Unplugged ft. Dr. Gauri Agarwal | IVF Specialist | Sperm Count | S*X Problems | Pregnancy | Home IVF
होम आईबी। आप अपने बच्चे की तैयारी ऑनलाइन. कर सकते हैं। आपने बच्चों का Swiggy. Zomato खोल दिया।. कहने को तो हां। [प्रशंसा]. बच्चे तो पुराने जमाने में खूब होते थे।. आज के जमाने में आईएफ का ट्रेंड इतना. क्यों बढ़ गया है? स्ट्रेस इज़ सबसे बड़ा फैक्टर। प्लस लेट. मैरिजेस। अभी आपको देख लो आप मम्मी वाला. मारती है।. शादी क्यों नहीं कर लेता? लोग बच्चा में भी तारीख देखते हैं कि इस. महीने पैदा होना चाहिए। सारे आईवीएफ में. भी देखते हैं। वो मुझे बोलते हैं मैडम अभी. ना आप ट्रांसफर करना फरवरी में ताकि मेरा.
बच्चा सीधे जाके नवंबर में हो।. ये भी आया है कि डिलीवरी इस दिन तो होगी।. ठीक है लेकिन भोर में करनी है।. हां सुबह करिए 10:00 बजे टाइम भी आता है।. बोले [हंसी]. जैसे हर कोचिंग सेंटर में लिखा होता है कि. 100% सिलेक्शन। ऐसे ही आईवीएफ सेंटर्स में. लिखा होता है 100% गारंटी।. नॉट पॉसिबल। [हंसी]. क्या लैक ऑफ एजुकेशन का असर भी होता है? कई बार कपल्स के बच्चे नहीं होते और फिर. वो आपके पास आते हैं।. नहीं सही जगह पता नहीं है। ये गलत जगह घुस. जाते हैं।. बिल्कुल होता है। मतलब लिटरली मुझे पूछना.
पड़ता है आप ढंग से [संगीत] सेक्स कर पाते. हो और हम जब कहते हैं कि हम इसके बारे में. बात करें इट्स अगेन संस्कृति।. वैसे सिद्धू मूसेवाला की मॉम ने 58 साल की. उम्र में बच्चा किया। आप एज अ डॉक्टर इसे. कैसे देखते हो? नॉट वेरी हेल्दी बिकॉज़. क्या इंडिया में अलाउड है इस ऐज में? बिल्कुल भी नहीं।. क्या सिंगल मैन सर्वोगेसी के थ्रू बच्चा. पैदा कर सकते हैं? नॉट इन इंडिया। सिंगल वूमेन [संगीत] कैन. डू सरोगेशन।. बट इंडिविजुअल वी वुमेन इज अलाउड। और. लेसबीियर तो अलाउड नहीं है। ये लॉजिक क्या. है? आईवीएफ वाले डिज़ाइनर बेबी मांगते हैं।. हमारा बच्चा ऐसा होना चाहिए। तो. शुभांकर जैसा दिखता हो तो मैंने कहा फिर. आपको शुभांकर को लेकर आना पड़ेगा टू गेट.
सेम एंड सैंपल आल्सो। डिज़ाइनर [संगीत] से. ज्यादा फिरंग बेबीज। स्पेशली आफ्टर. अब्राहम शाहरुख के बेटे के बाद।. सबसे वियर डिमांड क्या है आपके पास? बिल्कुल। नीली आंखें वाला बच्चा करा दो।. एन्चुअली ये सब आने वाला है विथ एआई।. और ये अगले कितने सालों में पॉसिबल है? क्या एज ब्रैकेट सबसे परफेक्ट होता है एग. फ्रीजिंग का? एग फ्रीजिंग का सबसे अच्छा टाइम होता है. बिटवीन 28 इयर्स टू 34 इयर्स।. तो लड़कों का क्या राइट एज है? क्राइटेरिया है स्पर्म फ्रीज कराने का।. सो स्पर्म फ्रीजिंग के लिए लड़कों के लिए. भी 28 टू 38 इयर्स के बीच में वो अपना. स्पर्म. चार साल हमें एक्स्ट्रा मिलता है।. हां ऑब्वियसली आप स्पर्म्स भी तो मिलियंस.
में होते हैं आपके।. सो जो ये आईवीएफ के जरिए बच्चे होते हैं. वो नॉर्मल बच्चे की तुलना में बेहतर होगा।. आईवीएफ बेबीज आर मोर इंटेलिजेंट देन. नॉर्मल बेबीज। बट यू हैव टू बी केयरफुल. आल्सो बिकॉज़. इसे आईवीएफ के थ्रू जाना चाहिए। जिनको. समस्याएं हैं या नॉर्मल लोग भी आईवीएफ. जाए।. एक और चीज होती है आईयूआई। छोटा प्रोसेस. होता है जो नेचुरल प्रेगनेंसी को मदद. [संगीत] देता है।. आशिक हुकअप कल्चर के दौर में फर्टिलिटी पर. कितना असर पड़ता है इसका? डेफिनेटली फर्क पड़ रहा है। बिकॉज़. पोर्न ने कितना डिस्टर्ब किया जिसकी वजह. से लोग आपके आईवीएस सेंटर में आते हैं।. मास्टरबेशन इज अ वैरी बिग फैक्टर इन बोथ.
मेल्स एंड फीमेल्स।. जीरो स्पर्म वाले भी बच्चा पैदा कर सकते. हैं।. देखो सिर्फ स्पर्म काउंट का काउंट. इंपॉर्टेंट नहीं है। स्पर्म की मोटिलिटी. कितनी है? मतलब वो कितनी शक्ति से हिलकर. ऊपर जाता है। उसकी मॉर्फोलॉजी कैसी है? एक. स्पर्म दिखता कैसा है? उसका हेड होता है, नेक होता है, बॉडी होता है, टेल होता है।. वो भी तो नॉर्मल होना चाहिए।. एक ऑन एन एवरेज अगर आपको रेट बताना हो, कितना खर्चा आता होगा? मां बनने की. एक्सपायरी डेट। ये महिलाओं को डराने का. हथकंडा है? हां बिल्कुल है भाई।. कोई महिला जो प्रेगनेंसी प्लान करना चाहती. है, उसे कितने समय पहले सिगरेट छोड़ देनी.
चाहिए? उसको एटलीस्ट सिक्स मंथ्स पहले सिगरेट. छोड़ देनी चाहिए।. पेशेंट कैसे पहचाने कि डॉक्टर उसे सिर्फ. पैसे के लिए आईवीएफ नहीं बोलता। यार. डॉक्टर्स फ्रेटरनिटी को इतना बदनाम मत. करो।. हम उस देश में रहते हैं जहां पर बच्चे के. लिए लोग मंदिर मस्जिदों के चक्कर काटते. हैं। बाबाओं के पास जाते हैं। फकीरों के.
पास जाते हैं। संसार की सारी दुआएं सारी. मन्नत मांग लेते हैं। लेकिन क्या हो गुरु. अगर हम आपसे कहें कि भारत तरक्की कर गया।. हां मतलब जैसे आप 10 मिनट में खाना ऑर्डर. करके मंगा लेते। जैसे आपके घर में सारा. सामान पहुंच जाता है। ऐसे ही बच्चा भी अब. आप ऑर्डर कर सकते हैं। आप सोच रहे होंगे. हम मजाक कर रहे हैं ना लेकिन हम मजाक नहीं. कर रहे। हमारे साथ डॉक्टर बैठी हैं डॉक्टर. गौरी अग्रवाल। क्या ये मजाक कर रहा हूं. मैं? नहीं शुभंकर बट बच्चा नहीं ऑर्डर कर सकते।. ट्रीटमेंट ऑर्डर कर सकते हैं।. अरे भावनाओं को समझ [हंसी] आप अपने बच्चे.
की तैयारी ऑनलाइन कर सकते हैं।. बिल्कुल। सो यह एक नया कांसेप्ट है। सो. ग्लोबली ये पहला प्लेटफार्म है जो आपको. लीडिंग डॉक्टर्स के साथ टेलीकंसल्टेशन. यानी प्रॉपर कंसल्टेशन देता है उन कपल्स. को जिनको बच्चे नहीं हो रहे हैं। सो. इंडिया के किसी भी कॉर्नर पे जहां पे. फर्टिलिटी ट्रीटमेंट्स अवेलेबल नहीं है, इतने लीडिंग डॉक्टर्स नहीं है, क्लनिक्स. नहीं है, उन कॉर्नर्स से भी लोग हमें. कंसल्टेशन ले रहे हैं। एंड यह सिर्फ. कंसल्टेशन नहीं है। कंसल्टेशन प्रॉपर्ली.
लेने के बाद, हिस्ट्री लेने के बाद हम. उनकी रिपोर्ट्स देखते हैं एंड देन डिसाइड. करते हैं कि उनको कैसा ट्रीटमेंट चाहिए।. इट कैन बी अ नॉर्मल ट्रीटमेंट, इट कैन बी. एन आईयूआई, इट कैन बी एन आईवीएफ, इट कैन. बी एनीथिंग। एंड अकॉर्डिंगली हम उनके ब्लड. टेस्ट और उनके इन्वेस्टिगेशंस कराते हैं।. मैं पत्रकार के तौर पर जब खबरें पढ़ता रहा. हूं तो मुझे सुनाई पड़ता था कि शराब आपके. द्वारा। सरकार ने एक स्कीम चलाई कि शराब. घर-घर पहुंचा दी जाएगी ऑनर करके। मैंने. पढ़ा कि स्विगी, Zomato, Zeeptotो जितने.
भी और एक्स वzेड हैं ये 10 मिनट में आपके. घर में डिलीवरी पहुंचा देंगे। जिसको लेकर. काफी चर्चा रही। होम आईवीएफ बच्चे की. तैयारी घर पे मतलब इसकी जरूरत क्या थी? हम. ये मॉडर्न हो रहे हैं इसलिए या ये ऐसी दबी. छुपी बातें हैं कि जिसमें जो छूट जाते हैं. उनको भी कवर करने के लिए।. बिल्कुल शुभांकर। बिकॉज़ देखो प्रॉब्लम ये. है ना कि बहुत सारे कपल्स ऐसी जगहों पे भी. रहते हैं जिनके लिए डॉक्टर से मिलने के. लिए ही उनको 300 400 कि.मी. ट्रैवल करना. पड़ता है। और अभी भी भारत की 68% पपुलेशन.
सेमी अर्बन और रूरल एरियाज में रह रही है।. और इनको भी हर जन को बच्चा करना है। सो. इनके लिए हमने ऐसा एक प्लेटफार्म बनाया. होम आईवीएफ जहां पे किसी भी कॉर्नर में. इंडिया में जो भी रह रहा है और जिसको. बच्चे की चाहत है और उसको क्विकली डॉक्टर. से मिलना है सो वो किसी भी लीडिंग डॉक्टर. से उस प्लेटफार्म पे आके टेली कंसल्टेशन. बुक कर सकता है। अकॉर्डिंगली हम हिस्ट्री. लेंगे। अकॉर्डिंगली हम सारे ब्लड टेस्ट घर. पे कराते हैं। इवन जो ट्रीटमेंट के दौरान. इंजेक्शंस या दवाइयां होती हैं वो भी हम.
घर पे ही अवेलेबल कराते हैं।. बट ये तो महंगा पड़ता होगा ना। गरीब आदमी. एफर्ट कर पाएंगे इसे।. बिल्कुल नहीं। शुभांकर जितना क्लीनिक पे. कॉस्ट पड़ता है उतना ही कॉस्ट हम इस. प्लेटफार्म पे हमने रखा है। एंड ये इतना. ब्यूटीफुल प्रोग्राम है। इस वक्त अभी एक. वेस्ट चंपारण से एक पेशेंट ने हमें बुकिंग. कराया था। कोई उसकी जांच नहीं हुई थी। कोई. ब्लड टेस्ट नहीं, कोई इन्वेस्टिगेशंस. नहीं। बिल्कुल न्यूली मैरिड। उनको एक साल. हो गया था, बच्चा नहीं हो रहा था। उन्हें. समझ में नहीं आ रहा था कि कहां जाएं।. उन्होंने हमें ऑनलाइन पे हमसे कंसल्टेशन.
ली। मेरी वन ऑफ द डॉक्टर्स जो बिहार में. है उसने उनको बोला कि ठीक है आप अपने. बेसिक टेस्ट कराओ। बेसिक टेस्ट के बाद पता. चला कि वाइफ की ट्यूब्स ही बंद हैं। तो. हमने उनका आईवीएफ प्रोसेस उनको बोला. समझाया उनको। वो मान गए। उन्होंने अपना. रजिस्ट्रेशन प्लेटफार्म पे ही कराया। एंड. देन हमने 10 दिन घर पे ही नर्स भेज के. रजिस्टर्ड नर्स से उनको 10 दिन इंजेक्शंस. लगवाए। बीच में एकद बार उन्होंने. अल्ट्रासाउंड करके हमें रिपोर्ट्स भेजी।. एंड देन 10 दिन बाद वो हमारी क्लनिक पे.
आए। हमने उनके एग्स निकाले, स्पर्म लिया, आईवीएफ प्रोसेस से एम्ब्रियोस बनाए और. पांच दिन बाद बेबीज उनके अंदर डाल दिए और. उनको ट्विन प्रेगनेंसी है। सो इमेजिन. वेस्ट चंपारण का पेशेंट जहां एक भी आईवीएफ. क्लीनिक अवेलेबल नहीं है और ऐसे कपल्स जो. अपना आधा टाइम कितने साल खराब कर देते हैं. सिर्फ घूम-घूम के कि यही नहीं पता कि राइट. ट्रीटमेंट क्या है। सो उन कपल्स के लिए कि. जिनको एक साल से ऊपर हो गया है, बच्चा. नहीं हो रहा है, उनको फर्टिलिटी डॉक्टर से.
मिलना है, वह होम ivf.com पे आके अपनी. टेली कंसल्टेशन बुक कर सकते हैं।. एक सवाल मेरे ज़हन में आता है कि जैसे मैं. आपके क्लीनिक में आता हूं या किसी भी. आईवीएफ क्लीनिक में मैं जाता हूं, तो वहां. पर ट्रेंड लोग होंगे। यह मैं 100%. अश्योरेंस मेरे पास होगी कि आपने उनको. हायर कर रखा है। आपकी जवाबदेही डायरेक्ट. है। बट अगर आप पूर्वी चंपारण में, किशनगंज. में, गोंडा में, बहराइच में, बस्ती में, लखीमपुर खीरी में अगर आप यह डिलीवर करवा. रहे हो। वो कैसे भरोसा करें कि उनकी. सेफ्टी उतनी ही है जितनी आपके क्लनिक में. आने पर होती।.
सो शुभांकर इस एप्लीकेशन पे सबसे अच्छी. चीज यह है कि हमने ऐसे कोई भी डॉक्टर नहीं. है। ये सारे ट्रेंड आईवीएफ डॉक्टर्स हैं. जो बहुत सारे बच्चे ऑलरेडी करा चुके हैं।. सो सबसे पहले इस एप्लीकेशन की. क्रेडिबिलिटी ही यही है कि इसमें एकदम. ट्रेंड डॉक्टर्स हैं। हमने कोई भी ऐसे. गायनेकोलॉजिस्ट नहीं रखे हैं। दे आर. प्रॉपर आईवीएफ डॉक्टर्स। जब वो टेली. कंसल्टेशन लेते हैं और रिपोर्ट्स देखते. हैं और जो वो बताते हैं वो एकदम क्रेडिबल. होता है। घर पर जो नर्सेज जाती हैं उनके. लिए भी हमने पूरी रजिस्टर्ड नर्स रखी हुई.
है जिनको हम पहले एक हफ्ता ट्रेनिंग देते. हैं। प्लस जो इंजेक्शंस होते हैं वो. प्रीफिल्ड होते हैं लाइक इंसुलिन। तो वो. कोई हार्म नहीं करते। वो अब आराम से. पेशेंट भी अपने आप जैसे अब आजकल वेस्टर्न. कंट्रीज में हो गया है इंजेक्शंस ले जाते. हैं या उनको कूरियर हो जाते हैं एंड वो. अपने आप प्रीफिल्ड होते हैं वो अपने आप. लगा सकते हैं। एंड एनीवेज प्रोसेस करने के. लिए तो वो क्लनिक पे ही आ रहे हैं जो मेन. काम है जो एग निकालने का और बेबी डालने. का। सो इट्स अ वेरी वेरी क्रेडिबल. प्रोसेस।. मतलब आप ये कह रहे हो कि आपने बच्चों का. स्विगी जोatो खोल दिया है।.
कहने को तो हां। [हंसी] सो अब जब आप यू नो. आप घर पे आप अपनी ग्रोसरी खरीदने का आपके. पास टाइम नहीं है। आप रात को 9:00 बजे. अपनी ग्रोसरी ऑर्डर करते हो। सो बहुत सारे. कपल्स जैसे गुड़गांव दिल्ली इनके पास टाइम. ही नहीं है। यह 40 इयर्स पे मेरे पास आ. रहे हैं कि मैम मेरा तो सारा टाइम खत्म हो. गया बिकॉज़ आई वाज वर्किंग। हमें छुट्टी. नहीं मिलती थी। फर्टिलिटी डिक्लाइन हो रही. है। सो ऐसे कपल्स घर पहुंच के आराम से 8. 9:00 बजे सोफे पे बैठ के हमसे कंसल्टेशन. करें ना। प्रॉब्लम क्या है? अपनी. फर्टिलिटी भी डिले नहीं होगी। दे कैन.
रिटेन देयर फर्टिलिटी बिकॉज़ आफ्टर 28 जो. भी कहो एग और स्पर्म काउंटर तो डिक्लाइन. होना शुरू हो ही जाता है।. मतलब आप मां-बाप के लिए कोई बहाना नहीं. छोड़ रहे बच्चा पैदा करने का।. बिल्कुल सिंगल वूमन है जो एक्चुअली यू नो. कहते हैं आकर कि जब तक हस्बैंड नहीं आएगा. हम कैसे क्लनिक आएंगे। हस्बैंड को छुट्टी. नहीं मिलती है। सो यू कैन जस्ट Google. hm.com उस पर आओ अपनी कंसल्टेशन लो और. मतलब आपकी तैयारी है 140 करोड़ को 200. करोड़ पार पहुंचाने की। नहीं मेरी तैयारी. है उन कपल्स को बेबी कराने की जो एक्चुअली.
परेशान है और उनको बच्चा करना है।. बट ऑन अ सीरियस नोट मतलब ये सबसे ज्यादा. किसे इंपैक्ट करेगा ये आपने इसको सोचा. होगा आईवीएफ इसके पीछे सबसे बड़ी सोच. धारणा क्या थी टारगेट ऑडियंस कौन सबसे. ज्यादा था? सो मैं बता दूं शुभांकर जब मैं अपनी. क्लीनिक पे गाजियाबाद में बैठती हूं ना. मेरे अराउंड बहुत सारे डिस्ट्रिक्ट्स हैं. दूर-दूर जहां तक दूर-दूर तक आईवीएफ. क्लीनिक्स नहीं है। अब आप रुड़की ले लो।. मेरे पास पेशेंट सुबह ठंड में 5 घंटा. ट्रैवल करके गाजियाबाद आता था और फिर भी.
