Unplugged ft. Dr. Ramakanta Panda | Cardiac Surgeon | 30000+ Heart Surgery | Save Your Heart
मैं दुनिया के नंबर वन कार्डियक सर्जन. डॉक्टर रमाकांत पांडा से बात कर रहा हूं. थैंक यू कैन आई से दिस यस थैंक यू वर्ल्ड. नंबर वनस आपने एक दिन में मैक्सिमम कितनी. सर्जरी की टोटल नौ सर्जरी एक दिन में 3 हज. लोगों से मैं अपने जीवन में शायद मिला. नहीं हगा आपने 3 हज लोगों का दिल देख लिया. मैं अंदर खोल के आपका कहीं दिलविल टूटा था. इसलिए आपने कहा सबका दिल ठीक कर दूंगा मैं. उनका बीवी और हस्बैंड से भी थोड़ा जोक. करता हूं कि उसके अंदर दो चार नाम था उसको. उठा के हमने फेंक दिया नया नाम भी डाल. दिया उसके अंदर साइलेंट अटैक क्या होता है. सर मर्दों में ज्यादा क्यों होता है बीपी. सर औरतो कंपेरिजन में लोगों को भी हार्ट.
अटैक आता है डॉक्टर रमाकांत पांडे अगर. बताना हो कि ये पांच चीजें आप कीजिए इससे. आपका दिल जो है खुश रहेगा सबसे इंपोर्टेंट. बताऊंगा एक्सरसाइज नंबर टू बताऊंगा खाने. पहने का अक्षय कुमार हैज पोस्टेड समथिंग. फॉर यू आई गेस दोस्त दोस्त है हमारा आप ही. ने सिखाया उनको सुबह उठके ये चार ब वो तो. सबके गुरु है वेजिटेरियन को या नॉन. वेजिटेरियन को हार्ट अटैक के चांसेस किससे. ज्यादा है सही तरीके का वेजिटेरियन फूड. खाया तो वो सबसे अच्छा है अब अगर हमारे. आसपास किसी आदमी को हार्ट अटैक आ रहा है. तो हमें क्या करना चाहिए पहली चीज दिल्ली. में गुड़गांव में दिनभर क्लब्स या मुंबई. में क्लब्स प घूमते हैं लड़के मुक्का लेते. हैं श.
यस इनको हार्ट अटैक के चांसेस बढ़ सकते. हैं बढ़ बहुत ज्यादा है जो पॉडकास्ट देख. रहे हो उनसे आप ये कहेंगे कि अगर तुम्हारा. दोस्त सुट्टा पी रहा है हुक्का पी रहा है. तो तुम तुम तुम्हारे लिए भी मौत का इंजम. हां वो तो से कोई फर्क नहीं है चाय और. कॉफी हम जैसे लोग बहुत पीते हैं ये भी दिल. पे असर करती है अगर कोई आदमी सोते समय खरा. खूब लेता है बड़ा कॉमन हो गया दबाए खराटे. लेते हैं लोग कान पड़ जाते हैं उससे भी. हां अच्छा साइन नहीं है क्या होती है. हार्ट की एज दिल को कैसे यंग रखे अगर वो. आठ घंटे नहीं सो पा रहे कौन सा खाना है जो. फायदेमंद मंद है कौन सा नुकसान है और क्या.
केवल ऑयली खाना से ही नुकसान होता है या. सारे तेल ही नुकसानदायक होते हैं जितना आप. नेचुरल फूड खाओगे उतना बेहतर है घी भी दिल. के लिए नुकसानदायक है कोई भी ज्यादा चीज. है शरीर के लिए खराब है एक परसेप्शन बना. है कि कोविड वैक्सीन की वजह से लोगों की. डेथ हो रही है कोई जिम कर रहा है गिर पड़ा. मर गया डांस कर रहा है गिर पड़ा मर गया. कोविड वैक्सीन के बाद हमारी बॉडी के अंदर. कुछ हुआ है ज्यादा नोटिस कर रहे हैं ल् सो. नंबर बढ़ गया दूसरे कारण से कोविड की वजह. से नहीं बहुत ज्यादा मित है ब्लड प्रेशर. काबू में कैसे रखें लाइफस्टाइल इज द मोस्ट. इंपोर्टेंट इज देर एनी एक्चुअल कनेक्शन.
डॉक्टर की दुनिया में दिल और दिमाग का या. सिर्फ लोगों शायरों ने अपनी-अपनी कहानियों. में जिक्र कर. दिया ये कहते हैं कि दिल की बातें दिल से. कही जाए तो अक्सर दिल तक पहुंच जाती हैं. दिल का ख्याल रखना बड़ा जरूरी होता है. लेकिन सवाल ये है कि मोहब्बत में तो लोग. दिल का ख्याल रख लेते हैं लेकिन सेहत में. दिल का ख्याल नहीं रख पाते और दिल भी बहुत. कुछ कहना चाहता है कि भाई साहब मेरा ख्याल. रखो अगर लंबा जीना चाहते हो नहीं तो बाद.
में आप कहोगे कि आजकल लोगों की उम्र कम हो. रही है कम नहीं हो रही है लाइफ स्टाइल. खराब हो रही है और इसको ठीक करने के लिए. आज हमारे साथ डॉक्टर रमाकांत पांडा सर है. जो इंडिया के नंबर वन कार्डिक सर्जन है. पदम अवार्ड से सम्मानित व्यक्ति है वाइल्ड. लाइफ फोटोग्राफर है और बहुत कुछ उनकी. पर्सनालिटी में ऐसा है जो आज आपको इस. पॉडकास्ट के जरिए पता लगेगा थैंक यू सर. नमस्ते कैसे हैं आप सर बहुत अच्छा 30000. प्लस सर्जरीज हां जी आई मीन 300 लोगों से. मैं अपने जीवन में शायद मिला नहीं होगा.
आपने ज लोग का दिल देख लिया मैं अंदर खोल. के आई मीन बहुत शॉकिंग लगता है कई बार नरा. सो 300 लोगों की आपने जिंदगी बचा ली हां. जी उनका खोला दिल देखा सिला वापस भेज दिया. भेज दिया हाउ इट स्टार्टेड दिस जर्नी. बिकॉज नॉर्मली लोग कहते ना डॉक्टर बनेंगे. इंजीनियर बनेंगे बट कार्डिक सर्जन आपने. स्पेशली सोचा था एक्सीडेंटल था कैसे हो. गया ये थोड़ा एक्सीडेंटल था वो तो बहुत. पुराना है जब वो दुनिया में पहला हार्ट.
ट्रांसप्लांट हुआ 1968 में उस टाइम में. सेवंथ क्लास प पढ़ रहा था व उस जमाने में. जो पहला हार्ट ट्रांसप्लांट इतना न्यूज था. जैसे मून लैंडिंग के बाद ऐसे था सारा. दुनिया में सब न्यूज़पेपर में फ्रंट पेज. सात आठ दिन 10 दिन तक चलता रहा तो हमने. सोचा कि ऐसे तो कुछ बनना चाहिए जिंदगी में. मेरे को हार्ट का डॉक्टर बनना है उसका पता. नहीं था कि क्या होता है कैसे करना पड़ता. है ल एक ही इंटरेस्ट था बचपन से मेरा कि. डॉक्टर बनना है मेरे को क्योंकि मेरा मामा. अच्छा डॉक्टर थे वो मेरा रोल मॉडल थे तो.
तू क्लास में अच्छा हो रहा था उड़ीसा में. तो कोई भी अच्छा क्लास में करता तो फैमिली. बोलता है तुम सिविल सर्विस दो आईएस आईपीएस. बनो मैं घर में मेरे पीछे पढ़ गए तुम. क्लास प फास्ट हो र हो तो सिविल सर्विस के. प्रिपेयर करो इसके लिए मेरा कोई इंटरेस्ट. नहीं है मेरे को डॉक्टर बनना है इसको. बताया नहीं कि हार्ट डॉक्टर बनूंगा बोलता. तो उसको बंद कर देते बोलते चलो पागल हो. अभी तुम जाके यह सिविल सर्विस के लिए. प्रिपेयर करो तो जब उसी टाइम मेरा दिल में. थोड़ा लगा था कि मे हार्ट सेज बनना है फिर.
जब नाइंथ स्टैंडर्ड में था उस टाइम जो यूस. में बहुत फेमस हार्ट सर्जन थे उस जमाने. में डटन कुली करके वो भी इंडिया के सारे. प्रेसिडेंट प्रेसिडेंट सबका किया है उस. जमाने में हार्ट सर्जरी तो उनका लाइफ. मैगजीन आता था उस जमाने में बहुत बड़ा. फेमस था जैसे हाफ पेज का आता था वो तो. उसमें उनका प्रोफाइल हुआ था और मामा मेरा. उस पर लेकर आए थे तो उसको देख ये तो लग. रहा है अच्छा इसको एक दिन हार्ट डॉक्टर है.
तो इसलिए एमबीबीएस जग सा पहले दिन से. डिसाइड कर लिया कि और कुछ नहीं बनना है. हार्ट डॉक्टर बनना है वो भी उस जमाने. में इंडिया में तीन या चार जगह हर सजर हो. रहा था अलर प. चंडीगढ़ केम हॉस्पिटल लोसे दो चार जगह था. तो फिर मेरा दूसरा एक मामा थे जो कि हमारा. कॉलेज का प्रिंसिपल थे उनको जाके बोला मिल. गया बो हार्ट करने वाला हूं उस तो पागल हो. चारही जगह हो रहा है आधा पेशेंट.
पास करके आओगे फिर इधर कहां जाग. डिस्पेंसरी में बैठोगे तुम्हारा अच्छे. स्टूडेंट हो अी इमीडिएट गवर्नमेंट में. जवाइन कर लो और उसके बाद सीनियर गा तो. फ्यूचर में मेरे तरफ तो प्रिंसिपल बन. जाओगे बो चाहे जो भी हो हार्ट सजन पहले. बनूंगा उसके बाद चाहे नौकरी नहीं मिला आके. क प्रिस्क्रिप्शन बनाऊंगा सो तभी से मेरा. इंटरेस्ट था कि हर सजन बनने का तो यह आपका. कहीं दिलविल टूटा था इसलिए आपने कहा सबका. दिल ठीक कर दूंगा मैं वो जो दिल टू हैल. टाइ का दिल टू है उसका एक्सपर्ट नहीं हूं. मैं जो एक्चुअली रियल दिल टूटता है उसका.
रिपेयर करता है जो मोहब्बत में जो दिल. टूटता है उसके लिए अलग डॉक्टर है उ मैंने. आपका पढ़ा आपके बारे में पढ़ रहा था मैं. कि आपने 2000 रीड सर्जरीज की है और 6000. प्लस क्रिटिकल सर्जरीज की है हां जी ये तो. और दिल टूटने वाला गंभीर हिसाब दिल दिल. टूटता है डबल दिल टूट रहा था यहां पर. तीसरा चौथा दिल टूटता है तो उसको कहते हैं. रीड सर्जरी तो बहुत खतरनाक होती होंगी. मेरे खल से लोग जिसका जो पहला बार फेल हो. गया सेकंड टाइम फेल हो गया वो काफी. कॉम्प्लिकेटेड होता है उसको ऑपरेशन करना. बहुत मुश्किल है क्या इमोशंस होते हैं. आपके मतलब मैं आपका डॉक्टर वाले सवाल.
पूछूंगा मैं बट थोड़ा ह्यूमन एंगल पे भी. सवाल पूछ ले रहा हूं मैं कि कोई रिड्यू. सर्जरीज करवाने आ रहा है आई थिंक आप ही. जैसे वो डॉक्टर जिनको हम भगवान कहते हैं. क्योंकि लोग उसी उम्मीद से आते होंगे कि. अब हम खो रहे हैं उम्मीद पहली बार हार्ट. ट्रांसप्लांट फेल हो गया रिड्यू सर्जरी. में आ रहे हैं सर बचा लेना हाउ पीपल. रिएक्ट एंड वो आपका क्या इमोशन चलता है आप. लोगों में क्योंकि बहुत बड़ा नंबर है सर. 6000 2000 30000 हां जी ये ये भी मैं जब. ट्रेनिंग ले रहा था टाइम है किस्सा. बताऊंगा उसको तो लवेज उसी एग्जांपल मैं.
देता हूं एक पेशेंट था जिसका लिवर हार्ट. बहुत खराब हो गया था लट में ट्रेनिंग ले. रहा था तो उसका इतना खराब था उसका सारा. शरीर में इतना जैसे कि वो सूजन हो गया था. पूरा इतना मोटा के सब पानी था शरीर के. अंदर ऑलमोस्ट जान जाने वाला था हमारा एक. सर्जन थे तो मेरे जो असिस्टेंट प्रोफेसर. डॉक्टर संपत कुमार उसने लेके गए बोले उसको. फिक्स करो ऑपरेशन करेंगे मैं उसको पूछा. बोला इस क्यों कर रहे हो तो मरने वाला है. कल परस.
उसने बोला कि नहीं करूंगा तो मरने वाला है. करना वाला 1 पर चांस है उसको लेता है चांस. तो ऑपरेशन उसको किया और नेक्स्ट टू डेज. उससे 24 लीटर पानी निकला पिशाब के मुताबिक. शरीर के अंदर फिर हॉस्पिटल में बहुत दिन. रहा ठीक होक गया तो उसके एक साल के बाद ऑल. ओपीडी बहुत भीड़ रहता है तो एक एक मिनट. देखना भागता पड़ता है सो देखा सरने हटा. कटा सरदार आया बोला साब मेरे को जल्दी देख. लो मैं बोला तुम्हारा टाइम जाएगा तुम बाहर. खड़ा रहो बोला आप सब देख पहचाना नहीं मेरे. को बो कौन हो बोला मैं करतार सिंह हूं. उसका नाम करतार सिंह था तो बोला त करतार.
सिंह हो तो आ जाओ देख लेता उसका आउट टन. में देख लिया तो मैं उसको पूछा तुम क्या. करते हो आजकल बोला साहब आजकल मैं चंडीगढ़. से कलकाता ट्रक ड्राइविंग करता हू जो आदमी. मरने वाला था एक साल पहले नाउ ट्रक. ड्राइवर तभी डिसाइड किया कि जिंदगी में. चाहे भी जितना भी खराब केस हो रिफ्यूज. नहीं करने का चाहे 99 पर चांस है फेल होगा. 1 पर फेल नहीं होगा 100% फेल हो रहा है तो. चलो 1 पर चांस ले लो ऐसे बहुत सारे पेशेंट. जो अभी 25 30 साल के बाद भी जिंदा है सब.
ठीक है मेरा तीसरा पेशेंट मुंबई में जब. इंडिया वापस आया वो पेशेंट ऐसे ही था अभी. 30 साल हो गया अभी जिंदा है तो ग्रेटी. ट्यूड शो करते हैं वो लोग अभी आपको करते. हैं सर आपने बचा लिया या अभी यस सुपर्ब ए. ये जो फीलिंग होता है ना दैट इज व्हाट. कीप्स यू वही करता कोई भी खराब केस को ना. नहीं करने का क्योंकि कहां भी 1 पर चांस. है नहीं है तो बिल्कुल तो गया ना इस सर. 30000 सर्जरीज आपने कर दी जी अभी भी आप. एक्टिवली सर्जरी करते हो या आप केवल. क्रिटिकल केसेस लेते हो कि नहीं सब सब अभी.
भी मेरा फर्स्ट लव है लास्ट लव सब कुछ है. हार्ट सर्जरी दिल का काट के ठीक करना बरा. ल सोच के डर लग रहा है कि आप एक इंसान को. खोल के उसका. दिल जो धड़कना बंद करने वाला उसे रोक ठीक. करके और आप भेज देते हो हां और उनका बीवी. और हस्बैंड से भी थोड़ा जोक करता हूं कि. उसके अंदर दो चार नाम था उसको उठा के हमने. फेंक दिया नया नाम भी डाल दिया उसके अंदर. किसका ब्यूटीफुल. ब्यूटीफुल क्रिटिकल केसेस जो आते हैं सर. जैसा आपने कहा तो.
तो बहुत कॉस्टली भी होते हैं जसे हार्ट की. सर्जरीज होती है क्योंकि बहुत सारी चीजें. आई एम शर बहुत कॉस्टली भी होते होंगे तो. ये आम लोगों के लिए अफेबल है या हां तो. इसलिए कॉस्टली है क्योंकि ये दिल का सजन. में जितना सामान इस्तेमाल होता है आजकल सब. बाहर से आता है भारतवर्ष में बहुत कम बनता. है तो हमारा जो अभी भी अभी भी देखो वा जो. बनता इंडिया में नहीं बनता अमेरिका से आता. है उसका कीमत 4 लाख 5 लाख 6 लाख है वो.
डॉलर जैसे 8 80 हो गया उसका कीमत वैसे बढ़. गया तो इसलिए प्राइस बहुत ज्यादा है नंबर. वन नंबर टू दुनिया में कहां भी यह जो. बड़ा-बड़ा सर्जरी होता है चाहे कैंसर. हार्ट सर्जरी उसके लिए एवरेज लोग कहां भी. दुनिया में अफोर्ड नहीं कर पाएंगे सारा. दुनिया में जितना जो पर्सनल बैंकर पसी. होता है जो बैंकर पट हो जाता है लोग 40 40. पर बैंकर पसी ये हेल्थ के लिए होता है जो. कि कैटास्ट्रोफिक इलनेस बोलते हैं जिसमें. जहा रेगुलर बीमारी है तो सबको अफर्ड कर स.
