Unplugged ft. Devkinandan Thakur | 1st Podcast| Hinduism | Bigg Boss | Spirituality | Sabarmati|
देवकी नंदन जी ब्राह्मण. है हां और उनको लोग कहते ठाकुर जी है. ठाकुर जी आपके नाम में कब से जुड़ा महाराज. कैसे पहचाने कि किसको सुने अब ठेलवा चलती. है सब रील वाले बाबा बन गए हैं व्यासपीठ प. बैठा हुआ आदमी जोकर नहीं हो सकता व्यासपीठ. प बैठे हुए आदमी पे मीम नहीं बनने चाहिए. अगर आपको बिग बॉस जाने का मौका मिले बिग. बॉस वालों की इतनी औकात नहीं है कि देवकी. नंदन को ऑफर भी कर सके ईश्वर को कब. समर्पित करें बचपन में या बुढ़ापे में. बचपन में की हुई एक माला बुढ़ापे में की. हुई 100 मालाओं के बराबर है वाह हमने तो. खूब पढ़ी फिर बस हो गया आपका काम और उसका.
प्रभाव देख लो एक साल में कहां से कहां. पहुंच गए लोग महाराजाओ के पास जाते हैं. महाराज तुम्हारे संग बैठ के पीरी सी. कुर्सी पर मजे ले रहे हैं अभी एक बहुत. बड़ी घटना हुई थी बालाजी मंदिर में जिसमें. प्रसाद में जानवरों की चर्बी निकलने का. मामला सामने आया ये हिंदू धर्म को नष्ट. करने के लिए उनको भ्रष्ट करने के लिए उनको. गौ की चर्बी खिलाई गई हमें गौ की चर्बी. खिला दी गई बालाजी के प्रसाद का नाम लेकर. और हम मौन बैठे ये हम लोगों का खून नहीं. है पानी हो चुका है 1954 में बक बोर्ड. कानून कौन लेके आया भारत के जितने भी तनी.
मंदिर है वो सरकार के अंडर में रहेंगे ये. कानून किसने बनाया उस दौर की कांग्रेस की. सरकार क्यों बनाया भाई बताइए बख बोर्ड की. क्या जरूरत थी मिल गया था ना उनको एक देश. उस देश में नहीं है पाकिस्तान में नहीं बक. बोर्ड कई सारे धर्माचार्य ने कथावाचक ने. कहा कि हिंदू ज्यादा बच्चे पैदा करें चार. बच्चे पांच बच्चे पैदा करो हमने भी कहा. मैंने कहा चार बच्चे खिलाफ ये देश तभी तक. सुरक्षित है जब तक हिंदू बहु संख्या. अफगानिस्तान में आप कितने रह गए 2 पर. पाकिस्तान में कितने रह गए बांग्लादेश में. अभी क्या हुआ जहां हम बहु संख्या में होता. है वहां भाईचारा होता है और जहां हम कम. संख्या में होते हैं वहां हिंदू बे चारा.
होता है धर्म बड़ा या देश या संविधान मेरी. दृष्टि में सबसे बड़ा है धर्म अगर कोई. मुस्लिम व्यक्ति कहता है कि मेरे लिए धर्म. पहले अगर उनका धर्म भी वही सिखाता है इस. देश को कभी खतरा नहीं हो सकता खतरा ही तब. है जब हम अधर्मी बन जाते हैं प्रेम क्या. है यू गिव मी योर टाइम आई विल गिव यू माय. टाइम ये प्रेम नहीं है प्रेम में ब्रेकअप. तो नहीं होता ना नो ब्रेकअप ये थोड़ी है. ड़ छाड़ के मैंने मेकअप कर लिया और. ब्रेकअप कर लिया लाली मेरे लाल की जित. देखूं तित लाल लालही देखन मैं गई मैं भी. हो गई.
उत्तर प्रदेश एक ऐसा राज्य है जहां तीन. भगवान का. जन्म अयोध्या में भगवान श्री राम का गोंडा. में स्वामीनारायण भगवान का मथुरा में श्री. कृष्ण भगवान का जन्म यहां हुआ लेकिन भगवान. यहां से कहीं और चले गए हम हिंदुस्तान में. रहते हैं लेकिन आए दिन एक आवाज उठती है कि. हिंदुस्तान में हिंदू जो है वो खतरे में. है धर्म पर संकट है धर्म को लेकर कई तरह.
की बातें चलती इसलिए आज हमारे जो मेहमान. है वह हिंदू पुराण कथावाचक है गायक है. आध्यात्मिक गुरु है एक ऐसे धार्मिक गुरु. हैं जिनके मधुर भजन और प्रवचन सुनकर आत्मा. जो है वह अंदर से प्रसन्न हो जाती है राधा. सर्वेश्वर जी के वह भक्त हैं भगवत कथा के. महान प्रवक्ता है देश विदेश से लेकर. हिंदुस्तान में सारे सनातनी हों को एकजुट. करने की उनकी मुहीम है और इसी पहचान से. मेरे मे ख्याल से आपने गेस भी कर लिया.
होगा नाम उनका नाम देवकी नंदन ठाकुर जी. कोटि कोटि प्रणाम महाराज अरे मेरे प्यारे. की जय हो राधे राधे आपको और आपके सभी लिसन. व्यूवर्स को मेरा प्यार भरा राधे राधे. काफी बड़ा इंट्रोडक्शन दिया हमने आमतौर पर. इतना बड़ा इंट्रोडक्शन होता नहीं. व्यक्तित्व आपने दे दिया है क्योंकि मैं. कुछ भी नहीं हूं यह जो आपने इतना बड़ा सब. नाम धाम किया है यह आपकी विशेषता है आई एम. नथिंग आपके बारे में जब मैं पढ़ रहा था तब. मुझे पता लगा कि छ वर्ष की उम्र से आपने. अध्यात्म को समर्पण कर दिया जी मेरी अपनी.
स्मृति में जब से मेरी स्मृति शुरू हुई है. तब से मैंने आपको ऐसे ही देखा. है यह मेरे लिए सौभाग्य का विषय है बचपन. में ही सबसे बड़ा मेरा यह सौभाग्य रहा कि. मेरा जन्म ब्रज में हुआ और यह अपने आप में. महत्त्वपूर्ण है कि जहां ठाकुर जी की लीला. हुई हो जहां ठाकुर जी का प्राकट्य हुआ हो. उसी पवित्र भूमि पर अगर आपका जन्म हुआ है. तो यह कोई छोटी बात नहीं थी तो वहां बहुत. से लोग तो बाहर आ के स्वाध्याय अध्ययन.
करते हैं ब्रज में जो ब्रजवासी जन्म लेते. हैं ना वो आप यह सोचिए कि जब हम लोग गर्भ. में होते हैं तो हमारी मां गोवर्धन की. परिक्रमा कर रही होती है हमारी मां. वृंदावन के बांके बहारी के दर्शन कर रही. होती है वहीं पे वो चर्चाएं चल रही होती. है यहां ठाकुर जी ने जी कर हो यहां ठाकुर. जी ने जी करे हो यहां ठाकुर जी ने ज करे. हो जे कर हो जी कर हो जी कर हो मतलब पूरी. भागवत तो गर्म ही सीख ली. हमने तो मां जो परिक्रमा कर रही है मां जो. बिहारी जी के दर्शन कर रही है मां जो. बरसाने जा रही है मां जो संतन के दर्शन कर. रही है तो तो वो हम ही तो कर रहे हैं गर.
में बैठे-बैठे वहीं से वो कहीं ना कहीं. प्रेरणा मिलती है और वो प्रेरणा मिलती है. उसके कारण आप छ वर्ष की आयु में य ऐसा मन. करता है कि लेट्स गो तो चले आए वृंदावन. में वहां लीला में रहे और फिर वहीं से. ठाकुर जी ने वहां पकड़ ली किशोर जी ने. अच्छा देवकी नंदन जी ब्राह्मण है हां और. उनको लोग कहते ठाकुर जी है हमारे मन में. ये सवाल आया कई लोगों ने हमसे कहा भी. पूछेगा कि ये ठाकुर जी आपके नाम में कब से. जुड़ा महाराज और क्या कहानी इसके पीछे. देखिए जब हम लीला में रहते हैं रासलीला.
राम लीला तो मेरा सौभाग्य ये रहा कि मैं. मुझे जिस लीला में मैं रहता था मुझे लांडर. समझा जाता था लांडर माने जहां कोई नहीं है. वहां उसको फिट कर दो हा तो इसको फिट कर दो. मतलब ठीक है तो अगर कोई राम जी नहीं बनने. वाला है तो बोले इसको राम जी बना दो तो. मैं राम जी बना और जिस दिन लक्ष्मण जी का. अभिनय ज्यादा है बोले इसको लक्ष्मण बना दो. तो उसे लक्ष्मण बना दी मैं लक्ष्मण बन गया. और मोस्टली रामकृष्ण की भूमिका में जो उस. समय लोग रहते थे उनको ठाकुर जी ही कहते थे.
ठाकुर जी का मतलब समझ गए आप उनको साधारण. मनुष्य नहीं मानते भगवान श्री कृष्ण जी. उन्हीं का स्वरूप मानते थे मैंने देखा है. बड़े-बड़े भजनानंद संत महात्मा उस समय. आपको साष्टांग दंडवत करते हैं जब आप राम. कृष्ण की भूमिका में वहां विराजमान है और. वो ठाकुर जी आपके पीछे लग जाता है फिर सब. लोग प्यार से आपको ठाकुर जी ठाकुर जी कहते. उस समय बचपन में ये प्राप्त हो गया नाम. ठाकुर जी मैं कई लोगों से मिला जो बाद में. वृज गए हां अभी मैं गया था एक कथा में भी.
वहां भी कहा चंडीगढ़ गया था तो वहां भी. कहा गया कि इस कथा का लाभ यह हुआ कि अगले. जन्म में आप वृंदावन में पैदा होंगे या. ब्रिज में पैदा होंगे जब आप कथा सुनते. हैं क्या होता है ब्रिज वासी होना क्या. होता है ब्रिज का हो जाना क्योंकि कई लोग. कहते हैं कि मैं ब्रिज गया फिर वहीं का. होके रह गया अब वहां के हुए कि वो शब्दों. में हुए वो तो वो जाने और प्रकृति जाने. परमात्मा जाने लेकिन ब्रजवासी. होना अगर हमारा ब्रज में मैं ब्रज भाषा.
में बोल सकता हूं आपके यहां अनुमति है. आपकी यादना ब्रज में जन्म होए का है जाद. ना वाई दिना ठाकुर जी से संबंध बन जाए वाई. समय मनुष्य जीवन 84 लाख योनि के बाद मिले. और हर एक योनि को एक ही लक्ष्य कि ठाकुर. जी से संबंध बन जाए वाह ठाकुर जी से संबंध. बन जाए और व जैसे ही आप ब्रज में जन्म भयो. समय तत्क्षण आपको संबंध ठाकुर जी से बन गए.
हो ठाकुर जी ने बृजवासी के का कहि है. ब्रजवासी वल्लभ सदा मेरे जीवन प्राण इनन. तनिक विसार नंद बाबा की आन यह ब्रजवासी. मेरे प्राण है कौन के प्राण है जो पूरी. सृष्टि को प्राण है रचता पालनकर्ता संघार. करता जो है वह सभी सृष्टि को प्राण है वो. का कह रहे हो ब्रजवासी मेरे प्राण है आप. सोचो कि ब्रजवासी है वो कित तनो बड़ो.
पुण्य को काम है एक जगह पे मैं पढ़ रहे हो. पुरान में अच्छा हिंदी पे आ जाता हूं एक. जगह में पढ़ रहा था पुराण में लिखा है 100. कल्प तपस्या करने के बाद एक संत को ब्रज. की गोपी बनने का सौभाग्य मिला 100. कल्प हा हम हम नहीं जानते कि हमने क्या. किया होगा हमें कुछ भी याद नहीं है पर. ठाकुर जी के अतु की कृपा हम इसी को मान. लेते हैं हम में तो कोई गुण नहीं है पर. ठाकुर जी की कृपा का गुण है कि हम.