वो मेरी क्लीनिक पर वेट कर रहा है। फिर. उसको बैठना है और किसके लिए? सिर्फ एक. अल्ट्रासाउंड कराने के लिए और एक इंजेक्शन. लगाने के लिए। पेशेंट का पूरा दिन अपना. सैलरी भी जा रहा है उसका, जॉब भी जा रहा. है। वाइफ को भी लेकर घूम रहा है। ट्रैवल. एक्सपेंसेस हैं उसके। ये सब क्यों करना. है? जब एक चीज सिंपली अब ऑनलाइन हो सकती. है। अब मैं एक बहुत अच्छा एग्जांपल बताती. हूं। अभी करीमगंज आसाम पेशेंट करीमगंज का. पेशेंट ट्रीटमेंट कराने गुवाहाटी आता है।. वो 300 कि.मी. है वहां से। अभी ये करीमगंज.
के पेशेंट ने हमसे आईवीएफ ट्रीटमेंट कराया. है ऑनलाइन होम ivf.com पे सारे इंजेक्शंस. उसको घर पे लगाए। वो सिर्फ ट्रीटमेंट. कराने यानी एक दिन के लिए वो गुवाहाटी आया. अपने एग्स निकलवाने और स्पर्म देने और एक. दिन वो गया अपना ट्रांसफर कराने। और आज. उसको सेवन वीक्स की प्रेगनेंसी है। एंड. ट्रस्ट मी मैं आपको टेस्टिमोनियल्स. दिखाऊंगी। पेशेंट्स आर सो गा अबाउट इट कि. घर बैठे हमें कहीं नहीं जाना। हमारा सारा. काम घर पे हो रहा है। बिहार इतना सारा. पेशेंट कॉल कर रहा है। मैडम बहुत अच्छा.
है। हमें अपनी वाइफ को लेके नहीं जाना। हम. काम पे जा सकते हैं। पीछे आके नर्स के. इंजेक्शन लगा देगी। मैंने कहा बिल्कुल. सारा काम आपका घर पे होगा।. सो इससे बढ़िया. और ये आप कह रहे हो इसमें रेट में भी बहुत. फर्क नहीं है। प्राइसिंग में. इट्स द सेम जो क्लनिक पर है। हम प्राइसिंग. में क्यों डिफरेंस करेंगे? मतलब इनफैक्ट आपका बच रहा है। आपका आना. जाना ट्रेवल. जाना ट्रेवल आपका सैलरी आपका जॉब सब कुछ. आप काम कर सकते हो। आर इन एन एंबिशियस. वर्ल्ड टुडे वेयर इवन वुमेन वांट्स टू. वर्क। अब आप देखो ना सारी कितनी वुमेन. आजकल काम कर रही हैं। दे आल्सो वांट टू.
स्टैंड एट पार विथ देयर हस्बैंड्स। सो. क्यों नहीं भाई आप फोन पे ही सारा काम. करो। लोग ऑफिस बुला रहे हैं गुड़गांव में. कि आप ऑफिस भेज दो नर्स हम वहीं पे. इंजेक्शंस लगवा लेंगे।. अच्छा बच्चे तो पुराने जमाने में खूब होते. थे। बाबा के मेरे 10 थे। बट आज के जमाने. में आईवीएफ का ट्रेंड इतना क्यों बढ़ गया. है? क्योंकि शुभांकर बहुत सारे लाइफ चेंजेस. हैं। आप एक बात देखो ना स्ट्रेस इज सबसे. बड़ा फैक्टर। कितना पीियर प्रेशर है। आप. काम करने जाते हो। देयर इज सो मच ऑफ. स्ट्रेस लेवल। प्लस लेट मैरिजेस। अभी आपको.
ही देख लो। आप [हंसी] मम्मी वाला ताली मार. दिए। ठीक है। हां।. अब आपको ही देख लो ना। आप शादी नहीं कर. रहे हो। आई मीन कितना आजकल लुक्स एवरीबडी. वांट्स टू वर्क फर्स्ट लेट मैरिजेस।. मतलब ठीक है अब किसी का कट जाता है तो. क्या करें इंसान? फिर काम करता है।. किसी किसी का नहीं बहुत लोगों का। [हंसी]. मतलब आज शादी करना इम्पोर्टेन्ट है बट सही. इंसान से करना इज मोर इम्पोर्टेन्ट।. ट्रू। बट देन व्हाई डोंट यू डू योर एग. फ्रीजिंग एंड स्पर्म फ्रीजिंग? यू नो कि. आपको शादी करनी है। आपको इवेचन् बाद में. बच्चे भी करने हैं।. कई सारे।. कई सारे तो आप अपनी बायोलॉजिकल क्लॉक.
प्रिजर्व कर लो ना। आप अपने एग्स निकलवा. के फ्रीज करा लो। आप अपने स्पर्म्स निकलवा. के फ्रीज करा लो। ऐसा तो होगा नहीं कि. शुभांकर कभी बूढ़ा नहीं होगा।. सो. बहुत सारे शुभांकर भी चाहिए।. बहुत सारे शुभांकर भी चाहिए तो स्पर्म. फ्रीजिंग तो बनता ही है।. किस ऐज में मतलब क्या एज ब्रैकेट सबसे. परफेक्ट होता है एग फ्रीजिंग का? सो एग फ्रीजिंग का सबसे अच्छा टाइम होता. है बिटवीन 28 इयर्स टू 34 इयर्स। उस टाइम. एक्चुअली आपका एग काउंट अच्छा होता है। आप. इंजेक्शंस लगवाओ और 10 दिन हॉर्मोन. इंजेक्शंस। उससे आपकी दोनों ओवरी में एग्स.
बनते हैं। आपको क्लीनिक जाना है। क्लीनिक. पे अंडर अल्ट्रासाउंड गाइडेड 5 मिनट आपको. बेहोश करके यह सारे एग्स हम एस्परेट कर. लेते हैं। एंड देन वी सी देम अंडर. माइक्रोस्कोप एंड देन वी फ्रीज देम।. और ये इंजेक्शन किस चीज के लगाते हो आप? दीज़ आर हॉर्मोनल इंजेक्शंस।. कि और अच्छी क्वालिटी के।. अच्छी क्वालिटी के। और खूब सारे एग्स बन. जाएं। क्योंकि हर साइकिल में नॉर्मली एक. ही अंडा बनता है।. लड़कों में।. लड़कों में तो मिलियन ऑफ स्पर्म्स होते. हैं एक जैकेट।. हम अपनी बात कर रहे हैं। लड़कों की बात कर. रहा हूं मैं। तो लड़कों को कुछ नहीं करना.
है। उनको एक बेसिक अपना ब्लड टेस्ट करना. होता है।. हमको तो इंजेक्शन लगवाना है बस ना।. नहीं नहीं आपको नहीं लगवाने है। फॉर. स्पर्म फ्रीजिंग इट इज ओनली वन सैंपल।. हां मतलब हमारे लिए तो आसान है।. बहुत लड़कों के लिए तो हर चीज बहुत आसान. है। [हंसी]. लाइफ इज नॉट दैट कॉम्प्लिकेटेड।. यस वैरी ईजी।. सो लड़कों का क्या राइट है? क्राइटेरिया. है अपना एक्स फ्रीज करवाने का।. स्पर्म फ्रीज करवाने का।. सो स्पर्म फ्रीजिंग के लिए लड़कों के लिए. भी 28 टू 38 इयर्स के बीच में वो अपना. स्पर्म. चार साल हमें एक्स्ट्रा मिलता है।. हां। ऑब्वियसली बिकॉज़ ऑब्वियसली आप. स्पर्म्स भी तो मिलियंस में होते हैं.
आपके।. ओके। सो जो ये आईवीएफ के जरिए बच्चे होते. हैं जैसे मान लीजिए मैंने अपना स्पर्म. फ्रीज़ करा दिया जो मेरा बच्चा होगा वो. नॉर्मल बच्चे की तुलना में बेहतर होगा।. सी नॉर्मली दे से दैट आईवीएफ बेबीज आर मोर. इंटेलिजेंट देन नॉर्मल बेबीज। सम. परसेंटेज। बट यू हैव टू बी केयरफुल आल्सो. बिकॉज़ आईवीएफ में दो से 4% जेनेटिक. डिसऑर्डर्स होने के भी चांसेस होते हैं।. सो इसीलिए जब हम आईवीएफ करते हैं। सो एज. आवर क्लीनिक वी आर वेरी वेरी.
टेक्नोलॉजिकली एंड साइंटिफिकली स्ट्रांग।. सो हम जो एम्ब्रियोस यानी भ्रूण बनाते हैं. अंडा और स्पर्म मिला के उनकी हम आनुवांशिक. जांच भी करते हैं जिसको पीजीटीए टेस्टिंग. कहते हैं। पीजीटीए टेस्टिंग यूजुअली उन. कपल्स में हम करते हैं जिनकी उम्र 35 से. अधिक है। एक या दो आईवीएफ साइकिल फेल हो. चुकी हैं और स्पर्म काउंट कम है। या फिर. बार-बार उनको अबॉर्शंस यानी बार-बार उनको.
रिकरेंट अबॉर्शंस दो-तीन बार उनका बच्चा. खराब हो गया हो। ऐसे केसेस में अगर हम. आनुवांशिक जांच करें एम्ब्रियोस की सो. चांसेस बहुत बेटर हो जाती हैं। एंड इससे. फिर बेबी भी जेनेटिकली हेल्दी होता है।. ओके नॉर्मली सक्सेसफुल कितनी बार में होता. है? मतलब एक एवरेज क्या आता है इसमें? पहली बार में लोग सक्सेसफुल हो जाते हैं. आईवीएफ में या मल्टीपल टाइम्स।. सो आईवीएफ का सक्सेस डिपेंड्स ऑन लॉट ऑफ़. फैक्टर्स। एज क्या है? फीमेल की? मेल की. एज क्या है? एग क्वालिटी कैसी है? आपने. इंजेक्शंस कैसी क्वालिटी के लगाए हैं?
आपकी लैब कंडीशंस कैसी हैं? एग कैसा. निकला? मैच्योर था कि नहीं? एम्ब्रियोस. कैसे बने? बेबीज आफ्टर पुटिंग स्पर्म।. स्पर्म की मोटिलिटी, मॉर्फोलॉजी, स्पर्म. फैक्टर्स और फिर ट्रांसफर जब करते हैं तो. उसका यूट्रस कैसा है? उसमें कोई फाइब्रॉइड. तो नहीं है, एंडोमेट्रियोसिस तो नहीं है।. एंडोमेट्रियल लाइन जहां बेबी स्टिक होता. है वो अच्छी बनी है कि नहीं? सो बहुत सारे. फैक्टर्स पे आईवीएफ डिपेंड करता है। अगर. सब कुछ अच्छा दिखता है बहुत अच्छा और आप. जेनेटिक टेस्टिंग भी करते हो एम्ब्रियोस.
को डालने से पहले तो चांसेस यूजुअली 60. 65% रहते रहते हैं।. तो मैं एक अगर ऑन एन एवरेज समझना चाहूं कि. 10 कपल अगर आपके पास आए हैं जिनकी उम्र 28. से लेकर 35 36 38 साल के बीच में है।. उनमें से पहली बार में कितना सक्सेसफुल. रेटिंग अप्रोक्सिममेटली अगर मैं समझ. सो आउट ऑफ 10 कपल्स इन आवर क्लीनिक सिक्स. टू सेवन कपल्स यूजुअली कंसीव इफ देयर इज़. नॉट अ वेरी मेजर प्रॉब्लम. फर्स्ट टाइम में. फर्स्ट टाइम में नाउ बिकॉज़ इट्स हायर. टेक्नोलॉजी आपकी लैब कंडीशंस अच्छी हैं।. आप अच्छा मीडिया यूज़ कर रहे हो। योर.
डॉक्टर्स आर वेल ट्रेंड। आप जेनेटिक. टेस्टिंग करके डाल रहे हो। यू आर टेस्टिंग. एवरीथिंग। सो चांसेस आर वेरी वेरीरी गुड।. और होम आईवीएफ में और क्लनिक आईवीएफ में. भी यह रेट सेम रहेगा या इसमें डिफरेंस. होने के चांसेस है? क्योंकि यहां. मॉनिटरिंग आप डायरेक्टली नहीं कर रहे हो।. आप एक नर्स पे भरोसा कर रहे हो। वो काबिल. है मान रहा हूं मैं। बट ये आपके अपने. एंप्लॉयड लोग नहीं है।. सो यहां पे ना हम मॉनिटरिंग हम ही कर रहे. हैं। सो हम सिर्फ इंजेक्शंस लगवा रहे हैं. नर्स से। एनीवेज जब पेशेंट क्लनिक पे भी. आता है तो हम उसको चार दिन का इंजेक्शन.
पैक ही करके देते हैं कि भाई ये चार दिन. का इंजेक्शन है। आप बगल में नर्स से लगवा. लेना। हम यहां पे भी तो हम यही कर रहे. हैं। हम बस इंजेक्शंस पेशेंट्स को भेज रहे. हैं। पेशेंट्स घर पे ही इंजेक्शन नर्स से. लगवा रहा है। वो बगल से एक अल्ट्रासाउंड. मॉनिटरिंग करके हमें भेज रहा है। और. अल्ट्रासाउंड का फॉर्मेट भी हमारे फॉर्मेट. पे है। तो हमें प्रॉपर पिक्चर्स और. फॉर्मेट आता है जिसके बेसिस पे हम फिर आगे. स्टिमुलेशन करते हैं। बट टू टेल यू दिस. शुभांकर वी हैव ऑलरेडी टच्ड 5000 कपल्स इन. फोर मंथ्स। हु नीड यस हु नीड हु एक्चुअली.
नीड फर्टिलिटी ट्रीटमेंट एंड वी हैव. ऑलरेडी गिवेन ऑलमोस्ट लॉट ऑफ़ प्रेगनेंसीज।. सो आवर फर्स्ट प्रेगनेंसी व्हाट आई टोल्ड. यू वाज़ अ ट्विन प्रेगनेंसी।. सो इतना सारा पेशेंट ऑलरेडी कंसीव कर रहा. है। बिकॉज़ पेशेंट अल्टीमेटली क्लनिक पे ही. आ रहा है ना प्रोसेस कराने। एक्स तो. क्लीनिक पे ही निकल रहा है। लैब कंडीशंस. आर गुड। बेबीज हम क्लनिक पे ही बना रहे. हैं।. अच्छा जिनके जुड़वा बच्चे होते हैं क्या. मैं मान लूं कि 10 में से छह या सात केसेस. आईवीएफ के हैं? अ या यू कैन से देखो आईवीएफ में जुड़वा.
होने के 20 से 25% रिजल्ट रहता है। लेकिन. अगर कोई जुड़वा बच्चा सामने बैठा है ना तो. हां हम पूछ सकते हैं क्या फैमिली में. जुड़वा बच्चों की हिस्ट्री है या फिर. आईवीएफ कराया है? बट आजकल जुड़वा बच्चे बहुत सुनाई पड़ रहे. हैं। पहले इतने नहीं सुनाई पड़ते थे।. आईवीएफ की वजह से बिकॉज़ सिर्फ आईवीएफ नहीं. है। बहुत सारे लोग नेचुरल जो दवाइयां खा. के भी प्रेगनेंसी करते हैं ना उनके भी. जुड़वा बच्चे हो सकते हैं। सो आई विल टेल. यू जैसे नेचुरल प्रेगनेंसी किसी ने ट्राई. करी। डॉक्टर ने उसको पांच दिन की दवाई दी।.
उस दवाई से कभी-कभी ओवरी में दोनों ओवरी. में एग्स बन जाते हैं। सो वो दोनों एग्स. फर्टिलाइज हो जाते हैं एंड देन दे स्टिक. बोथ टुगेदर। सो सिर्फ आईवीएफ में नहीं अगर. आप नेचुरल प्रेगनेंसी ट्राई कर रहे हो और. आपने दवाई के थ्रू करी है या फिर आपने. आईयूआई कराया है या आईवीएफ कराया है तो इन. सब केसेस में ट्विन प्रेगनेंसी हो सकती. है।. बट जुड़वा बच्चे होना क्या महिला की सेहत. पर असर नहीं करते? सो जुड़वा बच्चे डेफिनेटली असर करते हैं।. देयर कैन बी प्रीटर्म डिलीवरीज। महिलाओं. में जेस्टेशनल हाइपरटेंशन यानी बीपी बढ़ने.
की प्रॉब्लम हो सकती है। डायबिटीज हो सकता. है। देयर कैन बी एनीमिया यानी हीमोग्लोबिन. कम हो सकता है। अबॉर्शंस हो सकते हैं। सो. डेफिनेटली ट्विंस होने के अपने साइड. इफेक्ट्स भी हैं। बट वही है अगर आप अच्छी. क्लीनिक को और अच्छे से मॉनिटर कर रहे हो. ना ट्विन प्रेगनेंसी तो आप बहुत अच्छे से. उसको निकाल सकते हो। और जैसे फराह खान के. यहां तीन बच्चे हुए थे तो जिस अगर. उन्होंने आईवीएफ करवाया होगा या जिस भी. प्रोसेस से करवाया हो सर्वोगेसी करवाया हो. उन्होंने खुद कंसीव किया था.
सी अब जो भी कराया हो उनके तीन बच्चे हुए. ट्रिपलेट्स इट कैन बी आई फॉर. सो ट्रिप्लेट्स में वुमेन के लिए रिस्की. नहीं होता क्योंकि ये भी कई केसेस सुनाई. पड़े करण जौहर में शायद तीन बच्चे थे. या सो ट्रिपलेट्स इज रिस्की ट्रिप्लेट्स. वाले बेबीज नॉर्मली एट 8 एंड हाफ मंथ्स पे. नॉर्मली डिलीवर कर जाते हैं तो वो अच्छा. होता लेकिन ट्रिपलेट्स यूजली कभी-कभी. जल्दी भी डिलीवर कर सकते हैं। प्रीटर्म. डिलीवरीज भी हो सकती हैं। एंड आई डिलीवर. कॉड्रुप्लेट्स।. मैंने दो बच्चे डाले थे और वो दोनों अंदर. जाके यूट्रस में स्प्लिट हो गए। मेरे हाथ.
में कुछ नहीं था। दैट वाज़ नेचर। एंड उसके. चार बच्चे थे। उसने मना मना कर दिया कि. मुझे कोई रिडक्शन नहीं कराना। नॉर्मली अगर. दो या तीन या चार बच्चे होते हैं तो 3. महीने की प्रेगनेंसी पे आप बच्चे रिड्यूस. कर सकते हो।. बट शी सेड मुझे रिड्यूस नहीं कराना एंड 35. वीक्स यानी 8 एंड हाफ मंथ्स पे मैंने ये. चारों बच्चे डिलीवर किए थे। सही सलामत. सही सलामत. चारों बच्चे. चारों बच्चे थ्री गर्ल्स वन बॉय.
[हंसी]. सो टाइम्स ऑफ इंडिया हैड कवर्ड दिस स्टोरी. आल्सो. नाइस नाइस बहुत सारे मेरे पास क्वेश्चन भी. आए थे ऐसे ही रैंडम सीरियस क्वेश्चन पे. जाने से पहले कुछ ये धमाके वाले क्वेश्चन. पूछ लेते हैं. ये एक डिजाइनर बेबी बड़ा कांसेप्ट चला है. कि आईवीएफ वाले डिजाइनर बेबी मांगते हैं. हमारा बच्चा ऐसा होना चाहिए. अरे बहुत सारे हैं मतलब पीपल काम कि मुझे. ना. स्माइल शुभांकर जैसे होंठ शुभांकर जैसा. शुभंकर जैसा दिखता हो तो मैंने कहा फिर. आपको शुभांकर को लेकर आना पड़ेगा टू गेट ह.
