The Mystery of the Jagannath Temple | Hidden Secrets of Indian Culture & Temples ft. Surya S Roy
जगन्नाथ जी वो विष्णु जी के अवतार हैं।. परम ब्रह्मा है जिसमें कृष्ण, बुद्ध, शिव, आदिवासी सब शामिल है। जगन्नाथ तत्व इसमें. सब मिले हुए हैं।. [संगीत]. जो विष्णु भक्त है वो उसमें श्री कृष्ण को. देखते हैं। जो महादेव का भक्त है वो उसमें. भैरव को देखते हैं। बुद्धिस्ट जो है तथागत. बुद्धा का अंश देखते हैं। जैन उसमें. तीर्थंकर ऋषभनाथ को देखते हैं। सबसे सख्त. मंदिरों में माना जाता है।.
कृष्णा वहां पे रहते हैं। खुद बोला है. उन्होंने भागवतम में। हिंदू के अलावा उस. मंदिर में कोई अंदर जा सकता है वो है सिख।. सोमनाथ पर कई बार अटैक हुआ। जगन्नाथ जी पर. भी ऐसे बहुत सारे किस्से कहानियां. सर जगन्नाथ के ऊपर सबसे ज्यादा अटैक हुआ. है जो इतिहास में हमें पढ़ाया नहीं जाता. है।. राजपूत राजा ने भी अटैक किया था।. बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल।. एक हिंदू हो के हिंदू मंदिर को कैसे. तोड़ा? ये कैसे तोड़ा? क्यों तोड़ा? ये जितनी. कहानियां आती हैं कि पताका जो है अलग दिशा. में चलता है। पक्षी ऊपर नहीं उड़ता है।. शंख नहीं बजाया जाता है। कुछ है जो सच है।.
कुछ है जो ठीक नहीं है।. मुगल काल में कितने समय तक जगन्नाथ मंदिर. बंद था? सबसे ज्यादा बंद था 144 साल के लिए जब. राष्ट्रकूता किंग गोविंदा थ्री उस टाइम. 144 साल 146 साल। इसके अलावा औरंगजेब के. टाइम पे मैंने बोला 50 इयर्स इट वास. क्लोज। सबसे ज्यादा मंदिर औरंगजेब ने. तोड़े हैं।. काशी है। वृंदावन में जितने पूरा ब्रज. रीजन को साफ कर दिया था। ब्रज में कौन-कौन. से मुख्य मंदिर तोड़े गए थे? सिर्फ तोड़ा नहीं था। इनके साथ बड़े रोचक. कहानियां भी जुड़ा हुआ है। कहानी ये भी. आती है कि कला पहाड़ में मूर्तियां जो थी.
वो चिल्का झील में डुबो दी गई थी। काला. पहाड़ ने जब आक्रमण किया एक भक्त था एक. वैष्णव था। उनके जिंदगी के ऊपर फिल्म भी. बना है उड़िया में। उनका नाम था बीसेसर. मोहंती।. ब्रह्मपदार्थ के थोड़ा बताइए। ब्रह्म. पदार्थ इंटरनेट पे और रादर YouTube में. बहुत सारे वीडियोस है जहां पे बोला गया. कृष्णा का हार्ट है, रेडियो एक्टिव है, न्यूक्लियर है। ये कहां से मैन्युफैक्चर. हुआ मुझे समझ में नहीं आता है। एस पर. स्क्रिप्चर्स इट इज कृष्णास नेवल। कुछ. विद्वान ऐसे हैं जो जगन्नाथ जी को बौद्ध. प्रतीकों से जोड़ते हैं। कई इतिहासकार उसे.
अस्वीकार करते हैं।. आर्कियोलॉजिकल एक्सकवेशन में जैन भी मिला. है, बुद्धिस्ट भी मिला है। ऐसे बहुत. साइट्स हैं ब्रज रीजन में। इनफैक्ट फॉर. दैट मैटर आपको कृष्ण जन्मभूमि। वहां पे. बुद्धिस्ट मोनास्ट्री भी मिला है।. आदि शंकराचार्य जी ने सनातन धर्म को बचा. लिया।. बिल्कुल वो स्वयं सदाशिव थे। देयर वर टू. पीपल वेयर सदाशिव हिमसेल्फ रिइकारनेटेड. एंड बोथ द टाइम्स व्हेन हिंदूइज़्म और. सनातन धर्म वाज़ अंडर पीक थ्रेट।. ब्रिटिशर्स जगन्नाथ जी की महिमा को कैसे. देखते थे? [हंसी]. वो तो परेशान हो गया। आप ब्रिटिश. आर्काइव्स में जाके डॉक्यूमेंट्री कुछ. अवेलेबल है। उसमें कमेंट्री सुनना गोरों.
का। एंड द गॉड ही इज़ कमिंग आउट। जैसा लग. रहा है डॉन ब्रडमैन बैटिंग करने जा रहा. [हंसी] है।. यथारत्रा में तीनों भाई बहन अलग-अलग रथ पर. क्यों निकलते हैं? ये तीनों रथ हम आज देखते हैं। हिस्टोरिकली. छह रथ था।. बाकी तीन रथ है।. मैं आपको बताता हूं।. हमारे कलिंग इतिहास को बड़ा सीमित कर दिया. गया।. कोणार्क को जिसने बनाया लंगुला नरसिम्हा. देवा के ऊपर कौन रिसर्च करता है। जो धर्म. युद्ध लड़ा था। खास करके अफगानियों के साथ. इतना मारा था उनको उसी का खुशी के मारे. उसका माता का आदेश के अनुसार वोक मंदिर. बनाया था। अब तक आपने जितने शोध की जितने.
सब्जेक्ट्स में सबसे शॉकिंग चीज क्या रही. आपके लिए? द्वारका भेंट द्वारका से 15 कि.मी. दूर. लोग आज भी जाते हैं नाव में सवार होके।. वहां जाके दूध चढ़ाते हैं क्योंकि उसके. नीचे देवकी पुत्र कृष्ण का महल है।. कुरुक्षेत्र में कहां प्रमाण है महाभारत. काल का? एक था लेकिन महमूद अब गजनवी ने उसको. विध्वंस कर दिया। उस जगह का नाम था. अस्थिपुरा। जय जगन्नाथ।. जय जगन्नाथ।.
ये कहते हैं कि इतिहास सिर्फ किताबों में. नहीं होता। इतिहास मंदिरों की दीवारों में. सांस लेता है। इतिहास युद्धभूमि की मिट्टी. में महसूस किया जा सकता है। वो हमारी. पहचान में धड़कता है। और आज इतिहास के. अलग-अलग पन्नों का हम जिक्र करेंगे। एक और. रहस्य होगा जगन्नाथ का। दूसरी ओर पत्थरों.
में उगता कुणाक का सूर्य और तीसरी तरफ. महाभारत का वो सत्य कुरुक्षेत्र की भूमि. पर जो लिखा गया आज से हजारों साल पहले। इन. तीनों सभ्यताओं को जोड़ने के लिए हमारे. साथ जो शख्स हैं वो खास मेहमान इतिहास विद. और विरासत शोधकर्ता सूर राय जी बहुत-बहुत. स्वागत है सर आपका।. नमस्ते।. आस्था, युद्ध और सूर्य का अद्भुत संगम आज. हम करने की कोशिश में हैं। आपको क्या लगता. है? इनमें सबसे पहले शुरुआत कहां से करनी. चाहिए? शुरुआत तो महाभारत से होना चाहिए। महाभारत.
से शुरू होते हुए, ब्रज होते हुए हम. जगन्नाथ पुरी में पहुंचेंगे। और यह एक ऐसी. कड़ी है जो हर कोने को जोड़ता है। हम. अगर कोई भी शोधकर्ता या कोई भी इतिहासकार. श्री जगन्नाथ कल्चर को स्टडी करेगा तो. उनमें सबसे पहला जो मुझे खास लगा कल्चरल. कनेक्ट कि जगन्नाथ पुरी का रहस्य जो है या.
उसका जो इतिहास है. वो राजपूत राजाओं से भी जुड़ता है। बंगाल. से भी जुड़ता है। कच्छाओं से जुड़ता है।. शेखावटी से जुड़ता है और अपना ब्रज से भी. जुड़ता है। और कहीं ना कहीं आके हमारा. हरिवंश बोलिए या श्रीमद् भागवतम बोलिए. इनसे भी जुड़ता है। सारे टेक्स्ट जुड़े. हुए हैं।. हम्म।. अच्छा मजे की बात ये है कि आज हम इतिहास. को जैसे देखते हैं या स्कूलों में पढ़ाया. जाता है जिस तरीके से थोड़ा सा अलग मैं.
बोलूंगा इससे। हमारी जो जनरल. अंडरस्टैंडिंग है वो है जो हमारे पुराने. ग्रंथ है पुराण उपनिषद वेद ये सिर्फ एक. रिलीजियस टेक्स्ट है इसका करंट डे में कोई. रेलेवेंस नहीं है उसके उससे जो शिक्षा. मिलती है वो अलग है पर अगर मैं आपको बोलूं. एक साइंस एक आर्कियोलॉजिस्ट. के हिसाब से कि इन सारे ग्रंथों का आज भी.
क्योंकि आपने महाभारत का जिक्र आज भी. इतिहास से बहुत गहरा नाता है। आर्कियोलॉजी. से बहुत गहरा नाता है।. तो मैं कह लूं कि इस पॉडकास्ट में दर्शकों. को विज्ञान और ज्ञान दोनों का संगम. मिलेगा।. बिल्कुल यही तो हम कोशिश कर रहे हैं आज की. डेट में। आज की सभ्यता में हम लोग पूरा जो. 360 डिग्री व्यू लेते हैं हम. इंडियन नॉलेज सिस्टम का आर्कियोलॉजी का हम. इंटर डिसिप्लिनरी और इंट्राडिसिप्लिनरी. स्टडी करने का कोशिश कर रहे हैं। हालांकि.
हमने अभी तक अच्छे से शुरुआत नहीं किया और. कोई भी डेटिंग हो, चाहे कोई भी निरजास हो, कोई भी अह सभ्यता के ऊपर अह शोधकर्ता हो, उसको हमेशा कोशिश करना चाहिए कि. इंटरडिसिप्लिनरी स्टडी भी करें और. इंटरडिसिप्लिनरी स्टडी भी करें।. दो टॉपिक आज हम शुरू करते हैं अलग-अलग. ताकि दर्शक जो कंफ्यूज ना हो जाए। क्योंकि. मैं चाह रहा हूं कि बड़े सरल शब्दों में. हम जाएं।. हां।. तो मैं भी बहुत सरल करके बोलने का कोशिश. कर रहा हूं। ज्यादा टेक्निकल करता हूं।. मैं सबसे पहले प्रभु जगन्नाथ से शुरू कर.
देता हूं। अभी जगन्नाथ जी को लेकर क्योंकि. मेरी आस्था साग जाहिर है तो मैं शुरुआत. वहीं से करता हूं और वहां पे क्योंकि. कोणाक भी है तो ये दो विषय कम से कम मैं. आज कोशिश करूंगा इस पॉडकास्ट में समेट. लूं। लेकिन जगन्नाथ जी की शुरुआत करूं. उससे पहले एक सवाल मेरे मन में आता है कि. आप धार्मिक व्यक्ति भी हैं और आप विज्ञान. के जरिए भी नजर रख रहे हैं। जगन्नाथ जी. जितना आपने पढ़ा समझा जाना वो विष्णु जी. के अवतार हैं। परम ब्रह्मा है जिसमें. कृष्ण, बुद्ध, शिव, आदिवासी सब शामिल है।. कौन है जगन्नाथ जी?
ये एक सवाल है। देखिए श्री जगन्नाथ. महाप्रभु जय जगन्नाथ। पहले इस बोल के शुरू. करते हैं। जय जगन्नाथ।. जय जगन्नाथ।. जगन्नाथ महाप्रभु का जो आज की डेट में जो. थ्योरी है या जो तत्व है जगन्नाथ तत्व. जिसको हम बोलते हैं जगन्नाथ कल्चर के तहत. अगर मानते हैं इसमें सब मिले हुए हैं।. कैसे? जो विष्णु भक्त है वह उसमें श्री कृष्ण को. देखते हैं। जो महादेव का भक्त है वह उसमें.
भैरव को देखते हैं। जो मां का भक्त है वो. उसमें दक्षिणा काली को देखते हैं।. बुद्धिस्ट जो है बुद्धिस्ट उनको तथागत. बुद्धा का अंश देखते हैं। क्योंकि जो. ब्रह्म पदार्थ है बुद्धिस्ट लोगों का. मानना है कि बुद्धा का टूथरेलिक है।. बुद्धा का टूथ रेलिक काेंस हाल ही में. आपको देखना है। उसका जो सॉफ्ट पावर है, कल्चरल हेरिटेज का सॉफ्ट पावर है।. बुद्धिस्ट बुद्धिज्म या बुद्धा का रेलिक्स.
में के थ्रू जो ये इतने साउथ ईस्ट एशियन. कंट्रीज को जुड़ रहा है। चाइना को जुड़. रहा है। ये एक बहुत देखने वाली और समझने. वाली चीज है। खैर. [नाक से की जाने वाली आवाज़] वो. जिओपॉलिटिक्स में मैं नहीं जाऊंगा अभी।. दूसरी बात जो जैन है जैन उसमें तीर्थंकर. ऋषभनाथ को देखते हैं।. जो. सब्र है ट्राइबल्स या सबराज विश्ववासु के. है वह जगन्नाथ को देखते हैं। लेकिन.
जगन्नाथ का उनका जो पूजनीय रूप है. सबराज विश्ववासु या ट्राइबल्स के लिए. [अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़]. वो है वृक्ष देवता किटुम।. अब [नाक से की जाने वाली आवाज़]. अब अगर 64 योगी नहीं देखेंगे, जगन्नाथ को. देखेंगे तो इनमें सबसे बेहतरीन रूप से जो. उभर के आता है वो है भारतीय. परंपरा में कैसे लोकल डीटीज मेन स्ट्रीम. ब्राह्मणिकल डीटीस के साथ मर्ज हो गया है।.
आप देखिए सबरराज विश्वासु का पूजित वृक्ष. देवता किटु जिसको सबर आज भी मानते हैं वो. कैसे जगन्नाथ में कन्वर्ट हो गया है। एक. थ्योरी है नीला माधव का जो आपका स्कंद. पुराणोत्कल पर्व या नीलाद्री महोदया या. मादलाबापाजी से होते हुए आ रहा है। और एक. है वृक्षदेवता किटुम जो ट्राइबल्स का होते. ट्राइबल्स के साथ होते हुए आ रहा है। और. दोनों एक दूसरे से इतने इतने क्लोजली. जुड़े हुए हैं। इतने नजदीकी से जुड़े हुए.
हैं कि उसको भिन्न कर पाना बहुत मुश्किल. है। तो इसलिए आप देखेंगे कि उनकी सेवा में. खास करके रथ यात्रा का जो एक स्नान देव. स्नान पूर्णिमा से. जो सवरराज विश्वास का वंशज है जिनको हम. दैतापति बोलते हैं दैतापति लोग उनका सेवा. टेकओवर कर लेते हैं और वो चलता है आपका. नीलाद बीजे तक जब प्रभु को रसगुल्ला भोग. देके महाप्रभु लक्ष्मी जी को मना के अंदर. जाते हैं और उसके बाद एक चीतालागी होता है. चीतालागी करा के ये लोग छोड़ देते हैं.
सेवा अपना [नाक से की जाने वाली आवाज़] तो. ऐसे जो महाप्रभु है वो परबह्म है और इसका. अलग-अलग वेदों में अलग-अलग पुराणों में. इसका अलग-अलग जो डिस्क्रिप्शन दिया हुआ. है, महत्व दिया हुआ है, अच्छे से समझाया. गया। बट फ्रॉम अ जनरल पर्सन, लेमनस. पर्सपेक्टिव मैं बता रहा हूं, ये पूरा. सम्मिलित रूप है इसका परब्रह्म का। अच्छा. एक चीज है जो लोग नहीं जानते और अभी मैंने. कुछ-कुछ पडकास्टों में इस चीज का जिक्र. किया है। जगन्नाथ जो है वो बहुत रीसेंट.
नाम है। आप मान लीजिए 14वीं शताब्दी का।. हां ये बात. ये 14वीं शताब्दी का है।. [अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़]. उनका एक्चुअल या जो जिक्र मिलता है. पुराणों में या वेदों में वो है. पुरुषोत्तम और माधव। अच्छा पुरुषोत्तम. कैसे? और पुरुषोत्तम इज अ ऋग्वदिक गॉड। अब. ऋग्वदिक गॉड में लोग अग्नि, ब्रह्मा, इंद्र, रुद्र, देवी इनका जिक्र मिलता है इनका। बट.
[नाक से की जाने वाली आवाज़] जो श्री. जगन्नाथ है, श्री जगन्नाथ पुरुषोत्तम रूप. में ऋग्वेद का पुरुष सूक्ता में होता है।. और वो पुरुष सुखता ऐसा चीज है जो लोग. जानते नहीं है जो शादी विवाह होता है।. आजकल. इंद्र जी का शादी लेकर बहुत कुछ चल रहा. है। खैर हम सब ने शादी किया है या करने. वाले हैं आगे देने में। तो जो विवाह में. जो हम मंत्र पढ़ते हैं उसमें पुरुषसूक्त. से भी मंत्र आता है। हिम्स या श्लोकस।. अच्छा एक साधारण व्यक्ति को लगता है कि.
पुरुषोत्तम भगवान राम जी को लेकर है। माधव. कृष्ण जी को लेकर है तो कृष्ण और माधव. दोनों आपको जगह. तो सब एक ही है। इट्स अ मैनिफेस्टेशन ऑफ़ द. सेम एनर्जी। इट्स अ मैनिफेस्टेशन ऑफ़ द सेम. एनर्जी। और इसीलिए श्री चैतन्य महाप्रभु. जब भक्ति एरा के टाइम पर जब वो नीलाचल में. 18 साल निवास कर रहे थे तो उन्होंने. क्लियर कट एक डायरेक्टिव दिया है कि कोई. अगर नॉन हिंदू है चाहे वो मुसलमान हो खास. करके उन्होंने अपना जो परम भक्त था स्वामी. हरिदास ठाकुर हरिदास ठाकुर यवन हरिदास.
बोलते हैं उनको मुसलमान थे वो तो उनको. बोला था वो मंदिर में जाना अलाउड नहीं था. वो सिद्ध बकुल मठ में रहते थे सनातन. गोस्वामी के साथ तो उनको बोला था ये आप सब. लोगों के लिए भी है, दर्शकों के लिए भी. है। अगर कोई जगन्नाथ का दर्शन नहीं कर पा. रहे हैं, तो नील चक्र जो ऊपर लगा हुआ है, देउल के ऊपर लगा हुआ है, कलश के ऊपर या. आमलका के ऊपर लगा हुआ है, आप उनका दर्शन. करिए। चैतन्य महाप्रभु जो कृष्ण और राधा. का मिलित सम अवतार है, उन्होंने बोला था. कि आप नील चक्र का दर्शन करेंगे, तो वो.
दशावतार दर्शन के बराबर होता है। दशावतार. का पावर है उसमें। आप सोचिए। दशावतार का. पावर है।. जगन्नाथ मंदिर के हम जब बाकी देश के बड़े. मंदिरों के बारे में बात करते हैं। सोमनाथ. पर कई बार अटैक हुआ। जगन्नाथ जी पर भी ऐसे. बहुत सारे किस्से कहानियां. सर जगन्नाथ के ऊपर मैं बता रहा हूं शुभंकर. जी जगन्नाथ जी के ऊपर सबसे ज्यादा अटैक. हुआ है जो इतिहास में हमें पढ़ाया नहीं. जाता है। सोमनाथ के ऊपर बोला जाता है या. मान्यता है 17 बार लेकिन प्रोफेसर सीताराम.
गोयल प्रोफेसर रामगोपाल मिश्रा इन्होंने. प्रूफ कर दिया था 17 बार नहीं 12 बार अटैक. हुआ था। वो वो आरबी और पारसी जो इतिहासकार. होते थे वो बढ़ा चढ़ा के हमेशा लिखते थे. हमेशा आप कोई भी टेक्स्ट जाएंगे इनका एक. पैटर्न है कि जहां वो जीतेंगे सुल्तान ने. ये कर दिया आर्मी ऑफ मुसलमान ने ये कर. दिया वो कर दिया ठीक है वो उन्होंने अपना. जीत का लिखा पर जहां पे वो हार गए हैं वो. बोलेंगे कि समझौता हो गया या उसके ऊपर. चुपकि साध देंगे जब मोहम्मद घोड़ी दांती.
