Unplugged FT. Amit Bhadana | Life Story | Politics & Content Money, Fame,| Comedy, | Controversies
मिस करते हैं इंडिया का नंबर वन यूटर होते. थे कि 20 मिलियन पहले हुआ 1 मिलियन लाइक. हुए लगता है कि यार नंबर वन मैं क्यों. नहीं मै सबसे पहले मैं ही बीच से पहुंचा. फिर तो मैं नंबर टू नंबर थ्री नंबर सेन. नंबर. 10 कुछ भी बन जाओ लेकिन मेरा काम नंबर वन. है लड़कियों से अगर जिस दिन इंटरेक्शन. हमारा हो जाता था तो तो टॉपिक होता था एक. हफ्ते का कि भाई आज मधु ने ये कहा कि एक. मिनट साइड हटो अलग देसी भाषा का फायदा हुआ. आपको हां बिल्कुल. वो मेरी भाषा है वो ग क्या कर इतना पैसा.
क्या करते हो फिर इतने पैसे का इतना छाप. के रखे उस क्या करते 90 पर लोगों के कमेंट. है कि यार हमको हमारा पुराना वाला अमर. दिला. दो सही बात है सक्सेसफुल नहीं तो. रिश्तेदार कैसे रिश्तेदार तो मुझे पहले से. ही नहीं अच्छे लगे अपने क्यों पता नहीं. क्या मुझे ऐसे चप्पल चोर से ही लगे सारे. की मतलब क्या दुनिया को मजा आता है शो ऑफ. कर दिखाने में बढ़िया जैकेट पहनी है महंगा. कपड़ा पहना है इतनी की आती है इतने का आता. है आप चप्पल पहन के चल है बीजेपी नेताओं. से काफी करीबी है. आप जो मुझे प्यार देता उनसे मेरी करी हुई.
बहुत राइट विंग आप राइट विंग है या बीजेपी. के नेताओ उठना बैठना है एक वर्ग आपसे. नाराज हो सकता मैं तो भारत विंग जिन हिंदी. वाक्यों के अंत में ता है ती है बस मैं. वहीं तक ही पढ़ पाया फिर भी शूट कैटरीना. कैफ के साथ कहानी है क्रश थी कैटरीना नहीं. नहीं क्रश तो कोई चीज मैं ये रील टक कर. दूंगा कैटरीना कैफ को बनाने ने क क्रश. कैटरीना कैफ से मिलने का मन में लड्डू. फूटा था नहीं बड़ी खुशी हुई थी मुझे बहुत. अच्छा लगा मन में लड्डू फूटने का मतलब. क्या नहीं मुझे बोला उन्होंने कि आपसे. कैटरीना बात करेंगी तो मैंने थोड़ा स्पीकर. पे रख के तो जैसे ही उन्होंने बोला हाय.
अमित हा यू मैंने कहा बोला मैं देखा चलो. अब आगे की बात नहीं सुनाऊंगा तुम्ह बया हो. गया सो एक पार्टनर कितना इंपोर्टेंट सच. बताऊं तो कुछ ऐसे महसूस नहीं होता कि आपके. आपका लाइफ पार्टनर या आपके साथ व्यक्तियों. का होना बहुत ज्यादा जरूरी अमित बड़ाना की. नजर में प्यार मोहब्बत क्या है और कैसे. अमित बढ़ाना इश्क प्यार को प्यार इज इक्वल. टू सम्मान लॉयल्टी ठीक है हम यूपी वाले. हैं ना जो हमारी एक ही सबसे बड़ा प्लस. पॉइंट है और वही माइनस पॉइंट है कि सम्मान. की इतनी भूख है ना कि अगर सम्मान मिल जाए.
फिर सामने वाला चाहे पैसे भी ना दे फिर. ऐसे लगता है ठीक है मैंने एक मजिक आवाज. निकाल र लल लल लल. ललू तो वो है दादी से कैसा रिश्ता आपका. दादी ने मेरी पिटाई बहुत कराई है बचपन में. बहुत पीटी गको लग रहा है कैसे मारेंगे. चप्पल प्पल से पाइप से चप्पल वाइपर वगर. जिससे भी बेल्ट वेल्ट जो भी मिल जाए उस. टाइम प जो भी सामान आसपास पड़ा है है ना. बस ऐसा सामान नहीं जो सर में लगने के बाद. सर खुल जाए वैसा नहीं.
कुछ झूठ बोल रहे हैं तो वो झूठ भी पकड़े. जाते थे जैसे मैंने कंप्यूटर लिया मैंने. इसलिए कि मैंने कहा कि उस पर मैं एमएस. वर्ड और एक्सेल सीखू और मुझे उसमें किसी. ने वो क्या नाम है जीटीए वीटी डाउनलोड. करके दे दिया तो मैं वो खेलता रहता सही. बता रहे हो यहां भी झूठ बोल रहे हो कुछ और. फिल्म देख रहे थे नहीं नहीं नहीं अंबानी. जी को कितना शुक्रिया अदा करेंगे आप किनका. अंबानी जी को जिओ अच्छा जिओ बहुत बहुत. बहुत बहुत धन्यवाद जब सोशल मीडिया पर. वीडियो से पहली बार पैसा. आया आपके कितने चैनल है कितनी चीजें पैसे.
आप जीवन में मेरा योगदान खाक सा मैं जिंदा. हूं फिर भी मैं राख सा तो वो कह रहा भाई. मैं ये योगदान कैसे फिट करूं मतलब बंदा. कैसे गाए कि जीवन के योगदान में नहीं हो. पाए मैं सच बताऊ मैं ये प्यार मोहब्बत. इश्क विस्क ये अपना जीवन ही लौंडे लपाड़. में इतना बीता है ना.
जब सचिन तेंडुलकर ने पहली बार दोहरा शतक. मारा था तब सहवाग ड्रेसिंग रूम से उन्ह. देख रहे थे उसके बाद सहवाग ने दरा मार. दिया जब सहवाग ने दरा शतक लगाया तब रोहित. शर्मा उन्ह देख रहे थे रोहित ने तीन तीन. बार मारा और उसके बाद जब रोहित ने शतक. लगाए दोरे तब शुमन और ईशान देख रहे थे यह. कहानी य दास्ता इसलिए आपको बता रहे हैं. क्योंकि आज जो मेरे मेहमान मेरे साथ है व. य की दुनिया के सचिन तेंडुलकर वो पहले.
जिन्होने 20 बिलियन का आंकड़ा टच किया था. और इसीलिए मैं कह रहा हूं कि आप य के सचिन. है अमित भडाना बहुत बहुत स्वागत है आपका. थैंक यू भाई थैंक यू सो मैंने सुना. क्रिकेट खेलने का बड़ा शौक था आपको तो. हमने सोचा क्यों ना सचिन से शुरुआत की जाए. आपके आइडल भी रहे जमाने में खवाहिश भी थी. हमें लगा कुछ तो जोड़. दे बचपन में जैसे सभी होते हैं ना मतलब यह. तो हमारे देश के प्रई मान लो कि हर एक. बच्चे को क्रिकेट खेलना है और क्रिकेट से. इतना लगाव हो जाता है व तो खेलते खेलते.
पता लगता है बुरा खेल रहे हैं तो फिर कहते. हैं छोड़ देते हैं तो मैं भी उसी तरीके से. एक गली का वो बच्चा हुआ करता था लेकिन. मुझे ऐसे लगता है कि मैं क्रिकेट सच में. बहुत अच्छा खेलता था ये मुझको भी लगता था. अच्छा तभी हम दोनों ने छोड़ दिया क्या. करते थे ऑलराउंडर होंगे मेरे ख्याल से मैं. मुझे कैप्टन स का बड़ा शौक था एक तो मैं. कैप्टन स की कैप्टन स मैं 11 लोगों की. अपनी टीम बनाऊंगा चाहे कुछ भी अब लड़के भी. कभी-कभी टोटली खेलने वाले हम 11 होते थे.
तो भी मैं पांच पांच की टीम बना के और. मतलब मैं एकदम कि ये बीच का बिच्छू रहेगा. इसको बीच का बिच्छू रखेंगे सब कुछ मैं. सोचता था कि डिसाइड मैं ही करता था कि ये. ऐसे होना है ऐसे तो कैप्टन स का मुझे बड़ा. शौक था बैटिंग बॉलिंग फील्डिंग मुझे ऐसे. लगता है कि मजा आता था क्रिकेट को मैं. बड़ा जीता था ऐसे नहीं होते कुछ बच्चे कि. बैटिंग का ही शोक है फील्डिंग का ही शोक. है या फील्डिंग के तो बहुत कम शौक होते. हैं फील्डिंग कोई नहीं करना पसंद करता. फील्डिंग के टाइम प मम्मी सबसे कहती है कि. दूध मेरी मम्मी ने बोला दूध लेके आना है.
मुझे 5:00 बज गए ऐसे हो गए तो सबके बहाने. तैयार रहते थे फील्डिंग के टाइम पे मेरे. पेट में दर्द हो गया मुझे बल लग गई लेकिन. मुझे ऐसे था कि मजा आता था कि यार. फील्डिंग भी करेंगे बैटिंग भी करेंगे बड़ा. क्रिकेट को जिया है मैंने उस ओपनिंग. बैटिंग ओपनिंग बॉलिंग हां बॉलिंग भी. ओपनिंग बॉलिंग के चक्कर में बड़ी लड़ाई हो. जाती थी स्पिनर था मैं अच्छा तो सब मुझे. कहते थे स्पिनर को मारेंगे मतलब पेसर होगा. तो मैंने कहा चलो पेस भी सीखते हैं तो मैं. पेस भी कराता था पेस में भी पिटता था. स्पिन में भी पिटता था पिट बोल बलर में.
देखता था अपने आप को तो बॉलर मैं इतना. अच्छा नहीं बन पाया मुझे लगता था कि. बॉलिंग में तो मुझे पीट देते थे अच्छे. खासे तीन तीन लग जाते थे पर मैं. बैटिंग में आके फिर ऐसा भी कई बार होता था. मैं बोलता था जिसने मारे उसको. बॉलिंग कराओ उसको भेजो बॉलिंग प भेजो अब. वो सामने वाला अगर बहुत ही वीक बॉलर है तो. मन में एकदम एक वो रह जाती थी कि ये नहीं. आया यार इसको तो लगाने थे दो चार अ. कभी ऐसा हुआ आपके साथ क्रिकेट खेल हमसा. होता था कि अगर हम जल्दी आउट हो चले आए तो. रात भर लस्ते रहते थे कल मारेंगे कल ये. मिले कल पे रन मारना है आज बैटिंग खराब हो.
गई मैं तो अ ये ज्यादा होता था कि जब मुझे. कोई बॉलिंग में पीट देता था और थोड़ा. अंधेरा होने लगता था अब अंधेरे होने के. बाद कल तक का तो टाइम ही नहीं है तो मैं. कहता था एक-एक ओवर हो जाए तेरा मेरा. डायरेक्ट डायरेक्ट एक-एक ओवर हो जाए चल हो. जाए भैस तो क्योंकि बहुत नॉर्मल बात थी. अभी लोग उसको आर्गुमेंट कह देते हैं कि. यार बहस हो गई तब तो एक दूसरे से गुत भी. रहे हैं ना तो भी उसको यही कहते थे यार. भैस बाजी चल रही है तो मैं तो कह देता था. एकएक ओवर हो जाए कौन ज्यादा चक्के मारे. कौन बॉल ज्यादा खाली निकाल दे चल मैं तुझे.
इतनी बोल प बोल्ड मार दूंगा क्योंकि हमने. तो हमेशा से ऐसे देखा 50 50 ओवर 20 ओवर. वहां तो कोई नियम ही नहीं है ना वहां तो. नियम बनाने वाले ही हम है नहीं तो आपको अब. जब आप पीछे मुड़ के देखते हो जैसे मैं. देखता हूं पीछे मुड़ के तो मुझे लगता है. वो जो क्रिकेट का एक पैशन था जीतने का वो. जज्बा जो था वो जिंदगी में बड़ा काम आता. है बाद में आपकी वो आदत हो आती कि यार कुछ. होता तो आप पैनिक नहीं करते आप जीतोगे वो. एक जीतने की जो स्पोर्ट्समैनशिप होती है. वो शायद आपको पता नहीं लगता लेकिन आपके. अंदर बचपन में बिल्ट हुती वो तो हर एक एक.
चीजों से वैसे भी साधारण जीवन में भी आपकी. वो छोटी-छोटी चीजों से भी बनती है जिस. तरीके से एक जब मैंने दसवीं पास करी थी तो. चाचा जी का कहना था कि तू साइन साइड ले ले. लेकिन मैं बड़ी जिद्द प अड़ा मैंने कहा. मैं नहीं पढ़ पाऊंगा मुझे फिजिक्स. केमिस्ट्री बिल्कुल यह तो मुझे पल्ले ही. नहीं पड़ती और साइंस में मेरे उतने अच्छे. नंबर भी नहीं थे दवी क्या पल्ले पड़ता था. वो भी नहीं पता था पर यह पता था कि जो. बोलना जा रहा है ना जो अभी बोला जो मतलब. डिफिकल्ट चीज से दूर फेवरेट इंग्लिश थी तो. बिल्कुल ही नहीं आती थी मुझे मैंने जिन.
हिंदी वाक्यों के अंत में ता है ती है बस. मैं वहीं तक ही पढ़ पाया और फिर भी शूट. कैटरीना कैफ के साथ और वहां भी शूट किया. तो कहा कि मेरा नाम के. है ये जब हरियाणा में ये बड़ा पॉपुलर है. के चल रहा भाई के चल रहा है ये पक्का आप. ही का दिमाग होगा मे खल हां राइटिंग तो. मैं ही करता हूं अपनी सभी वीडियोस की तो. मुझे कुछ कुछ छोटा-छोटा जो फस जाता है जो. अटक जाता है तो वो मैं कहीं ना कहीं. इस्तेमाल कर लेता हूं तो जब मैं कॉलेज में.
पढ़ता था तो जितने भी अपने भाई आते थे. पानीपत से सोनीपत से उनको बहुत था कड़े जा. रहा के के बोलने का बड़ा था ना के बात. होगी भाई फिर के हो गया अब लोगों को के. किसी को के वो वाला के लगता था के हो गया. तो लोग कहते थ के हो गया के मतलब के एल एम. एन प वाला के है क्या ये वो वाला है तो. मुझे डेफिनेटली पता था उस टाइम प कि अगर. कैटरीना को सिखाया आपने हा मैंने बताया. उनको समझाया कि ऐसे ऐसे हरियाणा में के को. ऐसे बो बोला जाता उनको समझ नहीं आया था.
स्टार्टिंग में उनको बात आया नहीं और मुझे. पता था यह लिखा भी मैंने इसीलिए था कि समझ. ना आए पता ना लगे उन्हे ताकि वो पूछे तो. मैं उनको एक्सप्लेन कर सकू अच्छे से बहाने. थोड़ी सी और बात कर. सके अब तो मन में लड्डू तो फूटा होगा. लेकिन कैटरीना कैफ के साथ मैंने पहली. फिल्म थिएटर में सिंगस किंग देखी थी जब. मैं स्कूल में था स्कूल गल मार के. तो मेरी बड़ा वैसे था कि जो हम शुरू में. देख गई थ तो कैटरीना कैफ को देख के और.
एकदम से जब पता लगा कि उनके लिए कुछ लिखना. है काम करना है उनके सा मतलब आप कह नहीं. पा रहे हो लेकिन सही कहानी है क्रश थी. कैटरीना नहीं नहीं क्रश तो नहीं क्रश तो. ऐसे क्रश जैसी कोई चीज मैं ये रील टक कर. दूंगा कैटरीना के आपको ने कहा क्रश नहीं. थी नहीं मतलब पसंदीदा है वो बहुत पसंदीदा. थी पसंदीदा और क्रश में क्या अंतर है खाली. अंग्रेजी हिंदी है नहीं पसंदीदा तो आप. किसी को भी पसंद तो आप किसको पसंद करते हो. मैं एक्टस जैसे कैटरीना को पसंद करते हो. वैसे किसे पसंद करते. मुझे मतलब एक्ट्रेस में तो जबान थोड़ी साथ.
नहीं दे. रही मुझे तब्बू बहुत पसंद है तब्बू जी. तब्बू जी बहुत पसंद है और रविना टंडन आई. आपका इंतजार था वो देर लगी आने में तुमको. नहीं एक गाना नहीं था वो कि दिल का क्या. करें साहिब साहिब हम कि हम दिल क्या है कि. हम हां हां हम उन्हीं पे मरते हम उन्हीं. पे मरते हैं तो तब्बू जी मुझे बड़ी पसंद. थी अब तो मुझे ज्यादा अभी जो मैं एक्ट्रेस. देखता हूं लंबी लड़कियां पसंद है मत नहीं. ऐसा कुछ भी नहीं.
छोटी ऐसा कुछ भी नहीं है अच्छा एक किसी. फैन ने आपके हमसे कहा कि पूछेगा अमित. भडाना से कि अमित भडाना राइटर भी. है लिखते भी हैं डायरेक्टर भी हैं. प्रोड्यूसर भी हो गए हैं एक्टर भी हैं. म्यूजिक भी कंपोज करने लगे हैं तो ये लोन. ज्यादा हो गया था या पता डिसाइड नहीं कर. पा रहे कितना टैलेंट अंदर है और क्या क्या. निकालते रहे मैं हमेशा से कहता हूं कि. जीवन स फ सिर्फ सीखना है जो धीरे-धीरे. जैसे जैसे सीखते जा रहे हैं बस उसी में वो.
करते जा रहे हैं मुझे क्रिएटिविटी में. जल्दी मैं व्यक्ति पर ट्रस्ट नहीं कर पाता. इतनी जल्दी मतलब अगर आप मुझे यह भी कहने. लगे कि यार यह व्यक्ति बहुत अच्छे. डायरेक्टर है तो जब तक मैं काम ना देख लूं. जब तक मैं उनके साथ समय ना बिता लूं मैं. सिर्फ इस बेस पर नहीं कर सकता कि इनका यह. काम है और यह बहुत सुपरहिट काम हुआ था अब. इनको आपके साथ काम करना है तो मुझे कहीं. ना कहीं ऐसे लगता है कि वो कहानी ऐसी थी. उसके साथ ये अच्छा इंसाफ कर गए पर जो मेरी. कहानी है उसके साथ क्या ये इंसाफ कर. पाएंगे तो इसलिए मैं खुद कभी-कभी सोच लेता.
हूं कि यार मैं करके देख लेता हूं ऐसा. नहीं कि हर चीज को ही मैं छूने की कोशिश. करता हूं मेरा जैसे जो बस 20 मिलियन तक. एडिटर भी आप थे हां जी कहानी भी आप लिख. रहे थे दोस्त आर भी साथ थे बचा क्या था. आपकी वीडियो में सारा काम तो आप ही कर रहे. थे घूम टले के कैमरा वाला काम कर नहीं. सकते थे तो वो भी कर लिया होता आपने नहीं. नहीं मैंने अभी भी बहुत ऐसे काम है जैसे. मैंने कभी सिंगिंग नहीं की मेरे. प्रोड्यूसर हमेशा कहते हैं जो म्यूजिक. बनाते हैं मेरा वो कहते हैं कि आप इसको गा. दो मैंने कहा नहीं मुझे पता है बट मैं. दावा कर सकता हूं साल छ महीना दो साल में. आप वो भी करो नहीं नहीं वो मैं कोशिश वैसे.
ही कर लेते बंद कमरे में कोशिश करते मैंने. कहा चल गा मैं चल गा के देखता हूं तू बीट. पर बना तो मैं एकदम सुन के कह देता हूं. ठीक है हमसे नहीं हो पाएगा नहीं वो लग. जाता है क्लियर पता लग जाता है तो वो. जैसे-जैसे सीख रहे हैं जैसे-जैसे कर रहे. हैं तो बस उसी में ही ऐसे लगता है कभी-कभी. लग जाता है जैसे मुझे राइटिंग का तो बहुत. शौक था तो मैंने गाने भी मुझे सबसे पहले. मैंने. पगल मेरी फिल्म आई थी उससे पहले अमित. बड़ाना एक एलएलबी फिल्म थी मेरी तो अमित. बड़ाना एलएलबी में मैंने सबसे पहली बार.
सोचा था कि यार मैं गाने लिखता हूं मुझे. किसी को बुलाना था जिसने गाने लिखने थे हम. तो मैं पूरा मतलब तैयार बैठा हूं मेरे. म्यूजिक वाला बहुत तैयार बैठा हूं बहुत. डिसिप्लिन आदमी हूं मैं कि अगर बोल दिया. 7:00 बजे तो 7:00 बजे 655 पे तैयार कि ठीक. है यार इतने बजे तो बैठे हैं मतलब आज. इकलौता अपवाद था नहीं नहीं समय आज. डिसाइडेड ही नहीं था आज ये था कि तीन से. चार के बीच में करना है तो हमने उसको फोन. किया तो उसने बोला कि. मैं आज नहीं आ पाऊंगा ठीक है तो उसने मतलब.
इतने हल्के में ली वो बात या उस. अपॉर्चुनिटी को इतने उस हल्के में लिया. उसका जो मेरा म्यूजिक वाला था उस वो अपना. टाइम निकाल गया था तो मैं उसको उस कंडीशन. में देख नहीं पाया मैंने कहा चल यार मैं. कुछ लिखूं क्या तो उसने कहा हां भैया लिखे. मैंने कहा मुझे बताओ एक बार तुम किस तरीके. से क्या मीटर सेट करते हो क्या नहीं कैसे. क्योंकि राइटिंग तो आती है अब उसको सिर्फ. गाने के शायरिया लिखते हैं उसको सिर्फ. गाने की तरह से पिरोना है तो पहली बार तब. एक्सपीरियंस मिला उस उसके बाद तो फिर पगल.
मेरा जूनियर एसएससी फिर तो लिखा और बहुत. अच्छा अभी जैसे हमारा गाना है कि कर. जाएंगे या घर जाएंगे क्या सोचा था 35 लाख. की भीड़ सोच के डर जाएंगे तो इस तरीके से. फिर तो एक अनुभव हो गया कि यार अब तो लिख. सकते हैं बना सकते हैं कर सकते हैं तो सीख. रहे हैं सीखते सीखते तो मुझे हमेशा लगता. है कि व्यक्ति को ना फेलियर सिखा के जाते. हैं क्या होती है फेलर जब आदमी को एक. धक्का लगे ना फेलर क्या होता हैरीन में. अगर आप फेलियर देखें तो फेलियर जैसे कि.
मैं हमेशा एक चीज अपने साथ लेकर चलता हूं. कि जब तक आदमी को एक असम मान कहीं पर वो. कहीं गया और उसको वो असम मान महसूस ना हो. या जीवन में जो वो लगातार ही करना चाह रहा. है और बड़े साफ मन से करना चाह रहा है और. वो चीज उसको मिलकर ही नहीं दे रही वो हर. एक कोशिश में लगा हुआ मैं आज चाहता हूं कि. यार आज मैं उस इंसान के पास जाऊंगा और उस. इंसान के साथ बैठूंगा और मैं लगातार. महीनों से कोशिश कर रहा हूं और मेरी. मुलाकात ही नहीं हो पा रही मैं मिल ही.
नहीं पा रहा अच्छा उसमें दो चीज है. कभी-कभी हम फेलियर को इतना करीब से मान. लेते हैं इतने करीब उसके साथ जुड़ जाते. हैं कि हम डेस्टिनी भूल जाते हैं क्योंकि. फेलियर कहीं ना कहीं जैसे कि मैं अपने. जीवन में अगर मुड़ के कई बार ऐसे देखता. हूं कि यार वो चीज मुझे मिली क्यों नहीं. थी मैं सोचता हूं सही हुआ नहीं मिली थी. क्या नहीं मिला. आपको मैं जब मैं एडवोकेट लॉ कर रहा था तो. मेरा बड़ा मन था कि जुडिशरी करूंगा मैं जज. बनू गा कि कहीं ना कहीं जब पिताजी चले.
सब्जी लाने के चक्कर में छोड़. दिया अब वो ना इंसान में कहीं ना कहीं ना. इतना ज्यादा मैं कहता हूं कि जब तक एक. इंसान तो चॉइस थी ना कि अमित बड़ा ने. जुडिशरी देखा फिर एक और सपना दिखा जिसम से. ज्यादा झुकाव था तो कहा यार एक तो समझौता. करना पड़ेगा जिधर ज्यादा इंक्लिनेशन था. उधर चले आए वहां खुश भी है आप मुझे अपने. ना बढ़िया पैसा छाप रहे हैं देश दुनिया. में नाम है उत्तराखंड के मुख्यमंत्री. बुलाते हैं एक्टर साथ काम कर रहे हैं. कैटरीना के साथ फोटो खिवा रहे स्माइल कर. करके ये तो सब भोले बाबा की कृपा है जो.
उनकी बनी हुई है 12 ज्योतिलिंग के दर्शन. कर चुके हैं बाय द वे ये भी दर्श जानना. चाहिए अब ये मैं हमेशा कहता हूं मैं तो. डेस्टिनी में बहुत ज्यादा विश्वास रखता. हूं लेकिन मुझे कभी-कभी अपने फेलर को अगर. एक लाइन में डिफाइन करना क्या होती है. फेलर असफलता क्या है जब आदमी ना टूट के रो. रहा है मेरे हिसाब से वो फेलियर है. प्रोफेशनल फील्ड में या श्क में जीवन में. भी जीवन में भी फेलियर कई बार होते है. रिश्तों का पता है प्रोफेशनल फेलियर आपके.
संभल जाते हैं रिश्तों के फेलियर आपके. नहीं संभलते हमेशा याद रखना मैं आपको इसी. पर क्वेश्चन कुछ मेरे को आए थे सोशल. मीडिया से मैं बाद में पूछने के मूड में. था लेकिन बात हुई तो पूछ लेता. हूं अमित भडाना को लेकर दो बातें मेरे पास. सबसे ज्यादा आई जो सोशल मीडिया से मेरे. पास आई कि दो चीजें जरूर पूछेगा और. क्योंकि अमित भड़ाना लोगों के आदमी है तो. मुझे लगा ये सवाल पूछ लेता हूं मैं. लिबर्टी लेके एक ये आया कि अमित भड़ाना. पहले जैसे नहीं रहेगा पहले उनमें एक रॉ पन. था एक अपनापन था लोगों ने लिखा कि हम. स्कूल से लौटते थे हम बड़ाना के वीडियोस. बैठ के दिन भर देखा करते थे कपिल शर्मा.
बंद हुआ था खाली अमित बड़ाना सुनते थे अब. अमित पहले जैसे नहीं है अब अमित क्लास के. पीछे भाग रहे हैं क्वालिटी काम करना चाहते. हैं सारी चीजों में क्वालिटी मेंटेन कर. रहे हैं उससे वो ओरिजनलिटी कम होती जा रही. है और दूसरा ये आया कि इसी के साथ-साथ. उनके साथ के लोग भी थोड़े कम हो गए आसपास. इन दोनों बातों का सवाल पहले जो सवाल है. उसका जवाब यही है कि इंसान रोजाना कुछ ना. कुछ सीखता है और मैं उस इंसान को एक. आर्ट की तरफ झुका हुआ या फिर कला की तरफ.
झुका हुआ व्यक्ति नहीं मानता जो अपने. पास्ट के काम को देखकर उसमें कमिया ना. निकाल सके मुझे कहीं ना कहीं ऐसे लगता है. कि जब मैं 17 में कॉलेज करके आया वह मेरी. उम्र वह मेरा एक रोब वह मैं. सब वीडियो में दिखाना जैसे मैं स्कूल का. बच्चा बन रहा हूं कॉलेज का बच्चा बन रहा. हूं बहन भाई के रिश्ते दिखाना उसकी एक. सीमा है वह मैं लगातार उस चीज को दिखा ही. नहीं सकता उसको बता ही नहीं सकता जब मैंने.
10 मिनट की वीडियो बनाई आ मिनट की वीडियो. बनाई पा मिनट की वीडियो बनाई वो मैंने. पहले तो मैंने एक मिनट की वीडियो से शुरू. किया था सब 45 सेकंड 45 सेकंड 50 से फिर. वो पा मिनट भी हुआ 10 मिनट वीडियो थी ना. कि तेरा भाई है मतलब वो थी कि तेरे भाई ने. कर दी जिम शुरू जिसको चाहे उसको लपेट दूं. तो अब यह बातें मुझे उस समय पर बड़ी अच्छी. लगती थी जब मैं कॉलेज से आया था कि हां इस. तरह की बातें होती है मैं जैसे-जैसे मेरा.
नाम. बढ़ा व्यक्ति के ऊपर जब सबसे ज्यादा समाज. की रिस्पांसिबिलिटी आ जाए तो समझो कि वो. कहीं ना कहीं एक अच्छी आर्ट को प्रेजेंट. करने में कामयाब हो जाएगा अगर मैं यह नहीं. दिखाऊंगा कि एक जब एक उन बच्चों का दर्द. जो तैयारी करते हैं कैसे वो माताजी और. पिताजी से मिसअंडरस्टूड हो जाते हैं कैसे. वो सोसाइटी से मिसअंडरस्टूड हो जाते हैं. क्योंकि आपके तो पड़ोसी पड़ोसी आपको 5. मिनट में 10 मिनट में 20 मिनट में बोल. देंगे तू जीवन में कर क्या रहा है लेकिन. वो लड़ किस तरीके से रहा है उसके क्या.
