Unplugged ft. Harish Reddy | FD vs SIP | Investment | Stock Market | Stable Money | Middle Class
इंडिया में व्हाई पीपल आर सो बैड विथ मनी? पैसा. पैसा कि बिगेस्ट प्रॉब्लम ये है कि इंडिया. में फैमिलीज बैठ के पैसे के बारे में बात. ही नहीं करते। पैसे में बहुत ज्यादा. मैथमेटिक्स है नहीं। मिडिल क्लास में. पैसों को लेके फियर का एटीट्यूड रहा है।. कल की चिंता नहीं है मुझे। मेरी चिंता. परसों की है।. परसों की है। ज्यादा काम करके अमीर बनते. हैं या ज्यादा पैसे बचा के अमीर बनते हैं. या कोई और ही तरीका है जिससे अमीर बनते. हैं।. अगर दो लोग हैं एक ज्यादा कमाता है और. दूसरा बंदा कम कमाता है। दूसरा बंदा. इवेंचुअली 60 साल में 70 साल में ज्यादा. पैसे कमाएगा। इसका एक छोटा सा एग्जांपल है.
वारे गुफ। पैसा कमाना एक विषय है।. कमाकर उसे बढ़ाना।. हां।. इसके लिए क्या चीजें जरूरी है? पैसे अगर आपको बढ़ाना है तो इसका मैं एक. सिंपल फार्मूला बताता हूं। आपको चार चीजें. करना चाहिए।. शेयर मार्केट में इन्वेस्ट कहां करें? ये. कैसे डिसाइड करें? एक जनरल ऑडियंस के लिए. जो दिन में एकद घंटा शेयर मार्केट में. डालना नहीं चाहते टाइम। उनके लिए बेस्ट. तरीका होता है म्यूच्यूल फंड। बजटिंग करना. जरूरी होता है। बजट करना बहुत-बहुत जरूरी. होता है। तो मैं बहुत ज्यादा फाइनेंसियल. एडवाइस ढूंढ रहा था। कहीं नहीं मिला। तब. एक स्वामी नित्यानंद जी करके है। उसमें. किसी ने पूछा कि स्वामी जी, मैं अपने.
फाइनेंसेस को कैसे कंट्रोल करूं? हर महीने. आप लिख लीजिए आपका फाइनेंस अपने आप सुधर. जाएगा।. कोई नया इंसान है जिसने लाइफ में कभी. इन्वेस्ट नहीं किया। वो कैसे इन्वेस्ट की. शुरुआत करें? पहली बार इन्वेस्ट कर रहे हो आप सेफ. इन्वेस्टमेंट से शुरू करके। आप ये सिचुएशन. नहीं चाहते हो कि आपने डाला और 2 महीने. बाद 20% नीचे। बिकॉज़ वो. सदमा लग गया।. सदमा लग गया था।. सेफेस्ट इज़ एफडी।. सेफेस्ट इज़ एफडी।. कि मेरे दादा के जमाने में एफडी थी।. पिताजी भी एफडी यूज़ कर रहे थे। मैं भी कर. रहा हूं। आगे मेरा लौंडा आएगा वो भी. करेगा।. हां जी।. एफडी कितनी करवाए? कौन सी करवाएं? किस. टाइप पे करवाएं या कैसे करवाएं? तीन तरह.
से आप एफडी करते हैं लोग।. बैंक बंद हो गया तो क्या आप कहते हो कि 5. लाख तो दे देगा वो।. मान लो मेरी एफडी बड़ी हो।. आपने 10 लाख की की बैंक बंद हो गया। आपको. 5 लाख तो तीन महीने में आ जाएंगे।. ₹1000 है।. तो मैं उसे शेयर मार्केट में लगाऊं। मैं. एफडी करने आऊं या Netflix का सब्सक्रिप्शन. लेने जाऊं।. सबसे ज्यादा ग्रेटिफिकेशन तो Netflix के. सब्सक्रिप्शन में आएगा। इसी पे डिपेंड. करता है कि आप इन्वेस्टमेंट के किस जर्नी. पे हैं।. इंडिया में लोग इन्वेस्टमेंट में सबसे बड़ी. गलती क्या करते हैं? दो मिस्टेक्स दैट आई. हैव सीन।. अगर आपको पांच स्टूपिड मिस्टेक बतानी हो. जो लोग पैसा कमाने के बाद करते हैं।.
हम्म पांच. जो आदमी कम पैसा कमा रहा है। वो क्या. करें? इसके लिए मैं आपको एक रूल ऑफ 72. बताता हूं। आईटी से पढ़ा बच्चा और एक नॉन. आईटीए बच्चा। दोनों में क्या फर्क होता. है? जब एक आईआईटीए बाहर आ के कुछ खुद से. शुरू करना चाहता है। तो आपको 10 15 लोग. मिल जाएंगे जो ऑलरेडी इस जर्नी के थ्रू. गए। फिर भी पॉडकास्ट करने के लिए नॉन आइटम. के पास आना पड़ता है।.
क्या आप जानते हैं कि इंडिया में सिर्फ 1%. लोग हैं जिनके पास इंडिया की 40%. प्रॉपर्टी है।. 83% लोग ऐसे हैं जो दिन भर के ₹200 भी. नहीं कमा पाते। दो वजह है। एक वजह बराबर. अपॉर्चुनिटीज नहीं। दूसरी वजह जो उनकी. लाइफ में होती है कि पैसा आ गया लेकिन. पैसा संभालना नहीं आता। करें क्या? वैसे. पैसा इंसान को इज्जत दिलाता है। पैसा. कमाना हर कोई चाहता है लेकिन इंडिया में. लोग पैसे को लेकर बहुत बेहतर नहीं है।. उन्हें लगता है कि पैसा बचाओगे तभी.
बढ़ेगा। क्या यह सही है? समझने की आज. कोशिश करेंगे कि पैसे के साथ क्या किया. जाए? पैसा कैसे कमाया जाए? और अगर कमा. लिया है तो फिर उसे कैसे बढ़ाया जाए? जो. बहुत जरूरी है। मेरे साथ स्टेबल मनी से. हरीश रेड्डी जी हैं। कोफाउंडर हैं।. बहुत-बहुत स्वागत है आपका। थैंक यू शुभंकर. जी। आईटी बॉम्बे से पढ़ने के बाद कंपनी. क्यों स्टार्ट की? सर. पैसे कम मिले थे।. नहीं सर। तो आईआईटी बॉम्बे में जब मैं था. तब मैंने एनवायरमेंट देख के मेरे को. स्टार्टअप करना ही था। तो आईआईटी बॉम्बे.
के जब फोर्थ ईयर में थे मैं और सौरभ जो. मेरा अभी का को-फाउंडर है। हम दोनों. मिलाकर मिलकर एक कंपनी शुरू की थी एज वेस. करके। जहां पर हम आईआईटी बॉम्बे के कुछ. बच्चे हायर किए थे। इनके साथ एक जेई. कोचिंग इंस्टट्यूट्स के साथ कोलैबोरेशन. करते थे। हम वीडियो लेक्चर्स बनाते थे, टेस्ट सीरीज बनाते थे। हमने फोर्थ ईयर में. 5 ₹1 लाख कमाए। हम बहुत खुश हुए और हमारी. नौकरी लग गई। तो फिर हमने वो छोड़ दिया।. फिर हम नौकरी में चले गए। एजेंडा यही था. कि कभी ना कभी शुरू करेंगे। फिर मैं हैेज. फंड में चला गया। हैेज फंड मतलब मैं एल्गो.
ट्रेडिंग करता था। जिसमें. कंप्यूटर के थ्रू ट्रेड करवा के खूब सारा. पैसा कमाना। ये मेरा जॉब डिस्क्रिप्शन था।. मेरा हमेशा मकसद यही था कि दो-ती साल. करेंगे। ठीक-ठाक पैसा कमाएंगे। फिर कुछ. कंपनी शुरू करेंगे। पर हालात थोड़ा सा ये. हुआ कि मैं चारप साल जॉब करने के बाद मैं. उस टाइम पे बहुत पैसा कमा रहा था। मैं 1. करोड़ के ऊपर कमा रहा था पर ईयर। सडनली. 2016 में मेरे फादर की डेथ हुई। फिर मैं. घर गया. और मेरे फादर बैंक मैनेजर थे। लेकिन. बीच-बीच में कुछ बिनेसेस भी करते थे। कुछ.
जमीन खरीदा, जमीन बेचे। फिर 2014 के आसपास. उन्होंने बहुत सारा जमीन खरीदा था और. तेलंगाना का मूवमेंट शुरू हुआ तो उससे. उनका पूरा घाटा हो गया। वो मेरे को बताया. नहीं या फैमिली में पता नहीं था। 2016 में. जब उनकी डेथ हो गई मैं गया सारा कार्यक्रम. पूरा किए। फिर घर पे आके बैठे।. फिर थोड़ी देर बाद मैंने देखा कि मेरे घर. के बाहर बहुत बड़ा क्यू है। मैं जाकर पूछा. कि आप कौन लोग हो? तो उन्होंने बताया कि. सर हमने तो आपके पापा को पैसे दिए। और यह.
पूरा इनफॉर्मल लोन सिस्टम था क्योंकि वहां. पर कोई फॉर्मली लोन इतना अमाउंट देगा. नहीं। तो फिर मैं एक किताब और पेन लेकर. मैंने लिखना शुरू किया।. फिर मैंने देखा कि वो 5 सा 5 करोड़ के. उधारी मेरे पापा के ऊपर थी। तो वो नेचुरली. इंडियन कल्चर तो यही है कि अगर पापा ने. किया तो बेटा तो चुकाएगा। नहीं तो फैमिली. का रिस्पेक्ट ये वो इसका इशू था। तो मेरे. को 2017-18 में कंपनी शुरू करना था बिकॉज़.
वह कीड़ा है बचपन से। तो फिर मैंने सोचा. कि इसको चुकाते हैं। इसको चुकाने के बाद. कंपनी अपना शुरू करते हैं। तो फिर 2016 से. लेकर 2020-21 तक का मेरा जीवन वो चुकाने. में गया। फिर वो चुकाने के बाद 212 में. फिर यह सपना फिर से जागा कि यार अभी कंपनी. शुरू कर सकते हैं। दैट्स हाउ स्टेबल मनी. स्टार्टेड। मेरे को यह समझना है कि एक. आदमी पैसा इतना कैसे कमा लेता है? 5.5. करोड़ का आपके फादर पे लोन था। इतना पैसा. कैसे कमाते आपने तो जॉब भी छोड़ दी।. अह नहीं जॉब नहीं छोड़ा सर। तो मैं जॉब के. थ्रू कमाया तो मैं जो करता था कौन सी जॉब.
में 5 करोड़ 3 साल में निकल आते हैं? अह 5 साल में निकल आए। मैं बताता हूं उसका. भी कहानी। तो मैं एक एल्गो ट्रेडर था।. आईआईटी बॉम्बे के बाद एल्गो ट्रेडर्स क्या. करते हैं? ये जो ट्रेडिंग का डाटा है पूरा एनएससी. बीएसई जो भी स्टॉक एक्सचेंजेस है वो डाटा. सारा लेते हैं। उस पे एनालिसिस करते हैं. कि कैसा एक इंस्ट्रूमेंट दूसरा. इंस्ट्रूमेंट को इंपैक्ट कर रहा है। उसमें. से पैटर्न ढूंढ निकालते हैं। उसका एक मॉडल. बनाते हैं। वो मॉडल बना के कंप्यूटर में. फीड करते हैं और कंप्यूटर ऑटोमेटिकली.
ट्रेड करता है। ट्रेड करके पैसा कमाता है।. तो एक तरफ एल्गो ट्रेडर्स होते हैं इंडिया. में और दूसरी तरफ रिटेल ट्रेडर होता है।. तो अगर आप डाटा देखोगे तो इस साल इंडियन. रिटेल ट्रेडर ने 1 लाख करोड़ गवाए। अब ये. जो 1 लाख करोड़ गवा है ये कौन कमाता है? हमारे जैसे एल्गो ट्रेडिंग कंपनीज़ कमाते. हैं। मैं जो कमाता था उसमें से मेरे को. 101% बोनस मिलता था। मैंने साल में 15. करोड़ कमाया तो मेरे को 1.5 करोड़ मिलता था।. 50 लाख टैक्स दे दो। 1 करोड़ उधार चुका दो।. तो यही कहानी थी। इंटरेस्टिंग। आपने आईटी. से पढ़ाई की है। एक कॉमन क्वेश्चन मेरे.
दिमाग में आता है कि आईटी से पढ़ा बच्चा और. एक नॉन आईटीए बच्चा दोनों में क्या फर्क. होता है? जब आप आईटी से पढ़ के पास आउट. होते हो? सर सबसे बड़ा फर्क तो नेटवर्क का. है।. आज एक आईआईटीए बाहर आकर कुछ खुद से शुरू. करना चाहता है तो आपको 10-15 लोग मिल. जाएंगे जो ऑलरेडी इस जर्नी के थ्रू गए. हैं। वो आपको आईडियाज देंगे। वो आपको. इन्वेस्टर से कनेक्ट करेंगे। वो आपको सही. एडवाइजर से कनेक्ट करेंगे। नॉन आईआईटी के. बच्चे को वो मिलना थोड़ा सा मुश्किल है।. तो एक कंपनी जब शुरू कर रहे हो आईआईटी एंड.
को एक दो-ती साल का एडवांटेज तो है ही। और. दूसरा अब अनफॉर्चुनेटली अनफॉर्चुनेटली. थोड़े से स्मार्टर भी होते हैं आईआईटी. बिकॉज़ आप एक एग्जाम देके उस एग्जाम में. टॉप परसेंट में आए हो तो थोड़ा सा आईक्यू. लेने में डिफरेंस होता है। बट इसके अलावा. बहुत सारे एग्जांपल्स हमने देखा है।. फिर भी पडकास्ट करने के लिए नॉन आईटीएम के. पास आना पड़ता है।. सही बात है। नहीं मैं बोल रहा कि बहुत. सारे एग्जांपल्स हैं जहां पर नॉन आईटीएम. मच बेटर कर रहे हैं। बट आई. मेरे डैड एक्चुअली मुझे बहुत ताने मारे।. मैंने अपना आईटी का पेपर छोड़ दिया था।. अच्छा वाज अबाउट टू गिव और मुझे रियलाइज.
हुआ कि यार ये निकलने वाला है नहीं।. तैयारी उस हिसाब से की नहीं है तो छोड़. देते हैं। मैं हमेशा अपने डैड से कहता हूं. कि आप तेंदुलकर से गाना गवा रहे हो। मैं. मैं भी इसमें एक मेरे डैडी का बहुत बड़ा. हाथ था इसमें। तो मैं आईआईटी जब फर्स्ट. टाइम अटेम्प्ट किया तो आईआईटी हैदराबाद. में एक रामैया करके कोचिंग इंस्टट्यूट है।. पता नहीं कितने लोगों को पता है। वो ऐसा. कोचिंग है जहां आपको सुबह 4:00 बजे जाना. पड़ता है। 4 से 11:00 आपको पढ़ाएंगे। फिर. आपको खूब सारा होमवर्क देंगे और आप घर आके. 2 से 10 वो करोगे फिर सो जाओगे। यह पूरा. स्केेड्यूल मैंने दो साल किया। और मेरा.
हुआ नहीं आईटी पहली बार बिकॉज़ वो इतना. प्रेशर था, इतना एक्सपेक्टेशन था और एक. कॉन्फिडेंस भी था तो हो ही जाएगा इस. इंस्टट्यूट में हूं। और फिर मेरे को एक. तरह से घिन आ गया था आईआईटी की स्टडी से. तो मेरे को बिल्कुल करना नहीं था। मेरे को. बाकी कॉलेजेस में वेलोर में इधर-उधर सीट आ. गया था। तो मेरे को वहां जॉइ करना था और. मेरे पापा के माइंड में क्योंकि मेरे पापा. ऑलरेडी बिजनेस कर रहे थे। इतना अच्छा कर. नहीं रहे मेरे पापा के माइंड में एक होप. था कि इस फैमिली को अगर ऊपर ले जाना है तो. वो होप है।. आईटीए. आईआईटीए ही कुछ कर सकता है।.
