Unplugged FT. Deepak Sharma | Tihar | Arvind Kejriwal | Elvish | Sukesh-Jacqueline| Life.
डरते हैं बीवी से. आप तिहाड़ इतना फेमस क्यों है ये लॉरेंस. विश्णो का इंटरव्यू कैसे वारल हु पंजाब से. सेकंड टाइम फिर उसने दावा किया कि वो. तिहार से इंटरव्यू कर रहा है उसके लिए हम. बैठे हैं ऐसा नहीं है लनेस बिश्नोई को डर. लगता है पुलिस वालों से आप जैसे लोगों से. अंदर लॉरेंस बिष्णु इतना फेमस क्यों गया. लॉरेंस बिष्णु ने जिम्मेदारी लेी घटना हुई. नहीं 10 मिनट में जिम्मेदारी ले ली तो ये. जो आदमी जेल के अंदर बैठा वो इतनी. जिम्मेदारी कैसे ले लेता है और अगर वो. जिम्मेदारी ले रहा है तो जो जेलर साहब है. वो कौन जिम्मेदारी ले रहे हैं ये आरोप. बहुत इजी है हर चीज पर पुलिस वा हम आरोप.
लगाते हैं ये पुलिस वाले ने ठुल्ला है. ठुल्ले इधर या ठुल्ले से बच के रहना ये सब. कभी फेस किया आपने ऑफेंड करती है चीजें. आपको जब कोई ठुल्ला कह देता है इतना तो. नहीं कोई सामने से आके बोल दे सत्येंद्र. जैन जी वही थे सत्येंद्र जैन जी हां सात. नंबर जेल में उनका एक वीडियो बड़ा वायरल. हुता है मसाज वाला तो ये स्पेशल परमिशन के. थ्रू होता है या अंदर मंत्री जुगाड़ लग. जाता है सुकेश को आप जानते हैं मिले आप. उससे अंदर मेरे को स्पेशली. अपॉइंट्स देखी थी जो सोशल मीडिया पर बड़ी. वायरल हुई केजरीवाल जी वाला केस हुआ इसमें.
में भी उसने अपना एक तो इतना अच्छा पीआर. कैसे मेंटेन हुआ था तिहाड़ के अंदर से ये. सोशल मीडिया बाहर बड़ी चलर था कि इसको. जैकलिन कैसे मिल गई आपने सही कहा दिल्ली. सरकार के कई मंत्री जेल में ये सब भी. तिहाड़ में ही है हां धीरे-धीरे वहीं. आएंगे जी अब अरविंद केजरीवाल भारत के पहले. मुख्यमंत्री हैं जो मुख्यमंत्री रहते. गिरफ्तार हुए जी अरविंद केजरीवाल मनीष. सिसौदिया सत्यंद्र जैन इनके साथ भी तिहार. जेल के अंदर एक आम कैदी की तरह बर्ताव. होगा या इनके लिए कुछ स्पेशल प्रिविलेज. होते हैं अरविंद केजरीवाल मनी सस अपनी.
प्लेट साफ करेंगे अपना वॉशरूम साफ करते. हैं यूज भी उन्हें करना है साफ भी उन्हें. कर चिल्लू ताजपुरिया का मर्डर हुआ अब इस. घटना ने तिहार को एक्सपोज कर दिया था पूरा. आप आप इतनी देर से मुझसे कह रहे हैं कि. तिहाड़ में इतनी सिक्योरिटी है ये है वो. है सरे आम मारा गया और पुलिस वाले हमने. देखा पीछे भागते नजर आए ये तो बिना इंटरनल. इवॉल्वमेंट के पॉसिबल ही नहीं है चाकू. वाकू कैसे अंदर आ गया यही तो मेन क्वेश्चन. है कि दीपक शर्मा जी एक तरफ लॉरेंस. बिश्नोई का जिक्र कर रहे हैं सुकेश. चंद्रशेखर का जिक्र कर रहे हैं छोटा राजन. की बात आ रही है निर भैया के दोषियों को.
फांसी दिलवा रहे हैं टिल्लू ताजपुरिया का. जिक्र हो रहा है फिर हम देखते हैं कि. एलविश और मैक्सन की लड़ाई में थप्पड़ काट. भी सुलझा रहे एलविश यादव से मिले आप अगर. एलविश बेकसूर था तो तो फिर उन पुलिस वालों. पर कारवाई होनी चाहिए जिन्होंने उसको. एनडीपीएस लगाया जेल भिजवा दिया और अगर वह. बेकसूर नहीं था तो फिर या तो कहीं एक्सनल. दबाव आया दीपक शर्मा जी को किसी ने रिश्वत. दी आपने एप्पल वश पहनी है बढ़िया चश्मा. लगा रखा है डोले शोले बने प्रोटीन भी जाता. होगा आपने बताया आपके क के अधिकारी के लिए.
अपने आप को मेंटेन करना आसानी से हो जाता. है बिना आपकी एक्सटर्नल फैमिली के सपोर्ट. लिए नहीं है एक पुलिस वाले को कितनी. छुट्टी मिलती है कितने वर्किंग आर होते. हैं आपके वर्किंग आवर्स तो बिल्कुल. अनसर्टेन है ये स्टीरियोटाइप क्यों बन गया. कि पुलिस हमेशा लेट आती है पुलिस के पास. जाओगे तो पैसा मांगेगा पैसा देके काम. चलाएगा दोस्ती अच्छी नहीं ये जो स्टीरियो. टाइप बना डिस्पाइना मेहनत करते हैं. त्यौहार आप लोग अपना छोड़कर हमारे लिए काम. करते हैं आपके चलते हम सेफ होते हैं फिर. ये स्टीरियोटाइप क्यों है सड़क प आप राम. का नाम लेते हुए जाइए आपको कोई नहीं.
सुनेगा आप सड़क पर. अब्यूड़ोस. को जिनको फांसी दी गई थी हैंग टिल डेथ. होता है जी ऐसा नहीं होता कि अगर आप बच गए. उस टाइम कुछ सेकंड तो आप सरवाइव कर जाए. हमारी फांसी कोठी में इससे पहले सिर्फ दो.
तक्ते थे डर में क्लियर मेंशन था कि चारों. को एक साथ और जब वो हैंग हुए तो जैसे पैर. ऐसे बंधे होते हैं तो उनके व पैर इस तरीके. से आगे से व मूव कर रहे थे एक दो मिनट वो. हुए फिर वो धीरे धीरे धीरे डाउन होते चले. गए हिंदी फिल्मों में अक्सर आपने पुलिस. वालों को सिंघम या दबंग के अवतार में देखा. हो लेकिन रियल लाइफ में कई बार लोग इसी. बात का मजाक उते कि देखो भाई फलनवा पुलिस.
वाले की तोंद निकली है लेकिन आज जिस पुलिस. वाले से हम आपको मिलाने वाले हैं उन्हें. तिहाड़ का सिंगम कहा जाता है नाम है दीपक. शर्मा जी दीपक जी आपका बहुत-बहुत स्वागत. है और मेरे जहन में सोशल मीडिया पर आपको. देखकर हमेशा यह ख्याल आता है कि पुलिस की. छवि बड़ी अच्छी नहीं है भारत प फौजी. गुजरता है तो हमारा हाथ सलूट करने प आता. है पुलिस वाला गुजरता है तो अक्सर लोग. कटाक्ष मार देते हैं या उनको लेकर एक. धारणा होती है कहते हैं कि भैया ना दोस्ती. अच्छी ना दुश्मनी फिर आप इन सबके बीच में.
इतने वायरल कैसे हैं इतने पॉपुलर कैसे हैं. और आपको इतना दुनिया से प्यार कैसे मिल. रहा है देखिए आपने बिल्कुल ठीक कहा कि एक. थोड़ा सा एक स्टीरियोटाइप है कि ना दोस्ती. अच्छी ना दुश्मनी अच्छी पर चीजें हैं बदल. रही हैं बहुत से डिपार्टमेंट की तरफ से भी. अब जो नई भर्तियां है. एजुकेटेड ऑफिसर्स भर्ती हो रहे हैं फिटनेस. की अभी आप बात कर रहे थे कि तोन निकली. होती है तो ऐसा नहीं है अब.
फिटनेस की तरफ भी ध्यान दे रहे हैं और. मुझे जो पर्सनल मेरे को लगता है जो पुलिस. वाले अगर कोई एक कॉमन सिटीजन है जी जो. अपनी जगह ठीक है उसको अपने राइट्स पता है. ड्यूटीज पता है तो वो जो पुलिस का रोल है. वो अकॉर्डिंग उन चीजों को समझता है और अगर. आप अनड्यू फेवर आप चाह रहे हैं और अधिकारी. आपका अनड्यू फेवर नहीं कर रहा तो इस तरह. के स्टीरियोटाइप सुनने को मिलते हैं. दोस्ती अच्छी नहीं दुश्मनी अच्छी नहीं.
इसका बड़ा अच्छा सा एग्जांपल अभी कोरोना. पेंडम में देखा हमने जी फैमिलीज में हर. जगह इतनी कैजुअल्टीज थी बाप बेटे को बेटा. नहीं समझ रहा बेटा बाप को नहीं समझ रहा उस. टाइम पर काम करने वाले पुलिस वाले ही थे. हम हम भी थे आप भी थे तो क्या पुलिस वालों. को कोरोना नहीं होता होता है बिल्कुल सही. बात है तो लेकिन जिन डेड बॉडीज को किसी ने. नहीं उठाया किसी ने अपनी जिम्मेदारी नहीं. समझी तो पुलिस वहां पर भी मौजूद थी पुलिस. वालों की जान भी गई हमें उनका एहसान नहीं.
मानना चाहिए कि वो लगातार ड्यूटी कर रहे. थे एसेंशियल चीजों में वो जो लिमिटेड लोग. थे उसमें आपके डिपार्टमेंट भी थी इसीलिए. मेरे मन में सर सवाल आ रहा कि फिर ये. स्टीरियोटाइप क्यों बन गया कि पुलिस हमेशा. लेट आती है पुलिस के पास जाओगे तो पैसा. मांगेगा पैसा दे काम चलाएगा दोस्ती अच्छी. नहीं ये जो स्टीरियोटाइप बना डिस्पाइना. मेहनत करते हैं त्यौहार आप लोग अपना. छोड़कर हमारे लिए काम करते हैं आपके चलते. हम सेफ होते हैं फिर ये स्टीरियोटाइप. क्यों है देखिए ये सरका जम है और मेरे को. ऐसा लगता है कि हमारा जो माइंड है वो.
नेगेटिव चीजों को बहुत जल्दी कैच करता है. अब एक बड़ा छोटा सा एग्जांपल है आप सड़क. पर आप जाइए सड़क पर आप राम का नाम लेते. हुए जाइए आपको कोई नहीं सुनेगा कि राम का. नाम ले रहा है आप सड़क पर अब्यूड़ोस. ज्यादा कुछ नहीं है और जहां तक पुलिसिंग.
की बात है अभी सौम्या विश्वनाथन केस जिगिश. मर्डर केस यह दोनों यह पत्रकार का केस था. यह आपको बहुत बेहतर पता होगा तो बिल्कुल. ब्लाइंड केस था जो पुलिस ने अपनी वर्किंग. की टायर के निशानों से छ महीने पुराने केस. को खोला तो ऐसा नहीं है मेहनत करते हैं. बहुत सिंसियर अधिकारी हैं अपने तरीके से. काम भी करते हैं बटला उस एनकाउंटर में. हमारे एक इंस्पेक्टर शहीद हुए हुए बहुत से.
ऐसे इंसिडेंट है उस ऑपरेशन को जिसने लीड. किया था उनकी वाइफ हमारी इंडस्ट्री में है. जी तो प्रॉस एंड कॉन्स दोनों हैं पर ये एक. हमारी मेंटालिटी है माइंडसेट है हम. नेगेटिव चीजों को शॉर्टकट्स को इन चीजों. को थोड़ा ये कैची लगते हैं तो इनकी तरफ हम. थोड़ा सा ज्यादा ध्यान देते हैं अच्छा. आपकी तरफ लोग इसलिए भी ध्यान देते हैं. क्योंकि आपकी बॉडी शॉटी जो है वो बड़ी. हैवी है मतलब वो जो सलमान खान डोला शोला. बना के आते हैं सनी देवल दिखाई जो फिल्मों. वाले पुलिस वाले होते हैं आपकी पर्सनालिटी. थोड़ी वैसी है चाहे पर देखो या वैसे तो यह.
आपने सोचा था आपका मन था या आप इस. इंटरेस्ट में थे आपका प्राइमरी इंटरेस्ट. क्या था पुलिस की नौकरी करना या बॉडी. बनाना कैसे क्या था मेरा प्राइमरी. इंटरेस्ट बिल्कुल नहीं था मैं एट द एज ऑफ. 21 गवर्नमेंट सेक्टर में मैं आया पिताजी. की वजह से नहीं मेरे फादर साहब गवर्नमेंट. ऑफिशियल थे पर वो डेस के अंदर थे. इलेक्ट्रिक बोर्ड के अंदर और जो मैंने जिम. अपना शुरू किया वो एस द एज ऑफ 27 मैंने. शुरू किया और नौकरी पुलिस की 21 की ज में.
तो पुलिस की नौकरी क्या सोच के शुरू किया. आपने देखिए यह तो अपना एक अंदर का सिर्फ. पुलिस की नौकरी नहीं इससे पहले जब मैं. कॉलेज में था एट द एज ऑफ 18 साढ़े साल की. एज में रामजस से मैंने ग्रेजुएशन की फाइनल. ईयर में मेरा सिलेक्शन होता है इंडियन. एयरफोर्स अब मैं स्टूडियस था फैमिली को भी. पूरा भरोसा था मुझे खुद पर भी भरोसा था कि. हां मैं चीजों को बेहतर करूंगा उसके बाद. मेरा यूपीएससी से असिस्टेंट कमांडेंट का.