सपने हैं तो जब तक मैं वो कहानी नहीं. बताऊंगा वो कहानी हां मैं एसएससी की बात. कर रहा हूं तो मुझे ऐसे लगता है कि वो 17. 18 19 वो मेरा एक था एक लड़के वाला जोन. मैं धीरे-धीरे जैसे-जैसे मैंने समझा चीजों. को जाना तो मुझे लगा अब मैं. भी जब आप गली में होते हैं अपने घर में. होते हैं तो आपका बड़ा मन करता है कि यार. अब सरकारी स्कूल में पढ़ रहे होते तो आपका. मन होता है कि यार मैं प्राइवेट स्कूल में. पढ़ूंगा मैं इस कॉलेज में जाऊंगा वैसे ही. हमारे भी एक सपने थे ना कि यार हम भी एक.
दिन इस कैमरे पर शूट करेंगे ऐसा शूट. करेंगे मल्टीपल कैमरा लगाएंगे ऐसे करेंगे. वैसे करेंगे कुछ कैरेक्टर को बनाएंगे नहीं. नहीं आप जो कह रहे हो सब बात बिल्कुल सही. बिल्कुल सच बात है और आपका पॉइंट ऑफ व्यू. समझ रहा हूं मैं कि समय से आदमी को अपडेट. करना चाहिए लेकिन उनका जो क्वेश्चन है. मूलता वो ये आता है कि अमित भड़ाना को. मैंने कई जगह कहते हुए भी देखा है कि. मैं अलग भी हो गया हूं आप कहते हैं बट अगर.
टारगेट ऑडियंस बार-बार ये मैसेज कर रहा है. मैंने आपको लेकर एक पोस्ट डाली थी और उस. पोस्ट में तकरीबन 3000 कमेंट आए और उसमें. से 1000 से ऊपर कमेंट यही थे जी एक लाइन. को लेके तो मैं तो उतना चलिए मैंने नोटिस. किया मैं एक सेक्शन तो उसमें यही था कि. यार पहले बहुत मजा आता था तो आपको नहीं. लगा कि वो पहले जो मजा आता था कुछ तो ऐसा. है जो शायद हमें इंटरेक्ट करना चाहिए आपने. कभी कोशिश की इंटरेक्ट करने की नहीं मैंने. नहीं क्योंकि मुझे पता है पहले इसलिए बहुत. मजा आता था कि पहले फुल फ्लेज कॉमेडी होती. थी एक जोन होता था एक रिलेटेबिलिटी उस बेस.
पर होती थी अब मैं डिफरेंट डिफरेंट. कैरेक्टर प्ले करता हूं चाहे और हमेशा. कॉमेडी को भी नहीं रखता अब मैं जैसे कि. अगर मैं एक अमित बड़ाना एलएलबी बना रहा. हूं तो उसमें एक कॉमेडी है तो एक उसमें. वुमेन एंपावरमेंट की भी बात हुई है कि किस. तरीके से लड़कियों का ऑफिस में शोषण होता. है किस तरीके से लड़कियों का गलत इस्तेमाल. हो जाता है और उनको पता भी नहीं लगता ऑफिस. में और पता लगता है आवाज उठाती है तो वो. नहीं बोलते तो एक तरफ मैं मेरा जूनियर. जैसी फिल्म कर रहा हूं जिसमें एक आईएस की. एक कहानी है कि किस तरीके से उसकी पत्नी. उसको छोड़कर जा चुकी है और अपने बच्चे को.
वो इकलौते को पाल रहा है तो मुझे लगता है. कि अब मैं आर्ट की तरफ ज्यादा डेडिकेट हो. गया हूं जो कि मुझे लगता है मैं अब उस. रिलीफ में हूं मुझे पीस मिलता है मुझे. शांति मिलती है पहले मैं बहुत मजा आता था. नंबर्स देखने में अच्छा यह कर देंगे अच्छा. वो कर देंगे अब तो यह कर देंगे एक महीने. में चार वीडियोस बना देंगे तीन वीडियोस. बना देंगे चाहे एक जैसी बना देंगे चाहे वो. स्कूल के ऊपर ही बना देंगे कॉलेज के ऊपर. बना देंगे लेकिन अब मुझे लगता है कि यार. मैं वो स्कूल के लौंडे लपा ड़ वाली जिंदगी. अगर जिऊंगा तो पहले मैं उतना पतला भी होना.
चाहिए मैं उतना लीन भी होना चाहि मैं लगना. चाहिए कि हां यार ये 17 साल का बच्चा लग. रहा है 18 साल का लग रहा है पहले तो नकली. 22 किलो वजन कम कर लिया और कितना कम करोगे. हां तो वो इसीलिए एसी में किया था कि 22. किलो वजन कैसे कम हो सकता है हमको जरा. बताओ यार हमारा पा 10 किलो नहीं जा रहा. मेरा ट्रेनर दुखी है कहता है आपके चक्कर. मेरा नाम खराब हो रहा है कि आप आते हो और. आपका वेट एक किलो कम नहीं हो रहा बढ़ता जा. रहा है ऊपर और लोग हमको कहते हैं कि तुम. कैसे ट्रेनर ग तो आपने 2 कैसे कम कर दिया. मैंने तो जीप प मैं तो बहुत चटोरा आदमी. खाता बहु ह हां तो वही 22 किलो है समझ रहे.
हो यार लड़कियां 45 46 किलो की होती है. आपने 22 किलो कम कर दिया तो 92 था उसको 70. ही लेकर गया कैसे किया भा कितने दिन में. किया 70 दिन लगे केवल कौन सा फार्मूला भाई. मैं खाना था 5:00 बजे के बाद मैं खाना. नहीं खाता था ठीक है और दिन में मैंने. क्या नाम है 10 बजे के आसपास खा लिया और. फिर हां 10:00 बजे के आसपास में खा लेता. था फिर एक 121 बजे के आसपास थोड़ा-थोड़ा. सा मतलब वो डिसाइड. वक भागना 5 किमी और जिम नहीं कुछ जिम.
मैंने कभी नहीं किया आज तक मैंने जिम ही. नहीं किया अगर कोई ऐसा कैरेक्टर आएगा कि. जिसमें बॉडी बनानी होगी तो मैं करूंगा मैं. जिम तो बिल्कुल भी नहीं कर सकता मेरी. हिम्मत ही नहीं होती कि कहीं पर जाओ आप. जूते कपड़े बढ़िया पहन के मतलब वैसे पहन. के फिर जिम में जाओ फिर आप सामान उठा रहे. हो मुझे लगता है या बड़ा मेहनत का काम है. ये तो घर पर बैठ के आराम से कर लेंगे. कितने किलोमीटर दौड़ते थे जो 22 5. किलोमीटर रोज आना हो गया शुरू में तो भाग. नहीं पाते होंगे नहीं क्यों नहीं मैं. अच्छा आपको चार बार 9 92 वेट में भागते थे.
5 किमी हां 90 92 वेट भी तो इसीलिए हुआ था. ना क्योंकि कैरेक्टर के लिए किया था वो. अच्छा जो पहला कैरेक्टर था वो 85 के आसपास. का दिखना था वो एक टीचर लगना चाहिए कि हां. थोड़ा सा लंबे बाल है लंबी दाढ़ी हल्का सा. उसका पेट निकला हुआ है लेकिन जब लड़का वो. कॉलेज में है तो उसको थोड़ा सा लीन पतला. सा क्लीन सेव था वो लुक मैंने अच्छे तरीके. से डिसाइड किया था आमर खान से बहुत. इन्फ्लुएंस हुआ अप्रत्यक्ष तौर पे ही मैं. आपको सुनता हूं पुराने वीडियोस में भी तो. थ्री इडिट का जिक्र होता है जब ये बात बता. रहे मुझे दंगल का वो सीन याद आता है जब.
आमिर खान ओवर वेट होते हैं फिर वेट लूज. करते हैं दाढ़ी बढ़ता है पेट बढ़ता है अ. प्रत्यक्ष तौर पे आपको लग रहा है कि. परफेक्शन निस थोड़ा दिमाग में चल रहा है. कि हर काम परफेक्ट होना चाहिए आदत के ऊपर. बात है वही मैंने जैसे आपको बताया ना. क्योंकि 17 1819 में जब हम शुरू में ये. वीडियोस बनाते थे तो उस समय का एक है एक. जोन होता है आपका तो उस समय आप कुछ भी कर. रहे हैं ना उस समय आपको आनंद आ रहा है. आपको बहुत ज्यादा कि आप कुछ भी कर रहे हैं. आपको मजा आ रहा है लेकिन उसके बाद आप एक. रिस्पांसिबल हो जाते जिसके बाद आपको लगता. है कि यार अब आप जो भी करो आप एक सिर्फ उस.
भीड़ का हिस्सा ना रहो जिसका काम देखने के. बाद लोग भूल जाए कि अच्छा कोई आया चला गया. लेकिन अब ऐसा होना चाहिए कि कम लोग देखें. लेकिन उसका असर बहुत अच्छा हो बात है तो. क्या असर आप आपने इतने सारे वीडियोस बनाए. फिल्में बनाई आप बनाते हैं क्या आपने आपको. कोई ऐसा रिस्पांस है जो आपको लगा यार ये. वर्थ था अब जो मैं कर रहा हूं रात को. अच्छी आ रही है ये इसने कहा मुझसे ऐसा. क्या ऐसा है एसएससी मुझे लगता है कि क्या. रिस्पांस था किसी का को बहुत अच्छा. रिस्पांस है बहुत लोगों ने जिस तरीके से.
मुझे चाहे कोई आईएएस ऑफिसर हो आईपीएस. ऑफिसर हो या कोई जो तैयारी भी कर रहे हैं. बच्चे उनके जितने मैसेजेस थे चाहे वो. मिलने पर बोलना चाहे वैसे करना मेरी जो. सगी सिस्टर भी है वो भी डॉक्टरी की तैयारी. कर रही हैं तो चाहे उनका कहना कि मैं इससे. रिलेट कर सकती हूं हालांकि मैं एसएससी की. तैयारी नहीं कर रही वो एमबीबीएस की कर रही. है लेकिन वो कह रही है कि मैं इससे रिलेट. कर सकती हूं कि ऐसा हुआ है तो कहीं ना. कहीं आपकी जीत हो जाती है कि आपको जब ऐसेल. कि आप तो क्योंकि मैंने जब एसएससी के पेपर.
दिए थे तो मैंने तो दयो साल पहले दिया था. जब मैं कॉलेज में था फेल हो गया था तो. मैंने तो तब तब दिया था ये जो एम दि बैंक. प में नौकरी करनी थी या मुझे किसी ने कह. दिया था किज मिल जाते हैं और अच्छे से. नौकरी लग जाती है एसएससी का आप पेपर दोगे. तो आपकी आराम से कितने लोग देते हैं कितने. लोग देते हैं यह भी बताया था मुझे लगा था. नहीं मैं तो सब लोगों को फाड़ के निकल. जाऊंगा आगे वो तो मुझे बाद में पता लगा ना.
मैं तो पता नहीं जितना बड़ा मेरा मोबाइल. नंबर था उतनी बड़ी तो मेरी रैंक थी मैंने. कहा पता नहीं भाई तो कितने लाखों करोड़ों. में पहुंची है मुझे भी नहीं पता था लेकिन. एक रहता है आपको कि जब आपने तैयारी की थी. तब अलग जोन था फिर भी आपने रिसर्च करके. लोगों को देखकर फिर भी आपने ऐसी कहानी बना. दी कि आज की जनरेशन भी उससे कनेक्ट कर पा. रही है वो एक बहुत होता है बीच में आपने. ममन एंपावरमेंट का जिक्र किया और मुझे अमत. भड़ाना का एक वीडियो जब मैंने देखा जो.
आपने अपने ऊपर बनाया था गाना काफी वायरल. भी हुआ मैंने उसके व्यूज देखे 95 मिलियन. ऑलमोस्ट 100 मिलियन के हम करीब है तो मुझे. लगा कि वमन एंपावरमेंट तो शायद आपके घर से. ही शुरू होता है आपकी ग्रैंडमदर से शुरू. होता है आपकी मॉम से शुरू होता है मैंने. कहीं पढ़ा कि आपके ग्रैंडफादर जो शायद. आर्मी में थे आपके फादर जब बहुत छोटे थे. वो एक्सपायर कर गए फिर आपके फादर जब आप. उतनी ही उम्र पाछ साल के शायद वो एक्सपायर. कर गए.
सिंगल पेरेंट आपकी मॉम है या आपकी दादी. रही क्या फर्क पड़ता उससे घर में और आपकी. परवरिश में क्या फर्क पड़ा मेरे मतलब यह. मैं हमेशा दुर्भाग्य की एक बात मानता र. फदर फस आपको याद है मैं बहुत छोटा था पा. साल का था तो चेहरा मुझे याद रहता है. थोड़ा कुछ मेरे एक दो मोमेंट मुझे याद. रहते हैं बस मुझे ज्यादा याद नहीं क्योंकि. मैं पाच वर्ष का था पाच वर्ष का बच्चा. क्या ही जानता इसलिए मैंने आजकल के जो. पेरेंट्स है वो बच्चों के साथ बहुत समय ब. जाते हैं और याद भी रहते हैं दोस्त बनाकर.
भी चलते हैं पेरेंट्स तब ऐसे पेरेंट्स. नहीं थे कि बहुत ज्यादा समय बिताना बच्चों. के साथ और वैसे नहीं था तो मेरी इसलिए इस. वजह से ज्यादा मेमोरीज नहीं है तो नहीं. सिंगल पेरेंट सिंगल लाक पेरेंट का होना. कितना टफ होता है बच्चे के लिए क्योंकि. कुछ भी ना हो माबाप कासे पंकज त्रिपाठी जी. से बात कर रहा था मैं तो उन्होने कहा काम. नहीं होता बट एक एहसास होता है समटाइम वो. एहसास बहुत होता है स्कूल में पेरेंट टीचर. मीटिंग हो रही है हम लोग भी आ पेरेंट्स को. लाना भले डर के लाना है कई बार दूसरे लोग. बना लेते थे मेरे भाई साहब तो मुझे लेते.
थे बट कितना बचपन पर उसके असर पड़ता. है पिताजी मैं हमेशा से कहता हूं कि जो. पिताजी का रिश्ता है ना वह लोगों ने बहुत. ज्यादा अंडर रेटेड कर रखा है क्योंकि माओ. के ऊपर गाने भी इतने बन जाते हैं माओं को. बता भी इतने अच्छे से देते हैं महान बता. देते हैं जोक है भी और वो उतना डिजर्व भी. करती है जितना दिखाया जाता है लेकिन. पिताजी के रिश्ते को बहुत दबाया जाता है. क्योंकि पिताजी इ इने एक्सप्रेसिव नहीं. होते हां इतने अपनी बातें वो इतने अच्छे.
और वो गुस्से में क्योंकि वो गुस्से अपना. बहुत ज्यादा दिखाते हैं ना अपने बच्चे के. ऊपर क्योंकि वो बहुत ज्यादा ध्यान देते. हैं लगता है हमें हमें ऐसे लगता है कि. पिताजी हमारे ऊपर ध्यान नहीं दे रहे लेकिन. वो सबसे ज्यादा ध्यान देते हैं उनका जो वो. एक डांटना भी है ना जो उनका एक डांटना भी. है उसमें भी कहीं ना कहीं एक और पिताजी. अगर आपकी पिटाई भी कर देते हैं आपको डांट. भी देते हैं तो जब वो ये भी कहते हैं ना. कि पूछ जरा उससे कि खाना खाया उसने उसमें. भी एक बहुत अच्छा अच्छा लगता है कि यार. दोपहर में बेशक से मारा मारा था पीटा था.
लेकिन आप कह रहे हैं कि खाना खाया या नहीं. बहुत अच्छा लगता है मां आपसे सुबह शाम. दोपहर एक ही चीज कर रही हैं कि आपके खाने. का ध्यान रख रही है आपका ध्यान रख रही है. वो रख रही है पिताजी उतना नहीं कर पाते ने. काम से फर्क नहीं पड़ता कि आप कितने पैसे. कमा रहे हो क्या नाम कर रहे हो खाना खाया. सेहत बढ़िया है मोटे हो गए हो पतले हो गए. हो लेकिन पिताजी दिन में सिर्फ एक बार. आपसे कुछ भी बोल देना जैसे आजकल के कितने. लड़कों का मैं शर्त के साथ कह रहा हूं. सपना होगा कि अपने पिताजी को हक करना कि.
पिताजी को गले लगा ले लेकिन हिम्मत नहीं. हो सकती किसी की कोई कोई हिम्मत नहीं कर. सकता क्योंकि उनका कैरेक्टर कैरेक्टर इतना. स्ट्रांग रहा है हम किससे इन्फ्लुएंस होते. हैं अपने घर में हमेशा पापा जी से क्यों. इतना इफ्लू स होते हैं क्योंकि उनकी. पर्सनालिटी ऐसी होती है उनकी चीज ऐसी होती. है देखो आपको हर गलत चीज के लिए रोक रहे. होते हैं हर चीज के लिए रोक रहे होते हैं. लेकिन गली का एक बच्चा भी आपको हाथ लगा. देता और आप बता दो कि मुझे उसने मारा तो. किस तरीके से उससे लड़ने जाते हैं किस. तरीके से उसपे खड़े हो जाते हैं और ये. चीजें मिस की आप मैं हां ये तो मेरे जीवन.
में मेरे चाचा जी ने काफी हद तक उस रिश्ते. को बहुत अच्छे से निभाया करा कि मुझे. हमेशा लगा कि यहां मेरे बड़े चाहे मेरी. दादी हैं मेरी मम्मी थी लेकिन जैसे जैसे. अब मैं अब मैं ज्यादा मिस करता हूं सच बता. रहा हूं सक्सेस के बाद हां शायद मैंने. सक्सेस तो मैं अपनी अभी नहीं मानता मुझे. ऐसे लगता है कि मुझे बहुत कुछ सीखना और. करना बाकी है लेकिन जितना भी मैंने कमाया. है ना आप अब लेकिन सक्सेसफुल हमेशा आपको.
लगता है कि फा 201 1 का याद कीजिए अमित. भडाना आज के दौर के अमित भडाना आज बढ़िया. घर होगा गाड़ी होगी मां को जो चाहिए होगा. खरीद के दे लेते होंगे आप एक मिनट में. सोचना नहीं पड़ता होगा शॉपिंग करने के. पहले लड़कियां खड़ी रहती होंगी कामयाबी. हमेशा मैं देखता हूं कि फाइनेंशली आदमी को. मजबूत बनाती है लेकिन मेंटली आदमी का. मजबूत होना बहुत ज्यादा जरूरी है तो आपको. अगर आप कहते हो कि कामयाबी सिर्फ इस बात. में कि पैसा बहुत आ गया है और नाम बहुत बन. गया है तो उसके बावजूद भी कितने ऐसे लोग. हैं जिनके पास सब कुछ है पैसा है सब कुछ.
है 50 उन परे केस चल रहे हैं सोयो तरह की. मुसीबतें पड़ी है वो भी एक नहीं होता इससे. बढ़िया एक साधारण जीवन जिसमें आदमी के दो. बच्चे हैं और 4 हजार की नौकरी कर रहा है. वो भी एक साधारण जीवन आदमी उसमें भी. कामयाबी मान लेता है मैंने कितने ऐसे आदमी. देखें जो लाइफ में बहुत बड़ा नहीं कर रहे. लेकिन अगर आप उनको कुछ बड़ा करने को भी. कहते हैं तो वो कहते हैं नहीं करना हमारा. जैसे जीवन चल रहा है वही इसलिए मैं कहता. हूं सक्सेस की डेफिनेशन हमेशा एक ही नहीं. हो स एक पार्टनर होना कितना जरूरी है हां. क्योंकि मेरे हिसाब से आप पहली स्टेज आप.
कई बार भागते हो सक्सेस पीछे फैमिली. प्राउड कराना बट जैसे आपने कहा ना कि जब. आप सक्सेसफुल होने लगते हो पैसा आता है. चीज आती है सो आपको फैमिली की या बाकी. चीजों की इंपॉर्टेंस समझ में आती है जी. दोस्तों की कि अब होना कितना जरूरी है. शायद सफलता के वक्त चीज रिलाइज नहीं होती. है बट वंस यू आर सक्सेसफुल देन यू स्टार्ट. रिलाइजिंग कि यार ये चीजें होना जरूरी है. सो एक पार्टनर कितना इंपोर्टेंट है लाइफ. में मैंने तो जीवन में इतना अकेले रहकर. समय काटा है ना इतना अकेले में तो मुझे तो. कभी सच बताऊं तो कुछ ऐसे महसूस नहीं होता. कि आपके आपका लाइफ पार्टनर या आपके साथ.
व्यक्तियों का होना बहुत ज्यादा जरूरी एपल. आपके गाने की एक लाइन थी जो थी नफरतें जो. थी पहले गालिया आज वही तारीफें वही है. तालिया जी ये मैं भी सोचता हूं मैं आपसे. आपका पॉइंट व जाना चाहूंगा कि एक जमाने. में आप बड़े अच्छे रहे होंगे दुनिया के. पैर छूते होंगे अच्छे से बात करते होंगे. सक्सेसफुल नहीं रहे होंगे या शायद पैसा. नहीं रहा होगा नाम नहीं रहा होगा या चार. लोग सेल्फी नहीं खिंचवाते होंगे आप मानते. हैं कि जब नाम बढ़ता है तो अगल बगल के. लोगों का रवैया बदलता है आपके चार ऐप भी. खूबियों में नजर आते हैं. आपके रिश्तेदारों में दोस्तों में या कई.
लोग होंगे जिन्होंने शायद इग्नोर किया. होगा या आपके कमपटीसन. गलतियों को भी इग्नोर करते हैं कह र अमित. भाई तुम तो या कमाल इंसान हो ऐसा होता है. ये थोड़ा समाज की सच्चाई है जो आदमी मजबूत. होता है आदमी उससे अपने संबंध और उसके. करीब जाना बड़ा पसंद करता है और कमजोर को. और ज्यादा कमजोर बनाने की कोशिश की जाती. है आदमी का खराब वक्त जब नहीं होता जब. उसका सब देख रहे हैं कि इस खराब वक्त चल. रहा है हम जब आप खुद से बता देते हैं ना.
कि मेरा खराब वक्त चल रहा है तो लोग उसको. और खराब कर देते. हैं आपको फर्क पड़ता है लोग क्या बात करते. हैं उससे हां बिल्कुल पड़ता है अगर लोग. आपके बारे में करीबी जब कुछ गलत बोलते हैं. तो बहुत फर्क पड़ता है करीबी जो आपके बहुत. करीबी हैं तो जब बहुत ज्यादा फर्क पड़ता. है अगर मैं यहां से जाऊंगा और आप चार लोग. बैठकर किसी बारे में बात करेंगे तो मुझे. फर्क नहीं है लेकिन अगर मेरे करीबी है कोई. और वो मेरे बारे में बातें कर रहे हैं तो. मुझे फर्क पड़ता है क्योंकि मेरा मानना यह.
है कि अगर अगर आपके अंदर कमियां हैं तो. आपका सामने वाले से इतना अच्छा बंड होना. चाहिए कि आप उसके मुंह पर बोल दो और वो. हंस के उस चीज को एक्सेप्ट कर ले जो कि. कभी-कभी मुश्किल भी हो जाता है अगर जैसे. अगर मेरे अंदर यह कमी है कि मुझे गुस्सा. बहुत आता है और मेरा दोस्त मुझे बता रहा. है कि तेरे अंदर गुस्सा बहुत है तो शायद. वो एक्सेप्ट करना बहुत मुश्किल हो जाता है. कभी-कभी कि यार हां ठीक है मुझे पता है. गुस्सा है मेरे अंदर लेकिन अगर वो पांच. लोगों में बैठकर इस बारे में डिस्कस कर. रहा है कि यार उसके अंदर तो गुस्सा बहुत. है है इंसान ही अच्छा नहीं है बेकार बंदा. है ऐसे करे तो बहुत दुख होता है कि यार.
मुझे मेरे मुंह पर बोल दे हालांकि मुंह पर. बोलना भी बड़ा एक वैसा सवाल है कि आदमी. नहीं बोल पाता इतनी जल्दी हां सबके बस का. नहीं होता आदमी को बड़ा बुरा लग रहा होता. है कि यार मेरे को कह कैसे रहा है मुझे. क्यों कह रहा है कि गुस्सा आता है गुस्सा. आता है लेकिन क्या करें इससे बढ़िया पीछे. जो अगर आप पीठ पीछे बोल रहे हो इससे. बढ़िया सामने बोल दो अच्छा अमित भडाना को. मैंने जितना मैंने आपके वीडियोस देखे सुना. या आपके ऑफ द रिकॉर्ड आपकी बातचीत सुनी. मुझे दो बातें लगी हो सकता है मैं गलत हूं. मैं आपसे पूछना इसलिए चाह रहा हूं एक अमित.
भड़ाना इमोशनल इंसान है और दूसरा उनको. बातें हिट कर जाती है उन्हें बुरा लग जाता. है अगर कुछ बातें ऐसी आए तो उनके दिल प छू. जाती है फिर उसको वो थोड़ा लंबा खींच लेते. हैं ऐसा है आपकी बातें इमोशनल आदमी तो हूं. मैं क्योंकि इमोशनल तो इंसान बना ही इन. चीजों का होता है हस भी रहा है रोरी बार. कब रोए थे. आप आखिरी बार मैं शायद दो-तीन दिन पहले ही. भोले बाबा की कोई बात कर रहा था तब रोया. था बोले जी की बात करते वक्त बड़ा रोता. हूं मैं ये तो खुशी की बात हो गई.
आध्यात्मिक बात हो गई वैसे जिंदगी में. किसी किसी की बात सुनकर दुख का बहुत आखरी. बार अच्छा किसी की बात सुन के नहीं नहीं. नहीं किसी की बात सुन के तो नहीं उसको. रुलाने की सोच लेता हूं मैं उस टाइम प ऐसे. नहीं सोचता कि उसको कि उसकी बात से रोया. ऐसे मैं कभी नहीं रोता मैं मतलब ऐसे ही. जैसे कि अभी आप एक रील दिखा रहे थे पिताजी. की बात बोल दी तो ऐसे आख नम हो जाती है. क्योंकि आदमी ढांचा ही उसका बना होता है. फिल् देख ते बचपन में फिल्में देख के तो अ. भी रो रो पड़ते हैं फिल्म में ऐसे कोई कौन. सी फिल्म से रोए थे एक अभी मैंने एक मराठी.
फिल्म देखी थी सायरत है सरत है क्या नाम. है सायरत है सरत है शायद नाम में मुझे. कंफ्यूजन हो सकती है उसका हिंदी वर्जन भी. आया था अच्छा ये मुझे नहीं पता तो उसकी. एंडिंग देख के मुझे रोना आ गया था तो. फिल्म देख के तो रोना बहुत ऐसी कोई वो. नहीं है इमोशन ही तो है वो जानवी कपूर और. शहिद कपूर के भाई ने उसम रोल किया था वो. फिल्म अच्छी फिल्म थी काफी तारीफ हुई थी. उसकी तो उसकी मैंने मराठी फिल्म देखी है. हां काफी तारीफ उसकी भी हुई थी उस टाइम का. तब जाक देख ी जब वो हिंदी वर्जन आया तो.
लोगों ने कहा ओरिजिनल वर्जन काफी अच्छा है. अच्छा आध्यात्मिक भी आप काफी है जी किसे. पसंद करते हैं हनुमान जी और शिव जी पसंद. तो प्रभ हमारे तो 33 कोट देवी देता है बट. वैसे होता है ना किसे हमारे नॉर्थ इंडिया. में लोग हनुमान जी के या शिव जी के ज्यादा. भक्त होते हैं जी ज्यादा बाकी तो हम. दुर्गा जी के पांव पकड़ते हैं विष्णु जी. पकड़ते हैं ज्यादा किसको पूछते हैं आप जब. एक घर परिवार में ऐसे होता है ना पिताजी. भी है चाचाजी भी है ताऊ भी है तो ऐसे तो. कोई नहीं बोलता ना कि ये वाले मेरे चाचा. बड़े पसंद है पसंद है हा हनुमान चालीसा.
हनुमान चालीसा शिव चालीसा और मैं क्षमा. प्रार्थना. भी क्षमा प्रार्थना चालीसा होती है वो भी. पढ़ता हूं और क्या नाम है सोमवार का मेरा. व्रत होता है तो सोमवार के दिन हा शंकर. भोलेनाथ जी का तो उस दिन बड़ा वो दिन. सोमवार का दिन वो क्योंकि वो मैं मंगलवार. के दिन खोलता हूं फिर व्रत मंडे रात से रख. के अ ट्यूसडे को खोलता हूं तो मंडे और. ट्यूसडे का दिन बहुत ज्यादा उस जा देश में.
