Unplugged ft. Imtiaz Ali | Movie Journey | Love, Heartbreak, Life | Main Vaapas Aaunga | Shubhankar
इम्तियाज़ अली सर के जितने बाल नहीं उलझे. हैं उससे ज्यादा उनकी फिल्मों में किरदार. उलझा हुआ रहता है।. तुझे क्या लगता है याद कर रहे हैं हमारी. कहानी लिखी हुई है। [चीखने की आवाज़]. सही कहते हैं लोग पागल है।. मेनू विदा करो से।. विदा करो।. अब आया मैं वापस आऊंगा। कोई क्रोनोलॉजी. है? रॉकस्टार में जैसा सीन है जिसमें वो. सब फ्लैशबैक में आता है। [संगीत]. कहते हैं मृत्यु के पहले इंसान को सब याद.
आता है। उसकी मृत्यु का सीन था वो।. मैंने ये सोचा नहीं था। बट ये थॉट बड़ा. अच्छा है। अगर तुम साथ हो वाले गाने में. दीपिका ने रेडिश कपड़े पहने हैं कि रणबीर. ने ब्राउनिश कपड़े पहने हैं जो कि ब्रेन. का कलर है। और यह दिल का कलर है जो रेड. है। क्या ये आपने सोच के किया? उसका आंसर. है यस। इम्तियाज़ अली एक्स्ट्रा मेटल. अफेयर को भी इतनी खूबसूरती से दिखा रहे. थे।. यहां से बहुत दूर गलत और सही के पार।. पूरे टाइम रणवीर के लिए बुरा लग रहा था।. मैं वापस आऊंगा। दादा जी जो है बिस्तर पड़े. हैं। दादी का जिक्र नहीं हो रहा है।.
नहीं, नहीं।. जो 78 साल पहले छटी थी।. हां, उसका जिक्र हो रहा है। अपने दिल के. अंदर एक लड़की [संगीत] को रखना जिसे 78. इयर्स से देखा तक नहीं।. सही गलत की परिभाषा कुछ नहीं होती प्यार. में।. हीर रंजा, लैला मजनू, सोनी महीवाल. एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स है ना? कानपुर में एक सास ने अपने दामाद से शादी. कर ली। [हंसी]. अगर हम दूसरी तरफ से देखें। हां बोलने से. पहले, इस बात का इकरार करने से पहले वो. सास और वो दो-द दामाद किन प्रॉब्लम से. गुजरे होंगे? अगर आप ऐसे सोचेंगे ना तो. शायद एक फिल्म भी बन सकती है। जॉर्डन कैश,
वेद, चमकीला ये आपकी जो नई फिल्म आ रही है. मैं वापस आऊंगा। इन सबके किरदारों में एक. चीज़ कॉमन है कि ये कच्चे घरों से आते हैं. लेकिन पक्की मोहब्बत करते हैं।. वाह, वाह, वाह, वाह।. तो क्या अमीरों की मोहब्बत में वो कशिश. नहीं होती है? कॉकटेल में इश्क दीपिका पादुकोण के उस. कैरेक्टर से लड़ाया गया। लेकिन जब शादी की. बात आई तो वही चाहिए थी जो घर में फिट हो. जाए।. देखिए क्या है कि. आपकी फिल्मों में औरतें वही महान बनती हैं. जो समाज के कायदे कानून को तोड़कर अपने. हिस्से की जिंदगी अपने हक से अपने हिसाब. से जीती हैं।. वेरी गुड। आई एम वेरी प्राउड ऑफ मसेल्फ.
फॉर दैट।. क्या जो घरेलू सीधी साधी महिलाएं सिनेमा. ने उन्हें अनजाने में बोरिंग, आउटडेटेड या. कमतर नहीं बना दिया? आपको लगता है कि. टेंडर, बंबल, हिंज और राया के दौर में 78. साल पुराने प्यार के इंतजार को लोग समझ. पाएंगी आज की जनरेशन? लोग हैं। एक्चुअली ये इतने सारे एप्स चल. ही इसलिए रहे हैं क्योंकि खोज बहुत ज्यादा. है आजकल के युवा में। ये जो विंटेज. रिलेशनशिप है ना उसके लिए भी एस्पिरेशन. होती है। मतलब किताबों में फूल फिर से. मिलेंगे अब।. किताबों में फूल फिर से मिलेंगे। इम्तियाज.
अली के सिनेमा में सच्चे प्यार का एहसास. होने के लिए इंसान को अंदर से टूटना. पड़ेगा, बिखरना पड़ेगा। यहां प्यार की. पहली शर्त है कि अगर आप नॉर्मल है तो आप. इम्तियाज़ अली की पिक्चर में काम नहीं कर. सकते। [हंसी]. क्योंकि पिछले इंटरव्यू में आपने कहा था. कुछ अधूरा इश्क में आपका भी रह गया था।. अभी भी मोहब्बत में हैं आप? कुछ रह गई. अंदर से खलिश। [हंसी]. प्यार एक ज़हर है।. इसकी एक भी बूंद अंदर रह गई ना तो ये. आखिरी समय में चैन से मरने भी नहीं देता।. इम्तियाज़ अली इस लाइन पर बिलीव रखते हैं।. फिलहाल तो रखता हूं।.
आप मान ले रहे हैं कि आपका दिल टूटा था और. [हंसी]. आपने नसीर सर की चाय क्यों एन्जॉय नहीं. की? यार उसमें ना क्या था कि. चाय इश्क है आपके लिए? चाय इश्क है मेरे लिए यार। वो तो कहिए अरब. में चाय ना थी वरना वो भी हराम हो जाती।. [हंसी]. सही चाय बनाने का फार्मूला बताइए क्या? हीर राझा कब आ रही है? हीर राझा अभी. जनता से आपका भी बड़ा स्ट्रांग रिश्ता है।. वो आपकी फिल्म के रिलीज होने कुछ साल बाद. देखने जाते हैं। [हंसी]. ये मीम मैंने भी देखा है।. सिंगर आप चुनते हो या रहमान साहब चुनते. हैं।. मैं हमेशा कोशिश करता हूं कि वो चुने।.
उन्होंने अलका यग्निक को चूस किया।. अगर तुम साथ हो अलका जी से गवाना वो. मास्टर पीस।. अगर तुम [संगीत]. साथ हो. एक शेर इम्तियाज़ अली. [गला साफ़ करने की आवाज़] की फिल्मों और. इम्तियाज़ अली पर। के एक उम्र गुजार दी. हमने चाहत में तेरी, बड़े खुशनसीब होंगे. तुझे मुफ्त में पाने वाले।. वाह वाह वाह वाह वाह वाह। हम के ठहरे. अजनबी इतनी मदारातों के बाद फिर बनेंगे. आशना कितनी मुलाकातों के बाद। इश्क अगर. जिंदा रखना है तो उसे अधूरा रहने दो।. क्योंकि मुकम्मल हुए रिश्ते अक्सर गिले.
शिकवे शिकायतों में उलझकर [संगीत] ठंडी. राख बनकर खत्म।. सजरा सवेरा मेरे तन बरसे। कजरा अंधेरा. तेरी जान।. सब पूरा होकर खत्म हुआ। जो आधा है वो. जिंदा है।. सही और गलत की सरहदों के पार जिंदगी और. समाज की बंदिशों से दूर एक ऐसा मैदान है.
जहां अक्सर हम खुद को खोकर ही खुद को पाते. हैं। और सिनेमा की दुनिया में वो नाम है. इम्तियाज अली का। वो इम्तियाज अली. जिन्होंने जबवी मेट के गीत बनकर हमें. खुलकर जिंदगी जीना सिखाया। लवाशकल के जरिए. प्यार और वक्त के बदलते मायनों से मिलाया।. रॉकस्टार के जॉर्डन बनकर टूटने और उसके. बीच के सफर को बड़ी बारीकी समझाया। वो. तमाशा का वेद बनकर हमें खुद से सवाल पूछने. पर मजबूर करते हैं। और शायद यही वजह है कि.
इम्तियाज अली की फिल्में सिर्फ सिनेमा हॉल. तक नहीं रहती हैं। वो सिनेमा हॉल के बाद. भी आपके साथ आपके घरों में जाती हैं। आपकी. जिंदगी का हिस्सा बनती हैं। उस गहराई में. जाकर आप सोचना शुरू करते हैं कि अगर ऐसा. हुआ होता तो क्या होता? आप उसे बदलने की. चाहत रखते हैं और शायद यही वजह है कि उनकी. कहानियां सिर्फ देखी नहीं जाती महसूस की. जाती हैं। इसलिए आज उन कहानियों, उन. किरदारों, उन बेचैनियों को नई फिल्म मैं. वापस लाऊंगा के जरिए जब इम्तियाज लेकर आए. हैं तो हम जिंदगी, प्यार, पहचान और इंसान.
के भीतर चलने वाली उलझनों को समझेंगे. इम्तियाज अली साहब से। कैसे हैं सर आप? मैं बिल्कुल ठीक हूं सर। आप कैसे हैं? मैं बहुत अच्छा हूं और NDTV में पहला. इंटरव्यू आपके साथ करने के बाद आज फाइनली. हम पहली बार. जी. बीते दो सालों और तीन सालों में मैंने. लगभग 500 प्लस पॉडकास्ट किए और उस लिस्ट. में जो कुछ नाम बचे हुए थे जो मेरी चाहत. के थे उनमें से एक नाम आपका हमेशा टॉप पर. रहा। सो आई एम वेरी ग्लैड कि आई एम हैविंग. यू इन दिस शो।. एंड आई एम वेरी ग्लैड दैट यू हैव डन सो.
वेल एंड योर पॉडकास्ट डज़ सो वेल एंड आई. मस्ट कांग्रेचुलेट यू। हम तीन साल पहले. मिले थे शायद। उसके बाद आपने बहुत तरक्की. की है। इसी तरह से आप आगे बढ़ते रह। सो. यही दुआ है।. मैं एक मीम देख रहा था। बड़ा अच्छा मीम. था। तो उस मीम में था कि इम्तियाज अली सर. के जितने बाल नहीं उलझे हैं उससे ज्यादा. उनकी फिल्मों में किरदार उलझा हुआ रहता. है। [हंसी]. मुझे ना एक वो जब भी मैट में एक. प्रोड्यूसर थे. जी।. वो अक्सर कहा करते थे कि आपके ये जो इतने. सारे उलझे हुए बाल है ना उसको थोड़ा. सुलझाओगे तो शायद मतलब तुम्हारा दिमाग भी.
थोड़ा सा सुलझेगा। फिर बाद में जब जब भी. मेट चल गई तो उन्होंने कहा कि नहीं नहीं. ऐसे ही रहने दो।. लेकिन पुरानी फिल्मों में चमकीला में एक. गाना था मेनू विदा करो।. जी. मेनु विदा करो से अब आया मैं वापस आऊंगा।. जी जी जी. कोई क्रोनोलॉजी है? क्योंकि कहानी पंजाब की है।. जी कहानी दोनों पंजाब. दिलजीत यहां पर भी हैं।. जी।. कुछ समझने वाले कह रहे हैं कि इम्तियाज ने. समझा दिया था। ये पहले से उनके दिमाग में. था। मेनू विदा करो। अब उन्होंने कहा मैं.
वापस आऊंगा।. दोनों कहानी दिलजीत की है। दोनों कहानियों. में दिलजीत एक दूसरे से बहुत मुख्तलिफ भी. हैं। और. मुझे लगता है कि मैं विदा. विदा करना. विदा होना. आसान होता है कभी-कभी। वापस. [गला साफ़ करने की आवाज़] आना ज्यादा. मुश्किल हो जाता है। बिकॉज़. कभी-कभी अगर आप चाहो तो रिहा हो सकते हो।. मगर एक जगह जो आपने छोड़ दी है कुछ जो.
आपका छूट गया है या खो गया है उसे वापस. पाना बहुत मुश्किल हो जाता है।. सर ये जो वादा होता है कि मैं वापस आऊंगा।. जी. क्या ये झूठी तसल्ली देने के लिए होता है. या इंसान खुद को पूरी तरह टूटने से बचने. के लिए अपने आप को एक वजह दे देता है।. जब वो कह रहा होता है मैं वापस आऊंगा तो. शिद्दत के साथ कह रहा होता है।. हम्म।. खास करके इस फिल्म में जब उसने कहा वापस. आऊंगा तो उसने बहुत मीन किया और उसने. जिंदगी के आखिर तक इस वादे को निभाया।.
मगर कभी-कभी जैसा कि आप कह रहे हैं ना कि. दिल को टूटने से बचने के लिए इंसान अपने. आप को ये आश्वासन देता है कि मैं वापस. आऊंगा। क्योंकि वो इस बात को बर्दाश्त. नहीं कर पाता है कि मैं वापस नहीं आऊंगा।. क्योंकि जब अनफॉर्चूनेटली पार्टीशन हुआ था. इस मुल्क का और उनके उस पार्टीशन को जिसने. देखा है ऐसे कई लोगों से मैं मिला हूं। एक. चीज सब में कॉमन रही है कि जब उन्होंने. अपना घर छोड़ा था तो उन्होंने यह जरूर कहा. था कि मैं वापस आऊंगा।. नहीं वैसे बंटवारा सिर्फ सरहदों का नहीं.
होता है। बंटवारा हम सभी इंसान की जिंदगी. में होता है।. मैं वेदांग से बात कर रहा था। उनकी जिंदगी. में वो इश्क अधूरापन महसूस हो रहा था मुझे. जहां वो बता रहे थे कि कैसे वो अभी भी. कहीं उलझे हुए हैं। कुछ लोग हम जैसे जो. अपने गांव घर से दूर शहर में आकर बसे हैं।. हमें वो बंटवारा परेशान कर रहा है कि यार. कभी लाइफ में सब कुछ लगा कि हो गया. तो शायद वापस लौट जाए।. कल मैं रायपुर में था। मुझसे किसी ने कहा. कि मैं अपने गांव में जाकर रहूंगा।. हम. क्या ये बंटवारा सभी की जिंदगी का कुछ-कुछ. हिस्सा है? जी हां। क्योंकि यह बंटवारा ही नहीं है।.
यह वो किसी किसी चीज के छूट जाने की खलिश. है। कुछ रह गया, कुछ छूट गया। व्हाटएवर आई. लेफ्ट बिहाइंड ये खलिश है और मेरे ख्याल. से इंसान जैसे जीता है बड़ा होता है तो. कुछ चीजें छूट ही जाती हैं।. कुछ पुराने दोस्त छूट जाते हैं। अगर आप का. शहर नहीं है वो जहां आप अब रह रहे हैं तो. फिर वो शहर छूट जाता है। अगर आप उस शहर. में रह भी जाए तो इसका मतलब यह नहीं है कि. आपके वो दोस्त आपके साथ हैं। वो माहौल. आपके साथ है। वो माहौल तो चला ही जाता है।. आपकी उम्र चली जाती है। शायद उसके साथ-साथ.
आपकी एक जो विचारधारा थी या उस वक्त का जो. इनोसेंस था वो भी चला जाता है।. आप उस इंसान को मिस करते हैं जो आप हुआ. करते थे जब आप उस उम्र के थे। आप सिर्फ उस. शहर को नहीं मिस करते हैं। सिर्फ आप उस. गर्लफ्रेंड को नहीं मिस करते हैं। आप उसको. भी मिस करते हैं जो आप थे जब आप उसके साथ. थे।. शायद हां [हंसी]. आप अपने आप को मिस करते हो वहां पे।. आप अपने आप को बहुत मिस करते हैं।. ब्यूटीफुल। सर मैंने पीयूष मिश्रा सर का. एक इंटरव्यू किया तो उसमें उन्होंने. क्योंकि उनका एक गाना है एक बगल में चांद.
होगा। बड़ी चर्चा होती है। उसको भी लोग. बहुत अलग-अलग सिरे से डिकोड करते रहते. हैं। पीयूष मिश्रा जी ने कहा मैंने इतना. सोच के नहीं लिखा था। हम. इम्तियाज अली की सारी फिल्मों को लोग. रिलीज होने के बाद बहुत लेयर में डिकोड. करते हैं। उसके बहुत मायने निकालते हैं।. मेरा सवाल ये है क्या इम्तियाज अली इतना. सोच के फिल्म बनाते हैं जितना लोग बाद में. डिकोड करते हैं? क्योंकि कई कहने वाले ये. भी कहते हैं कि शेक्सपियर ने भी इतनी. गहराई में सारी बातें नहीं लिखी थी जितने. उसके एनालिसिस निकाल दिए गए।. ऐसा अक्सर होता है कि जैसे कि कुछ लोगों.
ने बोला कि आपने जो तमाशा में वेद और तारा. एक टेबल पर ऐसे एक दूसरे को देखते हैं अगर. तुम साथ हो वाले गाने में दीपिका ने जो है. वो रेडिश कपड़े पहने हैं।. वेद ने यानी कि रणबीर ने. ब्राउनिश कपड़े पहने हैं जो कि ब्रेन का. कलर है। ब्राउन और यह दिल का कलर है जो उस. तरह का रेड है। क्या यह आपने सोच के किया? उसका आंसर है यस। हां जी हमने सोच के किया.
क्योंकि मैं अकेला नहीं होता हूं सोचने. वाला। वहां अकी नरुला भी हैं जो कॉस्ट्यूम. डिजाइनर हैं। वहां पे सिनेमेटोग्राफर हैं।. पूरी टीम है। तो ये कंबाइंड एफर्ट से बहुत. सारी चीजें हम सोच के करते हैं। बहुत सारी. चीजें नहीं सोच के करते हैं। जो फिर बाद. में लोगों ने जो लोग एनालाइज करते हैं कि. ऐसा हुआ होगा। जब. सबसे स्ट्रांग थ्योरी कौन सी ऐसी आपको. सुनाई पड़ी कि आपने कहा यार इतना तो मैंने. भी नहीं सोचा था। [हंसी]. ऐसी कई सारी थ्योरी होती है यार। अभी जैसे.
मेरे ज़हन में आएगी मैं आपको बताऊंगा। बट. इसका क्या होता है ना कभी-कभी आप. सबकॉन्शियस तरीके से भी काम करते हैं ना।. आपने सोचा नहीं बट कुछ हो गया। अब वो किस. वजह से हुआ। हो सकता है सबकॉन्शियसली कोई. चीज है जो आपके अंदर से बाहर निकल गई। और. उस वजह से फिर आपने वह वो लिख दिया। बट अ. कॉन्शियसली सोच करके अक्सर आप नहीं करते. हैं। अभी मैं. मुझे याद नहीं आ रहा है। मगर ऐसी है बहुत. सारी चीजें जो मुझसे कही गई हैं कि क्या. आपने ऐसे सोच के वैसे किया था? मैंने सोचा.
