Khan Sir vs Raushan Sir: After 40 Days, Khan Sir Finally Breaks His Silence | Shubhankar Mishra.
क्या बुलाऊंगा मैं आपको? खान, सर, या. बाहुबली फैजल खान? फैजल खान, फैजल खान।. फैज़ल खान और फैजल खान का हाथ। फैजल खान. चर्चा में आए।. जिन बच्चों को हमने पढ़ाया है, हम आज भी. उनके लिए खान सर हैं और कल भी खान सर. रहेंगे। हमारे ससुराल वाले हमको फैजल खान. कहते हैं। जो हमें ससुराल पक्ष का समझता. है, जो जीजा मानता है वो फैजल खान कहते. हैं। आपको हमारा रोशन सर का इंटरव्यू कैसा. लगा? [नाक से की जाने वाली आवाज़]. अब तक के आपके टोटल पोस्ट कार्ड्स में. सबसे ज्यादा झूठ उसी में बोला गया था। और.
रोशन सर से एक बात पूछते हैं। उन्हें बुरा. नहीं लगे तो जिस समय उनको पॉडकास्ट में आए. थे ना उस समय उनको नेपाल जाना चाहिए था।. रोशन आनंद सर के पडकास्ट में जिस चीज ने. पूरे देश के दिल को झकझोरा था। वो चीज थी. जब उन्होंने कहा कि अगर खान सर ने झूठ. नहीं बोला होता है।. 810 राउंड तो हम देखे हैं यहां पे। एफआईआर. नहीं होता, एफआईआर नहीं होता तो मेरा भाई. नेपाल ही जाता, नेपाल ही जाता, तो मेरा. भाई जिंदा होता। सब कुछ छीन लिया गया खान.
सर के एक छोटू से। 2 जून को कि ये. स्टेटमेंट नहीं देते कि गोली चला है, तो. हमारा भाई पटना में ही रहता। क्या हम इतने. बेवकूफ हैं? जो नेशनल चैनल पे आके गोली. नहीं चली रहेगी? हम बोलेंगे चला है।. सिंपैथी होती है कोई चीज जब कोई जेल चला. जाता है या कोई दुर्भाग्यपूर्ण घटना हो. जाती है. तो आप भी केयर प्रिंस की मौत के लिए आप. जिम्मेदार नहीं है. आप बताइए कैसे जिम्मेदार हम इस घटना का. दोषी फैजल खान को मानते हैं सर.
क्या हम नेपाल भेजे थे क्या हम कहे थे कि. किडनैप करके लाओ हम बोले थे कि नेपाल की. शराब लाओ हम बोले थे कि पिस्तल कमर में. लेके घूमो हम बोले थे कि किसी से रंगदारी. मांगो क्या हमने इनके सर पे मारा था जो. सर ये बहुत सेंसिटिव विषय है क्योंकि. प्रिंस अब इस दुनिया में नहीं है अगर यह. फैक्ट गलत होगा।. देखिए, यह बात बोलना नहीं चाहिए। यह हम. कुछ एफआईआर ले आते हैं। प्रिंस के ऊपर दो. किडनैपिंग का, तीन-तीन आर्म्स एक्ट का. मृतक व्यक्ति के बारे में आप यह बातें. क्यों बता रहे हो? क्योंकि उनको पुलिस दूसरे केस में भी ढूंढ.
रही थी। यह वो एफआईआर है जिसकी वजह से देश. छोड़ के जाना पड़ा। और इतना ही नहीं एक और. केस होता है उसके बाद। और एक चीज वो बहुत. बड़ा गलत छुपाए हैं। खान सर पर देश कैसे. भरोसा करें जब उनके खानदान के लोग उन्हें. भरोसा नहीं करते। उनका चाचा उन्हें कह रहा. है कि गद्दार आदमी है, बेगैरत आदमी है।. अरे वो चट्टा हमारा चाचा नहीं है। एकदम एक. नंबर का फराडियर आदमी है। आप दावत ओझा से. उन्होंने कहा कि आपने ₹1 लाख करोड़ का. नुकसान कर लिया।. ₹1 लाख करोड़ से नीचे वो बतिए नहीं करते. हैं। बहुत राजा बनने का उनका क्वालिटी. बताते हैं हम। 2 जून की घटना के बारे में.
वो लोग ज्ञान दे रहे हैं जो वहां से कई. किलोमीटर दूर थे।. सर आपको 40 दिन बाद फुल जमानत क्यों मिली? आप तो एंटीसिपेटरी बिल में बाहर थे। 20. तारीख को हमारी जमानत मिल जाती। हमारी. कैसे लेट हो गई? हम बताते हैं।. आपके पास दो आधार कार्ड है। आप फैजल खान. के अलावा अमित सिंह भी हो।. जबकि हमको ऐसे लोग हमको अमित सिंह कह के. बुलाते हैं।. लेकिन दो आधार कार्ड है सर उसके. इस पे तो जाके केस कर दो। मेरा जमानत खत्म. हो जाएगा।. जब आपको पता चला कि रोशन सर जेल में गए।. आपने एफआईआर क्यों नहीं वापस ले ली? महा बेवकूफ जो कानून नहीं पढ़ा है वही बोल.
सकते हैं।. अंजना ओम कश्यप से ये कहना कि जुबान खींच. लेंगे थूकेंगे। तलवा चाटती हो ये करती हो. वो करती हो। वो थोड़ा ज्यादा नहीं था।. बेटे का जिक्र करना यह खान सर का बिलो द. बेल्ट था।. ज्यादा था ही उसने भी उधर से बोला था 2. कौड़ी का। लेकिन उनका चैनल ने मेरा घर. दिखा दिया। मतलब आपकी प्राइवेसी प्राइवेसी. तो फिर सारे टीचर लोग आपके दुश्मन काहे बन. गए? सारे टीचर नहीं 10 15 गो हैं। ये बनना. चाहते थे मेरी तरह नहीं बन पाए तो उनका. खून है। और सबसे दुख जानते हैं क्या लगा? लोग प्रिंस के लाश के सामने बैठ के उसके.
गांव में ना। ई गिनवा रहे थे कि खान सर का. फीस महंगा है कि सस्ता है। अरे [हंसी]. हरामियों कोई लाश पड़ी है न्याय के लिए।. सालो तुम लोग टीचर हो। एक थ्योरी आई थी कि. आपको शायद ट्रैप करने के लिए पुलिस या. किसी ने तो खबर भिजवाया गया ना कि आपकी. मां जो है वो आखिरी सांस ले रही है। बात. कर लीजिए। आजाद भारत में पहली बार किसी. इंसान को गिरफ्तार करने के लिए इतना जी. जान लगाया गया था। चाहे मीडिया [संगीत]. हो, टीचर हो, प्रशासन हो। आप रक्षाबंधन. मनाते हैं, त्रिपुण लगाते हैं, लेकिन ईद.
नहीं मनाते उस तरह से और यह सब मार्केटिंग. पीआर का हिस्सा होता है। मेरे जीवन में बस. एक ही कमी है कि मेरी बहन नहीं है। तो हम. शुरू जब किए थे तो पांच ही राखी होती थी।. हजार राखियां एक दिन में हुई है।. एक सवाल आया खान सर गरीबी बेचते हैं।. तो अमीरी बेचे। ये चोटा वो कह रहा है जो. 4,000 में पीडिया बेचता है। लोग कहते हैं. कि आस्तीन में सांप पाल रहे थे। हम आस्तीन. में सूअर पाले थे।. आप दिखाते हैं कि आप प्रोग्रेसिव इंसान. है। लेकिन आप पिछड़ी सोच के आदमी हैं। और. इस बार भी उनके धर्म का बुर्के का यह सारी. चीज आया। हमको यह नहीं समझ में आता हमरी. मेहरारू को देखने को एकनी को कौन सी चूल.
मचल लाता है। [हंसी]. पाकिस्तान भागने का इरादा तो नहीं था. आपका? हिंदुस्तान से दो आदमी पाकिस्तान जाएगा तो. सबसे ज्यादा दिक्कत होगा। एक हम एक योगी. आदित्यनाथ। आपको लगता है उससे हम लोग को. वापस आने देना।. अरे चल रहा था भाई आप पाकिस्तान का सिंगर. बुला के अपने आप शादी में गवा रहे थे। हम. तो हमको तो डर इस बात का है कि कहीं सबरी. बर्दर केस मत कर देना। तो यूं हमरा पे थोप. देंगे कि ये कराया होगा।. पूरा झा कितना रुपए दिए थे आप? हम तो यही. वाला वीडियो पहली बार देखे हैं। एकदम. कंचना का रोल बढ़ा के बढ़िया किए।. तो आप अंचना जी के नहीं लेकिन कंचना जी के. फैन हो गए।. हां कंचना जी।.
अरे महाराज. तेज प्रताप यादव कहे कि हम खान सर का. समर्थन नहीं करते। इनको जेल में. भरोसा है कि ये हत्या करवाया है और इसको. जेल जाना चाहिए।. जुगनुओं ने पी रखी थी शराब। भर-भर के सूरज. को गालियां दी कि तुम क्या ही चमकते हो।. हमको देखो हम क्या चमकते हैं।. रोशन सर ने कहा कि हम भी सस्ता पढ़ाते. हैं।. ₹200 का सवाल है सर। हम भी ₹100 हम सर. पढ़ाते हैं। अभिनय मैथ सर ने भी यही जिक्र. किया। यही बात अवध ओझा भी कह रहे थे। यह. लोग 50 करोड़ जॉइनिंग लेते थे। यह सब लोग. अपना पेनड्राइव और रिकॉर्डेड कोर्स हजारों.
में बेचते थे लॉकडाउन से पहले।. खान सर फर्जी रेवेन्यू ऑफिसर, फर्जी इनकम. टैक्स ऑफिसर, फर्जी एयरफोर्स विंग कमांडर, नीरज को वो राफेल उड़वा देते हैं। जबकि. उसका नाम मेरिट में नहीं है। अब लोग मजाक. उड़ा रहे हैं कि नीरज राफेल उड़ा रहा है, उसको कोई उड़ा रहा। जिस नीरज नाम के लड़के. का. और यह जो रेवेन्यू ऑफिसर था, इनकम टैक्स. ऑफिसर था, इस पे हमने केस किया है। यह एक. नंबर का धूर्त और कमीना आदमी है यह।. एक टीचर है जिनके लिए आपने मुखिया चुनाव. का प्रचार तक किया था। उन्होंने YouTube. पर वीडियो बनाकर सबसे ज्यादा आपको एक्सपोज. किया।.
वो 12वीं पढ़ा ऑर्केस्ट्रा में लौंडा नाच. करने वाले को हम मुखिया बना दिए। वो तो. फर्जी रिजल्ट था। कुछ कुत्ते अपने होते. हैं और कुछ अपने लोग ही कुत्ते होते हैं।. 69वीं बीपीएससी में 400 सिलेक्शन का दावा. किया गया था। अब बच्चा लोग पूछ रहा है कि. 70वीं बीपीएससी में आपके क्लासरूम कोर्स. से कितने बच्चे निकले? और ये 69वीं. बीपीपीएससी वाला 400 सिलेक्शन लोग कह रहे. हैं खाली 10 लड़का सिलेक्ट हुआ आपका बाकी. सब नहीं हुआ है। 20,000 टोटल बच्चे हैं।. आपने 12,000 दावा कर दिया। रोशन सर ने. 10,000 दावा कर दिया। कुल लड़का पास हुआ.
19,838। उन्होंने जहां कहा कि 10,000. रिजल्ट। उस बिल्डिंग की कैपेसिटी 3000 है।. कपिल शर्मा केबीसी हर जगह बताया कि मेरी. कोचिंग में बम फेंका गया।. बम बम मार दिया था सर।. और एक दिन हो गया बम चला दिया गया।. अब लड़का लोग कहता है कि बम कांड में आपने. एफआईआर करवाई नहीं।. देंगे जो बोला है कि एफआईआर नहीं करे।. क्या उन्होंने कोई केस दर्ज करवाया है? उसको लेकर के उन्होंने कोई केस दर्ज नहीं. करवाया है। तुम जाकर थाना में पता किया है. कि एफआईआर नहीं है।. खान सर के कोचिंग में और खान सर के. अस्पताल में खाली कैश पेमेंट चलता है.
