Unplugged ft. Anirudhya Mitra | Inside Story of Rajiv Gandhi Assassination | The Hunt
राजीव गांधी जी के हत्याकांड से पहले वीपी. सिंह साहब को मारने की भी कोशिश की गई थी।. वही दर्शाता है कि कैसे एलटीटी काम करता. है। राजीव गांधी जी की हत्या से पहले. किस्मत ने बहुत सारे संकेत दिए थे। वो बच. सकते थे।. आई एम यंग एंड आई टू हैव अ ड्रीम। आई. ड्रीम अप इन इंडिया स्ट्रांग इंडिपेंडेंट. इन द सर्विस ऑफ़ मैनफ।. रेन खराब हो गया। ऐसा करीब सात चेंज हुआ. है इंसिडेंट्स इन दिस होल जर्नी कि जहां. उनको यह बोला गया कि आपके जाने की कोई.
जरूरत है ही नहीं। राजीव गांधी हत्याकांड. में जिस विलेन का नाम आया उसका नाम था. शिवराजन. मास्टरमाइंड वन आई जैक वन आई जैक शिवराज. हमेशा एक बहुत बड़ा एनिग्मा एक घोस्ट एक. मिस्ट्री क्या है कौन है किसी को कुछ नहीं. मालूम बहुत बड़ा विलेन था हर बार यही. सुनने को मिलता था कि इसने कैसे किया किसी. को नहीं पता ये लोगों का इस्तेमाल बहुत. अच्छी तरह करता था प्रभाकरण ने 1990 में. इंडियन गवर्नमेंट को दुश्मन मान लिया था. वो टेररिस्ट था फ्रीडम फाइटर है बिकॉज़ वो.
अपने कॉस्ट के लिए लड़ रहा था जरूर लेकिन. विलेन तो थे ही टेररिस्ट से इसमें कोई. डाउट ही नहीं है। राजीव गांधी हत्याकांड. में कितनी थ्योरीज आई रॉ को छोड़कर उन सब. लोग का मोर और लेस यही मानना था कि ये काम. एलजीटी का ही होगा। इंडियन आर्मी का. श्रीलंका जाना दे आर कपलप थ्योरीज है. इसमें। एक तो हमने एलजीटी को अंडरएस्टीमेट. किया था। हरीबाबू जिनके कैमरे से इस पूरे. रिपोर्ट का खुलासा हुआ। वो नजदीक क्यों. खड़े थे? उसको नहीं मालूम था कि राजीव. गांधी को मारा जाएगा। हरीबाबू जैसे लोगों. को हायर किया गया था। पैसे देकर मेंबर बना.
के कि तुम भी कुछ अच्छा करोगे। देखो तुम. अपने ही लोगों के लिए काम कर रहे हो। सबसे. शॉकिंग क्या था इसमें? शॉकिंग मेरे लिए है कि हमारे सिक्योरिटी. एजेंसी की कुछ लापरवाहियां। 4:00 बजे फोन. आया ना इंडियन हाई कमिशन में इस राजीव. गांधी अलाइव। 4:00 बजे फोन आया। रात को. 10:0 पे मारा। 6 आवर्स 20 मिनट्स गैप था. बीच में ना। उसका कोई फॉलो अप हुआ था? नहीं फॉलो अप हुआ था।. राजीव गांधी जी को जिंदा बचाया जा सकता. था? बचाया जा सकता था। मैं ना भी नहीं बोल. सकता।. प्रियंका गांधी की नलिनी से मुलाकात।. अपने पिता के कातिल को माफ कर देना, मुलाकात करने जाना। दिस बी पोलिटिकल लेकिन.
एक किस्मत कनेक्शन इसमें और आता है कि. राजीव जी के बर्थडे के दिन ही ये सारे लोग. मारे गए थे।. अब्सोलुटली ट्रू हो सकता है इट्स अ डिवेंज. जस्टिस।. कुछ घटनाएं ऐसी होती हैं जो लोगों को. झकझोरती हैं। कुछ घटनाएं समाज को झगझोरती. हैं। लेकिन कुछ घटनाएं ऐसी होती हैं जो. पूरे मुल्क या दुनिया को झकझोर देती हैं।. 21 मई साल 1991 में एक ऐसी घटना तमिलनाडु.
में हुई थी जिसने राजीव गांधी को छीन लिया. था।. जो लोग उस दौर में हैं वो जानते हैं कि उस. घटना ने भारत पर क्या छाप छोड़ी थी। आज भी. उसको लेकर कई तरह की थ्योरीज, कई तरह की. बातें होती हैं। लेकिन आज उस सच से हम. पर्दा हटाने की कोशिश करेंगे। उस घटना के. कुछ अनसुने पहलुओं को समझने की कोशिश. करेंगे और उनसे समझेंगे जिसने उस घटना को. कवर किया था। हाल फिलहाल में एक किताब आई. 90 डेज इस किताब का नाम है जो किताब भी हम. आपको दिखा रहे हैं। इसी को लेकर Sony पर.
एक वेब सीरीज भी आई है द हंट। उस वेब. सीरीज को अगर आपने देखा है तो कुछ पहलू. आपको पता लगे होंगे। लेकिन फिर भी बहुत. सारी कहानी ऐसी है जो किताबों में रह जाती. है। बहुत सारी कहानी ऐसी जो तब भी सुनाई. नहीं जाती है या दिखाई नहीं जाती है।. लेकिन आज वो सारे किस्से कहानी हम सुनेंगे. अनिरुद्ध मित्र जी से। बहुत-बहुत स्वागत. सर आपका।. आपका भी बहुत-बहुत शुक्रिया मुझे आपके शो. में बुलाने के लिए। मेरे लिए बहुत बड़ी. बात है ये।. बड़ी बात सर हमारे लिए भी है क्योंकि इस. घटना को आपने जिस तरह से कवर किया और जिस. तरह से इस घटना को दुनिया के सामने अब वेब.
सीरीज के माध्यम से रखा गया। लोग देख रहे. हैं। प्रशंसा कर रहे हैं। आपकी किताब जो. है वो भी नंबर वन है। लेकिन मैं शुरुआत. में सबसे पहला सवाल तो ये पूछना चाहता हूं. जो मैंने अपने इंटरव्यू में भी कहा कि इस. देश से एक ऐसा नेता छीन लिया गया जो. दूरदर्शी था।. तभी आपने आकलन किया कि राजीव गांधी जिंदा. होते तो देश कैसा होता? उनके सपने वो जरूर पूरे करते क्योंकि वो. जैसे ही प्रधानमंत्री बने थे। उन्होंने 21.
सेंचुरी की बात की थी और उन्होंने एक टीम. बनाया था अपना और उसी हिसाब से वह चल रहे. थे तो उनका सपना तो पूरा नहीं हुआ उनको. अगर छीन लिया गया. इस देश पर क्या असर पड़ा था उस घटना का. देश पर बहुत बड़ा असर पड़ा था क्योंकि एक. दूसरे किसी देश से एक टेररिस्ट ग्रुप आते. हैं और आके इतनी बड़ी घटना के एक अंजाम. देते हैं। एक भूतपूर्व प्राइम मिनिस्टर को.
अससनेट कर देते हैं और जिसका जिसके बारे. में किसी को कोई अंदाजा नहीं था। कुछ नहीं. मालूम था। इंटेलिजेंस पे इतना कुछ नहीं. था। असर तो बहुत बड़ा था और शायद वो असर. इतना ज्यादा फील हुआ लोगों में या लॉ. एनफोर्समेंट एजेंसीज में कि उन्होंने भी. यह सोचा कि इस जो घटना हुआ है वो तो हो. गया। इसका जवाब हम देंगे और वही कहानी. बोला गया है 90 डेज में कि उन्होंने कैसे.
जवाब दिया इतनी बड़ी घटना की 31 अक्टूबर. 1984 इंदिरा गांधी जी की हत्या हो जाती. है। उसके बाद एक घटना यह होती है 1991 में. 21 मई 1991. इन दोनों घटनाओं में आपको क्या लगता है कि. सबसे बड़ी घटना देश के लिए कौन सी थी. जिसने देश को हिला कर रख दिया? एक कहना थोड़ा मुश्किल है क्योंकि अ. एक ही पर्टिकुलर पॉलिटिकल पार्टी से दोनों.
लीडर्स थे। मां बेटे मां-बेटे थे। उनकी. अपनी एडलॉजिस्ट थे। वो बहुत साल इस देश को. उन्होंने चलाया। तो असर तो सबके ऊपर हुआ. था। इसमें तो कोई डाउट ही नहीं है। और. जहां तक राजीव गांधी का जिस तरह उनको. अससनेट किया गया। मुझे लगता है वह असर. इसलिए ज्यादा था क्योंकि उस पे पूरे. अससिनेशन को जिस तरह एग्जीक्यूट किया एक. ग्रुप ऑफ टेररिस्ट बाहर से आके.
दैट डेफिनेटली शुक्ड द नेशन क्योंकि उसके. बाद जितना कुछ पता चल रहा था मिसेज गांधी. की हत्या के टाइम पे समथिंग वाज़ फ्रॉम विद. इन पंजाब वाज़ इन टर्मल लेकिन राजीव गांधी. का ऐसा नहीं था। बाहर के किसी देश में कुछ. लोग चाहते हैं वो विलेन बाहर से थे। उनके. साथ हमारा क्या लेना देना था? वो हो सकता. है हमारे कुछ लोगों के सेंटीमेंट्स को. एक्सप्लइट करने की कोशिश कर रहे थे। बट. उन्होंने आके एक इतना बड़ा क्राइम जो. इंडिपेंडेंट इंडिया का सबसे बड़ा क्राइम.
है। उन्होंने वो क्राइम किया हमारे देश. में आके किया। तो कम से कम मैं वेदर एज अ. जर्नलिस्ट और एज एन इंडियन सिटीजन वो एक. बहुत बड़ा धक्का था कि अचानक आप सुबह. अखबार खोल के देखते हैं। कि राजीव गांधी. इज डेड। उन्होंने अससनेट कर दिया और वो भी. किया बाहर के किसी को आके जहां से ये. एक्सपेक्टेशन नहीं था। तो मुझे ऐसा लगता. है कि राजीव गांधी का जो अससिनेशन था दैट.
लेफ्ट अ मेजर इंपैक्ट।. अगर कंपेयर करना हो तो हालांकि बहुत. मुश्किल है ये कंपेयर करना।. 21 मई को आप क्या कह रहे थे जिस दिन ये. घटना हुई थी? कुछ. 10:00 बजे के आसपास से लेके पंडारा रोड. में जो मोस्टली ग सीनियर ब्यूरोक्रेट्स का. ऑफिस क्वटर्स है तो अमित वर्मा मेरा बहुत. निजी दोस्त था क्लोज आई वास अ क्राइम. रिपोर्टर मोस्टली वहां से मेरा जर्नी शुरू. हुआ था तो अमोद कान वी आर ऑल वैरी क्लोज. फ्रेंड्स आल्सो तो मैं और अमित हम लोग. दोनों बैडमिंटन खेल रहे थे उसका फोन आया.
इतने में ऑफिस से जल्दी चलो सब कुछ उस दिन. ही आई थिंक हिज कार हैड गॉन टू द गराज तो. मेरे पास काइनेटिक हंडा स्कूटा था। बोला. मेरे को छोड़ देगा क्या? तो मैंने बोला चल. कहां जाना है? बोले ये पास में है। उस रात. को उसने मुझे कुछ नहीं बोला। आई रीच्ड होम. लेट। उस दिन रात को उसके घर मेरा खाना. खाना था। आई हैड डिनर विथ हिम। बट जो कुछ. भी हुआ मैं घर गया। आई हैड डिनर स्लिप और. सुबह उठ के देखा नहीं उस में ये बात है.
एंड आई रिमेंबर इमीडिएटली नेक्स्ट जो मेरा. अमित से बात हुआ. हम. उसने मेरे को उसी वक्त कुछ 10:30 11 बजे. की बात है बोल दिया था ये एलजीटी किया. होगा और कोई नहीं. राजीव गांधी हत्याकांड में कितनी थ्योरीज. आई थी क्योंकि जब मैंने वेब सीरीज देखी तो. उसमें बड़ी थ्योरीज आ रही थी लेफ्ट वालों. ने करवाया विपक्ष ने करवाया कांग्रेस ने. करवाया. कौन था? किसने मरवा दिया? क्यों मरवा. दिया? क्योंकि इलेक्शन भी चल रहे थे। बड़ी.
थ्योरीज थी। उस टाइम कैसे-कैसे रमर्स थे।. देखिए शुरू में तो सब लोग एक ही सवाल ये. रहे थे कौन क्या होगा ये? क्या इसमें. पंजाब का कोई हाथ है? पंजाब टेररिस्ट का. हाथ है। लेकिन मोर और लेस जहां तक. एनफोर्समेंट एजेंसीज की बात है जो शो के. अंदर भी हम लोग देख रहे हैं रॉ को छोड़कर. जिनका हालांकि ये जुरिसडिक्शन है कि. इंडियास एक्सटर्नल इंटेलिजेंस गैदरिंग. उनको छोड़ के बाकी चाहे वो सीबीआई हो आईबी. हो सीबीआई के कुछ ऑफिसर जैसे मैंने अमित.
वर्मा के नाम लिया अमित वर्मा वाज़ द. एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट टू द डायरेक्टर. राजा करण राजा विजय करण उन सब लोग का. मोरलेस यही मानना था कि यह काम एलटीटी का. ही होगा क्योंकि इतना बड़ा जिसका किसी को. कोई भनक नहीं था। इतना बड़ा एक ऑपरेशन को. अससिनेशन को आप एग्जीक्यूट कर रहे हैं।. उसके लिए आपको वो एक सपोर्ट बेस चाहिए जो. आपने तैयार किया होगा और इसके लोगों को. मालूम था और वो काम करके आप तीन-चार घंटे. के अंदर अपने देश में वापस चले जाएंगे। रॉ.
को क्यों नहीं लगा कि एलटीटी ने किया होगा. यह? रॉ को उसके बारे में बहुत सारे थ्योरीज. थे।. समटाइम एजेंसीज डोंट एडमिट इट इमीडिएटली. यू नो कि दे आल्सो वांट टू बी अब्सोलुटली. श्योर दे हैड देयर ओन सोर्सेस सो देयर फॉर. इट वाज़ पॉसिबल दैट दे रॉ चीफ वाज़ इदर. ट्राइंग टू गैदर मोर इंटेलिजेंस बिफोर. सेइंग इट इन फ्रंट ऑफ़ द प्राइम मिनिस्टर. बट आई वुड से पीपल एट एजेंसी एट लार्ज सब. लोग के ये था कि एलटीडीटी का ही काम होगा.
और ऑलमोस्ट पहला दिन से ही 2 को एक एफआईआर. दर्ज हुआ था तमिलनाडु पुलिस का वो केस. सीबीआई को हैंडओवर कर दिया गया था।. हैदराबाद से कार्तिकेयन जो है वो बाय. इवनिंग पहुंच गए थे मद्रास ही सेड ही. टोल्ड द प्राइम मिनिस्टर आई वांट टू पिक. अप माय सेलेक्ट माय ओन टीम. एंड वहां से जो इन्वेस्टिगेशन शुरू हुआ. उसमें थ्योरी जरूर था बट सम हाउ सभी लोग. मोर और लेस कन्विंस थे कि गोइंग बाय दी.
सरकमस्टेंशियल एविडेंसेस या पॉसिबिलिटीज. जो है वो एलटीटी की ओर लोगों की अटेंशन को. ड्रॉ कर रहा राजीव गांधी हत्याकांड में. जिस विलेन का नाम आया उसका नाम था शिवराज. सन. मास्टरमाइंड. मास्टरमाइंड. वन आई जैक. वन आई जैक उसको साउथ के लोग या तमिल के जो. उनके तमिल के जो लोग थे उतारी कन्नन. हम. उसका कुछ 21 एलियसिस था एस पर रिकॉर्ड्स. अवेलेबल वो एक बहुत बड़ा विलेन था और उसके.
