Unplugged ft. Amit Sial | Early Life | Mirzapur | Maharani | Jamtara | Tikdam
सबसे वियर्डेस्ट ऑडिशन क्या रहा आपका. मैंने कुछ तो किया एक टेक किया मुझे लगा. नहीं अच्छा नहीं किया मैंने मैंने कहा भाई. एक और करना चाहूंगा तो उसने बोला दूसरे. में क्या कर. लोगे मैंने. कहा पका गया मैं मैंने कहा यार ये क्या. मतलब क्या है इस बात का हाउ टू होल्ड. योरसेल्फ जरा सा गम सताए तो बच्चा खोला. जाए जब जब साथ छोड़ने की कोशिश करी वो हुई. नाकाम तो साकी इसी बात पे फिर दे दे जाम.
पे. जाम ये मिर्जापुर वाले आपी तो नहीं लिख थी. जो लास्ट में आई थी कौन सी वो जो घोड़ा. वड़ा वाली आई थी चांदनी रात थी दौड़ रहा. था सोने का घोड़ा. कड़ा एक रूमर आया था कि मिर्जापुर में जो. मुन्ना भैया वाला कैरेक्टर था शायद पहले. आपको पूछा गया था स रूमर नहीं है ये. सच्चाई है एक तो पंकज त्रिपाठी का बेटा. नहीं लग सकता. मैं इन्होंने मुझे गोली क्यों पड़वा सीने. में एक दिन पूछूंगा मैं.
मैंने बोला भाई कोई गलती वलती हो गई क्या. मुझसे मैंने हम तो जबरदस्ती मरवा दिया जो. सजा दे या वरदान दे कौन होता है. बे सिद्धार्थ का शायद डायलॉग सुना था कि. बाहर से आने वालों के जहां सपने पूरे होते. हैं वहां से स्टार किट का स्ट्रगल शुरू. होता है मैं य शंकल से करण अंकल से है ना. सलीम अंकल जावेद अंकल तो यहां तो मैं कैसे. बोल दूंगा अंकल भाई मतलब मैं तो दरवाजे तक. नहीं पहुंच सकता ना उनके मान लो ना उस बात. को उसको मानने में क्या प्रॉब्लम है कि. हां भाई ये प्रिविलेज है एक्टर को आपको.
लगता है कि ऑडियंस ने शोर मचाया जिसके बाद. काम बढ़ गया नवाज पंकज राजकुमार 202 2121. साल के बाद रिकग्निशन मिला इन लोगों को. अभी मुझे 19 ही हुए हैं हो सकता है दो साल. में हो जाए अपनी काया पलट कानपुर की सड़क. लाल होती है वाकई में मसाला कम हो गया. मसाला कम नहीं हो गया लट ज्यादा पड़ रहे. हैं पीटने पे हां बकलोली जो है ना मतलब एक. अलग लेवल की होती है वहां किससे किससे मार. खा भाई हर चीज से मुझे तो लेके आए इतना. बड़ा डंडा और फिर ऐसे चलाए कि अब भाग के. दिखा मेरी है एक ऐसी आदत मुझे ऐसा लगता है.
कभी-कभी कि मैं उड़ते हुए तीर जो है ना. जबरदस्ती की ले लेता हूं वहां मैं खुद. पहुंच जाता हूं हां मैं मतलब जा भी रहा हो. ना इधर उधर तो पकड़ लूंगा उसको मैं कि. कहां जा रहे हो भाई इधर आओ ना कई बार लोग. कहते हैं कि लड़के लड़के भी बड़े अंडर. रेटेड होते हैं एक दो बार तो मैं ही छेड़. गया हूं फिल्म इंडस्ट्री में मुझे तो यकीन. ही नहीं हुआ था मैंने कहा मैंने मैंने. बोला मैं मैं पीछे पीछे देखने लग गया कि. मुझ पे लाइन मार रहे हो. तुम बट हो अच्छा भी लगा था ऐसी बात नहीं.
फ्लटरिंग. ग मैप पर सारी दुनिया की सड़कें एक तरह से. दिखती है और एक शहर है जिसके बारे में कहा. जाता है कि वहां की सड़कें अलग तरीके से. लाल रंग में दिखती. है वह शहर जहां पर सब लोग मुस्कुराते रहते. हैं वह शहर जहां के लोग बड़े खुश मजाज. होते हैं और वहीं से एक बेहतरीन कलाकार आज. हम लेकर आए हैं अमित स्याल राट थैंक यू. कहने को यह रंगबाज रहे गुंडई किए हैं.
गुंडई करवाए और गुंडई रोके हैं लेकिन अब. तमाम तिकड़म भिड़ा के रो रहे और रुला रहे. जी और बहुत खुशी है मुझे तिकड़म लगा के. रोना रुलाना. करवाना और खुशी क्यों है. क्योंकि जो आपने पहला जो इंट्रोडक्शन दिया. रंगबाजी. का और गुंडई का और यह सब कर कर के थक गया. था भाई मतलब थक गया था.
और अभी किसी को मैंने बोला मैंने बोला यार. मुझे ऐसा लगने लग गया था उन दिनों में कि. काम पर जा रहा. हूं तो ऐसा लगना नहीं चाहिए कि मैं काम पर. जा रहा हूं मेरा जो काम है व काम नहीं. लगना चाहिए मुझे क्योंकि जो भी काम बाकी. दूसरे छोड़ के सोचा था कि एक्टिंग की. दुनिया में. आऊंगा क्योंकि मन है यह करने का और और वही. अगर काम लगने लग जाए तो थोड़ा मुश्किल है. और बड़े सही टाइम पर तिकड़म जैसी फिल्म आ.
गई लाइफ में और कुछ नया एक्सप्लोर करने को. मिला. और बहुत मजा आया यह फिल्म करके और जितना. वो सब जो इंटेंसिटी भर गई थी ना जिंदगी. में वो निकल गई यार बट जो फिल्में आपने. इससे पहले की जैसे जामताड़ा थी बढ़िया. दबंगई वाला किरदार था लोगों को याद है अभी. भी कई बार गाली मजाक मजाक में हम लोग. रिपीट कर देते हैं मिर्जापुर सबके जहन में. अभी भी चल रहा है एसएसपी साहब को लोग पसंद.
कर रहे हैं महारानी क्या कमाल का किरदार. था मेरे पिताजी बैठ के दो बार घर आके. रिपीट करके देख लिए तो इ किरदारों से नाम. तो मिला था बढ़िया पैसा भी अच्छा मिला. होगा नहीं नहीं नाम पैसे की प्रॉब्लम नहीं. है वो तो मिला ही है और मैं अगर यह बोल. रहा हूं कि मैं थोड़ा सा बर्न आउट फील कर. रहा था यह सब इंटेंस रोल करने का तो इसका. मतलब यह नहीं कह रहा हूं मैं कि यह काम जो. है वो मेरे प्रिय नहीं है हम बहुत प्रिय. हैं इनसे बहुत नाम मिला है मुझे और मुझे. बहुत मजा आया करने में महारानी चौथा वाला. होगा तो फिर कर लेंगे मना नहीं करूंगा.
लेकिन लेकिन बहुत जरूरी हो गया था यार बीच. में ना कि अपने लिए ही बहुत जरूरी हो गया. था कि यार सिर्फ यही थोड़ी ना ह मैं यू नो. इंटेंस रोल करने के लिए थोड़ी ना मतलब. एक्टर बना हूं मैं और भी चीजें और भी जनरस. है यू नो एक्सप्लोर करने के लिए और होता. यह है कि थोड़ा स्टीरियो टाइप हो जाते हैं. तो और इकोनॉमिक्स इवॉल्व रहती है सारे शोज. में फिल्मों में तो लोगों को लगता होगा. भाई कि नहीं यार य वाला तो प्रोवन ट्रैक.
रिकॉर्ड है ना हम तो यही दो इसमें बेस्ट. फिट होता है य आदमी तो अभी कम से कम यह तो. होगा कि नहीं नहीं यह भी कर सकता है तो. अगर दो अलग-अलग चीजें मतलब पोल्स अपार्ट. कर सकता हूं मैं और और अच्छे से कर सकता. हूं तो और भी दरवाजे खुलेंगे अब मैं आपकी. जब बात सुन रहा हूं तो मुझे दो साल पहले. हमारी आपकी मीटिंग का एक कन्वर्सेशन याद आ. रहा है किसी ने मुझे जब आपको दिखाया तो. कहा कि यार ये एक्टर ना बहुत कमाल का एकदम.
आग भरी है फटने वाला है और फिर दो साल बाद. जब मैं आपसे मिल रहा हूं तो आपकी बात. सुनकर मुझे लग रहा है कि आपको यह लग रहा. है कि शायद आप अभी भी थोड़ा अंडर रेटेड रह. गए यार बड़ा टैलेंट है मुझ में लेकिन मेरा. टैलेंट एक्सप्लोर नहीं कर रहे लोग मुझे और. ऑप्शंस नहीं दे रहे वो जहां कि मैं दिखाऊं. कि देखो यार मुझ में दम है मैं उस लीग में. जाऊं जहां पर नवाजुद्दीन सिद्दीकी पंकज. त्रिपाठी मनोज वाजपेई केके या इरफान खान. हुआ करते थे मैं उसी लीग का एक्टर हूं बट. वहां पहुंचाने के लिए मुझे यह रास्ता. पकड़ना पड़ेगा जिसमें तिकड़म लगा रहा हूं. अब यार पता नहीं उन लोगों ने कौन सा ऐसा.
तिकड़म लगाई थी कि व वहां पहुंच गए और. मुझे तो बहुत बार यह भी लगता है. कि कि हम लोग ना जैसे अब नवाज की बात करें. तो नवाज की अगर बात करें तो नवाज और मैं. उन दिनों से एक दूसरे को जानते हैं जब. नवाज नवाज नहीं थे यू नो और और मतलब हम. लोग एक दूसरे के मेरे तो घर भी एक दो बार. आए थे वो मैं उनके लिए मतलब खाना वाना ये. व फलाना शूल के टाइम से सरफरोज शूल नहीं. उतना उतना भी दूर नहीं थोड़ा बीच में मतलब.
जब तक आई थिंक नवाब गैंग्स नहीं करी थी. वासेपुर के प हां वासेपुर से पहले तो यार. उससे पहले भी तो वो आदमी काम कर रहा था हम. यू नो एक्टर तो वो तब भी बहुत अच्छा था जब. वो दोदो सीन करता था तीन-तीन सीन करता था. और आई थिंक जहां तक मुझे याद है नवाज का. एक इंटरव्यू मैंने देखा था उसमें उसने. बोला भी था कि वो उन्होंने अपनी माता जी. से जब बात करी थी तो उन्होंने बोला था कि. बेटा कूड़े का ढेर भी जो है ना अपनी जगह. बदलता है यू नो तो तेरा भी टाइम आएगा तो.
आई थिंक ये सब हमारे प्रोफेशन में ना आई. थिंक जनरल लाइफ में यार. ये ये सिर्फ टाइम टाइम की बात है यू नो और. मुझे बिल्कुल ऐसे फील नहीं होता कि मैं. अंडर रेटेड हूं ये एक्चुअली फील होना. चाहिए जो लोग मुझे पसंद करते हैं हम तो. लोगों ने जरूर बोला है मेरे बारे में कि. अंडर रेटेड एक्टर है और मैं कमेंट्स भी. कभी-कभी पढ़ लेता हूं तो अंडररेटेड एक्टर. है और काम मिलना चाहिए अ तो मैं मेरे तो.
मेरा तो रिस्पांसिबिलिटी सब मुझे लगता है. कि यही है कि मैं अच्छा अच्छे से अच्छा. काम करता जाऊं अपने आप को चैलेंज करूं और. और नई नई चीजें ट्राई करूं नए नए जनरस को. एक्सप्लोर करूं और जितना मैं ज्यादा. करूंगा उतना मैं ऑडियंस की निगाह में. आऊंगा ऑडियंस की निगाह में आऊंगा तो. ऑडियंस मुझे लगता है बहुस खुद ही शोर. मचाती है अपने एक्टर के लिए यू नो फिर फिर. लोगों को करना पड़ता है नोटिस नहीं तो. जैसे किस एक्टर को आपको लगता है कि ऑडियंस. ने शोर मचाया जिसके बा काम बढ़ गया नवाज.
पंकज. राजकुमार राव अपना. और सब गैंगस ऑफ सेर वाले और इरफान इरफान. भाई इरफान यार ये लोग तो कब से हैं यार. मतलब 2020 2121 साल के बाद रिकग्निशन मिला. इन लोगों को यू नो तो अभी मुझे 19 ही हुए. हैं हो सकता है दो साल में हो जाए अपनी. काया पलट और तो हां ये यार मैं और मतलब. समझ ना एक्टर को ये जो दुनिया एक्टिंग की.
दुनिया है क क्रिएटिविटी की दुनिया है हम. इसमें आई थिंक आप बस इतना ही कर सकते हो. कि आप लगे रहो यार और इससे ज्यादा कुछ. नहीं कर सकते हो और कुछ ना कुछ एक ना एक. दिन कुछ ना कुछ होगा अगर आप ऑनेस्टली काम. करते जा रहे हो अा हमने कहीं पढ़ा आपके. बारे में कि आप जब आए थे आपको पहली पिक्चर. मिल गई थी महीने में हा फिर दिमाग में. थोड़ा चढ़ गया हा थोड़ा चढ़ा ऐसा चढ़ा कि. वो मतलब तीन चार और यह चढ़ना ऐसा होता है. ना भाई कि सीधे ही धक्का मारा उसने चार.
