Unplugged ft. Divya Dutta | Poetry, Story Telling & Love Life | Salman-Shah Rukh | Chiraiya
वो आंखों से बोलती है और उसके लफ्जों में. जान होती है।. तेरी निगाहों का सलाम कुबूल करे। मेरी. निगाहों में वो निफाजत नहीं। तुझसे मिला. लूं नजर तो मगर मेरे दिल की शायद आदत. नहीं।. किताबें झांकती है बंद अलमारी के शीशों से. कि बड़ी हसरत से वो तकती है।. कैसी दुनिया बनाते हैं आप? गुलजार साहब या जावेद साहब? उनकी दुनिया में जब आप घुसते हैं एक. मुख्तलिफ अलग दुनिया है। एंड जावेद साहब. ऑफ कोर्स ओ माय गॉड।. कभी कुछ ऐसा है जो आप अकेलेपन में अपने.
लिए कह लेते हो, सुन लेते हो।. हजारों ख्वाहिशें ऐसी कि हर ख्वाहिश. निकले।. बहुत निकले मेरे अरमान जरा कम।. मुझे कई बार लगता है कि आपको अमृता प्रीतम. की बायोटिक पे काम करना चाहिए। अमृता की. जिंदगी में दो मर्द थे। एक जिनसे अलग हुई, एक जिनसे शादी हुई। तो कौन सा रिश्तेदार. महान था? इमोज साहब के साथ। क्या इश्क था वो। मैं. तेन्नु फिर मिलांगी कि थे किस तरह इस फॉर. इम्रोज़? शायद एक ख्याल बन गए। तेरे मन में जो. आपको सलमान खान पे क्रश था। फरान अख्तर पे. क्रश था। कभी आपने पूछा कि भाई जिस पे. मेरा क्रश है उसको मेरा भाई बनाना जरूरी.
है? हां। अब मुझे डांट पड़ी कि सुनो तुम तुम. एक्टर हो।. सलमान क्यों पसंद थे? खूबसूरत थे? ऑफकोर्स।. अरे क्या बात कर रहे हैं? इवन यूज़्ड टू. टोटली अडोर शाहरुख़।. तभी तो सीढ़ियों पर टकरा जाते हैं।. कुछ-कुछ होता है शाहरुख़ तुम नहीं समझोगे।. बिल्कुल दैट्स सो ट्रू।. बैकग्राउंड स्कूल क्या चल रहा था? वही टन टिंग टंग टिंग टंग टिंग।. बागबान हर घर में देखी गई है। और बच्चों. को बचपन में बहुत डांट पड़ता है।. पहले बागबान में जो चीजें हमें गलत लग रही. थी। आधी रात को आप क्या कर रहे हैं? शायद. इस उम्र में नींद कम ही आती है। इसका मतलब.
यह तो नहीं आप दूसरों को भी सोने ना दें।. कम से कम रीना का तो सोचिए। आजकल कई लोगों. को वो सही लगती है।. किसी ने मजाक किया और वो बात आगे बढ़ गई।. लेकिन बेसिक जो हमारा है जैसे आपने शुरुआत. की कल्चर की वो वही रहेगा।. कसूर में जब आपने रिकॉर्डिंग की. और मैं सिमरन भार्गव। आपको लगता है कि वो. आवाज को उतना ड्यू नहीं मिला उस दौर में. जो शायद बाद में लोगों को पता लगी क्योंकि. मैं बहुत टाइम तक माना था लीज रे की आवाज. है।. और मुझे यह नहीं पता था कि उस फिल्म में. मुझे गेस्ट अपीयरेंस भी करने को कहा जाएगा. और वो गेस्ट अपीयरेंस में आवाज किसी और की.
और वो बात मुझे अच्छी नहीं लगी थी।. मैरिटल पत्नी कैसे मना कर सकती है।. आई सेड नो. शादी लाइसेंस नहीं है। अब ये आपकी हुई जब. आप बोलते हैं तो वो लगता है कि मेरी हुई. तो मैं जो मर्जी करूं।. अगर पति अपनी पत्नी के साथ नहीं करेगा तो. फिर किसके साथ करेगा? क्योंकि अगर एक. इंसान उससे बिल्कुल मना कर रहा है और वो. इंसान कहीं बाहर निकल रहा है तो वो चीटिंग. कहलाएगा वो भी गलत है। सही क्या है? समाज. में जो स्ट्रांग वुमेन या सफल सक्सेसफुल. वुमेन होती है मर्द डरते हैं उनसे? ऑफ कोर्स मेरे साथ बहुत डरते हैं।. पर अधिकतर स्ट्रोंग वूमेन में एक कहानी. दिखाई पड़ती है कि अधिकतर की मोहब्बत.
मुकम्मल नहीं होती। आप क्यों अकेले हो. फिर? मैं अकेली नहीं हूं। बहुत फर्क है।. तो ये डराता नहीं कभी कि एक उम्र में शायद. आप अकेले रह जाओ।. जितने लोग शादीशुदा हैं, आपको लगता है कि. उनको कंपनी मिल जाएगी।. बहुत सारे प्रपोजल्स आए। कभी कोई लगा नहीं. कि यार इस पे रुक जाते हैं? नहीं।. कभी नहीं लगा।. कुछ लोग बहुत अच्छे दोस्त हो सकते हैं पर. अच्छे पार्टनर नहीं हो सकते।. कुछ अच्छे प्रेमी हो सकते हैं बट अच्छे. पति नहीं। वो अफसाना जिसे अंजाम तक. पहुंचाना ना हो मुमकिन।. उसे एक मोड़ पर कर छोड़ देना ही अच्छा।. इरफान खान में सबसे अच्छा आपको क्या लगता. है? आंखें।. वो जब देखती थी ना आपको लगता था कि वो.
आपकी आंखों से निकल कर अंदर सोल में चली. गई है।. आपका एक सीन था किस सीन? शायद वस हो गए. थे। सच किस करने से घबरा रहे थे? दिव्या. दत्ता को किस करने से घबरा रहे थे? नहीं मुझे मैं ये कैसे इस सवाल का जवाब. दूं? अपना लिखा कुछ आपका फेवरेट।. चिड़िया बोली चल तुझे खुला आसमान दिखाऊं।. अपने छोटे से घरौंदे की किस्से कहानियां. सुनाऊं।.
अल्फाज के पांव नहीं होते फिर भी दूर तक. निकल जाते हैं। कुछ चेहरे आंखों से दिल के. बंद दरवाजे खुल जाते हैं। आज मेरे साथ जो. मेहमान हैं वो ऐसी कलाकार हैं जो बॉलीवुड. की सुर्खियों में हमेशा नहीं रही। लेकिन. जब जब वह पर्दे पर दिखी तो उस कहानी की वो. आत्मा बन गई। लुधियाना की गलियों से लेकर. नेशनल अवार्ड तक का सफर भी उनका किसी. फिल्म के जैसा है। एक पंजाब की लड़की. जिसने वहां की मिट्टी से निकलकर. इस भागदौड़ भरी जिंदगी में अपनी पहचान.
बनाई। जिसने कम उम्र में पिता खोया। जिसने. मां से बहुत कुछ सीखा लेकिन जब सब कुछ. पाया तो मां को भी खो दिया। उसने वो दौर. देखा जब रातोंरात उसे कई फिल्मों से बाहर. कर दिया गया। फिर वह दौर बनाया जब हर कोई. उसे अपनी फिल्म में लेना चाहता है। यह. कहानी उस जज्बे की है जिसमें हार ना मानने. की जिद है। मेरी मेहमान दिव्या दत्ता जी. बहुत-बहुत स्वागत है आपका।. शुक्रिया। थैंक यू। बहुत अच्छा लग रहा है. आपसे मिलकर और ये बहुत कमाल की बात है कि.
हम पहली बार मिले हैं।. और आप बहुत खूबसूरत लग रही हैं।. थैंक यू। शुक्रिया।. मैंने एक शायरी और लिखी हालांकि आपके लिए. जो आपकी खूबसूरती को भी थोड़ा सा बयां कर. सकती है। मैं डिसाइड नहीं कर पा रहा था ये. किससे शुरुआत करूं मैं।. तो यह दूसरा वाला मैं आपको डेडिकेट कर. देता हूं कि चेहरे के इस हुजूम चेहरे के. इस हुजूम में वो अपनी अलग पहचान रखती है।. वो आंखों से भूलती है और उसके लफ्जों में. जान होती है।. क्या बात है। तेरी निगाहों का सलाम कुबूल. करें। मेरी निगाहों में वो निफासत नहीं।.
तुझसे मिला लूं नजर तो मगर मेरे दिल की. शायद आदत नहीं।. बहुत सुंदर लिखा। शुक्रिया।. मैं कसूर फिल्म देख रहा था आज से कई साल. पहले. जी।. और बड़ी खूबसूरत सी उसमें आवाज थी।. और वो फिल्म और उसके गाने मुझे बहुत अच्छे. लगते थे।. सबको. बरसों बाद मुझे पता चला कि उसमें आवाज जो. थी वो दिव्या जी की थी।. जी।. मैं बड़ा हैरान भी था। आपकी आवाज आपकी. अदायगी वैसे बहुत खूबसूरत है। आपकी आंखें.
बहुत खूबसूरत हैं। आप बहुत खूबसूरत हैं।. लेकिन आपको सुनना और भी खूबसूरत लगता है।. सो दिव्या दत्ता को अपना कौन सा रोल बहुत. अच्छा लगता है? दिव्या दत्ता को अपना वो रोल अच्छा लगता. है जहां उसे लगता है कि उसे अच्छी तरह से. कुछ करने को मिला।. मीट जिसे हम कहते हैं कि वो हर एक को अपना. पाउंड ऑफ फ्लेश चाहिए होता है। इन द. वर्ड्स ऑफ़ शेक्सपियर। वो जब मिलता है उसकी. लेंथ या ब्रेड्थ उससे कोई फर्क नहीं. पड़ता। लेकिन आप उसे अपने साथ घर लेकर.
जाएं उस रोल को और कहें यार वो जो था ना. वो वाला सीन वो जो एक्टर थी ना तो मजा आता. है। एंड आई थिंक कहीं ना कहीं वो अचीव. किया हो गया वो तो. काफी सारी फिल्में जिनके लिए ये वाला. प्यार मिला चाहे वो वीरजारा हो चाहे वो. भाग मिलखा भाग हो बदलापुर हो स्टैनली का. डब्बा हो सो मेनी ऑफ़ देम।. खूबसूरत। लेकिन वो जो पंजाब से लड़की. निकली थी, यह कहते हैं कि हम छोटे शहरों. से निकलते हैं और दिल्ली या मुंबई जैसे. बड़े शहरों में आते हैं जहां पर बिल्डिंग.
बड़ी-बड़ी हैं। रफ्तार तेज है। कई बार. इंसान के अंदर बहुत कुछ बदल जाता है।. जी।. तो जब आप पंजाब से निकल कर दिल्ली मुंबई. पहुंचे, दुनिया देखी, कोई कल्चरल शौक था? और इतने अरसे बाद वो पंजाब वाली दिव्या. बची है? आप सवाल अच्छे करते हैं। अ. कल्चरल शौक का तो पता नहीं लेकिन जब मैं. गई थी तो मुझे एक वो हमारा जी कल्चर होता. है वो नॉर्थ का बहुत नमस्ते जी और वो सब.
भैया ये जरा कर दो वो वहां नहीं चलता है. तो मुंबई जब आप जाते हैं तो जी जो है वो. एक बहुत फॉर्मल वो हो जाता है। वन ऑन वन. बातें करना ज्यादा लोग पसंद करते हैं।. जिसे मैं बहुत सीनियर कहती हूं उन्हें नाम. से बुलाना मुझे आज तक नहीं आया। वो मैं. कोशिश करती हूं बट फिर वो हल्का सा जी. मेरे अंदर ही निकल जाता है कि आपको सुनाई. दे ना दे मैंने अंदर जी बोल दिया है। सो. ऑफकोर्स वो वो रहा इनफैक्ट जब दिल्ली चेक.
कर रही थी तो मुझसे तो गालियां बोली भी. नहीं गई क्योंकि वो जी कल्चर था कि गाली. कैसे दूं कोई क्या सोचेगा दिव्या ने गाली. दे दी वो तो आई थिंक आई गिव ऑल द क्रेडिट. टू द डायरेक्टर जिन्होंने मुझे कहा कि भाई. दिव्या को साइड कर जलेबी को आने दे वो हुआ. क्या बदला आपको यह पता ही नहीं चलता आपके. अंदर क्या-क्या बदलता जाए हर रोज हर लम्हा. कुछ ना कुछ कोई ना कोई एक्सपीरियंस कोई ना. कोई इंसान आपकी जिंदगी जिंदगी में कोई. बदलाव ले आता है। एंड यू डोंट रियलाइज इट।.
ऑफकोर्स कॉन्फिडेंस आता है। जैसे-जैसे आप. काम करते हैं, जैसे-जैसे लोग आपको जानना. शुरू करते हैं, आपको अप्रिशिएट करना शुरू. करते हैं। एकनॉलेज करते हैं आपका काम बजाय. कि आप न्यू कमर हैं जहां अपनी पहचान बना. रहे हैं। जब पहचान बन जाती है, एक्सपीरियंस आते हैं, कॉन्फिडेंस आता है।. आपकी आवाज सुनाई सुनी जाती है। लिटरली. यहां पर तो तो वो सब होता है। लेकिन एक. चीज़ आई मस्ट से दैट व्हाट आई एम वेरी. हैप्पी अबाउट इज़ कि जो मेरा इन इनहेरेंट.
सेल्फ़ है वह मैंने नहीं बदला। वह नहीं. बदलेगा ना मैं बदलने दूंगी। वह एक ज़िद ही. जैसे आपने मुझे कहा वो ज़िद है कि जस्ट. बिकॉज़ मैं कुछ काम कर रही हूं। डजंट मीन. कि मुझे उसके लिए बदलना है। तो मेरे जो. दोस्त हैं जो मेरे मुझे बहुत करीब से. जानते हैं जिनका जिनके साथ काम करती हूं. जिनके साथ मैं बहुत कंफर्टेबल हूं वो. जानते हैं मेरी वो मस्ती साइड कौन सी है. एंड एंड दे नो इट एंड व्हाई शुड इट चेंज।. अ तो ऑफ कोर्स जिंदगी अपने मसले फेंकती.
है। आपकी तरफ कॉन्फ्लिक्ट्स आते हैं, चैलेंजेस आते हैं। लेकिन. मतलब उसका मतलब यह नहीं है कि हम बदल. जाएंगे। हम नहीं बदलेंगे। हम अपने हालात. बदलने की कोशिश करेंगे। व्हिच आई. मैंने नीना जी का पडकास्ट किया था। तो. बहुत अच्छा आई रियली लव।. मुझसे उन्होंने एक बात कही कि एक उम्र लग. गई वो करने के लिए जो मैं करने आई थी।. जी. अब जाकर वो मिल रहा है जो मैं करना चाहती. थी। वरना साइड में एक गाना दे दिया। साइड. में एक रोल दे दिया। वो वैल्यू नहीं हुई।.
या हुई भी तो शायद हीरोइन कभी अनकंफर्टेबल. तो कम करवा दिया गया। वो एक अलग तरह की. दुनिया है जिसमें मैं उलझी रही कई सालों. तक। शायद इसलिए भी कि मैं मूफर्ट थी। हम. मैं उतनी समझदार नहीं थी। अब मुझे समझ आ. गया कि चुप रहना है। हर जगह रिएक्ट करना. जरूरी नहीं है। कुछ ऐसा आप में भी था. जिसका लगता है आपको कि कुछ खामियाजा भुगता. या और ज्यादा काम हो सकता था क्योंकि आपकी. अदायगी, आपकी आवाज जहां भी दिखी जैसे. मैंने शुरू में कहा कि जबजब आप दिखे तो आप. उसकी जान बने रहे। लेकिन फिर भी एज अ फैन.
मुझे कई बार लगता है कि और बहुत काम होना. चाहिए था।. उसका मुझे लगता है कि. एक एक सर्टेन हमारे यहां कुछ ग्रुपिज्म्स. भी होते हैं कि और उसमें मुझे कोई गलत बात. लगती नहीं है कि ठीक है किसी का कोई दोस्त. है किसी का कोई दोस्त है उसको प्रेफरेंस. मिलती है तो मिलती है लेकिन जो मेरे हक का. है वो आता है एंड एंड आई थिंक इवन आई हैव. बीन अ लेट ब्लूमर नॉट लाइक नीना जी बट ऑफ. कोर्स लेकिन जो चीजें मैं 20 जब 20ज में.
थी तब करती मैं 40ज में कर रही हूं आई एम. रोमांसिंग हीरो आई एम प्लेइंग द लीड। तो. जो चीजें नीचे जाती जाती है वो मेरे लिए. ऐसा असेंडिंग ऑर्डर में जा रहा है। तो वो. इसलिए होता है और सब यू नो आई हैव हैड वन. ऑफ़ माय डायरेक्टर्स टेल मी कि आपको ना सब. बहुत पसंद करते हैं। ऐसे थैंक यू ही सेड. बट देयर कम्स अ रिस्पेक्ट विद इट। तो. इसलिए सबको पता है कि इतना ही और नहीं और. इससे ज्यादा बात करती या आने देती। तो.
देयर इज़ अ सर्टन क्या. झिझक है।. होती है लोगों को। उसका मैं कुछ कर नहीं. सकती। बट जो मुझे जानते हैं उनको. इसलिए क्योंकि आप बहुत सीरियस नजर आते हो।. अब उसका मैं क्या करूं कि मेरे रोल्स ऐसे. हैं जो मुझे पर्सनली नहीं जानते वो मुझे. मेरे रोल्स के जरिए जानते हैं। तो मुझे कम. से कम दो-तीन दिन लग जाते हैं लोगों के. साथ दोस्ती करने में क्योंकि एक सर्टेन. घबराहट होती है हर सेट पर। उसे ठीक करना. पड़ता है मुझे और जोक करना पड़ता है।. मस्ती करनी पड़ती है। एंड एंड दैट्स नॉट. एन एफर्ट। वो मैं हूं। तो करने में कोई वो.
नहीं है लेकिन है तो पर जो मेरे हिस्से का. है वो मेरे पास आता है।. किसी सेट पर कोई आपको लेकर एक पहले से. पूर्वाग्रह से कोई ग्रसित रहा हो या कोई. थॉट रहा हो जिसको आपको खुद सुनकर शॉक हो. गया हो। कभी ऐसा हुआ कि किसी को लगा हो कि. आप ऐसे हो और आपको लगा भाई तुम ऐसा कैसे. सोच सकते हो मेरे बारे में? तो सब बोलते. हैं मोस्टली एडीज आएंगे या कोई और मैंने. देखा है कई बार लोग मुझसे बात ही नहीं. करते और मुझे लगता है कितना रूढ़ इंसान है. यार बात ही नहीं कर रहा है फिर अब मैंने.