दुर्गा पुलाकेसी टू का जॉइंट फोर्सेस के. सामने कॉन्फेडरेशन के सामने कॉन्फिडेंसी. के सामने हार गए तो वो लोग चुप करके बोले. कि मोहम्मद गौरी ने सलाह कर लिया। यह होल. इं्रिप्शन में है। फिर. [नाक से की जाने वाली आवाज़] आपका जब. ललितादित्य और हिंदू अपना हिंदू शाही के. राजा निडर भीम. ने मिलके मोहम्मद गजनवी को हरा दिया था तब. वो लोग चुप हो गए और बहुत बुरी तरीके से. हराया था। मैं बता रहा हूं और हिंदूशाही. के बारे में हम बात ही नहीं करते आज की.
डेट में।. ऐसे दिग्गज महाराज मतलब भीमपाल का नाम. निडर भीम पड़ गया। इतना भयंकर योद्धा थे. वह निडर भीम रह गया। महाभारत से ये भी. जुड़ता है। [नाक से की जाने वाली आवाज़]. ओके तो इसमें तो हालांकि जब मैं पढ़ रहा. था तो उसमें कई राजाओं ने दिल्ली सल्तनत. बंगाल सल्तनत यहां तक कि राजपूत राजाओं का. भी जिक्र हो रहा है।. हां राजपूत राजाओं ने भी अटैक किया था।. बिलकुल बिल्कुल बिल्कुल देखिए इसमें बड़ा. रोचक कहानी ये है कि पहले तो आप समझ समझिए. कि जो अटैक्स हुआ था 18 17 अटैक्स 18 एक.
लोकल अटैक था। 17 अटैक्स जो था ये बंगाल. सल्तनत, दिल्ली सल्तनत, मुगल सल्तनत में. बटा हुआ है। कोई ना कोई आता रहता था। ठीक. है? हर 10 साल 9 साल अटैक्स होते रहते थे।. बट सबसे ज्यादा अ खूंखार अटैक जो हुआ था. वो बंगाल सल्तनत से अफगान राज सुल्तान जो. थे सुलेमान करनाानी उसका निर्देश भी हुआ. था। उनका बेटा बैजद करना ने किया था और.
उनके कमांडर थे कालापहार। अब कालापहार को. लेके एक कहानी यह है कि बंगाली ब्राह्मण. था। मुसलमान लड़की से शादी कर लिया तो. पंडाव ने मार के भगा दिया। उस प्रतिशोध. में ये जाके मुसलमान बन के अटैक किया।. नहीं सर ऐसा कुछ नहीं है। यह अफगान. पास्टून थे। उस टाइम के बंगाल सल्तनत में. अफगानियों का चलता था, राज था और अफगानी. एक कमांडर के दौर पे अफगानी को ही रखेगा।. किसी हिंदू कन्वर्ट को नहीं रखता था। नेवर.
इट नेवर हैपेंड।. पॉइंट नंबर टू. जो स्ट्रक्चरल डैमेज जो हुआ पूरी टेंपल का. सबसे ज्यादा यह काला पहाड़ नहीं किया। ही. वास द सिकंदर बचिको ऑफ ईस्ट। सिकंदर बचिको. ऑफ ईस्ट [नाक से की जाने वाली आवाज़]. जितने कश्मीर में इन्होंने मंदिर तोड़ा. सिकंदर बत्शिको ने यह पूरा ईस्ट में ऐसा. किया। कामरूप तक किया था। ये तोड़ने के. लिए उड़ीसा में तो न जाने कितने मंदिर को. विध्वंस किया है। बंगाल में भी किया है।. [नाक से की जाने वाली आवाज़]. तो.
जितने भी अब पूरी मंदिर में आप अगर गए हैं. तो उधर एक कल्पवट है। तो कल्पवट को भी. इसने जला दिया था।. कल्पवट को भी इसने जला दिया था। तो आज का. जो कल्पवट है वो सैपलिंग से निकला हुआ है।. दैट्स नॉट द ओरिजिनल कल्पवट। और आप. देखेंगे आई मीन आई मीन जियो बायोलॉजिकली. यू कैन अंडरस्टैंड हाउ ओल्ड इज द ट्री।. राइट? दिस इज वन पॉइंट। नंबर टू पॉइंट इज यह. जितने भी अटैक्स हुए इसमें से स्ट्रक काला. पहाड़ को छोड़ के स्ट्रक्चरल डैमेज बहुत. मिनिमल था। मेन था ट्रेजरी। जगन्नाथ का.
ट्रेजरी वास द मेन टारगेट ऑफ दिस। हां।. तीसरा पॉइंट आपने राजपूत राजाओं का जिक्र. किया।. मतलब राजपूत राजा को ले क्रिसिटी वेरियस. से चढ़ी कि. मैं हिंदू राजा बोलता हूं।. हां वही एक हिंदू हो के हिंदू मंदिर को. कैसे? ये कैसे तोड़ा? क्यों तोड़ा? तोड़ा नहीं था। उन्होंने लूटा। उन्होंने. लूटा और. पहला लूट मैं बता रहा हूं अकबर का राज में. टोडरमल थे नवरत्न का एक रत्न उनका बेटा था. कल्याणमल कल्याणमल में कल्याणमल ने अपना.
वर्चस्व जमाने के लिए जहांगीर के साथ दो. बार हमला किया पहली बार तो वो सक्सेसफुल. हो गया ट्रेजरी को लूटने में दूसरी बार जो. पाइ या खंडायत है उन्होंने बहुत भयंकर. लड़ाई किया और उसको मार खदेड़ के भगा दिया. पूरी में एंटर ही नहीं कर पाया वो। ठीक. है? पाइ और खंडायत इनका भी बड़ा योगदान. रहा है कलिंग का इतिहास में मंदिर को. बचाने के लिए। शूरवीर शूरवीर एक-एक पाइ.
खंडायत कभी आप मेरे साथ पूरी जाएंगे तो. मैं आपको दिखाऊंगा वो जगह कहां से यह. प्रोडक्ट्स निकाल निकलते थे और इनका. मैकेनिज्म क्या होता था निकलने का।. दूसरा जिक्र आता है राजपूत राजा केशोदा. मारू का। हम. केशोदा मारू पूरी रथ यात्रा जब चल रहा था. तब इसने एक भक्त के रूप में अपना सेना को. सब भक्त के रूप में पूरी मंदिर के अंदर. एंट्री लिया। अब क्या होता है रथ यात्रा.
के दौरान क्या होता है? मंदिर से तीनों रथ. निकल के श्री गुंडीशा मंदिर के सामने जाकर. विश्राम लेता है। और फिर प्रभु वहां से. वापस चल के वापस आते हैं आठवें दिन पर. जिसको हम बहूरा यात्रा बोलते हैं। तो. फॉर्चूनेटली. उस टाइम प्रभु मंदिर में श्री मंदिर में. नहीं थे। तो इन्होंने क्या किया? इन्होंने. रथों को जला दिया था उस टाइम। आप सोचिए. और ट्रेजरी को लूटा था एक हिंदू राजा ने.
और जो पाइ और खंडायत आए थे लड़ने के लिए।. खूब लड़ाई हुआ इनमें। फिर इन्होंने नैप्थ. का बॉल्स बनाए थे केशोदा मारू ने। नेपथा. बॉल्स डाला इन्होंने। जलता हुआ नेपथा. बॉल्स इनके रथों पे डाला। इनके ऊपर डाला. तो उसमें बहुत सारे पाइ और खंडायत का ये. लोग वीरगति को प्राप्त हुए मंदिर को बचाते. बचाते ये कहानियां कोई नहीं सुनता कोई. नहीं बोलता. तो मैं और इस दौरान और एक चीज जो आपने.
जिक्र नहीं किया. भारत में दो ऐसा जगह है जिसमें. हमारे भगवानों का विग्रहों को. हम. सबसे ज्यादा मूवमेंट हुआ है बचाने के लिए. एक है ब्रज।. जब 1669 1670 के बीच में औरंगजेब अपना फुल. फ्लेज में था तो तब ब्रज से जितना डाइटीज. निकला राजस्थान, एमपी और बाकी जगहों के. लिए वो एक अपने आप में एक रिकॉर्ड है।.
इतना फ्लाइट ऑफ डी डाइटीज इतिहास में नहीं. मिलता कहीं पे भी। कभी नहीं हुआ। ब्रज से. एक टाइम पे एट अ टाइम इतना डाइटीज निकला. था।. और उसका प्रूफ आज भी मिलता है। जैसे जुगल. किशोर जी पन्ना में बैठे हुए हैं। गोविंद. देव जी गोपीनाथ जी जयपुर में बैठे हुए. हैं। मदन मोहन जी करौली में बैठे हुए हैं।. राधा विनोदी लाल जयपुर में बैठे हुए हैं।. राधा माधव जयपुर में बैठे हुए हैं। तो ऐसे. बहुत आपको मिलेगा। एक ब्रज से रीजन है।.
दूसरा है जगन्नाथ महाप्रभु।. आप मान के चलिए आठवीं शताब्दी से 17वीं. शताब्दी तक इनको उड़ीसा का अलग-अलग जगहों. पर इनको छुपाया गया है। खास करके चिल्का. के दीपों में. और जितनी बार यह मूवमेंट होता था मंदिर से. कई बार 50 साल बंद रहा। जब औरंगजेब रहा. औरंगजेब का शासनकाल था तब 50 साल मंदिर. बंद था। वो भी एक रोचक कहानी है। कैसे?
50 साल तक बंद कर दिया गया था मंदिर।. हां जी। सब कुछ बंद था उधर। क्योंकि. औरंगजेब ने आर्डर पास कर दिया काशी के. साथ। आप इनको भी खत्म करो पूरी को. [नाक से की जाने वाली आवाज़] तो कैसे भी. हो खुरदा के जो राजा थे गजपति महाराज थे. उन्होंने कैसे भी हो जो बंगाल सल्तनत का. गवर्नर था सुबा बांग्ला सुबा बांग्ला. बोलते हैं उसको सुबा आगरा सुबा बांग्ला. मुगल इतिहासकार मुगल साम्राज्य में लैंड. रेवेन्यू में ऐसे ही बंटवारा होता था उनका. राज का सुबा बांग्ला का जो गवर्नर था उनका.
नाम मुझे याद नहीं आ रहा था उसको बहुत. पैसा घुस दिया और उसको तो एक नकली विग्रह. भेज दिया कि जाओ दिल्ली ले जाओ इसको बोलो. कि देखो ले आया हूं मेरे सामने जला दो ऐसा. करके औरंगजेब को. [अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़] और. मंदिर को कर दिया बंद मंदिर को कर दिया. बंद रथ यात्रा बंद सब कुछ बंद और ये कई. बार हो चुका है कई बार हो चुका है कि. इन्वेशंस के लिए मंदिर में सेवा मंदिर. पूरा बंद सारा फेस्टिवल्स बंद सब कुछ बंद.
कई बार हो चुका है कोई नया नहीं है. तो. इन सब में सबसे बड़ी बात जो मैं बताना. चाहता हूं कि अगर आज हम. 21वीं शताब्दी में बैठ के हमारे सारे. विग्रहों को देख पा रहे हैं, दर्शन कर पा. रहे हैं, उत्सव कर पा रहे हैं। इनका श्रेय. जाता है गोसाइयों को, पुजारियों को, सेवायतों को जिन्होंने न जाने कितने कष्ट. झेला है इनको बचाने के लिए। न जाने कितने.
साहस दिखाया है और हमारे. से राजाओं को खास करके इन दोनों रीजंस का. अगर मैं बताऊं कछावा राजपूत और सिसोदियास. जिन्होंने बच बहुत बड़ा योगदान रहा है. इनका और इधर गजपति महाराज और खंडायतस का. सबसे सारा मंदिर औरंगजेब ने तोड़े हैं।. कौन-कौन से प्रमुख मंदिर तोड़े उसने? बहुत सारा काशी है। वृंदावन में जितने. पूरा ब्रज रीजन को साफ कर दिया था। आप. चलिए मेरे साथ ब्रज में आज भी वह चीख-चीख. के बता रहे हैं। चीख-चीख के उसका गवाही दे.
रहा है। अभी मेरा एक डॉक्यूमेंट्री रिलीज. हुआ है गोविंद देव जी के ऊपर। उसमें आप. देखेंगे कि डॉक्यूमेंट्री में मैंने. दिखाया है कि जो औरंगजेब ने तोड़ा था उसका. मालवा आज भी पड़ा हुआ है मंदिर में।. और सिर्फ ये एक मंदिर में नहीं सारे. मंदिरों में। ब्रज में कौन-कौन से मुख्य. मंदिर तोड़े गए थे? गोविंद देव जी, गोपीनाथ जी, मदन मोहन जी, हरिदेव जी और. कटरा केशव देव तो है ही, कृष्ण जन्मभूमि, आदि केशव बहुत सारे मंदिर थे बहुत।.
और. सिर्फ तोड़ा नहीं था। मतलब इनके साथ बड़े. रोचक कहानियां भी जुड़ा हुआ है।. [नाक से की जाने वाली आवाज़] जैसे एक. मंदिर है. कि जिसका नाम है बलदेव। बलदेव मंदिर बलदेव. में गांव का नाम है बलदेव। ये मथुरा से 25. कि.मी. दूर है। एस पर आर्कियोलॉजिस्ट. जो अभी का विग्रह है जो औरंगजेब ने भी. खंडित करने का कोशिश किया था। एस पर. आर्कियोलॉजिस्ट दैट इज अ कुषाण विग्रह.
सेकंड सेंचुरी सी. [गहरी सांस लेने की आवाज़][अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़]. पर मान्यता पुराणिक इतिहास के मान्यता है. वो वज्रव ने बनाया था। तो औरंगजेब ने वहां. पे ही सेना भेजा था। तो लेकिन लोकल. ट्रेडिशन लेजेंड्स जो है. [नाक से की जाने वाली आवाज़] जब मुगल सेना. उधर जा रहा था 10 कि.मी. पहले से. मधुमक्खियों ने आक्रमण कर दिया और इतना. भयंकर आक्रमण कर दिया कि मुगल सेना को. पलायन करना पड़ा। ऐसे ही गोविंद देव जी के. ऊपर है। सात-सा मतलब आज भी जाएंगे क्या.
भव्य मंदिर है। आपका मतलब अंग्रेज. डिस्ट्रिक्ट मैजिस्ट्रेट फ्रेडरिक सालमन. ग्राउस इज़ राइटिंग दैट दिस इज़ पोएट्री ऑन. स्टोन। दैट इज द ब्यूटी ऑफ दिस टेंपल। और. आप जाइए वृंदावन में लोग धक्के खाते हैं. जाके अपना बांके बिहारी जी में और प्रेम. मंदिर और इस देख के वापस आ जाते हैं। इतना. भव्य मंदिर है। कोई जाता ही नहीं है. पुराना वृंदावन देखने के लिए। पोएट्री ऑन. स्टोन एंड द हिस्टोरियंस आर राइटिंग. [अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़] द.
मोस्ट. मैग्निफिशंट स्ट्रक्चर टू कम अप इन एंटायर. नॉर्थ इंडिया इन द पीक इस्लामिक पीरियड।. आपके हिसाब से कहां-कहां वृंदावन में वह. अनदेखी जगह हैं जो आप सजेस्ट करेंगे जाना. चाहिए। गोविंद देव जी, गोपीनाथ जी, मदन. मोहन जी, गोविंद देव जी भी तो आज भी कम से. कम 10 से 12 इं्रिप्शन है सर। इं्रिप्शंस. मैंने डॉक्यूमेंट्री में पकड़ पकड़ के. दिखाया है। वो इं्रिप्शन आज भी है जो राजा.
जय सिंह ने बनाया था।. वह मेन इं्रिप्शन आज भी है। इट्स एन एसआई. प्रॉपर्टी बट उसमें साफ-साफ लिखा हुआ है. अकबर का 34वां साल राज का 34वां साल में. मंदिर को कमीशन किया गया। राजा मानसिंह जो. बेटा ऑफ राजा भगवंत दास. का अपना जो स्कल्पर है मेन स्कल्प्टर है. कल्याण दास। आई थिंक इफ आई करेक्टली. रिमेंबर जो आर्किटेक्ट. [नाक से की जाने वाली आवाज़] है उनका नाम.
वो सब साफ-साफ इं्रिप्शन में लिखा हुआ है।. जो जगमोहन है उसके ऊपर इं्रिप्शन है रूप. गोस्वामी का गोविंदाष्टकम पूरा मतलब ऐसे. बारीकी से डला हुआ है। बारीकी से डला हुआ. है।. ये जो हम बात करते हैं जगन्नाथ जी में जब. हमला हुआ था। एक कहानी ये भी आती है कि. कला पहाड़ में मूर्तियां जो थी वो चिल्का. झील में डुबो दी गई थी। ये सच है. नहीं।. या ये नहीं मैं मैं बताता हूं। मैं समझ. गया आप कौन सी कहानी की बात कर रहे थे। ये. भी एक रोचक कहानी है। देखिए ऐसे लोग भी थे.
इसीलिए हम हमारा धर्म आज भी बचा हुआ है।. सनातन आज भी बचा हुआ है। इनके बलिदानों के. वजह से काला पहाड़ ने जब आक्रमण किया तब. अपना सिवायत जो थे. [नाक से की जाने वाली आवाज़] प्रभु को ले. जाके अपना बैलगाड़ी पर डाल के ले जाके. चिल्का का एक दीप में समाहित कर दिया. मिट्टी के नीचे। ठीक है? [नाक से की जाने वाली आवाज़] बरकाला पहाड़. ने हमारे यहां तो लालची लोगों का कमी ही. नहीं था। इतिहास गवाह है। है ना?
[अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़] तो. किसी को कैसे भी हो निकाल लिया इंफॉर्मेशन. और ले जाके उनको खोद निकाला। और विग्रह. में ब्रह्म पदार्थ है जो मेन चीज है। तो. ले आकर वो बंगाल में थे। मतलब बंगाल के. सुल्तान के थे तो वो लोग आ गए भागीरथी के. तीर पे या गंगा किनारे आ गए। और गंगा. किनारे आकर उसको जला दिया विग्रह को। अब. जब जलाने लग गए थे तब दो कहानियां आती है।. हालांकि उनका बेटे ने उनको मना किया था कि.
उसको मत जलाओ। इनको मत जलाओ। अब छोड़ दो. पानी में फिर भी ठीक है जलाओ मत।. तो बेटे का ना सुना एक ना सुना उसने अपने. बेटे का। तो. कहा कहानी यह है कि जब विग्रह जल रहा था. तभी उसको मैसिव कार्डियाक अरेस्ट हो के वो. खत्म हो गए। दिल का दौरा पड़ गया उनको। और. एक था उसका दो-तीन दिन के अंदर वो उसका वो. चल बसा। द मैटर ऑफ़ फैक्ट इज ही डिड नॉट. सर्वाइव आफ्टर दैट एक्ट। ही पास्ड अवे. इमीडिएटली।. [नाक से की जाने वाली आवाज़] तो जला हुआ. विग्रह गंगा जी में डाल दिए। तो एक भक्त.
था एक वैष्णव था। उनके जिंदगी के ऊपर यह. कहानी के ऊपर एक अभी फिल्म भी बना है. उड़िया में रिसेंटली।. [नाक से की जाने वाली आवाज़] उनका नाम था. बेसेर मोहंती। और बस मोहंती के बारे में. उड़िया हिस्टोरियंस ने तो बोला ही है। अभी. हाल ही में डॉ. मीनाक्षी जैन ने भी बोला. है बस मोहंती के बारे में इन द फ्लाइट ऑफ. डाइटीज एंड टेंपल्स वो किताब में।. [नाक से की जाने वाली आवाज़]. तो ये समथिंग इज़ नॉट दैट दैट आई एम. मैन्युफैक्चरिंग। इवन हिस्टोरियंस हैव. कंफर्म्ड लोकल हिस्टोरियंस एज वेल एज अ.
नेशनल हिस्टोरियन।. [नाक से की जाने वाली आवाज़] एंड दिस इज़. आल्सो डॉक्यूमेंटेड इन मदला पाजी आल्सो. व्हिच इज़ द कॉर्निकल ऑफ़ द टेंपल।. तो अ वीसेर मोहती इनको फॉलो करके जा रहा. था। अब जाते-जाते जब वो देखा प्रभु को. गंगा जी में छोड़ दिया तो यह ही स्टार्टेड. फॉलोइंग जैसे-जैसे जैसे जैसे जा रहा है और. एक जगह जाके मछुआरों का कोई गांव था तो. वहां पर जाके यह विग्रह अटक गए। नदी. किनारे अटक गए। तो उनमें से उन्होंने क्या.