साल पीछे चार पाच साल पीछे यू नो ऐसा नहीं. कि लोगों ने कोई बहिष्कार कर दिया मेरा. बॉयकॉट हो गया मेरा अपॉर्चुनिटी प्रेजेंट. हुई हा और तुम अपने आप खुद ही मतलब गधा. बनाने प तुले हुए हो तो चली गई वो हाथ से. अब वो जब चली गई है तो फिर मेरे अंदर यह. भी नहीं कि बैठ के रोता रहू घर पर तो फिर. मैंने नए फिर बैक टू स्क्वेयर वन फिर से. शुरुआत करो यू नो मेरी है एक ऐसी आदत मुझे. ऐसा लगता है कभी-कभी कि मैं उड़ते हुए तीर. जो है ना जबरदस्त ले लेता हूं वहां मैं.
खुद पहुंच जाता हूं हां मैं मतलब जा भी. रहा हो ना इधर उधर तो पकड़ लूंगा उसको मैं. कि कहां जा रहे हो भाई इधर आओ ना और ऐसी. दो तीन बार मैंने चीजें करी है मैं ानी. बॉयल से मिला यार मतलब मैं उनका फैन था. बचपन से ही सारी फिल्में देख रखी उनकी वो. आदमी सोचो इंडिया आता है मैं उनसे मिलवाया. जाता है मुझे उनसे वो. मुझे पूरी स्क्रिप्ट दे देते हैं फिल्म की. और सलीम करके रोल था उसमें तो मैं उसके.
लिए ऑडिशन करता हूं जाके और वो उनको बहुत. अच्छा लगता है फिर 10 12 दिन के बाद आता. है वहां से कमेंट की यार तुम ना बहुत उम्र. में बड़े हो इस रोल के लिए तो मैं फोन पर. बोलता हूं भाई मुझे मेरी बात करवा यह सब. अभी मत करो मैं मतलब वजन वजन कम कर लूंगा. सब कुछ कर लूंगा एकदम रारा लौंडा. लगाऊंगा पता ही नहीं चलेगा कि मेरी उम्र. है ना 30 साल 29 साल ले जो भी है तो इतनी. प्यारी बात बोली ना उन्होंने यार उन्होंने.
बोला कि यार उम्र तो कम कर लोगे लेकिन यह. जो मैच्योरिटी है उसका क्या करोगे वो. लड़का जो है वह 16 17 साल का होना चाहिए. तो इतना तुम मैच्योरिटी लेवल नीचे करोगे. तो एक्टिंग करने लग जाओगे यू नो इस तरीके. की वो आदमी मुझसे बात कर रहा था फिर. उन्होंने मुझे यह ऑफर दिया य जो इरफान भाई. ने रोल किया ठीक है मैंने वो स्क्रिप्ट. पढ़ी हुई थी मैंने कहा यह कैसा रोल है यार. इसमें तो मतलब क्या है वो एक कमरे में. बैठा हुआ है इंटेरोगेटर रहा है पुलिस. ऑफिसर अकल ही नहीं थी भाई मैंने इरफान भाई.
को देखा तो मेरा तो दिमाग ही हिल गया. मैंने कहा मतलब कितनी बार ऐसी गलतियां. करेगा मेरे भाई यू नो तो ऐसी ऐसी चीजें. होती रहती है यार अभी राइट प्लेस द राइट. टाइम होऊंगा तो इनसाइड एज मिल गई बढ़िया. रोल था हालांकि चैलेंजिंग रोल था मतलब. थोड़ा अलग था ब भाई चैलेंजिंग रोल था. लेकिन इतना आसान था मेरे लिए वो क्योंकि. मैं एगजैक्टली वही सोच रहा था अपनी लाइफ. में जिस स्पॉट पे था ना मैं एगजैक्टली उसी. स्पॉट पे था वही फ्रस्ट्रेशन देवेंद्र.
मिश्रा की वही आंग वही चिड़चिड़ापन वही. मतलब कि दुनिया को दिखाऊंगा एक दिन फलाना. ढिमरयाई मिल गया तो डाल दिया उसमें सब कुछ. यनो बहुत सारा देवेंद्र मिश्रा जो मैं कर. रहा था वो मैं ही हूं उस टाइम प यू नो तो. अब मिल गई ऐसी चीज अब नहीं मिल रही थी. पहले अभी क्या कर सकते हैं इसका बॉलीवुड. की कोई फिल्म ऐसी जो आप मिस कर लगा यार छ. ये मैं गलती कर.
गया बॉलीवुड. की नहीं ऐसा तो कभी नहीं हुआ मतलब बॉलीवुड. यही एक दो किस्से हुए हैं यार स्लम डॉग. मिलिनेयर के साथ हुआ है और ये देव पटेल की. अभी जो आए ना मंकी मैन ये ये. भी इसमें भी लोचा हो गया थोड़ा बट नहीं. नहीं बट वो मेरी वो मेरी गलती नहीं थी वो. कोविड के चक्कर. में वो क्या कहते हैं वो बबल. बबल वाला हा वो सिस्टम बना रहे थे वो लोग.
कि बाहर जाएंगे फिर तीन महीने पहले इस. टाइप का कुछ तीन महीने पहले जाएंगे फिर. वहीं रहेंगे फिर वहां शूट करेंगे तो सारे. प्रोसेस में मुझे लग रहा है जो मुझे याद. है जहां तक तीन चार महीने लगने लग जाते. मेरे और तब तक तो मैं दो सीरीज पाड़ देता. यहां. पर मैंने जब उसको वे किया तो मैंने कहा. यार यह इसमें मैं लीड कर रहा हूं आई थिंक. काठमांडू कनेक्शन कर रहा था बीच में और एक.
और कुछ शो किया था मैंने कहा मैं इसमें. लीड कर रहा हूं बहुत अच्छा रोल भी है और. वहां जाऊंगा चार महीने वेस्ट हो जाएंगे और. पैसे वैसे भी उतने नहीं मिल रहे भाई जितने. यहां मिल रहे हैं तो अपने ही यहां पर काम. कर लो अब देख लो मंकी मैन का क्या हालत है. यनो मतलब बहुत ही सही फिल्म बना दी उसने. तो किस्मत की बातें है इसमें मतलब आप नहीं. जूत सकते जदा वन वे और द अदर आई हैड टू. टेक अ डिसीजन आई टूक द बेस्ट डिसीजन. अकॉर्डिंग टू नया क्वेश्चन फ्रेम करता हूं.
टैलेंट और किस्मत हम आदमी को स्टार बनाने. में ज्यादा कौन सा चाहिए बॉलीवुड. में. किस्मत टैलेंटेड तो बहुत लोग हैं यार. टैलेंट की कोई कमी है क्या वो तो हम हमको. टैलेंट तो जो दिख रहा है वो हमको लग रहा. है टैलेंट है वो यू नो अगर आप पीछे जाओ. जितने लोग स्ट्रगल कर रहे हैं और कितने नए. नए लोग अभी ओटीटी के टाइम में आगे आ गए. हैं ये टैलेंटेड ही तो थे पहले. ये टैलेंटेड नहीं होते तो कैसे आते थे.
यहां पे तो सबकी अपनी अपनी राइट प्लेस द. राइट टाइम टाइमिंग है किस्मत है और बहुत. सारे टैलेंटेड लोग बन बनने के बाद भी गिर. जाते हैं तो वो क्यों गिरते हैं अगर. टैलेंट ही सिर्फ काम कर रहा होता तो सिर्फ. तो फिर उनका डाउन फॉल क्यों आता है आई थंक. किस्मत बहुत. बड़ा रोल करती है यार प्ले चीजों को बनने. में बन आप लेकिन लेकिन आपको नहीं पता ना. वो कब स्ट्राइक करेगी तो आपको अपना काम. करते रहना पड़ेगा ना हम अच्छा एक कहानी.
हमने आपके बारे में सुनी क्योंकि अब. किस्मत की आपने बात कर दी तो किस्मत तो. आपकी बढ़िया रही सारा शिकायत तो करना बनता. नहीं है एक आदमी जो टैक्सी चला रहा था सही. है कहानी है ये खाली छापने के लिए छाप. नहीं नहीं नहीं बिल्कुल सही है नहीं. क्योंकि एक आम जनता में एक परसेप्शन होता. है कि जितने बड़े आदमी है वो अपने पीछे एक. बैगेज ले चलते हैं कि देखो मैं बहुत गरीब. था मैं परेशान था मैं ऐसा था आप आप ना भाई. मेरे मुंह की बात छीन रहे आप मुझे मेरे को. तो अच्छा ही नहीं लगता ये सब बातें करते. क्योंकि ये ये जो मैं कर भी रहा था ना हम. जो बोला जाता है या मैं बोलता हूं अपने आप.
ही ज पूछा जाता है तो यह भी मैं बड़ी खुशी. से कर रहा था यार मैं कोई थोड़ी ना मजदूरी. की तरह कर रहा था उसको कि अरे यार जिंदगी. बर्बाद हो गई यह बर्तन मानने पड़ रहे हैं. वेटरी करनी पड़ रही टैक्सी चलानी पड़ रही. है बताओ यार क्या जिंदगी है मैं बहुत मजे. ले लेके कर रहा था मुझे बड़ा इंटरेस्ट था. कि मैं दुनिया के बेस्ट बर्तन मांजने वाला. बनू बेस्ट बर्तन मांजने वाला मैं सच बता. रहा हूं भाई मैं जब 21 साल की उम्र में. गया था मैं मेलबर्न मैं तो सोच के ही गया.
था कि पार्ट टाइम जॉब करूंगा कौन नहीं. करता दुनिया में यू नो वो अब मैं कुछ कुछ. बन गया हूं तो वो मतलब वो स्टोरीज उछाली. जा रही है इसमें कोई बहुत बड़ा वो कोई अ. क्लेम थोड़ी ना है नहीं ये सवाल इसलिए. क्योंकि अभी कई सारे बॉलीवुड के लोगों से. हमने बात की तो ऑफ द रिकॉर्ड कहते हैं कि. अब बॉलीवुड में न्यू नॉर्मल शुरू हो गया. है लोग दिखाते हैं अलग से वीडियो बनवा के. देखो हम हाथ से खाना खा रहे हैं सड़क पे. वही कपड़े पहन के नॉर्मल घूम रहे सस्ती. वाली टीशर्ट हम सो अब बॉलीवुड के लोग भी. दिखाते हैं कि हम नॉर्मल लोग हैं हम हम वो. एलीट क्लास वाले नहीं और ये बड़े-बड़े.
स्टार्स के बच्चे के बड़े वीडियो ऐसे आते. हैं क्यों दिखा रहे हैं मतलब कौन देखना. कौन चाहता है ये सब आप टीशर्ट पहन के घूम. रहे हो तो घूमो भाई अब इसकी फोटो खिंचवा. के डालने की क्या जरूरत है मेरे मुझे तो. देखिए सेम कपड़े हमने अरे है बहुत. बड़े-बड़े स्टार्स के बच्चे सेम कपड़े. दोबारा रिपीट ये जो आप फोटो देख रहे हो ना. पीछे ये वाली ये जब मुझे पहना के ये फोटो. शूट किया गया था ना भाई मुझे तो समझ ही. नहीं आ रहा था करूं क्या तो मुझे ना ये. अपना फिल्म वाला कैमरा ना इसके सामने पता. है मेरे से हमको तो अमिताभ बच्चन याद आ गए.
एक फिल्म थी ना उसम कहते हैं जब सूट बूट. पहन के आते हैं हां तो कहते हैं अरे हां. वो कि फिर गाना गाते हैं वो है ना दिल भर. मेरे वाला हा उसमें कुछ सीना कि अरे साला. कपड़ा आदमी हां कि दिल साफ हो ना हो लेकिन. आदमी का कपड़ा जरूर साफ होना चाहिए कपड़ा. आदमी की औकात बदल देता है. हां यार ये सब बेकार की बात है ये सब मतलब. बट उसमें एक कहानी भी ी रणदीप हुड्डा भी. शायद आपके साथ थे और रणदीप हुड्डा और आप. दोनों उस टाइम रणदीप और मैं 21 साल की. उम्र में मिले थे जब दोन 21 के थे वहीं.
मेलबर्न में ही और. और पता नहीं क्या हुआ कैसे हुआ क्या वी. जस्ट हिट इड ऑफ एस फ्रेंड यू नो आई थिंक. बहुत सारी चीजें हम दोनों में पर्सनालिटी. वाइ सिमिलर है फिर वो हम लोग फिर अपने. अलग-अलग रास्ते चले जाते हैं फिर जुदा लोग. हो जाते हैं ो. और क्लिक कर गया कुछ हमारे बीच में यार. घमासान दोस्ती हो गई और अभी तक चल रही है. और एक्चुअली यह सबसे बड़ी बात य है कि ही.
