Raushan Anand Sir vs Khan Sir | Inside Bihar's Biggest Coaching Controversy | Shubhankar Mishra
आप जेल से निकले आप घर क्यों नहीं गए. पहले? क्योंकि हमको पता है हमारी आवाज दबा दी. जाएगी। उन पे सच्चा केस है। हम पे झूठा. केस है। हमको झूठा केस में एफआईआर होने के. 4 घंटा के भीतर अरेस्ट करके जेल भेज दिया. गया और उनप सही केस होने के बावजूद. प्रशासन उसको गिरफ्तार नहीं कर सका। खान. सर पर हत्या की साजिश. खान सर और रोशन सर के बीच. टीचर वॉर शुरू हो गया है।. रोशन आर्यन. प्रिंस यादव की हत्या की गई है। हम अपने. आप को सर जवाब नहीं दे पा रहे हैं सर। जो.
भाई मेरे लिए हमेशा खड़ा रहता था उसको. हमने खो दिया है। हमको सर विश्वास नहीं. होता है सर कि वो मर गया है। सच पूछिए तो. सर। [संगीत]. हमारा ना माइंड ना हार्ट। कोई भी इस बात. को एक्सेप्ट करने के लिए सर तैयार ही नहीं. है कि प्रिंस मर गया है। आंसू जो होता है. ना सर आंसू सर मेरा सूख गया है सर।. माता-पिता जी स्वीकार कर पा रहे हैं. सर जब जब हम जेल से बाहर निकले तो हम मेरे. दिमाग में पहला चीज यही आया कि हम किस. मुंह से अपने मां-बाप को अपना चेहरा. दिखाएंगे। मम्मी पापा का सर याद आता है तो.
सर एक ही सवाल मन में उठता है कि उसको. क्या जवाब दें? क्या मुंह दिखाएं? जिस. मम्मी पापा हम पर भरोसा करके भाई को मुंह. तक दिखाने के लायक नहीं है। सर. खान सर के ज्यादातर चाहने वालों का यह. कहना है कि रोशन आनंद सर जेल इसलिए रह गए. क्योंकि उनके. [संगीत]. ऊपर पहले से कुछ क्रिमिनल केसेस थे।.
उन्हें जमानत 24 घंटे मिल जाती। उनका जो. बैकग्राउंड था उसकी वजह से वो लंबा रह. गया। यहां पर प्रशासन का फिर से सर दोहरा. चरित्र देखिए। जिस-जिस आंदोलन में हम गए. हैं, वह भी गए हैं। लेकिन उनके ऊपर केस. नहीं हमारे ऊपर केस। अगर गोली कांड की बात. नहीं आती, तो फिर हमारी अरेस्टिंग नहीं. होती सर। 13 तारीख को हमारे भाई की मृत्यु. हुई। 15 को जब हमारे बेल पर [संगीत]. सुनवाई हो रही थी। उन्होंने अपने वकील के. जरिए पुरजोर विरोध किया। उनका कहना है कि. हमारी वजह से यह निकल कर आए हैं बाहर। सर.
वरना इनके वकील जो थे वो इतने कमजोर थे कि. शायद ये कुछ दिन और रहने।. नहीं सर। खान सर ने अपने ऑफिसर से भी कहवा. दिया था कि [संगीत] उनके भाई की मृत्यु हो. गई है। अब समाज अपोज उस तरह से नहीं. कीजिएगा। इसलिए बहुत कम ही अपोज किया गया।. आपको जमानत इसलिए भी नहीं मिल रही थी. क्योंकि आपके वकील के ऊपर किसी महिला से. दुष्कर्म के आरोप लगे थे। आप खान सर को. दोषी क्यों मानते हैं इस घटना के लिए? 2 जून को अगर वो मीडिया में आकर के यह. स्टेटमेंट नहीं देते कि गोली चला है तो. हमारा भाई पटना में ही रहता। पूरी तरह से.
इतनी गोली चलाने 10 मिनट में 810 राउंड तो. हम देखे हैं यहां पे।. नेपाल जो पुलिस है उसने अभी भी उनके चार. पांच दोस्त जो थे उनको शायद हिरासत में. रखा है। यहां दोबारा पोस्टमार्टम नहीं. हुआ। किसी ने कहा आंख के ऊपर चोट का निशान. था। दूसरा अधिक शराब पीने की वजह से जिक्र. हो रहा था।. सर मेरा भाई था हमारे साथ रहता था। हमको. पता है शराब नहीं पीता था सर।. उनके दो दोस्तों में एक दोस्त जिसका नाम. शायद रोशन है। कुछ लोग उन पर भी शायद शक. जता रहे थे। जब आप जेल से बाहर निकले तो. रोशन आनंद सर को यह एहसास हुआ कि वह.
सनातनी है।. हम सनातनी हिंदू है।. मैं सनातनी हूं इस पर हमें प्राउड है और. मैंने सनातनी शब्द का प्रयोग धर्म और. अधर्म को लेकर किया था।. प्रिंस से आपने कहा था नेपाल जाने के लिए? नो सर। जिस रोज घटना हुआ है 2 जून एक. थ्योरी और आती है। विकास नाम का वो. व्यक्ति जो गार्ड के कंधे पर हाथ रख के ले. जाता है जिसके बाद कई सारे लोग उसकी पिटाई. करते हैं। वो आरोप ये लगता है कि आप उस. विकास को बचाना चाह रहे थे।. वो कह रहे हैं कि पहली गोलियां आपकी तरह.
चलाई गई थी जिसका वीडियो नहीं आया।. ये सर गलत है। प्रशासन उसकी तरफ था।. ये तो पुलिस ने कहा गोली नहीं चलाई गई थी।. फायरिंग करता हुआ कोई अब तक नहीं दिखाया. इसमें।. तो फिर आप क्यों कहते हो कि पुलिस उनका. साथ दे रही है।. गोली तो सर चलाया गया है।. पहले आपने भी शायद कहा था गोली नहीं चलाई. गई। कि हमारी तरफ से गोली नहीं चला है।. फैजल खान ने अपने गार्ड को कहा गोली चलाओ, मर्डर हो जाए। जो हो जाए हम देख लें।. क्या वो इतने बेवकूफ होंगे कि मतलब वो. हत्या जैसी चीज करवा के अपने आप को जीवन. में फंसाना चाहेंगे? झूठा केस में हमको जेल में डलवा दिया ना।. हम जेल में नहीं होते। हमारा भाई आज हमारे.
साथ होता। हमको डर है। वो हमको भी सर मरवा. सकता है। सर. आप डरते हैं आंसर से।. जेल जाकर आत्म मंथन तो किया होगा ना कुछ. आपने भी।. कोई अपना नहीं है। सच में कोई अपना नहीं. है सर। यही सच है सर। रणभूमि आपका है।. लड़ना आपको पड़ेगा। कष्ट सर आपको सहना. पड़ेगा।. कहीं लगता है कि बहुत छोटा विवाद था। इतना. बड़ा क्यों बन गया? इस बात का अफसोस है. आपको? हमको अपने करियर को लेकर के इतना बड़ा. कीमत उठाना पड़ेगा। अगर हमें एहसास भी. होता तो मैं इस लाइन में ही सर नहीं आता।.
हमने तो सब कुछ सर खो दिया है।. अगर नेपाल वाली घटना में उनका नाम नहीं. आता है और वो मानवीय आधार पर आपसे माफी. मांगते हैं कि साथ मिलकर ठीक करते हैं सब. कुछ। क्या आप तैयार होंगे? हमारा सब कुछ. उजड़ ही गया सर। अब माफी का क्या कोई मतलब. नहीं है सर। दुनिया जो भी माने लेकिन हम. इस घटना का दोषी फैजल खान, डॉ. रामाशंकर. प्रसाद और सावित्री कंप्यूटर के मालिक को. मानते हैं सर।.
बिहार पटना में बीते 15 दिनों में दो बड़े. कोचिंग सेंटर के बीच जिस तरह का विवाद हुआ. उसने बिहार समेत पूरे देश को परेशान करके. रख दिया। इस घटना की बात की जाए तो दो. बड़े नामों में सालों पुराना विवाद रहा।. दो जून की हिंसा रही, जेल रहा, आरोप रहा।. एक ऐसा परिवार रहा जहां पर एक भाई जेल में.
रहा। और उसी दौरान अपने छोटे भाई को लेकर. एक ऐसी खबर आई. जिसको सुनकर पूरा देश स्तब्ध रह गया।. आज का यह पडकास्ट किसी को दोषी या बेगुनाह. साबित करने के लिए नहीं है। आज का पडकास्ट. एक इंसान के तौर पर दर्द को समझने के लिए. है। इस घटना को समझने के लिए है।. आप हो सकता है किसी एक के तरफ खड़े हो।. लेकिन हम कोशिश करेंगे.
कि इस घटना को समझे और उस घटना के भीतर. इंसानियत मानवता के नजरिए से भी इस खबर को. देखें। हमारे साथ हैं रोशन आनंद सर। रोशन. जी. इस केस में आरोप प्रत्यारोप. बहुत कुछ ऐसा है जिस पर बात करनी चाहिए।. लेकिन जब आप जेल में थे तो आपके परिवार पर. दो बड़े दुख आए। एक तरफ आप जेल में रहे।. कई सारी बातें आपने जेल में बताई। दूसरी. तरफ आपके भाई को लेकर एक खबर आई। सबसे.
पहले मैं यही जानना चाहता हूं कि आपके. परिवार में सब कैसे हैं? घर की स्थिति. क्या है? आप इस वक्त बेहतर हैं क्योंकि यह. बहुत दुख का समय है और इस दुख के समय में. इस देश में सभी लोगों की संवेदनाएं आपके. आपके परिवार के साथ हैं।. सर हमने तो अपना सब कुछ खो दिया।. तो कैसे हम कह सकते हैं कि सर ठीक है।. हमारा जो भी था छोटा भाई था.
वही सब कुछ था।. पूरा जो भी लोग हमको जानते हैं, हमारे. परिवार को जानते हैं, वह मेरे लिए सब कुछ. था। हम अगर हमको यह पता रहता कि हमारे. टीचिंग करियर. का यह कीमत चुकाना पड़ेगा, तो हम इस करियर. में कभी नहीं आते।. हम तो पूरी तरीका से बर्बाद हो चुके हैं।. जब हमें जेल भेजा गया था तो हमने बोला भी.
था कि यह साजिश है. हमें. फंसाने की। हमें बर्बाद करने की। हम तो. बर्बाद हो ही गए हैं। अब अगला साजिश रचा. जाएगा जो ज्ञान बिंदु कोचिंग सेंटर है. उसको बर्बाद करने का। अगला साजिश रचा. जाएगा।. परिवार में बाकी सब क्या कैसे हैं इस. वक्त? पिताजी बीमार रहते हैं। मां भी बीमार ही. है। [गला साफ़ करने की आवाज़] जब मेरे.
छोटे भाई का लाश आया तो पिताजी को आई. आईसीयू तक में भर्ती किया गया था।. मम्मी [गला साफ़ करने की आवाज़] पापा का. काफी मतलब. परिवार में छोटे बड़े से ज्यादा लगाव छोटे. के साथ होता है। तो. कोई भी ठीक नहीं है।. आप कैसे हैं इस वक्त मानसिक शारीरिक तौर.
पर? हम तो क्या ही बताएं हम इस स्थिति में. नहीं हैं कि हम. चीजों को तरीके से रख सके लेकिन फिर भी हम. अपनी बात जो है रखेंगे और हमारी. बात को दबा दिया जाता है। इसी वजह से हम. चाहते हैं कि चीजों को रखें। सच सामने आए. लोगों के सामने आए। रोशन जी यह दुनिया जो.
है ना बड़ी बेरहम है।. बेरहम इसलिए कह रहा हूं क्योंकि. जिस परिस्थितियों से आप गुजर रहे हैं आपका. परिवार गुजर रहा है। उसमें तमाम संवेदनाएं. होने के बावजूद इस कुर्सी पर बैठकर शायद. मुझे वो प्रश्न पूछने पड़े जो. एक साधारण इंसान होकर शायद मैं अपने आप को. भी कोसूं कि ये शक्ति क्यों? क्योंकि मेरी. संवेदनाएं पूरी आपके साथ हैं।. [अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़]. लेकिन जब बड़ी जिम्मेदारी होती है तो फिर. बड़े सवाल गंभीरता से रखने चाहिए। और.
क्योंकि इस विषय पर पहली बार आप बोल रहे. हैं यह मेरी जिम्मेदारी बनती है कि मैं. दोनों पक्षों की बात रखते हुए आप सवाल. पूछूं तो शायद जो सवाल आप तक आते हैं सोशल. मीडिया के माध्यम से कुछ मैं रख दे रहा. हूं। जैसे एक प्रश्न जो शायद बहुत सारे. लोग ये पूछेंगे आपसे. कि इस वक्त आप यहां क्यों हैं? आपके परिवार में इतना बड़ा दुख चल रहा है।. क्या आवश्यकता थी कि नोएडा में आकर आप यह. इंटरव्यू करें।. देखिए निश्चित तौर पर अभी.
हमारी जरूरत हमारे पिताजी और हमारी मां को. है। लेकिन हमारी आवाज को जो है दबा दिया. जा रहा है। [गहरी सांस लेने की आवाज़]. जिस वजह से हम जो चाहते हैं कि हमारे भाई. को न्याय मिले।. लोग जाने कि सच्चाई क्या है और हमको ऐसा. लग रहा है कि अगर सच बाहर निकल कर के.
मीडिया के जरिए आपके जरिए. आएगा तो फिर न्याय मिल सकता है क्यों आपको. लग रहा है आपसे इंसाफ नहीं होगा पूरे देश. में बहुत सारे लोग हैं जो आपके साथ खड़े. हैं संवेदनाएं हैं बच्चे नजर आ रहे हैं. कानून अपना काम कर रहा होगा। आपको क्यों. ऐसा लग रहा है कि आपके साथ गलत हो रहा है? हमको इसलिए भी लग रहा है कि हमारे साथ गलत. हो रहा है क्योंकि 2 जून.
रात 10:00 बजे की जो घटना है जिसकी. जानकारी हमें थी भी नहीं. और 12:00 बजे के आसपास एफआईआर होता है. और सुबह में 4:00 बजते-बजते जो है हमको. अरेस्ट कर लिया जाता है।. और फिर उसके बाद हम पर आरोप लगाया जाता है. कि हमने गोली चलवाया किसी के कोचिंग पर।. लेकिन उसमें थोड़ी भी सच्चाई नहीं है। एकद.
दिन के बाद जो है वीडियो सामने आता है।. गोली किसने चलवाया है वह भी बात स्पष्ट. होता है. और सामने वाले के गार्ड के द्वारा जो है. यह बात बोला जाता है कि. सर ने हमें कहा और फिर हमने गोली चलाया।. उन पर सच्चा केस है। हम पर झूठा केस है।. हमको झूठा केस में एफआईआर होने के 4 घंटा.
के भीतर अरेस्ट करके जेल भेज दिया गया। और. उन पर सही केस होने के बावजूद. केस होने के बाद भी प्रशासन को 48 से 72. घंटा का समय मिला। लेकिन फिर भी प्रशासन. उसको गिरफ्तार नहीं कर सका।. तो इससे क्या आप कह सकते हैं? हमको तो ऐसा लगता है कि पूरा प्रशासनिक. तंत्र ऊपर से लेकर नीचे तक.
एक तरफफ़ा काम कर रहा है। लेकिन फिर भी. हमें. सम्राट चौधरी सरकार से उम्मीद है, न्यायपालिका से उम्मीद है कि हमें न्याय. मिलेगा।. और हम न्यायिक लड़ाई लड़ेंगे।. आप यह कह रहे हैं कि सम्राट चौधरी और उनकी. सरकार जो है वह फेवर कर रही है।. प्रशासन प्रशासन प्रशासन. गृह मंत्री वही है।.