इंडिया में आईएस और आईटीए की वैल्यू थोड़ी. सी. मेरे को इतना समझ नहीं थी तो मैं तो बस. जििद पे अड़ गया था कि मेरे को नहीं करना. है आईआईटी. तो वही डिस्कशन चल रहा था घर पे और मेरे. पापा मेरा जो लॉन्ग टर्म कोचिंग. इंस्टट्यूट है मतलब जो रिपीट बोलते हैं. उसके लिए फीस का कुछ कैश हाथ में लेके आए. थे। ऐसे बैठे हुए थे हम दोनों बात कर रहे. हैं। मैं बोल रहा हूं मैं इसको नहीं करना।. मेरे पापा बोल रहे हैं करना है। फिर थोड़ी. देर बाद मेरे पापा फ्रस्ट्रेट हो गए। वो. पैसे लेके ऐसे फेंके जमीन पे। वो सडनली. मेरे माइंड में हिट कर गया कि यार ये क्या.
हो गया? तो कर लेते एक बार ट्राई कर लेते।. तो फिर मैंने लॉन्ग टर्म पे गया। फिर मेरे. को 77 रैंक आई। तो वो मेरे पापा का एक ऑल. इंडिया ऑल इंडिया 77 रैंक। तो वो पापा का. मेरा एक पुश। अभी समझ आता उस टाइम पे समझ. नहीं आ रहा था कि यार मेरे से क्या करवा. रहा है। बट अभी समझ आता है कि वो थोड़ा सा. मेरे लाइफ का कोर्स को चेंज किया।. उसने अच्छा फ्लॉट किया। नॉन 187 में 77. ओके बी चलो एक एक सवाल और कॉलेज पूछते हैं. फिर हम आगे जाएंगे इस पे बीटेक करने का. फायदा क्या होता है. सर मैं अभी उसका आंसर खोज रहा हूं तो.
जैसे एक जवाब मुझे इसका मिला कि कोई बीटे. किया हुआ बंदा किसी भी कॉलेज से किया हो. चाहे वो आईटीए हो नॉन आईटीए हो वो लाइफ. में डरना भूल जाता है एग्जाम्स का डर. पैनिकिक करने का डर क्योंकि इतने एग्जाम्स. होते हैं इतना बड़ा सिलेबस होता है आप चार. साल खाली एग्जाम देते रहते हो. हां हां. हां शायद एक सेमेस्टर के अंदर भी इतने. एग्जाम होते हैं फिर आपको एक रात में पढ़. के पास होना सीख जाते हो आप।. ये सही बात है। आई थिंक स्ट्रेस को आप. ओवरकम करने का तरीका सीखते हो।. एंड यू रियलाइज यू कैन डू एनीथिंग इन. लाइफ।. यस।. हां। मतलब आप अगर आईआईटीएंस को देखते हो. बाकी कॉलेज में भी होता होगा सॉरी। 90% ऑफ.
देम वो अपने कोर इंजीनियरिंग के अलावा कुछ. और कर रहे होते हैं। बिकॉज़ ये कॉन्फिडेंस. सिखा देते हैं कि यार कुछ सीखना है तो हम. सीख जाएंगे।. हां।. और चार साल उसके अलावा कुछ और करते हैं. लाइफ में। फिर वही करते हैं।. जो अच्छा करते हैं वो लाइफ में कुछ और ही. करते हैं।. दैट्स ओके। अ बिजनेस की हम बात कर रहे थे. क्योंकि बिजनेस पर ये पडकास्ट है।. दो तरह के बिजनेसमैन है। एक बिजनेसमैन जो. बहुत पैसा कमा लिया फ्लॉनट कर रहे हैं। एक. बिजनेसमैन टाटा साहब टाटा साहब की तरह है।. कभी फ्लॉट नहीं किया अपने रईसी को। बट.
रिस्पेक्ट टाटा ही क्यों है? इसके दो आंसर है। एक तो मेरे को लगता है. कि इंडिया में आप फ्लॉनट करते हो तो. रेस्पेक्ट नहीं मिलता। ये इसका उल्टा है. यूएस में। यूएस में एलॉन मस्क भी टों्ट. करता है बट रिस्पेक्ट. मिलता है। आई थिंक इंडिया में थोड़ा सा. वैल्यू सिस्टम ऐसा है कि आप थोड़ा सा. हमंबल रहते हो तो आपको ज्यादा रेस्पेक्ट. मिलती है। बट मेरा पर्सनल ओपिनियन यह है. कि फ्लट करो या ना करो रेस्पेक्ट आदमी के. कैरेक्टर के लिए मिलना चाहिए या उसके. बिजनेस एक्यूमेंट के लिए मिलना चाहिए।.
इंस्टेड ऑफ एक आदमी को पूजने के बजाय उसके. कैरेक्टर को या कैरेक्टरिस्टिक्स को पूजना. चाहिए। इज माय इंडिया में व्हाई पीपल आर. सो बैड वि मनी? बिकॉज़ वी डोंट टॉक अबाउट मनी। आई थिंक. बिगेस्ट प्रॉब्लम मैं मेरे खुद के लाइफ. में भी है कि बिगेस्ट प्रॉब्लम यह है कि. इंडिया में फैमिलीज डोंट सीट टुगेदर।. फैमिलीज़ बैठ के पैसे के बारे में बात ही. नहीं करते। आई थिंक एक थॉट प्रोसेस ये है. कि जिनके पास बहुत पैसा है उनको लगेगा यार. बच्चा बिगड़ जाएगा जब इनको पता है कि पैसा. बहुत है हमारे पास। जिनके पास पैसा नहीं. है तो उनको लगता है कि बच्चा स्ट्रेस. लेगा। तो बहुत सारे लोग अपने 25 30 साल के.
उम्र पे आने के बाद सडनली पैसा एज अ. कांसेप्ट समझते हैं और सडनली पैसों की कमी. को रियलाइज करते हैं और उस टाइम पे एक नया. कांसेप्ट सीख रहे हो जब आप 30 साल के उम्र. के हो चुके हो वहां सीखना थोड़ा सा. मुश्किल हो जाता है। तो जितना जल्दी आप. पैसों के बारे में सीखते हो, पैसे को. रेस्पेक्ट करना सीखते हो, उतना अच्छा. पैसे के बारे में बात ना करने से क्या. मतलब आपका बात मान लो बात कर ली बता दिया. उससे क्या फर्क पड़ेगा? आप कोई भी चीज हो लाइफ में आप उसको. रेस्पेक्ट करते हो आपके पास रहता है। आप.
पैसे के बारे में बात करोगे तो आपको पैसे. को रेस्पेक्ट करना सीखोगे। जब पैसे को. रेस्पेक्ट करते हो पैसा आपके पास टिकेगा।. दिस इज़ माय इंटरनेशनल। मैं कहीं कुछ एक. वीडियो देख रहा था। उसमें किसी ने कहा कि. मेकिंग मनी इज़ लेस मैथ्स मोर साइकोलॉजिकल।. और शायद यही वजह है कि नोबेल प्राइज. इकोनॉमिक्स का जो था उसमें उनको ज्यादा. दिया जा रहा है जो ह्यूमन साइकोलॉजी पढ़. रहे हैं। यह क्यों? सो आई थिंक पैसे में बहुत ज्यादा. मैथमेटिक्स है नहीं। बहुत सिंपल. मैथमेटिक्स है। बट मैंने जितना देखा है जो.
मिडिल क्लास आई थिंक मैं टॉप क्लास को. छोड़ देता हूं और लोअर क्लास को भी छोड़. देता हूं। मिडिल क्लास में मैं जितने भी. लोगों को देखा जिन्होंने पैसा बनाया उनका. थोड़ा सा. पैसों को लेके फियर का एटीट्यूड रहा है कि. कि कल कल क्या होगा या 10 साल बाद क्या. होगा? कल की चिंता नहीं है मुझे। मेरी चिंता. परसों की है।. परसों की है। करेक्ट।. तो जो भी ऐसे सोचे हैं मिडिल क्लास में और. जो भी जब पैसा आता है तो तुरंत खर्च करने.
का नहीं सोचते या 10 20% सेव करने का. सोचते। ऐसे लोग बहुत तरक्की किए या बहुत. पैसे कमाए हैं। तो दिस ऑल कम्स डाउन टू. साइकोलॉजी और हाउ डू यू पर्सव मनी? तो. मैथमेटिक्स तो बहुत बहुत सिंपल है मेरे. पास।. पैसे का मास्क क्योंकि हमारे मिडिल क्लास. फैमिलीज में चाहे मम्मीियां हो पैसे. गिनगिन के रखती हैं। फादर्स भी हो गिनगिन. के रखते हैं। कैलकुलेशन ज्यादा है। इतना. यहां खर्च कर देंगे। ये बच जाएगा। उसकी. जगह वो ले लेते हैं। वो हो जाएगा। इससे भी. काम चल जाएगा। आई थिंक कैलकुलेशन यहां तक. सीमित नहीं होना चाहिए कि मेरे पास इतना.
आया। इतना खर्च किया। इसको यहां रख दूं।. यह भी होना चाहिए कि इस पैसा का होगा. क्या? इस पैसे 10 साल बाद बढ़ने के लिए. मेरे को क्या करना चाहिए? और मेरे पास जो. पैसा है उससे मैं काम कैसे कराऊं? ऐसा ना. हो कि पैसे कमा लिया और कहीं हमने बचा. लिया वो मेरे को बाद में बचाएगा। बट उस. पैसे को मैं कैसे ग्रो करूं? हाउ इज दैट. मनी वर्किंग फॉर मी एंड नॉट आई वर्किंग. फॉर मनी? दैट इज अ बिग डिफरेंस। तो ज्यादा. काम करके अमीर बनते हैं या ज्यादा पैसे. बचा के अमीर बनते हैं या कोई और ही तरीका. है जिससे अमीर बनते हैं? इन दोनों का कॉम्बिनेशन है। अ मेरे को.
लगता है कि. पैसा. अगर अगर दो लोग हैं एक ज्यादा कमाता है और. दूसरा बंदा कम कमाता है लेकिन दूसरे को. पता है कि मेरे पास जो पैसा है उससे क्या. कराना चाहिए। मेरे को लगता है कि दूसरा. बंदा इवेंचुअली 60 साल में 70 साल में. ज्यादा पैसे कमाएगा। इसका एक छोटा सा. एग्जांपल है वारेन बुफे। वारेन बुफे कहते. हैं कि कंपाउंडिंग इज द एथ वंडर. यू नो ऑफ द वर्ल्ड। उन्होंने 60 साल में. 212% से कंपाउंड किया है जिससे उनका पैसा.
या 10,000 गुना हुआ है। उन्होंने शुरू. किया था कुछ 50 60 साल पहले 1 मिलियन के. साथ 1 मिलियन क्योंकि उन्होंने 21% पे. कंपाउंड किया है। अब वर्ल्ड का आई थिंक. 100 बिलियन 200 बिलियन पे बैठे होंगे। अगर. कोई और बंदा होता जो उनके आधे रेट पे. कंपाउंड कर रहा है। मतलब 21% की जगह हर. साल 10% कर रहा है। तो उनको 50 साल पहले. 100 मिलियन से शुरू करना था। तो दो लोग. हैं। एक 1 मिलियन पर कंपाउंड कर रहे हैं. और दूसरा 100 मिलियन पर कंपाउंड कर रहा.
है। 50 साल बाद 1 मिलियन वाला ज्यादा कमा. लिए। बिकॉज़ वो ज्यादा तेजी से उस पैसे को. बढ़ा पा रहा है। और जितना ज्यादा वक्त देते. हो आपको पैसे बढ़ने के लिए उतना ज्यादा वो. डिफरेंस क्रिएट होता जाएगा। बट ये क्या. स्मार्ट मूव से होता है, फ्यूचर प्लानिंग. से होता है। क्योंकि मैं जितने बड़े लोगों. के बारे में सुनता हूं। जितने भी इंडिया. में बड़े ब्रांड्स हैं या वर्ल्ड में बड़े. ब्रांड्स हैं। आप उनकी कहानी सुनोगे तो वो. बहुत छोटे थे। हम. सारे जितने भी मैं पढ़ता हूं मतलब खाने के. ब्रांड्स हो, पहनने के ब्रांड्स हो, कपड़े. के ब्रांड हो, होटल की फ्रेंचाइज़ देख लो।.
सबने छोटे-छोटे हल्दी फ्रॉम हल्दीराम. एवरीवन राइट? तो ये क्या होता है जो इनको अलग कर देता. है? क्योंकि उस जमाने में भी रईस रहे. होंगे।. राइट? बट वो रईस आज रईस नहीं रह गए जो पुराने. रईस थे। और जो आज रईस बने हैं इन्होंने. क्या अलग किया कि ये रईस बन गए। आई थिंक. दो चीजें एक एक तो बहुत बड़ा चीज इस. दुनिया में लक है। हम अनफॉर्चूनेटली. उन्हीं का कहानी सुनते हैं या उन्हीं का. कहानी सुनने में पसंद करते हैं जो. सक्सेसफुल रहे हैं।. तो 50 साल पहले ऐसे हल्दीराम्स टाइप 50.
लोग शुरू भी किए होंगे। उसमें से एक. सक्सेसफुल हुआ है। तो उनका स्टोरी ज्यादा. सुनते हैं। तो लक तो है ही फॉर श्योर।. दूसरा पर्सिस्टेंस है। आप. आपको अगर 10 बिजनेसमैन का आप स्टोरी पढ़ते. हो तो उसमें से 10 में से सात या आठ लोग. 10 साल के लिए बहुत अच्छा किए होंगे और. अगले 10 10 साल के लिए उस आठ में से और. 80% ही किए होंगे। अगले 10 साल के लिए उस. आठ के 80% के भी 80% किए होंगे। क्योंकि. आपका जो पैशन है और वो ड्राइव है वो आप. कितने ज्यादा दिनों तक आप उसको कायम रख.
सकते हो। उसको पर्सिस्टेंट रख सकते हो।. दैट इज़ व्हाट विल या क्रिएट द डिफरेंस।. जनरेशन कितना लग सकती है? आपकी जनरेशन मतलब एज अ फैमिली ओवर टाइम यू. कीप एग्जीक्यूटिंग, कीप डूइंग द राइट. थिंग्स अगेन एंड अगेन एंड अगेन रिपीट करो. 50-60 साल तक। उसमें बहुत बड़ा डिफरेंशिएटर. बन जाता है।. जैसे हम छोटे जब थे तो मुझे याद है कैफे. कॉफी में बहुत जाते थे।. राइट। बहुत फेमस था।. हां।. एंड अच्छी कॉफी मिलती थी, सस्ती कॉफी भी. थी।. हां।. फिर वो ब्रांड खत्म हो गया।. हां।. मुझे याद है बिग बांड था। ऐसे बहुत सारे.
ब्रांड थे जो बिग सिनेमाज़ या और बहुत सारे. ब्रांड थे वो थे फिर गायब हो गए। Nokia. मोबाइल का एग्जांपल है। हां आई थिंक Nokia. का एग्जांपल. या बाकी ब्रांड्स का भी एग्जांपल मोस्ट ऑफ़. आपने जितने भी कहानी. ऐसे बहुत सारे ब्रांड्स हैं जो आपको याद. होगा हमारे चाइल्डहुड में बहुत बड़े थे।. करेक्ट।. वीडियो कॉन. हां।. ओडा टीवी आता था।. हमारी मेमोरीज में वो हैं। बट उनके पास. बहुत पैसा था। Micromax मोबाइल फोन आया. करता था। हां. इंडिया का पहला फोन था और अच्छा चल रहा.
था। मैंने यूज़ किया।. फिर वो गायब हो गए।. हां।. तो ये बिजनेसमैन का फ्लॉप होने का क्या. वजह होती कि क्या. सो मेजरली जो एस्टैब्लिश्ड बिनेसेस है जो. डाई डाउन हुए. उसमें एक लैक ऑफ इनोवेशन है। बहुत सारे. बिज़नेसेस में जैसे Nokia जब आया तो. Android और iPhone आके इनको वो कर दिया।. और Nokia का अड अप्शन टू Android आल्सो. बहुत लेट हुआ।. सेम गोज़ फॉर ब्लैकरी।. सेम गोज़ फॉर ब्लैक। ब्लैकबरी का तो एक. शायद मूवी भी बनी थी जिसमें लास्ट तक वो. डिनाई करते रहे कि iOS कुछ नहीं कर पाएगा।.
तो वो एक लैक ऑफ इनोवेशन है। दूसरा. Micromax के केस में तो थोड़ा सा और कहानी. था जहां पर चाइनीस कंपनीज़ बहुत सारे. इंडिया में आ गए एंड उनके पास अनलिमिटेड. कैपिटल था। बिकॉज़ वो चाइना में बहुत सारा. पैसा कमा चुके थे। वो बिलियंस ऑफ डॉलर्स. यहां पर डालने के लिए रेडी थे। तो. Micromax से सस्ता फोन वो लोग ल्च करने के. लिए रेडी थे। Micromax से ज्यादा. मार्केटिंग करने के लिए रेडी थे। तो वो. थोड़ा सा कैपिटल का इशू हो गया। दैट्स. वेयर micromax राइट डाउन।. तो एक पैसा कमाना वही फिर मेरा सवाल कि.
