Unplugged ft. Arvind Kejriwal | Biggest Podcast Before Delhi Elections| AAP VS BJP| Rahul Gandhi|
आप इंडिया के पहले सेटिंग चीफ मिनिस्टर थे. जो जेल. गए ईडी ने केजरीवाल को गिरफ्तार कर लिया. है क्या सीखा जेल जाने से जेल कुछ सीखने. नहीं गए थे इन्होंने जबरदस्ती भेजा था. जेल आपने देखी सर नायक आपके फैंस बहुत. कंपेयर करते हैं नायक में जो दूसरा किरदार. था अनिल कपूर का जर्नलिस्ट वाला आज वो हम. निभा लेते हैं आपको पता है लिकर्स कैम के. अंदर सबसे बड़ा स्कैंडल क्या है पैसा कहां. गया ये ढूंढ रहे हैं मैं बता देता हूं आज. आपके चैनल में पैसा कहां है आर यू स्केड. बार जब जा रहा हूं मुझे नहीं पता अब मैं. कब वापस आऊंगा बीजेपी इज आई एम नॉट स्केरड.
आई विल फाइट टिल माय लास्ट ब्रेथ मैं ये. चुनाव जीतने और चुनाव हारने नहीं आया हूं. क्य गुस्सा ज्यादा है नाराजगी ज्यादा है. कॉन्फिडेंस थोड़ा कम आ रहा है कॉन्फिडेंस. और क्या दिख आप हर बार इलेक्शंस में आप. पेपर प लिख दिया करते थे मुझे नहीं लिखना. मुझे वो नहीं वो सब नहीं करना आप पर भी एक. एलिगेशन लग रहा है कि जैसे से इलेक्शन. नजदीक आ रहा है आप एक के बाद एक चीजें. ऐलान करें आप भी कोशिश करें कि कितना अपील. कर ले कि हमें वोट मिल जाए अच्छा एक चीज. बताओ हमने सारा चलो मान लो इलेक्शन के. पहले किया क्या गलत है भाई ये लुभाना नहीं. हो गया राइट्स राइट्स तो नहीं करवा रहे. मार काट तो नहीं करवा रहे 2012 में जो.
आपके स्टेटमेंट स्टैंड था वो सही था महिला. सम्मान की बात अब आपका अपोजिशन ये कहता है. कि पंजाब में भी अनाउंसमेंट हुई थी वहां. डिलीवर नहीं अभी पा साल है आप अगर ये. इलेक्शन जीत जाते हो आप दोबारा से सीएम. फेस होगे मैं चुनाव में जाऊंगा अगर जनता. मुझे दोबारा चुनती है तो मैं सीएम की. कुर्सी पर बैठूंगा व्यक्ति विशेष से. ज्यादा बड़ी दिल्ली है दिल्ली की जनता. ज्यादा इंपॉर्टेंट है रदर देन ये कि कोई. व्यक्ति सीएम रहे जैसे आपकी बेली कंडीशंस. है ये कंडीशंस कोई वो नहीं है वो तो जैसे. अभी मनीष की कंडीशन थी कि हर थर्सडे को हर. ट्यूसडे ये छोटी चीज है हर इंपोर्टेंट.
इलेक्शन में आप पर हमला क्यों जा है ऐसा. क्यों होता है कि केवल आपको टारगेट करें. बहुत सारे अपोजिशन है राहुल जी हुए. तेजस्वी जी हुए अखिलेश जी हुए उन पर इतने. हमले नहीं होते तो आप बीजेपी से पूछो ना. अति जी का मैं एक इंटरव्यू देख रहा था शी. सेड कि आई नेवर वेंट टू मोहल्ला क्लेनिक. आप गई है कभी खुद अपना इलाज कराने मोहल्ला. क्लेनिक एक्चुअली मैं नहीं गई मतलब ये. सच्चाई है राघव जी की आंख का ऑपरेशन लंडन. में हुआ सतेंद्र जी बीच में मैक्स में गए. थे आपने स्टेटमेंट दिया था कि हमने इतना. हाई क्वालिटी बना दिए है कि अपोलो मैक्स. में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी आपको लगता. है आप लिव कर रहे हो उस एक आपको कहानी. सुनाता हूं ना सर एक टॉपिक था जिस परे.
रिपोर्ट आई कि तकरीबन 000 करोड़ रुपए 2023. तक खर्च हो गए थे गलत कहां खर्च वो तो आप. लोग बताओगे पैसे आप लोग के पास गए होंगे. हमारे पास चुनाव लड़ने को पैसा नहीं है और. आप आरोप लगा दे तो 7000 करोड़ खा गए हम ये. गलत रिपोर्ट है सही रिपोर्ट है आपके. एक्सपीरियंस से आपका क्या अनुमान लग रहा. है कि कब तक आप वो जो स्वर्ग वाली फीलिंग. वहां दिखती है जो उसको वायरल होती है झाग. आता है वो हट जाए इस टम में कर लेंगे इस. टम में कर देंगे फिर आप लोग मोदी जी से. दोस्ती क्यों नहीं कर लेते हो आप करा दो. यार प्लीज आप लोग क्यों लड़ाई झगड़ा करके. बैठ रहे हो प्लीज करा दीजिए आप कहेंगे. इनके पैरों में पड़ो पैरों में अब आप उनको.
टेररिस्ट कह थे टेररिस्ट कनेक्शन उनके हैं. तो कैसे दोस्ती करेंगे आपसे व आम आदमी. पार्टी जैसे स्कूल का हुआ कॉलेज का हुआ या. आपने पराली की बात की या बाकी जितने भी आप. इश्यूज हाईलाइट करो कि हमने किया. दैट्ची की हिम्मत नहीं है आपके सामने. बैठने की कोशिश हमारी है उनसे भी बात करने. की देखते हैं और आप कितने ऐसे ऐसे सवाल. पूछ के देखिए आप इस देश में रह जाएं मैं. चैलेंज करता हूं आपको ईडी गिरफ्तार ना कर. ले उसके बाद तो मैं चैलेंज करता हूं जिस. शिद्दत से आप मुझसे सवाल पूछ रहे हैं आप. मोदी जी से पूछ के देखो अब वो उनका अधिकार. है सवाल तो सामने बैठेंगे सर हम पूछेंगे.
आप नाराज हो रहे हैं नहीं बिल्कुल नहीं. आपके बच्चे कभी नहीं आएंगे पॉलिटिक्स में. नहीं श्यर क्यों अगर आएंगे तो कोई और. पार्टी में आएंगे आदमी पार्टी में नहीं. लेकिन अगर मान लीजिए रह गया 1920 वापस. कांग्रेस जुड़ेंगे आपको ये लगता है. कांग्रेस की सीट आ रही है ऐसा क्यों सोचते. हैं पॉलिटिक्स और क्रिकेट में सर लास्ट मट. लंबा टाइम है 8 9 तारीख को दोबारा एक. पॉडकास्ट कर. लेंगे वो तारीख 28 दिसंबर थी साल 2013 जब. दिल्ली को उसका सेकंड यंगेस्ट चीफ.
मिनिस्टर मिला एक ऐसा शख्स जो अन्ना. आंदोलन के प्रमुख चेहरों में से एक था एक. ऐसा शख्स जिसे हमने लोगों के बिजली. कनेक्शन जोड़ते हुए देखा था उनके फैंस ने. उन्हें नायक की भूमिका में अनिल कपूर वाले. चीफ मिनिस्टर की तरह देखना शुरू कर दिया. आज वो हमारे साथ है नाम है अरविंद. केजरीवाल जी तीन बार के दिल्ली के. मुख्यमंत्री आपने देखी है सर नायक हां. मैंने देखी है अनिल कपूर अनिल कपूर आपके. फैंस बहुत कंपेयर करते हैं हां कि अरविंद. सर जब आए तो बिल्कुल एकदम नायक वाले चीफ. मिनिस्टर की तरह रहे.
मुझे लगा कि नायक में जो दूसरा किरदार था. अनिल कपूर का जर्नलिस्ट वाला आज वो हम. निभा लेते हैं ठीक है आप बन जाइए अनिल. कपूर चीफ मिनिस्टर मैं बन जाता हूं अनिल. कपूर द रिपोर्टर हा मैंने आपको कहा कि आप. सेकंड यंगेस्ट थे इन आईडिया फर्स्ट कौन थे. बिकॉज आप सेकंड यंगेस्ट हो दिल्ली में. शीला जी रही साहिब सिंह वर्मा जी रहे. सुषमा जी रही मदर लाल खुराना जी र हालांकि. बहुत पुरानी कहानी है चौधरी ब्रह्म जी थे. चौधरी ब्र वा ंगे 50 में ही वाज द यंगेस्ट.
एंड आप सेकंड यंगेस्ट हैा ओके सो ये बहुत. ही शानदार था कि आपने ये रिकॉर्ड बनाया. फिर आपने बैक टू बैक हैट्रिक की बट अब जब. 2013 से 2025 में हम आते हैं और मैं आपकी. बीती रात डॉक्यूमेंट्री देख रहा था मुझे. लग रहा है काफी चीजें बदल गई है एक तो सर. ने मफलर पहनना छोड़ दिया है नहीं मफलर है. अभी यहां गर्मी है बाहर ख पड़ा हुआ है. आपने सोशल मीडिया पे देखा मतलब हम कॉलेज. में थे तो लोग कहते थे कि सर ने जब मफलर. पहना तो पता लग गया कि ठंड आ गई हां हां. हां. हां आपने डॉक्यूमेंट्री है सर हमने आपकी. देखी डॉक्यूमेंट्री.
देखने के बाद कई तरह के सवाल मेरे मन में. आ रहे थे एक सवाल तो यह था कि बहुत सारे. हाई एंड लो नोट्स थे ये डॉक्यूमेंट्री. क्यों बनाई आप लोगों. ने एक ऐसा नैरेटिव बनाया जा रहा था जैसे. कोई हम दोषी हैं हमने कोई अभी जैसे आप लोग. आपका जो आपने शुरू जो किया उससे भी एक. थोड़ा सा यह लग रहा था 2013 में जब आपने. शुरू किया तब आप नायक की भूमिका थे लेकिन. अब ऐसे लगा जैसे अब आपका लेकिन अब आने.
वाला है हम वही हैं हम बदले नहीं. है हमारे ऊपर कीचड़ फेंका जा रहा है. क्योंकि जो शिद्दत से जिस देशभक्ति से और. जिस ईमानदारी से हम लोग काम कर रहे हैं वह. उसको हजम नहीं कर पा रहे वह एक नई किस्म. की राजनीति इस देश को दे रहा. है तो ना कांग्रेस और ना बीजेपी उसको. काउंटर कर पा रहे हैं तो इन्होंने मिलकर. डिसाइड किया कि इनको बदनाम नाम करो इनको.
कीचड़ फेंको इनके ऊपर कुछ तो कीचड़ चिपके. का जब रोज आपके ऊपर कीचड़ फेंका जाएगा कुछ. तो कीचड़ चिपके ग तो इन्होंने बारबार. बारबार बहुत कीचड़ फेंकने की कोशिश की तो. पिछले दो साल की जो कहानी है वह यही है कि. किस तरह से आम आदमी पार्टी हमारे नेता. हमारे. कार्यकर्ता टूटे नहीं बहुत बड़े ऑन स्लॉट. का हमले का हम लोगों ने सामना किया है. शायद दुनिया तो नहीं कहूंगा भारत के. इतिहास में शायद इतना बड़ा राजनीतिक हमला.
किसी पार्टी ने या किसी नेता ने इस किस्म. का बर्दाश्त नहीं किया जितना हमारे ऊपर. हुआ आप इंडिया के पहले सेटिंग चीफ. मिनिस्टर थे जो जेल गए जो जेल गया. और बिना सबूत के बिना कुछ कुछ नहीं है उन. लोगों के पास बार-बार सुप्रीम कोर्ट के. संजीव खन्ना साहब ने बोला टिप्पणी की थी. कि यह केस दो मिनट नहीं टिकेगा अदालत. निचली अदालत में ट्रायल में इस स्टेटमेंट. के बाद तो इस केस में कुछ रह ही नहीं जाता. है मैं नहीं कह रहा जस्टिस संजीव खन्ना ने. हेरि के दौरान यह टिप्पणी की थी जो कि.
अगले दिन हेडलाइंस के सारे अखबारों में. हेडलाइंस छपी थी तो जाहिर तौर पर यह पूरा. का पूरा केश केस पॉलिटिकल षड्यंत्र था जो. हमें बदनाम करने के लिए और हमारे काम को. रोकने के लिए और इस नई राजनीति को खत्म. करने के लिए किया गया था नहीं स लेकिन. मुझे खुशी है कि इससे हम ब और ज्यादा. स्ट्रांग और और ज्यादा एक फैमिली के रूप. में बन के निकले हैं नहीं यह तो आपका. कॉम्प्लीयंट एक साथ जेल में हो और उस जेल. जिसके मालिक भी आप हो बड़ा शॉकिंग था ये.
हमारे लिए जानना कि तिहाड़ के मालिक आप है. सेटिंग चीफ मिनिस्टर जेल में जा रहा है और. अंदर इस तरह से मैं चीफ मिनिस्टर सिटिंग. चीफ मिनिस्टर वो जेल मेरे ही अंडर में आती. है हा और इस तरह से तानाबाना बुना गया कि. जेल. के डिप्टी सुपरिंटेंडेंट असिस्टेंट. सुपरिंटेंडेंट लेवल के ऑफिसर्स रोज मुझ आक. एक शो कोज नोटिस देते थे आपकी यह सुविधा. बंद क्यों ना कर दी जाए आपने कल ऐसे किया. आपकी यह मैंने एलजी साहब को एक चिट्ठी.
लिखी थी वहां पर जेल से जब 15 अगस्त आया. बीच में 15 अगस्त आया था तो 15 अगस्त पे. मुख्यमंत्री झंडा फहराता है तो मुझे चिंता. थी कि मैं तो अंदर हूं मैं झंडा कैसे फहरा. हंगा छत्रसाल स्टेडियम में जाके तो मैंने. एलजी साहब को बस दो लाइन की चिट्ठी लिखी. थी दो लाइन उसमें मैंने लिखा था कि 15. अगस्त आ रहा है मेरी एब्सेंट में हमारी. मंत्री आतिशी जी को झंडा फहराने की इजाजत. दी जाए बस इसमें तो कोई देशद्रोह का मामला.
नहीं था कुछ नहीं था उस चिट्ठी प मुझे शो. कॉज नोटिस दिया गया एक असिस्टेंट. सुपरिटेंडेंट लेवल के ऑफिसर द्वारा क्या. रीजन दिया गया उसमें बस ये लिखा गया कि. आपने जेल के रूल्स की अवहेलना की है आपने. एलजी को चिट्ठी लिखने की हिम्मत कैसे की. आगे से अगर आप ऐसा करेंगे तो आपकी फलानी. फलानी सुविधाएं बंद कर दी जाएंगी मैंने. आपने एक किताब है जी लेटर्स ऑफ भगत सिंह. हम पढ़ी है आपने पढ़िए भगत सिंह ने जेल से. जो चिट्ठियां लिखी थी हम बाहर हम वो उनकी.
कंपाइलेशन. है अंग्रेजों के जमाने में भगत सिंह जैसे. क्रांतिकारी को जेल से बाहर चिट्ठी लिखने. की इजाजत. थी आजाद भारत के अंदर सिटिंग चीफ मिनिस्टर. को जेल से बाहर चिट्ठी लिखने की इजाजत. नहीं है अब मेरे जहन में ये ख्याल आ रहा. है ये सवाल आ रहा है कि मैंने कल. डॉक्यूमेंट्री में एक सीन देखा मनीष जी ने. कहा कि बीच में एक दीवाल थी इधर आप थे फिर. मैंने आपको सुना कि आप कह रहे थे कि मैं. टूट रहा था कमजोर हो रहा था फिर मुझे लगा.
यार वो तो डेढ़ साल. से कभी आया आपके मूवमेंट में कि पॉलिटिक्स. में नहीं आना चाहिए था या कहां आ गई या. क्या हो रहा है या सब खत्म नहीं ऐसा नहीं. है मुझे लगता है. कि अगर हम राजनीति में नहीं आते तो जितने. काम हम कर पाए शिक्षा में जो हमने शिक्षा. में काम किया है वह आज तक भारत में कभी. नहीं हुआ 75 साल में नहीं हुआ और. गरीबों के बच्चों को शिक्षा मिलने लगी है.
