Manish Kashyap का पहला Podcast | Unplugged FT. @Manish Kasyap Son Of Bihar | Shubhankar Mishra|
मनीष कश्यप अपने आप को क्या समझते हैं वो. एक जर्नलिस्ट हैं यूट्यूब हैं मैं यूटर. हूं हां हां हां अब आते हैं हां ये अच्छी. बात है क कई सारे लोग ऐसे हैं जिनको जब. मनीष कश्यप को हमने भी अपने वीडियोस में. यूटर कहा तो वो नाराज हो गए उन्होंने कहा. आपने उन्हे जर्नलिस्ट क्यों नहीं कहा नहीं. पत्रकार तो आप है मेरे जहन में सवाल फिर. पत्रकार आप है यूटर मैं हूं आप यूटर है आप. जर्नलिस्ट नहीं है नहीं नहीं नहीं मनीष. कश्यप पर ये आरोप लगता है कि मनीष कश्यप. मुसलमानों को नापसंद करते हैं और इस वजह. से कश्मीरी उन्हें पीटा क्योंकि उन्हें. हिंदू हृदय सम्राट बनना था और उस खबर ने.
उनको पॉलिटिकली बहुत फायदा दिया एक अपराध. का सजा छह तमिलनाडु में एफआईआर चार बिहार. में एफआईआर एन से मेरे ऊपर लगा दिया गया. यहां पर आतंकवादियों के परिवार को भी. टॉर्चर नहीं किया जाता है मेरे परिवार को. टॉर्चर किया गया परिवार तो छोड़ दीजिए. मेरे कंपनी में जो पानी पिलाता है जिसको. आम बोलचाल में हम लोग ऑफिस स्टाफ कहते हैं. और पहले लोग चपरासी बोलते थे उसके ऊपर भी. एफआईआर किया गया मैं जेल गेट के बाहर आया. मैंने देखा तो मुझे उम्मीद ही नहीं था और.
जब मैं जेल गेट के बाहर आया तो उसी समय. मेरा ताकत जो है वो 100 गुना बढ़ गया अब. मुझे तमिलनाडु भेज दिया गया मधुरई जेल में. अकेले रह रहा में चार महीना कोई बात करने. वाला नहीं लैंग्वेज प्रॉब्लम मेरी मां ने. मुझे बचा लिया उन्होंने मुझे टूटने नहीं. दिया अनपढ़ है मेरी मां पढ़ी लिखी नहीं है. कि आपने तेजस्वी यादव पर क्योंकि पर्सनल. अटैक बहुत सारे कि कि मैं चारा च सर यही. दुनिया नहीं जानता है मेरे ऊपर आठ एफआईआर. हो गया तब मैं वो वीडियो बनाया था वहां पे. पंका था लेकिन वो चलता नहीं था चलता भी था.
तो उसका हवा जो है पंखा को भी उसका हवा. नहीं लगता थाने जिंदगी में एक ही गलती. किया है पत्रकारिता के दौरान य पर वीडियो. डालने के दौरान हीरोइन कौन सी पसंद हीरोइन. तो प्रियंका चोपड़ा पसंद थी वो भी विदेश. चली गई मैं कम से कम 1000 के आसपास. इंटरव्यू दिया हूं कभी किसी इंटरव्यू में. इतना नर्वस नहीं हुआ पहली बार जो है मतलब. की मैं जीरो हो गया. हूं समझे ना पहली बार मतलब कि मुझे समझ. में नहीं आ रहा है कि मैं क्या बोलू.
क्योंकि आप बहुत टैलेंटेड है पानी पिएंगे. तो 24 का चुनाव लड़ेंगे अभी तक तो मैंने. सोचा नहीं है शादी के 2 साल बाद तक आप. क्या मुझे सुरक्षित रख सकते हैं अब देखो. मुझे अरेस्ट नहीं होने देंगे तो मैं शादी. कर लूंगा बीजेपी की तरफ से कोई ऑफर आपको. आया नहीं अभी किसी के तरफ से कोई ऑफर नहीं. है उके दोस्त यार कहते हैं कि मनीष कश्यप. को मोदी जी को हटा के 2030 में. प्रधानमंत्री बन काहे सूली पे चढ़ा रहे. हैं बफर्स के ऊपर जो है हमको लटक दीजिएगा. क्या तेजस्वी जी या राहुल जी प्रधानमंत्री. बन गए तो आप उनके फैन रहेंगे सपना देख रहे.
हैं आप महाराज मीम्स बनवाए क्या बिहार का. मुख्यमंत्री बनने की तमन्ना है आपकी अभी. तो सोचे नहीं हर आदमी मनीष कश्यप के पीछे. फिर क्यों पढ़ा नहीं हर आदमी नहीं पढ़ा है. हर आदमी मनीष का सबब का साथ भी दे रहा है. जेल में पता लगता था सब बाहर क्या चल रहा. है पता लगता था पेपर पढ़ता था मैं तो. तमिलनाडु में कैसे आप पढ़ते थे मनीष कश्यप. नाम कहां से आया मनीष कश्यप की कोई महिला. मित्र मान लीजिए हालांकि हमको लग नहीं रहा. है आपसे बातचीत करके जितना आपने बताया. हमको उस हिसाब से लेकिन अगर कोई महिला. मित्र है और वो किसी मुस्लिम व्यक्ति शादी. कर रही है हम मनीष कश्यप उसको समझाएंगे या.
कहेंगे कि चलो शादी में शामिल होंगे नहीं. मैं समझाऊ बिल्कुल समझाऊ आप मिले कभी मोदी. जी से नहीं कभी नहीं मिला हू मिलेंगे तो. टिकट मांगे आप ऐसा होगा नहीं मुस्कुराहट. बहुत कुछ बिहार में इतनी सारी समस्या हैं. कि मैं 365 दिन हर दिन 365 वीडियो बनाऊ तो. भी समस्याओं का समाधान नहीं होगा अगर मेरे. पास भी बढ़िया और बड़ा वकील रहता और मेरे. बाबू जी के पास 50 करोड़ रुपया रहता तो आप. बताइए कि मैं तो शायद आप तीन चार महीने एक.
महीना से ज्यादा नहीं रहता जेल जाने से डर. लगता है पहले लगता था अब नहीं लगता है आप. पर आरोप यह लगा कि आपने दो राज्यों के बीच. में टेंशन बढ़ा दी वहां से लोग पलायन कर. पलायन करने लगे वहां का मुख्यमंत्री का. बेटा सनातन के ऊपर जो है यह इतना गंदा. गंदा टिप्पणी करता है डेंगू मलेरिया बताता. है वहां का एक नेता जो है जो बोलते हैं. बिहार यूपी के लोग जो है हमारे राज्य में. टॉयलेट साफ करते हैं वह दो राज्य के बीच. में टेंशन नहीं बढ़ रहे यहां लोगों का.
परसेप्शन बना हुआ है कि अगर आपने. बीजेपी सरकार से सवाल किया तो ठीक है अगर. बिहार में जो सरकार है उससे सवाल किया तो. आप गोदी मीडिया हो आप पर तो आरोप लगता है. कि आप ब्लैकमेलिंग भी करते थे आप पर बहुत. सारे आरोप लगाई बिहार पुलिस ने कि मनीष. कश्यप लोगों से स्पांसर लेते थे. ब्लैकमेलिंग करते थे डराते धमकाते थे बहुत. सारे आप पर अनगिनत आरोप है आपके मुस्लिम. दोस्त हैं हां बहुत सारे मुस्लिम दोस्त. क्या नाम है दोस्त का अब कुछ चीजें जो है. वो सर्वजनिक कोई दोस्त दो चार दोस्त नाम.
कुछ चीजें कुछ चीजें जो है सर्वजनिक ना. किया जाए तो ज्यादा अच्छा है कोई ऐसा लमहा. ौ महीने में जहां पर आपको लगा कि आप टूट. सकते हैं मेरे पास एनएसए का जो कागज आया. उस समय मैं टूट गया था जिन्होंने साथ दिया. उनको भी धन्यवाद जिन्होंने साथ नहीं दिया. उनको भी धन्यवाद और जिन्होंने लेट से साथ. दिया उनको भी. धन्यवाद नमस्कार आपके साथ मैं हूं शुभंकर. मिश्रा और अनप्लग विद शुभंकर की इस एपिसोड. में जो मेहमान मेरे साथ हैं वो दो नाम.
वाले. मेहमान दो नाम की तरह इनकी शख्सियत जो है. वो भी दोदो है किसी के लिए वो हीरो हैं. किसी के लिए वो विलन है कोई उनमें नायक. ढूंढता है तो किसी को उनमें खलनायक नजर. आता है हां हम इतना जरूर कह सकते हैं कि. बीते कुछ महीनों में अगर आप सियासत को. समझते देखते पढ़ते हैं तो आप इनके नाम को. इग्नोर नहीं कर पाएंगे और यह नाम है. त्रिपुरारी कुमार तिवारी उर्फ मनीष कश्यप. मनीष बहुत स्वागत है आपका.
आपने शुरुआत बहुत अच्छे ढंग से किया कि. कोई इन्हें नायक समझता है कोई इन्हें. खलनायक समझता है जिनके लिए हम लोग काम. करते हैं जिनके हक के लिए हम लोग लड़ते. हैं उनके लिए हम लोग नायक. हैं जो दमक की तरह बिहार जैसे राज्य को जो. है बर्बाद कर रहे. हैं जो भ्रष्टाचार के दम पर अपना तो महल. खड़ा कर लिए लेकिन बिहार को लेबर का. फैक्ट्री बना दिए उनके लिए हम लोग खलनायक. है ये बात सत्य है और सत्य है कि दोदो.
शख्सियत है एक हम जब गरीबों के लिए खड़े. होते हैं तो कुछ लोगों के नजर में हम गलत. हो जाते हैं जब जेल में जाते हैं तो हमारी. शख्सियत बदल जाती है जब जेल से बाहर आते. हैं तो शख्सियत बदल जाती है तो मुझे नहीं. पता है कि दो है कि तीन है कि चार है कि. एक है लेकिन हां इतना जरूर पता है कि कुछ. लोगों के नजर में मैं अलग हूं और कुछ. लोगों के नजर में मैं अलग हूं लोग कहते. हैं मनीष कश्यप फिल्मोस बड़ा इंस्पायर्ड.
है जेल भी गए तो पूरा माहौल बना गए वो. फर्नांडीस जी की तरह हथकड़ी दिखाई. बढ़िया-बढ़िया डायलॉग बोले अंदर से कभी. पत्रकार कौन है मनीष कश्यप ये सवाल बहुत. लोग के मन में आता है कि मनीष कश्यप. युवाओं की आवाज है मनीष कश्यप सन ऑफ बिहार. है मनीष कश्यप पत्रकार हैं मनीष कश्यप वो. व्यक्ति है जिन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा. या वो जो कहता है कि जिनके दोस्त कहते हैं. कि 2030 में प्रधानमंत्री बनेगा या वो. व्यक्ति जिस पर आरोप लगता है कि भैया खूब. पैसा छाप लिया है हम सटक चैनल के मालिक है.
कौन है मनीष कश्यप बिहार की एक कहानी मैं. बताना चाहता हूं वर्तमान समय में मैंने वो. चार लाइन लिखा था जो बहुत वायरल हुआ था. बिहार में पैदा होने के लिए भी संघर्ष. करना पड़ता है और जब संघर्ष करके हम पैदा. हो ही गए हैं तो संघर्ष करके इतिहास बना. ही देंगे और यह कहानी हर एक बिहारी की है. वहां पे अस्पताल सही नहीं है जब अस्पताल. सही नहीं होगा तो जन्म लेने के लिए भी. संघर्ष करना पड़ता. पड़ेगा और वहां से हम लोग उठे हैं वहां से.
हम लोग आगे बढ़े हैं अब वहां से जब आदमी. आगे आता है वहां से आदमी आगे निकलने का. प्रयास करता है तो बहुत सारे लोग जो है वह. उसका विरोध करते हैं जैसे चंद्रगुप्त. मौर्य जब धनानंद जैसे एक शक्तिशाली राजा. थे जो नौ भाई बहन थे नौ भाई बहन उनके. खिलाफ जब चंद्रगुप्त मौर्य ने सोचा कि हम.
इनको सत्ता के शीर्ष सिंहासन से हटाएंगे. तो बहुत सारे लोगों ने उनका विरोध किया. लेकिन चंद्रगुप्त मौर्य ने पूरे बिहार को. ही नहीं पूरे मगध को ही नहीं पूरी दुनिया. में जो है सबसे समृद्ध राज्य स्थापित किया. हम लोगों का भी सपना है कि जो बिहार लेबर. फैक्ट्री हो चुका है जहां पर पहले आईएस. आईपीएस पैदा होते थे हर घर में वहां पर अब. हर घर में मजदूर पैदा होता है तो उस चीज. को बदला जाए आप सिस्टम बदलने की बात कर. रहे हो अच्छी बात है की नियत पर हम संदेह.
नहीं कर रहे लेकिन आप भी पत्रकार और आप. जानते हो कि पत्रकार काम होता है नहीं मैं. पत्रकार नहीं हूं मैं यूट हूं हां हां हां. अब आते हैं हां ये अच्छी बात है क्योंकि. कई सारे लोग ऐसे हैं जिनको जब मनीष कश्यप. को हमने भी अपने वीडियोस में यूटर कहा तो. वो नाराज हो गए उन्होंने कहा अपने उने. जर्नलिस्ट क्यों नहीं कहा नहीं पत्रकार तो. आप है मेरे जहन में सवाल फि पत्रकार आप है. यूटर मैं हूं आप यूटर है आप जर्नलिस्ट. नहीं है नहीं नहीं नहीं मैं यूटर हूं तो. फिर वो लोग कौन है जो आपके समर्थक कहते. हैं कि मनीष कश्यप जर्नलिस्ट एक पत्रकार. को दबाया जा रहा है क्योंकि जब आप जेल में.
थे 9 महीने तो लगातार आपको लेके सोशल. मीडिया पर लिख रहा था कि लोग देखिए जब. इलेक्ट्रॉनिक्स मीडिया आया था हां तो. प्रिंट मीडिया वाले इलेक्ट्रॉनिक्स मी. मीडिया वाले को जर्नलिस्ट नहीं मानते थे. 90 92 93 94 की कहानी 98 की कहानी है 988. में जब आज तक आया तो नहीं मानते थे जब. इलेक्ट्रॉनिक्स मीडिया हावी हुआ प्रिंट. मीडिया हावी हुआ उस समय डिजिटल मीडिया आया. तो इलेक्ट्रॉनिक्स और प्रिंट मीडिया के. दौर में जो है डिजिटल मीडिया वाले को प. पत्रकार नहीं माना जाता यह सवाल जो है.
भविष्य के गर्त में है कि डिजिटल मीडिया. वाले को पत्रकार माना जाएगा कि नहीं माना. जाएगा जैसा हम लोग बात कर रहे थे आपके पास. भी मास कम्युनिकेशन की डिग्री नहीं है. मेरे पास भी नहीं है आप मैकेनिकल इंजीनियर. मैं सिविल इंजीनियर ऐसे अनेकों लोग हैं. लेकिन पत्रकारिता अगर करना है चीजों को. अगर दिखाना है तो आपके पास नॉलेज होना. चाहिए जो मतलब कि समंदर जैसा नॉलेज है. आपको क्रिकेट पर बहुत अच्छी बात करते हैं. यह सब मैं मैं सिविल इंजीनियर हूं देखिए.
हमारी तारीफ हमारी तारीफ करके आप सवाल स. नहीं हम आपसे डरते नहीं है और डरेंगे भी. नहीं डरना चाहिए भी नहीं अब मैं सिविल. इंजीनियर अब बताइए किसी भी राज्य के विकास. में सबसे महत्त्वपूर्ण चीज क्या होता है. इंफ्रास्ट्रक्चर होता है और. इंफ्रास्ट्रक्चर को कौन दिखाएगा उसको. जिसको नॉलेज होगा वही दिखाएगा ना तो मैं. सिविल इंजीनियर हं सड़कों का वीडियो बनाता. हूं घर अगर बन रहा है गलत तरीके से बन रहा. है तो वो वीडियो बनाता हूं तो मैं वहां से. सीखा हूं और वहां से सीख के. आज कुछ लोग मुझे पत्रकार नहीं मान रहे हैं.
भविष्य में शायद मानेंगे लेकिन आज के समय. में मैं अपने आप को यूटर एज यूटर गर्व. महसूस करता हूं अब लोग क्या कहते हैं वो. एक नजरिया लोगों का है मैं लोगों को साइड. करता हूं मेरी बातचीत हो रही है मनीष. कश्यप से और मुझे लगता है कि आपको पसंद. करने वाले या आपको नापसंद करने वाले दोनों. वर्ग के मन में आपकी शख्सियत को आपके. नजरिए समझने की इच्छा होगी क्योंकि वो. आपको इस तरह से नहीं देखे सुने होंगे जो. आज हम चाहेंगे कि वो पर्सनालिटी निकले तो. मेरा सवाल फ मैं सरकार के नजर में अपराधी. हूं 18 केस है मेरे ऊपर जेल से निकलने के.
बाद मैं आपके बगल में बैठा हूं 15 केस में. बेल लेकर आया हूं एक एक अपराध सरकार के. द्वारा मेरे ऊपर लगाया गया था एक इल्जाम. हम यानी सरकार के नजर में मैंने एक अपराध. किया था मैंने अपराध नहीं किया एक अपराध. का सजा छह तमिलनाडु में एफआईआर चार बिहार. में एफआईआर एन से मेरे ऊपर लगा दिया गया. अब जरा बताइए मैं अपने आप को क्या. मानू आप बताइए मैं आपसे सवाल पूछना चाहता. हूं तो जहां पर आपका एनएसए लगा देश दुनिया.
से तमाम पत्रकारों ने आपको लेकर जो आपको. नापसंद भी करते थे यह भी मैं आपको कह रहा. हूं सोशल मीडिया पर बहुत सारे जर्नलिस्ट. ऐसे हैं जो शायद मनीष कश्फ से इत्तेफाक. नहीं रखते थे लेकिन उन्होंने भी खुलकर कहा. कि एनएसए लगाना गलत था और ना सिर्फ बिहार. या फिर तमिलनाडु में बल्कि जहां-जहां देश. में लगा वो गलत था मेरा सवाल फिर वही है. क्योंकि ये चर्चा का लंबा विषय है मनीष. कश्यप अपने आप को क्या समझते हैं वो एक. जर्नलिस्ट हैं यूटर हैं एक वो व्यक्ति है. जिसने चुनाव लड़ा या इंजीनियर है मैं एक. राष्ट्रवादी हूं. राष्ट्र के निर्माण में अपने राज्य के.
निर्माण में मेरे से जो होगा मैं करूंगा. मेरा तन समर्पित मन समर्पित और यह जीवन. समर्पित उसके लिए जो करना होगा मैं करता. रहूंगा बस मेरा सिर्फ इतना पहचान है मैं. हिंदुस्तानी हूं मैं राष्ट्रवादी हूं एकदम. नेताओं वाला एकदम आपने एकदम आ गया पूरा. गुण आप में नेताओं वाला गुण समझिए तो एक. पत्रकार का गुण समझिए तो या एक सिविल. इंजीनियर का गुण समझिए तो अच्छा इसको. सिंपलीफाई कर देते हैं 24 का चुनाव. लड़ेंगे अभी तक तो मैंने सोचा नहीं है और.
जब मैं लडूंगा तो आपको फोन पर जरूर. बताऊंगा मैं बिहार आऊंगा आप मेरे घर आइए. एक बार चाय पिलाएंगे अच्छी एकदम बिल्कुल. मैं अपने अपनी मां का दर्द. दिखाऊंगा आखिर मेरी मां का क्या कसूर था. मेरे दादाजी के नाम पर जो घर था उस घर का. कुर्की हो गया घर का कुर्की किया गया जो. संसद भवन पर जो लोग हमला किए हैं अभी तक. उनके घर का कुर्की नहीं हुआ मेरे ऑफिस जो. मेरा भाड़े का फ्लैट था उसको सीज कर दिया. गया जो संसद भवन पर हमला किए अभी तक व जो.
कोलकाता में उनका परिवार रहता है उनके. फ्लैट को सीज नहीं किया गया यहां पर भारत. इतना यहां का संविधान इतना खूबसूरत है कि. यहां पे आतंकवादियों के परिवार को भी. टॉर्चर नहीं किया जाता है मेरे परिवार को. टॉर्चर किया गया परिवार तो छोड़ दीजिए. मेरे कंपनी में जो पानी पिलाता है जिसको. आम बोलचाल में हम लोग ऑफिस स्टाफ कहते हैं. और पहले लोग चपरासी बोलते थे उसके ऊपर भी. एफआईआर किया गया मेरे कंपनी में काम करने. वाली जो लड़कियां थी जो रिपोर्टर थी उनको. धमकाया गया डराया गया कि मनीष कश्यप को.
छोड़ दो जरा सोचिए इतना पतार किया गया. मुझे इतना पतार किया गया क्यों किया गया. आपके साथ आपको क्या लगता है पीछे मुड़कर. देखते हैं क्यों किया गया आपके साथ ये जब. सत्ता के शीर्ष सिंहासन पर कोई निरंकुश. शासक बैठ जाता है तो ऐसा ही होता है शायद. बिहार में कोई निरंकुश शासक बैठ गया उसने. ऐसा किया पूरी उसको पता ही नहीं था कि. मनीष कश्यप को हम जितना पतार करेंगे वो. जेल से बाहर आके उतना ही मजबूती के साथ. फिर फिर से आवाज उठाएगा मैंने अपने जीवन.
में आप आप बड़े-बड़े चैनलों में आपने काम. किया है आप पत्रकार हैं आप बताइए मैंने. अपने जीवन में कभी भी जेल गेट के बाहर. उतने लोगों का भीड़ नहीं देखा जितने लोगों. ने जब नौ महीना के बाद एक व्यक्ति जो है. 15 केस में बेल लेकर आया है 15 केस में. जिसके ऊपर एनए से लग गया था एक घटना में. जिसके ऊपर 11 केस हुआ उस व्यक्ति को बिहार. के लोगों ने पूरा हाथ फैला के भर भर के जो. है प्यार दिया. मैं जेल गेट के बाहर आया मैंने देखा तो.
मुझे उम्मीद ही नहीं था और जब मैं जेल गेट. के बाहर आया तो उसी समय मेरा ताकत जो है. वो 100 गुना बढ़ गया जरा बताइए मुझे बिहार. में मैंने मजदूरों के लिए आवाज उठाया मुझे. तमिलनाडु भेज दिया गया मधुरई जेल में. अकेले र रहा मैं चार महीना कोई बात करने. वाला नहीं लैंग्वेज प्रॉब्लम खाने का. प्रॉब्लम पता है क्या मैं खाता था चावल जो. होता है पानीपुरी आप लोग खाते हैं ना उसका. पानी जो होता है ना वो चावल में मिला के. जो दही का मट्ठा होता है ना वह चावल में.
मिला के मतलब वहां के खाने में वहां का. लोगों के लिए अच्छा है वहां खट्टा मिलता. ही मिलता है वेजिटेरियन है हम फुल. वेजिटेरियन अगर मैं आपको बोलूं कि आप एक. महीना तक चावल ही खाएंगे और चावल जो है वह. इमली पानी के साथ वहां पर इमली पानी मिलता. था जो पानीपुरी का पानी होता है उसके साथ. खाइए खा पाएंगे मैं चार महीना कैसे जिंदा. रहा वहां पर मैं जानता हूं लेकिन मैंने. सुना था कि दुनिया में सबसे ताकतवर मां.