किया? ब्रह्म पदार्थ को निकाल दिया।. ब्रह्म पदार्थ फॉर्चूनेटली इंटैक्ट था।. आंख से कुछ नुकसान नहीं हुआ। ब्रह्म. पदार्थ को निकाल के उन्होंने क्या किया? मृदंग होता है। वैष्णव मृदंग बजाता है. संकीर्तन में। राइट? मृदंग के अंदर छुपा लिया उनको। तीनों. ब्रह्म पदार्थ को. मृदंग के अंदर छुपा लिया। सोचिए उस इंसान. का बुद्धि सोचिए। क्योंकि मृदंग वैष्णव. मृदंग बजा के जा रहा है तो मुगल सेना उसको.
छेड़ेगा नहीं।. तो जाते-जाते ले जाकर कुजंग बोल के एक जगह. है। वहां पर वह रुक गया और वहीं पर चुपचाप. सेवा करता करता रहा। इतने में मेरे ख्याल. से इस घटना का दो-ती साल के अंदर गजपति. महाराज को इसके बारे में खबर भनक लगी कि. कुजांग में ऐसा एक वैष्णव के पास ब्रह्म. पदार्थ बचा हुआ है। तो उन्होंने रातोंरात. उधर पहुंचे। 6 महीने के अंदर उधर कुजांग. में एक मंदिर तैयार किया। इट्स अ टिपिकल.
कलिंगन गंगा आर्किटेक्चर रेखा देवल सिस्टम. में एंड वहां पर ब्रह्म पदार्थ को स्थापन. किया और आज भी वहां पर रथ यात्रा होता है।. आज भी रोज सेवा होता है।. और उस जगह का दूसरा नाम है शरण श्रीत्र।. श्री क्षेत्र इसलिए क्योंकि जगन्नाथ. महाप्रभु का नीलाचल क्षेत्र जो है वो. श्रीक्षेत्र भी बुलाया जाता है तो वो. श्रीक्षेत्र नाम वहां से आ रहा है और शरण. मींस जहां पे स्मरण लिया है वेयर आई हैव.
टेकन रिफ्यूज शरण लिया है तो शरण शिकेत्र. तो इसमें ब्रह्म पदार्थ के थोड़ा बताइए. हमारे दर्शकों को।. देखिए ब्रह्म पदार्थ इंटरनेट पे रादर. YouTube में बहुत सारे वीडियोस हैं जहां. पे बोला गया कृष्णा का हार्ट है रेडियो. एक्टिव है न्यूक्लियर है. [अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़]. भाई ये कहां से मैन्युफैक्चर हुआ मुझे. ग्रेव में कृष्ण भगवान का दिल है. ये कहां से मैन्युफैक्चर हुआ मुझे समझ में. नहीं आता है। हां. मतलब सबसे बड़ी इंपॉर्टेंट बात है देखिए.
मैं एक चीज मैं आपको बता रहा हूं अगर. [नाक से की जाने वाली आवाज़] वो वाकई. रेडियोएक्टिव इतना पावरफुल रेडियोएक्टिव. चीज होता न्यूक्लियर एनर्जी एमिट करता इट. इज अ सीक्रेट थिंग आई एम नॉट डिस्प्यूटिंग. ऑन दैट तो फिर इतने लोग जा रहे हैं कहीं. तो रेडिएशन लीक हो के लोगों को रेडिएट हो. जाते ना कोई एक भक्त दिखा दीजिए मुझे इतने. सालों में जिसको न्यूक्लियर रेडिएशन हुआ. है. हम. कोई नहीं मिलेगा हां. सो लेट्स थिंक अ लिटिल लॉजिकली इंस्टेड ऑफ. अंध अंधभक्त अंधभक्त नहीं बनने का भक्त.
बनने का अंधभक्त नहीं बनने का ये स्वयं. गीता में भी बोला है विवेकानंद स्वामी. विवेकानंद ने भी हजारों सवाल किया था श्री. रामकृष्ण को तब जाके उन्होंने जब. सेटिस्फेक्टरी रिप्लाई हुआ तब उन्होंने. माना कि हां तुम परमहंस हो. [नाक से की जाने वाली आवाज़]. तो. एस पर स्क्रिप्चर्स एस पर स्क्रिप्चर्स इट. इज कृष्णास नेवल नाभि. अब आप इंसानी शरीर को जब इंसान देह छोड़. देता है, अपना शरीर छोड़ देता है। तब आप.
क्रिमेटोरियम में ले जाके क्रिमिट करते. हो। राइट? तो जब क्रिमिट करते हो इंसान का. नाभि पूरी तरीके से जलता नहीं है। जिसको. हम गंगा जी में बहा देते हैं। डोम उसको. मोड़ के देता है और बहा देते हैं।. [नाक से की जाने वाली आवाज़]. तो इज इट नॉट साइंटिफिकली रिलेटेड? प्लीज. टेल मी। है ना? साइंस है ना? तो वो इसमें. स्थापित है एस पर स्क्रिप्चर्स।. रही बात इनका जो प्रोसेस है इनको हैंडलिंग.
करने का जो नव कलेवर के टाइम पर होता है. बहुत गुप्त रीति है बहुत गुप्त रीति और. नीति मैं बोलूंगा और जो दैतापति लोग करते. हैं तो वो मतलब उसका कई सारे प्रोटोकॉल्स. हैं। मैं डिटेल्स में नहीं बताऊंगा। आई नो. देम एंड आई हैव मेट पीपल हु हैव हैंडल्ड. देम ब्रह्म पदार्थ आल्सो लेट मी बी वेरी. क्लियर ऑन दैट। तो मैं कुछ भी नहीं. बोलूंगा इस माध्यम में. [नाक से की जाने वाली आवाज़] बट इतना. बोलूंगा कि उसका प्रोटोकॉल्स है बड़ा.
स्ट्रिक्ट प्रोटोकॉल्स है और उसको लेके. कोई छेड़खानी नहीं चलता है नहीं चलेगा. उसको लेके कोई छेड़खानी अगर कोई छेड़खानी. करेगा तो मरेगा. हाला अभी. एक उड़ीसा में एक किताब है किताब नहीं एक. यू नो इट्स अ सीक्रेट. जिसको बोलते हैं भविष्य मालिका। कई लोग. मैंने कई बार लिखा है इसके बारे में। कई. लोग मेरे से पूछते भी रहते हैं। मलिका. मलिका में भी लिखा गया है कि जगन्नाथ.
महाप्रभु का मंदिर में क्या-क्या लक्षण. दिखेंगे जब कलयुग या कलयुग का ट्रांजिशन. शुरू होगा और वो दिखना चालू हो गया। वो. दिखना चालू हो गया।. जैसे. मलिका में लिखा हुआ है किन्नर रक्तपात. करेगा मंदिर में। कुछ साल पहले वाकई वन. ट्रांसजेंडर जंप फ्रॉम द टॉप वो शिखर में. चढ़ के मतलब मेन टेंपल में नहीं मेन देव. में नहीं ऊपर से मंदिर के सामने जमकर उसने. सुसाइड कर लिया।.
मंदिर में खून मिलेगा। इतना भीड़ होता है. आज के डेट में। कई बार ऐसा हुआ है पिछले. दो ढाई साल तीन साल में। कई बार इतना. प्रेशर आया भीड़ में। मंदिर बंद होने के. बाद खून मिला है। किसी का उल्टी मिला है।. किसी का पॉटी भी मिला है। मंदिर बंद करके. पूरा महा स्नान करके ध्वत किया गया है। तब. जाकर दर्शन खुला है। अभी मेरे ख्याल से. 2000 23 दिसंबर की बात है। मैं किस कुछ.
जनों को लेकर गया था। एक गुरुकुलम के. शिष्य लोगों को लेकर गया था। बच्चों को. लेकर तब सुबह चार 4:30 बजे पहुंचे। सर्दी. के टाइम था जनवरी का दिसंबर का महीना था. और जाकर पहुंचा तो बोला मंदिर आज लेट. खुलेगा नॉर्मली यहां पे 5:30 6:30 बजे तक. खुल जाता है मंदिर मंगल आरती हो के खुलता. है मंगल आरती लेट होगा क्यों नहीं महा. स्नान हो रहा है क्यों नहीं कल रात को. बहुत भीड़ हुआ था माघी पूर्णिमा का टाइम.
था बहुत भीड़ हुआ था तो ऐसे वोमिटिंग खून. और ये सब मिल गया. इसका भी जिक्र मिलता है. [नाक से की जाने वाली आवाज़] मलिका में. पाकिस्तान और बांग्लादेश के बारे में भी. लिखा गया है। एंड पीपल आस्क मी दैट मलिका. कहां मिलेगा? ट्रांसलेटेड वर्शन या एक. टेक्स्ट मलिका नहीं मिलेगा।. मुझे मालूम होगा भी तो मैं नहीं बताऊंगा. क्योंकि मलिका एक टेक्स्ट नहीं है। कई. हजार टेक्स्ट है जो कई सारे मठों में बटे.
हुए हैं। और मलिका में जो जो जगह दिया हुआ. है वो भी मैं देख के आया हूं कुछ जगह। एक. मान्यता मान्यता यह भी है एक जगन्नाथ. मंदिर है। आप जैसे कटक से जाजपुर की तरफ. जाएंगे हाईवे से राइट में आता है एक जगह. है छतिया बोल के ये मान्यता है। दिस इज अ. लेजेंड. नोबडी हैज़ सीन इट नीदर आई हैव सीन इट बट. आई हैव गॉन टू दैट टेंपल. [नाक से की जाने वाली आवाज़]. कि वहां पे कल्कि भगवान का तलवार रखा हुआ.
है। कल्कि भगवान का तलवार रखा हुआ है। और. कल्कि का आप जितने भी पुराणों में जो. वर्णन मिलता है वो हाथ में तलवार है उनका।. दैट इज़ ह मेन वेपन राइट. [नाक से की जाने वाली आवाज़] तो वहां पे. उस मंदिर में जाएंगे जो खूबसूरती है आपको. देखने को मिलेगा जगन्नाथ महाप्रभु और. बलराम बलदेव या बोरव ठाकुरों जिसको हम. बोलते हैं दोनों घोड़े पर सवार है दोनों. का हाथ और पैर है दोनों का हाथों में. तलवार है. अलग है. वहां एक जगन्नाथ मंदिर है एकलौता जगन्नाथ.
मंदिर है जहां पे. अपना अर्धनारेश्वर विग्रह है इतना लंबा. शिवा और शक्ति का जॉइंट. मिलित रूप। हिंदुस्तान में जितने भी मंदिर. हैं उसमें जगन्नाथ जी की महिमा अलग कैसे. है? जगन्नाथ जी का महिमा जो है क्योंकि सबसे. सख्त मंदिरों में माना जाता है। गैर. हिंदुओं का प्रवेश वर्जित है।. वो तो खैर बहुत सारे मंदिरों में. गुप्त तरीके से ब्रह्म पदार्थ जो है. गुप्त तरीके से हर जगह पे कोई हर मंदिर.
में कोई ना कोई गुप्त रीति नीति होती है।. वो रहस्य जो है उसके बारे में बात चलती. रहती है। जगन्नाथ जी बाकी देश के मंदिरों. से बाकी सबसे अलग कैसे हैं? एस पर पुराणिक टेक्स्ट कृष्णा रिसाइड्स इन. कलयुगा इन पूरी। यह खुद बोला है उन्होंने. भागवतम में. तो कृष्णा वहां पर रहते हैं। दूसरी बात. अलग-अलग धर्मों का जैसा मैंने आपको वर्णन. किया कि मिलित रूप है एंड ही इज़ अ लिविंग.
गॉड। लेट मी टेल यू दैट ही इज़ अ लिविंग. गॉड।. अ जब चैतन्य महाप्रभु 15वीं शताब्दी में. उधर राजवास करते थे। तब यह यह होता था. डिबेट होता था लोगों में कि महाप्रभु. किसको बोले चैतन्य महाप्रभु को बोले या. जगन्नाथ महाप्रभु को बोले क्योंकि चैतन्य. महाप्रभु सचल जगन्नाथ बोला जाता था उनको. उनको बोला जाता था सचल जगन्नाथ. एंड जो जगन्नाथ का महिमा है मतलब हालांकि.
वो तो मतलब आदि शंकर ने उनको प्रतिष्ठा. करके गए थे और आदि शंकराचार्य श्रृंगेरी. से निकलने के बाद पहला पहला मठ जो बनाया. था हिंदू हिंदू धर्म का जो नीम गाड़ा था. उन्होंने वो था पूरी में गोवर्धन मठ. इट इज बिकॉज़ ही न्यू देंस ऑफ जगन्नाथ पूरी. एंड जो जगन्नाथ अष्टकम है जहां पे बोलते. हैं मतलब जगन्नाथ स्वामी नारायण पतगामी. भवतु ये किसने लिखा है जग आदि जगतुगुरु.
आदि शंकराचार्य ने लिखा है और क्यों लिखा. था जगुरु आदि शंकराचार्य ने वो इसलिए लिखा. था क्योंकि कुछ टाइम टाइम बाद उनको यह. मतलब समझ में आ रहा था कि सिर्फ वेदों का. चर्चा करने से नहीं होगा।. आपको आम इंसान के दिलो दिमाग पे भक्ति का. जागरण करवाना पड़ेगा। और इसलिए इन्होंने. कई सारे अष्टकम लिखे थे। इसी दौरान. उन्होंने महिषासुर मर्दिनी भी लिखा था।.
इसी दौरान उन्होंने गोविंदाष्टकम भी लिखा. था। जगन्नाथ अष्टकम भी लिखा था। हम. तो ऐसे तो मतलब पिछले 1000 साल का या 1200. 1300 साल का इतिहास आप उठा के देखेंगे. अलग-अलग धर्म गुरु या महावतार पुरुष वहां. जाते रहते थे। गुरु नानक जाते थे। आज की. डेट में अगर हिंदू के अलावा उस मंदिर में. कोई अंदर जा सकता है वो है सिख। हम्म. क्यों? क्योंकि गुरु नानक के लिए और. जगन्नाथ महाप्रभु खुद गुरु नानक को दर्शन.
दिए थे।. बहुत बढ़िया वो जो एपिसोड है वह इतनी. खूबसूरत है मैं आपको बता नहीं सकता।. जगन्नाथ संस्कृति में जो भगवान और उनकी. प्रेम की महिमा है वो अलग कैसे है कृष्ण. की महिमा से. कोई अलग नहीं है। जयदेव गोस्वामी का गीत. गोविंद में उन्होंने लिख दिया है कि कृष्ण. और राधा का प्रेम का जो महत्व है कृष्ण. राधा का प्रेम का जो दिव्यता है वो. जगन्नाथ महाप्रभु को कैसे पसंद आता है? ये.
कई बार आज भी जब जगन्नाथ महाप्रभु रात को. शयन करने जाता है तब गीत गोविंद पाठ होता. था। पार्ट होता है और पहले तो जब अपना. माहारी डांसर्स या जिनको अंग्रेजों ने बना. दिया. उनको उनका ये होता था परफॉर्मेंस होता था. गीत गोविंद पढ़ा जाता था इट वास अ वेरी. क्लोज्ड अफेयर गीत गोविंद पढ़ा जाता था और. महारी डांसर्स या नाचूनी बोलते हैं उनको. उनका परफॉर्मेंस होता था और तब.
ये देवदासी प्रथा सच में थी. कहां थी थी 60 सब टेंपलों में था साउथ में. भी था इधर भी था इट्स अ डॉक्यूमेंटेड. फैक्ट आई मीन द इंडियन स्कल्प. आइकोनोग्राफी आप देखेंगे अह ये दर्पण. सुंदरी जो है हु वाज़ अ दर्पण सुंदरी द. आइकोनोग्राफी ऑफ़ दर्पण सुंदरी हु इज़ अ. दर्पण सुंदरी दर्पण सुंदरी वाज़ अ डांसर. देयर इन द टेंपल वो दर्पण लेके शीशा लेके. वो अपना सच ढज श्रृंगार कर रही है। उसी का. तो वह आइकोनोग्राफी है। दर्पण सुंदरी है.
वह।. ओके।. नाउ अ. समझने वाली बात यह है कि इतने सारे. महापुरुष उधर आए हैं। अपना धर्म का. विस्तार किया है। अपना. क्या बोलूं मैं लोगों को अपने साथ जुड़ा. है। तो उसमें अलग ही एक महिमा हो गया। आप. देखिए रामानुजाचार्य आया आदि शंकराचार्य. आए, चैतन्य महाप्रभु आए, शारदा मां आए, आनंद महिमा आए, फिर आपका गुरु नानक आए,
कबीर आए। वो लोग बास किए उधर इतने सालों. तक [गहरी सांस लेने की आवाज़]. तो उसका तो महिमा ही अलग हो जाता है।. दूसरी बात ये हर स्ट्रीम से ये जो जुड़ के. आ रहा है चाहे वो सबर हो चाहे वो वैष्णव. हो चाहे वो शैवा हो चाहे वो शक्त शाक्त हो. हर एक का अलग-अलग जो महत्व बनता जा रहा है. और वो एक सतिपीठ भी है बाय द वे जगन्नाथ. मंदिर जो विमला मंदिर है इट इज अ सतिपीठ. तो सतीपीठ में वैसे एनर्जी बहुत हाई रहता.
है. ऊपर से वो ब्रह्म पदार्थ भी है तो इसमें. आप युगों युगों से सालों भर. इतने सारे महापुरुष का उधर मिलना, उनका. चर्चा करना, इतने सारे धर्म का अलग-अलग. पर्सपेक्टिव से असिमिलिएशन होना या. जगन्नाथ तत्व मिल जाना यह अपने आप में. आपको लगेगा दैट पूरा हिंदुस्तान उधर बसता. है एक ही प्रभु में।. इंटरेस्टिंग. है कि नहीं? आप बताइए सोच के।.
तो यही उसका मतलब. विज्ञान कैसे दिखता है ब्रह्म पदार्थ को? क्योंकि विज्ञान तो हमेशा. देखिए मैं व्यक्तिगत रूप में यही बोलूंगा. कि मैं जो हर किसी को बोलता हूं डिविनिटी. स्टार्ट्स साइंस एंड्स। आज की डेट में आप. थ्योरी ऑफ़ कॉन्शियसनेस अगर देखेंगे. थ्योरी ऑफ़ कॉन्शियसनेस मेटाफिजिक्स और. क्वांटम फिजिक्स को साथ में लेके सांख्य. योग को साथ में लेके एक लेवल तक स्ट्रेच. कर पाता है। लेकिन हमारे शास्त्रों में.
हमारे पुराणों में क्या लिखा है? बिग ब्लैक होल जिसको हम फिजिक्स की. लैंग्वेज में बोलते हैं जिसके ऊपर काफी. सारा शोध हुआ है अभी बॉस्टन दैट थ्योरी आई. एम सॉरी आई एम लेकिन. हमारे महाकाली को क्या बोला गया है. जगन्नाथ महाप्रभु का या विष्णु सहस्त्रम. में क्या बोला गया है हिरण्य गर्भ भूगर्भ. आदि. आई एम सॉरी आई एम फॉरगेटिंग द श्लोका. हिरण्य गर्भ भूगर्भ हिरण्य गर्भ इज़ व्हाट. हिरण्य गर्भ अब अगर श्रीमद् भागवतम पढ़ेंगे.
दैट इज इट इज डिफाइंड एस द स्टमक ऑफ श्री. विष्णु महाविष्णु।. अच्छा उससे पहले मैं समझा देता हूं. श्रीमद् भागवतम में डेफिनेशन कैसे दिया. हुआ है। सबसे पहले ऊपर है योगेश्वर. कृष्णा। कृष्णा से दो स्ट्रीम निकलता है।. एक [नाक से की जाने वाली आवाज़] है. संकर्षण और एक है आपका. संकर्ष। अब पहले मैं संकर्षण समझा देता. हूं। संकर्षण निकलता है। संकर्षण से होता. है सदाशिव। सदाशिव या परम शिव परम शिवा.