ब्रजवासी हुए और हमारा संबंध जन्म से. कृष्ण के साथ बनाना नहीं पड़ा ब पदा होते. ही हो गया हो गया तो ब्रजवासी होना तो. बहुत बड़ी बात है बहुत सुंदर आपने. व्याख्या की इसकी लेकिन अब आजकल जैसे अभी. यूथ का दौर चल रहा है मैं आपको देखता हूं. आप धर्म को धार्मिक बच्चों को जगाने का. काम भी करते हैं उन्हें समझाने का काम भी. करते हैं लॉजिकल रीजनिंग भी देते हैं अब. एक समस्या महाराज जी आजकल हो गई है जो कई. बार लोग हमसे भी कहते हैं कैसे पहचाने कि. किसको सुने हर आदमी टीवी बोल हर आदमी सोशल.
मीडिया जा रहा है हर आदमी ज्ञान दे रहा है. और अब तो ऐसा लगता है जो जितना बड़ा ठठल. करता है उतना बड़ा बाबा तो फिर आप जैसे. लोगों को लोग जैसे हमने आपको बचपन से सुना. टीवी सुना या और मुरारी बापू थ और बहुत. सारे लोग ऐसे थे उस दौर में जिनको किसी की. राम कथा किसी की कृष्ण कथा किसी से हमने. गीता ज्ञान लिया अब ठेलवा चलती. है नहीं हमारा जो हम जो बार-बार कह रहे. अपने लोगों से जो कथा पंडाल में आते हैं. ईश्वर आप आपको आपकी प्योरिटी से मिलेगा.
अगर अगर आप भक्ति कर रहे हो भागवत सुनने. का मतलब क्या है राम कथा सुनने का मतलब. क्या है आप ईश्वर की तरफ जाना चाहते आप. टाइम पास नहीं करना चाहते इफ यू वांट टू. टाइम पास देन इट्स ओके अगर आप अपने जीवन. में अपने जीवन का टाइम पास करना चाहते हैं. तो आप वो करिए जो आप कर रहे हैं लेकिन अगर. आप ईश्वर को प्राप्त करना चाहते हैं तो वो. रील से नहीं. मिलेगा ईश्वर को प्राप्त करना चाहते हैं. तो वो अब मेरे.
ईश्वर की तरफ लेकर जाए और कई लोग ऐसे भी.
होते हैं कि जिनको हम जीवन भर सुनते तो. रहते हैं पर हमारा मन ईश्वर में नहीं जाता. तो मुझे सुनना उनको है एक बार मैं मलुक. पीठ वाले महाराज जी जो हमारे वृंदावन में. उनको सुन रहा था कि हमेशा अगर ईश्वर को. पाने की इच्छा हो तो प्रमाणिक लोगों के. मुख से पुराणों की कथा. सुने और पुराणिक लोगों की प्रमाणिक कथा. सुनेंगे तो क्या होगा आपको जो चीज मिलेंगी. ना वो जो लिखा है पुराण में वो मिलेंगी.
आपको वो नहीं मिलेंगी जो उनके मन में आया. और बोल. दिया उसमें बहुत अंतर है बहुत गहरी बात कह. रहे हैं हां बहुत बड़ा अंतर है उसमें अंतर. यह है कि मेरे मन में आया कि मैंने बोल. दिया अब वोह पुराण में कहीं है ही नहीं वो. पुराण में कहीं है ही नहीं और हमने पूरे. समाज को उस जगह पर अटका दिया जो कहीं है. ही नहीं धर्म में क्योंकि मेरे मन में आ. गया तो मैंने बोल दिया और मेरे मन में कब. आ गया जब मेरे सामने पब्लिक बहुत. थी मेरे सामने पब्लिक बहुत है ना अब तो.
मैं हूं ईश्वर ईश्वर तो होगा कहीं होगा. मैंने देखा ही नहीं मैंने अब तो ईश्वर मैं. हूं क्योंकि मेरे सामने पब्लिक बहुत है और. उस कंडीशन में संभाल पाना अपने आप को और. फिर वही बोलना यही प्रमाणिक संतों का काम. है धर्माचार्य का काम है कि हम उस विषय को. यूथ को बताएं या समाज को बताएं वह गलत. दिशा में ना जाए इस विषय को समझना बहुत. जरू फिर मेरे मन में एक सवाल आता है आजकल. जितने बाबा लोग हैं उनमें भी कंपटीशन हो. गया रील को लेके सब रील वाले बाबा बन गए. ऐसा वीडियो बनाए जो वायरल हो जाए और बहुत.
सारा ऐसा एक दो नहीं बहुत सारे कंपटीशन. बढ़ गया है फिर वो भीड़ दिखाते हैं कि. देखो इतनी भीड़ आई है यह प्रमाण है कि. असली ज्ञान हम ही दे रहे. हैं अब अब देखो इन विषयों प मैं सनातन पर. कभी बोलता नहीं मेरा मेरा एक उद्देश्य ये. रहा है कि मैं जितना कम हो सके उतना इन. विषयों पर बोलू क्योंकि इससे भी सनातन का. अपमान होता है लेकिन सच यह है भीड़ ज्यादा. होने से कोई बड़ा संत नहीं. होता यह पूरे सनातनी को समझना चाहिए यह. बहुत बड़ी मूर्खता हम लोग कर रहे हैं कि.
जिस पर भीड़ ज्यादा है वह बड़ा. महात्मा कितने सं संत ऐसे हैं जिनके पास. चार साधु नहीं है और उनके नक की धोवन के. समान नहीं है मैं अपनी बात कर रहा हूं. किसी की नहीं कर रहा हूं आज मैं भी जब कथा. करने जाता हूं तो ठाकुर जी कृपा से दो 400. आदमी तो होते ही होंगे कथा पंडाल में. हजारों आदमी रहते हैं आप दो 400 तो रहते. ही होंगे मैं कह रहा और कम कर लो 50 कर लो. लेकिन उनके पास चार नहीं मेरे पास 50 है.
इसका मतलब मैं बड़ा साधु हूं ना आई एम. नथिंग उनका तब देखो उनका ज्ञान देखो उनकी. नॉलेज देखो महाराज. यू तो मैं देश की जनता को और आपके माध्यम. से ये भी कहूंगा कि वो बड़ा साधु नहीं है. जिसके पास जनता बड़ी है वो बड़ा है जिसके. पास अनुभव है एक्सपीरियंस है प्लस ठाकुर. जी की कृपा है उन्हें वो पुराणों का ज्ञान. है जिसके माध्यम से वो आपका हित चाहते हैं. हम तो वो बढ़े मेरे विचार से तो वो बढ़े. तो जैसे अगर आप क्योंकि अब आपने देश.
दुनिया देखी है आप खुद भी कथा करते हैं. लोगों को उसमें रस आता है खूब सुनते हैं. आपको तो सुने सुने लेकिन अगर आपको बताना. हो किसी किसी और सुन सकते जिसका ज्ञान. हमें भी कम हो हम सुनना चाहे अगर अलग-अलग. तरह से ज्ञान लेना चाहे तो कुछ उदाहरण. देंगे तो नई पीढ़ी के लोग सुनेंगे उसको. नहीं मैं ये चाहूंगा कि हम बहुत ऐसे लोग. हैं संतों में विशेषकर हमारे मलू पीठ वाले. महाराज जी जिनको आप सुनेंगे बिना प्रमाण. के कोई चीज उनके मुख से नहीं निकलेगी. जो निकलेगा प्रमाणिक ही निकलेगा.
जो बोलेंगे उसे कोई काट नहीं सकता तो मैं. मैं खुद भी जब भी मेरे पास समय होता है. मैं राजेंद्र दास जी महाराज को सुनता हूं. उन्हीं को सुनता हूं और कई हैं अब उनके. नाम एक एक के लूंगा तो लंबी लिस्ट हो. जाएगी पर मैंने जो ब्रज के महत्व को भी. जानते हैं ब्रज के रहस्य को भी जानते हैं. और पुराणों की विशेष उनको ज्ञान है और वह. प्रमाणिक चीजें जो देते हैं हम सबको मलुक. पीठ वाले महाराज जी को जब भी सुने व ऐसे. संतों को सुनना चाहिए हमको एक चीज लगता है. कम से कम उसको सुने जिसने आध्यात्मिक.
शिक्षा ली हो वेद पुराणों को पढ़ा हो हां. ऑफकोर्स अगर वो नहीं करेंगे तो आजकल क्या. पता है प्रॉब्लम कहां आ रही है. कौन-कौन सा ज्ञान लिया थोड़ा हमारे.
दर्शकों को बताइए सबसे पहले तो गुरुजी की. डांट खाई हम उन्होंने जो कहा वो किया उसके. बाद भागवत का स्वाध्याय. किया भागवत को जब बताया गया हमें कि यही. पढ़ना है वह पढ़ा उसके बाद फिर संतों की. कथाएं सुनी बैठ के सुनी ऐसे नहीं सुनी बैठ. के सुनी और अलग-अलग संतों की सुनी मैंने. पूज्य रमेश भाई ओजा जी की कथा सुनी पंडाल. में बैठ के उनको थोड़ी पता होगा तब थोड़ी. देव नंदन था तब तो हम नथिंग थे ना तो उनके.
पंडाल में बैठ के वहां से हमने कथाए सुनी. बापू की मुरारी बापू की कथाए हमने उस समय. वहां सुनी पंडाल में बैठ के ऐसे कितने संत. थे जिनके विद्वानों की हमने कथाए वह सब और. बचपन में सुनी है सबसे बड़ी बात क्या थी. कि बचपन में सुनने का एक लाभ होता है आपका. उस समय मेमोरी कार्ड जो है ना वो फुल नहीं. है बचपन का जो मेमोरी कार्ड है ना वो फुल. नहीं है सही बात है वो अन फिल है तो उसको. करना है तो वो कार्ड में ऑलवेज जब तक.
डिलीट ना कर दो कोई और कूड़ा कचड़ा ना डाल. लो तब तक उसमें रहता है और मेरा सौभाग्य. है वह आज तक है मेरा सौभाग्य है हर चीज. मैंने य तो. मैं 17 18 तक क्या 19 20 तक मैंने य पर. कभी ध्यान नहीं दिया इन सब से मैं बहुत. परे रहा हूं जब भी ध्यान दिया है मुझे इन. महाराज को सुनना है मुझे इस ग्रंथ को. पढ़ना है मुझे इन चीजों को पढ़ के इस काम. को करना है अगर मुझे नहीं पढ़ना है तो. कहूंगा इसको पढ़ के मुझे बताओ इसका मीनिंग.
क्या है तो वो बताएंगे फिर मुझे बोलना है. तो ये सब चीजें पुराणों से ही मिलती है. मैंने ये सवाल मुरारी बापू से पूछा था मैं. आपसे ही पूछ ले रहा हूं ईश्वर को कब. समर्पित करें बचपन में या बुढ़ापे में. क्योंकि हम जो सुनते आए हैं वो ये होता है. कि बचपन लड़कपन का होता है जवानी काम करने. के लिए होती है बुढ़ापा अध्यात्म का होता. है बुढ़ापा किसका होता है अध्यात्म का ये. कहो ब हमारे यहां पर जो नौकरी पेशल लोग. उनके ही चलता है उसके लिए इसलिए चलता है. क्योंकि वे जो लोग हैं वोह मनुष्य जीवन के.
रहस्य को नहीं समझे हम और रहस्य को अगर. आपने नहीं समझा है ना तो ये बहुत बड़ी. मिस्टेक हम लोग कर रहे हैं हम बुढ़ापे में. कर्प क्या पाएंगे आप आंख कमजोर हमारे ब्रज. में एक रसिया गाते हैं कान तेरे बैरे है. जाएंगे कथा तब सुन नहीं पाएंगे कथा सुन. मस्त जवानी में बुढ़ापा किसने देखा है पाम. से लंगड़े हो जाओगे परिक्रमा तब कर नहीं.