कई सारी लड़कियां भी रखती हैं 16 सोमवार. का व्रत अच्छा अच्छा पति मिलता है ऐसा. हमने सुना आप हर सोमवार रखते हैं मतलब. मैंने तो किसी मेरा तो किसी और कारण से है. जी मेरी दादी जी की तबीयत बड़ी खराब थी तो. उन दिनों मुझे ऐसे लगता है कि भोले बाबा. की बड़ी कृपा हुई थी उस इस उस उस वजह से. मैंने डेडिकेट किया कि मैं पूरे जीवन भर. सोमवार के व्रत रखूं दादी से आपका हमने कई. जगह देखा दादी से रिश्ता आपका बड़ा अच्छा. है और आपने दादी का जिक्र अपने गाने में. भी किया था और कहा वही जो लाइने थी कि छाव.
में रखा दादी से कैसा रिश्ता. आपका दादी ने मेरी पिटाई बहुत कराई है. बचपन में मार बहुत पड़वा है चाचा जी से ये. आप हर जगह बहुत पीटी ग हमको लग रहा है. कैसे मारेंगे चप्पल पप्पल से पाइप से. चप्पल वाइपर वगैरह जिससे भी बेल्ट वेल्ट. जो भी मिल जाए उस टाइम प जो भी सामान. आसपास पड़ा है है ना बस ऐसा सामान नहीं जो. सर में ने के बाद सर खुल जाए वैसा नहीं. होता था पर सही करके जो भी हाथ लग गया.
वैसे पिट गया तो दादी का मैं हमेशा से. भविष्य में आपकी बीवी को. शुभकामनाए. तो जब दादी जी का थोड़ा ऐसे था कि दादी जी. का मुझसे लगाव बहुत था और मैं बहुत ज्यादा. सरारती था बड़े लड़के सबसे बड़ा था मैं घर. में तो दादी जी का मुझसे बड़ा लगाव था और. मुझसे मेरे बड़ी करीब थी दादी जी जो आदमी. करीब होता है और जिससे ज्यादा प्यार करता. है तो वो कुछ इधर-उधर हरकत भी भी करता है. तो उसकी सुधारने की भी कोशिश होती है दादी. की मैं ज्यादा सुनता नहीं था सुनता चाचा.
जी की था डरता उन्हीं से था वो भी कूटते. थे आपको दिन भर कौन चाचा जी चाचा जी हां. गलतियां मैं करता था ऐसे थोड़ी ना कि वो. आए हैं और आते उन्होंने अंडरटेकर की पटकी. मार दी ऐसा नहीं था आपका बल्ला तोड़ दिया. उन्होंने हां आपको सूद दिया वो तो मिडिल. क्लास फैमिली में ऐसा होता है ना कि सपने. नहीं समझ पाते ना वो कि आपके सपने क्या है. आपको जीना क्या है नहीं आमतौर पर एक ही. लोग मारते जैसे मेरे यहां मम्मी मारती थी. अच्छा पापा नहीं हाथ उठाते थे आपको दोनों. बराबर मिला है द से भी मिला है और चाचा से. भी मिला हां मैं तो सबसे बेटा हूं हालांकि.
मेरी मम्मी जी ने मुझे कभी नहीं मारा. मम्मी जी ने कभी नहीं मारा दादी ने मुझे. मारा है और चाचा जी ने भी मारा है लेकिन. मैं शरारती भी तो बहुत ज्यादा क्या करते. थे ऐसा पूरे दिन ही मेरा काम मतलब मेरा. कैरेक्टर अजीब ही था अजीब बड़े अजीब से. कैरेक्टर में मतलब मैं हर चीज को लेके. बहुत पैशनेट था कि मुझे कोई भी नई चीज पता. लग जाती थी तो मैं उसमें ही जैसे मुझे पता. लगा कि कंप्यूटर लेना है तो उसके लिए. मैंने हर कुछ झूठ बोलना हर एक तरकीबें मैं. अमाता था जितनी भी तरकीबें मिल जाए ना अब.
कुछ झूठ बोल रहे हैं तो वो झूठ भी पकड़े. जाते थे जैसे मैंने कंप्यूटर लिया मैंने. इसलिए कि मैंने कहा कि उसपे मैं एमएस वर्ड. और एक्सेल सीखू और मुझे उसमें किसी ने वो. क्या नाम है जीटीए वीटी डाउनलोड करके दे. दिया तो मैं वो खेलता रहता सही बता रहे हो. यहां भी झूठ बोल रहे हो कि कुछ और फिल्में. दिख रहे थे नहीं नहीं नहीं वो तो वहां पे. तो उस टा उस टाइम पे तो ऐसे होता था ना कि. कंप्यूटर अपने आप में बहुत बड़ी चीज है. हां मतलब आप टेक्नोलॉजी फ्रेंडली रहे हो. ना 2013 में डब हां जी मैंने 2009 में. पहली बार कंप्यूटर लिया था तो उसमें ये.
मैंने बोला कि एमएस वर्ड और एक्सल सीखना. है 12थ के बाद काम आएगा कॉलेज में काम. आएगा उनको इतना पता नहीं होता था मैंने ले. लिया उस टाइम सब यही बहाना करते थे मैं. उसमें गेम खेल रहा मेरी बहन ने बता दिया. कि गेम खेल रहा तो उन्होंने कहा कि इसके. लिए तूने लिया तो मेरे पिटने की वजह मैं. खुद तैयार करता था मतलब कॉलेज तक पिटे हो. मैं हां मैं पिटा हूं आराम से 2014 तक तो. पिटाई हुई. है 14 155 तक तो बहुत मतलब 202 साल तक. कूटे गए हो बढ़िया एकदम अच्छे से आखिरी.
बार वही 14 में ही हां 15 2015 में शायद. मेरा कुछ कॉलेज में झगड़ा बगड़ा हो गया था. वकालत जब मैं लॉ में था तो तब गली वली में. जैसे हो जाते हैं तब मैं लास्ट टाइम पिटा. था उसके बाद एसएचओ ने बता दे चाचा को कि. लड़का सेल्फी खच तबसे छोड़ चाने मतलब उनके. नजर में तो आज भी मेरा वैसे ही सम्मान है. कि मतलब वो मुझे आज भी मारेंगे तो मैं पिट. लूंगा ऐसी कोई बात नहीं है लेकिन अभी वो. थोड़ा सा दोस्ती वाली बात हो गई है अभी वो. थोड़ा दोस्त समझते हैं आप ज्यादा कहते हो. हमारे इधर बैठे तो अब बन रहा है आपका गाना.
र ये गाना क्यों आप इस टाइम रिलीज कर. रहे एक तो मैं हमेशा से आपको कहता हूं कि. कुछ ऐसे कोई किसी भी चीज की एक प्लानिंग. नहीं होती कि ऐसे किया जाए मेरे मित्र. बैठे थे वह मुझसे कहते हैं कि यार य. डिवोशनल आपको करना चाहिए क्योंकि आप बहुत. ज्यादा आध्यात्मिक भी है स्पिरिचुअलिटी. में इतना रहते हैं और मतलब आपका बहुत वैसा. हो जाएगा कि आप कॉमेडी भी करते हैं सीरियस. एक्टिंग भी करते हैं और और आप स्पिरिचुअल. भी कर रहे हैं तो बहुत ज्यादा वैरायटी और.
कंटेंट में वैरायटी हो जाएगा तो मैंने. डिसाइड किया कि ठीक है तो उस समय मैंने दो. गाने सोचे कि एक तो प्रभु श्री राम के ऊपर. क्योंकि मैंने बचपन से बाबा मोहन राम की. मेरी दादी ने सबसे पहली बार मुझे पूजा. कराई राजस्थान में उनका टेंपल है तो हम. राजस्थान जाते थे बाबा मोहनराम की मैंने. बड़ी पूजा करी और जब मैं कॉलेज में था तो. मरघट वाले बाबा और प्रभु श्री राम की मरघट. वाले. बाबा प्रभु श्री हनुमान और प्रभु श्री राम. की मैंने बड़ी पूजा करी तो मेरा प्रभु. श्री राम और भोलेनाथ जी की तरफ बड़ा झुकाव.
रहता ही है तो मुझे लगा कि प्रभु श्री राम. के ऊपर और भोलेनाथ जी के ऊपर कोई भजन. खबरें तो पढी होंगी अयोध्या को लेकर पहले. से कि वहां पर टेंट में राम लला हुआ करती. कि मेरा घर अयोध्या से 30 किलोमीटर दूर है. तो हम तो उस दौर में भी गए हैं जब हमने. देखा है कि ऐसे ऐसे ऐसे बैरिकेड के बीच. जाना पड़ता था पा मिनट की दूरी डेढ़ घंटे. में और एक टेंट एक मिट्टी का टीला उसके. ऊपर एक टेंट जिसमें मूर्तियां रखी थी. प्रभु श्री राम की जिसके कपड़े भी अदालत. के आदेश पर बदले जाते थे प्रभु श्री राम.
के अगर आप जीवन को ही देखेंगे तो उनका जो. पूरे का पूरा जीवन है वो मुझे नहीं लगता. वो क्या दिखाते हैं उनके जीवन में सबसे. बड़ी चीज जो मैंने जीवन में सीखी कि वो. प्रभु होके सब कुछ सब कुछ उनके पास होते. हुए भी लेकिन उनके जीवन में इतने उतार. चढ़ाव आए इतने उतार चढ़ाव. आए और मनुष्य के जीवन में एक छोटा सा कुछ. आ जाता है तो वो एकदम से घबरा जाता है. उसको लगता है ऐसे तो सबसे ज्यादा मेरे लिए. मैं हमेशा ही जो उनसे सबसे ज्यादा सीखता. हूं उनके जीवन में कि यार वो तो प्रभु.
होकर इतनी सारी चीजों से लड़ गए इतनी सारी. चीजों से आगे बढ़ गए और हम एक इंसान हो के. जैसे छोटी सी चीज नहीं हो जाती आदमी कोई. किसी को अनफॉलो भी कर देता है ना. उनके जीवन से सबसे ज्यादा उनको आप देखेंगे.
कि जैसे आपने अभी टेंट वाली जो बात बोली. उसी से मैं इस बात को जोड़ के बता रहा हूं. कि उनके जीवन का ये हिस्सा रहा है हमेशा. चैलेंस उनके जीवन में इतने ज्यादा रहे. इतने ज्यादा रहे उसके बावजूद भी अपने. भाइयों के लिए उनका इतना सोचना अपने धर्म. पत्नी मैया सीता के लिए इतना सोचना परिवार. के लिए इतना सोचना जो सौतेली माथ उनके. कहने पर गए थे वो हां वही तो उनका कना. उनके जीवन का ये सब कुछ रहा जैसे कि. जब वो नंगे पांव थे तो उनके पांव में जब.
काटे चुप जाया करते थे तो शाम को जब वोह. विश्राम कर रहे थे तो वनदेवी उनके पास. बैठे थ तो वनदेवी बड़ी प्रसन्न थी कि. प्रभु मेरे वन में आए हैं तो वनदेवी उनसे. कहते कि प्रभु मेरे लायक कोई सेवा हो तो. आप मुझे बताइएगा तो प्रभु श्री राम कहते. हैं कि मेरे रास्ते के जितने भी कांटे हैं. ना आप सारे के सारे काटों को हटा दो तो वो. तो ऐसे थे कि प्रभु है. इनको कांटों का क्या असर. है कांटे लगते हैं कोई बात नहीं आपके लिए.
तो बहुत मामूली सी बात है लेकिन उसके पीछे. का कारण क्या था क्योंकि उनको पता था कि. मेरे पीछे मेरे भाई भरत आ रहे होंगे हम तो. उनके पांव में जब वह काटे लगेंगे ना तो वो. वो नहीं सहन कर. पाएंगे तो उनके जीवन का ये भाई का कैसा. रिश्ता. है आज के समय में आप मैंने कितने केसे. जैसे पढ़े भाई ने भाई को मारा है भाई और. भाई की प्रॉपर्टी की क्योंकि वो कलयुग है.
मोह आया है उसने पूरे का पूरा आदमी को ऐसे. जंजाल में फंसा रखा है ना अगर आज के समय. में मेरे चाचा जी और हम साथ में रहते हैं. हम चाचा जी और मेरे भाई मिला के हम चार. भाई हैं और हम साथ में रहते हैं ये अपने. आप में मैं कहता हूं कि आज के समय में भी. ऐसे रहना एक बहुत बड़ी जीत है आजकल सगे. भाई साथ में नहीं रह पा रहे और बिल्कुल भी. उनकी थॉट्स नहीं मिलती है ओपिनियन नहीं. मिलती है तो आप ये देख सकते हैं कि उनका. जो प्रभु श्री राम का जो जीवन है ना उससे. कुछ ना कुछ कभी ना कभी सीखने को मिलेगा ही.
मिलेगा चाहे वो अ भरत ने डिसाइड किया कि. जब तक भाई नहीं आएंगे मैं झोपड़ी में ही. रहूंगा मैं झोपड़ी में ही रहूंगा तो उसी. उन्हीं दिनों उनकी धर्मपत्नी जब छत पर टहल. रही हैं और उनकी माता जी कहते हैं कि आपको. सो जाना चाहिए आपको सो जाना चाहिए तो वह. बताती हैं कि भरत अब घर पर नहीं है वो. वहां पर चले गए हैं सामने वो जो झोपड़ी. आपको दिख रही है तो वो कहती हैं चलो कोई. बात नहीं भरत वहां पर चले गए लेकिन आप सो.
जाओ रात्रि ज्यादा हो गई कह रही मैं भी सो. जाऊंगी लेकिन मुझे पता है भरत अभी जगे हुए. हैं क्योंकि वहां पर रोशनी है जब उनकी भी. रोशनी चली जाएगी वहां पर लाइट चली जाएगी. तब मैं भी सो जाऊंगी तो पूरे का पूरा. परिवार पूरे का पूरी उनकी लाइफ ऐसे ही है. कि एक दूसरे के लिए समर्पित तो ये जो गाना. है वो श्रीराम है हां जी जैसे बहुत सारे. लोग गाना बनाए हैं राम आएंगे राम लौट रहे. हैं ये वो श्री राम है उसमें क्या भाव है. लिखा खल से आप ही नहीं होगा शायद नहीं. मैंने नहीं मैंने कहानी लिखी है जो इसकी. कांसेप्ट है जिस तरीके से इसके विजुअल बने.
हैं वो मैंने लिखा है गाना मैंने नहीं. लिखा है लेकिन बहुत सुंदर क्या कुछ लाइन. आपना इनसे ही धरती इनसे ही सुबह शाम है. शंकर को पूजे भोले के भगवान. हैं इनका नाम चारों धाम है वो श्री राम है. वह श्री राम है मतलब श्री राम जी के बारे. में इस गाने में जो मुझे मुझे जो इस गाने. ने सबसे ज्यादा अट्रैक्ट किया था वो यह. किया था कि प्रभु राम के बारे में इतनी.
बारीकी से बात बताई जा रही है इतने बारीकी. से बताया जा रहा है कि प्रभु श्री राम कौन. है जैसे बोला ना मर्यादा पुरुषु श भोले को. पूजे शंकर के भगवान है इस तरीके से. क्योंकि भोलेनाथ जी कहते हैं कि मैं तो. प्रभु श्री राम को हा मेरे शी दूसरे को. अपना इष्ट मानते इट मानते हैं तो वही इस. गाने का एक वो है और कहानी जो है वो इस. तरीके से है कि एक ये जो. लड़का जो उस दिन एक यात्रा में जाना चाहता.
है प्रभु के वहां पर दर्शन हो रहे हैं किस. तरीके से वह पहले एक्साइटेड था और जिस दिन. वह दिन आता है तो व वहां नहीं जा पाता और. फिर वह किस तरीके से वहां पर पहुंच जाता. है तो पूरी कहानी में यही ब शानदार बीजेपी. नेताओं से काफी करीबी है. आप जो मुझे प्यार देता उनसे मेरी करीब. बहुत ज्यादा है क्योंकि हमने हाल फिलहाल. में देखा आप उत्तराखंड में थे उस दिन हम. भी वहां एक इंटरव्यू लेने गए थे तो. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के साथ आप नजर आ. रहे थे तो आपको नहीं लगता कि देर सवेर आप.
पर ये आरोप लग सकता है कि यार राइट विंग. आप राइट विंग है या बीजेपी के नेताओ उठना. बैठना है एक वर्ग आपसे नाराज हो सकता मैं. तो भारत विंग हूं जो भारत जो मेरे देश के. लिए अच्छा जो मेरे देश के मतलब मर्यादा. में जो मतलब मेरे देश के साथ मैं उसके साथ. कौन देश के साथ है अ अब कौन सरकार जो है. वो देश के साथ. है कह सकते आपको लग रहा है सब अच्छा चल. रहा है चीजें बेहतर है नहीं चीजें तो कभी. अच्छी नहीं हो सकती लोगों ने तो प्रभु में.
कमियां निकाल रखी है तो लोग तो कभी किसी. चीज. से तुलनात्मक वो अपना अपना ना एक विजन है. और जो एक अपनी थॉट है कि मुझे क्या चीजें. पसंद है आपको क्या चीजें पसंद है अगर मैं. कह रहा हूं कि मेरे लिए तो रोड बननी चाहिए. मैं कह रहा हूं यहां पर रोड बननी चाहिए आप. कह रहे हो नहीं भाई मेरे लिए रोड बाद में. पहले मेरे लिए यहां पे व्यवस्था उसकी. कानून व्यवस्था बहुत अच्छी होनी चाहिए फिर. कोई कह रहा है नहीं यार मेरे लिए तो कानून. व्यवस्था कोई भी चीज नहीं है भाई सबसे. पहले तो यहां पर हॉस्पिटल आना चाहिए फिर. कोई कह रहा है नहीं भाई मैं तो चाहता ही.
नहीं कि यहां पर कानून व्यवस्था अच्छी हो. हॉस्पिटल अच्छा हो ये मैं तो चाहता हूं. पहले यहां पर भाई रो लोगों के पास रोजगार. आ जाए तो डिफरेंसेस पॉलिटिकल हमारे. हिंदुस्तान में पॉलिटिक्स में इतने. डिफरेंसेस क्यों होते हैं उनके कारण क्या. है उनके सबसे ज्यादा कारण क्या है यही तो. कारण है कि सबका अलग-अलग सोचना एक ही बारे. में एक ही बारे में बहुत ज्यादा सोचना है. इसी वजह से पहले ऐसे नहीं होता था आपने. नायक फिल्म देखी है हां देखिए है अ कपूर. वाली जी अगर भड़ाना को एक दिन का सीएम बना. दिया जाए या एक दिन का पीएम बना दिया जाए.
तो वो देश के लिए तीन चार काम क्या करना. चाहे जो लगता है ये होना चाहिए हमारे देश. में. ना बहुत ज्यादा ना ऐसे केस अधूरे पड़े हैं. जो बहुत सालों से इंसाफ मांग रहे हैं बहुत. ज्यादा सालों से इंसाफ मांग रहे हैं और कई. लोग गुनहगार भी नहीं है कुछ किया भी नहीं. है और उनके पास कुछ रास्ता भी नहीं है. लेकिन वो फिर भी उसकी सजा काट रहे हैं तो. मुझे लगता है कि एक इसके लिए बहुत जल्दी. और बहुत ज्यादा चीजों पर कारवाई होनी. चाहिए क्योंकि. केसेस जुडिशरी का इतना ज्यादा वो बढ़ गया.
है ना कार्यभार ज्यादा हो ग जस कम है. ज्यादा कार्य बार है बहुत ज्यादा तो एक ये. एकय हो गया और एक मुझे लगता है कि जो. हमारे हिंदुस्तान में जब कोई किसी का रेप. करता है मुझे ता उसके लिए बिल्कुल सख्त. कानून होना चाहिए कि उस परे ज्यादा ऐसे. पूछताछ ना होकर कि कैसे कहां कब कहां उसके. लिए कुछ ऑन द स्पॉट कारवाई होनी चा चाहिए. एक हमारे हिंदुस्तान में मैं हमेशा देखता. हूं कि जो लड़के हैं वो कहीं ना कहीं उनके.
साथ ऐसे समय पर या ऐसी जगह पर गलत हो जाता. है जिसका वो गलती है भी नहीं उनकी लेकिन व. उसका भुगत रहे हैं क्योंकि वह लड़के हैं. ऐसा नहीं है कि लड़कियां भी वह भी अपने आप. में कहीं ना कहीं भगत लेकिन लड़कों के ऊपर. कई आज के समय में ऐसे केस है कि जहां वो. थे नहीं लेकिन सामने वाला पक्ष क्योंकि. ऐसी चीज उनके खिलाफ रख देता है तो वो. बेचारे वहां पर फस जाते हैं और कई कई आठ.
आठ साल सात सात साल तक वो एक ही चीज को. भुगते रहते हैं मतलब मर्दों पर अगर कोई. आरोप लगता है तो उसको समाज में लोग जल्दी. यकीन भी कर लेते हैं और उनके ऊपर सजा भी. है भले वो निर्दोष हो काफी समय लग जाता है. उन्हें निर्दोष साबित करने में एक हमारे. देश की मीडिया ने जिस तरीके से अपना रोल. निभाना शुरू किया है वह रोल एकदम मुझे. लगता है कि उचित नहीं है अगर मुझे आपने कह. दिया कि यह इंसान चोर है तो सब उसको चोर. कहने लग जाते हैं मुझे लगता है कि चोर. कहने से पहले. या वो कहने से पहले वो कानून को मीडिया. ट्रायल उतना अच्छा नहीं है सीधे आरोप हैं.
सीधे लग जाते हैं मेरी तो छवि हो जाती है. खराब है ना किसी इंसान पे मतलब कोई भी. उदाहरण ले लो कि किसी इंसान की तो छवि हो. गई खराब अब उसको उसको बेटर करने के लिए तो. मीडिया फिर बोल नहीं रही कुछ मीडिया क्षमा. ही नहीं मांग रही मीडिया कह ही नहीं रही. अब मीडिया ने मुझे कह दिया कि अमित ने ऐसा. किया है अब आधे से ज्यादा लोग लाखों लोगों. तक वो बात पहुंच चुकी है लाखों लोग उस पर. यकीन कर चुके हैं लेकिन अब जब मीडिया ने. बोला कि चलो यह आरोप तो गलत है अब लेकिन. लाखों में से तो सिर्फ 5 हज ही सुन रहे. हैं या 400 हजार ही सुन रहे हैं लेकिन कुछ.
हद तक तो लोग इन्फ्लुएंस हो गए आप आपके. किसी मित्र के साथ ऐसा हुआ मीडिया ल का. शिकार मे मेरे साथ तो अभी तक नहीं हुआ है. कि ऐसे मैंने क्योंकि मैं एक बड़े यूट्यूब. उन्होंने हाल फिलहाल में इसके बारबार. शिकायत करे थे कि मीडिया ने काफी खबर चला. दी उनका एक मामला आया था मैं नाम नहीं ले. रहा हूं लेकिन हाल फिलहाल में एक. कंट्रोवर्सी में फसे थे और उन्होंने कहा. मीडिया ने खबर चला दी मैं राजस्थान गया. पकड़ा गया फिर दिल्ली में सांप वाला जो. मामला था अच्छा तो उसमें वो जो आप बात कर. रहे उससे मुझे वो बात याद आई लेकिन ट्रायल. आप मानते हैं ये क्यों कह रहे हैं आप मतलब. कहां कहीं तो देखा हुआ ना आपने किसीसी से. प्रभावित े मैं तो ये ये हमारे यहां पे.
हिंदुस्तान में नहीं आप पूरे अगर वर्ल्ड. में भी देखेंगे तो चाहे आर्टिस्ट हो चाहे. क्रिकेटर हो जो भी ऐसे लोग हैं जिनका. जिन्होंने बड़ी मेहनत करके बड़ी मुश्किल. से कुछ मुकाम हासिल किया है और. वो महीनों सालों लग गए उनको वो बनाने में. और चुटकी भर में वो चीज खराब हो गई तो वो. किसी को भी बुरी लगेगी चाहे वो आपके भी. ऊपर क्यों ना हो आज आपने मुकाम हासिल किया. है कि यार मैं एक पत्रकार हूं और मैं अपने.
बहुत निष्ठा से कार्य करता हूं मेरे काम. में ईमानदारी है वो है कल को मैं एक. वीडियो आपके लिए रिलीज कर दूं जिसमें मैं. कह दूं कि आपने तो मेरे ₹ लाख रप खाए हैं. और आप तो जो इंटरव्यूज लेते हैं वो पैसों. में इंटरव्यूज करते हैं आपका तो यह होता. है वो मैंने कर दिया और वो 10000 लोगों ने. देख लिया मान के चलो 10000 लोगों ने तो. आपको बुरा लगना चाहिए आप कह रहे हैं कि. यार 10000 में से अगर 2000 लोग भी अमित के. इस बात से इन्फ्लुएंस हो गए तो वह तो मुझे. उस तरीके से देख रहे हैं जिस तरीके से मैं. हूं ही नहीं मैं तो ू ही नहीं वैसा जैसे. बो तो मेरा कहना यह है कि जब तक पूरे सबूत.
जब तक अच्छी बातें ना आ जाए क्योंकि आज के. समय में तो फोन इतना आसान हो गया ना कोई. किसी के लिए कुछ भी बोल देता है मतलब. लेकिन उसमें भी आप शब्दों का चयन होता है. जैसे किसी व्यक्ति पर आरोप लगते हैं तो आप. उसे आरोपी कहते हैं जी जब आरोप साबित हो. जाते हैं तब आप उसे कसूरवार कहते हैं तो. ये तो अधिकार हमारे भी है अब अमत भडाना. अगर मुझ पर आरोप लगाते तो मैं मानहानि ठोक. सकता हूं जी मैं भी अपनी बात रख सकता हूं. लेकिन हां ये बात सच है कि आरोपों का चयन. और खबरों को लेकर ये बात आप किस जा भी है. कई बार मीडिया ट्रायल में लोग बहुत आगे. बढ़ते हैं और जब तक खबर आती है उसकी.
स्पष्टता आती है तब तक काफी डेंट हो चुका. होता है और लोगों का नजरिया उस व्यक्ति को. लेकर वैसा बन जाता है कि सफाई देते रहती. है आप सफाई सुनते कम लोग क्योंकि आज के. समय में लोगों के अंदर पेशेंस भी इतना कम. रह गया है ना कि अगर आपने मेरे लिए कुछ. बोला है तो लोग विश्वास करके बहुत जल्दी. करके जजमेंट दे देते हैं अपना वो भी कह. देते हैं अच्छा ऐसा है फिर तो बहुत अच्छा. है फिर आप अगर उसको दूसरा पक्ष अगर रखना. भी चाह रहा है ना कि यह मेरा पक्ष है तो. उसको सुनने की इतनी लोगों के अंदर सहन. शक्ति थोड़ी कम हो गई सेंसेशन थोड़ा तेज.
फैलता है ना आरोप तेज फैलते हैं आपको कोई. वायरल क्लिप हो तेज फैले अच्छी चीजें. थोड़ा समय लेती है तो यह कुछ चार पांच छ. ऐसी चीज है जिसके ऊपर मुझे दिखता है कि. अगर का होगा तो होगा तो और और भी ज्यादा. बेटरमेंट बाकी तो देखिए सबके ना अपने अपने. किसी के लिए बेरोजगारी बहुत बड़ा मुद्दा. है किसी के. लिए कुछ मुद्दा है किसी के लिए कुछ मुद्दा. है मेरी जो पॉलिटिकल आईडियोलॉजी है मेरी. पॉलिटिकल आइडियो जीी में हमेशा मेरे लिए.
देश हित की बात बहुत पहले है राष्ट्रीय. हित देश हित क्योंकि मैं मेरे दादाजी. आर्मी में थे तो मेरी आर्मी की तरफ बहुत. झुकाव तो कौन सी पार्टी है देशहित की बात. कर ें राष्ट्रहित की जो भी पार्टी करे. पार्टी से आपने अपनी पॉलिटिकल आडलज का. जिक्र किया तो आपके नजरिए से आपके पैमाने. से अभी मौजूदा दौर में देश में बहुत सारी. पार्टियां सात आठ नेशनल पार्टियां कई सारी. स्टेट की पार्टियां है कौन सी पार्टी है. जो मैं पार्टी की कोई नेता आपको लगता हो. कि रात के लिए बढ़िया कर रहा. मैं जिन भी नेताओं से कभी भी मिलता हूं या.
कभी भी मुलाकात होती है कि किन से मिला. मैं राजनाथ जी से मिला हूं धामी जी से. मिला हूं तो मैं राजनाथ जी के पुत्र पंकज. भैया से मिला हूं तो जब भी मेरी किसी से. मुलाकात होती है मेरी कभी पॉलिटिकल कोई. मुलाकात नहीं रही है मेरी जब धामी जी से. मुलाकात हुई तो उसमें यह था कि आप. उत्तराखंड में आकर कुछ कंटेंट क्रिएट करें. अमित मेरी जब राजनाथ जी से मुलाकात हुई तो. उन्होंने मुझे शुभकामनाएं दी जो मेरे यर. पे उन्हें कुछ मेरा कंटेंट अच्छा लगा मेरी. कोई चीज अच्छी लगी चाहे वो मेरी पंकज जी.
