Unplugged ft. Jeetu Bhaiya | IIT struggles | B.Tech| Panchayat | Kota Factory | Jitendra Kumar
लोग जीतू भैया बुलाते हैं सचिव जी बुलाते. हैं आई थिंक जीतू भैया इज रेगुलर क्योंकि. वो मेरा कहीं ना कहीं मेरा नाम भी है. प्रधान जी को गोली किसने मारी डंकी से. शादी करेंगे या खाली गांव में चाय पी रहे. टंकी प बैठ के अब ये बता दो अगले सीजन में. लव यू बोलोगे या नहीं बोलोगे और बोलोगे तो. कहां बोलोगे फको बाजार में बोलोगे या पानी. टंकी चढ़ के बोलोगे कोई ऐसा मोमेंट नहीं. है कि यार ये स्क्रिप्ट में ये क्या था. मतलब जैसे दो दो बच्चे मीठी. की आपने तो आयशमान हो किस किया था बड़ा. सॉफ्ट सफ लगता. है लड़कियों सा रोमस करने का मन नहीं है. कर तो रहा हूं रिंकी नहीं कर रहा वई यू.
डिड कोटा फैक्ट्री क्या जरूरत थी कोटा. फैक्ट्री की कोटा फैक्ट्री ब्लैक एंड वाइट. चलती है मुझे ये समझ नहीं ब्लैक एंड वाइट. क्यों लगाई कोटा फैक्ट्री आई थिंक शो शायद. चलेगा बट आई थिंक जीतू भैया का सीजन थ्री. आई थिंक एग्जिट लाइफ में ज्यादा बुरा कहां. लगा था आईटी के बाद नौकरी ना मिलने पर या. किसी लड़की क्रिकेट. ख ये डिफिकल्ट सवाल है अभी रिलेशनशिप में. हो अभी अभी नहीं बोल सकता मैं मैं हूं या. नहीं ये क्या होता है नहीं बोल सकता मैं. या तो हो या नहीं हो ये क्या होता अरे. नहीं आप जानते नहीं हो ये सब.
कॉम्प्लिकेटेड चल रहा है आज देख रहा है. विनोद अंग्रेजी के भारी भरकम शब्दों से. कैसे गोल मल जवाब दिया जा रहा है अब रह. गया पढ़ोगे लिखोगे बनोगे नवाब मुझे लगता. है कि आने वाली जनरेशन में ये वाला कोट. उतना मैटर नहीं करेगा वो मीनू रातों की. नींदे छी व्हाट वाज दैट साइकिल पे घंटी. टिंग टोंग टिंग टंग ये स्क्रीन पे देखो. क्या लिखा है आई एल. यू नीचे लिखा है डी ए टी क्वेश्चन मार्क. क्या एम एस धोनी को रिटायर हो जाना चाहिए. या अभी एक साल और आईएल में एक साल क्यों. धोनी तो मतलब त खेलेंगे धोनी मनी कहीं.
नहीं जा रहे हैं यार विराट या रोहित. फेवरेट कौन सचिन तेंडुलकर और विराट कोहली. ने ज्यादा बड़ा. बैट आपको पता है दुनिया की सबसे टैलेंटेड. कौम कौन सी होती है इंजीनियर्स. की वो जो अपनी बिरादरी में रह जाते हैं वो. भी कमाल करते हैं और जो छोड़कर जाते हैं. वो जहां जाते हैं वहां बवाल करते हैं एक. इंजीनियर से आप मिले हैं दूसरे से आपको. मुलाकात करवाते हैं जितेंद्र कुमार उर्फ.
जीतू भैया हेलो थैंक यू किसी के लिए जीतू. भैया किसी के लिए सचिव जी हैं तो किसी के. लिए मीनू जो रात की नींदे. छीन मजा तो आ रहा होगा यार गुरु मतलब. बीटेक वीटेक से निकलकर दुनियादारी में. बढ़िया स्टाइल क्लास सचिव जी पंचायत. मीनू हां आई थिंक एक्टर बनने आया था मुंबई. में और हमेशा वो डर रहता है कि पता नहीं. काम मिलेगा नहीं मिलेगा और काम मिलेगा तो.
वो कितने लोगों तक पहुंचेगा लोग उसे. एक्सेप्ट करेंगे नहीं करेंगे एंड फाइनली. आई थिंक 10 साल की मेहनत के बाद वो चीजें. हो रही है और जो काम है लोगों तक पहुंच. रहा है और लोग उसको अप्रिशिएट कर रहे हैं. तो काफी अच्छा फील हो रहा है कोटा. फैक्ट्री आने आ गई है और उससे पहले हमने. पंचायत देखी उससे पहले कई और फिल्में देखी. मैंने आपको कोटा फैक्ट्री में डिस्कवर. किया था जब पहली बार मैंने देखा मैंने कहा. यार यह वाली फिल्म मैंने पहले क्यों नहीं. देखी मतलब बहुत रिलेट कर पा रहे थे एंड आई. एम श्यर जिन्होंने भी लाइफ में बीटेक किया. होगा वो जब उसकी तैयारी से से गुजरे होंगे.
तो उन्होंने महसूस किया होगा क्योंकि आप. भी बीटेक इंजीनियर हो किससे इंजीनियरिंग. की थी मैं सिविल इंजीनियर हूं और सिविल से. की मैंने कितनी लड़कियां थी क्लास में थी. फिर भी थी पांच लड़कियां थी कितने लड़के. थे सारा मिला होंगे 40 40. 44 बट हां मतलब बाकी डिपार्टमेंट से बेटर. था हमारा डिपार्टमेंट मे खल से एक्सेप्शन. रहा होगा क्योंकि मैकेनिकल में फिर भी मिल. जाती है सिविल में नहीं मिलती हां सिविल. में नहीं मिलता ये पता नहीं कैसे आपके. यहां मिल गए थे सम तो बीटेक वालों में.
क्या होता है यह सवाल मैं हमेशा पूछता हूं. क्योंकि जब भी मैं देखता हूं जो अपनी. फील्ड में रहते हैं उनका हिसाब किताब अलग. है बट जो छोड़ के जाते हैं वो जहां जाते. हैं झंडे गाड़ देते हैं मैंने अरविंद. केजरीवाल को देखा क्रिकेट में अश्विन. कुंबले को देखा फिल्म इंडस्ट्री में मैं. बादशाह को देखता हूं इरफान सिंगर है कृति. सेनन को देखता हूं और ऐसे एक्स वाई जड. बहुत सारे नाम करेक्ट तो क्या होता है. बीटेक में जो आदमी यार वो कहते हैं ना. मतलब मैं कहता था कि 4 साल की गलती होती. है एंड देन वी डिसाइड कि इससे बड़ी गलती. करते हैं आपका क्या टेक है इस पे मुझे. लगता है काफी इंटेंस पढ़ाई होती है मुझे.
ऐसा लगता है कि 11वीं 12वीं तक वो जो पूरा. फेज होता है तो जो खासकर वो उम्र होती है. जिसमें वो 11 12 में इंजीनियरिंग एंट्रेंस. एग्जाम की तैयारी कर रहे होते हैं वहां पे. जनरली बच्चे बहुत कुछ एक्सप्लोर करते हैं. हम यू नो जिनको जो आईआईटी के या. इंजीनियरिंग स्टूडेंट होते हैं वो लोग. कॉलेज में एक्सप्लोर करते हैं कॉलेज में. उनको जाके लगता है कि अच्छा यहां पे. स्पोर्ट्स भी है ठीक है म्यूजिक भी है ठीक. है और भी बहुत सारी चीजें हैं जो पढ़ाई से. अलग है तो मुझे लगता है कि वहां पे वो. चीजें पहली बार एक्सप्लोर करते हैं और.
शायद वो उनमें ज्यादा डिटेल में चले जाते. हैं या डेप्थ में चले जाते हैं एंड फिर. उनको मुझे लगता है कि उनका इंटरेस्ट. धीरे-धीरे उन चीजों पे चले जाता है पढ़. पढ़ाई छोड़ के सब ल लगता हां मुझे लगता है. कि उनको उनकी तैयारी बहुत इंटेंस होती है. 11 12 तक वो जो भी चीज करते हैं बड़े यू. नो डिटेल के साथ करने की आदत लग जाती है. क्योंकि मुझे लगता है कि 11 12थ में अगर. आपने डिटेल में रह के पढ़ाई नहीं की तो. आपका इंजीनियर बनना बड़ा इंजी अच्छे. इंजीनियरिंग कॉलेज में जाना बड़ा डिफिकल्ट. हो जाता है तो वहां से उनको आदत लगती है. बट जब वो कॉलेज में जाके यू नो जिनको.
एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज बोला जाता. है स्पोर्ट्स हो गया म्यूजिक हो गया यनो. एक्टिंग हो गई स्टेज प्ले हो ग थोड़ा. एक्सपोजर रहता है थोड़ी लड़कि दिखती है तो. वो पहली बार उनको वो एक्सप्लोर करने को. मिलता है तो उसम भी काफी डिटेल में चले. जाते हैं और आई थंक कहीं ना कहीं वो डीप. इंटरेस्ट पैदा हो जाता कई लोगों ने हमसे. कहा कि आप सचिव जी से हमारे पूछ लीजिएगा. कि सिविल इंजीनियर थे इसलिए रि साथ धीरे. धीरे मामला चल रहा है बड़ा स्लो चल रहा है. यह सिविल इंजीनियर वाली क्वालिटी है कि. भाई थोड़ा आप तो नहीं आप तो सिविल.
इंजीनियर्स अच्छा काम कर रहे हैं. इंफ्रास्ट्रक्चर अच्छा हो रहा है नहीं. नहीं मोहब्बत वाला वहां तो लड़के तेज होते. हैं अपने अपने डिपार्टमेंट तेज होते हैं. ये मोहब्बत वाले डिपार्टमेंट में बड़ा. ढीले पड़ जाते हैं कि यार इजहार नहीं कर. पाते लोग कह रहे सचिव जी भी नहीं बोल पाते. धीरे-धीरे गाड़ी में पीछे बैठते हैं भी तो. शर्मा शर्मा के बैठते हैं हां कुछ ऐसा ही. समझ लो मुझे लगता है कि थोड़े से ज्यादा. कंट्रोल में बिहेव करते हैं सचिव जी. क्योंकि उन्हें पता नहीं कि गांव में क्या. माहौल है और मतलब अगर वो डायरेक्टली. जाएंगे तो पता नहीं क्या बातें बनने लग. जाएंगी तो ऑलरेडी बहुत सारे मसले चलते. रहते हैं गांव तो उनसे बचने के लिए वो.
थोड़ा स्लो ही लेके जा रहे हैं इसीलिए रात. को टंकी प जाते. हैं लोगों ने बड़ी मौज काटी हमसे कहा यार. कि सचिव जी की र्ट जॉब जो होती है वो बड़ी. फेयर वाली होती है लेकिन प्रधान जी की तरफ. झुकाव इसलिए था क्योंकि रिंकी साथ में. थी हां हो सकता है बट ये बड़ा इंटरेस्टिंग. है मैंने आपकी कई कैरेक्टर देखे जैसे कई. सारी रील्स आपकी आती है एक रील मैं देखता. हूं अक्सर आती है मीनू वाली जादूगर की. जिसमें आपकी आंखें खोल रखी है और सुई ऐसे. आती है.
और सनली दीदी जो है डीटी दीदी में कन्वर्ट. हो जाता है फिर मैं देखता हूं शुभ मंगल. जदा सावधान एक बड़ा अलग कैरेक्टर मुझे. दिखाई पड़ता है जिसको लेकर कंट्रोवर्सी भी. रही थोड़ी सी चर्चाएं भी रही उसके बारे. में बात करेंगे फिर पंचायत मैंने देखी एंड. देन कोटा फैक्ट्री जो एक बहुत ही डिसेंट. सी फिल्म है इंटेलेक्चुअल फिल्म है समझदार. वाली फिल्म है और जिसके कैरेक्टर से बहुत. कुछ सीख सकते हो मैं बार-बार कहता हूं कोई. भी बच्चा हो जो कहीं भी किसी चीज की कर. रहा हो अगर वो कोटा फैक्ट्री देख ले तो.
उसकी प्रिपरेशन का टाइम बड़ा इजी हो जाएगा. स्मूथ हो जाएगा आपको पता लग जाएगा कि क्या. करना है ज्यादा जरूरी क्या नहीं करना है. व्हाई यू गाइस डिड कोटा. फैक्ट्री व्हाई वी यूज कोटा फैक्ट्र आपने. व्हाई यू डिड कोटा फैक्ट्री क्या जरूरत थी. कोटा फैक्ट्री की हां मुझे लगता है कि जो. भी लोग कोटा में रहे हैं उनको पता होगा कि. वहां पर वो एक अलग वर्ल्ड है और उस वर्ल्ड. के बाहर वो किसी को पता नहीं कि कोटा में. होता क्या है यानी कि कोचिंग इंस्टिट्यूट. वाला जो कल्चर है जो हॉस्टल वाला कल्चर है. वो बहुत डिफरेंट है जो हम लोग कॉलेज वाले.
जो हॉस्टल्स होते हैं या यू नो बोर्डिंग. स्कूल वाले जो हॉस्टल्स होते हैं उनसे. काफी डिफरेंट एक दुनिया चल रही है कोटा. में कहीं वो आई थिंक वहीं के लोगों को पता. था आज से पहले तो जो भी लोग कोटा में पढ़. के आए जैसे खासकर मैं और वो अगर फिल्म. मेकर या फ बनने के लिए ट्राई कर रहे तो. उनको हमेशा से वो लगता है कि वो वर्ल्ड. बहुत एक्सप्लोर किया जा सकता है एंड बहुत. सारी कहानियां बहुत सारे यू नो एपिसोड्स. क्रिएट किए जा सकते हैं तो वो एक गैप. हमेशा से लगता था एंड जिससे भी बात करो. मतलब अगर प्री कोटा मैंने मैं काफी लोगों.
से बात करता था कोई पूछता था कि आजकल क्या. चल रहा है तो मैं किसी जनरली अगर जो फिल्म. मेकर्स है उनसे बात करूंगा कि मैं कोटा पे. कुछ कर रहा हूं तो उनको आईडिया ही नहीं था. कि कोटा पे क्या है तो मैं एक्चुअली डर. जाता था कि ऐसा ना हो कि ये स्टोरी किसी. को यू नो कनेक्ट ही ना करे या रिलेट ही ना. करे कि क्योंकि कोई जानता ही नहीं है बट. स्टिल वी मेड इट क्योंकि हमें लगता है कि. वहां पे बहुत इंटरेस्टिंग किस्से हैं और. उन मुद्दों प बात करना जरूरी है एंड वहां. पे यू नो स्पेस है एक. सिनेमेट चीजों का.
कोटा फैक्टरी ब्लैक एंड वाइट चलती है मुझे. समझ नहीं है ब्लैक एंड वाइट क्यों लगाई आप. लोग क्यों कलर में रखा उसे ये काफी. डायरेक्टर का जो डायरेक्टर है हमारे राघव. सुबू जिन्होंने सीजन वन और सीजन टू. डायरेक्ट किया है उनका बहुत. कन्विंस्ड और वाइट चौक से की दुनिया होती. है बच्चों की सारी टीचर्स की जो भी वहां प. होते हैं उसी के अराउंड यू नो पूरे टाइम. डेढ़ डेढ़ घंटे के लेक्चर होते हैं दिन. में चार चार लेक्चर होते हैं या तीन-तीन.
लेक्चर होते हैं तो ये मान लीजिए कि पूरा. दिन उन्हें वो ब्लैक एंड वाइट देखना पड़ता. है तो उन्हीं का आईडिया था कि ये बहुत. अच्छा विजुअल रिप्रेजेंटेशन होगा फॉर दिस. शो टीटीएस क्या एमडब्ल्यू एफटीटीएस ये. क्या है मंडे वेनसडे फ्राइडे हमारी कोचिंग. जब हम करते थे तो तीन दिन पड़ती थी मंडे. वेनसडे फ्राइडे अा हां हां हां वो 11थ में. 11थ में ऐसा होता था 12थ में फिर हां रोज. होती थी हां ट्यूसडे थर्सडे सैटरडे एड कुछ. कुछ बैचेज मंडे से होते थे कुछ बैचेज. ट्यूसडे से होते थे हां तो अभी जब आप.
