Unplugged ft. Akhilesh Yadav | Early Life | Love Story | Mulayam Singh Yadav | Samajwadi Party| UP
50 साल के अखिलेश. जी अभी भी युवा नेता है या उन्हें हम. वरिष्ठ नेता कहे अब उम्र उतनी है कि जितनी. अब मैं जी नहीं पाऊ जितना मैं जी चुका हूं. कोई बचा है अभी भी जो आपको टीपू बुलाता है. मैंने कहीं सुना था आपको बोलते हुए कि. जितनी मेरी बैक आई थी अगर उतनी किसी और की. आई होती उसकी हालत खराब आती सच हैय ये. सच्चाई है मुझे लगा कि एक में ही फेल हुआ. हूं मैं जब मैं रिजल्ट देख करके वापस आया. तो मेरे साथियों ने बोला कि ये एक वो है. जिसमें आप पास हुए बाकी सब में फेल हो. अखिलेश यादव जी ने उस टाइम पे इंटरकास्ट.
शादी की आपको डर ब नहीं लगता था मुश्किल. काम तो था दादी मां के के थ्रू बताया ता. दादी ने ही समझाया दादी ने ही बताया कि जब. नहीं मान रहा है तो उसकी शादी कर शादी. कितने साल बाद भी प्यार रहता. है अखिलेश जी के पिता मुलायम जी जदा सख्त. थे या आदिती टीना अर्जुन के पापा जदा सख्त. है नेता जी कभी-कभी सख्त थे दोनों को क्या. सा ग मैं सच नहीं हं 17 से 22 के बीच में. जो भी चुनाव है अखिलेश जी कहते रहे देखो.
मैंने यह काम किया यह काम किया यह काम. किया ब वोट नहीं मिला तो वा इट द राइज ऑफ. बीजेपी या डाउनफॉल ऑफ एसपी उस समय कुछ ऐसी. बातें हुई. थी हमें तो अपनों ने लूटा गैरो में कहा जो. अपने पिता का नहीं. हुआ अगर वो घटना ना होती 1 में सरकार. रिपीट होती मैं यह कहता हूं कि नेताजी. पूरा साथ देते हालाकि व बात आज नहीं कहनी.
चाहिए मुझे अखलेश यादव जी की शादी हुई तो. अटल बिहारी वाजपेई साहब आ गए शश प्रताप जी. की जब शादी हुई उसम नरेंद्र मोदी जी आ गए. आखिरी दिनों में देखा योगी जी बारबार. मिलने उनसे गए अब देखता हूं तो बड़ी खटास. चलती है मुझे वह घटना याद है पिताजी का भी. घर जा रहा था मैं उनके बगल में था मेरा भी. घर जा रहा था नेता जी ने कहा कि नहीं मैं. मुख्यमंत्री जी से मिलने जाऊंगा मैंने. उन्हें मना किया था नेताजी को और मुझे याद. है नेता जी गए थे और नेताजी के आते ही इस. सरकार ने ऑर्डर कर दिया था कि दोनों घर. खाली कराए जब मैं घर खाली किया हूं तो.
क्या क्या कहानी बनाई थी इन्होने अखिलेश. जी जिस मकान में वहां से सारे इटालियन ट. जिक्र भी था इटालियन टोटिया और भी बहुत. सारी बातें कई आपको वो संज्ञा दे दी गई एक. शब्द की दैनिक जागरण उस अखबार ने हेडलाइन. बनाई एक आईएस उसम शामिल था उस आईएस को मैं. कभी नहीं भूल. सकता जब तक राजनीत में हूं मैं यह बात. नहीं. भूलूंगा जब तक राजनीत में हूं मैं यह बात. नहीं भूलूंगा अब जैसे अखिलेश जी टीवी पर.
जाते हैं तो मैंने देखा एक बड़ी कुटिल से. मुस्कुराहट से कहते हैं आप बड़े ईमानदार. पत्रकार है अभी वही पत्रकार हां मुझे. अखिलेश बाबू बोलने अगर अखिलेश बाबू शब्द. बाबू अच्छा है तो योगी बाबू को क दे. प्रधानमंत्री जी के लिए भी बाबू क्या दे. आप मध्य प्रदेश में गए थे और आपने कहा नाम. क्या है तुम्हारा क तुम बीजेपी के एजेंट. हो बेटा इसकी फोटो खचो जरा नाम क्या है. पूरा नाम बताओ पूरा नाम मैंने पूरा ट्रेस. किया कि बंदा कौन है बाद में पता लगा वो. कांग्रेस का जर्नलिस्ट था कांग्रेस वालों. ने सवाल पूछ पाया था अखिलेश जी ब्राह्मणों.
से कुछ दिक्कत है पीडी है पिछरा. दलित पिछड़ा दलित पीड़ी अगड़े दुखी अगड़े. अगड़े भी हैय कह रहे कि भा हम पिछड़े हो. गए रामलला के दर्शन कि अखिलेश याद जी ने. अबतक मैं जरूर ध्या जाऊंगा और अयोध्या. परिवार के साथ जाऊंगा 2016 के बाद सफ में. वैसे महोत्सव नहीं हुकार लौटेगी वैसा होगा. सफ के जितने भी महोत्सव हुए हैं उसकी मैं. एक सीरीज बनाऊ.
और किसी प्लेटफॉर्म पर जरूर चलाऊ आजम खान. साहब आजम खान अब्दुल्ला आजम उनकी आजम सा. की वाइफ ल गई आजम जी ने खुद यहां तक कह. दिया कि मैंने इस पार्टी को सब कुछ दिया. बट उतना स्ट्रंग मेरे साथ सपा खड़ी नहीं. रही अखिलेश जी नहीं खड़े रहे राजनीती में. ज्यादा मजेदार कौन है जनता या. नेता सबसे बड़ा झूठ अपने बारे में जो आपने. सुना हो मैं सबसे बड़ा माफिया हूं लड़का. नवरतन यादव था लोग पहाड़ा पूछते रहते हैं. टेल सु समय होता हा नवरतन नहीं पढ़ रहा है. उस भी आदत पड़ गई रील्स बनाने की हमसे.
तेजू भैया का हमने इंटरव्यू किया था. उन्होंने कहा अखिलेश जी हमारा वीडियो कॉल. नहीं उठाते उनको बता दीजिएगा पहले उठा. लेते थे मेरा फोन लेकिन अब नहीं फोन उठाना. बंद कर तेज प्रताप जी को वीडियो कॉल करके. लंदन से लंडन दिखाया बुरा समय चल रहा हूं. तो इंसान कैसे हैंडल कर र धैर के अलावा. कोई. रा यह कहते हैं कि सियासत में बीच का. मरहला नहीं होता या तो तो होता है या नहीं.
होता है आज मेरे मेहमान जो है वो भी कुछ. इसी तरीके से हैं कि जो दिल में है वो. उनकी जुबा पर होता है नाम है अखिलेश यादव. जी उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और. देश के विपक्ष के बहुत बड़े नेता थैंक यू. सो मच सर फॉर द टाइम बहुत धन्यवाद आपका. शुभांक मुझे खुशी है कि आपका पहला. पॉडकास्ट मैं कर रहा हूं मेरे को अच्छा लग. रहा है कि मैं आपके साथ बैठा हूं आज अब. मेरे मन में एक पहला सवाल आता है सर. पॉलिटिक्स को देखते हुए कि 49 साल के. अखिलेश जी अभी भी युवा नेता है या उन्हें.
हम वरिष्ठ नेता कहे मैंने पिछली बार जब. लोकसभा से चुनाव से पहले विधानसभा का. चुनाव था उससे पहले मैंने स्टेटमेंट दिया. था कि मेरा एज युवा पहल आखिरी चुनाव है और. व शायद अखबारों ने छापा भी था अब युवा तो. नहीं कहूंगा मैं अब उम्र उतनी है कि जितनी. अब मैं जी नहीं पाऊ जितना मैं जी चुका हूं. ब्यूटीफुली सेडस अब वो कम बची है और काम. बहुत करना है बट ये राजनीति में इतनी देर.
तक लोग युवा कैसे रह लेते हैं क्योंकि. बाकी फील्ड में तो जल्दी बुजुर्ग दार होते. उम्र दराज हो जाते हैं एक पॉलिटिक्स फील्ड. है जहां पर खूब देर तक युवा रहते हैं वो. इसलिए भी हो सकता है कि जो युवा ही उनको. युवा बोलते हैं वो इसलिए भी कि उन विचार. नए आते हैं जब नए विचार आते हैं तो वो. समझते हैं कि नेता भी हमारा नया है हम अगर. नए विचार लेकर के कोई आ रहा है नेता फिर. युव ही नेता है वो विचारों से युवा हुआ वो. हम अब मुझे आपका नाम जो है वो बचपन में. टीपू हुआ करता था अब मैं जब आपके पॉडकास्ट.
करने आ रहा था तो मेरे जहन में सवाल आ रहा. था कि कोई बचा है अभी भी जो आपको टीपू. बुलाता है या सबके लिए आप अखिलेश भैया रह. गए पपू वाले है एक दो लोग अभी मेरे गांव. में भी है ऐसे लोग अभी भी और कन्नौज में. जहां से मैं चुनाव लड़ा था और लड़ा आज इस. बार भी मैं जीता हूं जहां कुछ परिवार ऐसे. हैं जो आज भी टीपू के नाम से बुलाते हैं. और मुझे याद है कि नेताजी सदन में भी उसी. नाम से बुलाते थे घर के नाम से कई बार. लेकिन अब बुलाने वाले कम बचे हैं और शायद.
मैं राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गया हूं तो शायद. उस संकोच में व मेरे नाम ना लेते हो लेकिन. पुराने लोग अभी भी हैं जिन्होंने मुझे. टीपू की तरह देखा है तो कोई बुलाता है तो. असहज होते हैं आप या आपको लगता है अरे या. लगता है किर अब गिने चुने बचे हम भी बदल. गए या बड़े हो गए काफी नहीं अब तो खराब तो. नहीं लगता है लेकिन होना चाहिए कोई ऐसा जो. टीपू बुला सके हक से हां बिल्कुल और. क्योंकि वो वही होगा जो पुराना हमारा समय. का या नेता जी के वक्त का या पुरानी चीजों.
को जानता होगा और मैं समझता हूं प्यार से. जो बोलता होगा वो डीब ही बोलता होगा. प्रधान दर्शन सिंह जी ने नाम दिया था हां. गांव के हमारे प्रधान जी थे हां दर्शन. सिंह उनका नाम जी आप पूछ रहे थे कितना. हमने आप रिसर्च किए हां मैंने पूछा कि. कैसे कितनी रिसर्च की होगी प्रधान जी का. नाम था अखिलेश नाम आपने खुद रखा था हां वो. भी एक कहानी है क्योंकि जब मैं एडमिशन के. लिए गया राम गोपाल जी के साथ हां और हमारे. एक वकील साहब थे जो जिनके साथ मैं गया था. नेताजी के बहुत करीब थे.
ज प्रिंसिपल ने नाम पूछा कि तुम्हारा कौन. सा नाम तो जो मेरा घर का नाम तो वही मैंने. बताया उसके बाद चाचा और उन्होंने तय किया. और प्रिंसिपल ने पूछा कि नाम ये अच्छा लग. रहा है कि नहीं लग रहा अच्छा जिस नाम प. मैंने हां कहा वही नाम मेरा रख दिया गया. चार ऑप्शन दिए गए थे ऐसे कुछ कहानिया हमने. सुनी इसी तरह का था कि उन्होंने कुछ नाम. बताए थे ये नाम रख द यह नाम रख द उसके बाद. मैंने कहा कि ठीक है अखिलेश नाम अच्छा है. मुझे भी अच्छा लग रहा है और को भी अच्छा. लग रहा है तो वही नाम रख आप मुलायम सिंह. जी के लड़के हैं पीछे तस्वीर हम देख रहे.
हैं स्वर्गीय मुलायम. जी एडवांटेज तो होता हर आदमी कहता है. लेकिन मुलायम सिंह यादव के पुत्र होने का. बोझ क्या होता है भार क्या होता है. क्योंकि अच्छा वाला सबको दिख जाता है कि. लॉन्चिंग अच्छी हो जाती है बट आ एम शर. एक्सपेक्टेशन और बहुत सारे उसके हर सिक्के. के दो पहलू होते हैं दूसरा वाल हम चाह. थोड़ा बताइए ना देखिए हालांकि नेताजी ने. उस तरह हम लोगों को नहीं डेवलप होने दिया. है जिससे लगता कि मैं कुछ और हूं ताने. हमेशा आम लोगों की तरह ही हम लोगों को.
ग्रो होने दिया उसका एडवांटेज यह हुआ कि. कभी नाम का लाभ तो मिला र भार नहीं लगा कि. इसकी वजह से मैं यह नहीं कर पा रहा हूं या. मैं यह कर सकता हूं स्वाभाविक है क्योंकि. आप जिनके बेटे होते हैं उनका नाम बहुत. बड़ा होता है और उन्होंने बहुत ऊंचाइयों. तक पहुंचा होता है आपको उस लेवल पर ले. जाने के लिए उससे ज्यादा मेहनत करनी. पड़ेगी अपनी जगह बनाने के लिए कम से कम. उनका रास्ता अपनाते हुए और कुछ नया करके.