से भी मुलाकात थी तो उस मुलाकात का. तात्पर्य ये था कि आपका काम बहुत अच्छा. कभी मैं बैठ के मुझे याद नहीं है कि मैंने. धामी जी के साथ इतना समय बिताया हम घंटे. भर साथ थे कि पॉलिटिक्स के ऊपर कुछ बात हो. मेरे कंटेंट के ऊपर बात हो रही थी चाहे वो. ये कहना कि आपकी वीडियो में कभी गाली लोच. नहीं होती आपका बहुत अच्छा कंटेंट होता है. इसलिए अमित हम आपको चुनना चाहते हैं कि आप. उत्तराखंड में आकर कंटेंट बनाए ये मैं. कहना चाहता आप तो गए भी थे ना उत्तराखंड. हाल हा मैं उत्तराखंड उन्हीं दौरान गया था. मैं उन्हीं दौरान गया था लेकिन ना मैं. पॉलिटिक्स से कभी भागता हूं ना मेरा.
पॉलिटिक्स को लेकर कुछ ऐसा है जिस दिन. मुझे ऐसे जीवन में ऐसे लगेगा भी कि मेरी. पॉलिटिकल आइडियो जीी इस इंसान से मिलती है. या ये इंसान इसके क्योंकि मैं पार्टी की. पॉलिटिकल आइडियो जीी के पीछे नहीं भागता. हूं मैं इंसान की पॉलिटिकल आइडियो जीी के. पीछे बात कर चलिए बड़ा सीधा फ्रेम करता. हूं क्वेश्चन अमित भडाना से बात करके मुझे. दो तीन बातों का एहसास हुआ एक बात जो इस. सब बार-बार जोर दे रहे हैं कि मेरी. सामाजिक जिम्मेदारी बहुत ज्यादा है अब ये. अमित बड़ाना 2.0 जो है पुराना वाला बात. नहीं कर रहा मैं जो हंसाता था. नहीं हसाता तो ये भी है सामाजिक अब. सामाजिक जिम्मेदारी ज्यादा उसके शब्दों.
में आती है मेरा समाज आप मुझे एक बात बताए. मैं आपसे न्यूट्रल वे में एक बात पूछ रहा. हूं कि आप किसी भी इंसान को देखते हैं. जिसका बड़ा नाम है क्या आप नहीं चाहते कि. वो इंसान एक कर्तव्य अच्छी बात है उसी. अच्छी बात अब जैसे कि आप आप वीडियोस बनाते. हैं है ना आप कोई न्यूज़ देते हैं अगर आप. न्यूज देते हैं अगर आप न्यूज़ में कुछ भी. ऐसी अल्लर पंती करेंगे जो मुझे ऐसी लगेगी. तो मैं शायद ये कहूंगा कि अरे या एक चीज. की एक सीमा होती है सही बात है तो मैं आज. के समय में कॉमेडी करना चाहता हूं और मैं.
कॉमेडी करता भी हूं मेरा सवाल जो अमित था. वो ये था कि सामाजिक जिम्मेदारी का एक. बहुत अच्छा जरिया होता है राजनीति के जरिए. सेवा करना ये सवाल भी बहुत सारे फैंस ने. पूछा था आपके कि क्या अमित भड़ाना आगे आने. वाले समय में कहीं दूर हो सकता है अभी ना. हो लेकिन कहीं दूर एक सियासी सेवा की. महत्वाकांक्षा रखते हैं एस अ पॉलिटिशियन. ये भोले बाबा का निर्णय ये मैं नहीं आपके. जहन में कभी थॉट ऐसा कुछ आया कहीं भी दूर. दराज की मैं पॉलिटिशियन बन सकता हूं एक. अच्छा मुझे लगता है मैं एक अच्छा लीडर हूं.
अच्छे लीडर अच्छा लीडर हूं क्योंकि मैं. स्कूल से और कॉलेज समय से मैंने कई चाहे. कोई वो इवेंट हो चाहे अभी एक वीडियो बनाना. भी अपने आप में एक लीड करना ही होता है. मैं एक अच्छी लीडरशिप वाले मेरे अंदर. पॉलिटिकल इंटरेस्ट भी है पॉलिटिकल. इंटरेस्ट तो सब हर किसी को होना चाहिए. किसको नहीं होना चाहिए पॉलिटिकल इंटरेस्ट. तो पटली वोकल होना सही होता है बिल्कुल. अगर अगर आपके अंदर कोई बात टर के तौर पर. पॉलिटिकल वोकल होना क्योंकि पॉलिटिकल. पॉलिटिकली डिवाइडेड बहुत है इंडिया में. देखिए इंसान आप जितने भी हिंदुस्तान में.
अभी देखेंगे अभी माहौल ऐसा है कि अगर. मैंने अपनी कोई भी बात रखी अभी क्या हमेशा. से ही एक माहौल चला है कि आपने कोई भी बात. रखी एक पक्ष नाराज होगा एक पक्ष उसको ले. आप अयोध्या जाओगे तो अयोध्या जब आप जाओगे. तो एक वर्ग बड़ा खुश होगा लेकिन हो सकता. है आपका एक फैन बेस हो जो शायद नाराज भी. हो नहीं लेकिन मुझसे कोई नाराजगी की वजह. नहीं है क्योंकि मैं प्रभु श्री राम को. बचपन से ही अपना राज्य मानता हूं और वो. मेरे पूजा पाठ में या मेरी किसी भी चीज. में जिसमें मैं अपने धार्मिक हूं उसके.
मुझे नहीं लगता किसी भी वर्ग को नाराज. होने जो कह रहा हो कि हमारी बाबरी गिराई. गई हमें दुख है कुछ लोग होंगे दूसरे वर्ग. के जिसे लोग कहते हैं उसे वो शायद ब्लैक. डे मनाए कुछ सोचे तो वो आपसे ना आपको लगता. है पॉलिटिकली वोकल होना वहां सही होगा या. लगता है कि ठीक है उस वर्ग से फर्क नहीं. पड़ता आपका एक थॉट प्रोसेस है उसपे चलते. हैं जैसा होगा देखा जाए नहीं मुझे ऐसे. लगता है कि किसी भी चीज को शुरुआत से देखा. जाए बहुत जहां से भी किसी भी जगह से जहां. से जिस चीज की शुरुआत होती है उसको वहां. से देखा जाए ना कि बीच से उस कहानी को. तोड़ मंदिर कहां से देख रहे अयोध्या राम.
मंदिर मैं तो पूरे पूरी धरती को क्या मैं. तो पूरे जगह को ई प्रभु श्री राम भोलेनाथ. जी का देखता हूं पूरी जगह एक एक कण एक एक. जगह वह तो है ही उनका वहां पर जन्म स्थान. है सारी चीज लेकिन पूरा संसार ही उनका. पूरा संसार ही उनसे बना हुआ है लेकिन अगर. आप किसी चीज की पूजा करते हैं और आप किसी. चीज के लिए धार्मिक है और आप वहां पर जाना. चाहते हैं अपना समय बिताना चाहते हैं मेरा. कोई भी अधिकार मेरा कोई भी हक ना मैं वहां. पर किसी पॉलिटिकल वजह से जा रहा हूं ना.
मैं किसी वजह से जा रहा हूं मैं इसलिए जा. रहा हूं क्योंकि मैं उनको पूछता हूं. आराध्या मानता हूं उनको अपने बहुत करीबी. मानता हूं उनकी जीवन शैली का मेरे ऊपर. बहुत प्रभाव है उनसे मैंने बहुत कुछ सीखा. है तो मैं एक उस हक से जा रहा हूं किसी को. नाराज करने और मैं तो आता भी उस जगह से. हूं जहां पर मैं किसी दूसरे धर्म के ऊपर. कभी कमेंट अगर आपने मुझे इतना भी कह दे ना. कि आप मुझे अमित यह भी कह रहे हैं कि भाई. कि आप मेरे को मजाक में भी जोय कमेंट करते. हैं मुझे वो भी पास नहीं मैं वो भी कभी. रिपीट नहीं करता हूं क्योंकि किसी को हर्ट.
करना या किसी को बिगाड़ना या किसी को गलत. बोलना वो मैंने सीखा ही नहीं कभी ठीक है. एक आखरी सवाल इससे जुड़ा पूछता हूं फिर. मैं आगे बढूंगा में अमित बढ़ाना धार्मिक. है अमित भड़ाना कट्टर है अमित भड़ाना. आध्यात्मिक है सब में थोड़ा थोड़ा महीन. महीन महीन म अंतर होता है जी आप कट्टर. हिंदू है धार्मिक व्यक्ति अध्यात्मिक. व्यक्ति है किस प्रकार के आप व्यक्ति है. मैं भोलेनाथ जी का व्यक्ति हूं सच बता रहा. हूं मैं आपको मैं. बहुत कम इस चीज में ऊच नीच यह मैं आप मेरे.
साथ जीवन कभी एक दिन कभी बिता करने देख तो. होगा ट्रेंड चलता है हिंदुओं को जगाना है. नहीं देखा आपने प मैं इतना मतलब एक्टिवली. नहीं देखी ओके जी क्या चीज है आप धार्मिक. केवल है कट्टर नहीं आप मैं मैं किसी भी. चीज को लेकर कट्टर नहीं आपको कभी भी किसी. भी चीज में अगर आपको ऐसा लगता है कि. कट्टरता से काम हो सकता है वो आपकी एक सोच. है ट्रेंड निकला कट्टर मतलब जिसको कट्टरता. जिसको इस्तेमाल कर रहा हूं उसको कई लोगों. का कहना है कि उसे अपनी बात को मजबूती से.
रखना है वो कट्टरता नहीं है एक अभी बीते. चार पांच सालों में कई लोगों का ये कहना. है कि पहले हिंदुइज्म में लोग वोकल नहीं. थे जी पूजा पाठ अपना घर पे किया मझ ते अब. वो खुलकर कहते हैं अब वो कलावा पहनने से. परहेज नहीं करते सोशली तिलक लगाने से. परहेज नहीं करते या गाड़ियों के पीछे. स्टीकर लगाने से या जैसे हनुमान जी क्या. प्रशंसक हैं तो रद्र हनुमान का पीछे. स्टीकर काफी वायरल हुआ था अपने साथ अपने. आप को जब देखता हूं मैं कभी भी नहीं देखता. मैं 2017 से मैंने वीडियोस बनानी शुरू करी.
मैं 2017 में जब बाबा मोहनराम के मंदिर. जाता था मैं तब भी फोटो वीडियो डालता था. मैं बारा ज्योतिर्लिंग गया मैंने वहां पर. भी अपना वो रखा अपने फोटो वीडियोस डाले. मैं कलावा भी पहनता हूं तिलक भी लगाता हूं. सोमवार का व्रत भी रखता हूं मैं हर एक वो. चीज करता हूं जो मुझे मेरी दादी ने मेरी. मम्मी जी ने सिखाई है जो मुझे लगता है किय. धार्मिक है लेकिन मैं कभी कहीं पर अपनी. कोई चीज दूसरों के ऊपर नहीं लाता और उसके. साथ साथ मेरी एक और भी चीज है. मैं अपनी धार्मिकता में कभी किसी को नहीं.
घु साता क्योंकि मेरी धार्मिकता जो मैंने. सीखी है पढ़ी है जानी है देखिए है वह सबसे. उच्चतम है उसको कोई पॉइंट वन पर भी टक्कर. नहीं दे सकता उसके कोई करीब भी नहीं आ. सकता जो चाहे आप वो भोलेनाथ जी के लिए. देखें राम जी के लिए देखें कृष्ण जी के. लिए देखें उनकी जीवन शैली उनके कर्तव्य. उनका सब कुछ इतना उच्चतम है इतना उच्चतम. है कि कोई भी व्यक्ति कोई भी कोई भी कोई. कुछ भी उनके पॉइंट व नाखून के बराबर भी.
उनके जैसा नहीं है ना बन सकता है मैं उस. चीज को फॉलो करता हूं सिर्फ और सिर्फ मैं. कभी किसी के लिए ऐसे नहीं ना मैं किसी के. ऊपर थोप हूं ना मैं कभी किसी से जबरदस्ती. करता हूं मुझे कोई भी मिलेगा अगर वो मुझे. कहेगा नमस्ते तो मैं कहूंगा नमस्ते जय. श्री राम जय श्री राम अगर मुझे कोई जय. सियाराम जय सियाराम हर हर महादेव हर हर. महादेव मेरा ये एकदम सिंपल पैटर्न ठीक है. 12 ज्योतिर्लिंग के आपने दर्शन किए. सौभाग्यशाली भी आप हैं कि 12 आप कर लेंगे. हमारा भी पूरा नहीं हो पाया है जी अ 12.
ज्योतिर्लिंग एक तो यह रहा कि एक्सपीरियंस. कैसा रहा कितना समय लगा कैसे थॉट आया और. उसके बाद एक सवाल जो मेरे मन में क्योंकि. मेरे भाई साहब ने कई सारे ज्योतिर्लिंग के. दर्शन किए थे तो उन्होंने कहा कुछ. ज्योतिर्लिंग तो है जहां पर व्यवस्थाएं. बड़ी अच्छी हैं लेकिन कई जगह व्यवस्थाओं. को लेकर लगाव जैसे महाराष्ट्र गए थे कि. थोड़ी व्यवस्था और बेहतर हो सकती थी जी आप. मानते हैं कि सारे ज्योतिर्लिंग बारों में. व्यवस्था ठीक-ठाक है या कुछ ज्योतिर्लिंग. ऐसे हैं जहां पर थोड़ी व्यवस्था मंदिर के. आसपास बेहतर हो होनी चाहिए थी ये दो सवाल. है मैं दोनों का बड़े आराम से जवाब देता.
हूं पिछले ही. वर्ष मेरी दादी जी की पिछले से पिछले वर्ष. मेरी दादी जी की तबीयत खराब हो गई थी उन. दिनों में भोलेनाथ जी के बड़े करीब आया था. तो उन्हीं दिनों मेरी दादी की जब तबीयत. ठीक हुई तो मैंने दो चीजों का प्रण लिया. था उस समय कि एक तो मैं 12 ज्योतिर्लिंग. पूरे करूंगा चाहे एक बार करूं 10 बार करूं. वो मेरा है लेकिन एक बार करूंगा अमरनाथ जी. की यात्रा पर जाऊंगा कंबाइंड था वो. क्योंकि मेरे मित्र एक मेरे बड़े भाई हैं.
अविनाश भाई वो अमरनाथ जी गए हुए थे उन. दिनों तो मैंने उनसे बोला था भाई बाबा से. प्रार्थना करना मेरी दादी ठीक हो जाए मु. बहुत लगाव है अपनी दादी से मैं तो यह. सोचता हूं कि जिन दिन जिन दिनों में मैं. उनके बिना जीवन महसूस करूंगा तो मेरे लिए. कितना बुरा होगा मैं मुझे पता है कि अभी. एक उमर होती है अभी वो हैं जब वो नहीं. रहेंगी तो मेरे लिए कुछ महीने बहुत कठिन. रहने वाले हैं मैं बहुत कठोरता से जीवन. जीने वाला हूं तो उन दिनों मैंने डिसाइड. किया था और एक मैंने ये डिसाइड किया था कि. मैं पूरे जीवन भर सोमवार के व्रत रखूंगा. तो जब मैंने पहली यात्रा अपनी शुरू करी थी.
तो हम केदारनाथ जी पहुंचे थे केदारनाथ जी. हम सितंबर में गए थे कैसा एक्सपीरियंस. बहुत बहुत अद्भुत है एक अच्छा ऊपर पहुंच. के सारी थकान दूर ती हां जी अच्छा हम तो. पैदल गए पैदल जाकर हम वहां पर पहुंचे हमने. एक चीज महसूस करी कि रात में जब हम पहुंचे. माथा टेका माथा टेकने के बाद हम सो गए. सुबह वो दर्द गायब था अपने आप अपने आप. दर्द गायब था अब ऐसे वैसे वाला दर्द नहीं. क्योंकि लोगों को लोग कहते हैं कि.
यार मैजिक मैजिक की जब बात करते हैं मेरा. मानना उसमें यह है कि जिन लोगों ने कभी. प्रभु को महसूस महसूस नहीं किया है ना वो. जादू के बारे में नहीं जानते जादू सच में. होता है जादू है आपको महसूस हो जाएगा जब. आप जब आपके डॉक्टर यह बात बोल देना कि. आपकी दादी वेंटिलेटर पर है और आप तैयारी. कर लीजिए और आपके चाचा जी घर पर फोन करके. यह कह दे कि तैयारी कर लीजिए लोटा में. गंगाजल रख लीजिए बाल्टी ये कर लीजिए वो कर. लीजिए और अचानक से 24 घंटे बाद आप अपनी.
दादी से वीडियो कॉल पर बात कर रहे हैं तो. आपके लिए जादू में विश्वास रखना है अब आप. नहीं करते वो आपकी आस्था भवान हाज इसलिए. तो उनको महाकाल बोला जाता है ना कि जब. मृत्यु नजदीक हो तो मैं कहता हूं कि प्रभु. को जरूर याद करना आपके कर्मों में आपकी. भक्ति में ताकत होगी तो जरूर जीवन होगा. वो ब्रह्मा जी बोलते हैं ना मां पार्वती. से कि हम कुछ भी लिख देते हैं कुछ भी बना.
देते हैं हम भविष्य तय कर देते हैं हम बता. देते हैं जीना और मरना फिर वह एक दिन. व्यक्ति जिसकी मृत्यु निश्चित है पास आ. रही है मृत्यु व प्रभु के भोलेनाथ जी से. प्रार्थना कर लेता है और हमारा सब लिखा. हुआ हमारा सब दिया हुआ सब मिटा देते हैं. भोले शंकर जी उसको वापस जीवन दे देते हैं. तो ऐसे होता है यह होता है मैंने इसको. महसूस भी कि मेरे बाबा की डेथ के पहले. मैंने ये ये जो आप बातें कह रहे हैं मैं.
काफी रिलेट कर पा रहा हूं भोलेनाथ से तो. उन दिनों में मैंने. अपनी मतलब मेरी दादी जी की जब तबीयत शुरू. हुई तो हमने केदारनाथ जी की की रात को हम. पहुंचे दिन में हमने बहुत अच्छे से दर्शन. किए बहुत बढ़िया अनुभव था एक गर्भ ग्रह जो. होता है ना उसकी जो वाइब्रेशन है वह. शब्दों में बया नहीं हो सकती वो इतनी. अद्भुत है इतनी अद्भुत है सभी. ज्योतिर्लिंगों में फिर तो हमने लाइन से. किए केदारनाथ जी किए केदारनाथ जी के बाद. हम गुजरात पहुंचे तो हमने सोमनाथ जी और. नागेश्वर जी किए सोमनाथ जी में समंदर क्या.
बढ़िया र द्रव किया था आपने हां जी सब. किया अदभुत एक्सपीरियंस बहुत बहुत अद्भुत. है फिर नागेश्वर जी के पा नागेश्वर जी के. बाद हम महाकालेश्वर जी पहुंचे महाकालेश्वर. जी से हमने ओमकारेश्वर ममलेश्वर जी उ. महाकाले ये मैं उ कोरिडोर बनने के बाद गए. पहले गए कोरिडोर बनने के बाद ही ग फिर तो. अच्छा एक्सपीरियंस तो फिर हम हमने. ओमकारेश्वर और ममलेश्वर जी भी ओमकारेश्वर. ममलेश्वर जी के दौरान ही मैं अमरनाथ जी भी. गया जो बारा ज्योतिर्लिंग में नहीं आते.
लेकिन मैं गया उन दिनों क्योंकि मैंने उन. दिनों बोल रखा था कि अमरनाथ जी भी जाना है. उनके बाद हम रामेश्वरम रामेश्वरम से जो. रामेश्वरम में अंदर कुंड में जब आपको लाते. हैं वह दर्शन वह भी एकदम अद्भुत है चाहे. आप उज्जैन. की आरती देख रहे हैं या भस्मारती देख रहे. हैं कुछ भी देख रहे हैं तो सबके ना एक. अपने अपने हैं रामेश्वरम से जिसे हमने फिर. करे केश्वर जी भीमा शंकर जी और कृष्णेश्वर. जी उन्हीं दौरान परली वेदनाथ जी भी गए.
परली में भी एक वेदनाथ जी है एक झारखंड. वेदनाथ जी भी है एक पली में भी वेदनाथ जी. है अच्छा एक महाराष्ट्र में कम लोगों को. पता है एक और नागेश्वर जी है उनको कहते. हैं धा नागनाथ जी मंदिर है मंदिर के. अंदर. नीचे वो है क्या नाम है सुरंग है और उसके. अंदर उसके जैसे मंदिर है मंदिर के अंदर आप. मान लीजिए बेसमेंट है बेसमेंट के अंदर.
साक्षात शिवलिंग है अंदर शिवलिंग है मतलब. ऊपर ये मंदिर मैं आपको जगह बता रहा हूं. कभी समय मिलेगा जाइएगा जी सोमनाथ के आगे. जहां पड़ती है दीव जी थोड़ी दूर पड़ती है. दव आप एक आइलैंड छोटा सा वहां जाइएगा वहां. पर पांडवों ने पांच शिवलिंग स्थापित की थे. जी और उस जमाने में और वो पांडवों के कद. के हिसाब से शिवलिंग है जी जैसे भीम वाला. शिवलिंग ज्यादा बड़ा है फिर छोटा है छोटा. ऐसे है. समंदर की लहरें आती है अभिषेक कर आती है. फिर लौट जाती है और आप अंदर जाओगे वो आपको.
महसूस होगा मैं पहली बार गया था सोमनाथ से. दो तीन घंटे की दू दो घंटे की दूरी है जी. आपको कभी मौका मिले जरूर जाएगा एक अलग तरह. का अनुभव खास तौर पर अगर आप जुलाई के. आसपास जाओगे बरसात के महीन जी तो वो जो. समुद्र की तेज लहर आती है ऐसा लगता है कि. भगवान को स्थापित वहां से किया गया कि आइए. अभिषेक कराइए और फिर वो सारा पानी चला आता. है और फिर पानी आता है दो मिनट बाद फिर. लहरे फिर अभिषेक जाइए मजा आ जाएगा आपको. सोमनाथ के थोड़ा दूर है जी कभी अगर आप. घूमने का मन हो तो भाभी जी के साथ आप दू. घूमिए और आराम से आनंद लीजिएगा रामेश्वरम.
जी के बाद. हमने काशी विश्वनाथ जी और झारखंड वेदनाथ. जी किए फिर आखिर में मैं अभी मल्लिका. अर्जुन जी करके आया हूं अभी तो सबसे अच्छा. एक्सपीरियंस कहां रहा सारे ही बहुत अ. व्यवस्था के मामले में व्यवस्था के मामले. में देखिए मैं आपको बताता हूं व्यवस्था का. क्या है कि व्यवस्था मैंने हमेशा मैं कहीं. पर भी गया. मुझे हमेशा एक चीज महसूस हुई कि जब.
श्रद्धालु बहुत ज्यादा होंगे तो व्यवस्था. आपका जब एक घर है है ना घर में कितने लोग. होते हैं खाना बनाने वाले जब होते हैं चलो. चार लोग होते हैं लेकिन मेहमान 40 आ जाए. है ना तो व्यवस्था थोड़ी बहुत इधर उधर हो. जाती है वो श्रद्धालू के ऊपर है कि कितने. श्रद्धालू है अब कहीं पर अगर कम भीड़ है. कम श्रद्धालू है तो आराम से दर्शन में. व्यवस्था बहुत अच्छे से रहती है कभी-कभी. एकदम से व्यवस्था तब भी बिगड़ जाती है जब. बहुत ज्यादा. कई ज कई ज साफ सफाई के थोड़ा 1920 रहता है. कई जहां ऐसा रहा खैर हम उस अमित भड़ाना को.
फायदा हुआ अमित भड़ाना होने का दर्शन के. दौरान ऐसे तो कुछ मैं लगा नहीं लोग अगर जब. महेंद्र जी या कोई पहचानते हैं तो आपने. नहीं फोन किया कि हम लोग आने वाले वहां. कोई हो आसानी से दर्शन हो जाएगा आसानी से. दर्शन के लिए तो कभी फोन नहीं किए यह फोन. तो हमेशा गए कि आ रहे हैं कि आराम से. व्यवस्था क्योंकि मुझे ना कहीं पर भी जाने. से पहले उसके आसपास की क्योंकि कि मैं. खाने का बहुत शौकीन हूं तो मुझे. क्यूरिसिटी बहुत ज्यादा रहती है कि यार. कोई लोकल का आदमी मिल जाए या कोई भी ऐसा.
आदमी मिल जाए जो खाना भी बता दे यहां खाना. खाओ यहां बैठो यहां चले जाओ यहां वो कर लो. तो हमेशा हम एक लोकल. कांटेक्ट ये सवाल मैंने इसलिए पूछा. क्योंकि जब मैं सिख धर्म को देखता हूं तो. देखता हूं कि सारे सिख जो है वो जाते हैं. और सेवा भाव से सेवा करते हैं सभी लोगों. के लिए मुसलमानों में देखता हूं तो जब वो. मस्जिद के अंदर जाते हैं सब बराबर होते. हैं नमाज पढ़ते हैं एक हमारे धर्म में. एक्स्ट्रा वीवीआईपी कल्चर है आप महाकाल भी. गए होंगे आप मेन लाइन में आएंगे आपको. घंटों लग जाएगा साइड की एक लाइन होती है. आपको पाच मिनट में गर्भगृह तक पहुंचा देती.
है आप दर्शन कर सकते हैं हर मंदिर में ये. व्यवस्थाएं हैं कुछ जगहों पर सही भी है. कुछ खास लोगों के लिए बट जब आप पैसे देकर. दर्शन करना शुरू करते हैं और ये आपको लगता. है कि ये एक चीज है जिसे हमारे धर्म में. रिफॉर्म होना चाहिए कि भगवान के घर में सब. बराबर. हो चाहे वो अमित भडाना हो मतलब कुछ खास. केसेस में हटा दें वृद्ध लोगों का या जो. जरूरतमंद लोग हैं कोई एक्स्ट्रा वीवीआईपी. बट बाकी सबको एक होना चाहिए. कभी-कभी मुझे ऐसे भी लगता है कि हमारे हम. सब लोगों के अंदर ना इतना वो आ गया है कि.
हम किसी भी एक नॉर्मल चीज को भी जानते हैं. ना हमें हर चीज पर एक सवाल उठाना बैठना. मुझे लगता है सब कमेटियां है सब हर एक. मंदिर के सब ह हर एक व्यक्ति ने सब कुछ. अपना वह कर रखा है बुरा तब लगे तब लगता है. कि जब किसी को ऊंच नीच करके मंदिर में. जाने की व्यवस्था ना मिले मंदिर में ना. जाने पैसों से दर्शन वीआईपी दर्शन से. दिक्कत नहीं है मेरा तो ये मा पैसे वाला. होता है कि 100 आपने 10000 का टोकन लिया. आप सट से पहुंच गए मेरे पास 10000 नहीं है. मैं लाइन में लग के दो घंटे बाद आऊंगा तो.
सबने अपने अपने विचारों से अपने अपने. तरीके से अपने अपने आपको चुन रखा है कैसे. लेकिन मेरा तो ये मानना है कि अगर मुझे. लाइन में ठ घंटे भी रोक के दर्शन करा दो. मुझे कोई दिक्कत नहीं है मेरे सामने से. कोई पैसे देके भी दर्शन कराया ठीक है ये. तेरी भाई डेस्ट तेरा नसीब था ये कि तुझे. पहले दर्शन हो गए मुझे आठ घंटे ही चुना है. अगर मुझे तो आठ घंटे भी लग रहे हैं तो. मेरे अंदर कुछ ना कुछ ऐसी चीज है कि देख. लो प्रभु मैं आपके लिए आ आठ घंटे करके आया. हूं लेकिन कोई मेरे सामने अगर ऐसे दर्शन. करके आ रहा ठीक है प्रभु ने उसको ऐसे चुन.
रखा है कि ले रखा है कि हां तू ले जा जब. ज्यादा बुरा है कि किसी को जात के हिसाब. से या किसी के हिसाब से ऊच नीच बोल के. मंदिर के अंदर ही ना कुछ ना दिया जाए उसके. ऊपर ज्यादा बात होनी चाहिए उसके ऊपर बात. गए थे या फिर हेलीकॉप्टर पैदल क्यों गए थे. जीना था देखना था आनंद लेना था कि नंगे. पांव कैसे मतलब कितना आनंद आएगा एक बार. मैं तो जीवन में जब भी जाऊंगा मैं हमेशा. नंगे पा मैं ऊपर गया था केदारनाथ. प्रधानमंत्री मोदी आए थे तो मैं कवर करने. गया बड़ी ठंड हो रही थी माइनस में ठंड हो. गई थी और हम लोग जैकेट ग्लव्स सब भरे पड़े.