सीमन सैंपल आल्सो. मैंने अभी डोनर बनने का काम नहीं शुरू. [हंसी] किया. बन सकते हो शुभांकर. मैं ठीक-ठाक काम धंधा करूंगी. शुभांकर डोनर भी मूवी बन सकती है. मतलब ठीक है मेरे बाबा के 10 थे मुझे नहीं. चाहिए 10 [हंसी]. सो. बट ये डिजाइनर बेबी कांसेप्ट सही है ये. मतलब लोग मांगते हैं डिमांड करते हैं. एक्साक्ट्ली सो दे से कि बिकॉज़ अब इतना. कल्चर हो गया ना लोग दे वांट टू हैव फिरंग. बेबी बेबीज डिज़ाइनर से ज्यादा फिरंग बेबीज. वी नीड समबडी वि ग्रीन ब्लू आईज वी वांट.
फेयर कॉम्प्लेंट. स्केर्ड कि पड़ोसी बोलेगा कि भाई किसके. बच्चे हैं ये. अभी नहीं अभी नहीं अभी तो बहुत सारा देखो. जो एक्चुअली जो और टिए टू टिए थ्री सिटीज. से आते हैं ना कपल्स वो थोड़ा वरिड रहते. हैं कि हां मेरा बच्चा मेरे जैसा दिखना. चाहिए। सो ऑफ कोर्स मैंने कहा जब आपका ही. एग और स्पर्म है तो भाई बच्चा आपके जैसा. ही दिखेगा ना। लेकिन सम पीपल दे कम एंड दे. टेल मी कि मुझे ना बहुत फेयर बच्चा चाहिए।. मुझे लंबा बच्चा चाहिए। मुझे बच्चा चाहिए. जिसके थोड़े से यू नो कर्ली बाल हो।.
स्पेशली आफ्टर अब्राहम शाहरुख के बेटे के. बाद। सो देयर वाज़ अ बिग कंट्रोवर्सी. [हंसी] कि हमें ऐसे बच्चे चाहिए। बट दिस. इज ऑल यार परसेप्शन। लोग परसेप्शन पे जी. रहे हैं कि अब वो कुछ भी हो सकता है। सो. आई टेल देम भाई देखो जैसा स्पर्म होगा. जैसा एग होगा वैसा ही बेबी होगा। तो क्या. लोग स्पर्म और एग बोरो करते हैं? सो इफ दे हैव डोनर इशूज़ लाइक अगर उनके एग. काउंट बहुत कम है या स्पर्म काउंट कम है।. सो दे आस्क फॉर डोर एग्स एंड डोनर. स्पर्म्स।. और अगर उनको मनचाही तमन्ना पूरी करनी हो.
तो भी क्या ऐसी डिमांड रखी जाती है कि हम. दोनों हेल्दी हैं। बट हमें चाहिए हमारा. बच्चा हमारी तरह नहीं बहुत खूबसूरत हो। और. क्या आपके पास कोई ऐसा एग या स्पर्म है. जिसके जरिए हमारा वो खूबसूरत बच्चे का. ख्वाब जो पूरा हो सके। ऐसी वियर डिमांड. आती है? आती है। बट इन दैट ना देयर इज वन थिंग. वेरी कॉमन। आई हैव सीन दैट। मैन क्या. बोलते हैं? स्पर्म भाई मेरा ही हो।. मैन विल बी मैन। [हंसी]. सो इन दैट केस आई टेल देम भाई अगर स्पर्म. आपका है तो बेबी तो आप पे भी जा सकता है.
ना। सो इट डजंट डिपेंड कि हम कौन सा एग्स. ले रहे हैं तो बेटर है अपनी वाइफ का ही. एग्स लो। अपना ही स्पर्म लो और बेबी अपना. ही कराओ।. सबसे वियर्ड डिमांड क्या है आपके पास? सबसे वियर्ड डिमांड। सबसे वियर्ड डिमांड।. देखो वियर डिमांड तो यही होती है कि भाई. हमको बिल्कुल नीली आंखें वाला बच्चा करा. दो इट्स लाइक वो भाभी डोल वाले बच्चे नहीं. होते हैं। सो आई सेड भाई ये तो नहीं हो. सकता है कि ये इंडिया में पॉसिबल नहीं है।. या तो आप फिर आप डोनर एग्स और मतलब डोनर. स्पर्म लेकर कराओ और उन दोनों की आंखें.
एकदम नीली होनी चाहिए।. बट आंखें इस इस लेवल पे डिजाइनिंग होती है. बच्चों में।. इंडिया में अलाउड नहीं है।. बाहर होती है? बाहर क्लोनिंग प्रोसेससेस आर गोइंग ऑन।. व्हाट इज दिस क्लोनिंग प्रोसेस? तो इसमें. क्या होता है कि जो एम्ब्रियोस होते हैं. उनमें जीन एडिटिंग हो सकती है दैट दैट द. स्पेसिफिक जीन फॉर द आई कलर कैन बी. इनकर्पोरेटेड बट स्टिल इट्स इन रिसर्च।. मतलब आंखें इस तरह होंगी. आंखें होठ इस तरह होंगी या हाइट इतनी. होंगी।. इवेंचुयूअली ये सब आने वाला है विथ एआई।. यू कैन डिजाइन योर फुल बेबी विथ एआई.
इवेंचुअली इन एम्ब्रियोस।. और ये अगले कितने सालों में ऐसा पॉसिबल. है? है? है? आई थिंक अनदर थ्री फोर इयर्स अगर एआई इतना. स्पीड से जा रहा है। सो एव्री एनीथिंग कैन. हैप्पी। तो फिर मैं जल्दी शादी क्यों करूं. मैं? [हंसी]. पॉइंट।. पॉइंट।. अगर हम तीन-चार साल में इतने करीब पहुंच. रहे हैं जहां पर आप अपना बच्चा डिजाइन कर. सकते हो। बट इज इट गुड? बट व्हाई डू यू वांट टू डिजाइन योर बेबी।. व्हाई यू आर यू आर प्रीटी गुड लुकिंग हां? बट स्टिल आई मीन अगर इस लेवल पे आप. आर्टिस्ट अपना टच दे सकते हो। इज इट गुड.
फॉर मदर नेचर? क्या आप नेचर से छेड़ रहे हो? इट्स अब्सोलुटली नॉट। आपको कभी भी नेचर के. साथ छेड़ना नहीं चाहिए। बिकॉज़ देयर कैन बी. लॉट ऑफ़ म्यूटेशंस व्हिच विल हैपन व्हिच. कैन एक्चुअली लीड टू जेनेटिक। और वो आगे. जाके क्या बनेगा? कैसा ह्यूमन आएगा? वेयर. इट विल लीड टू डिजास्टर हो सकता है। सो. नेवर नेवर डिस्ट्रब्ट द नेचर।. देन व्हाई पीपल आर डूइंग दिस? महत्वाकांक्षा पागलपन. रिसर्च गोइंग टू नेक्स्ट लेवल।. बट ये सच है मतलब कि लोग जो आप कह रहे हो.
कि बच्चे लोग डिजाइन करवा रहे हैं या. क्लोनिंग शुरू हो गई दुनिया में।. क्लोनिंग इज एन रिसर्च प्रोसेस येट। तो बट. स्टार्ट हो जाएगा यह अच्छे से. आने वाले समय में. अभी डिजीजसेस तो जेनेटिक डिसऑर्डर्स तो. म्यूटेशन से करा ही रहे हैं हटा ही रहे. हैं दे कैन बी जीन एडिटिंग फॉर डिजीजसेस. बट फॉर द फिजिकल फीचर्स डेफिनेटली वो. इवेंचुअली. मतलब जो पिता को बीमारी है बच्चे को नहीं. होगी. बच्चे को नहीं होगी. तो वो जो हमारे डॉक्टर शरीन साहब का कहते. हैं कि. जन्म पत्री मिलाओ मत मिलाओ जीन पत्री. मिलाओ अब उसकी जरूरत नहीं पड़ेगी. नहीं नाइस कि अगर आपके पिता को आप उससे बच.
सकते हैं. एक्सक्ट्ली एंड अभी तो ये इंडिया में. एटलीस्ट आप अपने एम्ब्रियोस भी सेलेक्ट कर. सकते हो। लाइक यू हैव अ डिसऑर्डर एंड योर. वाइफ हैज़ अ डिसऑर्डर। अगर आपके बेबीज बन. रहे हैं और यह जेनेटिक प्रॉब्लम है तो आप. जो यह बेबीज एम्ब्रियोस बनाते हो आईवीएफ. में आप इनकी जेनेटिक टेस्टिंग कर सकते हो।. और जो बेबी हेल्दी है, अब वही बेबी उठा के. अपने अंदर डलवा सकते हो। लेकिन अब्रॉड में. एक रिसर्च हो रही है जो एब्नॉर्मल बेबीज. हैं, इनमें भी आप जीन एडिटिंग करके वह.
डिजीज्ड वाला पार्ट हटवा सकते हो। बट. स्टिल दी थिंग्स आर इन रिसर्च।. नाइस। अगर एक कपल है उसका बच्चा हो रहा है. नॉर्मल प्रोसेस के थ्रू और उसका बच्चा. आईवीएफ के थ्रू हो रहा है। एक ही आप उनकी. एग और स्पर्म से क्या जो बच्चा आईवीएफ के. थ्रू होगा वो ज्यादा मेंटली स्ट्रांग और. गुड लुकिंग होगा? ऐसा कुछ भी नहीं है। अगर अपना ही. उसी उसी उसी में मैं लाके बात कर. एक्साक्ट्ली अगर उसी कपल का एक नेचुरल.
प्रेगनेंसी है और उसी कपल का आईवीएफ है और. अपना ही एग और अपना ही स्पर्म है। सो सब. सब एक जैसा ही होगा।. बट जैसे आप जेनेटिक टेस्ट की बात करते हो. कि आपने क्योंकि मिलियंस ऑफ स्पर्म थे. उनमें से आपने कौन सा चूज़ किया आप कह रहे. हो कि हम सबसे हाई क्वालिटी चूज़ कर रहे. हैं। उसका फर्क नहीं आता नॉर्मल और आईवीएफ. में फिर? नहीं नहीं। बट दे से दैट आईवीएफ में अगर. आप जेनेटिक टेस्टिंग करके बेबी डाल रहे हो. तो इट्स ऑलमोस्ट एज इक्वल एज हैविंग अ. नॉर्मल बेबी।. ओके। तो किसे किसे आईवीएफ के थ्रू जाना. चाहिए? जिनको समस्याएं हैं या नॉर्मल लोग.
भी आईवीएफ जाए. तो क्यों जाए? नहीं जिनको समस्याएं हैं उन्हीं को आईवीएफ. पे जाना है। स्पेशली इन वुमेन जिनकी दोनों. फलोपियन ट्यूब्स ब्लॉक्ड हैं। जिनका एग. बनना कम हो गया है। जिनको बहुत टाइम हो. गया शादी को और बच्चे नहीं हो रहे हैं।. जिनको एंडोमेट्रियोसिस एक ऐसी प्रॉब्लम है. जो यू नो यूट्रस के अंदर से शुरू होती है।. एंड इट स्टार्ट स्प्रेडिंग इन द पेल्वस।. जिनको फाइब्रॉइड्स हैं, जिनको अपने आप. बेबी नहीं हो रहा है या फिर जिनका स्पर्म. काउंट कम है या जीरो स्पर्म काउंट है। सो.
ऐसे कुछ कपल्स हैं जिनको आईवीएफ कराना. चाहिए। एक और चीज होती है आईयूआई। आईयूआई. एक छोटा प्रोसेस होता है जो नेचुरल. प्रेगनेंसी को मदद देता है ताकि. प्रेगनेंसी रेट 10 टू 15% बेटर हो जाए।. मतलब. इसमें क्या होता है? यह उन कपल्स में होता. है जो जिनकी शादी को थोड़ा ही समय हुआ है।. उनके एग्स ठीक बन रहे हो, ट्यूब्स खुली. हो, स्पर्म काउंट ऑलमोस्ट ठीक है। लो भी. चलेगा उस केस में। इसमें क्या होता है? हम. दवाई देके एग्स बनाते हैं।.
ओवरीज में एग्स बनते हैं। जिस दिन ये एग. रप्चर होने वाला होता है। जैसे हम कहते. हैं ना 14 दिन पे एग फट रहा है। उसी दिन. हम हस्बैंड को बुला के उसको मास्टरबेट. करके उसके स्पर्म्स लेते हैं। उसको प्रॉपर. वॉश करते हैं लैब में स्पर्म्स को।. स्पर्म्स की मोटिलिटी बेटर करते हैं और. फिर एक प्लास्टिक कैथेटर के थ्रू वाइफ में. स्पर्म्स यूट्रस में डाल देते हैं। सो मैच. कर जाता है टाइम जब एग रप्चर हो रहा होता. है और जब स्पर्म नीचे से जा रहा होता है।.
ओके।. सो इट हेल्प्स टू एड नेचुरल प्रेगनेंसी।. तो जिनको अपने आप बच्चा नहीं हो रहा होता. है उन केसेस में हम ये ट्राई कर सकते हैं।. स्पेशली अगर स्पर्म भी लो है तो।. ओके। ज्यादातर लोग जो आईवीएफ में आते हैं, आपके पास आते हैं, इनमें पुरुषों में. समस्याएं होती है या महिलाओं में? 50-50% टुडे। अगर मैं अपनी क्लनिक में. बैठी हूं, 50% मेल प्रॉब्लम्स हैं, 50%. फीमेल प्रॉब्लम्स हैं। एंड ट्रस्ट मी. शुभांकर इट्स बिकमिंग सो मच। आजकल मेन भी. आके अपनी प्रॉब्लम्स डिस्कस करते हैं।.
कितने मेन हैं? मतलब दे दे जस्ट कम इन एंड. दे से कि मेरा स्पर्म काउंट नहीं है। निल. है। बहुत लो है। मुझे इजाकुलेशन इश्यूज. हैं। मुझे इरेक्शन इशूज़ हैं। लॉट्स ऑफ. इशूज़ ऑन स्पर्म्स आर देयर।. इंडिया में लोग कंफर्टेबल हो गए इतने।. अ आई थिंक जो आ रहे हैं क्लनिक वो तो. कंफर्टेबल है। बट आई विल टेल यू वन. इंसिडेंस होम आईवीएफ पे वी आल्सो रन अ मेल. इनफर्टिलिटी कैंपेन। सो हमारे. एंड्रोलॉजिस्ट के पास एक कॉल आता है बोर.
से। एक हस्बैंड ने अपने आप को एक रूम में. बंद किया हुआ है। एंड देन ही इज़ डिस्कसिंग. ह प्रॉब्लम्स वि द डॉक्टर कि मुझे यह इशूज़. हैं।. बंद करके मतलब कमरा बंद करके. बिकॉज़ घर पे और लोग भी हैं ना।. सो आवाज बाहर ना जाए।. ओके।. तो एंड क्लीनिक पे वो जा नहीं सकता बिकॉज़. ही इज लाइक मुझे इतनी परेशानी हो रही है. कि मैं समझ नहीं पा रहा हूं किससे डिस्कस. करूं। और हमने यह देखा कि आप लोग मेल. इनफर्टिलिटी भी डील करते हो। सो उसने मेरे. डॉक्टर के साथ अपॉइंटमेंट फिक्स किया एंड.
देन प्रॉपर रूम में बैठ के कि कोई अंदर ना. आए उसकी बात ना सुने। एंड ही स्टार्टेड. डिस्कसिंग उसको क्या मेल इशूज़ हैं। एंड. देन मेरा डॉक्टर उसको अब ट्रीट कर रहा है. ऑन हिज मेल इशूज़।. सो इतना बड़ा स्टिग्मा है यह वेयर अभी भी. जो मेन हैं वो बाहर निकल के नहीं आते हैं।. वो मतलब दे डोंट इवन वांट टू डिस्कस इन. फ्रंट ऑफ देयर वाइब्स।. सो ये सब एक छोटी-छोटी चीजें हैं व्हिच. मेड मी कि हमें यह होम आईवीएफ ऐप बनाना.
चाहिए जहां पे वो फुल कॉन्फिडेंशियलिटी के. साथ एक ट्रांसपेरेंसी के साथ अपनी. प्राइवेसी में घर बैठ के वो एक डॉक्टर से. बात कर सकें।. पुराने जमाने में लोग ज्यादा फर्टाइल होते. थे।. मुझको ना ऐसा इसलिए लगता है कि हां हो. सकता है वो बेटर फर्टाइल हो क्योंकि एक तो. शादियां बहुत जल्दी हो जाती थी। दूसरी बात. है खाना पीना वाज़ ऑल वेरी गुड। अब तो सब. कुछ पेस्टिसाइड्स और इंजेक्टेबल्स वाले ही. मिल रहे हैं। पोल्यूशन कम था। स्ट्रेस. लेवल कम था। लोग एक दूसरे से मिलते थे।. रिशेदारी थी। लोग एक दूसरे के लिए खड़े.
रहते थे। आज सबको सिर्फ स्ट्रेस ही मार. रहा है। प्लस दे सो मच ऑफ़ वाइबेशंस इन द. पूरे एटमॉस्फियर में इतना वाइबेशंस है। हर. आदमी तो फोन, ब्लूटूथ, लैपटॉप सब इसी पर. है। सो मच ऑफ़ वाइब्रेशन इज़ किलिंग अस. आल्सो। सो, डेफिनेटली फर्टिलिटी बेटर थी. पहले। बट एक और चीज थी। पहले लोग ना आपस. में बच्चे भी दे देते थे। कितने-कितने. बच्चे हो रहे थे लोगों के। आज अगर घर में. बुआ को बेटा नहीं हो रहा है, तो चलो हमारे. चार हो गए। हमने एक उसको दे दिया। तो, ऐसे, ऐसे चलता था। अब यह सब या आज नहीं.
है। सो, बहुत सारी चीजें डिफरेंट हैं आज. की दुनिया में। बट डेफिनेटली इनफर्टिलिटी. है आज बहुत ज्यादा। इनफर्टिलिटी इज गोइंग. अप एंड आई थिंक इट्स गोना बी वन ऑफ़ द मेजर. पब्लिक इशूज़ सून।. हमारे कैमरा पर्सन है चेतन गुप्ता। उनकी. भी 14 फरवरी को शादी हुई है।. हम. उन्होंने तारीख चुनी थी कि वैलेंटाइन को. शादी करना है।. लोग बच्चा में भी तारीख देखते हैं कि इस. महीने पैदा होना चाहिए।. हां बिल्कुल देखते हैं।. कि हमारा बच्चा वैलेंटाइन के पास पैदा हो, दिवाली के पास पैदा हो। मेरा बर्थडे. अप्रैल में था। उसका भी आना चाहिए।.
बिल्कुल बिल्कुल। अरे आईवीएफ में भी देखते. हैं। वो मुझे बोलते हैं मैडम अभी ना आप. ट्रांसफर करना फरवरी में ताकि मेरा बच्चा. सीधे जाके नवंबर में हो। मतलब दे फिक्स दे. मंथ्स। उनको आज यही वाला बच्चा चाहिए। एक. लियो बच्चा चाहिए। स्कर्पियो वाला बच्चा. चाहिए। सो दे डिसाइड कि किस मंथ का उन्हें. बच्चा चाहिए।. इसमें राशियां फिर कुछ रह जाती हैं। या तो. क्योंकि करप्ट हो गई वो। [हंसी]. अब भाई. जैसे जैसे हमारे टाइम में मैं एरीज हूं।. तो एरीज वाले कुछ लक्षण है मुझ में।. हां। जो अलग-अलग होते हैं मेरे भाई में. उसके लक्षण है। बट जो ऐसे बच्चे हो रहे.