प्रशासन. पुलिस उन्हीं के नीचे आ गई। प्रशासनिक सर. मदद नहीं मिल रहा है।. जैसे आपके बहुत सारे बच्चों ने मैं जब. आपको ले मैंने डाला कि सवाल पूछना तो. उसमें लिखा कि आप बच्चों को कानून के बारे. में पढ़ाते हैं।. जो आप पढ़ाते थे कानून की किताबों का अपने. बच्चों को ज्ञान निजी जिंदगी में जब कानून. का सामना करना पड़ा। आपको लगता है वो एक. ही कानून है या दोनों में अलग-अलग कानून. है। पढ़ाने वाला अलग और जमीन पर अमल करने. वाला अलग? नहीं। देखिए जो हम लोग पढ़ते हैं ना.
अनुच्छेद 22 कहता है गिरफ्तारी के विरुद्ध. संरक्षण जब पुलिस गिरफ्तार करने के लिए. आता है तो तीन प्रकार का अधिकार होता है. हमें पहला अधिकार हमें यह होता है कि हम. गिरफ्तारी का कारण जान सके हमें हमसे पूछा. भी नहीं गया. हम पूछ भी नहीं पाए प्रशासन इस प्रकार का. बिहेव सुबह के 4:00 बजे आकर के हमारे रूम. पर कर रहा था कि हम पूछ भी नहीं पाए कि. हमको गिरफ्तार क्यों किया जा रहा है।.
स्थिति ऐसा बना दिया गया।. हमारा कोचिंग कदम कुआं थाना के अंतर्गत. आता है। हम जहां रहते हैं वह आलमगंज थाना. के अंतर्गत आता है। बिना आलमगंज थाना को. सूचित किए कदम कुआं थाना ने हमें अरेस्ट. किया। जबकि होना यह चाहिए मेरे ख्याल से. जहां तक हमारी जानकारी है। आप जिस क्षेत्र. से उठा रहे हैं उस थाना को पता होना. चाहिए। एक तो पहला यह और कदम कुआं के थाना.
अध्यक्ष महोदय जो है जब हमको अरेस्ट किए. तो उनका एक वक्तव्य था हम तुमको बर्बाद कर. देंगे और तुमको भीख मांगने पर जो है रोड. पर मजबूर कर देंगे।. यह किस स में उन्होंने बयान दिया है. और उन्होंने हमें बर्बाद कर ही दिया है।. हमारा भाई चला गया। अगर हम अरेस्ट नहीं. होते हमारा भाई नहीं जाता।.
उन्होंने तो हमें रोड पर ला ही दिया है।. दूसरी बात. प्रशासनिक मदद नहीं मिल रहा है। हम इस. आधार पर भी कह सकते हैं।. जब हमें अरेस्ट किया गया तो कदम कुआ थाना. के द्वारा अरेस्ट किया गया। हमें कदम कुआ. थाना में नहीं रखा गया। हमें दूर के किसी. थाना दीघा थाना में रखा गया था।. और फिर दीघा थाना से मेडिकल के लिए हमें.
एलएनजेपी शास्त्रीनगर थाना के बगल में. एलएनजेपी है। वहां ले जाया गया। वहां पर. हमारा मेडिकल चेकअप हुआ। मैं मेडिकलली फिट. नहीं था।. बीपी दो बार पहली बार बीपी चेक हुआ। बीपी. हाई था। एलएनजेपी के डॉक्टर ने मेडिकलली. फिट करने से मना कर दिया। फिर कुछ देर के. बाद दोबारा बीपी चेक हुआ। उसके बाद और भी. मेरा बीपी हाई हो गया। तो एलएनजेपी. अस्पताल ने मेडिकलली फिट हमें घोषित नहीं.
किया। तो फिर कदम कुआ थाना के जो सब. इंस्पेक्टर. हमको रिसीव करने के लिए दीघा आए थे टीएन. सिंह उन्होंने राजेंद्र नगर अस्पताल में. सेटिंग किया और वहां पर हमारा कोई बीपी. चेक नहीं हुआ। वहां पर टीएन सिंह सब. इंस्पेक्टर टीएन सिंह. अंदर जाकर के डॉक्टर से जो भी बात किए हो.
हमारा वहां बीपी चेक नहीं हुआ. और फिर सिर्फ हमको अंदर बुलाया गया और यह. पूछा गया कि कोई कटा फटा का निशान तो हमने. दिखाया कि यहां कटा फटा का निशान है। यहां. जला का निशान है। बस इतना ही हुआ तो मैं. मेडिकलली फिट नहीं था। लेकिन फिर भी हमें. जेल भेजा गया।. हम आपके माध्यम से पटना एसएसपी. से यह गुजारिश करेंगे कि इसकी जांच हो। हम.
तो पीड़ित हो चुके हैं। लेकिन हम यह चाहते. हैं हम पढ़े लिखे होने के बावजूद पीड़ित. हो चुके हैं। लेकिन जो पढ़ा लिखा नहीं. होगा उनके साथ क्या करते होंगे यह लोग? और. सब लोग ऐसे नहीं होते हैं। यह जो भी हुआ. है ऐसा नहीं है कि सभी सब सब इंस्पेक्टर. ही गलत होते हैं। सभी पुलिस वाले ही गलत. होते हैं। सभी कोई गलत नहीं होते हैं।.
लेकिन ऊपर से अब क्या प्रेशर रहा कि. उन्होंने ऐसा किया? क्या हुआ था 2 जून को? 2 जून को देखिए सर एक. क्योंकि खान सर के चाहने वाले यह कहते हैं. कि लड़ाई जो थी वो जो कोल्ड स्टोरेज का. मालिक था उससे आपकी थी।. नहीं. वो जो पेपर हटाने आपके पोस्टर हटाने की थी. खान सर के चाहने वाले कहते हैं कि उसका जो. मालिक था उसने आदेश दिया कि इसको चीर के. फेंक दो। वहां पर आपका कार्यक्रम नहीं था।.
आपका कार्यक्रम कहीं और हो रहा था। वो खान. सर का इलाका था जहां वह अपना कार्यक्रम कर. रहे थे। वहां पर पोस्टर लगाए गए। उनकी टीम. ने हटाया जिसके बाद एक वीडियो आया विकास. का जो कंधे पर हाथ रख के गार्ड को पीटता. है। जिस घटना ने आपको आपके परिवार को. नुकसान पहुंचाया उनका यह आरोप है कि उस. घटना में उकसाने की या लड़ने की शुरुआत आप. लोगों ने की थी।. देखिए सर. 31. मई को.
हमने बिहार पुलिस 19838 का एक सम्मान. समारोह रखा। और सामने वाले के द्वारा भी. रखा गया था।. तो फिर उस दिन जो कार्यक्रम हुआ आप पटना. में कोचिंग के आसपास रहने वाले छात्रों से. पता कर लीजिएगा।. उनका कार्यक्रम लगभग असफल रहा।. हमारा कार्यक्रम 31.
मई वाला काफी सफल रहा।. जिस आधार पर. यह बात हम इस आधार पर कह सकते हैं। इसके. दो तीन आधार हैं। पहला आधार यह है. कि हमारा कार्यक्रम दिन में 12:00 बजे. शुरू हुआ और रात के लगभग 12:00 बजे तक चला. सम्मान समारोह।. सिर्फ हमने एक मैसेज लिखा था टेलीग्राम. पर। संस्थान में पढ़ने वाले जो भी सफल.
छात्र एवं छात्रा हैं इस रोज रखा जा रहा. है सम्मान समारोह आप सब लोग आइए. हमारा सारा क्लासरूम भर गया रिजल्ट से. और सामने वाले ने. बिहार के किसी भी फिजिकल ट्रेनर को ऐसा. नहीं होगा कि फोन नहीं किया होगा कि आप. स्टूडेंट लेकर आइए। हम आपको पैसा देंगे।. पैसा का लोभ उन्होंने ट्रेनर को दिया।. बहुत सारे ट्रेनर इस स्लोब में आए भी।.
ट्रेनर को पैसा भी मिला। स्टूडेंट को आने. के लिए जो है बस भेजा गया। उसका हम आपको. प्रूफ दे सकते हैं। उनके लोग जो है पूरे. बिहार में ट्रेनर के पास जाकर के घुमा. स्टूडेंट को लाने के लिए। फिर भी स्टूडेंट. नहीं पहुंचा। उनका कार्यक्रम संभवत. मुश्किल से हमको लगता है कि कुछ कुछ समय.
तक ही चला था।. पर वो दावा कर रहे हैं कि उनके पास 12,000. बच्चे थे जो सिलेक्ट हुए थे।. हालांकि इसमें भी एक बड़ा विवाद रहा है कि. आपने दावा किया कि 10,000 बच्चे सिलेलेक्ट. हुए।. इसमें सच्चाई. सर ने कहा 12,000 हुए।. हमने मीडिया सवाल पूछ रहा था कि भाई. 19,800 बच्चे थे। आप लोग का मेरा ले तो. 22,000 हो गया।. हमने कभी भी दावा नहीं किया। हमने यह कहा. है कि हमारे पास जो है लगभग 10,000 बच्चों. का डाटा आया है। वह डाटा आप चाहे तो हम. आपको दे सकते हैं।.
बट कैसे 10,000 अगर 12 उनके गए 10 आपके. कैसे हो गए फिर? कुछ बच्चे कॉमन भी तो होते हैं।. दोनों जगह पढ़ते हैं।. कुछ बच्चे कॉमन भी होते हैं। और दूसरी बात. एक आपने पिछला सवाल जो पूछा था कि मेरा. विवाद रूम ओनर के साथ था।. हां। ये क्योंकि उनका उनकी तरफ के लोगों. का पक्षिए जो मकान मालिक हैं उस कोल्ड. स्टोरेज में मकान मालिक मकान मालिक का. विवाद है। तो आप के जो बैनर पे एड्रेस. लिखा था जो एड्रेस लिखा था जो पोस्टर लगा. था उस मकान मालिक को शायद वह मकान मालिक.
पसंद नहीं करते थे। इस वजह से उन्होंने. फड़वाया और उसके बाद फिर ये पूरा विवाद रहा. और वहां आपका कार्यक्रम नहीं था जहां पर. ये पोस्टर फाड़ा गया। इस जी हम बताना. चाहते हैं कि हमारा जो सेंटर है. तीन जगह है किसान कोल्ड स्टोर जिसमें यह. घटना घटित हुई है।. [गहरी सांस लेने की आवाज़]. दूसरा रामपुर नहर और तीसरा एनआईटी मोर।. आप हमको एक बात बताइए कि आपका घर है। आपके.
घर में कोई प्रोग्राम है।. विवाह है। विवाह है आपके घर में। आपका घर. एक मान लिया जाए कि. ए x स्थान पर है। थोड़ा डिस्टेंस पर जो है. y स्थान पर दूसरा घर है। बहुत ज्यादा. डिस्टेंस नहीं है। 100 200 500 मीटर का. डिस्टेंस है। तो क्या जहां सिर्फ. प्रोग्राम हो रहा है सिर्फ आप उसका सजावट. कीजिएगा?
आप अपने दूसरे घर का भी सजावट कीजिएगा ना।. हम. क्योंकि बच्चे. तो वहां भी पहुंचेंगे क्योंकि बच्चे जानते. हैं कि यहां भी सेंटर है तो वहां पर हमने. स्टाफ को लगा करके रखा था। वहां पर सब. सारा सजावट करके हमने रखा था कि कुछ बच्चे. जब यहां पहुंचेंगे तो उन्हें जो है सही. जगह पर पहुंचा दिया जाए क्योंकि कार्यक्रम. में पूरे बिहार के अलग-अलग जिला से बच्चे. आए थे। सबको लोकेशन पता हो यह कोई जरूरी.
नहीं है। जो जिस लोकेशन पर आया वहां से. उसको पहुंचाने के लिए जो है यह रखा गया. था। यह कोई. जहां तक रूम ओनर के विवाद का सवाल है।. देखिए सर हमको. पिछले कई वर्षों से प्रताड़ित किया जा रहा. है। कैसे प्रताड़ित? हर रूप में प्रताड़ित किया जा रहा है।. जैसे. जैसे हम आपको दो तीन चार पांच एग्जांपल.
देना चाहते हैं। सर एक तो पहला. वही रूम ओनर किसान कोल्ड स्टोर का रूम ओनर. यह बात कहने वाला है कि आपके क्लास रूम. में. सामने वाला फैजल खान लड़की भेजा।. इस प्रकार का चीज भी मेरे साथ हुआ है।. यह आपसे उनहीं कोल्ड स्टोरेज मालिक ने कहा.
है।. रूम हां मालिक ने कहा है. जिन पर आपने एलगेशन भी शायद लगाया था।. हां मालिक ने कहा है कि आपके क्लास रूम. में तो फैजल खान लड़की भेजा है ताकि आपको. जो है ट्रैप किया जाए, फंसाया जाए। लेकिन. आप अच्छे इंसान निकले कि आप उस ट्रैप में. नहीं फंसे। उसी रूम ओनर का यह बयान है।. व्यक्तिगत बयान है कहीं पे या मतलब. व्यक्तिगत बयान है। व्यक्तिगत बयान है और. वहां पर एक लोग भी हैं।.
एक लोग भी हैं जिनका नाम मैं नहीं बोलूंगा. लेकिन समय आने पर जो है मैं उनको आपके. सामने रख सकता हूं। पूरी दुनिया के सामने. मैं रख सकता हूं।. और ये वही कोल्ड स्टोरेज मालिक है जिनको. जिन पर आपने खान सर से आरोप लगाया है।. जी सर। एक ये हो गया। दूसरी बात. कि जो है 2000 23 में 2023 में 2023 में. हमारे कोचिंग में तोड़फोड़ हुआ।.
फैजल खान के एक. स्टाफ हुआ करते थे राणा।. राणा किसी हॉस्टल में ₹00 दिया था. फैजल खान के ऑफिस से लेकर के. और उस हॉस्टल के छात्र खाए पिए. और राणा ने ही हमारे. कोचिंग का जो है रेकी किया।.
जैसे हम निकले. कैंपस से बाहर वैसे ही बिटू झा सर क्लास. ले रहे थे वैसे ही जो है आकर के हमारे. कैंपस में हमारे क्लासरूम में पूरी तरीका. से तोड़फोड़ किया गया था 2023 में यह घटना. कदम कुआं थाना क्षेत्र का है। लेकिन कदम. कुआं थाना क्षेत्र ने कुछ भी नहीं किया।. हमारा सब कुछ हमको लगता है कि लगभग 10 से. 15 लाख के आसपास सामान जो है मेरा बर्बाद. हुआ था। मेरा बोर्ड तोड़ दिया गया था।.
ऑफिस में तोड़फोड़ हुआ था।. सीसीटीवी लगाया था अपने यहां पे।. हां. उसके वीडियोस हैं।. सारा कुछ दिया गया है। अभी भी YouTube पे. वो वीडियो है सर। YouTube पे वीडियो है. सर।. सर मैं पढ़ने पढ़ाने में विश्वास करता. हूं।. मैं फालतू चीजों में नहीं रहना चाहता हूं।. आप यह कह रहे हो कि आपको खान सर बहुत पहले. से परेशान कर रहे हैं।. बहुत पहले से जब से देखिए सर. हम में और उनमें.
अंतर तो है।. अंतर यह है कि हम सिर्फ पढ़ने पढ़ाने में. लगे रहते हैं। हम हमने कभी किसी का गलत. किया ही नहीं। मैं किसी के बारे में गलत. सोचता ही नहीं।. तो फिर मैं क्यों अपना नेक्सेस बढ़ाता? लेकिन अब हमें समझ में आ रहा है कि कलयुग. है। यह सतयुग नहीं है। यहां पर आप राजा. हरिश्चंद्र बन करके नहीं रह सकते।. उनका भी एक वर्ग है जो उन्हें पसंद करता. रहा है। इस देश में बहुत उनको भी मान.