निकलते हो क्योंकि अभी पंचायत भी बहुत. बड़ी हिट हो चुकी है पंचायत भी एवरी बडी. स्ट्रंग और सारे कैरेक्टर्स जो है वो सुपर. डुपर हिट है हर इंसान को लेकर मीम्स है. सोशल मीडिया खोली अब गाने आप लोग के भरे. पड़े हैं लोग जीतू भैया बुलाते हैं या. सचिव जी बुलाते हैं दोनों ही बुलाते हैं. अभी पिछले दो-तीन महीने से सचिव जी बुला. रहे हैं सब लोग उससे पहले जीतू भैया था तो. आई थिंक जीतू भैया इज रेगुलर क्योंकि वो. मेरा कहीं ना कहीं मेरा नाम भी है और बस. भैया ऐड हो जाता है बिकॉज ऑफ कोटा. फैक्ट्री के जो कैरेक्टर. है मोस्टली जीतू भैया बुलाते बट हा जब.
पंचायत आता है तो उसके चार पाच महीने सचिव. जी बन जाता हूं आपके दिल के ज्यादा करीब. इट्स वेरी टफ आई थ अभी तो सीजन थ कोटा. फैक्ट्री का आया हुआ है तो जीतू भैया. क्लोज. है पूरा कमर्शियल एक्टर बन गया आप बनना. पड़ता है अच्छा आपके फैमिली में लोग. पॉलिटिक्स में भी है आप राजस्थान से बिलंग. करते हा तो घर में कौन कौन नेता क्या. मंत्री कौन से क्या है मेरे मौसा जी. मिनिस्टर हुआ करते थे जब 2000 2000 के. अराउंड जब अशोक गहलोत जी की सरकार थी तो. मिनिस्टर थे हमारे एरिया से विधानसभा.
क्षेत्र खैरथल जहां से मैं हूं वो. विधानसभा क्षेत्र हुआ करता था उस टाइम तो. वहां से वो एमएलए थे एंड मिनिस्टर थे एंड. मेरी मौसी जो खैरथल की जो नगरपालिका है. उसकी चेयरमैन रही हुई है दो बार सो मसा जी. कहे नहीं कि तुम कहां सरपंच पीछे बैठे हो. हम मंत्री थे. यार हमसे क वि तुमको उ तो बहुत. अच्छा लगता है वो सब देख के कि य ऐसा कोई. शो आया जो एक्चुअली वहां की कहीं लाइफ से. मिलता जुलता है बट ये कैसे पॉसिबल हो कि.
अगर हम इस चाहे कोटा फैक्ट्री को देखें या. फिर आपकी ये पंचायत देखें बड़े रिलेटेबल. चीजें हैं मतलब मैं जीतू भैया के कपड़े भी. देखता हूं तो मुझे एक छोटे शहर का एक छोटा. आदमी समझ में आता है जो स्टोप पे खाना बना. रहा है जिस तरह से खाना चल रहा है. प्लास्टिक की कुर्सियां जो नजर आ रही है. हर एक चीज पर ऐसा लगता है कि बड़ा बारीकी. से काम किया गया है तो ये आप लोगों ने. प्लान किया था मतलब क्योंकि अब ये कल्ट बन. चुका है एवरी बडी इज टॉकिंग अबाउट इट बट. इसके पीछे बहुत छोटी-छोटी चीजें बहुत. बारीकी चीजें हैं आप हर एक कैक्ट कपड़े. देखते हो विनोद से लेकर जितने भी हैं राकस.
सब का कैरेक्टर जो है वो बहुत रिलेटेबल है. तो ये कैसे थॉट इसको आप लोगों ने कैसे. इतनी डेप्ट में काम कर लिया इसका सारा. क्रेडिट जो हमारे राइटर हैं चंदन कुमार और. जो डायरेक्टर है दीपक कुमार मिश्रा उनको. जाता है उन्होंने काफी डिटेल में रिसर्च. की है गांवों की पंचायतों की ठीक है. अलग-अलग गांवों की ऐसा नहीं कि सिर्फ एक. ही गांव में गए और वहां की पंचायत उने. देखी उन्होंने मतलब दो अलग-अलग स्टेट्स. में लाइक यूपी में जो गांव है वहां की. पंचायतों का क्या सन है और जो राजस्थान के.
जो गांव है या एमपी के जो गांव है तो. अलग-अलग गांव की पंचायतों में जाकर. उन्होंने चीजें रिसर्च करके वो डिटेल्स. सारी डाली है तो सारा क्रेडिट उनको जाता. है बट ऑफकोर्स लाइक मतलब जब मैंने. स्क्रिप्ट पढ़ी थी तो उससे पहले मेरे. दिमाग में भी गांव और पंचायत की यू नो कुछ. अलग इमेज थी गांव में रहे हो आप हां मैंने. मैं गांव में रहा मतलब गांव बहुत ज्यादा. दूर नहीं है मेरे जहां में मैं रहता हूं. खैरतल वहां से 78 किलोमीटर दूर या 5. किलोमीटर दूर से गांव स्टार्ट हो जाते हैं. तो वो इतना बड़ा टाउन है और जैसे ही 5.
किलोमीटर आप क्रॉस करोगे तो कोई दूसरा. गांव आ जाएगा तो गांव मैंने देखे हैं और. बट कभी पंचायत नहीं देखी पंचायत का. प्रोसेस क्या होता है वो कभी नहीं देखा था. वो सब फिल्मों में देखा था या यू नो अखबार. में कोई फोटो आ गई तो उसमें कभी देख लिया. एंड हमेशा वही इमेज थी दिमाग में कोई पेड़. है जिसके नीचे ो चार पांच लोग बैठ के गांव. का न्याय कर रहे हैं फैसला कर रहे हैं. आसमान देख के मौसम बता रहे हैं ठीक है वही. वही सारी इमेजेस थी मेरे दिमाग में पंचायत. के बारे में बट जब स्क्रिप्ट आई तो मुझे. लगा कि ये तो काफी अलग है मतलब ये गांव या. तो बहुत मॉडर्न हो गए हैं बट पता चला कि.
नहीं ऐसा मॉडर्न वॉर्डन कुछ नहीं है. पंचायत प्रॉपर ऑफिस होता है और वहां पर. सारी कार्यवाही होती है ठीक से कार्यवाही. होती है वो एक यू नो गांव का एक सबसे बड़ा. ऑफिस होता है जहां पे गांव में क्या होना. है क्या विकास होना है क्या-क्या चीजें. होनी है हर चीज वहीं के उसी पंचायत के. थ्रू जाती है और यू नो इट्स अ रेगुलर 9 टू. फ जॉब जो भी लोग वहां पे काम करते हैं तो. काफी नया था मेरे लिए स्क्रिप्ट कोई ऐसा. मूवमेंट नहीं है कि यार ये स्क्रिप्ट में. ये क्या था मतलब क्या था ये क्योंकि आपने. उतना एक्सप्लोर नहीं किया बहुत सारे. मूवमेंट्स है जो बहुत फनी थे जैसे दो ब दो. बच्चे मीठी.
खीर उसको हमने देखा तो फिर हमने कहा यार. ये बढ़िया था गुरु बट ऐसे लिखे होते हैं. कोई ऐसा मूमेंट था आपने जब शूट करते कि. यार क्या था यार ये आई थ जो पहला ही. मोमेंट है वो बड़ा इनफैक्ट जो पूरा ही. सीरीज है उसमें जितने भी सींस है वो जब हम. पढ़ने बैठते हैं तो ऐसा लगता है कि इस सीन. में है क्या मतलब हां ठीक है बस यही सब. बातें हो रही है जैसे अगर हम पहले सीन की. बात करें तो यू नो उसमें एक वो आता है. सचिव जी पहली बार गांव में और उसकी वो. चाबी खो जाती है हां मेन पंचायत ऑफिस है.
उसकी चाबी प्रधान जी कहीं यू नो जंगल. फिरने जाते हैं और वहां उनकी चाबी गिर. जाती है तो वो पूरा एपिसोड उसी पे है मतलब. यानी मतलब 70 पर एपिसोड वो चाबी ढूंढ रहे. हैं और फालतू की बातें कर रहे हैं लाइक कि. ये गांव है इस ज जमीन पर लड़ाई चल रही है. ठीक है तो पढ़ के देखोगे तो ऐसा लगेगा कि. यार ये किस तरह की बातें हो रही है कोई. डायलॉग नहीं है यू नो कैरेक्टर्स यू नो. कैरेक्टर्स का कोई अलग से पसोना नहीं है. जो स्क्रीन प ऐसे निखर के आएगा या वैसा. कुछ जब पढ़ोगे ऐसा लगता है बट जिस तरीके. से वो यनो डायरेक्टर ने दिखाया है और.
राइटर ने चीजें लिखी है बहुत इंटरेस्टिंग. मतलब मैंने दो सीरीज ऐसी देखी जिससे मुझे. लगता है कि सारे कैरेक्टर सुपर हिट हो एक. थी गैंगस ऑफ वासेपुर. जवाई जितने कैरेक्टर थे आज सब बड़े स्टार. है और दूसरी सीरीज पंचायत कर आप विनोद का. कैरेक्टर देख लीजिए इनफैक्ट दामाद जी. कैरेक्टर देख. लीजिए मतलब उनको देख के सेकंड सीजन तक. गुस्सा आ रहा था कर इस बार तो वो भी बेटा. बन के चले. गए पन्नी वाला सीन यस. ये सब आपने लाइफ में देखा था कभी कि ऐसे.
क्योंकि छोटे शहरों में अभी भी होता है कि. वो पन्नी नहीं फाड़ते हैं गाड़ी भी खरीदते. हैं तो उसकी पन्नी नहीं फटेगी हटेगी मैंने. तो ऐसे लोग भी देखे हैं जिन्होंने दहेज. में बेड मिला था गद्दा तो वो गद्दे के ऊपर. चद्दर बिछा देंगे पन्नी नहीं हटेगी भले सर. का करे करेक्ट आईव सीन दैट आपने देखा था. ऐसा हां हां हा ऐसी चीजें काफी देखने को. मिलती है एंड ऐसे कैरेक्टर्स भी देखने को. मिले हैं जो मतलब कि इस तरह की पनियों से. बहुत प्यार करते हैं कि अगर टेबल प कोई. पन्नी है तो नहीं हटेगी और मतलब ऐसा नहीं. कि वो बच्चे हैं मतलब ठीक उम के लोग ऐसी. चीज करते बाइक है बाइक प अगर न कुछ पन्नी.
लगी हुई है स्टर लगा हुआ है तो दे आर वेरी. यू नो प्रोटेक्टिव अबाउट इट टीवी हा टीवी. पे रिमोट प अगर टीवी का रिमोट आया तो उसका. कवर थ्रू आउट चढ़ते रहता है वो वो पुराना. हो जाता है फिर वापस पन्नी उतरती है. दिवाली के टाइम प जब सफाई होती है तो वापस. उसम पन्नी चढ़ाई जाती है टेप से बांधा. जाता है चट च हा तो सारी चीजें ये मतलब. काफी ऐसे कैरेक्टर्स देखने को मिले हैं और. चीजें भी देखने को बीटेक किस साल किया था. मैं 2008 में एंटर किया था आईटी खड़कपुर. और 2012 में मैंने ग्रेजुएट किया तो क्या. क्या लगा आपको क्यों छोड़ दिया आपने मैंने.
छोड़ा नहीं मैं पढ़ाई करके आया मतलब पढ़ाई. करने के बाद क्यों छोड़ा नौकरी लग गई थ तो. हमने सुना कि आपने आप थोड़े क्रांतिकारी. थे कॉलेज से लेकर जॉब तक में नहीं नहीं. मैं बिल्कुल भी क्रांतिकारी नहीं था मैं. बहुत ही ऐसा यू नो डरा समा सा स्टूडेंट. रहा हूं लेकिन नौकरी तो कांड करके छोड़ी. थी. ना हां नौकरी के टाइम पे मैंने क्रांति. थोड़ी दिखाई थी जैसे सचिव जी अभी आखिर में. आ गए थे हां एटली तो मैं जपनीज कंपनी में. काम कर रहा था और मुझे नहीं वहां तो बाद. में जाएंगे बीटेक आप बीटेक में चले ले अब. बीटेक में गए तो उस टा पड़ाकू लड़के थे.
हां बीटेक से पहले लाइक मतलब कितने नंबर. आए थे 10 में 10थ में मैं यू नो नंबर बहुत. ज्यादा नहीं थे बट मैंने सीकर से की थी. सीकर के छोटे स्कूल से की थी वहां पर मैं. टॉपर था जाता था वहा मोदी कॉलेज मेरी बहुत. सारी दोस्त व र हा मोदी कॉलेज और एक हा व. दो ही कॉलेज मोदी बनली एक टक में पड़ता है. एक सीक व पड़ता हनुमानगढ़ के. पास मोदी स्कूल भी है ना व मैं. यूनिवर्सिटी में जा करता ओके हा तो सीकर. से मैंने की है तो बहुत ज्यादा नंबर नहीं.
थे वहां के हिसाब से मैं टॉपर था फाइनल जो. मार्क्स आए थे मेरे बोर्ड में कितने थे. 84.5 में और में में 7 74 आईटी निकल. गया के लिए सही है क्योंकि हम स्कूल कभी. पढ़ते नहीं है हमारा सारा ध्यान आटी होता. है तो स्कूल तो कभी जाते नहीं तयारी की थ. रेजोनेंस कोटा कोटा रेजस में था और कोटा. फैक्ट्री के प्रोडक्ट आप भी है बकुल पर. फैक्ट्री प्रोडक्ट वैसे टीशर्ट पहन के.
जाते होंगे रिजोनेंस उस टाइम पे यूनिफॉर्म. नहीं थी आईआईटी जो आईआईटी के इंस्टीट्यूट. होते थे कोचिंग इंस्टिट्यूट उनमें. यूनिफॉर्म नहीं चलती थी उस टाइम पे मेडिकल. जो इंस्टीट्यूट थे एलन उस टाइम प बहुत. पॉपुलर था मेडिकल के लिए बंसल बड़ा पॉपुलर. था हां बंसल एंड रेजोनेंस पॉपुलर थे फॉर. आईआईटी एंड बंसल का तो अलग लेवल मेरे पापा. ले गए थे एग्जाम दिलाने मेरा हुआ नहीं था. हां हां बंसल का तो टेस्ट ही इतना हैवी और. मतलब टफ होता था कि वो टेस्ट ही लोग. क्लियर नहीं कर पाते थे एंट्रेंस बंसल का. एंट्रेंस नहीं क्लियर कर पाते थे तो सोचो. उनका कॉन्फिडेंस कहां हिल जाएगा कि कि वो. आईआईटी कैसे क्रैक करेंगे जब बंसल का नहीं.
हो तो वो हमेशा दिमाग में रहता था कि बंसल. तो क्रैक ही नहीं कर पाएंगे तो मैंने ये. सब चीजें की नहीं मैं सीधा रेजोनेंस के. लिए गया मैंने बंसल का टेस्ट ही नहीं दिया. तो फिर एडमिशन हो गया आईटी में हां सिविल. क्यों ली सिविल तो मिलती है मतलब वो तो जो. भी तुम्हारी रैंक आती है उसके हिसाब से. मिलती है चॉइस हां ठीक है सिविल में आप. चले गए अब सिविल की जिंदगी क्या थी. क्योंकि सिविल वालों की भी एक अलग दुनिया. होती है जैसे मेरा मानना है कि बीटेक में. भी दो तरह की बिरादर होती है एक जिनकी. लाइफ बड़ी हैपनिंग हैपनिंग होती है वो.