पैसा कमाना एक विषय है।. कमाकर उसे बढ़ाना. हां।. इसके लिए क्या चीजें जरूरी है? अगर आपको. तीन चार चीजें इसमें बतानी हो।. सो आम आदमी के लिए जब जो कोई भी अगर. इन्वेस्टमेंट करते हो तो उसको दो कैटेगरीज. में आपको डिवाइड करना चाहिए।. हम. एक पैसे बचाने का इन्वेस्टमेंट, एक पैसे. बढ़ाने का इन्वेस्टमेंट।. ओके? पैसे बचाने का इन्वेस्टमेंट इज़ हमेशा. शॉर्ट टर्म कि आपको 2 साल बाद गाड़ी. खरीदना है या 2 साल बाद आपको iPhone. खरीदना है, 2 साल बाद जमीन खरीदना है।. हम.
तो ये जब जब भी शॉर्ट टर्म देख रहे हो आप. पैसे बचाने के लिए कोशिश करो। तो उसमें से. उसके लिए आप सेफ इन्वेस्टमेंट्स में करते. हो। जैसे एफडी हो गया, बोंड्स हो गया।. ये सेफर इन्वेस्टमेंट है। और दूसरा पैसे. बढ़ाने का इन्वेस्टमेंट जिसमें आप लॉन्ग. टर्म देख रहे हो। एक आम आदमी मोस्टली. रिटायरमेंट के लिए या बच्चों की शादी के. लिए वह जमा कर रहे होते हैं पैसे जिसमें. उनके पास 15 20 साल रहते हैं।. उसमें आप ऐसे इन्वेस्टमेंट्स चुनोगे जो. एफडी और बॉन्ड से बेटर फास्टर कंपाउंडिंग. कर सकते हैं। जो वारेन बफे ने किया था जो.
स्टॉक्स में ज्यादा कंपाउंड कर सकते हैं।. वो इसीलिए कॉन्फिडेंट थे कि उनको 60 साल. तक पैसे पैसे को ना डिस्टर्ब करने का. कंफर्ट था। तो जो भी लॉन्ग टर्म. इन्वेस्टमेंट्स है उसमें आप थोड़ा सा. रिस्क लेना चाहिए। इक्विटी म्यूच्यूल फंड. जो भी शॉर्ट टर्म जो पैसे बचाने का. इन्वेस्टमेंट है वो एफडी और बॉन्ड्स ऐसे. सेफर इन्वेस्टमेंट में पैसा डालना चाहिए. और पैसे अगर आपको बढ़ाना है तो द बिगेस्ट. थिंग इज टाइम जितना ज्यादा टाइम के लिए आप. पैसे को टच नहीं करते हो उतना फास्ट और.
उतना ज्यादा अमाउंट में आपका पैसा ग्रो. होता है और पैसे अगर आपको टच नहीं करना है. तो पैसे कैसे टच नहीं करोगे जब आपने एक. इमोशनल और फाइनेंशियल सेफ्टी नेट क्रिएट. किया तभी आप पैसे को टच नहीं करते हो टू. इन्वेस्ट। तो इसका मैं एक सिंपल फार्मूला. बताता हूं कि फॉर एन एवरेज इन्वेस्टर. हाउ डू यू गो अबाउट इन्वेस्टिंग? आपको चार. चीजें करना चाहिए। फर्स्ट थिंग इज़ आपने. लेट्स से पैसे कमाना शुरू किया तो पहली. चीज आप करोगे इंश्योरेंस लोगे। हेल्थ. इंश्योरेंस और टर्ब इंश्योरेंस। इससे क्या.
होता है कि आप कभी भी नेगेटिव में नहीं. जाओगे। खुदा ना खास्ता कुछ हो गया तो आपके. फैमिली के लिए एक सेफ्टी नेट हमने बना. दिया। दूसरा आपको कुछ बड़ी हेल्थ इमरजेंसी. हो गई तो आपके पास हेल्थ इंश्योरेंस है सो. दैट यू डोंट टच योर इन्वेस्टमेंट। ये. फर्स्ट थिंग हो गया। जो सेकंड चीज आप. करोगे इज इमरजेंसी फंड। इमरजेंसी फंड का. कांसेप्ट यह होता है कि आप अपने 2 साल या. एक साल का जो खर्चा है उतना अमाउंट आप कोई. सेफ इन्वेस्टमेंट में डाल के रखते हो।. इसका रीजन यह होता है कि दुनिया में बहुत.
सारे इंसिडेंट्स होते रहते हैं। जैसे. कोविड हुआ या सप्राइम मॉडगेज क्राइसिस हुआ. 2009, 2010 का। ऐसे जब इंसिडेंट होता है. तो. एक तो दुनिया में ये गलत चीजें हो रहे हैं. और आपके पर्सनली भी कुछ गलत चीजें हो। फॉर. एग्जांपल कोविड में बहुत सारे लोगों का. बिज़नेस ठप हो गया। बहुत लोगों का जॉब चला. गया। एंड उसी टाइम पे आप स्टॉक मार्केट. देखोगे वो भी गिरे पड़े होते। राइट? तो अगर. आप जब आपकी जॉब चली गई तब आपको आपके. स्टॉक्स में इन्वेस्टेड पैसा टच करने.
जाओगे तो बहुत नीचे वाले रेट में मिलेगा।. तो उसको टच नहीं करना तो एक इमरजेंसी फंड. क्रिएट करोगे जिसमें आप सेफ इन्वेस्टमेंट. करोगे। जैसे आपका एफडीस हुआ, बॉन्ड्स हुआ. जिसमें आपका सर्टेनिटी है कि मेरे पैसे. डूबेंगे नहीं। मेरे पैसे जब चाहिए तब मेरे. को मिल जाएंगे। तो इससे एक फाइनेंसियल. सेफ्टी नेट मिला। दूसरा इमोशनल सेफ्टी नेट. भी मिला।. इन्वेस्टमेंट इमरजेंसी इन्वेस्टमेंट।. हां। सो इंश्योरेंस के बाद आपका सेकंड. कॉमोनेंट होता है इमरजेंसी फंड। इमरजेंसी. फंड का मतलब यह है कि आप आपके एक साल या 2.
साल के खर्चे जितने भी है उसको आप एक सेफ. इन्वेस्टमेंट में डाल के रखोगे। सेफ. इन्वेस्टमेंट मतलब एफडीस हो गए या आपके. बॉन्ड्स हो गए जहां पर आपको यह सर्टेनिटी. है कि यह पैसा डूबेगा नहीं या कोविड जैसे. सिनेरियोस होंगे तो यह पैसा वैल्यू में. नीचे नहीं जाएगा। इससे आपको दो फायदे होते. हैं। एक तो फाइनेंसियल फायदा जहां पर. कोविड टाइप सिचुएशन हो गया। आपकी जॉब चली. गई तो आपको एक साल सस्टेन करने के लिए, 2. साल सस्टेन करने के लिए आपने पैसे जमा. करके रखा है। और दूसरा साइकोलॉजिकल फायदा।.
मान लीजिए आप एक बिजनेसमैन हो। आपके पास. अगले महीने चलाने के लिए पैसे नहीं है तो. आप अच्छे से नेगोशिएट ही नहीं कर पाओगे।. आप आप कैमरामैन हो। कोई आपको बुलाया है।. पैसों की बात चल रही है। आप आप हक से आपका. पैसा मांग ही नहीं पाओगे। जब तक आपको यह. डर है कि यह प्रोजेक्ट अगर नहीं मिला मेरे. को तो मेरे अगले महीने की पैसे नहीं है. मेरे पास।. ट्रू।. सेम विद सैलरीड। आपको सैलरी ज्यादा मिलना. चाहिए बट ऑफ आपका एंप्लयर आपको कम दे रहे. हैं। आप कैसे नेगोशिएट करेंगे जब तक आपके. पास वो पावर नहीं है। तो दो साल का खर्चा.
एक इमरजेंसी फंड में डालिए। इसका. कैरेक्टरिस्टिक दो तीन ही होना चाहिए। एक. लिक्विड होना चाहिए। जब भी आपको पैसा. चाहिए तो आपको वापस मिलने का क्षमता होना. चाहिए इसमें। तो इसलिए एफडीस एफडीस आप कभी. भी तोड़ के आपका पैसा वापस ला सकते हो। अह. दूसरा कैरेक्टरिस्टिक यह होना चाहिए कि ये. इनफ्लेशन को बीट करना चाहिए। आपका इंडिया. का इनफ्लेशन 6% है तो आपका एटलीस्ट 7% 8%. आपको रेट मिल रहा है तो आपका पैसा वैल्यू. में कम नहीं जा रहा है। जितना इनफ्लेशन है. उतना आप मेंटेन कर पा रहे हो। और तीसरा. कैरेक्टरिस्टिक ये है कि ये मार्केट के.
साथ ऊपर नीचे नहीं जाना चाहिए। ऐसा ना हो. कि कोविड में गिर गया आपका एफडीबी गिर. गया। फिर फायदा क्या हुआ? आपने एक साल का. इमरजेंसी फंड बनाया वो 6 महीने का रह गया।. तो इमरजेंसी फंड आपने बिल्ड कर दिया। अब. तीसरा हिस्सा है इज वेयर यू लुक टू ग्रो. योर मनी। अब अब लॉन्ग टर्म सोच रहे हो।. आपका 2 साल का थिंकिंग हो गया आपका। अह. इंश्योरेंस भी हो गया। अब आप अगले 20 साल. के लिए सोचोगे, 25 साल के लिए सोचोगे।. इसमें मेन तीन कॉम्पोनेंट होते हैं। एक. डेप्ट, दूसरा इक्विटी, तीसरा गोल्ड स्लैश. इंटरनेशनल एक्सपोज़र। डेप्ट में फिर से वही.
आपका एफडी या बॉन्ड्स का कॉमोनेंट आता है।. इक्विटी जैसे जो म्यूच्यूल फंड्स हो गए या. स्टॉक्स हो गए। तीसरा गोल्ड।. जो इसमें इक्विटी का कॉमोनेंट है वो आपका. 12% 13% से हर साल ग्रो करता रहेगा।. जो देश का जीडीपी जैसा ग्रो कर रहा है. वैसा ग्रो करने का इसमें यूटिलिटी है।. दूसरा जो गोल्ड है, गोल्ड इज अे हैेज. अगेंस्ट इनफ्लेशन। सडनली देश में महंगाई आ. गई तो गोल्ड इज द ओनली एसेट जो सेव करेगा. आपको। मान लीजिए श्रीलंका टाइप ऑफ सिचुएशन.
हो गया जिसमें उनका करेंसी 2 साल में आधी. हो गई। तो आपको बचाने के लिए एक ऐसा. इंस्ट्रूमेंट चाहिए वो गोल्ड है। इन दोनों. के अलावा एक फिक्स्ड इनकम कॉमोनेंट मतलब. जो एफडी या बॉन्ड का कॉमोनेंट इसीलिए. चाहिए क्योंकि आप बहुत टैक्टिकल रह सकते. हो। मान लीजिए आपने इसका एक पोर्टफोलियो. बनाया जिसमें ₹80 इक्विटी में डाला, ₹15 एफडी में डाला और ₹5 गोल्ड में डाला. और सडनली कोविड हो गया। तो, यह 80 का 40. हो गया। बिकॉज़ मार्केट आधे में आ गई। अब. आपके पास ₹15 एफडी में है और ₹5 गोल्ड में.
है। इस ₹15 में से आप ₹5 ₹1 इक्विटी में. डाल सकते हो क्योंकि बहुत सस्ता है. मार्केट डालने के लिए आपके पास एक एक. टैक्टिकल चीज है जिसमें एफडी से आप मूव कर. सकते हो। तो यह कंफर्ट देने के लिए आपको. ये तीन कॉम्पोनेंट्स चाहिए जो पैसा बढ़ाता. है। और ये तीन कॉम्पोनेंट आप ऐसा चूज़. करोगे डिपेंडिंग ऑन योर रिस्क एपेटाइट।. कुछ लोग बहुत रिस्की इन्वेस्टर्स होते हैं. जो बोलते हैं कि मैं 30 साल तक मैं टच ही. नहीं करूंगा। मैं पैसे मैं देखूंगा ही. नहीं। वो लोग ज्यादा इक्विटी चूज़ कर सकते. हैं। बिकॉज़ उनको पैसा नीचे भी गया तो उनको.
घबराहट नहीं है। कुछ लोग होते हैं जो बहुत. सेफ खेलना चाहते हैं। उनको नींद नहीं आती. जब मार्केट गिरा तो उनके लिए ज्यादा आप. डेप्ट फिक्स्ड डिपॉजिट में डालिए और कम. इक्विटी में डालना चाहिए। और बहुत लोगों. को पता नहीं होता है कि उनका रिस्क एपेटेट. क्या है कि मैं रिस्की इन्वेस्टर हूं मैं. नहीं हूं। हमें पता नहीं होता है। तो इसका. एक सिंपल तरीका है। अगर आपने कहीं. इन्वेस्ट किया है कोई ऐप के थ्रू, Zerodha. के थ्रू, Go के थ्रू। आप अगर रोज अपना ऐप. देखते हो कि मेरा पैसा कितना हुआ तो आप. रिस्की इन्वेस्टर हो। आप लेस रिस्की. इन्वेस्टर हो क्योंकि आपको डर लगता है। आप. महीने में एक बार देखते हो तो आप ज्यादा.
रिस्की इन्वेस्टर आप टच नहीं करना चाहते. हो। तो उस हिसाब से अपना रिस्क एपिडेट. देखिए और ये एफडी गोल्ड और इक्विटी का. एलोकेशन आप ऊपर नीचे कर सकते हो।. शेयर मार्केट में इन्वेस्ट कहां करें? ये. कैसे डिसाइड करें कि यहां पर इन्वेस्ट. करना है या नहीं करना? क्या उसके लिए. बैकग्राउंड रिसर्च करनी चाहिए? तो सर शेयर. मार्केट में दो तरह के इन्वेस्टमेंट्स. हैं। एक जनरल ऑडियंस के लिए जो दिन में. एकद घंटा शेयर मार्केट में डालना नहीं. चाहते टाइम उनके लिए बेस्ट तरीका होता है. म्यूच्यूल फंड। म्यूचल फंड में इंडेक्स.
म्यूच्यूल फंड करके होते हैं जो एक निफ्टी. और एक बैंक निफ्टी करके इंडसेस है। वो. निफ्टी मतलब इंडिया के टॉप 50 कंपनी में. इन्वेस्ट करता है। इंडिया ग्रो करेगा तो. टॉप 50 कंपनी भी ग्रो करेंगे। इंडिया 12%. पे इंडिया का जीडीपी 8% से बढ़ता है। 7 8%. इनफ्लेशन 4 5% होता है। दोनों मिलाकर. इंडियन जीडीपी ग्रोस एट 12% मोटा-मोटी. आपका इक्विटी भी 12% आपका ग्रो करेगा। तो. जनरल इन्वेस्टर के लिए इसमें डाल के छोड़. दीजिए।. अब कुछ इन्वेस्टर्स होते हैं जिनको. डायरेक्ट इक्विटी में डालना चाहते हैं। वह.
तभी डालिए जब आप दिन के दो-ती घंटा कंपनीज़. को रिसर्च. यू नो करने में आपको इंटरेस्ट आपको. जेन्युइनली मजा आता है। तो आप इक्विटीज. में डाल सकते हो। बट मेरे एक्सपीरियंस में. मैंने जितने भी इक्विटी इन्वेस्टर्स देखा. है वो ये टाइम देते नहीं लेकिन इक्विटी. में डालने की कोशिश करते हैं और ओवर द. लॉन्ग रन वो इंडेक्स को भी बीट नहीं कर. पाते। तो 99% लोगों के लिए यही एडवाइस है. कि आप चुपचाप म्यूच्यूल फंड में डालिए। वो. ग्रो करता रहेगा। 12% 12.5% आपको फर्क.
नहीं पड़ेगा। आप डायरेक्टली इक्विटी में. डालोगे। आपको दो-ती घंटा बचेगा भी दिन का।. आप कोई मूवी देखिए. शुभांकर मिश्रा जी का पॉडकास्ट देखिए तो. यू हैव टाइम।. बट अगर मान लो किसी इक्विटी में डालना हो. तो उसमें क्या रिसर्च करनी चाहिए? कम से. कम बहुत सारे लोग होंगे जो देख रहे होंगे।. मेरे आसपास भी कई लोग दिन भर करते रहते. हैं।. रिसर्च किस-किस चीजों पर बेस्ड होनी. चाहिए? देखिए सर इक्विटी. बढ़ने का दो ही वजह होता है। एक तो उसका. प्रॉफिट क्या है और दूसरा उसका ग्रोथ क्या. है? कुछ इन्वेस्टमेंट्स ऐसे होते हैं जो बहुत.