सम्मान मिला है। इस घटना से पहले बहुत. सारे लोग जो आज आपके साथ हैं वो उनके साथ. खड़े रहे। तो मैं यह पूर्णता तो नहीं. कहूंगा कि सब खराब ही होगा। मैं समझना चाह. रहा हूं आप लोग का रिश्ता। खान सर को कब. से जानते हैं आप? मैं जानता हूं लगभग 2017 से जब मैं किसान. कॉलेज स्टोर में कोचिंग खोला 2017 में. 2017 से मैं हूं. तब से लड़ाई झगड़ा है या उस टाइम दोस्ती. थी. लगभग 2017 2018. लड़ाई चल रही है. 2018 सर 2018 में जो है संभवत बमकांड का.
जो वो जिक्र करते हैं कि हमारे पैर के पास. आकर के गिरा है नहीं जहां पे हम पढ़ा रहे. थे मेरा छोटा क्लास रूम था। उस छोटे. क्लासरूम में हम पढ़ा रहे थे। हमारे. क्लासरूम के जस्ट आगे एक स्कूटी था। वहां. पर बम गिरा है और उनके ऑफिस के आगे में बम. गिरा है।. उनका ऑफिस में नुकसान हुआ था शायद उस. वक्त।. हां ऑफिस में नुकसान हुआ था।. लेकिन क्या उन्होंने कोई केस दर्ज करवाया. है? उसको लेकर के उन्होंने कोई केस दर्ज. नहीं करवाया है और जहां तक हमारी जानकारी.
है उन्होंने यह बम कांड जो है जानबूझकर. करवाया है। वह हमेशा यह चाहते हैं कि हम. सोशल मीडिया में जो है बने रहे और पिछले. दिनों भी सोशल मीडिया के जरिए ही तो. गुमराह किया गया प्रशासन को।. प्रशासन. लेकिन खान सर से मिलने तो एक बार आप भी. अस्पताल गए थे।. [गहरी सांस लेने की आवाज़]. सर कहा जाता है. कि. जेल के गेट पर और हॉस्पिटल के बेड पर हम.
जो मिलने जाए ना वही अपना होता है। हमारे. मन में उनके प्रति कभी कोई द्वेष भावना. नहीं था।. पर आप कह रहे हो 18 से लड़ाई चल रही है. दोनों लोग की।. हेल्दी कंपटीशन होना चाहिए सर। हम. लेकिन उन्होंने. शुरुआती दौर से ही. जैसे. हमारा कंटेंट देखा गया, हमारा मेहनत देखा. गया, तब से ही वह हमारे पीछे लग गए। साजिश करना. शुरू कर दिए। 2017 में हमने कोचिंग खोला।.
एक साल आते-आते मेरा भी बहुत कुछ मार्केट. में गया। तब से ही साजिश में लग गए। अभी. भी मैं 2017 से लेकर के अभी तक 2017 में. मैं जितना मेहनत करता था उतना मेहनत मैं. अभी भी करता हूं। जब एग्जाम आता है ना सर. आप हमारे छात्रों से पूछ लीजिएगा। हम. रात-रात तक पढ़ाते पूरी रात पढ़ाते हैं।. दिन में भी पढ़ाए, रात में भी पढ़ाते हैं।. अभी भी अभी की सर हम बात कर रहे हैं। सुबह. में 8:30 [गला साफ़ करने की आवाज़] बजे से. लेकर के रात में 9:30 बजे तक हम क्लास.
लेते हैं। लेकिन सर आप पता कर लीजिएगा कि. फैजल खान कितना घंटा क्लास लेता है।. नहीं जैसे आप कहते हो कि आप मैं जब आपको. पढ़ रहा था, सुन रहा था, आपके बारे में. रिसर्च कर रहा था या आपके चाहने वाले लिख. रहे थे तो वो अक्सर लिख रहे थे कि दारोगा. फैक्ट्री है आपकी।. जी सर।. जो आप भी कहते हो। फिर मेरे मन में एक. सवाल आया कि आज आप बेबस हो गए हो। जी. आज आप यहां भी हमसे कह रहे हो कि आपकी बात. नहीं सुनी जा रही है। आप 14 दिन जेल में. इसलिए रहे क्योंकि आप कमजोर हो गई। लोगों. ने प्रशासन ने साथ नहीं दिया।.
क्या वो जिन बच्चों को आपने पढ़ाया, दरोगा. बनाया या अधिकारी बनाया। कोई आपका साथ. देने नहीं आया इस घटना में।. नहीं बहुत सारे लोग आए सर।. तो फिर आप इतने कमजोर कैसे हो गए इस बार? क्योंकि देखिए. आप एक समय पे ये भी कह रहे हो खान सर का. साथ प्रशासन दे रहा है।. पढ़ाया आपने भी पढ़ाया। उन्होंने भी. अधिकारी आपने ही बनवाए। अधिकारी उन्होंने. बनवाए। पीआर समझ में आ सकता है मुझे कि. चलिए सोशल मीडिया पर आप कम एक्टिव आप. ऑफलाइन ज्यादा पढ़ाते जितना मैंने आपके. बारे में पढ़ा है। लेकिन साथ देने में ये. लोग बहुत हैरान हैं लोग कि क्या बिल्कुल.
आपकी प्रशासनिक पहुंच जीरो थी और इतने. अधिकारी निकालने के बाद भी कानून के दांव. पेश में आप इतने कमजोर कैसे हो गए कि आप. 14 दिन जेल में रहे उस केस में जहां पर. शायद आपको उसी दिन जमानत मिल जानी चाहिए. थी।. देखिए सर होता क्या है कि जब घर का मालिक. ही घर का मालिक ही. एब्सेंट हो। निर्णय लेने वाला सर कोई नहीं. था।. डिसीजन लेने वाला सर कोई नहीं था।. और जो मैनेजमेंट देखता था जो मेरा भाई.
मैनेजमेंट देखता था उस पर भी झूठा केस. हुआ। वो भागा।. डिसीजन लेने वाला तो सर कोई ना कोई होना. चाहिए ना। डिसीजन लेने वाला कोई नहीं था।. इस वजह से हम कमजोर पड़ गए। से आपने कहा. था नेपाल जाने के लिए? नो सर हमारी कोई. जिस रोज घटना हुआ है 2 जून. को उस रोज. से 31 31 मई को सम्मान समारोह हुआ। उसके. बाद मैं कोचिंग गया ही नहीं था। मैं बीमार.
था। मैं किडनी का पेशेंट हूं। 1 साल पहले. हमारा ऑपरेशन हुआ था।. पिछले. 31 के बाद मैं कोचिंग गया ही नहीं था।. हमें किसी भी घटना की कोई जानकारी नहीं. थी। ना मेरा उससे कोई कांटेक्ट था।. फोन पे भी कोई बातचीत नहीं।. कोई बातचीत नहीं।. अच्छा एक थ्योरी और आती है खान सर के. चाहने वालों की तरफ से कि विकास नाम का वो. व्यक्ति जो गार्ड के कंधे पर हाथ रख के ले.
जाता है। जिसके बाद कई सारे लोग उसकी. पिटाई करते हैं। जिसका बाद में फोटो भी. आया जिसके आधार पर आपको जेल में रखा गया।. वो आरोप ये लगता है कि आप उस विकास को. बचाना चाह रहे थे। उसको छिपा दिया गया था।. पुलिस उसे ढूंढती रही रात भर नहीं मिले. इसलिए पुलिस ने फ्रस्ट्रेशन में आपके आपको. अरेस्ट कर लिया। वह अरेस्ट विकास को करना. चाह रहे थे. और वो आपका आदमी है विकास।. सर हम आपको एक बात बता दें. कि हमें घटना की जब जानकारी ही नहीं है।.
पुलिस ने अपने डायरी में भी इस चीज को. लिखा है। हम वहां उपस्थित नहीं थे। पुलिस. ने डायरी में इस बात को मेंशन किया है। हम. थे ही नहीं। हमको पता ही नहीं था तो हम. क्यों किसी को बचाएंगे? क्यों किसी को. आपका आदमी है लेकिन विकास आपसे जुड़े. कोचिंग में काम करता है। कोचिंग में काम. करता है। सर हम आपको एक बात बता दें कि जो. सीसीटीवी फुटेज मारपीट का आया है. वो एक तरफ़ा है सर।.
और दूसरी बात. जो. लड़ाई हमारे और रूम ओनर के बीच है। नहीं. ऐसा कुछ नहीं है। सर हम आपको बता दें वहां. पर जो है ग्रुप है सर। उस कैंपस में टोटल. 24 टीचर थे।. आप पटना के किसी भी टीचर से जाकर के पूछ. लीजिए जिनको निकाला गया है।.
निकालेगा तो रूम ओनर ही. हम. लेकिन हाथ किसका है? किसी से भी पूछ. लीजिएगा। कोई भी बोलेगा फैजल खान का हाथ. है। 24 टीचर में से आज छह से सात टीचर बचे. हैं। और हमको लगता है. कि सब लोग खाली कर देंगे वहां से।. तो रूम क्यों करेगा? उसे तो पैसा मिल रहा. है।. सर हम आपको बता दें कि नेक्सेस है वहां।. तीन लोगों का नेक्सेस है सर एक तिवारी है.
कोई. सावित्री कंप्यूटर सावित्री हम नाम नहीं. पता है सावित्री कंप्यूटर के मालिक. और फैजल खान और रूम ओनर. इन तीनों का एक गुट है जब कोचिंग बंद हो. जाता है ना सर कोचिंग बंद होने के बाद इन. लोगों का मीटिंग होता है कि अगला दिन क्या. करना है प्लानिंग होता है सर.
प्लानिंग के तहत प्री प्लान के तहत सर. घटना करवाया गया है। घटना हुआ नहीं है।. घटना करवाया गया है प्री प्लान के तहत सर. और हमारी अरेस्टिंग भी प्री प्लान के तहत. हुई है। सब कुछ प्रीप्लान के तहत हुआ है. सर।. सर हम आपको वीडियो दे सकते हैं। सावित्री. कंप्यूटर के जो मालिक हैं वह हमारा पोस्टर. जो है आज से लगभग 6 महीना साल भर पहले हटा. रहे हैं। फिर उससे पहले 2023 2024 की बात.
है। उस टाइम में भी बिहार दरोगा का सम्मान. समारोह रखे थे। बिहार दरोगा का। बिहार. दरोगा सम्मान समारोह जो हमने रखा था उसमें. भी हमने बैनर पोस्टर लगवाया था। फैजल खान. ने उस बैनर पोस्टर को भी हटवाने का काम. किया था।. फिर इसके बाद. वो जो लड़ाई हुई थी बैनर पोस्टर हटाने के. बाद आपको पता लग गया था कि बैनर पोस्टर. आपका हटाया गया है या वो विकास बाकी लोगों.
ने खुद फैसला लिया था कि जाकर गार्ड की. पिटाई करेंगे।. सर हमको पता ही नहीं था। हमने बोला ना सर. कि हम 31 मई को सम्मान समारोह के बाद हम. रूम पे थे। बेड रेस्ट में थे। हमको किसी. भी घटना की कोई जानकारी नहीं थी।. कोचिंग संस्थान के मालिक आप हैं।. जी सर।. बिना आपकी इजाजत के थोड़ी ना गया होगा. वहां पे वो लड़ाई करने। या तो आपको या. आपके भाई किसी को पता होगा।. किसान कोल्ड स्टोर का मैनेजमेंट जो है.
अभिषेक जी देखते हैं।. अभिषेक जी ही वहां का निर्णय लेते हैं। सब. कुछ हमारे स्तर तक सर नहीं आ पाता है।. रूम मालिक भी जानते हैं और उस कैंपस में. उस कैंपस में किसान कोल्ड स्टोर कैंपस में. मैं पिछले 6 महीना साल भर से नहीं गया हूं. सर। लगभग हमको लगता है हम साल भर से नहीं. गए हैं। साल भर से मेरा उस कैंपस में कोई. क्लास नहीं है। हमको इस बात का एहसास हो. चुका था कि यहां पर अगर रहेंगे विवाद.
होगा।. इस वजह से हमने आसपास में ही दो कैंपस खोज. लिया था और उन दोनों जगहों पर मैं क्लास. लेता था। लेकिन मैं किसान कोल्ड स्टोर. कैंपस में क्लास नहीं लेता था।. डर के मारे. जी सर।. आप डरते हैं खान सर से।. उनका इतना नेक्सेस है सर।. आज. अगर हमारे भाई की संदिग्ध मौत हुई है।.
उसके पीछे सर फैजल खान है।. ये बहुत बड़ा आरोप है। ये बहुत बड़ा आरोप. है ये।. फैजल खान है सर। सर हम इस बात को. साबित करके रहेंगे। अभी थोड़ा मैं कुछ. बोलना चाहता हूं इस पर आगे।. 2 जून. जब मैं जेल से बाहर आया जेल में भी था तो. एक वार्ड में 25 कैदी थे 25 से 26 कैदी थे.
हर कोई हर प्रकार का न्यूज़ भी नहीं देखने. देता था कोई सिनेमा देख रहा है तो कोई. गाना सुनना पसंद करता था कोई क्रिकेट. देखना तो न्यूज़ भी हम सही से नहीं देख. पाते थे. 2 जून हमको बेल 15 को मिला उसके बाद हम. अपने भाई के दाह संस्कार में गए उसके बाद. तब से लेकर अभी तक हमने जो जानकारी इकट्ठा. की है उसके आधार पर सर हम बोल रहे हैं। सर. 2 जून. को रात में 10:00 बजे के आसपास जो है.
घटना हुआ है।. अभिषेक पटेल जो कि हमारे साथ जेल में था।. हमने उनसे बात भी किया। अभिषेक पटेल का यह. कहना था कि हमारा बैनर हटाया गया।. हमारा जो अस्थाई बैनर था उस पर फैजल खान. ने अपना बैनर लगाया।. अब आपका अस्थाई कोई चीज है उस पर हम कुछ. भी चिपका दें। क्या यह सही है?
मेन गेट पर सर. पूरी तरीका से मतलब यहां पर ज्ञान बिंदु. है ही नहीं। ज्ञान बिंदु. किसान कोल्ड स्टोर में भी है। किसान कोल्ड. स्टोर के मालिक को हम भी पैसा देते हैं।. 2 जून की जो घटना है सर. हमारा किसान कोल्ड स्टोर का जो मैनेजर है.
वह रूम मालिक से गया बात करने के लिए. अभिषेक कि अंकल मेरा बैनर क्यों हटा दिया. गया है? और वहीं पर. तू तू में हुआ. और वहां पर तू में हुआ और फिर उसके बाद जो. है. पहला पत्थर. फैजल खान के स्टाफ अजीत. कन्हैया इन लोगों के द्वारा चलाया गया है।.
सर वन साइडेड वीडियो सर बाहर आया है।. आरोप लगा रहे हैं। वो कह रहे हैं कि जो. गोली जो गोली उनके गार्ड का वायरल हुआ. वीडियो वो कह रहे हैं कि वो सेकंड टाइम. चलाया गया। पहली गोलियां आपकी तरफ चलाई गई. थी जिसका वीडियो नहीं आया और पुलिस ने हटा. दिया जिस पर. नहीं नहीं ये सर गलत है।. प्रशासन ने प्रशासन उसकी तरफ था। प्रशासन. ने हर संभव यह प्रयास किया कि उसको बचाया. जाए। तो आपको क्या लगता है सर जो प्रशासन. उनका मजाक तो प्रशासन के बयान की वजह से.
बना ना जब प्रशासन ने कहा गोलियां नहीं. चलाई गई। जिसकी वजह से सोशल मीडिया पर. उनकी काफी ट्रूलिंग हुई। तो यह तो पुलिस. ने कहा गोली नहीं चलाई गई तो फिर आप क्यों. कहते हो कि पुलिस उनका साथ दे रही है? क्योंकि उस लाइन की वजह से उनकी सोशल. मीडिया पर काफी फजीहत हुई।. गोली तो सर चलाया गया है।. वो तो दो दिन बाद आया।. पहले आपने भी शायद कहा था गोली नहीं चलाई. गई है। ये आपका भी एक बयान है।. हमने ये बात बोला था. जब हम अरेस्ट हुए थे तो हमारे साथ अभिषेक. भी अरेस्ट हुआ था।.
