Unplugged ft. Avadh Ojha | Motivational Speaker | UPSC | AAP | Arvind Kejriwal | Manish Sisodia
[संगीत]. हमार बोरवा कहां है कौन बोवा पैसा वाली. बरी लोग सोशल मीडिया बहुत लिख रहे हैं आम. आदमी पार्टी पॉडकास्ट करने बहुत मोटा मोटा. पैसा दे रही है नहीं सब बात. क कुछ मिला तो नहीं है पानी पिला के दूसरे. मोड में आ पता लगा अवधि बोल लेते अरे बहुत. बढ़िया हमरे अवधि ले प्राउड नहीं है नहीं. नहीं ओकेज बता काहे नहीं प्राउड है जब.
आदमी के पास संपन्नता होती तो हर चीज अदा. मानी. जाती भैया देखा तो इतना बड़ जमीन पर बैठ त. है लेकिन अगर रिक्शा वाला जमीन पर बैठ तो. ब बीजेपी से प्रयागराज अठी कांग्रेस. कैसरगंज सपा भी बसपा तो चले रहा. था बात है मानी बात है कल को अगर मोदी जी. आपको कैबिनेट मिनिस्टर बना दे तो आप. बीजेपी में जा सकते.
अगर नरेंद्र मोदी जी कल मुझे कहते कि यार. मैं पद छोड़ रहा हूं तुम प्राइम मिनिस्टर. की शपथ ले लो ये वाला थोड़ा ज्यादा थोड़ा. ज्यादा अरे ज्यादा की बात ही नहीं है क्या. बोला तूने बा दो जाए शिक्षक हां शिक्षा. शेरनी का दूध है जो पिएगा वो द वैसे तो. आंखों में आपके वो चमक बिजली वाला हां. लाइट निकलती रहती है हा गजब फिर एक फोटो. वायरल सिसौदिया जी के साथ आप ऐसे खड़े थे. और अवत जी भी जो कहते थे कि यार शेर आदमी. होना चाहिए वके भैया पार्टी फैसला करेगी.
पार्टी लाइन डिसाइड करगी शेर का काम है. दहाड़ना लेकिन जंगल में जो लौंडे कह रहे अ. जी स्कूल में टीचर को पेल लिए थे व पिं. शेर हो गए सही क रहे आप क्या चाहते हैं कि. हम अकबर की तरह मुकुट टकट लगा के तलवार. लेके जाए देखते हो आप कभी जैसे इलाहाबाद ा. राजा बनने की मेंटालिटी हैसे शिक्षक भ जी. भारत दे रहे थेने लोग बना रहे पहली सामने. पड़. जाएगा. भारत अब तो नोबल प्राइस की अनुशंसा.
कर खान सर या विकास दिव्य कीर्ति सर. ज्यादा बढ़िया टीचर कौन है खान सर व जो. बैटरी रिक्षा चलाता ना वो भी उससे पता. मिर्जापुर गद्दी पर हम रहे मना नियम से. गद्दी पर चाहे हम रहे या मुन्ना नियम सेम. होगा दिन आप सुट्टा पी रहे थे और पीछे. दुकान के पिताजी देख लिए कहे सुनो य चोर. चक्का पीता है तुमको पीना घर में आक बैठ. के पियो और सिर्फ कहे नहीं लाइटर भी लाए. एक सवाल और भी सिगरेट पीते कए हो जो काम.
करो उसके पीछे डिफेंस दो और अच्छा वाला दो. जैसे तुम कहो कि मैं साइंटिस्ट हूं इसमें. लिखा है सिगरेट पीने से कैंसर होता है तो. मैं प्रयोग कर रहा हूं कि हो रहा है कि. नहीं हो रहा है रिसर्च कर रहा है लड़का हम. तो उे नसेड़ी समझ रहे थे झा सर हिस्ट्री. टीचर है लेकिन वो सेक्स बहुत बात करते. क्योंकि जब आप यूरोप में टलो तो वहां कहीं. दीवाल पर नहीं लिखा है निराश पुरुष. मिले सबसे वियर्ड रूमर क्य सुना ओझा जी ने. अपने बारे में वही कच्छा. वाला क में कच्छे में आता था सर यस अगर अद.
उझा जी चुनाव हार गए या चुनाव नहीं लड़ने. पाए तो आम आदमी पार्टी में बने रहेंगे. बिल्कुल बने रहेंगे यस या नो यस यस मोदी. जी और केजरीवाल जी ज्यादा पॉपुलर कौन है. आपको भी आपके साथ वालों को भी खांसी शुरू. हो गई है पता नहीं इलेक्शन में खासिया आती. है आती है राजनीति में राजा कैसे बनते हैं. आप तो सेवक है भैया. नमस्कार हर चेहरे में होते हैं कई सारे. चेहरे जिसको देखो बार-बार देखो मेरे.
मेहमान भी ऐसे ही आज उन्हें लोग टीचर के. तौर पर जानते हैं कुछ लोग उन्हें. मोटिवेशनल स्पीकर बानते हैं जिंजी कल्चर. में लोग कहते हैं कि वह इनफ्लुएंसर भी है. हालांकि वह खुद को कहते हैं गुरु हम. शौकिया तौर पर टीचर है पेशा हमारा कुछ और. है लेकिन आजकल ताही चल रही है नाम है अवद. ओझा जी गोंडा नरेश देर आए दुरुस्त आ लेकिन. फाइनली आ गए यहां तक बहुत टाइम लगा दिए सर. आप यहां नहीं टाइम नहीं लगा है सही टाइम.
पर आए हैं क्योंकि कहते हैं जब कोई नई. पारी शुरुआत होती है तो किसी अच्छे आदमी. के साथ उसकी शुरुआत होनी चाहिए तो आज जो. राजनीति की पारी की शुरुआत हो रही सुभंकर. मिश्रा के साथ हो रही है इससे अच्छी बात. क्या हो सकती है शुरुआत तो हालांकि. जबरदस्त हुई. थी. जबरदस्त कहने से ज्यादा अच्छा हो कि. धमाकेदार हुई थी क्योंकि एक लोगों को पता. ही नहीं था कि कुछ होने जा रहा है और एक. बैग जिसको हम कहते हैं ना ब्लास्ट कि आदमी. सुबह उठा देखा कि अरे भैया तो आम आदमी. पार्टी के हो गए हैं तो बड़ा उसके कैप्शन.
निकले आम आदमी पार्टी के दामन में पहुंचे. अवदो और बड़ा मजा आया खैर धमाकेदार. शुरुआती अच्छा हमने देखा जो आप वो ब्लू. वाला जैकेट पहने थ नीचे बुसट निकली थी हम. कहे ये नेचुरल था या गहन चिंतन मंथन किया. गया था कि सट थोड़ा सा बाहर निकलनी चाहिए. नहीं गोंडा में जिस शहर से हम आते हैं. वहां बूस अंदर करने का मतलब कि आप डरपोक. आदमी बहुत स्य आदमी है सुशील है तो एक. थोड़ा सा कहते ना कि ज्योग्राफी का आदमी. पर बहुत असर होता है तो वो थोड़ी सी छाप.
जो है गोंडा की वो वहां झलक रही थी गडक तो. हम भी है हां हम पैदाइश गडक है अरे तो. पत्रकार हो गए ना प्रोफेशन का भी असर आदमी. प होता है तो प्रोफेशन के हिसाब से आपकी. ड्रेस है और प्रोफेशन के हिसाब से आपका. प्रोफेशन क्या है क्योंकि कहते तो आप हो. कि देखो गुरु हम शौकिया तौर पर टीचर है ना. हम एक्सीडेंटल टीचर हैं पेशा कुछ और है हम. एक्सीडेंटल टीचर है ना वो पेशा कुछ और है. वो कौन सा पेशा है पेशा है लोगों को. रास्ता दिखाना दिशा देना उफ ये मासूमियत. खुद.
असतो मा सद गम उनको असत्य से सत्य की तरफ. ले जाना गोंडा स् कायने चुनाव लड़े आप. नहीं मैं तो चाहता था गोंडा से चुनाव. लड़ना लेकिन शायद समय को यह मंजूर नहीं था. तो दिल्ली से शुरुआत कर द हम अखिलेश यादव. घर में बैठे थे इंटरव्यू कर रहे थे किसी. ने हमसे कहा कि कैसरगंज से अवज जी लड़ने. वाले थे हो गया था मामला हमके बाप रे. बीजेपी से प्रयागराज अमेठी कांग्रेस और. कैसरगंज सपा भी बसपा तो चले रहा था नहीं. नहीं महाभारत का जब युद्ध चल रहा.
था समय जो होता है ना वो फिलॉसफी को. डिफाइन करता है अब श्रीराम का जो समय है. मर्यादा पुरुषोत्तम का समय है दुश्मन भी. मर्यादा में है आज महाभारत का समय है आज. अगर मर्यादा की बात की आपका दर्शन होना. चाहिए भाई एक राजनीतिज्ञ का दर्शन क्या है. वेलफेयर ऑफ द पीपल क्योंकि वो लोगों के. लिए काम ही करने जा रहा है तो मेरा मानना. यह था किय असली होता है इस मतलब जो आप कह. रहे हो असली में अगर नहीं होता तो दिल्ली. लोग को फ्री बिजली कैसे मिलती अगर ये असली.
में नहीं होता तो दिल्ली के लोगों को फ्री. पानी कैसे मिलता अगर ये असली में नहीं. होता तो मोहल्ला क्लीनिक कहां से आती आखिर. अरविंद केजरीवाल जी को जो दिल्ली की जनता. मानती है असली में हुआ तभी तो मानती है. शुरू हम रकर नहीं डालेंगे शुरू थोड़ा. शॉर्ट पिच फुल टॉस खिलाएंगे फिर आखरी में. यार रखेंगे पता लगे फिर अभी उधर से कॉल आ. जाए कि भाई साहब आपसे कहा गया था नहीं. नहीं कॉल तो पहले भी नहीं आई थी कुछ लोग. मैंने हम हालाकि उस बात पर बात कर चुके. कॉल की बात नहीं थी पर फिर भी हम पूछ सकते.
हैं सब आपसे मना नहीं करेगा पीछे से कोई. भाई साहब ये आपसे मना किया गया. था वो इरेसिंग था क्योंकि उसको काफी चर्चा. हुई कि अवत जी बारबार कहते आए कि शिक्षा. शेरक दूध होता है और पहला बड़ा इंटरव्यू. एक सेटअप पर और वहीं पर कांड हो गया यह. कहा गया मत पूछिए और अवत जी भी जो कहते थे. कि यार शेर आदमी होना चाहिए वके भैया. पार्टी फैसला. करेगी शेर का काम है दहाड़ना लेकिन जंगल. में.
जब शेर ऑर्गेनाइजेशन में आएगा बढ़िया सवाल. दिया. हमको शेर का काम है दहाड़ना जब जंगल में. है वो दहाड़ रहा है शिक्षक कवि ये सब जंगल. में जब घूमते हैं अपने-अपने मंच पे तो. दहाड़े रहते हैं हम स्कूल में थे भाई आप. स्कूल में थे तो आप प्रिंसिपल से कहते थे. कि कल मास्टर सुबह 8:00 बजे फिजिक्स की. क्लास नहीं होगी ज्योग्राफी की होगी. संस्था यानी डिसिप्लिन अगर संस्था. डिसिप्लिन के सिद्धांत को तोड़ देगी. संस्था खत्म हो जाएगी तो जब भी कोई. व्यक्ति संस्था में जाएगा संस्थागत हो.
जाएगा जैसे हम बाल ठाकरे साहब की बात कर. रहे थे ही वाज इंस्टीट्यूशन इन हिमसेल्फ. कोई इंस्टिट्यूशन में वो थे नहीं वो खुद. एक इंस्टीट्यूशन थे तो जब आप इंस्टीट्यूशन. में जाएंगे तो आपको इंस्टीट्यूशन के. डिसिप्लिन का ख्याल रखना होगा और उनको. किसी ने कुछ नहीं कहा था उनसे कुछ लोग. बेचारे बाहर के कार्यकर्ता थे उनको नहीं. पता उन्हें लगा था कि भाई यव झा को ग्रिल. कर रहे हैं उसमें उन्होंने रोक दिया. क्योंकि इंटरव्यू तो बहुत अच्छा चल रहा था. मैं उनको जवाब भी दे रहा था तो ऐसा कुछ भी. नहीं हुआ था तो जो लौंडे कह रहे हैं कि अव. झा जी स्कूल में टीचर को पेल लिए थे वो आप.
पिंजरे शेर हो गए ये सही कह रहे एक गाना. बड़ा प्यारा है कुछ तो लोग कहेंगे लोगों. का काम है कहना तो अब अगर आदमी कहेगा नहीं. तो जिएगा कैसे तो अवद ओझा के प्रति जो भी. कहा जाएगा सबका स्वागत. है फोटो वायरल हुई आपकी एक कौन सी वैसे तो. आंखों में आपके वो चमक बिजली वाला हा लाइट. निकलती रहती है हा गजब एकदम मतलब माहौल. बना रहता है फिर एक फोटो वायरल सिसौदिया. जी के साथ आप से खड़े थे लोगों ने कहा कि.
अवत जी कहते थे कि यार नेता जनतक नौकर. होता है क्या हैसियत होती है पहला देश. भारत है जहां नौकर जो है मालिक प चढ़ जाता. है राजा बनने के लिए टेक्निक अलग होती है. अब अवत सर ऐसे खड़े हैं डेमोक्रेसी में. नेता बन रहे हैं तो अगर हम नेता की सीख जन. गोपाल कृष्ण गोखले का एक स्टेटमेंट आया. बड़ा प्यारा स्टेटमेंट था लोगों ने उनसे. कहा कि सर आप हिंसा की बात क्यों नहीं. करते तो उन्होंने बड़ा प्यारा स्टेटमेंट. दिया कहा वी आर डिसाइल्स ऑफ दिस न्यू आइडल. जीी जो नए नए सिद्धांत दुनिया में पैदा.
हुए हैं हम उसके डिसाइल है शिष्य है हम. इसे पहले सीखेंगे फिर लोगों को सिखाएंगे. तो अवद ओझा जब राजनीति में शामिल हुए. डेमोक्रेसी में शामिल हुए तो नेता बने ना. तो जब नेता बने तो जनता के सामने तो सरल. हो के ही जाएंगे अब तो राजा के सामने जब. आदमी जाएगा पहले लोग क्या करते थे. मोनार्की में जिल्ले इलाही कहते थे अब तो. मैं जनप्रतिनिधि हो गया हूं राजा कौन है. जनता तो अब अब दोज को अपने राजा को जिल्ले. इलाही कहना ही पड़ेगा. तो तो जब सेवक बन गए अरे बन ही गए किरदार.
तो बदल ही गया मतलब आप क्या चाहते हैं कि. हम अकबर की तरह मुकुट टकट लगा के तलवार. लेके जाए नहीं नहीं हमने इस देश में ऐसे. भी नेता देखे हैं जो वोट मांगने तक नहीं. जाते कहते देना हो दो नहीं देना मत दो कौन. नेता कह रहा बहुत नेता ऐसे हैं जो चढ़के. रहते हैं कि हम लाके में नहीं जाएंगे. एग्जांपल हमने राजा भैया को सुना है अरे. राजा भैया बेचारे क्या बात है इतने प. जबरदस्त आदमी है कि ठीक है कहीं कहीं उनका. मन नहीं करता उनके पिताजी का था जलवा हम. सुनते थे उस इलाके में जाइए कि लोग अपने. आप वोट देने आते हैं 1960 70 की दशक की.
बात है तब लोगों को पता नहीं होता था वोट. क्या होता है आज की डेट में सब राजा. महाराजा खत्म हो चुके हैं आज कोई भी राजा. महाराजा नहीं है अगर राजा महाराजाओं का. दौर होता तो नरेंद्र मोदी जैसे लोग. प्रधानमंत्री कभी बन ही नहीं पाते फिर यह. सारे राजा महाराजा भूत कैप्चर कर लेते भाई. वोट मांगने जाना ही नहीं है आज जनता की. कीमत 2024 में इतना बढ़ गई है इतना कि. लोगों को घरों में लोगों के जाकर सोना पड़. रहा है खाना पड़ रहा है वीडियो वायरल हो. रहे हैं बड़े-बड़े राष्ट्रीय स्तर के नेता. पता लगा किसी मजदूर के घर में रुके हुए.
खाना खा रहे हैं यह है बदलता हुआ भारत यह. हुआ बदलता हुआ परिदृश्य तो अवद उझा जी जो. एकदम स्टाइल में थे अब जब नेता बन गए. किरदार बदल गया तो फिर इसमें कैसे ढल रहे. हैं क्योंकि इसमें तो इसमें तो हमसे. राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने एक बात कही थी. हमारे पॉडकास्ट कर रहे थे कहे जब फौजी हो. तो सीना तान लो और नेता हो तो ऐसे पीठ. झुका दो तो पीठ झुक जाती है आपकी जब लोग. आते हैं कि भैया डॉन पिक्चर देखी देखिए. कौन वाली अमिताभ वाली शाहरुख वाली देखी ना. हां क्या अदाए है अमिताभ बच्चन की 26.
देशों की पुलिस की तलाश है और फिर वो नवक. हलाल देखें हां हा अरे कहे नहीं देखेंगे. दोनों में किरदार अलग है ना बिल्कुल अलग. है वो सबसे अच्छा व्यक्ति है जो अपने. किरदार और उसकी भूमिका को समझता है आप. विनम्र है यहां कोई झुक नहीं रहा है आप. अपनी जनता के सामने अगर विनम्रता नहीं. लाएंगे व आपसे बात कैसे करेगी फिर तो व. राजशाही वाली बात हो गई कि जिल्ले इलाही. के सामने कुछ बोलेंगे तो गर्दन कट जाएगी. तो नेता की विनम्रता इसलिए है कि उसकी.
जनता उससे सीधे संवाद कर सके वह भय की वजह. से नहीं है क्योंकि अगर वो अपनी जनता से. सीधे संवाद नहीं कर पाएगा वोट नहीं देगी. जनता या मिलेगी नहीं सुनेगी नहीं कट जाएगी. बिल्कुल नहीं अगर वह संवाद नहीं करेगा तो. जनता अपनी समस्या नेता को बताएगी कैसे ठीक. बात अब वो जब विनम्र होगा तो जनता को. लगेगा यार अच्छा आदमी इसको बोलो यार जो. बोलना है इसलिए नेता विनम लेकिन 26 साल से. आप शिक्षक थे चढ़के रहे 52 साल अगर उमर. सही ज्यादा नाना बताए हो तो तो वहां पर.
आपका एक अंदाज रहा गुंडा वाला इलाज. इलाहाबादी वाला अब नेता बनने में जब झुकना. हो थोड़ा एडजस्टमेंट कैसे हो जाता है मतलब. कहां झुक रहा है विनम्रता विनम्रता और ये. विनम्रता ये थोड़ा बदलाव है ना ये अवद ओझा. की पहचान अलग रही है अरे तो भैया कि जलवा. जलाल है होगा कोई हम क्या फर्क पड़ता है. वो है जो पहाड़ खोद देंगे रेगिस्तान में. दूध की नदी बहा देंगे ये अव झा की स्टाइल. थी अब भारत में बहेंगे ना आखिर राजनीति. में आए किस लिए हैं क्योंकि भारत कभी सोने. की चिड़िया का जाता था उस सोने की चिड़िया.
के गौरव को फिर से जिंदा करना है इसलिए आए. हैं फिर वही काम करने आए हैं ऐसा नहीं. करने आए मुद्दा वही है उद्देश्य वही है. करेंगे लेकिन सिद्धार्थ जब राजकुमार थे तो. कठोर थे बुद्ध के रूप में जब उनकी हैसियत. बढ़ी तो करुणा आ गई एक आदमी मुंह पर थूक. दिया आनंद तुरंत खड़े हो गए तलवार निकाली. अरे बुद्ध ने कहा आराम से हमारे देश में. एक सामंतवादी साइकोलॉजी है कि जो आप भी. हाथ जोड़ ले रहा है वो डर गया है हा जो.
आदमी हाथ जोड़ र वो विनम्र हो गया है. खूबसूरत बात ई गांधी जी थे कितना प्रेम से. किसी की मजाल थी 1920 में जो हजारों लोगों. को सड़क पर उतार दे इतने पढ़े लिखे लोग ना. भारत देश था 90 पर पॉवर्टी थी 90 पर गरीबी. थी और उस आदमी ने सिर्फ एक शब्द निकाला. अहिंसा और. सत्याग्रह और मास अवेक निंग किया 20 साल. के अंदर कितनी बड़ी बात थी वो बढ़िया. बुद्ध थे इस देश में बोले यार ध्यान करो.
मन बदल जाएगा लोगों ने कहा भाई साहब मन. बदल के क्या करेंगे मैंने देखा इस देश में. शायद कांसेप्चुअल क्लेरिटी का अभाव है. लोगों के पास ठीक बात लेकिन हमको एक अलग. किस्सा सुनना है हमको सुनना है कुछ तो. ऑकवर्ड मूवमेंट हुआ होगा जनता के बीच में. गए होंगे कहीं ऐसा हो कोई मुंह बनाए बैठा. हो और आपको मन में आया हो कि ससुरी तोरी. ऐसी की तैसी थोड़ा पहले मिले होते हमको तब. बताते तुमको अवध होज है ऐसे मूमेंट पर. हमको डॉक्टर अंबेडकर याद आए हम जब भी ऐसा. आया आया बिल्कुल आया आता ही. तो ऐसे मोमेंट में हमें डॉक्टर अंबेडकर.