थे और ठिठुर रहे थे एक लड़का नंगे पैर. दिखाई पड़ा मुझे मैं हैरान कि नंगे पैर. कैसे वो भी बाहर तो फर्श होती है वो. टाइल्स वाली तो मैंने उससे पूछा मैंने कहा. इतनी ठंड है तुम नंगे पैर कैसे तो बोला. नीचे से नंगे पैर आए तो मैंने कहा मतलब. क्यों हेलीकॉप्टर मिलता है घोड़ा है ही. सेड अगर भगवान शिव जी के दर्शन करने तो घर. में भी दिख जाते हम केदारनाथ के दर्शन. करने आए थे तपस्या करने आए थे तो वह. तपस्या इसी तरह होती मैं बड़ा प्रभावित हो. गया उससे आप नंगे पैर क्यों गए थे मेरा तो.
यही कारण था कि मैं तो सोमवार के दिन. हमेशा मंदिर जाता हूं तो वो भी मैं नंगे. पाव में जाता हूं क्योंकि मेरा नोएडा में. निवास है तो नोएडा के मंदिर में सात घंटे. लगे होंगे ठंड में हालत खराब हो हमें तो. 16 15 16 घंटे कितने घंटे लगे थे छ घंटे. तो घोड़े में लगते हैं छ घंटे लेकिन मैं. इसमें एक और बात कहना चाहता हूं अगर कोई. घोड़े से भी जा रहा है ना या किसी भी चीज. से जा रहा है चाहे वो हेलीकॉप्टर से भी जा. रहा है मैं तो हमेशा ये कहता हूं कि पता. नहीं मेरे अंदर तो ये आदत नहीं है मैं. कहता हूं भाई जिसको जैसे चुना गया है ना.
ये क्योंकि हमारे अंदर ना एक जबरदस्ती की. एक चीज आ गई है कि हर चीज को ऐसे बोल देना. ये ऐसे क्यों वो ऐसे क्यों ऐसे अब जैसे. मैंने नंगे पांव को चुना मैंने चुन लिया. मेरी उम्र मैंने कर लिया कोई 60 साल का वो. नहीं चुन सकता नहीं नहीं ये तो जायज बात. हैय तो जिसको जैसे मतलब जिसको जैसे मौका. मिल जाए मैं फिर से यही कहना चाहता हूं कि. यह सब एकदम कृपा के ऊपर है कि अगर प्रभु. ने चाहा है कि आप नंगे पांव आएंगे मुझसे. नंगे पांव ही दर्शन करेंगे तो आप नंगे.
पांव ही करेंगे बहुत से व्यक्ति ऐसे होते. हैं कि हमसे मुझसे ज्यादा लीन है मुझसे. ज्यादा पतले हैं लगातार एक्सरसाइज करते. हैं लेकिन वो मेरे साथ आधे रास्ते तक गए. आधे रास्ते बाद उन्होंने घोड़ा ले लिया. क्योंकि वो उनकी यात्रा ऐसे थी ठीक है अब. आते हैं कुछ आपकी बचपन कहानी में भैंस का. दूध निकाले कभी हां बिल्कुल गाय का भी. भैंस का भी भैस हमारे दो बैस है दो गाए. हैं मतलब कैसा अभी भी निकाल दे कब निकाल. ला अभी अभी भी निकाल लेते हैं नहीं अभी. निकालता नहीं हूं निकाल सकता हूं निकाल. सकते हो कभी ऐसा नहीं हु कि भैस लात मार.
दूध बालटी में नहीं नहीं वो तो पूरा. सिखाया जाता है मत ऐसे नहीं भैस के थन से. गाय थन से दूध पिया कभी डायरेक्ट हां ऐसे. तो खूब ऐसे करके लिया खूब किया बच्चों को. पिलाया छोटे-छोटे बच्चों मेरे बड़प्पा. करते थे मेरे साथी हां जी हां जी गाय भैस. की तो सेवा हमने बचपन से मैंने मेरे घर. में मैंने बहुत किया गौ सेवा क्यों जरूरी. है गौ. सेवा आपने कभी बिल्कुल ध्यान से ना कभी. आराम के समय में बिल्कुल आराम से कभी ना. अपना गौ माता के चेहरे की.
तरफ अगर आपको उनमें कुछ एक मतलब आपको. प्यार ना हो जाए ना तो मेरा नाम ब उनके. चेहरे में प्रभु देखना कभी बड़े आराम से. देखना गौ माता एकदम या तो आप मां का एक. ऐसा चेहरा है कि जो आपको हमेशा भोला दिखता. है है ना या गौ माता का एक ऐसा चेहरा है. कि आपको एकदम भोला दिखता है गौ माता पर भी. जब चल रही होती है तब भी उनके अंदर एक अलग. भोलापन है और जब उनकी कोई अपनी जगह पर.
सेवा कर रहा होता है ना तब भी एक भोलापन. गौ माता से तो इतना प्रेम है इतना प्रेम. है मुझे सबसे ज्यादा प्रेम माता रोटी. खिलाते जाते रोटी खिलाना मतलब हमारा तो. वैसे भी ऐसा है कि पहली रोटी गौ माता के. लिए मिलेगी हमारे तो घर में ही वो सिखाया. गया लोही बनेगी गौ माता को दी जाएगी हमेशा. यह तो चीजें है मतलब भाई हम वो वाले लोग. नहीं है जो सोशल मीडिया को देखकर धार्मिक. बने हैं हम बचपन से धार्मिक हैं हमारे घर.
में सिखाया गया है हम उसी में ही रहे हैं. उसी में ही जिए मैं बचपन में ही देख 20121. के आसपास सोशल मीडिया शुरू किया था आपने. मैंने. ठीक है उसके बाद से तो फिर ये कंटेंट. क्रिएशन कहां से आया ये डबिंग बिंग जो. आपने शुरू कर दी बॉर्डर मूवी की डबिंग कर.
दे रहे हैं सनी देवल की आवाज को हम. हरियाणवी आवाज में ये सब कहां से थॉट कहां. से आ गया ये इट्स शरारत शरारत है ये बे. फजूल की शरारत है और ये टाइम फोड़ने का. तरीका है बट टेक्नोलॉजी भी होगा ना कि. साउंड रिकॉर्ड कैसे कर रहे हैं एडिट कैसे. कर रहे ये सब कहां से बुद्धि आ गई देख. देखता रहता था सीखता रहता था ऐ google2 भी. महंगा था ना हां इंटरनेट बहुत महंगा था उस. टाइम ₹ में 1gb डाटा या ऐसा कुछ आता था. हां लेकिन. मैंने जो मैं सबसे प मैं 300 में एकज 00.
में मैंने भरा कितने भरा आपने सबसे महंगा. डाटा सबसे महंगा डाटा मैंने जब डाटा महंगा. था ना तो जब तो मैं डाटा चुराया ही करता. था मतलब जैसे होता है ना रि एक नहीं होता. था एक फोन से दूसरे फोन में रिचार्ज नहीं. होता था पहले नहीं होता था आपके फोन से 00. भेज देते थे पहले होता था हैशटैग लगाया. स्टार्टिंग में नंबर डाला और भेज दिया तो. जैसे मेरे को मुझे दिख गया चाचा जी का मैं. 00 प 50 अपने में भेज दिए ऐसे भेज दिए तो. ऐसे डाटा चुराता था छोटा सा मेरे पास फोन. था उसमें पहले तो फोन में भी ऐसे ही होता.
था ना कि सिर्फ आप 203 एब से ज्यादा. डाउनलोड नहीं कर सकते कुछ भी ऐसे लिखा. नहीं आता है 128 केबी पीएस गानों में लिखा. होता है जैसे तो जो 320 केबीपीएस लिखा. होता था तो साउंड बहुत अच्छा होता था उन. गानों का लेकिन उसको डाउनलोड नहीं कर सकते. वो गाना ही एक 6 एबी का पड़ता था 128. केबीपीएस पड़ता था तीन मतलब 3 एबी 2ई एबी. तो मैं उसी को करता था पहला मोबाइल फोन. कौन सा था मेरा 2600 क्लासिक अच्छा मैंने. मैंने जो सबसे पहले लिया था आपके पास नो.
किया 2600 था हां क्लासिक उसमें मुझे. मेमोरी पता नहीं था मुझे तो उसने कहा. इसमें गाना बचता है मैंने ले लिया बाद में. पता लगा उसमें खाली 10 एब था मुझे nokia2. बहुत पसंद था हालांकि मैंने पहला फोन लिया. था. nokia1 जो टूटता नहीं था हां ट्रक के नीचे. भी रख दो तो भी ट्रक वाले में पिंचर हो. जाए पर उसमें कुछ नहीं होता था तो nokia1. था फिर मैं जब वीडियो गेम खेला उसमें सांप. वाला जो गेम साप वाला पूरा खेलते थे पर. 2300 मुझे ऐसे पसंद कि 2300 में रेडियो. बहुत बढ़िया चलता था हां एक दो गेम भी. एक्स्ट्रा दे दिए थे तो नौ के 2300 लेने.
का बड़ा मन था उसके बाद मैं कॉलेज में. पहुंचा 6600 क्लास अरे 6600 तो नहीं था. मेरे स्कूल में मेरी क्लास में एक लड़का. नौ किया 6600 ले आया एक. दिन और भाई हम सब उसके दीवाने हमने कहा. गुरुजी कहां से उड़ाया है कैसे उड़ाया है. वो कहर उसने जो हमें उसमें वीडियोस दिखाई. तो उसपे यही गाने चलते थे पहले तो भरवा के. गैसोलीना ब्राजील ला ला ला ला ला ला ला ला. तो हमने सुने थे इनकी वीडियो कभी नहीं. देखी थी और तो जब उसने गैसोलीना की पहली.
बार वीडियो दिखाई ब्राजील की तो हमारे लिए. वो एकदम टॉपिक रहा घंटों भर तक भाई साब. जिंदगी हो तो ऐसी कि भाई गैसोलीना की. वीडियो देख ली आज. ब्राज उसकी देख ली वीडियो देख ली तो वो उस. तरीके से उस टाइम पर फिर जब मैं कॉलेज में. पहुंचा जब मैं अपने कॉलेज में था तो कॉलेज. में नकिया का फोन दिया था जिसमें इतना सा. फोन था कैमरा लगता था और मेरे ख्याल से 64. एमबी थी उसम 64 एमबी और 8 10 12 15 गाने. आते होंगे नहीं मैं 64 केबीपीएस प डाउनलोड.
कर लेता था गाने 64 केबीपीएस प एक एक एमबी. के गाने होते थे कुमार सानु तड़ के नहीं. उस टाइम प तो हिमेश रेशमिया को हम ज्यादा. सुनते थे कौन सा गाना पसंद था तेरा सुरूर. झलक दिखलाजा नहीं नहीं वो ये तेरा मेरा. मिलना वो बड़ा वो बड़ा अच्छा लगता था उस. टाइम पे हमें तो सारी हमने तो वो भी सुने. तंदूरी नाइट्स तंदूरी नाइट्स तो उस टाइम. पे ये ज्यादा चलते थे हिमेश रेसमिया विशाल. शेखर ये गाने आए हुए थे तब टसन के गाने आए. हुए थे और थ्री इडियट्स.
इनके गाने वगैरह हम बहुत ज्यादा कोले. क्योंकि कॉलेज में स्कूल में नहीं ये बात. तो नो डाउट है कि बॉलीवुड बेस्ट म्यूजिक. देता है बॉलीवुड के गाने बेस्ट अभी सब. क्योंकि रीजनल सॉन्ग बड़े पसंद आने लगे. चाहे आप हरियाणवी सुने पंजाबी उनका बहुत. डिफरेंट टेस्ट है मजा भी बहुत आता है. लेकिन जो फ्लेवर बॉलीवुड में है वो भी. बहुत बहुत तगड़ा आप पुराने गाने कितने फना. के गाने सुन लो आप इनके और आप जब बिल्कुल. 90 में पहुंच जाओगे तो कुमार सानू उदीत.
नारायण जी ये तो म्यूजिक का तो एकदम ऐसे. रहा है ना जनरेशन टू जनरेशन को प्रॉब्लम. है जब हम थे तो हमें 90 के गाने हम कहते. थे यार ये कैसे गाने आज देखो 90 के गाने. हमें इतने अच्छे लगते हैं कि वाह यार जो. चाचा जी हमारे 80 के सुनते थे वो हमें. नहीं लेकिन 80 के अब लिरिक्स आप सुनते हो. तो आप कहते हो यार क्या डीप लिरिक्स है. कितने डीप लिरिक्स थे अब जब हम इस ज जशन. पर आ ग तो हमें आज की जनरेशन का म्यूजिक. थोड़ा ऐसे लगने लगा है कि ये कैसा म्यूजिक. है ये कैसा म्यूजिक है जैसे जैसे बाल पकते.
हैं समझ हां जैसे जैसे समय तो पर हर एक. समय का म्यूजिक है वो आपको मुझे लगता है. कि 30 से 40 साल के जब आप हो रहे हैं 30. से 40 के बीच में तो आपको हर जनरेशन का. म्यूजिक अच्छा लगेगा 20 वालों को कभी भी. वो 80 और 90 अा नहीं ल के मा ज्यादा फोकस. करते होंगे हम लिरिक्स मैटर करता होगा. म्यूजिक मैटर करता अभी लिरिक्स बहुत मैटर. कर गया है लिरिक्स और कंपोजीशन जब कोई. अच्छी लग जाए ना कि अरे यार किसकी. कंपोजिशन क्या अच्छी है आज के समय के आप. जितनी भी जनरेशन देखोगे अब जनरेशन लिरिक्स.
पर फोकस है लेकिन वो वाइब पर बहुत बिलीव. करती है कि यार वाइब है इस गाने में हम. सुनते नहीं है अभी जैसे कोई भी आप गाना. सुन लो व उसके आपको लिरिक्स भी नहीं होंगे. वो चाहे स्पेनिश हो इंग्लिश हो कोई भी हो. लिरिक्स बेशक समझना रहे हो लेकिन एक वाइब. है म्यूजिक में वाइब है तो लोग वाइब वाला. म्यूजिक सुनते हैं हनी सिंह के साथ फोटो. देखी मैंने आपकी अच्छी नहीं हनी भाई से तो. मेरा बहुत प्यार है हां वो भी गानों में. वापस कम बैक कर रहे हैं वाइट के थ्रू उ. गाने सुनते हैं आप मैं सारे गाने सुनता. हूं कौन सा पसंद है मुझे.
उनका गाना पसंद है स्टारडम एक गाना है. उनका स्टारडम उन्होंने उनका बड़ा. मीनिंगफुल है वो गाना बहुत अच्छा गाना है. मतलब मीनिंगफुल क्या कि स्टारडम को लेकर. एक उनका गाना है और उनका एक गाना मुझे वो. नहीं वो वो कौन सा है कि उस कहानी का यार. मैं नाम बोल रहा हूं उनकी वीडियो नहीं. बनाई थी उन्होंने कि तेरा यार शा काला. मतलब ब्लैक ब्लैक ब्लैक कपड़े पहन लिए. मैंने ब्लैक गाड़ी कर लिए थे यार कौन सा.
है नहीं गाने गाने का नाम क्या है अरे इसी. में ही तो है उसमें एल्बम में देसी कला. काला श कला तेरा यार हो गया तैयार लेके. मैचिंग कार कला स्टार जो नया वाला है नहीं. नहीं नहीं पुराने उसमें से देसी कलाकार. में उस गाने का नाम दे गाने को नाम वो. बड़ा अच्छा गाना है बहुत मतलब उसका बड़े. अच्छे ले हमारे कॉलेज के टाइम में वही हिट. थे हां वाई नहीं गाने तो सारे ही उनके जब. उस टाइम प या अभी भी टाइम अभी क्या है ना. कि ऑप्श बहुत है लोगों के पास तो लोग ऐसे.
ही चाहे वो य हो 1000 माइल्स 1000 माइल्स. उनका मे को मुझे बहुत पसंद है अभी क्या है. चाहे पहले क्या होता था क्रिकेटर्स के लोग. फैन थे जो एक्टर्स होते हैं चाहे वो. बॉलीवुड के हो चाहे वो साउथ सिनेमा के हो. उनके लोग फैन थे अभी किसके लोग फैन है कोई. स्पिरिचुअल बातें कर रहा है उसके फैन है. जर्नलिस्ट के फैन है टीचर्स के फैन है हम. कभी टीचर्स के फैन बन सकते थे हमारे तो. टीचर का नाम ही डर था टीचर इज इक्वल टू डर.
भाई पिट ही पिट और आज के टाइम में लोग उन. टीचर्स जैसा बनना चाहते हैं उनको देखते. हैं उनको फॉलो करते हैं तो यह सबसे अच्छी. चीज करी है इंटरनेट ने कि हर कोई किसी ना. किसी का फैन है सुपर्ब जैसे रैपर्स में. होता है एक दूसरे को टंट करते हैं जी क्या. यूट्यू बर्स भी करते हैं टट कर देते होंगे. ये कहां था इस हम नहीं जाने दे गं नहीं. कंटेंट पारिवारिक बनाया और गं को मेरे. व्यू जवाब दिलाया मुझे लगता है कि मैं.
थोड़ा सा. अलग शायद थोड़ी कठिन राह परू जिस जिस राह. पर कॉमेडी करना किसी को हसाना या कंटेंट. बनाना बहुत डिफिकल्ट है जब आप थो परसेप्शन. नहीं हो आपने किसी के जैसे हो सकता उनका. भी वशिप जिसको आपने गं कहा ये स्टेटमेंट. देना हो गया मैं हमेशा से एक बात बोलता. हूं कि. ग के जो चीज जो मेरा कंटेंट है वो हर किसी. को पसंद नहीं आ सकता किसी और का जो कंटेंट.
है वो जरूरी नहीं है कि हर किसी को पसंद आ. जाए लेकिन मेरा कहना सिर्फ इतना है कि मैं. एक जिम्मेदार वाला व्यक्ति हूं मैं जो. कंटेंट बनाता हूं वो एक जिम्मेदारी के साथ. लेकिन गन के मायने मेरी नजर में यही है कि. जो 16 17 15 साल 14 साल के बच्चे हैं जब. वो 24 साल के हो जाते हैं 25 साल के हो. जाते हैं तो उनको बड़ा रिग्रेट फील होता. है कि यार एक समय पर इस तरह का कंटेंट. हमने कंज्यूम किया था तो उसने हमारी लाइफ. पर बहुत इन्फ्लुएंस किया था कैसा गाली. गलोज सब किसी भी तरह का गाली गलोज कह लो.
न्यूडिटी कह लो चाहे कुछ भी कह लो अब. इसमें यह भी हो सकता है कि जैसे कि सबका. अपना-अपना नजरिया है सबका अपना अपना देखने. का सबकी अपनी-अपनी देखने की इच्छा है सारी. जैसे कि कोई कुछ देखना चाहता है कोई कुछ. देखना चाहता है कोई कुछ देखना चाहता है तो. मैं उसी तरीके से कहता हूं कि मेरे कंटेंट. का एक अलग दायरा है किसी और के कंटेंट का. एक अलग दायरा है लेकिन आपको जस्ट बिकॉज. कोई चीज आप जैसे कि पावर जब इंसान को. मिलती है तो वह तभी पावरफुल नहीं हो जाता. जब वो पावर को कंट्रोल करना सीख जाता है.
तो वो पावरफुल बट आपको लगता है ये तरीका. सही था किसी और क्रिटिसाइज कर एक होता है. कि हम अच्छा काम कर रहे हैं लेट द ऑडियंस. डिसाइड नहीं मैंने तो वही बोला है मैंने. तो मैंने तो वही बोला है मैंने वही बोला. है अगर आप उसको ध्यान से सुनोगे तो मैंने. वही बोला है जो मैंने लोगों की आवाज को. सुना जो मैंने लोगों की बात को सुना मैं. तो खुद किसी को क्रिटिसाइज करने में बहुत. कम विश्वास करता हूं क्योंकि मुझे पता है. सबकी अपनी अलग जर्नी है कॉपीराइट वाला. क्या इशू था कॉपीराइट वाला तो यही शु ना. है कि शुरू में नाम बना सारी चीजें डबिंग. में हुआ चाहे किसी में भी हुआ वो कर दिए.
बाद में लेकिन समझ आ. youtube1 मिलियन जब मेरे 10 मिलियन भी थे. तब तक मैं काफी गाने लगाता था कॉपीराइट आ. जाते थे कैसे कैसे क्या करते थे उसमें. मतलब गाने लगा दिए कोई भी कोई भी गाना लगा. दिया वो किसी कंपनी ने कॉपीराइट मार लिया. वो 50 पर उसका रेवेन्यू ले गया या 100%. रेवेन्यू ले गया लेकिन तब मुझे ऐसे लगता. था चलो यार ब्रांड से पैसा आ जाएगा लेकिन. अब मुझे ऐसे लगता है कि यार कॉपीराइट लगे. हुए थे उस टाइम पर तो बहुत अच्छा पैसा आ. सकता था अब वही मैं आपको बता रहा हूं.
लेकिन अब जैसा आपका पहला सवाल था कि अब. मुझे लोग कहने लगे कि अमित आप पहले जैसे. वीडियो में गाने लगाओ मैं कैसे लगा द अमित. पहले ऐसे नहीं रहा रिवेन्यू रिवेन्यू. रिवेन्यू ले जाएंगे वो लोग है ना अब जैसे. बहुत से लोग मुझे कभी-कभी लोग कहते हैं कि. आप स्कूल. वाली एक स्कूल के ऊपर आप वीडियो बनाओ. स्कूल के जैसी वीडियो बनाओ तो मैं कहता. हूं कि मैंने 171 में स्कूल लाइफ स्कूल के. बारे में इतनी ज्यादा बातें की है इतनी. ज्यादा वो चीजें करी है कि अब मेरी जो. आर्ट है ना वो मुझे कहती कि यार बनाएगा तो.
व्यूज अच्छे आएंगे लेकिन उसका कुछ पर्सनल. मुझे बेनिफिट नहीं है अब मैं बनाऊंगा. स्कूल के ऊपर तो कोई वेब सीरीज बनाऊंगा जो. एक ही बार बनाऊंगा और ऐसी बनाऊंगा कि लोग. कहेंगे कि भाई रुला दिया हंसा दिया सिखा. दिया ठीक है परिचय में एक लाइन और थी कि. आस्तीन का साफ का जिक्र किया था आपने गाने. में अच्छा गाना था कौन है आन के साथ मैंने. ऐसा बोला है वीडियो में है प्रॉपर साप भी. दिखाया गया है आज ही देख कर आया था वीडियो.
आपका. अच्छा हिट होने के बाद आपने उसम आस्तीन के. साब का जिक्र किया पता नहीं देखो मैं तो. जवान लौंडा हूं गुस्सा गुस्सा भी आता है. गाने में तो पूरी लाइफ हिस्ट्री डाली ना. आपने आप ही का जीवन है मैंने तो आपका लाफ. में लोग मैंने आपका पूरा जीवन उस गाने समझ. लिया था आपने अपने जीवन को शब्दों में. पिरो दिया तो जितनी चीजों को उसमें जिक्र. किया गया सब बड़ी इंपोर्टेंस रखती है. जब आप कोई भी आपकी चाहे वो आपकी दोस्ती है. चाहे वो आपकी दुश्मनी है मैं बहुत रज के.
करता हूं दोनों चीज मतलब मुझे ऐसे भी लगता. है कि अगर आपसे किसी का झगड़ा भी है तो वह. भी ऐसा होना चाहिए कि उसमें कभी भी असम. मान ना हो सम्मान ही रहे झगड़े में मतलब. एक है कि बात है कि मुझे तो जो अपना. दुश्मन भी चाहिए ना वो भी मुझे अपने लेवल. का चाहिए और दोस्त भी चाहिए तो वो भी अपने. लेवल का चाहिए तो मेरा मानना यही है कि जब. आप कामयाब होते हो ऊपर नीचे जाते हो कहीं. आगे पीछे होते हो तो आपको हर तरह के लोग.
मिलते हैं जो सफर में साथ भी है कभी सफर. में छोड़ भी देते हैं. लेकिन मुझे याद नहीं है कि मैंने ऐसा कब. बोला होगा एक उमर होती है बातें निकलती. हैं आपके मन में तरह-तरह का गुस्सा रहता. है तरह-तरह की बातें आती है मैं बोल देता. हूं मेरा यह है कि मैं गानों में मैं वैसे. बहुत कम बोलता हूं लेकिन मैंने अपने गाने. किए हैं परिचय और आज विश्वास और एक लेगासी. गाना है मैंने इन गानों में बोल देता हूं. वही मैंने कहा परिचय गाने में 95 मिलियन.
व्यूज है और परिचय गाना अमित भडाना को. जिसको समझना है वो गाना वो देख ले अमित. भडाना के नहीं आप कभी आत्मविश्वास भी. सुनेंगे मैंने उसमें भी बोला है मैं लेगे. भी है मैंने उसमें भी बोला मैं बोल देता. हूं नहीं तो मेरा सवाल फिर वही घूम कर आता. हूं मैं कि आपकी लाइफ में मैंने आपसे शुरू. में भी कहा कि आप मुझे दो चीजें मैंने. आपको लेकर जज किया एक परसेप्शन दिया था कि. एक अमित भड़ाना मुझे इमोशनल लगे और दूसरा. अमित भडाना को चीजें बुरी लग जाती है जो. याद रह जाती है ये मैंने आपसे कहा था आपने. कहा पहला वाला सही है दूसरे वाला पर इफ बट. है नहीं दूसरे वाले पर डिपेंड है सामने. वाला कौन है दूसरे वाले पर डिपेंड है कि.
सामने वाला कौन है जैसे कि आप अभी मेरे. बारे में कभी इसके बाद कोई स्टेटमेंट तो. मुझे फर्क नहीं है लेकिन जो मेरे साथ आए. हैं और जो मेरे साथ आकर कार से उतरे हैं. अगर वो मेरे बारे में कुछ कहेंगे तो मुझे. फर्क अंबानी जी को कितना शुक्रिया अदा. करेंगे आप किनका अंबानी जी को जिओ अच्छा. जिओ बहुत बहुत बहुत-बहुत धन्यवाद अंबानी. जी आपका बहुत-बहुत धन्यवाद आपको लगता है. कि उससे क्रांति आ गई सोशल मीडिया के दौर. में बिल्कुल बिल्कुल क्रांति क्या बदल गया.
आप आप आप तो इंडिया के टॉप यूट्यूब रहे. हैं अभी भी हैं फर्स्ट पर्सन जिसने 20. मिलियन सब्सक्राइबर पाए पहला इंसान जिसे. एक वीडियो प एक मिलियन मिले लाइक्स तो. क्या बदल गया j आने. से सबसे बड़ा बदलाव इंटरनेट ने किया है तो. जो इंटरनेट ने यह किया है कि अब लोगों को. कहीं पर बम्बे जाकर ऑडिशन देने की जरूरत. नहीं है हैदराबाद जाकर ऑडिशन देने की. जरूरत नहीं है अब वो अपना जरिया सोट्स के. थ्रू.
youtube1 उस व्यक्ति के फैन है मैंने कभी. जीवन में नहीं सोचा था कि मैं इस तरह की. वीडियोस देखूंगा कि कोई इन मटका बना रहा. है और वो बहुत अच्छा गा रहा है सही बात है. तो मैंने भी वो सोशल मीडिया पर देखा तो. सोशल मीडिया की प्यारी चीज है जिस तरीके.
से किसी भी चीज का गुड इंपैक्ट है बैड. इंपैक्ट ठीक है जब सोशल मीडिया पर वीडियो. से पहली बार पैसा. आया क्या रिएक्शन क्क जब हमें सोशल मीडिया. से पैसे आने शुरू हुए और हम टीवी की नौकरी. कर रहे तो हमें लगा यार बड़ा आसान है यार. इतने सारे पैसे महीने भर मेहनत करो तो. नहीं मिलते यहां पर छोटा सा वीडियो डालो. डॉलर से डॉलर छप रहे. हैं क्या रिएक्शन आपने तो काफी पैसा छापा. होगा youtube1. [संगीत].
सबसे पहले जो पैसे मिले थे वो 000 थे मुझे. आज भी याद है और किस साल.
2017 17 से ही रेवन्यू शुरू हु था आपका 17. से मुझे मार्च में मैंने चैनल बनाया था और. मुझे जून में और. कोई क्लिप काट के डाल दिया तो वैसे मैं कर. लेता हूं बट फुल फ्लैश तो मैं.
youtube2 1 से वीडियोस बन रहे हैं तो ये. नहीं नहीं 17 में बना है नहीं नहीं छोटे. वीडियो तो पहले बनाते ना हां तो तब तो. मोनेटाइजेशन था ही नहीं ना क्या क्या फिर. इंस्पिरेशन वो लेकिन परमानेंट नहीं था ना. वो तो टेंपरेरी था मैं कॉलेज जाता था 10. 15 20 दिन में कभी दो महीने में तीन महीने. में ऐसे ही एक वीडियो अपलोड कर दी बस खत्म. वो क्योंकि बस वो एक पैशन था थोड़ा सा. टेक्नोलॉजी से कनेक्ट रहने का क्रिएटिविटी. क्रिएट करने का बस बट उसके पीछे कुछ ऐसे.
