए. सांसद बने आपकी इच्छा नहीं है चुनाव लड़ने. की क् बहुत लोग पूछ रहे थे और लोग तो.
पार्टी वार्टी भी डिसाइड कर रहे थ कि. फलाने पार्टी से लड़ लेंगे धमाके लड़ेंगे. एक्चुअली देखिए चारों चारों लोग गए हा तो. इन्हीं लोगों का है कि बाबू तुम 10 साल. मता. आओ बोले कि 10 साल तुम मत आओ क्योंकि तुम. गए तो भोजपुरी खत्म हो जाएगी भोजपुरी आखिर. हीरो तो चाहिए ना भोजपुरी भाषा को कहीं. दूसरे जगह दिखाने के लिए बताने के लिए. प्रेजेंट करने के लिए हा कम से कम देखिए. संगीत ऐसी चीज है ना बाबा कि वो बहुत. फैलती है चुनाव नेता बनने के बाद नहीं हो.
पाता इर एक्चुअली जैसे अपना चपा का लोग. इनार नार नवाना होगा तो इही लोग से बोल. खुनवा लेगा आदमी हमको बनने की क्या जरूरत. है चार चार जिसके जिसके बड़े भाई चार चार. सांसद हो उसको नेता बनने की क्या जरूरत है. मुझे लगता है खसारी को इनकी जरूरत अभी तो. खेसारी कह र हा मैं इनका प्रचार करके खुश. रहूंगा इनको मैं देखिए वही बोला ना कि. रिश्ते तो वो होते हैं जो अपनों से अपनों. को बड़ा बनते देखना चाहता है वो अपनों को. खुश देखना चाहता है और मेरे रिश्ते इन.
लोगों से ऐसे ही है जैसे कि मैं अपने. मम्मी पापा भाई भोजाई बच्चे जो जो भी हो. समाज जिसको भी लेके चलता हूं मैं हमेशा. चाहता हूं कि वो बड़ा हो जाए मैं उसके लिए. मेहनत करता हूं तो मैं अपने चारों भाइयों. के लिए मेहनत कर रहा हूं या आपको लगता है. कि जैसे निरहुवा हार गए पवन सिंह अभी. चुनाव हार गए तो हमको कहे जा के हारना हम. अच्छा खासा पैसा बटोरे हैं नहीं नहीं. देखिए कोई चुनाव हारता नहीं है बाबा और. कोई जीतता नहीं है पवन सिंह तो हार गए ना. हां हार गए बेचारे उनको लग रहा था वो जीत. जाएंगे पावर स्टार सबको लग रहा था सबको लग.
रहा था कि सब कुछ अच्छा हो जाएगा क्या आप. आपका तो आप तो नजर भी रखते मैंने देखा. नहीं ठीक है भाव जरूरी है लिखाई तो आदमी. रख लेता है 00 देके. भी आप मैं तो कह रहे थे ना पढ़ा लिखा आदमी.
आजकल हां कहां पहुंचे वो जरूरी है तो क्या. लगता है कहां है हार गए चुनाव वो क्योंकि. बहुत लोग कह रहे थे कि वो जीत जाएंगे उनका. फैन फॉलोइंग और हर आदमी मानता भी है मनोज. तिवारी जी का मैंने इंटरव्यू किया वो भी. कह रहे थे मैंने पूछा सबसे बड़ा सुपरस्टार. कौन है वो कहे पवन सिंह आप भी कह रहे हो. सबसे अच्छा गाते हैं रफी है तो फिर ऐसा. क्या हुआ कि जो जनता देखने आई वो वोट दिया. निर्दलीय लड़ इस चक्कर में हार गए नहीं. देखिए जाति फैक्टर बिहार यूपी में तो है. इस बात को तो मैं भी राजनीति में हमेशा.
फैक्टर हुआ हैय तो राजनीति में जाते. कलाकार की भी जात देखी जाती है हां देखिए. आप तो कलाकार कहां रहे आप जब आप एक नेता. बन गए तो मुझे लगता है कि आप अब एक बिहार. के हो गए आप उस क्षेत्र के ही हो गए आज. मनोज भैया य बिहार के नहीं है पूरे बिहार. के नहीं है आज के डेट में वो पर्टिकुलर. पश्चिमी दिल्ली के हैं पूरे के भी नहीं है. वो वो वहीं के हैं जहां के लोगों ने उनको. वोट दिया है और वोह विकास ले जाकर बक्सर.
में नहीं. करेंगे उनका घर बक्सर हो सकता है लेकिन. इनका विकास बक्सर में नहीं होने वाला तो. आप जब एक ही जगह के वर्ग के हो गए तो फिर. आपको कलाकार कौन समझेगा नहीं समझेगा. क्योंकि अब आप 10 लाख लोगों के लिए काम कर. रहे हो जितना उस क्षेत्र में वोट है. क्योंकि आप उसी के विकास के लिए संसद में. आवाज उठाओगे ऐसा नहीं कि आप कराक से चुनाव. लड़े हो और छपरा का विकास लेकर जाओगे ऐसा.
संभव है तो पहले छपरा आरा बलिया दुनिया. जान जो भी हमारे जिला है डिस्ट्रिक्ट है. चाहे हमारी भाषा है तो हर भाषा के लोगों. के लिए आप काम कर रहे थे क्योंकि आप चाहते. थे कि अपने भाषा के लोगों के लिए काम हो. रहा था व उनके मनोरंजन के लिए काम हो रहा. था तो भाई मनोरंजन में तो सब आते हैं सब. जाती आती है सबको गाना अच्छा लगता है सबको. फिल्म अच्छी लगती है ठीक अब घुमा पकड़ते. हैं आरजेडी और बीजेपी मान लो एक साथ चुनाव. प्रचार के लिए बुलाए अगले साल चुनाव है एक. तरफ तेजस्वी भैया फोन करें कि हे बाबू.
चलाओ एक तरफ मनोज जी और रवि जी कह रहे कि. सुनो तुम हमारी इंडस्ट्री से हम तुम्हारे. सीनियर है हम बुला रहे हैं किसके करीब. जाएंगे खेसारी दोनों के दोनों प्रचार कर. देंगे बिल्कुल या जहां लक्ष्मी जदा आएगी. नहीं नहीं नहीं नहीं लक्ष्मी मेरे लिए. लक्ष्मी विषय नहीं होता है मुझे लगता है. कि मेरे संबंध बड़े प्यारे हैं किसे. पॉलिटिकल संबंध है मैंने लालू परिवार सुना. आपने कहीं कहा था बड़े अच्छे संबंध आपके. मेरे अच्छे संबंध है वो संबंध अलग विषय हो. गया लेकिन हां गलत होंगे उनके लिए मैं गलत. भी बोलने के लिए मैं हमेशा रेडी रहता हूं. कि नहीं आप यहां गलत हो मेरे कहने का मतलब.
कि मेरा बेटा हो अगर अगर वो गलती करेगा तो. मैं अपने बेटे को गलत नहीं बोलूंगा तो कब. तक छाप होंगा या मेरा कोई पिता ही अगर गलत. करे और मैं अपने पिता को गलत नहीं बोलू तो. बिहार जो बदहाल उसके लिए किसे जिम्मेदार. मानते हो आप जिम्मेदार वहां की जनता ही हो. सकती है क्योंकि उन्होंने खुद को नहीं. बदला उनको विकास एक नेता में चाहिए खुद. में नहीं एक उंगली की ताकत व समझ ही नहीं. पाए कि उंगली की ताकत क्या होती है व पूरा. देह लगा देते हैं यहां से उसे करने में. भाई फला भैया जिंदाबाद नवा भैया जिंदाबाद. आप एक उंगली अच्छे इंसान के लिए उठाइए और.