सिलेक्शन हुआ हम आईटीबीपी के अंदर और. दिल्ली के अंदर टीचर की पोस्टिंग मैंने. डाइट भी की हुई है हम तो दिल्ली में टीचर. का सिलेक्शन हुआ केंद्रीय विद्यालय में. टीचर का सिलेक्शन हुआ तो आपको कोई इमेजिन. करे अब कि आप पढ़ाने जा रहे हैं ऐसे डोलों. के साथ नहीं नहीं ये थ में से किताब ली. आपने जो ये जो बिल्ट है ये बिल्ट मैंने 2. 16 में मैं कहूंगा कि 2016 में यह बिल्ड. मैंने हासिल किया 2014 13 144 के अंदर अ. मैंने पहली बार जिम में कदम.
रखा मेरी जॉब 2009 में लग गई थी उस मैंने. कमांडो ट्रेनिंग की 2010 में मैं फील्ड पर. आया और जिम मैंने 2014 में मैंने शुरू. किया तो उस टाइम में बड़ा दुबला पतला 60. किलो का पतला सा लड़का था और अपने बॉडी. वेट को मैं लेकर गया 118 किलो तक. हम 2016 में फिर मैंने उसको कट डाउन किया. पहला कंपटीशन खेला मिस्टर दिल्ली हम उसम. मेरा पांचवा प्लेस पड़ा.
फिर थोड़ी और अच्छा एक मैं थोड़ा सा. कंसिस्टेंट रहता हूं चीजों को लेकर मिस्टर. दिल्ली के बाद फिर मैंने और मेहनत की कि. नहीं चीजों को और अच्छा करना है मिस्टर. यूपी मिस्टर हरियाणा इस तरह से मैं. धीरे-धीरे आगे बढ़ता रहा वाईएमसीए मिस्टर. इंडिया तो तकरीब स्टील मैन ऑफ इंडिया आयरन. मैन ऑफ इंडिया तो तकरीबन 18 से 20 मेडल. मैंने अपनी इस बॉडीबिल्डिंग जर्नी में. पिछले सात आ सालों में लिए और मैं पहला. ऐसा तिहाड़ का अधिकारी रहा जो तिहाड़ जेल.
को नेशनल गेम्स में लेकर गया और पिछले पाच. सालों से नेशनल चैंपियन हूं गोल्ड मेडल. सिल्वर ब्रोंज सभी मेडल मेरे पास हैं और. मुझे लगता है कि यहां एक फिटनेस ने इतनी. पहचान दी है इतना प्यार दिया लोगों का. आपके शो पर आया और भी मैं करता हूं. पॉडकास्ट हम तो अब तो यह एसेंशियल एक. पार्ट बन गया है रूटीन बन गया है मेरा और. कोशिश है कि मैं खुद भी फिट रहूं और दूसरे. लोगों को मोटिवेट करू ये तो चलिए शानदार.
बात हुई कि आपने 16 क्या फिटनेस किया आपकी. जॉब प्रोफाइल पर सूट करता है फिर ये सोशल. मीडिया कैसे शुरू हुआ आपका क्योंकि आप. सोशल मीडिया प काफी पॉपुलर है लाखों में. आपके फैन बेस हैं मिलियंस में आपको व्यूज. आते हैं तो ये कैसे शुरू हो गया आप देखिए. सोशल मीडिया शुरू मैंने नहीं किया यह शुरू. कराने वाले आप जैसे लोग ही थे 2020 में जब. निर्भया रेप केस के दोषियों को फांसी दी. गई तो मुझे स्पेशली पॉइंट किया गया मंडोली.
से मेरा ट्रांसफर तिहाड़ जेल किया तो. लोगों का बहुत प्यार मिला मेरे बारे में. बिना मुझे पता भी नहीं और मेरे बारे में. आर्टिकल छपने लगे लोग मेरे जो विजुअल्स है. फोटोस हैं वो डालने लगे सोशल मीडिया पर तो. मुझे मेरे दोस्त लोगों ने मेरे को एडवाइस. किया कि भाई जब बाहर से लोग इतना कर रहे. हैं तो आप अपना खुद से शुरू. करो तो मैंने हल्का सा सोशल मीडिया शुरू. किया उसे बहुत अच्छा सा रिस आया उसके बाद.
मेरे को साहिल खान ने अप्रोच किया अपनी. कंपनी के साथ जुड़ने के लिए फिटनेस ब्रांड. तो मुझे लगा कि बहुत अच्छा पॉजिटिव चांस. है मोटिवेट करने के लिए तो उनकी ब्रांड. डिवाइन न्यूट्रिशन का मैं एंबेसडर बना. उसके बाद मुझे बॉलीवुड से ऑफर आया इंडियाज. अल्टीमेट वारियर टीवी रियलिटी शो का तो. उसमें विद्युत जामवाल और अक्षय कुमार के. साथ काम करने का मौका मिला 202 दिन में. रहा उन लोगों के साथ तो इस तरह से मैं कभी.
इन चीजों से बाहर निकल ही नहीं पाया एक. अपॉर्चुनिटी के बाद दूसरी अपॉर्चुनिटी हां. मैं कंसिस्टेंट रहा अपने गोल्स को लेकर कि. आगे बढ़ना है और मैं हमेशा कहता हूं काम. करो नाम करो तो यह मेरी टैग लाइन है मैं. हमेशा अपनी पोस्ट में लिखता हूं शग यूज. करता हूं तो बस इन्हीं चीजों को लेके मैं. एक प्रोजेक्ट से निकलता हूं इतने कोई. दूसरा प्रपोजल आ जाता है तो य पर मेरे मन. सवाल आता जैसे मैं आईएस अभिषेक का. इंटरव्यू कर रहा था तो मैंने उनसे पूछा कि. आपका अर्निंग का सोर्स क्या है तो. उन्होंने कहा सिर्फ जो मेरे को वहां नौकरी.
से पैसा आता है तो मैंने कहा क्यों आपके. तो अच्छे खासे मिलियंस में फॉलोवर है. एंडोर्समेंट नहीं करते हो ही सेड अलाउड. नहीं है जी हमारी तो आप कह रहे हैं कि आप. साहिल खान के साथ उनके ब्रांड एंबेसडर बन. गए थे तो ये आपके प्रोफेशन वालों की आंख. नाख नहीं फूले कि यार यह तो ज्यादा पैसा. छाप रहा है नहीं जो अ नहीं अर्निंग मेरी. उनसे नहीं है अब जैसे देखिए मैं. फिटनेस एस्पायरेंट हूं तो मैं उनकी कंपनी. का ब्रांड एंबेसडर बना तो मेरे को जो. फिटनेस के लिए मेरे को प्रोटीन चाहिए.
बीसीए चाहिए प्री वर्कआउट चाहिए जो मेरी. डाइट चाहिए जो तकरीबन 8 से 100 हजार का. मेरा खर्चा है तो वो मेरे को मार्केट से. ना खरीद कर उन लोगों ने अपनी तरफ से मेरे. को देना शुरू किया कि आपको कुछ नहीं करना. आपको सिर्फ हमारे ब्रांड के साथ रहना है. तो पहले मैंने अच्छे से उन चीजों को टेस्ट. किया देखा कि एक्चुअल में यह चीजें सही है. मैं मोटिवेट अगर कर रहा हूं दूसरे लोगों. को तो क्या मैं सही कर रहा हूं और इसके. लिए आपने ऑफिसर से बात की हां ऑफिसर से.
बात की पूरी ड्यू दे लाइक एन की ठीक है. हां पूरी परमिशन लेकर एक अच्छा कंटेंट. मैंने बनाया मेरे ऑफिसर्स को भी पता है. सभी को पता है सोशल मीडिया प आप सभी लोग. देखते भी हैं. हम तो ऐसा नहीं है कि वो उन लोगों ने पे. किया पर हां यह है कि मेरे को प्रोटीन. चाहिए तो कंपनी मेरे को प्रोटीन देगी उस. प्रोटीन को मैं खाऊंगा सुपर्ब निर्भया केस. काफी चर्चित था मुझे याद है 2000 11 में. ये घटना हुई थी 2012 12 में घटना 2012 में.
हुई थी मेरा कॉलेज का दिन था और हमारी एक. मैम थी इंग्लिश की वो आई है उन्होने हमसे. कहा कि शेम ऑन यू. गाइस य पहला लफ्ज उनके थे क्लास में घुसते. ही मेरा बीटेक का फर्स्ट ईयर चल रहा था. शेम ऑन यू गा इतना गुस्सा उनके अंदर भरा. था उस घटना को लेकर और तब ये घटना से हम. लोग वाकिफ नहीं थे फिर पता लगा हम सबकी. रूह का. गई उस जेलर का भी मैंने उस क्या नाम है जो. जिसने फांसी चढ़ाया था जलाद जलाद उसका भी.
मैंने इंटरव्यू किया था मेरठ शायद मेरठ हम. गए थे और उनका हमने इंटरव्यू किया था जो. फांसी चढ़ाने वाले थे वो एक्सपीरियंस क्या. था आपका क्योंकि उससे आपको पॉपुलर तो मिली. लेकिन वो एक ऐसा कांड है जो भारत के. इतिहास में एक बदमा दाग की तरह. है इसमें एक आरोपी माइनर भी था शायद वो. छूट भी गया कानून की एक आरोपी माइनर था एक. राम सिंह जो एक्यूज था उसने सुसाइड किया. उसी टाइम पर 201314 में शायद. तो इस घटना को आपने कब से फॉलो किया था.
निर्भया वाले को नहीं देखिए जब ये शुरू. में ये घटना हुई तो बड़ा एकय नेशनल इशू था. और कहीं ना कहीं सही भी था ऐसी गलत चीजों. के खिलाफ आवाज भी उठनी चाहिए क्योंकि बहन. बेटी सबके घर में है तो गवर्नमेंट को भी. गवर्नमेंट भी एक्शन मोड में थी पुलिस भी. एक्शन मोड में थी सबको यह था कि हां कुछ. ऐसे एसओ पी बननी चाहिए कि इन फ्यूचर. दोबारा निर्भया जैसा केस ना हो तो उस टाइम. पर हम देखते थे लेकिन थोड़ा हम देखते हैं.
कि हमारी जो जुडिशरी है वह पूरा टाइम देती. है सारी अपॉर्चुनिटी आपको देती है पहले. आपको सेशन के अंदर ट्रायल होगा सेशन के. बाद आपका हाई कोर्ट में ट्रायल होगा फिर. सुप्रीम कोर्ट में होगा फिर मर्सी पिटीशन. डालेगी तो य थोड़ा सा एक लंबा प्रोसीजर है. पर यह पूरी तरह फेयर है तो इनको सारी. अपॉर्चुनिटी दी गई तो इनमें थोड़ा टाइम तो. लगता है जब पांच छह एजेंसीज इवॉल्व होती. है तो करते करते शुरू में फिर फिर न्यूज.
आती थी 201718 में कि सुप्रीम कोर्ट से. इनकी डिक्लेयर हो गई है फिर हमारे. प्रेसिडेंट साहब ने रिजेक्ट कर दिया तो एक. तो इंटरेस्ट शुरू में बहुत था और फिर. लास्ट में जो प बाद में एक डेढ़ साल का जो. टाइम चला कि आज रिजेक्ट हो गई है अब सिर्फ. फांसी के ऑर्डर आने हैं तो मेरे को कहीं. भी मैं सर्टेन नहीं था कि यह जिम्मेदारी. मुझे दी जाएगी और यहां भी फिटनेस आती है.
फांसी की प्रक्रिया में फांसी की. प्रक्रिया में फिटनेस मेरे को अच्छे से. याद है मैं रायपुर से नेशनल गेम्स में. गोल्ड मेडल लेकर आया तो मैं अपने डीजी. साहब को मिठाई खिलाने कांग्रेचुलेशन करने. गया तो उस टाइम पर जीबीएम चल रही थी जनरल. बॉडी मीटिंग निर्भया केस को लेकर तो जानते. थे रिगार्ड करते थे तो मेरे को देखते ही. तुरंत अंदर बुला लिया कि दीपक आओ तो मैंने. उन्हें मिठाई खिलाई और बड़ी खुश हुए चीजों. को देखकर फिर एकदम से उन्होंने को.
डायरेक्ट बोला कि दीपक ऐसे यह ऑपरेशन है. और आपको अगर. अपॉइंट्स को नुकसान पहुंचाएंगे ना कोई. उनको नुकसान पहुंचाएगा ये जो आ ये चारों. आरोपी ठीक है मैंने कहा ठीक है सर आपने इस. काबिल समझा क् इमोशंस सभी के जुड़े थे तो. मुझे भी लगा कि इतने बड़े एक जजमेंट का. अगर मैं पार्ट बनता हूं तो एक बहुत अच्छी.
चीज है तो इमीडिएट उन्होंने मेरे ऑर्डर. किए मैं मंडोली से मेरे को स्पेशली तीन. दिन के लिए तिहाड़ बुलाया और 18 मार्च से. 20 मार्च तक आई टू आई बॉडी टू बॉडी तकरीबन. 72 घंटे बिना सोए हम सिर्फ उनको वच कर रहे. थे ये क्यों मतलब इस आप हम चाहते थोड़ा. डिटेल में समझाए ये क्या प्रक्रिया होती. है फांसी के पहले इतना प्रोसीजर फॉलो होता. है नहीं देखिए ये फांसी कोई नॉर्मल फांसी. नहीं थी. और इसमें किसी भी तरह का लैक अगर आता है.
तो एक डेंट आता है डिपार्टमेंट के ऊपर तो. जो फांसी का जो प्रोविजन है उसके अंदर. क्लियर है कि जो इनमेट है जिसके साथ जिसकी. हैंगिंग होनी है तो उसको कोई फिजिकली कोई. डैमेज ना हो वह नुकसान ना पहुंचाए या कोई. दूसरा उसको नुकसान ना पहुंचा दे और इसके. पीछे लॉजिक क्या होता है य हमारे य रूल है. हमारा कानून यह कहता है कि जो फांसी दी. जाएगी उस टाइम पर वो फिजिकली मेंटली हर.