तो अभिषेक ने हमें बताया जो हमारे साथ था. जब हम जेल गए थे तो तीन लोग गए थे हम. अभिषेक गौरव अभिषेक दीहाघ थाना में रहते. हुए हमें बताया कि नहीं यह गलत है हम लोग. के तरफ से कोई गोली नहीं चला है तो हमने. और जब दीघात थाना से हमें कदम कुआ लाया जा. रहा था. तो उस उस टाइम जो मीडिया वाले लोग थे उन. उन्होंने हमसे सवाल पूछा तो हमने यह बात. बताया था कि हमारे तरफ से गोली नहीं चला.
है। हमारे तरफ से गोली नहीं चला।. नहीं हुई है।. नहीं सर हमारे तरफ से गोली नहीं चला है।. हमने यह बात बोल बोला था क्योंकि खान सर. की जो टीम का वर्जन है उनकी टीम का वर्जन. है वो ये है कि गोलियां चली थी। पुलिस ने. नहीं किया। जिस्म की फजीहत हुई लेकिन दो. दिन बाद एक सीसीटीवी फुटेज आया जो एक तरफा. सीसीटीवी फुटेज है जो उनकी तरफ वाला है. आपकी तरफ वाला नहीं है और अपने सिक्योरिटी. गार्ड को लेकर वो ये कह रहे हैं कि वो. किसी कंपनी के थ्रू सिक्योरिटी गार्ड है.
वो उनका अपना सिक्योरिटी गार्ड नहीं है तो. वो कह रहे हैं कि सीधे हमारी जिम्मेदारी. उस पर नहीं बनती है ये उनका वर्जन है। इस. पर आप क्या बोलोगे? देखिए सर एक चीज हम. कहना चाह रहे हैं कि. फैजल खान वहां उपस्थित थे।. उन्होंने इस बात को एक्सेप्ट किया है।. उन्होंने क्या बोला है मीडिया में? कि मेरे आंखों के सामने. मेरे आंखों के सामने गोली चला है।. तो फैजल खान उपस्थित थे।.
और फैजल खान के उपस्थिति में. उनके गार्ड के द्वारा गोली चलाया गया है।. और गार्ड ने यह बयान दिया है. कि. हमें सर ने कहा है गोली चलाने के लिए।. ऐसा जो लिखित आया है।. जी सर। और सर पुलिस के इस डायरी में सर. क्या है? जब 10 10 10 बजे के आसपास घटना. हुई 10 10 बजे और 10 10 के बीच जो घटना. हुई.
सामान्य झड़प था सामान्य झड़प था सर ये. इसको बैठकर के सर सुलझाया जा सकता था. लेकिन उन्होंने. जैसा कि वह हमेशा करते आए हैं।. [गहरी सांस लेने की आवाज़] बच्चों के इमोशन. के साथ उन्होंने खेला है। हमेशा वह झूठ. बोलते आए हैं। हमेशा उनका प्रयास यह रहता. है कि हम लगातार मीडिया में बने रहे. और वह. जो मीडिया में आकर के बयान दिए हैं.
कि हमने गोली चलवाया है। इस बात को वह भी. जानते हैं कि गोली नहीं चला है उधर से।. गोली चला है हमारे तरफ से और गोली हमने ही. चलवाया है। आपकी आपकी उपस्थिति में जैसे. आप पुलिस पर आरोप लगा रहे हैं।. सर सर एक मिनट सर सर आपकी उपस्थिति में. आपकी उपस्थिति में क्या आपके एंप्लॉय बिना. आपके आदेश के कोई काम कर सकते हैं? अगर आप. वहां उपस्थित है नहीं कर सकते हैं.
तो खान जी ने कहा और तब फिर जाकर के गोली. चलाया गया और पुलिस डायरी में सर क्या है. घटना 10 की है. [अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़][गहरी सांस लेने की आवाज़]. और. गोली 10:30 में चला है. सामान्य झड़प हुआ उसके बाद हमारा स्टाफ. जो भी था वहां पर असामाजिक तत्व वह. असामाजिक तत्व भागा. और फिर जब.
किसान कोल्ड स्टोर में जो हमारे मैनेजर. हैं अभिषेक जी वो जब निकलने लगे. तो उनको देख के. फैजल खान ने अपने गार्ड को कहा गोली चलाओ. जो होगा हम देख लेंगे।. हवाई फायरिंग. गोली चलाओ जो होगा हम देख लेंगे।. मर्डर हो जाए जो हो जाए हम देख लेंगे तुम. गोली चलाओ.
वह हत्या के इरादा से सर गोली चलाया था. अब फिर ये फिर आपसे सवाल हुआ ये आप कैसे. कह सकते हो कि हत्या के इरादे से गोली. चलाई गई थी वहां पे. ये सर हम इस आधार पे कह सकते हैं क्योंकि. जब हमारा स्टाफ घटना. होने के बाद घटना होने के बाद जब हमारा. स्टाफ छिप गया जब वो बाहर निकलने का. प्रयास किया तो सब लोग थे और वहां पर. हमारे स्टाफ को देखा गया और फिर तब जाकर. के गोली चलाया गया है।. क्या वो इतने बेवकूफ होंगे कि मतलब वो. हत्या जैसी चीज करवा के अपने आप को जीवन.
में फंसाना चाहेंगे या इतना या इतने बड़े. वो हैं कि हत्या करवा के बच जाएंगे।. एकदम सर बच जाएंगे।. दो ही मायने मुझे आपकी बात. सर एकदम बच जाएंगे सर।. हत्या करवा के।. सर एकदम बच जाएंगे।. इस देश में संभव है ये? क्या. सर बच जाएंगे सर।. क्या हत्या [हंसी] करवा? सर सर झूठा केस में हमको जेल में डलवा. दिया ना।. हम जेल में नहीं होते। हमारा भाई आज हमारे. साथ होता।. हम जेल गए जिस वजह से प्रिंस का संदिग्ध.
मौत हुआ है।. वो सर कुछ भी करवा सकता है सर। हमको हमको. तो अब खतरा है। मतलब इंटरनली अगर हम कहें. ना सर हमको डर है। वो हमको भी सर मरवा. सकता है सर। वो सर कुछ भी करवा सकता है. सर। बट क्यों आपको लगता है कि ऐसा आप कह. रहे हो कि हमारे बीच में हेल्दी कंपटीशन. होना चाहिए था।. जी सर।. आपका मैं पटना कोर्ट का भी वर्डिक्ट टिप. सुन रहा था आपकी बेल पर तो उन्होंने भी. कहा कि आप दोनों शिक्षक हैं।.
बेहतर है सही तरीके से सुलझा लें।. या आपराधिक गतिविधियों वाली जो बातें निकल. रही हैं। ये समाज में अच्छा संदेश नहीं दे. रही हैं। बच्चे आपस में परेशान हो रहे. हैं। क्योंकि दोनों सम्मान करते हैं। आप. दोनों कंपटीशन है अलग बात है। आप नंबर के. लिए कंपटीशन करिए। बच्चों के लिए करिए।. कौन ज्यादा बेहतर टीचर वो अलग है। लेकिन. एक दूर जो छात्र बैठे देख रहा है। उसके. लिए आप दोनों उसके शिक्षक हैं। सम्मानित. व्यक्ति हैं। आज जब वह सुन रहा है कि वह. मुझे मरवाने वाले थे। वह मुझ पर आरोप लगा. रहे हैं। वह बड़ा अजीब महसूस कर रहा है।. वो समझ नहीं पा रहा किस पर भरोसा करें। हम. जैसे लोग समझ नहीं पा रहे थे। हम बोल नहीं.
पा रहे थे कि क्या बोले? कौन सच कौन गलत? फिर मैं पूछ रहा हूं। आपको क्यों लग रहा. है कि वो. एक हेल्दी कंपटीशन से आगे आपकी जान लेना. या आपके भाई की जान लेना चाहेंगे। क्या. मिलेगा उन्हें इससे? वो चाहते हैं कि उनका एकाधिकार रहे।. इसके लिए जान ले लेंगे वह कुछ भी कर सकते. हैं सर सर आप जो नहीं सोच सकते हैं ना. वहां तक कर सकते हो वो वो जो है हमको. बर्बाद करने के लिए कुछ भी कर सकते हैं.
क्योंकि सर आप पटना में पता कर लीजिएगा. फैजल खान को अगर कोई टक्कर. देने वाला है तो वो ज्ञान बिंदु है और. रोशन आनंद है।. मैंने आपके इंटरव्यू से पहले बहुत कोशिश. की कि उनके पक्ष के जो वर्जन है उनको. सवालों के जरिए मैं ला सकूं ताकि जो जनता. सुन रही है क्योंकि ये पहला इंटरव्यू आपका. उसको एक ईमानदार तस्वीर मिले दोनों तरफ की. मिले एक तरफा संवाद ना हो। खान सर के.
ज्यादातर चाहने वालों का यह कहना है कि. रोशन आनंद सर जेल इसलिए रह गए क्योंकि. उनके ऊपर पहले से कुछ क्रिमिनल केसेस थे।. नहीं।. उन्हें जमानत 24 घंटे मिल जाती। उनका जो. बैकग्राउंड था उसकी वजह से वो लंबा रह. गया। अदरवाइज इतना बड़ा केस नहीं था।. हमारे ऊपर जो है सर किस टाइप का इंसिडेंट. का केस था वो भी सर हम जिक्र कर देते हैं।. हम बीपीएससी आंदोलन में गए थे छात्रों के. समर्थन में उसको लेकर हमारे ऊपर केस था।.
बिहार पुलिस आंदोलन में हम छात्रों के. समर्थन में गए थे। उसको लेकर हमारे ऊपर. केस था। बिहार दरोगा आंदोलन में हम. छात्रों को लेकर गए थे। उसको लेकर के. हमारे ऊपर केस था। हम छात्र हम पर विश्वास. करते हैं।. तो क्या हम छात्रों का. कोविड का भी शायद केस का जिक्र हो रहा था।. कोई आपके ऑनलाइन कुछ करने पे किसी की. मारपिटाई का भी शायद जिक्र आया था। ऐसा भी. कोई केस आप पर है।.
ये तो सर हमें याद नहीं है सर। लेकिन जो. भी केस था सर वो केस जो है सर मतलब. छात्रों के हित से रिलेटेड केस था सर।. छात्र आज हमारी जो भी पहचान है सर छात्रों. की वजह से. आपका सम्मान करते हैं छात्र मुझे हजारों. छात्रों ने आपको लेके मैसेज किया अगर आज. हम आप संवाद करें इसके पीछे वजह है कि एक. छात्रों का बड़ा वर्ग है जो आपसे बहुत. संवेदनाएं भी रखता है और आपका बहुत सम्मान. करता है एक शिक्षक के तौर पर वो आपकी बहुत. इज्जत करता है। जी सर. लेकिन फिर कहानी वही है कि क्या आपका जो.
भी छात्रों के आंदोलन वाला भी केस मान अगर. हम मान लेते हैं क्या उसकी वजह से भी आपकी. बेल रुकी क्योंकि आपने आरोप लगाया कि खान. सर की वजह से आपको बेल नहीं मिली उन्होंने. अपनी ताकत का इस्तेमाल किया. जी सर. वो ये कह रहे हैं कि आपका बैकग्राउंड उसकी. वजह बना. नहीं सर सर आप हमको एक बात कहिए क्या. छात्रों के लिए खड़ा होना गलत है. बिल्कुल नहीं है अगर गलत है तो हम वो गलती. करेंगे और सर हम बार-बार करेंगे वो. करना चाहिए हमने खुद. सर बीपीएससी सर ने आपकी आवाज़ उठाई थी कि. छात्रों की पीठ को पायदान बना दिया मार.
मार के सर पुलिस ने. सर यहां पर प्रशासन का फिर से सर दोहरा. चरित्र देखिए जिस-जिस आंदोलन में हम गए. हैं वह भी गए हैं लेकिन उनके ऊपर केस नहीं. हमारे ऊपर केस. और जहां तक. कोर्ट का सवाल है सर सर वो इंसान इमोशन से. खेलता है सर सर दो-तीन हम एग्जांपल देना. चाहते सर कितना झूठा है सर। हम अनेकों.
एग्जांपल दे सकते हैं सर।. एक तो इस घटना को लेकर के ही हम सर बताना. चाहते हैं। उन्होंने. पुलिस प्रशासन को गुमराह किया।. गुमराह इस रूप में किया कि गोली हमने. चलवाया।. लेकिन वह अपनी उपस्थिति में गोली चलवाए।. उनको पता है गोली चला है। और गोली. उन्होंने ही चलवाया है।.
उन्होंने रूम ओनर उन्होंने मेरा नाम तक. नहीं लिया। बगल वाला बोला है। रूम ओनर रूम. ओनर बोला है ज्ञान बिंदु वाला। तो आप इस. नेक्सेस को सर समझिए।. पहला तो प्रशासन को उन्होंने गुमराह किया।. अगर गोली कांड की बात नहीं आती. तो फिर हमारी अरेस्टिंग नहीं होती। सर बात. जब गोलीकांड की आ गई मीडिया में इस वजह से. हमारी अरेस्टिंग हुई है। एक तो प्रशासन इस.
घटना में ही प्रशासन को उन्होंने गुमराह. किया। दूसरा इस घटना से ही रिलेटेड सर हम. दूसरा एग्जांपल देना चाहते हैं। सर 13. तारीख को हमारे भाई की मृत्यु हुई या. संदिग्ध मौत हुई।. फिर उन्होंने इस बात को लेकर के. हमारे प्रति संवेदना व्यक्त की।. लेकिन 15 को. जब हमारे बेल पर सुनवाई हो रही थी।.
उन्होंने अपने वकील के जरिए पुरजोर विरोध. किया कि हमारा बेल ना हो। कोर्ट रूम से सर. आप ले सकते हैं डाटा। एक वकील नहीं कई. वकील को उन्होंने खड़ा कर दिया। उन्होंने. यहां तक साजिश रचा सर कि मैं अपने भाई का. अंतिम दर्शन तक नहीं कर सकूं। लेकिन. माननीय न्यायालय का न्यायपालिका. का हम धन्यवाद करते हैं. कि न्यायपालिका ने हमें बेल देकर के हमें.
अपने भाई के अंतिम दर्शन करने का अधिकार. दिया। सर. देखिए ये ये वो विषय है जहां पर पूरा देश. आपके साथ है कि आपके भाई की घटना के बाद. हर कोई चाहता था कि आप बाहर हो। जी सर. उस वक्त परिवार के साथ हूं।. आपके इंटरव्यू से पहले उनकी टीम से यह. सवाल मैंने पूछा भी था। उनकी टीम का वर्जन. था कि. हमने अपने वकीलों को मना किया कि आप जेरे. नहीं करेंगे। उनको बाहर आने दीजिए। आप यह. कह रहे हैं कि कोर्ट में दलीलें पेश की गई.
थी।. जी सर।. वो ये कह रहे हैं कि हमने अपने वकीलों को. मना कर दिया कि उनको बाहर जाने दीजिए।. उन्होंने. मानवीय आधार पर।. उन्होंने पुरजोर विरोध किया सर। जो कोर्ट. ये डाटा कोर्ट में होता होगा।. जी सर। उन्होंने पुरजोर विरोध किया।. उनका कहना है कि हमने विरोध हमने मना कर. दिया। जिन्हें मना किया। नहीं हमारी वजह. से यह निकल कर आए हैं बाहर। वरना इनके. वकील जो थे वो इतने कमजोर थे कि शायद ये. कुछ दिन और रहने. नहीं सर रमाकांत हमारे वकील रमा रमाकांत. शर्मा सर हैं। रमाकांत शर्मा सर हैं और.
