Unplugged by Shubhankar ft. The Highway King of India | Nitin Gadkari | Toll Tax | RSS | BJP
नेताओं का टोल नहीं लगता सर मंत्रियों का. टोल नहीं लगता आम आदमी का ही टोल लगता है. वई वीवीआईपी कल्चर नेता को फैसिलिटी. ज्यादा देनी चाहिए पर उसके भक्ष करप्शन को. बिल्कुल टॉलरेट नहीं करना चाहिए गडकरी जी. की जो यह सबसे ज्यादा काम करने वाली इमेज. थी यह जनता का प्यार थी या पीआर का असर थी. मंत्री बना और फिर मुंबई पुना एक्सप्रेस. हाईवे वर्ली बांदरा सीलिंग प्रोजेक्ट और. ससुर जी के घर पे बुलडोजर चलवा दिया घर. में डांट नहीं पड़ी आपको फिर पड़ी दाट.
कौन सा कांग्रेस का नेता था विपक्ष का. नेता जिसने आपको प्रधानमंत्री बनाने की. कोशिश की कई लोग ये कह रहे थे गडकरी जी ने. इस बार 240 सीट आई तब यह बात कही मेरे को. जो अच्छा लगता मैं कर तो ये क्या आपके मन. में आया तो जब ये घटना शेर जितने लिख रहे. हैं उनके पास जाके पूछो क्या है उनका. नमस्ते किया गया आप आपके हाथ ऐसे हैं आपकी. बॉडी लैंग्वेज को लेकर क्वेश्चन करते स. श्वस है वो जो फोटो आया था ना हां उसमें. पहले वो मेरे पास आए मैंने उनको नमस्कार. किया आपको संसदीय बोर्ड में जगह नहीं दी. गई केंद्रीय चुनाव समिति में नहीं रखा गया. आपको तकलीफ होती कार्यकर्ता कभी एक्. कार्यकर्ता नहीं हो जब आप पार्टी.
प्रेसिडेंट थे तो आप अमित शाह जी को बहुत. विट कराते थे गट सर की फेवरेट हीरोइन कौन. सी है मैंने ब स्मति रानी को कहा वो. सीरियल गगर में आती थी बो कुछ भी करो एक. दिन विद्या सना को मिला आज इतना टोल लगा. दिया कि हर मिडिल क्लास का आदमी परेशान है. टोल तो धनवान लोगों से ले तो मतलब भविष्य. में टोल खत्म नहीं होगा बिल्कुल नहीं होगा. इफ यू वाट गुड सर्विसेस यू हैव टू पे फॉर. इट सर्विस पैसा तो टोल का फाइव स्टार वाला. गया फिर जोय घटनाए आती है वो कहते कि. सर्विस ढाबे वाली हो गई सर सर यह. व्यक्तिगत रूप से मैं इसके बारे में. पॉलिसी डिसीजन करूंगा ठीक मुझे भी आपकी.
बात पैट गई ये अन्याय आप लोग वन नेशन वन. इलेक्शन की बात करते हैं कई बार लोग कहते. हैं कि वन टैक्स क्यों नहीं कर रहे थे आप. लोग जीएसटी की तरह कि हर स्टेट में. क्योंकि अलग-अलग लूट मची पड़ी हैव नहीं है. 960 करोड़ की लागत से बना ये जो साउंड. प्रूफ हाईवे था दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे. को लेकर एक बड़ा सा गड्ढा जो है बीच में आ. रहा है एक गाड़ी हवा में उड़ने लगी लोगों. ने कहा अगर थोड़ा सा और उड़ती तो शायद टेक. ऑफ कर जाती आपने अगर वो वीडियो देखा हो. मैंने देखा लोगों ने छाप दिया कि गडकरी. बोल रहा है पेट्रोल डीजल हम समाप्त कर. देंगे ये आपने एक ज का इतना टैक्स लगा.
दूंगा कि बेचना मुश्किल हो जाए शुरुआत. करनी है मंत्रालय शुरू कर इतनी सारी. गाड़ियां सबको इलेक्ट्रिक कर गवर्नमेंट. इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीद रही सेंट्रल. गवर्नमेंट के जितने डिपार्टमेंट है सब. पेट्रोल डीजल बदल जाएगा हां बदल हो रहा है. इसमें मैं नहीं फसू फ्यूचर क्या है सर. अच्छा ही है कौन सा मतलब एथनल का है. हाइड्रोजन का है इलेक्ट्रिक का है ये भी. बहुत लोग सवाल पूछ कई जगह आवारा पशु आ. जाते हैं हाईवे पे भी और वो भी एक बड़ा. इशू आता है मैं खुद गया था चार बार मरते. मरते बस गया मैं अब किसी को छोड़ता नहीं. छोडूंगा नहीं क्योंकि इनके आप की.
जिम्मेदारी तो मुझे लेनी पड़ती है सबका. बैंड बजाऊंगा अच्छी तरीके से जिंदगी में. नहीं भूल पाएंगे ऐसा बजा द पवन सिंह जी से. आपके रिश्ते है बिहार में पुल गिरता आपको. लोग को टारगेट करते जिस पेड़ को फल लगते. उसी पर लोग पत्थर मारते हैं हमें उसी का. आनंद है कि हमारे पेड़ को फल लगे हैं मारो. पत्थर कोई उन्हें रोड मैन कहता है कोई. हाईवे मैन कहता है एक जमाने में बाल ठाकरे. जी ने कहा था कि वो रोड करी है वो एक ऐसे.
नेता है पॉलिटिक्स के जो अनफिल्टर्ड है. उनके बारे में मशहूर है कि जो दिल में है. वो जुबान पर है अब आपको कैसे लेना है वो. आप देख लीजिए साथ है नितिन जयराम गडकरी सर. थैंक यू कैसे हैं सर आप एकदम ठीक हूं अ. मुझसे लोगों ने ये कहा कि गटक सर से सबसे. पहला क्वेश्चन तो यही पूछेगा कि ये जो. पॉलिटिक्स में अनफिल्टर्ड उनका होना है ये. क्यों है मतलब सब डरते हैं नेता लोग. सवालों से डरता है कोई कोई बात रखने से.
डरता है गडकरी साहब को क्यों डर नहीं लगता. मैं पॉलिटिशियन नहीं हूं मैं अक्सर इस बात. पर विश्वास रखता हूं कि पॉलिटिक्स इज. इंस्ट्रूमेंट ऑफ सोश इकोनॉमिक रिफॉर्म तो. मैं सोशल वर्क को ही पॉलिटिक्स समझता हूं. पावर पॉलिटिक्स इज नॉट द ओनली मीनिंग ऑफ द. पॉलिटिक्स राजनीति का मतलब केवल सत्ता करण. नहीं है राजनीति लोकनीति धर्म नीति और. समाज नीति है और जो गरीब है अाई है शोषित. है पीड़ित है उनके जीवन को बदलने की कोशिश.
करना उनको सस्टेनेबल डेवलपमेंट के साथ. उनके जीवन को सुस बनाना यह मुझे लगता है. कि पॉलिटिक्स का मकसद है मैं कोई साधु. सन्यासी नहीं हूं मेरा घर मेरा परिवार. मेरे बच्चे मैं अपना बिजनेस तो भी नहीं. करता पर मेरा सब करके मैं घर परिवार संभाल. के फिर काम करता हूं और मैं शिक्षा के. क्षेत्र में 1200 एकल विद्यालय ट्राइबल. सेक्टर में चलाता हूं मैं हेल्थ सर्विसेस.
में मैंने 50 स ज्यादा हार्ट के ऑपरेशन कर. दिए 900 लोगों के पैर लगा दिए जैसे किसी. को चुनाव जीतने से आनंद होता है तो मुझे. किसी का हार्ट ऑपरेशन किसी कैंसर की जान. बचने से मुझे खुशी होती है और मुझे कोई. चिंता नहीं है कौन मुझे अच्छा कह रहा है. कौन मुझे बुरा कह रहा है कौन मुझे सपोर्ट. कर रहा है कोन नहीं कर रहा चुनाव के समय. मुझे बड़े मेरे मित्र नाराज हुए मैंने कहा. जो करेगा जात के बात उसको कस के मारूंगा. लात तो ये बोलने के बाद बोले आप बड़ा जो.
होगा सो देना तो तो नहीं तो म दो क्या. मंत्री नहीं बना तो मरता क्या. आदमी कोई फर्क नहीं पड़ता लेकिन वो सरसे. ही जाऊंगा ऐसे ही काम करूंगा एक वो टीवी. पैड चलता है ना सर कि डर सबको लगता है गला. सबका सुकता है कुछ ना कुछ तो लगता होगा ना. सर कहीं पे नहीं डर तक कोई कारण ही नहीं. सर किसी का लगने का आई एम लॉयल टू माय. पार्टी माय आइडल जीी एंड माय लीडर सियासत. पर मैं जाऊंगा आगे सर अभी बहुत टाइम आज. टेस्ट मैच की तरह मैं चलूंगा आज आपको. क्रिकेट शौक रहा है तो आज मैं टी20 नहीं. खेलूंगा मैच की तरह जाऊगा नहीं यार.
क्रिकेट खेलो वनडे क्रिकेट मिक्स करके. लाइफ वनडे क्रिकेट जैसे होना चाहिए सुप. आपको याद नहीं होगा मेरे बचपन में बापू. नाडकर करके क्रिकेटर थे बहुत बड़े क्रिकेट. टेस्ट क्रिकेटर और वो चार चार घंटे खेलते. थे और 15 रन निकालते और अभी बीच में मैं. लंदन गया एक बूढ़ा व्यक्ति मुझे मिलने के. लिए आया बचारे को चलना भी नहीं होता तो. मैंने उनको आने के बाद बोला बोले आई.
इंजीनियर गावस्कर के साथ फारूक इंजीनियर. ओपनिंग में आते थे क्रॉस बैट मारते थे. कसते थे इधर उधर तो मेे बड़े फेवरेट थे एक. श्रीकांत करके थे वो भी मेरा फेवरेट. था इंटरेस्टिंग बात बताता हूं मैं नागपुर. में रंजी ट्रॉफी और ये लीप ट्रॉफी तो. राजस्थान वर्सेस विदर्भ मैच होती थी तो एक. सलीम दुरानी करके थे हनुमन सिंह कैप्टन थे. सलीम रानी क्रिट उनकी एक विशेषता थी मैं. तब चारने का टिकट निका चवन नि का ग्राउंड.
प ऐसे पा लड़के लेकर बैठता था डब्बा लेकर. घर से जाते थे ूप रहती थी और सलीम रानी. जिधर से जोर से आवाज आता उधर मारते. थे वेस्ट इंडीज को भी उन्होंने मेरे समय. जब लॉयड रिचर्ड्स जूलियन कनाय मु आज एंडडी. रॉबर्ट्स गीस ब प्लेयर याद थे व एंडडी. रॉबर्ट्स बाउंड्री से दौड़ के आता था और. सली दुराने उसको मारे तो हमको बड़ा. पसंद 40 8 रन निकलता था पर पांच छह.
मारता था लाइफ ऐसे ही होने चाहिए अभी. लड़का लोग को मैच देखते हैं अभी छोड़ दे. क्रिकेट देखना अभी नहीं होता समय नहीं. मिलता मैं देख नहीं पाता पर सचिन तेंडुलकर. दिलीप वेंसर कर के पहला जो सेंचुरी मारी. थी प्रसन्न बेदी के खिलाफ नागपुर के. ग्राउंड पर हम तब मैं था मैंने देखी उसकी. बैटिंग. तो प्लेयर जो मारपीट करने वाले फटाफट चाहे. क्रॉस भी खेले मुझे अच्छे लगते हैं बहुत.
देर तक विकेट पे टिक के रहना और रन नहीं. निकालना मजा नहीं आती खाया पिया कुछ नहीं. गिलास पड़ा टना ये पसंद नहीं है नहीं तो. पॉलिटिक्स में भी आप काफी चौके. लगाते रहते हैं मालूम शायद यही वजह है कि. जब हमने डाला कि हमने गडकरी जी का. इंटरव्यू करने वाले हैं तो तकरीबन 45 500. क्वेश्चन आ गए सर आमतौर पर इतने क्वेश्चंस. किसी के लिए नहीं आते हमने ऑलमोस्ट फिल्म. स्टार्स के स्पोर्ट्स स्टार्स के बहुत. सारे क्रिकेटर्स के पॉलिटिशियन के. इंटरव्यू किए बट ये twitter4j. काफी.
थे मुझे भी आश्चर्य लगता है कि इतने बड़े. प्रमाण पर कैसे आए. और एक बात तो जरूर है. कि लोगों का प्रेम लोगों का विश्वास उनका. समाधान ये राजनीतिक नेता के लिए सबसे बड़ी. पूंजी यही होती है कि लोग जब आपके प्रति. प्रेम रखते हैं विश्वास रखते हैं ट इ टू. बी ग्रेट सेटिस्फेक्शन वो मुझे कभी-कभी. दिखता है लोगों का प्रेम बड़ा अच्छा लगता.
डू यू बिलीव इन डेस्टिनी. सर सर मैं श्रद्धावन हूं अंधश्रद्धा वाला. नहीं हूं पर मैं भगवान को मानता हूं एक. अद्भुत शक्ति रहती है जो सब बातों को. चलाती है इस बात पर मेरा विश्वास है नहीं. ये मैंने इसलिए पूछा क्योंकि जब मैं आपकी. पॉलिटिकल लाइफ देखता हूं तो 95 में ज आपने. स्टार्ट किया तब से लेकर अब तक यह. पीडब्ल्यूडी डिपार्टमेंट आपके आसपास. डिजाइन किया गया था ऊपर वाले की तरफ से. नहीं इसकी कहानी ऐसी है कि 95 में शिवसेना. और बीजेपी की सर.
और गोपीनाथ मुंडे डेप्युटी चीफ मिनिस्टर. बने मनोहर जोशी चीफ मिनिस्टर बने और पहले. मंत्रिमंडल में मैं नहीं था फिर छ सात. महीने के बाद नया एक्सपेंशन हुआ तब. गोपीनाथ मुंडे जी बीजेपी के नेता थे तो. मैं उनके पास गया तो उन्होंने कहा नितिन. मेरे पास दो डिपार्टमेंट तुम्हारे लिए है. एक पावर है और दूसरा य पीडब्लूडी है उस. समय नरन का झमेला चल रहा था बत नरन को. कैंसल करना ये करना तो बोली नरन में थोड़े.
कॉम्प्लिकेशंस है तो मेरा व्यक्तिगत रूप. से ऐसा लगता है कि तुम ये पीडब्ल्यूडी. डिपार्टमेंट देखो तो और इसके ऊपर तुम्हारी. इच्छा होगी तो पावर भी एक में से कोई भी. सिलेक्ट कर सकता तो मैंने कहा ये आप जैसा. कह रहे मुझे पीडब्ल्यूडी दो ना मैं. इंजीनियर हूं ना मुझे ब्रजेस टनल रोड के. बारे में कुछ समझता है ना कुछ आता है वैसे. ही मैं वनडे क्रिकेट जदा मंत्री बना और. फिर मुंबई पुना एक्सप्रेस हाईवे. वरली बांदरा सीलिंग प्रोजेक्ट 55 फ्लाई.
ओवर यह करने का सौभाग्य मिला पब्लिक से. पैसा खड़ा किया और ससुर जी के घर पर. बुलडोजर चलवा दिया वो तो मैं आज भी मत का. मैं बोलता हूं कि जो लाइन मारो जो आए बीच. में बीजेपी आए कांग्रेस आए हिंदू है. मुसलमान है कोई भी घर में डाट नहीं पड़ी. आपको फिर. पड़ आप पहले बता दे तो हम तोड़ देते आप. तोड़ने की क्या जरूरत बट निन गटक और को. सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों में लोग पसंद.
करते हैं कौन पसंद करता है मुझे मालूम. नहीं मैं अक्सर एक याद रखता हूं मैं तो. चला जिधर चले रास्ता मुझे क्या पता कहां. मेरी मंजिल ऐसे मैं चलता हूं एक ने मुझे. बुला अभी बहुत बड़े इंटर में आप बहुत. सोचते हो बहुत मेहनत करते हो आज भी कुछ. सोचते होंगे बोला हां क्या सोच रहे हो. बोला आज रात को कौन से होटल में खाना खाना. और क्या खाना यही मेरा सोचने का विषय रहता. है बाकी कोई सोचता नहीं अभी भी समोसे खाते. हैं आप हां बिल्कुल खाता तो खिलवा आपके. यहां लोगों ने हम समोसे खाते समोसे का सूप.
बनाने लगे संतरे का सूप बनता है हमारे य. चार शेप है और मैं अलग-अलग चीजें खाता हूं. रोज मुझे नई चीज चाहिए आज सुबह ब्रेड. पकोड़ा खाया था आपको भी डॉक्टर रमाकांत. आज मैंने पुरण जो होता है ना पुरण पोड़ी. पुरण नागपुर से लाया था कल और आज एक घी. आया वो घी ऐसे गाय का था कि जो काजू. किशमिश पिस्ता और खजूर खाती थी वो घी में.