तरीके से स्टेबल हो ओके हां तो उनका. जोता गुनाहों को समझ में आए कि क्या गुना. जी जी हां वो मेडिकली भी फिट हो फिजिकली. भी फिट हो तो इन्हीं चीजों के चलते हमें. वहां रखा मेरे साथ बाकी स्टाफ भी दिया गया. तो हम ऐसे बैठे रहते थे पूरा टाइम ऐसे. चेयर डाल के कि सामने विनय बैठा है और. उसकी हर मूवमेंट पर हम नजर रख रहे हैं. अक्षय बैठा है उसको देख रहे हैं कुछ नहीं. करना अग इन लोगों से आपका इंटरेक्शन भी. होता था हां हां तीन दिन बिल्कुल ऐसे ही.
बैठे रहना था अगर वो वॉशरूम जा रहे हैं तो. हम वॉशरूम के बाहर खड़े हैं मतलब बिल्कुल. उनको छोड़ना नहीं था कि यह कोई ऐसी हरकत. ना कर द या कोई दूसरा ऐसी हरकत ना कर दे. क्योंकि एक नेशनल इशू इंटरनेशनल इशू था ये. ट्रू ट्रू बड़े अर्से बाद इंडिया में. फांसी हो रही थी जी और वो भी ऐसे केस के. अंदर और चार फांस एक साथ हां मैंने. क्योंकि उस जलाद से बात की थी तो उनकी. शायद फैमिली पूरी वो फांसी देती है अ. क्योंकि आपने क्लोज वच किया उन्हें तो.
क्या माइंडसेट होता है जब आपको जैसे उनको. पता लग गया होगा कि अब तीन चार दिन बाद. फांसी होनी है नहीं माइंडसेट उनका क्या वो. बैक करते थे रोते थे गुनाहों के लिए माफी. मांगते थे निर्भया वाले या कुछ इंटरव्यूज. जेल से भी वायरल हुए थे तिहाड़ से जो बहुत. अलग थे कि रात को घूम रही थी ऐसा वैसा जो. काफी बाद में मीडिया में शॉक बनकर भी आए. थे कि यार इनका माइंडसेट नहीं बदला नहीं. हां बिल्कुल नहीं मैं तो सुबह इवन उनकी जो. डेड बॉडीज थी सा 7:00 बजे के तकरीबन हमने.
डीडीयू हॉस्पिटल उनको जब ट्रांसफर किया. उसके बाद फिर हम वहां से निकले तो जो इनका. माइंड सेट था वोह बिल्कुल ऐसा ही था सुबह. 4:00 बजे तक भी यह बिल्कुल कूल थे इनको यह. लगा कि इनके जो वकील साहब हैं वो फिर से. कुछ ना कुछ चीजें करेंगे वो बैक टू बैक. एप्लीकेशन लगा रहे थे कभी उसकी वाइफ के. ह्यूमन राइट्स को लेकर लगाते थे कभी किसी. चीज को लेकर लगाते थे तो वो ऑन चल. रहा था प्रोसीजर उस दिन भी ऑन हुआ. आपको याद होगा रात को को तकरीबन 1 बजे हाई. कोर्ट बैठा फिर सुप्रीम कोर्ट बैठा हमारे.
एक्स जो चीफ जस्टिस थे दीपक मिश्रा जी हा. तो अभी मैं था इवेंट में उनके साथ तो. तकरीबन सुबह 4 बजे हमारी एसडीएम साहिबा ने. जवाइन किया हमें तो हमें लगा कि शायद. फांसी के ऑर्डर्स हैं पर वो भी आकर नॉर्मल. बैठ गई सब लोग ब्लैंक थे वायरलेस सेट. बार-बार हम देख रहे थे कहीं से कुछ मैसेज. आए तो एग्जीक्यूशन को हम आगे बढ़ाए तो.
बिल्कुल चीजें नॉर्मल थी विनय भी आराम से. सो रहा था बाकी लोग भी तो इस बीच में आप. लोगों ने जब ये आखरी के तीन चार दिन थे. क्योंकि आपने उन्हें वच किया कभी आप लोगों. ने इंटरेक्ट किया क्योंकि बाकी लोग तो. शुरुआत में गुस्सा था बट कई साल जब वो जेल. में उस प्रोसीजर से गुजरे तो आखिरी के. दिनों में क्या कभी आप लोगों से कोई. इंटरेक्शन हुआ या आप लोगों ने कोई बात. सुनी कि तुम लोग को अभी भी इस गुनाह को. लेकर शर्म होता है या नहीं होता है कुछ. नहीं देखिए वो चारों में कोई उसमें जैसे. विनय है वो बोलता था कि नहीं सर मेरी गलती.
नहीं थी सब एक दूसरे के ऊपर डाल रहे थे या. कोई कह रहा था कि मैंने तो कुछ किया ही. नहीं है या एक कहता था कि इसकी गलती है जो. किया इसने किया हमें तो गलत फंसा दिया इस. तरह से वह लीपा पौती का माहौल. रहा तो फांसी वाले दिन जब सुबह 4:30 बजे. के अराउंड जब मैसेज फ्लैश हुआ कि हां वी. आर. डूइंग तो मैंने जाके उसको कपड़े दिए वाइट. कपड़े कि विनय यह रखो इनको नहाकर कपड़े.
पहन. लो तब उस तब वो फेंट हो गया कि हां अब. प्रशासन कुछ ना कुछ. करेगा तो तब उसका चेहरा बिल्कुल. सफेद हम कह सकते हैं सफेद पड़ गया और फिर. जैसे तैसे करके उसने कपड़े. पहने अपनी सेल से बाहर आया सेल से बाहर. आके कुछ कदम तो चला. उसके बाद फिर उसके कदम भी आगे नहीं बढ़.
रहे थे तो यही हाल चारों का था उन्हें पता. ही नहीं उन्हें फिर था कि हां अब चीजें हो. रही है क्योंकि पूरा दल बल सारी चीजें. पूरी सिक्योरिटी के साथ और एक पिन ड्रॉप. साइलेंस कहते हैं ना कि कोई इंसिडेंट होता. है तो हवाएं भी बोलती हैं तो तब माहौल ऐसा. बन गया थोड़ा हमें भी अजीब लग रहा था कि. यह चीज हम क्या करने जा रहे हैं ट्र हां. पर पार्ट ऑफ जॉब करना था. वो हमने किया.
और सवा के अराउंड एग्जीक्यूशन हमने. कंप्लीट किया और फिर हमारे डॉक्टर साहब ने. जब उन्हें डेट डिक्लेयर. किया उसके बाद तकरीबन सा 7:30 बजे डीडीयू. हॉस्पिटल के लिए हमने एंबुलेंस बुला के. इनकी डेड बॉडी को रवाना कर तो ये निर्भया. कांड के चारों आरोपियों को जिनको फांसी दी. गई थी जोय कई बार सोशल मीडिया पर चलता है. फिल्मों में दिखाते हैं कि लास्ट विश. पूछते हैं ऐसा कुछ कुछ होता है हां. बिल्कुल देखिए लास्ट विश पूछते हैं तो.
बड़ी अगर कोई लेजिटीमेट सी विश है तो समझ. में आती है इनम से किसी लोगों से पूछी थी. आप लोगों ने कि तुम्हारी लास्ट विश क्या. है नहीं उस टाइम तक इनको कुछ था ही नहीं. सुबह तक भी हमारे पास ऑर्डर नहीं थे इनके. पास डर इनको नहीं पता था तो यही था कि आज. भी डेट ले जाएंगे शायद फिर लटके का मामला. क्योंकि वो उस महीने रोज आजकल आजकल चीजें. चल रही थी कभी डिसीजन पेंटिंग डिसीजन सेव. करना इस तरह की चीजें थी और सुबह उस टाइम. पर जब यह सब हुआ क्यक बहुत लास्ट में हमें.
पता लगा तो उस टाइम इनकी सिचुएशन नहीं थी. ऐसी कोई लास्ट फम. अच्छा हैंग टिल डेथ होता है जी ऐसा नहीं. होता कि अगर आप बच गए उस टाइम कुछ सेकंड. तो आप सरवाइव कर जाएंगे हैंग टिल टिल डेथ. ही रहता है और वह हमारे डॉक्टर साहब. डिक्लेयर करते हैं हमारे साथ जो सीनियर. मेडिकल ऑफिसर होते हैं वो डिक्लेयर करते. हैं कि हां अब ये डेड है तो उसके बाद हम.
उनको ये वन बाय वन होता है चारों को एक. साथ किया चारों को एक साथ किया हमारी. फांसी कोठी में इससे पहले सिर्फ दो तक्ते. थे जहां हम फांसी देते थे और इनके लिए. हमने क्योंकि फांसी के ऑर्डर में क्लियर. मेंशन था कि चारों को एक. साथ तो हमने दो तक्त और बनवाए थे और सारा. एक ही साथ इवन लीवर भी दो थे क्योंकि कि. दो एक तरफ थे दो एक तरफ थे तो दोनों लीवर.
को एक साथ से पुल डाउन किया और एक साथ. फांसी तो आपके सामने चार लोगों को फांसी. दी. गई जी क्या मेंटल जोन आपका था जब आपने. देखा कि चार लोगों को फास क्योंकि बहुत. घिनौना कांड था निर्भया बट वो आपकी ड्यूटी. था आप तो नॉर्मल इंसान है रोज तो किसी को. मरते देखते नहीं इस तरह से और सामने हैंग. टिल डेथ वाला तो उसके बाद आपका क्या दिन. चर रहा क्या माइंड जोन रहा क्या माइंड. स्पेस रहा या क्या वो चीजें आपको हंट करती. थी बाद में कि आपने ये देखा क्योंकि.
नॉर्मल इंसान तोय बियर नहीं कर पाएगा. देखिए जिस टाइम हमने फांसी दी तकरीबन 520. के आसपास का वोह समय था तो शुरू में तब तक. तो बिल्कुल यह था डायरेक्शन फॉलो करो. सीनियर्स खड़े हैं सब कुछ है एक. जिम्मेदारी है तो तब तो हम कोर्स ऑफ एक्शन. करते रहे उस टाइम सोचने का टाइम नहीं होता. आपके पास तो कोर्स ऑफ एक्शन जब तक रहा. सारी चीजें जब हमने जब वो हैंग हुए. तो हमने मैंने खुद फांसी कोटी नीचे देखा.
जाकर तो जैसे पैर ऐसे बंधे होते हैं तो. उनके व पैर इस तरीके से आगे से व मूव कर. रहे थे एक दो मिनट व हुए फिर व धीरे धीरे. धीरे व डाउन होते चले गए. तो उस टाइम पर थोड़ा सा एक लगा कि यार. क्या कर रहे हैं फिर जो जेल के बाहर इतनी. पब्लिक थी कि मैं बता नहीं सकता मैंने. इतनी भीड़ कभी नहीं देखी और बाहर से.
करेक्ट 5:30 बजे उनके नारे लगने शुरू हुए. भारत माता की जय इस तरह की. चीजें तो हमें लगा कि हमने यह जो किया यह. कहीं ना कहीं एक जरूरी चीज थी तो वहां हम. थोड़े से बैलेंस हुए और उसके बाद फिर 6. बजे के आसपास जो हमारे डॉक्टर साहब हैं. उन्होंने उनको डेट डिक्लेयर किया उनकी. बॉडीज को उतारा तो मैं क्या वहां जितने भी. अधिकारी थे सभी सबको पता था कि हम काम कर.
रहे हैं लेकिन किसी के चेहरे पे स्माइल. नहीं. थी एक दुख का माहौल हम कह सकते हैं कि. दिखता है कि हमने क्या किया अब मतलब उस. प्रोसेस से आप दुखी थे उसके साथ जो होना. था वो तो हुआ जी जी वो प्रोसेस आपको एज अ. ह्यूमन बीइंग लग रहा हो एगजैक्टली. एगजैक्टली तो सब एक दूसरे से सिर्फ नपी. तुली बातें कर रहे थे कि यह चीज करो यह. करो ऐसे करो. तो एक अजीब सा एक नेगेटिव सा बड़ा माहौल.
रहा जब तक व डेड बॉडी बाहर नहीं. निकली डेड बॉडीज को हमने बाहर निकाला और. पूरी जेल हाई अलर्ट पर थी कि इस तरह से. कोई अंदर कोई इंसीडेंट ना हो कोई. एजिटेटर थे तो वह भी कहीं ना कहीं खुश. थे उन लोगों के मन में भी कहीं ना कहीं था. कि लोगों ने गलत किया ट्रू आपकी फैमिली.
में कौन-कौन है मेरे फादर साहब हैं मदर. हैं बड़े ब्रदर हैं जो मेरे मेंटर भी हैं. और तीन सिस्टर हैं वाइफ है दो बेटे हैं ये. अस पॉइंट है तो ये सारी चीजें जब आप करते. हो फांसी चढ़ा दी या जेल में गए या सुनाई. पड़ा आज जिस जेल से इसने धमकी दी है बिकॉज. तिहाड़ भारत का एकलौता जेल है जिसको लेकर. टीवी पर खबरें चलती रहती है जी सो ये घर. ले जाते हो आप या घर इसको कैसे फ्री करते. हो घर पे क्योंकि आई एम शर वो तो नर्मल. लोग होंगे उनका उठना बैठना ऐसे खुखार.
अपराधियों के साथ नहीं होता होगा नहीं. शुरू में था मैं थोड़ा सा जब नई नौकरी थी. तो थोड़ा सा. अनबैलेंस था मैं कई बार होता था टेंशन में. रहता था तो घर वाले भी पूछते थे कि क्या. हुआ बात नहीं कर रहे हो खाना नहीं खा रहे. हो इस तरह की चीजें ी फिर धीरे-धीरे. उन चीजों को बैलेंस करना शुरू किया और अब. तो सिचुएशन यह है कि ऑफिस की चीजें ऑफिस. तक घर की चीजें घर तक और बाकी और. एक्टिविटीज में इवॉल्व रहते हैं तो कहीं.