होती है और देख भी लिया मेरी मां ने मुझे. बचा लिया उन्होंने मुझे टूटने नहीं दिया. अनपढ़ है मेरी मां पढ़ी लिखी नहीं है फिर. भी उनका हिम्मत और हौसला नेताओं के पास. जाना विनती करना वकील के पास जाना मधुरई. जाना चेन्नई जाना पता है तमिलनाडु में चार. जगह मेरे ऊपर एफ आईआर हुआ त्रिपुर में दो. एफ आई मधुरई में एक कृष्णागिरी में दो और. चेन्नई में एक एक शहर से दूस दूसरे शहर की. दूरी जो है वो 300 किलोमीटर 400 किलोमीटर.
और चेन्नई से मधुरई 450 किलोमीटर है. चेन्नई से त्रिपुर जो है वो 450 500. किलोमीटर है परेशान करने के लिए ऐसा किया. गया ऐसा क्यों किया गया मनीष कश्यप के साथ. ऐसा क्यों किया गया हां मैं ऑन कैमरा बोल. रहा हूं कि मैं वीडियो बनाने के दौरान जो. है अप शब्दों का इस्तेमाल कर देता था वो. मेरी गलती है मैं माफी चाहता हूं उसकी सजा. दी जानी चाहिए थी ना उसकी सजा मुझे नहीं. दी गई जो वीडियो में मैंने कुछ गलत नहीं. बोला तमिलनाडु में मजदूरों के साथ जो हुआ.
वो इलेक्ट्रॉनिक्स प्रिंट मीडिया में आया. बिहार के नेताओं ने भी बताया वही चीजें. मैंने बताया मेरे साथ देखिए मैं इस टॉपिक. क्योंकि आपने छेड़ दिया है मैं बाद में. रखता लेकिन आपने छेड़ दिया तो ये सवाल मैं. मेरा काम है लोगों के सवाल पूछना जो आपके. अपोजिशन वाले पूछते हैं और वही सवाल मैं. पूछूंगा आपसे ये बात सच है कि जो बात आपने. मजदूरों की पिटाई वाली कही क्योंकि उस. वक्त हम भी वीडियोस बनाते थे देश के तमाम. प्रतिष्ठित अखबारों ने उसे छापा छापा और. कई सारे च अखबारों ने उसमें बकायदा. कुछ-कुछ वीडियो साथ छापा लेकिन मनीष कश्यप. पर आरोप ये लगा कि जो वीडियो उन्होंने.
दिखाया था वो बिहार में शूट किया गया था. नहीं उसकी कहानी मैं बता रहा हूं तीन. लोगों ने मिलकर जो है जक्कनपुर में एक. वीडियो बनाया उसका स्क्रीनशॉट मेरे पास. आया मैंने. उन्हें बचाया जाए तो इस पे यह कौन सा गलत.
मैंने बात बोल दिया यह क्या गलत बात है. वहां का एक नेता जो है जो बोलते हैं बिहार.
यूपी के लोग जो है हमारे राज्य में टॉयलेट. साफ करते हैं वो दो राज्य के बीच में. टेंशन नहीं बढ़ा रहे वो तनाव नहीं बढ़ा. रहे मनीष कश्यप ने यह कहा कि हमारे मजदूर. परेशान है उन्हें बचाइए तो मनीष कश्यप ने. तनाव बढ़ा दिया पता है आपको भारत के हर एक. कोने में बिहारी मजदूर परेशान होते हैं. बिहारी लोगों से जो है लोग काम करा लेते. हैं यूपी का भी वही हाल था लेकिन यूपी में. एक सशक्त मजबूत मु मुखमंत्री आ गए आज यूपी. के मजदूरों के साथ गलत नहीं होता है.
क्योंकि उन्हें पता है कि वहां से करवाई. हो जाएगा बिहार के मजदूरों को क्या किया. जाता है अगर उसकी बीवी प्रेग्नेंट है और. वो कहता है कि मैं घर जाना चाहता हूं उसकी. सैलरी नहीं दी जाती है कि ये चला जाएगा तो. फिर हमें मेहनती मजदूर नहीं मिलेगा और ये. बात पूछिए मजदूरों से ये बात सत्य है कि. नहीं अगर आठ महीना बिहार का मजदूर काम. करता है और घर आना चाहता है तो उसको छ. महीना का पाच महीना का सैलरी दिया जाता है. दो महीना तीन महीना का सैलरी रोक लिया. जाता है वहां के लोकल मजदूर हर एक राज्य.
के लोकल मजदूर ठ घंटा काम करते हैं और. उससे कम पैसे में बिहारी मजदूर 12 घंटा. काम करते हैं इस दर्द का पैरामीटर क्या है. इसे कैसे नाप आप किस चीज से नाप उन्हीं का. आवाज बनने का मैंने प्रयास किया था वही तो. मुझे दबाया गया बिहार का आदमी जब तक मजदूर. रहेगा तभी तो ये अनपर जाहिल गवार लोग जो. है सत्ता के सिंहासन पर बैठे रहेंगे तो. फिर यह सवाल फिर मेरे मन में आता है आपने. बिहार में जन्म लिया आप गए इंजीनियर बन गए. सिविल इंजीनियर बन गए बिहार में बीजेपी की. सरकार भी रही 15 साल तक नीतीश कुमार.
बीजेपी रहे आपने यूपी का जिक्र किया योगी. आदित्यनाथ का वो बीजेपी से हैं तो इसका. मतलब फिर ये कि चाहे बीजेपी हो चाहे. आरजेडी हो या फिर नितीश जी की जेडीयू हो. सब उतने ही दोषी हैं सबसे मैंने सवाल किया. तो आप पर क आप पर क्यों आरोप लगता है कि. आप बीजेपी से जुड़े हुए हैं आप बीजेपी से. कर 5000 वीडियो है 5000 में से जो है 4000. वीडियो बीजेपी शासित प्रदेशों में मैं घूम. घूम के बनाया हूं जब मैंने बिहार में वो. यूटर. बना जब मैं बिहार में पत्रकारिता शुरू.
किया तो उस समय बिहार में स्वास्थ्य. मंत्री मंगल पांडे जी थे मैं उस समय. एंबुलेंस पर चढ़ चढ़ के वीडियो बनाता था. कभी उन लोगों ने मेरा गला दबाने का प्रयास. नहीं किया राजीव प्रताप रूडी के लोकसभा. क्षेत्र में मैं जाकर वीडियो बनाया गिराज. सिंह जी के लोकसभा क्षेत्र में जाके चौसा. में जो किसान के लिए आंदोलन हुआ वहां. के सांसद है बीजेपी के सांसद है वहां पर. जाकर मैंने वीडियो बनाया मैं तो उस समय. नहीं सोचा कि ये भाजपा वाले हैं तो इन्हें. छोड़ दो हम पत्रकारों का फर्ज क्या होता.
है आप क्या एक पक्ष का खबर दिखाते हैं आप. भी तो दोनों पक्ष का खबर दिखाते हैं लेकिन. यहां पे लोगों का परसेप्शन बना हुआ है कि. अगर आपने. बीजेपी सरकार से सवाल किया तो ठीक है अगर. बिहार में जो सरकार है उससे सवाल किया तो. आप गोदी मीडिया हो गए मेरा 5000 वीडियो है. मैं फिर से कहना चाहता हूं जाके कोई भी. गिन ले 4000 वीडियो जो है बीजेपी शासित. प्रदेशों में बनाए मोरबी में जब पूल गिरा. था था उस समय मनीष क सेफ खड़ा था नितिन. गडकरी के मंत्रालय से मनीष क सेफ सवाल.
करता है लगातार बिहार में रोड के लिए सवाल. करता है तो उस समय मेरी मेरा वीडियो इन. लोगों को अच्छा लगता है और जब मैं इन. लोगों से सवाल कर देता हूं तो मेरा वीडियो. खराब लगने लगता तो इस घटना से पहले क्या. आपकी तेजस्वी यादव या तेज प्रताप यादव से. कभी मुलाकात रही है एकदम तेज प्रताप यादव. जी का मैंने इंटरव्यू लिया है तो फिर आपने. जब यह घटना आई तो आपने उनसे बातचीत नहीं. की कि आप मैं तो आप इधर भी एक्सपोज कर रहा. था आप मुझे क्यों फिर ऐसा कर रहे हो. विधानसभा में हंगामा हुआ हिंदुस्तान अखबार. में फ्रंट पेज पे ये खबर चला फ्रंट पेज पे.
ये खबर चला इन लोग अच्छा इनसे पूछ के क्या. ये क्या बताते 1 मार्च को ये गए थे और यह. घटना जो है फरवरी से ही चालू हो गया था. तमिलनाडु में जाके जो है अब तो वहां का. मंत्री बोल रहा है ना कि टॉयलेट साफ करते. हैं बिहार के लोग तो ये टॉयलेट साफ करने. गए थे क्या वो एक 1 मार्च को ये बर्थडे. में केक काटने गए थे जब केक काटने गए. तेजस्वी जी की बात हां 1 मार्च को ये वहीं. पे मंच से पूछ लेते मुख्यमंत्री जी से कि. यहां पे बिहारी मजदूर को को कोई समस्या. नहीं ना है वो मुख्यमंत्री जी बोल देते कि.
नहीं समस्या मैटर वहीं खत्म इन्होंने पूछा. तक नहीं मजदूरों के बारे में पप्पू यादव. जी ट्वीट किए थे आरजेडी के एक नेता है. डॉक्टर अनिल सहनी स्क्रीनशॉट मैं रखा हूं. वो वीडियो रखा हूं मैं उन्होंने 28 फरवरी. को. में 21 फरवरी को खबर चला था 21 फरवरी को.
अर उजाला में अब जरा बताइए इन सब चीजों को. छोड़ के जो है मनीष कश्यप को पकड़ा गया. क्यों मनीष कश्यप को पकड़ा गया क्योंकि. मनीष कश्यप बिहार के मजदूरों के आंखों में. जो सपना है कि उनका बेटा मजदूर ना बने उसे. जिंदा कर रहा है मनीष कसप. यूनिवर्सिटियोफकालीकट. ये इन सब चीजों के खिलाफ मैं वीडियो बनाता.
तो मेरे खिलाफ तो बिहार में बहुत सारे लोग. खड़े होंगे मुझे सिर्फ एक बात समझनी है और. मैं आपसे समझना भी चाहता हूं मैं ये बात. और ये बाकी जो दर्शक होंगे वो भी समझना. चाहते होंगे एक लड़का जो. youtube1 मिलियन फॉलोअर उस वक्त रहे होंगे. आप शायद ज्यादा हो गए हो पाछ मिलियन. फॉलोअर हैं क्या उसका एक वीडियो सरकार को. इतना परेशान कर गया कि वो बिल्कुल पूरा. सिस्टम आपके पीछे पड़ गया दो-दो स्ट्रेट. की ये आप कहना चाह रहे हैं कि आप ही के. वीडियो सारा असर हुआ उन्हें अखबारों से. फर्क नहीं पड़ा टीवी चैनलों से फर्क नहीं. पड़ा केवल ये तो पूरा दुनिया को दिख रहा.
है ना दैनिक. भास्कर मद्रास हाई कोर्ट में 000 का. जुर्माना दिया दैनिक भास्कर उसके बाद से. उनको छोड़ दिया गया देखिए बड़े चैनलों से. यह लोग डरते हैं और जो छोटे लोग हैं जो. इन्हें परेशान करते थे बिहार में उनको दबा. के खत्म करना चाहते हैं हिंदुस्तान अखबार. में भी छपा था या इसकी वजह यह थी कि आपने. तेजस्वी यादव पर क्योंकि पर्सनल अटैक बहुत. सारे की कि मैं चारा स य दुनिया नहीं. जानता है मेरे ऊपर आठ एई आर हो गया तब मैं. वो वीडियो बनाया था मेरे ऊपर चार तारीख को.
एफआईआर हुआ पाच तारीख को एफआईआर हुआ 6. तारीख को एफआईआर हुआ सात तारीख को एफआईआर. हुआ और वो जो मैंने वीडियो बनाया था वो आठ. तारीख को वीडियो बनाया था आठ एफआईआर हो. जाने के बाद मैंने वो वीडियो बनाया था. मैंने पर्सनल अटैक नहीं किया था हम वो आठ. एफआईआर हो जाने के बाद मेरे ऊपर 40 एफआईआर. की तैयारी थी इन लोगों की वो मैंने वीडियो. बनाया उसके बाद से इन लोगों ने मेरे ऊपर. एफआईआर नहीं किया हम चाहते थोड़ा सा आप. माइक ऊपर करली ताकि आपकी आवाज जो है वो. जाती रहे आठ एफआईआर हो जाने के बाद मैंने.
वीडियो बनाया लोग बोलते हैं कि पर्सनल. टारगेट पर्सनल टारगेट पर्सनल टारगेट मेरी. मां का आंखों का आंसू जो गिरा वोह क्या. पर्सनल नहीं था मनीष कश्यप के घर का. कुर्की हुआ वोह क्या पर्सनल नहीं था मनीष. कश्यप के ऑफिस के स्टाफ के ऊपर एफआईआर हुआ. वो क्या पर्सनल नहीं था मनीष कश्यप का. भाड़ा का फ्लैट जो पटना में उसे सीज कर. दिया गया वो क्या पर्सनल नहीं था मनीष. कश्यप के ऊपर 10 एफआईआर किया गया एक एने. से लगा दिया गया वो क्या पर्सनल नहीं था. और इन सारे सवालों का जवाब अगर मनीष का से.
वीडियो के माध्यम से ढूंढ लिया तो क्या. पर्सनल हो गया जरा बताइए अगर एनएस से मेरे. ऊपर से नहीं हटता तो मैं जिंदगी भर. देशद्रोही रहता जिंदगी भर अब बताइए कि उस. दर्द को मैं कैसे सहन कर पाता कैसे सहन कर. पाता अगर कोर्ट एनएसए नहीं हटाता तो नहीं. आपके लिए एनएसए वाले पर तो मैंने भी कई. सारे वीडियोस बनाए थे और मैं बार-बार कहता. हूं कि पत्रकारों पर या किसी व्यक्ति पर. अगर आप एनएसए लगाते हैं तो ए से राज्य. सरकारों को ताकत देता है व्यक्तिगत.
दुश्मनी या दुर्भावना से उस व्यक्ति को. कैद में रखने का क्योंकि एनएसए विशेष. अधिकार देता है और इसको लेकर बहस चलती. रहती है लेकिन फिर मेरे मैं चाहता हूं आप. एक बार दर्शकों को बताएं क्योंकि यह जानना. जरूरी है क्या हुआ था उस वीडियो के बाद. थोड़ा सिलसिलेवार तरीके से बताइए बीते ौ. महीने की कहानी कि मनीष कश्यप ने. क्या-क्या झेला क्या-क्या हुआ क्योंकि. आपको लेक बाहर तो बड़ा इमोशंस कई लोगों. में रहा कई लोग नापसंद करते थे चाहते आप. और अंदर रहे लेकिन कई लोग ऐसे थे जो आपकी. माता जी के वीडियोस या आपको देखकर भावुक. हो रहे थे कि एक व्यक्ति सा गलत हो रहा है. तो क्या कुछ मनीष कश्यप ने झेला इन नौ.
महीनों में जेल जमानत एनएसए और उस इस बीच. पूरी घटनाक्रम में देखिए तमिलनाडु का तो. मैंने बता दिया कि जेल में मेरा कैसे. गुजरता था सुबह से लेकर श वहां कोई बातचीत. नहीं थी किसी से नहीं किसी से बातचीत नहीं. थी किसी से बातचीत नहीं अरे गर्मी के दिन. में तमिलनाडु में कितना गर्मी पड़ता. है मैं जो सेल में था जिस सेल में वहां पे. पंखा था लेकिन वह चलता नहीं था चलता भी था. तो उसका हवा जो है पंखा को भी उसका हवा. नहीं लगता था. अब जरा बताइए जहां पर 42 डिग्री टेंपरेचर.
44 डिग्री टेंपरेचर 45 डिग्री टेंपरेचर है. वहां पर मैं अप्रैल मई जून जुलाई यह चार. महीना काटा हूं चार महीना अब बताइए कि. वहां पर मैं कितना कोई बोलने वाला नहीं दी. वालों से भी बात करने प दिनचर्या क्या थी. वहां की दिनचर्या क्या थी आपकी सुबह 5 530. बजे जगना है हा और 6 बजे खुल जाता था 5:30. बजे 6 बजे के आसपास पास खुल जाता था बैरक. खुल जाता था और उसके बाद से नहाना आना है.
फिर जाकर उसी में बंद हो जाना है और फिर. शाम को एक घंटे के लिए खोला जाता था सुबह. नाश्ता पानी खाना सुबह नाश्ता मिलता था. दोपहर में खाना नाश्ते में क्या था आपको. जो भी मिलेगा वह खट्टा चीज उसमें डाला. जाएगा मट्ठा उसमें रहेगा चावल में सांबर. रहेगा नारियल की चटनी रहेगी वहां के लोगों. के लिए जेल का खाना बहुत अच्छा था लेकिन. हम लोगों के लिए अच्छा नहीं था नॉर्थ. इंडियन हां वहां के लोगों के लिए अच्छा था.
लेकिन जब वहां से यहां से बिहार से जो है. कोर्ट लगातार कह रहा था कि मनीष कसप को. बिहार में प्रोड्यूस किया जाए मनीष कसप को. बिहार में प्रोड्यूस किया जाए तो यहां पे. सरकार के दबाव में प्रशासन बोल रहा था कि. हमें 600 पुलिस वाले चाहिए मनीष क से. पाएंगे तो लॉ एंड ऑर्डर जो है गड़बड़ हो. सकता है जरा बताइए जो पुलिस वाले बिहार. में एक यूबर को सुरक्षित कोर्ट में. प्रोड्यूस नहीं कर सकते हैं बिहार में उस. बिहार में सुशासन की सरकार कैसे हो सकती. है अरे तो एक बार आपको लेके गए थे पांच. पुलिस कर्मी सस्पेंड हुए थे कहां पे जब.
आपको ले गए थे और आपने बयान दे दिया क्या. बोला था मैं आपको पता है पांच सस्पेंड. क्या बोला था कि हाजत में ड्रग्स आता है. क्यों नहीं जांच हुआ कि हाजत में ड्रग्स. आता है कि नहीं आता है हाजत में जेल के. बारे में नहीं बोला था जेल अलग चीज होता. है जेल से हाजत जो है हाजत जो है कोर्ट. परिसर के अंदर होता है वो बेचारे निर्दोष. पुलिस वाले को सस्पेंड कर दिया गया. निर्दोष पुलिस वाले को सस्पेंड कर दिया. गया और हाजत में अगर आपके सामने ड्रग्स. मिले तो क्या आप यह भी बात नहीं बोल सकते. हैं कि ड्रग्स मिलता है क्या वो मंच सही.
था क्योंकि आप ये जानते होंगे ना कि आपकी. वजह से उन पर एक्शन लि गया संजय सि संजय. सिंह ने मीडिया के सामने जो है कोर्ट रूम. के अंदर स्टेटमेंट दिया था वह. youtube3 है उसमें स्टेटमेंट दिया था मैं. तो कोर्ट रूम के गैलरी में भी नहीं दिया. था तो मैंने तो परिसर में दिया था अब जरा. बताइए संजय सिंह आम आदमी के आम आदमी. पार्टी के नेता है राजसभा सदस्य है तो ठीक. है वो बोले तो चमत्कार मनीष कासे बोल दे. तो गलत हो गया ऐसा क्यों दोहरी नीति क्यों.
जब मैंने तेजस्वी जी से सवाल किया तो. पर्सनल अटैक मेरी मां के आंखों से आंसू. आया तो वह कोई बात नहीं मैंने उनसे सवाल. किया जेनन सवाल किया बिहार के विकास के. लिए सवाल किया तो पर्सनल अटैक मनीष कश्यप. का ऑफिस सीज कर दिया रूम सीज कर दिया गया. तो कोई बात नहीं आपको पता है मेरी नानी का. उम्र जो है 92 साल है फोर्थ स्टेज का. कैंसर है एम्स में मैं उनका इलाज करा रहा. था मेरा पटना का रूम सीज कर दि किया गया. जिस वजह से 9 महीना से उनका इलाज नहीं हुआ.
और आज मर जाएंगी कल मर जाएंगी परसों मर. जाएंगी मुझे भी नहीं पता है जरा बताइए उस. दर्द के लिए कौन है जिम्मेवार और उस दर्द. को आप कौन से थर्मामीटर से नाप और आज अगर. मनीष कश्यप झुक गया डर गया ना तो समझ जाइए. कि यह बिहार के लोगों को ऐसे ही कुचल के. मसल के रख देंगे आज बिहार के स्वाभिमान के. लिए बिहार के मजदूरों के लिए बिहार के. किसानों के लिए बिहार के बेरोजगारों के. लिए जो है ना मनीष का लड़ेगा और झुकेगा. नहीं इन्हें दिखाएगा कि एक युवा जब ठान.
लेता है तो वो पहाड़ से भी टकरा के जो है. उसके बीच से रास्ता बना देता है और मैं. उसी दशरथ माझी के स्टेट से हूं वहीं से. हूं और हम लोग नया रास्ता बनाएंगे नया. बिहार बनाएंगे और समृद्ध बिहार बनाएंगे. कैसे बनाएंगे पत्रकारिता के जरिए चुनाव के. जरिए संसद जाकर विधानसभा जाकर कैसे. बनाएंगे आपके साथ मिलके आपके जैसे लोगों. के साथ मिलके हम अपनी कहानी बताएंगे बिहार. की बर्बादी की कहानी लोग देखेंगे. बुद्धिजीवी लोग आएंगे. एक हाथ के बाद से दूसरा हाथ उठेगा तीसरा.
हाथ उठेगा सब हाथ मिलेगा और मिलने के बाद. जो है एक ना एक दिन जो है नया बिहार जरूर. बनेगा क्या आप बिहार निर्माण में आप साथ. नहीं देंगे क्यों नहीं देंगे क्या आपको. आपके ऑफिस में कोई बिहार का बंदा नहीं. ईमानदारी से काम करता है एकदम आपको भी. देना पड़ेगा और दिल्ली में जितने मीडिया. चैनल वाले बैठे हैं उन सबको देना पड़ेगा. हम और आप अगर यहां इस मंच पर बात कर रहे. हैं और तमाम लाखों लोग देखेंगे इसे सोशल. मीडिया के माध्यम से तो मुझे लगता है कि. ये मेरी भूमिका है जो मैं अपना निर्वाहन. कर रहा हूं वो आपके अच्छे कामों को भी.
दिखाएगी और आप पर जो सवाल उठते हैं उसको. भी उतनी बेबाकी से पूछा जाएगा कि आप पर ये. चीजें क्यों आई मैंने अपनी जिंदगी में एक. ही गलती किया है पत्रकारिता के दौरान. youtube1 का इस्तेमाल किया उसके लिए माफी. चाहता हूं मैं माफी मांगता हूं ऑन कैमरा. माफी मांगता हूं आपके सामने माफी मांगता. हूं बिहार को बर्बाद करने वाले नेता ऑन. कैमरा माफी मांगेंगे लेकिन आप पर तो आरोप. लगता है कि आप ब्लैकमेलिंग भी करते थे आप. पर बहुत सारे आरोप लगाई बिहार पुलिस ने कि. मनीष कश्यप लोगों से स्पांसर लेते थे. ब्लैकमेलिंग करते थे डराते धमकाते थे बहुत. सारे आप पर अनगिनत आरोप है और कई आपको.