इतने एलियसिस थे बचपन से उसका कहानी इतना. इंटरेस्टिंग. मुझे किताब तो मैंने लिखा और उसके लिए अलग. से रिसर्च करना पड़ा। एक वो समय था जब मैं. रिपोर्ट आते हैं इंडिया टुडे. इस केस को करीब दो साल तक कवर किया।. उसके बाद किताब के लिए दोबारा रिसर्च किया. और पढ़ाई की।. तो सिविशन हमेशा एक बहुत बड़ा एनिग्मा, एक. घोस्ट, एक मिस्ट्री क्या है? कौन है? किसी.
को कुछ नहीं मालूम था। लेकिन जब मैंने शो. देखा ना मुझे सबसे मजा आया शिवरासन को. देखकर क्योंकि हमने किसी ने उसको देखा ही. नहीं ना सीबीआई ने किसी हमें शिवरासन के. बारे में क्या मालूम है कि कुछ एक्यूज़्ड. है जिसने शिवरासन के साथ काम किया वो. पकड़े गए उनके इंटेरोगेशन से हमें पता चला. वो ये करते थे वो करते थे इस तरह बात करते. थे इतने सिगरेट पीते थे दिन में बस इतना. ही लेकिन नागेश कोकनूर हु इज अ वेरी गुड. फिल्म मेकर लेकिन नागेश कोकनूर ने कि इतना.
अच्छा शिवरासन क्रिएट किया जो व्हिच इज़ आई. थिंक आई फाउंड इट रिमारकेबल।. शिवरासन के बारे में कुछ बताइए क्योंकि. शिवरासन को जिस तरह से आपने डिफाइन किया. और जिस तरह फिल्म में दिखाया गया है. विलेन है सबसे बड़ा. लेकिन उसके बाद. क्रिमिनल ह्यूज टेररिस्ट अनडाउटेडली. हां लेकिन उसके बारे में थोड़ा बताएं। हम. थोड़ा उसकी दर्शकों को पता लगे कि एक. इंसान कैसे एक देश के प्रधानमंत्री को. पिताजी इंग्लिश के टीचर थे स्कूल में। हम. एंड मां जो है शी वाज़ अ सोशल वर्कर।.
तो यह बचपन से ही कुछ ये जो वेरियस स्टमिल. ग्रुप्स जिनका श्रीलंका के साथ इशूज़ था कि. हम लोग अलग हो जाना चाहते हैं। श्रीलंका. तमिल्स फ्रॉम सिंहस। राइट? तो उसके पिताजी. का भी इसके ही वाज़ आई आई वुड से. टेंपरेमेंटली उसको सपोर्ट करते थे इस कॉज़. को इस कारण। ये सब वो बचपन से सुना था. सीखा था। बट उसके अंदर एक वायलेंट स्ट्रीक. था। फॉर एग्जांपल अ वो कॉलेज में. पढ़ते-पढ़ते वो भी इंग्लिश लेकर पढ़ाई.
करता था। ही वास अ स्टूडेंट ऑफ इंग्लिश।. ही वास अ ड्रॉप आउट। फिर वो लोकल. इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड में नौकरी करना शुरू. किया और उसको यह काम मिला कि अ एलटीटी के. लिए फंड इकट्ठा करो।. तो वो एकदम से जो बोलते हैं ना वसूली. वसूली करने लगा था और उसमें वह इतना. इनवॉल्वड हो जाता था कि अपने ही एक कजिन. को उसने ऑलमोस्ट जान से मार दिया था। तो. अचानक पता चला कि फलाने का लड़का जो है वो.
एक गुंडा जैसा बन गया है। तो ये एलटीडीटी. है क्या है? गुंडा है। लेकिन ही ड्रू दी. अटेंशन ऑफ सीनियर सीनियर एलटीटी। प्रभाकरण. प्रभा फर्स्ट वास इट वास पर टू अमन देन टू. प्रभाकरण फिर छोटे-मोटे एक दो कुछ लोकल. ऑपरेशंस हुआ और हर बार. यही सुनने को मिलता था कि इसने कैसे किया. किसी को नहीं पता ये लोगों का इस्तेमाल. बहुत अच्छी तरह करता था आपसे काम कराएगा. जिसको बोलते हैं इंटेलिजेंस में दे यूज़. यू एस अ ब्लाइंड ब्लाइंड चाल है। आपको.
नहीं पता कि उसका एंड रिजल्ट क्या है. लेकिन ये आपको इस्तेमाल कर लेता था. और इसको एक बड़ी ऑपरेशन के लिए इंडिया में. उसने भेजा एक एपीआरएफ के लीडर जो इंडिया. में एसएलएम दिया गया था पद्मनाभा करके. उसने अपना टीम तैयार किया और उस टीम से. उसने पद्मनाभा का अससिनेट किया. सिर्फ अससिनेशन के बाद ही पता चला और सब. के सब कुछ चार-प घंटे के अंदर श्रीलंका. वापस चले गए भाग गए तो उसी वक्त वक्त पता.
चल गया था प्रभाकरण को कि व्हाट काइंड ऑफ़. अ मॉन्सर आई हैव इन माय बैकर्ड जो इतना. कुछ कर सकता है। तो शायद कोई बड़ा काम अगर. हो और ये था. जून 1990 की घटना कि इसको शायद वो. जिम्मेदारी सौंपा जा सकता है।. शिवरासन. ही इस पूरी घटना का मास्टरमाइंड था।. अब्सोलुटली।. और प्रभाकर पूरा अपना टीम तैयार किया।. मतलब कि जैसा हम देखते हैं कि आपने. कार्तिकेयन को बुला के यह काम सौंपा कि यू.
आर इंचार्ज ऑफ द एसआईटी यू हैव टू क्रैक द. केस यू हैव टू कैच. दी कल्पेट्स उसका भी ऐसा ही था. नहीं तो इसमें प्रभाकरण से आर्डर शिवरासन. को मिल रहा था एलटीटी चीफ से या ये. शिवरासन की अपनी एक थ्योरी थी कि मुझे. राजीव गांधी. साहब विश्वनाथ प्रताप सिंह का सरकार गिरा. और चंद्रशेखर प्राइम मिनिस्टर बने तो. एलटीटी को जाफना में तब प्रभाकरण को लग. गया था कि शायद शायद बुरे दिन आने वाले. हैं क्योंकि बहुत सारे रिपोर्ट से ऐसा लग.
रहा था कि राजीव गांधी शायद वापस आएंगे. और. उसी दौरान अ तमिलनाडु में जो डीएमके का. सरकार था उसे गिरा के गवर्नेंस रूल लागू. कर दिया गया था क्योंकि रिपोर्ट्स इतने आ. रहे थे सब एजेंसी से इंक्लूडिंग डीएमके. गवर्नमेंट के अपने जो सीआईडी था उनका भी. इंटेलिजेंस यही बोल रहा था कि एलटीडीटी का. बेस यहां बहुत अलार्मिंगली बढ़ता जा रहा. है। क्या करें? तो वो सरकार गिरा दे गया.
और वो सेंट्रल गवर्नमेंट का आना मतलब. ऑब्वियसली यू नो द कंट्रोल इज़ फ्रॉम. दिल्ली।. उसके बाद जो फोरकास्ट प्रेडिक्शनंस आने. लगे अगले इलेक्शन के बारे में कि राजीव. गांधी जो है शायद ही इज़ कमिंग बैक टू. पावर। डस इट मीन आईपीकेएफ बैक इन. श्रीलंका।. तो उस वक्त उन्होंने कुछ जानने की कोशिश. की। एक दो ऑलिव ब्रांचेस भेजा। लेकिन. राजीव गांधी वास वेरी क्लियर अबाउट कि. देयर विल बी नो वायलेंस और इंडो श्रीलंका.
जो पीस अकॉर्ड साइन हुआ है उसमें कोई अदला. बदले नहीं होगा डायलॉग दोबारा हो सकता है. बट पीस के लिए वायलेंस नहीं चल सकता है तो. उसको लगा था उस वक्त कि इससे पहले भी सर. कई फिल्में आई हैं इस टॉपिक पे एक फिल्म. आई थी मद्रास कैफे. हां. जॉन अब्राहम उसमें थे और उसमें उसका जो. ओवरऑल लबो लुवाब था वो यह था कि एक. सुरक्षा एजेंसियों का फेलियर था दूसरा यह. कि राजीव जी को पता था कि वहां पर खतरा. फिर भी वह गए थे। इसलिए कि अपने लोगों से. कैसे कट सकते हैं। इलेक्शंस हैं।. इज इट ट्रू कि वह लापरवाही और सुरक्षा.
एजेंसियों. का उतना एक्टिव ना होना या रिसोर्सेज पाकर. भी ना होना।. देखिए मैं तो मद्रास कैफे बनने से पहले ये. सब कुछ इन्वेस्टिगेशन किया था। मुझे ऐसा. कभी नहीं लगा था क्योंकि मैंने बहुत सारे. रॉ के ऑफिसर्स से बात की जिनको मैं पर्सनल. लेवल पर जानता था जो मेरे एज अ सोर्सेस. मुझे हेल्प किया। लेकिन फिर भी मड्रास. कैफे देखने के बाद जब मैंने जानने की. कोशिश की तो नॉर्मली रॉ के लोग तो और वो. तब वो समय था जब मैं छोड़ के यू नो फिल्म.
इंडस्ट्री में आ गया था तो मुझे उसके बारे. में कोई बहुत ज्यादा पुष्टि नहीं हुआ था. कि मेनस कफ के बारे में जो थे लापरवाही. नहीं मैं कह वो लापरवाही वाली लापरवाही. आपका एनालिसिस क्या है क्योंकि आपने किताब. लिखी है आपने लोगों से बात की है आपको. क्या लगता है क्या रीज़न था ये जिसका हम. जिक्र कर रहे हैं मास्टरमाइंड शिवरासन वो. बहुत ओवर स्मार्ट था कि पता नहीं लगने. दिया। हमारी एजेंसियां लापरवाह थी।. सेवारसन वास ओवर टू स्मार्ट। ही वास टू. इंटेलिजेंट टू स्मार्ट। किसी को कुछ नहीं. पता। किसी को एक्चुअली कुछ नहीं पता।. उसने हमारी एजेंसीज को आउटसार्ट कर दिया।.
टोटली ही फॉक्स आवर एजेंसी अनफॉर्चूनेटली. आवर एजेंसी इस आल्सो फॉक्स हिम बट आफ्टर. राजीव गांधीस डेथ।. नहीं तो अगर व्हिच इज़ अ शो इज़ ऑल अबाउट।. मैं अगर राजीव गांधी जी की हत्या को लेकर. बात करूं कि आपकी अगर आपका एनालिसिस आए. कि क्यों उनकी हत्या हुई? ये रीज़न सबको. पता है कि हमारी फोर्सेस गई। उनसे एलटीटी. से इशज़ थे। बट एक जो वो घटना अंजाम दे दी. गई उसको लेकर आपका एनालिसिस. ये था कि उनको जब लगा कि राजीव गांधी वापस. आ रहे हैं और उन्होंने ऑलरेडी हमारे. एमिसरिस्ट को ये बोल दिया है कि आईपीकेएफ.
श्रीलंका में वापस जाएगी कि नहीं. इट डिपेंड्स ऑन यू।. ओके।. तो ये उनके लिए एक साइन था कि शायद. आईपीकेएफ वापस आएगा क्योंकि वो वायलेंस से. हटने वाले नहीं थे।. आईएएफ एक बार हम स्पष्ट कर दें। भारतीय. फौज जो श्रीलंका गई जी बिल्कुल। श्रीलंकन. गवर्नमेंट को सपोर्ट किया टू फाइट अगेंस्ट. टेररिज्म ऑफ़ एलटीटी।. ठीक है। अब एक इसको इसको थोड़ा और पीछे से. शुरू करते हैं। 29 जुलाई 1987. जब भारत और श्रीलंका के बीच में समझौता. होता है। श्रीलंका के राष्ट्रपति जे आर.
जयवर्धन आई थिंक उस टाइम थे।. जी. इफ आई एम करेक्ट।. करेक्ट।. इंडिया क्यों उस मामले में इन्वॉल्व हुआ? क्योंकि उसको लेकर आज भी डिबेट चलती है।. बहुत सारे लोगों का यह मानना है कि इंडिया. को इनवॉल्व नहीं होना चाहिए था और इंडिया. जो इनवॉल्वड हुआ उसकी वजह से बाद में इस. घटना को अंजाम दिया गया।. देखिए आपका अगर कोई पड़ोसी देश है. हम. और आपसे वो मदद मांग रहा है और उसके देश. में जो एक्ट ऑफ टेररिज्म हो रहा है उसका. इंपैक्ट आपके देश के ऊपर भी हो रहा है।. ठीक है? तो उसमें.
एक्सटेंडिंग सपोर्ट. एट अ डिप्लोमेटिक लेवल इज नथिंग न्यू। ठीक. है। प्लस बट यहां तो फौजी पिटिकल डिसिशनंस. टेकन बाय द रिजीम एट दैट पॉइंट ऑफ टाइम. व्हेन दे प्रोबेब्ली थॉट दैट यू नो वी शुड. स्टैंड बाय दी वी शुड एक्सटेंड सपोर्ट टू. टू कोलंबो क्योंकि हमारे इंटेलिजेंस के. पास ये भी तो रिपोर्ट था कि जो टैमिल. रेवल्स है जो एलटीटी है या बाकी. ऑर्गेनाइजेशनंस है वो इंडियन सोइल को.
इस्तेमाल कर रहे हैं अपने काम आगे बढ़ाने. के लिए और ये भी सच है कि उस वक्त. जो तो होता है कि एक बड़ा देश सम टाइम. अपना जो छोटा नेवर होता है उसको भी. कंट्रोल करना चाहता है। वो वो भी थोड़ा सा. ट्रबल क्रिएट करता है। दैट इज व्हाई सम ऑफ. दी ग्रुप्स वेयर इन इंडिया एंड दे वर. ट्रेंड इट हैप्स इन बट एव्री कंट्री. इंडिया की क्योंकि एवरी टाइम इन हिस्ट्री. इंडिया की क्योंकि हजारों सैनिकों की शायद. जान भी गई थी इसमें।. इफ आई एम नॉट रोंग।. अब्सोलुटली।. तो आमतौर पर क्या होता है? आप डिप्लोमेटिक.
लेवल पे सपोर्ट करते हो। आप बयान दे देते. हो या अपनी कंट्री में आप चीजें टाइट कर. देते हो। इंडियन आर्मी का वहां जाना, हजारों फौजियों का वहां जाके लड़ना, उनके. ज्यादा मारना, हमारे भी लोगों का शहीद. होना।. इसके पीछे को रीज़न फिर मैं समझना चाहता. हूं कि क्या क्योंकि कुछ बहुत बड़ा खतरा. होगा। तभी इंडियन गवर्नमेंट इस एक्सटेंट. तक गई। आमतौर पर इतना हमने नहीं देखा। एक. बार बांग्लादेश में देखा था। हम गए थे। एक. बड़ा इशू था। बट वहां हमारे फौजियों का. नुकसान नहीं हुआ।. इसमें हमारे हजारों फौजियों की जान गई थी।.
तो इसके पीछे क्योंकि उस टाइम आप एक्टिव. जर्नलिस्ट थे। थॉट प्रोसेस क्या था? कौन. सा ऐसा खतरा था? नहीं देर कपल ऑफ़ थ्योरीज़. है इसमें फ्रैंकली स्पीकिंग। वो थ्योरीज़. ये है कि. एक तो हमने. एलटीटी को अंडरएस्टीमेट किया था।. लेकिन इंटेलिजेंस लेवल अंडरस्टैंड उनकी जो. मिलिट्री पावर है या कितना रिटिटरी उनका. रिटेशन कितना पावरफुल हो सकता है। दूसरा. चीज ये था तब तक हम लोगों को मालूम हो गया. था कि एट एन इंटेलिजेंस गैदरिंग लेवल कि.