याद आया उनका साहस याद आया उनकी शक्ति याद. आई कि वो आदमी अपने कांसेप्ट को लेकर. कितना स्पष्ट रहा होगा कि ठीक है तुम मुझे. क्लास के बाहर बैठा हो पर मुझे पढ़ना है. ठीक है तुम मुझे पानी नहीं पीने दोगे पर. मुझे पढ़ना है ठीक है तुम मुझे सम्मान. नहीं दोगे पर मुझे पढ़ना है तो आज य जितने. लोगों ने मेरे से मुंह बना रखा है जब मैं. इनके लिए काम करूंगा इनको मेरा काम दिखाई. पड़ेगा यह सब दोबारा आकर मुझसे गले. मिलेंगे ऐसा मेरा विश्वास है अवधि बोल. लेते हो आप अरे बहुत बढ़िया कौन मैं बोला. था सुनाओ तो मैं बोल के हमरे वाल बहुत.
आदमी संकोच करते हैं नहीं बोल पा सिंह एक. गाना गावत है मित्र है. आपके मित्र तो नहीं है लेकिन भाई उनको सब. जानते हैं तो मैं भी जानता हूं उफ ये. मासूमियत. [हंसी]. तो हम उनने अक्सर अवधि में बात करत देखी थ. जब व जहां जाते हम उनका उनके एक चीज हमका. बहुत पसंद है कि वह मंचों पर अवधि बोलत है. मैडम ए मैडम मैडम मैडम किसी इंटरव्यू में.
थे तो शायद कुछ बात रही होगी तो उसी अंदाज. में कहा मैडम अगर बगावत करना धर्म है तो. हम बागी है हम. तो डिपेंड यह करता है कि आपसे सामने वाला. अगर जिस भाषा में बात कर रहा है तो आपकी. कंफर्टेबिलिटी वही होगी कि आप उससे उसी. भाषा में नहीं हम इस सवाल लिए पूछे हमरे. बार मने सब संकोच करते है समात है उन्हें. लगा था कि देहाती है ये तो लंठ आदमी है. गवार आदमी है पिछड़ा जैसे बाकी देखो आप. बिहारी ब ले गुजराती पंजाबी मराठी प्राउड.
है हमरे ध प्राउड नहीं है नहीं नहीं बता. काहे नहीं प्राउड है जब आदमी के पास. संपन्नता होती तो हर चीज अदा मानी जाती हा. ब कि भैया देखा तो इतना बड़ मन है जमीन पर. बैठ के खाते सही बात है लेकिन अगर रिक्शा. वाला जमीन पर बैठ तो बैठा ही रा कुर्सी. देई सवाल संपन्नता का है हा गहरी बात तो. पंजाबी पंजाबी में बात करता है तो लोग ड.
नहीं. लेते गुजराती गुजराती में बात करता है तो. लोग ड नहीं लेते न जहां भी थोड़ी बहुत. बैकवर्ड आती है तो लोग उस आइडेंटिटी को. छुपाना चाहते दबाना हालाकि उ चक्कर में. कबो क लोग बहुत गलती जाते जैसे गोंडा में. लोग आ बंबई मुंबई से दो तीन साल रह के आए. का हो पड़े बढ़िया है भैया कब आए हो अरे. कल धरना ट्रेन धरे मतलब अब खड़ी अवधि में. बात जाते तो हमें लाग की आदमी का काहे की.
आपन जोन भाषा होती उसे आदमी के बड़ा संबंध. गहरा हो जाते लगाव हो जाते जसे शुरू शुरू. में हम दिल्ली आए तो मुखर्जी नगर में राहत. र तो तिवारी जी के दो सा के दुकान रही ओके. का. कते छोला भटूरा के तो हम कोई से फोन पर. बात करते तो भैया गोंक हो हम हम तर के तो. बेचारे दिन फोला बटू तो हम दिखा देखो भाषा. के कितना महत्व होते की आदमी का तुरंत. लगाव पैदा हो तो मैं अवधि में बात कर कोन.
दिक्कत नहीं है बस शर्त यही है कि त दो. हमरे इंटरव्यू जल्दी कहने आए छ महीने से. हमसे बत वात रहे हम हो गणक त गणक य आरोप. है कि गुस्सा. है कुछ चीजन के कहा ते ना कि टाइम होते है. सही बात है हम हो अच्छा हम एका चक्कर फोन. किए हैं कि नहीं कि हम कम से कम तीन चार. चक्कर फोन किए कि भैया हम फलाने दिन आई थे. यह दिन आई थे व दिन पर वो पता नहीं क्या. भगवान की मर्जी रही कि भगवान चाहत रहे कि. जब तोहार नए जीवन की शुरुआत हुई तब ब जायो. हम आज सामने बैठा है चलो बढ़िया बात बैक.
टू हिंदी पॉलिटिक्स में क वधो क्या रह रहा. था ऐसा बहुत दिन से हम देख रहे थे बेताबी. थी चुनाव में लड़ना है हालांकि बात सच है. यूपी बिहार में आदमी दोय चीज देखता है एक. या तो नेता हो या. आप गुंडा हो सही या अधिकारी तीन आईए. सब डॉक्टर राम मनोहर. लोहिया पीएचडी इन इकोनॉमिक्स फ्रॉम बर्लिन. यूनिवर्सिटी.
वो आदमी कांग्रेस के दफ्तर के बेंच पर. सोता था 1950 की जो हमारी संसद थी 51 की. उस संसद की सबसे बड़ी खास बात यह थी कि. वहां जितने भी नेता थे मेजॉरिटी को ना तो. पहचान की जरूरत थी और ना पैसे की जरूरत थी. तो फिर व आए किस लिए थे क्योंकि उनको पता. था कि हमें अपनी देश को दिशा देना. है आज इस देश को फिर एक बार से दिशा की. जरूरत है उन लोगों को जरूरत है जिनको समझ.
में आता है कि देश महान कैसे होता है ऐ. बहुत लोगों से राजनेता एक बार एक नेता जी. फोन की क बैठा र क अ भैया हम क का क गैंग. टॉक कहां. है परदेश के कैबिनेट मंत्री पूछे थे गैंग. टॉक कहां है हम थोड़ा सा तफरी म र हम क. ब्राजील के नीचे बर हम क हा हा फिर रात. में फोन की 10 फोन की उठाए फिर सुबह उठाए. क बदतमीजी क ना साथ अरे हम क हम ही बात पर.
हंसी आवत रही कि आप कैबिनेट स्तर के. मंत्री हो हम पढ़े हैं कि जापान कैसे महान. बना. 18530 में वर्ल्ड पावर बन गया हम क्योंकि. उसको समझ में आता था e = e का फार्मूला हम. सनी टा सब जापान की तो कंपनियां है साउथ. कोरिया क्यों महान बना. वन प्लस अमेरिका क्यों महान है एल फड मुझे.
पता है कि जिस भी देश को कैपिट इजम और. इंडस्ट्रियल रेवोल्यूशन समझ में नहीं आएगा. और इन दोनों के साथ-साथ एजुकेशन नहीं समझ. में आएगी एजुकेशन बेस्ड ऑन ह्यूम निज्म. एंड रशन जम वो चतुरंग वाली नहीं रैंचो. वाली हमको स्पष्ट है एकदम से कि जब तक यह. देश एक रेंचो मॉडल के एजुकेशन को विकसित. नहीं करेगा रेंचो मॉडल एक ऐसा मॉडल जिसमें.
लड़का सवाल करता हो अपने टीचरों से हमारे. यहां मैं एक एक हजार के लड़कों को पढ़ाता. था एक हजार के लड़कों का बैच होता था आईएस. का और आईआईटी और पता नहीं कहां कहा से. लड़के होते थे और ढाई ढाई घंटे की क्लास. बीत जाती थी कोई सवाल ही नहीं करता था कोई. सवाल एक लड़का हाथ नहीं उठाता था कि मुझसे. सवाल कर. ले इसका मतलब क्यूरियोसिटी मरी हुई है. सवाल दुश्मनी में तो कोई थोड़ी करता है. मैंने कितने लड़कों से पूछा कि बताओ भारत. देश क्यों बना रेरियो में कोई जवाब दे. पाया कि यार भारत देश क्यों बना तो जिस.
तरह से 1951 के देश का दौर था कि जब एक. बहुत महान व्यक्तित्व देश की राजनीति से. जुड़े लोहिया साहब जुड़े अंबेडकर साहब. जुड़े डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद जुड़े लाल. बहादुर शास्त्री जुड़े नेहरू जी थे ही और. यह देश महानता की तरफ अग्रेसर हुआ अब. दोबारा इस देश को अगर फिर से उस महानता की. पटरी पर लाना है तो हमारे जैसे बहुत सारे. लोगों को मैं इस मंच से इस देश के महान. शिक्षकों को डॉक्टरों को इंजीनियरों को. अपील करूंगा कि इस देश की जनता बहुत.
प्यारी है आप बाहर निकलिए और आप कोशिश. करिए कि आप इस देश की राजनीतिक धारा से. जुड़े और कोशिश करें आप हमारी पार्टी से. ही जुड़े तभी जाके इस देश का उद्धार होगा. अब देखिए तो बहुत एकदम वेल ऐसा लगता है ना. कि वेल टाइप डांसर था नॉट इन स्टाइल ऑफ. अवद ओझा सर ये ऐसा था कि एक बड़े ही. सुनियोजित तरीके से लिखा गया भाषण जिसम. मुझे आखिरी में ताली बजाने का मन किया. लेकिन फिर मुझे आप जब अपनी स्मृतियों पर. जोर डालता हूं तो मुझे इतिहास में याद आता. है कि अवत जी ने कहा था कि बढ़िया हुआ. गुरु हम आईएस नहीं बने नहीं तो लूट खाए.
होते हां हां बिल्कुल एकदम सही बात है अब. सवाल हमको आता आईएस नहीं बने आईएस जिसको. सलूट मारता है वो नेता बनने वाले जीत गए. तो हो सकता मंत्रियों बन जाए तो फिर व बात. इधर बात दोनों बड़ा विरोधाभास बिल्कुल. विरोधाभास नहीं. है मैंने जो शो शुरू किया फोर्थ लॉ तीन तो. न्यूटन. दगा फिर चौथा भुला तो हमसे क दिन सपनावत. भाई बता तुम बता तो चौथा नियम क्या है इ. प् तमन्ना इ टू त्याग प्लस तपस्या एक साल.
हो गया गीता पढ़ाते हुए 58 59 एपिसोड हो. गए य तपस्या और तमन्ना अलग है हा हा हा व. अलग अलग है तमन्ना इ ट प्स तपस्या तो यह. जो साधना का दौर गुजरा महाराज अड़गा के. संगत में जो साधना हुई. जहां सिद्धांत स्पष्ट हुए अव ओझा जो 1995. में था वो इंद्रिय प्रधान सिद्धार्थ की.
तरह जा था मतलब इंद्रिय चाहिए सुख चाहिए. और जब इंद्रिय सुख चाहिए तो सारी इंद्रिया. बाहर की तरफ भागती है तो पैसा चाहिए इससे. लोग कते कि पैसा कमाए का करब झूठ बोलते. जैसे कुछ लोग कते ना पैसा हाथ का माल है. तो हम लोग से कते दिखाओ नि. के अगर सेंस का प्लेजर चाहिए तो पैसा. चाहिए लेकिन जो आदमी सेंस के प्लेजर से. आगे निकल गया है फिर उसके अंदर सेवा का. भाव है फिर उसका आनंद ही बदल जाएगा तो वह.
आवा दो होज तो मैंने हां मैंने वह मुद्दा. नहीं मेरा जो पहला एपिसोड है उसमें मैंने. एक फोटो बनाई है हम एक तरफ अंगुली माल है. एक तरफ अवद उझा है और बीच में अड़गा. महाराज की फोटो है तो मैंने लिखा है. अंगुली माल से गीता स्वामी तक महाराज जी. ने मुझे नाम दिया गीता स्वामी हम तो अवद. उझा का जो दौर था वह अंगुली माल का दौर था. और अब जो दौर है वह गीता स्वामी का दौर है. और गुरु का हुकुम है कि सेवा करनी है हमार. बोरीवाल बोरी. पैसा वाली.
बुरी लोग सोशल मीडिया बहुत लिख रहे हैं आम. आदमी पार्टी पॉडकास्ट करने बहुत मोटा मोटा. पैसा दे रही है हमारा लाए आप नहीं हम सुन. हम देखे ना ट्वीट मैया कि एक बहुत बड़े. सुपरस्टार पॉडकास्ट के लिए 55 लाख रप ऐ. कुछ दिखा रहे हमको भी कहा गया कि भैया. आपको भी आ रहा होगा तो हमके होता तो हम और. बढ़िया बटवा देंगे थोड़ा लड़को को भी हां. भाई 55 लाख ई नहीं सब बात कैमरा. जा लेकिन सर फिर वही सवाल है क्योंकि देखो. मैं आपको जब सुनता हूं आपको जो मैंने पहले.
सुना बड़ा थॉट प्रोसेस भी क्लियर है आपका. आप कहते हो इट्स अबाउट पावर पानी वाले. सांप को दुनिया न चाती है कोबरा वाले साहब. को कोई नहीं नचाता करेक्ट और मुझे बड़ा. क्लेरिटी दिखती थॉट में फिर पॉलिटिक्स में. वो क्लेरिटी नहीं दिखती जब आप पॉलिटिक्स. में आए हो तो थोड़ा सा एक विरोधाभास दिखता. है मुझे चाहे वो पॉलिटिकल पार्टी जवाइन. करने को लेकर हो उसके बाद आपका अप्रोच हो. वो बाकी सब पॉलिटिशियन की तरह है उसके. पहले वाला अवदो जा जो है वो बड़ा रिबेलियस. अवदो जा है बिल्कुल मैंने कहा ना कि. महात्मा गांधी जब अफ्रीका पहुंचे साउथ.
अफ्रीका पहुंचे तो उससे पहले के जो. महात्मा गांधी हैं वो कन्फ्यूज्ड महात्मा. गांधी हैं परेशान महात्मा गांधी है लेकिन. जब टॉलस्टॉय आश्रम बनाते हैं वो अफ्रीका. में उनका पूरा किरदार ही बदल जाता. है व्यक्ति का जब किरदार बदलेगा मैंने. एग्जांपल इतना बढ़िया दिया पता नहीं लोग. क्यों परेशान है मैंने कहा कि डॉन का. अमिताभ बच्चन और नमक हलाल के अमिताभ बच्चन. में फर्क है हम एक सेवक है एक डॉन है. अब इस देश में डेमोक्रेसी है कभी-कभी.
बड़े-बड़े उद्देश्यों के लिए बहुत. बड़ी-बड़ी कुर्बानियां भी देनी पड़ती है. टीचर जो होता है शिक्षक हमारे एक टीचर थे. मुझे याद है बहुत अच्छी तरह लखनऊ. यूनिवर्सिटी में वो नागपाल सर वो जिस. क्लास में जाते थे तो लड़कों से कह देते. थे कि देखो नकल तो ना करे दे चाहे जेके. लड़का. हो शिक्षक अपनी क्लास का राजा है हम. शिक्षक का किरदार अलग है अगर वह विनम्र.
होगा तब वह लड़कों को नहीं पढ़ा पाएगा हम. मां अगर विनम्र होगी तो बच्चों को नहीं. पाल पाएगी अक्सर लड़के मां से ही पीटे. जाते हैं अब मां करुणा का भी सूचक है और. विनम्रता भी उसके अंदर मतलब करुणा भी है. और कठोरता भी है दोनों है कुछ पद दुनिया. में ऐसे हैं जहां पर कठोरता जायज है ऐसे. शिक्षक का पद है जहां कठोरता जायज है अगर. शिक्षक क्लास में कहेगा बेटा प्लीज बेटा. शोर मत करना बे तब वो नहीं क्लास चला तो. ऐसे नेता में मौका टेरियन होना जरूरी है.
नहीं कोई जरूरी नहीं है बिल्कुल जरूरी. नहीं है हमारा एक स्टेटमेंट था जो शायद. मैंने पटना में दिया था हा बिल्कुल दिया. साह बीबी गैंगस्टर साह बीबी और गज है. नॉनवेज है नहीं जी हा मौका टेरियन है मौका. टेरियन है तो मौका टेरियन का मतलब क्या. मौका टेरियन है यस सी बात है मानी सी. बातें है काहे नहीं होंगे कौन नहीं है आज. की डेट. में जितने लोग भाजपा में है वो पूर्व. कांग्रेसी है. मतलब सिंधिया परिवार जो है सिंधिया साहब.
है ना कितने बड़े कांग्रेसी उनके पिता. कांग्रेसी वो. कांग्रेसी इतने बड़े बड़े. राजनेता उन्होंने अपने आप को बदला कि नहीं. बदला फिर कौन मौका टेरियन के युग में आप. अगर अपने युग के साथ नहीं चलेंगे तो. पृथ्वीराज चौहान वाला हाल हो जाएगा मब कल. को अगर मोदी जी आपको कैबिनेट मिनिस्टर बना. दे तो आप बीजेपी में जा सकते हैं हां यह. बड़ा प्यारा सवाल है यह बहुत अच्छा सवाल. हा कि अगर मोदी जी कल के मुझे कैबिनेट. मिनिस्टर बना दे अब नहीं बनाएंगे मोदी जी.
अब इसलिए नहीं बनाएंगे मोदी जी दुश्मन. ज्यादा पसंद करते हैं देखिए दिलजीत को. बुला के बढ़िया और तबले प तक नाधन चल रहा. था तो आप यह बात मोदी जी तक पहुंचा दो. क्या पता कल परसों तक ऑफर आ जाए अब मोदी. जी कुछ भी कर ले या कोई कुछ भी कर ले. क्योंकि जब मुझे मंच की तलाश थी जब मैं. लोगों को अप्रोच कर रहा था तब किसी ने. मुझे पूछा. नहीं जवाब नहीं दिया मुझसे कहा ठीक है. प्रयागराज की सीट आपको दे देंगे फिर कहा. कैसरगंज से लड़ाए गे आपको कहा ना उन सारी.
परिस्थितियों में जब अरविंद केजरीवाल जी. ने मुझे बुलाया बात किया इतना सम्मान दिया. इज्जत. दिया हर चीज के नियम है वसूल है अब वह चीज. संभव ही नहीं है वो मुझे कैबिनेट मिनिस्टर. नहीं अगर नरेंद्र मोदी जी कल मुझे कह दे. कि यार मैं पद छोड़ रहा हूं तुम प्राइम. मिनिस्टर की शपथ ले लो. आओ थोड़ा ज्यादा अरे ज्यादा की बात. अगर उससे कह दे कि मैं प्रधानमंत्री का पद.
दे रहा हूं तब भी नहीं जाए तब कैसे मौका. टेरियन आप हुए फिर तो मौका टेरियन के नाम. पर कलंक हो गए कि आपको प्रधानमंत्री बना. रहे थे आप छोड़ रहे हो एक टर्म है अपवाद. हा है ना हा हर जगह लागू होता है ऐसा कोई. चीज ही नहीं है जो फुल फ्लेज निर्वात हो. वैक्यूम फुल फ्लेड वैक्यूम कहीं नहीं होता. तो इसलिए हम एक टर्म लेकर चलते हैं अपवाद. तो मतलब आजीवन आपके रहोगे आप क ही रहेंगे. आजीवन आज देख तो सोशल मीडिया बहुत पुरा.
अभी पुराना वाला सब निकालते हैं ये भी. निकालेंगे लोग जि हां हां हां बिल्कुल. निकालेंगे 204 में केजरीवाल जी देश के. उच्चतम पद प बैठे होंगे फर ना हो कि हम. आपके हैं कौन अरे नहीं कोई मतलब ही नहीं. आने वाला समय केजरीवाल जी का ही है कोई है. ही नहीं सामने आम आदमी पार्टी का आने वाला. समय बट फिर भी सर लोग एक जैसे होता है ना. कि एक आइडल होती है जैसे अगर आप थोड़ा सा. हिंदुत्ववादी हो तो बीजेपी की तरफ हो अगर. आप सेंटिस्ट हो तो कांग्रेस देख लेते हो. थोड़ा सा और आइडल जीी है उधर चले आते हो. एक रहती है विचारधारा की भी लड़ाई कई. नेताओं को हमने देखा है जो विचारधारा.
छोड़कर दूसरी जग जाते हैं तो बाद में. थोड़ा अनकंफर्ट बल महसूस करते हैं आपका. कोई विचारधारा नहीं है केजरीवाल जी की. यूनिवर्सलिस्टिक विचारधारा है अब. पुजारियों को वेतन किसको देना चाहिए था. भाजपा. को नहीं देना चाहिए था हां पुजारियों की. चिंता किसको करनी चाहिए थी भाजपा की हम. 20-20 राज्यों में इनकी सरकार है बेचारे. पुजारी हिंदू धर्म के नाम पर खुश है इन 15. साल से कि मोदी जी की सरकार है कभी तो यह. हमारे बारे में सोचेंगे हम सोचा किसने. अरविंद केजरीवाल.
ने तो जो आदमी यूनिवर्सलिस्टिक विचारधारा. का है कि सबका साथ सबका उत्थान उसके साथ. जाने में क्या दिक्त इस लड़का लोग य कहता. है कि केजरीवाल जी जानते हैं कि मुसलमान. बीजेपी के खिलाफ वोट देब करेगा तो क्या. जरूरत है शाहीन बाग जाने की हिंदू खुश कर. लो बीजेपी के वोट कट जाएगा मुसलमान तो. हमारा है ही बीजेपी के खिलाफ केजरीवाल जी. किसी को खुश नहीं करना चाहते वह जानते कि. मैं विकास. करूंगा आज की डेट में जो हमारा मंगलम का. स्कूल है हम पटपट गंज में हम अमेरिका की.
फर्स्ट लेडी उसे देखने जा रही है मतलब वो. दिल्ली में आई है कह रही है उससे कहा जा. रहा है कि हम गुजरात के स्कूल आपको. दिखाएंगे वो कह रही है नहीं मुझे दिल्ली. के स्कूल देखना है तो जब अमेरिका की. फर्स्ट लेडी दिल्ली का स्कूल देखना चाहती. है हम तो देश की जनता को लग नहीं रहा कि. काम कौन कर रहा है ये आपका एक पहलू है जो. सच है इसमें कि आपके बच्चे दिल्ली के आईटी. में ज्यादा निकल गए ये सच में आई आईटी में. प्रदेश का 25 पर बजट शिक्षा के लिए है ह. मतलब मैं अभी परसों एक सभा कर रहा था साइ.