गरीब आदमी खांसी जुखाम होगा तो 00 खर्चा. करके दवाई खरीद करके ठीक हो सकता है जिसका. बड़ा बीमारी हो गया हार्ट का बीमारी हो. गया या कैंसर का हो गया उसमें इतना खर्चा. होता है 40 सत 40 पर लोग उसको अफोर्ड नहीं. कर पाते बैंकट हो जाते एक एवरेज कितना. खर्चा होता हुगा एक हार्ट की बीमारी प अगर. आप हार्ट की बीमारी चलता रूटीन सर्जरी है. तो जैसे बच्चों का छोटा छोटा सर्जरी 50 हज. एक लाख में हो जाता है जो एक्सपेंस 15 लाख. 20 लाख होता है दुनिया में कोई भी देश में. भी लोग अफोर्ड नहीं कर पा रहे हैं इतना. एक्सपेंस इसलिए सबसे इंपोर्टेंट है वो.
उसके लिए इंश्योरेंस करना फर फिर उसमें. उतना खर्चा एटलीस्ट जो खर्चा आता है मेजर. पर इंश्योरेंस से आ जाता है ओके सुपर्ब. आपने एक दिन में मैक्सिमम कितनी सर्जरी की. है मैं टोटल नौ सर्जरी एक दिन में कितने. घंटे काम किया था उस दिन सर्जरी में मब नौ. लोगों का दिल आपने खोल के करके दिया उसमें. क्या होता है ना जो मेरा टीम रहते हैं जो. मेन ऑपरेशन होता है जो मेन करेक्शन होता. है जैसे खुलने के लिए पहले छाती को फाड़ना.
पड़ता है उसके अंदर से सब करके हार्ट लंग. मशीन में डालो किसका बायपास मेरा दिल. कमजोर है सुनने में भी जी दिल तो स्ट्रंग. है अभी थोड़ा और स्ट्रंग करना है हा या तो. वो सब स्टेप मेरा असिस्टेंट बाकी टीम लोग. उसका क्या धीरे-धीरे सब कु सीखना पड़ता है. मैं भी ऐसे ही कर रहा था मैं जब ट्रेनिंग. ले रहा था वही कर रहा था मैं खोल के. प्रोफेसर के लिए रेडी कर रहा था तो मेन. सर्जरी एक घंटे से तीन चार घंटा लगता है न. घंटे न ऑपरेशन जिसने किया था करीब 15 या. 16 घंटा कंटीन्यूअसली करना पड़ा उस दिन बट.
वो एक्यूरेसी वो हर बार हर सर्जरी में. फोकस नॉ सर्जरी बहुत बड़ी बात हो गई सर दो. अगर आप दो घंटे भी काम 1617 घंटे चले गए. या उस दिन आई थिंक 16 17 घंटा किया था. कंटीन्यूअसली तो वो फोकस नहीं डाइवर्ट. क्योंकि अगर आप 1920 भी किया तो दिल से. सारा खेल होता है वो तो सही है वो. ट्रेनिंग और उसका जो कमिटमेंट है उसके वजह. से उसका फोकस रहता है क्योंकि सब पेशेंट. ये रहता है कि बाबा एक भी गलती क्या उसका. जान जाने वाला है ट्रू तो उससे लिए नहीं. करते हैं आ ेड समर 99.9 लगभग आपकी स % हा.
जी हा जी वो भी मेरा एक मेंटर थे जो. अमेरिका में उनसे मैं सीखा उस जमाने में. मैं जब गया था उस जमाने में इंडिया में. हमारा हार्ट सर्जरी कम से कम 20 30 पर. रिस्क 30 पर मतलब 100 मरीज किया तो 30 पर. गुजर जाते थे और उनका उस जमाने में. एक्सपीरियंस उनका था 98 पर सक्सेस था तो. इसीलिए मैं गया उधर सीखने के लिए क्. क्लिनिक में तो उनको पूछा कि आप.
हर सजरी में आप. इतना पेशेंस इतना कैसे रखते हो बोला कि. मेरे. को जितना पेशेंट करो चाहे जो भी रोज सुबह. में पहला जब पेशेंट करता हूं सोचता हूं कि. य मेरा पहला बार जिंदगी में ऑपरेशन कर रहा. हूं व जब सोचोगे उस दिन आपको पहला बार ज. जिंदगी में कुछ ऑपरेशन कर रहे हो तो आपको. सारा पूरा फोकस रहता है कि पेशेंट को ठीक. करके भेजना है दैट इ एक चीज उससे मैं सीखा. यज ऑपरेशन जो किया हूं सब पेशेंट को पहला. सोचता हूं जभी भी ऑपरेशन करता हूं सोचता.
हूं ये पहला ऑपरेशन मेरा है तो मैं दुनिया. पहला होता है तो उस टाइम आपको पूरा सारा. केयर लेना पड़ता है तो मैं दुनिया के नंबर. वन कार्डियक सर्जन डॉक्टर रमाकांत पांडा. से बात कर रहा हूं थैंक यू कैन आई से दिस. यस थैंक यू वर्ड नंबर वन यस ब्यूटीफुल. वर्ल्ड नंबर वन जैसे पहला लव होता है ना. ऐसे तो ज्यादा फोकस रहता है थोड़ा सो अगेन. आ आस्किंग अगेन दिल की बात य वो दिलर सि. वो वाला दिल नहीं समझता आप समझते हैं आई. एम शर आपने भी समझा होगा आप इतने दिल के.
करीब आप हो आई एम शर आप समझते होंगे फिर. अगेन आईम आस्किंग सर एक दिन में न सर्जरी. या लाइक यू सेड ती. सर्जरी एक उंगली कट जाती तो भी हम सोचते. हैं आई एम शर मेंटल फोकस या मेंटली बहुत. आपने कहा ना कि 0.2 पर रह. गया आपके मन में उसका इसका एक स्टोरी मैं. बताऊंगा भी बताऊ जी सर तो हर साल जैसे. ऑपरेशन हमारा जनवरी महीने में सारा जनवरी. से दिसंबर तक पूरा सारा पेशेंट का हम. स्टडी करते कितना कॉम्प्लिकेशन हुआ कितना.
मर गए एक साल हुआ था उ उस साल में हमारा. टोटल 2000 ऑपरेशन किया था करीब पांच मरीज. हमारा लॉस हुआ था उस ईयर तो सारे डॉक्टर. थे हमारा इंटेंसिव सब कुछ थे मैं बोला कि. पांच पेशेंट क्यों मरे उसका ऑडिट करो मेरे. को जानना चाहिए क्यों भर ग पाच नहीं भरना. चाहिए वो 2000 में दुनिया पर देखेंगे. एवरेज रिकॉर्ड है कि 2000 ऑपरेशन किया तो. कम से कम 100 लोग मरते हैं तो मेरा जो. इंटेंसिव था एक रोना शुरू कर दिया बोला. साहब आप कभी खुश नहीं हो गए आप किछ करो आप.
खुश नहीं हो गए हर वक्त कुछ गलत हमारा. निकालते हो एंड रोना शुरू कर दि मैं उसका. नाम था दर्शना मैं दर्शना एक काम करो जो. पांच मरीज मर गए ना उनका फैमिली में को. पूछो कि वो खुश है क्या वो खुश है तो मैं. खुश. रहूंगा तो इसलिए मेरा यह है कि जो पेशेंट. आया मेरे पास उसका पूरा फेथ लेकर आया कि. उसको ठीक करके घर भेजूंगा उससे 100 1000. मरीज से भी एक या दो मरीज गुजर गए आई लवेज.
जिम्मेदार सोचता हूं कि बाबा ये बचना. चाहिए था तो आप इसके लिए अपना भी कुछ करते. हो पीस के लिए बिकॉज आई एम शर बहुत फोकस. मांगता होगा टेंशन मांगता होगा मेंटली यू. हैव टू बी वेरी फोकस्ड बहुत ही क्रिटिकल. चीजें आप कर रहे हो तो आप अपनी लाइफ. स्टाइल में भी इसको लिए कुछ करते हो ताकि. आप सर्जरी करने जाओ तो आपका फोकस मेंटेन ओ. या या जरूर मैं तो एक चीज मैं करता हूं. योगा हम वो काफी हेल्प करता है जो फोकस. करने के लिए और उसके साथ फिटनेस तो रहना. पड़ता है रोज एक्सरसाइज करता हूं योगा. खाने पीने का जो परहेज रखना चाहिए वो रखता.
हूं वो सब रखता हूं सुपर अब हम शुरुआत. करते हैं दिल के सवालों की जो लोगों ने. हमें दिए आई एम शर ये सवाल लोग जानना. चाहते हैं सबसे पहला सवाल तोय बीमारी के. बारे में पूछना वो दूसरा टाइप का दिल का. बीमा दिल के सवाल जो बीमारी वाले हैं आशकी. वाले सवाल में आपसे क्यों पूछूंगा आशकी के. लिए मैं किसी एक्ट्रेस को लाऊंगा आई विल. आस्क द गल और लेडी और गाय हार्ट की एज. होती है सर हां जी क्या होती है हार्ट की. जज यह है कि जैसे लोग सोचते हैं हमारा 30. साल 35 साल उमर है लेकिन कुछ चीज जो लाइफ.
स्टाइल लोग लीड करते हैं उसके वजह से शरीर. का जो एज अलग है एक्चुअल एज अलग है इसलिए. हम बोलते हैं फिजियोलॉजिकल एज अलग है. क्रोनोलॉजिकल एज क्रोनोलॉजिकल एज मतलब. उसका जो जन्म लिया था उससे कितना उम्र का. 30 साल 35 साल 40 साल मतलब जैसे मेरी उम्र. और मेरे दिल की उम्र दोनों अलग अलग अलग. अलग है बॉडी का उम्र अलग है क्योंकि जैसे. आप बॉडी को मेंटेन करते हो उसका लाइफ. स्टाइल उतना दिन रहता है जैसे गाड़ी आपने. खरीदा नया गाड़ी उसको जैसे मेंटेन करते. उसका 20 साल चलता है मेंटेन नहीं किया दो.
साल चलता है वो गाड़ी का मेंटेन नहीं किया. 2 साल का गाड़ी का उमर 20 साल हो गया तो. ऐसे है दिल का सो दिल का कुछ जो दिल का. बीमारी होने के लिए बहुत सारे कारण है. जिसकी वजह से दिल का बीमारी ज्यादा होता. है जैसे कि तंबाकू लेते हैं उसम ज बीमारी. होने के चांस ज्यादा है जिसका ब्लड प्रेशर. ज्यादा है डायबिटीज ओवरवेट है खाने पीने. का ठीक नहीं है बहुत स्ट्रेस लेता है सोता. नहीं दारू बहुत पीता है एक्सरसाइज नहीं. करता है ये सब जिसका ज्यादा रहता है तो. उनका दिल का बीमारी होने के चांस है उनका. जल्दी बुढा होता है हां उनका दिल जल्दी.
बुढा हो जाता है सब चीज है तो बहुत जल्दी. दिल का बुड्ढा हो जाता है अभी जैसे ही. लास्ट वीक मेरा एक पेशेंट आया था कि 36. साल का था उसको कैलकुलेट करके मैंने. दिखाया उसके बोला अभी तुम्हारा उम्र करीब. 64 साल है हम बोला एवरेज कितना दिन बच. इंडियान बचते बोले सर 80 साल या 85 अभी 6. से हो गया कितना साल जियोगे तो बोले 15 20. साल ऐसे तो सोचो अभी तो 36 हो अभी लाइफ. स्टाइल चेंज नहीं करोगे तो 15 20 साल रा. लाइफ स्न है तो इमीडिएट उसको लगा कि उसने. गलती क्या है उसको बोलता है कि रा.
डायबिटीज है ब्लड प्रेशर है ये है ठीक करो. सुनने वाला नहीं था तो इसलिए बहुत जरूरी. है कि दिल का एज और बॉडी का एज व एक्चुअल. ए से अलग है जैसे लाइफ स्टाइल अच्छा रख तो. कम हो जाता है रियली गुड लाइफ स्टाइल. मेंटेन करोगे 36 साल का जिसका दिल है उसका. 20 साल भी हो सकता है अच्छा अब इसमें इसको. थोड़ा रिवर्स करता हूं मैं हा अगर दिल की. हेल्थ आपके खराब हो गई है हां जी तो क्या. दवाओं से ही बच सकते हैं या दिल की ज को. रिवाइव भी कर सकते हैं कि अच्छे स्टेटस प. आ जाए दवाई में तो लास्ट 50 साल में बहुत.
इंप्रूवमेंट हो गया इलाज का इंप्रूवमेंट. हो गया लेकिन वो % हेल्प करेगा 50 पर आपका. लाइफ स्टाइल कैसे आप खुद करोगे उसमें. हेल्प होता है दवाई से पूरा रिलाई करके कि. दवाई खाके में ठीक हो जाएगा दिल ठीक हो. जाएगा होता नहीं जितना लाइफ स्टाइल चेंज. करोगे और ज्यादा हेल्प होता है डॉक्टर. रमाकांत पांडे अगर बताना हो कि ये पांच. चीजें आप कीजिए इससे आपका दिल जो है खुश. रहेगा मस्त रहेगा जवान रहेगा तो क्या है. नंबर वन सबसे इंपोर्टेंट बता एक्सरसाइज. ओके वो सबसे बड़ा चीज है नंबर टू बताऊ.
खाने पहने का नंबर थ्री बताऊंगा स्टेस. नहीं लेने का नंबर फोर 10 बजे सोना है रात. को 10 घंटा सोने का है 10 घंटा आ घंटा स आ. से 10. घंटा चार चीज से दिल अच्छा रहेगा अबी फिर. क्वेश्चन मेरे मन में आया जैसे हम जैसे. लोग हैं जो बहुत एंबिशियस लोग हैं और एक. स्ट्रेस के लिए योगा कर रहे योगा आठ कर. लिया तो पांच हो मैं एक एक करके आता हूं. अब जैसे आपने कहा आ से 10 घंटे सोना चाहिए. डॉक्टर्स कहते हैं आठ से 10 घंटे अच्छी.
नींद होती है आपका शरीर फिट रहता है बट. अगर कोई जॉब प्रोफाइल ऐसी हो कि आप बहुत. सारा काम कर रहे हो आप बहुत एंबिशियस हो. जैसे एक्टिंग फील्ड है हमारी फील्ड है कई. बार बहुत सारे पॉडकास्ट आ गए एक्टर्स का. होता है सिंगर्स का होता है स्टेज शोज हो. गए या कोई भी क्रिएटिव फील्ड में आजकल की. जनरेशन में लोग बहुत मेहनत करते हैं जल्दी. सक्सेस पाने के लिए तो वो आठ घंटे नहीं सो. पाते हैं तो फिर अपने लेकिन दिल को भी ठीक. रखना है तो वो दिल को कैसे यंग रखें अगर. वो आठ घंटे नहीं सो पा रहे जैसे जो पांच. चीज बताया ना एक चीज रेगुलरली नहीं किया. तो गड़बड़ हो होता कभी काल हो गया दो चार.
दिन हो गया ठीक है नो प्रॉब्लम उसके साथ. बाकी चीज आप कर रहे हो सो सो नहीं पाए. लेकिन उसके साथ आप रेगुलर एक्सरसाइज करते. हो स्टेस नहीं लेते योगा करते खाने पीने. का परक तो फिर एडजस्ट हो जाता है ऐसे नहीं. कि 24 घंटा और 365 डेज ल योर लाइफ यू आर. डूइंग दैट व जब काम लाइफ सक्सेस बनना है. उस टाइम तो काफी काम करना पड़ता है एक दो. चीज थोड़ा उसम कम कर लिया तो कुछ प्रॉब्लम. नहीं होता है क्योंकि उसके साथ बाकी चीज. आप ठीक तरह से कर रहे हो तो तना खराब. इफेक्ट इतना नहीं होता है ओके सुपर्ब आपने. हमें कुछ बताया था अगर आप योगा करते हैं.
अगर आप सो नहीं पाते आप तीन चार घंटे सोते. हैं तो भी आप अपनी नींद को फिट कर सकते. हैं यस अब टू पॉइंट लेकिन वो ब बिना सो के. आप बोलेंगे सोऊंगा नहीं खल योगा करना वाइल. अगर आप नहीं सो पा अब्सोल्युटली नहीं नहीं. योगा करने से बहुत सारी योगा का जैसे योगा. का है हथ योगा है जिसमें बॉडी का फिटनेस. होता है मेडिटेशन होता है बहुत टाइप का. योगा है जो मेडिटेशन वगैरह है उसम. योगनिद्रा बोलते हैं जिसमें से आप करेंगे. तो आपका इक्विवेलेंट टू थ्र फोर आवर्स ऑफ. स्लीप तो तीन चार घंटा सो है सपोज अपने. बहुत टायर्ड हो टाइम नहीं मिला सोने के.
लिए तो योगो निद्या करने से आपको फायदा. होता है उसका बेनिफिट आता है तो जिस दिन. मेरे को टाइम नहीं मिलता मैं उसको करता. हूं ठीक है अब आपने कहा था डाइट को लेके. अच्छी डाइट कीजिए अब एक कॉमन क्वेश्चन आता. है कि दिल के लिए वो कौन सा खाना है जो. फायदेमंद है कौन सा नुकसान है और क्या. केवल ऑयली खाना से ही नुकसान होता है या. और भी बहुत सारी चीजें जो नुकसान करती है. यह खाने पीने में देखेंगे तो ये लास्ट 40. 50 साल में हमारा खाने का जो ये जैसे. हमारे बुजुर्ग लोग जैसे खाना खाते थे वो.
सब चेंज हो गया है हम सब आजकल टाइम नहीं. है कि इसके पास फटाफट खाना बनाओ रेडीमेड. बनाओ जो बाजार में मिलता है फटाफट बना दो. वो सब खराब है जितना आप नेचुरल फूड खाओगे. उतना बेहतर है उसमें वेजिटेरियन अच्छा है. लेकिन वेजिटेरियन सब टाइप का वेजिटेरियन. अच्छा नहीं है जैसे मेरा 70 80 पर मरीज. वेजिटेरियन है लेकिन गलत टाइप का. वेजिटेरियन फूड खाता है जिसल टाइप. वेजिटेरियन मतलब मतलब जिसमें ज्यादा तेल. है बहुत फ्राइड है रेडीमेड खाना सुखाते है. पड़ी. कड़ी पूरी समोसा बड़ा हा छोले भटोरे ये सब.
