Unplugged ft. Avadh Ojha | Motivational | UPSC | AAP | Awadhi | Narendra Modi | Akhilesh Yadav
आप आपके अभी भी हैं।. अब तो हम आपके हैं कौन? [हंसी]. पहली बात तो बोल अब बंद हो ही जा रहा है. यार। पार्टी लाइन के बाहर नहीं बोल सकते।. पार्टी लाइन डिसाइड करेगी।. अच्छा हम फोटो देखें। [हंसी]. हंसते चेहरे का मतलब ये नहीं कि कोई तकलीफ. नहीं है।. ओ हम लोग बोल ना तो मर जावे भैया। [हंसी]. दिल्ली में प्रदूषण बहुत बड़ा है। अब की. आए होए नहीं खांसे। तब की चुनाव रहा तो. खांसत रहे हो।. ऐसा [हंसी] नहीं हुआ है।. खास नहीं आए थे कहां तो। दिल्ली की जनता.
भगवान राम के प्रेम [संगीत] में शंकर बनी. हुई है।. जहर पे [हंसी]. कि हमारा लड़का दमा से मर जाए।. कोई बात नहीं मोदी जी का वोट। बाबा कैसे. मर गए भैया खांसत खांसत मर गए। कोई बात. नहीं।. मोदी जी को वोट देना। अम्मा के कहा है. भैया इस्नोपीलिया बढ़ाई मर जाए ठीक है।. मोदी जी का वोट देना। जे ई कसम खाई ली।. [हंसी]. लड़कों को भैया फेफड़ा खराब हो गया।. लड़का मर जाए मोदी जी को वोट देंगे। हम तो. कई बार वीडियो देखें। लोग कहते हैं ₹000. पेट्रोल मिली तब वो मोदी जी का वोट देंगे।.
पेट्रोल ₹4000 लीटर हो जाए।. वोट मोदी जी को. मोदी को. मोदी को. मोदी के नाम पर कुकुर आएगा उसको भी वोट. देना है हम ₹ज़ टका देगा ना पैसा पर मुंह. तो देंगे लेकिन वोट देंगे मोदी को।. मोदी जी किस्मती आदमी है। वैसे हम चुनाव. लड़े चाचा थे बुलाए हमको कहीं पैर छू सबके. यार। लड़का बच्चा मेहरारू गाय गोरू बकरी. पैर नहीं छुएंगे चाहे 400 [संगीत] इलेक्शन. हार जाए।. मोदी जी ये छू लिए थे।. मोदी जी तो हमको हराने के लिए छुए मोदी. [हंसी] जी हमको बहुत नकल करते हैं। कट्टा. मेरा शब्द है। जाके बोले बिहार में।. आरजेडी ने कांग्रेस की कनपट्टी पर कट्टा.
रखकर. दूसरा गमछा मैं लेके चलता हूं। ले गए गमछा. हिलाए ऐसे ऐसे किए। हो सकता है हृदय. परिवर्तन हो जाए। या का क्या पता. प्रधानमंत्री वाला पद खाली हो जाए।. नरेंद्र मोदी जी कल मुझे कहते हैं कि यार. मैं पद छोड़ रहा हूं। तुम प्राइम मिनिस्टर. की शपथ ले लो।. ये वाला थोड़ा सा वैसे भी थोड़ा [हंसी]. दिल्ली से काहे लड़े गोंडा से लड़ लेते।. कैसरगंज लड़ लेते।. कैसरगंज तो बिल्कुल ना लड़े। खसरगंज में तो. शुरू से मुद्दा बेस सिंह ही चल रहा है।. [हंसी]. डर सबको लगता है। गला सबका सूखता है। एक.
जोंडा हमसे कही भैया डराओ ना पाठक पूरा. ब्राह्मण समाज तो साथ है। रुपया कैसा. हथियार पीछे ना हटे सुनो पाठक। ये सब. रिकॉर्ड हो है। अब जभूसड़ा का सुनाई। अरे. दादा अरे भगवान इतना रोए इतना रोए। कह. भैया डिलीट कर दो भैया ना करो। पिताजी का. एक बड़ा प्यारा कांसेप्ट है। कह देखो भैया. परिवार बनावत है। समाज मिटावत है। हम चाह. थे तुम्हें समाज ना मिटाव। हम इतना मिटाई. थी कि समाज के लिए तुम चुनौती बन जाओ।. अच्छा चाचा हमारे काहे जीजा? ईवीएम ईवीएम. हैक होता है? बिल्कुल होता है।. अरे महाराज दिल्ली में दो बार आम आदमी.
पार्टी फुल फुल मेजॉरिटी के। ममता दीदी. बीजेपी पूरा जोर लगाई थी।. आज मैं यहां से कहके जा रहा हूं ममता दीदी. चुनाव नहीं हारेंगे। 30 स्टेट हैं 10 दे. देना है।. हम हम लॉजिक हम लॉजिक बता दें।. बताओ हमको। अखिलेश जीतेंगे हारेंगे।. अखिलेश जी. 27 हार जाएंगे।. 27 हार जाएंगे।. क्या बात कर रहे हैं? टीजर कट गया हमारा।. हारेंगे हम बता दें।. हमारा जिला इतना पीछे काहे है? यूपी बिहार. में बहुत जिला है। हम अपने गुंडक बात भी. कर ले। जिस भारत के लोग कहते हैं कि हम. चाइना का एक झालर ना खरीदो।. हम मेड इन इंडिया ही प्रेफर करेंगे।. अबे चाइना वाले कह दे कि हम हर भारतीय का. एक-एक Apple का मोबाइल दे तो 50% चीन.
वालों का वोट। आज के जो विद्यार्थी. स्टूडेंट हैं उनके पास चार चीजों का भाव. क्वेश्चन नहीं कर कनेक्ट करेक्ट नहीं आवत. है। समझ तो है ही नहीं। मेरा यहां जाओ।. कुत्ता दौरा तू पेड़ में चढ़ गया। [हंसी]. तो ड्रम मन जा।. तो ड्रम मन जा।. चंबल में डकैती खत्म हो गई। यूपी बिहार. में बकैती काहे नहीं खत्म।. तो बकैती को अपना सिद्धांत बना। देखो. बकैती का तो मैं शहंशाह हूं।. क्या बात है सर।. अगर अवध ओझा जी इलेक्शन में जीत गए होते. तो क्या रिजाइन करके राजा वाली मेंटालिटी. दिखाते या पांच साल कुर्सी चिपके रहते?
चुपके रहते हैं।. क्या बोला तूने? चुपके रहते।. बहुत मुहा आप। आप सब पढ़ाते हैं कि वो. लौंडियाज था। सबको मरवाया था। उसको महान. बना दिया।. कई दिन आई है। तो एक दिन डिबेट हो जाए। को. बुलाए लो। एक कुर्सी पीली पीली और रुप. चुनौती। अच्छा इतना खुराफाती काहे होते. हैं यूपी में नहीं। ज्योग्राफी जो है आदमी. का नेचर डिसाइड करती है। जैसे नेपाल का. आदमी है। मेरे पास चुनौती बहुत है। यूपी. बिहार में कहा है फर्टाइल लैंड है। लोहा. फेंको 47 निखरिया।. तैमूर लंगवा रहा दिल्ली से निकरा। ये साले. गुट खा थूक दिए। [हंसी] लिखा है यहां गधा.
पेशाब कर। गधा पेंट कह दी। मजाक जी पहले. टीचर रहे। बाद नेता बने। मोटिवेशनल. स्पीकरो रहे। अब बाबा तो नहीं बन जाएंगे।. कुछ ठीक नहीं है। [हंसी]. किसी शायर ने खूब कहा कि हर चेहरे के होते. हैं कई चेहरे जिसको देखो बार-बार देखो। आज.
हमारे मेहमान जो हैं उनके भी बहुत सारे. रंग हैं। इसलिए उनका हम इंट्रोडक्शन नहीं. देंगे। हम उनसे आज सवाल पूछेंगे। साहब. आप आपके अभी भी हैं।. [हंसी]. अब तो हमसे यह सवाल ज्यादा अच्छा हुआ कि. हम आपके हैं कौन? [हंसी]. दरअसल जीवन में हमारे गुरु हैं परमहंस. महाराज जी।. हां जी।. तो परमहंस महाराज जी को एक जन्म लेना पड़ा. दोबारा।. तो जो जन्म लेना पड़ा उसकी वजह यह थी कि.
उनकी दो इच्छाएं शेष रह गई थी। एक गांजा. पीने की रह गई थी और एक शादी करने की रह. गई थी। यह वाली हमारी भी रह गई है। [हंसी]. तो दो इच्छाएं उनकी शेष रह गई।. अणणांद महाराज जी के गुरु परमहंस महाराज. तो उन दो इच्छाओं के लिए उनको फिर से जन्म. लेना पड़ा। तो गांजा वाली तो खैर किसी तरह. एक आध बार में पूरी हो गई और शादी वाली भी. गुरु महाराज ने उनके गुरु महाराज ने ओवरकम. करवा दी। उनका जन्म पूरा हो गया। ऐसे मेरी. एक बड़ी उत्कंठा थी राजनीति करने की,
इलेक्शन लड़ने की कि यार चुनाव लड़ना है, चुनाव लड़ना है। चुनाव लड़े पटपट के जनता. का बड़ा सम्मान मिला। दूसरे पोजीशन पर. रहे।. लेकिन चुनाव लड़ने के बाद मुझे जो चीजों. का एहसास हुआ यह हुआ कि. मुझे राजनीति नहीं करनी चाहिए।. इसलिए मैंने राजनीति से सन्यास ले लिया।. हे महाराज से से डीमोटिवेट हो गया। ना. डीमोटिवेशन की बात ही नहीं है। समझ की बात. है। समझ की जैसे आपको कोई बात समझ में आ.
जाए। शाहरुख खान गाना गाने गए थे।. हां अपुन बोल ला तू मेरी लैला।. हां शाहरुख खान गाना गाने गए थे। लेकिन. उनको पता चला कि यार वो एक्टिंग बहुत. अच्छी कर सकते हैं।. जैसे मैं जब चेस खेलता हूं तो मेरे दिमाग. से चाले गायब हो जाती है।. लेकिन जब मैं देखता हूं तो एक से एक चाले. आती है। तो मैंने कहा यार खिलवाओ बैठा के।. आप कह रहे हैं कि आप किंग नहीं किंग मेकर. बनेंगे।. ऐसा मैं क्यों कह रहा हूं? लोग कहेंगे तो. कहेंगे लेकिन हां यह बात एकदम सच है कि. राजनीति से सन्यास।.
अच्छा ये बताइए हमको पहले कि हम. इंट्रोडक्शन करें ना करें या ये मान लें. केवझा को सब जानते हैं।. नहीं सब तो नहीं जानते हैं। ये तो एक बहुत. ज्यादा हाइपरबल स्टेटमेंट हो जाएगा। लेकिन. थोड़े बहुत दो चार लोग तो. इंट्रोडक्शन करना चाहिए कि नहीं करना. चाहिए हमको? नहीं आपकी स्वेच्छा आप चाहे तो कर लें।. [हंसी]. लेकिन लोग ये सवाल पूछेंगे कि आप दुनिया. को राजा बनाने सिखाए कि राजा बनने की कला. ये होती है और आपका अब तक वीडियो जबरदस्त. वायरल है।. और फिर कह रहे हैं लोग जब खुद राजा बनने. की बारी आई तो आप कह रहे हैं कि अब हम. सन्यास ले लिए। चाणक्य का जो नाम है ना वो.
चंद्रगुप्त से ज्यादा है।. हां।. भाई राजा बनने की बात ही नहीं है।. अगर हमें कोई चीज मैंने वही बात कही ना कि. अगर कोई चीज समझ में आ जाए कि बॉस इस काम. को मत करना। इच्छा थी वो पूरी हो गई।. और समझ में भी आया। मैंने कल एक ट्वीट. लिखा था बड़ा चार लाइन लिखा था मैंने. बिहार इलेक्शन के बाद और बिहार इलेक्शन. में डॉक्टर के सी सिन्हा की जो हार है वो. मेरे लिए बहुत पेनफुल है इस देश की जनता. बार-बार कहती है हमें अच्छे ऑप्शन मिल जाए. हमें अच्छे ऑप्शन मिल जाए 70 किताब लिखी.
है उस आदमी ने डॉक्टर के सी सिन्हा ने. क्या व्यक्तित्व है क्या मतलब वो आदमी अगर. जीत कर आता तो कुछ ना कुछ बहुत अच्छा. बिहार के लोगों के लिए करता उसको हरा दिया. 15000 वोट पाके रह गया तीन नंबर पर. तीन नंबर पर डॉक्टर केसी के सी सिन्हा और. भी कई सारे लोग हैं। मैं सबका नाम तो नहीं. ले ले सकता लेकिन डॉक्टर के सी सिन्हा इस. देश की जनता खासकर उत्तर भारत की जनता चार. चीजें जानती है। तत्कालिक फायदा. बेहोश भावुकता बेहोश भावुकता कि हमारी जात. का है। लोकतंत्र का अज्ञान और एक पॉइंट.
मैंने कोई और लिखा था कि ये जो चीजें हैं. ये इस देश की जनता को एक अच्छे लोकतंत्र. से वंचित किए हुए हैं।. हम. वैसे बिहार चुनाव पे हम आएंगे आराम से।. हां एक पॉइंट और था. अहंकार की संतुष्टि. हम. जैसे हम चुनाव लड़े लड़े तो एक चाचा थे. बुलाए हमको रात का टाइम था हमको बुलाए कहे. भैया कहे हां कहे एक बात कहे मास्टर आपसे. हम कहा कहिए कह पैर छुओ सबके यार लड़का.
बच्चा मेहरारू गाय गोरू बकरी. तो हम कह रोशनी में खड़ा बात कहा. मतलब. हम कह अंधेरे में कहा हम कह आप उम्र में. बड़ा हो हमसे यही बतिया अंधेरे में तो दुई. फाइट मार दिया हो पैर नहीं छुएंगे चाहे. 400 इलेक्शन हार जाए. पर पैर पैर छूने की परंपरा. देख लीजिए कहूं छुए होंगे लड़का लोग बहुत. वायरल करेंगे. ठीक है पैर नहीं छू सकते वोट के लिए पैर.
छूना है मां-बाप का छूना है गुरु का छूना. है हमारे जो सम्मानीय लोग हैं जिन्होंने. हमारे जीवन को बदला है जिनका हमारे जीवन. पर प्रभाव है जैसे मैं हिंदुस्तान में. आजकल एक एक मूवी आई थी ना शागिर्द. हम. हैं. नाना पाटेकर. नाना पाटेकर की उसमें वो नाना को पैसे. वाला बैग देने आता है यहां पैर छूता है. कहता है ये क्या कर रहे हो कह रहा पैर छू. रहा हूं कहा नीचे छू यहां एक एक जो एक. कस्टम था उसको मारे एकदम खत्म कर दिए पैर. छू.
मोदी जी ये छू लिए थे. मोदी जी तो हमको हराने के लिए किए थे मोदी. जी हमको बहुत नकल करते हैं मतलब हम पता. नहीं ऐसा हो सकता है मेरी गलत खुशफहमी भी. हो सकती है पर मोदी जी मुझे कट्टा मेरा. शब्द है जाके बोले बिहार में [हंसी] सता. देंगे छाती पे कट्टा और सिक्सर वाला बोले. दूसरा गमछा मैं लेके चलता हूं. ले गए गमछा हिलाए ऐसे ऐसे किए मैं मैंने. गमछे का राष्ट्रीयकरण किया है वो गमछा. लेके वहां गए हिलाए गमछे से उनको फायदा. हुआ फिर वो जब भाई मेरा जो राइवल था उसका.
पैर छुए उसका पैर अगर वो नहीं छूते तो. संभावना थी कि मुझे कुछ और अच्छे वोट मिल. जाते. देखो पिछली बार हम आपसे पूछे थे अब मोदी. जी आप कह रहे हो कॉपी किए हैं हो सकता है. हृदय परिवर्तन हो जाए. बीजेपी. 27 गोंडा प्रयागराज. या का पता प्रधानमंत्री वाला पद खाली हो. जाए पिछला [हंसी]. जो आप पिछली बार कहे थे. नहीं नहीं नहीं. हम फिर से इस बात को रिपीट करेंगे मैं कुछ. काम बहुत अच्छा कर सकता हूं जिसमें मेरी. 25 वर्ष का एक बेहतरीन अनुभव है।.
मैं लड़कों को बहुत अच्छा दिशा दे सकता. हूं। मैं समाज को बहुत अच्छा दिशा दे सकता. हूं। गीता पढ़ा रहा हूं। एक साल का पूरा. एपिसोड मेरा हो गया है। अगर मैं किसी ऐसी. फील्ड में जैसे अब कल लोग कहते हैं भैया. तू बहुत अच्छा बोल ले तो शुभांकर बोली बल. पर तो चलाते हैं। कितना बढ़िया शुभांकर. क्वेश्चन तू पडकास्ट शुरू कर दो तो. सुभांकर का यहां तक पहुंचे मत 10 साल से. कम ना लागो. हम 9 साल ला. 9 साल लागा ना. अब हम शुभांकर का देखी देखा कल हम बगले. में खोल ली पीला कुर्सी मंगाई डारी एक और. काला पट और शर्ट पहन के हम पहुंची ना हो.
पाई भैया हर काम का एक थ्योरिटिकल पक्ष है. एक अनुभव वाला पक्ष है सुभांकर जैसे कहते. हैं रोम वाज नॉट मेड इन अ डे तो सुभांकर. मिश्रा वाज नॉट मेड इन अ डे. तो हार के मने बहुत ज्ञान मिल जाते हैं. बहुत ज्ञान. हार सीख है ना हार हार नहीं है. हार सीख है राहुल जी के कलेजे को तो मैं. सलाम करता हूं. 90 दाएं हारे तब वो लड़त है. लड़ क्योंकि उस आदमी को पता है कि राजा. फैमिली में पैदा हुए हैं और लड़ना ही है. और जीवन में कोई ऑप्शन नहीं है कि रिबॉक.
का शोरूम खोल ली कि जो उन्होंने क्रिकेट. एकेडमी चलाई ली वो सब उनके पास ऑप्शन ही. नहीं है। लड़ना है मतलब लड़ना है। जैसे. खेसारी है उनके पास ऑप्शन है। वापस चलाई. बेचारे स्टेटमेंट बड़ा अच्छा दीन कहीं मैं. दिल से जीता हूं। पता नहीं उन्होंने पहले. काहे नहीं पता था कि वह दिल से जीत है कि. नहीं जीत है लेकिन जब उन्हें पता था कि वह. दिल से जीते हैं राजनीति नहीं करने एबीपी. में शायद उनका स्टेटमेंट था ये कि मैं दिल. से जीता हूं राजनीति. हम कह रहे हमारा बहुत अच्छा मित्र है. खेसारी. हम. कहत रहे कि हमारे लायक नहीं है पॉलिटिक्स. नहीं ना करे.
हम नहीं लड़. नहीं बढ़िया बहुत अच्छा डिसीजन. सब हम सब हमारे हर वार काट के वायरल कह. देते हैं हमें बदनाम कह दी हमारा काम खराब. हो गया. तो ठीक है भाई अमिताभ बच्चन ने राजनीति की. सेफ पैश लेके बाहर चले गए बहुत सारे लोगों. ने किया उनको बाद में समझ में आया कि यार. ये फील्ड मेरे लिए नहीं. कहा था हम बीजेपी खातिर प्रचार कर रहे अब. सब कहा है तू सनातनी नहीं हो कौन भगवान. पूजा करी सनातनी हो ज हम यहां नहीं पता. सबको ढूंढत है कि बताओ कौन भगवान जेकर. पूजा पाठ शुरू कर दी ताकि सब हमें कहे कि. हम सनातनी है. माया का जो पति है माया यानी मटेरियलिज्म. उसका जो पति है वो है पूंजीपति कैपिटलिस्ट.
माया का जो बेटा है वो है राजनीतिज्ञ. राजनेता माया का जो नौकर है वो है. ब्यूरोक्रेट और माया का जो अवैध संतान है. वो है अपराधी और यह सब माया से गवर्न होते. हैं। यहां के सिद्धांत अलिखित हैं। इसीलिए. इस फील्ड में राजनीति के फील्ड में. पूंजीपति के फील्ड में हर आदमी पैसा नहीं. कमा सकता। हर आदमी मतलब सॉरी हर आदमी. पूंजीपति नहीं हो सकता। पैसा तो कमाएगा।. कोई 10,000 कमा रहा है, कोई 5,000 कमा रहा.
है, कोई 500 हर आदमी पूंजीपति नहीं हो. सकता। क्योंकि पूंजीपति होना, राजनीतिक. होना, ब्यूरोक्रेट होना, अपराधी होना. हम्। इसके अलिखित नियम है यहां जो नियम. लिखित है वह तो कोई समझ मत है अलिखित. इसलिए खेसारी जैसे लोग जब भी यहां एंटर. करेंगे तो परेशान हो जाएंगे. सारा ज्ञान रहा तब काहे चुनाव लड़े कौन. जीत हासिल करेगा. इच्छा इच्छा काया इच्छा माया इच्छा जग. उपजाया मान लो ना लड़ और इच्छा दबी रही. दिल मा कि यार चुनाव लड़े है फिर एक जन्म.
ले. तो दिल्ली से काहे लड़े गोंडा से लड़ लेते. कैसरगंज लड़ लेते. हां ये बड़ा अच्छा सवाल कि भाई कैसर गंज. तो बिल्कुल ना लड़े। [हंसी]. डर सबको लगता है। गला सबका सूखता है।. नहीं नहीं डरवर की बात नहीं है।. मेरी बहुत अच्छे रिलेशन है बृजभूषण सिंह. जी से।. और बाकी तो खैर दो बातें [हंसी] तो नहीं. है। काहे मैं कौन हूं? हां मतलब विजभूषण. कह रहे एक के मर्डर करे अब तक [हंसी]. कैमरे कैमरा. नहीं नहीं ठीक है फर्जी में बयाना ले.
चाहिए कि हमरे बाबा शेर से लड़के का कहीं. चीर फाड़ के खाएगा ज्यादा. ज्यादा सब ना करे चाहिए और फिर हम उनसे. कुछ है नहीं. क्या बात सही. हां कहीं ना हमारे बाबा शेर से लड़ गए. कहीं का कहीं [हंसी] चीर फाड़ के खाएगा एक. जने गोंडा मां भैया तुम्हें बताई यही बात. पर आई थे एक ज गोंडा हमसे कही जब चुनाव. टाइम तो हमसे भैया डराओ ना पाठक हो नाम तो. ना लेवे तो पाठक कह लेकिन भैया डरा ना. पूरा ब्राह्मण समाज तो साथ है। खैर वो सब. एक अलग बात है लेकिन वह कहीं नहीं सब हां. रुपया पैसा हथियार.
सब पीछे ना हटो. तो जब 10 मिनट के बात हो गया तो हम सुनो. पाठक ये सब रिकॉर्ड हो [हंसी]. अब जस का सुनाई कह भैया महातारी कसम कही. है अरे दादा अरे भगवान इतना रोए इतना रोए. कह भैया दिल्ली कह दो भैया ना करो भैया ना. करो भैया [हंसी]. तो हम कह तोहर बात हम मान ले तू हमार. रिश्तेदार अल्लाह को अर्जित हो संबंध. हमारे तो मैंने मरवा डरबो [हंसी].