उस पे सुपर साइन चौक पे हम एक लड़की क्लास. एथ की फ्रेंच बोल रही थी उसका वीडियो है. मेरे पास हम एक हमारी कार्यकर्ता शिरीन. खान उसकी दो बेटिया एक नाइंथ एक 10थ में. वो मुझे इन्वेस्टमेंट बॉन्ड बैंकिंग ये सब. समझा रही थी हम कितना अच्छा लेवल है. शिक्षा का नहीं लेकिन सर ये एक पहलू है. दूसरा पहलू एक जो हमने और पढ़ा जैसे एक तो. आपने क्या उसको मैं भी एक्सेप्ट करता हूं. कि आईटी में लड़के ज्यादा क्वालीफाई है. लेकिन क्योंकि शिक्षा का जिक्र आपने कर. दिया आप खुद शिक्षक है एक ये भी आया कि. नाइंथ क्लास के लड़के बड़े फेल हुए बीते.
सालों की तुलना में लाखों बच्चे हुए और यह. देश के कई प्रतिष्ठित अखबारों ने छापा भी. जैसे एक मैं आर्टिकल लिख बैठा हूं देखिए. ओवर 1 लाख स्टूडेंट फील्ड इन क्लास नाइंथ. इन दिल्ली गवर्नमेंट स्कूल और उन्होंने. बताया पिछले सालों की तुलना में ज्यादा है. तो दूसरा पहलू वो भी है एक सिक्के के दो. पहलू है रा तो मीठा मीठा ग यूपी में ना ना. मैं बता रहा हूं यूपी में जब कल्याण सिंह. की सरकार थी हम सबसे कम रिजल्ट आया था हाई. स्कूल और इंटर सही बात है इसका मतलब. प्रशासन बहुत अच्छा. हम इसका यह भी तो एक पहलू है ऐसा थोड़ी कि.
कल्याण सिंह के टाइम पर अगर 13 पर रिजल्ट. इंटर का आ रहा है तो शिक्षा व्यवस्था. ध्वस्त हो गई है इसका मतलब शिक्षा प्रशासन. कितना अच्छा है हम कि वो इसलिए जबरदस्ती. लोगों को नहीं पास कर रहा है कि उसको अपना. ट्रैक रिकॉर्ड अच्छा करना है पहली बात. दूसरी बात कोरोना का बड़ा इंपैक्ट पड़ा है. हम कोरोना ने जो सबसे ज्यादा नुकसान किया. है पूरी दुनिया का वो यह किया है कि. बच्चों के हाथ में मोबाइल पकड़ा दिया है. हम उनके जो सोचने की क्षमता है वो बहुत.
कमजोर होती चली जा रही है मतलब आज की डेट. में मैं देख रहा हूं 9 10थ 11 12थ मलब. हमें तो आज नहीं पता डिप्रेशन क्या होता. है और क्लास एथ का बच्चा साइकोलॉजिस्ट के. पास जा रहा है जी एक बहुत डीप टॉपिक है. मैं उसपे आऊंगा इससे पहले एक बार इसकी बात. कर लेता हूं 202021 में 31000 बच्चे फेल. हुए इस डेटा के हिसाब से 2122 में 28000. लड़के थे 22 2 में 88000 लड़के थे लेकिन. 23 24 में 1 लाख पार कर गया अब 21 22 में. जो 28000 लड़का था वहां से सडन 1 लाख. लड़का 10 साल से आप ही की सरकार है तो फिर.
तो ये सर इसमें तो ठीक एक पार्ट आपका ठीक. है कि अ जबरदस्ती पास नहीं कर रहे हां. जबरदस्ती नहीं कर रहे बिल्कुल मैंने. कल्याण सिंह का एग्जांपल दिया ना 13 पर बट. दूसरा पार्ट तो फिर नहीं यूपी में तो नकल. जगजाहिर है कि यूपी में लड़का तो वो तो हम. भी कहते हैं बार-बार कैमरे पे कि कैसे पास. हो गए इमला लिख के पास हो गए एक जमाने में. ऐसा रहा है आपका पता नहीं यूपी में रहता. नहीं मैं बट जब मैं रहा हूं तो मैंने देखा. यूपी बोर्ड में कैसे लोग पास होते हैं बट. ये भी तो सेंसिटिव बात है मतलब इसमें सारी. चीज प्राउड वाली नहीं है फिर नहीं. डेफिनेटली प्राउड वाली नहीं है और उस पर. निश्चित तौर पर विचार किया जाना चाहिए कि.
ऐसा क्यों हो रहा है इसके पीछे जो रीजन है. उनको निकालना चाहिए उस पर वर्कआउट करना. चाहिए जिससे कि संख्या में लेकिन मु मैं. जो देख रहा हूं क्योंकि मैं मिल रहा हूं. ना मैं अभी पटपट गंज में इलेक्शन के बाद. एक संस्था लच करने जा रहा हूं जिसका. उद्देश ही है काउंसलिंग. अगर अवद ओझा जीत गए दिल्ली के शिक्षा में. क्या बदल देंगे दिल्ली की शिक्षा में एक. कांसेप्ट लागू करेंगे जिसका नाम है. कांसेप्ट एंड क्रिएटिविटी क्या होगा इसमें. इसमें यह होगा कि आप अपने कांसेप्ट को.
रटने के बजाय यह हमारा बड़ा बड़ी सबद. मुद्दे प हम लोग आ गए हमारे संस्कृति का. सबसे अहम पहलू है कि कांसेप्ट को एज इट इज. मत रटो रटो ही मत तो करो क्या उसको तुम. क्रिएटिव बना लो जैसे ध्यान है ध्यान की. फिलॉसफी है अब ध्यान की फिलॉसफी जब हम. लोगों को समझाते हैं. कांसेप्चुअली तो बहुत लोगों को एकदम. क्लियर नहीं होता कि यार छोड़ो यार क्या. है लेकिन जब हमने उसको हनुमान चालीसा में.
कन्वर्ट. किया सबको याद हो गया सबको याद हो गया जो. सत बार पाठ कर जोई जो य पढ़े हनुमान. चालीसा कबीर दास जी ने कहा कस्तूरी कुंडल. बसे म ढूढे बनमा ऐसे घट घट राम है हनुमान. चालीसा क्या कह रही है कि राम रसायन. तुम्हरे पास स ये रसायन की खोज कौन कराएगा. गुरु श्री गुरु चरण सरोज र निमन मुकुर. सुधार भगवान से मांगना क्या है बल बुध. विद्या. अब मैंने एक दिन एक साहब से.
पूछा हमसे आए कहे जय श्रीराम कहिए मैंने. कहा जी जय सियाराम जय सीताराम क्यों नहीं. कहेंगे कहे नहीं आप आप वाले लोग जय. श्रीराम नहीं अरे मैंने कहा बाऊज कैसी. बातें कर रहे हो मैंने कहा आप कब से कह. रहे हो जय श्री राम बोले मैं तो बचपन से. कह रहा हूं तो मैंने कहा भगवान राम का साथ. तो सबने दिया था अंगद जी ने दिया था. सुग्रीव जी ने दिया था सबका दिया था. हनुमान जी को ही भगवान क्यों माना जाता है. क हनुमान जी.
को बस माना जाता है अरे मैंने कहा पंडित. जी कोई तो वजह. होगी सुग्रीव जी को भगवान क्यों नहीं माना. जाता अंगद जी को भगवान क्यों नहीं माना. जाता जिसने पुल बनाया उस परे समंदर पर. उनको क्यों नहीं नल नील को क्यों नहीं. माना जाता हनुमान जी में क्या खासियत. है व बेचारे खड़े हमने कहा हमका वोट दो तो. बताई.
हमें किसी को रामवादी नहीं बनाना है हमको. हर आदमी को राम बनाना है क्योंकि. व्यक्तित्व होते इसीलिए हैं कि आप उनका. अनुसरण करें उनके जैसा बने कन भैया सोच. बताए दो तो सोच तो हम क जितने लोग भगवान. राम के साथ थे सबको भगवान राम ने कुछ ना. कुछ दिया विभीषण को राज्य दिया सुग्रीव को. राज्य दिया अंगत को धन दि सबको दिया जब. हनुमान जी की बारी आई तो उन्होंने कहा. मुझे प्रभु राम को छोड़कर कुछ चाहिए ही.
नहीं तो जो भगवान को साथ रखेगा वह भगवान. नहीं हो. जाएगा सुनो ते लोग अभागी हरि त्याग भ विषय. अनुरागी रामचरित मानस में तुलसीदास जी ने. लिखा एक वोट तो पक्का हो गया एक वोट पक्का. व भी भाजपा. का सही है सही है सही है मजा आ रहा है सर. चुनाव सब तैयारी करके जिंदगी मजा ही. है अगर आपको मजा नहीं आ रहा भगवान कृष्ण. को देखो महाभारत के युद्ध में मजा आ रहा. है अर्जुन की हालत खराब है कि गुरुजी.
सामने एंड्रू साइमन खड़ा है माइकल बेवन. एडम गिलक्रिस्ट. ब्रेटली भगवान ने कहा अंपायरिंग तो मैं कर. रहा हूं तुम खेलो. यार हमारे यहां लोग सब कुछ चाहते हैं पर. अपने हिसाब से अब इच्छा जो है उसके लिए. शक्ति चाहिए ब्राउन बीटा पी के थोड़े आएगी. सब कहा हम मैं राजा बने का हम में राजा.
बने के तो त्याग भी तो करना पड़ेगा और. सबसे बड़ा त्याग किसका करना पड़ेगा भय का. राजनीति में राजा कैसे बनते हैं राजनीति. मोनार कीी थोड़ी है अब तो जनता राजा है. राजनीति में राजा नहीं बनते आप तो सेवक है. भैया नमस्कार य हा य हाथ झुकने में मतलब. दिक्कत नहीं हुआ अरे कोई दिक्कत नहीं हुआ. मारकर पकड़ते थे तो पहले दिन जुड़ने में. थोड़ी सी दिक्कत हुई थी लेकिन अब तो एकदम. ट्रेंड हो चुका अच्छा आपसे लोग कहे नहीं. कि आपकी पार्टी में आशुतोष जी थे. जर्नलिस्ट थे गए बाद में छोड़ गए कुमार.
विश्वास थे शाजिया इल्मी थी बहुत सारे लोग. थे आपको लोग डराए नहीं कि देखो जो जो लोग. प्रोफेशन चेंज करके आए हैं उनका बहुत भला. नहीं हुआ है अगला नंबर आपका ना हो जाए. लोगों ने हमसे कहा कि आतिशी जी को. देखिए सधे मुख्यमंत्री कु अरे देखना है. हां यही तो खेल है जीवन का कि आपको देखना. किसको है आप किसको देखते हो आतिशी जी. थोड़ी सॉफ्ट स्पोकन है अवद उझा जी बड़े. एंबिशियस आदमी है एंबिशियस आदमी को नेता. लोग बहुत पसंद नहीं करते हैं कम से कम.
कुर्सी बैठाने के लिए नहीं तो नीतीश कुमार. बन जाते हैं वो फिर वो बिहार वाला केस ता. है कि हम छोड़ब नहीं करेंगे अब दोज है. शिक्षक हा और केजरीवाल जी चाहते हैं कि. शिक्षा का और विकास हो और विस्तार हो. क्योंकि जिस देश की शिक्षा मजबूत होगी उस. देश का आदमी मजबूत होगा शि शिक्षा सेरनी. का दूध है जो पिएगा वो. दहाड़े लेकिन नेता बनेगा तो नहीं दहाड़े. नहीं दहाड़ बिल्कुल ड़ेगा जहां गलत होगी. वहां दहाड़े अभी आप मुझे देखना कभी धरना.
प्रदर्शन होगा तो दहाड़ना कहां है यह तो. पता होना चाहिए ना फर्जी में क्या दहाड़ना. तब फिर कुत्ते और शेर में फर्क ही क्या रह. जाएगा शेर कब दहाड़े जब समय आएगा हम लोग. जब त्ता का क्या है भोके जा रहा भोके जा. रहा भोके जाहा लेकिन शेर उसको पता है कि. यार कहां दहाड़ना है एक बार उठे अभी तो. समय आएगा ना दहाने का दहाने का मतलब ये. थोड़ी आप अच्छी पर्सनालिटी है अच्छे. व्यक्तित्व है निर्भग है तो अपने बाप से. झगड़ा कर लेब दुनिया के दिखावे के लिए. किया पापा आए रहा सुबह रा मना कर चार गोली.
चलाए आराम से लेकिन राजा बनने की टेक्निक. तो यही है राजा का कोई सिद्धांत ही नहीं. अब तो डेमोक्रेसी है अब राजा की बात ही. करना बेकार मैं एक्चुअली मुझे लोग मिस मिस. ये कहां से चिपक गया ये राजा बने टेक्निक. हर जगह नहीं नहीं हम बताए एक्चुअली इस देश. में एक बड़ी प्यारी परंपरा है हां बहुत. अच्छी परंपरा यह है कि जब भी आपको कोई. सूत्र पता चल जाए हम सूत्र हम तो यहां की. जो राजशाही है हम वो चाहती है कि यार आम.
आदमी उठने ना पाए ठीक बात क्योंकि सूत्र. पता चल गया अब जैसे मुझे एक सूत्र पता चल. गया है कि भैया अ या तो तुम ग्रह हो और या. तुम सूर्य हो सोलर सिस्टम सबने पढ़ा है हम. लेकिन पढ़ के रट के क्लास एथ में लिख के. चले आएंगे उसके बाद भूल गए हम लेकिन मेरे. लिए सोलर सिस्टम एक संदेश है हम कि जिसके. पास भी शक्ति है हम शक्तिहीन उसके चारों. तरफ चक्कर लगाएंगे. ह गरी ग इससे विचलित होते हो आप किससे यही.
कि शक्तिहीन जब चक्कर लगाएंगे आसपास ट्रोल. करेंगे मजाक उड़ाएंगे ट्रोल से ज्यादा नाम. कहां मिलता है ट्रोलर्स को भगवान लंबी. उम्र दे इनसे ज्यादा नाम आपको कोई दे नहीं. सकता है तब काहे नाराज हो गए थे आपके. तुमको ससुर हम भारत रत्न दिलाएंगे नहीं. नहीं मैं उन पे नाराज नहीं हुआ था मैं. किसी टोलर का नाम ले लिया था उसमें हमारा. एक स्टूडेंट था मैं उस कहानी को बताऊ. उसमें हमारा एक स्टूडेंट था और मैंने कहा.
मैंने सब लोगों से कहा ट्रोल करो पर. तुम्हारे जो शब्द है वो पढ़े लिखे वाले. शब्द होना चाहिए मतलब हम जब व्यंग करते. हैं. जैसे दाग साहब थे तो डाक साहब जब लखनऊ. पहुंचे तो उन्होंने कहा यार लखनऊ के लोग. अच्छे. नहीं तो उनके सम्मान में शाम को एक नाटक. का आयोजन हुआ और नाटक में एक सीन था कि. जंगल का सीन है और एक एक गुरु और चेले साथ. में बंदूक लेकर जा रहे हैं और जंगल के बीच.
में पहुंचते हैं तो शेर आ जाता है जैसे ही. शेर सामने आता है तो गुरु चेले से कहता है. कि दाग बदतमीज दाग कमीने. दाग अंदाज है मैंने कहा तुम पढ़े लिखे. आदमी हो यार तुम जिन शब्दों का इस्तेमाल. कर रहे हो ना यह तुम्हें नहीं करना चाहिए. तुमको सूट नहीं करता है इसलिए मैंने कहा. बाकी तो ठीक अ अपने मीम्स देखते हो आप कभी. जैसे वो इलाहाबाद एक लौंडा वो आपको लेके. बनाता है आप एक तरह स्टाइल से पहन लेता है.
और बड़ा उसको फॉलोअर मिल गया आपके नाम पर. खूब फॉलोअर उसका बन. गया इसको कैसे देखते हो आप नाराजगी में. देखते हो गुस्से में देखते हो या जो आप. कहते हो कि भाई टोलर भी जरूरी. है अमिताभ बच्चन अजय देवगन इन सबके. डुप्लीकेट थे ना अभी भी अजय देवगन के नाम. प तो कम से कम आधा देश 10 10 लाख आबादी तो. हो गी अजय देवगन की एक लड़का है हिमांशु. तिवारी हां अच्छा पैसा कमाया उसने उसका. मैसेज मेरे फोन में पड़ा है हां उसने. मुझसे कहा कि एक दिन उसने मुझे मैसेज किया.
कहा सर आपको धन्यवाद देना है मैंने कहा. क्यों कहा सर आपकी वजह से मेरा घर बना और. मेरी दो बहनों की शादी हुई मैं शायद एक. मात्र आदमी हूंगा हिंदुस्तान में जिसने हर. आदमी को छूट दे रखी है लीगली मैं कभी किसी. पर स्ट्राइक नहीं मारा अगर उसने बदतमीजी. नहीं की तो ना किसी य चैनल पर मारा कभी. मारा ही नहीं मैंने अपने लोगों को मना कर. रखा कि कोई स्ट्राइक नहीं मारेगा और दो. लड़के हिंदुस्तान में ऐसे हैं जो मुझे. पर्सनली त पैसा भेजते हैं एक ड्यूती वाला. राजस्थान का लड़का है मनीष सिंह व आज से.
चार पाच साल पहले जब उसने मुझे कहा कि सर. मुझे आपको कुछ पैसा भेजना मैंने कहा है. भाई कहा सर आपसे पैसा कमा रहे हैं और एक. लड़का है पार्थ पार्थ चैनल करके है अभी. रिसेंटली उसने अपना चैनल मुझे हैंड ओवर भी. कर दिया कि सर आप अपना चैनल ले लो अब मैं. दूसरे कामों में बिजी होने जा रहा हूं अब. मैं नहीं चला पाऊंगा तो मैंने उन लड़को से. कह रखा था कि तुम कमाओ अगर तुम मेरा इतना. इस्तेमाल कर सकते हो इतना पैसा लेकर. जाएंगे कहां अभी जितना उतना ही नहीं संभल. रहा है तो सबको कमाना खा तो हिमांशु.
तिवारी ने मुझसे कहा कि मेरा घर बना मेरी. मेरे दो बहनों की शादी हुई मैं आपको. धन्यवाद देना चाहता हूं तो भगवान ने जितना. दे रखा बहुत दे रखा है मैं सिर्फ लोगों से. यह कहता हूं कि आप करो ट्रॉल अच्छी बात है. पर जब आप शब्दों का चयन करते हो तो वो चयन. अच्छा होना चाहिए वो लगना चाहिए कि आप. पढ़े लिखे आदमी हो जैसे शिक्षक अवद ओझा जी. भारत रन दे रहे थे अब नेता ओझा जी भारत. रतन देंगे या आप विनम्र हो गए अब तो मैं. नोबल प्राइज की अनुशंसा करूंगा. अब अगर अब अगर इतना भी कद ना बढ़ा कि इनको.
नोबल दिलाया जाए तो फिर राजनीति में आने. से फायदा ही क्या है तो अब इनके लिए नोबल. प्राइज की हां ऊंचा सोचना पड़ेगा और नोबल. प्रा 140 करोड़ की आबादी में अगर डेढ़ लाख. दुश्मन ना हो तो फिर क्या फायदा जीने का. आदमी की औकात उसके दुश्मनों से ही पता. चलती है तो सीधे मोदी शाह से लड़ लिए डर. नहीं लगा आपकी पार्टी तो बहुत आजकल जेल. भेजा गया बड़ा लंबा एक्सपीरियंस है कि आप. सीधे सीधे वही लड़ लिए आप जेल भेज देंगे. तो चुनाव 5 लाख वोट से जीतूंगा इसी बात का. तो इंतजार है राजनीति में कौन जेल नहीं.
गया गांधी जी जेल गए नेहरू गए हमने. हिस्ट्री पढ़ी है तो हमें पता है कि जो भी. आदमी राजनीति करेगा तो राजनीति का एक सबसे. प्यारा नियम है कि अगर आप सत्ता की कमियों. का विरोध नहीं करते तो आप राजनेता पहली. बात नहीं है सत्ता का विरोध नहीं सत्ता की. कमियों का विरोध ठीक बात आपने कहा था. महंगाई खत्म कर देंगे आप क्यों नहीं कर. रहे हो करो आप महंगाई खत्म आपने कहा था. बहुत हुई महंगाई की मार 2014 एक इनका. पोस्टर आया था बहुत बड़ा सा उस पर मोदी जी. मुस्कुराते हुए खड़े थे 39 डिग्री में 45.
डिग्री में नहीं 39 डिग्री में थे बहुत. हुई महंगाई की मार अबकी बार मोदी सरकार हम. भी बड़े खुश हुए कि चलो यार 0 पेट्रोल. मिलेगा ससुराल जाने में आराम. रहेगा अब पोस्टर बना रहे बट तो. कटेंगे अरे मोदी. जी और कह क्या रहे हैं कह क्या आ रहे हैं. शीष महल शिक्षा में बात करो ना तुम्हारे. 20 राज है किस राज्य में तुम्हारा बजट 25. पर है शिक्षा प बोला आप इस देश की जनता को.
मूर्ख ही समझते हो क्या इतनी पढ़ी आप. शिक्षा प बात करो आओ बहस करते हैं आप अपनी. पार्टी का लीडर बैठो मैं आता हूं बहस करने. के लिए शिक्षा पर बात करते हैं अब हम. स्वास्थ्य पर बात करते हैं. हम अंबेडकर एक्सलेंस प्रोग्राम जो हमारा. उस पर बात करते हैं जो पॉजिटिव काम है हम. उस पर बात करते. हैं नहीं टेंगे तो कटेंगे कौन काटेगा. ऐसे ही फायदा अंग्रेजों ने उठाया था इसी. तरह के लोगों का यह देश एक.