जानेमाने वकील हैं सर पटना हाई कोर्ट के।. हमारे वकील कमजोर नहीं थे।. पुरजोर विरोध उन्होंने किया।. हमने विरोध नहीं किया इसलिए आप बाहर. निकले। उन्होंने पुरजोर विरोध किया सर. कोर्ट रूम से सर आप डाटा ले सकते हैं सर. यार आपको वो डाटा निकाल के रखी है सामने. फिर क्योंकि उनकी तरफ से जो हमने बात ये. सवाल मानवता के आधार पर हर आदमी पूछ रहा. था तो उसमें उनका वर्जन था कि हमने विरोध. नहीं किया है इनफैक्ट हमने अपने वकीलों को. मना किया कि आज आप बहस मत करिए उनके ऐसा.
घटना घटित वो बाहर जाए. ये बात हमारे वकील ने भी कहा है कि अगर हम. रहते इस सिचुएशन में अगर हमारा कोई विरोध. रहता तो हम नहीं लड़ते। लेकिन उन्होंने. अपने वकील के जरिए पुरजोर विरोध करवाया है. सर कोर्ट रूम में। कोर्ट रूम में जो लोग. थे चाहे वो हमारे पक्ष के हो या उनके पक्ष. के हो उनसे आप बात कर सकते हैं सर।. चलिए सोशल मीडिया पे तो सार्वजनिक चीजें. इंटरव्यू पे अपने आप आ जाएंगी।.
जी सर।. एक और आरोपी आया आपके वकील को लेकर कि. आपको जमानत इसलिए भी नहीं मिल रही थी. क्योंकि आपके वकील के ऊपर किसी महिला से. दुष्कर्म के आरोप लगे थे। सर हमारे सीनियर. वकील जो है रमाकांत शर्मा सर हैं।. जी. आज के डेट में होता क्या है कि एक वकील के. साथ जो है बहुत सारे लोग होते हैं. जी. और इस प्रकार का चीज जब सर हुआ हमारे भाई. की जब संदिग्ध मौत हो गई तो बहुत सारे. वकील यूं ही हमारा सहयोग करने के लिए आ.
गए। हर जगह सर पैसा पर कुछ नहीं होता है. सर।. और. मैं तो अंदर था जेल में था जो डिसीजन ले. सकता था वह था नहीं. तो जिनजिन लोगों ने. यह कहा कि मैं आपकी मदद करना चाहता हूं।. सभी लोगों का साथ हमने लेने का प्रयास. किया।.
लेकिन हमारे वकील पटना हाई कोर्ट के. रमाकांत शर्मा सर हैं और सिविल कोर्ट के. जो है विजय आनंद और राघव जी हैं।. तो तीसरे वकील जो बाल पीछे रखते जिनका. जिनका जिक्र आ रहा है कि वो आपके साथ. दिखाई पड़ रहे थे आप लोग. सर अगर मान लिया जाए कि उनके ऊपर जो भी. आरोप लग रहा है. हम. अगर वह आरोपी है. ठीक है। वह तो पटना हाई कोर्ट में. प्रैक्टिस कर रहे हैं। वह तो बैन नहीं है।.
अगर आरोप सिद्ध हो जाए उनको बैन कर देना. चाहिए।. तो वो है कि एक नजरिया परसेप्शन नहीं बना. इस वजह से आपको जमानत नहीं पाई। मतलब ये. नैरेटिव जो उधर से बनाया गया कि. उन्होंने आपका विरोध नहीं किया जमानत का. आप खान सर की टीम के हिसाब से आप दो वजहों. से जेल में रहे। एक पुलिस ने आपके साथ गलत. किया कि आपको जबरदस्ती किसी और की जगह पर. पुलिस पुलिस ने सरल डाल दिया।. पुलिस ने सर गलत किया नहीं। और दूसरा. प्रशासन प्रशासन ने सर गलत किया नहीं.
प्रशासन से गलत करवाया गया रसूख के बल पर. पैसा के बल पर. और दूसरा वो कह रहे हैं कि आपका जो. बैकग्राउंड में आपके ऊपर केसेस थे क्योंकि. अब सारे केसेस ऑनलाइन होते हैं इस वजह से. और प्लस आपके वकील आरोप किस वजह से आपको. जमानत नहीं मिली. सर हमने तो आपको यह बात बोला कि आंदोलन की. वजह से हमारे ऊपर केस है तो क्या हम. छात्रों का साथ ना दें जो छात्र आज हमारे. साथ खड़ा है क्यों खड़ा है. कुछ अच्छा काम किया आप तभी जाहिर सी बात. है कुछ संवेदनाएं हैं कुछ अच्छा काम है.
अगर छात्रों के लिए हमारे ऊपर हजार केस हो. जाए. हम उस केस को मंजूर करते हैं. हम भगोड़ा नहीं है सर हम भागेंगे नहीं सर. हम गलत नहीं है अगर हम गलत रहते ना सर. तो हम भी भाग जाते. हमको भी जानकारी मिल जाता. लेकिन हम सर.
सत्य के साथ रहते हैं। सत्य के साथ जीते. हैं तो हमें लगता है हमारा खून क्या. करेगा? जेल जाकर क्या सीखा आपने? मतलब आत्म मंथन तो किया होगा ना कुछ आपने. भी। इतना लंबा समय 14-15 दिन आप अंदर रहे।. जेल तो सर अंतिम यूनिवर्सिटी माना जाता. है। बहुत कुछ हमने जेल में देखा। बहुत कुछ. सही भी हमने देखा। बहुत कुछ गलत भी हमने. देखा।. नहीं अपने जीवन का आपने क्या सीखा कि कहां. गलत आपसे हो गया? क्योंकि आप तो पढ़ा रहे.
थे।. जी सर।. लोग ये मान रहे थे कि आप भी ताकतवर. व्यक्ति हैं। पैसों से भी आप संपन्न है।. इतने सारे बच्चे आपके यहां पढ़ रहे हैं।. इतने सारे बच्चों को आप खुद के दावा करते. हैं कि दरोगा फैक्ट्री हमारे यहां पर है।. तो कहां आपका आत्म मंथन में क्या निकला कि. ये आपको क्यों इतना लंबा समय वहां रहना. पड़ा? सर डिसीजन लेने वाला कोई नहीं था सर। इस. वजह से. हम तो जेल में बंद थे सर। हम तो कोई.
डिसीजन नहीं ले सकते थे सर।. दूसरा भाई जो मैनेजमेंट देखता था वो फरार. चल रहा था।. साथ निभाने लोग नहीं आए आपके। जैसे बाद. में तो बहुत लोगों ने स्टेटमेंट दिया।. तेजस्वी यादव ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय. साजिश है। और बहुत सारे नेता लोग बात कर. रहे हैं। जब आप जेल के अंदर गए थे।. कोई साथ देने नहीं आया आपको? देखिए होता क्या है सर? बहुत सारे लोग. होते हैं कि आपके साथ होकर के भी आपके साथ. नहीं होते हैं। हम. [गला साफ़ करने की आवाज़]. जेल में जो एक चीज हमने.
चिंतन करके निकाला है जो कि प्रेमानंद जी. महाराज कहते भी हैं। कोई अपना नहीं है।. सच में कोई अपना नहीं है सर। यही सच है. सर। रणभूमि आपका है। लड़ना आपको पड़ेगा।. कष्ट सर आपको सहना पड़ेगा।. लोगों ने आपदा को सर अफसर में बदला है।.
कोई ऐसी घटना हुई जिसको लेकर आप ये कह रहे. हो।. किसी से उम्मीद रही हो आपको ना साथ निभाया. हो जिसकी तकलीफ हो।. जिनजिन लोगों से उम्मीद था ना सर. सबसे पहला साथ तो उन लोगों ने ही छोड़ा।. लेकिन फिर भी क्या कर सकते हैं सर? जैसे खान सर से तो आपकी दावत पुरानी है।.
तो आई एम श्योर खान सर से आपको उम्मीद रही. नहीं होगी। बाकी आपने हितमित्र बनाए. होंगे, दोस्त बनाए होंगे। साथ उठने बैठने. वाले होंगे।. सर. कोई नहीं है आपके पास।. हमारा कोई नहीं है सर।. सर हमने बताया ना हम पढ़ने पढ़ाने में. व्यस्त रहे। हमने आज तक अपना कोई पीआर टीम. तक नहीं बनाया है सर। कुछ भी नहीं। नथिंग.
पढ़ना है, पढ़ाना है। बस इतना में ही सर. लगे रहे हैं जीवन भर।. लेकिन रिश्ते तो बन जाते हैं ना। जैसे. आपके बच्चे अच्छे कर रहे हैं। अधिकारी. बने। वो उठना बैठना रहा। आप तो जैसे खान. जी तो यूपी से गए थे बिहार में। आप तो. वहीं के रहने वाले हैं। लोकल व्यक्ति हैं. तो संपर्क रिश्ता तो बन ही जाता है।. नहीं सर मेरा कोई रिश्ता नहीं है। मेरा. अपना मानना है सर कि. विचारों से.
स्वतंत्र रहना चाहिए। हमको किसी का झंडा. नहीं उठाना है। एकला चलो रेड़े। गांधी जी. का दूसरा सबसे प्रिय भजन था एकला चलो. रेड़े।. हम उसमें सर विश्वास करते हैं। सर. आपको लगता है कि आप दोनों की जो लड़ाई. हुई? लेकिन सर. इसका लाभ उठाया लोगों ने? सर हम इसको लेकर बहुत ज्यादा हम सोशल. मीडिया पर अभी तक एक्टिव नहीं हुए हैं।. पहले भी नहीं थे एक्टिव। अभी भी. हम इसको हटाते हैं। आप जेल से निकले आप घर.
क्यों नहीं गए? पहले आप. सर हमको अपनी बात रखनी थी सर।. क्योंकि हमको पता है हमारी आवाज दबा दी. जाएगी क्योंकि सामने वाला सामने वाले के. पास बहुत बड़ा पीआर टीम है। आईटी सेल है. लेकिन हमारे पास कुछ भी नहीं है। हमारी. आवाज दबा दी जाएगी सर। और दबाने का प्रयास. किया जा रहा है।. नहीं नहीं आपको पूरा देश सुनेगा। आप जिस.
मंच पर बैठे हैं हमें बिहार सुनता है, देश. सुनता है तो आपकी आवाज जो आप कह रहे हैं, इसीलिए सारे सवालों में हम गंभीरता रख रहे. हैं और मैंने शुरुआत में इसीलिए आपसे माफी. मांगी थी कि इतनी बड़ी घटना होने के बाद. अगर मुझे थोड़े सख्त सवाल करने पड़ रहे. हैं तो इसलिए करने पड़ रहे हैं क्योंकि. मैं संवेदनाएं रखते हुए भी अपनी. जिम्मेदारी को सही से निभाना चाह रहा हूं।. जी सर।. मेरी संवेदनाएं आपके परिवार की जो क्षति. हुई है उसके साथ पूरी होते हुए भी वो सवाल. रखने पड़ रहे हैं क्योंकि आप इकलौते यहां. बैठे हैं।. जी सर। लेकिन फिर यह सवाल बहुत लोगों के.
मन में आया कि जब आप जेल से निकले उस वक्त. क्या परिवार का साथ देना जरूरी नहीं था. क्योंकि इतनी बड़ी आपदा हुई थी माताजी. होंगे पिताजी होंगे परिवार में और लोग. होंगे आप कोचिंग शायद गए आपने प्रेस. कॉन्फ्रेंस की सर. क्या वो चीजें बाद में नहीं हो सकती थी. सर सर उस होकर के ही हमको घर जाना था सर. उस होकर के ही घर जाना था मीडिया के लोग आ. गए थे जब हम जेल से बाहर निकले मीडिया के. लोग आ गए थे तो हमें वहां पर बयान देना. पड़ा और दूसरी बात जो जो है जब हम अपने.
कोचिंग से निकलने जा रहे थे मीडिया के. लोगों ने घेर लिया तो हमें. ठीक है. बोलना पड़ा सर. ठीक है मीडिया आपका इंतजार. और फिर सर हम घर ही गए. हम. और अपने भाई का अंतिम संस्कार हमने किया. फिर सर मैं आया वापस. अफसोस है दुख है कि एक छोटा सा मैटर इतना. क्योंकि सुनकर मेरा मन बहुत व्यथित हुआ था. मैं आपको नहीं जानता था लेकिन इस घटना ने. मुझे भी बहुत पीड़ा दी बहुत पीड़ा दी यह. सोच सोच कर कि इतनी बड़ी घटना नहीं थी जो.
अब ये हो चुकी है।. जी सर. और जो इसमें क्षति हुई है शायद. वो वापस नहीं हो सकती। वो ठीक नहीं हो. सकती। किसी मां ने बेटा को दिया, अपने भाई. को दिया. और हम यूपी बिहार में लोग बहुत इमोशनल. होते हैं। हम मानवीय पहलू पर सोचते हैं।. कहीं लगता है कि ये बहुत छोटा विवाद था।. इतना बड़ा क्यों बन गया? इस बात का अफसोस. है आपको कहीं कि इतना बड़ा तो मसला भी. नहीं था जितना हो गया.
सर. हमने आपको पहले भी बोला है कि अगर. हमको अपने करियर को लेकर के इतना बड़ा. कीमत चुकाना पड़ेगा अगर हमें एहसास भी. होता तो मैं इस लाइन में ही सर नहीं आता।. हमने तो सब कुछ सर खो दिया है।. क्या रहा सर मेरे पास? कुछ भी नहीं है सर। अब मेरे पास.
कोई तो अपना था ही नहीं। एक भाई था. वो भी चला गया।. आप दो ही भाई हैं।. जी सर। दो भाई हैं। बहन भी नहीं है।. कितना छोटे थे प्रिंस आप साहब से? हमसे छ साल छोटा था। लगभग छ से सात साल। छ. सात साल छोटा था।. माता बाबू जी. कुछ बात हुई आपकी जब घर गए.
मम्मी पापा का एक ही गुहार है. प्रिंस को न्याय न्याय दिलाओ. जो भी उसके साथ किया है. आपको. इस घटना के लिए. सर. फैजल खान ने हमारे भाई की हत्या करवाई है।.
यह मैं इसलिए मानता हूं. क्योंकि अगर. 2 जून को. रात में जो भी हुआ. अगर वह मीडिया में आकर के यह स्टेटमेंट. नहीं देते. कि गोली चला है।. बातें. ऊपर तक नहीं जाती. और फिर हमारी अरेस्टिंग नहीं होती.
और हमारी अरेस्टिंग नहीं होती. तो हमारा भाई पटना में ही रहता।. हमारी अरेस्टिंग ने. उसे पटना से बाहर जाने को मजबूर किया. और वह पटना से बाहर गया. और फिर.
उसकी संदिग्ध मौत हो गई. और सर 13. जून को. किसान कोल्ड स्टोर के मालिक. दिन में 12:00 बजे के आसपास जो 66 टीचर अब. बचे हुए हैं किसान कोल्ड स्टोर में उसमें. उन्होंने कहा सब अपना सीसीटीवी फुटेज हटाओ. कुछ बड़ा होने वाला है।. ये किससे कहा गया?
ये वहां के टीचर से कहा गया सर।. क्या वो टीचर्स आपके लिए गवाही दे सकते. हैं? निश्चित तौर पर।. अब इसमें देखिए रोशनी जी दो चीजें हैं।. एक. सर एक मिनट सर। सर. अगर फैजल खान. हम पर गलत एफआईआर नहीं करवाता. हम जेल नहीं जाते हमारे भाई की हत्या नहीं. होती. अब आप इसको हत्या कहिए संदिग्न मौत कहिए.
जो भी कहना है कहिए. दुनिया कुछ भी माने सर. लेकिन हमारा यह मानना है और यह सत्य भी है. रोशन जी इसमें एक सवाल मैं करना चाह रहा. हूं। बहुत सारे लोगों के मन में यह संदेह. गया कि जो बात आप कह रहे थे इससे पहले. आपने जो कही बहुत सारे लोग भारत में समझ. रहे थे कि आप यह कह रहे थे कि नेपाल में. जो प्रिंस की मौत हुई वो वहां खान सर ने.