कि नहीं नहीं ऐसे तो बिल्कुल ही नहीं सोचा. था मैंने।. लोग खुद को रिलेट कर पाते हैं इसलिए। हां. खुद को रिलेट कर पाते हैं और मुझे लगता है. कि कई बार फिल्म देखते हैं और अलग-अलग लोग. लोगों को ना अलग-अलग चीजें पसंद आती हैं।. कुछ लोग ऐसे हैं जो कॉस्ट्यूम्स देखते हैं. और वो हमेशा फिल्मों में ना वो कॉस्ट्यूम. के माध्यम से काफी कुछ समझने की कोशिश. करते हैं। अच्छा आपने ये काला कपड़ा काला. शर्ट और काली पट पहनी है क्योंकि इस सीन.
में आपको वो याद आ रहा था जो काला था।. [हंसी]. यानी कि ये जो है ना वो वाली रात आप. प्रोटेस्ट करना चाह रहे थे और इम्तियाज को. आप खुले तौर पे प्रोटेस्ट कर नहीं पा रहे. थे बिकॉज़ आप उसके होस्ट थे तो आपने काला. कपड़ा पहन करके ये प्रोटेस्ट किया था।. आप इतना सोचते हो? अ. कभी-कभी नहीं मैं इतना सोचता नहीं हूं।. मगर कभी-कभी चीजें पिक्चरों में हिट करती. है। बनाते वक्त आप कह रहे हैं.
बनाते वक्त. सोचता नहीं हूं। क्या होता है ना कि सवाल. करते हैं लोग कि व्हाट इज द कॉस्ट्यूम. ब्रीफ फॉर दिस सीन? व्हाट इज जिया वेयरिंग. फॉर दिस? सो नाउ क्या होता है? एक एक इमेज. आती है दिमाग में। हम्म।. आपने देखा कि एक लड़की है जो एक जगह बैठी. है। वो सीढ़ियां है जहां पर वो लड़की बैठी. है। एक टूटा फूटा मकान है। और उस टूटे. फूटे मकान में ना वो ऐसे है कि मकान के. अंदर बहुत सारे पेड़ भी उग गए हैं। बहुत. बड़े हो गए हैं। और उसी पेड़ के नीचे जहां.
कुछ फूल लगे हुए हैं वो लड़की बैठी है।. [नाक से की जाने वाली आवाज़] अब जब कोई. पूछता है कि अह व्हाट इज द कॉस्ट्यूम. ब्रीफ फॉर शरबरी फॉर दिस सीन। तो आई हैव. टू गो बैक टू दैट पिक्चर एंड इमेजिन एम आई. सीइंग एनी कॉस्ट्यूम इन दैट पर्सन एंड आई. रियलाइज दैट यस आई एम सीइंग बट इट इट इज़. इट्स वेरी लाइट एंड इन सम वे इट हैज़ अ. कोऑर्डिनेशन विथ द फ्लावर्स ऑफ दिस ट्री. तो फिर मैं उसको बोलूंगा कि ऐसा हो सकता. है यार कि कुछ ऐसे सफेद है मगर उसमें कुछ.
लाल बूटे हैं. तो देन दे डिज़. ये तो डिटेलिंग हो गई. जैसे अभी धुरंधर आई थी. हम. तो धुरंधर की मीम्स बहुत वायरल हुई जिसमें. आदित्यधर की पीक डिटेलिंग की चर्चा हो रही. थी। एंड इट वाज़ ऑल ओवर इंटरनेट।. हम. कई चीज़ तो आदित्य ने भी सोची नहीं होगी।. वो भी पिक डिटेलिंग में।. हर एक चीज़ के मीम बन रहे थे।. अच्छा अच्छा।. आई एम श्योर आपकी फिल्मों में भी होता. होगा ऐसा। तो इतनी पिक डिटेलिंग को लेकर. मेरा सवाल है कि डिटेलिंग तो समझ में आती. है। इतनी पिक डिटेलिंग होती है या. इम्तियाज अली को सबने बहुत इंटेलेक्चुअल. मान के बहुत एक्सप्लोर करना शुरू कर दिया. शेक्सपियर की तरह। [हंसी].
पता नहीं। आई कांट आई कांट आंसर दैट बिकॉज़. अक्सर मैं आई आई एम नॉट रियली फॉलोइंग. व्हाट एकक्टली एवरीबॉडी इज टॉकिंग आइदर।. ओके। दूसरी फिल्म पंजाब में।. जी।. इम्तियाज अली के हीरो के किरदार को. पहाड़ों पर मजा आता था।. अब पंजाब में क्यों मजा आ अब पंजाब में. मजा आ रहा है। कईयों ने तो कहा कि दिलजीत. दोसान जो है अब वो इम्तियाज के नए रणवीर. कपूर बन गए हैं। [हंसी]. ये इत्तेफाकन है या इसके पीछे पंजाब में. अक्सर जब भी मैं गया हूं ना जैसे कि जब.
मैं जब भी मेड बनाने के लिए गया तो फिर. वहां से मैंने बहुत चीजें सीखी पंजाब के. कल्चर के बारे में, पंजाब की कहानियों के. बारे में और फिर वो कहानियां रही। फिर कोई. दूसरी कहानी बनी तो आपने देखा होगा लव. आजकल में भी एक किरदार जो था वो पंजाबी था. यानी कि. काफी रिलेट किया सैफ वाला कैरेक्टर का. कैरेक्टर जो है. हां हां हां उसी तरह से जब मैं चमकीला. यहां शूट कर रहा था और उस चक्कर में पंजाब. में बहुत आना जाना रहा बहुत वक्त बिताया.
मैंने तो फिर मैंने वो कहानियां सुनी जो. पार्टीशन के वक्त की थी और वो फिर मैं. वापस आऊंगा कहा कि नीव वहां से लगी सो. पंजाब. आई थिंक इज़. व्हेन आई गो देयर आई रिसीव समथिंग। मुझे. ऐसा लगता है कि मुझे वहां से कुछ मिलता. है, कोई बात है, कोई कशिश है वहां या बहुत. सारी बहुत सारी चीजें, बहुत सारा कलाम, बहुत बड़ी-बड़ी चीजें वहां पे हुई हैं। और.
वो कहानियां मुझे बहुत अट्रैक्ट करती हैं. कि. पटना भी आप [गला साफ़ करने की आवाज़] गए. थे अभी।. पटना भी मैं गया था जी।. पटना में क्या सीखा आपने? क्या सीखा? पटना में तो मैं आठ साल रहा हूं। पटना में. मैं सेंट माइकल स्कूल में पढ़ा हूं। वहां. कुछ नहीं सीखा मेरे ख्याल से। मगर पटना. में अदरवाइज बहुत सीखा कि पटना में झगड़ा. कैसे करते हैं। झगड़ा ऐसे करते हैं कि आप. एक दूसरे के बहुत सट के खड़े हो जाते हैं।. बहुत नजदीक और आंखों में घूर रहे होते. हैं। ऑलमोस्ट आपकी बॉडी टच कर रही होती है.
और और मगर आप मार नहीं रहे होते हैं। आप. सिर्फ एक दूसरे को जिसको कहते हैं हड़का. रहे होते हैं। [हंसी]. कि एटीट्यूड दिखा रहे हैं कि तुम समझते. क्या हो अपने आप को. तुम क्या ढेर बरियार बा ये एक है बरियार. वहां का भाषा होती है बरियार का मतलब है. कि तुम बहुत तगड़े हो क्या बहुत शक्तिशाली. हो तो एक दूसरे को ऐसे घूरते रहते हैं आप. गली मोहल्लों में देखेंगे पटना में यह.
मैंने सीखा मारो मत मारने में क्या होगा. कि खुद भी मार खाओगे बहुत चोट लगेगी तकलीफ. होगी बातें बहुत फैल जाएंगी मगर एटीट्यूड. पूरा दिखाओ।. माहौल बना रहना चाहिए।. माहौल बना रहना चाहिए। तो ये अक्सर होता. है ये मुर्गा लड़ाई। और पटना में मैंने ये. एक और चीज सीखी है कि एक शहर जो पहले. ज्यादा गंदा था अब 25 साल के बाद ज्यादा. साफ लगता है। ये बड़ा कमाल है यार पटना. में। ये मैंने बाकी जगह उल्टा हुआ है।. बाकी जगह से हर जगह उल्टा हुआ है। हर शहर. जो है पहले से ज्यादा गंदा हो गया है।.
पटना में. बिहार वालों का जलवा देर से निकल रहा है. ना सर। [हंसी] अब देखिए वहां का लड़का 15. साल में इंटरनेशनल क्रिकेट खेल रहा है।. बताइए वो क्या मार रहा है यार कमाल है ये।. मगर. पटना पटना और नॉर्थ बिहार से मैं अभी इस. बार बहुत इंस्पायर्ड हो गया।. पहले लोग वहां गाना सुन के एम्बैरेस होते. थे। अब देश भर में थोड़े-थोड़े भोजपुरी. गानों को लेकर वाइब ले रहे हैं लोग।. वाइब ले रहे हैं।. इंडियन क्रिकेट टीम से लेकर हर जगह पर।. पवन सिंह के खेसारी गाने चलने लगे।. दैट इज रियली अमेजिंग। और हमें याद रखना. चाहिए कि हम बोलते हैं गौतम बुद्ध और अशोक.
बट उनके बाद भी गांधी जी ने भी वेस्ट. चंपारण में जाकर के. अपना आंदोलन शुरू किया था तो बहुत बहुत. खास जज्बा होता है बिहार में बंटवारे पर. सर पहले भी कई सारी फिल्में बनी है जिसमें. गदर जैसी लाउड और मास सिनेमा बना है जिसको. हम सब ने बहुत देखा है अप्रिशिएट किया 25. साल लगभग हो गए हैं. फिर एक संजीदा फिल्म बनी पिंजर जैसी. हमने ये सब देखा है. जी मैं वापस आऊंगा। किस स्कूल के ज्यादा.
नजदीक है? नहीं, यह मेरे ख्याल से दोनों ही स्कूल के. नजदीक उतना नहीं है। बिकॉज़ ये आज की कहानी. है। मैं वापस आऊंगा। आज की कहानी है जहां. पर निर्भयर ग्रेवाल दिलजीत दोसांज एक. स्ट्रगलिंग स्ट्रगलिंग स्टैंड अप कॉमेडियन. है।. हम. आप समझ लीजिए कि जैसे कि दिलजीत दोसा है. अपनी जाती जिंदगी में जब वो जाते हैं शोज़. करते हैं तो 300 400 500 की ऑडियंस को वो. एंटरटेन करते हैं। टिकटें सेकंड्स में सेल.
हो जाती हैं। सो ऑन एंड सो फोर्थ। यहां पर. आप देखेंगे पहले ही दूसरे सीन में वो. स्टेज पर जाते हैं. और वो एक माइक है उनके पास और वो 10 12. लोगों की ऑडियंस को भी होल्ड नहीं कर पा. रहे हैं।. तो ये एक दूसरे तरह का जलवा है। तो एक. कंटेंपररी कहानी है। ये इंसान जो हैं वो. अपने दादाजी को देख रहे हैं। उनके दादाजी. अभी अपने डेथ पर डेथ बेड पर हैं। और वह एक. अब वह बहुत ज्यादा पेन में हैं। डिमेंशिया.
हो गया है उनको। याददाश्त चली गई है उनकी।. वह कुछ बोलते हैं, कुछ बड़बड़ाते हैं। कुछ. बातें समझ में नहीं आ रही। बट डॉक्टर यह. कह रहा है कि ये किस जिद में पता पता नहीं. कौन सी ज़िद में इन्होंने बस बस प्राण नहीं. छोड़ रहे हैं ये।. नाउ. वो कुछ बातें बोल रहे हैं बिकॉज़ डिमेंशिया. है उनको हम समझ नहीं पा रहे हैं कि क्या. बात है। तो दिलजीत का कैरेक्टर उनको समझने. की कोशिश कर रहा है और इसके थ्रू हम.
फ्लैशबैक में जाते हैं जब हमें उनकी कहानी. समझ में आती है। व्हाट आई एम ट्राइंग टू. से इज दैट मैं वापस आऊंगा कि जो डिफरेंस. है वो यह है कि आज के जमाने में हम 78. इयर्स पहले जो किस्से हुए हैं उनको देखने. की कोशिश कर रहे हैं।. बट आपको लगता है कि टेंडर बंबल हिंज और. राया के दौर में 78 साल पुराने प्यार के. इंतजार को लोग समझ पाएंगे आज की जनरेशन. में? वो ज्यादा रिलेट कर पाएंगे। बिकॉज़. एक्चुअली ये इतने सारे एप्स चल ही इसलिए.
रहे हैं क्योंकि खोज बहुत ज्यादा है आजकल. के युवा में। फॉर समथिंग मीनिंगफुल फॉर. समथिंग मोर लगर लास्टिंग समथिंग दैट दे. कैन होल्ड ऑन टू एंड फाइंड मीनिंग मीनिंग. इन एंड अदरवाइज इतने सारे ऐप होते भी नहीं. मेरे ख्याल से आज के जमाने में अगर आप. किसी लड़के को कहें कि पुराने जमाने में. ऐसा हुआ करता था या किसी लड़की से कहें कि. इस तरह से लोग सुकून वाली एक रिलेशनशिप को.
पाते थे एवरीबॉडी विल एस्पायर टुवर्ड्स. दैट इट इज़ डिफिकल्ट. बट ये तो वैसा ऐसा हुआ ना जैसे आज भी लोग. किशोर कुमार या कुमार सानू के गाने सुनते. हैं।. एक्सक्ट्ली. पर उन्हें नए गाने नहीं मिलते।. उनके उन्हें नए गाने नहीं मिलते हैं। बट. बट कुमार सानू के गाने लोग सुनते हैं। मैं. जाता हूं छोटे शहरों में लोग ढूंढते हैं।. नस्टिया में जाके. कई लोग सामने नहीं सुनते हैं बट अकेले. ड्राइव की प्लेलिस्ट में सुनते हैं। मगर. ऐसा तन्हाई में सुनते हैं।. जी हां जी हां जी हां बिल्कुल। तो वही जो. है ना कि पुराने गाने जिस तरह से हम सुनते. हैं, विंटेज गाने जिस तरह से सुनते हैं, उसी तरह से ये जो विंटेज रिलेशनशिप है ना.
उसमें भी एस उसके लिए भी एस्पिरेशन होती. है। अब मैं आपको एक एग्जांपल देता हूं। इफ. यू आर यू आर मच यंगर देन मी बट आपसे भी. ज्यादा जो यंग लोग होंगे उनसे आप कहिए कि. शैल वी डू दिस? शैल वी राइट अ लेटर टू योर. गर्लफ्रेंड? यू विल सी दैट देयर विल बी अ. थ्रिल इन देम। आई नो मैं कई बार देखता हूं. कि जो खाना आर्डर आता है. अगर जिसने और जहां से आर्डर किया अगर किसी. ने हैंड रिटन नोट भेज दिया नाम लिख के. वो वहां ऑर्डर ही बार-बार करते हैं उसको.
एप्रिशिएट बहुत करते हैं।. जी. ये मैंने अपने आसपास देखा है कई बार कि. अगर किसी कैफे वाले को आपने ऑर्डर किया. ऑनलाइन. और उसने एक हैंड रिटन नोट भेज दिया। जी. तो एक अलग से स्माइल आती है।. एक अलग से स्माइल आती है। तो जैसे कि बहुत. सारे लोग ना आजकल हमेशा वो जब सेल्फी का. दौर चला तो लोग सेल्फी लेते हैं, फोटोग्राफ्स लेते हैं।. एक नया दौर अभी आया है। बहुत सारे जो. यंगेस्ट लोग होते हैं ना छोटे बच्चे 20. साल की लड़कियां, 15 साल की लड़कियां वो. आकर के ना ऑटोग्राफ मांगना शुरू कर दिया।.
एक्सक्ट्ली. मैं कल रायपुर में था।. एक मुशायरा था वहां पर वसीम बरेली साहब आए. थे।. अच्छा. तो कॉलेज में स्कूल में था। तो जितने लोग. आ रहे थे फोटो तो था. बट नाउ दे वर कमिंग वि सम पैड्स और समथिंग. कि वो सबसे हैंड रिटन मांग रहे जी। आजकल. के लोगों को ना आजकल के यूथ को लेगसी की. बहुत जरूरत पड़ रही है। समथिंग दैट दे कैन. होल्ड ऑन टू। समथिंग जैसे कि आजकल वो. इंस्टेक्स का जमाना फिर से आ गया है। वो. फोटोग्राफ फिजिकल कॉपी ऑफ अ फोटोग्राफ.
रखने का फिर जमाना आ गया है। वो पोलरॉइड. फोटोग्राफ्स के अक्सर आपने देखे होंगे लोग. लेकर के घूमते हैं कि चलो हम सेल्फी तो. लेते रहते हैं या फोटो तो हम अपने मोबाइल. फोन पर रहते रहते हैं। वह तो आया आया जा. गया। बट एक फोटो लेते हैं पोलरॉइड में जो. हम अच्छे से पोज करके लेते हैं। फिर उसको. रखते हैं अपनी किताब के अंदर। तो आई थिंक. दैट्स द काइंड ऑफ थ्रिल दैट ये जो मैं. वापस आऊंगा मैं. मतलब किताबों में फूल फिर से मिलेंगे। अब. किताबों में फूल फिर से मिलेंगे। उसकी.
तमन्ना हमेशा होती है। वो अक्सर मुमकिन. नहीं हो पाता। और चलो फिल्मों में देख के. ही हम अपने दिल को बहला लें। फिल्मों को. देख के अपनी जिंदगी को पूरी तरह से. परिवर्तित कर लेना हमेशा पॉसिबल नहीं होता. है। मगर थोड़ी बहुत कम से कम दिल जब खुलता. है ना तो रास्ते फिर खुल जाते हैं।. मैं कल एक खबर सर पढ़ रहा था।. हम्म. कानपुर में या कहीं पर एक सास ने अपने. दामाद से शादी कर ली।. और वो पूरे दिन इंटरनेट पे भरा पड़ा था।. आई एम शुर आपने भी देखा होगा यह।.
बहुत वायरल हुआ। वो वीडियो भी काफी वायरल. हुआ। कि सास जो थी उन्होंने अपने दामाद से. शादी कर ली है।. अच्छा जी। कि उन्हें प्यार था।. चलो।. फिर मुझे रॉकस्टार का वो सीन याद आया। सही. और गलत के पार एक जहां होता है।. जी।. मैंने पिछली बार भी पूछा था आपसे कि बाकी. रिश्तों में बाया बाकी जगहों पर जो तीसरा. इंसान होता है वो विलेन होता है।. जी।. इम्तियाज अली की फिल्मों में तीसरा इंसान. कभी विलेन नहीं होता। और हर बार होता है।. मैं वापस आऊंगा मैं। दादा जी जो है बिस्तर. पड़े हैं।. हम.