एलटीटी किस हद तक जा सकता है। सो दे हैड अ. प्रोग्राम कॉल्ड ग्रेटर इलम. जिसमें वो चाहते हैं कि जो इंडियन. टाइमिल्स है वो हमें फुल्ली सपोर्ट करें।. तो वो तो फिर हमारे सोवनिटी पे अटैक हो. गया ना। आप अपने देश के अंदर क्या लड़ाई. लड़ रहे हैं वो ठीक है। लेकिन आप फिर उसी. सेंटीमेंट को हमारे यहां आके हमारे लोगों. को भड़का रहे हैं। उसको हम कैसे सह सकते. हैं? क्या प्रभाकरण एलटीटी का ये जो युद्ध था. श्रीलंकन गवर्नमेंट के साथ उस टाइम उसमें. एक डर यह भी था कि तमिल जो है उसे अलग कर.
दिया जाएगा क्योंकि वो श्रीलंका में एक. तमिल देश की मांग कर रहे थे वो। क्या वो. मांग इंडिया में भी हो सकती थी? इस वजह से. भी ये सपोर्ट हो सकता है।. प्रभाकरण चाह सकता था लेकिन हमने हमें कभी. ऐसा ये नहीं लगा कि इंडियन टाइमिल्स जो है. उनके साथ जुड़ जाएंगे उसमें। ऐसा कभी लगा. नहीं था। आप किसी को किसी लेवल. बड़ा कि बहुत सारे इंडियन तमिल जैसे. मुरलीधरन जी हैं वो इंडियन तमिल थे जो. वहां जाके रहने लगे। वो सुना बहुत सारे. इंडियन तमिल वहां जाते थे। एक इमोशनल. सेंटीमेंट था। और कई बार ऐसी घटनाओं में. अब तो चीजें बदल जाती है। बट जब ये पीक पर.
ऐसे वायलेंस होते हैं इमोशंस ज्यादा. इन्वॉल्व हो जाते हैं।. बिकॉज़ ऑफ़ सिमिलरिटीज़। सो उस टाइम कुछ ऐसा. नहीं था। देखिए इमोशनल कनेक्ट था लेकिन जब. आपके देश के ऊपर अटैक हो जाता है कि आपका. देश का एक लीडर है जो आपका प्रधानमंत्री. रहा है और शायद अभी बनने जा रहा है आपने. आके उसको मार दिया नहीं मारने के पहले की. बात मतलब नहीं मैं कह रहा हूं मारने के. पहले की अगर बात करेंगे एक इमोशनल कनेक्ट. होता है. लाइक आई मे फील अबाउट अ बंगाली से इन. बांग्लादेश बट बात सिर्फ वहीं तक रह जाता. है इंडियन टाइमिल्स का अगर देखा जाए कोई.
इनवॉल्वमेंट एस सच कुछ नहीं था बट आप कह. रहे थे कि हमारी धरती का इस्तेमाल किया. जाता यहां काफी एक्टिव थे। डीएमके के शासन. के टाइम में एक्टिव थे। क्योंकि जो जो. श्रीलंकन आर्मी है उनके साथ जो इनके वॉर. चल रहा था उसमें जो लोग वंडेड होते हैं. उनको यहां में इंडिया में भेजा गया एज अ. रिफ्यूजी उन लोग का ट्रीटमेंट वगैरह यहां. हुआ। उस आड़ में उसको इस्तेमाल करते हुए. इसने अपने बहुत सारे लोगों के यहां रखा।. बट प्रभाकरण इज़ समबडी हु इज़ अ वेरी फार.
साइटेड पर्सन। उसके माइंड में बहुत कुछ. चलता था जो फ्रैंकली स्पीकिंग किसी को. इतना नहीं मालूम कि वो बहुत आगे का सोचता. है कि अगर मैं आज रिफ्यूजी के नाम से. इंडिया में 10,000 लोगों को भेजा उसमें हो. सकता है उसमें 1000 हो जो कल मेरे लिए काम. करेगा लेकिन उसमें हमारे यहां के टाइमिल्स. ज्यादा नहीं थे। वही मैं कह रहा हूं कि एक. सिंपैथी हो सकता है एक इमोशनल कनेक्ट हो. सकता है। लेकिन एक्टिविटीज जो है वो. एक्टिविटीज जो था वो वहीं से लोग आते थे. एज रिफ्यूजी इंडिया ने उनको एसाइलम दिया. हुआ था। उनका वो मोस्टली यहां ट्रीटमेंट. के लिए आते थे और सेवरसन भी आया था। सिवसन.
का एक आंख जो ही लॉस्ट वन ऑफ ह आइज इन एन. एंबुश वि श्रीलंकन आर्मी वो पहली बार. इंडिया जब आया था एज अ रिफ्यूजी ट्रीटमेंट. के लिए आया था और उसने वेलर में जाके अपना. आंख का ट्रीटमेंट कराया था लेकिन उसका. ट्रीटमेंट ठीक से हो नहीं पाया एंड ही वास. गिवेन अ प्लास्टिक आई कि तुम्हारा. कॉर्निया ट्रांसप्लांट नहीं हो सकता है. सो दैट इज हाउ ही आल्सो केम टू इंडिया. फर्स्ट एज अ रिफ्यूजी एंड एज अ पेशेंट तो. ये जो वन आई जैक था ये मैंने कहीं पढ़ा कि. हॉलीवुड फिल्म से नाम लिया गया था ये. हां मार्वल ब्रांडो का एक फिल्म था।.
तो यहां से यह नाम उसको. एग्जैक्टली मुझे तो नहीं मालूम किसने दिया. था। सडन थ्योरी सेज़ कि प्रभाकरण ने उसको. ये नाम दिया था। क्योंकि ये जब वापस गया. उधर. ट्रीटमेंट के बाद तो ही हैड लॉस्ट एन आई।. तो यू आर लाइक वन आई जैक. तारीख कन्नन।. हां। तो तब से उसका बट उसको उसने जब. एलटीटी में ऑफिशियली एज अ कार्डर बनके जॉइ. किया और उसको असाइनमेंट असाइनमेंट्स देने. लगे प्रभाकरण तब उसका नाम दिया गया था.
रघुवरन और उसका नाम लोग उसको एड्रेस करते. थे रघु बोल के अदरवाइज उसका पूरा नाम जो. है वो पकिया चंद्रन था ही हैड गॉट लॉट्स. ऑफ़ एलियर्स बट क्लोज सर्किट में सब लोग. उसको रघु नाम से ही बुलाते थे एंड एंड देन. सी नेम बिकम शिवरासन. एस फार एज़ आई नो अ लिटिल बिफोर 1990 व्हेन. ही वाज़ प्लानिंग अ बिग एक्शन इन इंडिया. पद्मनाभा को मारने के लिए। वो नाम चेंज.
करता था अपना कुछ दिन बाद कुछ दिन बाद।. मैंने सुना कि हर रिलीजन में भी उसने अपने. वर्जन बना रखे थे।. नहीं वो इस तरह किया था उसने कि वो आप. देखेंगे कि वो गेट अप बदल के अपने कुछ. लुकलाइक्स को इस्तेमाल किया था। हम. क्योंकि वो हमेशा मिसड करने की यही इंसान. है। हां जी. ओके तो वो मिसलीड करने की कोशिश कर रहा था. इन्वेस्टिगेट क्योंकि शिवराज को एक बात का. पता चल रहा था जैसे ही उस दिन रात को. अससिनेशन हुआ तो वो सुबह और नलिनी ये लोग.
वहां से निकले उनको मद्रास वापस जाना था. अबाउट 40 प्लस किलोमीटर्स. तो उसको उस वक्त लगा था कि मेरे सामने और. बहुत सारा काम है मेरे को मेरे मेरे हिट. लिस्ट में तीन नाम और है और उस वक्त दो. नाम था बाद आपने क्तिक ज्ञान का नाम जोड़ा. था। मेरे भी एक-एक करके यह सारा काम. कौन-कौन था? जय ललिता कांग्रेस प्रदेश कांग्रेस कमेटी. का चीफ वाजापुड़ी राममूर्ति और उसमें बाद. में कार्तिक का नाम जुड़ा उसने जुड़ा था।.
तो उसको लगा था कि मैं ये सब काम करूंगा।. लेकिन उस दौरान उसने ये देखा कि कोई कुछ. भी बोले लेकिन एक-एक करके मेरे आदमी पकड़े. जा रहे हैं। एंड दी टीम ऑफ एसआईटी यू नो. दे आर लाइक यू नो दे आर क्लोजिंग ऑन मी।. वो तो ये देख रहा था बट ये जरूर था कि वो. कैसे भाग सकता था चाहे वो मिसलीड करके कि. शिवरासन यहां दिखा गया शिवरासन वहां दिखा. गया लेकिन एक्चुअल तो शिवरासन वहां था. नहीं तो ट्रैकिंग टीम जो जा रहा है उसको. पकड़ने के लिए दे गेट डेमोरलाइज्ड उसको.
जैसे पता चला कि. मेरे साथ जो जाफना का. कम्युनिकेशन होता है अल्ट्रा हाई. फ्रीक्वेंसी में वो इंडियन एजेंसी. इंटरसेप्ट करने लगे. तो ही स्टार्टेड फेकिंग प्लांटिंग फेक. इंफॉर्मेशन कि फलाने जगह हम लोग मिलते. हैं। एजेंसीज वहां भागते हैं। वो नहीं. मिलता है। कहीं एक इंफॉर्मेशन देता है. उसके. एक ऐसा टाइम तय करता है उसके पता चलता है. कि 2 घंटा पहले ऐसा निकल गया। सो द. फोर्सेस वेर गेटिंग यू नो द ट्रैकिंग टीम.
वाज़ गेटिंग डिमोरलाइज एट टाइम्स कि यू नो. एस इफ वी आर लूजिंग द बैटल बट दे हैड अ. गुड कैप्टन एंड अ वैरी शूरुड कैप्टन इन. कार्तिकेयन. हु हेल्ड द मोरल हाई एंड. कार्तिकेयन कौन थे ये? कार्तिकेयन डी आर कार्तिकेयन ही वाज़. आईजीसीआरपीएफ. हैदराबाद में पोस्टेड थे। तो जैसे ही. अससिनेशन हुआ उस दिन रात को उस वक्त जिस.
जिस रात को यह हुआ इवनिंग उस सेम डे 21 मई. को अ. देन प्राइम मिनिस्टर चंद्रशेखर जो है वो. भुवनेश्वर में कैंपेन कर रहे थे उनको खबर. मिला इमीडिएटली प्लेन से वापस आए तो. उन्होंने कुछ रात के 2:30 बजे से उनका. मीटिंग शुरू हुआ और 4:00 बजे कैबिनेट. कमेटी ऑन पॉलिटिकल अफेयर्स का मीटिंग हुआ. सारे एजेंसीज के चीफ वगैरह मिनिस्टर सब. लोग थे तो वहां उन्होंने बोल दिया था. व्हाटएवर इट मे बी वी हैव टू बी एबल टू.
सॉल्व दिस केस एंड नो कैच द कल्पेट. ये सच है सर कि राजीव गांधी जी के. हत्याकांड से पहले वीपी सिंह साहब को. मारने की भी कोशिश की गई थी. नहीं वो मारने का कुछ नहीं वही वही वही. दर्शाता है कि कैसे एलटीटी काम करता है वो. एक ड्राई रन था मतलब कि अभी हम एक बहुत. बड़ा अससिनेशन करने जा रहे हैं तो हमारा. जो प्रोसीजर है ये कितना फुल प्रूफ यह. हमें जानना है तो हम पहले एक ड्राई रन. करेंगे। टेलीविज़ चैनल होता है ना पहले. ड्राई रन होता है उसके बाद तो एक ड्राई रन.
था वो। उस ड्राई रन को फिल्म किया जाता. है। फिर वो फिल्म जो है वो जाएगा जाफना. वहां बैठ के सब देखेंगे। कहां गलती हो रहा. है सब लोग अपनी-अपनी जगह पे स्ट्रेटेजिक. पोजीशन पे है कि नहीं। जिसका जो रोल है. उसको वो निभा रहा है कि नहीं? मतलब भारत के एक प्रधानमंत्री के इतने. करीब आतंकवादी पहले ही पहुंच गए थे और वो. चाहते तो वीपी सिंह साहब को भी मार सकता. था। उस दिन फर्क सिर्फ यही था बिटवीन. व्हाट हैपेंड टू राजीव गांधी एंड व्हाट. हैपेंड इन द नाइट व्हेन धानु वेंट एंड. टच्ड हिज फीट इन द सेम फैशन कि सिर्फ उसका.
जो बम था यहां वेस्ट उसमें एक्सप्लोसिव्स. नहीं था वो टगल स्विच था दो बार उसको ऑन. करना था एक बार उसको एक्टिवेट करने के लिए. दूसरा उसको डिटोनेट करने के लिए वो भी. उसने किया था बस सिर्फ अंदर एक्सप्लोसिव. नहीं था तो हमने देखा सब कुछ उन्होंने कहा. कि कैसे इसको करें।. यह सेम महिला थी जिसने राजीव जी सेम पर्सन. ये धर् यह काम. तो हमारी सुरक्षा एजेंसी को बिल्कुल खबर. नहीं लगी। आई मीन ये तो बहुत बड़ा फेलर है.
कि एक प्रधानमंत्री के करीब वो पहुंचकर. ऐसा कर चुकी थी। हां।. सी उनके लिए क्या है कि यह जो शो में बहुत. अच्छी तरह एक डायलॉग में भी बोला गया है. कि सम टाइम इट्स वेरी डिफिकल्ट टू. डिफरेंशिएट बिटवीन कौन श्रीलंका से आया है. और कौन लोकल है। तो मिल जाना इतना आसान. है। यू नो इस तरह मिले एंड दे आर ऑल. लिविंग एज लोकल्स। और उनमें से कई लोग. बहुत पहले एक बार आ चुके थे एज अ रिफ्यूजी. कभी ट्रीटमेंट के लिए कभी किसी को मिलने. के लिए आए चले गए। दे वर वेरी फैमिलियर.
विद। और जिन लोगों को सेलेक्ट किया गया उन. लोगों की एक्सेंट में सिंहलास का. इन्फ्लुएंस कम था। दे साउंड लाइक यू एंड. मी लोकल टाइमल्स। तो वो ये काम कर रहे थे. यार इतने. स्पेसिफिक टास्क इन्होंने सबको दिया कि. तुम ये करोगे तुम वो करोगे और इसको नहीं. मालूम। दिस इज़ समथिंग कॉल्ड असेंबली लाइन. यू नो एग्जीक्यूशन. कि. हर के पास एक रोल है। एवरीबडी इज़ अ प्लेयर.
इन द एक्ट बट दे डोंट नो द एंड ऑफ़ इट। दैट. इज़ हाउ दिस होल थिंग वाज़ सेट अप बाय. शिवरासन। मैं एंड पूरे प्रोसीजर पर आऊंगा।. लेकिन उससे पहले मैं आता हूं प्रभाकरण पर. क्योंकि प्रभाकरण ने 1990 में इंडियन. गवर्नमेंट को दुश्मन मान लिया था। हम. 87 से 90 हम लड़े और उसने मान लिया कि. उसकी वजह से सब कुछ नुकसान हुआ और उसने. कहा कि आईपीकेएफ जो है वह हमारी दुश्मन. है।. प्रभाकरण के बारे में थोड़ा बताइए। वो. टेररिस्ट था फ्रीडम फाइटर बिकॉज़ मैंने कई. अलग-अलग जर्नलिस्ट से बात की है। तो कई.