उससे निकलता है शिवा जिसको हम पूजते हैं।. एक सदाशिव रूप भी होता है। यह भागवतम में. है। दूसरा. जो एक कृष्णा से दूसरा निकलता है। इफ आई. करेक्टली रिमेंबर वासुदेव वासुदेव से आता. है प्रद्युम्न अनिरुद्ध. संकर्षण से आता है। उधर बलराम भी आता है।. इधर प्रद्युम्न अनिरुद्ध वासुदेव कृष्णा. ऐसे ये लोग करके आते हैं। वज्रनाभ ये सब. आता है। और अगर आप इनको आर्कियोलॉजिकली भी.
जोड़ेंगे तो आप आर्कियोलॉजिकली देखेंगे. ब्रज रीजन से पूरा हिंदुस्तान में फैला है. दो पूजा रीति वैष्णवों का मेनली द भगवत. कल्ट एंड दी पंच महावीरा पंच महावीरा कौन. है वासुदेव शंकरसन प्रद्युम्न अनिरुद्ध. वज्रव इं्रिप्शंस भी मिला है भरभर के. आइकोनोग्राफी भी मिला है ग्रीक एग्लेस का. कॉइंस भी मिला कृष्णा और इसका वो तो.
आर्किलॉजिकली है देयर इज़ अ सेपरेट सेगमेंट. आई एम नॉट गेटिंग इंटू इट देन है द वृष्. हीरोज़ पंच महावीर या द वृष् हीरोज़ और द एक. निकला है वृष् ट्रायड जिसमें बलराम है. कृष्णा है और एकनामसा है एकनामसा को. सुभद्रा का मान्यता दिया गया है ठीक है ना. और दूसरा है ऑब्वियसली कृष्णा वरशिप तो ये. ब्रज रीजन से पूरा भारत में फैला है. धीरे-धीरे और ये इधर भी अपना उड़ीसा में. भी फ्लो हुआ है। एक टॉपिक जो बहुत ज्यादा. चर्चा में आता है सोशल मीडिया पर अक्सर.
वही आता है कि कुछ विद्वान ऐसे हैं जो. जगन्नाथ जी को बौद्ध प्रतीकों से जोड़ते. हैं। बोला आपको कई इतिहासकार उसे अस्वीकार. करते हैं। तो ये बौद्धों का जो ये एक. कांसेप्ट है कि वहां पर पहले हमारा मठ था।. देखिए ये एक ऐसा चीज है इसको हमको मतलब वी. विल हैव टू कीप अ बैलेंस्ड व्यू।. जी।. ब्रज रीजन में अगर आप जाएंगे, ब्रज रीजन. में एक साइट है। मैं एक एक-एक एग्जांपल. देकर समझाने का कोशिश करता हूं। यू हैव टू. कीप अ लिटिल ओपन माइंड। कंकाली टीला। ठीक.
है? कंकाली टीला एक ऐसा चीज जगह है जहां. पे एक्सकवेशन के दौरान जैन स्तूपास. विग्रहस बहुत निकला है। बुद्धि स्तूपा. विग्रहस भी स्तूपा नहीं सॉरी विग्रहस भी. बहुत निकला है। इंक्रिप्शन भी मिला है। और. वहां पे विराजते कौन है? स्वयं महाशक्ति. इट्स अ शक्ति पीठ कंकाली टीला कंस का काली. जो थे वही कंकाली है कंस का मान्यता ये है. कंस वहां आकर पूजा करता था वहां से कंस.
कंस का काली बोल के कंकाली नाम हो गया ठीक. है तो वो एक ब्राह्मणिकल ऑर्डर का हो गया. अब ये जैन आर्कियोलॉजिकल एक्सकवेशन में. जैन भी मिला है बुद्धिस्ट भी मिला है ऐसे. बहुत साइट्स है ब्रज रीजन में जहां पे. देयर इज़ अ कोहबिटेशन इनफैक्ट फॉर दैट मैटर. आपका कृष्ण जन्मभूमि एलेग्जेंडर कनिंघम. रिपोर्ट में साफ-साफ लिखा गया है कृष्ण. जन्मभूमि में कटरा केशवदी जिसको बोलते हैं. वहां पर बुद्धिस्ट मोनास्ट्री भी मिला है।. बुद्धिस्ट मोनास्ट्री मिला है वहां पे।.
मैं यह नहीं बोल रहा हूं कि किसी ने कब्जा. कर लिया बट देयर वाज़ अ कोए एकिस्टेंस. आल्सो।. नाउ एस फार एस जगन्नाथ. मंदिर इज कंसर्न जो हमें आदि शंकराचार्य. का लाइफ से मिलता है वो है वो पूरी में. आए। एंड आदि शंकर आपको एक एक पर्सपेक्टिव. यह भी देखना होगा आदि शंकर जब हिंदुस्तान. में आए हिंदुस्तान की धरा पे भारत की धरा. पर अवतीर्ण हुए उस टाइम भारत 1200 साल का.
पीक वज्रायना बुद्धिज्म के तहत अंदर से. गुजर रहा था। तांत्रिक बुद्धिज्म बड़ा. खतरनाक बुद्धिज्म होता है ये।. [नाक से की जाने वाली आवाज़]. तो उस दौरान उन्होंने और उनका कई सारे. मेनमेन शिष्य बुद्धिज्म से उनके पास तर्क. में हार के उनका शरण में आए. मिश्रा. बहुत है बहुत है मैं किसी का नाम अनग लेने. लूंगा तो उन्होंने.
पूरी में आए गोवर्धन मत का प्रतिष्ठा किया. और बुद्धिस्ट लोगों से तर्क किया द टेंपल. एंड लेट मी टेल यू बुद्धिस्ट नेवर. डिस्ट्रॉयड एनी टेंपल देयर देयर वाज़ अ. कोइज़िस्टेंस। दिस इज़ माय अंडरस्टैंडिंग. व्हाट आई हैव अंडरस्टुड आर्कियोलॉजिकली. रिलीजियस टेक्स्ट और वेरियस रेफरेंसेस पर. के आई एम ट्राइंग टू कीप अ बैलेंस्ड व्यू।. [नाक से की जाने वाली आवाज़]. तो. वो साइट उन्होंने कब्जा जरूर कर रखा था. कुछ सालों के लिए। जब तो अपना आदि.
शंकराचार्य आए उनको तर्क में परास्त किया।. उनको अपने शरण में लिया। उनको कन्वर्ट. किया एंड ही चेंज्ड एवरीथिंग। तो आज की. डेट में जो जगन्नाथ महाप्रभु का ओरिजिनल. अह फॉरमेशन है वो अगर आप स्कंद पुराण में. देखेंगे या ओरिया पटचित्र में देखेंगे आप. देखेंगे ब्रह्मदेव यज्ञ कर रहे हैं। यज्ञ. के ऊपर यज्ञ विधि के ऊपर सबसे पहले. जगन्नाथ बैठे हुए हैं।. उनके पीछे बैठे हुए हैं माता सुभद्रा और.
उनके ऊपर बैठे हैं बलराम।. तो जब आदि शंकर ने मंदिर को पुन पुन. स्थापना किया तो उन्होंने डीटीस को आज का. जो फॉर्मेशन है वो फॉर्मेशन दिया दैट वास. गिवन बाय आदि शंकराचार्य. एंड तब जाके उन्होंने जगन्नाथाष्टकम भी. लिखा और आज की डेट में मंदिर में जितने भी. रीति नीति है वो काफी हद तक बहुत हद तक. नॉट काफी हद तक और यह आदि शंकर का डिफाइंड. है आदि शंकर का डिफाइंड है ये.
तो मैं क्या इसको एक परिभाषा परिभाषा दे. दूं कि आदि शंकराचार्य जी ने सनातन धर्म. को बचा लिया।. बिल्कुल वो स्वयं सदाशिव थे। ही वाज़ द. इंकार्नेशन ऑफ़ सदाशिव। देयर वर टू पीपल. वेयर सदाशिव हिमसेल्फ रीइकारनेटेड ट्वाइस. एंड बोथ द टाइम्स व्हेन हिंदूइज़्म और. सनातन धर्म वाज़ अंडर पीक थ्रेट। फर्स्ट. आदि शंकराचार्य एंड ही न्यू इस्लामिक. इन्वेज़ंस होने वाला है। तब जाके उन्होंने.
दसनामी संप्रदाय बना दिया। नागा साधुस को. क्रिएट कर दिया। एंड लुक व्हाट द रिजल्ट. इट गव। चारों कोनों में चार मठ प्रतिष्ठा. कर दिया। लुक द रिजल्ट्स व्हाट इट गव।. दूसरा टाइम स्वामी विवेकानंद।. ही फॉट वि द इवेंजिलिस्ट्स। ही फोट वि द. ब्रिटिश।. ही गव इंस्पिरेशन टू द रेवोल्यूशनरीज।. उनका एक-एक शब्द. [नाक से की जाने वाली आवाज़] एक-एक शब्द.
रेवोल्यूशनरी के टारगेटेड है। 1897 में. मैं आपको एक छोटा सा एग्जांपल देता हूं।. यह तो बहुत वास्ट टॉपिक है। मेरा अभी उसके. ऊपर किताब भी आने वाला है।. [नाक से की जाने वाली आवाज़]. 1897 में जब वह शिकागो से वापस आते हैं।. 14 फरवरी का चेन्नई में वो पहला. महासम्मेलन करते हैं। तो उस महासम्मेलन. में उन्होंने एक चीज बड़ा भयंकर चीज बोला।. लेट मैं इंग्लिश में ही बोल रहा हूं बिकॉज़. ही स्पोक इन इंग्लिश। लेट देयर बी नो. रिलीजन फॉर द नेक्स्ट 50 इयर्स एंड लेट.
देयर बी ओनली वन रिलीजन. पूर्ण स्वराज. ही वाज़ द फर्स्ट पर्सन टू मेंशन पूर्ण. स्वराज नॉट बापू नॉट नेताजी नॉट बंकिम इट. वास हिम. पूर्ण स्वराज ही वास द फादर ऑफ इंडियन. आर्म स्ट्रगल ही वास द फादर ऑफ इंडियन. आर्म स्ट्रगल. और उन्होंने बोला था क्या बोला था लेट.
देयर बी नो रिलीजन फॉर द नेक्स्ट 50 इयर्स. एंड कंप्लीट इंडिपेंडेंस शुड बी द ओनली. रिलीजन 1897 से 1947 कितना होता है. 50 इयर्स. गेटिंग. सारी कहानी हो गई. सी विल अच्छा एक मेरे मन में ख्याल ये भी. आता है कि जब ब्रिटिशर्स आए थे. लंबे समय तक ये ब्रिटिशर्स जगन्नाथ जी की. महिमा को कैसे देखते थे? उनका क्या उनके. लेखों में क्या चीज का जिक्र है? [हंसी].
वो तो परेशान हो गया।. वो तो परेशान हो गया। जगरन तो उनका ही. इन्वेंशन है।. हां।. द वे दे व्हील्स रोल एंड द वे पीपल जंप इन. फ्रंट ऑफ द व्हील्स एंड द फ्रेंजी वो देख. के तो वो बोले ये हो क्या रहा है? और उनका. तो सबसे उनका तो भाई 1857 के बाद उतना. जमायत होता है तो उनको टेंशन हो जाता था. कि दूसरा सिपाही म्यूटिव नहीं होने वाला. है। और जब [नाक से की जाने वाली आवाज़]. जगन्नाथ का वो देखा कि 10 लाख लोग इकट्ठा. हो गया। उनका तो होश उड़ गए। बोले ये इनको.
तो मतलब मतलब निगरानी करना पड़ेगा। अब वो. धर्म है। धर्म का मामला है। उसमें हाथ. नहीं डाल सकते। लेकिन वो लिख रहे हैं आप. नेट पे भी अवेलेबल है। आप देख सकते हैं। द. जगर नॉट द व्हील्स द वे दे रोल द साउंड्स. इट मेक्स द वे पीपल जंप इन फ्रंट ऑफ इट। द. फ्रेंजी लोग जैसे खींच रहे हैं रथ का. चक्के को। दिस गॉड व्हाट गॉड. भाई हो क्या रहा है? ये है क्या चीज? [नाक से की जाने वाली आवाज़]. सर. इनफैक्ट इनफैक्ट आप ब्रिटिश आर्काइव्स में.
जाके डॉक्यूमेंट्री कुछ अवेलेबल है 1937. 39 इन सब का उसमें कमेंट्री सुनना गोरों. का हंसहंस के लोटपोट हो जाओगे आप क्या. लिखते हैं लिखते नहीं बोलते हैं कैसे. बोलते हैं एंड द गॉड ही इस कमिंग आउट ऐसे. जैसे लग रहा है डॉन ब्रडमैन बैटिंग करने. जा रहा [हंसी] है. जब वो 22 होके पंडी बीजे के टाइम निकलते. हैं आई वास लाफिंग माय हार्ट आउट जिस. तरीके से वो वो कमेंट्री कर रहे हैं। ऐसा. लग रहा है डॉन ब्रडमैन लॉर्ड्स में बैटिंग. करने जा रहा है। इतना उनका खलबली मचा हुआ.
है।. इंटरेस्टिंग। मुगल काल में कितने समय तक. जगन्नाथ मंदिर बंद था? [नाक से की जाने वाली आवाज़]. देखिए ये अलग-अलग है। ये तो थोड़ा सा मेरे. को डाटा एक बार देखना पड़ेगा। बट. औरंगजेब के आश्रम सबसे लंबा बंद था।. नहीं। सबसे ज्यादा बंद था 144 साल के लिए।. जब राष्ट्रकूता किंग गोविंदा थ्री आठवीं. शताब्दी में आक्रमण किया था। तब प्रभु को. हटा के ले गया था मंदिर में हटा हटा दिया. था इन्होंने तो इन्होंने सोनपुर बोल के एक.
जगह है पहाड़ी इलाका वहां गुफा के अंदर. मिट्टी के नीचे दफन कर दिया था प्रभु को. [नाक से की जाने वाली आवाज़] तो. उस टाइम 144 साल 146 साल ऐसा कुछ टाइम. बहुत लंबा समय था. बहुत लंबा समय है सर तीन जनरेशन समिट जाते. उसमें तीन जनरेशन समेट जाते वो दैट वास. वाज़ द लॉन्गेस्ट। इसके अलावा औरंगजेब के. टाइम पे मैंने बोला 50 इयर्स इट वाज़. क्लोज्ड। बीच-बीच में आपका 20-25 साल कई.
बार बंद हो चुका है। आप अगर देखेंगे. बिटवीन. मेरे पास डाटा नहीं है अभी बट आई हैव डाटा. इन माय स्प्रेडशीट। उसमें अगर. [नाक से की जाने वाली आवाज़] मैं देखूंगा. कोई एक टाइम है 100 साल के अंदर 12. इन्वेशंस हुआ है।. 100 साल के दौरान आई थिंक अ. चैतन्य महाप्रभु का डिसअपीयरेंस के बाद और. उसका 100 साल के 100 साल तक.
बंगाल सल्तनत मुगल सल्तनत दिल्ली सल्तनत. मिला के सॉरी मुगल दिल्ली नहीं दिल्ली तो. तब चला गया मुगल सल्तनत और बंगाल सल्तनत. मोस्टली आते थे उस टाइम वो 100 साल के. अंदर हर 9 10 साल में एक इन्वेशन अ मेजर. वन. उसके पीछे क्या सोच थी. ट्रेजरी मेन टारगेट वाज़ ट्रेजरी एंड. तीन बार लूट लिया तो फिर बार-बार कैसे. लोग आते थे आज आज की डेट में मैं आपको. बताऊं एक. मैंने एक एपिसोड किया था जगन्नाथ टेंपल का.
ट्रेजरी के ऊपर स्पेसिफिकली. मैंने रखे हैं सवाल उसको ले. हां तो उसमें जो हमारे. गजपति कपिलेंद्र देव रोहोत्री है उन्होंने. जब दाखिनाते से विजय करके आया था सो 16. हाथियों में भरभर के हीरे जहरात लाए थे 16. हाथी 16 और वो सारा सोने जोरात जो है. उन्होंने ट्रेजरी में समर्पित कर दिया और. जो मंदिर के सेवाए थे उनको बोला कि यहां. से आप लोग बनाइए अलंकार प्रभु के लिए तो.
जो आज एकादशी के दिन पे रथ यात्रा के टाइम. पे जो सुनावेश होता है जहां पे प्रभु को. सोने का हाथ पैर मुकुट सुदर्शन चक्र गधा. ये सब दिया पहनाया जाता है और लोग बार-बार. के जाते हैं देखने के लिए वो गजपति कपिल. कपिलेंद्र देव राउत्री ने बनाया था। नाउ. अगेन गजपति कपिल राउत इज़ अनदर रूलर हु इज़. नॉट एट ऑल स्टडीड इन इंडियन हिस्ट्री। ही. इज एज ग्रेट एस समुद्रगुप्ता एज ग्रेट एस.
समुद्रगुप्ता जो जगन्नाथ मंदिर आप गए हैं. जो बाहरी दीवार मिलता है जिसको लांग के. आपको 22-2 जो सीढ़ी है आपको अंदर जाना पड़ता. है। दैट वो बाहर का वॉल उसका नाम है. मेघनाथ प्राचिर। हम्. इट वाज़ हिम हु हैड बिल्ट दैट प्राचीर टु. अह. थॉट ऑफ द इन्वेज़ंस. आक्रांताओं को रोकने के लिए वह प्राचीन. हमारे कलिंग इतिहास को बड़ा सीमित कर दिया. गया।. बहुत ज्यादा। सर आप कोणार्क की बात कर रहे. थे शुभंकर जी। कोणार्क को जिसने बनाया.
गजपति सॉरी लंगुला नरसिम्हा देवा ईस्टर्न. गंगा इंपीरियल गंगाज़ लंगुला नरसिम्हा देवा. के ऊपर कौन अ रिसर्च करता है? लंगुला. नरसिम्हा देवा ने जो धर्म युद्ध लड़ा था. बंगाल सुल्तानत खास करके अफगानियों के साथ. इतना मारा था उनको उसी का खुशी के मारे. उसका माता का आदेश के अनुसार वो कोणार्क. मंदिर बनाया था. यह बात कितनों को मालूम है इट वाज़ ह मदर.
हु इंस्पायर्ड हिम दैट बिल्ड द सन टेंपल. हियर जगन्नाथ का इतना बड़ा मंदिर है तुम. सन टेंपल बनाओ उतना ही भव्य और 12 साला. बना दिया. और सिर्फ बनाया नहीं सर क्या नकाशी है. उसका आप देखिए मतलब क्या ही बना दिया मैं. उस विषय पर आऊंगा लेकिन एक बार मैं. जगन्नाथ जी को जल्दी समराइज कर लेता हूं. सर जगन्नाथ जी को लेकर सोशल मीडिया पर. बड़ी भ्रांतियां बड़ी भ्रांतियां कई बार. हम भी फंस जाते हैं। [हंसी]. अब मेरे को बताओ ये जितनी कहानियां आती. हैं जगन्नाथ जी को लेकर कि पताका जो है.
अलग दिशा में चलता है। पक्षी ऊपर नहीं. उड़ता है। शंख नहीं बजाया जाता है और आवाज. अंदर नहीं आती है। समुद्र की लहरें सुनाई. नहीं पड़ती हैं। सात बर्तन रखे आते हो ऊपर. वाला सबसे जल्दी बन जाता है। और भी बहुत. सारी अलग-अलग कहानियां हैं। इसमें कितनी. कहानियां है जो सच है परछाई नहीं दिखाई. पड़ती है। किसी भी कोण से देखो तो एक तरह. दिखाई पड़ता है। ये सारी कहानियों में. कितनी थ्योरीज जो है वो विज्ञान और धर्म. दोनों को मिलाकर जस्टिफाइड है। कुछ है जो. सच है, कुछ है जो ठीक नहीं है। कौन-कौन सी.
सच है इसमें? जैसे अह. आपका जो महाप्रसाद बनता सॉरी प्रसाद जैसे. बनता है या भोग जैसे बनता है। आप जैसे भी. आप टर्म करना चाहे जो ऊपर वाला है वो सबसे. वाकई बनता है। इसका कोई एक्सप्लेनेशन नहीं. है। आप रसोई में जाएंगे आप देखेंगे कि. स्टक किया हुआ है। ऊपर वाला वाकई सबसे. पहले बनता है। ये सच है। दूसरी बात कई लोग. बोलते हैं नीला चक्र जो है किसी भी.