दिखाना पड़ेगा तो लोग आपको मानेंगे. कंपैरिजन होता है आप आपको किया लोगों ने. बहुत कंपैरिजन होता है और कई बार हुआ भी. होगा कई बार मेरे सामने नहीं किया होगा. लोगों ने लेकिन पीछे तो कंपैरिजन किया ही. होगा मैंने सुना 10 साल की उम्र में शायद. आपको शायद हॉस्टल में भेज दिया जाता हां. नेताजी ने मुझे मिनिटी स्कूल धौल पर भेज. दिया मैं भी क्योंकि बहुत बचपन में हॉस्टल. चला गया था और मुझे लगता है कई बार अपने. मांबा से शिकायत करता हूं मैं कि उसके. बहुत साइड इफेक्ट होते हैं कम उम्र में. बच्चा जब बाहर जाता है मुझे कभी कोई. शिकायत नहीं.
रही हॉस्पिटल में चला गया तो हॉस्पिटल में. भेज दिया तो हॉस्पिटल में. इरा व उसके बाद कॉलेज वहां से गए धौलपुर. मिलिट्री स्कूल हां मि स्कूल धौलपुर वहां. से फिर आप सिडनी विश्वविद्यालय गए और. पढ़ाई बढ़ाई की एनवायरमेंटल इंजी मैं उसके. बाद मैसूर गया मेरी मैसूर में इंजीनियरिंग. हुई उसके बाद में फरदर यूनिवर्सिटी सिड. गया जहां पर मैंने फरदर पढाई मैंने कहीं. सुना था आपको बोलते हुए कि जितनी मेरी बैक. आई थी अगर उतनी किसी और की आई होती उसकी. हालत खराब होती सचा है ये सच्चाई है जब.
मैं इंजीनियरिंग में गया और जब मैंने. क्योंकि देखा अपना रिजल्ट तो मुझे खुशी. हुई इस बात की कि चलो पास हो गए नहीं मतलब. एक दिख रहा था इसका मतलब मुझे लगा कि एक. में ही फेल हुआ हूं मैं जब मैं रिजल्ट देख. कर के वापस आया तो मेरे साथियों ने बोला. कि ये एक वो है जिसमें आप पास हुए बाकी सब. में फेल हुआ ये किस फर्स्ट सेमेस्टर में. हा मेरी फर्स्ट सेमेस्टर की बात है और. फर्स्ट सेमेस्टर सेकंड सेमेस्टर रिजल्ट. बहुत पुअर था मेरा लेकिन जब मैं थर्ड. सेमेस्टर में आया तो बहुत मेहनत की हमने.
और मेरे साथ के जिन बच्चों की सेमस्टर छूट. गए थे या परीक्षा छूट गई थी तोय आप लोग भी. आखरी त पढ़ते थे बहुत पढ़ जैसे हम हम. बीटेक करते थे तो हम लास्ट नाइट पढ़ते थे. आखिरी रात पढ़ के अगले दिन पेपर देके पास. हो जाए कर नहीं नहीं क्योंकि मेरे पास. सब्जेक्ट बहुत थे क्लियर करने के लिए. अच्छा पीछे वाले क्योंकि फर्स्ट सेमेस्टर. में मैं बहुत ज्यादा फेल हो गया था या. बहुत पास नहीं हो पाया था इसलिए थर्ड. सेमेस्टर में अपना साल बचाने के लिए मुझे. बहुत पढ़ना पड़ा इनफैक्ट थर्ड सेमेस्टर. फोर्थ सेमेस्टर में मैंने पढ़ाई की उनी.
शायद मैंने कभी पढ़ाई नहीं की हो तो ये घर. प पता लगता था कि आप इतना हो गया या बचे. थे आप नहीं घर को पता तो लगता था जैसे. हमारी बैक हमने बचा ली थी घर वालों को. बताने नहीं दिया था नहीं घर को पता तो लग. रहा था कि मैं क्या कर रहा हूं क्योंकि. प्रिंसिपल और जो वहां के तमाम लोग थे वो. टच में थे इसलिए पता तो लग रहा था लेकिन. उन्होने डस बात कर था मेरा साल ना चला जाए. इसलिए मैंने बहुत मेहनत की थर्ड सेमेस्टर. फोर्थ सेमेस्टर में सब्जेक्ट क्लियर किए. मेरा साल बज गया मैं यर ड्रॉप नहीं हुआ. आपकी लाइफ में जो सबसे ज चीज मुझे फैसटिकट.
मुश्किल काम तो. था लेकिन मैं नीता जी और अमर सिह अंकल का. धन्यवाद दूंगा क्योंकि अमर सिंह कल ने. नीता जीी को समझाया नीता जी ने माना और. उसकी वजह से शादी होई तो किसका ज्यादा डर. था मुलायम जी का या कर्नल आर एस रावत साहब. का वो भी फौज में थे स्वाभाविक है कि. नेताजी क्योंकि नेताजी पॉलिटिक्स में थे. और कभी-कभी मैं सुनता था नेताजी के कुछ. साथियों की तरफ से. नेताजी इस बात को लेकर के चिंतित है कि.
कास को लेकर के थोड़ा बहुत सोच रहे हैं. लेकिन नेताजी जब स्वीकार किया तो पूरे. बड़े मन से स्वीकार कि बड़े मसले सर थे उस. सम उत्तराखंड का विवाद चल रहा था कास्ट का. था ही था मैंने सुना कि शायद लालू जी के अ. आपकी शादी प्लान हो रही थी बहुत सारी. कहानियां चल रही थी उस टाइम वो तो कुछ भी. रूमर्स कैसे भी चलते हैं लेकिन एक. पॉलिटिकल लीडर के लिए ये डिसीजन बड़ा. मुश्किल रहा होगा कि जहां पर इंटरकास्ट. शादी हो और फिर.
उस शादी को उसी तरीके से एक्सेप्टेंस मिल. जाए समाज में या गांव में शद नेता जीने इस. बात को बड़े दिल से लिया और बड़े मन से. उन्होंने कार्यक्रम किया अमर सिंकल ने भी. समझाया और मुझे याद है कि जनेश मि जी थे. उन्होंने भी समझाया बताया नेताजी को. नेताजी ने अपने सभी साथियों से एक एक करके. पूछा था शायद व जो पुराने जितने भी. समाजवादी साथी जो आज हैं वो जानते होंगे. नेताजी ने सबसे पर्सनली पूछा नेता जी को.
किसने बताया था आपकी लव. स्टोरी नेता जीी को सबाब में मुझे ही. बताना पड़ा था लव स्टोरी इतनी इतनी हिम्मत. थी आपने की लव स्टोरी तो नहीं इसलिए मैंने. कहा लव स्टोरी तो नहीं बतानी पड़ी लेकिन. कि शादी और इन सब बातों की जो चर्चा हुई. उसके बाद मैंने दादी मां के के थ्रू बताया. नहीं था दादी से क्लोज थया हां मैं दादी. क्लोज था मैंने सुना शायद उन्होंने नहीं. समझा आपने दादी जी को बताया अर अंकल ने और. बाकी लोगों ने मिलके फिर अच्छा दादी दादी. ने ही समझाया और दादी ने ही बताया कि जब. नहीं मान रहा है तो उसकी शादी कर.
आपसे उन्होने ऑप्शन दिया था आपको जो आप क. नहीं मान रहा तो ये इंपोर्टेंट बात है. यानी आप क्लियर थे कि यही करनी है नहीं वो. देखिए उस समय जो जो भी फैसला लिया उस. फैसले के साथ रहा 1999 में मैंने सुना कि. आप शायद देहरादून गए थे शादी के जस बाद जब. मुलायम जी का फोन आया और कहा कि सुनो. अखिलेश तुम चुनाव लड़ रहे हो और के फोन. काट दिया गया आपको ऑप्शन नहीं दिया गया था. मैं दरद मैं दिल्ली में था उस समय दिल्ली. में और मैं बाजार में गया हुआ था उस समय.
मुझे जानकारी मिली कि इस तरह की चर्चा हो. रही है बाद में बताया कि चुनाव लड़ना है. मैंने कहा चुनाव अभी मैं कैसे लड़ सकता. हूं उस समय मुझे लगता है जो सीनियर. लीडरशिप थी पार्टी की उसने सबने तय किया. था नेताजी के घर से कोई लड़े और जनेश मिस. जी ने कहा कि नहीं बेटे को लड़ाए चुनाव आप. क्योंकि आर्मी स्कूल में पढ़े बाहर पढ़ाई. की आपका एजुकेशन अलग रहा एक नॉर्मल लाइफ. मुझे दिखती जैसे हम लोगों की लाइफ नॉर्मल. लाइफ है एक लड़की से प्यार बिल्कुल नर्मल. लाइफ है इसमें जब आपको इलेक्शन के लिए कहा.
गया आप रेडी थे मेंटली उस टाइम या मैं. थोड़ा संकोच किया कि चुनाव कैसे लड़ूंगा. मैं और मैं कैसे फेस करूंगा ले जब नेताजी. ने मुझे लड़ा दिया तो फिर पूरे मन से मैं. चुना लड़ा और उसके बाद आज पीछे मुड़ के. नहीं देखा मैं पॉलिटिक्स में आ गया. मिर्जापुर वाला डायलॉग याद आ गया शुरू. मजबूरी में गते फिर मजा आने लगा नहीं मजा. तो नहीं लेकिन हा उसमें काम करने का बहुत. मौका मिलता है और जो आप सोचते हो जो देखा. है आपने जो करने की इच्छा है वो सब कुछ कर.
सकते करियर ऑप्शन था आपके पास दूसरा. पॉलिटिक्स के अलावा था बिल्कुल क्यों नहीं. बहुत से ऑप्शन थे मेरे पास तो अगर अखिलेश. यादव पॉलिटिक्स में ना होते तो क्या होते. आज मैं पॉलिटिक्स में ही. होता य क्लियर था हां लेकिन अब मैं समझता. हूं अब मैं सोच रहा हूं मैं किसी भी जगह. गया होता तो अंतता मुझे पॉलिटिक्स नहीं. आना जैसे अभी आपकी डॉटर काफी कैंपेन. उन्होंने किया तो फिर ये थॉट मुझे लगा कि. लगसी फॉरवर्ड हो रही है उनको भी अपने. ऑप्शन दि उनको आपने ऑप्शन दिया है बीइंग अ.
फादर मैंने मैंने रोका नहीं उनको किसी भी. बच्चे को मैंने रोका नहीं इसलिए कि उनकी. अपनी चॉइस हो वो क्या करना चाहते हैं और. उनको कम से कम इस बात का एहसास हो कि. पॉलिटिक्स कितनी टफ है और किस किस चीज से. हम लोग गुजरते हैं क्योंकि उस गर्मी में. जिस समय पीक प थी गर्मी मैंने कहा उनको भी. सीखना समझना चाहिए केवल दूर से नहीं देखना. चाहिए राजनीति क्या है मैंने कहा. गांव-गांव जाइए और समझिए लोगों से मिलिए. तो पता लगेगा और एहसास होगा कि राजनीत.
कितना मुश्किल. का अखिलेश जी के पिता मुलायम जी सखत थे. यादती टीना अर्जुन के पापा ज. सखत नेता. जी सखत तो नहीं थे लेकिन हां कभी कभी सखत. थे मैं. सतमी आप सतमी है नहीं बिल्कुल. स मैंने बच्चों को अपनी चॉइस प छोड़ दिया. जो पसंद करें जो चीज पढ़ना चाहे आगे बढ़ना. चाहे मैंने पूरा उनको छोड़ दिया लेकिन. राइट करता हूं समय-समय बताता हूं मैं अगर.
वो किसी क्वेरी को लेकर के आते हैं तो मैं. उनको जरूर समझाता हूं अदिति टीना अर्जुन श. जुड़वा टीना अर्जुन जुड़वा है हां टीना. अर्जुन तो कैसा इंटरेक्शन ता आपका एक बेटा. है दो बेटियां है बीइंग अ गर्ल चाइल्ड एक. कहते ना लड़कियां बड़े पापा से क्लोज होती. हैं देखिए बड़े बच्चे हो गए हैं अब तो. क्योंकि इस जनरेशन में वो ग्रो कर रहे है. इस समय पर वो ग्रो कर रहे हैं उनकी अपनी. लाइकिंग है बहुत कुछ सीखने को मिलता है. उनसे. खाने को लेकर.