नहीं था कि अरे यार इससे तो पैसे भी कमाने. 17 से शुरू हुआ 17 से शुरू हुआ एलएलबी. खत्म था तो क्या कर रहे थे एलएलबी का. फाइनल. ईयर एलएलबी का फाइनल ईयर था तो वो पैसे जब. आए उन पैसों ने बस ये मोटिवेशन दे दी कि. अब नौकरी नहीं करूंगा ओके अब नौकरी नहीं. करूंगा भाई अब ऐसे नहीं लगता कि नौकरी. करनी चाहिए अगर यहां से 5 10 हज आ रहे हैं. तो उसको 200 हज भी आ जाएंगे कभी 00 भी आ. जाएंगे कोशिश करते हैं मेहनत करते हैं और. शायद अगर मैं वकालत और ये दोनों एक टाइम.
पर कर रहा होता तो मैं दोनों में बेकार. होरहा था मुझे ऐसा लगता है शायद मैंने जब. वकालत बिल्कुल फाइनल ईयर के बाद प्रैक्टिस. जॉइन नहीं करी मैंने फुल फ्लेज यही करने. का सोचा तो मुझे लगा कहीं ना कहीं उसी चीज. ने मुझे बहुत बेनिफिट दिया मैं जब बीटेक. करके मीडिया में आया था तो मेरे डैड ने. मुझसे कहा कि भाई आठ सेमेस्टर के पैसे. मैंने भरे हैं लड़कों पे अपनी. एक्सपेरिमेंट करना मेरी मेरे पैसे बर्बाद. मत करो नौकरी कर लो बाद में जो करते रहना. आपके घर में किसी दिक्कत नहीं हुई यार. इतनी मेहनत से पैसे कमाए नक एलएलबी कर रहे. हो फाइनल ईयर है कहां जा रहे हो सब नाचने.
गाने नहीं दिक्कत आईन इनिश अब तो. youtube1 दो महीने तक मेरे घर में फोन. नहीं था मैं सबसे बड़ा था तो मेरे पास ही. एंड्राइड था हमारे चाचा जी के पास कीपैड. फोन था मम्मी जी हमारा फोन चलाती नहीं है. और चाची भी नहीं चलाती छोटे भाई चलाते थे. इनको मैंने अंटे. कोई लड़की वाली वीडियो मम्मी ने पहले देखी. थी हां एक पार्क में मैंने बनाई थी तो वो. उन्होंने देख ली थी उनको लगी वो वाली.
वीडियो है ये जो कोई नहीं किसी ने पार्क. में लड़की के साथ बैठ के चुपचाप बना के. डाल दी नहीं नहीं उस तरह का तो. नहीं हा मतलब आपको कु छेड़खानी कर रहे हो. रिकॉर्ड हो कुछ ऐसे वो देख ली थ उन्होने. तो लड़की छेड़ रहा है लड़का तो तभी से एक. तो बता पर मम्मी को तो मैंने टैकल कर लिया. था कि मम्मी बताना मत ये किसी को वही फिर. एक कहानी है कि लोकल के एसएचओ ने जी को. पहली बार बता दिया था तो तब से मेरे बारे. में फिर पता लग गया था फिर एक दो बार.
मुझसे पूछा गया कि भाई तू प्रैक्टिस करने. क्यों नहीं जाता है तो मैंने कहा कल. जाऊंगा सुबह कोर्ट पहन के. जो एक वकील की ड्रेस होती है वो पहन के. मैं निकल गया लेकिन बैग में लोगों को लग. रहा था मैं किताबें और टिफिन लेकर जा रहा. हूं लेकिन बैग में मेरे एक दो जोड़ी कपड़े. थे जाके मैंने वो गोल मारा मतलब गया ही. नहीं मैं प्रैक्टिस करने जाके मैंने. वीडियो बनाई और वीडियो बना के डाल दी शाम. को पहुंचा मैं डाल के और वो वीडियो भी चली. फिर एक दो वीडियो और चली फिर अगले महीने.
से पैसे आए जैसे 40000 आए या 50000 जो भी. आने स्टार्ट हुए फिर मुझे लगा यार ये तो. बहुत अच्छी चीज है ये तो बहुत बढ़िया बात. है कि पैसे आ रहे हैं धीरे-धीरे ये तो और. अच्छा हो जाएगा फिर बस बाबा ने ऐसा हाथ. पकड़ा फिर तो नंबर्स भी बढ़ते गए पैसे भी. आते गए ये हाइप कैसे मिला मतलब ये तो 171. ब उस टाइम फॉलोअर भी कम रहे होंगे बहुत. सारे लोगों ने पूछा क्योंकि आजकल. गाव तक पहुंच गया और हर जगह नहीं मैंने तो. आपको सच बताऊ मेरे तो 15 महीने में 10. मिलियन सब्सक्राइबर हो गए.
ओके जब मैंने वीडियोस स्टार्टिंग में. बनानी उस टाइम शूट किससे करते थे शुरू में. एक एक लाख दो लाख सब्सक्राइबर तक हमने फोन. से शूट किया है ठीक है फिर कैमरे से शूट. कैमरा था और कितने लोग की टीम हो गई इस. टाइम छ पाच लोग होते थे साथ के ही लोग कर. लेते थे मिल बाट के और राइटर डायरेक्टर. प्रोड्यूसर टर सब वो तो सी खुद ही तो छोटे. छोटे अभी तो क्या है ना कि कहानी बहुत. बड़ी होती है तो मेरे साथ को राइटर्स भी. है जिनको मेरे को कोई जब आईडिया आता है तो.
मैं उनसे डिस्कस करता हूं फिर हम साथ में. लिखते हैं तो तब तो मैं ट पर लिखता था सब. कुछ हालाकि आज भी मेरी आदत है प वो बनाने. के लेकिन अब मैं अब एससी जो वेब सीरीज. हमने बनाई. वो 120 पेजेस थे उस प कैसे लिखू 120 पेज. तो मैं ऐसा करता हूं. कि पर छोटी छोटी बातें लिख के रख लेता हूं. फिर मैं बैठता हूं फिर उसको एक साथ करता. हूं पहले तो कीबोर्ड प हिंदी लिखना आता है. अब आपको किस पे कीबोर्ड प लैपटॉप पे या.
कीबोर्ड पे तो मैं ये नहीं कर सकता कि आप. मेरे को बोले कि अमित लिखना है तो मैं ऐसे. करूंगा ए एम आई टी कीबोर्ड वाला तो कभी. मैंने काम ही नहीं किया फिर कैसे करते हो. किसम फोन पे टाइप फोन पे अच्छा वैसे सामने. से अच्छा 120 वो तो फिर भाई है जो कर लेते. हैं उनका तो पूरा ट आप सर के ऊपर सर के. ऊपर खड़े हो के बगल में बैठ के आराम से. बातें होती है सर सर पे थोड़ी खड़े होंगे. मार के थोड़ी भागेंगे किसी को वो तो वो. मैं उनको बोलता रहता हूं वो फटाफट फटाफट. मतलब ये यही एक काम है जो अमित बड़ाना ने. नहीं किया है मुझे लग रहा है बाकी सब तो.
आप करि नहीं बहुत सारे काम है ऐसे नहीं है. कौन-कौन से रह गए मेकअप हेयर सारा ही रुका. हुआ है मेकअप हेयर से लेके सारी की सारी. चीजें मैंने आपको बोला स्टार्टिंग में कि. जब आप सीख रहे हो ना तो फिर आप सीखते बस. जा रहे हो आपको बस चीजें लगती है कभी-कभी. आप कोई चीजें करते रहते हो ना करते करते. आपको लगता है कि यार ये चीजें तू अच्छे से. कर सकता है कभी-कभी आपसे डेस्टिनी सब कुछ. करा दे जैसे कि मैंने आपको बोला मुझे बुरा. लगा जब मैंने किसी को बोला तू मेरे लिए. गाने लिखने और वह आया नहीं मुझे मुझे बहुत.
डिसरेटर का किसी ने ऐसे परिचय दिया था कि. यार इसको जरूरत है अभी व मुझे उन लोगों से. बहुत समस्या है कि जिनको जरूरत है जीवन. में और यूनिवर्स उनको कुछ कराना चाहता है. और वह करना नहीं. चाहते मतलब कि तो मैंने बोला कि तुझे. 11:00 बजे मुझसे मिलना है और 11 बजे वो. रजाई में उतर रहा है कैसे होगा ऐसे तो काम. बन ही नहीं पाएगा मुझे ऐसे लोगों से बहुत. ज्यादा प्रॉब्लम है कि जब तुम्हें कुछ. यूनिवर्स अपने आप दे रहा है तो करो वो चले.
ना चले लेकिन एक मौका तो है कि आपका 11 से. 500 बजे का क्या शेड्यूल रहना है 11 से. 5:00 तक आपको सोना है पूरे दिन आपको सोना. है लेकिन एक मौका आपको मिल रहा है कि 11. से पा आप क्रिएटिव काम कर सकते हो जिसकी. वजह से कुछ आपका चल जाएगा वो नहीं तो मुझे. डिसरेटर मैं लिखूं क्या तब मैंने बट हो. सकता है यूनिवर्स का आपको लेकर प्लान हो. सोचो ना कि यही तो मैंने आपको कहा. ना नहीं यही मैंने यही यही मैंने एक बात. बोला अच्छा लिखने में कभी-कभी ऐसे हो जाता.
है कि जब मैंने मैं हम मेरा जूनियर कर रहे. थे तो मेरे पास मेरे दिमाग में एक लाइन थी. कि मेरे सर पर ताज जैसा तू है सजे असली. ताज से भी अच्छा तू मुझे लगे और मैंने य. अपने प्रोड्यूसर को लाइन सुनाई तो उसने. मुझसे कहा. कि भाई इतने बड़े बड़े पहरे मत लिखो जो. बनते हैं वो उसने मुझे बताया थोड़ा मीटर. होता है थोड़ा ऐसा होता है आप बड़े डीप. में रैपिंग स्टाइल में लिख देते हो मैंने.
कहा अच्छा मैंने तो वो भी बहुत लंबा. प्रोसेस था कि उसके साथ. बैठना उसके साथ सारी चीजें करना जैसे. मैंने एक लाइन लिखी थी. [संगीत]. की जीवन में जीवन में मेरा योगदान खाक सा. जीवन में मेरा योगदान खाक सा मैं जिंदा. हूं फिर भी मैं राख सा तो वो कह रहा भाई. मैं ये योगदान कैसे फिट करूं मतलब बंदा.
कैसे गाए कि जीवन के योगदान में नहीं हो. पाएगा तो वो तो वो मुझे बताता था कि भैया. बाहरी शब्दों की जगह कुछ हल्का शब्द लेकर. आइए कुछ हल्की सी चीज लिखिए है जैसे मैंने. राई गाना लिखा था वो राई से मुझे बड़ा खुश. हुआ था एसएससी में मैंने राई गाना लिखा था. कि एसएससी दिल के काफी करीब है आपके बहुत. करीब है उसने मुझे बहुत कुछ दिया नाइन नौ. रेटिंग मिली शायद उसको हां नो रेटिंग्स. आईएमडीबी ने दी चारों.
youtube3 मिलियन पर है मतलब चार एपिसोड. कंबाइंड करके और रील्स पर तो वो 100 200. 300 मिलियन पा रहे है वो इतना प्यार मिला. उससे लोगों ने और लोगों ने मुझे कहा कि. यार आप इंटेंस एक्टर हो यार यार आप क्या. कॉमेडी करते थे अच्छी बात है करते थे आप. इंटेंस उसके बाद मैंने वीडियो डाली गांव. का युवा नेता जिसमें मैं फुल कॉमेडी में. उपले बेच रहा हूं फुल कॉमेडी कर रहा हूं. और लोग मुझसे कह रहे हैं कि भाई कॉमेडी इज. गुड लेकिन भाई जब सीरियस करा है ना वो.
आपने मैंने कहा ये क्या इमेज हो रही है. थोड़ा सा देन फिर मैंने तो मैं वही आपको. बता रहा हूं कि डेस्टिनी का नहीं प फर. इतनी इतनी दोस्ती आ रही भी बॉलीवुड में. आपकी अक्षय कुमार से लेकर के ट्रीन हर जगह. उधर ट्राई नहीं किया या ऑप्शन कम रहे या. क्या रहा अब तो वेब सीरीज इतनी सारी आती. है किस तरह का ट्राई वेब सीरीज में या. किसी उसमें एक नेक्स्ट लेवल जाके आप आपने. बॉलीवुड को लाया अपने पास मैंने देखा बहुत. सारे आपके वीडियोस जहां पर राजपाल यादव जी. मनोज जी और बहुत सारे लोग काम कर रहे थे. आपके साथ आपके एपिसोड में लेकिन आपको नहीं. आया फिर या आपने अप्रोच नहीं किया कि इतने. सारे दोस्त मेरे बने हैं बॉलीवुड में हम.
भी जाएं थोड़ा सा किधर बॉलीवुड बॉलीव. बॉलीवुड में जाए ऐसा नहीं है कि मुझे ऑफर. आते हैं बॉलीवुड से ये भी नहीं कहता कि. फुल फ्लेज एकदम ऑर्डर आते हैं वो वो आते. हैं रोल आते हैं साइड रोल्स होते हैं और. कभी-कभी मेन एक्टर्स के साइड में होते हैं. और कई ऐसी फिल्म्स है जो बहुत बाद में चली. है और जिनके साइड रोल थे मैं नाम नहीं. लूंगा क्योंकि आपका फिर जब आपको आप जब. देते हैं तो आपके कांट्रैक्ट साइन होते. हैं बहुत चीजें हो जाती है सारी चीजें हो. जाती है या फिर जो मेरा था ही नहीं कभी तो.
मैं उसपे कामयाब हो गया तो उसका मैं. क्रेडिट नहीं लेना चाहता कि इसमें तो अरे. ये तुझे पता है ये कामयाब चीज ये तो मेरी. मैं था इसमें वो नहीं लेकिन ऐसा हुआ है. सात से 10 फिल्म ऐसी मुझे ऑफर हुई है आज. तक जिनमें मुझे साइड रोल था या वैसे था बस. मेरा करने का कभी रुझान भी नहीं बना या. फिर कभी कह लो कि मैं अपने आप को देखता उस. वे में हूं कि मुझसे ऐसे नहीं होता कि. आपको इतने बजे ऑडिशन बना के देना है इतनी. तारीख को आपको फ्लाइट करके यहां पर आना है. फिर आपकी एक मीटिंग होगी फिर मीटिंग में. आपका ये डिसाइड होगा तो मैं सोचता हूं यार.
मैं रात को एक वीडियो लिखूंगा ठीक है दो. दिन एक दिन उसकी रेकी करेंगे दो दिन बाद. उसको शूट कर लेंगे ठीक है मतलब मैं कहीं. ना कहीं मोटिवेशन खुद को बत मन भी वैसे आप. थोड़ा है अपनी मस्ती में आदेश नहीं पसंद. है ज्यादा नहीं पसंद थोड़ा सा पसंद है. थोड़ा सा थोड़ा सा कर सकते हैं थोड़ा सा. मैं हमेशा कर लेता हूं ज्यादा नहीं मैं सच. बताऊं तो मैं मैं जीरो बिजनेसमैन वाला. आदमी हूं मुझसे बिजनेस तो टीम होगी ना. अच्छे दोस्त होंगे टीम होगी मैनेजर होंगे.
आपके अब हम बड़ाना अकेले थोड़ी ना हो. मैनेजर या मैं मैनेजर से कहूंगा कि तू. मेरे लिए कुछ बहुत बड़ा कर तू मेरे लिए. होटल का मैं दे दूंगा अपने आप तू मेरे लिए. कुछ और बड़ा कर दे मतलब इन छोटी चीजों में. मैं उसको नहीं ल ये छो मतलब जो कर रहे हैं. वो बहुत अच्छा उनका अब ड्रीम डेस्टिनेशन. अभी क्या है मान लो अगर यहां सोचना हो. जैसे हम एक सपना देखते हैं जीतते हैं फिर. अगला सपना देख लेते हैं मुझे आपकी यही छवि. नजर आ हमने थोड़ी देर पहले आपको लेकर एक. ये पोस्ट डाली थी.
अ अमित भडाना आ रहे हैं तो इस पोस्ट में. हमने कोशिश की थी हम हर बार हर जो हमारे. मेहमान आते हैं उनको लेकर हम कोशिश करते. हैं कि कुछ सवाल जनता से ले ले क्योंकि. मेरा मानना होता कि एट द एंड ऑफ द डे. व्यूअर वही है सो जो वो सुनना चाहते हैं. जो वो देखना चाहते हैं कुछ सवाल उनके मन. के भी ले ले उधर मैं जाऊंगा लेकिन उससे. पहले एक रिक्वेस्ट आई थी मेरे पास कि अमित. भडाना हर जगह कहते हैं वो शायरी करते थे. कक्षा छ सात से सुनाते नहीं. है कौन सी शायरी करते थे भाई कक्षा साथ.
मैंने. मतलब 10000 से ऊपर मैंने अभी तक अपने लिए. पर्सनली जो मैं कभी. टॉप हम भी सुने तुम क्या लिखते. थे किस पे जिंदगी लिखते थे मोहब्बत हर एक. चीज पर लिखता हूं मैं डेली लिखता हूं ऐसा. नहीं है कि किसी उस चीज प आप मुझे बताए आप. किसके ऊपर आप जो सुनाओ एक आप सुनाओ एक हम. सुनाएंगे. अच्छा हमें भी थोड़ा बहुत लिखने पढ़ने का. शौक रहा था अा.
तो ये नवंबर 7 2022 को लिखा. है ये काफी सीरियस. है इस पोयम का नाम है. मौत तो इसकी लाइन ऐसे है कि अगर इश्क करने. से पहले थोड़ा डर जाते अगर इश्क करने से. पहले थोड़ा डर जाते तुम पर मरने से अच्छा. तो मौत से ही मर जाते क्या एक बार में ही.
चले जाते यूं तड़प तड़प के ना रह जाते तुम. पर मरने से अच्छा तो मौत से ही मर जाते. उमर कैद जो करते हो फिर सजाए मौत देते हो. उमर कैद जो करते हो फिर सजाए मौत देते हो. फांसी पर चढ़ाते नहीं मारते तुम आसानी से. नहीं उमर कैद जो करते हो फिर सजाए मौत. देते फांसी पर चढ़ाते नहीं मारते तुम. आसानी से नहीं प्यार करने का कैसा सा सबक. है. सब नाम सुनते ही हाथ जोड़ लेते हैं हम.
अब हम भी मुस्कुरा रहे हैं तुम्हें बता. रहे हैं हम भी क्यों दर्द रोते रोते सहले. अगर इश्क करने से पहले थोड़ा डर जाते तुम. पर मरने से अच्छा तो मौत से ही मर जाते. मोर से ज्यादा नचाया. है हा ऐसे जाल में फस. बात बात पर आख दिखाओ गैर संग दिखो तो नजर.
चुराओ मोर से ज्यादा नचाया है ऐसे जाल में. फसाया है बात बात पर आख दिखाओ गैर संग. दिखो तो नजरे चुराओ यह सऊदी सा सऊदी यह. सऊदी सा जो सख्त नियम बनाया है ना कभी. ठुकराया ना कभी. अपनाया हम तुम्हें अब अपना नहीं मानते हम. तुम्हें अब अपना नहीं मानते यह दिली कम. भक्त तुम्हारे सपने देखे सोते जागते एक. काम कर दिल तू इनका ही होकर रह ले अगर.
इश्क करने से पहले थोड़ा डर जाते तुम पर. मरने से अच्छा तो मौत से ही मर जाते क्या. बात है आपकी बात पूरी कविता सुनकर हमको दो. शायरी याद आई एक तो वो याद आई कि तुमने. कहा था हर शाम हाल पूछेंगे. तुम्हारा अब तुम बदल गए हो या फिर. तुम्हारे शहर में अब शाम नहीं होती क्या. बात है. और जो आपकी लास्ट लाइन समापन है उस परे. हमने भी हाल फिलहाल पढ़ा था कहीं प हमने. रिकॉर्ड किया था लास्ट. में जो समापन इसका सराइज है कि वह वक्त.
गुजर गया जब तेरी हसरत हुआ करती थी. हमें वह वक्त गुजर गया जब तेरी हसरत हुआ. करती थी हमें अब तू खुदा भी बन जा तो भी. हम सजदा नहीं करेंगे क्या बात है इस मुझे. वो याद आ गया. कि सजदे में सर झुके तो अच्छा लगता है भटक. जाते हैं वो लोग जिनके हजारों खुदा होते. हैं आय शाबाश एक लिखी थी मैंने शर्म करो य.
मेरी बड़ी दिल के करीब पोयम है. तो लड़की है ये य अपने बॉय फ्रेंड को कह. रही है कि हर किसी के संग जो सोते. हो यह जो दिल तोड़ते हो हमें खिलौना समझते. हो जिस्म जिस्म घूमते हो. बेगानी नार घूरते हो इसे कारोबार समझते. हो जैसे कपड़े बदलते हो वैसे ही किरदार.
बदलते हो मुंह पर मुखो पहनते हो दिल नहीं. पत्थर से सास लेते. हो शर्म करो थोड़ी शर्म करो सबका हिसाब. होगा यहीं पर होगा थोड़ा तो सब्र. करो माफी दे दूं अगर गलती करो माफी दे दूं. अगर गलती करो लेकिन तुम तो गुनाह करते. हो मुझे देखकर रोने का नाटक करो मुझे. देखकर रोने का नाटक करो गहर के संग जब.
बैठो तो. हस्ते नमस्ते हो तुम जैसे बेवफाओ से तो. दूर से ही नमस्ते हो मेरा दुख देखकर यह. मेरी फेवरेट लाइन है मेरा दुख देखकर बादल. भी फट जाए मेरा दुख देखकर बादल भी फट जाए. लंबी उम्र ती अब शायद घट जाए शाबाश. लेकिन तुम खूब फूलो फलो लेकिन तुम खूब. फूलो फलो बस इस धोखेबाजी की राह पर ना चलो. शर्म करो थोड़ी तो शर्म करो सबका हिसाब.
होगा यहीं पर होगा थोड़ा तो सब्र करो. तुम्हारे लिए सब कुछ गैर जरूरी है. तुम्हारे लिए सब कुछ गैर जरूरी है बस. बेवफाई जरूरी. है यह जो तुम्हारे दिल तोड़ने की खूबी है. पहले से आदत है ऐसी या कोई मजबूरी. है जरूरी है तुम जैसे खुदगर्ज से दूरी. बड़ी ही जरूरी है पुराना शहर समझकर छोड़. जाते हो पुराना शहर समझकर छोड़ जाते हो नए.
शहर से दिल भराए तो चले आते. हो तुमसे प्यार करके ऐसी बददुआ. मिली तुमसे प्यार करके ऐसी बददुआ मिली. पानी में रही फिर भी मैं. जली तुमसे प्यार करके ऐसी बददुआ मिली पानी. में रही फिर भी मैं जली पर तुम ना पर तुम. ना ऐसी मौत मरो शर्म करो थोड़ी तो शर्म. करो सबका हिसाब होगा यहीं पर होगा थोड़ा. तो सफ करो क्या बात.
है इसकी समरा हम ऐसे करते हैं. कि उनके हाथों में हम अपने हाथ क्या देते. क्या बात है ताम उनका हम साथ क्या देते वो. कमबखत हमारे तीन लफ्जों की हिफाजत ना कर. सके क्या ही सारी उम्र उनकी मोहब्बत में. हम फरियाद करते. [हंसी]. रहते एक शायरी हमने लिखी थी हमको आपकी. लाइफ पर भी लग रहा रहा था बड़ा अच्छा मैं. अपने आप को मोटिवेट करने के लिए करता था. ये और जब मैंने सोचा था शुरुआत आप किसी से. करेंगे बाद में सचन वाली बात मुझे ज्यादा.
अच्छी लगी जी कि पहला व्यक्ति जिसने 200. मारा पहला व्यक्ति जिने 20 मिलियन तो हमने. ये हटा दिया अ कॉलेज में लिखा था हमने कि. लगे रहो जमे रहो डटे रहो अच्छा लगे रहो. जमे रहो डटे रहो यह दुनिया चाहे ना चाहे. एक रोज तुम्हें यह सरा आखों पर बिठाए गी. बस शर्त यही है कि जो भी कर रहे हो उसमें. लगे रहो. जमे रहो डटे. क्या बिलीव स बात आपकी लाइफ में कितने भी.
लोग आपको नीचा दिखा रहे हो जी मजाक उड़ा. रहे हो आपका उपहास कर रहे. हो अगर अपना काम करते रहते तो एक रोज फैन. बन कर आते हैं एक दिन. व आपको मिलता क्या बात. है अय शाय के पीछे इंस्पिरेशन क्या है. जैसा समय आप जीते हैं जैसा समय आप देखते. हैं वैसे ही आप खुद को महसूस करते ब जैसे. वीडियोस में आपने दिखाया गांव की गांव की.
बोली स्कूल लाइफ व आप रियल लाइफ. इंस्पायर्ड था इश्क में दिल टूटा. कभी मतलब कभी दिल नहीं टूटा नहीं मैं सच. बताऊ मैं ये प्यार मोहब्बत इश्क विस्क ये. अपना जीवन ही लौंडे लपाड़ में इतना बीता. है ना कि हम कभी इस. अपनी चीजों से ही नहीं निकल पाए अपनी चीज. इतनी के बाद तो लौंडे लपाड़ भी लड़की बने. लगे होंगे ना किसी किसी की दोस्त बनने लगी. होगी एक्चुअली यह है ना कि इश्क आपके लिए.
बहुत बड़ा टॉपिक है मेरे लिए कामयाबी बड़ा. बहुत बड़ा टॉपिक है सबसे बड़ी बात य है ना. शाहरुख खान इक करने के बाद कहां कहां. पहुंच ग वो उनकी डेस्टिनी है वो उनका रोज. कहते हैं दुनिया कहती है हर सफल आदमी के. पीछे औरत होती है चाहे मां हो चाहे बीवी. हो कोई नहीं हम कुछ सवाल लोगों के लिए. लेते हैं लोगों ने हमने कुछ भेजे थे एक. सवाल है कुमार से कैसे मिले थे यह सवाल कई. लोगों ने. कहा सर से मेरा बात हुई थी सर की एक फिल्म. आई थी गोल्ड उस समय मुझे सर को कुछ कंटेंट.
देना था बना के लेकिन उ उस समय मुझे फीफा. ने इनवाइट कर दिया तो मैं रशिया में था तो. मैं मतलब अनफॉर्चूनेटली कर नहीं पाया उस. समय फिर सर की फिल्म आई गुड न्यूज तो मैं. एक शूट कर रहा था तो मुझे किसी ने बोला कि. थोड़ी देर में आपकी. अक्षय सर से बात कराएंगे. मैंने कहा ठीक है मैंने कहा सपना है क्या. है स क्योंकि मैंने उनको कॉलेज समय में.
बहुत देखा. है सर ने बोला कि अमित कुछ करते हैं साथ. में आप आइए बंबई और आप कुछ लिखिए और लिखकर. मुझे आप भेजिए तो मैंने सर को लिखकर भेजा. सर को पसंद आया बस सर ने यह किया कि जो ये. तेरा कैरेक्टर है डॉक्टर मैं बनूंगा. डॉक्टर मैं बन रहा था उनको पेशेंट बना रहा. था तो उन्होंने कहा तू पेशेंट बन मैं. डॉक्टर बनूंगा और ज्यादा बेटर कुछ निकल के. आएगा मैंने कहा बिल्कुल सर आपका इतने. सालों का तजुर्बा आप बोल रहे तो करते हैं. वो अच्छा भी था जो सर ने डिसीजन.
लिया बंबई गए सर ने सब कुछ रहने का ठहरने. का सब बंदोबस्त कराया हमारा बढ़िया मुझे. आज भी याद हैब पहली बार सामने से आ रहे. ऐसे खड़ा. थाने एकदम से आ अरे अमित क्या हालचाल है. तेरे यार बहुत वीडियोस देखता हूं तेरी बस. वाली वीडियो मेरी फेवरेट है री मैंने कहा. थैंक यू सो मच सर फिर हमने शूट किया. उन्होंने पूछा कैसे कैसे क्याक सीन है सीन. किया सीन के दौरान फिर हमें ब्रेक मिलता. था तो हम आपस में बहुत बातें करते थे हंसी.