तो वहां से नहीं लड़ना था दिल्ली सेकि. इसलिए लड़े क्योंकि केजरीवाल जी ने. दिल्ली में विधायक में गुंडाई नहीं होता. हां. यूपी में गुंडाई होते चल जाता [हंसी]. खैर कट्टा चिंता नाई है लेकिन इ रहा कि. केजरीवाल जी ने सस्मान बुलाया टिकट दिया. लड़ाया तो इसलिए लड़ा. अच्छा बीचों में एक तस्वीर आ रहा कहत कि. अखिलेश यादव से बड़ा मुलाकात चलत है. आजकल समाजवादी पार्टी चक्कर लात है।. अखिलेश यादव से मुलाकात हुई। बहुत जबरदस्त. मुलाकात हुई। तीन घंटे चर्चा हुई। लेकिन.
शिक्षा पे. कहां टिकट फाइनल पे? नहीं नहीं नहीं हम उन्हें लिख के दे आए. हैं। हम उन्हें कागज पर लिख के दे आए हैं।. वो कागज उनके लगे पड़ा है। विजय चौहान जी. उन्हें दी हुई है। उन्हें लिख के देने कि. भैया ना तो हम में एमपी बने ना विधायक बने. ना मंत्री बने हैं। लेकिन अगर आप सत्ता. में आएंगे। हमारी कोशिश पूरी है कि कोई. हमार आदमी सत्ता में बैठे जिसे शिक्षा मा. हम जो चाह है वह सब काम होइ सके। औरकि हम. बताएं तो रोम के बाद में अखिलेश यादव ने. कहा अरे सिर्फ पढ़ाई हमें बहुत दिन बाद.
उन्हें कोई एक आदमी मिला जैसे खुल के एकदम. हिस्ट्री पॉलिटी जग्राफी मतलब हम में ऐसा. सबसे मजेदार सवाल कौन पूछे. नहीं सवाल नहीं चर्चा होता. क्या सबसे मजेदार चर्चा क्या थी. नहीं चर्चा ही रही जैसे हमसे कह कह सर. आपको क्या लगता है कि जातिवाद कैसे खत्म. हुआ तो हम कह आप यह बताओ अमेरिका में कैसे. खत्म हुआ कह वहां जातिवाद नहीं है हम कह. नस्लवाद तो है कह हां तो कह हम कह वहां. कैसे खत्म हुआ कह यार वहां हम कह आप एक. बात जान लो जैसे इकॉनमी चेंज होगी वैसे.
सोसाइटी चेंज होगी क्योंकि अर्थव्यवस्था. और समाज का एक बहुत गहरा संबंध है भाई आज. अफगानिस्तान वहां औरतें काहे पर्दे में है. क्योंकि वहां आर्थिक आजादी नहीं औरतों के. पास इकॉनमी है ही नहीं ₹9 लाख उम्र का. सैलरी था फरीदाबाद वाला जब फट गया है. बहुत अच्छी बात. ₹9 लाख तनख्वाह थी उसकी. एक सांसद था. एक सांसद है सहारन सहारनपुर से. हां. सहारनपुर से. मसूद इमरान मसूद. इमरान मसूद उन्होंने एक बड़े अच्छे शब्द. का इस्तेमाल किया है। हालांकि मैं उनके.
पूरे वक्तव्य से सहमत नहीं हूं. हम. कि कुछ लोग कहेंगे कि इस्लाम में सुसाइड. करना भी हराम है।. हम. फिर किसी को मारना धर्म कैसे हो सकता है? ये गुमराह लोग हैं।. हम. ये गुमराह नहीं है भैया। यह जाहिल हैं।. जाहिल कौन? अनपढ़ जाहिल। ये दोनों बड़े. प्यारे शब्द हैं। अनपढ़ अकबर था।. लेकिन समझ बड़ी प्यारी थी उसकी। कभी जो. जेसुएट मिशनरी के दरबार में आए थे जो. जेसुएट मिशनरीज उन्होंने जो उसके बारे में.
लिखा है जो पुर्तगाली जो बदायनी ने लिखा. वो नहीं बदायनी तो उसका आदमी है तो मौलाना. है वो तो अकबर के समर्थन में लिखेगा. जेसुएट मिशनरीज मॉन्सरेट और एक्वावी और ये. क्या नाम है पुर्तगाली इन्होंने उसके बारे. में लिखा है कि यार क्या बात है क्या. शानदार शासक है समझ है इसके पास धार्मिक. लोगों को बुलवाता है चर्चा करता है. मुसलमान मौलाना से कहता है ज्यादा मत बोलो. मुझे सबकी सुनना है वो अनपढ़ है लेकिन वो. जाहिल नहीं है।. तो इन्होंने जो शब्द गुमराह शब्द का.
इस्तेमाल किया उसको मैं थोड़ा संशोधित कर. देता हूं। कभी-कभी क्या होता है कुछ लोगों. के जब कांसेप्ट्स जीवन में नहीं क्लियर. होते तो वो ऐसी ओछी हरकतें करते ही करते. हैं कि भाई एक जमाना था मुझे एक कहानी. बड़ी अच्छी याद जरा याद है कि एक महिला. रेगिस्तान में 2:00 बजे अपनी संपत्ति लेकर. एक शहर से दूसरे शहर जा रही थी अरब में।. तो एक आदमी ने उसके ऊंट की लगाम पकड़ ली।. तो उस महिला ने कहा. कि या तो तुम उमर हो और या उमर मर चुका.
है। यह था इस्लामिक हिस्ट्री।. स्पेन पर 200 साल मुसलमानों ने राज किया।. मूर्स कहा जाता है वहां मुसलमानों को। और. 200 साल में स्पेन ने जो विकास किया वह आज. तक पूरे यूरोप की हिस्ट्री के लिए एक. आश्चर्य है। और जिस दिन मुसलमान शासन. स्पेन में खत्म हुआ उसके बाद मुसलमान. स्पेन कट्टरपंथी हो गया। पिछड़ा हो गया।. तो समझदार होना, अनपढ़ होना और जाहिल होना.
यह जाहिलों का काम है कि अब भाई हमने एक. बहुत बड़े नेता को सुना था। उन्होंने भी. कहा कि स्वर्ग में 72 हुए हैं। मुझे तो. बड़ा आश्चर्य हुआ उनको सुनकर। मौलाना कहते. थे तब तक ठीक था। मौलाना मौलाना का मैं. ज्यादा वो दुखी नहीं होता। मैं सोचता हूं. बेचारे हैं।. मैं इतना इन लोगों का एक कांसेप्ट होता है. एमडी मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट। उसमें जब. अब जैसे rबok एक बड़ी कंपनी है। एडडास एक. बड़ी कंपनी है। हजारों. जूते डेली बन रहे हैं। उसमें कोई. डिफेक्टिव निकल गया। अब डिफेक्टिव निकल.
गया तो उसको वो मेन शोरूम में तो बेचेंगे. नहीं तो फैक्ट्री आउटलेट में बेचेंगे। तो. ऐसे भगवान भी ऊपर लाखों लोग डेली बन रहे. हैं। उसी में पता लगा एक डस्ट किसी की. गायब हो गई। वो नीचे उतर के बोल रहा है।. उल्टी सीधी बातें कर रहा है। तो मैं इन. लोग की लेकिन जब कोई बहुत अच्छा जैसे. ओवैसी साहब हैं मैं उनको बड़ा पढ़ा लिखा. मानता हूं। बैरिस्टर है सदा हुआ बातें. बोलते हैं। अच्छी बातें बोलते वो एक बार. कह रहे थे. कि वहां हूर हैं और हरे ऐसी है और वो. हूरों पर चर्चा कर रहे थे।. तब मैं कहा कि यार या तो मैं नशे में हूं.
[हंसी]. और या यह नशे में है. तो पढ़ने लिखना सिगरेट की पैकेट पर मैं. सिगरेट की कंपनियों को सलाम करता हूं।. हम. सलाम अबे तुम्हारे घर आओ और हम तुझसे कहती. कि पानी में जहर मिला है।. नहीं पी. तो ना पीो। सिगरेट के पैकेट में अब लिखा. है।. जहर है।. जहर है। फेफड़ा बना है। कैंसर. एमएससी फिजिक्स वाला सिगरेट पी रहा है। और. कह रहा है दुनिया में आजकल लोग अच्छे नहीं. है मतलब [हंसी] यार जब मैं सलाम करता हूं.
इसको कहते हैं जाहिलियत ये सब जो ब्लास्ट. ब्लास्ट कर रहे हैं सब जाहिल है ना इनको. धर्म का पता है ना इनको इतिहास का पता है. इनको कुछ भी नहीं पता है ये जाहिल लोग हैं. इनकी चाबी भर दी गई है. हालांकि सलाम आपके पिताजी भी करते हैं वो. लाइटर दे गए थे. हां तो उनका उनका बड़ा प्यारा कहना था ना. पिताजी इसलिए सलाम करते हैं पिताजी का एक. बड़ा प्यारा कांसेप्ट है [हंसी]. भाई भाई पिताजी हमसे कहत है कह देखो भैया. परिवार बनावत है समाज मिटावत है हम कह.
कैसे कह तुम्हें हम तो दारू पिए सिखाई ना. दारू पिए तो हर दोस्तों सिखाई. कि कौन मेरे बाप हो दारू नहीं पी पावत हो. और जो है [हंसी]. यूपी कह हम लोग गोंडा अच्छा गोंडा हां. बोले गोंडा अरे नाम डुबो द कटा अच्छा का. नहीं पी पाओ तो लाओ जूस मिला दिया नाक बंद. करके पी लियो ये सब ट्रेनिंग तो हम दे तो. हमसे कह कि हम चाह तुम्हें समाज ना मिटावे. हम मिटाई थी.
हम इतना मिटाई थी कि समाज के लिए तुम. चुनौती बन जाओ [हंसी]. कि. कि समाज जब तेरे सामने पड़े तो सजदा कह दे. कह दे भगवान तू तो यार मिटे हुए लोग का. भगवान हो और ये चीज बहुत काम आएगी और एक. बार हमरे स्कूल मा शायद पता नहीं हम बता. ना पिछली बाजी कि नहीं एक बार हमरे स्कूल. मा शराब के बोतल पकड़ के. नहीं बता सिगरेट वाला बता रहे हो कि लाइटर. दे. अच्छा शराब वाला तो और ज्यादा प्रयोग कर. रहे हो. अच्छा तो शराब वाला का कि शराब के बोतल. के. हम. तो फादर गो ओबियस रहे ओझा सर यू गेट अप.
फ्रॉम. फातिमा. फातिमा यू गेट आउट ऑफ द क्लास मैंने कहा. व्हाट हैपन फादर यू ब्रिंग इन द. स्कूल शराब लाते हो स्कूल में अरे नो फादर. यू कम टू माय ऑफिस तो गए ऑफिस तो देखे. मेरी जेब एक बोतल धरी रही कैन सी ये बोतल. तुम लेके आए हो गौर से देखे बोतल हम भाग. के गए क्लास में अपन बैग उठाए बैग खोले. बैगवा लेके आए फादर का दिखाए हम कहे फादर. माय बोतल इज इन माय बैंक. [हंसी]. अंकल बाद ये हमारी बोतल नहीं है। दूर कैसे.
देखे यू रस्कल यू गेट आउट ब्रिंग योर फादर. [हंसी] घर आए वापस बताए हम कह यार ऐसी ऐसी. बात है कि आज तो साला बड़ा गड़बड़ा का. मामला कह का हम कह यार शराब का बोतल पकड़. के [हंसी] कह तो हार कह हमार तो नहीं बकरी. है कोई और कर लेकिन सही साबित करे हम आपन. मारी ऊपर का कहीं तो इनाम मिले चाहिए यार. तू तो बहुत सत्यवादी टाइप के आदमी हो हम. कल बुलाई सी तो कह कोई बात नहीं चलो आई तो. गए तो फादर वहां बैठे फादर ने कहा योर सन.
ब्रिंग्स लकर इन द स्कूल हियर तुम ऐसे. देखी कह यार तू घरे पियो सा भी घरे पी अब. ना पी अच्छा लड़का तो यार [हंसी] अब ना पी. सा. वही दिन हमें लगा हम कह अरे बाप रे बाप हम. कह नहीं बताओ का चा मिठाई देखो तब मनो कह. नहीं बच्चा तुम्हें आज ही बात का एहसास ना. हुई लेकिन जब तुम्हें पढ़ा हो तब तुम्हें. पता चली कि हम तो साथ का तुम्हें को. रास्ता पर ले. तो फादर के सबसे बड़ा से का मिला फादर.
हमने कह देखो साहस और समझ परिवार दे है. तुम्हें जैसे हमरे आजकल का पेरेंट्स का हम. देख अपने अपने बच्चों का डरावत है दूध. नहीं पिएगा बेटा तुमको अरे साधु उठा लेगा. साधु कितनी हिम्मत हमें उठा ले जी हैं दूध. नहीं पियोगे बिल्ली खा अरे भैया जब आप ही. अपने बच्चे को बचपन से डराओगे डीमोरलाइज. करोगे एंजायटी दोगे उनको उनको स्कूल का. टाइम समझ दे देने का टाइम होता है। स्कूल. का टाइम साहस देने का टाइम होता है। ठीक. है? अगर आपका बच्चा कोई दुस्साहस कर रहा.
है। साहस और दुस्साहस में बहुत फर्क है।. मेरी बेटी ने दुस्साहस किया एक बार।. 19 30 में से नौ नंबर मिला का 19 का 30. [हंसी]. दिया 19 का 30 19 का तो भाई टीचरवा मेरा. रुक की यही यही पढ़त रही का नाम है सेक्टर. 51वा है कोठारी कोठारी पढ़ रही तो. योर चिल्ड्रन योर डॉटर हैज़ डन सच अ ब्लंड. रवि कैन नॉट वेयर हम नहीं बर्दाश्त कर.
सकते यह देखिए आज ही से बेईमानी कर रही है. झूठ बोल रही है देख. यार तो नौ का 19. बहुत अनर्थ मकान कब जागा [हंसी]. हमेगा. यार कहीं ना कहीं यार वो नौ नंबर व 30 में. और उसको उसने 19 कर लिया है तो हमने कहा. मारना मत मैं आ रहा हूं तुम बैठो मैं आ. रहा हूं उसको मारना मत. तुम पहुंचे स्कूल तो खड़ी थी तुमको देख के. रोने लगी कही सॉरी पापा अरे मैंने कहा यार.
तुम यार. जब 19 कर रही थी तो 29 कर देती।. क्लप किया पकड़ के गले। मैंने कहा बेटा. कोई बात नहीं। हालांकि तुम्हारी गलती तो. है कि तुमने शायद एफर्ट नहीं डाला और नंबर. से कुछ नहीं होता बेटा।. पढ़ाई जो इस पैर इस देश के पेरेंट्स को डर. है ना कि हमारा बच्चा पढ़ेगा तो नहीं तो. मिट जाएगा। तुम्हारा बच्चा समझेगा नहीं तो.
मिट जाएगा। एक लेडी है। मेरे भी बच्चे खैर. आजकल देहरादून नहीं पढ़ रहे हैं। वेलम्स. की पढ़ी है। वुड स्टॉक की पढ़ी है। इकोल. की पढ़ी है। उसको इंग्लिश अच्छी आती है।. स्टारbक्स में बैठती है। इंग्लिश बोलती. है। बोलती है। ओ आई वास इन न्यूयॉर्क एंड. आई डोंट लाइक दिस न्यूज़पेपर द न्यूयॉर्क. टाइम्स एंड दिस एंड दैट। आपको बड़ा अच्छा. लगता है। लेकिन एक सरकारी स्कूल में पढ़ी. हुई लड़की बहन मायावती उसको मालिक ने समझ. दिया।. थ्री टर्म सीएम रही प्रदेश का। यह बात.
हमारे पेरेंट्स पता नहीं क्यों नहीं समझ. पा रहे हैं कि शिक्षा का मेन उद्देश्य है. समझ देना। मुलायम सिंह यादव कौन से दोनों. स्कूल का पढ़े हुए थे? लालू यादव और सबको. छोड़ो भैया हमारे प्रधानमंत्री।. उनकी डिग्री लोग मांगते हैं। वहां बड़ी. आश्चर्य होता है। उस आदमी ने साबित कर. दिया भारत में तीसरे टर्म प्रधानमंत्री. बनकर। अब डिग्री देने की जरूरत है। मांगने. की क्या जरूरत है? भारत जैसे देश जहां. डायनेस्टिक डेमोक्रेसी है। लालू.
डायनेस्टी, मुलायम डायनेस्टी, अब्दुल्ला. डायनेस्टी, सिंधिया डायनेस्टी. वहां पे उस आदमी ने अपने एक वजूद पैदा. किया है। और तीसरा टर्म भारत का. प्रधानमंत्री।. अच्छा शेर जैसे पिंजरस निकला मोदी जी की. तारीफ आ गई।. नहीं नहीं मोदी जी के व्यक्तित्व की।. [हंसी]. नहीं मोदी जी के व्यक्तित्व राजनीति में. वैचारिक मतभेद है। पर्सनल मतभेद नहीं है।. लालू यादव जी ने अपने बेटे की शादी में. मोदी जी को गेस्ट बुलाया था। देखे थे बैठो. बैठो कैसे कान पड़े नोच दिए थे.
हां तो जब पत्रकार ने उनसे पूछा किसी ने. पूछा उनसे कि आपने मोदी जी को बुलाया शादी. में कहीं नहीं एक तरफ हम बैठे थे एक तरफ. लालू बैठे थे मोदी जी से कह रहे थे कि. कायदे से रहिएगा नहीं दबा देंगे [हंसी]. अरे यार तो तो व्यक्ति की तो तारीफ है ये. तो क्या पसंद है मोदी जी में आपको आप तो. इतना ऑब्जर्व करते हैं आप कहते हैं कि. हमको चेस का देख के समझ में आता है गुणा. गणित सारा गोटी. मोदी जी में. मोदी जी 24 में 240 भी सिमटे और जहां-जहां. कमजोर थे सब कमबैक कर लिए। हरियाणा कमबैक. कर लिए। महाराष्ट्र कमबैक कर लिए। बिहार.
कमबैक कर लिए और राजा बाबू बने बैठे हैं. 90% स्ट्राइक रेट के साथ। क्या अच्छा लगता. है आपको? विज़न और समझ इतने सारे नेता हैं।. बाद में चाहे जो गमछा पहन के गए हो बिहार. लेकिन गमछा हिलाया नहीं किसी ने। किसी की. भावना को उत्तेजित करना।. मखाने की माला पहन लेना।. अगर आप तालाब में कूदे हैं तो तालाब से. बिहारी सेंटीमेंट का क्या लेना देना है?
राहुल जी तालाब में कूद गए। कौन कूद जाए? [हंसी] उनके भाई आप जब स्टेप लेते हैं तो. उस स्टेप का एनालिसिस होता है ना कि यहां. पे ये क्यों किया गया? तो एक तरफ राहुल जी. ने स्टेप लिया, एक तरफ मोदी जी ने स्टेप. लिया। दोनों ने लिया। लेकिन दोनों लोगों. के स्टेप में बड़ा अंतर था। इन्होंने लिया. उसको हाइप मिली।. बिहारी भोजपुरी जाकर बोले वो टुनटुन जो. गाया है गाना वह तो हमें लगता है अमर हो. गया कि मार दे सिक्स सर तो छाती में उठा.
ली जा घर से मतलब भारत का प्रधानमंत्री. अगर बिहार में जाके कट्टा शब्द का. इस्तेमाल कर रहा है तो कहीं ना कहीं उसको. पता है कि यार किस उसकी समझ बड़ी प्यारी. है कि यार यहां जाके कौन सी चीज है जो. उनको वो जानते थे कि अगर मैंने इनसे जाके. कहा जीडीपी और एजुकेशन और ये वो तो शायद. ये उतना प्रभावित ना हो पाए. वो चोरी हाइड्रोजन पंप. हां भाई भाई. एसआईआर जन स्वराज प्रशांत किशोर मतलब मुझे. दुख है क्योंकि वो आदमी ईमानदारी से मेरी. बात होती रहती है हमसे ईमानदारी से वो.
आदमी बिहार उसको कोई कुछ भी कहे कुछ भी पर. उस आदमी के दिल में एक सपना है कि बिहार. को उसके गौरव को वापस दिलाना है। मेरी बीच. में उनसे बात हुई थी। मैंने कहा नालंदा. 2.0 कर दीजिएगा अगर आपकी सरकार बन जाए।. शिक्षा पर ध्यान दे दीजिएगा बाकी सब सुधर. जाएगा। कहा बिल्कुल मैंने कहा क्योंकि भाई. बिहारियों से ज्यादा टैलेंटेड और योग्य. अभी भी भारत में वैसे कोई है नहीं। उनके. दिमाग की कोई शानी नहीं है। लगा रहे हैं. गलत वो यह बात अलग है। लेकिन उनका दिमाग. का कोई सानी नहीं है। तो जन स्वराज कितने.
बढ़िया-बढ़िया लोगों को टिकट दिया जन. स्वराज ने। एक कोई था अपराधिक बैकग्राउंड. का। मेरी नजर में तो शायद एक भी आदमी नहीं. था।. हमारे लिए हाईलाइट यही था कि वो एक तो. एमएमएस वाला जीत गया और टीचर साहब हार गए।. हम. जिसका एमएमएस वायरल हुआ था।. हम वह बीजेपी से जीत गया और इतना किताब. लिख के हार गए।. बिहार की राजनीति में एक आदमी पे बड़ा. घूमा बिहार का इस बार का चुनाव और मैंने. भी गौर किया उस आदमी पे आनंद सिंह. हम पूछने वाले थे आपसे। हम रखे थे। अगला.
हमारा यही था कि जब आप चुनाव छोड़ दिए हैं. तो आपको बचपन में आपका एक सपना था. कि हम बनेंगे हम. और उसमें हमको अनंत सिंह दिखते हैं. हम. जेल के अंदर और एक जीत गए छह बार जीत गए. अपना नहीं लड़ते मेहारू जीत जाती है। अनंत. सिंह की बातें मुझे मैं बताता हूं ना उस. आदमी ने कहीं कोई बदतमीजी नहीं की। जिसको. भी जवाब दिया उसको उसके हिसाब से जवाब. दिया। जैसे एक आदमी ने पूछा कि आप मंत्री. बनेंगे। फिर नीतीश कुमार जी फिर से. मुख्यमंत्री बनेंगे। बोले कल ही मर जाए.
नीतीश कुमार हमारी बदनामी हो जाएगी। उस. आदमी कहने का मतलब ये है कि तुम मुझसे वो. सवाल करो जो जायज सवाल है। उनसे लोग जाके. सवाल कह रहे थे आप काला चश्मा क्यों पहने? लो। अच्छा जेल में आपको अच्छा लग रहा था।. [हंसी]. सिगरेट निकाल।. हां। सिगरेट लाओ रे। [हंसी]. उस आदमी से बोला आप आप मंत्री बने हैं।. कहां हम अनपढ़ हैं? क्या स्पष्टता उस आदमी. के अंदर? कहां नहीं बनना? हम लाइके नहीं है।. हम लाइके नहीं। क्या स्पष्टता? उस आदमी के. अंदर स्पष्टता है। उस आदमी के अंदर साहस.