इंस्ट्रूमेंटल इन मी बीइंग इन द फिल्म. इंडस्ट्री क्योंकि अगर वह नहीं होता तो. शायद इतना मुझे कोई पुश ही नहीं करता कि. आओ इधर काम करो तुम तुम्हारा मन है ट्राई. करो एक बार तो वो रणदीप ही व आदमी जिसने. मुंबई बुलाया था हालाकि रणदीप को भी जब. मैं किक में देखता हूं एक इंस्पेक्टर के. रोल पर तो एक नॉर्मल सा रोल और फिर जब मैं. सावरकर में आप लोग को देखता हूं या उससे. पहले सरबजीत में देखता हूं ल क्या बेहतरीन. मतलब इस बंदे ने अपने ऊपर काम किया है भाई.
वो मैं आपको बता रहा हूं वो इस सदी का. इस इस देश में नहीं मतलब आप उसको इजली. कहीं कहीं भी किसी भी एक्टर से कंपेयर कर. सकते हो उसको बहुत मेहनती आदमी भाई और वो. एक्चुअली वो ले रहा है सही मजे एक्टर बनने. के यू नो वो फिर वो फिर वो पूरे. ट्रांसफॉर्मेशन में जाता है वो कि आई वांट. टू जस्ट ट्रांसफॉर्म माय सेल्फ विच इज अ. फैंटास्टिक थिंग टू यू नो लर्न. एंड और और टू टू एक्चुअली ऑब्जर्व कि कैसे.
करता है वह काम बहुत मेहनती आदमी फिर आप. लोग को कभी शिकायत नहीं होती है यार इतने. बढ़िया एक्टिंग हम लोग करते हैं हर फिल्म. में जान डाल देते हैं जो देखता है यार आके. सीटी मार के आता है लेकिन फिर वो जो टॉप. बॉक्सेस होते हैं जो नंबर वाला हिसाब. किताब होता है वहां पर हम थोड़ा रह जाते. हैं डिसपिटर ई ना बॉस डिपॉट मेंट होता है. बट डिसपिटर. किससे क्योंकि हम क्योंकि मुझे तो ये ऐसा. तो लगता नहीं है कि मतलब कोई ऊपर कहीं.
फर्स्ट फलोर में बैठ के मेरे धागे जो है. काट रहा होगा या मुझे रोक रहा होगा ऊपर. जाने से किसके पास इतना टाइम यार अभी फिर. वही घूम फिर के बात वहीं आ जाती है कि. आपका किस्सा अगर चलना. होगा और आपको वहां पहुंचना होगा तो कोई. माइक का लाल नहीं रोक सकता आपको वहां. पहुंचने से यू नो और अगर नहीं होना होगा. ना तो आप दुनिया भर के जतन लगा लो है ना. दुनिया भर की पीआर करवा लो दुनिया भर के.
इधर-उधर चले जाओ दुनिया भर के अपनी खुद के. ऊपर फिल्म बना दो नहीं होगा यार और कितने. सारे केसेस दोनों ही के लिए हैं हमारे. सामने फॉर अगेंस्ट में यू नो व्हाट आईम. सेइंग तो मुझे मुझे लगता है डेस्टिनी बहुत. बड़ा पार्ट प्ले करती है नहीं बट जैसे. मेरे मन में सवाल आता है किसी ने एक शर्ट. उतारी पिक्चर बाकी क्या हुआ पहले दिन चली. गई 4050 करोड़ एक आदमी रणदीप हुड्डा जैसा. है ने शरीर गला लिया सरबजीत के लिए खबर आई.
मरने तक उतारू हो गए थे सावरकर में हमने. देखा अब उसका कलेक्शन इतना सा आया जिसने. देखा ताली सबने पीटी बट पैसा इतना सा आया. हां लेकिन मुझे लगता है कि उसका कलेक्शन. जिस हिसाब से वो रिलीज हुई थी. और जितनी जितने हॉल्स में रिलीज हुई थी. जिस तरीके का बिजनेस व अगर और उसको मिलता. वो यू नो प्लेटफॉर्म तो वो और अच्छा. बिजनेस करती थी आई थिंक इतना ही कर लिया. उसने आई थिंक गलत बोल र अगर गलत नहीं बोल. बोल रहा हूं तो 30 35 करोड़ 40 35 करोड़.
तो किया ही था उसने कुछ कलेक्शन जो कि. जितने कम स्क्रीन में हुआ था बहुत है यार. वो अगर ये जैसे सारी फिल्में 5 6000. स्क्रीन में होती है रिलीज हम तो आप कर लो. अपना मल्टीप्लाई क्या होता है फिर उसका बट. पॉइंट व नहीं है पॉइंट य कि थोड़ा. सा अपनी मर्जी का जब काम करना होता है ना. आपको कि मुझे यही काम करना है और ऐसे ही. काम करना है तो वो मुझे लगता है कि थोड़ा.
हमारे लिए भी प्रॉब्लमैटिक हो जाता है. दूसरे के लिए भी हो जाता है तो उस उस. एरिया में तो मैं भी अभी एक स्टूडेंट हूं. कि सबके साथ मिलक कैसे काम करें यू. नो इन द सेंस कि क्या क्या बात करें किस. तरीके से बात करें और बात वहां तक क्यों. नहीं पहुंच रही है उसको समझना भी जरूरी है. और मुझे तो लग रहा है कि मैं एक्टिंग और. क्राफ्ट का स्टूडेंट तो हूं ही और अभी इस.
ये जो इस तरफ की टेबल की इस तरफ की चीजें. है ना वो वो थोड़ा सीखने में लापरवाही हो. गई थी अभी वो भी सीख रहा हूं ठीक बात. कानपुर की सड़कें लाल होती है वाकई. में सड़कें तो मैप प सड़के तो क्या है ना. वो गाड़ी के. टायर चल चल के खाली रह जाती है वो चपक. जाती होगी लाली उस परे दीवारें आपको बहुत. एकदम लाल मिलेंगी बट अभी मैं हाल फिलहाल. में जितनी बार भी कानपुर गया हूं ना यार. बॉस आई एम लाइक प्लेजट सरप्राइज काफी साफ.
सुथरा है यार मसाला कम हो गया मसाला कम. नहीं हो गया लट ज्यादा पड़ रहे हैं पकने. पे मुझे लग रहा है लट ज्यादा पड़ रहे हैं. लोगों को इसलिए थूक नहीं रहे हैं सड़कों. पे या तो फिर लोगों के अंदर अकाला गई होगी. भाई कानपुर मतलब मेरे जो मेरा पहला. पॉडकास्ट मेरे मित्र आए थे तो ही इ आल्सो. फ्रॉम कानपुर तो ही सेड कि हैप्पीनेस. इंडेक्स में कानपुर बीच में कहीं शायद टॉप. पर आया था अच्छा तो वो कहे गलती से आ गया. होगा जो देखने में डा सबसे मुस्कुरा रहे. थे व एक्चुअली खा रहे थे तो उन्हें लगा.
मुस्कुरा रहे थे भाई वो ऐसा शहर है मतलब. झूठ नहीं बोल रहा. हूं कि अगर आपके पास एक रुपया है ना जेब. में ठीक है ना तो वो वो ऐसी बातें नहीं. करेंगे 000 वाले की वो एक रुपया जो है वो. वो वो आपको यह यकीन दिलवा देगा कि. तुम्हारे पास अगर 000 भी है ना तो भी तुम. उससे गरीब और नीचे हो इस टाइप के शहर है. वहां बकलोली जो है ना मतलब एक अलग लेवल की.
होती है वहां. और मतलब कॉन्फिडेंट लोग हैं भाई कुछ नहीं. होगा तब भी सब कुछ है उनके पास और कुछ पता. भी नहीं होगा तब भी उन्हें सब कुछ पता है. तो है वो उस शहर में कुछ एटीट्यूड में है. उस वहां भरोसा रखे पुराने खिलाड़ी हैं. मतलब बहुत बहुत भयंकर लोग हैं भाई ओके ये. तिकड़म का मैंने टीजर देखा अब कानपुर का. जिक्र मैंने किया आपके मां-बाप को लेके हम. छोटे शहरों में या यूपी बिहार के शहरों. में भी मां-बाप सब एक देश से होते हैं.
भावुक होते हैं लड़का बच्चा पढ़े लिखेगा. आगे बढ़ेगा तिकड़ा में मैंने आपका भी रोल. देखा 00 पा जाऊंगा तो बच्चों को यह दूंगा. वो दूंगा मां-बाप से कैसा रिश्ता. था मां बाप से छोटे टाइम में जब कानपुर. में मां बाप से मां बाप जैसे ही रिश्ता था. जैसे सबका होता है नहीं मां देखिए मां जो. है. वो उन्होंने स्कूल में लाइब्रेरियन की. नौकरी इसलिए करी थी ताकि हम दोनों बच्चों. को टीचर्स वर्ड के में एडमिशन मिल जाए यनो.
और वो हमेशा एक स्ट्रांग पिलर रही पिताजी. अपने काम में बिजी रहे पिताजी के साथ. थोड़ा सा जो है वो मतलब ऐसे दिल का. कनेक्शन नहीं था प्यार मोहब्बत सब था ऐसा. कुछ नहीं बट मॉम का जो है थोड़ा वो ज्यादा. रहा यही होता है बाप से बातें कम होती है. मां से मां से थोड़ा ज्यादा रहा और. क्योंकि वो सारा हर समय इवॉल्व रहती थी. ऊपर से वो जिस स्कूल में हम दोनों पढ़े. हैं वहीं पे लाइब्रेरियन कम टीचर भी थी व.
हम तो मतलब कुछ भी कर दें अगर स्कूल के. अंदर तो फटाक से उन तक इंफॉर्मेशन पहुंच. जाती थी और तो व उनकी नजर बहुत गहरी रहती. थी हम दोनों भाइयों पे और पिताजी तो अपना. बिजनेस में बिजी रहते थे ब जाते थे सुबह. रात को घर वापस आते थे अच्छा था लेकिन. मुझे मुझे लगता है कि अ तिकड़म को ही लेके. जैसे आपने छेड़ी है ना बात तो हमारे जो घर. में जो फादर्स होते हैं ना तो थोड़े से आई.
थिंक बेटों की तो. स्पेशली थोड़ी अलग रहती है उनसे ना मतलब. वो जो जुड़ाव होना चाहिए ना दोनों. पेरेंट्स के साथ इक्वली वो हमारे फादर्स. में और सनस में थोड़ा इशू रहता है और मतलब. खुल के नहीं रहते हैं मेरा तो मेरे मेरे. और मेरे डैड के बीच में तो ऐसा जसे खुल के. वाला रिलेशनशिप नहीं था मजेदार था लेकिन. मेरे पिताजी तो यही बोलते रहते थे मुझे कि. रिजर्व्ड रहा करो तुम हम बड़े हां. रिजर्व्ड रहा करो तुम जबरदस्ती की बातें.
मत किया करो और ज्यादा फालतू की हंसी हसी. ठ्ठे करते रहते हो और किसी के साथ भी. घूमने चले जाते हो नीचे टहलने चले जाते हो. ये सब मत किया करो रिजर्व रहा करो मुझे आई. थिंक अब वो समझ में आ रहा है कि वो क्या. कहते होंगे उस टाइम पे रिजर्व का चक्कर. क्या था उनका क्योंकि मुझे समझ में नहीं. आया कभी तो कहते थे कि भाई ये जो है. ना ये इसको इसको थोड़ा यू नो कंट्रोल में. रखो और और समझ बूझ के रखो कि कैसे कहां. यूज करना है तो पहले भी जो आप पूछ रहे थे.
ना वो यही है सब तो यह मैं सीख रहा हूं. भाई अब जाके सीखना चालू किया है मैंने. किसी ने मुझसे कहा था कि छोटे शहरों में. बाप बेटे का रिश्ता बस में चलने वाले. कंडक्टर सवारी जैसा होता है साथ-साथ चल. रहे हैं लेकिन बात नहीं होती उतनी खुल के. सिर्फ काम की बातें होती है हां और लेकिन. यार अभी जैसे मैं अभी बाप बनाना अभी मुझे. सब समझ में आ रहा है कि वह उनके दिमाग में. क्या चलता रहता होगा कि जैसे ही आपकी फैम. होती है ना तो. आप आप अपने बारे में तो सोचना ही भूल जाते.
हो और सारा समय 24 घंटे जो है कि इसके लिए. क्या करूं घर के लिए क्या करूं बीवी के. लिए क्या करूं यही चलता रहता तो उस चक्कर. में ना आई थिंक आप थोड़े थोड़े जुदा भी. होने लग जाते हो य और जोक नहीं होना चाहिए. लेकिन हो जा आई थंक अभी थोड़ा सुधर रहा है. मामला अभी जो थोड़ी यंगर जनरेशन है और वो. जो सारा भी कल्चर इंडिया एज कल्चर भी जो. थोड़ा चेंज हो रहा है यू नो कि इक्वल.
प्लेटफार्म मैन वुमन हस्बैंड वाइफ बच्चे. यू नो दोस्ती टाइप का एटमॉस्फियर घर में. अरे आप यहां बात कर रहे हो कुमार विश्वास. से हम बात कर रहे थे उन्होंने कहा कि. द्रोणा द्रोणाचार्य अश्वत थाम बात हो रही. थी तो वो कहे कि पांडव से खाने चक्कर में. वो अपने बेटे को भूल गए और बाद में वहां. उस जमाने में बाप बेटे में नहीं बनी. क्योंकि करियर बनाना था द्रोणाचार्य जी को. हो सकता है बिल्कुल हो सकता है और आई थिंक. यही होता है यही होता है कि अपने बेटे के. लिए सब करना चाह रहे थे लेकिन जिसके लिए. करना चाह रहे थे उसी से आ है आई थंक मेरे.