ना कहीं बैलेंस बन जाता है लाइफ में ऑफिस. का फ्रस्ट्रेशन बीवी पर नहीं निकालते किसी. पर नहीं डरते हैं बीवी से. [हंसी]. आप देखिए जो मेरी खामोशी ने हजारों जवाबों. की लाज रख. ली डर तो नहीं है पर एक वो हिंदुस्तानी वो. कहते हैं ग्रहस्ती चलानी है घर चलाना है. तो हां बैलेंस है अच्छी अंडरस्टैंडिंग है. चीज है लड़ाई लड़ती आपसे हां टाइम को लेकर.
थोड़ा सा चीज खराब हो जाती है आज मैं सुबह. 10 बजे मैं निकला घर से पहले न्यूज 18 के. साथ एक इंटरव्यू किया सीएनबीसी के साथ. इंटरव्यू किया फिर एक मैक्सटन के साथ किया. दो मीटिंग्स की और अभी रात के 10:30 बजे. हैं अब मैं आपके साथ बैठा हूं तो कहीं ना. कहीं थोड़ा सा है कि मैं टाइम नहीं दे. पाता नहीं जैसे मैं जहां हमारा घर है वहां. भी एक पुलिस वाले थे दरोगा जी रहते थे तो. मुझे याद है कई बार जब उनकी वाइफ भाभी जो. थी वो फोन करती थी कि कहां पर है आप तो ही.
क्योंकि उनकी जॉब इतनी प्रेशर वाली जॉब है. परेशान फ्रस्ट्रेशन वाली सो समटाइम यूज टू. बी लाउड एंड से कि कहां होना चाहिए. मुझे तो वो जो कन्वर्सेशन है वो मुझे याद. रहती थी एंड शी वाज लाइक क्या ही मैंने. फोन मिला इनका ही मूड खराब मेरा भी खराब. सो आई जस्ट वांट टू नो कि ऐसा आपसे होता. है कि ऑफिस में आप बैठे हो शी कॉल या फिर. अब उन्होंने भी छोड़ दिया छोड़ो यार जब घर. आएंगे तो देखा जाएगा जो मेरा छोटे वाला. बेटा है वो बड़ा शैतान है वो उसको कोई. मतलब नहीं है. वो कभी नॉर्मल कॉल नहीं करता मेरे को वो.
सीधा वीडियो कॉल करता है ये मम्मी ने. सिखाया. होगा वो सीधा वीडियो कॉल करता है लोकेशन. पताला जाए कहां पर है और उसको अगर मैंने. बोला कि बेटा मैं 10 मिनट में घर आ रहा. हूं और अगर मैं 10 मिनट में नहीं पहुंचा. तो रिकॉर्ड है उसका जब से उसने फोन चलाना. सीखा है अभी छोटा है 6 साल का तो 11 मिनट. में वो कॉल कर देता कि पापा 10 मिनट हो गए. क् वो क्लॉक देखता है कि पापा ने 10 बजे. बोला है तो वो 1010 तक आ जाएंगे नहीं आया. तो 10:1 को कॉल आ जाएगी पापा नहीं आए ये.
मम्मी लोग की ट्रिक होती है मेरी मम्मी. अक्सर कहती है कि जब छोटे तुम थे और काम. ना करने मना तो हल्की सी चिकुटी का लड़का. रो रहा जाओ सुला के आ जाओ तो शी शु टेक. रेस्ट फ्रॉम ऑल द वर्क अभी जैसे आपने. बताया कि वो लोकेशन लोकेशन मांगने का बड़ा. नॉर्मल सा फंडा है कि कहां हो मैं बोल दूं. मैं नोएडा हूं और मैं गाजियाबाद में. लोकेशन. दो तो अब कहीं ना कहीं यूनिफॉर्म में अब. वो मेरे को देखती हैं सुनती है बातें करते. हुए तो वो सीख गए हैं घर वाले ले भी कि. अच्छा किस तरह से ट्रैक करते हैं क्या.
करते हैं लोकेशन मांग लो ये चीजें कर लो. वो कर लो कभी ऐसा हुआ घर पे कहा गया सुनो. पुलिस वाले हो गए अपने द्तर में यहां. नॉर्मल रहा. करो. हां ये चीजें तो चलती रहती है फैमिली के. अंदर सुपर्ब सुपर्ब अच्छा तिहाड़ इतना. फेमस क्यों है एक क्वेश्चन बारबार सबके मन. में आता है इंडिया में बहुत सारी ल है बट. तिहाड़ इतना क्यों फेमस है तिहाड़ इतनी. क्यों खबरों में देखिए तिहाड़ जो है एशिया. का बिगेस्ट प्रिजन है और और जो बीइंग.
दिल्ली प्रिजन दिल्ली जेल होने के नाते. बहुत से ऐसे केसेस हैं जब कोई भी स्टेट. जिम्मेदारी नहीं लेता अभी जैसे छोटा राजन. की कस्टडी हमने उसको डिपोर्ट किया तो. महाराष्ट्र गवर्नमेंट ने मना कर दिया कि. इसको जान का खतरा है इसको हम नहीं ले सकते. तो हमारे एमएच के अंदर मीटिंग हुई तो एमएच. की तरफ से भी डायरेक्शन आई हमारे डीजी. साहब ने भी अशोर किया कि इसकी कस्टडी हम. लेंगे शहाबुद्दीन का मामला आप देखें या और.
भी बहुत से टाइम टू टाइम इस तरह के केसेस. होते हैं कोलकाता से अभी जो मंत्री हैं. सुब तो मंडल वह हमारे पास आए तो हर स्टेट. से जो बड़े केसेस हैं. आपका राजस्थान से कुलदीप सिंह संगर का केस. रहा उनकी कस्टडी मेरे पास ही बंद है वह तो. इस तरह से जितने भी बड़े केसेस हैं हाई. प्रोफाइल केसेस हैं हाई लाइटेड केसेस है. वो कहीं ना कहीं वो तिहाड़ से कनेक्टेड है. तिहाड़ में भी कितने कैदी हो कुल तिहाड़.
में तकरीबन 25000 इनमेट में 25000 कैदी जी. कैदी नहीं इनमेट्स ओके इनमेट्स और इसमें. वीवीआईपी कितने होंगे देखिए अब वीवीआईपी. का कोई ऐसा कैटे बॉक्स अगर आईडिया लेना हो. तो नहीं वीवीआईपी का कैटेगरी. हर तरह से है वीवीआईपी आप इन द सेंस. पॉलिटिशियन की पॉलिटिशियन हो या जो थोड़ा. एक्स्ट्रा फेमस पर्सनालिटी हो फिल्मी. दुनिया के लोग या कोई भी जो थोड़ा जान. पहचान जिसका समाज थोड़ा रुतबा रहा हो जी. जी हां तो होंगे मेरे हिसाब से आईडिया से.
100 के आसपास तो कम से कम होंगे तो एक आम. कैदी जो तिहाड़ जा रहा है और एक जो. वीवीआईपी तिहाड़ जा रहा है दोनों का. ट्रीटमेंट एक तरह है दोनों का डिफरेंस. होता है बिल्कुल एक तरह है दोनों. का मतलब इसी सेल में ऐसा हो सकता है कि ली. सेल है यहां पर एक मंत्री जी पड़े हो और. यहां पर एक आदमी व नर्मल अभी सुब्रतो मंडल. जब आए थे मेरे पास भी थे तीन नंबर जेल में. तो उनके साथ जो बाकी दो दो लोगों को रखा. गया वह बिल्कुल ऐसे थे एक तो बे मुलाकात.
जिनकी मुलाकात ही नहीं आती और एक एक और. नॉर्मल से थे तो ऐसा नहीं है क्योंकि जो. तिहाड़ जेल है व पूरी तरह हाईटेक है. सीसीटीवी है कैमरा है बहुत सी एजेंसी. इवॉल्व है आपकी जो आपको मॉनिटर करती हैं. कंसर्न कोर्ट है जेल विजिटिंग कोर्ट्स है. तो ट्रांसपेरेंसी पूरी तरह से किसी भी. तरीके से किसी को प्रिविलेज देने का मुझे. नहीं लगता कोई जरा सा भी इसको तो फिर ये.
लॉरेंस विश्नोई का इंटरव्यू कैसे वारल हु. पंजाब से तिहाड़ का नहीं था वो पंजाब से. जोगिंदर पटल जी ने इंटरव्यू किया वो पंजाब. से किया बट उसमें जो उसने एक इंटरव्यू आया. सेकंड टाइम फिर उसने दावा किया कि वो. तिहार से इंटरव्यू कर रहा है उसके लिए हम. बैठे हैं ऐसा नहीं है अच्छा से कोई इ नहीं. आपने कहा कि तमाम जो खुखार कैदी होते हैं. यहां आते हैं जी लॉरेंस बिश्नोई ऐसा कैदी. है जिसको लेकर सोशल मीडिया में उसकी भी. फैन फॉलिंग जी जब मैं क्योंकि मैं वीडियोस. बनाता हूं और मैं अपने कमेंट सेक्शन चेक.
करता हूं तो लनेस बिश्नोई को पसंद करने. उसको हीरो की तरह देखते हैं लनेस विश्नोई. को डर लगता है पुलिस वालों से आप जैसे. लोगों से अंदर या जो उसके बारे में धारणा. बनी हुई है कि नहीं डरता जी जैसे टीवी प. बोलता है व आके नहीं लॉरेंस बिश्नोई का. पर्सनली मेरे पास तो कभी वो लॉज नहीं रहा. पर जो मेरे साथियों के पास वो रहा दिल्ली. आता है प्रोडक्शन पे आता है एक दो दिन के. लिए रुकता है तो जो उसके बारे में मैंने. सुना है कि बहुत कोऑपरेटिव है शांत है और.
जेल के अंदर रहकर या कस्टडी में कोई ऐसी. गलती नहीं देता कि प्रशासन को टाइट होना. पड़े और ओबेडिएंट है चीजें मानता है. अननेसेसरी ट्रबल कभी नहीं करता ऐसा लग. स्कूल किसी टॉपर के बारे में सुनर पढ़ा. लिखा बच्चा है शरीफ है शानदार है सारे गुण. इसके अंदर है नहीं देखिए जेल में शैतानी. करके कहां. जाएगा तो. और लॉरेंस का नाम तो सोशल मीडिया में. इधर-उधर सुनते हैं तो उसके अलावा भी जेल.
में बहुत से लॉरेंस हैं जिनका नाम नहीं. आता पर वो भी क्रिमिनल हैं अगर लॉरेंस की. केस हिस्ट्री है तो बाकी लोगों की भी है. सब एक जैसे हैं वहां पर नहीं जैसे तिहाड़. में कई बार लगता है कि तिहाड़ में. बैठे-बैठे सारा काम करा दिया वसे बहुत. सारी खबरें आती रहती है जो सही है गलत. हमें नहीं पता इसलिए हम आपसे पूछ रहे हैं. जैसे लॉरेंस वाला एक केस था सिद्धू मूसे. वाला को लेकर जो खबर आई तो उसमें पता लगा. कि ये पूरा प्रोसीजर यहीं से होके गुजरा. नहीं देखिए वो खबरें आती हैं खबरों के साथ. लिखा आता है खुफिया सूत्रों से नहीं बट.
बंगा इनसाइडर जैसे सूत्र कौन होते हैं ये. लोग मजाक उड़ाए वो समझ में आता है हमें बट. सूत्र वो होते हैं जो आप जैसे पुलिस वाले. हमारे दोस्त बनते हैं मीडिया के जो क्राइम. रिपोर्टर है उसका पुलिस वाला एक जो दोस्त. है वो धीरे से उसको बताता है कहता है सुनो. नाम मत छापना ये सूत्र होते हैं जो नहीं. जानते उनको मैं बताता हूं क्योंकि हम भी. सूत्र के खबर चलाई हमने कि खबर और अंदर. वाले ही लीक करते हैं किसी को अपने सीनियर. को डिफेम करना होता है किसी को खबर दबानी. होती है तो धीरे या कोई थोड़ा हिसाब किताब. गाड़ वाला चलता है नहीं देखिए जहां तक. मुझे लगता है कि जो हमारा जो दिल्ली.
तिहाड़ जेल है वहां पर हर तरीके से चीजें. ऐसी हैं ट्रांसपेरेंसी बहुत है और अभी. जैसे लॉरेंस की हम बात कर रहे हैं सुकेश. सुकेश भी है और भी बहुत से हैं तो जितने. भी हाई प्रोफाइल है यह 24 घंटे मॉनिटर. होते हैं इनकी एकएक एक्टिविटी मॉनिटर की. जाती है कि कब इनकी सेल्स के अंदर कैमरा. होंगे जिस जहां भी ये जाएंगे एक नया कैमरा. सेटअप हम लेकर आए हैं बॉडी बन कैमरा तो. इनकी सिक्योरिटी में जो भी ऑफिशियल होगा.
वो बॉडी बन कैमरा हमेशा इधर रखते हैं अपने. साथ और इनकी सारी एक्टिविटीज को देखते हैं. ये किससे मिले किससे नहीं मिले किससे क्या. बात की तो मुझे नहीं लगता कोई अधिकारी इस. तरी की चीजें करेगा कि वो अपनी नौकरी के. साथ खिलवाड़ करें ओके सत्येंद्र जैन जी. वही थे सत्येंद्र जैन जी हां सात नंबर जेल. में उनका एक वीडियो बड़ा वायरल हुआ ता है. मसाज वाला तो ये स्पेशल परमिशन के थ्रू. होता है या अंदर मंत्री जुगाड़ लग जाता है. नहीं देखिए परमिशन नहीं उनको कुछ इशू थे.