डायरेक्शन से देखो आपको एकदम यू विल बी. फेसिंग इट नो दैट्स नॉट ट्रू दैट्स नॉट. ट्रू आई एम मायसेल्फ चेक इट आप उसको. पश्चिम दरवाजे से देखेंगे तो इट विल बी. फेसिंग यू बट आप सिंक दर दरवाजे से देखोगे. मंदिर के अंदर घुस के तो इट विल बी फेसिंग. बट इफ यू लुक एट इट फ्रॉम दी नॉर्थ गेट और. दी साउथ गेट और फ्रॉम एनी अदर डायरेक्शन. इट मे नॉट अपीयर कंप्लीटली फेसिंग यू सो. दैट्स नॉट फुल्ली करेक्ट पक्षी जी उड़ना. ना उड़ना इट इज़ ट्रूली अ वूमेन। इट इज़.
ट्रूली एन वुमेन।. उड़ना नहीं चाहिए लेकिन पिछले कुछ सालों. में उड़ा है। पतित पावन बाना के ऊपर बैठा. भी है या चक्र के ऊपर बैठा है और उसके बाद. कुछ ना कुछ दुर्घटना हुआ है। हम अहमदाबाद. प्लेन क्रैश को कई लोगों ने जोड़ा था. क्योंकि उससे पहले घटना. उससे भी बड़ा उससे भी बड़ा मैं बताऊं आपको. शुभंकर जी कि जो कोविड का सेकंड वेव आया. था उससे पहले जो हुआ था या जो. टोरनाडो सुनामी आया था उससे पहले हुआ था.
तो ऐसे कई सारे घटना है मैं अलग या जनरल. बिपिन रावत का जो एक्सीडेंट हुआ था उससे. पहले भी हुआ था बाज बैठा था सो इट डस इट. डस हैपन देयर इज़ समथिंग देयर इज़ समथिंग. व्हिच इज बिय्ड एक्सप्लेनेशन. बिय्ड साइंस बिय्ड लॉजिक इट इज देयर. इट इज देयर. समुद्र की लहरों की आवाज अंदर नहीं. नहीं आता है नहीं आता है वाकई नहीं आता है. वाकई नहीं आता है अब वो कानपाता हनुमान. विग्रह जो है मंदिर के पश्चिम दरवाजे पे.
बैठे हुए उनको वो रोक लेते हैं या टेंपल. का आर्किटेक्चर ऐसे बना हुआ है उसकी वजह. से रुका हुआ है इट इज़ वेरी डिफिकल्ट टू. एक्सप्लेन वाकई वाकई. विज्ञान का नजरिया क्या रहा. विज्ञान आज तक उसका का कोई एक्सप्लेनेशन. नहीं दे पाया है।. बट क्योंकि हनुमान जी की हमने कहानी सुनी. कि हनुमान जी. रोकते हैं तो मानना पड़ेगा वो तो वाकई कोई. आवाज नहीं आता है। इफ यू गो इनसाइड द. जगमोहन जगमोहन में कोई आवाज नहीं आता है।. बाहर निकलते आवाज आती है।. बाहर निकलते आवाज आता है। जगमोहन में कोई.
आवाज नहीं आता।. परछाई. परछाई मैं बोलूंगा कुछ-कुछ एंगल्स में. मैंने देखा है कई बार।. बट आई एम नॉट वेरी श्योर ऑन दिस। आई एम. नॉट वेरी श्योर। आई कैन नॉट क्लेम 100%. दैट हां परछाई पड़ता है नहीं पड़ता है। आई. हैव नॉट सीन दैट प्रॉपर्ली बट कुछ लोग. क्लेम करते हैं नहीं पड़ता है। कुछ लोग. क्लेम करते हैं पड़ता. [नाक से की जाने वाली आवाज़] है। आई. रिमेंबर पिछले एक पॉडकास्ट में समबडी केम. एंड रोट दैट किसी एक पर्टिकुलर कोने में. सुबह का किसी भी टाइम पड़ता है। बट बिलीव.
मी मैं पूरा दिन भर उधर टहलता रहता हूं।. मैंने आज तक नहीं देखा है। जो मैंने देखा. है मैं आपको बता दिया। जैसे सुदर्शन नील. चक्र का मैंने बताया। मैंने आपको पतित. पावन बाना का बनाया। आपको मैंने रसोई का. बताया। आपको मैंने समुंदर के लहर का लहरों. का आवास का बताया। बट बाकियों का. पुष्टिकरण. मंदिर में शंख क्यों नहीं बजाया जाता? क्योंकि आमतौर पर हमारे देश में सारे. मंदिरों में शंख बजते हैं।. हम. जगन्नाथ जी में शंख क्यों नहीं बजते? इसका कोई धर्मीय कारण है? ये कोई. शास्त्रज्ञ पंडित बता सकता है। मैं नहीं.
52 सीढ़ियां क्यों? बाई पाहिच बोलते हैं. 22 पाहिच. वो बाई पाहिच अपना. इंसान के जो कर्मेंद्रिय है, ज्ञानेंद्रिय. है, जो चित्त है इन सब से जुड़ा हुआ है। उस. सबसे एक-एक करके आप टांग के जाते, एक-एक. करके पार करते जाते हो। एंड देन यू रीच. दिस अह परब्रह्मा। मतलब बेसिकली. इन अ टर्म ऑफ अ ले मैन अगर मैं उसको बोलूं. कि आप इंसानी जितने भी प्रवृत्तियां है.
उनको पार करके आप परबह्म तक पहुंच सकते. हो। आपका मुक्ति के द्वार तक आप पहुंच. सकते हो। ये उसी का सिग्निफिकेंस है उससे।. एक और दावा किया था कि भगवान का स्वरूप दो. बार बदलता है दिन में।. स्वरूप दो बार बदलता है। मतलब. बाल युवा मतलब. वो तो श्रृंगार होता है वेश होता है। वो. आपका कई बार कई वेश होता है। अपना हर एक. फेस्टिवल में अलग-अलग वेश होता है।. हम. तो वो तो बदलता रहता है।. दरिद्र नारायण भी क्यों कहते हैं?
दरिद्र नारायण इसलिए कहते हैं क्योंकि. उनका भक्तों के साथ उनका कहानी बहुत जुड़ा. हुआ है और इसमें आप बंधु महंती दसिया. बावरिया ऐसे कुछ भक्त है या. रघु आरक्षित ऐसे कुछ भक्त है जो बहुत गरीब. थे और उनको इन्होंने सहारा दिया इन्होंने. भोजन दिया इसलिए बोला जाता है खैर वो भोजन. तो उन्होंने गुरु नानक देव को भी दिया है. गुरु नानक वो बहुत भव्य कहानी है. एक और चीज आती है कि सर मंदिर में जो.
मुख्य सेवायत है वो दैतपति ब्राह्मण ना. होकर आदिवासी दैत्य वंश से आते हैं।. नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं इसमें थोड़ा सा. नहीं मैं करेक्ट कर देता हूं। देखिए. जो. सेवायत है सेवायत में कई तरीके का सेवायत. होते हैं। ठीक है? जैसा मैंने बोला रथ. यात्रा के टाइम पर दतापति लोग सेवा करते. हैं मेन सेवा और उनको असिस्ट करते हैं. बाकी लोग बट मेन सेवा जो होता है प्रभु को. हैंडल करना या प्रभु को नहाना. रोज वाला. रोज वाला जो काम होता है रोज सेवा जो होता. है वो दैतापति लोग करते हैं और दैतापति जो.
है वो सबरराज विश्वासु के वंशज है और कौन. सा सेवायत कौन सा लीनियत से जुड़ा हुआ है. ये समझने के लिए थोड़ा सा पीछे जाना. पड़ेगा जहां पे हमें नील माधव का हिस्ट्री. स्टडी करना पड़ेगा खैर इवन. [नाक से की जाने वाली आवाज़]. विदाउट गोइंग इंटू दैट. कई सारे सेवायत है. प्रतिहारी है, सिंगारी है, हम. आपका. खुंटिया है।. अब कई सारे सेवायत है जिनका अलग-अलग. इतिहासकारों ने देखा है कि अलग-अलग एरिया.
एलोकेटेड है जगन्नाथ मंदिर का। तो यह. समझना कि एक ही सेवायत सारा कर रहा है या. एक ही सेवायत बॉडीगार्ड है या ऐसा कुछ कर. रहा है। नो इट इज नॉट दैट। सेवा इज़. डिवाइडेड इनू 122 प्लस कैटेगरीज़ ऑफ़ सेवायत. रिकॉर्डेड. एंड हर एक का अलग-अलग. मुख्य सेवायत है वो कौन है? मुख्य सेवा देखिए. किसी परंपरा से आ रहे हैं, किसी परिवार से. आ रहे हैं। पूजा पांडा होता है मेन जो. उनका पूजा करता है। एंड देखिए कैसे बोलूं.
मैं समझ समझाना बहुत मुश्किल है। आप मान. लीजिए जो. पूजा पांडा है वो मेन पुजारी है। ठीक है. ना? ना वो जो प्रभु की पूजा करते हैं जो. दैतापति है वह आपका रथ यात्रा के टाइम पे. मेन सेवा करते हैं। पूजा पंडा फिर बाकी. काम भी बाकी सेवा पूजा का वो करते रहते. हैं। ऐसे श्रृंगारी है जो प्रभु का. श्रृंगार करता है। वो भी एक बहुत. इंपॉर्टेंट चीज है। ये जो आप बोल रहे थे.
वेश बदलते हैं। इतने खूबसूरत वेश जो होते. हैं उनको उनको श्रृंगार जो करते हैं फूलों. से सजाते हैं अलग-अलग तरीके से वो. श्रृंगार ही करते हैं।. तो ऐसे प्रतिहारी जो है उसका भी रोल बहुत. इंपॉर्टेंट है। वो मेन दरवाजे पे खड़ा हो. के जगमोहन पे खड़ा हो के ऐसे सर पे वो. लाठी से आशीर्वाद देता है। वो होता है। जो. मुदि रास्ता है वो राजा का प्रतिनिधित्व. करता है। गजपति महाराज का प्रतिनिधित्व. करता है। अगर गजपति महाराज सेवा में नहीं. आ पा रहे तो मोदी रास्ता आता है। तो ऐसे.
अलग-अलग बना हुआ है। तो ऐसे बोलना बहुत. बायस्ड हो जाएगा कि कि ये मुख्य सिवायत. है। नो दैट्स नॉट प्रभु के नजर में सब एक. है। हर एक का सेवा प्रभु से जुड़ा हुआ है।. हर एक सिवायत अपनी श्रद्धा से वो सेवा कर. रहे हैं। पुरखों से सेवा कर रहे हैं। और. उनकी भक्ति का कोई तुलना नहीं हो सकता है।. इतिहास गवाह है। उनकी बलिदान का कोई नहीं. हो सकता है। साहस का कोई तुलना नहीं हो.
सकता है। और इन्हीं का पूर्वजों के लिए हम. लोग आज प्रभु का दर्शन कर पा रहे हैं।. ट्रू ट्रू अभी मैं कुछ दिनों पहले जगन्नाथ. मंदिर गया [नाक से की जाने वाली आवाज़] था. सर तो मुझसे कहा गया कि भगवान बीमार है।. कहां वो देव स्नान पूर्णिमा के टाइम पे वो. देव स्नान. भगवान बीमार है।. तो अगली बार जब आप जाएंगे आप भगवान का. दर्शन वहां ना करके सीधा अलारनाथ चले. जाना।. प्रभु का दर्शन हो जाएगा या टोटा गोपीनाथ. चले जाना। वहां पर प्रभु का दर्शन हो. जाएगा। पूछो कैसे? कैसे? जब देव स्नान पूर्णिमा होता है 108 घरे का.
पानी से दो तीनों भाई बहनों को स्नान. करवाया जाता है। फिर वह बीमार पड़ जाते. हैं। भाई साहब मतलब प्रभु फिर बीमारी के. वजह से वो जड़ी बूटी लेंगे अंदर दर्शन. नहीं देंगे लोगों को। अंदर गुप्त सेवा. होगा उनका। कई तरीकों से जड़ी बूटियों से. उनका सेवा चलता है। दवाई के दौर पे. आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट होता है उनका। ठीक. है? खाना भी अलग होता है उस टाइम। प्रसाद. या महाप्रसाद जो भी बोलते हैं उनका अलग ही. होता है उस टाइम महाप्रसाद वो पब्लिक में.
नहीं बांटता बट उनको जो दिया जाता है इसके. लिए [अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़]. नाउ चैतन्य महाप्रभु जब वो पहुंचे नीलाचल. में भक्तिरा के टाइम पे तब वो पागल हो गए. देव स्नान पूर्णिमा के 15 दिन में बिना. दर्शन करके कैसे रहूंगा तब वो चले गए 25. किमी दूर ब्रह्मगिरी में अलारनाथ टेंपल. में अलारनाथ [नाक से की जाने वाली आवाज़]. में जो चतुर चतुर्भुज विष्णु विग्रह है।. अद्भुत सुंदर है। अद्भुत सुंदर है। आप.
उसकी बड़ी-बड़ी आंखें. स्मित हास्य द लिटिल स्माइल. इतना खूबसूरत है मैं आपको बता नहीं सकता।. एक वो है और दूसरा है आपका टोटा गोपीनाथ।. टोटा गोपीनाथ का विग्रह जो है मान्यता यही. है कि अगर आप जगन्नाथ महाप्रभु का किसी. वजह से दर्शन नहीं कर पा रहे हो या तो नील. चक्र में प्रणाम कर लो या तो टोटा गोपीनाथ. का दर्शन कर लो ही इज़ इक्विवेलेंट टू इन.
टर्म्स ऑफ़ेंस ये चैतन्य महाप्रभु ही सेट. करके गया है [हंसी]. [नाक से की जाने वाली आवाज़] जगन्नाथ जी. बलभद्र जी सुभद्रा जी की मूर्तियां अधूरी. है। अब कई लोग इसी अधूरेपन को पूर्ण मानते. हैं। हमारे यहां अधूरी मूर्तियां या खंडित. मूर्तियों को कहते हैं गंगा जी में. प्रभावित कर दो। यह कांसेप्ट क्या है. अधूरेपन का? क्योंकि यह चेंज भी होती है. तो भी कहा जाता है शायद नीम की लकड़ियों. से बनती है और वो भी क्रैक्स उसमें होते. हैं। हां तो नहीं क्रैक्स नहीं होते। वो. गलत है। अ मैं आपको बता रहा हूं। ये कहानी.
आती है दो सोर्स है उसका।. एक होता है आपका श्रीमद् भागवतम में जहां. पे जब द्वारका में माता यशोदा. कृष्ण के 16108 पत्नियों को ब्रज की लीला. गोपिया गोपियों का गोपिकाओं के साथ या. ब्रज बालकों के साथ द्वादश गोपाल के साथ. इनका जो भी विभिन्न लीलाएं किया है प्रभु. ने उसके बारे में जब बात कर रहे थे तब ये. तीनों भाई बहन उधर से गुजर रहे थे तो यह.
सुन के दरवाजा बंद करके हो रहा था लेकिन. फिर भी आवाज कैसे बाहर आ गया मैं बड़ा. संक्षिप्त इसमें बोल रहा हूं बाहर आ गया. तो यह सुन के इतना इतना भाव विभोर हो गए।. प्रेम में यह पिघलते गए पिघलते गए। तो. इतने में नारद मुनि आ गए और आके बोला. प्रभु यह क्या हो रहा है? यह पिघलित रूप. आपका कैसा है? आंखें बड़ी-बड़ी विस्वारित. और यह आपका हाथ हाथ पिघल गए, पैरों पिघल. गए हैं। आप लोग ऐसे आधा अधूरा हो गए हो।.
तो तब प्रभु बोलते हैं मैं कली में इसी. रूप में पूजित होऊंगा। एक थ्योरी है।. दूसरा थ्योरी है जो स्कंद पुराण उत्कल. पर्व में मिलता है कि आपका महारानी. गुंडीचा जो इंद्रधमनी का पटरानी थी. अपनी राजा को पुश करता है कि 21 दिन हो. गया कोई आवाज अंदर से नहीं आ रहा है। वो. जो शिल्पकार था वह काम कर रहा था। उसका भी. कोई आवाज नहीं आ रहा है। आप खोलो दरवाजा.
खोल के देखो। हालांकि इंस्ट्रक्शन यही था. जब तक मैं शिल्पकार खुद नहीं खोलेगा. दरवाजा कई लोग बोलते हैं शिल्पकार खुद. विष्णु थे कई लोग बोलते वो. विश्वकर्मा थे बट इंस्ट्रक्शन यही था. शिल्पकार जब तक दरवाजा नहीं खुलेगा कोई. नहीं अंदर जाएगा तो राजा ने उसको जैसा. होता है मानवीय लीला वाइफ ने प्रेशर डाला. चलो यार खोल ही देता हूं [हंसी]. खोल [नाक से की जाने वाली आवाज़] दिया तो. देखा कि ऐसा आधा अधूरा मूर्ति है तब वो. बहुत शोकग्रस्त हो गए राजा यह मैंने ने.
क्या कर दिया? रानी भी बहुत शोकग्रस्त हो. गए कि मैंने क्या कर दिया? इतना प्रेशर. किया तो खोल दिया दरवाजा। तो तब आकाशवाणी. हुआ। मैं इसी रूप में पूजित होऊंगा। तो ये. दो मेन थ्योरीज है इनके पीछे। ये इस रूप. के पीछे. यथारत्रा में तीनों भाई बहन अलग-अलग रथ पर. क्यों निकलते हैं? तीनों अलग-अलग शास्त्रों में तीनों. अलग-अलग विधान है। ये महाप्रभु का विधान. है।. इन्होंने बोल के गया कि मेरा पूजा इस ऐसे. ऐसे ऐसे ऐसे होना चाहिए। इस स्थिति. तिथियों में ऐसेसे उत्सव होगा.
ये सब उन्हीं का दिया हुआ है।. एक सवाल सर आप. लेकिन लेकिन इसमें कैच ये है. हम. ये तीनों रथ हम आज देखते हैं।. हम. हिस्टोरिकली देयर वर सिक्स चैरियट्स. हिस्टोरिकली छह छह रथ था।. बाकी तीन क्या थे. मैं आपको बताता हूं। जो पूरी का बलदंड है. हम. रास्ता सीधा श्री मंदिर से के सामने से. निकल के श्री गुंडीरण मंदिर पहुंचते हैं।. बीच में एक कट आता है जिसको बोलते हैं.
मेडिकल स्क्वायर जिसके ऊपर पूरी स्टेट. हॉस्पिटल है। भक्त सलाबेग का समाधि भी उधर. है। तो यह यहां से रास्ता कटता है। पहले. यह नदी था। नदी का नाम मैं भूल रहा हूं।. सॉरी फॉर दैट। इतना डाटा कई बार मिस हो. जाता है। दिमाग से निकल जाता है। तो ये. पहले नदी था तो क्या होता था और रास्ता तो. आज की रास्ता नहीं था वो मिट्टी वाला. रास्ता था तो हाथी भी खींचते थे रथ को तो. तीन फर्स्ट सेट ऑफ रथ थ्री सेट्स ऑफ थ्री.
फर्स्ट सेट तीनों रथ खींच के ले जाकर नदी. किनारे होते थे लगाया जाता था. वहां से रथ से उतार के विग्रहों को नाव. में सवार होते थे नाव में जाते थे फिर उस. तरफ और तीन रथ खड़ा होता था उन तीनों रथों. में यह लोग जाते थे. तो आज जो आप देखते हैं आठ दिनों का. प्रोग्राम है गुंडीचा यात्रा और बहुरा. यात्रा इन दिन इनके बीच में सात आठ दिन का. गैप है दैट टाइम इट यूज़ टू बी अ मंथ लॉन्ग.
अफेयर बिकॉज़ रथ को खींच के ले जाना फिर. नाव में सवार होकर फिर उसको नदी को क्रॉस. करना फिर उसमें दूसरे नाव रथ में डाल के. मंदिर में पहुंचाना इट यूज्ड टू बी. एटलीस्ट इफ आई करेक्टली रिमेंबर अराउंड अ. मंथ अफेयर. परंपराएं सालों के लिए बंद और इसका इसका. आपका. चित्र होंगे. इसका इसका पटचित्र भी अवेलेबल है। आप टोटा. गोपीनाथ मंदिर में जाएंगे तो वहां पे. पटचित्र बना हुआ है और रघुराजपुर विलेज.
में जाएंगे तो आपको कई सारे प्यचित्र भी. मिलेंगे इस चीज का। सो विजुअल. रिप्रेजेंटेशन ऑफ़ आवर हिस्ट्री. अ थ्रू आर्टिस्टिक मींस इज़ सो वाइड इन आवर. कंट्री।. ओके। अह अब कोणार्क की भी थोड़ी सी बात कर. लेते हैं। कोणाक यहां से थोड़ी सी दूरी पर. है। अभी मैं हाल फिलहाल में वहां पर गया. था।. कोणार्क की भव्यता देखकर आप आश्चर्यचकित. रह जाते हो।. जगन्नाथ पुरी. में इतनी पूजा पाठ है। उस मंदिर में इतना.