है क्या उत्तरांचली क्या पूर्वांचली क्या. मद्रासी क्या बिहारी सब भारत मा के हैं. सहमत हूं मैं धर्म के नाम पर नहीं होना. चाहिए बिल्कुल नहीं होना चाहिए खराब चीज. है आप क्यों याद दिला रहे हैं आप क्यों यह. बात कह रहे हैं आप बजट के बारे में बात. करिए आप हमारी नेशनल ग्रोथ कितनी हो रही. आपने कितनी इंडस्ट किया इस कंट्री का भाई. हमें आप बताइए ना आप ग्राफ दीजिए ना कि. इंडस्ट्री में क्या कर रहे हैं टेक्नोलॉजी. में क्या कर रहे कर क्या रहे हैं आप आइए.
बहस करते हैं बैठ के नहीं एक है तो सेफ है. किससे अस्पताल में जाते हो तब तो नहीं. देखते हो कि किसका खून मिल रहा है कोई. अस्पताल में पेशेंट मुझे नहीं मिला जो. मुझसे कह दे कि भैया मुझे तो बस शुद्ध. हिंदू का खून चाहिए मैं मर जाऊंगा लेकिन. शुद्ध हिंदू का चाहिए वहां तुम जाति नहीं. देखते वहां तुम धर्म नहीं देखते राजनीति. में क्यों देख रहे हो अब देखिए हमने शरक. दूध तो नहीं पिया है लेकिन तब भी गुंडा. वाला इतना तो है कि पत्रकारिता धर्म अच्छे. निभा लेते हैं तो आपने कहा कुछ अच्छे.
विषयों बात करते हैं तो धर्म हटाते हैं. धर्म से मैं भी सहमत हूं कि पब्लिक को. धर्म के नाम पर वोट नहीं देना चाहिए चाहे. किसी स्टेट की बात हो जात पात धर्म से. नहीं उठेंगे तो देश का विकास नहीं होगा. दुनिया के सारे देशों भी कहते हैं लेकिन. सर क्योंकि दिल्ली में आपकी सरकार रही है. अब आपने अच्छाइयां देखकर जवाइन किया होगा. और आप क्योंकि ऑफिशियल उस पार्टी के आई. डोंट नो प्रवक्ता प्रवक्ता बने नहीं बने. आप नहीं अभी तो कोई बात नहीं आप तो कुछ. अच्छा लगा होगा तो अब ताली गाली दोनों. आपकी है तो कुछ सवाल दिल्ली गवर्नमेंट को. लेक पूछते. जैसे बरसात होती है सर अब हमारा पहला ऑफिस.
था इंडिया न्यूज वहां पर एक ब्रिज पड़ता. था जाते थे हम तो उधर अब तो हालाकि ऑफिस. चेंज हो गया वहां हर साल पानी भर जाता है. मिंटो ब्रिज का हर साल आता है कि यार 10. साल से सरकार है लेकिन छोटी सी बरसात. दिल्ली में होती है पानी भर जाता है. दिल्ली में यह नहीं बदला एक यह सवाल बड़ा. आता है कैसे टैकल करोगे इसे क्योंकि अब तो. जनता आपका भी कामकाज के हिसाब लेगी और 10. साल ठीक ठाक टाइम होता है बिल्कुल. लेगी. 1900 98 9999 के आसपास जहां मैं रहता हूं. पटवत गंज में वहां एक फ्लोर के मकान होते.
थे एक फ्लोर मैं एक एग्जांपल दे रहा हूं. एक आज की डेट में वहां एक ही मकान चार चार. पांच पांच फ्लोर के पॉपुलेशन. डेंसिटी जैसे आपने जब सीवर बनाए होंगे तो. पॉपुलेशन के हिसाब से बनाए. होंगे उसी हिसाब से बनाए होंगे ना. पाइपलाइन डाली होगी उसी हिसाब से डाली. होगी वाटर सप्लाई उसी हिसाब से किया होगा. पिछले 30 साल में पॉपुलेशन बढ़ी नहीं है.
दिल्ली की पॉपुलेशन एक्सप्लो की. है एक होता है बढ़ना एक होता है एक्सप्लो. करना मतलब इतना भार आ गया है दिल्ली के. ऊपर तो उस भार से निपटने के लिए गवर्नमेंट. को पूरी और पूरी एक नया स्ट्रक्चर डेवलप. करना पड़ेगा अब सिर्फ ये नहीं हुआ कि आपने. सीवर की क्लीनिंग कर दी आप आज क्लीनिंग. करोगे कल फिर दिक्कत खड़ी हो जाएगी अब. आपको उसको पूरा रिजूवनेट जिसको हम कहते ना. ओवर हॉलिंग बदलना ही पड़ेगा उसका भार. सिस्टम बढ़ाना ही पड़ेगा तभी जाके वो.
समस्याए परमानेंट सर फिर लोग कहेंगे तो. वैसा ही हो गया ना जैसे बीजेपी कहती कोई. सवाल पूछे बीजेपी से तो कहते 70 साल की. भाई चीजें 10 साल में सॉल्व होंगी ये वही. ऑलमोस्ट वही सुनाई पड़ बिल्कुल नहीं होगी. ऐसा नहीं है मैं बताता हूं हां भाई किसी. जमाने में स्कूलों में टेंट लगा के पढ़ाई. होती थी होती थी आज 10 साल तो ठीक ठाक. पैरामीटर होता है ना सर हां होता है हा तो. काम तो हो ही रहा है ना ऐसा तो है नहीं. काम नहीं हो रहा डेवलपमेंट एक सिर्फ एक. चीज है जो तुरंत बदलती है वो राज. नीति वो तुरंत बदल जाती है आज के आज बदल.
गई ठीक है लेकिन जो विकास है डेवलपमेंट है. उसको टाइम है उसको टाइम लगता है जैसे. अमेरिका 1787 में पैदा हुआ 1945 में. वर्ल्ड पावर बना कितना टाइम लगा उसको तो. ऐसा नहीं है कि गवर्नमेंट प्लान नहीं कर. रही गवर्नमेंट योजना नहीं बना रही. गवर्नमेंट उसको इ अगर इस बार अगर सरकार आ. रही है तो हमने पूरा प्लान बना रखा कि हम. पूरे सीवेज सिस्टम जो है उनकी जो पूरी. पाइप है उन्हीं को चेंज करेंगे उन्हीं को. बदलेंगे. उनको फिर से र नया बनाएंगे कि वो नए लोड. को संभाल सके चलिए एक विषय आपने कहा इसको.
आप प्लान दूसरा आ गया क्लीन वाटर का. दिल्ली में गंदा पानी बहुत बड़ी इशू है. टैंकर माफिया अभी भी चल रहा है लोग कहते. हैं मतलब ये भी एक बड़ा कोर इशू आप दिल्ली. में रहे हो आप 10 साल पहले भी यही हालत. रही होगी अभी भी हालत यही है तो फिर उसमें. अच्छे दिन क्यों नहीं आए ये भी तो काफी. लंबा टाइम हो गया आप में तो कई. क्रांतिकारी लोग भी रहे आईटीए हैं पढ़े. लिखे लोग हैं इंटेलेक्चुअल्स हैं अच्छी. प्लानिंग हो सकती. थी पिछले एक साल से हम पानी की समस्या. बढ़ी है हम एक साल से मैं गया पटपट गंज तो.
लोगों ने मुझसे एक बार तो एक साहब लेकर आए. बोतल में पानी तो मुझे लगा कोको कोला लिए. घूम रहे. हैं तो अच्छा वो मुझे ही ढूंढ रहे थे और. मैंने कम चमचा बांध रखा था तो हम ही से. आके पूछे बोले वो अवा दोज कहां है मैंने. कहा बताता हूं हमने कहा पता नहीं कौन आदमी. है तो मैंने कहा बता दो भैया हमने कहा ये. क्या लिए क भैया पानी है तो फिर मैंने. उनसे पूछा कि यह हमेशा से आता रहा कहा. नहीं भैया पिछले छ सात महीने से पानी ऐसा. आ रहा है यानी उससे पहले तो सही आ रहा था.
कहीं ना कहीं दिल्ली सरकार ने एक बड़े. स्तर पर इस समस्या को सॉल्व किया ये एक. छोटे मोटे गांव का मामला नहीं है ये पूरे. प्रदेश का मामला है इसीलिए यह जो चीजें. लाइन चल रही थी पानी सही हो रहा था सीवर. सही हो रहा था 2025 के चुनाव तक अगर यह. सारी व्यवस्था सुव्यवस्था चलती रहती तो. शायद 25 में आम आदमी पार्टी को किसी से. वोट ही नहीं मांगना पड़ता. एक साइंटिफिक बात हमें आप बताओ कि जब.
पॉलिटिशियन को पता है कि भैया तीन महीने. बाद वोट मांगने जाना है तो कम से कम न. महीने पहले वो सारी चीजों को सही करेगा कि. नहीं करेगा एकदम करेगा क्योंकि उसको पता. है भैया वोट मांगने जाना है लोग कहेंगे वो. देखिए ओ जी वो पार्क की दशा देख लीजिए चलो. मैं आपके लिए थोड़ा इजी करता हूं दिल्ली. सरकार के चार पांच काम ऐसे बताओ आप मुझे. जिस पर कहीं कोई सवाल ना खड़े हो पाए कि. ये भाई हमने यह 10 साल में परफेक्ट किया. है इसमें इफ बट नहीं क्योंकि इफ बट वाली. लिस्ट मेरे पास बहुत रखी हुई है ठीक है हा. मोहल्ला. क्लीनिक सब कुछ दवाई अवेलेबल है डॉक्टर.
अवेलेबल है. अरे बताओ कहां नहीं अवेलेबल है क्योंकि इस. पर भी एलिगेशन आते हैं कि अभी डॉक्टर नहीं. मिलते दवाइयां हो रही होती आपके जितने. बड़े नेता है वो सब बाहर जाके अपना इलाज. कराते हैं एलिगेशन लगाना और लोगों का काम. ये आपके नेताओं के स्टेटमेंट है सर जो. सोशल मीडिया पर है कोई भी दिक्कत नहीं है. एलिगेशन जो है ना जो आप कभी हमारे साथ सभा. करने चलो तब मैं लोगों से मिलाऊ आपको जिन. लोगों ने उसका लाभ लिया है हम भी चाहे तो. चार लोगों को खड़ा कर सकते हैं चार आदमी.
पांच आदमी को खड़ा करना कोई बड़ी बात नहीं. होती लेकिन एक बड़े पैमाने पर तो एक. मोहल्ला क्लिनिक हुआ ठीक दूसरा तीर्थ. यात्रा बिना वादा के दिल्ली के बुजुर्गों. की तीर्थ यात्रा कराई गई और ऐसी तीर्थ. यात्रा कराई गई है कि लोग कहते हैं कि. भैया हम तो नहीं कर पाते अपने पैसे से मैं. कितने बुजुर्गों से मिला हूं जिन्होंने. कहा कि भैया मजा आ गया भैया तीर्थ यात्रा. करके तीसरा इंटर नर शिप प्रोग्राम ऑफ. दिल्ली. स्कूल्स एंटरप्रेन्योरशिप जिस देश में.
बच्चों को सिर्फ नौकर बनने के लिए पढ़ाया. जाता हो दिल्ली एकमात्र राज्य है जहां. बच्चों को सिखाया जाता है कि यार तुम. अच्छे बिजनेसमैन हो सकते हो जिग्नेश एक. लड़का है शायद अगर नाम एकदम करेक्ट मुझे. याद है जिग्नेश 19 साल का लड़का है हम एक. करोड़ का टर्नओवर है उसका हम पर ईयर का. एंटरप्रेन्योरशिप प्रोग्राम अंबेडकर. एक्सलेंस प्रोग्राम जहां बच्चों को. एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटी फ्रेंच सिखाई.
जाती है उनकी चॉइस की चीजें सिखाई जाती है. यह सारे काम हो रहे हैं अब इसमें एजुकेशन. के आपने दो तीन ऐड कर दिए एजुकेशन में भी. आया जैसे केजरीवाल जी उत्तराखंड गए थे मैं. फॉलो उने कर रहा था तो कहा कि यार हम एक. लाख जॉब. देंगे अब एक लाख जॉब आपको लग रहा है. डिलीवर की जा रही है 52000 के आसपास जॉब. दी उन्होंने 52000 के आसपास जॉब उन्होंने. दी यानी जितना प्रॉमिस किया उसका लगभग 50. पर दे दिया वो भी कब जब उनकी सारी लीडरशिप.
2 साल पहले अंदर कर दी गई थी तब. हम कहीं ना कहीं ऑब्जेक्ट करने की कोशिश. तो की गई ना हम मैंने यही बात तो अभी कुछ. देर पहले कहा कि जिस स्मूथ से आम आदमी. पार्टी चल रही थी अगर वो अभी तक चलती रहती. तो डाउन फिल्ट्रेशन थ्योरी हो जाती 25 में. हम बिहार पा जाते और 27 में यूपी बट जैसे. शीला दीक्षित जी जब थी यहां पे क्योंकि हम. लोग तो कॉलेज में थे और उस टाइम आपका जो. आंदोलन था हम सब उसको देखते थे फॉलो करते. थे और केजरीवाल जी को सुनते थे हम तो अब. कांग्रेस एलिगेशन ये लगाती है कि हमारे. टाइम में सारे क्वेश्चन किए गए अब वही.
डिफेंस आम आदमी पार्टी भी करती जो उस टाइम. कांग्रेस दे रही थी बस आपका जो है वो आईटी. सेल थोड़ा स्ट्रांग है तो उसको ज्यादा. अच्छे से मैसेजिंग कर ले जा रहे हैं वो. वरना शीला दीक्षित ने ज्यादा बेहतर काम. किया था हमारे और उनमें एक फर्क है हमारे. उनमें जो सबसे बड़ा फर्क है उनके पास. स्टेट और सेंटर दोनों गवर्नमेंट एक साथ थी. अगर वो चाहते तो दिल्ली को कबका स्टेट हुड. का दर्जा दे देते क्यों नहीं दिया. उन्होंने किसने रोक रखा था उनको खुद. प्रॉमिस करते थे खुद सेंटर में बैठते थे. खुद स्टेट में बैठते थे. और जिस दिन हमारे पास दिल्ली की गवर्नमेंट.
और स्टेट की गवर्नमेंट दोनों होगी सेंटर. और स्टेट उस दिन तो दिल्ली का नक्शा ही. अलग होगा जैसे अभी लोग कहते हैं ना अभी. हमारी सबसे बड़ी प्रॉब्लम यही है कि हमारे. सामने हम जसे दिल्ली की जनता एलजी मतलब. जानती ही नहीं उसको पता ही नहीं और. स्वाभाविक सी बात है क्यों पता होगा उसको. पता ही नहीं कि नौकरशाही और एलजी का क्या. संबंध है तो वो तो यही सोचती है ना कि. भैया हम तो आपको जानते हैं आपको वोट दिए. थे आप. बताओ और यह बात हमारे विपक्ष ही जानते हैं.
कि तुम यह बात हर आदमी को समझा ना पाओ. लेकिन जो बात आपने कही जैसे यमुना जी का. अभी आपका पॉडकास्ट देख रहा था मैं. केजरीवाल जी का ही सेड आई गट टू नो कि. यमुना के नाम पर वोट नहीं मिलता बट दो-दो. बार प्रॉमिस किए गए पाच पा साल को लेकर 15. में किया गया 20 में किया गया अभी जब मैं. टीवी चैनल में काम कर रहा था और आपका मेर. इलेक्शन था और मैंने पूरा कवर किया कूड़े. का ढेर एक बहुत सेंसिटिव टॉपिक था दिसंबर. 2024 तक का डेडलाइन ली गई थी बट वो नहीं. तो जो आपके हाथ में नहीं है चलो उसके लिए. तो आप कह सकते हो कि भाई सेंट्रल में. गवर्नमेंट आएगी या हमारा कोलबेन होगा तो.
कर लेंगे बट जो हाथ में है वो क्यों नहीं. हुआ फिर 200 हज करोड़ रुपया का बजट. था गंगा सफाई अभियान. का पता नहीं कहां चला. गया मोदी जी तो गंगापुत्र ही. है तो गलत को गत से जस्टिफाई कर द बिल्कुल. नहीं आगे बता रहा हूं पहले आदमी है भारत. की राजनीति में 1991 के बाद अरविंद. केजरीवाल जी जिन्होंने भरे मंच पर अपनी इस.
गलती को माना है अभी रिसेंट एक मंच पर. माना है कि हां हमसे यह गलती हुई है एक. आदमी है मैंने वो 200 हज करोड़ का. एग्जांपल सिर्फ इसलिए दिया कि विपक्ष के. पास इतनी हिम्मत नहीं कि वो बता दे कि वो. 200 हज करोड़ रुपए कहां गए एक राजनेता जो. तमाम सारी चुनौतियां और दिक्कतें छेल करर. सामने आया है वो यह नहीं कह रहा है कि हम. कर देंगे कोई बहाना नहीं बना रहा है कोई. एक्सक्यूज नहीं दे रहा है वो कह रहा है.
नहीं हमसे इस मुद्दे पर गलती हुई है और हम. उसे पूरा करेंगे ये कितनी बड़ी बात है ठीक. है वेल नोटे हालांकि ये जस्टिफाई अभी भी. नहीं करा कि क्यों नहीं हुआ बिल्कुल वो तो. मैंने कहा ना जब उन्होंने एक्सेप्ट किया. कि उनसे गलती हो गई है तो गलती जस्टिफाई. नहीं हो सकती वो बताएंगे और उन्होंने कहा. कि 24 के बाद मेरी पहली प्रायोरिटी यमुना. की सफाई ही हो ओके एक और सवाल केजरीवाल जी. को लेक मेरे मन में आता है उसके बाद मैं. आपसे वापस लौट आऊंगा अभी केजरीवाल जी ने. आतिशी जी को लेकर चल रहा था एलजी साहब ने. कहा कि आति जी से रिश्ते बड़े अच्छे हो गए.
फिर सीएम को लेकर चल रहा था ही सेट नहीं. मैंने डिसाइड किया बट लोग कहते आम आदमी. पार्टी वास मूवमेंट जहां पर लोगों से शुरू. में आप पूछते थे कि क्या फैसला होगा लोग. बताते थे अब देर इ द मैन हु. डिसाइड क्रिकेट की जो टीम होती है हा. उसमें कैप्टन होता है हा. क्यों हर आदमी बताएगा बबलू त बाल. धोनी ने एक डिसीजन.
लिया पाकिस्तान से 2020 का वर्ल्ड कप चल. रहा था फाइनल मिस बाहु लगवा कसाई की तरह. मार रहा था पाकिस्तान मैच जीत चुकी थी जीत. चुकी थी अंतिम ओवर बचा था हरभजन सिंह को व. ओवर मिलना था सबको पता था कि हरभजन सिंह. को मिलेगा लेकिन कैप्टन ने डिसीजन लिया. जिसको हम बोलते हैं कैप्टन डिसीजन गट. फीलिंग. और शर्मा जी को बुलाया जोगेंदर. शर्मा जैसे ही शर्मा जी को बॉल दी हर आदमी.
उठ उठ के कमरे से बाहर निकल गया और सब. महेंद्र सिंह धोनी को उल्टा सीधा बोलने. लगे ना कर यही यही देखो यही और सब बाहर. उसमें से बाहर निकलवाने वालों में से एक. मैं भी था अ भी गरिए था धोनी को नहीं गरि. आया तो नहीं था मैं बाहर निकल आया था कि. नहीं करना चाहिए था एग्जांपल दे रहा हूं. और जब अंदर तालियां बजने लगी तो ताली दुख. में तो बजेगी नहीं जो कैच शांत पीछे ने. पूछा तो सरकार में एडमिनिस्ट्रेशन में. कांसेप्ट होता है कांसेप्ट ऑफ.
रिस्पांसिबिलिटी. ू कोई तो लेगा तो जो रिस्पांसिबिलिटी लेगा. वो डिसीजन भी तो देगा तो सम इसम कुछ खराब. नहीं है बस इसमें सवाल ये कि एक. ट्रांसफॉर्मेशन है तो ये नए दौर की आम. आदमी पार्टी है कहां नए दौर की आम आदमी. पार्टी मतलब जैसे आप एक कैप्टन है कैप्टन. डिसाइड करेगा अच्छा बुरा जैसा भी है. कैप्टन को रिस्पांसिबिलिटी दी है तो कब. कैप्टन डिसाइड करेगा अपनी कटरी में बैठने. के बाद आपने राउंड टेबल वा फोटो नहीं देखी. हम अभी तीन चार दिन पहले राउंड टेबल वाली. फोटो आ हां तो जब जवाब देना होता तो एक ही.
आदमी य सामने आएगा लेकिन जब डिस्कस करना. होता है तो सब लोग साथ में बैठेंगे नहीं. बट पहले तो जनता तय करेगी तो जनता आज भी. तय कर रही है अगर जनता तय नहीं कर रही. होती तो मुझे टिकट मिलता आप तो फेमस आदमी. है अरे फिर वही वाली बात दुनिया चाहेगी आप. बीजेपी में कैसे सेटिंग नहीं बना पाए ये. तो लोग चर्चा करते हैं बीजेपी कांग्रेस. उसमें बसपा वाला तो रेडी रख के बैठा था हम. सुने घर तक आके दे गया था मैं. जी आपसे तो कुछ मांगा भी नहीं गया था ऐसा. भी चला खैर अब वो बातें पुरानी हो गई.
लेकिन फिर भी आम आदमी पार्टी आज भी जनता. की ही पार्टी है ठीक है सोशल मीडिया पर. फेमस होना और धरातल पर वोट पाना आप मानते. हो एक है या अलग-अलग है बहुत अलग है आप. सेलिब्रिटी बन के जाएंगे आपको माइनस में. वोट. मिलेंगे आपको डर नहीं लगता कि जैसे आप आप. सेलिब्रिटी तो हो आप मैं जाता ही नहीं. सेलिब्रिटी बन के. मैं तो जन सेवक हो गया हूं ना भैया. नमस्कार सख गए हां हां अरे मानी सी बात है.