जिसके जरिए वो नंबर दो काम करते हैं।. चींटियां तादाद में कितनी भी क्यों ना हो. गन्ना घसीट के नहीं ले जा सकते और हम कह. देना चाहते हैं हम रातोंरात कुकुरमुत्ता. की तरह नहीं निकले हैं जमीन से कि मसल दिए. जाएंगे।. वीडियो देख के टीचर ने बनाया था। खान सर. पढ़ाते थोड़ी हैं। खाली हवाबाजी करते हैं।. आप पढ़ाते हो अभी भी।. क्या बात करते हो? हम पूछ रहे हैं भाई।. हम क्लास में कोई नाचता है। मुरजरा करता. है क्लास में। एक आरोप जो सब ने लगाया कि. बहुत सारे टीचर्स को विवेक बिंद्रा के. जरिए खान सर ने खरीदने की कोशिश की जिसमें. दो टीचर राकेश यादव सर और अभिनय सर ने. खुलेआम कहा कि विवाद के दौरान कॉल आया और.
पीआर तंत्र फैलाने की कोशिश की।. विवेक बिंद्रा जी ने दो चार पांच टीचर्स. को बुलाया और वहां पे ये प्लान किया कि. खान साहब को सपोर्ट करना है।. सारे यूट्यूबर और टीचर आ रहे हैं और हमें. वहां खान सर की इमेज को बचाने के लिए. प्रयास करना है।. ई ससुरे गए कहां है? सब ई ससुर इतने. ईमानदार थे सब तो फोन पे मना कर देते सब. सर। बट यह तो आपके भी दोस्त रहे हैं। आपसे. बातचीत रही है। आपके भाई के फंक्शन सब लोग. रहे हैं।. सब लोग पत्नी को लेकर आते थे तो नागिन. डांस करते थे लोग सब लोग हमें। यह लोग. बेचारे रोशन के साथ भी नहीं है। सुनिए. बताना।. पहले खान सर मुसलमानों को टारगेट करते।.
रमेश ने जहाज उड़ाया मतलब उड़ाया। और. अब्दुल ने जहाज उड़ाया मतलब भड़काया।. रमेश ने प्लेन उड़ाया। अब्दुल ने उड़ाया, रमेश का उड़ गया। फिर धीरे-धीरे शिफ्ट हो. गया।. कुत्ता से मिलता है और लक्षण भी कुत्ता से. मिलता है। और इसमें कुत्ते की बेइज्जती. है।. पाकिस्तान का चेहरा कुत्ते जैसा है।. वो तो है ही है कुत्ते जैसा।. आप यूपी से हैं खुद को बिहारी क्यों लेते. हैं? जितने साले किसी काम के नहीं उनको लगता है. बिहार उनके बाप का है। कह रहा है कि तुमको. बिहार से जाएंगे। तुम्हारे बाप का है. बिहार तू निकाल के दिखा देगा हमको।. क्या पढ़ाई किए थे सर आप? ये दोबारा काहे.
पूछ रहे हैं पीजी किए हुए हैं। सोनू शर्मा. दो वाली क्लब देखी है आपने।. सोनू शर्मा का कौन देखता है? कंप्लीट बेल मिल चुकी है। कैसा लगता है. आजाद होके? इतना कानूनी लड़ाई लड़ लिए इस 40 दिन में. ना कि अब हम लॉ का बैच लाने जा रहे हैं।. हे आपदाना में अवसर खोज दिया। अगर मान लो. कोई समझदार इंसान आप में और रोशन आनंद सर. के बीच में मध्यस्था कराना चाहे।. उनका कहना है कि मध्यस्था से हमको क्या. है? हमको पब्लिसिटी मिल रही है।. आप करना चाहोगे? बिहार में कई सारे यूर्स ने आपके खिलाफ. मोर्चा खोल दिया था।. एक तो पत्रकार है जिसको वहां के लोगों ने. नाम दिया है सन ऑफ दोगला।.
वो वो कह रहा है कि हम ही वो पत्रकार हैं. जो खान सर का घर पता करके आए, गोत्र पता. करके आए, जात पता करके आए, धर्म पता करके. आए। अरे ससुरा तू नहीं। टीचर खोज रहा है. कि जीजा खोज रहा है रे। ये सब कौन पता. करता है? आप जानते थे कि इस केस में जब आप पहली बार. बोलेंगे तो पूरा देश सुनेगा। आपने हमारा. मंच क्यों चुना? आप क्रॉस क्वेश्चन पूछते हैं। चाहे सामने. वाला कुछ भी हो। समय जब मुंह फेर लेता है. तो कुत्ता भी शेर को घेर लेता है।.
मुझे लगता है खान सर खत्म हो गए।. मैं समंदर हूं। मेरे उतरते लहरों को. देखकर। मेरे किनारे पर अपना घर मत बना. लेना। मैं जब लौट के आऊंगा तो एक-ए इंच. जमीन का हिसाब लूंगा।. इज्जतें, शोहरतें, उल्फतें, चाहतें सब कुछ. इस जहां में रहता नहीं। आज जहां मैं हूं. वहां कल कोई और था। यह भी एक दौर है। वह.
भी एक दौर था। एक दौर था जब इस देश में एक. व्यक्ति. टीचरों में सारे देश का चहेता बना था। लोग. उसका नाम नहीं लेते थे। सिर्फ सर कहकर. बुलाते थे। लेकिन 40 दिन पहले एक कहानी. होती है और वो चेहरा प्राइम टाइम की सबसे. बड़ी सुर्खियां बन जाता है। बीते 40 दिनों. में देश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के. बाद अगर किसी को सबसे ज्यादा देखा है तो. उस व्यक्ति को देखा है। वो प्राइम टाइम.
जहां पर करोड़ों कैट्स चलते हैं। उस वक्त. सिर्फ एक आदमी था।. जिसे खान सर कहते थे उसे कोई फैजलवा कह. रहा था, कोई फैजल खान कह रहा था। और यह सब. कुछ इसलिए कहा जा रहा था क्योंकि 2 जून की. रात एक घटना होती है पटना में। गोली चलती. है। एक टीचर जेल जाते हैं। उनके भाई नेपाल. के होटल के कमरे में डेड मिलते हैं।. पोस्टमार्टम होता है। 20 मिनट में निपट. जाता है। कहानी क्या रही? अब तक किसी को.
पता नहीं। फिर एक मां आती है जो न्याय. मांगती है। दो गार्ड 40 दिन जेल में रहते. हैं। आरोप प्रत्यारोप का दौर चलता है और. अब उसे जमानत मिली है 40 दिन बाद। लेकिन. कहानी फिर वही बच्चों के भगवान से फैजल. खान।. क्या बुलाऊं मैं आपको सर आज? खान सर जो. पिछली बार आप मेरे पॉडकास्ट में थे या. बाहुबली फैजल खान? देखिए जब 15 आदमी आपको. बोलने लगते हैं ना आपके ऊपर एक साथ टूट.
पड़ते हैं तो यकीन मानिए उस 15 में से ना. 14 आदमी आप जैसा ही बनना चाहते थे लेकिन. वो मेहनत नहीं कर पाए और आप जैसा नहीं बन. पाए इसलिए उनके दिल का वो भड़ास है वो. कुंठा है वो निकालना चाहते हैं आप पे तो. उन पर ज्यादा ध्यान नहीं देना चाहिए रही. बात खान सर या फैजल खान तो देखिए जिन. बच्चों को हमने पढ़ाया है जो लोग हमें. हमें टीचर के तौर पर देखे हैं। हमें. पढ़ाते देखे हैं। हम आज भी उनके लिए खान.
सर हैं और कल भी खान सर रहेंगे। लेकिन जब. मेरी शादी हो गई ना तो शादी होने के बाद. मेरे जो ससुराल पक्ष के साला और सालियां. थे वो हमें खान सर नहीं कहते थे। क्योंकि. उनके हम जीजा लगते हैं। तो वो हमें सर. क्यों कहेंगे? तो हमारे ससुराल वाले हमको. फैजल खान कहते हैं। तो हम जीजा हैं। इतना. तो अधिकार दे ही सकते हैं उनको। तो ससुराल. पक्ष जो जो हमें ससुराल पक्ष का समझता है. जो जीजा मानता है वो फैजल खान कहते हैं।.
और जो हमें टीचर मानता है वो आज भी खान सर. कहता है। तकलीफ नहीं हुई आपको कि 40 दिन. में वक्त जज्बात हालात बदले और खान सर. फैजल खान बन गए। मुसलमान बन गए। पहचान बदल. गई।. दिन भर मोदी जी के बाद अगर कोई छाए रहे तो. आप छाए रहे प्राइम टाइम में चले मोदी जी. वाला फील आ रहा था एक के बार चारों ओर से. बोल रहा था सब जब तब लेकिन लोगों के पास. एक तरफ़ा बयान गया था एक तरफ़ा लोगों ने. सुना था और मीडिया का एक हुजूम जो था जो.
पहले से नाराज था वो एक तरफ़ा दिखा दिया. इस वजह से थोड़ा सा लोगों का लगा कुछ समय. के लिए कि यह कैसे हो गया यहां पर और यह. जो इंसान किसी से प्रेम कर रहा होता है. उसको जब देखता है कि यह ऐसे ऐसे कैसे हो. सकता है? तो कहीं ना कहीं उसे लगता है जब. उसे सच्चाई नहीं पता थी तब सच्चाई पता. चलने के बाद सब कुछ क्लियर हो जाएगा। इस. देश में बहुत सारे लोग हैं सर जो आपका. बड़ा सम्मान करते रहे हैं। मेरे जान पहचान. में मेरे आसपास. हर तरफ। लेकिन बीते 40 दिनों में इस देश.
में एक वो भी वर्ग है जिसने कहा कि खान सर. ने एक हंसते खेलते परिवार को बर्बाद कर. दिया। खान सर की वजह से एक इंसान के भाई. की मौत हो गई। खान सर की वजह से एक भाई. चीख-चीख कर टीवी अखबार में इंसाफ की गुहार. लगा रहा है। वो कह रहा है मैं बेबस हूं, कमजोर हूं। यह बाहुबली है। इनके पास पैसा. है। मेरी शिकायत नहीं लिखी जाती। मैं. कमजोर हूं। और वो आप पर आरोप लगा रहा है. कि अगर आपने अपनी ताकत का इस्तेमाल करके. एफआईआर ना करवाई होती तो उसका भाई जिंदा.
होता।. [नाक से की जाने वाली आवाज़]. देखिए जब आप किसी को एक तरफा सुनते हैं तो. आपको वही लगने लगता है और इस बीच उनके साथ. एक बड़ी दुखद घटना हुई जिसकी कोई भरपाई. नहीं कर सकता है।. [गहरी सांस लेने की आवाज़]. 40 दिन तक हमने कुछ नहीं बोला इसलिए कि आप. कुछ तो बता सको कुछ तो ठोस बताओ कुछ तो. प्रूफ तो दो कुछ भी करो। जब आप एक तरफा. सुनते हैं तो आपको बस एक ओर की चीजें. दिखाई देती हैं। आज लोगों को पूरी हकीकत. समझ में आ जाएगी तो उन्हें लगेगा कि कैसे. चीजें यू टर्न हो जाती हैं। तो एक तरफा.
जितने लोगों ने सुना है वो एक तरफा. नैरेटिव बना दिए हैं। और इसी बीच हुआ क्या. कि जो मीडिया को लेके हमारा जो कटाक्ष था. तो एक मीडिया का बड़ा धर्रा वह हर उस. चीजों को हर उस शब्दों को पकड़ा जिस तरह. से वह अपने हिसाब से घुमा सकता था जिसमें. मीडिया माहिर है किसी चीजों को करने के. लिए। एक नीट पेपर उस समय मामला चल रहा था. कि कैसे एक ऐसा नेशनल लेवल का मुद्दा आए. जिससे कि ये नीट रीट हो ये जो पेपर लीक.
वाला मैटर था इसको किस तरह से हम डायवर्ट. किया जा सके और कुछ-कुछ चीजों को किस तरह. से मैनपुलेट किया जा सके और इसमें 40 दिन. तक मीडिया ने बहुत काम किया औरकि 40 दिन. तक हम कानूनी लड़ाई में लड़ रहे थे तो हम. कुछ बोले नहीं तो लोगों को भी धीरे-धीरे. समझ में आ गया कि कुछ ना कुछ तो है जो एक. तरफ़ा दिख रहा है। अब लोगों को समझ में. आएगा इन 40 दिनों में खान सर टूटे. नहीं हम लोग जो न्याय की लड़ाई थी जो सबूत.