है। उस आदमी के अंदर लोगों को पहचानने की. क्षमता है।. कहा नहीं उसने? आजकल जो देखो डंडा लिए चला. आ रहा है मुंह में लगा दे रहा है।. यही बात मैं भारत के मां-बाप से कहना. चाहता हूं कि अगर आपके बच्चे कायदे से पढ़. ले और उनके अंदर समझ विकसित हो जाए और. अनंत सिंह जैसा साहस पैदा हो जाए तो भाई. साहब इस देश की जनरेशन का कोई जवाब नहीं. है।. अब देखिए लड़का लोग कहेगा कि वो भी अपराधी. हैं। अब. कौन? अवध ओझा जी क्योंकि आनंद सिंह सव अपर.
कास्ट से हैं इसलिए उनका तारीफ कर रहे. हैं। शबुद्दीन को सब गरियाता है। आनंद. सिंह का सब लोग तारीफ करता है। मीडिया. वालों को बहुत आरोप आता है ये कि आप लोग. अनंत सिंह को हीरो बना के पेश कर देते. हैं।. सब अपर कास्ट वाले मीडिया वाले. और तारीफ करते हैं कि ये रोल मॉडल बन गए।. माइक लगाइए। शबुद्दीन को गाली देता है सब।. शबुद्दीन को कोई गाली नहीं।. क्या अंतर है शबुद्दीन अनंत सिंह में? हां बिल्कुल। ये बहुत ये बड़ा प्यारा. क्वेश्चन है। शबुद्दीन और अनंत सिंह दोनों. व्यवस्था की उपज है।. हम. गोंडा में हम.
बलरामपुर में बहराइच में सुबह क्या बनता. है नाश्ते के लिए सब दुकान पे जलेबी बनता. है. लेकिन दिल्ली में सुबह क्या बनता है. कचौड़ी. ना. ना पूरी ना हम. छोला भटूरा. छोला भटूरा हां विराट कोहली याद आया. सुबह दोनों जगह होती है. सुबह गोंडा में भी होती है. हां हमारा जलेबी बनता है छोला भटूरा सही. बात. क्या छोला भटूरा बनता है. ये पंजाबी कम्युनिटी है ये रात का जलेबी. खाती. कहा था मीठा खाए सो चाहिए। गोंडा वाले. कहते हैं मीठा खाए दिन के शुरुआत करे.
चाहिए। डिमांड है तभी तो सप्लाई है।. शबुद्दीन और अनंत सिंह को गाली देने के. बजाय डॉक्टर के सीसी सिन्हा को आपने तो. नहीं जिताया पार्टियां क्या करेंगी? पार्टी को तो जीतने वाला कैंडिडेट चाहिए. ना।. हम. कि हारने वाला कैंडिडेट. जीते दोनों ओसामा साहब भी जीत गए। वो भी. गए।. वो भी जीत गए।. लेकिन अंतर क्या है दोनों में? एक को. दुनिया अपराधी कहती है। एक को दुनिया अनंत. सिंह को थोड़ा रॉबिन हुड टाइप पेश कर देती. है।. रॉबिनहुड टाइप का अगर शाहबुद्दीन नहीं. होते तो उनका बेटा जीतता। एक चाचा को. मैंने सुना हम. इलेक्शन में कहा शहाबुद्दीन हमारे लिए.
नेता थे हिंदू थे वो ठाकुर थे राजपूत. कम्युनिटी के थे एक आदमी को बुरा पेश किया. जा रहा है. हम. क्योंकि शबुद्दीन आरजेडी विचारधारा के. नायक हैं. अनंत सिंह भाजपा विचारधारा के नायक हैं तो. दोनों का जो इमेज क्रिएशन हो रहा है वो. सिर्फ विचारधारा की वजह से हो रहा. बाकी अंतर नहीं है. कोई अंतर नहीं है. दोनों बंदूक के बस पर राज करते हैं. पुलिस वाले थप्पड़ मार दिए एसिड से नहला. दिए चंद्रशेखर जेएनयू वाला था उसको मार. दिए रंगदारी कब्जा मतलब अच्छाई भी उनका.
आता है कि डॉक्टर लोग ₹50 में उस जमाने. में काम करता था. टीचर विचर का ठीक है लेकिन अपराध का. श्रेणी बहुत बड़ा है विधायक खरीद लिए. कट्टा दिखा. शाहबुद्दीन कितनी बार सांसद रहे. वैसे काउंट इमीडिएट नहीं सोचे हम. दो बार कम से कम रहे ना [हंसी]. मुन्ना भैया. इमीडिएट नहीं सोचे मिर्जापुर. मिपुर [हंसी]. मिर्जापुर वो कहते हैं ना कट्टा का सेल. कैसे बढ़ेगा? तो कहता इमीडिएट तो नहीं. सोचे।. मतलब ऐसे इमीडिएट नहीं सोचे।.
दो बार सांसद रहे ना मैंने जिताया।. नहीं. उसी बिहार की जनता ने जिताया ना. तो ये सब उसको बिहार की जनता को समझ में. नहीं आता था कि भैया ये आदमी बुरा इसको. नहीं जिताना है। दोनों एक ही संस्कृति के. वाहक हैं।. हम. जो सुदर्शन चक्र रखा है। बस वही महामहिम. है।. अगर कल आरजेडी की सरकार बन जाती। अभी चाचा. हमारे अगर पलट जाए 85 का ही तो गेम है।. हां. तो यह फिर 117 पे आ जाएंगे।.
ये सिर्फ सत्ता का गेम है। सत्ता का अच्छा. हुआ भगवान राम जीत गए। अगर रावण जीता होता. तो फिर रावण के पक्ष का इतिहास लिखा गया. होता।. तो मतलब कहानी उसकी जो जीत गया।. कहानी उसकी. बाकी सब बकैती है।. बाकी सब बकैती है।. अच्छा चाचा हमारे काहे जीत जाते? जिधर. नीतीश कुमार उधर बनता सरकार। बिहार चुनाव. तो आप भी ऑब्जर्व किए होंगे। हम 2005 से. देख रहे हैं और हमको समझ नहीं आता कि जिधर. जाते हैं. 14 में मोदी जी के आए 15 में हार गए. चाचा उधर चले गए थे चाचा इधर आ गए तेजस्वी.
सब दे दिए थे इस बार. हर घर नौकरी. नहीं जीते चाचा में क्या मैजिक ऐसा है या. कहां से वो अपना किस्मत अलग से लिखवा के. लाए हैं कि सामने भी नहीं आ रहे इंटरव्यू. भी नहीं. इसका इसका जवाब मोदी जी ने बड़ा अच्छा. दिया था बहुत अच्छा इस सवाल का जवाब. उन्होंने बहुत अच्छा दिया था उन्होंने कहा. कि माई का तो फार्मूला चला लेकिन मुस्लिम. और यूथ नहीं महिला मुस्लिम और यादव. महिला और युव। अब चाचा क्या करेंगे? चाचा. शराब बंद कर देंगे। उससे सीधा फायदा किसको. होगा? महिलाओं को होगा।. बिक तो रही है लेकिन वैसे भी.
वो अलग बात है। लेकिन ऑफिशियली तो बैन है. ना. पिक्चराइजेशन तो यही हो रहा है। चाचा का. अभी अगर मैं बिहार में किसी को फोन मिला. दूं। मेरे एक दोस्त हैं मुरारी झा। मैंने. उनको फोन किया। मैंने कहा क्या किए यार? फिर जिता दिए। अरे बोले भैया वहां तक रोड. जाती है जहां 20 साल पहले कहां नहीं जाती. थी। आज रोड की व्यवस्था आप देखिए। तो चाचा. ने कुछ काम ऐसे किए हैं जो जनमानस से सीधे. तौर पर जुड़ा हुआ है। उन कामों के साथ-साथ. बीजेपी की जो फील्डिंग है जैसे उसने जो. मुद्दा उठाया जंगल राज.
जंगल राज में कौन सी कहानियां? शबुद्दीन. की कहानियां। जंगल राज में कौन सी. कहानियां? वो जो टाटा का शोरूम बंद हुआ था. वह वाली कहानियां। जंगल राज में कौन सी. कहानियां? शिल्पी जैन की कहानी। जंगल राज. में कौन सी? वो जो आईएस अधिकारी की पत्नी. का रेप होता था माहौल। अब एक तो चाचा के. काम जो जनमानस से जुड़े हैं। ऊपर से माहौल. का क्रिएशन और तीसरा कि ये लो ₹10,000. बबली ने कहा हां यार रेप तो हुआ था यार. आरजेडी में जंगल राज तो था भाई। बीजेपी.
चाचा एक फैक्टर से नहीं जीते हैं। कोई एक. फैक्टर को कह देना कि साहब यही एक फैक्टर. टोटली जिम्मेदार है। ऐसा नहीं है। आज एक. बड़े अच्छे पत्रकार हैं हमारी कंट्री के।. उन्होंने एक विश्लेषण भी लिखा है। कहा मैं. एक साल पहले गया तो मैं देखा कि बीजेपी के. एक सांसद है वो वहां बक्सर में बैठे हैं।. मैंने कहा अरे बोले डोर टू डोर कर रहे. हैं। एक साल पहले. उसी को लेके एक दूसरे पत्रकार हैं। उन्हीं. के लॉबी के वो दोनो दोनों आपस में लड़ रहे. हैं।. अच्छा [हंसी] मैंने तो एक ही पक्ष का पढ़ा. था। हम. तो वह एक पूरी प्लानिंग है और किसी भी.
राजनीतिक पार्टी जैसे आज कांग्रेस की कमी. समाजवादी बसपा आम आदमी पार्टी. हम. केजरीवाल जी से मैंने पर्सनली ये बात कही. उन्होंने एक्सेप्ट भी किया मतलब मैं ठीक. है राजनीति छोड़ रहा हूं लेकिन. अरविंद केजरीवाल को मैं कुछ नहीं कह सकता. मतलब जितना सम्मान जितनी इज्जत और उस आदमी. ने मुझे दिया है पता नहीं जो लोग उस आदमी. को गाली गाली देते हैं। उनके अपने-अपने. कारण होंगे। पर मुझे तो लगता है कि वो.
बहुत पढ़े लिखे आदमी है और बहुत अच्छे. इंसान हैं।. एक विज़न है उनके पास। मैंने उनसे पर्सनली. ये बात कही। मैंने कहा सर आप एक बात बताओ।. यह बात मैंने अखिलेश जी को भी बोली। मैंने. कहा आप एक बात बताओ। हर राजनीतिक संगठन के. पास दो विंग होता है और ये कहानी शुरू की. थी कांग्रेस ने। 1920 से। गांधी की यही तो. ताकत थी। और गांधी जी ने क्या किया? दो. गुट बनाया कांग्रेस में। एक जो शुद्ध. राजनीति करेगा।. कौन है उस गुट में? मोतीलाल नेहरू है, सीआर दास हैं। यह लोग एक गुट में जो शुद्ध.
राजनीति करेंगे। दूसरी तरफ एक गुट है जो. कंस्ट्रक्टिव प्रोग्राम्स रचनात्मक. कार्यक्रम करेगा। जनता के बीच रहेगा। 24. घंटा शिक्षा को बढ़ावा देगा, चरखे को. बढ़ावा देगा, सफाई को बढ़ावा देगा, भाईचारे को बढ़ावा देगा।. आज बीजेपी एक पॉलिटिकल पार्टी है। उसके. पास एक विंग है आरएसएस और दोनों अपनीपनी. क्षेत्र में काम करते हैं। बीजेपी का जो. राजनीतिक वर्ग है वो राजनीति कर रहा है और. आरएसएस समाज से 12 महीने 24 घंटा जुड़ा. हुआ है। कांग्रेस के पास ऐसा कोई विंग है?
नहीं।. नहीं है।. यह बात अरविंद जी ने मेरी मानी। उन्होंने. शायद एक ऑर्गेनाइजेशन शुरू भी किया। उसके. बाद एएसएपी करके कोई ऑर्गेनाइजेशन का नाम. है जो यूथ का ऑर्गेनाइजेशन उन्होंने शुरू. भी किया। कहां ये बात एकदम सही है हम. मानते हैं। तो ये लोग एक पैर पे चल रहे. हैं। बीजेपी तीन पैर पे चल रही है।. तीसरा पैर कौन सा? धन. जियो बहादुर। [हंसी]. धन कहां से लाओगे? जैसे वो चाइना गेट था.
ना। चाइना गेट में वो मास्टर निकलता है. डाकू जगीरा से लड़ने के लिए। तो डाकू वो. जगीरा कहता है। मास्टर से कहता है मास्टर. तन्ने तो कहा था तू अकेले आवेगा। तू तो. लड़का भी साथ लावे है। जैसे मास्टर पीछे. पलट के देखता मारता चाकू मास्टर की गर्दन. उड़ जाती तो मास्टर से कहता है कि देख. मास्टर हिम्मत तो मेरे जैसे ले आओगे।. कमीनापन कहां से लाओगे? [हंसी]. तो आज बाकी पार्टियों के पास [हंसी]. नहीं है।. नहीं है। फिल इन द ब्लैंक्स।.
नहीं है। [हंसी] अच्छा ये वोट चोरीवोरी. होता है। आप तो चुनाव लड़े हो। हारे भी. हो।. मैं जीता हूं तीन लोगों से। मैं एक आदमी. से हारा हूं। [हंसी] मैंने कांग्रेस वाले. को हराया जो एक बार वहां विधायक रहा। हम. एक बार पार्षद रहा और वहां का लोकल आदमी।. मैंने कांग्रेस के कैंडिडेट को हराया।. मैंने बसपा के कैंडिडेट को हराया। तो एक. साइड जीत तो है ही है मेरी।. अरे हमारा सवाल है ईवीएमएम हैक होता है।. बिल्कुल होता है। यह ईवीएम ईवीएम की.
कहानी। वैसे तो मैं पहले से कहता रहा हूं. ईवीएम इटरनली विक्टोरियस मोदी।. जब तक. महाराज दूर बात कहते हो आप एक तरफ कहते हो. कि पैर छू ले इसलिए हम हार गए एक तरफ कहते. हो ईवीएम चोरी. मैं कहता हूं उस बात को. अब वो जीत गए होते तो कहते देखो सारा वोट. दे दिया हमको. हम ही. नहीं हम नहीं कहते हम जीतते ही नहीं. काहे. हम इसलिए नहीं जीतते हमको इस देश में एक. फैक्टर है. हम. कहते हैं कि. बड़ी प्यारी कहावत है कि भैया फलाना घटे.
तो घटे भाव ना घटे. हम हैं [हंसी]. मतलब हम समझ गए आपकी मूल भावना हम भी वही. गोंडस है ना. हां. कि फलाना घटे तो घटे लेकिन भाव ना घटे. जिस देश का आदमी इस सिद्धांत पे जीता है. तो वहां पर अवध ओझा और डॉक्टर के सिन्हा. का हारना तो सुनिश्चित था बढ़िया है कोई. बात नहीं लेकिन ये सिर्फ वोट चोरी के. कांसेप्ट नहीं है। ऐसे भी केस होते थे कि. रात में पहुंचे एक आदमी को टाई वाई लेके.
बोले हां भाई किसको वोट देना है बोले आपको. देना है भाई इनका वोट डलवा दो लगा दिए. अरे महाराज दिल्ली में दो बार आम आदमी. पार्टी फुल फुल मेजॉरिटी गई एक बार तो. ऑलमोस्ट 100% का स्ट्राइक रेट ले गई थी. बिल्कुल ले गई. कैसे संभव है ममता दीदी बीजेपी पूरा जोर. लगाई थी पिछली बार भी हमको याद है खूब. टीवी सब कहानी आ गई. आज मैं यहां से कह के जा रहा हूं ममता. दीदी चुनाव नहीं हारेंगी|. तो वहां ईवीएम काम नहीं करेगा।.
वहां अगर ममता दीदी हार गई तो ईवीएम का. सारा कांसेप्ट ही खत्म हो जाएगा। 30 स्टेट. है।. हां. 10 दे देना है।. 20 ही रखना है। [हंसी]. अरे महाराज आपके पीछे क्या लॉजिक है? आप हमको एक बात बताइए।. ये सब नहीं आप हमको एक बात बताइए। जैसे. ठीक है। हमको लॉजिक बता हम लॉजिक हम लॉजिक. बता रहे हैं।. बताओ हमको।. वही लोग कहेंगे अच्छा बिहार में तो ईवीएम. चल गया। हम्।. अब अगर बंगाल भी बीजेपी जीत गई, तो ईवीएम. वाला कांसेप्ट और मजबूत हो जाएगा। लेकिन, जैसे ही बीजेपी बंगाल हारेगी,
हां।. तो बीजेपी का तुरंत आईटी खड़ा हो जाएगा।. कि अब ईवीएम नहीं चला? कर्नाटक में ईवीएम. नहीं चला।. अरे, तो यही करना था, तो मोदी जी अपना पआ. टाइट कर लेते। 240 पे कायट के 275 क्रॉस. कर लेते।. तब सुधांकर मिश्रा यह बात सुभांकर मिश्रा. यह बात पॉडकास्ट में कहते कैसे? अरे तो उनका भी तो जान अटका पड़ा है।. नीतीश कुमार का वो भाग जाए इधर-उधर।. कोई नहीं।. बाबू नायडू को भाग जाए। यह सवाल मुझसे एक. बार हो चुका है।. बेचारे मुंह लटकाए बैठे थे। हमको याद है. नीतीश जी कहे थे उस टाइम कि अरे इस बार ये. सब लोग फैला दिया। अगली बार फुल वोट. लाएंगे।. कौन? जब हारे थे मोदी जी 240 में। अब तक मजाक.
उड़ता है कि अयोध्या हार गए। सब मीम बना. बना डालता है। इस देश में शायद ही कोई. राजनेता हो. हम. जिसकी फाइल ना हो। सबकी है।. बीजेपी एक फ्रंट पे थोड़ी खेलती है।. हम. ईवीएम के मुद्दे पे हम डिस्कस कर लेंगे।. हम्।. अगर ईवीएम मिसयूज़ हो रही है, हम्. तो बीजेपी को छोड़कर बाकी जितनी पॉलिटिकल. पार्टियां हैं, वह सड़क पे क्यों नहीं उतर. रही हैं? क्या मामला है? क्या डर है अखिलेश यादव जी.
को ईवीएम की? अब 27 में यूपी का चुनाव है।. अखिलेश जीतेंगे, हारेंगे।. अब आओ असली वाले. अखिलेश जी. जिस मुद्दे से काम कर रहे हैं। बिहार. बिहार का. सीधा-सीधा बताओ हमको। हमको जैसे ममता. हम सीधे बना रहे हैं। सीधे बता रहे हैं।. सीधे. 27 हार जाएंगे। अखिलेश जी. हम्म. 27 हार जाएंगे। हारेंगे क्यों बता दें? हां।. हारेंगे इसलिए पहली बात उनको. टीजर कट गया हमारा।. इतना ही कटेगा बाकी आप सफाई देते रहो।.
[हंसी]. वो हारेंगे इसलिए बता रहे हैं।. हां।. उनको जो है इसकी चिंता नहीं करनी कि कौन. उन्हें क्या कहता है।. उनको बदला नहीं लेना है। अपने एक वीडियो. में कहते हैं कहते हैं हमें पता है हमको. चोर किसने कहा था। एक बार हमारी. सरकार आएगी तो हम उसको दिखाएंगे।. शायद उस अधिकारी को हमारे पडकास्ट में. पहली बार कहे कह थे ना. कि मैं जीवन भर भूलूंगा नहीं माफ नहीं. करूंगा और आने दो सरकार हमारी. अरे भैया जब कृष्ण को लोग गाली दे सकते. हैं भगवान होके तो आप राजनेता है आप ही को. दे रहे हैं तो कौन सी बड़ी बात है आपको तो. पता ही है ना. अरे वो राजनेता ही क्या जिसको गाली ना.
पड़े. दुनिया में कोई राजनेता है जिसको गाली. नहीं पड़ती अति भावुक हो जाते हैं. इमोशनल. कुंडा में कुंडी लगा देंगे अरे भाई आप गए. हो आप भाषण दो जनता को अपने बारे में बताओ. और चले आओ आपके पिताजी ने तो यह सब काम. नहीं किया।. भाई मुलायम सिंह यादव के दुश्मन होते हुए. भी कोई दुश्मन नहीं था। सब सम्मान करते थे. उनका।. हम. अपनी पार्टी तो करती ही थी। अपोजिशन भी. करती थी।.
तो ये जो अति भावुकता है इनकी इसीलिए बोल. रहा हूं।. दिल के साफ आदमी है।. दिल के साफ आदमी है। ये जो इनकी अति. भावुकता है ये इनको परेशान करेगी।. तो मतलब आप ये कह रहे हो कि अखिलेश जी अभी. ठेट पॉलिटिशियन नहीं बन पाए। जो मोटी. चमड़ी का पॉलिटिशियन होता है. वो नहीं बन पाएंगे. वो नहीं बन पाएंगे. वो नहीं बन पाए वो एक अच्छे इंसान है पढ़े. लिखे आदमी हैं लेकिन और वो भी कहां की. राजनीति कर रहे हैं उत्तर भारत की जहां. भगवान कृष्ण छोड़ के भाग गए भगवान रहे कौन. जरूरत रहा मथुरा छोड़ के भागे कचा.
हमें बहुत भगवान भागा स्वामी नारायण जी. चला गए कृष्ण चला गए राम जी चला गए. काहे ना चला जाए वहां ऐसे लोग मिले मथुरा. में आके उनसे कहे नहीं कि डराया ना तू. बैठो कंस के गद्दी पर और कंस के लड़के से. कह नहीं उड़ा दो ये बहुत पाजी है वो जान. की साला ही सतवे राधे यही काम लगाए हैं. [हंसी]. चला गए तो जब कृष्ण यूपी छोड़ के चला गया. शिवपाल जी कहां सुनाई पड़े हम [हंसी]. नहीं शिवपाल जी के अनुभव का फायदा अखिलेश. जी को लेना चाहिए एक बहुत प्यारा अनुभव. उनके पास है राजनीति का भी व्यक्ति का भी.
लेकिन हां. 27 में खतरे में है. तो एक बात बताओ हमें जो आपका पता है. अखिलेश 27 में खतरे में है और आप ठहरे. मौका टेररिन आदमी. जानी बात है मानी बात है. हम ही कह. हां. तो फिर काहे काहे नहीं बीजेपी जुगाड़ लगा. लेते एक दाई तो ला जाए ना कि माननीय सांसद. अवध ओझा जी सबसे बड़ा. कैसरगंज ना लड़ो विजभूषण माने ठीक गुंडा. लड़ जाओ. सबसे. प्रयागराज से लड़ जाओ. सबसे मजेदार घटना का है ना कि आप गाड़ी. में बैठा हो. हम.