कोचिंग लेनी पड़ती है हर चीज की एक अपना. मेंटर बनाना पड़ता है तो आपको जब आप मैंने. कहा जब आप किरदार बदलेंगे ना तो आपको उस. किरदार के हिसाब से चलना होगा सेलिब्रिटी. के हिसाब से आप जाओगे तो वह आप. एक्सेप्टेंस आपकी कभी नहीं होगी ठीक है. हमने आपके लिए कई सारे गेम सेक्शन भी रखे. सर थोड़े थोड़े कोशिश की हमने कि थोड़ा सा. ट्रिकी ट्रिकी रखें थोड़ा सा मजा आए जैसे. एक दिस और दैट रखा हमने तो आपको कुछ एक. सवाल पूछेंगे आपको बताना होगा कि इनमें से. क्या है खान सर या विकास दिव्य कीर्ति सर.
ज्यादा बढ़िया टीचर कौन है खान सर का. इसलिए बढ़िया टीचर वो आदमी उस आदमी ने. शिक्षा का इतना सरलीकरण किया है इतना. सरलीकरण कि उस आदमी को व जो बैटरी रिक्शा. चलाता ना वह भी उससे पड़ता है और समझता है. और यह मैंने देखा लखनऊ. में लखनऊ में एक बैटरी रिक्षा चालक खान सर. की क्लास बैठ के पढ़ रहा था मैं हनुमान.
मंदिर के सामने खड़ा था और वो बैठा उसको. देख रहा था. ऐसे अच्छा शिक्षक होना और अच्छा. ट्रांसफॉर्मर होना यह खान सर की बहुत बड़ी. अचीवमेंट है अगर बैटरी रिक्शा वाला बैठकर. पढ़ सकता है किसी आदमी से तो उसकी. श्रेष्ठता पर कोई प्रश्न चिन्ह नहीं हो. सकता सहमत मैंने भी पलेटी वाला जो विवाद. था खान सर का वीडियो देखा हंसते हंसते. मुझे याद हो गया बकुल और ऐसा याद हुआ कि. जीवन भर याद रहा बिल्कुल. ये उनकी अचीवमेंट है ब्यूटीफुल मोदी जी और. इंदिरा जी में देश या हिस्ट्री किसे बड़े.
प्रधानमंत्री के तौर पर याद रखेगी मोदी जी. के तो अभी एनालिसिस होना बाकी है लेकिन. इंदिरा गांधी जी की तो एनालिसिस हो ही. चुकी है द ऑटम आपकी नजर में कौन ज्यादा. बेहतर है मैं वो नहीं पूछ रहा हूं कौन. ज्यादा टाइट शासक है बेहतर प्रधानमंत्री. आप किसे मानते हो दोनों में मैं इंदिरा जी. को बहुत सारे मुद्दों में बहुत बेहतर. मानता हूं जैसे पहला जब वो पावर में आई. उनको गूंगी गुड़िया कहा जाता था मुरार जी. देसाई और के कामराज ग्रुप नॉर्थ और साउथ. ग्रुप में ड़ झगड़ा चल रहा था और कामराज. साहब को लगा क्योंकि कामराज साहब का इतना.
होल्ड था ऑर्गेनाइजेशन पर तो कामराज साहब. को लगा कि शी विल बी अ वेरी गुड पपेट मतलब. अपने विरोधियों को ऑ करना सरप्राइज देना. ये एक बहुत बड़ी पर्सनालिटी का सूचक होता. है और कामराज साहब इंदिरा जी को गद्दी पर. बिठाते हैं एंड शी इमीडिएट टर्न्स इनटू अ. लीडर हर आदमी वाइप आउट होता है सलाम है इस. बात को सही बात है जिस आदमी ने तीन आदमी. को किंग मेकर बनके पीएम बना दिया उस आदमी. को उन्होने सरप्राइज कर दियाली दूसरी घटना.
जो है अमेरिका वार्निंग दे रहा है इंदिरा. गांधी को मतलब एकदम निक्सन क रहा चुड़ैल. इंदिरा गांधी को वार्निंग दे रहा है कि. अगर बांगला ईस्टर्न पाकिस्तान में कुछ भी. हुआ तो यू शुड बी रेडी फॉर द कनक्स बोली. हमसे क्या मतलब हम तो जानते हैं बांगलादेश. में कुछ हो रहा है क्या और मुक्ति वाहिनी. ने एक देश बना. दिया पाकिस्तान पूरी दुनिया देखती रह गई. इसको बोलते हैं स्टेट्समैनशिप. कि आप आप शांति से ऐसे बैठे.
हो और कांड पे कांड हुए जा रहे. हैं आप कह रहे हो क्या हो रहा है भैया. बोले मैं तो ध्यान में हूं तो शी वाज अ. ग्रेट लीडर नो डाउट कांड का जिक्र हुआ है. मिर्जापुर या गैग्स ऑफ वासेपुर मिर्जापुर. एक बड़ी प्यारी कहानी है बहुत प्यारी. उसमें कहानी में जो किरदार है जिको मैं. कहता हूं स्टडी लर्निंग बाय सींग मैं इस. कांसेप्ट पर बहुत जोर देता हूं उस सीरीज. को कोई देखेगा तो अगर किसी को राइस करना.
है जीवन में तो. उसको त्रिपाठी अखंडानंद से बहुत कुछ सीखना. चाहिए धैर्य सीखना चाहिए डिसीजन सीखना. चाहिए बिहेवियर सीखना चाहिए ह्यूमन जजमेंट. मतलब किसी व्यक्ति को पकड़ना जैसे गुड्डू. मुन्ना जब मुन्ना बबलू से पहली बार मिलता. है आदमी तो सॉरी बबलू और गुड्डू गुड्डू हा. जब पहली बार मिलता है तुरंत उस डिसाइड कर. लेता है कि तो गैंग के लिए बने हैं लड़के. तो पूछता क्या करते हो तो बोले हम तो. पहलवानी कर रहे हैं बैंक की तैयारी कर रहे.
हैं तो वो कहता है कि यार हमारे साथ काम. करो यह सब जो चीजें उस आदमी के अंदर है. अपने लॉस को अपने फायदे में बदल लेना कि. उसकी आम्स की फैक्ट्री उड़ जा रही हो सीएम. को फोन मिलाता है कि मेरा तो नुकसान हुआ. तुम अपना फायदा कर लो तो ये जो पर्सनालिटी. है ना ये आदमी को देखनी चाहिए मुन्ना जैसे. जिस तरह की किरदार मुन्ना का है जाहिल. वाला किरदार शुद्ध जाहिल वाला किरदार म. कहते ना 24 पर जाहिल ने पस करते हैं. मुन्ना भैया एकदम मुन्ना भैया आइकन है. मुन्ना भैया आइकन कहां हो सकते हैं जिनके.
पास ललित जैसे दोस्त. हो आपके दोस्त आपकी पहचान होते हैं हम. ललित जैसा दोस्त मरवा दिए कितना सैलरी. पाती हो अरे. जाहिल हमारे साब आओ मिर्जापुर में हम. सैलरी बढ़वार तुम पीएम हा सीएम हाउस में. उसकी स्टेनो के साथ बदतमीजी कर रहे हो तो. ललित जैसे दोस्त जिसके पास होंगे ना उसको. नर्क में जाना ही जाना है तब तो टांग दिए.
गए थे ये खरगोश है इनको ले जाए मुन्ना तो. वो सीरीज बड़ी प्यारी थी उस सीरीज ने के. कैरेक्टर्स ने बताया कि आदमी को जीवन में. कैसा होना चाहिए एक को फेवरेट डायलॉग आपका. मिर्जापुर का गद्दी पर हम रहे हैं मुन्ना. नियम से हम. रहेंगे य सबसे फेवरेट डायलॉग है गद्दी प. कोई गणक बैठा हो या बाहर का सवाल सेम. रहेंगे मोदी जी और केजरीवाल जी जदा पॉपुलर. कौन है केजरीवाल जी ज्यादा पॉपुलर. है एक बार मुस्कुराहट दिखाई तो अरे.
मुस्कुराहट वाली बा क्या कह रहे हैं लॉजिक. क्या इसके पीछे वो प्रधानमंत्री वो. मुख्यमंत्री है दिल्ली तो फुल स्टेट नहीं. है मोदी जी एक ऐसी पार्टी से आते हैं. जिसके पास एक बहुत सशक्त ऑर्गेनाइजेशन था. हम आरएसएस हम जिसके पास एक सशक्त पार्टी. थी बीजेपी हम और केजरीवाल जी एक ऐसे. बैकग्राउंड से आते हैं जहां कुछ भी नहीं. था तो ये आप कुछ भी नहीं होना कभी पहले. ऐसे कहा नहीं आप मोदी जी के ज्यादा फैन. लगते थे पहले नहीं आप कोई पूछता आज पहली.
बार पूछा. गया जब कोई पूछेगा तभी तो जवाब आएगी एक. शिक्षक का नेता बनने का जो ट्रांसफॉर्मेशन. आए हाय गजब देखकर मन गदगद हो जा रहा है. एविडेंस दे रहा हूं हां हा हा मोदी जी जब. आए राजनी तो पूरा मजा ले रहे इसल का मोदी. जी आए तो पीछे कौन था आरएसएस खड़ी थी पीछे. बीजेपी खड़ी थी केजरीवाल जी लोग तो कहते. वहां भी साइड लाइन की थ इतना तो आप भी. पढ़े हो मोदी जी का रो तारीफ करते थे. डिक्टेटर बन जाओ ये टंग वा दो वो कर दो. उनसे बड़ा आदमी नहीं कितना वीडियो आपका. भरा पड़ा है एक्चुअली होता अपने नेताक.
नहीं कह सकते बुराई किसकी राजनीति में कुछ. मजबूरियां होती है नहीं नहीं बिल्कुल कोई. मजबूरी नहीं है लेकिन केजरीवाल जी राजनीति. में राजा नहीं बन सकते राजनीति में सेवक. बनना पड़ता. है केजरीवाल जी जो है पास कर दे क्वेश्चन. मैं पास नहीं कर र है जैसे गांधी जी हैं. कोई फैमिली बैकग्राउंड नहीं है गांधी जी. मैंने एक आपको शायद याद नहीं हो आप लोग. क्या करते हो ना कुछ ऐसे मुद्दे उठाते हो. जो उस वक्त के लिए इंपॉर्टेंट हो 2015 में. मैंने पहली बार जब आम आदमी पार्टी के लिए. भाषण दिया था संजू झा के शो में संजू जी.
का प्रचार चल रहा था बुराड़ी में मैं था. विश्वास जी थे दोनों लोग थे और मैंने वहां. अरविंद केजरीवाल की तुलना की थी मोहनदास. करमचंद गांधी से मैंने कहा था 1914 में एक. आम आदमी आया था उसने भारत की तकदीर बदली. और 2014 में दूसरा आदमी आया जो भारत की. तकदीर बदलेगा वो वीडियो आज तक. कि भैया गांधी जी या मंडेला जी करप्शन में. जेल थोड़ी ना गए थे आप कैसे कंपेरिजन कर. देते हो मतलब कुछ कंपेयर करना ठीक थोड़ी.
ना है अच्छा ये उनकी अगर पंकज त्रिपाठी जी. के स्टाइल में कहे तो अच्छा बात नहीं है. सवाल ये नहीं है सवाल यह है कि जब आप कोई. सवाल पूछते हैं आप आप एक तरफ कह रहे हैं. आरोप लगा है इनके ऊपर आरोप है तो मोदी जी. के ऊपर तो गोधरा का आरोप था बरी हुए ना कि. नहीं हुए हो गए तो आरोप के आधार पर किसी. को अपराधी मानना ये कहां तक तक संगत जी. गांधी जी तुलना थोड़ी ना कर रहा है तो. हमने कहां किया गांधी जी से तुना अभी आप. कह रहे हो कि हमने च कहा था नहीं उन्होंने.
हमसे कहा कि वो जेल गए थे तो मैंने कहा. मंडेला साहब भी गए थे और मंडेला साहब. सिटीजन में गए थे देशद्रोह में बट. देशद्रोह तो उस टाइम तो गुलाम था देश. हमारा भी गुलाम सारे नेता के ऊपर केस था. अब तो आजाद देश की बात है ना सर तो किसी. कंपेरिजन थोड़ा सा अवि के अरविंद केजरीवाल. जी के पास कोई डिपार्टमेंट. था कोई डिपार्टमेंट था उनके पास खूबसूरती. यही तो खूबसूरती स खूबसूरती वाली बात. एविडेंस बात कर रहे हैं भाई किसी के पास. डिपार्टमेंट है तब तो आप चारज लगाओगे है. ही नहीं विग का मामला कोर्ट में है कोर्ट.
में जब आएगा तब देखा जाएगा उसको लेकिन. सपने में कृष्ण जी के उनको आपने कृष्ण जी. बना दिया आप कह रहे हो कि जात पात से अलग. रहो धर्म की राजनीति मत करो फिर आप कहे कि. साक्षात भगवान श्री कृष्ण अरविंद केजरीवाल. लोग बोले कि फिरवत जी कौन सा अवतार ले रहे. हैं मैंने यह कहा वही बात है. ना जब जब राजनीतिक कंसों की संख्या बढ़ेगी. तो कोई ना कोई तो उतरेगा ही उनका संघार. करने के लिए इस पृष्ठभूमि में मैंने कहा. था कि कंस जहां.
होगा नेगेटिव शक्तियां जहां होंगी वहां. विधाई शक्ति बड़ी मनता से खेल के छू के. चले. जाओ यह कला गडम सीखे थे आप इलाहाबाद में. यह तो कला प्रभु की देन है हां क ना भगवान. जिसको जो चीज भगवान दो ही चीज लोगों को. देता है कभी कभी मैं लोगों को देखता हूं. वेगनर पर लिखाए रहते गॉड्स गिफ्ट तो हमें. लगता है कि शायद इनको भगवान की शक्ति का. अंदाजा नहीं है हम दो तोहफे इंसान को देता. है और जिसको दे दिया हम और फिर तो एक.
विवेक और एक साहस हम क्योंकि ये दोनों. चीजें कहीं मिलती नहीं है अगर ये दोनों. चीजें कहीं भी मिलती तो शाही वर्ग इनको. मोनोपलाइज कर लेता पहले दिन से आप ऐसे थे. या बाद में समाज को देख के दुनिया देख के. फिर थोड़ा सा इवॉल्व हो गए विवेक तो थोड़ा. बहुत रहा होगा पहले से पर साहस नहीं था. मतलब एक 10थ तक जैसा मेरा जीवन था कहां. पढ़े थेम फातिमा इंटर कॉलेज में कौन क्लास. से. नर्सरी से पढ़े थे पूरा हां आई गजब. सर्कुलर कितना परसेंटेज आया था 10थ और 12थ.
में अब यार कुल पूछ ले वो क भ अरे तब आप. टीचर है आप आप तो बताए हो क्या हमारा. फर्स्ट पोजीशन आया था लेकिन पीछे से आया. था मेरे ख्याल से 47 47 लड़के थे और मेरी. भी 47 रैंक रही होगी पास हो गए थे 4. पैरेंट टीचर मीटिंग पापा खूब सुनते होंगे. पापा जाते ही नहीं थे हमसे कहते थे भैया. हमसे ना हो पाएगा एक बार गए थे सिर्फ वो. भी एक बार गए तो मैडम ने पूछा मुझसे धोती. कुर्ता पहन के गए थे तो मैडम को लगा कि.
शायद गांव के आदमी होंगे तो नहीं बोल. पाएंगे तो मेरी मैडम ने से पूछा कि आद योर. फादर इज कंफर्टेबल इन इंग्लिश तो उन्होंने. देखा मेरी तरफ तो उन्होने कहा कि मैडम आई. एम कंफर्टेबल इन थ्री फोर लैंग्वेजेस यू. प्लीज टेल मी योर कंफर्टेबिलिटी. ब्रिटिश जमाने के अंग्रेजी पढ़े हुए आदमी. तो उनको बड़ी शर्मिंदगी महसूस हो आई वास. थिंकिंग अरे बोले ड मैट तो फिर उन्होंने. कहा मैडम ने कहा कि आप का बेटा पढ़ता नहीं. है बोले मैंने मना किया.
है बोले क्यों बोले पढ़ के ना डॉक्टर. बनाना है ना इंजीनियर बनाना है इसको नौकरी. नहीं करवानी है तो बोले क्यों बोले नौकरी. हमने की हम एक अच्छा जूता नहीं पहन पाए. जिंदगी भर एक अच्छा कपड़ा नहीं ले पाए. जिंदगी भर तो हम चाहते कि हमारा लड़का. नौकरी ना करे और पढ़ लेगा तब यह नौकरी. करेगा तो शी वास सो मच शॉक्ड कहने का मतलब. शॉक्ड भी अच्छा वर्ड नहीं है उसके लिए. मतलब वो मिसरा. थ शी हैज सीन अ फर्स्ट फादर इन नॉर्थ.
इंडिया क्या कह दिया इस क्या कह दिया तो. बोली मैडम आप टेंशन ना लो बहुत तेज लड़का. है जाओ जाओ जाओ तुम जाओ घर जाओ हम सुने. आपकी माता जी कह थ की अबे तुम कैसे पढ़ाने. लग गए तुमको का पढ़े तुम हमसे ब तो तुमको. जनब नहीं करता था एक्चुअली हमारे जीवन के. दो भाग है ना एक भाग है जब मैं कुछ पढ़ा. ही नहीं पढ़ता ही नहीं. था मुझे लगता था क्यों पढ़ना है जीवन वो. बात मुझे सॉल्व नहीं हो पा रही थी क्यों. पढ़ना है जब मैं इलाहाबाद पहुंचा एचएस. उपाध्याय सर से मुलाकात हुई जब उन्होंने.
कहा कि पढ़ने से तुम्हारा ये आइज खुलता. है दर्शन देखने की हां देखने की क्षमता. बढ़ती है जैसे इश्किया मूवी है तो उसका जो. पहला सीन है अरशद वारसी और नसरुद्दीन शाह. कब्र में बैठे हुए हैं और उनको कब्र में. दफनाया जाना है तब अरशद वारसी कहता हंस. रहा होता है तो पूछता है जो दफना रहा होता. पूछता है कि हंसी आ रही कहता है एक. चुटकुला याद आ रहा है अब जो आदमी दफन होने. जा रहा है वह जो देखने की क्षमता की.
शिक्षा अच्छा यह करती है = e एजुकेशन इज. नॉट फॉर एंप्लॉयमेंट एजुकेशन इज फॉर. इनलाइटनमेंट आपकी देखने की क्षमता से लोग. मुझसे कहते हैं तुम राजा के सिद्धांत कैसे. सीखे मैंने कहा रिक्शे वाले को. देखकर कोई कभी दिवाली में उसको दिया एक. डब्बा मिठाई और दिया भी होगा तो मजबूरी. में दिया होगा कि कहीं सरण ना जाए. हम को काम होगा रा को बुलाने के लिए. बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल. तो जीवन में राजा कैसे बने ज राजनीति में.
तो राजा नहीं बन पाए आप लेकिन जीवन में. राजा कैसे जीवन में तो राजा बन के आप काम. किए सूरज को जो जल चढ़ाए हां वो शक्ति के. सिद्धांत से अवगत हो जाएगा सारे कवि. चंद्रमा से रात भर आंख मिलाते हैं बैठ के. रोमांटिक होता है ना वो हां कोई रोमांटिक. नहीं मरा हुआ है लेकिन सूर्य से आंख. मिलाने की क्षमता किसी में नहीं है फूट. जाएगी अखिए अ. बस शक्ति जिसके पास शक्ति है वो भगवान है. ओमनिस ओमनिपोटेंट. ओमनीप्रेजेंट अच्छा पिताजी का इतना किस्सा.
आप सुनाते हो सब वास्तविक घटनाओ पर आधारित. था या इसमें कुछ काल्पनिक कपूल कल्पनाएं. भी है आए थे अभी दो दिन पहले हा आए थे. हमसे कहा यार जिस दिन तुम्हारी वोटिंग. होगी उस दिन आएंगे हमने कहा ठीक है तो. हमसे कहा यार तुम यार बहुत अजीब आदमी हो. यार य तो सही कहे थे क बहुत अजीब आदमी तुम. आए एकदम बेसहारा की तरह यहां रहे क्योंकि. मेरा तो एक दौर ऐसा था यहां पर जब. मैं साहिब गुरुद्वारा के बाहर सोता था. बंगला साहिब गुरुद्वारे में खाना खाता था.
मतलब मैं आगरा पढ़ाने जा रहा था मेरे साथ. नीरज तिवारी एक लड़का था और आगरा की. कोचिंग. है सीएफए सेंटर फॉर एंबिशन ऐसे कुछ करके. नाम है सीएफए कोचिंग नाम है उसका तो वहां. मुझे पढ़ाने जाना था रात में मुझे कॉल आ. गई कि सर आप हमारे आ के क्लास ले लीजिए और. पैसा एक भी नहीं था जेब में तो कपड़े रात. में धुल दिए थे दो ही सेट कपड़े थे तो. नीरज तिवारी सराय काले खां की बस में हम. बैठे एक शर्ट पहन के और मेरी एक शर्ट को. वो बस की खिड़की से लटकाए हुए था कि जब तक.
हम आगरा पहुंचेंगे तब तक वो सूख जाएगी तो. उस दौर से कहानी शुरू हुई उस दौर. से बस एक चीज का विश्वास था कि भाई लड़ना. है चा ज से और कर लेंगे नहीं मैं आपका. इंस्पिरेशनल पार्ट पे आऊंगा लेकिन जैसे ये. किस्सा था कि एक दिन आप सुट्टा पी रहे थे. और पीछे दुकान के पिताजी देख लिए कहे सुनो. यहां से चोरू चक्का पीता है तुमको पीना है. घर में आके बैठ के पियो और सिर्फ कहे नहीं. लाइटर भी लाए अरे महाराज हमारे यहां चप्पल. निकाल मारते बेल्ट से मारते पिताजी इसीलिए.