के बच्चे अच्छी को भी कर लेते हैं म्यूजिक. को लेकर क्योंकि हम लोग तो म्यूजिक नहीं. सुन पाते हैं अभी क्या लेटेस्ट म्यूजिक चल. रहा है कौन क्या सुन रहा. है लेटेस्ट चीजें क्या है क्योंकि उनके. वर्ड्स उनकी लैंग्वेज जो इस जनरेशन की जो. सोच और समझ और उनके वर्ड्स बहुत डिफरेंट. है हां व ज जेंसी कल्चर आ चुका है हां जिस. तरह का वो इंटरेक्शन है अगर आप उनके साथ. नहीं है या उनसे बातचीत नहीं करते हो उनके. साथ बैठती नहीं तो शायद आप नहीं समझ पाओगे.
उनकी बात तो जैसे अदिती टीना अर्जुन. इन्होने कौन सी आपको एडवाइस द दो बताइ ना. एडवाइस की उन्होंने कहा पापा ये बदल दो. नहीं नहीं ऐसा कप का या कुछ आपको नया. ट्राई करवाया उन्होंने कुछ नहीं नहीं ऐसा. कोई एडवाइस नहीं दी मुझे पॉलिटिक को गाने. नहीं नहीं मैं पर्सनल लाइफ की बात कर रहा. हूं मैं नहीं एस सच उन्होंने कोई वो नहीं. दी लेकिन मैं एस जब घर में रहता हूं तो. उनसे बातचीत जरूर करता हूं उनकी पढ़ाई को. लेकर के और क्या चल रहा है आजकल बहुत. जानकारी उन लोगों से मुझे मि 2012 में आप.
मुख्यमंत्री बने. अ अब इस बार फाइनली बहुत अच्छी न्यूज़ आई. इस बार जो लास्ट में लोकसभा चुनाव हुए थे. वहां पर आपका इंपैक्ट बहुत बड़ा रहा यूपी. में इससे पहले 17 में 19 में 22 में कई. सारे फेलर्स भी बीच में दिखाई पड़े अब. मेरे जहन में एक सवाल बार-बार आता है. क्योंकि जब मेरा कॉलेज था तब अखिलेश यादव. का लैपटॉप बट रहा था मेरे कॉलेज में और. मेरे साथ के सारे लड़कों ने फॉर्म भरा था. और सबको लैपटॉप मिले थे लखनऊ में आता हूं. मैं मुझे मेट्रो दिखाई पड़ती है अभी लखनऊ.
आईपीएल चल रहा है एक लखनऊ की टीम बन गई है. एक स्टेडियम यहां पर बना हुआ है और बहुत. सारी चीजें लखनऊ आना आसान हो गया हम पांच. छ घंटे में दिल्ली से यहां पहुंच जाते हैं. एक कैंपेन चला था काम बोलता है लेकिन 17. से 22 के बीच में जो भी चुनाव है चाहे नगर. निगम चुनाव हो विधानसभा चुनाव हो लोकसभा. चुनाव हो अखिलेश जी कहते रहे कि देखो. मैंने यह काम किया यह काम किया यह काम. किया यहां ये किया युवाओं के लिए किया पर. वोट नहीं मिला आपको क्या लगता है कि कहां. पर गड़बड़ हुआ क्योंकि. काम तो आप बता रहे हो और वो है भी हमने भी.
देखे हैं लैपटॉप हमने भी इस्तेमाल किए. मेरी जनरेशन में सबने इस्तेमाल किए है फिर. कहां गड़बड़ हो रहा. था जो सवाल आपने पूछा है. मुझे अभी कुछ दिन पहले मैं लोकसभा में जब. गया था सत्र. था तो कुछ सांसद लोग बात करें तो ऐसी बात. शुरू हुई बीजेपी के एक सांसद थे उन्होंने. कहा कि हमने लगभग 1000 करोड़ का और उससे. ज्यादा खर्च किया अयोध्या में और मंदे. बनवा दि. और हम चुनाव.
हार यह बात मैंने जब सुनी तो मैंने उनसे. कहा कि मैंने भी आगरा से लखनऊ एक्सप्रेस. में बनाया था लग 15000 करोड़ का मैं भी. चुनाव हार गया तो तब हाईवे नहीं पसंद था. जनता को और शायद आज अपने आप को उन्होंने. वोट से नहीं जोड़ा आपके मंदिर. को उस समय होता है और जनता स्वीकार करती. है 12 से 17 तक जो बेस्ट मैं कर सकता था. और जितना अच्छा इंफ्रास्ट्रक्चर में दे स. था स्टेट को जो समाजवादी पार्टी का विजन.
था या समाजवादी पार्टी का जो मेनिफेस्टो. था उसके तहत जो इंफ्रास्ट्रक्चर हम लोग. बना सकते थे एक्सप्रेस वे देना और मुझे. खुशी है इस बात की इस समाजवादी पार्टी ने. एक विजन दिया और देश का वन ऑफ द बेस्ट. एक्सप्रेसवे डिजाइन दी और उस डिजाइन के. बाद एनएचआई ने भी उन चीजों को माना जो. आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे में थी हालांकि उस. समय इंडियन रोड कांग्रेस के जो मानक थे वो. नहीं आए थे जो फरदर मैंने डिजाइन की थी.
एक्सप्रेसवे जो सड़क बनी फदर उसमें इंडियन. और कांग्रेस के तहत पूरा का पूरे मानक के. साथ डिजाइन की. थी तोल ऊपर लगा करते थे एनसीआई में लेकिन. आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे में सब के सब हम. लोग ने एग्जिट पर टोल लगाए कि अगर कोई. एग्जिट कर रहा है तभी जाकर के पैसा दे यह. नहीं कि हर 50 किलोमीटर खड़ा होना पड़े. इसी तरह स्टेडियम. दिया सरकार मॉल बना सकती है या प्लासी मॉल. है जो आजकल ओशाने अब था शामे अवद नाम था.
उसका वो इसलिए बनाया था मैं चाहता था कि. अगर प्राइवेट के कंपनी या प्राइवेट लोग. मॉल बनाते हैं तो सरकार भी एक मल बना के. दिखाए उनसे बेहतर उनसे अच्छी इसी तरह जब. मेदांता का शिलान हो रहा था मैंने डॉक्टर. त्रेहन से कहा था कि आपके बराबर और आपसे. अच्छा मैं कैंसर इंस्टिट्यूट बनाने जा रहा. हूं और बना के दिखाया उ लोग अर्बन. प्लानिंग क्या होती है उचक गजरिया में. करके दिखाया कि अर्बन प्लानिंग में सड़क. कैसे बनती है व पर और हाउसिंग का कैसे हो. सकता है यूटिलिटीज के लिए कहां पर कैसी.
जगह देनी चाहिए और मुझे खुशी इस बात की कि. एससीएल का यहां पर लखनऊ में इन्वेस्टमेंट. पाया 100 एकड़ में उन्होंने ट्रेनिंग. इंस्टिट्यूट बनाया हजारों बच्चे लोग नौकरी. पा रहे हैं जो कभी हैदराबाद चेन्नई या. बेंगलोर में नौकरी करते थे वह सब बच्चे. बड़ी संख्या में आज यहां कर रहे हैं और. मुझे याद है जब उद्घाटन हुआ था उस. ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट का तो शिवना जी के. साथ-साथ वो फर्स्ट बैच के बच्चे मुझे मिले.
थे कोई हैदराबाद में काम कर रहा था कोई. चेन्नई में काम कर रहा था कोई अन्य स्टेट. में इनफैक्ट उनके पेरेंट्स को बुलाया गया. था और पेरेंट्स ने सबसे ज्यादा धन्यवाद. दिया था उस समय सरकार को कि कम से कम लखनऊ. में एक इंस्टिट्यूट ऐसी बन गई जहां पर. बच्चे पढ़ सकेंगे प्लस जॉब कर सकेंगे तो. बेस्ट ऑफ बेस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर दिया डेरी. में करके दिखाया अमूल के तीन प्लान लेकर. के आए हम पा पा लाख. के अल्ट्रा मॉडर्न जो प्लांट लग सकते हैं. डेरी में डेरी प्रोडक्ट्स के वो प्लांट.
दिए हम लोगों. ने मंडी कैसे बन सकती हैं अच्छा हाईवे के. किनारे वेसाइट एमेनिटीज कैसी होनी चाहिए. क्योंकि अक्सर हम लोग देखते थे अगर फैमिली. के साथ जा रहे हैं आप तो आपको बहुत अच्छे. वॉशरूम नहीं मिलते थे बहुत अच्छी जगह कोई. खाने पीने की जगह नहीं मिलती थी. एक्सप्रेसवे के किनारे सरकार के पैसे से. हम लोगों ने वन ऑफ द बेस्ट बनाए और. पार्किंग से लेकर के ट्रक चलाने वालों को. भी सुविधा कैसे मिले वो चीजें की लैपटॉप. तो ऑफकोर्स किया ही किया लैपटॉप तो आज भी.
चल रहे हैं और मैं आज भी जब लैपटॉप की बात. करता हूं किसी भी जनसभा में तो बच्चे अपने. आप को कनेक्ट करते हैं और उस समय जिनको. लैपटॉप मिला था वो आज भी लैपटॉप चल रहा है. उनका उस समय लैपटॉप बहुत बड़ी बात थी. क्योंकि सबसे अच्छी बात थी परिवार में अगर. एक या दो गया लैपटॉप तो पूरे परिवार ने. सीखा मुझे लखनऊ गया एक कहानी याद है एक. अवाड ने लिखा कि जब लैपटॉप गया उसके घर. में तो मोहल्ले के लोग देखने आए और उसकी. मां का ये था कि मैं मेरा लैपटॉप इतना.
देखने आए लोग कि मैं दिन भर चाय बनाती रही. गेस्ट लोगों के लिए जो लैपटॉप देखने आए थे. ये वोट देने क्यों नहीं गया आपने सोचा. नहीं अपने आप से ये आपको. डिसअपीयर्ड गिना दी तो आप जब अकेले बैठे. होंगे 17 चुनाव के बाद. क्योंकि काफी डिफरेंस दिखाई पड़ा आपने 12. भी जीता था बहुत बड़ा एक मार्ज सात में. नया रिकॉर्ड बना 12 में नया रिकॉर्ड बना. उसके बाद इधर फिर नया रिकॉर्ड बन गया तोय.
आपके मन में सवाल नहीं है डिपॉट मेंट नहीं. मैं कैसे हार गया क्या वजह हो सकती है जब. 2017 का मेरा चुनाव खराब हो गया और मैं. सरकार नहीं बना पाया उसके बाद मैंने प्रेस. की थी और प्रेस में मैंने कहा कि मैं. लोगों को समझाता रहा लोगों ने बात नहीं. मानी और बीजेपी लोगों को बहती. रही लोग बीजेपी बातों में आ गए वा इट द. राइज ऑफ बीजेपी या डाउनफॉल ऑफ. एसपी मैं डाउनफॉल इसलिए नहीं कहूंगा जिस. परसेंटेज ऑफ वोट से मैं सरकार बनाया था हम.
मेरा वोट नहीं कम हुआ था वोट शेयर नहीं कम. हुआ और तमाम उन झंझा बटों के क्योंकि उस. समय कुछ ऐसी बातें हुई थी हमें तो अपनों. ने लूटा गैरों में कहा अम ऐसी बातें हुई. जिनके कारण हम लोग और जितना अच्छा चुनाव. लड़ना चाहिए था 2017 का उतना अच्छा चुनाव. नहीं लड़ पाए हालांकि लड़े हम लोग चुनाव. और पहली पार्टी रही होगी जिसका वोट शेर. नहीं कम हुआ और हम एलायंस में भी थे. कांग्रेस के 100 से ज्यादा सीटें मैंने दी.
थी ये आज भी मुझसे कई पत्रकारों ने लिख के. भेजा कि कब तक अखिलेश जी खुद सीच सीच कर. कांग्रेस को खेत देते रहेंगे अखिलेश जी. पूरी फसल तैयार करते हैं और कांग्रेस को. दे देते हैं और यूपी के बाद कांग्रेस कहती. है हम आपके हैं कौन नहीं कभी-कभी. पॉलिटिक्स में लोगों को समझने में थोड़ा. वक्त लगता है और वो भी लोग एहसास करेंगे. कि समाजवादी पार्टी और जो रणनीति समाजवादी. पार्टी ने बनाई है वही रणनीति है जो. भारतीय जनता पार्टी को रोकेगी. अंतर्गत वा कांग्रेस हो इंडिया गठबंधन के.
सहयोगी साथी हो वह साथ आएंगे मैंने आपके. दसों इंटरव्यू देखे आपने कहीं बुराई नहीं. की कांग्रेस की पत्रकारों ने घुमा घुमा के. सब पूछ लिया आपसे लेकिन फैक्ट एक ये भी है. कि यूपी के बाहर कांग्रेस से कई नेताओं ने. आपको लेकर बोला जिसको लेकर आपकी पार्टी के. कई कार्यकर्ताओं को बुरा लगा यूपी में आप. हमेशा दिल बड़ा करते रहे हैं साथ दिया. नहीं दिया तब भी आप करते रहे हैं सामने से. ऐसा लगता है कि एक तरफा मोहब्बत है अखिलेश. जी की उतनी कशिश नहीं है या ब्रेकअप पैचअप. उधर से होता रहता है अखिलेश जी कह रहे मैं. एक तरफा रहूंगा साथ में नहीं कुछ राजनीति.