और आपके गाड़ी कोनो मंत्री चलावत है. अरे [हंसी] गजब. ऐसे बड़ा सुख दुनिया में कोनो नहीं है हम. अपना क्लास में बच्चन से हमेशा कहत रहे हम. कहते हैं देखो इस देश में आप डरिए मत जब. आप आगे बढ़ रहे हो एकदम मत डरिए। जैसे. सचिन तेंदुलकर जब राज्यसभा पहुंचे तो उनके. ऊपर एक इल्जाम लगा कि भाई वो राज्यसभा कभी. आए नहीं। वो आदमी का इतना बड़ा कद था इतना. कि उसके लिए राज्यसभा कोई अचीवमेंट ही. नहीं थी। काल निकाल दो हम चला जावे। भाई.
आदमी कहीं क्यों जाता है? अपने कद के लिए, अपनी ताकत के लिए। राजनीति में एक सबसे. अच्छी सुविधा है कि आपका टोल टैक्स ना. भरिए।. गाड़ी लेके चला जाओ सीधे।. हां।. माननीय है हमारे। आपके पीछे जो चार गाड़ी. चले थी बहुत ता है कि टोल नहीं देख हमसे. मंगो हां हमसे टोल मंगो भैया हम टोल दे दे. [हंसी]. हम टोल दे दे लेकिन हमसे इ ना हो पाई अब. राजनीति में हम देख बड़ा प्यारा अनुभव रहा. कह भैया कह का कह गुप्ता जी के यहां चले. काहे.
उनके यहां जो कुतिया बच्चा. [हंसी] अब हम कह दिए हो यार ज भैया चले तो. भैया और तुम पिल्ला गोदी में उठा लिया. [हंसी]. और कह तो शेर नहीं है पिल्ला है. के भाई बताओ बात राजनीति करे हमार दर्द. हुआ समझो कोई के दुख है आप चला कोई का. हॉस्पिटल में एडमिट करा आप चला भाई नेता. काम है यही है ये तो काम है उसका ना लेकिन.
कोई कुतिया. ना दुखी हो या तो अजीब अजीब चीज का दुख है. लोगों का मतलब पता पता नहीं कौन कौन है. बातें पर वो आपसे नाराज होगी कि जा रहे. हमारे तरफ देख नहीं. तो भैया इस देश के लोगों को राजनीता नहीं. चाहिए अब मुझे समझ में आया चुनाव लड़ने के. बाद कि आखिर पहले हम सोचिए यार एक बात. बताओ ये जो अनवांटेड लोग हैं ये कैसे जीत. जात है [हंसी]. कहा जनता का दिखाई नहीं पड़ता है जैसे हम.
अगर समझते है तू समझत हो तो ऐसे जन तो इस. देश की जनता मूर्ख तो है नहीं बहुत समझदार. है तो वो तो समझाती ये जितावत का है कि. जितावत यह है कि कहा कि. आ रहा बृजभूषण सिंह. ग पैर छी के गए [हंसी]. अब वो इतना बड़ा आदमी जैसा भी बृजभूषण. सिंह हम बहुत जल्दी सुने कोई उनके उलेतरा. पडकास्ट ले तो पूछिस कि आप चुनाव लड़ेंगे. तो कह हां कहीं 27 का लड़ेंगे कह नहीं 27.
का तो नहीं लड़ेंगे 29 का लड़ेंगे लेकिन. हम उनसे कहेंगे आप मत लड़िए. अब आप अपना घूम रहे हैं कॉलेज चलाइए अपना. ना करिए और रंगदारी से आप कहां आपका बेटा. सांसद आपका एक बेटा विधायक पूरे प्रदेश पर. आपका जलजला है आप हेलीकॉप्टर पर बैठिए. घूमिए एक आध बार हमको भी बैठा घुमाइए खत्म. करिए ये सब बातें कहां जो है जाके. ऐश्वर्या अभिषेक हीरो हीरोइन बन गए तो. अमिताभ एक्टिंग थोड़ी ना छोड़ देंगे. अमिताभ का अलग किक है. हां तो अमिताभ केबीसी खेल रहे हैं ना. हां. अब ये भी खेले केबीसी क्या जरूरत है.
बड़ा सपना देखे हैं वो. अभी शांत बैठे हैं हमको लग रहा है. अच्छा. हां एकदम मिले ना हम तो पूछे हम भी हमको. एहसास हुआ कि बड़ा सपना देखें वो. हम. ना ही तो चला जाए एक बार साथे बैठ के उस. सपने में चर्चा [हंसी] किया जाए उनसे कि. भैया क्या सपना है बताइए देखा जाए. बिहार चुनाव फॉलो किए थे नहीं किए थे पूरा. नहीं पूरा तो नहीं किए थे पर नजर रहती थी. मेरी कि कहां क्या. हमको एक बात बताओ एक सवाल जैसे कटप्पा ने. बाहुबली क्यों मारा था आज तक बाद में पता. लगा साल दो साल बाद संजय यादव तेजस्वी. छोड़ काहे नहीं पा रहे हैं बहन चली गई भाई. चला गया परिवार बवाल हुआ पड़ा है लालू जी.
दुखी हो गए कार्यकर्ता आरजेडी दफ्तर बाहर. झंडा बैनर पोस्टर ले आ. अपना अनुभव थोड़ा बताइए। क्या ऐसा है संजय. सिंह संजय यादव में जो उनको छोड़ नहीं पा. रहे तेजस्वी क्योंकि दुनिया कह रही है कि. वहीं से मामला गड़बड़ है परिवार में रार. पार्टी में रार अब तो 25 सीट पर सिमट गए. जब राम रावण का युद्ध हुआ तो पहले के भगा. वगैरह विभीषण. विभीषण समझावे तो कह रहे है. हम.
ना लड़ो भैया. ना लड़ो. बहुमान. अगर एक आदमी विरोध करता है किसी का तो. अपवाद हो सकता है लेकिन जब आपके घर के. बहुत लोग विरोध करने लगे तो कोई बात तो. है। मैं तो नहीं जानता दोनों आदमी के बीच. में क्या है। तेजस्वी और संजय. फॉलो तो किए होंगे ना? मैंने देखा लेकिन. मैंने देखा कि उनके घर से जो भी दूर हुआ. है वो इन दोनों लोगों का नाम ले रहा है।. हम. जो भी चाहे वो रोहिणी आचार्य हो चाहे वो. तेज प्रताप हो. बाकी तीन बहें हो चुप है सांसद है लेकिन. वो भी इशारों. जो भी.
इतने लोग गलत नहीं हो सकते. बिल्कुल नहीं। कुंभकरण ने भी कहा था कि. भैया आप कहो तो हम लड़ लेबे लेकिन काहे. फर्जी क्यों तो रावण नहीं माना. तो पता है 25 विधायक बचा है पता नहीं मोदी. जी कौन कह दे काल कह दे मोदी जी की. संजीवनी मंगाया हूं मोदी जी के कोनो ठीक. है कुछ कह सकते हैं कह दे संजीवनी मंगाया. हूं जो विधायक खा लेगा वो जब तक जीवित. रहेगा तब तक विधायक रहेगा वो 25 में से 24. हारा जी अकेले बचिए मोदी जी का समझते हो.
आप [हंसी]. कहां मजा कि खाली यार तो जोड़ो और यार हैक. कर लो बाहर ना हैक करो फिर इतना मेहनत. काहे करते हैं वो. नहीं जब चुनाव चला तो 20 साल के अपने काम. के चर्चा की को वो यही के माहिर है. कहत बनवा देखो ये बन गए वो बन गए बन गए अब. नई चोरी चकारी हो प्रशासन हो गए सब बात. चला. चुनाव के टाइम में दुलार चंद यादव हत्या. हो जब सब बतावत रहे. नहीं अनंत सिंह त आरोप लगा. इनहीं का आरोप लगा ये अंदर गए.
तो इनके साथ अच्छी बात ये है ये इस पक्ष. से बढ़िया खेलते हैं।. शानदार खेल लेते हैं। बाकी जो कर रहे हैं. वो तो कर ही रहे तो जवाब. सच में मैं आई ऑन अ सीरियस नोट। क्या देश. में आप चुनाव लड़े हो? ईवीएम हैक होता है।. अह ये जो अभी चला वोट चोरी वाला राहुल. गांधी कर रहे हैं। काहे कि बिहार में तीन. पार्टी थी। मुख्यता विपक्ष में जो हमारा. ऑब्जरवेशन था एक तेजस्वी जी की। एक मुकेश. सहनी के कांग्रेस की।. मुकेश सहनी हम एनडीt पे लाइव थे। जब वो. कहे कि ₹10,000 बट गया इसलिए हम हार गए।. सीधा-सीधा वो कहे नीतीश जी बांट दिए। उनका.
घोड़ा गणित बैठ गया इसलिए हो गए। तेजस्वी. भी हार मान लिए। राहुल बाबू अभी भी कह रहे. हैं। अब दुनिया कह रही है कि जितना. पत्रकार गए थे एकको थोड़ी ना कह रहे थे. कांग्रेस 60 में 50 जीतेगी।. सब यहां कह रहे थे लड़ाई जो है सिंगल. डिजिट डबल डिजिट का है।. तो सिंगल डिजिट वाला आदमी चिल्ला रहा है. वोट चोरी।. जिसका बड़ा घर लूटा है वो कह रहा है कि. ठीक है राजनीति में हारजीत होता रहता है।. तो हम किसको यकीन मान रहे हैं? हम ये मान रहे हैं कि सही है। ईवीएम हो. रही है। हैक हो रही है चोरी। मान रहे हैं।. इतना बड़ा। लेकिन हम एक बात कह रहे हैं कि. अगर आप लोग मान रहे हैं इस बात को तो.
आंदोलन क्यों नहीं कर रहे हैं? और कोर्ट. काहे नहीं जा रहे? कोर्ट काहे नहीं जा रहे? यह दो सबसे बड़े. सवाल है ना कि हो रहा है। ठीक है। चलिए हो. रहा है। आप सड़क पे उतरिए ना। नेता का काम. क्या है? आंदोलन करना। काहे नहीं कर रहे. हैं? 27 में है तो इलेक्शन। आ जाए सारे. एंटी बीजेपी की जितनी पार्टियां वो सब आ. जाए कि हम बहिष्कार कर रहे हैं। हम नहीं. इलेक्शन में पार्टिसिपेट करेंगे। कोई. तैयार होगा इस बात के लिए? तब? तो फर्जी इस तरह से कि लकीर पे लाठी. पीटने से क्या फायदा? आप कह रहे हैं राहुल. गांधी का टेक्निक गलत है।. अप्रोच तो उनका गलत है। मैंने कहा ना उन.
तालाब में कूदे उनको कोई पीआर नहीं मिला।. लोगों ने इतनी मीम बनाई उसको. एक तो मछली मिली थी तो थे।. एक मछली मिली कहीं जितना मछलियां मिली. उतने सिटी मिली। उसे कमो सीट मिली। हम तो. हम तो कह थे बताओ मतलब एक आदमी एक गमछा. हिला रहा उसका इतना मामला बढ़ रहा है।. और एक आदमी पानी में कूद गया।. वहां 3000 वोट से हारे थे।. जहां हम कूदे थे पनिया में।. अच्छा. उसी इलाके में 3000 वोट से हार गए नहीं. नहीं हम बताएं एक मैंने. तो क्या गड़बड़ हो रहा है? राहुल गांधी भी. देश में पद यात्रा कर रहे हैं। मेहनत कर.
रहे हैं।. कई सारा मसला उठाते हैं। सोशल मीडिया पर. व्यूज जबरदस्त आता है। ट्वीट रीट्वीट सब. होता है।. वोट काहे नहीं मिलता है? चक्कर ये है कि आपकी जो कॉटरी है कॉटरी. जिसका आप राय मानते हो।. हम. एक तो इनबॉर्न राजा या नेता होता है।. जिसकी खुद की समझ बहुत अच्छी होती है। उसे. सिर्फ अगल-बगल के लोगों से राय ले। मैंने. हिस्ट्री में देखा एक बड़ी प्यारी चीज. चाहे वो अशोक रहा हो अशोक के पास एक आदमी. था मुगालीपुत्तेस और शान उस आदमी ने कुछ.
भी किया उससे राय लिया फिर जब हम आगे बढ़े. चंद्रगुप्त द्वितीय के पास आए. विक्रमादित्य उसके भी नवरत्न थे हम. हिस्ट्री में चलते हैं फिर हम आए. अलाउद्दीन खिलजी को देखा उसका एक दोस्त था. अलाउल मुल्क वो कुछ भी करता था उससे राय. लेता था और वो इतना अथॉरिटेटिव था अलाउल. मुल्क कि सुल्तान को बोलता था कि भ ये. नहीं करना है मतलब नहीं करना है फिर हम. अकबर के पास चले उसका नवरतन था। लेकिन. मोहम्मद बिन तुगलक और अकबर औरंगजेब यह. किसी की नहीं सुनते थे। तो ये जो प्रेजेंट.
हमारे यंगस्टर नेता हैं इनकी ये एक सबसे. बड़ी कमी है। इनके पास एक अच्छा नवरत्न. वाली कॉटरी नहीं है। इनका कोई भी विरोध. करेगा ये भगा देंगे तुरंत उठा के। हट तुम. मुझको राय दोगे।. अब तेजस्वी जी रखे हैं तो डांट खा रहे हैं. दुनिया से कि हमारे पास राय वाला आदमी तो. दुनिया गिर आ रहा है हमको।. वही मान सिंह थे, बीरबल था, टोडरमल था।. अकबर को बोलता था बॉस ये काम करना है। ठीक. है करना है करेंगे। तो गड़बड़ कहां हो रहा. है? राहुल जी से ये केवल राय का गड़बड़. है। नहीं हमारा एक तो सबसे बड़ी बात है.
जैसे मैंने कहा एक साल पहले से बीजेपी. सक्रिय हो गई। तो आप भी होइए ना। आप भी एक. सोशल वर्क वाली टीम जैसे सेवा दल थी. कांग्रेस के पास। आप उस टीम को बनाइए। उस. पर काम करिए। एक-एक आदमी से कनेक्ट होइए।. अपनी विचारधारा को जोड़िए। कुछ नया. 1930 में अंग्रेज सरकार ने कहा कि गांधी. एज अ पॉलिटिकल लीडर कोलैप्स कर जाएंगे।. 1920 में एक मुद्दा था जलियांवाला बाग। इस. बार कोई मुद्दा ही नहीं है।. यह बात ब्रिटिश पार्लियामेंट को समझ में.
आई कि हां यार यह बात तो इस बार तो कोई. मुद्दा ही नहीं है। पिछली बार तो मुद्दा. था जलियांवाला बाग। उसी में गांधी जो है. इतना पब्लिक बटोर ला रहा है। और साइमन. कमीशन कौन जानता है? और अगर कहोगे भी जाके. पब्लिक के सामने साइमन कमीशन 1930 में तो. कोई पब्लिक कही भैया यही कहावत है क्या. मुद्दा क्रिएट किया गांधी ने नमक. सत्याग्रह. क्या विज़न है उस आदमी के पास क्या सोच है. और नमक एक ऐसी चीज है हिंदू भी इस्तेमाल. करेगा मुसलमान भी इस्तेमाल करेगा दलित भी. करेगा ब्राह्मण भी करेगा और 1930 का जो.
सविनय अवज्ञा आंदोलन है अंग्रेजों ने कहा. यार मास्टर आदमी है ये तो उनसे काहे नहीं. सीखते ये लोग. वो भी तो हाइड्रोजन बम फोड़े थे. कौन. राहुल जी. क्या. हाइड्रोजन बम. अरे राहुल जी का फिर मैंने कहा उन्होंने. अपने अंदर सुधार बहुत किया है काम किया. ऐसा नहीं है कि नहीं किया उससे मैं डिनाई. नहीं करता हूं उन्होंने काम अपने अंदर. बहुत किया है लेकिन थोड़ा सा उन्हें. क्योंकि जब दुश्मन बहुत ज्यादा ताकतवर हो. तो उससे 50% ज्यादा मेहनत आपको करनी ही. करनी है. करना पड़ेगा.
ठीक है हमारा जिला इतना पीछे काहे है. यूपी बिहार में बहुत जिला हम अपने गोंडाक. बात भी कर ले हम. भारत जब महान था हम. महान हम. तब दो यूनिवर्सिटी बड़ी फेमस थी पूरी. दुनिया में. हम. एक तक्षशिला एक नालंदा. आज अमेरिका जब महान है तो पूरी दुनिया की. तमन्ना है कि यार. बॉस्टन यूनिवर्सिटी में पढ़ ले यार यार.
फिलाडेफिया यूनिवर्सिटी में पढ़ ले यार. आज चाइना हमारे बच्चे चाइना मेडिकल. एमबीबीएस का कोर्स करने जा रहे. भारत के बच्चे जिस भारत के लोग कहते हैं. कि हम चाइना के झालर ना खरीद उस उस आदमी. के घर का बेटा शजन से एमबीबीएस कर रहा है. तू झालर ना खरीदो तो कौन फर्क पड़त है. यानी किसी भी परिवार डॉक्टर अंबेडकर दलित. घर में पैदा हुए लेकिन एक चीज ने उनको. महान बना दिया तो वो थी शिक्षा कबीर.
जुलाहा है लेकिन एक चीज ने उनको महान बना. दिया वो है ज्ञान संत रविदास चमड़े का काम. करते हैं लेकिन लेकिन आज भगवान है ज्ञान।. यानी एक बात तो स्पष्ट हो गई कि भाई साहब. जिस परिवार में जिस समाज में जिस राष्ट्र. में ज्ञान विकसित होगा शिक्षा विकसित होगी. वो परिवार व्यक्ति और राष्ट्र महान होगा।. आज कोई अपने गोंडा का आदमी गोंडा के स्कूल. में नहीं पढ़ावे चाहत है।. वो तो मजबूरी रही भाई हमारे बाप क्लर्क.
रहा बाबूराव के लगे पैसा नहीं रहा। हम. तो हम कह भैया पढ़ लो फाय. पैसा भाग जाते बाहर. बाहर. तो गोंडा में जो सबसे बड़ी कमी है वो यही. है कि वहां की जो शिक्षा व्यवस्था है. गोंडा नहीं ये पूरे भारत का खेल है. पूरे भारत आज के जो विद्यार्थी स्टूडेंट. है उनके पास चार चीजों का अभाव पहला वो. क्वेश्चन नहीं करते और जिज्ञासा ही तो मदर. है नॉलेज की करते नहीं आप जाओ प्रवचन दो. सुनो सुना करिए तीन घंटा कुछ पूछे ना कर.
जब जिज्ञासा ही नहीं है ताजमहल देख के. देखो मजा आवा हां बहुत बढ़िया बना है ये. पूछे नहीं कि इ कोने शैली मा है के बनवावे. चार चार पांचप बार ताज महल देख ली पता ही. नहीं है कि जमीन केस रहा तब का करें मरे. क्यों रहा [हंसी]. सही. भाई ये तो पता कर लो शैली कौन है ये फूल. पत्ती काहे बना है इ गुंबद का है जमीन के. अधी पता तो करो जिज्ञासा नहीं दूसर कनेक्ट.
करे नहीं आवत हम जहां लोग से पूछ भारत. राष्ट्र कैसे बना. भारत राष्ट्र. भारत राष्ट्र अंग्रेज में बनाएंगे [हंसी]. मतलब ऐसे सीधे बनाए गए. पार्टीशन तो तुम्हें पता है कि नेहरू जी. कराई. ऊपर तो तू गांधी जी का घर आवत हो कि गांधी. जी ने इस देश का विभाजन कराया तो चाचा. देखत खड़ा हो के नहीं नहीं [हंसी].
बरादी होती तो तुम खड़ा रहो। नहीं नहीं. भैया हम नहीं रहेंगे। लेकिन इस देश के 99%. लोगों को पता है कि भाई पार्टीशन कराया. नेहरू और गांधी ने। उन्हीं 99 को यह नहीं. पता है कि ये देश राष्ट्र कैसे बन गया।. हम. अमेरिका राष्ट्र बना, चीन राष्ट्र बना, जापान राष्ट्र बना, इटली राष्ट्र बना, जर्मनी राष्ट्र बना। ये सब राष्ट्र तो थे. नहीं।. हम. तो कनेक्टिविटी नहीं यहां के स्टूडेंटों. में शिक्षा प्रणाली में। समझ तो है ही. नहीं।. सर हमारी गर्लफ्रेंड हमसे बात कर रही तो.
तू मुर्दा हो. तुम मरा हो भाई तो ब्याह मेहरारू जा. कुत्ता दौरा. तू पेड़ पे चढ़ ग [हंसी]. मेवा सोचे कि यार ये बारात लेके आ रहा. तलवार लेके आ रहा ये तो मरा है यार एकदम. से [हंसी]. तो ड्रम म जा. पहले दिन ही बात पता चल गया कि अरे बाप रे. बाप ये तो अरे दादा ही हमारे बाप के एकाद.
20 लाख भगवान [हंसी]. तुम उस उस लड़की से कह रहे हो कि छत पे. क्यों जाती हो जाए दो छत पर तो उसे कहा तो. हंसा ना करो कोई देख के अब भाई जैसे हम. लोग पढ़े लड़कियां साथ में पढ़ती थी ऐसे. आज लड़कियों के साथ लड़के भी तो पढ़ रहे. हैं. सही बात है. अब उस जो लड़की है उसका दोस्त अगर बाजार. में मिल गया और गले मिल रहे हैं दोनों अब. तो हर जूत बनते बैठ गया. यार ये तो क्या बात है. तो जब हाथी का नहीं पाल बाबा तो तू काहे. लेके आया है.
ये मैं खोजे होते हो. हां ऐसे खुद मरा हो इनके ब्याह ना हो आज. तो ये जो ये जो चार पांच चीजें हैं ना चार. पांच चीज़ ये गायब है सिर्फ गोंडा में नहीं. सिर्फ गोंडा में नहीं अबे गोंडा चला जाओ. को प्रोजेक्ट शुरू कर दो गोंडा में जाके. कि भैया हम चलो शुभांकर मिश्रा इतना नाम. कमाई ना अपने जिला के लिए कुछ कर. कह के देख लो ₹1000 फीस दे लो वो मैं. डिस्काउंट करावे चलाई कि भैया गेहूं नहीं. है ओ भैया का बताइए गन्ना कटा अभी.
पर्चियां मिली है पैसो आईवे नहीं. कम से कम आप जैसे अब हम लोग सोच ले कि चलो. गोंडा में काम करा जाए अच्छी बात है कर. लेंगे कई लोग हैं एक हमारे दोस्त हैं. राकेश शुक्ला जी वो हमसे कई बार अभी वही. गोंडा के रहने वाले तो हमसे कई बार कहीं. ना कहीं कि कृष्णा मिश्रा एक हैं उतरौला. के तो हमसे कहीं सारे गोंडा में कोचिंग. डाल दी हम कह डाल दो. एकदम डाल दो हम चलेंगे. देख लो फिर. तो अब जैसे फिर वही वाली बात धनुराज वाली.