नापसंद करने वाले कहते हैं किसने आरोप. लगाया था बिहार पुलिस लगा रही है लोगों ने. तो नहीं लगाया लोगों ने नहीं ना लगाया. सोशल मीडिया प कई लोग लिखते हैं व नहीं. वहां पे जिन जो सिस्टम में बैठे हुए. जिन्हें मैं खटकता हूं उन लोगों ने लगाया. दूसरे लोगों ने तो नहीं लगाया एक पार्टी. विशेष के लोगों ने लगाया जिनसे मैं लगातार. सवाल किया बाकी दूसरे लोगों ने तो नहीं. लगाया नहीं आपको लेकर बहुत बहुत सारी ऐसी. खबरें आती है लगातार क्योंकि सोशल मीडिया. पर भी हम जब पढ़ते रहते हैं कि आप पर ऐसा.
नहीं कि तमिलनाडु वाला पहला मामला था. तमिलनाडु से पहले भी आप पर मामले दर्ज हुए. थे पता है एक एक एक कहानी बताऊ मैं एक. बैंक के सामने मैंने वीडियो बनाया मेरे. ऊपर एफआईआर हुआ एक मदन हजरा नाम का आदमी. था उसने बोला कि मैं ऐसे ही भूजा पकौड़ी. होता है हमारे बिहार में पकड़ी चौरा पकड़ी. चौक प मैं खा रहा था उस समय छोटा-छोटा. वीडियो बनाता था वो आके पैर पकड़ के रोने. लगा उसने बोला कि मनीष जी मेरे खाते में. जो है ढ़ पौने लाख रप था वो खत्म हो गया.
मैं पूरा जिंदगी भर कमा के मेरे 9 साल के. बच्चे के दिल में छेद है उसके लिए रखा था. मैं बैंक मैनेजर से मिला मैं बोला कि इनका. पैसा दिलवा दीजिए उन्होंने बोला कि मुझे. नहीं पता है कहां गया कैसे गया उसके खाते. से दूसरे खाते में ट्रांसफर हुआ था वो ना. एटीएम यूज करता था ना मोबाइल बैंकिंग यूज. करता था ना नेट बैंकिंग यूज करता था मैं. बैंक के बाहर आके जो है वीडियो बनाया कि. अगर इसका पैसा इसके कमाई का पैसा इसके. मेहनत का पैसा इसको दे दिया जाएगा तो इसका. 9 साल का बच्चा नहीं मरेगा उसका इलाज.
कराना है बैंक वाले ने मेरे ऊपर केस कर. दिया मैंने अपनी मां का गहना बनाने के लिए. तो कभी बिहार में वीडियो नहीं बनाया मेरे. नाम पर जो है पूरा इंडिया में सर्च मार. लीजिए एक फ्लैट नहीं मिलेगा मेरे पास पांच. youtube1 दो फ्लैट दिल्ली में आराम से. खरीद सकता हूं लेकिन मैंने कभी वो नहीं. किया अच्छा. youtube3 लाख को डाला था आप ₹ लाख डाला था. जिसमें 33 लाख मेरे खाते में था ती च लाख.
में 33 लाख मेरे चैनल के खाते में था ती च. लाख र मेरे खाते में पैसा तो और आता होगा. ना इतना आपका बड़ा चैनल है आप देखिए ₹ लाख. के आसपास में मुझे आता था हां ऑफिस का. स्टाफ है सब लोग हैं सबको सैलरी वाली देके. जो बचता था उसका 30 पर मैं गरीबों में. डोनेट कर देता था डोनेट कर देता था मैं. गरीबों में हम अब किस तरह के गरीब कैसे. नहीं छाट थे किसे देना है. नहीं मैं सड़क पे चल रहा हूं अगर कोई गरीब. का बच्चा जो है मछली मार रहा है चलो आओ जी.
5 500 दूंगा लेकिन तुम्हें मछली नहीं. मारना है तुम्हें पढ़ना है ऐसे अनेकों. वीडियो है सैकड़ों नहीं 3400 वीडियो जो है. मेरा. youtube2 बच्चे जो है वो गुटका खा रहे हैं. तास खेल रहे हैं छोटे-छोटे बच्चे आओ जी. तुमको पैसा दूंगा वो पैसे के लालच में आते. थे अब उनको समझाता था कि नहीं यह काम मत. करो यह काम करो जेल से निकलने के बाद एक. गार्जियन का फोन आया मैं गया था मधुबनी. साइड में मैंने वीडियो बना आया था वहां पर. 202 बच्चे थे वो वीडियो भी.
youtube1 जो दिया था ना किताब खरीदने के. लिए मेरा बच्चा गुटका भी खाता था वो गुटका. भी खाना छोड़ दिया और स्कूल भी जाना शुरू. कर दिया जरा सोचिए यह बदलाव हम लोग जमीन. पर करते थे हा बट उसको वो तो एक केस हो. गया बट 90 पर लोगों में पैसा लेके रख लेते. होंगे घूम टल के आप फॉलो अप करते थे नहीं. वो रखे या ना रखे हमारा ये फर्ज बनता है. कि हम मदद विमल मंडल ने भ्रष्टाचार के. खिलाफ अपना हाथ काट लिया बट इसका ये भी तो. एक देखिए मनीष इसका एक दूसरा परसेप्शन ये. होता है कि आजकल के के दौर में बहुत सारे. लोग ऐसे हैं और क्योंकि हम भी सोशल मीडिया. पर एक्टिव हैं कि आजकल दान वान करना भी एक.
तरीके से सिंपैथी गेन करना हो तो ये भी. आरोप आप पर लगते हो मायावती जी के गांव. में जो है मैं गया था आपने यही यूपी में. उससे ज्यादा पैसा आपने व्यू से कमा लिया. होगा नहीं तो मेरा पैसा पूरा व्यू का ही. है हां जब व्यू का पैसा है जब गरीब मजदूर. मेरा वीडियो देखर है जैसे आपने 00 00 दिए. किसी को अब वो वीडियो 5 मिलियन चला गया तो. उससे आपको 000 मिल गए देखिए मेरा 10 लाख. आता था वो 10 में से 10 लाख गरीबों का है. उसमें से आधा नहीं है 40 पर नहीं है 30 पर. नहीं सारा पैसा उन्हीं का है जब उन्हीं का.
पैसा है तो मैं मेरा भी फर्ज बनता है उनके. लिए कुछ करू अब भैंस प कोई बच्चा भैंस चरा. रहा है अररिया में भैंस चरा रहा था तो. मुझे लगा कि नहीं इसको शिक्षा के तरफ. धकेलने की जरूरत है उसको भैंस से उतारा. मैंने उसको पैसा दिया और उसको बोला कि. पढ़ाई करो पढ़ाई करो पढ़ाई करो मायावती जी. के गांव में मैं गया था वहां पर जो है कुछ. बच्चे जो है बॉक्सिंग करते थे और शौचालय. नहीं था वहां प मैंने शौचालय बनवाया वहां. प मैं सराय में गया था कुछ गरीब के बच्चे. कराटा सीख रहे थे उनके पास किट नहीं था.
मैंने किट खरीद के दिया उन लोगों को तो. अगर मैं अच्छा काम कर रहा हूं और अच्छा. काम को. youtube3 छ महीने में या 9 महीने जो आप. जेल की पूरी प्रक्रिया रही इसमें सोशल. मीडिया पर आपके नाम के वीडियोस काफी. ट्रेंड कर रहे थे तो लाजमी बात है कि आपकी. प्रोफाइल जो रही होगी वो भी काफी ट्रेंड. की होगी काफी फॉलोअर्स बड़े होंगे कितना. पैसा बढ़ा इस बीच में मैंने अभी देखा नहीं.
है मेरा अकाउंट ही चीज है सब कुछ चीज है. सब कुछ ए टू जेड फ्रिज है तो मैंने अभी. देखा नहीं है लेकिन वो चीज भी मैं सर्जा. नहीं करूंगा कि दिसंबर महीने में मुझे. कितना आया जनवरी महीने में मुझे कितना आया. फरवरी महीने में मुझे कितना आया वो सारी. चीजें सर वजा नहीं करूंगा क्योंकि मैं. सोशल मीडिया प हूं और डिजिटल जमाने में आप. कुछ छिपा नहीं सकते हैं तो वो चीजें भी. मैं समय के खासतौर पर जिस तरह विवा आप है. उसमें तो नहीं छिपा सकते छिपा सकते हैं. मैंने तो अपने लोगों को बोल के रखा था कि. गलती करोगे तो सजा मुझे भुगतना पड़ेगा तो.
गलती करना ही नहीं है एक सवाल मेरे मन में. और आता आपने कहा कि बैंक वाला चलो आपने. कहा वो जेनुइन केस था आप नायक फिल्म के. हीरो की तरह अपने आप को बता रहे हैं और. मैं आपका वर्जन आपको सुना रहा हूं क्योंकि. मेरी इस वक्त भूमिका है उन लोगों के सवाल. उठाने की जो आपको नापसंद करते हैं या जो. दूसरे सवाल है एक खबर आई थी पुलवामा में. हमला हुआ उसके बाद आपने कुछ कश्मीरी. लड़कों की पिटाई क्या क्या क्या क्या खबर. आया था पुलवामा में हमला हुआ था पुलवामा. में हमला हुआ मैं आपको खबर पढ़ केता दे. रहा हूं बड़ हा ठीक है वो अखबार ने मुझे. गिरफ्तार दिखाया था पता है ना और मैंने.
सरेंडर किया था उसमें ये है कि क्या. दिखाया था पटना के लहासा मार्केट में मैं. बता रहा हूं पूरा पूरा घटना बता रहा हूं. अखबार ने क्या दिखाया था मनीष कश्यप हुए. गिरफ्तार जबकि मनीष कश्यप ने सरेंडर किया. था हमारे 44 जवान शहीद हुए थे उसके अगले. दिन जो है खबर आया कि कुछ लोग जो है. पाकिस्तान का झंडा पा रहे हैं जश्न मनाए. हैं कुछ लोग हम लोग गए वहां पर सवाल पूछने. कि ऐसा क्यों जब हमारे जवान के ऊपर कश्मीर. में पत्थरबाजी होता है तो पत्थरबाजी आखिर. कौन करता है और आप लोग जो है ईमानदारी.
पूर्वक आते हैं यहां पे और हम लोग जो है. आप लोगों से सामान खरीदते हैं आप लोगों को. सुरक्षा देते हैं पटना में देते हैं लखनऊ. में देते हैं दिल्ली में देते हैं हर जगह. कश्मीरी लोग हैं उन्हें बड़े प्यार से हम. लोग रखते हैं लेकिन अगर हमारे लोग जो है. कश्मीर में जाते हैं तो उनके ऊपर. पत्थरबाजी होता है उनके ऊपर हमला होता है. और यहां तक कि आतंकवादियों को पनाह भी कुछ. लोग देते थे उस समय जब धारा 370 नहीं हटा. था अभी तो बहुत सुधार हो गया कश्मीर में. तो यही सवाल हम लोग पूछने गए थे वहां से.
थाने की दूरी सिर्फ और सिर्फ 200 मीटर के. आसपास है 100 से 200 मीटर के आसपास है. वहां पे पुलिस वाले थे कुछ नहीं हुआ था. वहां पे सिर्फ और सिर्फ बातचीत हुआ था उन. लोगों ने कुत्ता छोड़ दिया था कुत्ते पे. जो है किसी ने डंठ मारा था बस इतना ही हुआ. था पुलिस वाले ने हटा दिया हम लोग चले आए. वो वीडियो जो है किसी ने सोशल मीडिया पर. डाला और तीन चार दिन बाद एफआईआर हुआ अगर. पुलिस के सामने अगर मारपीट होगा तो क्या. पुलिस छोड़ देगा नहीं छोड़ेगा उसके बाद से. दबाव में पॉलिटिकल दबाव में एफआईआर हुआ हम. लोगों के ऊपर और हम लोगों को थाने से बेल. मिल गया यानी हम लोगों ने कुछ बड़ा कुछ.
किया ही नहीं था थाने से बेल मिल गया क्या. हमारे देश के सैनिकों के स्वाभिमान के लिए. सवाल करना गुनाह है क्या पुलवामा अटैक हुआ. था 44 जवान हमारे शहीद हुए थे और उनके. शहादत में जो पूरा देश के लोगों का आंख नम. था उस समय कोई पाकिस्तान का झंडा फरा दे. तो क्या सवाल नहीं करेंगे ठीक है अब मेरे. ये सवाल मैं इसलिए पूछ रहा हूं क्योंकि उस. बीच में देश में कई हिस्सों में ऐसी खबर. आई थी कि कश्मीर से जो लोग सामान बेचने. आते हैं जो क्योंकि वो भी अपना व्यापार. करने आते हैं उनकी कई जगह पर पिटाई हुई और.
ज्यादातर जगहों पर पिटाई ज्यादातर जगहो पर. पिटाई इसलिए हुई कई ऐसे वीडियो उस बीच में. आए थे क्योंकि वो कश्मीर से थे क्योंकि वो. मुसलमान थे मनीष कश्यप पर यह आरोप लगता है. कि मनीष कश्यप मुसलमानों को नापसंद करते. हैं और इस वजह से कश्मीरी उन्हें पीटा. क्योंकि उन्हें हिंदू हृदय सम्राट बनना था. और उस खबर ने उनको पॉलिटिकली बहुत फायदा. दिया ऐसा कई लोग आप पर आरोप लगाते हैं और. आपके समर्थक इस बात को मानते हैं हम लोग. कलाम को मानने वाले लोग हैं हम अपने धर्म. का स सन करते हैं दूसरे धर्म के खिलाफ कभी. कुछ नहीं बोलते लेकिन हां अपने धर्म का.
सम्मान जरूर आपके मुस्लिम दोस्त है हा. बहुत सारे मुस्लिम दोस्त मैंने मुसलमान. मैंने मुसलमानों को जो है खून दिया है. मेरे यहां मेरे गांव के बगल में एक बढ़िया. टोला गांव है वहां का मेरा एक दोस्त है. उसकी मां ने मेरे लिए रोजा रखा था क्या. नाम है तो उसका अब कुछ चीजें जो है वह. सर्वजनिक कोई दोस्त दो चार दोस्त नाम बता. दीजिए कु कुछ चीज जो है सर्वजनिक ना किया. जाए तो ज्यादा अच्छा है उसकी मां ने मेरे. लिए यह रोजा रखा था मेरे गांव के बगल में. मुस्लिम गांव है जब बाढ़ में डूब जाता है.
वह गांव तो कोई चैनल वहां पर जाकर नहीं. दिखाता है मनीष कश्यप खड़ा होता है मनीष. कश्यप दिखाता है तो जो लोग मुझे जानते हैं. मैं अमिताभ बच्चन से भी सवाल पूछा था कमला. पसंद के लिए मैंने शाहरुख खान से भी पूछा. था सवाल विमल के लिए जब अमिताभ से पूछा था. तो किसी ने नहीं कहा कि यह हिंदू विरोधी. है जब मैंने शाहरुख से पूछा तो बोल दिया. मुस्लिम विरोधी है मैंने 100 ठेकेदारों को. पकड़ा है वीडियो बनाया है किसी ने कुछ. नहीं पूछा एक मुस्लिम ठेकेदार जो दाढ़ी. रखे थे और भतार वा आश्रम में काम हो रहा. था गांधी जी के का आश्रम है वहां पर जो है.
चुन्ना लगा रहे थे मैंने वीडियो बना दिया. तो लोगों ने बोला कि ये मुस्लिम विरोधी है. नहीं लेकिन जब आप मु जैसे अमिताभ बच्चन और. शाहरुख खान का पठान का विरोध किया था आपने. हां एकदम बिल्कुल किया कई सारे वीडियोस आए. थे तो कई लोग ये मानते हैं कि जब मुसलमान. नाम आए तो तीव्रता थोड़ी ज्यादा होती है. नहीं ऐसा कुछ नहीं है वहां थोड़ा गर्मी. अलग आती है जोश अलग आता नहीं जब मुसलमान. नाम आए तो प्यार भी होता है कलाम के लिए. प्यार है तो अपवाद हो गए एक दो अपवाद आप. ले रहे हो नाम अच्छा काम कीजिए ना अपवाद. बन जाए देश में कौन-कौन से मुसलमान है जो. इंस्पायर किया आपको अब कलाम साहब ने. इंस्पायर किया और हमित साहब ने इंस्पायर.
किया जो टैंक के आगे कूद के जो है अपने. देश को बचाए हम उन्होंने इंस्पायर किया. इरफान खान आपने नाम सुना होगा कमाल के. एक्टर थे उन्होंने इंस्पायर किया हमारे. बॉलीवुड में इरफान खान से बड़ा कोई एक्टर. हुआ क्या मुसलमानों में कोई नहीं हुआ नहीं. हुआ आपको भी नहीं लगता होगा इरफान खान. जिनकी आंखें जो है वो एक्टिंग करती थी. उनका प्रशंसक रहा उनका बेटा जो है रेलवे. माना अभी वेब सीरीज आया जाके देखिए क्या. कमाल का एक्टिंग किया है डायलॉग याद है. इरफान खान का अ अभी अभी मोहब्बत थी इसलिए.
जाने दिया हां तो उस जत होती तो अ अभी तो. कोई डायलॉग नहीं याद है फिर बाद में कभी. खाली सियासत करते हैं मनीष कश्यप की प्यार. मोहब्बत भी करते हैं प्यार मोहब्बत भी. करता हूं अपनी अम्मा क अलावा किससे प्यार. करते हैं अपनी मां के हां माता जी के अरे. अम्मा माता जी सब एके हो गए माई अम्मा. माता जी नहीं मुझे. तो मां मुझे पता है चलिए मां आप कहते हैं. हमारे यहां अम्मा भी बोलते हैं महतारी भी. बोलते हैं बहुत सारा शब्द आता है. हम माता जी के अलावा किससे प्यार करते.
माता जी के अलावा मैं अपने भाई से प्यार. करता हूं मैं अपने दोस्तों से प्यार करता. हूं किसी लड़की से प्यार करते हैं अभी तक. तो हुआ नहीं कितना उम्र हो गया आपका 31. ईयर वासेपुर देखें गैंगस ऑफ वासेपुर नहीं. नहीं देखा उसमें एक डायलॉग है मनोज वाजपेई. साहब कहते हैं इतना बड़ा हो गई हो बयाह. नहीं हुआ है तुम्हारा नहीं हुआ आप कह रहे. हैं प्यार भी नहीं हुआ है नहीं बयाह भी. नहीं हुआ है का नहीं हुआ है आपका हुआ. हमारा तो नहीं हुआ हमारी लड़की छोड़ के. चली गई हमको लड़की छोड़ के चले गए हमारी. मम्मी ढूंढ रही जल्दी पास लड़की डर के. मारे आ ही नहीं अरे तो मनीष कचप खतरनाक तो. अब हुए हैं ना हा कि पहले से ऐसे थे पहले.
से ही 2017 में से ही एक वीडियो वायरल हुआ. कॉलेज वालेज में कॉलेज वालेज में भी. आंदोलन आंदोलन करता था मैं उस समय भी वैसा. ही था म शुरू से रणवा र अब जो समझना है. समझिए अ मौका नहीं मिला मौका मिल जाता तो. शायद नहीं रहता मौका नहीं मिला कि लड़की. नहीं मिली लड़की नहीं मिली किसी ने नहीं. भाव दिया किसी ने भाव नहीं दिया आपको कोई. पसंद आया मुझे भी कोई पसंद प्रपोज करने. भेसे ग थे मानती कि नहीं मानती हो नहीं. ऐसा तो कभी किसी के सामने मैंने ऐसा नहीं. किया कभी नहीं किया प्रपोज कि किसी को.
नहीं किसी को प्रपोज नहीं किया एक तरफा. मोहब्बत कोई एक तरफा मोहब्बत अब नाम भी रख. द तो र उसका घर उजड़ जाएगा अरे नाम मत. बताओ य तो बताओ हुई नहीं हुई एक तरफा. मोहब्बत हो शादी हो गया उसका हां हो गया. शादी हो हो गया बिहार की थी या बाहर की अब. पता नहीं कहां की थी अब कभी ऐसा होता है. कि सड़क पर चलते हैं कोई बहुत अच्छा दिखता. है तो आदमी सोचता है कि ठीक है लेकिन किसी. से से मोहब्बत नहीं हुआ पिक्चर उचर का. विरोध तो करते हो कोई पिक्चर पसंद कोई. हीरोइन पसंद है अ पिक्चर के हीरोइन खाली.
दीपिका पादुकोन की बिकने दिक्कत थी नहीं. नहीं नहीं नहीं ऐसा नहीं है नहीं नहीं. नहीं वो आईएसआई की एजेंट बनी थी उस फिल्म. में उस फिल्म को समझा जाए और रॉ के एजेंट. को जो है देश विरोधी दिखाया गया था और. आईएसआई की एजेंट जो है देश की मदद कर रही. है पता है सबसे बड़ी हिट फिल्म हो गई इस. साल की अरे. सर मार्केटिंग वो जो कैसे सिनेमा हॉल खाली. रहता था कुर्सियां खाली रहती थी और उसको. दिखा दिया गया फिर वही कहानी आप करें तो. चमत्कार वो करें तो फिर अभी आप यही कह रहे.
थे हां अब वो कह रहे हमारा नंबर आया है. साल की बड़ी फिल्म गई है लोग देखने गए हैं. तो मतलब अच्छा ठीक है चलो हटाओ उसे कोई. रोब आप मान गए कि वो साल की सबसे बड़ी. सबसे बड़ी हिट फिल्म अब डटा तो यही निकल. केता है हमको तो लगता है कि गद्दर फिल्म. सबसे बड़ी हिट फिल्म थी उससे बड़ी हिट. फिल्म कोई हुई ही नहीं पाकिस्तान खिलाफ था. नहीं आप आप परसेंटेज देख लीजिए कि कौन देख. आपने अभी तो जेल से निकला हूं अब जाके. देखूंगा कैसे पता आपको चला गदर इतनी अरे. पेपर में मैंने पढ़ा 00 करोड़ रुप का. कलेक्शन किया 00 करोड़ रुप से कम का बजट.
था तो सबसे बड़ा हिट तो वो हुआ प्रॉफिट तो. सबसे ज्यादा वो दिया है गदर दिया है सबसे. ज्यादा प्रॉफिट हीरोइन कौन सी पसंद है. हीरोइन तो प्रियंका चोपड़ा पसंद थी वो भी. विदेश चली गई दुख हुआ था आपको थोड़ा बहुत. दुख हुआ था ऐसे भी वो इंडिया में में भी. रहती तो मुझे क्या फायदा होता उससे कुछ. फायदा नहीं होता अच्छा हम थोड़ा लाइटर जोन. इसलिए कर रहे फिर हम थोड़े टफ सवाल. पूछेंगे कोई लड़की आपको देख रही हो आपका. फैन फॉलिंग बहुत बढ़ा है इस बीच लाखों. करोड़ों लोग फॉलो कर रहे हैं किसी लड़की. को मनीष कश्यप से बियाह करना हो तो मनीष.