पिताजी तो आई एम श्यर कि किसी और के लिए. नहीं करना चाह रहे. होंगे लेकिन वो डिस्टेंस पता नहीं उनको आई. थिंक कुछ ऐसा उनके ही परवरिश में ऐसा कुछ. उन्होंने या तो देखा होगा अपने पिताजी को. करते हुए ऐसे ही कि भाई आदमी का काम होता. है जाओ काम करो प्रोवाइड करो और खत्म करो. और घर की ग्रहणी का काम होता है घर संभालो. बच्चों को संभालो यू नो उनकी देखरेख करो. उनके ऊपर नजर रखो और पिताजी आई थिंक हमेशा. मुझे लगता था मेरे डैड थोड़ी एक्टिंग भी. करते थे वो जो रिजर्व विजर्व के चक्कर में.
ना थोड़ा हां कि मतलब हां कि मतलब साले डर. के रहे हैं ये लोग है ना कि पहले होता भी. था ये कि पापा आ रहे हैं तो थो डर क्योंकि. पिटाई सबसे ज्यादा मां करती थी पापा इतनी. पिटाई कभी नहीं किए सबसे ज्यादा पिटाई मां. करती थी किससे किससे मार खा आप भाई हर चीज. से मुझे तो मुझे तो याद है हमें वो कानपुर. के घर में डाइनिंग टेबल हुआ करती थी और. कुछ कहा सुनी हो जाती थी मम्मी गुस्सा आ. जाता था तो हम लोग जब बड़े हो गए तो हम. लोग डाइनिंग टेबल के चारों तरफ भागते रहते. थे वो बेचारी वो फॉलो करती रहती थी फिर हम.
लोग थोड़े और अच्छे हो गए थे फिर हम लोग. ये कटिंग टिंग करके भागते थे कि उधर भागे. फिर उधर भागे तो परेशान आ गई बेचारी वो तो. एक दिन भागे हम लोग तो थोड़ा सीढ़ी थी उधर. ना उधर गई और लेके आई इतना बड़ा डंडा और. फिर ऐसे चलाए कि अब भाग के. दिखा ये सब मम्मी ने बहुत मारा यार. चप्पलों से झाड़ू से पाइप से पड़ी बर पाइप. से नहीं पड़ी है मतलब थैंक गॉड नहीं पड़ी. तो चपक ही जाता है वो और वो जो थापी नहीं. होती कपड़े वाली हां हा हा अरे बाप रे बाप.
पापा पापा को मुझे याद है कि सिर्फ एक दो. बार उन्होंने मुझे मारा होगा और वो भी. बहुत दिल भारी करके ऐसे वाला नहीं. होता खींच के भी नहीं दिए थे वो तो उनको. आई थिंक मारना वाना अच्छा नहीं लगता था बट. उनसे वैसे ही हालत खराब रहती थी मम्मी लोग. का तो जन्मस अधिकार एक बार मम्मी के क्या. ना मम्मी यही चक्कर होता ना मम्मी ने हाथ. खोल दिया ना एक बार अब तो पता है ना कि. कितनी ज्यादा जोर की पड़ सकती है मैक्सिमम. तो आप तैयार हो पापा का आईडिया ही नहीं था. कि अगर एक दिन मार दिए बहुत तेज तो क्या.
होगा तो मार पिटाई हुई बट होता है यार. फादर्स का आई थिंक अभी भी होता है. कि एक अलग ही रखो रुतबा अलग रखो ताकि कम. से कम बैड कॉप गुड कॉप तो प्ले हो पाए ना. घर के अंदर सही बात है आपने अभी क्वालिटी. की बात की तो मेरे मन में एक सवाल आया जॉन. इब्राहम ने अभी कहीं कहा कि इंडिया इज नॉट. सेफ फॉर वमन चाइल्ड एंड. एनिमल्स आप मानते हो ऐसा कुछ कि मतलब कुछ. इंडिया 140 करोड़ के आ है केसेस आते हैं. बट डू यू बिलीव कि इतना अनसेफ इंडिया.
है यार बड़ा सब्जेक्टिव मामला है मतलब. इंडिया को अगर मैं जनरलाइज कर दूंगा हा तो. फिर तो मतलब मैं इतना बड़ा विद्वान हूं कि. मुझे हर जगह के सेंसस पता है और कहां पर. कौन से कस्बे में कौन से गांव में क्या हो. रहा है बट यह तो 100% है ही शोर कि अभी हम. लोग वो जो उस उस लेवल की सेफ्टी होनी. चाहिए किसी भी सिटीजन के लिए यू नो. सुरक्षा के लिए वहां तक हम लोग पहुंचे. नहीं है अभी भी यू नो और पहुंच रहे हैं और.
अगर अगर इस टाइप का स्टेटमेंट दिया. उन्होने तो तो भाई एक बार बता दो. कि यह तो डेवलप्ड कंट्रीज में भी होता है. और बहुत बुरा बुरा होता है यू नो और अभी. क्या परसेंटेज कितनी पॉपुलेशन है किस शहर. में क्या है कितनी परसेंटेज के हिसाब से. वहां पे एक क्राइम हो रहे हैं नहीं हो रहे. हैं क्या पता हमको यार यू नो ये सब इन सब. बातों में ज्यादा ओपिनियन देना नहीं बड़ा. जनरलाइज स्टेटमेंट आपको बहुत जनरलाइज लग.
रहा है मुझे तो बहुत जनरलाइज लग रहा है कि. साउंड कूल करता है जो साउंड कूल तो नहीं. पता मुझे कर रहा है बट बहुत जनरलाइज्ड है. यार इस सब बहुत सोच समझ के ये सब. स्टेटमेंट देने चाहिए मेरे हिसाब से यार. मतलब क्या लड़कों की प्रॉब्लम नहीं होती. है जैसे आप हो कई बार लोग कहते हैं कि. लड़के लड़के भी बड़े अंडर रेटेड होते हैं. उनके जीवन में बड़ी समस्याएं होती है बट. लड़कों की कोई बात नहीं करता जैसे अभी वमन. केसेस की बात होती है लड़के भी छेड़ले. जाते हैं भाई उसके ऊपर कोई बात नहीं करता. नहीं छेड़ आप छेड़ गए कभी एक दो बार तो.
मैं ही छेड़ गया हूं फिल्म इंडस्ट्री में. मुझे तो यकीन ही नहीं हुआ था मैंने कहा. मैंने मैंने बोला मैं मैं पीछे पीछे देखने. लग गया कि मुझ पे लाइन मार रहे हो. तुम बट हो अच्छा भी लगा था ऐसी बात नहीं इ. वा क्वाइट फ्लैटरिंग बट हां क्या पूछ रहे. थे. आप. मतलब फिर कई बड़े बजट की फिल्म में पा. सकते हो आप कई बड़े बजट की फिल्म में पा. सकते हो नहीं नहीं भाई असलियत नहीं है ना. वो मेरी. आप लोग जो भी हो हम वैसे नहीं है.
भाई बट मैं एक जनरल स्टेटमेंट पूछा रहा. जैसे हमने फादर को लिके बात की बीइंग अ. मैन क्या परेशानिया होती बिकॉज नोबडी. टॉक्स अबाउट द मैन जैसे परिवार में लड़कों. से हमेशा जैसे कहीं मैंने पढ़ा था कि 27. साल के बाद लड़के अमी लड़के खूबसूरत या. बदसूरत नहीं होते हैं वो सिर्फ अमीर या. गरीब होते हैं आपकी पहचान सिर्फ उससे होती. है कि अपने परिवार में स्टेबिलिटी ला रहे. हो नहीं ला रहे हो सो एक बीइंग अ मैन आप. एक फादर भी हो व्हाट आर द चैलेंज ऑफ मैन. भाई चैलेंज ही चैलेंज है यार मतलब क्या. चैलेंज नहीं है आपने एकदम खुद ही बोल दिया.
ठीक है ना. कि आदमी की सूरत नहीं देखी जाती सीरत देखी. जाती ऐसे बड़े-बड़े डायलॉग मैंने सुने. अपनी फिल्मों में भी सुने लेकिन आदमी का. बैंक अकाउंट भी देखा जाता है उसकी बैलेंस. शीट भी देखी जाती है कौन सी गाड़ी सेता. देखा जाता है प्रोवाइडर है कि नहीं है. क्योंकि आपना जितना मर्जी मॉडर्न हो लो और. प्रोग्रेसिव हो लो जो बाय नेचर डिफाइंड. रोल है ना वो रहेंगे ही रहेंगे बहुत टाइम.
तक रहेंगे लोगों के दिमाग में यू नो अ अब. औरतें आगे बढ़ रही है आगे बढ़ना चाहिए. औरतो को कंधे से कंधा मिलाकर काम करना. चाहिए कर रही हैं ठीक है ना लेकिन अगर. आदमी नहीं कर रहा है. ना तो आदमी की आप मुझे यह बता दो फिर क्या. वैल्यू. है अगर मैं ही काम नहीं कर रहा हूं ना तो. मैं बच्चे पैदा कर सकता हूं ठीक है ना. क्योंकि वोह नेचुरली तो मेरे को नहीं गया. भाई कि मैं बच्चे पैदा करने लग जा हूं तो.
फिर मैं मैं क्यों हूं मेरा एक्जिस्टेंस. क्यों है. फिर तो यह बड़ी अच्छी सुनहरी मतलब. फैंटास्टिकल बातें लगती हैं यह कि क्यों. तुम बच्चे पालो घर पे मैं काम करूंगी बहुत. अच्छी बात है लेकिन तो फिर मैं कंप्लीट. कैसे हूंगा एज अ पर्सन बच्चे तो मैं पाल. लूंगा मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है उसके. अंदर आदमी का बाय नेचर है यार प्रोवाइड. करना यू नो तो अगर आपको उस बा उस तरीके से. जज किया जा रहा है तो किया जाएगा आप चाहे. उसके बारे में कितनी प्रोग्रेसिव बन ले.
लेकिन आपको जज किया ही किया जाएगा और आप. क्योंकि आपको एक नेचुरल स्टेट ऑफ बीइंग है. व यू नो वो आपको करना ही करना पड़ेगा और. उसके साथ जो भी डिफिकल्टीज अटैच है वो. होएगी जो रोजमर्रा की जिंदगी बिकॉज यू आर. अ प्रोवाइडर यू नो. और और बिकॉज दैट इज योर अजूम एज योर. रिस्पांसिबिलिटी एंड इज योर. रिस्पांसिबिलिटी य एंड इट मेक्स अ मैन फील. गुड आई फील वेरी गुड प्रोवाइड फॉर माय.
फैमिली लुकिंग आफ्टर माय फैमिली लुकिंग. आफ्टर एवरी यू नो छोटी सी छोटी. रिक्वायरमेंट्स ऑफ माय फैमिली और अगर मैं. वह सिर्फ इसलिए कर रहा हूं कि मतलब रोज. मेरी वाहवाही हो हां और मेरी बीवी जो है. मतलब मेरे रोज पैर छुए कि वाह क्या काम कर. दिया दोस्त तुमने तुम्हारे जैसा आदमी नहीं. देखा मैंने मेरा काम है भाई वो यू नो तो. क्या है ना कि अगर मुझे ऐसा लगता है भाई. अगर आप दिल से किसी के लिए कुछ कर रहे हो.
अपने परिवार के लिए तो उसमें ना थैंक यू. वैंक यू भी एक्स एक्सपेक्ट नहीं करना. चाहिए क्योंकि उसमें आप ही को खुशी मिल. रही करते हुए यू नो तो अगर टफ है लाइफ तो. टफ है सबके लिए लाइफ टफ है यार अपने लिए. थोड़ी ना टफ लाइफ ठीक बात एक रूमर आया था. कि मिर्जापुर में जो मुन्ना भैया वाला. कैरेक्टर था हम शायद पहले आपको पूछा गया. था स रूमर नहीं है ये सच्चाई है जहां तक. मुझे याद है हो सकता है कि मुझे गलत फ र. अपराध कर दिया आपने नहीं नहीं वो एकदम सही.
हुआ बॉस वो इसलिए सही हुआ. क्योंकि एक तो पंकज त्रिपाठी का बेटा नहीं. लग सकता. मैं मतलब ऐसा नहीं कि मतलब मैं उमर की बात. कर रहा हूं यू नो हम दोनों अरे मैंने अभी. साउथ की एक पिक्चर देखी जिसमें श्रुति हसन. हीरोइन थे उनसे छोटी हीरोइन उनकी मम्मी. बनी थी 32 साल की हीरोइन जो थी मम्मी थी. आप मुझे एक चीज बताओ अगर मैं वो मान लो. मैं कर लेता हूं मुझे दे देते वो लोग करने. को तो आपने मेरा कतई इंटरव्यू नहीं कर रहे. होते हैं आज कि मैं ऐसे आदमी का कैसे.