पाओगे परिक्रमा कर मस्त जवानी में बुढ़ापा. किसने देखा है तो जो चीज अगर आपको भक्ति. करनी है भगवान को समर्पित करना है एक और. चीज बता देता हूं बचपन में की हुई एक माला. बुढ़ापे में की हुई 100 मालाओं के बराबर. है वाह हमने तो खूब पढ़ी फिर हमने तो खूब. पढ़ी बचपन में मालाए तो बस हो गया आपका. काम और उसी का प्रभा आप देख लो एक साल में. कहां से कहां पहुंच गए अभी तो बता रहे थे.
मालाओं का ही प्रभाव है नॉट योर ज्ञान का. प्रभाव नहीं है ये हमारी माता जी ने हमें. खूब पढ़ाया तो वो माता जी की कृपा 108. माला हम बैठी कंठी खूब पढ़ते थे बचपन में. ना तो उसका प्रभाव आप देख लो आप देख लो. लोग महाराज के पास जाते हैं महाराज. तुम्हारे संग बैठ के पीरी सी कुर्सी पर. मजे ले रहे हैं ये क्या है ये माला का ही. प्रभाव है कोई माने या ना. माने ये मालाओं का प्रभाव बचपन में आप ऐसे. समझो जो कि मेरे बचपन में मेरे पास में.
अरबों खरबों रुपए जमा हो गया अब जवानी और. बुढ़ापे मुझे टेंशन नहीं है मैं कमाता. जाऊंगा इतना तो कमा ही लूंगा जितना मैं. खर्च कर रहा हूं अब खर्च करने को कुछ है. नहीं जमा कुछ करने को है नहीं कमा रहा. नहीं तो फिर कैसे सिस्टम बनेगा बचपन में. किया हुआ भजन ध्रुव जी कब भगवान कब मिले. ध्रुव को साढ़े पाछ साल के थे ध्रुव. प्रहलाद को बचपन में मिले मीरा को बचपन. में मिले तो बचपन जो है वह बहुत आदर्श समय.
है हम भगवान की भक्ति करें भक्ति मीस घर. ना छोड़े लेकिन कम से कम उनको हृदय से याद. तो करें एक बार बैठे तो सही उनके संग पा. मिनट एवरीडे बात तो कर ले उनसे उनका नाम. तो ले ले इतना ही कर ले बस मैं सहमत हूं. यहां प क्योंकि मेरी माता जी ने बचपन में. मुझे खूब बैठाया उनकी तबीयत खराब है तो. उनकी कंठी हम पढ़ते थे अब लोग हमसे जब. कहते हैं कि तुम पर भगवान बहुत मेहरबान है. तो आपकी बात सुनकर हमको लग रहा है कि जमा. खाता वही था नहीं आप विश्वास कीजिए बच.
बचपन में क्यों बचपन में मन निर्मल होता. है हम और भगवान क्या कहते हैं निर्मल मन. जन सो मोहि पावा मोहि कपट चल छिद्र न भावा. सबसे ज्यादा मन जो निर्मल होता है वो बचपन. में होता है जैसा चाहिए गुस्सा आ रहा है. तो गुस्सा करेंगे प्रे प्रेम आ रहा है तो. प्रेम करेंगे यही और यही स्वभाव भगवान को. चाहिए और यह बचपन में ही होता है दूसरा. मैं आज के लॉजिक की बात करता हूं. आप अगर बचपन में कोई चीज सीख लेंगे हम तो.
पूरे जीवन भर अप्लाई करेंगे राइट और रंग. सही बात है और बुढ़ापे में सीखेंगे तो. अप्लाई कब. करेंगे अप्लाई करवाएंगे कर तो नहीं पाएंगे. नहीं करवाएंगे किससे जब तुमने नहीं अप्लाई. किया तुम्हारी कौन सुनेगा हम तुम्हारी. सुनेगा क्यों सही बात है तुमने किसी की. सुनी थी क्या तुमने मां-बाप की नहीं सुनी. तुमने पुराण की नहीं सुनी तुमने गुरुओं की. नहीं सुनी तुमने संतों की नहीं सुनी और हम. ये चाहते हैं कि हमारे बच्चे हमारे. आज्ञाकारी श्रवण कुमार हो जाए हाउ इज इट. पॉसिबल. इंपॉसिबल है ना तो आप अगर चाहते हैं कि.
मैं जीवन भर अप्लाई करूं हम तो आपको बचपन. से वो गुण लेने पड़ेंगे और एक और उदाहरण. दे देते इसपे हम हमारे संतों के मुंह से. हमने सुना है कि जो बचपन है ना हम वो खिला. हुआ पुष्प है और बुढ़ापा मुरझाया हुआ. पुष्प है आप किसी से प्रेम करने गए कौन सा. पुष्प लेकर जाएंगे ताजा फूल तो मेरे ठाकुर. जी को ताजा फूल दीजिए क्यों मुर जाया हुआ. हो सड़क गड़ा फल दे दे जा रहे हो कि आई लव.
यू ठाकुर जी हाउ ठाकुर जी कहेगा. भ ये फल लाया मेरे लिए कुछ अच्छा सा ले. आपने कहा ना संतो से आपने पूछा था हमने ज. मुरारी बाप को सवाल पूछा था यही जवाब. उन्होंने दिया था मुझे अच्छा चढ़ाना है. भगवान को तो ताजा फूल चढ़ाओ बा फूल चढ़ाओ. ग तो भगवान क्यों पर 100 माला माला तो. मेरा ही है ना हा हा वो पूरा आपका है ये. तो नया मिल गया ये तो आपने खुद ही कहा कि. प्रभु हमने कहीं संतोष सुना था अपने ये. आपकी भी स्मृतियों में र सच है ये सच है. बिल्कुल सच बात है आपकी ये तो आप बचपन से. ही मैं तो आपके माध्यम से यह भी कहूंगा कि.
जिन जिन लोगों को. हम अपने बच्चे संस्कारी बनाने हैं तो 15. 16 20 साल की प्रतीक्षा मत करिए 5 साल से. लेकर 12 साल तक की उम्र है इसमें जो. बनाओगे वो बन जाएंगे ऐसे होना बना मट्टी. का मटका बनाने वाले व्यक्ति हाथ नीचे लगा. के रखते हैं ऐसे ऐसे उसको सेप देते हैं. दिस इज नॉट जोक वो जोक नहीं हमारे बच्चे. कहानियां नहीं स्टोरी नहीं है टाइम पास. नहीं है वो बच्चे हैं उनका निर्माण हम पाच.
से 12 साल तक करेंगे वही आगे इन फ्यूचर वो. लाइफ पर इंप्लीमेंट करेंगे उसका अब हमको. एक सवाल मन में आ रहा है हमारे तो फिर ये. परंपरा हमारे धर्म में है क्यों नहीं. क्योंकि जब मैं सिखों को देखता हूं उनके. यहां बचपन से धर्म के प्रति झुकाव डाला. जाता है मैं क्रिश्चियंस को देखता हूं. आपके मोहल्ले में दो क्रिश्चियन है वो. चर्च जाएंगे वीकेंड पे मैं मुसलमानों को. देखता हूं वो अपना पांच नमाज पढ़ेंगे रोजा. रखेंगे एक हमारा धर्म है जहां पर आपको. खुलकर अलाउ है कि भैया मन करे तो पढ़ो ना. मन करे तो ना पढ़ो तुम्हारी इच्छा अपने.
चाहे धर्म में नास्तिक हो जाओ चाहे आस्तिक. हो जाओ अब यह ताकत है या कमजोरी धर्म की. ये कमजोरी है और यह कमजोरी दीी हमें. बॉलीवुड. ने यह कमजोरी दी है जो तथाकथित अपने आप को. पढ़े लिखे समझते. थे जितने भी टाई वाले मिलेंगे आपको ना. पढ़े लिखे मैं सबकी बात नहीं कर रहा उनमें. से दो चार अच्छे भी होंगे लेकिन मोस्टली. जो पढ़ लिख के आए उन्होंने कहा कि ये आई. डोंट लाइक इट आई डोंट लाइक गॉड हु इज गड. हु इ सीन गॉड और जब अंग्रेजी में बोलते.
हैं ना हु सीन गॉड तो लगता है यार यह तो. पढ़ा लिखा आदमी है तो बड़ी बात बोल रहा है. आई हैव क्वेश्चन हु है सीन. सोल हु है सीन. पेन आत्मा देखी किसी ने. नहीं वी कांट लिव विदाउट. सोल बट नो वन कैन सी फिर आत्मा किसी ने. देखी नहीं हम उसके बिना जिंदा रह नहीं. सकते हमने चार शब्द अंग्रेजी में बोल दिया. आई डोंट बिलीव इन गॉड और हमको लगा कि.
बच्चे पढ़ लिख जाएं पैसे कमाने वाली मशीन. बन जाए हमने अपने बच्चों को पैसे कमाने. वाली मशीन बनाया है यह है प्रॉब्लम कुल. मिला के मैं ये नहीं क रहा आई एम नॉट. अगेंस्ट ऑफ मनी वो ठीक है सबको पैसा चाहिए. आपको भी चाहिए मुझे भी चाहिए अगर संसार. में जी रहे हैं तो संसाधन तो लगेंगे हम. लेकिन पैसा ही सब कुछ नहीं. है हमें हमारे बच्चों को सबसे पहले मानव. बनाना पड़ेगा अगर उनके बच्चे पांच समय. नवाज अदा कर सकते हैं तो मेरे बच्चे भी.
महीने में दो बार एकादशी का व्रत कर सकते. हैं मेरे बच्चे भी सुबह उठकर परमात्मा की. आरती कर सकते हैं मेरे बच्चे भी माता-पिता. के चरणों में सर झुका केर प्रणाम कर सकते. हैं और जिन बचपन में जिन बच्चों का सर. मां-बाप के चरणों में झुका है भगवान के. आगे जो बच्चे बैठे हैं उन बच्चों के. मां-बाप की आंखों में बुढ़ापे में आंसू. नहीं होगा लिख लो इस बात. को और जिन्होंने बचपन में अपने बच्चों को. फ्रीडम दे दिया करो व्हाट एवर यू वांट. वही मां-बाप खून के आंसू रोते हैं एक से.
एक नाम गिना. दूंगा बड़े होकर वो कहते डड आई डोंट लाइक. यू आई नेवर लिव विद यू बिकॉज माय वाइफ इ. डोंट लाइक. यू माय वाइफ डज लाइक यू क्यों क् वोह भी. ऐसी ही तुम भी ऐसे ही हो तुमने अपने. बच्चों को फ्रीडम दिया ही था तो यह संसार. थोड़ी यह परिवार थोड़ी है हमें यह देखना. है कि हमारे बच्चों. को परिवार का और संस्कारों का हम महत्व. मालूम हो और वो बचपन से ही प्रारंभ हो.
सकता. है आपने कहा कि हम अपने बच्चों को मानव. बनाना पड़ेगा सबसे पहले मानव बना क्या. परिभाषा है मानव की मानवता की यह है देखिए. एक तो जो भी मुझे कोई दे उसको मैं थैंक यू. बोलूं हम लेके खा ना लो भाई आप ने मुझे. कुछ दिया चाय पिलाई हम तो इसके बदले मुझे. थैंक यू तो बोल देना चाहिए बोलना चाहिए कि. नहीं हां बोलना चाहिए कि पी के निकल जाऊं. अब बताओ अच्छा मैनर्स किसको कहेंगे अगर आप. थैंक यू बोलेंगे तो अच्छा मैनर्स है ठाकुर.