बात आ गई कि जब एक बार आदमी आपसे कह रहा. है कि हम आपके लिए करेंगे दे दीजिए एक. मौका नहीं करेगा फिर तो आप फिर तो आप. राजनीति में सबसे बड़ी बात क्या है कि 5. साल बाद आपको लौट कर उसी जनता के पास जाना. पड़ेगा जैसे मैं राजनीति नहीं करूंगा. लेकिन मैं पटपटगंज की जनता के पास एक बार. दोबारा जाऊंगा उनको थैंक यू कहने. मैं मिलूंगा लोगों से मैं जो शिक्षा के एक. आध कोर्स हैं उनको ल्च करूंगा तो कम से कम. पटपटगंज के लोगों के लिए फ्री कर दूंगा.
क्योंकि इज्जत रखी पटपटगंज के लोगों ने. मेरी अगर मेरी भी चौथी पोजीशन आ जाती. तीसरी पोजीशन आ जाती लेकिन 20 दिन में मैं. जो लोगों से मिला एंटी इनकंबेंसी नाराजगी. गुस्सा होने के बावजूद भी पटपटगंज के. लोगों ने मेरा साथ दिया।. चौथा टॉपिक क्या था उसमें? तीन आप बताए. थे। समझ नहीं है।. एक पहला जिज्ञासा नहीं है। कनेक्टिविटी. नहीं है। समझ नहीं है। मजा नहीं है।. बोरिया मतलब जैसे तो पिक्चर देखे चले गए।.
तैयार हैं। विधायक के साथ चले गए। अरे तब. तो 24 घंटा तैयार है। पता नहीं इनका कौन. नशा है। हमरे तो ये नहीं समझ में। हम तो. बहुत नेता से मिले। बॉलीवुड के स्टारन से. मिली थे। सबसे मुलाकात हो रहा थी।. भैया शाहरुख खान से मिला दूं। काहे. काहे मिला? एक जन से तो वही चक्कर मार. दोस्ती ख़ हो गई। वह हमें ले बांद्रा और. काहे दोती घंटा बैठा रहे कॉफी पीए हम बैठा. रहे कह यार का बात है हम कह के का इंतजार.
करते यार कहीं किंग का [हंसी]. हम कहेंगे मुंबई में कौन किंग रहा है।. कहीं ना रे. किंग खान की बात कर रहा हूं। किंग खान के. अरे कहीं शाहरुख खान अबे निगरी तो देख ले. दो तीन फाइट मारा घुमा मार डाला. तू बरान हो रहा दिमाग खराब है अच्छे एक्टर. हैं. बढ़िया कलाकार है अचीवमेंट है दुनिया में.
एक नाम है दुनिया में सम्मान है उनका ऐसी. बात नहीं है. हां ठीक बात है लेकिन ये चसका है हमें यार. एक दाई देख ली भैया. हां अमिताभ बच्चन का बर्थडे रहा एक जगह. गिर गए उनके हाथ ही टूट गए हम कह दूस दूस. तोड़ दो साला काहे अरे तोड़ दो के कहा जाए. खातिर फूफा लागे नहीं भैया तब का करे गए. हो राजा पता नहीं कौन मजा है. अच्छा हमार सोशल मीडिया पेज हो हमार कोई. एक पेज एक एक आदमी के साथ हम फोटो है सौरभ.
गांगुली. एजीआई टर्मिनल 3 पर मिला हुआ आदमी तो वो. आदमी में पसंद बहुत है मतलब ओके अदा हमें. बहुत पसंद है टीशर्ट वश निकाल के भौकाल. में रहना है चाहे जो हो कुछ भी हो जाए. भौका। उस आदमी ने लास्ट में एक ही गलती की. थी। जिस वक्त उसका परफॉर्मेंस खराब हुआ था. ना उस आदमी को खुद ब खुद क्रिकेट छोड़. देनी चाहिए थी।. हालांकि लौटा कमबैक किया। कमबैक करके. दोहरा मार के फिर रिटायर लिया।. हां। लेकिन वो आदमी ये जो भारत का. प्रेजेंट क्रिकेट है उसका जन्मदाता है।. तो इस इस देश में जैसे लोग पिक्चर देखने.
को तैयार हैं। मॉल जाने के तैयार हैं। ऐसे. स्कूल और काहे नहीं जाते? हिंदुस्तान का. टीचर मजबूरी में बना हुआ टीचर है।. हिंदुस्तान का आदमी पैदा होते हैं उसको. दो-तीन चीज बनना है। शाहरुख खान बनना है।. उसको बनना है अखंडा त्रिपाठी उसको बनना है. मिपुर।. हां अखंडा त्रिपाठी गंदी फमराया मुन्ना. उसको बनना है विधायक। बाकी उसको कुछ नहीं. बनना है। बाकी वो मजबूरी में इंजीनियर है।. मजबूरी में डॉक्टर है। उसको पैशन नहीं है।.
और जिस चीज का आपको पैशन नहीं है।. क्रिकेट, पॉलिटिक्स, बॉलीवुड छोड़ के सब. मजबूरी है।. सब मजबूरी है। मजबूरी में कर रहे हैं। भाई. तो ये टीचर सब मजबूरी में पढ़ा रहे हैं।. लौंडो पीट रहे हैं। छोटे-छोटे शहरों में।. आप तो नहीं पीट सकत हैं। कोर्ट का आर्डर. है। बहुत महाराज जी हैं। पीट-वट नहीं सकत. हैं।. आप तो पीटे हो।. नहीं हम पीट। हां। हां हम पर्सनल जो. गाइडेंस दे रहे हम जब पढ़ावत रहे तो का. करते हर साल 10 लड़कन का चुनत रहे उनका. पर्सनल गाइडेंस दे रहे तो एक बार लड़का. तमिलनाडु के रहा तिरची रुची के रहा तो के.
बाद में स्टेट में सिलेक्शन हो गया तो रहा. वही सात आठ फुट के. तमिलनाडु का नहीं लंबा चौड़ा 300. 7 फीट. अरे हम काहे मतलब लंबा. लंबा रहा ठीक है हवा स्टाइल [हंसी]. तो 200 केजी वेट रहा. हां. तो होमवर्क दिए आवा जवाब नहीं दे प तो हम. सोफ खड़ा हो मारत [हंसी]. तो इतने टीचर ऐसे खिड़की देखत रहे तो आए. अरे कह गुरुजी अगर पलट के मार दिया अरे हम. कह ऐसे मार दी सरकस में देखा तो मास्टरवा. कैसे शेर के सामने हंटर लेके खड़ा रह हम.
कह इनकी भलाई के लिए कर रहे हैं तो मारना. बुरा नहीं है पहले मास्टर पंजे पे मारते. थे कोई ऐसा थोड़ा मारता है कि कान पे मार. दे पर्दे फट जाए कोई ऐसे थोड़ी मारता कि. आंखों पे मार दे रोशनी चली जाए. बिहार मार रहे गड़वा बिहार. हां मुर्गा बना दे रहे वो सब ठीक रहा. पिटिया मारत रहे हम लेकिन टीचर है याद है. मैथ पढ़ा उपाध्याय जी।. तो कुछ बता रहे कहते हैं, "यह इसका सलूशन. ऐसे हो, तो पीछे से उन्होंने गा।". पलटेन बुलाए कहीं के बोला, कहीं सबका. मारा। सब इशारा कहीं नहीं रहा। पकड़े, ऐसे.
टांगे बिच्छे में फसाई पैर खोपड़ी।. और वो करे बाद दोनों हाथ से पीठिया। सफ़ेद. शर्ट हम याद होकर। पट पट फट पट फट पट पट. पट मारे दर्द हम पीट पोए।. मार पटक। [हंसी]. अच्छा एक बात बताओ चंबल में डकैती खत्म हो. गए। यूपी बिहार में बकैती काहे नहीं खत्म. [हंसी]. देखो बकैती का तो मैं शहंशाह हूं यूपी. बिहार के छोड़ो ये सब बात बकैती खत्म कर. बात ना कहो बाकी चाहे कौन कह लो और हम. शहंशाह के सामने तो बिल्कुल नहीं बकती.
एक ऐसा शब्द है. हम. जैसे हम तो पडकास्ट देखत रहे. तो हुमा कुरैशी जी ने एक बड़ी प्यारी बात. कही कहीं बिहार का आदमी बातों का बड़ा धनी. है. हां सोफेस्टिकेटेड है. तो तू कहो मतलब बकती कहीं मैं नहीं कहना. चाहती थी। अरे बहन जी कहो आपके कहे से ऐसा. थोड़े हम लोग छोड़ दे पूरी ब्रह्मांड कहत है. हम जो पुराण लिख डन हम जो भाई अंग्रेज जब. भारत के ट्रांसलेशन शुरू की लिटरेचर के.
तो कालिदास के अभिज्ञान शकुंतलम ट्रांसलेट. बा तो जो 40 प्रकार के औरतन के मुस्कान के. वर्णन है. बाप रे. 40. तो विल्किंस रहा वही अंडरमा ट्रांसलेशन. होत रहा. के. इतना खलिया आदमी रहा जो बैठ के दिन भर यही. देखत रहा कि औरत को जगह मुस्कुरा एक पकड़. के लाओ तो भैया ये सही ना है बहुत हजार. साल पहले रहा. तो जो आज के बात हो रहे हैं. हां. 7000 श्लोक रहे महाभारत में हम लोग का.
7000 पढ़े हम लोग का लगा तो यार मजा नहीं. आ रहा है 500 और बढ़ाओ [हंसी]. बढ़त बढ़त बढ़त बढ़त कितना हो गया 1 लाख. हमारा वो डीएनए है भैया [हंसी]. हमसे जब कोई कहा था कि चार फॉरtunर से आ. रहा है तो हम अगले आदमी से कह 40 Fortuner. आए रही और सब मई फ्ल्ला फिर जब हम भाई कहा. था वही बात आगे चढ़ के तो कहा था 400 तोपो. रखे रहे पिछले वाले में यहां.
हमारा वो डीएनए. वो ना खत्म हो पाई भैया जो कहो [हंसी]. सब ना हो पाई. दिल्ली में प्रदूषण बहुत बड़ा है अब की आय. नहीं खासे तब की चुनाव रहा तो खासत रहो. खास. तो हम [हंसी] रहे नहीं तब की खासे रहो. हां तब चुनाव. ठंडक का टाइम रहा जनवरी ठंडक आई गए नवंबर. अक्टूबर नवंबर नवंबर चलता है. हम दवाई ले. कौन वाली [हंसी]. पिया तो नहीं पी रहे हो.
तो हम दवाई ले और पोल्यूशन बहुत ज्यादा है. लेकिन दिल्ली की जनता. भगवान राम के प्रेम में शंकर बनी हुई है. कैसे तुलसीदास जी कहीं. [हंसी]. प्रेम है कि हमारा लड़का दमा से मर जाई. कोई बात बात नहीं. मोदी जी का वोट. मोदी जी का वोट दे बाबा कैसे मर गए भैया. खांसत खांसत मर गए कोई बात नहीं. मोदी जी को वोट देना है [हंसी] अम्मा का. कहा है भैया इसमें पी लिया बढ़ाई मर जाए. ठीक है मोदी जी का वोट दे ई कसम खाई ली.
नहीं बताओ गलत कह दे. लड़कों को भैया फेफड़ा खराब हो गया. लड़का मर जाए मोदी जी को वोट देंगे हम तो. कई बार वीडियो देखे लोग कहते हैं ₹00. पेट्रोल मिली तब वो मोदी जी को वोट देगा. हां देखे ना. तो जोने देश में यह में प्रेम करे वाले. लोग रहे। मोदी जी किस्मती आदमी हैं।. [हंसी]. तो भैया अच्छा है। बाहर इतना कोहरा है।. इतना हम तो कल आए ना वहां से देहरादून से।. हां. तो रेखा गुप्ता जी ने बढ़िया तोहफा दिया.
है। इसलिए. वो तो पानी छिड़काव थी वहां।. अपने बाहर रखे हैं।. नहीं नहीं जहां वो मशीन रीडिंग करते।. चोरी है पोलशन के अंक चोरी कितना देरात है. वो सब चुरा ले देश के नाम देश में गायब कर. दे बीजेपी वाले जो है ना हम भैया सलाम कर. उन्होंने सबका एक कोनो मुद्दा उठावत है. जैसे अब हम अब बैठा सोच कि यार जब यूपी आई.
तो को कीपर्ड उठाई है इनका लोग का कीवर्ड. बड़ा प्यारा है कुछ कुछ सोचे धरे हुए हैं. पक्का बताई थे कुछ ये कीवर्ड सोचे धरे. और जैसे एक साल बची. वैसे वो कीवर्ड रोटेट हो शुरू हुई माहौल. बने शुरू. जैसे बिहार में कट्टा रहा. जंगल राज. जंगल राज अच्छा. जंगल राज कीवर्ड पकड़े हैं ये सोच नहीं है. इनके टीम बैठी है कि गुरुजी यही का मार है. और बाद पूरी बैकिंग और लोग चार लोग रोवत. मिली है जैसे बंगाल में एसआईआर शुरू हो तो.
10050 कौन से बांग्लादेशी पकड़ लाए बेचारा. बेचारे बैठे हैं कहते हैं हम लोग. बांग्लादेश जा रहा हूं। कहां रहे हो? ऐसे. ही कोलकाता में रहता हूं। क्या सॉलिड. प्रेजेंटेशन है। ममता बनर्जी कहती है अरे. [हंसी] ये तो पता नहीं नहीं बांग्लादेशी. ये लोग आए हुए हैं। कुछ भी कर सकते हैं. मोदी जी कुछ भी। मतलब सैल्यूट है उस आदमी. को उसकी पूरी टीम को। वो आदमी कुछ भी कर. सकता है।. आपको बीजेपी ने टिकट नहीं दी महाराज।. हम मन ना करें। हम भैया राजनीति ना कर हम.
हम बहुत जीव के जरा नहीं राजनीति से और. भैया दूर रहिए बहुत खुश पहली बात तो बोल. बंद हो रहा है यार एक पार्टी पार्टी लाइन. के बाहर नहीं बोल सकते अच्छा हम फोटो देख. पार्टी लाइन के बाहर नहीं बोल सकते ये. नहीं बोल सकते इस पे ये और हम लोग बोल ना. तो मर जावे भैया [हंसी]. मतलब आज हम इतना बढ़िया महसूस करी थे ना. आज हम कोना नहीं कि कोई फ़ करके कह थी कि. अब तो वही वही बोलेंगे जो हमारा मन कहेगा।.
भैया पार्टी लाइन तय करेगी। [हंसी]. पार्टी लाइन. अरे भगवान वो वीडियो. वो वीडियो अच्छा ये बताओ वो इंटरव्यू. कितना बढ़िया जाता रहा।. पार्टी लाइन तय करेगी।. अरे. आय रे. भगवान बचावे भैया राजनीति से दादा. कई रुपया खर्चा भरा रहा चुनाव में. खर्चा तो रुपया नहीं मारा।. पाई ग. सब द गिरा दोस्त मित्र हित सब द गिरा।. वाह। अच्छा, तो यह जो सब कहा था कि यह सब. संस्थाओं बीजेपी पे कब्ज़ा है। यह हरवा सही. है, गलत है? एकदम सही है।.
कैसे सही है। हमें फिर समझाओ ना फिर वोट. चोरी और इस संस्था का कब्ज़ा कैसे है? सुप्रीम कोर्ट तो है ना। बीजेपी खिलाफ देत. है। कैसे आप कह रहे हो कि बीजेपी सारा. संस्थाओं को कब्ज़ा कर लिए। जब सुप्रीम. कोर्ट है जो बीजेपी डांट रही है। कई फैसला. राहुल जी के पक्ष में आ रहा है। सबके पक्ष. में जा रहा है। अब या तो मान लो सुप्रीम. कोर्ट भी फ्रॉड है।. नहीं नहीं अरे बाप रे हमें अंदर भिजवा दे. वो भैया। [हंसी] मतलब ये मेरा काम कह दे. वो तब जो. कैसे कह रहे हो सारी संस्था कब्जा सही है. अच्छा चलो कह दे दो तीन संस्था छोड़ के. बाकी संस्था पर कब्जा.
कौन-कौन संस्था कब्जा नहीं है. जुडिशरी ही कह दे [हंसी]. ताकि जेल ना जाए. नहीं बात ही नहीं है ऐसा है हम बताइए एक. बड़ा प्यारा तत्वाधान है कॉन्स्टिट्यूशन. में जुडिशियल रिव्यु हम. किसी भी चीज को जुडिशरी जो है वो. जैसे एसआईआर वाला मुद्दा उठा हम. 65 लाख वो लोगन के वोट कटगा. बिहार मा. अब हमारा इलेक्शन कमीशन कह रहा है कि भाई. ऐसा कौन सा तू विधि लगा है कि 7 महीना में. तू 65 लाख लोग का पा कि भैया यह वोट दे. काबिले नहीं है.
हम. ओका तो बताओ. आप उसको भी तो बताइए. हम. कि हमने 7 महीने में ये काम कर डाला कि. भाई हमने फिल्टर कर लिया 7 करोड़ 52 52. लाख पूरा टोटल वोटर पूरा टोटल लोगन का वो. रहा एसआईआर जबारा. तो चक्कर ये है कि ठीक है. बट जैसे जो विपक्ष के जो लोग वो पत्रकार. जो बीजेपी के समर्थन वाले नहीं है बहुत. सारे जिनका एक दो का भी इनडायरेक्टली कोट. किए वो बिहार गए वो कह रहे थे कि अगर इतना. कटा था इतना गड़बड़ हुआ था तो वो लोग सड़क.
पर आए क्यों नहीं उनका विरोध क्यों नहीं. दिखाओ वो तो था कि आप आधार जब तक आधार. नहीं दिखाए थे तब तक था जब आधार लिंक हो. गया तो लोग मान गए कि भैया जो बाहरी आदमी. है मर गया है उसका कटा है बाकी सबका है. इसीलिए वोट परसेंटेज 70% तक गया. एक बार अपने पड़ोस में एक लड़का कम बहुत. मारे. हम. तो क्या महतारी आई अपने लड़कों लेके. अब तो बेचारे है नहीं डेथ हो गई उनकी. मुकेश नाम था तो आई तो हम मातारी से कही. कह देखो तो लड़कों हमारी बच नहीं तो फूट.
जाती है वो तो हम माताारी कही कि भैया कही. बहनी मार डर हम बहुत कच से और अंदर गई भाग. के कुल्हाड़ी उठाए ली तो बेचारी एकदम सहम. गई कह अरे बहनी भी थोड़ा है हम देख वही. बेचारी बैक फूट हो गई कि अरे अरे रे अरे. नहीं जा दो अच्छा को बात नहीं राय अरे रे. रे रे रे रे। चली गई अपन लड़का लेके। वहां. तेरे मेरा दरवाजा बंद की। कहीं जब मरते. रहे हो तो मार डाले रहे होते। [हंसी].
तो कौन आदमी किसके साथ है ये उसकी बातों. से अंदाजा नहीं लगाया जा सकता।. आज इस देश में हर आदमी को स्पष्ट पता है।. स्पष्ट।. अच्छा हम एक बात फिर आप कंफ्यूज किए हमको।. आप एक तरफ कहे कि बंगाल बीजेपी हार जाएगी।. हम. फिर एक तरफ कह रहे हो कि बंगाल में बीजेपी. एकदम गजब प्लानिंग बनाई है पिक्चर बनाई है. तो इतना मेहनत काहे बीजेपी करेगी अगर. अरे बांग्लादेश वाला पडकास्ट नहीं देख रहा. पाकिस्तानी वाला वो पूछत नहीं है कहते किस. किस लिए खेलते हैं आप लोग हारने के लिए. खेलते हैं. मजा आता है हमारा यही टेक्निक है.
हां गाइस हारने के लिए गाइस हम जीत हम चार. 30 मैच हारा कोई टाच नहीं हुआ हम एक मैच. जीत गया हमारा तलाशी हुआ वहां जाके तुम. लोग साला जीता कैसे [हंसी]. तो. भाई भाई अगर आदमी जीत में उत्साह दिखाएगा. और हार में नहीं दिखाएगा. तो पकड़ा तो अरे ये सब भगवान है बेईमानी. के. हमको जीतना ही नहीं है. हमको जितना ही नहीं है अब पूरा मोमेंटम. दिखा रहे हैं कि सब होगा यहां जो भी हार. है सब होगा फिर हार जाएंगे तो पब्लिक है.
यार बताओ यार ऐसे थोड़े हार गए अब ईवीएमआ. कहां चला गया अब ईवीएम पे रोने वाले कहां. चले गए. कह रही ममता दीदी किस्मत अच्छी है. अरे ममता दीदी तो टीम की सदस्य से हैं वो. कहां जाएंगी? अच्छा अभी हम एक इंटरव्यू देख रहे थे. काजोल का. हम. तो काजोल कही कि ब्याह का भी एक्सपायरी. डेट होना चाहिए। शादी के लाइसेंस की तरह. रिन्यूल का विकल्प होना चाहिए।. अगर विवाह सिर्फ भोग पर आधारित है तो. रिन्यूल होना चाहिए। जैसे पश्चिम में है.
नहीं यूरोप में कि तीन-चार साल एक आदमी के. साथ रहे। फिर दोनों लोग म्यूचुअली. अंडरस्टैंड शादी डिवोर्स कर लिए। क्योंकि. इंद्रियां एक समय के बाद ऊब जाती हैं।. लेकिन अगर प्रेम पर आधारित है तब तो नहीं. होगा। दोनों में फर्क है। आलू आदमी. नेपोलियन के साथ ही तो पोप ने कहा. नेपोलियन से कि यह बताओ तुम्हारे इतने. सारे एक्स्ट्रा मार्शल अफेयर हैं।. क्रिश्चियनिटी के खिलाफ है। उसने कहा. अच्छा पोप से कहा यार ऐसा करो आप एक काम. करो। आप हमारे घर आओ तब मैं इसका जवाब. दूंगा। आए तो पोप को पहले दिन खिलाया.
शाही पनीर पराठा। दोपहर में भी खिलाया।. शाम को भी खिलाया।. मैंने कहा चलो एक दिन कोई बात नहीं खिला. दिया। दूसरे दिन रिपीट कर दी। तब पोप का. थोड़ा घटका लगा कि यार सिर्फ शाही पनीर. खिला रहा है। चलो ना रहा हो। फिर तीसरे. दिन रिपीट कह दी। अब पोप का लगा कि कुछ तो. गड़बड़ है। खैर पोप तीसों दिन कुछ नहीं. बोले। चौथे दिन सुबेरे जैसे पनीर पावा. पोप खड़ा हो। फिर ये क्या यार तमाशा लगा.
रखा है जब देखो तब शाही पनीर जब देखो मेरा. मन नहीं है क्रिस यस. व्हाई ऑलवेज जोसफिन कैसे आप पनीर से ऊब गए. वैसे मैं जोसेफिन से उब गया क्या जवाब. दिया उस आदमी ने तो काजो. राजा राजा बनने वाली क्वालिटी थी. पता नहीं [हंसी]. थी तो उसके अंदर एक सामान्य परिवार का. लड़का फ्रांस को कब्ज़े में ले रहा है. क्रांति के समय में वो भी इटालियन. नेपोलियन फ्रांस का नहीं है नेपोलियन इटली. का है तो क्वालिटी तो हाई है.