जाके जाना है कि वो रूढ़ नहीं है उसको समझ. नहीं आ रही कि मैं पहला लफज़ क्या बोलूं. इधर बात क्या करूं तुम्हारे साथ सो मेनी. पीपल अभी कितने सारे हैं जो आके बोलते हैं. यू नो मैम व्हेन वी वर वाचिंग है हड अ. ह्यूज क्रश दिस फ्रेंड हैड अ ह्यूज क्रश. आई सेड यार मुझे बोल देते हैं ना. सीधे-सीधे. तो बोले. तो आई आई नो एंड देयर इज समथिंग उसको. मैंने कभी पिन पॉइंट कर नहीं पाई कि ये. क्या था लेकिन है एंड आई डोंट माइंड इट एट.
ऑल इट्स फाइन. जैसा मैंने कहा आपकी आवाज बहुत खूबसूरत है. कसूर में जब आपने रिकॉर्डिंग की. जी. आपको लगता है कि वो जो लीजा रे क्योंकि. लीजा रे बहुत फेमस हो गई थी वहां से आफताब. बहुत फेमस हो गए थे मुझे वो मूवी बहुत. अच्छी लगती है अभी भी आई डोंट नो व्हाई बट. उसके गाने शायद बहुत खूबसूरत थे फिल्म की. स्टोरी अच्छी थी और एक कशिश आवाज में थी।. आपको लगता है कि वो आवाज को उतना ड्यू. नहीं मिला उस दौर में जो शायद बाद में. लोगों को पता लगी क्योंकि मैं बहुत टाइम. तक माना था लीज़ रे की आवाज है।. मुझे उस आवाज को वो वाला ड्यू देना भी.
नहीं था क्योंकि वो मेरी आवाज है और मुझे. खुद के लिए इस्तेमाल करनी है। लेकिन जब आप. नए होते हैं आपको नहीं मालूम होता। आप यू. ऑलवेज वांट टू प्लीज पीपल अराउंड यू। अ तो. जो काम मिल जाए जो पैसा मिल जाए. एक्सक्टली आप अपनी जगह बनाना चाहते हैं और. और तो वो फिल्म मैंने की क्योंकि भट्ट्स. ऑफ कोर्स एंड आई मीन ऑफ कोर्स इट्स माय. डिसजन मैं किसी और को नहीं कह रही लेकिन. आप गलतियां कर कर के सीखते हैं। विक्रम. भट्ट से आपने कहा नहीं कि विक्रम मैं भी.
हीरोइन आई आई एम आई थिंक 24 25 रहोगे आप. या और शायद कम. हां. तो आपने विक्रम भट्ट से कहा नहीं कि यार. कसूर में अगर मेरी आवाज ले रहे हो तो. हीरोइन में ले लो मुझे. वो तो ऑलरेडी लीज आती है उसमें बट ये था. कि आफताब के लिए आई थिंक खुद डब कर रहे थे. तो मेरे लिए वही बड़ा एक्साइटिंग पॉइंट था. कि विक्रम डायरेक्टर इनकी डब कर रहे हैं. तो मुझसे करवा रहे हैं और मुझे यह नहीं. पता था कि उस फिल्म में मुझे गेस्ट. अपीयरेंस भी करने को कहा जाएगा और वो. गेस्ट अपीयरेंस में आवाज किसी और की और वह. बात मुझे अच्छी नहीं लगी थी। आई डिडट बट.
आई डिड हैव द थिंग। आई एम लाइक आई वुड. रादर यूज़ माय वॉइस फॉर मसेल्फ। तो उसके. बाद मैंने अपने आप से एक वादा किया था कि. अपने लिए अपनी आवाज मेरे लिए मैं इस्तेमाल. करूंगी। उसमें कुछ लोग यू नो एक होता है. कि अच्छा इसने उसके लिए किया तो चल हमारे. लिए भी कर दे। आई प्रॉमिस मायसेल्फ और. उसके बाद मैंने किसी के लिए और डबिंग नहीं. किया। ना करना आसान होता है।. बिल्कुल आसान नहीं होता है। बट जब आप ना. करते हैं तो लोगों को आपकी हां की चॉइस. मालूम पड़ती है और फिर हां आते हैं। मेरा.
तो मंत्र ही ये रहा है। मैं ना ही बोलती. रहती हूं और उसके बाद फिर वो हां मिलता है. जो मुझे चाहिए होता है।. बट जैसे शाहरुख ने कहा था गुरबत की बातें. तब करो जब पेट भरा होता है।. जब आप पंजाब से गए होंगे तो आई एम श्योर. इतने सारे पैसे लेके तो गए नहीं होंगे।. नहीं वो कहते हैं ना दिल भी एक ज़िद पे. अड़ा है किसी बच्चे की तरह। या तो सब कुछ. ही इसे चाहिए या कुछ भी नहीं। तो जब आप. किसी चीज को पैशन. लेकर मानते हैं कि यह मेरा काम नहीं है।. यह मेरा पैशन है और इसे मैं दिल खुश करके. करना चाहती हूं। मेरा दिल खुश होना चाहिए।.
30 साल हो गए हैं मुझे इंडस्ट्री में. लेकिन लोग हमारी इंडस्ट्री बहुत छोटी है।. सबको सबका पता होता है। एवरीवन नोस एंड. एवरीवन नोस कि यह ना बोलती है काम के लिए. क्योंकि इसे वो वाला काम चाहिए जो इसे. करना है। एंड देन कम्स अ सर्टन रिस्पेक्ट. विद इट। तो ठीक है गुरबत की बात नहीं है।. आई वास वैरी फॉरर्चूनेट कि मेरी मां जब. मैं आई थी यहां पर अपने अंकल के घर रुकी. थी कुछ टाइम फिर मैंने अपनी मां से कहा कि. आई वांट टू हैव माय ओन प्लेस शी गॉट मी अ.
हाउस मुझे गाड़ी लेकर दी एक महिला मेरे. साथ रही जो जो जिन्हें जो मेरा ध्यान रखती. थी। उन्होंने कहा कर ऐश से कर और कभी भी. वापस आना है बता देना। मैं खुशकिस्मत थी. कि मेरी मां ने मुझे वो वो चीजें दी कि. मुझे हां अपना रोज जाकर कुछ कमाने की. जरूरत नहीं थी। लेकिन पैसा कमाना किसे. अच्छा नहीं लगता है। वो मेरी चॉइस थी।. बट आप मजबूर नहीं थे।. मैं मजबूर नहीं थी। नो. तो मेरे पास दो अगले टॉपिक हैं। दोनों. क्योंकि आपने मां का जिक्र कर दिया है. और आपकी लाइफ में आपकी मां का बहुत बड़ा.
रोल है।. जी।. आपकी कहानी खुद एक फिल्म जैसी है। तो मेरे. पास दो टॉपिक है। एक आपकी जो फिल्म है. चिरैया. जी. जिसका सब्जेक्ट मुझे बहुत अच्छा लगा और एक. आपकी मां का। इनमें पहले किस पर आप जिक्र. करना चाहेंगे? जो आप चाहे आप आप हमारे होस्ट हैं।. चलिए फिर मैं चिरैया से शुरुआत करता हूं।. अ. एक ऐसा सब्जेक्ट है जिसमें हमेशा समाज बटा. हुआ है कि. पत्नी कैसे मना कर सकती है। मैं आपकी. फिल्म का टीजर देख रहा था जिसमें एक बहुत. अच्छी लाइन थी कि. संस्कृति के नाम पर, समाज के नाम पर,
सभ्यता के नाम पर बड़े कायदे तरीके से. हमें एक शब्द का इस्तेमाल किया गया।. मैंने देखा कोई ये शब्द बोलता नहीं है।. नहीं मैं वो हूं ना थोड़ा सा वो आपके. सम्मान वही वाली बात कि आपको देखकर वो. सम्मान थोड़ा सा अपने आप आता है. कि. उस पे फंसा दिया गया मैं।. जी. अब ये टॉपिक ऐसा है जिसको जब ऐसी कोई. फिल्म आती है तो सबसे पहले जो मर्द समाज. होता है वो मानता है कि ये फेमिनिस्ट. औरतों ने बना दी है। उनकी एक अपनी दुनिया. है। उनको अपना फ्लॉनट करना होता है और. मर्द समाज ऐसे सब्जेक्ट से कट जाता है।.
बिल्कुल। ये मेरा अपना ऑब्जरवेशन है। तो. सबसे पहले क्या यह सब्जेक्ट. कॉमन है? इसमें कैसे मर्दों को आप बताओगे. कि यह तुम्हारे लिए भी है? और फिर इसमें. जो दूसरा सबसे बड़ा सवाल है कि भाई पत्नी. कैसे मना कर सकती है? मतलब घर तो अपनी. पत्नी के साथ ही रहा है।. हम दैट्स राइट।. यही एक एक जो कंडीशनिंग है हम सब की उसी. के लिए यह कहानी है और सबसे खूबसूरत बात. यह है कि यह कहानी लिखी भी एक आदमी ने और. निर्देशित भी एक एक आदमी ने की है और बहुत.
सेंसिटिवली की है। तो अगर हम कहें पहली. बार जब आप एक ऐसा सब्जेक्ट लेकर आते हैं. आप बिल्कुल सही कह रहे हैं। ऐसा सोचते हैं. लोग कि अरे फिर से हमारी मेल बैशिंग हो. जाएगी। लेकिन एक किसी ने अभी मैं कहीं गई. थी तो वो कह रहे थे कि एक जरूर बोलना टू. होम सो एवर इट मे कंसर्न जनरलाइज आप किसी. को नहीं कर सकते। आप सिखा किसी को नहीं. सकते कि सुनिए अब ना आपको ऐसे करना है। अब. हमने ये शो बनाया है। अब ऐसा करिएगा। ठीक. है? कोई नहीं सीखेगा। मेरी मां भी मुझे. कुछ सिखा रही होगी। मैं वही लूंगी जो मुझे. सीखना है। मन जब आपका करता है। जब आप.
इंपैक्टेड होते हैं तभी आप कुछ सीखते हैं।. तभी कुछ अपने ज़हन में बिठा लेते हैं उस. बात को। तो यह शो जो है अगर जब आप शो. देखेंगे तो यह किसी को अच्छा या बुरा कह. ही नहीं रहा है। यह कह रहा है कि हमें पता. ही नहीं है कि एक हक क्या होता है। एक. किसी से इजाजत लेना क्या होता है। जब आप. एक रिश्ता नया बना रहे हैं। शुरुआत है नीव. है उस रिश्ते की तो उस रिश्ते को खूबसूरत. बनाना, नर्चर करना। उसके लिए अपने पार्टनर.
की हामी लेना, रिस्पेक्ट देना उसको कि आर. यू ओके, आर यू कंफर्टेबल? कि यह इतने इतने. ट्वीक्स अगर हम अपनी जिंदगी में कर लें तो. वह कोई बहुत बड़ी बात है नहीं। वो मेरी. कहानी हो सकती है। वो किसी और की कहानी हो. सकती है। हमारे आसपास के लोगों की कहानी. हो सकती है। लेकिन वो प्रचार नहीं कर रही. है। तो जब आप देखेंगे उसमें इतने स्लाइसेस. ऑफ लाइफ हैं। मजेदार सींस हैं बीच में. क्योंकि ये एक खुद भोलीभाली महिला है। तो. इसकी जो शुरुआत है वो इंटरेस्टिंग सीनंस.
हैं। बहुत सारे प्यारे सींस हैं। उसके. हस्बैंड के साथ बहुत सारे प्यारे सींस. हैं। एंड देन व्हेन लाइफ चेंजेस। ऑफ कोर्स. फिर इस इशू को हम टाइम. जैसे देश में लोकतंत्र है ऐसे ही पति. पत्नी के बीच बिस्तर में भी लोकतंत्र होना. चाहिए।. अ ये कंपैरिजन मुझे थोड़ा. क्योंकि सब्जेक्ट वही घूम टहल के आ रहा. था। आपने जो हैशटैग भी लगाया है वो भी यही. आ रहा था। इसीलिए. शादी लाइसेंस नहीं है।. हां। क्या होता है ना कि. उसे मैं लोकतंत्र का नाम दे रहा हूं कि. अगर शादी लाइसेंस नहीं है. लाइसेंस नहीं है क्योंकि जो हम सीखते आए.
हैं हमेशा एक कंडीशनिंग करके आए हैं कि. अरे मतलब पति की अब तो ये आपकी है अब यह. आपकी हुई जब आप बोलते हैं तो वो लगता है. कि मेरी हुई तो मैं जो मर्जी करूं तो वो. जो मर्जी होता है वह अगर किसी की मर्जी से. हो तो वह बेहतर होता है बस इतना ही कह रहे. हैं इसमें तो इसमें यह सोच बदलने की बात. है और जो एकदम से नहीं होगी। लेकिन एक बात. है क्योंकि माध्यम विजुअल मीडियम है। इतना. स्ट्रांग है। कहानी इतनी स्ट्रांगली कही.
गई है और इतना रिलेटिवली कही गई है कि. आपको लगेगा ही नहीं कि यह एक तबके की. कहानी है कि महिलाएं देखें मर्द ना देखें।. यह मर्द कहे अरे यार फिर हमें ऐसा ऐसा कुछ. भी नहीं है।. बट जैसे मैंने अभी नीना जी से जब क्योंकि. नीना जी महिलाओं का सब्जेक्ट था इसलिए वो. रिलेटेबल ज्यादा हो रही है मेरे लिए।. उन्होंने शादी को लेकर मुझसे बात कही कि. लोग शादी क्यों करते हैं? मैंने कहा. कंपैनियनशिप के लिए, इसके लिए कहा इसके. लिए नहीं करते। इसके लिए तुम अपने भाई के. साथ ही बैठ सकते हो। शादी करते हैं लोग. सेक्स करने के लिए।. हम्म।. एस पर हर शी बोल्डली मेंशंड दिस कि दैट इज.
द ओनली नीड दैट अ गाय नीड फ्रॉम अ गर्ल. एंड गर्ल नीड फ्रॉम अ गाय।. आई जस्ट ऐड समथिंग टू इट दैट दैट हैस टू. बी कंसेंसुअल।. हां। अब इसमें अगर मैं आगे बढ़कर ये सवाल. करूं तो जो उस फिल्म में भी सवाल आया जो. आपके देवर साहब ने पूछा और जो सवाल बहुत. सारे मर्दों के मन में भी आएगा जब मैरिटल. रेप की हम बात करते हैं कि अगर पति अपनी. पत्नी के साथ नहीं करेगा तो फिर किसके साथ. करेगा? क्योंकि हो सकता है दो लोगों की. नीड्स अलग-अलग हो। अगर एक इंसान उससे. बिल्कुल मना कर रहा है और वो इंसान कहीं.
बाहर निकल रहा है तो वह चीटिंग कहलाएगा वो. भी गलत है। अगर यहां वाइफ मना कर रही है. तो उसकी नीड्स हैं वो भी गलत है। तो फिर. सही क्या है? और यह सही पता नहीं है। क्या. इसीलिए मैरिटल रेप पर कोई कानून नहीं है? एक बड़ी थिन लाइन है अ कि क्या सही है. क्या गलत है वो तो सब्जेक्टिव है वो किसी. के लिए सही है आप बिल्कुल सही कह रहे हैं. ऐसा लग सकता है किसी को भी कि ऐसा है. लेकिन आई फील कि जो चीज ग्रेजुअली की जा. सके एक झटके से ना की जा सके वो वो दर्द.
कम करती है वो चोट कम लगाती है अगर अब हम. कुछ. इस चीज को मैंने यूं ही उठा के ऐसे ठाड़. से किया यह गिर सकती है ये टूट सकती है. अगर मैं इसे से आराम से उठाऊं। प्यार से. करूं कि अरे भरा तो नहीं हुआ है। ठीक है।. नहीं तो इसको आधा होने दो। वक्त दे दो उस. चीज को। थोड़ा सा टाइम दे दो। एंड देन ऑफ. कोर्स अलग आपने सही कहा। मुख्तलिफ लोग. होते हैं। सबकी नीड्स किसी को ज्यादा. चाहिए होगा। किसी को नहीं चाहिए होगा। बट. यू मीट एट अ सेंटर पॉइंट। उसके लिए अगर हम.
फटाफट कहें कि नहीं आज तो मेरी शादी हो. गई। आल्सो क्या होता है? लड़कों को यह भी. होता है कि थोड़ा पावर प्ले दिखाएं। अपने. अपने गैंग में कि अरे यार यू नो दिस. हैपेंड एंड दिस हैपेंड। एक एक थोड़ा वो शो. ऑफ भी करते होते हैं। लैक ऑफ नॉलेज, लैक. ऑफ इन तो ये अगर थोड़ा सा इसको हम. नॉर्मलाइज कर दें इस बात को कि भाई थोड़ा. सा रिस्पेक्ट दे. सेंसिटिविटी थोड़ी बढ़ा दें।. बस उतना ही। मुझे लगता है ये ही बहुत होगा.
हमारी सोसाइटी के लिए। उससे ज्यादा यह. शोना कुछ कहना चाह रहा है। आई थिंक जस्ट. दैट जो कमलेश का किरदार है वो शी इज़ वैरी. हैप्पीली मैरिड। कहीं ना कहीं हम यह कह. सकते हैं कि शी एंजॉयस हर हर मी टाइम विद. हर हस्बैंड। उसने कब उसको अच्छा लगता है. पर क्योंकि उसके हस्बैंड ने उसे उस तरह से. प्यार दिया जैसे वो कंफर्टेबल थी। शी इज़. लाइक अ क्वीन इन द हाउस। तो चाहे वो. हस्बैंड हो, चाहे ससुराल हो, बाकी के लोग.
हो। विज़वी द अदर गर्ल हुज़ बीन फोर्स्ड. अपॉन। तो फर्क है। वह तो किसी को भी बेसिक. मालूम पड़ता है कि यस, आई एम फोर्सिंग. समबडी। यस लेट मी गिव सम टाइम. बट जैसे कॉमन क्योंकि सब्जेक्ट बहुत बड़ा. है मैरिटल रेप का. मेरिटल रेप पर कानून होना चाहिए अब आपने. सब्जेक्ट किया है तो मैं आपकी इस पर राय. भी समझना चाहता हूं होना चाहिए या नहीं. होना चाहिए. मुझे लगता है पहले सोसाइटी को ये अवेयरनेस. होनी चाहिए ये तो बाद का मुद्दा हुआ या. किसी को सोचना है सोचे मेरा बिग कंसर्न ये. है कि हम जो कंडीशन करते हैं अपने बच्चों.