दादी का जिक्र नहीं हो रहा है।. नहीं नहीं।. दादी के बच्चों के बच्चे हो [हंसी] गए।. जी जी।. जो 78 साल पहले छटी थी। हां उसका जिक्र हो. रहा है. और जिन्होंने जीवन भर सेवा की होगी [हंसी]. उसका कोई जिक्र नहीं. उनका कोई जिक्र नहीं है।. जी मगर वो वो इस कहानी का एक हिस्सा है जो. मैं आपको नहीं बताऊंगा।. बीमारी. उनकी जो गैर मौजूदगी है दादी जी की जो गैर. मौजूदगी है उसके पीछे भी कोई कहानी है।. ओके [हंसी] जी बट फिर वो सही गलत वाली. परिभाषा वाला सर सवाल मेरे मैंने लास्ट. टाइम पूछा था मैंने। जी. कि सही गलत की परिभाषा कुछ नहीं होती.
प्यार में। मतलब ये. सही गलत के. ये केस भी अगर देखें सास और दामाद वाला. जी जी. तो वो कह रहे हैं हमें प्यार हो गया. हां. हमें प्यार हो गया हम शादी कर ले रहे हैं. तो देखिए क्या है ना [हंसी] कि जजमेंट. करने के लिए ना हमारा देश का संविधान है. कोर्ट कचहरी सब एस्टैब्लिश्ड है जो साधारण. नागरिक है ना उसको जज करने की जरूरत नहीं. है। वह किसी भी चीज को अगर यह एबिलिटी रखे. कि हम हर तरफ से हर पहलू से इसको देखने की. कोशिश करें, तो फिर जिंदगी में ज्यादा.
स्वाद है। देखिए अभी जैसे कि आपने ये सास. बहू वाली बात मैं कोई कंट्रोवर्शियल बात. नहीं करना चाहता हूं। मगर ये सास ने दामाद. से शादी कर ली। ठीक है ना? अब ये तो है कि. चलो बहुत गलत किया। ये आसान है। और इसमें. कुछ ज्यादा मजा नहीं है। अगर हम दूसरी तरफ. से देखें कि ऐसा क्यों हुआ होगा? क्या. इसके पीछे कोई बड़ी बात भी है? क्या कोई. नई डिस्कवरी है? क्या कोई जब जिसने ऐसे. फील किया वो किस उलझनों से गुजरा होगा?
हां बोलने से पहले इस बात का इकरार करने. से पहले वो साहस और वो दामाद. किन प्रॉब्लम से गुजरे होंगे? अगर आप ऐसे सोचेंगे ना तो शायद एक फिल्म. भी बन सकती है।. मैंने ये ये खबर सुनते पहला इम्तियाज अली. मेरे ज़हन में आया। [हंसी]. क्योंकि रॉकस्टार में मैंने कहा ना कि हम. सब भूल गए थे कि वो शादीशुदा थी।. हां।. कभी अलविदा ना कहने में दुनिया ने उस. फिल्म को रिजेक्ट किया।. हम. पर इम्तियाज [गला साफ़ करने की आवाज़] अली. एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर को भी इतनी. खूबसूरती से दिखा रहे थे कि हमें पूरे.
टाइम रणवीर के लिए बुरा लग रहा था।. उसके पति के लिए नहीं बुरा लग रहा था. मुझे। [हंसी]. तो ये सास बहू में मुझे लगा कि अगर इसको. इम्तियाज के नजरिए से देखें। तो इस पर एक. कमाल की फिल्म बन सकती है जिसप लोग शायद. विरोध करेंगे. बट एक नजरिया होगा जिसको शायद इम्तियाज के. दिखाने के बाद एक बड़ी आबादी समर्थन भी कर. दे. हां. तो ये कैसे पॉसिबल होता है सर कि जो. दुनिया की नगर में ब्लैक एंड वाइट है उसे. आप ग्रे शेड में एक्सप्लोर कर लेते हो. नहीं कब आपने नोटिस किया है कि हीर राजझा. लैला मजनू सोनी महीवाल तीनों बीवियां थी. एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स हैं ना मगर पूरी.
दुनिया में जो बड़ी लव स्टोरीज है वो यही. हैं क्योंकि आपने किसी दूसरे के पॉइंट ऑफ. व्यू से देखा है आपने आपने उसका सच समझने. की कोशिश की है इस कहानी के अंदर।. तो वो ये जो कहानियां है वो भी सही और गलत. के मैदान के मतलब के पार वाले मैदान में. है।. तो यहां जब गुनहगारों की लिस्ट बनेगी तो. मेरा नाम सबसे ऊपर नहीं होगा। सर मेरा नाम. काफी नीचे होगा। ऊपर बहुत भी बहुत. बड़े-बड़े लोग हैं जिन्होंने इस तरह की. कहानियां बनाई हुई हैं जिसमें बहुत सारे.
जो हमारे नॉर्म्स हैं सोसाइटी के वो. चैलेंज हो सकते हैं और पर्सनल तरीके से. देखिए तो हर आदमी जस्टिफाइड लगता है अनलेस. एंड अंटिल उसके अंदर कोई ऐसा शैतान है या. कोई दूसरा कारण है बट हर आदमी का कोई ना. कोई लीगल जस्टिफिकेशन नहीं है तो कम से कम. एक आप समझ सकते हैं कि किसी ने क्यों किया. जो उसने किया. सबका अपना एक सच होता है. सबका अपना एक सच होता है और उसके पॉइंट ऑफ. व्यू से देखें तो फिर उस आदमी को आप कम से. कम उसके साथ सिंपथाइज जरूर कर सकेंगे।.
मतलब [गहरी सांस लेने की आवाज़]. मुझे मैं हमेशा रेखा जी एग्जांपल में आती. है। अभी मैं एक फिल्म का प्रमोशन देख रहा. था। अमिताभ बच्चन के नाती की फोटो जाके. किस कर लेती है. और मैं कहता हूं कि यार सबको पता है कि. इनको लोग ट्रोल करेंगे।. मजाक उड़ाएंगे।. हम. मैं कई बार इसका जिक्र कर चुका हूं कि. सलमान भाई ने पूछा कि बिग बी उन्होंने कहा. नहीं बिग बॉस से नहीं डर लगता। बिग बी से. डर लगता है।. ये मंच पे उन्होंने कहा है।. एक बार अमिताभ साहब का अवार्ड दिया गया।. वो उठ के खड़ी हो गई। जाके जया जी को हक. कर लिया उन्होंने। हम हम हम.
सबको पता है कैमरे जा रहे हैं।. हम हम. बट वो एक पॉइंट ऑफ व्यू है।. हम. मुझे नहीं पता कैसे है बट वो दिख रहा है. और वो एक जिंदगी है जिसको कुछ पसंद भी कर. रहे हैं।. हम. तो प्यार में लॉजिक खत्म हो जाता है। फिर. इसका मतलब इसका लबो लुवाब यही है।. मेरे ख्याल से हां लॉजिक तो लॉजिक के परे. ही होता है। बट आई डोंट नो उनका मतलब ये. जजमेंट उनके रिलेशनशिप के बारे में नहीं. है।. नहीं मैं किसी एक की नहीं। मैं आपकी. फिल्मों से रिलेट करके किरदारों की बात कर. रहा हूं। जैसे सास बहू वाले में भी उन्हें. पता होगा सास और दामाद वाले में कि दुनिया. गालियां देगी। हम. सवाल उठाएगी.
हम. बहुत सारे आरोप लगेंगे बट उन्होंने जाके. बकायदा शादी की कोर्ट मैरिज की है. हम. ये नहीं कि अफेयर कैसे पकड़ लिया लोगों ने. ये खबर तब वायरल हुई है जब दोनों ने शादी. कर ली. हां तो वही है ना कि उन्होंने एक जर्नी. कवर की. जो आपकी जो मतलब ऐसे तो है कि आपकी बहुत. मोहब्बत थी और आपको आप एक दूसरे के साथ हो. गए उसमें कोई मतलब उस कहानी में कोई. ड्रामा नहीं है। बट अगर आपके जैसे किसी ने. मुझे कहा था एक एग्जांपल मैं आपको देता. हूं जब मैंने सोचा ना था बनाया ना वो मेरी.
पहली फिल्म थी और उसमें किसी ने मुझसे कहा. था किसी प्रोड्यूसर ने कि ये फिल्म में. कैसे ये फिल्म कैसे बन सकती है क्योंकि. इसमें कोई विलेन नहीं है।. हम. लव स्टोरी में हमेशा एक बैरियर होना जरूरी. है।. एक अमरीश पूरी चाहिए।. एक अमरीश पूरी चाहिए। उन्होंने एग्जांपल. जो मुझे दिया था वो इसका था कि देखो मुगले. आजम आज सबसे बड़ी लव स्टोरी है क्योंकि. उसमें जो बैरियर था वो थे जलालुद्दीन. मोहम्मद अकबर मुगले आजम वो सलीम और. अनारकली के बीच खड़े हुए थे तो लव स्टोरी. में पावर था तुम्हारी फिल्म में कोई विलेन.
ही नहीं है तो बैरियर ही नहीं है तो फिर. ये कैसे बनेगा. तो. बैरियर कभी-कभी अंदरूनी होता है कभी-कभी. समाज होता है कभी कोई और चीज होती है जो. अपने अंदर का बैरियर होता होता है मेरे. ख्याल से वही सबसे बड़ा होता है। यह सास. बहू के केस में या किसी भी [हंसी] सास बहू. बोल. सास दामाद के केस में या या किसी भी ऐसे. वाले जैसे हीर रंझा और इस तरह में ना क्या. होता है कि समाज का बैरियर बहुत बड़ा हो. जाता है किसी कारण से। फिर जब आप उस.
उसको जब आप कवर करने की कोशिश करते हो. अपने अंदर के की उस आवाज को से जूझते हो. जो आपसे कहती है कि आप एथिकली और मोरली. रॉन्ग हो तब आपकी जो एक मोहब्बत है ना. उसकी टेस्ट होता है। तब आप अपने एक उरू पे. पहुंचते हो। अपनी एक्जिस्टेंस को क्वेश्चन. करते हो। सारी चीजों मतलब आपका दिमाग. खुलता है, आपका दिल खुलता है और तब एक.
प्रोग्रेस होती है मेरे ख्याल से।. आपने अभय देओल के साथ दोबारा काम क्यों. नहीं किया? मुझसे बहुत सारे लोगों ने कहा. अभय देओल इज फ्रॉम द मोस्ट अनएक्स्लोर्ड. एक्टर। बहुत कमाल के एक्टर हैं। वो उतने. एक्सप्लोर नहीं किए गए. क्योंकि आपकी पहली फिल्म थी। पहली मोहब्बत. पहली फिल्म लोग कहते हैं ज्यादा जिक्र. करना चाहिए।. जी हां। अभय देओल के साथ काम करने का मौका. नहीं मिला क्योंकि सोचा ना था उस वक्त. उतनी चली नहीं थी। ये तो अनुराग कश्यप ने. बताया है कि दो फ्लॉप एक्टर्स को एक दो. फ्लॉप डायरेक्टर्स को एक साथ हायर कर लिया. गया था। मुझे और. अनुराग कश्यप को. नहीं नहीं. किसी एक बड़ी कंपनी में.
नहीं नहीं अनुराग कश्यप को नहीं मुझे और. अनुभव सुना तो नहीं. नहीं शेट्टी को. अच्छा रोहित शेट्टी को रोहित शेट्टी मिस. कर दिया मैं रोहित शेट्टी ने किसे सुनाया. था कि मुझे [हंसी]. और इम्तियाज़ अली हम दोनों की पहली फिल्म. फ्लॉप और हम दोनों के एक साथ चले गए थे और. फिर हमने कल्ट देनी शुरू कर दी।. जी तो ये अष्टविनायक श्री अष्टविनायक. प्रोडक्शन हाउस में हम दोनों एक दूसरे के. बगल-बगल बैठते थे। दो वैसे कैबिन थे। एक. में मैं एक में वो तो मैंने भी एक्चुअली. वो वाला देखा है कि रोहित कह रहा है कि.
यार इम्तियाज और मुझे दोनों ने हायर कर. लिया। दोनों को हायर कर लिया गया था और सब. लोग उनका मजाक उड़ाते थे कि दो फ्लॉप. डायरेक्टर्स को तुमने हायर किया है. अष्टविनायक ने तो क्या होगा? अब देखिए. मैंने जो फिल्म बनाई वो जब भी मेड थी उसने. बनाई एक गोलमाल। ये दोनों फिल्में. चली बहुत और ऑब्वियसली मिस्ट्री अश्विनायक. मस्ट बी वेरी हैप्पी बट ये बड़ा एक यूनिक. सा केस था कि किसी ने चांस लिया।. अनुराग कश्यप तो आपसे रोल मांग रहे थे.
शायद।. अनुराग कश्यप रोल मांगने आए थे दिल्ली. यहां पर जब मैं यूनिवर्सिटी में था और मैं. हिंदू कॉलेज में था। वो पहला बंदा था जो. पोर्टफोलियो लेकर के मेरे पास स्ट्रगल. करने को आया था।. ये बात मुझे बहुत खुशी है बोलते हुए कि. इन्होंने फोटो अलग-अलग खिंचाई हुई थी अपने. मतलब बॉडी बॉडी के साथ अलग-अलग कपड़े पहन. करके तो मैं बड़ा हतप्रब हो गया कि एक ही. बंदा अपनी अलग-अलग फोटो क्यों दे रहा है. मुझे क्योंकि उस वक्त मुझे पता नहीं था. पोर्टफोलियो क्या होता है। उस वक्त तो मैं.
सेकंड ईयर में स्टूडेंट था। कोई छोटी सी. फिल्म बन रही थी। पता नहीं क्या हो रहा. था। तो किसी ने मुझे बोला था कि तुम. कास्टिंग में हेल्प कर देना क्योंकि तुम. थिएटर वगैरह करते हो। तो हमें फलाना फलाने. की जिसकी भी कास्टिंग की जरूरत होगी तुम. हेल्प कर देना।. ये भाई साहब हंसराज कॉलेज से पता नहीं. इनको कैसे पता चला। ये आ गए थे कि ये मेरा. पोर्टफोलियो है। आप आप कास्ट तुम कास्टिंग. कर रहे हो तुम मेरी भी कास्टिंग करा देना।. वो तो खैर कुछ बननी बनी नहीं। फिल्म कुछ.
हुआ नहीं। बट दैट्स हाउ आई मेट अनुराग. कश्यप।. अभी आपको अनुराग कश्यप दी एक्टर कैसे लगते. हैं? वो तो मुझे मैं अक्सर बोलता था कि तुमको. तो एक्टिंग करने की चूल कभी गई नहीं। तुम. तो एक्टिंग कर अभी भी करना चाहते हो। एज. व्हेन ही वाज़ अ डायरेक्टर व्हेन ही इज अ. डायरेक्टर।. नहीं अब तो अनुभव सिन्हा सर ने कहा हमारे. यहां पर आए थे। कह रहे थे कि अब बेटी की. शादी करनी थी तो खर्चा निकालने के [हंसी]. लिए कर ली। अनुराग का यह बहाना है कि बेटी. की शादी करने के लिए मैंने एक्टिंग की है।. ऐसा कुछ नहीं है। मुझे लगता है कि वह बहुत. एंजॉय करते हैं एक्टिंग को और.
[गला साफ़ करने की आवाज़]. लोग उनकी एक्टिंग को बहुत पसंद भी करते. हैं और अब हिंदी के अलावा वो साउथ इंडियन. सिनेमा में भी बहुत ज्यादा एक्टिंग कर रहे. हैं और वो बोर शिफ्ट कर गए हैं अनुराग। अब. वो वहां रहते हैं और बहुत सारी फिल्में कर. रहे हैं।. आपने नसीर सर की चाय क्यों एंजॉय नहीं की? यार उसमें ना क्या था कि [हंसी] उसमें. उन्होंने थोड़ी सी चीनी डाल दी थी उनके घर. में और मुझे मीठी चीज ना उतनी पसंद नहीं. है। तो मीठी चाय तो बिल्कुल मुझे बर्दाश्त. नहीं होती। अब उनके लिहाज में मैंने. दो-तीन शिप लिया। उन्होंने नोटिस किया.
अलीगढ़ के हैं। उन्होंने नोटिस किया कि ये. तो चाय नहीं पी रहा लड़का।. तो क्या चाय इज नॉट अप टू योर. स्टैंडर्ड्स। ऐसा कुछ उन्होंने बोला मुझे. तो मैंने दो-तीन और चुस्की ली। फिर उसको. छोड़ ही दिया।. चाय इश्क है आपके लिए? चाय इश्क है मेरे लिए यार। थोड़ा चाय की. व्याख्या कीजिए।. चाय के बारे में आपको मैं क्या बताऊं? दार्जिलिंग में मैं जा अक्सर गया हूं और. वहां पे प्लांटेशन होते हैं। वहां बागान. से जो फर्स्ट क्लास चाय उतरती है और उसको. प्रॉपर तरीके से ब्रू करके मैं खुद अपने.
हाथों से खुद भी पीता हूं। आप आएंगे हमारे. ऑफिस में हमारे घर में तो हम मैं आपको भी. अपने ही हाथों से पिलाऊंगा। दुर्गत मेरी. यह है कि पूरे ऑफिस में किसी को भी चाय. पीनी होती है तो आर्डर मुझे ही आता है।. मैं ही उनके लिए बनाता हूं। तो मैं मास्टर. ब्रूअर भी हूं चाय का अपने ऑफिस में और. चाय से बहुत लगन है। चाय की बहुत सारी. कहानियां हैं। चाइना भी कि मैं जा चुका. हूं।. सही चाय बनाने का फार्मूला बताइए क्या? सब. चाय सही चाय बनाने का फॉर्मूला यह है ना.
कि पानी हर जगह का अलग होता है। दिल्ली और. बॉम्बे के पानी में बहुत फर्क है। आप वही. वैसे तो बहुत सिंपल है कि दार्जिलिंग की. अगर चाय है फर्स्ट फ्लश तो आप एक कप गर्म. पानी में एक चमची चाय पत्ती डालें। 3 मिनट. तक उसको कवर करके रखें और उसके बाद उसको. स्ट्रेन करके पी लें। बट बॉम्बे और दिल्ली. में थोड़ा सा फर्क होगा पानी का। दोनों का. टेस्ट थोड़ा सा फर्क हो जाएगा और चाय जो.
है ना उसमें एक्चुअली फ्लेवर होना नहीं. चाहिए। उसमें होना चाहिए सिर्फ अरोमा. और बॉडी और आफ्टर टेस्ट। मगर इन चीजों में. थोड़ा सा फर्क हो जाएगा क्योंकि पानी अलग. है। कहीं पर आपको 3 मिनट 10 सेकंड लग सकता. है ब्रू करने का टाइम। कहीं पर आपको दो से. 2ाई मिनट में ही हो जाएगा। हर चाय का ब्रू. करने का टाइम अलग होता है।. हम आपको चाय पिलवाते हैं। हमको समझ में आ. गया कि आप उन लोगों में से हैं जो खाना. खराब खा सकते हैं लेकिन गंदी चाय नहीं पी.