दिल्ली में 18 लाख बच्चे स्कूल में हैं उन. बच्चों का भविष्य बनाए पहले वह टाट पट्टी. के स्कूल में पढ़ते थे जरजर स्कूलों में. पढ़ते थे अब वह शानदार इंफ्रास्ट्रक्चर है. शानदार एजुकेशन है उनको भविष्य मिला है तो. अगर हम राजनीति में नहीं आते तो यह जरजर. व्यवस्था चलती रहती अभी इस चुनाव में ही. देख लो मैं जब जाता हूं चुनाव लड़ने तो. मैं कहता हूं मैंने यह काम कर दिए इसलिए.
वोट दो वो क्या वो बस गालियां देते हैं. हमें गालियां देते हैं तो यह गालियों का. सिलसिला तो चलता रहेगा यह तो इनकी सेटिंग. है बीजेपी कांग्रेस को गाली देती है चुनाव. में कांग्रेस बीजेपी को देती है पा साल ऐश. करते हैं पा साल पैसे उड़ाते हैं और उसके. बाद फिर चुनाव में आ जाते हैं इन्होंने. देश थोड़ी देश के लिए थोड़ी कुछ करना है. तो हमने राजनीति के अंदर नई लकीर खींची. है 2013 से आपने उसमें या 2011 13 का आपने. डॉक्यूमेंट्री मेंड किया है. कभी कोई पॉइंट आया जहां पर आपको लगा कि.
आपको आपके पुराने साथी याद आए हो क्योंकि. उस दौर में भी आप लोगों ने संघर्ष किया था. क्योंकि आपके जो साथी लोग है उन्होंने. आपके इस नए संघर्ष को बहुत अप्रिशिएट नहीं. किया मैंने कईयों के पॉडकास्ट के कईयों के. इंटरव्यूज किए और वह आपको लेकर सिंपैथी. रखते थे लेकिन आप व सबसे ज्यादा. क्रिटिसाइज करने वालों में वही लोग थे जो. आपके अपने थे और वो आपके बड़े करीबी मित्र. हैं करना चाहिए क्रिटिसाइज करना चाहिए अगर. हम कुछ गलत करते हैं तो करें वो. क्रिटिसाइज हम देखेंगे वो क्या बोल रहे. हैं अगर हमने कोई गलत किया तो हम सुधारने.
की कोश जैसे आपने मुझसे शुरू में कहा कि. आपने शुभंकर कहा कि 2013 में आप नायक बन. कर आए थे लेकिन अब वो लेकिन जहन में इसलिए. आया क्योंकि जैसे आशुतोष जी आपके साथ थे. जर्नलिस्ट रहे हैं मैं किसी इंडिविजुअल आप. उन पर कमेंट मत कीजिएगा मैं केवल उस कोट. को जिक्र करता हूं ही सेड अवदो जी ने कहा. कि नेल्सन मंडेला भी जेल गए थे उन्होने. कहा हां गए थे लेकिन करप्शन में नहीं गए. थे शराब घोटाले में नहीं गए थे आप कंपेयर. नहीं कर सकते मैं सारे चैनल शाम को बैठ के. देख लो सारे चैनल केजरीवाल को भ्रष्टाचारी.
साबित करने में लगे हुए हैं मैं देख रहा. था कभी-कभी देख लेता हूं चैनल केजरीवाल. भ्रष्टाचारी केजरीवाल भ्रष्टाचारी. केजरीवाल भ्रष्टाचारी जनता नहीं मानती इन. सारे चैनलों ने इन सारे एंकर्स ने इन सारे. तथाकथित पत्रकारों ने हमें भ्रष्टाचारी. मेरे को मनीष सि सदियो को आतिशी को राघव. चड्डा को हम सब लोगों को सतेंद्र जैन को. संजय सिंह को सबको भ्रष्टाचारी साबित करने. में कहने में गालियां देने में कोई कसर.
नहीं छोड़ी यही तो इनका मकसद था तो यह. सारे जितने कह रहे हैं यह तो इन्हीं के. इको सिस्टम का हिस्सा है बीजेपी के. इकोसिस्टम का हिस्सा है उ जो आपको छोड़ कर. गए वो भी अब बन गए हैं उनकी क्या. मजबूरियां है किसी को कुछ चाहिए किसी को. कुछ चाहिए किसी को कुछ उम्मीद है किसी को. कुछ उम्मीद है मैं किसी पे इंडिविजुअल प. टिप्पणी नहीं करूंगा. लेकिन अगर जनता यह मानती जब मैं बाहर आया. तो जनता के बीच में गया मैं जनता के बीच. में में जाके मैंने पद यात्राएं की.
पदयात्रा में जनता भटी बड़ी कठोर हो सकती. है आपके साथ अगर आपने कुछ गलत किया हो तो. तो जनता मुझे कहती कि केजरीवाल तूने धोखा. दे दिया लेकिन जनता ने मुझे गले लगाया. जनता ने बहुत वेलकम किया और कई महिलाएं. रोई मुझे देख देख के बहुत रोई नहीं ब जैसे. अभी भी जब जाता हूं अगर मैं भ्रष्टाचारी. होता आप जब आए थे लोकसभा इलेक्शन के पहले. मुझे याद है वो कैंपेन अ जेल का जवाब वोट. से देंगे आपने कहा कि अगर आप चाहते हो मैं. जेल से बाहर रहूं दो तारीख को निकल आऊ तो.
आप मुझे वोट दीजिएगा अगर आप झाड़ू पर दबाए. तो मैं बाहर निकल आऊंगा कमल पर गया तो मैं. अंदर चला जाऊंगा बट फिर आपके अपोजिशन कहते. हैं कि साथ के साथ सीट आप हार गए तो आपने. जनता से अपील की थी कि मेरे जील का जवाब. दीजिए हारना और जीतना बहुत सारे फैक्टर्स. पर निर्भर करता है कोई एक फैक्टर पर. निर्भर नहीं करता हम चुनाव की हार या जीत. कोई एक चीज साबित नहीं करती यह लोग कैसे. चुनाव लड़ते हैं और कैसे चुनाव जीतते हैं. यह तो दिल्ली के चुनाव ने इनको पूरी तरह. से एक्सपोज करके छोड़ दिया.
कैसे इन्होंने हजारों की संख्या में वोट. कटवाने की कोशिश की हमने इनको काटने नहीं. दिए कैसे इन्होंने हजारों की संख्या में. लाखों की संख्या में फर्जी वोट बनवाने की. कोशिश की हमने इनको बनाने नहीं दिए तो यह. कैसे चुनाव जीते खुलेआम. मैं सोचता हूं कि शायद प्रधानमंत्री मोदी. जी. को दो चीजों के लिए याद रखा जाएगा इस देश. की जनतंत्र में प्रधानमंत्री मोदी जी के. दो कंट्रीब्यूशन है बहुत बड़े एक. कंट्रीब्यूशन है आपको याद है एक जमाना ऐसा.
था जब अगर कोई एमएलए बिकता था तो लोग थूथू. करते थे कि गंदा आदमी है खरीदने वाले प भी. थूथू करते और बिकने वाले प भी थूथू करते. थे वोह भजन लाल जी के टाइम का दौर था आया. राम गया राम उस दौर में लोग थूथू करते थे. अगर कोई सरकार गिरा दे एमएलए खरीद के तो. अगली बार वो बनती नहीं थी. हम मोदी जी ने और अमित शाह जी ने इसको. नॉर्मलाइज कर दिया है अब एमएलएस खरीदना और. बेचना चाणक्य नीति कहते हैं आप लोग.
पत्रकार उसको चैनल वाले उसको एंकर्स उसको. एडिटर्स उसको मास्टर स्ट्रोक कहते हैं. चाणक्य नीति कहते हैं उसको तो दूसरा इस. चुनाव के अंदर जिस तरह से खुलेआम पैसा. बांट रहे हैं रोज बट रहा है दिल्ली के. अंदर रोज पैसा बट रहा है रोज जैकेट बट रही. है साड़ियां बट रही है कंबल बट रहे हैं. राशन बट रहा. है कुछ नहीं हो रहा. वोट खरीदे जा रहे हैं खुलेआम खरीदे जा रहे.
हैं पुलिस आके धमका रही है कुछ नहीं हो. रहा इसको भी अब ये नॉर्मलाइज कर देंगे ठीक. आप जो कह रहे हैं वो बहुत हद तक सही है. बहुत हद तक सही एक मिनट एक मिनट इसको भी. इन्होंने नॉर्मलाइज कर दिया एमएलए खरीदिए. बेच ये उसको नॉर्मलाइज कर दिया वोट पैसे. से के दम पे खरीदिए और सामान बांट चुनाव. आयोग को तो खैर कुछ दिखाई नहीं दे रहा. चुनाव आयोग को हमने चिट्ठी लिखी चुनाव. आयोग कहता है इसका कोई सबूत नहीं है इसका. कोई गवाह नहीं है. आपने फिल्म देखी है कई फिल्मों में दिखाते.
हैं सरेआम सड़क के ऊपर मर्डर कर दिया जाता. है वहां बहुत सारी जनता होती है और कोई. गवाह नहीं होता अब चुनाव आयोग का भी वही. हाल हो गया चुनाव आयोग कोई गवाह नहीं मिला. कोई सबूत अरे सारे टीवी चैनल खुलेआम वह. आदमी जो पैसे बांट रहे हैं जो इनके नेता. पैसे खुले आम टीवी पर आके कह रहे हैं कि. हां मैंने बांटे चुनाव आयोग कह रहे कोई. गवाह नहीं है कोई सबूत नहीं है इसको भी. नॉर्मलाइज कर दिया कहां जा रहा है हमारा. जनतंत्र कोई चिंता है किसी को मैं यह सारे. टीवी चैनल वालों से कहना चाहता हूं यह देश.
तुम्हारा भी. है तुम्हारे बच्चों को भी यहीं रहना है या. तो आपने तय कर लिया आज देश छोड़ छोड़ के. बहुत लोग जा रहे हैं या तो आपने तय कर. लिया आप अपने बच्चों को विदेश भेज दोगे और. फिर इस देश की ऐसी तैसी करोगे बैठ के. सारे ठीक है सर आप जो कह रहे उसमें काफी. चीजें हैं अब इसमें कई सारे क्वेश्चन मेरे. मन में आ रहे हैं एक क्वेश्चन आपने वोटिंग. को लेकर क उससे मुझे याद आ गया एक न्यूज. आई थी कि शायद एसपी और आरजेडी भी आपसे सीख. रहे हैं ताकि यूपी बिहार में ले सके स है.
मैं सिखाने वाला कौन होता हूं लेकिन. दिल्ली के चुनाव ने पूरे देश के सब लोगों. को चौकन्ना कर दिया है बीजेपी को एक्सपोज. कर दिया बीजेपी की अब तीन चीजें निकल के. आई है चुनाव जीतने का तीन फार्मूला है वोट. कटवा अपोनेंट्स के और हजारों हजारों एक. बूथ प आप बिलीव करेंगे एक बूथ प नॉर्मली. 1200 1300 वोट होते हैं तुगलकाबाद का. दिल्ली का एक बूथ है वहां 528 वोट कटवाने. की एप्लीकेशन डाली गई सारे एजिस्ट करते. हैं लोग झूठे मतलब 528 लोगों को य दिखाए.
गए शिफ्ट कर गए हैं जब हमने वेरीफाई किया. सारे वही हैं एक बूथ पे 13 में से 528 वोट. कटवा दोगे तो चुनाव क्यों करवा रहे हो. यार चुनाव आयोग को सारे आयोग को इस्तीफा. दे देना चाहिए चुनाव आयोग को दे आर अ शेम. टू दिस. कंट्री इलेक्शन कमीशन इज अ ब्लॉ ऑन दिस. कंट्री ऑन द डेमोक्रेसी ऑफ इंडिया आर यू. स्केड बीजेपी इज आई एम नॉट स्केड आई विल. फाइट टल माय लास्ट आई विल फाइट टिल माय. लास्ट ब्रेथ मैं य चुनाव जीतने और चुना. हारने नहीं आया हूं यह मेरा मकसद नहीं है.
मैं राजनीति में रहूं राजनीति के बाहर. रहूं लेकिन केजरीवाल की एक एक सांस देश के. लिए काम आएगी देश के लिए लड़ता रहूंगा यह. जो जनतंत्र के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं यह. देश की जनता बर्दाश्त नहीं करने वाली मैं. देश को खड़ा करूंगा इन लोगों 140 करोड़. लोगों को बीजेपी की और इलेक्शन कमीशन की. इन कारस्तानी हों के खिलाफ केजरीवाल खड़ा. करेगा आपके फैंस कह रहे हैं कि इस बार आप. बहुत नाराज हो रहे हैं इससे पहले जो. इलेक्शन हुए थे उसमें आपका ये बिहेवियर. नहीं था ये थोड़ा इस बार अलग है इस बार. गुदा नाराजगी ज्यादा है कॉन्फिडेंस थोड़ा.
कम आ रहा है कॉन्फिडेंस और क्या कैसे हर. बार इलेक्शन में आप पेपर प लिख दिया करते. थे मुझे नहीं लिखना मुझे वो नहीं वो सब. नहीं करना मैं जो देख रहा हूं मेरे लिए. सीट जीत सीट तो जीतेंगे हम आम आदमी पार्टी. जीत रही है सब लोग कह रहे हैं चारों तरफ. माहौल है कि आम आदमी पार्टी जी सरकार. उसमें मैं नहीं जाना चाहता मेरे लिए देश. लेट्स नॉट गेट इन टू द ट्रियल क्वेश्चन एक. मिनट नो लेट्स नॉट गेट इनटू द ट्रियल. क्वेन मैं एक मिनट एक मिनट तो जनतंत्र के. साथ जिस किसम का खिलवाड़ हो रहा है आज आम.
आदमी पार्टी ने जिस तरह से चुनाव लड़ा है. सचेत रह के जिस तरह से आम आदमी पार्टी हर. स्टेप के अंदर इनको एक्सपोज करती जा रही. है खून खौल उठता. है जो हम देख रहे हैं हम यकीन नहीं कर. सकते थे कि इस देश के अंदर ऐसा दौर आएगा. जिसमें मतलब एक विधानसभा शादरा अपने लेटर. हेड प बीजेपी ने 11000 वोट काटने की. एप्लीकेशन दी है शर्म नहीं आती इन लोगों. को 11000 वोट अगर कट गए क्या चुनाव रह गया. हम 6000 वोट से जीते थे शादरा पिछली बार.
आपने अगर 11000 हमारी वोट कटवा दी क्या. बचेगा उसके बाद यह तो हमने इनको एक्सपोज. कर दिया रुक गया दिल्ली के अंदर हरियाणा. भी ऐसे ही जीते हैं महाराष्ट्र भी ऐसे ही. जीते हैं इनके पास जन समर्थन नहीं है इस. देश के 140 करोड़ लोग बीजेपी को हराना. चाहते हैं लेकिन जब वोट डालने जाते हैं. वोट ही नहीं मिलते वोट डालने जाते हैं वोट. ही नहीं मिलते लोग वापस आ जाते हैं ये चल. क्या रहा है और नो वन इज किसी चैनल ने. दिखाया किसी चैनल की हिम्मत है मैं आज. चैलेंज कर रहा हूं आपके इस शो के जरिए कोई. चैनल दिखा दे अगले दिन बंद कर देंगे मोदी.
जी उस चैनल. को और आप कह रहे हो कि केजरीवाल नाराज है. केजरीवाल नाराज है 140 करोड़ लोग जिस दिन. नाराज हो गए ना इन बीजेपी वालों को देश के. अंदर जीना मुश्किल हो. जाएगा फिर मेरे मन में सर सवाल आ नाराजगी. के पीछे कई वजह आ रही है जैसे आपने कहा कि. वो पैसे बांट रहे हैं ये बहुत सारी चीज आ. रही है आप पर भी एक एलिगेशन लग रहा है कि. जैसे से इलेक्शन नजदीक आ रहा है आप एक के. बाद एक चीज ऐलान करें आप भी कोशिश करें कि. कितना अपील कर ले कि वोट मिल जाए जैसे. आपने अभी किरायादार को लेक ऐलान किया एक.