प्रॉफिटेबल कंपनीज़ हैं। जैसे Reliance है।. Reliance हर क्वार्टर 1 बिलियन डॉलर बनाता. है। राइट? अ तो एक साल में 4प बिलियन. बनाता है। और कुछ ऐसे कंपनीज़ हैं जो अभी. कुछ प्रॉफिट प्रॉफिट नहीं बनाते बट लॉन्ग. टर्म में बहुत बड़ा ग्रोथ है। जैसे Zomato. हो गया। आई थिंक अभी ऑलमोस्ट बेयरली ज़ीरो. बनाता है। Swiggi हो गया। लॉस में ही है।. बट इसमें ये एक्सपेक्टेशन है कि बहुत. ज्यादा ग्रो करेंगे तो वो ग्रोथ में वो. ग्रोथ के वजह से उनको वैल्यू्यूएशन मिलता. है। तो जब आप रिसर्च करते हो तो दो. पार्ट्स में बांटिए आपके स्टॉक्स को कि.
कुछ प्रॉफिटेबल कंपनीज़ है उसमें बस आप यह. देखोगे कि यह प्रॉफिट कितना दे रहा है. मेरे को। मान लीजिए कोई कंपनी आपको साल. में 10 बिलियन डॉलर का प्रॉफिट दे रहा है. और हर साल 5 या 10% से ग्रो कर रहा है।. व्हिच इज़ नॉर्मल ग्रोथ इन लाइन विथ जीडीपी. जो ग्रो कर रहा है। इसमें आप देखते हो कि. यह जो कंपनी प्रॉफ़िट दे रहा है वर्सेस. कंपनी का वैल्यू्यूएशन क्या है? राइट? कोई. कंपनी 10 बिलियन साल का कमाता है। उसका. वैल्यू और इंडियन जीडीपी के साथ-साथ ग्रो.
करता है। उसका वैल्यू्यूएशन होना चाहिए 25. से 30 गुना ऑफ द प्रॉफिट। तो आप देखते हो. कि ठीक है? Reliance 4 बिलियन डॉलर का. प्रॉफिट दे रहा है पर ईयर 4 बिलियन *. 2530। तो 100 बिलियन 120 बिलियन मोटा-मोटी. वैल्यू्यूएशन बन रहा है। तो वो एक. प्रॉफिटेबल कंपनीज़ का मॉडलिंग है। प्रॉफिट. देखिए। अ प्रॉफिट का एवरेज ग्रोथ देखिए।. उस हिसाब से इन्वेस्ट करिए। दूसरा जो हाई. ग्रोथ कंपनीज़ हैं SGI, Zomato इसमें. इन्वेस्ट करना थोड़ा और मुश्किल हो जाता. है। बिकॉज़ आपको ये मॉडल करना है कि मेरा.
जो कंपनी आज 30-40% के हिसाब से ग्रो कर. रहा है, वो ऐसा कितने साल तक कंटिन्यू कर. पाएगा? बिकॉज़ कोई भी कंपनी हो 100 साल तक. तो 40% पे ग्रो नहीं कर सकता। इवेंचुअली. उनको देश के जीडीपी के साथ जुड़ना ही है।. जब पेनिट्रेशन इनफ हो जाता है। तो ये जो. 40% ग्रोथ है ये कितने साल के लिए कर सकते. हैं? वो 10 साल के लिए कर सकता है, 15 साल. के लिए कर सकता है, 5 साल के लिए कर सकता. है। पहले वो ग्रोथ एस्टीमेट करिए। अगर 40%. 15 साल के लिए ग्रो करता है तो 15 साल बाद. उसके क्या रेवेन्यूस होंगे वो आप एस्टीमेट.
करिए। उस रेवेन्यू पे क्या प्रॉफिट होना. चाहिए वह एस्टीमेट करिए। उस प्रॉफिट के. हिसाब से यह 2530 गुना का मल्टीप्लेयर. मिलता है तो 15 साल बाद इस स्टॉक का क्या. प्राइस होना चाहिए वह एस्टीमेट करिए और 15. साल बाद इस स्टॉक का यह प्राइस है तो आज. कितना होना चाहिए वो एस्टीमेट करिए बाय. लुकिंग एट द डिस्काउंटेड वैल्यू बिकॉज़ आप. जब इन्वेस्ट कर रहे हो आपको 13 14% का. रिटर्न तो चाहिए 15 साल बाद ये ये वैल्यू. होगा 15 साल तक इस स्टॉक प्राइस को 15%. ग्रो करना पड़ेगा तो आज कितना होना चाहिए. वैसे देख के आप इन्वेस्ट करते हो तो इसलिए.
मैं बोल रहा हूं थोड़ा ज्यादा. कॉम्प्लिकेटेड है आप मोस्ट लोन. बजटिंग करना जरूरी होता है।. जैसे बहुत सारे लोग पैसा कमाते हैं बट कभी. बजट नहीं बनाते अपना।. बजट करना बहुत बहुत जरूरी होता है। तो मैं. मैं इसका एक बहुत इंटरेस्टिंग किस्सा है. मेरी लाइफ में जब मैं 2016-17 में जब ये. हुआ था तो मैं बहुत ज्यादा फाइनेंसियल. एडवाइस ढूंढ रहा था। इधर-उधर इधर-उधर मेरे. को कहीं नहीं मिला। तो तभी एक स्वामी. नित्यानंद जी करके है। वो कैलासा करके.
उन्होंने जो अपना वो बनाया कंट्री बनाया।. हम. बहुत फनी वीडियोस डालते हैं वो अनइटेंशनली. फनी तो मैं कभी उनका ऐसे वीडियो देख रहा. था तो उसमें किसी ने पूछा कि स्वामी जी. मैं अपने फाइनेंससेस को कैसे कंट्रोल करूं. तो उन्होंने बोला कि आप एक काम करिए हर. मंथ के एंड में आप बस लिख लीजिए कि मेरा. यह एसेट है या मेरा यह लोन है या मेरा. बैलेंस शीट है। हर महीने आप लिख लीजिए।. आपका फाइनेंस अपने आप सुधर जाएगा। और मैं. भी वो करना शुरू किया। बिकॉज़ मेरे को बड़ा. अच्छा लगा एडवाइस। तो वो एक्चुअल में बहुत.
फायदेमंद था। बिकॉज़ आप यह देखते हो कि. मेरा पिछले मंथ इतना एसेट था। इस मंथ इतना. एसेट है। पिछले मंथ इतना लायबिलिटी था। इस. मंथ इतना लायबिलिटी है। तो अपने आप आप. पैसों के साथ क्या कर रहे हो? क्या बजट कर. रहे हो? आपको पता चल जाता है। और आपको. ट्रेंड देख के समझ आता है कि मैं सही कर. रहा हूं, गलत कर रहा हूं। दैट विल लीड टू. गुड बिहेवियर, दैट विल लीड टू बेटर. फाइनेंसियल कंडीशंस।. तो बजट करना बहुत जरूरी है। इंटरेस्टिंग।. कोई नया इंसान है जिसने लाइफ में कभी. इन्वेस्ट नहीं किया। वो कैसे इन्वेस्ट की. शुरुआत करें? शेयर में लगाए, बॉन्ड्स में,
प्रॉपर्टी में, गोल्ड में कहां पर. इन्वेस्ट करें? आई थिंक जब पहली बार इन्वेस्ट कर रहे हो, आप सेफ इन्वेस्टमेंट से शुरू करके बिकॉज़. आप ये सिचुएशन नहीं चाहते हो कि आपने डाला. और 2 महीने बाद 20% नीचे बिकॉज़ वो सदमा लग. गया।. सदमा लग गया। तो, आप इन्वेस्ट करने का फिर. आप वो कर ही नहीं पाओगे बाद में। तो, नॉर्मल छोटा इन्वेस्टमेंट से शुरू कर।. बिकॉज़ पहला पहली बार जब इन्वेस्ट कर रहे. हो उसकी कमाई भी ज्यादा नहीं होती। उनकी. कमाई भी बढ़ना है ओवर द नेक्स्ट फाइव 10. इयर्स। तो छोटा इन्वेस्टमेंट से शुरू. करिए। एक बार देखिए पैसे बढ़ता हुआ कैसा.
दिखता है, कैसा लगता है। उसके बाद यू कैन. गो टुवर्ड्स रिस्क रिस्कियर. इन्वेस्टमेंट्स। तो कोई भी इंसान जब. इन्वेस्टमेंट शुरू कर रहे हैं स्टार्ट विद. द सेफेस्ट। फिर धीरे-धीरे एज योर कॉरपस. कीप्स ग्रोइंग।. सेफेस्ट इज़ एफडी।. सेफेस्ट इज़ एफडी। सेफेस्ट इज़ अ गवर्नमेंट. बॉन्ड।. कि मेरे दादा के जमाने में एफडी थी।. पिताजी भी एफडी यूज़ कर रहे थे। मैं भी कर. रहा हूं। आगे मेरा लौंडा आएगा वो भी. करेगा।. हां जी। इंडिया में इंडिया में 24 करोड़. लोग हैं आज जो एफडी करते हैं और सिर्फ 4. करोड़ लोग हैं जो म्यूच्यूल फंड में पैसा. डालते हैं एक्टिवली कितना बड़ा अंतर है।. सेफ है इसलिए.
इंडियंस को रिस्क लेने का शौक नहीं है।. हां इसलिए शायद 1% के पास 40% प्रॉपर्टी. है।. आई थिंक दोनों आंसर है। एक तो ट्रेडिशनल. है कल्चर है। आपके पिताजी आपको बोलेंगे कि. बेटा एफडी में डालो पैसे।. उन्होंने भी मुझसे हां ये कहा उन्होंने कि. एफडी करा दो।. एफडी करा दो। तो वो एक जनरेशनल और. क्योंकि आप बैंक में जाओगे तो वो कभी. एडवाइस मतलब नॉर्मली वो एडवाइस करते हैं. म्यूच्यूल फंड में डाल दो। क्योंकि बैंक. को ज्यादा कमीशन मिलता है। बैंक का जो. एजेंट है उनको म्यूचल फंड में ज्यादा. कमीशन मिलता है। तो वो इसलिए कर रहा है।. एक कल्चरल बहुत बड़ा वो है एंड इंडियंस.
थोड़ा सा रिस्क कवर्स है।. इसीलिए एफडी में बट अभी थोड़ा सा बदल रहा. है इन द लास्ट 10-15 साल।. एफडी इज़ लाइक वो सलमान खान का डायलॉग था. ना कि एक बार जो मैंने कमिटमेंट कर दिया।. हां।. फिर तो मैं वापस करूंगा उतना।. हां। तो एफडी का वही है कि एफडी इज आपका. पैसे बचाने का इन्वेस्टमेंट।. एफडी में आपने पैसे डाला तो आपके पास. सर्टेनिटी है। आपके पास सेफ्टी है। यह यह. चाहिए हर इन्वेस्टमेंट। हर पोर्टफोलियो. में यह वाला अमीर आदमी एफडी करता है।.
अमीर आदमी भी करता है एफडी। अमीर आदमी का. पर्पस अलग होता है। अमीर आदमी का पर्पस. यही होता है कि मैं आज डाल के रखा हूं। कल. मेरे को कोई अपॉर्चुनिटी दिखेगी मैं एफडी. तोड़ के उधर डाल दूंगा।. ओके।. बिकॉज़ उनको एक एक सेफ फंड चाहिए जो जिसको. वो निकाल सके।. जो निकाल सके इधर-उधर कर सके। बिकॉज़ आप. जैसे आपका पोर्टफोलियो बढ़ता जाएगा मतलब आप. 100 करोड़ कमा रहे हो लेट्स से पर ईयर तो. आपका जो एफडी का पोर्शन है वो बहुत कम. होगा लेकिन आप 10 लाख ही कमा रहे हो तो. आपकी एफडी का पोर्शन बहुत बड़ा होगा वो. डिफरेंस है। आप आप लाइफ में जितना बढ़ते हो.
तो फिक्स्ड इनकम का पोर्टफोलियो थोड़ा सा. कम होता है और इक्विटी का पोर्टफोलियो बढ़. जाता है।. इसी बात पे मैं थोड़ा सा इसमें एक्सटेंशन. देना चाहता हूं। जब हमने 2022 में ये डाटा. देखा कि इंडिया में 24 करोड़ लोग एफडी में. डाल रहे हैं और सिर्फ 4 करोड़ लोग. इक्विटीज में डाल रहे हैं। हमने और थोड़ा. सा इसमें स्टडी किया आरबीआई का हमने डाटा. निकाला और देखा कि ये 24 करोड़ लोग कैसे. इन्वेस्ट कर रहे हैं। हमको दो-तीन चीजें. पता चली। हम एक तो इंडिया में 60 लाख.
करोड़ के एफडीस इन्वेस्टेड थे। 24 करोड़. मतलब हर. एव्री इंडिविजुअल इज डूइंग ₹.5 लाख का. एफडी और लगभग 3 साल का एफडी कर रहे थे और. मोस्ट इंटरेस्टिंग चीज यह पता चला कि 70%. लोग 7% से कम कमा रहे थे एफडी के इंटरेस्ट. में और 90% या 95% लोग 8% के नीचे कमा रहे. थे। दिस इज 2022 और 2022 में इनफ्लेशन ही. 7 8% था।. तो इंडिया में सबसे ज्यादा हाईएस्ट. इन्वेस्टेड एसेट क्लास में लोग पैसा नहीं.
बना पा रहे थे। बिकॉज़ इस 8% पे आप टैक्स. भी दोगे। टैक्स देने के बाद आपके पास क्या. बचेगा? वही रीज़न था हमारा स्टेबल मनी शुरू. करने का। मैं उसको और विस्तार में. एक्सप्लेन कर सकता हूं। हमने ये देखा कि. मोस्ट इन्वेस्टेड एसेट क्लास मोस्ट. इनफिशिएंटली मैनेज्ड एसेट क्लास। बट एफडी. में दो-तीन स्पेशलिटीज हैं। एक तो एफडी. सारे आप आरबीआई रेगुलेटेड बैंक्स में ही. कर सकते हो और दूसरा आरबीआई रेगुलेटेड.
बैंक्स में एक कांसेप्ट होता है कॉल्ड. डीआईसीजीसी इंश्योरेंस जिसमें ये बोलते. हैं कि अगर बैंक डूब गया तो भी ये जो आर. मैंने ये सारे क्वेश्चंस रखे हैं। मैं. एक-एक करके आता हूं। शुरुआत से शुरू।. ठीक है। वैसे तो 100 में से 90% या 95% को. पता है एफडी क्या होती है।. राइट? 5% अगर नहीं पता एक बार पहले बताओ. एफडी क्या होती है और एफडी क्यों करवानी. चाहिए? ओके. सर एफडी होती है बेसिक एक लोन है। आप एक. लोन दे रहे हो बैंक को। अब इतना ही समझिए. वो है एफडी। इस लोन के दो-तीन इंपॉर्टेंट.
कैरेक्टरिस्टिक होते हैं। एक ये है कि लोन. कितने दिनों के लिए दे रहे हो? मतलब. डिपॉजिट। आपने बैंक को लोन कितने दिनों के. लिए? 1 साल, 2 साल, 3 साल। दिस इज कॉल्ड. टेन्योर ऑफ एन एफडी। और दूसरा यह होता है. कि आपने जो बैंक को लोन दिया, बैंक ने. आपका डिपॉजिट रखा। बैंक आपको कितना. इंटरेस्ट दे रहा है।. वो इंटरेस्ट रेट है। और तीसरा इंपॉर्टेंट. चीज यह होता है कि यह जो इंटरेस्ट है उसका. पे आउट कैसे होना चाहिए? कि आपको हर मंथ. पैसे मिलना चाहिए क्या आपको हर क्वार्टर. पैसे मिलना चाहिए या एफडी जब मैच्योर होता. है तब पैसे मिलना चाहिए।. तो अगर हम ये कहें कि एफडी कितनी करवाएं?