राजा वाली. अरे क्या बात है. तो. काजोल जी ने जो बात कही है वो. भोग पर आधारित बात कही है कि भैया एक आदमी. से कोई भी आदमी भोग करते-करते ऊब जाएगा. लेकिन ये बात शंकर जी कभी नहीं कह सकते. क्योंकि वहां शुद्ध प्रेम है। कोई आदमी. अपनी पत्नी को लेकर डेड पत्नी को. तो प्रेम जहां है वहां आदमी सात जन्म तक. रहेगा। भोग जहां है वहां 7 घंटा रह ले तो.
बहुत बड़ी बात है।. अच्छा इसी शो में ट्विंकल खन्ना एक दिन. कहीं कहीं कि रिश्ते में इमोशनल चीटिंग. ज्यादा खतरनाक है।. एक उम्र के बाद आदमी मन भटक गया। शारीरिक. इधर-उधर हो गया। वो उतना तकलीफ नहीं देता।. इमोशनल चीटिंग ज्यादा डैमेज करती है। उसका. जवाब भी इसी शो में दिया गया था।. हम इसी शो में. देखते आप सब हैं गुरु [हंसी]. ऐसे नहीं लोग कहते सेक्स पे बहुत नॉलेज है. ओझा जी को. इसी शो में हुमा कुरैशी ने नहीं हम दो तीन.
पडकास्ट हैं जिनको मैं देखता हूं शुभांकर. मिश्रा को तो देखते ही देखते हैं. तो हुमा कुरैशी ने इसका जवाब दिया था. पकड़े ना जाना. पकड़े जाएंगे पिटाई [हंसी] हो जाएगी. तो सही बात है वो तो. कब आप पकड़े गए. हमारा बाप हमसे एक बात कहत रहा नहीं बहुत. बड़ी बात हमारा बाप हमसे एक बात कह रहा था. कह रहा अपराध वो नहीं नहीं है जो भगवान से. छुपा ले जाओ।. अपराध वो है जो इंसान से छुपे ले जाओ।. तो वो ट्रिक हमें पता है।. कब भाभी पकड़ी कब? अरे अब्बा.
गुंडा है [हंसी]. पता लगे काहे आज तुम्हें घर पानी नहीं. पूछा।. तू सो. अरे अब्बा उनके अब्बा हमसे ज्यादा पूछ ले. हैं। तो सो देंगे तो कह अरे. ठीक है। अरे भैया देखो ये सब आदमी को. प्रेम से रहना चाहिए। परिवार में रहना. चाहिए।. अभी हमारा महिला टीम जीत गई। बहुत अच्छी. उपलब्धि है। बहुत बढ़िया उपलब्धि है।. हमारी कप्तान का क्या नाम था? हरमनप्रीत कौर. हरमनप्रीत कौर उनको बहुत-बहुत बधाई।. ओझा जी का सेक्स का पता है। कप्तान हम. हम कहो अच्छा कोो शो में देखो सेक्स पर. चर्चा कर.
हम देखे कच्छा पहन के पढ़ाते हैं ओझा जी. अच्छा ऐसे तो. सेक्स पे बातें करते हैं। वाला वही वीडियो. देखो ना कहूं सेक्स पर पढ़ावा देखो। ऐसे. तो प्रियंका भारती कहत कि भाई मोदी जी ने. यशोदा बेन को क्यों छोड़ दिया? आरोप ही तो. दुनिया में एक ऐसी चीज है जो आप किसी में. भी लगा सकते हैं।. वो तो कोई बड़ी बात नहीं है। हमें. पर्टिकुलर यही गलती हम तो कर सेक्स पर बात. हम अगर सेक्स पर हम बार-बार कह है कि हमार. लक्ष्मी नगर मां हमारे दोस्त के दुकान है.
कृष्णा मिश्रा के 20 साल के लड़के व्याघ्र. मांगे आवत है कि देश के गली-गली चौराहा. चौराहा लिखा है निराश पुरुष मिले कहो लिखा. है निराश स्त्री मिले बचपन की गलतियों के. शिकार. नहीं लिखा है. नहीं. नहीं लिखा है लिखा. के लिए नहीं लिखा है। मर्दों के लिए लिखा. है।. हां मर्दों के लिए लिखा है। तो भैया जिस. देश में डिमांड होगी उसी देश में सप्लाई. भी होगी। और इसी शो में मैं कह के जा रहा. हूं. कि पॉसिबबली फरवरी के महीना में जो ओशो की.
किताब है संभोग से समाधि। मैं शाम को. प्रोग्राम करता हूं शुभ रात्रि रे ओझा पे. तो उसमें फरवरी से मैं अभी मैं गोदान पढ़ा. रहा हूं। फरवरी से मैं संभोग से समाधि. पढ़ाऊंगा।. उस पूरी चर्चा करूंगा जो उस व्यक्ति ने उस. किताब में लिखा है।. तो कोनो प्रोग्राम हमारे साथ शुरू करो। हम. तो कहते हैं दो तीन प्रोग्राम के कहा कि. हम. कि एक तो वही हिस्ट्री वाला कि हिस्ट्री. को जिंदा कर दिया जाए। पढ़ाई नहीं. जैसे अब हिस्ट्री है तो ऋग वैदिक काल में. कबीला है कुरु लेकिन मौर्य काल में. साम्राज्य.
मौर्य साम्राज्य तो कैसे सम्रा अब. हिस्ट्री के साक्ष्यों के साथ साम्राज्य. पैदा कैसे होते हैं? इस एप्रोच को लेकर हम लोग शो कर सकते हैं. यहां पे। जैसे नेसेसिटी इज़ द मदर ऑफ. इन्वेंशन। कोई भी चीज पैदा होती है तो. उसका कारण है तो प्रिंटिंग प्रेस क्यों. पैदा हुआ? इस थीम को लेकर आगे बढ़ाएंगे कि. भाई अगर यह चीज सती प्रथा पैदा हुई ये. फैक्टर है। जाति प्रथा पैदा तो समाज को हम. ये दिखाएंगे कि भैया कोई भी चीज अगर पैदा. हो जाए जैसे आज लोग जाति व्यवस्था से.
परेशान नहीं है। जाति व्यवस्था है ही नहीं. आज। जाति व्यवस्था यानी जजमानी व्यवस्था।. अंग्रेजों ने खत्म कर दी। प्राइवेट. प्रॉपर्टी डिक्लेअर कर दिया लैंड को। तो. फिर आज क्या है? आज जातिवाद है।. आज जाति व्यवस्था नहीं है। आज जजमानी. व्यवस्था जहां होगी वहां जाति व्यवस्था. होगी।. खत्म कर दिया अंग्रेजों ने। तो सवाल ये. उठा कि भाई आखिर जातिवाद पैदा क्यों हुआ? तो जब राष्ट्रवाद पैदा हुआ 1857 के. विद्रोह के बाद तो अंग्रेजों ने कहा यार. राष्ट्रवाद नहीं दबाएंगे तो हम लोग तो 10. साल भी नहीं रह पाएंगे। अब क्या करें? तो.
बोले ठीक है। डायरेक्टली तो दबा नहीं. सकते। तो राष्ट्रवाद के साथ-साथ पैरेलल दो. धारा उन्होंने पैदा की। यह धारा. राष्ट्रवाद की इसके बगैर जातिवाद।. राष्ट्रवाद का नेता कौन? दादा भाई नौरोजी।. जातिवाद का नेता कौन? ज्योतिबा फुले। और. उसी के पैरेलल में संप्रदायवाद।. कम्युनलिज्म। और कम्युनलिज्म का नेता कौन? सर सैयद अहमद खान। तीन नेता एक साथ. राष्ट्रीय मंच पर आपको दिखाई पड़ेंगे।. दादाभाई नौरोजी राष्ट्रवाद का झंडा लिए।. ज्योतिबा फुले जातिवाद का झंडा लिए और ये. सैयद अहमद खान संप्रदायवाद का झंडा लिए।.
जैसे हम 1920 में पहुंचेंगे और गांधी को. देखेंगे राष्ट्रवाद का झंडा लिए। वैसे. जातिवाद का झंडा डॉक्टर अंबेडकर के हाथ. में आ जाएगा। वैसे ही संप्रदायवाद का झंडा. सावरकर. मोहम्मद अली जिन्ना के हाथ में. जिन्ना के हाथ में हां. तो ये अप्रोच अगर हम बता दें लाइव पढ़ाएं. नहीं. कि कौन चीज पैदा कैसे हुई और तो इस देश के. लोगों का बहुत भला होगा। बड़ा मजा आएगा।. समय निकालिएगा. एकदम एकदम एकदम इस पे पहले चर्चा कर ली. जाएगी। एक प्रारूप बना लिया जाएगा. और उस पे काम किया जाएगा।.
हम भी अपना ज्ञान बढ़ा लेंगे इसी बहाने।. अच्छा आजकल बाबा लोग लड़का लड़की बहुत. बोलता है कि कपड़ा पहनो ईंट पहनो ये सब. बाबा लोग को सूट करता है काहे कि बहुत. सारा नया कथावाचक लोग हैं वो आजकल आप भी. देखे होंगे लिविन में मत रहो फलाना मत करो. क्या सोच है आपका इस पे. समाज सुधारक के रूप में आप कुछ भी बोल. सकते हैं लेकिन मर्यादा में. जैसे ये स्टेटमेंट था आजकल लड़कियों. कपड़ों को लेकर चार जगह मुंह मारती हैं. हां अनुरुद्धाचार्य जी ने दिया था नहीं. देना चाहिए सांत आदमी महात्मा आदमी इस तरह.
के शब्द उनको नहीं इस्तेमाल करना चाहिए।. यह शब्द कोई सब्जी वाला इस्तेमाल करता. मुझे बिल्कुल बुरा नहीं लगता। महाराज जी. की इस बात का मुझे बहुत बुरा लगा था।. उन्होंने ठीक है सही जगह प्रहार किया है।. तो आप आप बताओ महाराज जी कि लिविन से जैसे. किसी ने हमसे एक बार कहा कि अब ओझा दारू. ना पिया करो।. हम कह तू नहीं पियो तो कह नहीं। हम कह का. लगे पैसे नहीं तो का पी [हंसी] कह बात. पैसे की नहीं है। गंदी चीज है। हम कह. तुम्हें कैसे पता? गंदी चीज है। पियो है।.
कह नहीं हमारे पापा बहुत पीियत रहे और वह. पी के जो उन्हें हम घर में बवाल करत रहे. फसाद करत रहे तो ये बुरी चीज मानी थे तो. हम कह तो पापा भटका रहे उन्हें पता ही. नहीं रहा शराब का होता है. शराब. अगर इतनी खराब चीज है तो यूरोप तो उठा के. फेंक दिया होता उसको अमेरिका फेंक दिया. होता रूस फेंक दिया होता हम कह अगर बहुत. सारे लोग शराब नहीं पी लेकिन मेडिकल के.
दवाएं खाई नशा करे लिए बहुत सारे लोग हैं. जो कोरक्स से पी जात रहे. अरे हम स्कूल में वाइटनर सूंघत रहे सब. वाइटनरत रहा जो लिक्विड वाला रहा. हां हम कह अगर तू एक गिलास अच्छा दूध पी. लेो तो तू सुबहेरे तक मर जा डायरिया हो जी. तो कहने का मतलब ये है कि कोई चीज अच्छी. बुरी का पैमाना नहीं है. आप उसको कैसे हैंडल करते हैं कैसे देखते. हैं ये बहुत इंपॉर्टेंट है. बट वो जो टॉपिक है जैसे. अनुरुद्धाचार्य जी वाला तो महाराज जी ने. लिव इन कहा कि खराब है नहीं होना चाहिए.
है ना तो महाराज जी सलूशन बता दो लेकिन जब. मैं महाराज अगाणानंद से मिला तब उन्होंने. कहा हां हां नशा नशा का इलाज चाहिए नशा. छोड़ना है मैंने कहा जी महाराज कहे नहीं. यार भजन करो. हम. जैसे आपके शो पर वो आए थे क्या नाम था. उनका. शंकराचार्य जी का क्या नाम है. पूरी शंकराचार्य. हां जो सफेद सफेद द रखे हैं ये कह कि मोदी. जी को मैं डांट देता हूं. पूरी वाले शंक. पूरी वाले शंकराचार्य ना तो का कहीं कहीं.
जो आदमी 24 घंटे में अगर 24 घंटे भजन नहीं. करता है तो उसका मनुष्य जीवन बेकार है।. तो हमसे कहीं ना कहीं नहीं यार नशा इसलिए. आदमी करता है क्योंकि उसके विचार. अनियंत्रित हो जाते हैं। डिप्रेशन परेशानी. संकट तो नशा करता है। लेकिन अगर यही वो. ध्यान कर ले भजन कर ले तो अपने विचार को. अपने मन को अपने नियंत्रण में ले आएगा।. शराब छूट जाएगी। हमें बात समझ में आई. अच्छा लगा कि यार ये तो बात सही गए पैर. छुए। मैंने कहा महाराज आप भगवान हो। तो. यही काम अनुरुद्धाचार्य को भी करना चाहिए।. उनको भी महाराज जी को बताना चाहिए कि. लिविन खत्म कैसे होगा? इसका सशन क्या है?
गाली देना समाधान नहीं है।. ठीक है? ब्याह कौन उम्र में करना चाहिए? जैसे लड़का लोग आजकल बहुत परेशान है।. हमारे होम कुरेसी आए थे हम उनसे पूछिए।. हमको इतना बड़ा हो गया। ब्याह नहीं हुआ. तुम्हारा भी तो नहीं हुआ।. मेन सवाल शादी नहीं है। मेन सवाल ये है कि. आपकी. आपके पास क्षमता है। आप उसको कर सकते हो? नहीं कर सकते।. कौन सी क्षमता मतलब शादी करने में? अरे. भैया कोई के घर छुड़ा लेबो. तोका राखे क्षमता हो चाहिए कि ना हो चाहिए. वो तो पैसे हो गई.
हो चाहिए ना. हां. तो आप अगर इंटर के बाद बना ले. 12th के बाद कर लीजिए. एकदम कर लीजिए. नहीं बट सवाल हमारा उससे आगे का है थोड़ा. गहराई का है कि लड़का लड़की लोग अब डरने लगा. है शादी को लेके. हां. कि अब एक इंसान साथ मुश्किल हो जाएगा वो. हमको चीट कर दे हम चीट कर दे हमारा मन ना. लगे उसका मन ना लगे वो भी नेपोलियन की तरह. बोर हो जाए हम बोर हो जाए. हम. तो मैं. घर में पता नहीं मां मां-बाप से बने ना. बने ऐसा तो नहीं खाली एलनी लेने आएगी ऐसा. तो नहीं दहेज में मार डालेगा ऐसा तो नहीं.
ड्रम में पीट देगी भर के ठीक. सारे बात हो गया सारा पॉइंट हो गया. हम. शादी संस्था जो बनी थी अगर वो नहीं बनती. तो समाज कभी बन ही नहीं पाता क्योंकि समाज. का सबसे निचतम इकाई क्या था विवाह. तो फिर जो हमारे समाज के विद्वान लोग थे. उन्होंने कहा यार देखो विवाह को अगर बनाए. रखना चाहते हो. हम तो एक काम करो क्योंकि स्त्री बाय नेचर. पावरफुल है। नेचर ने उसको शक्तिशाली बनाया. है। क्योंकि अध्यात्म के हिसाब से उसके दो.
चक्र एक्टिव है। एक काम चक्र एक्टिव है।. एक हृदय चक्र एक्टिव है। दो एक्टिव है। और. पुरुष का सिर्फ एक चक्र एक्टिव है। वो है. काम चक्र। तो ये हुआ कि भाई ऐसा है कि. इसका जब महिला आज तो साइंटिफिक रूप से. कहते हैं कि भाई आठ गुना ज्यादा ताकतवर है. महिलाएं।. खैर. पुरुष के लिए. ध्यान अनिवार्य किया गया।. सेक्स जो शब्द है वह पश्चिम का है। संभोग. जो शब्द है वह पूरब का है।.
बच्चा पैदा किया तो सृजन वाला मामला तो. पूरा हो गया। अब किस बात के साथ रहें? तो. वो था कि पुरुष का काम है स्त्री को जागृत. करना। अमृता प्रीतम का एक बड़ा प्यारा. स्टेटमेंट है कि प्यार में पड़ी हुई हर. स्त्री मर्द के साथ सिर्फ सोना नहीं. चाहती। जागना भी चाहती है।. कितनी सुंदर लाइन है ये।. नहीं है।. क्या? कितनी बढ़िया सुंदर लाइन है ये। हां. प्यार में. प्रेम में पड़ी हुई हर स्त्री. प्यार यही है।. प्यार यही है।. आज के लोग क्या है? उनके लिए प्यार एक भोग.
है।. सिर्फ सिर्फ शादी मतलब हनीमून। बॉलीवुड ने. 1990 के बाद जो भी मूवी बनाई और विवाह. दिखाया। विवाह के बाद सीधे हनीमून दिखा. दिया। बस यही है शादी।. गृहस्थ आश्रम है। आश्रम मतलब श्रम करना. है। मेहनत किस में? बच्चों को पालने में।. किस में? बुजुर्गों को संभालने में। तो जब. अंदर शक्ति होगी, धैर्य होगा, ताकत होगा।. क्या साइंटिफिक भारत ने इजात किया था? चार.
आश्रम। पहला आश्रम ब्रह्मचर्य। उसमें क्या. डेवलप करना है? समझ। किसके द्वारा? शिक्षा. के द्वारा। फिर दूसरा आश्रम गृहस्थ। उसमें. क्या पैदा करना है? धैर्य। बच्चे को भी. संभालने में धैर्य है, बुजुर्ग को भी. संभालने में धैर्य है। तीसरा वानप्रस्थ. ध्यान। धैर्य किस में परिवर्तित हो जाएगा? ध्यान में। और चौथा सन्यास। मोक्ष मुक्ति।. आज कोई है एमर तब कहां चली शादी? एक बहुत. प्यारा मैंने वो देखा था। गुड़गांव में एक. लड़का था, एक लड़की थी। अभी रिसेंट की.
घटना है। बंगाली लड़की थी और पूर्वांचल का. लड़का था। और दोनों का पैकेज 30-30 लाख. था। लड़के का ज्यादा था। सॉरी लड़की का 35. लाख था। यानी ₹65 लाख पैकेज हो गया। शादी. किया। शादी के 6 महीने बाद लड़के ने लड़की. का गला घोट के मार डाला और खुद फांसी लगा. ली।. तो पैसा राबे की ना तो फिर मिस क्या हुआ. आप सिर्फ भोग पर आधारित हो गए. आपने इसको नशा बना लिया और ऊब गए लड़की ने.
कहा होगा कि हम जा रहे हैं हम नहीं रहेंगे. साहब और ये एक रेगुलर घटना बन गई है आज. भारत में रेगुलर. अच्छा ये इसमें चलो एक सवाल पूछता हूं मैं. बहुत सारे लड़कों में आता है लड़का लोग हम. बहुत देखे हैं स्पेशली यूपी बिहार में. हिंदी पट्टी बहुत देखे. कि वो लड़की के जाने से बड़ा विचलित हो. जाता है। आप पढ़ाते हैं आप भी देखते. होंगे। लड़की लोग थोड़ा मानसिक तौर पर फिर. भी संभाल लेती है अपने आपको। लड़के इतने. कमजोर काहे होते हैं?
एक बड़ा सिंपल सी बात है कि जब आप किसी से. प्रेम करते हैं तो सिर्फ शरीर से ही नहीं. जुड़ते हैं। आप भावना से भी जुड़ते हैं।. दुनिया में दुख छूटने का नहीं होता।. दुनिया में दुख चीट होने का होता है।. एक लड़का है छ साल सात साल एक लड़की के. साथ रहा। अब यह दुख भगवान कृष्ण को कभी. नहीं हो सकता।. हो ही नहीं सकता। शक्ति है।. एक आदमी मुझे प्रेम नहीं कर रहा है। नहीं.
समझ रहा है। जा रहे हो जाओ। आओ दूसरा. आएगा। आजकल के लड़कों के साथ यह नहीं है।. बहुत कमजोर है। यह जो मैगी खाई हुई जनरेशन. है यह बस दो ही मिनट का खेल है।. यह आंतरिक रूप से बहुत कमजोर है। मानसिक. रूप से बहुत कमजोर है। चुनौतियों को फेस. ही नहीं कर पा रहे हैं। छोटी-छोटी बात. मार्क्स कम आया, सुसाइड कर लिया।. कॉन्फिडेंस नहीं है खुद पे? नहीं है। अंदर की ताकत नहीं है ना। मन. स्टेबल नहीं है। शरीर स्टेबल नहीं है। और.
1960 में पिताजी से अपने पूछो कि भटकाओ का. कोनो माध्यम रहा? नहीं रहा। एक रेडियो. रहा। ओ रात में बीबीसी सुनत रहा आदमी बस।. बाकी काम धंधा बैठकी प्रेम. 1980 मा एक चीज घर में आवे शुरू के टीवी. 1991 के बाद वो टीवी 24 घंटा चलेला 1980. मा जब टीवी आई रही तो संडे का एक मूवी आवत. रही इतवार को और वो भी ऐसीऐसी मूवी आती थी.
कि आदमी अपन सर पटक ले मूवी ना देखे. जैसे हमारे चाचा के यहां टीवी थी और संडे. गलती सुन के यहां चले गए मूवी आ रही है. फिर तीन दिन है मूवी फ्राइडे सैटरडे संडे. फिर डे रेगुलर सारे चैनल आ गए भटकाव और. बढ़ा अब तो मोबाइल YouTube और ना जाने. क्या-क्या. मतलब जो रमाधीर सिंह कह रहे हैं कि जब तक. इस समाज में सिनेमा है. तब तक आदमी बनता रहेगा. तो वही चीज है इस देश के युवाओं को वापस.
ध्यान और योग पर आना ही पड़ेगा नहीं तो. समाज बचेगा नहीं सब खत्म हो जाएगा रिश्ते. शक्ति पर चलते हैं रिश्ते का इमोशन से. प्रेम से अरे नहीं तू मैं माय ही ना. हम हैं. इस्टेब्लिश्ड है. देखने में अच्छी है एक नाम है पैसा है. लेकिन प्रेम के फ्रंट पे असंतुष्ट हैं. हम कहीं हमारे यहां पे कहीं.
जीवन में दो-दो बार हमारा ऐसा गलत हुआ और. पति वाला तो था ही जो जो हमारा. पति को तो कहा कि प्रेम पति से प्रेम ही. नहीं किया जाता उन्होंने आउटराइटली. रिजेक्ट कर दिया था कि भाई पति से प्रेम. ही नहीं किया जाता तो मेरे कहने का मतलब. भाई साहब मतलब जो घटना उनके साथ हुई थी. उसके साथ क्या ही प्रेम कर रही हो वो बहुत. भी सही दुख उनके लिए हमको बहुत बुरा लगता. है. खैर मैं तो उनको एक बहुत बहादुर महिला. मानता हूं मैं तो रहा हूं मेरा ही. क्लासरूम उन्होंने रेंट पे लिया था और वो. प्रेग्नेंट थी और तब पढ़ा रही थी मैं उनको. तब से जानता हूं. बाप रे. मतलब वो प्रेग्नेंट थी क्लास में आती थी. मैं मैंने कहा भी शायद उनसे कि मैडम आप.