चीज बताओ जी जो मैंने ऐलान किए क्या वो. क्या उन मुद्दों पर चुनाव नहीं लड़ाना. चाहना. चाहिए आप दो दो चीज देखो एक तरफ बीजेपी है. एक तरफ केजरीवाल है 12:00 बजे केजरीवाल की. प्रेस कॉन्फ्रेंस होती है केजरीवाल कहता. है कि मैं गरीब सफाई कर्मचारियों के लिए. दिल्ली में घर बनाऊंगा वो आसान किश्तों पर. घर ले सकते हैं एक बजे बीजेपी के प्रेस. कंफरेंस रहते कहती है केजरीवाल ये. केजरीवाल कमीना केजरीवाल भलाना केजरीवाल.
डिमका हु इज स्ट्रेंथ निंग डेमोक्रेसी अगर. मैं रोज प्रेस कॉन्फ्रेंस करके किसी ना. किसी देश के तबके के लिए कुछ अनाउंस कर. रहा हूं क्या गलत कर रहा हूं भाई मुद्दों. प चुनाव लड़ रहा हूं ना बकुल सही बात है. मैंने ऐलान किया कि स्टूडेंट्स को मेट्रो. के अंदर 50 पर कंसेशनल रेट मिलेंगे इट्स. गुड फॉर द स्टूडेंट्स आप भी करो ना आप. क्यों नहीं कर रहे आप बस मेरे को गालियां. दे रहे हो को सवाल तो पूछने दो ना सर आप. मेरे को यह बताओ अच्छा शुभंकर जी आप इतने. सीनियर पत्रकार हैं बीजेपी किस मुद्दे प च. मैं को आपसे सवाल पूछने थोड़े सवाल मेरे.
लिखे हैं वरना लोग मुझे कहेंगे कि मैंने. पेट पॉडकास्ट कर दिया नहीं ये बता दूं मैं. आपसे आ सारे बीजेपी और आपको लेकर सब बैठा. हूं सर मैं थोड़ी रिसर्च मैंने भी की. मेहनत की है इतनी आईटी में की होती तो. आईटी निकल जाता मेरा बीटेक नॉर्मल ना होता. मेरा जो नजरिया है सर इलेक्शन को लेके या. एक कॉमन आदमी का या जब हम आपको 20111 में. देखते थे सो यह लगता था कि किसी भी स्टेट. को डेवलप करने के लिए पॉवर्टी हटा दो. इकोनॉमिक ग्रोथ कर दो इंफ्रास्ट्रक्चर. एजुकेशन हेल्थ सिस्टम बेहतर कर दो बट अब. जो आपका भी मेरे को लेके नजरिया बन रहा है. वो यह है कि आप भी बाकी पार्टीज की तरह हो. कि आप भी फ्री बीस दे दे रहे हो कि भाई.
किस किससे खुश कर लोगे रिलीजन की बातें हो. रही है कास्ट की बातें हो रही है और फ्री. बी की बातें हो रही है एक चीज बताओ येय फ. को डिफरेंस र नहीं आ रहा फ्री बी क्या. होता है नॉर्वे और स्वीडन में हेल्थ और. एजुकेशन फ्री है सर हेल्थ एजुकेशन आप भी. कर दो कटली एक मिनट आता हूं ना फिर तो ये. फ्री भी नहीं है नहीं ये अच्छी चीज है. हेल्थ एजुकेशन मेरा मानना है कोर वैल्यूज. है जो आप कर दो हेल्थ एजुकेशन और जॉब दे. दो एक आप सारे पत्रकारों को कहो कि अपने. अपने टीवी चैनल में बैठ के कहेंगे कि. हेल्थ और एजुकेशन अच्छा कर रहा है. केजरीवाल और यह फ्री भी नहीं है एक मिनट.
एक एक करके एक एक करके आते महिलाओं को बस. का सफर फ्री भी है कि नहीं है दे 38 लाख. महिलाओं को आपने शामिल किया योजना में. 4560 करोड़ इसका बाहर आएगा जिससे खर्च जो. है 10000 करोड़ हो जाएगा एक दो सवाल इसको. लेकर आ रहे हैं तो एक सवाल है कि इसका. पैसों का भार जो है वो कहां से आप मैनेज. करोगे क्योंकि ऑलरेडी इसका भार बहुत. ज्यादा हो रहा है 30 पर ऑफ जीडीपी हो. जाएगा अगर आप टोटल जोड़ लोगे तो एक दूसरा. हर दिन ऐलान हो रहा है और आपके आलोचक ये. कह रहे हैं कि इलेक्शन जब आ रहा है तब आप. ऐलान करो इनमें से कई योजनाएं ऐसी है जो.
पहले भी आपने ऐलान किया था जैसे किरायादार. का था आपका 2019 का वीडियो है और भी कई. ऐलान है जो आपने पहले भी किया था एक्सेप्ट. फॉर द पंडित वन बाकी जो ऐलान है वो पहले. भी रहे हैं किरदारों को लेकर महिलाओं को. लेकर तो पिछले बार नहीं पूरे हुए इस बार. क्यों और इसका बजट कैसे मैनेज करोगे आप. पिछले 10 साल में हमने काफी काम किए ना हम. पहला आपके पहले क्वेश्चन पे आते हैं आपके. कई सारे क्वेश्चन थे आपका क्वेश्चन फ्री. बीज को लेके था कि फ्री बीज क्यों तो अभी. आपने मान लिया कि भाई हेल्थ और एजुकेशन. फ्री भी नहीं है महिलाओं का बस का सफर. फ्री भी है मुझे लगता है सर महिला उस आप.
एजुकेशन और हॉस्पिटल मेरा जो अपना मानना. है एजुकेशन हॉस्पिटल दे दीजिए जॉब दे. दीजिए बाकी चीजें लोगों को कमाने खाने. दीजिए वो महिलाओं का बस का सफर फ्री भी है. अगर आपके पास इतने पैसे हैं कि आप आराम से. मैनेज कर सकते तो नहीं है तो वो तो कर ही. रहे हैं पिछले सात साल से है तो पैसे तो. मैनेज कर ही रहे हैं अभी आतिशी जी गई थी. पीएम के पास पैसे ले वो गलत खबर थी आतिशी. ने भी क्लेरिफाई कर दिया नहीं गए थे. दिल्ली के बजट में कोई नुकसान नहीं है. नहीं कोई नुकसान नहीं है ठीक है तो फ्री. भी है अगर पैसे आपके पास ज्यादा है तो. नहीं है नहीं है तो इसका मतलब आपका पैमाना.
है कि अगर पैसे हैं तो फ्री भी नहीं है. तीन चीजों के अलावा बाकी जितनी चीजें आ. रही है वो लोक लुभावनी चीज है बिजली 24. घंटे कर दी हमने दिल्ली के. अंदर गुजरात में यह 30 साल से नहीं कर पाए. हम इनकी 20 राज्यों में सरकार है कहीं य. बिजली फ्री नहीं कर पाए बिजली 24 घंटे. नहीं कर. पाए दिल्ली में अगर 400 यूनिट बिजली खर्च. करते हो तो 800 का बिल आता है गुजरात में. 400 यूनिट बिजली इस्तेमाल करते हो तो 4400. का बिल आता है अगर मैं अपने मिडिल क्लास.
के लोगों को सस्ती बिजली देता हूं तो क्या. यह फ्री भी है आपने 2019 में भी कहा था. क्या किरायेदारों को मैं बिजली दूंगा 200. रहा उस किराएदार का भी जवाब दे दूंगा यार. आप मैं क्वेश्चन जवाब एक देता हूं आप. क्वेश्चन दूसरा पूछते हो नहीं इ पूरा. इंटरेस्टेड हूं सर नहीं हो नहीं नहीं मैं. हूं सर सुन सुन भी लो मुझे ये मेरा. पॉडकास्ट है है ना तो मेरे को सुन भी. लीजिए थोड़ा सा सुनने की भी थोड़ा हिम्मत. रखिए पूरी हिम्मत है सर तो. क्या बोल रहा था मैं आप कह रहे थे कि आपने.
फ्री बिजली दीरा कपन रहे थे तो यह फ्री भी. है आप अपनी बात कंप्लीट कर लीजिए मैं. कहूंगा फिर आप कहेंगे बोलने नहीं दे रहा. नहीं मैं आपसे पूछ रहा हूं आप बोलिए अब आप. बोलिए मैं आपसे पूछ तो अपनी बात रख दी. एजुकेशन हेल्थ उसके अलावा स उसके बाद बाकी. टैक्स पेयर का पैसा एक मिनट अब मैं आपसे. कहना चाहता हूं ये कौन तय करेगा कि क्या. फीबी और क्या विकास है शुभंकर मिश्रा तय. नहीं करेगा बिल्कुल सही बात है एक चैनल तय. नहीं करेगा बक सही बात है जनतंत्र में. रहते हैं बकुल सही बात जनता तय.
करेगी तो जनता ने तय किया कि केजरीवाल. अच्छा काम कर रहा है तो फिर अरविंद. केजरीवाल 201 में क्यों कहा था केजी जनता. से पैसा लेकर जनता को रिश्वत दे रहे हैं. नहीं जनता से पैसा लेकर जनता को रिश्वत. नहीं दे रहे हैं हम जनता से पैसा लेक. 110000 नहीं बांट रहे हम जनता से पैसा. लेके हम जैकेट नहीं बांट रहे हम जनता से. पैसा लेके उनको जूते नहीं बांट रहे. साड़ियां नहीं बांट रहे चुनाव के लिए कंबल. नहीं बांट रहे हम अप फ्रंट कह रहे हैं कि. हमारी सरकार आएगी तो हम आपको य सुधा देंगे. वो सुविधाएं अच्छी है कि बुरी है जनता तय.
करेगी ब आपने इसको आप जब फ्री भी बोलते हो. ना नहीं मैं सारी पॉलिटिकल पार्टी आप. मिडिल क्लास को एक मिनट एक मिनट आप मिडिल. क्लास को इंसल्ट करते हो इस देश के अंदर. आज मोदी जी ने टैक्स लगा लगा के टैक्स लगा. लगा के टैक्स लगा लगा के मिडिल क्लास का. बेड़ा गर्क कर दिया उनके घर का खर्चा नहीं. चल रहा मिडिल क्लास का उनके जाकर पूछो. किसी मिडिल क्लास फैमिली से मतलब उस पर. जीएसटी लगता है उसपे इनकम टैक्स लगता है. उस पे पता नहीं क्या-क्या टैक्स लगाते हैं.
टैक्स टेररिज्म चल रहा है और वह सारा पैसा. जा कहां रहा है जब हम कहते हैं कि जनता के. लिए सहूलियत क्रिएट करो तो फिर आप जैसे. लोग कहते हैं फ्री भी फ्री भी फ्री भी. फ्री भी फ्री भी अरे आपने लोगों को लूट. लिया वो अपने घर के बच्चों घर में बच्चों. को पढ़ा नहीं पा रहा घर में बच्चों को. अच्छे न्यूट्रिशन नहीं दे पा रहा वो बिजली. नहीं इस्तेमाल कर पा रहा आज अगर किसी के. घर में एक एसी या दो एसी है क्या ये. लग्जरी है तो एक एसी दो एसी वाले अगर. मिडिल क्लास फैमिली को मैंने थोड़ी सी. बिजली में सहूलियत दे दी नहीं नहीं केजल. फ्री भी दे रहा अरे मोदी जी को कहो ना.
टैक्स थोड़ा कम कर दे मेरे को फ्री भी. देने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी वो सारा वो. सारा एक मिनट वो सारा पैसा लूट के उनका और. हमारा क्या इकोनॉमिक वो है वो सारा पैसा. लूट के एक आदमी को दे रहे हैं हम सारा. पैसा इकट्ठा करके जनता को सहूलियत दे रहे. हैं इलेक्शन के पास क्यों इलेक्शन के पहले. भी बहुत किया है बिजली अभी थोड़ी है रंग. गवर्मेंट बिजली अभी थोड़ी है पानी भी पहले. से चल रहा है बिजली भी चल रही है स्कूल भी. चल रहे हैं अस्पताल भी चल रहे हैं.
बुजुर्गों के लिए फ्री यात्रा 7 साल से चल. रही है महिलाओं का बस का सफर कितने सालों. से चल रहा है शहीदों को एक एक करोड़ रुपए. देते हैं वो 7 साल से चल रहा है तो कितनी. सारी चीजें पहले से चल रही हैं और अब और. सुविधाएं आएंगी अच्छा एक चीज बताओ हमने. सारा चलो मान लो इलेक्शन के पहले किया हम. क्या गलत है भाई ये लुभाना नहीं हो गया. राइट्स राइट्स तो नहीं करवा रहे मार काट. तो नहीं करवा रहे गालियां तो नहीं दे रहे. इनकी तरह गुंडागर्दी तो नहीं कर रहे वो. ठीक है की नजर में वो फ्री भी नहीं है. कराओ गुंडागर्दी जाति के नाम पे लड़ा हो.
लोगों को धर्म के नाम पे लड़ा हो लोगों को. गुंडागर्दी करो वो बहुत अच्छा है केजरीवाल. फ्री भी कैसे दे रहा है केजरीवाल को रोको. आप मेरे सामने इसलिए सवाल मेरे आपके हैं. मैं इसका मतलब ये नहीं कि मैं उनको सही. जस्टिफाई कर रहा हूं मेरा सवाल आप मेरे. सामने इसलिए जो सवाल होंगे वो आपके े मैं. तो यही कह रहा हूं जो नैरेटिव बनाने की. कोशिश की जा रही है इस देश के अंदर बि. मुझे ये लगता है कि मिडिल क्लास कहीं. अरविंद केजरीवाल की पर्सनालिटी नोन फॉर. आरटीआई मैन सवाल पूछने वाले व्यक्ति. अरविंद केजरीवाल जब दे रहा हूं मैं जवाब. दे रहा हूं इसलिए आज आपके सामने बैठा हूं.
आप वो व्यक्ति है जिन्होंने मंचों से सवाल. पूछा है मैं अब मैं जवाब दे रहा हूं. इसीलिए आज आपके सामने बैठा हूं मोदी जी की. हिम्मत नहीं है आपके सामने बैठने की कोशिश. हमारी है उनसे भी बात करने की देखते हैं. और आप कितने ऐसे ऐसे सवाल पूछ के देखिए आप. इस देश में रह जाए मैं चैलेंज करता हूं सर. जि आपको ईडी गिरफ्तार ना कर ले उसके बाद. तो मैं चैलेंज करता हूं जिस शिद्दत से आप. मुझसे सवाल पूछ रहे हैं आप मोदी जी से पूछ. के देखो अब वो उनका अधिकार है सवाल तो. सामने बैठेंगे सर हम पूछेंगे उनसे आपकी. हिम्मत नहीं होगी. पूछ उसमें तो आप उनसे पूछेंगे आम कैसा. खाते हैं काट के खाते हैं कि चूस के खाते. सर वो तो आपके भी ते बहुत है हम सब किस्म.
के पत्रकारों के पास जा रहे हैं सबको. इंटरव्यू दे रहे हैं जो सवाल पूछे जाते. हैं जनतंत्र में सवाल पूछे जाने चाहिए और. उनके जवाब भी देने चाहिए जवाब किसी को. पसंद आए ना आए वो तो जनता त बिल्कुल सही. बात है इसलिए मैं सवाल पूछता हूं सर आप. जवाब दीजिएगा बाकी फैसला जनता कर लेती है. जैसे आपने भी कहा महिला सम्मान की बात अब. आपको अपोजिशन ये कहता है कि पंजाब में भी. अनाउंसमेंट हुई थी वहां डिलीवर नहीं हुआ. अभी पा साल है ओके उसके पहले कर दूंगा मैं. आपके चैनल पे अनाउंस कर रहा हूं कि उसके.