सकते।. गंदी चाय पीना मुश्किल है।. तो फिर नसीर साहब के साथ मैंने जो वो जो. आधी कप चाय पी वही बहुत. आपकी आधी कप चाय मंगवाते हैं। अगर. अभी मैंने पी है चाय आप।. चलिए चाय पर हमने एक शेर भी लिखा था कि. चाय सरीखा इश्क है तुमसे। हम. सुबह शाम ना मिलो तो सिर में दर्द रहने. लगता है।. ओह हो क्या बात है क्या बात है। एक और मैं. आपको उस चाय पे शेर सुनाता हूं जो कि एक. बहुत ही कुख्यात शायर ने लिखा था जमशेदपुर. की गलियों में कि वो तो कहिए अरब में चाय. ना थी वरना वो भी हराम हो जाती। [हंसी].
गनीमत है।. गनीमत है कि नहीं।. गनीत है कि वहां नहीं थी।. नहीं हुई।. क्योंकि नहीं होती तो फिर हालत खराब होती।. वैसे मैं हमेशा कहता हूं कि इश्क करना है. तो उनसे करो जो चाय से मोहब्बत करते हैं।. क्या बात है? क्या बात है? आप भी चाय के. शौकीन हैं हुजूर। क्या बात है। ये तो. हमारा. वो गर्मियों में वो गर्मियों में समझौता. नहीं कर पाते।. हां सही बात है। ये इस चीज पे मेरा बहुत. एटीट्यूड है। आप कभी हमारी फिल्म के सेट. पर आए और आप हमारी चाय पिए। तो फिर आप. समझेंगे कि हम कौन हैं।.
जबरदस्त जबरदस्त। [हंसी]. सर आपकी फिल्मों का जिक्र हो रहा था। जी. कॉकटेल जब हमने देखी तो उसमें एक सवाल. मेरे ज़हन में आया क्योंकि मैं कई सारी. अपनी फिल्में देखता हूं। सही गलत के पार. वाली फिल्म है।. अब एक थ्योरी आती है कि प्यार में इंसान. सही गलत नहीं देखता। लेकिन शादी में सही. गलत देख लेता है।. हम. कॉकटेल में इश्क दीपिका पादुकोण किस. कैरेक्टर से लड़ाया गया? हम्म।. लेकिन जब शादी की बात आई तो वही चाहिए थी. जो घर में फिट हो जाए।. देखिए क्या है कि कॉकटेल क्योंकि मैंने. नहीं डाली। लिखी आपने थी।.
हां मगर क्या होता है कि मैंने जो बेसिक. एक स्क्रीनप्ले लिखा वो जब डायरेक्ट होता. है तो फिर वो उसकी शक्ल अलग हो जाती है।. तो उसकी मोरल रिस्पांसिबिलिटी मैं नहीं ले. सकता।. मैं नजरिया समझने की कोशिश कर रहा हूं। ये. समाज के पॉइंट ऑफ व्यू से भी और. एक्चुअली उसमें क्या था? क्या होना चाहिए. हम. कि आप उसमें शादी की बात नहीं थी। उसमें. यह था कि अल्टीमेटली. जो आपकी टाइप है ना वो एक चीज है जो टाइप. है वो हम अपने आप को कहते हैं कि मेरी.
टाइप ये है। मगर कभी-कभी ऐसा होता है कि. जब आपको एक्चुअल इश्क होता है ना तो उस. उसमें वो टाइप के जो विपरीत होता है उससे. भी हो सकता है। क्योंकि इश्क किसी टाइप से. नहीं किसी इंसान से होता है। टाइप एक बहुत. सुपरफिशियल चीज होती है। ये ये मैं कहने. की कोशिश कर रहा था। इम्तियाज अली टाइप. में फंसे हैं।. नहीं मुझे नहीं लगता है। अब तो खैर मैं. बहुत लंबी जर्नी भी कर चुका हूं।. कभी ऐसा हो सकता है कि जैसे फिल्में. अनुराग कश्यप बनाते हैं। अभी हमने धुरंधर.
देखी है।. अलग तरह का सिनेमा या जैसे मैंने जिक्र. किया था शुरुआत में कि पार्टीशन पर गदर आई. थी। अभी सैनी पाजी की एक और आने वाली है।. लाहौर 147. राजकुमार संतोषी के साथ। अगेन आई एम श्योर. कि वो भी लार्जर देन लाइफ होगी। शोर शराबा. चीखना चिल्लाना ताकत।. आपने बिहार की बहुत अच्छे से ऑब्जर्व किया. था। जब आप बिहार को एक्सप्लेन कर रहे थे. पटना को. जी जी जी. कि वो दमदार वाला अंदाज है जी हां. मजाक समझ रखे हैं आप हम. तो वो समझ तो आपको बहुत अच्छी है. जी जी. कभी वैसा सिनेमा एक्सप्लोर करने का नहीं.
जरूर जरूर करूंगा मैं मुझे लगता है कि. धीरे-धीरे मैं हर तरह का सिनेमा एक्सप्लोर. करने की कोशिश करूंगा. हम. और. देखिए क्या है कि मैं अभी जैसे ये ये वाली. फिल्म है ये इसकी फोकस जो है ना वो एक. पर्सनल कहानी पर जरूर बट ऑब्वियसली. पार्टीशन हो रहा है। उसमें वायलेंस भी है।. उसमें एक्शन भी है।. तो मुझे लगता है कि एक और कहानी मेरी है. जो जो बिल्कुल जिसमें बहुत ज्यादा एक्शन.
है। तो अब मैं उस तरफ खुलने की कोशिश कर. रहा हूं क्योंकि मुझे मेरे लिए उस चीज को. समझना जरूरी है। ये एटीट्यूड जैसे आपने. बोला कॉमेडी के रूप में मुझे बहुत अच्छे. से समझ में आता है क्योंकि मैं मुझे मुझे. ये फनी लगता है। मगर पर्सनल लाइफ में मैं. कई बार ऐसी वारदातों में रहा भी हूं जहां. वा- वायलेंस हुई है, जहां मारपिटाई भी हुई. है। अ. तो उसमें ना कोई खास बात होनी चाहिए जो. मुझे समझ में आए। क्योंकि उस तरह से हम.
लोगों ने ना अपने गाने गानों को नेचुरल. बना दिया है।. जैसे कि हिंदुस्तानी फिल्मों में गाने. होते हैं और हम मास्टर्स हो गए हैं। हम जो. फिल्म मेकर्स हैं कि गाने कैसे हमारी. पिक्चर में आए। जब तक वोस्ट्री मुझे मतलब. एक्शन में और वायलेंस में नहीं मिलेगी ना. तो मैं बनाना नहीं चाहता हूं क्योंकि मैं. ऐसा कोई एक्शन नहीं बनाना चाहता हूं जिस. जो मैं फील ना कर पाऊं।. जैसे आपकी फिल्में जब मैं डिकोड करता हूं. तो मुझे हर बार एक अकेला इंसान दिखाई. पड़ता है।. अधिकतर फिल्में जो आपकी हैं कोई डिप्रेशन.
में ऐसे डूबा हुआ आदित्य हो। चीखने वाला. हैरी हो या फिर डिमेंशिया में नसीर साहब. जो अभी नजर आ रहे हैं. जी. लवाशकल भी देख लूं मैं सैफ अली खान भी एक. पागलपन अकेलापन कहीं ना कहीं आ जाता है वन. आपकी लाइफ सारी फिल्मों में आता है ये. तो ये अकेलापन. जिंदगी से निकल कर आया या इस अकेलेपन को. आपको एक्सप्लोर करें क्योंकि इसमें परतें. बहुत सारी होती हैं लेयर खोलने के लिए. आपको क्रिएटिविटी ज्यादा मिलती है गहराई. में जाकर उसको एक्सप्लोर करने के लिए. उसलिए होती है ये कुछ कॉमन फैक्टर आपकी. फिल्मों में है साइकिल कई बार अब तो खेत.
भी आने लगे ट्रेन. नहीं [गला साफ़ करने की आवाज़] ये जो कॉमन. फैक्ट है पास्ट एंड प्रेजेंट साथ चलना. ये मैं जानबूझ के बिल्कुल नहीं करता हूं।. जैसे कि ये पास्ट और प्रेजेंट का मुझे ऐसा. लगता है ना कि अक्सर इंसान प्रेजेंट टाइम. में होता है मगर ख्यालों में वो पीछे जाता. है या पीछे कोई चीज याद करता है अपनी. जिंदगी की और फिर सामने वाली जिंदगी में. परिवर्तन भी करता है। तो पास्ट एंड. प्रेजेंट एक्चुअली. लाइफ इज नॉट ऑलवेज क्रोनोलॉजिकल। फीलिंग्स. आर नॉट क्रोनोलॉजिकल। तो इसीलिए थोड़ी.
क्रोनोलॉजी मेरी फिल्मों में ब्रेक होती. है। कैरेक्टर्स जब मैं लिखता हूं तो. डेफिनेटली यह सोच के नहीं लिख रहा होता. हूं कि यह लोनली रहे। उसमें कोई ऐसी. स्ट्रेटजी नहीं रहती।. बट इतना अकेलापन क्यों सर? इतना अकेलापन जब होता है ना तभी फिर मतलब. हाईवे में मेरे को अकेलापन दिखा, रॉकस्टार. में अकेलापन दिखा, तमाशा में अकेलापन. दिखा। हैरी आप कोई फिल्म उठा लो इम्तियाज़. अली की। कॉकटेल भी देख लो। उसमें भी एक. अकेलापन है।. अच्छा पता नहीं यार ये मतलब ये जानबूझ के. मैं नहीं कर रहा हूं। अ यह हो यह यह हो जा.
रहा है मुझसे और ऐसा आई डोंट नो वेदर इट्स. अ रिफ्लेक्शन ऑफ मी नॉट इवन मे बी बट नॉट. श्योर व्हाई दैट्स अ केस बट एक बात जरूर. है कि अकेलापन में आदमी ढूंढता ज्यादा है. और अकेलेपन में फिर. चीजों को महसूस बहुत ज्यादा करता है।. चलो मैं इसको रिफ्रेम करता हूं।. इम्तियाज अली की फिल्मों से इम्तियाज अली. कितने अलग हैं? वेल. मुझे लगता है कि बहुत ज्यादा अलग है। जैसे.
मेरे. मुझे नहीं लगता कि मैं अपने किसी भी. कैरेक्टर की तरह हूं। यह सवाल क्योंकि. मुझसे किसी ने पूछा था तो मैं वो जवाब. आपको दे सकता हूं कि मुझे नहीं लगता मैं. किसी भी कैरेक्टर की तरह हूं।. [अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़]. अह [गहरी सांस लेने की आवाज़]. कभी-कभी ऐसा लगता है कि मैं एस्पायर कर. सकता हूं किसी कैरेक्टर को कि काश मैं गीत. की तरह बन जाऊं। उतना फ्री हो जाऊं। काश. मैं. जॉर्डन की तरह बन जाऊं कि आई डोंट केयर.
अबाउट एनीथिंग बट मैं वो हो नहीं पाता. हूं। तो शायद मेरे एस्पिरेशंस या वो जो. वाइकेरियस लिविंग की क्वालिटी होती है ना. तो शायद मैं कैरेक्टर्स के थ्रू जीने की. कोशिश करता हूं। मगर लाइफ में मैं वैसा. नहीं हूं जैसी मेरी फिल्में हैं। बिल्कुल।. ओके। कैसे इंसान है फिर आप जिंदगी में. कितने अलग हैं? क्या है? क्योंकि आप अपने. बारे में थोड़ी कम बात करते हैं।. अपने बारे में मैं इंटरेस्टेड उतना हूं. नहीं। तो मैं उस बात नहीं करता। आप में. बहुत लोग इंटरेस्टेड हैं। बहुत सारे लोग. अब आपको समझना चाहते हैं आपकी तसीर को कि. आप किस तरह के इंसान हैं क्योंकि आपकी. फिल्मों के जरिए डीकोट कर रहे हैं। उन्हें.
लगता है कि. आप शायद फिल्मों वाले ही इम्तियाज़ हैं।. आपकी फिल्मों के वो कॉमन फैक्टर्स उठाते. हैं।. ये भी हो सकता है। ये भी हो सकता है। मेरे. ख्याल से क्या होता है ना कि जैसे कि मैं. अपने बारे में जो बोलूंगा शायद वो वैलिड. नहीं हो। क्योंकि हो सकता है कि मैं अपने. बारे में वो बोलूंगा जिससे मैं आपको. इंप्रेस कर पाऊं। हो सकता है कि मैं उसलिए. मैं नहीं बोलता हूं अपने बारे में क्योंकि. मुझे एक्चुअली वो एक्चुअली मुझे वह. इंटरेस्ट ही नहीं है। दुनिया में बहुत. ज्यादा खूबसूरत और इंपॉर्टेंट और.
फैसनेटिंग चीजें चल रही होती हैं। यह वक्त. नहीं होता है कि मैं अपने बारे में सोचूं।. मैं सोचा करता था जब मैं बहुत यंग था। जब. मैं मुझे लगता था मैं कितना कूल हूं कि. नहीं हूं। मैं कैसे कपड़े पहन लूं। मैं. किस तरह से पेश आऊं। मैं ज्यादा. मुस्कुराऊंगा नहीं जब लोग मुझे कुछ. बोलेंगे। बिकॉज़ वो इमेज ठीक नहीं बनेगी।. ये सब मैं सोच चुका हूं।. अब फर्क नहीं पड़ता।. अब अब अब नहीं फर्क पड़ता क्योंकि मैं अब. इस बिजनेस में हूं। मेरा काम ही है. कहानियां बनाना। तो जब तक मैं खुद से नहीं.
हटूंगा तो फिर मैं क्या कहानी बनाऊंगा? काम के अलावा इम्तियाज अली खुशी क्या किस. चीज से मिलती है? लोगों से मिलने में, लोगों से बात करने. में, ट्रैवल करने में और. जो एक इन अनप्रेसिडेंटेड चीजें होती है ना. जैसे कि अभी कुछ दिन पहले यार एक ऑटो. रिक्शा वाला मुझे मिला। तो एक एक वक्त आ. वक्त था जब मैं पैदल गुजर रहा था कहीं से. और सडनली बारिश पड़ गई। तो मुझे जाना तो. नजदीक ही था मगर मैं किसी ऑटो में बैठने.
के लिए गया। जब ऑटो में जब मैं बैठ गया. बारिश बहुत तेज हो चुकी थी। तो मैं उतरा. फिर मुझे सडनली रियलाइज हुआ कि मेरे पास. कैश तो रहता है नहीं कैश नहीं है। तो. मैंने सोचा मैं उतर गया उससे मैंने बोला. कि नहीं आप रहने दो मैं ऐसे ही चला. जाऊंगा। तो बोला अरे बारिश हो रही है. बैठो। तो आई सेड नहीं आप जाओ। तो फिर वो. मेरे पीछे आ गया ऑटो वाला। बोला कि नहीं. आप बैठिए ना। क्यों क्या हुआ? आई सेड यार. मेरे पास पैसे नहीं है। तो उसने मुझे देखा. बोला कि चलो कोई बात नहीं मैं ऐसे ही छोड़. दूंगा। तो मैं बैठ गया।.
और बहुत शुक्रिया उसका अदा किया क्योंकि. बहुत जोर से बारिश हो रही थी। थोड़ी देर. के आगे जाकर के हम कहीं सिग्नल पर रुके या. कुछ हुआ तो बारिश थोड़ी सी कम हो गई थी।. सामने वाली गाड़ी से दो लड़कियां निकल कर. के आ गई ऑटो के अंदर और बोली सर फोटो सर. फोटो। तो वो बेचारा मुड़ के देख रहा है कि. ये कौन है? कौन है? राइट? फिर जब उसने पीछे छोड़ा तो उसने कहा. आप कौन है? तो मैंने कहा मैं एक्चुअली. फिल्म डायरेक्टर हूं। मेरा नाम इम्तियाज़. अली है। तो इन लोगों ने शायद मेरी फिल्में. देखी होंगी उसलिए फोटो खिंचा रही थी। मैं.
भी फोटो खिंचा सकता हूं।. हां जरूर खिंचा सकते हैं। उसने अपना फोन. निकाला। उसकी बैटरी डेड थी। ठीक है ना? वो. फोटो नहीं खिं पाया। बात यह मैं कह रहा. हूं कि चार दिन पहले आज से चार दिन पहले. मैं एकता कपूर की पार्टी में गया था।. उन्होंने बुलाया था किसी लॉन्च पे। मैं. बाहर निकल रहा था। मैं पैदल आ रहा था। एक. ऑटो रिक्शा वाला आया और आके रुका और उतरा. और बोला इम्तियाज भाई पहचाना ये मैं ही.
हूं। आपको याद है ऐसेसे हुआ था। फिर उसने. अपना फोन निकाला। बोला आज मेरे फोन पे में. बैटरी है। मैंने सोचा था कि किसी दिन आप. मिलेंगे कहीं पर मैं फोटो खींचूंगा। अपने. घर वालों को दिखाऊंगा। उसने फोटो खींची।. तो इस तरह की जो थ्रिलिंग चीजें होती है. ना जो अपने आप होती हैं। आप इसको. ये वाले रिश्ते होते हैं।. सक्सेसफुल होने के बाद जिस कम्युनिटी में. आप रहते हो वहां बनते हैं ऐसे रिश्ते।. बने ना ये तो आपको जानता नहीं था। जैसे. मैं वेदांत से पूछ रहा था मैं। मैंने कहा. क्या बदला? उसने कहा यार अब मुझे समझ नहीं.
आता मैं किससे दोस्ती करूं।. क्योंकि हर आदमी एक परसेप्शन लेकर आ रहा. है।. देखिए क्या है? वो जो निस्वार्थ रिश्ता था इसमें। वो जो. इंसानियत का रिश्ता था कि उसे नहीं पता था. आप कौन है।. पता होने के बाद क्या होता तो बड़ी साधारण. चीज थी।. जी. होंगे आप इम्तियाज अली। उस वक्त आपको. जरूरत थी। बिल्कुल. बारिश थी उस वक्त वो अमीर आदमी आपसे आया. था जिसने आपको जगह दी. बिल्कुल बिल्कुल. वो जो एक रिश्ता बना वो. वो अभी भी बनेगा वो आप जितने भी सक्सेसफुल. हो जाए आप जितने भी कुछ भी हो जाए आपकी. जिंदगी में वो रिश्ते बनते रहेंगे मगर. क्या होता है ना कि जब थोड़ी ये जो फेम की.