जी ने मुझे पीने वाला मुंह दे दिया देखने. वाली आंखें दे दी सुनने वाला कान दे दिया. चलने वाले पैर दे दिए काम करने वाले हाथ. दे दिए देखने के लिए नेत्र दे दिए मैंने. कब थैंक यू. बोला ये अच्छे मैनर्स है नहीं इस लॉजिक के. हिसाब से बिल्कुल नहीं तो उस मैनर्स को दो. ना अपने बच्चों को जिसने मुझे आंखें दीी. है कान दिए हैं अब मुख दिया है जिबिया दी. है पैर दिए है हाथ दिए हैं हार्ट दिया है. उस परमात्मा को थैंक यू तो बोलू एवरी डे.
सुबह शाम और मध्यान तीन टाइम त्रिकाल. संध्या कही गई है तो कम से कम त्रिकाल. संध्या नहीं कर सकते तो सुबह शाम ही थैंक. यू बोल दो रात निकल गई बड़ी कृपा आपकी दिन. निकल गया अरे प्रभु बड़ा अच्छा निकल गया. थैंक यू आप तो थैंक यू बोलना मानवता. रिस्पेक्ट योर पेरेंट्स अपने मां-बाप का. आदर करो अपने धर्म और संस्कृति का आदर करो. जिसमें तुम्हारा जन्म हुआ है वो उसका आदर. तुम्हें करना ही पड़ेगा तुम उसे इग्नोर. नहीं कर सकते. अब यह थैंक यू बोलने की परिभाषा क्या होगी.
मंदिर जाकर करें चालीसा पढ़े कंठी पढ़े मन. में ध्यान कर ले सस्तम जा रहे हैं वही सोच. लिए क्या परिभाषा है इसकी देखो अब इसकी भी. परिभाषा बता द अब हम एक बार यूएस में कथा. कर रहे थे तो बोले महाराज जी मंदिर आप कह. रहे हो एव्री डे मंदिर जाना चाहिए बड़ी. मंदिर जाने में बड़ी प्रॉब्लम है बोले. क्यों बोले हमको ऑफिस भागना होता है बड़ी. जल्दी लेट हो जाते हैं आप एक काम करो. ड्राइव थ्रू टेंपल. बनाओ आपने सुना ड्राइव थ्रू सुनके ही बड़ा.
इंटरेस्टिंग सा कांसेप्ट लग रहा है ड्राइव. थ्रू टेंपल बनाओ बोले ड्राइव थ्रू टेंपल. का मतलब क्या हुआ बोले इसका ये मतलब हुआ. कि हमको चप्पल जूते नहीं उतारने पड़ेंगे. हमें गाड़ी से नहीं उतरना पड़ेगा बस मंदिर. से गाड़ी यूं घुमाएंगे दर्शन होते हुए. निकल जाएंगे और आप वाली बात सही हो जाएगी. व्हाट इज. दिस आप सोचो ड्राइव थ्रू टेंपल तो ऐसा. नहीं हो सकता मैं यह नहीं कह रहा हूं कि. आप जो आपके 4 किलोमीटर दूर मंदिर है आप. वहां जाइए नहीं घर में भी तो मंदिर बना. रखा है आपने हम आप सुबह बैठ के मैं बताता. हूं आपके चलो आज बता देता हूं अच्छी बातें.
आपके चैनल के माध्यम से काफी लोग ये पूछते. हैं हम करें क्या जिससे हमें लगे कि हम. कुछ कर रहे हैं तो सबसे पहले अर्ली इन द. मॉर्निंग आप बिस्तर छोड़िए और सबसे पहले. स्नान कीजिए बिना कुछ खाए पिए स्नान कीजिए. स्नान करने के बाद में अपने हाथ में ताम्र. लोटा लीजिए और ताम्र लोटा लेकर उसमें जल. भरिए जल भर के सूर्य को सबसे पहले जल. चढ़ाए ये उनका थैंक यू हो गया जो दिन भर. प्रकाश देते हैं आपको हम समझ रहे. जिन्होंने दिन भर प्रकाश देना है आपको. उनका थैंक यू हो गया पहली बात तो तो सूर्य.
को जल चढ़ाए उसके बाद में आप भगवान के. सामने अगर पूजा पाठ करते हैं स्नान. इत्यादि कराते हैं ठाकुर जी को आपके घर. में पूजा है तो वो कीजिए अगर वो नहीं भी. करते तो हाथ में तुलसी की माला रुद्राक्ष. की माला शिव जी को मानते हैं तो रुद्राक्ष. की माला पार्वती का मंत्र करते तो. रुद्राक्ष की माला राम कृष्ण नारायण को. मानते हैं तो तुलसी की माला से लेकर आप. कोई भी भजन 10 मिनट बैठकर आसन डालिए आसन. डालकर उस पर बैठिए और बैठकर कोई भी भजन. कीजिए अगर वो नहीं आता है तो हनुमान. चालीसा एवरी डे दो 5 11 सा एक हनुमान.
चालीसा का पाठ करके जाइए इसी को आप थैंक. यू मान लीजिए लेकिन एक जिद्द बना लीजिए कि. मैं यह किए बिना एक बूंद पानी की भी नहीं. पिऊंगा आप ये जीवन भर जी के देख लीजिए. गृहस्थ में रहते हुए जीवन भर कीजिए आप. इतने में ही कल्याण के मार्ग पर निकल. जाएंगे हम गारंटी से कह रहा. हूं तो इतना करिए और हम हम सबको चाहिए कि. हम इतना कराए अपने बच्चों को अगर हम. मां-बाप है तो वरना मां-बाप तो पशु भी बन. जाते हैं भैस भी मां.
है और हाथी भी बाप है तो वो भी मां-बाप. बने हैं ऐसा तो नहीं कि वो मां-बाप नहीं. है हम मां-बाप तब बनेंगे जब हमारे बच्चे. मानव बनेंगे अदर वाइज जिन हरि भगत हृदय. नहीं यानी जीवित सब समान सो प्राणी वो. मुर्दे के समान है जिनके हृदय में भगवान. के प्रति थैंक यू नहीं है भक्ति नहीं है. तो इतना तो हमको करना ही चाहिए अभी एक. बहुत बड़ी घटना हुई थी बालाजी मंदिर में. जी बहुत बड़ी घटना हुई थी जी और उस घटना. ने पूरे देश को हिला के रख दिया था.
जिसमें प्रसाद में जानवरों की चर्बी. निकलने का मामला सामने आया आपको डर लग रहा. है जानवर क्यों बोल रहे हो. आप सीधी गौ माता बोली ब गौ माता बोली बीफ. था उसमें गाय पूरा बोलिए बीफ शब्द का. जिक्र किया गया था कि बीफ उसमें है तो बीफ. किसको कहते हैं बीफ में गाय के अलावा भी. महाराज जी कई जानवर क्योंकि हो जाते हैं. तो उसमें वो क्लेरिटी उसमें पूरी डिटेल. में लिखी नहीं थी बीफ का मेंशन किया गया. था जी. कि उस प्रसाद में बीफ का इवॉल्वमेंट.
था और वह प्रसाद अयोध्या भी गया. था प्राण प्रतिष्ठा में भी लाखों लड्डू जो. है बालाजी मंदिर से भेजे गए थे और सबकी. श्रद्धा थी कि राम जी का भव्य मंदिर बन. रहा है तिरुपति बाला जी का तो वैसे ही. इतना नाम है लाखों लोग दर्शन करने आते. हैं कई लोगों को लगा कि यह धर्म के साथ एक. बहुत ऐसी हानि थी जिसको शायद सही नहीं.
किया जाता धर्म से खिलवाड़ था आप इसे कैसे. देख रहे पूरे घटना को आप कैसे देख रहे हैं. इस घटना का मुझे पता चला था जिस समय में. यूएस में. था और तब से लेकर आज तक मेरा मन अशांत. है परेशान इसलिए हूं कि जितना. बड़ा. विरोध इस चीज का होना चाहिए था हिंदुओं ने. उतना बड़ा विरोध किया. नहीं और ये हम सबके लिए दुखदाई था जितना.
बड़ा विरोध हम करना चाहिए और ये हमारा. दायित्व है ये कोई किसी के ऊपर हमारा कोई. वो नहीं है. कि मजबूर नहीं हम एज ए हिंदू ये हमारा. दायित्व है कि हम उसका विरोध करें क्योंकि. जो लोग कितने लोग हिंदू ऐसे प्रसाद तो वो. लोग खाते हैं जो कभी लहसुन प्याज भी नहीं. खाते हम जो लहसुन प्याज तक नहीं खाते उन. लोगों को आपने षड्यंत्र के थ्रू मैं से. सीधा षड्यंत्र कह रहा हूं. यह हिंदू धर्म को नष्ट करने के लिए उनको.
भ्रष्ट करने के लिए उनके जीवन यात्रा को. बर्बाद करने के लिए य षड्यंत्र है कि उनको. गौ की चर्बी खिलाई. गई यह खिलाया गया उसे और दुर्भाग्य है कि. हिंदुओ ने इसका विरोध नहीं. किया सबसे बड़ी मुश्किल बात यह है कि और. जो लोग सभी के साथ खड़े हो जाते हैं इस. बात पर हिंदुओं के धर्म को नष्ट करने वाले. विषय पर भी कई कुछ भी लोग कोई भी अधिकांश. लोग इस पर साथ नहीं आए किसी नेने जवाब. नहीं मांगा कि ऐसा क्यों.
हुआ और इसका उसको दंड क्या. मिलेगा हमारे शास्त्रों में कहा गया है. प्राणों का त्याग करके भी प्राणों का. बलिदान करने के बाद भी अगर धर्म की रक्षा. होती हो तो प्राणों का त्याग कर देना. चाहिए और धर्म की रक्षा करनी चाहिए और ऐसा. भविष्य में इतिहास में बहुत बार हुआ है हम. हुआ है आप याद करें कि जब मूरत ध्वज राजा. के पास में भगवान और अर्जुन जाते हैं तो. कहते सिंह बन के जाता है अर्जुन कि मेरा.
सिंह भूखा है और तुम्हारे लते बेटे का. मांस खाएगा अब ग्रस्त धर्म यह है कि अतिथि. की भावना को पूर्ण किया जाए उन्होंने अपने. बेटे के सर पर आरा चलाया इतिहास तो हमने. पढ़ा है यह कहानी है किसके लिए धर्म की. रक्षा के लिए कि मेरे द्वार से कोई अतिथि. निराश ना चला. जाए इस धर्म की रक्षा में हम लोग कहां. पिछड़ गए कि हमें गौ की चर्बी खिला दी गई. बालाजी के प्रसाद का नाम लेकर और हम मौन. बैठे. ऐसे व्यक्ति को आजीवन या तो कारावास होना.
चाहिए या उस व्यक्ति को फांसी होनी चाहिए. क्योंकि करोड़ों लोगों की हत्या की है. उसने इ डायरेक्ट वे में जिन जिनने प्रसाद. खाया उनका धर्म भ्रष्ट किया उसने उस. व्यक्ति को आजीवन कारावास या फांसी की सजा. मेरी दृष्टि से होनी चाहिए और अगर ऐसा. करने में असमर्थ है तो ऐसे व्यक्ति पर. आजीवन प्रतिबंध लगना चाहिए कि वह किसी भी. संवैधानिक पद पर नहीं. बैठेगा किसी भी पद पर नहीं. बैठेगा हम संवैधानिक कंट्री में रहते हैं. यहां कोई ऐसा संविधान नहीं है कि हम किसी.
के धर्म को नष्ट करें ये बहुत बड़ा अपराध. है और इसी के लिए 16 तारीख को 16 नवंबर को. बहुत बड़ा आंदोलन हम करने आंदोलन कह लीजिए. सनातन धर्म संसद लगाने जा रहे हैं इसी. विषय को लेकर ये जो हम सब के साथ में यह. सब व्यवहार किया गया है हम 16 नवंबर को. दिल्ली में ऐसा करने जा रहे हैं और इसका. विरोध करेंगे और मैं आपके चैनल के माध्यम. से भी ये कह रहा हूं जितने भी सच्चे हिंदू. सुन रहे हैं एक मिनट के लिए भूल जाइए आप. क्या है एक मिनट के लिए भूल जाइए पद क्या. किस पद पर बैठे हुए हैं सब भूल जाइए आप.