होते हैं सीएस वाले आईटी वाले इलेक्ट्रिक. वाले और एक होती है गरीब शोषित वंचित समाज. जो मैकेनिकल और सिविल वाले होते हैं जो. दूर से बैठ के निहारते हैं कि हां यार. सारी रौनक तो उस तरफ है करेक्ट तो हां. वैसा ही हाल था. लद जैसे ही मैं आईआईटी में गया तो वहां पे. यू. नो ऑफकोर्स आई थिंक सीएस और. इलेक्ट्रॉनिक्स ये दो डिपार्टमेंट थे जो. बहुत ही ग्लोरिफाइड और यू नो बहुत ही फ्लम. एंट जहां लड़कियां ज्यादा होती है हां जो.
वो वैसे डिपार्टमेंट थे तो उसके अलावा. मुझे लगता है कि एंड एंड ऑफकोर्स सम हाउ. वहां पे आर्किटेक्चर डिपार्टमेंट है. खड़गपुर में तो ये तीन डिपार्टमेंट थे जो. बहुत ही यू नो अलग से थे फ्लेम पॉइंट्स. होता था उनमें और एक यू नो जॉब्स वगैरह. अच्छी लगती थी तो बाकी डिपार्टमेंट सब सेम. होते थे एंड उनके लिए ज्यादा मैटर करता था. कि वो कितना यू नो एक्स्ट्रा करिकुलर. एक्टिविटीज में इवॉल्वड है हमारी श हमारी. बातचीत शुरू होए हम भी कुछ पॉपुलर हो यू. नो हमें भी कुछ करने मिले. करेक्ट तो तो वो लोग इन चीजों में ज्यादा.
ध्यान देने लग जाते हैं फिर बाकी लोगों के. लिए डिपार्टमेंट्स उतना ऊपर नीचे नहीं. रहता आई थिंक ये दोनों डिपार्टमेंट छोड़. के किसी का वो नहीं रहता कि अच्छा तू. सिविल से है तू मैकेनिकल से है या तू. इलेक्ट्रिकल से है वैसा नहीं रहता सिर्फ. वो दो डिपार्टमेंट का रहता है कि अच्छा ओ. तुम ईसी से हो या तुम सीएस से हो तो उसके. अलावा सब सेम होता है तो वहां पे पहली बार. मैंने यू नो स्टेज प्ले देखा प्रॉपर जो. वहां का प्रोडक्शन हो रहा था वहां पे एक. यू नो हिंदी टेक्नोलॉजी ड्रामे िक सोसाइटी.
का एक परफॉर्मेंस हो रहा था और मैंने पहली. बार देखा तो मैं काफी इंप्रेस हुआ कि यार. ये क्या चीज है और ये तो काफी अलग है. क्योंकि उससे पहले स्कूल में शायद मैंने. कभी रामलीला में पार्टिसिपेट किया होगा और. वो स्कूल प्लेस बहुत अलग होते हैं जो. मैंने वहां प देख रहा था तो वो मुझे लगा. कि हां इस ये कौन सी सोसाइटी है इसमें. मुझे जाना है मतलब इसके लिए इसमें इन. चीजों में मुझे पार्टिसिपेट करना है तो. कुछ ऑडिशंस रखे हुए थे ड्रेट सोसाइटी के. मैं गया तो और मतलब काफी इंटेंस ऑडिशन चल. रहे. वहां बड़े टैलेंटेड लोग होते हैं ना.
कॉलेजेस में चाहे म्यूजिक में हो या. एक्टिंग में हो एटली तो जनरली जो जो जो. ऑडिशन देने गए थे लोग वो काफी कॉन्फिडेंट. एक्टर्स दिख रहे थे और वो एक्चुअली काफी. अच्छा भी कर रहे थे और सबके सामने होता था. लाइक यहां पे क्राउड बैठा हुआ है और यहां. पे एक छोटा सा प्लेटफार्म है और वहां पे. तीन चार सीनियर्स बैठे हुए हैं जो यू नो. बुक्स लेके या नोट बुक्स लेके बैठे हुए. हैं और जज कर रहे हैं मार्क्स दे रहे हैं. और यहां पे सबको एक एक स्क्रिप्ट दी जाती. थी वो लोग आके परफॉर्म कर रहे होते थे तो. उसी क्राउड में बैठे-बैठे मेरा था कि यहां. से चलते हैं यहां नहीं होने वाला यहां.
नहीं होने वाला फिर एक मेरा ऐसा ही यू नो. जो एक सबसे एक दोस्त होता ना जो कॉलेज में. सबसे पहले बियर पीता है तो वो ऐसे दोस्त. बनाया मैंने सबको तो उस वो काफी. कॉन्फिडेंट था कि नहीं नहीं चलते हैं हो. जाएगा तो मुझे लगा कि यार इसमें इतना. कॉन्फिडेंस है क्योंकि मुझे वो टैलेंटेड. नहीं लगता था मुझे लगता था इसमें अगर इतना. कॉन्फिडेंस है तो अपन करते हैं ट्राय तो. उसने भी किया और उसने भी बहुत अच्छा किया. तो मुझे लगा कि यार इसने यार कमाल है यार. ये तो एक्टर है यार ये तो. तो एकदम ही दो तीन बच्चे बचे हुए थे तब.
वैसा हो गया कि मैं भाग भी नहीं पाया. क्योंकि ऑफकोर्स बहुत ज्यादा क्राउड होती. तो मैं कहीं कट लेता पानी पीने के बहाने. तो दो तीन लोग ही बचे थे बाकी सबके ऑडिशन. हो गए थे एंड त मुझे लगा कि अब शायद लोग. भी कम है तो अब ऑडिशन दे देता हूं तो वो. ऑडिशन दिया एंड अगले दिन कुछ 30 32 लोगों. की लिस्ट आई तो उसम नाम था तो मैं खुश हो. गया कि चलो यार कहीं कहीं एकली अपनी कहानी. मैं गया था टरी क्लब के ऑडिशन देने सेम. कहानी थी मैं गया लोग नीचे से ना गाते हु. ऊपर जा रहे थे एंड आई वाज लाइक ये क्या.
है ना हम अंग्रेजी में ना हम हिंदी में और. यहां लोग गाते हुए जा रहे हैं कॉन्फिडेंस. य इंतहा है मैं भाग आया मैंने अपनी फ्रेंड. को कॉल किया मैंने अगले साल एंड शी वाज. लाइक कि अगले साल इससे भी टैलेंटेड आए तो. एंड उसने डाट टपट के भेजा मुझे मैं गया. मुझे सिर्फ इतना सिखाया गया सामने वाले. तीन लोग जो बैठे होंगे वो अगर हंस देंगे. सिलेक्शन हो. जाएगा ए आई गट इट बट वहां तो आपको भी लगा. कि यार भीड़ के सामने आओ तो लोग नोटिस अलग. करते हैं बिकॉज मेरे को कॉलेज में फील हुआ. था जिस कॉलेज में लोग जानते नहीं थे जब जब. आप भीड़ के सामने परफॉर्म करना शुरू करते.
हो तो सडन आपकी. जो प्लेज वाला होता है उसमें बहुत सारी.
चीजें होती है तो प्ले एक छोटा सा पार्ट. होता है तो उसमें अगर जीत भी जाते हैं तो. यू नो बाकी चीजों में अगर जीतते हैं तो. ज्यादा मार्क्स मिलते हैं कुछ वैसा फंडा. होता है तो एक्टर्स को सिर्फ ऐसे ट्रीट. किया जाता है कि हां एंटरटेनर हो अगर तुम. हो सीनियर्स में अगर जब यू नो जब सीनियर. जूनियर का इंटरेक्शन होता है तो उस टाइम प. ऐसा लगता है कि हां तुम एक्टर हो तो तुम. कुछ करके दिखाओ फनी करके दिखाओ या उसकी. एक्टिंग करके दिखाओ या उसकी यनो मिमिक्री. करके दिखाओ तो उतना ही यूज होता है बाकी. बाकी जो भी यू नो आर्ट है उनको बहुत.
सीरियसली लिया जाता है या तो लिटरेचर हो. गया या यू नो फाइन आर्ट्स हो गया या फिर. म्यूजिक हो गया तो इनको बहुत सीरियसली और. बहुत यू नो. बहुत क्या बोलते हैं मुझे वर्ड समझ में. नहीं आ रहा बहुत संभाल के रखा जाता है उन. लोगों को सेंटलेस बड़ा अपील करता था मुझे. वो जो शर्ट उतार कर वॉक करते थे कभी मन. किया कि यार ऐसे हम भी वॉक. करें मेरे को बड़ा मन करता था किरे यार. ऐसे ऐसे सीटियां बचती थी लड़कियां सीटी. मरती थी करेक्ट देखा है सब कॉलेज में हां. हां ये कॉलेज में होता था कि साथ में. तुम्हारी दोस्त खड़ी लेकिन वो सामने वाले.
सीटी मार रही. है फिर नंबर नंबर खराब हुए इससे चलते. क्योंकि डिस्ट्रक्ट तो होते हैं हम आधा. टाइम इधर फोकस करते हैं हालांकि एक रात. पढ़ के पास हो जाते हैं बहुत ही मेजर्ली. डिस्ट्रैक्टेड हुआ मैं मतलब ऐसा कितना. नंबर गिरा मैं तीन सब्जेक्ट मैंने चार. सब्जेक्ट लिखने वाले होते थे तीन सब्जेक्ट. में फेल हुआ था मैं फर्स्ट. सेमेस्टर तो लाइफ में पहली बार फेल हुआ. मैं पढ़ाई में क्योंकि उससे पहले तक तो. ऐसा रहा कि हां मतलब सारी चीजें सही रही. है टॉपर भी था स्कूल तक ठीक है फिर 11 12. में ऑफकोर्स आईआईटी की तैयारी की तो चीजें.
समझ में आ रही आ रही थी लग रहा था कि शायद. यू नो लक अच्छा रहा तो सिलेक्शन हो जाएगा. र को लगा लड़का गया आईटी में नाम रोशन. करेगा पहले सेमेस्टर में तीन में लग गए. प तो आई थिंक हा काफी काफी शॉकिंग था मेरे. लिए पर्सनली कि यार अभी मैं कैसे बताऊंगा. घर प बताया था हां फिर घर प बताया था. एक्चुअली घर वाले क्योंकि घर में सब. इंजीनियर्स है तो पापा भी इंजीनियर है. तो तो जैसे ही मैंने बोला कि मैं मैं बहुत. डरा हुआ था कि पता नहीं क्या रिएक्शन आएगा. बट ही वाज वेरी चिल की ठीक है होता है. बटकी बैक लगती है हां आईटी खड़कपुर में एक.
अच्छा सिस्टम ये था कि बैक नहीं लगती. बेसिकली एक और चांस मिलता है जब आपका पूरा. साल निकल जाता है तो दो महीने का जो समर. वाला सिस्टम होता है हां उसमें दो महीने. आपकी क्ला रुकना पड़ता है दो महीने उसमें. आपकी क्लासेस होंगी क्रैश कोर्स क्रैश. कोर्स टाइप कुछ होता है और उसी में फिर. एंड में तुम्हें एग्जाम देना पड़ेगा और. अगर वो क्लियर हो गया तो बैक नहीं लगेगी. और वो कहीं भी आपका नहीं करते ये अच्छा. सिस्टम है खाली पैसे भरने पड़ते हैं आपको. एग्जाम के हां इतना स ही है तो ये फर्स्ट. ईयर में होता है फिर सेकंड ईयर में आपको.
वो दो महीने भी नहीं रुकना पड़ता आपको. सिर्फ एग्जाम देने का देने के लिए आना. पड़ता है सप्लीमेंट्री आप घर बैठ के. तैयारी कर सकते हो और आप एग्जाम देने आओ. तो थ्रू आउट मैंने इस चीज का बहुत फायदा. उठाया डिफर्ड हुए कभी नहीं अटेंडेंस पूरी. थी बच गया नहीं होती थी हम कुछ ना कुछ. रीजंस देते थे होते थे जुगाड़ कितने टेनेस. हो क्योंकि हमारे यहां तो बड़ा लास्ट में. 2 मतलब 75 75 अटेंडेंस यार बहुत स्ट्रिक्ट. था यार तुम्हारा हमारे यहां आईडी ख नहीं. मेरा क् मैं अपना जुगाड़ लगा रता था आई.
वाज हेड ऑफ माय कॉलेज तो मैं इधर धर से. करके बट साथ में चेले चपा हर बार डे बाट. यार हमारे यहां वैसे जुगाड़ नहीं लग पाते. थे कि प्रॉक्सी हो गई प्रॉक्सी बिल्कुल. चांस ही नहीं है कि मार दोगे हमने तो खूब. मारी हमारे यहां कुछ कुछ ऐसे सिस्टम कर. सबके अलग-अलग सिस्टम थे तो एक टीचर चार्ट. बना के लाता था उसने चार्ट बना के लाता था. और उसने सीट नंबर दे दिया था सीट वन पे ये. और उनकी शक्ल याद कर ली. थी ठीक है तो ऐसा कुछ 20 लोगों 20 लोग थे. उस वाले सब्जेक्ट के लिए तो चार्ट लाता था. था और सब पूरा 15 मिनट सिर्फ वो यही करता.
था 15 मिनट बैठा वो पहला नंबर प देखता था. दूसरे नंबर प देखता था फिर तीसरे नंबर प. देखता था वैसे अटेंडेंस ले आपने टीचर पटाए. नहीं स हमने पटा लिए थे नहीं मुझे लगता है. कि वहां ये वाले जुगाड़ नहीं होते परट. दूसरे तरीके के जुगाड़ होते हैं जैसे मेरा. कंप्यूटर साइंस का पेपर था तो मैं एक दिन. पहले गया सर के पास मैंने कहा सर देखो कल. फेल. होरहा अपन में कुछ नहीं आती प्रोग्रामिंग. आती नहीं है अब बताओ क्या करें थोड़ी देर. उनको मैंने भावुक किया बाद में उनसे मैंने. पूछा अच्छा मैंने कहा तीन बता दो. मैं रट लूंगा एक आ गई तो कर दू एंड ट्रस्ट.
मी उन्होंने मेरे को तीन चार ऑप्शन दिए कि. इनम इन में आ सकता है मैंने वही तीन रटी. पेपर में देखा सुकून मिला मैंने टाइप किया. जैसे पासिंग नंबर हो मैंने कहा थैंक यू. नहीं सर मैं तो इस सबसे क्योंकि मैं घर. में छुट्टी पढ़ के पास नहीं हो पाता हम. मैं हां हां प्रोग्रामिंग तो नहीं हो पाता. तो मैं इसमें फेल हुआ और बहुत डरा हुआ था. उसमें कुछ पता नहीं कुछ एक रीजन रहा और. प्रॉफ ने बोला कि मैं किसी को फेल नहीं. करूंगा जब वो सप्लीमेंट्री दे रहा था. समर्स वाला दे रहा था तो उसने उनको कुछ. हुआ मतलब एग्जाम वाली नाइट कि आप सिर्फ.
पेपर अटेंड करने आओ मैं किसी को फेल नहीं. ट्रू आप पहली बार एग्जाम देते हो वहां फेल. कर देते हैं जो आप ये समर वाला देते पास. कर बोला मैंने उसका खूब फायदा. उठाया वहा प थोड़ा सा इी भी पेपर आता है. और थोड़ा वैसा हिंट मिल जाता है कि पिछले. 10 साल के पेपर देख. लो समर वाले में हमारे थोड़ा बहुत हो जाता. था नहीं नकल तो मतलब हमारा सटिंग. अरेंजमेंट ऐसे ऊपर ऊपर ऊपर ऊपर था हा अगर. आप बैठे हो और आपने सामने वाले से कहा कि.
थोड़ी सी शीट थोड़ा धर करके लिखा कर तो. उसकी शीट बिल्कुल इस बस आपका चश्मा अच्छा. होना चाहिए वर्ड टू वर्ड ऐसे हमने छापा है. न चेन बनती थी चेन बनती थी बट उसमें बहुत. फनी होता था उसमें बहुत फनी होता था कि एक. बच्चा मतलब एक मेरा दोस्त सबसे ज्यादा. पढ़ता था वो लोगों को भी पढ़ाता था तो वो. मेरे आगे वो मेरे आगे बैठता था फिर मैं. बैठता था फिर एक और बैठता था जो डिसेंट था. वो थोड़ा बहुत पढ़ लेता मैं बिल्कुल नहीं. पढ़ता था तो ऐसे न तीन लोगों की चेन बनती. थी तो उसका था कि उस पीछे वाले का था कि.