जो चीज होती है ना जब ये पहली बार आती है. ना तो इंसान को लगता है कि बहुत कुछ इससे. चला जाएगा बट अगर आप वही रहे जो आप होते. हैं ना तो फिर कुछ नहीं जाता है अभी जैसे. वेदांग है ही मस्ट बी न्यू टू टू फेम ना. वेदांग को पहली बार लगा होगा कि यार अब. लोग ऐसे आ रहे हैं। पता नहीं कोई मुझसे. दरअसल मेरे लिए मिल रहा है कि उसको फोटो. खिंचाना है उसलिए मिल रहा है। ये चीजें. आती हैं। वो चीजें आपको कभी-कभी हर्ट भी. करती हैं। रॉकस्टार में वो सीन था कि जब.
रणबीर अपने दोस्तों से मिलने आता है तो वो. उसके साथ फोटो खिंचा रहे होते हैं। तो फिर. उसको कोई स्वाद नहीं आता है। तो ही फील्स. दैट ही लॉस्ट ह फ्रेंड्स बिकॉज़ ऑफ़ ह फेम।. ऐसी फीलिंग आती है मगर फिर आपको समझ में. आता है कि. ये ये चीज भी चली जाती है। एंड देन यू. फाइंड विद इन द सर्कल ऑफ ऑल ऑफ दैट न्यू. फ्रेंड्स न्यू रैंडम रिलेशनशिप्स। और. कभी-कभी आप किसी मकसद से या किसी मतलब से. किसी से मिलते हैं। बट जो रिश्ता उसके साथ.
बनता है वो एक्चुअली मीनिंगफुल होता है. आपके लिए। ऐसा बहुत-बहुत बार होता है।. मैं आपको एग्जांपल देता हूं सर। सॉरी आपको. अब अपनी [गला साफ़ करने की आवाज़] बात को. ज्यादा खींच रहा हूं मैं। जैसे कि सुनीधि. चौहान है। आपको पता है सुनीति चौहान ने. मेरे फिल्म में असिस्ट किया है मुझे तमाशा. फिल्म में। उसको क्या जरूरत थी? वो उस. वक्त और उसके पहले से ही इस कंट्री की. सबसे बड़ी सिंगर थी।. और वो जब आई और शिमला में उन्होंने ऐसे. मेरा वो वो क्लैप दिया तो लोगों ने कहा कि. आप सुनीति चौहान नहीं मैं सुनीति चौहान.
नहीं हूं। तो उसने ये किया क्योंकि उसको. जरूरत थी। सो ऑब्वियसली उस तरह के रिश्ते. आज भी होते हैं।. हां मतलब अगर यह रिश्ता है कि काम साथ. करें ना करें लेकिन रिश्ता है रिश्ताेंट. है आई थिंक दैट्स समथिंग. देयर आर लॉट्स ऑफ़ लॉट्स एंड लॉट्स ऑफ़. थिंग्स लाइक दैट. कई लोग नाराज होते हैं ना काम नहीं रहा हम. दोस्त थे काम नहीं रहा. हां. इसलिए शायद रिश्ते बदल गए. हां नहीं वो भी एक तरह से वो भी होता है. मगर काम के दौरान भी दोस्ती होती है मैंने. बहुत सारे लोगों को देखा है मैंने बहुत. सारे लोगों को देखा है जैसे मैंने रेखा और.
नीतू सिंह को के बारे में देखा है कि इनका. रिश्ता इतना स्ट्रांग है बहुत सारी ऐसी. पुराने जो मतलब मतलब अक्सर फिल्म हीरोइंस. हैं या एक्टर्स हैं। बहुत बहुत स्ट्रांग. रिश्ते रहे हैं इनके।. जनता से आपका भी बड़ा स्ट्रांग रिश्ता है।. वो आपकी फिल्म के रिलीज होने कुछ साल बाद. देखने जाते हैं। [हंसी]. वो ना मेरा इम्तिहान ले रहे हैं।. कभी मन में आता नहीं है कि भाई मेरे. [हंसी] दिन भर मेरे बारे में बात करते. हैं।. मैंने भी देखा है।. फैन पेजेस बनाते हो। 10 साल बाद बात कर.
रहे हो। जैन की बात कर रहा है। तमाशा, रॉकस्टार, लैला, मजनू सब इस बार मेरे भाई. जाके देख लेना। [हंसी]. नहीं. नहीं तो मैं फिर ओटीटी पे रिलीज करूंगा।. नहीं ये मेरी परीक्षा है। मैं समझता हूं. कि क्या है कि अगर मैं मैं भी इस तरह से. फिल्में बनाने की कोशिश कर रहा हूं कि एक. बार में आप सारी चीजों को एंजॉय कर पाएं।. और सही मायने में ये मैं वापस आऊंगा उस. आजमाइश का एक पहला सबूत है।. वाओ।. मैंने लास्ट टाइम जब हम मिले थे कॉन्क्लेव.
में एक सवाल पूछा था।. जी।. ये सवाल मैंने बाद में वेदांग से ही पूछा।. वो जब हम पडकास्ट कर रहे थे तो मैंने उनसे. पूछा कि आप मुझे इम्तियाज अली की कड़ी. फिल्मों के नाम बताइए। हम. तो उन्होंने रॉकस्टार का जिक्र किया, तमाशा का जिक्र किया, हाईवे का जिक्र है, कई फिल्में हैं। फिर मैंने उनसे वही बात. कही जो मैंने आपसे उस इंटरव्यू में कही थी. कि ये सारी फिल्में वो हैं जो 2015 तक. रिलीज हुई थी। 15 से 25 में ऐसी फिल्में. कमा रहे हैं जो इम्तियाज़ की याद करें।. आपने कहा मेरी फिल्में बाद में आती हैं. लोगों को। हम. ये जो फिल्म है. हम. ये आपको लग रहा है कि इम्तियाज अली का.
ग्रैंड कमबैक है वैसा ही जिन फिल्मों को. लेकर हम आपको इतना पसंद करते आए हैं प्यार. करते आए हैं क्योंकि इस फिल्म में ट्रेलर. देखकर तो लग रहा है कि सिनेमा हॉल में. जाकर देखना चाहिए आमतौर पर मेरी धारणा बदल. चुकी है सिनेमा हॉल को लेकर मैं लार्जर. दैन लाइव फिल्मों को देखने जाता हूं. धुरंधर जैसी फिल्में या केजीएफ जैसी फिल्म. आएगी कोई बड़ी फिल्म आएगी या फिर आपने. 12th फेल जैसा कंटेंट दिया मुझे कि आपने. मुझे मजबूर कर दिया कि मैं जाकर देख कर आ. रहा हूं. हम्म हम्म आपको लगता है कि वो दर्शक जो. ऑलरेडी आपको कई साल बाद देखता था वो यहां.
पर इस बार ग्रैंड इम्तियाज कमबैक को. देखेगा और यह भी कल्ट फिल्मों में जाने. वाली है? देखिए मुझे जो लगता है वो मीनिंग वो कोई. मायने नहीं रखता। खुशी की बात ये है कि. आपको ऐसा लगता है।. मुझे लगता है मैंने क्योंकि लास्ट टाइम भी. अपना ऑनेस्ट ऑब्जरवेशन दिया था।. जी जी बिल्कुल।. इस बार भी मैं कह रहा हूं कि मुझे लग रहा. है कि मैं जाकर देख कर आऊंगा।. वेरी गुड सर। तो मतलब कि शायद हमारा जो. मंसूबा है वो कामयाब होगा। तो इस बीच में. फिर क्या हुआ था ऐसा 15 से 25 अगर मैं फिर. सोचा जाऊं जैसे चमकीला वास. [गला साफ़ करने की आवाज़] अ फैंटास्टिक.
मूवी मुझे बहुत अच्छी लगी बहुत सारे लोगों. की तरह मेरी भी मनोकामना थी कि वो थिएटर. रिलीज होनी चाहिए. जी. मुझे इसके लिए भी ये लग रहा है बट वो जो. बीच में एक फेस आया जिसमें लवाशकल टू आई. हैरी आई वो इम्तियाज का परफेक्शन शायद. मिसिंग था या हम नहीं सोच पा रहे थे या. शायद 10 साल बाद हमें लगे. देखिए क्या होता है ना कि नहीं नहीं 10. साल बाद [हंसी]. 10 साल बाद बाद जो लगने वाली बात है ना. उससे हमको मुझे आगे बढ़ना चाहिए एज अ. फिल्म मेकर एंड एज अ एज अ फिल्म पर्सन बट.
एक बहुत इंपॉर्टेंट बात है जो मैंने सीखी. है कि अलग-अलग रास्तों से चलते हुए ना. अलग-अलग प्रयोग करने के बाद आप एक उस. महारत पर पहुंचते हैं कि आप एक बेहतर. सिनेमा बना पाएं। जो सेफ ऑप्शन होता है, जो सेफ तरह की फिल्में होती हैं, जिसमें. आपको लगता है कि अच्छा अब ये इसमें मेरी. महारत हासिल हो चुकी है, उस काम को करना. ही नहीं चाहिए।. तो आप कॉकटेल टू नहीं बनाते।. कॉकटेल इसीलिए मैंने नहीं बनाया था.
क्योंकि मुझे लगा कि. जब भी मेट से कितनी अलग है ये। जब भी मेट. में मैंने ये चीज कर ली है। लिख सकता हूं।. डायरेक्ट करने की ख्वाहिश नहीं है। तो. इसलिए मैंने वो वाली फिल्म वो फिल्म उस. वक्त नहीं बनाई थी।. रॉकस्टार 2 दुनिया कह रही है आप नहीं. बनाएंगे। नहीं बनाने हां नहीं नहीं बनाना. चाहता हूं. क्योंकि सब कह रहे हैं बन सकती है. क्योंकि वो प्रोजेक्ट होगा. सुपरहिट वैसे भी हो जाएगी. एक्सक्टली वो वो वो मगर वो एक प्रोजेक्ट. होगा अभी मेरे पास कोई कहानी हो जो फ्रेश.
तरीके से मैं बनाऊं मेरी एक्साइटमेंट. उसमें है।. आपको पैसे कमाने का शौक नहीं है? नहीं. बहुत ज्यादा शौक है मगर मुझ मैं अगर सिर्फ. पैसे कमाने का शौक नहीं है। मैं पैसे. कमाना चाहता हूं बट अपने तरीके से मैं ये. वाला जो स्वाद है ना ये नहीं छोड़ना चाहता. हूं जिसके लिए मैं मुंबई आया हूं। वरना. मैं जमशेदपुर में होता किसी और तरीके से. पैसे कमा रहा होता। बट द पॉइंट इज़ दैट जो. जो मेरी एक उड़ान है जो मेरी एक ख्वाहिश. है कि मैं इस दुनिया में जाऊं। उस दुनिया. की कहानी बनाऊं।. उसके थ्रू मैं पैसे कमाना चाहता हूं।.
रॉकस्टार में जैसा सीन है जिसमें उनको सब. फ्लैशबैक में आता है।. जी. कहते हैं मृत्यु के पहले इंसान को सब याद. आता है। हम. उसकी मृत्यु का सीन था वो। वहीं कहानी एंड. हो गई थी। [हंसी]. ऐसा मेरे किसी इंटरव्यू में लोगों ने ऐसा. समझा है या शायद मैं. देखिए क्या होता है ना कि जब फिल्म जहां. पहला सवाल इसीलिए पूछा था। क्या आप उतना. सोचते हो जितना हम आपकी फिल्मों के बारे. में सोच रहे हैं? नहीं ये एक्चुअली मैंने नहीं सोचा था।. क्योंकि ये थ्योरी मुझे किसी ने दी आपके. एक फैन ने? मेरे एक मित्र हैं आपके फैन उन्होंने।.
नहीं आपने सही बोला। मैंने बोला था ना कि. मैं सोच के बताऊंगा ये वाली वाली बात है।. कि रॉकस्टार में उसको समय आता है। तो. मृत्यु के पहले इंसान को समय आता है।. नहीं मैंने ये नहीं. सारा फ्लैशबैक तो रॉकस्टार की कहानी एंड. हो गई थी इसलिए पार्ट टू नहीं बना। ये. थ्योरी दी गई। एक्चुअली मैंने शायद ये. बोला था कि रॉकस्टार की कहानी खत्म हो गई. थी। यानी कि जितना मुझे कहना था उस कहानी. में वो कहानी खत्म हो गई थी। तो इसके आगे. [गला साफ़ करने की आवाज़] कुछ है नहीं. कहने को। इसलिए रॉकस्टार 2 नहीं बना रहा. हूं। तो शायद [गला साफ़ करने की आवाज़] ये. समझा गया कि उसकी जिंदगी खत्म हो गई थी और.
वही मौत के पहले सब कुछ वो याद कर रहा है।. टू डीप टू मैंने ये सोचा नहीं था बट ये. थॉट बड़ा अच्छा है। जिसने भी सोचा है वो. बड़ा अच्छा है। उसको भी फिल्में बनानी. चाहिए।. वाओ ब्यूटीफुल। अ सर आपका और रहमान सर का. जो कोलैबोरेशन है। हालांकि आपका, रहमान. साहब का, इरशाद कामिल साहब का और मोहित. चौहान मैं हमेशा कहता हूं ये चार जब आते. हैं तो कुछ अलग लेकर आते हैं।. बट मैं स्पेसिफिकली भी पहले रहमान साहब की. बात कर ले रहा हूं। 35 साल से कोई आदमी. कैसे रेलेवेंट रह सकता है सर। कमाल.
कैसे हर बार वो एक नया म्यूजिक ले आता है।. बहुत ही कमाल की बात है यार। बहुत ही कमाल. की बात है। मैं मुझे लगता है कि हर एक. गाना ए आर रहमान का ना कुछ नया कहता है और. फिर उसीलिए आप उस गाने को सुनते हो।. मगर. अब अब जैसे हम लोगों ने अभी कुछ दिन पहले. आपने शायद वीडियोस देखा होगा अटारी बॉर्डर. में हमने ए आर रहमान को लाइव परफॉर्म करते. हुए देखा और अटारी बॉर्डर की जो एनर्जी थी. वो रहमान सर ने बिल्कुल अपने अंदर जजब की.
एक एक इमीडिएटली और उस तरह से उन्होंने. गीत गाया। मुझे लगता है कि उसी तरह से ना. जब रहमान. किसी म्यूजिक डायरेक्टर के साथ किसी. डायरेक्टर के साथ काम करते हैं, किसी. कहानी में काम करते हैं ना तो फिर वो अ वो. उस सोर्स से बहुत कुछ अचीव करते हैं। यानी. कि वो जैसे मेरे साथ काम करते हैं तो वो. मेरी कहानी क्या है? मेरी कहानी का.
चलत की चलत क्या है? यह क्या कह रही है? इसका मूड क्या है? इसका अंदाज क्या है? उसको लेते हैं अपने संगीत के अंदर। उसीलिए. उनके हर पिक्चर का संगीत अलग होता है।. उसीलिए उनकी हर पिक आप अगर किसी भी गाने. का कोई भी नोट सुनेंगे तो आपको समझ में आ. जाएगा कि यह कौन सी फिल्म का गीत है। एक. ही सेकंड के अंदर क्योंकि उनकी हर म्यूजिक. जो है ना वो फिल्म के हिसाब से होती है।. उसीलिए अलग होती है। किसी एक ने डिकोड. करते हुए लिखा कि नादान परिंदे रॉकस्टार.
का या तमाशा का सफरनामा ये गाने नहीं है।. ये कहानियों को आगे बढ़ाते हैं। इम्तियाज. अली की फिल्में जो आती हैं वहां पर जितनी. भूमिका फिल्म की उतनी ही गानों की है। हम. तो जब भी आप इम्तियाज को क्रेडिट दें तो. रहमान साहब को भी दें।. बिल्कुल और इरशाद को भी दें।. इरशाद को भी दें।. क्योंकि अगर ये गाने गायब हो जाए तो शायद. उन फिल्मों का इंपैक्ट आधा हो जाएगा।. ये सच एनालिसिस है।. ये बिल्कुल सही एनालिसिस है। और अक्सर ऐसा. भी होता है कि जब ये गाने बनते हैं तो मैं. अपनी स्क्रिप्ट को चेंज करता हूं। गाने हम.
साथ में ही बनाते हैं। मैं भी उसमें. इनवॉल्वड रहता हूं। क्योंकि मुझे ये रहमान. साहब ने और प्रीतम ने इन लोगों ने इजाजत. दी हुई है कि आप भी रहिए। तो होता क्या है. कि जब कुछ गाने बन रहे होते हैं और खास. करके जब इरशाद लिख रहे होते हैं ना तो. बहुत सारी मेरे सींस उसमें कंज्यूम हो. जाते हैं। फिर वो सीन्स मैं हटा देता हूं. पिक्चर से।. तो फिर वो गाने फिल्म को कहानी को आगे ले. जाने का काम वो गाना कर रहा होता है। तो. इस तरह से सिर्फ ये नहीं है कि मैंने. स्क्रीन स्क्रीन पे लिख दिया। अब उसमें जो. गाने की सिचुएशन है उसमें गाने बनेंगे।.
[नाक से की जाने वाली आवाज़]. कभी-कभी गाने जो बनते हैं फ्रीली कुछ और. ही बन जाते हैं। उसके हिसाब से मैं. स्क्रिप्ट भी चेंज करता हूं।. सिंगर आप चुनते हो या रहमान साहब चुनते. हैं? मैं हमेशा कोशिश करता हूं कि वो चुने।. बिकॉज़ उनकी चॉइस जो है ना बहुत ही क्लासिक. है। बहुत कमाल की चॉइस है। एज सिंगर्स की. जो चॉइस होती है। उन्होंने अलका यग्निक. मैं इसी पे आने वाला था कि अगर तुम साथ हो. अलका जी से गवाना।. मास्टर पीस।. मास्टर पीस। और ये ख्याल उनका था।. रॉकस्टार में सारे गाने एक सिंगर को गाना. है। ये हमने डिसाइड कर लिया था। वो सिंगर.
कौन होगा? मोहित चौहान होगा। ये ए आर. रहमान ने कहा। मोहित. मोहित वाज़ नॉट दैट बिग. नॉट एट ऑल एंड नहीं ऑफ कोर्स नॉट नॉट दैट. बिग फॉर श्योर नॉट दैट।. ग्रेट बट जो रॉकस्टार से फटे. वो अलग था।. वो अलग था और मोहित चौहान मेरे मैं उनको. एज फ्रेंड मानता हूं। पहले से ही रॉकस्टार. के पहले से वो मेरे फ्रेंड हैं। मगर मैंने. सजेस्ट नहीं किया उनका नाम। और जितना. रहमान साहब ने मोहित जी को एक्सप्लोर किया. है इट्स वेरी अनफॉर्चुनेट कि मोहित चौहान. को बाकी लोग उतना एक्सप्लोर क्यों नहीं.