सिर्फ यह सोचिए कि हमारे साथ बुरा हुआ है. और हम उस बुराई का विरोध करने के लिए. जाएंगे अगर आप हिंदू हैं अगर मैं भी मैं. एज हिंदू इस काम को कर रहा हूं तो हमको. इसका विरोध करना होगा विरोध भी बड़ी. संख्या में करना होगा जिससे इन फ्यूचर आगे. कभी ऐसा कार्य ना हो सके महाराज जी फिर एक. सवाल मन में आता है कि सरकार तो उन्हीं की. है जो यही बात कहकर सत्ता में आए थे. हिंदुओं की रक्षा आप यूपी में बैठ य योगी. जी हैं बगल में दिल्ली है वहां मोदी जी.
है और ये उनको भी पता चला खबर देश भर में. चली हम तो फिर जो हिंदुओं की सरकार है फिर. वो क्यों इसका प्रतिशोध नहीं कर पाई आप. लोग तो मिलते रहते हैं आप लोगों ने पूछा. नहीं कभी नहीं मैं आपसे योगी जी मोदी जी. से मैं देखो बहुत कम मिलता हूं और जब. मिलता हूं भगवान कृपा करे मैं सिर्फ इतना. जानता हूं चाहे कोई भी क् कहीं क्यों ना. हो मेरा हर काम मोदी जी नहीं करे करेंगे. मेरा हर काम योगी जी नहीं करेंगे मैं क्या.
करूंगा. फिर आप क्या करेंगे आप क्या क्या हो आप भी. तो हिंदू हो आप क्या करोगे बैठ जाओगे. चुपचाप इस विषय पर हमने आवाज उठाई हमने और. उठाई है और उठाना है और तब तक उठाना है जब. तक गुनहगार को सजा ना हो. जाए तब तक उठाते रहना है. हमें मोदी जी अपना काम करें योगी जी अपना. काम करें हम अपना काम करेंगे ये हमारी. रिस्पांसिबिलिटी है जब हम आवाज उठाए वैसे. भी कहते हैं ना बिना रोए तो मां भी दूध. नहीं पिलाती हम रोएंगे हम सरकार के आगे. रोएंगे हम कोर्ट के आगे रोएंगे हम रोएंगे.
हम तो कहेंगे या तो ये संविधान कहता है कि. हमारा धर्म भ्रष्ट करो और अगर नहीं कहता. तो जिसने धर्म भ्रष्ट किया उसको सजा दो. दैट सिंपल थिंग अच्छा इसको मैं थोड़ा पलट. के पूछता हूं अगर इसी लेवल की कोई. गुस्ताखी किसी और धर्म में हुई होती तब. क्या होता आपको क्या लगता है क्या होता. फिर मैं और आप यह काम नहीं कर रहे होते आज. ब्रॉडकास्ट नहीं कर रहे होते. यहां ये घटना दो महीने पहले हो गई होती ना. तो भी हम और आप ये नहीं कर पाते. या आज लिख लो आप हमारे भी पैरों में रस्सी.
बांध के हमको सड़क पर खींच रहे. होते कहां भारत. में यह हम लोगों का खून नहीं है पानी हो. चुका है हम सोए नहीं हम मर. गए हम अपने ईश्वर को देख वो भोग लगा ईश्वर. को और हम बैठे हम क्या करें हम बेचारे बने. बैठे हम आराम से अपने काम कर रहे हैं. आत्मक कैसे शांत रहेगी कैसे हमको रात में. नींद आ जाती होगी कैसे हमको भूख लग रही.
होगी ना मेरे प्यारे ना हमारे पूर्वजों ने. हमें आजाद देश में रखने के लिए फांसी के. फंदे पर चढ़े वो लोग. हम अगर वह हमें आजाद देश देक गए हैं तो उस. आजाद देश में कम से कम मैं अपने धर्म की. तो सुरक्षा कर लूं कि वोह भी करने पूर्वज. ही आएंगे दोबारा फांसी पर लटकने के लिए ना. कुछ काम तो हमको करने पड़ेंगे सिर्फ खाने. क माने सोने के लिए जीवन नहीं मिला है. हमारे यहां कहते धर्मो रक्षति रक्षित आप.
धर्म की रक्षा करो धर्म आपकी रक्षा करेगा. तो अपने धर्म को बचाने के लिए अपनी बहन. बेटियों को बचाने के लिए हमें यह लड़ाई. लड़नी पड़ेगी अब इसका जो दूसरा वर्ग है जो. आप लोग की बात से असहमत होता है वो ये. कहता है कि पाच सात साल अटल जी की सरकार. रही 11 12 साल से मोदी जी की सरकार है अब. अगर 1718 साल में भी हिंदू खतरे में. है तो उसका मतलब है पिछले वाले में. सुरक्षित था ये तो बड़ी असहज वाली स्थिति. कि अब 17 18 साल बीते 25 30 साल में आप.
आपकी सरकार रही जो कहती रही कि हम हिंदुओं. की रक्षा कर रहे हैं हिंदुओं को बचाएंगे. और उसके बाद भी आज खतरे में है तो या तो. यह वोट बैंक के लिए है या इस इसी के नाम. पर दुकान चल रही है यह आरोप लगता है एक. नहीं जो भी आरोप लगाते हैं हमको यह बता. दें कि कितने सालों में कितने साल यह लोग. रहे कितने साल रहे आजाद हुए तो हमें 75. साल प्लस हो. गए 95 में बक बोर्ड को आगे किसने बढ़ाया. 94 में 54 में 1954 में बक बोर्ड कानून.
कौन लेकर. आया भारत के जितने भी सनातनी मंदिर है वह. सरकार के अंडर में रहेंगे य कानून किसने. बनाया किसने बनाया उस दौर की कांग्रेस की. सरकार क्यों बनाया भाई अगर मंदिर ही. कंट्रोल में करने थे तो आप सारी मस्जिद भी. कर लीजिए आप चर्च भी कर लीजिए क्यों नहीं. करी. आपने यह ये क्यों नहीं कोई पूछेगा नहीं. अगर मैं यहां बोल रहा हूं कुछ भी बोल रहा. हूं तो उसका रिस्पांसिबल मैं हूं मुझे. उसका आंसर देना पड़ेगा तो जो भी गवर्नमेंट.
जो काम कर रही है उनकी रिस्पांसिबल व. रहेंगी तब तक रहेंगी जब तक भारत. रहेगा बताइए बक बोर्ड की क्या जरूरत थी. अरे उन लोगों ने उसी देश को मांग लिया था. ना एक देश मिल गया था ना उनको एक देश उस. देश में नहीं है पाकिस्तान में नहीं बक. बोर्ड कितनी मुस्लिम कंट्री में नहीं है. बक बोर्ड आपने यहां क्यों बनाया बख बोर्ड. बख बोर्ड बनाया सनातन बोर्ड क्यों नहीं. बनाया मंदिर हड़प लिए. वहां से आते अरबों खरबों रुपए आते उसका.
किया क्या. आपने एक नालंदा वो दुष्ट जला गया था अब. ज्ञान के नाल जो तमाम अब जल रहे अभी तक जल. रहे टिल गुरुकुलम समाप्त कर दिए गए हमारी. संस्कृति की भी रक्षा वह सब खत्म कर दी. गई तो यह सब 10 दिन में नहीं हो. जाएगा सरकार किसी की भी हो देवकी नंदन को. कोई मतलब नहीं मैं एक बात मानता हूं सरकार. चाहे मनमोहन जी की हो चाहे मोदी जी की मैं.
आवाज तबी उठा रहा था जब मनमोहन जी की. सरकार थी प्रयागराज में कुंभ था अखिलेश जी. की सरकार थी एक लाख लोगों को लेकर संगम तक. पैदल मार्च किया था कम से कम 5. किलोमीटर राम मंदिर के निर्माण के लिए. क्रश्न भूमि के निर्माण के लिए हिंदू. संरक्षण के लिए हिंदू बोर्ड बनाने के लिए. तब ज मोदी जी की सरकार नहीं थी आप कहेंगे. तो मैं फोटो भी भिजवा दूंगा वीडियो भिजवा. दूंगा देखा है हमने राजनीति में महाराज जी. धर्म का क्या स्थान है क्योंकि आप जो.
चर्चा कर रहे हैं राजनीतिक चर्चाएं हैं आप. व्यक्ति धार्मिक है चर्चा राजनीतिक कर रहे. हैं जिक्र कर रहे हैं आप दूसरे पक्ष का अब. इसको लेकर कई नजरिया होआ आता है एक आदमी. आप पर आरोप लगाएगा कि महाराज जी फिर आप. प्रत्यक्ष तौर पर सियासत में क्यों नहीं आ. गए एक आरोप लाया कि हमने अपने वालों को. ठीक नहीं कर दिया आपके पास हिंदू धर्म में. ठीक करने के लिए 50 चीजें हैं आप उसको ठीक. कर दीजिए तो ये सवाल बार-बार उठता है कि. देखिए राजनीत बिन धन बन धर्मा. हरी सर्प बिनु सत कर्मा जो राजनीति धर्म.
के बिना आगे बढ़ती है ना वो विनाश करती है. क्या करती है. विनाश इफ यू डोंट बिलीव माय. वर्ड्स तो आप पीछे. जाइए हुआ क्या आजादी जब मिली तो हमने धर्म. के बिना देश को आगे बढ़ाना चाहा कहां. पहुंच गए. हम हमारे भारत में क्या बिना धर्म के. सत्ता चल सकती है. भारत में चल सकती है राम जी के गुरुजी.
कृष्ण जी के गुरुजी इतिहास में जितने भी. अच्छे राजा हुए उन सबके गुरुजी सदन में. बैठे हुए हैं सदन में बैठे हुए और राजा. गलत करता है तो कहते दिस इज रंग और राजा. अच्छा करता है तो दिस इ राइट विपत्ति आ गई. तो राजा यह करो इससे तुम्हारा संकट कट. जाएगा व गुरु सत्ता भोगने के लिए नहीं है. वहां वो गुरु जो है वो मार्ग दिखाने के. लिए है वहा सदन में मैंने तो अभी टीवी. चैनल पे कहा था कि कम से कम 50 55. धर्माचार्य जाने चाहिए सदन में मैंने खुद.
नहीं कहा ये बात लेकिन उनके भी तो अपने. अलग-अलग वक्तव्य हैं जैसे अ एक शंकराचार्य. जी. हैं वो आप लोग जो कहते हैं उससे बिल्कुल. विपरीत कहते हैं अब पद उनका भी बड़ा है. बहुत बड़ा है बहुत बड़ा पद उनका है जी अ. जिस पॉलिटिकल पार्टी पर आपने कटाक्ष किया. उनके नेताओं को अक्सर व उनके बयानों को. समर्थन देते नजर आते हैं व इतने बड़े पद. पर बैठ व्यक्ति जो शंकराचार्य है अगर वो. आपकी बात से इत्तफाक नहीं रख रहा तो हिंदू.
धर्म में लड़के पूछते हैं कि हम तो नीचे. से बैठ के देख रहे हैं हमारे लिए आप भी. पूजनीय हैं वोह महा पूजनीय है हम कैसे. चुने कि आप सही या वो गलत देखिए मैं सिर्फ. एक बात. कहूंगा वो शंकराचार्य के पद प और मैं. कथावाचक हूं मेरी औकात तिल के बराबर भी. नहीं उनके आगे मैं उनके वक्तव्य पर कोई. बात नहीं कर सकते हम मैं जो बोलूंगा यही. बात मैंने राम मंदिर के समय कही थी काफी. लोग कह शंकराचार्य कह रहे ये कह रहे तो. मेरी क्या औकात है मैं उनके ऊपर बोलू पर.