पहले कर देंगे चुनाव के पहले ठीक बात है. अब जैसे एक टैक्स पेयर है इस देश में. टैक्स पेयर बहुत कम लोग टैक्स देते हैं अब. नहीं बहुत कम लोग सारे देते हैं सारे. टैक्स देते हैं सारे 100% देश में 100%. लोग टैक्स देते हैं अच्छा आपने वो वाला. लॉजिक आपने कहा था भिखारी भी टैक्स देता. है इसी यही तो आपने कहा था सर इसी पे. मैंने सवाल पूछा था आपसे ये आपका. स्टेटमेंट था कि इस देश का भिखारी भी. टैक्स देता है कोई सामान खरीदता है. एक्साइज ड्यूटी देता है फिर उसका टैक्स का. पैसा लेकर आप फ्री में बांट देते हो ये. आपका स्टेटमेंट मैंने नहीं कहा था आप. दोबारा देखो आपकी वीडियो है सर वीडियो. देखो निकाल के मेरे को तो आज भी स्पीच याद. है मैं आपको कमेंट बता सकता हूं आप एट.
वीडियो ही निकाल लो वीडियो चला दो अभी. टीवी मैंने कहा था हाथ उठाओ कौन कौन टैक्स. देता है हम सुंदर नगरी की बस्ती थी जी एफ. ब्लॉक था जी एफ ब्लॉक के चौराहे प खड़े थे. हम लोग सुनिए आप सुन नहीं रहे आप देख रहे. हो एफ ब्लॉक के चौराहे पर खड़े थे मैंने. जनता से पूछा था मैंने कहा यह बताओ कौन. कौन टैक्स देता है किसी ने हाथ खड़ा नहीं. किया मैंने कहा आपको पता नहीं आप सारे. टैक्स देते हो यहां जितने वो गरीब इलाका. है रिसेट सेटलमेंट बसती है तो लोगों को. लगता है हम तो टैक्स देते ही नहीं लोग.
इनकम टैक्स मानते हैं मैंने कहा आप सारे. टैक्स देते हो जब माचीस खरीदने जाते हो जब. कुछ खरीदने जाते हो उसपे उस टाइम जीएसटी. नहीं होता सेल्स टैक्स देते हो एक्सरसाइज. ड्यूटी देते हो ये देते हो ये टैक्स का. पैसा आपका जा कहां रहा है यह कभी आपने. सोचा उन्होंने कहा नहीं ये सारा पैसा यह. नेता खा जाते हैं हम हमें जागरूक होना. पड़ेगा मैंने ये नहीं कहा था फ्री भी देते. हैं एक मिनट एक मिनट यार आप बीच में मत. काटो यार जी सर लेट्स हैव बेसिक कट स मैं. आपको नहीं काटता जब क्वेश्चन पूछते हूं आप.
मुझे मत काटो तो मैंने कहा था कि ये नेता. सारा पैसा चोरी कर लेते हैं सारा पैसा खा. जाते हैं यह कहा था मैंने आपने उसमें. लास्ट लाइन चेंज कर दी कि मैंने कहा था. फ्री भी देते हैं फ्री भी से किसको तकलीफ. है यार एक इस देश की जनता ना पत्रकारों से. ज्यादा स्यानी है एक टीवी चैनल ने पत्रकार. उसको लगाया सड़क के ऊपर तो उससे कहा देखिए. केजरीवाल तो मु फ्री फ्री फ्री फ्री दे. रहा है तो कह रहा है पै पसे खा के तो नहीं. भाग रहा मोदी जी ने तो नीरव मोदी को भगा.
दिया पैसे देके विजय मालिया को भगा दिया. पैसे देके सारे पैसे इसको दे देते हैं. उसको दे देते हैं केजरीवाल ऐसे पैसे लुटा. तो नहीं रहा केजरीवाल हमको ही तो सुविधा. दे रहा है उसमें क्या है मैं अगर पैसे खा. लेता आपको पता है लिकर स्कैम के अंदर सबसे. बड़ा स्कैंडल क्या है पैसा कहां गया यह. ढूंढ रहे हैं मैं बता देता हूं आज आपके. चैनल में पैसा कहां है लिकर्स स् कैम के. अंदर एक आर यू अलाउड टू टॉक इस टॉपिक पे. नहीं उतना मैं बोल सकता हूं लिकर मतलब मैं. नहीं चाता आप अंदर जाए. मैं चला भी जाऊंगा मेरे को अंदर और बाहर. से.
कोई वो चिंता आप मेरी चिंता मत करो मेरी. चिंता करने वाले देश के 140 करोड़ लोग उस. मैं भी हूं. सर मैं क्या कह रहा था लिकर स्कम के आप. लिकर स्कम में एक आदमी है एक एक्यूज है. उसको इन्होने गिरफ्तार कर. लिया ईडी ने उसको खूब विरोध किया उसका बेल. का बेल नहीं मिलने चाहिए बिल नहीं मिलनी. चाहिए बिल नहीं मिलनी. चाहिए फिर उसने 50 करोड़ उन बाय चेक उसने. 50 करोड़ इनको डोनेशन दे दिया उनके अकाउंट.
में जमा करा दिया अगली बार ईडी ने उसकी. बेल का विरोध नहीं किया उसको बेल मिल. गई मनी ट्रेल ढूंढ रहे हैं यह मनी ट्रेल. है जेपी नड्डा जी बीजेपी के अध्यक्ष है. उनको करोना गिरफ्तार पैसा तो वहां है. हमारे सारे बैंक अकाउंट देख लिए हमारे. सारे लॉकर देख लिए हमारे घर पर 1010 बार. रेड हो गई कहीं कुछ नहीं मिला तो पैसा तो. वहां है तो जो मैं 2002 की आप बात कर रहे. हो जब मैं जनता को क कहता था मैं कहता था. पैसा इन लोगों ने लूट लिया देश का जागो.
आपको लगता है कि यह टैक्स आप टैक्स नहीं. देते हर आदमी टैक्स देता है अगर 000 महीने. भी कमाता है तो उस 3000 में से उसको. बेचारे को पता ही नहीं चलता 400 500 टैक्स. दे देता 000 में से और वो टैक्स का पैसा. उसका कहां जा रहा है मैं वीडियो ऐड कर. दूंगा इसमें स जो आपका वीडियो है क् वो. सोशल पर है लेकिन आपने लास्ट में लाइन कही. थी आपसे अ आपसे लूटकर य आप ही को देते हैं. ना बिल्कुल नहीं कहा ठीक है सोशल मीडिया. आप हमारे वीडियोस को भी अपनी तरह से.
इंटरप्रेट करते हैं आपकी भी सोशल टीम है. सर ये वीडियो भी है सब कुछ सोशल पर है ठीक. है सर नेक्स्ट क्वेश्चन आप अगर यह इलेक्शन. जीत जाते हो एक कॉमन क्वेश्चन लोगों के मन. में है आप दोबारा से सीएम फेस. होगे चुनाव मैं जब जेल से वापस आया. था तो मुझे इस्तीफा देने की कोई जरूरत. नहीं. थी मैंने कहा कि मेरे लिए जनता इंपॉर्टेंट. है जनता ने दिल्ली की जनता ने मुझे सीएम. बनाया है सुप्रीम कोर्ट ने मुझे छोड़. दिया लेकिन मैं जनता के बीच में जाऊंगा.
जनता से पूछूंगा क्या वह मुझे बेईमान. मानते हैं कि वो ईमानदार मानते हैं अगर. लोग मुझे बेईमान मानते हैं तो मैं इस. कुर्सी पर कभी नहीं बैठूंगा तो मैं अब. चुनाव में जाऊंगा अगर जनता मुझे दोबारा. चुनती है तो मैं सीएम की कुर्सी पर. बैठूंगा मैं मानूंगा कि जनता मुझे ईमानदार. मानती है और अगर जनता नहीं चुनती मुझे. बेईमान मानती है तो मैं कुर्सी पर नहीं. बैठ बट जैसे आपकी बेली कंडीशंस है यह. कंडीशंस कोई वो नहीं है वो तो जैसे अभी. मनीष की कंडीशंस थी कि हर थर्सडे को हर. ट्यूसडे और ये छोटी सी चीज है ये बीजेपी.
का तो यही प्रोपेगेंडा चल रहा है बीजेपी. चारों तरफ कहती है कि बेल की ग इसका मतलब. बीजेपी ने मान लिया सरकार तो इन्हीं की बन. रही मुख्यमंत्री सचिवालय सरकार तो इन्हीं. की बन रही है बीजेपी ने मान लिया देखो भा. सरकार तो इनकी बन रही है पर केजरीवाल नहीं. बनेगा सीएम तो चलो इतना तो मान लिया. बीजेपी ने मान लिया कि सरकार इन्हीं की बन. रही है तो सीएम ये जो बेल की कंडीशंस का. हवाला ले रहे हैं तो बेल की कंडीशंस ये. टेंपरेरी है ये ऐसा कोई अगर आप कॉन्फिडेंट. हो फिर तो अच्छी बात है जैसे लास्ट टाइम. जब आप आप सीएम थे और आप अंदर थे तो कई बार.
जैसे एक बार आया था नगर निगम के स्कूलों. में तो हाई कोर्ट की टिप्पणी आ गई थी. जिसमें उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति. जो आपको लेकर कहा था कि अगर आप नहीं साइन. कर पा रहे तो काम रुक नहीं सकते सुप्रीम. कोर्ट की टप सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी आई. थी उसके बाद जी जस्टिस ओका ने कहा था कि. सरकार जेल से चल सकती. है उसको देख लीजिए लेकिन फिर इश्यूज नहीं. होंगे जैसे अगर आपको मान ली फाइल साइन. करने को नहीं मिला हां सब होंगे सब साइन. होंगी फाइलें चिंता ना करो आप लास्ट टाइम. जैसा से केंद्र सरकार ने और एलजी ने मिलकर.
कितनी अड़चन अड़ाई तरीके निकाले ना सारे. काम करा दिए मोदी जी स्कूल ठीक हो गए ना. अस्पताल ठीक हो गए ना दवाइया आ रही है ना. मोहल्ला क्लिनिक बन रहे हैं ना बिजली फ्री. है ना जेल गया तब भी बिजली फ्री रही ना. बानी फ्री है ना महिलाओं का ब सफर तो सब. तरीके आते हैं सब सब कर लेंगे चिंता ना. करो आप ठीक है वैसे फर्स्ट टाइम ऐसा था. अच्छा आपने कोई पोर्टफोलियो क्यों नहीं. लिया था मैं एस चीफ मिनिस्टर वांटेड टू. सुपरवाइज ए. वर्क ओके ग्रेट जैसे लास्ट मैं फिर एक बार.
जिक्र कर दे रहा हूं लास्ट टाइम एमसीडी. में कॉपी किताब नहीं बिकी थी गई नहीं थी. नए सेशन में तो उस परे यह टिप्पणी जो. मैंने अभी इसका जिक्र किया था कि कोई. व्यक्ति लंबे समय तक या अनिश्चित अवधि के. लिए संवाद ही नहीं अनुपस्थित रहेगा तो वो. सही नहीं है क्योंकि व्यक्ति विशेष से. ज्यादा बड़ी दिल्ली है दिल्ली की जनता. ज्यादा इंपॉर्टेंट है रदर देन ये कि कोई. व्यक्ति सीएम रहे तो अगर यह इशू आता है. आपको लगता नहीं ये इशू फिर हो सकता है फिर. मैं पूछ रहा हूं फिर मैं अगले क्वेश्चन. में चला जाऊंगा नहीं फर ये इशू कोई है. नहीं क्यों लास्ट टाइम बहुत इशू हुआ था. आपने भी जब आपने कहा कि इस साल हम काम. नहीं कर पाए थे पा साल में तो उसमें आपने.
दो साल कहा कानूनी अड़चन बहुत सारी थी तो. कानूनी अड़चन थी जैसे मैंने कहा था फिर. आगे भी आ सकती है क्यों चर स अभी पानी मैं. पानी 24 घंटे दूंगा मैंने कहा था दिल्ली. के घर-घर तक 24 घंटे साफ पानी पहुंचा ंगा. उसका पूरा प्लान बनाया था वो प्लान सारा. सत्येंद्र जैन ने बनाया था उसको इन्होंने. जेल में डाल दिया हमने प्लान बनाया था कि. हम यमुना को साफ करेंगे हमने प्लान बनाया. था दिल्ली की सड़कों को यूरोपियन. स्टैंडर्ड्स का बना देंगे इन्होंने मनीष. सिसोदिया को जेल में डाल मेरी टीम बिखर गई. इसीलिए मैं कई सारे वादे पूरे नहीं कर.
पाया अब हम सारे बाहर आ गए हैं अपने पछड़. से निपट चुके हैं अब ये सारे वादे पूरे. करेंगे ठीक है अ एक और कॉमन क्वेश्चन आता. सर कि हर इंपॉर्टेंट इलेक्शन में आप पर. हमला क्यों हो जाता है मैं एक स्टार्ट देख. रहा था ये बहुत अनफॉर्चूनेटली बात ये कि. आप सुरक्षित है मेरे सामने बैठे हैं भगवान. ना करे कि आपको कभी कुछ हो लेकिन ये आपको. नहीं लगता ये प्रश्न आपको बीजेपी से पूछना. चाहिए कि हर चुनाव में आप हमला क्यों. कराते हैं उस पर आप मुझसे क्यों पूछ रहे. हैं मेरे को क्या पता देश आप सब सर आप पर. ही होते हैं तो क्यों ऐसा क्यों होता है. कि केवल आपको टारगेट करें बहुत सारे. अपोजिशन है राहुल जी हुए तेजस्वी जी हुए.
अखिलेश जी हुए उन पर इतने हमले नहीं होते. तो आप बीजेपी से पूछो ना कराते तो वही हैं. आप मेरे से कैसे पूछ रहे हो कि हमला क्यों. कर रहे हैं बीजेपी वाले आप पे इतना हमला. मुझे बहुत शौक हो रहा सर 2013 सेने उनसे. पूछा आज तक आपने तो इतने बीजेपी वालों के. पॉडकास्ट किए मेरे अगले दो पॉडकास्ट. बीजेपी वालों से उनसे सवाल रखे हमने उनसे. पूछा पूछना आप मैं जरूर पूछूंगा उनसे सवाल. कि भाई आप केजरीवाल पे हमला क्यों कराते. हो दूसरों पे क्यों नहीं. कराते आपका प्रश्न है कि दूसरों पे भी. कराना चाहिए कि केजरीवाल प नहीं करा. तो फिर आप बीजेपी वाले से पूछो उनसे सवाल.
पूछूंगा. मैं परे परसों. मेरी मेरी गाड़ी के ऊपर पत्थर फेंका गया. तो अब आप मेरे से पूछ रहे हो कि उसने. पत्थर क्यों फेंका अब मुझे क्या पता यार. वो कौन था किसने पत्थर फेंका ये तो फेंकने. वालों से पूछ क्वेन य है कि आपसे ऐसी क्या. दुश्मनी है सर उनसे पूछो उन्होंने हम को. जेल क्यों भेजा आपसे पूछ रहा हूं मैं. राहुल गांधी जी को भेजा उनको भेजा इसको. भेजा इसको भेजा किसी को भेजा नहीं भेजा. उनके ऊपर भी कितने उद में चल रहे हैं. हमारे पांच पांच बड़े नेताओं को जेल भेज.
दिया क्यों एक रीजन यह हो सकता है कि कुछ. लोग कहते हैं कि बीजेपी का असली कंपटीशन. आप है तू डाल डाल मैं पात पात सबसे अच्छा. बीजेपी को आप लोग समझते हैं बस ठीक है. आपने मोदी जी को एक ज कह कि उनके. पाकिस्तान और टेररिज्म से रिश्ते हैं ऐसा. किसी नेता ने नहीं बोला तो आपके स्टेटमेंट. हो सकता है शायद इससे नाराज हो या आपको. इश्यूज मिल गए हो या आपके जो मसले हो उनको. उने पकड़ लिया हो वही बताएंगे इसके जवाब. तो वही दे सकते हैं कि वो केवल हमारे. नेताओं को जेल क्यों भेजते हैं आपने सो. हमारे मैं क्यों सोचूंगा मैं काम में लगा.