कौन सी करवाएं? किस टाइप पे करवाएं या. कैसे करवाएं? तो ये इसका क्या जवाब दोगे. आप? ठीक है। अभी इंडिया में कैसे होता है वो. मैं बताता हूं। फिर कैसे करना चाहिए वो. बताता हूं। इंडिया में. तीन तरह से आप एफडी करते हैं लोग।. मेजॉरिटी लोग यही करते हैं कि वो अपना. बैंक ढूंढते हैं। जहां पर उनका सेविंग्स. अकाउंट है वो बैंक में फिजिकली जाते हैं. और बैंक मैनेजर को बोलते हैं और एफडी करा. लेते हैं। इसको कहते हैं ऑफलाइन एफडी।.
अ और दूसरा होता है कि थोड़ा सा डिजिटली. सेवी लोग वो उसी सेविंग्स अकाउंट जहां पर. है उसी बैंक में बैंक का ऐप डाउनलोड करके. कर लेते हैं। जिनको उनको ब्रांच जाना. पड़े। और तीसरे टाइप के यह लोग होते हैं।. वह देखते हैं कि मेरा जहां पर सेविंग्स. अकाउंट है वह सिर्फ 6% दे रहा है। मैं कोई. और बैंक ढूंढ लेता हूं जो मेरे को 7% दे. रहा है। और उस बैंक में जाते उसका खाता. खुलवाते और वहां पर एफडी करते। ये तीन. बिहेवियर ही है। हमने इन तीनों में. कुछ-कुछ कमियां देखा जिस वजह से हमने. स्टेबल मनी शुरू किया। एक तो ऐसा क्यों.
होना चाहिए कि जहां पर आपका सेविंग्स. अकाउंट है वहीं पर एफडीक्यू खुलना चाहिए।. इंडिया में तो 200 बैंक है। आलसी होते हैं. ना लोग।. हां। आलसी होते हैं और बैंक्स ने यह फीचर. भी नहीं दिया। हम. बैंक ने अगर एफडी आपको बहुत सारे बैंक्स. में अगर एफडी बुक करना है तो पहले बोलते. हैं आप सेविंग्स अकाउंट खुलवाइए फिर उसके. बाद आप एफडी करेंगे और इंडिया में आपको. पता है जो बड़े बैंक्स डोमिनेटेड है. एसबीआई होंगे एचडीएफसी होंगे वो डोमिनेटेड. है इनके पास बहुत सारे लोगों का अकाउंट है. तो ये लोग थोड़ा सा कम इंटरेस्ट दे तो चल. जाएगा 6% पे भी ये लोग एफडी कर सकते हैं. और दूसरा इंडिया में 200 बैंक है आप.
कंपेयर कैसे करोगे किसके पास क्या हायर. इंटरेस्ट है किसके पास अह कम है आप Google. भी करोगे आपको पता नहीं चलेगा आप अभी. Google करके देखिए इंडियास हाईएस्ट एफडी. रेट आपके 10 बैंक के रिजल्ट आएंगे। सब. क्लेम कर रहे होंगे कि हमने हाईएस्ट है तो. आपको पता भी नहीं चलेगा। और तीसरा यह. ऑफलाइन प्रोसेस होना क्यों चाहिए अभी भी. हम. तो इसके लिए हमने स्टेबल मनी शुरू किया।. स्टेबल मनी में हमने हमने इन 200 बैंक में. से हमने टॉप 10 बैंक ढूंढा जो हाईएस्ट. इंटरेस्ट रेट देते हैं। इनके पास हम जाके. बोले कि हम आपके लिए कंप्लीटली डिजिटल.
जर्नी बनाएंगे। हमारे स्टेबल मनी ऐप पे. कोई भी बंदा आ सकता है। आके डिजिटली 5. मिनट स्पेंड करके एक एफडी बुक कर सकता है।. और यह एफडी के लिए उनको आपके बैंक के साथ. सेविंग्स अकाउंट खुलाने की जरूरत नहीं. होना चाहिए। आप सीधा एफडी अकाउंट खोलिए।. वो एफडी अकाउंट उस बंदे का जो भी सेविंग्स. अकाउंट है उससे लिंक हो जाएगा। जैसे एफडी. मैच्योर हो जाएगा उसमें पैसा चला जाएगा।. तो आदमी को सेविंग्स अकाउंट खोलने की. जरूरत नहीं है। और तीसरा क्योंकि हमने टॉप. 10 बैंक्स ढूंढा। इनका इंटरेस्ट रेट डेढ़.
2% ज्यादा होता है। बिकॉज़ इंडिया में 200. में से टॉप 10 गिना। बड़े बैंक्स के. कंपैरिजन में बेटर होगा इंटरेस्ट रेट। तो. दो 2.5% बेटर इंटरेस्ट रेट होगा। तो जो. एवरेज इंसान ₹2 लाख डाल रहा है और 2 साल. का टेन्योर कर रहा है तो उनको 10-15,000. का सेविंग्स भी है क्योंकि एफडी डिजिटली. कर रहा है। और चौथा फायदा यह है कि जो. डीआईसीजीसी इंश्योरेंस है यह पर बैंक होता. है। हमने 10 बैंक के साथ इंटीग्रेट किया. तो आप हर बैंक में 5-5 लाख डाल के ₹50 लाख. तक सेफली आपका पैसा 2% ज्यादा कमा सकते. हो।.
अब मुझे एक सवाल यहां पर आता है। ये सवाल. पहले भी लोगों ने पूछा है कि बैंक बंद हो. गया तो क्या? आप कहते हो कि ₹5 लाख तो दे. देगा वह। मान लो मेरी एफडी बड़ी हो।. हां, आपकी एफडी अगर. मैंने स मैंने ₹7 लाख की एफडी करा दिया।. ₹10 लाख की एफडी करा दी। मेरा बैंक बंद हो. गया।. हां। अब सो अगर आपने 10 लाख की की बैंक. बंद हो गया। आपको 5 लाख तो 3 महीने में आ. जाएंगे।. हां।. बट 5 लाख तो मेरा फंसा है। बाकी 5 लाख. आपका फंसा है। वो बैंक जैसे रिवाइव होगा।. कोई टेकओवर करेगा तो देगा। तो हमारा भी. एडवाइस यही रहता है कि आप डालिए मत। आप हम. 10 बैंक दे रहे हैं या और ढूंढिए। आप 5.
बैंक आपको 1 करोड़ डालना है तो 5-प लाख. करके डालिए। मतलब एफडी 5 लाख की करें।. मैं हम तो यह भी कहते हैं कि अगर आप 3 साल. का एफडी कर रहे हो तो आप 4 लाख की करिए।. क्योंकि 3 साल में इंटरेस्ट मिलाकर 5 लाख. तक बनेगा ना। और ये जो डीएससीजीसी का. गारंटी है वो इंटरेस्ट प्लस प्रिंसिपल. मिलाकर है। तो हम बोलते हैं कि आपका. टेन्योर देखिए। टेन्योर में क्या. मैच्योरिटी आ रहा है वो देखिए। उस हिसाब. से आप उतना पैसा डालिए। तीन 5 साल का एफडी. कर रहे तो 3 लाख ही डालिए। 3 साल का कर. रहे हैं तो 4 लाख ही डालिए। सो दैट. इवेंचुअली वो 5 लाख तक ही पहुंचे। कुछ हो. भी गया तो आपके पैसे आपके वापस.
किसी के पास ज्यादा पैसा हो तो वो एफडी. में फिर कैसे इन्वेस्ट. वो डिस्ट्रीब्यूट करें अगर मतलब अब वही आप. जैसे कह रहे हो कि टॉप 1% के पास 40%. वेल्थ है. हां. हम शायद बाकी 99% के लिए सशन बना रहे हैं. टॉप 1% वाले तो उनका 5 लाख डूब भी गया तो. कोई फर्क नहीं पड़ेगा सर. ओके मान लो स्टेबल मनी बंद हो गया. सो इसमें जैसे आप आप पीडिएटर हो. आपके थ्रू हमने बैंक में किया आपका दुकान. चौपट हो फिर हमारा पैसा कहां जाएगा वो साथ. जाओ. तो स्टेबल मनी एक टेक लेयर है हम लोगों ने. टेक्नोलॉजी बनाया बिटवीन न्यू एंड बैंक।.
ओके।. आप जब पैसा देते हो एफडी के लिए आपके. सेविंग्स अकाउंट से सीधा बैंक के पास. जाएगा। और जैसे एफडी मैच्योर होता है बैंक. से सीधा आपके अकाउंट में आएगा। स्टेबल मनी. हो ना हो बंद भी हो गया हो। आपका. रिलेशनशिप विद बैंक एक्सिस्ट। सारा. फॉर्मेलिटी सारा कागजी कारवाई बैंक से है।. सब बैंक से है। हम एक फैसिलिटेटर हैं। हम. एक इजी जर्नी देते। हम एक अच्छा कस्टमर. सपोर्ट देते हैं। हम अच्छा डिजाइन बनाते. हैं। हम चीजें इजी करते हैं। कस्टमर. कस्टमर सपोर्ट. हमारे पास एक 50 लोगों की कस्टमर सर्विस.
टीम है। आपने एफडी बुक किया। आपको उसके. बारे में कुछ जानकारी चाहिए। तो अब अगर. बैंक में आप कॉल करोगे तो वो क्यू में. डालते हैं।. आपका पर्सनल रिश्ता है। हां।. करेक्ट। तो हमारे पास हमारा कस्टमर केयर. में वो फोन उठाएंगे। आपको जो भी समस्या है. जो भी हम सॉल्व कर सकते हैं। हमको पता है. कि नहीं 99% समस्या हम सॉल्व कर सकते हैं।. हम सॉल्व कर देते हैं। जो 1% हम नहीं कर. पाते वो बैंक तक ले जाते हैं।. तो जैसे मान लो अभी कुछ दिख रहा हो आपको. और वो पूछे आपसे कि मेरे पास ₹ लाख ₹4 लाख. हैं।. मुझे एफडी में इन्वेस्ट करना है।.
आप हमारे कस्टमर केयर पे कॉल करिए। हमारे. कस्टमर केयर. मैं तो आपसे सीधे पूछ ले रहा हूं। अच्छा. कि किसी ने कहा कि मेरे पास ₹3 लाख हैं, ₹4 लाख हैं। इस पडकास्ट को देख रहा है।. अब मुझे इन्वेस्ट करना है।. तो अभी राइट नाउ आपके हिसाब से क्या सलाह. होगी उससे? कहां इन्वेस्ट कर रहे हो? सबसे अच्छा कौन. सा रिटर्न मिल रहा है कहां पे? तो अगर आपको एफडी में करना है तो सबसे. पहले आप ₹3 लाख हमारा जो भी टॉप बैंक है. आज हमारा टॉप बैंक है सूर्योदय Finance. बैंक। ये बॉम्बे बैड बेस्ड बैंक है। उसमें. आप 5 साल का एफडी करिए। 8.4% रिटर्न. मिलेगा। यह बेस्ट है। अगर आप 30 लाख बोलते.
तो मैं बोलता कि 5 लाख इसमें डालिए, 5 लाख. कहीं और डालिए। मैं डिवाइड करा था 3 लाख. तो इसमें डाल दीजिए।. ओके। और इसमें ये जो पैसा मान लीजिए. क्योंकि हम आदमी इंडिया में पैसे को लेके. डरता बहुत है।. वो चार पैसा लगा रहा है उससे पहले डरता है. कि यार नुकसान ना जाए। फायदा हो ना हो. नुकसान ही होना चाहिए।. तो जैसे आपने इस बैंक का नाम लिया। अब ये. 8 पॉइंट समथिंग दे रहा है। SBI मुझे 6. समथिंग दे रहा है।. मुझे 2% का फायदा दिख रहा है।. बट SBI को मैं जानता हूं। कोई जाने वाला. नहीं है। इस बैंक को लेकर थोड़ा अनशोर. हां।. डाइस सिचुएशन है कि अच्छा रहा या बुरा. रहा। तो इसमें जो ये पैसा जाएगा क्योंकि.
आप कह रहे हैं 5 लाख का रिटर्न आपको. मिलेगा गारंटी है।. कितने दिनों में मिलता होगा ये? सर डीआईसीजीसी का रेगुलेशन कहता है कि 3. महीने के अंदर आपको पैसा वापस मिल जाना. चाहिए।. क्योंकि बैंक बैंक ने अगर किसी दिन बोला. कि हम नहीं इन्वेस्टर्स को डिपॉजिटर को. पैसा वापस नहीं दे पा रहा है। डीआईसीजीसी. अब उनका काम शुरू करेगा उससे 3 महीने के. अंदर पैसा वापस आ जाता है। बट इसमें मैं. आपको एक और चीज भी बताना चाहता हूं। हम जो. बैंक्स के साथ काम करते हैं उसमें दो तरह. के बैंक्स हैं। एक. प्राइवेट कमर्शियल बैंक्स और दूसरा स्माल.
फाइनेंस बैंक्स और स्माल फाइनेंस बैंक्स. और प्राइवेट बैंक्स ये दोनों स्ेड्यूल्ड. कमर्शियल बैंक्स के कैटेगरी में आते हैं. इंडिया में आरबीआई इनको अलग लाइसेंस देता. है और इसके अलावा एक कोऑपरेटिव बैंक्स भी. है जो बहुत सारे इंडिया में 100 150 है।. ये जो स्केेड्यूल्ड कमर्शियल्स बैंक. कमर्शियल बैंक्स हैं इसमें सिंस. इंडिपेंडेंस अभी तक कोई भी बैंक डूबा नहीं. इंडिया में बिकॉज़ इन पे आरबीआई का ज्यादा. निगरानी रहती है। हम्. द क्लोजेस्ट जो आया था वह Yes बैंक का जो.
किस्सा हम सब ने सुनाया जिसमें SBI. आईसीआईसीआई सब आके उनको बचा लिए थे। तो एक. अभी तक कुछ हुआ नहीं ऐसा टच वुड बट कुछ हो. भी गया तो दैट इज़ डीआईसीजीसी स्टैंडिंग।. ओके कितनी देर में एफडी हो जाती है? सर आप 5 मिनट में आपका एफडी बुक कर सकते. हो। इसमें भी दो अलग-अलग केवाईसी करना. पड़ता है। एक आपका आधार बेस्ड केवाईसी. होता है। अगर उससे एफडी बुक कर रहे हो तो. 5 मिनट में हो जाता है। कुछ क्राइटेरिया. है जिसमें अगर आप एक साल से ज्यादा का. एफडी बुक कर रहे हो या एक बैंक में दो. एफडी बुक कर रहे हो तो उसमें आपको एक.
वीडियो केवाईसी करना पड़ता है। जिसमें एक. बैंक का एजेंट आएगा आपसे वीडियो में. दो-तीन सवाल पूछेगा और करवा देगा। कुल. मिला के ये वीडियो केवाईसी भी कर रहे हो. तो 5 सात मिनट में आपका एफडी बुक हो. जाएगा। अब इस देश में आपने कहा 24 करोड़. आदमी है जो एफडी करते हैं। आदमी बैंक से. क्यों एफडी ना करें। स्टेबल मनी से क्यों. एफडी करें? बहुत सारे होशियार होंगे जो. आपके आगे चेक कर लेंगे। वहां जाके एफडी. बैंक में कर देंगे। तो आपके यहां से एफडी. क्यों करें? आदमी तो कर सकता है सर। डायरेक्टली बैंक. जाके भी कर सकते हैं। दो फायदे हैं। एक तो.
जैसे मैंने आपको बताया कि हमारा कस्टमर यू. नो सर्विस बेटर है। हमारा यूआई बेटर है।. हमारा कंप्लीटली डिजिटल प्रोसेस है। दूसरा. यह है कि हमने क्योंकि 10 बैंक के साथ. इंटीग्रेट किया है। हमको पता है या हमको. हम श्योर है कि इंडिया का जो भी टॉप रेटेड. एफडी है वो हमारे पास रहेगा। बिकॉज़ हमने. ऐसा बैंक्स चूज़ करके इंटीग्रेट किया है।. वो आदमी मान लीजिए 3 महीने में एक एफडी. करता हो। डे वन को उन्होंने देखा कि आज. सूर्योदय बैंक हाईएस्ट दे रहा है। उसमें. एफडी करेगा। फिर 3 महीने बाद देखेगा अरे. आज तो यूनिटी बैंक हाईएस्ट दे रहा है फिर. उस बैंक के पास जाएगा फिर 3 महीने बाद.