में क्योंकि बड़ा लक्ष्य पाना है हम बड़ा. लक्ष्य है बीजेपी से और बीजेपी को हटाना. है हम तो इन सब बातों को भूलना पड़ेगा. जिनको बड़ी ताकत बनना है और बीजेपी का. मुकाबला करना है तो कांग्रेस की इन सब. बातों को भूलकर ही आगे बढ़ सकते हैं मु. उम्मीद है कि कांग्रेस कभी ना कभी समझेगी. उस बातों को जरूर अपने अंदर लाएगी और. सोचेगी कि उनको ऐसा व्यवहार किसी भी. सहयोगी दल के साथ नहीं करना चाहिए आपने 17. में कहा कि 17 के पहले कई घटनाएं हुई थी.
एक सवाल लोग पूछते हैं कि पॉलिटिक्स में. चाचा भतीजे की बनती क्यों नहीं आप अकेला. एग्जांपल नहीं है राज ठाकरे बाल साहब. ठाकरे अजीत पवार शरद पवार बिहार में चिराग. पासवान जी पशुपति जी आपने तो इनडायरेक्टली. रहा हालांकि अब आप लोग का पैचअप हो गया है. लेकिन फिर भी ये क्या सर रिश्ता ये रिश्ता. क्यों होता है ऐसा देखिए जो उन. परिस्थितियों में उस समय हुआ वो दोबारा. नहीं होगा और मैं उम्मीद करता हूं कि ऐसा. दोबारा कहीं घटनाक्रम ना हो जो हुआ मैंने. भूल भूलने का काम किया है मैं भूल गया उन. बातों को बट अब बड़ी लड़ाई में हम लोग आगे.
बढ़ रहे हैं वो हमने देखा सदन में भी देखा. वो कहते कि हम साथ हैं यही रहेंगे सारी. चीजें हैं लेकिन उन घटनाओं ने आपको तोड़ा. था क्योंकि कई चीजें ऐसी हैं जो रह रह करर. दूसरे लोग उठा देते हैं जैसे मुझे उस वक्त. के वीडियो याद आते हैं अब उसमें दो. परसेप्शन आता है आम जनता में परसेप्शन की. बात कर रहा हूं मैं एक परसेप्शन ये चलता. है कि मुलायम जी ने अखिलेश जी को अकेला. छोड़ दिया उसकी वजह से आज अखिलेश जी इतने. मजबूत हो गए जैसे कहते हैं ना अमरीश पुरी. के सा अमरीश पुरी जितना परेशान करेगा तभी. अमिताभ बच्चन बनता है तो अखिलेश जी को.
अमिताभ बच्चन बनाने के लिए सब अमरीशपुरी. बन गए एक होता है कि नहीं जो दिखा वही सच. था क्योंकि कुछ स्टेटमेंट ऐसे जो मैं अगर. मैं व्यक्तिगत तौर पर भी देखता हूं तो. मुझे बड़ा परेशान करता है जैसे एक. स्टेटमेंट उन्होने एक बार कह दिया था जो. अपने पिता का नहीं हुआ वो स्टेटमेंट कई. बार इस्तेमाल भी हुआ आपके विरोधी आप पर. इस्तेमाल कर लेते हैं तो यह सब आपको डिपॉट. किया उस बीच में हर्ट किया या कैसे आपने. अपने को संभाला. देखिए. नेताजी और नेताजी हमेशा समझाते थे उस जो. परिस्थितियां थी नेता जी के सामने और.
पार्टी के सामने उसकी वजह से कई बार कुछ. ऐसे स्टेटमेंट्स आए जिसने दुख भी दिया. लेकिन जब ये तो बया होगा था सर बात बड़ी. थी और क्योंकि नेता जी का ही यह आंदोलन था. नेता जी की पार्टी थी तो मेरी जिम्मेदारी. यह बनती थी कि नेता जी की पार्टी को और. बड़ा कैसे करें सब बातों को बुला कर के. नेताजी की ही पार्टी को कैसे और मजबूत. किया जाए उस दिशा में मैं काम करर अगर वो.
घटनाए ना होती 17 में सरकार रिपीट होती. मैं यह कहता हूं कि नेताजी पूरा साथ. देते हालांकि वह बात आज नहीं कहनी चाहिए. मुझे उस समय गुजर गया लेकिन हां नेताजी. हमेशा साथ रहे और उन्होंने बाद में भी जब. मैं चुनाव हार गया तब भी मैं नेताजी से. मिला ने कहा नहीं चुनाव लड़े बहुत अच्छा. लड़े चुनाव नेता जी ने कभी निराश नहीं. किया उस समय और परिस्थितियां थी जिसके.
कारण वो घटनाए हुई शायद ये घटनाए कहीं ना. हो ऐसी मैं कामना करता हूं मुलायम सिंह. यादव जी का कोई एक स्वभाव जो आप अपने अंदर. लाना चाहते हो नेताजी बहुत हार्ड वर्किंग. थे. और. वह देश की राजनीति में बड़ी भूमिका निभाते. थे एक मुझे उनके स्वभाव में बड़ी अद्भुत. चीज नजर आती है जो बाकी कहीं नजर नहीं आती. है विरोधियों से बड़े अच्छे रिश्ते थे.
आपकी शादी में मैंने देखा अखिलेश यादव जी. की शादी हुई तो अटल बिहारी वाजपेई साहब आ. गए तेश प्रताप जी की जब शादी हुई उसमें. नरेंद्र मोदी जी आ गए आडवानी जी की वो. तारीफ करते थे जब गिरफ्तार भी किया था तब. भी कह रहे थे लालू जी और वो कि बड़े नेता. हैं आपका ख्याल रख रहे हैं फोन करके पूछ. रहे हैं आखिरी दिनों में देखा योगी जी. बार-बार मिलने उनसे गए तो ये बड़ा अद्भुत. लगता है मुझे कि विचारधारा इतनी विपरीत है. लेकिन विरोधियों से इतने अच्छे रिश्ते. देखिए नेता जी ने अपने पर्सनल संबंध कभी. किसी से खराब नहीं पॉलिटिकल संबंध जरूर एक.
दूसरे विचार की दूरिया थी ये पर्सनल संबंध. बहुत सी लीडर्स के साथ नेताजी के साथ है. क्योंकि समय समय पर एक दूसरे ने का साथ. काम किया है इसलिए मैं समझता हूं वह. परिस्थिति ऐसी रही कि संबंध हमेशा बने रहे. नेताजी लोकसभा में कई बार रहे नेताजी ने. देश की जो बड़ी बड़ी घटनाए या बड़े-बड़े. जो फैसले थे उसमें साथ काम किया इसलिए मैं. समझता हूं के व्यक्तिगत संबंध अच्छे थे. त संबंध में हमारे भी अच्छे हैं ऐसा नहीं.
है लेकि इधर जो माहौल है राजनीति का इधर. बीजेपी ने थोड़ा खराब किया है बीजेपी. अपनों से संबंध चाहती है बीजेपी कभी. विपक्ष के लीडर से सम्मान या उनसे व्यवहार. अच्छा नहीं चाहते शायद पुरानी नेताओं में. यह था एक दूसरे के प्रत सम्मान भी था एक. दूसरे के प्रत लिहाज भी करते थे एक दूसरे. की बात भी मानते थे अगर कोई सही बात है एक. दूसरे से सुझाव भी लेते रहे. क्योंकि मैं जब नेताजी और एनडी तिवारी जी.
की बात सुनता था मुझे याद है नेताजी ने. एनडी तिवारी जी से कहा आप कहां उत्तराखंड. में है यूपी आपकी जगह आपको यहां सम्मान. ज्यादा मिलेगा और मुझे उसके बाद वह घटना. याद है कि ए तिवारी जीब नेताजी से मिले. बोले कि अब मैं उत्तराखंड छोड़ दिया हूं. अब मैं यूपी में रहूंगा और यहीं पर काम. देखूंगा मैं मुख्यमंत्री था तो एनडी. तिवारी जी ऑफिस आ जाते थे घर आ जाते थे या. नेताजी जा थे उनके पासत से वो मिलने आते. थे तो ये पुराने लीडर्स में इस तरह का.
व्यवहार और संबंध बने रहते वही मैंने कहा. कि हर शादी में इवॉल्वड है हर जगह इल्ड है. जबक मैं अब देखता हूं तो मुझे लगता है कि. सब हर स्टेट में बड़ी खटास चलती है अब नई. पीढ़ी के लेता ह में नई पीढ़ी की नहीं ये. भारतीय जनता पार्टी ने सबके साथ व्यवहार. खत्म कर दिया संबंध खत्म कर दिए मुझे वो. घटना याद है बसे वो तो कि इस मौके पर नहीं. बोलना चाहिए मुझे लेकिन फिर भी कि मैं बता. दूं मैं कि नेता जी का स्वभाव कैसा. मुझे याद है सुप्रीम कोर्ट से एक हाउसिंग.
पॉलिसी थी जहां पर सभी एक्स चीफ. मिनिस्टर्स को घर मिला. कर और नीता जी का भी घर जा रहा था मैं. उनके बगल में था मेरा भी घर जा रहा था तो. नेते ने कहा कि मैं इतने वर्ष रहा हूं. यहां इ घर नहीं जाना चाहिए इसके लिए कोई. रास्ता निकालो तो मैंने सरकार से कहा कि. ईड पोजीशन में के नाम पर य घर अलॉट हो. सकता है हमारे एक लीडर ऑफ अपोजिशन है हाउस. में आप के नाम प अलट कर दो नेताजी का घर. नेताजी वर्षों से य रहे हैं उस कैटेगरी.
में सूट करता है नेताजी को वो रह पाएंगे. मैंने चिट्ठी लिखी सरकार को सरकार ने. स्वीकार नहीं किया उसके बाद नेताजी को जब. यह पता लगा कि सरकार ने नहीं स्वीकार किया. नेताजी ने कहा कि नहीं मैं मुखं जी से. मिलने जाऊंगा और मैं मुखं जी से कहूंगा कि. यह लीडर ऑ अपोजिशन के नाम पर घर अलॉट कर. दो जिससे घर बच जाए और आपका जो सुप्रीम. कोर्ट ने एक्ट खत्म किया उसके तहत भी कोई. उंगली नहीं उठेगी सरकार पर सरकार की भी. कारवाई हो जाएगी. मैंने उन्हें मना किया था नेताजी को मैं.
नेताजी मत जाइए यह आपकी बात नहीं सुनेंगे. सरकार या व्यक्ति वो नहीं है जो आप समझ. रहे हैं नेता ने कहा नहीं मैं जानता हूं. यह बात मानेंगे और मुझे याद है नेता जी गए. थे और नेता जी के आते ही इस सरकार ने. ऑर्डर कर दिया था कि दोनों घर खाली कराए. जाए तो बात मैं इसलिए बता रहा हूं कि. नेताजी को अपने व्यवहार पर अपने पर इतना. भरोसा था कि वह कभी किसी के साथ व्यवहार. खराब नहीं करते मु याद है उस समय जो सरकार.
थी कई एक् मिनिस्टर के घर जा रहे थे. उन्होंने मुझे व्यक्तिगत फोन किया था. मैंने कहा कि आप फिक्र मत करिए मैं हूं. मैं भी कल एक्स मिनिस्टर हो जाऊंगा बीजेपी. के थे मुख्यमंत्री वो तो मैंने उनकी बात. मानी और एक्ट बनाया था नया कि जिससे सबको. घर दोबारा अलॉट हो जाए वही एक्ट खत्म हुआ. जिसके कारण नेता जी हम लोगों को घर से. हटना पड़ा यह बात मैं इसलिए कह रहा हूं कि. नेताजी पुरानी सोच और समझ के लोग थे कि जो. यह समझते कि दूसरा सामने वाला सम्मान.
करेगा लेकिन भारतीय जनता पार्टी वैसी नहीं. ब जैसे तस्वीर हम देखते थे हम तो हम तो. बाहर की दुनिया देखते हैं तो हमने देखा. योगी जी आते थे मिलने नेता जी से हालचाल. लेने कई बार ऐसा रहा तो बाहर लग रहा उनको. भी का परवाह है मैं नहीं समझता हूं वो. नेता जी का हालचाल लेने आया हूं हो सकता. है उनके मन में रही हो बात नेताजी का. हालचाल भी ले ले लेकिन जब मैं प्रेस में. या सोशल मीडिया में देखता था तो मुझे दुख. होता था कि बीजेपी के लोग उसको इस्तेमाल. करते थे नेताजी को उनके फोटो को. सोशल मीडिया में बीजेपी की टीम बड़े गलत.