5 साल के लिए आप अपने बच्चों का भविष्य तय. कर रहे हैं और आप यही तय नहीं कर पा रहे. हैं कि हमारे बच्चों का भविष्य तय कौन. करेगा तो जब आप तय नहीं कर पा रहे हैं तो. फिर नेता कहां तय कर. पाएगा आपको अपने बच्चों का भविष्य खुद ही. तय करना होता है आज खेसारी लाल यादव अपने. बच्चों का भविष्य के लिए मुई पढ़ा रहा है. ऐसा नहीं कि नीतीश चाचा हमको फंड दे दिए. हैं चाहे लालू चाचा दे दिए हैं चाहे. योगी सरकार से मुझे फंड आया है अपने. बच्चों के भविष्य तय करने के लिए क्योंकि. मुझे पता है कि मुझे अपने बच्चों को. भविष्य तय करना है तो मैं अच्छा स्कूल देख.
रहा ह तो आपको पता है कि अच्छा स्कूल नहीं. है तो कम से कम अच्छा. नेता ढूंढ लो भाई कि अच्छी स्कूल बनवा दे. जात के नाम पर वोट दोगे तो आप देखिए यही. है कि लोग दामाद ढूंढते हैं नेता नहीं सही. बात है बहुत बड़ी बात क आपने ये सहमत हो. तो ये सबसे बड़ा आदमी एक कपड़ा खरीदने आता. है चार बार टो के देखता है कि गर्म करेगा. बढ़िया है सस्ता है वही चीज है मैं मैं. बाबा जवान फिल्म देख रहा था उसमें शाहरुख. जी ने एक शब्द बोली है लास्ट में हां वो.
उंगली की. ताकत और उन्होंने बोला है उसमें कि भाई एक. कपड़ा खरीदते हो दूध में पानी मिलाया है. कि नहीं तुम 10 बार मिलाए हो मिलाए हो. कहीं भी आप जाते हो तो 10 बार भाव करते हो. नहीं इतना में इतना दो नहीं इतना में इतना. दो लेकिन जब आपको अपने बच्चे का भविष्य तय. करना होता है बच्चों के भविष्य के लिए बात. करनी होती है बच्चों को भविष्य के तय करना. होता है तो आप कहां जाते हो फलाना हमारा. जात के है फलाना हमारा जात के वोट तो व जी. दे तो बात यह है कि बदलना आप ही को नहीं.
है तो फिर बिहार कहां से बदलेगा बिहार तो. तब बदलेगा जब आप बदलेंगे क्योंकि आप ही. नहीं बदल रहे हैं कि बिहार को चलाने वाले. कोई नेता थोड़ी है जनता है ना चाहे किसी. भी दृष्टिक राज्य को चलाने के लिए जनता है. कोई नेता नहीं चलाता है हम तो चुन के किसी. को दे देते हैं कि फलान लेला तारा जिम बा. तारा जिम बाही दुक जमीन तू लेला दुक त. लेकिन आप एक अच्छे किसान को चुनिए ग तब ना. आपके जमीन को फसल अच्छा. गाएगा हम तो अब डॉक्टर के हाथ में पुल दे.
देते हैं कि पुल का निर्माण करो उसको पता. ही नहीं है क्योंकि व भाई चिराई फराई किया. है वो पुल थोड़ी बनाएगा तो विषय वह है कि. हम अच्छे लोग नहीं ढूंढ पा रहे हैं अच्छे. नेता नहीं ढूंढ पा रहे हैं या अच्छे लोग. को वोट नहीं दे रहे हां अच्छे लोगों को. वही मैं बोल रहा हूं ना अच्छा एक इसी में. प्रशांत किशोर आपके यहां बहुत घूम रहे थे. और प्रशांत किशोर के मैं कई स्टेटमेंट सुन. रहा था जिसमें वो कह रहे थे कि जी फलनवा. जात का नेता कहता है कि हमारे हमारी जात.
के हैं दो लेकिन वो तुम्हारी जात को नहीं. बढ़ाता व अपना लड़का बढ़ाता है. हम प्रशांत किशोर में बहुत लोगों को जो. हमने बिहार के आए सेलिब्रिटीज जो थे. बड़े-बड़े अलग-अलग जो बॉलीवुड में भी काम. कर रहे हैं विकास कुमार आए अक्षरा आए पंकज. त्रिपाठी का मैंने इंटरव्यू किया मनोज. वाजपेई का मैंने इंटरव्यू किया ये कई वो. लोग थे जिन्होंने प्रशांत किशोर में. उम्मीद जताई इस बीच में जो दौड़ भाग रहे. थे खिस लाल को प्रशांत किशोर में कुछ. दिखता है या लगता है कि ये भी उन्हीं का. हिस्सा है जो वहां पहले से हैं या कुछ अलग. दिख रहा है बात है उस आदमी में प्रशांत.
किशोर उनके शब्दों के साथ आप जब जाइएगा ना. तो वो किसी नेता को दोषी नहीं बनाते हैं. मैंने उनको हमेशा सुना है मैं मिला भी हूं. प्रशांत कब मिले थे आप प्रशांत किशोर से. मैं मुझे लगता है कि तीन चार पाच छ सात. महीने हो गए सात महीने के आसपास एक बार. मिला था छोटी सी मीटिंग थी हमारी ऐसे ही. हेलो हाय मैंने प्रणाम करने के लिए. क्योंकि मैं उनका फैन भी हूं रीजन कि उनके. शब्द जो होते हैं ना बिहार के लिए होते. हैं हम और बाबा जो बिहार की उन्नति की.
बातें करें अगर मैं उसी के साथ ना रहूं तो. फिर कोई मतलब नहीं और जहां बिहार के हमारे. भाषा की उन्नति हो जहां बिहार की उन्नति. हो तो उस उन्नति में तो हम भी है ना हमारा. भी तो हो रहा है और बिहार बढ़ेगा तो सबसे. पहले खेसारी बढ़ेगा मैं फक्र से 5 लाख 10. लाख और दुनिया के किसी स्टेट या किसी कोने. में जाऊं और जाके कहूं कि मैं बिहारी और. मेरे यहां ये ये व्यवस्था है और हमारी राज. सरकार ऐसे काम करती है हमारी स्टेट की. सरकार ऐसे काम करती है तो मुझे भी तो खुशी. होगी इस बात की बट उनकी बातों में एक बात.
तो है जो बिहार के लेक चिंतित है वो और वह. चिंता अगर हर आदमी के अंदर तो मेरे कहने. का मतलब कि नेता बनने का हमें शौक थोड़ी. है हम क्यों पैदा करें नेता अगर हमारे. नेता यही जो चल रहे हैं बेचारे यही अगर. बेहतर काम करें तो हमें किसी नेता की. जरूरत थ नेता कैसे बदलेंगे एक बार उधर से. बैठ सरकार बन जाती है एक बार इधर से हां. वही चीज वही तो इसीलिए तो मैं बोल नहीं. पाता हूं कि कब मैं इनको इनके लिए उनको. गाली दूं अब पता चला जाए वो कब इनसे मिल.
जाएंगे हां उसके बाद पता चला मैं लपेटे. में आ गया और अगला केसा आप पर ठोक दिया. गया जा क्योंकि देखिए वहां ना बिहार के. विकास के लिए लड़ाई है ही नहीं बाबा वहां. कुर्सी के लिए लड़ाई है और अपना एक छेत्र. राज्य की लड़ाई है इसलिए शायद मुझे लगता. है बिहार पीछे है क्योंकि वो लोग तो अपना. कुर्सी ले लेते हैं लेकिन हम आज जो चुनाव. आने वाला अगले साल का आपको लगता है इसमें. प्रशांत किशोर कुछ क्लिम दिखा सकते हैं या. लगता है कि अभी बिहार को बदलने बहुत समय. अभी लोगों की सोच जात पात नहीं नहीं नहीं. देखिए कुछ नहीं हो पाएगा जब तक लोगों की. सोच नहीं बदलेगी ना तब तक मुझे नहीं लगता. कि चीजें बदल जाएगी हम ब पहले तो मुझे.