हैं इनमें तो मुझे लगता नहीं कि ज्योतिष. का कुछ खेल रह गया।. नहीं रहता होगा। बिकॉज़ डेफिनेटली देखो ये. सब चीजें साइंस हैं। दिस इज लाइक समथिंग. व्हिच इज़ वैरी एस्ट्रोलॉजिकली साउंड. आल्सो।. बट सब आप प्लान कर रहे हो ना कि बच्चा कब. जाएगा 9 महीने में निकालोगे।. बट वो प्लानिंग भी तो ऊपर वाला ही करा रहा. है ना।. हां।. सो इट इज ऑल एस्ट्रोलॉजिकली। नो डाउट ऑन. दैट। मतलब देखो फर्क तो लोग अगर चाहें तो. फर्क तो इन चीजों से पड़ता ही है। बिकॉज़. इट्स आल्सो अ साइंस व्हिच इज़ एन. इंपॉर्टेंट साइंस। किस-किस महीने में. बच्चे डिमांड्स पैदा होती है कि बच्चे आए? हमारे यहां ना सर्दियों में बहुत होता है. कि आप हमारा ट्रांसफर सर्दियों में करो.
बिकॉज़ दे वांट देयर डिलीवरी इन नेक्स्ट. विंटर्स लाइक अक्टूबर, सितेंंबर, नवंबर।. सो उन्हें स्पेशली मैंने देखा नवेंबर मंथ. का बहुत चाम है।. क्यों? आई डोंट नो फिर फेब में बच्चा डालो। नवंबर. में हमारा. मर्दों में तो नो शेव नवंबर चलता है।. [हंसी]. बच्चों में नवंबर क्यों है? आई डोंट नो। बट बहुत सारे लोग ये बोलते. हैं। एंड स्पेशली दे चूज़ द डेट्स। हमारा. बर्थडे इस डेट को पड़ता है। तो बच्चा भी. हमारा ना आसपास पढ़े। सो अकॉर्डिंगली वह यह. भी चूज़ करके अपना एम्ब्रियो ट्रांसफर. कराते हैं। हमें मैंने मेरी मदद इन लॉ इज़.
अ वेरी फेमस गानेकोलॉजिस्ट। सो शी ज़ लॉट. ऑफ़ डिलीवरीज़। तो मैं सुनती थी आज यू नो. जन्माष्टमी है। आज 12-15 सिज़ेरियंस हैं।. लोग यू नो उस दिन करा रहे हैं कि आज अच्छा. दिन है। अब तो आईवीएफ में भी होने लगा है. कि ट्रांसफर हमारा इस महीने करो ताकि उस. महीने डिलीवरी हो।. एंड आई एम श्योर लोग डिलीवरी भी तो जल्दी. आगे पीछे भी करवाते होंगे।. हां बिल्कुल बिल्कुल डेट्स फिक्स करके कि. आज इस महीने में कर दो 15 दिन पहले कर दो।. डेट निकलवा के लाते हैं अपने पंडित जी से.
या कुछ हमारा स्पेशल. बिल्कुल बिल्कुल स्पेशल है हमारा तो बस. ऐसे ही चलता है हमारे यहां तो [हंसी] आजकल. हम लोग पेशेंट के हिसाब से चल रहे हैं।. मतलब इट्स अ वेरी न्यू वर्ल्ड। या इट्स अ. वेरी न्यू वर्ल्ड एंड एवरीडे यू मीट एंड. यू सी अ न्यू कांसेप्ट कमिंग टू योर. क्लनिक। पीपल हैव सच क्वेश्चंस एंड विद. दिस चैट जीपीटी Google. मतलब आप ऐसे-ऐसे सवाल वो आपसे पूछेंगे कि. आपको समझ में नहीं आएगा आप इसका जवाब क्या. दो।.
बच्चा चाहिए लेकिन टर्म्स एंड कंडीशन. कंडीशंस के साथ।. पंडित जी ने मेरा कहा है कि इस दिन इस. तारीख को फला नक्षत्र में पैदा होगा। यह. भी आया है कि डिलीवरी इस दिन तो होगी। ठीक. है लेकिन भोर में करनी है।. हां सुबह करिए 10:00 बजे टाइम भी आता है।. 9:30 बजे 7:30 बजे दोपहर के 2 बजे. जब बाहर निकले तो 9:30 बजे के बाद ही आना. चाहिए 10 के बीच में बोले इतना। [हंसी]. सो अगर आप सिज़ेरियन कर रहे हो ना और अभी. 155 हुआ है। सो आप खड़े हो खोल के कि आप.
बेबी डिलीवर करोगे 5 मिनट बाद।. क्योंकि पंडित जी ने. पंडित जी ने कहा है 2:00 बजे ही बच्चे का. सर बाहर आना चाहिए।. ओके. नाइस। हमारे यहां एक आए थे। मुझे याद आ. रहा है। एक एस्ट्रोलॉजर आए थे। तो. उन्होंने कहा कि हमने ऐसा करवाया था। हमने. अपने बच्चे की प्री कुंडली बनवा ली।. [हंसी]. पता लगा कि इस नक्षत्र इस वक्त जो बच्चे. पैदा होते हैं उनका सबसे काल मजबूत होता. है। तो उन्होंने कहा हमने अपने बच्चों में.
एक्सपेरिमेंट किया। और हमारे दोनों बच्चे. उनके आईवीएफ के थे। तो उन्होंने वो किया।. तो देखिए आप पंडित जी लोग भी करा रहे हैं।. बट यह ऑकवर्ड या वियर्ड नहीं होता आप लोग. के लिए।. हां कभी-कभी बहुत ऑकवर्ड होता है यार। बट. आई फील टुडे ना इन दिस वर्ल्ड आई थिंक. आपको उनकी बात भी समझनी है ना। अब आज की. दुनिया में एक बच्चा हो रहा है या दो. बच्चे हो रहे हैं। सो वो पूरा प्रिकॉशन. लेकर करते हैं कि हमको इसी टाइम चाहिए।. हमको इसी मंथ में चाहिए। अच्छा हमारी. वेकेशंस हैं तो हमारी वेकेशंस के बाद.
हमारा बच्चा डालो। मतलब आपको सब कुछ प्लान. करना है अकॉर्डिंग टू देयर स्ेड्यूल।. नाइस। बट आईवीएफ तक पहुंचते हैं उससे पहले. की भी एक कहानी होती है। क्यों पहुंचे? आपकी लाइफस्टाइल मैटर करती है। तो कुछ. सवाल उसके लिए भी हैं जिनको ना पहुंचना हो. जिनसे आपका मुनाफा नहीं होगा। सिर्फ. जानकारी. वो भी जहां तक हमारे लिए।. पट की जेब में मोबाइल रखना फर्टिलिटी के. लिए खतरनाक है।. अब्सोलुटली। सो अगर आप अपने फोन को पट की. जेब में रख रहे हो। प्लीज अवॉयड करो।. फ्रंट पॉकेट में। फ्रंट पॉकेट्स में बिकॉज़.
इससे वाइबेशंस निकलती हैं एंड डेफिनेटली. स्पर्म काउंट इफेक्ट होता है। आपको इवन. फ्रंट पॉकेट में नहीं रखना है चेस्ट पे. बिकॉज़ चांसेस ऑफ योर हार्ट अटैक इंक्रीसेस. विथ इट। सो मेरा बस यही कंसर्न है अगर आप. फोन कैरी कर रहे हो अपने बैग में कैरी करो. या फिर आप तो हाथ में लेकर चलते ही हो. अपना।. पीछे पॉकेट में रख लो।. पीछे भी पॉकेट में रख सकते हो।. फील गुड फैक्टर भी होगा और [हंसी]. और कोई निकाल के पीछे से भाग भी जाएगा।. ठीक है। तुम सेफ हो। लैपटॉप को जांघ पर रख. के काम करना।. सेफ है। सो आप अपना लैपटॉप अपने लैपटॉप.
अपनी लैपी पर रख के काम नहीं करोगे बिकॉज़. उससे भी बहुत वाइबेशंस निकलती हैं। सो यू. हैव अ टेबल कीप इट ऑन अ टेबल एंड देन यू. वर्क।. बट जो लोग लैपटॉप जांघ पे रखते हैं या. मोबाइल लगा रखते हैं उनके स्पर्म काउंट. में फर्क पड़ता है।. बिल्कुल फर्क पड़ता है। बहुत ज्यादा।. ज्यादा।. सो आप देखो ना अब जितना भी कॉर्पोरेट. वर्ल्ड आ रहा है मेरे पास ये सारा मेट्रोज़. में पूरा लैपटॉप अपने लैब पे काम कर रहे. होते हैं। दे आर ट्रैवलिंग सो मच विद दे. वर्किंग। ऑफिस में काम कर रहे हैं। सो आप. ये सब पेशेंट्स ये सब आते हैं मेरे पास कि. लो स्पर्म काउंट है।.
आज के हुक अप कल्चर के दौर में फर्टिलिटी. पर कितना असर पड़ता है इसका? बहुत फर्क पड़ रहा है।. बिकॉज़ एवरीबडी इज इंगेज्ड विद टू थ्री. डिफरेंट-डिफरेंट पीपल।. डेफिनेटली फर्क पड़ रहा है। बिकॉज़. क्या फर्क पड़ता है? मल्टीपल चीज है कि. आपको एक तो पेशेंस कम वि द हिस्ट्री ऑफ कि. प्रेगनेंसी हो गई। हमने पिल खाई। सो आईपीl. इज़ आल्सो इज़ली अवेलेबल इन द मार्केट। उससे. बहुत फर्क पड़ रहा है। बिकॉज़ डेफिनेटली. एंड देन व्हेन यू हैव मल्टीपल पार्टनर्स. यू वांट टू गेट मैरिड आल्सो लेट।. सो देन देयर आर चांसेस कि एग रिजर्व कम.
होने लगता है। प्लस सर व्हेन यू गेट मैरिड. आफ्टर हैविंग टू थ्री पार्टनर्स योर. कंपैटिबिलिटी विथ योर पार्टनर बिकम्स लेस।. नहीं मैं मैं मेंटल इशू की बात नहीं कर. रहा हूं। मैं बात कर रहा हूं बच्चा पैदा. करने के उस प्रोसेस में। अगर कोई महिला या. पुरुष जिसके मल्टीपल पार्टनर्स रहे हैं. क्या उनकी फर्टिलिटी पे या उनके बच्चा. सी दैट ऑल डिपेंड्स ऑन देयर एज दैट ऑल. डिपेंड्स अपॉन कि उनको कोई सेक्सुअली. ट्रांसमिटेड डिसऑर्डर तो नहीं हो रहा है।. सो आई मीन इट ऑल डिपेंड्स अपॉन देयर.
रिलेशनशिप देयर एज एंड हाउ दे आर मैनेजिंग. इट।. मेरे पास एक डॉक्टर आई थी। उन्होंने कहा. था कि रोहित शेट्टी की फिल्मों से आप. एक्शन सींस मत सीखिए। ऐसे ही पोर्न. फिल्मों से बच्चा पैदा करना मत सीखिए।. पोर्न ने कितना डिस्टर्ब किया जिसकी वजह. से लोग आपके आईवीएस सेंटर में आते हैं।. इसका इंपैक्ट होता है।. अ नॉट मच अभी. बट यस मेन कम एंड मास्टरबेशन इज़ अ वैरी. बिग फैक्टर। सो अह इन बोथ मेल्स एंड.
फीमेल्स। सो, आई वुड से कि हां, पेशेंट्स. आते हैं मेरे पास, एंड स्पेशली दे टॉक. अबाउट कि आई एम नॉट एबल टू हैव अ नॉर्मल. सेक्सुअल लाइफ विथ माइ वाइफ। बिकॉज़ आई एम. सो यूज्ड टू सीइंग पों्स कि मैं मास्टरबेट. कर करना मेरे को इतना हैबिटचुअल हो गया है. कि वि हैविंग अ सेक्सुअल लाइफ विथ माय. वाइफ हैज़ बिकम सो डिफिकल्ट।. सो व्हाट यू एडवाइस देम? देन वी एडवाइस देम टू हैव द बेटर. कंपैटिबिलिटी एंड देन बिकॉज़ एक एज फैक्टर. पे आते हैं वो। सो मेरे पास भी इतना टाइम.
नहीं बचता कि मैं उनको उस साइकोलॉजिकली से. निकालने के लिए बहुत टाइम लूं। इसलिए आई. ऑलवेज सजेस्ट कि आप आईयूआई एक नेचुरल. ट्रीटमेंट स्टार्ट करवा लो अपना।. आईयूआई ये क्या होता है? मैंने आपको बताया. जो आपने बताया था. कि आप स्पर्म लेके अपनी वाइफ में डाल सकते. हो।. में. ओके स्पर्म काउंट कम होने के पांच सबसे. बड़े कारण क्या है? अ स्ट्रेस, वाइबेशंस, मेडिकल डिसऑर्डर्स. लाइक डायबिटीज, अ जेनेटिक इशूज़ एंड. डेफिनेटली पोलशन।.
ओके। यानी दिल्ली वाले तो एक्स्ट्रा. साधारण है।. बहुत ज्यादा।. अगर किसी मर्द का स्पर्म काउंट जीरो है तो. क्या वो कभी फादर नहीं बन सकता किसी भी. प्रक्रिया से? नहीं। सो, यह बहुत इंटरेस्टिंग है। अगर. किसी भी आदमी का स्पर्म काउंट ज़ीरो है, सो. सबसे पहले हम इवैल्यूएशन करते हैं। एक. हॉर्मोनल इवैल्यूएशन जिसमें हम एफएसएच, एलएच और टेस्टोस्टरॉन करते हैं। टू नो कि. प्रॉब्लम कहां पर है। एक अल्ट्रासाउंड. करते हैं उनके जेाइटल्स का। एंड वी आल्सो. एक्चुअली डू अ प्रॉपर इवैल्यूएशन विद अ.
यूरोलॉजिस्ट जो उनको फिजिकली एग्जाममिन. करते हैं। अब यह इस प्रॉब्लम को बोलते हैं. अजूस्पर्मिया यानी कि नो स्पर्म काउंट। यह. दो टाइप के होते हैं। ऑब्स्ट्रक्टिव एंड. नॉन ऑब्स्ट्रक्टिव। ऑब्स्ट्रक्टिव मींस कि. देयर इज सम ब्लॉकेज इन द पैसेज जिससे वो. स्पर्म बाहर नहीं आ पा रहा। नॉन. ऑब्स्ट्रक्टिव मींस कि कोई हॉर्मोनल इशू. है जिससे स्पर्म ही नहीं बन रहा है। सो इन. बोथ द केसेस व्हाट वी कैन डू इज इन दोनों. केसेस में अगर आदमी को अपना बायोलॉजिकल.
चाइल्ड कराना है तो उनको इ्सी आईवीएफ का. एक हायर वर्जन होता है। वही करना है।. इसमें हम उनकी वाइफ को 10 दिन का. इंजेक्शंस देकर एग्स बाहर निकालते हैं।. हस्बैंड को ऑन द डे ऑफ़ द पिकअप एक. बायोप्सी टेस्टिकुलर बायोप्सी करके. स्पर्म्स बाहर निकालते हैं।. ओके? इट्स जस्ट अ नीडल प्रिक जिसको टीसा बोलते. हैं। और उस टीसा से हम एस्पिरेट कर लेते. हैं स्पर्म्स। देन देयर इज़ अ बिग मशीन. बट स्पर्म काउंट उनका जीरो है।.
बट स्पर्म्स टेस्टीज में बन रहे हैं बिकॉज़. ऑफ़ ब्लॉकेज बाहर नहीं आ रहे हैं।. ओके? राइट? एंड इन नॉन ऑब्स्ट्रक्टिव कुछ-कुछ. जगहों पे बन रहे होते हैं। सो हम ये. स्पर्म्स एस्पिरेट करके निकालते हैं। उसके. बाद एक बड़ी सी मशीन होती है एक्सी माइक्रो. मैनपुलेटर। उसमें दो नीडल्स होती हैं। एक. नीडल पे हम एग लेते हैं। एक नीडल पे एक. स्पर्म लेते हैं और दोनों को फ्यूज करते. हैं। और ऐसे हम दो-तीन बेबीज यानी. एम्ब्रियोस बना लेते हैं। और फिर वो.
एम्ब्रियोस हम फीमेल में ट्रांसफर कर देते. हैं। वी हैव डन लॉट ऑफ बेबीज। मतलब ये हैज़. बिकम वेरी कॉमन टुडे।. नाइस। मतलब वो जो हकीम एस जुनैद वाले. पोस्टर होते हैं उनकी जरूरत नहीं पड़ेगी. उन्हें।. नहीं नहीं। अब वो एक्चुअली एक अच्छे. फर्टिलिटी डॉक्टर क्लीनिक पे जाए। सो. अजूस्पर्म या नो स्पर्म काउंट कैन हैव देर. ओन बायोलॉजिकल चाइल्ड टुडे।. बट ये बड़ा इंटरेस्टिंग क्योंकि मैंने कई. आयुर्वेद वालों का इंटरव्यूज किए।. उन्होंने ये कहा कि अगर 1% भी गुंजाइश है. स्पर्म बनने की तो तो असर करता है। अगर.
जीरो है तो आप कुदरती तौर पर ईश्वर ने. आपको आशीर्वाद नहीं दिया है। तो हम मानते. हैं कि आप नहीं कर सकते कुछ। बट आप कह रहे. हो कि जीरो स्पर्म वाले भी बच्चा. अच्छा कर सकते हैं। और कुछ केसेस में जहां. स्पर्म नहीं निकल पाता है। डेफिनेटली उनको. डोनर स्पर्म के ऑप्शन पे जाना पड़ता है।. ये कौन से केस होते हैं? जिनका बायोप्सी करके भी स्पर्म्स ना. निकले।. ऐसे कितने परसेंट केसेस होते होंगे? अराउंड 20-30%. ओवरऑल मैन में? यस।. यह तो बहुत बड़ा नंबर है।. तो अगर आपका स्पर्म काउंट ज़ीरो है तो लगभग.
60 70% केसेस हमारे पास नॉर्मली ऐसे आते. हैं जिनमें से बायोप्सी करके भी स्पर्म आ. जाता है।. ये आप बात कर रहे हो। ओवरऑल मैन की आप बात. कर रहे हो। आप उनकी बात कर रहे हो जिनमें. जीरो. जीरो स्पर्म है।. हां।. अब जिनमें बायोप्सी करके भी नहीं निकल रहा. है उनको तो फिर भाई डोनेशन. रे ऑफ़ द रेस्ट केस होंगे।. ओके। वैसे ऑन एन एवरेज अगर मैं 10 मान लूं. कि 10 पुरुष हैं तो इनमें कितने केसेस आते. होंगे जिनमें जीरो स्पर्म काउंट होता. होगा? 1%. 1%. और लो स्पर्म काउंट 5%.
ओके. देखो सिर्फ स्पर्म काउंट का. इसीलिए वो आपके पास जा ही रहे हैं।. एक्सक्ट्ली काउंट इंपॉर्टेंट नहीं है।. स्पर्म की मोटिलिटी कितनी है? मतलब वो. कितनी शक्ति से हिलकर ऊपर जाता है? उसकी. मॉर्फोलॉजी कैसी है? एक स्पर्म दिखता कैसा. है? उसका हेड होता है, नेक होता है, बॉडी. होता है, टेल होता है। वो भी तो नॉर्मल. होना चाहिए। यह सब देखते हैं हम। स्पर्म. का पीएच लेवल कितना है? स्पर्म कितनी देर. में लिक्विफाई होता है? स्पर्म की. वाइटिलिटी कितनी है? ऑल दीज़ फैक्टर्स.