गलत टाइप का खाना है 50 साल पहले हमारे. बुजुर्ग लोग नहीं खाते थे जो खेती में. बनाया उसको लाके कुक करके खाया वो सब सबसे. अच्छा है. तो नेचुरल फूड हो सकता है. जैसे चावल आजकल सफेद का चावल खाते हैं. हमारे बुजुर्ग लोग उसको ब्राउन राइस खाते. थे ब्राउन शरीर के लिए बहुत अच्छा है जैसे. गेहूं हुआ तो होल ट ये जो खाली मैदा नहीं. खाने का कोई फ्राइड चीज ऑयली चीज दूसरा.
बहुत एक जो शरीर बहुत खराब करता है पता. नहीं चलता लोगों को मिठाई नाउ 100 साल के. अंदर हमारा पुराने बुजुर्ग लोग जो खाते एक. महीने में जितना मिठाई शुगर खाते थे आजकल. एक महीने में जितना खाते थे आजकल हम एक. दिन में उतना खाते थे हम भी दो लड्डू. खिलवा दिए तो 5 100 साल पहले सारा दुनिया. में जितना एक महीने में जितना मिठाई खाते. थे आजकल एक दिन में उतना खाते हैं सुगर व. शरीर के लिए वन ऑफ द मोस्ट थिंग जैसे.
तमाकू खराब है मीठाई शरीर के लिए बहुत. डेंजरस है ये सब चीज जितना अवॉइड करेंगे. जितना नेचुरल चीज खाओगे वेजिटेबल सलाड. फ्रूट्स जो नॉन वेजिटेरियन है उनके लिए. मच्छी अच्छा है लेकिन एक उसको फ्राई करके. खाएंगे बहुत सा तेल में फई किया तो अमृतसर. फिस हो गया तो गया फिर वो उसका कुछ फायदा. नहीं होता अच्छा जैसे तेल में भी चलता है. कि मस्टर्ड ऑयल की ज कुछ लोग कहते हैं. ऑलिव ऑयल यूज करो तो उससे सेफ होता है या. सारे तेल ही नुकसानदायक होते हैं सारे तेल. ज्यादा किया तो नुकसान होता है इसलिए मैं. जोकिंग बोलता जब त मोबल यल नहीं है कोई भी.
ल चलेगा लेकिन कम होना चाहिए और मैक्सिमम. 25 ले में 30 एमएल मतलब दो बड़ा चम्मच में. दो चमच उसम से जो हमारा देसी का तेल अच्छा. है राइस ब्रान हमारा जो ये मोटार्ड यल स. अच्छा है तो उसको इस्तेमाल कर सकते हैं. लेकिन ज्यादा नहीं कई परिवार जिनके अच्छा. पैसा आता है वो कहते हम तेल नहीं यूज कर. रहे हम घी यूज कर लेते हैं तो घी भी दिल. के लिए नुकसानदायक है घी ज्यादा अमाउंट. कोई भी ज्यादा चीज शरीर के लिए खराब है तो.
घी जो घर में बना हुआ घी बाजार का नहीं है. क्योंकि उसको लाइफ सेल्फ लाइफ बढ़ाने के. लिए उसको उ सैचुरेटेड फैट का जो ट्रांस. फैट बोलते हैं उसका परसेंटेज बढ़ जाता है. शरीर के लिए बहुत खराब है जो घर के बना. हुआ की वो एक दो चमच दिल के लिए ठीक है एक. दो चमच मतलब पा 10 एमएल उससे ज्यादा रहेगा. तो शरीर के लिए खराब है लेकिन घर के बना. हुआ घी बाजार का नहीं बाजार का घी उसको. ट्रांसफर्ट डालते हैं उसको सेल्फ लाइफ. बढ़ाने के लिए वो शरीर के लिए खराब है ओके. अब आपने स् का जिक्र किया था अब आदमी.
नौकरी कर रहा है वहां पर स्ट्रेस है. प्रमोशन का बॉस की डाट का नया लड़का है हम. लोग की उम्र में इश्क मोहब्बत आशकी हो रही. है ब्रेकअप हो रहा है वहां पर स्ट्रेस है. काम नहीं कर रहा है तो स्ट्रेस है काम. नहीं कर रहा कर रहा है तो जॉब का स्ट्रेस. है तो यह सारे स्ट्रेस के बीच में देलो. कैसे संभाल के रखे स्ट्रेस तो लाइफ का. पार्ट है उसको कोई कोई एक आदमी नहीं है जो. बोलेगा कि मेरे को स्ट्रेस नहीं करता आपको. भी होता है स्ट्रेस सबका होता है किसका. नहीं होता है आपको कैसा स्ट्रेस होता है. सबसे मैं भी आदमी हूं सबको जो जिस कारण के. लिए स्ट्रेस होता है हमको भी उसके लिए.
स्ट्रेस होता है लेकिन जो स्ट्रेस. कंटीन्यूअस होता है और लाइफ लंग रहता है. वो खराब है कभी कल स्ट्रेस हो गया शरीर के. लिए अच्छा है कुछ खराब नहीं होता उसमें. लेकिन लोग कुछ लोग हैं जो बाहर से पता. नहीं चलता कोई भी चीज कोई एक वर्ड बता. दिया तो उसको एक दिन तक दो दिन तक उसको. सोचते र वो सब चीज जो है जो कंटीन्यूअस जो. स्ट्रेस है शरीर से लके खराब है स्ट्रेस. तो स्टैंडर्ड है पार्ट ऑफ हमारा जो ह्यूमन. फिजियोलॉजी स्ट्रेस इज गुड फॉर फिजियोलॉजी. आप स्ट्रेस क्यों होता है टाइम है तो. बताऊंगा क्यों स्ट्रेस होता है मेरे पास.
बहुत टाइम है आप अपना टाइम च तो वो बहुत. जरूरी है लोगों को समझने के लिए क्यों. होता है. ये हम यह जो बंदर से आदमी 2 लाख साल हुआ. बने हैं जी तो 300 साल हुआ 1 700 हज साल. पेड़ के ऊपर जिंदगी बचा है 30 साल 3 हज. साल हुआ हमने जो खेती किया उसके साथ एक. साथ गांव बनाया उधर रहा जो 1000 साल जो. आदमी जब जंगल जानवर के साथ बचा है उस टाइम. हमारा लेवल ये जो आजकल देखेंगे तो सबसे.
टॉप है हम कोई भी जाके टाइगर हुआ इसको. बंदूक से मार सकते तीर से मार सकते है उस. जमाने तो कुछ था ही नहीं हाथ ही खाली था. तो हमारा जो पैकिंग ऑर्डर था सबसे नीचे था. कोई भी जानवर आके खा लेता था नहीं तो कोई. ये भैस आके मार सकता था क्योंकि हमारा. स्ट्रेंथ ही नहीं था एक ही उनका था वो भाग. के कोई आया छोटा जानवर से झगड़ी का जगड़ा. कर उसको मारने का है बड़ा जानवर भाग के. पेड़ के ऊपर चढ़ने का उसको फाइट एंड. फ्लाइट रिस्पांस बोलते. तो जो 1000 में शरीर में उसका रिस्पांस का.
एक स्ट्रेस हार्मोन बोलते हैं वो उसका एक. ही काम है जब ऐसे सिचुएशन आएगा कोई जानवर. आएगा मारने के लिए तुम झगड़ा करने के लिए. उसका एक ही काम है आपका दिल का रेट. बढ़ाएगा जो 50 60 या 70 बार एक मिनट में. दिल आपका काम करता है उसको 100 120 बार. करेगा क्योंकि ज्यादा खून शरीर में पहुंचे. तो शरीर को कहां पहुंचता है ब्रेन में. नहीं पहुंचेगा क्योंकि हाथ और पैर मसल में. पहुंचेगा तो ज झगड़ा कर स सते या भाग के. पेट चढ सकते हैं उसका एक ही काम था वो 3.
हज साल हो गया उसका काम चला गया अभी तो घर. में बैठे हो घर के अंदर बैठा कोई जानवर. आके मारने वाला नहीं है जब भी आप किसके. ऊपर स्ट्रेस लेते हो तो शरीर नहीं व सोचता. है कि यह आपने आपके ऊपर मैं गुस्सा क्या. हूं मेरा शरीर सोचता है अभी एक आया है. टाइगर या ये जानवर शेर आया है मेरे को. खाने के लिए और मेरे को मारने के लिए आया. उसके ऊपर झगड़ा करना है तो स्ट्रेस हर्मन. ऑटोमेटिक शरीर करना रिलीज होता है उसका एक. ही काम है आपका हार्ट रेट बढ़ाएगा आपका.
सारा मसल को ज्यादा खून बढ़ाएगा आपका सारा. जो शरीर में जो आर्टरी होता है जिसके अंदर. में खून जाता है उसको नैरो करेगा और ब्रेन. के अंदर कम क् उस टाइम सोचने का बात नहीं. है झगड़ा करना है पेड़ को चढ़ना है इसलिए. जब आप गुस्सा करते हो उसके आप स्वच नहीं. है इसलिए सबको एडवाइस देता हूं जो गुस्सा. करते हो उस टाइ कोई इंपोर्टेंट डिसीजन. नहीं लेने का है उसको फाइट एंड फ्लाइट. रिस्पांस बोलते हैं व स्ट्रेस के साथ वो. लिंक्ड है अभी भी वो दैट इज द रूट कॉज ऑफ. हार्ट प्रॉब्लम जो स्ट्रेस के लिए हम ज. स्ट्रेस करते हैं शरीर सोचता नहीं कि आप.
स्ट्रेस ले रहे हो शरीर सोचता है कि आप. अभी कोई जानवर आए आपको खाने के लिए तो. इमीडिएट उसके अंदर स्ट्रेस हर्मन को बढ़ा. वो धीरे-धीरे सारा आपका जो आर्टरी वगैरह. को डैमेज करता है उसकी वजह से हार्ट का. बीमारी होता है नाउ आई गिव य रूट कॉज क्या. स्ट्रेस के लिए क्यों हार्ट का बीमारी. होता है सुप सो इसका इलाज योगा ही है योगा. कोई भी स्ट्रेस रिलीज करने के लिए कभी कल. स्ट्रेस कर लिया किसको गुस्सा कर लिया. नेक्स्ट सेकंड भूल गया तो कुछ फरक नहीं. पड़ता है जो कंटीन्यूअस स्ट्रेस रहता है. शरीर के लिए खराब आ आप लाइफ कैरियर बनाने.
के लिए जरूर काम करो स्ट्रेस लो नो. प्रॉब्लम एज लंग ए कंटीन्यूअस नहीं है ठीक. है बाकी चीज ठीक तरह से करो ओके क्योंकि. आप वर्ल्ड के नंबर वन कार्डियक सर्जन है. इसलिए सबसे इंपोर्टेंट क्वेश्चन लोगों ने. मुझसे कहा आपसे पूछेगा कोविड के बाद एक. परसेप्शन बना है कि कोविड वैक्सीन की वजह. से लोगों की डेथ हो रही है हां जी और बहुत. सारे लोग यह मान रहे हैं कि कोई जिम कर. रहा है गिर पड़ा मर गया डांस कर रहा है. गिर पड़ा मर गया कोई वॉक कर रहा है गिर. गया मर गया और लोगों का ये एक बड़े पैमाने. पर इंडिया में खास तौर पर यह मानना है कि. कोविड वैक्सीन के बाद हमारी बॉडी के अंदर.
कुछ हुआ है जिसका असर यह दिख रहा है और आए. दिन ऐसे वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो. रहे हैं कितना सच है कोविड के बाद हार्ट. अटैक का बढ़ना और वैक्सीन से जुड़े इन जो. मिथ या सच्चाई है इसका होना यह ज्यादातर. मिथ है बहुत ज्यादा मिथ है वेरी लिटिल. एक्यूरेसी है उसमें क्या कोविड का जो. कोविड होने के बाद यस दिल का बीमारी थोड़ा. बड़ा है लेकिन व दूसरे कारण से जो को ड. बहुत तरीके से दिल को अफेक्ट करता है एक.
हुआ जो आपका हार्ट का मसल उसको व कर देता. है जो कोविड कार्डियोमायोपैथी बोलते हैं. वो भी इंसीडेंस बहुत कम है इतना ज्यादा. कमन नहीं है दूसरा है जिसका दिल के अंदर. ऑलरेडी बीमारी है ब्लॉकेज है वो ब्लॉकेज. का अंदर इंफ्लेमेशन होके उधर से थोड़ा सडन. उसके बढ़ जाता है उसके अंदर क्लट होके बन. सकता है तीसरा हुआ कोविड के टाइम पे आपका. शरीर के अंदर इंफ्लेमेशन रहता है उसके खून. आपका जम जाता है वो क्लट बन सकता है ये. बहुत सारे कारण है वो जो होता है कोविड के.
टाइम पर कोविड का रिकवरी टाइम प रिकवरी. टाइम यूजुअली मोस्टली इट इज वीक्स समटाइम. दो तीन महीना चार महीना रहता है उसके बाद. नहीं रहता है ना कोविड का जो वैक्सीन का. जो बोलते हैं उसका साइड इफेक्ट बहुत रेयर. है बहुत कम है उसका भी इफेक्ट जो है हार्ट. मसल के ऊपर ज्यादा इफेक्ट है आर्टरी के. ऊपर नहीं है तो यह जो ज्यादातर चल रहा है. इसम ज्यादातर है लाइफस्टाइल के वजह से और. इतना सारे लोगों को वैक्सीन मिला है तो जब. एक मिलियन 400 500 600 मिलियन लोगों को.
देते उसमें तो ऐसे ही इंसीडेंटली किसका भी. हार्ट डिजीज हार्ट अटैक हो सकता है वो अभी. कोविड के साथ उसको जोड़ दिए हैं तो ऐसे ही. कोविड वैक्सीन के साथ इसका कोई ताल्लुकात. नहीं है जो भी बीमार होता है एक दो महीने. के अंदर उसके बाद नहीं होता है एक बहुत. स्ट्रांग लोगों का परसेप्शन है कि अभी इस. मौजूदा दौर में पोस्ट कोविड यंग लोगों की. डेथ ज्यादा हो रही है पहले हार्ट अटैक एक. उम्र के बाद लोग सुनते थे कि 50 साल 45. साल के ऊपर के लोग हार्ट अटैक हो गया अभी. 22 साल का लड़का 26 साल का लड़का 28 साल.
के लड़के 30 साल के लोगों के हार्ट अटैक. के केसेस बहुत फ्रीक्वेंसी. बढ़ गए हैं ज्यादा नोटिस कर रहे हैं ल् सो. नंबर बढ़ गया दूसरे कारण से कोविड के वजह. से नहीं आप देखेंगे लास्ट 20 साल से 30. साल से हमारा. डायबिटीज ब्लड प्रेशर तमाकू यूज सब बढ़. गया है ओवरवेट बढ़ गया है दुनिया में. हमारा जभी तमाकू यूज इंडिया में सबसे. ज्यादा है चाइना सबसे ज्यादा है उसके बाद. हमारा है आप देखेंगे हमारा ब्लड प्रेशर जो.
है लास्ट 30 साल में 40 पर बढ़ गया है. डायबिटीज हम दुनिया में सबसे ज्यादा नंबर. डायबिटीज है यह सब दिल का बीमारी का मेन. कारण है और उसके वजह से यंगस्टर का होता. है और य लोग का जो हार्ट का बीमारी बढ़. रहा है इस कारण के कोविड कोइंसिडेंटल इस. हुआ बीच में तो उसके बाद लोग का ज्यादा हो. गया जो भी होता है तो कोविड को. बलम दिया बट जैसे कोई लड़का है सर जो. एक्ससाइज रेगुलर कर है उसकी हम बॉडी देख. रहे हैं एकदम फिट बॉडी है कहीं कोई इशू.
नजर नहीं आ रहा हमें वर्कआउट करते हुए डेथ. हो गई तो कई बार लोगों के मन में सवाल आता. ये कैसे हो गया हां वो आप देखेंगे फिर भी. देखेंगे जैसे पढ़ा होगा रेगुलरली ऐसे. देखेंगे जो इंटरनेशनल लेवल जो वर्ल्ड कप. फुटबॉल खेलते हैं एक दो सडन डेथ हुआ है. फुटबॉल फीड में डेथ हो जाए उसके दूसरा. कारण है क्या है तीन चार कारण है एक है जो. कार्डियोमायोपैथी बोलते हैं दूसरे टाइप का. दिल का बीमारी होता है जैसे दिल का मसल का. वीकनेस हो जाता है उसमें सिमटम्स नहीं. होता है हम और उसम मसल बहुत मोटा हो जाता.
है जब कोई ज्यादा एक्सरसाइज करता है उसी. टाइम वो स्ट्रेस हर्मन लेवल सरीर के अंदर. ज्यादा रहता है उस टाइम तो वह हार्ट. इरिटेबल होके बंद हो जाता है दूसरा कारण. है जहां पैदा से कुछ डिफेक्ट है जैसे दिल. के अंदर खून सप्लाई करने के लिए जो आर्टरी. निकलती है आर्टरी है वो जहां निकलते हैं. गलत जगह से निकलते हैं नहीं तो ऊपर निकलता. है मेरा एक दोस्त है उसका लड़की बच्ची था. जो न साल उम्र में उसम जैसे रोती थी उसको. दिल का दर्द होता है तो ीजी किया उसके ीजी. में चेंज आया तो मैं बोला कि उनका एक एंज.