फिजियोथेरेपी की तरफ से उनको रिकमेंड थी. जितना मुझे पता चला मेरे पास वह नहीं रहे. तो फिजियोथेरेपी जो डॉक्टर हैं उनकी तरफ. से रिकमेंड थी तो वह टाइम टू टाइम शायद. सुबह शाम कुछ इस तरह का उनका शेड्यूल था. कि हां उनको उस चीज की रिक्वायरमेंट थी. अच्छा सुकेश वाला केस भी काफी वायरल हुआ. था उसमें भी आपका इवॉल्वमेंट था कुछ सुकेश. को आप जानते हैं मिले आप उससे अंदर हां. सुकेश के लिए मेरे को स्पेशली.
अपॉइंट्स की तमाम वो लब बाइट देखी थी जो. सोशल मीडिया पर बड़ी वायरल हुई उसके हम वो. लव लेटर्स देखते हैं जो आए दिन जैकलीन को. लेकर लिखता रहता है अभी केजरीवाल जी वाला. केस हुआ इसमें भी उसने अपना एक तो इतना. अच्छा पीआर कैसे मेंटेन हुआ ता तिहाड़ के. अंदर से ये समझ में नहीं आता हमें देखिए. उनके वकील साहब आते हैं मिलने उनकी फैमिली. आती है मिलने उनको जो. फोन कॉल फैसिलिटी है वडा फोन की जो उनको.
क्या हर किसी कैदी को है कोई भी कैदी. तिहाड़ जेल में पा मिनट डेली अपने घर. वालों से बात कर सकता है किसी दो नंबर्स. पर तो मुझे लगता है कि शायद उनका इंटरेस्ट. उन चीजों में ज्यादा होगा पीआर मेंटेन. करने में तो वह अपनी बातों के साथ शायद. अपनी यह चीजें भी पहुंचाते होंगे और बाहर. उनका क्या चैनल है यह तो वही बता सकते हैं. तो यह सुकेश वाली जो पूरी कहानी चल थोड़ा. बताइए ना सुकेश के बारे में क्योंकि ये. बहुत चर्चित केस था जिसमें पॉलिटिशियन.
इवॉल्व थे बॉलीवुड इवॉल्व था एक ऐसा. व्यक्ति जो इतना बड़ा ठग है वो कुछ उसकी. कहानी थोड़ा बताइए ना इसके बारे में देखिए. जो सुकेश है. ये 200 करोड़ का मामला मतलब काफी बड़ा रकम. है पहले तो कोई इसका ऐसा इंसीडेंट नहीं था. पर यह 200 करोड़ की मनी लरिंग का जो केस. है उसके बाद यह नाम हाईलाइट हुआ तो इसमें. फिर मुकदमा भी दर्ज हुआ तो इन्वेस्टिगेशन. में जो एजेंसी जांच कर रही है उसमें कुछ.
नाम सामने आए जैसा अभी आपने बताया जैकलीन. का और भी एक दो जो सेलिब्रिटीज हैं उनका. नाम आया तो और इन्वेस्टिगेशन में पता चला. कि इन्होंने जो रन बैक्सी के प्रमोटर्स. हैं उनसे कुछ बेल वगैरह का कुछ प्रलोभन. देकर और किसी तरीके से मैनेज किया तकरीबन. 2 20 करोड़ रुपए उनसे लिए और उसके बाद में. वो चीजें भी खुली और इंक्वायरी हुई तो पता.
चला कि जो जैकलीन है जब य कस्टडी पैरोल पर. साउथ इंडिया गया तो वहां रेगुलर मीट्स. करती थी इनसे मिलती थी जैकलीन है निक्की. तंबोली है और एक दो लोग हैं और कुछ. इन्होंने शायद गिफ्ट्स भी दिए हैं उनको. नूरा का भी शायद नाम आया था जी हा तो यह. सब लोग मिले हैं इनसे जब ये कस्टडी पैरोल. पर साउथ इंडिया थे तो वहां इन लोगों की. मुलाकात हुई है और जो फोटो वीडियोस जो आप.
बता रहे हैं अभी फोटो देखा आपने जी वो भी. शायद उधर का है ये आप लोगों में. कन्वर्सेशन का हिस्सा नहीं होती है कि. सुकेश को जब क्योंकि सोशल मीडिया बाहर बड़. चल रहा था कि इसको जैकलिन कैसे मिल गई ऐसा. लोग सोशल मीडिया पर लिख रहे थे तो आप ह. आईम शर कि ये आपके भी डिपार्टमेंट में. कन्वर्सेशन का हिस्सा तो रहा ही होगा यार. ये इतना शातिर कैसे निकल सकता है मतलब. जैकलीन भी दिखाई पड़ रही है नूरा भी दिखाई. पड़ रही आप निक अमोली का भी नाम ले रहे. हैं देखिए हम आपस में तो हम डिस्कस कर. सकते हैं करते भी हैं जो जनरल टॉक्स होती.
है चार लोग बैठते हैं कि आपने सही. कहा इसको इसको कैसे मिल गई पर जो एक है ना. एक डेकोरम है एक प्रिजनर और एक ऑफिसर के. बीच का मुझे लगता है वो हमें ब्रेक नहीं. करना चाहिए और हमने कभी किया भी नहीं इवन. जब मेरा ट्रांसफर इसके पास आया ये मेरी. कस्टडी में आया तो पहले दिन इसने ये मेरी. पूरी रिसर्च करके बैठा हुआ था तो आते ही. मैं से पहले दिन कहता है कि सर आप विद्युत.
जामवाल से के साथ काम करके आए हो मैंने. कहा हां भाई करके आया हूं. बता सर मेरा बहुत अच्छा दोस्त है मैंने. कहा अच्छी बात है कह रहा सर बताओ कुछ काम. हो तो मैंने कहा अच्छा पहले तो जाके ना तो. बंद हो जा तो ये लोग कोशिश करते हैं कि. जेल अप होने की जेल अप होके फिर अपने जो. भी इन फेवर लेने की कोशिश करते हैं तो वो. आप पे डिपेंड करता है तो हमने कभी इसको. मुंह नहीं लगाया कभी भी य मिलने आता था तो.
पूरी तरह कैमरा बॉडी बन कैमरा जैसा मैंने. बताया आपको बॉडी बन कैमरा के सामने में. इससे मिलता था क्योंकि एलिगेशंस यह कहीं. ना कहीं फ्रेम करता है तो ऐसा मुझे लगा कि. शायद यह हो सकता है कोई भी बात कल को जो. हमारे सीएम साहब पर या किसी पर भी हमारे. डीजीपी साहब पर सभी पर एलिगेशन लगा रहा है. तो शायद हमारे ऊपर भी लगाए तो हमेशा इससे. पर्सनली में कभी नहीं मिला पब्लिकली मिलता. था और ऑफिसर्स की प्रेजेंस में मिलता था.
और कोई फालतू बात नहीं जो कट टू कट बात है. कोई जेनन काम है करना है कोई खाने सोने. रहने को लेकर परेशानी है मेडिकल कोई. दिक्कत है वो सुनी उसके बाद ब अच्छा. दिल्ली सरकार के कई मंत्री जेल में ये सब. भी तिहाड़ में ही है हां धीरे-धीरे वहीं. आएंगे जी अरविंद केजरीवाल जी गिरफ्तार हुए. अब अरविंद केजरीवाल भारत के पहले. मुख्यमंत्री हैं जो मुख्यमंत्री रहते. गिरफ्तार हुए जी तो अभी तो ईडी उनको ले तो. ईडी इनको तिहाड़ में रखेगी हां तिहाड़ ही.
आएंगे जुडिशियस कस्टडी में शायद 28 तारीख. तक जुडिशियस कस्टडी दी गई है तो तिहाड़ तो. ये पहुंच चुके होंगे या अगर रिमांड नहीं. लिया होगा ईडी ने तो जैसे संजय सिंह हुए. या सत्येंद्र जैन थे या मनीष सिसौदिया फॉर. दैट मैटर डिप्टी सीएम थे आप लोग शायद. सीनियर भी रहे होंगे एक टाइम पे जी तो ये. जब तिहाड़ के अंदर आते हैं इनके साथ भी. वैसा ही बर्ताव होता या अरविंद केजरीवाल. जैसे भी जाएंगे तो अरविंद केजरीवाल मनीष. सिसौदिया सतिंद्र जैन इनके साथ भी तिहाड़.
जेल के अंदर एक आम कैदी की तरह बर्ताव. होगा इनके भी कलीग्स वैसे ही होंगे कि कोई. किसी स्टेट का जो आया है खुखार भी हो सकता. है नॉर्मल भी हो सकता है या इनके लिए कुछ. स्पेशल प्रिविलेज होते हैं नहीं देखिए अब. जैसे ये स्पेशल केसेस हैं तो अगर हमें. लगता है कि इनको कोई थ्रेट परसेप्शन है या. इनको लगता है कि कोई थ्रेट परसेप्शन है तो. यह कोर्ट के अंदर एप्लीकेशन फाइल कर सकते. हैं या हमारे डीजी साहब के पास एप्लीकेशन. लगा सकते हैं सिक्योरिटी देखना हमारा. प्राइम मोटो है सेफ्टी एंड सिक्योरिटी तो.
अगर हमें लगेगा जरा भी तो इनको सोटरी अलग. हम शायद सिक्योरिटी प्रोवाइड करें अलग सेल. में रखें वह इनके ऊपर डिपेंड करता है कि. ये किस तरह का सबमिशन देते तो जैसे अरविंद. केजरीवाल नी सौदिया हुए आपने मान लीजिए. इनको सेल भी अलग दे तो इनकी सेल में जेल. में क्या होगा मतलब इनकी सेल कैसी होती है. नॉर्मल सेल है सिंगल ऑक्युपेंसी की सेल की. एक लेट ला एक जगह होगी उसके बराबर में एक. छोटा सा एक आपका टॉयलेट है और बाथरूम है.
और उसी के अंदर यह रहेंगे नहाना खाना जो. सब कुछ है वो सेल के अंदर रखेंगे और. सीसीटीवी से पूरी तरह मॉनिटर करेंगे इको. और इनको भी जेल में कोई काम करना पड़ेगा. या केवल रेस्ट करना है नहीं देखिए अभी तो. ये अंडर ट्रायल्स है तो बीइंग अंडर ट्रायल. ये भी जुडिशियस में है और काम. है तो फिर हम इनको लेबर अलॉट करेंगे कि.
अलग-अलग काम के लिए अलग-अलग कर जी अच्छा. जैसे जो बेसिक फैसिलिटी होती है जैसे पंखा. हो गया या वॉशरूम साफ करना हो गया बर्तन. सापना प्लेट साफ ये सारी चीजें दूसरे लोग. आकर कर जाते होंगे इनके सेल में नहीं नहीं. ये खुद करेंगे दूसरा क्यों करेगा मतलब. अरविंद केजरीवाल मनी सिसौदिया अपनी प्लेट. साफ करेंगे अपना वॉशरूम साफ करते हैं नहीं. अब वो रहेंगे वो यूज भी उन्हें करना है. साफ भी उन्हें करना है तो वहां पर ये मतलब. नहीं रखता कि आप डिप्टी सीएम रहे थे या. सीएम रहे थे जी अ मेरे हिसाब से किसी भी. तरह.
का यह जो चीजें आप बता रहे हैं अगर वो. क्योंकि जो उनका टॉयलेट है व टॉयलेट भी व. खुद से यूज कर रहे हैं जो प्लेट्स है वो. प्लेट्स में खाना खुद खा रहे हैं और सो भी. वो जो बैटिंग है बैटिंग भी उनकी खुद की है. तो अकेले अगर रहना है तो उन्हे ही करना है. नहीं तो जैसे अरविंद केजरीवाल करेंट. मुख्यमंत्री अभी है चलिए मनी शि सोद्या ने. तो अपने पद से इस्तीफा दे दिया अब वो. मंत्री नहीं है तो अब वो एक आम इंसान हो. गए बट अ केजरीवाल सिटिंग सीएम है अरविंद. केजरीवाल अगर अपनी सेल में जाते हैं तो.
उनके वश रूम सफा के लिए भी कोई आदमी नहीं. आएगा आप ये कह रहे हैं अभी वो देखते हैं. कि व किस तरह से व लॉज होते हैं अभी तो. यही पता नहीं कि व अकेले रहना पसंद करेंगे. किसी के साथ रहेंगे किस तरीके से रहेंगे. ओके तो ये इन लोगों से फिर आपका राबता. कैसे होता है कि जो एक मतलब आप अी है तो. इंसान ही आप ये दिल्ली के सीएम रहे डिप्टी. सीएम रहे गवर्नमेंट पावरफुल है सत्ता का. एक हनक भी होता है यह भी होता है कि हम. फिर. लौटेंगे अच्छ हमको ट्रीट करो इनडायरेक्टली. थ्रेड भी होता होगा आदमी जबान से तोता ही.
है कि सुनो हम तुमको देख लेंगे लौटेंगे तो. कैसे डील करते हो आप लोग क्योंकि मेंटली. आई थिंक बहुत प्रेशर वाला काम होगा ये हां. देखिए नहीं ऐसा नहीं है प्रेशर वाला काम. जरूर है पर. जो इनमेट है जो भी एक सुलझा हुआ है जिसकी. एक सोच है एक विजन है या जिसको पता है कि. हां मैंने निकल जाना है मैंने नहीं रहना. तो वो इस तरह की कंट्रोवर्सी के अंदर नहीं. आता क्रिमिनल्स भी गैंगस्टर्स भी ऐसे हैं. जो जैसे अभी लॉरेंस की हम बात कर रहे थे.