थे जो गवाह थे जो चीजें रियलिटी थी देखिए. शोर कर देने से सच नहीं बदल जाता है. [नाक से की जाने वाली आवाज़]. एक सिंपैथी होती है कोई चीज जब कोई जेल. चला जाता है या कोई एक दुर्भाग्यपूर्ण. घटना हो जाती है बट एक सच्चाई भी होती है. उसके पीछे आप कितना भी चाह लीजिएगा उस. सच्चाई को छुपाने के लिए कुछ देर तक के. लिए आप ढक सकते सत्य परेशान हो सकता है।. पराजित नहीं हो सकता है। एक टाइम पे आने. के बाद अब सब चीज सामने. क्या सत्य था दो तारीख का? दो तारीख 2 जून.
जिस दिन एक ऐसा विवाद होता है जो अगले एक. महीने तक टीवी अखबारों के सुर्खियों में. रहता है। 24 घंटे खान सर रोशन सर खान सर. रोशन सर चल रहे थे। इस देश का एक बहुत. बड़ा तबका है जो रोशन सर से सिंपथाइज करता. है। उनके आंसुओं को देख के। देखिए उनके. साथ जो ट्रेजडी हुई जो उनकी भाई की. डेथ हुई वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है और. उसकी पूरी संवेदना है। इस दुख की घड़ी में. उनका यह दुख कोई नहीं बांट सकता है। लेकिन. इससे इधर भी एक सच्चाई है जिसको देखना.
पड़ेगा लोगों को।. क्या सच है? वो तो कह रहे हैं कि उनके भाई. की जब मृत्यु हो गई हम. उसके बाद भी आपने जमानत का विरोध कर दिया. था। आपने वकीलों से सुनिश्चित किया कि वह. बेल पर ना निकल पाए और इस बात ने पूरे देश. को परेशान किया कि कोई इतना असंवेदनशील. कैसे हो सकता है कि यह जान रहा है कि किसी. की मृत्यु हो गई है। उसके बाद भी उसके भाई. को जमानत नहीं देने दी आपने।. ये सरासर झूठ बात है। देखिए उनका आरोप है. कि हमने वकीलों की फौज लगा दिया।.
हां।. मेरे वकील साहब थे अरविंद कुमार मऊवार जो. ऑन डॉक्यूमेंटेड है यहां चीजें। अब होता. क्या है कि भारत में जब जेसीबी की खुदाई. होती है तो 200 लोग आकर देखने लगते हैं।. तो क्या 200 लोग खुदाई कर रहे थे? नहीं।. तो जब कोई हाई प्रोफाइल मामला कोर्ट में. चल रहा होता है तो बहुत बार होता है कि. जूनियर वकील आ जाते हैं देखने। मीडिया. पर्संस आ जाते हैं। बहुत सारे लोग देखने आ. जाते हैं। क्या हो रहा है उस चीजों को? तो. सामने वाले को लग जाता है कि सारे वकील. मेरे हैं। यह गलत था। उनको जमानत मिल सके।.
इसके लिए हमने अपने वकील साहब से एकदम. स्पष्ट कहवा दिया था कि कोई भी विरोध नहीं. करना है। इनको जमानत मिलना चाहिए और जमानत. ही नहीं बल्कि सुबह-सुबह इनको जेल से निकल. जाना चाहिए। वरना इनके अभी गांव भी जाना. है यहां पर। तो वकील साहब ने बताया कि. इनके जमानत में एक अड़चन है। जैसे जिसको. जो गार्ड घायल हुआ था चुन चुन उसको जो. इंजरी हुई थी वो ग्रेवियस इंजरी थी। बहुत.
ज्यादा चोट लगा था। तो यह एक पॉइंट था. जिसमें कि उनको जमानत शायद ना मिल पाता।. एक चांसेस हो सकता है क्योंकि देना ना. देना जज साहब के हाथ में है। तो उन्होंने. हमसे बताया तो हमने उनसे कहा कि इसका कोई. रास्ता बताइए। तो डिस्कस हुआ तो पता चला. कि किसी भी इलाज से पहले ना आपका फर्स्ट. एड होता है प्राथमिक उपचार मलहम पट्टी. वाला। [अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़]. तो बताया गया कि यह मलहम पट्टी वाला. रिकॉर्ड पुलिस के पास है। अगर हम लोग जो.
उसका मेडिकल रिपोर्ट है उसकी मांग नहीं. करते हैं पुलिस से तो इनको बेल मिल जाएगा।. ऑन रिकॉर्डेड है हम लोगों ने मांग नहीं. किया।. और यही वजह है कि उनको सुबह-सुबह बेल मिल. गया।. लेकिन रोशन सर जिस कुर्सी पर आप बैठे यहीं. पर बैठे थे और उन्होंने जब यह दावा किया. तो मैंने उनसे कहा क्या सबूत है? उन्होंने. कहा उस दिन कि आप जिरे निकाल लीजिए देश को. पता लग जाएगा कि. उन्होंने निकाल के क्यों नहीं दे दिया? आज. की डेट में भी हम आपको बताते हैं वो जो.
मेडिकल रिपोर्ट है जो जज साहब के पास होना. चाहिए वो नहीं है जज साहब के पास। केवल. फर्स्ट एड होता है जहां पे हल्का मलहम. पट्टी किसी को भी आता है तो सबसे पहले. फर्स्ट एड होता है। हमने आज तक नहीं दिया. वहां पर ताकि इन लोगों को जमानत मिल सके. और पहले मिल सके। इतना ही नहीं। हमने अपनी. टीम को यह भी बोला कि अगर जज साहब ने मांग. दिया मेडिकल रिपोर्ट तब क्या होगा? तो आप. लोग इनको अगली जो चीजें होती हैं एक पेरोल. का प्रोसेस होता है कि जिस पे आपको जमानत. नहीं भी मिलती है। पेरोल भी आप वहां से. लेकर जा सकते हैं तो हम लोग की टीम उन्हें.
असिस्ट करेगी यहां पर। लेकिन अगर आप कुंठा. की भाव से बिना किसी प्रूफ के अगर ऐसे. बोलेंगे तो ये उचित नहीं है। मैं इस विषय. पर आऊंगा विस्तार से बात करूंगा क्योंकि. आज सारे सवाल हम लेकर आए हैं और मैं. दर्शकों को बता दूं कि जितने भी सवाल. Twitter पर सोशल मीडिया पर आपने दिए थे. हमने सारे सवालों को बकायदा रखा है और. कोशिश हमारी रहेगी कोई भी सवाल जो आपके. ज़हन में थे वो छूटे ना लेकिन उन सवालों पर. जाएं उससे पहले मानवीय पहलू पर क्योंकि जब. कोई घटना होती है तो दोनों परिवार में. तकलीफ होती है। और एक आम इंसान होने के.
नाते मुझे रोशन सर जब यहां बैठे थे तो. मुझे तकलीफ हो रही थी। उनके आंसू देखकर. तकलीफ हो रही थी। उनकी माताजी का सुनकर. तकलीफ हो रही थी। आप क्या सोच रहे? हो रही. थी। आप यकीन नहीं मानिएगा।. जब ये खबर लगी ये चीजों को तो हम लोग को. किसी को नहीं जैसे उनकी बेल होने वाली थी. तो ऐसा लगा कि देखिए एक प्रोसेस होता है. कोर्ट का 14 दिन का। अमूमन जब आपके पीछे. कई मुकदमे होते हैं तो जब वो अरेस्ट हुए. थे तो उनके पीछे कई मुकदमे थे। और यह सारे.
मुकदमे पुलिस ने जाके कोर्ट को बता दिया।. तो जब आप एक बार अरेस्ट होते हैं जब से ये. बीएएनएस आ गया है तो उसका एक रूल है कि. अगर आपके ऊपर पहले से क्रिमिनल हिस्ट्री. है या मुकदमे हैं तो बेल आपको थोड़ा. मुश्किल से मिलता है तो ये सबूत ले जा के. पुलिस ने दे दिया जज साहब को हम लोगों ने. नहीं दिया था वहां पर पुलिस ने खुद दे. दिया इस वजह से थोड़ा सा डिले हुआ जब ये. घटना सुन. मेरा मेरा खान सर सवाल यह है कि रोशन सर. के आंसू और उनकी माताजी के आंसू देखकर. क्या आपका दिल पसीजा.
देखिए देखिए जैसे हम लोग को ये खबर लगी ना. कुछ होश ही नहीं रहा कि ये कैसे हो सकता. है। ऐसे लग रहा था कि कौन इतना कोइंसिडेंस. कोई कैसे कर सकता है? एक एक समय के लिए. बिलीव नहीं हो रहा था। ऐसे लग रहा था कि. कोई बड़ा इंसान कोई क्या ऐसा कर सकता है. इस चीजों को। मतलब 12 जून को मेरी संस्था. का स्थापना दिवस होता है। तो हम लोग सब. लोग बैठे थे पटना में और कह रहे थे कि.
बताओ हम लोग एक गार्ड को बचाने चले गए।. एक्चुअल में लड़ाई हम लोगों से थी नहीं।. वो मार रहे थे लोग चुनचुन को और हम लोग. उसको बचाने चले गए थे। बस बात यह था उसको. मरते छोड़ देते तो कोई दिक्कत नहीं होती।. हम यहां बैठ के सफाई नहीं दे रहे थे। इतना. ही अपराध है हम लोग का। उसको मरते छोड़. देते थे। इवन उनका भी कहना है कि इनको. एफआईआर नहीं करना चाहिए था। मतलब उनका. कहना है कि हम मार रहे थे तो मारने नहीं. देते उसको। हम लोग बस गलती ये थी कि हमने. उसे बचाने चले गए। तो 12 जून को हम सब लोग. बैठे थे। कह रहे थे कि आज हम लोग के.
संस्था का वर्षगांठ था। खामखा हम लोग. बचाने चले गए किसी को। गरीब आदमी पिटा रहा. था। छोड़ देते लोग। हम लोग भी आकर. सांत्वना दे देते। अरे चुनचुन का पैर टूट. गया। पता नहीं चुनुन उस समय बचता है कि. नहीं बचता। तो हम लोग भी सांत्वना दे. देते। तो सब लोग कह रहे थे कि बताइए कैसा. हो गया? अब इससे भी उटपटांग दिन हो सकता. है। अगले दिन खबर आती है ये चीजों की कि. ऐसी घटना हो गई।. प्रिंस वाली बात कर रहे हैं।. हां प्रिंस वाली घटना जब हुई तो एक पल के.
लिए हमको लगा कि झूठ बोलना है सब क्योंकि. फेक न्यूज़ का भी दौर बहुत चल गया था। तो. हम लोग ना कह पागलवगल है क्या यहां पे? तो. बिलीव नहीं हुआ यहां पे। जब यह खबर लगी ना. बाप रे बाप ऐसा लगा कि मतलब कुछ समझ में. नहीं आ रहा था कि क्या बोले क्या नहीं. बोले आदमी कैसे हुआ है यहां पर तरह-तरह की. खबर आ रही थी कि वो क्या है कि अभी बाद. में न्यूज़ आई कि उनके दोस्त थे वहां पर. चार मिर्गी की दवा मिली होटल से फिर नींद. की दवा का आया मीडिया में चला अल्कोहल का.
बात तो ये चीजें बाद में आई. शुरू में तो आया था खान सर मरवा दिया. हां शुरू शुरू में जब ये आया तो दिमाग काम. करना बंद हो गया. और इस देश में बहुत सारे लोगों को लगा भी. था कि कहीं ऐसा तो नहीं कि नेपाल में आपने. मरवा करवा दिया।. हां। कई शुरुआत में जब यह खबर जब उनके. दोस्तों का बयान नहीं आया था तब यहां पर. क्या कोई इंसान इतना पावरफुल हो सकता है. कि नेपाल तक उसका पहुंच हुई तो फिर. प्रधानमंत्री. इस देश में लोगों को लगता है खान सर बहुत. ताकतवर आदमी है।. एक बात बताइए यूपी का कोई आदमी बहुत. ताकतवर हो। जैसे आप योगी जी को ही मानिए. वो सीएम है।. तो जितना पावरफुल वो यूपी में है क्या.