पूजा पाठ क्यों नहीं रहा? नहीं पूजापाठ होता था।. उस परंपरा में जितनी भीड़ वहां जाती है या. जितना उसका आकर्षण रहा जबकि मंदिर वो भी. बहुत भव्य बना रहा। और उसको जब आप पढ़ते. हैं, समझते हैं तो आपको यह एहसास होता है. कि कोणाक मंदिर भारत का सबसे बड़ा खुला. हुआ सूरज की घड़िया घर था। हम. अ. दो पहले मैं एक इंफॉर्मेशन दे दूं जो ओपन. एस्ट्रो एस्ट्रोलॉजिकल एस्ट्रोनॉमिकल.
सेंटर जिसका आप जिक्र कर रहे हैं। इट वाज़. नॉट ओनली कोणार्क बाद में कोणार्क का कई. सालों बाद अह. जय सिंह मिर्जा राजे जय सिंह जिसके. मिर्जा राजे जय सिंह जो औरंगजेब का एक. बहुत बड़ा सिपासालार हुआ करते थे और बहुत. तेज आदमी था। जब तक वो जिंदा थे तब तक. औरंगजेब से इन्होंने सारे हिंदू साइट्स को. बचा के रखा था। ये जितने भी औरंगजेब ने. आक्रमण किया है मिर्जा राजे जय सिंह का.
स्वर्गवास के बाद हुआ था सारा। 1664. ऑनवर्ड्स इट स्टार्टेड।. [नाक से की जाने वाली आवाज़] खैर दैट इज अ. डिफरेंट हिस्ट्री।. तो उन्होंने मिर्जा राजे जय सिंह ने जय. सिंह घेरा बनाया पांच शहरों में और इन जय. सिंह घेराओं में ऑब्जरवेटरी होता था।. एक ऑब्जरवेटरी जय सिंह घेरा आपको मिलेगा. वृंदावन में और उसका ऑब्जरवेटरी मिलेगा जो. पहले था अभी बिल्कुल ध्वस्त हो गया थोड़ा. बहुत ही बचा है आर्कियोलॉजिकली कंस का. किला में जमुना किनारे.
एक ऑब्जरवेटरी आपको मिलेगा जयपुर में एक. ऑब्जरवेटरी आपको मिलेगा उज्जैन में एक. ऑब्जरवेटरी आपको मिलेगा काशी में और इन सब. में जय सिंह घेरा है एंड जयसिंघेरा यूज्ड. टू बी नॉट ओनली ह रेस्टिंग प्लेस बट वहां. पे दोज़ आर यूज्ड टू बी कल कल्चरल सेंटर्स. आल्सो बहुत बड़ा कल्चरल सेंटर्स हुआ करते. थे। वी कैन हैव अ डिफरेंट डिस्कशंस एंड. दैट इज़ व्हाई व्हेन आई से द कंट्रीब्यूशन. ऑफ़ द कछवा राजपूत नीड्स टू बी लुक्ड. टुवर्ड्स इंडियन हिस्ट्री इट डेफिनेटली.
नीड्स टू बी रिलुक्ड।. देयर इज़ वन थिंग नाउ नाउ लेट मी कम टू द. कोणार्क वाला। देखिए कोणार्क का जो लेजेंड. है प्राइमरी [गला साफ़ करने की आवाज़]. लेजेंड इज़ सांभ। जो कृष्ण का पुत्र सांभ. है. सांभ को कुष्ठ हो गया था कृष्ण का अभिशाप. से तो उन्होंने 12 साल मित्रवन जो एक. मित्रवन हमें पूरी चंद्रभागा में भी मिलता. है एक मित्रवन हमें मुल्तान में भी मिलता. है और इतिहासकारों ने पर्शियंस अरेबियंस.
हिस्टोरियंस और इवन हिंदू हिस्टोरियंस हैव. शोन द मुल्तान सन टेंपल आल्सो बावेता. मुल्तान सन टेंपल का. [नाक से की जाने वाली आवाज़]. अह इनफैक्ट अह दाहिर के बाद भी अह मुल्तान. सन टेंपल में पूजा होता था। लोग उधर जाते. थे। इट यूज टू बी अ ग्रेट कल्चरल सेंटर द. मुल्तान सन टेंपल। तो मित्रवन वहां भी था, यहां भी था। तो कुछ लोग स्कॉलर्स मानते. हैं। श्याम ने मुल्तान में तपस्या किया. था। कुछ लोग मानते हैं इधर उड़ीसा के. चंद्रभागा में किया था। आई एम नॉट गेटिंग.
इंटू दैट। आई एम जस्ट गिविंग अ. पर्सपेक्टिव। तो यहां पे मित्रवन में 12. साल तपस करने के बाद उनको सूर्य देव का. आशीर्वाद प्राप्त हुआ और उनको चंद्रमा नदी. से एक सूर्य विग्रह दिव्य विग्रह मिला जो. उन्होंने स्थापन किया स्थापन करने के लिए. वो मंदिर बनाया. श्याम ने बट दैट इज इन द पुराणास और मां. बाद में इसमें आता है बट ये जो मंदिर है. ये जैसा मैंने बोला लंगुला नरसिम्हा देवा.
ने बुलाया अपनी मां का प्रेरणा से बंगाल. सल्तनत को खत्म करने के बाद. इसमें एक क्वेश्चन ये आता है कि 13वीं. शताब्दी में 12 साल में ऐसा मंदिर बनाना. ये कहीं तकनीकी रूप से पॉसिबल था या. विदेशी तकनीक लाई थी या हमारे. नहीं विदेशी टेक्निक नहीं था देयर वाज़ नो. विदेशी टेक्निक एट ऑल इट वास प्योरली द. जीनियस ऑफ़ आवर ओन स्कल्प्टिंग वर्क जीनियस. 12 जोड़ी पहियों सात घोड़े वाले सूर्य का रख. दिया गया 24 विशाल पहिया दुनिया के.
प्राचीन संडायल बन गए।. हमारी टेक्नोलॉजी इतनी आ गई थी तब।. इतनी आ गई थी। मैं आपको एक छोटा सा. एग्जांपल देता हूं।. हम. अ एक किताब मिलता है। मैं किताब पकड़ के. बोलता हूं। ठीक है? ताकि लोग समझ पाए।. किताब का नाम है अल. उदबी का किताब उल हिंद।. ये अलउदबी जो थे ये महमूद ऑफ गजनवी के साथ. आए थे। ये इनका पर्सनल हिस्टोरियन थे।.
क्रॉनिकलर जिसको बोलते हैं।. तो यह लिख रहे हैं दो चीज जो मेरा खास. इंटरेस्ट एरिया है।. [नाक से की जाने वाली आवाज़] एक भारतीय या. सनातनी या हिंदू जो है बहुत ऑनेस्ट है।. सिंसियर है। धर्म धर्मीय है। और इनका. शिक्षा बहुत हाईटेक है। शिक्षा, आर्किटेक्चर सब कुछ। और उन्होंने अलग-अलग. चैप्टर डेडिकेट किया है किताबुल लेंथ में. इसके ऊपर। आर्किटेक्चर के ऊपर एक, साइंस. के ऊपर एक, आयुर्वेद के ऊपर एक टेंपल्स के.
ऊपर एक और उनका जो शैली है आइकोनोग्राफी. के ऊपर। तो [नाक से की जाने वाली आवाज़]. उनमें वो लिखते हैं कि सुल्तान मतलब. मोहम्मद महमूद गजनवी सुल्तान जब सोमनाथ के. अंदर गर्भगृह में गए तो सुल्तान देख रहे. हैं कि जो शिवलिंग है वो आसमान में आसमान. में है। देयर इज़ सम मैग्नेटिक. टेक्नोलॉजी दैट वाज़ डिप्लॉयड इन अ टेंपल. जहां पे ये शून्य में शून्य में थे.
शिवलिंग।. दिस इज वन क्रिटिकल एविडेंस लिटरेरी. एविडेंस जिसको इन द टर्म ऑफ एन हिस्टोरियन. लिटरेरी एविडेंस आप मान सकते हैं। दूसरा. जो टेक्नोलॉजी था अब देखिए अ अपना कोणार्क. जब बन रहा था तब चारों तरफ से पत्थरों को. ले आया गया बोट्स में डाल के समुंदर से. नदी से हाथियों से खींच के देयर वाज़ अ. मैसिव डेप्लॉयमेंट ऑफ़ एलीफेंट्स इन द. मेकिंग एंड उड़ीसा इज़ नोन फॉर एलीिफेंट्स।.
दैट इज़ व्हाई द नेम गजपति हैज़ कम। आप मरीन. मेरिटाइम हिस्ट्री अगर देखोगे. ओसा का तो वहां पे हाथियां एक्सपोर्ट होती. थी। आज जितने भी जो साउथ ईस्ट एशियन. कंट्रीज में जावा, बोर्नियो, मलेशिया, थाईलैंड इन इसमें जितने भी हाथिया है इनके. पूर्वज सब उड़ीसा से गए हैं। महाभारत में. जितना हाथिया. था [नाक से की जाने वाली आवाज़] इसका. मेजॉरिटी उड़ीसा से गया था। कलिंग से. कलिंग वाज़ नोन फॉर एलीफेंट्स।.
महापद्मा नंदा का जो एिफेंट आर्मी था. नंदास का इट वास प्राइमरीली सोर्स फ्रॉम. ओसा एंड दैट इज व्हाई औरंगजेब एलेक्जेंडर. वास सो यू नो अफ्रेड. पुरु का 800 एलीफेंट ने 800 हाथियों ने जो. गदर मचाया था ग्रीकों का बोले महापद्मंदा. का 10,000 हाथियों का कहां से मुकाबला. करूंगा मैं उस जमाने का टैंक था यह आर्मड. व्हीकल टैंक्स जैसे भी बोलो आप रौंदते हुए.
निकलेंगे. तो. हाथियों का बहुत जबरदस्त इस्तेमाल हुआ।. दूसरी बात जो कोणार्क और जगन्नाथ टेंपल का. आर्किटेक्चर में जो एक आर्किटेक्चरल. डिफरेंस है कि व्हाई टुडे जगन्नाथ टेंपल. इज़ स्टैंडिंग एंड वो गिर गया कोणार्क। इट. इज बिकॉज़ जगन्नाथ टेंपल का जो मेजोरिटी ऑफ. द स्टोंस है इट इज प्राइमरीली प्राइमरीली. मेड ऑफ कंडलाइट स्टोंस व्हिच आर. एक्सट्रीमली रोबस्ट इन नेचर एक्सट्रीमली.
रोबस्ट क्डालाइट स्टोन अगली बार जब आप. पूरी जाएंगे आप मेरे साथ चलेंगे तो मैं. आपको कंडलाइट स्टोन दिखाऊंगा कि कंडलाइट. और इसका क्लोराइट स्टोन में क्या फर्क है।. लेकिन जो कोनार्क का मंदिर है वो खंडलाइट. स्टोन, ब्लैक क्लोराइट स्टोन और और एक. स्टोन है। मेरे को नाम याद नहीं आ रहा है।. इन तीनों का संगमिश्रण में बना था।. उसकी वजह से कोणार्क का मंदिर डैमेज हुआ।. उसका उसका नहीं डैमेज नहीं हुआ। उसके वजह. से मैं बोलूंगा कई सारे इतिहासकारों ने ये. निजास निकाला है। द स्ट्रेंथ ऑफ दिस.
स्ट्रक्चर वाज़ नॉट सो रोबस्ट एस जगन्नाथ. मंदिर। दिस इज वन। एक पोर्तुगीज़ थ्योरी. आती कि पोर्तुगीज़. अरे वो सब कुछ नहीं था। मैगनेट मैग्नेट. कुछ नहीं था। ऊपर एक बैंड था जो पत्थर को. बांध के रखेगा और उसका जो उरिया नाम है. उसका उरिया अ यू से टर्म है जो यूज़ होता. है दैट इज वेरी सिमिलर टू अ मैग्नेट द. टर्म आई एम आई आई एम सॉरी फालतू थ्योरी के. नहीं नहीं ये सब कुछ नहीं था ये सब कुछ. पोर्तुगीज़ ने तोड़ दिया मैग्नेट ले गया. देयर आर सो मेनी थ्योरीज़ लाइक दैट.
कालापहार ने तोड़ दिया कालाहार ने भी नहीं. तोड़ा इट हैज़ बीन प्रूव्ड डोनल्ड सन हैज़. रिफ मैं नाम दे रहा हूं डोनल्ड सन काफी. डिटेल्ड रिसर्च रहा है इसमें इट इज़ बिकॉज़. वन ऑफ़ द गजसिम्हास आप जगन्नाथ मंदिर में. भी देखेंगे जो आम्ल है द ड्राउन स्ट्रक्चर. ऑन द टॉप ठीक है ना उसके नीचे गजसिम्हास. है सिंक ठीक है ना उसको गजसिम्हा बोलते. हैं इन टर्म्स ऑफ इंडियन आइकोनोग्राफी.
जो सब जो गजसम्हा था आई थिंक ऑन द साउथ. वेस्ट साउथ साउथ की तरफ जो था वो गजसिम्हा. गिर गया था बिकॉज़ ऑफ द वीकनेस ऑफ द बॉडी. क्यों वीकनेस बिकॉज़ ऑफ कास्टेंट सैलेिनिटी. कास्टेंट. समुंदर से जो सैलेिनिटी आता है। इसके वजह. से उसके ऊपर कोई प्रोटेक्शन नहीं डाला था. इन्होंने जो पूरी का मंदिर में था। लाइम. पेस्ट लगा के रखते थे गजापति लोग जो एएसआई. ने बाद में हटा दिया 19 80 का दशक में.
उनको हटा दिया था और उसके बाद से. स्कैफोल्डिंग पे काम चलता ही है। काम चलता. ही है। तो इसीलिए. कोणार्क को ब्लैक पगोडा बोला जाता था और. पूरी टेंपल को वाइट पगोडा बोला जाता था।. 17वीं शताब्दी से जब यूरोपियन सी फेयरर्स. इधर से चालू किया काम अपना नेविगेशन चालू. किया तो दैट यूज़ टू बी देयर लैंडमार्क. कोणाक में नरसिंह देव जी जो थे प्रथम. जिन्होंने बनवाया. हम लंगुला नरसिंह देव हां नरसिंह. उनका मंदिर में इतना जिक्र क्यों नहीं है.
दैट इज अ फौल्ट ऑफ आवर हिस्टोरियंस हु रोट. द इंडियन हिस्ट्री जिस वंशज ने जिस वंश ने. आपको कोणार्क सन टेंपल दिया जो यूनेस्को. वर्ल्ड हेरिटेज साइट है। आपने उस वंश को. ही हवा एकदम गायब कर दिया। दैट इज़ व्हाई. आई सेड दैट देयर इज़ अ नीड टू अ स्टडी. गजपति कपिल इंद्रदेव राउत आल्सो। देयर इज़. अ. आम तौर पर लोग खुद भी अपना मेंशन करवाते. थे। उन्होंने नहीं करवाया।. इं्रिप्शंस था बट इं्रिप्शंस में अभी भी.
है। इं्रिप्शन से ही तो हमें पता चलता है।. लिटरी टेक्स्ट से पता चलता है। लंगुला. नरसिम्हा देवा ने बनाया।. हम. बट इंडियन हिस्ट्री में कहां है? इंडियन. हिस्ट्री में नहीं है। हम इंडियन हिस्ट्री. में नहीं है। अब मजे की बात यह है कि. इं्रिप्शन तो हर मंदिर में भी है। जगन्नाथ. मंदिर में भी है। वहां पे सब कुछ दिया हुआ. है इं्रिप्शन में। वहीं से तो पता चलता है. कि कौन किस समय का इंपीरियल गंगाज़ ने वो. मंदिर बनाया या भौमकरास का टाइम के था या. भौमकरास से पहले का था।.
क्या सबसे शॉकिंग चीज है जो आज के लोगों. को आश्चर्यचकित करनी चाहिए? कोणार्क मंदिर. के बारे में? कोनार्क में एक आइकोनोग्राफी है जिराफ का।. उड़ीसा में जिराफ कहां से आ गया? मैं पूछ रहा हूं। इट इज द मैरिटाइम लिंकेज. वि द अफ्रीकन पोर्ट्स।. गिफ्ट किया था जिराफ। तभी जाके वो जिराफ. इधर आया था और तभी जाके उसका आइकनोग्राफी. में डाला गया।.
इतना कनेक्टेड थे हम।. भाई साहब राखलदास बनर्जी ने अपना हिस्ट्री. ऑफ उड़ीसा में क्लियर कट जिक्र किया था. हमारा ओसन पोर्ट से और बंगाल का बंगाल का. ताम्र लिप्त से लैटिन अमेरिकन पोर्ट्स तक. जाते थे हम लोग. रोमन तो था ही अफ्रीकन पोर्ट्स तो था ही. इजिप्शियन सुमेरियन पोर्ट्स तो था ही बट. [गहरी सांस लेने की आवाज़][अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़]. लैटिन अमेरिका तक जाते थे हम लोग और आपको. समझना पड़ेगा. चिल्का. आप कुछ देर पहले चिल्का की जिक्र कर रहे.
थे चिल्का और ताम अम्रलिप्त. ये दो जो था ये नेचुरल हारबर्स थे। एंड. नेचुरल हारबर्स में क्या होता है? शिप. बिल्डिंग होता है। तो ये जो दो नेचुरल. हर्ब था यह नॉट ओनली शिप बिल्डिंग. इंडस्ट्री था। बट एट द सेम टाइम यहां पे. जितने भी मदद वेसल्स होते थे बड़े-बड़े. जहाज जो होते थे जहां पे आपका उसका हल ही. इतना बड़ा होता है कि उसमें हाथी भी समा. रहा है और 2000 फौजी भी जा रहे हैं और. ट्रेडर्स भी जा रहे हैं। आप सोचिए कितने. बड़े जहाज होते होंगे और क्या टेक्नोलॉजी.
से बना होगा. और उस जमाने में. 700 से 2000 लोग जाने का कैपेसिटी होता था. उन जहाजों में और उसके उसमें मतलब. मरकंडाइज में क्या होता था? हाथी होते थे।. आईवरी प्रोडक्ट्स तो होता ही था। हाथी भी. होते थे और एक दो हाथी नहीं कई सारे हाथी. जो साउथ ईस्ट एशियन कंट्रीज में जाते थे।. इवन रोमन एंपायर्स में भी गए हैं। कई बार. सिल्क गया है।. उड़ीसा से या ताम्रलिप से जो सिल्क जाता. था उसका इतना डिमांड था रोमन एपरर रोमन.
एलट में कि दे ऑलमोस्ट. यू नो फिनिश्ड ऑफ देयर गोल्ड्स गोल्ड. रिजर्व। उसको खरीदते-खरीदते. यह तो बहुत बहुत पहले की बात है। आप देखिए. मुर्शिदाबाद देखिए। आप बंगाल को देखिए।. उसका जो मुस्लिम सिल्क था सिल्क को कैसे. ब्रिटिशर्स ने खत्म किया इंडिगो इंडिगो. रेबेलियन के थ्रू सॉरी इंडिगो कल्टीिवेशन. के थ्रू।. उस सिल्क का इतना क्वालिटी इतना था कि.
यूरोप में तब भी वो बिकता था। कितने हाई. प्राइस में. और कैसे अंग्रेजों ने उसको खत्म किया।. वो एक अलग हमें डिस्कशन करना पड़ेगा। जहां. पर मैं आपको डाटा दूंगा इंपोर्ट और. एक्सपोर्ट का कि कैसे बंगाल को मारा गया।. मैं सिर्फ तीन पॉइंट आपको बोलूंगा। बंगाल. का कितना फ्लोरिशिंग था। एक. औरंगजेब का पूरा डेक्कन कैंपेन मुर्शद. कुली खान ने फंड किया था।.
सिर्फ बंगाल सुबह बंग का रेवेन्यू से 1. करोड़ महीने उस जमाने में जो 27 साल का. डेक्कन कैंपेन है औरंगजेब का इट वास. एंटायरली फंडेड फ्रॉम बंगाल्स ट्रेजरी।. दूसरा. जितने भी आपका. ब्रिटिश और यूरोपियन ट्रेडर्स सीफेरर्स. आते थे वो जगत सेट से पैसा उधार लेते थे।. ही यूज्ड टू बी द बिगेस्ट बैंकर ऑफ एशिया.