कश्यप को कैसी लड़की चाहिए अब मतलब कि. घुमा फिरा के अच्छा ये बताइए कि आपको कैसी. लड़की चाहिए हमको तो हमारे मां-बाप को. प्यार करे दिखने में थोड़ी सुंदर हो और. बाकी तो बढ़िया मिल गई तो हम कर लेंगे. उल्टा दहेज दे मतलब कि उल्टा दहेज देके. चलिए ब्रेकिंग न्यूज है कि इतने. हैंडसम हमारे सुभंकर मिश्रा जी हैं और वह. जो है दहेज देक शादी करेंगे तो सुंदर. लड़की कि मैं आपके लिए ढूंढ दे रहा हूं आप. जाती होती से कोई ना हमें कोई दिक्कत नहीं. कोई दिक्कत नहीं है ना ठीक है मैं ढूंढ दे.
रहा हूं आपके लिए सुंदर सी लड़की दहेज. देना पड़ेगा आपको मैं दे दूंगा दहेज में. क्या दीजिएगा लड़की के बराबर तोल के दे. देंगे क्या चीज लड़की के बराबर पैसा तोल. के दे देंगे अरे बाप रे बाप ईडी वाले. ध्यान दीजिए उसको आप बांट दीजिएगा ईडी. वाले ध्यान दीजिए लड़की के बराबर तोल के. पैसा देंगे हमारा भी चार्टेड अकाउंटेंट ने. मेंटेन कर रखा है सब मेंटेन कर रखा है ना. चलिए ठीक है पहले आपका शादी हो अच्छा. मैकेनिकल इंजीनियर हैं आप उस उस. डिपार्टमेंट में मलब यहां भी टोपी आपने. हमा य आपके डिपार्टमेंट में लड़कियां थी. कि नहीं थी दो लड़की थी हमारे सिविल में.
तो एकदम होती ही नहीं है तो अब तो फैन. फॉलोइंग हो गया ना अब तो नेता बन गए मनीष. कश्यप यूटर हैं छह छह चैनल चल रहे हैं. पैसा आ रहा है जमानत पे निकले हैं पूरा. पटना शहर भीड़ प था मान लीजिए जिस दिन. शादी हो उसी दिन पुलिस टांग ले तब क्या. करेंगे अ शादी के एक दिन बाद का क्या. पीरियड होता है उस दिन अगर पुलिस टांग ले. तब क्या करेंगे अरे तो भाई साहब मतलब ऐसा. काम क्यों करेंगे कि पुलिस उठा ले जाए. आपको अरे हमने कौन सा काम किया था कि. पुलिस उठा ले गया हमें आप तेजस्वी जी कह. रहे थे ललकार रहे थे अरे उसके पहले आठ फर.
हो चुका था मेरे ऊपर दुनिया को एक ही चीज. पता है कि मैंने ललकारा दुनिया तो कहेगी. ना. भाई आपने बचपन में नहीं पढ़ा पानी में रह. के मगरमच्छ से बैर नहीं करनी चाहिए आप आप. मानते हैं कि वो मगरमच्छ है मतलब प्र यानी. आप लोग मानते हैं कि वो लोग मगरमच्छ है. अगर आप प्रदेश प्रदेश के उप मुख्यमंत्री. वो है इसमें तो कोई दो राय है नहीं कई लोग. भावी मुख्यमंत्री के तौर पर भी देख रहे. हैं अब आप उनके पिताजी को अगर कह रहे हैं. कि ये चारा चोर का लड़का है और आप बारबार. कह रहे हैं तो भाई. सत्ता का उपयोग दुरुपयोग जो भी कह लीजिए. कोर्ट ने एनएसए से बरी कर दिया हमको कोर्ट.
ने उनको चारा चोरी में ही जो है साढ़े साल. का सजा दिया मेरे ऊपर पर्सनल अटैक हुआ तब. मनीष कसप ने सवाल किया था पर्सनल अटैक. नहीं होता मनीष कसप के ऊपर आठ एफर उस समय. तक नहीं होता मनीष क सेफ का ऑफिस फ्लैट. सीज नहीं होता मनीष कसप के स्टाफ को. टॉर्चर नहीं किया गया होता तो मनीष क सेफ. यह बात नहीं. कहता मनीष कश्यप की माता जी से कैसा. रिश्ता क्योंकि आपके बड़े वीडियोस आए थे. इस बीच में आपकी माता जी को लास्ट डे भी. हमने सुना जितना मैं मां को प्यार करता. हूं उससे 100 गुना ज्यादा मां मेरी मुझसे.
प्यार करती. है तो माता जी से रिश्ता मेरा बहुत अच्छा. है और मतलब कि शायद मैं जो प्यार अपनी अ. गर्लफ्रेंड को देता अपनी प्रेमिका को देता. होने वाली पत्नी को देता वह शायद प्यार. मैं अपनी मां को देता. हूं ना हम भी अपनी माता से बहुत प्यार. करते हैं बगल में बैठी हैं लेकिन वो हमको. परेशान करती हैं बियाह कर लो आपकी माता जी. नहीं कहती काहे इतना बवाल काटे बैठे हो आप. शांति से जीवन करो लड़का बच्चा पैदा करो.
काम आपका बाल तो अभी काला है हां मेरा. पूरा सफेद हो चुका है इधर पूरा का पूरा. सफेद हो चुका है तो मेरी मां थोड़ा सा. ज्यादा टेंशन में रहती है ऐसे ऐसे भी बी. बीपी का प्रॉब्लम है मेरी मां को तो अगर. मैं बोल देता हूं कि एकदम से शादी एकदम से. नहीं करूंगा तो उस दिन दो गोली एक्स्ट्रा. खाना पड़ता है उनको तो बस हर किसी की मां. चाहती है कि शादी हो जाए शादी हो जाए और. खासकर बेटा का बाल पकने से पहले शादी हो. जाए और मेरा तो पूरा बाल पक गया है इरादा. है शादी वादी कि नहीं क्योंकि छोटे भाई की.
हमने सुना हो गई शायद आपके छोटे भाई की हो. गई है अभी कोई इरादा ये तो थोड़ा कल्चर. अलग हो गया हमारे यहां तो पहले बड़े भाई. होती है नहीं वो मैंने ही दबाव दिया या. उसको लगा कि इनका तो कुछ होना नहीं है पता. ल हमारी वाली भी खिसक जाए नहीं मेरा भाई. नहीं तैयार था मैंने करवा दिया इसलिए करवा. दिया कि कम से कम एक बहू आएंगी और मां की. सेवा करेंगे जेठ जी की सेवा होगी हां तो. मां की सेवा हो रही है मैं घर पे नहीं. रहता हूं मैं भाई के पास भी नहीं रहता तो. न महीने जेल में ही थे नौ महीने से जेल. में था उसके पहले भी मैं घर प नहीं रहता. था हा ये चीज है तो फिर मैंने अपने छोटे.
भाई का शदी तो मतलब मनीष कश्यप में इतना. टैलेंट है कि छोटे भाई के लिए लड़की कैसी. होनी चाहिए वो उनको पता है अपने लिए कैसी. होनी चाहिए उनको नहीं पता अपने लिए कोई. ढूंढा ही नहीं मेरे लिए कोई दूसरा ढूंढा. ही नहीं तो हम खुज वाए नहीं उतना एहसान मत. कीजिए एक मंडप में निपट. लीजिएगा अब एक मंडप में कैसे निपटें अरे. हम जुगाड़ करवा देंगे आपके अरे तो आप एक. मंडप में निपटने के बाद साथ फेरा के बाद. आप अपना चले जाइएगा जहां जाना होगा वहां. हमारा सात फेरा होगा छठे फेरा में पुलिस.
उठा के लेके चला जाएगा ना हम देख लेंगे ना. भाई हर जगह पुलिस थोड़ी ना आएगा हां तो. शादी के 2 साल बाद तक आप क्या मुझे. सुरक्षित रख सकते हैं अब देखो मुझे अरेस्ट. नहीं होने देंगे तो मैं शादी कर लूंगा कम. से कम 2 साल तो पत्नी को चाहिए कि हां पति. उसका जो है उसके साथ रहे जेल में ना जाए. तो 2 साल तक अगर सुरक्षा की गारंटी देते. हैं तो कल मैं शादी करने के लिए तैयार. मनीष कश्यप ने जो स्टेटमेंट दिया था या. उनके समर्थक जो कहते हैं बिहार के. मुख्यमंत्री आपके समर्थक बहुत उत्साहित.
होते हैं तो हमको लग रहा व पा साल वाली. सरकार के बाद आप निपट फिर ऐसा कुछ नहीं है. समय कब बदल जाएगा किसी को नहीं पता लेकिन. मैंने अभी वह सब चीज सोचा नहीं है बीटेक. में जॉब प्लेसमेंट में बैठे थे आप एकदम तो. उसम एक सवाल अक्सर पूछते हैं कि व्ट्स र. नेक्स्ट फ यर. प्लान पा साल का क्या प्लान है मनी का. मेरा तो अभी पा साल का प्लान यही है. कि पा साल के बाद बिहार जो है भारत के टॉप. थ्री राज्यों में से एक रहे आपका प्लान.
क्या है बिहार मेरा ही प्लान है वो मैं. बिहारी हू कैसे किस माध्यम से शिक्षा में. सुधार हो स्वास्थ्य में सुधार हो रोजगार. मिले पलायन रुके यह सारा प्लान है बीजेपी. जेडीयू या फिर आरजेडी तो चलिए स्वाभाविक. सी बात है नहीं होगा लेकिन बीजेपी की तरफ. से कोई ऑफर आपको आया नहीं अभी किसी की तरफ. से कोई ऑफर नहीं है यहां तक कि लड़की भी. कोई ऑफर नहीं दी. है दुख है इस बात का लड़की ऑफर नहीं दी है. बीजेपी ऑफर नहीं दी उस बात का दुख है नहीं. लड़की ऑफर नहीं दी इस बात का दुख है.
ज्यादा दुख है नेता तो बन जाएंगे निर्दलीय. भी इस बार नहीं ऐसा कुछ नहीं है मैंने. इसके बारे में सोचा नहीं है निर्दलीय. चुनाव लड़ा है आपने हां लड़ा था तीन नंबर. पर आया तीसरे नंबर पर आ गया था हां और. कमाल की बात यह है कि लोगों ने वोट दिया. था हमारे क्षेत्र में जो है निर्दलीय जो. है वो 1000 00 2000 पे ही सिमट जाते हैं. मैं तीसरे नंबर पे आया कितना वोट वहां पे. 10000 के आसपास मुझे वोट आया था वहां पे. जो है वहां के युवाओं ने मेरा साथ दिया था. और उस समय जो है उन लोगों ने पैसा लगाकर. मुझे लड़ाया था यह चीज है तो उसके बाद से.
मैंने सोचा कि चलो ठीक है आवाज उठाता था. पहले भी आवाज उठाता था उसके बाद भी आवाज. उठाता रहा तो वीडियो बनाते रहा लोग लोग. कहते हैं बहुत महत्वाकांक्षी है मनीष कश्य. क्या 20 में प्रधानमंत्री 2030 में. प्रधानमंत्री बनना किसने बताया अरे बहुत. सारा अखबारों में छपा पड़ ये देख ये देखिए. मैं आप एक बार कटिंग खोल 2030 में. प्रधानमंत्री ब येय ये ये सूत्र कौन से. लोग हैं जो यह बता रहे हैं कि 2030 में. प्रधानमंत्री बनने का आपके पटना के कोई है.
मनीष मिश्रा उन्होने लिखा आप चाहे तो. इंक्वायरी भी कर सकते हैं उनसे उन्होंने. लिखा है कि विधानसभा चुनाव लड़ा लोकसभा आप. शायद हाथ आजमाए थे कुछ इशू हो गया था और. 2030 में उनके मित्र यार उन्होंने आपके. दोस्तों को कोट किया है कि उनके दोस्त यार. कहते हैं कि मनीष कश्यप को मोदी जी को हटा. के 2030 में प्रधानमंत्री बन काहे सूली पे. चढ़ा रहे हैं बफर्स के ऊपर जो है हमको लटक. दीजिएगा क्या ऐसा कुछ नहीं है वहां पे जो. उस कुर्सी जो बैठे हैं वह देश को चलाना. जानते हैं मजबूती के साथ देश को चलाना.
जानते हैं दसवें नंबर पर इकोनॉमी था भारत. का आज पांचवे नंबर पर है और भविष्य में. तीसरे नंबर पर और कुछ दिन के बाद दूसरे और. पहले नंबर पर आएगा तो वह जो काम कर रहे. हैं वह ठीक कर रहे हैं हम जो काम कर रहे. हैं मोदी फैन है आप बिल्कुल कौन नहीं है. आप नहीं है क्या मैं अपने आप जन के तौर पर. मैं क्या बात करते एकम बिल्कुल होना चाहिए. नहीं हमें गर्व होना चाहिए अपने देश के. प्रधानमंत्री. प हमें अपने देश के प्रधानमंत्री पर गर्भ. होना चाहिए चाहे वो किसी भी पार्टी का हो. नहीं नहीं प्रधानमंत्री के तौर पर उनका जो.
कार्यकाल है उनकी नीतियों में जो अच्छी. नीतियां है उसकी हम तारीफ करते जहां 1920. है वहां हम उ विरोध कर सकते हैं नीति का. विरोध कर सकते व्यक्ति विशेष. से मेरा व्यक्तिगत तौर पर ये मानना है कि. किसी भी व्यक्ति विशेष को मैं खुदा नहीं. बनाता भगवान क्योंकि जब आप भगवान बना लेते. जरा सोचिए कि प्रधानमंत्री का फैन मैं आप. छोड़ दीजिए राहुल गांधी खुद है संसद मवन. में झपकी लगाते हैं हम हम जादू की झपकी. किसे लेते हैं तेजस्वी जी या राहुल जी. प्रधानमंत्री बन गए तो आप उनके फैन रहेंगे. का सपना देख रहे हैं आप महाराज मीम्स. बनवाए क्या मीम्स बनेगा इस पर लोग मजाक.
उड़ाएंगे आपको लगता है नहीं बनेंगे कभी भी. आपको लगता है क्या आप अपने दिल से पूछिए. देखिए जवाब दे दिया ब देश की जनता राजीव. गांधी जी बने थे मनमोहन जी को सोचा था. राजीव गांधी अच्छे थे मनमोहन जी मनमोहन. सिंह बहुत अच्छे थे तो जब मौका मिला तो. उन्होंने साबित कर दिया इनके भी समर्थ. कहते मौका मिलेगा साबित कर देंगे अरे इनको. मौका ही नहीं मिलेगा क्यों लगता है आपको. ऐसा अरे जिनको पता ही नहीं है कि मंदिर. में जो है ऐसे पूजा किया जाता है कि ऐसे. पूजा किया जाता है वो देश क्या चलाएंगे. जरा बताइए मस्जिद का भी सम्मान होना चाहिए.
पांच वक्त नमाज भी होना चाहिए लेकिन. मस्जिद में जाकर जो है कोई आरती करे तो. मूर्खता ही है ना और मंदिर में जाकर जो है. जो कोई ऐसे करे वो मूर्खता ही है मोदी जी. के बात कौन उनके तो नियम है ना 75 पर. रिटायर हो आते हैं अभी तो मोदी जी जवान है. उसके बाद अभी मोदी जी का उम्र जो है वो. स्टेबल है वो जवान है उनके बाद सोचा जाएगा. अभी वो कुर्सी पर बैठे हुए हैं उस लायक है. उसके बाद देखा जाएगा बिहार का मुख्यमंत्री. बनने की तमन्ना है आपकी अभी तो सोचे नहीं. है तो इतनी इतनी खबरें क्यों इतनी मेरा.
सियासत में कोई दिलचस्पी नहीं मेरी सियासत. में आज के दौर में कोई दिलचस्पी नहीं है. मुझे लगता है कि इस पार रह के सवाल पूछना. ज्यादा आसान है उस पार रह के बहुत कीचड़. है उतना मेरी हिम्मत या मेरी अभी ताकत. नहीं मब उस पार कीचड़ है हां है सियासत उस. कीचड़ को कौन साफ करेगा मेरी जो भूमिका है. मैं पत्रकारिता के जरिए कर रहा हूं हां तो. जो वहां पर भी अच्छे लोग आने चाहिए अगर. गंदा नाला है तो उसमें अच्छे लोग उतर के. उसे साफ करें कब तक ये गंदे लोग जो है और. गंदा करते. रहेंगे अच्छा कई सारी और भी चीजें आपको.
लेकर आती हैं एक खबर में और भी पढ़ा था. आपने पत्रकारिता का स्टाइल बड़ा चेंज कर. दिया मतलब पत्रकार नायक फिल्म देखी आपने. देखिए हमको लगता है बड़ा इंस्पायर है उससे. आप ऐसा कुछ नहीं है अनिल कपूर से ऐसा कुछ. नहीं है कि सब फटाफट ऐसे होना चाहिए मतलब. कि मैंने चेंज कर दिया पत्रकारिता का पूरा. हां एक स्टाइल तो आपने निकाला है ना मनीष. कश्यप स्टाइल वो सही है गलत है उसपे चर्चा. हो सकती है लेकिन एक स्टाइल तो है ना मनीष. कश्यप का लोग कहते हैं कि हां इस तरह से. उसने शुरू कर दिया ऐसे उससे कुछ बदलाव हुआ. कि नहीं हुआ अब वो तो आप आपकी प्रदेश की.
जनता तय करेगी उससे मैं आपसे पूछ रहा हूं. कि उससे कुछ बदलाव हुआ कि नहीं हु देखिए. मैं बिहार बहुत मैंने ट्रेवल नहीं किया तो. मैं उस बारे में नहीं कह सकता लेकिन ये है. कि आपका एकता रहा जेल जाने से जेल जाने से. पहले मैं छपरा यूनिवर्सिटी के सीनेट के. बैठक में घुस गया था वहां पे कुछ लोगों ने. मेरा विरोध किया कि सीनेट के बैठक में आप. कैसे घुस गए और जेल जाने के बाद पता है. आपको 20 साल बाद जो है बिहार में पहली बार. हुआ है कि यूनिवर्सिटी का सेशन जो है अब. टाइमली हो रहा है 20 साल बाद और जो बिहार. के नए राज्यपाल आए मैं जेल गया उसके बाद.
से नए राज्यपाल जो है वो नए राज्यपाल जो. है बिहार में अनेकों यूनिवर्सिटी के. विषयों पर कारवाई किया और जिससे यह हुआ कि. बिहार में जो है जो हायर एजुकेशन है उसमें. बहुत बड़ा बदलाव हुआ तो मेरा तरीका सही हो. या गलत हो लेकिन वो बिहार के खिलाफ नहीं. हो सकता है देश के आप पर आरोप लगता है कि. नालंदा मेडिकल कॉलेज से लेकर तमाम मेडिकल. कॉलेजेस में आपने अभद्रता की और यह. पत्रकार छापते हैं आपको लेके ये भी नहीं. कि दूसरी बिरादरी नेताओ लादा मेडिकल कॉलेज. में कभी मैंने वीडियो नहीं बनाया वो जो.
पत्रकार है ना उनको पता नहीं है कभी कोई. वीडियो नहीं बनाया वो नालंदा मेडिकल कॉलेज. प्रोफेसर कभी बदलता नहीं कि नहीं नालंदा. मेडिकल कॉलेज में कभी मैंने वीडियो ही. नहीं बनाया है मनाया ही नहीं है कभी. नालंदा मेडिकल कॉलेज में वीडियो तो फिर. क्यों आप हर आदमी मनीष कश्यप के पीछे फिर. क्यों पढ़ा है नहीं हर आदमी नहीं पढ़ा है. हर आदमी मनीष कश्यप का साथ भी दे रहा है. हां एक दो परट लोग हैं 3 पर लोग है 4 पर. लोग हैं जिंदगी में अगर विरोधी खत्म उस. दिन समझिए कि आपकी तरक्की खत्म विरोधियों. से जो है ना आपकी तरक्की का रास्ता खुलता.
है और विरोधियों से पता चलता है कि आप. कितने ताकतवर आदमी है तो जिंदगी में 10 12. 15 पर विरोधी रखना चाहिए क्योंकि वही सबसे. बड़े सबसे बड़े आलोचक ही आपके सबसे बड़े. मार्गदर्शक होते हैं सबसे बड़े ताकत होते. हैं तो जेल से निकलने के बाद कौन-कौन सा. रास्ता खुल गया मनीष कश्यप के लिए जो पहले. खुला हुआ था कुछ तो क्या बदला जेल से आने. महीने जेल से आने के बाद लोगों ने बहुत. ज्यादा प्यार दिया मुझे उम्मीद नहीं था. जेल में पता लगता था सब बाहर क्या चल रहा. है पता लगता था पेपर पढ़ता था मैं तो.
तमिलनाडु में कैसे आप पढ़ते थे टाइम्स ऑफ. इंडिया इंडियन एक्सप्रेस द हिंदू पेपर में. पढ़ता था वहां पे जो है नेशनल खबर भी आता. था और खासकर टाइम्स ऑफ इंडिया में जो है. बिहार का भी खबर आता था वहां पे तो पेपर. के माध्यम से चलता था मुझे जानकारी होता. था और जब मैं पटना जेल में आया तो वहां पे. टीवी भी लगा हुआ है और हिंदी चैनल भी चलता. था वहां पे तो टीवी लगा हुआ है उसमें तमिल. चैनल चलता था तो हिंदी चैनल में मैं देखता. रहा. अपने तो अपने आपको को देख क्या चलता था मन. में देख के चलता था एक दिन मैं भी. निकलूंगा और इन चैनलों पर मेरी भी खबरें.
चलेंगी पत्रकार के तौर पर नेता के तौर पर. पत्रकार के तौर पर चलेगा एक राष्ट्रवादी. के तौर पर चलेगा एक सनातनी के तौर पर. चलेगा एक मनीष कश्यप के तौर पर चलेगा एक. हिंदुस्तानी के तौर प चलेगा ये देखिए आपने. शब्दों की बाजी करी है बड़ी अच्छी सीख ली. आपने शुरुआत की थी आप यूटर है फिर आप पहले. आप ही लोग कहते थे नहीं पहले आप ही लोग. कहते थे कि मनीष कश्यप जो है शब्दों का. चयन करते समय स्वयं नहीं बरतते हैं मतलब. कि कुछ भी बोल देते अब मनीष का सिफ सोच. समझ के बोल रहे हैं अच्छे शब्दों का चयन.
कर रहे हैं तो भी दिक्कत यानी मैं पहले. रेलाई शब्द का और ये सब शब्दों का. इस्तेमाल करता था तो भी दिक्कत था अब. अच्छे शब्दों का इस्तेमाल कर रहा हूं तो. भी दिक्कत है बदलाव होगा तो आदमी दिखाएगा. तो है ना कि पहले ये थे अब ये थे क्या से. क्या हो गए देखते देख देखते तो ये कैसे. होते जा रहे हैं अच्छा नया साल है ना आज. एक तारीख है ना नए साल की ढेर सारी. शुभकामनाएं और बधाइयां शुक्रिया और नए साल. में जो है शुरुआत आप भी एक नई शुरुआत करें. हम भी एक नई शुरुआत किए हैं कि हां. अग्रेशन में कम नहीं होगा जो काम करता था.
वोह करता ही रहूंगा लेकिन हां शब्दों का. चयन करने के दौरान जो है मैं संयम जरूर. बतंगा और अपशब्द का इस्तेमाल मैं अपने. वीडियो में नहीं करूंगा कोई लीगल टीम आपके. साथ आई है नहीं है ना इसीलिए तो मुझे जेल. में रहना पड़ा नौ महीना अब कोई लीगल टीम. दो अभी तो अभी तो नहीं है आपको किसी ने. सलाह दी कि गाली गलश करोगे फोता फिर निपटा. दी जाओ भेज दि जाओ मुझे तो अभी भी धमकी. देता है लोग पार्टी के कार्यालय के सामने. खड़ा होके कि अभी 9 महीना बाद निकला है. फिर से तुमको अंदर डालेंगे अब जरा सोचिए. धमकी देता है लोग पार्टी कार्यालय के.