को सुनो बेटा आई आई नो इट जब मैं छोटी थी. मैंने कुकिंग क्लासेस की हैं सीखने के लिए. कि भाई कल को पराए घर जाना अ ऐसे नहीं. करना बेटा ऊंचा नहीं बोलो। आई हैव सीन सो. मेनी गर्ल्स जो खाना परोसते कैसे हैं? वो. सब ट्रेनिंग लेती हैं। मैंने सिलाई सीखी. है ये सब कि मैं अच्छी वाइफ बनूंगी। यू नो. आई विल डू एवरीथिंग दैट नीड्स टू बी डन।. तो ये नीड्स टू बी डन क्या है? कंडीशनिंग. है ये। तो अगर पहले हम अपने लेवल पे तो. ठीक करें। हम हम हर चीज बड़े लेवल पे थोप.
देते हैं।. अपने लेवल पे जैसे आप आपने आपने कहा आप. लड़की होकर आपको ये सिखाया गया। मैं लड़का. हूं जैसे मुझे किसी ने नहीं सिखाया।. वही कह. आई एम नॉट मैरिड बट मुझे किसी ने नहीं. सिखाया एंड आई एम श्योर मेरे भाई को भी. नहीं सिखाया एंड आई एम श्योर मेरे आसपास. जो बहुत सारे लड़के हैं उन्हें नहीं. सिखाया गया है। समाज में हिचक होती है। आई. डोंट थिंक कि हमारे यहां पर हम हम उस. जनरेशन के लोग हैं जहां पर टीवी पर किस. सीन आता है तो हम या तो चैनल चेंज करते. हैं।. हम उठ के चले जाते हैं। मैं जरा आया. वाशरूम को लू हो. जाते हैं या फॉरवर्ड आजकल फॉरवर्ड कर देते. हैं।. बट सुनिए चीजें चेंज भी तो हो रही है। एक.
एक टाइम था जब आप दो फूलों को किस करते. हुए देखते थे और कहते थे आहा हाहा। बाकी. रेस्ट फॉर इमेजिनेशन। करेक्ट।. अब आप रियलिटी में देखिए।. हमारे टाइम में तो आशिक बनाया आ गई थी।. नहीं नहीं मतलब मैं कह रही हूं आपने देखी. है ना वो फिल्में वो मेरे टाइम में भी. नहीं थी। फूल वाली मेरे टाइम पे भी नहीं. थी। बट व्हाट आई एम सेइंग इज कि वो वो वो. दौर देखा है हमने जहां पर दो फूल आए और. फिर म्यूजिक चला और फिर आसमान में शॉट हो. गया पैन एंड द रेस्ट इज टू योर इमेजिनेशन।. हमारी जनरेशन का बौद्धिक विकास इमरान. हाशमी ने कर दिया था।.
आपसे रहा नहीं गया।. अ तो. आई लव यू इमरान भाई।. आई लव हिम टू इज़ अ फैब एक्टर। अ तो आई एम. सेइंग कि वो कंडीशनिंग हमारी थी। अब जब. रियलिस्टिक सिनेमा दिखाते हैं। आप ओटीटी. दिखाते हैं। वहां पर जैसी चीजें हैं चाहे. वो किरदार हो। आप देखें आप लार्जर दन लाइफ. किरदार आप ओटीटी पे नहीं देखते। आप. रियलिस्टिक किरदार देखते हैं.
क्योंकि रिलेटेबल होते हैं। इसीलिए लोगों. को पसंद आते हैं कि ये शायद मेरी कहानी ये. शायद मैं यार ऐसा हो सकता है। तो ये जब आप. रियलिस्टिक रोमांस या सेक्स या या किस या. जो भी है आप दिखाने लग जाते हैं तो पहले. एक ऑडनेस आती है कि अरे ऑकवर्ड हो गए। आई. जस्ट गो टू द वाशरूम। फिर धीरे-धीरे आप. कहानी देखने लगते हैं। शायद हस्बैंड वाइफ. एक साथ बैठकर देख लें। वो कहीं नॉर्मलाइज. हो गया। मैं ये कहना चाह रही हूं कि चीजें. धीरे-धीरे.
खुलती जाती हैं जब. थोड़ा-थोड़ा थोड़ा-थोड़ा चेंज आने लगता है. कि वो उसे नॉर्मल माना जाना लग जाने लग. जाता है कि इट्स नॉर्मल यार इट्स इट्स. इट्स फाइन। आज की जनरेशन आप देख लीजिए। हम. जब छोटे थे तो हम लोग मतलब. आई आई वुड नॉट ओपन माय माउथ टू माय. पेरेंट्स। आई वुडंट बट आज जनरेशन देखी. कॉन्फिडेंट। दे टॉक देर माइंड। दे विल टेल. मी कि यू नो व आई मेट दिस फेलो इन द. क्लास। अ तो यह चीजें.
तो मां-बाप भी थोड़े लिबरल हो रहे हैं। वो. खुद भी खुश. हो रहे हैं। आज आज के दौर में पेरेंट्स ये. भी बोल देते हैं कि अब भाई आपको अगर शादी. नहीं करनी तो कोई बात नहीं। योर कॉल यू. शुड बी हैप्पी। यू शुड बी पहले होता था. ऐसे नहीं होता। आज भी नहीं होता है। बहुत. जगह नहीं होता है। एक सर पे डंडा होता है. कि भाई कर लेना। तो ये है चीजें। मैं कह. रही हूं इनको थोड़ा नॉर्मलाइज कर दो। थोड़ा. ई में कर दो। बट जैसे फिर मैं सब्जेक्ट पे. आता हूं क्योंकि यह सब्जेक्ट पे मेरे ज़हन. में बार-बार थॉट आ रहा था कि यह एक बहुत. सेंसिटिव इशू है जो दो लोगों के बीच का.
इशू है।. बिलकुल. घर वो जगह है जो सबसे सेफ होती है। सबसे. सेफ तुम्हारे पति से ज्यादा तुम्हारा. करीबी कोई नहीं हो सकता। उससे ज्यादा. सुरक्षित इंसान कोई नहीं हो सकता। उसी के. भरोसे मां-बाप के साथ तुम गए हो क्योंकि. लड़कियां जाती हैं। अब सवाल यह है कि यह. वो टॉपिक है जो घर की इज्जत भी नहीं लाम. कर रहा है। अगर आप बाहर ला रहे हो जैसा कि. समाज में टैबू है हमारे यहां पर है कि घर. की बात घर में रहनी चाहिए। तो इसका एंड. आउटपुट रिजल्ट क्या है? एक तबका समाज में. डरता है जब मैं क्योंकि मैं जर्नलिस्ट हूं.
तो मेरा जर्नलिस्टिक वो भी थोड़ा निकलता. है कि अगर ये कानून बन जाता है। सो ऑलरेडी. इतने सारे केसेस आते हैं फेक मैरिज के, डावरी के, ऐसा ना हो क्योंकि इसका तो कोई. प्रूफ भी नहीं होगा।. सो इसका जब आपने फिल्म बनाया पूरी फिल्म. बनाई तो इसका कुछ तो आप लोगों ने एक. कंक्लूजन सोचा होगा कि ये प्रॉब्लम जो फेस. कर रही है महिलाएं अभी जो फेस कर रही. होंगी या जो पुरुष होंगे इसमें उनको क्या. बताओगे आप? देखिए एक चीज होती है करेक्ट पार्टनर. बनना। बड़ा जरूरी है। अहम चीज होती है. जिसे हम देखते ही नहीं हैं। रिश्ते टिकते. नहीं आजकल के कंटेंपररी समाज में बिकॉज़ दो.
लोग कंपैटिबल नहीं हैं। एक को कुछ चाहिए, दूसरे को कुछ चाहिए। आपने अभी यह मैं. इसलिए कह रही हूं कि आपने कहा कि हस्बैंड. प्रोटेक्टिव होता है। हस्बैंड यह होता है।. जरूरी नहीं है। इट्स नॉट इट्स अ जनरल. स्टेटमेंट कि ऐसा होता है। ऐसा हम सोचते. हैं। यह हमारे आइडियलिस्टिक दिमाग में यह. बताया गया है कि हस्बैंड यह करता है।. हस्बैंड यह करता है। तो तुम भी अपना जो. तुम्हें करना है वो करो। हम्।. यह एक मुझे लगता है मां-बाप के साथ एक एक.
कम्युनिकेशन जो हम करते ही नहीं जो. ऑकवर्डनेस फील करते हैं, वह होनी चाहिए।. एक बाप को अपने बच्चे को बताना चाहिए जो. आप कह रहे हैं। होनी चाहिए कन्वर्सेशन।. जैसे किसी को पीरियड्स आते हैं। माएं. बताती हैं अपनी बेटियों को कि बेटा ऐसे. होता है। ऐसे होता है। या आपको पता हो।. हमें गुड टच, बैड टच बताई जाती है। बताते. हैं स्कूल्स में पहले नहीं बताते. टाइम अब अब बताते हैं अब बताते हैं तो जब. गुड टच बैड टच बताते हैं तो हम फैमिली के.
अंदर जिनके साथ हम सबसे ज्यादा करीब हैं. आप बताएं वहां क्यों नहीं डिस्कस करते हैं. करना चाहिए जिसके साथ मर्जी करें आर नो. कन्वर्सेशंस एंड दैट आई थिंक इज द. प्रिमाइस ऑफ़ द शो कि प्लीज कन्वर्सेशंस तो. कर लें आप बस उतना ही. फिर उसको जैसे सब्जेक्ट आएगा इन फैक्ट. मुझे लगता है ये पॉडकास्ट के बाद भी एक. सेक्शन ऑफ़ सोसाइटी आएगी जो कहेगी कि आप. लोग संस्कृति खराब कर रहे हैं भारतीय. सभ्यता को खराब कर रहे. कि आप सब आप लोग यही सब बातें कर रहे हैं।. यह सस्ते तरीके होते हैं।. मतलब. आपने शो नहीं देखा ना?
शो नहीं।. मैं एक बात कह रहा हूं कि जैसे ये. कन्वर्सेशन भी जो हम कर रहे हैं। जैसे. आपने कहा संवाद करना चाहिए।. अब इस संवाद के टॉपिक पर भी शायद हो सकता. है समाज में एक सेक्शन हो जो कहे कि ये. इंडियन कल्चर नहीं है जहां पर पिता अपने. बेटे से बात करेगा। ये तो आप लोग वेस्टर्न. कल्चर को फॉलो करके सभ्यता बर्बाद कर रहे. हो।. तो फिर तो फिर गुड टच, बैड टच भी ना. बताएं। वो भी क्या जरूरी है बताना। पहले. तो नहीं बताते थे। अब क्यों बता रहे हैं? तो कुछ चीजें जो आपको अपने बच्चों को. सेंसिटिवली बतानी चाहिए। वह बहुत जरूरी.
हैं। और मैं किसी की डिस डिसरिस्पेक्ट. करने को ये शो कह ही नहीं रहा कि सुनो तुम. झंडा लेकर आ जाना आंदोलन करना। ये ये बड़ी. बड़ी गलत बात है। हम किसी को गलत करार कह. ही नहीं रहे कि तू गलत, तू गलत। कोई गलत. नहीं है। द प्रॉब्लम इज़ किसी को पता नहीं. है कि वह सही चीज है कि नहीं। यह शादी के. दायरे में क्या करना चाहिए, क्या नहीं, नहीं पता है किसी को। मैं हस्बैंड आई हैव. द राइट। दिस इज व्हाट्स कम टू अस फ्रॉम. जनरेशंस। ऑल आई एम सेइंग इज कि वो चीजें. अगर हमारे फैमिली में अब जैसे इस कहानी. में देवरानी अपनी जेठानी को बोलती कि मेरे.
साथ यह हो रहा है। व्हाट इफ हाइपोथेटिकली. वो ना बोलती तो फिर क्या होता? तो वो वहीं. रह जाता। वो सफर करती रहती। उसी घर में. रहती। यह कहानी वहीं की वहीं ठप हो जाती।. द थिंग इज द गर्ल स्पोक। उसने अपनी बात. कही। कंसेंट नाम की भी कोई चीज होती है जो. आपके साथ संवाद. और उसके लिए जिसके लिए नॉर्मल है कि भाई. जो पति ने कहा वो एंड एंड शी इज़ वेरी. हैप्पी इन हर कंडीशनिंग जो मेरा किरदार है. वो बहुत खुश है अपनी कंडीशनिंग में लेकिन.
और उसके हस्बैंड ने उसे बहुत सेंसिटिवली. ट्रीट किया है लेकिन इधर नहीं किया लेकिन. अगर वो वार्तालाप ही नहीं हुआ अगर वो. सुनती भी नहीं तो क्या होता फिर. नहीं तो मैं आपकी फिल्म को ही समाज से. जोड़कर केवल समझने के लिए चल चर्चा कर रहा. हूं. कि एक फिल्म का सब्जेक्ट है उस सब्जेक्ट. से मैं एक वाइडर समाज को जो सुन रहा हो वो. भी थोड़ा समझने की कोशिश करें।. अब जैसे भारतीय समाज में मैंने हमेशा देखा. कि एक संकोच रहा है।. जी. तो ये संकोच हमारी खूबसूरती या हमारी. कमजोरी कि हम संवाद नहीं कर पाते या. झिझकते हैं। जैसा कि आपने कहा कि रिमोट से.
उठ के हम चले गए बाहर।. देखिए वो इसे हम कहते हैं आंख की शर्म। हम. हमेशा यह कहते हैं कि यार बुजुर्गों के. साथ, बड़ों के साथ एक आंख की शर्म रखा. करो। मैं बिल्कुल नहीं कह रही कि जिन. चीजों को आप बिलीव करते हैं जो आपका. सिस्टम चला आ रहा है बिलीफ सिस्टम ऑफ. रिस्पेक्ट ऑफ कल्चर उसे बदला जाए। लेकिन. मैं इतना जरूर कह रही हूं कि आपका कहने का. तरीका रिस्पेक्टफुल होना चाहिए लेकिन बात. कहनी जरूर चाहिए। आई मीन सो मेनी पीपल टेल. मी आप जब कुछ कहते हो ना वो बुरा नहीं. लगता है। वो सही लगता है एकदम से।.
सलीके से कह रहे हो. क्योंकि सलीके से कह रहे हो। और क्यों कोई. मां-बाप माइंड नहीं करते। मैं कल दिल वाले. दुल्हनिया ले जाएंगे देख रही थी। एंड आई. लव्ड काजोल सेइंग वो एक लाइन है उसकी। कि. क्या मैं अपनी जिंदगी से आपसे एक महीना. अपनी ही जिंदगी की अपनी खुशी के लिए मांग. सकती हूं क्या? इट्स अ ब्यूटीफुल लाइन।. मतलब अपनी जिंदगी पर भी उसका हक नहीं।. लेकिन उसने इतने प्यार से कहा दैट द रोल. अमरीश जी शी प्लेस ही सेस बिल्कुल। तो. कहने का बजाय कि इसके कि मेरी जिंदगी है।. मैं जो करूं मतलब या वो कहेंगे चुप करके.
बैठ।. तो एक-एक हमें बीच का क्यों क्यों नहीं हम. वो पकड़ सकते? व्हाट्स रोंग विथ इट? कि कह. कर तो देखो वो शेयर तो करो थोड़ा सा अपना. दायरा बढ़ा लो अगर हम इतने ही दायरे में. बैठे कि नहीं जी ऐसे ही है. तो चलो आप तो संजीदा हो समझदार हो. थैंक यू. अगर कोई. वो व्यक्ति आपको ये पॉडकास्ट देख रहा हो. जिसकी शादी होने वाली हो. जी. तो उसके मां-बाप और उस पति से अपने इस. फिल्म या फिल्म के बाद आप उसे क्या कहोगे.
कि हाउ यू शुड स्टार्ट योर मैरिज लाइफ इस. सब्जेक्ट इस सब्जेक्ट के कॉन्टक्स्ट की. बात कर रहा हूं. फर्स्ट ऑफ ऑल आई थिंक नो थर्ड पर्सन इज दे. समवन टू टेल देम हाउ दे शुड स्टार्ट देयर. मैरिड लाइफ। दे शुड नो देमसेल्व्स। आप जो. भी बड़ी फिल्म देखें या कुछ भी देखें आप. कहेंगे आप कहेंगे यार ये वाला सीना बहुत. अच्छा था। यू नो सपोज आई एम सीइंग समथिंग. मैंने एक फिल्म देखी जो बहुत सेंसिटिव है. जो एक छोटे बच्चे की है अपने बाप के साथ।. ठीक है? मैं बाहर निकली सिनेमा से। मैं. बाहर आई। अ आप देखिएगा आपकी नजर एक टक.
जाएगी एक बच्चे पर और फिर आप उसका बाप. ढूंढेंगे। हम. क्योंकि आप वो लेकर आए हैं।. आपका मन करेगा उस बच्चे के पास जाके हे. कैसा है बेबी? अब आपको फिल्म ने नहीं कहा. यह करने के लिए। यह आपने खुद सोचा कि यार. वो उसमें गुम गया था। इसमें मैं कुछ कर. सकता हूं क्या? इट्स जस्ट दिस मच। सो कुछ. करना नहीं होता। आपको यहां लेक्चर्स नहीं. देने अपने बच्चों को कि सुनो ऐसे करना है. तुम्हें। तुम ऑक्वर्ड फील करो मुझसे बात. करने को। फिर भी मुझसे बात करो। नो। आई.
थिंक देयर आर एल्डर ब्रदर्स, देयर आर. फ्रेंड्स हु टेल यू व्हाट टू डू। इतना ही. करना है कि सेंसिटिव होना है। वो सिखाया. जाता है क्या? वो सिखाया नहीं जाता। उसका. इंपैक्ट आप पे आपके जेहन में आएगा। वो. कहीं ना कहीं आप खुद इस्तेमाल करेंगे।. सेंसिटिविटी बेसिक चीजें सिखाई नहीं जाती।. बट जैसे आपने कहा कि सही पार्टनर होना. चाहिए। अब जैसे मैं आपकी फिल्म देख रहा. था, ट्रेलर देख रहा था मैं।. तो आपने बड़ी तारीफ की कि मेरा देवर तो. कुछ गलत कर ही नहीं सकता।. बिल्कुल। क्योंकि हर इंसान के कई रूप होते. हैं। एक रूप होता है जो दुनिया के सामने.
होता है. और एक रूप होता है जो बंद कमरों में निकल. कर आता है।. वो चेहरा अलग होता है। जैसे आपके साथ जो. रिश्ता दिखाया गया है बड़े कॉन्फिडेंटली. आपने कहा अरे मेरा देवर ये तो कुछ गलत कह. ही नहीं सकता। अब वो बाहर से दिखने में. बिल्कुल सही पार्टनर है।. बिल्कुल। तो फिर यह डिफरेंशिएट कैसे करें. या यह कैसे हम वो सेंसिटिविटी जो बाहर से. आपको दिख रही थी एक भाभी के रिश्ते में या. जो भाई के रिश्ते में दिख रही थी कि वो एक. एक बच्चा है जो अच्छा बेटा है अच्छा देवर. है अच्छा भाई है सारे रिश्ते अच्छे निभा. रहा है. करेक्ट.