आरेंट फॉर द सक्सेस ऑफ हैविंग अ बेबी।. इसका जेनेटिक टेस्ट भी करते हो स्पर्म का. हर बार आप? हां बिल्कुल।. हर बार करते हो या किसी? हर बार नहीं करते. हैं। स्पेशल केसेस में स्पेशली जो मेन. जिनका लो स्पर्म काउंट है या फिर जीरो. स्पर्म काउंट है इन केसेस में हम तीन. टेस्ट करते हैं। एक तो कैरियोटाइप, एक. जेनेटिक डिसऑर्डर टू नो द क्रोमोजोम्स, एक. सीएफटीआर जीन जो हमें यह बताता है कि. ब्लॉकेज किस वजह से है और थर्ड इज़ योर. माइक्रोट्रोटिलशन व्हाई माइक्रोट्रोटेशंस।.
तो ये तीन जेनेटिक टेस्ट हैं जो थोड़ा बड़े. नाम है। बट ये जेनेटिक टेस्ट शुड बी डन इन. कपल्स जिनका स्पर्म काउंट लो है या जीरो. है? सबसे ज्यादा आईवीएफ वाले लोग कहां स्किल्स. कहां से आते हैं? छोटे शहरों से टेरिटू से. या मेट्रो सिटीज से ज्यादा होते हैं? शुभंकर बच्चा सबको चाहिए।. हां।. ऑल ओवर से आते हैं। ट्रस्ट मी ऑन दिस।. इसीलिए वी गॉट दिस टेक प्रोग्राम। मतलब. मेरे पास इस टेक प्रोग्राम होम आईवीएफ से. इतना सारा पेशेंट उन जगहों से आ रहा है.
जिन्होंने एजेस निकाल दिए। सिर्फ उनके पास. पतरियां हैं। मतलब गट्ठे पे गट्ठे. रिपोर्ट्स के बट उनमें एक भी रिपोर्ट ऐसी. ढंग की नहीं है जहां आपको बता सके. प्रॉब्लम कहां पर है। और ऐसे पेशेंट्स को. फिर उनकी जगहों पर पहुंच के ट्रीटमेंट. करने में जो मजा है ना वो आ रहा है मुझे. होम आईवीएफ पे। क्लीनिक पे तो आप बैठे हो।. जो पेशेंट आपको एक्सेस कर सकता है क्लीनिक. पे आप ठीक है दिल्ली में क्लीनिक है. गुड़गांव में क्लीनिक है यहां पेशेंट्स. पढ़े लिखे हैं वो आराम से आ रहे हैं। बट. व्हाट अबाउट दीज़ प्लेसेस सिद्धार्थ नगर और.
वह छोटी जगह लखीमपुर खीरी जो तुम बोल रहे. हो करीमगंज आसाम आसाम के अराउंड इतने. डिस्ट्रिक्ट्स हैं जहां पे कुछ है ही नहीं. अवेलेबल बिहार छोटे-छोटे मतलब गया से भी. 40 किमी दूर एक पेशेंट है उसको हमने. आईवीएफ वहां पे जाके किया है और पॉजिटिव. एक ऑन एवरेज अगर आपको रेट बताना हो कितना. खर्चा आता होगा कि जो दर्शक देख रहा होगा. वो सोचता भी है फिर वो अपना बजट कैलकुलेट. करता है. देखो कहीं ना कहीं 1.5 लाख से 2 लाख के. बीच में खर्चा पड़ता है आईपीएफ का।.
ओके।. बिकॉज़ आपके ब्लड टेस्ट भी ठीक से होते. हैं। अगर आपको ठीक से कराना है, सो इतना. खर्चा आ जाता है।. इसमें भी रेंज होती है कि ये प्रीमियम. वर्जन का इतना है। ये लो. अब्सोलुटली नॉट। बट उसमें क्या रेंज होती. है कि अगर आपको डोनर एक्स लेना है या डोनर. स्पर्म लेना है या फिर कोई एडेड प्रोसीजर. है जैसे मैंने टेसा बताया टेस्टिकुलर. बायोप्सी है या फिर आपको जेनेटिक टेस्टिंग. करानी है तो उसका एक्स्ट्रा खर्चा ऐड होता. है। बट बेसिक आईवीएफ का डेढ़ से 2 लाख के. बीच में खर्चा पड़ता है।. किसी महिला को अपना एक फ्रीज़ करवाना हो.
या इस पुरुष को अपना स्पर्म फ्रीज़ करवाना. हो उसमें कितनी कॉस्टिंग आती है? स्पर्म फ्रीजिंग तो ₹5000 में हो जाती है।. महीना? नहीं 6 महीना। अच्छा [हंसी] 6 महीना. ₹10,000 सालाना।. हां।. ओके।. इतना तो आज शुभांकर तुम अफोर्ड कर ही सकते. हो।. मतलब इतना तो आप दोस्ती यारी मेरा करीब।. [हंसी]. तब चलेगा।. महिलाओं में कितना होता है? सुबह ₹1.5 लाख।. ₹1.5 लाख।. बिकॉज़ इंजेक्शंस लगते हैं ना 10 दिन के. लिए। सो दीज़ हार्मोनल इंजेक्शंस आर. एक्सपेंसिव। फिर हम इनको प्रोसेस करके.
एग्स को बाहर निकालते हैं। फिर हम एक. मीडिया में यह एग्स लेते हैं और फिर इनको. फ्रीज़ कर देते हैं।. तो यह ₹1.5 लाख हर साल देने होंगे उन्हें।. नहीं। ₹1.5 लाख इज वन टाइम. पहले साल. फिर उनको हर साल ₹0000 अराउंड पे करना. पड़ता है।. ओके तो मान लीजिए. मान लीजिए किसी महिला ने आज 2026 में अपना. एग फ्रीज करा लिया।. 2027 से 28 के बीच में उसको ₹00 जमा करने. हैं।. मैं जानना चाह रहा हूं। क्या यह एग जो है. इसे वो 2000 35 में यूज़ कर सकती है।. आराम से.
कोई मसला नहीं है।. कोई मसला नहीं है। आप 10 साल तक फ्रीजिंग. आराम से कर सकते हो। और अगर वो और. एक्सटेंड कराना चाहे तो हम एक्सटेंड कर. सकते हैं।. नाइस।. सो बहुत सारे कपल्स अब शुभांकर आते हैं।. जैसे मेरी प्रैक्टिस को इतना टाइम हो गया।. जिनका मैंने पहला बच्चा कराया ना उनके. एम्ब्रियोस फ्रोजन पड़े हैं मेरे पास। अब. उनके दूसरे बच्चे भी करा रही हूं मैं उसी. एम्ब्रियो से।. इट्स इट्स वंडरफुल। अगर आप सच में अपनी. क्लनिक पे बैठ के अच्छा काम कर रहे हो ना. एंड यू आर एक्चुअली हैविंग अ गुड टीम।.
इट्स अ वंडरफुल प्रोसेस टू डू दिस। मतलब. आपने एक बार एग निकाल लिया, एक बार स्पर्म. ले लिया। आपने खूब सारे बेबीज बना लिए, फ्रीज कर लिए। दो आपने डाल दिए। पहली. प्रेगनेंसी हो गई। रेस्ट तो बच्चे पीछे. पड़े हैं ना तो वो 3 साल बाद आ रहे हैं कि. अच्छा वो रेस्ट वाले बच्चे बस डालने ही तो. है अंदर। डाल दो।. सून हो जाते हैं।. नाइस। जैसे बॉलीवुड में हम सुनते हैं कि. बहुत सारी एक्ट्रेस कहती है कि हमने अपने. एक्स फ्रीज करा रखे हैं। और वो कहती भी है. कि बाकी को कराना चाहिए। सबसे ज्यादा किस.
प्रोफेशन के लोग महिलाओं में अपना एक. फ्रीज करवाती हैं? आजकल शुभां मेरे पास ना डिवोर्सीज बहुत आ. रहे हैं। आई नो इट्स अ न्यू थिंग बट आई एम. आल्सो शॉक्ड। मतलब मेरे पास टियर टू टिए. थ्री सिटीज से भी डिवोर्सीज आ रहे हैं। आज. जैसे तुमने मुझसे अभी क्वेश्चन पूछा दैट. आजकल लोग हुक हो गए हैं इतने सारे। मुझे. प्रॉब्लम यहां आ रही है। यह डिवोर्सीज आते. हैं। स्पेशली सिंगल फीमेल्स आ रही हैं।. एंड दे हैव इश्यूज कि वी केप्ट हमारा.
डिवोर्स हो गया। वी केप्ट ऑन वेटिंग कि. हमें कोई मिल जाएगा लड़का। नहीं मिला तो. अब 38 39 मतलब ऑलरेडी दे आर लेट। उस पे आ. रही हैं कि पता नहीं अब शादी कब होगी। एग. तो फ्रीज़ कर दो आप मेरा। सो ये एक बहुत. मेजर चेंज देख रही हूं मैं। सेकंड जो मेरे. पास पेशेंट्स आते हैं बहुत सारे वो आ रहे. हैं एंडोमेट्रियोसिस के। इट्स अ डिजीज वि. इज बिकमिंग वेरी कॉमन। इसमें क्या होता है. जो आपका मेंस्ट्रुअल ब्लड होता है, वह. सारा बाहर नहीं आता। कुछ 10% ब्लड हर.
महीने यूट्रस से ट्यूब्स के थ्रू आपके पेट. में जाता है। जिससे आपकी ओवरीज में गांठ. बनने लगती है और सब कुछ चिपकने लगता है।. और यह बीमारी हर महीने बढ़ती ही रहती है।. सो, यह क्या करता है? धीरे-धीरे आपके एग्स. को पूरा खा लेता है और आपके यूट्रस सबको. चिपकाने लगता है। सो व्हेन ऐसे कपल्स आते. हैं हमारे पास एंड दे डोंट वांट टू हैव. प्रेगनेंसी हम उनको बोलते हैं कि आप एग. फ्रीजिंग करा लो अगर आपको अभी बेबी नहीं. करना तो। थर्ड है कैंसर पेशेंट्स। उनको. कीमो रेडियोथरेपी देने से पहले.
ऑनकोलॉजिस्ट यानी कैंसर डॉक्टर्स हमारे. पास पेशेंट्स भेजते हैं कि आप एग और. स्पर्म फ्रीज़ कर लो। बिकॉज़ आफ्टर कीमो या. रेडियो ऑब्वियसली उनका खत्म हो जाता है. चांसेस। फोर्थ कहने की बात है प्रोफेशनल्स. आते हैं कि आप एग फ्रीज करा लो। मेरे पास. प्रोफेशनल्स वाला काउंट कम है। मेरे पास. ये डवोर्सी, एंडोमेट्रियोसिल्स, कैंसर ये. ज्यादा है।. बिकॉज़ आई थिंक बॉम्बे में आई थिंक द. कांसेप्ट ऑफ प्रोफेशनल्स आई थिंक ज्यादा. है। वहां पे मोर ऑफ अ कॉर्पोरेट कल्चर।.
इधर आई थिंक मेरे पास दिल्ली वैली में यह. बहुत सिंगल कपल सिंगल लोग बहुत आ रहे हैं।. एक कोई मैंने खबर पढ़ी थी। आई डोंट नो. कितनी वेरीिफाइड है क्योंकि मुझे खबर याद. आ रही है। अ. डेड केस से बच्चा पैदा कराया गया था और. बड़ा वियर्ड था वो सुनने में पहली नजर में. कि हस्बैंड की शायद डेथ डेथ हो गई थी और. उसी टाइम उन्होंने डॉक्टर्स ने कुछ. प्रोसीजर्स लिया आई डोंट नो क्या प्रोसीजर. था उसके बाद वो प्रेग्नेंट हुई इज इट. पॉसिबल. आई हैव डन वन केस. सो आई विल टेल यू दिस स्टोरी दिस इज वेरी.
इंटरेस्टिंग दिस कपल इज फ्रॉम हरिद्वार. हस्बैंड एंड वाइफ मेरे पास दिल्ली क्लनिक. पे आते हैं एंड वेरी नॉर्मल कुछ प्रॉब्लम. नहीं हस्बैंड ने बस मुझे हिस्ट्री दी कि. मैं ओकेजनल आई एम एन अल्कोहलिक एंड हमें. बेबी नहीं हो रहा है तो हमने सब टेस्ट. वेस्ट करा लिए एंड सब कुछ करा लिया. हस्बैंड ने बोला आप मेरा स्पर्म फ्रीज़ कर. लो मुझे ना छ महीने के लिए ट्रैवल करना है. मैंने कहा ठीक है मैंने स्पर्म फ्रीज़. करके रख लिया अब यह लॉस्ट तीन-4 महीना 4. महीने बाद इसकी वाइफ आती है बोलती है मेरे.
हस्बैंड को डायग्नोस हुआ है लिवर फेलियर. पेशेंट एक आई विल नॉट नेम द हॉस्पिटल एक. बड़े हॉस्पिटल में एडमिटेड है दिल्ली में. एंड लिवर लिवर ट्रांसप्लांट बताया है। आई. लाइक कोई बात नहीं तुम पहले यह निपटाओ फिर. देखते हैं। अब लिवर ट्रांसप्लांट हुआ इसका. और इसकी वाइफ ने अपना लिवर दिया अपने. हस्बैंड को उसको बचाने के लिए। हस्बैंड. एक्सपायर्ड।. ठीक है? नाउ इसकी फैमिली और यंग कपल। इसकी. फैमिली मेरे पास आती है आफ्टर ऑब्वियसली 3.
मंथ्स कि हस्बैंड एक्सपायर हो गया। एंड वी. वर सो शॉक्ड। एकदम यंग आए कि अब क्या. करें? अब आइडली मैं स्टक थी। मेरे ऊपर. बहुत सारे इमोशनल इश्यूज, बहुत सारी एथिकल. इश्यूज, बहुत सारी चीजें थी। बट मेरे पास. स्पर्म था।. सो वी डीड आईवीएफ फॉर दिस सिंगल फीमेल हु. लॉस्ट हर हस्बैंड।. एंड शी हैज़ ट्विन बेबीज टुडे। एंड बोथ. गर्ल्स।.
एंड आई हैव पोस्टेड द स्टोरी ऑन द लिंकडन. आल्सो दैट डे एंड आई वास टच्ड। आई डिडंट. नो मुझे ऐसा लगा कि दी थिंग्स एक्चुअली. बहुत-ब मायने रखती हैं जिंदगी में पता है. मतलब आप उसके जो उसका फादर था ना बॉय का. वो रो रहे थे मेरे सामने बैठ के कि आपने. आज मिरेकल कर दिया। मेरे घर में वापस. खुशियां आ गई। किसी ने अपना यंग बेटा खोया. हो और उसके फिर दो बच्चे हो जाएं। और. भविष्य में बच्चे आप और भी कर सकते हो.
उनके।. अभी मेरे पास उसकी एक बाइल और पड़ी है. स्पर्म्स की और मेरे पास एम्ब्रियोस भी. पड़े हैं उसके।. सो आप यह देखो ना कि जिंदगी में कुछ भी. होता है। और जिसका जो होना है ना और आप. सोचो अगर उसने नहीं उस दिन मुझे बोला होता. कि आप मेरा स्पर्म फ्रीज़ कर लो। तो मेरे. पास सैंपल ही नहीं होता उसका। दिस इज ऑल. डेस्टिनी।. नाइस। मतलब कुदरत कहीं ना कहीं से आखिर. में आ ही जाती है।. ओके। महिलाओं को लेकर हमने कुछ क्वेश्चंस.
रखे क्योंकि पिछला सेक्शन जो था वो. पुरुषों को डेडिकेटेड था। अ आजकल कई. किस्से आते हैं जहां 25 27 साल में ही. महिलाओं के अंडे जो हैं वो खत्म हो जाते. हैं।. या. इज इट ट्रू? इट्स वैरी ट्रू। मेरे को लगता है कि विथ द. न्यू लाइफस्टाइल विद लॉट ऑफ हुकिंग हियर. एंड देयर ऑफ कोर्स व्हाट यू टेल मी. अल्कोहल कंस्पशन पार्क।. आप भी देख ही रहे हो। मेरे मुंह में शब्द. क्यों डाला? आप भी तो देख ही रहे हो ना सब. कुछ।. नहीं मैं आपके मुंह पे इसलिए डाल रही हूं. क्योंकि आप बोल रहे हो। केस [हंसी] केसेस. तो आपके पास भी आते हैं सारे।. सो. एंड आई एम श्योर आप पूछते होंगे उनसे भाई.
कि ड्रिंक करते हो ये करते हो ये करते हो।. यंग गर्ल्स कम टू मी। मैं तो सच में पूछती. हूं।. कितने अफेयर तुम्हारे चले? कितने पार्टनर. एक साथ हैं।. एक्सक्ट्ली या बॉयफ्रेंड है।. कितने हैं? कितनी पार्टी करती है? बोलती है मैम।. ये नहीं पूछते कितने हैं।. इतना थोड़ा तमीज रखनी पड़ती है मुझे। एंड. देन देन मतलब ओपनली बोलते हैं मैम।. स्मोकिंग तो हम छोड़ ही नहीं सकते। मतलब. फॉर देम स्मोकिंग हैज़ बिकम अ पार्ट एंड. पार्सल ऑफ लाइफ। लाइक आप बाहर जाओगे. क्लब्स व्लव्स में तो गर्ल्स तो आराम से. स्मोकिंग कर रही हैं। सो स्मोकिंग इज मोर.
हार्मफुल देन ड्रिंकिंग अल्कोहल। सो आई. ऑलवेज टेल देम भाई स्मोक मत करो। यू कैन. हैव सम अमाउंट ऑफ़ कंसमशन ऑफ़ अल्कोहल बट. स्मोकिंग इज़ वेरी वेरीरी हार्मफुल फॉर द. एग क्वालिटी। एंड डेफिनेटली इट अफेक्ट्स।. तो यंग गर्ल्स के भी बहुत जल्दी आजकल एग्स. खत्म हो रहे हैं। आई हैव पीपल कमिंग टू. दिल्ली क्लनिक। बहुत सारी लड़कियां मतलब. 25 साल, 26 साल, 27 साल कॉलेज में हैं। दे. हैव देयर पीरियड्स इशूज़। मेंुअल इश्यूज. स्टार्ट हो जाते हैं। बिकॉज़ एग कम होता है. तो पीरियड्स इर्रेगुलर होने लगते हैं।.
व्हेन वी चेक देम पता चलता है एग्स कम है।. सो वी काउंसल देम फॉर एग्. चलो मैं इसको और आसान कर दूं। वो लड़कियां. जो खूब सिगरेट पीती हैं।. दिन की एक वाली बात नहीं कर रहा हूं।. ना बहुत सारे. वो लड़कियां जो दिन में कम से कम तीन चार. पांच सिगरेट पी जाती हैं। उनको किस-किस. तरह की समस्याएं होती हैं? सबसे पहले तो लंग्स आई थिंक यू आर नॉट. वैसे ही दिल्ली एक पोल्यूशन बॉक्स है। आप. ऊपर से सिगरेट और पी रहे हो। सबसे पहले तो. लंग प्रॉब्लम्स।. सारा कार्बन इकट्ठा हो रहा है। आपकी. ब्रीथिंग इशूज़ शुरू हो जाएंगे। लंग इशूज़.