जगत सेठ. तीसरा. मैं आपको बता रहा हूं जो मुर्शिदाबाद है. आज की डेट में मुर्शिदाबाद शहर है वो तो. गंगा किनारी ही है। मुर्शिदाबाद टाउन वाज़. सो फ्लोरिशिंग एट दैट पॉइंट ऑफ टाइम। वहां. का सब टॉल बिल्डिंग्स आज भी देखने को. मिलता है। वहां पे मदर वेसल्स आते. ट्रेडर्स आते थे डायरेक्ट।.
इतना फ्लोरिशिंग था सर वो।. और वहां से हम कहां पहुंच गए? जब. हिंदुस्तान आजाद हुआ तब बंगाल का एवरेज. लाइफ स्पैन आपको मालूम है कितना था? 27. साल।. बाप रे।. और इंडिया का पता था क्या है? 32 इयर्स।. इतनी दूरदर्शा थी हमारे यहां।. मैंने एक डाटा स्टडी किया था जहां पर 1838. से 1938.
के बीच में 100 साल होता है।. भारत का जनसंख्या जो था वो 200 मिलियन पे. सॉरी 20 मिलियन पे फिक्स था 20 करोड़ में. और उसी डाटा के दौरान मैंने देखा यह जितने. भी फेमिनंस हुए. इसमें तकरीबन तकरीबन 1.6 ट्रिलियन लोगों. का. स्वर्गवास हो गया। 1.6 ट्रिलियन.
इनसेन. इनसेन फिगर्स। इनसेन फिगर्स आई आई एम. टेलिंग यू लोगों को एक किताब जरूर पढ़ना. चाहिए। वो है शशि थरूर का इनग्लोरियस. एंपायर। पढ़िए उसको।. थरूर साहब ने 16 बड़े फेमिनंस के ऊपर लिखा. है। बट मैं मेरा जो रिसर्च है मैं उसके. बियों्ड भी जा चुका हूं। मतलब दिल दहल. जाएगा।. स्वामी विवेकानंद यही सब तो देख के इतना.
दुखी हो गए जाके वह कन्याकुमारी में बैठकर. तपस करने लग गए।. जाप कर ध्यान करने लग गए कि मैं इस देश का. उद्धार कैसे करूं।. परिप्राजक के रूप में 1800. 87 से 1852 तक 1887 टू 1892 ही वास. स्टोरिंग एंटायर इंडिया. एंड व्हाट ही सॉ गिव बर्थ टू हिज रेडिकल. आइडियाज ऑफ हाउ इंडिया हैज़ टू बी रिवाइव्ड.
इफ सनातन लिव्स इंडिया लिव्स इफ सनातन. डाइस इंडिया डाइस. एस सिंपल एस दैट. ओके. सर जो कोणाक मंदिर का जिक्र हम कर रहे थे. वहां पर 29 फीट ऊंचा शिखर था 220 फीट. 220 फीट जो सबसे बड़ा होता 220 फीट. अगर वो होता तो विश्व का सबसे ऊंचा. वो आपका देउल जो है द पोर्च और द मुखशाला. द मेन मेन स्ट्रक्चर जो है गर्भगृह के ऊपर.
जो है देउल बोलते हैं उसको दैट यूज टू बी. 220 फीट. बट 220 फीट मतलब सबसे सबसे बड़ा. [नाक से की जाने वाली आवाज़]. 220 फीट है वो. 220 फीट था वो. इंडिया में आई डोंट थिंक इतना बड़ा कोई. बृहदेश्वरा है आई थिंक जगन्नाथ लिंगराज इस. आल्सो प्रीटी बिग नॉट दैट बिग बट सो लिटिल. इट. देखना कुछ टेंपल्स है जिसका आज भी बहुत. खतरनाक है हाइट. कोणक मंदिर ध्वस्त कैसे हुआ या जो टूटा.
मैंने बोला ना गज सिंह गिर गया था उसका. बस वही थ्योरी थी. मेनली वही है. कोई इन्वेशन नहीं हुआ था. नहीं नहीं नहीं कोई इन्वशन नहीं हुआ था. इन्वजन इन्वजन अगर हुआ भी था उससे पहले वह. गिर चुका था। बिकॉज़ इसका क्रॉनिकलर एक. मुगल क्रोनिकलर है जो बोल रहा है 1627 में. जब मैं जा रहा हूं वहां से मैं देख रहा. हूं वहां पे सूर्य पूजन हो रहा है। 1627. की बात है। उसका 8 या 9 साल बाद एक दूसरा. क्रॉनिकल लिख रहा है यहां पे जंगल हो गया. है। तो यू कैन एक्सपेक्ट अराउंड 1630 1632.
यह टेंपल गिर गया।. दैट्स व्हाई इट वास अबंडेंट।. ओके। एक थ्योरी सर यह भी है कि ब्रिटिश. सरकार ने मंदिर को रेत से भरकर सील कर. दिया था।. हां वो तो फैक्ट है। अब दो चीजें मैं आपको. बताता हूं इस सिलसिले में। अभी एएसआई जो. प्रोजेक्ट कर रही है. अ जगमोहन में व्हिच इज द स्ट्रक्चर दैट वी. सी टुडे। जगमोहन एंड नाट मंडप। राइट? [नाक से की जाने वाली आवाज़]. जो भोगा मंडप भी बोला जाता है।. [गला साफ़ करने की आवाज़] जगमोहन जो खड़ा.
है उसके अंदर रेड डाल दिया 1901 में टू. प्रिवेंट [नाक से की जाने वाली आवाज़] इट. फ्रॉम फॉलिंग और उसके अंदर आयरन पिलर से. सपोर्ट देके पूरा सैंड स्टफिंग कर दिया।. तो अभी हाल ही में कुछ. तीन-चार साल पहले इट वाज़ नोटिस्ड कि उसमें. प्रॉब्लम्स आ रहा है पानी के जमा होने की. वजह से एंड दैट कैन लीड टू दी डिसइीग्रेशन. ऑफ़ जगमोहन। तो तब एसआई ने एक 5 साल का. प्रोजेक्ट स्टार्ट किया लास्ट ईयर से जहां. से वह पूरा रेत को निकालेगा आयरन पिलर्स. को बड़े-बड़े और मोर रोब स्टील फ्रेम से.
उसको सपोर्ट देंगे एंड दे विल पुट सम. एडिशनल रिइंफोर्समेंट करेंगे. [नाक से की जाने वाली आवाज़] और करके सॉरी. करके पब्लिक के लिए जगमोहन को खोल देंगे. और उसके अंदर ऐसे नकाशा नकाशी है। द. आइकोनोग्राफी इज़ अबब्सोलुटली स्प्लेंडेड. अमेजिंग अमेजिंग।. मैं तो गया था अभी वहां पर उसकी खूबसूरती. देखकर आया मैं।. हां। और और एक चीज मैं बता देता हूं।. अंग्रेज आप आई डोंट नो इफ यू हैव नोटिस्ड. मंदिर के जैसे आप एंट्री लेते हो राइट.
साइड में एक नवग्रह मंदिर है। आप वहां गए. थे? नहीं।. लोगों को जाना चाहिए। वहां पे एक अजूबा. रखा हुआ है।. जो जगमोहन है जो करंट स्ट्रक्चर उसका जो. डोर जैम है उसके ऊपर नवग्रह पैनल हुआ करता. था। एक. वो नवग्रह पैनल अंग्रेज इतने वो एक. मोनोलिथिक स्ट्रक्चर है। मतलब एक सिंगल. स्टोन से बनाया गया है नवग्रह का। इतना. चौड़ा था कि उसको ये लोग ले जाने का कोशिश. किया। तो ले जाने का कोशिश पहला कोशिश.
विफल हो गया. क्योंकि उसका चौड़ाई और उसका वजन जो था वो. तकरीबन तकरीबन 5 टन का था। तो ये लोग हिला. ही नहीं पाए उसको। दैट वन स्ट्रक्चर। अब. सोचिए वो उसके ऊपर नवग्र पैनल बना के उसको. उन्होंने डोर जैम बना लिया।. तो क्या टेक्नोलॉजी था हमारे पास। अच्छा. तो उन्होंने काटा उसको उसको काटा उसको. मेरे ख्याल से. 4 मीटर का था। इफ आई करेक्टली रिमेंबर अभी. 2.7 मीटर्स का नहीं सॉरी 2.7 मीटर्स का था.
उसका चौड़ाई। 1.2 मीटर्स या 1.5 1.5. मीटर्स उन्होंने काटा। अभी जो है 1.2. मीटर्स है। उसको खींच के ले जाने का कोशिश. किया। वो सिर्फ 300 फीट ही हिला पाए उसको।. [नाक से की जाने वाली आवाज़]. एशियाटिक सोसाइटी से हुआ था वो एक्टिविटी. बाकी का हिस्सा. [नाक से की जाने वाली आवाज़]. बाकी का इट्स मोनो स्ट्रक्चर जब वो हटा. नहीं पाए राज खुर्दा का राजा ने उसको वहीं. पे सेट कर दिया और आज लोग उसको मंदिर के. तौर नवग्रह मंदिर के रूप में वो पैनल. पूजित होता है वहां पे.
आप जाइए अगली बार जब जाएंगे तो जरूर उसको. देखना देखने लायक चीज है वो इतना विशाल. परिसर सर इसके बावजूद पुजारी परंपरा वहां. स्थाई रूप से क्यों नहीं हो पाई फिर. जब मंदिर ही नहीं रहा तो पुजारी क्या. करेंगे. मंदिर ही तो जंगल बन गया था। आपको मैं आप. अगर नेट पे देखेंगे ड्राइंग्स मिलेगा आपको. 1837. का. मंदिर का हालत के ऊपर। अ आई एम फॉरगेटिंग. द नेम ऑफ़ दैट इंग्लिश जेंटलमैन जिन्होंने.
एक स्केच बनाया है उसका। आप वो स्केच देख. के समझ पे आएंगे कि कितना बड़ा खंडर पड़ा. था। खंडर बना हुआ था वो।. बट अभी तो मतलब काफी चीजें दिखाई पड़ती है. आधी अधूरी में।. अभी तो दैट्स अ दैट्स अ लास्ट 150 साल का. काम है। लास्ट 150 साल का काम है। जो. जगन्नाथ मंदिर के ऊपर जो अरुण स्तंभ है. सिंह दरवाजे पे वो भी तो कोणार्क का ही. है। वो भी कोणार्क का ही है। वहां से. मराठा ले जाके उठा के इधर ला के बसा दिया.
उन्होंने।. कुछ-कुछ हिस्से है जो खुरदा के राजा ने. डाल दिया। उधर से उठा के ले जाके श्री. मंदिर में फिट कर दिया। ऐसे बहुत है।. अब तक आपने जितने शोध की जितने सब्जेक्ट्स. पे सबसे शॉकिंग चीज क्या रही आपके लिए? जिसने आपको सबसे ज्यादा आश्चर्यचकित कर. दिया।. द्वारका. 7,000 साल पुरानी 10,000 साल द्वारका. मैं बता रहा हूं भारत सरकार मोदी जी खुद. उधर गए थे। उसके बावजूद भी अभी जो अंडर.
वाटर एक्सकवेशन हो रहा है, दे आर नॉट. गोइंग टू द राइट प्लेस। दे आर नॉट गोइंग. टू द राइट प्लेस। द्वारका एक ऐसी जगह है. जब इसका एक्सकेवेशन स्टार्ट हुआ। मैरीन. आर्कियोलॉजिस्ट. और अपना जो एनआईओ गोवा का जो मैरीन. आर्कियोलॉजी डिवीजन है इनके जो अ फर्स्ट. पर्सन थे जिन्होंने आर्कियोलॉजी डिवीजन. सॉरी अंडर वाटर एक्सकवेशन को सेटअप किया. इन्होंने प्रोफेसर एसआर राव काफी फेमस. इंसान है वो तो डॉक्टर प्रोफेसर एमिरेटस.
एसआर राव ने जब द्वारका का एक्सकवेशन चालू. किया आप सुनके हैरान हो जाएंगे कि. उन्होंने कौन-कौन सा स्पॉट्स पे. एक्सकेवेशन होगा। उसको निकालने के लिए. उन्होंने हरिवंशा को रेफर किया। हरिवंशा. एक खिलाई अपेंडिक्स है महाभारत का।. महाभारत का रेफर किया। मार्कंडेय पुराण का. रेफर किया। अग्नि पुराण का रेफरेंस लिया।. और इन सब से रेफरेंस में लेके मैं वो भी. बता देता हूं। हरिवंश में विष्णु पर्व है।.
महाभारत में सभा पर्व है। आदि पर्व है और. शांति पर्व है। इन तीनों पर्वों इन तीनों. पर्वों से उन्होंने रेफरेंस उठाया।. [अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़]. और फिर मार्कंडे पुरान भी रेफर किया. उन्होंने और इन सबको रेफर करने के बाद. उन्होंने वो स्पॉट्स आइडेंटिफाई किया कि. जहां पे एक्सकवेशंस होना चाहिए और उसी. हिसाब से उन्होंने एक्सकवेशन किया। अच्छा. ये तो गया एक्सकेवेशन को हम शॉर्टलिस्ट कर. रहे हैं कि कौन-कौन साइट्स पे हम करेंगे।. बट जब फिजिकल एक्सकेवेशन हुआ आप अगर उनका.
रिपोर्ट पढ़ेंगे मैंने पूरा एक उनका. डिटेल्ड रिपोर्ट है जो एनआईयू गोवा में भी. रखा हुआ है।. [नाक से की जाने वाली आवाज़]. उस रिपोर्ट में सबसे बड़ी हैरान करने वाली. बात है एक साइंटिस्ट और एक जियोलॉजिस्ट वो. आर्कियोलॉजिस्ट वो भी बोल रहे हैं कि. द्वारका का जो खुदाई हुआ जब मैरीन. आर्कियोलॉजी के तहत एक्सकवेशन हुआ उसमें. मुझे जो मिल रहा है उसमें सिर्फ कृष्णा का. द्वारका टैगलाइन मिसिंग है। सिर्फ मैं.
इतना बोल सकता हूं। महाभारत में द्वारका. का मतलब क्या है? द्वारका का मतलब है. अंग्रेजी में द वर्ल्ड सिटी द्वारिका राइट. तो जो वॉल्स रेमिनेंट्स मिला है वॉल्स का. और जो डिस्क्रिप्शन मिला है दिया गया है. महाभारत में वो बिल्कुल मैच कर रहा है. आपका जो कॉइंस मिला है जो आपका. [नाक से की जाने वाली आवाज़] एंट्री. एग्जिट पॉइंट के तौर पे वर्ल्ड सिटी था. फर्टिफाइड सिटी था वो यूज होता था.
ट्रेडर्स के लिए वो भी मिलता है वो भी मिल. रहा है इनका डिस्क्रिप्शन. अच्छा दूसरी बात है आप अगर महाभारत. पढ़ेंगे वर्ल्ड सिटी में वो दूसरा बता रहे. हैं कि इट इज अ इट वास बिल्ट ऑन अ. रिक्लेम्ड लैंड कुशस्थली नाम. [गला साफ़ करने की आवाज़] था उसका जो. लोगों को मालूम नहीं है द्वारका का पुराना. नाम था कुशस्थली वहां पे भी एक यादव राजा. का वास था तो जब देवकी पुत्र कृष्ण वहां. पहुंचे जब वह द्वारकाधीश बने। अब कृष्णा. का भी यहां पे दो डिवीजन हो जाता है। जब.
वो ब्रज में होता है वो नंदलाला होता है।. यशोदा नंदन होता है। जब मथुरा में जाते. हैं वो वासुदेव कृष्ण हो जाते हैं और जब. द्वारका में आता है वो द्वारकाधीश कृष्ण. बन जाते हैं। ये एक अहम बात है। तो. अब हैरान करने वाली बात यह है कि आप अगर. द्वारका का ये जो डिस्क्रिप्शंस है वॉल्स. का ये मैकेनाइज्ड वॉल्स भी कहीं पे कहीं. पे हम. और काफी हाइट था उसका वॉच टावर्स था काफी.
हाइट था ये सब महाभारत में मेंशंड है और. इनका जो एक्सकवेशन में इनको जो रेमिनेंस. मिला है हर चीज उनको मिला है अच्छा पोर्ट. सिटी था पोर्ट सिटी में आज अगर आप एनआईओ. गोवा में जाएंगे ऑब्वियसली. बड़े-बड़े जहाज लगते होंगे बंदर में. बंदरगांव था वो बंदरगांव में एंकरिंग होता. है जहाजों का आप बिलीव नहीं करेंगे. विश्वास नहीं करेंगे मैंने खुद देखा है. अपनी आंखों से इतने बड़े-बड़े पत्थर कम कम. से कम 10 से 12 टन का होगा वजन वो.
उन्होंने उठा के ले आए हैं हर एक साइज का. मतलब छोटे नाव भी है बड़े नाव है उनका. एंकर्स अभी भी है मिला हुआ है. इसके अलावा जो मैं शो से पहले आपके साथ. जिक्र कर रहा था. 2000 सन में सन 2000 सन में एएसआई अपना. रूटीन सॉर्टी रूटीन सॉ के दौरान रन ऑफ. कच्छ में उनको एक अंडर वाटर सिटी मिलता. है।. और मुरली मनोहर जोशी 2000 सन में उसके. बारे में प्रेस स्टेटमेंट भी देते हैं।.
प्रेस कॉन्फ्रेंस भी देते हैं। वह Google. में भी आज भी अवेलेबल है। वो शहर जो है 8. मील लंबा है। 8.5 मील लंबा बिल्कुल. द्वारका का रेप्लिका है वो। मतलब आप बोल. सकते हैं मैच्योर्ड हड़प्पन सिविलाइजेशन. अगर मैं उस तरीके से देखा जाऊं तो उस सिटी. का जो डेटिंग मैंने खुद पुष्टिकरण किया है. एनआईओ का एक बहुत सीनियर साइंटिस्ट से वो. खुद बोलते हैं ही बीइंग अ टॉप जियोलॉजिस्ट. ऑफ द कंट्री उन्होंने मेरे को बोला दैट यह.
सत्य है कि हमने जो उसका डेटिंग किया था. वो 75000 बीसी का है। मतलब 10,000 साल. पुराना है।. महाभारत से पुराना. 10,000 साल है। मतलब महाभारत से भी. पुराना। अब महाभारत का अगर हम कुरुक्षेत्र. का युद्ध का डेटिंग लेते हैं वो अलग-अलग. स्कॉलर्स अलग-अलग तरीके से उसका डेटिंग. करते हैं। कोई बोलते हैं 300. से 3200 बीसीई। कोई बोलता है 5500 बीसी।.
कोई बोलता है 1800 बीसीई। बट जो मैक्सिमम. मैंने देखा है मैक्सिमम स्कॉलर्स एग्री ऑन. 3100 टू 3200 बीसीई। चैरियट्स का आर्यन. इन्वेंशन थ्योरी ये सब को लेकर हमारा काफी. बहसबाजी हो चुका है। इसके ऊपर काफी चीजें. हो सकता है। मैं लेकिन एक चीज मानता हूं. बहुत आर्यन इन्वेंशन थ्योरी जितने भी. स्कॉलर्स आर्यन इन्वेशन थ्योरी को सपोर्ट. करते हैं वो लोग बोलते हैं 1500 बीसीई।. मैं सिर्फ एक पॉइंट लेता हूं आज की डेट. में। सिनोली में डॉ. संजय मंजुल के.
सुपरविज़न में जो चैरिट मिला था दैट ही हैज़. डेटेड अराउंड 1800 टू 2000 बीसीई। आप अगर. उस चैरियट को देखेंगे मैंने खुद तीन-चार. बार उसका इंस्पेक्शन किया चैरियट का. वो चैरियट उसमें कॉपर का काम है मेनली मेन. कॉमोनेंट है कॉपर और उसके साथ उसका. गैल्वनाइजेशन भी हुआ है और उसका अ मिनरल. मिनरल्स जो अप्लाई हुआ है वो बहुत जबरदस्त. है वो आज भी चैरिट इतना स्ट्रांग है मैं. आपको बता नहीं सकता उसके साथ एक एंटीना.