बट उसका एक दूसरा वर्जन है जो अपनी वाइफ. के साथ है तो वो बाकी जगह सेंसिटिव है. यहां सेंसिटिव नहीं है ये तो हम पकड़ नहीं. सकते. सो ऐसे केसेस में फिर हम. फिर ऐसे केस में जब पकड़ा जाता है तो वो. सेंसिटिविटी तब सिखाई जाती है. परिवार को और बड़ों को भी कान पकड़ना. चाहिए. मेरे ख्याल से सबको एक साथ ये ये रोल प्ले. नहीं कर सकते कि आप बाबूजी हैं आप बोलिए. आप आप ये हैं आप बोलिए नहीं मुझे लगता है. मिलजुल के सब होता है मैं कितना कुछ अपने. छोटों से सीखती हूं. नाइस. सो व्हाई नॉट आई मीन व्हाई डू यू से ओके. टेक मी वै सीरियसली नो प्लीज डोंट.
आपको लगता है कि समाज में जो स्ट्रांग. वुमेन या सफल सक्सेसफुल वुमेन होती है. मर्द डरते हैं उनसे. ऑफकोर्स मेरे से तो बहुत डरते हैं. डरते भी हैं प्यार भी करते हैं एंड एंड. दैट्स अ. इंटरेस्टिंग कॉम्बिनेशन. दे लुक अप टू यू दे एडमायर यू फॉर हु यू. आर इट्स नॉट इजी बीइंग बीइंग. स्टंग स्ट्रांग मतलब वो आई एग्री विद नीना. जी स्ट्रंग वुमन स्ट्रंग वुमेन क्या होता. है ऐसा थोड़ी कि हमारी वलनेरेबल साइड से.
मतलब स्ट्रांग की परिभाषा जो है वो है कि. अपने हक के लिए लड़ना अपने लिए स्टैंड. लेना अपना एक ओपिनियन होना हां में हां जी. हुजूरी नहीं करने वाली महिलाएं. हां उस मामले में पर यह भी जिंदगी सिखाती. है आपको आप कहीं ना कहीं हां में हां. मानते हुए आते हैं टू अ पॉइंट वेयर यू फील. यू नो आई एम नॉट बीइंग ट्रू टू मसेल्फ. मैं अगर एक जिंदगी लेकर आई हूं और मैं. पीछे मुड़कर देखूं कि आधी से ज्यादा तो. मैंने प्रिटेंड करने में ही बिता दी कि. अरे यार कितनी स्वीट थी पर मैं अंदर से. कुड़ रही थी यार यू नो तो मुझे आपको तकलीफ.
नहीं देनी है लेकिन मैं आपको कहना चाहूंगी. कि यू नो व्हाट आपने जब ऐसा किया ना मुझे. थोड़ा सा वो लगा आई से इट बट आई डू फील. कहने का तरीका जो है वो होना चाहिए चाहिए।. सो सही होना चाहिए। उसमें आपको किसी के. फेदर्स रफल करने की जरूरत नहीं है। सो यस. पीपल डू फील इंटिमिडेटेड. लेकिन प्यार बहुत करते हैं आपको। एक. एडमिरेशन जो है वो बनी रहती है। ये. स्ट्रांग सक्सेसफुल वुमेन के लिए।.
अब मेरे को कई सारे कई सारे लोग फ्लैशबैक. में आए। जैसे जैसे स्ट्रांग वुमेन में जब. मैं सोचता हूं बॉलीवुड में तो मुझे रेखा. जी नजर आती हैं, नीना गुप्ता जी नजर आती. हैं, दिव्या जी नजर आती हैं। पर अधिकतर. स्ट्रांग वूमेन में एक कहानी दिखाई पड़ती. है कि अधिकतर की मोहब्बत मुकम्मल नहीं. हुई।. क्यों मैरिड? उसका रीज़न उन्होंने दूसरा दिया था।. अच्छा।. क्योंकि उन्होंने रीज़न दिया था कि वो शादी. प्यार में नहीं की थी। शादी करने से सब. कुछ ठीक हो जाता है। इसलिए शादी की थी।.
ओके। मैंने देखा नहीं। नो. आप समय मिलेगा जरूर देखिएगा।. सो चाहे मैं रेखा जी का जिक्र करूं या. शुरुआत में नीना जी का या आपका ऐसी बहुत. सारी स्ट्रांग औरतें हैं जो बहुत. सक्सेसफुल है जिनको हर समाज से लोग लुक अप. करते हैं। पाने की ख्वाहिशें लाखों. करोड़ों लोगों में रही हैं। लेकिन उनकी. निजी जिंदगी में कहीं थोड़ा सा उतार-चढ़ाव. रहा। क्या मर्द जो हैं वो डरते हैं या. सक्सेसफुल वुमेन जो होती हैं वो अपने आप. में बहुत खो जाती हैं। क्या होता है कि जो. सफल व्यक्ति सफल महिलाएं हैं उनकी.
कहानियां वो प्रेम कहानियों में वैसी नहीं. आती है जैसा हम सुनते हैं।. आप कह रहे हैं कि. और ये मर्दों के साथ भी है। ये कई मर्दों. के साथ भी है। बट मैं अभी फिलहाल सिर्फ. इसको जनरलाइज नहीं कर रहा हूं। वुमेन पे. फोकस कर रहा हूं। मैंने तीन उदाहरण दिए. जो।. मैं भी आपको उदाहरण देती हूं। क्या शबाना. आजमी सक्सेसफुल नहीं है? बहुत सक्सेसफुल. है।. क्या आई मीन शी हैज़ द बेस्ट पार्टनर। ही. हैज़ द बेस्ट पार्टनर।. यह बहुत मेरे लिए मेरी फेवरेट इंटरेस्टिंग. लव स्टोरी है। लेकिन दोनों स्ट्रांग लोग. हैं। साथ में हैं। तो हम इसे जनरलाइज.
ऐसे बहुत अपवाद हैं। आप आप अगर आप सोचोगे. ऐसे ऐसे अपवाद बहुत कम है। बहुत सारे. लोगों के मैंने इंटरव्यूज किए हैं. सक्सेसफुल वुमेन के। जो शादीशुदा भी हैं. वो शादी बहुत से लोग हैं जो शायद चला भी. रहे हैं या. आधी से ज्यादा दुनिया शादियां चला रही है।. आप सही कह रहे हैं लेकिन मैं कह रही हूं. कि सिर्फ सिंगल वुमेनकि स्ट्रांग है और. अपनी चॉइसेस करती हैं।. क्या वो जो दोनों सवाल मिला क्या मर्द. डरते हैं? मर्द डरते हैं? उनके साथ होने में इसलिए वो अकेले हैं. क्यों उनको वो वैसा नहीं मिला। मतलब इस पे.
क्या सोचते हो आप इस पे? नहीं मैं इतना सोचती नहीं हूं। आई डोंट. थिंक. आप क्यों अकेले हो फिर? देखिए मेरे पास एक बेस्ट कंपनी है जिसे. कहते हैं कि मैं खुद मैं अकेली नहीं हूं।. बहुत फर्क है। हम. आई हैव चोजन टू बी दिस वे। और मुझे पता. नहीं कि इसे स्टिग्मा क्यों बना दिया जाता. है कि अरे तुमने तुम्हें कोई मिला ही नहीं. यार। दोस्त आपकी बात नहीं कर रही। दोस्त. भी बनाई अरे तुम्हें कोई मिला नहीं क्या? अरे मिला। मुझे नहीं लगा कि मुझे इसके साथ. में जिंदगी बितानी है। आई डोंट फील दैट. दैट पर्सन इज द करेक्ट पार्टनर फॉर मी। तो.
नहीं है तो नहीं है। लेकिन मैं अकेली नहीं. हूं। आई एम नॉट।. क्या अंतर होता अकेले होने में और. लोनली होने में लोनली होने में और अगर आप. कहें कि मुझे कल को किसी की जरूरत है तो. जरूरी नहीं है कि वह एक रोमांटिक. रिलेशनशिप ही हो। और भी बहुत सारे रिश्ते. होते हैं जो बहुत खास होते हैं जो आपको. अकेला नहीं फील करने देते हैं। एंड आई. थिंक समवेयर कोविड ने हम सबको एक बात. सिखाई। मैं तो भागती थी अपने आप से कि बैठ. नहीं सकती थी अकेली मैं कभी भी। दोस्त. ढूंढती थी। यह ढूंढती थी, वो ढूंढती थी।. फिर कोविड में आई सेड आई सेड तू भाग क्यों.
रही है अपने आप से। व्हाट इज योर. प्रॉब्लम? फिर बैठी मैं अपने साथ। फिर. जितने मेरे फियर्स थे, ए्जायटीज थी सामने. बिठाई कि क्या हुआ? और सिर्फ मेरे साथ. नहीं हुआ है। बहुत लोगों के साथ होता है. ऐसा। तो आई स्टार्टेड लाइकिंग मसेल्फ एंड. इट्स लाइक अरे यार तुम इतनी बुरी कंपनी. नहीं हो जितना तुम अपने आप को सोच रही हो।. सो. आई स्टॉप डिपेंडिंग आउटसाइड फॉर वैलिडेशन. फॉर अह अह क्या बोलते हैं? कि मेरा मेरा. एक पार्टनर हो। वो जो हार्ट ऑन माय स्लीव.
वाली सिचुएशन है वो कट गई उस वक्त। अगर आई. एम वेरी ओपन टू लव। कल को मुझे कोई अच्छा. मिलेगा। ऑफ कोर्स आई वुड लव अ कंपैनियन इन. माय लाइफ। आई डोंट अबाउट मैरिज। बट आई एम. सो ओपन टू लव। तो ऐसा नहीं कि मैं वो सोच. रही हूं कि देखो मैंने क्या डिसीजन लिया।. दैट्स फाइन। एज ऑफ़ नाउ दिस इज़ वर्किंग. ब्यूटीफुली फॉर मी। फॉर टुमारो। आई डोंट. नो।. नाइस। मानव मानव कॉल से भी मैंने इंटरव्यू. किया था। उन्होंने विल ऑलमोस्ट ऐसी बातें. कही थी। हां वो भी देखो कितने छड़े चटांग. है।. मैं अपनी कंपनी से बहुत खुश हूं। मुझे.
पहाड़ पसंद है, नदियां पसंद है, वादियां. पसंद है। मैं जाता हूं, लिखता हूं। अच्छा. लगता है मुझे। तो मुझे कभी लगा ही नहीं कि. मैं अधूरा हूं।. पर आप भी तो सिंगल हैं।. मेरी तो मजबूरी में सिंगल हो गया ना मैं।. मेरा तो रिश्ता टूट गया स्टिल सिंगल हो. गया मैं। या फिर उसके बाद समय नहीं मिला. काम की वजह से।. देखिए सेम चलता है। अभी टाइम भी तो नहीं. मिलता हम लोगों को।. फिर वही कहानी। ये सक्सेसफुल लोगों को. कॉम्प्रोमाइज करना पड़ता है। इफ यू आर वैरी. पैशनेट, यू हैव टॉम इन योर पर्सनल लाइफ।. सी द थिंग इज ऑफ कोर्स इफ यू आर वेरी. फोकस्ड. आपको मैंने एक बहुत सुंदर बात सीखी कि अगर.
आप सक्सेसफुल हैं आपको अपनी अचीवमेंट्स के. लिए ना अपोलजेटिक नहीं होना चाहिए कि सॉरी. आई मीन मैं अब मैं यहां लेट हो गई मैं. यहां हो गई देन यू नीड अ पार्टनर हु. बैलेंससेस यू हु अंडरस्टैंड्स और बड़ा. मुश्किल है कि ऐसा पार्टनर मिले जो आपको. उसमें कहे कि नर्चर करे आपको वो मिले तो. बहुत अच्छी बात है नहीं तो कॉम्प्रोमाइज. नहीं बट यस आई आई मीन आई हैड सो मेनी मेन. जो जो बोलते थे अच्छा तुम ता उम्र काम. करोगी हां करूंगी यार आई एम इन आई विल आई.
विल हैव आवर्स दैट विल बी नॉट 9 टू सिक्स. कि मैं शाम को घर आ ही गई मैं कई बार बहुत. टाइम के लिए चली जाऊंगी मेरे कितने दोस्त. हैं जिनके हस्बैंड्स आर अब्सोलुटली फाइन. विद इट मेरे लिए नहीं थे तो नहीं थे तो. ठीक है दैट्स फाइन. तो ये डराता नहीं कभी. डर नहीं इसमें क्या डरने की बात है. कि एक उम्र में शायद आप अकेले रह जाओ कभी. तो काम कम कम होगा। कभी तो जिंदगी में जब. सुकून होगा तो ऐसा ना हो कि केवल काम ही. दिखाई पड़े और वो जो दूसरा हिस्सा जिंदगी.
का है।. तो जितने लोग शादीशुदा हैं आपको लगता है. कि उनको कंपनी मिल जाएगी।. अच्छी शादी होना जरूरी है।. शादी शादी जरूरी नहीं है। अच्छी शादी होना. अच्छी शादी होना जरूरी है। पीस होना जरूरी. है। आपकी अपनी पर्सनल ग्रोथ होना जरूरी. है। वो चाहे सिंगल रहकर हो चाहे शादीशुदा. हो उससे कोई फर्क नहीं है।. नाइस। मैरिज के इंस्टिट्यूशन में बिलीव. करते हो आप? थोड़ी सी ओवरहाइप है। बट बिलीव करती हूं।.
एक इंसान के साथ ता उम्र. ब्यूटी ऑफ इट। मैं तो बड़ी ही ऐसी फिल्में. देखकर हुई जहां पर यू नो करवा चौथ होता. था, मेहंदी होती थी। एंड. हम आपके हैं कौन. यश जी मोर सो लेकिन. ऑफ कोर्स जब अच्छी पार्टनरशिप्स आप. फिल्मों में देखते हैं, अपने आसपास भी. देखते हैं। यू बिलीव इन मैरिज। लेकिन. आजकल का जो भागदौड़ का दौर है, जहां.
टॉलरेंस कम है, जहां पर पेशेंस कम है, अ. बहुत सारी टूटती हुई नजर आती।. मैंने कहीं सुना था कि आपको 18 साल की. उम्र में शायद किसी ने किसी डॉक्टर ने. शायद आपकी मॉम के पास एक प्रपोजल भेजा था।. मेरे पास बहुत प्रपोजल्स आ रहे हैं।. उसके बारे में काफी चर्चा शायद रही या कई. आर्टिकल्स में भी वो आया कि 18 साल की. उम्र में आया। चलो बहुत सारे प्रपोजल्स. आए। कभी कोई लगा नहीं कि यार इस पे रुक. जाते हैं? नहीं।. कभी नहीं लगा।. मैं खुद ही रुक गई जो मुझे अच्छे लगे थे।. बट वो शायद आई मीन इट वास नाइस टिल इट.
लास्टेड बट नॉट फॉर समबडी टू स्पेंड लाइफ. विद. क्लियर. आपको ना कहीं-कहीं पता होता है कि जिंदगी. खुश होगी शांत होगी कुछ लोग बहुत अच्छे. दोस्त हो सकते हैं पर अच्छे पार्टनर नहीं. हो सकते क्योंकि कहीं ना कहीं स्टेटस बदल. जाता है।. कुछ तो अच्छे प्रेमी हो सकते हैं बट अच्छे. पति नहीं. ऐसा भी होता है। कि दूर रह दूर रहकर तो. अच्छे थे बट शायद एक घर में एक साथ रहने. में शायद.
बिल्कुल आप सही. कॉन्फ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट बहुत ज्यादा हो. जाए।. अब्सोलुटली तो जो आपको कहीं लग रहा है कि. ऐसा होने वाला है तो आप क्यों जानते. पहचानते घुसेंगे उसमें। करेक्ट. तो इसी में शायद डर लगता है कि जिंदगी भर. अकेले ना रह जाए।. ये तो कोई डिसाइड नहीं कर सकता कि कौन. अकेला रहने वाला है। मैं जो अकेली खुश. बैठी हूं या दो लोग जो जो शादी में हैं और. अकेले हैं।. घर में अकेले हैं।. बिल्कुल. नाइस। हालांकि इस मैंने कभी लिखा था कि. इश्क जिंदा रखना है तो उसे अधूरा रहने दो. क्योंकि मुकम्मल हुए रिश्ते अक्सर. बर्फ की ठंडी राह अक्सर खामोश हो जाते.
हैं। वाओ! क्या बात। तो, रिश्ता अच्छा हो, तो बहुत खूबसूरत। वह कोई भी हो।. हम्।. आई आई जस्ट फील इट शुड बी हेल्दी, इट शुड. बी नर्चरिंग।. कभी जो दिलविल टूटा इसकी वजह से भी रहा कि. सेल्फ लव ज्यादा हो गया या रिजिडनेस. ज्यादा हो गई कि अब अपने आप में खुश रहना. है। क्योंकि अक्सर ऐसा होता है कि रिश्ता. टूटता है। हम बदल जाते हैं।. दिल टूटा है आपका? ऑफकोर्स टूटा है यार। मतलब आई हैव ऑफ. कोर्स डेटेड पीपल। आई हैव हैड रिलेशन।. किस किस-किस लेवल पे आप दिल टूटा मतलब.
बहुत बड़े-बड़े लेवल्स पे दिल टूटा है।. जैसे पीयूष मिश्रा जी मेरे पास आए थे तो. उन्होंने दिखाया कि देखो शुभांकर मैंने. यहां काटा, यहां काटा, यहां काटा, यहां. काटा, यहां काटा। उन्होंने पहली मोहब्बत. का दिखाया।. कि ये सब था और आज भी सिगरेट जब मैं पीता. हूं और वो धुआं जब फेफड़े के अंदर जाता है. तो उस फेफड़े के अंदर धुएं से।. फिर क्या होता है? वो जो याद होती है वो आ जाती है। वो तलब. आती है। कुछ लोगों की तलब होती है। साथ. नहीं है लेकिन एक तलब है कि हम नहीं है।. हमको पता था हम नहीं रह पाएंगे। ऐसी कभी.
कोई तलब होती है आपको? ऐसे वाला इश्क नहीं हुआ यार।. आय हाय. मे बी देखो मेरा ना क्या है? एक. अनकन्वेंशनल सी जिंदगी है। अनकन्वेंशनल. हीरोइन बुलाते हैं मुझे। मे बी आई विल हैव. एन अनकन्वेंशनल रोमांस। सो हु नोस कि मुझे. ऐसा इश्क कभी हुआ ही नहीं। शायद हो जाए।. नो।. मैंने एक रेखा जी का वीडियो देखा अभी। वो. उनके अमिताभ जी के नाती का कोई फिल्म आई. थी। किस आई थी।. तो रेखा जी ने जाके उस पोस्टर पे. एंड आई फाउंड इट सो ब्यूटीफुल। मतलब मैं. कई उनके वीडियोस देखता हूं। जैसे एक.