छुट्टी ले लो कह अरे नहीं सर पढ़ाना तो. पड़ेगा ही तो ये उनकी जर्नी थी. अपने दम पर बनाया सर. अपने दम पे सब कुछ बनाया है तो फिर वही. मुद्दा हम लोग मुद्दे पे आते हैं. कि शक्ति के बिना कोई प्रेम नहीं। घास और. केसर. दोनों घास ही है। लेकिन केसर में ताकत. बहुत है।. तो घास की कोई कीमत नहीं है।. केसर कीमती बेशकीमती है।. तो जब तक आप केसर नहीं बनोगे तब तक आप कि. कोई नहीं मां-बाप नहीं एक्सेप्ट करते। सही.
बात है। बाहर का आया हुआ मां-बाप, परिवार, दोस्त, हमारे साथ जो लोग पढ़ते थे फातिमा. इंटर कॉलेज में उनके पेरेंट्स, उनके. पिताजी उनसे कहा कई दोस्तों ने मुझसे कहा. कई बार कि यार घर मत आया करो। पापा नाराज. होते हैं। आज वही लोग मुझसे कहते हैं यार. मेरे बेटे कुछ बता दो यार ये भी पढ़ ले।. हम भी यह हमारे साथ भी रहा है।. तो यही चीज है। मैं तो मानता हूं कि आप. अपने सिद्धांतों को चेंज कर लीजिए।.
छोटे-छोटे. बाबा रामदेव ऑक्सफोर्ड से पढ़े हैं।. नहीं पढ़े हैं ना? ना. 10,000 करोड़ के मालिक हैं।. दो चौपर रखे हैं। दो प्राइवेट जेट रखे. हैं। पूरा समाज उनके साथ है। पूरी दुनिया. उनके साथ है। सब लोग उनको प्रेम कर रहे. हैं।. कर रहे हैं कि नहीं कर रहे हैं? जब. एग्जांपल नरेंद्र मोदी. जो भी सत्ता में है, जो भी शक्ति में है, किसी भी तरह की शक्ति कोई उसकी उपेक्षा कर.
रहा है? मैं अखिलेश यादव के साथ में गया. था जब मिलने बाहर दो 3000 लोग बैठे हुए. थे। जैसे बेचारे बाहर आए कूद पड़े भैया. फोटो भैया फोटो. तो जब दिखाई पड़ रहा है कि शक्ति ही सब. कुछ है तो उस रास्ते पर चलने में परहेज. क्या है? तो हम प्रेम बात कर रहे थे।. अमृता प्रीतम के प्रेम पर आप क्या सोचते. हो? आपने बड़ी अच्छी लाइन बताई हमको हमको. याद रह गई वो।. कि प्रेम वो जिसमें सिर्फ साथ में सोने की. तमन्ना ना हो। सुबह जागने की भी चाहत हो।. हां. सुबह नहीं.
वो जागने के शब्द उनका दूसरा था।. वो एक्चुअली क्या हुआ था कि ऐसा मुझे लगता. है कि शायद विज्ञान भैरव तंत्र उन्होंने. पढ़ रखा था और इस. उनका भी लाइफ बहुत ऊपर अप डाउन रहा है ना. बहुत रहा है। उसमें क्या था कि जो भारत. में विवाह है. वो धर्म है।. हम. और जो बाकी धर्मों में विवाह है वो. कॉन्ट्रैक्ट है।. हम. उसमें वजह ये है कि भारत का जो विवाह है. उसमें पुरुष की जिम्मेदारी है स्त्री को. आध्यात्मिक रूप से जागृत करना।. हम.
उसमें पुरुष की जिम्मेदारी है। इसलिए. पुरुष का जागृत होना अनिवार्य है। तो शायद. बहुत सारी. स्त्रियां भारत में एक्चुअली क्या है ना. कि भारत का आदमी दो चीज में फंस जाता है।. एक अमेरिका का जो आदमी है वो इतना. स्पिरिचुअल स्पिरिचुअल धर्म और उनको ध्यान. नहीं देता क्योंकि पैदा ही हुआ पूंजीवाद. की गोद में। हम. वहां का आदमी क्लियर है कि भोग करना है. भारत का भारत को. घर में पढ़ा हनुमान चालीसा रामचरितमानस. गीता बाहर पढ़ा फिजिक्स केमिस्ट्री फ्रॉयड.
आइंस्टीन. पर दोनों मुलज जाता है भोग को सोचता है. नर्क जा रहे हैं और धर्म को सोचता है. स्वर्ग जा रहा है ना वो नर्क जा रहा है ना. वो स्वर्ग जा रहा है और मध्य स्थान में सब. कुछ कोलैप्स हो रहा है उलझा हुआ है परेशान. है कांसेप्ट विहीन है समझ में ही नहीं आ. रहा क्या करना चाहिए. ठीक जनता के कुछ सवाल है सर एंड सेगमेंट. है. कुछ आपके अवध ओझा स्पेशल फैंस की तरफ से.
आए हुए सवाल है तो उसको हम रखते हैं एक. सवाल है कि अगर अवध ओझा जी इलेक्शन में. जीत गए होते तो क्या रिजाइन करके राजा. वाली मेंटालिटी दिखाते या पांच साल कुर्सी. चिपके रहते. चिपके रहते [हंसी]. प्रैक्टिकल चीज ज्यादा वो है और शायद तब. मैं राजनीति ना छोड़ पाता ये ये भी एक बात. है।. लेकिन फिर ये राजा वाली टेक्निक थोड़ी ना. होती है। वो जो वायरल होता है कि साहब. राजा वाली क्वालिटी तो यही ना कि आप जीत. गए। फिर छोड़ दिए।. हां बिल्कुल बिल्कुल नहीं हम तो चिपके. रहते।. हम तो ना छोड़ते टोल माफ हो रहा था भाई।.
[हंसी]. अच्छा एक सवाल आया था कि अवध ओझा जी ने. आईएएस आईपीएस कम बनाए हैं। लेकिन. विद्यार्थियों के अंदर रावण जरूर जगाया. है। आप कहते हैं अगर आप पर एक एफआईआर दर्ज. नहीं हुई तो काहे का जीवन तुम्हारा? मैं यह कहता हूं कि कृष्ण की तरह अगर. बांसुरी रख के चलते हो तो चक्र भी रख के. चलो। नहीं तो इस देश पर लगातार हमले हुए. हैं। काहे रोते हो कि तैमूर लंग ने हमको. लूट लिया। काहे रोते हो? महमूद गजनी ने. हमको लूट लिया। ये देश कैसे रोता है?
कि भैया महमूद गजनी 17 बार इस देश के लूट. के गया तो तुम का कर रहे थे? हम भैया मैगी. बना रहे थे। [हंसी]. जिस देश पे वही तो हर घर है वो तो घर मा. छत पर सोने से मई है ठीक वो Mercedes. Rolls Ryce और सब 1520 तर गाड़ियां खड़ी है. लेकिन तो घर झोपड़ पट्टी के घर के चारों. तरफ झोपड़ पट्टी है तो जोने दिन तू कमजोर.
परबो ये झोपड़ पट्टी तो घर में कूदी कि ना. कूदे खुद बे. शक कूदे हूण कूदे कुषाण कूदे. तुर्क कूदे मंगोल कूदे मुगल कूदे फिर. अंग्रेज आए कुल समेटे लेके चला गए तो काहे. रोवत हो तू कमजोर रहो. तू कमजोर रहो तो मारा ग मारा तो तू आपन. कमजोरी तो छिपावत हो का तो भैया महमूद. गजनी भैया मुसलमान था और रॉबर्ट क्लाइव थ. चाचा लागत रहे [हंसी].
गजब मला एक ये जब आदमी देख के तर्क दे दे. कि भाई हम एक दिन से कह भैया बड़ा मजा जावा. मुगल हटाए दी. अच्छा कैसे चलो औरंगजेब ना पढ़ते हो. औरंगजेब हटाए दे सरकार हम समझ अकबर. अकबर जो तू पढ़ लेबो तो तुम्हें एक बात इ. पता चली कि एक विदेशी. जिसके पास कोई राज्य नहीं था 1556 में. 1556 में 1 इंच जमीन नहीं थी पंजाब में.
बैठा हुआ था जो आदमी कुछ भी नहीं था उस. विदेशी ने 15 साल के लड़के ने दिल्ली आगरा. पर कब्जा किया 1556 में पानी पानीपत का. दूसरा युद्ध और 1556 से लेकर 1605. पूरे भारतीय उपमहाद्वीप पर कब्जा और इतनी. शानदार नीतियां राजपूत नीति भूराजस्व. व्यापार वाणिज्य मनसबदारी जागीरदारी ऐसी. नीतियां कि उस नीतियों के बल पर उसका.
राज्य अगले 150 साल तक चलता रहा। आप सब. पढ़ाते हैं कि वह लौंडियाज था। लड़की लोग. रखा था सबको मरवाया था उसको महान बना दिया. वामपंथी इतिहासकारों ने हां तो एक दिन. डिबेट हो जाए कोनो बुला लो ये तो ये बहुत. अच्छी बात है ये सब बहुत आजकल चलता है. हां हां तो बढ़िया एक दिन कोनो आदमी बुला. लो कह यार अवध ओझा का जो है ये मुगल प्रेम. इनके खत्म करे अकबर प्रेम जोन है और कोनो. बढ़िया ताकतवर मन का बुलाई लो एक चक्कर हम. कह नहीं रहा कि आओ रामचरितमानस पर कोई.
डिबेट कर ले हमसे कोई नहीं आ तो कोई. बढ़िया बाहर का जो मन ही हो जो चाहत है कि. भाई समाज के सब खत्म हुए और ओझा के अकबर. प्रेम खत्म हो जाए. अकबर बहुत मुहात हो आप. अरे अशोक अकबर यही लोग मुहाने का मतलब. क्या है कि आप इनसे सीख रहे हैं. प्रभावित सीख रहे हैं. आप इनसे सीख रहे हैं. जैसे 1575. इबादतखाना खुल रहा है पहले वो मुसलमानों. को बुलाता है कि आओ भाई मुसलमान लोग आओ. डिस्कस किया जाए धर्म पे जैसे बुलाता है.
उस मुसलमान दो गुट में बंट जाते हैं। एक. मौलाना हो जाता है। एक सूफी गुट हो जाता. है। एक अबुल फजल वाला गुट हो जाता है।. उनके बाप वाला गुट हो जाता है और एक. अब्दुल नबी का गुट हो जाता है। मौलाना. वाला गुट हो जाता है। बहस होती है, सुनता. है, देखता रहता है। बस ये जो सूफी वाला. गुट रहता है ये लिबरल इस्लाम की बात करता. है कि भाई औरतों को पढ़ाओ लिखाओ। वो लोग. कहते हैं नहीं बुरकम रखो।. एक दिन अकबर सो रहा होता है रात में। 2:00. बजे उसको आवाज तेज तेज सुनाई पड़ती है।. क्योंकि उसके सोने वाले कमरे के बगल में. इबादत खाना था। तो जाता है इबादत खाना. में। देखता है जैसे दरवाजा खोलता है तो.
अब्दुल नबी जो सदर इमाम थे साम्राज्य के. वो सामने वाले को मां बहन की गाली दे रहे. थे। अबे उसने कहा अरे उसका पूरा ओरा टूटा. कि अब ये ये भाई पुलिस आईपीएस गाली दे रहा. है। दरोगा दे रहा है तो समझ में आता है।. सर्जन हार्ट का हार्ट खोले मतारी बहन करवा. तो आदमी तो वैसे हार्ट फेल हो ज यार ये. क्या कर है? तो उसने कहा नहीं नहीं नहीं.
अब्दुल नबी के खिलाफ इं्वायरी सेट कराओ. बुलाओ। इसके खिलाफ पनिश किया उसने। कहा. तुम मक्का जाओ यहां से। यहां रहने की. जरूरत नहीं। तुम मौलाना हो इसलिए तुमको. छोड़ रहा हूं। फिर उसने गेट सबके लिए खोल. दिया। कहा हिंदुओं को भी बुलाओ। ईसाइयों. को भी बुलाओ।. ये है वो आदमी।. यह जो आज इंडियन गवर्नमेंट खसरा खतौनी. वाला फॉलो करती है उसी से ली है। यह जो. आईएस आईपीएस बनाया जाता है यह बेसिकली. मनसबदारी सिस्टम ही है।.
कई दिन आई है आए बैठ के एक कुर्सी पीली. पीली और रखो यही. आवे बुलाओ कोई. हम twitter पर डारा बेका. डारो. कहा चुनौती. हां चुनौती कि आवे अकबर पर. हम. मेता के युद्ध ना बता मेता के युद्ध में. भैया राजपूत मा डारा करे अरे तो विरोध में. जे लड़ी ते मार डाला ज. हम. वही मानसिंह जो है राणा प्रताप से जब. युद्ध हो रहा है तो अकबर की तरफ से कौन. लड़ रहा है मान सिंह ही तो लड़ रहे हैं. हम. तो मान सिंह हिंदू नहीं रहे.
और राणा प्रताप की तरफ से तोपची कौन है? हाकिम खान सूर।. तीसरा पानीपत का जो युद्ध है उसमें मराठों. का तोपची कौन है? इब्राहिम गर्दी।. ये सब हिंदू मुसलमान उतरा।. अकबर की महानता को. मुगल हटाए दे चाहे जोन कह दे उसको नहीं. मिटा सकते हैं। और जेका लागत है कि हम. मिटाए दे। वो सुभांकर मिश्रा के शो पर. आवे। हम उनसे बहस करें। ठीक है। एक सवाल.
यही इतिहास पर और जयचंद गद्दार रहे. तब देश नहीं रहा तो कहा गद्दार. नहीं उनके फैन फॉलोइंग बहुत कहते हैं कि. उनको बदनाम कर दिया गया जयचंद जी को. हां नहीं. हर जगह जयचंद गद्दार जयचंद गद्दार वो. गद्दार नहीं थे. हम. एक हमें बात बताओ. जब राष्ट्र ही नहीं रहा. हम. राष्ट्र हो तब तो ई बात हो कि राष्ट्र के. साथ धोखा. हां बात सही है. जब राष्ट्र ही नहीं है हिंदू राष्ट्र ही. मतलब सॉरी मतलब भारत नेशन ही नहीं है तो. काहे की गद्दारी. फिर तो इंडिविजुअल इंटरेस्ट है।. हां.
बस. ठीक बात। ओके। अच्छा अगला सवाल आपका ओझा. जी वाला। एक आदमी कहा कि हम उनकी बात सुन. के दुश्मन तो बना लिए।. अब उसके बाद समझ नहीं आ रहा क्या करें? बहुत दुश्मन बन गया है।. दुश्मन बनाए नहीं जाते। दुश्मन बनते हैं।. अगर ये हमारे साथ एक बहुत बड़ी दिक्कत है।. जो दिक्कत हमारे साथ है वही दिक्कत ओसो के. साथ है। रही।. जैसे. अपने बात कह के अपने बात काट दो।. नहीं। जैसे [हंसी]. हर चीज के द्विपक्ष है।. जैसे हम कह कि जो शराब नहीं पिया वो भी. कोई इंसान है। पता लगे दुई कैरेट बियर.
खरीद ले [हंसी]. के कहा भाई तो अवधोझा कही ना तो अवधोझा तो. यू कहत है कि रामचरितमानस पढ़ो [हंसी]. हैं तुलसी हर नाम सुधा तज सट हट पियत विषय. विष मांगे हम तो यह कह दे है ना हम. अब कह भैया 100 कह ना हम कह दुई कैरेट. बियर खरीद ले हम आईसीयू में एडमिट हैं. तो इनसे दुश्मनी लेके कहा. मतलब लोग का टीप मारे भाई तू सुभांकर.
मिश्रा हो जाओ तो वैसे दुश्मन पैदा हो. बहुत लोग पडकास्ट करते हैं ना. नहीं करते. हां. लेकिन सुभांकर मिश्रा के दुश्मन हुई है. काहे की सुभांकर मिश्रा अरविंद केजरीवाल. बुलाए. [हंसी]. कोई पूछ डारिन उनसे सुभांकर मिश्रा अखिलेश. यादव पूछ डारिन. कोई. गडकरी पूछ डायरेक्ट. मोहन यादव पूछ डायरेक्ट. तब तो सुभांकर मिश्रा तो कोई बुला के ले.
और फिर जो है शुरू कर दे कारपेट बम जब तक. सामने वाला संभली तब तक 500 बम मार चुका. है तो कोई काहे चढ़ी. हैं अब अब सुभांकर मिश्रा ई तो जाके पूछ. नहीं सकत रहे अनंत सिंह से कि आप काला. चश्मा क्यों लगाते हैं? [हंसी]. पूछते हैं? आपका मन है आप पहनिए। आप एक चश्मा शीशा तू. के पहनो हमसे काले [हंसी] देखकर। हम उसपे. क्यों सवाल करेंगे? बात सही है।. हम राजनीति पर पूछे हम आपके नीति पर पूछे.
हम आपके फ्यूचर का्सप्ट पर पूछे बात खत्म।. तो जिसका नाम है उसी के दुश्मन हैं। तो. नाम इन्हने पैदा करे चाहक रहा. हम. ये गए दुश्मन पैदा करे डारी पड़ोसी घरमा. पत्थर मार दी शीशा।. अच्छा एक दिन कह हमसे कि अवधा जी पहले. टीचर रहे. ओके बाद नेता बने मोटिवेशन स्पीकर रहे. अब बाबा तो नहीं बन ज. कुछ ठीक नहीं है [हंसी].
कुछ कह नहीं सकी थे. ई वालों में ऑप्शन खुला है. अरे ऑप्शन कितना ज्यादा है ओपन फील्ड है. ज्ञान है ये है. थोड़ा बहुत. खाली कपड़े बदले. कपड़ा बदले हम तो कपड़ों ना बदलो हम तो. लोअर टीशर्ट वाले बाबा कहलाएंगे [हंसी]. हम तो ना बदलो कपड़ों. नहीं हो सकत है ऐसा कि आने वाले जैसे. गुप्त मुक्तेश्वर पाण रहे याद करो बिहार. के डीजीपी. डीजीपी रहे हां. बन गए साधु. हां हां बिल्कुल. चलो भगवान से मनाओ अगली बार हमारी तो यही. रूप में आई और का [हंसी]. अच्छा एक एक बड़ा क्यों थॉटफुल आदमी रहत.
है हमें सवाल भेजिए सर कि अवध जी से. पूछियो. कि नस काट ले तो आदमी मर जात है हम. लेकिन हाथ कट जाए तो आदमी जिंदा रहत है. नहीं नस कट के बाद एक्चुअली ये जो ये जो. नसे हैं हमारे हाथ की ये सब एक्यूप्रेशर. पॉइंट्स है ना. तो कोई किडनी से जुड़ा है कोई हार्ट से. जुड़ा है ये सारी नसें यहां तो जुड़ती है. इन्हने पता ना हो कि अगर 10 मिनट हाथों. कटा रहा तब वो मर ज. हम. ये जो नशे हैं ये ऐसा नहीं है कि हाथ 24. घंटा कटा हाथ काट के 24 घंटा बैठा है कहा. तो देखो 24 घंटा हाथ कटा रहा नहीं मर अरे.
भैया हाथ कटगा ये शायद शोले देखी नहीं है. [हंसी]. ये अब हम तुम्हें बताई कुछ लोगों का हमारे. देश में ऐसे ऐसे क्वेश्चन आवत है ये कह अब. एक दो दिन में देखी नहीं है सोले [हंसी]. उमा संजय कुमार को हाथ काट लेने क्वेश्चन. आ यार दु कट गई मरा काहे नहीं तो जब खुवा. कुल बह तो मर जात. अच्छा एक सवाल हमसे कह पूछो कि भैया अगर. अवध ओझा का अवध ओझा के इंटरव्यू ले तो कौन. एक सवाल पूछते अवध ओझा से.
ये पूछ कि भैया तू जिंदगी में का करे चाहत. हो बस [हंसी] यही बता दो. मतलब यही हमारा सबसे पेट सवाल होत कि भैया. [हंसी] तू चाहत का हो करे मतलब तो का. उद्देश्य है कुछ कई डारत हो यार कब बाहर. घुस जा तो कब बाहर चला जा तो इ बात से अवध. ओझे नहीं परेशान. मिसगाइडेड मिसाइल है. ना ना ना मिसगाइडेड नहीं है. हिडन कि आदमी सोचता है अच्छा अब. हनुमान जी वाली शक्ति है. हां समुंदर लांग पहाड़ों उठाए ल तो.
सूरज निकल. कोशिश तो नहीं [हंसी]. लेकिन सवाल हम. नहीं जो मोदी जी बोले पडकास्ट. दिन दूर नहीं है बटोरे तो नहीं पैसासा. नहीं पैसा जो पैसा लोग हमें चंदा वंदन. जाते हैं बाकी तो नहीं तो अब तक मोदी जी. भेज दिया होते कि जाओ कहा पैर छू के हर. नियम में अब तक आ ही चुकी हो इडी की हां. भाई ये रुपया कहां से आया ओ टेरर फंडिंग.
हो रहा है [हंसी] तो इ बात पर हम हमेशा. चकड़ रहे हैं कि भाई तो अकाउंट में पैसा. ना आवे चाहिए. अरे भगवान अच्छा इतना खुराफाती काहे होते. हैं यूपी में नहीं या यूपी बिहार जोड़ लो. नहीं नहीं खुराफाती वजह है हम. भाई ज्योग्राफी जो है आदमी का नेचर डिसाइड. करती है।. हम. ठीक तो जैसे नेपाल का आदमी है वो पास. चुनौती बहुत है। पहाड़ पर पानी ले जा के. पहाड़ से उतरे क्योंकि पूरा दिन पहाड़ में. चढ़े उतरे में चला। यूपी बिहार में कहा है. फर्टाइल लैंड है। लोहा फेंको 47 निकरिया।.
[हंसी]. 4 फीट पर पानी. सही बात [हंसी] जमीन और इतनी उपजाऊ 4 फीट. पर पानी गंगा मैया संत महात्मा कहत है सब. माया है. [हंसी]. ब्याह सबके हो जात है. सबके लेकिन हां ठीक है. हो जात है जे शराब शाम का नहीं मिला तो. गांजे पी ली [हंसी].
नहीं तो वो सूंघ. नहीं गांजे पी ली और भारत में उत्तर भारत. में ऐसा है लोग जूस अकेले पीियत है लेकिन. नशा में नहीं बिलाई बिला नहीं कर हम ही. काहे मिटी डूबे मिटे [हंसी] हैं भाई अगर. कोई दोस्त जूस पीियत तू देख देख ली तो. मुंह घुमाई ली हैं और दारू मैया शाम का फ़. करत है कहां हो शुभंकर घर यार अरे आओ यार. बहुत याद आव [हंसी]. अरे भैया गाड़ी में तेल नहीं है हम डराई थे. तेल हम मिट गए हैं आओ हम तेल डराई है जाओ.