तो वो इन चीजों से बचते हैं अपना वो कहते. हैं कि बुरे वक्त में अच्छा समय काटना और. वो कोशिश करते हैं कि इन चीजों में ना. पढकर अपने केस की तरफ ध्यान दें एक सुलझी. हुई सोच रखें और उनका फोकस उन्हीं चीजों. पर रहता है व जेल में बहुत अच्छे से अपना. टाइम स्पेंड करते हैं अधिकारियों को बहुत. अच्छा रिगार्ड करते हैं बहुत तरीके से. लॉरेंस बिश्नोई का केस आपने देखा आपने. उसको मतलब आपने वो इंटरव्यू देखा था जो हम. बात कर रहे थे जी जी मैंने देख जोगेंदर. पटियाल जी उसमें कई सारे एलिगेशंस पुलिस.
वालों पर लगाए थे कि पुलिस वालों ने हमारे. लोग मरे हमारे लोगों को पकड़ लिया फिर. उसने कहा कि मेरे कॉलेज का एक केस था. जिसके चक्कर में मुझे उठाया था और मुझे. यहां पर रख दिया तो छोड़ ही नहीं रहे. देखिए जब तक वो ऐसा बोलेंगे नहीं तो वो. मसाला कैसे क्रिएट होगा उसम मीम कैसे. बनेंगे स्टोरीज कैसे बनेंगी तो यह तो. पब्लिसिटी स्टंट है अगर पुलिस ने कोई. कार्रवाई की है आदमी मरना मर्डर होना अपने. आप में बहुत बड़ी चीज है और अगर फैक्ट्स. रहे होंगे तो कारवाई भी हुई होगी तो. लॉरेंस बिश इतना फेमस क्यों गया आप क् आप.
तो ऑब्जर्व करते हो रो क्रिमिनल्स के बीच. में एक कैदी एक लड़का जो 30 साल की उम्र. जिसकी है वो इतना वायरल क्यों इतना फेमस. क्यों हो गया आपका अपना ऑब्जर्वेशन क्या. है उसको लेके देखिए मेरा जो ऑब्जर्वेशन है. वो यही है कि जैसे पीछे अभी सिद्धू. मुसेवाला में लॉरेंस का नाम आया उससे पह. उससे पहले सलमान खान वाले केस में नाम आया. तो एक ऐसे इस तरह के हाइलाइटेड चीजों को. टारगेट करने से एक मीडिया अटेंशन एक सोशल.
अटेंशन कहीं ना कहीं क्रिएट की और उन. चीजों को कैश किया को लगता है कि अ इसी. स्ट्रेटेजी के चलते चीज थोड़ी सी और सोशल. मीडिया पर आप देखते ही है कि कोई भी चीज. है एक अलग सी आप मार्केट में आप निकाल दो. तो व किस तरह से आप स्प्रेड होती है अच्छा. एक क्वेश्चन मेरे मन में और आता टीवी पर. कई बार खबर पढ़ते थे कहीं घटना हुई तो खबर. आती थी छोटा राजन ने जिम्मेदारी लेली रेंस. बिने जिम्मेदारी लेली घटना हुई नहीं 10. मिनट में जिम्मेदारी. तो ये जो आदमी जेल के अंदर बैठा वो इतनी. जिम्मेदारी कैसे ले लेता है और अगर वो.
जिम्मेदारी ले रहा है तो जो जेलर साहब है. वो कौन जिम्मेदारी ले रहे हैं ये थॉट आता. है मन में देखिए जो इनके बाकी एसोसिएट हैं. जो बाहर काम कर रहे हैं हम तो वो कहीं ना. कहीं इस तरह की चीजें करते हैं कि हां ये. हमने किया तो ये एक तरह का पब्लिसिटी. स्टंट भी है हम कि हां कहीं कुछ बड़ा नाम. हुआ बड़ा काम हुआ तो जिम्मेदारी ले ले अभी. जैसे एक लेटेस्ट केस था टिल्लू ताजपुरिया. का हम हम हम टिल्लू ताजपुरिया का मर्डर. हुआ अब इस घटना ने तिहाड़ को एक्सपोज कर.
दिया था पूरा आप आप इतनी देर से मुझसे कह. रहे हैं कि तिहाड़ में इतनी सिक्योरिटी है. ये है वो है सर आम मरा आगे और पुलिस वाले. हमने देखा पीछे भागते नजर आए जी हां अभी. उस पर भी बात करेंगे तो अभी जिम्मेदारी. लेने की बात चल रही थी तो टिल्लू. ताजपुरिया का मर्डर होता है और मर्डर होने. के बाद पोस्ट आती है बाहर से कि लॉरेंस. गैंग जिम्मेदारी लेता है और उधर से वो. जिम्मेदारी लेता है इधर से जो दूसरे जो. इसमें असाइट थे उन लोगों ने क्लियर मना.
किया कि नहीं जो भाई का बदला है हमने लिया. तो कहीं ना कहीं वह पब्लिसिटी स्टंट हो. गया कि एक मर्डर हुआ और वह हाईलाइट होने. के लिए वहां से पोस्ट आ गई कि लॉरेंस गैंग. या गोल्डी बराड ठीक है चलिए उनका सोशल. मीडिया समझ में आ गया बट ये तिल्लू. ताजपुरिया वाली जो घटना थी मुझे याद है. इसका वीडियो बड़ा भयावह था उस टाइम में. टीवी चैनल में काम कर रहा था मुझे याद है. ये खबर भी मैंने पढ़ी थी और तिहाड़ को. लेकर सवाल हुआ था कितनी हाई सिक्योरिटी. बैरक में इतनी हाई सिकटी जेल में कैसे हुआ. और पुलिस वाले कैसे डरने लगे तो यह तो.
बिना इंटरनल इवॉल्वमेंट के पॉसिबल ही नहीं. है तो यह जो तिहाड़ यहां पर एक्सपोज हुआ. आप लोगों ने तो कमेटी बिठाई होगी जांच की. होगी आपका क्या एनालिसिस निकला ये कैसे. पॉसिबल था इतनी बड़ी घटना जेल के अंदर. देखिए जो टिल्लू केस है उसके अंदर हां. लैप्स है लैप्स को मैं मना नहीं करूंगा. चीजें गलत हुई है पर उसमें बहुत से. फैक्टर्स है आपने वो दो मिनट ढाई मिनट का. वीडियो देखा बिंग का वीडियो देखा पर जो. राइवल पिछले दो से ढाई साल से चल रही थी.
वो आप लोगों ने नहीं देखी बाहर दर्जनों. मर्डर हुए दोनों गैंग्स के बीच में एक साल. पहले गोगी का मर्डर डे लाइट किया जाता है. रोहिणी कोर्ट के अंदर तो उसके रिएक्शन में. टिल्लू के साथ यह वारदात होती है तो इनकी. राइवल इस हद तक थी कि दोनों पक्ष जो है जो. दोनों गैंग्स है एक दूसरे के खून के. प्यासे थे बट इ पॉसिबल कि अगर पुलिस वाला. चाहे अगर पुलिस वाले का इंटेंशन हो कि इस.
व्यक्ति को सेव करना है मुझे जैसे आपने. कहा ना छोटा राजन वाले केस में आपने कहा. कि हम जिम्मेदारी लेंगे और आपने. जिम्मेदारी ली और कुछ नहीं हुआ वो आराम से. है यहां जिम्मेदारी थोड़ी सी ढील दी गई. क्योंकि कहीं कुछ तो ऐसा रहा होगा क्योंकि. अगर पुलिस चाह ले जैसे हम बारबार कहते हैं. तो पब्लिक की हिम्मत नहीं पत्थर भी उठा ले. देखिए प्रैक्टिकली वो चीजें नहीं है बोलने. को तो आर्गुमेंट में कुछ भी चीजें आ सकती. है पर जो एक्चुअल फैक्ट थे इसमें अब वो. चारों जो इसमें असाइट है योगेश टुंडा दीपक.
तीतर और राजेश और एक लड़का और है हम तो उन. चारों वो चारों क्रिमिनल्स है क्रिमिनल. रिकॉर्ड है और जो हमारा जुडिशरी सिस्टम है. वो जुडिशल सिस्टम क्लियर कहता है कि हमारी. जो पैरेलल है पनिशमेंट किसी ने चार मर्डर. किए तो 14 साल किसी ने एक मर्डर किया तो. 14 साल जिसको हम बोलते हैं लाइफ कन्वे हम. यहां पर तो उनकी राइवल इतनी ज्यादा थी अब.
वो टिल्लू का मर्डर कर रहे हैं बाकी जो. वहां पे ऑफिशियल हैं जो सिपाही हैं वो. बेयर हैंड्स हैं हम और उसका वो उसको स्टैप. कर रहे हैं स्टैप करते हुए अगर वो क्योंकि. उनका तो वो माइंड बिल्कुल सेट था कि हां. आर या पार हमें तो करना है जिस हिसाब से. वीडियो में आपने देखा भी होगा बहुत बहुत. हैवानियत वाला वीडियो था वो तकरीबन 90. चाकू मारे गए तो उसमें अगर बचाने के लिए.
को बट ये चाकू कैसे अंदर आ ग यही तो मेन. क्वेश्चन है कि वो हैंड मेड है अब देखिए. जो लोहा है इंसान कहीं भी रहेगा लोहे के. बिना नहीं रह सकता आपके ऑफिस में ये सब ये. सब आपकी नजर में शायद यह सिर्फ एक रॉड है. अगर मैं अपने नजरिए से देखूं तो ये वेपन. है मैं इसको शार्प कर लूंगा इसका एज बना. लूंगा इंप्रोवाइज कर लूंगा इसको तो इसी. तरह के वो इंप्रोवाइज चीजें उन्होंने की. हुई थी कोई गटर के ढक्कन से कोई खिड़की की.
जाली से एग्जॉस्ट फैन की रॉड तो हथियार. किसी का भी बन जाता है इवन इनको वो नहीं. मिलता तो जो टाइल्स हैं टाइल्स तोड़ के. उनको शार्प कर लेते हैं तो वो राइवल तो. बिल्कुल ऐसी थी वोह तो सोच कर आए थे कि. आर्या पार तो मुझे जो ऐसा पर्सनल. ऑब्जर्वेशन थी जो मेरे को लगा कि अगर उस. दौरान कोई भी ऑफिशियल उसमें बीच में आता. उसकी जान पर जा सकता उसकी जान पर 200 पर. आती क्योंकि अगर वो तो मारने के इरादे से.
उतरे थे तो उन्हें छोड़ना नहीं था तो जहां. वो एक मर्डर कर रहे हैं वहां अगर वो दूसरा. भी करते हैं तो मुझे नहीं लगता उन लोगों. के लिए कोई बड़ी चीज है ठीक है दीपक शर्मा. जी एक तरफ लॉरेंस बिश्नोई का जिक्र कर रहे. हैं सुकेश चंद्रशेखर का जिक्र कर रहे हैं. छोटा राजन की बात आ रही है निर्भया केस के. दोषियों को फांसी दिलवा रहे हैं टिल्लू. ताजपुरिया का जिक्र हो रहा है फिर हम. देखते हैं कि एलविश और मैक्सन की लड़ाई. में थप्पड़ कांड भी सुलझा रहे हैं वो जो. सोशल मीडिया के बयान वर हैं जो मोबाइल ऐसे.
रख के एक दूसरे को कहते हैं तुम्हारा ये. कर देंगे तुम्हारा तुमने 4 इंच की हील पहन. रखी है तुम्हारे बाल 4 इंच ऊपर है आप उनको. सॉल्व करा रहे तो ये इतना ज्यादा कैसे. मतलब देखिए जो यह सोशल मीडिया प जो जो भी. अभी हमने कंट्रोवर्सी देखी ये मुझे लगा कि. दोनों का अपना अच्छा फैन बेस है और दोनों. में थोड़ा सा एक हिट ऑफ अग्रेशन था सिर्फ. वो दो मिनट का वो झगड़ा है उसी झगड़े के. चलते एलविश के ऊपर एफआईआर हो जाती है उस.
पर मुकदमे में 147 149 323 और 506 का. पर्चा दाखिल हुआ तो मुझे लगा कि अगर बीच. में इसमें मेडिएशन किसी तरह से पॉसिबल है. क्योंकि ना तो एलविश क्रिमिनल है ना. मैक्सटन क्रिमिनल है और दोनों समझदारी से. अगर चीजों को कर ले और शायद वह हमारे. बोलने से हो जाए तो मुझे लगा कि स्टैंड हम. ले सकते हैं अग हमारे कहने से वो चीजें. सेटल डाउन होती है और उसके साथ जो कई और.
बयान बहादुर थे जिन्होंने सोशल मीडिया पर. वीडियो डाले थे वो सोशल मीडिया तो देख. हालाकि बाद में देखा हमने शायद आपके कहने. माफी मांगी उन्होंने और कई लोगों ने फिर. सोशल मीडिया प वीडियो डाला पुलिस ने थोड़ा. टाइट किया जी जी बिल्कुल हां मुझे लगता है. कि वह कहीं ना कहीं एक नैतिक जिम्मेदारी. थी तो लोगों को पता है कि अगर हमारे जैसे. लोग भी एक किसी चीज के खिलाफ आवाज उठा रहे. हैं तो हम अवेयर हैं और हमारे उठाने से. चीजों पर फर्क आएगा और उन्हें कहीं ना. कहीं पता है कि अब उनकी गलती थी तो.
उन्होंने अपनी गलती एडमिट भी की तो यह. मैक्सटन वाला इशू है यह भी रिजॉल्व हुआ और. इसके बाद अभी यह जो दूसरा जो आप बता रहे. थे राजवीर और रजत दलाल हां उसमें वो भी. रिजॉल्व हुआ उसमें एक वीडियो और आया था. निकल के छोटा दलाल कि मेरे ऊपर 68 मर्डर. हैं मैंने उससे पूछा कि भाई आ जाओ फिर पूछ. लेते हैं आपसे 68 मर्डर तो उसने मे बोला. कि 68 मर्डर मेरे पे नहीं है भाई जी मेरी. फैमिली पर है तो फिर मैंने उसको थोड़ा.