मजाक करते थे बताते थे वो जो भी कि कैसे. तेरी वीडियो देखी मैंने पहली बार कैसे फिर. हमने खाना खाया ऐसे मुलाकात रही फिर उसके. बाद बात होती रहती है अभी होती है बातचीत. हां हमेशा बातचीत होती है t तक या फोन उन. पे हमे हर जगह बात हो जाती है. फोन पर बात हो जाती है और कभी भी कुछ उनका. बर्थडे होता है तो मैं कभी भी उनको चाहे. सोशल मीडिया पर विश करूं चाहे फोन प करूं.
तो हमेशा बात करते हैं बहुत सम्मान देते. हैं बहुत अपना मानते हैं बहुत और वो सच. में इंसान बहुत अच्छे हैं कलाकार तो है ही. अच्छे तभी वो वहां पर हैं इंसान वो वैसे. बहुत अच्छे हैं क्योंकि हमारे जैसे आदमी. को चाहिए. सम्मान बस आखिर में आके सम्मान पर बात टिक. जाती है ऐसे ना लगे कि. यार हमने इतना समय दे दिया इतना कुछ दे. दिया हमें इसके इसके जगह हमें क्या मिला.
इससे बड़े तो एक दूरी रख लेते कि ठीक है. यार प्रोफेशनल एक रख लेते लेकिन ज अगर. पर्सनल हुए अगर उनको यह दर्जा दिया कि सर. आपसे बहुत कुछ सीखते हैं तो उन्होंने भी. वो फर्ज निभाया कि यार हम भी आपको एक अगला. क्वेश्चन है कि कैटरीना कैफ से मिलने मन. में लड्डू फूटा. था देखिए हमने क. नहीं बड़ी खुशी हुई थी मुझे बहुत अच्छा. लगा मन में लड्डू फूटिंग मतलब क्या होता.
है उनके साथ का बड़ा अच्छा किस्सा है आपने. हमारे ह्यूमर को एकदम रगड़ दिया नहीं नहीं. आपका ह्यूमर बहुत अच्छा है आपके ह्यूमर के. लिए आपको ग्रेमी मिलना चाहिए ये ह्यूमर. अच्छा. था कैसा एक्सपीरियंस र क्याला कैसे. मुलाकात उन. पहले मिले पहले कना से अक्षय सर से मिला. सबसे पहले सर के बाद अजय सर से मिला अजय. देवगन सर के साथ जो वीडियो की फिर कैटरीना. मैम से मिला मैं उधर से अप्रोच आया था खुद. जुगाड़ लगाया था अप्रोच तो हमेशा सामने से.
आता है लेकिन कहां से आ रहा है वो ज्यादा. मेरे लिए महत्व नहीं है मेरे लिए ये महत्व. है कि मुझे करना क्या है उसमें ज्यादा मजा. आता है सो जब फोन प पता लगा कैटरीना के सा. शूट करना है नहीं बात हुई थी पहले तो. कैटरीना से हां मेरी उनसे पहले फोन पे बात. हुई दोस्त यार नहीं खुद एक बार हमको भी. सुनवा दो यार या बात कर या सामने से एक. फोटो खिंचवा दो तो कैटरीना है ना वो तो. कैटरीना क्रेस पूरी जनरेशन. अपना एक बकरा नहीं मजनू हलाल. का इसलिए हंस रहा हूं मैं उधर देख के. क्योंकि एक इसके साथ बड़ा अच्छा किस्सा. जुड़ा हुआ है बकरा नहीं मजनू लाल की हम.
रेकी करके आ रहे थे तो उस दिन मुझे बताया. कि आज आपकी कैटरीना से बात होंगी तो आप. बताना अमित कोई आईडिया आपके पास हो तो. मैंने कहा करा दो भाई आज करा दो टाइम नहीं. दिया था बट मेरे पास जब फोन आया तो मेरा. फोन ब्लूटूथ से कनेक्ट था हम तो जब मेरा. फोन ब्लूटूथ से कनेक्ट है गाड़ी चल रही है. और फोन आता है मैं उठाता हूं तो मैं उसको. ऑफ करने वाला था लेकिन मैंने थोड़ा इनको. चिढ़ाने के लिए तो मुझे बोला उन्होंने कि. आपसे कैटरीना बात करेंगी तो मैंने थोड़ा. स्पीकर पर रख के तो जैसे उन्होंने बोला.
हाय अमित हा यू मैंने कहा बोला मैं देखा. चलो अब आगे की बात नहीं सुनाऊंगा तुम फर. मैंने फोन पर बात की ये सब मुझे कह रहे थे. तो ये तो य नड की कहानी हो ग क थे. गुड़गांव से आ गुड़गांव से आ रहे थे. गुड़गांव में शूट दिल्ली में शूट किया. था हा उधर बॉर्डर प गया था दिल्ली दोत गए. थे साथ में शूटिंग हा मतलब हम रेकी करने. जाते हैं तो 102 लोग होते हैं कैमरामैन की. टीम होती है मतलब कई बार हो ना कुछ लोग रह. जाते हैं इस बार सब गए होंगे कहां पे मैम. क्या नहीं पांच पांच छ लोग गए थे बस इधर.
से तो मेकअप यर गया था क्योंकि पूरी जो. कैमरामैन की टीम थी वो मैंने बंबे से ही. मेरे यार दोस्त थे उनको बोल दिया था कि. कैमरामैन आप कर लेना लाइट्स बम्बे से हो. गई थी क्योंकि हमने बम्बे में शूट किया था. लेकिन हम पांच छ लोग यहां से गए थे बहुत. अच्छा एक्सपीरियंस था वो उनके साथ एक काम. करके आपको एक अनएक्सपेक्टेड चीजें मिलेंगी. कि वो बहुत डीप हर एक चीज को एनालाइज कर. हा उनको जितना मैंने सुना यही कहानी आती. है वो काफी और सेम मेरा नेचर है ऐसा ही.
सेम टू सेम ऐसा नहीं च तो मुझे बिल्कुल भी. प्रॉब्लम नहीं हुई अगर वो मुझे कहते थे. थंबनेल ऐसा बनना चाहिए मैंने कहा जी बहुत. अच्छी बात है मैं भी 202 बार थंबनेल पर. काम करता हूं कि ऐसे कर दो एक कैरेक्टर. लेफ्ट कर दो राइट कर दो येलो कर दो यह. टिंट कर दो यह कर दो तो मुझे बिल्कुल भी. प्रॉब्लम नहीं बल्कि मुझे लोग कहते थे. प्रॉब्लम होगी मुझे बिल्कुल भी नहीं हुई. मुझे तो बिल्कुल बढ़िया आनंद आ रहा था. अच्छा आ रहा था तो अक्षय कुमार का तो नंबर. सेफ क्या कैटरीना का नंबर भी रहा. मतलब मेरी बात हो जाती है ऐसे कुछ नहीं है.
कि ये सभी से अजय देवगन सर से भी बात हो. जाती है सबसे बात अजय देवगन अक्षय कुमार. अलग है जी मैं कैटना कैफ की बात कर रहा. कैसी वाइब आपके अंदर है जब शूट उठ करके आ. गए फोटो डालनी थी घर पर लौटते क्या फीलिंग. आ रही थी वही फीलिंग जो देगन के गंगा जल. कौन सी मूवी जिस वक करते हुए आते हैं. अपहरण अ पहाड़ एक सीन है कि अजय देवगन जेल. में दोबारा आते हैं तो बड़ा डॉन बन के आता. है तो हर आदमी सलाम ठोकता रहता है वैसी. फीलिंग आ रही थी जब लौट रहे थे घर शूट. करने की बाद देखो एक अगर आप किसी के साथ.
किसी को बहुत ज्यादा आपने टेलीविजन पर. देखा और एकदम से आप उनके साथ काम करते हैं. तो एक एक प्राउड फील तो हमेशा होता है. लेकिन कुछ ऐसे भी नहीं था कि मैं चल रहा. हूं तो बारी से पड़ रही है या कुछ वैसे हो. रहा है लेकिन मुझे बहुत अच्छा महसूस हुआ. था मैंने वही बोला कि हम यूपी वाले हैं ना. जो हमारी एक ही सबसे बड़ा प्लस पॉइंट है. और वही माइनस पॉइंट है कि सम्मान की इतनी. भूख है ना कि अगर सम्मान मिल जाए फिर. सामने वाला चाहे पैसे भी ना दे फिर ऐसे. लगता है ठीक. है हो गया सम्मान तो मिल गया ना तो सम्मान.
किया तो तीनों ने सम्मान बहुत दिया तो ऐसे. लगता है विनिंग सिचुएशन कि यार अब उसके. बाद कुछ भी हो जाए लेकिन अंदर से अच्छा. लगता है बहुत ज्यादा कि यार सम्मान. क्योंकि एंड ऑफ द डे रिस्पेक्ट इतनी ऊपर. पहुंच जाती है ना कि या तो रिस्पेक्ट के. बराबर में फिर काम ही आ सकता है कि. रिस्पेक्ट इज इक्वल टू वर्क बस फिर तो. सारी चीज छोटे लगने लगती है तो बहुत. सम्मान दिया कई सारे एक्टस को आपने भी काम. आपने भी अपने साथ शूट में लिया है कौन कन. सेटर जिनको आपने शूट मिली अपने वीडियो.
काफी. लोग मनोज सर है राजपाल यादव जी हैं राजेश. शर्मा सर है हेमंत पांडे जी है अभी. रिसेंटली में बृजेंद्र काला जी के साथ काम. किया सपना सां जीी पंकज झा सर बहुत मतलब. उन लोगों को मैंने बहुत लिया कि को कहीं. ना कहीं एक अंडर रेटेड का बहुत ज्यादा. मिलता है ना आज के समय में लोग कहते हैं. कि इन लोगों को काम और मिलना. चाहिए मैं कोई काम देने वाला नहीं हूं बट.
लोग कहते हैं कि इनका काम हमें ज्यादा. देखना है और अमित भडाना का तो बजट अब बड़ा. हो गया होगा हां मतलब अगर आपका नाम बढ़ता. है और चीजें बढ़ती है और आप बड़े स्केल पर. काम करते हो तो उसी बड़े स्केल सी बनाने. में कितना खर्च आता होगा अपक्स आ गया न. करोड़ रुपए ती. करोड़ अच्छी खासी कॉस्ट काफी कितना टाइम. लगा था एक फिल्म बनाने में एक साल और. पुराने जो फनी वीडियो टाइम बनते थे अभी. जैसे एक वीडियो हम करके दो दिन में करा है.
अभी एक वीडियो आ रही है जोकर नाम है उसका. वीडियो का फनी वीडियो है वो दो दिन में. शूट कर दिया हमने अ ये मेरे को हंसी इसलिए. आ रही कक बहुत सारे जो क्वेश्चन इसमें आए. हुए. हैं 90 पर क्वेश्चन मैं आपको दिखा सकता. हूं और ये कोई मजाक की बात नहीं है यहां. पर मैं आपको दिखाऊंगा आपके नाम के नीचे. मैक्सिमम क्वेश्चन वही है कि आपको देखिए. अमित जी कॉमेडी वीडि जाते थे पैसा आने के. बाद छोड़ दिया जिसको आप कह रहे हो कि आप. दो दिन में शूट कर लेते हो प्रोफेशनल. तरीके से वीडियो बनाने लगे इस वजह से.
चर्चा थोड़ी कम हो गई लोगों को उनकी. कॉमेडी बहुत पसंद थी जो एकदम रियलिटी से. बनाई जाती थी और ऐसे 90 पर लोगों के कमेंट. है कि यार हमको हमारा पुराना वाला अमर. दिला. दो सही बात है अब वही है अब समय है मैं. समय के हिसाब से क्या मैं वही करता रहता. तो आज यही कमेंट उस चीज से भरे होते कि. अमित जी को प्लीज बोलिए कि कुछ नया ट्राई. करें एक तरह से उ चुके हैं यही चीज हम. करते करते अमित जी कुछ नहीं करते हैं ये. नहीं करते हैं लेकिन क्या है ना कि देखिए.
कभी-कभी क्या होता है ना कि इस चीज के ऊपर. भी डिपेंड करता है कि जो सामने वाले का. परसेप्शन है सामने वाला आपसे जुड़ा हुआ है. आपकी कला से जुड़ा हुआ है इसका बहुत फर्क. पड़ता है अगर वह आपसे जुड़ा हुआ है तो. मुझे तो जैसे. कि मेरे जो स्कूल के दोस्त हैं ना वो मुझे. जब मिलते हैं मेरी वीडियो की बात ही नहीं. करते वो. व कुछ भी नहीं करते वो पूरे दिन बस भाई. बहुत प्राउड फील होता है तेरे ऊपर बहुत यह. फील होता है वह कभी बताते नहीं तेरी. वीडियो का यह प्लस पॉइंट यह माइनस पॉइंट.
ये क्योंकि वो मेरे जुड़े ही प्राउडनेस से. में कभी चाचा या मम्मी या दादी ने कहा तुम. प्राउड फील होता है कभी कहा सामने से ऐसा. आके दादी बहुत वोकल है दादी दादी बोल देती. है दादी दादी बोल देती है ममी चाचा तो. नहीं बोलेंगे मुझे पता है उनका मेरा बंड. बहुत डिफरेंट है वो तो कभी नहीं बोलेंगे. मम्मी तो वैसे बोल देते हैं कि बड़ा. मेहनती है ऐसे वो वाले तरीके से जब कोई. साथ में बैठा है अकेले में तो हमारी ये. बात ही नहीं चल सकती आप कैसी बात कर रहे.
हो भाई कभी नहीं चल सकती यह बात टॉपिक ही. नहीं है ये कुछ और ही टॉपिक है दुनिया से. अलग देसी भाषा का फायदा हुआ आपको हां. बिल्कुल. वो मेरी भाषा है वो मेरी भाषा ने मुझे दे. दिया मतलब अगर मैंने उसको रिप्रेजेंट किया. तो मेरी भाषा ने मुझे वो कमा के दे दिया. वापिस मेरी तो आपको लगता है अभी जो ये. टाइम भी एरा भी चल रहा है इसमें अगर आप. थोड़ा सा देसी टच है मतलब ये मेरा अपना. ऑब्जर्वेशन है तो आपके हिट होने जां. ज्यादा होते हैं क्योंकि बाकी अच्छे तो एक.
लंबी भीड़ है आप थोड़ा भीड़ से अलग भी हो. जाते हो और आपको उस टच की वजह से लोग काफी. अपना पर्सनल फील करने लगते हैं कई सारे. कॉम जैसे हालांकि हम नाम तो नहीं ले रहे. किसी कॉमेडियन का बट मैंने जाकिर को जब. देखना शुरू किया था उस टाइम इंग्लिश. कॉमेडी वीडियो आते थे वो एक हिंदी आ गया. अभी बिहार में मनीष कश्यप है उसका देसी. स्टाइल है या कई सारे जर्नलिस्ट निकले जो. एकदम देसी र भाषा में काम करते हैं तो ये. जो देसी टच है चाहे चाहे वो गानों का हो. या सपना का जिसे गाना आपने यू बहुत सारे. लोग ऐसे हैं या जो लोकल म्यूजिक भी बढ़ा. ये अभी एक नया ट्रेंड निकला है 10 साल से. कोई भी इंसान किसी फील्ड में अगर वो थोड़ा.
सा रॉ पना उसके अंदर है देसी वाला तो उसको. लोग पसंद करते हैं इसका कारण ये भी तो हो. सकता है कि वो व्यक्ति को उसमें बात करने. में ज्यादा कंफर्टेबल महसूस होता है हर. आदमी सिर्फ और सिर्फ इसलिए देसी उसका. उपयोग नहीं करता कि उससे पॉपुलर हो जाएगी. शायद उसको आनंद आता है लेकिन आपको एक. चाहिए होता है जब मैंने 20177 में पहली. बार वो भाष बोली तो मुझे आज तक भी लोग. कहते हैं 2023 में कि हमें उस वजह से. मोटिवेशन मिली हम भी बोलने लगे हम भोजपुरी. बोलने लगे मुझे एक उत्तराखंड के कोई.
youtube2 चाहिए होती है ना एक बंद मैं कह. रहा हूं ना क्रैक करने का होता है हम तो. अपने आप में एग्जांपल इसलिए सेट हो गए ना. नॉर्मल लुक पतला सा. लड़का देसी भाषा बोल रहा है सबसे ज्यादा. कंफर्ट जोन किसी भी व्यक्ति को उठा के देख. लो य सबसे ज्यादा कंफर्ट है आधे से ज्यादा.
आदमी इसलिए लाइफ में अन कंफर्टेबल है उसको. लगता है कि वो गुड लुकिंग नहीं है आधे से. आदमी इसलिए कंफर्टेबल है कि उसको लगता है. मैं बात अच्छी से नहीं रख सकता और फिर वो. एक व्यक्ति में देखना बीडियो स्मार्ट लग. रहे थे आप परिचय में आपकी टीम एकम रो हां. बढ़िया कोट पैट पहन के मेकअप पेकप किया था. उसम पहली बार लाइफ में मैंने परिचय में. मेकअप किया था मैंने कभी भी 10 मिलियन से. पहले लाइफ में मेकअप नहीं किया था कभी भी. एकदम ललन टॉप बना दिया था आपको उस गाने. में हा बढ़िया एकदम चमकम टोपी ी लगा के. यार अच्छे तो लगते ही है कैप वेप लगा ले. कोट पैट पहन ले तो बढ़िया ही हालांकि मैं.
उसके बहुत अपोजिट हूं साधारण जीवन में ना. ऐसे ये मेरी पता नहीं कितने चार पाच साल. पुरानी जैकेट हो गई ऐसे कपड़ों पड़ों का. मुझे ना कपड़ों का शौक है क्या कर इतना. पैसा क्या करते हो फर इतने पैसे का इतना. छाप के रखे उस क्या करते हो फरना पहनने का. शौक है बयाह कर नहीं रहे हो लड़का बच्चा. हुआ नहीं है तो फिर पैसा करते क्या हो. इतना पैसे तो मैं घर लिया मां के लिए अपनी. घर लि एक बार घर आ गया गाड़ी आ गई होगी तो. वन टाइम इन्वेस्टमेंट है उसके बाद अपने. अपने छोटे भाइयों के शौक पूरे करा रहे हैं. अपने चाचा जी के अपनी मां के अपने अपने.
शौक क्या है मे तो शौक खाना पीना है खाता. हूं मैं मस्त हो के एकदम खूब खाता हूं मैं. वेजिटेरियन नॉन वेजिटेरियन प्योर. वेजिटेरियन उसमें भी ऑप्शन लिमिटेड हो गए. नहीं क्यों बढ़िया बढ़िया है आलू आलू गाजर. मटर और बंद गोभी फूल गोभी आलू गाजर मटर. गोभी कितने की आती होगी यार कितने की आती. होगी उससे मतलब नहीं है ना स्वाद से मत क. फि. आदमी शौक करता है ना बस आदमी शौक होते है. नहीं मैं सच बताऊ मैं अपने मेरे मां के. मेरे चाचा जी के मेरे भाइयों के शौक अगर. पूरे हो जाए ना हम तो मैं उसमें बहुत.
ज्यादा खुश रहता हूं सच बता रहा हूं मैं. मुझे दूसरों को खुश देख के बहुत मजा आता. है और और मेरी वजह से हो रहे हैं तो और. ज्यादा किक आती है लॉन्ग टर्म में कहीं. ऐसा तो नहीं कि ऋषिकेश उष में कहीं पर एक. नहीं नहीं अपने यहीं पर ही कहीं पे खेत त. लेके अपने खेत में ही घर भर बना लेंगे एक. घोड़ा रखेंगे गाय भैस रखेंगे खेतीबाड़ी. करेंगे अपने अपने बच्चों को उसी में. लगाएंगे अपना खूब मौज मस्ती करेंगे ऐसे ही. ये ऋषि केश जी तो हम वैसे भी जा सकते हैं. नॉर्मल भी सिंपल होके लेकिन हर आदमी अगर.
अध्यात्मिक हो रहा है तो बातों में. अध्यात्म आपके कूटकूट के भरा है जीवन में. ज्ञान की भी अब कमी नहीं रह गई है तो. अध्यात्मिक आदमी पर जब पैसा आ जाता है. कामयाब हो जाता है तो वो ज्ञानी बन जाता. है अपने आप ही पूरे दिन वो ज्ञान देता है. तो मैं भी उसी श्रेणी में हूं मुझे लगता. है कि ठीक है थोड़ा ज्ञान दे दो तो आदमी. ज्ञानी हो जाता है बस और क्या है ज्ञान. पेलता है पूरे दिन ज्ञान ज्ञान ज्ञान की. कैसी चीज है आप आपको हमेशा लगता है कि. जितना बांटेंगे इंस्पायर भी करती है ना. जैसे आप जब यहां पहुंचते बहुत लोग ये भी. अच्छी बात है ना कि आज आप वहां पहुंचे लोग.
देख रहे होंगे कि मैं भी अ भड़ाना बन सकता. हूं ये तो अच्छी चीज है ना आपकी सक्सेस. देख के जो मुझे पर्सनली खुशी होती है वो. ये कि एक इंसान जो टूटी फूटी हिंदी बोलते. है जैसे अभी आपने कहा अ फल होता है आप. उसको फल कुछ जैसे कह रहे थे आप एक दो शब्द. सो मुझे रिलाइज हुआ कितनी शानदार चीज है. कि हमारे यहां से इंसान देश की मिट्टी से. निकल कर आता है और शानदार तरीके से है और. करोड़ों लोगों की इंस्पिरेशन बना बैठा है. सो आपको देखकर ऐसे करोड़ों लोग होंगे जो. शायद रोज इंस्पायर होते होंगे कि हम भी. अमित भड़ाना बन सकते हैं या हम भी अपनी. फैमिली में जो आपने कहा कि एक आदमी होना. चाहिए जो आपकी जी फैमिली क्वालिटी को यहां.
से यहां पहुंचा दे तो इंस्पायर तो किया. आपने लोगों को ये भी सौभाग्य है ये है. मतलब मैं तो हमेशा से कहता हूं कि मेरे. अंदर उतने कुछ खास गुण नहीं है या उतना. मैं टैलेंटेड नहीं हूं जितने और लोग मुझसे. ज्यादा टैलेंटेड है या मुझसे ज्यादा सक्षम. है ये मेरे कुछ बड़े बूढ़ों के कर्म है जो. मुझे मिले हैं ठीक है एक क्वेश्चन आया था. अमित से पूछेगा कि वीडियोस बहुत लेट आते. हैं क्यों समय लगता है क्वालिटी समय लगता. है क्वालिटी आई थिंक पहले क्वालिटी नहीं.
क्वालिटी बढ़ा दी आपने वीडियो से कंटेंट. की राइटिंग में शूटिंग. में लॉन्ग बनाने लगा मैं दो दो घंटे की. फिल्म बनाने लगा हम और फिर वो चल जाती है. तो और भी जैसे मैंने पहली फिल्म डाली थी. अमित बढ़ाना एलएलबी हम उसपे दोनों पार्ट. को मिला के ह हॉट स्टार को दी थी 35. मिलियन व्यूज थे उन पे फिर मैंने पगल डाली. वो भी 22 23 मिलियन व्यूज आए तो वो उ उनकी. क्लिप्स भी आजकल बहुत चलती हैं तो फिर. आपको ना कहीं ना कहीं कंटेंट घेर लेता है. फिर आपको पता लग जाता है कि अरे वाह समय.
लेकर आ रहे हैं लेकिन चीज अच्छी बन रही है. एक क्वेश्चन आपके किसी दोस्त को लेकर आया. मुझे इनका नाम आ है कि अमित भडारा उनके. दोस्त मोहित अलग क्यों ई मोहित तो मेरा. कोई दोस्त ही नहीं है मोहित तो मेरी बुआ. का लड़का है चलिए अब लोगों ने लिखा था. मैंने वो डाल दिया सक्सेसफुल नहीं तो. रिश्तेदार कैसे थे रिश्तेदार का क्या. बिहेवियर था रिश्तेदार तो मुझे पहले से ही. नहीं अच्छे लगे अपने क्यों पता नहीं क्या. मुझे ऐसे चप्पल चोर से ही लगे सारे के. सारे ना थोड़े. से जो मेरे रिलेटिव्स थे ना मतलब मैंने.
अपनी लाइफ में जितने भी रिलेटिव्स देखे. अपने ज्यादा मतलब वाले ज मैंने कहीं सुना. भी था कि आपने कहा कि इन सब को पैक करके. उठा के किसी ऐसे देश में भेज देना चाहिए. जहां डेमोक्रेसी ना हो मजा आएगा है ना. तगड़ी चीज क्यों ऐसा व इने पता लगेगा ना. कि अपनी ओपिनियन उस व्यक्ति को नहीं देनी. चाहिए जो व्यक्ति देखो मैंने आपको पहले भी. बोला था कि जब व्यक्ति ये बता देता है ना. कि मैं बहुत कमजोर हूं तो ये दुनिया बहुत. दबाती है तो जब अब जब कभी भी मतलब मुझे. महसूस हुआ है कि जब कभी भी हम गरीबी के.
दौर में रहे हैं तो दिखा छोटा दिखाने की. कोशिश की थी हां मतलब वो ऐसा होता है ना. कि आदमी का सबसे बड़ा जो हथियार है ना वो. आज के समय में उसकी जुबान है वो आपको ऊपर. भी चढ़ा सकती है वो आपको नीचे भी ला सकती. है तो रिश्तेदारों की जुबान तो हमेशा नीचे. ही लाती है. सबको मुझे कहीं ना कहीं लगता है रिश्तेदार. थोड़ा सा ओवर कर देते हैं हर एक व्यक्ति. के साथ ना हम कि बहुत कम ऐसे लोग होते हैं. ना जो बुरे समय में साथ खड़े रहते हैं तो.
मैं आप कमजोर है मैं आपको बताया जा रहा. हूं आप कमजोर हैं तो आप तो और डबल कमजोर. हो रहे हो मतलब हाथ पकड़ के उठा नहीं सकते. तो धक्का मत दो धक्का मत दो नीचे धक्का मत. धक्का मत वही वही है और जब आप आदमी कामयाब. होता है तो उसकी टांग भी खींचते हैं लेकिन. वो भूल जाते हैं कि वो गड्ढे में खुद है. अब तो सब बदल गया होगा ना अब तो आपको सब. चाहते होंगे कि लड़का हमारा है हां बढ़िया. है मैं मैं भी अच्छे से ही ट्रीट करता हू. बप मेंही खता था हम खिलाए थे नहीं मैं भी. अच्छे से ही ट्रीट करता हूं मैं भी मेरी. भी उनसे कोई शिकायत नहीं है कि मेरी कुछ. ऐसी शिकायत थी बस और मैं याद रखता हूं एक.
समय का ना कि मैं यह देखता हूं कि इंसान. कितना बदलता है बात कभी कैसा है अभी कैसा. है मैंने आपकी एक बात सुनी जो मुझे बड़ी. इंस्पायर कक मैं भी पार्टी वार्टी बहुत कम. करता हूं और मैंने आपका एक वीडियो देख रहा. था सामने कहा. कि बड़ाना घूमते क्यों नहीं है या तो आपका. जवाब यह था कि जब वक्त खराब तो मेहनत कर. रहे थे काम कर रहे थे अब वक्त अच्छा चल. रहा है तो भी काम ही करेंगे ना और जब वक्त. अच्छा बनना शुरू हुआ था ना तब बहुत कम. मेहनत थी आज अब तो बहुत ही ज्यादा मेहनत.
है बहुत ही ज्यादा मेहनत है हर एक चीज में. इतनी मेहनत है ना इतनी बारीकी है बहुत. ज्यादा बहुत बहुत ज्यादा मुझे याद नहीं कि. मैं कब लाइफ में पिछले तीन साल में कब. अच्छे से आठ घंटे की नींद सोया. हू बहुत तसल्ली वाली की अब उठे हैं मतलब. प्रेशर य है कि अगर 4:00 बजे सो रहे हैं. कि या 9 बजे उसका यह काम निपटाना है 10. बजे ये निपटाना है 11 बजे निप लेकिन. क्योंकि तो मनमर्जी के मालिक हो ना लेकिन.
बांध के भी तो रखना खुद को बहुत ज्यादा. जरूरी है ना आप अपने मनमर्जी के उस वजह से. आप किसी और का शेड्यूल तो नहीं बदल सकते. ना अब किसी व्यक्ति को आपसे 10 बजे मिलना. है तो आप तो उसको 10 बजे की जगह 4 बजे का. टाइम देकर उसके 6 घंटे खराब कर रहे हो ना. तो मिल लो फिर फिर रेस्ट कर लो ठीक है एक. सल आपकी सिंपलीसिटी को लेकर था कि भाई अब. तो पैसा आ गया है अब क्यों नहीं सिंपलीस. अभी भी सादगी क्यों सादगी ना रखने की क्या. वजह सादगी क्यों ना रखू वो मुझे ज्यादा.