करते. करेंगे करेंगे. मैं हमेशा शिकायत करता हूं कि जब लोग. जिंदा होते हैं कीमत क्यों नहीं आज केके. सर नहीं है दुनिया बात करती है हर. म्यूजिकल पडकास्ट में लोग केके सर को. ट्रिब्यूट देते हैं अनफॉर्चुनेटली उनके. एंड केयर में उतने गाने नहीं आ रहे थे सेम. आई फील फॉर मोहित चौहान आपकी चमकीला में. जब गाना आया उनका. आई वाज लाइक वाओ [हंसी]. आई. इस फिल्म में भी ये एक बहुत अलग सा गाना. आई लिटरली कॉल्ड हिम एंड आई सेड सर आप वो. उसको हम ढूंढते हैं सर्च करके के. हम. कि मोहित चौहान का कोई गाना आ जाए।. जी जी जी जी तो इस फिल्म में भी मोहित.
चौहान का गाना है।. कभी कोई गाना बदलवाया सर रहमान साहब ने. बनाया हो आपने थोड़ी धुन चेंज करवाई हो।. उन्होंने कोई और फिल्म के लिए रखा हो।. आपने कहा यार ये वाला मुझे दे दो। नहीं. ऐसा अक्सर हुआ है कि. ऐसा भी हुआ है कि मेरी फिल्म के बहुत सारे. गाने हैं जो जिनके ऑप्शंस मेरे पास हैं और. रहमान सर ने किसी दूसरी फिल्म को बनाते. हुए मुझे फोन किया कि तुम्हारे पास कुछ है. क्या इस तरह का. कोई दिया अपना. एक बार एक बार उन्होंने ऐसे किया था जो. मुझे बहुत फनी लगा था. हम.
बट. नहीं [गला साफ़ करने की आवाज़] दूसरे. फिल्म का तो नहीं. बट रहमान सर की आदत है कि वो बहुत बहुत जो. इंप्रोवाइज ेशन करते हैं ना वो जो उनके. स्क्रैच. ट्रैक्स होते हैं वो मुझे मुझे अक्सर भेज. दिया करते हैं। वो एक ट्रस्ट है कि उस एक. इंप्रोवाइजेशन ट्रैक से चार गाने बन सकते. हैं। उसका एक छोटा सा पोर्शन लेकर के हम. गाने बना गाना बनाते हैं। बट बाकी जो है. वो मेरे पास ही रहता है। मतलब है।. कोई ऐसा फ्रेंड है आपका जो बहुत अच्छा. दोस्त है लेकिन आपने साथ में काम नहीं.
किया है।. सुनीधि ने काम तो किया है हमने. या कम काम किया है।. कम काम किया है। सुन हो गई और. हां और जितने भी मेरे ये जो डायरेक्टर. फ्रेंड्स हैं ना जैसे अनुराग है विक्रम है. ये सारे ही दोस्त हैं जोया है मगर इनके. साथ काम करने का कभी मौका ऑब्वियसली ना. मिला है ना मिलेगा क्योंकि हम दोनों ही. डायरेक्टर्स हैं. विशाल जी मनोज जी आप. विशाल मनोज विशाल और हां ये लोग सीनियर थे. और जब मैं हिंदू कॉलेज में गया था तो पता. तो ये लोग पास आउट कर चुके थे बट ये.
हिंदू कॉलेज वर्सेस स्टीफन कॉलेज. हां. गमले तोड़ना, पुलिस वाले गन छीनना. आपको थाने ले जाया गया था। हम हम मंडल. कमीशन में बहुत कुछ हुआ था यार उस वक्त तो. बहुत सारी भीड़ में मैं भी शामिल था।. बहुत नई चीजें देखी। मैंने ये भी देखा कि. जब पता भी नहीं होता है कि हम किसके लिए. स्ट्रगल कर रहे हैं या किसके लिए. प्रोटेस्ट कर रहे हैं। फिर भी प्रोटेस्ट. करने के जज्बे की वजह से हम प्रोटेस्ट. किया करते थे। ऐसा भी होता है।. आज भी होता है ये। आज भी होता है। बिलकुल.
होता है।. आप आपको लग रहा है आप सही कर रहे हैं। पर. आपको नहीं पता कि आपके पीछे से कौन कहां. से कैसे आपका इस्तेमाल. बिलकुल जैसे कि एक बार मुझे किसी बुजुर्ग. ने कहा था कि बेटा तुम्हें पता नहीं है कि. तुम्हारे कंधे पर किसकी बंदूक रखी है।. बट दैट्स यही होता है।. यही होता है।. अगर आप कोर पे जाएंगे पीछे. तो आपको कहानी अलग ही मिलेगी।. चलिए कुछ फिल्मों पर सर सवाल है। एक बड़ा. इंटरेस्टिंग सवाल मुझे लगा था. कि इम्तियाज अली के सिनेमा में सच्चे. प्यार का एहसास होने के लिए. इंसान को अंदर से टूटना पड़ेगा। हम. बिखरना पड़ेगा।.
पहाड़ों में जाना।. दिमागी संतुलन खोना पड़ेगा। [हंसी]. यहां प्यार की पहली शर्त है कि अगर आप. नॉर्मल है तो आप इम्तियाज़ अली की पिक्चर. में काम नहीं कर सकते।. हाईवे की वीरा को किडनैपर से प्यार होता. है।. तमाशा का वेद जो है समाज के दबाव में अपनी. असली पहचान खोकर घुटने लगता है।. जॉर्डन बर्बाद होना चाहता है।. हम. कुल मिलाकर ये है कि नॉर्मल लव स्टोरी. नहीं बन सकती। ये अगर सीधा सा आदमी जो 9. टू फाइव जॉब कर रहा है या शादी करके अपनी. बीवी के साथ खुश है तो वो इम्तियाज अली की. नजरों में प्यार वाला कहानी नहीं है।.
सॉरी। [हंसी]. तू खुश है खुश रह।. चलिए सर ये. ये जिंदगी का फलसफा है सर ये? [हंसी]. नहीं सर जिंदगी का फल सर फलसफा नहीं है ये. बस. क्योंकि पिछले इंटरव्यू में हमने कहा था. कुछ अधूरा इश्क में आपका भी रह गया था।. ऐसा कहा था मैंने? आपको छेड़ा था हमने तो आपने इशारों में. हिंट दे दिया था इसका।. क्या कि अधूरा इश्क रह गया था।. कुछ कुछ रह गई अंदर से खलिश जो पूरी होकर. पूरी नहीं हुई है इम्तियाज़ अली की जिंदगी. में।. [हंसी]. नहीं नहीं ऐसी कोई बात नहीं है। आई डोंट.
थिंक ऐसा कहा ऐसा नहीं कहा होगा मैंने।. आपने इशारों में रख रखा है।. इशारों में. हां वो इंटरव्यू सिर्फ आपने बात पलट दी. थी। आपने मेरे ऊपर टॉस करने की कोशिश की. थी।. अच्छा अभी भी वही करता हूं। चलिए ये अच्छा. आईडिया है। लेकिन क्योंकि पत्रकार होने के. नाते कई बार शब्दों के पीछे के शब्द जो. होते हैं वो पढ़ने में थोड़ी सी आसानी हो. जाती है।. जी जी जी ऐसा नहीं है कि कुछ अधूरा उस तरह. से रह गया था। कोई एक मोहब्बत नहीं मिली।. इस तरह की कहानी तो नहीं है सर। मगर अपनी. फिल्मों में ये चीज मैंने हमेशा नोटिस की. है कि थोड़ा सा मतलब असंतुलित.
एक्चुअली. प्यार तो तभी होता है ना जब संतुलन ना हो।. मैं अपनी बात नहीं कर रहा। मैं मैं मतलब. वैसे ही कहानियों की बात कर रहा हूं कि. आपको नाकाम मोहब्बत, नाकाम इंसान इनकी. जिंदगी में ज्यादा दिलचस्पी है।. जी. क्योंकि मैं इनसे रिलेट कर पाता हूं।. लूजर्स जो होते हैं।. लूजर्स से मैं रिलेट कर पाता हूं। ये जो. बैक बेंचर्स होते हैं. इनसे मैं ज्यादा रिलेट कर पाता हूं।. चलिए इसको हम नए सिरे से फ्रेम करते हैं।. हां बोलिए।. जॉर्डन कैश वेद चमकीला ये आपकी जो नई.
फिल्म आ रही है मैं वापस आऊंगा। इन सबके. किरदारों में एक चीज कॉमन है कि ये कच्चे. घरों से आते हैं।. हम. लेकिन पक्की मोहब्बत करते हैं।. वाह वाह वाह वाह।. कच्चे घरों से आने वाले पक्की मोहब्बत. करने वाले लोग हैं।. हम. तो क्या अमीरों की मोहब्बत में वो कशिश. नहीं होती है? जो एक कच्चे घरों वालों में. होती है क्योंकि हर हीरो आपका वैसे ही आया. है अधिकतर. हां अधिकतर हां वैसे जय काफी अमीर है. लव आजकल में. लव आजकल में और भी किरदार हैं जो अमीर.
होंगे शायद. लेकिन आपने डायरेक्ट नहीं की ना. नहीं. नहीं लव आजकल मैंने एक और टेल नहीं की थी. हां. तो [गहरी सांस लेने की आवाज़]. कच्चे घरों से आया यानी कि अनस्टेबल घरों. से आया. हां मतलब जो थोड़ी सी मुफसी से आते हैं. हां मुफ्लिसी से आते हैं या. मुफ्लिसी से आने वाले लोग ज्यादा सच्ची. मोहब्बत करते हैं।. नहीं नहीं ऐसे. या ज्यादा मोहब्बत में टूट कर पड़ते हैं? वैसे बिल्कुल जरूरी नहीं है। मतलब कि. मुगले आजम मतलब मेरी फिल्म नहीं है। बट. ऐसा ऐसा मैं जरूरी नहीं मानता हूं। और.
मुझे जैसे कि वीरा तो खैर बहुत ही बड़े. मकान से बहुत अमीर है।. हम. उसको भी इश्क हो हुआ था। उसके भी दरवाजे. यानी कि खुले हुए थे दिल के।. तो ऐसा मैं मानता नहीं हूं।. हम. ओके।. ठीक है। अनुराग कश्यप आपके पास जब काम. मांगने आए थे ब्लैक फ्राइडे का सीन आपने. लिखा था कुछ. हां वो कई साल के बाद जब उन्होंने फिल्म. बनाई ब्लैक फ्राइडे बना दी और ब्लैक. फ्राइडे में मैंने तो उसको कई बार एडिट.
में देखा स्क्रिप्ट भी पढ़ी. तो उस उस स्क्रिप्ट में जब उन्होंने. एक्चुअली फिल्म बना दी तब ये बात मुझे. स्ट्राइक की कि उसका एक सीन था वो सीन बीच. में कहीं पर आ रहा था और वो बहुत. सिग्निफिकेंट सीन था. तो मैंने उस वक्त अनुराग को बोला बोला कि. ये ये जो सीन है ना इस सीन से आपको फिल्म. शुरू करनी चाहिए। आपकी फिल्म का पहला सीन. ये होना चाहिए और सारी फिल्म की श्रृंखला. इसके बाद होनी चाहिए। तो उसने बोला ठीक है. फिर ऐसा ट्राई करते हैं। तो ये क्या सीन.
होगा तुम ही लिख दो।. हम. तो मैं वैसे भी उस फिल्म में उसके साथ ही. अक्सर रहा करता था। तो फिर मैंने वो लिखा. था।. मैं आपको लेके जब सोच रहा था तो मैं. क्योंकि अब मुझे पता नहीं आप कितना डीप. एनालिसिस करते हैं। लेकिन अब हम लोग आपको. ज्यादा एनालिसिस करते हैं। हम. तो मैं वेदांत से ये बात कह रहा था कि. स्टूडेंट ऑफ द ईयर के बाद जब हाईवे आई तो. मेरा आलिया को देखने का नजरिया बदल गया।. हम. सेम कहानी रणवीर के साथ थी।. दो फिल्म देखी थी मैंने सांवरिया बचना. सीनो लेकिन रॉकस्टार के बाद नजरिया बदल. गया।. इनकी कहानियां मैंने पहले की पढ़ी हैं। इन.
दोनों ही कहानी में भी बचपन का एक खालीपन. है। कुछ शिकायतें घर कुछ अंदर के किओस भी. हैं। जो पर्दे पर आपकी फिल्मों के जरिए. बहुत खूबसूरती से निकल कर आए। क्या ये महज. इत्तेफाक थे? या इम्तियाज इंसानों को. पढ़ते हैं जब वक्त गुजारते हैं और फिर. उसको निकाल लाते हैं।. [गला साफ़ करने की आवाज़]. मतलब कि ये एक अनटप्ड पोटेंशियल था दोनों. एक्टर्स में जिनका आपने नाम लिया वो किसी. भी वजह से हो। मगर एक अनटप पोटेंशियल था. जो एक्चुअली मुझे दिखता था। जैसे कि अभी.
आपने कहा ना कि जर्नलिस्ट होने के नाते. शब्दों के पीछे वाले शब्द भी हम समझ जाते. हैं। थोड़ी सी समझ तो होती है इंसान को. अपने प्रोफेशन की। आप मान ले रहे हैं कि. आपका दिल टूटा था और [हंसी]. नहीं मैं ये मान ले रहा हूं कि जैसे कि. मैं आलिया को जब मैंने एक पर्टिकुलर जगह. पे देखा तो मुझे लगा कि यंग तो ये बहुत है. पर इसके अंदर वो एक इमोशनल मैच्योरिटी. जरूर है कि ये वीरा का कैरेक्टर निभा सकती. है।. तो ये थोड़ी आंखों मतलब ये थोड़ी समझ आई.
मेरी जो काम कर गई। जबवी मेट में गीत का. लगातार बोलना. या वीरा का [गला साफ़ करने की आवाज़]. लगातार खुश दिखने की कोशिश करना हम. क्या यह भी अंदर के अकेलेपन को छुपाने का. तरीका होता है? जी बिल्कुल होता है। खास करके वीरा के केस. में तो जरूर है और ही गीत के केस में भी. है क्योंकि वो. इतना ज्यादा इसलिए बोलती है क्योंकि वो. कंफर्टेबल फील कर सके।. मैंने आशिकी 3 देखी थी सर। तो उसमें आरोही.
बचाने की कोशिश करती रहती है हीरो को। हम. फिर मैं कई बार अपने दोस्तों में देखता. हूं तो वो क्लियर कहती है सुनो हमको आरोही. मत समझना. हम. बेबी सिटर नहीं है. हम. लेकिन जब मैं इम्तियाज़ अली की फिल्में. देखता हूं तो वहां पर गीत वीरा तारा जितनी. है हीरो को रास्ता यही दिखाती हैं. क्यों गीत को तो आदित्य ने भी रास्ता. दिखाया था पहले. हम. हां. बट आदित्य भी उन्हीं से खुश हो के आए अपना. जो. हां बाद में हासिल उसी ने किया. हम. ये बात भी सही है महावीर भी रास्ता दिखाता.
क्या है रास्ते पे ले आता वीरा को हाईवे. फिल्म में. वो शिकायत तो उनकी रणदीप हुड्डा की आज तक. मेरे पास है।. क्या. कि मेरी पिक्चर में इन्होंने रणवीर कपूर. आलिया का मिलन करा दिया। मैं गायब हो गया. था। [हंसी]. मैं क्यों बाहर बैठा था? मैं क्यों नहीं. था और रणबीर वहां क्यों थे? मुझे नहीं. पता।. अरे [अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़]. नहीं वो वो ये ये था कि रणबीर क्योंकि. दोस्ती में वो चाहता था कि वो आकर के. इंटरव्यू करे मुझे और आलिया को। सो आलिया.
वाज़ अ न्यू एक्साइटिंग एक्टर ऑन द हॉररजन।. सो लाइक वी वांटेड टू डू समथिंग विथ हर इन. दैट वे।. बट आपको खुशी होती है क्योंकि आज बॉलीवुड. के सबसे सफल रिश्तों में इनका रिश्ता है।. बहुत खुशी होती है।. मुकम्मल रिश्तों में. फिल्मों में अधूरापन आपके रहता है लेकिन. जिंदगी में रणवीर आलिया आपने मुकम्मल करवा. दिया।. इससे बड़ी बात कुछ नहीं हो सकती।. अ आपकी फिल्म में सर हैप्पी एंडिंग क्यों. नहीं होती है? होती है ना सर। क्या बात कर रहे हो? जब भी. मेट में थी, लव आजकल में थी।. लव आजकल सोचा ना।. लव आजकल में तो खुद कह दिया आपने कि शायद. चेंज होनी चाहिए थी।. नहीं हुआ ना? [हंसी]. मेरे कहने से नहीं मेरे करने से फर्क.
पड़ता है। सो. इन अ वे मैं वापस आऊंगा आल्सो हैज़ दैट. इमोशनली ग्रेटिफाइंग एंडिंग।. एक मैंने सेगमेंट रखा है सर इम्तियाज. सिनेमा वर्सेस मॉडर्न रिलेशनशिप्स।. ओके।. तो छोटे-छोटे जवाब इसमें चाहिए मैं आपसे।. अगले 101 [गला साफ़ करने की आवाज़] मिनट. हम समराइज कर देंगे।. आपकी फिल्मों में दिखता है कि जब मोहब्बत. होती है तो शहनाइयां बजे लगती है। जादुई. एहसास होता है।. प्यार में इंसान को। हम. लेकिन असली जिंदगी में प्यार का बुखार जो. होता है वो दो चार छ महीने साल 2 साल 5.
साल 10 साल में खत्म हो जाता है। रोजमर्रा. की लाइफ में आते हैं।. हम. क्या इम्तियाज ने वो बेंचमार्क इतना बढ़ा. दिया है उनकी फिल्मों के जरिए जिसका असर. लोगों के निजी जिंदगी पे होता है कि भाई. प्यार तो ऐसा होता है. तो. ये दाल चावल सी जिंदगी क्यों? दाल चावल सी जिंदगी के बारे में मैं. फिल्में बनाने की कोशिश करूंगा ताकि ये. तोहमत भी हट जाए मेरे से।. तोहमतें तो बहुत सारी हैं।. बताओ सर पूरी लिस्ट बताओ। रॉकस्टार की. हीरो या कॉकटेल की वनिका आपकी फिल्मों में. औरतें वही महान बनती हैं जो समाज के कायदे.
कानून को तोड़कर अपने हिस्से की जिंदगी. अपने हक से अपने हिसाब से जीती हैं।. वेरी गुड। आई एम वेरी प्राउड ऑफ मसेल्फ. फॉर दैट।. क्या जो घरेलू सीधी साधी महिलाएं जो शांति. से घर में जी रही हैं बिना ड्रामा के. सिनेमा ने उन्हें अनजाने में बोरिंग, आउटडेटेड या कमतर नहीं बना दिया? अगर कोई अपनी मर्जी से रह रहा है तो दूसरी. बात है। मगर अपने आप को अगर किसी भी. कॉम्प्रोमाइज के तहत रह रहा है तो फिर. ऑब्वियसली ये बहुत कोई. खुशी की बात नहीं है। अ.