करवाई है। आप यह कह रहे हैं कि घटना ना. हुई होती तो शायद यह ना होता। दो अलग. बातें हैं। क्या नेपाल में जो मौत हुई आप. उसके लिए उन्हें जिम्मेदार ठहरा रहे हैं. या यह घटना जो हुई इस वजह से उनका जाना. हुआ और फिर वहां उनकी संदिग्ध. परिस्थितियों में मौत हुई उसके लिए आप. उन्हें मौत का जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।. देखिए सर एक बात बताइए. जैसे सर परिवार में.
दहेज की वजह से दहेज की वजह से परिवार में. अगर. महिला आत्महत्या करती है. तो उसका. ठीक है पति के वजह से आत्महत्या नहीं की. गुतनी की वजह से आत्महत्या की सासससुर के. टॉर्चर की वजह से आत्महत्या की. तो सर क्या माना जाता है सर.
सर प्रेरित किया गया है. प्लानिंग किया गया है. प्लानिंग के तहत जो है यह सारा काम सर. करवाया गया है. और दुनिया जो भी माने ने. लेकिन फैजल खान और डॉ. आर एस प्रसाद की. वजह से मेरा भाई आज इस दुनिया में नहीं. है। सर. जैसे मैं प्रिंस को लेके कवरेज देख रहा था.
तो उनके कुछ दोस्तों का ये स्टेटमेंट था. कि उन्हें कुछ दिक्कत थी और फिर. उन्होंने ओवरडोज की वजह से उन्हें लगा सो. रहे हैं। फिर मृत्यु हो गई।. एक यह भी आ रहा है कि नेपाल जो पुलिस है. उसने अभी भी उनके चारप दोस्त जो थे उनको. शायद हिरासत में रखा है अभी भी यानी छोड़ा. नहीं गया यानी कुछ वहां दोस्तों को लेके. संदिग्ध है यहां दोबारा पोस्टमार्टम नहीं. हुआ इसको लेके बहुत सारे सवाल उठ रहे हैं. कि क्या दोबारा इंडिया में पोस्टमार्टम. नहीं होना चाहिए था विरा रिपोर्ट अभी नहीं.
आई है तो इन परिस्थितियों में खान सर कैसे. शामिल हैं. सर. आपको. जो बया बयान. दो का सोशल मीडिया पे है।. जी. वो बयान नेपाल पुलिस ने नहीं लिया है सर।. वो बयान बिहार पुलिस. [गला साफ़ करने की आवाज़] के द्वारा सर. लिया गया बयान है। सर. बिहार पुलिस नेपाल में भी इतनी. बिहार बिहार पुलिस के डीएसपी रैंक के. अधिकारी के द्वारा लिया गया बयान है। सर.
जो बिहार पुलिस. बिहार में होते हुए. हमारा साथ नहीं दे रही है।. तो आप तेजस्वी वाली बात की देखिए. इंटरनेशनल साजिश हो गई।. सर अब आप यह कह रहे हो कि बिहार पुलिस. नेपाल गई. नेपाल में उनको डराकर बयान ले लिया उनसे।. यह बयान किस परिस्थिति में लिया गया है यह. तो हमको पता नहीं है। लेकिन जो हमारी.
जानकारी में आया है यह बिहार पुलिस के. द्वारा सर लिया गया बयान है।. लेकिन वो तो गांव के लड़के थे। प्रिंस के. दोस्त थे। बिहार पुलिस के द्वारा लिया गया. सर वो बयान है।. वो लड़के कहां पर हैं? अभी. वो सर नेपाल में ही है सर।. पांचों लोग. जी सर।. बाकी तीन कौन थे? उसमें से सर. और उन्हें नेपाल पुलिस से हिरासत में. क्यों रखा है? क्या उन पे शक हुआ है. उन्हें? कोई ऐसी रिपोर्ट? नेपाल के बारे में सर बहुत जानकारी हमको.
सर नहीं है। नेपाल को लेकर के। सर।. आपके भाई की वहां पर डेथ हुई तो आई एम. श्योर कि आपने कोशिश तो की ही होगी जानने. की।. सर क्रियाक्रम में लोग लगे हुए हैं।. क्रियाक्रम के बाद लोग जाएंगे।. अभी कोई नेपाल नहीं है आपके परिवार से? नहीं सर।. दोबारा यहां पोस्टमार्टम क्यों नहीं कराया. आपने? सर जब जब मैं सर. अपने गांव गया. तो वहां पर. समाज के लोग बैठे थे। हमने कहा, हमने इस.
बात को उठाया कि हमें दोबारा पोस्टमार्टम. करवाना है।. [गहरी सांस लेने की आवाज़]. फिर सिविल सर्जन से कांटेक्ट किया गया।. हमने नहीं किया।. समाज के लोगों ने किया। तो उनका यह कहना. था कि दोबारा पोस्टमार्टम नहीं हो सकता. है। हम इस बात पर अरे सर कि नहीं हमें. नेपाल पर भरोसा नहीं है। क्योंकि नेपाल के. लोग बिहार आते हैं इलाज करवाने के लिए।.
लेकिन. जो लोग बैठे हुए थे आसपास में. उन्होंने. सिविल सर्जन से बात किया और कहा नहीं. दोबारा पोस्टमार्टम नहीं हो सकता है फिर. भी हम अरे रहे लेकिन. मतलब. किस वजह से नहीं हो सकता टेक्निकल टर्म्स. की वजह से इमोशनल. वो टेक्निकल कुछ था सर इसकी विशेष जानकारी. सर हमको नहीं है कुछ टेक्निकल इशू था जिस. वजह से नहीं हो सकता है सर हम तो इस बात.
पे अड़े ही थे कि नहीं होना चाहिए. हां क्योंकि अगर दोबारा पोस्टमार्टम होता. तो कम से कम असली वजह तो निकल कर सामने. आती है।. जी सर. हिंदुस्तान में अगर होता तो शायद आपको. फर्स्ट हैंड इनफार्मेशन. ज्यादा ज्यादा बेस्ट होता सर. ये तो मेरा भी मानना है सर।. आपको क्या लगता है कि किस वजह से उनकी डेथ. हुई जो आपका अब तक प्रथम दृष्टि आकलन है. क्योंकि बहुत सारी थ्योरीज आ रही है। किसी. ने कहा आंख के ऊपर चोट का निशान था। क्या. कोई ऐसा निशान था? दूसरा अधिक शराब पीने. की वजह से जिक्र हो रहा था। दवाइयों का. जिक्र था।. सर मेरा भाई था।.
शराब नहीं पीता था सर। हमारे साथ रहता था।. हमको पता है शराब नहीं पीता था सर।. क्या उम्र थी? और सर 24 वर्ष. सर वो बहुत बड़ा समाज सेवी था सर।. हजारों नहीं सैकड़ों सैकड़ों नहीं हजारों. लोगों को उन्होंने ब्लड डोनेट करवाया है. सर। जरूरत पड़ने पर खुद भी ब्लड देता था. सर।. इतना ही नहीं बल्कि.
जहां भी जाता था. वहां पर जो जो भी गरीब छात्र मिलते थे. कहते थे कि नहीं भैया जो है हमको एडमिशन. लेना है इस बैच में उसका एडमिशन करवाता था. अपने कोचिंग में सर. और वो. पॉलिटिक्स में उनको उनको रुचि था।. वो चुनाव भी लड़ना चाहता था।.
2026 का पंचायत चुनाव. जिसकी वो तैयारी भी कर रहा था सर। इसमें. भी एक थ्योरी आ रही थी। मैं नहीं जानता. कितना सच क्योंकि अब तो जितने मुंह उतनी. बातें होती हैं। मैं सिर्फ आपका इसलिए. नजरिया लेना चाह रहा हूं। उनके दो दोस्तों. में एक दोस्त जिसका नाम शायद रोशन है।. कई लोग कह रहे थे कि वो कई चीजों से नाराज. थे आप लोगों से। वो शायद पहले आपका हिस्सा. थे। फिर वो नाराज हुए। कुछ लोग उन पर भी.
शायद शक जता रहे थे।. चुनाव की वजह से भी, कोचिंग में कुछ अलग. मसलों की वजह से भी। क्या ऐसा कोई शक आपके. ज़हन में दूरदराज तक है? नहीं। जहां तक रोशन का सवाल है रोशन पे ना. हमको पहले शक था ना अभी शक है।. प्रिंस जैसा था मेरे लिए रोशन भी मेरे लिए. वैसा ही था।. लेकिन रोशन ने आपके भाई को बदनाम कर दिया।. आप कह रहे हो शराब नहीं पीते थे। सर उसने.
किस्म सर वो किस स्थिति में बयान दिया है. यह सर नहीं बताया जा सकता है लेकिन सर अगर. कोई गंगा में भी डूब के कहेगा ना और जहां. तक विवाद का सवाल है किसी भी प्रकार का. कोई विवाद नहीं था. अगर हम कपड़ा खरीदते थे ना सर अगर एक. कपड़ा प्रिंस के लिए खरीदते थे तो एक. कपड़ा रोशन के लिए भी सर खरीदते थे यह. झूठी बातें यह है. बाद बाकी कौन लड़का था? उसकी मानसिकता.
क्या थी? यह मैं नहीं जानता हूं। लेकिन. जिस रोशन की आप बात कर रहे हैं. जो दूसरा लड़का वीडियो में दिखाई पड़ा।. सर वो ऐसा नहीं कर सकता है सर।. तो आपको रोशन को फिर दुनिया के सामने लाना. चाहिए कि यह बयान क्यों दिया? अगर आप कह. रहे हो कि आपके भाई जैसा वो भी है।. जब वो छूटेगा वो जरूर सच सामने लाएगा।. बट कोई इतना ताकतवर हो सकता है कि नेपाल.
तक जाकर दो बच्चों को डराकर धमका कर बयान. पलटवा देगा। बिहार पुलिस बिहार पुलिस. नेक्स्ट मिलेगा बिहार पुलिस को. सर बिहार पुलिस के द्वारा लिया गया. क्या मिलेगा बिहार पुलिस को यह बुलवा के. उससे कि आपका भाई. सर पूरी तरीका [गला साफ़ करने की आवाज़]. से एक तरफा है सर सर हमने बहुत सारा. एग्जांपल आपको दिया. एक व्यक्ति जो जिंदा नहीं है जैसे जीवित. व्यक्ति में लड़ाई समझ में आती है. क्या बिहार पुलिस इतनी असंवेदनशील हो. जाएगी कि एक 24 साल का लड़का जो इस दुनिया. में नहीं है उसको शराबी बना देगी.
अगर ऐसा अगर यह निकल आता है तो फिर धिकार. है. तो कुछ भी सर किया जा सकता है सर. आपको यकीन है आपका भाई शराब पीता था? नहीं पीता था सर। मेरा भाई शराब. मेरे सामने तो कभी नहीं आया है पी के।. तो आप. हमने तो कभी भी नहीं देखा है।. क्योंकि कई थ्योरी आ रही थी कि नेपाल में. क्योंकि दोस्तों का स्टेटमेंट तो पीकेस हो. गया। डिप्रेशन में था। परेशान था। नहीं.
एहसास हुआ हमें।. क्या यह संभावना हो सकती है दूरदराज तक? नहीं सर ऐसा सर कुछ भी नहीं है सर।. आपको लगता है वहां हत्या की गई है फिर? सर. [गहरी सांस लेने की आवाज़]. 2 जून को जो घटना हुआ फैजल खान और. रामाशंकर प्रसाद ने. मिलकर के जो साजिश रचा उसका शिकार हुआ. मेरा भाई दुनिया जो भी माने. लेकिन हम इस घटना का दोषी फैजल खान.
डॉ. रामाशंकर प्रसाद और सावित्री कंप्यूटर. के मालिक को मानते हैं सर।. साजिश के तहत सारा चीज हुआ है सर और बहुत. कुछ सर जांच का विषय है। जांच होना चाहिए।. फेयर जांच होना चाहिए। हम तो सर आपके चैनल. के माध्यम से सर हम सीबीआई जांच की मांग. करते हैं। सर आपकी आवाज बहुत दूर तलक जाती. है। हम चाहते हैं कि हमारे भाई हमारे अंदर.
हम अपने आप को सर जवाब नहीं दे पा रहे. हैं। सर हम किस स्थिति से गुजर रहे हैं? सर यह बात हम बता नहीं सकते हैं सर।. मन में. हजारों सवाल है लेकिन एक भी सवाल का सर. जवाब नहीं मिल पा रहा है।. जो भाई मेरे लिए हमेशा खड़ा रहता था.
उसको हमने खो दिया है।. हमको सर विश्वास नहीं होता है सर कि वह मर. गया है। सच पूछिए तो सर. हमारा ना माइंड ना हार्ट कोई भी इस बात को. एक्सेप्ट करने के लिए सर तैयार ही नहीं है. कि प्रिंस मर गया है। प्रिंस की मौत हो गई. है।.
लेकिन. उसकी मौत हो गई है। यह सच है।. इसको एक्सेप्ट हमें करना पड़ेगा।. और अब तो हमको यह लगता है कि वह मेरे अंदर. है सर।.
और सर. आंसू जो होता है ना सर आंसू सर मेरा सूख. गया है सर. क्योंकि हम एक्सेप्ट ही नहीं कर पा रहे. हैं कि मेरा भाई नहीं है. हम दुनिया को सर जवाब दे सकते हैं सर अपने.
आप को जवाब नहीं दे सकते हैं सर अपने आप. को सर बेवकूफ नहीं बना सकते हैं सर. [गहरी सांस लेने की आवाज़]. [गला साफ़ करने की आवाज़].
आपके दर्द के लिए मेरे पास कोई शब्द नहीं. है।. सब चीज सर चला गया।.
[गहरी सांस लेने की आवाज़][अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़]. माता-पिता जी स्वीकार कर पा रहे हैं? सर जब जब हम जेल से बाहर निकले तो हम मेरे. दिमाग में पहला चीज यही आया कि हम किस. मुंह से अपने मां-बाप को अपना चेहरा.
दिखाएंगे. कि हम. अपने भाई को नहीं बचा सके।. मम्मी पापा तो सर हमारे भरोसे पर ही ना. पटना में मेरे भाई को छोड़ा था।. जब भी.
मम्मी पापा का सर याद आता है तो [हंसी] सर. एक ही सवाल मन में उठता है कि उसको क्या. जवाब दें? क्या मुंह दिखाएं? सर बात [हंसी] तक नहीं कर पाते सर अच्छे. से।. क्या बात करेंगे सर?
जिस मम्मी पापा हम पे भरोसा करके भाई को. सच पूछिए तो सर. [अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़]. मुंह तक दिखाने के लायक नहीं है सर.
[नाक से की जाने वाली आवाज़]. जो सर मेरे साथ हुआ है. हम नहीं चाहते हैं किसी के साथ हो सर. [नाक से की जाने वाली आवाज़]. [गहरी सांस लेने की आवाज़]. भगवान किसी को ऐसा दुख ना दे परिवार का. जाना.
खासतौर पर छोटे भाई. 24 साल सिर्फ. सर हम किस मुंह से अपने मां-बाप को फेस. [हंसी] करेंगे सर. मन में हमेशा सर. [हंसी]. यही सवाल रहता है सर.
क्या सोचा आपने आजीवन में आगे? हमारा तो सर सब कुछ गुजर गया है सर।. [नाक से की जाने वाली आवाज़].
हमको तो नहीं लगता है हम जब से जेल से. बाहर निकले हैं तब से लेकर अभी तक सर हम. [गहरी सांस लेने की आवाज़][अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़]. जो भी चीज देख रहे हैं. हमको तो नहीं लगता है सर. न्याय मिलेगा. क्योंकि सामने वाला बहुत ताकतवर है।. हम बहुत छोटे हैं।.
ना हमारे पास उतना पैसा है ना पहुंच है. लेकिन फिर भी. यह सिस्टम. हमको न्याय ना दे. लेकिन ऊपर वाले पर और इस प्रकृति पर हमें. भरोसा है. हमको न्याय मिलेगा.
लेकिन फिर भी. हमारे साथ प्रशासन नहीं है। आपके चैनल के. माध्यम से हम प्रशासन से यह गुहार लगाते. हैं।. हमारा साथ दीजिए।. सरकार पर हमें भरोसा है। न्यायपालिका पर. हमें भरोसा है.