शुरू हो जाएंगे। सेकंड थिंग इज़ सबसे. ज्यादा तो आपकी फर्टिलिटी अफेक्ट होनी. शुरू हो जाती है। योर एग काउंट स्टार्ट्स. गोइंग डाउन वेरी बैड। वेरी बैड मीन्स वेरी. बैड। थर्ड थिंग इज आपकी स्मोक की वजह से. आपकी ब्लड वेसल्स वैसो कंस्ट्रिक्टेड पतली. होने लगती हैं। दे आर चांसेस दैट आपको. बीपी इशूज़ हो सकते हैं। बीपी इशूज़ बढ़ते. हैं। धीरे-धीरे आपके चांसेस होते हैं।. आपको स्ट्रोक आ सकता है। बहुत सारी. प्रॉब्लम्स हैं। आई थिंक स्मोकिंग इज वेरी. वेरीरी बैड फॉर।. स्मोकिंग महिलाओं में ज्यादा नुकसानदायक. है या पुरुषों में? मतलब नुकसानदायक तो.
है।. नुकसानदायक दोनों में है बहुत सारा। बट आई. थिंक फीमेल्स को जल्दी अफेक्ट करता है।. बिकॉज़ फीमेल्स का बीएएमआई कम होता है।. अब्सॉर्प्शन ऑफ स्मोक इज मोर। क्योंकि. बॉडी सरफेस एरिया कम होता है।. पीसीओएस और पीसीओडी अगर यह है तो क्या मां. बनना ऑलमोस्ट नामुमकिन है? सो पीसीओएस एक. बहुत कॉमन बीमारी है। आज क्लनिक पे 10. महिला आएंगी जिनको अगर मैं सिर्फ पीसीओएस. की 10 महिला हैं। सो आई वुड से कि उसमें. से एटलीस्ट. पांच लोग तो आईवीएफ पे ही जाते हैं। और वो.
पांच लोग जो बचे होते हैं उनको हम नेचुरल. या आईयूआई से प्रेग्नेंट करते हैं। अब. पीसीओएस तीन टाइप के होते हैं। एक माइल्ड. जिसमें सिर्फ कुछ सिम्टम्स होते हैं या. ओवरी में कुछ सिस्ट होते हैं। मॉडरेट और. सीवियर। माइल्ड एंड मॉडरेट को तो मैं. नॉर्मल या आईयूआई से मैनेज करती हूं। बट. सीिवियर पीसीओएस पेशेंट्स नॉर्मली आईवीएफ. के लिए जाते हैं। सो पीसीओएस पेशेंट्स को. डरना नहीं है। पीसीओएस पेशेंट्स को ट्रीट. करने का ना एक बहुत इंडिविजुअलाइज्ड.
प्रोटोकॉल है। जिस पेशेंट को पीसीओएस है. वो मोटा है, पतला है, क्या खाता है, इंसुलिन रेजिस्टेंस है, उसको दवाइयां एक्ट. कर रही हैं कि नहीं। सो इट ऑल डिपेंड्स कि. उसको क्या-क्या प्रॉब्लम्स हैं। उसके. हिसाब से हम ट्रीटमेंट करते हैं। बट. पीसीओएस पेशेंट्स में इनफर्टिलिटी होती. है। एंड वी नीड टू ट्रीट देम प्रॉपर्ली. एंड अर्ली आल्सो।. तो ये होम आईवीएफ जो आपके होते हैं उसमें. भी आप इन डिटेल्स को नोटिस करना इजी होता. है।. ऑफकोर्स क्योंकि हम पेशेंट्स से तो. अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट्स मंग ले ही लेते.
हैं। उनकी पुरानी रिपोर्ट्स। तो उसमें तो. हम क्लियरली देख ही सकते हैं सब कुछ। एंड. प्लस हम वीडियो कॉल पे होते हैं। सो. पेशेंट्स अपनी सारी प्रॉब्लम्स बता रहा. होता है। हम पेशेंट्स को देख सकते हैं। सो. दिस इज वेरी वेरीरी लाइक. उसकी दवाइयां भी होती होंगी। तो वो कैसे. पहुंचती होंगी वहां तक? सो दवाइयां हम पेशेंट्स को ईफेसी इज नॉट. अलाउड इन इंडिया। सो हम पेशेंट्स को. प्रिस्रिप्शंस निकाल देते हैं। वो अपनी. दवाइयां खुद खरीदते हैं। इंजेक्शंस हम. पेशेंट्स को क्योंकि वो आईवीएफ का. प्रोटोकॉल है। हम उनके घर ही बेचते हैं और. वो अपना लगवाते हैं इंजेक्शन।. ओके। इसमें भी होम आईवीएफ में भी खर्चा. ऑलमोस्ट वही है।.
ऑलमोस्ट वही आता है।. ओके। अ मोबाइल की जो ब्लू लाइट होती है वो. भी हमारे हार्मोंस को अफेक्ट करती है।. बिल्कुल बिकॉज़ इट इट्स अ इट्स काइंड ऑफ अ. वाइब्रेशन एंड अ ब्लूटूथ लाइट ओनली ना। सो. अगर आप उसको बहुत ज्यादा यूसेज करें सो इट. अफेक्ट्स ऑलमोस्ट फ्रॉम योर आइज टू योर. एग्स।. ओके. [हंसी]. नाइस नाइस। आईवीएफ के थ्रू जेनेटिक. बीमारियां ट्रांसफर होती हैं।. यस। सो आईवीएफ के थ्रू जेनेटिक बीमारियां.
भी बीमार होती हैं। बिकॉज़ आईवीएफ में भी. तो एग्स और स्पर्म हस्बैंड. वहां तो आप जेनेटिक टेस्ट अलग से भी कर. रहे हो ना कि कौन से स्ट्रांग है।. यस। सो अगर कोई जेनेटिक प्रॉब्लम है तो हम. एम्ब्रियोस की जेनेटिक टेस्टिंग जरूर करते. हैं।. बट आजकल तो जेनेटिक सबको है। सबके बाप. दादा को शुगर है।. सबके बाप दादा के किसी के बाल झड़े हुए. हैं।. बट शुगर इफ इट्स अ जेनेटिक प्रॉब्लम। हाई. बीपी है।. वी कैन ओनली टेस्ट जेनेटिक डिसऑर्डर्स नॉट. मेडिकल डिसऑर्डर्स।. बट शुगर तो अब जेनेटिकली भी आ रहा है ना.
फैमिलीज़ में लाइन से। अगर वो जेनेटिक का. जीन है, लेकिन पीजीटीए टेस्टिंग में हम वो. अभी टेस्ट नहीं कर सकते हैं। व्हाट वी कैन. टेस्ट इज़ क्रोमोजोमल डिसऑर्डर्स लाइक डाउन. सिंड्रोम बेबीज, टर्नर सिंड्रोम, क्रोमोजोमल 13 में प्रॉब्लम है।. क्रोमोजोमल 18 में प्रॉब्लम है। आपने भी. बहुत सारे बच्चे देखे होंगे थोड़े से. मेंटली रिटार्डेड बेबीज हो जाते हैं। कुछ. बेबीज चल नहीं पाते हैं। कुछ बेबीज खा. नहीं पाते हैं।. बोल नहीं पाते बहुत लंबे समय तक।. सो दीज़ आर क्रोमोजोमल डिसऑर्डर्स। यू कैन. पिक अप दीज़ डिसऑर्डर्स फ्रॉम आईवीएफ।. लेकिन जो यह मेडिकल कंडीशंस हैं बीपी,
शुगर या फिर कोई किडनी प्रॉब्लम ये सब जो. मेडिकल प्रॉब्लम्स हैं, यह आप एम्ब्रियो. की टेस्टिंग में नहीं पिक अप कर सकते।. जैसे आप जेनेटिक टेस्ट अपना कर रहे हो कि. सबसे स्ट्रांग मेरा कौन सा फाइनल रिजल्ट आ. रहा है तो उसमें तो हेल्दी होने के चांसेस. ज्यादा होंगे। अब्सोलुटली बेबी अब्सोलुटली. हेल्दी होता है। लेकिन सी ये सब. लाइफस्टाइल डिसऑर्डर्स हैं। डायबिटीज. हाइपरटेंशन रखा तो. नहीं होता है ना फैमिली में है तो चांसेस. ज्यादा होते हैं। किसी को 50 में होता है।. किसी को 30 में हो जाता है।. या बट यू कैन नॉट पिक इट अप ऑन एम्ब्रियो. टेस्टिंग।.
ओके। ठीक है। अब मैं कुछ आईवीएफ को लेकर. भी पूछ लेता हूं क्योंकि सब तो आपके पास. आएंगे नहीं। कई सारे इधर भी होंगे जो. इधर-उधर भटकेंगे। होम आईवीएफ में मिल गया. आपको तो और अच्छी बात है। [हंसी] बट कुछ. जनरलाइज क्वेश्चंस थे जो लोगों के ज़हन में. थे। पेशेंट कैसे पहचाने कि डॉक्टर उसे. सिर्फ पैसे के लिए आईवीएफ नहीं बोल रहा।. ओके। सो आई थिंक यार डॉक्टर्स फ्रेटरनिटी. को इतना बदनाम मत करो। आई मीन डॉक्टर्स. व्हाट दे वुड से इज कि देखो डॉक्टर्स भी. तो जेनुइनली बताएंगे ना। और अब आजकल देखो.
पेशेंट्स को भी एक्सैक्टली पता होता है।. दे हैव जस्ट नॉट कमिंग टू वन डॉक्टर। वो. मेरे पास आते हैं तो उनके पास पूरा पोथा. होता है रिकॉर्ड्स प्रिस्क्रिप्शनंस जहां. पे वो एडवाइस्ड होते हैं। मतलब आजकल तो ये. है कि हम आईवीएफ कराने आए हैं। आप बताओ. कैसे करोगे? सो पेशेंट्स आर वेल एजुकेटेड।. फिर भी अगर एक कॉमन इंसान है जैसे कई बार. हमने कई फिल्मों में दी जैसे फिल्में थी. गब्बर सिंह। उसमें दिखाया गया कि डेड बॉडी. अंदर पड़ी फिर भी कह रहे हैं ट्रीटमेंट चल. रहा है। तो क्योंकि प्रेशर भी होता है।. कोटा पूरा करना है। खर्चा भी निकालना है।.
भगवान है वो लेकिन भगवान के साथ-साथ उसमें. भी तो इंसान ही है ना समाज के लोग। तो अगर. एक आम इंसान जिसने बड़ी मेहनत से पैसे. कमाए हैं उसको अपने को सेफ रखना हो एक. सेंस ऑफ सिक्योरिटी के लिए तो वो कैसे. पहचाने एक रैंडम शहर में कि डॉक्टर ने उसे. आईवीएफ जो कहा है वो जेन्युइन रीजन है या. उसने अपना बिल बढ़ाने के लिए कहा है. देखो आईवीएफ अगर उसे कराना होगा तो उसके. और उसकी वाइफ में कुछ प्रॉब्लम्स होनी. चाहिए तभी डॉक्टर एडवाइस करेगा अब वो. प्रॉब्लम्स क्या होती हैं या तो फीमेल में. दोनों उसकी फलोपियन ट्यूब्स ब्लॉक्ड हो.
वाइफ का एग कम हो या नहीं बन रहा हो उसको. उसको सीवियर एंडोमेट्रियोसिस हो, पीसीओडी. की प्रॉब्लम हो, एडिनोमायोसिस या. फाइब्रॉयड हो यानी गांठ हो, ओवरी में. सिस्ट हो, पहले कभी कैंसर हो चुका हो या. फिर बहुत टाइम हो गया हो शादी को और बच्चा. नहीं हो पा रहा है। या फिर आदमियों में. स्पर्म काउंट कम है या फिर निल है। सो, यह. कुछ कॉमन चीजें हैं। अगर आप में यह. प्रेजेंट हैं। सो, आपको आईवीएफ की जरूरत. है और तभी आपको डॉक्टर एडवाइस करें। अगर.
आपकी सारी चीजें नॉर्मल हैं, एकदम नॉर्मल. और आपको बेबी नहीं हो पा रहा है, सो आप. नेचुरल या आईयूआई ट्रीटमेंट की तरफ जा. सकते हो। इसमें आपको एक इंटरेस्टिंग चीज. बताती हूं। हमने होम आईवीएफ पे ना एक होम. इंसेमिनेशन किट भी डिजाइन किया है। अब वो. बहुत इंटरेस्टिंग है। एक कपल था मेरे पास. हु लिव्स समवेयर इन बिहार। उसकी वाइफ को. एक वजाइनस्मिस का प्रॉब्लम है। दैट मींस. देयर इज अ साइकोलॉजिकल डिसऑर्डर जिसमें आप. सेक्सुअल इंटरकोर्स करने में आपको डर लगता.
है। सो हमने उसको वो किट भेजा घर में. उसमें एक डिब्बा है जिसमें हस्बैंड अपना. स्पर्म इकट्ठा करता है। एक पतली सी. प्लास्टिक कथेटर ट्यूब है जिसमें वह. स्पर्म भरते हैं और जब उसका एग ओवुलेट हो. चुका होता है तब वह बस प्लास्टिक कैथेटर. से स्पर्म अंदर इंजेक्ट कर सकते हैं। सो. अगर आपको नेचुरल प्रेगनेंसी ट्राई करनी है. घर पे और आपको यह वाली इशूज़ हैं कि. हस्बैंड को इरिक्शन इशूज़ हैं या वाइफ को. डर लगता है सेक्सुअल इंटरकोर्स करने में. सो आप ये किट भी यूज कर सकते हो।.
नाइस। दुनिया काफी आगे बढ़ गई है।. ओके। जैसे हर कोचिंग सेंटर में लिखा होता. है कि 100% सिलेक्शन। ऐसे ही आईवीएफ. सेंटर्स में आप कोई भी देख लीजिए पोस्टर. शहर में लिखा होता है 100% गारंटी।. नॉट पॉसिबल। [हंसी]. सो डेफिनेटली आईवीएफ कैन नॉट बी 100%. पॉसिबल बिकॉज़ आप बहुत सारी चीजें अभी भी. साइंस में डेवलप नहीं हुई है। आपको सब कुछ. अच्छा दिख रहा है। आई मीन ट्रस्ट मी.
शुभांकर। मतलब क्लनिक पेशेंट्स आके पूछते. हैं ना मैम यूट्रस अच्छा था। एम्ब्रियो. आपने बोला इतना अच्छा है। आपने जेनेटिक. टेस्टिंग भी कर लिया। यूट्रस की लाइन इतनी. अच्छी बनी थी। फिर भी बेबी स्टिक नहीं. हुआ।. सो जो एंडोमेट्रियम लाइन है ना जो यूट्रस. की लाइन है वह कुदरती गद्दा है। उसमें. बहुत सारे सेल्स हैं जो अभी भी जिनकी. रिसर्च नहीं हुई है। वह बेबी स्टिक होगा. नहीं होगा। ट्रस्ट मी यह अभी तक नहीं हुआ.
है। इसीलिए जब हम काउंसिल करते हैं. पेशेंट्स को वी आर वेरी क्लियर आईवीएफ इज. नॉट 100% सक्सेसफुल। सो यू कैन नॉट गिव. गारंटी। दो वी ट्राई आवर बेस्ट। जो भाई. देख सकते हैं, जो रिस्क कर सकते हैं, वह. सब कुछ अवेलेबल करा देंगे तुम्हारे लिए।. रेस्ट तो उससे तो. मतलब विज्ञान कितना भी आगे चला जाए भगवान. से आगे. भगवान से ऊपर कुछ भी नहीं यह तो मैं भी. मानती हूं एज अ डॉक्टर मैं तो हर केस शुरू. करने से पहले भाई उसका नाम लेती हूं कि. मैं कर दूं बस इसका.
जो आईवीएफ सेंटर्स होते हैं स्पेशली छोटी. जगहों पर अब आपने तो होम आईवीएफ अभी खोला. है [हंसी]. लेकिन जो छोटे शहरों में आईवीएफ वाले होते. हैं क्या वो सेफ होते हैं. हां दे आर सेफ बिकॉज़ अगर डॉक्टर अपना. अपना अच्छे से चला रहा है लैब। अपनी. क्वालिटी मेंटेन कर रहा है लैब की। अपना. एम्ब्रोलॉजिस्ट अच्छा है। अपना इंजेक्शंस. ठीक से ले रहा है। सो आई फील इट्स. अब्सोलुटली सेफ। देखो आईवीएफ में ना सबसे. बड़ा डर सिर्फ एक ही होता है। जब इंसान की. हम एग्स निकालते हैं तो हम उसको 5 से 15.
मिनट के लिए बेहोश करते हैं। एनस्थीसिया. कॉम्प्लिकेशन इज द ओनली कॉम्प्लिकेशन. व्हिच इज रिस्की इन अ आईवीएफ पेशेंट।. लेकिन अगर आप उसका प्री एनस्थेटिक चेकअप. पहले ही करा लो पेशेंट का कि भाई सब कुछ. ठीक है एकदम पेशेंट इज फिट टू गो फॉर. एनस्थीसिया आईवीएफ इज वेरी सेफ देन मुझे. सिर्फ लगता है कि एक प्री एनस्थेटिक चेकअप. जरूर होना चाहिए पेशेंट का बिफोर गोइंग. फॉर एन ओवम पिकअप यानी कि अपने एग्स. निकलवाने से पहले.
इसको बोलते हैं पीएसी चेकअप वो जरूर कराएं. इसीलिए होम आईवीएफ पे भी हम पीएसी ऑनलाइन. कराते हैं बिफोर पेशेंट एंटर्स द क्लीनिक. आल्सो. ओके अह डोनर्स भी होते हैं।. हां, दे आर डोनर एग्स एंड डोनर स्पर्म्स।. जैसे आपकी क्लीनिक है तो उसमें डोनर्स भी. होंगे जिनसे आपने तय कर रखा हो कि वो. डोनेट कर जाते हैं।. सो नाउ बिकॉज़ ऑफ़ द न्यू गाइडलाइंस दे आर. एआरटी बैंक्स।. सो गवर्नमेंट ने कुछ एआरटी बैंक्स को. लाइसेंस दे रखा है। यही एआरटी बैंक्स. पेशेंट को डोनर देती है।.
ओके। राइट।. एंड देन उन डोनर को इंजेक्शंस लगा के हम. एग्स निकालते हैं। हस्बैंड का स्पर्म से. मिक्स करके एम्ब्रियोस बनाते हैं और फिर. फीमेल में डालते हैं।. कई सारे लड़के लोग हमसे पूछेंगे मैडम से. पूछ लेगा कि कैसे वहां पर ऑनलाइन. एप्लीकेशन दें? उन बैंक्स में।. अ [हंसी]. ठीक है। मैं बैंक का नाम वो दे दूंगी. एड्रेस। [हंसी] हमारे देश में निठल्लू की. कमी नहीं है।. अरे बहुत फोन आते हैं। मैडम स्पर्म डोनेट.
करना है। कहां आ जाए? [हंसी] मैंने कहा. भैया यहां पे नहीं होता।. अच्छा आप यहां तो आते हो? हां हां जनरली. आते होंगे।. मैक्सिमम मतलब माय टीम टेल्स मैम इतने फोन. आते हैं। स्पर्म डोनेट करना है मैडम कितना. पैसा देंगी? कहां आना है? [हंसी]. बिकॉज़ इट्स द ईसिएस्ट थिंग टू डू फॉर एनी. मैन। नो।. हां मतलब हमें तो इंजेक्शन भी लगवानी है।. हां सिर्फ स्पर्म भी देना है और पैसे भी. मिल रहे हैं।. ओके सरोगेट मदर्स जो होती हैं जैसे.