लगता है कि लोगों को बदलना बहुत जरूरी है. उनको खुद को बदलना और मुझे लगता है कि वो. अपने बच्चों के भविष्य चुनने के सोच जब तक. पैदा नहीं करेंगे वो अपनी तकलीफ किसी नेता. से नहीं पूछेंगे हम आप जिस तरह सामान के. बारे में 10 बार पूछते हो ना उसी तरह नेता. से भी पूछो कि भाई हम वोट तो तुम्हें दे. ही देंगे बट लिख के दे तू कि क्या-क्या. करेगा. और ये सवाल तू पूरी दुनिया के सामने बोले. रिकॉर्ड हम कर रहे हैं और हम जिस दिन. जीतने के बाद हम तुम्हारे दफ्तर में आएंगे.
कि ये वादा कहां है और नहीं तो फिर. उसका समझ में आएगा ना उसको फिर आप चुनाव. कहने लड़ते अच्छा आदमी चुनाव लड़ता नहीं. जिसके मैं आपकी बात सुन रहा हूं आपकी बात. में कितनी क्लेरिटी आप जात पात से ऊपर. उठकर बात कर रहे हो आप सही बात कर रहे हो. लेकिन चुनाव लड़ना होगा बज जाओ गया पीछे. नहीं नहीं मैं क्यों उस कचड़े में पढ व. दलदल है दूर से स्टेटमेंट दे दे र ह मैं. नरक का राजा बनना पसंद करता हूं बाबा स्वर. नौकर नहीं मुझे किसी के नीचे काम करना. बिल्कुल पसंद नहीं कि मैं किसी के नीचे. काम करू बनूंगा तो राजा बनूंगा नहीं तो.
नहीं बनूंगा क्या फ पार्टी बना लो अपनी. पार्टी आपने देखा नहीं वो साउथ में पवन. कल्याण ने क्या जलवा जलाल कर दिया है. ब बिहार का भविष्य के साथ साथ भोजपुरी. भाषा का भी तो है ना तो हमारे चार भाई हैं. इधर देख रहा हूं अगर य लोग कुछ नहीं. करेंगे तो हम. देखेंगे यह बढ़िया था गुरु आपके लड़की है. हा तो एक सवाल लोग पूछते हैं जो गाना आप. बनाते हो सारा अपनी बिटी के साथ बैठ के. सुन सकते हो बिल्कुल सुनता हूं मैं सारे. गाने अभी जितने गाने बनते हैं मैं सारा.
सुनता हूं रीजन ये है कि पहले जो गाने. होते थे ना बाबा हा जैसे बड़ा अश्लीलता का. आरोप लगता है कि रिमोट से लहंगा उठा दूंगा. और बेबी बियर पी के नाचेली सारे जो बता. रहे हो कोई मेरा गाना नहीं है मैं आपको. बता ही नहीं रहा हूं मैं मैं एक्चुअली मैं. क्या बोल गाया है मैं झूठ नहीं बोलूंगा. आपसे क्योंकि मैं गाया हूं तो गया हूं. क्योंकि उस वक्त ये चीजें समझ में नहीं. आती. थी.
कि भाई ये जो शब्द हैं वो किसी को ठेस. पहुंचा सकते हैं हम हमारे यहां तो पहले. हमको तो ये सिखाया जाता था क्या हमारे. यहां तो गाली गलोज आम भाषा है हम हम लोग. तो गाली देने के लिए पैसे भी दिए हैं तिलक. बारात में जाते हैं तो मेरे मुंह पे ही. मेरे बहन को गाली दिया जा रहा है नाच रहा. कल्चर है हमारी कल्चर है बट है क्या ना. बाबा. लोगों को अगर साफ सुथरी चीज क्योंकि हम. अकेला नहीं. है एक आदमी है जो अपनी कंपनी के लिए आया.
है मैं जानता हूं शराब इस धरती पर गुनाह. है बट फिर भी कंपनियां बना रही है और. अच्छे-अच्छे उद्योगपति उसको बेच भी रहे. हैं और व अपने बच्चों के साथ उस शराब को. नहीं पी सकता बनाने वाला कभी पी नहीं सकता. लेकिन कुछ कभी-कभी वाइन भी बनाता है तो. अपने बच्चों के साथ पीता है सारी चीजें. नहीं पी सकता क्योंकि कु कुछ में खराबी है. हम और कुछ सही भी है हम कुछ रम भी बनते. हैं जो शरीर के लिए बेहतर हो जाते हैं गले.
के लिए अच्छा हो जाता है कुछ बियर है जो. लोगों को वो क्या बोलते हैं वो पथरी को. खत्म करता है तो बहुत सारी चीजें हैं तो. उसमें बहुत क्वालिटी है इस धरती प जिस तरह. मांस का एक वर्ग है उसी तरह भेज खाने का. भी एक वर्ग है तो हर चीज का एक वर्ग है तो. कोई चीज गलत है नहीं हां ये हो जाता है कि. अब सब लोग मान से बेचना शुरू कर देंगे तो. फिर भेज की जैसे आपने कहा अपने अश्लील. गाने गाए तो खेसारी लाल को अपने अश्लील. गानों को लेकर आज दुख है पछतावा है या.
लगता है कि ठीक है उस टाइम गा दिया गा दि. नहीं बिल्कुल दुख है कि अगर ये समझदारी उस. समय होती हा तो देखिए इंसान गलती तब करता. है जब चीजें उसे समझ में नहीं आती है किसी. बच्चे को दिया के पास जाते हुए जब जब. देखेंगे ना उसको मना करेंगे तो नहीं. मानेगा अब अश्लील गाना नहीं आएगा आपका अब. अश्लील आता ही नहीं है राम जी की जय. हनुमान जी की जय खेसारी लाल यादव राम जी. की जय हनुमान जी की जय विषय वो नहीं है. बाबा विषय बहुत चीज बिजनेस होती है तो. उनके बिजनेस में जो हमारे झूमर होते हैं. हमारे झूमर कुछ अश्लील हो जाते हैं जो कि.
हमारे माता बहन बेटी हर दिन गा रही है. लेकिन वही कैसेट में गा देते हैं हम लोग. तो लोग उसको अश्लील बोलने लगता. है जबकि वो हमारा ट्रेडिशनल है लेकिन हम. उसको अगर कैसेट या अपने कलाकारी के माध्यम. से परोस देते हैं तो लोगों को अश्लील लगने. लगता है क्योंकि उनको पता नहीं ना कल्चर. है हां वो चीज है तो कुछ कल्चर में हमारे. ऐसे गालिया हैं जो कि वो कल्चर में है. लेकिन लोगों को लगता है वो गाली अब हम. कंफ्यूज कभी-कभी हम भी हो जाते हैं कि भाई. अब करें तो क्या करें कुछ ट्रेडिशनल चीजें. भी हमारी गालियों में आ जाती है मुझे रवीश.
कुमार का एक पोस्ट याद आता है रवीश कुमार. ने एक दिन थंबनेल लगाए हम भी थे उसमें हां. बहुत सारा थंबनेल लगाया जिसमें अश्लील. गानों के कैप्शन थे या फोटोस थी और ये. कहने की कोशिश की कि यार इनको देखो. मिलियंस में व्यूज है बिलियंस में मिलियन. नहीं 700 मिलियन 500 मिलियन 400 मिलियन. जितना अश्लील उतना बिलियन तो ये भोजपुरी. लोगों पर आपको लगता है कि उनको सुनना पसंद. है या आप बे चैसा रहे हो क्योंकि अच्छा. सामान्य बिक रहा है पंचायत आई अभी आप खुद. कह रहे थे कि आप देखिए आपको मजा आ गया लगा. यार हमारे गांव गढ बात इतना बढ़िया पेश कर. दिए लेकिन भोजपुरी सिनेमा से पंचायत जैसी.