वीडियो था जिसमें अमिताभ जी को अवार्ड मिल. रहा था। और उनका नाम अनाउंस हो जाने लगे।. सुरेखा जी खड़ी हो गई। और जब वो खड़ी हुई, खुश हुई, क्लैप करने लगी तो मेरे को लगा. कि हर आदमी को पता है कि यह रिकॉर्ड किया. जा रहा है।. लोग इसका मजाक ही उड़ाएंगे।. ट्रोल करेंगे, बातें करेंगे, सब कुछ. करेंगे। बट फिर भी वह इज़हार कर देती हैं. कई बार। सलमान के साथ एक शो था जिसमें. उन्होंने कहा कि कुछ बिग बॉस आया तो. उन्होंने कहा, "Big बॉस से डर नहीं लगता।. बिग बी से लगता है।. अच्छा नहीं सुना।. और मुझे वो.
हैरान भी कर रहा था। फिर लग रहा था कि यार. मोहब्बत में जिसजिस मोहब्बत में कंट्रोल. वो मोहब्बत कहां रह गई? वो तो वही वाली. बात हुई जो पीयूष जी ने कहा कि जिक्र आया. तो यार सिगरेट की तलब हो रही है। बाहर. जाकर पी लेने दो।. देखिए ये. इस इंटेंसिटी पे कभी नहीं गया।. देखिए ये मेरी स्पेस नहीं है। इन पर कमेंट. करना लेकिन. कमेंट नहीं मैं क्यों आ रहा हूं। इस. इंटेंसिटी पे कभी आप नहीं गए कि कोई नहीं. है फिर भी है। घर लौट रहे हैं जब शाम को. थक कर तो वो ड्राइव करने के ख्याल में या.
बालकनी में. मुझे लगता है इंटेंसिटी हुई भी हो. तो उसे फिर छोड़ देना पड़ता है। नहीं तो. मतलब वो लैला मजनू बनके रहे तो फिर जिंदगी. बर्बाद हो जाएगी। वुमेन स्पेशली आर वेरी. इमोशनल। अह डिटच करना बहुत मुश्किल होता. है। और जब ब्रेक. तो कहते हैं कि मर्द इमोशनल होते हैं वह. नहीं निकल पाते।. चलो यह तो सबका नजरिया है ना? तो सो आई. थिंक हर एक का डील करने का अपना तरीका. होता है। लेकिन. आई थिंक उसे फिर छोड़ देना चाहिए। वो क्या.
बोलते हैं कौन सा शेर आपको मालूम होगा उसे. वो अफसाना जिसे अंजाम तक पहुंचाना ना हो. मुमकिन. उसे एक मोड़ पर कर छोड़ देना ही अच्छा. तो तो वही बात है छोड़ देना चाहिए और ये. मेरी मां ने मुझे बहुत बार सुनाया तो अब. मुझे रट गया है।. सेल्फ लव करते हो? अभी-अभी शुरू किया है. तो शायद यही वाला वो शिद्दत का प्यार हो. जो हो जाए शायद. खुद से. खुद से. सेल्फ लव करना जरूरी है।. बहुत जरूरी है।. क्या फर्क आया पहले वाली दिव्या आज की. दिव्या में जो सेल्फ लव करती? देखिए अभी भी मैं सीख ही रही हूं। ऐसा.
नहीं कि मैं इश्क में ही पड़ गई हूं।. लेकिन बहुत जरूरी है क्योंकि कुछ चीजें हम. हर बार अपने आपको थोड़ा पीछे कर लेते हैं. कि पहले ये कर लेते हैं पहले वो कर लेते. हैं पहले ये में कहीं आप अपने आप को. बिल्कुल नीचे कर देते हैं जो कहना है जो. करना है उस वक्त आई थिंक मुझे लगता है जो. आज है आपका वो बहुत जरूरी है और उसे एंजॉय. करना वो मेरी ड्यूटी है मेरे लिए आई नीड. टू बी हैप्पी एंड उसके लिए अपोलजेटिक होना. मैं तो फट से गिल्टी हो जाती हूं अरे यार.
सॉरी सॉरी मैंने तुम्हें ये तो नहीं कर. दिया। गलती मेरी नहीं है। मैं फिर भी सॉरी. बोल दूंगी जाकर।. बट आई फील यू यू डोंट हैव टू बी अपोलजेटिक. अबाउट योर हैप्पीनेस।. मुझे कई बार लगता है कि आपको अमृता प्रीतम. की बायोपिक पे काम करना चाहिए।. आपने पढ़ लिया कहीं पर।. बट मुझे लगता है कि वो अमृता प्रीतम पे आप. बहुत सूट करोगे।. काश कि आपकी जुबान पर इस वक्त सरस्वती मां. बैठी हो और यह हो जाए।. क्यों पसंद है आपको अमृता प्रीतम? पता नहीं। आई अगेन दैट लव दैट यू स्पोक. अबाउट। जैसे आपने पीयूष भाई की बात की कि. सुट्टे में वो वो बहुत आप उस चीज को.
रोमांटिसाइज करते हैं। कितना खूबसूरत बात. है कि एक सिगरेट बट पड़ा है और आप उसे. अपने होठों से लगा रहे हैं। वो बहुत. खूबसूरत एक कहानी है। मुझे पता नहीं उनकी. लिखाई भी वो भी बहुत पसंद है और एक है कुछ. कनेक्ट अच्छी लगती है मुझे बहुत।. बट अमृता की जिंदगी में दो मर्द थे।. जी. एक जिनसे अलग हुई एक जिनसे शादी हुई।. कितनी खूबसूरत कितना खूबसूरत रिश्ता है. अमरोज आपके साथ। अब आपको क्या लगता है कौन. सा रिश्तेदार महान था? पर्सनल पूछेंगे. हां. इम्रो साहब के साथ एंड दैट आई थिंक इम्रो.
सा लाइक क्या इश्क था वो. क्यों. सब जान सब सब जानते हुए अगर आप किसी से. इतना बेइंतहा अनकंडीशनल प्यार करते हैं. इतनी खूबसूरत बात है वो. तो फिर दुनिया दूसरे वाले की जिक्र क्यों. करती है. मैं तेनु फिर मिलांगी इज फॉर इम्रोज साहब. मैं तेनु फिर मिलांगी किथे किस तरह इज फॉर. इम्रोज साहब. मैंने कहीं अभी किसी पडकास्ट में पूछा था. कि यह मर्दों के मेल थी तो उनसे मैंने.
पूछा था कि पत्नी कितनी भी अच्छी हो. कहानियों में प्रिय सी ही रहती है। चाहे. वो पीयूष मिश्रा हो चाहे वो भगवान हो या. इंसान हो। श्री कृष्ण का भी जिक्र हम करते. हैं तो लोग राधा से शुरू करते हैं।. रुक्मणी का जिक्र कम आता है। इंसानों में. भी हम बात करते हैं तो पासवर्ड्स से लेकर. कहानियों में आप नाम ले लो। आप राज कपूर. नाम लोगे आपको एक नाम याद आ जाएगा। कोई भी. नाम ले लो। ऐसे हर दुनिया में अलग-अलग. दुनिया में। ये क्यों होता है कि जो नहीं.
पूरा होता इंसान को वही आकर्षित करता है।. बड़ी नेचुरल टेंडेंसी है ये। आप. मुकम्मल चीजें खूबसूरत नहीं लगती।. बड़ी इजी हो जाती है ना। हम फॉर ग्रांटेड. ले लेते हैं। वह चाहे रिश्ते हो, चाहे. चीजें हो, जो भी आपको फट से मिल जाएगा, वह. उसके मायने कम हो जाते हैं। जो नहीं. मिलेगा उसको पाने की इच्छा हमेशा रहेगी।. उससे कहानियां दूर तक चलेंगी।. बिल्कुल क्योंकि वो चैलेंज है।. तो फिर आपको अच्छे लगे।. अरे आपने पूछा आपको कौन सी पसंद है? मैंने. अपनी पसंद बताई। सो कुछ चीजें.
क्या बोलते हैं उसको? मन को शांति देती कि. इतना खूबसूरत प्यार वो आप जब कहानी उनकी. जानते हो. तो आई थिंक दैट्स अ ब्यूटीफुल लव स्टोरी।. आपको लिखने का ही बहुत शौक है।. जी. तो जैसे एक्टिंग में आप वो किरदार निभाते. हो जो किसी ने दिया। कभी कुछ ऐसा रहा कि. सेटिस्फेक्शन के लिए लिखना शुरू किया कि. यार जो कर रहे हैं वो तो ठीक है या या कोई. किरदार निभाया। आपको लगा इससे और खूबसूरत. कर सकते हैं हम। या किसी किरदार को जीने.
के बाद उसे कागज पर लिख दिया कि इसे और. थोड़ा जी कर देख ले।. तो मुझे कहानियां लिखना बहुत पसंद है। मैं. स्क्रीन प्ले, स्क्रिप्ट्स वगैरह में. नहीं।. चलो मैं इसको नए रिफ्रेम करता हूं।. अच्छा करिए।. क्यों लिखते हो आप? ये हीलिंग. आप क्या जानना चाहते हैं वो बताइए।. क्यों लिखते हो आप? एक्सप्रेस करने के लिए। कथासिस होता है।. इससे ज्यादा खूबसूरत। आप क्यों लिखते हो. शेरो शायरी? अच्छा लगता है मुझे। मतलब पहले, पहले अपनी.
जुबान साफ करनी थी इसलिए था कि उर्दू. थोड़ी सीख जाएंगे लिखे पढ़ेंगे। फिर लगा. कि भावनाओं को ज्यादा अच्छे से एक्सप्रेस. कर सकते हैं। थोड़ा दिल भी हल्का हो जाता. है। एक हीलिंग प्रोसेस भी है। इसे कॉपी. पेस्ट कर दें आप।. सेम सेम लिखना आई थिंक एक बहुत ही खूबसूरत. फील्ड है। जहां आप अपने आप को व्यक्त करते. हैं, एक्सप्रेस करते हैं। मैं तो पोएट्री. भी नहीं लिखती थी। मैंने अलोंग द वे शुरू. की कुछ कुछ कविताएं लिखनी। फिर जावेद साहब. ने कहा अरे तुमने ये लिखी है और लिखो तो.
तो किसी ने आपकी हौसला अफजाई कर दी जावेद. साहब ने कर दी तो इट मीन्स अ लॉट तो वो आप. लिखते जाते हैं किरदारों को जैसे आपने कहा. कि जब मुझे कोई किरदार ऑफर होता है मुझे. लगता आप उसे पर्सनलाइज जब करते हैं कि. अच्छा अब इसे मैं पोट्रे कर रही हूं तो आप. वो बन जाते हैं। ऐसा नहीं कि मैं एक्टिंग. कर रही हूं। मैं एक्टिंग नहीं कर सकती।. कोई भी नहीं कर सकता। आपको बनना पड़ेगा।. देयर इज़ नो टू वे अबाउट इट। अगर मैं कमलेश. का रोल कर रही हूं तो मुझे कमलेश बनना. पड़ेगा उतनी देर के लिए। नहीं तो आई विल. नॉट बी सिंसियर टू द कैरेक्टर। तो उसमें.
अगर मुझे लगे कि यह लिखा हुआ है लेकिन. इसमें मैं क्या यह भी डाल दूं क्योंकि. कमलेश को ऐसा लग रहा है कि मैं ऐसा भी कर. दूं क्या? वो इंप्रोवाइजेशंस होती हैं। वो. आपका मन करता है कि ऐसा करें। तो वो आई. थिंक बहुत बार होता है। एंड उससे मेरी. काफी मदद भी हुई। आई वास डूइंग अ फिल्म. कॉल्ड इरादा जिसके लिए मुझे नेशनल अवार्ड. मिला था। मेरी डायरेक्टर बहुत प्यारी है. अपर्णा। वो आती थी और वो रोल सुनाती थी. मुझे। मैं कहती थी अपर्णा यार बहुत सुंदर. रोल है। कुछ ना मिसिंग है। कुछ ना मिसिंग. है। शी सेड अच्छा आप बताओ क्या मिसिंग लग.
रहा है आपको? फिर मुझे भी नहीं समझ आ रहा. क्या मिसिंग है। देन एक दिन आई टोल्ड यू. नो मुझे पता ही नहीं कि ये औरत है कौन? इंटरनलाइज इफ इफ आई सी मैं इसकी बातें. क्यों सुन रही हूं? क्योंकि मुझे कोई. पर्सपेक्टिव नहीं मिल रहा है कि यह है. कौन? ये अच्छी औरत है। यह लेयर्ड औरत है।. यह एंबिशियस है। यह कौन है? शी सेड मैम आई. गॉट यू। इतना सुंदर सीन वो लिख कर लाई. जहां पर वो अपनी मां के साथ बैठी है। देन. शी काउंटिंग हर टीथ कि वो कहते हैं ना कि. क्या किस डाइन के कितने वो दांत होते हैं. समथिंग। तो उसका किरदार एक सीन में उसने.
पूरा बिठा दिया। उसके बाद वो जो बोल रही. है मुझे पर्सपेक्टिव मिला। आई एम सेइंग. इट्स अ वेरी कोलैबोरेटिव एफर्ट। एंड अगेन. इट्स कम्युनिकेशन। हर जगह बात करना अपना।. अब मैं कहूं नहीं यार मैं नहीं करती ये. फिल्म तुमने ये ऐसा लिखा है नहीं यू हैव. टू टेल प्यार से कि सुन ऐसा कर सकते हैं. क्या दैट्स दैट. देखिए आपको शायरी आपने रिसेंटली कहा कि. लिखना पढ़ना शुरू किया आपने तो मेरे पास. एक छोटा सेगमेंट है जो उसी पे रखा है. मैंने तो जैसे एक शेर है कि हाथ छुड़ाते.
हो तो यह भी नहीं सोचा कि रूह का रिश्ता. तो कभी नहीं छूटताI. अरे. गुलजार साहब ने लिखा और यह बताया भी कि. खामोशी का अपना एक लहजा होता है कभी खामोश. होकर लिखा आपने कुछ और लिखा तो क्या लिखा. अ मैं ना आर्टिकल्स लिखती थी अखबारों के. लिए। वो मेरा अपना पर्सनल कॉलम होता था।. जब कुछ बहुत ज्यादा अफेक्ट करती थी चीज तो. मैं उसे लिख डालती थी और वो मुझे पता ही. नहीं चला कि वो बहुत हिट हो गया। फिर.
मैंने बीच में शूट पे चली गई तो भूल गई।. तो एडिटर का फोन आने लगा। प्लीज लिख के. भेज दो। तो आई सेड आई एम बिजी। शी सेड. नहीं लोग वेट करते हैं। तो आई डिडट. रियलाइज कि वो एक इतना खूबसूरत कनेक्ट बन. गया। शांति में साइलेंस जब मन एकदम वो. लगता है कि. एक तो राइटिंग इन केओस होता है। उसकी एक. अपनी खूबसूरती है। हम ज्यादातर कहते हैं. कि चले जाओ मैं लिख रही हूं या मैं कहीं. और चली जाती हूं पहाड़ों में। मैं लिख रही. हूं। वो आई डिड व्हेन आई रोट माय फर्स्ट.
बुक। पहली किताब लिखी थी तो बहुत भरी हुई. थी। मां को लेकर. जी तो 5 महीने हो गए छ महीने का वक्त दिया. गया था एक महीना रह गया था एंड माय एडिटर. कॉल्ड शी सेड लिख दी आपने बुक तो मैंने. सोचा कि मैंने तो शुरू भी नहीं की तो फिर. मैंने कहा बहन या तो तुम रो लो सेल्फ पिटी. में वो हो लो या अपनी मां को सेलिब्रेट कर. लो चूज़ कर लो क्या करना है वहां यू हैव टू. बी स्टर्न विद योरसेल्फ डेडलाइन सर पर. डंडा और खुद से एक चैलेंज ये तीन चीजें आई.
और फिर वो एक महीने में मैंने पूरी किताब. लिख डाली और उसके बाद उस वक्त मैं सबको. कहती थी चले जाओ। आई मीन लेट मी जस्ट फील. बिकॉज़ आई वांटेड अ कथार्सिस। मुझे चाहिए. था वो सारा इमोशन बाहर निकालना। जब मैंने. अपनी दूसरी किताब लिखी वो साइलेंस में. मुझसे लिखी ही नहीं गई। पूरा कोविड का. टाइम था उस वक्त मेरे पास नहीं लिखी गई।. एक बच्चन साहब का मैंने चैप्टर लिखा। एंड. दैट वाज़ दैट। फिर जब मैंने शूटिंग शुरू की. केओस कि मैम जल्दी-जल्दी शॉट रेडी हो गया.
शॉर्ट रेडी। ए एक लाइन लिख के आने दो।. बिकॉज़ यू नो कि यही मौका है लिखने का।. डेडलाइन है। यू विल गिव योर बेस्ट वे।. शोर में दर्द लिख सकते हैं।. शोर में. दर्द लिख सकते हैं।. ऑफकोर्स लिख सकते हैं।. क्योंकि दूसरी किताब आपकी खुशी पर थी।. सेलिब्रेशन पर थी। पर लिख सकते हैं। लिख. सकते हैं।. केओस में जब आप काम करते हैं, उसका एक अलग. मजा है। वो चाहे. क्योंकि दर्द वाले लोग कहते हैं कि उसके. उस ज़ोन में जाना पड़ता है। आपको. देखिए अभी एक्टिंग है।. तो कुछ लोग कहते हैं कि मुझे ज़ोन में जाना. है। कुछ मेरे जैसे होंगे वो कहेंगे मैं.
किरदार सेट पे फील करूंगी। हर एक का अपना. तरीका है। मेरे लिए यह है कि मैं आई विल. शट माइसेल्फ फ्रॉम द वर्ल्ड। पर केओस में. काम करना सर पर डंडा होना बड़ा. कोई नहीं मैं दूसरी शायरी से कोशिश करता. हूं शायद यहां कुछ सुनने को पा जाऊं कि वो. अफसाना जिसे अंजाम तक लाना ना हो मुमकिन. उसे खूबसूरत मोड़ देकर छोड़ देना अच्छा. ये तो अभी बोला है. कभी कुछ ऐसा है जो आप अकेलेपन में अपने. लिए कह लेते हो सुन लेते हो. देखिए अकेलापन नहीं है. अकेले में सुन लेते हो अकेले.