तरीके से इस्तेमाल. करती ये पुरानी पीढ़ी में व्यवहार और. संबंध चलते थे एक दूसरे का लिहाज एक दूसरे. का संबंध. संबंध सम्मान करते थे लेकिन नई बीजेपी के. लोग किसी का व्यवहार किसी का सम्मान नहीं. कर यह बहुत डीप आपने कह दिया मतलब डीप. नहीं क जो मैं देख रहा हूं इतने दिन से. मैं वही कह रहा हूं क्योंकि कई बार जब आप. की और योगी जी की सदन में बहस होती है और. वो वीडियोस बड़े वायरल होते हैं तो यह हम.
लोग के मन में ख्याल आता था कि पिछली. पीढ़ी इतने अच्छे रिश्ते थे नई वाली पीढ़ी. में क्यों ऐसा नहीं है या कई बार बिलो द. बेल्ट हो जाता है मैंने किसी भी बीजेपी के. नेता को फंसाया नहीं मैं. मुख्यमंत्री बहुजन समाज पार्टी के तमाम. नेता मेरे पास आए मैंने कभी उनको नहीं. फसाया लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार. फसाने वाली है बचाने वाली नहीं है यह अपने. लोगों को भी फसा दिए थ ये बीजेपी के लिए. बहुत सारे जानते हैं कि उनकी की पार्टी. ऐसी है कि उनको भी फसा देगी इसलिए बीजेपी.
फसाने वाली पार्टी है ये बचाने वाले लोग. नहीं है बीजेपी के इसलिए पुरानी पीढ़ी के. लोग अलग तरह के थे एक दूसरे का संबंध था. व्यवहार था सम्मान करते थे इस पीढ़ी के. भारतीय जनता पार्टी के नेता मुझे नहीं. लगता वो ऐसे हैं कि एक दूसरे का सम्मान कर. आपकी पॉलिटिकल लाइफ में सबसे ज्यादा आपको. पेन कहां पर हुआ जैसे एक घटना मैंने पढ़ी. जा आपने कई बार जिक्र किया कि मैं यकीन. नहीं कर पाया कि गंगाजल वाली जो खबर थी. देखिए सवाल मेरा मैं तो समझता हूं कि मैं. यादव हूं मैं पिछड़ी जात का हूं तो यह.
घटना हो सकती है मेरे साथ और मेरे साथ एक. बार नहीं हुई है कई बार हुई. और कॉलेज में मैंने देखा कई घटनाए ऐसी हुई. बट ये सर इंटेंशनल होती है कुछ छट भैया. नेता अपना पॉपुलर के लिए कर देते हैं इसको. बड़ी क्योंकि आप अखिलेश जी बड़ी बन जाती. है नहीं नहीं वो आपको नीचा दिखाना चाहते. हैं वो चाहे उनके छोटे नेता हो बड़े नेता. हो वो आपको नीचे दिखाना चाहते हैं इसलिए. जानबूझकर ये घटना करते हैं उदाहरण के लिए. मैं कहता हूं मुख्यमंत्री आवास कि ने. गंगाजल से नहीं धोया गा लेकिन धोया गया.
गंगाजल सवाल मुझे दुख नहीं है इस मात का. सवाल यह कि आने वाली पीड़ी जो पूछेगी. मुझसे कि आपका घर क्यों धोया गया गंगाजल. से आपके जाने के बाद गंगाजल से क्यों धोया. गया मैं उनको क्या जवाब दूंगा दूसरी घटना. मैं बताता हूं कन्नौज मंदिर वाली मंदिर. में जितने भी ब्राह्मण थे वहा के पूजा पाठ. करने वाले मैं उनको बहुत पुराना जानता हूं. उन्होंने मेरे पहले चुनाव में भी पूजा पाठ. कराया जब भी पहले चुनाव लड़ने जाता था तब. पूजा पाठ कराया लेकिन इस बार भारतीय जनता. पार्टी के लोगों ने गंगाजल से धोया पूरा.
मंदिर धोया उन्होंने बट सर जैसे और यही. नहीं मैनपुरी में जो किया महाराणा प्रताप. की प्रतिमा. पर किसी ने कोई गलती की लेकिन आप इस तरह. की गाली और इस तरह का व्यवहार करेंगे. यादवों को लेकर के आप इस तरह की टिपड़ी. करेंगे व्यवहार लेकर इसीलिए ये पुरानी. बीजेपी नहीं है ये नई बीजेपी है नहीं सर. मेरे मन में थॉट आता है जैसे एक होता है. सस्ती लोकप्रियता कई बार छुट भैया जो नेता. होते हैं वो जानबूझ के ऐसा करते हैं कि. अखिलेश जी के ऊपर कुछ करेंगे ऐसा तो अखबार. वाले छाप देंगे या टीवी वाले दिखा देंगे.
या दो-चार बाइट सोशल मीडिया पे चल जाएगी. तो यह आपका बड़े नेताओं का इंटेंशनल है या. छोटे नेताओं की खबरों को आप लोगों ने बड़ा. कर दिया ये दोनों साइड से थॉट आते हैं. मेरे मन में ये हालांकि उस बात का मैं. जिक्र नहीं करना चाहता हूं अ यह नई तरह की. बीजेपी है जो आपकी. इमेज कैसे अ गिरा दे इमेज को कैसे खराब कर. दे आपकी बदनामी कैसे हो जब मैं घर खाली. किया हूं हम तो क्याक कहानी बनाई थी. उन्होने और मैं वह जो कहानी बनाई थी एक.
अखबार जो बहुत प्रतिष्ठित है यूपी का. दैनिक जागर उनके मालिकों को हम लोगों ने. बहुत सम्मान दिया नेताजी भी बहुत सम्मान. करते थे लेकिन वह खबर जब मैंने घर खाली. किया तो उस अखबार ने हेडलाइन बनाई कि मैं. क्या निकाल कर के ले गया फिर एक आईस उसमें. शामिल था उस आईएस को मैं कभी नहीं भूल. सकता उन पत्रकारों को मैं कभी नहीं भूल. सकता जिन्होंने यह खबर छपाई थी मेरे घर.
खाली होने के बाद कि मैं उस घर से कुछ. सामान ले गया था मैं जब तक राजनीति में. हूं मैं यह बात नहीं. भूलूंगा और जिन्होंने इस तरह का काम किया. ऊपर वाला सजा दे भगवान सजा दे और फिर समय. बदलता है तो सजा अपने आप मिलती हो मैंने. एक स्टेटमेंट अखिलेश जी का सुना था कि जिन. लोगों ने मुझे लेकर कहा कि टूटी वाली उनसे. मैं चिलम उठ पाऊंगा ये आप लेकिन आपने मौज. काट आपने भी तो सर मौज कालिए मैंने नहीं. मौज नहीं काटी मैंने. नहीं मैंने इसलिए कहा क् जैसा करोगे वैसा.
भरोगे अगर गड्ढा हमारे लिए खोद दोगे तो. गड्ढे में आप भी गिरोगे मैं यह जानना. चाहता हूं वह आईएएस कौन. था मैं भी मैं भी मुखं की रहा हूं वो. आईएएस कौन था जिसके के कहने से सभी. पत्रकार पहुंचे थे 8:30 बजे कभी पत्रकार. सो के उठते हैं मुझे याद है कि मैं टीवी. से मैं खबर पढ़ रहा था मेरे 8:30 बजे कोई. पत्रकार सो के उठता. है मैं कैसे यकीन करलू इस बात मैं उस दिन. टीवी पर एंकरिंग कर रहा था जब एक रिपोर्टर. जिस चैनल में था ये खबर चली थी कि अखिलेश.
जी जिस मकान में वहा से सार इटालियन टिक्र. भी था इटालियन टोटिया और भी बहुत सारी. बातें क और कई उद्योगपतियों ने कहा कि. मैंने दीवाल के अंदर सोना. रखा एक आगरा का उद्योगपति है उसने विदेश. में जाकर के एक जगह कहा था कि मैंने. दीवाले जो खोदी है दीवार के अंदर मैंने. सोना छुपाया हुआ उस दव पति का भी मुझे नाम. याद है मैं जानता हूं वो कौन है ऐसे बहुत. सारे पत्रकार हैं पत्रकार आपके भी मित्र.
हैं हमारे भी मित्र हैं आज आपके मित्र हैं. कल मेरे मित्र होंगे अधिकारी आज आपके हैं. कल हमारे भी थे वह उन्हीं ने हमें जानकारी. दी एक आईस नहीं एक आईस की जानकारी दी कि. यह आईस था जिसने पत्रकारों को कहा यह. न्यूज चलवाई. है और अगर आप उस समय के जर्नलिस्ट रहे. होंगे एंकर रहे होंगे और आपको जिस भी. जर्नलिस्ट ने कहा होगा मैं आपसे निवेदन. करूंगा जब लखनऊ छोड़ कर के आप जाएं उस उस.
बंदे से जरूर पूछना कि भाई आपको किसने कहा. था यह न्यूज़ चलवाई है इस तरह की आप. रिपोर्टिंग कर सारे पत्रकारों को घर में. घर में अंदर जाकर लाइव रिपोर्टिंग सबने की. थी और एक और रिपोर्टर था जिसने बाकायदा. जिन बातों को और जर्नलिस्ट ने कहा उसकी भी. आर्काइव पड़ी हुई वीडियो पूरा का पूरा. उसने घर दिखाया था वीडियो पूरा दिखाया था. लाइव दिखाया था तो अगर वो लाइव दिखाएगा तो. कहीं वो हेराफेरी नहीं कर सकता कैमरा झूठ. नहीं बोल सकता हम और आप एक दूसरे को झूठ. बोल सकते ले कैमरा तो वही दिखाएगा ना जो.
दिख रहा है उसको मैंने आपको लेकर एक पोस्ट. डाला कि अखिलेश यादव जी आ रहे हैं क्या. सवाल पूछे जिस जी का कह रहे की घटना मुझे. याद है आपको वो संज्ञा दे दी गई एक शब्द. की कि आपको जब चिढ़ाना होता है तो एक शब्द. जिक्र कर मैं यह बीजेपी का हमेशा याद. रखूंगा और उसे आईएएस को मैं कभी नहीं बोल. सकता मैं लाइव कह रहा हूं आपके चैनल पर कह. रहा हूं और वो आईएस अगर सुन रहा होगा तो. वो जान रहा होगा कि मैं किसके लिए कह रहा. हूं क्योंकि एक आईएस नहीं मेरे को आईएएस. के बारे में बताया. हम उनमें से नहीं कि जो भूल जाए मैंने.
देखा कई बार य 16 से 19 के बीच में कई. घटनाएं हुई जिसने अखिलेश जी को काफी चेंज. किया जैसे मैं आपको कई बार देखता हूं आप. कहते हैं कि सरकार हमारी भी आएगी पुलिस. वालों सुन लो सरकार हमारी भी आएगी तो यह. आक्रोश है या पीछे जो आपको लोगों ने आपके. साथ ये सी चीजें हुई इनकी वजह से बदलाव है. क्योंकि इनिशियली अखिलेश यादव जी वाज अ. वेरी सॉफ्ट स्पोकन ट मुस्कुराते हुए ये सब. बीजेपी ने ही बनाया है आप झूठा फसा देंगे. आप झूठे मुकदमे लगा देंगे लोगों को आप. एनकाउंटर करेंगे झूठे एनकाउंटर करेंगे आप. झंडा फसाए आप आप हमारा नाम लेंगे कि हम.
गुंडा माफिया अपराधी हैं आप गलत शब्दों का. भाषा का इस्तेमाल करेंगे आप आप घर को लेकर. के बदनाम करेंगे आप आप सिक्योरिटी लेकर के. छीन लेंगे आप घर छीन लेंगे आप ये कौन भूल. जाएगा इन चीजों को इसलिए कभी-कभी राजनीति. में ये बातें कहनी चाहिए अब सखत वर्कर को. आपको बताना चाहिए कि ऐसी भी घटना आपके साथ. हुई है आपके साथ भी हो जाएंगे इसलिए. सावधान रहिए आप भी अब जैसे अखिलेश जी टीवी. पर जाते हैं तो मैंने देखा एक बड़ी कुटिल. मुस्कुराहट से कहते हैं आप बड़े ईमानदार. पत्रकार है और कई जगह मौज काट काट के आपने.
कर दिया उस समय था उस समय अभी वही पत्रकार. हां मुझे अखिलेश बाबू बोलनी. थी तो हमने अपने पैनलिस्ट से कहा कि भाई. अगर अखिलेश बाबू शब्द बाबू अच्छा है तो. योगी बाबू कहते प्रधानमंत्री जी के लिए भी. बाबू कहते बीजेपी के नेताओं के लिए भी. बाबू कहते उस दिन के बाद आज तक वो बाबू. नहीं कह रहे कोई बात नहीं वो लेकिन नियत. क्या है ये हो सकता है अखिलेश बाबू हां. नहीं नहीं अगले बाबू आप क्यों ग अगर बाबू. शब्द अच्छा है तो आप योगी बाबू बोलिए.