चीज क्यों नहीं आती और यह अश्लील गाने जो. आए और आपको एंबेरेसमेंट हुई थी रवीश कुमार. ने डाला था हां देखिए मैं क्या बोल एक. बड़े भाई है वो और उनको कुछ बुरा लगा होगा. तो उनके शब्दों का सम्मान हमेशा मैं करता. हूं क्योंकि उनको कुछ बुरा लगा होगा तभी. उन्होंने बोला होगा तो मुझे उनका उन परे. टिपड़ी करने की जरूरत नहीं है मुझे लगता. है कि मुझे उसमें सुधार करने की जरूरत है. ताकि रवीश भैया फिर से कभी अगर दोबारा. खेसारी के बारे में बोले तो अपने छोटे भाई. की तरह बोले कि नहीं यार मेरा छोटा भाई है. और उसने ऐसा किया तो कोई भी बड़ा आदमी अगर.
किसी के बारे में बोलता है तो देखिए उसपे. टिपड़ी करने की नहीं हां मैं खेसारी लाल. यादव मैं रवीश कुमार कैसे बोल देंगे नहीं. नहीं ऐसा नहीं भाई वो आदमी जितनी मेरी. उम्र नहीं हुई उतना उन्होंने पत्र. पत्रकारिता की हां तो सारी चीजें की और. लोगों से मिले हैं लोगों को समझा उन्होंने. समाज को कुछ दिया है और वो आदमी अगर मेरी. गलती निकाल रहा है तो कुछ तो गलती मैंने. की तो मैं अपनी गलती एक्सेप्ट करता हूं नो. डाउट तो देखिए हर आदमी कहीं ना कहीं गलती. तो करता ही है कुछ लोग धर्म के नाम पर य.
बताइए एक पेड़ लगा देने से सही बात है. ऑक्सीजन मिल सकता है बाबा लेकिन सब पेड़. ऑक्सीजन नहीं देते हैं फिर पेड़ क्यों. लगाता. है सब पेड़ फल नहीं देता है फिर भी सारे. पेड़ क्यों लगाए जाते हैं समाज में हर. वर्ग के लोग हैं क्योंकि कुछ वृच अगर है. तो आज नहीं तो कल जलावन के भी काम आएंगे. दोस्त वैसे ही होते हैं इसीलिए मैं बोला. कि पैसे से ज्यादा दोस्त जरूरी है और हर.
ब्रिज का और हर खाने का हर स्वाद का हर. संगीत का गलत सही रावण नहीं होता तो राम. को कोई नहीं जानता कंस नहीं होता तो कृष्ण. को कोई नहीं जानता तो बुराई अच्छाई है. इसीलिए हमें फर्क नजर आता है कि बुरा कौन. है और अच्छा कौन है अगर ये नहीं होता तो. हमें आप में और लोगों में फर्क नजर नहीं. आता इतने सारे पत्रकारों में मैं आप ही को. क्यों फॉलो करता हूं. तो कुछ ना कुछ चीजें फर्क ही बताता है. बुराई है इसलिए आप मुझे अच्छे लगते हैं.
अच्छा आपने अपना नाम रजिस्टर करवा लिया. हमने कहीं पढ़ा कि खसारी ने अपना नाम. रजिस्टर करवा लिया कहा ससुर आप कोई हमारे. नाम फर्जी कवर बनाएगा तो लपेट डालेगी नहीं. नहीं ऐसा नहीं है मैं रजिस्टर्ड इसलिए करा. लिया कि देखिए मेरे कहने का मतलब कि आप. शब्द रखिए हा मैं आपको आपके शब्दों की. आजादी से कभी नहीं छीन और ना ही मैं आपको. कभी टोकू बट वो शब्द रखने का तरीका चेंज. कर दीजिए हम जिसमें खेसारी के मां का भी. सम्मान हो हम बेटी का भी सम्मान हो बहन का.
भी सम्मान हो क्योंकि अगर आप मेरा सम्मान. नहीं करते तो 40 करोड़ जनता जो मुझे प्यार. करती है कहीं ना कहीं ठेस तो उसको भी. पहुंचता है और आपके कहे हुए शब्द सिर्फ उस. 40 करोड़ जनता के पास ही नहीं बल्कि मुझे. लगता है कि देश के बाहर भी जाता है सही. बात तो आप खेसारी लाल यादव को नहीं बल्कि. मुझे लगता है कि अपने भाषा के कलाकार को. बेइज्जत कर रहे हो और अपने भाषा को. बेइज्जत कर रहे हो आप मैं गलत हूं अब बोलो. बट उसके शब्द के जो चैन होते हैं कम से कम. उसको सम्मानित तरीके से रखो मेरा कहने का. मतलब बिग बॉस जाना गलती थी आपकी नहीं बिग.
बॉस में आप लेकिन थोड़ा डरे सहमे हो गए थे. मतलब जब आपको लोगों ने देखा आप आ रहे हो. तो लगा यार एक पावर आदमी है जबरदस्त आदमी. है आप स्टेज को हिला के रख देते थे बिग. बॉस में थोड़ा सा आप सहम गए थे तो क्या वो. जो भीड़ थी थोड़ा सा एलीट क्लास वाली. उसमें थोड़ा दब गए थे क्या हो गया था बि. पावर का मतलब लड़ना नहीं होता है कुछ करना. होता है. देखिए बिग बॉस से निकले हुए जितने भी लोग. हैं वो कहां है हम कहां. है उनको वहीं तक करना था बिल्कुल सही बात.
है मेरा सफर लंबा है बाबा मैं 30 दिन का. कलाकार थोड़ी हूं कि मैं बंद रूम में. एक्टिंग कर दूं और दुनिया को बता दूं कि. मेरे अंदर बहुत पावर है हा वहां पावर. दिखाने वाला टावर पर नहीं है हां सही और. मैं टावर बनके खड़ा हूं मैं बिग बॉस से. निकलते ही मैंने 22 फिल्में साइन की थी. क्योंकि मेरा जगह वो है ही नहीं मैं टीवी. का कलाकार हूं ही नहीं मैं टीवी पर नहीं. हूं मैं रिमोट से नहीं चल सकता कि शार फिल. तो दीवाल प चलता है दीवारों पर पोस्टर. लगते हैं खेसारी के लिए 200 का टिकट कटा. के दुनिया आती है यह नहीं कि बस रीचार्ज.
कराया और पूरी खानदान एक साथ बैठ के देख. लिए वैसा हो ही नहीं मैंने अपने खुद मैंने. अपने आप को वैसा नहीं बनाया कि बंद कमरे. में लोग एंजॉय करें मैंने अपने आप को. बनाया कि फील्ड में भी खेसारी है और शील्ड. में भी खेसारी है बॉलीवुड प किस एक्टर से. अपने आप को रिलेट पाते. हो मुझे लगता है कि मेहनत के दम पर मैं. अक्षय कुमार को हमेशा मानता हूं हम और. मेरा आइकन हमेशा गोविंदा जी रहे क्या पसंद. रहा गोविंदा गोविंदा जी की डांस गोविंदा. जी की टाइमिंग गोविंदा जी की एक्टिंग मुझे.
बहुत प्रभावित करते हैं और मैं उनको देख. के डांस सीखा मैं कहीं डांस सीखा नहीं मैं. उनको देख देख के मैं नाचना सीखा और मैं. कोशिश करता हूं उनको फॉलो करने की हो नहीं. पाता क्योंकि वो इतने लेजेंड है कि मैं. उनके पास पहुंच अगर मैं थोड़ा भी पहुंच. गया तो मेरे लिए बहुत है व आपको लौंडा नाच. जी पसंद है नहीं लौंडा नाच नहीं हम मैंने. कपिल शर्मा के शो में नहीं वो तो पंकज. त्रिपाठी जी से मैंने पूछ हां पंकज जी ने. भी डांस करके दिखाया और बड़े इवॉल्वड हमको. मजा आता था वो तो बड़े ट्रेडिशनल तरीके से. पंकज भैया ने ट्रेडिशनल तरीके से दिखाया.