बहुत यू स्टैंड करेक्टेड अबब्सोलुटली. अकेले में तो मैं बहुत कुछ. आप कह रहे हैं कि किसी और की कहानी की. कुछ भी कुछ भी कुछ भी जो आपके करीब हो दिल. के जिसको आप गुनगुनाना पसंद करते हो कहना. पसंद करते हो या कोई ऐसा शेर शायरी कोई. ऐसे गाने या जज्बा जो होते हैं ना कि हम. बहाना ढूंढते हैं सुनने का कहने का. मुझे सबसे खूबसूरत लगती है जगजीत सिंह जी.
की वो. हमारी मिर्जा गालिब हजारों ख्वाहिशें ऐसी. कि हर ख्वाहिश. तुम निकले बहुत निकले मेरे अरमान मगर जरा. कम. तो जब मुझे ऐसी फीलिंग चाहिए होती है कि. हेलो बहुत स्ट्रांग फील कर रही हूं थोड़ा. वल्नरेबल फील करना है तो मैं ये गाना ये. सुनती हूं. इसका अपडेटेड वर्जन मेरे पास है कि बेवजह. नहीं रोता कोई इश्क में गालिब जिसे खुद से. बढ़कर चाहो वो रुलाता जरूर है. ओ. ओके. सच है कि नहीं है.
जरूरी नहीं है. जरूरी नहीं है. आप नहीं मानते ये बात क्योंकि कई लोग कहते. हैं कि ज्यादा इश्क करना भी मोहब्बत में. इंसान को अपनी मोहब्बत का दुश्मन बना देता. है। लोग ग्रांटेड ले लेते हैं। चाय में. चीनी कम हो लोग पी लेते हैं। ज्यादा हो तो. चीख के रख देते हैं मुगल में।. बट दैट्स ट्रू। आई हैव बीन अ गिवर इन लव. ऑलवेज एंड आई हैव ऑलवेज फेल्ट कि कि जो. फॉर ग्रांटेड लिए जाना है ना वो सबसे. तकलीफ देह इमोशन है।. कोई ऐसी कहानी जो लिख नहीं पाए हर लेखक के. पास होती है। जिसे लिखना नहीं चाहते।. नहीं मैं अभी बहुत कहानियां लिखना चाहती.
हूं। इनफैक्ट अभी मेरी तीसरी किताब मुझे. शुरू करनी है।. किस विषय पर है वो? अ इनमें से किसी पर. नहीं है। बच्चों की शॉर्ट स्टोरीज पर है. और मैं उस दुनिया में अच्छे से डेल कर रही. हूं।. ओके।. आपकी मां का जिक्र करते हैं। मी एंड मां।. जी।. मैं आपकी मां की कहानी जब पढ़ रहा था तो. बहुत स्ट्रांग वुमेन। आई एम श्योर वो रही. होंगी। बहुत स्ट्रांग रही होंगी क्योंकि. सिंगल पैरेंट होना अपने आप में बहुत टफ. होता है। और फिर जैसा आपने शुरू में बताया. मुझे कि उन्होंने आजादी दी। आमतौर पर.
सिंगल पैरेंट थोड़े इनसिक्योर होते हैं।. मैंने आपकी मां के किस्से में ये अलग. किस्सा सुना कि वो इनसिक्योर नहीं थे।. उन्होंने आपको आजादी दी कि तुम जाओ ये. करके आओ। शादी का प्रपोजल आया नहीं अभी. तुम सपने जियो।. रोज शुक्रिया अदा करती हूं कि मुझे ऐसी. मां मिली।. वो खुद बहुत अच्छा लिखती थी।. दो किताबें हमने उनकी भी छापी थी। अपने. कॉलेज की बेहतरीन एक्टर थी, डांसर थी।. लेकिन फिर वो डॉक्टर बन गई। तो जब मेरी.
बारी आई और मुझसे पूछा क्या तुम्हें क्या. करना है और मैंने कहा कि मुझे आर्ट्स करने. हैं तो कि जब मैंने कहा कि मुझे एक्टर. बनना है तो उन्होंने एक बार ही पूछा बस कि. आर यू श्योर कि तुम्हें एक्टर बनना है एंड. आई सेड मम्मा इससे ज्यादा मैं और कुछ नहीं. करना चाहती। आई वांट टू बी एन एक्टर। तो. आई थिंक माऊ को पता चल जाता है कि यह सही. बोल रही है कि यूं ही शोष चल रहा है। तो. पता चल गया उन्हें कि एंड शी जस्ट टोल्ड. मी वन थिंग कि बेटा मैं कभी नहीं चाहती कि. तुम कभी यह बोलो कि मेरी मां ने मुझे वो.
नहीं करने दिया जो मैं करना चाहती थी।. उन्होंने कहानी अलग लिखी ताकि मैं रोज. उन्हें शुक्रिया कह सकूं कि मैं वो करती. हूं जो मैं करना चाहती हूं। एंड आई एम अ. वेरी हैप्पी पर्सन दैट वेरी हैप्पी।. मतलब मैं अभी भी सोचता हूं मगर मैं. क्योंकि मैं हमेशा जब कोई सवाल तैयार करता. हूं या पढ़ता हूं तो मैं उस इंसान की जगह. जाकर भी थोड़ा महसूस करने की कोशिश करता. हूं। तो जब मैं उनकी जगह जाकर उनको आपकी. कहानियां सुनकर वहां पहुंचकर इमेजिन कर. रहा था कि कम उम्र में पति को खोना और. उसके बाद एक बेटी उसको भी अपने से दूर.
भेजकर उसके सपनों को पूरा करने जाने देना।. बहुत हिम्मत चाहिए होगी।. ऑफकोर्स बहुत हिम्मत। अह कहीं ना कहीं हम. दोनों बेस्ट फ्रेंड्स थे। और अपनी बेटी को. ऐसे भेजना जहां अनप्रिडिक्टेबल फील्ड है।. जहां मेरे नाना कहा करते थे कि फिल्म. इंडस्ट्री में किस्मत ना एक पत्ते के नीचे. होती। कब पत्ता उड़ के वो किस्मत तुम्हारी. बन जाए तुम्हें नहीं पता। तो अ वैसा. अनप्रिडिक्टेबल फील्ड हो जहां पता ही नहीं.
कि मेरे कल में क्या है। उस उस फील्ड को. इतना सारा वक्त देना एक सिक्योर पेरेंट ही. कर सकता है। वरना इतने प्रेशर्स आते हैं।. अरे बेटी कौन सी फिल्म कर रही है? बता तो. दो। कहां भेज दिया? अखबार में भी नहीं. पढ़ते इसका कुछ हम। अरे शादी करवा दो। अरे. यह कर दो। अरे और पढ़ा लो इसको। सो मेनी. थिंग्स दैट वुड हैपन। इट्स नॉट एन इजी. स्पेस टू बी।. आपने जी बोलिए ना। आपने सब कुछ उनसे मांगा. या कभी उसने पॉज लिया कि क्योंकि आपके. फादर नहीं पिता का होना एक लोग कहते हैं.
ना हम हम अक्सर कहते हैं कि पिता जो होता. है वो छत होता है घर की. जी. पिता छत होता है मां करुणा होती है जिससे. हम. स्नेह लेते हैं और पिता हमें सिक्योरिटी. देता है तो अपनी माता जी का जब वो दौर रहा. संघर्षों का उनका भी आई एम श्योर एक अलग. तरह का संघर्ष रहा होगा उनका कभी आपने एज. अ चाइल्ड कुछ रोका या कुछ मांगने से रोका. या आप बेबाक थे कि सब कुछ मांग लिया आपने. मेरी मां ने कहा था कि तुम दोनों को ऐसे. बड़ा करूंगी जैसे तुम्हारे डैडी और मैं. मिलकर करते और वैसे ही किया। मैंने कभी.
खुद को आई थिंक हम बहुत डिमांडिंग बच्चे. थे नहीं लेकिन हमें जो भी चाहिए होता था. वी वेंट टू द बेस्ट स्कूल्स वेंट टू द. बेस्ट प्लेसेस अ टच वुड उस तरह से कभी कोई. कमी नहीं थी।. अगर आज आपको अकेलापन नहीं या सेल्फ लव में. आप खुश हो। क्या मैं मानूं कि आपकी मां की. जो परवरिश थी या जो आपने उनसे संस्कार. सीखे या जितनी हिम्मत उन्होंने दिखाई वो. भी एक वजह हो सकती है. बट सिंगल रहने में हिम्मत दिखाने की बात. कहां से आएगी. लोग कमजोर होते हैं एक सहारा चाहिए होता. है जैसे.
और आपको लगता है कि जो भी आपके पार्टनर्स. हो आपको हर तरह से सहारा. मॉडर्न डे लव स्टोरीज मैरिज का रिजल्ट है. बट आमतौर पर धारणा यही रही है कि मैं ये. बोल रही हूं. हम सबको एक कैंपेनियनशिप चाहिए होती है. ऑफ कोर्स चाहिए होती है आई एम नॉट अंडर. आर डिजाइन कि वो उन्हें प्यार चाहिए. बिल्कुल चाहिए पर वो प्यार सिर्फ वहीं से. आई ये जरूरी नहीं है।. हां बट कुछ चीजें तो वहीं से आती है ना. जैसे. जो आप कह रहे हैं। हां तो उसके लिए मुझे. शादी की जरूरत नहीं है।. अ. आपको लगा कभी कि जल्दी आपको बड़ा होना.
पड़ा? जी लगा।. होना पड़ा नहीं।. या हो गए। जल्दी बड़े हो गए।. हो गई। हो गई क्योंकि मुझे लगा कि मेरी. मां को मेरी एक एक दोस्त की जरूरत है। एंड. आई जस्ट वांटेड टू होल्ड हर हैंड एंड आई. थिंक यस आई ग्रो अप इनसे।. कब लगा आपको बड़े हुए? व्हेन आई लॉस्ट माय डैड।. कितने साल के थे आप? सात।. समझ आ गई थी? आ जाती है।. कोई उम्र नहीं होती कुछ भी समझने की।.
उम्र के साथ समझदारी आती है? जरूरी नहीं. है। बहुत सारे लोग मिलेंगे जो बहुत बड़ी. उम्र के हैं। यहां से कुछ नहीं।. ऐसे लोगों को जानती हैं आप? बिल्कुल जानती हूं।. अभी दिमाग में कोई आ रहा है नाम नहीं. पूछूंगा।. बहुत आ रहे हैं।. होता है ऐसे वी कैन नॉट से आप. एक्सपीरियंस्ड हैं या कुछ है तो आपको समझ. आ गई। जरूरी नहीं। और बहुत छोटे लोग आपकी. सेंसिटिविटी पे। अगेन इट्स इट्स इट्स ऑन.
हाउ यू अब्सॉर्ब लाइफ? हाउ यू अब्सॉर्ब. पीपल अराउंड यू? आपकी मॉम के सेगमेंट में ये मेरा फेवरेट. सवाल था।. जी. कि जब आज आप खुद को आईने में देखते हो या. लोगों से मिलते हो या कई बार अपनी आवाज. सुनते हो या खुद को कहीं वीडियो में देखा।. कहीं ऐसा होता है कि चेहरे के हाव-भाव में. आपको अपनी मां दिखती हैं? या कुछ बोलकर. कभी ऐसा लगता है कि अरे यह तो बिल्कुल मां. ने कहा था। मैं तो. ऐसा मैं नहीं बोलती। ऐसा मेरे आसपास के. लोग सब बोलते हैं कि जो बड़ी हैरानी की.
बात है कि जो चीजें आप नुक्ता चीनी करते. थे अपनी मां के साथ कि अरे यार ऐसे मत. किया करो ऐसे मत किया करो वो एग्जैक्ट. चीजें और सिर्फ मेरा केस नहीं है बहुत लोग. करते हैं ऐसा वो आप करते हैं आप कब करते. हैं आपने कब वो चीज इमब कर ली आपको मालूम. नहीं लेकिन वो आपकी जिंदगी का अहम हिस्सा. होती है वही जो हम बात विजुअल मीडियम की. कर रहे हैं ये जिंदगी का विजुअल मीडियम है. जहां आप अपनी मां को यूं देखते हैं और आप. कहते हैं यह मत किया करो। अब जो जो ब्लैक. टी मेरी मां पीती थी बिना छाने हुए आज मैं.
पीती हूं।. उस टाइम. उस टाइम पे कहती क्या पी रहे हो? ऐसे. थोड़ी पीते होते हैं यार। क्या व्हाट छान. तो लो कम से कम आई हैव इट। मैं लेती हूं।. सो सो यू डोंट नो नोबडी टोल्ड मी टू हैव. इट। बट लेती हूं।. नाइस।. आपको सलमान खान पे क्रश था? था? जी।. फरान अख्तर पे क्रश था? दोनों भाई के हां।. तो कभी आपने पूछा कि भाई जिस पे मेरा क्रश. है उसको मेरा भाई बनाना जरूरी है? हां।.
और इन्हीं को क्यों? मतलब क्यों मेरे. जज्बातों से खिलवाड़ कर रहे हो? अब उनको थोड़ी पता. और बना लो।. देखिए जब सलमान के साथ काम किया था तब तब. बिल्कुल नहीं थी। और तब बोलने की स्थिति. मैं नहीं थी। सलमान के साथ काम कर रही. हूं। यही मेरे लिए बहुत बड़ी बात है। एंड. ही वाज़ सो गुड टू मी। ही रियली रियली नाइस. टू मी। एंड फरहान के साथ जब किया और मैंने. राकेश जी को कहा कि आप मुझे बहन का रोल. क्यों देते हो? अब मुझे डांट पड़ी कि सुनो तुम तुम एक्टर. हो। तो.
मैं बोल देती हूं। सो फिर उन्होंने मुझे. एक. कहा नहीं ठीक है एक्टर हूं। बट चॉइस भी. कुछ होती है, पसंद भी कुछ होता है। मतलब. ठीक है।. बट उन्हें यह भी मालूम है कि ये बहुत ही. भुखड़ एक्टर है और जब रोल इतना उम्दा होगा. तो एंड ही अंडरस्टुड मी वेरी वेल। पहला. दिन जो शूट का था जिसमें मेरी जरूरत नहीं. थी और वहां पर. फरहान काम कर रहे थे। तो मुझे राकेश जी ने. कहा एक सेट पर आओ आप। तो मैं कहा अच्छा.
मैं आती हूं। एंड गई तो एक यंग लड़का. टर्बन पहन के. बैक थी उनकी मेरी तरफ और राकेश जी ने कहा. आओ मैं तुमसे किसी को मिलाता हूं और ऐसे. टैप किया एंड ही टर्नड आई डिडंट सी फरहान. आई सॉ मिल्खा और उस वक्त मैं इतना हिल गई. कि मैं क्या इशू लेके बैठी कहीं फिल्म देख. के मुझे क्रश हुआ या कुछ हुआ. कौन सी फिल्म में क्रश हुआ था रॉकन. आई थिंक रॉक कौन थी कि व्हिच वास ह आई.
थिंक रॉक. डेब्यू फिल्म. या रॉक. उस टाइम आई रिमेंबर रेडियो सिटी पे आता था. एक का चार एक का चार एक का चार एक्टर. सिंगर कंपोजर. तो. दैट टाइम इसी उम्दा डायरेक्टर्स की बात ये. है कि वो डायरेक्ट आपको वो बात नहीं. कहेंगे लेकिन उनका तरीका कहने का ऐसा है. कि वह बात आपको ऐसे झटका देती है तो मुझे. लगा इस लड़के ने अपनी सिटी ब्रेड जो भी.
चीज है। मेहनत करके कितना दौड़े लगाई सब. कुछ किया एंड ही इज़ लुकिंग हु इज लुकिंग।. वो मिल्खा जी लग रहे हैं। वो मतलब मुझे. फरहान दिखे ही नहीं। और मैं कहां एक छोटे. से टॉपिक को लेके बैठ गई। फिर जब हमने. शूटिंग शुरू की आई वास हरी और मुझे कहीं. नहीं लगा यह वाला फीलिंग कहीं भी नहीं।. एंड इनफैक्ट वी बिकम वेरी गुड फ्रेंड्स।. सलमान ना कौन सा वर्जन पसंद था? वो. स्टार्टिंग प्रेम भैया वाला।. प्रेम भैया वाला।. हम लड़कों के लिए तो प्रेम भैया आए थे ना. शुरू में वो। हम आप कहें कौन हम साथ-साथ.
है मैंने. ओह फॉर मी इट वाज मैंने प्यार किया. मैंने प्यार किया. मैंने प्यार किया ओ लवली रियली नाइस. कुछ-कुछ होता है. बिल्कुल. कभी सलमान को बताया. नहीं. बट आई थिंक. आई मीन इट वाज़ फन शूटिंग विद हिम इट वास. नाइस बहुत प्रोटेक्टिव थे वो और आई इवन. यूज्ड टू टोटली अडोर शाहरुख ये दो लोग. मुझे बहुत ये सब. तभी तो सीढ़ियों पे लोग गिर के जी. सीढ़ियों पे टकरा जाते हैं।.
नहीं वो मैंने जान के नहीं किया था। वो हो. गया था ऐसा ऐसे पर मोमेंट वो बहुत फिल्मी. था।. कुछ-कुछ होता है शाहरुख तुम नहीं समझोगे।. बिल्कुल दैट्स सो ट्रू। दैट इज सो ट्रू।. मैं कॉलेज हम लोग कॉलेज में थी। आई थिंक. 11th थी या जो भी थी. तो वो एक शो किया करते थे।. तस्वीरें थी आपके हाथ में जो गिरी थी या. क्या था? मेरी अपनी खुद के पोर्टफोलियो था। और लेकर. मैं. टकरा देखकर टकरा के गिरी थी या फिर. नहीं नहीं मैं तो अपने इसमें आ रही थी कि. मुझे फिल्म मिलेगी कि नहीं मिलेगी और वो. तेजी से आ रहे थे. गए.
तो था से गिर गई इतना सा स्टेयरकेस था. और फिर उन्होंने उठा उठा के देना शुरू. किया. तो उन्होंने कहा हाय दिव्या तो मैं तो. मतलब यूं ही रह गई कि एक तो शाहरुख ऊपर से. इनको मेरा नाम भी पता है। आई से हाउ यू नो. माय नेम? एंड ही सेड योर नेम वास् ऑन द. शॉर्टलिस्ट ऑफ द गर्ल्स।. बैकग्राउंड स्कोर क्या चल रहा था? वही टन. ट ट ट ट ट. या दैट्स ट्रू. लड़कियों को शाहरुख खान इतने पसंद है. क्योंकि वो वो. बहुत प्यार से ट्रीट करते हैं महिलाओं को.