मेरे एक मित्र हैं बड़े अच्छे विशाल. मिश्रा और मैंने उनसे कई बार इस विषय पर. बड़ी गहरी चर्चा हमने की। वो भी अपने काम. में बिजी मैं भी अपने काम में बिजी हूं।. हमें शादी के लिए समय नहीं मिल रहा। तो. ऐसे ही एक तो सवाल हमारे हम दोनों दोनों. का सवाल था। क्या सिंगल मैन सरोगेसी के. थ्रू बच्चा पैदा कर सकते हैं? नॉट इन इंडिया। सो नई जो एआरटी गाइडलाइंस. आई हैं जो टू इयर्स पहले आई थी। सो दे. क्लियरली से दैट सिंगल मैन कैन नॉट डू. सरोगेसी। सिंगल वुमेन कैन डू सरोगेसी।. बहुत बड़ा अन्याय तो है।.
बट आई थिंक आई थिंक कोर्ट में चल रहा है. फॉर सिंगल मैन। गवर्नमेंट शुड पास इट. बिकॉज़. एक पीएल हम लोग भी फाइल कर देंगे।. यस यू कैन डू इट। [हंसी]. ओके। सेकंड क्वेश्चन इज़ सरोगेट जो मदर्स. होती हैं इनको आईवी सेंटर वाले चूज़ करते. हैं या जिनको बच्चा चाहिए वो चूज़ करते. हैं? नहीं। सो नॉर्मली दे आर अनोनिमस। तो उसमें. क्या होता है कि जो एआरटी बैंक्स हैं जो. डोनर्स दे रही हैं यही लोग सरोगेट देते. हैं।. ओके।. हां। सो वी देन डिसाइड कि कौन सी सरोगेट. अच्छी है। उनके अल्ट्रासाउंड्स करके ब्लड.
टेस्ट करके उनकी ऐज देखकर पहले कितने. बच्चे हुए हैं। पहले कोई सिज़ेरियन हुआ है. या कोई सर्जरी तो नहीं हुई है। यूट्रस. हेल्दी है। यह बच्चा रोक पाएगी अपने अंदर।. उनके ब्लड टेस्ट सब ठीक हैं। तो फिर हम. अकॉर्डिंगली डिसाइड करते हैं ये सरोगेट. हेल्दी है।. ये प्रोफेशनल होती हैं।. अ सी एआरटी बैंक्स ये प्रोफेशनल्स तो. डेफिनेटली नहीं होती हैं। बट इंडिया में. नाउ देयर इज अ रूल दैट आपको पेशेंट को. अपनी सरोगेट या तो रिलेटिव होनी चाहिए या. खुद लेकर आनी है।.
अभी तो आप बैंक बता रहे थे।. तो एआरटी बैंक के थ्रू ही एनरोल करके हम. उसको कर सकते हैं।. ओके। या तो आपके रिलेटिव हो. या फिर वो आपके लिए कर रहे हो बिकॉज़ हम. उसको पैसे नहीं दे सकते।. बट देयर आर नो प्रोफेशनल्स इन दिस फील्ड।. नाउ इंडिया में यू कैन नॉट डू इट। पहले. ओपन था पूरा दैट दे वर प्रोफेशनल्स एआरटी. बैंक के थ्रू आते थे। हम चूज़ करते थे और. फिर पेरेंट्स को हम नहीं दिखाते थे। एंड. देन वी यूज़्ड टू ट्रांसफर। बट नाउ बिकॉज़. ऑफ़ द न्यू रूलिंग यू विल हैव टू गेट योर.
ओन सरोगेट। पेरेंट्स को अपनी सरोगेट लानी. है या फिर उनके लिए कोई बंदा बिना पैसे के. बच्चा रखवा सकता हो। इसको अल्ट्रोस्टिक. सरोगेसी बोलते हैं।. तो जब आप लोग पहले जब अलाउ था तो आमतौर पर. क्या चार्जेस लगते होंगे उस टाइम? अ. जब अलाउ था अब तो बंद है इसलिए बात. तो सरोगेट्स यूजली यूज्ड टू चार्ज लाइक 7. 8 लैक्स।. ओके। और वो आपके घर में रहते थे या अपने. घर से? सरोगेट होम्स।. अच्छा वो सरोगेट होम्स अलग होते थे।. अलग होते थे। जो एजेंट्स होते थे जो एआरटी. बैंक वाले एजेंट्स हैं उनके अपने सरोगेट.
होम्स होते हैं वो उनको रखते थे।. अभी भी सरोगेसी होती है।. सरोगेसी होती है। एंड जो बेसिकली जो अपना. सरोगेट ला सकते हैं जो जो अपने कोई. रिलेटिव है या फिर जो उनके लिए कोई हो गया. तो वो फिर घर पे करते हैं।. और उसके अलावा. उसके अलावा तो अभी अलाउड ही नहीं है।. ओके। कानूनी तौर पर नहीं है। ठीक है। अह. सर्वगेसी कानूनी पेश। भारत सरकार ने पैसे. देकर सर्वगेसी करने बैन क्यों लगाया? इसके. पीछे लॉजिक क्या था? बिकॉज़ दे फेल्ट कि. लॉट्स ऑफ वुमेन वर गेटिंग एक्सप्लइटेड। दे.
वर नॉट केप्ट इन राइट प्लेसेस।. उनके अबॉर्शंस हो रहे थे। उनको ठीक से. खिलाते नहीं थे। डिलीवरीज ठीक से नहीं. होती थी। बट मुझे ऐसा लगता है कि इट वाज़ अ. ब्लेसिंग। मतलब इतनी सारे कपल्स को. एक्चुअली जो हम क्लनिक में बैठते हैं. यूट्रस नहीं है। एंडोमेट्रियोसिस नहीं हो. रहा है। शादी के बाद इतने साल से बच्चा. नहीं हो रहा है। उनका यूट्रस सपोर्ट नहीं. दे पा रहा है। उनके पास आज के जमाने में. किसके पास कोई रिलेटिव होगा जो एक्चुअली. उनके लिए सरोगेट बनेगा। सो अगर हम ठीक से.
सरोगेसी रूल्स बनाएं तो आइडियली सरोगेसी. शुड बी ओपन फॉर ऑल द कपल्स।. हम मतलब इससे बहुत सारे कपल्स के भले. होंगे। बिल्कुल बिल्कुल एंड पहले तो. इंटरनेशनल कपल्स के लिए भी खुला हुआ था।. इंटरनेशनल पेशेंट्स सरोगेसी कराने इंडिया. आते थे।. सो लॉट ऑफ वुमेन वर एबल टू बी अ सरोगेट टू. दोज़ कपल्स।. ओके। क्या सिंगल पुरुष या ग कपल्स जो है.
वो सरोगेसी नहीं कर सकते? नहीं अलाउड नहीं है इंडिया में।. ग कपल्स को भी नहीं।. नहीं।. और लेसबियन कपल है तो उनको अलाउड है।. उनको भी अलाउड नहीं है। सो एनी गज़. लेसबियंस. बट इंडिविजुअल वुमेन इज अलाउड।. और लेसबियन है तो अलाउड नहीं है।. अलाउड।. ये लॉजिक क्या है? ये लॉजिक गवर्नमेंट का लॉजिक है।. मतलब [हंसी] अगर इंडिविजुअल लड़की है तो वो. रख सकती है।. सिंगल है तो वो रख सकती है। बट अगर वो. लेसबियन है या गे है तो वो होमोसेक्सुअल्स. अलाउड नहीं है इंडिया।. अगर वो ना बताए वो लेसबियन तो रख सकती है।. वो.
अब ना बताए तो बहुत सारी चीजें हो रही हैं. इंडिया में। बट लेसबियन का कोई सर्टिफिकेट. थोड़ी ना मिलता आपको अलग से कि आप लेसबियन. है आप नहीं है।. हां बट वही है कि आप नहीं कर सकते।. ओके। अ तो जो ये आपका सरोगेसी करते थे ये. सिर्फ कमर्शियल रीज़ पे थे ये लोग पहले. ऑफ कोर्स आई मीन. ऐसा मिलता था।. ऑफ कोर्स और कितना अच्छा था ना आप ये. देखिए ना ऑटो वाले की वाइफ ड्राइवर्स की. वाइफ, रिक्शा वालों की वाइफ उनको एक अच्छा. चंख मिलता था। मेरे पास जब पहले मैं. सरोगेसी करती थी कितना अच्छा था। वो मुझे. बोलते थे मैडम हमने एफडी बना ली अपनी बेटी.
के लिए। उसको मैं पढ़ाऊंगी।. कितना वो ब्लेसिंग था। अगर यही चीज. प्रॉपर्ली रेगुलेट हो जाए तो कितने लोगों. की मदद हो जाए? जिनके अपने ऑलरेडी दो. बच्चे हैं वो किसी की मदद भी कर रहे हैं. और उनको पैसा भी मिल रहा है।. और जो सरोगेसी करवाते थे वो हमेशा बीमार. लोग थे या ये वाले भी थे कि फिगर ना खराब. हो जाए।. हां वो थे बट आप वही है ना आप रेगुलेट करो. इसको। एक इंडिकेशन होनी चाहिए कि आप इसी. केस में सरोगेसीस होंगी। बट आप सरोगेट ले. सकते हो बाहर से। एटलीस्ट उनको भी मदद.
होगी। एंड आई थिंक इंटरनेशनल पेशेंट्स के. लिए भी सरोगेसी खुली होनी चाहिए।. ओके। बॉलीवुड में जो लोग 60 साल की उम्र. में पिता बन रहे हैं। इन्होंने क्या अपने. एक्स स्पर्म फ्रीज करवा रखे थे? हो सकता है स्पर्म फ्रीज कराए हो या फिर. 60 इयर्स में कुछ दवाई लेकर स्पर्म. क्वालिटी बेटर करके कराई।. 60 साल में होती बेटर।. दवाई का क्या हो सकता है बेटर हो गई हो. उनकी। बट कौन है ऐसा? है मतलब बाबा के बच्चे लेट हुए थे। संजू. बाबा के काफी लेट हुए थे बट आई थिंक।.
सो हो सकता है उन्होंने अपना स्पर्म. फ्रीजिंग कराया हो पहले। और वो तो काफी. अल्कोहलिक भी थे, ड्रग एडिटिट भी थे। मतलब. उनमें तो जो आपकी क्वालिटीज होती है वो. सारी क्वालिटीज नहीं थी।. हां। सो हो सकता है. उनके हेल्दी बेबीज हुए दो तीन बच्चे उनके. हैं।. हां। सो हो सकता है उन्होंने अपना स्पर्म. पहले फ्रीज़ कराया हो या. जेनेटिकली स्ट्रोंग रहे हो।. जेनेटिकली स्ट्रोंग. जैसे सिद्धू मूसेवाला की मॉम ने 58 साल की. उम्र में बच्चा किया। आप एज अ डॉक्टर इसे. कैसे देखते हो? नॉट वेरी हेल्दी बिकॉज़ आपने बच्चे तो कर.
लिए। जस्ट बिकॉज़ आपको बच्चा चाहिए था। बट. आफ्टर 58 आप यह देखो ना आप कितने दिन उस. बच्चे को पाल सकते हो। सेकंड थिंग इज आप. यह भी देखो आप कितने हेल्दी हो। आपके लिए. कितना बड़ा रिस्क है ये। और बच्चा आज आपने. 58 एपस पे कर लिया। मान लो आपको कोई. प्रॉब्लम हो गई। टू थ्री इयर्स में कोई. मेडिकल प्रॉब्लम। उन बच्चों को कौन. पालेगा? मतलब जस्ट थिंकिंग अबाउट योरसेल्फ कि मुझे. आज बच्चा चाहिए। इज़ नॉट. क्या इंडिया में अलाउड है इस ऐज में? बिल्कुल भी नहीं। नहीं एआरटी रूल्स के. हिसाब से यू कैन नॉट डू अबव 50.
सो इट वास अ बिग कंट्रोवर्सी दैट टाइम. आल्सो. या. या. बट बिकॉज़ पीपल वेर अटैच्ड टू सिद्धू. मूसेवाला आई थिंक उस बीच में निकल गई. कंट्रोवर्सी मां बनने की एक्सपायरी डेट ये. महिलाओं को डराने का हथकंडा है. हां बिल्कुल है भाई मतलब मां बनने की. एक्सपायरी डेट भाई जिसको भी बेबी करना हो. वो 28 इयर्स में अपना थॉट प्रोसेस स्टार्ट. कर दे कि भाई मुझे अब किसी भी हालत में या. तो एग फ्रीजिंग करानी है एम्ब्रियो. फ्रीजिंग करानी है या फिर मुझे प्रेगनेंसी.
करनी है।. मतलब दुनिया का मकसद ही आओ बच्चा पैदा करो. मर जाओ।. ऐसा किसने बोल दिया? अब शिवांक तुम्हारे. नहीं हो रहे तो मतलब क्या इसके साथ? मेरे हो नहीं रहे मतलब? अरे मतलब तुम्हें करने नहीं है।. दैट्स अ [हंसी]. एक आईवीएफ डॉक्टर इज़ सेइंग तुम्हारे तो हो. नहीं रहे। [हंसी] अ बिग बिग कंट्रोवर्शियल. स्टेटमेंट।. आदत पड़ गई ना बोले कि अब तुम्हें बच्चे. नहीं हो रहे अभी।. नाइस, नाइस नाइस। अगर मेनोपॉज होता उसके. बाद ही मां बनना मुमकिन है।. बिल्कुल। बट आपको फिर उस केसेस में एग्स.
बाहर से लेने पड़ेंगे। क्योंकि वंस यू. अटेन मेनोपॉज यानी कि आपके एग्स खत्म हो. गए हैं।. राइट? सो उस केस में हम एग्स बाहर से लेते. हैं। यानी डोनर एग्स हस्बैंड का स्पर्म. यूज़ कर सकते हैं। वी क्रिएट बेबीज एंड देन. वी ट्रांसफर देम इन द मेनोपॉजल वूमन ओनली।. मतलब हम आपके खुद के यूट्रस में बेबीज डाल. सकते हैं। सो बेबीज तो वो पकड़ लेगा लेकिन. वो एग्स नहीं दे सकते।. मतलब 99% सशन है हर चीज का।. अब्सोलुटली. एक दो बार में। बॉलीवुड सेलिब्रिटीज एग. फ्रीजिंग को प्रमोट कर रहे हैं या फैशन.
बना दिया गया।. एक ट्रेंड हो गया कि. नो इट्स नाइस। दे आर प्रमोटिंग। आई एम आई. एम रियली प्रो टू दिस बिकॉज़ अभी हम जब. क्लनिक पे बैठते हैं और देखते हैं कि 40. 45 इयर्स में लोग पहली बार आ रहे हैं. बच्चा कराने। सो ऐसा लगता है कि इट्स अ. गुड इनिशिएटिव बाय दी बॉलीवुड पीपल दैट वो. इसको एक यू नो एक फैशन वो बना रहे हैं कि. आप एग फ्रीजिंग स्टार्ट कर लो।. ओके आईवीएफ अगर फेल होता है तो क्या इससे. रिश्तों में डिफरेंस आता है हस्बैंड वाइफ. में? मल्टीपल फेलर्स में स्पेशली. हां थोड़ा सा आई डेफिनेटली फील आता है.
बिकॉज़ फीमेल्स रो के यही बोलती हैं कि यू. नो शायद घर से निकाल देंगे। एंड. अभी भी. अभी भी एंड कुछ-कुछ लोग तो यह भी बोलते. हैं कि हस्बैंड दूसरी शादी कर लेंगे. स्पेशली जब मेरे पास ये कश्मीरी पेशेंट्स. थोड़े से आते हैं या फिर किसी और कम्युनिटी. से पेशेंट्स आते हैं तो कभी-कभी रहता है. कि. दूसरी शादी कर लेंगे बिकॉज़ अलाउड है वन. मैरिज टू मैरिज थ्री मैरिजेस उन केसेस में.
बड़ी प्रॉब्लम होती है। सो स्ट्रेस लेवल. बहुत हाई होता है। कुछ थोड़े से टियर टू. थ्री सिटी से आते हैं पेशेंट्स तो उनको यह. लगता है कि सासू मां बहुत परेशान करेगी।. सो आई फील यह सब चीजें ना अभी भी है. इंडिया में प्रेवेंट एंड स्पेशली जब हम. लोग वो वाली पपुलेशन को रीच कर रहे हैं ना. थ्रू होम आईवीएफ जो क्लनिक पे नहीं आ रही. है वो अभी भी यही बात करती है घर पे पूछ. के बताएंगे हमारी जॉइंट फैमिली है सासू. मां ससुर से पूछेंगे कि यह कराएं ना कराएं. सो अभी भी वो सब है एक ट्रेंड वेयर पीपल.
कम एंड टेल यू कि. अगर कुछ नहीं हुआ तो हम क्या करेंगे? मैं. यहां से कूद जाऊंगी। मैं अपने पति को. बच्चा नहीं दे सकती। सो दी थिंग्स दे किल. यू एट द एंड। मतलब ऐसा लगता है क्या करूं? फिर मतलब देयर इज नो स्यूशन टू दिस।. क्या आईवीएफ सेंटर आने में लोग हिचकिचाते. हैं? बिल्कुल आईवी. हम कुछ समस्या है हम में इसलिए हम जा रहे. हैं।. शुभांकर लोग मुझसे यह बोलते हैं मैडम एक. पैकेट दे दीजिए। आई डोंट मैं पैकेट नहीं.
लेकर आई हूं। आपकी फाइल मैं कैरी करके. कैसे ले जाऊंगी? मतलब मैंने पैकेट्स रखे. हुए हैं क्लनिक्स पे कि वो उनको एक पैकेट. देना पड़ता है कि वो फाइल उसमें रख के ले. जाएंगे बाहर। और अच्छे कपल्स. मतलब पढ़े लिखे लोग।. सो मतलब ऐसा नहीं है आज कि अभी भी हम. बिल्कुल बदल चुके हैं। हमारी जनरेशन बदल. गई है। स्टिल इट हैपेंस।. हमारे देश के क्या स्कूल कॉलेजेस में.
सेक्स एजुकेशन होना चाहिए? एज अ डॉक्टर. मैं आपसे सवाल पूछ रहा हूं।. हां बिल्कुल होना चाहिए। मतलब एंड इट शुड. स्टार्ट फ्रॉम टुडे मतलब विद दिस जनरेशन. जहां सब कुछ Instagram, रील्स, WhatsApp. और YouTube पे है। आई थिंक इट शुड स्टार्ट. फ्रॉम क्लास सेवंथ एंड एथ ओनली नाउ।. मतलब किड्स आर वेरी वेल एजुकेटेड। आजकल. आपको अपने बच्चों को कुछ भी बताने की. जरूरत नहीं है। दे आर वेरी वेल। तो जो ये. संस्कृति बचाने की बात कर रहे हैं क्या वो. इस बात को नहीं जान रहे कि बच्चे के हाथ. में मोबाइल है सब पता है? तो दैट्स व्हाट अगर आप उनको एजुकेट करोगे. ना राइट वे में तो वो बेटर होगा देन नॉट.