करा सिटी एंज किया उसम दिखाया कि उसका. आर्टरी गलत जगह से निकला है वो गलत जग से. निकलता है वह भी एक्सरसाइज टाइम में उसका. सडन डेथ हो सकता है तीसरा रहा जिसका. ऑलरेडी हार्ट का बीमारी है और कुछ लोग जोर. से एक्सरसाइज करना रोज उसके पाछ किलोमीटर. करते हैं और एक दिन डिसाइड किया मेरे को. आज ज्यादा करना है तो सडन जो अना कस्ट. एक्सरसाइज करते है उस टाइम हो सकता है. आपको एग्जांपल दूगा मैराथन में जो हार्ट. अटक होता है मैक्सिमम हार्ट अटैक लास्ट एक.
किलोमीटर में होता है 41 किलोमीटर नहीं. होता है क लास्ट न किलोमीटर सब लोग अपने. जितना भी पावर है उसको पुश करते है सेम थि. एक्सरसाइज में पुश करते है आई रिमेंबर. करीब 15 साल पहले एक पेशेंट को ऑपरेट किया. था तो उसका लड़का थ ओवरवेट था तो फादर का. ऑपरेशन के बाद उसला जिन शुरू कर दिया तो. राउंड एक महीने के बाद उसका फादर का कॉल. आया कि इमर्जेंट पुने से उसको एयरलिफ्ट कर. र एयरलिफ्ट करके लेकर आया उसका. एंजियोग्राम क्या आजरा आर्टरी ठीक था. आर्टरी फट गया था उसने जब उसको पूछा उसने.
दो दिन एक्सरसाइज किया था तीसरा दिन उसने. स्पिनिंग कर दिया वेरी हाई स्पीड में तो. इतना जो अनकट एक्सरसाइज करते हो तो पहले. बॉडी को धीरे-धीरे एडजस्ट करना पड़ेगा एक. महीना उसे लेवल जाने के लिए वो करेगा तो. स्ट्रेस लेवल इतना बढ़ जाता है आट फड़. जाता है ये सब बहुत कारण है इसलिए होता है. अदर वाइज जो रेगुलर एक्सरसाइज करते हैं. उनको सडली हार्ट डेथ होने के चांस बहुत कम. है राद उल्टा जो एक्सरसाइज अच्छा करते हैं. उनका हार्ट अटैक होने के चांस कम है हार्ट.
अटैक होता है तो उसमें कंप्लिशन बहुत कम. रहता है जिम में कार्डियो हार्ट के लिए. बेहतर है या इसलिए देखेंगे जो ज्यादा उम्र. में हार्ट अटैक होता है कॉम्प्लिकेशन रेट. कम होता है कम उम्र वाले को हार्ट अटैक. में कंप्लिशन ज्यादा इसलिए होता है. क्योंकि उनका टाइम नहीं मिला दिल को. अल्टरनेट रास्ता खुलने के लिए आप. एक्सरसाइज करेंगे तो उस अल्टरनेट रास्ता. जल्दी खुल जाता है इसलिए जो एक्सरसाइज. रेगुलरली करते हैं जिमिंग करते हैं तो. उनका हार्ट अटैक होने के चांस कम है होगा. भी कॉम्प्लिकेशन इतना नहीं होता है ओके.
रिसेंटली एक यंग पेशेंट देखा उसका जो मेन. आर्टरी है लेडी बोलते हैं पूरा बंद हो गया. था लेकिन उसको पता ही नहीं चला कि हार्ट. आट हुआ था उसको बोला कि मेरे को थोड़ा सा. लगा बहुत टायर्ड फैटिक लगा मैं बोला चलो. चेक करते हैं इससीज गया तो इमीडिएट देख. आते हार्ट अटक आ रहा था और उससे रेगुलर. जिमिंग कर रहा. था तो जिमिंग ऑलवेज इ अच्छा है मैं सबका. एडवाइज कर करने के लिए लेकिन एक दिन सडली. कभी किया नहीं आज करना है तो अक्षय कुमार. के साथ कंपीट करना है तो उसका एक्सरसाइज. करो तो वो फिर तकलीफ होने वाला है अक्षय. कुमार है पोस्टेड समथिंग फॉर यू आई गेस.
दोस्त दोस्त है. हमारा अक्षय कुमार आपने आप हीने सिखाया. उनको सुबह उठके चार वो तो सबके गुरु है तो. उनको हम सीखते हैं उसम कसी बड़ी फिटनेस. रखने के लिए बज आ गट टू नो कि वो सबको. सवेरे उठा देते हैं 9 बजे सुला देते हैं. परफेक्ट लाइफ उनकी इज अ परफेक्ट लाइफ आई. लवेज गिव उनका एग्जांपल जो सक्सेस है. स्पेशल फिल्ले उनको बोलता है उनकी तरफ. देखो क्या अक्षय कुमार में क्या खास है जो. उनकी हेल्थ आप कह रहे हो कि परफेक्ट. एग्जाम हेल्दी लाइफ स्टाइल के लिए आपके. दोस्त बता सकते हैं क्या चीज करते हैं मैं.
जितना बार चीज बताया एक्सरसाइज उससे बेहतर. को नहीं रोज तीन दो तीन घंटा एक्सरसाइज. करते हैं स्ट्रेस कम लेते हैं खाने पीने. का बहुत एकदम स्ट्रिक्ट है रोज 9 बजे सो. जाते हैं आठ घंटा सो जाते हैं तो जितना जो. खाने पीने जो बताया जैसे कि नेचुरल चीज. खाने का जितना आर्टिफिशियल चीज खाने का. नहीं है वो सब कुछ करते हैं अच्छा इसलिए. मैं सबको एग्जांपल देता हूं वो करता है आप. लोग कर सकते सुपर सुपर सुपर हार्ट अटैक की. वैसे एवरेज क्या होती है.
सर धीरे-धीरे कम हो रहा. है फिर भी जो आपके पास आते होंगे केसेस. क्या एवरेज होती है एवरेज स्टिल 50 प्लस. लेकिन क्या हो रहा है ना परसेंटेज जो 30. या 40 साल का जो परसेंटेज धीरे-धीरे बढ़. रहा है लास्ट 30 साल में देखेंगे कम से कम. चार गुना बढ़ गया है 30 से 40 साल वालों. में ज्यादा केसेस आ रहे हैं ज्यादा केस. बढ़ रहा है धीरे-धीरे ओके कितने परसेंटेज. बढ़े होंगे बी 30 सालों में लास्ट इट. डिटेल डाटा नहीं है म रली राउंड थ्री टू.
फोर टाइम्स बड़ हैट्स ह्यूज थ टू फोर टाइम. इ हूज 203 साल के अंदर तीन चार गुना बढ़. गया तो बहुत ज्यादा है मैं आ एग्जांपल जब. मैं इंडिया आया 93 में साल में एक दो बार. देखूंगा जो कि 30 साल के या 30 साल के कम. उम्र वाले हैं आजकल हफ्ते में कम से कम दो. तीन पेशेंट देखता हूं जो 30 35 साल से कम. है यू कैन गेट एन एग्जांपल एटलीस्ट थ्री. फोर टाइम्स लास्ट 20 30 साल में बढ़ गया. है और 30 साल पहले कोई 30 35 साल का मरीज. आ छाती दर्द होता है मल चलो वो दूसरा है.
हार्ट का नहीं है आजकल 25 साल का कोई आता. है उस पहले बोलता है हार्ट का चेकअप कर. लेते. है ये 20 से 30 में बढ़ा है या 30 के ऊपर. ही बढ़ा है 30 के ऊपर जदा 20 30 फिर भी. आजकल 25 20 से 30 साल भी होता है स्पेशली. यंगस्टर्स का जो ज्यादातर लाइफ स्टाइल में. हुका पीते हैं तंबाकू वगैरह लेते हैं. वेपिंग दिस आर वेरी डेंजरस तो ये जो. दिल्ली में गुड़गांव में दिन क्लब से. मुंबई में. लेते मते इनको हार्ट अटक के चांसेस बढ़.
सकते हैं बहुत ज्यादा है मैं देखा ऐसे. पेशेंट प्रोली महीने में एक बार दो बार. देखता हूं पहले तो पेरेंट्स को बाहर भेज. देता हूं फिर उसको पूछता सही बता तुम. वेपिंग करते हो ते हो सरप्राइज मोन % टाइम. इट. यस एंड अदर एरिया इ आईटी वर्किंग ल नाइट. बिक शरीर को रेस्ट चाहिए आप गाड़ी को देते. हो सब कुछ रेस्ट देते हो तो शरीर को रात.
को भगवान ने ऐसे बनाया क्योंकि हमारे जो. इवोल्यूशनरी जैसे बताया कि 170 साल तो. जैसे अंधेरा हुआ तो बंदर तर जा के जड़ के. ऊपर बैठना है सुबह सुरज आया तो सुबह उठके. दिन में खाना खाने का और कुछ खा ही नहीं. कहां से उधर से उठ कुछ बना खेती भी नहीं. था उस जमाने में फल फल निकाल के खाया तो. शरीर वैसे है तो रात को रेस्ट चाहिए शरीर. को अपना रिकवरी चाहिए तो रात भर जो काम. करता है आईटी इंडस्ट्री उनका हार्ट अटैक. बहुत कम बहुत कम जो 30 साल से कम आते हैं. 35 साल कमर वाले आते हैं मैक्सिमम उनका.
आयद तमाकू यूज करते हैं तमा कोई भी फर्म. सिगरेट तमाकू या वेपिंग इज वेरी कॉमन और. हुका और दे आर वर्किंग ऑल नाइट और तीसरा. जो है पैसिव स्मोकिंग पेशेंट जो होता है. उसका नहीं करता है लेकिन उसका दोस्त लोग. उसी रूम में स्मोकिंग करता है वो इक्वली. जितना खराब है तो मतलब ये जो मेन कारण है. यंग जो पॉडकास्ट देख रहे हो उनसे आप. कहेंगे कि अगर तुम्हारा दोस्त सुट्टा पी. रहा है हुक्का पी रहा है तो तुम्हा तुम. तुम्हारे लिए भी मौत का इजाम हां वो तो. सेम है कोई फर्क नहीं है दोनों में दोनों.
इक्वल है ऑलमोस्ट इक्वल पहा हा जो बगल. बैठा है उसका उतना ही नुकसान होता है जो. पी रहा है इक्वल नुकसान एकदम ट्स लाइक द. बिग स्टेटमेंट कि मैं सुट्टा पी रहा हूं. पास बैठा मेरे को उतना जितना मैं नुकसान. अपने फेफड़ों को दे रहा उतना अ भी दे वो. पैस स्पोकिंग बोलता है उतना डेंजरस आई थॉट. की क कम परसेंटेज होगा कि 80 पर इसका होगा. 20 पर इसका होगा ऐसा होगा जो हार्ट अटक. होता है अ उस 80 20 नहीं होता है तो हार्ट. अटैक आता है हार्ट अटैक और कार्डिक में.
क्या डिफरेंस सर हार्ट अटैक में जो दिल के. अंदर जो खून सप्लाई खून जाता है उनका जो. नस होता है आर्टरी बोलते हैं वो बंद हो. गया तो अटैक हो जाता है मतलब हार्ट का. परमानेंट डैमेज होता है और कार्डियक. अरेस्ट उसको ज्यादातर व कार्डियक अरेस्ट. में तो हार्ट पूरा बंद हो गया वो तो आदमी. चला गया उस टाइम उसको फिर उसके लिए सेपरेट. जो आज कार्डिक मसाज वगैरह करते हैं उसको. रिवाइव करते हैं दूसरा जो कॉमन मिशन हार्ट. फेलर और हार्ट अटक हा फेलर मतलब हार्ट का. मेन काम है सारा शरीर को खून सप्लाई करने.
के लिए और हार्ट फेलर मतलब उस टेंपरली. हार्ट सप्लाई नहीं कर पा रहा फुल उसम क्या. होता है हार्ट को ज्यादातर खून पंप नहीं. कर पाता है उसका भी सिमम ज्यादातर है आपको. सांस फलना की आदमी को सांस नहीं ले पा रहा. है व बहुत जोर से उसका उस बीमारी उसको. क्या करता है ज्यादातर हटा अटक से हो सकता. है लेकिन ज्यादातर जिसका हार्ट मसल वीक हो. गया ब्लड प्रेशर बहुत ज्यादा बहुत दिन से. है उसकी वजह से हो वो टेंपररी है इलाज. किया तो हार्ट फेलर रिकवरी हो जाता है ना.
हार्ट अटैक जो हुआ इमीडिएट छ घंटे के अंदर. उसका जो आर्टरी को जो बंद हो गया उसको. नहीं खोला तो परमानेंट डैमेज हो जाते जो. दोनों में यह फर्क है ओके अगर मुझे पता. करना हो कि मेरा दिल अभी स्वस्थ है या. नहीं है मेरा हार्ट हेल्दी है कोई चेकअप. जो आप रिकमेंड करना चाहेंगे कि इंसान कैसे. पता करे कि मेरा हार्ट स्वस्थ है या नहीं. है पहले तो बताएंगे पहले चेक करो कितना. आपका रिस्क फैक्टर है जैसे पता है कि. तमाकू है या ब्लड प्रेशर है डायबिटीज है.
ओवरवेट एक्सरसाइज नहीं कर रहे हैं फूड. हैबिट्स गलत है वो सब चेक करना चाहिए. क्योंकि जिसका ये जो रिस्क फैक्टर ज्यादा. है जैसे बताया ये सारे चीज हम जो हार्ट एज. कैलकुलेशन के लिए हम उसको इस्तेमाल करते. हैं यह सब ज्यादा है तो हार्ट का बीमारी. होने के चांस ज्यादा है तो उसके लिए. ज्यादा प्रिकॉशन लेकर ज्यादा चेकअप करना. चाहिए जिसका कुछ नहीं है जिसका ना तमाकू. यूज करता है ना डायबिटीज ब्लड प्रेशर. रेगुलर एक्सरसाइज करता है 10 बजे सोता है. आठ घंटा होता है स्ट्रेस नहीं लेता उसका. हाट होने के चांस कम है तो वो सब है तो.
खाली एक ही बार स्क्रीनिंग कर लेना चाहिए. क्योंकि समटाइम ये सारे बीमारी भी जो है. जैसे ब्लड प्रेशर डायबिटीज उसको हम. साइलेंट बीमारी बोलते हैं उसको कोई तकलीफ. नहीं होता 10 15 साल के बाद पता चलता है. वो पता चल जाए वो पता चल गया तो उसका इलाज. करना चाहिए और कोई भी बीमार नहीं है तो. पहला कोई भी जज में पहला एक बार अच्छी तरह. चेक कर लेना चाहिए उसके बाद सपोज कोई. रिस्क फैक्टर नहीं है एक वस इन फ यर्स वंस. इन 10 यर्स काफी अच्छा है जिसका रिस्क. फैक्टर है उसमें ज्यादा है सपोज इसका चार.
पांच रिस्क फैक्टर है तो हर साल उनको. अच्छी तरह चेक करना चाहिए क्योंकि उनका. दिल का बीमारी ज्यादा तो होने चांस है. क्योंकि उनका उम्र 30 हो सकता है लेकिन. दिल का बीमारी दिल का उम्र 50 साल हो सकता. है या 55 साल हो सकता है उनको ज्यादा. चेकअप करना चाहिए और जिसका सपोज एक ही दो. निकला ब्लड प्रेशर डायबीट मैं रिवर्ट करता. हूं सर घुमा के क्योंकि मेजॉरिटी केसेस जो. होंगे आपने कहा स्ट्रेस खराब सबसे ज्यादा. तमाकू सबसे ज्यादा नशा करना जिसमें आप. सारे नश आपके हिसाब से पांच चार चीजें हैं.
जो दिल को बीमार करती है नशा करना स्ट्रेस. लेना स्लीपिंग साइकिल एंसेट से मिली हुई. बीमारियां जो माबाप फैमिली जट्री आती है. ये चार पांच चीजें और आपकी स्लीपिंग. साइकिल यस और ये मोटी मोटी चीज हो गई अब. अगर इन पांच छह चीजों में से कोई इंसान की. एक दो चीजें हैं कि हो सकता है वो फिटनेस. का ध्यान ना रख रहा हो या फिटनेस रख रहा. हो तो कभी-कभार सिगरेट पी ले रहा हो या. कुछ ना ले रहा हो तो स्लीपिंग साइकिल खराब. है मैं कह रहा हूं एक या दो इश्यूज इसमें. है और उस इंसान को पता करना है कि मेरा.
हार्ट का इशू है या नहीं है क् कई बार एक. हार्ट अटैक आता है तो अपने आप को पता करने. के लिए उसमें कोई चीज आप रिकमेंड करेंगे. कि आप क्या पता करें ये टेस्ट करवा ले ये. मैं एडवाइस करूंगा डॉक्टर को दिखाओ डॉक्टर. का एडवाइस के मुताबिक करो और उसके साथ जो. टेस्ट होता है बता सकता ह जैसे रेगुलर. ईसीजी लोग करते हैं इस चीज में कुछ पता. नहीं चलेगा क्योंकि ईसीजी जब हार्ट अटैक. आता है हार्ट अटक ऑलरेडी हो गया उसमें पता. चलेगा इस चीज कुछ है अदर वाइज नॉर्मल आदमी. जो चेकअप सोता है कि ईसीजी करके मेरे पता. चल जाएगा उसम कुछ पता नहीं चलता है तो.
इसलिए उनको बाकी स एडवांस टेस्ट करना. पड़ता है जैसे ही जो एक स्ट्रेस टेस्ट. बोलते हैं स्ट्रेस टेस्ट मतलब वो मरीज को. हम पूरा मशीन को चलाते हैं जोर से क् जोर. से चलाएंगे क्या होगा ता हार्ट का रेट. बहुत ज्यादा हो जाता है तो हार्ट को. ज्यादा खून चाहिए ब्लॉकेज है तो पता चल. जाता है स्ट्रेस टेस्ट बोलते हैं उसके भी. तीन चार टाइप का स्ट्रेस टेस्ट है रेगुलर. स्ट्रेस टेस्ट स्ट्रेस को बोलते हैं जब जब. मशीन चलाते वक्त हार्ड पंपिंग देखते हैं. थैलियम स्क वगैरह बोलते हैं उसको करते हैं. उसमें सपोज कुछ निकला उसके बाद जो.