देखेगा अरे आज तो IDFC फर्स्ट बैंक दे रहे. हैं फिर वहां जाएगा तो कुल मिला के 2 साल. में उनके 10 अकाउंट हो जाएंगे 10 चीजें. मैनेज करेगा उससे बेटर आप एक साथ एक जगह. कर सकते हो सीधा पैसा बैंक के पास ही जा. रहा है. सबसे छोटी और सबसे बड़ी एफडी कितनी करनी. चाहिए. सर आप ₹1000 से शुरू कर सकते हो एफडी. हाईएस्ट तो आप करोड़ों का भी कर सकते हो. तो चलो मान लो मगर मेरे पास ₹1000 है. तो मैं उसे शेयर मार्केट में लगाऊं मैं. एफडी करने आऊं या Netflix का सब्सक्रिप्शन. लेने जाओ।. आपको सबसे ज्यादा ग्रेटिफिकेशन तो Netflix.
के सब्सक्रिप्शन में आएगा।. बट बट यही इसी पे डिपेंड करता है कि आप. इन्वेस्टमेंट के किस जर्नी पे हो।. हम. आप आप इमरजेंसी फंड बना रहे हो या आप. लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट के जर्नी पे हो।. आप देखिए आप आप अपने जर्नी पे कहां पर हो।. आपको कोई भी इन्वेस्टमेंट नहीं है अभी तक. तो आप एफडी में करिए। आपके पास ₹1 लाख. पड़े हैं तो ₹1000 ले जाके इक्विटी में. डालिए।. ओके।. सबसे कम यंग एज वो कॉलेज के बच्चे हैं. क्या उनको भी कॉलेज में एफडी करवानी.
चाहिए? आपके हिसाब से किस कौन सी राइट एज होती है. जब आपको एफडी सोचना चाहिए या इन्वेस्टमेंट. के बारे में सोचना शुरू करना चाहिए।. कॉलेज में तो पैसे नहीं होते सर। घर वाले. जो पैसे भेजे वो खर्च करने में. लड़के सब कमा रहे हैं। आजकल ऑनलाइन चीजें. बहुत सारी हो गई है। टेक्नोलॉजी आ गई है।. हां अगर आपने कमाना शुरू किया तो सेविंग. आप शुरू करिए। जितना भी हो 5% 10% 20%. बिकॉज़ ये एक हैबिट है।. आप. इसका कंट्राडिक्ट है। कुछ लोग कहते हैं कि. जो बचाता है वह जिंदगी भर गरीब रहता है।.
जो खर्च करता रहता है उसको पैसे कमाने के. साधन मिलते रहते हैं। क्योंकि वो सोचता है. कि अब आगे कैसे खर्च करेंगे। ये एक. माइंडसेट बहुत लोगों का देखा है मैंने।. हां सर ये ट्रू है विद टॉप 1% पीपल। कुछ. लोग होते हैं अह जो लकी है या जिनके पास. वह क्षमता है ऑन हाउ टू मल्टीप्लाई मनी या. खानदानी अमीर है।. इन लोगों के लिए ये माइंडसेट ठीक है। बट. ज्यादातर मिडिल क्लास के लिए यही ठीक है. कि आप थोड़ा अभी सेव करना शुरू करें।. बिकॉज़ अभी जो हम. जो फेज में है ना इंडिया में 70-80% जॉब.
तो डेस्क रिलेटेड जॉब्स है। और एआई का जो. तौर आ रहा है तो उसमें हमको ये नहीं पता. कि 20 साल बाद कैसे जॉब्स रहेंगे, कैसे. जॉब्स नहीं रहेंगे। तो आज अगर आप अगले 10. 15 20 साल के लिए सेव करने का नहीं सोचते. हो और सडनली आप उस सिचुएशन में हो कि यार. कल तो नौकरी नहीं है। एआई ने खा लिया सारे. जॉब तो आप क्या करोगे? तो इट्स बेटर टू बी. सेफ टुडे। मेरे को लगता है कि गिवन द. एनवायरमेंट। आप लोग को क्या लगता है कि. अगले 10-15 साल में इन्वेस्टमेंट का सबसे. बेस्ट तरीका क्या होगा? मेरे को लगता है कि इन्वेस्टमेंट में भी.
देयर विल बी एआई व्हिच विल टेक ओवर।. जो आपको गाइड कर रहा होगा कि कैसे. इन्वेस्ट करना चाहिए, कैसे नहीं करना. चाहिए। बट जो बेसिक फंडामेंटल्स है. फाइनेंसियल इन्वेस्टिंग का वो वही रहेंगे. क्योंकि दो ही साधन है इंडिया में. इन्वेस्ट करने के या तो डे में डालोगे या. इक्विटी में डालोगे पोर्टफोलियो एलोकेशन. 50 100 साल से सेम चीज चलता आ रहा है वो. जो जैसे मैंने पहले फार्मूला बताया वही. फार्मूला चलता रहेगा बट द वे यू इन्वेस्ट. माइट चेंज आज आप किसी ऐप के थ्रू कर रहे. हो शायद उस दिन आप बैठ के कंप्यूटर को बोल. दोगे कि मेरे इस बैंक में पैसे पड़े हुए.
हैं आप जाके बेस्ट इन्वेस्ट कर देना वो. शायद कर दे इंडिया में लोग इन्वेस्टमेंट. में सबसे बड़ी गलती क्या करते हैं. मैं क्योंकि मैं एल्गो ट्रेडर रह चुका हूं. मैं ये बता सकता हूं। आई थिंक बिगेस्ट. मिस्टेक है जो इंडिया में दो मिस्टेक्स. हैं दैट आई हैव सीन। एक फोमो इन्वेस्टिंग. है और दूसरा ट्रेडिंग है। फोमो. इन्वेस्टिंग ये है कि फियर ऑफ मिसिंग आउट।. देखते हैं कि अब अब व्हाट इज द हॉटेस्ट. कमोडिटी जहां पर सब लोग पैसा लगा रहे हैं. वहीं डाल देते हैं। जैसे आप देखोगे कि. क्रिप्टो का बूम आया बीच में तो क्रिप्टो. जैसे बिटकॉइन 1 लाख पहुंच गया तो सबने डाल.
दिया। 1 लाख से गिर कर 20,000 पे आ गया।. अब बीच में इक्विटीज में स्माल कैप स्माल. केस का एक बड़ा बूम आया था कि वो 3 साल. में पांच गुना हो गया और सब ने पैसा वहां. डाला वो गिर गया वहां से। अब बहुत लोग. गोल्ड में इन्वेस्ट कर रहे हैं क्योंकि. पिछले तीन चार साल में गोल्ड हैज़ गिवेन. वेरी गुड रिटर्न्स। तो जब भी आप यह देखते. हो कि पिछले 3 साल में क्या परफॉर्म किया. और मैं उसमें डालूंगा तो बिकॉज़ लॉ ऑफ़. एवरेजेस प्ले आउट करते हो। जो 3 साल में. बहुत अच्छा किया अगले 3 साल में शायद. अच्छा ना करे। तो आप फोमो फियर ऑफ़ मिसिंग.
आउट देख के करोगे तो वो अच्छा नहीं करेगा।. अब बेसिक प्रिंसिपल्स पे स्टिक करिए, एलोकेशन पे डालिए। बिलीव इन इंडिया. स्टोरी, बिलीव इन म्यूच्यूल फंड्स वो चलता. रहेगा। और दूसरा बिगेस्ट जो मैंने देखा है. वो ट्रेडिंग। ट्रेडिंग की खासियत यह है कि. वो आपको यह मौका देता है कि मैं आज ₹1000. लगा के एक और कमा सकता हूं। मतलब एक दिन. में 100% का रिटर्न देखने का वो अ. पॉसिबिलिटी है ट्रेडिंग में। इसीलिए बहुत. लोग अट्रैक्ट होते हैं। इंडिया में आप. देखोगे तो जो बेटिंग एप्स है उसमें ज्यादा.
कस्टमर्स हैं एज़ कंपेयर टू इक्विटी में जो. म्यूच्यूल फंड में जो पैसा डालते हैं. बिकॉज़ वहां पर इंस्टेंटली अब पैसा डबल. करने का. लालच अच्छा लगता है।. लालच अच्छा लगता है। बट क्योंकि मैं मैं. एल्गो ट्रेडर रह चुका हूं। मेरे को पता है. कि रिटेल कितना पैसा लूज करता है। अभी मैं. जस्ट यहां आने से पहले कुछ स्टैट्स देख. रहा था। एक कंपनी है जेन स्ट्रीट कर कर. उन्होंने लास्ट एक साल में 400 करोड़. कमाए। गवर्नमेंट को जो टैक्स मिला एसटीटी. सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स आप जब.
ट्रेड करते हो तो वो टैक्स देते हो वो कुछ. 50600 करोड़ के आसपास है।. एनएससी की जो कमाई हुई है वो 20,000 करोड़. है। बीएसई की जो कमाई वो 3000 करोड़ है।. तो ये सब मिलाकर 1 लाख से 1.5 लाख करोड़. की कमाई हुई है जो मार्केट में. पार्टिसिपेट कर रहे हैं। ये जो पूरा ₹1.5. लाख करोड़ है यह फंड कर रहे हैं अपने. रिटेल ट्रेडर्स। और कुल मिलाकर यह कितने. होंगे? अगर एक डेढ़ लाख करोड़ लोग पैसे 1. करोड़ लोग ट्रेड कर रहे होंगे तो हर बंदा. ऑन एन एवरेज ₹1.5 लाख पर ईयर लूज़ कर रहा. है। यू नो फॉर दीज़ पीपल टू मेक मनी।.
जेन ट्रेडर स्कैम किया था ये। कैसे. उन्होंने स्कैम किया था ये? हां। तो जेन स्ट्रीट करके एक हिच फंड है।. उसमें बड़ा एक इंटरेस्टिंग कहानी अभी चल. रही है। अभी सेबी ने एक ऑर्डर निकाला उन. पे। उन्होंने एक साल में 43,000 करोड़. कमाए। इन इंडियन मार्केट्स इन इंडियन. ऑप्शन मार्केट्स।. उन्होंने एक मार्केट मैनपुलेशन का टेक्निक. निकाला। मैं इसको थोड़ा सिंपलीफाई करने की. कोशिश करता हूं। इंडियन स्टॉक एक्सचेंज. में दो अलग-अलग सेगमेंट्स होते हैं। एक.
होता है इक्विटी मार्केट जिसमें Reliance. का शेयर, HDFC का शेयर, दूसरा होता है. डेरिवेटिव्स मार्केट जिसमें फ्यूचर एंड. ऑप्शंस होते हैं। डेरिवेटिव्स मार्केट की. ये खासियत है कि इनका जो प्राइस है वो. इक्विटी पे डिपेंड करता है। मतलब इनका खुद. का इंडिपेंडेंट प्राइस नहीं होता। यह जो. फाइनली सेटल होते हैं, वह कैश के प्राइस. पर सेटल होते हैं। तो, इनका प्राइस इज. डिराइव्ड फ्रॉम इक्विटी मार्केट और कैश. मार्केट। देयर फॉर इट इज़ कॉल्ड. डेरिवेटिव्स मार्केट। तो, इन्होंने क्या. किया? एक दिन. 4000 करोड़ लेके आया सुबह। बोले 4000.
करोड़ का हम बाइंग करेंगे। जैसे HDFC बैंक. में बाइंग किया उन्होंने। ICICI में बाइंग. किया, SBI में बाइंग किया और 3 घंटे में. 4000 करोड़ खरीदा उन्होंने। क्योंकि. इंडियन मार्केट छोटा है। बहुत बड़ा नहीं. है। 4000 करोड़ में उन्होंने 1.5% बैंक. निफ्टी करके एक इंडेक्स है। उसको उन्होंने. चढ़ा दिया। बैंक निफ्टी के कॉम्पोनेंट्स. होते हैं HDFC, SBI ये स्टॉक्स चढ़ेंगे तो. इंडेक्स भी चढ़ता है। और 1.5% जैसे चढ़ा. उन्होंने 35,000 करोड़ लेकर शॉट मारा।. शॉर्ट मतलब अब मार्केट नीचे जाएगा तो इनको.
फायदा है। ऊपर जाएगा तो नुकसान है। यह. 35,000 करोड़ इन्होंने डेरिवेटिव्स पे शॉट. मारा। और फिर इन्होंने फिर इन्होंने ये जो. 4,000 करोड़ खरीदा वो बेचना शुरू कर दिए।. वह वापस 1.5% नीचे लेके आए। तो यह 4000. करोड़ इन्होंने 1 1/5% ऊपर खरीदा और 1.5%. नीचे बेचा तो इनको कुछ 70-80 करोड़ का इधर. नुकसान हो गया। क्योंकि इधर 35000 करोड़. पे इन्होंने डेढ़ 2% कमाया। इधर 700 800. करोड़ का फायदा हो गया। तो एक दिन में. उन्होंने 850 या 700 करोड़ कमाए एक दिन. में।.
तो तो सेबी ने उनका 5000 5000 करोड़. उन्होंने सीज किया है अभी लेकिन उसके. अलावा भी उन्होंने 400 करोड़ और कमाए और. ऐसे बहुत सारे प्लेयर्स होंगे जब ऐसा नहीं. है कि ये आईडिया सिर्फ इनीको आया है।. मेरे को हर्षद मेहता याद आ गया।. रिस्क है तो. इश्क है। हां हर्षद मेहता ने फिर भी थोड़ा. सा कॉम्प्लिकेटेड. आई थिंक ज्यादा कुछ. निकाले थे उसने।. हां। ये तो बहुत ब्लेटेंट मैनपुलेशन है और. इन सबको रिटेल ट्रेडर ही फीड करता है। मैं. एक और किस्सा सुनाता हूं। मैं जब एल्गो.
ट्रेडर था मैं एचएफटी ट्रेडर था। एचएफटी. का मतलब होता है हाई फ्रीक्वेंसी. ट्रेडिंग। हमारा फंडा ये होता है कि हम. दिन में ₹1 लाख ट्रेड करेंगे और हर एक. ट्रेड एक-एक सेकंड का करेंगे और हर ट्रेड. में ₹2 ₹3 ही कमाएंगे। हमको नहीं चाहिए. क्योंकि हम इतने लाखों ट्रेड कर रहे हैं. तो हम दिन में ₹1 लाख कमा लेंगे।. तो इसमें मेरे को ₹1 अगर कमाना था तो उसके. लिए मैं ₹2 गवर्नमेंट को देता था क्योंकि. इतना ट्रेड कर रहा हूं टैक्स देना है। ₹2. मैं स्टॉक एक्सचेंज को देता था। तो मेरे.
को ₹1 कमाना है तो मेरे को ओवरऑल ₹5 कमाना. था। ₹2 गवर्नमेंट को दिया और ₹2 एक्सचेंज. को दिया। क्योंकि ये ज़ीरो सम गेम है। मेरे. को ₹5 कमाना है तो किसी को ₹5 गवाना भी. पड़ेगा। तो रिटेल ट्रेडर ₹5 गवा रहा है।. बट वो भी सरकार को पैसा दे रहा है ₹2। वो. भी एक्सचेंज को पैसा दे रहा है ₹2। वो तो. यह ट्रेडिंग ऐप को भी पैसा देगा। ₹12 तो. मेरे ₹1 कमाने के लिए उस बंदे को ₹11. गवाना पड़ेगा। तो इतना बड़ा इंफॉर्मेशन. एसिमेट्री है और सारे एल्गो वाले करते. हैं। मैं भी करता था। तो हमारा एक.
मैकेनिज्म होता है कॉल्ड स्नाइपिंग।. एक एक डाटा होता है टिक बाय टिक ट्रेड. डाटा कर करके जो एनएससी बीएसई आपको देता. है कुछ पैसे में। उसमें आपको इंडिया में. कोई भी बंदे ने कोई भी ऑर्डर डाला हो उसका. ऑर्डर का इनफेशन आ जाता है कि ये Reliance. में इतना बाइंग पे एक ऑर्डर आया HDFC में. इस ब्राइंग पे एक ऑर्डर आया और उस ऑर्डर. को लोग मॉडिफाई कर सकते हैं मॉडिफाई नहीं. भी कर सकते तो हम लोग उस ऑर्डर को ऑब्जर्व. करते थे कि ये कहां पर आके बैठा है ये. कितनी बार मॉडिफाई किया है कितनी बार.
मॉडिफाई नहीं किया और हम उसको टैग करते थे. कि ये ऑर्डर शायद रिटेल का लग रहा है ये. ऑर्डर शायद इंस्टीट्यूशन का लग रहा है. जहां पर रिटेल दिखा उसको मार दो मतलब उसके. अगेंस्ट करो सो टारगेट गेटेड स्नाइपिंग भी. करते थे कि रिटेल इन्वेस्टर आए तो इससे. पैसे हम कमा सकते हैं तो उसको मारो। तो इस. लेवल तक पहुंच चुका है ट्रेडिंग. इंडस्ट्री।. अभी ओवरऑल इन्वेस्टमेंट सबसे अच्छा फील्ड. कौन सा है? अ इन्वेस्ट करने के लिए सर. आई थिंक इन्वेस्ट करने के लिए ओवरऑल हमको. एसेट एलोकेशन मेंटेन करना चाहिए और.