सोर्ड भी है और इसके साथ एक शील्ड भी है. और वो शील्ड हमारे जैसे बी आर चोपड़ा का. महाभारत में लिखा हुआ है वैसा शील्ड शील्ड. नहीं है। दैट शील्ड डिज़ वाइज इज वेरी. क्लोज इज वेरी क्लोज टू ग्रीक शील्ड्स और. द रोमन शील्ड्स। लेट मी टेल यू दैट आल्सो।. इंटरेस्टिंग।. आज भी एनालॉग सेटेलाइट टेक्नोलॉजी के. सहारे हमारे पास फोटोग्राफ्स अवेलेबल है।. इमेजेस अवेलेबल है यूरोपियन सेटेलाइट से.
कि और इसका पुष्टिकरण इस बात से होती है. कि द्वारका से भेंट द्वारका से 15 कि.मी. दूर लोग आज भी जाते हैं नाव में सवार हो. के स्टीमर बोट में सवार हो के वहां जाकर. दूध चढ़ाते हैं पानी के अंदर।. क्योंकि उसके नीचे देव के पुत्र कृष्ण का. महल है और वह उसका सेटेलाइट इमेज भी आया. है। वाइट मार्बल टाइल्स मिलता है देखने. को। जो आपका वॉल्ट सिटी है ना द्वारका में. द वर्ल्ड सिटी। यह वॉल का फॉर्मेशन कई जगह.
पे एक वराह की तरह दिखता है।. वी हैव नॉट इवन स्क्रैच द बैक ऑफ आवर. सिविलाइजेशन।. समुद्र के नीचे पूरा एक शहर।. मैंने रन ऑफ कास्टच का जिक्र किया था। था. रन ऑफ कच का गल्फ ऑफ कमट में सॉरी उधर जो. 10,000 साल जिसका डेटिंग में बता रहा था. एक भी एक्सकवेशन नहीं हुआ वहां पे वो एज. इट इज़ पड़ा हुआ है पिछले 25 साल से.
क्यों नहीं इसको एक्सप्लोर करते हैं. फंड्स नहीं है लोग नहीं है हमारे पास. डवर्स नहीं है. मैरीन आर्कियोलॉजिस्ट का कमी है मैरीन. आर्कियोलॉजिस्ट है कहां हमारे पास जो थे. वह सब रिटायर हो गए अभी ऑल एक्सेप्टेरियंस. नाउ जो टीम प्रोफेसर एसआर राव ने खड़ा. किया था वह सब रिटायर हो गए लोग नया डवर्स. कहां है एंड मैरीन आर्कियोलॉजी इज़ समथिंग. वेयर अ नॉर्मल आर्कियोलॉजिस्ट कैन नॉट. वर्क समबडी हैज़ टू बी ट्रेंड इन अंडर वाटर.
डाइविंग गोताखोर का ट्रेनिंग लेना पड़ेगा. अलग से उसके लिए मतलब एक मेरीन. आर्कियोलॉजिस्ट जो होगा एक आर्कियोलॉजिस्ट. भी होगा एक गोताखोर भी होगा और एक्सपर्ट. गोताखोर होना चाहिए. आपको जान के हैरानी होगा। 1980 के दशक में. जब पहली बार द्वारका का एक्सकवेशन हो रहा. था, प्रोफेसर एसआर राव ने जो टीम बनाया. था, उसमें एक लेडी भी थी, उसका फोटोग्राफ. है मेरे पास। वह अभी भी जिंदा है। बॉम्बे.
में रहती है। इतना भी मैं बता रहा हूं।. नाम नहीं बताऊंगा।. वो गई थी वो। दैट लेडी डवर डड ऑल दैट एक्स. एक्सकेवेशंस।. वुमेन पावर की बात कर रहे हैं हम लोग। अभी. एक जेट फाइटर उधार रहे हैं। ऐसा राव ने 80. का दशक में ये खड़ा कर दिया था।. नाइस।. वी विल ट्राई टू एक्सप्लोर नेक्स्ट टाइम. महाभारत एंड द्वारिका।. आज जगन्नाथ जी और कुणाक मंदिर के बारे. में।. बट एक चीज मैं आपको बता सकता हूं शुभंकर. जी कि जगन्नाथ महाप्रभु का जो तत्व है, जो.
कल्चर है, जो हिस्ट्री है, पॉलिटिकल, मिलिट्री, सोशियो कल्चरल इज सो वास्ट।. इतना अथा सागर है वो। मैं आज भी मैं मानता. हूं आई एम अ स्टूडेंट। आई एम नो एक्सपर्ट।. आई एम अ स्टूडेंट और मैं जितना कुछ सीखा. है, पढ़ा है, मैं थोड़ा बहुत उससे शेयर. किया आप लोगों के साथ।. [गहरी सांस लेने की आवाज़] पर मैं आज भी जब. भी जाता हूं, पढ़ाई करता हूं, कुछ ना कुछ. कुछ ना कुछ नया रोज मिलता रहता है।. सबसे बड़ी महिमा भगवान ने कब दिखाई? होता. ना जिसको हम चमत्कार मानते हैं।.
एक कहानी मैं आपको जरूर बताऊंगा जो है. मैंने अभी श्लोका के साथ भी डिस्कस किया. था जो मेरा. देखा हुआ है मतलब सुना हुआ है चश्मदीन. गवाह जिसको बोलते हैं जिन्होंने देखा था. एक जने ने मेरे को बताया था दैट मैन इज. वेरी ओल्ड नाउ ही इज ऑलमोस्ट 90. सूअर है वो सूअर है महासुअर मींस जो. महाप्रसाद बनाते हैं उनको सूअर बोलते हैं. महासुअर उनका हेड होता है.
[नाक से की जाने वाली आवाज़]. उन्होंने उन्होंने बोला था जब 1990 में. सुपर साइक्लोन आया था जिसमें लगभगल लगभग. 10,000 से भी ज्यादा लोग मारे गए थे।. ऑफिशियल काउंट 10,000 है कई अनऑफिशियल. सोर्स 30,000 तक भी जाता है। तो सुपर. साइक्लोन जब जिस दिन पूरी में लैंडफॉल. करने वाला था, जिस दिन सुबह लैंडफॉल करने. वाला था, उसका पिछले दिन रात को रात को. 11:00 बजे की बात है। नील चक्र से एक ब्लू. लाइट ऐसे सागर की तरफ निकल गया था। और.
उसके बाद साइक्लोन लैंडफॉल किया. केंद्रपुरा और जगत सिंहपुर में. और तबाही मचा दिया क्योंकि उस टाइम हमारे. पास इतना सेटेलाइट्स भी नहीं था इतना. अर्ली वार्निंग सिस्टम्स भी नहीं था जो आज. की डेट में है. तो ये मैंने सुना है मतलब ऐसे इंसान से. सुना है जिसने देखा है उस चीज को. और इसलिए कहते हैं कि अगर उसके दर्शन कर. ले तो. चैतन्य महाप्रभु एस पर पुरानी िक.
डिस्क्रिप्शन वास द अवतारा ऑफ कृष्णा एंड. राधा टुगेदर [गहरी सांस लेने की आवाज़] एंड. इसको उनको इसीलिए सचल जगन्नाथ भी बोला. जाता था। एंड चैतन्य महाप्रभु का इट्स. उनका जो कंट्रीब्यूशन है वो सिर्फ. रिलीजियस नहीं है। उसका एक पॉलिटिकल एंगल. भी है। बहुत बड़ा पॉलिटिकल एंगल है।. मिलिट्री एंगल भी है। ही फॉट वो जिस टाइम. आए तब बंगाल में इतना जबरदस्त इस्लामिक. कन्वर्शनंस हो रहा था। अट्रोसिटीज हो रहा. था कि मैं आपको बता नहीं सकता। अफगान्स व.
इन देयर पीक इन देयर पीक. और उस टाइम वो आके उन्होंने रोका और हुसैन. शाह या उनके काजियों से पंगा लिया. उन्होंने और क्या उनका ये था पर्सनालिटी. क्या था उनका? 6 फीट 6 इंच लंबा तप्त कंचन. रंग उनका जो है तप्त कंचन गौरांगी जिसको. राधा रानी के लिए बोलते हैं वैसा रंग था. उनका इतने बड़े-बड़े बाल हाथ अजानु लंबित.
मतलब घुटनों तक आता है जैसे श्री राम का. दर्शन डिस्क्रिप्शन में कृष्णा का. डिस्क्रिप्शन यह तथागत बुद्धा का. डिस्क्रिप्शन में मिलता है अजानु हन नाम. लंबित चौरे शोल्डर्स दैट्स व्हाई दे कैन. पुल दी बोल लाइक दैट. और इसका भी आर्कियोलॉजिकल. एविडेंस है. जगन्नाथ पुरी का मंदिर में ही है और आपने. शायद देखा भी है वो जब दर्शन करते थे ना. जगन्नाथ महाप्रभु का ऐसे दर्शन करते थे.
ऐसे ऐसे ये तीन तीन उंगली ऊपर और ये तीन. उंगली इधर करके ऐसे करके देखते थे यहां से. गरुस्तंभ के पीछे से क्योंकि गरुस्तंभ से. गर्भ गृह तक 1000 शालिग्राम शिला है तो वो. शालिग्राम के ऊपर नहीं जाएंगे तो इसलिए. इसलिए ऐसे करके दर्शन करते थे। उनका जो. फिंगर्स है वो आज भी उसका इंप्रिंट है. दीवार के ऊपर।. एक इंसान का फिंगर का इंप्रिंट कैसे हो.
सकता है यार? इतना बड़ा तेजस्वी पुरुष थे वो। तो आप. सोचिए नाउ लेट्स से आपका कंधा है इधर। मैं. हाथ इधर कर रहा हूं। राइट? और अगर मैं ऐसे. किया तो यहां यहां ऐसे करूंगा। मेरा हाइट. है 6 फीट 1 इंच।. वह उंगली का निशान जो है मेरे से भी इतना. सा ऊपर है। मेरे को ऐसे करके लगाना पड़ता. है प्रणाम के लिए।. तो उनका शोल्डर का हाइट कहां होगा?
सो ही वास ऑलमोस्ट 6 फीट 6 इंचेस एस्ट ऑल।. बंगाली में उनको हम बोलते हैं पुरुष सिंह।. शेर की बब्बर शेर की तरह था वो।. और उनका जो इंपैक्ट था. उसका आंकलन आज भी इतिहास में नहीं हुआ है।. आज भी नहीं हुआ है। मैं बता रहा हूं। आज. जो वृंदावन हम देखते हैं, यह उनका देन है।. इट इज ऑल बिकॉज़ ऑफ़ हिम एंड नोबडी एल्स।.
नोबडी एल्स द एंटायर ब्रजमंडल।. जंगल बन गया था। खंडर बन गया था।. मुसलमानों के एक के बाद एक इन्वेज़ंस के. बाद। गजनी, लोधी, गोरी, तुगलक. उस उन हालातों से उन्होंने निकाला और अपने. छह गोसाइयों को ऐसे ट्रेन किया, ऐसे ट्रेन. किया कि सम्राट अकबर भी झुक गए उनके. सामने।. आपको सुनके हैरानी होगा। अकबर खुद निधिवन.
में आया था रास देखने के लिए महाराज देखने. के लिए और उसका पेंटिंग में पेंटिंग भी आज. मिलता है ब्रज में कि स्वामी हरिदास बीना. लेके बैठे हुए हैं निधिवन के अंदर और अकबर. इज ब्लाइंड फ्लोड एंड ब्रॉट टुवर्ड्स हिम. बाय मानसिंह. ही केम अकबर केम इन 1570 जहांगीर भी आए थे. 1620 में वृंदावन में. शाहजहां से ऑनवर्ड्स पिक्चर स्टार्टेड. चेंजिंग बट अ ये दो मुगल सम्राट जो थे ऑल.
फॉर पॉलिटिकल रीजन दे हैड नो लव फॉर यू नो. वैष्णविज्म और भक्ति मूवमेंट एंड ऑल दैट. ऑल फॉर पॉलिटिकल रीजन दे केम दे. इन्वेस्टेड एंड दे बोट डाउन टू दी पावर ऑफ़. द गोसाई बिकॉज़ इतना वर्चस्व था गोसाइयों. का इतना लोगों के ऊपर जनता के ऊपर उनका. गहन मतलब प्रभाव था. एक आखरी सवाल सर जिसको लेकर अभी बवाल हुआ. था राधा रानी का श्राप.
ऐसा कुछ नहीं. हजारों अखबारों में छपा पड़ा है।. यह जितने भी अखबारों ने लिखा है यह सब गजब. है। गलत है। देखिए. कहां से लोग थ्योरीज निकाल लेते हैं ये? आई डोंट नो यार जैसे वो मतलब हार्ड बना. दिया, न्यूक्लियर रिएक्टर बना दिया। यह भी. कुछ ऐसा ही होगा।. [अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़] देखिए. सबसे पहली बात तो यह है राधा रानी का. जिक्र हरिवंशा महाभारत कहीं पे नहीं मिलता. है। इनका जिक्र राधा रानी का जिक्र मिलता. है ब्रह्म वैवर्त पुराण में। दूसरी बात.
महाभारत हरिवंशा इन सब में गोपियों का. जिक्र मिलता है। उद्धव का जिक्र मिलता है।. वह जगह भी वृंदावन में आज है जिसको बोलते. हैं ज्ञान गुद्री जहां उद्धव आके उद्धव. महाराज आके गोपियों के साथ बैठे थे। वो. जगह भी है और वहीं पे तुलसीदास का भजन. कुटिया भी है। तुलसीदास बीइंग तुलसीदास. वहीं पे जाके भजन किया था ज्ञान गुद्री. में। सो प्लीज अंडरस्टैंड द सेंटिटी ऑफ़. दैट प्लेस। सिग्निफिकेंस ऑफ़ दिस प्लेस।. तीसरा पॉइंट. राधा तत्व जो है सबसे ज्यादा उभर के उठ के.
आता है जयदेव गोस्वामी का गीत गोविंद में. बिकॉज़ ऑफ गीत गोविंद. राधा तत्व केम इनू प्रोमिनेंस और जब भक्ति. मूवमेंट हुआ चैतन्य महाप्रभु कंप्लीटली. चेंज बेसिंग हिज ओन टीचिंग्स बेसिंग गीत. गोविंद ही कंप्लीटली चेंज और राधा रानी का. जो कांसेप्ट है तत्व है यह एकदम ऊपर सबके. ऊपर आ गया।. सो राधा रानी का श्राप ऐसा कुछ नहीं है।.
राधा का कोई श्राप ऐसा कुछ नहीं है।. मतलब ये थ्योरी थी कि वहां गई उनको रोक. लिया गया।. नो नो नो राधा रानी कभी पूरी जगन्नाथ पुरी. या नीलाचल क्षेत्र या पुरुषोत्तम क्षेत्र. में कभी गए नहीं। गोपिका गए थे लेकिन. कुरुक्षेत्र में गए थे। कृष्ण से मिलने यह. महाभारत में आता है। यश नंद बाबा और यशोदा. मैया भी गए थे। सूर्य ग्रहण पे गए थे. सनहित सरोवर में मिलने के लिए। मैं आपको.
स्पेसिफिक बोल रहा हूं ताकि मैं इस थ्योरी. को खंडित कर सकूं।. नेक्स्ट टाइम आई विल गो कुरुक्षेत्र।. यस वी शुड गो। और मैं आपको दिखाऊंगा।. सनहित सरोवर वो जगह है जहां से कर्ण का. कवच कुंडल उठाया गया था।. इंद्र ने उठाया था। जो मेरा कुरुक्षेत्र. के ऊपर किताब आएगा उसमें यह सारा. कैप्चरर्ड है।. कब ला रहे हो किताब आप? लगेगा अभी एक डेढ़ साल और लगेगा। अभी तो. कितना कुछ चल रहा है मेरे जिंदगी में तो. अभी हाल ही में एक महीना पहले मेरा पिताजी. का स्वर्गवास हो गया। तो तो उसी से अभी.
बाहर नहीं आ पाया हूं। तो चल रहा है। काम. चल रहा है। और सनि सरोवर ने अकबर ने. जेनोसाइड भी करवाया था साधुओं का। इट इज. दैटेंस प्लेस। प्लेस और वहां से सूर्य. मंदिर भी है। बहुत गया हूं।. वही तो है सनी नहीं आप जरूर ब्रह्म सरोवर. गए हैं. ब्रह्म सरोवर गए हां आप सन सरोवर नहीं. जाएंगे मुझे मालूम है. सनी सरोवर लोग जाते नहीं है बहुत कम साधु. साधु जन जाते हैं साधु जन जाते हैं लेकिन. मैं आपको ऐसेसे अनोखे जगह.
क्षेत्र में कहां कहां प्रमाण है. किस चीज का. महाभारत काल का. महाभारत काल का कोई प्रमाण आज आपको नहीं. मिलेगा एक था. लेकिन महमूद ऑफ गजनवी ने उसको को विध्वंस. कर दिया। एक था. और मैं आज यह बोलूंगा अपने रिसर्च से उस. जगह का नाम था अस्थिपुरा।. ओजस घाट में था वो। अस्थिपुरा वो जगह था. जहां पर महाभारत काल काल का युद्ध में.
कुरुक्षेत्र का युद्ध में जितने भी लोगों. का सद्गति हो गया था उनका दाह संस्कार. किया गया था। सब जीव-जंतु सबका. [नाक से की जाने वाली आवाज़]. ओजस घाट में था वह अस्थिपुरा नाम।. अस्थिपुरा के बारे में हन सेंग भी लिखा है. और हन सेंग ने वहां बहुत बड़े-बड़े. हड्डियां मिला है उनको देखने को यह भी. लिखा है और वो हड्डियां हाथियों का है. इंसान का है उसका उन्होंने जिक्र नहीं. किया है.
और इसी चीज का पुष्टिकरण अलेक्जेंडर. कनिंघम ने भी किया है. तो ये जो कहते हैं कि भीष्म पितामह को. यहां पर शैया पर लेटाया गया था ये. तो वो सब जगह सब आदि शंकराचार्य ने. रिसेलेक्ट किया जैसे चैतन्य महाप्रभु. वृंदावन को रिसरेक्ट किया वो आदि. शंकराचार्य ने किया था। जैसे आदि. शंकराचार्य ने केदार को रिसरेक्ट किया, बद्री को रिसरेक्ट किया, कंखल को रिसरेक्ट. किया। ऐसे ही उन्होंने कुरुक्षेत्र में. किया था। जब वो पूरा दौरा करने निकला था. भारत का तब उन्होंने किया है। मठ. प्रतिष्ठा करते गए और यह सब रिसेंट.
विकास तो हमारे शंकराचार्य में भी कर सकते. हैं।. बिल्कुल कर सकते हैं। आपको मालूम है. हरिद्वार में एक जगह है जहां पे पार्वती. गुफा है। वहां पे उनका बसाया हुआ शिवलिंग. इतना बड़ा शिवलिंग। 4 फीट का शिवलिंग है. वो जंगल के बीच।. मैं खुद देख के आया हूं।. लेकिन दिलचस्पी आदि शंकराचार्य में बहुत. है।. ब्रह्म सरोवर में आप जहां गए थे वहां पर. औरंगजेब ने एक फोर्ट बनाया था और फोर्ट. में मस्कटियस बिठा के रखे थे। उनका पता है. उनका काम क्या होता था मस्कटियर्स का और.
शार्प शूटर्स लेट मी से दैट फेस। उनका काम. होता था ब्रह्म सरोवर में जितने हिंदू. डुबकी लगाने आ रहे हैं टू शूट एट देम।. और उस किले का दीवार आज भी मिलता है. ब्रह्मसरोवर के पीछे।. औरंगजेब ने कोई कसर नहीं छोड़ी थी।. नहीं. फतवा ए आलमगिरी किस लिए लिखा गया? फतवा ए. आलमगिरी फॉलो हो रहा है आज की डेट में।. जितना भी हो रहा है, फतवा आलमगिरी फॉलो. होता है। इट्स अ टेक्स्ट दैट वाज़ रिटेन.
बाय हिम। ही वाज़ अ डिवाउट।. जदुनाथ सरकार ने इसके ऊपर काफी लिखा है।. आप पढ़िए जदुनाथ सरकार को। दौर दौर की बात. है। थैंक यू सर। लवली टॉकिंग टू यू। और. उम्मीद करते हैं कि यह वन ऑफ द फर्स्ट. एपिसोड हो। अब्सोलुटली। इसके बाद और बहुत. सारी चर्चाएं, बहुत सारे संवाद, बहुत सारे. कहानियां। उम्मीद करते हैं दर्शकों को भी. आनंद आए और बाकी अंत में ही कहेंगे जय. जगन्नाथ।. जय जगन्नाथ।.