लोग अभी भी उसे फ्रीडम फाइटर मानते हैं कि. वो अ स्मार्ट गाय फ्रीडम फाइटर था। हमारे. पॉइंट ऑफ व्यू से वो टेररिस्ट था जिसने. हमारे देश पर हमला किया। हमारे देश के एक. प्रधानमंत्री पूर्व प्रधानमंत्री की हत्या. करवाई। प्रभाकरण के बारे में बताइए. क्योंकि कई लोग उसकी बड़ी तारीफ करते हैं, चर्चाएं करते हैं उसको उससे कैरेक्टर की।. देखिए अगर आप तारीफ करेंगे, चर्चा करेंगे. तो. हालांकि विलेन को लोग विजन वाले के बारे. में भी वही कहा जा सकता है। वो अपने कॉज. के लिए लड़ रहा था जरूर। लेकिन. उसके कॉज में जिन लोगों की जाने गई इतने.
हजारों उनको जाके वो क्या जवाब देंगे? तो. विलेन तो थे ही, टेररिस्ट थे इसमें कोई. डाउट ही नहीं है। एक तरफ वो डायलॉग की बात. करते थे। एक तरफ वो पीस की बात करते थे. लेकिन सबसे ज्यादा इंडिया श्रीलंका पीस. अकॉर्ड को किसने अपोज किया? प्रभाकरण ने. अपोज किया। करेक्ट हां देयर कुड बी. पॉलिटिकल सिचुएशनंस जहां प्रभाकरण को. हमारे इस तरफ से कुछ मदद मिला नहीं मिला।. बट एट द एंड ऑफ़ द डे अगर प्रभाकरण को कोई. मदद भी मिला, उस मदद में भी देवर ऑलवेज.
टॉक्स कि तुम यह जो तुम्हारा आर्म्ड. स्ट्रगल है, इसको छोड़ो। बिकॉज़ इट इज़. इवेंचुअली गोइंग टू अफेक्ट माय ओन पीपल. आल्सो। ही नेवर डिड दैट। उसके दिमाग में. यह बात घुस चुका था दैट दिस इज द ओनली वे. बिकॉज़ देयर आर अदर तमिल रेबल्स जिन्होंने. शायद वायलेंस को इतना नहीं अपनाया। बट. प्रभाकरण ने हमेशा यही किया। मीन प्रभाकरण. अगर कोई कह रहा है कि मेरे चार कैडर को. मारा गया। व्हाट अबाउट द फैमिलीज़ ऑफ़ 100. सम थाउजेंड्स ऑफ़ श्रीलंकन आर्मी दैट वर. किल्ड। ट्रू उसको आपने भी तो उनको मारा.
ना। एक ट्रक भर के. एक्सप्लोसिव्स भेज देते हैं व्हिच गोज़ एंड. यू नो रम्स इनू एन आर्मी पोस्ट एंड सम 240. सोल्जर्स आर किल्ड तो फर्क कहां है दोनों. में फर्क तो कोई है नहीं तो इसलिए जहां तक. प्रभाकरण की बात है ही वाज़ अनडाउटेडली ही. वाज़ अ टेररिस्ट ही वाज़ डेफिनेटली लीडर फॉर. हिज़ ओन पीपल बट दैट इज़ टोटली अगेंस्ट द. सोवनिटी ऑफ़ माय नेशन बिकॉज़ ही वाज़ नॉट.
ओनली ही नॉट नॉट ओनली किल्ड राजीव गांधी. ही वाज़ एबल टू क्रिएट अ होल सपोर्ट बेस. बाय एक्सप्लोइटिंग पीपल अगेन सेलिंग देम द. थ्योरी ऑफ़ इलम एंड ग्रेटर इलम दिस एंड दैट. बट इवेंचुअली व्हाट डीड ही डू प्रभाकरण. प्रभाकरण कैसे बना? प्रभाकरण. एक किसी देश से दुश्मनी कर लेना या दो. देशों का दुश्मन बन जाना. बहुत पहले देयर वर अ डिफरेंट. अगर आप हिंदी में करेंगे. बहुत सारे ग्रुप्स था जो इलम की बात करते.
थे क्योंकि उनका सिंहालस जो है उनके साथ. नहीं बन पाता था एंड दे फ्ट दैट वी हैव. ट्रीटेड लाइक अ सेकंड क्लास सिटीजन हमें. अपना स्टेट चाहिए उसमें अलग-अलग ग्रुप्स. थे मोर और लेस उनका गोल एक ही था. यहां हां इस वक्त प्रभाकरण छोटा लड़का था।. ही वास यू नो इन ह 20ज यहां से जितना वो. इनवॉल्व होता गया उसका अपना ये थ्योरी था. कि डायलॉग के जरिए कुछ हासिल होने वाला.
नहीं है। नहीं तो अब तक हो गया होता और. जहां तक श्रीलंकन आर्मी की बात है. उन्होंने भी हमें बहुत डैमेज हमारे. कार्डर्स को बहुत मारा ये किया वो गया। सो. बेसिकली एट दैट पॉइंट ऑफ़ टाइम देयर वाज़. नॉट सो मच ऑफ़ कैजुअल्टी ऑफ़ तमिल रेबल्स।. ये बात गलत है। उसने इस सेंटीमेंट को बहुत. अच्छी तरह खेला। उससे उससे इस्तेमाल किया।. उसका फायदा उठाया। करके वो जो यूथ है उस. वक्त यूथ को अपनी तरफ लेने की कोशिश की।. ये कह के कि बाकी जो लीडर्स हैं दे आर. ओल्ड स्कूल इनसे कुछ होने वाला नहीं है।. अगर हमें इल्म चाहिए अगर हमें अपने राइट्स.
चाहिए तो हमें हाथ में बंदूक उठाना. पड़ेगा। दैट इज व्हाई आप मेरे को बताइए वो. पीस की बात करता है। वो सिर्फ एक 30 साल. या 40 साल या 20 साल के लड़के के हाथ में. AK-47 नहीं देता है। वो 10 साल 12 साल के. बच्चों के हाथ में AK-47 दे रहा था जो ठीक. से उस एक गन को उठा नहीं पाएगा उसका वजन. को। वो 12 साल 13 साल 14 साल के बच्चों को. साइनाइड कैप्सूल यहां दे रहा था कि कोई. अगर तुमको पकड़ने की कोशिश करे तो मुंह में. डाल दो। जस्ट बिकॉज़ ही हैड दैट पावर टू. ब्रेन वाश पीपल डजंट मीन ही ट्रिश यू नो.
एडलेसेंस किड्स टू डाई फॉर हिम। उसने तो. कभी सामने से जाके लड़ाई नहीं किया ना। ठीक. है? ही इज़ अ किंग ही इज़ एन एंपायर वो पीछे. बैठा रहा। बट द वे ही यूज़ पीपल ही हैड. ब्रेन। नो डाउट अबाउट इट। बट ही आल्सो हैड. द ब्रेन ऑफ़ अ डेविन।. इनको फंड कौन कर रहा था? एलटीटी को. अ इनके फंडिंग मोस्टली आता था जो श्रीलंकन. टमिल्स ऑल ओवर द वर्ल्ड थे. ये हथियार हथियार कैसे मिला क्योंकि AK-47. उस टाइम पे मिलना. हथियार इन्होंने खरीदा भी है.
उस पैसे से बहुत ये भी माना जाता है कि. बहुत सारे टैमिलियंस ये शायद श्रीलंका से. नहीं थे बट दे हैव बीन सेटल्ड एज एनआरआई. फॉर अ वेरी लॉन्ग टाइम और दे आर सेकंड. जनरेशन यू नो इंडियंस इन द वेस्टर्न नेशंस. यूरोपियन नेशंस दे यूज़्ड टू फंड उसका एक. बहुत सिंपल पॉलिसी था आप हर महीने मेरे को. $1 दिया करो. ओके. तो अगर बहुत सारे लोग $1 देना शुरू करें.
हर महीना किसी को द एक्यूमुलेशन. किसी देश ने सपोर्ट नहीं किया था एलटीटी. को. जैसे आमतौर पर हमने अफगानिस्तान में देखा. तो इनिशियली रशिया का सपोर्ट था अमेरिका. का. नॉट विथ आर्म्स और एनीथिंग लाइक दैट देयर. वेर डोनेशंस फ्रॉम सम यूरोपियन कंट्रीज. देयर वेर डेफिनेटली रिपोर्ट्स देयर वेर. आर्म सप्लायर्स बट दे वर बिज़नेसमैन हम. जहां शिवसन का भी अपने कनेक्शंस थे अ जो. इनका लंदन बेस्ड वेरी की मेंबर ऑफ एलटीटी.
किट्टू था अ किट टू यूज़ टू डील इन ऑल दिस. थिंग्स वो सब जरूर था बट एट अ स्टेट लेवल. अगर देखा जाए देयर हैड बीन सम डोनेशंस एंड. फंड्स टुवर्ड्स. [संगीत]. मेडिकल ट्रीटमेंट्स एंड सम ऑर्गेनाइजेशन. ेशंस एंड ऑल इंस्टीट्यूशनल फंड्स बट. अपार्ट फ्रॉम दैट देयर आर नो रिपोर्ट्स ऑफ़. दैट अ कंट्री इज़ गिविंग देम आर्म्स और यू. नो फंड टू फाइट नो. ओके नॉट रियली. ये घटना को कितने समय पहले डिसाइड कर लेगा.
सर क्योंकि एक थ्योरी थी कि इक्शंस आ रहे. हैं इलेक्शंस में राजीव जी ने ऐलान कर. दिया है कि अगर वो जीतते हैं सरकार बनती. है तो इंडियन आर्मी फिर जाएगी. दोबारा जाने की बात क्यों थी. नहीं वो राजीव गांधी ने ऐलान नहीं किया था. हुआ ये था कि जब चंद्र चंद्रशेखर का सरकार. सबको मालूम था बहुत लंबा टिकने वाले नहीं. है. क्योंकि वो कांग्रेस के सपोर्ट के ऊपर. निर्भर कर रहा था। दे ओनली हैड 54 एमबीस।. उसी वक्त से प्रभाकरण और पट्टू अमन की तरफ. से कुछ एमिसरीज इंडिया में भेजा गया था।.
एक लंदन से आया था जिसका नाम हु वाज़ अ. बैंकर अर्जुन सिद्धप श्रीलंकन बेस्ड इन. लंदन और उनके कुछ अपने एडलॉग्स थे। कुछ. इंटेलेक्चुअल इंटेलेक्ट मेंबर्स थे वो लोग. आए थे। वो आके राजीव गांधी से मिले थे।. बातचीत कर रहे थे टॉकिंग अबाउट पीस। दैट. इज द टाइम राजीव गांधी है सेड कि आईपीके. वापस जाएगा या नहीं यह आपके ऊपर डिपेंड. करता है। इट डिपेंड्स ऑन यू। दिस वास अ. मैसेज टू. प्रभाकरण कि इफ राजीव गांधी व्हिच इज.
लाइकली वापस आते हैं सत्ता पे तो आईपीकेएफ. इसके मतलब दोबारा श्रीलंका में आ रहा है. एंड वी कुड बी बैक टू स्क्वेर एंड एंड. आईपीकेएफ को भी पता चल गया हमारा स्ट्रेंथ. कितना है। तो इस बार शायद जो होगा द बाउट. ऑफ़ अटैक्स विल बी फार बिगर फार ग्रेटर।. उसी वक्त उसने आई मीन इट वास काइंड ऑफ अ. डिसिशन टेकन दैट फिर राजीव को. प्रधानमंत्री बनने से रोका जाए।. राजीव गांधी जी के हत्याकांड के बाद जो.
तस्वीरें हैं वो डराने वाली थी।. जी. कपड़ों के कुछ टुकड़े, मांस का कुछ. टुकड़ा, लोटोशू आग में जल रहा है। लिटिल. फ्लेम्स ऑफ ह लोटोशू।. उनका जब. बॉडी गिरा हुआ था. तो उसको जब उठाने गए कांग्रेस के लोग खुद. ही पहचान नहीं पा रहे थे कि क्या यह राजीव. गांधी है क्योंकि सबसे ज्यादा चोट इधर लगा. था तो उन्होंने उस शू ये लोटो शू उन्हीं. का ही है। यूज़्ड टू एयर लोट वेरी ऑफन यू.
नो. बहुत भयंकर था वो सब पिक्चर्स. शरीर के टुकड़े मैंने सुना कि बिल्कुल नहीं. मिले थे बाद में डीएनए से शायद पहचाना गया. था वो उनको नेक्स्ट डे मद्रास जनरल. हॉस्पिटल में फिर दिल्ली लेके गए बॉडी को. बहुत कम कुछ ही बचा था इट इज़ अ ह्यूज. इम्पैक्ट मतलब कि दोनों एकदम आमने सामने. थे शी वाज़ राइट देर. कितने लोगों की डेथ हुई थी 17 लोगों की. डेथ हुई थी इंक्लूडिंग राजीव गांधी.
फॉरेंसिक मैंने सुना है फॉरेंसिक ने इसमें. बहुत अच्छा काम किया था बहुत अच्छा काम. किया था फॉरेंसिक ने हुआ ये था कि पहले. तमिलनाडु पुलिस ने इमीडिएटली केस दर्ज कर. लिया इन्वेस्टिगेशन शुरू होगा और फॉरेंसिक. बालक को बुला लिया गया था तो उन्होंने. गैदर कर रहे थे एविडेंस ह्यूमन फ्लेश ब्लड. सबका डीएनए होगा. और किसी का चश्मे का टुकड़ा, कपड़े,
टूटे हुए बैग, चप्पल, जूते सब कलेक्ट किया. गया था।. तो उसी रात को आईजी राघवन थे जिन्होंने. इन द हिप्स ऑफ बॉडीज में ना एक कैमरा देखा. था, पड़ा हुआ है। तो, उनको यह लगा कि यह. कैमरा ऐसा ही किसी का होगा ना जो इनमें से. जिनकी जान चली गई। तो, कैमरे में क्या कैद. किया गया होगा? कैमरा ले लो। तो उन्होंने. कैमरा लेने के लिए बोल दिया। तो नेक्स्ट. डे उन्होंने ऑफिस में इधर फॉरेंसिक वाले.
अपना काम कर रहे थे अंडर दी. लीडरशिप ऑफ पी चंद्रशेखरन. परहैप्स द फाइनेस्ट फॉरेंसिक ऑफिसर ऑफ. इंडिया इंडस्ट्री।. तो आईजी राघवन रात को अपने सेक्रेटरी को. पूछा कि वो कैमरा डेवलप करा लिया रोल। तो. बोला नहीं वो वहां के जो लोकल स्टूडियोज. था वहां पर ले गए थे श्री परदुर के पास तो. वो कह रहे कलर रोल है उनके वहां सिर्फ. ब्लैक एंड वाइट होता है तो बोला फिर बोला.
और कैसे लेकर आया बोला नो बट आज वो राजीव. गांधी के हत्या के बाद मद्रास बंद है ना. तो बोला क्या कर रहे हो जाओ उनके पास कॉलर. लैब है फॉरेंसिक में वहां जाके प्रिंट. कराओ इसको ये गए वहां प्रिंट कराया एंड. बाय आई दिन चंद्रशेखरन हु हैड विजिटेड द. मार्ग एट मद्रास जनरल हॉस्पिटल एट. कांचीपुरम जहां जिस डिस्ट्रिक्ट में अ. श्री परमपुत्र है.