मैं इतना मानता हूं कि मैं अगर अपने देश. धर्म और संस्कृति की बात कर रहा हूं तो. मुझे एनीहाउ अपने देश की सुरक्षा की बात. धर्म की सुरक्षा की बात करनी ही है और वो. जो धर्माचार्य जाए वो ऐसे जाए जो मेरे देश. को दिशा दिखाए एक अच्छी दिशा दिखाए उस देश. में जिस देश में हमारी आने वाली पीढ़ी. सुरक्षित हो आज क्या हो रहा है कॉलेजों. में हमारे स्कूलों में हमारे क्या हो रहा. है आज यही भारत का. भविष्य यही देखना चाह रहे थे भारत.
को शर्म आती है कभी-कभी बोल बोला नहीं जा. सकता ऐसा जैसा हो रहा है वहां पर और हम सब. जानते हैं जितने भी लोग सुन रहे हैं ना. अभी हो सकता है कई लोग गालिया भी देना. शुरू कर दे इस विषय पर लेकिन जानते वो भी. है कि गलत हो रहा है तो भारत को भारत. बनाया जाए भारत को यूरोप मत बनाओ भारत को. इंग्लैंड मत बनाओ भारत को अमेरिका मत बनाओ. भारत को भारत बनाओ तब है भारत कना. यह बहुत जरूरी है धर्म बड़ा या देश मेरी.
दृष्टि से देश दोबारा पूछिए क्या पूछा. धर्म बड़ा या देश या. संविधान अब देखो फिर बढ़ा दिया कदम आपने. मेरी दृष्टि में सबसे बड़ा है धर्म. संविधान से बढ़कर सबसे बढ़कर. धर्म संविधान में वह सारी चीजें हैं जो. हमारे देश को चलाने के लिए कंपलसरी है. लेकिन धर्म क्या है इन सब चीजों को समझ. देश तब बचेगा जब धर्म बचेगा धर्म क्या है.
धर्म सिर्फ तिलक लगाना धर्म नहीं. है मंदिर जाना धर्म नहीं है आप सत्य बोलिए. यह धर्म ब जैसे मैं मैं आपको बता रहा हूं. ये सब पर लागू होगा यह जो धर्म में बता. रहा हूं जिसे सनातन धर्म कहते हैं मैंने. कहा कि धर्म कहता है धर्म न दूसर सत्य. समाना आप सत्य बोलो आप चुनाव लड़ने जा रहे. हो. सब लीडर सत्य बोलते हैं नहीं तो सत्य बोलो.
धार आप जातिगत जनगणना करने की बजाय आप यह. कहो कि जब हम सत्ता में आएंगे तो हम फ्री. में तुम्हें कुछ नहीं देंगे लेकिन तुम्हें. तुम्हारे बच्चों को ऐसी एजुकेशन देंगे कि. तुम्हें फरी पाने कुछ इच्छा नहीं बचेगी और. अगर बुजुर्ग कोई बीमार पड़ जाएगा तो हम. तुम्हें हेल्थ वाइज मेडिकल सिस्टम. हॉस्पिटल में फ्री में तुम्हे सुविधा. देंगे सेवा करेंगे क्यों. विद्या प्राप्त कराना भी सेवा है और.
बुजुर्ग बीमार की सेवा करना भी उसकी दवा. या रोग की इलाज कराना भी यह क्या है यह भी. सेवा है तो आप उनको क हम आपकी सेवा. करेंगे आप सत्य बोलिए करप्शन. करप्शन हमारा धर्म कहता है कि किसी का हक. मत चीनो यह धर्म है मानव धर्म है आप किसी. का हक मत नो अधिकार मत चीनो महाराज जी. धर्म तो कोई भी धर्म होगा वो गलत बात नहीं. सिखाता जो असली वा वाली बात होगी और सबकी. मोटी मटी एक तरह की आती है कि समाज कल्याण.
करो गलत मत करो यह मत करो फिर अगर कोई. मुस्लिम व्यक्ति कहता है कि मेरे लिए धर्म. पहले कई बार तो हमारे यहां से कई लोग आरोप. लगाते हैं और जो भारत के संविधान का. स्ट्रक्चर था वो इसीलिए था ताकि अलग-अलग. धर्म के जो लोग हैं वो एक जगह जाकर यूनाइट. हो जाए जो भारत का संविधान है तो अगर मैं. शुभंकर मिश्रा होकर हिंदू धर्म पे जाऊंगा. कि धर्म पहले कोई हो सकता है मुसलमान जाए. उसपे सिख अपना लेके जाएगा क्रिश्चन अपना. जाएगा पारसी अपना जैन अपना और जितने होंगे. वो अपने तो तो फिर एक हो ही नहीं पाएंगे. सबके अलग-अलग रीजन होंगे सुभंकर जी एक.
बहुत अच्छी बात आपने कह दी अब इस पर जवाब. सुन लो अगर ईमानदारी से धर्म वही सिखाता. है जिसे मैं कह रहा. हूं जिसे मेरा सनातन सिखाता है कि यह धर्म. है और अगर उनका धर्म भी वही सिखाता है इस. देश को कभी खतरा नहीं हो सकता वह करें तो. सही फॉलो उस धर्म. को करके दिखाएं इस देश को कभी खतरा नहीं. होगा खतरा ही तब है जब हम अधर्मी बन जाए. और जब अधर्मी बन जाते हैं जिस देश में.
अधर्मी लोग रहते होंगे उस देश को कोई. सुरक्षित नहीं रख सकता कोई भी नहीं जिस. देश में धर्मात्मा लोग रहते होंगे उस देश. को कोई खतरा ही. नहीं अधिकार मत. चीनो किसी की परा स्त्री पर नजर मत डालो. किसी की बहन बेटी पर ऐसी कुदृष्टि मत डालो. यह धर्म है आपका मानव धर्म है य अगर यह. सिखाता है सभी का धर्म तो फॉलो. करें अच्छा एक और बीच ब चला है कई सारे. धर्माचार्य ने कथावाचक ने कहा कि हिंदू. ज्यादा बच्चे पैदा करें हम चार बच्चे पांच.
बच्चे पैदा करो हमने भी कहा हां कि सनातन. धर्म बचाना है तो पांच बच्चे पैदा करो अब. सरकार कह रही कि पॉपुलेशन कंट्रोल बिल. लाने वाले हम है आप कह रहे हो पांच बच्चा. पैदा करो आदमी कह रहा है एक का तो खर्चा. पानी निकल नहीं रहा इतना मुश्किल हो रहा. है समाज. में तो कितने करें ये आपसे पूछ र पांच. बच्चे के पीछे लॉजिक क्या था आपका मेरे. चार के पीछे था हां चार मैंने कहा चार. बच्चे खिलाओ क्यों खिलाओ हमारे चार. पुरुषार्थ है अर्थ धर्म काम मोक्ष. हम चार अब दो बातें हैं हमने बात दो दो.
चीज के लिए कही एक तो आपको यह भी बता दें. सुभंकर जी जनसंख्या नियंत्रण पे हमने. याचिका डाली हुई सुप्रीम कोर्ट में हम. हमने डाली. हुई और जब तक उस परे कानून नहीं बन जाता. तब तक. चार क्यों यह. देश तभी तक सुरक्षित है जब तक हिंदू बहु. संख्या. में और यह कड़वा सच बोल रहा हूं मैं. अगर आप बिलीव नहीं करेंगे तो मैं उदाहरण. पकड़ा दूंगा और आपको मानना पड़ेगा उदाहरण.
दीजिए आप उदाहरण दीजिए दर्शक बहुत लोग. होंगे शायद आप बिलीव ना करें नहीं ना करें. तो मैं उदाहरण दे रहा हूं फिर उनको जवाब. दे मुझे कि मैंने गलत बोला है कि सही बोला. है और दिल पर हाथ रख के अपने ईश्वर को जिस. रूप में मानते हो उसको मान के सही जवाब. देना ऐसा ही नहीं कि देवकी नंदन ने जो कहा. है मुझे विरोधी करना है ना थिंक फॉर अ. वाइल देन यू कैन टाइप एनीथिंग ठीक पहला. अफगानिस्तान में आप कितने रहे ग एक दो परट. क्यों रह.
गए पाकिस्तान में कितने रह गए बांग्लादेश. में अभी क्या हुआ कश्मीर में क्या हुआ बंग. बंगाल में क्या हुआ क्यों हुआ क्योंकि आप. कम हो. व और यहां कोई ऐसा उदंग भारत में क्यों. नहीं है क्योंकि य आप बहु संख्या. में जहां हम बहु संख्या में होता है वहां. भाईचारा होता है और जहां हम कम संख्या में. होते हैं वहां हिंदू बेचारा होता है वहां. हिंदू सिर्फ चारा होता है तो आप यह देखने.
के बाद भी आपके अड़ोस पड़ोस में य सब घटना. होने के बावजूद भी अगर आप उसे नजर बंद कर. ले कि मैं नहीं दे सोचना नहीं चाहता तो मत. सोचो छोड़ दो अपनी आने वाली पीढ़ी को मरने. के लिए कु रिस्पांसिबल आप और मैं हम. रिस्पांसिबल है अपने आने वाली पीढ़ी को. मरने के लिए छोड़ के जाने में हम आप और. जिम्मेदार होंगे उसके अगर हम उन्हें बचा. ना चाहते हैं तो समझदार व्यक्ति उसी को. कहते हैं जो चारों तरफ घटनाएं घटी हो उनसे.
शिक्षा ले और शिक्षा लेक ऐसी व्यवस्था करे. जिससे हमारे बच्चे और देश और वो अन्य जो. भी लोग रह रहे हैं वो सब सुरक्षित रहे. हिंदू किसी को मारना नहीं चाहता हिंदू. भारत ने किसी पर आक्रमण नहीं किया है. लेकिन कोई भारत को मारना चाहे कोई आक्रमण. करना चाहे तो बट महाराज जी इसका एक दूसरा. पहलू भी आता है एक पहलू आता है जब आप. दुनिया देखते हैं आपने चार उदाहरण दिए. हमारे अड़ोस पड़ोस के अब एक पढ़ा लिखा. वर्ग जो दुनिया बाहर विदेश में पढ़ाई करके. आया वो क कहता है कि देखो इंग्लैंड में. ऋषु सुनक हिंदू होकर वहां का प्रधानमंत्री.
बन गया अच्छा बन गया कमला हैरिस हमारे. यहां भारतीय थी वो हो सकता है राष्ट्रपति. बन जाए हो सकता है ना बने वो अलग कहानी है. वो दुनिया के बड़े देश है अंग्रेजों ने दो. साल हुकूमत की अमेरिका सबसे पावरफुल देश. है जी वो कहते हैं कि जहां पर लोग धर्म से. ऊपर उठ गए उनका विकास ज्यादा हुआ उनके पास. लोग जाकर रह रहे हैं सारे अच्छे लोग वहां. पहुंचे हमारे भी साधु महात्मा आप लोग भी. जाते होंगे कथा करके आते होंगे करके आया. हूं वही मैं कह रहा हूं सब जाते रहते हैं. लेकिन जिन देशों का आपने जिक्र किया यह. पाकिस्तान बांग्लादेश अफगानिस्तान जो धर्म.
के चक्कर में पड़े वो बर्बाद हो गए ईरान. से लेकर सबकी हालत एकदम दुर्दशा हो गई तो. जो देश धर्म से ऊपर उठा उसका विकास हुआ है. जो धर्म में फंसा कि धर्म को ही बढ़ाओ वो. आपस में लड़ मर के खत्म हो ग खत्म हो ग अब. आप. बताइए यूरोप की इंग्लैंड की कंडीशन क्या. है आजकल परिस्थिति क्या है समस्या म व अलग. काहे की समस्या है किनकी समस्या है यूरोप. में क्या समस्या जर्मनी में क्या समस्या. फ्रांस में क्या समस्या है वह समस्या. किसकी दी हुई मेरी हिंदुओं.