इक्विटी में ब्रॉड इंडेक्स में डालना. चाहिए। इससे ज्यादा नहीं सोचने की जरूरत. है।. कोई रिटायर्ड आदमी है। पेंशन आ रही है. या पेंशन नहीं है। कुछ सेविंग पड़ी है।. हां। वो कहां इन्वेस्ट करें? तो इसमें भी एक एक रूल है। आप जैसे. इन्वेस्ट कर रहे हो इन्वेस्टमेंट के दो दो. ही यू नो पार्ट्स हैं। एक पैसे बचाने का. पार्ट, एक पैसा बढ़ाने के पार्ट।. हम. जो कम उम्र का है उनका पैसे बढ़ाने का. पोर्शन बहुत ज्यादा होना चाहिए एज़ कंपेयर. टू पैसे बचाने का पोर्शन। राइट? तो 25 साल. का कोई बंदा है तो 90% पैसे बढ़ाने वाले. में डालो। तो उसमें भी इक्विटी ज्यादा.
डालो और बाकी आप फिक्स्ड इनकम एफडी एफडी. में डालो। बट कोई 60 साल का है तो उनको. बिकॉज़. वो एक तो कमा भी नहीं रहे। उनको नीड्स भी. है पैसों की। तो उनका फोकस होना चाहिए ऑन. पैसे बचाना। तो उनका ज्यादातर पैसा जाना. चाहिए इनू एफडीस बोंड्स और कम पैसे जाना. चाहिए इनू इक्विटीज।. मान लो कोई आदमी उसका है मिडिल क्लास है।. हम. ₹ लाख बचा के रखा है।. वो कहां इन्वेस्ट करें? अगर ये आपका पहला ₹ लाख है तो आप सेफ.
इन्वेस्टमेंट से शुरू करिए। सबसे पहला. इन्वेस्टमेंट आपका एफडी होगा। मान लीजिए. ₹1 लाख आपने एफडी में डाला। फिर उसके बाकी. जो ₹1 लाख हैं आप थोड़े से हायर रिस्क. हायर रिटर्न में डालिए क्योंकि. इन्वेस्टमेंट में एक मंत्रा है। अब रिस्क. के बिना रिटर्न नहीं आता। राइट? आप सेफ. इंस्ट्रूमेंट में डालोगे कम रिटर्न आएगा।. हायर रिस्क इन्वेस्टमेंट में डालोगे हायर. रिटर्न आएगा। बट इसका मतलब यह भी नहीं कि. आप हाईएस्ट रिस्क में डाल दोगे। उसमें. पैसा डूबने का भी चांस है। तो, आप इसको. डिवाइड करिए।. हाईएस्ट इज़ इक्विटी।. हाईएस्ट इज़ इक्विटी फॉर मोस्ट पीपल। उसके.
ऊपर क्रिप्टो भी है, उसके ऊपर बैटिंग भी. है, तो उसके ऊपर हॉर्स रेसेस भी है। बहुत. कुछ. वो तो अनलिमिटेड है।. वो तो अनलिमिटेड है। बट नॉर्मल लोगों के. लिए हाईएस्ट इक्विटी है। लोएस्ट एफडी है।. एफडी है।. तो 20 लाख पहले इन्वेस्ट कर रहे हो तो 10. लाख आप एफडी में डालिए। बहुत लोग ये करते. हैं कि 10 लाख एफडी में डालते हैं और सीधा. 10 लाख इक्विटी में डालते हैं। तो ये दो. एसेट क्लासेस हैं व्हिच आर फार अपार्ट इन. टर्म्स ऑफ़ रिस्क रिटर्न।. ट्रू।. तो वो सडनली इक्विटी गिर गया तो वो. उनको लगता है 15 ही बचे हैं।. हां उनको लगता है 15 ही बचे। तो इनके लिए. इनको एक ब्रिज करना जरूरी है। एफडी और.
इक्विटीज के बीच में। यहां पर बॉन्ड्स. जैसे इंस्ट्रूमेंट्स आ जाते हैं बीच में. जो एफडी से थोड़ा ज्यादा रिस्की है बट. इक्विटी से कम रिस्की है। एफडी से थोड़ा. ज्यादा रिटर्न देते हैं। इक्विटी से थोड़ा. कम रिटर्न देते हैं।. और बॉन्ड्स के बाद इंस्ट्रूमेंट लाइक. गोल्ड आ जाते हैं। गोल्ड में डालिए।. इनफ्लेशन प्रूफ है और उसके बाद इक्विटीज. आता है। तो 20 लाख है तो 10 लाख एफडी में. डालिए, 2-3 लाख बॉन्ड में डालिए, 2-3 लाख. गोल्ड में डालिए, 5 लाख इक्विटी में. डालिए। ऐसा पोर्टफोलियो बनाइए। अगर आपको. पांच स्टुपिड मिस्टेक बतानी हो.
जो लोग पैसा कमाने के बाद करते हैं।. हम पांच. मैंने क्या किया मैं याद कर रहा हूं। आई. थिंक सबसे पहला ट्रेडिंग दूसरा लिवरेज. आपके पास जितना पैसा है उतना इन्वेस्ट. करिए। आप कभी भी. औकात से ऊपर नहीं।. औकात से ऊपर नहीं करिए। दूसरा. नहीं तो कर्जा बढ़ जाएगा।. नहीं तो कर्जा बढ़ जाएगा। और इंडिया में. पता ही है आपको कर्जा कितना महंगा है।. तीसरा है. नॉट हैविंग एन एक्सपेक्टेशन। मतलब आप कोई.
भी इन्वेस्टमेंट करते हो आपका माइंड में. एक एक्सपेक्टेशन होना चाहिए कि मैं 10%. कमा रहा हूं, 12% कमा रहा हूं, 15% या 20%. नहीं तो आप हमेशा डिसपॉइंटेड रहोगे। तो. हैव एन एक्सपेक्टेशन अंडरस्टैंड कि मैं जो. इन्वेस्ट कर रहा हूं, मैं इस पर्पस के लिए. कर रहा हूं। इस रिटर्न के लिए कर रहा हूं।. नहीं तो आप उसको इन्वेस्टमेंट को आप. डिस्टर्ब करना चाहोगे। एंड डिस्टर्ब करते. हो तो आपका पैसा यू नो बनेगा नहीं। जहां. दुनिया जा रही है वहां मत करो। फोमो फोमो. इन्वेस्टिंग आप मत करिए। डोंट लुक एट कि. पिछले 3 साल में क्या हुआ है। मैं उस पे.
उस पे मैं बेट लगाता हूं। वो आपको वो नहीं. देगा। और पांचवा साइज पे आप ध्यान दीजिए।. मैं बहुत लोगों को देखा हूं जो. इन्वेस्टमेंट साइजज़ मतलब उनका घर होगा अब. 10 करोड़ का बट इन्वेस्टमेंट करेंगे 5 लाख।. राइट? तो उससे कुछ नहीं होना आपका। अब ये. 10 गुना भी बढ़ जाएगा 50 लाख से। क्या है? मतलब आप आप साइजिंग करिए कि आपके पास क्या. प्रॉपर्टी है? आपका नेटवर्थ क्या है? उस. नेटवर्थ के हिसाब से. चलो मैं इसी पे एक क्वेश्चन पूछता हूं कि. कोई आदमी कैसे ये डिसाइड करें? कितना पैसा.
मुझे इन्वेस्ट करना है, कितना पैसा मुझे. इमरजेंसी में रखना है या कितना पैसा मुझे. लिक्विड में रखना है, कौन सा शेयर मार्केट. में जाए, कौन सा गोल्ड में जाएगा? कोई भी. इंसान अलग-अलग हो. आपकी सैलरी का या आपकी इनकम को कैसे. डिसाइड करें वो? ओके? तो मैं एक 25 से 30 साल वाले का एग्जांपल. लेता हूं।. आइडियली मेरे को लगता है कि जो पैसा आता. है उसमें इट शुड बी 40 30 काइंड ऑफ रेशियो.
आपने ₹1 लाख कमाया उसमें 20 ₹0000 तो आपका. टैक्स में चला जाएगा। अब 70-800 है उसमें. से 40% मतलब ₹1 लाख का 40% ₹400 आप खर्च. कर सकते हो। बाकी जो ₹0000 है वो आपको. इन्वेस्ट करना चाहिए। और इन्वेस्टमेंट भी. जब करते हो इमरजेंसी फंड इज़ नॉट लिंक्ड टू. योर सैलरी। आपको बस दो-ती साल खर्चे का. आपको वह करना है। आपने अगर वह वह कर लिया. उसके बाद आपको इमरजेंसी फंड में डालने की. जरूरत नहीं है। तो मान लीजिए आपका 1 लाख. सैलरी है और ₹00 का खर्चा है तो 2 लाख का.
हो गया ₹00 * 24 तो ऑलमोस्ट ₹1 लाख आपके. इमरजेंसी फंड के हो गए। आप जब ₹0000 में. इन्वेस्ट कर रहे हो 30,000 से सबसे पहले. इससे इमरजेंसी फंड पूरा करिए। ₹0000 आप. करते रहिए जब तक आपका 10 लाख हिट नहीं. होता। 10 लाख जैसे हिट हुआ तो आप इमरजेंसी. फंड में डालना बंद कर दीजिए। अब आप. पोर्टफोलियो बिल्डिंग पे आप ध्यान दीजिए।. पोर्टफोलियो बिल्डिंग. इमरजेंसी फंड भी हम एफडी में डाल दें।. इमरजेंसी फंड आप एफडी में डाल सकते हैं।. बॉन्ड्स में डाल जो भी सेफ इन्वेस्टमेंट. है। फिर उसके बाद जो बाकी वो हिट कर गए. आप। अब मायने के आपके 30-30 आ रहे हैं। अब.
आप पोर्टफोलियो बिल्डिंग में डालिए।. क्योंकि आप 25-30 साल के इंसान हो। आपके. पास 30 साल है ग्रो करने के लिए।. रिटायरमेंट के लिए 30 साल है। तो आपका. एलोकेशन टू इक्विटी कैन बी हायर। तो आप. 80% पैसे इक्विटी में डालिए। बाकी जो 20%. है उसमें 10% गोल्ड 10% एफडी में डाल के. रख दीजिए। एफडी या बॉन्ड्स में डाल के रख. दीजिए। और जैसे-जैसे आपका उम्र बढ़ता. जाएगा वैसे-वैसे आप इक्विटी का एलोकेशन कम. करते रहोगे और गोल्ड और एफडी का एलोकेशन. बढ़ता जाओगे। बिकॉज़ आपके पास समय कम है. कंपाउंडिंग का रिस्क लेने का आपका. कैपेबिलिटी कम होता जा रहा है।.
ओके? जो आदमी कम पैसा कमा रहा है वो क्या. करें? तो इसका मतलब जो हैंड टू माउथ वाले. लोग हैं जैसे दिल्ली एनसीआर में बहुत सारे. लोग होंगे। बॉम्बे में होंगे जो 300 की. सैलरी कमाते हैं। जैसे तैसे 25,000 चलता. है ₹6,000 बच जाते हैं।. हम. इसके लिए मैं आपको एक रूल ऑफ़ 72 बताता. हूं।. हम. रूल ऑफ़ 72 ये कहता है कि आप. लेट्स से 12% इंटरेस्ट कमा रहे हो आपके. इन्वेस्टमेंट में। तो 72 / 12 72 को आपके.
आपके इन्वेस्टमेंट रिटर्न से डिवाइड करिए।. उतने साल में आपका पैसा डबल होगा। राइट? आप लेट से 15% कमा रहे हो तो 72 / 15 तो. लगभग 5 साल में आपका पैसा डबल होगा। जो 30. साल का बंदा है उसके पास 30 साल है आप 12%. से भी डबल करते हो तो हर छ साल में डबल. होता जाएगा। 6 साल में दो गुना 12 साल में. चार गुना 18 साल में आठ 16 32 राइट आप कम. भी कमा रहे हो। आज जो आप ₹1 सेव कर रहे हो.
वो 30 साल में इट कैन बिकम 32 टाइम्स। चलो. इनफ्लेशन थोड़ा सा ले जाएगा फिर भी आपका. 10 गुना हो जाएगा। जो हैंड टू माउथ भी है. वो अपने सैलरी का 10% भी सेव करते हैं और. वो 30 साल तक छोड़ देते हैं। तो 10 साल. बाद वो 10% विल बी इक्विवेलेंट टू आज का. सैलरी। राइट? तो आज थोड़ा सा कोशिश करिए. 10% निकाल के रखिए। थोड़ा सा कैलकुलेटिव. हो जाइए। वो आपको टाइम के साथ देगा।. एफडी और बॉन्ड के बारे में सबसे बड़ा. मिसकंसेप्शन क्या है? इससे पहले मैं थोड़ा.
सा बॉन्ड समझाता हूं। फिर मैं एफडी पर आता. हूं। तो एफडी जैसे हमने बोला कि हमने जो. लोन दिया है बैंक को दैट इज कॉल्ड एन एफडी. और हर एफडी के लिए एक अकाउंट खुलता है. बैंक के पास उसको एफडी अकाउंट कहते हैं और. बैंक आपसे लोन ले रहे हैं। बट बैंक के. अलावा भी बहुत सारे लोग हैं जैसे. कॉर्पोरेट्स हैं उनको भी पैसा चाहिए। वो. लोग तो एफडी खोल नहीं सकते। आरबी अलव नहीं. करता तो उसके लिए उनके लिए बॉन्ड करके एक. इंस्ट्रूमेंट है। मान लीजिए आप कॉर्पोरेट. हो। आपको ₹1 करोड़ पैसा मार्केट से उठाना. है। आप बोलोगे कि मैं 100 बॉन्ड इशू कर. रहा हूं। हर एक बॉन्ड ₹1 लाख का है। यह.
बॉन्ड जिस बंदे के पास भी होगा मैं उसको. हर महीने ₹1000 का इंटरेस्ट दूंगा और 3. साल बाद वह ₹1 लाख लौटा दूंगा। राइट? और. मैं एज एन इन्वेस्टर आके वो बॉन्ड. खरीदूंगा आपसे। वो बोलेगा मैं बॉन्ड. होल्डर हूं और मेरे को सेम एफडी की तरह ही. ब्याज आता रहेगा और 3 साल बाद इंटरेस्ट आ. जाएगा। बट इसमें एक यूनिक चीज यह है कि. मैं इस बॉन्ड किसी और को बेच भी सकता हूं।. एफडी में ऐसे आप ट्रांसफर नहीं कर सकते. हो। मैं बॉन्ड किसी और को बेच दूंगा। ₹1. लाख अगले महीने से इंटरेस्ट उनको आना शुरू. हो जाएगा। तो बॉन्ड इज आल्सो वेरी सिंपल.
लोन गिवन बाय कॉर्पोरेट टू इंडिविजुअल. और बॉन्ड होल्डर विल गेट द इंटरेस्ट। तो. कंपनी के दो इंस्ट्रूमेंट होते हैं। एक. स्टॉक्स, एक बॉन्ड्स। स्टॉक्स में आपको. डिविडेंड मिलता है। जैसे कंपनी ग्रो कर. रही है, प्रॉफिट इंप्रूव हो रहा है, आपका. डिविडेंड बढ़ता जाएगा। अ बॉन्ड में सिर्फ. आपको इंटरेस्ट मिलेगा और 3 साल बाद आपके. पैसे वापस तीन या जो भी टर्म होता है। तो, बॉन्ड इज़ अ बेट ऑन द सर्वाइवबिलिटी ऑफ़ अ. कंपनी। अगर आपको लगता है कि 3 साल तक ये. कंपनी टिका रहेगी, उसका बॉन्ड ले लीजिए।. आपको लगता है कि यार नहीं 3 साल बाद यह. कंपनी 10 गुना होगा तो उसका इक्विटी ले.
लीजिए। तो यह यह हो गया बॉन्ड।. इंटरेस्टिंग हां. बॉन्ड और एफडी में बिगेस्ट डिफरेंस ये है. कि डीएससीजीसी इंश्योरेंस है नहीं। और. दूसरा. हम तो असली के लिए आ गया।. और दूसरा जब आप बैंक को पैसा देते हो।. बैंक क्या करता है? बैंक ने आपसे 8% पे. डिपॉजिट ले लिया। वो 12% पे किसी को लोन. दे दिया और 4% बैंक का मार्जिन है और वो. 12% उसी कॉर्पोरेट को दे रहा होगा। जब आप. बॉन्ड खरीद रहे हो या बैंक को आपने हटा. दिया इक्वेशन से तो वो जो 4% एक्स्ट्रा है.