डुबा डुबा के मैंने आज मैं डायबिटिक हूं. पर आज मैंने पुरण पूरी खाई नहीं आपके. मुंबई के डॉक्टर है डॉक्टर रमाकांत पांडा. हार्ट जिन्होंने लालू जी का मनमोहन जी का. हमने उनका पॉडकास्ट क्या बहुत डरा दिया. सबने छोड़ दिया हमने मुझे लगता आपको भी. मिलवा पड़ेगा मुझे उनसे मैं उनको मिला हूं. उन्होंने मेरे को बीच में हमारे मेरे बड़े. भाई जैसे चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया बबड़े साहब. व पन्ना के जंगल में थे तो उनके साथ. डॉक्टर पांडा थे और वहां के राजे थे तो. उन्होने मुझे फोन किया कि राज कांग्रेस के.
हैं पर आपके फैन है इनसे मिलना चाहते तो. मेरी बात हो गई उनसे फि राजा साहब से बात. होगी तो उन्होंने कहा कि ये डॉक्टर पंडा. है तो उन्होने कहा. कि तो उन्होने कहा कि आपको दो तीन बार. चक्कर आया मैं बहुत चिंतित आप एक बार. हमारे य चेकअप कि मैं गया था और उन्होने. मुझे पूरा चेकअप किया और एक मशीन पर ऐसे. टेबल पर सुलाया और 60 डिग्री पर लाकर 20. मिनट देखा कुछ नहीं हुआ फिर उन्होने मुझे. इंजेक्शन दिया मेरा पल्स रेट 106 किया तीन.
मिनट में मैं एकदम ब्लड प्रेशर डाउन हो. गया तो उन्होने मुझे कहा कि आप पानी बहुत. पीजिए और स्टॉकिंग लगाइए यही आपकी समस्या. है और मेरा पूरा हार्ट का सब उन्होंने. चेकअप किया था मैं उनके हॉस्पिटल गया था. बहुत अच्छे डॉक्टर है मतलब आपको उन्होंने. खाने से रोका नहीं इन शॉर्ट आप कह रहे हैं. कि मैं खुश हूं कि कहा दबा के समोसे खा सक. शद बहुत से लोगों को मालूम है कि रोकने के. बाद भी रुकेंगे नहीं वैसे आपको एक बात. बताता हूं मेरा एक समय जब मुंबई में था तो. मेरा वजन था 135 किलो आज मैं 990 किलो हू.
मेरी खाने की नियत कम नहीं हुई है खाना कम. हुआ है अ आज मैंने जैसे समोसा है एक ही. खाता हूं वड़ा. पाव तीन चार खाता था छछ खाता था एक ही. खाता हूं तो खाने में मैंने भी कंट्रोल. किया है पर इसके कारण मैं काफी फीट हूं दो. घंटे प्राणायाम करता हूं व्यायाम करता हूं. एक्सरसाइज करता हूं फिर निकलता हूं सुपर. हम चाहते हैं कि आप हेल्दी रहे फिट रहे सर. आपका इंटरव्यू लेने के लिए जब हमने. क्वेश्चंस डाले तो एक परसेप्शन जो मेरे.
जहन में आया उन सारे सवालों को पढ़ने के. बाद वो मैं बहुत ही ब्लंट होकर आपके सामने. रखूंगा क्योंकि ये लोगों के सवाल है आप. लोगों के व्यक्ति है और आप भी डरते नहीं. हम पूछने में भी डरते नहीं परसेप्शन ये सर. मुझे लगा कि आज से एक साल पहले तक किसी. स्टेट में भी कोई अगर स्टेट गवर्नमेंट भी. काम करती थी तो हर व्यक्ति ताली गडकरी जी. के नाम पर पीटता था आज के टाइम में अगर. स्टेट में भी कुछ गड़बड़ हो रहा है तो. क्वेश्चंस गडकरी जी के नाम पर हो रहे हैं. नंबर ऑफ सोशल मीडिया पर स्टोरीज गडकरी जी. को लेकर ज्यादा बढ़ रही है टीवी चैनलों को.
आपसे ज्यादा मुंह हो गया है आपके नाम पर. प्राइम टाइम में कई स्टोरीज कवर की जा रही. है और बहुत सारे क्वेश्चंस किए जा रहे हैं. और इन क्वेश्चंस के बाद एक सवाल उठाया आ. रहा है कि गडकरी जी की जो यह सबसे ज्यादा. काम करने वाली इमेज थी यह जनता का प्यार. थी या पीआर का असर थी मेरा पीआर तो है ही. नहीं कुछ मेरे कोई पीआर नहीं मैं कोई. पत्रकार के पास जाता नहीं कोई मेरा. इंटरव्यू नहीं मैं अनर्ग हूं इन डिसिप्लिन. मेरा कोई. एक बात जरूर है कि मैं अपना काम के लेकर.
जो कानूनी काम लेकर आता है सबका करता हूं. गलत काम होगा तो सामने मुंह पर बोल के वो. नहीं करता और मैं अक्सर एक बात याद रखता. हूं जो मैं मेरे घर पर लिखी हुई है मनसा. सततम स्मरणीयम वसा सततम वदनी लोकहितम मम. करणीयम जो बात मैंने आपके क की पॉलिटिक्स. इंस्ट्रूमेंट ऑफ सोश इकोनॉमिक रिफॉर्म ये. केवल बोलने के लिए और कहने के लिए नहीं. मैंने अपने जीवन के जीवन पद्धति में उसका.
अनुकरण करता हूं अब प्रॉब्लम यह है कि देश. में मैं केवल नेशनल हाईवे के लिए. जिम्मेदार हूं अब मुंबई में गड्ढे पड़े तो. वे गढ़ के मुंबई में रोड ही नहीं मेरा एक. भी रोड नहीं अब यह स्टेट हाईवे. डिस्ट्रिक्ट हाईवे विलेज रोड तो लोगों को. लगता है रोड बनाया तो गड़ कररी में बिगड़ा. तो गड़क दूसरी बात जब बरसात ज्यादा होती. है हम तो उन दिनों में कुछ गड्ढे पड़ते. हैं हमारी कुछ कमिया होगी उसको हम. सुधरेंगे आज हमने काफी उसके लिए किया. इसीलिए मैं देखो मुंबई पुणा एक्सप्रेस.
हाईवे मैंने 9697 1996 97 में बनाया. कांक्रीट का बना अभी एक भी गड्डा नहीं है. हम नागपुर शहर में कांक्रीट के रोड बनाए. बिल्कुल गड्डा नहीं है अब वो क्या हुआ कि. जब कांक्रीट के रोड बने तो नागपुर के कुछ. लोगों ने कहा देखो यह रोड के कांक्रीट बने. तो पानी जमीन में नहीं जाता और इसलिए पानी. अटक रहा है और इसलिए बाढ़ आ रही है अब ये. तो कोई लेना देना नहीं इस साल नहीं आई. बाढ़ क्योंकि बेसिकली. बाढ़ के कारण था कि नाले छोटे हो गए थे.
लोगों ने अतिक्रमण किया था कचरा साफ नहीं. किया था तो यह कुछ ना कुछ बातें चलती रहती. है नहीं सर जैसे हम हम अवध से आते हैं तो. हमारे यहां कहते हैं कि लड़े तो जीते नाम. सरदार का हारे तो भी सरदार का अब आपने जो. कहा कि ठीक है मुंबई में आपने नहीं बनाया. लेकिन 960 करोड़ की लागत से बना ये जो. साउंड प्रूफ हाईवे था इसकी लगातार कवरेज. इसी हफ्ते चल रही है आज सुबह से जब हम. सोशल मीडिया पर देख रहे हैं दिल्ली मुंबई. एक्सप्रेसवे को लेकर एक बड़ा सा गड्ढा जो. है बीच में आ रहा है और वो तो 1 लाख करोड़.
का बना था पीएम मोदी ने लास्ट ईयर ही. उद्घाटन किया था 12 फरवरी को और एक साल के. अंदर अगर इतना दो फिट का गड्ढा अगर बीच. में आ रहा है तो सर लोग कह रहे हैं कि या. तो गडकरी जी के नीचे करप्शन शुरू हो गया. है या मिसमैनेजमेंट हो गया है क्योंकि इन. चीजों के लिए आपकी तारीफ होती रही थी और. ये एक हफ्ते की रिपोर्ट बता रहा हं सर ऐसे. 20 एग्जांपल इस बीच में ये कुछ लोग मैं. उनके ऊपर एलिगेशन नहीं करना चाहता हूं. शायद जानबूझकर झूठी बातें फैला रहे हैं अभ. ये दिल्ली जयपुर की बात. यह रोड मेरा है ही नहीं 2009 में यूपीए.
सरकार जब आई तो सात बैंकों ने फाइनेंस. करके बीटी में यह रोड दिया था इसमें. बड़ी-बड़ी बैंकर्स थी कोर्ट केसेस हुई. ब्लैकलिस्टेड हुआ अब यह जो रोड था इसकी. कॉस्ट थी 18. 96 करोड़ अब इसमें उन्होंने लैंड एकशन की. कॉस्ट ऐड ही नहीं की यह रोड के लिए 909. करोड़ रुप लैंड एकशन कॉस्ट थी कॉस्ट ऑफ ट. शिफ्टिंग 107 करोड़ थी इसके बाद मेजर.
मेंटेनेंस जिसका अभी तक होता रहा रोड का. वो हुआ है 13 1213 करोड़ और अंडर. कंस्ट्रक्शन मैंने चार ब्रिजे नए बनाए यह. इको वाला रो वाला अंडर य गुड़गांव का. ब्रिज यह पूरा जो है वो 300 करोड़ का और. रूटीन मेंटेनेंस है 57 करोड़ का और यह रोड. में तीन कांट्रैक्टर भगाए गए चौथे. कांट्रैक्टर को मैंने टर्मिनेट किया तो. सम्माननीय दिल्ली हाई कोर्ट ने उसको स्टे. दिया काम बंद.
करवाया तो आप यह दिल्ली हाई कोर्ट का भी. नाम छापी ना यूपीए सरकार ने शुरू किया यह. भी छापी और खर्चा करना है तो यह इतना. खर्चा पूरा हुआ है अब इसमें जो टोल हुआ है. टोटल यह टोटल कलेक्शन हुआ. 8350 करोड़ और गवर्नमेंट को शेयर मिला. 5111 करोड़ जो पूरा फाइनेंस मिनिस्ट्री. में जमा होता है और जो प्राइवेट बीडल था. बैंक का कर्जा लेके अब इसमें फरक ऐसा होता. है कि तुमने एक फ्लैट कैश पेमेंट प लिया.
तो ₹ लाख में मिला जब 15 साल उसका कर्जा. चुका होगे तो ₹ लाख के फ्लैट की कीमत ₹. लाख होती है क्योंकि उस परे इंटरेस्ट. कॉस्ट 10 पर से जाती है तो यह पूरी तरह. 3249 करोड़ जब उसको टर्मिनेट किया तो उसको. पैसे दिए गए उसके काम के और मैंने खुद. अपने डिपार्टमेंट से पैसे लगा के उसकी. सुधारणा की और अभी भी उस पर काम चालू है. क्योंकि डिफेक्टिव डिफॉल्ट और 2009 में. शुरू हो गया ये पूरी जानकारी ना देते हुए.
स्पेशल कार्यक्रम लगाकर झूठ फैलाने का काम. कौन से इंटेंशन के लिए करते मुझे पता नहीं. है नहीं सर देखिए जनता जो होती है वो दो. चीज देखती है एक होता है जैसे ये साउंड. वाला ब्रिज था साउंड प्रूफ ब्रिज अब इसमें. आपकी तस्वीर छाप के सारे अखबारों ने छापा. मोदी जी की तस्वीर छापी नहीं साउंड वाला. ब्रिज नहीं था इसमें किसने बताया आपको 960. करोड़ प एन. 44. ना उसमें न साल पहले बना तीन साल तीन साल. में गड्ढे आने लगे फिर ये भी जो आपका. दिल्ली गड्ढे एक बात याद रख है तुम कितना.
भी अच्छा रोड बनाइए जब बरसात ज्यादा होती. है तो उसके बाद गड्ढे पड़ते हैं डांबर के. रोड जो होते हैं दो-तीन साल के बाद मेंटेन. करना होता है और जब पानी का लॉकिंग होता. है तब होता है यहां क्या हुआ कि दोनों. साइड में अतिक्रमण है और अभी भी आज भी. जमीन नहीं दे रहे लोग अतिक्रमण नहीं हटा. रहे पहले हरियाणा सरकार है फिर राजस्थान. की सरकार है एक पेट्रोल पंप को हटाने के. लिए हरियाणा के पीड मिनिस्टर थे उनको. मैंने 10 बार कहा जब कहा 11वी बार कि पंप.
नहीं हटेगा मैं तुम्हारा काम नहीं करूंगा. तब हटाया ये एक पूरे रोड पर बस्ती बैठी. हुई है ठीक है बीच में नालिया है. एंक्रोचमेंट है एंक्रोचमेंट हटाना मेरा. काम नहीं है यूटिलिटी शिफ्टिंग है ये अभी. तक 2009 में दिए हुए काम में अभी भी वहां. पटके अटके हुए हैं और लोगों में वहां रोड. पर पार्किंग किया है लोगों ने धाबी हैं. अगर रोड बड़ा करना है तो कांक्रीट ंग करना. है या कुछ भी करना है तो वो काम करना तो. लॉगिंग होता है लॉगिंग होता है तो अच्छा.
रोड बनाया निकल जाता है अभी हमने ये भी. उपाय ढूंढा कि अब कांक्रीट रोड बनाएंगे अब. कांक्रीट रोड बनाने के बारे में हमने जब. निर्णय किया तो सीमेंट वालों ने कार्टेल. बनाया रेट बढ़ा दिए हमको फिर थोड़ा पीछे. हटना पड़ा फिर भी मैं मानता हूं कि जो. हमारी दिक्कत है हमारी समस्या है या जो. हमारी गलती है उसके लिए हम जिम्मेदार है. मैं कोई समर्थन नहीं करता उसका नहीं इसका. जो एक कॉमन क्वेश्चन सर मैं अगर फ्रेज कर. दूं बिना किसी पर्टिकुलर पे गए हुए वो. कॉमन क्वेश्चन अब लोगों का बार-बार य आ. रहा है और ये सैकड़ों सवाल थे कि एक हाईवे. बन रहा है एक्सप्रेसवे बन रहा है वो.
एक्सप्रेसवे बनता है उस पर लाखों करोड़. रुपए लगते हैं सैकड़ों करोड़ रुपए लगते. हैं और उसके बाद साल भर के अंदर उसको लेकर. खबरें आने लगती हैं तो यह होता है कि क्या. इसमें करप्शन है या क्वालिटी कमजोर है. क्योंकि ये बैक टू बैक खबरें आ रही है एक. के बाद एक घटना आपको एक बात बताता हूं जी. हम कोई भी रोड बनाते हैं तो उसकी 5 साल की. डिफेक्ट लायबिलिटी होती है हम और ये जितनी. बातें आप बता रहे हैं वहां डिफेक्ट. लायबिलिटी पीरियड में उन सबको नोटिस दिया. पेनल्टी लगी है डे बार कर रहे हैं अब उनके.
प्रेस रिलीज में नाम लेकर कंपनी का हम. रिलीज भी कर रहे हैं क्योंकि बात यही है. कि इसके बाद में भी कमिया होगी तो करेंगे. पर आपको एक बात पूछता हूं पूरे वर्ल्ड में. जहां बटन रोड बनते हैं और जहां बरसात. पड़ती है गिरती है तो क्या वह रोड में. गड्ढे नहीं पड़ते पड़ते होंगे लाजमी बात. है नहीं एक बार अगर बिटवीन रोड बना तो. बिटू मिन पर हा कांक्रीट रोड पर नहीं. पड़ते तो यह तो परिस्थिति है और जब हमारे. देश में इतना बाढ़ आ रहा बादल फट रहे हैं.
उत्तरा हिमाचल प्रदेश में अब हिमालय. हिमालय य तो रॉक माउंटेन है ही नहीं पत्थर. नहीं है मिट्टी और ऐसे पत्थर को लगाकर वह. एक जियोग्राफी जो जियोलॉजी है व जो पूरा. इस प्रकार की कि पूरा कभी भी गिरता है तो. आज मनाली से अपने कुलू तक पूरे बीच में. नदी है बाड़ आ गया ऊपर में बादल फट गया. पहाड़ गिर गया और बीच में लोग रहते हैं अब. परिस्थितियों में ऐसी है कि रोड बनाने के.