उतना पावरफुल वो तमिलनाडु में हो पाएंगे? नहीं।. तो जब एक सिंग सीएम अपने ही देश में राज्य. बदलने के बाद पावर खत्म हो जाता है। तो हम. तो एक साधारण टीचर हैं। हम इंटरनेशनल. क्लास से और मेरा टावर लोकेशन हम उस समय. पटना में थे यहां पर। लेकिन सारे लोग अबाक. हो गए। किसी को कुछ दिमाग काम नहीं कर रहा. था यहां पर। धीरे-धीरे न्यूज़ आने लगी और. चीजें क्लियर हुआ। फिर दोस्तों का बयान. आया। उनके जो साथ में थे।. [गहरी सांस लेने की आवाज़][अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़]. फिर दोनों का बयान अलग-अलग आने लगा। इस.
बीच आगे चली गई। उनकी माताजी को देख के. पता है जब हमारे घर में हम बात किए कि. ऐसेसे तो माताजी मेरी बोल रही थी कि उनकी. मां को देखे हम रोते हैं कैसा लगा तो मेरे. घर में ना उनके दादाजी बड़े बूढ़े थे. माता-पिता किसी का जवान लड़का अगर इस तरह. से चला जाएगा तो उसको बहुत बुरा लगेगा।. देख के अजीब हुआ। तो हम लोग के यहां इस. बात की दुआ हो रही थी कि घर में बाकी लोग.
को कुछ ना हो। इतनी पीड़ा उनको हो जाएगी. कोई एजेड है वह कैसे इस चीज को बर्दाश्त. कर पाएंगे पहली बार हम लोग यह देखें कि हम. लोग के घर में. ये संवेदना में डर रहे थे या इसलिए कि केस. आप पर और स्टंग हो जाएगा क्योंकि अगर घर. में किसी को और होता. हम. तो पूरी दुनिया आपको जिम्मेदार मानती है. उस घटना के लिए. आप इसे दोनों कह सकते हैं क्योंकि एक ओर. जब हुजूम आ रहा होता है देश में तो इस देश. में पोस्टमार्टम रिपोर्ट बाद में आता है।. वैशरा रिपोर्ट बाद में आता है। पुलिस. रिपोर्ट बाद में आता है। पहले लोग एक. परसेप्शन बना लेते हैं। तो ये इतनी.
उपटपटांग घटना थी यहां पर तो हमने देखा कि. मतलब लोग मन्नत मांग रहे हमारे घर में कि. सारा उनके घर के लोगों को सहनशक्ति मिले।. सब लोग ठीक रहे। ये घटना जो हुई है बड़ी. बहुत दुखद घटना यहां ये सब चीजें थी। तो. बहुत दिल को झोर दिया था वो चीजें। लेकिन. एक परसेप्शन सर इस देश में आपको लेके शुरू. से रहा था कि आप कॉमन मैन के टीचर हैं। हम. मतलब खान सर की इमेज अगर मैं बीते 40 दिन.
से कंपेयर करूं. हम. तो भारत में ज्यादातर लोग जिन्होंने आपको. देखा सुना वो आपको बिहार की पहचान मानते. रहे हैं। एक आदमी जो गरीबी से निकला गरीब. बच्चों को पढ़ा रहा है जो हमारे जैसा आम. दिखता है। साधारण परिवार से देसी बोली. भाषा है और रेट कर पा रहे थे लोग। इस बीच. में 40 दिनों में देश में एक बड़ा वर्ग है. जिसने यह कहा कि हमारी धारणा गलत थी। यह. तो अलग टीचर हैं। ये तो पीआर के जरिए. इन्होंने अपना अंपायर खड़ा किया है।. बाहुबली है। ताकतवर व्यक्ति हैं। इनके.
खिलाफ कोई शिकायत नहीं दर्ज होती। ये. जिसको चाहे जेल भिजवा देते हैं। इनके ऊपर. आर्म्स एक्ट के तहत केस लगा। ये बाहर थे।. सामने वाले से शिकायत हुई वो अंदर गया।. उसका भाई मर गया।. लोग आपके चाहने वाले भी थोड़े कंफ्यूज हो. गए हैं कि जिस खान सर को जानते हैं वही. खान सर है या यह फैजल खान असली तस्वीर है. जिसके पीछे खान सर छिपे हैं। ये एक साइड. जब आप किसी मीडिया परसेप्शन जाएगा और. मीडिया का एक बड़ा हिस्सा जिसने हमारे ऊपर. ऑलरेडी केस कर रखा है मानहानि उसने अपनी.
पूरी ताकत तो झोंकेगा ही एक तरफ़ा चीजों. को दिखाने के लिए। और जब आप किसी चीज को. इतना नेगेटिवली प्रेस करिएगा। मीडिया का. काम क्या है? परसेप्शन बिल्ड करना। वह. अपने उसमें कामयाब रहा। और हम इधर 40 दिन. तक जो कानूनी दाव पेच में रहा हमारी बातें. नहीं आई थी। अब सारे लोगों को चीजें. क्लियर होती जा रही है।. आपको लगता है कि ये परसेप्शन गया जो मैं. कह रहा हूं।. हां गया ऑब्वियस गया होगा वहां पे क्योंकि. हम इस 40 दिन में कानूनी चीजें देख रहे. थे। हम कोई सब मीडिया नहीं देखे हम सब. तो जो आदमी आपका दर्शक है अगर उसके मन में. ये सवाल उससे क्या कहोगे आप कि सवाल मैं.
आपसे ही पूछ रहा हूं कि जिस खान सर को हम. जानते थे वो असली खान सर है या जो मीडिया. ने दिखाया इस बीच में खबरें आई फैजल खान. के पीछे खान सर हैं। मीडिया ने जो दिखाया. कंप्लीट गलत दिखाया। अभी धीरे-धीरे उनको. समझ में आ जाएगा। सारी चीजें तथ्यात्मक. रूप से रख देंगे हम।. लेकिन ये आपके आसपास वाले भी लोग कह रहे. हैं। जैसे एक टीचर हैं। हमारे अवध के टीचर. हैं। उन्होंने कहा कि आप में पोटेंशियल. बहुत था। आप चांद पार कर सकते थे।. गैलेक्सी क्रॉस कर सकते थे। वैल्यू्यूएशन. के हिसाब से आपने ₹1 लाख करोड़ रुपए का.
नुकसान कर लिया। उन्होंने आपसे कहा था कि. माफी मांग लो। गलत कर रहे हो तुम और सब. बर्बाद कर लिया तुमने अपना। ये वो लोग थे. जब स्टार्टिंग में इन्हें पता नहीं था। इन. लोग को यह लगा कि हमारा हाथ है उनकी हत्या. में। बाद में जब धीरे-धीरे चीजें क्लियर. होने लगी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आया, वैरा. रिपोर्ट पेंडिंग है। पुलिस का बयान आया, दोस्तों का बयान आया तो उसके बाद की ये. चीजें थी।. सही हमारे चलिए मैं नाम लेता हूं। आवा ओझा. सर हमारे हैं। अभी इस इंटरव्यू के 24 घंटा. पहले एक इंटरव्यू दिखाए हैं। जहां पे. उन्होंने कहा कि 1 लाख करोड़ का वैल्यूएशन.
का नुकसान किया। 1 लाख करोड़ से नीचे वो. बतिया नहीं करते हैं। 1200 करोड़ का. लुंगी, 300 करोड़ का मंजन वो राजा बनने का. उनका क्वालिटी बताते हैं। उनकी बात अलग. है।. बट उन्होंने बहुत सारा आरोप लगाया पर।. उन्होंने कहा कि आपका पीआर सिस्टम बड़ा. अच्छा है।. स्टूडेंट का जो प्यार होता है ना उसको यह. लोग पीआर समझ जाते हैं। जो हम करोड़ों. बच्चों को पढ़ा रहे हैं जो हमें डेली देख. रहा है वो हमें चीजों को समझ रहा है। जो. वहां बच्चा है वो समझ रहा है। 2 जून की. घटना के बारे में वो लोग ज्ञान दे रहे हैं.
जो वहां से कई किलोमीटर दूर थे। जो दिल्ली. कानपुर इधर-उधर बैठे थे। मीडिया में चीजों. को देख रहे थे। इन इसमें कंप्लीट गलत जो. नैरेटिव दिया गया उसके हिसाब से बात बोल. रहे हैं। क्या हुआ? चलिए मैं अब सीधे पूछता हूं। 2 जून को. क्या हुआ था? एक वर्जन रोशन सर का गया है. जिस पे मैं आपको बता दे रहा हूं। उन्होंने. क्या-क्या कहा था अगर वो इंटरव्यू आपने. देखा होगा तो अच्छी बात है। नहीं देखा तो. भी बता दे रहा हूं मैं।. उनके हिसाब से उनका जो परमानेंट बोर्ड था. उसके ऊपर आप लोगों ने अपने चिप स्टीकर. लगाए। उस इलाके में आप लोग का दबदबा है।.
उनकी भी कोचिंग वहां पर है। जिसको लेकर यह. पूरा विवाद रहा और बाद में आपने एक झूठा. बयान दिया कि 8 10 राउंड गोली चलाते मैंने. देखा है जो पुलिस के एफआईआर में नहीं है।. जिस पर पुलिस ने कहा कि खान साहब झूठ बोल. रहे थे और जिसको लेकर आपके खिलाफ परसेप्शन. बदला। ये आप पर आरोप है। आपका इस पूरे. घटनाक्रम पर क्या है? पूरा बात झूठ है। देखिए. जहां तक ये. आठ 10 राउंड गोली चला था। हम एक एक पूरा. बात बता देते हैं। आपको सारी चीजें क्लियर. करते हैं।. 2 जून की जो घटना होती है ना ये कोई आपको.
लगता है हमको बैनर पोस्टर की जरूरत है।. मेरा करोड़ों का हॉस्पिटल है। उस पे एक को. बैनर नहीं है। कुछ भी नहीं। आपको यह लगता. है ये हुआ क्या कि शुरुआत में ना कुछ छोट. भैया पत्रकार आ गए सब। उन्होंने ना अपने. लेवल की चीजें उठा दिया। अब उन लोगों ने. क्या किया? अब जैसे एक पत्रकार है वहां पे. सन ऑफ़ दोगला। अब सब समझ गए होंगे लोग उनको. किसके बारे में बात कर रहे हैं। वो यही सब. मैटर उठा दिया। अब ये छोटा-मोटा जो मैटर. है अब मीडिया नेशनल मीडिया बाद में पहुंची.
यहां पर। ऐसा कोई मैटर नहीं। देखिए. सन ऑफ दोगला क्यों कह रहे हैं आप? लोग समझ जाएंगे।. मतलब क्यों कह रहे हैं आप लोगों ने नाम. दिया है।. ठीक है। जिसके बारे में हो।. जी।. जो होगा वो समझ जाएगा। तो हुआ क्या. कि उनका अपना प्रोग्राम था मेरा अपना. दोनों अलग-अलग जगह था। ये 31 तारीख को था।. ये अपना यहां करें हमें कोई दिक्कत नहीं।. हम अपना कर रहे हैं। कोई दिक्कत नहीं। कभी. कोई दिक्कत नहीं हुआ। अब जो होते हैं ना.
एम्प्लई नीचे वाले उन्होंने सोचा कि हम. यहां तो अपना कर ही रहे हैं। एक काम करते. हैं इधर कर देते हैं।. तो. आपके. हां हम नहीं उनके एम्प्लई. अच्छा उनके एम्प्लई. उनके एम्प्लई ने कहा कि हम तो अपने यहां. यहां प्रोग्राम कर ही रहे हैं।. हम यहां भी कर देते हैं।. जो आपकी कोचिंग में. मेरे कोचिंग में है।. के पास उनके भी कोचिंग है।. उनकी कोचिंग तो अपना वो प्रोग्राम किए।. हमें कोई दिक्कत नहीं। किसी को कोई दिक्कत. होगा। उन्होंने सोचा कि हम यहां पे भी. अपना कोई प्रोग्राम करते थे। हमको लोगों. ने बताया कि सर ऐसा-सा कर रहे हैं। हमने. डांटा अपने एंप्लई को कहा कि बदतमीज ये सब.
जिसको जहां करना है काम करने दो। उन्होंने. अपना किया। 31 तारीख का प्रोग्राम खत्म हो. गया। एक तारीख खत्म हो गया। दो तारीख खत्म. हो गया। अब हुआ कि भैया ये झालर नोच के. फेंको। तो ये वेंडर लगाते हैं ऐसा। किसी. को आदमी दे देता है लगा देना, ये लगा देना. लगा देना। लेकिन वो वो ये आरोप लगा रहे. हैं कि एक तो उनके कोचिंग के बाहर लगाया. गया। उन्हें प्रवोक करने के लिए दूसरा. उनका एक परमानेंट बोर्ड होता है। जैसे दो. तरह का होता है। एक तो नकली वाला एक. जिसमें कोचिंग सेंटर लिखा होता है। तो कह. रहे हैं हमारे परमानेंट बोर्ड पर भी चिपका. दीजिए।. महाराज जी सब छोटा-मोटा चीज के लिए हम लोग.