फ्रॉम द 17 बॉडीज दो बॉडी हरिबाबू का ये. पता नहीं अजीब इत्तेफाक है इट्स अ. कोइंसिडेंस हर बाबू का और धानु का ह्यूमन. बम का ये दो बॉडी श्री परमबुदर के पास रखा. गया. हरी बाबू एक बार स्पष्ट कर दें कैमरा. पर्सन. कैमरा पर्सन ये दोनों बॉडी. लोकल हॉस्पिटल में रखा गया। बाकी मद्रास. जनरल हॉस्पिटल में भेज दिया गया। तो शायद. इसलिए कि ये दोनों बॉडी था जो आइडेंटिफाई. नहीं हो पाया कि ये कौन है। बाकी लोग. आइडेंटिफाई हो गए थे। तो ये दो बॉडी वहां.
रखा हुआ था। इन्होंने जाके उसको देखा. चंद्रशेखरन ने। तो उन्होंने देखा कि जो. फीमेल डिसमेंबर्ड बॉडी है उसका कफ मसल्स. देख के लगता है एस इफ कुछ मिलिट्री. ट्रेनिंग वगैरह हुआ होगा। सिर्फ यह पोर्शन. पूरा नहीं है। गायब है। फिर वो बाल जो. देखा जो देखा बाल में ना कुछ फ्लावर्स. वगैरह लगे हैं। उनको एकदम से याद आया कि. ऐसा ही फ्लावर्स हम लोगों ने कलेक्ट किया. है स्पॉट से सीन ऑफ क्राइम से। लेकिन बहुत.
सारे और टेमिलियन भी है जो उनके माथे पे. ऐसा होता है। लेकिन फीमेल बॉडी जो दो और. मद्रास जनरल हॉस्पिटल पे था उनके सर पे ये. बाल ऐसा फ्लावर नहीं था। तो बहुत सारे ऐसे. उनको चीजें दिख रहा था ही स्टार्टेड. जॉइनिंग द डॉट्स. कि इसके मतलब वेस्ट यूज़ किया गया है। किसी. फीमेल ने यूज़ किया है। वेस्ट के अंदर. एक्सप्लोसिव था। वेस्ट ऐसा है। तो जो. टुकड़े-टुकड़े बहुत सारा ब्लू डेनिम से बना. हुआ था। थिक क्लोथ का ताकि वो वेट को.
होल्ड कर सके। दैट वाज़ द प्लानिंग ऑफ़. डिजाइनिंग ऑफ़ द बॉम्ब। तो ये सब जब बना. उनके टेबल के सामने उन्होंने देखा कि ऐसा. एक ब्लाउज बनाया गया था दिस एंड दैट. अराउंड द सेम टाइम फोटोग्राफ्स डेवलप हो. के आए तो उसमें उन्होंने चार कैरेक्टर को. देखा एंड सडनली थिंग स्टार्टेड फॉलिंग इन. प्लेस कि जो कपड़े के टुकड़े वो. डिसमेंबर्ड बॉडी में मिला. हम. हॉस्पिटल में लड़की का जिसका एब्डोमेन. मिसिंग था उसके सर में जो फ्लावर का था.
उसका जो फ्लश है उसके जो टिश्यू इशूज़ है. उसके जो ब्लड है ये सारे डीएनए और उस बॉडी. में जो कपड़े के कुछ सेम कलर ग्रीन और. ऑरेंज ये सब था सैंडल का जो माला था उसका. जो टुकड़ा ये सब मैच कर रहा है।. सो ये एविडेंस गैदर करके एक उनके सामने एक. पिक्चर बन रहा था जिसको वो ठीक से देख. नहीं पा रहे थे। लेकिन जैसे ही फोटोग्राफ. सामने आया मैच कर गया वो। कि यह सारा जो.
हमको एविडेंस मिला यह एक पर्टिकुलर पर्सन. में सब कुछ मौजूद है। तो क्या यही ह्यूमन. बॉम्ब है? शिवरासन ने इसका मतलब अपनी मौत खुद लिखी।. बिल्कुल. अगर उसको मारा भी. अगर वो फोटोग्राफ्स ना क्लिक की गई होती. हां. तो शिवरासन ने ही पकड़ा था। हो सकता है।. क्योंकि और कोई थ्योरी नहीं थी।. और कोई थ्योरी नहीं था।. शिवराजन जिस तरह भाग रहा लेकिन उसके उसका. फ्लिप साइड देखिए आप। यह जरूर है कि. हरी बाबू जो उस ग्रुप के लिए काम कर रहा.
था वही सबसे बड़ा विसल ब्लोअर बन गया।. आयरन मैं आ रहा हूं। कैमरा पर्सन की जब. डेथ हुई. जी. तो मेरे मन में सबसे पहला सवाल ये आया कि. या तो ये इंसान डम है. या इस इंसान को पता नहीं है. क्योंकि जिसको पता है कि मेरी मौत होने. वाली है वो बगल में बैठ के फोटो क्यों. खींचेगा? वो दूर से खींच सकता था।. बिल्कुल सही।. वहां तो और भी लोग थे दूर से फोटो खींचता।. हरीबाबू जिनके कैमरे से इस पूरे रिपोर्ट. का खुलासा हुआ वो नजदीक क्यों खड़े थे? क्योंकि वो डम थे या फिर उसको उसको नहीं. मालूम था कि राजीव गांधी को मारा जाएगा।.
उसको नहीं मालूम था कि धानु अंदर कुछ. बेल्ट पहने हुए हैं जिसके अंदर बॉम्ब है।. क्योंकि देखिए एज अ फोटोग्राफर आल्सो उसका. अगर काम था फोटो लेना पर्पस कुछ और था कि. वी वांट टू फिल्म द होल प्रोसीडर।. नंद नंदना में जब वीपी सिंह का मीटिंग हुआ. तब तो हरिबाबू ने पिक्चर नहीं लिया था। तब. नलिनी ने पिक्चर लिया था। तो हरीबाबू उस. दिन पिक्चर ले रहा था।. नलिनी जिसको भी आजाद कर दिया गया। हम. तो उस दिन हरिबा ने पिक्चर नहीं लिया था।. यह पहली बार हरिबा पिक्चर ले रहा था।. हरिबा को क्या बोला गया था कि यह जो है यह.
राजीव गांधी को माला पहनाएगी और तुम उसके. फोटो खींचोगे। इन लोगों की आपस की सिर्फ. चारप लोगों को ही मालूम था कि वो लोग. इकट्ठा के हुए हैं। व्हाट इज देयर मिशन? जिसके आसपास कहीं हरिबाबू नहीं था।. हरिबाबू जैसे लोगों को हायर किया गया था. पैसे देकर मेंबर बना के कि तुम भी कुछ. अच्छा करोगे। देखो तुम अपने ही लोगों के. लिए काम कर रहे हो एंड बट मनी मैटर्ड द. मोस्ट. चार पैसे और कमा लोगे.
बहुत गरीब घर का लड़का था ह मदर इज टू. क्लीन टू साइल्स इन होम्स पिता फादर हैड. नो जॉब एक ऐसी. अगर ये फोटो ये आपने बताया कि इससे पहले. भी जब वीपी सिंह का हुआ था तो ये फोटो. जाफना गई थी. वहां दिखाने के लिए तो इस बार अगर फोटो. खींची जा रही थी तो हरीबाबू को इतने नजदीक. क्यों भेजा गया फिर. इस नहीं उस वक्त भीड़ में जब हरिबाबू था. हरिबाबू उस लड़के का कितना नजदीक हो जाएगा. सर्टेन सिचुएशन आर नॉट इन आवर कंट्रोल ना. क्वेश्चन इज़ आप एक ऑपरेशन कर रहे हैं वो.
सक्सेस भी हो सकता है वो फेल भी हो सकता. है नंदना में आपने करके देख लिया लेकिन इस. दिन फॉर एग्जांपल इस दिन क्या हुआ इस दिन. राजीव गांधी आने से पहले जो रेड कारपेट था. वहां हर कोई जा नहीं सकता है तो कुछ 20. लोगों का नाम क्लियर किया गया था बिना चेक. किए नहीं वो किसी ना किसी सोर्सेस से आए. आए थे जहां उनका कोई क्रेडिबिलिटी था या. कोई रेकमेंड करने वाला था। एक लिस्ट था. उसमें टोटल 20 लोग थे जो मीट एंड ग्रीट हो. गए राजीव गांधी के साथ। उसके बाद राजीव.
गांधी स्टेज पे जाके अपना स्पीच देंगे।. ऐसा नहीं था कि राजीव गांधी से कोई भी. मिलने आ गया। वो पहले से ऐसा नहीं ऐसा. होता ही नहीं नॉर्मली। आप दूर से देखते. हैं लेकिन अचानक जाके अनलेस राजीव गांधी. खुद जाके किसी को मिले। उन्होंने एक दो. बार इसके पहले बहुत पहले किया था। पर. नॉर्मली आप किसी प्राइम मिनिस्टर से ऐसे. नहीं मिल सकता। नॉर्मली सभी लोगों का. स्कैनिंग हो जाता है।. तो ये बहुत बड़ा इंटेलिजेंस फेलर था ये कि. अगर आपने 20 लोगों की लिस्ट पास ऑन की।. हां, और उसमें से एक ने जाके वो सोसाइटी. मैं बता रहा हूं आपको कि उसमें इंटेलिजेंस. फेलियर क्यों नहीं था? मुझे ऐसा लगता है. कि आपने 20 लोगों का लिस्ट तैयार कर लिया।.
उनके बारे में आपको सब कुछ मालूम है। वो. कांग्रेस पार्टी के थ्रू आए हैं।. वहां पे ये जो फोटोग्राफ में एक मां और. बेटी दिखाया गया। द गर्ल द लिटिल गर्ल हु. वाज़ सपोज्ड टू रिसाइट अ पोएम बिफोर राजीव. गांधी, कोकिला और लता कंडन। लता कन्नन वास. अ सम अ मेंबर ऑफ कांग्रेस पार्टी लेकिन. उनको मीट एंड ग्रिड का परमिशन नहीं मिला. था. और जो जिनका इलेक्शन है कैंडिडेट जो है.
मारगथाम चंद्रशेखर उनकी जो बेटी है प्रिया. चंद्रशेखर शी न्यू प्रिया चंद्रशेखर को. उनको बहुत रिक्वेस्ट करके बोला था कि हमें. भी एक जो है आप तो उनके से कोई चिट्ठी. लेके आई थी लेकिन फिर भी उनको नहीं मिल. रहा था बिकॉज़ कांग्रेस पार्टी सेड कि. इंटेलिजेंस फ़ेल्टर इसलिए नहीं था बिकॉज़. मीट एंड ग्रिड में कौन जाएगा नहीं जाएगा. यह लिस्ट कांग्रेस ने तैयार किया था जब. बात तब तक पुलिस के पास में नहीं था कुछ. एक तो मेटल डिटक्टर था सिर्फ वहां पे तो. जब यह 20 लोगों का लिस्ट था उसमें सडनली.
समबडी सेड ओह देयर आर नो वीमेन इन दिस. लिस्ट अच्छा आप दोनों आ जाइए. धानु शुरू से इनके साथ लगी हुई थी आप शो. में भी देखेंगे हाउ शी इज ट्राइंग टू. डिफरेंट दिस मदर एंड डॉटर एंड प्लेइंग दिस. सेंटीमेंट कि मेरा इतना अच्छा है इतना आई. वांट टू रियली डू दिस उसको कोई तो वहां सब. इंस्पेक्टर अनुसूया जो है उन्होंने जाके. आके आके जब लिस्ट को चेक किया तब उनको. राघव ने बोला कि टू नेम्स हैव बीन एडेड. दैट्स ऑल 22 पीपल दैट्स इट रेड कार्ड पे.
कोई नहीं आएगा और. तो अचानक बात छोरी आ गया राजीव गांधी आ गए. राजीव गांधी आ गए भीड़ उधर भागा. और ये मां बेटे के साथ धानु जो है. कैमरामैन जो है दोनों ये फिर दे स्टार्टेड. अटैकिंग अलोंग. इतने में राजीव गांधी वहां पहुंचे जब. अनुसूया आई आई थिंक ये टुवर्ड्स वन ऑफ़ द. मतलब कि ये तो एक नॉन लीनियर उसमें स्टोरी. बोला गया है शो के अंदर तब बाद में ये. खुलता है कि अनुसूया सब इंस्पेक्टर.
अनुसूया जो है वो बोला मैंने तुमको मना. किया था ना तुम्हारे पास परमिशन नहीं है. ये इधर आने के लिए चलो तुम हटो राजीव. गांधी बोलता है नो नो लेट एवरीबडी गेट अ. चांस इट्स ओके. ऐसा करीब सात चीज हुआ है इंसिडेंट्स इन. दिस होल जर्नी कि जहां उनको यह बोला गया. कि आपके जाने की कोई जरूरत है ही नहीं। जो. जो स्टेट कांग्रेस कमेटी है उनका रिपोर्ट. आ रहा है द अलायंस बिटवीन जय ललिता एंड.
कांग्रेस बीइंग सो स्ट्रांग। राजीव गांधी. डज़ नॉट नीड टू कम एंड कैंपेन। कितने सीट. हम लोग लड़ रहे हैं। नहीं नहीं आंटी को. बहुत बुरा लगेगा। अब देखिए प्लेन खराब हो. गया फाइनली विशाखापट्टनम में।. शी आई फील वै बैड फॉर आंटी। मैं फोन. करूंगा दिल्ली जाके उनको बाद में। आंटी. कौन? जो इलेक्शन कांग्रेस के कैंडिडेट थे उनको. आंटी बोलती थी। शी वाज़ अ वै क्लोज फ्रेंड. टू मिसेस गांधी। बोले नहीं नहीं मेरे को. आंटी के लिए तो जाना ही है। मतलब कि उनके. पास अब जब. मतलब राजीव गांधी जी को किस्मत बार-बार.
अवेयर कर रही? प्लेन खराब हो गया। शी सेड आई फील वैरी. बैड। इतने में किसी ने प्लेन ठीक कर दिया।. वन ऑफ़ द पायलट्स। ही सेड ओ फैंटास्टिक। आई. विल पायलट द प्लेन। खुद प्लेन चला के गए।. मद्रास वहां से वहां पहुंचे दो तीन. जर्नलिस्ट और थे उनको बोला आप लोग मेरे. साथ गाड़ी में बैठे बाद में टाइम नहीं. होगा आई एम आल्सो वैरी टायर्ड इंटरव्यू. यहीं खत्म कर देते हैं वहां पहुंचे लास्ट. बैरियर प्रोबब्ली वास वन सेड मैंने तो. उनको मना किया था ना और पहले जब मना किया. था वो हट गए थे लेकिन फिर उनके साथ घुस गई.
तो जो माहौल वहां क्रिएट हो गया था वहां. एवरीबडी गेट्स इमोशनल धानु वाज़ विथ अ मिशन. एंड हरीबाबू इस ट्राइंग टू प्रूव मेरे को. एक असाइनमेंट दिया गया है मैं खूब अच्छा. काम करूंगा इसको को लेके. वो फोटोग्राफर का एक्सेस था वो. यस एक्जेक्टली ही ट्राइड टू डू हिज बेस्ट. विदाउट हैविंग एनी आईडिया क्या होगा कितने. लोग वहां थे जब ये घटना को अंजाम दिया गया. था एलटीटी के. एलटीटी के वहां पे था शिवारासन देयर वाज़.
नलिनी देयर वाज़ सुभा धानु मर गई एंड देयर. वाज़ अनदर डेपुटी ऑफ़ शिवारासन हु वाज़. वाइडली बिलीव्ड ह नेम वाज़ संथन कि शायद. संथन भी वहां था. लेकिन वो प्रूफ नहीं हो पाया क्योंकि शायद. एक कोई वीडियो में उसको देखा गया था लेकिन. वो वीडियो कैसेट बाद में कहीं मिला नहीं. तो सो दैट इज लाइक था कि नहीं था वन डजंट. नो बट दिस पीपल वेर देयर धानु डाइड इन दैट. हरीबाबू को नॉर्मली एलटीडी के ग्रुप के.