लिए जाएंगे तो दिक्कतें आती है प्रॉब्लम. है कि कोई भी गड्ढा पड़ा है ने पैसे खाए. मैं आपको आवान के साथ बोलता हूं कि बोलो. हिंदुस्तान का एक भी आदमी बताए कि इस. कांट्रैक्टर से हमने कुछ पैसे लिए और वह. कहे तो चलो कोई भी हो हम स्वीकार करते हैं. कोई हमारे य ट्रांसपेरेंसी है करप्शन फ्री. सिस्टम है और इसीलिए अभी हमने एक निर्णय. किया है हम भी टेक्नोलॉजी में लगातार. सुधार कर रहे निर्णय य किया है कि जो. बिटवीन रोड्स है उसके ऊपर जो खराब होता है.
बार-बार उसको अब मुंबई आईआईटी ने एक. सेमिनार लिया और सेमिनार में यह तय किया. गया कि कौन से स्टैंडर्ड का बेस चाहिए अगर. वह होगा तो उसके ऊपर हम अल्ट्रा टेक की एक. टेक्नोलॉजी आ वाइट टॉपिंग और उसके ऊपर. कांक्रीट करते हैं 8 इंच का तो टिका हुआ. है पूरे नागपुर शहर में मैंने 20-20 साल. हुए अच्छे रोड बने तो अब वो कांक्रीट भी. करेंगे प्रॉब्लम क्या होता है कि जैसे. जिसका जन्म होता उसका मृत्यु होता है ट्रू. तो मृत्यु हो गया तो क्या डॉक्टर को दोषी.
मान ऐसा थोड़ी होता है अगर डॉक्टर ने गलत. दवाई दी गलत उपचार की तो बात सही है जन्म. लेते है अगर डॉक्टर गलत दवा दे दे लड़का. बीमार पड़ जाए तब तो डॉक्टर साहब को लोग. पकड़ते हैं स ये बात तो बताइए कि मुझे गलत. दवाई दी तो मैं बिटू मिन के बजाय किससे. रोड बना था बताइए आप आप मुझे बताइए. एग्रीगेट नहीं मिलते है फ्लैश वाले फ्लैश. देने वाले मना करते हैं यूटीडी शिफ्टिंग. में करते करते दो दो साल चले जाते हैं खैर. ये सब हमारी जिम्मेदारी है बट गटक सर मैं.
आपको जो समझाना चाह रहा हूं आपकी इमेज एक. मैजिशियन की रही है हमने आप जब. पीडब्ल्यूडी मिनिस्टर बने हमने एक. मैजिशियन को देखा हम सब 10 सालों तक एक. मैजिशियन की बात कर रहे थे कि वो वो काम. कर रहा है जो जैसे एक खबर आई थी आपको लेके. 105 घंटे में 105 घंटे 33 मिनट में 75. किमी लंबी सड़क बना दी आपने आप आपकी. तारीफों से खबरें पटी थी अब हम जब देख रहे. हैं एक खबर आती है कि गडकरी जी ने रोड. बनाई तेज चलती है सड़कें गाड़ियां तेज. चलती है एक गाड़ी हवा में उड़ने लगी लोगों. ने कहा अगर थोड़ा सा और उड़ती तो शायद टेक. ऑफ कर जाती आपने अगर वो वीडियो देखा हो.
मैंने देखा है और उस कांट्रैक्टर पर कड़ी. कारवाई की है वो क्या होता है कि ये जब. हमारा एग्रीगेट आता है इसके ऊपर एक. वाइब्रेटर रोलर वाइब्रेटिंग रोलर घूमता है. और रोलर में अरेंजमेंट ऐसी होती है रोलर. होते बड़े तो 60 टन का भी कॉम्पेक्शन करता. है तो ये क्या करते बदमाशी उसको घुमाकर वो. 15 टन में 20 टन का करते हैं तो उनका जो. पूरा कंपशन नहीं होता तो 6 इंच अगर उनने. बचा तो उतना मटेरियल बचता है उसमें ब करते. हैं हम पूरे प्रकरण को आईआईटी रूरकी और.
सेंट्रल रिसोर्स इंस्पेक्शन के लिए भेज. दिया हमने पूरा चेकिंग करेंगे और. गवर्नमेंट लेबोरेटरी से चेकिंग करेंगे. मैंने सुना कि एक कोई श्रीराम करके. लेबोरेटरी को भेजा गया आज ही मैंने क यह. धंदा बंद करो गवर्नमेंट जांच करेगी और जो. जो हाथ में मिलेगा उसको. रगड़ हम किसी को नहीं छोड़ेंगे सर यही. पाएगा कि यह प्रक्रिया क्या बनते वक्त. फॉलो नहीं हो सकती थी आपको एक बात बताता. तुम जितनी बातें कह रहे हो उस की शुरुआत. 25 जून के बाद हुई है और अब उसकी पम.
पलेट्स का अब कम होती गई है यह पूरा जो. बरसात के दिनों में जो हुआ है ये हुआ ट्रू. अब बरसात के दिनों में कुछ रोड अच्छे कुछ. नहीं है क्योंकि पानी कहीं ज्यादा पड़ता. है कहीं कम होता है सही बात है बाढ़ आता. है सही बात है बाढ़ के बाद ब्रिज तक उखाड़. के ले जाते हैं तो बाढ़ के कारण दोनों. बाजू में पानी आता है पानी जो अटक जाता है. तो ड्रेनेज सिस्टम फेल होती है तो वो. डांबर को उखाड़ के फेंकता है तो ये पूरी. कंप्लेंट तीन महीने की है इसमें कुछ बातों.
में अगर टेक्निकली कुछ कमी आ रही है और. कांट्रैक्टर ने गलत काम किया है तो सबके. ऊपर कड़ी कारवाही करेंगे अच्छा एक. पॉलिटिकल क्वेश्चन मेरे मन में आता है. क्या आपको लगता है कि आपके खिलाफ एक. कैंपेन भी चल रहा है अनसेट तरीके से. क्योंकि ये खबरें बहुत तेज हाईलाइट हो रही. है और ये जो आपके बहुत समर्थक रहे हैं या. माउथ ऑफ वर्ल्ड की बात करो आई डोंट नो. आपकी टीम आप तक कितना पहुंचाती है बट माउथ. ऑफ वर्ल्ड में जो आपकी तारीफों से पटा. कमेंट सेक्शन होता था वो सवालों से पटा. कमेंट सेक्शन आ गया है ये संयोग हो सकता. है या प्रयोग हो सकता देखो अभी एक मेरे.
पास लिस्ट है ये रोड के बारे में टोटल. हमारे पास जो हमने टोटल इंस्पेक्शन किया. है दो हफ्ते में 500 किलोमीटर का. इंस्पेक्शन किया 12000 डिफेक्ट मिले हैं. हम हा 30 करोड़ रुपए की हमने पेनल्टी दी. है और डिबार बर भी कांट्रैक्टर को और. अथॉरिटी इंजीनियर को किया है और टर्मिनेशन. में साइट इंचार्ज जी उनके ऊपर भी कारवाई. की है और 12000 डिफेक्ट में से लगभग 88500.
डिफेक्ट हमने इंप्रूव भी किए है अब यह ऐसा. है कि यह पहली बात तो ऐसी है कि हर बरसात. में यह प्रॉब्लम आता है पिछले साल भी आया. था जिन राज्यों में ज्यादा बरसात होती है. तीन महीने में आता है पर इसका मतलब यह. नहीं है कि सब प्रॉब्लम बरसात के है हम सब. प्रॉब्लम कितनी भी बरसात है तो क्वालिटी. की भी है हम उनको जांच रहे हैं बरसात के. प्रॉब्लम अच्छा रोड बनाने के बाद जो उसका. भी इंस्पेक्शन कर रहे हैं आईआईटी की टीम.
और ये लगा के करेगी जो जो कांट्रैक्टर का. काम ठीक नहीं होगा उसको पूरी तरह कारवाही. करेंगे डिबार भी कर देंगे उसको टेंडर नहीं. भरने देंगे उसकी बैंक गारंटी जप्त करेंगे. अधिकारियों को सस्पेंड करेंगे पूरी कारवाई. करेंगे जैसे गट बारबार कहते हैं कि कोई एक. आदमी आ जाए जिसने मुझसे कहा कि मैंने उससे. पैसे लिए हो या करप्शन किया हो ये आप. बार-बार हर बार सीना ठोक के कहते हैं और. आप पर कोई क्वेश्चन नहीं करता खाया ही. नहीं तो मैं कैसे डरू बट अगर आपके नीचे. वाले डिपार्टमेंट में साह आप कह रहे हैं. कि कांट्रैक्टर अब आप चेक करेंगे जब ये.
घटनाएं बैक टू बैक आ रही है साल साल भर के. अंदर सो डू यू बिलीव कुछ चेंज करने की. जरूरत है क्योंकि बैक टू बैक एक साल में. घटना है जो आप खुद कह रहे हैं कि अब हम. जांच कर सर आप एक बात बताइए कि जैसे आपने. कोई मशीन खरीदी की हम तो 5 साल की वारंटी. होती है हम तो रोड बनाने में 5 साल की. वारंटी है ही हम अभी ये वारंटी हम 10 साल. की कर रहे हैं ताकि रोड बनाने के बाद 10. साल मेंटेन भी वही करेगा और गारंटी वही. लेगा अगर वो गड़बड़ करें तो 10 साल में. उसका नुकसान बढ़ेगा तो हम सुधार कर रहे.
निमों में 5 साल के बजाय 10 साल कर रहे. ठीक दूसरी बात वाइट टॉपिंग कॉंक्रीट ंग कर. रहे है प्रॉब्लम क्या होता है मैं आपको. बताता हूं आउट ऑफ बॉक्स नई टेक्नोलॉजी को. लेने के लिए सरकार को एक मंत्री नहीं जाला. था एनएच अलग बॉडी है सेक्रेटरी वाली. मिनिस्ट्री की अलग बॉडी है फिर उसका डीजी. है उसका टेक्निकल डायरेक्टर है फ टेक्निकल. डायरेक्टर रिपोर्ट बनते हैं अच्छा उनके. रिपोर्ट नहीं आया तो गड़क ने अपने मन से. निर्णय किया इसके कारण हुआ करके नया.
क्वेश्चन तैयार होता है पूरे सिस्टम को. कन्वींस करते करते भी समय लगता है पर मैं. यह मानता हूं यह मेरी जिम्मेदारी है मैं. उनको दोष नहीं देता और मैं रगडा सबको अगर. दोष होंगे तो किसी को बर्दाश्त छोडूंगा. नहीं और निश्चित रूप से इसके ऊपर कड़ी. कारवाई करूंगा ठीक है एक और सर मुंबई. नागपुर समृद्धि एक्सप्रेसवे अब मैं कल. आपको लेकर अखबारों पढ़ रहा था एक किसी. अखबार ने उसको किलर एक्सप्रेस प लिखा. क्योंकि उसमें जो डाटा निकला वह दिसंबर. 2022 से जुलाई 2023 के बीच में तकरीबन 600.
से अधिक दुर्घटनाएं हो गई 88 से ऊपर की. मौत हो गई और यह बहुत चर्चा में रहा जो. लोग करते हो व आप क्यों कर रहे हो जो लोग. करते वह आप क्यों कर रहे हो आपको मालूम है. क्या यह रोड मेरा नहीं है यह महाराष्ट्र. सरकार ने बनाया हुआ रोड है अब तुम यह तो. आज जो अभी बोल रहे थे. कि लड़का बलते का ही है और मां बाप बलते. को पकड़कर उसको आप पकड़ोगे सजा दोगे तो कै. ये क्वेश्चन मैंने इसलिए रखा सर क्योंकि. जो इंडिया में लास्ट फ यर का डेटा है. एक्सीडेंट का इसलिए अच्छा किया आपने.
क्वेश्चन रखा समृद्धि महामार्ग से मेरा. कोई लेना देना नहीं चलिए समृद्धि महामार्ग. है ये महाराष्ट्र सरकार ने बनाया है ये. उनका रोड है ठीक है बट इंडिया में ये ऐसे. ही होता है अी बात है कुछ बिल मेरे नाम से. ऐसे फुकट के अच्छी बात आज हम बहुत सारे. मिस कंसन दूर करेंगे बट एक डाटा जो टोटल. इंडिया का है वो ये है कि लास्ट फाइव ईयर. में 2023 में जो डेथ एकड एक्सीडेंट है. इंडिया में उसमें कुछ आपके स्टेट्स होंगे. कुछ नेशनल हाईवे पे होगा कुछ स्टेट हाईवे. का होगा वो बहुत बढ़ता जा रहा है तो यह तो. एक कंसर्न सर ओवरऑल होगा ना कि कैसे इसको.
रोक सकते हैं हम सर पहली बात तो ऐसी है कि. हमारे देश में यह बिल्कुल सच्चाई है कि 5. लाख एक्सीडेंट होते हैं और. 168000 मौत होती है और जो मरने वाले लोग. हैं हम वो 18 से 34 एज ग्रुप में 60 पर है. दूसरी बात एनएचआई के ऊपर करीब 40 से 45 पर. हमारे रोड पर एक्सीडेंट होते हैं लोग मरते. हैं बाकी स्टेट हाईवे है तीसरी बात इसमें. चार बातें प्रमुख है ऑटोमोबाइल.
इंजीनियरिंग हमने भारत एन कैम स्टार. रेटिंग छह एयरबैग सब अच्छी तरह किया अब. गाड़ियों को हमने अच्छा बनाया बस का कोड. नया बना दिया ये बस में हथोड़ा लेके जो. बड़ा बनाते हैं ना वो भी बंद हो जाएगा अब. दूसरी बात है रोड इंजीनियरिंग हम हमारे. डीपीआर वाले मैं 10 साल से अभी मैं बाहर. बोल नहीं सकता हम 10 साल से मैं हमारे हर. सेक्रेटरी को हर इसको बोलता हूं कि यह गलत. हो रहा है यह सुधार ना है हमको. वो ऑर्डर ही नहीं निकालते लोएस्ट वाला.
स्वीकारते मैंने बोला आपका हार्ट का. ऑपरेशन करना है तो क्या आप टेंडर निकाल के. कोई आदमी के पास जाओगे क्या होटल में जाना. है तो आप अच्छे रेस्टोरेंट में जाते हो यह. क्यों नहीं करते अी हमने वह करते करते. पीछे लगते हुए 10 साल लगे अब हमने डीपीआर. बनाने की गलतिया हमारी है हमारे यहां कम. से कम 34000 ब्लैक स्पॉट्स है अभी हमने. करीब 9 10 हज ब्लैक स्पॉट्स इंप्रूव किए. जो एक्सीडेंटल स्पॉट थे अब हमने बड़े. प्रमाण पर जो स्पॉट्स है जैसे कई अंडरपास.
चाहिए कई ब्रीज चाहिए तो यह यूपीए सरकार. में क्या हुआ कि प्रोजेक्ट की वायबिलिटी. बढ़ाने के लिए यह इन्होंने इस प्रकार के. काट दिए उससे नुकसान हुआ मैं उसको दोष. नहीं हम उसको रेक्टिफाई कर रहे हैं सब. ब्लैक स्पॉट्स को इंप्रूव करेंगे केवल. ब्लैक स्पॉट्स को नहीं जो लैंड स्लाइड्स. हो रही वो भी स्पॉट हमने निकाले वह भी हम. वर्ल्ड की बेस्ट टेक्नोलॉजी का उपयोग करके. उसको भी सुधारें और जैसे बद्रीनाथ. केदारनाथ है चार धाम 750 हो गए 150 करना.
है अब वहां हम लोग रोड के बजाय कोशिश. करेंगे कि पहाड़ के बाजू से वाइ डक्ट ले. जा सकते हैं क्या या अंदर से टनल बनाने की. जरूरत है क्या क्या रोड के बीच में हम. सीमेंट कांक्रीट की ऐसी आर्टिफिशियल टनल. बना सकते क्या जैसे द्वारका एक्सप्रेस. हाईवे में एयरपोर्ट तक जाने के लिए हमने. बनाई है तो अब धीरे-धीरे हम लोग सभी. टेक्नोलॉजी का उपयोग करके कर रहे हैं पर. एक बात मैं पूछना चाहता हूं रेड सिग्नल. लगा तो रुकना चाहिए ले डिसिप्लिन का पालन. करना चाहिए हेलमेट ना पहनने से 3 हज लोग.
मर गए उन्होंने हेलमेट नहीं पहने क्या यह. जो बातें हो रही विशेष ड्राइविंग लाइसेंस. कैसे लाते हैं आरटी में जाकर परीक्षा पास. करके लाते क्या मैं अगर य मीडिया वालों को. भी पूछो. तुमको ड्राइविंग लाइसेंस कैसे मिला है तो. प्रॉब्लम ये है कि ये जो ह्यूमन बिहेवियर. है कानून के प्रति डर भी नहीं और सम्मान. भी नहीं है हमारी बहुत बड़ी समस्या है. मेरी भी जिम्मेदारी है मैं टलता पहली बात. मैं कहता हूं कि मैं कोशिश करने के बाद.