आगे वाले का पूरा छाप दे और बता दे तो. मार्क्स जब आते थे तो उसके आते थे मान लो. 50 में से आ उसके 42 मेरे आएंगे 22 जस्ट. पासिंग मार्क्स इसके आद 45 तो लगता था ये. कैसे हुआ यार ये चेन कैसे पक अप कर रही है. यार बीच में यार मतलब इसने कहां से. एक्स्ट्रा सीख लिया तो बड़ा फनी लगता था. हम लोग को ये वॉशरूम वाला कभी जुगाड़ रखा. कि भाई 12:3 प मिलेंगे दोनों भाई वॉशरूम. में पकड़े जाते थे बोल रहा हूं बहुत बहुत. अलग तरीकों से हमको चीटिंग करनी पड़ती थी.
वॉशरूम वॉशरूम वालों में तो प्रॉफ सुसू. करने मिल जाते थे वो सारी चीजें चेक करके. रखते थे नहीं हमने तो जुगाड़ रखा था कि. अलग अग अलग रूम में हो इस रूम से तू 12:3. पे निकलेगा मैं 12:3 पे एगजैक्टली हम वश. रूम में जाते थे भाई ये चार क्वेश्चन. स्पेशली टिक वाले होते थे तो ए बी सी डी. डी कंफर्म किया थैंक यू कटली भाई तो अगर. ऐसे हुआ तो पीछे से गेट खुलता था उसमें से. प्रॉफ निकलता था और वो वहीं के वहीं. पकड़ता था रंग गया तो बहुत खतरनाक यू नो. ऐसी चीजें होती थी बट आई थक ये चेन वाला.
चल जाता था क्योंकि इसमें तो तुम्हारे. आंखों प ही है इसमें तो कोई कुछ नहीं कर. सकता तुम्हें सीटिंग अरेंजमेंट मिला है. तुम आगे से बस देख लो और कोई लड़का था. ग्रुप में जिसे सिर्फ पढ़ने के लिए रखा था. कि पढ़ाओ ग हमें हां हां जैसे हमने एक दो. लड़के पाल पोस्ट रखे थे कि तेरा सारा काम. हम करेंगे एटली तुझे अलग-अलग ग्रुप्स में. भेज देंगे वॉलेटर में तेरी लड़की दोस्त. बनवा देंगे बट तेरा सिर्फ एक काम है तुझे. साल भर क्लास अटेंड करनी है पढ़ना है और. एग्जाम के एक रात पहले बैठ के मैं पढ़ाना. हा वैसा होता था एक वो पढ़ पढ़ाता भी था. और वो आई थिंक क्लास में ऐसे नकल भी.
करवाता था तो उसको बहुत ऐसे उसको चचा भी. बुलाते थे तो बहुत बहुत इंटेलिजेंट था. अगेन आम आस्किंग य मुझसे कई बार लोग पूछते. हैं कि बीटेक छोड़कर क्या मिला मैं आपसे. पूछता हूं बीटेक जो लाइफ आपकी थी क्या. उसका फायदा आज आपकी लाइफ में. है नहीं मुझे लगता है कि आईआईटी में जो यू. नो जो एक पूरा लाइफ स्टाइल था वो मुझे. लगता है कि जो आईआईटी से निकल के जो लाइफ. होने वाला है उसका एक मिनिएचर था कि हां. मतलब कुछ ऑफकोर्स वहां प उतने रिस्क नहीं. है अगर तुम फेल भी हो जाओगे तो तुम्हें.
दोबारा चांस मिल जाएगा ऑफकोर्स लाइफ एक. अलग यू नो अलग एक्सपीरियंस कराने वाली है. तुम्हें आगे बट आई फील कि वो कहीं ना कहीं. इसी का मिनिएचर था कि वहां पर जिस तरह की. आपको प्रॉब्लम फेस करनी पड़ रही है उसी का. एक बड़ा वर्जन तुम्हें रियल लाइफ में फेस. करने को मिलेगा तो काफी यू नो सीखने को. मिला है जैसे मुझे लगता है कि बीटेक करने. वाला लड़का पैनिक नहीं करता क्योंकि आप. रात को कई बार 12:00 बजे आप पता करते हो. कि पेपर कौन सा. है बीटेक करने वाले लड़के को एग्जाम से डर. नहीं लगता बिकॉज आप साल भर एग्जाम देते. रहते हो थ्रू आउट एग्जाम देते रहते हो. बीटेक करने वाला लड़का 9 घंटे की शिफ्ट.
नहीं देखता आप उससे 14 घंटे 15 घंटे काम. करो क्योंकि वो मजदूर हो जाता है वहां पे. दिन भर बैठ के वो क्लास अटेंड करता है शाम. को लैब अटेंड करता है रात को आके फाइल. बनाता रहता है करेक्ट सो डू यू बिलीव कि. ये जो तीन चार चीज लेबरिया अस होना या. पैनिक ना होना या हार्ड वर्किंग होना ये. जब आप किसी भी और फील्ड में जाते हो एक्स. वाई जड तो वहां पर भी इसका आपको फायदा. मिलता है हां मुझे लगता है कि वो जो. इंटेंस काम करने की जो क्षमता होती है वो. थोड़ी सी ज्यादा हो जाती है बिकॉज़ वहां. पे वो वैसे ही काम करते हैं वो पूरे टाइम. नहीं पढ़ते और एक दिन में पूरा यू नो.
सिलेबस कहीं ना कहीं से करके कंप्लीट कर. लेते हैं मतलब अगर यू नो मैं तो खैर काफी. पीछे था पढ़ाई में बट जो पढ़ने वाले लोग. भी होते थे वो भी जनरली चली मारते थे बट. वो लाइक लास्ट एक दो दिन बहुत करके पूरा. सिलेबस जो तीन महीने का चार महीने का. सिलेबस है वो एक दिन में कंप्लीट करके और. अच्छे मार्क्स ले आते थे ब क्या फर्क. पड़ता है नौकरी सबकी ल. एटली बीटेक हो गया जॉब लग गई अब अंदर. कीड़ा काट रहा है एक्टिंग का. छोड़ नौकरी पहली बात तो कॉलेज से मिली.
नहीं थी प्लेसमेंट हुई नहीं थी तो मैं यू. नो आईटी सिविल वालों की तोसी होती होगी. आईटी में नहीं नहीं एक्चुअली आईईटी में उस. टाइम प सबकी लग जाती थी सम हाउ और मैं ही. एक ऐसा लड़का था जिसकी प्लेसमेंट नहीं थी. तो काफी यू नो मैं बहुत शर्मिंदा था इस. बात को लेके कि यार आईआईटी से सबकी हो. जाती है और मैं आईआईटी आया यू नो घर वालों. के इतने पैसे भी खर्च हुए हैं और हां लानत. है मैं कैसे मुंह दिखाऊंगा अभी बिना जॉब. के बट सम हाउ ये मैंने एक्सप्रेस किया. अपने दोस्तों के बीच कि यार ऐसा है एंड. सबसे इंटरेस्टिंग बात थी कि वहां पर एक.
विंग कल्चर होता है हॉस्टल प जो 10 कमरे. लाइन से होते हैं किसी एक फ्लोर के तो. उसको विंग बोलते हैं और उसमें मतलब यू नो. पांच छह सीनियर्स होते हैं चार जूनियर. होते हैं अब कुछ सीनियर्स ग्रेजुएट कर रहे. हैं और कुछ सीनियर्स जूनियर्स नए आने वाले. हैं तो जो नए आने वाले हैं उनके लिए एक. बड़ी पार्टी रखी जाती है वन दे आर गोइंग. मतलब जब ये लोग लास्ट महीना होता है इनका. तो उसपे वो पार्टी रखी जाती है और वो. पार्टी तब रखी जाती है जब इन पांच छह. सीनियर्स की पूरी प्लेसमेंट हो गई मतलब. सबकी प्लेसमेंट हो गई तब वो एक पार्टी रखी. जाती है तो मेरी विंग में सब प्लेस हो गए. थे सिवाय मेरे तो काफी उन्होंने वेट किया. और बाकी सारी विंग्स की पार्टी हो गई और.
अच्छी मतलब फोटोज आ रही है. [संगीत]. को राइटर बनना है देन ही सेड कि हां मतलब. एक.
youtube0 दिखा सकता है कि तेरी जॉब लग गई. तो आई थिंक हां उस थोड़े से प्रेशर में कि.
हां विंग विंग वालों को दिखाना है कि हां. मेरी प्लेसमेंट कहीं ना कहीं लग गई है हा. पार्टी हो जाए तो उस वो मैंने ऑफर लेटर. लिया एंड ऑफकोर्स ऑफर लेटर लिया एक दो. महीना में फिर जो समर्स वाला टाइम जीत. भैया की बीटेक करके पहली नौकरी एक्टिंग. में लगी हा. हा सिविल इंजीनियर की चार साल पढ़ाई की और. य प नौकरी. लग देन मैं मुंबई आ गया और यहां पर बहुत. सारे काम होते थे आई थंक टीवीएफ में जब. आया तो हम लोग उस टाइम प ज्यादा लोग नहीं. थे सात आठ लोग थे सात आठ से भी कम ही थे.
उस टाइम प छह लोग थे और बहुत सारे काम. होते थे तो जो इंटर्न के काम होते हैं कि. हां ये भी कर लिया ये कॉल भी अटेंड कर. लिया ठीक है वो पेपर का प्रिंट आउट भी ले. आ है ठीक है वो स्क्रिप्ट का प्रिंट आउट. भी ले आ है ठीक है एंड कुछ शूट हो रहा है. तो सारे एक्टर्स को यू नो कॉल शीट भेजना. उनको टाइम पे उनको सारा तो वो जो एडी वाला. काम है वो भी तो ये सारे काम स्टार्ट हुए. दो तीन महीने उस बीच में ऐसा दो तीन. वीडियोस मैंने भी शूट कर ली एज एन एक्टर. तो आई थिंक वो उतने अच्छे बने नहीं तो फिर. वो दंप में रख दिए कि हां ठीक है बाद में. कभी लगेगा तो देखेंगे क्योंकि अच्छे बने.
नहीं है एंड वैसा हुआ तो थोड़ा सा बुरा. फील हुआ कि यार मतलब जो एक्टिंग का काम. किया वो उतना हमको ही अच्छा नहीं लग रहा. है ठीक है तो बाकी लोगों को तो क्या ही. अच्छा लगेगा तो वो सोच थी और फिर वो सबने. मुझे बोला कि अभी यू नो तीन महीने हैं तू. थोड़ा ज्यादा परेशान दिख रहा है क्योंकि. एक्टिंग का बहुत काम हो नहीं रहा है और तू. बनना चाहता है एक्टर तो बेटर है कि साथ. में कुछ जॉब ले ले ताकि थोड़ी सिक्योरिटी. रहे और साथ में एक्टिंग वाला तो अपन करते. ही रहेंगे मतलब तो यू नो उस टाइम पे हम. लोग 5छ मिनट के या 10 मिनट के वीडियोस.
बनाते थे जिनमें एक या दो दिन का शूट होता. था तो दे वर लाइक कि जॉब कर ले साथ में वो. एक दो दिन तो एक्टिंग वाले निकल ही जाएंगे. तो वो सजेशन आया वो और मुझे भी लग रहा था. कि जॉब चाहिए देन मैंने वापस से जॉब्स के. लिए अप्लाई करना शुरू किया बट मुंबई में. जॉब नहीं लगी फिर मुझे बेंगलोर में जो. जिनकी मैं बात करता रहा था जो आगे बैठते. थे मेरे जो पूरा यू नो नकल कराते थे जो. समझाते थे तो वो फ्रेंड वहां पे उसकी. कॉलेज से प्लेसमेंट हुई थी तो उसने बोला. कि यहां पे एक वैकेंसी है तो मैं रिकमेंड. कर देता हूं और ऐसे ऐसे जॉब लग जाएगी तो.
पहली बार यनो इंटरव्यू हुआ वहां पर और. उन्होंने उन्होंने कुछ सैलरी बताई और. मैंने बोला हां हा हा बहुत कम सैलरी बताई. मैंने मैं इतना खुश था उस टाइम आई थिंक. मैं आई थ टीवीएफ में था पहली बार तो 15 के. पर मंथ था मेरा एंड किस साल की बात हैय ये. 2012 और जैसे ही फिर जब मैं वो जॉब के लिए. गया कंस्ट्रक्शन वाला देन दे सेड की बट. आपकी सैलरी थोड़ा शुरू में ना छ महीने कम. रहेगी मैंने बोला कितनी ने बोला कि 32.
के मैंने बोला तुम्हें पता नहीं है ये. क्या एहसान कर रहे हो तुम मेरे ऊपर मैंने. कहा हां सर थोड़ी कम तो है बट ठीक है आई. विल मैनेज तो वैसे करके मैंने वो जॉब कर. रहे बैंगलोर आ गया फिर बैंगलोर में भी वो. जॉब ऐसे प्रॉपर बेंगलोर में नहीं थी वो. कहीं कोलार डिस्ट्रिक्ट में हमारी साइट थी. हंडा की फैक्ट्री बन रही थी आई थिंक रो. होंडा उस टाइम पे एक साल पहले अलग हुए थे. तो जो फैक्ट्रीज थी सारी हीरो के पास चली. गई थी एंड h. के पास सिर्फ ब्रांड था तो उनको फैक्ट्रीज. बनानी थी तो उसका जो पूरा यू नो पूरा.
कांट्रैक्ट था वो एक जपनीज कंपनी को मिला. हुआ था शिमजू कॉर्पोरेशन तो क्यों कांड के. लिया उससे आपने कांड मतलब मैं ठीक-ठाक. एंजॉय कर रहा था मुझे मजा आ रहा था आई. थिंक जहां पे रुकाया था जब जो साइड थी. गांव था वो भी बड़ी अच्छी जगह थी तो ऐसा. मैं एंजॉय कर रहा था बट मुझे लगता है कि. उसी उसी दौरान कुछ 910 महीने मैं जॉब की. जब मेरे को जॉब करते हुए सात आठ महीने हो. गए तो जो मेरे वीडियोस थे जो उस टाइम पे. डाले नहीं थे उस टाइम पर लाइव नहीं कि थे. वो बाद में लाइव की और वो सडन हिट हो गया.
और उनको अच्छा रिस्पांस मिला तो मुझे लगा. कि यार वापस जाना चाहिए या कुछ यू नो. एक्टिंग सीखनी चाहिए या जो भी है वापस उस. फील्ड में जाना चाहिए तो वो एक शुरू हो. गया एंड वहां पर जापानीज आर वेरी. परफेक्शनिस्ट अपने काम में और बीच में हम. आते थे और फिर इंडियन कांट्रैक्टर्स आते. थे इंडियन कांट्रैक्टर्स अपने हिसाब से. काम करते थे जापनीज को सब चीज परफेक्ट. चाहिए ठीक है तो उनके बीच में हम फसे हुए. तो वहां बहुत सारा यू नो बहुत सारा केस.
मचा टू मैनेज विद कांट्रैक्टर्स. कांट्रैक्टर्स के कांट्रैक्ट में होती थी. चीजें कि भाई इतनी यू नो प्लस माइनस 5. एमएम का यू नो गलती चलेगा एरर चलेगा बट. जापनीज डजन वांट इट कि यार ऐसा नहीं चल. सकता यार मतलब हमें तो बिल्कुल चीजें. परफेक्ट थ है अब वो तुम इंडियन लेबर को. समझाने जाओगे या उनसे करवाने जाओगे तो वो. एक विंडो बनाने में जो मतलब वैसी. मुश्किलें थी जैसे पंचायत में आपको आ हां. हां तो काफी वैसे ही मुश्किलों का सामना. करना पड़ा तो फिर मैं यू नो वहां पे एक. दिन काफी गुस्सा हो गया ऑफिस के अंदर और.