काहे करेंगे? उसके ऊपर मेरा लगा है छ. महीना से टूटा हुआ है। हम ठीक नहीं कराए. हैं। तो इनका काहे ले ढकेंगे? इवेंडर होते. हैं सब ठेकेदार नहीं होता है कि हम ठेका. दे दिए कि आपके यहां शादी है। फूल माला. चला देना चढ़ा सजा देना ऐसे। तो परमानेंट. अगर ऐसा कोई दिक्कत था आप आके बता देते।. नहीं सुनते तो बोलते।. आप लोगों में बातचीत है? हां उस टाइम था।. हां बिल्कुल था। फोन पर बात होती थी। आप. बोल देते सर ऐसा दिक्कत है। हम ना सुनते. तो बोलते। मकान मालिक को बोल देते ना. सुनता तो बोलते। हमसे अगर नहीं बोलते तब.
तो सुनते। अच्छा हमको कोई ऐतराज नहीं था।. सारा प्रोग्राम खत्म हो गया। ये सब फालतू. चीजें ये सब मीडिया ने ऐसा परसेप्शन बना. दिया जिसका इसके लिए कुछ नहीं हुआ ऐसा. यहां पर। अब हुआ क्या कि कैंपस का गार्ड. है चुनचुन।. उस उसको यह लोग पीटने गए क्योंकि उसने. इनका शायद काट दिया था। हम लोगों ने नहीं. काटा है। वह चुनचुन ने काट दिया था।. पोस्टर फाड़ दिया था।. पोस्टर फाड़ दिया था। हमारा वो गार्ड नहीं. है। वो बेचारा चुनचुन है।. किसका गार्ड है फिर वो? वो कैंपस का है। वो गाय नहलाता है। गाय.
धोता है। रात में कोई आता है तो गेट खोल. देता है। वो गार्ड नहीं एक तरह का मतलब. नहीं समझते। केयरटेकर टाइप का गेट वोट. खोलता है और गाय नहलाता है।. कोल्ड स्टोरेज का।. कोल्ड स्टोरेज का। तो हम लोग उसको ऐसे कोई. उसको राय साहब बुला देता है। हम लोग उसको. कभी प्यार से यादव जी बोल देते हैं। उसको. कभी हंसी मजाक कर दिया आदमी। कभी बोलता था. सर आप बढ़िया कपड़ा पहन के आएंगे तो आप. फोटो खींच. कौन जात है वो? यादव जी हैं।. नहीं वैसे आमतौर पर मैं जातपात में. विश्वास नहीं मानते हैं।. लेकिन आपको गरियाने वालों में या आप पर जो. सबसे ज्यादा आज के टाइम में देश में डाउट.
कर रहे हैं. वो इस कम्युनिटी से सबसे ज्यादा सवाल आपको. लेकर आया है।. और आप कह रहे हो कि यादव जी हैं वो।. चुनचुन हां बिल्कुल है। चुनचुन खुद यादव. है। कितना खराब लग रहा है यह सब जातपात. करने वाले। हम लोग टीचर लोग कभी यह सोचे. नहीं थे। तो हम लोग चुनचुन को ना आपस में. बिहार और यूपी में गंदी सच्चाइयों से तो. हम लोग अक्सर मजाक किया करते थे। यार ये. चुनचुन है ना तो कोई उसको यादव जी भी. बोलता है। यादव जी है ना अपना घी जो. निकालता है ना एक नंबर का निकालता है और. तुम जाओगे लेने ना तो देखना इसका अलग. कैटेगरी रहेगा। तो ये मजाक मजाक में बोलते.
थे। तो उससे एक रिश्ता था आ गार्ड ही था. तो क्या हुआ तो उसको रात 10:00 बजे सबकी. ऑफिसिसेस बंद हो जाती इनकी भी ऑफिस बंद हो. जाती है 10:00 बजे इनकी ऑफिस उस दिन बंद. नहीं हुई थी जैसे हम लोग का ऑफिस बंद होता. है सीसीटीवी कैमरा ऑफ होता है इनका एक. एंप्लई विकास. वो आता है और सीसीटीवी में देखिएगा आराम. से विकास को पकड़ता है.
जो कंधे पे. कंधे पे हाथ रखता है और इनका मैनेजर. अभिषेक उस उस कैमरे में दिख रहा है।. देखिएगा ले जाता है और पता नहीं कहां से. 15 20 आदमी मिलके उसको इतना मारते हैं ना. बाकी कोचिंग वाले उसको देख रहे होते हैं. और जब वो जब चुनचुन चिल्ला रहा था ना ए. भैया बचा लो ए मम्मी हम मर जाए अब सोचिए. किसी एक छोटा 22 23 साल का लड़का है वो और. उसको गिरा के इतना मार रहे थे लोग ना इतना. मार रहे थे अब देखा नहीं गया आपको अब आप.
बताइए उसको मरते छोड़ दें वो चुनचुन आपसे. ज्यादा करीबी था। उनसे करीबी नहीं था। अगर. वह कॉमन कोल्ड स्टोरेज गार्ड गार्ड. उनसे भी करीबी था। उनसे ज्यादा करीबी था।. तो फिर उन्हीं को क्यों फाड़? फिर वो. क्यों मारे? अब आप फिर क्यों बचाने गए? अरे हम लोग बचा हम लोग सोचे नॉर्मल आदमी. बचा दे। हमने तो किसी को खरोच भी नहीं आया. हम लोग के गार्ड से। किसी को बोलिए उनके. ओर से किसी को खरोच भी आया है। हम लोग तो. बचाने गए। अब 20 आदमी मिलके एक आदमी को. मारेगा तो बचाने कैसे जाएंगे? फिर गोली कहां चला? अब गोली पे भी आते हैं। तो सारे लोग देख.
रहे थे। कोई बचाने नहीं गया। तो इधर से यह. सब गए कि बचाने के लिए तो अब उधर से वो. लोग इस हमला चालू कर दिया। बड़का-बड़का खड़ा. पत्थर मारा है। मतलब लग जाए किसी पे तो. खोपड़ी खुल जाएगा और हम लोग के ऑफिस पे. मारना चालू कर दिया। तो लेटर वटर टूट टट. गया यहां पर। अब जब यहां से हुआ तोकि. 10:00 बज गया था। अंधेरा हुआ। अब मार आगे. बढ़ गया। पूरे कैंपस में आगे बढ़ गया। और. बाकी लोग शटरवटर गिरा दिए और वो अंधेरा हो. गया। अब इधर से किसी ने गार्ड को इन्फॉर्म.
किया होगा। तो इधर से गार्ड गए लोग. क्योंकि वो एजेंसी वाले गार्ड है। हम लोग. के तो अपने है नहीं वहां पे वो निकले यहां. पर अब तब तक चिल्लाहट की आवाज तड़ाम भड़ाम. भड़भड़ आवाज सुनाई दे रहा अंधेरे में और. डरावना हो जाता है। हम लोग जब निकले लोग. ना ताड़ ताड़ ताड़ आवाज सुनाई देने लगा गोली. का। अब उसमें क्या. इसी बयान पे सबसे ज्यादा ट्रोल किया गया. आपको? लोगों को नहीं पता है। अब पता चल जाएगा।. इसी बयान पे कि हम बाहर निकले 8-10 राउंड. फायरिंग तो हमने अपनी आंखों से देखा है।. तो बताते हैं आपको।. लोग कह रहे हैं खान साहब झूठ बोले इसी. चक्कर में उनका भाई मर गया।.
अब देखिए हम यहां बताते हैं हर चीज एक-एक. करके। जब हम लोग बाहर निकले तो जो अंधेरे. में कुछ-कुछ एम्प्लई थे। सब कह सर नीचे. बैठिए। नीचे बैठिए गोली चल रही है। तो हम. लोग क्या हुए? नीचे बैठ गए। जब गोली चलने. लगी धड़ाम धड़ाम। [गला साफ़ करने की आवाज़]. अब देखिए हम लोग के गार्ड के पास राइफल. है। राइफल की गोली की आवाज बम की तरह होती. है। बहुत तगड़ा निकलती है राइफल की गोली. की आवाज और पिस्तल की आवाज धीमी निकलती. है। तो जो गार्ड मार रहे थे ना वो राइफल. से मारे और जो पिस्टल वाली थी हम लोग के. गार्ड के पास पिस्टल ही नहीं है। किसी. भाई हमारे यहां आदमी सीधा साधा आदमी है।.
दर्शक सीधा साधा है।. दर्शक अंतिम फैसला कोर्ट पुलिस का मानता. है। मैं सवाल मैं काउंटर करते चलता हूं।. वरना फिर. हम पूरा बता देते हैं। इसमें आपके सारे. सवाल बस एक सवाल ऐड करता हूं। दर्शक ये. समझना चाहता है कि आप कह रहे हो गोली चली. हम. तो अगले दिन पुलिस क्यों कही गई गोली नहीं. चली? हम बता देते हैं वो भी बात। तो जब ये. गोलीवली चलने लगी यहां पर उसके बाद से जब. मामला शांत हुआ आधा घंटा हो गया यहां पर. पुलिस को फोन किया गया तो पुलिस को आने. में आधा घंटा लगा। ये घटना है सवा5 की।. पुलिस आती है लगभग 40 पे। ये सारा हो जाने.
के बाद यहां पे। इसी बीच वहां पेकि. भीड़भाड़ वाला एरिया है। कुछ यूटबर ऐसे. घूमते रहते थे सब यहां पर। सबने गोली की. आवाज सुनी है। उस मोहल्ले में किसी से. पूछिएगा आधा वह मोहल्ले अभी अभी बड़ा. शांति हो गया। आधे बच्चे चले गए। हमने आया. हमने बोल दिया गोली चली है और रियलिटी में. गोली चली थी। अब पुलिस का खेल कैसे होता. है? पुलिस ने दो प्रेस रिलीज जारी किया. है। तीन तारीख को कहती है पुलिस गोली नहीं. चली है। और 4 तारीख को पुलिस कहती है गोली. चली है।. यह पुलिस का ऑफिशियल प्रेस रिलीज है।.
नहीं गोली आपने चलाई। यह तो सब मान रहे. हैं।. आप कह रहे हो कि उधर रोशन सर की टीम से जो. अभिषेक और जिसका विवेक का नाम लिया वह भी. गोली चलवाए थे। अब हम बताते हैं उस पे. यहां पे जब यह सब हो गया तो जब पुलिस आती. है तो हम लोग उनको सीसीटीवी दे देते हैं. कि लीजिए भैया आप देखते चलिए यहां पर आपको. हम दे देंगे पूरी पुलिस भर गई धीरे-धीरे. देखते-देखते हर थाना की पुलिस आ गई पूरी. पुलिस भर गई यहां पर कि गोली चली है और उन. लोग भी नीचे मोहल्ले से पता करते आ गए कि. गोली चली है तो हां सब गोली चली है यहां. पर। अब हुआ क्या इसमें कि अमूमन देखिएगा.
पुलिस का एक रोल होता है। कई बार आप. देखिएगा अगर कोई ट्रेन लड़ी है ना 100 लोग. अगर मरे हैं ना तो पुलिस कितना बताएगी? 100 बताई है। आप तो पत्रकार. परसेप्शन है कि हां थोड़ा सा. थोड़ा सा दबा के बता देती है। किसी. दुर्घटना में मान के चलिए बस पलट गई। 10. आदमी अगर डेथ हो गए तो कहे कि दो डेथ हुए. आठ अभी इलाज चल रहा है। उन्हें पता है कि. तीन दिन बाद मीडिया चली जाएगी। इनका इलाज. का क्या होगा वो कानून समझे। आप पुलिस आई. 3 घंटे तक सीसीटीवी देखी है पुलिस सारी.