सवाल मैं पूछता हूं कि सादगी क्यों ना रखू. मतलब क्या दुनिया को मजा आता है शो ऑफ कर. दिखाने में बढ़िया जैकेट पहनी है महगा. कपड़ा पहना है इतनी की आती है इतने का आता. है आप चप्पल पहन के चले आए हो ठीक है अब. मैं क्या. करूं मेरे सच में मुझे नहीं है मेरी लाइफ. या सबके शौक होते हैं किसा गनर चल रहा है. चार भाई चल रहे हैं ये ऐसे वाले शौक है. कपड़े का शौक नहीं. नहीं मेरे भाइयों को तो मैं हमेशा साथ में. रखता हूं भाई हमेशा साथ में होने चाहिए. भाइयों को मौज कटाओ जितनी भी ज्यादा हो. सके भाई अगर मौज काटेंगे भा साथ कौन सा. कांड किया सारे कांड उ के साथ कि कोई शेर.
कर स छोटे भाई तो मेरे जितने भी है मैं. उनके साथ बहुत रिस्पेक्ट से रहा हूं एक. दायरा रखा है जिन भाइयों के चेहरे पर यहां. मुस्कुराहट आ रही है सवाल पूछने उनके साथ. कौन सा कांड किया इनके साथ तो सारे इनके. साथ ही हुए सारे पाप जीवन में कोई एक पाप. जो ऐसा हो जिससे शेयर कर सकते हो. तो करने में बड़ी. एक मेरी दिक्कत ये है कि मैं नाम ले देता.
हूं भाइयों को कौन से शौक पूरे करवा दिए. नहीं भाइयों को तो मैं पूरे शौक कराना. चाहता हूं गाड़ी करो अपने अच्छे कपड़े. पहनो अच्छा खाओ अच्छा पियो घूमो और मम्मी. की खूब और चाचा जी की खूब इज्जत करो. सम्मान में रहो मेरे छोटे भाई तो वैसे. नहीं है ना जैसे आप सोच रहे हैं कि वो मैं. से ना कभी फ्रैंक हो मेरे दोस्त वो पर मैं. उनसे कभी फ्रैंक नहीं होता रिश्ते का. रिश्ते की अलग मर्यादा रखता हूं यार. दोस्तों के साथ तो एक अलग फ्रैंकनेस है. उनके साथ तो अस मजाक होता है सब चीज होती.
है दोस्ती में मेरे किस्से सबसे ज्यादा. रहे सुनाएंगे नहीं सुना देंगे आप. मतलब कौन सा कर्मकांड पाप किया मैं आपको. बताऊ दोस्तों के साथ मेरे इतने किस्से हैं. ना कि अगर मैं आपको बताने पर आ हमको एक. सुना दो कोई ऐसा जिसम लगता हो यार यह वाला. कर्मकांड तगड़ा था. या. तो मेरे एक दोस्त है देखो अगल बगल सबको. सबको याद आ गए सबके विजुलाइज हो रहा है. सबको क्योंकि यहां पे प्रॉब्लम ही एक है. कि मेरा दोस्त एक ही बैठा है हां जो मेरे.
साथ रहा है कांड किया जिसने कांड किया है. अब वो मुझे कहता है कि मैंने उसके दो तीन. ऐसे कांड सुना दिए कि जब उसके पर्सनल. लोगों तक वो जाते हैं तो वो ये पूछते हैं. कि हैं भाई हा तो उनके घरवाले घरवाले का प. करते हैं अब मेरा क्या मैं तो बोल के हट. जाता हूं क्योंकि मेरे लिए वो नॉर्मल बात. है अगले के लिए बड़ी पर्सनल पर्सनल बात है. जैसे कि हम जब स्कूल में थे तो मेरे एक. दोस्त ने बोला कि एक बड़ी खूबसूरत लड़की. हुआ करती थी मॉर्निंग शिफ्ट में हम इवनिंग. शिफ्ट में पढ़ते थे तो बोला कि भाई यह.
मेरी गर्लफ्रेंड बन गई है तो हमने कहा. कैसे बस जलवे हैं तेरे भाई के फैक के मारी. दो चार पांच बार इंग्लिश दो चार बात करी. मुझसे कह रही थी कि तुम्हारे बाल बहुत. अच्छे हैं तुम दिखने में बहुत अच्छे हो अब. हमारे को ये नहीं फर्क पड़ रहा हम ये सोच. रहे कि उसकी पसंद ये हो गया इतने बुरे दिन. आ गए उस लड़की के कि ये हमारा दोस्त उसकी. पसंद हो गया और उसने पूरी की पूरी. स्क्रिप्ट रच दी वो दोपहर में ट्यूशन.
पढ़ने जा रही है तो उसके साथ भी चल रहा है. आप देख रहे. होल नहीं नहीं हम तो बस हम खुशी खुशी होती. थी दुख बस इस बात का होता था वो कहानिया. जो सुनाता था हाथ से गोलगप्पे खिलाए आज. मुझे ऐसे बाल बालों प ऐसे हाथ मार के कह. रही थी कि बाल थोड़े से काढ के आया करो. मतलब वैसे आया करो तो बड़ा दुख होता था. मैंने कहा यार बताओ क्योंकि लड़कियों से. हमारा तो इंटरेक्शन ही नहीं है ना 11वी. 12वीं क्लास में सरकारी स्कूल में पढ़ रहे. हैं लड़कियों से अगर जिस दिन इंटरेक्शन.
हमारा हो जाता था तो तो टॉपिक होता था एक. हफ्ते का कि भाई आज मधु ने यह कहा कि एक. मिनट साइड हटो ग तो सब ऐसे बात करते थे जब. मधु ने ऐसे बोला कि साइड हटो ग तो तूने. देखा मधु ने जो रेड सूट पहना हुआ था उस. टाइम पे वो वो तब पहन के आई थी फेयरवेल पे. नहीं नहीं नहीं मैं बताता हूं उसका चश्मा. चेंज था यार इस बार अरे मैं बता रहा हूं. भाई पर तूने एक बात देखी हील नहीं पहनती. अब मधु हमारे लिए सात दिन तक मधु बहुत. बड़ा टॉपिक हो जाता था तो उसकी बात हो रही. है अब पर अब मुझे थोड़ा सा हमेशा से.
लीडरशिप का शौक था तो मुझे लोगों ने काम. दिया कि भाई यार ऐसा भी कैसा यार भाई देवर. है यार हम एक बार यार चुपचाप भाभी से बात. भी नहीं कर सकते क्या उसके सामने वो नहीं. करा रहा तो क्या हुआ मैंने कहा लेते हैं. पूरा वो लेते हैं मैंने कहा रिस्पेक्ट से. करते हैं काम तो उनकी छुट्टी हुई दोस्त. हमारा उस दिन आया नहीं था स्कूल में मैं. मैं काम पूरे प्लानिंग से करता था मैंने. कहा वो जिस दिन नहीं आएगा नहीं तो वो. हमारे साथ ही रहेगा उसको कैसे हटाएंगे हम. तो वो जा रही थी उधर से भाभी.
नमस्ते कहती है हु आर यू अब इंग्लिश भी. ऐसी थी मैंने कहा आई एम फाइन यू टेल तो. उसने कहा मैं पूछ र हूं कौन है तू मैंने. कहा मैंने कहा मैं पहले नंबर का देवर ये. दूसरे का कौशल ये तीसरे नंबर का. कह रही एक लगेगा ना ठीक हो जाओगे मैंने. कहा क्या लड़ाई वड़ाई हो गई क्या भाई से. कोई दिक्कत है क्या कह र कौन भाई मैंने.
नाम लिया क र कौन है ये मैंने कहा अब जो. उसका नाम था हमने उसके इर्दगिर्द तीनों और. नाम लिए मैंने क्या भाई ऐसा भी होता है ना. संजीव का नाम संजू भी होता है तो हमने. उसके ऐसे नाम बिगाड़े मैंने कहा ये क्या. अरे कौन. ये मैंने कहा गोलगप्पे नहीं खिलाए कह रही. कौन है तुझे मैं लास्ट टाइम समझा र हूं. मैंने कहा अब आप. जाओ अब आप जाओ अब हमारा काम है लड़का आया. अगले.
दिन हमने कहा भाई भाभी के साथ क्या है क. कुछ भी नहीं बस आज आफ्टरनून में एक मीटिंग. है उनके साथ तो तीसरा पीरियड गोल मार के. जाऊंगा मैं मैंने कहा अच्छा मैंने कहा. हमें लेकर चलेगा कह र नहीं वो लाइक नहीं. करती आप लोगों को मैंने कहा क्यों कहरे बस. ऐसी आपकी हरकतों की वजह से अच्छा मैंने. कहा ठीक है वो गया निकला हम पीछे पीछे. निकले अच्छा पूरी स्क्रिप्ट रच के गया था. नाई की दुकान में बैठा बाल कटवा हमसे कह.
गया मिलने जा. रहा हमने देख लिया वापस आया क यार जिद कर. रही थी बाल बड़े करा के तो कटवाए मैंने. उसके साथ ही था हमने कहा तू जानता है. उसको उसको मुझे जानने की जरूरत है मैंने. कहा बिल्कुल है क्योंकि वो तुझे नहीं. जानती है अब यह बात मैं उससे अकेले में कर. रहा था उसने 30 सेकंड में सरेंडर कर दिया. मेरे कंधे बाद र के रहा भाई हाइप बनी हुई. है बनी रहने. दो मैंने कहा फिर बेवकूफ बनाया जा रहा है.
मैंने कहा फिर यह तो उस दिन साथ कैसे चल. रहा था कह रहा भाई तुमने वाइड एंगल से. देखा ना वाइड एंगल से 1 किलोमीटर से. देखोगे तो मैं तो साथ ही चल रहा हूं क्लोज. अप मार के देखो वो ऐसे चल रही है कि ये. कौन चल रहा है मेरे साइड में आपने क्लोजअप. नहीं लगाया वाइड लगाया मैंने कहा ठीक है. भाई अब उसने मुझे स्क्रिप्ट का पार्ट बना. दिया उस दिन से कह रहा अमित भाई अमित भयो. कल कैसे कल कैसे मेरा हाथ पकड़ के कह रही. थी अब मैं स्क्रिप्ट का पार्ट हूं मैंने. कहा हां कल इसका हाथ पकड़ रखा था और इसको.
कह रही थी तुम्हारे हाथ कितने सॉफ्ट हैं. मैं स्क्रिप्ट का पार्ट जब अब वो 30 पर. मुझसे काम कराता था अपने ऐसे ही अमित यार. कल की बता कल कितनी कल कितनी एक्साइटेड. होके वो कह रही थी कि प्री बोर्ड के बाद. हम लाल किला चलेंगे घूमने मैंने कहा हां. बात चल रही थी कह रही थी अब लड़ के मेरे. से यार भाई तू बड़ा लकी है यार तेरे से. यार वो बात वो लड़की सच में बड़ी सुंदर थी. तो इसलिए लोग ज्यादा वो थे कि ऐसे करके. लेकिन वो स्क्रिप्ट ज्यादा दिन तक चल नहीं. पाई उसने मुझे डिच करा लड़के ने छोले.
कुलचे नहीं खिलाए एक दिन जिस दिन उसने. मुझे कुलचे नहीं खिलाए मैंने उसका बहुत. तगड़ा एक्सपोज मारा मैंने कहा नहीं है भाई. मुझे स्क्रिप्ट का पार्ट बनाता था उस दिन. से लड़की को बड़ी दिक्कत हुई अच्छा फिर. क्या हुआ कटू पाच या छ साल बाद कॉलेज के. टाइम. में वो लड़की उसकी दोस्त बन. अब तो क्योंकि वो बन जाते हैं ना कॉलेज. वॉलेज में आ गए मैच्योर हो गए अच्छे से. बात करने लगे दोस्त बन गए हमें फोटो. दिखाया उसने भाई साहब हमने पूरी पूछताछ. करी कि फोटोशॉप तो नहीं है क्या है फिर तो.
टेक्नोलॉजी आगे बढ़ गई फिर उसने दिखाया टा. प फॉलो देखो मैंने कहा यार फॉलो कर रही है. उसको प देखो कल स्टोरी भी डालूंगा इसके. साथ उसकी ईगो हटती तो मैंने कहा. कुछ बात बात आगे चल गा कह रहा भाई अब कोई. स्क्रिप्ट नहीं करूंगा यार शादी हो गई. इसकी अब नहीं हो सकती बात इससे आगे अब. इससे बात खत्म हो चुकी वहां पर उसने. स्क्रिप्ट नहीं रची कोई भी नहीं तो वहां. भी रचता तो हम वहां भी पूछता बिठाते पूरी. टीम तो आज भी एक्टिव है जी पूरी स्कूल की.
टीम पुराने किरदारों में पूरी एक्टिव है. चार मिनट में बता देंगे किसकी कहां बात चल. रही है ं प कभी किसी को मैसेज किया आपने. कोई लड़की अच्छी लगी नहीं मैं कभी नहीं कि. फन किसी फैन को फैन तो यार आपके लिए बहुत. मैं मतलब शायद वर्ड थोड़ा अजीब हो जाएगा. बट मेरे लिए. बहुत किसी फैन ने मैसेज किया लड़की देख. कभी उसकी प्रोफाइल स्टॉक की चलो देख लेते. हैं थोड़ा सा हां ऐसे हो गया होगा बट कभी. उस वे में मतलब फैन को मैं सच बता रहा हूं. आपको मैं इसमें इसे अदर वाइज लेने की. जरूरत नहीं है लेकिन मैं.
बहुत पॉजिटिव उस वाले वे में देखता हूं. हमेशा मैं ऐसे नहीं देखता कि कोई अगर कोई. फैन लड़की मुझे कह रही है कि पसंद करते. हैं आपको तो ठीक है ठीक है बस इतना सही है. जीवन में इतने सारे लोग हैं इतने सारे वो. हैं लेकिन जो आपको पसंद करते हैं आपको. उनको जिस वे में वो आपको पसंद करते हैं आप. सिर्फ उनसे उन्ही वे में पसंद करा ठीक एक. मोबाइल का रिंगटोन क्या. आपके मोबाइल का रिंगटोन तो अभी तो बजाओ. भाई कोई किसी ने पता नहीं क्यों पूछा कि.
अपने मोबाइल का रिंगटोन चेंज कब कर रहे हो. अच्छा वो फोन मेरा एक रिंगटोन है ल लू लू. ल ल ल ल ल ल ल तो वो उसको कह रहे कि उसको. रिंगटोन को कब चेंज करेंगे वो मेरी. वीडियोस में रिंगटोन होती है ओके बट रियल. में तो मेरी हां भाई किसी ने पूछा मैंने. भी सोचा ये क्यों पूछा किसी ने अब वो लल. ललू के ऊपर होगा क्या है वो वो मेरी एक. मैंने एक मुंह से एक आवाज निकाल र लललल लल. ललल तो वो है वो बहुत फिल्मों में यूज ई. है आपको पता है दबंग थ में हाउसफुल में वो.
रिंगटोन सब यूज करते कितना आसान होता है. मेरे लिए पॉडकास्ट करना सारी चीज अपने आप. मिल जाती है रिसर्च करने की जरूरत नहीं. फैस डाल दे हा होता है होता है सक्सेस के. नुकसान क्या. है फायदा दुनिया जानती है नुकसान क्या. होता है मैं आपको सच बताऊ सक्सेस सिर्फ. आपको अ पावर और फाइनेंशली हेल्प करती है. मेंटली तोड़ती है. हम यह रियलिटी है.
कि यह है कि एक औधे पर पहुंचना बहुत आसान. है या आप मेहनत से आप पहुंचेंगे लेकिन. उसको लगातार वहीं पर नियंत्रण करके रखना. बहुत ज्यादा मुश्किल है कभी-कभी दिमाग भी. खराब होता है कभी-कभी आप बहुत मोटिवेट भी. फील करते हैं लेकिन मुझे लगता है कि जिस. वजह से आपको सक्सेस मिली है जो उसका मेन. कारण था वो आपको कभी नहीं छोड़ना कभी नहीं. छोड़ना चाहिए तो सक्सेस आपको कभी नेगेटिव. नहीं लगेगी लेकिन हा ये कारण है कि सक्सेस. मेंटली तोड़ती है आपको कभी-कभी आपका दिमाग.
खराब करती है कभी-कभी आपको पावरफुल फील. कराती है कभी-कभी आपको वैसा महसूस कराती. कि आप बहुत अलग है लेकिन आप फिर उसको ले. कैसे रहे जैसे मैंने आपको पहले भी बोला था. असली पावरफुल वो नहीं है जिसके पास पावर. है असली पावरफुल वो है जो पावर को कंट्रोल. करना. जांग मेकर. जिसको पता है ना कि मुझे अपनी पावर का. दुरुपयोग नहीं करनी एक क्वेश्चन जो और. बहुत कॉमन आया अचानक से अध्यात्म के प्रति. इतना झुका मेरा तो शुरू से था यह शायद नए.
लोग होंगे जो अभी जुड़े होंगे कुछ नए भाई. होंगे जो जुड़े हैं मेरे तो शुरू से र. कोविड के बाद से आपने लोगों के अंदर बहुत. देखा होगा लेकिन मैंने तो जब 2020 में ही. गाना निकाला था तब मैंने बोला था. कि मेरे पीछे मेरी मां और भोलेनाथ खड़े. हैं तो मैं तो शुरुआत से ही ऐसे रहा हूं. चाहे मैं गल का गाने में कहा कि भोलेनाथ. उसकी बाबा मोहन राम की फौज तो मैं तो शुरू. से ही अध्यात्मिक बहुत ज्यादा रहा हू मेरे. आप पहले के भी इंटरव्यूज देखेंगे या वो.
देखेंगे अब लोग उसके बारे में बात करने. लगे पहले बात करने में घबराते थे हम उनको. बोलते थे इंटरव्यू वालों को कि आप हमारी. स्पिरिचुअल लेवल पर भी जाकर बात की लोग. कहते थे कि भाई इसके बारे में कौन सुनेगा. हम कहते थे ठीक है भाई मत सुनाइए हमने तो. राजाराम के ऊपर आधे घंटे बात कर ली होगी. मैं ल हां जी आराम से वही मैं कह रहा हूं. कि अभी अभी इन लोगों ने इस वे में देखना. शुरू किया मैं तो हमेशा से ही ऐसे ही रहा. हूं हम.
youtube2 बार अच्छा youtube3 ाल हूं ना. जैसे डाली है उस दिन देखता हूं कि कुछ एरर. तो नहीं आ गया कलर डीआई वगैरह क्योंकि. टीवी पर अलग होता है फोन में अलग होता है. तो सब में हालांकि पहले भी मैं 20-20 बार. देख लेता हूं बहुत बार अभी भी चेक करते हो. एवरेज टाइम व्यूअरशिप कितनी आ ये तो मैंने. वैसे शुरू में भी चेक नहीं किया कभी नहीं. चेक कि मैं व्यूज चेक करता था 2020 तक हा. ब जैसे मान लो आपने बड़ा वीडियो बनाया एक. घंटे का या 40 मिनट का व्यूअरशिप नहीं. अच्छा कितने मिनट तक लोगों ने देखी हैज.
वशिप उसको रिटेंशन वो कहते हैं ना क्या. कहते. हैं है ना रिटेंशन वो तो देख वो तो मैं. देखता हूं हमे हमेशा देख और अपने अलावा. किसे देखते हो. प य प मैं मैं बड़े अजीब अजीबी ची देख सब. ना गाने टीचर है आपने खुद कहा बहुत सारे. टीचर्स कुछ तो देखते हो मेरा एक एल्गोरिदम. बना हुआ है जो चीज लगातार देखता रहता हूं. गाने जैसे सुन रहा हूं तो गाने मुझे आ रहे. हैं आध्यात्मिक बातें कर रहा हूं तो.
आध्यात्मिक जैसे मुझे नासा और इसरो की. वीडियोस बहुत देखने का शौक है और आप वो. नहीं देखते कि मतलब क्योंकि मेरी साइंस. थोड़ी वीक है तो आप मुझे बताना कि जैसे. बंदा जब अंतरिक्ष में है तो वो कैसे ब्रश. कर रहा है फ्रेश हो रहा है ये सब चीज नहीं. दिखाते मजा आता है देखिए मतलब एकदम ऐसे. नहीं लगता कि ये क्या दुनिया कट गए कट गए. सब कुछ और भाई कभी कुछ हो जाए बाय मिस्टेक. तो कैसे सरवाइव होगा क्या होगा एकदम से. लगता है बढ़िया लगता है वह चीज अलग है.
एकदम मुझे बहुत तगड़ी देते है तो वो. वीडियोस मैं बहुत ज्यादा देखता हूं. पॉडकास्ट भी देखता रहता हूं जैसे मुझे. लगता है कि कोई इंसान इंस्पायर करता है. पॉडकास्ट में तो इंसानों की कहानिया सुनते. होगे आप कोई इंसान इंस्पायर किसी कहानी. इंस्पायर कर गई इसको सुना यार कुछ सीख. लिया अच्छा ऐसे तो ऐसे तो बहुत बहुत कॉमन. बातें भी आपको कभी-कभी कर जाती है जैसे. कॉमन जैसे आप ही ने कोई बहुत कॉमन बात बोल. दी तो वो भी इंस्पायर कर जाती है जर्नी तो. मैं सच बताऊ मैं तो हर किसी की मुझे जर्नी.
ना आप अपनी भी जर्नी मुझे बताएंगे ना मुझे. वो भी इंस्पायर कर क्योंकि एक इंसान एक. जगह पर बैठा है ना उसने कुछ तो ऐसा कर्म. करा है टॉप क्लास कि कहीं तो वह जिद्दी है. आदमी को आदमी की सक्सेस मिलने के कारण जिद. पना अलग होना ठहराव होना या बिल्कुल ही. पेशेंस कम होना यह भी बहुत बड़े शामिल. होते हैं एक आदमी की सफलता में जिस आदमी. में पेशेंस बहुत कम है ना उसको देख लेना. सक्सेस बहुत मिलती है क्योंकि उसके अंदर.
है ही नहीं वह कल का कंट्रोल ही नहीं कर. रहा उसको चाहिए अभी तुरंत चाहिए और तुरंत. के चक्कर में 100 बार वह बिगाड़े लेकिन 50. बार वोह चीजें भी अच्छी कर देगा तो यह. चीजें बहुत इंस्पायर करती हैं मुझे आपने. राइटिंग कर ली एडिटिंग कर ली वीडियो बना. दिया गाने भी आ रहे हैं आपको आपके गाने के. लिए भी शुभकामनाएं धन्यवाद यहां से अब आगे. क्या अमित भडाना का क्या कुछ तो होगा ना. लाइफ में क्या करना आगे कुछ सोचा होगा. मुझे थिएटर में फिल्म बनानी. है लिए थिएटर के लिए मुझे फिल्म बनानी है.
और मुझे मेरी कुछ अपनी पसंदीदा कहानियां. है वो दिखानी कुछ मैंने. बहुत अच्छी-अच्छी कहानिया आखरी सवाल अमित. भड़ाना बिग बॉस जाएंगे नहीं किसी सीजन में. जाएंगे क्यों नहीं जाएंगे नहीं अगर मुझे. मेरा मन नहीं है हां मुझे नहीं होता होता. आया कब आया था आते रहते हैं व ऐसे वर्ष. मुझे ध्यान नहीं होते फिर क्यों मना किया. आप मुझे ऐसे लगता है कि अभी जो मैं काम कर.
रहा हूं मैं उस परे बहुत फोकस हूं मेरा. फोकस कहीं पर जाना बड़े लंबे समय का एक. गैप हो जाता है बड़े एक लंबे समय तक आप. वहां पर पहुंच जाते हो तो तीन महीना बना. मइल के रह सकते हो आप कितने तीन महीना बना. मइल के हां रह सकते मैं वैसे भी दिन में. एक घंटे ही फोन इस्तेमाल करता हूं मैं. ज्यादा फोन इस्तेमाल भी नहीं करता मैं. बहुत लौंडे लपाड़ में बैठ के बात करने. वाला आदमी हं मैं बिल्कुल ऐसे करता ही. नहीं हूं तो बढ़िया आराम से बैठ के बकती. करने एक दोस्त उठा लेना हां तो ये यही. होता है आप आप देखो आप बात मैं बताता हूं.
आप बात करके पैसे कमा रहे हो ऐसी बात है. हम दिन में पूरे दिन करते हैं हम कमा नहीं. पा रहे नहीं तो हम भी दो कैमरे लगा द और. ऐसे बात कर आपने भी तो वही आपने दिखाया. वही जो लोग करते हैं आप उसके पैसे कमा रहे. थे जो लोग कर रहे थे इंसान का जैसे हम. बैठे हैं ये भी एक पॉडकास्ट है चार आदमी. बैठ के अपने जीवन की बात कर रहे हैं वो भी. एक पॉडकास्ट ही है अब हर चीज मुझे. पॉडकास्ट ही दिखाई देती है बस फर्क इतना. है कि आप कैमरा लगा के उसको रि कर अलग-अलग. लोगों की शख्सियत निकल रही है ना जैसे आज. जो ये पॉडकास्ट ही अमित भडाना रिलेटेड है. इसको वो इंसान देखेगा जो आपको पसंद करता.
है या आपकी जिंदगी में दिलचस्पी रखता है. या जो आपसे इंस्पायर है पसंद नापसंद जो भी. कर रहा होगा सो उसे आपको समझना होगा तो वो. देख लेगा ये कहानी ऐसी है और मुझे बड़ा. अच्छा लगता है कि मैं लोगों की शख्सियत को. समझूं क्योंकि आप एक पॉडकास्ट करके एक. इंसान को निचोड़ लेते हो जी उसके सोचने के. तरीके को उसकी लाइफ को लेकर नजरिए को उसकी. अच्छाइयों को उसकी बुराइयों को उसके. जिंदगी में क्या करना चाहिए और उससे. ज्यादा क्या नहीं करना. चाहिए तो आखरी जाते सवाब सक्सेसफुल होने. के लिए क्या नहीं करना चाहिए सक्सेसफुल. होने के लिए क्या नहीं करना चाहिए अपने.
माता-पिता. का डिस स्पेक्ट कभी मत करो मतलब चाहे आपके. पास शून्य भी है ना क्योंकि आदमी जब. नाकामयाब होता है ना माता-पिता जी को भी. उसके लिए ठहराने लगता है कि आपने मेरे लिए. यह नहीं किया आपने मेरे लिए वो नहीं किया. जितना उनसे बल बनता था उतना उन्होंने किया. है उससे 5000 गुना ज्यादा किया आप अपनी. नाकामयाब दूसरे के ऊपर नहीं फोड़ सकते. आपको आप कामयाब हो रहे हैं तो आप उसकी सत. प्रतिशत गारंटी लीजिए कि आप कामयाब हो रहे.
हैं तो अपनी वजह से हो रहे हैं आप ना. कामयाब हो रहे हैं तो उसकी भी आपको गारंटी. खुद अपने आप से लेनी पड़ेगी जैसे एक जगह. ट्रैफिक लग रहा था एक बंदा था तो जो वह. बहुत लड़ाई कर रहा था कह रहा था कि इतना. ट्रैफिक कर रखा है लोगों को चैन नहीं है. आराम नहीं है कहीं भी ट्रैफिक लग जाता है. कुछ भी लग जाता है बहुत गाली गलोज कर रहा. था और बराबर में ही एक आदमी था जो फोन पर. उसी ट्रैफिक में अपने बच्चे से बात कर रहा. था क्योंकि वो सात दिन से अपने ऑफिस की.
वजह से बच्चे से बात नहीं कर पा रहा था. ट्रैफिक में उसको समय मिला तो वो किया तो. कभी-कभी आदमी के लिए एक ही सिचुएशन किसी. के लिए बहुत अच्छी साबित होती है किसी के. लिए बहुत बेकार साबित होती है इसलिए मैं. हमेशा कहता हूं कि चाहे कुछ भी हो जाए. आदमी ना कामयाबी का ठीकरा कभी किसी के ऊपर. ना फोड़े अपनी वजह से नाकामयाब हुआ आदमी. ऐसे कह देता अरे यार उस दिन ना वो चीज हो. जाती ना तो ऐसे हो जाता अरे वो लिखी नहीं. थी वो लिखी ही नहीं थी होनी हुई वो कैसे. तेरी क्योंकि आप उस चीज से आगे बढ़ ही.
नहीं पा रहे जीवन में मैं आपको कुछ ऐसी. अपनी बातें बता सकता हूं अपॉर्चुनिटी बता. सकता हूं करियर के दौरान ही अगर मैं आपको. बता दूं तो आप ऐसे कहोगे सच बताओ भाई हम. ट्रस्ट नहीं करते आपको ऐसी चीज होने वाली. थी आपके साथ आपके साथ होने वाली थी मैं. कहता हूं हां यार अगर यह हो जाती तो अमित. भाई आज तो. क्या लेवल हो जाता यार आपका ऐसे होती. लेकिन क्योंकि मुझे पता था वो मेरे लिए. लिखी ही नहीं थी वो मेरे लिए बनी ही नहीं. थी आदमी क्या है ना ना कामयाबी के लिए. दूसरों को ठहरा है शुक्रिया अमत आपको बहुत.
सारी शुभकामनाएं और अच्छा लगा आपसे बात. करके बहुत बहुत बहुत कुछ जानने समझने. सीखने को मिला आशा करते हैं दर्शक भी. एंजॉय करेंगे थैंक यू सो मच थ.