कि हमारे वहां ऐसे करते थे लोग हुड़का का. नाच होता था अब वो समझ लीजिए कि खेत जूत. दिए सब इतने बड़े-बड़े ढेला हैं और वो. डांसर आते थे सूखा पाउडर पोंस पाउडर लगा. लगा के और उनका एक अलग ड्रामा होता था हम. आधी मोछ बनी है आधी नहीं बनी है दाढ़ी बनी. भी है वो फुल बेचारे डांसर लग भी नहीं रहे. हैं हम लेकिन वह जो हुड़का के नाच पे. नाचते थे ना तो बड़े प्यारे नाचते थे व और. वो मैं देखता था हम और मैं बहुत शौख ीन था.
उसका हम और वो देख देख देख के हम मैं वहां. से. सीखा तो कब वो ताल बशी तो अपने आप पैर से. रखने लगते हैं वैसे हां वही आदमी कोशिश. करता है कि जहां हमारे भोजपुरी की बात आई. वहां पे तो फिर मेरे से बढ़िया ठु तो लगता. नहीं कि यार मैं स्टार आदमी बन गया हूं अब. थोड़ा सा जसे कई लोग हमने आपसे पहला सवाल. पूछा था कि कुछ लोग बोले कि यार खेसारी को. यार इतना बड़ा सुपरस्टार बना कुछ कुछ चीज. छोड़ दे बाबा बन गया होता तोब तक तो मैं. बैठ गया होता ना अभी बना कहां हूं अभी तो. प्रोसीजर शुरू है बनने की अभी कहां अभी तो. बहुत कुछ बाकी है किया कहां हूं हम अभी तो.
मुझे लगता है कि मैं चवन्नी भी नहीं किया. हूं पैसा कमाने ला और 40 50 लाख या 50. करोड़ लोगों के बीच में उपलब्धि दे देना. यह कोई विषय नहीं है एक और सवाल मुझे देश. के लिए करना है मुझे अपनी भाषा के लिए. करना है तभी तो सारी चीज मैंने तो पहले. अभी अभी तक खुद को बड़ा कर रहा था अब अपने. भाषा को बड़ा करने की बारी आई है अपने देश. को बड़ा करने के अपने राज्य को बड़ा करने. की बारी आई है अब मेरी असली जिंदगी शुरू. होने वाली है एक सवाल बहुत कॉमन हमारे पास.
आया था सबसे ज्यादा अहिर रेजीमेंट को लेकर. लोगों ने कहा कि आपने कहीं कहा था शायद कि. अहिर रेजीमेंट पर एक फिल्म बनाएंगे हां. मैं उसकी कहानी लिखी जा रही है क्योंकि व. बिग बजट की फिल्म होगी वो और बड़ी बजट की. फिल्म होगी हां तो देश के लिए जिन्होंने. कुर्बानी दी है देश के लिए जिनका भी. बलिदान हुआ है देश के लिए जिन्होंने सोचा. है जिन्होंने किया है तो हमारा भी दत्व. बनता है कि हम उनको दुनिया को बताएं कि. हमारे जीवन में इनका भी एक योगदान है जो. हम भूलते जा रहे हैं बट इसको लेकर दूसरा.
वर्ग ये होता है कि अहिर रेजीमेंट की बात. एक जाति विशेष से उठती है एक ये भी. परसेप्शन आता है देश के लड़ने वाला जात. कैसे हो सकता है मुझे लगता है कि वो. सिपाही था हम वो किसी जाति विशेष का नहीं. था भाई हम क्योंकि उसके लड़ने से ना पूरे. इंडिया का रक्षा हुआ है ये नहीं कि सिर्फ. हीर लोगों को लोग छोड़ दिए अंग्रेज लोग. बाकी लोग ई लोग सबको मार दिए हम ऐसा नहीं. था ये बेवकूफी है हमारी सोच दर्शाती है कि. फिर हम कहां है तो अहिर रेजीमेंट की जरूरत. क्या है आप आप एक फिल्म बना रहे हो तो एक.
थॉट होगा आपका मैं एक अहीर रज मेंट उसका. नाम अच्छा बताइए मैंने तो रखा नहीं अही रज. मेंट पहले से रखा गया है ना आपके भी जुबान. में आपने भी पढ़ा होगा मैं तो पढ़ा ही. नहीं इसकी मांग होती कि सेना में एक. रेजीमेंट बनाई जाए अहिर रेजीमेंट हां इसकी. मांग होती तो कोई ना कोई बड़ा ही आदमी. उठाया होगा कोई पढ़ा लिखा ही आदमी उठाया. होगा नेता लोग उठाए थे जो भी उठाया होगा. अब हम उसको फॉलो कर रहे हैं कि भाई एक जो. हियों ने काम हम वही रज मेंट पर काम नहीं. बल्कि मुझे लगता है कि जिन हीरो जो लड़े. थे मैं उन परे फिल्म बनेगी जो देश के लिए.
लड़ वो जो व्यक्ति जो अपना मान नहीं पा. पाए उस तरह से उनको प्रसिद्धि के लिए एक. उनके प्रसिद्धि के लिए या उनके उपलब्धि के. लिए मैं एक सेना के लिए काम करना चाहता. हूं कि उन सेना ने हमारे देश के लिए क्या. दिया क्या किया मैं उस कहानी पे उनके. बलिदान प काम करना चाहता जैसे अलग-अलग. रेजीमेंट सेना में है आपको लगता है जो ये. मांग होती है रेजीमेंट ये भी होनी चाहिए. चाहिए देखिए सबका अपना अपना विषय है बाबा. और इस सब चीजों में मैं नहीं पढ़ता. क्योंकि कोई पॉलिटिकल चीजें हो जाती है ये.
खेसारी बोल रहे हैं कि ये नहीं मिल चाहिए. वो नहीं चाहिए भाई मेरा विषय है ये नहीं. इसलिए मैं थोड़ा सा इस सवाल से दूर रहता. हूं बॉलीवुड में कोई इच्छा आपकी क्योंकि. अभी मैंने देखा निरवा जी वेब सीरीज में आए. थे रवि किशन जी बड़ा अच्छा. या इंतजार कर रहे कि वो जो विवाद खत्म हो. जाए विवाद खत्म हो जाए तो हम चलेंगे नहीं. उड़ेंगे क्योंकि हमें उड़ना है चलना नहीं.
है हम चलते हैं ही नहीं हम दौड़ते हैं. क्योंकि हम बैठते नहीं इसलिए क्योंकि कुछ. करने की इच्छा हमेशा अभी क्षमता मरी नहीं. है अभी मैं सोया नहीं हूं इसलिए सपना. देखता हूं जग के ताकि वो पूरे हो जाए. अच्छा हमारे शो में एक एक्ट्रेस आई थी. आपके यहां से अक्षरा सिंह आप तो जन् करते. हमारे भजपुरी की बड़ी गरिमा है वो समान है. तो आपकी गर्लफ्रेंड भी रही है शायद व अरे. महाराजा आप एक्सेप्ट किए थे बिग बॉस में.
हम आप कहे थे छ महीना रोए थे गर्लफ्रेंड. बिल्कुल. मोहब्बत चीज होती है. सर हमारा कुत्ता मर जाता है तो हम रोने. लगते हैं वो तो भाई इंसान थी और हमारे. जीवन से जाने के बाद किसी को भी होगा कि. कोई दूर होता है कोई अपना हो या गैर हो. उसके बिछड़ने का गम तो बाबा सबको होता है. हमारा विषय थोड़ा अलग था तो दुनिया है आप. प्यार मोहब्बत अक्षरा सिंह ने हमसे कहा कि. भोजपुरी इंडस्ट्री मर्दों की इंडस्ट्री है. जहां पर अगर आप अलग हो जाते हैं तो ये.