चीजों को देखने के बाद हमने पुलिस को सारी. बातें बता दी उसके बाद पुलिस का कहना था. सॉफ्टली कि सर देखिए क्योंकि उस समय तक. हमें यह नहीं पता था कि चला कौन रहा है. गोली इसलिए देखिए कि हमने नाम नहीं लिया. किसी का कि गोली कौन चलाया हल्का पहचान के. लग रहे थे लोग कि अगल-बगल में जाना पहचाना. चेहरा लग रहा था क्योंकि पड़ोस के तो नाम. भले ना जाने लेकिन बार-बार देखते से आदमी. लग जाता है तो हमने बोला था कि गोली चली. हमने नाम नहीं लिया। फिर बोला कि पड़ोस के. लोगों के ने चलाई है। जब सीसीटीवी आ गया.
तो क्लियर हो गया कि क्या-क्या चीजें. कौन-कौन इसमें मार रहा है। पुलिस ने. सॉफ्टली कहा कि सर देखिए आप लोग का आपसी. मैटर है। [गहरी सांस लेने की आवाज़]. ये गोली वाला चीज वहां हटा दीजिए क्योंकि. विवाद बढ़ जाएगा। वो भी फंस जाएंगे। पुलिस. ने उनको ही बचाया है शुरू में। बहुत हमें. भी पुलिस ने समझाया।. महाराज वो कह रहे हैं कि पूरा पुलिस. प्रशासन उनके खिलाफ था। आप सबको आपने खरीद. रखा है।. अभी अभी बताते हैं उनमें कैसे चीजें हैं. यहां आप सुनते चलिए तो हमने कहा कि सर इ. कैसे हो जाएगा गोली नहीं तो कहा कि आप.
हमको खोखा दे दीजिए जब गोली चलती है ना. उसका खोल बाहर निकलता इ बताइए रतिया 10. 10:30 बजे गोली चल रही है हम रतिया को. खोखा भी नहींेंगे तो हम हंसी मजाक में कहे. कि अगर खोखा नहीं मिला है सीसीटीवी नहीं. मिला है हमने तो सीसीटीवी दे दिया तो आप. इसको नहीं लिखेंगे तो उन लोगों ने कहा कि. सर इसको हटा देते हैं तो आप हम एफआईआर. दिखाते हैं देखिए इस एफआईआर में ना ही. रोशन सर पे डायरेक्ट एफआईआर है और ना ही. इस पे गोली चलाने का है। सबसे आसान एफआईआर.
किया गया है कि मारपीट किया गया तथा. तोड़फोड़ करके गाली गलौज हुआ है। देखिए. इससे हल्का एफआईआर क्या हो सकता है? 10 15. लोग आए गार्ड को मारपीट किए और उसको. तोड़फोड़ किए हैं। हम यह लगा देते हैं. सबको दिखा दीजिए।. ठीक है हम दिखा देंगे। लेकिन दिखा दीजिए।. भी तो देखे. हम. ठीक है. हम अभी बताइए कितना नॉर्मल एफआईआर रखा गया. यहां पर. हम. इस पे कहानी ये भी चला सर कि.
अब हम इस पे क्लियर कर देते हैं. 10 पे झगड़ा खत्म हो गया था 10:30 बजे. गोली चलाई गई. हम ये पूरी बात बता देते हैं अब आपको. 20 मिनट बाद आप लोगों ने गोली चलवाई. तो लड़ाई 1 मिनट में खत्म हो जाती है. लड़ाई कोई भी लड़ाई हो रही है मारधाड़ कर. रहे हैं लोग यहां पे तो 10 10 पे हो रही. है तो 10-15 मिनट चलेगा और ये लोग तो गए. ना अब हम पूरी बात बता देते तो पुलिस ने. ऐसा बोल दिया यहां पर और सीसीटीवी हम. लोगों ने दे दिया फिर पुलिस ने बोला तो. हमने भी बोल दिया कि देखिए गार्ड जब आएगा. तो वह बता देगा अबकि कौन इंसान 200 पुलिस. वाले रहेंगे और आप कहेंगे तो आप नहीं.
करेंगे आप कह सकते हैं कि आपके यहां अगर. पुलिस है और आपसे रिक्वेस्ट ही कर रही है. 200 पुलिस खड़ी है और रिक्वेस्ट कर रही है. कि छोड़िए सर हम लोग जो सीसीटीवी में दिख. रहा है विकास हम उसे पकड़ लेंगे आप इसे. हटा दीजिए हमने हटा. इससे तो उन्हें खुश होना चाहिए कि भैया. आपके ऊपर गोली चलने का आरोप हमने हटा. दिया। यह उनके लिए पॉजिटिव है या नेगेटिव. है।. ठीक है? इस एफआईआर के हिसाब से तोड़फोड़. का मामला है।. तोड़फोड़ का मामला है। तो उनको तो इस. मामले पे होना चाहिए कि भैया आपके ऊपर.
हमने गोली चलने का आरोप स्वयं हटा लिया।. लेकिन उनको नाराजगी इस बात की है कि नहीं. लगाइए। तो अब आते हैं हम अगली बात पे यहां. पे। सारी चीजें दे दी गई। पुलिस को लगा सब. कुछ सॉर्ट आउट हो जाएगा क्योंकि. सीसीटीवी फुटेज में नहीं आया। देखिए जब. कोई चोरी करने आता है, डकैती करने आता है, मारने आता है तो वह पहले से रेकी करता है।. उसे पता है कि सीसीटीवी कहां लगा है, कितने बजे बंद होगा, कहां हम आएंगे, कहां. नहीं आएंगे। तो उस वो लोग पूरी तैयारी. रहेंगे क्योंकि कैंपस के ही थे। उन्हें सब.
पता है कहां है। लेकिन जो बचाव करने. जाएगा, जो ओनर है, आपके घर में चोरी होगा, तो आप फ्रंट गेट पे आएंगे कि कौन चुरा. लिया। लेकिन जो आएगा चोरी करने, वो बैक. डोर से आएगा यहां पर। तो नहीं आया। क्या. हम इतने बेवकूफ हैं जो नेशनल चैनल पे आके. गोली नहीं चली रहेगी हम बोलेंगे नहीं चला. है। मतलब अब ये बात पे डिसाइड होगा इस देश. में कि अगर सीसीटीवी में नहीं आया है तो. वो अपराध नहीं है। हम आपको भी इस चीज को. बताइएगा कि बहुत सारे ऐसे अपराध हैं जो.
लोग अपने मां-बाप के सामने कह नहीं सकते. हैं कि हमने यह किया है क्योंकि उसे नहीं. लोग नहीं जानते हैं। तो यह देश है। यहां. अपराध वो नहीं जो आपने अपराध किया है।. अपराध वो है जो पकड़ा गया है। तो चूंकि हम. लोग चोरी नहीं कर रहे थे। अपना बचाव कर. रहे थे। हमारे दरवाजे पर कोई मारने आया था. तो सबके सामने मेन गेट पर खड़े होकर वो. लोग दोबारा क्योंकि चुनचुन को ले जाना था।. चुनचुन चल नहीं पा रहा था। उसको कंधे पे. ले जाना था। तो दोबारा ना मार दे पता ही. नहीं चल रहा था कि इसमें देखने वाला कौन. है? हमला करने वाला कौन है। तो गार्ड ने.
हवाई फायरिंग किया। अब यह बताइए कि किसी. के सामने किसी का मरने के नौबत आ गया।. 2025 लोग मार रहे हैं तो उसे बचाना अपराध. है या बचाना चाहिए या नहीं? ठीक है वो एक वर्जन आपका ठीक है। अब इसमें. दो कहानी है। गार्ड को आपने कहा था हवा. में फायर करने के लिए? नहीं।. गार्ड का स्टेटमेंट है। पुलिस. ये पुलिस के साथ में स्टेटमेंट है। उसके. सादा पन्ना पे साइन करा के उसके स्टेटमेंट. लिख के कभी भी स्टेटमेंट हाथ से लिखा होता. है। आप देखिएगा पुलिस ने जो स्टेटमेंट. दिया है वो टाइप स्टेटमेंट है।. तो आप कह रहे हो पुलिस ने वैसे दिलवाया.
स्टेटमेंट। स्टेटमेंट उस गार्ड ने बोला. है।. रोशन सर यहां बैठकर कम से कम 10 बार कह. चुके कदम कुआं थाना जो है वो ऐसा थाना है. जहां पर वो शिकायत कराने आपके खिलाफ जाते. हैं तो शिकायत लिखी नहीं जाती है। उनके. खिलाफ तुरंत लिख ली जाती है। आप कह रहे हो. आप कह रहे हो कि पुलिस ने आपसे रिक्वेस्ट. की गोली वाला हटा दो। उनके कहने पर हटाया. जिसकी वजह से आपकी बदनामी हुई और आपके. गार्ड से जबरदस्ती उन्होंने साइन करवा. लिया कि आपने कहा था आप कह रहे हो आपको.
फसा रही है पुलिस. बिल्कुल हम एक बात बताते हैं अगर. पुलिस में से [हंसी] कोई एक आदमी झूठ बोल. रहा है दोनों में से. अब देखिए हम आपको बताते हैं. नहीं आप ये तो आप फिर आप आप रोशन सर एक. आदमी झूठ बोल रहा है. क्यों उनके साथ जो पुलिस ने बिहेव किया वो. बता रहे हैं। मेरे साथ जो पुलिस ने बिहेव. किया हम बता रहे हैं।. दोनों वो कह रहे हैं आपकी सुनती है। आप कह. रहे हो कि आपके खिलाफ काम कर रही है।. उनके साथ जो बिहेव हुआ वो बता रहे हैं।. हमारे साथ जो हुआ हम बता रहे हैं। अगर. पुलिस मेरी सुनती तो उसको दो लाइन लिखने. में क्या जाता कि रोशन सर ने गोली चलाई. है। अगर पुलिस को हम खरीदे रहते दो लाइन. में कहानी खत्म पूरा गेम खत्म।.
दो ये क्या जाता है? दो लाइन लिख देती तो. अगर हम खरीदे रहते या मेरे प्रभाव में. रहती तो सारा बवाल इसी बात का है ना कि. हमने गोली चलाया कि नहीं चलाया? तब मतलब उस दिन आपकी बदनाम आपके स्टेटमेंट. और बयान. बस एक लाइन लिख दे। खत्म कहानी कि गोली. चलाया गया है। तो पुलिस आपके खिलाफ क्यों. कह रही है? आप तो वहां सम्मानित व्यक्ति. रहे हो। प्रतिष्ठित व्यक्ति रहे हो। अब यह. तो कोर्ट में जाएंगे लोग। वो तो हमने. कोर्ट में बता दिया है। गार्ड ने कोर्ट. में बता दिया है। कोर्ट में उसने लिखित.
दिया है कि मेरे हमने सर ने गोली नहीं. चलाई। आदेश नहीं दिया और दूसरा हम जहां. बैठते हैं और गार्ड जहां रहता है दोनों. अलग जगह है। तो पुलिस ने यहां गलती की।. ये बयान आपके वो गार्ड ने कोर्ट में।. कोर्ट में दिया है। ऑन रिकॉर्ड है। हम. कोर्ट का निकाल के आपको दे देंगे।. कि खान सर ने नहीं कहा। नहीं. वही गार्ड जिसने जिसके आधार बनाकर मीडिया. में खबर चली खबर कि खान सर ने गोली चलवाई. बिलकुल. और रूल है कि अगर कोई बयान दे. या तो आपने गार्ड को खरीद लिया या पुलिस. ने उस टाइम उसको जबरदस्ती करवा लिया.
जबरदस्ती कराई थी पुलिस पुलिस के ऊपर. प्रेशर आ गया एक्चुअल में देखिए क्या हुआ. कि पुलिस प्रेशर में आ गई हुआ क्या कि जब. सीसीटीवी फुल कैमरे में किसी ने रिकॉर्ड. किया सामने वाला गार्ड का आ गया अब नेशनल. मीडिया इतना प्रेशर बना दी इतना प्रेशर. बना दी कि जल्दबाजी में पुलिस से एक और. गलती हो गया एक जब आप किसी का बयान लेते. हैं तो उसकी राइटिंग में लिखा होना चाहिए. ना कि आप टाइप करके साइन करा लीजिए। तो. इन्होंने टाइप करा के उसे साइन करा लिया।. और दूसरा इन्होंने क्या कर दिया कि किसी. पे खरोच भी नहीं आई है और लगा दिया हत्या.
की कोशिश 307 जिसको बीएएनएस में शायद 109. हो गया है तो जज साहब पूछे पुलिस से कि. मेडिकल रिपोर्ट जो घायल हुआ है क्योंकि. 307 यानी 109 आप तब लगाते हैं जब कोई इतना. घायल हो गया है कि मरने के कगार पर तो. पुलिस कह रही है सर कोई घायल ही नहीं हुआ. है जज कह रहे तो फिर 307 काहे लगा दिए. आप बताइए कोई घायल ही नहीं हुआ है 307 लगा. देंगे। बताइए पुलिस मेरा साथ दे रहा था।.