अंदर नहीं माना जाता है ही वास समवन हु. वाज़ मोर लाइक अ साइड किक विथ द ड्रीम दैट. यू नो आई एम विथ दिस मनी कैन बाय अ कैमरा. उनके पास कैमरावरा कुछ नहीं था उस दिन भी. जो कैमरा था वो किसी से उधार ले गया था ही. बोरोड द कैमरा फ्रॉम समबडी. और उस कैमरे ने ही. और कैमरा देखिए इट्स अ वै ऑर्डिनरी चिन. कैमरा इतना हीट जनरेट हुआ वो जब एक बम. ब्लास्ट होता है ना इट सक्स इन ऑल द. ऑक्सीजन अराउंड तो क्या होता है वो एक वेव. क्रिएट हो जाता है समटाइम यू डोंट नीड अ.
स्प्लिंटर टू किल यू वो वेव से आपका बॉडी. जो है इट यू नो इट इट स्प्लिट्स कैमरा को. कुछ नहीं हुआ एंड द आईजी राघवन सिक्योरिटी. इंचार्ज बीइंग सो शार्प ही सेड एक कैमरा. देखा मैंने कहीं जल्दी कैमरा वहां से ले. लो। सपोज़ ही हैड नॉट नोटिस्ड इट। नोबडी. रियली नोज़ व्हाट कुड हैव हैपेंड। सो. नेक्स्ट मॉर्निंग व्हेन चंद्रशेखरन इज़. देयर एंड ही इज़ सेइंग दैट आई एम टेकिंग. चार्ज ऑफ दिस. गैदरिंग ऑफ़ एविडेंस कलेक्शन ऑफ़ एविडेंस।. तो.
कैमरा तब तक। लेकिन चंद्रशेखर ने जो. न्यूज़पेपर में फोटोग्राफ छपा था ना। उस पे. उन्होंने देखा था कि हिप्स और बॉडीज में. एक मेरा कैमरा देखा है। लेकिन कैमरा के सब. कोई कैमरा तो कोई है नहीं। कैमरा कोई है. नहीं। ही वास लुकिंग फॉर अ कैमरा। और वो. कैमरा तब तक पुलिस ने ले लिया था उसी रात. को। सो हाउ थिंग स्टार्ट्स फॉलिंग इन. प्लेस। अच्छा ये जरूर है कि दैट फोटोग्राफ. दैट द डायरेक्शन मेड बाय द फॉरेंसिक पीपल।. वो वो बहुत दैट वाज़ द फर्स्ट ब्रेक थ्रू. वाकई में। बट आई अगेन पर्सनली फील दैट हर.
चीज़ का एक ब्रेक थ्रू होता है। ठीक है? वेदर दिस ब्रेक थ्रू इज़ ए और बी अगर यह ना. भी होता ना देयर कुड हैव बीन अनदर ब्रेक. थ्रू वेदर अची शुड बाय फॉरेंसिक और बाय. एसआईटी और बाय समवन समबडी टिपिंग यू ऑफ. ऐसा बहुत सारा टिप ऑफ भी तो आया कि. शिवरासन यहां है शिवरासन वहां है ये खबर. आई कि शिवरासन को प्रभाकरन ने साथ नहीं. दिया लास्ट में इज इट ट्रू अब्सोलुटली. ट्रू क्योंकि अगर आप अगर शिवरासन जो है वो.
वापस जाते हुए पकड़ा जाए. बाय इंडियन एयरफोर्समेंट एजेंसीज देन इट. इज़ अ डायरेक्ट प्रूफ ऑफ दैट ही द असिनेशन. हैज़ बीन एट द बेस्ट ऑफ़ एलटीटी और हैज़ बीन. कैरिडरिड बाय एलटीटी।. शिवरासन कितने दिन में मारा गया था? उसरासन. कितने दिन बाद उसने अपने को मार लिया था? इट वास द नाइंथ डे फ्रॉम द आई मीन दैट्स. हाउ दी शो में।. तो वो श्रीलंका क्यों नहीं भाग गया? जैसे. इससे पहले अगर. वही मैं कह रहा हूं श्रीलंका कैसे भागेगा. वो? ही नीड अ मोड ऑफ़ ट्रांसपोर्ट राइट।. फर्स्ट ऑफ़ ऑल ही नोज़ वन थिंग दैट सडनली.
देयर इज़ अ मेजर सिक्योरिटी अलर्ट इन द. कंट्री। सो आई हैव टू बी केयरफुल। तो मेरे. को उसको एक हाइड आउट से दूसरा दूसरे से. तीसरा तीसरे से चौथा भागना पड़ रहा है। ये. सब कुछ करना पड़ रहा है। ही नोस देयर आर. रेट्स गोइंग ऑन। हाई अलर्ट है। घर मिलना. मुश्किल हो रहा है। क्योंकि सडनली जो है. आइडेंटिटी क्या है? चेक करना चाहते हैं।. जरूर उन दिनों में आधार कार्ड नहीं था। बट. देन एनी लैंड लॉर्ड बिफोर रेंटिंग योर. हाउस। दे वुड टू लाइक टू नो कि हु आर दिस. इफ यू आर यंग देन देयर विल बी मोर. क्वेश्चंस कौन आए आप लोग? कहां से आए हैं?
एंड मेनी अ टाइम्स फ्रॉम द एक्सेंट पता चल. जाता है लोकल है कि नहीं है। तो ह सिचुएशन. वास क्वाइट टाइट तो उस वक्त उसके लिए वापस. वो जाना चाहता था लेकिन उसको वापस ले जाना. हो सकता है कुड हैव बीन अ व्हाट यू कॉल अ. बैगेज यू नो फॉर लायबिलिटी फॉर. काम खत्म इंसान की जरूरत खत्म. जरूरत खत्म उसको कोशिश तो किया था वो. नेपाल के जरिए भागने की कोशिश की थी लेकिन. वहां भी पकड़ा तो वो क्या आई मीन कितना. स्मार्टली उसको अमोदकांड जो है वो जाके.
इस एक जो थर्ड ह्यूमन बम जिसको दिल्ली. भेजा गया था प्लान बी कि बाय चांस अगर. तमिलनाडु सइल में शिवरासन फेल्स टू कैरी. आउट द अससिनेशन इसको हम दिल्ली में करेंगे. तो दिल्ली में एक थर्ड ह्यूमन बम को भेजा. गया धानु सुबह को शिवरासन लेके आया पट्टू. अमन ने डायरेक्टली एक लड़की को दिल्ली. भेजा वो लोग जब पकड़े गए तो वहां पे भी. उनसे फोन करा बिकॉज़ देयर वाज़ अ स्मगलर. त्यागराजन हु यूज़्ड टू डू अ लॉट ऑफ़ वर्क.
फॉर एलटीटी इंक्लूडिंग. यू नो मनी कलेक्शन एंड ऑल दैट। दे मेड सम. मनी फ्रॉम गोल्ड स्मगलिंग आल्सो। तो वो. नेपाल में बैठा हुआ था एंड ही वाज़ वर्किंग. ऑन अ पैसेज यू नो वे आउट फॉर शिवसन। तो. अमोद खंड उन लोगों से फोन कराया जिनको. पकड़ा और जाके त्याग जहां वेट कर रहा था. कठमांड में उनके लिए उनको वहां से लेके. आया। ऑल थ्री ऑफ़ देम व फ्लोन बैक टू. मद्रास फॉर फदर इंटेरोगेशन। आपने गोल्ड. स्मगलिंग का जिक्र किया। मैंने ये भी सुना. था कि गोल्ड ही प्रभाकरण ने भेजा था।.
हां। 5 किलो शायद गोल्ड था।. कई बहुत बार-बार गोल्ड आया क्योंकि कैश. भेजना मुश्किल हो रहा था।. बिकॉज़ इट्स अ डिफरेंट करेंसी अगेन अगर आप. फॉरेन वो भी देंगे। लेकिन गोल्ड में. बेसिकली देयर वर कलप ऑफ़ गोल्ड स्मगलर्स जो. रेगुलर एज अ सर्विस प्रोवाइडर काम करते थे. एलटीटी के लिए। देयूज़ टू मेक गुड मनी आउट. ऑफ इट। समटाइम एलटीटीज कार्डर्स विल. प्रोवाइड देम सिक्योरिटी तो उनका काम भी. उनके लिए उसके लिए आसान हो जाता था और.
गोल्ड आता था जो हमने देखा शो के अंदर. किताब में भी है कि जमीन के अंदर सब कुछ. गाड़ के रखा गया था. जंगल के अंदर. जहां पे ट्रांसमिटर्स है जहां पे कैश है. जहां पे गोल्ड है जहां पे डीजल है ड्रम्स. के अंदर उसको भी मिट्टी के नीचे रखा गया. है कि अचानक अगर इमरजेंसी में कोई जरूरत. पड़े तो वहां से निकाल के. ऐसा हो सकता है कि अभी भी श्रीलंका के. जंगलों में गोल्ड, डीजल या कैश पड़ा हो।.
आज तो एलटीटी का कुछ रहा नहीं। नथिंग ऑफ़. एलटीटी इज़ आई थिंक वि. प्रभाकर एंड एवरीथिंग वास ओवर।. इस घटना का क्या असर एलटीटी पर हुआ? एलटीटी खत्म हो गया। क्योंकि ये जरूर है. कि हम जो जो सक्सेस है हमारा एसआईटी का कि. इवेंचुअली उन्होंने खूब दौड़ाया शिवरासन. को शिवरासन ने भी उनको बहुत सारा चकमा. दिया लेकिन अल्टीमेटली एक जगह जाके. उन्होंने उनको घेर लिया एंड दे कंपेल्ड. शिवरासन इवेंचुअली कि मैं एक पॉइंट के बाद.
आई कैन नॉट फाइट ही हैड AK-47 ही हैड अ 9m. पिस्टल ही हैड इनफ एमिनेशन बट व्हाट डज ही. डू विथ हिस सिक्स सेवेन पीपल देन बिकॉज़ ही. नोज़ आई हैव बीन सराउंडेड बाइ मल्टीपल. फोर्सेस वी आर गोइंग टू डाई। ठीक है? सो. व्हाई वी आर गोइंग टू डाईस शिवरासन ने. शायद अपने लोगों को साइनाइड खिला दिया था।. हां। और खुद को उसने गोली मार दी। एंड ही. टू बिकॉज़ हिज़ होल थिंग इज़ दैट नाइदर आई. विल गेट कोर्ट नर आई विल डाई फ्रॉम वन ऑफ़. देयर बुलेट्स। आई विल टेक माय ओन लाइफ।. एंड ही शॉट हिमसेल्फ। बट दिस इज़ आल्सो अ.
सक्सेस ऑफ़ द एसआईटी। देयर इज़ नो डाउट. अबाउट इट। बट एज अ जर्नलिस्ट आल्सो आई फील. दैट वन ऑफ द मेजर सक्सेस वास कि जो सपोर्ट. बेस तमिलनाडु में और इन एनी अदर पार्ट ऑफ. इंडिया आई वुड से टू व्हाटएवर एक्सटेंट. एलटीटी वाज़ एबल टू क्रिएट व्हिच वाज़. डेंजरस फॉर अस व्हिच एक्चुअली हेल्प द. असिनेशन टू बी एक्सजीक्यूटेड कैरिड आउट वो. तो खत्म हो गया ना पब्लिक परसेप्शन ये. जरूर है कि भाई शिवराजन को पकड़ो प्रभाकरण.
को मार सके कि नहीं कहीं जाके ऑल दैट इज़. फाइन लेकिन उनका फ्यूचर खत्म कर दिया इस. इन्वेस्टिगेशन ने।. यानी जो प्रभाकरण ने राजीव गांधी जी की. हत्या ये सूचित करवाई थी कि उनका भविष्य. खत्म हो जाएगा। उस हत्या के बाद भी उनका. भविष्य खत्म हो गया।. खत्म हो गया।. मतलब देखिए अगर आपने राजीव को मार के सोचा. कि यू नो आई हैव बोट माइसेल्फ सो मच मोर. टाइम और यू नो सो मच फॉर एक्टिविटीज। कुछ. नहीं हो पा रहा।. प्रभाकरण की हत्या कब हुई थी? 2000 2009. नाइन कह रहा हूं।. 2009.
उसके बाद उसने कोई बड़ा ऑपरेशन दिया बिकॉज़. नो 20 साल. एक्चुअली उसके पहले से ही करीबन खत्म हो. गया था एंड. राजीव गांधी को मारने के बाद सी थिंग इज़. एस सच एलटीटी को जहां तक हम लोग को मालूम. है कि कोई किसी कंट्री से या किसी और एक. इंटेलिजेंस एजेंसी चाहे वो मोसाड हो सीआईए. हो कहीं से कुछ. आईएसआई. आईएसआई के साथ कुछ गोल्ड स्मगलिंग वगैरह. में कुछ कनेक्शन था हम. एट सम स्टेज बट अपार्ट फ्रॉम दैट नो फॉरेन.
इंटेलेज एजेंसी व रियली हेल्पिंग हिम। सो. जब उसने राजीव गांधी को मारा दिस वाज़. डेफिनेटली अनएक्सेक्टेड तो आई थिंक दैट. वाज़ हज़ बिगेस्ट अनडूइंग एंड ही प्रोबेब्ली. इवन देयर आफ्टर ही नेवर इमेजिन दैट ये. मेरा सब कुछ खत्म कर देंगे ये लोग। ये. जरूर है कि व्हेन कार्तिकेयन और डायरेक्टर. सीबीआई. विजय करन जाके बोलते हैं कि हमने ये किया. हमने वो किया और प्राइम मिनिस्टर कीप्स. आस्किंग हिम शिवरासन को पकड़ा कि नहीं.
आपने तो उसको हीरो बना दिया ना मास्टर मैन. बोल के तो वो पकड़ा जाना ज्यादा जरूरी है।. तो ये उनको समझा रहा है कि यस सर वी. अंडरस्टैंड दैट देयर इज़ आवर प्रायोरिटी।. लेकिन यहां बेस खत्म कर दिया। वहां इसको. मार दिया। वहां उसको ये कर दिया। ये पकड़ा. गया। तो उन्होंने बोला था कि मैं तुमको. कोई थीसिस लिखने के लिए थोड़ी भेजा था. एलटीटी के ऊपर। सो ही वास लुकिंग एट इट. फ्रॉम अ पॉलिटिकल एंगल बट इवन पॉलिटिकली. आल्सो हु एवर केम टू पावर देयर आफ्टर. इंक्लूडिंग हिमसेल्फ दे गेन बिग टाइम. एलटीटी को इंडिया से तो आपने खत्म कर दिया. ना और खाली इंडिया से इंडिया से खत्म हुआ.
धीरे-धीरे वहां से वो लोग खत्म हो गए। अगर. इंडिया का सपोर्ट नहीं होता आई मीन. इनडायरेक्ट सपोर्ट नहीं होता तमिलनाडु को. इस्तेमाल करने के लिए उनके पास एक स्टेशन. नहीं होता प्लेटफार्म नहीं होता तो कैसे. वो. जहां भाग कर वहां जाते थे छिप जाते थे. कैसे कर सकते थे नहीं कर सकते थे तो आई. मीन टू मी आई थिंक इट्स अ ह्यूज सक्सेस कि. एलटीटी को उन्होंने खत्म करा दिया बाद में. जरूर राजीव गांधी का जान गया ऑफ कोर्स. शिवराजन पकड़ने नहीं बट शिवरासन किल्ड. हिमसेल्फ. इस पूरे इंटीग्रेशन के दौरान या पूरी. रिसर्च के दौरान कोई ऐसी चीज जो आपने ना.