समझाया तो कहीं ना कहीं जब उसको गाइड किया. तो उन्हें अपनी गलती लगी फिर उन्होंने. सोशल मीडिया प अपना एक नया वीडियो बनाया. कि वो वीडियो पुराना था ऐसा था और वो. मैंने हटा दिया नहीं बट जब कोई आदमी ऐसे. दावा करता है जैसे बीइंग अ जर्नलिस्ट कई. बार हम जब किसी भी स्टेट की खबर पढ़ते हैं. तो हमारे जहन में पहला सवाल आता है कि ये. खाकी के इकबाल पर सवाल है कि अगर आपके. इलाके में कोई आदमी इतना कहने का दम रखता. तो इसमें उसकी बहादुरी नहीं है इसमें उन. पुलिस वालों की गलती है जो अपना खौफ नहीं.
पैदा कर पाए कि तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई. जैसे यूपी में अक्सर बाबा की पुलिस कहती. है कि कुछ होगा हम ठोक देंगे सही है गलत. है उसको लेकर चर्चा चलती रहती है लेकिन. हमने कई बार देखा कई बार गाड़ी पलट गई कई. बार कुछ घटनाएं हुई तो एक रिएक्शन हुआ बट. इत्तफाक अब वो इत्तेफाकन होता है या क्या. होता है वो तो जांच का विषय होगा बट एक. कानून का खौफ है लोग डरते हैं हम लोग छोटे. थे स्कूल मोहल्ले के बाहर लड़ाइयां होती. थी अब नहीं होती उतनी लोग डरते हैं पता है.
कि अब हो जाएगा इस घटना में कहीं ना कहीं. ये लगा एज अ आउटसाइडर या ए जर्नलिस्ट कि. इन लड़कों को डर नहीं है आप लोगों का या. वो खौफ नहीं है कि अगर 10 लड़के हमारे पास. हैं जिनके डोले मजबूत हैं तो हम थ्रेट कर. सकते हैं देखिए अभी मुझे जो पर्सनल मेरा. ऑब्जर्वेशन था तो मुझे ये लोग नादान लगे. और सिर्फ एक सोशल मीडिया टेंशन पाने के. लिए इन्होंने बचकानी हरकतें की हम क्योंकि. जो एक्चुअल क्रिमिनल है वो कभी ऐसे. पब्लिकली आके नहीं बोलता जिसके ऊपर ऑलरेडी. मुकदमा चल रहा है उसको पता है मैं जरा सा.
भी बयान दूंगा और मेरे 10 राइवल्स खड़े हो. जाएंगे या प्रशासन ही एक्टिव हो जाएगा आप. कभी नहीं देखेंगे कि कोई आके इस तरह से. बयानबाजी करे तो इन्हें आउटकम्स नहीं पता. थे कि इसके क्या आउटकम निकल के आएंगे और. मुझे पूरा श्यर है कि अगर यह छोटा दलाल इस. तरह से आके पब्लिकली चीजों को क्लियर ना. करता तो कहीं ना कहीं एक्शन इसके खिलाफ. किया जाता और एक्शन लेने के मूड में भी थे. लेकिन ठीक है अच्छा है और मैं तो आगे भी. चाहूंगा कि इस तरह का यह अजीब सा कंटेंट.
बनाकर एक टेंपरेरी पब्लिसिटी लोग ना ले तो. ज्यादा बेहतर है इसमें क्या मानते हो लोग. भी दोषी है जैसे अ शुरुआत में आपने कहा कि. सड़क पर राम नाम लेके जाओ तो कोई नहीं. पूछता हां देखिए गाली दे दो तो लोग सुन. लेते हैं वीडियो वायरल हो आता है बिल्कुल. एक हां एक कुछ भी आप कुछ अलग करेंगे तो. कहीं ना कहीं वो एक अटेंशन वो आप कैच करता. है बड़ा कोई कुछ भी आप कैची सा करेंगे तो. लोग भी देखते हैं एल यादव से मिले आप हां. एलविश से मुलाकात है मेरी अभी तो वो जमानत.
पर बाहर हो गए हैं जी अ उन पर एक केस चल. रहा है सांपों के जहर को लेकर कुछ आपने. इसमें देखा क्या मामला है क्योंकि कई सारी. बातें आ रही है थोड़ा सा आप इंटरनली समझा. सकते हैं हमारे दर्शकों को हां देखिए जो. यह सांपों का जो जहर है इसके अंदर जो. एलविश अरेस्ट हुआ और एलविश कोई भी. डायरेक्ट एविडेंस ऐसा नहीं है क्यों. क्योंकि फाजिल पुरिया ने स्टेटमेंट दी. क्लियर मेरे शो पर भी आकर मेरे सामने भी. मेरी बात हुई तो उसने पूरी तरह से एडमिट.
किया कि जो वीडियोस या विजुअल सोशल मीडिया. पर वायरल हो रहे थे वो सारे के सारे उसके. गाने के थे जो एग्जॉटिक थे जिनकी परमिशन. थी तो इस इस चीज से बाहर हो जाता है वो बट. जो मीडिया में खबर आई थी क्योंकि मैंने कई. अखबारों में पढ़ा प्रतिष्ठित अखबारों में. कि एलविश ने कबूल कर लिया कुछ फोन कॉल. रिकॉर्ड ऐसा कुछ खबर आई फिर एनडीपीएस एक्ट. लगा अब यहां भी मेरे में एक सवाल आया कि. बाद में एनडीपीएस हटा दिया गया तो अगर. एलविश बेकसूर था तो तो फिर उन पुलिस वालों.
पर कारवाई होनी चाहिए जिन्होंने उसको. एनडीपीएस लगाया जेल भिजवा दिया और अगर वो. बेकसूर नहीं था तो फिर या तो कहीं. एक्सर्नल दबाव आया में से एक ही चीज हो. सकती है नहीं देखिए एक्सटर्नल दबाव कुछ. नहीं था बल्कि पूरा मीडिया के अंदर हर चीज. इसमें रिपोर्टेड थी तो मुझे नहीं लगता कोई. प्रेशर जैसी बात थी इसमें पर फिर तो. खिलवाड़ हो उसके साथ सर कि उसको एनडी. एनडीपीएस लगा दिया गया बदनामी हुई हुई. काफी नहीं देखिए जो जो प्राइम ऑफ एशिया जो. इसमें एविडेंस आए निकलकर वो प्राइम ऑफ.
एशिया एविडेंस में जो एक रिकॉर्डिंग है. फोन रिकॉर्डिंग है एक राहुल सपेरे की हम. उसमें वो नाम लेता है जो बायर है और वो. बायर बोलता है कि एल्विस ने नंबर दिया और. सिर्फ उस रिकॉर्डिंग के जरिए इस केस से. तार जोड़े गए हम और जिस दिन की भी वो रेव. पार्टी है हम उस दिन एलविश बॉम्बे है हम. सारी चीजें हैं होटल्स की बुकिंग है. टिकट्स हैं सब कुछ है इन सभी के आधार पर.
पाच से छ दिन के अंदर बेल भी हुई उसकी और. कहीं ना कहीं जो नोएडा पुलिस है उसने भी. अपनी गलती एडमिट की शुरू में तो जो एफआईआर. है उसमें अंडर सेक्शन 20 लगाया और जब बाद. में देखा कि चीजें एस्टेब्लिश नहीं हो पा. रही कनेक्ट नहीं हो पा रही तो कहीं ना. कहीं उन्होंने भी इसको एडमिट किया और इस. केस में एक बड़ी चीज 5 नवंबर 2023 को हुई. थी जब भी एफआईआर लज हुई उस टाइम जो एफआईआर. लज जिस अधिकारी ने की मिस्टर संदीप.
चौधरी तो उनको इमीडिएट लाइन हाजिर किया. गया उस टाइम पर तो चीजें जो समझ में आता. है वह शायद कहीं ना कहीं शुरू से ही थोड़ी. अलग थी तो जो माननीय अदालत है उनके. संज्ञान में सारा मामला आया सारे फैक्ट्स. देखे तो उन्हीं आधार पर य बेल हुई है ठीक. अच्छा एक इसमें उनके फैंस के लेकर सवाल है. अभी तो जमानत हुई है अभी गुनाह माफ नहीं. हुआ है क्या वो दोबारा जेल जा सकते हैं या.
अभी कानून के जानकार के तौर पर आप हम ही. समझना चाहते हैं जी बिल्कुल हां अभी तो. सिर्फ बेल है और दोबारा जेल जाने की बात. है तो अगर कोर्ट को ऐसा लगेगा कि बाहर. रहकर किसी भी तरीके से एविडेंस से. छेड़छाड़ की जा रही है या इन्वेस्टिगेशन. में कोई गलत चीज हो रही है एलविश के बाहर. रहने से तो शायद. दोबारा कोर्ट उसको जुडिशियस में ले सकता. है तो अभी जब तक ये इसका डिस्पोजल नहीं. होता बेल होना एक अलग चीज है क्विटल होना.
एक अलग चीज है तो अभी एलविश सिर्फ बेल पर. है और अभी यह ट्रायल बाहर से चलेगा जो. कोर्ट की जो डेट्स है उन डेट्स पर एलविश. आएगा तारीखों पे आएगा और ये ट्रायल चलेगा. और ये प्रक्रिया लंबी चलेगी वो डिपेंड. करता है आमतौर पर ऐसी प्रक्रिया को आप. देखते हैं इसलिए हम समझना चाह रहे हैं जी. जी हां समय लगेगा समय लगेगा इस प्रक्रिया. प ठीक है इंडिया में एक और सवाल आता है कई. लोगों ने मुझसे कहा कि पूछे कि भारत में. महिला जेल बहुत कम तो महिला अपराध कम करती. है इसलिए कम है या इंटरेस्ट कम है मतलब.
क्या वजह कि महिलाओं के जेल इतनी कम बनाई. नहीं देखिए ये तो इक्वलिटी बिफोर लॉ हमारा. कांस्टिट्यूशन कहता है और जो कानून है वो. सबके लिए बराबर है तो हां जो फीमेल्स है. वह कहीं ना कहीं कम देखी जाती है अपराध के. अंदर तिहाड़ जेल की मैं बात करूं तो जहां. 25000 के आसपास हमारे पास टोटल इनमेट्स है. तो उनमें सिर्फ 500 से 700 महिलाए होंगी. लगभग और यह है भी क्योंकि हम जनरली देखते.
हैं डे रूटीन में हम देखते हैं आपको. स्नैचिंग की वारदात में या मर्डर की. वारदात में जो भी इवॉल्वमेंट दिखेगा मेल्स. का दिखेगा फीमेल्स का बहुत ही कम केसेस के. अंदर देखने को मिलता है कोई ऐसी खुखार. महिला तिहाड़ में दिखाई पड़ी जिससे आपको. लगा हो यार ये बड़ी खतरनाक है नहीं मेरी. ड्यूटी वहां जो तिहाड़ जेल है वहां फीमेल. स्टाफ रहता है सारा किसी से सुना हो आपने. आपकी भी दोस्त होंगी जो फीमेल डिपार्टमेंट. में हैंडल करती होंगे कलीग्स होंगे आपके. किसी किस्सा कहानी सुना आपने कहा यार यह. बड़े खतरनाक है नहीं नहीं ऐसा तो कोई केस.
सच इंसिडेंट नहीं है तिहाड़ में कोई ऐसा. कैदी है जिसको लेकर आप लोग थोड़ा सा. एक्स्ट्रा सतर्क रहते हैं जिसे मतलब अगर. फ्रेम करूं डर लगता है या डर तो नहीं. लगेगा पुलिस वाले हैं लेकिन जिसको लेक. एक्स्ट्रा सतर्क या लगता हो यार ये थोड़ा. ज्यादा ढीठ है सबसे ज्यादा ढीठ इंसान इस. जेल में य है अभी कौन है तिहाड़ में ऐसा. नहीं देखिए जितने हैब चुअल ऑफेंडर्स हैं. वो कहीं ना कहीं ट ही है क्योंकि जो में. इनमेट है वह कभी भी खुद से नहीं कहता कि. मैंने अपराध किया सब कहते हैं जी हो गया.
या मैंने नहीं किया गलती उसकी थी एडमिट. कोई नहीं करता तो हमें अपनी जो. इन्वेस्टिगेशन है या बातचीत है वो नेगेटिव. नोट से हमें शुरू करनी होती है और उसमें. से हमें सच निकालना होता है कि यह सच बोल. रहा है या झूठ बोल रहा है क्योंकि जो एक. ट्रस्ट की अगर हम बात करें तो जेल में. ट्रस्ट करना एक बहुत बड़ी चीज है और. इजली करना भी नहीं चाहिए क्योंकि उनकी. नजरों में वो लोग ठीक हैं और जो हुआ बस वो. गलती से हो गया या किसी और ने कर दिया.
उनकी मिस्टेक नहीं थी इस तरह की बातें. निकल के आ जी दीपक शर्मा जी को किसी ने. रिश्वत दी मतलब हमारा यार बेटा अंदर है. उसका थोड़ा ख्याल रख लेना नहीं देखिए पहले. प्यार से कहा फिर कहा अच्छा थोड़ा रख लो. जेब में इधर उधर से ऐसा किसी ने किया कभी. नहीं मैं बड़ा रिजर्व रहता हूं और मैं. अपनी चीजों में इतना ऑक्यूपाइड रहता हूं. अनवांटेड कॉल्स में नहीं लेता जनरली नहीं. मिलता मैं लोगों से और जो लोग मेरे बारे. में जानते हैं अ पब्लिकली क्योंकि कोई आता. है आपके पास तो किसी कनेक्शन से आता है तो. जो मेरे सर्कल के लोग हैं वह उनको अप्रोच.