एंजियोग्राम बोलते हैं एंजियोग्राम के दो. टाइप का है एक सिटी एंजियो बोलते हैं जो. सिटी जो बिना नॉन इनवेज खाली डाय देके एक. सेकंड में उसका दिल का पिक्चर आ जाता है. दूसरा है रेगुलर एंजियोग्राम परिश्रम या. हाथ से नली डाल के दिल के अंदर दिल का. पिक्चर लेकर देखते है यह सब टेस्ट है तो. उसको करते है जो सिटी एंज बहुत अच्छा है. लेकिन उसको मैं एडवाइस करूंगा आजकल बहुत. कमाना है लोग फटाफट चल दिल का एक पिक्चर. ले अच्छा पिक्चर आता है उसमें क्या है. बहुत रेडिएशन बहुत ज्यादा है उसका.
एक्यूरेसी रेट इतना ज्यादा नहीं है तो. इसलिए सीटी एनज में एडवाइज नहीं करूंगा. सबके लिए डॉक्टर आपको एडवाइस करेगा तभी. करने का है यह सब मेन टेस्ट है एक स्ट्रेस. टेस्ट स्ट्रेस इको स्ट्रेस थैलियम सीटी. एंज रेगुलर एंजियोग्राम दूसरा इको. कार्डियोग्राम बहुत लोग करते हैं लेकिन. इको कार्डियोग्राम मेनली हार्ट का पंपिंग. देखने के लिए और वाल्व का कोई बीमारी है. लेकिन जो ब्लॉकेज के लिए इको. कार्डियोग्राम इतना अच्छा नहीं है ओके. ब्लड प्रेशर काबू में कैसे रखे. बीपी हां बहुत कॉमन समस्या हो गई है हाई.
बीपी लो बीपी यस अब इसको कंट्रोल करना है. हां जी कैसे रखें डेली बेसिस की लाइफ पे. ये देखिए यही एक स्टडी आया था रिसेंटली. लास्ट 30 साल में ब्लड प्रेशर ऑलमोस्ट मोर. दन 50 पर बढ़ गया है और 18 साल के बाद 18. से 17 साल के अंदर. ऑलमोस्ट अराउंड 30 40 पर बढ़ गया है जो 30. साल पहले जितना ब्लड प्रेशर लोगों को होता. था बहुत ज्यादा हो गया सब लाइफ स्टाइल की. वजह से हुआ है हम तो उसके लिए अगेन लाइफ. स्टाइल इज द मोस्ट इंपोर्टेंट यह 30 साल.
में कुछ चेंज नहीं हुआ मेनली लाइफ स्टाइल. चेंज हुआ उसके वजह से हुआ है इंडिया में. अगेन ब्लड प्रेशर नंबर बहुत ज्यादा है तो. लाइफ स्टाइल में सबसे बेस्ट है इवन जो. ब्लड प्रेशर हो गया उसको मरीज को भी. एडवाइज करते हैं पहले दो चीज करो. एक्सरसाइज योगा करो उसको हेल्प करता है तो. एक्सरसाइज योगा करते हैं तो उसमें और खाने. पीने का पर जिसमें कि ये जो प्रोसेस फूड. हो गया जैसे बर्गर पिज़्ज़ा वगैरह उसमें. ज्यादातर सल्ट रहता है ज्यादातर सैचुरेटेड. फैट रहता है उसमें ब्लड प्रेशर ज्यादा. होने के चांस ज्यादा है जब तक ये सब खाना. है जो जो प्रोसेस फूड नहीं खाने का रेगुलर.
एक्सरसाइज योगा करेंगे तो फिर ब्लड प्रेशर. होने की चा प्लस ठ घंटा सोना जरूरी है 10. बजे से पहले सोना जरूरी है ये तीन चार चीज. करेंगे तो ब्लड प्रेशर होने के चांस कम है. ब्लड प्रेशर है भी जो भी मेडिसिन लेंगे. मेडिसिन का इफेक्ट बहुत ज्यादा रहेगा ये. करेंगे तो मेडिसिन का डोज भी कम रहेगा ओके. 60 साल के अगर ऊपर कोई आदमी है उसका ब्लड. प्रेशर कितना होना चाहिए जो हेल्दी है 60. प्लस वाले मेल फीमेल में फर्क है दोनों. बता दीजिए हां मेल है तो ऑलमोस्ट 80 पर.
मेल 55 साल के बाद ब्लड प्रेशर होता है. लेडीज का थोड़ा कम है तो अगेन आइडियल इज. 120/80 सबका 120 0 नहीं होता है दिन में. भी देखेंगे सुबह अलग है दोपहर में अलग है. रात को अलग है फिजियोलॉजिकली शरीर के अंदर. ऐसे होता है तो जितना हो सकता है आप उसका. नजदीक रख सकते हो तो अच्छा है उसके लिए. अगेन मैं मैं गोली से मैं ज्यादातर यह सब. जो नेचुरल चीज के ऊपर ज्यादा मेरा विश्वास.
है जैसे एक्सरसाइज. योगा न सोना सोना आजकल बहुत स्पेशल लास्ट. पा 10 साल से पता चला कि सोना भी बहुत. जरूरी है हेल्दी और ब्लड प्रेशर ठीक रखने. के लिए य कर रहे हो तो फिर उसके साथ. मेडिसिन ज्यादा ब्लड प्रेशर तो कोई बड़ा. बात नहीं है बिकॉज इट जज रिलेटेड इट गो अप. तो उसको कंट्रोल करके जितना हो सकता है. 120 अराउंड य कैन कीप सो 3090 हो गया तो. नो प्रॉब्लम बिकॉज सम टाइम इन द डे इट विल. बी लाइक दैट एक्सरसाइज कर रहे हो तो 140.
160 भी होगा ओके तो ये मर्दों मर्दों में. ज्यादा क्यों होता है बीपी सर औरतो. कंपेरिजन में टेंशन ज्यादा लेते हैं मर्द. वो हार्मोनल है लेकिन यूजुअली 55 60 साल. के बाद फिर धीरे-धीरे वो स्नसर साल के बाद. कोई फर्क नहीं है लाज हार्मोनल होता है. ओके अब लो बीपी की अगर बात कर ले जैसे. मेरी मॉम के साथ है मैंने उनसे जब बात की. उनका लो बीपी रहता है 50 के नीचे रहता है. कई बार शीज लाइक और भी कम होता है शी इज. लाइक जब तक हम जगते रहते हैं. सब नर्मल रहता है लेकिन कई बार सोने जब. जाते हैं तो फिर अगर चूड़ी भी पहने हो हाथ.
में तो वो भी आपको अजीब सा लगने लगता है. बेचैनी होने लगती है तो ये लो बीपी. क्योंकि आपने कहीं कहा था मुझसे एक बार कि. लो बीपी अच्छा होता है इ गुड देखि लो बीपी. का कोई साइड इफेक्ट नहीं है मतलब शरीर के. अंदर डैमेज नहीं करता है लो बीपी दो टाइप. एक होता है एक जो जैसे उम्र बढ़ता है. हमारा शरीर के अंदर जैसे जैसे बताया दो. लाख साल में हमने बंदर से आदमी बने तो उसम. शरीर का अपना कंट्रोल मैकेनिक जैसे आप. बिस्तर में लेटे हैं तो उसमें आपका दिल और.
पैर और हेड दोनों का लेवल सेम है तो खून. जो जाता है ग्रेविटी के साथ जाता है जैसे. बैठ गया उसम क्या होता है यह ऊपर है ये. नीचे है तो ये खून ग्रेविटी के वजह से नीच. पैर के अंदर ज्यादा खून चला जाता है सर के. ऊपर कम जाता है तो शरीर के अंदर ऐसे. कंट्रोल मैकेनिज्म बना हुआ है जैसे आप. लेटे हुए बैठ गया खड़ा हो गए यह पैर का जो. नस होता है थोड़ा नरो हो जाता है तो तो कम. खून जाता है शरीर को ऊपर जाता है तो उम्र. जैसे बढ़ता है उसका कंट्रोल मैकेनिज्म कम.
हो जाता है तो जैसे ही जो यही होगा आपका. मदर का भी हो सकता है क्या वो कंट्रोल. मेकेज कम हो गया तो जैसे ही लेटे हैं बैठे. हैं खड़ा हो गए तो ज्यादा 500 एमएल एक. लीटर पैर के अंदर चला गया सर के ऊपर कम. जाता है तो चक्कर देता है तो उसके जो इलाज. है ज्यादातर पानी पीना है थोड़ा जिसका. सल्ट कम हैथ सल्ट लेना है तो ठीक हो जाता. है तो लो बीपी का इतना कोई प्रॉब्लम नहीं. है ओके एक बड़ा कॉमन चीज चलता है कि दिल. की सुनो आम बोलचाल में सुना होगा आपने दिल.
की बात सुनना चाहिए इ देर एनी एक्चुअल. कनेक्शन डॉक्टर की दुनिया में दिल और. दिमाग का जैसे आपने भी ब स्टेटमेंट दिया. था कि जब आपका ब्लड प्रेशर हाई हो रहा हो. या और तो उस सम फैसले मत लो दे पहले आपने. कहा तो फैसला तो दिमाग से होता है सो इज. देर अ कनेक्शन हार्ट और माइंड का या सिर्फ. लोगों शायरों ने अपनी अपनी कहानियों में. जिक्र कर दिया कि यह होता है दिल जबकि दिल. तो अलग होता है यह वाला दिल तो आपने देखा. भी नहीं होगा. कनेक्टेड है और ये जो डिसीजन लेने के लिए.
जब गुस्सा करते हैं उसका अन उसी का. रिस्पांस है जो होता है ना जैसे हमने लशन. का जो यह है तो बन ज डेवलपमेंट हुआ तो. प्रिमिटिव बन बोलता है एंड फ्रंटल जो न्यू. बन बोलते है जो फ्रंट सामने जो ये सोचने. के वाला यह जो सामने वाला ब्रेन देख रहे. हो सोचने का यह सबसे लास्ट डेवलप हुआ है. जो अंदर जो है जिसको प्रिमिटिव ब्रेन. बोलते है जो लो फिश हुआ वर्बेट य आपका. रेप्टाइल वासने का वो सब ब्रेन रहता है वो. ओनली उसका है सर्वाइवल वो ब्रेन का एक ही.
काम है. कैसे जिंदा रखो और कुछ नहीं है तो सोचने. का नहीं उस जमाने टाइम उस टाइम भागो कैसे. बचाओ अपना तो जब आदमी गुस्सा करता है उस. टाइम क्या होता है तो ये जो ये. जो मॉडर्न पार्ट ऑफ द ब्रेन ये स्रेस हो. जाता है उस टाइम इस टाइम शरीर ने सोचता है. कि तू गुस्सा क्या शरीर सोता है कुछ जानवर. मारने के लिए आया है तो कैसे बचने खाए तो. प्रिमिटिव ब्रेन टेक्स ओवर एंड दैट टाइम. उसका रीजनिंग नहीं होता है इसलिए गुस्से. करने के टाइम में कभी डिसीजन नहीं लेना.
बिकॉज योर डिसीजन ऑलवेज विल बी रंग हम या. अच्छा अगर मैं आपसे बहुत आसान शब्द में. पूछूं क्योंकि ये मैं चंक अलग से डालूंगा. और ये लोगों के लिए इजी रहेगा कि व्हाट इज. द सिंपलेस्ट वे टू चेक योर हार्ट्स हेल्थ. वही पांच चीजें अच्छा. खाइए यस अच्छा सोइए नंबर वन एक्सरसाइज. सिंपलेस्ट वे एक्सरसाइज करने का उसके साथ. योगा हम खाने पीने का जो बताया प्रेस हम. चौथाई सोने का आठ घंटा सोने का और रेगुलर.
योगा करने का ये चार पांच चीज करोगे तो. हार्ट बीमारी होने के चांस बहुत कम है. लेकिन जिसका जो रिस्क फैक्टर ऑलरेडी है. जिसका जेनेटिक जेनेटिक वन फैक्टर वच यू. कैन नॉट कंट्रोल जो कि पेरेंट्स का हुआ है. तो बच्चे का होने की चांस ज्यादा है लेकिन. यह चार पांच चीज किया तो वो हार्ट का. बीमारी होने का एज बढ़ जाएगा सपोज. पेरेंट्स क्या भाई को किसको 40 साल हुआ ये. सब किया तो 70 80 साल में होगा 40 45 साल. में नहीं होगा ओके साइलेंट अटैक क्या होता. है सर बहुत कॉमन टर्म मुझे कहा गया कई बार.
पूछने के लिए कि साइलेंट अटैक साइलेंट. अटैक ये है जैसे. ही शरीर के अंदर दिल के अंदर भी नर्वस. सिस्टम है जो सिग्नल जाता है ब्रेन के. अंदर कोई तकलीफ है शरीर में जैसे आपका पेन. होता है तो पता चलता है इधर से कुछ गड़बड़. है तो इधर से पेन हुआ तो पता चलता है तो. दिल से भी हटक जो आता है दिल को कोई. प्रॉब्लम है उसका नर्वस सिस्टम है वो कुछ. लोगों का. व डेवलप नहीं हु हुआ है करीब 20 30 पर. लोगों का होता है तो उनका जो दिल का अंदर.
जो ब्लॉकेज हुआ कोई अटक आ गया तो उनको. बिल्कुल पता नहीं चलता है वो डेंजरस है. जैसे ही घर के अंदर अलार्म सिस्टम है आपका. फायर अलाम सिस्टम लगा है वो काम कर रहा है. तो ठीक है आपको पता चलेगा आग लगा वो काम. नहीं कर रहा है आग ल जर लगने वाला है. लेकिन आपको पता नहीं चलेगा जपक फ फायरल. सिस्टर काम नहीं कर रहा मतलब नहीं घर के. अंदर आग नहीं लगेगा लेकिन जब आग लगे उस. टाइम आपको पता नहीं चलगा दिल के अंदर ऐसे. है जिसका जो जो नर्वस सिस्टम डेवलप नहीं. हुआ दूसरा जो डायबिटीज जिसका बहुत साल है. उनका इस डैमेज हो जाता है तो उनको पता.
नहीं चलता है जब हार्ट का कोई तकलीफ होता. है उनको कोई सिम्टम्स नहीं होता है वो. ज्यादा डेंजरस है इसको साइलेंट इस्कीमिया. बोलते हैं तो कितने साइलेंट इस्कीमिया. साइलेंट हार्ट अटक ये केसेस ज्यादा आते. हैं ये वाले या कम होते हैं डायबिटीज में. बहुत ज्यादा कमन है नॉन डायबिटीज में बहुत. कम है तो अगर आपको डायबिटीज है तो आपको वो. अटैक आएगा जो आपको पता नहीं चलेगा हां. इसलिए डायबिटीज ब्लड प्रेशर को हम साइलेंट. किलर बोलते हैं साइलेंट किलर मतलब बाकी. बीमारी में आपको कोई भी बीमारी हो हेडेक. हुआ तो पता चलता है कि ब में स्ट्रेस याया. सोया नहीं किसके लिए हुआ कोई बुखार हुआ तो.
पता है कि इसकी वजह से हुआ डायबिटीज ब्लड. प्रेशर जो होता है 10 15 20 साल तक लोगों. को पता नहीं चलेगा तो साइलेंट वो सारा. शरीर को धीरे-धीरे डैमेज करता है इसलिए. डायबिटीज ब्लड प्रेशर सबसे डेंजरस है. स्पेशली डायबिटीज वो धीरे-धीरे सारा होल. बॉडी हार्ट नहीं उसका लिवर किडनी ब्रेन सब. डैमेज हो जाता है इंक्लूडिंग नव सिस्टम. इसको ट्रेस करने के लिए यू हैव टू चेक योर. डायबिटिक ये बहुत जरूरी है यस डायबिटीज. ब्लड प्रेशर रेगुलरली चेक करना चाहिए. क्योंकि अगर आप डायबिटिक हो रहे तो आप मान. के चलिए आप और बहुत सारी बीमारियों को.
लेके चल होने वाला है और उनका ज्यादातर ये. जो साइलेंट टाक होने के चांस ज्यादा है जो. साइलेंट स्की में बोलते हैं अच्छा जैसे. ब्लॉकेज की बहुत समस्या होती है अक्सर. खबरें आती है तो ये हार्ड ब्लॉकेज क्या. होता है थोड़ा समझा दीजिए पहले हमें फिर. इसको लेकर एक क्वेश्चन है मेरे पास. सिंपलेस्ट लैंग्वेज आप किचन में सिंक है. जो प्लंबिंग लाइन गया है उसके आप किचन का. कतरा सफाई करते हो धीरे-धीरे उसके अंदर. से कीचड़ जमता है एक दिन बंद हो जाता. जिस दिन बंद हुआ उसी दिन सारा बंद नहीं. हुआ उससे पहले भी धीरे-धीरे उसके अंदर बंद.
हुआ है तो ऐसे ही भगवान जो शरीर के अंदर. बना हुआ है खून जाने के लिए जो नस बना हुआ. है उसके अंदर एक लाइनिंग है जैसे आपका. गाड़ी में भी आपका लुब्रिकेटिंग ऑयल डालते. है ना तो भगवान ने ऐसे जो आर्टरी के अंदर. बनाया एक लेयर उसको. एंडोथेरेपी. करने का क्योंकि शरीर में जो खून बहलाने. के लिए व चाहे लेकिन शरीर का यह भी है ऐसे. भी सिस्टम है जहां कहां भी कट हो गया छोटा. सा कट में उसका काम है कि बाबा खून. इमीडिएट जम जाएगा उधर नहीं तो छोटा कट से.