लोगों को इंसान को खास करके आज के समाज. में औरतों को. मतलब एक लाइन पे रहना एक लीक से चलना. मतलब इसमें कोई मिडिल. जीतने की जरूरत नहीं है। मुझे लगता है कि. अच्छे बने रहना. एक तरह का आपके ऊपर कोई ये नहीं है। यानी. कि इंपोज़शन नहीं है। अच्छा रहना, मतलब.
घरेलू रहना, कुछ भी गलत ना करना, हमेशा. अच्छे बच्चे बने रहना ये. डू यू बिलीव इन का्सप्ट ऑफ़ मैरिज? वेल, आई आई एम नॉट श्योर अबाउट इट। इट इट. वर्क्स फॉर सम पीपल। इट हैज़ बेनिफिट्स बट. मुझे ऐसा भी लगता है. कि इसमें बहुत जैसे देखिए अब कैसे मैंने. अंग्रेजी में बात करना शुरू कर दिया. डिफेंसिवली. क्योंकि मैं श्योर नहीं हूं। मुझे लगता है. कि शादी से हम जो एक्सपेक्टेशंस रखते हैं.
ना वो मोहब्बत वाली एक्सपेक्टेशंस रखते. हैं। शादी एक थोड़ी सी प्रैक्टिकल चीज है।. उसको उस लिहाज से भी देखना जरूरी है।. हम. एंड [गला साफ़ करने की आवाज़] आई एम नॉट. सो श्योर अबाउट इट।. आपको लगता है कि आज की पीढ़ी जो है जितना. आप क्या फिल्में बनाते हो जिन सा काम कर. रहे हो उसका शादी से विश्वास उठ रहा है? नहीं विश्वास नहीं उठ रहा है। वो लोग. शादियां तो कर ही रहे हैं। एक्चुअली काफी. यंग एज में भी कर रहे हैं। और मगर वो. थोड़े से इस ये जो इस पीढ़ी के जो लोग हैं. वो थोड़े से प्रैक्टिकल भी हैं।.
[अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़]. जो मेरी उम्र के लोगों ने जब शादियां की. थी ना तो वो सिर्फ रोमांटिक वर्जन. रोमांटिक वजहों से की थी और एक रोमांटिक. एक्सपेक्टेशन से की थी।. आज के जमाने के लोग थोड़े से प्रैक्टिकल. हैं शादी के मामले।. आपकी फिल्मों में हम देखते हैं प्यार में. इंसान ओवरडिपेंडेंट है।. सारे किरदारों में. जी. बहुत डिपेंडेंट है कि तुमसे मुझे फर्क. पड़ता है। मुझे खुश रखने की जिम्मेदारी. तुम्हारी है।. तुम साथ रहोगी तो मैं खुश रहूंगा।.
तुम हो तो गाना अच्छा लगता है।. तुम हो तो खाना अच्छा लगता है। तुम हो तो. सबको अच्छा लगता है। और तुम नहीं हो तो. कुछ भी नहीं।. मैं रॉकस्टार से लेकर लवकल सबको अगर. विजुअलाइज करूं।. हम्म।. मुझे लगता है कि ये. सही है या ये अनहेल्दी रिलेशनशिप के साइन. हैं।. नहीं अगर मैं कहूं कि मेरी खुशी तुम पर. डिपेंड करती है तो ये तो अनहेल्ी साइन है।. हो तो जाता यही है शायद. हो जाता है तो. रॉकस्टार में उसके पास कितना नाम था? तो रॉकस्टार का अंजाम भी तो बहुत ही वैसा. ही हुआ ना जैसे रॉकस्टार का का किरदार था।.
तो मैं जो फिल्म बनाता हूं उसमें जो भी. मेरे कैरेक्टर्स होते हैं मैं ये नहीं. कहने की कोशिश कर रहा हूं कि ये अच्छा है. ऐसे ही करो। हम. मैं ये कह रहा हूं कि ये ये ड्रामा था। ये. इस तरह का बंदा था। इसके साथ ऐसा हुआ और. इन वजहों से हुआ।. तभी किसी ने आपसे कहा कि इम्तियाज भाई. टेंडर बंबल हिंज राया के दौर में जब एक से. राइट स्वाइप होता है, दिल लगता है और एक. से हटता है। आप जो फिल्में बना रहे हैं वो. नस्टेल्जिया के लिए अच्छी हैं कि मजा आता. है देखकर। बट प्रैक्टिकली आउटडेटेड हो गई.
हैं। मैं यह कहना चाहता हूं कि भाई मजा. आता है देखकर। यही मैं चाहता हूं अपनी. फिल्मों से। मैं आपकी जिंदगी बदलने के. चक्कर में नहीं हूं। मैं सिर्फ आपको. एंटरटेन करने के चक्कर में हूं। फिल्म में. अगर मजा आए तो फिर इसी में मेरी जीत है।. इम्तियाज की फिल्म में गलत समय पर सही. इंसान से प्यार क्यों होता है? क्योंकि ये बेहतर है। ये ऑप्शन बेटर है कि. सही समय पे गलत इंसान से प्यार हो जाए ना. तो वो बहुत बड़ी ट्रेजडी होगी।. बट कैसे आप प्यार की क्या परिभाषा है? चलो.
मैं फिर से पूछने की कोशिश करता हूं कि हर. साल हम इवॉल्व होते हैं। पिछले साल आपने. एक परिभाषा दी थी। एक नई फिल्म आई है।. इसमें आपने और एक्सप्लोर किया होगा। 70. साल वाला दायरा है। क्या परिभाषा प्यार की. है? वेल [गला साफ़ करने की आवाज़] परिभाषा तो. किसी ऐसी स्थित सिचुएशन पे नहीं पहुंची है. मेरे दिमाग में कि मैं आपसे बोल सकूं। इस. फिल्म की एक्सप्लोरेशन अलग थी। मुझे लगता. है कि इस प्यार शायद वो चीज होती है जो आप. अपने दिल में रखते हो जो आपके साथ होती है. जब कोई दूसरा नहीं होता।. वह वह एक ऐसी चीज है कि हर हर दौर में.
जिंदगी के आखिर तक वह आपको सपोर्ट करती है. और आपको हमेशा पॉजिटिव रखती है। वो जो चीज. होती है शायद वह भी प्यार होती है। मगर यह. इकलौता रूप नहीं है प्यार का। इसके कई रूप. होते हैं।. प्यार होता है कुछ या प्यार जरूरत होती. है। साथ रहने की, बात करने की, एक दूसरे. को कंप्लीट करने की। और अगर होता है तो. फिर सेम एहसास किसी और के साथ कुछ समय बाद. क्यों होता है? जब वही मेमोरीज हम दोबारा. उसका दोहराते हैं. क्योंकि प्यार का लेना देना हमारा अपने.
खुद के साथ भी बहुत ज्यादा होता है। दूसरे. के साथ नहीं. ला इश्क के तसवुर में थी. हम ये बात है।. सूरत बाद में मिल गई।. ये बात है।. तो इंसान प्यार का भूखा है।. हां। इंसान को प्यार करने की इच्छा होती. है। और फिर वो उस शायद मैं ऐसे कुछ ज्ञानी. बाबा की तरह साउंड नहीं करना चाहता।. क्योंकि मैं जरूर होता है।. जब कई रिश्तों से आप निकल कर आते हो तो यह. सवाल मेरे ज़हन में आता है कि आप सेम चीजें. बार-बार जिंदा करते हो।. जी।. थोड़े समझदार बनकर।.
थोड़े समझदार बनकर थोड़ा सा सीख कर।. पहले शायद 10 कॉल करते थे अब दो कर ले रहे. हैं।. हम. बट जरूरतें वही है।. मगर जो पैशनेट लवर होता है वो हर रिश्ते. में पैशनेट होता है।. क्योंकि पैशनेट होना उसकी जरूरत है।. उम्र समझदारी का कोई लेना देना नहीं है सर. ना। कुछ लोग पूरी उम्र समझदार नहीं होते।. बिल्कुल. बंदर किसी भी उम्र में गुलाटी मारता है तो. वो ऐसा होता है। आई थिंक वो अपना स्वभाव. है, अपनी जरूरत है। उसकी ऑब्जेक्ट आप आप. मुकरर करते हैं और मैं 100% श्योर तो नहीं.
हो सकता इन चीजों के बारे में। बट अक्सर. ऐसा होता है कि अपना एक पैटर्न होता है. किसी इंसान को प्यार में पढ़ने का। आखिरी. कुछ सवालों में एक सवाल मेरे दिल के बड़े. करीब था और मैं सोच रहा था।. मैं जॉन एलिया साहब पर एक स्टोरी लिख रहा. था।. अच्छा। और मुझे लगा कि इम्तियाज जॉन एलिया. की स्टोरी क्यों नहीं बनाते हैं फिल्म? उस. फिल्म में सब कुछ तो है।. मुझे बहुत ज्यादा पता नहीं है उनकी जिंदगी. के बारे में। एक्चुअली. बड़ी खूबसूरत कहानी है। एक हिंदुस्तान का. बच्चा जो हिंदुस्तान में पैदा होता है वो. पाकिस्तान जाता है।. उनके एक भाई को मार दिया जाता है। वो भाई.
की परछाई में थे।. फिनिश करना शुरू करते हैं। इश्क से तौबा. कर लेते हैं। वो शख्स जिसने खुद को बर्बाद. किया। ओ हो. और आज की नई पीढ़ी अपने आपको जॉन एलिया. सबसे ज्यादा रिलेट कर पाती है। उनकी बातों. से, जज्बातों से, Instagram से जुड़ा है।. मुझे लगता है कि रॉकस्टार का एक खूबसूरत. वर्जन है।. अच्छा अच्छा अच्छा।. नए सिरे से हम. अगर आप उस फिल्म को फिर से रॉकस्टार ही. लिख देते हैं हम. तो शायद किसी को बुरा नहीं होगा क्योंकि. उनकी जब पूरी कहानी मैंने की करीब एक घंटे. की।. अच्छा। अच्छा। अच्छा।. उनकी जिंदगी के उतने सारे शेड्स देखे तो. मुझे रॉकस्टार बहुत रिलेट हो रही थी।.
अच्छा. ओके। ओके। सेल्फ डिस्ट्रक्टिव है।. हां। से एक्चुअली वह सेल्फ डिस्ट्रक्टिव. इंसान है।. हम. एक ही शख्स पर सारी मोहब्बत कुर्बान कर दी. हमने। अब मोहब्बत किसे कहते हैं? कोई हमें. समझाए। हम. आपकी लाइफ में सर जैसे कई बार लोग कहते. हैं कि जो कहानियां हकीकत मुकम्मल नहीं. होती हैं राइटर्स उन्हें बड़े पर्दे पर. अपनी लेखनी के जरिए जिंदा रखते हैं।. हम हम ये सच होता है कुछ हद तक तो सच जरूर.
होता है ये। ये यू लाइक यू लिव. वाइकेरियसली थ्रू योर फिल्म्स फॉर श्योर।. अपने जख्मों को स्क्रीन पर उतार देना।. सिर्फ जख्मों को नहीं। क्या होता है ना कि. आप एक ही जिंदगी जी पाते हो अपनी जिंदगी. में ना जाती तौर पे। बट एज अ फिल्म मेकर. आप कई जिंदगी जीते हो। यानी कि दूसरी तरह. से अगर देखा जाए जैसे आप कह रहे हैं कि. मैं इसको रिफ्रेज करूं तो फिर ये इस तरह. से रिफ्रेश कर सकता हूं कि इंसान फिल्म. मेकर तभी बनता है जब वो एक जिंदगी नहीं कई. जिंदगी जीना चाहता है। एक अपनी जाती. जिंदगी में मगर बहुत सारी जिंदगियां अपने.
बड़े पर्दे पर।. मैं एंड में हूं। आपकी फिल्म में एक. ट्रेलर में एक डायलॉग है कि प्यार एक जहर. है।. हम. एक कतरा भी रह जाए तो इंसान को चैन से. मरने नहीं देता। हम इम्तियाज अली इस लाइन. पर बिलीव रखते हैं? [नाक से की जाने वाली आवाज़]. फिलहाल तो रखता हूं क्योंकि [हंसी]. अभी-अभी लिखी अभी-अभी बनाई है। फिलहाल तो. ये यकीन रखता हूं. कि एक ज़हर की तरह होता है जो आप कबूल कर. सकते हैं जो मैंने आप पर आरोप लगाए थे। तो. मत लगाई थी।. क्या?
क्या तहमत लगाई थी? कि दिल में एक खलिश है जो अंदर रह गई है।. [हंसी]. कभी-कभी चीजों का इकरार कर देना भी बेहतर. होता है।. अच्छा नहीं ऐसी कोई खलिश मगर मैं वाकई. नहीं रह गई थी। काश रह गई होती तो आपको. मैं सही साबित. ये लाइनें पढ़ के तो लगता है कि जिंदगी. में कुछ ना मिलने की जो कशिश रह जाती है. उसका एहसास अलग होता है। ये सब इम्तियाज. अली के शब्द है।. अरे वाह।. हम तो शब्दों को पढ़ने की कोशिश करते हैं।. [हंसी]. कहते हैं कि शब्दों को पढ़ो तो जो लिखा है. उससे कहीं ज्यादा जो नहीं लिखा है वो समझ.
में आता है।. बट कभी-कभी ये कनेक्शन डायरेक्ट नहीं. होता।. हम. कभी-कभी ये करे कनेक्शन जो है ना ये थोड़ा. सा इनडायरेक्ट होता है।. हम. यानी कि जो. किसी भी कलाकार ने जो कला बनाई है वह. डायरेक्टली उसका प्रति मतलब कि इट्स नॉट अ. मिरर और अ रिफ्लेक्शन डायरेक्टली ऑफ हिज. बट इन सम वे इट इज़ डेफिनेटली रिलेटेड टू ह. पर्सनालिटी।. ओके। अमर सिंह चंकीला में सर अश्लील गानों. का जिक्र हो गया था।. रॉकस्टार में एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर का.
जिक्र हो गया था। मैं वापस आऊंगा। मैं. दादा जी जो हैं जो दादी को छोड़कर 80 साल. पहले इश्क में खोए हुए हैं। जब समाज के. कायदे और पब्लिक की डिमांड में इतना अंतर. हो तो फिर सोसाइटी को सुधारने वाला आर्ट. और असली चेहरे वाला आर्ट ये बनाना मुश्किल. होता है।. मगर ये आपकी मजबूरी होती है ना। ये मतलब. कि ये ऐसा नहीं है कि मेरे पास कोई चॉइस. है कि मैं किस तरह की फिल्म बनाऊं। हम्।. आप वही वन फिल्म बनाते हैं जो आपके दिलो. दिमाग पर छा जाती है और आप बिल्कुल आप.
आपको ऐसा लगता है कि यह फिल्म अब ज़हर की. तरह हो गई है। यह अगर यह मैं निकालूंगा. नहीं तो फिर यह. ये ज़हर मुझे बर्बाद कर देगा।. ज़हर मुझे बर्बाद कर देगा। तो उस उस तरह से. उस ज़िद में उस जल्दी में आप फिल्म. फिर आप कहेंगे मैं तोहमत लगा रहा हूं। जब. तक दिल नहीं टूटता कोई बड़ा आर्टिस्ट नहीं. बनता।. बड़ा आर्टिस्ट कहां बनाऊं सर? कोशिश. [नाक से की जाने वाली आवाज़] ही. आपसे बड़ा आर्टिस्ट कौन है सर? नहीं नहीं वो आप. वो बच्चा जो आपकी फिल्मों के जमाने में. पैदा नहीं हुआ था। हम. आज वो आपका सबसे बड़ा मुरीद बना बैठा है।. सारे बच्चे जितने बच्चों से मिलता हूं नई. पीढ़ी के हम. आज के दौर में रोमांटिक फिल्में लोग देखते.
कितनी हैं? हम. मैं फिर कह रहा हूं कि आज सिनेमा का रूप. इतना बदल गया है ओटीटी की वजह से कि अगर. धुरंधर, केजीएफ, सालार जैसी फिल्में आती. है तो हम दौड़ कर जाते हैं।. हम हम. लार्जर देन लाइफ है। शोर सुनाई पड़ना. चाहिए। एक्शन आना चाहिए। हम. आप एक रोमांटिक फिल्म बनाइए। हम कहते हैं. ओटीटी पे देख लेंगे। हम हम. पर इम्तियाज अली को लोग देखने जाएंगे।. यह आपकी कमाई है।. यह मेरी कमाई है।. मैंने सुना कि आपने जो इब्तदा बनाया था. हिंदू कॉलेज में. जी।. मैं बहुत सारे बच्चों को जानता हूं जो.
उसका हिस्सा बनने के लिए उस कॉलेज में. एडमिशन ले रहे हैं।. क्या बात है। ये ऊपर वाले की देन है। ये. बात. मेरी दोस्त है जिसने अपने घर के बाहर. इब्तदा लगा रखा है।. उफ क्या बात है। बहुत-बहुत प्यार उसको. दीजिएगा यार। आपने वाकई मुझे मतलब. और मुझे इस शब्द के बारे में नहीं पता था।. मैं घर गया। मैंने कहा ये क्या है? हम. इसके मायने समझाने की कोशिश की।. वाह! फिर बाद में इम्तियाज़ से कनेक्शन आया।. और यह वो लोग हैं जिनसे मैंने कहा कि मैं. मिलवाता हूं आपको इम्तियाज से।.
हम. उन्होंने कहा नहीं मिलना नहीं है। [हंसी]. अच्छे लगते हैं। इम्तियाज वो शख्स हैं. जिनके अगल-बगल अगर मुझे कोई भी काम मिले. झाड़ू पोछा भी करना हो। शी इज़ अ वेल. प्रोफेशनल।. या. तो सिर्फ उन्हें दूर से समझने के लिए मैं. आसपास कर सकती हूं। मुझे लगा ये एक अलग. तरह का रूहानी रिश्ता होता है।. ये आपने कमाई है।. जरूर जरूर ये मतलब ये वो है कर्म है सर।. कमाई नहीं है। ये कर्म है। ये आप कमा नहीं. सकते हैं। ये आपको मिल सकता है।. क्या वजह मानते हैं इसके पीछे आप?
[नाक से की जाने वाली आवाज़]. पता नहीं यार। मतलब मैं तो. अक्सर लोग समझते हैं कि मेरी फिल्मों में. जो है वो मैं हूं। शायद इस वजह से लोग इस. तरह से फील करते हैं।. सेकंड लास्ट क्वेश्चन जब आपने जब भी मेट. या रॉकस्टार बनाई थी तब आप थोड़े ज्यादा. जवान थे। अभी भी आप माशा्लाह जवान हैं।. तब थोड़े ज्यादा थे। फितूर अलग रहा होगा, तड़प अलग रही होगी। लेकिन जब आप आज जिंदगी. के एक सुलझे हुए पड़ाव पर हैं। क्या आपके. अंदर का जॉर्डन या वेद शांत हो चुका है?