में लोगों की जान नहीं बचा सका ये मैं. स्वीकार करता हूं पर मुझे बताइए एक महिला. अपने एक लड़के को कंधे पर रख रही दूसरे. हाथ को पकड़ रही है और वह जो है वो बीच. में जो रोड है ना क्रॉस करने का छलांग मार. के कूद के जा रही है और एक्सीडेंट हुआ तब. मैंने अभी हमारे लोगों को कहा कि. हिंदुस्तान की जनता ये ओलंपिक स्टैंडर्ड. के प्लेयर है छलांग मारने में अब ऐसा बीच. में करो खड़ा कि छलांग मार के भी नहीं जा. सके तो ही रुकेगी नहीं बट जैसे कई जगह सर. जो आवारा पशु होते हैं ये भी एक बड़ा कॉमन.
क्वेश्चन था कि कई जगह आवारा पशु आ जाते. हैं हाईवे पे भी और वो भी एक बड़े इशू आता. है ट्रक ड्राइवर्स को लेके था कि वो लेन. आपको बताता हूं ग्वार से झांसी का रास्ता. है मैं खुद गया था चार बार मरते मरते बच. गया वहां पूरे लोग रात को ये बीच में पूरे. अपने जानवरों को रोड पर छोड़ देते हैं. मैंने पुलिस को एसपी को डांटा तुम क्या. करते हो राज्य सरकार को लिखा क्योंकि. जानवर रोकना तो मेरा काम नहीं है आपके लिए. तो पूरा रोड भी खाली कर मैं चार बार मरते.
मरते बड़ा बचा रात को जा रहा था और पूरे. सब ऐसे रात को स्पीड में रोड अच्छा बन गया. 120 किमी की स्पीड से गाड़ी जा रही और बीच. में आ गई गाय बैस तो प्रॉब्लम यह है कि जब. तक जनता का भी सहयोग नहीं मिलेगा कानून के. प्रति डर और सम्मान हम और कानून का मैं. पालन करूंगा ये तब जनता में ये जिस प्रकार. का ह्यूमन बिहेवियर में चेंज नहीं होगा तब. तक पूरी सफलता तो इसके लिए आपकी साइड से. क्या एफर्ट्स किए गए रोज कार्यक्रम कर रहे. एनजीओ को इंस्टीट्यूशंस को अमिताभ बच्चन.
और मैं ने व बड़ा कार्यक्रम किया एक चैनल. पे सब लोगों को कह रहे हैं चलिए इस बार. अमिताभ बच्चन याद थे वरना हमने सुना था एक. बार कॉल आया था आपको आप शायद पहचान ही. नहीं पाए थे कि अमिताभ बच्चन साहब है वो. हमने सब काफी लोग अच्छे कुमार ने एड. कैंपेन किया ये अपने त्रिपाटी करके पंकज. त्रिपाठी प उन्होंने भी किया तो काफी लोग. मदद कर ऐ ये भी कैसा सच है ना सर अमिताभ. बच्चन जी ने तारीफ की थी आपकी एक बार. मुंबई में और आपने फोन प पहचाना नहीं था. सर आप एक बात बताइए मुंबई पुणा हाईवे प. अभी भी एक गड्ढा नहीं पड़ा बरसात में जब.
में सबसे ज्यादा बरसात कोकण में होती है. तो फिर से देख आप दे रहे मुझे नहीं नहीं. तुम कोई सोशल मीडिया में नहीं लिखते कि. गडकरी ने 25 साल बनाए हुए रोड पर एक भी. गड्डा नहीं तो यही तो हुआ ना जहां पर. तारीफ थी वहा तारीफ लड़े तो जीते नाम. सरदार का अब जहां आज जो खबर आई दो फीट का. गड्ढा दिख रहा है तो वो क्वेश्चन भी फिर. आपका अमिताभ बच्चन जी की तारीफ भी आपकी दो. फिट गड्ढा भी आपका सर वो गड्ढा सही है और. उसमें आपने मेरे ऊपर टका टीपनी कोई तो गलत. नहीं कांट्रैक्टर ने क्या किया वो गड. क्यों था वो कुआ. था और कुए के बीच में जब रोड बनता है तो.
कुए को रेती पत्थर उसका एक ये फार्मूला है. वो तय करके भरना चाहिए था और कांट्रैक्टर. ने क्या किया पूरी मिट्टी भर दी मैं रोज. कॉशस सब बातों को चेक कर रहा हूं और. मिट्टी भरने कांटेक्टर को छोडूंगा नहीं. मैं उसको बोर तीन साल के लिए उसको निकाल. दूंगा इसमें से काम नहीं कर पाएगा वो बज. अब जैसे मुंबई वाले हम कांट्रैक्टर को. थोड़ी याद कर हम तो गट कर स की तारीफ कर. रहे है नहीं तो इसलिए मैं कांट्रैक्टर की. गलती के लिए हमारी जिम्मेदारी है मेरी.
जिम्मेदारी है डिपार्टमेंट की है हमारे. इंजीनियर. कंसल्टेंट ये जो अथॉरिटी इंजीनियर छोडूंगा. नहीं उनको अच्छा एक एक परसेप्शन जैसे मेरे. मन में के बार आता है आपने स्पीड अप बहुत. किया है हाईवे बनने की जो रफ्तार है काफी. तेज हो गई है कई बार ये क्योंकि बैक टू. बैक जो घटना आती है क्या इसकी वजह से भी. क्वालिटी पर फर्क पड़ सकता हुआ होगा. क्योंकि स्पीड बहुत हो गई एक डाटा आता है. कि इतने समय में इतना हमने हाईवे बना दिया. सर एक एक बात है कि पहली बात रोड की. कंस्ट्रक्शन में क्वालिटी में जो.
टेक्नोलॉजी है टेक्निक्स है उसको पालन. करना एग्रीगेट और बाकी सब में कितनी लेवल. रखना कंपशन कैसा करना और दूसरी बात यह भी. सत्य है जो मैं अपनी जिम्मेदारी नहीं टाल. रहा हूं जहां ज्यादा बरसात होती है एवरेज. से ज्यादा वहा रोड उखड़ जाते हैं पुल बह. जाते हैं इसका मतलब पुल कांक्रीट के बने. वो कमजोर बने ऐसा नहीं होता यह होता है यह. एक्सीडेंट्स है तो दोनों बातों के लिए मैं. ये मानता कि हम उनमें से सीखे और जो जो.
कमिया उसको सुधारे कितनी भी बरसात आए. कितनी भी बड़ा बाढ़ आ है तो भी हमारा. ब्रिज टिकना चाहिए हमारे रोड टिकने चाहिए. रोड के बाजू में जो हमारी नालिया है. जिसमें ड्रेनेज पानी बहना चाहिए मैं अनेक. हमारे पीड़ आरों को बोलता कि एक भी बताओ. कहां पानी बहर तो बोलते कार्पोरेशन का काम. है नगर परिषद का काम है मैं बनाया तुमने. ने उनका कैसे काम है तो कुछ बार जो लोग इस. प्रकार से ओनरशिप नहीं है काम नहीं कर रहे. और जो इसके लिए जिम्मेदार है उनका. परफॉर्मेंस ऑडिट करेंगे और कुछ लोगों को.
हम जबरदस्ती रिटायर कर रहे हैं अभी जो कोई. काम के नहीं वर्मी कल्चर बनाने के भी लायक. नहीं है उनको हका लेंगे कुछ लोगों को. कारवाही करके पकड़ेंगे उनको सस्पेंड. करेंगे मैं अब किसी को छोड़ता नहीं. छोडूंगा नहीं क्योंकि इनके पाप की. जिम्मेदारी तो मुझे लेनी पड़ती है मैं. मंत्री हूं मैं उनको कुछ छोडूंगा और. कांट्रैक्टर को भी नहीं छोडूंगा सही और. अथॉरिटी इंजन सबका बैंड बजाऊंगा अच्छी. तरीके से जिंदगी में नहीं भूल पाएंगे ऐसा. बजा दू ठीक है तो हम इस टॉपिक से अगले. टॉपिक चलते हैं एक बड़ा कॉमन क्वेश्चन सर.
आता है जो आजकल आपको लेक सबसे ज्यादा सोशल. मीडिया पे 4000 में दो से 00 कमेंट तो इसी. टॉपिक के आसपास चल रहे थे वो है कि गडकरी. साहब खुद लोअर मिडिल क्लास फैमिली मिडिल. क्लास फैमिली से उठे बड़ा नाम कर लिया. लेकिन आज इतना टोल लगा दिया है कि हर. मिडिल क्लास का आदमी परेशान है और ये आपको. लेके धीरे-धीरे एक चर्चा का विषय बन गया. है एक चर्चा जो आपने भी देखी होगी कई सारे. टीवी चैनलों ने कवर की कि अगर किसी की. कॉस्ट निकल आ रही है तो उसके बाद क्या बट. एक कॉमन परसेप्शन ये है कि गडकरी साहब. सेंट्रल गवर्नमेंट के लिए मनी मेकिंग मशीन. बन गए हैं और उसका सारा बिल जो है वह.
हिंदी पट्टी के जो बोलने वाले लोग हैं. नॉर्थ ईस्ट का नाम लेकर उन परे डाल दिया. है कि तुम अपना देखो हमको मतलब नहीं है. देखिए मैं आपको बताता हूं मैं 3 लाख करोड़. के रोड नॉर्थ ईस्ट में बना रहा हूं कुछ बन. गए ब्रह्मपुत्र पर सात आठ ब्रिजे बना रहा. हूं मैं उत्तराखंड हिमाचल कश्मीर कश्मीर. में दो लाख करोड़ के रोड बना रहा हूं बड़ी. बड़ी केवल जम्मू से सीगर में 18 टनल बना. बन गई सब फिर मैं उत्तराखंड हिमाचल में. बना रहा हू टनल बना रहा रोड बना रहा बहुत.
कठिन है मैं देखिए टोल कहां से मिलता है. जहा इकोनॉमिक ग्रोथ है जहां ग्रोथ रेट. ज्यादा है वहा पर कैपिटा इनकम ज्यादा है. वहा ऑटोमोबाइल गाड़िया है वही टोल मिलता. है आंध्र कर्नाटक तमिलनाडु महाराष्ट्र. गुजरात राजस्थान और दिल्ली पंजाब हरियाणा. यहां से टोल मिलता उत्तर प्रदेश बिहार में. उतना टोल नहीं. मिलता उतना टोल नॉर्थ ईस्ट में नहीं मिलता.
उतना टोल झारखंड में नहीं मिलता उड़ीसा. में कुछ भाग में मिलता कुछ जगह ट्राइबल है. मुझे बताओ मैं जहां विकास हुआ नहीं हुआ है. वहां भी रोड बना रहा हूं लेनी एक्सप्रेस. हाईवे अब मुझे बात बताइए कि टोटल हमारी. लेंथ है. 148000 किलोमीटर और इसमें से हमारे टोलिंग. पर केवल 48000 किमी टोलिंग होता है बाकी. तो वैसे ही है अब यह रोड जो है इसको के. ऊपर मेंटेनेंस करना खर्चा करना ये तो हमको. करना ही पड़ता है दूसरी बात ये जो.
बड़ी-बड़ी टनल बन रही अभी ये झो जिला टनल. ये 12000 करोड़ की हम 6000 करोड़ में बना. रहे 5500 करोड़ में पैसा बचाया हमने अब. मुझे बताओ वहां का ट्रैफिक. है ट्रैफिक बहुत कम है पर इलाज नहीं छ. महीने बंद रहता था एरिया क्योंकि रोड चलता. ही नहीं था प्याज सब्जियां दूध मिलता नहीं. था गैस नहीं जाता था क्या उनके लिए करना. नहीं चाहिए और अगर यह करेंगे तो. इकोनॉमिकली नॉन वाबल प्रोजेक्ट हम तो अगर. हम यहां से कुछ पैसे मिलते हैं तो पहली.
बात तो टोल का पैसा जो आता है वो पूरा. हमारा सेंट्रल किटी में जाता है सेंट्रल. की टीम फाइनेंस मिनिस्ट्री के पास और. फाइनेंस मिनिस्ट्री बजट को लेकर फिर हम को. बड़ा कर पैसा दे एकदम सही क्वेश्चन पूछा. था मैंने जो लोगों ने कहा कि गडकरी जी. सेंट्रल गवर्नमेंट के लिए मनी मेकिंग मशीन. बन गए सर मैं आपको एक प्रश्न पूछता हूं आज. ही मैंने एक फाइव स्टार होटल में था तो. उसने प्रश्न पूछा कि तुम टोल लगाते हो. मैंने बोला तुम एक काम करो तुम फाइव स्टार. होटल में कार्यक्रम क्यों लिया रामलीला. मैदान का ऑप्शन था आप चाय पीते टपरी वाला.
तुम एक चेयर और मैं एक चेयर लेके मेरा. इंटरव्यू होता फोकट में कार्यक्रम होता इफ. यू वांट गुड सर्विसेस यू हैव टू पे फॉर इट. ये माइक क्यों अच्छे लगाए तुमने है ना. मार्केट में डुप्लीकेट मिलते ना क्यों. नहीं. लगा लिड पॉइंट तुम्हारा क्वालिटी चाहिए अब. मैं आपको बताता हूं दिल्ली से मुंबई से. पुणे जाने के लिए 9 घंटे लगते अब दो घंटे. लग रहे हैं तो सात घंटे का फ्यूल ब बचा. समय बचा अब तुम्हारा फ्यूल बचा तो मैं.
पूरे देश में बजट से अभी मुंबई में वरली. बांदरा जिंदगी में नहीं बनता 55 उडान पुल. भी नहीं बनते हर साल में एक ब्रिज बना. नहीं पाता क्योंकि पैसे नहीं है सरकार के. पास जब मैंने पब्लिक प्राइवेट. इन्वेस्टमेंट लाई मैं उनको 8.05 पर. इंटरेस्ट दे रहा हूं पैसे वापस कर रहा हूं. उनके वो डाल के बना रहा हूं पर उसमें जनता. का नुकसान नहीं है अभी दिल्ली से डेरा डू. जनवरी से दो घंटे में होगा अभी कितना लगता. है 9 घंटा लगता है सा घंटे पेट्रोल डीजल. कम चलेगा बचत नहीं होगी दिल्ली से अमृतसर.
12 घंटे लगती थ चार घंटे में होगा दिल्ली. से कटरा 12 घंटे लगते थे 14 घंटे अब चार. घंटे में होगा 6 घंटे में होगा मुझे बताइए. बंगलर से मैसूर साढ़े घंटे लगते थे एक. घंटा 10 मिनट में हो गया अब बेंगलर से. चेन्नई पाच घंटे लगते थे दो घंटे में. होगा दिल्ली से जयपुर पा घंटे लगते थे अब. एक्सप्रेस हाईवे से आप जाओगे दो सवा दो. घंटे में पहुंच जाएंगे जब आपका समय बचता. है तो आपका फ्यूल भी बचता हैड फिर आपका.
टाइम भी बचता है और एक बात मैं आपको बताता. हूं देखो एक बात याद रखना मेरे पास एक. ऑप्शन है कि बजट नहीं है तो मत बनाओ फ. ट्रैफिक जाम अभी इतना हो रहा है मैं. दिल्ली के आजूबाजू में 65000 करोड़ का काम. कर रहा हूं हम यह पूरा पब्लिक प्राइवेट. में से है अगर व नहीं करूं मैं अगर. पेरिफेरल रिंग रोड नहीं बनाता अब मेरे घर. पर नहीं आ सकते थे यह धवला कुआ में ट्रक. ऐसे एक के पीछे पूरा ट्रैफिक जाम रहता था. यह पूरे आज आज भी गुड़गांव जाने वाले रोड. पर गाड़ियों की लगता ट्रक बंद हो गई क्यों.
क्योंकि पेरिफेरल रोड बनाया दिल्ली के. बाहर का अब मुझे बताइए कि अगर हम यह काम. के लिए सरकार के पैसे नहीं पैसा करेंगे तो. एक एक ब्रिज बना पाएंगे मुश्किल से बजट से. पूरा पैसा खड़ा कर दि 10 हजार करोड़ का एक. एक काम है द्वारका एक्सप्रेस हाईवे 8000. करोड़ का है यह यू आर टू 10000 करोड़ का. है दिल्ली मुंबई हाईवे एक लाख करोड़ का है. यह गुड़गांव का यह पूरा रोड दिल्ली जयपुर. का है इसके ऊपर अभी हमको 2000 करोड़ खर्चा. करने है ये किशनगढ़ तक जाएगा ये पैसा कहां.