भी सारा शरीर से खून निकल जाएगा उसको. क्लॉटिंग मैकेनिज्म बोलते हैं तो उसका. सारा शरीर का मैकेनिज्म इ बैलेंस बिटवीन. क्लॉटिंग एंड एंड कीपिंग द ब्लड फ्लोइंग. यह जो खून जाने के लिए वो जो लेयर है कोई. भीय जितना चीज मैं बताया ये सब चीज. एक्सरसाइज नहीं किया या आपने तमाकू किया. डायबिटीज ब्लड प्रेशर ये सब चीज उसको. धीरे-धीरे डैमेज करता है जब डैमेज हो जाता. है वो एरिया उसके अंदर फिर कोलेस्ट्रॉल. कैल्शियम डिपोजिट होता है धीरे धीरे जब तक.
वो डैमेज नहीं है कोलेस्ट्रोल उसके अंदर. डिपोजिट होने की चांस ही नहीं है व होक. धीरे धीरे धीरे धीरे जमता है तो एक दिन व. ज्यादा हो जाता है उस दिन हाट अटक आता है. और यह दवाई से ठीक नहीं होता अभी कोई ऐसी. दवाई नहीं बनी जो ब्लॉकेज ठीक कर सके. कंट्रोल कर सकता है दवाई है इसलिए जो खून. पतले की गोली है कोलेस्ट्रॉल का जो. मेडिसिन है इसलिए तो इसलिए आप देखेंगे 40. साल पहले दिल का बीमारी हुआ तो वो लाइफ. डेथ सटस हो जाता था उस जमाने में याद है ज. हम पढ़ते थे हार्ट डिजीज हो गया मतलब इट.
वाज इक्विवेलेंट टू कैंसर की चार पांच साल. जिना है नौकरी बंद करो सब बंद करो भगवान. का नाम लो चार पांच जिना है वो चला गया. आजकल हार्ट का बीमारी तो नर्मल लाइफ. स्टाइल लीड कर सकते है इसलिए दवाई का इतना. इंप्रूवमेंट हो गया दवाई का तो इफेक्ट. पॉजिटिव इफेक्ट बहुत है तो उसके जो खून. पतले का गोली हम देते हैं व स्पन एक वेरी. स्टैंडर्ड मेडिसिन है जो कि बहुत अच्छा. काम करता है तो खून पतले का गोली होता है. दूसरा जो कोलेस्ट्रॉल क कम करने का गोली. होता है उसमें कम करने से यह जो ब्लॉकेज. है आदर जिसका कम है व बढ़ेगा नहीं कुछ.
सिचुएशन में वो कम भी हो जाता है ज्यादातर. केर लिया तो उसमें भी कम होने की चांस है. तो दवाई से फर्क पड़ता है ऐसा नहीं कि. फर्क नहीं पड़ता ओ आपने सेकंड टाइम वालों. की बहुत सर्जरी की है हा सर्जरी कर दी. आपने अब एक व्यक्ति को हार्ट अटैक आता है. जैसे कहते है ना गाड़ी एक बार खुल जाती है. तो उसमें पहले वाली क्वालिटी नहीं रह जाती. है आप बार-बार डीजल इंजन गाड़ी की बात कर. रहे हैं ऐसे इंसान भी है य है अगर किसी. व्यक्ति को एक बार हार्ट अटैक आ गया तो. उसके बाद क्या वो नॉर्मल हो सकता है.
नॉर्मल लाइफ स्टाइल जी सकता है या जैसे. आपने कहा था ना कि हार्ट को रिवर्स भी कर. सकते हैं यस ये वही 30 40 साल पहले हम. सोचते हैं कि कभी होने वाला नहीं एक बार. हो गया तो गया लेकिन अभी दवाई प्लस लाइफ. स्टाइल चेंज से रिवर्स हो सकता है रिवर्स. होने के लिए कितना रिवर्स होगा वो कितना. डैमेज हार्ट हुआ है उसके ऊपर डिपेंड करता. है और आप कितना केयर लेते हो हम तो इसलिए. हम बोलते हैं कि बाबा चाहे किसी भी उम्र. में हार्ट का बीमारी हो कोई डरने की बात. नहीं है आप सारे चीज मोस्टली रिवर्स कर.
सकते हो मेरे पास पेशेंट है जो भी हार्ट. अटैक 30 साल में हुआ है व अच्छी तरह लाइफ. लीड कर अभी 30 साल के बाद ठीक है अभी मेरा. एक पेशेंट आने वाला है अभी शिकागो में है. आई स्टिल रिमेंबर उसको 47 साल में तीन. छोटे-छोटे बच्चे थे उसका ऑपरेशन क्या रो. रहा था उसने बोला कि अभी क्या करूंगा. तीनों बच्चे अभी जितना छोटे हैं उसका. पढ़ाई क्या करू अभी 77 इयर्स है अभी. ग्रैंडसन हो गया नाना बन गया है अभी लड़की. के पास सर शिकागो में है अभी अक्टूबर में. आ रहा है कि ज साब अभी 30 साल खत्म होने. वाला है मैं आपके साथ 30 साल मनाना चाहता.
हूं तो क्या यही है कि बल का बीमारी होने. का कारण है अपना लाइफ स्टाइल प्लस जेनेटिक. जो आप चेंज नहीं कर सकते लेकिन होने के. बाद भी आप लाइफ स्टाइल चेंज करोगे तो वी. कैन लीड नॉर्मल. लाइफ और इसके लिए हर साल हमारा मुंबई. मैराथन लास्ट 21 साल से र मेडिकल पार्टनर. और हर साल मैं 100 मेरा मरीज जिसका एंज. पला बायपास हुआ है वो मेरे साथ मुंबई मरा. में रन करते हैं उसम मैं तो ड्रीम रन 9.
किलोमीटर उनके साथ करता हूं बाकी मेरा कम. से कम 20 या 22 पेशेंट है जो हाफ मैराथन. फुल मैराथन करते हैं जो जिंदगी में कभी. दौड़े नहीं थे हार्ट ऑपरेशन से पहले अभी. मैराथन भागते हैं सो मेरा हां ऑपरेशन के. बाद ये मेरा कहना है कि बाबा लाइफ स्टाइल. चेंज करोगे तो हार्ट बीमारी के बाद पूरा. नॉर्मल लाइफ लीड कर सकते हो कोई डरने की. बात है लेकिन पूरा लाइफ स्टाइल चेंज करना. पड़ेगा और सारी वो पांचों चीजें फॉलो. प रहे अच्छा खाइए अच्छा सोइए सिगरेट दारू.
शराब हुका बंद कीजिए एक्सरसाइज एक्सरसाइज. करते रहिए योगा कर सकते हैं तो और अच्छी. बात है आप और स्वस्थ मस्थ रहेंगे और आसपास. कोई पी खा रहा है तो उससे थोड़ा बच के. रहिए यस और कभी कल एक बार कर लिया तो चलता. है थोड़ा चलता एक्सेस नहीं होना चाहिए. अच्छा सर सीपीआर हम बहुत सारे वीडियोस आते. हैं सीपीआर दे बचा लिया गया फिर मेरे मन. में सवाल आता है कि अगर इतना इंपोर्टेंट. सीपीआर है तो स्कूल एजुकेशन सिस्टम पढ़ा. क् नहीं आता करना चाहिए अभी अब देखिए.
यूएसए में अभी मैंडेटरी सब जगह हो गया. स्कूल कॉलेज सब जगह है इंडिया में हम पुश. कर रहे उसको सिखाने के लिए बहुत जरूरी है. सीखना क्योंकि उसमें जब दिल बंद किसका बंद. हो जाए बहुत सारे कारण ऐसे नहीं कि खाली. ये जो हार्ट अटैक के वजह सेसे बता ना. जिसका दिल का हार्ट का मसल का बीमारी है. किसका पैदाईश से डिफेक्ट है उसके वजह से. उनकी वजह से भी हार्ट बंद हो सकता है तो. कहां बंद होने के तीन मिनट के अंदर तीन. मिनट के अंदर रिवाइव नहीं किया ब्रेन पूरा. परमानेंट डैमेज हो जाता है उसके बाद कुछ.
फायदा नहीं है तो इस बहुत और जितना जिस. वक्त हार्ट बंद हुआ उसके जितना जल्दी आप. रिवाइव करोगे सक्सेस रेट उतना अच्छा है तो. य तो करना बहुत जरूरी है व तो सिखाना. पार्ट ऑफ करिकुलम होना चाहिने तो डॉक्टर. मनमोहन सिंह साहब का भी ऑपरेशन किया था. लालू जी का किया था वो रेल मंत्री थे वो. प्रधानमंत्री थे तो आपने नहीं कहा कि इसको. इंडियन ए में डाल दीजिए अ पुश कर रहे हम. क्या कर रहे हैं जितना ज्यादा हो सकता हम. थ एसोसिएशन बाकी वी आर ट्रांग टू टीच. मोस्टली इन द कॉर्पोरेट ऑफिस अ द. प्लेसेस सोसाइटीज थ्रू वेरियस चैरिटेबल.
ऑर्गेनाइजेशन कि जितना लोग को हम सिखा पाए. कि सीपीआर सिखाने के लिए य शुड पार्ट ऑफ. एटलीस्ट कॉलेज एजुकेशन इफ नॉट हाई स्कूल. एटलीस्ट पार्ट ऑफ शुड बी ट्रेनिंग इट नट. एजुकेशन इ मोर ट्रेनिंग ए एडिशनल ट्रेनिंग. यूसम अमेरिकन हार्ट एशन इज वेरी एक्टिव इ. इ मोस्टली थ्रू द चैरिटेबल एंड अदर. ऑर्गेनाइजेशन दे डू इट सो ऑलमोस्ट एवरी. सिंगल एडल्ट इ ट्र नहीं वैसे ये तो करना. चाहिए इंडिया में करना चाहिए जी इंडिया. में किसकिस नोन लोगों का आपने इलाज किया.
है लोग जानना चाहते हैं उ से दो नाम तो. हमने पढ़ लिए थे एक डॉक्टर मनमोहन सिंह का. एक लालू जी का आपने 30000 कार्डी सर्जरी. की है हम चाहेंगे कुछ नाम थोड़े बताइए. हमें क्योंकि कई बार लोग उसके बाद उनकी. आफ्टर लाइफ भी हम जाना चाहेंगे क्या-क्या. सलाह दिया बट कुछ नाम हमें बताइए 30000. में उस टाइम तरुण गोगी साहब थे जो आसा का. मुख्यमंत्री थे वो थे अभी हमारा डी राजा. कम्युनिस्ट पार्टी कम्युनिस्ट पार्टी के. या राजीव शुक्ला जी हैं ओके बीसीआई वाले.
हां हां और बहुत सारे चीफ मिनिस्टर गवर्नर. स है पेशेंट ज्यादा मैं बताऊंगा 300 मेरा. ज्यादा है जो मेरा सबसे कॉम्प्लेक्शन जो. है जो बताया था आपको पहले जिसे मेरा पहला. पेशेंट था जैसे बताया था आपको स्टिल आई. रिमेंबर 22 जनवरी 1993 उनका हार्ट बंद हो. गया था ही वाज ए सीनियर आईएस ऑफिसर और 30. मिनट तक उनका मासाज चल रहा था जो कि. सीपीआर बोल र था सीपीआर कर रहे थे 30 मिनट. तक बंद था तो सब सर्जन रिफ्यूज किया मैं.
नया आया था तो आई टोल्ड द फैमिली की मेरा. ओनली % चांस होगा तो सरवाइव 99 न सरवाइव. बाकी सब लोग डेड बॉडी विल नॉ टच तो ऑपरेट. किया उसके बाद दो महीना वा इन कमा बट. सरवाइव अभी भी जिंदा है स. है यही होता है जो लोग कहते कि इंसान मर. के जिंदा हो गया ही वन पे आई से अभी अभी. रिसेंटली टू पेशेंट डन सिमिलरली ऑलमोस्ट. उनका ब्लड प्रेशर 40 था इ हॉस्पिटल दे सेड. इज नॉट गो सरवाइव डोंट ऑपरेट फैमिली केमसे. दे इ टू पर.
अलंग आप लोग रिस्क लेने तैयार हो हम तैयार. हो अभी ठीक है पूरा ठीक हो आया था जस्ट. मंथ बैक ऑपरेट किया था पूरा ठीक है अभी. आया था चेकअप करने के लिए जस्ट अ मंथ बैक. अच्छा फूड साइकिल में वेजीटेरियन को या. नॉन वेजिटेरियन को हार्ट अटैक के चांसेस. किससे ज्यादा. है सही तरीके का वेजिटेरियन फूड खाया वो. सबसे अच्छा है लेकिन हमारा जो रेगुलर. वेजिटेरियन खाते है स्पेशली गुजराती. मारवाड़ी कम्युनिटी जो खाते है वो अच्छा. नहीं है वो नॉनवेज से ज्यादा खराब है.
क्योंकि उसमें ज्यादातर साल्ट ज्यादातर जो. सटे हां पंजाबी ऐसे है तो लेकिन सही. वेजिटेरियन जो बोलते है जो जितना नेचुरल. जैसे पहले करते थे लाया तेल बहुत कम. इस्तेमाल होता था नो शुगर नथिंग उसको खाया. तो उसम वेजिटेरियन फूड डेफिनेटली नॉन. वेजिटेरियन से ज्यादा बेहतर है ये दिखा. गया जो जो जानवर वेजिटेरियन जानवर है उनका. दिल का बीमारी नहीं होता है. गाय का दिल का बीमारी नहीं होता है ओके. कुत्ते का दिल का बीमारी होता है टाइगर का.
दिल का बीमारी होता है जो नॉनवेज में. ज्यादा है लेकिन जो खराब टाइप का. वेजिटेरियन फूड खाते हैं उनका भी कोई फर्क. नहीं है ज्यादा बहुत ज्यादा है यस या दबा. के तेल दबा के घी दबा के तड़का यस अच्छा. आपके जीव आपके दिल तड़का लगा सकता है सो. जैसे बोलते है मार तो दाल भाटी कचौड़ी. पूरी नहीं तो गुजरात सेव ो सेव गाठिया फ. सण जलेबी ऐसा हुआ तो फिर उसको दिल का. बीमार होने के चांस ज्यादा है और जो.
नेचुरल वेजिटेरियन खाया तो बीमारी होने की. चांस बिल्कुल नहीं है ओके हो ही नहीं सकता. है साइलेंट हार्ट अटैक में आपने हम बताया. था कि आपको पता नहीं लगता अदर वाइज पता. लगता है तो एक नॉर्मल आदमी को जर हार्ट. अटैक आना हो क्या सिम्टम्स होते हैं कि. पता लगा सके कि हार्ट अटैक आ सकता है आपको. या आप आप उस तरफ बढ़ रहे हैं एक तो छत में. कोई भी जी ऐसे जितना भी क्रिटिकल ब्लॉक हो. भगवान ऐसे दिया है कि आप जो रेस्टिंग बैठे. हैं सब हम बात कर रहे हैं मेरा जितना भी. क्रिटिकल ब्लॉक हो मेरे को तकलीफ नहीं हुआ. क्योंकि रेस्टिंग में 50 60 70 बार दिल को.
काम करना पड़ता है उतना खून आ जाता है. लेकिन जैसे थोड़ा स आप काम करोगे तो दिल. को ज्यादा काम करना पड़ता है तो 70 80 बार. किया तो खून नहीं पहुंचता है तकलीफ होता. है कोई भी एक तकलीफ जो कुछ स्ट्रेस फिजिकल. या मेंटल स्ट्रेस हुआ छाती में दर्द होता. है इस एरिया में दर्द होता है जैसे कुछ. जोश पत्थर रके आपको दबा दिया ऐसे लगेगा. जैसे सांस नहीं ले पा रहे हो या सांस फूल. रहा है और जैसे रेस्ट ले लिया चला गया वो. दिल का तकलीफ होता है और भी दिल का त ये.
प्रॉब्लम है 30 100 मरीज में करीब 30 मरीज. का इधर से तकलीफ नहीं होता वो टिपिकल. बोलते हैं किसका दांत का दर्द था किसका. पेट का दर्द होता है किसका अंगूठे में. दर्द होता है तो लोग गए हैं डेंटिस्ट के. पास गए इलाज किया देखा कि उसके दो दिन के. बाद हार्ट अटैक आ कोई स्टमक डॉक्टर के पास. गया कि मेरे को एसिडिटी है दो दिन के बाद. हार्ट अटक ता है तो इसलिए जिसका स्पेशली. रिस्क फैक्टर है जैसे बता चार पांच चीज. बताया उनका ो सपोज दांत का दर्द है. डेंटिस्ट बोला दांत सब ठीक है पेट में. एसडीटी लग रहा है डॉक्टर बोला कि सब पेट.
ठीक है तो इधर से घुटने में दर्द हो रहा. है आर्थोपेडिक डॉक्टर बोला कि सब ठीक है. तो उनको ये हार्ट का चेक करना चाहिए लेकिन. ज्यादातर जो कॉमन सिम्टम्स है जैसे जो से. कंप्रेसिव पेन बोलता है जैसे आपने कुछ. स्ट्रेस लिया हो गया जैसे रेस्ट ले लिया 1. किलोमीटर चल लिया 500 मीटर चल लिया दर्द. हुआ जैसे बैठ गया आपका दर् चला गया तो वो. फिर दिल का प्रॉब्लम आपको चेक करना चाहिए. चेक करना चाहिए उसके साथ आपका बाकी जो. रिस्क फैक्टर है उसको तो करना बहुत जरूरी. है ठीक है अब अगर हमारे आसपास किसी आदमी.