नेक्स्ट डे मैंने पेपर डाल दिया बैक टू. मुंबई हां अब इस बीच में घर वालों का क्या. चल रहा था क्योंकि जब मैंने बीटेक के बाद. मीडिया में स्विच करने की कोशिश की तो. मेरे पिताजी ने मुझसे फोन करके कहा था कि. मेरे पैसे बर्बाद. हो आपने आईटी में ग्रेजुएशन की उस टाइम तो. केवल सात आईटी थे शायद देश में केवल 3 च. हज बच्चे आईटीए बनते थे ये अलग बात है. नौकरी नहीं लगी थी आपकी बट थे तो आईटीआई. नहीं तो घर वालों ने कभी कहा नहीं या कि. क्या करके मानोगे यार मतलब स तुम्हारा मनी. नहीं लगता यार एक बार यहां फुदक हो फिर. वहां जाते हो फिर यहां आते हो आई थिंक.
यहां तक सब सही था यहां तक जैसे मैंने मैं. मुंबई आया तो उनको लगा कि चलो और मैंने. तीन महीने में छोड़ भी दिया तो उनको लगा. कि सही है एक शौक था इसने एक्सप्लोर किया. नहीं वर्कआउट किया चलो अभ ये प्रॉपर जॉब. में चला गया एंड दे वर वेरी हैप्पी कि. अच्छा एक प्रॉपर कंस्ट्रक्शन कंपनी में. जॉब है सिविल इंजीनियरिंग की है फाइनली. वैसी कोई जॉब लग गई ऑफकोर्स धीरे-धीरे. चीजें ग्रो कर जाएंगी सैलरी बढ़ जाएगी. चीजें हो जाएंगी तो अच्छा स्पेस में था. एंड ऑफकोर्स सब लोग इस बिजनेस में रहे हैं. सब लोग सिविल इंजीनियर्स ही हैं तो सबको. पता है कि ये किस तरह की जॉब है एंड.
ऑफकोर्स किस तरह की परेशानियां आती है तो. जब मैं वहां की परेशानिया बताता था तो वो. लोग बहुत वर्ड नहीं होते थे वो लोग बोलते. थे कि अच्छा बहुत प्रॉब्लम हो रही है तो. कंपनी चेंज कर लो तो जब मैंने बोला कि मैं. जॉब छोड़ रहा हूं तो मैंने ये नहीं बताया. था कि मैं जॉब क्यों छोड़ रहा हूं उनको. लगा कि शायद मैं कंपनी चेंज करूंगा तो. वहां तक भी कोई इशू नहीं था उन्होंने बोला. कि हां कोई नहीं कल जॉब छोड़ के वापस आ जा. कोई दिक्कत नहीं है तो उनको लग रहा था या. तो मैं यूपीएससी की तैयारी करूंगा या फिर. यू नो गेट की तैयारी करूंगा या फिर या फिर. कोई दूसरी सिविल की कंपनी में जाऊंगा तो. वहां तक सब ठीक था फिर फिर मैंने थोड़ा.
मैं आया घर वापस सब कुछ छोड़ छाड़ के उसके. कुछ चार पांच दिन बाद जब थोड़ा मामला इजी. हुआ तो पापा ने पूछा कि अच्छा अभी क्या. करना है आ तब मैंने उन परे ये बम फोड़ा कि. मैं एक्टर बनना चाहता हूं और एक्टिंग के. लिए वापस मुंबई जाना चाहता हूं तो पहली. बार तो जब मैं यनो कॉलेज के बात गया था तो. उनका कुछ भी रिएक्शन नहीं था वो सब चिल था. लेकिन इस टाइम प उन्होंने काफी यू नो. रिएक्ट किया कि या क्या बोला था इन्होने. बोला कि मतलब हा कुछ पता नहीं है तुम तुम. एक्टर दिखते भी नहीं हो ठीक है तुम्हें.
पता भी नहीं है एक्टिंग आती है कि नहीं तो. तुम्हें नहीं पता तो मुझे कैसे पता होगा. कि हां मैं कैसे श्यर हो जाऊं तो हल्का तो. उन्होंने काफी रिलेटिव्स को कॉल किया भाई. इसको समझाओ यार कि इसने इतना कुछ मेहनत. किया है और इतनी सारी मेहनत लगी है तो ये. अब ऐसी चीजें ना करें देन रिलेटिव्स भी यू. नो बीच में कहीं थे वो वो लोग मेरी भावना. भी को भी समझ रहे थे एंड पापा की भावना को. भी समझ रहे थे कि हां चलो दोनों ही ठीक है. अपनी जगह बट देख लो यार कुछ मिडवे निकल. जाए तो देन फाइनली हां दो तीन दिन चला ये.
सिलसिला एंड दो तीन दिन बाद उन्होंने बोला. कि ठीक है जाओ ठीक है इसी टाइम आपने बनाई. थी ना मुन्ना जज्बाती वीडियो ब हां वो वो. जो हां मैं बैंगलोर में जब जॉब कर रहा था. तब वो रिलीज की थी वो बनाई मैंने बहुत. पहले थी वो मैं जब बैंगलोर जॉब कर रहा था. तो वो रिलीज हुई और वो बहुत बड़ी हिट हो. गई वो कैरेक्टर बहुत ज्यादा पॉपुलर हो गया. मैं जब भी यू नो बेंगलोर में जब भी घूम. रहा था ऐसे ही टाइम पास के लिए तो लोग ऐसे. सड़क पे पहचान रहे थे तो काफी पॉपुलर हुआ. था वो वहीं से 32 साल की नौकरी छोड़ने का. हा वहां से थोड़ा वापस इंटरेस्ट होना लू आ. की यार ठीक है बैक टू मुंबई फिर कहानी. कहां से शुरू होती है कितना पैसा मिला.
उसके बाद क्योंकि मुझे लगता है गिरे ही. होगी आप ऊपर तो उठे नहीं हो ग हां हां. उसके बाद यू नो उसके बाद ये डिस्कशन हुआ. था पापा से कि आप मुझे बताओ कि तुम्हें. कितने साल ये ट्राई करना है मुझे नंबर बता. दो तो अगर दो साल तीन साल हां तो अगर वो. नंबर मैं बता दूंगा तो मैं उतने साल. तुम्हें. फाइनेंशियलीईएक्सप्रेस नहीं हुआ तो जो मैं. कहूंगा वो कर हां नहीं हुआ तो फिर तुम्हे. वापस आना पड़ेगा और फिर जो जो जनरल चीजें.
है वो करनी पड़ेंगी या तो एग्जाम की. तैयारी करेंगे या फिर यू नो सिविल में कोई. जॉब ढूंढेंगे तो वैसा था तो और मैंने वो. स्पेस देख लिया था कि इसमें टाइम लगने. वाला है ये ऐसा नहीं कि तुम न साल में कर. लोगे नहीं पता हो सकता है कि यू नो 30 ती. साल तक ना हो लेकिन साढ़े तीन रे साल तीन. में साल ही कुछ हो जाए तो वो तुम्हें बहुत. अनपेक बल वो जो अनपेक बिलिटी है इस चीज की. वो मुझे पता लग गई थी तो मैंने बोला कि. यार ये तीन साल वाला रहने देते हैं आप. टेंशन मत लो आप मतलब पैसों की टेंशन मत लो.
मैं मैनेज कर लूंगा देन आई थिंक जब मैं. पहले भी गया था मुंबई तो मुझे लोगों ने. बोला था कि पढ़ा ले कोचिंग इंस्टिट्यूट. में सैटरडे संडे यहां पे एक पार्ट टाइम. जॉब होती है तो वो कर ले तो उससे यू नो. ठीक-ठाक पैसे मिल जाएंगे घर चल जाएगा बाकी. टाइम एक्टिंग प फोकस कर लेना तो वो आईडिया. मुझे याद था तो मैं पहले मैं बहुत पढ़ाने. में कीन नहीं था मुझे लग रहा था कि बहुत. रिस्पांसिबिलिटी वाली जॉब है मुझे पता भी. नहीं कि मैं मुझे वो चीजें फिजिक्स. केमिस्ट्री मैथ्स याद भी है कि नहीं देन. मैंने पूरा मन बनाया फिर मैंने अपनी जो. फिजिक्स की सारे नोट्स थे मैंने संभाल के.
रखे थे कोटा के तो वो सारे नोट्स मैंने. निकाले वो सारे नोट्स मैंने वापस पढ़े और. फिर मैंने डिसाइड किया कि मैं पार्ट टाइम. पढ़ाऊंगा और बाकी टाइम एक्टिंग करूंगा तो. बाकी टाइम में टीवीएफ में अपना टाइम. स्पेंड करता था टीवीएफ में का ऑफिस था. वहां पे जाते थे वहां पे कुछ ना कुछ. राइटिंग होती रहती थी कुछ ना कुछ एडिट. होता हो रहा होता था फिल्मों की बातें हो. रही होती थी तो बहुत अच्छा टाइम स्पेंड. होता था यू नो या तो कोई स्क्रिप्ट पे. जैमिंग हो रही होती थी कि जोक्स चाहिए या. स्टोरी चाहिए या इस तरह की चीजें तो उन सब. चीजों में इवॉल्व रहता था था बाकी टाइम. पढ़ाता था एंड जब भी मौका मिलता था कि हां.
ये कैरेक्टर के लिए कोई नहीं मिल रहा है. तो ये कैरेक्टर मैं कर लेता हूं तो उस तरह. से चीजें आगे बढ़ती गई तो इन सब के बीच. में जीवन में अखंड सिंगल थे इन सबके बीच. में हां बोल सकते. हो जिस तरह से आप बता रहे हो मुझे लग नहीं. रहा कोई परमानेंट टिका होगा और टिका भी. होगा तो आपने टिकने दिया होगा हां बहुत. बहुत यू नो कम टाइम के लिए चीजें होती थी. उस टाइम पे आए निकल ग हा बहुत लंबे टाइम. तक उस टाइम प कुछ हुआ नहीं तो कहीं ऐसा. लंबा रिलेशनशिप कुछ नहीं चला कभी लाइफ में. रहा रिलेशनशिप प्यार मोहब्बत हां आई थंक.
लेटर ऑन आई. थंक के बाद लंबे रिलेशनशिप्स हुए अभी. रिलेशनशिप में हो अभी अभी नहीं बोल सकता. मैं कि मैं हूं या नहीं ये क्या होता नहीं. बोल सकता मैं या तो हो या नहीं हो ये क्या. होता अरे नहीं आप जानते नहीं हो ये सब. कॉम्प्लिकेटेड चल रहा है आजकल इट्स. कॉम्प्लिकेटेड सिचुएशन शिप जो बोलते हैं. वो वाली बातों का शिकार हो दिख रहा है. विनोद अंग्रेजी के भारी भरकम शब्दों से. कैसे गोल मोल जवाब दिया जा रहा. है हा. कभी दिल. टूटा तगड़ा वाला दिल तो आई थिंक टूटते.
रहते हैं यार नहीं नहीं वैसा वाला जो जैसे. बीटेक में देखता है लड़कों गए प्यार हो. गया जैसे एक बार कुमार विश्वास हमारे यहां. पर आए उन्होंने बड़ी अच्छी बात कही थी जब. लड़के आते हैं त मॉम डैड छोटी-छोटी. शीशियां लग जाते हैं नारियल की ये वो फिर. दिल टूटता है फिर वो बड़ी-बड़ी शीशियां. रूम में आती. है हां बिल्कुल सही बात बोली उने आई थिंक. कॉलेज में टूटते हैं दिल मतलब जो भयंकर. वाला होते वो अन साइडेड प्यार ही होता है. और उसमें ही ऐसा दिल टूटता है कि ऐसा कभी. हुआ रोए हुए रोए गए हां हां कॉलेज में ऐसे.
सीन होते थे कॉलेज में हां हां फुल मजनू. सुपर्ब फिर आ गए आप यहां पर इसके बाद कौन. सा बड़ा प्रोजेक्ट ट हुआ आई थिंक रेगुलरली. जो यू नो हर हर छ सात महीने में कोई ऐसा. स्केच आ जाता था जो बहुत अलग लेवल प हिट. होता था जो जिसको जहां से ये वर्ड क्रिएट. हुआ वायरल हो गया वीडियो तो यानी कि यू नो. हर छ महीने में हम लोग कुछ ऐसा क्रिएट कर. देते थे बाय चांस जो बहुत ही अलग लेवल पर. वायरल होता था जो पछ वीडियो से यू नो. ट्रिपल वायरल होता था तो ऐसी चीजें काफी.
चलती रही आई थिंक पहला मुन्ना जज्बाती था. जो काफी वायरल हुआ उसके बाद उसके बाद एक. एक वीडियो किया था मैंने लाइक 2013 के. आसपास जब मैं मेरा पहला साल था मुंबई में. आने के बाद उसम एक ती बहन करके सीरीज थी. उसके दो वीडियोस थे दो एपिसोड थे वो बहुत. य बहुत ज्यादा वायरल हुए थे एंड फिर हमने. जो बनाया एक अर्णव विथ यू ए आर एन य बी. विथ यू बाप बाप उसका नाम था बॉलीवुड आम. आदमी पार्टी सो उसमें मैं केजरीवाल को.
इमट सर को इटेट करता था तो वो काफी पॉपुलर. हुआ उसने लाइफ चेंज की बहुत अलग तरीके. से हा तो उस वीडियो ने य नो ओवरऑल काफी. कुछ चेंजेज किए बहुत यू नो उसके बाद काफी. सारे ब्रांड्स अट्रैक्ट हुए इस चीज को तो. जो कमर्शियल एस्पेक्ट है वो जब बढ़ा तो जो. चीज हम करने आए थे कि जो लॉन्ग फॉर्मेट. वाली स्टोरीज है वो हमने एक्सप्लोर करना. स्टार्ट कर दिया क्योंकि कमर्शियल थोड़े. ठीक ठीक हो गए थे क्योंकि पैसा लगता है जब.
आप कोई कोई भी चीज बड़ी बनाना चाहोगे तो. बनाने में भी यू नो एक एक लिमिटेड अमाउंट. खर्च होता है तो वो उतना अमाउंट हमें. चाहिए था तो वो चीजें आने लगी देन वी मेड. परमानेंट रूममेट्स ठीक है वो पहला वेब शो. था कंट्री का. सीरीज हम लोग प्लान कर रहे थे टीवीएफ. पिक्चर्स वो बहुत पहले से प्लान थी बट वो.
परमानेंट रूम रूम मेट्स के बाद आई और वो. भी काफी पॉपुलर हुई आई थिंक स्टार्ट अप. वर्ल्ड उस टाइम प जस्ट यू नो आए थे इंडिया. में और हल्का हल्का ग्रो करना ही स्टार्ट. हुए थे एंड उस टाइम प वो सीरीज आई तो वो. काफी क्लासी सीरीज थी मेरे हिसाब से तो. उसने काफी पॉपुलर दी उसके बाद तो काफी. चीजें हो होती चली गई ओके देन दिस कोटा. फैक्ट्री लेट मी टॉक पर्टिकुलर कोटा. फैक्ट्री क्यों मतलब उसम आपने क्यों. इवॉल्व हुया क्योंकि कोटा फैक्ट्री जब मैं. दूर से देखता हूं मे मेरे लिए व एक.
बार-बार मैं कह रहा हूं कि मैं इस सीरीज. को बड़े क्लोज पाता हूं इस सीरीज में एक. बच्चे की पूरी लाइफ है ये सीरीज मेरे. हिसाब से एक बच्चे की लाइफ को चेंज कर. सकती है अगर वो बच्चा देखता है बिकॉज जीतू. भैया के पास हर चीज का सलूशन है अगर त. कोटा आया है तो क्या करना है यह हुआ है तो. क्या करना है लड़की से प्यार हुआ है तो. क्या करना है दिल टूटा है तो क्या करना है. तबीयत खराब हुई तो ब्रह्मा मम्मी कैसे. लाना है आई मीन दैट वाज सो रिलेटेबल एंड. आई रिलाइज की हर मॉम डैड को ये सीरीज. देखनी चाहिए अगर आपका बच्चा ब तैयारी कर. रहा है क्या बदला इस फिल्म में आपकी लाइफ. में.