तो आज उनका बेटा हिंदुस्तान में चर्चा का. विषय है अगर वो भी हमको मारे होते कि आईटी. नहीं निकलेगा तो मार डालेंगे तुमको 47 लोग. थे हमारी क्लास में व कोई लाय में काम कर. रहा है कोई एयरटेल में काम कर रहा है कोई. कहीं काम कर रहा है कोई हमको फोन करके. करावद हमारा गाड़ी चोरी हो गया फई आर नहीं. हो रहा. है तो पिता ने रिस्क लिया ना हम नहीं. रिस्क लेना अलग ही लाइटर कैसे लाके दे. दियो नहीं उनका मानना यह था कि जब तुम कर.
ही रहे हो एक्सपेरिमेंट कट डालो तो हमसे. एक सवाल व और भी पूछे कि सिगरेट पीते काए. हो तो हमने कहा. यार बस कहा यार यह बहुत गलत काम कर रहे हो. जो काम करो उसके पीछे डिफेंस दो और अच्छा. वाला दो जैसे तुम कहो कि मैं साइंटिस्ट. हूं इसमें लिखा है सिगरेट पीने से कैंसर. होता है तो मैं प्रयोग कर रहा हूं कि हो. रहा है कि नहीं हो रहा है. तो जनता को ल या बड़ा एडवेंचरस आदमी तो. यार रिसर्च कर रहा है लड़का हम तो इससे. नसेड़ी समझ रहे थे तो यह सब बातें उनके.
अंदर जो थी मलय कांसेप्ट वही सारे आए तो. क्या क्या ट्राई किया आप. फिर नहीं हमने कुछ ज्यादा ट्राई नहीं किया. उन्होंने मैं बहुत कुछ रामचरित जितना. कैमरा प बोल सकते उतना बता दो बाकी बा वो. तो पता है मेरी बहुत सारी वीडियोस में कुछ. मैंने छोड़ा थोड़ी फिर यहां क शरमा रहे. हैं संकोच कर रहे हैं संकोच बिल्कुल नहीं. कर. रहे सर हम चाह रहे हैं कि कुछ अच्छे और. सवाल हो जाए पानी पिएंगे नहीं बिल्कुल. नहीं पिएंगे हमारे लिए एक बढ़िया मूमेंट. हो जाएगा ना वो आजकल नेता के इंटरव्यू में.
पानी वानी पिला दो तो बड़ा वायरल होता है. कि देखिए पानी पी रहे. [हंसी]. हैं कुछ मिला तो नहीं है नहीं नहीं हमा. पड़ोसी भाई हमारे शहर के आप है पानी पिला. के दूसरे मड में आ पता लगा नारको टेस्ट. ऐसे ही होता. है हां तो क्या क्या ट्राई किए है जीवन. में नहीं ट्राई करने के लिए तो कुछ बचा. होता तो. बताते यह भी तो एक बात है क्या क्या गिनाए.
ठीक है अब कुछ लौंडे हमको सवाल भी थे. क्योंकि आपके फैन फॉलोइंग लड़का लोग में. बहुत ज्यादा है तो कुछ सवाल उनका भी लेना. जरूरी होता है तो कुछ सवाल है कुछ फनी है. कुछ लॉजिकल है कुछ इलॉजिकल है सब जैसा हो. एक सवाल था कि जेब में जब पैसा घर वाले दे. तो अवत सर से पूछेगा कट्टा खरीद या कलम. कलम खरीदेंगे तो सरकारी कट्टा. मिलेगा अगर पैसा जेब में है और कलम खरीद. लिए तो सरकारी सरकारी कट्टा मिलेगा. कांस्टीट्यूशनल एसएसपी हो जाएंगे डीसीपी.
क्राइम हो जाएंगे दुनिया सलाम. [संगीत]. करेगी अगर कट्टा खरीद. लिए तब पूरे जिंदगी भर किसी कलम की गुलामी. करनी पड़ेगी यानी वकील. की तो खरीदना बुरा नहीं है अच्छा सवाल था. मुझे लगता है कोई बड़ा अनवेश टाइप का. लड़का है उसके जीवन में मेरे जैसे पिता. नहीं रहे होंगे तो अच्छा सवाल किया तोसे. कंगा बेटा कलम खरीदना और कलम खरीद के जब. तुम कलम खरीद लोगे तो कोशिश करो कि भारत.
सरकार तुमको ऑफिशियल कट्टा दे और फिर. सिंघम बन जाओ तुम लेकिन राजा बनने के लिए. कट्टा जरूरी होता है चला मानी सी बात है. भगवान कृष्ण चक्र लेकर घूम रहे हैं हम तो. उन्हीं को अपना आदर्श मानते हैं हमेशा. उनके हाथ में बांसुरी है लेकिन जहां. शिशुपाल सामने पड़ेगा भाई द्रौपदी का चि. हरण हुआ लेकिन रुक्मणी का कोई कर. दे तो अपने आप को ताकतवर बनाने में बुराई. क्या है नेहरू जी ते रे हिंदी चीनी भाई. भाई हिंदी चीनी भाई भाई मार दिया दो तीन. थप्पड़ खींच के अब अगर हिंदी चीनी भाई भाई.
के साथ वो प्रिकॉशन लिए रहते कि हम तैयार. है बेटा भाई तो हो लेकिन हम तैयार हैं तो. वो थप्पड़ नहीं मार पाता तो शक्ति रखने. में बुराई क्या है ठीक बात पढ़ने लिखने से. कुछ नहीं होता 90 पर का चार. डालोगे अब गुरुजी कहे लोग शिक्षक है आप. पढ़ाते हो फिर कहते हो पढ़ने लिखने से का. मिलेगा ससुर तुमको फिर आप एग्जांपल भी दे. रहे हो कि देखो हमारा दोस्त कह रहा है. भैया एफआईआर करवा दो. पुलकित अतुल. सुभाष और ऐसे न जाने कितने.
लोग अभी सुसाइड करते हुए दिखाई पड़ रहे. हैं. युवा जो जिंदगी की चुनौतियों को झेल नहीं. पा रहे ये लोग भी तो पढ़े लिखे थे नहीं. पढ़े लिखे थे इसमें से कोई मजदूर था ना. इसमें से कोई गरीब था नहीं नहीं था तो मैं. लोगों से कहता. हूं पूरा मेरी आदत लोगों की आदत क्या है. मेरी एक लाइन को काटते हैं मैं कहता हूं. रेंचो बनो कि जब भी चुनौती तुम्हारे सामने.
आए कि तुम्हारा पेपर हम नहीं जमा. करेगा कहता सर हम हॉस्पिटल से आ रहे हैं. सर हां तो भी नहीं करेगा तब वो कहता सर आप. जानते हम कौन है कहता तुम्हारा पिता तुम. प्राइम मिनिस्टर का बेटा होगा तो भी नहीं. करेगा कहता सर आप जानते हैं हमारा नाम रोल. नंबर क्या नहीं मिक्स कर. दिया तो तुम्हारी पढ़ाई अगर तुम से चुनौती. नहीं हैंडल करवा पा रही है तुम अगर किसी. पॉडकास्ट के शो में ये पूछ रहे हो कि. महीने में कितनी बार हस्तमैथुन करना चाहिए.
तो तुम खत्म हो तुम यह क्यों नहीं पूछते. कि दंड बैठक लगाना चाहिए कि नहीं सूर्य. नमस्कार करना चाहिए कि नहीं करना चाहिए और. यह हमारे देश में जो शक्ति का सिद्धांत है. बजरंगबली का सिद्धांत है कि पहाड़ उठा लिए. तुम मरे हुए आदमी साइकिल भी ना उठा. पाओ इस पे सवाल हमारे मन में आ गया हा मैं. आता हूं तो पढ़ाई का काम क्या है विजडम को. डे डेवलप करना हम विजडम विट कि हम समझ जाए. कि यार एक एक होता है ना एक रिटर्न वर्ड.
है. प्रेम ठीक है लेकिन प्रेम के पीछे एक रिटन. वर्ड है हम शक्ति आपके पास शक्ति है पूरी. दुनिया आपसे प्रेम करेगी हम भाई मैं. लड़कों को क्लास में बोलता हूं कि तुम लोग. अगर अभी चले आओ किसी लड़की के घर हाथ. मांगने बहुत मार मारे तुमको सब मां-बाप. पकड़ के बंद कर दे बहुत मारे और तुम आईएस. बन के गए आओ बेटा बैठिए बेटा दामाद जी आओ. पूछने की जरूरत क्या थी मला वाला पहना दे. और पता ल घर में अगर दो लड़किया तो बोले.
दो कोई बात नहीं लोगों को दो तीन बीविया. रखनी चाहिए यह समाज. है यह समाज है तो मैं ये कहता हूं कि समझ. को अगर तुम्हारी पढ़ाई तुम्हारे समझ को. विकसित नहीं कर पा रही है तो तुम पूरे. जीवन परेशान रहोगे आपका बयाह कैसे हुआ था. लव मैरिज था अरेंज मैरिज हमारा तो अरेंज. कहां हो पाता लब किए थे अरेंज होता ही. नहीं गांव वाले अगल बगल पड़ोसी सब भड़का. देते लड़का ठीक नहीं है भैया देख लेना तो. फिर आप अपना कैसे मामला सेटलमेंट किए. सेटलमेंट क्या जिसको रिस्क लेना था जिंदगी.
में हर आदमी तो आपके साथ रहता हमने सुना. भाभी जी बहुत सीधी शादी थी हम आपको देख. रहे हैं तो हमको समझना है य थ्योरी कैसे. क्लियर हुई नहीं बहुत सीधी शादी भी थी और. हिम्मत ही इसस में थी कि उन्होंने हमारे. साथ जीवन में रिस्क लिया हम क्या करते थे. आप करते क्या था चावल उबाल के खाते थे. तैयारी चल रही थी पढ़ाई के क्षेत्र में आ. गए थे जीवन बदल चुका था तो मैंने उनसे कह. दिया था मैंने कहा देखो भैया मेरे झांसे. में मत आना कभी-कभी क्या लोग होता आपकी. बातें सुनकर बड़े प्रभावित हो जाते तो. मैंने कहा.
देखो आपकी शादी कहीं हो रही है आप कर लो. और मेरा कुछ ठीक नहीं है और दो ही चीज. करना है या तो राज करना है या भीख मांगना. है तीसरा कुछ था ही नहीं भिखारी की जिंदगी. बयासी की जिंदगी होती है छ घंटा रेड लाइट. प खड़े हुए फिर मस्ती से सो र है कोई. कमांड देने वाला है नहीं तो उन्होंने कहा. कि नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं साथ में रहना. तो ये बड़ा मेरे जीवन का सौभाग्य रहा कि. एक बहुत ही साहसी और बहुत समझदार महिला. मिली तो बीवी के सामने भी इतने. क्रांतिकारी हो या वहां बाकी अब ये बात य.
कहने से क्या फायदा वो भी आई होती तो डबल. पॉडकास्ट चल रहा होता तो क्योंकि वो बहुत. समझदार है इसलिए गरम नरम दल. बैलेंस ठीक है एक लौंडे हमको य भी सवाल. भेजे थे कि ओझा सर हिस्ट्री के टीचर है. लेकिन वो सेक्स बहुत बात करते अभी देखिए. आपने भी जिक्र कर दिया था य आप पर क्यों. चिपका देते लोग कि आप इस टॉपिक में बहुत. जोर वरता से बात करते हो दबा के. एकदम हिस्ट्री टीचर को जदा इंटरेस्ट है. नहीं आचार्य रजनीश ने एक प्रवचन दिया. संभोग से समाधि ठीक यह प्रवचन उन्होंने.
हिंदुस्तान में दिया यूरोप में नहीं दिया. क्योंकि जब आप यूरोप में टलो तो वहां कहीं. दीवाल पर नहीं लिखा है निराश पुरुष. मिले नेसेसिटी इज द मदर ऑफ. इन्वेंशन हमारे पास लड़के आते हैं अरे. भैया मैं. कोई दिया ना आप किसी चीज को समझोगे तभी तो. उससे बाहर निकलोगे जब आप समझोगे ही नहीं. जिस देश में जिस देश.
में प्रेम का इतना बड़ा सिद्धांत है आज. डिवोर्स हो रहे हैं कितने एक एक दिन प हो. रहे है मतलब बड़े-बड़े सेलिब्रिटीज के हो. रहे हैं दारू पीके रो रहे हैं वो हमारा. पत्नी चला गया अरे तो भैया जो शंकर जी. जैसी पर्सनालिटी रखेगा उसी के पास पार्वती. जी जैसी पत्नी होगी जहर पीने की क्षमता हो. तुम एक गिलास दूध पी लिए डायरिया के शिकार. हो. गए चंचल चहल मन नहीं होना चाहिए पता नहीं.
मैं तो नहीं पता मुझे तो ऐसे ही पता कोई. बात मैं तो कुछ कह ही नहीं रहा मैं तो कह. रहा हूं मन चंचल चहल नहीं होना चाहिए और. जहर पी लिया पत्नी ने कहा घर चाहिए तो 50. गज का नहीं कुबेर को. बुलवाया महल बना मेरी पत्नी के लिए सोने. का महल बन रहा है ग्रह प्रवेश हो रहा है. पंडित जी कहे कि साहब हमको ये महल चाहिए. बोले ले जाओ तुम्हारे लिए दूसरा बनवा. देंगे जिस आदमी और अपनी पत्नी से. अनकंडीशनल प्रेम है अगर पार्वती जी उन्हें.
प्रेम करती हैं तो व भी उनको अनकंडीशनल. प्रेम करते हैं जब पार्वती जी की डेथ होती. है कैसे उनकी शरीर ये टॉपिक क्यों बार-बार. रेज होता है आप मतलब आप बहुत चर्चा बहुत. करते हो ये ओशो जी का इफेक्ट है या ये. इफेक्ट है समाज को देख के हम आपके पास. निराश पुरुष आते हैं निराश पुरुष तो नहीं. आते कभी कभी युवा आते हैं जैसे मुझसे कहते. हैं सर मेरी गर्लफ्रेंड मुझसे बात नहीं कर. रही तो मुझे लगता है कि पकड़ के इसका बाल. लड़ा दे दो बार दीवाल में झोटा पकड़ के तो. मैंने कहा कि भैया विष्णु जी को पढ़े हो. हम दे सुने भाई समुद्र मंथन हुआ लक्ष्मी.
जी निकली देवता असुर लड़ गए शादी करने के. लिए तो लक्ष्मी जी ने कहा लाइन में बैठो. हम डिसाइड करेंगे किसको वरमाला पहना नहीं. दोनों बैठ गए जी जी मैडम बैठ गए तो. उन्होंने देखा कि उधर सागर में एक आदमी. लेटा हुआ तो उन्होंने पूछा कि वो कौन है. बोले विष्णु जी है तो बोले उनको पता है. मैं निकली हूं बोले पता है बोले उनको शादी. करनी नहीं मुझसे बोले सब इस सब चीज से. बहुत ऊपर है ले आके माला उन्होंने पहना तो. कवि के जरिए क्या कह रहा है गर्लफ्रेंड या. बीवी कैसे ना ना इसके जरिए ये कहा दर्शन.
ये दर्शन ये सिद्धांत दे रहा है कि स्त्री. भगवान का रूप है धरती पर और भगवान भगवान. के साथ ही बैठना पसंद करता है मरे हुए के. साथ ब दो घंटा खड़े नहीं हो पा रहे हो. आंधी चल रही नोएडा से गाजियाबाद उड़कर. पहुंच गए और शादी. करोगे लड़की देखने जा रहे हो मार दे चाटा. एक लड़की गिर के बेहोश हो जाती है घंटा. कोमा में रहोगे मतलब इस देश में लड़का. लड़की देखने जाता है और लड़की देखने जाओ. तो पहले शीशा में अपना चेहरा देखो कि तुम.
कैसे हो फिर वहां जाकर लड़की से सवाल. पूछता है सचिन तेंदुलकर को जानती. हो हमारी बहन की शादी तय हो रही थी तो. उसमें लड़के ने यही सवाल किया कि सचिन. तेंदुलकर को जानती हो हम बैठे थे तो हमने. अपनी बहन से कहा कि हाकी निकाल मार इसको. दो तीन हाकी खीच वो लोग तुरंत सीधे हो गए. अरे मैंने कहा पीएसडी है लड़की बोले तुम. क्या सवाल कर रहे हो तो जब दोबारा शादी. वाले आए तो हमको बुलाया ही नहीं.
गया कि साथ ये टूट जाएगी फिर जब बारात आई. तो चार पांच लोग मुझे मैनेज करने में लगे. हुए थे उसमें भी लास्टली बवाल हो ही गया. एक आदमी रात में कह रहा कोल्ड ड्रिंक नहीं. है यहां कोल्ड ड्रिंक नहीं है. यहां ढाई बजे रात में कोल्ड ड्रिंक ढूंढ. रहा है और मैं देखा उसको मैंने कहा अपने. घर में पिया हो कभी कोल्ड ड्रिंक कोल्ड. ड्रिंक नहीं है भाग बंद करके अभी जिसके घर. जाओ तो शास्त्र नीति क्या कहती है भाई हम.
आपके घर आए आप जो आपके घर में सबसे अच्छा. होगा वही तो आप हमें देंगे तो अगले का. सम्मान करना चाहिए भगवान राम ने शबरी जी. का सम्मान किया वो झूठा बेर खिला रही थी. वह खा रहे. थे सिर्फ जय श्री राम का नारा लगाना काफी. नहीं है भगवान राम के पद पर चलना भी. पड़ेगा ज्यादा जरूरी है तब ये देश महान. बनेगा वो ज्यादा जरूरी है बिल्कुल चाय. पिएंगे मजा आ जाएगा चा बनाओ भाई चाय बना. दो तब तक चाय में क्या सुख है क्योंकि ओशो. जी का एक हमने वीडियो सुना जिसमें कहा कि.
जब ईश्वर के पास जाओगे तो ईश्वर सबसे पहले. यही पूछेगा चाय पिएंगे और ना यकीन हो तो. जाके देख लो जाके देख लो चाय क्या है चाय. में चाय एक इतनी प्यारी चीज है जैसे चाय. पर आप बहुत कुछ कर सकते हो हम चाय पे. चर्चा कर सकते हो चाय पे प्रधानमंत्री बन. सकते. हो तो. हमारे यहां कहते हैं ना किसी चीज के लिए. बहाना चाहिए पहले लावा भुजा का दौर था लोग.
कहते जाओ भुजा भुजा लाओ तो उसमें बार-बार. ढूंढना पड़ता था चाहे एक बड़ा इजी चीज है. कि भाई किसी को बैठाना है किसी से बात. करनी है सुबह उठे चाय दे दो मूड खराब है. चाय दे दो बाहर चलना है चाय दे दो दफ्तर. में बोर हो रहे चाय दे दो गर्लफ्रेंड साथ. बैठी चाय दे दो पॉडकास्ट चल रहा है चाय दे. दो खाना खा लिए चाय दे दो घूमने जा रहे. हैं चाय दे दो चाय जो है बाइंडिंग फोर्स. ठंड लग रही है चाय दे दो मूड खराब है चाय. दे दो बकल तो चाय एक बाइंडिंग फोर्स है. बांधने का काम सीमेंट का काम करती है इतनी.
अद्भुत क्यों. है क्या सुख मिलता है चाय से क आप भी चड़ी. हो नहीं मैं कभी कभी पी लेता हूं चड़ी तो. नहीं है हम हम चड़ी हैको एक नशा है चाय का. हा लेकिन आजकल चुनाव के दौरान चाय खूब चल. रही है जिसके घर भी जा रहे हैं और पता. नहीं दो तीन क्विंटल चीनी चाय में मिला दे. रहा. है सही चाय क्या होती है सही चाय में. थोड़ा सा गुड़ और तुलसी का पत्ता और हल्की. सी चाय और काली मिर्च हो तो मजा आ जाएगा. अदरक कूट के अरे अदरक कूट दिए तब तो फिर.
कोलेस्ट्रॉल शरीर में बचेगा ही नहीं तो. हमारे य पहले लोग काढ़ा पीते ही थे आज. जितनी बीमारियां फैली है तो उससे हम पहले. इसीलिए बचे हुए थे क गांव में लोग सुबह. उठते थे गिलास भर काढ़ा ही पीते थे उसको. हम लोग चाय बोलते थे अभी क्या है कि वो. कांसेप्ट ही खत्म हो गया थोड़ा. सोफिस्टिकेशन पैदा हो हमसे कोई कहा कि चाय. पीने का सबसे अच्छा तरीका है चाय दुकान. ढूंढने का कि जहां 20 तक चाय मिल रही हो. वहां चाय अच्छी अगर चाय ₹ के ऊपर मिल रही. है तो उसका मतलब वहां बढ़िया चाय नहीं. मिलेगी और कॉफी 00 सस्ती तो वहां अच्छी.
नहीं मिलेगी तो 0 के नीचे चाय और 00 के. ऊपर कॉफी पियोगे स्वाद पूरा मिलेगा मैंने. रिसर्च तो नहीं किया पर ठीक है अच्छा होगा. ठीक है सर राजा ब्लड ग्रुप लेक पैदा नहीं. होता कहे लगता है आपको क्या राजा ब्लड. ग्रुप लेके पैदा होता है हां हां बिल्कुल. यह तो मैं बार-बार कहता ही हूं अरविंद. केजरीवाल जी हुए मोदी जी हुए ममता जी हुई. इस सब ब्लड ग्रुप ले पैदा हुए थे अरे आप. पहले हमारी बात तो सुनो. हां जैसे बहुत सारे लोग होते हैं जिनको आप.
प्रेरित करते हो जब मां बाप आते हैं ना कि. भैया हमारे लड़क को समझा दो ठीक अंबेडकर. जी को किसने समझाया कोई तो इंटरनल फोर्स. होती होगी जो आदमी को अपने गोल के प्रति. एकदम हार्ड लाइनर बनाए रहती है सही बात है. कोई तो होगा कोई तो अंदर चीज होगी जो आदमी. को अब्राहम लिंकन यहां एक हमसे लोग पूछ. रहे हैं अगर हार जाओगे तब क्या होगा अरे. भैया खेल हो रहा है अगर जीत गए तो लोग.