को हार्ट अटैक आ रहा है तो हमें क्या करना. चाहिए पहली चीज कैसे उसे हैंडल करना चाहिए. नाउ हार्ट अटैक में अगेन जिसका माइनर मेजर. अटैक कोई भी आटा अटैक आ तो इमीडिएट. इमीडिएट डॉक्टर के पास जाना है हम. डेफिनेटली सिम्टम्स है तो सम बडी कैन टेक. वन एस्पिरिन जब तक पेट का एसिडिटी नहीं है. किसका एसिडिटी है तो मैं एडवाइज नहीं. करूंगा एस्पिरिन सबसे बेस्ट है इमीडिएट ली. एक एस्पिरिन पूरा गोली दे देने का 300. मिलीग्राम का और जितना जल्दी डॉक्टर के. पास पहुंचना है क्योंकि जेनुइन हार्ट अटैक. हो रहा है तो जितना जल्दी आप इलाज करेंगे.
उतना जल्दी आपका हार्ट का पूरा नॉर्मल हो. जाएगा एक घंटे के अंदर क्या 6 घंटे के. अंदर रिकवरी होता है 6 घंटे के बाद रिकवरी. नहीं होता है 6 घंटे के अंदर भी जितना. जल्दी सपो 30 मिनट में पहुंचा तो पूरा. रिकवर होने के चांस है जैसे डॉक्टर पास. पहुंचेंगे आजकल बहुत इलाज है पहला वो खून. पतले की इंजेक्शन देता है सपोज विलेज में. है जहां क्या थला एंजियोग्राम फैसिलिटी. नहीं है तो उधर इमीडिएट खून पतले के. इंजेक्शन देते हैं उसम क्लियर हो जाता है. 7080 पर लोगों का और सपोज आपका फैसिलिटी.
है जा एग्राम हो सकता है इटली एग्राम करके. जो ब्लॉकेज है उसको खोल देता है इमरजेंसी. एंज पलास्टिक बोलते है उसम पूरा हार्ट. रिकवरी हो जाता है मेरा एडवाइज होगा. इमीडिएट डॉक्टर कंसल्ट करके जितना जल्दी. हॉस्पिटल के पास पहुंचो ओके मेल और फीमेल. में इक्वली रिस्क होता है या किसी में. ज्यादा होता है हाक के फीमेल में जब तक य. हार्मोन के वजह से जब तक मेनोपॉज नहीं है. तब तक फीमेल का हार्ट बीमारी थोड़ा कम है. लेकिन ये भी मिसनोमर है कि फीमेल का हार्ट. बीमारी नहीं होता है मेल का होता है इससे.
बात नहीं है मेनोपॉज तक मेल का ज्यादा है. लेकिन 5 साल के बाद 5 साल के अंदर मेनोपॉज. के बाद दोनों में कुछ फर्क नहीं है और यह. ज्यादा डेंजर फीमेल का हार्ट अटैक हुआ तो. 50 55 साल के बाद ज्यादा रिस्क है क्योंकि. उनका आर्टरी साइज छोटा है ज्यादा. एक्सरसाइज नहीं करते उनका जो अल्टरनेट. सर्कुलेशन कम रहता है और उसके लिए फीमेल. का हार्ट अटैक हुआ तो उनका कॉम्प्लिकेशन. रेट और जान को खतरा जो ज्यादा है हार्ट. अटक कोई घरेलू उपाय भी.
है जैसे कते घर के नुस्खे कुछ ऐसा भी होता. है बेसिक चीजें जिससे आप बच सकते हो अगर. आपको लग रहा है कि सिम्मम आ गए अा घरेलू. इलाज घरेलू तो आपने कहा कि हॉस्पिटल ले. जाओ बट कई बार है कि आप गांव में है बहुत. इंटीरियर में आप है तो कोई ऐसा इंस्टेंट. घरेलू उपचार भी होता है अरे तो एडवा नहीं. करू एक ही चीज एडवाइज करर डेफिनेट सिमटम्स. हो रहा है तो एस्पन एक गोली ले सकता है वह. सर क्योंकि उसम जेनुइन हार्ट अटैक आ रहा. है तो वह खून को पतला कर देगा तो रास्ता.
खुलने की चांस है जितना जल्दी डॉक्टर को. दिखा सकते हो इवन रिमोट एरिया में य जो. खून पतले का इंजेक्शन आजकल अवेलेबल है. मोस्ट ऑफ द डॉक्टर के पास ये जो खून पतले. की इंजेक्शन है व इडिट इसी आजकल इन रिमोट. कंट्रोल एरिया में भी है और आजकल इवन. धीरे-धीरे कुछ साल के बाद यह जो यह डिवाइस. पे जो आ रहा है तो इस चीज में चेंजेज है. तो इमीडिएट आपको इंजेक्शन लेना चाहिए खून. पतले की इजेक्शन जितना जल्दी लेंगे खुलने. की चांसा है अगर किसी के फादर को हार्ट.
अटैक आया या म को हार्ट अटैक आया तो. फैमिली ट्री से अगली जनरेशन के आने की भी. उतनी चांसेस है बहुत ज्यादा है ज्यादातर. जेनेटिक है और कुछ भी लाइफ स्टाइल फूड. डायट कुछ फैमिली में बहुत ज्यादा खाते हैं. जैसे बताऊंगा मेरा एक मारवाड़ी फैमिली में. तीन पेशेंट ऑपरेशन किया था तो उसने मेरे. घर में बुलाया तो उसने मेरे को दिया पहला. मैं सोचा कि गुलाब जामुन है लेकिन दिखा को. दाल था घी इतना लेते थे जब पूछा उन लोग. उनका महीने में करीब 40 50 लीटर घी खाते.
थे तो जो फैमिल देखते हैं. ये कि आप सब मेरे पेशेंट बनने वाले हो. बताया मैं बोला अच्छा और ज्यादा करो तो. हमारा सारा फैमिली बन जाए बोला पहले काम. करो घी बंद करो एक लीटर घर के अंदर नहीं. आएगा जो जेनेटिक बोलते हैं कुछ जेनन. जेनेटिक है कुछ लाइफ स्टाइल वगैरह है तो. जेनेटिक जेनन जो है उसके लिए पेरेंट्स को. हु तो बच्चे को होने के चांस ज्यादा है और. कम उम्र में हुआ तो ज्यादातर कम उर होना. चाहिए सपोज पेरेंट्स को 90 साल में हुआ तो. बच्चों को इतना रिस्क फैक्टर नहीं है.
लेकिन पेरेंट्स को सपोज 50 55 साल में. हार्ट का बीमारी हो गया तो बच्चों को 10. साल पहले हो जाएगा तो इसलिए उनको ज्यादातर. केर लेना चाहिए ओके कई बार हम जैसे. क्रिकेट खेलता हूं मैं या और बचपन में या. चल रहे सीने में दर्द होने लगा तो एक. नॉर्मल सीने में दर्द और एक हार्ट अटैक के. दर्द इनमें कैसे पता करें डिफरेंस और क्या. डिफरेंस हा जो दर्द आपका कोई फिजिक एफर्ट. किया तो दर्द होता है और जैसे आप रेस्ट ले. लिया वो दर्द चला जाता है वो हार्ट का है.
और जो दर्द कंटीन्यूअस रहता है तो आपको. दर्द हुआ एक दो घंटा तीन घंटा तक और कोई. बाकी कोई तकलीफ नहीं आप पूरा नॉर्मल हो वो. दर्द दिल का नहीं है या कोई एक सेकंड के. लिए आ जोई चुप दिया जो जोर से बहुत दर्द. हुआ एक सेकंड के लिए चला गया जोर से. एक्सरसाइज करके नॉर्मल हो पूरा सब कुछ ठीक. है एक्सरसाइज कर रहा है थोड़ा सा छाती में. दर्द हुआ वो वो सब चीज नहीं है वो नॉन. कार्डिया आपका मसल स्पाज में हो सकता है. फूड पाइप में तकलीफ हो स बाकी कारण से.
लेकिन जो दर्द आपको जो कंप्रेसिव जैसे कुछ. छाती को जोस पत्थर रख लिया जैसे आप. एक्सरसाइज किया उसम वो दर्द हुआ जैसे आप. रेस्ट ले लिया और चला गया वो कार्डिक पेन. है बाकी जो टेंपरेरी आता है फ्यू सेकंड्स. और एक दो घंटा तीन घंटा रहता है वो दिल का. दर्द नहीं है ओके एक इंपोर्टेंट क्वेश्चन. बायपास सर्जरी सर क्या होती है इंडिया में. क्या भी ये करवाना सेफ है कितनी कॉस्टिंग. आती होगी जो इंसान को ना पता हो. बायपास सिंपल उस नाम भी आया आप रोड ब्लॉक. मेन रोड में जाते हो रोड ब्लॉक हो गया.
क्या करते हो साइड बायपास रोड ढूंढ के. जहां देखते हो बायपास रोड कहां मेन रोड. में जड़ा है उसको बायपास रोड बोलते हो तो. वही बायपास सजर नाम उधर से आया है कि दिल. के अंदर जो रास्ता है वो बंद हो गया उसको. दूसरा एक बायपास रोड बनाते हैं हम तोही. उसका प्रिंसिपल सेम है खून जाने का रास्ता. बंद हो गया तो खून नहीं जा रहा है सीधा तो. दूसरा रास्ता बना के फिर जोड़ते हैं हम. उसको बायपास सर्जरी बोलते और उसमें भी जब. मैं ट्रेनिंग ले रहा था इंडिया में उस.
जमाने में दुनिया भर ऑलमोस्ट 5 10 पर. रिस्क था मतलब 100 मरी से 10 गुजर जाते. इंडिया में उस जमाने में 40 50 गुजर जाते. हैं जाते थे आजकल इतना सेफ हो गया आजकल सब. जगह एक या 2 पर 98 99 पर सक्सेस रेट है. लोगों को डरने की बात नहीं है जैसे हमारा. सेंटर में तो 99.8 99.9 सक्सेस रेट है और. दूसरा जो बायपास सर्जरी करते हैं पहले से. जो जो बायपास का रास्ता बनाते हैं आपका तो. इधर रोड में रास्ता बना हुआ है इधर बनाना. पड़ता है तो उसके लिए जो नली निकालते हैं.
शरीर के दूसरे जगह से निकाल के लाते हैं. पहले पैर से निकालते थे जब शुरू हुआ पैर. से निकाल के लाते थे वो लेकिन वो दिखा गया. कि पा 10 साल के बाद वो खराब हो जाता है. तो देन दिखा गया कि दिल के अंदर ये जो. हड्डी है आपका जो हड्डी जो ये स्टन हम बोन. बोलते हैं उसके दोनों साइड में दो पतला. पतला आर्टरी आता है और आप सारा हड्डी. चमड़ी सबको खून सप्लाई करता है उसको निकाल. के लगाओ तो कभी खराब नहीं होता है वो.
कॉम्प्लिकेट है उसको मामरी आर्टरी बोलते. हैं जैसे हाथ के अंदर दो आर्टरी है इधर. इधर जाने के लिए दोनों साइड दो आर्टरी है. उसम एक आर्टरी निकाल सकते हैं वो भी लगाया. तो खराब नहीं होता है उस आर्टरी बायपास. बोलते हैं या हाथ है अंदर से जो निकालते. हैं वो बायपास क्या होता कभी खराब नहीं. होता है और पर से निकालते हैं व खराब हो. जाता है तो बायपास सर्जरी जो बताया ज. रिस्क आजकल बहुत सेफ हो गया इंडिया में. कहां भी कर सकते हैं कोई डरने की बात नहीं. है लेकिन खाली अब डॉक्टर से पूछता है. ज्यादातर हो सकता है तो आर्टरी बायपास. करना चाहिए अंदर से हाथ से करना चाहिए जब.
त खर्चे के बात रहा वो गवर्नमेंट हॉस्पिटल. में काफी सस्ता है क्योंकि उसम 80 पर फ्री. है जैसे मेडिकल इक्विपमेंट डॉक्टर स्टाफ. सैलरी मटेरियल सस्ता है तो गवर्मेंट. हॉस्पिटल में ज्यादा सस्ता है दूसरा आजकल. हो गया गवर्नमेंट का इतना से जो स्कीम हो. गया बहुत अच्छा है सब सेंट्रल गवर्नमेंट. स्टेट गवर्नमेंट का स्कीम है जो अफोर्ड. नहीं कर पाएंगे उनके लिए वो स्कीम से बहुत. हेल्प होता है और जिसका बिल्कुल नहीं है. उनको एडवा कर इंसुरेंस करो क्योंकि सबको. एडवा करता हू अपने जब कोई भी इनकम करते हो.
अपना कपड़े के लिए कुछ पैसा रखते हो गाड़ी. के लिए रखते हो घर के लिए रखते हो खाने के. लिए रखते हो तो उसी मुताबिक हेल्थ के लिए. एटलीस्ट इंश्योरेंस लेना चाहिए क्योंकि जब. इमरजेंसी आता है इंश्योरेंस बहुत हेल्प. करता है वो किया तो खर्चा कम रहता है तो. एवरेज जो बायपास सर्जरी का खर्चा कोई भी. प्राइवेट हॉस्पिटल हम जाएंगे दो लाख से 8. 10 लाख तक आता है. ओ एक बड़ा कॉमन मिथ सर हम लोग स्कूल कॉलेज. दे थे कि लोग कहते अपना दिल अगर आपको. हार्ट चेक करना हो तो सांस रोक के देखो. इतने सेकंड सांस रोक ऐसा कुछ होता है कोई.
आदमी एक आदमी कितनी देर सांस रोक सकता है. हेल्दी हार्ट को लेकर वो आपको डिपेंड करता. है जो आप देखें स्विमर जो करते हैं तो देन. ंडर स्विम फॉर टू थ मिनट्स ल कितना बॉडी. को फिटनेस आप कर सकते हो उसके र कर जनरल. जनरल डिपेंड न हाउ ल यन ल फिटनेस डिपेंड. कर 30 सेकंड इली वन कैन डट वो. इनडायरेक्टली कैन लीड की बा आपका ओवरऑल. फिटनेस ठीक है या कम है जो कम समय तक सांस.
को रुक सकते हो तो उसमें ओवरऑल फिजिकल. फिटनेस कम है तो फिर ओवरल फिजिकल फिटनेस. कम है मतलब हार्ट का बीमारी होने की चांस. भी ज्यादा है जो ज्यादातर रुक सकते है तो. व ओवरऑल फिजिकल फिटनेस अच्छा है तो उसम. हार्ट का बीमारी होने के चांस कम है अच्छा. कई लोग बहुत सारी दवाओं का सेवन करते हैं. आप जाओ उनके पास एक झोला रखा रहता है यह. भी दवा खा रहे हैं ये भी खा रहे हैं यह भी. खा रहे हैं हमने बहुत देखा है तो उससे भी. हार्ट के खतरा बढ़ता है हार्ट अटैक का मैं. तो एडवाइज कर कोई ऐसे गोली मत खाओ वो मेरा. स्कूल के टाइम में हमारा एक स्टोरी बना.
पढ़ा था बहुत मेरा अभी सारे पेशेंट को. बोलता हूं वो रविंद्रनाथ टागोर का एक. स्टोरी था उसम एक किस्सा था बाप को लड़के. जाता है बाप के पास बाप बहुत अमीर है तो. उसका वाइफ का बीमारी हो गया तो बाप के पास. जाता है पैसा मांगने बहुत अ अच्छा डॉक्टर. लाने के लिए तो उसका जो बाप बोलता है कि. इफ कॉस्टली मेडिसिन कुड सेव लाइफ व् शुड. किंग्स एंड एंपरर्स डा जो कीमती वाला गोली. जान बचा सकता है तो जो अमीर लोग हैं क्यों. मरेंगे वो तो 1000 साल जिएंगे वो बता.
रविंद्रनाथ टागोर का स्टोरी था वो मेरा. कहना क्या है कि दवाई आपको कुछ हेल्प. करेगा लेकिन ज्यादा दिन अच्छा जिंदगी. बिताना चाहते हो अपना लाइफ स्टाइल चेंज. करो वो सबसे इंपोर्टेंट. है तो वो जो क्वेश्चन आपने पूछा है सबसे. इंपोर्टेंट है य जो गोली के ऊपर विश्वास. मत रखो गोली को साइड में रखो मैं हर सजन. हूं मैं खुद गोली जितना कम देना चाहता हूं. मैं जितना कम देता हूं हार्ट का बीमारी है. तो दो ही गोली देता हूं एक खून पतले का. गोली कोलेस्ट्रॉल गोली ट्स इट इसका. डायबिटीज है डायबिटीज गोली देना है ब्लड.
प्रेशर है तो ब्लड प्रेसर गोली देना उसके. बाद कोई गोली का कुछ असर नहीं है तो गोली. के ऊपर ज्यादा बिल्कुल विश्वास मत रखो. अपने शरीर के ऊपर विश्वास रखो जितना जो. पांच चीज आपको बताया एक्सरसाइज योगा डाट. स्लीप नो नॉर्मल स्लीप अननेसेसरी स्ट्रेस. मत लो वो करो तो ठीक रहेगा उसका ज्यादा वो. वो जो आपका थली में उसको रखो गोली को फेंक. दो ठीक है अगर कोई आदमी सोते समय खर्राटा. खूब लेता है या बड़ा कॉमन हो गया दबाए. खराटे लेते हैं लोग कान पड़ जाते हैं उससे.
भी हां ये अच्छा साइन नहीं है राट ब उम्र. बढ़ने के बाद क्या होता है ये मसल्स वीक. हो जाता उनका राट हो सकता है ले कम उम्र. में हो र है मतलब उनका ओवरवेट होने के. चांस बहुत ज्यादा है एक्सरसाइज बहुत कम है. ये मसल सो वक है दिस आर ऑल साइंस ऑफ बैड. हेल्थ तो उसका भी हार्ट बीमारी ब्लड. प्रेशर डायबिटीज बीमारी होने के चांस बहुत. ज्यादा है जि जो खरात लेते हैं आप देखोगे. पतला जो आदमी उम्र ज्यादा नहीं होता तो कम. उम्र में नहीं होता है ज 80 साल हो ग 85 य.