सीरीज अ कोटा. फैक्ट्री या कुछ ऐसा लगा कि यार हमारे. टाइम पे किसी ने ये सब बता दिया होता हां. ऑफकोर्स मुझे वो लगता है कि जिस तरह का. प्यार इस सीरीज को मिलता है या जिस तरह का. अटेंशन या एप्रिसिएशन इस सीरीज को मिलता. है मुझे लगता है कि मेंटरशिप कहीं ना कहीं. मिसिंग है ऑफकोर्स टीचर्स अच्छे हैं जो. आपको यू नो एकेडमिकली क्या प्रॉब्लम है वो. आपको सॉल्व करना सिखा देंगे जो टेक्स्ट. बुक है उसमें जो प्रॉब्लम्स है उसमें जो. सवाल है वो आपको कांसेप्ट जो है वो आपको. अच्छे टीचर्स मिल जाएंगे जो वो कांसेप्ट.
आपको क्लियर कर सकते हैं बट जो एक यू नो. लाइफ कोचिंग जो होती है कि लाइफ कैसे. मेंटेन करनी है अगर आप एक स्टूडेंट हो तो. आप अपने आप को कैसे मैनेज करो या कैसे. सस्टेन करो एक कोटा जैसे शहर में यू नो जो. कि एक्चुअली काइंड ऑफ फैक्ट्री बना हुआ है. यू नो वहां पे एक तरीके से एक ही तरीके से. मेस खाना बनाता है वही खाना लोगों तक. पहुंचता है तो बहुत यू नो इट्स अ इट्स अ. फैक्ट. चा 400 लोग बैठते हैं एक साथ माइक से. क्लासेस होती हैं एगजैक्टली मतलब.
प्रोजेक्टर पे क्लासेस मतलब पढ़ाया जा रहा. है ऐसा ब्लैकबोर्ड और चौक तो कुछ होता ही. नहीं ठीक है एंड सारी चीजें यनो स्लाइड से. पढ़ा जा इसमें आपको टारगेट ऑडियंस कौन सा. है आपका शुरू में शुरू में मुझे लग रहा था. कि स्टूडेंट्स ज्यादा देखेंगे इसको बट ऐसा. हुआ नहीं ये मतलब पूरे पेरेंट्स ने भी. देखी फैमिलीज ने भी देखी एंड जिस जिस भी. तरह का जो स्टूडेंट है पहले मुझे लग रहा. था सिर्फ आईआईटी वाले स्टूडेंट जो तैयारी. कर रहे हैं उनके लिए ये शो है बट वैसा. नहीं था जितने भी कंपटीशन एग्जाम्स होते. हैं उनकी जो भी तैयारी कर रहा है उनको ये. शो पसंद आया क्योंकि सबको कहीं ना कहीं वो.
मेंटरशिप मिसिंग लगी तो आप लोग कहते नहीं. कि जीतू भैया आप तो आईटी करके भाग गए. पिक्चर करने हमसे क्या कह रहे हो कि आईटी. की तैयारी करें इससे अच्छा सीध में. एक्टिंग. करें ये आई थिंक मुझे लगता है कि इट्स नॉट. अबाउट आईआईटी और इट्स नॉट अबाउट टीचिंग. इट्स अबाउट मेंटरशिप जो हमें हम चाहे किसी. भी फील्ड में हो हमें वो मेंटरशिप की. जरूरत पड़ती है हम अपनी लाइफ में चाहते. हैं कि हमारे लाइफ में कोई मेंटर हो जो. हमें यू नो अलग-अलग सिचुएशन से निकाल पाए. या एडवाइस कर पाए हमें एक यू नो वो.
बाउंसिंग बोर्ड चाहिए होता है कि हम जो भी. एक्शन करने वाले हैं वो हम पहले किसी को. बता दें और वहां से एक यू नो सुन ले कि. हां यार तू जो कर रहा है तू सही कर रहा है. या या इसको ऐसे मत कर इसको ऐसे कर ले तो. शायद बेटर हो जाएंगी चीजें तो हमें एक वो. इंसान चाहिए होता है जिसको हम मेंटरशिप. बोल ले या फिर यू नो लाइफ कोच बोल ले उसकी. ज्यादा जरूरत है कितना पैसा मिला था कोटा. फैक्ट्री का सीजन वन में सीजन वन के सीजन. वन में मैंने कुछ पैसे नहीं लिए थे आई वाज. एंप्लॉई एट टीजीएफ एट दैट टाइम में कितना. मिला था फर्स्ट सीजन में अब इट्स बेटर की. पैसे डिस्कस ना कर फ थर्ड सीजन नहीं.
पूछेंगे फर्स्ट सीजन का शुरुआत में थर्ड. सीजन में तो अब तो अच्छा खेल रहे होंगे. आप पहले सीजन का हम पूछ र आई थिंक मैंने. आई थिंक आई थ तीन तीन शोज की डील थी तो आई. थिंक तीन शोज का मिलाजुला के कुछ एक. अमाउंट मिला था ठीक ठाक अमाउंट था डीसेंट. लाखों में गए थे या नीचे थे नहीं लाखों. में थे पास आपको अच्छा कई सारे आपके. कैरेक्टर्स ने कहा कि हमें 10000 मिला. 15000 मिला 50000 मिला तो बड़ा लोगों में. एक्सटेंट रहा क्या ये जर्नी सबकी. अपनी-अपनी है ठीक है कुछ सवाल लोगों ने. भेजे थे हमें लगा हम आपसे पूछ लेते हैं ये.
लोगों के सवाल है जो आपके फैंस है. जिन्होंने आपके लिए कहा पहला सवाल था कि. जीतू भेस पूछेगा सचिव जी से पूछेगा कि. प्रधान जी को गोली किसने मारी. थी वो मुझे भी नहीं पता है वो मैं भी. चाहता हूं कि मेरे लिए जब मैं स्क्रिप्ट. पढ़ूं नेक्स्ट सीजन की तो मेरे लिए भी. सरप्राइज की तरह आए वो आई थिंक राइटर हैज. बेटर आईडिया कि किसने किया एक क्वेश्चन. आपके लिए आया था कि सचिव जी को निष्पक्ष. रहना चाहिए था लेकिन भुवन के अंतराल और. प्रधान जी से इतना लगाव क्यों था इसकी. पीछे रिंकी तो नहीं. थी नहीं मुझे लगता है इसके पीछे दोस्ती आ.
रही थी जो दोस्ती वा यारी वाला अपने. एपिसोड देखा था सीजन टू में तो आई थंक वो. दोस्ती यारी बहुत मैटर करती है सचिव जी के. एक सबसे इंपोर्टेंट क्वेश्चन था कि देखो. भाई रिंकू को आपका टॉप सीक्रेट पता है. रिंकी. को अब यह बता दो अगले सीजन में लव यू. बोलोगे या नहीं बोलोगे और बोलोगे तो कहां. बोलोगे फको बाजार में बोलोगे या पानी टंकी. चढ़ के बोलोगे आई थिंक वो ऑडियंस कमेंट. में बता सकती है कि वो क्या होना चाहिए तो. वैसा कर. लेंगे नाम भी गजब ली बजार बढ़िया नाम सोच. सोच के रखे. टर बढ़िया बढ़िया सवाल एक अच्छा अभी बड़ा.
सीरियस क्वेश्चन है आजकल पेपर बहुत लीक हो. र है आप तो आईटीए हो आ य अभी इंडिया में. हर एगजाम लीक हो जाहा अभी नीट का लीक हुआ. बच्चे बहुत परेशान है बहुत सारे इशू होते. हैं कोई पेपर आता है एगजाम आता है व लीक. आता. है अब रह गया पढ़ोगे लिखोगे बनोगे. नवाब हां मतलब ऐसा काफी टाइम तक माना जाता. था बट मुझे लगता है कि आने वाली जनरेशन. में ये वाला कोट उतना मैटर नहीं करेगा. मुझे लगता है कि लोग अ ए क्योंकि एजुकेशन.
मुझे लगता है कि कहीं से भी आजकल आप ले. सकते हो इट्स नॉट कि आपको यू नो ऑफकोर्स. एक स्कूलिंग एक एक स्कूलिंग वाला कल्चर. होना जरूरी है बट मुझे लगता है कि आगे आने. वाली जनरेशन किसी भी चीज की नॉलेज का किसी. टाइम प भी ले सकती है किसी टाइम पे भी पढ़. सकती है जब उनको जरूरत होगी उनके लिए कई. ये वाला कोड शायद ना वर्क करे नहीं एक. सवाल ये बहुत इंपोर्टेंट भी है अ अभी डॉली. चाय वाला के पास बिल गेट्स ग ते हैं हम और. वो वीडियो बहुत वायरल हु. लोगों ने कहा यार आप कितनी भी पढ़ाई कर लो. माइक्रोसॉफ्ट में आपको बिल गेटस से मिलने.
आपकी हालत खराब हो जाएगी उतना क्वालिटी. टाइम स्पेंड करने में बट जस्ट बिकॉज ही वा. डिफरेंट उसका एक अपना अंदाज है सही गलत. जैसा वो लोग अलग कहानी है बट डिफरेंट है. चले गए लोगों ने कहा आप पढ़ाई लिखाई. इंडिया में स्कम हो गया आप पढ़ लिखकर वो. नहीं हासिल कर सकते हो जो आप सोशल मीडिया. के जरिए य के जरिए ा के जरिए या कुछ. डिफरेंट करके हासिल कर स य बिलीव हां मुझे. लगता है कि एक टाइम पर मतलब आज से 20 साल. पहले बहुत अलग थी मुझे लगता है कि मिडिल. क्लास जो था वो बहुत यू नो रिस्क लेने में.
बहुत डरता था तो उनको लगता था कि अगर हम. पढ़ लेंगे तो हमारी कोई नौकरी लग जाएगी तो. वो वाला कल्चर था जो कि मुझे लगता है कि. आजकल के बच्चों में या आजकल की जनरेशन में. वो नहीं है उनको ये कि हम पढ़ाई करेंगे. अगर हमें कुछ नॉलेज लेनी होगी तो अगर हमें. कुछ पर्टिकुलर नॉलेज चाहिए तो हम उसके लिए. फिजिक्स पढ़ लेंगे और वो नॉलेज आजकल सिर्फ. बुक्स में नहीं बहुत अलग-अलग तरीके से. अवेलेबल है यू नो वीडियोस के जरिए या. ट्यूटोरियल के जरिए या यू नो हम लोग. लेक्चर अटेंड कर सकते हैं और वहां से. नॉलेज मिल सकती है तो वो जो एक टिपिकल. तरीका था एजुकेशन लेने का कि स्कूलिंग.
होगी फिर तुम्हें यू नो एक पर्टिकुलर. कोचिंग में जाना पड़ेगा वो सारे पैटर्स. मुझे लगता है कि विद टाइम थोड़े डाइल्यूट. होंगे लोग नॉलेज उतना ही लेंगे जितना उनको. स्किल्स नहीं तो मेरे मन में सवाल आता है. फिर अपने बच्चों को पढ़ाने क्यों भेजे अगर. आप जैसे अभी बिग बॉस आ रहा है अब बिग बॉस. में हमने देखा कि एक लड़की वड़ापाव बना द. थी सड़क पर लड़ाई झगड़े हुए वीडियो वायरल. हुआ वो सड़क प वड़ा बाव बनाकर शेफ को समझा. रही थी फाइव स्टार की कि कैसे बनाते हैं. काफी मूसल एक लड़का थप्पड़ खा के आया वो. बिग बॉस चला गया सोशल मीडिया पर कोई भी. कुछ कर रहा है आप एक बार में वायरल होते.
हो आपको बड़े शोज बिलाते हैं जिसके बाद. आपको ढेर सारी एंडोर्समेंट मिलती है सोशल. मीडिया पर आपके फॉलोअर्स बढ़ते हैं कईयों. को उसके बाद वेब सीरीज में काम मिल जाता. है कुछ गाने मिल जाते हैं जिसको नहीं. मिलता है वो अपना. या अगर इधर सक्सेसफुल हो भी गए आपका कोई. भी आईटीए फ्रेंड आज आपके बराबर पैसे नहीं.
कमा रहा होगा रेयर ऑफ द अगर दो चार को हटा. दो तो मुझे लगता है कि डिस्ट्रक्शन तो. हमेशा से रहे हैं एंड ऑफकोर्स आने वाली. जनरेशन भी डिस्ट्रक्ट हो सकती है बहुत. सारी चीजों को लेके बट विद टाइम दे विल. रिलाइज कि मतलब टेंपरेरी चीजें अलग होती. हैं एंड यू नो पढ़ाई करके नॉलेज को अप्लाई. करके यू नो स्किल डेवलप करना और उस स्किल. को यू नो उस स्किल पे कुछ अपना करियर. बनाना उस इंटरेस्ट पे यू नो अपना स्किल. डेवलप करके करियर बनाना एक अलग चीज होती. है जहां पे यू नो थोड़ी श्यर तुम्हें अपने. आप आएगी और तुम यू नो बेटर कंट्रीब्यूट कर.
पाओगे अपने करियर के लिए तो वो उस ये शायद. मुझे लगता है कि एक एक प्रॉपर प्रोसेस से. पढ़ाई होना बहुत जरूरी ये सोशल मीडिया. इनफ्लुएंसिंग का भविष्य आप देख रहे हो. लंबा है या शॉर्ट टर्म है नहीं वो मुझे. लगता है कि सबको रिलाइज हो जाएगा कि वो. किस तरह का है जैसे जैसे वो लोग फॉलो. करेंगे चीजों को उनको अपने आप पता चल. जाएगा कि ये टेंपररी है या फिर कौन सी चीज. यू नो सस्टेनेबल. है अगर कोई लंबे टाइम तक सस्टेन कर रहा है. तो उसने अपनी लाइफ में ऐसा क्या किया है. कि वो यू नो कैसे वो डिफरेंट है कि वो. इतना लंबा सस्टेन किया और कैसे कोई चीज.
सिर्फ एक ही चीज हिट हुई और वो यू नो. सस्टेन नहीं कर पाई वो उनको देख के पता. चलेगा चीजें एक्सपीरियंस से पता चलेगा ठीक. है कुछ और सवाल भी लोगों के थे एक सवाल था. कि सचिव जी से पूछेगा कि ब्लॉक प्रमुख की. भी कोई भूमिका है वहां पे कि सीधे विधायक. तक बात पहुंच गई बीच वाला खा गए आप लोग. यार आई थिंक हर जगह पे हर आप ये देखिए लोग. कितने माइन्यूट देखते हैं मैं खाली उन. सवालों में नोटिस यही कर रहा था ने स को. कितना दिल से देखा एक एक छोटी छोटी. चीज नहीं वो तो आई थंक थोड़ा सा कुछ कहानी.
में कुछ अलग बात थी इसलिए वो विधायक के. पास गए किसी और चीज के लिए अरवाज हा मिस. नहीं करते एक सवाल और आया था कि सचिव जी. को सवाल नहीं है हमारा एक मशवरा उनसे कि. आप रिंकी को छोड़कर विधायक जी की बटिया. फोकस. कीजिए हाय अच्छा सलूशन है इस विचार करेंगे. सड़क बन जाएगी गाव की. अरे भाई साहब एक से एक सवाल है यार एक था. कि उनसे पूछेगा कि रिंकी से शादी करें या.
खाली गाव चाय पी रहे टंकी बैठ. के अ अभी तो आई थ चाय पीने में मजा आ रहा. है तो ठीक है जब तक चाय पीने में मजा आता. है तब तक ठीक है टंकी प चल करेंगे ये जीतू. भैया वाला कैरेक्टर जो था इसमें आपने कहीं. कहा था कि इसकी जो ओरिजिनल जीतू भैया थे. हमने उनका भी इंटरव्यू किया. था एनवी सर अच्छा हमने उनका भी इंटरव्यू. किया था और काफी क्लिप्स. दिखाई एक टीचर के हिसाब से क्योंकि उसमें. जब मैंने स्कूलिंग की थी तब टीचर्स का.