स्पेशली अपने को को एक्टर्स को वही तरीके. की बात. सलीके की. सलीके की बात दैट्स दैट्स हिम. वीरजारा का मैंने आपको किस्सा बताया नहीं. बताया. नहीं बताया भाई तो हम शूट कर रहे थे पहली. बार में शाहरुख से मिली शूटिंग के दौरान. और बड़े प्यार से आए कि तुम्हारा एक लहजा. है इस फिल्म में मैंने कहा यस तो ही सेड. क्या मैं एक लाइन ले सकता हूं उसमें से अब. उन्हें पूछने की जरूरत नहीं थी खुद बोल. देती कि आई एम टेकिंग दिस लाइन तो बड़े.
प्यार से कहा क्या मैं एक ले सकता हूं आई. सेड प्लीज टेक इट हां सो उन्होंने उस लाइन. को लेकर एक बहुत अच्छा बॉन्ड बन गया हमारा. कि मैं वो कहते हैं अच्छा मैं जुला मैंने. कहा अच्छा जी तो वो एक भाषा का जो बॉन्ड. उन्होंने इतनी ही वेरी ही इज़ अ वेरी. इंटेलिजेंट एक्टर वेरी इंटेलिजेंट एंड देन. मेरे मैं कवर हो रही थी किसी और एक्टर से. तो उन्होंने कहा कि एंड आई वाज सल् मुझे. बोलना ही नहीं आ रहा था कि मैं कवर हो रही.
हूं। तो सल्क कर रही थी तो ही जस्ट सेड. दिव्या कवर हो रही है इफ यू कैन जस्ट मूव. अ साइड। सो आई हैड लुक्ड एट हिम विद सो मच. ग्रेटट्यूड एंड ही सेड सुनो मैं हर जगह. नहीं होने वाला हूं। अपना ध्यान खुद रखा. करो। एंड दैट वाज़ अ लेसन फॉर मी। वो हम. एयरपोर्ट से आ रहे हैं किसी अवार्ड से।. मैं अपनी मां के साथ विद्या अब किसी के. साथ. दिया थी। वो भी सो वी ऑल हैड कंपनी। कोई. ना कोई था हमारे साथ। शाहरुख.
एयरपोर्ट से तब तक नहीं गया जब तक तीनों. चारों एक्ट्रेसेस की गाड़ियां नहीं आ गई।. वो अपनी गाड़ियों में बैठ के चली नहीं गई।. हाउ अमेजिंग इज दैट? आप भूलेंगे ये? मैंने. शाहरुख खान की बहुत सारी कहानियां बहुत. सारे एक्टर्स सुनी और हर बार जो इंसान आता. है वो शाहरुख को एक नए तरीके से डिफाइन. करता है। इंसान के तौर पर कलाकार के तौर. पर तो हम सब जानते हैं उन्हें।. बिल्कुल अबब्सोलुटली। सो वही. लोग कहते हैं कि वो इंसान ज्यादा खूबसूरत. है।. मैं कहती हूं दोनों ही बहुत खूबसूरत हैं।. आजकल पता नहीं क्यों मैं जिस भी फ्लाइट पर. जाती हूं, मैं उनकी फिल्में देख रही हूं।. अभी दिलवाले देखी, फिर लव यू जिंदगी देखी,
फिर मैं हूं ना देखी। यही चल रहा है मेरा।. शाहरुख की फेवरेट फिल्म कभी हां कभी ना. है।. आई लव, आई लव्ड मैं हूं ना सो मच। मच आई. कांट टेल यू।. आपने कभी हां कभी ना देखी है? ऑफ कोर्स देखी है बट फिर से देखने का मन. है।. आना मेरे प्यार को तुम झूठा समझो जान।. यस।. वो तो है अलबेला हजारों में अकेला।. कितने सुंदर गाने थे।. ऐ काश के अबोश में हम आने ना पाए। तुम जो. अगर हो हमारे सनम हम तो सितारों पे रख दे. कदम। आई थिंक वो शाहरुख की भी शाहरुख की. वन ऑफ़ द फेवरेट मूवीस में से।.
या. हां।. ओके। वो एक परफेक्ट लव स्टोरी नहीं है। एक. उस लड़की की लव स्टोरी है जो गलतियां करता. है लेकिन बड़ा इनोसेंट प्यारा सा बच्चा. है। इट्स अ क्लास मूवी।. आई विल वाच इट अगेन।. प्लीज डू वाच इट। मैं सबको रिकमेंड करता. हूं कि ये मूवी देखिए मजा आ जाएगा आपको।. जरूर पक्का।. सलमान क्यों पसंद थे? खूबसूरत थे? ऑफकोर्स। अरे क्या बात कर रहे हैं आप? सलमान लड़कों को ही पसंद है। मतलब सलमान. मुझे जैसे होता था शाहरुख सलमान में आप एक. तरफ होते हो। हमारे स्कूल में होता था. अक्सर। सो मैं हमेशा सलमान वाला था शुरू.
में।. अच्छा। मेरा चाइल्डहुड पूरा सलमान की तरफ. था कि डाई हार्ड सलमान फैन। मैंने सलमान. भाई के लिए बच्चे को थप्पड़ ही मारा था. क्लास में।. हां उसने मतलब काफी बैश कर दिया कि देखो. उसके बाल भी नहीं है। अवार्ड नहीं मिले. शादी नहीं तो वो गुस्सा गुस्सा शाहरुख का. फैन था वो। तो हम आपस में फैन क्लब लड़ते. थे हम।. जी।. तो मुझे बर्दाश्त नहीं हुआ। मैं सलमान भाई. से इतना प्यार करता था। मैंने अपने मैं. मॉनिटर था क्लास का। सेवंथ में शायद. होऊंगा मैं। और मैंने खींच के एक रैप्टर. दिया। मैंने कहा सलमान भाई के बारे में. कोई बात नहीं। सो मैं वो हम साथ-सा है।. फिल्म जो आई थी। हम आपके हैं कौन माधुरी.
जी के साथ. सो वो जब प्यार किसी से होता है तो अर्ली. सलमान खान लेट 90ज वाले अर्ली 90ज वाले आई. वास मैड अबाउट सलमान आपको क्यों पसंद थे. आई थिंक वन अ वेरी एक्सट्रीमली गुड लुकिंग. मैन एंड टू बतौर ऑडियंस अगर आप पूछे उनकी. आंखों में एक बहुत नॉटीनेस थी जो है रादर. जो बड़ी प्यारी है वै इंडियरिंग एक एक. भोलापन है और और एक शरारत है जो बड़ा लीथल.
कॉम्बो है। व्हिच इज रियली नाइस। आई लाइक. दैट।. नाइस। वीर जारा मैम आपका फेवरेट सॉन्ग कौन. सा है? मदन मोहन जी का म्यूजिक अरसे बाद. रिकक्रिएट होना। लता जी की आखिरी मूवी।. पता नहीं मुझे वो बहुत अच्छा लगता है। मैं. यहां हूं।. जानम देख लो मिट गई दुनिया। उधर।. आई लव दैट सॉन्ग।. ये और तेरे लिए। आई थिंक ये दोनों मेरे. फेवरेट सॉन्ग्स हैं।. कसूर में फेवरेट गाना कौन सा है आपका? गाने याद करवाएं।. कसूर में गाना था। कैसे बोल कितनी बेचैन. होके मैं तुमसे मिली?
नहीं।. ये नहीं था। आई थिंक कुमार सानू के गाने. अच्छे लगे होंगे आपको।. जो आपने पहले दो बोले थे ना आई लाइक वन ऑफ. द वेरी मच। पर गाने उस फिल्म के अच्छे थे।. मोहब्बत हो ना जाए गाना बहुत अच्छा है।. यस दैट्स ऑल।. कुमार सानू।. यस। वै नाइस।. आप गाने सुनते हो? शौकीन हो? कौन नहीं सुनता है गाने? मतलब एक होता है कि नॉर्मल सुन लेते हैं।. एक होता है कि म्यूजिक एडिक्टेड होते हैं. लोग। जैसे मेरे लिए म्यूजिक हीलिंग है।. सबके लिए हीलिंग है। म्यूजिक हीलिंग कैसे. नहीं होगा? तरीके अलग हो सकते हैं।. तो दिव्या दत्ता की प्लेलिस्ट के अगर पांच.
गाने बताने हो. सारे पंचमदा के हैं। मोस्टली आई लव दैट. म्यूजिक। आई आल्सो लव अकि आई थिंक मैं उस. म्यूजिक पे बड़ी हुई। मेरे मम्मी डैडी वही. सुना करते थे। तो मुझे ब्लैक एंड वाइट. मूवीज के गाने, गीता दत्त के गाने बहुत. अच्छे।. अभी प्लेलिस्ट में कौन से आखिरी गाने? पांचों आपने सुने हैं। अगर ऐसे याद कर सको. तो।. एलो मैं हारी पिया. फिर मेरी जान मुझे. मेरी जान मुझे जा ना कहो मेरी जान द गीता.
दत्त अगेन और एक. कहीं ना जा आज दिल के सिवा रिमझिम गिरे. साबुन एंड देन. वि वन कतरा कतरा मिलती है. और पिछले 10 20 सालों में कोई गाने जो. आपके ज़हन में अच्छे लगे आपको. इन्हीं को ही काउंट कर लें मेरे ऑल टाइम. फेवरेट है। मेरा मजाक उड़ता है घर पे कि. इसकी लिस्ट में ये 10 सॉन्ग है। यही बजाती. रहती है। सो बट आई लाइक दिस।. आप एक्सपेरिमेंट नहीं करते हो लाइफ में? करती हूं। लेकिन मेरी एक कंफर्ट ज़ोन है.
गानों को लेकर कि मुझे सुनने हैं। फिर ये. मैं आई गो टू माय म्यूजिक।. नाइस। जब वीर जारा में आपको शब्बू का रोल. दिया गया था। सो ये कहा गया था कि तुम इस. रोल के लिए ता उम्र याद रखी जाओगी। जो. कमाल का रोल भी था। बहुत जबरदस्त रोल था।. बट कभी ये लगा कि ये रोल जो था यह इतना. पावरफुल था लेकिन लीड के साथ में था। सो. देखने का नजरिया वैसा हो गया? हो सकता था अगर मैं वैसी ही फिल्में करती. रहती।. मैंने सुना इसका बहुत सारी फिल्में आपको. इसी तरह के रोल के लिए आई थी।.
इसी तरह का नहीं पंजाबी चुलबुला वैसे वाला. जो भी चुलबुला रोल आया वो मुझे मिल जाता. था कि इसको ले लो। अ. तो वो मैंने नहीं की। तो फिर अगर वो करती. रहती तो शायद वैसा रोल वो बन जाता। लेकिन. मुझे यह जो शकल्स हैं ये जो इमेज दे देते. हैं सब ये तोड़ने में बहुत मजा आता है।. जैसे लोग कहते हैं आप मनीषा खुरला जैसी. लगती थी। जैसे कई लोगों ने कहा. देखिए मेरी तो शक्ल ही बदलते रहते हैं. लोग। कभी तब मनीषा खुराला जैसी लगती थी।. फिर विद्या बालन और मैं एक जैसे दिखते थे।.
फिर फिर अब कहते हैं कि शिवाना जी जैसी. दिखती हैं आप। तो मुझे नहीं समझ में आता. कि मैं मैं कहां हूं। उसमें. आपको इन तीनों में ज्यादा कौन सा. कॉम्प्लीमेंट जैसे लोग अफवाहें उड़ाते हैं. तो कौन सी अफवाह ज्यादा मजा आता है सुनने. में. इन तीनों में. नहीं मैं बहुत एम्यूज होती हूं. मनीषा विद्या शबाना जी में. देखिए मैं तीनों को बहुत पसंद करती हूं. तीनों बहुत लाजवाब लोग भी. हां तो थोड़ा-थोड़ा ले लेना चाहिए सबसे. इट्स ओके. इरफान खान साहब. जी. इरफान खान साहब आपका एक सीन था किस सीन.
शायद वो नर्वस हो गए थे सच ये. मेरे से नहीं हुए थे वो सीन से नर्वस. सीन से नर्वस हो गए थे. नर्वस मतलब वो बड़ा क्यूट गुस्सा किस्सा. आए कि मैं घबरा रही थी कि अरे अब हमारा. इंटिमेट सीन है और मैं पूछ रही हूं कि. अच्छा फिर ऐसे फिर ऐसे एंड इट वास अ वेरी. इमोशनल सीन आल्सो तो मैंने कहा थोड़ा मुझे. रीअशोरेंस मिलेगी तो. तो वो किस करने से घबरा रहे थे दिव्या. दत्ता को किस करने से घबरा रहे थे इरफान. खान साहब. आप. यू यू मेंशंड बिकॉज़ ये किस्सा आप ही ने.
बताया है इसलिए पूछ सकता हूं मैं. नहीं मुझे ये कैसे इस सवाल का जवाब दूं. लेकिन. नहीं एक होता है जैसे थोड़ा सा हम कई बार. शख्सियत से वो शर्मीले थे. शख्सियत से थोड़ा घबराते एक होता है हम. शर्मीले हैं ये ऐसा सही कांटेस्ट होगा ही. मैं व्यक्ति शर्मा शर्मीला हूं एक होता है. कि मैं अपने कोस्टार से थोड़ा खुला नहीं. हूं मुझे लग रहा है ऐसा. वो आई थिंक वो मेरे अच्छे दोस्त थे और. शर्मीले थे तो मुझे लगा कि मैं थोड़ा. रीअशोरेंस उनसे लेकर आती हूं तो मैं अपने. सबको पूछ रही हूं कि इरफान कहां है? तो.
बोले वो बाहर है छत पे उनके साथ डायरेक्टर. बैठी है और उन्हें बता रही है कि तो मैंने. कहा लो फिर मैंने जाके उनको कहा चलो चलो. चलो हो जाएगा कर लेंगे. सो या आई वास इट्स वै शाई वै स्वीट. नाइस अक्सर कहते हैं कि उनकी आंखें बहुत. बोलती थी आपको इरफान. सर हर वक्त. एवरीबडी से लाइक मैंने कई एक्टर्स ने कहा. जैसे जयदीप ने कहा था कि मकबूल में जब वो. अपनी आंखें उठाते हैं ऐसे तो उसे देखकर एक. नशा सा आता है। बहुत सारे लोग पिककू में. बात करते हैं। इरफान खान में सबसे अच्छा.
आपको क्या लगता है? आंखें उफ़. स्माइल अह एक शाय सी स्माइल थी मुस्कुराहट. उनकी और आंखें वह जब देखती थी ना आपको. लगता था कि वह आपकी आंखों से निकल कर अंदर. सोल में चली गई है। ढूंढ लिया आपका सोल पढ़. लिया मन कि आप सोच रहे हैं। दे वर दैट डीप. एंड लवली।. बट लाइक एवरीबॉडी टॉक अबाउट इरफान खान. साहब। सारे लोग इरफान खान की बात करते हैं. कि ऐसा एक्टर नहीं आएगा। कई लोगों ने कहा. कि जब इरफान साहब जिंदा थे तब लोगों ने. 100 करोड़ 50 करोड़ आगे फिल्में नहीं बनाई।. के उस तरह से बड़ी फिल्में कि दो 200.
करोड़ लगा दे। अब वो नहीं है तब हर कोई. कहता है कि इरफान साहब जैसा कोई आदमी नहीं. है। तो क्या हम इस देश में रहे? मतलब हम. उस देश में जहां पर एक्चुअली मैं जाने के. बाद लोग ज्यादा याद करते हैं क्योंकि अनु. कपूर ने भी मेरे पॉडकास्ट में कहा था कि. जिस दिन मैं चला जाऊंगा शायद मेरी कला की. अहमियत ज्यादा हो जाएगी।. बट ये हम सब ये एक बड़ी सैड सी टेंडेंसी. है सब लोगों की कि जब कोई होता है हम उसकी. उतनी वोकत नहीं करते। लेकिन जब वो चले. जाते हैं तो फिर ये ऐसे थे, ये ऐसे थे वो.
होता है। मैं इस ऑफ कोर्स इरफान आई थिंक. वाज़ वाज़ वन ऑफ़ द बेस्टेस्ट वी हैड। और अगर. उनके साथ उतनी बड़ी फिल्में बनती तो कुछ और. ही. मतलब उन्होंने हॉलीवुड में अच्छा काम. किया। बड़ी-बड़ी फिल्में की।. आई आई थिंक ही वाज़ वन ऑफ़ द फाइनेस्ट. फाइनेस्ट पीपल दैट वी कुड हैव। बट आई एम. सेइंग इवन अगर हम अभी भी बात करें हमारे. कितने यस्टरडे और एक्टर्स हैं कितने सारे. जो जो अपने वक्त में कितने बड़े-बड़े रहे.
हैं हमें मिलना चाहिए ना उनसे हमें. आई आई मेक इट अ पॉइंट कि मैं जिनको जानती. हूं उनसे बात करूं क्यों नहीं करूं ये. जेम्स हैं हमारे और इनके साथ हमारी बचपन. की यादें तो वो कनेक्ट रखना मैं आई थिंक. मेरी जिंदगी में हर बात या मेरे शो में हर. बात कनेक्ट की है। आप कनेक्ट रखें आप. कम्युनिकेट करें। बड़ी हैरानी होती है. लोगों को। कई बार आप फोन करो और वो कहेंगे. अच्छा कैसे फोन किया? भाई ऐसे ही कर दिया. तो वो. एक्चुअली दुनिया हो ऐसी गई कि बिना काम के.
कोई फोन ही नहीं करता।. एक्सैक्ट्ली तो वो हम क्यों नहीं वापस कर. सकते? वी हैव टू डू दैट।. तो हम इतने बदल गए हैं कि कॉल करके हैप्पी. बर्थडे मत बोलो। पोस्ट किया नहीं हमारे. बारे में। स्टोरी लगाई कि नहीं लगाई? और. हम बुरा मान जाते हैं।. भले तुमने फोन करके मुझे हैप्पी बर्थडे. विश कर दिया हो। बट अगर तुमने. आई फेस इट ऑल द टाइम कि अह तूने यार मेरा. उसको लाइक नहीं किया लाइक नहीं किया पर. मैंने कॉल किया ना तुझे हैप्पी बर्थडे. किया अह बट नो वो हो गया है वो वो जिंदगी. हो गई है बट व्हाट आई एम सेइंग इज मैं इस. चीज को खुद को बदलने नहीं दे रही वो मेरा.
चेंज है सोसाइटी के लिए. आप उस दौर से हो जो लड्डू लेकर जाते थे. प्रोड्यूसर डायरेक्ट. जी मैं उस दौर से हूं और मैं अब भी लेकर. जाती हूं और एंड आई लाइक इट नॉट बिकॉज़ आई. एम वांटिंग टू प्लीज समबडी बट बिकॉज़ उस. वक्त था अब मैं रीज़ रीज़ंस अलग है कि. आई लाइक टू लुक आफ्टर पीपल। आई लाइक टू. मेक पीपल फील गुड।. कभी कोई काम छूटा है इस वजह से कि किसी के. फॉलोवरर्स ज्यादा थे। उसको कास्ट कर लिया? नहीं नहीं।. ये बहुत बीच में बहुत सारे डायरेक्टर्स ने. कहा है कि आप फॉलोअर्स बहुत मैटर करते हैं.