से आएगा जैसे मान ली कोई 2000 करोड़ में. बजना एक हाईवे आपने 2000 करोड़ में बनाया. अब अगर उसने 15000 या 200 हज करोड़ कमा. लिए तो या आप थोड़ा टैक्स कम कर सकते लोग. कहते हैं सर पहली बात तो आपकी गलत फहमी है. जो हमारा बजट बढ़ता है यह 3 लाख करोड़ जो. मैं नॉर्थ ईस्ट में खर्चा कर रहा हूं. इसमें से हजार रुप करोड़ हजार करोड़ भी. टोल नहीं निकल रहा नॉर्थ ईस्ट में हा मैं. कश्मीर में दो लाख करोड़ के काम कर रहा. हूं वहां से 2 लाख में से पैसे निकलना ही.
नहीं है मैं दिल्ली मुंबई कोलकाता का जो. ट्रैफिक है इसमें मिले हुए पैसों से यह. कश्मीर उत्तराखंड हिमाचल ट्राइबल एरिया. में जंगल क्षेत्र में जहा किसानों के जहा. प्र बिहार में रोड बना रहा हूं मतलब इन. सात स्टेट्स जो आपने नाम लिया सात आठ. स्टेट बिहार में आपको याद है अभी तक मैं. जब से मंत्री बना हूं मैंने गंगा पर जितने. स्वाधीनता के बात नहीं बने उससे दुगने. ब्रिज बना है एकएक ब्रिज तीज दो 2000 च चज. करोड़ का अगर यह नहीं बनता तो बिहार के.
लोग कैसे जीवन जीते हैं अच्छा टोल किससे. ले रहे हैं ट्रक से ले रहे हैं टेंपो से. ले रहे मिनी ट्रक से और कार से ले रहे. स्कूटर वाला फुकट ऑटो रिक्षा वाला फुकट. ट्रैक्टर में जो अनाज गेहूं अनाज या गन्ना. लेकर जाएगा वोह. फुकट तो टोल तो धनवान लोगों से ले रहे. जिनकी बचत हो रही पेट्रोल डीजल में जिनकी. बचत होगी उनका हो आप अगर आजल कल डेरा डन. जाना है 9 घंटे लगते हैं अगर आप दो घंटे.
में गए तुम्हारे 7 घंटे बज गए आप कितने. इंपोर्टेंट व्यक्ति है आपके आज लोग वहां. जाके अपने घर बना रहे और दिल्ली आके का. मेरठ में दिल्ली मेरठ में मुझे लोगों ने. बताया साढ़े घंटे लगते थे 45 मिनट में आ. रहे हैं कैसे रोड बनाया 16 लेन का आपके. जितने पत्रकार थे ये पूरे उधर रहते मुझे. ज्यादा दिल्ली की जा आपके हाईवे की मौश. काटी नहीं स्वामिनारायण मंदिर अपना ये. अक्षरधाम मंदिर है ना उसके आगे में एरिया.
पूरे दिल्ली के जितने टीवी के पत्रकार है. ना ये जितने लोग वहां रहते उधर ये. पार्लियामेंट आने में डेढ़ घंटा लगता था. इनको पूछो मैं मंत्री बनने के बोले 16 लेन. का रोड बनाया अब रो फुकट में बना. गया और यह लोग जब मेरठ में 45 मिनट में जा. रहे हैं तो चार घंटे में और 45 पेट्रोल. डीजल नहीं बच रहा क्या लाइफ सेफ्टी नहीं. है क्या टाइम सेविंग नहीं है क्या और अगर. कोई भी कंफर्ट सा आप लेंगे आप एसी फर्स्ट. क्लास में बैठोगे तो आपको टिकट देना.
पड़ेगा आप अगर थर्ड क्लास में बैठोगे तो. चलेगा ना एसी नहीं है वहां ठीक है आपकी. बिल्कुल वैलिड बात है तो मतलब किसी भी. स्टेज में भविष्य में टोल खत्म नहीं होगा. बिल्कुल नहीं होगा इफ यू वांट गुड. सर्विसेस यू हैव टू पे फॉर इट मैं आज. क्यों इतना काम कर पा रहा हूं आज देश में. भारत का रोड इंफ्रास्ट्रक्चर अमेरिका के. बराबर गया यह केवल बजट के पैसे से नहीं. हुआ मैंने इन विट में पैसे खड़े किए बंड्स. में पैसे खड़े किए बैंक से कर्जा लिया. लोगों से पैसा लिया तब हुआ और यह पैसे जो.
है बीओटीएम आए जिन्होंने पैसे लगाए बैंक. से दो दो 3-3 हजार करोड़ वो ब्याज से बैंक. बैज लेती है उनसे उनको पैसे वापस करने. पड़ते हैं अच्छा आप लोग वन नेशन वन. इलेक्शन की बात करते हैं कई बार लोग कहते. हैं कि अ वन टैक्स क्यों नहीं करते आप लोग. जीएसटी की तरह कि हर स्टेट में क्योंकि. अलग-अलग लूट मची पड़ी है संभव नहीं है एक. आदमी ऐसा रहता है कि वो साल भर घूमता है. और एक आदमी अपने घर में गाड़ी खड़ी करता. है 10 12 किलोमीटर घूमता है हां उसको इतना. चार्ज कैसे. लगाएंगे देखिए एक बात आप पक्की.
बताए कि. टोल हमारे लोगों को अच्छा कंफर्ट देने के. लिए है ठीक बात एक्सीडेंट को कम करने के. लिए है सुरक्षित सफर करने के लिए मुझे. बताओ बद्रीनाथ केदारनाथ गंगोत्री यमनोत्री. समय मैंने 70 80 पर काम किया आपको पता है. कि इस बार ट्रैफिक या पर्यटन वाले. तीर्थाटन वाली संख्या तीन गुना हो गई और. उत्तराखंड की सरकार ने उसको रोका परमिट.
जैसा शुरू किया क्यों लोग ज्यादा हो गए. फायदा किसको. हुआ पर्यटन और तीर्थाटन ऐसा है कि उस. क्षेत्र में जो कैपिटल इन्वेस्टमेंट आती. है 49 पर रोजगार निर्माण करती है अब हमारे. रोड के कारण उत्तराखंड में यह पूरे रोजगार. जो निर्माण हुआ वो रोड के कारण हुआ पूरे. वर्ल्ड के लोग आ रहे बद्रीनाथ केदारनाथ. गंगोत्री त्री अब ओली में हम आइस के ऊपर. अच्छे स्पोर्ट शुरू करेंगे तो वर्ल्ड के. लोग आएंगे ये कौन सा.
अपना स्विटजरलैंड की. जगह डाउस अरे डाउस से हमारा अच्छा है पूरे. वर्ल्ड के लोग आएंगे तो हवाई जहाज आएंगे. टिकट कटेंगे रेस्टोरेंट चलेंगे होटल. चलेंगे वेटर्स को काम मिलेगा शेफ को काम. मिलेगा टैक्सी वालो को काम मिलेगा इकोनॉमी. बढ़ेगी गवर्नमेंट को जीएसटी मिलेगा तो देश. के प्रोग्रेस और विकास में आखिर यह सब. करना है तो हमें करना पड़ेगा ठी क्वालिटी. अगर लेनी है तो टैक्स दे टोल देना पड़ेगा.
ये आपकी बात वैलिड है अब इसमें क्वेश्चन. ये आता है कि सर्विस पैसा तो टोल का फाइव. स्टार वाला गया फिर जो ये घटनाएं आती है. वो कहते हैं कि सर्विस ढाबे वाली हो गई सर. सर यह घटना केवल जून एंड के बाद ये दो-तीन. महीने की घटना है इसमें मैं टाल नहीं अपनी. जिम्मेदारी जून के पहले एक भी तकरार नहीं. आई थी एक भी सोशल मीडिया में नहीं आई अब क. आई होगी पर वो लगभग नहीं के बराबर अब. क्यों आई क्योंकि बरसात के दिनों में बाढ़. के कारण ययय ज्यादा हुआ है अब इस बार हम.
और कड़ी कारवाई करेंगे कांक्रीट करण. करेंगे गड्ढे जो है उसके बारे में जो. कांट्रैक्टर है उनको डिबार करेंगे और कड़ी. कारवाई करेंगे ठीक है एक आपका बयान बड़ा. मिस कोट होता है 60 किलोमीटर वाला कि आपका. घर जहां है वहां से 60 किलोमीटर तक आपको. टोल नहीं पड़ी ये कहा जाता है हालांकि. बयान आपने कहा था दो टोल को लेकर वो बयान. क्या था एक बार क्लियर कर द आधे लोग तो. यही कंफ्यूज है गटरी जी कह दिया कि 60. किलोमीटर तक घर से टोल देखो पहले ये नियम. बना था उसके बाद क्या हुआ कि हमने कुछ.
प्राइवेट बीटी में प्रोजेक्ट निकाला. हाइब्रिड एनटी बीटी ईपीसी अलग-अलग मॉडल है. अब क्या होता है कि हमारा रोड बन गया और. बाजू में दूसरा रोड आ गया तो यह बीटी काने. उसने बैंक में कर्जा लेके किया तो हमको. टोल ना अगर हटाएंगे तो उसको कंपशन देना. पड़ता है पर हमने इसके उपाय ढूंढा है अब. तीन महीने के अंदर पूरे देश में हम. सैटेलाइट ब टोल सिस्टम लाएंगे तुम जहां से. एंट्री लोगे वहां तुम्हारे नंबर प्लेट का.
या हमारा फास्ट ट्रैक का जो कपन है वो. फोटो निकाल लेगा और जहां से निकलोगे वहां. निकालेगा उतने किलोमीटर कैलकुलेट करके. आपके बैंक अकाउंट से पैसे निकलकर हमारे. पास जमा हो जाएंगे अब आपको पैसे देने नहीं. पड़ेंगे अब क्या हो रहा है व 20 किलोमीटर. जाता है और 60 किलोमीटर का टोल देता है हम. तो मैं इतना ही कहूंगा कि यह थोड़ा सा. उसमें गड़बड़ है और वह करेंगे तो हमको. कंपस देना पड़ रहा है वो हमारी तकलीफ है. तो यह भी बात सच है और यह भी बात बात सच. है और प्रॉब्लम भी है तो तीन चार महीने के. अंदर पूरे देश को सैटेलाइट बेस टोल सिस्टम.
निकलेगी जितना रोड यूज करोगे उतना ही पैसा. देना पड़ेगा ना टोल नाके पे रुकना पड़ेगा. ना कोई रोकेगा आपको डायरेक्ट आप निकल. जाओगे अब जैसे ये मैंने इसलिए भी जिक्र. किया बस्ती में एक इलाका आप जब लखनऊ से. जाते हैं बिहार की तरफ एक एरिया ऐसा पड़ता. है जहां 34 किलोमीटर में आपके पेट्रोल. डीजल से ज्यादा टोल पड़ जाता है तीन पड़ते. हैं टोल बैक टू बैक और एक स्टोरी भी बड़ी. अच्छी हुई थी कि 34 किलोमीटर लगभग ₹ का. टोल है आप जो कह रहे हैं ये स्वीकार करता. हूं यह समस्या है इसको चार महीने के अंदर.
हम सैटेलाइट बे टोल सिस्टम के आधार पर ये. सब टोल ना के बंद कर देंगे तब एक्चुअल. जितना आप जाओगे उतने का ही आपको टोल देना. पड़ेगा ठीक है अब एक हाइपोथेटिकल बड़ा. कॉमन क्वेश्चन लोगों का आता है कि नेताओं. का टोल नहीं लगता सर मंत्रियों का टोल. नहीं लगता आम आदमी का ही टोल लगता है. क्यों ना एक व्यवस्था की जाए कि सबका टोल. लगे वाई वीवीआईपी कल्चर ऐसे नहीं एंबुलेंस. का टोल नहीं लगता आपने 26 कैटेगरी अलग की. है जो आपने बट उसमें दिक्कत लोगों केवल. नेताओं से होती है बाकी तो एडजस्ट कर लेते. हैं वो नेताओं को लेकर थोड़ी लोगों की.
आंखें चढ़ जाती है कि इनका इनके लिए सब. होता है संसद की कैंटीन में सस्ता मिलता. है सारे मामले इनके अलग होते हैं जब इनको. तो देना चा मालूम नहीं कि संसद का कैन का. सस्ता खाना बंद हो गया मतलब ये खबरें. लगातार. देखिए पत्रकारों के लिए छ आयोग बनते हैं. हम फ इनके पगार बढ़ते हैं छठवां वेतन आयोग. सातवा वेतन आयोग मांग भत्ता पड़ता है देखो. इस देश में नेता लोग को साइड से तो मिलता. है सर सब राजा बने बैठे हैं एक बात समझिए. मैं तो राजनीतिक नेताओं के बहुत ही.
सामान्य व्यवहार होना चाहिए इस मत का हूं. हा पर कभी हमारे सिक्योरिटी के प्रॉब्लम. होते हैं दूसरी बात क्या लोकतंत्र में. हमारे एमपी एमएलए मिनिस्टर दे आर पार्ट. एंड पार्स ऑफ द गवर्नमेंट वह गवर्नमेंट है. तो क्या उनको तो जो बदलते रहते हैं कोई. जन्म लेता है व जन्म बर एमएलए रहता है. एमपी रता ऐसा नहीं होता सर पेंशन डबल डबल. हर चीज में तो वही लोग कहते आप लोग कहते. आप लोग जब वोट मांगते तो कहते कि आपके. सेवक है यह वडिंग बड़े-बड़े नेताओं की. जनता के सेवक है अरे भाई टाइगर भी होगा.
उसको खाने के लिए तो कुछ चाहिए कि नहीं. नेता को मैं दूसरी बात कहता हूं नेता को. फैसिलिटी ज्यादा देनी चाहिए पर उसके भक्ष. करप्शन को बिल्कुल टॉलरेट नहीं करना चाहिए. आपको मालूम है मेरे घर में रोज कितना चाय. होता है मेरा जो मेरा जनसंपर्क कार्यालय. है 5000 लोग मुझे मिलने के लिए आते हैं 35. लीटर दूध लेता हूं हाफ हाफ कप चाय सबको. पिलाता हूं घर में आप लोगों को मैं अगर. यहां चारचार शेप है मेरे नागपुर से मैं.
सामान लाता हूं खाना खाते हैं लोग तुम. नेता को भी वैसे रहना पड़ता है तुम्हारे. आता है कोई रे लाइन लगा के आता है कोई. लाइन लगा के आपकी तरह नहीं आते बट आते. हमारे य भी लोग 5000 लोग एक बार आओ मेरे. जनता दरबार में 16 पीए मुझे रखी. है अब मेरे पास जब काम इतना होता है तो. लोग लगते टाइपिस्ट लगते कंप्यूटर ऑपरेटर. लगते हैं पीए लगते हैं एक एक के अलग-अलग. डिपार्टमेंट है दिल्ली का अलग है मुंबई का. अलग है पुना में अलग है नागपुर में अलग है.
तो यह सिस्टम को चलाने के लिए हमें ताकत. तो लगती जो किसी गांव में बैठे किसी ने. मुझे मैसेज किया होगा कि गडकरी जी से. पूछेगा कि नेताजी टैक्स की टोल क्यों नहीं. देते हम क्यों देते हैं उसे क्या कहेंगे. फिर आप देखिए पहली बात तो ऐसी है कि जो. सरकार में मंत्री है और जो एंबुलेंस वाले. हैं किसान है किसान जो ट्रैक्टर में अपना. अनाज लेकर जाता है गन्ना ले उसको टोल से. माफी है अब दूस बात अगर हमने वो पत्रकार. आते मु हमारा टोल माफ करो फिर स्वातंत्र.
संग्राम सैनिक फिर दिव्यांग आएंगे फिर. अंधे आएंगे फिर और कोई आएगा महिला आएंगी. सबसे पहले तो अब आपको बता द मुझे शर्म आती. है कि मेरे पास तृतीय पंथी भी आए कि आप. हमें कंसेशन दो टोल में अब मैं यह अगर. करते रहूंगा तो फिर कर्जा कैसे चुकाऊंगा. ब्याज सेही पैसा लिया है जी गवर्नमेंट के. बजट पर सब काम नहीं हो रहा और यह इतना. बड़ा काम देश का वर्ल्ड स्टैंडर्ड का ट. नेटवर्क टनल ढाई लाख करोड़ की तो मैं टनल. बना रहा हूं अगर आप मुझे पैसे नहीं.
मिलेंगे तो मैं काम नहीं कर पाऊंगा फिर. उसके बाद लोगों को जो तकलीफ होगी इससे 10. गुना ज्यादा है हम कभी ना कभी मुझे लगता. है कि कहीं ना कहीं हमें जो सिस्टम हमने. ली है उसमें कभी-कभी लोगों के मन में इसकी. नाराजी जरूर आती है पर आज जो नाराज है वही. कल एमएलए बन जाता है तो वो क्या बोलता है. मेरी सहल चालू रखो बोलता है वो ऐसा नहीं. बोलता कि मेरी खत्म कर. तो यह चलते रहता है चर्चा होती रहती है. लोकतंत्र में अगर आप आम आदमी और एमएलए.