लिखी हो किताब में जो आपको लगा कि यार ये. लिख देंगे थोड़ा फट जाएगा। ऐसा है बहुत. कुछ. किताब से ज्यादा है।. कुछ ऐसा जो शेयर कर सकते हैं जिसमें कुछ. ऐसा ना हो। उसको सेकंड पार्ट के लिए रखते. हैं क्योंकि क्या होता है कुछ भी. सबसे शॉकिंग क्या था इसमें? चलो मैं आपसे. पूछ लेता हूं। अगर आपको दो तीन चीजें. बतानी हो जो आपको हैरान कर गई। शॉकिंग. मेरे लिए है कि हमारे सिक्योरिटी एजेंसी. की कुछ लापरवाहियां।. मतलब कि आप अशोका होटल में ठहरे हैं।.
प्रभाकरण राजीव गांधी से बात करने के लिए. आए हैं।. आपका बातचीत जो है वो बहुत इनकूसिव है।. ठीक नहीं चल रहा है। गरमागरर्मी हो गया।. राजीव गांधी ने साफ आपको बोल दिया कि नो. देयर विल बी नो वायलेंस।. जो पीस अकॉर्ड साइन हुआ वही होगा। आगे और. कुछ बात करना है करेंगे। होटल में जाता. है। उसको मालूम है कि मैं यहां से जिसको. भी फोन करूंगा रिकॉर्ड हो रहा है। आई एम. अंडर कंटीन्यूस सर्विलेंस ऑफ रॉ आईबी. एवरीबॉडी। वो आंटान बाला सिंह को वो फोन.
पे बोलता है कि. अगर ये लोग मेरे को मुझे तो लगता नहीं. मुझे छोड़ेंगे। ये लोग मेरे को कभी अरेस्ट. कर लेंगे। और अगर इतनी बेवकूफी है ये. बेवकूफी करे मुझे छोड़ने की तो मैं इसे एक. दिन देख लूंगा। वो चार्जशीट में है वो।. उसका बहुत सारा डिटेल्स किताब के अंदर भी. आए। तो मतलब कि आप उसके मर जाने के बाद. चार्जशीट में दिखा रहा है देखिए उसका. मोटिवेशन तब से था। उस वक्त आप क्या कर. रहे थे? व्हाट डीड यू डू? व्हाई डी डी डी. डी डी डी डी डी डी डीड यू यू यू यू यू यू. यू हिम गो देन?
मैं ये नहीं कह रहा कि यू कुड हैव जस्ट. स्टॉप्ड हिम। बट आई ऍम सेइंग देयर हैड बीन. लैप्स्सेस लाइक दैट। द रॉ ऑफ तमिलनाडु हैड. रिपोर्टेड इट टाइम एंड अगेन।. दैट द थ्रेप्ड परसेप्टेबिलिटी. ऑन ऑफ राजीव गांधी इन तमिलनाडु विल बी मोर. व्हेन ही इज नॉट इन पावर. एंड ही वास देर ही वास स्टोरिंग विदाउट. एसपीजी। एसपीजी ऑफ कोर्स ऑफिशियली हटाया. गया था बिकॉज़ ही डिड नॉट एंजॉय दैट स्टेटस.
एनीम मोर। बट आई एम सेइंग दैट देयर हैड. बीन सच। 4:00 बजे फोन आया ना इंडियन हाई. कमिशन में इज़ राजीव गांधी अलाइव। उसको. लेके भी तो कोई फॉलो अप तो नहीं हुआ ना? 4:00 फ़ोन आया, रात को 10:20 पे मारा। 6. घंटा 6 आवर्स 20 मिनट्स गैप था बीच में ना. उसका कोई फॉलो अप हुआ था नहीं फॉलो अप हुआ. था वो पता कैसे चला था लॉस एंजेलस से एक. श्रीलंकन रेबल्स का मैगजीीन में उसका. जिक्र हुआ था वहां से पता चला कि 4:00 बजे. फिर जब पूछा बोला हां एक फोन आया था ऐसा.
इज राजीव गांधी अलाइव जिससे शुरू होता है. यह शो. इज इट नॉट अ फेलियर इट्स अ बिग फेलियर. दैट इज व्हाई आई सेड एट सम एट द बिगिनिंग. दैट प्रोबेबबली सो मेनी लैप्सेस एंड. फेलियर्स. चार्ज द एसआईटी सो मच कि हम भी फिर. छोड़ेंगे नहीं। तो इसलिए कितना कुछ हुआ. होगा फॉर देम टू फेल टोटली लेट डाउन. डिसरेज्ड द क्लाइमेक्स वास सच एन एंटी. क्लाइमेक्स हॉरेबल.
बट वो लोग हार मानने को तैयार नहीं थे।. अमित वर्मा तो बाद में कंटिन्यू किया एज. एग्जीक्यूटिव सेक्रेटरी इन जॉइंट कमीशन. आल्सो लुकिंग इंटू देयर लार्जर. कॉनंस्परेसी। सो दे फॉट देयर ओन बैटल एंड. दे सॉर्ट इट दैट जिंदा या मुर्दा सिवसन. विल बी ब्रॉट टू अ लॉजिकल एंड एंड दे. अचीव्ड इट।. आपकी किताब में जितना है उससे सीरीज में. कुछ अलग है? या वही है।. नहीं सब कुछ वही है। बट ओनली थिंग इज़ बुक.
हैज़ गॉट अ लॉट ऑफ़ जिओपॉलिटिक्स एंड ऑल. आल्सो। मोर इंसिडेंस विथ मोर डिटेल्स वो. पूरा करने जाएंगे।. कुछ ऐसा है जो उसमें क्रिएटिव लिबर्टी के. नाम में कुछ अलग दिखा दिया गया हो सीरीज़. में।. द ओनली पार्ट आई वुड से क्रिएटिव लिबर्ट. किया गया होगा जो मेरे किताब में नहीं है. इज सर्टन पार्ट्स ऑफ शिवरासन इंटरेक्टिंग. विथ ह टीम डिसाइडिंग टेकिंग एकशंस एंड. दैट्स व्हाई आई सेड दैट हम लोगों ने. शिवरासन को कभी देखा नहीं था किसी ने भी. नहीं देखा है पर नागेश गोकुंड ने दिखा. दिया बहुत अच्छी तरह दिखाया वै कन्विंसिंग.
अब ऑडियंस को तो लगेगा बट मैं कह रहा हूं. मैं तो इंटरनल स्टोरी दे रहा हूं कि फॉर. एवरीबडी आई स्पोक टू सम ऑफ़ द एसआईटी. मेंबर्स आफ्टर आफ्टर द शो एंड आई थिंक. एवरीबडी लव्ड इट।. हरी बाबू के कैमरे की जो तस्वीरें थी. जी. वो सारी सोशल मीडिया पे है।. आई थिंक सो मतलब कि मेरे जब मेरा बुक. निकला था तो प्रमोशन में उस 10 पिक्चर थे. उसमें कुल एक था ब्लास्ट का व्हिच वाज़. लाइक एन ऑरेंज बैक ड्रॉप।. जस्ट अ फ्लेम राइट फ्लैश। और मोस्ट ऑफ़ द.
पिक्चर्स वैरी बैडली टेकन पिक्चर सॉरी टू. से मोस्ट इरिलवेंट पे। वो ऐसे खींच रहा था. सब कुछ। उसको बोला गया था अरे उधर शुभा. नलिनी उनका भी एक हिस्टर उसको तो नहीं. मालूम कि ये फोटोग्राफ का मायने कुछ और. निकाला जाएगा कि वेदर नलिनी एंड शुभा वेयर. वाचिंग थिंग्स एट द राइट प्लेस फ्रॉम द. राइट बेंटेज पॉइंट ही वास टेकिंग ऑल दोज़. पिक्चर्स ही वाज़ टेकिंग अ पिक्चर ऑफ़ सिंगर. शंकर स्पीकिंग टू सम टाइमिंग पॉलिटिशियन. ऑल दैट वो ले रहा था बट ही वाज़ नॉट अ वेल.
ग्रूम ट्रेंड न्यूज़ फोटोग्राफर कैमरामैन।. सो व्हेन राजीव गांधी केम और जो होता है. उस वक्त महाभेड़ में ही कुड नॉट हैंडल द. सिचुएशन. राजीव गांधी जी को जिंदा बचाया जा सकता था. राजीव गांधी को. क्या बचाया जा सकता था. राजीव राजीव गांधी हत्या. फिर तो दुनिया का कोई भी अससिनेशन नहीं. होता ना अगर देखा जाए कहीं ना कहीं कोई ना. कोई तो चूक लैप्सेस कोई किसी से ज्यादा. स्मार्ट ऐसा तो होगा ही होगा अदरवाइज कोई. अससिनेशन ही दुनिया में नहीं होगा भूलचक.
हर तरफ से होता है समटाइम्स द विलन इज. स्मार्टर. देन यू हैव टू सी नो हाउ यू डील वि द. विलेन मे बी इन एन आफ्टर माथ लेकिन बचाया. जा सकता था मैं ना भी नहीं बोल सकता राजीव. गांधी जी की हत्या से पहले किस्मत ने बहुत. सारे संकेत दिए थे वो बच सकते थे प्लेन. खराब हो गया जैसा आपने बताया वहां पर भी. वो महिला नहीं आ रही थी चली आई लेकिन एक. किस्मत कनेक्शन इसमें और आता है जो हमने. सुना कितना सच आप बता दीजिएगा कि राजीव जी. के बर्थडे के दिन ही ये सारे लोग मारे गए. थे.
अबब्सोलुटली ट्रू क्योंकि ट्रैकिंग टीम जो. है वो. 18 तारीख को कुरानकुंठ में अपना ऑपरेशन. शुरू कर रहे थे और ऑपरेशन जो एकद घंटे में. हो जाना चाहिए था उसको 36 घंटे लग गए थे. एंड बाय देन इट वास 20th ऑफ़ अगस्त व्हिच. इज़ ह बर्थडे। सो इट इज़ ट्रू दैट द. मास्टरमाइंड ऑफ़ राजीव गांधीस अससिनेशन. उसको जब पूरा कॉर्नर हो गया। वो घेरे गए. सब सिक्योरिटी एजेंसी से उसको खुद को.
मारना पड़ा। सुसाइड किया राजीव गांधी के हो. सकता है इसे डिवाइन जस्टिस कहे इसको उसने. खुद को गोली मारा उसी दिन जिस दिन राजीव. गांधी का जन्मदिन था इट्स अ फैक्ट. इस किताब को लिखते वक्त कहीं ऐसा था कि आप. आप फ्रस्टेट हुए गुस्सा आया. नहीं. या कोई मूवमेंट बहुत इमोशनल हो गया. था जब मैं इंडिया टुडे में था तब जब. बार-बार हर चीज पता चल रहा था कि एक्चुअली. आपने जो सवाल किया ये सवाल मेरे को शेखर.
गुप्ता ने भी पूछा था एक दिन ही वाज़ माय. सीनियर और फॉर्चूनेटली फॉर मी कि जैसे ही. मेरा एक ब्रेकिंग स्टोरी हुआ उसके बाद. थ्रू आउट मैंने ही कवर किया शेखर ने बोला. था ही ही वास् बिजी विद अदर थिंग्स सो आई. गॉट दैट ओपोरर्चुनिटी तो उसने एक दिन मेरे. को पूछा बिकॉज़ ही वास आल्सो एडिटिंग द. हिंदी वर्शन कि तेरे को गुस्सा नहीं आता. ये सब देखते हुए बोला हां आता है क्या. करूं ही सेज़ व्हाट काइंड ऑफ़ फेलियर्स आर. दिस सेड या. एस अ जर्नलिस्ट जब आप ये रिपोर्ट करने गए. वहां पे. आपका वहां वहां पे क्या-क्या चीजें आपने.
देखी? कभी आपको थ्रेट मिला कवर करते वक्त? हां, मोरगन कोर्ट के अंदर खड़े होकर मेरे. को थ्रेट किया था कि आप फर्क करना सीखो।. कौन क्रांतिकारी है और कौन टेररिस्ट है।. नहीं तो यू विल हैव टू फेस क्सक्वेंस।. मुर्गन एलटीटी. हां मुर्गन एनटीटी ही वाज़ वन द टॉप. मेंबर्स जिसने ये बॉम्ब बनाया पूरा का. हस्बैंड। तो फिर रघुतम ने उसको बहुत डांटा. वहां कोर्ट के अंदर। तो फिर रघुतम ने बोला. तुमको पूरा समझ आया क्या बोला? आई हैव. स्टडीड फ्रॉम मद्रास। सो आई कुड फॉलो तमिल. बोला मैं लास्ट लाइन सुनाई नहीं दिया वो.
क्या बोला कॉन्सिक्वेंसेस वाला पार्ट आई. डिड नो व्हाट इज दैट इन टाइमिल ही से ही. वास थ्रेटिंग यू अरे नहीं क्या वो अपना. काम कर रहा है बोला नो ही सेड ही विल यू. मे हैव टू फेस द कॉन्सक्वेंसेस फिर होता. था वो इट्स ऑल देयर इन द प्रेफरेंस ऑफ़ माय. बुक अब बाद में कभी समय मिले देखना देयर. वाइज लेकिन स्लिप आ जाता था गो बैक टू. दिल्ली कार्स यूज़्ड टू जैसे ही आई लैंड इन. मद्रास एयरपोर्ट इंडिया टू अ गाड़ी विल पिक. मी अप सम पीपल विल डेलीबिलिटी फॉलो फॉलो. मी टेल मी इन अ स्कूटर ये सब होता था क्या.
डर लगा. एक बार डर लगा था मुझे लगा था कि मैं कहीं. बैठ के खाना खा रहा था और कुछ लोग जो मेरे. आसपास बैठे हुए थे और उस वक्त रेस्टोरेंट. मोरलेस खाली हो गया था तो ये लोग शायद. मेरे लिए बैठे हैं थोड़ा सा मुझे डर जरूर. लगा था बस वो एक मोमेंट था फॉर सम टाइम इट. वाज़ अ चिलिंग मोमेंट बाकी कभी नहीं. नॉर्मली माय एक्सपीरियंस इन लाइफ इज पीपल. डोंट टच जर्नलिस्ट्स रेयरली कोई मोमेंट. जिसके लिए आपने खुद को ऐसेसे किया हो।.
आफ्टर द फर्स्ट ब्रेकिंग स्टोरी. आई विल नॉट टेक ह नेम ही इज वन ऑफ इंडियास. मोस्ट डेकोरेटेड रेस्पेक्टेड जर्नलिस्ट इज़. अ स्टार जर्नलिस्ट ही रोट इन ह कॉलम कि आई. हैव इंडल्ज्ड इन येलो जर्नलिज्म. एंड अरुण पुरी कॉल्ड मी एंड ही सेड दैट. कुछ बात हुआ तो ही सेड यू थिंक ही इज़ जेलस. ऑफ़ यू आई सेड मे बी ही सेड अच्छा ही आस्क. शेर टू लुक इंटू द मैटर शेखर सेड डोंट लुक.
इंटू दैट क्रैप। अनुज स्टोरी इज़ एब्सोल्यो. करे। आई हैव चेक विथ माय सोर्सेस इनबीआई।. कार्तिकेयन को पूछा गया क्या है ये सब? कुछ लोगों के नाम लिया गया सेलिब्रिटीज ऑफ़. तमिलनाडु। कार्तिकेयन सेड इट्स अ फिग्मेंट. ऑफ़ इमेजिनेशन ऑफ़ दिस रिपोर्टर। आई डोंट. नो।" उसके बाद वही लोग अरेस्ट हुए। लोगों. ने फिर जाके पूछा व्हाट डू हैव टू से ना? फिगमेंट ऑफ़ इमेज। वो एक मोमेंट था जब मेरे. को लगा था कि जो लोग इतना बोल रहे थे ऐसे. इफ जाके जाफना में बैठ के सब कुछ लिखा.