कैरेक्टर अलग होता था दे यूज टू बी वेरी. स्ट्रिक्ट वो आंखों से आप घूरते थे पिटाई. करते थे बट अभी मैंने देखा है कि एजुकेशन. काफी चेंज हो गई है कोटा फैक्ट्री में. दिखा गया कि सुंदर कन्या के बारे में. बताया जा रहा है एक इंटरेक्शन कर लिया गया. बच्चों से कि आप संवाद करते हो बात करते. हो जिससे उनको मजा आता है और उस मजे में. आप उनको पढ़ा देते हो ये चेंज कितना. इंपोर्टेंट देख रहे हो ये टीचर अपने लिए. करता है या बच्चों के लिए करता है मैंने. एक बार पूछा था एक टीचर से तो इस दिन भर. पढ़ाना होता इसलिए अपना एंटरटेनमेंट कर. हां मुझे लगता है कि एक क्लास में बहुत.
सारे लोग होते हैं उनका सबका अटेंशन एक. जगह आए तो वो हमेशा कन्वर्सेशन होना. पड़ेगा वो सिर्फ यू नो कहीं ना कहीं वो. डिपेंड करता है हर मतलब यू नो हमारे कुछ. टीचर्स थे जो बहुत सीरियसली पढ़ाते थे और. अच्छा पढ़ाते थे तो सम हाउ बच्चे उस पर भी. फोकस कर लेते थे बट मुझे लगता है कि अगर. वो ज्यादा इंटरेक्ट हो यू नो मजे लेके. पढ़ाया पढ़ाई हो रही हो तो एक अटेंशन. ज्यादा मिल जाता है बच्चों का तो सही है. जिनके लिए वर्क करता है वो कन्वर्सेशन या. वो फन फन फन बातों के थ्रू जो पढ़ाने की.
कोशिश करते हैं ज्यादा याद रहता है ओके. एमबीए में सिलेक्शन हो जाएगा अगले सीजन. में. आपका इसका जवाब मेकर्स अच्छे से दे पाएंगे. बहुत लोगों ने लिखा कहा यार कभी सिलेक्शन. मत हो कभी सिलेक्शन मत हो वी जस्ट वांट की. सीजन प सीजन आते रहे कहानी ऐसे स्मूथ चलती. रहे एक और बड़ा वायरल वीडियो था वो मीनू. रातों की नींदे छीन व्हाट वाज दैट जादूगर. आई मीन वो बहुत वो क्लिप ऐसी है जो आपकी. मेरे को सोशल मीडिया प मिल जाती है साइकिल. पे घंटी टिंग टोंग टिंग टोंग आई थिंक बहुत. स्पेशल फिल्म है और वो उन्होंने लिखी है.
जो मेरे सीनियर रहे हैं और उन्हो जो मुझे. बोल के लेके आए कि मैं लिखूंगा और. जिन्होने आपका भविष्य बचा दिया हां तो. फाइनली यू नो उन्होंने बोला कि मैं. लिखूंगा तुम एक्टिंग करना वो हुआ और जब हम. पहले बातें करते थे देन वी यूज टू टॉक कि. एक साल एक साल में हम लोग फिल्म बना लेंगे. एंड वो फिल्म बनाने में 10 साल लग गए और. बट 10 साल बाद हमने यू नो उनकी पहली फिल्म. थी वो पहली फिल्म लिख रहे थे जादू. और हम दोनों ने साथ में काम किया सो इट. वाज अ वेरी स्पेशल फिल्म और बहुत मस्ती की.
थ्रू आउट द फिल्म क्योंकि जिस तरीके से हम. काम करते थे जिस तरह की कहानियां जिस तरह. की यू नो जिस तरह के कैरेक्टर्स हमारे. दिमाग में हुआ करते थे आज से 10 साल पहले. जब हम कॉलेज में डिस्कस करते थे चीजें तो. वो सारी चीजें हमने जादूगर में दिखाने की. कोशिश की एंड ऑफकोर्स लाइक ही इज वेरी यू. नो वेरी टैलेंटेड राइटर और बहुत विटी है. तो वहीं से इस तरह की चीजें आई कि मैं. मीनू रातों की नींदे छीन जो कि आई थिंक. बिल्कुल. आंखों में कुछ दिखाई नहीं पड़ दिख रहा है. हा दिख रहा है सब कुछ एचडी में दिख रहा है.
तो सारे इंटरेस्टिंग सीनस आई थंक वही से. सकते थे और ये स्क्रीन प देखो क्या लिखा. है आई एल. यू नीचे लिखा डी एटी क्वे मार्क य सारे. आइडियाज उनके थे और मेरे लिए काफी स्पेशल. फिल्म रियल लाइफ में को ऐसा कां किया ऐसा. कुछ नहीं नहीं मैं उनसे पूछूंगा कि. उन्होंने किया है कि नहीं होप फुली. उन्होंने किया हो शायद स्ट्रगल से क्या. सीख सकता है क्योंकि आपने भी स्ट्रगल किया. है एक अलग तरीके स्ट्रगल है पहले सक्सेस. मिली फिर डाउन फॉल फिर ऊपर नीचे या अ फेम.
बड़ा मिला स्ट्रगल से क्या सीख सकते हो आप. आई थिंक स्ट्रगल का आई थिंक दूसरा सिनोनिम. ही स्कूलिंग है या लर्निंग है मतलब वो जिस. जिस फेज को हम स्ट्रगल बोलते हैं एक्चुअली. वो स्कूलिंग है जहां पे हम सीखते हैं कि. यू नो जब जब जिस चीज को अपन स्ट्रगल फेस. बोल रहे हैं वहां पे अपन सीखते हैं. छोटी-छोटी चीजें सीखते हैं अगर अपन कैमरा. फेस करनी है करना है अपन को अपन को कैमरा. के लिए एक्टिंग करना है तो यू नो किस तरह. से अलग होती है वो स्टेज से यू नो किन. चीजों का किन बारीकियों का ध्यान रखना. पड़ता है जब तुम कैमरा के शूट कर रहे होते. हो तो वो सारी लर्निंग्स होती है जब तुम. जिसको तुम अपना स्ट्रगल टाइम बोलते हो एंड.
ऑफकोर्स उसमें जब तुम कुछ चीजें बनाते हो. वो नहीं चलती ठीक है और कुछ चीजें मतलब 10. चीजें बनाते हैं उनमें से दो चीजें हिट. होती है आठ चीजें फेल होती है जिनके बारे. में कोई बात नहीं करता और वो तुम्हारे. अंदर जहन में होती है कि हां वो नहीं चली. थी या मैंने उसमें इतनी मेहनत की या इस. तरीके से मेहनत की या यह प्रोसेस मैंने. ट्राई किया वो नहीं वर्क किया एंड ऑफकोर्स. जहां पे यू. नो जरूरत थी मैंने वो चीजें करने की कोशिश. कोशिश कोशिश की जो भी सिचुएशन थी तो आई. थिंक स्ट्रगल का दूसरा नाम स्कूलिंग है.
एंड मैं बहुत पॉजिटिवली लेता हूं उस चीज. को और बहुत कुछ सीखने को मिलता है आपके. स्ट्रगल से प्लान बी लाइफ में कितना जरूरी. है आप बीटेक कर रहे थे फिर आप एक्टिंग में. आ गए आपने बीटेक के टाइम पे भी एक्टिंग की. और एक्टिंग के टाइम पे भी जॉब कर रहे थे. आप प्लान भी इंपोर्टेंट क्योंकि कई लोग. मानते हैं कि प्लान बी होने से प्लान ही. डिस्ट्रक्ट हो जाता है फोकस एक ही पे होना. चाहिए ऑफकोर्स मेरे बहुत सारे प्लांस हुआ. करते थे कुछ टाइम पहले तो मुझे किसी ने. एक्चुअली ये एडवाइस किया कि मतलब वहां पे. दूसरा प्लान होना नहीं चाहिए फॉर अ करियर. या तो तुम ज्यादा फोकस कर पाते हो एक चीज.
में जब तुम्हें पता है कि सिर्फ इधर ही. कुछ हो सकता है और बाकी जगह बाकी कोई. ऑप्शन नहीं है मेरे पास देन यू आर मोर. फोकस्ड आई थिंक मेरे लिए वो चीज वर्क की. बट बट वो सब हर इंसान का अलग-अलग है कि वो. किस तरीके से लेना चाहता है कुछ लोगों के. लिए चाहिए होते हैं कि बहुत सारे प्लांस. वो रखते हैं और यू नो एक नहीं वर्क करता. तो दूसरे में जाते हैं और दूसरा उनके लिए. वर्क कर जाता है तो कुछ लोग ऐसे वर्क करते. हैं और कुछ लोग चाहते हैं कि हां कोई भी. दूसरा प्लान ना हो ताकि एक ही चीज पे हम. लोग यू नो बहुत स्ट्रिक्टली फोकस करें और. उसी पर ध्यान दें और शायद हम ज्यादा सीख. पाए तो पहले मेरे पास बहुत सारे ऑप्शन.
होते थे कि मैं पढ़ा भी लेता हूं मैं ये. भी कर लेता हूं मेरे पास इंजीनियरिंग की. जॉब का भी एक है रिकमेंडेशन कि हां अगर. मेरे को दोबारा कोई जॉब चाहिए तो मिल. जाएगी तो बहुत सारे ऑप्शन थे फिर मैंने वो. ऑप्शंस कट कर जैसे ही मैंने कट करना शुरू. किए मेरा ध्यान ज्यादा यू नो फोकस ज्यादा. बढ़ गया एक एक प्लान पैसा कितना. इंपोर्टेंट है अभी साइन करते हो कोई कि. अगर मैनेजर ने अच्छा पैसा दिलवा दिया तो. कर लेते यार ये डील अच्छी आई है छोड़ो ना. क्या फर्क पड़ता है मन नहीं लग रहा तो. नहीं अभी भी नहीं मैं बहुत ही चूज हूं. अपने काम को लेके और जो मुझे अच्छा लगता.
है पैसा अट्रैक्ट नहीं करता ऑफकोर्स. अट्रैक्ट करता है. पर बहुत बहुत चीजें मैं रिजेक्ट करता हूं. और उनमें अच्छा पैसा भी होता है और जब तक. वो मेरे मेरे इंस्टिंक्ट्स के साथ मैच. नहीं खाती चीजें तो मैं नहीं करता हूं. मैनेजर सोच नहीं कभी कि यार मेरा भी 20 पर. कमीशन तो कर लो यार थोड़ी मोटी डील है. मेरे को जरूरत है तुम मत करना यार. तुम्हारे कहने 10 लाख एक मेरा मान लो हम. ऐसी चीजें कई बार हो जाती हैं बट बट. मोस्टली मैं अवॉइड करता हूं कि कोई ऐसी.
चीज ना करूं जहां प मेरा इंस्टिंक्ट मुझे. मना कर रहा है लाइफ में ज्यादा बुरा कहां. लगा था आईटी के बाद नौकरी ना मिलने पर या. किसी लड़की के रिजेट करने. पर ये डिफिकल्ट सवाल है पर हां मैं मैं. अभी भी बोलना चाहूंगा कि वो एक फीलिंग यू. नो बहुत अलग थी जब मैं बिना प्लेसमेंट के. पहली बार यू नो आईटी से ट्रेन पकड़ के. दिल्ली आया था वो ट्रेन दिल्ली रुकी थी और. मैं दिल्ली उतरा था आई वाज फीलिंग वेरी. लॉस्ट बहुत डिफिकल्ट था वो फस मतलब प्यार.
मोहब्बत का डिप्रेशन कम था हां फिर मैं. दिल्ली उतरा फिर मैं यहां लोगों से मिला. तो मैं सही हो गया डिप्रेशन में कभी गए हो. लाइफ में या बहुत लो बहुत ज्यादा. लो डिप्रेशन हां डिप्रेशन का यू नो बहुत. टेक्निकल टर्म है यू नो कभी वो डिटेक्ट. नहीं हुआ बट ऑफकोर्स लो फेसेस रहे हैं. जहां पे यू मतलब तुम्ह तुम्हें थेरेपी की. जरूरत पड़ी है तुम्हें यू नो अपनी बातें. शेरिंग की जरूरत पी है तो वैसे फे आए हैं. बट कभी वो मतलब टेक्निकली या क्लिनिकली.
यनो डिक्लेयर नहीं हुआ कि डिप्रेशन तो. सिचुएशनशिप के दौर में आपके पास कोई है. जिससे रात भर बाबू क्या चल रहा. है बहुत लंबा. प सोच रहे हो कौन सी वाली का बताऊ य नाम. तो नहीं फस जाऊंगा मैं थोड़ा सा हैंड कैसे. हां एक हो तो. बताए सारे स्क्रीनशॉट आ जाएंगे. स्टोरीज. पे अच्छा एक फिल्म आई थी शुभ मंगल ज्यादा.
साउथा मैंने अभी नवाजुद्दीन सिद्दीकी का. इंटरव्यू किया तो नवाज भाई ने कहा कि एक. जमाने में एक फिल्म मिली थी जिसमें एक. हीरोइन ने उन्हें किस करने से मना कर दिया. था एंड ही फिड बैक बाद में उन्होंने खूब. सारी फिल्में की सेक्रेड गेम्स की जिसमें. सारा शौक पूरा किया एक और फिल्म आई थी. जिसमें एक 27 साल छोटी लड़की किस किया एंड. ही सेड बड़ा सॉफ्ट सॉफ्ट लगता है ये उनके. लफ थे बड़ा सॉफ्ट सॉफ्ट लगता है आपने तो. आयशमान हो किस किया था सफ सफ लगता.
है क्या चल रहा था क्योंकि कि साप ने किया. था बट बहुत लोग थे जो ऑकवर्ड फील कर रहे. थे बहुत ही एक अलग रोल था वो सोसाइटी का. एक पार्ट. है उसकी रिस्पेक्ट भी है बट अगेन बहुत टफ. रहा वो मतलब एक देखने नजरिए से बिकॉज. हमारी सोसाइटी का देखने का नजरिया अलग है. सो अगेन क्या था. उसम सबसे ज्यादा इंपोर्टेंट थी उसकी. स्क्रिप्ट आई थंक जिस जिस टाइम पे वो आ. रही थी वो बहुत इंपॉर्टेंट टाइम था उस. टॉपिक पे एक फिल्म बनाने का एंड उससे पहले.
जब भी हम फिल्म देखते थे तो बहुत यू नो. बहुत सीरियस बातों पे चर्चा होती थी बट इस. फिल्म की जब आप स्क्रिप्ट मैंने पहली बार. सुनी तो मेरा इन सब चीजों पे एक्चुअली. ध्यान नहीं गया मुझे लगा कि ये बहुत ही. फ्रेश एक रोमांटिक स्टोरी है बहुत. रोमांटिक एंगल है और एक यूनिक कहानी है. जिसको बहुत फन तरीके से बहुत यू नो. रोमांटिक तरीके से दिखाया जा रहा है तो. एक्चुअली इन चीजों पे ध्यान नहीं गया था. ऑफकोर्स जब पहले स्टोरी लाइन सुनी थी तो. एक मेंशन था कि इस तरीके किस भी है और वो. करना पड़ेगा एंड देन आ सो जब आपको पता लगा. कि आपको एंड में क्योंकि फिल्म में पाकी.
रोल बड़ा किरदार शानदार था गाने अच्छे थे. ऐसे गाने थे जो लोगों को याद रह गए और अभी. भी वो गाने अच्छे लगते हैं सुनने में कई. बार ड्राइव करते प्ले कर लेते हैं बट जो. वो किस सीन था वो आपको कहीं असहज किया इस. रोल के बारे में सोचने में कि यार. मतलब आई थंक आर यू स्ट्रीट हां आई एम. स्ट्रीट सो बेसिकली जब. भी बेसिकली जब भी. कहानी जब मैंने पहली बार सुनी थी तब एक. हल्का सा लगा था कि मुझे पता नहीं कि किस.