सारे बड़ाई कलाकार जो आपस में सिर फटल किए. रहते हैं यह सब आपके साथ काम करने को मना. कर देते हैं और मेरे पास काम नहीं है मैं. सिंगर बनी मजबूरी में क्योंकि मेरा. एक्टिंग करियर. डिस्पाइना आपस में तय करके मेरा एक तरीके. से बॉयकॉट कर दिया मुझे मजबूरी में गाना. गाना शुरू करना पड़ा ा पर रील बनाना पड़ा. ताकि मेरा घर चले परिवार चले वो आप सबको. एक साथ एक्यूज करती है कि आप सब जानबूझ के. नहीं बताइए अगर वो यहां तक पहुंची है तो. फिर उसमें मर्दों का कोई हाथ.
नहीं अगर उन्होंने ऐसा बोला है कि मर्दों. ने हमारी करियर चौपट कर दी तो जितना करियर. वा है वो बनाया किसने यह भी सवाल उनका. आपको पूछना जरूर चाहिए जब कभी पूछिए. उन्होने कहा कि हमने साथ में काम किया रवि. जी हमको लेकर आए थे नहीं तो भाई उनका. योगदान है कि नहीं है तो आप उसके वही. प्रॉब्लम है बाबा कि हमारी योगदान भल जाते. हैं हां हम आपको 25 बार मदद किए वो आपको. याद नहीं रहता है अगर हम एक बार आपको कुछ. बायकॉट कोई नहीं करता है बाबा होता क्या.
है बता रहा हूं अब आपको किसी से किसी की. लड़ाई होती है ना हां तो ये डायरेक्टर. प्रोड्यूसर ये जग जाहिर हो जाता है. क्योंकि भाई आपकी मोहब्बत तो जग जाहिर है. तो आपकी लड़ाइया कहां छु पाएगी. लड़ाइया भी तो जग जाहिर होनी ही है तो जब. लड़ाइयां जग जाहिर होती है तो होता क्या. है कि डायरेक्टर प्रोड्यूसर बाकी लोग खुद. ही बायकॉट कर देते कि भाई यहां जाएंगे तो. वो नहीं करेगा वो उनके मानसिकता में आ. जाती है ऐसा नहीं कि खेसारी लाल यादव मना. कर देता है कि नहीं य नहीं करेंगे भाई हम.
नहीं करेंगे वो नहीं करेंगे ऐसा नहीं. करेंगे वैसा कुछ नहीं कुछ ऐसा होता नहीं. है इतना किसी को ना खेसारी के पास टाइम है. किसी को बायकॉट करने की ना पवन सिंह के. पास है और ना ही दिनेश जी के पास है और ना. रवि जी के पास है ना मनोज जी के पास है. सबसे बड़ी चीज यह है कि अगर आप किसी को कह. रहे हो कि इन्होंने हमें बर्बाद कर दिया. तो अभी तक जो आप आबाद हुए उसमें कितना. किसका चलो ठीक है अक्षरा वाले केस में मान. लेते हैं अब दूसरा कहानी आता है अक्षरा का. चलो जग जाहिर था लड़ाई झगड़ा टीवी.
कंट्रोवर्सी काजल की भी यही शिकायत थी कि. बड़े सितारों ने काम करना मना कर दिया अब. वह अपने समकक्ष लोगों सा काम नहीं कर पा. रही है जो नए नए बिल्कुल लड़के आ रहे एकदम. नए नए लड़के आ रहे हैं हर बड़ा सितारा. बचना चाह रहा है कि नहीं नहीं भैया नाराज. हो जाएंगे बाबा आप मंदिर के प्रसाद बन. जाएंगे तो भंडारा की तरह लो खाएंगे ही. आपको आप बड़े मंदिर में भी आप ही रहिएगा. छोटे मंदिर में भी आप ही रहिएगा तो फिर. कौन से भगवान हैं आप बता दीजिए मुझे. दिक्कत यहां है ना कि मुझे कहने का खेसारी. लाल के साथ आप काम किए अगर चार महीने आपको.
काम नहीं मिला तो आपको हर महीने काम करना. है तो आप अगर एक ठेला पे भी आप ही बिको ग. तो जो आप ठेला पे बिगे तो आपको मॉल में. आपका दाम कैसे लगेगा तो सोचेगा ना यार ये. ठेला के चीज को फिर मॉल में ला रहा है तो. कहीं ना कहीं हम अपनी वैल्यू खुद ही बढ़ा. करते हैं हमें अपनी वैल्यू को बढ़ाना. चाहिए. अपने वैलू को बढ़ाने के लिए ना धैर्य बहुत. जरूरत. है और धैर्य राम की तरह होना चाहिए.
लक्ष्मण को बान लगने के बावजूद भी धैर्य. है कि भाई ठीक है कोई बात नहीं ठीक है. बॉलीवुड बॉलीवुड में कपल्स भी जो होते हैं. वो अलग-अलग हीरोइन का काम करते हैं. भोजपुरी में हमने एक ट्रेंड देखा है. निरहुवा जी है तो आमरपाली के साथ ही काम. करते थे पवन एक जमाने में अक्षरा थे आप एक. जमाने में काजल के साथ ही काम करते थे दबा. बैक टू बैक सारी फिल्में तो इनसाइड. क्योंकि थोड़ी दोस्ती आ रही हमारी भी है. आया कि मर्द जो है वहा बड़े पजेसिव है कि. सुनो तुम हमरी हो हमरे साथ ही काम करोगी. कहीं और काम नहीं करोगी और कहीं और काम. करोगे तो कहीं नहीं करने देंगे इसका मतलब.
वहां की लड़कियों ने विश्वास थोड़ा बहुत. है एन सिकर सिर्फ मर्द अच्छा ये. बताइए आज हम अपने. पत्नी बा हम अपने पत्नी से हमारी शादी हुई. राइट हम बीवी वाले हैं बीवी बच्चे वाले. आदमी. है जितना इनसिक्योर हम है हा. इनसिक्योर जितना वो है उतना मैं नहीं उनको. लेके हा क्योंकि वो कहां रहती है गांव में. घर में हां.
लेकिन अगर हम हमारी वाइफ इंडस्ट्री में. होती. हम मान के चलिए कि मेरा शादी काजल से ही. हो गया होता मेरे जीवन में कोई लड़की नहीं. होती या मेरी बीवी नहीं होती अगर मेरी. शादी काजल से हो गई होती तो व जहां काम. करती इनसिक्योर हमें भी होता है हम जहां. काम करते इनसिक्योर उनको भी होता है एक. ऐसा नहीं है कि लड़कों को इनसिक्योर है. भाई ये बताइए कि इनसिक्योर सिर्फ लड़का. नहीं होते हैं लड़कियां होती हैं हम.
लड़कों को क्या होना है भाई आजकल लड़कों. के लोग कहते हैं ना जैसे आप बोले ना कि. भाई यहां भी इनको चाहिए यहां भी चाहिए. वहां भी चाहिए तो इनसिक्योर लड़के लड़की. लड़के कैसे हो गए उनको जब 10 जगह चीजें. मिल ही रही है आपसे बेहतर बेहतर चीजें. उनके जीवन में आ रही है भाई जो भी है नई. हीरोइन आएगी तुम हमारी रहो हमारी बाकी भी. हो जाए लेकिन तुम परमानेंट वाली हो ऐसा. नहीं है बाबा आखिर इंसान ही है ना हम कोई. घोड़ा है. थोड़ी अरे महाराज हर रेस में दौड़ते. रहेंगे हम जहां भी हम बारात में भी दौड़.