प्रधानमंत्री जी को भी बाबू बोलिए या और. हमारे समक्ष लीडर है सं कक्ष जो लीडर है. उनके बारे में भी बाबू लगा के कहिए तो आप. भेदभाव क्यों कर रहे हैं ठीक है बट जैसे. एक मध्य प्रदेश में घटना हुई आप मध्य. प्रदेश में गए थे और आपने कहा नाम क्या है. तुम्हारा कई लोग कहते हैं अखिलेश जी से. टाइट सवाल पूछो तो पूछ लेते नाम क्या है. तुम्हारा फिर वो कोई मुस्लिम निकल गया तो. वो मामला थोड़ा गड़बड़ा गया था उस बार. नहीं नहीं वो नहीं वो बी वो कांग्रेस ने. भेजा था जो को पत्रकार की मैं सच बोल रं. तरफा मोहब्बत देखिए नहीं नहीं नहीं नहीं. मैं मैं एकदम सच बता रहा हूं मैंने पूरा.
ट्रेस किया कि बंदा कौन है बाद में पता. लगा वो कांग्रेस का जन लेस था कांग्रेस. वालों ने सवाल पूछ वाया था और वो आज भी. होगा पत्रकार वहीं आप पन्ना में किसी से. पूछे पता करवाइए आपको जानकारी मिल जाएगी. आप देखिए कांग्रेस को आप कितना सपोर्ट. करते हु आपके पीछे पत्रकार लगा रहे हैं. कोई बात नहीं प ये य बीजेपी जिस रास्ते प. चल रही है इस रास्ते प कभी कांग्रेस चलती. थी कांग्रेस खत्म हो गई अब बीजेपी खत्म हो. जाएगी अच्छा अब आप आप लोग भी मजाक पढ़ते. हैं कि पत्रकार हो किस पार्टी के नहीं जब. से ये प्री प्री पेड और पोस्ट पेड का इशू.
आया तो पत्रकार का भी कुछ कुछ बदल गया है. ठीक बात अच्छा एक परसेप्शन सर और आता है. जैसे अभी आपने मुझे आपने कहा कि आप कन्नौज. गए थे मंदिर में और वो पुजारी वो थे. ब्राह्मण जो आपको बहुत पहले से पूजा पाठ. करवा रहे थे यह आपने अभी मुझे बताया अब. मुझसे बहुत लोगों ने कहा पीडीए को लेकर. स्पेशली कि पीडीए अखिलेश जी ने नाम दे. दिया अब अखिलेश जी के जो समर्थक है. कार्यकर्ता है उसके नाम पर ब्राह्मणों को. चढ़ाते हैं और आपको लेकर एक सोशल मुझे. नहीं पता आप कितना पढ़ रहे हैं बट जो मुझे.
हजारों कमेंट मैंने पढ़े मुझे लगा कि. परसेप्शन बनाया जा रहा है कि अखिलेश जी. ब्राह्मण विरोधी है फिर मैं देखता हूं कि. जनेश्वर मिश्र जी आपके टीचर भी थे आप उनकी. इज्जत भी करते हैं पार्क भी बनवाया सम्मान. भी करते हैं तो मैं चाहता हूं इस बारे में. थोड़ा बताइए अखिलेश जी ब्राह्मणों से कुछ. दिक्कत है मैं मैं समाज के किसी भी जाति. किसी भी व्यक्ति के खिलाफ नहीं हूं और. क्योंकि पॉलिटिक्स में आपको जब कोई इशू या. मुद्दा या नैरेटिव क्रिएट करना है क्योंकि. नरेट की पॉलिटिक्स है परसेप्शन क्या है तो. जब एनडीए बना तो मैंने कहा एनडीए को.
काउंटर कौन करेगा पीडी काउंटर करेगा एनडी. इज नेगेटिव एंटी दलित एन मींस नेगेटिव वो. दलित के लिए नेगेटिव है प फॉर सबके लिए. नेगेटिव है विषण के लिए नेगेटिव है तो. मैंने पीडीए एक शब्द दिया जिसे बीजेपी. कहती सबका साथ सबका विकास लेकिन उनके. अपॉइंटमेंट देख लो काम करने का तरीका देख. लो नौकरी देने का तरीका देख लो सबका साथ. नहीं है उसमें बट ये तो आप प भी लिकेशन. लगाते र मैंने पीडीए जब कहा तो जो पीडीए.
को मैंने डिफाइन किया उसमें तो पीडीए है. पिछड़ा दलित आव पिछड़ा दलित अलस मुसल माई. पिछड़ा दलित अलस सिख भाई पिछड़ा दलित. पीड़ित अगड़े दुखी अगड़े अगड़े भी है हां. ये अगड़े कह रहे कि भाई हम पिछड़े हो गए. नहीं नहीं आप अगड़े हैं तो मैं पहले बोल. देता हूं ना पीड़ित दुखी अगड़े और अगर. पीड़ित दुखी अगड़े अगर नहीं होते तो मेरे. लीडर ऑफ पोजीशन कौन है माता पांडे जी उनको. मैंने बनाया ना डि पोजीशन मादा प्रसार.
पांडे मतलब मुझसे किसी ने मजाक मजाक में. कहा कहा जैसे बीजेपी मुसलमान होता है कि. एक आदमी रख दो नहीं ऐसा नहीं है ऐसे. अखिलेश जी लोकसभा देखिए लोकसभा की टिकटें. हो या विधानसभा की टिकटें हो मैंने बहुत. उनको प्राथमिकता दी है बलिया में कौन. सनातन पांडे जीते हैं आपके चंदोली में कौन. जीता है वीरेंद्र सिंह जी जीते हैं तो ऐसा. नहीं कि हमारे अंदर या हम लोग भेदभाव कर. रहे हैं हां हम उनको साथ ले रहे हैं लेकिन. क्योंकि पॉलिटिक्स नैरेटिव की है और पॉट. कैलकुलेशन कैलकुलेशन भी नहीं कैलकुलेशन के.
साथ-साथ आप मैसेज क्या देना चाहते हैं. हमारे लिए आसान है पीडीए कहना वो एनडीए कह. रहे हम पीडीए कह रहे एनडीए इज नेगेटिव एन. स्टार्टस विद नेगेटिव इंडिया क्यों नहीं. सर इंडिया गठबंधन के रणनीति का हिस्सा. पीडीए है इंडिया गठबंधन है पीडीए हमारी. रणनीति है य देखिए ये महीन सी लाइन होती. है इधर इधर दोनों पढ़ लीजिए नहीं नहीं. बिल्कुल क्योंकि पीडीए आपको कुछ से नारा. देना पड़ेगा लोगों को जोड़ने के लिए. अयोध्या जीतने क्या बदल दिया अयोध्या. जीतने के आपने कहा पूर्व विधायक नहीं. अयोध्या के लिए होमवर्क हुआ और अगर आप कभी. भी मेरा घर है गोंडा हा बिल्कुल आप आप बात.
को समझते होंगे आप कभी अबदेश प्रसाद जी से. मिलेगा आप उनसे पूछिए जब मेरे साथ. विधानसभा में बैठते थे तो मैंने वहीं पर. उनसे कहा था कि आपको अगला चुनाव अयोध्या. से लड़ना है और आप जीतोगे और यकीन मानिए. जिस दिन मैं गलती से उन्हें पूर्व विधायक. बोल गया उन्होंने मुझे सुधारा तो मैंने. यही कहा कि आप सांसद बनने वाले हैं और. देखिए भगवान ने कैसा सुना और भगवान की. कैसी कृपा रही श्री राम भगवान की क्या.
कृपा रही वो जीत गए वहां से चुनाव बीजेपी. की अपनी नाकामी है आप बताइए एयरपोर्ट. बनाइए आप किसान को आप मुआवजा नहीं देंगे. मैं उनसे कहता था कि इतने पुण्य काम के. लिए आप काम कर रहे हैं इतना बड़ा काम हो. रहा है मंदर का आप किसान को मुआवजा नहीं. देना चाहते हो आप सक रेट का तीन गुना दे. दो मुआवजा चार गुना दे दो सक रेट बढ़ा दो. आप आप नहीं मुआवजा देना चाहते मैंने कहा. कि मैं सरक रेट बढ़ा कर के छह गुना मुआवजा. दूंगा व्यापारियों की आप दुकाने तोड़ द है. आपने तमाम लोग 40 50 साल से 60 साल से रह.
रहे थे लोग वो पिछड़े दलित और इसके आबादी. के लोग थे उनके आपने सब कु हटा दिया जानवर. कहां ले जाते सबको बाहर कर दिया आपने कोई. समाज नहीं छोड़ा जिसको दुखी ना किया हो. भारतीय जनता पार्टी ने दुगना पहुंचाया हो. और फिर आपने फुर जमीन रियल एस्टेट को दे. दी रियल स्टेट के बड़े-बड़े बिल्डर आ गए. आप दीजिए इसको कोई मना नहीं कर रहा आप. अयोध्या को और सुंदर बनाए आज मैं अभी दो. दिन पहले मैं अयोध्या गया था लेकिन जितनी. सुंदरता और जितनी भव्यता के साथ अयोध्या.
को डेवलप होना चाहिए था जिस सिटी को एक. वाकई में वर्ल्ड क्लास सिटी बनना चाहिए तो. वो बीजेपी नहीं बना रही है मैं कहना चाहता. हूं मैं आपसे कहना चाहता हूं देखिए क्या. कमी है म आप गए मैं कल जाऊंगा हा आप जाइए. कल जाना है तो मैं बहुत सिंपल बोलना चाहता. हूं जैसे हमने आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे. बनाया आप चलिए आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे पर. आप ये पूर्वांचल वाला चलिए तो आपको. डिफरेंस नजर आता है कि कैसे किसने किसना.
डिजाइन किया है आप अयथ में अपने लोगों को. जमीनें लेने दे रहे हो आप गरीबों की. जमीनें छिन वा ली आपने किसानों की जमीन. छिन वा ली उनको मुआवजा क्यों नहीं वो. बेचारे नहीं जानते थे कि कल क्या. डेवलपमेंट होगा कल क्या अयोध्या बनेगी. उनके तो ससे में जमीनें ले ली बिल्डर्स. ने तो यह जो धोखा किया बीजेपी ने इसकी वजह. से हार हुई है जो भारतीय जनता पार्टी ने. गरीबों के साथ खिलवाड़ की है उसका परिणाम. है कि भारतीय जनता पार्टी हारी है मैं तो. आज भी कहूंगा कि भारतीय जनता पार्टी को.
गरीबों का दुख दर् समझना चाहिए उनका अच्छा. मुआवजा देना चाहिए और जब इतना बड़ा. डेवलपमेंट हो रहा है तो उनको पार्ट बनना. चाहिए डेवलपमेंट का अब मैं पुराना सवाल. रिपीट कर देता हूं ये जो भी अयोध्या में. हार हुई दैट वास डाउनफॉल ऑफ बीजेपी और राइ. ऑफ एसके राइज ऑफ. एसके क्योंकि हमने वोट जोड़ा है हमारा वोट. बढ़ा. है ओके और बीजेपी वोट नहीं जोड़ पाई जो. लोग बीजेपी से जिस जिन लोगों ने बीजेपी को. बनाया बीजेपी को बढ़ाया उनके साथ बीजेपी.
ने धोखा उनको नौकरी में धोखा कर दिया. पढ़ाई में धोखा कर दिया मेडिकल कॉलेज बना. आप मेडिकल कॉलेज क्यों नहीं अच्छा सेला. रहे हैं इलाज क्यों नहीं हो पा रहा है. लोगों को नौकरी नहीं दी रोजगार नहीं दिया. अने व्यापारी बर की दुकान क्यों छीन ली. जहां पर व सदियों से काम कर रहे थे उनका. कारोबार छीन लिया. आपने आपके अपने लोग जमीन ले रहे हैं. मुआवजा कमा रहे हैं पैसे कमा रहे हैं. उसमें और इन मुद्दों को आपने अच्छे से. उठाया जिस तर से आपकी जीत होग नहीं लोगों. को समझाया जीने रहे उन साथ धोखा हो रहा है. तो वोट से तो गुस्सा निकालेंगे और कैसे.
बात है मैं तो आज भी कहता डेमोक्रेसी में. ऐसे ही होता है मैं तो आज भी कह रहा हूं. बीजेपी अपने अंदर सुधार ले आए जो जो. रजिस्ट्री कई है अब आप सोचिए रजिस्ट्री. अगर आप जानना चाहोगे रजिस्ट्री ऑफिस में. कि रजिस्ट्री किसकिस की हुई है आप र नहीं. देखने को मिलेगी क्योंकि बीजेपी के तमाम. नेताओं ने और बीजेपी से क्लोज अधिकारियों. ने अपने रिश्तेदारों के नाम पर अपने. परिवारों के नाम पर पूरी अयोध्या और गोंडा. की जमीने ले ली है और क्योंकि गोंडा के आप. हैं आप दूसरी तरफ देखेंगे सरयु के क्योंकि.