हुआ हूं मेरे पास इन चीजों के लिए टाइम. नहीं है जिंदगी बहुत छोटी है जिंदगी का एक. एक पल देश के लिए समाज के लिए हम कुछ कर. पाए निस्वार्थ भाव से यही जिंदगी है मैं. इस में पढ़ा रहा हूं य मेरे पर हमले क्यों. करा रहे हैं मेरे को जेल कर रहे जो उनको. करना है वो कर वो अपनी जिंदगी शॉकिंग. कोइंसिडेंस है आई वा हैविंग स्टर्ट 2013. से आप क्या कहना चाह रहे हैं मैं कहना. चाहर आप पर इतना हमले क्यों र आपको. सुरक्षित रखना चाहिए अपने आप अपने आप और. सुरक्षित रखना चाहिए अपने की टीम को कहना. चाहिए कि थोड़ा और ध्यान दें आप पे भाई और. ध्यान दिया करो भाई सब लोग ठीक है क्योंकि.
शारद 2013 में अ प्रेस कॉन्फ्रेंस में 14. में वाराणसी में 16 में ऑड इवन में सियाही. फेंक दी गई 18 में सचिवालय में आप पर लाल. मिर्च डाली गई 19 में व्यक्ति गाड़ी चढ़कर. थप्पड़ मार गया 22 में गुजरात गए वहां भी. प्लास्टिक की बोतल आ गई ग्रेटर कैलाश गए. पानी फेंक दिया गया 25 में फिर आपकी गाड़ी. पर हमला हो गया जो आपने एलिगेशन लगाया. हालांकि बीजेपी अलग एलिगेशन लगा रही है हम. पुलिस का वेट कर रहे हैं देखते हैं लेकिन. ये हर साल आप पर हमले हुए हर इंपॉर्टेंट. इलेक्शन में आप हमले हुए हैं अच्छी बात तो. नहीं है बिल्कुल नहीं है बहुत खराब चीज है.
जनतंत्र के लिए खराब है बहुत ज्यादा खराब. चीज. है ठीक है सहयोग तो नहीं है ना मतलब सर ये. आपकी ले आपको पर्सनली टारगेट करने का वो. बताएंगे आप उनसे पूछिए मेरे से क्या पूछ. रहे हैं ठीक है 2019 में आपने केजरीवाल की. 10 गारंटी कही थी कौन-कौन से वादे पूरे हो. गए तीन मेन रह गए हैं एक रह गया यह यमुना. वाला यमुना साफ करना एक रह गया 24 घंटे. पानी देने वाला और एक रह गया सड़कों को. शानदार बनाने वाला यह तीनों मेरे भी ड्रीम.
है और मैंने जनता को बोला है कि पहले. कोरोना हो गया उसके बाद इन्होंने जेल जेल. का नाटक किया अगले 5 साल में ये तीनों. पूरे करेंगे पर फिर भी ये वर्क इन. प्रोग्रेस है ठीक है 2011 में जब आप आए थे. तो वमन सेफ्टी एक बहुत बड़ा इशू था और. आपने कहा था कि 15 लाख सीसीटीवी कैमरे. लगवाए लगवा दिए आप 15 लाख लग गए 15 लाख. नहीं 4 लाख लगे हैं ओके 15 लाख मैंने नंबर. दिया था 4 लाख लगे हैं आपने और 4 लाख सीसी. उस टाइम देखिए हम गवर्नेंस में नहीं थे एक. रफ फिगर दी थी लेकिन आज 4 लाख सीसीटीवी.
कैमरे से दिल्ली हैज द हाईएस्ट डेंसिटी ऑफ. सीसीटीवी कैमरा इन द वर्ल्ड न्यूयॉर्क से. ज्यादा है लंदन से ज्यादा है टोक्यो से. ज्यादा है पेरिस से ज्यादा है तो हमारे. यहां 1860 सीसीटीवी कैमरे पर स्क्वायर. माइल है व्हिच इज हायर देन एनी अदर सिटी. इन द वर्ल्ड और जरूरत पड़ेगी और भी लगवाए. लेकिन अभी मुझे बताया गया है कि दिस इज. सफिशिएंट डेंसिटी ऑफ सीसीटीवी को लेक कहा. अब जैसे हेल्थ पर मेरा हमेशा य माना रहता. कोई भी सरकार हो आपको हेल्थ एजुकेशन फ्री.
करनी चाहिए हमारे देश में अनफॉर्चूनेटली. इस बीच में जैसे एक सवाल य आता हैसे आति. जी का इंटरव्यू देख रहा था शी सेड कि आई. नेवर वेंट टू मोहल्ला क्लिनिक राघव जी की. आंख का ऑपरेशन लंदन में. हुआ सतेंद्र जी बीच में मैक्स में गए थे. आपने स्टेटमेंट दिया था कि हमने इतना हाई. क्वालिटी बना दिए है कि अपोलो मैक्स में. जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी आपको लगता है. आप लिफ कर रहे हो उसपे एक आपको कहानी. सुनाता हूं मैं मैं ग्रेट गर कैलाश गया. पिछले चुनाव के पहले 2020 का जब चुनाव.
लड़े थे तो 2019 में 18 में मैं ग्रेटर. कैलाश गया उनकी आरडब्लू ने बुलाया तो. नॉर्मली जब चीफ मिनिस्टर आता है तो उनको. सबको लगता है कि कुछ डिमांड्स अपनी रख दो. तो उन्होंने सारा भाषण भाषन के बाद फिर. उनके आरडब्लू प्रेसिडेंट का नंबर आया. बोलने का तो उसने लगा कहा कि सीएम साहब एक. मोहल्ला क्लीनिक बनवा दीजिएगा मैंने कहा. यार आप तो इतने अमीर लोग हैं आप तो फोटस. जाते हैं पोलो जाते हैं मैक्स जाते हैं. आपको मोहल्ला लेने की क्या जरूरत है क. नहीं सर बनवा दीजिए हमने एक बनवा दिया एक.
दिन मैं उधर से गुजर रहा था और मैं अगर. मैं यह कह के किसी जगह इंस्पेक्शन के लिए. जाऊ सीएम आ रहा है तो सारा चीजें ठीक कर. दी जाती है सही बात है तो मैं सरप्राइज. इंस्पेक्शन पर गया मैं वहीं गाड़ी रोकी और. मैं अंदर घुस गया वहां पर इतने उनके ड्रेस. वगैरह से पता चला था इतने अच्छे-अच्छे. संभ्रांत परिवारों की महिलाएं और लोग बैठे. हुए थे मैंने उनसे पूछा मैंने कहा यहां. क्यों आते हो कहते ओवर मेडिकेशन नहीं होती. है यहां उतना ही दिया जाता है जितनी जरूरत. होती है वह कहते हैं डॉक्टर बहुत अच्छा है.
मॉनिटरिंग करते इसकी आप मॉनिटरिंग करते. हैं जितने भी मोहल्ला क्लिनिक है उस चल र. मॉनिटरिंग पे भी आएंगे तो उन्होंने कहा. ओवर मेडिकेशन नहीं होती है डॉक्टर का. बिहेवियर बहुत अच्छा है और बोला घर से. निकलते हैं सामने मोहल्ला क्लिनिक है यहां. आ जाते हैं मोहल्ला क्लिनिक मतलब कॉलोनी. के अंदर क्लिनिक है अदर वाइज आपको हमारा. ग्रेटर केलाश में एक मोहल्ला क्लिनिक बना. फिर दूसरा बना फिर तीसरा बना फिर चौथा बना. चार मोहल्ला क्लिनिक आज ग्रेटर कैलाश में. चल रहे हैं और ग्रेटर कैलाश में तो अमीर.
लोग ही रहते हैं स्कूल का एग्जांपल देता. हूं स्कूल की एक क्लास में मैं गया मैंने. पूछा कि आप में से कौन-कौन से बच्चे. प्राइवेट स्कूल से नाम कटा के आए हैं 10. 12 बच्चों ने हाथ खड़े किए मैंने उनमें से. एक बच्चे से पूछा कि आप कौन से स्कूल में. थे कहां से आए हैं कहते सेंट. कोलंबस सेंट कोलंबस से अगर कोई बच्चा अपना. नाम कटा केर सरकारी स्कूल में आ रहा है यह. मेरे लिए सबसे बड़ा सर्टिफिकेट है वो फिर. गरीबी के कारण नहीं आ रहा वो हमारी. एजुकेशन फैसिलिटी के कारण आ रहा है.
एजुकेशन सिस्टम के कारण आ रहा. है ओके इस पे तो ये सबसे बड़ी आप आप भी. अपनी कैमरा टीम को लेके ग्रेटर कैलाश. जाइएगा और जाके इस अपने से कर लो अभी कोई. और आया था मेरे को याद नहीं आ रहा वह बिना. हमें बताए हमारे दो-तीन स्कूल विजिट करके. आया अगर मुझे बता देंगे तो मैं शायद एक. स्कूल में आपको ऐसे में भेजूं जहां सब कुछ. ठीक कर ठीक कर दूं मैं आपके जाने के पहले. खुद ही चाहिए ना हमारी दिल्ली सरकार के. स्कूलों में जाके देखिए जरा उससे देश का.
फायदा होगा शुभंकर ये तूतू में मैं गाली. गलोज इस राजनीति से देश का फायदा नहीं. होगा ट्रू ये बिल्कुल सही बात है स्कूल एक. बहुत सेंसिटिव टॉपिक है हेल्थ है स्कूल है. रोड्स है इंफ्रास्ट्रक्चर है दिल्ली में. अब 24 घंटे बिजली हो गई आप कब से रह रहे. हो दिल्ली में मैं नोएडा रहता हूं सर. दिल्ली आ जाओ नोएडा में बिजली जाती है ओझा. जी का जैसे जैसे आप लोग ने ट्रांसफर. करवाया है दिली नोएडा में बिजली जाती है. मेरे सोसाइटी में रहती है आपकी सोसाइटी कु. मेरे को तो ढेरों नोएडा के गुड़गांव के. फरीदाबाद के आसपास के लोग मिलते हैं कहते.
हैं छछ सात सात घंटे के पावर कट लगते हैं. गर्मियों में तो गई थी नोएडा में बहुत. मेरी सोसाइटी में सर रहती है तो मैं कैसे. बता तो यहां तो जनरेटर होगा अल्टरनेट हां. आपकी शकल सेही लग मेरी सोसाइटी में तो. रहती है पिछली हां शकल से ही लग रहा है तो. आप तो अमीर हैं चलो लेकिन आम आद भी आपकी. तरह ही है आम आदमी आप भी एक जैकेट में. ठंडी गुज देते आम आदमी की सोसाइटी जो है. वो जनरेटर अफोर्ड नहीं करती जी आम आदमी. जहां रहता है अगर छछ सात सात आठ आठ घंटे. के पावर कट किसी राज्य के अंदर लगते हैं. तो ये शर्म की 75 साल हो गए यार और कितने.
साल चाहिए आपको तो मैं जनता से कह दू. कमेंट सेक्शन में लिख दे कि नोडा में उनके. य कितनी बिजली आती है मेरे यहां तो मुझे. मिल जाती है लेकिन सर जैसे आपने स्कूल में. कहा मैं ये पूछना चाहता हूं 75 साल हो गए. जी 75 साल में पूरे देश में केवल एक राज्य. है दिल्ली जहां पर मात्र 10 साल के अंदर. एक सरकार ने बिजली 24 घंटे कर दी बाकी. राज्य कितने और साल लेंगे बिजली 24 घंटे. करने में और कितने साल और 75 साल लगेंगे. क्या बाकी सरकारों को बीजेपी और कांग्रेस. की सरकारों को और कितने साल लगेंगे मतलब.
75 साल बहुत होते हैं यार जब सेकंड वर्ल्ड. वॉर हुआ था तो जापान और जर्मनी दोनों. ध्वस्त हो गए थे आज कहां पहुंच गए तो 75. साल में अगर हम अपने बच्चों को बेसिक्स. अपने देश में बेसिक्स क्रिएट नहीं कर पाए. तो और कितने साल चाहिए अब बिजली पानी. स्कूल अस्पताल ये तो हो जाने चाहिए थे अभी. तक हमें बड़ी चीजों की बात करनी चाहिए थी. बट जैसे स्कूल का आपने कहा मैं अभी एक. रिपोर्ट पढ़ रहा था जिसमें आया कि क्लास. नाइंथ में दिल्ली गवर्नमेंट के स्कूल में.
1 लाख से ऊपर बच्चे फेल हुए इस साल जो. सबसे ज्यादा था 2023 24 में बीते सालों. में कम थे 11थ में बहुत सारे बच्चे फेल. हुए एथ में बहुत सारे बच्चे फेल हुए तो. मेरे मन में सवाल आया कि अगर टीचर अच्छे. हैं एजुकेशन सिस्टम इतना अच्छा है तो फिर. बच्चे पढ़कर पास क्यों नहीं हुए मैं आपको. बोर्ड के एग्जाम का डाटा दे देता हूं. 12वीं क्लास का बोर्ड का एग्जाम होता है. वही वो है अगर आप मुझे कहते कि ये मैं. आपको नाइंथ का भी पूछूंगा तो मैं तैयारी. करके आता है कि क्यों वे अगर हमारी कोई.
गलती है हम उसको ठीक करेंगे मैंने उस तरफ. मेरे को किसी ने इस तरफ पॉइंट नहीं किया. अगर वहां पे हमारे सिस्टम के अंदर कुछ. गलती है उसको ठीक करेंगे आप भी हमें पॉइंट. आउट करना कि यह गलती है मैं ठीक करूंगा. उसको लेकिन हमारे 12वीं क्लास के आप पिछले. पाछ साल से देखें पहले आते थे 50 50 पर 60. 60 पर रिजल्ट अभी पिछले 3 साल पहले तो. 99.7 पर रिजल्ट आया था पिछले साल भी शायद. 97 पर रिजल्ट आया व्हिच इज मोर देन द. रिजल्ट्स ऑफ द प्राइवेट स्कूल्स इस साल.
2000 से ज्यादा बच्चे हमारे नीट और जेई. क्लियर किया हमारे सरकारी स्कूल के बच्चों. ने ये कोई छोटी बात नहीं है नीट और जेई. क्लियर करना कोई आसान बात जेई तो आप भी. क्लियर नहीं कर पा है ना हमारे सरकारी. स्कूल के बच्चे कर रहे हैं आपने बहुत. प्यार से टॉन मारा है मुझे नहीं नहीं मैं. जानता हूं आप बहुत इंटेलिजेंट है दोबारा. देंगे तो पास हो जाएंगे उस टाइम मेरे सचिन. से पिताजी मेरे गाना गवा रहे थे ना अब मैं. सही फील्ड में आ गया हूं ठीक है यमुना सर. एक टॉपिक था जिसपे रिपोर्ट आई कि तकरीबन. 7000 करोड़ 20 तक खर्च हो गए थे गलत वो.
रिपोर्ट वगैरह सारी पता नहीं कौन देता है. आपको यमुना का मैं बता देता हूं यमुना. गंधी क्यों है यमुना मैली क्यों है यमुना. पैसे खर्च नहीं हुए 7000 करोड़ नहीं कोई. नहीं 7000 करोड़ खर्च हुए कहां खर्च हु. दिल्ली पोलूशन डिपार्टमेंट की तरफ से ये. डाटा दिया गया था कहां खर्च हुए हैं यमुना. को लेकर कहां खर्च हुए हैं अब वो तो आप. लोग बताओगे पैसे आप लोग के पास गए होंगे. नहीं हमारी जेब में गए होंगे वो तोशी. क्राउड फंडिंग कर रही है सौरव लोगों से. चंदा मांग रहा है गोपाल राय हाथ फैला के. बैठा है हमारे पास चुनाव लड़ने को पैसा. नहीं है और आप आरोप लगा दे तो 7000 करोड़. खा गए हम ये गलत रिपोर्ट है सही रिपोर्ट.
है पूछ रहा सवाल आपको भी तो दिमाग लगाना. चाहिए. यार हिंदू से लेकर देश के सारे अखबारों. में खबर छपी सर क्या कि 7 कर तक यमुना को. लेकर जो पैसा बजट दिया गया था 7 करोड़ हा. तो ये आपको लगता है मुझे नहीं पता रिपोर्ट. क्या थी रिपोर्ट में पढ़ूंगा तो उसकी. डिटेल्स पर 7000 करोड़ केजरीवाल खा गया ये. सही है नहीं ये खा नहीं गया इतना खर्च हुआ. कहां खर्च हुआ अब ये तो आप लोग बताओ सरकार. आपकी है आपको यह क्वेश्चन पूछना चाहिए था. ना कहां खर्च हुआ मैं को बताता हूं क्या. कैसे क्या यमुना गंधी क्यों है और कैसे.