कि न्याय मिलेगा।. इस टीचिंग करियर में रहते हुए. हमने अपना. संसार उजड़ते देखा है।. हमारी तो यही. इच्छा है कि इस करियर में रहते हुए ही. हमें न्याय मिले।. ऊपर वाले पर सर भरोसा है। कोई न्याय दे या.
ना दे ऊपर वाला न्याय सर जरूर देगा। सर. आपने वो खान सर का वीडियो देखा था जो. उन्होंने आपके भाई की मृत्यु के बाद बनाया. था।. नहीं सर मैं कोई भी वीडियो सर नहीं देखा।. उन्होंने एक वीडियो बनाया था जिसमें वो कह. रहे थे कि उन्हें भी बहुत अफसोस है कि. घटना आपके साथ घटी. और वो भी इस बात से दुखी हैं।. सर अगर वो दुखी हैं सर मेरा एक ही सवाल है. सर। सर अगर सर अगर वो सच में दुखी हैं 15.
तारीख को जब मेरे बेल की सुनवाई हो रही थी. तो उसका विरोध उन्होंने क्यों किया? देखिए अगर उन्होंने यह किया है तो फिर यह. अपराध है. सर कोर्ट रूम से सर डाटा लिया जाए सर हम. पर भी सर विश्वास ना किया जाए सर कोर्ट. रूम से सर डाटा लिया जाए. उन्होंने अपनी पूरी ताकत लगा दी सर.
अगर ये अगर यह विषय है तो फिर ये इंसानियत. मानवता पर बहुत बड़ा सवाल है। कोर्ट रूम. से सर लिया जाए इस चीज को। उन्होंने. हालांकि उनकी टीम से सवाल मैंने पूछा था. तो उन्होंने कहा कि हमने हम तो खुद चाहते. थे वो बाहर आ जाए। हमने अपने सारे वकीलों. को रोक दिया था।. नहीं सर कोर्ट रूम से सर डाटा।. ये सवाल उनसे पूछा जाना चाहिए अगर यह सच. है तो।. सच है सर। हमारे वकील ने ऐसा कहा है।.
पुरजोर विरोध हुआ सर।. अगर नेपाल वाली घटना में उनका नाम नहीं. आता है. नेपाल में जो कुछ हुआ. और वो मानवीय आधार पर आपके परिवार के साथ. जो कुछ हुआ उसके लिए अगर वो माफी मांगते.
हैं मानवीय आधार पर क्योंकि. अगर नेपाल घटना में उनका जिक्र नहीं है और. आप दोनों को नहीं पता था कि घटना कहां तक. चली जाएगी। आई एम श्योर आपको भी अंदाजा. नहीं होगा कि यहां तक बढ़ जाएगा मामला और. वह मानवीय आधार पर आपसे माफी मांगते हैं. कि आपके साथ नुकसान हुआ और साथ मिलकर ठीक. करते हैं सब कुछ क्या आप तैयार होंगे या. आपको लगता है कि नहीं. सर बहुत आगे बढ़ गया. सर जब. हमारा सब कुछ उजड़ ही गया. सर अब माफी का क्या कोई मतलब नहीं है सर.
हमारा सब कुछ उजड़ गया है सर माफी का तो. सर कोई मतलब ही नहीं बनता है सर अब. कोई गुंजाइश नहीं तो लेके आओ।. कोई मतलब नहीं बनता है सर।. जैसे वो भी कह रहे हैं कि हमारा परिवार. परेशान हो गया है। बच्चे परेशान हो रहे. हैं।. माफी का सर कोई. रोजगार परीक्षा भर्ती, पेपर लीक, फीस इन. सब मसलों पर छात्र परेशान हो रहे हैं। आप.
दोनों की कोचिंग के बच्चे परेशान हो रहे. हैं।. सर. अभी तो सर इस स्थिति में है ही नहीं कि हम. क्या करें क्या नहीं करें कुछ भी नहीं सर. सोच पा रहे हैं. लेकिन सर. आपके आसपास के टीचर्स ने क्या सपोर्ट किया. आपके लिए बहुत सारे टीचर्स ने सपोर्ट किया. आपको जिसमें अभिनय सर थे राकेश सर थे और. बहुत सारे टीचर्स को मैं देख रहा था सोशल. मीडिया पे जो आपके हित में बात कर रहे थे.
उन टीचर से आपकी बात हुई कुछ टीचर से कुछ. [नाक से की जाने वाली आवाज़] टीचरों से सर. बात हुई है. क्या कहना था उनका. उनका पटना से लेकर दिल्ली तक कुछ टीचरों. से जो हमारी बात हुई है. हम. जो हमारी मां और हमारे पिताजी की मांग है. हम. कि हमें न्याय मिले हम. और सच सामने आए कि किस वजह से प्रिंस की.
मौत हुई है. उस मांग में. दिल्ली से लेकर पटना तक के सभी शिक्षक गण. हमारे साथ हैं और हमको लगता है कि. अगर सभी शिक्षक गण हमारे साथ रहेंगे. तो न्याय मिलेगा सर हमको। हम आपके चैनल के. माध्यम से सर सभी शिक्षकों को धन्यवाद. देना चाहते हैं.
और मैं जीवन भर उनका ऋणी हो गया हूं कि. दुख की घड़ी में वह हमारे साथ खड़े रहे।. सभी शिक्षक पटना के सभी शिक्षक हो, दिल्ली. के सभी शिक्षक हो, सभी ने हमारा साथ दिया।. इसके लिए हम सभी शिक्षकों का जो है ऋणी. हैं और सभी शिक्षकों का तो मैं नाम नहीं. ले सकता हूं।. लेकिन. अभिनय शर्मा सर, राकेश यादव सर, अंकित अवस्थी सर, विपिन.
यादव सर, प्रदीप सर, एस के झा सर, और जिन भी शिक्षकों का मैं नाम नहीं ले पा. रहा हूं, मैं उनसे माफी चाहूंगा।. आप सभी शिक्षक का मैं जीवन भर ऋणी रहूंगा।. मैं आपके सुख के घड़ी में साथ रहूं या ना.
रहूं। मैं आपके दुख के घड़ी में जरूर आपके. साथ रहूंगा। क्योंकि हमें पता है जब कोई. अपना बिछड़ता है तो दर्द क्या होता है? अगर मान लीजिए खान सर आपके सामने होते. यहां पे. क्या बात करते क्या उनसे आप हम उनसे एक.
सवाल पूछते सर हम. आपने गलत क्यों बोला आपने झूठ क्यों बोला. है. उनका एक झूठ. के वजह से मेरा भाई आज मेरे साथ नहीं है।. सर मेरा सिर्फ उनसे एक सवाल रहता आपने झूठ. क्यों बोला कि गोली हमने चलवाया है जबकि. आप वहां पर रह के गोली चलवा रहे हैं।.
मेरा सिर्फ एक सवाल रहता है उनसे।. और मैं कुछ भी नहीं पूछता इसके अलावे।. आपको नहीं लगता कि उनको भी तकलीफ होगी, नहीं चाहते होंगे वह भी यह सब. सर उनको किसी भी बात का कोई अफसोस नहीं. है। कोई तकलीफ नहीं है।. अगर उनको सच में तकलीफ होता 15 तारीख को. मेरे बेल का विरोध वो नहीं करते।.
ये. कोई अफसोस नहीं है सर। सर ये वो बात है. जहां आप मुझे निशब्द कर दे रहे हैं. क्योंकि इसके बाद अगर यह सच है तो फिर. काउंटर आर्गुमेंट करने के लिए मेरे पास भी. कुछ नहीं है।. सच है सर ये. एक आप पर सामने वाले पक्ष का यह आरोप ये आ. रहा था कि जब आप जेल से बाहर निकले. तो रोशन आनंद सर को यह एहसास हुआ कि वह.
सनातनी है। यह धर्म वाला कार्ड आपने खेल. दिया या पर आरोप आ रहा था कि मीडिया. उन्हें फैज़ल खान बना रही थी और उनके. चाहने वाले ये कह रहे हैं कि उन्हें. मुसलमान बनाया जा रहा है। शिक्षक पहले वो. थे शिक्षक का धर्म नहीं होता लेकिन अब आप. सनातनी हो गए हैं और वो मुसलमान हो गए. हैं।. देखिए सर [नाक से की जाने वाली आवाज़]. तो मेरा अपना मानना है जिसका जिक्र मैं. क्लास में भी करता हूं।.
जिस प्रकार. रामायण, महाभारत, गीता, कुरान, बाइबल सबसे. ऊपर संविधान है। उसी प्रकार हिंदू, मुसलमान, सिख, ईसाई, बौद्ध, जैन सभी. धर्मों से ऊपर मानवता का धर्म है। सर. बिल्कुल सही बात है।. अमेरिका के शिकागो में सितंबर 1893 में. डॉक्टर विवेकानंद ने. अपने भाषण में यह कहा था.
कि मैं. गुलाम देश का नागरिक हूं।. लेकिन उस गुलाम देश का नागरिक होने पर भी. हमें प्राउड है क्योंकि उस गुलाम देश ने. विश्व के सभी सताए गए लोगों. को शरण दिया है।. मैं सनातनी हूं।. इस पर हमें प्राउड है। और मैंने सनातनी. शब्द का प्रयोग धर्म और अधर्म को लेकर.
किया था।. धर्म और सत्य मैं धर्म और सत्य की लड़ाई. लड़ रहा हूं। उसके साथ मैं हूं।. उस मैसेज ये गया कि हिंदू मुसलमान कर दिया. गया।. नहीं धर्म और अधर्म की बात हमने किया था।. सत्य और असत्य की बात हमने किया था।. लगता है वो जरूरी था। उस बच सकते थे आप वो. शब्द से।.
हमें अपने सनातनी होने पर जी. प्राउड है।. कुछ गलत नहीं है। इसमें सच बात है। लेकिन. क्योंकि मीडिया उस वक्त उन्हें एक मुसलमान. के नजरिए से पेश कर रही थी।. नहीं हम अपने बयान पर अभी भी सर कायम है।. हम. हमने विवेकानंद को पढ़ा है सर।. नहीं ठीक है। मैं भी प्राउड सनातनी हूं।. जैसे आप कह रहे हैं मैं भी प्राउड सनातनी. हूं।. जी सर।.
तो हम रोशन आनंद है। देखिए सर एक बात. बताइए सर. हम अपना सच क्यों छुपाएं? हम रोशन आनंद है. तो हैं।. उस कॉन्टेक्स्ट की बात वहां थी इसलिए. मैंने सवाल पूछा कि. मैं सर फैजल खान नहीं हूं सर। मेरा कोई दो. आधार कार्ड नहीं है सर। मेरा कोई दो डेट. ऑफ बर्थ नहीं है सर।. तो फिर आपने एक आरोप लगा दिया उन पर कि दो. आधार कार्ड है। दो डेट ऑफ़. जी सर। दो आधार कार्ड है सर। पता कर लिया. जाए सर। दो आधार कार्ड. एक ही नाम होगा ना फैजल खान.
नहीं सर एक हिंदू नाम है एक मुस्लिम नाम. है सर. कोचिंग में उन्होंने कहा था कभी रूम के. लिए उन्होंने एक मकान मालिक से बहाने में. कह दिया था. लेकिन दो आधार कार्ड है सर उसका दो आधार. कार्ड है उसका दो डेट ऑफ बर्थ है सर. दो डेट ऑफ बर्थ है दो आधार कार्ड है सर. उसका. डेट ऑफ़ बर्थ पहले माता-पिता स्कूल में. चेंज होया करता था नाम अगर नाम के दो आधार. कार्ड है फिर तो वो है कहानी है. जी सर. नाम तो कई कई बार बदल जाए। डेट ऑफ़ बर्थ तो. कई बार आपकी पैदाइश अलग होती है। वो छोटे.
शहरों में डाटा है सर मेरे पास सर।. जिंदगी भर की मुझे लग रहा है अब ये लड़ाई. है।. क्या लड़ेंगे सर? या आप आगे बढ़ना चाहेंगे? कई बार जैसे. गांधी जी का आपने जिक्र किया तो गांधी जी. कहते थे कि आंख के बदले आंख लोगे सारी. दुनिया अंधी हो जाएगी।. सर कानूनी लड़ाई अपनी जगह पर लेकिन उसके. अलावा कुछ सोच. क्या विचार चल रहा है आपके. सर क्या लड़ाई लड़ेंगे सर.
जब. अपने भाई को ही सर खो दिए हैं. हम. क्या लड़ाई लड़ेंगे सर अब. नहीं तो यही मैं समझना. उस युद्ध को जीत करके भी क्या फायदा. जिसने भाई ही छीन लिया हो. फिर भी कुछ विचार चल रहा होगा आपके मन में. तो आप खान सर से बदला लेना चाहेंगे माफ़. करना चाहेंगे. कानून चाहे कानूनन काम करें या सोचेंगे कि. ठीक है अब जो बचा आपके पास परिवार में है.
बच्चे हैं वो कंटिन्यू करेंगे. हम सर क्या लड़ाई लड़ेंगे हम. हमारा कुछ रहा ही नहीं हमारा भाई ही चला. गया. हम क्या लड़ाई लड़ेंगे सर. आगे कुछ सोचा आप दिल्ली में हैं प्रोटेस्ट. करने को, मुलाकात करने को, किसी से प्रिंस. के न्याय के लिए. न्याय के लिए सर.
हर संभव हम प्रयास करेंगे।. कुछ सोचा क्या सर? अपने स्तर पर. कुछ सोचा आपने कैसे? सर अभी तो मन स्थिति इतनी ठीक नहीं है. कि मैं. क्या करूंगा नहीं करूंगा मुझे खुद ही नहीं. पता चलता है सर. अभी तो सर मैं सही डिसीजन भी नहीं ले पा. रहा हूं इस मन स्थिति से मैं गुजर रहा हूं.
सर. हम उस देश में जहां शिक्षक को भगवान के. दर्जे आता है. लोग कहते हैं कि माता-पिता और गुरु की. सेवा करो। भगवान से पहले भगवान खुश होते. हैं।. लेकिन अब जब ज्ञान और कलम की जगह आरोप. विवाद सब चल रहे हैं। आपको लगता है कि. इससे इसने देश में शिक्षकों के प्रति वो. जो एक नजरिया था उसको कमजोर किया है। और. छात्रों की डिसपॉइंटमेंट इससे बढ़ेगी।.
छात्र एकता कमजोर होगी। वह मुद्दे कमजोर. होंगे।. फैजल खान ने इतना झूठ बोला है सर।. इतना झूठ बोला है. जिसका सर आप अंदाजा नहीं लगा सकते हैं।. कैसे-कैसे. उन्होंने. किस-किस प्रकार का कुकृत किया है इसका सर. आप अंदाजा नहीं लगा सकते हैं सर। पैसा के. बल पर, पावर के बल पर.
अहंकार हो गया है सर।. उनके भी मानने वाले हैं। वो उनको उस तरीके. से नहीं देखते। उनको एक अच्छे टीचर के तौर. पर देखते हैं। वो सर. उन्होंने हर चीज का. हर चीज अपने लिए हर चीज को उन्होंने यूज. किया है।. जैसे किस किस आधार पर ये कह रहे हो आप?
जहां तक झूठ का सवाल है सर उससे बड़ा झूठा. तो सर कोई हो ही नहीं सकता है। शिक्षक को. इतना झूठ नहीं बोलना चाहिए। सर. किस विषय पर आप ये कह रहे हो? फर्जी [नाक से की जाने वाली आवाज़] आरओ, फर्जी इनकम टैक्स ऑफिसर. बीपीएससी आंदोलन में कहा गया कि मेरे पास. सारा सबूत है। सिर्फ मीडियावादी के लिए।. लेकिन जब मामला कोर्ट में गया तो फिर सबूत. नहीं पेश किया गया सर।. कहते हैं कि हम छात्रों के साथ हैं। जब.