इतना तो आप भी कानून जानते हैं कि जब कोई. घायल ही नहीं हुआ है तो मरने की कगार पे. कैसे पहुंच गया? सर आपको 40 दिन बाद फुल जमानत क्यों मिली? आप तो एंटीसिपेटरी बिल में बाहर थे।. हां।. कंप्लीट जमानत अभी 40 दिन बाद हुई है।. तो अगर आप इतना नीट एंड क्लीन थे।. तो इतना लंबा समय क्यों लगा? कानून की प्रक्रिया है। अब हमारी भी मन. करे तो हम उठा के गरिया दे कानून को।. ये कानून की प्रक्रिया है। हमारी कैसे लेट. हो गई? हम बताते हैं। 20 तारीख को हमारी. जमानत मिल जाती। तो जब जमानत के लिए जज. साहब बैठे तो पुलिस ने कहा कि सर डायरी. कंप्लीट नहीं है। तो डेट दे दिया गया 23.
तारीख को। 23 तारीख को मॉर्निंग कोर्ट थी।. जज साहब बैठते हैं 7:30 बजे डायरी लाया. जाए कि क्या अपडेट थी? पुलिस डायरी ले. पहुंचती है 7:45 पे। 15 मिनट डिले। पुलिस. मेरा साथ दे रही थी। 15 मिनट डिले पहुंचती. है। वहां रिसीविंग है। मेरा फिर अगला डेट. पड़ता है 27 तारीख को। 27 तारीख को कहा. जाता है कि इसमें अपडेटेड डायरी लाइए।. अगला डेट पड़ता है 31 तारीख को। फिर पड़ता. है 7 तारीख को। 7 तारीख को कहा जाता है.
लाइसेंस नहीं है। तो दिखाया गया तो गार्ड. का लाइसेंस है। गार्ड दोनों गार्ड का. लाइसेंस। हम लाइसेंस पे आते हैं। फिर जज. साहब ने कहा कि अब हम इस पे कुछ नहीं. सुनेंगे। 8 तारीख को आपको फाइनल बहस. देंगे। तो शायद 8 तारीख को उन्होंने पूरी. बात सुन ली। उसके बाद उनको फैसला देना था. 10 तारीख को। फिर उस दिन वह कहीं और चले. गए। छुट्टी पर चले गए। फिर आगे डेट पड़. गया। तो हम कानून की एक प्रक्रिया है। तो. हम किसको गाली दें? लेकिन पुलिस आपको. क्यों परेशान कर रही है? फिर.
हम तो आपको दिखा दिए। आप बताइए जब कोई. घायल नहीं हुआ है तो 100 307 कहां से लगा. दिए आप? ये तो धारा लगा हुआ है मेरे पे।. और आर्म्स एक्ट जब लगा दिए हैं। हम हम. गोली चलाते दिख रहे हैं। और लाइसेंसी. हथियार पे आर्म्स एक्ट लगने लगेगा। और वो. भी हवाई फायरिंग में अगर किसी का रेप हो. रहा है, आपके पास बंदूक है तो लाइसेंस यह. कहता है कि उसको बचाने के लिए आप हवाई. फायरिंग कर सकते हैं। अगर आप गार्ड नहीं. भी हैं, आपका अपना लाइसेंस है और किसी की. जान जा रही है तो लाइसेंस कहता है कि आप. हवाई फायरिंग कर सकते हैं। क्या मेरे. गार्ड ने किसी इंसान को वैसे तान के गोली.
मारा है? पूरा फुटेज देखें आप। कैसे मारा. है? हवाई फायरिंग। किसी की बारात जा रही. थी। जाने बचाने के लिए ना किसी को मारा. है। इतना गलत नैरेटिव इसका सेट किया गया।. वो किसी की जान बचाने के लिए मारा है। वो. हमसे पूछ रहा है। वो यूपी के रहने वाले. हैं। वो हम जेल में तो हम लोग हम तो जेल. में नहीं थे। वो जो मिलने जाए या जिनसे वो. बता रहा है कि हम क्या बताएं उसको मरते ही. छोड़ देते ना तो हम लोग जेल में नहीं. रहते। वो दोनों गडवन का गलती बताइए। उस.
चुनचुन को अगर मरते छोड़ देता तो जेल नहीं. जाता। हम चुनचुन को मरते छोड़ देते हमारा. नाम नहीं आता। हम चुनचुन को मरते छोड़. देते ना हम भी सांत्वना देते बहुत गलत हुआ. चुनचुन के साथ उस सुसराज यही कारण है कि. दो दिन पहले पटना जंक्शन पर एक आदमी को. खींच कर जो सेक्स रैकेट के खिलाफ आवाज उठा. रहा था खींच कर सबके सामने ले जाके अपहरण. करके मर्डर कर दिया गया कोई बचाने नहीं. आया उसको दिखा है यार खान सर भी तो बचाने. ही गए थे ना कि हमारे गार्ड को मारा था.
हमारे फैमिली मेंबर को नहीं मारे थे रोशन. सर के कोई आदमी ने हमारे किसी गार्ड को. नहीं मारे थे हम तो इंसानियत में चले गए. बचाने के. ठीक है। आपका एक नैरेटिव है। अब एक. इंपॉर्टेंट सवाल है।. अच्छा लाइसेंस पे सवाल उठाया।. लाइसेंस पे इतना गलत मीडिया ने नैरेटिव. चलाया कि लाइसेंस ही नहीं है। लाइसेंस ही. नहीं है। दोनों गार्ड का लाइसेंस है।. दोनों गार्ड का वैलिड लाइसेंस है।. तो आप भी डेफिनेशन ठोक दिया आपने तो ठोक।. अब सुनिए हम बता रहे हैं उन्होंने क्या. किया है। कह रहा है कि गार्ड का जो. लाइसेंस दिया गया है वो आत्मरक्षा के लिए. दिया गया है। किसको लाइसेंस गोली चलाने के.
लिए दिया जाता है। बंदूक का लाइसेंस रक्षा. के लिए तो दिया जाता है कि केरा कहा जाता. है कि लाइसेंस लो मारते चलो इसे। तो कह. रहा है कि इनको आत्मरक्षा का लाइसेंस था।. तो महाराज आपको एक डेफेशन मार दीजिए। आप. पे तो ठोका गया 2 करोड़ का।. अभी हम दूसरा सुनिए। एक गार्ड को कहा गया. कि इनका लाइसेंस यूपी तक वैलिड है। इनको. समझ में नहीं आता है इन लोगों को कि जो. गार्ड होते हैं वो जैसे मान के चलिए हमको. झारखंड जाना है। हमको बंगाल जाना है। हमको. दिल्ली जाना है। तो गार्ड को भी साथ. जाएंगे। तो उसका एक ट्रैवलिंग लाइसेंस. होता है कि हम कहां-कहां जा सकते हैं। तो.
उसका दिल्ली, यूपी और बिहार था। तो उसके. पास ट्रेवलिंग लाइसेंस था। ये अदर लाइसेंस. होता है। एक बंदूक का लाइसेंस, एक. ट्रेवलिंग लाइसेंस। तो उसके पास ट्रेवलिंग. लाइसेंस था। वो अप्रैल में खत्म हो गया. था। तो लाइसेंस है ना? ट्रेवलिंग लाइसेंस. खत्म हुआ तो जज साहब कह रहे हैं इसके लिए. पेनल्टी है। इसके लिए फाइन है। जैसे आपके. गाड़ी का पोलशन खत्म हो गया तो आपको गोली. मार देंगे। फांसी नहीं ना हो जाएगा। भाई. पोलशन खत्म हो गया। फाइन लगाओ। जो प्रोसेस. है उसको करो खत्म।. ठीक है। अब यहां पर एक सवाल जो मेरे मन. में भी आया था और मुझे. [गला साफ़ करने की आवाज़] लगता है कि इस.
देश में बहुत सारे लोगों मन में आया।. हम्म।. एक घटना 2 जून की रात होती है।. दो टीचर शामिल होते हैं। दो टीचर मतलब. प्रत्यक्ष तौर पर आप दोनों शामिल नहीं थे।. अप्रत्यक्ष तौर पर दोनों शामिल थे। उनकी. गिरफ्तारी पे हम एक बात बताते हैं।. मैं आ रहा हूं। सवाल हमारा सवाल तो पूरा. कर लेते कम से कम। हमको पता है कि आप ठीक. है। अपनी साइड से भी आप भरे हैं। 40 दिन. से भरे हैं। लेकिन सवाल सुन लीजिए। पटना. में एक घटना होती है। दो टीचर होते हैं।. रोशन सर खान सर। रोशन सर भी वहां मौजूद. नहीं थे। खान सर भी डायरेक्टली शामिल नहीं. थे। खान सर की तरफ से एक शिकायत दी गई.
जिसमें रोशन सर जेल चले गए। बहुत सारे. झूठ बात है। शिकायत खान सर की ओर से नहीं. दी गई है। ये एफआईआर की कॉपी है। मेरा नाम. भी नहीं है इसमें। यही तो हम कहना चाह रहे. हैं कि मेरा नमवा काहे घुसेड़ रहे हैं।. किसने एफआईआर किया? फिर. पढ़िए खान सर लिखे हैं। लीजिए पढ़ लीजिए।. दर्शकों को लगा दीजिए। जबरदस्ती मेरा नमवा. घुसेड़ रहे हैं। इसीलिए तो हमको नहीं समझ. में आ रहा है कि आधा झूठ बोलते हैं वो।. कन्हैया कुमार सिंह।. हां उखान सर है। वो. कन्हैया कुमार सिंह कौन है ये? स्टाफ है मेरा। केस किस में कर रहा है? उनके स्टाफ पर तो भाई आपके स्टाफ ने ठीक.
है चलिए हम ठीक है सही कर लेते हैं आपके. स्टाफ ने उनके स्टाफ पर केस किया. हां. उनका स्टाफ जो है वो आप पर भी आरोप लगा. रहा था कि आपने गोली की बात कही गोली. चलवाई जो आपने कहा नहीं. [गहरी सांस लेने की आवाज़]. अब दर्शक ये सोच रहा है भारत में जो आप. दोनों में मसला दिख रहा है कि एक टीचर को. जेल हो गई 13 दिन तक वो जेल में रहा आपके. ऊपर आर्म्स एक्ट के तहत पुलिस ने मुकदमा. दर्ज किया शुरू में फर्जी निकला निकला. नहीं निकला वो बाद की बात है। खान सर जेल. नहीं गए। रोशन सर जेल चले गए। खान सर इतना.
पावरफुल आदमी है। इसमें पावर. खान सर जेल क्यों नहीं गए? इसमें पावरफुल नहीं कानून की जानकारी का. सवाल है। अगर कानून की जानकारी नहीं है, कम पढ़े हैं तो भुगतना पड़ जाता है कानून. में? देखिए हम आपको एक चीज दिखाते हैं।. हमने उन पे केस नहीं किया।. हां।. और मेरा केस स्टेट गवर्नमेंट से है।. पढ़िए। खान सर वर्सेस स्टेट ऑफ़ बिहार।. क्या इसमें रोशन सर हैं? मतलब अगर वह जबरदस्ती अपने को ना घुसेड़ते. खान सर खान सर तो मीडिया हाईलाइट नहीं. करती ये नॉर्मल सा लट जाता पुलिस नॉर्मल.
लेके चलती वो जबरदस्ती खान सर ने केस कर. दिया खान सर ने केस की दिया अब इसमें क्या. है ना कि मामला मीडिया ने हाईलाइट कर दिया. अब पुलिस हो गई एक्टिव पुलिस रोशन सर को. नहीं गिरफ्तार करती वो गिरफ्तार करने आ. रही थी विकास को और जो लोग सीसीटीवी में. दिख रहे थे देखिए पुलिस एक हद तक लीपापोती. कर सकती है या कुछ हद तक लापरवाही कर सकती. है लेकिन जो सीसीटीवी में दिख गया ना याद. रखिए पुलिस अब उससे लापरवाही नहीं करेगी।. तो जो लोग सीसीटीवी में दिख गए एक्चुअल. क्या है ना कि सारे सीसीटीवी 10:00 बजे. बंद हो जाते हैं। लेकिन मेरा एक ब्लड बैंक.