रहे हैं हम रेस में भी दौड़ रहे हैं ऐसा. नहीं है हमारा भी एक लिमिटेशन है हमारा भी. एक सम्मान है और हमारे पास भी अपनी गरिमा. है और हमें अपना सम्मान समझ में आता है यह. नहीं कि हम अपने सम्मान को हर जगह वैसे ला. कांडो नीलाम कर रहे हैं हमें छूने के लिए. औकात चाहिए आपकी औकात उतनी बड़ी होनी. चाहिए कि आप मुझे छू सको हम सही बात है हम. अगर आपको छूने की इजा दे रहे हैं तो आपके. अंदर कोई बात होगी या हम आपको प्यार करते. हैं तब ऐसे कोई किसी को कैसे छू देगा भाई. ये जमीन ऐसी है ना कि ये मॉल की जमीन है.
इस परे दुकान लेने के समझना पड़ता है और. हम ऐसे फ्री में लीलाम नहीं कर सकते कि. तुम भी दुकान ले लो तुम भीलो तुम भी ले लो. यह आपकी सोच. है फिर हमको एक शेर याद आया आपकी बात. सुनके मुख्तसर सा गुरूर भी जरूरी है. जिंदगी में जीने के लिए ज्यादा झुक कर. मिलो तो दुनिया पीठ को पायदान समझ लेती है. हां इसीलिए उनको समझ में आता है इनसिक्योर. उनको होनी चाहिए ना क्योंकि यहां हमेशा. लोगों मर्द को चलो सीधा पूछ लेते हैं काजल.
राघवानी इस ब्रेकअप का अच्छा लोग पसंद कर. रहे थे अभी भी लोग लिखते हैं ग्रुप में आप. भी कमेंट पढ़ते होगे नीचे लिख के आता होगा. कि साथ में अच्छे लग रहे थे बड़ी पिक्चर. बेकप की बात नहीं है देखिए उनको भी लगा कि. मुझे काम करना चाहिए हर जगह क्योंकि देखिए. होता क्या है नहीं एक टाइम पे लगातार हम. काम अच्छे अच्छे फिल्में कर रहे थे जो. हमारी जोड़ी पसंद भी आ रही थी और नो डाउट. काजल बहुत अच्छी एक्टर हैं बहुत अच्छी. पर्सनालिटी है बहुत अच्छी डांसर है वो. बहुत अच्छा नेचर है बट उनको लगा जी यार. ऐसा हो रहा है कि और मुझे भी लग रहा था कि.
सब डायरेक्टर प्रोड्यूसर बोल रहे हैं कि. भैया काजल को ले ले हम ग कि यार देखो यार. सारी फिल्में उनके साथ होगी तो मुझे लगता. है ना कि एक टैग लग जाएगा मेरे अंदर भी. आरहा और लग ही चुका है मुझे ऐसा लग रहा है. तो बाकी लोग फिर नए-नए कलाकार कैसे आएंगे. फिर इंडस्ट्री बड़ा कैसे होगा तो कुछ लोग. उनके कान में भी जाकर शिकायत कर दिए कि. खेसारी लाल आपको खुद ही हटा रहे हैं मैं. चीजों को चेंज करना चाहता था ताकि. इंडस्ट्री बड़ा हो तो उनको भी लोगों ने. बताया तो आप भी काम करिए इधर उधर तो मैं. बोला कि करिए बट अपने लेवल को मेंटेन कर.
मेंटेन करके आप जहां से जा रहे हो तो जहां. जाओ वहां भी अब यहां से आप मान के चलिए कि. डिफेंडर से आप उतरेगा बाबा जाकर टेंपो में. बैठिए तो हमको दिक्कत होगा कि नहीं तो फिर. हम कहेंगे कि भाई आप उसी के लायक है टेंपु. में रहिए फिर दोबारा आप डिफेंडर में मत. आइए मेरे कने का मतलब कि तो फिर ये तो. प्रोफेशनल हो गया ना पर्सनल रिश्ता के. टूटा फिर या प्रोफेशनल से ही पर्सनल जुड़ा. था कि प्रोफेशनल है तभी पर्सनल है पर तो.
बाबा जी बताइए कि वो प्रोफेशन नहीं होता. तो पर्सनल कैसे होता हमारे पास पर्सनल कुछ. है ही नहीं पर्सनल एक ही है हां बीवी बीवी. और बच्चे और बाकी हमारी जनता हां बाकी जो. इंडस्ट्री के लोग हैं ना ये प्रोफेशनली. हैं हम इनको अपना बना लेते हैं वो अलग. विषय वो मेरी मेरी गलती है कि हम आपको. अपना बना लेते हैं उनकी कभी ऐसी गलती नहीं. हो कि व आपको खुद अपने बना ले सब लोग. बेहतर हैं लेकिन सब लोग का एक दायरा है. अपने काम करते हैं लेकिन आप किसी को मुझे. बुरा इसलिए लग रहा है कि आप हमें दोषी बना. रहे हो भाई दोष किसी एक तरफ से होता ही.
नहीं. है मेरे कहाने का मतलब आप मकान कमजोर. बनाओगे ना तो एक हवा भी मकान को उठा देगा. सही बात है तो पिलर डालो ना यार और य क्या. था अबता आई ना तोहर याद सपना सपने में रह. दे नहीं नहीं ऐसे ही मैं शायर बोलता शैर. बोल दिया था सपना की पसंद थी आपको नहीं. नहीं पसंद थी नहीं तो बहुत अच्छे काम करती. है बहुत अच्छी डांसर है और उन्होंने गाना. किया है मेरे साथ डांसर अच्छी है नो डाउट.
और काम मेहनती बहुत है स्टेज पे लड़को साथ. बड़े कंफर्टेबल रहता आजकल बड़ा वीडियो स्ट. भी वायरल होता है आपका जो नई नई लड़कियां. आई हैं बड़े वीडियोस वायरल होते हैं मुझे. ऐसा लगता है ना कि जो बेहतर कलाकार होता. है ना बाबा मैं उसके साथ बहुत कंफर्टेबल. रहता हूं और वो कितनी छोटी है यह मेरे लिए. माने नहीं रखता वो कितनी अच्छा काम करती. है यह मेरे लिए माने रखता है इसलिए मैं. उनके साथ कंफर्टेबल होकर खूब मस्त नाचता. हूं और फिर प्यार आता है नहीं प्यार अब एक. दिन में कैसे दो घंटा में प्यार कहां से. होता है वो तो दो घंटा नाचेगी बेचारी व.
अपने घर जाएगी उसके बाद हम तो न मरो नहीं. है हमारे पास एक कभी हेलो हाय होगा हमसे. और ना ही कभी मैंने किसी को फॉलो किया है. और ना ही कोई मुझे फॉलो कर नवाजुद्दीन. सिद्दीकी का हमने इंटरव्यू लिया तो एक. उनसे 26 साल की छोटी लड़की सा किस सीन था. उनका तो उन्होंने कहा जीवन में हमको. लड़कियों ने हमेशा उपेक्षित रखा जब कलाकार. बन गए तब एक एक्ट्रेस थी वो साथ में फिल्म. मना कर दी क् किस सीन था अब सारी कोर कसर. पूरा कर रहे तो हमने पूछा क्या लगता है. प्यार मोहब्बत तो कहे बड़ा सॉफ्ट सॉफ्ट सा. लगता. है खेसारी लाल को क्या लगता है जब.
रोमांटिक सीन करते जिंदगी इतनी हार्ड है. हमारी कि कुछ सॉफ्ट लगता ही नहीं. बाबा जो आदमी पत्थर तोड़ के अपने आप को. बड़ा किया. हो उससे गद्दे के बारे में पूछेगा तो उसको. पता नहीं है क्योंकि मैंने अपनी जिंदगी. में कभी गद्दा देखा ही नहीं और यह जिंदगी. बड़ी हार्ड थी मेरी और हार्ड आज भी है तो. मुझे लगता है कि सॉफ्ट सॉफ्ट कुछ है नहीं. बस मैं अपनों को सॉफ्ट रखने की कोशिश करता. हूं सॉफ्ट बस एक दिल है जो सॉफ्ट दिल को.