सामने खड़ा होकर बिहार में कि 9 महीना बाद. निकले हो फिर से तुम्ह जेल में डाले अी तो. कहते ना सरकार पलट देंगे हटा देंगे अभ. मुख्यमंत्री नहीं रहेगा ये तो आप भी कहते. ना जोश में सरकार कहे नहीं पलट हम आप. बताइए बिहार के मजदूरों से पूछिए यह सवाल. कि बिहार के मजदूर चाहते हैं कि नहीं कि. एक अच्छी सरकार बने और जो सरकार है क्या. मजदूरों के लिए काम कर रहे बिहार में. किसानों की स्थिति पता है क्या है जब फसल. समय होता है तो बीज नहीं मिलता है खाद. नहीं मिलता है और जब समय खत्म हो जाता है. तो बीज और खाद आ जाता है जरा सोचिए किसान.
परेशान जब आप हॉस्पिटल में जाते हैं तो. वहां पर डॉक्टर नहीं मिलता है यानी जो. मरीज है वो परेशान जब आप कॉलेज में जाते. हैं स्कूल में जाते हैं वहां पर टीचर नहीं. मिलते हैं जो टीचर मिलते हैं वो पढ़ाते. नहीं है स्टूडेंट परेशान जब आप बड़े हो. जाते हैं रोजगार चाहिए तो आपको रोजगार. नहीं मिलता है तो यानी युवा परेशान तो जरा. सोचिए जब युवा परेशान है किसान परेशान है. बिहार के आम से लेकर खास आदमी तक परेशान. है तो बिहार में उस सरकार को बदल देना. क्या कोई गुनाह है प्रशांत किशोर एक. शुरुआत की उन्होंने आप जुड़ना चाहेंगे.
उनके साथ प्रशांत किशोर अपना काम कर रहे. हैं उनका अपना विचारधारा है वो अपने अपने. तरीके से काम कर रहे हैं अभी तक तो. उन्होंने बिहार का कुछ नुकसान नहीं किया. है तो मैं बुरा बोल नहीं सकता हूं तो व. अपना काम कर रहे हैं उनका अपना तरीका उनका. अपना स्टाइल है मैं अपना काम कर रहा हूं. मेरा अपना तरीका मेरा अपना स्टाइल है मतलब. उनकी अपनी पार्टी आपकी अपनी अलग पार्टी. होगी नहीं मैंने पार्टी के बारे में सोचा. ही नहीं मेरी उतनी औकात ही नहीं है क्यों. चलाने आज देश की सबसे पुरानी पार्टी. कांग्रेस चंदा मांग रही है आप मांगेंगे. आपके भी समर्थक है आपको भी मिल जाएगा नहीं. नहीं नहीं मैं ये काम नहीं करूंगा.
बने आपको अस्वस्थ कर देना चाहता हूं कि. मैं भविष्य में भी इस बारे में अभी नहीं. सोचा हूं और भविष्य में भी नहीं सोचूंगा. अभी यूटर ही रहेंगे अभी तो यूटर ही रहूंगा. एक यूटर जो अलग-अलग चैनलों पर इंटरव्यू दे. रहा है सौभाग्य है मेरा और आप लोगों का. आशीर्वाद है अगर मैं अपना समय नहीं दिया. हूं आपको आपने अपना कीमती समय मुझे दिया. है नहीं तो मेरे इस जगह पर जो है कोई भी. बैठ सकता है वह जगह फिक्स है आपका यह जगह.
पर बैठने वालों की कमी नहीं है उस जगह पर. सिर्फ और सिर्फ एक व्यक्ति है सुभंकर. मिश्रा तो आप लोगों ने मुझे समय दिया है. और आप लोगों ने मुझे इस लायक समझा है कि. मनीष कश्यप को बुलाया जाए उसके दर्द को. दिखाया जाए उसके समस्याओं को दिखाया जाए. ताकि भविष्य में किसी पत्रकार के साथ इस. प्रकार की घटना ना घटे तो आप लोगों ने. भविष्य देखा है कि एक पत्रकार के साथ जो. गलत हुआ हुआ भविष्य में किसी के साथ ना हो. इसलिए इस कुर्सी पर जो है आज मुझे बैठने. का मौका दिया आपने मनीष कश्यप नाम कहां से.
आया क्योंकि आपका ओरिजिनल नाम जो है वो है. त्रिपुरारी कुमार नहीं हम चाहते क्योंकि. लोग कंफ्यूज होते हैं त्रिपुरारी कुमार. तिवारी य आपका ओरिजनल नाम मेरे दादा जी ने. रखा था भगवान शिव का नाम मेरे मेरा भी. भगवान शिव का नाम है और मेरे भाई का भी. भगवान शिव का नाम है मेरा त्रिपुरारी. कुमार तिवारी और मेरे भाई का त्रिभुवन. कुमार तिवारी निकनेम घर के लोगों ने रखा. दोस्तों ने रखा. मेरे भाई का करण और मेरा मनीष तो मनीष जो. है वो निकने आपके व राइमिंग नहीं चलती थी.
जैसे टिंकू चिंकू नहीं मनीष वो राइमिंग के. हिसाब से ही मनीष ही रख दिया गया मनीष. अच्छा नाम था मनीष का मतलब होता है मन का. ईश्वर अपने मन का सुनने वाला वैसे भी आप. वही करते हैं नहीं मैं दूसरे के भी मन का. सुनता हूं अपने भी मन का सुनता हूं दूसरे. के भी मन का सुनता हूं लेकिन कुछ तो देखा. होगा माबाप ने बचपन में तभी रख दिया कि. हां ये तो शायद उन्होंने देखा होगा शायद. उन्होने दे होगा तभी रख दिया उन्होंने और. कश्यप आपका गोत्र है अ अब उतना डीप जाने. की जरूरत नहीं है मनीष कश्यप आया कहां से.
कब से आपने शुरू किया क्योंकि कुछ लोगों. से मैंने पूछा जब मैं बात कर रही थी सवाल. इसलिए पूछ रहा हूं मैं मुझसे किसी ने ये. बताया कि मनीष कश्यप का जो त्रिपुरारी. कुमार तिवारी नाम था लेकिन फिर किसी विवाद. मुझे नहीं पता कितना सच है कितना झूठ है. किसी ने कहा कोई विवाद हो गया जिसके बाद. उन्होंने ये नाम का इस्तेमाल कर 2010 से. मेरा फ मनीष कसप के नाम से है अब पहला. विवाद पहला केस जो है मेरे ऊपर जो है ना. 2019 में हुआ ये लोग जो कुछ भी है सूत्र. जैसे मुझे प्रधानमंत्री तक बना रहे हैं ना. 2030 में मनीष का से प्रधानमंत्री बनेगा.
बना रहे कि नहीं बना रहे बना के रहे खबर. वो ब देश का प्रतिष्ठित अखबार है दैनिक. भास्कर उसम बड़ी बड़ी खबर छपी है. प्रधानमंत्री मनीष सब नहीं प्रधानमंत्री. बनने का सपना है उसम ये कहा गया है सपना. है कि उनके दोस्त कहते हैं कि मनीष की. महत्वाकांक्षा है मैं प्रधानमंत्री बन. वैसे ही खबर किसी ने चलाया होगा कि मनीष. ने नाम बदल दिया मेरा नाम जो है शुरू से. ही मनीष है मनीष कश्यप है और लोग मुझे इस. नाम से जानते हैं सच तक की शुरुआत कैसे. हुई इस पर भी क्योंकि आरोप लगता है कि. जहां मैं काम करता था आज तक पे उसके बहुत. सारे तक तक तक हैं तो मनीष कश्यप ने बहती.
गंगा में हाथ धो दिया उनके भारत तक यूपी. तक बिहार तक थे एक सच तक चिपका. दिया ऐसा कुछ नहीं है और मैं अब अपना नाम. भी उस चैनल का नाम भी बदल चुका हूं हम अ. तो. बस वहां उसकी शुरुआत जो है 2018 या 19 में. जो है मेरे मेरे साथ एक लड़का काम करता था. उसी नाम से जो है अ उसने एक चैनल बना दिया. उसी नाम से वो चलते गया चलते गया चलते गया. लेकिन मेरा जो. youtube0 के आसपास 8 मिलियन के आसपास जो.
सब्सक्राइबर है वो शुरू में मेरे ही नाम. से था मेरे ही नाम से था उसके बाद से बीच. में जो है उसका नाम जो है चेंज हुआ और फिर. जो है अभी भी मेरे ही नाम से है और मैंने. वो नाम भी चेंज कर दिया क्योंकि हम लोगों. का केस जो है वो हाई कोर्ट में है मतलब आज. तक नहीं मुकदमा ठोक रखा आपके अ मतलब कि उन. लोगों ने लीगल नोटिस सबको दिया मुझे भी. लीगल नोटिस आया तो उसके बाद से लीगल नोटिस. आया तो मुझे लगा कि ठीक है बदल देना चाहिए. मतलब हर जगह आपने बैर पाल रखी है नहीं तो. यहां पे बैर कहां पाला यहां पे तो मैं.
अपने आप को बदल लिया हम आपकी टीम जहां पे. लगा मुझे कि मैं हां यहां पे गलत हो सकता. हूं वहां पे मैंने अपने आप को बदल दिया तो. मतलब इंस्पायर था वहां से तक नहीं वहां से. इंस्पायर नहीं था तो फिर आपको क्यों लग. रहा है आप गलत है फिर आपको क्यों लग रहा. है मनीष तो हर जगह स्टैंड ले लेते हैं हर. जगह आज तक है बिहार तक है हर जगह तक तक तक. तक है तो तक जो है उन्हीं लोगों का है. मेरा नहीं है बस इसीलिए मैंने ह. अच्छा कुछ लोग ये भी कह रहे थे कि मतलब. मुझे नहीं पता मैं आपसे क्लेरिफाई कर रहा. हूं कि इस तक के चक्कर में मनीष कश्यप के.
लिए स्टैंड नहीं लिया चैनल ने बहुत बड़ा. नहीं लिया लिया लिया दिखाया दिखाया आपको. दिखाया बढ़िया से हां लेकिन पहले नहीं. दिखाया इस बात का मुझे थोड़ा सा मलाल है. दिखाना चाहिए था गलत सही कुछ भी मेरे घर. पर एक बार जाना चाहिए था दिखाना चाहिए था. नोन चेहरा था मेरा क्योंकि आज जो है अगर. मनीष क सेब को दबा दिया जाएगा तो कल आपको. भी दबाया जा सकता है आपकी गलती की सजा. आपको दी जानी चाहिए ना कि आप गलती करें और. उससे 100 गुना बड़ा सजा आपको दे दिया जाए.
तो कहीं नहीं तो कहीं जो है शुरू में. स्टैंड लेना चाहिए था लेकिन शुरू में लिया. नहीं लिया उससे मतलब नहीं है मैं एक. व्यक्ति को एक चैनल को नहीं बोल लेकिन बाद. में लोगों ने दिखाया प्यार दिया कि हां इस. बच्चे के साथ गलत हुआ इस युवा के साथ गलत. हुआ या बाद में नंबर बढ़िया दे रहे थे. मनीष कश्यप सोशल मीडिया पे या बाद में. मनीष कश्य सोशल मीडिया प नंबर अच्छा दे. रहे थे नहीं नहीं नहीं ऐसा कुछ नहीं है. मेरे जैसे अनेको लोग जो है वो हिंदुस्तान. में मुद्दा बनते हैं और चार दिन के बाद. लोग भूल जाते हैं लोगों ने समझा कि नहीं.
इस बंदे के साथ गलत हुआ इसके ऊपर एनस नहीं. लगना चाहिए इसके ऊपर एक साथ जो है 11 एफ. आयर नहीं होना चाहिए था इसलिए लोगों ने. दिखाया सन ऑफ बिहार क्यों लिखते हैं. आप बिहार का बेटा हूं तो बहुत सारे लोग आप. अलग से अरे बिहार बिहार के नाम पर जो है. लोग जो है बिहारी को अपमानित करते हैं. मैंने बताया कि अरे ऐसा कुछ नहीं है मैं. सन ऑफ बिहार हूं और मुझे अनित करके दिखाओ. तुम नहीं कर सकते हो आप दिल्ली में दो दिन. का आज आज आए हैं कल आए थे कल आया था कल आए. थे दो दिन से दिल्ली घूम रहे हैं आपको.
लगता है यहां बिहारियों का अपमान होता है. यहां नहीं होता दिल्ली एनसीआर में नहीं. नहीं नहीं होता यहां नहीं होता नहीं होता. कहां पर आपको बहुत सारे जगहो प देखिए भारत. है भारत जो है वो चाहे वो कहीं भी भारत का. कोई भी राज्य हो उससे हमें उतना ही प्यार. है जितना बिहार से प्यार है लेकिन कुछ. उपद्रवी होते हैं कुछ गलत लोग होते हैं वो. गलत लोग जो है बिहारियों का अपमान करते. हैं राष्ट्रवादी और भारत को प्यार करने. वाले लोग जो है कभी भी बिहारी का अपमान. नहीं करते और हां कुछ राजनेता होते हैं जो. अपनी राजनीति रोटी सेकने के लिए बिहारियों.
का अपमान करते हैं जो कहीं नहीं तो कहीं. गलत है लेकिन वैसे भी राजनेता अब. धीरे-धीरे बदल रहे हैं जैसे राज ठाकरे के. समय में ब राज ठाकरे की पार्टी ने. बिहारियों के साथ क्या किया था वो सबको. पता है लेकिन वही राज ठाकरे जब एक वीडियो. बनाते हैं कि बिहार का एक यूटर है जिसने. बोला था कि पूल गिर जाएगा और वो पूल गिर. गया 11 उसने एक साल बोला था 11 महीना में. गिर गया और उस यूटर को जो है बिहार सरकार. जेल में डाल दिया ये राज ठाकरे का वीडियो. है उन्होंने मेरे लिए बनाया तो मैंने समझा.
कि हां बिहारियों के प्रति जो है लोगों का. अब सोच बदल रहा है और यही तो सोच बदलना है. कि हम भी बिहारी हैं भाई हमें भी इज्जत दो. और हमें भी इज्जत चाहिए हम भी इज्जत के. भूखे हैं हम स्वाभिमान के लिए अपना सर. कटाना जानते हैं देश की सुरक्षा की जब बात. आती है तो सीमा पे जो है हम अपना भी सीना. लेके खड़े हो जाते हैं कि अगर एक गोली. किसी और को लगेगी तो एक गोली एक बिहारी को. भी लगेगी देश की सुरक्षा के दौरान. हां मैंने आपका पढ़ा स्टेटमेंट कि. पाकिस्तान को मोदी जी उसी भाषा में. समझाएंगे आप हाल फिलहाल में शायद कहीं.
आपने कहा है कि दान भी कीजिए एक एक रुप. अगर दान कर देंगे तो शहीदों के परिवार को. मदद हो जाएगी देखिए मैंने क्या कहा बिहार. में जो एक चंदन सिंह जो है नवादा के मैं. आपको बोलूंगा कि एक ग्राउंड रिपोर्टिंग आप. जरूर कीजिए उस दर्द को समझिए मनीष कश्यप. से ज्यादा दर्द और पीड़ा में जो है वो. नवादा के चंदन सिंह के परिवार है पता है. उनका घर जो है ना मेरा घर तो मिट्टी और. उसे भी दयनीय स्थिति में है उनका घर और. कुछ दिन पहले ही जो है वह जो पत्नी है. उनकी पत्नी है उसकी शादी हुई थी छोटे से.
मकान में वो लोग रहते हैं उसी में उनका जो. गाय भस सब रहता है उनकी स्थिति इतनी खराब. है इतनी दयनीय है कि अगर आज एक जवान का. बाप टूट गया तो कल जो है कोई भी बाप जो है. आर्मी में अपना बेटा भेजने से पहले 10 बार. जरूर सोचेगा आज अगर आर्मी के जवान जो है. सीमा पर खड़े होकर यह कहते हैं कि हम देश. की सुरक्षा कर देंगे तो उनके मन में एक. सवाल भी होता है कि देश के लोग हमारे. परिवार की भी सुरक्षा कर देंगे तो आज उनके.
परिवार का सहारा बनने की जरूरत है मैंने. कहा है कि जिस दिन मेरा खाता खुलेगा पहला. ट्रांजैक्शन जो है मैं उनके पापा के. अकाउंट में करूंगा एक लाख रप दूंगा आप. जाइए वहां पर दिखाइए उस स्थिति को इतनी. दयनीय स्थिति है ना और बिहार सरकार पैसा. देना तो दूर सम्मान तक एक ट्वीट तक नहीं. किया जो राजकीय सम्मान होता है वो सम्मान. नहीं दिया तो मैंने मांग किया कि अगर किसी. भी राज्य का कोई भी जवान शहीद होता है. बॉर्डर पे तो केंद्र सरकार जो पैसा देता. है दे लेकिन राज्य सरकार का भी जिम्मेवारी.
होता है एक करोड़ रुपया कम से कम उनके. परिवार वालों को दे और एक जमीन का टुकड़. दे जिस परे वो उनके परिवार वाले अपना घर. बना सके और ये आपका दायित्व बनता है मेरा. दायित्व बनता है हम सबका दायित्व बनता है. कि उसके परिवार को हम लोग टूटने ना दें और. जब हम एक सेना के परिवार को नहीं टूटने. देंगे तो मैं दावे के साथ कहता हूं कि. हमारे भारतीय सेना के जवान हमारे देश को. नहीं टूटने देंगे नहीं ये बात आपकी. बिल्कुल ठीक है और सेना भी हालांकि अपने. लोगों का ख्याल रखती है एकदम बिल्कुल सेना. अपने लोगों का अच्छे ढंग से ख्याल रखती है.
और बहुत अच्छे ढंग से लेकिन हमारा भी तो. दायित्व बनता है सेना अपने लोगों का ख्याल. रखती है सेना देश का ख्याल रखती है और. सेना देश के लोगों का भी ख्याल रखती है तो. देश के लोगों का भी फर्ज बनता है कि सेना. का ख्याल रखें और सेना के परिवार वालों का. ख्याल रखें अब मनीष कश्यप से बात. करते-करते मुझे दो-तीन बातें समझ में आती. हैं क्योंकि एक पत्रकार के तौर पर मैं. सुनता हूं एक सेना का जिक्र खूब होता है. हम धर्म का जिक्र होता है सनातनी होने का. गर्व महसूस होता है आपने चंदन भी लगा रखा. है अच्छा लग रहा है मैं भी कलावा पहनता.
चंदन अच्छी चीज है हम कैरी कर रहे नई. पीढ़ी कैरी कर रही है लेकिन दो चीजें होती. है एक होता है कि मेरा रिश्ता मेरे भगवान. से मेरा रिश्ता है और एक होता है कि टीवी. पर आकर या सोशल मीडिया पर उसका खुलकर. इजहार करना जिसको हम आजकल कहते हैं कि. हिंदुओं को जगाने आए हैं मनीष कश्यप किस. कैटेगरी में आते हैं उनकी नजर में नहीं. ऐसा कुछ नहीं है आप अपने धर्म का सम्मान. कीजिए और उस धर्म का सम्मान करने के दौरान. जो है अगर टीवी चैनल पर कोई धर्म के ऊपर. सवाल करें तो आप अपने धर्म का पक्ष रख. सकते हैं आप मेरे से सवाल नहीं करते हम इस.
पर जवाब नहीं देते आपने सवाल किया मैंने. अपने धर्म को जो धर्म के ऊपर जवाब दिया. मुझे इस बात का गर्व है कि मैं सनातन में. पैदा हुआ हूं मुझे इस बात का घर ब है क्या. है सनातन देखिए सनातन का मतलब होता है कि. हमेशा नूतन और जिस धर्म में सारी दुनिया. समा जाए उसी को सनातन कहते हैं जो दुनिया. का सबसे पुराना धर्म है उसी को सनातन कहते. हैं और सनातन से बड़ा धर्म कोई नहीं है इस. पूरे धरती पर सनातन से बड़ा धर्म कोई नहीं.
है लेकिन हां सनातन धर्म में यह भी सिखाया. जाता है कि सर्वे भवंतु सुखिन सर्वे संतु. निरामय यह भी सिखाया जाता है वसुदेव. कुटुंब कम यह भी सिखाया जाता है कि अपने. धर्म का सम्मान करें साथ ही साथ दूसरे के. भी धर्म का सम्मान करें अपने लोगों का. सम्मान करें दूसरे लोगों का भी सम्मान. करें यही तो सनातन है तो ये जो खबरें आती. हैं जैसे अभी आई थी कि ट्रेन में कोई नमाज. पढ़ रहा था या सड़कों पर नमाज पढ़ना ये. चीजें आप इन सब का समर्थन करते हैं या फिर. आपको लगता है गलत हो रही है नहीं सड़कों. पर तो नमाज नहीं पढ़ना चाहिए और अगर जो.
पढ़ रहा है उसको डिस्टर्ब भी नहीं करना. चाहिए तो मैं यह नहीं कहता हूं कि दूसरे. के धर्म के लोगों का अपमान करें कभी नहीं. करें कभी नहीं करना चाहिए मनीष कश की कोई. महिला मित्र मान लीजिए हालांकि हमको लग. नहीं रहा है आपसे बातचीत करके जितना आपने. बताया हमको उस हिसाब से लेकिन अगर कोई. महिला मित्र है और वो किसी मुस्लिम. व्यक्ति शादी कर रही है मनीष कश्यप उसको. समझाएंगे या कहेंगे कि चलो शादी में शामिल. होंगे नहीं मैं समझाऊ बिल्कुल समझाऊ मत. करो शादी क्यों क्यों फ्रीज मुसलमान गलत.
है फज नहीं नहीं. नहीं जो लड़की अपने मां-बाप का पगड़ी उछाल. के जो है अगर किसी व्यक्ति से शादी कर रही. है किसी दूसरे धर्म में शादी कर रही है. उसको तो मैं समझाऊ हां अगर उसके मां-बाप. रेडी है अगर उसके मां-बाप रेडी है तो फिर. वो कहीं भी शादी कर उत्तराखंड में खबर आई. थी मुझे याद है बीजेपी के एक नेता थे उनकी. लड़की की शादी एक मुस्लिम परिवार में हो. रही थी आसपास के लोगों ने बहुत विरोध कर. दिया शादी तय हो गई थी मां-बाप खुश थे.
लड़की शादी कर जा थी लेकिन फिर बाद में. हालत यह हो गई कि पिताजी को कहना पड़ा कि. सामाजिक दबाव के चलते समाज का सम्मान करते. हुए हम ये शादी नहीं करा पाएंगे शादी. कैंसिल कर रहे हैं तो इसके बारे में मैं. नहीं जानता हूं अगर लड़की राजी है लड़का. राजी है लेकिन उसके पहले जो है उसके. मां-बाप राजी है तो उस परे किसी को आपत्ति. नहीं होना चाहिए ल जिहाद होता है होता है. बिल्कुल होता है आपने नहीं देखा क्या यहां. पर दिल्ली में नहीं हुआ था जहां से बैठे. हुए हैं हम लोग वहां से तो 20 किलोमीटर. दूर जो है फ्रिज में काट काट के रखा गया. था बिल्कुल होता है ब फ्रिज में तो एक और.