साफ होगी साफ क्यों नहीं हुई पहले ये बता. दीजिए साफ होगी उसमें साफ क्यों नहीं हुई. वो भी आ जाएगा जी तो यमुना में दिल्ली में. 1792 1792 कच्ची कॉलोनी है हम इन कच्ची. कॉलोनियों में मोस्टली पूर्वांचल के लोग. आके रहते हैं हम गरीब लोग आके रहते हैं. क्योंकि डीडीए को दिल्ली के अंदर कॉलोनी. बनानी थी घर बनाने थे डीडीए फेल हो गया. डीडीए शुरू से सेंट्रल गवर्नमेंट के अंडर. में है डीडी ने सफिशिएंट घर नहीं बनाए हम.
दिल्ली बीइंग कैपिटल सिटी और दिल्ली बीइंग. अ लिटिल प्रॉस्परस सिटी बहुत बड़ी संख्या. में लोग दिल्ली आते हैं आसपास के राज्यों. से जब वो दिल्ली आते हैं तो वो अपने लिए. मोस्टली लोग स्टूडेंट्स होते हैं या जोब. जॉब की उसमें सर्च में आते हैं यहां उनको. घर नहीं मिलता तो जब घर नहीं मिलता डिमांड. है सप्लाई नहीं थी तो बहुत सारे कच्ची. कॉलोनियां कच्ची कॉलोनी मतलब इरेगुलर. इलेजिटीमेट कॉलोनी बनती गई दिल्ली के अंदर. आज एक एस्टीमेट है कि 50 से 60 पर दिल्ली.
कच्ची कॉलोनी में रहती है उन कच्ची. कॉलोनियों में कयोंकि ये इल्लीगल कॉलोनी. थी हमारी सरकार बनने के पहले कोई. डेवलपमेंट नहीं हो सकता था सरकारी पैसा लग. ही नहीं सकता था वहां क्यों इल्लीगल. कॉलोनी है ना सड़कें थी ना पानी था ना. सीवर था कोई फैसिलिटी नहीं थी वहां पे ज. जिंदगी जो है. वह मतलब नरक थी बिल्कुल. हमने आने के बाद उसमें सुप्रीम कोर्ट का. कोई ऑर्डर की अड़चन थी सेंट्रल गवर्मेंट. के ऑर्डर्स थे कि यहां विकास नहीं हो सकता. हमने उन सारी अड़चनों को पार किया जो.
अड़चन आप छोटी मटी अभी बता रहे थे जब इतनी. बड़ी अड़चन पार कर ली तो यह भी कर लेंगे. जो आप कह रहे हो उन अड़चनों को पार करके. 2015 से हमने कच्ची कॉलोनिया में विकास. शुरू किया हमने वहां पानी की फैसिलिटी दी. हमने सारी सड़कें बन गई है लगभग 1650. कॉलोनियों में पानी की पाइपलाइन बिछ गई है. सीवर की पाइपलाइन बिछ गई है इन कच्ची. कॉलोनियों से जो मल मल निकलता था डेली. सीवर निकलता था वो नालियों में जाता था और. नालियों के जरिए सीधा यमुना में जाता था.
यह एक बहुत बड़ा कारण था दिल्ली में यमुना. के गंदा होने का यह सारा अब हमने सारी. कच्ची कॉलोनियों में सी वर्क की पाइपलाइन. बिछा दी है नेटवर्क बन गया है उस नेटवर्क. से अब सीवर जो है. वह जो रह गया पार्ट पिछले 10 साल में हमने. यह सारा सीवर नेटवर्क तो बिछा दिया 1792. कॉलोनियों के अंदर कुछ कॉलोनियां रह गई. जहां पर नहीं हो सकता बिकॉज ऑफ एएसआई की. कॉलोनी है फॉरेस्ट की कॉलोनी है वहां करीब. 100 के करीब कॉलोनी है बस लगभग 16 1700.
कॉलोनी में सीवर का नेटवर्क बन गया इस. सीवर को अब सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में. लेके जाएंगे हम सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की. कैपेसिटी बढ़ाने का प्र प्रोसेस चालू हो. गया है नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बन रहे. हैं और पुराने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स. जो हैं उनका अपग्रेडेशन चल रहा है उनकी. कैपेसिटी 1.5 टाइम्स कर रहे हैं तो ये. सारा सीवेज अब सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में. जाएगा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से पानी साफ. होक फिर यमुना में डाला करेगा तो यमुना. साफ हो जाएगी तो अभी काम इतना हुआ है कि. सीवेज नेटवर्क बन गया है जो एसिस्टिंग.
सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स है इनकी. कैपेसिटी अपग्रेडेशन चल रहा है दो-तीन साल. लगेंगे इसमें और फिर यहां से पानी साफ. होके जाएगा तो आपका 7000 करोड़ मेरे को. फिगर्स नहीं पता लेकिन जो भी पैसा अभी. खर्च हुआ है वह यहां पे सीवेज ट्रीटमेंट. का पूरा सीवेज का पूरा नेटवर्क बनाने में. और एक हमने किया है कि बड़े-बड़े सीवेज. ट्रीटमेंट प्लांट बनाने की बजाय. डिसेंट्रलाइज सीवेज ट्रीटमेंट छोटे-छोटे. प्लांट्स हमने कई सारे नजफगढ़ की तरफ हमने. लगाए हैं आपके एक्सपीरियंस से आपका क्या. अनुमान लग रहा है कि कब तक आप वो जो.
स्वर्ग वाली फीलिंग वहां दिखती जो उसको. वायरल होती झाग आता. है इस टम में कर लेंगे इस टर्म में कर. देंगे 2013 में फर्स्ट टाइम आपने कहा था. ना साफ कर नहीं 13 में नहीं कहा था 20 में. मैंने लिख के दिया 15 में भी कहा सर 20. में कहा 15 में कहा सर वीडियो चलो 15 में. कहा उसम लड़ने की क्या जरूरत है आप आपने. कहा था पिकनिक बनाने जाएंगे यहां प लोग. बच्चे यहां पर अपने पेरेंट्स के साथ. पिकनिक मनाने जाएंगे इस टर्म में कर देंगे. इस टर्म में एक चीज आपको मैंने सारा समझा. दिया है हमारे पास प्लानिंग है हमारे पास.
पैसा. है उनके पास ना प्लानिंग फिर आप लोग मोदी. जी से दोस्ती क्यों नहीं कर लेते हो आप. करा दो यार प्लीज आप लोग क्यों लड़ाई. झगड़ा करके बैठ रहे हो प्लीज करा दीजिए. एलजी साहब तो कह रहे थे कि आतिशी जी देखो. कितना अच्छा काम कर रही है दोस्ती कर ली. उन्होने प्लीज करा दीजिए प्लीज करा दीजिए. कहां इशू फंस रहा है ईगो क्लैश बिल्कुल. नहीं है जो आप कहेंगे हम वो करने को तैयार. है आप कहेंगे इनके पैरों में पढ़ो पैरों. में पढ़ो अब आप उनको टेररिस्ट कहते. टेररिस्ट कनेक्शन उनके है तो कैसे दोस्ती. करेंगे आपसे वो जो मेरा कोई स्टेटमेंट बता. रहे हो अब मैंने ऐसा बोला वैसा बोला मुझे. नहीं पता क्या कौन सा स्टेटमेंट था और किस.
कांटेक्ट में बोला गया था नहीं कोई जरूरत. नहीं है आई डोंट वाट इसीलिए तो मैं कह रहा. हूं आपके जो प्रश्न है ना उससे जनता का. कोई लेना देना नहीं अरे मैंने दोस्ती. करवाने की बात की सर तो आप करा दो मैं तो. कह रहा हूं उसी पे बात आओ ना तो आप ऐसे. स्टेटमेंट दोस्ती कैसे होगी अगर आप ऐसी. दोस्ती कराओ कि हम उनको क्वेश्चन नहीं. करेंगे क्वेश्चन तो करेंगे हम टैंकर. माफिया एक और क्वेश्चन 2013 के बाद आप पाए. टैंकर माफिया को आपने बहुत बड़ा कहा कि यह. बहुत खराब सिस्टम है आजादी के बाद चल रहा. है अभी अभी छ आ महीने पहले देश के एक बड़े. चैनल ने एक स्ट्रिंग ऑपरेशन किया जहां पर.
दिखाया कि अगर आप 000 देते हैं तो पानी. आपके घर तक पहुंच सकता है और टैंकर अभी भी. एजिस्ट करता है गर्मियों में लोग पीछे. पीछे भागते हैं यह प्रॉब्लम क्यों सॉल्व. नहीं हो पाई सर दो आपके उसमें क्वेश्चंस. है जब हमारी सरकार बनी थी दिल्ली में 50. से 60 पर दिल्ली पानी की पाइपलाइन से. कनेक्टेड थी 40 पर दिल्ली को पानी नहीं. मिल जो मैंने कहा ना कि कच्ची कॉलोनियों. में तो पानी की पाइपलाइन ही नहीं थी जितनी. कच्ची एंड 60 पर दिल्ली स्टेज इन क कॉलोनी. अभी अभी मैंने बताया था आपको कि 60 पर. डेली कच्ची कॉलोनी में रहती है वहां पानी.
की पाइपलाइन ही नहीं थी वहां टैंकर से. पानी जाता था तो अगर 60 पर दिल्ली में. टैंकर से पानी जाता था तो टैंकर माफिया था. आज 97 पर दिल्ली में पानी की पाइपलाइन पड़. चुकी है पर 34 पर पानी दिल्ली अभी भी ऐसी. है जहां पर अभी जाना है वहां आज भी टैंकर. से पानी जाता है पर टैंकर माफिया जो होता. था वो अब एजिस्ट नहीं करता एक मिनट दूसरा. जब गर्मियां आती है इस साल गर्मियां वास. एक्स्ट्राऑर्डिनरी एक तो गर्मी बहुत.
ज्यादा पड़ी इस बार 50 डिग्री सेंटीग्रेड. हो गया था दूसरा न गर्मी के वक्त हरियाणा. ने दिल्ली का पानी रोक. दिया तो एक आर्टिफिशियल स्कस क्रिएट हो गई. और जब आर्टिफिशियल स्के सिटी क्रिएट होती. है तो उसमें यह सारा माफिया ही जो है वो. तो उस वक्त जब आर्टिफिशियल स्केस क्रिएट. हो गई जब हरियाणा ने पानी रोक दिया दिल्ली. के पास अपना पानी तो है नहीं हरियाणा से. आता है और यूपी से आता है तो अगर हरियाणा. अपना पानी रोक देगा तो लोग कहां जाएंगे तो. वो उस टाइम वो टेंपरेरी बेसिस के ऊपर एक. वो हुआ था कि सारे प्राइवेट वाले आ गए.
आसपास के स्टेट से भी टैंकर माफिया आ गया. और दे मेड अ किलिंग एट दैट टाइम फॉर अ. फ्यू डेज मैं जेल में था पर वहां पे मैं. देखता था कि उस टाइम बड़ा अ बड़ा बड़ी. अफरा तफरी पर मोटे-मोटे तौर प मैं बता दूं. कि जो पहले 60 पर दिल्ली में टैंकर जाता. था वो अब तीन या 4 पर है वो भी अब कर. देंगे जो बचा हुआ है उसको भी कर देंगे अब. एक मिंटो ब्रिज सर हर बार बरसात पे पानी. भर जाता है पिछले दो-तीन साल से नहीं हो. रहा एक ये बड़ा इशू था दूसरा पोल्यूशन का. दो तीन साल से नहीं हो रहा गवर्नमेंट आ गई. आप पहले कहते थे. पोल्यूशन अ पोल्यूशन रोड ट्रैफिक सड़क पे.
गड्ढे ये भी एक बड़े दिल्ली के इ के गड्ढे. तो ठीक कर दिए लेकिन सड़कों को बरसात में. सर कई जहां बहुत बड़ी गड़बड़ स्थिति आती. है सर वो ठीक कर दिए है काफी ठीक कर दिए. मैं जब जेल में था तो इन्होंने रेगुलर. मेंटेनेंस भी इन लोगों ने बंद करा दी थी. आने के बाद मैंने काफी युद्ध स्तर के ऊपर. सड़कों के गड्ढे तो काफी ठीक करा दिए कुछ. बचे हैं वो भी कर देंगे लेकिन जो पोल्यूशन. है हम पोल्यूशन टीवी स्टूडियो के अंदर. सॉल्व नहीं हो सकते सही बात है बिल्कुल स. करके हो सकते फिंगर पॉटिंग से नहीं हो. सकते जैसे जब कोरोना आया था कोरोना में.
केंद्र सरकार ने लीड ली प्रधानमंत्री जी. ने लीड ली व हम सारे मुख्यमंत्रियों की हर. 15 दिन में मीटिंग लेते थे गाइडलाइंस जारी. करते थे कोरोना सॉल्व हुआ ना कोरोना में. अगर हम यह करते केजरीवाल जी आप कोरोना ठीक. क्यों नहीं कर रहे तो कोरोना वाज नॉट. दिल्ली स्पेसिफिक प्रॉब्लम कोरोना वास अ. यूनिवर्सल प्रॉब्लम वो नेशनल लेवल प सॉल्व. हो सकती थी और नेशनल लेवल पर सॉल्व हुई. कोरोना की. प्रॉब्लम पोल्यूशन जो है यह पूरे नॉर्थ. इंडिया की तो क्या वेस्ट इंडिया में भी. बमबे में पोल्यूशन है वो केजरीवाल ने कर.
दिया यूपी में पोल्यूशन है वो केजरीवाल ने. कर दिया बनारस में पोल्यूशन है वो. केजरीवाल ने कर दिया मध्य प्रदेश में. पराली जल रही है वह केजरीवाल जला रहा है. राजस्थान में पराली जल रही है हरियाणा में. पराली जल रही है पंजाब में पराली जल रही. है यूपी में पराली चल रही है केजरीवाल करा. रहा. है तो लेट अस नॉट पॉइंट फिंगर एंड लेट अस. नॉट लाइज द इशू पराली एक बड़ा प्रॉब्लम बन. गई है और पराली के बहुत सारे समाधान है. पराली से गत्ता बन स पराली से कोयला बन. सकता है पराली से गैस बन सकती है पराली. कैन एक्चुअली जो आज लायबिलिटी बनी हुई है.
पराली कैन क्रिएट ह्यूज अमाउंट ऑफ जॉब्स. और बड़ी-बड़ी इंडस्ट्री लग सकती है पराली. कैन कंट्रीब्यूट टू द जीडीपी ऑफ द कंट्री. इसमें सेंटर को सारे इस रीजन को नॉर्दन और. मिडिल और वेस्ट इंडिया को सबको लेके. प्रधानमंत्री जी अगर एक मीट सबकी मीटिंग. 15-15 दिन में लेना चालू करें इस प्रॉब्लम. से निदान पाया जा सकता है पंजाब का आपने. कहा तो मैं एक डाटा दे दूं पंजाब में 2022. में हमारी सकार बनी थी 2021 में दे व 700. फार्म फायर्स दिस ईयर दे र 8000 फार्म.
फायर्स वी आर डूइंग आवर बेस्ट बट वी अलोन. कैन नॉट डू. इट ठीक है यह है लेकिन क्योंकि आपने इतने. बोल्ड प्रेडिक्शन कि शायद इसलिए आप. क्वेश्चन ज्यादा करते हैं लोग तो बोल्ड. प्रेडिक्शन करना कौन सी गलत बात है यार. बड़े कॉन्फिडेंस से कहते सर मेरे पास. फर्मूला पा साल में कर दूंगा. तो 800 फार्म फायर से अगर हम 000 ले आए तो. बाकी स्टेट्स भी कर सकते हैं हरियाणा भी. कर सकता है राजस्थान भी कर सकता है यूपी.