तरीके से इनके दिमाग में वो ट्रीटमेंट है. ब जब मैंने स्क्रिप्ट फुली पूरा एक नरेशन. सुना जब हितेश केवलिया जो उनके डायरेक्टर. हैं उस फिल्म के उ उन्होंने जब मुझे पूरा. नरेट किया फिल्म तो मुझे बहुत मजा आया. पूरी कहानी सुनके मैं बहुत सींस में बहुत. इवॉल्व था मुझे लगा कि बहुत फ्रेश सींस. लिखे हैं बहुत मजेदार से सीन लिखे हैं. बहुत अच्छी बातें हो रही हैं एंड बहुत. टेक्निकल बातें भी हो रही हैं अबाउट लव. अबाउट हॉर्मोंस कि किस तरीके से वो आ रहे. हैं और वो मजे मजे में हो रहा है ऐसा नहीं. कि हम लोग कहीं भी प्रीच ही कर रहे हैं. कुछ भी कर रहे हैं देन वो सारे डाउट सम.
हाउ निकल गए फिर कोई भी ऑकवर्ड नहीं थी. वंस आई हर्ड द नरे घर से कोई. रिस्प नॉट रियली मुझे लगता है उन्होंने भी. फिल्म के गाने रोमांस एंड ह्यूमर बहुत. एंजॉय किया उनके लिए भी वो सेकेंडरी था बट. इट वा पावरफुल मूवी हा इट वा पावर तो उसके. बाद फिर और फिल्में करने का मन अभी है हां. हा बिल्कुल है धीरे-धीरे करेंगे जैसे जो. जो भी चीजें मेरे रास्ते में अच्छी आती. जाएंगी मैं करते जाऊंगा ओके लड़कियों बस. करने का मन नहीं. है कर तो रहा हूं रिंकी से ही कर रहा हूं.
लास्ट क्वेश्चन अब एंड पर आ गए पंचायत का. अगला सीजन अभी कुछ शुरुआत हुई है या अभी. टाइम है अभी स्क्रिप्ट उसको चाहिए हां अभी. आई थिंक बातें चल रही है स्टोरी डिस्कस हो. रही है कि क्या मलब अभी बहुत रॉ पे भी है. हां अभी बहुत क्योंकि लोग सब जो है वो अभी. से कहने लगे कि यार पूछ लेना डेट कब आ रही. है मैंने कहा शुरू तो होने दो नहीं टाइम. लगता है मुझे लगता है कि क्योंकि बहुत. इंटरेस्टिंग स्पेस है तो राइटर्स भी उसपे. टाइम देना चाहते हैं एंड ऑफकोर्स वो जिस. तरह का भी रिस्पांस आता है उससे उसको. बिल्कुल भी ध्यान में नहीं रखते हुए. क्योंकि फिर हम भटक सकते हैं अगर हम हमको. लगे कि यार ये चीज पॉपुलर हो रही है तो इस.
चीज पे ज्यादा इंडल्स करें या ये चीज ये. मीम ज्यादा हिट हो गया तो ऐसे कुछ और मीम. बनाने का ट्राई करें तो इन सब चीजों से. अलग रखने के लिए मुझे लगता है कि थोड़ा सा. टाइम राइटर को चाहिए होता है और ज्यादा. फोकस चाहिए होता है तो उसमें लगता है टाइम. एंड वो टाइम मुझे लगता है कि देना चाहिए. फॉर शोला ब एक कन्वर्सेशन तो ही होगा ना. कितने सीजन निकाल सकते. हैं अ नहीं अभी ऐसा कुछ कन्वर्सेशन नहीं. है कि कहां पे एंड करना नहीं ऐसा नहीं वो. वैसा है कि जब तक चीजें मिलती जाएंगी. स्टरी आगे ब आपका एमबीए नहीं होने वाला. कुल मिला तब तक स्टोरी बढ़ती जाएगी तो.
वैसा है तो अभी वो कुछ भी प्लान नहीं है. किको दो तीन सीजन तो कम से कम आएंगे हां. आई कैन होप और कोटा. फैक्ट्री कोटा फैक्ट्री आई थिंक शो शायद. चलेगा बट आई थिंक जीतू भैया का सीजन थ आई. थिंक एग्जिट है वो निकल गए हैं शो से एंड. अभी कहानी आगे हो सकती तो शो आ जीत भैया. का लास्ट सीजन है हां सो आई थिंक यू गिव द. आंसर की कोटा फैक्ट्री क्यों देखे. प्लीज अच्छा ये रेंज कैसे देखते हो अपने. आप को आप कि आपने कॉमिक्स से शुरुआत की.
छोटे-छोटे रोल्स किए फिर मैं शुभ मंगल. सावधान देखता हूं जादूगर में एक लड़का. देखता हूं पंचायत सचिव देखता हूं और यहां. एक इंटेंस कट देता हूं ये जो रेंज है इसको. आप पसंद कर रहे हो ये होता जा रहा है या. ये बाय चॉइस है नहीं ये कहीं ना कहीं. चॉइसेज भी है चॉइस इन द सेंस कि यू नो. कहानी और कैरेक्टर मुझे अलग लगना चाहिए जब. भी मैं कोई भी कहानी सुनता हूं यू नो. बेसिक चीजें सिमिलरिटीज हो सकती है यू नो. कि एक वो एक पर्टिकुलर एज का रोल है जो. अगर आप देखोगे तो एक पर्टिकुलर एज के. कैरेक्टर्स हैं यू नो एक पर्टिकुलर रीजन.
से बिलोंग करते हैं मतलब दे आर ऑल स्मॉल. टाउन पीपल वो सब चलेगा बट कैरेक्टर कितना. अलग है वो मेरे लिए बहुत इंपोर्टेंट है यू. नो जादूगर का कैरेक्टर बहुत अलग है उसमें. अलग-अलग चीजें करने को मिलती है वो एक. कैरेक्टर से मैजिशियन है स्ट्रगलर फुटबॉलर. है जिसको फुटबॉल खेलना नहीं आता है जिसका. फुटबॉल खेलने का मन नहीं है मैजिशियन है. तो ये कैरेक्टर्स कैरेक्टरिस्टिक प्ले. करने में बहुत मजा आता है सचिव जी हैं एक. मत अर्बन लड़ लड़के हैं जो गांव में आते. हैं और गांव की चीजों में एडजस्ट हो रहे. हैं कोटा फैक्ट्री एक यू नो एक बहुत ही. मेच्योर्ड बहुत ही डीप बातें करने वाला.
फिलोसोफी में बलव बिलीव करने वाला एक टीचर. का कैरेक्टर है जो कि काफी इन सब से अलग. है इफ आई टॉक अबाउट चमन भार यू नो जो कि. एक एक पान की दुकान चलाता है और उसको एक. एक तरफा प्यार हो जाता है लड़की से एंड जो. कि एक पर्टिकुलर रीजन की भाषा बोलता है. बोली बोलता है तो ये सारी चीजें उसमें अलग. है ये आपको लगता है कि जो नेक्स्ट डोर बॉय. वाली आपकी जो पर्सनालिटी है इसकी वजह से. आप बहुत रिलेट कर पाते क्योंकि सबको लगता. है रे तो हमारे बगल का लड़का है हां हो. सकता है मुझे लगता है कि वो वो एक फीलिंग.
आती है लोगों को जब वो मुझे स्क्रीन पर. देखते हैं जितना मैंने बात किया है कि ऐसा. क्या रिलेटेबल है मतलब कुछ चीज जैसे अगर. मैं जीतू भैया कैरेक्टर की बात करूं कोटा. फैक्ट्री तो वैसे तो यू नो कैरेक्टर्स भी. वैसे टीचर्स भी नहीं मिलते हैं कई बार. बहुत कम है वैसे टीचर्स तो फिर वो क्यों. इतना रिलेटेबल है तो आई थिंक कहीं ना कहीं. यू नो दैट ट जैसे मुझे आई थिंक शुभमंगल. ज्यादा सावधान के डायरेक्टर ने ये बोला था. कि जिस तरीके से तू दिखता है जिस तरीके से. तू बोलता है यू नो यू विल नोबडी विल फील.
कि तू उनसे अलग है या न लगता है कि तू. उन्हीं के बीच का है तो वो एक कनेक्टिविटी. तेरे से आती है तो ये उन्होंने मुझे बोला. तो मैं बिलीव करता हूं इन चीजों में. क्योंकि शायद वही हो रहा होगा क्योंकि. बाकी सब तो मेरे लिए तो मैजिकल जर्नी है. ठीक है अब क्योंकि सब चार एंड हो जाए हम. भी एंड प जा रहे हैं लेकिन ये सवाल मैं. छोडूंगा नहीं क्रिकेट देखते हो हां काफी. यार अभी वर्ल्ड कप चल रहा है एक सवाल जो. दुनिया पूछती है विराट या रोहित फेवरेट. कौन है. ट क्या क्या बोलते हैं उसको रोहिरा रो.
अच्छा रो रोको रोको ब ले फेवरेट होता है. सबका दो अलग-अलग दुनिया के लोग हैं रोहित. की दुनिया अलग है विराट की दुनिया अलग लोग. दो बहुत अलग दुनिया के. लोग रोहित शर्मा विराट कोहली विराट को. क्यों आई थिंक मेहनत मेहनत ऑफकोर्स मुझे. लगता है दोनों की मेहनत है बट ओवरल जो यनो. जो मेहनत है एको स्ट्समैन में जो जो पूरा. जो ट्रांजीशन है विराट कोहली का मुझे लगता. है कि काफी इंटरेस्टिंग है आपके फॉलोअर्स.
काफी बढ़ने वाले इसके बाद अब बात. पूरी आई थंक मुझे लगता है कि बहुत शुरू. शुरू शुरू में जब क्योंकि मैं सचिन द्रविड. इन दोनों को बहुत फॉलो करता था इन दोनों. का बहुत बड़ा फैन रहा हूं एंड सडन जब. मैंने कोहली को देखा तो उतना उतना लग नहीं. रहा था कि इतने यू नो उतने प्रॉमिसिफाई. वो एक एक फेज भी आया जहां पे मतलब बिल्कुल. भी रंस नहीं आ रहे थे आई थिंक 2013 या 12. की बात है वो जो एक इंग्लैंड वाली सीज देन.
हां मतलब वो वैसा है कि शायद हां मतलब जो. जनरली क्रिकेट फैंस का होता है ना कि हां. बोला था ठीक है नहीं चलेगा तो वैसी वाली. फीलिंग मेरी भी थी बट आई थिंक उसके बाद जो. पूरा चेंज किया उन्होंने अपने आप को एक. स्पोर्ट्समैन के तरीके से जिस तरीके से आए. वो काफी इंस्पायर करते हैं हर तरीके से तो. वो इंस्पायरिंग पर्सनालिटी भी है एंड. ऑफकोर्स उनका जो कंट्रीब्यूशन है क्रिकेट. के लिए. स्पेशली टेस्ट क्रिकेट के लिए वो यनो काफी. काफी उम्दा है वर्ल्ड वर्ल्ड टेस्ट. क्रिकेट के लिए एंड इन एनी स्पोर्ट जिस.
तरीके से वो किसी स्पोर्ट को सपोर्ट करते. हैं आई थिंक ऐसे लोगों की जरूरत है तो. इसलिए मैं विराट कोहली का बड़ा इसमें. थोड़ा और फसा देता आईटी से टफ क्वेश्चन है. रोहित विराट या सचिन फेवरेट कौन बेहतर कौन. सचिन या विराट में सचिन तेंडुलकर और विराट. कोहली में ज्यादा बड़ा बैट्समैन. स क्यों. आई थिंक आप आप अगर आप दोनों के शॉर्ट्स. देखेंगे दोनों के शॉर्ट देखेंगे आपको पता.
चलेगा कि क्या क्या डिफरेंस है व्हाई आई. एम सेइंग दैट मैंने वो देखा है जब दोनों. का दोनों के मैं कवर ड्राइव देखता हूं तो. ऑफकोर्स एक एक एक फीलिंग वाला डिफरेंस है. वो फीलिंग उस फीलिंग को यू कैन नॉट डिफाइन. ठीक है यू कैन डिफाइन की व्हाई यू लाइक. विराट कोहली यू हैव योर रीजन जैसे मैंने. अभी बहुत सारी रीजन दिए ना कि जिस तरीके. से उन्होंने कंट्रीब्यूट किया टेस्ट. क्रिकेट को या मतलब यू नो अपने आप को जिस. तरीके से उन्होंने मेंटेन किया है फॉर फॉर. फॉर हिज क्रिकेट कि मैं इसको बहुत आगे तक.
लेके जाऊंगा और यू नो लंबे टाइम तक मैं. क्रिकेट में बना रहूंगा और लंबे टाइम तक. सिर्फ मेरा एक बेसिक काम है रन बनाना. उन्हीं चीज उ उसी चीज पे फोकस करूंगा. कंट्री के लिए रन बनाना और वो जिस तरीके. से उन्होंने किया तो यू विल हैव योर रीजंस. फॉर विराट कोहली बट व्हेन यू सी सचिन इट्स. अ फीलिंग मतलब यू विल फील दैट शॉट कि ये. कुछ अलग है वहां पे मुझे लगता है कि थोड़ा. सा डिफरेंस आता है दोनों एंड द लास्ट. क्वेश्चन फॉर द डे. जो सबसे टफ सवाल है क्या एम एस धोनी को. रिटायर हो जाना चाहिए या अभी एक साल और.
आईपीएल में एक साल क्यों धोनी तो मतलब. खेलेंगे धोनी नी कहीं जा रहे यार धोनी तो. अभी बहुत खेलेंगे कौन है धोनी आपकी नजर. में आई थिंक मतलब. क्योंकि उस फेज से गुजरना आई थिंक. 2000 में जो क्रिकेट फॉलो करता था उस टाइम. प जो क्रिकेट की हालत थी अर्ली 90 मतलब 97. के बाद जो से 2002 के बीच में जो क्रिकेट. की हालत थी और फिर वहां से जो पिक किया आई. थिंक सो सौरव गांगुली दादा की कैप्टन स. में जो पिक किया और 2003 का वर्ल्ड कप में. जिसका दर्द है आई थिंक वो रो हार्स सवा रन.
आउट बारिश हो थे लग रहा था कि बारिश और हो. जाए हो जाए और अगले दिन फिर से मैच हो वो. सारी होप टूटी उस दिन एंड वो सारी होप जो. बचपन के सारे सपने थे वो धोनी. ने वो धोनी और युवराज ने कंप्लीट किए एंड. ऑफकोर्स धोनी ने फाइनल इनिंग में जो जब. जहां पर सबसे ज्यादा प्रेशर था वो किया तो. द मैन द मि दई हा तो वो सपनों को सच करने. वाला इंसान है थैंक यू सो मच जी अच्छा लगा.
आपसे बात करके बहुत सारे सवाल जाते आते एक. आखिरी जवाब कोटा फैक्ट्री हम क्यों देखें. एक जवाब मैंने दे दिया है आपका आखिरी सीजन. है कोटा फैक्ट्री में इस वजह से और क्यों. देखें कोटा फैक्ट्री आई थिंक मुझे खुद को. जब भी मैं देखता हूं तो बहुत इंस्पायर. करती है उसमें काफी इंटरेस्टिंग बातें हैं. जो ना तुम अपनी लाइफ में अप्लाई कर सकते. हो और वो हेल्प कर सकती है एंड उसके अलावा. बहुत सारा यू नो कोटा कोटा का जो वर्ल्ड. है उसके बारे में बहुत सारी बातें हैं. इंटरेस्टिंग बातें हैं आपको मजा आएगा. देखने में जैसा प्यार आपने वन को दिया.
उससे ज्यादा प्यार आप होप फुली कोटा सीजन. थ को देंगे सो प्लीज वच इट थैंक यू सो मच. थैंक यू थैंक यू.