कि आप सोशल मीडिया कितना एक्टिव हैं। आप. कितने नंबर्स हैं।. बट मैं उस इन्फ्लुएंसरर कैटेगरी में तो. नहीं हूं कि मुझे सो मुझे लोग इसलिए लेते. हैं क्योंकि मैं एक्टर हूं। उसमें वो वाला. चयन मेरे लिए वो नहीं है।. सो अगर आप अच्छे कलाकार हैं तो नंबर्स. मायने नहीं रखते।. ऐसी बात नहीं है। मैं कह रही हूं कि आई. थिंक दिस हैपेंस मोर वि द यंगर जनरेशन. जहां आप देखते हैं कि ये इन्फ्लुएंसरर है।. इसके इतने वो हैं। नॉट फॉर पीपल हु ऑलरेडी. आई मीन आई एम क्वाइट एस्टैब्लिश दैट। आई. थिंक।. आपने एक बार इंडियन टीम को भी इंतजार.
करवाया था किसी ऐड में? जी।. करवाया था। पता नहीं कहां-कहां से कहानी।. हरभजन सिंह ने फिर बाद में कहा कि इतनी. देर तो हमें पिच पर बैटिंग करने के लिए. नहीं लगती जितना दिव्या जी ने हमें इंतजार. करवाया।. ऐसा कुछ नहीं था।. नहीं. इंतजार बिल्कुल नहीं करवाया था। वो मुझसे. कोई बात ही नहीं कर रहा था।. तो मैंने कहा इनके साथ मैं ऐड कैसे करूं? ये तो मेरे से कोई बात ही नहीं कर रहा है।. तो वैन का एक हिस्सा मेरा था। एक पूरी टीम. बैठी थी। तो राकेश मेहरा ये शूट कर रहे थे.
इसको और तो मैंने उनको जाकर सी अगेन. कम्युनिकेशन आई सेड एवरीथिंग इज फन आई एम. सो एक्साइटेड टू वर्क वि देम बट ये लोग. मेरे से बात ही नहीं कर रहे हैं उन्होंने. सुना उन्होंने कुछ नहीं कहा पता नहीं वो. जाके क्या बोले बीच का जो दरवाजा होता है. ठ ठ ठ ठ ठा ऐसे बैंग हुआ इसने ये क्या हुआ. कौन आ गया तो मैंने सडनली खोला सारी की. सारी टीम आकर बैठ गई पाजी आए और मुझे बोले. ओ आप तो वो हो जिसने शहीद मोहब्बत बूटा. सिंह की है मान साहब के साथ मैं कहा हां.
जी पहला क्यों नहीं दस्या एंड सडनली दे वर. ऑल माय पाल्स सब दोस्त सब ओ मैंने कहा ये. क्या हुआ सडन चेंज एंड आई सॉ राकेश जी वास. लाफिंग क्योंकि उन्होंने जाके कहा यह वो. लड़की है एंड शी शी शी शी शी शी शी शी शी. शी फीलिंग अ लिटिल लॉस्ट सब आ गए. प्रोटेक्टिवली तो वही एक रीच आउट करने की. बात होती है। अपनी बात कहने की बात होती. है। एंड आई थिंक इट वाज़ वन ऑफ़ माय मोस्ट. फन शूट्स।. नाइस। गुलजार साहब या जावेद साहब किस. स्कूल ऑफ राइटिंग पे आप ज्यादा करीब अपने. पाते हो? नो आई कांट कंपेयर दैट वुड बी.
तो दोनों क्लास फेमस टू से वि स्कूल आई. थिंक बोथ ओ माय गॉड कह भी कैसे सकती हूं. दोनों का एक-एक लाइन सुना दो कुछ जो आपके. दिल के करीब हो उनका लिखा हुआ. ऐसे नहीं याद रहने वाला मुझे. जैसे मुझे गुलजार साहब की बड़ी अच्छी लगती. है. आप ही पढ़. किताबें झांकती है बंद अलमारी के शीशों से. कि बड़ी हसरत से हो सकती हैं कि महीनों. में इन किताबों से मुलाकातें नहीं होती. कैसी दुनिया बनाते हैं. वो शामे जो इनकी सोबत में कटा करती थी। अब. अक्सर गुजर जाती हैं कंप्यूटर के पर्दों.
पर। बड़ी बेचैन रहती है किताबें। और इसकी. एक बड़ा लास्ट के अंतरा है कि मगर वो सारा. इल्म तो मिलता रहेगा आइंदा भी। मगर वो जो. किताबों को गिरने उठाने के बहाने रिश्ते. बना करते थे।. वो जो किताबों में सूखे हुए फूल मिला करते. थे। उनका क्या होगा? और यही वजह है कि. बड़ी बेचैन रहती है किताबें।. सो गुड।. जब एक बार मैं गुलजार साहब से मिली और. उन्होंने अपनी चार किताबें मुझे दी और कहा. ये जब वक्त मिले पढ़ लेना उनकी दुनिया में.
जब आप घुसते हैं तो वो एक मुख्तलिफ अलग. दुनिया है मतलब सुबह से शाम हो गई मुझे. पता ही नहीं चला कि मैंने वो किताबें कब. पढ़ ली कब खत्म हो गई एंड इट वास. ब्यूटीफुल एंड जावेद साहब ऑफ कोर्स ओह माय. गॉड आई थिंक. ये लोग जो है ना ये ऐसे हैं इन्हें ऐसे. रखते हैं हम लोग सर मतलब सैल्यूट करते. हैं। एंड आई एम सो लकी कि ये मेरी जिंदगी. का अहम हिस्सा है।. अब हम एंड में आ गए। अपना लिखा कुछ आपका.
फेवरेट कुछ तो सुनाओ। अच्छा साहब जो मैं. आपसे भी सुनना चाहूंगा।. मुझे ना अपना लिखा याद नहीं रहता है। मैं. पढ़ के सुना देती हूं।. मैं अ एनवायरमेंट पे बहुत स्ट्रांगली फील. करती हूं और मुझे लगता है कि हमें एक. बैलेंस बनाना बहुत जरूरी है।.
तो उस पर मैंने एक कुछ लिखा था। मैं आपको. सुना देती हूं।. ढूंढो ढूंढो।. ओके।. अच्छा आपने इतने खूबसूरती से कहा। मुझे. लगा ढूंढो ढूंढो से शायद शुरुआत है।. पेज ढूंढो। कहां पे इसे रखा है वो ढूंढो।. चिड़िया बोली चल तुझे खुला आसमान दिखाऊं।. अपने छोटे से घरौंदे के किस्से कहानियां.
सुनाऊं। एक छोटा सा घर है मेरा एक बड़े से. पेड़ पर। जहां मोर नाचते हैं शाम को जहां. चिड़िया चहचहाती हैं दिन भर एक रौनक का. मेला रहता है कुछ तितलियां भी भिनभिनाती. हैं भुरभुर कुछ जुगनू रोशनी दे जाते हैं. हमारे घोंसलों के आसपास वहां सुकून प्यार. का करती हूं एहसास हम साथ मिल रात को तारे. गिनते हैं खुले आसमान में उन सितारों की. माला बुनते हैं हवाएं सुंदर सी टहनियों को.
हिलाती हैं हम सबको अपने आगोश में झूले. झुलाती. आ चल जल्दी तुझे अपना खुला आसमा दिखाऊं।. अपने छोटे से घरौंदे की किस्से कहानियां. सुनाऊं। मैं चल पड़ी उस चिड़िया के पीछे।. वो ऊपर पंख फैलाए और मैं नीचे। एक फक्र था. उस छोटी सी चिड़िया में। अपने पेड़, अपने. घर, अपने रहबरों का जो बड़े प्यार से मुझे. दिखाना चाहती थी। अपनी सुंदर सी दुनिया से. रूबरू करवाना चाहती थी। सूरज ढल सा रहा.
था। वो चहचहा सी रही थी। मानो अपना चहेता. गीत गा रही थी। हम पहुंचे तो चिड़िया जैसे. थम सी गई। पेड़ कट चुका था। घोंसले गिर. चुके थे। ना मोर थे ना जुगनू ना तितलियां।. सब अपनी जान बचाकर उड़ चुके थे। वो ठंडी. हवाएं जो झूला झुलाती थी उनको बस वो थी पर. ना डाली थी ना पत्ते ना झूलने वाले पशु. पक्षी। बस थी तो मिट्टी बहुत सारी सफेद.
मिट्टी।. शायद कुछ लोग वहां घरौंदे तोड़कर घर बनाने. वाले थे। चिड़िया की चोंच से चावल के दाने. गिर गए। उस सफेद मिट्टी में कहीं बिखर गए।. चिड़िया बोली, चल दोस्त, मैं चली अपने. अपनों को ढूंढने। कहां छुपे होंगे डर के. मारे। कहां रात बिताएंगे वो सारे। यह फिर. एक और पेड़ है जो कटा। यह एक और घरों का. घटा। पर हम फिर मिलकर एक नया घर बनाएंगे।.
हम फिर नई दास्तान सुनाएंगे। तू रुकना तब. तक जब तक ना ढूंढूं अपने हिस्से का खुला. आसमान। जहां की कहानियां किस्से हम फिर से. सुनाएंगे।. ब्यूटीफुल।. ब्यूटीफुल।. मुझे लगता है कि नेचर अपना प्रॉमिस नहीं. भूलता। चाहे वो मौसम हो। पतझड़ आता है तो. उसके बाद बसंत हमारा वह आता है। पत्ते आते. हैं, फूल आते हैं। जहां पर भी अच्छी. नर्चर, नेचर पेड़ हो वहां पे चिड़िया अपना.
जहां से भी आते हैं वो आते हैं। इट्स वी. हु आर नॉट कीपिंग आवर प्रॉमिस एंड आई थिंक. इट्स हाई टाइम।. सेकंड लास्ट क्वेश्चन। बागबान में आप थे. और बागबान हर घर में देखी गई है और बच्चों. को बचपन में बहुत डांट पड़ी है।. आपने अमिताभ बच्चन साहब को बहुत डांटा था।. अब एक सवाल जो आज की जनरेशन पूछती है वो. यह पूछती है कि पहले बागबान में जो चीजें. हमें गलत लग रही थी आजकल कई लोगों को वो. सही लगती हैं। जैसे अमिताभ बच्चन साहब का. एक सीन है जहां पर वो बाहर टाइप करते हैं.
और लोगों ने पूछा कि भाई ये सही तो था।. दिन भर काम किया रात को सोने का अधिकार. था।. वो उस टाइम गलत क्यों लग रहा था? अब सही. क्यों लग रहा है सोसाइटी को? दो चीजें. हैं। एक तो नजरिया बदल सकता है। दूसरी बात. सोशल मीडिया का जमाना है। मीम्स का जमाना. है। तो किसी ने मजाक किया और वो बात आगे. बढ़ गई। लेकिन बेसिक जो हमारा है जैसे. आपने शुरुआत की कल्चर की वो वही रहेगा और. वही है कि जहां आपके मां-बाप हैं तो आप.
उनकी इज्जत करेंगे। एंड दैट वांट्स इट।. बट क्या ये जिम्मेदारी सिर्फ बच्चों पर है. या बड़ों पर भी होती है? सब पर होती है। म्यूचुअल होती है। कुछ भी. वन साइडेड नहीं होता। हो नहीं सकता।. क्योंकि हमारी सोसाइटी में ज्यादातर जो है. वो बच्चों को सिखाया गया है कि बड़ों के. साथ आप यूं पेश आएंगे। लेकिन कई बार शायद. मतलब अब यह लगता है कि थोड़ा सा वो दो. तरफा रिश्ता होता है।. होना भी चाहिए।. बड़ों को भी बड़प्पन का एहसास रखना चाहिए।. एहसास होना चाहिए और यही चाहिए। आई थिंक. देयर हैस टू बी अ टू वे ट्रैफिक। इट कैन. नॉट बी वन साइडेड।. ओके। लास्ट क्वेश्चन मैम। अ हम उस दौर में.
जी रहे हैं जहां हीरोइंस परफेक्ट दिखना. चाहती हैं। हर तरीके से चाहे वो कॉस्मेटिक. सर्जरी हो, फिल्टर्स हो सबके जरिए। हमने. दिव्या दत्ता को तेल लगे बालों में भी. देखा है।. आज आप बहुत खूबसूरत लग रहे हो। लेकिन बिना. मेकअप के तेल वाली रील कभी लगा नहीं यार।. आपने क्यों देखी मेरी तेल वाली रील? अच्छी लग रही थी मुझे।. बस वही रीज़न है। आई थिंक मैं रोल्स के. पीछे छुप जाती हूं कभी। मेकअप के पीछे छुप.
जाती हूं। लेकिन मैं कौन हूं? मैं वही हूं. जो घर पे पजामा पहन के, टीशर्ट पहन के, तेल लगा के बैठना भी पसंद करती हूं। आई एम. नॉर्मल एंड आई वुड लाइक टू पोट्रे दैट. आल्सो। एंड इट्स नाइस टू बी योरसेल्फ। दैट. शोज़ हाउ सिक्योर आई एम। आई आई लाइक टू बी. मायसेल्फ।. सफल मानते हो अपने आपको? सफलता. सफलता वो होती है जब आपके पास अपनी चॉइसेस. करने का, जिंदगी में फ्रीडम हो। एंड आई. थिंक आई हैव दैट। सो यस।. एंड एन अपोलजेटिकली.
आप नंबर वन की रेस में नहीं पड़ते कि जैसे. लोगों को होता है कि जैसे एक शेर लास्ट. इसको समराइज देता हूं। एक बड़ा अच्छा शेर. था फना मूवी में कि इंसान की ख्वाहिश की. कोई इंतहा नहीं होती। दो गज जमीन चाहिए दो. गज कफन के बाद। जी. दिव्य दत्ता की कुछ ख्वाहिशें हैं जो. अधूरी हैं।. ऑफ कोर्स कितने सारे डायरेक्टर्स हैं. जिनके साथ काम करना है मुझे और बहुत सारे. ऐसे रोल्स हैं जो अदा करने हैं। अभी तो वो. कहते हैं ना माइल्स टू गो बिफोर आई स्लीप।. सो शुरुआत है आगाज है अभी तो। एंड अभी तो.
पिक्चर बाकी है।. कुछ डर आता है? डर ऐसे तो कुछ खास नहीं है मुझे लेकिन. नॉर्मल. जिंदगी का सक्सेस का अपनों का कुछ भी डर. नहीं है।. मैं ऐसा बिल्कुल नहीं कह रही कि डर नहीं. है। होते हैं अपनी इनसिक्योरिटीज आती हैं।. फिर चली जाती हैं और वो आनी भी चाहिए. थोड़ी आप बहुत एक ऐसे नहीं बैठ सकते कि. वेरी श्योर अ सक्सेस है उसके लिए. ग्रेटट्यूड है। जिनसे आप प्यार करते हैं. उनके लिए आप कभी बहुत प्यार फील करेंगे.
कभी थोड़ा इनसिक्योर फील करेंगे फिर ठीक. हो जाएंगे। फिर दोस्ती हो जाएगी। दैट्स. लाइफ एंड दैट दैट्स हाउ शुड बी इट इट थोड़ा. मिर्च मसाला जिंदगी में चाहिए कि अब बहुत. ज्यादा मिठास. कोई रिग्रेट है? रिग्रेट्स नहीं है। बिल्कुल नहीं है।. आई ओन अप एंड आई एम वेरी प्राउड ऑफ़ ऑल माय. मिस्टेक्स।. या. अफसोस नहीं करना चाहिए अपनी पुरानी चीजों. पे।. क्यों करना? उनसे सीखा मैंने। दैट्स व्हाट. काव्ड मी फॉर हु आई एम। अगर वो गलतियां.
नहीं करती तो वो चॉइससेस नहीं करती। उनकी. वजह से कुछ सीखती नहीं। सीखा मैंने अपनी. गलतियों से गलतियों से सीखना बहुत जरूरी. है। तो गलतियों से सीखा। अगर गलतियां करती. ही जाऊंगी तो फिर गलत बात है। लेकिन. गलतियां करके अगर आप उनसे सीख के और आगे. बढ़ते हैं तो ऐसे ही रास्ता बनता है। और. यह रास्ता जो बना है यह उन्हीं से बना है।. एंड आई थिंक इट्स बीन अ मच लगर इनिंग देन. इफ आई हैड अ वेरी स्टीरियोटिपिकल करियर।. थैंक यू सो मच मैम। लवली टॉकिंग टू यू।. थैंक यू।.
जीवन को लेके कुछ भी अगर दो लाइन आप चाहते. तो मुझे सुना दो। कुछ भी कोई भी दो जो. आपके दिल के करीब हो। क्योंकि शुरुआत हमने. शायरी से की थी। मैं चाहता हूं अंत आप ही. करो।. ए जज्बा ए दिल अगर मैं चाहूं हर चीज. मुकाबिल आ जाए। मंजिल के लिए दो गाम चलूं. और सामने मंजिल आ जाए।. क्या बात है। क्या बात है। थैंक यू सो मच. मैम। एंड बेस्ट विशेस फॉर योर फिल्म। और. आई होप आप ऐसे ही बहुत सारा ढेर सारा काम. करते रहो। ऐसे ही खूबसूरत बने रहो। अच्छा. तेल में भी दिखूंगी।. आई वुड लव टू शायद वही असली कहानी है।.
बाकी सब तो कोई नहीं। चेहरे पर भी फिल्टर. नहीं है आपके और वहां भी नहीं है। तो. दैट्स द बेस्ट थिंग। किरदार में तो कभी. नहीं रहा। खुशी ये भी है कि आप उसमें भी. नॉर्मलाइज फील करा रहे हो जो इनसिक्योरिटी. है। बिकॉज़ मुझे लगता है वो भी बहुत जरूरी. है आप जैसे लोगों का करना। क्योंकि इतनी. परफेक्शन की दुनिया हो गई है अब कि जब आप. देखते हो तो आप इनसिक्योर होना शुरू करते. हो। चाहे वो लड़का हो या लड़की हो। सोशल. मीडिया ने आई थिंक सबको अंदर से इनसिक्योर. कर दिया है।. जी।. अच्छा दिखने के लिए, अच्छा खाने के लिए, हमारी दुनिया कैसी वो दिखाने के लिए। सो.
आई थिंक उसमें आप जैसे लोग उम्मीद दे रहे. हैं कि हम नॉर्मल हैं। यही नॉर्मल है।. थैंक यू। सो ब्यूटीफुली सेड। शुक्रिया।. थैंक यू।. थैंक यू।.