इंटरव्यू कर सकता हूं अब तो मैं मुन्ना. भैया कोई और इमेजिन ही नहीं कर सकता वो तो. आईएस एंड आई थिंक ही वाज सुपर्ब यार. देवेंदु वा सुपर्ब इन दैट कैरेक्टर बहुत. ही बढ़िया था वो और मैं बहुत खुश हूं कि. मुझे मौर्या करने को मिले बहुत ज्यादा खुश. बट ये सच है मिर्जापुर आप आपको मुन्ना भी. एक आ गया था हां बहुत इनिशियल कन्वर्सेशन. में ऐसी बात हुई थी और फिर आई थिंक. उन्होंने ही बात पलट दी थी कि नहीं नहीं. कुछ और तुमसे कुछ और करवाते हैं उनको ही. समझ में आ गया. होगा ये कैसे लगेगा बेटा यार तो मौर्य ऑफर.
हो गया था मुझे मिजापुर में आपका फेवरेट. कैरेक्टर कौन सा. था यार मैं जो मुझे मिला है वही बो अपने. अलावा बात कर अपना. तो वो करता फिर मैं जो पंकज नहीं किया. बहुत अच्छा था कालीन भैया हा बहुत अच्छा. था बहुत बढ़िया उसमें बहुत स्कोप था करने. का बट फिर हैविंग सेड दैट फिर फिर मैं. जामता नहीं करता क्यक वो भी सिमिलर हो गया. होता और फिर चारों सीजन रहते वहां पे हां. चारों सीजन तो रहता इन्होंने मुझे गोली.
क्यों पड़वा सीने में एक दिन. पूछूंगा मतलब आप आपको मैंने मैंने एक बार. एक बार गुरमीत सिंह से पूछने की कोशिश करी. थी व टाल गया था हंस के ना बात को मैंने. बोला भाई कोई गलती वलती हो गई क्या मुझसे. मैंने हम तो जबरदस्ती मरवा दिया आपको हा. कुछ और मुझे और मैंने उसको ये भी बोला. मैंने बोला भाई एक बात बताओ मतलब इतनी. छोटी सी रिवॉल्वर पॉइंट 22 की और इतना दूर. से ऐसा एक ही गोली में निशाना मारा कि. सीधे दि में लगी है जाके मतलब मैंने उसको. बोला मैंने कहा पाच छ तो चलवा दे कम से कम.
बैरी पाछ में से तो लग जाए पता नहीं माने. ही नहीं वो लोग मतलब मौर्या जी का जो पहला. टीजर आया बड़ा भौकाली था आई थिंक ये लोग. मेरे से परेशान होए थे कि मिर्जापुर सफा. देंगे इसको निकालो ये पका रहा है बहुत समय. होता ना हम लोग काम करते हुए साथ में. इनसाइड एज सीजन के तीन इनसाइड एज के तीन. सीजन मिर्जापुर के दो सीजन आप जरूर कहोगे. पैसा बढ़ा दो पैसा बढ़ाओ तो आंदोलन चलता. ही है ना क्यों नहीं बढ़ाएंगे पैसा. उन्होंने कहा होगा एक काम करो तुमको बढ़ा.
देते बढ़ा देते निकल लो तुम हा तो ठीक है. कोई बात नहीं वरना बाकी चीजें कैसे मिलती. है भाई लेकिन किसी ने आपसे कहा कि आप गरि. आते बहु तो मतलब जामताड़ा भी हमने देखा. एकदम भरी पड़ी है और बड़ा एकदम बड़े दिल. से गरि आते हो जैसे लगता है कि हां हां. मैं मैं क्या है ना ये मैं कभी-कभी. एक्टिंग को कुछ कुछ दिनों कुछ कुछ दिन जो. होते हैं ना शूट के. उनको थेरेपी की तरह यूज कर लेता हूं. इधर बाहर र का जो गुस्सा गुस्सा है वो.
एक्टिंग में और हम लोग तो एक्टर है ना भाई. लाइसेंस है ना हमको तो किसी को क्या पता. चल रहा है कि किस लिए चिल्ला रहा है अपनी. फ्रस्ट्रेशन भी निकल रही है पैसा भी मिल. रहा है ताली भी मिल रही है और क्या चाहि. तुम कभी कभी थेरेपी की तर यूज कर लेता हूं. जो सजा दे या वरदान दे कौन होता है. बे थक गया हूं भाई गाली दे दे के बहुत. इसलिए खुशी हो रही तिकड़म की कि कम से कम. कहीं तो गा नहीं देनी पड़ बीच में लोगों. को लगने लगा हो कि आदमी इतना नेगेटिव होगा.
इतना जबरदस्त नेगेटिव कैरेक्टर में घुस गए. थे आप हर पिक्चर में बैक टू बैक मैं इसके. नहीं पीछे ना एक बड़ी प्यारी सी कहानी तो. वो वाले टाइम चल रहा था जब कुछ काम हो. नहीं रहा था बन नहीं रहा था मिल नहीं रहा. था और लगा लिए दो तीन छोटे छोटे रात में. और करी भगवान से दो चार डायलॉग बाजी की. यार हीरो नहीं बना सकते बिलनी बना. दो सुन लिया उन्होंने बैठी होगी सरस्वती. जबान प उस दिन तो सुन लिया उन्होंने और.
बना दिया विलन और दे धड़ाधड़ विलन दे. धड़ाधड़ विलन तो एक दिन ऐसी कुछ रिक्वेस्ट. करी मैंने तो तिकड़ा आ गई झोली में कि भाई. चल कोई नहीं निकालते हैं तेरे को यहां से. तो बट मैं कम कंप्लेंट्स नहीं है यार आई. थिंक विलन करना ना बड़ा मजेदार चीज है. सारी फ्रस्ट्रेशन निकल जाती है. फ्रस्ट्रेशन भी और मतलब आप विलन ज्यादा. कलरफुल होते हैं ना यार हां मतलब यहां तो. पसंद आते भी लोगों को है कि ज्यादा कलरफुल. कैरेक्टर होते हैं तरह-तरह की हरकतें करते.
हैं यू नो मतलब आखिरी मर जाते है लेकिन. पूरी पिक्चर मैश होने की होती है हां और. और नहीं होंगे तो हीरो को कोई नहीं देखेगा. ना भाई विलन तो चाहिए ना एक हीरो को हीरो. बनाने के लिए नहीं तो जैसे पुराने जमाने. में विलन होते थे लड़की छेड़ते थे लड़की. उठा लाते थे आपकी पिक्चर में मैंने कम. किया क्या कुछ. सेमी सेमी तो किया है और क्यों किस बात का. विलन होगा अगर लड़की नहीं छेड़ रहा हो तो. मिर्जापुर में कुछ मिला ही नहीं आपको इतना. बढ़िया बढ़ बट मिर्जापुर में कहां बल. सलोनी भाभी वायरल हो गई अभी बड़ा तगड़ा. वायरल चल रही है बट मिर्जापुर में तो विलन.
वही ठीक है इंस्पेक्ट काम तो विलन वाला कि. थे ना कमिटमेंट करके गुड्डू बक मारने चले. गए थे आप वो ईमानदारी थी वो गुंडों के साथ. गुंडा बनना पड़ता है अरे ईमानदारी तो. कालीन भेक मारते भाई उसका लिखे नहीं थे ना. ये लोग स्क्रिप्ट में मेरे हिसाब से तो. मुझे वही करना चाहिए था वो तो लिखे मुझे. क्यों मार दिए मैं तो ये पूछ रहा हूं उनसे. क्यों मारे तुम लोग मुझे बढ़ दो अच्छा. जामताड़ा या मिर्जापुर में अगर कोई एक. चुनना हो तो कौन सी चुनो आप.
यार जामताड़ा जामताड़ा जो है एक मेरा खुद. का. क्राफ्टेड मेहनत किया हुआ कैरेक्टर था. और उसी को चुनूंगा यार चलो जामताड़ा में. रोल बड़ा है मिर्जापुर में रोल छोटा है तो. मैं चेंज करता हूं महारानी वर्सेस. जामताड़ा महारानी महारानी 100% 100% बिकॉज. ये जो आपने ये मिर्जापुर जामताड़ा नाम. लिया ना हम महारानी इज कंपलीटली अ. डिफरेंट लीग ल टूगेदर फॉर मी बिकॉज द.
फर्स्ट. टाइम आफ्टर लॉन्ग टाइम नॉट द फर्स्ट टाइम. आफ्टर लॉन्ग टाइम आई गट रियली. चैलेंज बाय नवीन कुमार कैरेक्टर क्योंकि. वो यार बहुत ही ब्यूटीफुली क्राफ्टेड. लैंग्वेज थी उस शो की यू नो उसमें आप लाइन. भी नहीं चेंज कर सकते थे हर वर्ड का एक. डेप्थ था उसके अंदर और मैं बहुत ज्यादा. स्पॉन्टेनियस और इंप्रोवाइजेशनल एक्टर हूं. तो तो मुझे जब वो एक बॉक्स के अंदर डाला.
गया तो मुझे ऐसा लगा कि एक एक नई किस्म का. क्राफ्ट मुझे पता चला है अपने अंदर से. नहीं बट क्या महारानी जो थी वो इनिशियली. सेकंड पार्ट नहीं फर्स्ट पार्ट बात कर रहा. हू इनिशियली क्या वो बिहार की पॉलिटिक्स. की तर इंक्लाइंड थी क्योंकि हमें फील हो. रहा था नहीं बट बिहार की पॉलिटिक्स की तर. तो इंक्लाइंड है ही मतलब शुरू में जैसे. आपका रोल नीतीश कुमार वाला लग रहा था वो. राबड़ी देवी वाला कैरेक्टर लग रहा था लालू. जी वाला इनफैक्ट आपका डायलॉग भी एक है कि. सुनो तुमसे ज टैलेंटेड थे हम लेकिन. तुम्हारी जात के नेता होते हम तो हमारा.
अलग हिसाब किताब होता तो आई फील की नितीश. कुमार इ सेइंग टू लालू यादव नहीं नहीं वो. कंपलीटली 100% यू नो इंस्पिरेशन तो लिया. ही होगा उन्होने बिहार की पॉलिटिक्स से बट. शो पर से वो इन कैरेक्टर्स में नहीं था. कहीं ना कहीं से तो रेफरेंस लेंगे ना यार. लिखने के लिए और और रिलेटेबिलिटी बनाएंगे. कैरेक्टर्स की तो 100% वो कहीं ना कहीं से. तो उन्होंने उसका फायदा भी मिला मुझे लगता. है कि लोगों का इंटरेस्ट जगा लोगों का. इंटरेस्ट जगा और बहुत मुझे लग पता आपको.
पता नहीं क्या लगता है नहीं लगता है बट. मुझे जब मैंने मुझे इनिशियली मैंने पढ़ा. था व शो तो मुझे लगा था कि बहुत वेल रिटन. शो है व बहुत ही वेल रिटन और डीप. अंडरस्टूड शो है क्योंकि सुभाष कपूर जो है. वो खुद ही पॉलिटिकल जर्नलिस्ट हैं तो आई. थिंक उनका जो एक्सपीरियंस था उसके उस उस. किस्म के सब्जेक्ट में काफी अच्छा था तो. महारानी का अगला सीजन चल रहा है अभी या. अभी यार मुझे तो लगता है मतलब मेरा तो मन. है कि करना चाहिए और क्योंकि अभी स्टोरी.
तो खत्म हुई नहीं है उसकी और और होप फुली. करना ही चाहिए यार एंड वी दे दे रिसीवड अ. ह्यूज रिस्पांस फ्रॉम द ऑडिएंसेस महारानी. सीजन थ्री में ट्रू अच्छा एक सवाल मेरे मन. में और आता है जैसे आप अभी एक बॉलीवुड में. बड़ी अच्छी बहस चल रही थी कि एक मैंने. सिद्धार्थ का शायद डायलॉग सुना था कि बाहर. से आने वालों के जहां सपने पूरे होते हैं. वहां से स्टार किट का स्ट्रगल शुरू होता. है और बड़ा अच्छा मुझे लगा कि दैट सो ट्रू. ह कि जहां से हम सोचना शुरू करते कि यार. गुरु उखाड़ गया बहुत बहुत ही बेचारे ने.
इनसेंस में बोला था और वो उसका इतना वायरल. हो गया मामला बट सो टची कि जहां पर आपको. ये फील होता है कि आपने जीवन को जुड़ लिया. उसने उसने जिस इनसेंस में वो बोला था ना. भाई वो एकदम सही बोला था कि आप आप आप. इमेजिन करो ना यार मतलब कि मैं मैं यश. अंकल से मिलने जा रहा. हूं ट्रू समझ मैं यश अंकल से करण अंकल से. है. ना सलीम अंकल जावेद.
अंकल तो यहां तो मैं तो मैं तो कैसे बोल. दूंगा अंकल भाई मतलब मैं तो दरवाजे तक. नहीं पहुंच सकता ना उनके उसने एक्चुअली. वही बोला था कि जहां से बहुत बहुत. ब्यूटीफुली उसने बोला था और वह सच बात है. यार अब और मुझे चक्कर यह हुआ व सारी डिबेट. जो ई ना नेपोटिज्म की आई थिंक वो इसलिए. ज्यादा हीटेड हो गई वो क्योंकि अगर मान लो. कि कि मैं आज की डेट में परेश रावल जी को.
बहुत अच्छी तरह से जानता हूं उनके साथ एक. फिल्म करी मैंने ठीक है ना तो अब मैं जान. गया हूं अब मैं उस जान पहचान को अनलर्न तो. नहीं कर सकता य नो कि नहीं मैं परेश रावल. को अब मैं कोशिश कर रहा हूं कि मैं जो. जाना था अनजाना कर दूं ऐसा तो नहीं हो. सकता ठीक है तो मान लो ना उस बात को अगर. अगर यह यह जो डिबेट है कि नहीं हम अगर. जानते हैं किसी को तो इसका मतलब इट डजन. गारंटी अस सक्सेस ठीक है ना ये वैलिड.