कहेंगे अरे अव झा तो विष्णु के अवतार है. वह तो बहुत कुंडली में लिखा हुआ था बहुत. बढ़िया आदमी है भैया और मास्टरवा को सब और. अगर हार गए तो तो बहुत चौड़ा बहुत बढ़िया. बा हार गया नेता बनत रहा बहुत बढ़ जावा तो. दोनों चीजों के लिए तैयार होना चाहिए. मिडिल क्लास क्यों कुछ नहीं कर पाता उसको. समाज का बहुत बड़ा डर है कि लोग हसेंगे और. हसने से जितनी साहस पैदा होती है जितनी. ऊर्जा पैदा होती है उतना किसी मोटिवेशन. किसी दवा से अगर आपको कुछ महान काम करना.
है तो आप कोशिश करो कि लोग आपके ऊपर हंसे. बेइज्जत होना कितना जरूरी है बेइज्जत होना. उतना जैसे धनानंद बेइज्जत करता है चाणक्य. को तो चाणक्य कहता नहीं कि धनानंद मेरे. ज्ञान में ताकत होगी तो अपने पोषित करने. वाले राजाओं का मैं निर्माण कर लूंगा तो. जो लोग बेज्जती से मैं अपने स्टूडेंट से. कहता हूं कि सन्यासी स्टूडेंट और भिखारी. इनकी इज्जत नहीं. होती क्यों अगर य इज्जत का ख्याल अब. भिखारी अगर इज्जत का ख्याल कर ले पैसा. नहीं मिलेगा अगर जा कह भैया मुगल फैमिली. से देना पड़ेगा तो दो चाटा मारेंगे लोग.
सन्यासी और स्टूडेंट क्यों स्टूडेंट अगर. इज्जत लेकर जाएगा सीख ही नहीं पाएगा ठीक. सन्यासी सन्यासी अगर अहम इज्जत की बात है. तो यानी मैं जिंदा है मैं और इज्जत का. गहरा संबंध है ना सन्यासी नहीं हो पाएगा. तो सन्यासी नहीं हो पाएगा कांसेप्ट बड़ा. एकदम नहीं भगवान का आशीर्वाद एक बड़ा. मजेदार सवाल हमसे कोई पूछा था य हम ल गोंक. कोई है कि अगर सर जी कोई खेत कब जिया ले. तो रशियन क्रांति पढ़नी है फ्रेंच. क्रांति ये हमको लगा गोडस आया सवाल ये अगर. आपका कोई खेत कब्ज आले तो आप तत्काल खेत.
छोड़कर चले जाए आईएस की तैयारी करें और. आईएस बनने के बाद पूरा गांव खरीद. ले उलझा ए ना समाज का एक सबसे बड़ा गेम है. कि व्यक्ति को उलझा दो किसको जिसका दिमाग. बहुत अच्छा होता है हम समाज कुछ नहीं करता. आपके साथ वो सिर्फ एक खेल खेलता है हम को. उलझाना चाहता है जैसे मैं राजनीति में अरे. हाहाकार मच गया अरे मास्टर को ये नहीं.
करना चाहिए था और यह देखो ये ये. महत्वाकांक्षा पैदा हो गई अरे. भैया एक साब उनको मिले बोले आप आप नीचे. क्यों आ गए तो मैंने कहा विष्णु जी बैकुंठ. में रहते हैं बोले हां हमने कहा व नीचे. आते हैं ना समय समय पर बोले हां आते हैं. क्यों आते हैं बोले अधर्म दूर करने आते. हैं मैंने कहा तो विष्णु जी बन गया कष्ण. जी केजरीवाल जी विष्णु जी अवत जी ऐसा तो. हम थोड़ी कह रहे हम तो कह रहे हैं कि कोई. भी आदमी जब कहीं पर जाता है शिक्षा का य.
आलम है मेरे पास लोग आते हैं पेरेंट्स आते. हैं साहब हमारा लड़का है इसको एक साल में. आईस बनाना है मैंने कहा जी बिल्कुल बना हा. भाई कंपाउंड क्या होता है कंपाउंड. बिल्डिंग के चारों तरफ जो दीवाल होती है. उसको कंपाउंड. कहते मैंने कहा एलिमेंट कंपाउंड मिक्सचर. नहीं पढ अच्छा वो कंपाउंड कंपाउंड जो है. एमेंट का मिक्सचर है हमने कहा इसको 30 साल. लगेगा आईस बने में अच्छा डोनाल्ड ट्रंप.
किस पार्टी से है डोनाल्ड. ट्रंप किस पार्टी से. है भाजपा भाजपा. से हमने कहा अब 300 साल. लगेगा क्योंकि एक तो दिमाग सो रहा है ऊपर. से मरा हुआ. है अरे बाबू जी हमने कहा इसको पढ़ाने के. साथ-साथ देरी रात में यहां पर पहले हमारे. टीचर्स यहां मारते थे क्योंकि अक्यू. प्रेशर के पॉइंट्स है तो इसलिए यहां मारते. थे यहां वहां नहीं मारते थे कि आंख की. रोशनी चले जाए कान का पर्दा फटना ऐसे करते.
थे तो जब यहां मारते थे तो तुरंत ये सारी. नव एक्टिवेट हो जाती थी ऐसे से लड़का करता. था ना तो एक्सरसाइज थी बेसिकली हमारे ले. यहां मारते थे हा वो ज्यादा डेंजर वाली. भयंकर दर्द होता था दिखाई भी ना पड़े या. तो पीछे अगर कोई छोटी चीज कब्जा हो रही है. कोई भी चीज इसका मतलब आपको कुछ बड़ा करने. का प्रकृत प्रेरित कर रही है बस यही इसका. सिद्धांत ये मेरे पिता ने किया मुझे गांव. नहीं जाने दिया कहा तुम गांव मत जाना अगर. तुम गांव गए तो तुम हद बरारी और दु बसवा.
खेत और पेड़ और घूर और इसके सबके चक्कर. में पड़ जाओगे तो काहे कहे आपके घर बनवाना. तो गांव बनवाओ असली दिखता तो वही है ये तो. हम ही ने कहाय तो हम ही ने कहा ना पिताजी. वाली बात तो कांट्रडिक्ट हो गई फिर. बिल्कुल आप घर जाओ ना गांव खरीदने के लिए. सब गांव वालो को बुलाओ बेचब. [हंसी]. तो भगवान कृष्ण गए ना मथुरा और कब्जा किया. मथुरा प लेकिन अगर पहले दिन रुक जाते तब.
क्या होता तो जब परिस्थिति विपरीत है तो. साधना करनी और जब विपरीत परिस्थिति सही है. तो सेवा कर तो जब बाल गोपाल हो तब गांव ना. रहो जब कृष्ण बन जाओ तो गांव लौट जाओ गांव. लौट जाओ एकदम जाओ गांव में लोग आपका. स्वागत करेंगे प्रेम करेंगे आपसे आपने ज. कहा कि हमने 1300 आईएस अफसर. बनाए 1300 का कहने का का मतलब ये था. कभी-कभी आदमी उपमा के रूप में किसी चीज को. यूज करता है मैं वाजी राम में था और वाजी. राम में एक साल में 300 लड़के पढ़ते थे हम.
00 और मैं लम समम 10 साल रहा बाजीराम में. तो और 300 में हमारा हर साल जो रिजल्ट. होता था वो 500 600 लड़के हमारे रिजल्ट. होते थे तो अगर मैं 5 साल ही मानूं कि मैं. वहां 5 साल रहा और 500 के रिजल्ट के हिसाब. से मानूं तो भी 2500 लड़के हो अब लड़का. लोग बोला कि फिर दो चार 10 लड़का तो आप. पर्सनल टच में होंगे कहीं बता जिला ल डीएम. जो हो भी बढ़िया लोग डाउट कहने लगे लोगों. को लगा कि शायद ये आउट ऑफ बाउंड्री हो गया.
हमको दुनिया के सामने अपने आप को सिद्ध. नहीं करना हमको अपने आप के सामने अपने आप. को सिद्ध करना है तो जिसको भी जानना है. मेरे पास कितने आईएस है वो हमसे ई 40. अंबेडकर पार पटपट गंज में जरूर मिले वहा. नोबल प्राइज. मिलेगा नहीं चाय बाय पिलाएंगे प्रेम भरी. बातें होंगी ओ जी का प्रेम कैसा होगा अब. वही आके पता चलेगा नहीं नहीं ऐसा नहीं. प्रेम तो प्रेम है ठीक है एक आपका वीडियो. बड़ा एक लड़की का वीडियो बड़ा वायरल होता. है कि ओझा सर जी कक्षा पहन के पढ़ाने चले. आते थे हाफ पैट पहन.
के एक अगर है. हां अगर यही 10 होता हां तो एकदम सही. होता यही 15 होता तो एकदम सही होता यही 20. होता तो एकदम सही होता हम एक और इस देश के. इतने सशक्त कानून है फिर आप कोचिंग में गए. पढ़ाने जैसे मैं यहां पॉडकास्ट देने आया. तो इस इस सेंटर का मालिक कौन शुभंकर. मिश्रा तो शुभंकर मिश्रा ने देखा कि भैया. ये तो फला कपड़ा पहन के नहीं आया आदमी तो.
टोके का नहीं टोके तो जब कोचिंग का मालिक. देखा होगा मुझे तो मुझे टोकता. नहीं इतना तो कॉमन सेंस हर आदमी में होता. है तो बिट आपका नाम नाम बदनाम करने के लिए. की बत बहुत वायरल होता है आपके विरोधी लोग. डालते रहते कि क प नहीं है वो वो मेरे. प्रेमी है और मेरा नाम जितना मैं बदनाम. करता हूं ये क्या करेंगे हो सकता है मैंने. ही उससे कहा हो कि ये बोल दे जाके कि मैं. कच्छा पन पढ़ाने आता हूं सेक्स की बातें. करता हूं उसको कहां कहां अगर वो इतने सारे.
लोग स्टूडेंट हैं मेरे टॉपर्स हैं. अच्छे-अच्छे लोग हैं कितने सारे लोगों ने. मेरा नाम लिया वो बेचारे कहते पर मैंने. कहा ना कम से कम 300 के हिसाब से 10 साल. में 3 लाख लड़के तो पढ़ाए और 3 लाख लड़के. में एक आदमी कह रहा है वो भी ना उसका नाम. पता ना उसका गांव पता वो कहां की है किसी. को पता है यहां बेनिफिट ऑ डाउट आपको देंगे. हम नहीं डाउट की बात ही नहीं है नहीं आपके. बात सही कि अगर एक आदमी कह रहा ज्यादा. होते तो फिर मान लेंगे बिल्कुल बक इसीलिए.
हम पूछ लिया आपसे सीधे कांसेप्ट क्लियर कर. लिए अच्छा 12 पीटीआई टीचर को आप सच में. ठोके थे नहीं नहीं अरे मैं टीचर का इतना. सम्मान करता हूं मैं अरे यार ऐसी बातें कर. रहा तो फिर आप यूरिया बोरिया दार के एकदम. कस के बा तुम्हारे बल्ला पकड़ थे मैं तो. गुरुजी के हाथवा जोड़ा जाके लगा गुरुजी. कैसी बातें कर रहे पूरा नेता बन गया एकदम. क्या हुआ था इसमें सर ये हुआ कुछ नहीं था. तो बाद में शायद उनको बेचारे को गलत फ. फातिमा के ही थे हां फातिमा के ही थे तो.
हमारी टीम स्कूल की जाती थी मैच खेलने हां. हम हराए थे हम जेवीएस में थे हम हराए थे. फातिमा वालो को हां हां किस ईयर में 2008. में अच्छा अच्छा अच्छा हां तो हमारी टीमें. जाती थी ना कानपुर लखनऊ बस्ती ऐसे जाती थी. तो कई बार मैंने उनसे कहा वो माने ही नहीं. बेचारे फिर एक दिन मैंने उनसे कहा तो. उन्होंने कहा तुम्हारे बाप कभी बल्ला. पकड़े तो उने कहा मास्टर साहब पिताजी तो. गुल्ली डंडा खेले तो बैट बट था ही नहीं तो. उसके बाद उनको किसी ने मारा रा तो उनको. बेचारे को शक हुआ कि हम ना किया हो ठीक है.
कुछ कांसेप्ट क्लियर करते हैं सर आपके. बातों से जीवन में कांड करो वरना. पछताओगे कांड का मतलब जैसे भगवान कृष्ण. है ग्वाल है है. ना ग्वाले से क्या बने मथुरा के राजा यह. सामान्य. है नहीं है ना. महाभारत के जो गीता के जो श्लोक है उसमें. अध्याय रामचरित मानस में क्या है लंका.
कांड कृष किंदा कांड. बालकांड मथुरा के नरेश से क्या बने. द्वारकाधीश द्वारकाधीश से क्या बने भगवान. कृष्ण हर वर्ड का हमेशा नेगेटिव मतलब नहीं. होता. है कांड का मतलब यह है कि लड़ते रहो जूझते. रहो. अपने आप को अंदर से मत टूटने शांत मत मतलब. एक अंदर की जो लड़ाई होती है मोटिवेशन के. लिए बकल ठीक है आदमी को अपने अंदर एक रखना.
चाहिए वरना जो थम जाता उसम काई लग जाती. पानी मेरे बेटी ने मुझसे कहा पापा ये सब. क्यों कर रहे हो उसने जब मुझे दे ये भी. सवाल आना चाहिए ना कि आप अच्छा खासा नाम. कमा क सही बात है क्यों कर रहे हो क्या. वही बात है उसने मुसे पूछा पापा क्यों कर. रहे हो पापा अभी सब छुट्टियों में आई है. तो जब देख रही थी मुझे तो कह रही थी बापा. क्यों कर रहे हो सब मैंने कहा बेटा हम ही. नहीं कर रहे डॉक्टर अंबेडकर ने भी उनको भी. ऑप्शन था अमेरिका में सेटल होने के लिए. हमें अगर कोई चीज सीखी है कोई चीज समझा है.
कोई चीज जाना है अगर हमारे जीवन में रोशनी. जली मुझे कुछ नहीं पता था जीवन में एक. टीचर ने एक एचएस उपाध्याय जैसे टीचर ने. मेरे जीवन को बदल दिया तो अगर शिक्षा की. नीतियां बदल जाए इस देश में एक रेंचो मॉडल. की शिक्षा आ जाए लड़का सोचने लगे समझने. लगे तो आज चलो ठीक है जो भी लोग कह र हों. कल तो लोग आ जाओ आओ बेटा चाय बस खत्म होने. वाला थोड़ी देर में लास्ट सेगमेंट जाएंगे. हम उसके पहले चुस्की चाय हां लोग कहेंगे.
सुभंकर ने पानी भी पिलाया चाय भी पिलाया. मास्टर को जो. है ठीक एक आपने स्टेटमेंट और दिया था कम. उम्र में प्यार करना जरूरी है हां हम कम. उम्र में प्यार करना इसलिए जरूरी. है क्योंकि जब आप प्रेम करोगे तो आपके. सामने एक बहुत बड़ी चुनौती आएगी हम. कि प्रेमिका आपके साथ रहेगी कि नहीं रहेगी. तो अगर रही तो इसका मतलब आप वाकई में. बलशाली है और नहीं रही तो आपके साधना करने.
का समय है हमने आपको चाय इसलिए पिलाई. क्योंकि सर इलेक्शन आ गया अभी और हम देख. रहे हैं कि आपको भी आपके साथ वालों को भी. खांसी शुरू हो गई है गमछा लगा. है पता नहीं दिल्ली में पोलूशन ज्यादा है. कि क्या है कुछ तो है ऐसा देखिए आपके. पड़ोस में भी खासे वो भाई साहब नहीं नहीं. हमें लगता पोल्यूशन थोड़ा ज्यादा पोल्यूशन. वाला मामला तोड हम आ. गए थोड़ा सा पोल्यूशन है दिल्ली में.
इलेक्शन में खासिया आती है आती है बिल्कुल. इतना दिन भर आदमी बोलता है दिन भर 1015. सभाएं होती रहती है मीटिंग्स होती रहती है. लेकिन मैं एक बात कहना चाहूंगा यहां पर कि. पटपट गंज की हमारी जो जनता है मैं उसको इस. मंच से बहुत-बहुत धन्यवाद देना चाहता हूं. क्योंकि हमारे सारे लोग. जितने जितना प्रेम आज मुझे वहां मिला हर. आदमी मतलब क्या बिहार का आदमी क्या यूपी. का आदमी क्या उत्तरांचल का आदमी जैसे. मुझसे लोग वहा कहते थे कि अरे भैया ये. आपको सपोर्ट हर आदमी ऑटो वाला रिक्शे वाले.
उतर के चले आते हैं भैया ओ जा भैया. नमस्ते अरे भैया हम आपके साथ चलेंगे मैं. अपनी रैली में किसी को बुलाता बलाता नहीं. हूं कि ऐसा नहीं कि 50 लड़के वहां बुला. लिए 100 लड़के वहा लोकल. लोग परसों एक अम्मा मेरे साथ टहल रही थी. मुझे उन्हें मना करना पड़ा कि आप जाओ आप. कहे नहीं भै भया हम आपका गीता वाला शो. देखते हैं भैया आप कितना बढ़िया गीता. पढ़ाते तो मैं इस मंच से पटपट गंज के. लोगों को सहृदय धन्यवाद देना चाहता हूं कि.
आप इतना साथ मेरा दे रहे हैं यह मेरे लिए. बहुत बड़ी उपलब्धि है क्या यूनिक फैक्टर. है जो आपको अगर जीते आप तो मिलनसार होना. सोशल मीडिया फेमस होना या आपके वायरल. वीडियोस के जरिए लोग कनेक्ट. होना अगर मैं वहां से जीता तो पटपट गंज की. जनता की जीत होगी कि उन्होंने. एक शिक्षक को इंपॉर्टेंस दिया और अपने. बच्चों के भविष्य को इंपॉर्टेंस दिया और. मुझसे बहुत बड़ी आशा की कि भैया देखो हमने.
तुम्हारे ऊ परर विश्वास किया है तुम एक. शिक्षक हो और तुम कहीं ना कहीं हमारे. बच्चों के जीवन का उद्धार करोगे ठीक कुछ. कांसेप्ट हम और क्लियर कर दिया जल्दी. छोटे-छोटे सर है एक था गाली देना अच्छी. बात है शादी में दी जाती है हमारे यहां तो. गरिया आता बिना गाली स्वागत ही नहीं. होता तो गाली जो है वो प्रेम का भी सूचक. है हमने तो पंकज जी से पूछा था पंकज. त्रिपाठी जी से कि आप भी गरि आए गए थे कहे. बहुत जबरदस्त हमके भाभी तो बंगाल की है.
कहे परिवार बिहार एक था ना और सबसे बड़ी. बात यह है कि लड़की पक्ष वाले नाम लिख के. ले जाते हैं कि फलाने हैं ये दूल्हे के. फूफा है ये दूले की मौसा सबको गरिया अच्छी. परंपरा वैसे गरिया ठीक. है तीन लोग आपको गाली देते हैं कौन-कौन. एक आपके बचपन के दोस्त देते हैं हम व जो. नर्सरी से आपके साथ पढ़े हम वो देते हैं. एक आपके ससुराल पक्ष वाले देते हैं प्रेम. में और एक हिजड़े अगर आप उनकी बात नहीं.
सुनते हैं तोब वो गाली देते हैं जैसे. अगर है आपने उसको नाराज कर दिया तो. वो गाली देगा तो तीन लोग गाली देते हैं. ओके. अ आपने क स्ट्रगल पेन नहीं स्ट्रेंथ है. बिल्कुल. काहे ताकत जो पैदा होती है जैसे जितना. ताकत अफ्रीका के लोगों में है हम उतना. ताकत यूरोप के लोगों में नहीं है हम अरे. हम इतनी दूर कहे जाए दिल्ली के जितने रेड. लाइट है हम सब बच्चे नंग धड़ंग घूमते रहते.
हैं ना किसी को इंफेक्शन होता है ना किसी. को रोग होता है तो जितनी अंदर लड़ाई चलेगी. उतनी बाहर ताकत बढ़ेगी यह पता नहीं क्यों. लोग नहीं समझ पाते और इसका सबसे बड़ा. एग्जांपल है भगवान. राम राजा के बेटे हैं 14 साल तपस्या करते. हैं तो श्रीराम से क्या बन जाते हैं प्रभु. राम बन जाते हैं ताकत आने का और कोई तरीका. नहीं है सिर्फ एक तरीका है कि आप संघर्ष. को अपने जीवन का दर्शन बना संघर्ष सफलता.
कुंजी है बचपन में लिखते थे बिल्कुल युद्ध. नहीं जिनके जीवन में वो भी बड़े अ भागे. होंगे आप बोलते बड़ा अच्छा है इस बार. बोलना नहीं यस या नो आप चाहे तो आप बोल. सकते हैं आप हमारे शहर के है तो आपको हम. डिस्काउंट देंगे कि आप बता भी सकते हैं. कुछ सवाल हम पूछेंगे यस या. नो ठीक है थोड़ा ट्रिकी सवाल होंगे कुछ. कुछ कुछ कुछ बेसिक सवाल होंगे आईडियोलॉजी. जानने के लिए ईवीएम से छेड़छाड़ होती. है ईवीएम का नाम है इटरनल विक्टोरियस.
मोदी क्या नाम है इटरनल विक्टोरियस मोदी. जब तक. रहेगी ऐसा मैं नहीं कह रहा हूं ऐसा सब. कहते हैं कि जब तक रहेगी इटरनल फिर लोग. पूछेंगे दो बार आप क्लीन स्वीप कर गए लगभग. दिल्ली में तो य इटरनल विक्टोरियस मोदी. फिर वहां का काम नहीं किया अरे तो राजनीति. है ना एकाद स्टेट तो जो लोग खतरनाक होते. हैं उनको देना पड़ता है नहीं तो वो अगर. आपके पीछे पड़ जाएंगे अरविंद केजरीवाल जी. तो किसी के सामने झुकने वाले हैं नहीं हम.