गिविंग देम एजुकेशन। हमें लगता है हम उनको. एजुकेट करेंगे। हम उनको जल्दी ही सब कुछ. बता रहे हैं।. क्यों भाई आप उनको सात आठ कक्षा में बताओ. ना कि ये सब चीजें होती हैं। कंडोम यूसेज. कैसे होता है? क्या होता है? तभी तो वो. समझेंगे कि इसकी इंटिग्रिटीज क्या-क्या. हैं? आप हर चीज छुपाना चाहते हो कि हम. नहीं पढ़ाएंगे। छोटे बच्चे बट वो तो सब. देख रहे हैं रील पे।. क्या लैक ऑफ एजुकेशन का असर भी होता है? कई बार कपल्स के बच्चे नहीं होते फिर आपके. पास आते हैं।.
बिल्कुल होता है। मतलब बिकॉज़ कुछ कपल्स तो. ऐसे भी होते हैं उनको कुछ नहीं पता होता।. ठीक है यार दे इंडिया इज लाइक वेरीड। हर. तरीके का इंसान है यहां पे। कुछ लोग ओवर. एजुकेटेड हैं। कुछ लोग कुछ भी नहीं देखते. हैं। मतलब दे डोंट नो एनीथिंग। उनको आपको. बेसिक्स भी बताने पड़ते हैं। यह यूट्रस. है, यह स्पर्म होता है। उनको नॉर्मल. इंटरकोर्स इशूज़ भी हैं। यह भी नहीं पता।. नेचुरल इंटरकोर्स कैसे करते हैं। एंड. ट्रस्ट मी ये सब चीजें मेरे को अब पता चली. हैं जब हम ऐसे कॉर्नर्स ऑफ द वर्ल्ड पे.
जाके काउंसलिंग कर रहे हैं पेशेंट्स से।. मतलब लिटरली मुझे पूछना पड़ता है आपकी. सेक्सुअल लाइफ ठीक है।. आप ढंग से सेक्स कर पाते हो? इस लेवल पर मुझे क्वेश्चंस करने पड़ते हैं. उन कपल्स। से. और ये सवाल उनको एहसास करते होंगे।. हां मतलब उनके लिए ऑकवर्ड होता है। बट देन. मैं पहले बोलती हूं कि देखो मैं ऐसे सवाल. करूंगी कि आपको थोड़ी सी परेशानी होगी।. नहीं नहीं मैडम आप पूछिए हमें बच्चा तो. करना ही करना है ना। दे हैव इश्यूज। उनको. यह भी नहीं पता नॉर्मल सेक्स सेक्स कैसे. करना है। सो ऑल दिस इज लैकिंग बिकॉज़.
एजुकेशन इश्यूज भी हैं।. और फिर इनकी चर्चा को हम कहते हैं. संस्कृति के खिलाफ भेजना है।. हां। और हम जब कहते हैं कि हम इसके बारे. में बात करें तो इट वास इट्स अगेन. संस्कृति।. था मतलब एक दो साइड से एजुकेशन में हमने. पॉडकास्ट किए तो उसमें बहुत कुछ लोगों के. बैकलैश भी दिया उन लोगों ने तो बट. जिन्होंने देखा आई थिंक उनके लिए हमारा. टारगेट था कि. इट्स ओके आई थिंक देखो हर चीज के प्रोज़. एंड क्स हैं। किसी को अच्छा लगेगा किसी को. नहीं अच्छा लगेगा। बट हम लोग अपना पॉइंट.
ऑफ व्यू बता रहे हैं क्योंकि हम लोग वो. रोज डील कर रहे हैं। सो आवर पॉइंट ऑफ व्यू. इज़ दैट एजुकेशन शुड बी गिवन नाउ। जब सब. कुछ ओपनली अवेलेबल है, कुछ भी बंद नहीं. है। तो तुम रील देख रहे हो, एक बच्चा रील. देख रहा है। सेकंड रील इज अबाउट. पोर्न और समथिंग लाइक दैट। और इट्स गोइंग. ऑन। इट्स वेरी ओपन टुडे।. कभी कोई ऐसा चमत्कार हुआ जिसे आप मेडिकल. साइंस की भाषा में समझा नहीं सकते? बहुत सारे होते हैं। और मैं इससे परेशान. हूं। मेरी क्लीनिक पे अभी लास्ट वीक। एक. कपल आया है 42 इयर्स ओल्ड। 16 साल से उसको.
बच्चा नहीं हो रहा है मुरादाबाद से। उसने. बोला बोला मैडम मुझे बच्चा नहीं हो रहा है. और मुझे ना पीरियड्स डिले होते रहते हैं।. इस बार भी डिलेड है। मैंने कहा कोई बात. नहीं चलो हमने सब कुछ देखा। उसकी ट्यूब्स. बंद थी दोनों। मैंने कहा आईवीएफ ही होगा।. कुछ करना नहीं है। कोई बात नहीं परेशान मत. हो। सारा उसका बुकिंग-वु बुकिंग हो गया. आईवीएफ के लिए। जब मैंने अल्ट्रासाउंड. डाला तो अंदर देखा एक सैक और बच्चा पड़ा. हुआ है। कैन यू बीट इट? मतलब लिटरली मैं टेल यू मेरी क्लीनिक पे.
ऑलमोस्ट एव्री मंथ मैं एक ऐसा केस करती. हूं जहां पर मैं बस अल्ट्रासाउंड करती हूं. और अंदर बेबी होता है। एंड इट्स अ मिरेकल. ट्रस्ट मी। और हम हिस्ट्री देखते हैं। अरे. पेशेंट का ट्यूब बंद है। 16 साल हो गए. शादी को। आज तक कुछ नहीं हुआ। इतनी. दवाइयां खा ली सब खा लिया। एक. अल्ट्रासाउंड की और देखो बेबी है।. सो ट्रस्ट मी इट्स ऑल हियर।. ये तो पागल होते हैं खुशी के मारे।. हां। तो बिल्कुल। मतलब वो कहते हैं अब. आपकी प्रेगनेंसी आपके साथ ही चलेंगी। आप. भगवान हो हमारे हाथ पैर छूने लगते हैं एंड. लाइक बिल्कुल रोने लगते हैं एंड लाइक मतलब.
आपको क्या लगता है आपने कुछ नहीं किया आई. मीन अपने आप ही हुई है प्रेगनेंसी एंड ये. देखो. सब कुछ उन्होंने किया था प्रेगनेंसी अपने. आप हुई है ओके आप पे करियर सबसे इमोशनल. मोमेंट कौन सा था. तो बहुत सारे होते हैं अभी तो मैं आपको एक. ही केस बताया ऐसे मेरे पास बहुत सारे केस. हैं बट एक बहुत ही इंटरेस्टिंग केस था. हमारा एक कपल आता था मेरे पास उसके बच्चे. को ना अ एक क्रोमोजोमल डिसऑर्डर था। दैट. बेबी वाज़ 11 इयर्स ओल्ड। सो वो मेरे पास.
आते थे सेकंड बेबी के लिए। एंड बच्चा जब. बच्चे को देखती थी ना सम हाउ आई हैड दिस. टियर इन माय आइज कि इतनी एजुकेटेड फैमिली।. वो कॉक्लियर इंप्लांट भी लगा हुआ है। वो. बच्चा देख भी नहीं पा रहा है। ही कैन नॉट. इंटरेक्ट किसी से। उसको बाहर बिठा देते. थे। क्यूट सा बच्चा मुझे ऐसा लगता था हाय. क्यों भगवान ऐसा करता है किसी के साथ? मतलब पेरेंट्स इतने परेशान, इतने एजुकेटेड. उसको पाल रहे हैं। बॉम्बे ले जा रहे हैं, दिल्ली ले जा रहे हैं। फिजियोथेरेपी चल. रही है।.
सो ऑब्वियसली फिर हमने उसका एक बेबी किया. जो बिल्कुल जेनेटिकली हेल्दी था। सो जिस. दिन उसकी डिलीवरी हुई ना उसके हस्बैंड ने. मुझे एक वीडियो भेजा। यू नो दैट बेबी दैट. 11 ईयर ओल्ड बेबी इज होल्डिंग ह ब्रदर इन. हड। और वो वॉल पर खड़े होकर पीछे रो रहा. है। एंड ही इज जस्ट हगिंग दैट बेबी। आई. मीन आई कैन नॉट नरेट इट मोर बिकॉज़ आई हैव. सीन दैट होल स्टोरी बट इट इज इट वास. कंप्लीटली इमोशनल.
मतलब उसके लिए वो एक बच्चा होना एक भाई. होना व्हिच इज नॉर्मल जो उसको समझ में आ. रहा है कि मेरा यह भाई है दैट बॉन्डिंग और. उसको लेकर वॉल के अगेंस्ट खड़ा हुआ है एंड. ही इज जस्ट क्राइंग इससे बड़ा कुछ नहीं था. मेरी लाइफ में. इट वास रियली इमोशनल. नाइस।. वी गॉट इमोशनल. बिकॉज़ आई डू इट डेली ना। तो मुझे. लगता है कि डॉक्टर्स के इमोशंस नहीं होते।.
सो दैट्स व्हाट आई से मतलब डॉक्टर. फ्रिटर्निटी ना एक्चुअली इट्स वेरी गुड।. हमें ना सिर्फ बदनाम किया हुआ है। मतलब हम. लोग जेनुइनली अपनी एफर्ट्स देते हैं यार।. मतलब अपना घर छोड़ के अपना सारा बच्चे. बीमार होते हैं। कोई भी घर में प्रॉब्लम्स. होती हैं। बट वी सी अ पेशेंस फर्स्ट।. कितना भी टाइम हो जाए हम पेशेंस को छोड़. के घर नहीं जाते।. सो एंड वी गेट इनू पेशेंट्स का बिकॉज़ यह. एक ऐसा प्रोफेशन है ना एंड स्पेशली मेरा. इज लाइक एन आईवीएफ आई कैन नॉट बी जस्ट. लाइक बच्चा कराने के लिए बैठी हूं वहां पे.
मुझे उनका इंपैक्ट देखना पड़ता है उनकी. सोशल लाइफ देखनी पड़ती है हाउ इट्स. अफेक्टिंग देयर फैमिली मतलब पूरी फैमिली. इनवॉल्व हो जाती है यार जब एक बच्चा आता. है आप एक डिलीवरी करते हो मॉर्निंग में. जिसको सालों से बच्चा नहीं होता पूरी. फैमिली खड़ी होती है ओटी के बाहर व्हाट अ. फीलिंग यार मतलब इट इज सो डिफरेंट सो. डिफरेंट मतलब एवरीबडी इज़ लुकिंग एट यू कि. आप भगवान हो, आप भगवान हो यार हमने सिर्फ. बच्चा ही कराया है। बट यू बिकम सो स्पेशल. फॉर देम। इससे बड़ी फीलिंग और क्या चाहिए. किसी को? एंड दैट इज व्हाई यू नो आई एम.
रनिंग 35 क्लीनिक्स। माय हस्बैंड ऑलवेज. टेल्स मी तुम क्लीनिकल प्रैक्टिस बंद नहीं. करोगी। यू आर नॉट अ बिज़नेस वूमन। यू आर. फर्स्ट अ डॉक्टर। एंड दैट इज व्हाई आई आई. डेली सी माय पेशेंट्स। आई हैव एन ओपीडी ऑफ़. लाइक 70-80 पेशेंट्स। आई फिनिश माय वर्क. एंड देन ओनली आई डू माय एडमिनिस्ट्रेशन. वर्क बिकॉज़ दिस गिव्स मी अ किक।. मतलब इसको मैं छोड़ ही नहीं सकती। मतलब ये. मेरी लाइफ है। मतलब मुझे जो किक इससे. मिलता है ना वो मुझे कुछ भी करके नहीं. मिलता। मैंने होम आईवी स्टार्ट किया। आई.
स्टिल सी पेशेंस। एंड डू आई हैव अ टीम। सो. दैट टीम कैन डू दैट वर्क। बट जो काम मैं. कर रही हूं ना वो मुझे लगता नहीं कि बहुत. लोग कर सकते हैं।. नाइस। विदेशों से मरीज आते हैं इंडिया में. आईवीएफ के लिए? बहुत सारे। सो वी हैव लॉट ऑफ़ पेशेंट्स. कमिंग। वी हैव सेंटर्स इन अफ्रीका एंड. मिडिल ईस्ट आल्सो एंड ऐसे भी हमारे पास. अफ्रीकंस बहुत आते हैं बिकॉज़ अफ्रीकंस आई. थिंक द सर्विसेस फर्टिलिटी सर्विज बहुत. अवेलेबल नहीं है। मिडिल ईस्ट से आते हैं, बांग्लादेश से आते हैं, श्रीलंका से आते. हैं, नेपाल से आते हैं। सो वी हैव लॉट ऑफ़.
इंटरनेशनल पेशेंट्स कमिंग। एक तो इंडिया. इज़ अ मेडिकल टूरिज्म हब। नो डाउट ऑन दैट।. कॉस्टिंग आईवीएफ की बहुत कम है इंडिया में. एज़ कंपेयर टू अदर कंट्रीज। प्लस. टेक्नोलॉजी बहुत अच्छी है। सो. ओके। अ आने वाले समय में क्या आईवीएफ. टेक्नोलॉजी अपडेट होने से और इतना सस्ता. हुआ कि गरीब आदमी भी करवाए? हो ही रहा है। पहले देखो शुभ बैंक का जब. स्टार्ट हुआ था इट वाज़ ऑलमोस्ट व्हाट बहुत. महंगा था। 4 5 लाख का आईवीएफ होता था। अब. कहां ₹15 लाख पे आ गया है। एंड नाउ मैं. देखती हूं कि एड्स चल रहे होते हैं। इवन. सम क्लनिक्स आर प्रमोटिंग एट 6070।.
अब वो होता है क्वालिटी। अब जब कोई चीज़. बल्क में चल रही होती है ना, तो हम. हिंदुस्तानियों की क्या आदत है? हर चीज. कॉपी पेस्ट करके लो कॉस्ट पे बना लेते. हैं। सो, दिस इज़ व्हाट इज हैप्पेनिंग।. नाइस। अ जब मर्द जब लोग आते होंगे आपके. यहां आईएफ टेस्ट करवाने के लिए। कई बार. ऐसा भी होता है कि मर्द आने से बचते हैं।. सिर्फ वाइफ को भेज दिया।. हां, वो रहता है थोड़ा सा कि मैं जैसे. कॉल्स लूंगी ना, तो आई आस्क कि रिपोर्ट्स. भेजो।. सो, वाइफ के सब टेस्ट होंगे।.
मतलब इतना हो गया होगा कि पूरा थैली भर के. हस्बैंड से पूछूंगी एंड में स्पर्म टेस्ट. दिखा दो। वो तो मैंने कराया ही नहीं।. उनका तो ठीक मान के बैठे हैं।. सो इन द एंड हमारा यही होता है कि मैं. प्रिस्क्रिप्शन पे सिर्फ सीमन टेस्ट लिख. रही होती हूं और बोलती हूं उसको कराओ फिर. मेरे पास आना। [हंसी]. ईगो फैक्टर होता है मेल्स का।. हां थोड़ा सा।. कि समाज में अरे मेरा सब सही होगा। मेन. तुम्हें नहीं है।. ठीक है। Google और इंटरनेट के जमाने में.
कैसे पहचान करें सही फर्टिलिटी डॉक्टर की? आप Google और इंटरनेट बिल्कुल भी ना. देखें। फॉर श्योर ऑन दैट। आप खुद समझिए. जाके। आप डॉक्टर के पास बैठिए। आप डॉक्टर. की बात समझिए। उससे समझिए कि मुझे यह चीज. क्यों चाहिए। वो लॉजिकली आपको समझाएगी कि. आपको क्यों चाहिए। आपको स्टेप बाय स्टेप. बताएगी। और आप जो भी ट्रीटमेंट करा रहे हो. उस ट्रीटमेंट की हर चीज समझो। पेशेंट्स. मेरे पास आते हैं एक आईवीएफ ट्रीटमेंट के. बाद और मुझसे यह पूछते हैं। मैं पूछती हूं.
कि फेल हो गया। रिपोर्ट्स कहां है? उनके. पास रिपोर्ट्स ही नहीं होती। उनको यही. नहीं पता होता उनके कितने अंडे निकले, कितने एम्ब्रियोस बने। सो मुझे लगता है जब. आप ट्रीटमेंट करा रहे हो। एक तो आप समझो. डॉक्टर की बात। तभी आपको समझ में आएगा कि. यह डॉक्टर आपके लिए क्या करेगा और आप सारी. अपनी रिपोर्ट्स भी लीजिए उस डॉक्टर से।. तभी तो आप अपना इलाज खुद समझ के करवा सकते. हो। विश्वास रखो अच्छा करेगा बट Google. ज्यादा मत करो।. अ एक हेल्दी प्रेगनेंसी और स्वस्थ बच्चे.
के लिए तीन सबसे जरूरी काम।. सबसे पहली बात प्रेगनेंसी थोड़ा 35 इयर्स. से पहले और 28 इयर्स के बीच में फोलिक. एसिड खाना है। बिकॉज़ फोलिक एसिड. डेफिशिएंसी से और अल्कोहल स्मोकिंग नहीं. करनी है और फिट रहना है। एक्सरसाइज इज द. की।. कोई महिला जो प्रेगनेंसी प्लान करना चाहती. है उससे कितने समय पहले सिगरेट छोड़ देनी. चाहिए? उसको एटलीस्ट सिक्स मंथ्स पहले सिगरेट. छोड़ देनी चाहिए और 3 मंथ्स पहले फोलिक.
एसिड स्टार्ट कर देना चाहिए।. कम से कम ये. कम से कम।. और अगर एक हेल्दी बेबी प्लान करना हो तो. अच्छे से।. अगर हेल्दी बेबी प्लान करना है तो प्लीज. आप शुरू से ही स्मोकिंग मत करो।. और अगर कर रहे हो तो प्लीज 6 महीने पहले. स्मोकिंग बिल्कुल बंद करो। दे आर टोबेको. चिंगम्स आती हैं। अपने डॉक्टर से मिलिए. उसको पूरा विड्रॉल पे लाइए और उसके बाद आप. प्लान करिए अपनी प्रेगनेंसी।. आई एम श्योर आपको सुन के बहुत सारे लोग. होंगे जो ना उम्मीद हो रहे होंगे। उनको एक. उम्मीद मिलेगी। एट द एंड वो कपल्स जो हार.
मान चुके हैं उनको जाते-जाते कोई मैसेज. अगर आप देना चाहो।. जो कपल्स हार मान चुके हैं आई एम डॉ. गौरी. एंड आई थिंक आई पुट ऑल माय हार्ट एंड सोल. इंटू इट। अगर आपके कोई भी कॉम्प्लेक्स. इश्यूज हैं, यू कैन रीच आउट टू मी विद ऑल. योर रिपोर्ट्स एंड आई एम देयर टू हेल्प. यू।. ठीक है। मम्मी ढूंढने के बाद आपसे मुलाकात. करते हैं।. डन। [हंसी]. पहले बच्चे की मम्मी ढूंढ लें। बच्चा तो. कर ही लेंगे हम भी।. स्पर्म आपका हम फ्रीज़ कर लेंगे पहले।. [हंसी].
बट द टफेस्ट पार्ट इज नॉट टू हैव अ बेबी।. टफेस्ट पार्ट इज टू गेट दैट मम्मी।. यू विल गेट इट शुभांग। डोंट वरी।. लेट्स सी, लेट्स सी।. यू डोंट हैव टाइम।. आई होप बिफोर नेक्स्ट पॉडकास्ट।. यस।. थैंक यू सो मच।. भाई.