देखिए [नाक से की जाने वाली आवाज़] मैं. सुलझे हुए पड़ाव पर बिल्कुल नहीं हूं। ये. तो मत आपने गलत लगाई है।. मैं अभी भी उलझे हुए पड़ाव पर ही हूं। हम्. उम्र बढ़ती रहती है। मगर जैसा कि मैंने. कहा ना कि बंदर गुलाटी मारना नहीं छोड़ता. किसी भी उम्र में। आई थिंक. जैसे न्यूटन साहब ने कहा था एक दफा कि अब. मैं जितना. ज्यादा ज्यादा जान रहा हूं चीजों के बारे. में उतना ज्यादा और क्वेश्चंस भी बढ़ रहे. हैं।. हम. तो सुलझा हुआ मैं बिल्कुल नहीं हूं।.
ये सेगमेंट मैं सर आपको दे देता हूं।. मैंने एक पोस्ट डाली थी आपके लिए. कि इम्तियाज अली साहब आने वाले हैं।. अच्छा. और कोई सवाल आप पूछना चाहते हो क्योंकि कई. बार आपसे लोग ही मिल सकते हैं।. तो इसी बहाने तारुफ होते हैं। आपको. क्रिटिस्मज से डर लगता है सर कभी? नहीं नहीं नहीं. लगता है। मतलब एक्साइटमेंट होती है।. बोदर होते हैं कभी? कभी-कभी. जैसे यहां पर एक पोस्ट केआरके ने डाली।. हां। क्या कहा उन्होंने? आप आप बताओ।. उन्होंने डाला कि आई डोंट नो उन्होंने.
क्यों लिखा है ऐसा? मैं इससे बिल्कुल. इत्तेफाक नहीं रखता हूं।. जी जी. कि जब आपको डायरेक्शन नहीं आता फिल्में. क्यों बनाते हो? अच्छा नहीं आता।. ये उन्होंने लिखा है साहब। मैं इससे. बिल्कुल इत्तेफाक नहीं मानता हूं। मैं. आपकी फिल्मों का मुरीद हूं।. कोई बात नहीं।. बट कुछ फनी कमेंट भी आए थे। जैसे एक कमेंट. आया था कि इम्तियाज सर से पूछेगा कि वो. शैंपू कौन सा लगाते हैं? अरे मैं शैंपू लगाते ही नहीं हूं। कोई भी. शैंपू यूज़ नहीं करता हूं। प्लीज बताएं।. उनके बाल नहीं झड़ते? नहीं झड़ते होंगे, झड़ ही जाएंगे। देखो. झड़ ही रहे हैं ना। इतने तो कम हो गए हैं।. एक सवाल था कि जब दर्शकों की एकाग्रता रील. तक रह गई है तो वो सुकून और ठहराव को. उन्होंने कैसे जिंदा रखा है? मैंने कैसे.
जिंदा रखा है? हम. मतलब तसवुर से, कहानियों से, इमेजिनेशन. से।. ओके। एक जाते थे सर आखरी सवाल म्यूजिक में. क्योंकि बहुत इंटरेस्ट आपका है। कोई पांच. रूहानी गाने इम्तियाज की फिल्म हो गई।. पिछली बार भी ये सवाल का जवाब आपने दिया. नहीं था मुझे। आपने कहा था मैं अपने गाने. नहीं सुनता।. आपने बाकी गाने बताए थे। हालांकि इस बार. आपने गजल भी दे दी है इसमें।. इस इस फिल्म में. इस फिल्म में दी है जिसकी लोग बहुत तारीफ. कर रहे हैं। लेकिन फिर भी कोई पांच आप. गाने जिसे हम अपनी अमानत के तौर पर.
प्लेलिस्ट में डालें और फिर हम उसे एंजॉय. कर सकें किस सफर में।. अच्छा तो इसमें. अभी-अभी मुझे ख्याल आया है कि पहला गाना. तो मैं कहूंगा फिर से उड़ चला जो मैं अपनी. रॉकस्टार का फिर से उठ चला गाना।. ब्यूटीफुल सॉन्ग. हां दैट सॉन्ग। फिर मैं कहना चाहूंगा. अ. तुम हो आल्सो फ्रॉम रॉकस्टार।. तुम हो में कौन सा वर्जन सर? क्योंकि मेरे. ज़हन में कविता जी भी आ रही थी। उन्होंने. बड़ा खूबसूरत.
वो दोनों एक्चुअली फिल्म में जिस तरह से. है ना. लेकिन दैट चॉइस उन्होंने कविता कृष्णा जी. को उस टाइम लिया। दो दो चॉइस उनकी मुझे. बहुत अच्छी लगती है। एक अगर तुम साथों में. अलका जी और उधर कविता जी।. जी।. तो एक्चुअली जो फिल्म में एक वर्जन है. जिसमें वो. चौहान का। तुम को से स्टार्ट होता है।. यानी कि कविता कृष्णमूर्ति के गाने से. शुरू होता है और फिर वो मोहित चौहान में. कहीं से कहीं को भी आओ बेवजा चल तो जिस. तरह से फिल्म में है ना वो वाला गाना. और खाली है तेरे बिना वो मैं वो घर हूं. तेरा व्हिच इज फ्रॉम हैरीमेट सेजल दैट.
सॉन्ग आई वुड आई वुड से इस अभी रिसेंटली. मुझे किसी ने बताया तो मुझे उसका ख्याल. आया. और. इस फिल्म से वो नहीं गाना. मैं बोलना चाहूंगा मैं वापस आऊंगा। ये वो. गाना मैं जरूर उस लिस्ट में डालना. चाहूंगा।. वो एक नए सिंगर ने गाया जिसका नाम है. आदित्य। ये जो एल्बम है ना मैं वापस आऊंगा. का जो एल्बम है इसमें मैक्सिमम नंबर्स ऑफ. न्यू सिंगर्स आपको मिलेंगे। इसमें बहुत.
सारे नए सिंगर्स हैं। मतलब एक ही दो हैं. जो जिन जो पुराने सिंगर्स हैं। बाकी सब नए. मिलेंगे आपको। तो ये बहुत खुशी की बात है. हमारे लिए। और एक दीपाली के का भी गाना है. कि. तेरे पास में नाम का एक गाना है। अगेन. न्यू सिंगर दीपाली बट मैं ज्यादा इस फिल्म. के बारे में नहीं बोलना चाहता हूं क्योंकि. अभी उसके गाने उस तरह से खुले. बहुत शिकायतें आ रही है। आपको सबसे ज्यादा. क्रिटिस्मज जो मिला उसी बात का था.
क्या. कि इतना क्यों तरसा रहे हैं आप गानों को. रख के? गाने अच्छा बाहर क्यों नहीं ला रहे? नहीं नहीं आ जाएंगे ना सर। अब तो सब दो. दिन में पिक्चर ही रिलीज हो जाएगी। अब तो. सब आपके सामने आ जाएगा।. मैं सारे कमेंट सेक्शन पे गो थ्रू हो रहा. था। एंड एवरीबडी वास लाइक भाई थोड़ा-थोड़ा. सुना दे रहे हो। हम. तड़प बढ़ रही है।. नहीं नहीं आप फिल्मों में डिस्कवर करो. गाने। मेरे ख्याल से गाने उस तरह से बहुत. ज्यादा खूबसूरत लगते हैं।. महसूस ज्यादा होते हैं।. महसूस ज्यादा होते हैं और मगर कल परसों. में हम पूरा एल्बम भी निकाल दे रहे हैं और. कल परसों में फिल्म भी रिलीज हो जा रही.
है। 12 तारीख को फिल्म रिलीज हो जा रही. है। तो फिल्म में आप देखोगे गाने तो फिर. उसका एक पर्सपेक्टिव भी बहुत अच्छा समझ. में आता है और गाने भी आपके सामने हैं।. वैसे तो आप YouTube में सर्च करेंगे तो सब. गानों के लॉन्ग वर्जनंस भी मिल जाएंगे. आपको।. हालांकि मेरी बचपन की मेमोरीज यहां पे. गानों में आज दिन चढ़ बहुत अच्छा लगता है. मुझे। आज दिन मांगा जो मेरा था क्या तेरा. है मैंने कौन सी जन्नत मांग ली. क्या बात है. कैसा खुदा है तू बस नाम का है तू. रब्बा तेरी इतनी भी ना चली आई मीन ये लाइन. आपके पास रह जाती है. जी बिल्कुल बिल्कुल. ये दूरियां अभी भी आप लगा लो अगर अकेले तो.
यू फील समथिंग. हम. यू आर ड्राइविंग प्ले सफरनामा. या या. आई अगेन रिग्रेट कि लकी अली सर ने और गाने. क्यों नहीं गाए. जी नहीं गाएंगे. सफर अभी खत्म नहीं हुआ है सफरनामा. आई लव लकी अली सर तो वैसे बहुत सारी. अनगिनत फिल्में हैं बट सो गुड टू टॉक टू. यू सर लाइक वाइज है। लाइक वाइज. क्योंकि ये पडकास्ट फिल्म रिलीज के बाद. होगा।. जी। अच्छा. कुछ तो बता के जाइए।. क्या फिल्म के बारे में? कुछ भी कि आपकी ये फिल्म बाकी फिल्मों से. कैसे अलग है? ये बड़ा जनरिक सवाल है। लेकिन मैं चाहता. हूं कुछ तो थोड़ा सा रिवील करके जाओ ताकि.
जो दर्शक देख कर आए या पहले दिन ना देखा. हो जब ये पडकास्ट आए। इसमें क्या है ना कि. जैसे. यह पहली बार एक ऐसा हुआ है ना कि कहानी. बहुत पर्सनल है बट ये हजार लोगों की. पर्सनल कहानी है। ऐसे ये ये कहानी वो है. जो मैंने कई लोगों की जुबानी सुना है। इस. ये इस कहानी में मेरा कुछ भी नहीं है। ये. छोटे-छोटे अंश लिए हैं मैंने उन लोगों की. कहानियों से जो जिन्होंने पार्टीशन अपनी. नजरों से देखा है।.
ये सिर्फ एक. इंसान की नहीं मेरे ख्याल से एक पूरे. राष्ट्र के टूटने की भी कहानी है और वो वो. जो जुदाई है ना वो सिर्फ एक इंसान की नहीं. है बट एक एक बहुत बड़ा लॉस है जो इसका एक. आधार है और जिसकी खलिश पिक्चर में रहती. है। एंड होने के बाद ये फिल्मी घर जाएगी. [हंसी]. ये पता नहीं बट इसमें ये जरूर मैंने कोशिश.
की है कि. मतलब आप इसको पूरी तरह से महसूस कर सकें. हॉल के अंदर ही बाद में सोचने की जरूरत. ज्यादा ना पड़े बाद में जो आप वैसे ही आए. फिर से देखने के लिए मगर इस वजह से नहीं. कि कुछ गुत्थी सुलझानी रह गई है. जाते-जाते मैं भी कहूंगा मैं वापस आऊंगा. इसी उम्मीद से आपको भेजूंगा बट वापस आने. में क्या होगा? व्हाट्स नेक्स्ट आफ्टर मैं. वापस आऊंगा।. यार ये बहुत सारी एक्साइटिंग और छोटी बड़ी.
कहानियां हैं जो मैं करना चाह रहा हूं।. कुछ शुरू नहीं किया अभी।. अभी तक तो कुछ नहीं शुरू किया यार। मैं. हमेशा कोशिश करता हूं कि मैं जल्दी शुरू. कर दूं। मगर मेरे से होता नहीं है। मेरे. को थोड़ा सा टाइम लगता है। क्योंकि लिखता. भी मैं खुद हूं ना तो उसमें वक्त लगत है।. फर्क पड़ता है इस फिल्म की सक्सेस और फेलर. का। जैसे कुछ लिख रहे थे फिल्म अच्छी चल. गई तो. मुझे नहीं फर्क पड़ता है बट मेरे ख्याल से. जो ट्रेड है उसको फर्क पड़ता है. बट उसका असर आप पर भी तो आता होगा. असर आता है. जिक्र तो करते होंगे. जिक्र भी करते हैं और अक्सर ये भी होता है.
कि अगर मतलब वो हम हम नहीं अफोर्ड कर. पाएंगे ये वाला प्रोजेक्ट. आप इज्जत पे रहते हो कि नहीं. नहीं मैं एक फिल्म को एक तरीके से बनाना. चाहता हूं अगर वो नहीं बन रही है किसी वजह. से तो फिर मैं कोई और फिल्म बनाऊंगा जो बन. सकती है जिसमें उस तरह की स्टार कास्ट. पॉसिबल है या जिसमें उस तरह का बजट पॉसिबल. है। मगर उसमें कॉम्प्रोमाइज करके उस फिल्म. को खराब करना नहीं चाहता हूं। तो ये मेरी. स्ट्रेटजी है।. कोई फिल्म ऐसी है जिसको आपने बनाया। आपको. लगा कि और बेहतर बना सकते थे।. हर फिल्म को लगा यार। हर फिल्म को लगा।.
रॉकस्टार में बहुत ज्यादा फीलिंग हुई। ये. तमाशा में भी फीलिंग हुई कि इसको मैं और. और आसान तरीके से डिपिक्ट कर सकता था।. कभी मन करता है कि लैला मजनू आपने बनाई. होती? [गहरी सांस लेने की आवाज़]. नहीं नहीं यार साजिद ने बनाई है। बहुत. अच्छा किया है।. और. मुझे लगता है कि वो उसकी इनोसेंस और उसके. ख्याल से बनी हुई पिक्चर है ना। इनोसेंस. भी नहीं उसके दिमाग से बनी हुई पिक्चर है. तो बहुत उसका एक असर अलग है।. लास्ट क्वेश्चन ही रंझा कब आ रही है?
हीर [नाक से की जाने वाली आवाज़] राझा अभी. शूट बहुत जल्दी शुरू होने वाला है और अभी. शूट शुरू नहीं हुआ है।. कास्ट फाइनल हो गई? कास्ट फाइनल हो रही. है। मेरे ख्याल से अब हो गई है।. हाल फिलहाल में मेरे ख्याल से लास्ट फ्यू. डेज में हो गई है कास्ट फाइनल। अब एक दो. कुछ महीनों में शूटिंग स्टार्ट होने वाली. है। तो उसके बाद एक साल तो लगेगा। एक साल. तो लगेगा। एक साल तक इंतजार तो जरूर।. कोई एक शेर जिससे आप खत्म करना चाहे. इंटरव्यू। कोई एक शेर जो आपके दिल के बड़े. करीब हो। [गहरी सांस लेने की आवाज़].
ये एक बात है जो बार-बार इस फिल्म में भी. आती है ज़हन में कि. तुम मेरे पास होते हो गोया जब कोई दूसरा. नहीं होता। यह शेर नहीं है। यह एक बहुत. सिंपल सी बात है। अ. मगर बहुत बड़ी बात है। हर हर इंसान को ना. ऐसी कोई चीज ढूंढ लेनी चाहिए जो उसके साथ. हमेशा होता है। जब कोई दूसरा नहीं होता. उसके साथ। अक्सर ये मोहब्बत होती है.
तो ये शेर तो नहीं है कोई एक जुमला. इम्तियाज अली की फिल्मों और इम्तियाज अली. पर अपनी उस तोहमत के साथ. हम. कि एक उम्र गुजार दी हमने चाहत में तेरी. हम. बड़े खुशनसीब होंगे तुझे मुफ्त में पाने. वाले. वाह वाह वाह वाह वाह वाह क्या [हंसी] बात. है क्या बात है क्या बात. शुक्रिया सर बहुत आनंद आया और मुझे उम्मीद. है कि दर्शकों को भी शायद इतना आनंद आए. मुझे नहीं पता आपके बाकी इंटरव्यू से. इंटरव्यू कितना अलग क्योंकि. नहीं नहीं बहुत अलग. हर आदमी आपसे वही सवाल पूछना चाहता है.
लेकिन हमारी कोशिश थी कि थोड़ा इम्तियाज. सर को पढ़ा जाए. थोड़ा आम होकर. जी जी. कुछ निकाला जाए और आप जॉन एलिया के बारे. में सोचिएगा जरूर. मैं आज चाहूंगा कि एक बार आप उनके बारे. में थोड़ा और पढ़ें देखें और मुझे लगता है. कि वो एक ऐसा किरदार है जिससे आप. न्याय कर सकते हैं। एक शेर मैं आपको. सुनाता हूं. फैज अहमद का. के हम के ठहरे अजनबी इतनी मदारातों के बाद. फिर बनेंगे आशना कितनी मुलाकातों के बाद.
फैज साहब का एक शेर है मैं फिर से समराइज. करूंगा. जी. कि वो लोग बड़े खुशकिस्मत थे जो इश्क को. काम समझते थे या काम से आशिकी करते थे. हम. हम जीते जी मशरूफ रहे कुछ इश्क किया कुछ. काम किया हम. काम इश्क के आड़े आता रहा. और इश्क में काम बिगड़ता रहा. और आखिर में तंग आकर हमने दोनों को अधूरा. छोड़ दिया।. क्या बात है क्या. इस पे हमने एक्सटेंडेड वर्जन भी लिखा था. हम. कि इश्क अगर जिंदा रखना है तो उसे अधूरा. रहने दो।. जी जी जी. इश्क अगर जिंदा रखना है तो उसे अधूरा रहने. दो। क्योंकि मुकम्मल हुए रिश्ते अक्सर.
गिले शिकवे शिकायतों में उलझकर ठंडी राख. बनकर खत्म हो जाते हैं।. तो ये इरशाद की एक लाइन मैं आपको सुनाता. हूं इसी बात पर।. कि सब पूरा होकर खत्म हुआ। जो आधा है वो. जिंदा है।. ये इरशाद कामिल की लाइन है। और मुझे लगता. है कि ये जो फिल्म है ना मेरी ये ये शेर. शायद उसका बेसिस है।. मैं आपसे यहां एक गुजारिश करूंगा कि आपको. इरशाद कामिल सर को भी और भेजना चाहिए. लोगों के पास जब आप फिल्मों का प्रमोशन. करें।. नहीं नहीं वो चले गए अमेरिका।. तो एक्टर्स के साथ समय-समय पर आप उनको भी.
पुश किया कीजिए।. नहीं मैं जरूर उनको पुश करना चाहूंगा। वो. चले गए हैं। इस बार थोड़ा वो अपने हाथ. नहीं आए। वो फिसल गए।. वरना मैं उनको पकडूंगा जरूर। क्योंकि कुछ. ही राइटर हैं जो बहुत बहुत अद्भुत है।. जी. उसमें सिरशाद कामिल साहब हैं।. जिनको हर बार सुनना बेहतर होता है। बट. मुझे बहुत आनंद आया सर।. रात का वक्त है। आप बहुत थके थे पर नहीं. माफी आपको। आपकी तबीयत भी खराब है। हमने. इंतजार. मेरे चेहरे का नूर बढ़ चुका है। [हंसी]. शुक्रिया सर। थैंक यू।. थैंक यू सर। थैंक यू।.