भी केस आया था जो गलगुटिकाशोथ. हाद में ज्यादा एक्टिव है किस धर्म के. हमारा भी दायित्व बनता है और उस धर्म के. लोगों का भी दायित्व बनता है वो सबको पता. है वो ग कीजिए देखिए.
विरोध करेंगे तब जाके लब जिहाद रुकेगा. धर्मांतरण रुकेगा धर्मांतरण को भी रोकना. चाहिए और तब जाके यह सब चीजें रुकेगा तो.
अपना भारत भी जो है खूबसूरत भारत बनेगा एक. गुच्छा है हम लोगों का वो जो है माला है. वो सारा माला जो है कंप्लीट हो पाएगा तो. कहीं नहीं तो कहीं जो है ये गलत है. धर्मांतरण और लव जिहाद पे जो है सरकार. कानून बनाए और इन सब चीजों को रोके दो. सालों में बीते दो लोगों का राइज मैंने. देखा जो मास फॉलोइंग वाला रहा. कंट्रोवर्शियल भी है वो दोनों लोग हम एक. नाम है मनीष कश्यप दूसरा नाम है एक तस्वीर. मैंने देखी थी जिसमें एक बाबा के चरणों के. नीचे बैठे हैं धीरेंद्र शास्त्री उनका नाम.
है एक नाम है धीरेंद्र शास्त्री और दूसरा. नाम है शुभंकर मिश्रा शुभंकर मिश्रा तोम. इंसान मनी ऐसा ऐसा कुछ नहीं है आप बहुत. राइज किए हैं और आप जो है अगले 10 साल के. अंदर अंदर जो है बहुत आगे जाने वाले हैं. वो हम सभी को पता है तो आप ईश्वर मां बाप. का आशीर्वाद लेकिन आज सवाल पूछने की. भूमिका मेरी है कभी हम आपके बिहार आएंगे. सस्तक में बैठेंगे आप भी हमसे दिल खोल के. सवाल पूछ लीजिएगा लेकिन धीरेंद्र शास्त्री. जी के साथ हमने आपकी तस्वीर देखी वो भी.
बहुत मास फैन फॉलोइंग लेकर हैं जहां जाते. हैं वहां पर लाखों लोग आ जाते हैं बेबाक. भी हैं विवादास्पद भी हैं आप उनको कैसे. देखते हैं अ अच्छे आदमी हैं अच्छा काम कर. रहे हैं उनका जहां मेला लगता है वहां. मुसलमानों को भी रोजगार मिलता है मैंने तो. वीडियो बनाया मैंने तो दिखाया बहुत सारे. मुस्लिम लोग जो है वहां पर जाते हैं और. उनको भी रोजगार मिलता है धर्म के प्रति. लोगों को जागरूक करते हैं राष्ट्र की बात. करते. हैं एकता और अखंडता की बात करते हैं तो.
अच्छे अच्छे पर बाबा जैसे लगते हैं आपको. क्या बाबा का कोई ड्रेस कोट होता है क्या. हां मतलब बाबा म एक व्यक्ति जो शांति की. बात करता. है शांति की तो बात करते उनके वीडियो तो. अक्सर आते हैं हिंदू मुसलमान को लेकर ऐसा. कुछ नहीं है उनका वीडियो जो है राष्ट्र को. लेकर आता है राष्ट्र में शांति की स्थापना. होनी चाहिए वो घर वापसी करवाते हैं तो ये. इसमें कौन से गुना कौन सा गुना है घर. वापसी तो होना चाहिए आप जो है दिल्ली में. हैं आप जो है घर वापसी में अपने जिला में. जाते हैं कि नहीं जाते हैं रंगीन कपड़े.
पहनते हैं हां तो ये देखिए किसी के कपड़ों. से हम लोग जो है डिसाइड नहीं कर मैं जानना. चाहता हूं क्योंकि एक 26 27 साल के वो. उनकी उम्र है उनकी मैं उनसे व्यक्तिगत. कुछ तो टैलेंट है 267 जाहिर सी बात है अगर. लाखों लोग उनके चाहने वाले एक बार चलिए. उनके दरबार में आपके सारे सवालों का जवाब. मिल जाएगा लेकिन मैं चरणों में बैठना नहीं. चाहता मुझे लगता है अगर वो सम्मान पूर्वक. हमें सामने बिठाकर बात करने का मौका देंगे. तो जरूर जाएंगे हम नहीं गुरु के चरणों में. तो बैठना पड़ता है अगर हम गुरु के चरणों. में नहीं बैठेंगे उसके लिए अगर टेक.
रिस्पेक्ट गिव रिस्पेक्ट अगर हम किसी का. समान उसके लिए मेरी भावना उनको लेके गुरु. वाली होनी चाहिए मैं अगर उनकी बातें मेरे. मन मस्तिष्क में जाएंगी और अगर मुझे यकीन. हो गया तो मुझे बिल्कुल परहेज नहीं है मैं. खुद एक सनातनी व्यक्ति हूं जो जाकर इ करता. है लेकिन जब मैं उनको इसलिए सवाल पूछ रहा. हूं क्योंकि मुझे एक धार्मिक गुरु के. साथ-साथ मुझे दिखाई पड़ता है कि कमलनाथ जी. भी बैठते हैं जी बैठते हैं जरा सोचिए वो. कितने निर्विवाद है कि वहां प जो है. कांग्रेस भी आता है माथा टेकने और बीजेपी. भी आता या फिर ये वैसा है जैसे सोशल.
मीडिया इनफ्लुएंसर होते हैं कि हमारे पास. मनीष कश्यप भी आए हैं विशाल मिश्रा का भी. हमने इंटरव्यू लिया एक एक्टर का इंटरव्यू. लिया नंबर है आज के दौर में चाहे वो. पब्लिक में या सोशल मीडिया में तो आपके. सामने लोग झुक जाते नहीं ऐसा कुछ नहीं है. सबसे बड़ी बात है कि शुभंकर मिश्रा उतना. टैलेंटेड है कि वो इस कुर्सी पर किसी को. बैठा सकते हैं सबसे बड़ी बात यह है. धीरेंद्र शास्त्री उतना टैलेंट है कि दो. दो मुख्यमंत्री जो है उ वही जा क्या एक्स. मैं तो नहीं मिला उनसे मैं आपसे समझना. चाहता हूं वो उनकी उनका जो व्यक्तित्व है.
मुझे बड़ा आकर्षित करता है कि 26 साल के. लड़के की उम्र में लड़के की उनकी आयु है. और हर व्यक्ति उनके चरणों में बैठा हुआ है. बड़े से बड़ा वसुंद्र राजेश सिंधिया. जिन्होंने शायद मोदी जी और शाह जी को तक. की आंखें दिखा दी थी मैंने उनकी भी तस्वीर. देखी वो भी बैठी हुई थी अपने बच्चे के साथ. देखिए वो कुछ उनके अंदर ऐसा टैलेंट है कि. वो बता देते हैं आपके मन में क्या चल रहा. है आपके मन में बट वो तो एक लड़की सुहानी. आई थी वो भी चैनलों में बता रही थी कि. क्या आपके मन में चल रहा है तो वो भी. टैलेंटेड है वो क्या नहीं टैलेंटेड तो फिर. वो धर्म वो फिर वो कैसे माने कि.
अध्यात्मिक टैलेंट है ये दिमाग पढ़ने. टैलेंट है ये डिफरेंस कैसे करें अच्छा कोई. भी टैलेंट है है ना टैलेंट है और उस. टैलेंट का इस्तेमाल जो है वो अपने राष्ट्र. को मजबूत करने के लिए अपने धर्म को मजबूत. करने के लिए कर रहे हैं तो अच्छा अच्छी. बात है सुहानी उसी टैलेंट का इस्तेमाल जो. है अपना रोजगार के लिए कर रही है अपने. बिजनेस के लिए कर रही है तो अच्छी बात है. मतलब वो शक्ति नहीं है नहीं वो शक्ति. है टैलेंट है वो शक्ति है सबके पास नहीं. वो सुहानी के पास भी वो भी शक्ति है अब वो. भी हो सकता है वो भी हो सकता है वो भी.
माता दिमाग पढ़ लेती वो तो कहती है. कैलकुलेशन है ये कैलकुलेशन है तो पूरी. दुनिया को समझा दे कि कैसा कैलकुलेशन है. बताया थोड़ा सा हम लोग भी करके देखेंगे आप. बताइए कि मेरे दिमाग में क्या चल रहा है. आप नहीं बता पाएंगे आपके दिमाग में अगला. क्वेश्चन क्या होगा मैं नहीं बता पाऊंगा. लेकिन कुछ लोगों के अंदर है यह दिव्य. शक्ति होता है यह यह सबके अंदर नहीं होता. है मोदी जी के अंदर कुछ तो टैलेंट है ना. तभी तो आज के समय में भी 16 घंटा 17 घंटा. 18 घंटा काम करते हैं जबरा फैन लगते हैं. मोदी जी के अरे जो देश का फैन है जो देश.
के लिए काम कर रहा है देश को मजबूत कर रहा. है उसका फैन मैं नहीं हो सकता हं चलिए. पांच चीज बता दीजिए मोदी जी ने जो किया. आपको लगता है यार ये जो था ना ये एक्स. फैक्टर था और ये मजा आ गया पूरी दुनिया. में भारत का छवि उन्होंने मजबूत किया पूरी. दुनिया में आज यूक्रेन और रशिया का युद्ध. हो चाहे इजराइल और हमास का युद्ध हो गाजा. का युद्ध हो हर जगह मोदी को पूछा जा रहा. है हर अब देखिए इस पे एक क्रॉस क्वेश्चन. हमारा आ गया मोदी जी को नापसंद करने वाले. कहते हैं जैसे आपने कहा ना इजराइल में हुआ. या फिर यूक्रेन युद्ध था यूक्रेन वाले में.
बीजेपी अरे आप पांच काम पूछे आप 50 काम. गिनाए एक ही काम प रुक दिए वो कहते हैं कि. मणिपुर में होता है तो वहां नहीं रुक पाता. किसान आंदोलन नहीं रुक पाता बाहर आप कहते. हैं रोक लेते हैं घर में नहीं रोक पाए आप. देख ये आरोप लगता है देखिए मणिपुर में जो. हुआ जितना रोकना चाहिए था उन्होंने रोका. जितना प्रयास करना चाहिए था उन्होंने. प्रयास किया और मणिपुर की घटना रुकी. रुकी किसान आंदोलन कुछ लोग जो है साजिश के. तहत किए कुछ वहां पर अच्छे किसान बैठे थे.
किसानों का मांग उन्होंने समझा और किसानों. का मांग उन्होंने पूरा किया तो मोदी जी तो. खुद कहते हैं कि अगर हमारे अंदर भी कमी है. तो आप आवाज उठाओ हम उसको कमी को दुरुस्त. करने का प्रयास करेंगे अभी जैसे पहलवानों. का चल रहा है बृजभूषण शरण सिंह मेरे यहां. के ही सांसद हैं वो अगर कोई अर्जुन अवार्ड. सड़क पर रख कर आ रहा है आपको लगता है नहीं. तकलीफ वाली चीज है मनीष कश जैसे लोगों को. और आवाज उठानी चाहिए उस करवाई हो रहा है. कि नहीं हो रहा है सस्पेंड किया गया कि. नहीं बज भूषण शरण सिंह जी को सस्पेंड किया. गया कि नहीं अभी दूसरे जो बने उनके ऊपर भी.
करवाई हुआ देखिए मोदी जी तक अगर बात पहुंच. जाएगी और वह जेनुइन बात है तो उस परे. करवाई होता है मनीष क से तो मोदी जी से भी. बहुत सारा सवाल किया था मोदी जी तक बात. पहुंची मोदी जी ने मेरे खिलाफ तो कारवाई. नहीं किया हां जो काम था वह काम करके दिया. आप मिले कभी मोदी जी से नहीं कभी नहीं. मिला हं मैं तो भविष्य में मिलना चाहता. हूं वैसे शख्स को देखना चाहता हूं इयर. होना चाहू टिकट मांगे आप ऐसा होगा नहीं. मुस्कुराहट बहुत कुछ अरे उनसे मिल के.
मांगने की क्या जरूरत है अपने आप मिल. जाएगा वहां तक मिल गए तो नहीं नहीं नहीं. ऐसा कुछ नहीं है ऐसा देखिए आप एक घंटे से. इतने सारे सवालों को पूछे हैं कि तो बिना. हम तो बिना तैयारी के बैठ नहीं पहली बार. ऐसा हुआ है कि मेरे पास जवाब नहीं है पहली. बार और ना जवाब है ना मेरे पास अग्रेशन है. हां यह चीजें है नहीं हम तो देखिए हमारी. कोशिश क्या होती है कि जो आदमी कमेंट. सेक्शन में लिख रहा हो जैसे आपने कहा ना. इजराइल का जिक्र किया तो जो कमेंट सेक्शन.
में वो पहले हम पूछ ले ताकि वो वही खत्म. हो जाए कमेंट सेक्शन में लिखने वाले को. सोचना पड़े क्या लिख मनमोहन सिं का भी. बड़ा फैन रहा हूं क्या अच्छा लगा था मैं. अटल बिहारी वाजपेई का भी मनमोहन सिं वाश. जी का तो मैं भी बहुत बड़ा प्रश् सहा हूं. मनमोहन जी मनमोहन सिंह साइलेंटली काम करते. थे उस समय वो 10 साल का जो पीरियड था 2004. से 2014 के बीच में अगर मनमोहन सिंह के. जगह पे कोई दूसरा आदमी बैठ जाता रिसेशन का. दौर वो तो समझिए गड़बड़ हो जाता वो चुपचाप. अपने काम को कर द एक्सीडेंटल प्राइम. मिनिस्टर जो फिल्म आया है मैं देश के सभी. लोगों को बोलूंगा जो राजनीति करते हैं उन.
लोगों को बोलूंगा एक बार देखिए जरूर जब आप. देखिएगा तो मनमोहन सिंह जी के बारे में. जानिए वो साइलेंटली काम करने वाले कहा भी. था एक जगह पर कि भविष्य मेरे कामों का वो. सही फैसला करेगा हां तो भविष्य फैसला कर. ही रहा है यह बात है वो अच्छे. प्रधानमंत्री थे हां लेकिन उनसे अच्छे. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई थे हमारे. नरेंद्र मोदी अच्छे प्रधानमंत्री अच्छा आप. तो पत्रकार भी हैं यूटर पत्रकार आपकी भाषा. में कहे तो सनातनी यूटर पत्रकार आपको लगता. है मोदी जी को प्रेस कॉन्फ्रेंस करनी.
चाहिए बड़े आरोप लगते हैं उन पर कि प्रेस. कॉन्फ्रेंस नहीं करते वो एकदम बिल्कुल. करना चाहिए करना चाहिए क्यों नहीं किया. उन्होने क्या लगता है आपको आप तो समर्थक. उनको समझते हैं देश को बनाने में व्यस्त. है 12 13 साल 10 साल में एक बार भी नहीं. समय नहीं मिला होगा दिन रात काम करते हैं. लेकिन उन्हें करना चाहिए मैं क्या बोल रहा. हूं उन्हें प्रेस कॉन्फ्रेंस करना चाहिए. ओपन ओपन प्रेस कॉन्फ्रेंस करना इतने अच्छे. वक्ता भी लेकिन फुर्सत नहीं मिला होगा वो. कहते हैं लोग अक्षय कुमार को देते हैं वो. आम चूसने वाला इंटरव्यू आम चूसने वाला. इंटरव्यू अक्षय कुमार का सवाल था उन्होंने.
ये सवाल नहीं पूछ हां वही कह रहा हूं मैं. क्योंकि क्योंकि वो मीठे मीठे सवाल आते. हैं ना वहां पे जैसे जैसे मनीष आप जैसे वो. मनीष कश्यप को इंटरव्यू देंगे तो मनीष. कश्यप के सवाल तीखे होंगे मनीष कश्यप ने. कहा मैंने मोदी जी के खिलाफ मैंने बीजेपी. के खिलाफ भी 4000 वीडियो बनाए 4000 वीडियो. बना तो 4000 वीडियो में 40 सवाल तो कठिन. मोदी जी के लिए भी होंगे एकदम बिल्कुल हो. तो फिर आप जैसे लोग या मुझ जैसे लोग जो. ओपन है हां जैसे जो प्रेस कॉन्फ्रेंस. उन्हें करना चाहिए करना चाहिए करना चाहिए. बिल्कुल करना चाहिए बिल्कुल करना चाहिए. लेकिन फुर्सत नहीं मिला होगा ये 9 साल में. उन्होंने बहुत सारा काम किया अभी बोल के. अपना टिकट बचा ले रहे आप नहीं ऐसा कुछ.
नहीं पता लगे बाद में टिकट टिकट निकले तो. लोग य यही चला द यही वाला क्लिप नहीं नहीं. नहीं नहीं नहीं आप जो है नहीं क्लिप चलाने. के लिए तो वो 4000 वीडियो है वो चला सकते. हैं क्लिप वो तो सवाल पूछने के रहा ना. प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं वो तो बहुत सारा. वीडियो है मोरबी में पूल गिरा जाकेल सब. कहके भी आखिर में सहला दिया कि नहीं नहीं. लेकिन समय नहीं मिला था नहीं ये बात सही. है देखिए विदेश हो रहा है आप मुस्क हैं. देखिए पहली बार जो है मतलब कि मैं जीरो हो. गया. हूं समझे ना पहली बार मतलब कि मुझे समझ.
में नहीं आ रहा है कि मैं क्या. बोलूं क्योंकि आप बहुत टैलेंटेड है पानी. पिएंगे थोड़ा दोनों लो पी लेते हैं. थोड़ा-थोड़ा एक घंटा हो गया है अकेले. पिएंगे तो वो भी ट्रोल हो जाएंगे इसलिए हम. साथ में पी रहे हैं देखिए आप बहुत. टैलेंटेड है आपसे मैं एक विनती करना चाहता. हूं कि आप 30 दिन में जो है 25 दिन जो है. जहां से आप जिस प्रकार से स्टूडियो में या. जहां से भी रिपोर्टिंग करते हैं कि. जो भी करते हैं कीजिए लेकिन पाच दिन जो है. आप बिहार यूपी जैसे जगहों पर जाइए वहां के.
गांव में जाइए और वहां के लोगों के. समस्याओं को दिखाइए नहीं मैं आपसे य. गुजारिश करता हूं दो चीजें हैं कोई ऐसी. घटना होती है तो आपकी टीम के पास भी नंबर. हमारा है आप भी बाकी से हमें कांटेक्ट. कीजिए और दूसरा अगर कोई घटना आपको लगती है. कि ऐसी है जिसे और उठाना चाहिए तो मैं. पूरा सहयोग करूंगा मैं उस खबर को उस घटना. को अपने घर जाने के लिए आपको नहीं बोलूंगा. लेकिन मैं वो चंदन सिंह के घर जा ने के. लिए आपको जरूर बोलूंगा जो नवादा का लाल जो. शहीद हो गया है मैंने आज तक किसी सेना के. जवान के परिवार वालों का घर वैसा नहीं. देखा मैं अपनी जिंदगी में नहीं देखा शायद.
आप लोगों ने देखा होगा मैंने नहीं देखा एक. बार जाइए आप वहां मैं पूरी कोशिश करूंगा. कि मैं उस परिवार तक जाऊं जो मदद हो सके. वो भी करूं और वहां का दुख दर्द जो है वो. भी दिखा आप वहां प चले जाएंगे आपका पांव. वहां प पड़ जाएगा उससे बड़ा मदद कुछ होगा. ही नहीं आप सिर्फ वहां पर चले जाएंगे पैर. रख देंगे तो सबसे बड़ा मदद होगा मैं आपको. आमंत्रित कर रहा हूं मैं कोई राजनीतिक. मुद्दे में नहीं आमंत्रित कर रहा हूं मैं. इस देश के जवान के सम्मान के लिए आप अगर. चलेंगे जिस दिन चलेंगे जिस वक्त चलेंगे उस. वक्त मनीष का सेपा के साथ चलने हम आपसे.
कहते हैं इस मंच से कि हम भी वहां चलेंगे. और यथासंभव जो मदद होगी हमारी वो भी हम. वहां कर कर आएंगे चलिए अ इस प्रकार से जो. है हमें देश के जवानों के लिए जो है वो. काम करना होगा उनके सम्मान के लिए हमें. लड़ना होगा और साथ ही साथ मैं आप लोगों से. विनती करना चाहता हूं कि कभी भी देश के. जवान की गाड़ी जो है सड़कों से जाती हुई. आप लोगों को दिख जाए तो आप कुछ कर सकते. हैं या नहीं कर सकते हैं एक बार जय हिंद. उन्हें जरूर कर कह सकते हैं जाहिर सी बात. है वोह तो अपने आप हाथ उठ जाता है फौजी को. देखकर हम सबकी भावना ऐसी रही है देश इस.
देश की भावना रही है कि जहां पर सरहद का. जवान नजर आता है हम लोग छोटे-छोटे थे. ट्रेन गुजरती थी मुझे अभी भी याद है तो हम. लोग ट्रेन से फौजियों को सैल्यूट किया. करते थे तो वो तो हम सबके परिवार में रहा. हम लोग के परिवार में रहे मेरी माता जी के. जो पिताजी हैं वो फौज से रिटायर्ड हैं. मेरे मौसा जी फौज में आपके पिताजी फौज में. हैं तो हमारे यहां तो हर घर में परिवार. में फौजी होता है और उस वजह से हम उसको. समझते भी हैं लेकिन हम चाहते हैं थोड़ा. परिवार के बारे में बताए पिताजी आपके फौजी. हैं हां आप अक्सर बयानों कहते हैं बाप. मेरा फौजी है मैं फौजी का बेटा हू तो यह.
राजनीतिक बयान होता है या अंदर का इमोशन. आता है इमोशन है मेरे दादाजी भी आर्मी में. हम लोगों के पास जमीन नहीं था कुछ जमीन. नहीं था चीन के युद्ध में मेरे दादा जीी. को चार बिगा जमीन मिला उसके बाद से मेरे. दादा जीी जो है वही आर्मी में कुछ जमीन और. मीन खरीद के जो है चूंकि नदी के किनारे. मेरा गांव है और बहुत सारा जमीन जो है नदी. में चला गया हम लोगों का तो तो दादाजी भी. आर्मी में पिता भी आर्मी में मैं भी आर्मी. में जाना चाहता था लेकिन कुछ कारण से मैं. आर्मी में नहीं जा पाया कुछ कारण से तो वो.
इमोशन है अंदर का इमोशन है मेरे दादाजी ने. देश की सेवा की पिताजी ने देश की सेवा की. मैं भी सोचता हूं कि मैं जहां रहूं वहां. से सेवा करूं तो वो इमोशन है उसके अलावा. कुछ नहीं है इमोशन उसको लेकर है लेकिन जब. आप ये कहते हैं कि मैं फौजी के बेटा हूं. तेजस्वी को टारगेट करते हैं इस वाले बयान. पे ये. बयान बया क्योंकि यही बयान थंबनेल था. जितने भी चैनलों ने चलाया ये थंबनेल था और. हमने भी वीडियो बनाया था तकरीबन 10 12. मिलियन तो उसमें गया था 2550 हज लोगों ने. शेयर किया था तो ये जो मैं फौजी का बेटा.