टंकी पुल. घर पहुंचे तो पता चला दारू रखी ना अकेले. नहीं करत रहा अब उनके मन में चला हम हो. मिटा सोभांकर मिटा है तो जहां [हंसी] हिडन. ऐसा सब भावना है तो खुराफात के सिवा का. करें बेचारे खाली बैठा है और जो है किताब. है कहानी हर आदमी एक कहानी लिहा बैठा है. तो सब चल रहा है वही तो जब विदेशी लोग आए. त्री मैया. सकमगा.
अरे हम कबो-कबो सोची थे कि तैमूर लंगवा. दिल्ली से निकला ये साले गुटखा खा के थूक. दिए ऊपर [हंसी]. उम मार काट ऐसे ना मचाई सो. हम बड़े अच्छे-अच्छे लोगन का देख गुटखा खाए. कहो थूक दे भाई रेलवे स्टेशन पे लिखा है. वीआईपी के गेस्ट हाउस में लिखा है. जहां लिखा है थूकना मूतना मना वही थूक. बताओ लिखा है यहां गधा पेशाब करना और गधा. पेंट कही दिन मतलब क्रिएटिविटी देखो लोगन. का [हंसी].
वो तो जहां इतना बढ़िया लोग हैं अंग्रेज. अंग्रेज आए हुए डिस्टर्ब हो पहले 10 20. साल तो इनका समझ म है कि यार कौन है ये. लोग. हां कौन का भैया जब ये लोग कहीं ना कि. भवानी आवत है ऊपर [हंसी] वो लोग भाई मानी. सी बात है चौका हुई है भाई जब वो लोग पहली. बार देखे नहीं कि औरत बाल आगे कहीं-क ऐसे. ऐसे कर रही है तो पूछिए ना यस आवत हो जाओ. ओ व्हाट इज दिस क्या.
महाराज ये भवानी आ रहे ई का इ का रायता है. यार हमरे औरतन पे तो कब नहीं आई आप. बैकवर्ड कंट्री है [हंसी]. जिस कंट्री में इंडस्ट्रियल रेवोल्यूशन. हुआ इतना वैज्ञानिक कोच हुई वो सब बैकवर्ड. है [हंसी] तो भैया जहां भगवान इतना कुछ. दहेज और इन्हने पता है कि जब इतिहास लिखा. ज. मारा गए जब कुसार मारिन हूण मारिन शक. मारिन तुर्क मारिन तो और कोई चीने ने.
चाइनी वाले आई के मार दिए। अब चाइना वाले. कह दे कि हम हर भारतीय का एक-एक एप्पल का. मोबाइल दे तो 50% चीन वालन का वोट कह दे।. [हंसी]. अरे झूठ बोली दे। अब चीन ही डिक्लेअर कदे. [हंसी] कि हर भारतीयों को हमरो कैंडिडेट. खड़ा हो भारत में। [हंसी] और हर भारतीय को. एक-एक एप्पल का फोन दिया जाएगा। 50%. अबकी बार शुंग बुंग पू की सरकार। [हंसी]. आय रे.
[हंसी] सब ग है कि भैया राष्ट्रवादी तो हम. सब है. और कर का करिया [हंसी]. ले फिर शाम का ख पिए सो ज फिर तो पोस्ट. ब्रडकास्ट आई फिर भुलाई जहां [हंसी]. अगर इतनी अच्छी मेमोरी हो तो सब मिलके. रहते कोई जब जानत है चीज हम में नुकसान. करते है जातिवाद हम तो आज तक अपने कोई. स्टूडेंट हमसे कह दे कि हम कोई पूछा हो कि. तू कौन है जात तू को धर्म कहो तू के हो तो.
यहां इस देश में इसीलिए जो कंस्ट्रक्टिव. लोग हैं वो बहुत उदास हो जाते हैं। बहुत. दुखी हो जाते हैं कि जनता समझ क्यों नहीं. रही. भैया हमारे भाग गया ऑस्ट्रेलिया. भाग. विराट कोहली भाग गए. भाग दिए अरे पका एक तो वो हो के मेहरारू. दोनों आदमी फेम है ये पडकास्ट ले चक्कर. में पांच लाख आदमी घेर रहे आधा घंटा पता. चली कुछ बचवे नहीं कि कपड़ापड़ा हाथ सब. उकार लेके चला गया भाई साहब यहां रह नहीं. है [हंसी]. भाई अगर कहूं जाओ शो करे जाओ तो पता लगा. 25 ठू बाउंसर ले आओ [हंसी].
मैं एक आदमी आया कहा दुबे प्रधान कहीं. नहीं उनका लड़का फोटो [हंसी]. सही. नहीं भाई अपना जात%. पर्ची आ. दुबे प्रधान फ़ कर उठा. अब फ़ में मिला के भैया भैया बात कर. बात. हां प्रधान बोले हारे है तीन चक्कर. अच्छा अच्छा मेरा लड़का गया फोटो खचाली. तो भैया ऐसा है कि इस देश को जो है.
आत्मंथन करना पड़ेगा और अभी देश. थोड़ा सा और जो जब भी इस देश सही रास्ते. पर आएगा तो उसमें सिर्फ एक व्यक्ति की. भूमिका होगी और वो है इस देश की जनता. क्योंकि वही असली राजा है वी द पीपल ऑफ. इंडिया सोलमली रिसोल्व. आखिरी सवाल सर आपसे मर्दों के बारे में. कुछ बताओ कुछ मर्दों के बारे में अच्छा. बताओ. मर्द अगर. मर्द हो जाए.
और यह मेयर हो जैसे भगवान शंकर है. जहर ना पी पावे तो कम से कम 2 लीटर दूध तो. पी ले डेली. सोने का महल ना बना पा. पकड़ ली दो लीटर पी ले. डायरिया हो जी डायरिया हो जी और अगर सोने. का महल ना बनवाए पावे तो कम से कम साल मा. ए चांदी चैन तो मेरा रोक लिए बनवा दे. भूत प्रेत का अपने आगे पीछे ना घुमाए पावे. तो दु चा चारठो हाथी बैल तो घूमवे करे.
ये सताया सिर्फ वो आदमी जाएगा जो कमजोर. होगा।. बाकी कोई सताया नहीं जाएगा। हम जब. कामाख्या गए देख बकरी के इतने छोटे-छोटे. बच्चे हैं।. तो खैर वो उनका रीति है, कल्चर है, समाज. है, उनकी अपनी प्रथाएं हैं। वो करते हैं।. हमने आज तक पूरी दुनिया में नहीं सुना है. कि फला मंदिर में या फला जगह पे शेर की.
बलि चढ़ती है। शायद यही बात देखकर किसी ने. कहा होगा कि बलवान का बांका हो ना सका।. बकरे ही बलि पर चढ़ाए गए। तो जिसको भी इस. संसार में सुख पूर्वक रहना है. उसको कृष्ण के पथ पर चलना पड़ेगा। प्रेम. से रहिए और चक्र लिए रहिए। जैसे शिशुपाल. बदतमीजी करे मतलब हर वो आदमी जो आपके. अगल-बगल रहता है उसको इस बात का एहसास हो. कि भाई अगर बदतमीजी कर दिए तब ये आदमी.
नहीं छोड़ेगा।. बस उसी दिन कब भाभी फूल दिए आपका आज मेंस. डे रहा याद बढ़िया याद अब्बा जो. ना. हां कि. बेचारी हमरे साथ यार यही बहुत बड़ी बात है. आवाज हम ब्याह ना हो [हंसी]. काहे की हमरे साथ कोई रह नहीं. हमरे साथ मैक्सिमम कोई आदमी रहा हो तो 10. दिन हो वो कंफ्यूज हो जैसे हम कह बैठ तो.
तो हम कहा कि भाई पढ़ाई से अच्छी कोई चीज. नहीं है। फिर कहो बै पढ़ाई जे कर उससे. बुरा आदमी कोई नहीं है। तो डिस्टर्ब हो. जाती काहे का चाहत रहे हो भैया पहले तो. हमारे साथ है जो आदमी वो. तो उनका बहुत धन्यवाद है. ये वाला हम वमेन डे पे काट के दे दो आपका. फिर आएगा. हमारा ब्याह जब तय. दो चार ब्याह तय तो. हम उसे जब बता कि भैया देखो शराब पी ना. मना की हो तो शाम को उनका पिताजी के फोन.
आईगा कि भैया इस साल ब्याह ना कर [हंसी]. तो हम बाप कह जब तू बत ले तो ब्यावा टूट. काहे जात. तो हम कह कि पता नहीं का बात है शायद बी. को हम पसंद ना आए हो [हंसी]. अरे कहीं जा दो यार तो जैसे हमारे ब्या. उनसे हम कहे ना हम कह वो शराब पीने के लिए. मना मत करना कहीं अच्छा तो है तुम पियोगे. हम सलाद काट देगा अरे मैंने कहा मिल गया. मेरा वाला आदमी बस ठीक ठीक हो [हंसी]. तो विचार दिल समझ ये ये सब अगर मिलती है.
ये तो हम ब्याह ये तो हमारे लिए बता दे कि. अपना ब्याह ऐसे खोज लेना मर्दों के लिए. कुछ बताओ महाराज. मर्दों के लिए यही एक बात कहूंगा भैया कि. कम से कम देखो भैया ऐसा. मर्द के संघर्ष का होता है. मर्द के तो बहुत संघर्ष. कौन चीज संघर्ष. पहला संघर्ष उसको हर आदमी की इच्छा पर खरा. उतरना है. बचपन से लेकर सारा युद्ध उसी का है और. भारत में तो सबसे ज्यादा गलती हर बात में. उसी की मानी जाती है अगर किसी लड़के ने. सड़क पे कह दिया लड़की हमको छेड़ रही थी. तो लोग हंसेने लगे.
इतना स्मार्ट है कि बिटिया छेड़ रही तीन. चाटा मार खींच के नहीं छेड़ रही लेकिन अगर. लड़की कैसी भी है उसने कह दिया तब तो लोग. मार मार. लोग मार दे हैं कि बात सही है तो मानी सी. बात है उसकी स्थिति तो बहुत खराब है कानून. के स्तर पर खराब है कानून के स्तर पर बहुत. खराब है कितने लोगों ने कितने पुरुषों ने. मैंने देखा सुसाइड कर लिया अभी रिसेंटली. ही कितने पुरुषों ने मैंने देखा जिन्होंने. सुसाइड कर लिया जिन्होंने लिखा कि भैया हम. एलुमनी और ये डिवोर्स और इस केस में हम.
नहीं बर्दाश्त कर पा रहे हैं। मेंटल. ट्रॉमा से गुजर रहे हैं।. तो मेरा मानना यह है कि एक तो आप खुद. शक्तिशाली बनिए अंदर से। दूसरी बात जिस. दिन भी आपको पहली बार एहसास हो जाए कि यार. गलत डिसीजन हो गया है। तो आप काउंसलिंग पर. करिए जाइए। आप इनफॉर्म करिए। आप पहली अपनी. तरफ से भाई पुरुष अगर एफआईआर पहले अपनी. तरफ से लिखाएगा तो क्या नोटिस नहीं माना. जाएगा? एकदम माना जाएगा। आप बर्दाश्त मत. करिए। आप उस स्टेज तक मत पहुंचिए कि आपको.
आत्महत्या करना पड़ जाए। आपको डिप्रेशन. में जाना पड़ जाए। क्योंकि अभी एक लुटेरी. दुल्हन वाला जो कांसेप्ट नहीं आया दो. दरोगा दो बैंक मैनेजर।. अभी कानपुर में एक लेडी पकड़ी गई।. तो पुरुष के कंधे पर बहुत बोझ है।. नौकरी बोझ एक बोझ।. एक्चुअली उसको हर फ्रंट पे लोगों को खुश. रखना।. लड़की घर वाले बनाओ। अपन घर वाला बनाओ।. बिटिया बनाओ।. बिल्कुल बिल्कुल बच्चे. पिता पे। पिता पे मां-बाप पिता पे पत्नी. पिता पे समाज. पिता पे.
तो जब सारा बोझ उसके कंधे पे है तो मानी. सी बात है कि उसको ज्यादा शक्ति की जरूरत. है और तो कैसे खुश रहे मर्द. कैसे. खुश रहे मर्द. ब्याह का करे करे जब [हंसी] पता है कि अगर. ब्याह के ले तो बात जा दुनिया मा. भाई आखिर बृजभूषण सिंह खुश हैं. हमें का पता नहीं खुश तो है [हंसी]. अब चल के पूछा जाए उनसे. उनके मेहर से ना पूछे हम खुश है ना उनसे. नहीं पूछे.
ये जाने थे लड़का बच्चा हो गया वो राजनीति. दुखी है तभी. भाई एक ताकतवर घराना था यूपी में वहां. आदमी औरत में झगड़ा चलत रहा आदमी के ऊपर. कोनो फर्क नहीं पड़ा. हम. आदमी के ऊपर कोनो फर्क नहीं पड़ा. अरे तो. तब ताकत है ना ताकत है कि नहीं है. पूरा जोर लगाए हुए खूब पीडीएम चलवाए नहीं. फर्क पड़ा. नहीं फर्क पड़ा ताकत. हम यही तो बतिया बार-बार कही थे कि हम एक. के चीज देखें कि जिसके पास ताकत है. वो प्रेम है.
भाई. तो मर्द एक सलाह है कि ताकत पीछे भागो. ताकत के पीछे भागो. ताकतवर बन जाओ तो मर्द की इज्जत होगी. बिल्कुल सारा जैसे स्त्री का गहना सोना है. ऐसे पुरुष का गहना ताकत है अगर उसके पास. ताकत रहेगा तो बचा रहेगा. एक बड़ी वो रह गया क्यूरोसिटी कि वो. राष्ट्र बनाया किसने इतनी सी बात बोलकर आप. रह गए लोगों को ये नहीं पता कि राष्ट्र. किसने बनाया। आप बड़ी देर सोचना उसके पास. कब जवाब मिलेगा। एक. दूसरा एक ना स्पिरिचुअल और रिलीजियस जैसे.
मिसकंसेप्शन बना दी जाती है ना कि जो आपका. कल्चर है वो आपका रिलीजन है।. नहीं नहीं दोनों अलग-अलग बात है।. रहता है। हां ना जैसे उर्दू के साथ बड़ी. मिसकंसेप्शन है।. ये एक रिलीजन मतलब वो काफी ज्यादा. हम बता दे रहे हैं। दोनों बातों को बोल दे. रहे हैं।. क्या हो गया? हां। महाराज जी जाते-आते दो. सवाल हमारे पास है. नेशन वाला. एक तो ये रह गया था कि राष्ट्र कैसे बनाए. शुरू से लौंडा पूरा पडकास्ट सुन डाला. बिल्कुल. जैसे हम Apple की बात करते हैं Apple फोन. का. हम. वैसे किस राष्ट्र का दिमाग में बात आती है.
अमेरिका. अमेरिका. जैसे हम OnePlus की बात करते हैं वैसे किस. राष्ट्र के दिमाग में बात आती है चाइना की. हम. जैसे हम Samsung की बात करते हैं वैसे किस. राष्ट्र का बात दिमाग में आती है. कोरिया. कोरिया की. सीरिया का कौन प्रोडक्ट है दुनिया में. असला [हंसी]. असला नहीं है उनके पास. टूटा बिल्डिंग. यानी यानी. इंडस्ट्रियल रेवोल्यूशन इज द बेसिक. फाउंडेशन ऑफ नेशनलिज्म. 1850 के बाद भारत में दो घटनाएं घटी पहली.
घटना घटी 1853 में रेलवे लाइन बिछी और. कहां मुंबई से ठाणे और 1854 में पहली कॉटन. मिल बनी कहां मुंबई में और 53 में रेलवे. लाइन 54 में कॉटन मिल और 1885 में. कांग्रेस. क्योंकि जो भारतीय पूंजीपति उधर रहे थे. इनको सरकार से मदद चाहिए थी। प्रोटेक्शन. चाहिए था। भारत का औद्योगीकरण शिशु की. अवस्था में था और ब्रिटेन का औद्योगीकरण. जवान हो चुका था। वो 1750 में पैदा हुआ. था। 1850 100 साल का उसका इंडस्ट्रियल.
रेवोल्यूशन हो चुका था। वो हमारा पैदा हुआ. था। तो उसको प्रोटेक्शन चाहिए था कि साहब. हमको बचाइए साहब। लेकिन लिटन ने क्या. किया? लिटन ने इंपोर्ट ड्यूटी घटा के 1%. कर दी। यानी भारत का पूरा बाजार किससे. फ्लडेड हो जाएगा? ब्रिटिश गुड से।. तब भारत के उद्योगपतियों ने कहा नहीं यार. अपनी आवाज उठाने के लिए एक संगठन तो बनाना. ही पड़ेगा और उसका परिणाम है 1885 का. कांग्रेस. तो औद्योगिक क्रांति. ऐसे उठा के देख लो सूडान में औद्योगिक. क्रांति भय नहीं भाई देश नहीं है.
पाकिस्तान खत्म चाइना को यही बात पकड़ में. आई आजादी के बाद कि इंडस्ट्रियल. रेवोल्यूशन करना है और आज Apple को अगर. कोई टक्कर दे रहा है तो OnePlus दे रहा. है। पहली चीज दूसरी चीज एक बात रह गई थी. शायद रिलीजन और इस पे रिलिजन इज अ साइंस. एंड लॉ। तो रिलीजन आधुनिक काल से पूर्व. में दो भूमिका में था। पहले पहली भूमिका. वो संविधान था।.
इसीलिए मॉडर्न युग से पहले जितने भी राजा. होते थे वो टाइटल लेते थे। अशोक की टाइटल. लेवारा नाम प्रियदर्शी देवताओं का प्रिय।. गुप्तों की टाइटल है परम भागवत।. एंशिएंट इंडिया खत्म हुआ। मेडिकल पीरियड. शुरू हुआ। सारे मुसलमान शासकों ने टाइटल. क्या रखी? जिल् इलाही शैडो ऑफ अल्लाह।. भगवान का राज चलेगा। तो भगवान के नियम. कहां लिखे हैं? रिलीजियस ग्रंथ में। अब. भगवान तो उतर के चलवाएगा नहीं। तो भगवान. का प्रतिनिधि कौन है? राजा। तो चंद्रगुप्त.
मौर्य भगवान का प्रतिनिधि है। लेकिन मोदी. जी जनता के प्रतिनिधि हैं। जिले जमूरियत. है मोदी जी। जिल्ले इलाही नहीं है क्योंकि. अब मैन मेड संविधान है तो वह भूमिका तो. धर्म की खत्म हो गई। धर्म की जो दूसरी. सबसे बड़ी भूमिका है वो है व्यक्ति को. इंद्रियों से आत्मा तक लाना। उत्थान. जिसको मोक्ष निर्वाण पता नहीं क्या-क्या. नाम से कहते हैं। फॉर एग्जांपल.
सिद्धार्थ इंद्रियों पे जी रहे थे। स्त्री. बहुत पसंद थी। समाज बहुत पसंद था। शराब. पसंद थी। तपस्या किया 12 साल बुद्ध बन गए. भगवान हो गए वर्धमान इंद्रियों पर जी रहे. थे महावीर बन गए नरेंद्र इंद्रियों पर जी. रहे थे स्वामी विवेकानंद बन गए तो रिलीजन. इज अ साइंस ऑफ ह्यूमन ट्रांसफॉर्मेशन. कि आप सुख के पीछे मत भागिए हम आपको आनंद. का एक बहुत बड़ा पैकेज दे रहे हैं.
तो एक रोल तो धर्म का खत्म हो चुका है. लेकिन दूसरे रोल के रूप में वह आज भी. विद्यमान है और जो आदमी धर्म पर नहीं. चलेगा उसके जीवन से दुख कभी नहीं खत्म. होगा।. तो जीवन का क्या उद्देश्य है? हम मजा लेने. आए हैं, एंजॉय करने आए हैं, काम धंधा करने. आए हैं, पूजा पाठ करने आए हैं।. जीवन का एक. बच्चा पैदा करने आए हैं।. एस एंड एस. श्रमिक से श्रमण मतलब सुभांकर मिश्रा. पॉडकास्टर हैं और धानी है।.
होश में जो आदमी जी रहा है। श्रमिक कौन. है? जो बेहोश में जी रहा है, रिक्शा चला. रहा है, रो रहा है। उसको इस बात की खुशी. नहीं कि मुझे डायबिटीज नहीं है। रिक्शे. वाला भी खुश हो सकता है।. उसको शुगर नहीं है। लेकिन वो खुश नहीं है।. कहता है भैया पैसे नहीं है। मोबाइल का देख. नहीं। अरे जो बैठा है लेक्स पिया लैंड. क्रूज़र पिया ये मिठाई नहीं खाई स। ये बात. उसको पता ही नहीं है।. तो जीवन का एक बड़ा प्यारा उद्देश्य है।. आप यही तो पश्चिम ने आकर इसी चीज को. डिस्ट्रॉय किया ना कि सन्यासी मतलब घर.
छोड़कर भाग जाओ। नहीं। सन्यासी मतलब जो. होश में हर काम को कर रहा है। राजा जनक. सन्यासी नहीं है। भगवान कृष्ण सन्यासी. नहीं है। गुरु नानक देव जी सन्यासी नहीं. है। कबीर दास जी सन्यासी नहीं है। संत. रविदास जी सन्यासी नहीं है। गुरु गोविंद. सिंह जी सन्यासी नहीं है।. यह है जीवन का उद्देश्य। जन्म लिया है।. पहला जन्म मां ने दिया है। इंद्रियों पर. जी रहे हैं। फिर गुरु की शरण में आएंगे और. आध्यात्मिक यात्रा शुरू होगी और इंद्रियों. से बढ़ेंगे चेतना की तरफ। अब उस यात्रा.
में आपको जो रोल मिल जाए आप डॉक्टर हो गए. तो आप सन्यासी डॉक्टर हैं। आप इंजीनियर हो. गए आप सन्यासी इंजीनियर हैं। आप आईएएस हो. गए। आप सन्यासी आईएस है।. यही है धर्म।. मैं सन्यासी एंकर बन गया। [हंसी]. धन्यवाद सर। बहुत-बहुत. शुक्रिया आपका। उम्मीद है दर्शक आनंद लेगा. और उम्मीद है कि हम जो आगे प्लान कर रहे. हैं, उसको हम एग्जीक्यूट करेंगे।. 25 वाला। हां 25 वाला भी और इतिहास के.
माध्यम से जो आज हमने थोड़ा-थोड़ा छींटा. बिखेरा है. उसकी. उसको पूरी तरह से करेंगे. अच्छे से उसकी बारिश करवाएंगे. जिससे आने वाली पीढ़ियां कम से कम कुछ. अच्छा समझे सीखें जाने समझ बढ़ाएं. मतलब वो माने इस बात को कि हमने उन्हें. कुछ तो दिया कुछ तो उनका फायदा हुआ. आई थिंक वो भी एक अल्टीमेट गोल में शायद. लाइफ के. हां हां. थैंक यू सो मच थैंक.