वो आप रख रहे हो तो आपका रिटर्न भी ज्यादा. है। थोड़ा रिस्क ले रहे हो रिटर्न ज्यादा. मिल रहा है। तो डीआईसीजीसी ना होने का जो. नुकसान है वो ज्यादा रिटर्न से कंपनसेट. होता है। तो इसीलिए कोई इन्वेस्टर जब शुरू. करता है अपने इन्वेस्टमेंट जर्नी वो पहले. तो एफडी से शुरू करिए। बॉन्ड में भी थोड़ा. रिस्क तो है। हम ऐसा नहीं बोलते कि रिस्क. है नहीं। बट ₹100 आप एफडी में डालते हो तो. ₹15 बॉन्ड में डाल के देखिए। सो दैट आपका. जो कंबाइंड पोर्टफोलियो है उसका थोड़ा सा. रिटर्न इंप्रूव हो जाए। और उसमें से ₹10.
₹100 एफडी में है। ₹20 बॉन्ड में तो आपका. 80% पोर्टफोलियो वैसे भी सिक्यर्ड है. कंप्लीटली और बाकी 20% आपके पास।. अगर मेरे बैंक मैनेजर ने मुझे जैसे समझाया. होता मैं अब तक इन्वेस्ट कर चुका होता।. उसने समझाया मेरे पल्ले नहीं पड़ा था।. ओके। अ भारत में टैग अच्छा ये जो पैसा. मिलता है एफडी में क्या इसमें भी टैक्स. कटता है? हां जी टीडीएस कटता है सबसे पहले एफडी में. उसके बाद आपके टैक्स स्लैब के हिसाब से. आपको टैक्स देना पड़ेगा।. एक ही एक्सेप्शन है. देयर इज समथिंग कॉल्ड टैक्स सेवर एफडी.
जिसमें 5 साल का लॉक इन होता है। ये आपका. एक 80 सी करके एक लिमिट होता है। सेक्शन. 80 सी इनकम टैक्स। उसमें अगर उस सेक्शन के. तहत आप इसमें पैसा डालते हो तो उस पे आपका. टैक्स नहीं कटेगा। बट उस एक्सेप्शन के. बिना सब में टीडीएस कटेगा। आपके स्लैब के. हिसाब के आपको इंटरेस्ट देना पड़ेगा।. आजकल जजी जो है उन्हें कोई आप. इन्वेस्टमेंट एडवाइस दोगे।. हां, जजी को बोलता हूं कि आपके पास बहुत. टाइम है। तो आप शुरू करिए इन्वेस्टमेंट।.
पहले स्टार्ट विद समथिंग और डोंट फोकस ऑन. रिस्कीयर इन्वेस्टमेंट्स अभी। बिकॉज़ वह. आपको. एक एक लत लग जाएगा एंड वहां से वापस आना. बहुत मुश्किल है। मैंने मतलब. ड्रैग नहीं कर रहा हूं बट मैं अगर कोई 30. साल का बंदे को देखता हूं उसका फाइनेंसियल. हेल्थ देखता हूं। उसका रेस्पेक्ट टुवर्ड्स. मनी देखता हूं तो मैं एक 70- 80%. कॉन्फिडेंस के साथ कह सकता हूं कि ये 60. साल में इसका फाइनेंसियल स्टेट कैसा होगा।. तो जजी के पास टाइम है। 30 साल उम्र आने.
तक आप अपने फाइनेंससेस को इन ऑर्डर में. रखिए। आपका सेविंग्स इन्वेस्टमेंट सब एक. एटलीस्ट एक स्टार्ट करिए। सो दैट अगले 30. साल की आपका जिंदगी बेटर हो।. ओके। लास्ट सेगमेंट एक रैपिड फायर हमने. रखा है।. हां।. अ पहला सवाल तो हमने पूछ ही लिया आपसे कि. ₹1000 हो तो क्या करें? फिर से पूछ लेता. हूं। ₹1000 हो तो क्या करें? एफडी शेयर. मार्केट या फिर Netflix? चलो कैटेगरी कैटेगरी बता दो। जेंजी के. लिए, हमारी ऐज के लिए और ओल्ड स्कूल के. लिए? या ओल्ड एज के लिए? ओल्ड एज के लिए तो Netflix में करिए। अब. टाइम पास हो जाएगा थोड़ा सा और आपने आई एम.
अस्यूमिंग अभी तक पैसे बहुत सेव किए. होंगे।. हां मतलब जितना बचा आनंद ले लो।. आनंद ले लो। जजी के लिए आप एफडी करिए।. बिकॉज़ आपको एक इन्वेस्टमेंट का एक एक मौका. मिल रहा है। Netflix तो जजी एनीवेज शेयर. करता है। एक बंदे का पासवर्ड 10 लोग यूज़. कर रहे होते हैं। हमारे एज के लिए मैं. कहता हूं कि आप डवर्स डवर्सिफाई करिए।. थोड़ा सा एफडी में डालिए। थोड़ा सा इक्विटी. में डालिए।. ओके। एफडी या शेयर मार्केट? कौन ज्यादा. भरोसेमंद है? भरोसेमंद एफडी है बट लॉन्ग.
टर्म वेल्थ अगर बनाना है आपको उसके लिए. शेयर मार्केट है तो शुरुआत एफडी से करिए. धीरे-धीरे शेयर मार्केट की तरफ मूव करिए. अगर पैसा बोल पाता तो वो इंसानों से क्या. कहता. हां कि मेरे को आइडल मत रखो मेरे से काम. कराओ इस मतलब पैसे को कोई. क्या बोलते हैं प्रोडक्टिविटी के लिए यूज़. करो बहुत लोगों का पैसा है पड़ा हुआ है बट. उससे कुछ हो नहीं रहा है या उससे काम नहीं. करवा पा रहे हैं वह मत करिए।. पैसा बचाने का सबसे अजीब तरीका जो आपने.
सुना हो आज तक. पैसा बचाने का अजीब तरीका नहीं बहुत कॉमन. तरीका है। टैक्स चोरी से बहुत लोग पैसा. बचाते हैं। बट मैं बहुत लोगों को देखा जो. बाद में पछताते हैं। बिकॉज़ एक आप आपने एक. बार 30% तो आपने बचा लिया। फिर उसके बाद. उसको ग्रो नहीं कर पाते। बिकॉज़ वो. रियलस्टेट के अलावा बहुत सारे तरीके हैं. नहीं उस पैसे को बढ़ाने के लिए। आप तीन चार. साल उसको ग्रो नहीं करेंगे तो जो 30% का. आपका बेनिफिट आ गया वो चला गया।. ओके अ एफडी कछुआ है खरगोश.
एफडी है कछुआ बट इट विल विन द रेस. म्यूच्यूल फंड में इन्वेस्ट करना जुआ है. या फिर स्मार्ट मूव? म्यूच्यूल फंड में लॉन्ग टर्म. इन्वेस्टमेंट इज स्मार्ट मूव। शॉर्ट टर्म. इज जुआ? ओके। पैसे का सबसे बड़ा दुश्मन कौन है? ग्रीड. ग्रीड. महंगाई नहीं. महंगाई तो है बट उससे बड़ा ग्रीड है बिकॉज़. आप आप जब यह सोचने लग गए कि मैं एक ही दिन.
में डबल करना चाहता हूं पैसा चला जाएगा. आपसे. हां बहुत सारे एप्स ऐसे हैं जो कहते हैं. कि हां आप पैसा लगाओ हम दो गुना करके दे. देंगे. हां तो इसमें अगर टाइम है तो मैं एक. किस्सा सुनाना चाहता हूं इसमें एक. एक्सपेरिमेंट तो मान लीजिए आपने 1024. लोगों को एक एक जगह इकट्ठा किया. हम. और. मैंने एक और उन सबको को मैंने एक कॉइन टॉस. किया और बोला कि हेड से टेल्स बताओ। उसमें. 50% लोग हेड्स बोलेंगे, 50% टेल्स. बोलेंगे। तो 512 ने हेड बोला। 512 ने टेल. बोला। अगर हेड आया तो टेल वाले को घर भेज.
दिया। ये हेड वाले को पकड़ लिया। और फिर. से मैंने कॉइन टॉस किया। अब फिर से कुछ. 200 256 256 फिर आधे लोग सही होंगे। 256. को मैंने रोका। फिर से मैंने कॉइन टॉस. किया। फिर 128 लोग सही होंगे। फिर 64 लोग. फिर 32 लोग फिर 16 8 2 एक तो 10 बार कॉइन. टॉस करने के बाद एक बंदा है जिसने 10 बार. सही प्रेडिक्ट किया और यह जो 1000 लोग आए. हैं उन सब से मैंने स्टार्टिंग में 10. ₹100 लिया था और ये जो एक बंदा है इसको.
मैंने ₹1 करोड़ दे दिया क्योंकि 1000 * 10. आपके एक करोड़ हो गए अब सब घर चले गए अब. सारे मीडिया वाले या कोई भी रिश्तेदार है. वो इसी बंदे के पास जाएंगे ना जो 1 करोड़. जीता है उनसे पूछेंगे कि आपने किया कैसे. तो बोलेगा कि यार मेरे को दिख रहा था. उन्होंने कैसे पकड़ा कैसे ऊपर गया यह वो. तो वो तो अपने आप को यह स्किल बोलेगा और. बाकी जो 1023 लोग जो हारे उनसे तो कोई बात. नहीं करेगा। तो पर आप दूर से इस. एक्सपेरिमेंट को देख रहे हो किसी का पैसा. बना नहीं जो कॉइन टॉस कर रहा है उसका बन. गया क्योंकि वो 24 लोगों का पैसा मार के.
चला गया और जो बंदा पैसा कमाया वो बोल रहा. है कि मैं स्किल से कमाया जो है नहीं वो. प्योर लक प्लेइंग आउट। इस थ्योरी को बोलते. हैं फूड बाय रैंडमनेस। दुनिया में बहुत. सारे रैंडम चीजें होते रहते हैं। बट विनर. से सब बात करते हैं। बट उस विनर को. देखेंगे कि यार 10,000 से 1 करोड़ बनाया।. उसको देख के 10,000 और लोग आ जाएंगे। मैं. फिर कॉइंटेस्ट करूंगा। मैं अपना पैसा लेते. जाऊंगा। तो यह जो साइकिल में फंसे हैं लोग. इस वजह से ट्रेडिंग में आप देख रहे हो कि. एक साल में 1 लाख करोड़ लोगों ने लूज़. किया। सेबी का रिपोर्ट बोलता है कि 100. में से 93% लूज़ करते हैं। ये जो बाकी 7%.
कमाए वो भी लक के वजह से कमाए। बिकॉज़ 100. लोग खेलेंगे तो एक दो का तो लक इतना अच्छा. होगा वो कि वो कमाएंगे और इनके स्टोरीज. बाकी हजार लोग सुनेंगे। अगले साल और आते. हैं। फिर अगले साल और आते हैं। यही हो रहा. है कि 3 साल पहले 500 करोड़ का लास्ट था।. फिर 70 हजार करोड़ हुआ। लास्ट ईयर 1 लाख. करोड़ हुआ। वो जाता रहेगा ऐसे 2 लाख करोड़. तक।. एक लास्ट क्वेश्चन मेरे दिमाग में इसे आ. गया। आजकल ये इंश्योरेंस एक बड़ा स्कैम चल. रहा है।. ओके? कि आपको झटपट इंश्योरेंस मिल जाता है।. हां।. और कई लोग ऐसे मैंने सुने हैं कि जो उसमें.
फंस जाते हैं। ऑनलाइन इंश्योरेंस. छोटी-छोटी मोबाइल एप्स हैं जिनके जरिए. मिलता है। फिर उनके इंटरेस्ट शायद इतने. हाई होते हैं कि आप परेशान हो। फिर वो. पूरा एक रैकेटिक स्कैम है।. ओके। मैंने सुना नहीं इसके बारे में।. इंश्योरेंस या कोई. मतलब बिना वेरिफिकेशन आपको सॉरी. इंश्योरेंस नहीं आजकल आपको लोन मिल जाता. है लोन. ऑनलाइन लोन के एक बड़ा वो चला है. कि आपको इंस्टेंट लोन मिल जाता है. एक मोबाइल ऐप डाउनलोड कीजिए आपको इतने. पैसे तुरंत लोन मिल जाएंगे. और बहुत सारे लोग ऐसे हैं जो इस ऑनलाइन. लोन के चक्कर में फंसे पड़े हैं। ये कैसे.
फंक्शन होता है और ये फ्रॉड बाजी कैसे. होती है? सो इसमें बहुत बड़ा हिस्सा एक. चाइनीस कंपनीज़ का था। तो बीच में स्पेशली. कोविड 2021-22 के आसपास चाइना से बहुत. सारे कंपनीज़ ने इंडियन लोन मार्केट में. आए। तो यह लीगल कंपनीज़ नहीं थे। इंडिया. में रजिस्टर्ड आरबीआई के थ्रू रजिस्टर्ड. कंपनीज़ थे। इनका तो एप स्टोर Play Store. में ऐप भी नहीं होता था। एक एपीके करके. होता है जिसमें से आप इंटरनेट से डाउनलोड. करके इनका ऐप आप डाउनलोड कर सकते हो। और. जिनको भी जरूरत है वो इस ऐप को डाउनलोड.
करते थे। उसमें से 500 ले लिए। 1 लाख ले. लिए। और यह क्या कंपनी क्या करती थी उस ऐप. के थ्रू आपके सारे फोन नंबर ले लिए आपके. सारे फोटो ले लिए और फिर थ्रू द फोन. क्योंकि उस ऐप में परमिशंस थी आपने दिया. 500 की जरूरत थी फिर उसके बाद आपने 50%. नहीं दिया तो ये ढूंढते थे कि मम्मी पापा. ऐसा कुछ नंबर्स है तो उनको कॉल करेंगे. बोलेंगे देखो जी आपके बेटे ने हमसे पैसे. लिया अब बताओ मामा चाचा उन सबको कॉल. करेंगे उन सबको WhatsApp करेंगे बोलेंगे. आपके फोटो हैं हमारे पास हम लीक कर देंगे.
तो ऐसे इतने सारे सुसाइड के केस हुए हैं. 2022-23 में फिर आरबीआई ने कुछ एक्शन भी. लिया बोला कि इन सबको पैसा मत दो। बट ऐसी. चीजें होती जो भी क्विक मनी के लालच में. रहेगा ऐसे लोग फंसते रहेंगे।. तो हॉलीबल आप सोचो आपकी सारी फोटो चली गई।. हां।. यू हैव नो आईडिया।. यू हैव नो आईडिया।. कई कुछ होगा। पता नहीं पैसे चाहिए 500. क्या ही कर लेगा। कुछ लोगों को पता भी. होगा। ये बहुत हुआ है। बहुत सुना मैंने।. मतलब आपका मोबाइल नंबर था। आपने दे दिया।. आप कांटेक्ट उन्होंने सिं कर लिया आपके.
कांटेक्ट।. तो यह बहुत बीच में चला. 10,000 लोन के चक्कर में आप. सब दे दिया आपने पूरा डाटा दे दिया आपको. डरा के और रिकवरी भी किया क्योंकि 50%. इंटरेस्ट पे दे रहे हैं लोग तो इनको 100. में से 60- 70 लोगों ने भी पैसे वापस दे. दिए तो प्रॉफिटेबल है तो ऐसे डरा के धमका. के तो दोगे ये 100 में से 50 लोग तो ऐसे. ही शरीफ होंगे वो दे देंगे पैसे बाकी 50. को ऐसे हरेस करेंगे उसमें से 30 20 30. लोगों ने भी दे दिया ये प्रॉफिटेबल है. अपना पैसा बना के चले गए.
अभी भी चल रहा है ये सर सर अभी. अभी काफी कम हुआ है बट वो पैसे कमाने के. लिए करते ही रहेंगे।. पैसे को लेकर कोई एक क्लास सला जो आप देना. चाहो।. अह मैंने सीखा है कि मनी इज पावर, मनी इज. रेस्पेक्ट, मनी इज पीस। तो पैसे को आप. रेस्पेक्ट करिए तो पैसा विल रेस्पेक्ट यू. विल स्टे विथ यू।. थैंक यू सो मच। लवली टॉकिंग टू एंड आई होप. कि लोगों को भी ये पैसे की कॉम्प्लेसिटी. जो है ये आसान शब्दों में ऐसे समझ में आ. जाए।. थैंक यू।. एंजॉय।.