आंदोलन होता है तो रोड पर नहीं आते हैं।. नहीं मिलते हैं छात्रों से।. सर वो बहुत झूठा है सर। सर आप उनको करीब. से नहीं देखे हैं। हम 2017 से लेकर 2026. तक लगातार लगभग 9 बरस हुआ है सर। बहुत. करीब से सर देख रहे हैं।. फिर देश में उन्हें इतना क्यों पसंद किया. गया? देश में उनका एक पॉपुलर इमेज तो है ही। सर. कोचिंग एक्सपेंड हुई। 2014 में बिहार वो.
गए, पढ़ाना शुरू किया। लोकप्रियता बढ़ी।. हम भारत के लोग जो होते हैं बहुत इमोशनल. होते हैं सर। इमोशन के साथ उन्होंने खेला. है सर।. और हम छात्रों से यही रिक्वेस्ट कर रहे. हैं। पहला दिन से इमोशन में मत वहिए।. इमोशन आपके करियर को बर्बाद कर देगा।. इमोशनली हमको ब्लैकमेल करने नहीं आता है।. अगर हमको भी इमोशनली ब्लैकमेल करने आता ना.
हम भी. उस लेवल के हो जाते सर।. लेकिन. हम सत्य के साथ. रहना पसंद करते हैं।. चाहे उसके लिए जो भी झेलना पड़े। कहा जाता. है सर सत्य परेशान हो सकता है पराजित नहीं.
सर हम लोग की तरफ एक कहावत है दूर का ढोल. सुहाना होता है. दूर का चीज बड़ी सुंदर लगता है सर. वही चीज है सर. [खांसने की आवाज़]. मतलब मेरे भी इंटरव्यू में आए थे। मुझसे. भी बहुत लोगों ने कहा कि आपके यहां पर खान. सर ने बच्चों की पढ़ाई की बात की थी।.
कुछ टीचर से सवाल भी उठाए कि कम पैसे में. नहीं पढ़ा रहे थे। उनकी साइड से दिखाया. गया कि पढ़ा रहे हैं वो। ₹200 प्रति टीचर. के हिसाब से पढ़ा रहे हैं। ₹200 के. कोर्सेस हैं। यूपीएससी एग्जाम को ₹20. ₹2000 में पढ़ा रहे हैं। वो कह रहे हैं. बहुत सारे छात्र हमने दिए हैं। गरीबों के. लिए अस्पताल बिहार में उन्होंने खोला।. तो वो कह रहे हैं कि हमारे भी अच्छे काम. है जिसकी वजह से लोगों ने प्यार किया।. केवल इमोशनल बातों में कैसे प्यार कर. लेंगे? देखिए सर जहां तक ₹200 का सवाल है. सर.
हम भी ₹100 हम में सर पढ़ाते हैं। ₹100 हम. पूरा मंथ पढ़ाते हैं सर।. ₹200 हम पूरा मंथ पढ़ाते हैं सर। सर उनका. भी फी स्ट्रक्चर ले ले आया जाए और मेरा भी. फी स्ट्रक्चर ले आया जाए। हम उनसे कम फी. में पढ़ाते हैं सर।. उन्होंने. ₹200 में पूरा कोर्स नहीं करवाया है।. एक सब्जेक्ट करवाया है।.
एक सब्जेक्ट करवाया है।. पूरा कोर्स सर नहीं करवाया गया है ₹200. में।. मतलब जो टेंपलेट हम देख रहे थे ₹200, ₹300, ₹400 ऐसे बहुत सारे कोर्स. सर देखिए अंतर यही है सर. मेरा फी उनके फी से कम है।. हम. रील नहीं बनाते हैं सर।. वो रील बना के इस बात को बताते हैं। लेकिन. उसमें कुछ गलत नहीं है ना। आप भी कर सकते.
हैं वो काम। तो वो तो चलिए एक माध्यम है. कि आप अपने आप को कैसे और दूर तक पहुंचा. रहे हैं। आजकल एक माध्यम मिल गया है।. सर होता क्या है सर? [गहरी सांस लेने की आवाज़]. एक कोर्स का फी 200 है।. उनके अन्य सभी कोर्स का फी सर खोजा जाए।. 25000 3000 35000. यह क्यों नहीं बताया जाता है कि मेरे. बीपीएससी का फी इतना है 75000 तक है।.
तीन साल का है लेकिन वो शायद. जो भी हो 3 साल का हो तो 25 तिया 75. हम. तो क्या ₹200 में वो पूरा 3 साल पढ़ा रहे. हैं. तो लास्ट है. सर वो. एक. उनमें क्या है सर जो होता है वह दिखते. नहीं है जो दिखते हैं वह होता नहीं है सर.
जो सच है. उनके पीआर टीम के वजह से. कोई भी बोलना नहीं चाहता है। उन पर. स्ट्राइक आ जाता है। जो भी बोलता है थोड़ा. बहुत उनके चैनल पर स्ट्राइक दे दिया जाता. है। सर. सर देखो क्योंकि मैं टेक्निकल थोड़ा समझता. हूं। जब आप किसी का वीडियो क्लिप यूज़. करोगे अगर आप यूज़ कर लेते हो तो उसको. मौका मिल जाता है।.
मतलब बहुत सारे टीचर्स का मैंने ये आरोप. लगाते हुए देखा। किसी भी व्यक्ति की जैसे. हम ही अब तेज प्रताप यादव के साथ हम गए. थे। अभी एक हॉटस्टार की सीरीज कर रहे थे।. अब वो ट्रैक्टर पर घूमने का वीडियो था। अब. उन्होंने अपने कैमरे से रिकॉर्ड हमने डाल. दिया और उन्होंने स्ट्राइक मार के हटा. दिया। जबकि हम तो साथ ही घूम रहे थे। वह. तो बुराई भी नहीं थी। तो यह एक सिस्टम है।. कई बार ये ऑटोमेशन पे भी होता है। कई बार. जानबूझ के भी होता है कि हमारी बुराई. करोगे आप तो हम हटा दे रहे हैं। अगर आप. क्लिप ना यूज़ करो तो आप नहीं कर सकते हो।. नहीं वही तो सर मतलब.
होना क्या चाहिए? सच सामने आना चाहिए।. मतलब अब इसमें तो अगर आप कोई बुराई करेगा. तो ये तो ह्यूमन स्वभाव भी है। कई बार टीम. भी कर देता है। कई बार आदमी चाहता है कि. भाई हमारा प्रचार क्यों हो? हो सकता है. 100 चीज अच्छा करें, दो चीज खराब हो गया. हो, कभी कुछ गलत एक दो वर्ड निकल गया हो. पढ़ाने में इधर-उधर। लेकिन उसको लेकर पूरे. व्यक्ति के किरदार को खारिज कर देना यह. सही होगा। मतलब जैसे. [नाक से की जाने वाली आवाज़] इस देश में. बहुत लोगों की आस्था खान सर में रही है।. मैं जानता हूं बहुत सारे लोगों को। जैसे. आप आप में भी बहुत लोगों की आस्था है। मैं. लगातार कह रहा हूं कि मुझे हजारों लड़कों.
ने पिछले एक हफ्ते से लगातार मैसेज किया. आपके लिए। मेरे दिल में आपके प्रति. संवेदनाएं हैं।. उनको लेकर भी एक बड़ा वर्ग है जिसकी. संवेदनाएं उनके पास रही हैं। अभी थोड़ी कम. हुई है लेकिन कई सालों में बहुत देखा है. हमने सोशल मीडिया पर तो कुछ तो अच्छा भी. रहा होगा।. सर. झूठ पे साम्राज्य सर टिका हुआ है। सच. सामने आया ना सर और भी बहुत सारी बातें. हैं जो समय के साथ सर सामने आएगा सर।.
दुनिया के लोगों का जो है सर आंख खुल. जाएगा। सर अगर सारी सच बातें सामने आ गई।. अब जैसे उनकी पत्नी को लेकर निशाना बना. दिया गया। आपका एक स्टेटमेंट आ गया था कि. घूंघट में रखते हैं, बहनों को बाहर दिखा. देते हैं।.
ये आपको लगता है सही है। मतलब ये बहुत ही. आप लोग की लड़ाई प्रोफेशनल लेवल पे होती. कि ज्यादा बच्चा हम निकालेंगे, हम. निकालेंगे. तो शायद छात्रों का भला होता, आपका ही भला. होता, बिहार का भला होता, देश का भला. होता। बहुत व्यक्तिगत हो गया। दोनों का. बड़ा व्यक्तिगत नुकसान है। जैसे आपका भाई. का क्षति हो गया जो अभूत मतलब जिस पे. भरपाई कोई नहीं है। 24 साल का लड़का पूरी. जिंदगी थी। मतलब सोच सोच के मेरा दिल फट. जाता है कई बार ये कि यार अब 24 साल की. उम्र क्या होती है? कुछ नहीं।. जी सर।. व्यक्तिगत बहुत बन गया ये दोनों विवाद।.
इतना ही होना चाहिए था। मतलब उनकी भी. गलतियां होंगी। कुछ आप आपको नहीं लगता कुछ. आपको भी थोड़ा आत्म मंथन करना चाहिए इस. विषय पर।. निश्चित तौर पर सर और. जरूरत नहीं था। मतलब अगर आप देखिए उससे. देखिए सर यहां पर हम एक दो बात सर कहना. चाहते हैं।. एक बात यह सर कि. हम क्लासरूम में पढ़ाते हैं। पर्दा प्रथा. सही नहीं है।.
और हम रिसेप्शन कर रहे हैं. और अपनी पत्नी रिसेप्शन सर क्या होता है? बड़वधू को देखा जाए।. लेकिन रिसेप्शन में जो है हम अपनी पत्नी. का घूंघट नहीं उठाते हैं। तो कहीं ना कहीं. हम क्लासरूम में पर्दा प्रथा का विरोध. करते हैं कि नहीं पर्दा प्रथा सही नहीं. है। लेकिन हम अपने धर्म के सामने झुक जाते. हैं कि हम पर्दा प्रथा का समर्थन करते. हैं। हम पाकिस्तान को गाली देते हैं। सुबह.
उठकर के रात में सोने तक हम पाकिस्तान को. गाली देते हैं। वही फैजल खान है जो. पाकिस्तान को सुबह से लेकर शाम तक गाली. दिया करता है। और वही फैजल खान अपने. रिसेप्शन में पाकिस्तान के. चिश्ती. संप्रदाय से संबंधित. कवाली गायक. सबरी ब्रदर्स को बुलाते हैं। क्या भारत. में.
चिश्ती संप्रदाय से संबंधित कोवाली गायक. नहीं है? क्या सबरी ब्रदर्स से बड़ा कोवाली गायक. नहीं है भारत में? इस दोहरा चरित्र को सर समझना पड़ेगा।. मुंह में राम बगल में छुरी. दिन को गाली देंगे रात में बैठकर के उसके. साथ. मीठीमीठी बातें करी.
लेकिन आप लोग राजनीतिक व्यक्ति नहीं है ना. मेरा मेरा सवाल यही है आप दोनों शिक्षक. हैं। यह बात अगर तेजस्वी जी, सम्राट चौधरी. या प्रशांत किशोर आपस में कर रहे होते तो. मैं कहता ठीक है चलो इनको वोट पाना है। आप. दोनों तो शिक्षक थे। अपना-अपना काम करते।. जनता को तय कर रहे थे कि भाई कौन गलत है, सही है, यह है। मैं यही पूछ रहा हूं कि. कोचिंग की बातचीत जिसको हमारे एक सहयोगी. अंजनम कश्यप ने कहा था कोचिंग माफिया. जिससे बड़ा बवाल भी रहा।.
टीचरों ने हेल्दी कंपटीशन को व्यक्तिगत. कंपटीशन का बना दिया और आज अगर प्रिंस. दुनिया में नहीं है या आप गम में है या. खान सर पटना में नहीं है एंट्रिम बेल पर. बाहर हैं बोल नहीं रहे हैं आई एम श्योर वो. भी कुछ परेशान होंगे वो भी तो क्या. प्रोफेशनल लड़ाई को व्यक्तिगत बनाने का. खामियाजा आप दोनों भुगत रहे हैं ऐसा तो. होगा ना वो भी परेशान भी तो होंगे वो भी. आई एम श्योर उनको भी गालियां पड़ रही हैं. ये सर बनाया किसने. इसकी शुरुआत उन्होंने की है। हमने नहीं.
किया है।. मैं तो हमेशा से इन चीजों से बचने का. प्रयास किया हूं।. इसका अंत क्या होगा? [गहरी सांस लेने की आवाज़]. देखिए सर होता क्या है. कि. समाज में एक दूसरे का पैर खींचा जाता है।. सर. हम. हम उनके सामने आगे बढ़े। उनको यह चीज. बर्दाश्त नहीं हुआ।. सच सर यही है। आप सर पटना में पता कर.
लीजिएगा ऑफलाइन में. क्या स्थिति है फैजल खान और ज्ञान बिंदु. का और आनंद का. मैं जानता हूं आप आपके पास बड़ी संख्या. में बच्चे हैं जो आपको पसंद करते हैं।. उनकी अपनी खासियत है। वो कई जगह और. एक्सपेंड कर चुके हैं। नोएडा में भी हैं, इधर भी हैं, उधर भी हैं। दोनों की. अपनी-अपनी खूबियां हैं।. जी सर।. लेकिन इसका अंत क्या है? यहां से आगे. क्या? अब तो आपने अपना भाई खो दिया।. माता-पिता परेशान है। आप खुद बता रहे हैं. कि आप कई बीमारियों से परेशान रहे हैं।.
यहां से आगे क्या करना है? लड़ाई लड़नी. है, बदला लेना है, कानूनन सब करना है।. सर हम सरकार पे. हम. न्यायपालिका पर हम. हमें भरोसा है. कि. हमें न्याय. मिलेगा।. लेकिन अगर सिस्टम से हमें न्याय नहीं. मिलता है.
तो प्रकृति सर जरूर न्याय करेगा। ऊपर वाले. जरूर न्याय करेंगे सर।. सर हम क्या लड़ाई लड़े सर? सर हम बार-बार यही कहेंगे. उस युद्ध को जीत करके भी क्या फायदा? जिस युद्ध में भाई ही ना रहे।.
जब भगवान राम और रावण के बीच युद्ध हो रहा. था ना सर उस दौरान लक्ष्मण जी. की मृत्यु ही हो गई थी। फिर संजीवनी बूटी. लाकर के जो है उन्हें बचाया गया।. उस युद्ध को जीतकर सर हम क्या करेंगे? जिस. युद्ध ने हमारा भाई ही हमारा लक्ष्मण छीन. लिया। सर.
सब कुछ. ऊपर वाले के हाथ छोड़ते हैं।. प्रकृति के हाथ छोड़ते हैं।. सरकार और न्यायपालिका के हाथ छोड़ते हैं।. जो वह न्याय दे लेकिन दुनिया कुछ भी कहे. हम यही कहेंगे. फैजल खान और किसान कोल्ड स्टोर के मालिक.
रामाशंकर प्रसाद की वजह से आज हमारा भाई. मेरे साथ नहीं है।. आपकी पीड़ा को हम समझते हैं। आपके दुख को. हम समझते हैं। हमारी कोशिश थी कि आपकी. आवाज को एक मंच दिया जाए जहां पर आप अपने. शब्दों को व्यक्त कर सकें।. कुछ जाते अगर आप दर्शकों से सिस्टम से. सरकार से कहना चाहे तो आप यह मंच आपके लिए. है।.
एट फर्स्ट हम अपने छात्रों को. इस मंच से. यह संदेश देना चाहते हैं कि आप अपनी पढ़ाई. को जारी रखें और दूसरी बात. जो भी हमारे साथ खड़ा है उनका मैं जीवन भर. ऋणी रहूंगा और तीसरी बात सरकार से और.
सिस्टम से हम न्याय की गुहार लगाते हैं।. फेयर इन्वेस्टिगेशन हो. और हमें न्याय मिले।. सत्यमेव जयते. धन्यवाद सर. शुक्रिया.