भी कर सकता है अब दिल्ली में हवा केवल. पंजाब से नहीं आ रही यूपी से भी आ रही है. हरियाणा से भी आ रही है सब जगह से आ रही. है एक और आप पर क्वेश्चन है कि आम आदमी. पार्टी जैसे स्कूल का हुआ कॉलेज का हुआ या. आपने बराली की बात किया बाकी जितने भी आप. इश्यूज हाईलाइट कर रहे हो कि हमने किया. दैट्ची का आपने जिक्र किया तो एक रिपोर्ट. आई थी कि 6 लाख रप शायद खर्च कर दिए गए थे. इसका प्रचार प्रार कर कैसे समस्या दूर की. जाए आपने बच्चों. को करना नहीं चाहिए हमने एक पायलट.
किया पायलट कौन से गांव में किया था हमने. साउथ दिल्ली में कहीं जाके किया था एक. पायलट एक गांव में इट वास सक्सेसफुल उसके. बाद हमने प्रचार किया हमने दिल्ली के सारे. किसानों को कहा कि आप भी आओ और इसको यूज. करो और पराली मत जलाओ उसको खूब अग्रेसिव. प्रचार. किया तो क्या गलत किया यह तो होना ही. चाहिए अगर एक पायलट सक्सेसफुल होता है. उसको आप जन जन तक कैसे ले जाओगे प्रचार से. ही तो ले जाओगे और कैसे ले जाओगे बताओ.
हमारा शायद कितना है 150 200 करोड़ का. हमारा टोटल बजट है ऐड का कोई राज्य बता दो. पूरे देश में जिसका हम से कम हो मैंने. दिल्ली का देखा था शीला दीक्षित जी का जो. था 20121 में शीला दीक्षित जी हमसे 10 साल. पहले थी वही वही बता रहा तो शीला से. कंपेयर मत करो ना मध्य प्रदेश से कंपेयर. करो हमारा अभी प्रेजेंट का. दैट्ची बिल्कुल नहीं मैं चैलेंज करता हूं. आपको आप पत्रकारिता छोड़ देना अगर हां.
आपने हज करोड़ नहीं खर्च किया बिल्कुल. नहीं खर्च किया कितने पैसे खर्च किया आपने. 500 करोड़ तो आपका वीडियो 500 करोड़. हमने 200. करोड़ 200 करोड़ रुप साल का खर्च होता है. हमारा 22 2 में ज्यादा हुआ सर कोरोना में. हो सकता है कोरोना के दौरान तो फैलाना था. ना भाई आप अपने ख्याल रखिए कोरोना के. दौरान तो केंद्र सरकार ने भी बहुत कि आप. जेल में थे आप ऐसा क्या. नहीं नो नो सर नॉट एट ऑल मैं तो मैं तो. चाहता हूं कि आप अपने दिल की बात रख दे.
ताकि लोगों तक पहुंच जाए मेरी दिल की बात. है कि जनता को सुकून मिले जनता को महंगाई. से मैंने छुटकारा दिलाया दिल्ली के अंदर. जनता के लिए अच्छे स्कूल बनाए हैं अच्छे. अस्पताल बनाए हैं अच्छे सड़कें बना रहा. हूं अच्छा बिजली का इंतजाम कर दिया अच्छा. पानी का मैं एक्चुअली बड़ा बोरिंग आदमी. हूं मेरे से बात करो नहीं सुनो मेरे से. बात करोगे मेरे पास चार ही चीजें कहने को. शिक्षा स्वास्थ्य बिजली पानी शिक्षा. स्वास्थ्य बिजली पानी शिक्षा स्वास्थ्य. मैं बस वही रटता रहता हूं वही कराया मैंने. महंगाई से छुटकारा दिला दिया जेल के टाइम. जो फ्री भी फ्री भी थे वो फ्री भी कर दिए.
मैंने जनता को राहत दे दी बस यही है हो. गया इतनी इतनी राजनीति है इन लोगों की. बड़ी मच मिर्च मसाले वाली राजनीति है. उसमें आप लोगों को सबको मजा आता है जनता. को उनसे कोई लेना देना नहीं है यार ठीक है. जेल में क्योंकि आप पाच छ महीने. रहे टाइम कैसे हो रहा क्योंकि मैंने कहीं. सुना आप गीता पढ़ रहे थे शायद गीता क्या. सीखा आपने गीता पढ़ के गीता अच्छी किताब. है आप भी पढ़िए शांति मिलती. है कैसा टाइम था वो क्योंकि आप तो दिन भर. हजारों की भीड़ में रहने वाले व्यक्ति आप. लोगों ने कहा कि वहां पर आपको अकेला छोड़.
दिया गया बात करने को नहीं था मनीष जी इधर. थे मनीष जी का वीडियो देख रहा था मैं कि. आई विश ये दीवाल ना होती तो मैं कम से कम. बात कर लेता इधर तो वो अकेला पन कैसे काट. रहे थे आप. लोग गीता पढ़ के काट रहे थे मेडिटेशन करके. काट रहे थे क्या सीखा जेल जाने. से जेल कुछ सीखने नहीं गए थे कहते हैं लोग. मजबूत उन्होने जबरदस्ती भेजा था जेल बट वो. एक्सपीरियंस एक्सपीरियंस कुछ तो सिखाता है. सर हर बार सिखाता स्ट्रंग करता है आदमी को. मजबूत करता है आगे की बड़ी-बड़ी चुनौतियों. के लिए तैयार करता है कई टूटे थे क्या चीज.
जेल में कभी टूटे थे किसी मूमेंट प नहीं. नहीं टूटना किसलिए वीक हुए थे नहीं. बिल्कुल नहीं कभी रोए थे. नहीं दीवाल कभी अखती थी कि इधर सिसौदिया. जी है क्योंकि नहीं हमें यह पता था कि. हमने कोई गलत काम नहीं किया तो आज नहीं तो. कल कल नहीं तो परसों बाहर आ ही जाएंगे अगर. गलत काम किया होता तो फिर बीजेपी में जाना. पड़ता पार्टी टूटने को डर लगा नहीं पार्टी. क्यों टूटेगी पार्टी नहीं टूटेगी पार्टी. में हमारे पार्टी में लोग अपने स्वार्थ के.
लिए नहीं आए हुए किसी को ठेका लेना है. किसी को इसलिए नहीं आए हुए पार्टी में लोग. आइडल जीी से जुड़े हुए हैं कि देश के लिए. कुछ करना है उस डॉक्यूमेंट्री बड़ा. इंपोर्टेंट पार्ट है कि जब संजय सिंह जी. बाहर निकलते हैं तो आतिशी जी और बाकी लोग. कहते हैं कि अब थोड़ी जान में जा अब ऐसा. लगा कि थोड़ी वापस एनर्जी आ रही है और वो. बहुत ही हिस्टोरिकल मूमेंट था आम आदमी. पार्टी के लिए कौन सी पार्टी है जिसके टॉप. के पांच नेता अगर जेल चले जाए और वो. सरवाइव कर जाए य ऊपर वाला ही कुछ कर रहा. है इसीलिए पूछ रहा कभी आपको लगा पार्टी को.
लेकर कि यार मुझे लग रहा था कि ऊपर वाले. ने आज तक हमारा संचालन किया आगे भी वही. करेगा तो जो है ऊपर वाला ही. करेगा यह डॉक्यूमेंट्री आप लोगों ने. youtube0 प ध्रुव राठी को अच्छा लगा उसने. कर दी अब आप कहोगे अपने प क्यों की उस परे. क्यों नहीं की फिर उसपे क्यों की इसपे. क्यों नहीं की इसका तो कोई जवाब नहीं. जिसको करा उसने कर डॉक्यूमेंट्री क्यों. देखनी चाहिए मत देखो आपकी मर्जी है जिसे. अच्छी लगे वो देखे जिसे क्यों देखनी आपने.
बनवाई है कैंपेन कर रहे थे जिसे अच्छे लगे. वो देखे जिसे नहीं अच्छी लगती वो ना देखे. आप नाराज हो रहे हैं नहीं बिल्कुल नहीं. बिल्कुल. नहीं इस पूरे 11 साल में जहां से आपने. स्टार्ट किया था डू यू बिलीव आपने वो अचीव. कर लिया जहां से आपने स्टार्ट किया था. आदमी कभी भी रामलीला मैन कुछ भी 100% अचीव. नहीं करता जिंदगी में यात्रा है संघर्ष है. जिंदगी कुरुक्षेत्र है ह मिनट का. कुरुक्षेत्र है तो चलती रहती है सच्चाई और. बुराई के बीच में जो जंग है वह हर मोमेंट.
चलती है कभी मिस करते हो अन्ना सर को या. बाकी लोगों को जो आपके साथ थे या सबको मिस. करते हैं सबसे सीखा है जिंदगी में और जो. आपको आपके दोस्त क्रिटिसाइज करते हैं करने. दो वो उनकी बदर नहीं करता नहीं मैं क्यों. बदर करू जिसे जो करना है वो करे स्वतंत्र. है सब आपके साथ 15 साल लोग साथ थेसे क्या. फर्क पड़ता है यार आपके भी बहुत सारे लोग. थे साथ थे जिंदगी में लोग आते हैं चले. जाते हैं आपको बस यह देखना है कि आप कोई. गलत काम ना करो बाकी चीजों का आपको कौन.
साथ था कौन छोड़ के चला गया कोई परमानेंट. थोड़ी है हम भी कौन से परमानेंट है कल आए. थे जन्म हुआ था कल चले जाएंगे मृत्यु होगी. कुछ लोग साथ थे कुछ लोग छोड़ के चले कोई. परमानेंट नहीं है देर नथिंग परमानेंट आपकी. भी तो जिंदगी में बहुत सारे ऐसे लोग होंगे. जो छोड़ के चले गए नए लोग आए नए लोगों से. आपका संपर्क. हुआ व्हाट इ द डेफिनेशन ऑफ सक्सेस फय. नथिंग जस्ट लिव योर लाइफ दिस मोमेंट एट. दिस वेरी. मोमेंट निस्वार्थ भाव.
से एंड यू विल हैव इनफा पीस इन. योरसेल्फ असीम शांति मिलना आपकी जिंदगी का. मकसद है एंड दैट इज सक्सेस और जब जिंदगी. में चीज जिंदगी में 24 घंटे भूचाल रहता है. हर वक्त भूचाल होता है उस भूचाल के अंदर. आकर आप अगर असीम शांति प्राप्त कर लेते. हैं तो आप सफल हो गए बहुत सारे इस दुनिया. के अंदर बड़े-बड़े तानाशाह हुए को लगा कि. व भगवान बन गए खुदा बन गए जिंदगी ने उनको. सब कुछ दिया दौलत दी सत्ता दी पावर दी.
जनता के ऊपर कंट्रोल दिया लेकिन शांति. नहीं मिली उन लोगों. को इसमें गीता में एक प्रसंग आता है. जिसमें द्रौपदी युधिष्ठिर से पूछती है. कि आप तो धर्म वान है दुनिया कहती है आप. धर्म वान है कोई भी काम बिना धर्म के नहीं. करते और व जो दुर्योधन है वो तो तो पापी. है कोई भी काम ठीक से नहीं करता धर्म के. मुताबिक नहीं करता फिर वो वहां बैठा है आप.
जंगल में बैठे हो वह महलों में बैठा है. ऐसा. क्यों तो वोह बड़ा इंटरेस्टिंग है कि जो. अगर कोई जंगलों में बैठा है तो जरूरी नहीं. है कि वह अशांत है और जो महलों में बैठा. है वह जरूरी नहीं है कि शांति है उसके मन. में सारी दौलत सारा सत्ता सब कुछ होने के. बाद भी अगर मन अशांत है अगर 24 घंटे आप. क्रोधित रहते हो 24 घंटे दुखी रहते हो. इसका कोई मतलब नहीं है और अगर आप जंगलों.
के अंदर भी अगर आपके अंदर असीम शांति है. आपसे आपसे सफल जिंदगी किसी की नहीं है. बूटीफुली कोटेड बट बुरा समय आ तो हैंडल. कैसे करें बुरा समय हर वक्त बुरा और अच्छा. दोनों ही चलता रहता है कैसे हैंडल कर कोई. बस शांति चाहिए अंदर कैसे और शांति आती है. बहुत सारे भगवान तक पहुंचने के तरीके बहुत. हैं मैं विपसिना करता हूं गीता पढ़ता हूं. गीता में जितना कुछ लिखा है वो सब मतलब. जेल के अंदर मैंने देखा जो गीता में लिखा. था वही वि पश्न थी मेडिटेशन जो मैं किया. करता था 25 साल से मेडिटेशन कर रहा हूं आप.
पहले शायद नास्तिक थे मैं जब बचपन में था. मैं आस्तिक था मैं बहुत ज्यादा रिलीजियस. परिवार से आता हूं अली स्टेज में उसके बाद. मैं जब आईआईटी में गया आईआईटी के बाद. साइंस बैकग्राउंड एंड वो वो जो एनवायरमेंट. था उसके बाद मैं नास्तिक हो गया 2010 के. बाद जब मैंने जिस तरह से अन्ना आंदोलन को. उठते हुए देखा इतना बड़ा आंदोलन हो गया. छोटा सा हमारी तो कोई औकात ही नहीं थी. इतना बड़ा आंदोलन हो गया एक साल में. पार्टी बन गई पार्टी सत्ता में आ गई तब.
मुझे लगा कि कोई तो डिवाइन पावर है जो इस. सारे इसका संचालन कर रही है अचानक 4. अप्रैल को अन्ना जी जनत जंतर मंतर पर बैठे. और पूरा देश खड़ा हो गया 24 घंटे में कैसे. हो गया हमारे कीय तो नहीं हुआ हमारी तो. कात ही नहीं थी कुछ अन्ना जी उसके पहले. अनशन पर कितनी बार बैठे थे महाराष्ट्र में. कई बार बैठे थे मैं भी जंतर मंतर पर कितने. वो कर चुका कभी नहीं हुआ उस वक्त क्या हुआ. कि 4 अप्रैल को हम बैठे और 5 अप्रैल को.
सारे देश के अंदर गली गली के अंदर लोग. मोमबत्ती लेकर निकल. गए कुछ तो डिवाइन पावर थी तब मुझे लगने. लगा. कि तब मैं आस्तिक बनने लगा धीरे धीरे तो. जो मैं कह रहा था कि विपच जो मैं कर रहा. हूं पिछले 25 साल से कर रहा टा. विपनान मैंने जेल में पड़ा मुझे लगता था. यह वही टेक्निक है जो बुद्ध ने सिखाई है.
बु भगवान बुद्ध ने सिखाई है तो व बशना. करता था मेडिटेशन करता था वह मेरा. प्रैक्टिकल था फिर गीता पढ़ता था वह मेरा. थरेट था वन थिंग वाज लीडिंग टू द अदर उससे. इन फाइना इट पीस मिलती है तो आपका. क्वेश्चन था बुरे वक्त को अा अच्छा वक्त. भी हैंडल करना बड़ा मुश्किल होता है वो. ज्यादा होता हुआ वो ज्यादा मुश्किल होता. है जो अहंकार आदमी के अंदर आता है अहंकार. आदमी को खत्म कर देता आपने कभी आया मैं. मैं मैं ये नहीं कहूंगा अहंकार अगर जिस. दिन नहीं आएगा जिस दिन मेरा अहंकार खत्म.
हो जाएगा उस दिन निर्वाण की प्राप्ति जैसे. मैं आपकी टीम में बात कर रहा था अहंकार. होता है आपकी मैं आपकी टीम में सर बात कर. रहा था किसी से तो समवन सेड कि अरविंद जी. पहले बहुत लोगों से कंसल्ट करते थे भरोसा. करते थे फिर कुछ इंसीडेंट्स हुए जिसने उने. थोड़ा सख्त बना दिया पार्टी के अंदर भी अब. वो उतना बहुत लोग भरोसा नहीं करते तो यह. तो ये अहंकार था या ये ट्र मुझे नहीं लगता. ऐसा भी आज भी बहुत कंसल्ट करता हूं सबसे. कंसल्ट करके हमारे डिसीज लिए जाते हैं और. उसी वही कारण है कि बहुत सारे डिसीजन सही. भी होते हैं यूनिलैटरल नहीं होते इतना आप.