पॉइंट है ये वैलिड पॉइंट है बट हम जानते. हैं भाई आप पहुंच गए हैं आप मतलब उनके साथ. काम कर रहे हैं यू नो य अपने को यहां पर. 10 साल लग रहे हैं वहां तक पहुंचते में. जहां आप ऑलरेडी हैं तो अगर जहां से आप. स्टार्ट कर रहे हैं जहां से आप स्टार्ट कर. रहे हैं तो मान लो ना उस बात को उसको. मानने में क्या प्रॉब्लम है कि हां भाई ये. प्रिविलेज है चक्कर ये रहा था कि ये इसमें. ये बहस छिड़ गई थी कि ये प्रिविलेज ही. नहीं है आई थिंक ये हा यही बहस थी तो फिर. जब आप आप उसको कंपलीटली डिनायर दोगे ऐसी.
चीज को तो फिर तो बहस होगी भाई आपकी आपकी. खिल्ली भी उड़ेगी मजाक भी उड़ाया जाएगा. आपका लोग चड़ेंगे भी यू नो कि भाई ये कम. से कम एडमिट तो करो यार कि तुम्हारे पास. वो प्रिविलेज है तो आई थंक प्रॉब्लम वो थी. बट बात तो उसने एकदम सही कही थी कोई झूठ. बात थोड़ी ना बोली थी एक ये टॉपिक आया फिर. एक क्रांति आई कंगना की तरफ से हाउ यू सी. कंगना रनाथ यार. बहुत मालूम कहां जा रहे हो लेकिन. आर्टिस्ट आर्टिस्ट बोलूंगा तो बहुत अच्छी. है यार वो बहुत अच्छी आर्टिस्ट.
और बाकी जो उनकी चॉइस है वो उनको मुबारक. हो मैं उसके अंदर क्या बोल सकता हूं ठीक. है और बट आई थिंक एस एन एक्टर शी आई. कैन कौन कौन मना करेगा यार कि व अच्छी. एक्टर नहीं है मतलब वो तो उसने प्रूफ कर. करके ही दिखाया हुआ है ठीक है ना कि अच्छा. काम करती है अच्छी एक्ट बट टू मच ऑफ. पॉलिटिकल ओपिनियन क्या आपका काम बॉलीवुड. में खराब करता है बिकॉज मैंने अनुभव.
सिन्हा से सवाल पूछा हम उन्होंने कहा कि. बड़ी कमाल की एक्टर है तो मैंने कभी ऐसा. हो सकता है कि आपकी फिल्में में आ जाए. क्योंकि आप बड़ी रियलिस्टिक फिल्में बनाते. हो पहले तो उन्होंने कहा कि हो सकता है. यार फिर क्या यार जिस आदमी को पसंद नहीं. करता हम उसके साथ मैं 24 घंटे कैसे रम केथ. क्योंकि 24 घंटा रहना होता है सो डू यू. बिलीव कि बीइंग एन एक्टर पॉलिटिकल ओपिनियन. कई बार मतलब कई बार क्या हर बार. नुकसानदायक ही होते हैं इसीलिए बॉलीवुड हर. जगह चुप रहता है चाहे वो बल इश हो. बांगलादेश मुझे मुझे ऐसा लगता है सर कि.
अगर. आप अगर आप सच्चाई की साइड पर रहोगे ना जो. आपकी ऑनेस्टी है लेकिन अगर आप ऑनेस्ट. रहोगे तो अगर अगर ए भी गलत है तो ए को भी. गलत बोलते हो आप और सी भी गलत है तो सी को. भी गलत बोलते हो आप बी आप गलत हो तो अपने. आप को गलत बोलते हो आप तो मुझे नहीं लगता. कि किसी भी ओपिनियन में किसी को कुछ. प्रॉब्लम होगी बट अगेन अनुभव से सेड कि. देर इ नो पॉलिटिकल या तो ब्लैक है या वाइट. है या इधर हो या उधर हो ऐसा नहीं होता सर.
मैं नहीं मानता कि जिंदगी जो है और ब्लैक. ब्लैक एंड वाइट होती है जिंदगी हमेशा ग्रे. में रहती है और आपकी चॉइस है कि आप आप. एक्सट्रीम में रहना चाहते हो कि तो. सेंट्रलिटी पॉलिटिक्स नहीं होती क्या लोग. लोग तो लोग तो सेंट्रल पॉलिटिक्स में भी. मतलब सेंट्रलिटी भी उनको भी तो कहता है ना. कहने की एक साइड इन क्लाइंट होता है हां. वो उनको भी तो कहते हैं कहने का सेंट्रल. एक साइड इन क्लाइंड होता है अब ठीक है भाई. उ चलो फिर चलो इस और अच्छे से फ्रेम करता.
हूं बॉलीवुड देश का हिस्सा है समाज से. फिल्में बनाते हो आप लोग जैसे बिहार में. बनाया बहुत सारी फिल्में बनाए बट जब भी. देश में कोई बड़ा कर्मकांड होता है तो ये. हमेशा कहा जाता है कि यार बॉलीवुड वाले ना. एक बोलते नहीं डरते बड़े किसी टॉपिक पे. नहीं बोलते अभी बंगाल में इशू हुआ काफी हो. गया तब लोगों ने बोलना शुरू किया. बांग्लादेश में हुआ चुप रहे या कोई और. सेंसिटिव इशू होता है वो खामोश रहते हैं. ये डर इसलिए भी होता है कि यार काम गड़बड़. ना हो जाए अगर ओपिनियन देना शुरू कर देंगे. सर आप एक बात बताओ ना. ये अगर अगर मेरे पास दो ऑप्शंस हैं दो.
चीजें मतलब दो ओपिनियन है देने के लिए या. ओपिनियन है चली मान लीजिए देने के लिए ठीक. है ना ये ये जो ताने दिए जाते हैं बॉलीवुड. वालों को एक्टर्स को एक्ट्रेसेस को. डायरेक्टर्स को कि तुम लोग कुछ बोलते नहीं. हो. हम अगर कोई कुछ बोलता है तब उसकी क्लास. लगती है ठीक है ना अगर कोई कुछ नहीं बोलता. है तब उसकी क्लास लगती है. और यह क्लास जो है यह पब्लिक भी लगाती है.
और काम देने वाले भी लगाते हैं यू नो. वाईसी वरसा तो क्यों बोलेगा. कोई तो कोई क्यों बोलेगा मतलब बॉलीवुड. वाले क्या पागल थोड़ी ना. है इसलिए वह चुप हो जाते हैं फिर वो मतलब. मेरा तुम मेरा तुम करियर ही खा जाओगे भाई. तो मैं मतलब क्यों बोलूंगा यार मेरे आपकी. बात सुन के हर्षद वारसी याद आ गए. क्यों देखिए बाकी टीम हंसने लगी हर्षद. वारसी कहते कहते अभी कह गए कि प्रभास की.
फिल्म आई थी कलकी तो कहा यार प्रभास को. देख के मुझे लगा क्या जोकर वाली एक्टिंग. कर रहा है हां मैंने सुना वो सब. और मैंने जानबूझ के जो है फिर आगे का भी. देखा कि क्या बोला उन्होंने क्योंकि मुझे. लगा कि यार हर्षद ऐसे नहीं बोल सकते यार. यू नो मैं उनको बहुत अच्छे से जानता हूं. मेरे पड़ोसी भी हैं वो और मैंने बोला. हर्षद भाई तो नहीं बोल सकते तो फिर. उन्होंने मैं आपको पहले भी बोला ना कि यह. जो है. ना पिताजी सही कहते थे यह जो है बॉस क्या.
है कि बोला उन्होंने बिल्कुल. आई थिंक वो ऐसे इंसान है कि वो इसलिए. उन्होंने किसी को चिढ़ाने के लिए गिराने. के लिए नहीं बोला बोल दिया उन्होने शब्दों. का एक वर्ड का चयन हां एक जो शब्द गलत हो. गया ना वही काट काट के पकड़ पकड़ के चला. चला के क्योंकि वो आगे कुछ और कांटेक्ट. कुछ और बना रहे थे वो पहले बोल गई ये यू. नो टेक्स्ट आया थोड़ा लेट तो इसीलिए थोड़ा. सा तो मैं भी आपसे सवाल पूछू मोस्ट.
ओवररेटेड फिल्म मोस्ट ओवर रेटेड फिल्म जो. अभी हाल फिलहाल में देखी हो आपने मैंने तो. देखी नहीं कोई फिल्म नहीं देखते क्यों अभी. तो नहीं देखी हाल फिलहाल में कोई भी मैंने. लास्ट जो देखी थी फिल्म वो थी सावरकर देखी. थी ऑफकोर्स ये तो अपनी ही थी उसको. कहा कुछ भी नहीं मैं देखता ही नहीं हूं ना. वो फिल्म जिसमें मैं हूं हां मुझे अपने आप. को देखने में ज्यादा मब गोफत हो जाती है. और इरफान भाई वाली आई थिंक देखी थी मैंने.
इंग्लिश मीडियम लास्ट सच बता रहा हूं. हिंदी फिल्म मैंने अभी राधिका का इंटरव्यू. किया था हां एंड शी क्राइड इन दैट. इंटरव्यू कि कास्ट को बताया नहीं गया था. इरफान खान गुजर सकते हैं हम और लास्ट सीन. जब शूट हुआ तो इरफान खान सोक्ड जिसकी. बच्ची बनी थी एक्ट्रेस हॉस्पिटल वाला नाना. अरे यार उसमें वो हां सोक्ड हो गए थे और. जब लास्ट सीन पैक अप हुआ तो उन्होंने उस. बच्ची से कहा कि सारी दुनिया तुमको मेरी. बेटी के तौर पर याद रखेगी.
फैंटास्टिक जाते जाते भी ठप्पा लगा. गए सही सही है समवन सेड की बॉलीवुड विल. नेवर प्रोड्यूस समवन लाइक इरफान खान ड यू. बिलीव. सो नहीं ऐसा नहीं बट ब्रदर हैविंग सेड दिस. आई थिंक ही वाज वेरी स्पेशल वेरी वेरी. स्पेशल क्योंकि उनके अंदर ना स्टाइल के. साथ स्टाइलिस म भी था और बहुत बहुत.
अमेजिंग ऑनेस्टी भी थी. और और कुछ कर देते थे यार वो पता नहीं. क्या करते थे वो मतलब ऐसा नहीं कि वो अपना. स्टाइल भी छोड़ते थे लेकिन कुछ तो ऐसे. जादू कर देते थे कि लगता ये कैसे किया. इसने यार इस भी कोई चीज तो कर देते थे वो. कुछ ना कुछ चलो मैं आपको थोड़ी मुसीबत में. डालता हूं डालू मैं आपको कुछ नाम देता हूं. आप उनको अपने हिसाब से एक्टिंग स्किल पर. अरेंज करना आपके हिसाब से इरफान खान हम. पंकज त्रिपाठी मनोज वाजपेई नवाजुद्दीन. सिद्दीकी जयदीप.
अलावतलू. इरफान भाई टॉप पे. क्योंकि बिकॉज ऑफ द रीजन दैट आई जस्ट गेव. की देर वाज सम थरियल क्वालिटी अबाउट हिम. आई हैव नॉट सीन एनी ऑफ द एक्टर्स हैविंग. दैट काइंड ऑफ क्वालिटी यनो थोड़ा सरियन. आदमी थे वो सरियन तरीके से अ परफॉर्म करते. थे.
और फिर है मनोज है और जयदीप है और कौन है. पंकज है पंकज जी नवाज जी के. केमन इसके बाद मनोज भाई को. बोलूंगा और क्योंकि मनोज भाई. अ इंस्पिरेशनल आदमी है मतलब वो जब से कर. रहे हैं एक्टिंग ना तब से मैं उनकी. एक्टिंग देख रहा हूं और वो ही इज ही इज ही. इज लाइक अ कलियन आई थिंक. वो जो उनके अंदर एक उनके अंदर इरफान भाई. से भी एक अच्छी क्वालिटी है वो जो वो जो.
कैरेक्ट इजेशन इतनी ब्यूटीफुली पकड़ लेते. हैं ना यार बन जाते हैं ना जो दूसरा आदमी. वो बहुत कमाल की चीज है उनके अंदर. और तीसरा है नवाज मनोज केके मैनन जयदीप. तीसरा तीसरा नवाज और जयदीप आई थिंक एक ही. उस पर रखूंगा नवाज और जयदीप. और फिर क्या है केके हैं और पंकज पंकज फिर. पंकज फिर केके भाई.
ओके यानी नई पीढ़ी में आपने जयदीप को ऊपर. डाला है जो बीते कुछ सा यार जयदीप ने यार. मतलब ही शॉक्ड मी इन पाताल लोग आई थिंक ही. वाज सुपर्ब सुपर्ब और जाने जान हां एंड. एंड आई थिंक ही विल एंड आई थिंक ही आल्सो. आई थिंक रियली रियली एडमायब्रांड. ही टेकन समथिंग ब्यूटीफुल फ्रॉम इरफान.