एमपी यह आखिर आम नागरिक भी है कानून के. प्रति सब दोनों समान है इसलिए कोर्ट की. सजा उसको भी होती है पर जब काम करने के. लिए उसको कोई फैसिलिटी देनी है तो ये हर. जगह पर पूरे वर्ल्ड में जहां डेमोक्रेसी. वहां य पद्धति है अब जैसे टोल को लेकर. आपने माफी कहा आप लोगों ने दो नियम बनाए. कि इस नियम के तहत जैसे 10 सेकंड से ऊपर. अगर आपको टाइम लगता है तो आप बिना टोल दी. जा सकते हैं बट इसमें भी शिकायत आती है कि. जो आप लोगों ने ठेका है वो प्राइवेट लोगों.
को दे रखा है अब उनके लोग चढ़ जाते हैं. लोगों पे सर अभी ऐसा है और ट्रैफिक का भी. ये ये वड़ोदरा से वड़ोदरा स एक बार क ये. वड़ोदरा से मेरे पास आया था वो आपकी. पार्टी के ही कई सारे लोग थे जो मुझे कह. रहे थे कि गडकरी जी से कह कि बड़ा लंबा. जाम लगता है रोज रोज लगता है जाम रोज. परेशान होते हैं गुजरात वाले कह रहे थे. देखो अभी मैंने एक सॉफ्टवेयर लिया है जो. एनएचआई के चेयरमैन के पास हम. एडमिनिस्ट्रेशन के मेंबर के पास और मेरे. पास है ह और कौन से टोल पर कितनी बड़ी. लाइन है यह हम देख रहे हैं अभी आज यही बात.
हुई कल हरियाणा में एक बस को आग लग गई हम. हमारे टोल के 500 मीटर पे तो पुलिस वालों. ने सात घंटा ट्रैफिक बंद किया गाल नितिन. गडकरी को पड़े मैं आज चीफ सेक्रेटरी. हरियाणा को पत्र लिख रहा हूं कि तुमने ये. सात घंटा बंद क्यों किया जो उसका जो कुछ. रिपोर्ट करना था आधा घंटे में करते या. बाजू ले जाके करते हैं लोगों को तकलीफ. देने का क्या मतलब मा और गालिया मैं करती. हूं पाप उनका और मैं गालियां खा रहा हूं. तो ऐसी बहुत सी बातें अभी हमने टोल के ऊपर. जो लाइन लगती है उसके बारे में सॉफ्टवेयर.
डेवलप किया है और जो चार महीने में नई. सिस्टम आएगी उससे कोई लाइन नहीं लगेगी. रिलीफ मिल जाएगा सुधार हो जाएगा आपको एक. बात जी जी फास्ट ट्रैक 99 पर पेनिट्रेट. हुआ जब फास्ट ट्रैक नहीं था जब पैसा देना. पड़ता कितनी लाइन लगती थी लगती थी हा उसके. बाद आज फास्ट ट्रैक से कितना बड़ा रिलीफ. मिल गया उसके बाद में भी अच्छा टोल आप. बोलते हो जो टेंडर भरता है बैंक गारंटी. देता है हाईएस्ट ऑफर आती है उसको मिलता है. तो हमारे हाथ में तो कुछ नहीं है बट उनको. ये नियम नहीं पता होता ये जो आप लोगों ने.
पीली पट्टी के पीछे लाइन या 10 सेकंड से. ऊपर हो तो आप जा सकते हैं स एक बात जो है. मैं स्वीकार करता हूं ये नियम. है पर इसको सिद्ध करना बहुत कठिन है मतलब. हमको भी नहीं पता था आप जाऊंगा अगली बार. तो मैं भी कहूंगा पैसा नहीं दूंगा आपको. आपको मैं बता नहीं इसके ऊपर तकरार करनी. चाहिए और मैं अभी मत कऊ धीरे-धीरे कि हम. ऐसी भी भूमिका तैयार करें हम कि अगर रोड. ठीक नहीं होगा तो टोल बंद हो जाएगा उस समय. हम रोड भी खराब रखेंगे गड्ढे भी रखेंगे और. ऊपर से पैसा भी लेंगे यह न्याय उचित नहीं.
है और इसके लिए हम हमारे पीढ़ आरो और. कांट्रैक्टर अथ जिम्मेदार मानेंगे तुम. तुम्हारी काम है देखो अगर आपने फाइव स्टार. होटल में गए और एसी बंद है तो आप बोलोगे. किराया क्यों लिया मेरे से एसी रूम का है. तो यह बात यहां भी लागू होनी चाहिए तो. शिकायत किसको करे मन लीज ये समस्या आती है. लोग आपको देखेंगे अभी सर ये व्यक्तिगत रूप. से मैं इसके बारे में पॉलिसी डिसीजन. करूंगा ठीक बा मुझे भी आपकी बात पैट गई य. अन्यायपूर्ण है इसके ऊपर जरूर कारवाई.
करेंगे चलिए हम खुश है आपने ये सोचा आपका. कुछ प्लान तो होगा सर जैसे इस थर्ड टर्म. में कि यह पा साल में मुझे यह हासिल करना. है यह कुछ बदल देना है बहुत है अभी 36. ग्रीन एक्सप्रेस हाईवे बना रहा हूं और मैं. हर साल 5 लाख करोड़ के रोड अवार्ड करना. चाहता हूं 60 किलोमीटर तुम लोग कैसे मैंने. बोला 60 किलोमीटर गडकरी का ऐलान 60. किलोमीटर अरे भाई ये टारगेट है उद्दिष्ट. है फुलफिल नहीं हुआ तो गड़क फेल अब भा. उद्दिष्ट अपने बच्चे को क्या बोलते हैं. मेरिट में पास होना चाहिए तुम पर वो अगर.
कल 75 पर मार्क लेता है तो बोलते देखो यह. लड़का फ इसने फेल हो गया य मेरिट में नहीं. हुआ ऐसा थोड़ी होता है देखो टारगेट बड़ा. किया जाता है और बड़ा पकड़ा जाता है तो. मैं बहुत टारगेट लेकर जा रहा हूं पर चर्चा. इसलिए नहीं करता कि तुरंत मीडिया में. न्यूज़ छपती गड़क नेय घोषणा कर दी वो. समझते नहीं कभी-कभी क्या होता है जो हम. बोलते हैं जो हम कहते हैं उसके पीछे जो. भाव रहता है छापने वाला दूसरा ही छाप देता. है अब मैंने कहा पेट्रोल डीजल के बजाय तुम. अल्टरनेटिव फ्यूल और बायो फ्यूल की.
गाड़ियां खरीदी करो क्योंकि इकोनॉमिक्स. में सस्ती है अब मेरी इथेनॉल की इनवा है. 60 पर बिजली तैयार करती है और 40 इथेनॉल. चलती है उसका पेट्रोल की तुलना में एवरेज. ₹ लीटर आता है कीमत पेट्रोल की तो फायदा. है अभी इलेक्ट्रिक एक लीटर अगर पेट्रोल. लगता है 0 का एक टू व्हीलर को उसके बजाय ₹. की बिजली लगती है अभी मैंने आज एक. मोटरसाइकिल लच की तो मेरा आपको कहना यही. है तो लोगों ने छाप दिया कि गडकरी बोल रहा. है पेट्रोल डीजल हम समाप्त कर देंगे य.
आपने एक ज कहा इतना टैक्स लगा दूंगा कि. बेचना मुश्किल हो जाएगा ऐसा नहीं कहा मैं. मैंने कहा कि पोलूशन बहुत ज्यादा हो रहा. है हा और तुम अगर यह फ्यूल में नहीं बदलो. ग तो कहीं ना कहीं सरकार को ज्यादा. पोल्यूशन करने वालों के बारे में यह सोचना. होगा कि इनको ज्यादा टैक्स लगा है मुझे. बताओ दिल्ली को प्रदूषण करने का किसी को. अधिकार है क्या 40 पर पल 40 पर पोलूशन. ट्रांसपोर्ट सेक्टर के कारण है क्या. दिल्ली से डीजल पेट्रोल बार नहीं होना. चाहिए बिल्कुल होना चाहिए क्या दिल्ली का. पोलूशन कम नहीं होना चाहिए ये डबल ढोलकी.
बजाने वाले जो होते हैं इधर बोलते. पोल्यूशन बड़ा वो भी फ्रंट न्यूज छापते. हैं मैं कम करने के लिए बोल रहा हूं तो. बोलता पेट्रोल डीजल को धमकी दे रहा हूं. नहीं इसका सर जो आम लोग ये नेताओं का. नजरिया मुझे पत्रकारों का नहीं पता बट जो. जनता का नजरिया है वो यह है कि आप ईवी को. प्रमोट करो उसमें कोई खराबी नहीं है आप. करो लेकिन आप उन्हें ऑप्शन दो आप उन्हें. फोर्स मत करो आप उन्हें ऑप्शन दो कि ठीक. है ये बेटर जैसा आपने कहा ना पैसा ल र. आपको एक बात कर लेंगे आपने जैसे फास्ट. ट्रैक कहा आज हर आदमी फास्ट ट्रैक ले रहा. है आज ऑप्शन मिल गया सर जी इलेक्ट्रिक बस.
इलेक्ट्रिक कार इलेक्ट्रिक स्कूट. इलेक्ट्रम में 200 पर राइज हुआ है एक. करोड़ व्हीकल बन रहे है अभी इलेक्ट्रिक के. 20 करोड़ में से और दो साल में हम लोग. 7080 पर अल्टरनेटिव फर इलेक्ट्रिक आएगा. 400 पंप इंडियन ऑयल ने इथेनॉल के खोल दिए. अभी अब टाटा. मो साइकल ए सीएनजी पर 1 लीटर पेट्रोल में. 1 किलोमीटर के लिए ₹ 25 पैसे लगते हैं.
पेट्रोल में और सीएनजी में ₹ र लगता है तो. 60 पर बचत है कल अगर आपका मैंने आपके. गाड़ी में अगर आप सीएनजी पर और इलेक्ट्रिक. पर जाओगे और आज 0000 फ्यूल पर खर्चा कर. रहे हैं और आपका इलेक्ट्रिक का खर्चा आएगा. 000 और सीएनजी का खर्चा आया 000 तो मुझे. कहने की जरूरत नहीं आप ही गाड़ी बदल खुद. जाऊंगा लेकिन एक कहावत कहते ना सर कि. शुरुआत अपने घर से करनी चाहिए अब लोग कहते. हैं गडकरी जी हम लोग को डाट डपट दे रहे. हैं कि तुम बंद कर दो शुरुआत करनी है.
मंत्रालय शुरू कर इतनी सारी गाड़िया सबको. इलेक्ट्रिक कर गवर्मेंट इलेक्ट्रिक. गाड़िया खरीद रही यहां इतनी पुरानी पुनी. गा घर प मेरे घर पे पूरी इलेक्ट्रिक. गाड़िया है फ्लेक्सस इंजन की कार है मेरे. घर में हाइड्रोजन की कार है इलेक्ट्रिक. अरे सरकार में राज्य विधानसभा में पुरानी. पुरानी 202 साल पुरानी गाड़िया चल आजकल 15. साल स्क्रैप करना अभी भारत सरकार ने अपनी. पूरी गाड़िया स्क्रैप की राज्य सरकार को. मैं अनुरोध कर रहा हूं और नई कार. इलेक्ट्रिक के लिए भारत सरकार ने राज्य. सरकार को अनुदान दिया है आपको पता तो. सेंट्रल गवर्नमेंट के जितने डिपार्टमेंट. है सब में पेट्रोल डीजल बदल जाएगा हां बदल.
हो रहा है कब तक ल आप बता सकते हैं आप सर. ये कब तक हो इसमें मैं नहीं फसू क्योंकि. फिर आपको घुमा ग गांव-गांव जाके कड़क ने. बोला इतने तारीख को नहीं हुआ नहीं हुआ. देखो ये बहुत बड़ा कॉम्प्लेक्शन आप लोग कर. रहे हैं इस चीज को सर बहुत जल्दी इस देश. को प्रदूषण से मुक्ति. मिलेगी मैं आपको बहुत जिम्मेदारी के साथ. बात करर 65000 करोड़ के रोड बना रहा हूं. मैं दिल्ली के आजूबाजू में ना दिल्ली यह. जो पूरा दिल्ली यह जो है एरिया आउटर पार्ट.
का हम और. इसमें 65000 करोड़ आप एक एक रोड जरा. दिसंबर के बाद देखना अब जैसे मैंने सर. इलेक्ट्रिक गाड़ियों के कुछ पॉडकास्ट. मैंने किए थे जो इलेक्ट्रिक गाड़ी बनाने. वाले ओनर है उनके कुछ पॉडकास्ट किए थे. मैंने तो उसमें जो एक कंसर्न मेरा निकल कर. आया जो कि लोग क्यों कम जो नहीं खरीद रहे. थे या जो बच रहे थे जो ले रहे हैं वो तो. अच्छी बात है वो यह था कि इलेक्ट्रिक. गाड़ी के बैटरी की गारंटी जो होती है वो 5. साल की होती है और बैटरी की ही मोटी कीमत. होती है उसकी रिसेल वैल्यू नहीं होती है. तो वो कह रहे कि यार थोड़ी कीमत भी अगर कम. करवा दे प्रॉब्लम यही है कि इंफॉर्मेशन.
सही नहीं होती लिथियम आयन बैटरी जब. इलेक्ट्रिक गाड़ी आई तब $50 पर किलोवाट पर. आवर थी अब 105 प आई है और मैं दो साल में. पेट्रोल डीजल कार की कीमत समान होगी दूसरी. बात अभी परस ओला वाले आए थे मेरे पास. चेयरमैन वो कह रहे थे 5 साल के बाद ये. बैटरी जब खत्म होगी तो सोलर की पावर जो. होगी तैयार उसके सोलर स्टोरेज के लिए हम य. बैटरी का उपयोग. करेंगे और अभी बैटरी केमिस्ट्री में.
लिथियम आयन जिंक आयन सोडियम आयन यह. एलुमिनियम आयन यह डेवलप पूरी केमिस्ट्री. आज हमारी एटल इंडस्ट्री 22 लाख करोड़ की. है जब मैं मंत्री बना था 7 लाख करोड़ की. है अभी हमने तीन महीने पहले जापान को पीछे. डालकर तीसरे नंबर पर आए पहले नंबर पर. अमेरिका है दूसरे पर चाइना है तीसरे पर. इंडिया है और मैं आपको बता रहा हूं कि 5. साल के अंदर हम निश्चित रूप से दूसरे नंबर. पर आएंगे और उसके 5 साल में हम पहले नंबर.
पर आएंगे और वर्ल्ड का एटोवाल. मैन्युफैक्चरिंग हब इंडिया बनेगा और. वर्ल्ड की सब रेपुटेड कार इलेक्ट्रिक. इथेनॉल मेथेनॉल बायोडीजल एलएनजी सीएनजी. हाइड्रोजन सब भारत में बनेगी और आज हम. ऊर्जा को आयात करने वाला देश है हम ऊर्जा. को निर्यात करने वाला देश बनेंगे यह लिख. के रखना फ्यूचर क्या है सर अच्छा ही है. कौन सा मतलब एथेनॉल का है हाइड्रोजन का है. इलेक्ट्रिक का है. ये भी बहुत लोग सवाल पूछते हैं आप आप ही. प्रमोट इलेक्ट्रिसिटी आप करते हैं गाड़ी.
आप इथेनॉल वाली इस्तेमाल करते हैं इसलिए. इस प्रश्न का जवाब देता हूं इसका बहुत. सारा मीम भी बनता है सर अग अब मैं. दिखाऊंगा तुमको एक बात बताता हूं जी ये. जितने अल्टरनेटिव फ्यूल बायो फ्यूल सब पटक. दे पूरी मेहनत लगा दे आज लगा रहे 10. टाइम्स लगा दे तो भी डीजल पेट्रोल को. हटाना मुश्किल है इतनी रिक्वायरमेंट है 22. लाख करोड़ का फॉसिल फ्यूल का इंपोर्ट है. और इतना डमरू बजाने के बाद हमारा इथेनॉल. की इकॉनमी अभी भी 2 लाख करोड़ की नहीं बनी. अब धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक पॉपुलर हो रहा है. 5 साल के अंदर मेरा अंदाज है कि 22 लाख.