बढ़ा चढ़ा के लिख रहा है एंड 11 महीने बाद. जब चार्जशीट हुआ तो मेरा पहला ब्रेकिंग. स्टोरी या चार्जशीट में कोई बहुत ज्यादा. फर्क नहीं था आई एम सॉरी आई डोंट नो बैग. अबाउट इट बट दोज़ मोमेंट्स वर सेटिस्फाइंग. दैट मच आई शुड से. येलो जर्नलिज्म मतलब बढ़ा चढ़ाकर पेश करना. ये आप पर आरोप है. ऐसे इंसान से आया था ना तकलीफ तो हुआ था. गुस्सा भी बहुत हुआ था टीवी टीवी टीवी. एंकर है या तब तो टीवी कहां इतना था ही. नहीं अभी वो टीवी एंकर है. नहीं मैं अकेला उनके 22 रिपोर्टर्स को बीट.
कर रहा था तो इनसे उनको प्रॉब्लम था थोड़ा. आई वास वैरी फॉर्चूनेट आई मस्ट एडमिट आई. न्यू अ लॉट ऑफ एसआईटी मेंबर्स वै क्लोजली. हम. एंड द सपोर्ट इंडिया टुडे गव मी वास. इनक्रेडिबल मद्रास बिकम माय सेकंड होम. सो इट वास माय गुड लक. इस पूरी कहानी का सबसे फैसनेटिंग हिस्सा. आपका कौन सा था? आई थिंक द फर्स्ट स्टोरी व्हिच वास. टाइटल्ड एस द इनसाइड स्टोरी ऑफ राजीव.
गांधी अससिनेशन. दैट फ्रॉम वीपी सिंह टू एवरीबॉडी. स्टार्टेड कॉलिंग ऑफिस एंड से ये सब वाकई. में हुआ था शी टच माय फीट अरुणपुरी सेड. टॉक टू द रिपोर्टर ही विल टेल यू हिमसेल्फ. दोज़ मोमेंट्स आई स्टिल चेरिश बट ये सब बात. कॉल आई थी वीपी सिंह की हां उन्होंने अरुण. पुरी को फ़ किया था ये सब क्या पढ़ रहा हूं. मैं. आप इमेजिन करो उनको कैसा डर लगा होगाटली. मैंने उनको बोला फोन पे सर एक्सप्लोसिव. नहीं था उसके अंदर हम.
तो दी आर गुड मेमोरीज आई हैव. और कितनी बार ऐसे ट्रायल्स हुए होंगे. कितने बार ऐसे. ट्रायल्स हुए होंगे इस घटना की तरह. या और कौन-कौन से बड़े लोग थे. ड्राई रन. हम. आई थिंक एक ड्राई रन और एक कुछ हुआ था बट. वीपी सिंह ड्राई रन इज द मोस्ट वेल नोन. ड्राई रन. इसमें जो लोग शामिल थे सर सत्याकांड में. उनका क्या-क्या हुआ आज उनमें से लोग. कहां-कहां है? उनमें से देखिए जिन लोगों को लास्ट में आठ.
लोगों को अ. लाइफ क्या बोलते हैं डेस सेंटेंस कंफर्म. इट वाज़ अपीयर्ड बाय सुप्रीम कोर्ट आल्सो।. तो उन्होंने क्लेमसी पिटीशन फाइल किया. प्रेसिडेंट के सामने, गवर्नर के सामने। तो. वो सब सरकार बदलती गई, पॉलिटिकल डिसीजंस. बदलते गए तो कोई डिसीजन नहीं ले रहा था।. तो फाइनली इन्होंने सुप्रीम कोर्ट को बोला. कि भाई 11 साल हो गया है। हम लोग वही. कोर्ट के चक्कर काट रहे हैं कि डेथ. सेंटेंस है या लाइफ टर्म है। ये लाइफ टर्म. 14 साल वाला नहीं था। जब तक आप जिएंगे तब.
तक आप जेल में रहेंगे इन द ट्रू सेंस ऑफ़. लाइफ टर्म। तो फाइनली सुप्रीम कोर्ट हैज़. दैट स्पेशल पावर। उन्होंने बोला ठीक है।. आई मीन अगर 11 साल से कोई भी गवर्नमेंट. चाहे स्टेट पे हो कोई प्रेसिडेंट डिसीजन. नहीं लिया इनके बारे में तो 31 इयर्स दे. हैव स्पेंट देयर लाइफ इन जेल। दे आर ऑल. वेरी यंग एंड बट लीगल स्पीकिंग दे यर नॉट. एक्यूटेड दे आर अ कन्विक्ट बट उनको जेल से. रिहा कर दिया गया यू डोंट हैव टू स्टे इन.
द जेल एनीमोर आफ्टर स्पेंडिंग 31 इयर्स. प्रियंका गांधी ने शायद मुलाकात की थी. जी नलिनी से जाके बोला था कि आई हैव जस्ट. कम टू कन्व दैट. लेट्स फॉरगेट एंड फॉरगिव फॉरगेट एंड. फॉरगिव नहीं फॉरगिव इज द बेस्ट प्रोब्ली. क्यों मुलाकात आप क्योंकि पूरी पूरी घटना. को आपने कवर किया। आप प्रियंका गांधी की. नलिनी से मुलाकात उनके पिता के कातिल से. मुकद. ये चीज़ जब हुआ ना आई वाज़ टोटली आउट ऑफ. एक्टिव जर्नलिज्म। सो आई कैन ऑन स्पीक. फ्रॉम माय अंडरस्टैंडिंग ऑफ़.
वही वही समझना चाह रहा हूं।. दिस मस्ट बी पॉलिटिकल मूव्स यू नो टू मी. पॉलिटिकल मूव्स एज इन. इन द सेंस दैट आप जब इस किस्म के डिसिशन. लेते हैं या स्टेटमेंट देते हैं समटाइम यू. ट्राई एंड स्कोर पॉलिटिकल पॉइंट्स। हो. सकता है आपका ये आगे कोई किसी चीज में काम. आए। यू नो हाउ योर स्टेटमेंट इज पर्सव्ड. यही मेरे. नॉट ऑन द पर्सनल पार्ट कि. वो भी हो सकता है. क्योंकि बहुत चर्चा चली थी कि अपने पिता. के कातिल को माफ कर देना मुलाकात करने. जाना.
दैट्स आल्सो अ पॉसिबिलिटी ऑफ कोर्स अ. पॉसिबिलिटी मैं मैं आई मीन कंफर्मली तो. नहीं कह सकता इट्स डेफिनेटली अ पॉसिबिलिटी. क्योंकि राजीव गांधी एक इंसान थे जो. बिल्कुल वायलेंस में बिलीव नहीं करते थे. और वो बहुत ही फॉरगिविंग काइंड ऑफ अ पर्सन. थे। एक्सट्रीमली एडजस्टिंग पर्सन थे। बहुत. अकोमोडेटिंग पर्सन थे। ये मैं पर्सनल लेवल. से कह सकता हूं। एज अ जर्नलिस्ट. ह पॉलिटिकल डिसिशन कैन बी डिबेटेड बट एस अ. ह्यूमन बीइंग आई थिंक हिज असिनेशन.
अफेक्टेड अ लॉट ऑफ़ पीपी।. मौजूदा दौर में जब राहुल गांधी को देखते. हो. और उनके पिता जिनको आपने उस टाइम काफी कवर. किया होगा। बाद में उनकी डेथ के बाद आपने. पूरी किताब लिखी तो उनको पढ़ने का बहुत. मौका मिला होगा आपको उनके बारे में बात. करने का। दोनों की तुलना कैसे करते हो आप? उसका एक शो के साथ मैं कैसे जुड़ता हूं? ऐसे ही जर्नलिस्ट के तौर पर मैं जानना. चाहता हूं।. दोनों टाइम बहुत अलग है। मतलब कि राजीव. गांधी का जो टाइम था, कांग्रेस पार्टी का. जो स्टेटस था, उनका जो हिस्ट्री था और. राहुल गांधी जब पॉलिटिकली ग्रो कर रहे.
हैं, उनकी पार्टी का जो सिचुएशन. 2003 में जब वो भी आए तो स्ट्रांग पोजीशन. में थे।. हम. 10 साल सरकार. वो स्ट्रंग पोजीशन में थे। बट देन मदर वाज़. रनिंग द पार्टी ना।. सो इसलिए राजीव और राहुल गांधी ने मुझे. पता नहीं कितना क्योंकि राजीव गांधी ने. पॉलिटिक्स में कोई बहुत ज्यादा तो कुछ. दिखाया नहीं। ही बिकम प्राइम मिनिस्टर. स्ट्रेट अवे, राइट? ओके। एंड देन सडनली, यू नो, एंड एंड ही लॉस्ट एन इलेक्शन एंड. देन ही वास् प्रॉबब्ली गोइंग टु कम बैक. एंड ही वाज ही वाज किल्ड। सो, वी हैव नॉट.
सीन हिम। एस अ पॉलिटिशियन मच, यू नो, वी. हैव सीन हिज़ समवन।. देश का माहौल कैसा था। उस टाइम जब ये घटना. हुई, आप कौन सी घटना की बात कर रहे? मैं राजीव जी की हत्या की बात कर रहा हूं।. क्योंकि मैंने बहुत किस्से सुने हैं कि सब. शांत हो गए सोनिया गांधी जी के बारे में. बड़ी किस्से आते हैं। बहुत लंबे समय तक वो. केवल जल पर थी। उस टाइम का थोड़ा सा आप. मुझे बताओ क्योंकि मैं तो उस टाइम पैदा. नहीं हुआ था।. जितना मैंने सुना था कि. उनका सेक्रेटरी जो था वी जॉर्ज वो.
बात नहीं कर पा रहा था। उसको फोन आ गया था. ऑलरेडी। और वो बात नहीं कर पा रहा था. सोनिया गांधी से।. और सोनिया गांधी उसको बार-बार पूछ रहे थे. कि. क्या फोन में क्या बोला? क्या बोला? और ही. हैड ऑलरेडी शेयरर्ड इट विद प्रियंका. गांधी। सो बोथ ऑफ देम व ट्राइंग टू ब्रेक. दिस न्यूज़ बिफोर. सोनिया गांधी। अपेरेंटली दैट वाज़ एन. एक्सट्रीमली.
टचिंग मोमेंट कि हम कैसे बात करें। सो. व्हेन आई थिंक आई थिंक इट इज़ वेरी. नाइसली शोन जस्ट इन वन कट इन द शो कि. जॉर्ज सोनिया गांधी से बात करना चाहते हैं. एंड थ्रू द डोर वी सी सोनिया गांधी इनसाइड. बट अपेरेंटली एंड देन ऑफ कोर्स वी कट टू. समथिंग एल्स बट आई थिंक इनसाइड द रूम अ शी. ऑलमोस्ट प्रोबेब्ली लॉस्ट हर आई मीन शी. वाज़ अब्सोलुटली कंट्रोलबल जब जॉर्ज ने.
जाके बोला कि दिस इज द फोन आई हैव गॉट. एंड इट वाज़ ऑफ कोर्स शी वाज़ एंड ह्यूज हज. शॉक. इंटेलिजेंस के कॉन्टेक्स्ट में लास्ट. क्वेश्चन सर जो घटना उस टाइम हुई. हम. उसके बाद क्या बदला या. कई बार हम देखते हैं कि प्रधानमंत्री भी. आउट ऑफ बॉक्स जाते हैं लोगों से मिलने। हम. कई बार हमने देखा है. कितनाेंस होता है क्योंकि हम लोग कई बार. इंटेलिजेंस में जो लोग आसपास होते हैं. उनको ब्लेम करते हैं कि बहुत रूढ़ होते.
हैं वो. आपको ऐसे धक्का मार देंगे हटा एसपीजी हटा. देगी भटकने देगी आप कितने बड़े इंसान हो. कोई फर्क नहीं पड़ता उन्हें. अभी भी खतरा होता है अगर आप एसपीजी की. बातों को ना माने खतरा तो होता ही है। ऑल. थिंग इज अभी हमारे सिक्योरिटी जो है पहले. से स्ट्रांग जरूर हुआ है। आई मीन इट इज. स्मार्टर। पहले तो सिर्फ लोगों को आप कुछ. प्लेन कक्लोजमेंट वो भी देख के पता चल. जाता था। छोटे-छोटे बाल पुलिस वाले शू. पहनना भूलेंगे। वो वही वाला शू पहन के. आएंगे शायद ट्राउज़ चेंज कर लिया बाकी.
यूनिफार्म में। अभी ऐसा नहीं होता फ्रॉम. ड्रोन से लेके आज एक कुंभ मेला में फेस. आइडेंटिफिकेशन हो रहा है। एक साथ 50,000. लोगों का। तो आई एम सेइंग टेक्नोलॉजी अब. इतना सारा कुछ आ गया इट्स मच मोर फुल. प्रूफ। बट यस आई थिंक इफ एनीबडी इस. ट्राइंग टू कम क्लोज जहां कोई अगर अ. संदेह की बात है सस्पिशन है तो आई थिंक दे. हैव पुट ए्री राइट टू रिमूव फुल लेकिन. स्कैनिंग बहुत ज्यादा होता है स्क्रूटिनी. बहुत ज्यादा होता है. इस बुक के बाद क्या सर सॉरी.
इस बुक के बाद क्या हां इस बुक के बाद. मेरे ख्याल से सब्जेक्ट आपको बहुत अच्छा. लगेगा इट्स अ बायोग्राफी ऑफ अ. वेरी सीनियर पुलिस ऑफिसर सर इससे ज्यादा. बोलने का परमिशन अभी मेरे पास है नहीं. लेकिन मुझे ऐसा लगता है कि आपको अच्छा. लगेगा वो किताब. कितने समय में फिर मिलोगे फिर आप मुझे. कैमरे जब ये ऑफ हो जाएगा तब बताऊंगा क्या. मैं कह रहा हूं कितने समय में मिलोगे मुझे. फिर आप. अच्छा ये शायद दशहरा में रिलीज हो रहा है. ओके.
माय नेक्स्ट बुक आई हैव गॉट सम मोर बुक्स. लैंड अप बट दिस बुक विल फिर. चलिए बेस्ट विशेस आपको सर आई होप कि. जितना लोगों ने सीरीज को पसंद किया जितना. आपकी किताब को पसंद किया लोगों ने उतना ही. इस एपिसोड को भी लोग पसंद करेंगे।. मुझे बहुत पसंद आया। देयर इज़ नो डाउट. अबाउट इट। यही मैं बार-बार मैं सेमिनायर. को भी बोल रहा था कि मेरे लिए उसको जब. देखना है तो मेरे को हमेशा गलतियां ही नजर. आएगा ना। बट आई वास आई वास कंप्लीटली. इमर्स इन इट। एंड आई थिंक आई आई कीप सेइंग.
इट। आई थिंक नागेश हैज़ डन अ वंडरफुल जॉब।. एस अ डायरेक्टर। जिसको कुछ नहीं मालूम था. वो जो उसको पिक्चराइज किया है। दैट इज. समथिंग वंडरफुल। आई वुड रियली वांट पीपल. टू सी द शो टू सी दैट यू। आई मीन आप किताब. में पढ़ा ठीक है। इसमें बहुत सारा चीज है।. बट आंखों के सामने देखना अरे इट्स अ. रेवोल्यूशन ऑफ अ न्यू सेट ऑफ विलेन एंड अ. न्यू सेट ऑफ पुलिस ऑफिशियलल्स वेयर. एवरीबडी लुक्स लाइक यू एंड मी। अब फर्क. नहीं ज्यादा कर पाएंगे। बट यू नो हाउ दे.
फाइट विथ ईच अदर एंड द केसेस क्रैक्ड आई. थिंक समथिंग अब्सोलुटली। आई होप दे डू अस. सीजन टू। इसीलिए मैंने पूछा था कि इस बुक. के बाद क्या? इस बुक के वो किताब तो कभी आएगा बट आई एम. स्टिल वर्किंग ऑन इट जो इसका पार्ट टू. होगा।. ओके थैंक यू सो मच सर। लवली टॉक से थैंक. यू।.