परफॉर्मेंसेस. एंड वो भी आई थिंक बहुत इंप्रूव करेगा वो. करता ही जाएगा देखना कि भी आई थिंक गैंग्स. ऑफ वासेपुर में सबसे कम नोटिस डॉक्टर वही. थे और हां करेक्ट शुरू में आके 10 मिनट. में खत्म हो चले आते हैं करेक्ट और फिर सब. भूल ग उन्हे देन पाताल लोक एंड देन मैंने. जाने जा देखी जाने जाने देखी यार वो करीना. वाली अरे आप आप देखोगे आप मैंने मैंने ना. वो वाली फिल्म देखी थी जो. इसने आप कपूर और विजय वर्मा दोनों को भूल. जाओगे मैंने विजय वर्मा से पूछा ही सेड.
यार उसको देख के मैं हैरान था कि ये कैसे. हो गया एक आदमी जिसके बाल नहीं है प्यार. करता हो प्यार इश्क और उसके बीच में जो वो. मतलब वो ऐसी एक्टिंग है कि एंड आते आते. आपको लगता है यह फिल्म करीना कपूर की नहीं. है यह फिल्म जयदीप पलावत की है नहीं मैं. बता रहा हूं ना यार. वो कुछ तो है जैसे इरफान भाई मुझे हमेशा. ऐसे लगते थे कनेक्टेड है कुछ कुछ कनेक्शन. है उनका के अंदर को भी देख के लगता है ऐसा. मनोज भाई को तो देख के लगता ही है बट.
जयदीप को देख के भी लगता है कुछ स्पेशल है. उसके अंदर फिर आपको लगता है नहीं कई बार. प्रोजेक्ट बड़े मैटर करते हैं बिल्कुल यार. वो तो यार क्या अभी अभी मुझे अगर तिकड़म. मिला है यू नो ऐसा नहीं मैं अपने आप को. लीड नहीं मानता तिकड़म क्योंकि मुझे लगता. है नसल बहुत प्यारा है बच्चे भी हैं बहुत. कमाल का काम किया उन्होने आप देखना आपको. खुद समझ में आगा मैंने टीजर देखा वो एक. सीन है जिसमें आप को एक लड़की हक करती है. और वो जो सीन है मतलब मैंने आपको रोते हुए. इमेजिन नहीं किया था आपके अंदर मुझे वो एक. विधायक एक गुंडा एक पुलिस वाला एक वो भारी.
भरकम वो थोड़ा सा गुंडेल आदमी लगता था कि. अबे सुनो हम कह रहे हैं बकवास मत करो हमसे. बकैती मत करो भाई मुझे तो खुद नहीं पता था. कि वो क्या होने वाला है उसके अंदर. क्योंकि वो एक्चुअली सीन में विवेक जो. डायरेक्टर हैं वो उस बच्चे को मेरे सामने. अलग लेके गए कुछ तो बाहर क्योंकि मैं मैं. उस सीन में क्या कपड़े पैक कर रहा हूं. अपने जाने के लिए अब फाइनली जा रहा हूं. गांव छोड़ के ना और विवेक ने कुछ तो बोला. कान मुझे नहीं समझ में आया कि क्या बोला. उसने. तो फिर वो सीन हुआ वो सीन में अजीब अजीब.
चीजें लग गई वो मेरे आंसू पोछने लग गई मैं. रोने लग गया और ये वो क्योंकि हम लोग. एक्चुअली 3035 दिन साथ में थेना यार वो. मेरे बच्चे जैसे ही बन गए थे वो यू नो तो. वो वो वो आई थिंक उसने भी फील पकड़ लिया. विवेक ने कान में यह बोला था उसके कि पापा. कपड़े सूटकेस में पैक करेंगे तो जो भी वो. पैक कर रहे होंगे फिर उठा के फिर से. अलमारी में रख देना और अलमारी बंद करती. रहना तो यही करते रहना ठीक है ना तो मुझे.
मैं सरप्राइज हो गया कि क्या किया इसने ये. यू नो क्योंकि हमको कोई आईडिया नहीं था कि. हम अप्रोच कैसे करेंगे बहुत क्रक्स है वो. मतलब अगर वो सड़ा हुआ सीन निकला तो पूरी. पिक्चर गिर जाएगी यू नो तो उसने ये सब. करने लग गया वो करते करते रोने लग गई खुद. वो रोने लग गई तो मुझे रोना आने लग गया. फिर. फिर मैं बैठा और वो ऐसे सामने खड़ी है तो. मैं भर भर भर भर भर भर रोने लग गया मैं और. फिर उसने मेरे आंसू पोछ दिए मैंने कहा यार. यह विवेक ने क्या समझाया इसको भाई कि ये.
इसने डायरेक्शन दिया है इसको कि ये भाई वो. खुद ही कर रही थी ये. सब वो खुद ही कर रही थी वो मैं वो जो दिन. है उसमें जब कट हुआ है वह सीन तो कुछ 152. मिनट की ना छुट्टी देनी पड़ी थी सबको क्य. सब रो रहे थे क्रू में सब के सब वो कुछ हो. जाता है अच्छा मेहनत करते रहो ना तो कुछ. एक दिन आता है शूट प जिस दिन होता है. मैजिक मैजिक वाला दिन था वो बहुत कम बहुत.
कमाल का दिन था वो थोड़ा सा मैंने वो देखा. फिर मेरे को पॉज लेके बैक करना पड़ा वो. आपके दिल में रह गया वो सीन मुझे लगता है. हा और भाई आपको तो पता ही है कि फिल्म. मेकिंग में क्या होता है यार अभी ये तो हो. गया ना अभी तो इधर से क्लोज उधर से क्लोज. फला से ये वो अब मेरे को ये लग रहा है कि. यार अब अब कैसे रोए अब ये कैसे करेंगे ये. तो एक बार जो हो गया हो गया वो हर बार हो. रहा था वो इट वाज एज इफ कि सम यू नो. सुप्रीम पावर एनर्जी समथिंग वाज हेल्पिंग. अस टू अचीव दैट थिंग फॉर दैट डे इट वाज.
ब्यूटीफुल सुप सुप ब्यूटीफुल ओके एंड पे. आते-आते साउथ और बॉलीवुड की बड़ी चर्चा. चलती है साउथ इंडस्ट्री क्यों राइज कर गई. बॉलीवुड के बीच में काफी डिक्लाइन भी रहा. हालांकि फिर कम बैक करना शुरू किया है बट. राइज ऑफ साउथ वो अपने आप में एक. इंटरेस्टिंग कहानी है कि आज बॉलीवुड के. एक्टर बड़े प्राउडली साउथ में जा काम कर. रहे हैं वहां के डायरेक्टर्स यहां के. एक्टर कास्ट कर दे आर वेरी हैप बड़े-बड़े. सब तैयार हो रहे हैं हां हां पहले कुछ समय. तक त थोड़ा अलग नजरिया था कि क्या डिफरेंस. आया यार आई थिंक ये इसके बेस्ट आंसर ने.
दिए जा चुके हैं मैं भी थोड़ा क्लिश इसी. टाइप का आंसर देखता हूं कि मैं. इंटरेस्टिंग कैसे बना सकता हूं इसको. क्योंकि यह एक बहुत बड़ी एक्चुअली स्टडी. करने वाली थ्योरी है ये एक्चुअली इसको. सीरियसली स्टडी करना चाहिए क्यों हो रहा. है. ऐसा एक तो भाई क्या है ना मुझे लगता है. हिंदी फिल्म इंडस्ट्री की बात कर रहा. हूं हम हम क्या है कि हम भूल जाते हैं. शहरों में रह ग कि जो पिक्चर देखने आ रहे.
हैं. ना उनकी कुछ और जिंदगी है ऊपर. से एक तो वो रिलेटेबिलिटी चले जा रही है. उनकी लाइफ से दूसरा यह हो रहा है कि यह. बहुत अच्छा क्वेश्चन है तो मैं इसका बहुत. ही ऑनेस्टली दिल से आंसर कर रहा हूं बिना. कुछ पॉलिटिकली करेक्ट हुए हुए कि जिस जगह. हम बुला रहे हैं लोगों को पिक्चर देखने के. लिए. भाई वहां पर पहुंचने में टाइम लगता. है पहुंचने में पैसे लगते हैं चार पांच छह.
फैमिली के लोग हो जाए तो टिकट के बहुत. पैसे लगते हैं फिर पॉपकॉर्न के लगते हैं. फिर समोस के लगते हैं फिर पेप्सी कोला के. या को कोक के लगते हैं यू नो तो अगर आप एक. फैमिली को जो एक मेरे समय में बचपन में. सिनेमा जाना होता था मौज पिकनिक ठीक है ना. मम्मी पराठे रोल करके आलू की सब्जी के साथ. अचार के साथ जाते थे वहां इंटरम होता था.
वहीं खोलते थे हम चारों खाते थे पिक्चर. फिर चालू हो जाती थी समोसे लेने तो समोसे. ले लो कोल्ड ड्रिंक लेनी है तो कोल्ड. ड्रिंक ले लो तो नहीं एक रुप की तो कोल्ड. ड्रिंक मिलती थ रुप. की तो एक अच्छा आउटिंग होता था फैमिली. आउटिंग अभी तो य तो प्रिविलेज मतलब बना. दिया इसको समझ रहे हो आपकी मतलब एक चार. लोग जा रहे हैं तो 5000 000 के नीचे आ रहे. हैं वो. तो यह कम करो ना पहले मतलब चल क्या रहा है. यहां पर कैसे जाएंगे फिर ऊपर से.
टिकट कोई कोई फिल्म जो है मतलब 00 रप की. टिकट है किसी की तो मैं तो गया नहीं बहुत. टाइम मुझे पता नहीं मुझे तो लोग बोल रहे. हजार हजार दो दो हजार की टिकट यू नो. और तो यह आई थिंक करेक्शन करना पड़ेगा यार. यू नो यह तो चलो यह बात हो गई यह जान वहां. पर साउथ में जो है. ना रियस फैन फॉलोइंग है यार होमोजीनस है. ना तेलुगु में लगी है तो पूरा पूरा का.
पूरा जितना भी तेलुगु क्राउड सब जाएगा सब. का सब जाएगा रिलीजस फैन फॉलोइंग क्योंकि. आप मैं भी किसी से बात कर रहा. था उनकी फिल्म में अभी भी कल्चर दिखाई. देता है है ना जमीन से जुड़ी चीजें दिखाई. देती है और मतलब जो बस ड्राइवर ड्राइवर. जाकर देखता होगा या नीचे के जो लोग देखते. होंगे फैंस उनकी उनको उनको लगता कि ये.
हीरो जो है ना मैं. है अभी आप मेरे को एक चीज बताओ वो कोविड. ये अपना पीवीआर ने ये अमिताभ बच्चन फिल्म. फेस्टिवल किया था उनके बर्थडे पे करेक्ट. सारे शो हाउसफुल थे. भाई और मतलब मेरे से पहले वाली मेरे से. आगे वाली जनरेशन और उससे आगे वाली देखने. गए वो पिक्चर जैसे हम लोग बचपन में देखने. जाते थे अमिताभ बच्चन की पिछर सीटियां बज. रही थी नाच रहे थे लोग ब ट्स ू जैसे मैं.
आपको सुन रहा हूं अमिताभ बच्चन हुए बाद. में गोविंदा आए मिथुन चक्रवर्ती या अजय. जीत इन लोग की फिल्में हमें याद है आप आप. एक आप मैं कह रहा हूं गोविंदा की आप लगा. लो पुरानी पिक्चर उनका फेस्टिवल कर लो ना. हाउसफुल जाए तो सब बैठ के देखेंगे सब बैठ. के देखेंगे मजे करेंगे नाचेंगे कूद गाएंगे. वो नहीं वो हो नहीं रहा है ना यार वो कहां. हो रहा है वो. वो होना पड़ेगा वो आपने रिलेटेबिलिटी खत्म. कर दी लोगों के साथ आपने एंजॉय किया.
गोविंद पिक्चर है भाई मतलब आप मजाक कर रहे. हो क्या मैं तो दिल्ली में था ना तब कॉलेज. कर रहा था तो मेरी कजंस. है ये अपना. इसमें जंगपुरा में कौन सा है वो थिएटर. बहुत पुराना सिंगल स्क्रीन थिएटर था अभी. शायद बंद हो गया वो मुझे याद है वहां लेके. गई थी गोविंदा की पिक्चर में दोनों सीटिया. बजानी थी यार शर्म आ गई मुझे उनके साथ. जाके वही नाचने लग ग जाके हॉल में यू नो. तो वो होता था भाई मतलब वो क्रेजी टाइम्स.
थे वो मौज आ रही थी पिक्चर देखने में. सुपर्ब सुपर्ब गोविंदा अपने आप में क्लास. है हां हां ओके लास्ट में जाते जाते कुछ. रैपिड फायर हमने आपके लिए रखे हैं. छोटे-छोटे सबसे वियर्डेस्ट ऑडिशन क्या रहा. आपका यहां पर लगाओ. यार मैंने आज ही बताया किसी को कि एक ही. याद है मुझे क्योंकि वो इतना वियर्ड लगा. था मुझे मे बी शायद आपके लिए उतना वियर्ड. ना हो बट कुछ तो मच्छर भगाने वाला ना कुछ. तो ऐड था वो कुछ स्प्रे का तो भाई वो. महिला तो मुझे कभी नहीं भूलेगी जिन्होंने.