गरीब तो नहीं समझता ना कि क्या डेवलपमेंट. होआ कल कैसा दिखाई देगा सब बड़े लोगों ने. जमीन ले ली 100 100 एकड़ डेढ़ डेढ स एकड़. जमीन ली है भारतीय जनता पार्टी से संबंधित. लोगों ने और उनके अधिकारियों मैं योगी जी. से जब मिलूंगा तो ये सारे सवाल मैं उनसे. पूछूंगा और मिलकर के पूछिए और गोंडा की जो. तहसील जो इस हिस्से में पड़ती है नवाबगंज. या इन तहसीलों में जो जमीन है आप तहसील से. पता करवाइए और रजिस्ट्री ऑफिस से अगर. रजिस्ट्री मिल जाए क्योंकि पहली रजिस्ट्री. ऑफिस में अगर आप पहला पन्ना आप देखेंगे तो.
फोटो सबकी होगी तस्वीर सबकी होगी आपको पता. लग जाएगा कि किन लोगों ने टियां कराई ठीक. अब गोंडा अयोध्या को लेकर दो सवाल मेरे मन. में और आ गए पहला सवाल आपने कहा आप. अयोध्या गए रामलला के दर्शन किए अखिलेश. यादव जी ने अब तक मैंने कहा था और फिर मैं. वही बात रिपीट करता हूं कि मेरा अपना भी. मंदिर बन रहा है बहुत जल्दी शिव मंदिर. तैयार हो जाएगा उसके दर्शन करने के बाद. मैं जरूर अयोध्या जाऊंगा और अयोध्या. परिवार के साथ जाऊंगा अभी भी मंदिर का. कंस्ट्रक्शन चल रहा है मंदिर पूरा नहीं.
हुआ है वहां के संबंधित अधिकारी समय-समय. पर स्टेटमेंट देते हैं जो मैं अखबार में. पढ़ता हूं अभी बहुत समय लगेगा बनने में. ठीक मतलब आप जाएंगे मैं जरूर जाऊंगा और. परिवार के साथ जाऊंगा और जिस दिन हमारा. मंदिर बन कर के उसका पूरा कार्यक्रम हो. जाएगा उसके बाद में जरूर अच्छा मैंने. अखिलेश यादव जी विराट कोहली और कई लोगों. में एक सिमिलरिटी देखी जब ये लोग बिल्कुल. जवान थे तब थोड़ा सा पूजा पाठ से कई सारे. वीडियोस पुराने वाले आते हैं और फिर जैसे. जैसे मैचोर होने शुरू आप हुए विराट हुए अब. मुझे दिखता सब थोड़ा थोड़ा भगवान ईश्वर.
धार्मिक हो गए सब यह धर्म पत्नियों का असर. होता है या उम्र या बच्चों के होने का या. क्या मुझे लगता है कि आपने देखा विराट. कोहली एक वीडियो वा था डू आई लुक लाइक. पूजा पाठ वाला और अब देखता हूं मैं स्कन. से लेकर हर जगह भजमन. राधे यह परिवर्तन मुझे लगता है उम्र कराती. है अनुभव कराती है और अपनी चीजों से. जुड़ना अपने रूट से जुड़ना मैं समता सबको. अच्छा लगता है ब्यूटीफुल ब्यूटीफुल अब. गोंडा का सवाल मेरे यहां से एक सांसद है.
बृजभूषण शरण सिंह साहब बड़ी चर्चाएं चली. थी लोगों ने कहा अखिलेश जी ने चुप्पी साद. रखी थ नो रिएक्शन सम टाइम नो रिएक्शन इ. आल्सो सपोर्ट वो भी वेट कर रहे थे वेट एंड. वच कर रहे थे वट श टेकन भूषण शरण सि देख ब. भूषण स. सिंह सांसद और हमारी पार्टी से भी सांसद. रहे हैं दूसरे दल से भी सांसद रहे हैं और. नेताजी से उनके बहुत अच्छे. संबंध कुस्ती से जुड़े रहे हैं और मुझे. याद है सेफ में कई दंगल में वह आए कई दंगल.
में वो शामिल होते थे और पहलवानों के. साथ वह राजनीतिक परिस्थितियां थी क्योंकि. बहुत सारे लोग बहुत सारे सवाल उठा रहे थे. य बीजेपी की जिम्मेदारी बनती थी उस हमारी. जिम्मेदारी कम. थी हमारी जिम्मेदारी कम थी अगर किसी के. खिलाफ कारवाई करनी थी बीजेपी की. जिम्मेदारी ज्यादा बड़ी बनती. थी आमतौर पर बीजेपी को मसला अखिलेश जी खट. से लपक लेते इस वाले में अभी भी मैं देख. रहा हूं एक सॉफ्ट कॉर्नर है भूषण जी को.
लेकर सॉफ्ट कॉर्नर इट बिकॉज पुराने रिश्ते. हैं हम एक लिमिट की बात किसी के खिलाफ मैं. बोलता नहीं हूं ओके कभी नहीं. बोलता आपने च ठीक है आप वो पब्लिक समझदार. है सब समझ जाते हैं लोग आपने जिक्र किया. कि सफ आते रहते थे जी 2016 के बाद सेफ में. वैसे महोत्सव नहीं गए नेता जी के जन्मदिन. पर होते थे सरकार लौटेगी वैसा होगा हालाकि. इसको लेकर टीवी वालों ने खूब प्रोग्राम. चला है खूब टीआरपी बटोरी गई थी अब एक टाइम.
पर मुझे लगता है इस सफ की जितने भी. महोत्सव हुए हैं उसकी मैं एक सीरीज बनाऊ. और किसी प्लेटफॉर्म पर जरूर चलाऊं लोगों. को लगे कि हां सफ में महोत्सव होता था. मैंने लास्ट वहां पर ए आर रहमान का शो. कराया था उसके बाद कोई बड़ा शो नहीं हुआ. लेकिन नेता जी हमेशा इस बात को कहते थे कि. सेफ में मेला लगे. तरह के कार्यक्रम हो लेकिन मैं आज कहता. हूं आपसे सवाल सरकार का नहीं.
है मैं बहुत जल्दी सेफ में महोत्सब या सेफ. में कार्यक्रम फिर शुरू करूंगा तो उस टीवी. के विरोध से थोड़ा डर गए थे सहम गए थे या. बैकवर्ड ले लिया कि यार बहुत हो रहा है. क्योंकि मुझे याद है कई प्रोग्राम मुझे. प्रोग्राम तक ये नाम याद है एक प्रोग्राम. चला था मेरे चैनल पर नाच समाजवाद नाच ऐसा. कुछ और बड़े मुजफ्फरपुर को दिखा के और. बड़ी खबर देख मीडिया का रोल उस समय भी. नेगेटिव था मैं आज भी करूंगा तो मीडिया का. रो अब भी नेगेटिव ही होगा क मीडिया को मैं.
कंट्रोल नहीं कर सकता बट तब आप. मुख्यमंत्री थे वो तरीका मुझे नहीं पता था. अब मुझे तरीका पता. है अब मुझे तरीका पता है अगर अखिलेश यादव. जी की 27 में सरकार आती है पांच चीजें ऐसी. क्या करेंगे जो उन्हें लगता है कि यह कुछ. चीजें कि यह मुझे करना है चेंज मेजर देखिए. मैं अगर मैं बता दूंगा तो य सरकार नकल कर. लेगी ले फिर भी मुझे बोलना चाहिए मैं सबसे. पहले यूपी का इंफ्रास्ट्रक्चर और बेहतर हो. ए एजुकेशन में बेहतर सुधार लाए खासकर. प्राइमरी एजुकेशन और स्किल जो एजुकेशन है.
उसमें बेहतर करें हेल्थ सेक्टर है जि बहुत. काम होना जरूरी है क्योंकि हेल्थ से बहुत. सारे लोग सफर कर रहे हैं और खासकर गरीब. सफर कर रहा है जो उसको मिलना चाहिए इलाज. समय प इलाज नहीं मिलता है समय प इलाज ना. मिलने के कारण उसे प्राइवेट हॉस्पिटल में. जाना पड़ता है उसकी जमीन बिक जाती है पैसा. लग जाता है हेल्थ सेक्टर एजुकेशन. इंफ्रास्ट्रक्चर और उत्तर प्रदेश का लो इन. ऑर्डर क्योंकि उस समय जो सबसे बेहतरीन.
व्यवस्था पुलिस को दी थी वो डायल ह थी और. मुझे याद है उस समय के जो सीनियर ऑफिसर्स. थे मैंने उनको न्यूयॉर्क एनवाईपीडी के हेड. क्वार्टर भेजा था देख कर के आएंगी पुलिस. का रिस्पांस सिस्टम कैसे काम करता है वहां. पर उनके सामने क्या-क्या इश्यूज आते हैं. उनका जो कंट्रोल रूम है वह कैसे चलता है. उसके बाद वही टीम सिंगापुर गई थी वही टीम. ह्यूस्टन गई थी अमेरिका और हमारे प्रोफेसर. वेंकट उसके सलाहकार थे मेरे साथ सरकार में. उनसे परामर्श के बाद हम लोगों ने यूपी को. वन ऑ द बेस्ट रिस्पांस सिस्टम पुलिस को.
दिया इसको और स्ट्रेंथ करना. है हमारी बेटियां महिलाओं को बहुत फेस. करना पड़ रहा है हेल्थ में एजुकेशन में और. सुरक्षा में क्योंकि मैं जो खबरें पढ़ता. हूं या जो मैं डाटा देख रहा हूं कहीं ना. कहीं बहुत ज्यादा सफर कर रही हैं इन तीनों. सेक्टर में सुधार और उनके लिए क्या बेहतर. कर सकते हैं जरूर जैसे मैं बाहर के स्टेट. में आता हूं तो मुझसे अक्सर व कहते हैं. कि योगी आदित्यनाथ की सरकार में यूपी में. अब थोड़ा सुरक्षा बढ़ गई है एक परसेप्शन.
कम से कम मीडिया के अखबारों में सब में. छपता है कि कानून व्यवस्था बड़ी तगड़ी है. योगी जी की सरकार में ये आपके टाइम में. क्वेश्चन होता था आपका विकास पर आपका कोई. क्वेश्चन नहीं हुआ अखलेश यादव ने विकास के. इस पर कभी किसी ने क्वेश्चन नहीं किया. आपके सरकार के टाइम में जो आरोप लगता था. वो ये कि हर आदमी मुख्यमंत्री बन गया. सीरियस बनी थी चाचा विधायक है अगर आपको. याद हो तो मैं मैं दू ये सच आप मानते हैं. मैं दूसरी बात यह कहना चाहता हूं कि जब भी. यह सवाल उठा कि ल एंड डर कब बेहतर है उसका. आधार क्या है आधार कोई नहीं पूछता है बस.
क्योंकि वो न्यूज बन जाती है अगर मैं. जर्नलिस्ट से या किसी जानना चाहूं कि अगर. यह बात आप कह रहे हैं कि पहले ल खराब था. आजल लर बेहतर है तो उसका आधार क्या है अगर. हम एनसीआरबी के आंकड़े देखें तो आज भारतीय. जनता पार्टी की सरकार में खराब हो रहा है. ल एंड ऑर्डर महिलाए सबसे ज्यादा असुरक्षित. है और इतनी आत्म धा करने महिलाएं कभी नहीं. आई और इतनी खबरें तहसील थाने में आधा की. नहीं आई होगी जितनी सरकार में आ रही है. प्लस जो डाटा बताता है व बताता है कि लॉ.
एंड सिच वस्ट है और दूसरा अभी तक डीजीपी. अपॉइंट्स पायदान पर जो अधिकारी थे उनको सब. जिम्मेदारी दी हुई है तो सोचिए 49 जो. आईपीएस है उनसे सीनियर उन पर क्या गुजर. रही होगी और अब तो ऐसी घटना सुने को मिल. नहीं है कि पुलिस पुलिस को लूट रही है यह. कभी ऐसा नहीं होता था.
एनकाउंटर इसलिए कर दिया गया क्योंकि. उन्हें अपनी न्यूज बनानी है कि उन्होंने. बहुत अच्छा काम किया बदनामी हुई सरकार की. तो उन्होंने बैलेंस करने के लिए एक और. एनकाउंटर कर दिया दुनिया में कहीं ऐसा. होता होगा कि एक आप गलती से जान ले ले फिर. उसको बैलेंस करने के लिए दूसरे की भी जान. ले ले आप इस सरकार ने केवल परसेप्शन थ्रू. मीडिया क्रिएट किया था आधार कोई नहीं था. आज आज वर्स्ट लॉ एंड ऑर्डर है ठीक आप य कह. रहे हैं क्योंकि समय के ज सवाल कुछ अप.
लेता हूं क्वेश्चन बहुत बार मेरे पास है. आजम खान साहब आजम खान अब्दुल्ला आजम उनकी. आजम साब की वाइफ जेल गई एक अनसेट सवाल. उठने लगा कि बीजेपी वाले सपा वालों को जो. टॉप लीडरशिप आपकी है उनको जेल में डालते. सेंट्रल में ऐसे ही राहुल जी के साथ भी है. केजरीवाल जी की पार्टी आरोप लगाती कि आपस. में सबका है बड़े-बड़े नेता एक दूसरे को. जेल में नहीं डालते नीचे वाले जाते आजम जी. ने खुद यहां तक कह दिया कि मैंने इस. पार्टी को सब कुछ दिया बट उतना स्ट्रंगी. मेरे साथ सपा खड़ी नहीं रही अखिलेश जी. नहीं खड़े रहे देखिए समाजवादी पार्टी उनके.