करोड़ ये अंदाज है ब ये कमिटमेंट नहीं यह. घोषणा नहीं मैं एक एनवायरमेंट के प्रति. प्रेम रखने वाले के दृष्टिकोण से बोल रहा. हूं कि हमारा इंपोर्ट जो है वो कम से कम. 40 पर कम होगा मतलब सोशल मीडिया चलता है. गटक जी हर चीज से गाड़ी चलवा देंगे एथेनॉल. से हाइड्रोजन से मेथेनॉल से इलेक्ट्रिक से. कई बार तो मैंने कहीं पढ़ा शायद आपकी जो. वाइफ है वो भी हैरान होती कि आप क्या-क्या. कह मतलब सर मेरे पास तीनों गाड़ी है आप. मेरा इंटरव्यू होने के बाद तीनों गाड़ी. में चक्कर मार है देखो मैं जो बात करता.
हूं हम जो हर बात सिद्ध करके दिखाता हूं. दिखाऊंगा आपको नहीं होगी तो क्षमा हो बट. आप मिनिस्टर है सर आप जो इंडिया के. ग्राउंड लेवल पे जैसे यूपी बिहार में. गांवों में या और नॉर्थ ईस्ट में गांवों. में आपको लगता है कि इंडिया तैयार है. इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए हाइड्रोजन. गाड़ियों के लिए सर ये नाराज मत होना ये. जो विद्वान पत्रकार है विद्वान है ना. अच्छे भाव में बोल रहा हूं जो जानकार देते. हैं यही प्रश्न पूछते हैं गाड़ी बंद होगी. तो तुम धक्का मारोगे क्या फिर इलेक्ट्रिक. का क्या किसी की गाड़ी बंद हुई दिखी आपको.
आपको पता नहीं अरुणाचल मेघालय त्रिपुरा. नागालैंड इलेक्ट्रिक स्कूटर इलेक्ट्रिक. कार अभी मैंने आज इलेक्ट्रिक बाइक को लच. किया हम श्रीलंका में डीलरशिप खोली. उन्होंने आपको यह पता है कि 50 टके टू. व्हीलर हमारे देश के बजाज टीवीएस और रो के. एक्सपोर्ट होते हैं और अब इलेक्ट्रिक की. गाड़िया एक्सपोर्ट होगी डोमेस्टिक मार्केट. से ज्यादा एक्सपोर्ट का मार्केट बड़ा होगा. और और देश को सबसे ज्यादा जीएसटी देने. वाली इंडस्ट्री है साढ़े करोड़ युवाओं को.
रोजगार देने वाली इंडस्ट्री है आत्मनिर्भर. भारत 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी और. वर्ल्ड की तीसरी अर्थव्यवस्था बनाने में. यह सबसे इंपॉर्टेंट इंडस्ट्री है और इसके. कारण देश की ग्रोथ बढ़ेगी और देश में. वेल्थ क्रिएट होगी रोजगार निर्माण होगा और. देश की तस्वीर बदलेगी ठीक बात है सर आप जो. कह रहे हैं वो काफी लोग समझ रहे हैं मैं. भी समझ रहा हूं अब एक यॉर्कर डालू सर मैं. बोलो ना. कौन सा कांग्रेस का नेता था विपक्ष का. नेता जिसने आपको प्रधानमंत्री बनाने की.
कोशिश की बहुत लोग थे मैं नाम नहीं लूंगा. आपस में जो बातचीत होती है जी चर्चा होती. है व ऐसी बाहर बोलने की प्रथा नहीं है अगर. यह अगर प्रथा रहती तो आपने उनके साथ. विश्वास गत किया है तो हर राजनीतिक नेताओ. को विवेक रहता है कि प्राइवेट बात कौन सी. है और सार्वजनिक बात कौन सी बिल्कुल ठीक. बात है ये सवाल इसलिए पूछा गया ताकि दूसरा. सवाल पूछ. सके पॉलिटिक्स में कुछ भी इत्तफाक नहीं. होता संयोग बड़े मासूमियत से नहीं होते. लोग कहते हैं कि हर कहानी के पीछे कहानी. होती है बिटवीन द लाइन पढ़ने की कई लोग ये.
कह रहे थे गडकरी जी ने इस बार 240 सीट आई. तब यह बात कही इनडायरेक्टली उन्होंने कहा. मना भी किया यह भी बताया कि पार्टी का. लॉयलिस्ट हूं और यह भी इजहार कर दिया कि. मेरे अंदर प्रधानमंत्री बनने की मकां है. मैं कोई ऐसी बातों को गिनता भी नहीं हूं. मेरे जो मन में आता है वो मैं बोलता हूं. मेरे को जो अच्छा लगता मैं कर ये क्या. आपके मन में आया था घटना जितने लिख रहे. उनके पास जाके पूछो क्या है उनका मैंने. सहज रूप से एक पत्रकारों के इसमें. कार्यक्रम में मैं था आप पुरस्कार दे उनको.
मैंने कहा कि देश में विचार भिन्नता सवाल. नहीं विचार. शून्यता चाहे मुझे कोई व्यक्ति उसके विचार. भले नहीं पढ़ते पर वह व्यक्ति अपने. विचारों से प्रामाणिक होता है यह. महत्त्वपूर्ण है हमारे बीच मतभेद हो सकते. हैं मनभेद नहीं होने चाहिए और मैंने आगे. यह कहा कि मैं अपने विचारधारा से कभी. कंप्रोमाइज नहीं करूंगा माय आ लजी इज. पार्ट ऑफ.
कन्विसिटी. ऑफ कन्वीनियंस तो मैं पॉलिटिक्स के कन्न. इसका विद्यार्थी हूं और मैं अपने. विचारधारा को अपने सिद्धांतों को सर्व परि. मानता हू और इसलिए जब मुझे लोगों ने ऐसा. पूछा तो मैंने कहा मुझे नहीं बनना है. प्रधान आई विल नॉट गोइंग टू कंप्रोमाइज. विथ माय. लजी वई यू शड गोइंग टू मेक मी प्राइम. मिनिस्टर एंड व आई शुड विल बी प्राइम. मिनिस्टर विथ र. बिकॉज आपकी और मेरी आइडल जीी डिफरेंट है. मैं नहीं करूंगा य काम बट जब गडकरी सर.
क्योंकि मैं आपकी ज पूरी पॉलिटिकल करियर. को पढ़ता हूं पूरा पॉलिटिकल करियर जब आप. राष्ट्रीय अध्यक्ष बने वहां से लेकर आज. पीडब्ल्यूडी मंत्री और आप मोदी कैबिनेट. में वोह मंत्री के तौर पर जाने जाते हैं. क्योंकि मोदी जी की पावरफुल सरकार है. आमतौर पर कई बार लोग कंपेयर करते हैं मोदी. जी इंदिरा जी तो इंदिरा जी कैबिनेट से. हमें मिनिस्टर याद नहीं होते लोग कहते हैं. कि नितिन गडकरी वो मिनिस्टर है जिन्हें. 2050 में भी लोग कहेंगे कि हां हां एक. डब्ल्यूडीसीडब्ल्यू.
मेरे एक एक भाषण ये 35 35 40 मिनट के है. ये वाक्य के पहले मैंने पा मिनट कुछ कहा.
है बाद में कुछ कहा हुआ और उसके रेफरेंस. को काटकर एक वाक्य को कह देना और फिर उसको. रिपीट करके उसके ऊपर लोगों के मन में. कंफ्यूजन क्रिएट हुआ ऐसी बात करना इट इज. अगेंस्ट द एथिक्स ऑफ जर्नलिज्म मैं आपके. लिए नहीं कह रहा पहली बात मैं बथ सर नहीं. देखो मैं हमारे कार्यकर्ताओं को यह कहता. हूं कि पहले तुम ईमानदारी से अप घर परिवार. संभालिए फिर राजनीति करिए राजनीति पैसा.
कमाने का धंधा नहीं है अगर नो फिलोसोफी. कैन ब टट विवेकानंद जी ने कहा अगर आपके. बेटे आपकी पत्नी गर्स दो समय रोटी नहीं. खाएगा कपड़े नहीं गा तो कैसे होगा तो पहले. घर ठीक संभालिए फिर देश के लिए और समाज के. लिए काम करिए अब इसका संबंध आपके वाक्य से. कहां लगता है ऐसे वाक्य राजस्थान में. कांग्रेस की सरकार थी और मैंने यह कहा कि. जो अच्छे लोग है ईमानदार है जो अच्छे. कैरेक्टर के हैं जो विजन रखते हैं उनको.
इलेक्ट मेरिट नहीं है और जिनको इलेक्टिव. मेरिट पब्लिक में चुन कर आते उनको बाकी. बातें उनसे अपेक्षा करते पर वो कर नहीं. पाते तो यही है कि हमें अच्छी पार्टी. अच्छा नेता चुनना होगा अगर हम जात पंथ. धर्म भाषा और से के आधार पर वोट देंगे तो. हम तकलीफ में आएंगे मैं उन य पूछा कि आप. कोई रेस्टोरेंट में जाते तो फूड टेस्ट. करते हो तो रेस्टोरेंट वाले किस जात का. धर्म का पूछते हो क्या नहीं पूछते आप.
हार्ट का ऑपरेशन करते हो तब डॉक्टर के पास. जाते हो तोय कौन से जात का पूछते हो क्या. नहीं पूछते हो अच्छा डॉक्टर है उसके क्या. करते हो फिर होट देते समय भी जात पंथ धर्म. भाषा सेक्स ना करते हुए जो हमारे देश का. समाज का भविष्य बदल सकता है गरीबों को दूर. कर सकता है उसको ट देना चाहिए अब ये भाव. में मैंने कई बात इसका संबंध जो चाहे वो. कुछ भी इंटरप्रेट कर सक जी ने नहीं कहा था. ज आलू डालो सोना निकलेगा बीजेपी वाले. प्रवक्ता हमारे टीवी डिबेट ने बैठ बैठ. कितनी बार कहे हम लोग खुद करेक्ट करते थे.
तो ये तो दोनों साइड चलता है सर दोनों. साइड से इसका यूज मिसयूज होता है सर मैं. बहुत साफ हूं जैसे आपने कुछ सवाल पूछे. मैंने कहा हमारा प्रॉब्लम है हमारी गलती. है हा हम सुधरेंगे रोड एक्सीडेंट में. मैंने मान्य किया गड्ढा था मान्य किया और. मैं भी जानकारी रखता हूं तो मैं आपको एक. बात बताता हूं ये एक दुर्भाग्यवश कुछ. लोगों की लत हो गई है आदत हो गई है कि. किसी के भी भाषण से ट्विस्ट करके हेडलाइन. कैसे. मिलेगी और हेडलाइन मिलाने के चक्कर में.
उल्टा लटा छपवा दो बहुत बार मैंने अनबो. लिया इसका मैं दो भ भारतीय जनता पार्टी का. प्रेसिडेंट था यही दिल्ली वाले मीडिया. मेरे पीछे लगे मेरे ऊपर कुछ नहीं हुआ ना. मेरे ऊपर कोई इंक्वायरी हुई ना कोई दोषी. साबित हुआ मेरा करियर खराब करने का तो काम. किया. उन्होंने यह जो प्रॉब्लम है कि ये जो. सस्ती पत्रकारिता है है यह लोकतंत्र को. मजबूत नहीं करेगी मैं गलत करूंगा जरूर. लिखिए वेरीफाई करिए जानकारी लीजिए और उसके.
बाद आपका कॉन्शियस कहता है कि इन्होंने. गलत काम किया तो ठोकिए कोई प्रॉब्लम नहीं. आता पर आप न्यूज मिलाने के लिए ना पूछते. हो किसी को ना चर्चा करते हो कोई एक अभी. आजकल क्या पद्धति होगी कि एक कोई छोटा. पत्रकार अपने वेबसाइट पर एक गलत न्य छाप. है और देश के जो नंबर एक के बड़े बड़े. होते हैं उसका आधार न्यूज चला देते हैं. देखिए और वो भी कैसा होता है जो सॉफ्ट.
टारगेट होते हैं उनको पहले टारगेट करते. हैं जो लोगों से डरते हैं उनको हिम्मत. नहीं होती उनकी लिखने की तो मुझे लगता है. इंडिपेंडेंट इंपार्शियल फेयर जुडिशरी जैसी. होनी चाहिए वैसे इंडिपेंडेंट इंपार्शियल. फेयर पत्रकारिता भी होनी चाहिए तो वई. ऑलवेज नितिन गडकरी. सर देखो सर आप वाई नॉट करेक्ट यह करेक्ट. नहीं है इस देश के पत्रकारों ने मेरे ऊपर. प्रेम किया है नहीं नहीं मैं उस उस. कांटेक्ट में नहीं कह रहा हूं सर जैसे. आपकी गवर्नमेंट मोदी जी गवर्नमेंट जो है. उसमें बाकी किसी मिनिस्टर को ले कभी ऐसी.
बातें नहीं आई जब मैं देश के तमाम चैनलों. को देखता हूं जब मैं आपको रिसर्च करता हूं. जो बड़े चैनल है जहां पर आप भी जाते हैं. इंटरव्यू देते हैं तो वो हाईलाइट करते हैं. कि नमस्ते किया गया आप आपके हाथ ऐसे हैं. आपकी बॉडी लैंग्वेज को लेकर क्वेश्चन करते. विश्वास है वो जो फोटो आया था ना उसमें. पहले वो मेरे पास आए मैंने उनको नमस्कार. किया और मैंने हाथ नीचे किया और वो आगे. निकले फिर मेरा फोटो दूसरे को नमस्कार. मेरा निकाला और क कि मैंने नमस्कार नहीं. किया ब किसी और किसी और नेता को लेक वो. नहीं छापते आप तो डेफिनेशन भी कर सकते हैं.
मुझे नहीं करना है देखो मैं अपनी. क्रेडिबिलिटी इतने लोगों के उनके मेरा कोई. नुकसान नहीं होता देखो इस देश के अनेक. पत्रकारों ने मुझे अनेक सालों से. प्रधानमंत्री का उम्मीदवार बनाया मैं आया. क्या किसी के पास ट्रू ट्रू मैंने बोला. क्या कभी हर चुनाव में मेरे को बोलते कि. सीटे कम आएगी तो ये बनेगा हम तो ये जो. प्रॉब्लम है उन पत्रकारों का है जो गॉसिप. लिखते देखो. मुझे एक ने बताया कि जिस हीरोइन का पिक्चर. चलता है उसी पर गॉसिप लिखते बोले तो अब.
मेरे बारे में गॉसिप इसलिए लिखते होंगे तो. शायद मेरा पिक्चर चल रहा होगा अब मैं क्या. कहूं ब नितिन गडकरी जी वो शख्स है जिनके. लिए बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने के. लिए संविधान में परिवर्तन किया गया था और. आप एक पावरफुल पार्टी प्रेसिडेंट रहे यंग. प्रेसिडेंट थे आप लेकिन अब जब हम देखते. हैं कि आपको संसदीय बोर्ड में जगह नहीं दी. गई केंद्रीय चुनाव समिति में नहीं रखा गया. आपको तकलीफ होती है सब चीज क् क्या आप एक. पावरफुल लीडर है आपकी अपनी फैन फॉलोइंग है. और अभी भी लोग कहते हैं सर ये लाइन में.
कंप्लीट कर दूं कि अभी भी गडकरी जी उन. नेताओं में से हैं जिनके यहां लोग आ सकते. हैं मिल सकते हैं वो गैप नहीं बना उनका. देखिए तो ये बुरा लगता है आपको मैं एक बात. पे विश्वास रखता हूं हम कि मंत्री बन जाता. है वह एक्स मंत्री होता है अध्यक्ष बन बता. है वह एक्स अध्यक्ष हो जाता है एमएलए होता. है वह एक्स एमएलए होता है एमपी होता है वो. एक्स एमपी होता है कार्यकर्ता कभी एक्स. कार्यकर्ता नहीं नहीं होता मैं इस. विचारधारा के लिए और संगठन के लिए काम. करने वाला एक कार्यकर्ता हूं यह मेरा पद.
मुझसे कोई नहीं छीन सकता और किसको बनाना. या नहीं बनाना यह मेरा अधिकार नहीं यह. पार्टी अध्यक्ष क और है बनाए तो ठीक नहीं. बनाए तो ठीक किसी ने नहीं बनाया तो मेरे. को तकरार नहीं करनी है अब मैं कल जम्मू. कश्मीर में जा रहा हूं पार्टी ने कहा जाना. गया फिर हरियाणा में जा रहा हूं जा रहा. हूं बुलाया तो भी ठीक नहीं बुलाया तो जो. पार्टी काम देगी वो मैं करूंगा मुझे उसकी. चिंता नहीं और मैंने कभी इसकी चिंता भी. नहीं की. करता भी नहीं ह ठीक वंस फॉर ल एक लास्ट. क्वेश्चन पॉलिटिकल है पॉलिटिकल क्वेश्चन. छोड़ दूंगा मैं थो बस जल्दी खत्म कर सर य.