मुझे जिन्होंने मुझे एक्सप्लेन किया था ना. वो कि क्या करना है आपको तो मैं करके. दिखाता हूं कि आप बैठे हैं टीवी देख रहे. हैं और घड़ी लगी है सामने 6 बजने में 3. मिनट है और आप देख रहे हो टक टक टक टक टक. 6 बजने वाले हैं आपने इधर से स्प्रे उठाया. और खिड़की की तरफ देखा उधर से मच्छर आ रहा. फिर इधर. दिया और फिर प्रेजेंट करना है आपको मैंने. कहा दो मिनट दो मैं इसकी प्रिपरेशन करके.
आता बाहर से मैं भाई भाग ही लिया वहां से. मैंने कहा ये सब क्या हो रहा है यार लाइफ. में और मैं ब सीरियसली एक्टिंग करने आया. था मैंने कहा ये क्या कर रहा है तू यार. अमित सल तो यह था सबसे वियर्डेस्ट एक और. था वो ये ये भी सुन लो बहुत ही कम कमाल का. मतलब उसने आंसर दिया मुझे तो मैंने कुछ तो. किया एक टेक किया मुझे लगा नहीं अच्छा. नहीं किया मैंने मैंने कहा भाई एक और करना. चाहूंगा तो उसने उसने बोला दूसरे में क्या. कर. लोगे मैंने.
कहा पका क्या मैं मैंने कहा यार ये क्या. मतलब क्या है इस बात का मैं कहा दूसरे में. बेटर करने करेंगे कोशिश अच्छा चलो कर लो. दूसरे में क्या कर लोगे भाई सोचो आप यार. ऐसे तो ऑडिशन ले रहे थे लोग. यार बट ये सही हिलाने वाला होगा ओके आपकी. कोई फिल्म का कोई ऐसा कैरेक्टर जिसको आपको. लगता है यार ये वाले ये वाला मिल गया होता. तो मैंने जान ठोक दी होती अलग पिक्चर प. अलग निकल के आता अगर ये वाला नहीं ये वा. मनू बहुत गाली देगा मुझे लेकिन.
मनू मनू ऋषि ने वो किया था ना फस गर ओबामा. मुझे मिलता तो और अच्छा करता मैं मन माफ. सॉरी यार प्लीज ओके कोई ऐसे कैसा ऑडिशन जो. आपने दिया हो लेकिन रोल नहीं. मिला बहुत है यार कोई बड़े बाद में बड़े. आइकॉनिक बने हिट गए नहीं ऐसा कुछ नहीं आ. रहा बट बहुत है बहुत बहुत ऑडिशन में रोल. नहीं मिला एक्चुअली क्या है मैंने सबसे. ऑडिशन दिए इसके एड्स के भूखा मरने लग गया. ना पैसे वैसे नहीं थे पहले तो दिमाग में.
चढ़ा रखा था कि अच्छे एक्टर जो ड ड नहीं. करते हैं सिर्फ फिल्म करते हैं थोड़ा. अमिताभ बच्चन वाली फील ले. ली फिर लगी भूख और गैस खत्म हो गई किचन. में तो फिर मैंने मुझे लगा कि नहीं अभी के. लिए सब छोड़ दो मर जाओगे तो फिर एक्टिंग. ही कैसे कर पाओगे भाई तो एड्स के बहुत. ऑडिशन कि मैंने नहीं होता था मुझे लगता था. कि मैं एक्टिंग ही नहीं आती है मुझे यू नो. फिर मुझे बाद में पता चला कि वो देर दे. लुक फॉर वेरी स्पेसिफिक.
थिंग्स जो कि उनको नहीं मिलती तो फिर नहीं. होता है बड़े सारे एक्टर्स गिव अप कर देते. हैं क्योंकि आपने बता ना रिजेक्ट हो रहे. हो छोटे शहर से आए हो कोई माय बाप नहीं है. हाउ टू होल्ड योरसेल्फ उस सिचुएशन में ये. लाइफ में भी चलता है हर जगह आप लोग तो. काफी पापड़ अभी आप खुद कह रहे हो कि 19. साल से बेलही रहे हो भाई देखो इनिशियल डेज. में तो एक ही चीज थी जो हेल्प कर रही थी. कि जरा गम सताए तो बच्चा खोला.
जाए ताड़ी नहीं मतलब छोटा छोटा क्टर वाटर. खोल के अपना रम मम पी के दोस्तों के हाऊ. करके एक बिरयानी खाके सो जाओ यार मतलब हां. अगले दिन देखा जाएगा जो होगा और तो मैं. मैं एक बड़ा इंटरेस्टिंग चीज बताता हूं. आपको तो एक लड़का आया कुछ तो कानपुर से. आया था फिर और मैं तब तक अपने पैरों पर. कुल्हाड़ी मार चुका था वापिस से थिएटर. करने लग गया था मुंबई में तो आया हम लोग.
थिएटर कर की प्रैक्टिस कर रहे थे एक स्कूल. में तो आया वो कि. भैया उन्होंने भेजा है फला फला ने यह व. मैंने कहा हां हा आइए आइए आइए बैठिए देखिए. चायवा पीजिए समोसा खाइए तो फिर ब्रेक में. वो मुझसे पूछता है वो जब हम प्रैक्टिस का. ब्रेक था कहता है कि भैया हम अपने घर. वालों से परमिशन लेकर आए हैं. और आपको क्या लगता है कितने साल में हो. जाएगा यहां. पे तो मैंने कहा.
कि कम से कम गुरु डेढ़ दो साल तो लगेगा. उसके बाद आदत पड़. जाएगी और मैंने कहा अब तुम यहां से जाओ. ठीक है काम करना तो ऐसे ऐसे तो लोग हैं. भाई अभी क्या लिख के लाया कि डेढ़ दो साल. बस यनो इतने में हो जाना चाहिए भैया मैंने. कहा आदत पड़ जाएगी भाई दो साल के बाद कैसे. भी तुम मेरे साथ भी वही हुआ. एक्जेक्टली आदत पड़ जाती है सब में हर चीज.
में मजा आने लगता है सडिस्टिक. प्लेजरस मैं सच सच बता रहा हूं. यार हर चीज आपको एक्टिंग लगने लगती है ना. आप एक्टर एक्टर क्या करते हैं खाली टाइम. में कि मैंने तो यह तक किया हो कि जैसे. चढ़ गई किसी दिन पी ली ज्यादा तो च चढ़ जो. गई है उसी में ही मैं अपने आप से बाहर. निकाल के अपने आप को ऑब्जर्व कर रहा हूं. कि कैसे हगा मैं मुंह कैसे बन रहा होगा. मेरा क्या फील क्या चल रहा है तो ऐसे ही.
तो सीखते हैं हम लोग एक्टिंग और भगवान. थोड़ी ना आते सिखाने. यार तिलम से ये टूटेगा जैसे आप कहते हो ना. सबके लिए एक फिल्म होती है जैसे पाताल लोग. का जिक्र आपने किया जयदीप के लिए टूटा. गैंगस वासेपुर ने तो अनलिमिटेड लोगों के. लिए तोड़ दिया हम यार मुझे मतलब एक छोटा. सा लालच है मेरे अंदर अगर ये ये फिल्म अगर. थिली रिलीज हुई होती ना तो और मजे आते थे. बट आई एम थैंकफूल कोई रिग्रेट्स नहीं है. कि इट्स फाइनली रिलीज बिकॉज एनी विच वे. ऐसी फिल्म यू नो जिओ.
जैसे जिओ का सपोर्ट नहीं मिलता तो यह बाहर. भी नहीं आ पाती थी शायद क्योंकि लोग तो. छूते ही नहीं ऐसे काम को. और जो अभी फीडबैक आ रहा है ना बॉस बहुत. ज्यादा पॉजिटिव है और मतलब भर भर के आ रहा. है भर भर के जो भी लोग देख रहे हैं और जो. रिव्यूज हो रहे हैं बहुत ही सही आ रहा है. एंड फैमिली से भी आ रहा है एक्सटेंडेड. फैमिली से भी आ रहा है उनके दोस्तों से भी. आ रहा है हर स्फेयर से आ रहा है बिकॉज. इट्स लाइक अ कंपलीटली फैमिली फिल्म नो यार.
तो कोई भी बैठ के साथ में देख सकता है आई. थिंक वो एक्सपीरियंस लोगों को बहुत टाइम. के बाद मिल रहा है कि आप सब बैठ के देख. सकते हो तो कुछ नहीं है एकदम साफ सुथरी. फिल्म है य वो कहां आप बताओ कि इन रिसेंट. टाइम्स ओटीटी प अगर कुछ रिलीज हुआ हो या. थिएटर में कि पूरा परिवार जाकर देख सकता. हो नहीं हुआ है आप मानते हो कि एक्टर्स की. लाइफ को ओटीटी ने इजी किया सुपरस्टार की. लाइफ को थोड़ा टफ कर. दिया सुपरस्टार की लाइफ को टफ कर दिया.
एक्टर्स की लाइफ को सुपर स्टार्स ने भी. लोगों की लाइफ को बहुत टफ कर रखा था तो. मतलब वो होना ही था. ो जैसे कि मैंने पहले कहा ना आई थिंक. हमारी इंडस्ट्री जो है ना. वो एक करेक्शन के थ्रू जा रही है. और ओटीटी भी देखना आप एक अभी अभी एक. करेक्शन के थ्रू जा रहा है और अभी और अभी. थोड़ा सा क्या है ना हम मुझे लगता है. कभी-कभी जब सब कुछ बहुत ज्यादा पुश हो.
जाता है आगे ना तो थोड़ा उससे बाहर निकल. के ऑब्जेक्टिवली देखना चाहिए हम और थोड़ा. और क्वालिटी पे काम करना चाहिए हम लोगों. को हम लोग क्या है क्वालिटी ओटीटी जैसे. जिस बात पे शुरू हुआ था ना कि अरे एकदम. अलग कंटेंट होगा मजा आ गया क्वालिटी. क्वालिटी क्वालिटी क्वालिटी फिर वो. क्वालिटी क्वालिटी का यूए एल हट के यूए. एनटी हो गया क्वांटिटी क्टी क्वांटिटी. क्वांटिटी अब वो वापस आएगा व घूम के वना. नहीं पड़ेगा शेरो शायरी का शौक है नहीं.
ऐसा तो कुछ नहीं है लेकिन कभी कभी कुछ लिख. लेता हूं मान लोर दो चढ़ी होती तो कौन सा. निकलता जिंदगी के ऊपर. अपने जैसे एक हमको याद आ गया कि सब कुछ जो. मिल गया जिंदगी में तो फिर तमन्ना किसकी. करोगे वो तमन्ना. नहीं मैंने अभी ना आप पहले खत्म करो फिर. मैं आपको सुनाता हूं याद आ गया मुझे सब. कुछ मिल गया में तो तमन्ना किसकी करोगे य. कुछ अधूरी सी ख्वाहिश ही तो जिंदगी जीने. का मजा बरकरार रखती है क्या बात तो शायर.
क्या कह रहा है कि जाने क्या बात है तुझ. में जाने क्या बात है तुझ में समझना चाहा. जब भी आई नहीं बात समझ. में शराब के लिए बोल रहा प्यार के. लिए जब जब साथ छोड़ने की कोशिश करी वो हुई. नाकाम जब जब साथ छोड़ने की को कोशिश करी. वो हुई नाकाम तो साकी इसी बात पर फिर दे. दे जाम प.
जाम. बाद तो मैं ऐसा कभी कभी कुछ फनी मूड में. होता हूं तो लिख लेता हूं य सब चीज ये. मिर्जापुर वाले आप ही तो लिख थी जो लास्ट. में आई थी कौन सी वो जो घोड़ा वड़ा वाली. आई. थी मैं आपको सुनाऊंगा ऐसी तीन चार मैंने. चीजें लिख रखी है इस वाले फोन पर है नहीं. पर्सन नहीं भेजा करूंगा आपको मैं तंग. करूंगा मेरी शायरी से आपको हमको समझ में आ. गया आपको ऐसे रोल क्यों मिलते.
हैं इस नहीं अब तो अब तो तोड़ दिया यार. हां तो वही मैंने कहा ना कि इसमें. डायरेक्टर और कास्टिंग डायरेक्टर को मेरा. सलाम था कि यार सोचा कैसे कोई कास्टिंग. डायरेक्टर नहीं था डायरेक्टर ही कास्टिंग. डायरेक्टर था और मतलब इतना प्यारा आदमी है. वो इतना प्यारा आदमी कि मैं मतलब कृतज्ञ. हूं मुझे बता रहे थे कुछ फिल्में और भी. आपको दी उन्होंने हां देना चा चाह रहे हैं. वो तो ये शायरी मत सुनाना प्लीज उसको. या थैंक यू सो मच अमित बहुत मजा आया आपके. साथ बात करके और लवली टॉकिंग टू यू आई.
जस्ट होप कि अगली बार जब मिले हम तो ये. फटके मिले एंड आई शुड से कि भाई आप देखो. क्या है ना पुराने जमाने में बोलते थे ना. आपके मुंह में घी शक्कर आपको जो भी अच्छा. लगता है वो आपके मुंह में ठीक है और थैंक. यू सो मच थैंक यू सो मच थैंक यू लवली. टॉकिंग थैंक यू बदर सेम है.