हो गया ख क्या फर्क पड़ता है कुछ फर्क. नहीं पड़ता क्योंकि उस जमाने में उनका जो. मसल उसका वक हो जाता है उसको वो जो सांस. लेने का जो होता है रहता है व उधर रास्ते. को बंद कर देता है लेकिन कम मतलब. डेफिनेटली उनका कोई रहेगा ओवरवेट होगा. होगा उनका तो इलाज करना चाहिए इलाज मतलब. पहले लाइफ स्टाइल चेंज करना बहुत जरूरी है. आपने खराटे का एपल दे खरार कम करना वेट कम. कर लो. एक्सरसाइज एक्सरसाइज वेट कम करने का ओके. चाय और कॉफी हां जी हम जैसे लोग बहुत पीते.
हैं ये भी दिल पे असर करती है हम तो. हालांकि दिल को खुश करने के लिए पीते हैं. कि चाय चाय पे शायरी पे शायरी बना द बट ये. दिल को नुकसान करती है वही ज किस्सा दिया. ना जो ऑयल भी शरीर के लिए खराब नहीं जब तक. वो मोबल ऑयल नहीं है तो कोई भी ऑयल ठीक है. तो चाहे काफी पैसे है जब तक कोई भी चीज. मॉडरेशन करोगे तो कुछ प्रॉब्लम नहीं है दो. दो तीन कप चाय पी लिया तो कुछ फर्क नहीं. पड़ता है कफी उसके साथ चाय के साथ क्या है. वो जो शुगर चीनी और दूध वो नहीं डालने का. वय ओरिजिनल जो चाय था दूध और चीनी का तो.
पीते ही नहीं हम तो वही पीते दूध वाली. कड़क चाय वाली वो तो कड़क चाय मसाला चाय. हो गया तो फिर उसम अच्छा थोड़ा अच्छा दूध. और चीनी शक्कर डाल दिया तो दिल के लिए. खराब है और उसको ऐसे जो फीका चाय लिया तो. कुछ फर्क नहीं पड़ता दो तीन कप तो पी सकते. आराम से लेकिन चाय उसमें शक्कर और दूध. नहीं डालगा पतले लोगों को भी हार्ट अटैक. आता है आ सकता है ज्यादा मोट में होता है. ऐसे बात नहीं है वो बाकी रिस्क कितना है. जैसे बताया ना ये ओवरवेट एक ही रिस्क है.
बाकी पाच सपोज इसका बाकी सब ठीक है कोई. फैमिली नहीं है कुछ नहीं है ब्लड प्रेशर. डायबिटीज नहीं है मोटा है कुछ नहीं होगा. उसका हार्ट अटक नहीं आने वाला है ये कोविड. शील्ड को लेकर बड़ा चला था फिर मैं पूछ ले. रहा हू एक बार कि कोविड शील्ड वैक्सीन. लगवाने के बाद हार्ट अटैक की समस्याए बहुत. बढ़ गई है कुछ रिपोर्ट्स भी ऐसी अखबारों. में छपी थी उसका इमीडिएट था वो अलग कारण. था कुछ स्पेशली लेडीज को कम उमर वाले को. होता था व क्ल वलग बीमारी क्लट हो जाता था.
वो अलग है लेकिन जो लॉन्ग टर्म वैक्सीन. लिया और एक साल के बाद उसके वजह से आटा का. व नहीं है कोई साइंटिफिक नहीं दिखाया अभी. तक लेकिन विदन फ्यू मंथ्स हो रहा था. स्पेशल यंग लेडीज का वो ब्लड क्लट हो जाता. था वो अलग टाइप का है वो क्लट भी पैर में. हो सकता था पपड़े में हो सकता था हार्ट के. अंदर होता था वो लेकिन इंसीडेंस बहुत कम. था आपको देखना पड़ेगा कितना कम से कम 600. लोगों को वैक्सीन दिया 60 करोड़ लोगों को. वैक्सीन दिया तो कितने लोगों का हुआ उसम. ऐसे 60 करोड़ देखेंगे और रास्ते में जाते.
वक्त वो बोलेगा कि 60 करोड़ लोगों ने काली. बली दिखा होगा उसम तो हाट अटक ू आया होगा. तो उस काली बल दिखा तो इसलिए हमको हट अटक. आ गया तो ऐसे बात है इमीडिएट पहला जो तीन. चार महीने में वैक्सीन लेने के उसम रिक्स. रहता था लेकिन एक दो साल के बाद रि नहीं. होता है मल अब जिन्होने वैक्सीन ली है. कोविड में अब उन्ह खतरा नहीं आप देखेंगे. ऐसे जितना अभी आजकल मरीज हम देख रहे. ऑलमोस्ट सारे 90 पर मेरेज को मैं दि हूं. जिसका कोविड हुआ है या वैक्सीन लिया है एक. भी नहीं दिखा हूं जो उसके वजह से हार्ट.
अटैक हुआ है नहीं तो मैं आसान शब्दों में. पूछ लू सवाल कि अगर हमने 2021 22 23 में. कोविड की वैक्सीन लगवाई थी तो अब हमें. उससे कोई खतरा नहीं है कोई डरने की बात. नहीं उससे खतरा होने वाला नहीं है ओके य. आप कह रहे हैं तो हम भरोसा कर लेते हैं यस. अ कई सारे बच्चे सर ऐसे हैं जो पुलिस की. तैयारी करते हैं आर्मी की तैयारी करते. उन्होंने हमसे कहा कि बहुत दौड़ना पड़ता. है बहुत तैयारी करनी पड़ती है कई बार. हार्ट पेरेस को होता अपने मैराथन जिक्र. किया ऐसे बच्चों को आप क्या सलाह देंगे. हाउ टू कीप देर हार्ट हेल्दी वही जो बेसिक.
उससे बेहतर कुछ नहीं है एक्सरसाइज होगा. डायट स्लीप नाउ यह. जो कोई जो एक्सरसाइज करता है उसको छाती. में दर्द वगैरह हुआ उसको बताऊंगा चेक करो. क्योंकि उनका ब्लॉकेज नहीं हुआ उनका बर्थ. डिफेक्ट हो सकता है जैसे बताया मेरा जो. मेरा एक दोस्त का लड़की अभी उसे 28 साल हो. गया जब 30 साल की उम्र थी उसको एक्सरसाइज. जैसे वो रोती थी उसका छाती दर्द होता था. और ज्यादा रोती थी थी तो उने सोच नहीं. पाया फिर डॉक्टर पास लेके आ लकली वो. पीडियाट्र उस ईसीजी क्या उसमें तो पूरा.
स्कीमा जैसे ब्लॉकेज का आया तो फिर हमने. सिटी जल्दी चेक करो सिटी एंज करके देखो. उसका गलत आर्टरी से गलत जगह से खून का. आर्टरी निकला होगा तो गलत जगह से था तभी. से बताया तु ज्यादा एक्सरसाइज मत करो. रूटीन लाइफ स्टाइल लीड करो ठीक है अभी अभी. कितना हुआ 29 या 30 साल हो गई हो ओके ये. हमारे तो ये सब बता यंगस्टर है ना वो. थोड़ा चेक कर लेना डॉक्टर से कि कोई गलत. जगह से आट निकला है तो डेंजर है अदर वाइज. कोई प्रॉब्लम नहीं है अच्छा जिमिंग वाला. चल रहा है एक्स्ट्रा जिमिंग इज. हार्मफुल जब तक धीरे-धीरे प्रैक्टिस करोगे.
अपना बॉडी को फिटनेस लेके आओगे एक महीने. के बाद जिमिंग करोगे नो प्रॉब्लम और जिम. टा कहते ना सर कि जिम में लिमिट अपनी पुश. कर दो हां अब पुश करने में कहां तक पुश कर. दे कि दिल पे असर ना पड़े मैं बिल्कुल. एडवाइज नहीं करूंगा उसको धीरे-धीरे करो एक. दिन पुश मत करो जैसे बताया जो लास्ट एक दो. किलोमीटर में सारे मारन में हाटा आटक आता. है ये ज्यादातर जो लोग जो सडली आप देखे. होंगे जो जिमिंग करते वक्त उनका सडन. नॉर्मल आदमी जो हार्ट बंद हो गया सडली.
ज्यादातर ऐसे कारण है यह जो लास्ट मट में. पुश करते हैं उसमें क्या होता है ना जब. लास्ट पुश करते हो आपका ब्लड प्रेशर बहुत. ज्यादा बढ़ जाता है जो बहुत ज्यादा बढ़. जाता है आपका आर्टरी को फट सकता है मतलब. जिम अगर आप जाते हैं तो कोई अच्छा हैंडसम. लड़का है लड़की अगल बगल उसको देख के जिम. मत करें ट्रेनर के साथ ज इंप्रेस कर. इंप्रेस करने के मत करो अच्छा एक लास्ट. में फनी क्वेश्चन कर लेते हैं सर क्योंकि. समरी पर हम आ रहे हैं अ ये दिल को इस ऐसा. किसने बना दिया आप लोग जो करते हैं अंदर.
वाला हमने तो खोल के देखा नहीं है फोटो. में देखा किताबों में उसका अलग शेप होता. है ये कैसे आ गया कुछ आपने बंदर वाली. कहानी सुनाई ये भी सुना दीजिए कुछ आपने वो. शर ने बनाया होगा व शायर ने बनाया होगा हम. तो नहीं. बनाया ये जो या ये जो साइज देखोगे तो आपका. फिस्ट ऐसे करोगे ना इट इज द साइज ऑफ योर. हार्ट ये अपना हार्ट का साइज है आपका इतना. बड़ा इतना बड़ा आप जो भी आप फिस्ट बंद कर. दो बंद कर दो वो आपका ये इतना बड़ा दि का. दिल होगा आपका. या ये जो बनाया उसको शायर ने बनाया उसको. ये शायर वाला है आपको वाइल्ड लाइफ.
फोटोग्राफी का भी शौक है आपका दिल वहां है. या 80 पर दिल हार्ट सर्जरी में है 20 पर. वाइल्ड लाइफ में है तो ये वाइल्ड लाइफ. कहां से आ गया आप तो दिल का इलाज कर रहे. थे फिर जानवरों की फोटो खींचने लगी हमने. देखा रात भर आप जंगल में बैठ के फोटो खींच. रहे हैं शेर की भालू की ये जब मैं कॉलेज. में पढ़ता था उड़ीसा में बहुत था वाइल्ड. लाइफ हम जहां मेरा अभी घर है उधर मेरे याद. है मेरा कॉलेज के टाइम में उधर शेर और.
हाथी घूमते थे आजकल शहर हाथ क्या एक जानवर. भी नहीं है तो इंडिया में इतना सारे हमारा. लास्ट 40 साल में जो वाइल्ड लाइफ का इतना. कम हो गया और दुनिया में एक दो ही जगह. बाकी रहा अभी वाइल्ड लाइफ जो है भारतवर्ष. और अफ्रीका और छोड़ के दुनिया में कहां. में सब खत्म हो गया वाइल्ड लाइफ तो. धीरे-धीरे जैसे दिखा और मेरा से ऐसे. फोटोग्राफी मेरा शौक था ज्यादातर पहले. नेचर फोटोग्राफी करता था देन धीरे-धीरे. मेरा वाइल्ड लाइफ में शौक आया तो इसलिए. मैं देखा कि ये धीरे-धीरे बहुत कम हो रहा.
है और जिस रेट में चल रहा है और एक जनरेशन. के बाद हमारा जो हमारे बच्चे पोते लोग. देखेंगे उनको खाली जू में जाकर देखेंगे और. जंगल में नहीं मिलेगा उनको एक जानवर तो वो. इसलिए मेरा उसके ऊपर शोक बड़ा कि जितना हो. सकता है थोड़ा सा कुछ भी कंट्रीब्यूशन. करके हेल्प कर सकते हैं जैसे ज्यादा गया. उसम देखा कि ये जो वाइल्ड लाइफ में तीन. चार स्टेकहोल्डर है एक जो है जानवर है. उनके लिए तो पैसा भज जगता लोग करते हैं. दूसरा रहा जो चारों तरफ जो लोकल लोग हैं. उनके लिए भी सब होता है तीसरा देखा जो.
आपका फॉरेस्ट वर्कर वो बहुत सारा देश में. आप देखेंगे जो जानवर बचाने के लिए एक बहुत. हिस्सा जो है फॉरेस्ट वर्कर वो सब मेज. मेजोरिटी वो सब टेंपररी वर्कर है इतना. इतना कमिटेड है उनका कंडीशन बहुत खराब है. तो उसी में मैं इवोल्व हो गया धीरे-धीरे. पाच सात साल से कि उनके लिए थोड़ा हेल्प. करें तो इसीलिए मेरा हफ्ते में चार दिन. जाता है जंगल के अंदर फोटो फोटो लेने का. साथ जो वर्कर के लिए कुछ हेल्प करने के. लिए तीन दिन सर्जरी नहीं नहीं 25 दिन.
सर्जरी अच्छ महीने में महीने में चार दिन. हते में चार दिन कर मेरा खुद हार्ट बंद हो. जाएगा क्योंकि मेरा पहला लवा हार्ट सर्जरी. उसको बंद करूगा तो हार्ट बंद हो जाएगा. क्या लेसी आप छोड़ना चाहते हो आने वाली. जनरेशन के लिए जैसे आपने कहा अपने पोतो का. जिक्र किया बहुत सारी बातें की आ कोई आप. मंदिर बनवा रहे हो मैंने सुना था एक तो है. ये वाइल्ड लाइफ के लिए जितना हो सकता है. जि बाकी टाइम. तो लास्ट डे तक मेरे को करना पड़ेगा कभी. मैं बंद नहीं कर पाऊंगा मेरा फर्स्ट एंड. लास्ट लव है लेकिन वाइल्ड लाइफ के जितना.
हो सकता है एटलीस्ट करे मुझे करना पड़े. करना पड़ेगा अभी आपको. थोड़ा तो एक वाइल्ड लाइफ का दूसरा. एक आईम वेरी रिलीजस ब आई बली जितना भी व. एक किसा मैं बताना चाहता हूं चाहे हम. जितना भी करते हैं जितना भी मैं ह हज किया. हूं लेकिन मैं सोचता हूं दूसरा कोई करता. है हम खाली उसके लिए कर रहे हैं सामने से. क्योंकि विदाउट एनी डिवाइन इंटरवेंशन इस.
नहीं होता है सो आई वेरी स्ट्रंग बिलीव इन. डिवाइन इसलिए बताऊंगा य जो % मरते हैं ना. ये जो कॉम्प्लिकेटेड केस नहीं मरते हैं जो. नर्मल जिसको हम सोचते कभी व मरने वाला. नहीं है वो पेशेंट मर जाता है और जिस. पेशेंट में बोलते हैं बचने वाला नहीं है. बच जाता है सो आई स्ट्रंग बली द डिवाइन. इंटरवेंशन आप कोई भी हार्ट सर्जन या कोई. भी डॉक्टर को पूछो तो ज्यादा सबसे ज्यादा. सक्सेस हुआ है जो सबसे कंप्लीटेड मरीज को. इलाज किया है आई थंक ऑलमोस्ट सब बोलेंगे.
की देर इ डिवाइन इंटरवेंशन विट नहीं होता. है तो मैं भी वेरी स्ट्रंग बली दे डिवाइन. इंटरवेंशन आईम जस्ट देरर टू डू इट फॉर हिम. हर सो इसलिए मेरा है तना एक बड़ा जगन्नाथ. का. टेंपल मुबई में बनाए हा जी मैं उड़ीसा से. हूं और जगन्नाथ जी का बड़ा भक्त हूं तो. मुंबई में एक बड़ा जगन्नाथ टेंपल मे को. बनाना है उसके लिए. प्रयास चल रहा है आ विश कि हम कभी मिले तो. उसके भी कवरेज जमाए जरूर करेंगे थैंक यू. सो मच सर लवली टॉकिंग टू यू एंड आई एम.
श्यर कि बहुत सारे लोगों को इससे काफी कुछ. सीखने को मिलेगा बहुत मजा आया बात करके. आपसे कोई एडवाइस आप देना चाहते हो लोगों. को हेल्दी लाइफ स्टाइल के लिए जाते जाते. हालांकि आपने दे दी इस पॉडकास्ट में पांच. चीजें वही पांच वही पांच एंड हां ये. बोलूंगा कि बाबा तरक्की करने में कोई ये. नहीं है सबको बोलगा जितना तरक्की करो उतना. अच्छा है जितना पैसा कमाना कमाओ लेकिन. पैसा को सही तरीके से खर्चा करना चाहिए. गलत तरीके से खर्चा नहीं करना चाहिए और. गलत तरीके से पैसा नहीं कमाना चाहिए सही.
तरीके खर्चा क्या होता है सर हर आदमी जो. अच्छा लग रहा व कर लो सही तरीका. है यह जो पैसा कमा रहे हो अपने लिए ऐसे. भगवान ऐसे आपको अपने नहीं बनाया दे समथिंग. गॉड हैज डन इट तो लवेज वेरी इंपोर्टेंट की. अपने अपने लिए खर्चा करो जितना करना है. करो बच्चों के लिए करो पुते के लिए करो. लेकिन सोसाइटी के लिए भी करो और जो जिसका. मुह नहीं खोलता है जानवर वाकी को मुंह. नहीं खोलता उनके लिए भी कुछ करो और. रिलीजियस चीज करो वो सारे चीज करना चाहिए.
अपने के लिए अपना फैमिली के लिए अपना. सोसाइटी के लिए और कंट्री के लिए यह करना. चाहिए यह थोड़ा कुछ करना चाहिए ये तो सबका. होना चाहिए और अगर आप में से कोई देख रहा. है तो हमारे शो के लिए भी आप कीजिएगा. अच्छा स्पांसर दीजिएगा थैंक यू सो मच सर. प्लेजर लवली ॉ कैसा था बढ़िया सर अच्छा.