ये आपको लेके एक बहुत सारे अखबारों में. आर्टिकल और चैनलों में भरा पड़ा है कि जब. आप पार्टी प्रेसिडेंट थे तो आप अमित शाह. जी को बहुत वेट कराते थे मोदी जी आप जब. पार्टी प्रेसिडेंट बने ही वा ओनली चीफ. मिनिस्टर जो नहीं आए हाउ य बंड विद मोदी. जी और अमित शाह साहब देखिए मोदी जी इ ट्रू. जो ये घटना छपती है आपको लेकर कि आपने वेट. करवाया था अमित शाह जी को देखो मोदी जी. हमारे नेता है और उनके नेतृत्व में हम काम. कर रहे हैं और उनकी नेतृत्व में सरकार को. सफलता मिले और जो विचार परिश्रम करके.
मेहनत करके वो देश के लिए कर रहे हैं उसके. लिए हम जितना कर सके कंट्रीब्यूट करें और. रही बात तो मैं मेरे अभी आप भी रुके थे अब. मैं क्या करूं मेरे 100 100 लोग आते हैं. और मुझे आपसे ज्यादा समय देना था तो आपको. पहा खा के बैठना पड़ा यहां तब तक मैंने. छोटे छोटे लोगों को निपटा लिया तो कभी जो. बड़ा व्यक्ति आता है तो उसको मैं ज्यादा. शर बोलना है तो उसको रुकना पड़ता है आज आज. आपको भी रुकाया तो मेरा उद्देश्य तो तो. खराब नहीं था तो अब ये तो क्या इसमें कभी.
मैंने ऐसा नहीं किया पवन सिंह जी से आपके. रिश्ते है भोजपुरी मेरे सब दुनिया भर के. सब अच्छे बो मुझसे किसी ने कहा कि आपको. भोजपुरी बड़ी पसंद है अब हमको आप मराठी. भोजपुरी बड़ा कल्चरल डिफरेंस और फिर पवन. सिंह का नाम गाना हिट हो रहा था फिर आप. गाने के भी शौकीन सर मैं सभी भाषाओं के. गाने सुनता हूं आजकल मैं भूप हजारिका का. गाना सुनता हूं मैं अलग अलग मुझे जावेद. अखतर और गुलजार बहुत पस. वीर झरा वीर झरा उस चित्र उस बहुत गाने. में कौन सा गाना सभी अच्छे तेरे लिए हा.
बकल रुका देखो मदन मोहन का संगीत है वो मर. गए उने ट्यून बना के र कितने सालों बाद. रिलीज किया गया बहुत सुंदर है देखो मैं. मराठी सुनता हूं संगीत सुनता हूं देखो मैं. आपको एक बात. बताता मुझे ना किसी के इंटरव्यू से मतलब. है ना कोई अखबार वाले से मतलब है जिसने. अच्छा कहा वो भी अच्छा बुरा कहा वो बुरा. मैं एक सड़क छाप छोटा आदमी हूं रात को रोज. नहीं जो सचा मस्ट नहीं जो अपना रात को. मस्त जो खाना खाता हूं रोज रात को यही.
सोचता हूं आज क्या खाना मस्त अपना एंजॉय. करता हूं लाइफ देश के लिए समाज के लिए घर. परिवार संभाल के काम करता हूं जिसने मुझे. अच्छा कहा उसका भी भला जिसने मुझे बुरा. कहा उसका भी बरा अखबार पढ़ना बहुत कम हो. गया आजकल एक ह बार थोड़ा देख लेता हूं. टीवी लगभग सुनता नहीं हूं आपकी ये जो य पर. आते तो उसमें भी ज्यादातर गाने सुनता हूं. कौन-कौन से गाने बहुत अच्छे हिंदी मराठी. गजल सुनता हूं अदनाम सामी को सुनता हूं.
अभी आपको मालूम है मेरा वो मेहमूद का. लड़का है ना आ बजा वाला कौन लकी अली लकी. अली वो मुझे बड़ा पसंद उसके गाने सुनता. हूं मैं खुश अपने खुशी से चलता हूं मुझे. कोई लेना देना नहीं जब तक जनता कहेगी तब. तक हूं नहीं कहेगी अपने घर जाऊंगा शांति. से मैं जो अपना काम है जो मेरा. जो कपड़े लगते पेंट शर्ट में प पेंट शर्ट. पहनता था कभी मैंने चिंता नहीं की लोग. बोले मुझे धोती पहन नहीं पहनता मैं अपने.
हिसाब से चलूंगा अगर जो भी मुझे अच्छा कहे. उनका भी भला तो ये इसके पीछे क्या. इंस्पिरेशन है सर जो इतना कन्वे आपको सर. कॉमन आदमी हूं छोटा आदमी हूं मेरी औकाद और. हैसियत से मुझे बहुत ज्यादा मिला बहुत. ज्यादा मिला मैं पोस्टर चिपकाने वाला था. मेरा हैंडराइटिंग खराब था तो काले दीवार. पर चूना लगाने का काम किया तब से शुरुआत. की मेरी औकात ही नहीं थी पार्टी में ची. बांटने का काम करता था और उस पार्टी में. मैंने कभी बायोडाटा नहीं छिपाया 45 साल. में एयरपोर्ट में मेरे स्वागत के लिए कोई.
आता नहीं मुझे पहुंचाने के लिए कोई आता. नहीं चुनाव जीतने के बाद मेरे सत्कार का. एक भी कार्यक्रम नहीं हुआ मुझे नहीं पसंद. मु जब हार लेकर लोग आते तो मैंने बोल दिया. कि यह तो उसी समय की याद दिलाती है कि जब. लोग लाइन में लगकर हार डालते हो मुझे नहीं. पसंद मैं जॉर्ज फंडास को अपनाय कौन मानता. हूं वो जो तस्वीर आती जो उन्होंने ऐसे. करके इमरजेंसी वाली हां जॉर्ज फनास बहुत. बड़े नेता थे मैं अटल बिहारी बाजपेई को. मानता हूं संघ के अनेक प्रमुख लोगों ने.
मुझे बहुत अच्छे संस्कार दिए संघ और. विद्यार्थी परिषद के संस्कारों के कारण. मेरे में कुछ अच्छाई दिख रही तो व उनके. कारण सर लास्ट क्वेश्चन है मेरे को बिहार. वाले बहुत फॉलो करते मानते हैं एक गडकरी. जी का बयान आया था मीडिया वालों को चैलेंज. करते हुए कि 2024 तक बिहार की सड़को का जो. रोड स्ट्रक्चर है वह हम अमेरिका जैसा बना. देंगे हाउ क्लोज यू आर केवल उसम दुरुस्ती. करिए कि बिहार में जो राष्ट्रीय महामार्ग. का रोड इंफ्रास्ट्रक्चर है वो अमेरिका के. बराबर होगा यह मैंने कहा क्योंकि व विलेज.
रोड नहीं बनेंगे फिर तुम्हारा मेरे ऊपर. बंग चालू हो जाएगा गड़क ने फलाने गाव का. रोड ब बिहार में पुल गिरता आपको लोग. टारगेट करते आप सफाई भी क दी थी आपने सर. बिहार का कोई भी हमारा पुल नहीं गिरा क. सारे स्टेट गवर्मेंट ग हर जगह आपको लोग. अरे भाई जिस पेड़ को फल लगते उसी पर लोग. पत्थर मारते हमें उसी का आनंद है कि हमारे. पेड़ को फल लगे हैं मारो पत्थर जो मारेगा. उसका भी भला नहीं मारेगा उसका भी भला जो. फल तोड़ के खाएगा उसका भी भला एक लाइफ.
मंत्र दे दो सर लाइफ मंत्र दे दो फर ये. आपकी तरह बनने का एक लाइफ मंत्र दे दो. जाते जाते देखो पॉलिटिक्स कैसे मौज में. रहे देखो मैं आपको एक बता लाइफ इज टू. शॉर्ट हम ट्राई टू एंजॉय इट जिसका जन्म. हुआ है उसका मृत्यु अटल है ये यावत चंद्र. दिवाक नियम है खुशी से रहो खुशी बांटो और. लोगों को भी खुशी दो और पॉलिटिक्स इज अ. गेम ऑफ कंपल्शन कांट्रडिक्शन. य ऐसे ही चलेगा चलते रहो आप चिंता मत करो. किसी आपके कन्वे आपकी बात चलते रहो जनता.
ने चुना तो रूलिंग पार्टी में आ हरा दिया. अपोजिशन पार्टी में रहो दोनों जगह से अकाल. दिया तो घर पर रहो काम करते रहो मनसा सततम. स्मरणीयम वच सततम वदनी अम लोक हितम मम. करणीयम बस करते रहो बट जनता से एक चीज. कहना चाहूंगा कि इस चीज की तारीफ करू कि. आपने मुझसे एक बार भी नहीं पूछा आमतौर पर. नेता लोग पूछते हैं क्या पूछने वाले हो. गडकरी जी ने एक ब भी नहीं पूछा पूछता भी. नहीं क्या पूछ नहीं मुझे लगता क्योंकि. नेताओं को लेकर ये बड़ा होता सत्ता पक्ष. विपक्ष हो जब हम इंटरव्यू लेते हैं विपक्ष.
के नेता भी सत्ता पक्ष की देखो मैं जैसा. हूं वैसा दिखना चाहता हूं जो है वही. दिखाना चाहता हूं और मुझे पहले एक बड़ा. जोक है मैं जब महाराष्ट्र में था तो मेरा. वजन था 135 किलो तो कोई भी आदमी मेरे पास. बैठता था तो लोगों के ध्यान में आया वो. बोल आजकल तुम्हारा वजन कम हुआ ऐसा लग रहा. है मुझे बड़ी खुशी होती थी बड़ी खुश होती. फिर मैं काटे प जाता बढ़ा हुआ वजन दिखता. था मुझे ध्यान में आ लोग मूर्ख बनाते मुझे.
तो ये क्या होता है कि लोग जो ऐसे वो डेल. कार्नी की किताब थी हाउ टू विन फ्रेंड्स. एंड इलस द पीपल जी तो मैं आपको भी क आप. कितने डेलिकेट नाजुक लग रहे हो आपका भी. वजन ब मैं 135 से 90 किलो 45 किलो कम किया. है मैं भी डॉक्टर साहब की बात डॉक्टर शिव. सरीन और पांडा जी दोनों ने को डरा है मैं. कम शेट करना शुरू कर चुका हूं सर आपको एक. बात बता द और अच्छी बात हेल्थ इज वेल्थ. ट्रू पहली प्रायोरिटी अपनी वेल्थ को दो जो. मैंने गलती की मैं कभी भी समोसे खाता था.
आलू बंडे खाता था धावे पर सोता था पार्टी. के काम के लिए स्कूटर पर जाता था चार-चार. लोग बैठे थे कभी मैंने कोई नियमों इन. डिसिप्लिन लाइफ अब मैं रोज सुबह दो घंटे. प्राणायाम एक्सरसाइज करता हूं फिर काम. करता हूं फर्स्ट प्रायोरिटी टू हेल्थ. सेकंड प्रायोरिटी टू योर ऑनेस्ट वेल्थ और. थर्ड प्रायोरिटी फॉर सोशल वर्क पॉलिटिकल. यही बात मैंने कही थी अब उसको दूसरे से. जोड़कर झगड़ा लगाने की कोशिश की और. इंडिविजुअल से एंजॉयमेंट के लिए कोई फिल्म.
देखते हैं फिल्म अभी आजकल क्या होता है z. प्लस में आजूबाजू के लोग उठा देते हैं. तकलीफ होती है तो घर में घर पे. netfx3 70 देखी ये तो आपकी आपकी अपनी. फिल्म कोई पॉलिटिकल फिल्म नॉन पॉलिटिकल. फिल्म नहीं मैं देखो पहले बहुत ये तो आपने. और एक बात बता दूं मैं उनमें से था जो. पिक्चर सामने से देखता था हां थर्ड क्लास.
में एक पा पैसे में टिकट में और वो पहले. दिन की पिक्चर में हम 15-15 फीट जमीन पर. पैर नहीं लगते थे पैर शर्ट फट जाता था. पैसा एक पा पैसे का टिकट लेते थे और. पिक्चर देखते कौन सी फिल्म देखी ऐसे फाड़. के ये जानवर और इंसान करके एक पिक्चर था. ना शशि कपूर का था ना राजेश खन्ना था. उसमें एक हाथी मरता है ना हाथी मेरे साथ. हाथी मेरे साथ एक जानवर ऐसे तो पिक्चर. पहले दिन देखा था तो एक रप पा जगर रस था.
तो और सामने बैठकर नाटक जो था तो पीछे से. देखते थे और सिनेमा सामने से देखते थे. उससे हमारी जिंदगी वैसी गई गटक सर की. फेवरेट हीरोइन कौन सी है हा फेवरेट हीरोइन. मेरे समय मुझे रजनी गंधा पिक्चर बहुत पसंद. था हीरोइन सर हीरोइन कौन पस बता रहा हूं. मनु भंडारी करके एक लेखिका थी जी उनकी. कादम थ यही सच है रजनी गंधा आपको शायद. देखा मालूम नहीं रजनी गंधा फूल तुम्हारे. उसमें एक दिनेश ठाकुर करके दिल्ली के और. अमोल पालेकर उसकी विद्या सिना करके थी तो.
विद्या सिन्ना मुझे बहुत अच्छी लगी उस. बहुत अच्छा काम करती थी तो मैंने एक बार. स्मृति रानी को कहा वो सीरियल वगैरह में. आती थी बोला या कुछ भी करो एक दिन विद्या. सना को मिला दो व बोले जरूर उससे बात की. पर कभी वो बाद में बुढी हो गई अभी एक डेढ़. दो साल में शायद उनका देहत हो गया वो एक. उसकी एक इमेज मेरे मन में थी जय बच्चन जी. नहीं पसंद आपके साथ संसद में रहती हैं. आजकल तो काफी बीजेपी वालो से उनकी बन रही. है स्पीकर से लेकर सबसे देखिए पहली बात तो. ऐसे वो भी प्रतिभाशाली अभिनेत्री है.
अभिताभ बच्चन बहुत अच्छे विनेता है देखो. हर आदमी की अपनी कुछ ना कुछ पहचान होती है. अभी संतोष आनंद का वह गीत य पर आया ना व. जो मुकेश ने गाया हु कितना सुंदर गीत है. लता मजक कहीं ना कहीं आप शैलेंद्र जी के. गीत राज कपूर के मुकेश के बहुत मेरे घर पर. छह बार नितिन मुकेश का कार्यक्रम हुआ है. मैं मुकेश को पसंद करता हूं गुलाम अली को. पसंद करता हूं मैंने आपको कहा ना ये आ भीज.
लखली लकिली उसको अच्छा नाम स्वामी को. सुनता हूं मैं भजन सुनता हूं कभी गीता. सुनता हूं देखो ये जीवन में जैसे मशीन में. बेरिंग के बीच में जब ग्रीस डालेंगे ना तो. आवाज बंद होता है वैसे जीवन में साहित्य. संगीत कवि नाटक. सिनेमा स्पोर्ट्स इसका मैं सांस्कृतिक. महोत्सव करता हूं 500 लोग आते 17 दिन का. पूरे देश के कलाकार आते हैं फिर क्रीड़ा. महोत्सव करता हूं 177000 खिलाड़ी भाग लेते.
हैं मैं अपने हिसाब मुझे बड़ा आनंद आता है. सब करते सम दोस्त दोस्त बचे आपके पुराने. पूरे दोस्त है फुटपाथ पर रोज मुझे अच्छा. होटल का खाना पसंद नहीं है मैंने सुना कि. आप सड़क प जाते खाओ z प्लस वाले परेशान. करते कि वो क्या अपना काम कर रहे हैं रात. को 11 बजे रश कम होने के बाद बराबर जाता. हूं दिल्ली के होटल में जाता हूं सबता सब. पहले से ही है सर मेरा लाइफ जैसा वैसा. चलेगा आई वांट टू एंजॉय माय लाइफ विथ माय. ओन वेज. सुपर्ब सुपर्ब जो नई पीढ़ी के बच्चे सर. क्या मैसेज द लाइफ में जो ग्रो कर रहे.
खुशी से. रहो देखो एक बात करो निराश कभी मत हो. मैंने अपने लाइफ में रिचर्ड निक्सन की. टोपोग्राफी पढ़ी थी उसका एक वाक्य ने मेरे. जीवन को बत बदल दिया द मैन इज नॉट फिनिश न. ही डिफीटेड बट ही इ फिनिश न ही क्विट्स. युद्ध में हारने के बाद कोई समाप्त नहीं. होता युद्ध में भी छोड़कर जब भाग जाता है. तब वो समाप्त होता है मेरे को अटल जी की. लाइन याद आ गई जब चुनाव 2003 या चार में. हारे थे और पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस की और. कहा ना टायर्ड हूं ना रिटायर्ड.
हूं चलता लाइफ इज अ गेम ऑफ कंप्रोमाइज. कंपशन लिमिटेशन एंड कंट्रक्शन चलते रहना. चाहिए थैंक यू सो मच ली टॉकिंग थैंक यू.