करते हैं तो व उनको डायरेक्ट रिफ्यूज कर. देते हैं कि नहीं अ कभी ऐसा कोई कॉल आया. दीपक शर्मा के पास कि सुनो वो हमारा भाई. वहां पर है ध्यान रखना नहीं ऐसा इस तरह का. थ्रेट कॉल्स कभी नहीं आती आपको नहीं थ्रेट. कॉल्स कभी नहीं कभी आई ही नहीं वह कभी एक. दो बार पहले के टाइम पर थी तो वो पुलिस के. नोटिस में डाली हमने चीजें थोड़ा सा हम भी. अलर्ट मोड पे रहे हमेशा ही र. कि फैमिली को भी कुछ डायरेक्शन दे रखी है. कि किस तरह से रहना है कहां आना है कहां.
नहीं जाना एक कोई ठगी का मामला भी आपके. साथ शद हुआ था जी लाख रुप का किसी महिला. का मामला था क्या था मामला वो ठगी नहीं है. वो ब्रीच ऑफ ट्रस्ट है तो व जो मामला हुआ. व. उसमें मैंने इन्वेस्टमेंट की उनके. प्रोजेक्ट के अंदर और वो इन्वेस्टमेंट जिस. प्रोजेक्ट में उन्हें डालनी थी उस. प्रोजेक्ट में ना डालकर उन्होंने उसको. अपने पर्सनल यूज में ले लिया और फिर मेरे. फोन उठाने बात करना बंद कर दिया तो सारी.
चीजें मैटर ऑफ रिकॉर्ड थी सारी पेमेंट्स. ऑनला सारी ऑनलाइन थी ट्रांजैक्शंस क्लियर. थी तो जब मुझे लगा कि ब्रीच ऑफ ट्रस हुआ. है चीटिंग हुई है तो मैंने व कंप्लेंट. उसकी लिखित में दी पुलिस ने प्राइमरी. इंक्वायरी की तो सारे फैक्ट निकल के सामने. आए तो उसम मुकदमा दर्ज हुआ 420 की एफआईआर. हुई दोनों दंपति के खिलाफ क्या आप मानते. हो कि सरकारी नौकरी में पैसा थोड़ा कम है. अगर पुलिस वालों पर रिश्वत के आरोप लगते. हैं तो उसकी एक मुख्य वजह यह भी हो सकती.
है कि आप काम बहुत करवाते हैं लेकिन जब. तनखा देने की बारी आती है तो बहुत थोड़ी. सी सैलरी आती है जो शायद समय के हिसाब से. अपडेट नहीं हुई है आप मानते हो इस बात को. हां देखिए जो गवर्मेंट जॉब्स है उसमें. सैलरी कंपैरेटिव कम है और पनिशमेंट्स भी. ज्यादा है आपके रिवार्ड्स बहुत कम है तो. मुझे लगता है कि कहीं ना कहीं गवर्नमेंट. को थोड़ा ध्यान देना चाहिए. कि वह जो सैलरीज है ऑफिसर्स की वह सैलरीज. को अच्छा करें जो एक डेकोरम है ऑफिस का.
डेकोरम इस तरह का करें कि जो अधिकारी है. वह और मन से अपने काम को करें टाइम टू. टाइम रिवार्ड्स दें छुट्टियों की बहुत. छुट्टियों का बहुत इशू आता है छुट्टियां. नहीं मिलती टाइम पर मेडिकल फैसिलिटी में. भी कहीं ना कहीं हम लैक कर जाते हैं. कैशलेस नहीं है तो यह चीजें अगर रहे तो. मुझे लगता है कि जो भी अधिकारी है अपने. कंसर्न डिपार्टमेंट में और ज्यादा अच्छे. से चीज कर पाएगा और मन लगाएगा और अपना नाम. आगे बढ़ाएगा जैसे आपने एप्पल वश पहनी है.
बढ़िया चश्मा लगा रखा है टोले शोले बने उस. प्रोटीन जाता होगा आपने बताया आपके कद के. अधिकारी के लिए अपने आप को मेंटेन करना. फिर फैमिली को देखना बच्चों के अच्छे. स्कूल में. डालना यह सब आसानी से हो जाता है बिना. आपकी एक्सटर्नल फैमिली के सपोर्ट लिए. सरकारी तनखा प नहीं मेरे हिसाब से वो नहीं. हो. पाता क्योंकि जैसा मैंने बता कि मैं. ब्रांड एंडोस करता हूं तो जो ब्रांड्स है. ब्रांड्स की तरफ से मेरे को मेरी फिटनेस.
का खर्चा जीरो है जो मेरा खाना पीना है वो. सारा मेरे को ब्रंड देती है सारे जो. सप्लीमेंट्स है प्रोटीन है तो इन्हीं के. खर्चों की अगर मैं बात करूं तो 20 से 25. हज के आसपास का अमाउंट इन्हीं के अंदर. जाना. और मुझे नहीं लगता कि हां चीजें एक नॉर्मल. इंसान के लिए पॉसिबल हो पाएंगी क्या आप. मानते हो कि इस पर काम होना चाहिए वाइस जो. पुलिस पर हम आरोप लगाते हैं क्योंकि आरोप. बहुत इजी है हर चीज पर पुलिस वालों पर हम. आरोप लगाते हैं कई सारे शब्दों का.
इस्तेमाल करते हैं फिल्मों में भी आपने भी. सुने होंगे वो ठुल्ले ये पुलिस वाले ने. ठुल्ला है ठुल्ले धर या ठुल्ले से बच के. रहना ये सब कभी फेस किया आपने ऑफेंड करती. है चीजें आपको जब कोई ठुल्ला कह देता है. नहीं देखिए इतना तो नहीं कोई सामने से आके. बोल दे पर हां हियर से है सुनने को मिलता. है हम कि ये चीजें हैं कि इस तरह से लोग. बोलते हैं तो कहीं ना कहीं मुझे लगता है. कि रूट कॉस क्या लगता है आपको इसके. पीछे नहीं ये जो शब्द आप कह रहे हैं ये जो. शब्द है जो हमारा जो सबोर्डिनेट स्टाफ है.
जो अ पब्लिक डीलिंग में ज्यादा रहता है हम. कि अ जो रोड्स पे ड्यूटी कर रहा है हम या. कॉल्स अटेंड कर रहा है जा रहा है इधर-उधर. तो हमारे ये उन लोगों के लिए थोड़ा सा. यूज़ होता है एक अधिकारी के लिए जो नए. लड़के आते हैं क्या वो आपकी डिपार्टमेंट. होंगे क्या वो कई बार ऑफेंसिव फील करते. हैं अजीब सा कि यार सर मैं तो बड़े अच्छे. कॉज को सोच के आया था. हां देखिए आप लॉन्ग वर्किंग आवर्स है कई. बार ऐसा होता है कि आपको दो दिन तीन दिन.
तक भी आपको छुट्टी नहीं मिलती और उस लॉन्ग. वर्किंग आवर्स में आप उससे उम्मीद करें. क्योंकि फैमिली भी है सारी चीजें देखनी है. और उसमें आप उससे उम्मीद करें कि वो उसी. तरह से जेनियल रहे सॉफ्ट रहे तो वो पॉसिबल. नहीं है और इधर से पब्लिक का प्रेशर भी है. सीनियर्स का प्रेशर भी है घर भी जाना है. सारी चीजें देखनी है तो थोड़ा सा इरिटेशन. तो रहती है एक पुलिस वाले को कितनी छुट्टी. मिलती है जी छुट्टी की और कितने वर्किंग.
आर होते हैं आपके वर्किंग आवर्स तो. बिल्कुल अनसर्टेन है सपोज दैट कि किसी की. ड्यूटी 8 बजे खत्म है और 750 प कोई कॉल. आता है 755 पे कोई कॉल आता है और वह कॉल. उनको दे दी जाती है और कुछ कंफर्म नहीं है. उस कॉल पर दो दिन काम चले तीन दिन काम चले. सपोज ट कोई रेप कॉल आया 750 पे इमीडिएट. रिपोर्ट करने के लिए व अधिकारी जाएगा व. जाएगा वहां से सारी जो एक्शन जो क्राइम.
सीन है उसको सीज करेगा एफएसएल बुलाएगा उधर. से उसका मेडिकल कराएगा बाकी सारी चीजें. करेगा मुलजिम की भी धर पकड़ करेगा फिर. उन्हें कोर्ट में पेश करेगा तो यह ऐसा. नहीं है कि बैठे बैठे सारी चीज सब अलग-अलग. एजेंसी है जाना पड़े होली दिवाली जो. त्यौहार होते हैं इम कैसे मैंने छुट्टी. मिलती है आप लोग को नहीं जो जितने भी. फेस्टिवल्स है इसमें तो हमारे एक्स्ट्रा. विजल र के ऑर्डर्स रहते हैं तो इसमें तो. छुट्टियां और दो दिन पहले खत्म हो जाती है. आप लोग के माइंड में चलता है नहीं कि मेरा.
बच्चा आज दिवाली पर पटाखे चला रहा होगा. मुझे भी होना चाहिए था मिस करते हां. बिल्कुल यही चीजें जैसे अभी हम शुरू में. बात कर रहे थे कि फैमिली में क्लैशेस होते. हैं तो चीजें हैं कहीं ना कहीं फैमिली अब. जो पेरेंट्स है या आपका स्पाउस है आपके. बच्चे हैं वह एक्सपेक्ट करते हैं कि इस. तरह के फेस्टिव मोड में फैमिली के साथ रहे. पर नहीं रह पाते ओके लास्ट क् एक चीज जो. पुलिस को लेकर आप चाहते हो चेंज करना. पुलिस डिपार्टमेंट ने भी और एक चीज जो आप.
चाहते हो जनता के परसेप्शन को लेकर हां. देखिए जनता के परसेप्शन को लेकर तो जो. मैंने कहा पहले भी हम बात कर रहे थे कि ना. दोस्ती अच्छी ना दुश्मनी अच्छी तो ऐसा. नहीं है कि मुझे लगता है कि अगर आप अपनी. जगह बिल्कुल ठीक है आप अलर्ट भी है विजल. भी है अपने अधिकार आप जानते हैं पहचानते. हैं तो मुझे नहीं लगता कि डरने जैसी कोई. बात है जो पुलिस है वो पुलिस की वर्दी के. अंदर है वह एक नॉर्मल एक इंसान है ऐसा.
नहीं है कि वो कोई दूसरे ग्रह से आया कोई. दूसरा प्राणी है तो ना डरे अपनी तरफ से आप. गलत ना करें आप अच्छे रहेंगे तो मुझे लगता. है कि सामने वाला भी उसी के अकॉर्डिंग. रिएक्ट करेगा और एक चीज जो आप पुलिस. डिपार्टमेंट में चाहते हैं कि ये बेहतर हो. जाए पुलिस डिपार्टमेंट में जैसे अभी हम. रिवर्ड सैलरी स्केल पे स्केल रिड स्ल. सैलरी भी है स्ल जी हां बहुत सी चीजें हैं. और मुझे लगता है कि हां बीइंग अ.
फिटनेस एक इनफ्लुएंसर हम कह सकते हैं तो. मैं तो यही कहूंगा जैसे अभी हम बात कर रहे. थे कि पेट निकला हुआ त निकली हुई है तो जो. भी हमारा जो यंग ब्रीड है यंग जनरेशन है. जो पुलिस के अंदर आ रही है तो सभी लोग. फिटनेस को थोड़ा सा प्रमोट करें आप फिट. रहे अभी जैसे भाई यह था अभी दबंग सिंघम इस. तरह की जो मूवीज थी तो इनसे कहीं ना कहीं. इंस्पिरेशन लेके मैंने भी अपनी फिटनेस.
रिजाइन को आगे बढ़ाया और बड़ा अच्छा फील. आता है जब आप फिट होते हैं क्रिमिनल्स को. अगर आप डील कर रहे हैं सामने अगर कोई. क्रिमिनल है वो पहले ही आधा हो जाएगा आपको. देख के कि सामने अगर एक अच्छा मजबूत कद. काठी वाला है तो अपनी फिटनेस को आप बेहतर. रखें तो बाकी जो गवर्नमेंट है गवर्नमेंट. से भी मेरी यह रिक्वेस्ट है कि हमारी जो. सैलरीज हैं पर्क्स हैं इन सारी चीजों को. थोड़ा सा कंसीडरेशन जोन में लेकर आ. शुक्रिया दीपक जी आपका आपने लगभग लगभग. सारे सवालों के जवाब दिए थोड़ा और खींचते. अगर रात ना होती बट कभी और सही सोशल.
मीडिया में बहुत सारे बच्चे हैं बहुत सारे. उटपटांग चीज भी करते हैं आप क्यक सोशल. मीडिया के इंसर भी है अपार्ट फ्रॉम बीइंग. पुलिस मैन उनको आप कोई लाइफ मैसेज देना. चाहते अपनी लाइफ से आपने सीखा हो देखिए. सोशल मीडिया जो बच्चे हैं मैं आपको सिर्फ. इतना कहना चाहूंगा. कि सोशल अगर सोशल मी की हम बात करें तो. सबसे पहले आप अपना करियर बनाएं अपने करियर. पर सबसे पहले आप फोकस करें एक बार आपका.
करियर बन जाता है उसके बाद आप बाकी चीजों. की तरफ आप जा सकते हैं कुछ भी करें आप और. दिन में एक घंटा दो घंटा जो भी आप अभी. सोशल मीडिया पर आप फालतू का जो वेस्ट कर. रहे हैं कि कई हम देखते हैं कि बैठे हुए. हैं और रील्स पर रील्स स्क्रॉल किए जा रहे. हैं या कुछ भी कंटेंट आप देख रहे हैं बना. रहे हैं तो इन चीजों पर ज्यादा ना जाए अगर. आपका की लाइफ में स्टेबिलिटी है और उसके. बाद आप अपनी लाइफ में कुछ अच्छा बेहतर कर. रहे हैं तो मेरे हिसाब से वह चीज ज्यादा.
बेहतर है थैंक यू सो मच थैंक य सो मच.