साथ तब भी थी आज भी है और आज भी उनके साथ. जितनी कानूनी लड़ाई जितनी भी स्तर पर. लड़ाइयां थी उसमें पूरा साथ समाजवादी. पार्टी ने दिया है लेकिन जब सरकार ही. चाहती है कि जेल जाएं अधिकारी को. एक्सटेंशन के बाद एक्सटेंशन इस बात के लिए. दिया जाए कि इनको आजम साहब के परिवार को. बर्बाद कर देना है या समाजवादी पार्टी का. इरफान विधायक इसको जेल ही भेजना है. आपको तो सरकार में अधिकारी क्या करेंगे.
पूरी सरकार पूरे अधिकारी उनको फसाने में. झूठे मुकदमे लगाने में जेल भेज दिया और. समाजवादी पार्टी उनके साथ है जिनको यह. लगता है समय समय पर मैं जानता हूं कुछ. अपने लोग कुछ विरोधी लोग कुछ वोट चाहत में. वोट की चाहत में समाजवादी पार्टी की. खिलाफत करते हैं मैं उन तमाम लोगों से. कहूंगा कि मैं उनका पूरा साथ दूंगा अभी तक. तो मैं आगे था कि मैं बचा रहा हूं आदरणीय. आजम साहब को अब वह आगे हो जाए मैं उनके.
साथ हूं और पूरी पार्टी उनके साथ और आए. मदद करें ठीक अब एक रैपिड फायर सर है. थोड़े फन क्वेश्चंस है अगर अखिलेश यादव जी. वापस आम आदमी बन जाए टीपू बन जाए तो सरकार. की कौन सी योजना का लाभ उठाना चाहेंगे कोई. एक योजना जो आपकी हो या योगी जी की हो. जिसका लाभ आप उठाना चाहेंगे अगर आप आम. आदमी बन जाए मैं अगर आम आदमी बन जाऊंगा तो. सैफई में रहूंगा सुबह सैफई से लखनऊ चल. लूगा और लखनऊ से फिर सेफ चला जाऊंगा एक्स. पही चलता रहूंगा. अरे इतनी मोहब्बत हो गई आपको नहीं वो एक.
सफर है अपना करते रहेंगे जब आम आदमी है तो. मुझे आपने कहा कि आम आदमी क्या करेगा आम. आदमी सेफ रहेगा अपना लखनऊ आएगा उसी हाईवे. से वापस सेफ चला जाएगा ठीक है यूपी सबसे. बड़ा स्टेट है कहते हैं कि प्रधानमंत्री. का रास्ता यहीं से निकलता है आप यंग भी है. अब आप नहीं मान रहे कि युवा आप है वरिष्ठ. हो गए लेकिन फिर भी अगर अखिलेश जी कभी. प्रधानमंत्री बने तो पहला काम कौन सा. करेंगे प्रधानमंत्री बनके शपथ लूंगा अरे. तो इसी बाद तो प्रधानमंत्री बनेंगे आप तो. सबसे पहला काम ये करेंगे देश को सुधारें.
और देखिए देश बहुत आगे जा स सेक्टर में. देखिए देश बहुत आगे जा सकता है यूपी जैसे. प्रदेश ने वन ऑफ द बेस्ट एक्सप्रेसवे दिया. हो वन ऑफ द बेस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर दिए हो. और भी चीजों में न द बेस्ट कंस स्ट बनाया. हो मेट्रोस दी हो पूरे देश में पांच. डिस्ट्रिक्ट में कहीं मेट्रो नहीं चल रही. होंगी मुझे याद है उस समय जो मनमोहन सिंह. जी प्राइम मिनिस्टर थे मैंने उसे निवेदन. किया उन्होंने कहा कि आप अपनी स्टेट में. पांच मेट्रो खट्टी चलाएंगे मैंने कहा हम.
आप अगर सैंक्शन करेंगे तो चलाएंगे और उसका. परिणाम ये है कि आज सबसे ज्यादा मेट्रो उस. समय स्वीकृत की थी समाजवादी सरकार में और. उस समय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी थे. वही काम आगे चल रहे और कुछ नहीं चलना है. तो लोगों का जीवन अच्छा हो उनके चीजें. सुधर जाएं महंगाई कम हो ये बीजेपी की. मुनाफा खोरी की वजह से महंगाई है बीजेपी. की जो चंदा लेने का तरीका है उसकी वजह से. महंगाई है कम से कम आम लोगों की महंगाई कम. हो जॉब्स निकले आज हमारे देश का नौजवान. काम करना चाहता है रोजगार करना चाहता है.
नौकरी करना चाहता है वो अपॉर्चुनिटी मिले. उसको उसका रास्ता खोला जाए देखिए आपकी टीम. मुझे देख रही है लेकिन मैं रैपिड फायर एक. लाइन का होना चाहिए था आप जवाब खींचे. राजनीति में ज्यादा मजेदार कौन है जनता या. नेता. जनता यही वाली बात प कि 16000 करोड़ का. बनाया नहीं जनता सुपर्ब अ सबसे बड़ा झूठ. अपने बारे में जो आपने सुना हो अ वट. टिपिकल बात. पूछ सबसे झूठ कह रहा सब झूठ जोपने बा झूठ.
सु ना तो मैं ये कहना चाहता हूं कि जो मैं. सुनता हूं हमारे मुखी जी कहते हैं हम लोग. माफिया के लीडर हैं हां हम अपराधियों के. लीडर हैं ये सबसे बड़ा झूठ ये बीच में. नारा था जो जितना बड़ा अपराधी उतना बड़ा. समाज ऐसा कुछ चला था चला लेकिन ये जो आपने. सवाल पूछा उसका यही है कि मुखं जी जब मुझे. कहते हैं कि मैं सबसे बड़ा माफिया हूं हम. यही सबसे बड़ा जूद तो ये क्यों टैग लग गया. आप पर य सपा पर जैसे चाचा विधायक है कि हर. आदमी कहता है कि हमारी सरकार है हर आदमी. अपने आप को अखिलेश यादव समझ लेता है नहीं. क्योंकि उनके पास कोई विकास की योजनाओं पे. टिप्पणी करने का है नहीं और जो योजना.
समाजवादी ने चलाई उन पर कोई प्रश्न नहीं. लगा सकते हैं तो वो सोचते हैं कि पर्सनल. लेवल पर इनका नुकसान किया जाए ठीक है एक. लड़का नौतन यादव था बड़ा वायरल होता है. टीवी पे आजकल लड़का लोग कहते हैं कि उसको. स्कूल क नहीं आता अखिलेश जी ने कहा था. स्कूल जाओ या बाद में नेता बन जाना अभी वो. गया नहीं है उससे लोग पहाड़ा पूछते रहते. हैं आप मिले थे उससे मैं एक खजांची जो जे. बैंक में पैदा हुआ कोविड हां नहीं नोटबंदी. नोटबंदी में मैं उसको भी पढ़ा रहा हूं और. नवरतन को भी मैं पढ़ा रहा हूं लेकिन नवरतन.
की उम्र लेकिन उसने पहाड़ा रटा नहीं अब तक. उससे मीडिया वाले पूछते तो कहता हमसे मत. पूछो मुझे याद है कि अभी जन्मदिन जब मैंने. मनाया था खजांची का बथा पोयम पूरी सीख. करके आया था पोयम उसने पूरी प्रेस के. सामने सुनाई थी हा नवरतन नहीं पढ़ रहा है. कम पढ़ा उसको भी मैं पढ़ाऊंगा क्योंकि ये. जमाना पता नहीं कैसा है कि उसको भी आदत. पड़ गई बनाने की बहुत वायरल है वो.
तेज प्रताप जी को वीडियो कॉल करके लंदन से. लंदन दिखाया था वो आपको सीधे वीडियो कॉल.
करते हो अभी हां वीडियो कॉल किया था फिर. मैंने भी वीडियो कॉल किया उन्हें और मैंने. उन्हें बताया कि देखो मैं लंदन में हूं और. मैं अपनी बेटी को छोड़ने आया हूं तो मैंने. उन्हें बाकायदा वीडियो कॉल प लंदन भी. दिखाया उने मैंने कहा यकीन मान ले कि मैं. इसलिए शायद फोन उनका नहीं उठा पाया हमको. भी सीधे वीडियो कॉल करते हैं लोग नहीं वो. वीडियो कॉल ही करते हैं दिलचस्प लेकिन हम. बड़ा मजा आया था अगर आपने पॉडकास्ट नहीं. देखा तो देखिएगा बड़ा मजा मैंने देखा और. मुझे अच्छा लगता है कि वीडियो कॉल ही करते. हैं जबरदस्त लास्ट फिल्म कौन सी देखी थी. आपने लास्ट फिल्म द परस्यूट ऑफ हैप्पीनेस.
ओके इंग्लिश फिल्म में देख रहा बहुत पहले. मैंने देखी थी फिर मैंने उसको दोबारा देख. आज भी लखन में प्रमोशन चल रहा साबरमती. फिल्म का योगी जी ने फोटो ट डाली है. साबरमती तो व द परस्यूट ऑफ हैप्पीनेस उनको. देखनी चाहिए जीवन के बारे में उनको अच्छा. लगेगा मैं उनकी साबरमती देखूंगा फि वो. हमारी द परट ऑफ. हैप्पीनेस किताब पढ़ते हैं इधर नहीं पढ़. पा रहा हूं तीन किताबें जो चाहते कि लड़का. लोग जो आपको फॉलो करता है उसको पढ़ना. चाहिए तीन किताबें अगर आप पढ़े तो कौन सी. किताबें आप रिकमेंड करेंगे मैं जब स्कूल.
और कॉलेज में था एक बुक थी रिचर्ड बैज की. इल्यूजन वो जरूर पढ़नी चाहिए और दूसरी एक. किताब मैंने अभी कृष्णा पर पढ़ी थी द डटी. हु लिव एस मैन वह किताब मुझे अच्छी लगी. मुझे लगता है कि शायद वह नई पीढ़ी पढ़ेंगे. एक किताब का मैं नाम मिस कर रहा हूं जो. अमेरिकन राष्ट्रपति के बारे में है. डिफरेंट डिफरेंट अमेरिकन राष्ट्रपतियों के. बारे में कि वो अपने बैड टाइम्स में क्या.
कर रहे थे अपने साब समय पर या जो वो क्या. कर रहे थे वो बड़ी इंटरेस्टिंग बुक है. उनके बारे में बताती है उनके पॉलिटिकल. जर्नी के बारे में बताती है पॉलिटिकल. स्ट्रगल के बारे में बताती है अब यह दो. आखरी सवाल मेरे अपने व्यक्तिगत जीवन के. लिए एक सवाल आपने बैड टाइम्स का जिक्र. किया क्योंकि आपने जिंदगी में 49 साल देखे. तमाम उतार चढ़ाओ हर चीज से आप निकल कर आए. हैं बुरा समय चल रहा हो तो इंसान हैंडल. करें धैर धैर के अलावा कोई.
रास्ता और यह भरोसा होना चा कि इस समय. अच्छा भी आएगा जब बुरा वक्त आया तो अच्छा. भी. वक्त सफलता के मायने क्या है खुशी. हैप्पीनेस. सेटिस्फेक्शन मुतमइन. होना शादी कितने साल बाद भी प्यार रहता. है प्यार नहीं रहता है और. प्यार बढ़ता है और प्यार के प्यार भरोसे.
में बदल जाता. है मैंने एक स्टेटमेंट आपका पढा था बड़ा. मजाक स्टेटमेंट था कि अगर मौजूदा दौर में. होते तो शायद मेरी शादी नहीं हो पाती. डिंपल जी से अगर योगी जी की सरकार होती तो. शायद मेरी शादी वो क्योंकि वो दूसरी बातें. उस समय मुख्यमंत्री जी कर रहे थे क्योंकि. उनको रोमियो के बारे में नहीं पता इसलिए. वो रोमियो स्क्ड बनाए थे मैं समझता हूं. अगर वो पढ़े होते रोमियो के बारे में तो. शायद व रोमियो कडनी बनाते 90 को स्. न थैंक यू सो मच अखिलेश जी आपने समय दिया.
हर अच्छी बात ये है जो मैं एंड करते हुए. करना चाहूंगा कि अखिलेश जी ने ना हमसे ये. पूछा कि आप क्या पूछने आ रहे हैं और ना. हमें टोका कि ये क्यों पूछ रहे हैं मैं इस. ये बड़ा विरला कॉमिनेशन है कि आपने पूछा. नहीं हमसे सो मुझे लगता है ये भी बड़ी. साफगोई से मुझे करना चाहिए म आया सर बहुत. अच्छा लगा थैंक यू सो मच थैंक यू सो मच. थैंक य.