या फर्नांडीस जी की तस्वीर आई थी इमरजेंसी. में तो मनीष कश्यप वैसे हाथ उठाते हैं तो. मैंने कोई फोटो शूट थोड़ी कराया था वहां. पर पुलिस वाले चारों तरफ से मुझे घेरे हुए. मेरा हाथ उठा फर्नांडीस जी जैसा हो गया. मेरा हाथ फोटो आ गया वैसा तस्वीर तो फनास. जी तस्वीर याद है आपको इमरजेंसी वाली जो. वो मैंने आपका वीडियो देखने के बाद मुझे. पता चला उसके पहले मुझे पता नहीं था मैं. जेल से निकला तो उसके बाद से जो. हैने आपने सात आठ वीडियो बनाया था मेरे. दोस्तों ने आपका लिंक भेजा मैंने देखा.
मुझे अच्छा लगा आपने एनालिसिस अच्छा किया. था हां हालांकि कुछ कड़वे कड़वे बात उस. वीडियो में बात भी की थी तो स बागों में. बाहर होगा तो कैसे चलेगा हां ठीक है जो आप. जो है आज मुझे जीरो कर दिए मतलब कि अब. मेरे अंदर ताकत नहीं है मेरे अंदर हिम्मत. नहीं है कि मैं अब क्या बोलूं और मैं दावे. के साथ कहता हूं आदमी सिता के जगत में आप. भविष्य में उगते हुए सितारा हैं मैंने. किसी को नहीं बोला मैं बहुत सारे इंटरव्यू. में बैठा हूं आप जाके देख सकते हैं. बड़े-बड़े चैनलों में बैठा हूं इंटरव्यू.
में बैठा हूं मैं आपको बोल रहा हूं सच में. और आपके जैसे लोगों की जरूरत है मतलब कि. कैमरा चालू होने से पहले ठीक है मनीष जी. बहुत ठीक है कैमरा चालू होने के बाद कड़वे. सवाल तीखे सवाल उल्टे सवाल यहां तक कि. आपकी माता जी भी मुझे प्यार देती है वो भी. मानती है मुझे उसके बावजूद माता जी सामने. बैठी हुई है और आप मुझे बकस का नाम नहीं. ले रहे हैं एकदम शॉर्ट पे शॉर्ट शॉर्ट पे. शॉर्ट मारे जा रहे हैं देखिए ये कुर्सी जो. है ना ये वाली इधर वाली जो है ये बड़ी. जिम्मेदारी वाली कुर्सी होती है और मेरा. हमेशा से मानना राय कि मेरे जितने भी.
वीडियोस होते हैं वो लोगों के लिए होते. हैं वो लोग भी जो आपको पसंद करते हैं और. वो लोग भी जो आपको नापसंद करते हैं जो. सवाल जब आप इधर बैठते हैं तो सवाल वो. पूछिए अ जो लोगों के मन में है जो सवाल. कमेंट सेक्शन में जाएं मेरा काम आपकी इमेज. को चमकाना नहीं है मेरा काम मनीष कश्यप को. दिखाना है मनीष कश्यप कौन है क्या. व्यक्तित्व है और और लोग तय करें कि आपके. जवाब से वो आपको पसंद करते हैं या नापसंद. करते हैं और मुझे लगता है कि आपने भी बड़ी. बेबाकी से हर सवाल का जवाब दिया मैंने. थोड़ा गुण लेके आय इनको खिलाया.
जाए बीटेक क्यों किया आपने सिविल. इंजीनियरिंग में बहुत इंटरेस्ट था मुझे. शुरू से ही नाइंथ क्लास में था तो तब से. ही मैंने सोचा था कि नहीं मुझे जो है. कंस्ट्रक्शन फील्ड में जाना है जहां पर जो. है देश का इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत किया. जाता हो उस फील्ड में जाना है तो 10थ किया. 10थ के बाद 12 किया और उसके बाद से जो है. सिविल इंजीनियरिंग मैंने किया पुणे से. पुणे से रासो कॉलेज से हां हां तो वहां से. और बड़ी मुश्किल से मैंने इंजीनियरिंग. किया है बड़ी मुश्किल बड़ी सब्जेक्ट में.
क्रॉस लगा है मेरा बैक आई बहुत ज्यादा. बहुत ज्यादा m1 ए2 ए3 तो इतना हार्ड था कि. एक बार में कोई किसी सब्जेक्ट में मैंने. पास ही मैं पास ही नहीं हुआ लेकिन हां. नॉलेज है प्रैक्टिकली नॉलेज है मैं मेरे. सलार सर थे उन्होंने चैलेंज किया था कि. मनीष तुम्हारा प्लेसमेंट नहीं होगा. क्योंकि मैं लड़ते रहता था वहां प भी. कॉलेज में भी. और सिविल डिपार्टमेंट में पूरे. डिपार्टमेंट में सबसे पहले मेरा प्लेसमेंट. हुआ था सबसे पहले कितने की नौकरी लगी थी. उस समय 25000 000 की नौकरी लगी थी कहां पे.
लगी थी नौकरी अ अब सब कुछ पूछिए अ कहां. किस शहर में लगी थी पुणे में ही लगी थी. अच्छा पुणे में ही हा तो फिर वहां से पटना. कैसे लौटे वो कुछ कहानी चलती है हमने सोशल. मीडिया के जरिए आपको पढ़ा है तो उसमें. चलता है कुछ बुलेट लेट से जा रहे थे घर. फिर अस कुछ वहीं से वीडियो नहीं नहीं नहीं. ऐसा कुछ नहीं व सारी कहानी झूठी है वहां. से मैं पटना एक कंपनी में आया यहां पे जॉब. किया बुलेट वहीं से ले सेकंड जॉब वहां से. यहां आई थी हां बुलेट वहीं से लेके आया. मैं चलाते हुए नहीं नहीं चलाते हुए नहीं. ट्रेन से भेजा था. बुलेट वहां पर एक बैटरी 18 दिन के अंदर.
अंदर खराब हो गया 18 दिन के अंदर खराब हो. गया और उसके बाद से मैं मुझे दौड़ा रहा है. वह एक दिन दो दिन तीन दिन एक महीना तक. कंटीन्यूअस दौड़ाया दौड़ाने के बाद जो है. उसका हस्र क्या किया मैंने मैंने वीडियो. बनाया और उसका आप सभी ने वो वीडियो देखा. हालांकि मैं उस चीज को नहीं सपोर्ट करता. हूं लेकिन कहीं नहीं तो कहीं एक महीना का. फेशन था एक महीना का मतलब की परेशानी था. जो वीडियो में आप सभी को देखने को मिला. लेकिन उसमें जो शब्दों का मैंने चयन किया.
था वह गलत था उसके लिए मैं माफी चाहता हूं. बदल गए हैं आप बदलना तो पड़ेगा साल बदल. गया समय भी बदल जाता है तो हम और आपको. लगता है ना कि वक्त के साथ अपडेट होना. अच्छी बात होती है हा वही तो सनातन है समय. के साथ हमेशा नूतन जो रहे वही तो सनातन है. सनातन धर्म को हम लोग पालन करने वाले लोग. हैं बीटेक ने क्या सिखाया आप पीछे मुड़ के. जैसे कोई लोग पूछते होंगे ना कि चा साल. आपने जवाब दिया ना वीडियो के पहले आपने. जवाब दिया आपका प अग अगर आपको कुछ समझ में.
नहीं आए तो आप इंजीनियरिंग कर लीजिए. जिंदगी में आप कभी फ्लॉप नहीं होंगे कभी. भी फ्लॉप नहीं होंगे क्लेरिटी ऑफ थॉट्स. वही इंजीनियरिंग मैंने कर लिया तो. इंजीनियरिंग से फिर मीडिया में कैसे ल. कैसे फिर क्या हुआ कहानी आपने वहां से. पहुंच गए पटना जॉब चल रही थी डीटीओ में. बहुत करप्शन है बिहार में बिना पैसा लिए. लाइसेंस बनाता ही नहीं है सब और अगर आपका. लाइसेंस भी खो गया उसके लिए भी पैसा लेता. है वागोली जहां पर मैं रहता था वहां पर. मेरा लाइसेंस खो गया था मैं यहां पर आया. बनवाने के लिए मेरा लाइसेंस जो है नहीं.
बनाया लोग इन लोगों ने 000 00 उस समय. मांगा था मैंने वीडियो बनाया वो वीडियो. मेरा चल गया उस समय से मैंने सोचा कि. वीडियो बनाते र मोनेटाइज हुआ था तो नहीं. था नहीं उस समय नहीं हुआ था मोनेटाइज तो. 2021 के बाद हुआ 21 या 22 के समय में हुआ. मोनेटाइज उस समय बनाया वीडियो वीडियो चल. गया उसके बाद से अनेकों मुद्दों पर मैंने. अपनी बातों को रखा वो वीडियो चलते गया. चलते गया चलते गया उसके बाद से ये दर मतलब. मजा आ रहा था जब लोग तारीफ कर रहे थे लिख. रहे थे कमेंट सेक्शन में लोग विरोध भी कर. रहे थे उस समय बहुत बड़े लेवल पर विरोध हो.
रहा था लेकिन अब जो है मैं दावे के साथ. कहता हूं कि 90 पर लोग समर्थन करते हैं और. 10 पर विरोधी को जिंदगी में जिंदा रखना. पड़ता है अगर वो जिंदा नहीं रहेंगे तो. विरोधी खत्म तो समझिए आपकी तरक्की खत्म हो. जाएगी देखिए आपकी बात से आपके सवाल का. जवाब मिल गया आपने कहा था ना तीखे सवाल. क्यों एक किसी ने हमसे कहा था कि जब तक. सामने अमरीश पुरी नहीं होगा तब तक कोई. अमिताभ बच्चन नहीं बन हम अगर मीठा मठा. सवाल करेंगे तो आम चूसने वाला ट्रोल होंगे. आप तीखा सवाल करेंगे तो लोग आपका इंटरव्यू. बैठ के देखेंगे तो हमारे मन में फिर यही. सवाल है कि आपने व्यक्तिगत लड़ाई से.
पत्रकारिता की शुरुआत की नहीं गलत सिस्टम. के लड़ाई से पत्रकारिता जिसका पहला शिकार. आप हुए आप आप हुए उसके बाद आपको लगा कि ये. आपकी समस्या जो है ये कई और लोग की समस्या. होगी तो अभी आपकी टीम में कितने लोग हैं. अभी जेल जाने से पहले मेरे टीम में जो है. वही 10 12 लोग थे जेल से आने के बाद जो है. वही छ सात लोग बचे हैं और लोगों ने अप्रोच. नहीं किया आप कह रहे पूरा बिहार आपके साथ. है 90 पर लोग नहीं जो मतलब कि मेरे चैनल. की बात मैं करर रहा हूं बाकी तो ऐसे तो.
मैं बिहार के किसी भी कोने में जाता हूं. लोग प्यार देते हैं लोग मिलते हैं लोग. चाहते हैं कि हमारी समस्याओं को दिखाए. मनिष कश्यप लेकिन बिहार में इतनी सारी. समस्या है कि मैं 365 दिन हर दिन 365. वीडियो बनाऊ तो भी समस्याओं का समाधान. नहीं होगा तो यहां से वही मैं जानना चाह. रहा हूं कि जेल से आप निकल आए एक कानूनी. लड़ाई है जो चलती रहेगी लीगल टीम अब आ. जाएगी धीरे ीरे धीरे वकील वकील और आपके. जुड़े होंगे अब यहां से कैसे क्योंकि आपको. समर्थन तो मिल गया लेकिन मेरा यह मानना है. कि जितना बड़ा समर्थन मिला उतनी बड़ी. जिम्मेदारी आई उतनी अपेक्षाएं आई और जो.
मीडिया या जो लोग चढ़ाते हैं ये मेरा भी. अनुभव है कि उतनी जल् उनकी उम्मीदें बढ़ती. हैं एक गलती गिराती भी है तो क्या. सावधानियां मनीष कश्यप बरतने वाले एक भाषा. हम समझ गए कि अब हर घर तक पहुंचना है. डिसेंट लोगों में पहुंचना है खाली ठेट. नहीं रहना है थोड़ा बेहतर होना उसके अलावा. क्या आपका प्लान है यहां से यहां से क्या. करो आप अ पहले तो भाषा पे ध्यान देना है. वहां पर सुधार करना है दूसरा हमसे आधा. घंटा बात कर लिया. कीजिएगा आपकी हिंदी अच्छी करवा देंगे नहीं.
मैं वो वो जो है वो ठीक है अच्छा ठ वो जो. देसी वो जो ठेट पना वो कम करना वो वो टोन. मेरा रहना चाहिए हां उसमें मैं कहीं नेचर. और सिग्नेचर में कहीं बदलाव नहीं करूंगा. बढ़िया वो चीजें मेरे अंदर रहना चाहिए. जैसे आपने ब्लेजर नहीं पहना हमने आपसे कहा. था ब्लेजर पहन लो अब पहनेंगे कभी आपकी. शादी होगी उस समय ब्लेजर पहन के आएंगे. अपनी वाले में पहनेंगे आपकी वाली में जरूर. पहनेंगे कौन सा रंग पसंद है देखेंगे उस.
समय बता. देंगे ठीक है हमारी शादी में आपको पहनाए. गे हां क्या इरादा और हां उसके अलावा जो. है हम लोग बिहार के लिए जितना कुछ कर सके. अपने देश के लिए ऐसा नहीं है कि सिर्फ. बिहार के लिए देश के लिए जितना कुछ कर सके. वो करने का प्रयास करें नहीं नहीं मेरा. बहुत पॉइंटेड आना चा क्योंकि हम समापन की. तरफ भी हैं अ आपकी इच्छा है हर इंसान का. तरीका जैसे आप ने मुझसे पूछा कि आप क्या. पॉलिटिक्स में आएंगे तो मैंने बड़ी बेबाकी. से कहा मैंने कहा मुझे अब ऐसा लगता है एक. जमाने में बड़ा शौक था कि मैं भी अपने शहर. का विधायक बनूं सांसद बनूं लेकिन अब मुझे. लगता है शायद सियासत मेरे बस की नहीं है.
मैं दूसरे तरीके से अपना योगदान दे सकता. हूं जो शायद ज्यादा इवॉल्वड होके दूंगा या. ज्यादा बेहतर तरीके से कर सकता हूं मनीष. कश्यप यहां से अपनी भूमिका कैसे निभाएंगे. जो उनके सपने कैसे पूरे करेंगे सियासत के. जरिए पत्रकारिता के जरिए माइक और मनीष. कश्यप की दूरी बढ़ेगी नहीं हां अभी तो. मैंने यही सोचा है माइक तो नेता के पास भी. होता है देखिए. आपके पास मतलब कि मैं स आपका सवाल मैं.
जवाब दे रहा हूं और मेरे जवाब में जवाब को. भी जो है आप जो है वो काट दे रहे हैं मतलब. कि अब मैं क्या जानना देखिए आप आप कना आप. आप उसको क्लेरिटी नहीं दे मैं कम से कम एक. हज के आसपास इंटरव्यू दिया हूं कभी किसी. इंटरव्यू में इतना नर्वस नहीं हुआ कभी. नहीं अब मेरे पास जवाब ही नहीं है ये चीज. नेता बनेंगे. नहीं जो कर रहा था वो करता रहूंगा ठीक है.
उसके साथ-साथ नेता बनेंगे मैं बोल रहा हूं. ना कि जो कर रहा था कर रहे हैं आप सच तक. चल रहा है मनीष कप हो जाएगा सोशल मीडिया. कर रहे हैं वो कुछ सवालों का जवाब अगली. बार जब हम लोग बैठेंगे आप आएंगे बिहार तब. हम दोनों लोग. बैठेंगे और कुछ सवालों का जवाब मैं उस समय. दूंगा और कुछ सवाल मैं अब अब तैयार करूंगा. मैं आपके लिए और उस समय मैं आपसे पूछूंगा. आ र है ना 100% 100% है तो वहीं पर.
मिलेंगे और वहीं पर आपसे सवाल करूंगा. क्लोजिंग से पहले कोई ऐसा लमहा न महीने. में जहां पर आपको लगा कि आप टूट सकते हैं. य पर देखिए जिस दिन मेरे ऊपर एनएसए लगा 4. तारीख को रात के 1154 प मेरे ऊपर एनएसए. लगा रात को 1154 प 4 तारीख को शाम को 7. बजे जज ने बोला जो मधुरई सिविल कोर्ट की. जज थी उन्होंने बोला सेंड हिम बैक टू पटना. उनका ये शब्द था बाकी वो लोग तमिल में. अपना बात करते हैं कि इमीडिएट सेंड हिम.
बैक टू पटना मतलब कि 5:00 अगर हो जाता. 12:00 बजे के बाद हो जा हम पटना आने की. मेरी तैयारी हो जाती और प्रोसेस हो जाता 4. तारीख को मुझे तमिलनाडु में रोकने के लिए. 1154 पर मेरे ऊपर एनएसए लगा दिया गया 1154. प मेरे ऊपर एनएसए लगा है उस उस समय जब. अगले दिन आप बिहार ना लौट स हां उसके अगले. दिन जब मेरे पास एनएसए का जो कागज आया उस. समय मैं टूट गया था उसके बाद से मेरा भाई. मेरा दोस्त ने समझाया कि अरे इसको सुप्रीम.
कोर्ट में हम देख लेंगे ये 20 दिन में. क्वेस हो जाएगा ये खारिज हो. जाएगा फिर मैं इस उम्मीद में था कि आज. खारिज होगा कल खारिज होगा फिर 8 मई को जब. सुप्रीम कोर्ट में हर हफ्ते बहस होता था 8. मई को सुप्रीम कोर्ट ने बोला कि मनीष. कश्यप को हम कोई राहत नहीं देंगे हम ये. हाई कोर्ट जाए पहले हाई कोर्ट जाए हाई. कोर्ट में क्या होता है उसके बाद. आए तो 8 मई को मैं रात भर रोया रात भर.
क्योंकि मुझे लगा कि अब मेरी जिंदगी यहां. से खत्म हो जाती है लेकिन उसके बाद से. मेरा भाई मेरी मां मुझे संभाल लिया दोनों. आप तो तमिलनाडु में बात होती थी फोन पे. हां फोन प बातचीत होती थी जेल के अंदर से. फोन पे बातचीत होती थी मतलब जेल के अंदर. मतलब जेल की प्रक्रिया के तहत या जुगाड़. जुगाड़ वा नहीं नहीं नहीं जेल के वहां पे. हां प्रक्रिया के तहत वहां पे सब कुछ. लि 9 मिनट अलाउड था शुरू में बाद में 12. मिनट हो गया जब मैं गया था तो हफ्ते में.
एक बार अलाउड था बाद में जो है वो दो बार. अलाउड हो गया वीडियो कॉल भी जेल के. प्रोसेस के हिसाब से जो है 15 मिनट का. वीडियो कॉल था वो हफ्ते में एक बार जो है. वीडियो कॉल पे बातचीत होती थी ठीक है हम. तो आपको ये पता लगा एनएसए हो गया तो क्या. बोलते थे घर वाले उस टाइम क्या बात चती थी. क्योंकि उस वक्त एक्चुअली भी कई लोग को. लगा था शायद मनीष कश बहुत लंबा गए नहीं उस. समय मेरे घर वाले को भी लगता था कि कम से. कम दो-तीन साल कम से कम करियर खत्म अब हां. करियर खत्म मनीष कश्यप खत्म अब यहां से. मनीष कश्यप जीरो हो जाएंगे लेकिन मेरी मां. एक ही बात बोलती थी कि अरे कोई चिंता करने.
की जरूरत नहीं है दो महीना में तुम निकल. जाओगे दो महीना में निकल जाओगे दो महीना. में निकल जाओगे भाई से बात करता था तो भाई. बोलता था एक महीना में आप आ रहे हैं बाहर. आ रहे हैं हम लोग कोशिश कर रहे हैं ना हाई. कोर्ट में क्वेस हो जाएगा हाई कोर्ट में. खारिज हो जाएगा हाई कोर्ट में खारिज हो. जाएगा हाई कोर्ट में खारिज हो जाएगा तो उन. लोगों ने ताकत दिया लेकिन अंदर एक डर था. कि इन लोगों ने मुझे पूरा बर्बाद करने का. प्लान कर लिया है अच्छा तमिलनाडु में जहां. पर आप थे क्योंकि तमिलनाडु को लेकर ही. आपने वीडियोस बनाए थे बिहारियों को लेकर. आपने बनाए थे तो वहां तो जो कैदी होंगे.
तमिलनाडु के होंगे तो वहां कोई. डिस्क्रिमिनेशन आपको नहीं नहीं किसी ने. नहीं किया क्योंकि मैंने तमिल के खिलाफ. तमिलनाडू के लोगों के खिलाफ मैंने कुछ. बोला नहीं था किसी वीडियो में नहीं बोला. था किसी वीडियो में नहीं बोला था मैं अपने. लोगों के हक के लिए आवाज उठाया था तो वहां. पे मेरे साथ किसी ने बदतमीजी नहीं की यहां. तक कि वहां के पुलिस वाले इतने डिसेंट. इतने अच्छे ढंग से मतलब कि अगर बात भी. करते थे तो बहुत अच्छे से बात करते थे तो. वहां पर कुछ गलत नहीं हुआ मेरे साथ ये तो. बड़ी अच्छी बात आपने बताई क् कई लोगों के. मन में धारणा शायद सवाल डर पैदा हो रहा हो.
वहां का जो पुलिस डिपार्टमेंट था वो मतलब. कि सच में अच्छा था अरे देखिए यहां पर. फोटो जो चल रहा है वो पुलिस वाले ही थे. उन्हीं के बीच में मैंने ये हाथ उठाया. तमिलनाडु के ही पुलिस वाले थे तो उन लोगों. को इन सब से कोई मतलब नहीं किसी ने बात. नहीं की वहां की पुलिस ने आपसे कभी कि. क्या तुमने ऐसा कर दिया कि तुमको लेक इतना. नहीं उन लोगों को सब पता था अच्छा अब मैं. किसका नाम रखूं किसी का का भी नाम रखूंगा. तो सस्पेंड हो जाएंगे बेचारे उन लोगों को. पता था कि सरकार ने अगर जेल में डाला है. तो अच्छा काम किया. होगा और पूरे देश को पता है कि अगर किसी. भी व्यक्ति को सरकार जेल में डाल दे समझिए.
वो अच्छा काम करके जा रहा है मैंने कोई. फिल्म देखी थी बहुत पहले उसमें था कि कोई. आदमी जेल जाता है तो वहां से बड़ा नेता बन. के निकलता है मैंने कुछ नेताओं से पूछा. बीजेपी वालों से ये मैं अपना अनुभव बता. रहा हूं मैंने कहा मनीष कश्यप तो आप लोग. के लिए काफी स्टैंड लिया या उस आइडल जीी. के लोग जो हैं जो मनीष को पसंद करते हैं. वो बीजेपी को पसंद करते हैं तो मैंने कहा. आप लोग छुड़वाते क्यों नहीं हो तो एक एक. नेता ने उससे ऑफ द रिकॉर्ड कहा कहा दो चार. महीना जेल में रहेगा फॉलोअर ही बढ़ेंगे और. नेता बन के निकलेगा लड़का आपको लगता है. कुछ फायदा नेता जी से हमें मुलाकात करा. दीजिएगा वहां पे एक दिन जो है ना एक साल.
के बराबर गुजरता था घुट-घुट के आदमी मरता. था और वो नेताजी सोच रहे थे कि दो-चार. महीना रहेगा तो और बड़ा आदमी बन के. निकलेगा अरे मैं जल्दी निकल जाता तो मेरे. लिए अच्छा होता आपके परिवार में संपर्क. नहीं किया बिहार में बीजेपी के नेताओं से. कि कुछ लोग सत्ता पक्ष के खिलाफ इतनी आवाज. उठाई आप लोग विपक्ष में हैं अगर आवाज. उठाएंगे शद आसान मेरे परिवार वालों ने. संपर्क किया मैं खुल के बोलूंगा हा तो कुछ. लोगों ने मदद किया और उन्हीं लोगों के मदद. आथिक मदद सामाजिक मदद केस में मदद देखिए.