सबसे ज्यादा अगर मोदी जी किसी से परेशान. होते हैं तो केजरीवाल जी से होते हैं. प्रेम सबसे ज्यादा प्रेम किसी से है पता. नहीं मतलब मैंने देखा नहीं कि एक एक. पार्टी के चार बड़े नेता जेल चले गए हो. मेरी स्मृति में तो नहीं है हां तो उन्हीं. ने तो नाम दिया जनता दिल्ली की कितनी. ज्यादा सहानुभूति रखी प्रेम रखी कि बताओ. जो नेता हमारे लिए काम कर रहे थे बिजली. पानी फ्री दे रहे थे हमारे नेताओं को मोदी. जी ने जेल में भेज दिया. अब हम 70 में 70 सीट देंगे इनको ऐसे लोग. कह रहे जीते तो ईवीएम हारे तो फिर य वाला. आएगा जो पुराना वाला चलता है सोशल मीडिया. प नहीं नहीं हम क्वेश्चन क्या था क्या.
ईवीएम चलती है ईवीएम से छेड़छाड़ होती है. होती है ना ये क्वेश्चन य नहीं था कि क्या. ईवीएम गलत है छेड़छाड़ तो होती है ब ठीक. है केजरीवाल जी की नसल मंडेला से तुलना. सही थी. यस एकदम सही है वही वाला आएगा सर कि वो. करप्शन में गए आदमी चल रहा है ाज करोड़ का. नुकसान हो तो मैं बता रहा हूं एक आदमी. फर्स्ट अटेम्प्ट में आईआईटी क्वालीफाई. करता है हम एक आदमी फर्स्ट अटेंट में आईएम.
क्वालीफाई करता है हम एक आदमी फर्स्ट. अटेंप्ट में सीएम बनता है. हम उसकी योग्यता नहीं. है मतलब इतनी योग्यता वाला आदमी. हम बिना बैकिंग सब कुछ खुद निर्माण किया. हम. खुद तो. हमने क्या बुरा किया नेलसन मंडेला आखिर. वही तो आईएसी जब शुरू हुई इंडिया अगेंस्ट. करप्शन तो हमने सेकंड आजादी की बात की कि.
नहीं की कि इंडिया को फिर से आजाद कराना. है अब वाइट अंग्रेजों से नहीं कराना है अब. इंडियन अंग्रेजों से कराना है तो वो भी. ठीक है वो आपका थॉट प्र क्योंकि ये काउंटर. वाला पार्ट नहीं काउंटर वाला पार्ट हम. पहले कर चुके हैं सर्जिकल स्ट्राइक ठीक थी. हां बिल्कुल ठीक थी हुई. थी हुई थी इस पर तो थोड़ा. सवाल उठा ही था कि भाई आप उसका सबूत दे दो. मुझे लगता है कि अगर कोई सबूत मांगे तो. उसे दे देना चाहिए ऐसा नहीं है पर ठीक थी.
ठीक है यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू होना. चाहिए यूनिफ ड. हा बिल्कुल मैं बता रहाय य पार्टी की. स्टैंड की बात नहीं कर रहा हूं य पर. पार्टी की स्टैंड की बात नहीं कर रहा मैं. एक बात बता. दू मैं एक छोटा सा बात बोल. द प्री मॉडर्न वर्ल्ड और मॉडर्न वर्ल्ड. दोनों में बहुत बड़ा डिफरेंस है प्री. मॉडर्न वर्ल्ड में एजुकेशन और. कांस्टिट्यूशन दोनों रिलीजन से गवर्न होते. थे मॉडर्न वर्ल्ड में एजुकेशन और. कांस्टिट्यूशन ह्यूम निज्म और रीजन से.
गवर्न होते हैं यूनिफॉर्म सिविल कोड आने. से किसी भी धर्म. को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा धर्म फेथ. है क धर्म जो है वह फेथ है फेथ फेथ किसी. कपड़ा पहनने से वैवाहिक संस्थाओं से इनसे. नहीं जैसे हमारी मां. है तो हमारी मां के प्रति जो मेरा फेथ है. अब मेरे दोस्त है उनकी मम्मी को भी हम लोग.
अक्सर अपने दोस्तों की मम्मी को भी मां. मम्मी कहते हैं अम्मा कहते हैं तो क्या. हमारी मां में हमारा फेथ खत्म हो जाता है. नहीं होता है किसी भी देश को ये इस. कांसेप्ट को किसने शुरू किया था नेपोलियन. ने हम जिस दिन इस देश का हर आदमी नेपोलियन. को पढ़ेगा कि यूनिफॉर्म सिविल कोर्ड क्यों. जरूरी है मॉडर्न एजुकेशन और मॉडर्न लीगल. सिस्टम का जन्मदाता है. नेपोलियन दोनों चीज का जन्मदाता है तो जब.
तक यह बात आज जो फ्रांस इतनी तरक्की की. राह पर बैठा हुआ है उसकी वजह यही है ठीक. है अव ओजा जी चुनाव अगर हार गए जीत गए तो. आपको बधाई अभी से आपके यहां लड्डू खाने आ. जाऊंगा मैं लेकिन अगर अवद ओझा जी चुनाव. हार गए या चुनाव नहीं लड़ने पाए तो आम. आदमी पार्टी बने रहेंगे बिल्कुल बने. रहेंगे यस या नो यस यस. यस अब राजनीति में ये नहीं होता कि हार गए. तो चले जाएंगे बहुत बार देखा है ना कि लोग. आते हैं इलेक्शन लड़ते हैं इलेक्शन टाइम. में आते हैं जीत गए तो चलो बढ़िया है हार.
गए तो प्यार से अपने पुराने धंदे लौट जाते. हैं इसका एक बहुत बड़ा एग्जांपल बहुत सारे. लोग हैं हम कई सारे लोग रहे जो आए चुनाव. लड़े और थैंक यू हो चले गए हां लेकिन बहुत. सारे लोग हैं आए चुनाव लड़े क्योंकि आप. सीखते भी तो हैं आप किसी फील्ड आप बहुत. बड़े सेलिब्रिटी हैं आपका नाम है आप. शिक्षक है इसका मतलब ये थोड़ी कि आप. राजनीति की बी एवी सीडी जानते हैं तो ठीक. है अगर हारते हैं तो अपनी विधानसभा में. काम करेंगे अगले 5 साल लोगों के साथ. रहेंगे मिलेंगे जुड़ेंगे आज 100 लोग जुड़े. हैं कल 1 लाख लोग जुड़ जाएंगे तो शायद वोट.
भी नहीं मांग और ना लड़ पाए. तो ना लड़ पाए तो फिर पार्टी में दो विंग. होते हैं ना एक पार्टी का राजनीतिक विंग. होता है एक पार्टी का कंस्ट्रक्टिव. प्रोग्राम का विंग होता है जिसमें आप. संगठन देखते हैं और संगठन का दर्शन देखते. हैं उसम काम करेंगे रहेंगे आम आदमी पार्टी. हा बिल्कुल रहेंगे छोड़ेंगे नहीं अब क्यों. छोड़ेंगे क्या मतलब है छोड़ने का आप एक. बात बताओ कि ठीक है हमको तो शह बीबी. गैंगस्टर मेरे दिमाग में बहुत बढ़िया फिट. हो गया था कि वेजिटेरियन है नॉन. वेजिटेरियन हमने कहा मौका टेरियन आप अगर.
मौका टेरियन की बात अगर यह बात सत्य होती. ना अगर यह बात सत्य है कि मैं मौका टेरियन. हूं तो मुझे आज भी भाजपा में भी जाना. चाहिए था. हम क्यों क्यों जाना चाहिए था क्यों जाना. चाहिए था 15 साल से पार्टी पावर में है. एंटी इनकंबेंसी भी तो होगी. नहीं होगी ऐसा थोड़ी कि पटपट गंज मेरे लिए. कोई बहुत इजी सीट रही होगी वहां भी तो. चैलेंस रहे होंगे सही बात है पिछली बार.
हारते हारते जीत गए थे फिर कितनी सारी. चुनौतियां खड़ी हुई तो मैंने अगर मेरे. दिमाग में यही बात होती कि मौका मौका का. फायदा उठाना है तो अगर शुद्ध मौका टेरियन. कोई व्यक्ति होगा तो वह तो भाजपा में चला. जाता और भाजपा उसे बुला भी लेती कि हां. भैया ठीक है दिल्ली में जाओ लड़ो जहां. चाहो वहां से लड़ो अगर व्यक्ति एनालाइज. करे दिल्ली से खाली एक ही ऑफर हुआ था आपको. क्योंकि आप राहुल जी की जब तारीफ कर रहे. थे बीच में तो लोग कह रहे थे कि शायद. कांग्रेस से भी जुगाड़ लग रहा हो बीजेपी. आप खुद कह रहे हो तो ऑफर एक ही था ऑफर एक.
ही था दिल्ली से और वो भी ऑफर किस बात पे. था कि आप तो फिर तो आप ही का कांसेप्ट है. ना आपने कहा था जो बुलाएगा वहां चले. जाएंगे बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल और ऑफर इस. बात का था ऑफर चुनाव लड़ने का नहीं था ऑफर. ये था कि अगर आप हमारे साथ आते हैं तो हम. शिक्षा के विकास में आपका सहयोग. लेंगे यहां से कहानी शुरू होती है कोई डील. नहीं थी कोई डील नहीं थी कि चुनाव लड़ेंगे. या राज्यसभा भेज देंगे बिल्कुल नहीं उन. लोगों को भी पता था कि भाई यह टीचर आदमी. है पता नहीं मना कर दे ना करें तो उन्होने. कहा आप हमारे साथ काम करेंगे तो हम शिक्षा. के क्षेत्र में आपसे सहयोग भविष्य में कभी.
गोंडा लौट के चुनाव लड़ो ग कैसरगंज. गोंडा अपने वतन जो नहीं गया मतलब सबसे. बड़ी चीज क्या है अपने लोगों के बीच जाना. रहना तो दिल्ली में भी अगर मैं राजनीति. करता हूं उसकी एक सबसे बड़ी वजह ये है. हमारे जो भी भाई दिल्ली क्या है हम. अप्रवासी लोगों की जगह है हम सब बाहर से. ही लोग आए कोई बिहार से आया है कोई यूपी. से आया पूर्वांचल हरियाणा तो खैर बगल में. कोई उत्तरांचल से आया है और यहां जितने भी.
लोग आते हैं सब शुरुआत में स्ट्रगल करते. हैं सब मैं भी किया हूं मैंने शायद ही. किसी आदमी की कहानी देखी हो दिल्ली में. जिसने स्ट्रगल ना किया हो तो मेरा मानना. यह है कि अगर यहां की राजनीति के राजनीति. में मैं हिस्सेदार रहूंगा तो उस स्ट्रगल. को कुछ आसान बनाया जा सकता है ठीक है कुछ. अच्छा किया जा सकता बस आखरी के दो चार. सवाल है फिर हम थैंक करते हैं सबसे ड सुना. ओझा जी ने अपने बारे में सबसे अजीबो गरीब. रूमर वही कच्छा. वाला मैंने मैं भी ढूंढने लगा वीडियो.
ढूंढने लगा मैंने कोचिंग डायरेक्टर को फोन. मिला मैंने क कोई वीडियो है क्या तो कच्छा. पहन के आते हैं सेक्स की बातें करते हैं. पढ़ाते नहीं गुंडे तो मैंने कहा यार मैं. तो आज भी दावा करता हूं कि वह मैडम जहां. भी है हमको आ जाए और किसी भी विषेश पर. हमसे वाद विवाद कर. ले अगर मेरे पांच बेसिक सवालों का जवाब दे. देंगी तो मैं पढ़ाना छोड़. दूंगा राजनीति छोड़ दूंगा मैं अपने गांव. चला. जाऊंगा य इस मंच से बोल रहा हूं जितने लोग.
मेरे ऊपर इल्जाम लगाते हैं कि मैं पढ़ाता. नहीं हूं मेरी एक सीरीज है अवधनामा करके. जिसमें मैंने पूरी इतिहास पढ़ाई है मैं. गीता पढ़ा रहा हूं जितने लोग मेरे ऊपर. इल्जाम लगाते हैं कि अदजा नहीं पढ़ाते वह. बस एक बार एक बार लेकिन एक शर्त है उस बहस. की कि अगर मैं तो हारू तो मैं सब कुछ. त्याग दूंगा तो वो हारेंगे तो फिर क्या. करेंगे ये उनको पहले क्लेरिफाई करना होगा. और मैं पढ़ाने किसी को नहीं आया हूं मैं.
सिखाने आया हूं मैंने कहा ना कि लोग. कंपाउंड की परिभाषा नहीं जानते मैंने. अच्छे अच्छे लोगों से सवाल किया कि भारत. राष्ट्र क्यों बना नहीं बता. पाए बता ही नहीं पाए पाच पाच साल आईस की. तैयारी की 10 10 साल आईस की तैयारी की. समझा ही नहीं. पाए मैंने कहा गांधी जी ने ऐसा कौन सा. सूत्र लगाया कि 10000 लोग 1920 में उनके. पीछे खड़े हो गए नहीं बता पाए समाजशास्त्र. के बारे में मैंने पूछा कि यह नई सोसाइटी.
का जन्म क्यों हुआ नहीं बता पाए साइकोलॉजी. किसकी देन है नहीं बता. पाए और मेरे पास मैंने कहा ना मैं चुनाव. लड़ रहा हूं मेरे पास पूरे देश से बच्चे आ. रहे हैं मेरी मदद करने के लिए उसम मैंने. कंडीशन रखी है कि आप अपने फादर से रिटर्न. परमिशन लेकर आओ तो ठीक है पटपड़गंज में. हां मैं चाहता हूं पेरेंट्स तो जानते रहे. ना कि का बच्चा मेरे साथ है पता लगा ठीक. बात अपने बारे में सबसे अच्छी बात क्या. सुनी.
आपने अच्छी बातों में विशेषक ध्यान नहीं. देता फिर भी कुछ तो. होगा याद करना पड़ेगा बहुत सारी बातें. सुनता रहता हूं मैं कोई एक जो याद रह गया. जिसको ले थोड़ा सा ब्लश मार दि. हो वैसे ही जैसे मोदी जी से पूछा गया था. कि वो इटली वाला मीम देखते हैं तो धीरे से. मुस्करा दिया मोदी जी. कोई अच्छी बात अपने बारे. में इतना समय लग रहा अच्छी बात सोचने में. सुनता ही नहीं मैं अच्छाई प ध्यान ही नहीं.
दे कोई अच्छा बोल नहीं करता नहीं नहीं ऐसी. बात नहीं है बताइए कोई एक बात. हमको किसी दिन बाब याद आएगी तो टेक्स्ट कर. देंगे ये बात अच्छी लग रही. थी गों सबसे फेमस आदमी कौन. है आदम. गोंडवी गोंडा के सबसे फ जिंदा लोगों में. गडा सबसे फेमस आदमी कौन है बृजभूषण शरण. सिंह पसंद है आपको. पसंद उनकी पहलवानी जो मुझे बहुत पसंद है.
उनसे हर यूथ को ये सीखना चाहिए पहलवानी. करना चाहिए एक वीडियो भी चल रहा है पहलवान. मसाज विज का हां हां मतलब वो यूथ के लिए. एक सूचक है कि वो आदमी 70 साल की उम्र में. बैडमिंटन खेल रहा है दन बैठक मार रहा है. तो एक होता है ना पर्सनालिटी तो मुझे लगता. है कि य दबदबा था दबदबा है दबदबा रहेगा. मैंने सुना नहीं इस बात को अरे उय. मासूमियत. ठीक. है पैसा कितना इंपॉर्टेंट है. रहीमन पानी राखि बिन पानी सब सून पानी गए.
ना उरे मोती मानुस चून पैसा बहुत जरूरी है. जिंदगी में कमाना ही चाहिए आज अमेरिका. पूंजीपति मुल्क है. ना सब जाते हैं अमेरिका में बैठते हैं. पैसा के लिए कुछ भी करना गलत है लेकिन. पैसा रतन टाटा नहीं पैसा कमाए थे सही बात. है कितना काम करते थे नारायण मूर्ति नहीं. पैसा कमाए फोसिस वाले यह क्या नाम है. इनका सुधा मूर्ति जी जो है कितना वेलफेयर.
का काम करती है वो पैसा कमाना कोई बुरी. चीज है अच्छा जो एक नया कांसेप्ट आया था. इतने घंटे काम करो 90 घंटे शायद ये सही है. गलत है मैंने उसम आरएनटी नहीं की कि उसम. अभी रिसेंटली तो आया दो-तीन दिन पहले कि. आप अपनी उसम बड़े बीवी कितना निहारो ग. जाके काम करो काम करोगे तो ऐसा होगा बकल. आपको क्या लगता है मतलब जिंदगी जीने के. लिए काम करना चाहिए या काम करने के साथ. जीना चाहिए आपको अपने काम में मजा आना. चाहिए अगर आपके काम में मजा आ रहा है तो. आप टाइम कभी नहीं देखोगे और अगर मजा नहीं.
आ रहा तो आप हर 10 मिनट पर घड़ी देखो ठीक. है बेस्ट प्राइम मिनिस्टर ऑफ इंडिया. जवाहरलाल. नेहरू कोई रीजन देना चाहेंगे आप आगे बढ़े. अरे 1947 में जब देश आजाद हुआ सब कुछ. बिखरा. खत्म मैं तो चाहता हूं किसी दिन उस. व्यक्ति पर गंभीरता से चर्चा. हो मतलब रूरल. डेप्ट खाने को नहीं है पीएल 4 एटी अमेरिका. भेज रहा है जो सूअर को गेहूं भेजता. था जो हमारे ये यूएस और यूएसएसआर थे.
इन्होंने हमें पैसा देने से मना कर दिया. कि साहब हम आपको फाइनेंशियल हेल्प नहीं. करेंगे क्योंकि हमारा कांस्टिट्यूशन बनके. तैयार नहीं हुआ था खाने को पैसा नहीं था. दोदो दुश्मन देश सामने पैदा हो गए थे एक. तरफ चीन था एक तरफ पाकिस्तान था इंटरनल. क्राइसिस पैदा हो गई थी तेलंगाना के राज्य. की डिमांड लैंग्वेज के आधार पर शुरू हो गई. गरीबी भुखमरी पैसा नहीं है. और उस परिस्थिति में वह आदमी देश की. बागडोर को लेकर आगे बढ़ता है और 1961 में. बेलग्रेड सम्मेलन में हम लीडर बनकर सामने.
आते हैं थर्ड वर्ल्ड कंट्रीज की कितनी. बड़ी बात है ब्यूटीफुल सबसे हार्ड वर्किंग. नेता आपकी नजर में देश. का सबसे हार्ड वर्किंग भी नेहरू जी ही थे. बहुत हार्ड वर्किंग इतना काम आसानी से. थोड़ी हुआ होगा कि सिर्फ बैठे रहे और काम. हो गया होगा बहुत हार्ड वर्किंग नेता जी. नेता रहे होंगे वो इतना काम करना इतने. बड़े देश को चलाना वो भी ऑड सिचुएशन में. वो एक बहुत बड़े श्रम का परिणाम रहा होगा. तीन किताब जो सबको पढ़नी चाहिए इगनाइटेड. माइंड्स भगवत गीता.
और द पावर ऑफ. नाउ यूपी में योगी आदित्यनाथ अखिलेश में. बेहतर प्रशासक कौन. है अखिलेश यादव जी के अंदर बहुत गहराई. वाली मैच्योरिटी पैदा हो रही है और आने. वाले समय में बहुत अच्छे प्रशासक बनेंगे. जबरदस्त सबसे फेवरेट हीरोइन कौन है वझा सर. की मीना. कुमारी इन्हीं लोगों ने लूट ले लीना. दुपट्टा मेरा बस उनकी अदाकारी में एक बड़ी. प्यारी चीज थी कि शब्दों के मतलब डायलॉग.
जो होता था तो एक एक डायलॉग पर जो फेस का. एक्सप्रेशन होता. था उसमें 100% मैच होती थी जैसे कुछ. एक्टर्स होते हैं ठीक है आप अगर उन्हें. गंभीरता से नहीं देखते हो तो आपको नहीं. पता चलेगा पर अगर आप उन्हें बहुत गंभीरता. से देखोगे तो आपको लगे नहीं नहीं मिस कर. गए यार यह सीन तुम और भी अच्छा कर सकते थे. पर मीना कुमारी ऐसी एक्ट्रेस थी कि जब वो. डायलॉग डिलीवरी करती थी भाई एक्टर कौन जो. वर्ड के साथ एक्सप्रेशन सेट कर ले मैच कर.
जाए उसमें सबसे बेहतरीन अदाकारा थी मीना. कुमारी टीचर मोटिवेशनल स्पीकर या नेता. ज्यादा मुश्किल क्या है. टीचर टीचर में सबसे मुश्किल बात यह है कि. आपके पास जो आपका स्टूडेंट आता है ना. उसका पूरे जीवन की ओवर हॉलिंग आपको करनी. होती है मतलब आपको पता है कि इस आदमी को. गढ़ना है पूरी तरह से टीचर होना एक बहुत. चैलेंजिंग काम है जीवन में बहुत चैलेंजिंग.
अगर जिंदगी में एक आखिरी डायलॉग बोलना जो. डर गया समझो मर. गया आपको बधाई. शुभकामनाएं एक नई शुरुवात की आपने आपका भी. जितना हारना तय करेगा कि भविष्य में आप. किस तरह के उदाहरण दिए जाओगे कि देखो अवा. दोज जीत गए या देखो अवा झा भी गए नेता बनत. रहे. बहुत क्योंकि हमारे शहर से है इसलिए थोड़ा. एक्स्ट्रा लिबर्टी लेकर आपको अतिरिक्त. शुभकामनाए बहुत ब.