कह सकते हो कि सुनते सबकी हैं लेकिन फिर. डिसीजन तो फाइनली एक ही किसी ने डिपॉट. किया आपको कभी तोड़ दिया भरोसा आपको रहा. हो कि यार ये ट्रस्ट गया उसपे सोचना नहीं. है ट्रस्ट तो तोड़ेंगे ही कोई बहुत सारे. लोग ट्रस्ट तोड़ते हैं लेकिन उसको बस आप. आगे बढ़ते जाइए उसको अगर आप चिपक जाओगे. उससे कि ये मेरे कितना क्लोज था इसने मुझे. धोखा दे दिया इसने मुझे क्यों धोखा दिया. तो आप वहीं फंस जाओगे फिर आगे आपकी यात्रा. कंप्लीट सर कुछ फैमिली के क्वेश्चन थे. सत्येंद्र जी ने उस आपकी डॉक्यूमेंट्री. में एक स्टेटमेंट दिया कि इसका इंपैक्ट.
सिर्फ मुझ पर नहीं था कपिल मिश्रा वाली. बात उन्होने कही कि कपिल मिर ने आरोप. लगाया दो करोड़ का और मेरा बच्चा था पढ़. रहा था उसको उसके स्कूल में लोग चिढ़ा रहे. थे दो करोड़ी दो करोड़ी अबके भी दो बच्चे. हैं कभी ये जो एलिगेशंस लगे ये फैमिली तक. गए बच्चों तक या उन्होंने कभी जिक किर तौर. पे सबकी एलिगेशन से ज्यादा जेल जाना जो है. वह सबकी जिंदगी को उथल-पुथल तो कर ही देता. है इसमें कोई दोराई नहीं है और इस स्पेशली. मेरी वाइफ के लिए तो बहुत ज्यादा वो था. ट्रामेटिनीब.
मां-बाप है उनकी भी देखभाल करनी पड़ती है. और उसके ऊपर ढेर सारी जिम्मेदारियां आ गई. बच्चे बड़े हो गए हैं तो बच्चों ने बहुत. इसको हौसला रखा और उन्होंने सबसे ज्यादा. तो मां-बाप के ऊपर बूढ़े मां-बाप हैं 80. साल से ऊपर के तो उनके ऊपर भी इट वा. वीडियो कॉल प किससे बात करते थे जब पाच. मिनट का टाइम मिलता था पाच मिनट वीडियो. कॉल नहीं होती ऑडियो कॉल होती है ओके तो. पाच मिनट फोन के ऊपर आप बात कर सकते हैं. तो फोन के वाइफ होती थी कभी-कभी बच्चे. होते थे और मम्मी होती थी क्या बोलते थे.
आप उसे क्या बात कर संजय जी को मैं सुन. रहा था वो कह रहे थे मैंने तो कहा मुझसे. बात मत करो ये करेंगे तो मैं वीक हो. जाऊंगा वैसे मैं सखत हूं करली मेरी बात. होती थी यही हालचाल क्या चल रहा है क्या. नहीं चल रहा वी ट्राई टू कीप इट लाइट. हार्टेड मैम कितने सपोर्ट र क्योंकि. उन्होने तो गजब का काम किया वो आपको. सरप्राइज किया उन्होंने हा शी सरप्राइज. क्योंकि उससे पहले उनका कोई पॉलिटिकल. उन्होंने कभी पॉलिटिकल इवॉल्वमेंट नहीं था.
और और फिर सारे नेताओं से मिल ली. वो सारे अलायंस आ गए सबको अगल बगल देखा सो. क्या आपने उससे देखा क्यक मैंने मनोज. मुंतशिर का पॉडकास्ट किया था ही सेड जब. मेरा लो टाइम आया ट वाज टाइम आ रिलाइज कि. मेरी वाइफ की कितनी वैल्यू है मैंने उसको. ग्रांटेड ले रखा था मुझे लगा असली ताकत तो. यही थी मेरे पास करेक्ट तो उन्होंने जिस. तरह से पार्टी को संभाला कामली सबको सुना. सबसे मिलती थी सबको हौसला दिया मतलब वह. खुद उसके लिए कितना बड़ा ट्रामा था उसके. बावजूद वह दूसरों को संभाल रही थी और पूरी.
पार्टी एक तरह से आज अगर मैं पार्टी नहीं. टूटी इसका अगर क्रेडिट दूं तो 90 पर. क्रेडिट शी एक्टेड लाइक अ ग्लू गोंद की. तरह उसने काम किया जो सबको जोड़ के रखा. उसने क्या यूनिक क्वालिटी देखी जो सबको. जोड़ लिया उन्होंने कामने एंड. हूमि वह सबसे मिलती है सब कुछ सुनती है और. सुन सुन के लिखती है आप उसके पास जाओ आप. बहुत नाराज हो लोकल लेवल पर आपकी लड़ाई हो. गई आप उससे मिलने जाओ वो एक कागज पन लेकर.
आपका नोट करना और फिर वो सारे नोट्स मेरे. पास जेल में लेके आती थी यह यह कह रहा है. ये ये कह रहा है क्या करना है कैसे करना. है आप अब उनको इवोल्व क्यों नहीं करते फिर. अगर आपको इतना टैलेंट उनमें दिख रहा है कि. 90 पर आपकी पार्टी को जोड़ने के पीछय उ अ. अगस्ट डायनेस्टिक पॉलिटिक्स आपके बच्चे. कभी नहीं आएंगे पॉलिटिक्स में नहीं शर. क्यों अगर आएंगे तो कोई और पार्टी में. आएंगे आम आदमी पार्टी में नहीं आे ये तो. ऐसा कि मेरी कंपनी यहां जॉब नहीं करोगे. बाहर कर लोगे वो नहीं है पर डायनेस्टिक. पॉलिटिक्स इस देश की एक प्रॉब्लम है तो उस.
प्रॉब्लम के डायनेस्टिक पॉलिटिक्स आप कैसे. देखते हुए नेपोटिज्म पॉलिटिक्स में. क्योंकि इसके दो पैमाने आते हैं सर एक आता. है सिंपल सी चीज है माय चिल्ड्रन हैव. डेफिनेटली इनफा एक्सेस टू मी हां द रेस्ट. ऑफ द पार्टी डज नॉट हैव मेरे एमएलएस की. मेरे कैंडिडेट्स की उतनी एक्सेस नहीं है. तो मुझे मेरी बेटी बहुत अच्छी लगती है. मेरा बेटा बहुत अच्छा लगता है तो कल को. अगर मैं कह दूं हां आएंगे तो पहली टिकट तो. उन्हीं को मिलेगी. बाकियों की कट जाएगी वो ठीक नहीं है य मैं. आपको अप्रिशिएट करता हूं ये इस देश की.
किसी पॉलिटिकल पार्टी में हिम्मत नहीं बात. कहने की सो अप्रिशिएट यू फॉर दिस. ब्यूटीफुल बट अगर उनको मन हो पॉलिटिक्स. में आने का तो आप क्यों कहोगे तुम भाई. बीजेपी से आ लड़ो या कांग्रेस से लड़ो. नहीं उन्होंने कभी इच्छा भी जाहिर नहीं की. वो दोनों अपने अपने जॉब में मेरी बेटी. स्टार्टअप में है और बेटा अभी पढ़ाई कर. रहा है बट हो सकता है देर से आप भी तो जॉब. कर रहे थे आपने भी आईटी की उन्होने भी. आईटी की न वी कम टू द ब्रिज ल क्रॉस. अभी अभी हमारी पार्टी के कांस्टिट्यूशन. में लिखा हुआ है कि किसी किसी पॉलिटन कोई.
ब नहीं से एक फैमिली से दो को नहीं दी. जाएगी अनलेस दे आर ऑलरेडी इन पॉलिटिक्स. पहले से अगर कोई एक्ट जैसे मान लीजिए कोई. आज हमारी पार्टी जॉइन करे और उसकी वाइफ. ऑलरेडी चुनाव लड़ चुकी है देन वी कांट. थ्रो हर आउट फिर उन दोनों को हम चुनाव. लड़ा देते हैं लेकिन वैसे अदर वाइज मैं. मनीष सौरव हमारे बच्चे हमारे परिवार के. लोग कभी आप जीतते हैं अगर इलेक्शन तो आपको. शुभकामनाएं लेकिन अगर मान लीजिए रह गया 19. ऐसा क्यों सोचते हैं पॉलिटिक्स क्रिकेट. में सर लास्ट मूमेंट होता लं टाइम है आन. तारीख को दोबारा एक पॉडकास्ट कर लेंगे तो.
वापस कांग्रेस जुड़ेंगे अगर रह गया गलती. से दो चार सीट रह गई तो आपको ये लगता है. कांग्रेस की सीट आ रही. है ये तो आप आपको कैसे लग रहा है कि. कांग्रेस की सीट आ रही है इलेक्शन है. क्रिकेट है इलेक्शन मैं क्रिकेट और. इलेक्शन में इलेक्शन इज नॉट अ गमल कि कुछ. भी है लॉटरी है कांग्रेस जीरो रहेगी जीरो. रहेगी सभी लोग कह रहे हैं जीरो रहेगी उनका. कौन सी अच्छा आप ये बता दो कौन सी सीट प. चा न से उनका वो तो कांग्रेस वाले जाने. संदीप दीक्षित जी आपको ले काफी कॉन्फिडेंट. नजर आ रहे हैं वो भी संदीप दीक्षित.
जीतेंगे नई दिल्ली आपको लेके आजकल रोज. बयान देते हैं बड़े-बड़े बयान देने दो. बयान से क्या होता कितने सारे किस्से. कहानियां सुना रहे वो भी आजकल पॉडकास्ट से. पॉडकास्ट कर रहे और एक से एक कहानिया सुना. रहे हैं कि आप उनका इलेक्शन कै हर जगह. मैंने देखा उनके एक दो फिर वो हर जगह बस. यह कह रहे हैं कि वो अपनी माता जी की हार. का बदला लेने के लिए चुनाव लड़ रहे हैं. जनता को तो हार का बदला नहीं लेना हराया. तो जनता नहीं था मैंने थोड़ी हराया था. तो एक तरह से वोय कह रहे मैं जनता से बदला. लेने के लिए आया हूं जनता ने मेरी मां को. क्यों हराया था जनता से बदला लेकर देख ले.
वो बट आपने उनकी मम को लेके काफी कुछ कहा. था तो उनको शायद एक ट गलत आपने कहा बैग है. आपके पास जिसम सबूत पड़े हुए हैं वो आया. नहीं तो अब वो सारी बातें कहते कि मुझे. हर्ट होता है कि मेरी मम पर बहुत सारी. बातें कही गई घर को लेकर अयाशी काडा इसलिए. इसलिए चुनाव लड़ रहे हैं वो यही एगे लगाते. अपनी माता जी की हार का बदला लेने के लिए. चुनाव लड़ रहे हैं वो जनता को इससे क्या. उनके पास न्यू दिल्ली असेंबली के लिए. दिल्ली के लिए क्या विजन है एक भी. इंटरव्यू में उन्होने नहीं दिखाया बस तू.
तू मैं मैं गाली गलोज ये वो कहते उन्होने. पूरा आप लोगों नेका मैनिफेस्टो ले लिया. क्या रहते हैं वो आप कहते बीजेपी आपने. बीजेपी ने आपका लिया कांग्रेस कहती है कि. कांग्रेस का आपने ले लिया उनको कहने दीजिए. जो कह रहे यू कॉन्फिडेंट आप जीतोगे इस बार. 67. 62 मुझे तो लगता है जो माहौल देख रहा हूं. कि अच्छा अच्छे बहुमत से जीतेंगे फिर भी. कुछ आप आप बहुत बोल्ड प्रेडिक्शन जाने आते. हो अच्छा लगता है जनता को भी और आपके का. करता हूं भी एक एक्स्ट्रा जोश आएगा वैसे. भी आजकल जर्नलिस्ट लोग कह रहे हैं कि. केजरीवाल जी में अलग सा करंट है नहीं मैं.
उस बोल्ड प्रेडिक्शन और उसमें नहीं जाना. चाहता मैं हर चुनाव एक अलग चुनाव होता है. इस बार है अभी कभी भी किसी को अहंकार नहीं. करना चाहिए चेंज हो गया हा तो मैं अहंकार. के अंदर अब कुछ बड़ी बड़ी बातें नहीं करना. चाहता सब कुछ जो कर ऊपर वाला कराएगा क्या. इवॉल्व हुआ काफी इवॉल्व हो ग आप अच्छा. चलिए थैंक यू पहले आप कह देते सब कुछ तो. मुझे लगता है अच्छे बहुमत से जीतेंगे जनता. के लिए का अपनी सीट आप जीतोगे पक्का. परमानेंट हो नेचुरली रोज से दावा हो रहा. है 20 हज से जीतेंगे 10000 से जीतेंगे.
उनको कहने दीजिए परवेश वर्मा जी उसकी. क्यों चिंता करते हैं उनको कहने दीजिए. अपनी सीट पे दे दो सर प्रेडिक्शन नहीं. प्रेडिक्शन जीतेंगे कितने से जीतेंगे जनता. तय करेगी अब उस सीट में बड़ा इंटरेस्टिंग. ये हुआ है कि बहुत सारे वोट कट गए हैं वो. एक वॉर्ड से भी छोटी सी लड़ाई है तगड़ी इस. बार ये ये तो मानोगे आप नहीं मुझे नहीं. लगता मतलब फिर से मैं यही कहूंगा कि. अहंकार नहीं करना चाहिए और मैं यही कहूंगा. कि किसी चुनाव को हल्के में नहीं लेना. चाहिए हम पूरी शिद्दत से चुनाव लड़ रहे. हैं पूरी पार्टी लड़ रही है हर कैंडिडेट. लड़ रहा है और मैं समझता हूं कि अच्छा.
नतीजा आएगा लास्ट क्वेश्चन आज के केजरीवाल. जी को यंग केजरीवाल को एडवाइस करना हो. क्या एडवाइस करेंगे कोई एडवाइस नहीं वो भी. ठीक था ये भी ठीक. है उस दौर का केजरीवाल था ये इस दौर का. केजरीवाल है बट पुरानी बातें याद नहीं आती. सर कि आप जमीन पर आप लेटे थे पेपर बिछा के. बिजली कनेक्शन कार्ड दे रहे थे आज से 10. साल बाद ये वाली बातें याद आएंगी जिंदगी. में पुरानी बातें तो याद आती है और आपको. चेज नहीं करते लोग वो कसम असम पे बच्चों. की कसम बाकी चीजों पे लोग किसी ने नहीं. कहा घर पे कभी बच्चों ने नहीं कहा कि आपने. कसम खा ली थी नहीं मैंने जनता से ही पूछा.
था उसके बाद जो आप इंसीडेंट बता रहे हैं. क्योंकि वहां पे चिपक गया मतलब एक देश के. बाकी हिस्सों में आप जाओगे किसी ने नहीं. पूछा एक आदमी ने नहीं पूछा मैं तो सारा. दिन जनता में रहता हूं डिबेट्स के अलावा. या आपले आपकी जो बिरादरी है इन लोगों के. अलावा डिबेट्स के अलावा ये मुद्दा ही नहीं. है मैंने प्रशांत किशोर से पॉडकास्ट किया. कोई सवाल पूछा कहा मेरा मन कर रहा है मैं. कसम खा लू लेकिन कसम खा लूंगा फिर आप. अरविंद केजरीवाल जी है इसलिए बच्चों को. कसम नहीं खा रहा उनको कहने दीजिए जो कह. रहे हैं जनता को अपनी जिंदगी चलानी है.
जनता को अपना काम करना है जनता के अपने. दिन बदन के जो इश्यूज हैं जनता के लिए वही. इश्यूज. है बेस्ट विशेस सर आपको एंड बेस्ट विशेस. एंड लेट्स जस्ट होप कि इस बार दिल्ली जब. आए जो भी सरकार बने वो दिल्ली वासियों के. लिए काम करें एक बेहतर टाइप के साथ चाहे. आप और मोदी जी या मोदी जी मोदी जी या. कांग्रेस मोदी जी जो भी हो बट बेस्ट विशेस. सर और अच्छी बात ये कि आपने सवाल पूछा. नहीं मैं इस बात को जनता को अलग से नोट. करना चाहूंगा कि दिस वास नॉट पेड पॉडकास्ट. हमारी कोशिश थी जनता के सारे सवाल पूछे.
जाए और हम इस बात को अप्रिशिएट भी करते कि. आपने हमसे सवाल नहीं पूछे जो टोका या रोका. व जनता देखे थैंक यू.