की आप इस तथ्य को नहीं देखना चाहेंगे ऋषि. सोनक प्रधानमंत्री बन ग इट्स ओके ऋषि सोनक. ने बुरा क्या किया कोई बुरा नहीं किया वह. दोबारा वापस क्यों नहीं. आया ऋषि सोनक ने तो इंग्लैंड की बिगड़ी. हुई स्थिति को सुधारा वापस फिर भी नहीं. आया तो उनकी आबादी तय करेगी सर आबादी. किसकी इंग्लैंड वालों की वो कितने हैं आज. उनकी कंडीशन है क्या वहां भी देश में. इलाके बता सकता हूं जिस इलाके में पुलिस.
जाने से थरथर कांपती. है वहां भी जैसे आपके दिल्ली में भी कई. इलाकों में जाने से पुलिस थरथर कांपती है. समझ रहे हैं सर यह तथ्य भी है हमारे सामने. इस तथ्य को देखना में और जब भारत में. सनातन धर्म की चर्चा अगर हम लोग करेंगे ना. तो आप एक बात और निश्चित समझ लीजिए यहां. किसी को खतरा नहीं है सनातन के संरक्षण. में सब सुखी है अभी तक रह रहे 75 साल में. बताइए कहां पर किसके ऊपर आघात हो यहां. फारसी भी जो पूरी दुनिया से भगाए गए व.
यहां करर देखो रतन टाटा को कितना प्यार. मिला हमारे यहां एपी जी अब्दुल कलाम साहब. को कितना प्यार मिला हर एक आंख रोती है. उनके लिए क्यों रोती है क्योंकि वह सनातनी. आंख हम आतंकवादियों का समर्थन नहीं कर. सकते जो देशभक्त हैं जो देश को अपना कुछ. दे रहे हैं या ना भी दे कम से कम शांति दे. दें उनका समर्थन तो हमारा देश सनातन करता. ही. है इसमें कोई बुराई चलिए एक आगे बढ़ते जो. नई पीढ़ी के बाबा लोग आए हैं नई पीढ़ी में.
जो नए नए आप लोग तो थोड़ा सीनियर लेवल पर. आप लोग पहुंच गए ना सर जो नई पीढ़ी. कथावाचक निकल रहे हैं जिसमें बागेश्वर जी. हैं और भी कई सारे लोग नीचे आए हैं. अभी जिनका चल रहा है कई लोग को तो निकनेम. भी बन गया बिग बॉस तक पहुंच गए इन सारे. बाबाओं को आप कैसे देखते. हैं देखिए हम किसी को पर्सनल कुछ नहीं कह. सकते हम सिर्फ इतना कहेंगे. कि जिन जिनको सनातन में कार्य करना है वो.
सनातन का कार्य करते रहे लेकिन सिर्फ इतना. ध्यान रखें कि हमारे द्वारा सनातन आगे. बढ़ना चाहिए हमारे द्वारा सनातन पीछे ना. जाए और पीछे कैसे होता है सनातन वो थोड़ा. सा देखि आप हिचक रहे नहीं मैं हिचक इसलिए. रहा हूं क्योंकि वो सनातन का विषय है अगर. मैं एक शब्द भी ऐसा कह दूं लेकिन आपने एक. मंच पर कहा था क्या कहा था कि आजकल लोग. कथावाचक जो है वो जानबूझ के ऐसा मजाक वाला. वीडियो बनाते हैं. ऐसा बोलते हैं कि वायरल हो जाए जो अच्छे. बोलने वाले हैं इनके चक्कर में लोग उनको.
नहीं सुन पा रही मैंने आपका वीडियो सुना. नहीं मैंने बोला था और ऐसा बोला मैंने कुछ. चीजें सोच के वो भी मर्यादा में किसी का. नाम नहीं लिया मैंने हां मैं नाम तो मैंने. भी नहीं लिया मैंने किसी का नाम नहीं लिया. पहली आप एक बात बताइए आप एंकरिंग कर रहे. हैं. हां कितने लोगों को आपकी इससे आशा होगी. होगी बिल्कुल सही बात है और आप इस एंकरिंग. को मजाक में ले सकते हैं नहीं इसीलिए मैं. आपसे सारे कड़े सवाल नहीं पूछ रहा हूं. नहीं तभी मैं कह रहा हूं आप ले सकते हैं. नहीं नहीं ले सकते तो मैं तो मेरी पोस्ट. जो है धर्माचार्य की व्यासपीठ इस अब यहां.
तो नहीं लेकिन हम जहां बैठते हैं वो. व्यासपीठ होती है उसकी क्या मर्यादा हुई. बहुत ज्यादा उसके प्रति क्या. रिस्पांसिबिलिटी है मेरी कि उसकी मर्यादा. को बनाए रखा जाए कैसे रख रहा हूं. मैं ऐसा बन. जाऊं मैं किसी को पर्सनल नहीं कह रहा हूं. लेकिन मैं जिस पीठ पर बैठा हूं उसकी गरमा. बढ़ाने का कार्य मुझको करना है मेरा मतलब. सिर्फ उतना है ठीक बात कि मैं बढ़ाऊ उसे. व्यासपीठ पर बैठा हुआ आदमी जोकर नहीं हो.
सकता व्यासपीठ पर बैठे हुए आदमी पर मीम. नहीं बनने चाहिए जोक नहीं बनने चाहिए ऐसे. जोक ना बने जिससे एक व्यक्ति पर जोक नहीं. बनते ना सर वो व पूरे धर्म लाइन में आ. जाता उसमें सनातनी धर्म गुरु समझ गए मेरा. दर्द वो है मैं किसी के लिए पर्सनल बात. नहीं कर रहा हूं ऐसे अच्छे कार्य हम भी कर. सकते हैं ना ऐसे अच्छे कार्य करें जिस पर. अच्छाई पे मीम बने अच्छाई पे कहानियां बने.
अच्छाई प युवा सीखे अरे वाह महाराज ने. क्या बात बताई उसको आगे बढ़ाए ना हम लोग. तो आपको बिग बॉस जाने का मौका मिले आप. जाओगे क्या बोले अगर आपको बिग बॉस जाने का. मौका मिले जैसे अभी कहा गया कि बिग बॉस. में गए गीता बांटा हमने धर्म का प्रचार. प्रसार कर रहे थे बिग बॉस वालों की इतनी. औकात नहीं है कि देवकी नंदन को ऑफर भी कर. सके पूरा बिग बॉस आग खड़ा हो जाए तो देव. की रंदन ऐसी जगह नहीं जाएगा जगह से मेरे. सनातन का उपास उड़े और धर्म गुरु का उपास.
उड़े उनकी औकात नहीं कि मुझे ऑफर कर सके. मैं ऑलवेज ऐसे लोगों का बहिष्कार करता हूं. हमेशा उनकी निंदा करता हूं जिनके कारण. मेरी सनातन संस्कृति की उनका उपहास होता. हो उनकी निंदा होती. है किसी भी शो में आज तक मे जहां सनातन का. सम्मान होगा वहां तो हम जाए आपने बुलाया आ. गए कि नहीं आ गए आ गए आप कोई भी चैनल वाला. बुलाता है चले जाते हैं कि नहीं चले जाते. जाते आप लिए जाते सनातन की आवाज को बढ़ाने. के लिए अपना ना मान है ना सम्मान है जैसे.
एक लॉजिक दिया कि हम वहां गए अच्छी जगह तो. हर कोई जाता है हम उस जगह गए जहां अपमान. था वहां हमने सनातन का प्रचार प्रसार किया. लोगों को गीता दी सलमान खान के हाथ में. गीता. पकड़ाई उसके बाद क्या हो रहा उस बिग बॉस. में उसके बाद वहां क्या हो रहा. है. बताइए एक बेटियों को. मैं बोल नहीं सक रहा. हूं उस उस चीज को बढ़ाएंगे.
हम क्यों. बढ़ाए ठीक. अ बागेश्वर जी पे यकीन करते हैं चमत्कार. पे. आप देखो मैंने आज भी एक च नहीं ये सवाल भी. इसलिए पूछ दे र कि महाराज जी मेरी एक वजह. है हां कोई संत कुछ कहता है दूसरा उसका. खंडन कर देता है और मेरा आप काम मध्य बीच. वाली भूमिका हो गई है अब जैसे शंकराचार्य. जी की बात कर लू मैं मुक्तेश्वरा नंद जी. ने स्टेटमेंट दिया था कि अगर दुनिया में. कोई चमत्कार होता तो जोशी मठ एक पवित्र.
भूमि है वो धस रही थी उसको बचा लिया था अब. जोशी मठ को लेकर मेरी भावना भी है हम अ. बागेश्वर जी के जो प्रशंसक हैं उनको लेकर. भी मेरा उनके प्रति सम्मान है मेरा आप पे. भी सम्मान है अब मुझे यह समझ में आता है. कि मैं एक व्यक्ति हूं मैं आन को जो मैंने. शुरू में कहा कि हजारों करोड़ों लोग ऐसे. हैं जो उस लॉजिक को ढूंढ रहे हैं कि मैं. इनको सुनूं या उनको सुनूं भीड़ तो दोनों. के पास है आस्था दोनों में है लगाव भी. दोनों में है एक आप है जो आप कह रहे कि. मैं बोलूंगा नहीं उसमें क्योंकि दोनों. सनातन वाले हैं तो फिर ये तीन तरह से हम.
फंस रहे हैं ना महाराज जी ऑप्शन में इसका. एक तो रास्ता होना चाहिए क्लियर मैं एक. बात बताता हूं आपके मन में रोग है. हां तो संत महात्मा गुरु और गोविंद के पास. जाइए हम और अगर आपके तन में रोग है तो आप. डॉक्टर के पास जाइए हॉस्पिटल जाइए सही बात. है यही ना आप अगर डॉक्टर के पास जाएंगे तो. आपका तन स्वस्थ हो जाएगा लेकिन जब आप संत. और गुरुओं के पास जाएंगे तो आपका मन.
स्वस्थ हो जाएगा तो यह आपको डिसाइड करना. है कि बीमारी कहां. लगी बीमारी कहां है तन में कि मन में मन. में लगी है तो आप कथा में जाइए पुराणों की. कथा सुनिए मंदिर में जाइए चमत्कार की आशा. मत रखिए आपसे एक निवेदन मैं समाज से कर. दूं कि चमत्कार ठाकुर जी तभी करेंगे जब आप. उस लायक होंगे. ठाकुर जी ही चमत्कार.
करेंगे मैं और आप कितना चमत्कार कर सकते. हैं ठाकुर जी से बड़ा कोई चमत्कार नहीं कर. सकता तो मन परेशान है तो ठाकुर जी से. प्रार्थना करें बालाजी से प्रार्थना करें. हनुमान जी से प्रार्थना करें जिनम आपकी. निष्ठा उनसे प्रार्थना करें और तन अस्वस्थ. है तो तन में य चमत्कार की आशा ना करें कि. मैं कुछ मतलब फिर डॉक्टर के पास जाइ. डॉक्टर है ना उनके पास जाइए और रही बात आप. हमारे बागेश्वर वाले भैया की बात कर रहे. हैं तो वो भी कथा सुनाते हैं कथा सुने. आनंद ले क्या बुराई कथा तो सुननी चाहिए हम.
सबको आपने सुनी नहीं कथा कभी सोशल मीडिया. पर वीडियो में मैंने सुनी नहीं मैंने. सुनाई जरूर है सबसे पहले मैं ही गया था. वहां कथा करने और मैंने ही वहां हनुमान जी. को एक्चुअली कोरोना काल चल रहा था तो हमने. सोचा कि हनुमान जी को हम कथा सुनाएंगे तो. सबसे पहले कथा हम हीने. सुनाई हिंदू धर्म को जगाने की बात अक्सर. जगाने आए हैं कई लोग उसपे भी मम बनाते हैं. कि सुबह 6:00 बजे लाम लगा ले रहे हैं उठा.
दीजिएगा क्यों उठाना पड़ रहा है और आप लोग. क्या कदम उठा रहे हैं नहीं. देखिए सिर्फ. पे पोस्ट करने से.