लेकर पूरी दुनिया के बीच में घूमते रहता. हूं और दुनिया को अपना बनाने की कोशिश. करता क्रिकेट देखते अब आखरी में बस पा. खत्म हा आरसीबी का नहीं जीती है आज. तक देखिए एकता ऐसी चीज होती है ना कि बहुत. कुछ जिता देती है आपको और आपका खुद का. विश्वास आपका अकेले का विश्वास अगर है ना. तो आप चल सकते हो लेकिन आपके परिवार का और. आपके साथ लेकर चले जाते मुझे लगता है कि. पूरा घर चल सकता है तो सबसे.
पहले संगठन हो या परिवार हो या दोस्ती हो. सबके अंदर एक दूसरे का विश्वास और एक. दूसरे पर विश्वास और टीम का एक जुट. विश्वास अगर आपके अंदर है तो दुनिया का. कोई भी जंग आप जीत सकते हो बहुत टेक्निकल. हो गया हम इसको आसान करते हैं थोड़ा विराट. कोहली या रोहित शर्मा खेसारी लालो को कौन. पसंद है रोहित काहे रोहित पसंद है. पहले मुझे धोनी पसंद थे अब मुझे रोहित. इसलिए पसंद है ना कि इमोशनल.
है और इमोशनल लोग मुझे पसंद है सर रीजन. की जीत में भी व आदमी रोता है यार मैं जीत. गया हा अभी इंग्लैंड वाले मैच में आसू जो. आए थे हार में भी रोता है कि मैंने गलती. की है तो जो अपने जीत को भी नहीं छुपा. सकता और अपने हार को भी नहीं छुपा सकता. उससे सच्चा इस धरती पर कोई हो ही नहीं. सकता सर यहां तो झूठे स्माइल लेकर पूरी. दुनिया जीतने पर लोग चले हुए लेकिन उसकी. खुशी भी समझ में आती है और उसका दुख भी.
समझ में आता है तो समझ लीजिए कि उससे. बेहतर कोई इंसान इस धरती पर नहीं है. क्योंकि उसको छुपाने नहीं आता दुनिया को. बताने आता है क्योंकि वह दुनिया के लिए जी. रहा. है बहुत खूबसूरत कहा आपने रोहित के फैंस. बड़े खुश हो. जाएंगे आप भी ट्रू रोहित फैन लगते हमको या. मैं क्या बोला कि मैं इमोशनल जो भी इंसान. इस धरती पर मिलता है मुझे मैं उसका हो ही. जाऊंगा तकलीफ हुई थी जब मुंबई इंडियंस की. कैप्टन स से रोहित को हटाया गया था सर मैं. सच पूछे तो इस बार मुंबई इंडियंस का एक भी.
मैच नहीं. [हंसी]. देखा देख क्योंकि रोहित को हटा दिया गया. था नहीं रोहित की बात नहीं है ना मैं नहीं. चाहता ना कि रोहित को कोई ऑर्डर दे कि तू. वहां जा तू वहां जा तू यहां खड़ा हो नहीं. वो राजा है तब तो हार्दिक पे आपको भी. गुस्सा आया होगा नहीं गुस्सा नहीं आया. हार्दिक रिजर्व हार्दिक रिजर्व करते हैं. और हमारे टीम के सम्मान है हमारे इंडिया. के खिलाड़ी हैं उस वक्त जै अभी हार्दिक को. सब सम्मान कर रहे वर्ल्ड कप में बट आईएल. में लोगों को गुस्सा था हार्दिक प वो आते. थे लोग बू करते थे गुस्से में वो रोहित के. प्रेम था हार्दिक प्रेम हो सकता है ब.
देखिए मेरे कहने का मतलब कि मेरे पापा. अच्छे हैं इसका मतलब यह नहीं कि मैं किसी. के पापा को गाली दूं नहीं वो हमारे देश का. देश का एक खिलाड़ी है जिन्होंने हमारे देश. के लिए काम करते हैं वो तो मैं किसी रोहित. के लिए मैं उनको गलत नहीं बोल सकता. क्योंकि हार्दिक पांड्या का भी एक अलग. लेवल है और हमारे देश के खिलाड़ी हैं वह. हम देश का कहीं ना कहीं प्रेजेंट करते हैं. नंड य तो मुझे लगता है कि ठीक है वो दुख. जरूरी है किसी के लिए प्यार जताना अच्छी. बात है इसका मतलब उस प्यार में किसी को. गाली देना य ये अच्छी बात नहीं है तो मुझे.
लगता है कि समान सब सम्मान सबका है मेरी. मोहब्बत मेरी जगह पे है बट हार्दिक का भी. एक सम्मान है और उनको मैं मिला हूं मैं. लखनऊ लखनऊ सुपर जाइंट सुपर जाइन का में. गाना गाया था हां तो मैं गया था तो. उन्होंने मिलवाया था गका गोयंका जी ने. सबसे मिलवाया था मुझे मैं एकदम अच्छे से. मिला सबसे और सब लोग अच्छे प्यार है और सब. लोग जानते हैं मुझे तो मुझे अच्छा लगा कि. यार कम से कम जिनका मैं फैन हूं वो मुझे. जानते हैं इससे बड़ी खुशी खेसारी के लिए.
क्या हो सकती धोनी क्यों पसंद थे धोनी. इसलिए कि उनका नेचर मुझे बहुत पसंद है. उतना शांत स्वभाव का. आदमी वह इंसान चीता. है अपने शिकार को शांति शांति से लपेट. देता है कि कैसे लपेटना है और देश को चीता. की जरूरत है. और मुझे लगता है कि उनकी डिसीजन उनका. व्यवहार उन्होंने जो भी.
किया खुद के लिए कुछ नहीं किया देश के लिए. किया और जो देश के लिए करता है सर तो उस. देश का हिस्सा तो मैं भी हूं ना तो मुझे. लगता है कि अप्रिशिएट करना चाहिए मुझे और. धोनी कोई नहीं हो सकता सबका अपना लेवल है. उन्होंने हमें दो दो वर्ल्ड कप जिताया है. यह हमारे लिए कम थोड़ी है सही बात है दो. घंटे का इंटरव्यू है लोग क्यों देखे आपने. किया क्यों देखे लोग क्या इसमें ऐसा है. क्क लोगों को देखना चाहिए दो घंटे तो. पिक्चर होती है मुझे लगता है कि इंटरव्यू. इसलिए देखना चाहिए ना कि मुझे लगता है.
कि एक गरीबी की. सफलता तक रास्ता आपको जानना है गरीबी से. सफलता तक का एक अनपढ से ज्ञान की बात अगर. सुननी है एक ऐसे विद्वान के सामने एक. अनपढ़ बैठकर अगर बात कर रहा है तो इसका. लहजा क्या हो सकता है यह मेरे मां बाप ने. नहीं आप सबने यह ताकत दी और आप सबसे सीखा. हूं और जिनके सामने बैठा हूं मैं उनसे भी. सीखा हूं तो अपने सीनियर से लेकर अपने.
जूनियर से लेकर किसी भी इंसान का अगर. सम्मान कैसे करना है आपको रास्ते अगर. मंजिल पाना है तो कैसे पाना है उसके. रास्ते क्या हो सकते हैं और गरीबी को कभी. पय मत समझिए कमजोरी मत समझिए गरीबी से बड़. ताकतवर मुझे नहीं लगता इस धरती पर कुछ है. और मुझे गरीबी ही इतना बड़ा बना दिया आपने. पूरे इंव में 45 करोड़ की आबादी आपकी फैन. बहुत बार कहा उनको एक गाना समर्पित कर. दीजिए जो अभी आपका फेवरेट गाना हो ये आपकी. ऑडियंस के लिए होगा हमारी तरफ से हरकत करे.
ला. अखिया सबसे नजर बचा के केह देखना ही पावे. केह. देखना. पावे रखिहा तनी कचा के. हरकत करेला अखिया सबसे नजर बचा के बहुत.
बहुत शुक्रिया खेसारी.