पता है जब कोई संकट में हो ना और वहां पर. कोई यह बोल दे कि मैं हूं. ना तो आधा संकट वहीं पर खत्म हो जाता है. और बहुत सारे नेताओं ने बोला मेरे घर. वालों को मेरे भाई को कि मैं हूं मैं. मजबूती के साथ खड़ा हूं तो वहां पर लगता. था कि हां हमें ताकत मिला और मेरे भाई को. ताकत मिलता था सोनू सूद ने आपके लिए कि था. काफी देर बाद ट्वीट किया था काफी दबाव उन. पर भी था लोगों ने कहा यार मनीष ने बड़ा. आपका सपोर्ट किया बहुत बाद में एक ट्वीट. आया डिप्लोमेटिक ट्वीट था जिसमें बहुत. खुलकर तो नहीं था लेकिन ये था कि आपके लिए.
उन्होंने ट्वीट किया वो उन रेयर लोगों में. थे लिखा था कि मनीष कश्यप को जितना मैं. जानता हूं हां वो काफी विरोध लेकिन काफी. समय ल बिहार विरोधी नहीं हो सकता काफी समय. लग गया था तो आपको लगता है कि आपके लोगों. ने जिनके लिए आपने बहुत स्टैंड लिया. क्योंकि सोनू सूत को लेकर खास तौर पर लोग. कहते हैं कि आपने बड़ा स्टैंड लिया खूब. उन्हें दौरा करवाया काफी तस्वीरें आई और. काफी चर्चित आप हो गए थे कई लोग साथ. जिन्होंने साथ दिया उनको भी धन्यवाद. जिन्होंने साथ नहीं दिया उनको भी धन्यवाद. और जिन्होंने लेट से साथ दिया उनको भी. धन्यवाद उस समय सिचुएशन और माहौल मेरे.
खिलाफ ऐसा हो गया था कि किसी को भी डर. लगता था कि इसको इसको देशद्रोही बना दिया. गया मनीष कश्यप को ये देशद्रोही है ये देश. के खिलाफ काम किया है यूएपीए का तो हम. लोगों ने नाम सुना था एनएसए का हम लोगों. ने नाम भी नहीं सुना था इतना बड़ा एक्ट. इतना बड़ा धारा डिटेंशन डिटेंड कर दिया. गया था मुझे तो बहुत सारे लोग जो है बहुत. सारी जानकारी इकट्ठा करना चाह रहे थे कि. आखिर हुआ क्या था क्या नहीं क्या नहीं. उनको जब जानकारी मिला कि. नहीं फसाया गया है तो उन्होंने ट्वीट किया.
और जब ट्वीट किया तो कुछ लोगों ने ट्रोल. भी किया जब उन लोगों ने ट्रोल किया जरा. सोचिए उसके बावजूद भी उन्होंने ट्वीट. डिलीट नहीं किया जब एनएसए मेरे ऊपर से हट. गया तो कम से कम जो लोग सोनू सुत को बेवजह. ट्रोल किए थे कम से कम उनसे तो माफी मांग. सकते हैं सोशल मीडिया पे कि नहीं सोनू सुद. आपने सही आदमी का सपोर्ट किया था क्योंकि. कोर्ट को ने बोला कि एनएसए मेरे ऊपर बनता. ही नहीं और कोर्ट ने एनएसए में बेल नहीं. दिया एनएसए खारिज कर दिया यानी एनएसए खत्म. हो गया हां कुछ और लोग हैं जिनसे शिकवा.
शिकायत है बिहार में भी है और भी जगह पर. है जिन्ह स्टैंड लेना चाहिए था कल को अगर. वह फसगे तो उनके लिए कौन स्टैंड लेगा तो. उन्हें साथ देना चाहिए था मेरा लेकिन उन. लोगों ने साथ नहीं दिया हां लेकिन सड़क पर. रहने वाला हर एक गरीब मजदूर ने साथ दिया. एक और सवाल उस टाइम उठा था कि जुबैर और. तीसरा सीतलवाड़ के केस में जमानत मिली थी. तो कई सारे आपके समर्थक लिख रहे थे. हालांकि इस देश में सुप्रीम कोर्ट या. कोर्ट के मामलों पर टिप्पणी करना सही नहीं. होता है लेकिन आपके समर्थन में कई लोग लिख.
रहे थे कि दो तरह के कानून देश में है. मनीष कश्यप को लेकर उतनी शायद सहूलियत. नहीं दी गई जितना बाकी केसेस में दे दिया. गया देखिए बचपन में हम लोग भी कोर्ट के. निर्णय पर सवाल खड़ा कर देते थे पहले का. बहुत सारा वीडियो होगा मेरा मैं तो पहले. माफी चाहता हूं कि हमें नहीं करना चाहिए. कोर्ट के जजमेंट पर सवाल हमें नहीं करना. चाहिए कोर्ट के जज करते क्या है वहां पर. जो सबूत पेश किया जाता है उस आधार पर व. बेल देते हैं मेरे खिलाफ आपको पता है कि. कितने बड़े वकील जो है सुप्रीम कोर्ट में. लड़ रहे थे उन्होंने जो दलील दिया होगा उस.
हिसाब से सुप्रीम कोर्ट को लगा होगा मेरे. पास उतना पैसा नहीं था मैं उतना बड़ा वकील. नहीं रख पाया मेरे वकील जो है दलील नहीं. दे पाए होंगे उतने अच्छे ढंग से नहीं समझा. पाए होंगे कोर्ट नहीं समझ पाया कोर्ट ने. बोल दिया मद्रास हाई कोर्ट जाइए तो ये चीज. तो आज के समय में जो न्याय व्यवस्था जो हो. चुका है ना उसमें कोर्ट की गलती नहीं है. वो पैसे वाला हो चुका है पैसे वाले को मिल. जाता है क्यों न्याय मिल जाता है क्योंकि. पैसे वाले बढ़िया वकील बड़ा वकील रख लेते. हैं अगर मेरे पास भी बढ़िया और बड़ा वकील. रहता और मेरे बाबू जी के पास 50 करोड़. रुपया रहता तो आप बताइए कि मैं तो शायद आप.
तीन चार महीने बाद निकल एक महीना से. ज्यादा नहीं रहता अच्छा एक महीने में निकल. आते एक महीना से ज्यादा नहीं रहता अगर. मेरे पिताजी के पास 50 करोड़ रुप रहता मैं. किसी विधायक का या सांसद का बेटा होता तो. एक महीना से ज्यादा नहीं रहता तो इस चीज. पर भी हमें ध्यान देना होगा कि गरीबों को. अगर न्याय दिलाना है तो वहां तक अच्छे. वकील कैसे पहुंच पाए उन्हें कैसे मौका. दिया जाए अच्छे वकील उन्हें कैसे मिले. इसका व्यवस्था करना होगा मान लीजिए कि. कोर्ट जो. है कोई आदमी जो है जेल के अंदर चला जाता. है उसका कंट्रोवर्सी हो जाता है पूरे देश.
में तो कोर्ट को एक नियम लगाना चाहिए कि. वो आदमी सात दिन के बाद जो है हर सात दिन. प एक बार प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकता है. क्योंकि उसके खिलाफ बहुत सारी चीजें जो है. मीडिया में चल रही होती है तो उस चीज को. भी देख के जो है जज जो है जजमेंट कर देते. हैं अगर सोशल मीडिया का फर्क पड़ता है. जजमेंट में एकदम बिल्कुल पड़ता है एकदम. 100 100% पड़ता है 100% पड़ता है अगर सोशल. मीडिया पर हर जगह मुझे गलत लिखा जाएगा तो. उस समय जो है कोई भी जज देखेंगे तो वो. समझेंगे कि हां गलत है तो अगर कोई भी.
विवादित कंट्रोवर्सी वाला मैटर हो तो जो. आदमी जेल के अंदर गया उसे मौका देना चाहिए. 15 मिनट का मौका दीजिए सात दिन में एक बार. ताकि वह अपनी बातों को रख सके जैसे मीडिया. वालों ने मुझे प्रधानमंत्री बनाया मीडिया. वालों ने मुझे मेरी गिरफ्तारी दिखाई जबकि. मैंने सरेंडर किया था मीडिया वालों ने. दिखाया कि इसकी कंपनी घाटे में है जबकि. मैं भारत सरकार को टैक्स पे करता हूं दिखा. दिया कि मनीष कसे ने अपनी कंपनी को घाटे. में दिखाया सतक चैनल कितना पैसा देता है. टैक्स अ इस साल तो लगभग. ₹ लाख के आसपास मेरा कंपनी ने टैक्स दिया.
है और 5 लाख के आसपास मैंने टैक्स दिया है. और जो मेरे पार्टनर है डायरेक्टर है. उन्होंने भी 45 लाख के आसपास टैक्स दिया. या 25 30 करोड़ लाख लाख मैंने टैक्स दिया. एक करोड़ से ऊपर क करोड़ कमाई कड़ों में. है अब उनसे पूछ लूंगा मैं सीए साहब % तो. यही हो गया ना सी हां मतलब कि 30 लाख के. आसपास में मैंने टैक्स दिया फिर भी फिर भी. मीडिया में दिखा दिया गया कि मनीष क सेप. जो है अपनी कंपनी को घाटे में. दिखाए करोड़पति है नहीं मनीष कसे करोड़पति. कंपनी करोड़पति है कंपनी भी करोड़पति नहीं.
है कंपनी को जो पैसा आता है वो हम लोग. लोगों में 30 पर टैक्स दिया 30 लाख तो. इसका मतलब एक करोड़ से ऊपर कमाई हुई होगी. हां टर्न ओवर है हां टर्नओवर है हा हां. करोड़ों में टर्नओवर है हम लोग टैक्स भी. देते हैं और उसके बावजूद जो है मीडिया में. दिखा दिया कि कंपनी घाटे में है अब जरा. बताइए जब यह सारी चीजें जो है जजमेंट प तो. ऑटोमेटिक असर करेगा तो जुडिशियस में भी. बदलाव की बहुत जरूरी है और जब मैं जेल में. गया तो यह सब चीजें मुझे एहसास हुआ एक चीज. और जेल के कैदियों के लिए करना चाहिए अगर.
आप चाहते हैं कि अपराधिक घटनाए कम हो. तो सबसे पहले जेल में जो नॉर्मल केस में. जाते हैं यहां पे तो कन्फ रेट सिर्फ और. सिर्फ 2 पर है यानी 98 पर लोग बाइज्जत भरी. हो जाते हैं कोर्ट से यानी 98 पर लोग. बेवजह जेल में जो है सजा काटते हैं वो जो. दो महीना काटे तीन महीना काटे बेल से पहले. काटे मोबाइल अलाउ करना चाहिए जेल में सिम. दे जेल मोबाइल दे जेल और मोबाइल से अगर. कोई मैसेज करता है फोन करता है तो वह सारा. जेल ट्रैक करे और पांच नंबर अलाव करना. चाहिए ताकि अगर कोई जेल में गया है तो.
डिप्रेसिव वालों का हो सकता है और नहीं तो. वकील का हो सकता है छठे नंबर पर वो कॉल. नहीं कर सकते मान लो वहां बैठ के लोग. तो आप अब विदेशों में जैसे नीरव मोदी जिस. जेल में बंद है वहां पे मोबाइल और लैपटॉप. दोनों अलाव है दोनों अलाव है तो आप जो है. बंदी सुधार गृह खोले हैं वहां पे कैदी जो.
जा रहे हैं उनको सुधारने की जरूरत है जब. टीवी की बात हुई थी जब किरण बेदी ने अखबार. अखबार की बात की थी कि अखबार कैदियों को. दिया जाए टीवी का व्यवस्था रेडियो का. व्यवस्था किया जाए तो उस समय कुछ लोगों ने. विरोध किया था लेकिन उनके वजह से सुधार. हुआ जेल में सुधार हुआ जब टीवी आया तो. टीवी लगा जब पंखा आया तो बहुत सारे लोगों. ने विरोध किया कि पंखा लगा देंगे तो कैदी. जो है आत्महत्या कर लेंगे लेकिन पंखा लगा. टीवी लगा मोबाइल अलाउ नहीं था लेकिन अब. सरकार ने हफ्ते में एक दिन मोबाइल अलाउ कर.
दिया कहीं-कहीं दो दिन भी मोबाइल अलाउ है. हफ्ते में अब एक स्मार्टफोन देने की जरूरत. है तो वो जेल कैसे रह जाएगा कैसे नहीं. रहेगा नीरो मोदी कैसे जेल मतलब जेल मतलब. ऐसा जेल होना चाहिए कि आदमी कोई गलती किया. वहां जाके इतना डर जाए कि दोबारा जीवन में. वैसा गुनाह ना करे 98 पर लोगों को सजा. नहीं मिल पाता बाइज्जत बरी हो जाते. जब तक जो है जजमेंट ना आए तब तक उनको उनकी. मौलिक सुविधाओं से दूर ना करें कोई. बिजनेसमैन है जजमेंट के पहले आप सोच सकते. हैं इस बारे में हा कोई बिजनेसमैन है सपोज. उसको साजिश करके फंसा दिया गया उसका.
बिजनेस पूरा हैपर हो जाता है उसको लैपटॉप. की जरूरत है उसको लैपटॉप दीजिए जब जजमेंट. आए जज साबित कर दे कि नहीं ये गलत है उसके. बाद से मत दीजिए लेकिन उसके पहले तो दे. सकते हैं और ऐसा नहीं है कि मैं ये बात. इलॉजिकल कर रहा हूं दुनिया के अनेकों देश. में ये चीजें इंप्लीमेंट हो चुका है हम. अभी पीछे हैं हमें भी इंप्लीमेंट करने की. जरूरत है हम उन्हें समाज से जब कनेक्ट. करेंगे जब जेल के कैदियों को समाज से. कनेक्ट करेंगे तो शायद वो कनेक्ट होंगे और. जेल में जाने के बाद वो साबित होने के. पहले तक पहले तक और उसके बाद क्या होता है.
कि आप यह सब चीजें नहीं देते हैं तो वो. लोग जेल में जो है अपना टाइम पास जो है. छोटे अपराध में जाते हैं बड़े अपराधियों. के साथ मिलकर जो है जेल से बाहर निकलते. हैं और बड़े अपराध की घटनाओं को अंजाम. देते हैं जब वो अपने परिवार से कनेक्टेड. रहेंगे परिवार से बातचीत करेंगे तो उन्हें. समय ही नहीं मिलेगा बड़े अपराधियों से. बातचीत करने का तो यह बहुत बड़ा बदलाव. होगा भारत में इससे अपराध अपराधिक घटनाओं. में लगाम लगेगा और जो आदतन अपराधी है वह. तो जेल में रहे कहीं भी रहे हैं वह लोग तो. फोन से बात कर ही लेते हैं फोन से रंगदारी.
मांग ही लेते हैं फोन से धमकी दे ही देते. हैं तो आप अगर चाहते हैं बदलाव करना तो यह. एक बार इस पे आप भी एनालिसिस कीजिए कि. कौन-कौन से देश में जो है मोबाइल अलाउ है. कैदियों को दिया जाता है लैपटॉप अलाउ है. और भारत में भी अलाउ होना चाहिए ठीक है अब. एक आखिरी सवाल थोड़ा सा हास्यास्पद भी है. लेकिन गंभीरता भी है हा तो नहीं आने वाला. है अब. मुझे बिना पूछे आ. गया जेल जाने से डर लगता है पहले लगता था. अब नहीं लगता है क्या ऐसा करें कि दोबारा.
ना जाना. पड़े अब सरकार से सवाल करना बंद कर देंगे. दोबारा नहीं जाएंगे सरकार का चमचा ही शुरू. कर देंगे दोबारा नहीं जाएंगे आपको लगता है. फिर उठाया जाएगा आपको देर सेब जल्दी हो. सकता है आपकी कोई तैयारी है मेरी तो बस. जाएंगे भाई वहां पर जो खाना मिलता है. खाएंगे. फिर कोर्ट में जाएंगे न्यायालय के शरण में. जाएंगे बेल कराएंगे फिर बाहर. आएंगे अभी कोई तैयारी है आपकी कोई आंदोलन. या कुछ बड़ा करने की अभी तो कोई तैयारी.
नहीं है यहां से घर जा क्या करेंगे फिर कल. परसों पहुंच गए घर अपने म माता जी के पास. कुछ दिन रहेंगे गांव में छोटे भाई हां. आपने तो मंगा घर पर व्यवस्था करवा ही ली. है एक जेठ हो गए अब आप चाय पानी बढ़िया. व्यवस्था होगी नहीं घर पर मैं जाता भी हूं. तो अपने घर पे ज्यादा नहीं रह पाता हूं. मेरे घर के बगल में ही मेरे गांव के बगल. में ही मामा का घर है वहां चला जाता हूं. कभी बहुत सारे दोस्त आ जाते हैं उनके यहां. चला जाता हूं तो फिर घर पर रहना ज्यादा.
नहीं होता है मेरा तो यहां से क्या होगा. क्या जिंदगी होगी मतलब वहां से जब वापस. लौटेंगे गांव पे तो कुछ दिन ब्रेक लेंगे. काम करेंगे आप नहीं ब्रेक तो नहीं लेना है. जवानी में अगर ब्रेक ले लेंगे तो बुढ़ापा. पूरा ब्रेक में ही कट जाएगा हम तो अभी तो. ब्रेक नहीं लेना है अभी काम करते रहना है. काम करते रहना हां लगातार काम करते रहना. क्या बदल गया आपकी लाइफ में क्योंकि अब तो. मुझे लगता है फैन फॉलोइंग बढ़ गई होगी बदल. गई होगी लोगों को बहुत ज्यादा उम्मीद हो. गया है फोटो खिंचवाते हैं लोग आके साथ में. बहुत ज्यादा खिंचवाते हैं इरिटेट नहीं.
होते अब वो लोग प्यार देते हैं तो प्यार. को इरिटेट मैं नहीं समझता लड़के आते हैं. लड़किया भी आती है लड़किया भी आती है कभी. कभी कोई अच्छी नहीं लगी अब उस निगाह से. मैंने देखा नहीं. कभी कभी कोई आता है राखी बांधता है कभी. कोई आता है तिलक लगाता है कभी कोई फूल. बरसाता है ऊपर से तो उस निगाह से देखने हम. आपकी बिया की बात करें आप राखी बंधवा रहे. हैं बैठ के अरे राखी बांधता है लोग सही. बात है राखी बांधता है मैं जेल में था तो. कम से कम 1000 राखी मेरे घर पर पहुंचा था.
कम से कम बोरा में भर के वो राखी रखा गया. बोरा में जरा. बताइए तो भाई मानता है. लोग चलिए हमारी तरफ से आपको शुभकामनाएं. बाकी बिहार आएंगे तो आपकी माता जी से. मिलेंगे कब आ रहे हैं जल्द आ र चलिए ठीक. है उम्मीद है कि एक हफ्ते के अंदर जो है. कोशिश करें जितनी जल्दी हो सकेगा कुछ. चीजें हमारे भी अपने कार्यक्रम देखेंगे. क्या-क्या यहां लाइनअप है और आपकी टीम से. चर्चा करके आपसे चर्चा करके जल्द मिलेंगे. लेकिन ये है आपसे बात करके अच्छा लगा.
कोशिश हमारी थी कि हर वो सवाल जो लोगों के. मन में हो पसंद नापसंद दोनों आपसे बात. करके अब मुझे डर लगने लगा. है इसलिए कि मतलब क्या पूछ देंगे पता ही. नहीं चलता है और उसके बाद से अगर जवाब दो. तो जवाब से संतुष्ट नहीं उसमें भी सवाल. ढूंढ के जो है वो बाउंसर मारते रहते हैं. आप वो जो क्रिकेट का वीडियो बनाते रहते. हैं तो वो आपको आदत हो गया है यहां पर भी. तो इस कुर्सी पर बैठने से पहले जो है आप. अपनी पूरी तैयारी के साथ आए और संजोग से. जो है मैं आज रात में आया हूं अगर सुबह.
में आया आया होता तो थोड़ा बहुत बाउंसर. झेल पाता जैसे टेस्ट मैच जब खेलते हैं तो. मॉर्निंग सेशन थोड़ा सा हार्ड होता है. लेकिन उसके बाद से थोड़ा इजी हो जाता है. लेकिन इवनिंग सेशन जो है वो बहुत हार्ड हो. जाता है बट दर्शको को हम भी बता द कि. हमारे भी क्यू कार्ड खाली. थे तो ऐसे ही हमने भी बिना तैयारी के से. शो किया है क्योंकि हमारी आपकी बातचीत आई. थिंक आधे घंटे में हो गई हम भी अपने घर. में रिलैक्स थे आप भी सीपी का आनंद ले रहे. थे चाट कुल्फी खा रहे होंगे और फिर हमारा. आपका संवाद रता तैयारियों प तो अलग मजा.
आता लेकिन कोई बात नहीं अच्छा लगा मुझे और. मुझे लगता है कि दर्शक जो है वो भी इसका. लुत्फ उठाएंगे क्योंकि आपने इमोशंस भी. दिखाए गुस्सा भी दिखाया सवाल भी उठाए दिल. की बात भी रखी तो अच्छा लगा आपसे बात करके. चलिए आपसे भी मिलके अच्छा लगा और बस एक. आखिरी सवाल मेरा है पहला और आखिरी सवाल. शादी कब कर रहे हैं आप साल दो साल के अंदर. अरे छोटा भाई है परेशान है वो बेचारा उसकी. परेशानी क्यों बढ़ा रहे देखिए आप आपसे. इंस्पिरेशन लेके हमने भी उनसे कह रखा कि. अगर लग रहा हो कि देर हो रही है तो मनीष. कश्यप ने जैसे निपटा लिया अपना.
वाला 2024 में आप शादी कर लेंगे यार हमको. अच्छी लड़की मिल गई हम कल कर लेंगे चलिए. ठीक है आप दर्शकों से मैं विनती करना. चाहता हूं कि यह दहेज देंगे लेंगे नहीं. अगर कोई अच्छी लड़की है हां और जाति का भी. बैरियर नहीं है नहीं है तो आप कमेंट कर. सकते हैं बायोडाटा जो है इनको मेल कर सकते. हां और बाकी आप हां ये वाली क्लिप आप भी. सच तक पे लगा लेंगे हम कॉपीराइट नहीं. मारेंगे चलिए ठीक है मुझे उम्मीद है कि. कॉपीराइट कभी नहीं आएगा बहुत अच्छा लगा. मनीष शुक्रिया आपसे बात करके और आशा करते.
हैं कि जो आपके सपने हैं बिहार के लोगों. को लेके जो पॉजिटिव सपने व पूरे हो और. आपको भविष्य के लिए शुभकामनाएं और आपके. परिवार की भी हिम्मत को मैं सलाम करता हूं. जिन्होंने बहुत धैर्य सुना आपकी माता जी. का मैं सुन रहा था बयान आप निकलने वाले थे. जब कि थोड़ा भी शोर कम कर दो पता लगे दो. चार दिन और डेली हो जाए लड़का निकलने वाला. है हमारा तो बड़ा रिलेट कर पा रहा था मैं. तो आपको शुभकामनाएं आशा करते हैं कि सब. कुशल मंगल हो और माता जी की बात आप माने. चलिए जय हिंद जय भारत नमस्कार.