[संगीत]. ऐसा नहीं है आप जब भी हम कहीं कथा कर अभी. भी मैं दिल्ली से आ रहा हूं दिल्ली में.
जितने लोग थे 90 पर लोगों ने यहां तिलक. लगा के रखा हुआ था कथा में आए होंगे ना. कथा में नहीं सिर्फ प्रवचन था प्रवचन नहीं. मीस जब दो ढाई महीने के बाद आए तो सभी. शिष्यों को मिलना था स्वागत समारोह था तो. ठीक है सब उनके दर्शन हमें हो गए इसवान तो. 90 पर लोगों के माथे प तलग था 20 साल से. लगभग हम इस मोहि में लगे हैं कि युवाओं के. माथे पर तिलक सर पर शिखा हाथ में कला और. तुलसी हो 20 साल से प्रचार कर रहे हैं और. टच.
बुट बहुत लोगों में. परिवर्तन बहुत लोगों में जो अभी यूएस में. अभी यूएस में था वहां तिलक शुरू हुआ तो. ऐसा नहीं है उठाने का मतलब है आप अपनी. संस्कृति की तरफ वापस चलिए माथे प तिलक. लगाइए सर पर शिखा रखिए माता-पिता का आदर. कीजिए कुछ अच्छा करिए कुछ अच्छा बोलिए और. ईश्वर की तरफ अपनी यात्रा जारी रखिए तो. अच्छा सवाल पूछ लेते हैं प्रेम क्या है. महाराज आप कृष्ण भक्ति में तो लीन है 6. साल की उम्र से हमने धर्म को बचाने की बात. कर ली अग्रेशन वाली बातें कर ली अब प्यार.
वाली बात करते हैं प्रेम क्या है कितनी. देर करोगे अब छोड़ो छोड़ रहे हैं प्रेम. क्या है इसी बस प्रेम प समापन कर देंगे. अरे वाह बहुत. सुंदर संसार प्रेम तो फरता है संसार प्रेम. में तो गिव एंड टेक सिस्टम है यू गिव मी. फ्लावर देन आई विल गिव यू फ्लावर यू गिव. मी योर टाइम आई विल गिव यू माय टाइम यह. प्रेम नहीं. यह तो एक जरूरत हो सकती है एक इच्छा हो. सकती है या एक मजबूरी भी हो सकती है गिव.
एंड टेक सिस्टम प्रेम का जो वास्तविक. स्वरूप है वास्तविक स्वरूप आप देखिए हमारे. ब्रज में कन्हैया के लिए कहा जाता है लाली. मेरे लाल की जित देखू तित. लाल लाली मेरे लाल की जित देखू तित लाल. लाल देखन मैं गई मैं भी हो गई. लाल जित देखत श्याम मई है मैं जिधर देखता. हूं उधर तू ही तू है नजर में भी तू है.
जिगर में भी तू है जिधर देखता हूं उधर तू. ही तू है एक और शब्द सुनिए ढूंढा तुझे. कहां नहीं पाया पता तेरा नहीं ढूंढा तुझे. कहां नहीं पाया पता तेरा नहीं जब पता तेरा. नहीं और अब पता मेरा. नहीं जब मैंने तुमसे प्रेम किया और. तुम्हारा दर्शन किया तो मैं अपनी शद भूल. गया मुझे यह याद नहीं है कि तुम तुम हो कि. मैं मैं हूं तुम कहीं ऐसा तो नहीं मैं हूं.
और मैं ही तुम हूं यह है प्रेम की परिभाषा. और प्रेम हमेशा देना चाहता है यह प्रेम हो. सकता है कि तुम मुझे नहीं मिली ते जा फेंक. दिया गोली मार ये प्रेम हैय प्रेम इसको. कहते हैं कि गोपियों ने कहा दे गोपियों की. बात बहुत. अच्छी साढ़े वर्ष कृष्णा रहे ब्रज में और. 113 वर्ष ष बृज में रहे तो जब गई कन्हैया. साढ़े वर्ष बाद.
गए कहां गए थे सबसे पहले मथुरा मथुरा. कितनी दूर है वृंदावन से 13 14 किलोमीटर. दूर कभी गोपी गई नहीं और एक भी क्षण ऐसा. नहीं था जिस दिन उनके लिए आंखों में आंसू. ना हो रोती ना हो. हम तुम्हें विवस नहीं करेंगी तुम्हें. मजबूर नहीं करेंगे कि तुम हमारे पास आओ जब. फ्री हो तो आ जाना प्रेम में ब्रेकअप तो. नहीं होता ना नो ब्रेकअप यह थोड़ी है छोड़. छाड़ के मैंने मेकअप कर लिया और ब्रेकअप. कर लिया ये क्या ये ये कोई प्रेम है मैंने.
कहा ना वो जरूरत है कुछ मानसिक जरूरत है. कुछ हार्डली जरूरत कुछ शारीरिक जरूरत है. उनके लिए मनुष्य य प्रेम का नाटक करता है. प्रेम तो वास्तव हीर राजा चलो आजकल का ही. नाम ले दे मॉडर्न नाम ले लैला मजनू क्या. लैला मजनू यही है ना यही है ना तो इन सब. के बाद भी हम आपसे पूछ रहे कि मजनून लैला. से कुछ पाना चाहते. राजा ने हीर से कुछ पाना चाहा नहीं यर.
स्माइल तु मुस्कुराते रहो तुम्हें खुश देख. ले हम खुश है यही है प्रेम और गोपिया 100. साल प्रतीक्षा करती हैं कृष्ण की कभी नहीं. कहा कि तुम आ जाओ उद्धव आए थे समझाने के. लिए गोपियों यह सब छोड़ो योग योग करो कुछ. तो गोपियों ने कहा योग करने के लिए तो मन. चाहिए बोले तो कहां है मन बोले मन हमारा. तो हमारे पास है ही. नहीं तो बोले श्याम तन श्याम मन बोल सकता. हूं मैं हां हा अरे आप ही का. मंच श्याम तन श्याम मन श्याम ही हमारो धन.
आठो याम उध में श्याम ही सु काम है श्याम. ही श्याम जी श्याम बिन नायती है आधे की सी. लाकड़ा नाम श्याम है श्याम गति श्याम मति. श्याम ही है प्राण पति श्याम सुखदाई सो. भलाई सोवा धाम है धोरे तुम भए बोरे जो. पाती लेकर आए दौरे योग कहां राख यहां तो. रोम रोम श्याम. है हमारे रोम रोम में श्याम बसा है तो. जिनको कह रहे हो मथुरा या कहीं है वो. हमारे रोम रोम में है यह है.
प्रेम प्रेम जब अनंत हो. गया प्रेम जब अनंत हो गया रोम रोम संत हो. गया देवालय बन गया बदन संत तो महंत हो. गया ये है गौ प्रेम प आखिरी सवाल पूछ दे. रहा हूं मैं क्योंकि गाय हमारी रह गई गाय. हमारी माता है गाय की हत्या भी आजकल हो. रही है उसको लेकर बड़े रिएक्शंस भी आ रहे. हैं एक हीरोइन ने भी अभी कह दिया साईं. पल्लवी ने कि कश्मीर में नरस. और गौ सेवा के नाम पर हत्या एक होता है एक. ही उसको एक बराबरी में रख दिया.
उन्होंने गाय के लिए इंसान का कत्ल जायज. है या और जो हीरोइन ने कहा साउथ वाली नहीं. मैं दोबारा बोलू क्या कह रहे हैं साउथ के. एक हीरोइन है साई पल्लवी वो रामायण फिल्म. आ रही है उसम माता सीता का किरदार निभाने. वाली है ये भी मैं आपके विषय में डाल दे. रहा हूं कल हमने एक स्टोरी की उन्होंने. कहा कि गौ सेवा. में भावुक होकर अगर आप किसी व्यक्ति की. हत्या कर दे रहे हैं तोव वैसा ही है जैसे. कश्मीर में हिंदुओं का संघार हुआ. था ऐसे वो लोग हैं जो.
हत्या करने का अधिकार किसने दिया. आपको जिसे हम मां कहते.
हैं उस बच्ची के लिए हम बता दें अभी हम एक. उसमें थे प्रोग्राम में चैनल के प्रोग्राम. में उसमें एक मौलवी जी आए थे हम उ मौलवी. जी ने कहा था कि मैं सबसे कहूंगा कि गौ. हत्या नहीं होनी चाहिए क्योंकि हिंदू लोग. इसे मां मानते हैं तो वो जिस हीरोइन का. नाम ले रहे हैं ना आप वो उन मौलवी से भी. गई गुजरी है फिर तो मौलवी जी फिर भी अच्छे. हैं हमारे लिए तो गौ की हत्या उन्होंने. कहा कि हिंसा की परिभाषा एक ही होती है. जैसे गाय के नाम पर इंसानों को मार द या. जैसे कश्मीर में नरस हुआ था अच्छा अच्छा.
हम बता हम पूछते हैं अगर उसी हीरोइन के. सामने उनके मां-बाप को कोई मारने आ जाए. क्या. करेंगे क्या करेंगे व उनके सामने उनके मां. बाप को कोई मार रहा है व्ट इ योर. रिस्पांसिबिलिटी खड़ी होकर कहेंगे मार दो. क्योंकि मैं तो हिंसा नहीं. करूंगी उनसे जब आ जाए या कोई हो जाए जवाब. जरूर मंगवा लीजिएगा वही मेरा आंसर हो च. उसे पूछ लेे लेकिन ये जो अक्सर होता है कि. गौ वंश के शक में हत्या कर दी गई एक दो.
जगह अभी निकला भी था कि गौवंश नहीं निकला. बाद में उ मीट भी कई जगह निकलता भी है. अधिकतर केसेस में निकलता भी है मैं ऐसे. लोगों को भी जानता हूं जिनके ऊपर से ट्रक. चढ़ा दिया गया हां जो गौ की रक्षा करने गए. थे उस ट्रक में गौ थी और वो गौ उस ट्रक को. रुकवाने के लिए गए थे और वो उनके ऊपर. क्योंकि रोकना नहीं है ट्रक तो उनके सर के. ऊपर से ट्रक चढ़ाया गया मैं ऐसे लोगों को. भी जानता हूं तो आपके माध्यम से मैं सिर्फ. इतना कहूंगा किसी भी कीमत में गौ हत्या. जायज नहीं. है हम उसे मां मानते और मां साधारण नहीं.
मानते 33 कोटि देवी देवता उसमें वास करते. हैं यह पृथ्वी भी जहां जाती है ना चलके वो. गौ रूप धारण करके चलती है आप उस गौ की. हत्या कर रहे हैं उसने बेचारे बिगाड़ा. क्या आपका तो सबसे पहले तो हमें गौ हत्या. से ही दूरियां बनानी चाहिए और गौ हत्या. बंद होनी चाहिए इस देश में और जब तक धरती. पर गौ का रक्त गिरता रहेगा तब तक इस देश. में अशांति बनी रहेगी ये लिखते रहे. अने शार शार में कई बड़ी बातें कह दी जी. राम रखवारे आप देखिएगा हम राजा राम के.
वहां से आप कृष्ण जी के यहां से गुड लक. क्या हम कुछ अच्छा कर पाए और आपके सभी. व्यूवर्स को मेरा प्यार भरा राधे राधे आप. सुभंकर मिश्रा को ऐसे ही प्यार देते. रहिएगा ये शुभ तो है ही शंकर भी हैं और. फिर मिश्रा जी का तो कहना ही क्या है तो. बहुत अच्छा कार्य कर रहे हैं और हैंडसम भी. है वाइट कलर है ब्लैक ड्रेस पहनते तो हम. भगवान से प्रार्थना करते हैं यह दीर्घायु. रहे और ऐसे ही डे बाय डे बढ़ते रहे और.
ईश्वर कृपा करें यह और इनका आने वाला वंश. भी इसी सनातन कार्य को और शुभ कार्यों को. आगे बढ़ाता रहे गॉड ब्लेस यू जय श्री राम. ज राधे श्याम.