चलता है। अभी हाल में खुला है। उसमें. तुरंत हम सीसीटीवी लगवाए थे। ये इन लोग को. पता नहीं था। तो ये लोग फुल प्लानिंग में. था कि 10:00 बजे ऑफिस बंद होता है। शटर. गिरा है और 1010 पे मारा है। उन लोगों को. लगा कि सीसीटीवी है या नहीं है। ले तो. वहां हम हालेल में लगवाए थे सीसीटीवी।. अब उसमें जब आ गए तो पुलिस विकास को. पकड़ने गई। विकास ने मोबाइल ऑफ किया। इनके. सारे लोगों ने मोबाइल ऑफ किया। सब भाग गए. सब और अब क्या करेंगे? पागल की तरह पुलिस.
घूम रही है। रात भर पुलिस घुझी। इनको तो. खोजबे नहीं कर रही थी पुलिस। रात भर इनके. कोचिंग में गई तो कोचिंग में कोई नहीं।. चार जगह जा रही है। कोई नहीं मिली। उबिया. के पुलिस इनके पास गई। तो ये अगर पकड़ के. अच्छा इनको भी पुलिस अगर सुबह उठा रही है।. सुनिए ध्यान से। सुबह पुलिस उठा रही है।. कोर्ट में कब प्रस्तुत की है? शाम में।. शाम में दिन भर इनके टाइम पास था। इनके. पास टाइम था। ये बता देते विकास कहां है? छोड़ देती पुलिस इनको। मेरा गार्ड अब.
समझिएगा क्या? मेरा गार्ड अगर हम गार्ड को. भगा देते. हम. तो हमको कौन पकड़ाता है? ये बताइए।. हम पकड़ाते हैं। तो ये अरेस्ट हुए हैं. विकास को बचाने के चक्कर में। अब विकास. कौन सा बात इनकी जानता? आज तक विकास भागा. हुआ है।. नहीं लेकिन जैसे आपके जो यह एंप्लई हैं. कन्हैया कुमार. इन्होंने जो शिकायत की उसमें लिखा कि. ज्ञान बिंदु कोचिंग के डायरेक्टर रोशन. आनंद के कहने पर अभिषेक और प्रिंस और उनके. स्टाफ रोशन और गौरव के साथ 15-20 लड़कियां. मारा। तो [नाक से की जाने वाली आवाज़]. आपके आपके एम्प्लॉय ने तो डाल दिया ना कि. उनके कहने पे मारा। इसलिए उठाए गए होंगे.
रोशन सर। तो कहने पे या तो बिना कहे मारा. है। तभी इन्होंने आके कहे कि बिना कहे. मारा है। पुलिस अरेस्ट किसको करने गई थी? विकास को। तब यह आए और कहे कि नहीं मेरे. स्टाफ ने बिना कहे मार दिया। यह ई बतिया. अभी नहीं एक्सेप्ट कर रहे हैं।. यह हमारे यहां तो उन्होंने कहा है. कि मैंने उनसे पूछा कि क्या आपके कहने पर. वो लोग मारने गए थे? ये सवाल मैंने उनसे. पूछा था। तो उन्होंने कहा नहीं वहां पर जो. कोचिंग प्रबंधन था शायद अभिषेक उनका है।. उन्होंने स्वयं अपने हिसाब से फैसला. ये बात वहां पुलिस को बोल देते हैं।. ये नहीं झेलना पड़ता। पुलिस इरिटेट हो के.
गई। अब सुनिए ध्यान से। अब इसके बाद क्या. होता है? पुलिस इनको इनकी उसके बाद पुलिस. से कुछ तू तू-हम हुई होगी। अब इनका गुस्सा. पूरा पुलिस के ऊपर है। आप देखिएगा कि सब. पे आरोप लगा रहे हैं। डीजीपी से लेके, एसएसपी से लेके सारे लोगों पे। इनको जमानत. शाम में मिल जाती। 1 दिन में जमानत मिल. जाती। जब इससे पहले अरेस्ट हुए थे तो 1. दिन में छूटे थे। केवल एक दिन में छूटे. थे। वहां पर भी हमने इनको सूचना भी दिलाई. थी प्रोटेस्ट में भी कि सर आप पे एफआईआर. है। एंटीिसिपेटरी ले लीजिए। तो इनके वकील. ने कहा कि अभी छुट्टी चल रहा है और विंटर.
वेकेशन था उस समय। तो इनके वकील ने गलत. सलाह दिया और रातोंरात पुलिस लेके चली गई।. उस दिन वो एक दिन में छूट गए क्योंकि उस. समय ये पहली बार जेल गए थे। लेकिन बीएएनएस. जब से कानून आ गया है ना उसमें कहता है कि. अगर आप एक बार पहले जेल जा चुके हैं और. आपकी क्रिमिनल हिस्ट्री है तब आपको 14 दिन. का सफर. रोशन सर से मैंने ये भी सवाल पूछा था। मैं. आपको टोकता चलूंगा इसलिए मुझे माफ़ कीजिएगा. क्योंकि मैं आपके अपमान में नहीं टोक रहा. हूं क्योंकि मेरा काम आज है। उधर मैंने भी. टोका था। आपको भी टोकूंगा।. रोशन सर का ये कहना था कि जिस-जिस मसले पर.
मैं और खान सर साथ में प्रोटेस्ट किए थे।. उसी उसी मसले पर मेरे ऊपर एफआईआर हुई उनके. ऊपर नहीं हुई थी। तो जो मैं मेरे ऊपर. अपराधिक गतिविधि की बात करते हैं। यह. छात्रों के लिए मेरा फैसला था। उनके हक की. लड़ाई लड़ रहा था। मैं उस चक्कर में मेरे. ऊपर पुराने केसेस थे और उसमें खान सर पर. केस नहीं हुआ है। सारे मामलों में हमारे. पे केस ना होने का कारण बता रहे हैं।. प्रोटेस्ट का कुछ रूल होता है। आप डीएम को. इनफॉर्म कीजिए। एसपी को इनफॉर्म करिए। आप. उस संबंधित थाना को इनफॉर्म कीजिए। वहां. प्रोटेस्ट में अगर लड़की जा रही है तो. उसके लिए बाथरूम का इंत इंतजाम कीजिए।.
पानी का इंतजाम कीजिए। टेंट का इंतजाम. कीजिए। हम यह सारा इंतजाम करके पुलिस को. दिखा दिए। हमें मिल गया परमिशन। हम चले. गए। इ लोगों ने देखा अरे तरीका बड़ी आसान. है प्रोटेस्ट करना। ये लोग बिना कुछ. फॉर्मेलिटी निभाए और चल गए लोग। तो किसी. चीज का प्रोसेस होता है ना। आप किसी. प्रोटेस्ट स्थल पे हजार लड़की ले जा रहे. हैं। उसका बाथरूम नहीं रखेंगे।. ये बतिया कौन बताएगा? कानून मेरे लिए अलग. है।. आप प्रोटेस्ट कहीं करने जा रहे हैं। आप. हमला करने नहीं ना जा रहे हैं जी।.
प्रोटेस्ट आपको कौन दिया है? संवैधानिक. अधिकार तो आप डीएमएसपी को क्यों नहीं बता. रहे हैं? हमने डीएमएसपी को मैसेज करके. बताया इवन कॉल करके बताया कि सर आप ही के. खिलाफ प्रोटेस्ट करने आ रहे हैं। आप वही. के थाना में तो क्या डीएम या एसपी भी. संविधान से ही बंधे होते हैं। हम भी. संविधान से आप प्रोसेस फॉलो करके जाइए कभी. केस नहीं होगा। किसी ट्रैफिक को डिस्टर्ब. मत कीजिए। हम जब जाते हैं तो एक जहां तक. ट्रैफिक नहीं रहती है वहां तक बच्चों को. ले जाते हैं। उसके पास 50-60 बस लगा देते. हैं क्योंकि उसके आगे का रास्ता पतला है।. स्कूल हैं, हॉस्पिटल है डिस्टर्ब ना हो।.
हम बस में बच्चों को बैठा देते हैं। फिर. वहां से 3 कि.मी. दूर 5 कि.मी. 3- 4. कि.मी. दूर गर्दनी बाग है। फिर वहां से बस. से उन बच्चों को उतारते हैं। गर्दनी बाग. में फिर बच्चों को उतारते हैं। वहां. उन्हें पानी देते हैं। वहां उनके लिए. नाश्ता बनवा देते हैं। खाना पीना दे देते. हैं। टेंट दे देते हैं। माइक दे देते हैं।. सब दे देते हैं। ये सारी बात मजिस्ट्रेट. को बता देते हैं।. भाई तो ये सब बात रश सर को नहीं पता है. क्या? बताएं तो. मतलब आपकी बात सुनकर मुझे लग रहा है कि. उनके पासपास ना वकील समझदार है, ना आदमी. समझदार है और आप सब पढ़ा लिखा लिए बैठे. हो।. तो ये गलतियां काहे कर देते हैं वो? करें प्रोटेस्ट नहीं होगा एफआईआर का कहना.
है कि यह कदम कदम कुआ थाना वाला जो. इंचार्ज है वह आपको ज्यादा मानता है. अरे हमरा मानता तो हमारा एफआईआर में फर्जी. नाम डाल देता मानता तो दो लाइन लिख देता. कि उन्होंने गोली चलाया मेरा काम ही खत्म. अगर वो हमको मानता तो दो लाइन लिख देता कि. हमने हां उन्होंने भी गोली चलाया है कहां. लिखा है. वो 13 दिन तक जेल में क्यों रहे फिर. अरेस्ट क्यों रहे 13 दिन तक. पुलिस ने उनकी प्रीवियस हिस्ट्री को दे. दिया. वही छात्रों वाला जो था. हां हां प्रीवियस हिस्ट्री को दे दिया. इसलिए वो रह गए इसमें हमारा क्या हमने. नहीं दिया उनको. तो मतलब अगर छात्रों के लिए उन्होंने.
प्रोटेस्ट ना किया होता तो शायद वो इस. मामले में छूट जाते।. केवल छात्र वाला प्रोटेस्ट नहीं था और भी. प्रोटेस्ट उनके खिलाफ मुकदमे थे। एक ये. वाला मुकदमा था। यह हमने दिखाया ही नहीं. तो और अटक जाते।. ये क्या है? ये एक एक उनके ऊपर केस है और जिस पे इनके. ऊपर लगा हुआ है। अब देखिए किडनैपिंग का. चार्ज यहां पे हम. महाराज वो टीचर है। कहां किडनैपर बना रहे. हैं उनको आप? देखिए यहां पर पढ़िए।. इतना धारा हमको डिटेल हम आपकी तरफ जेल ले. गए हैं ना। अभी बेल में नहीं गए अभी हम. थोड़ा समझाइए।.
हम इस अभी अभी सब चीजों पे आएंगे।. इसको भी स्क्रीनशॉट लगा देंगे दर्शक के. लिए ताकि समझ जाएगा।. हां। तो हम ये सब चीजें हमने हमने अपनी ओर. से बहुत सारी चीजों को मना किया। छुपा. दिया कि भैया कोई टीचर नहीं जेल जाना. चाहिए। हम लोग को भी यह लगा था कि यार. इनको क्यों पुलिस उठा ली। आज भी हम लोग. पुलिस को सोचते हैं इनको क्यों उठा ली? अब. सुनिए जिस पे इन्होंने आरोप लगाया कि. हमारा फेवर कर रहा है हम. अगले दिन मेरे यहां आके बैठ जाता है एसएओ. हम. आप नए गार्ड को बुलाइए क्योंकि उनको हमें. अरेस्ट करना है.
और. दोनों अरेस्ट हुए. जो दोनों अरेस्ट हुए हैं यहां पे हम क्यों. नहीं अरेस्ट हुए अभी इसमें बताते हैं। अब. मेरे गार्ड उस समय दूसरे सेंटर पे थे। तो. हमने कहा एक काम कीजिए आप 2 घंटा बाद आइए. वह आएंगे तब लीजिए कहेंगे कि ना हम ज नहीं. करेंगे य बैठेंगे वह 2 घंटा मेरे सामने. बैठे हुए हैं पूरी दल बल को लेके जब वो. गार्ड आए हैं लोग तो उठा के लेके चले गए. तो शुरुआत. जिसने बाद में गवाही दी. हां अब उनको लेके चले गए अब हमको यहां से. डाउट हो गया कि ये कुछ ना कुछ उससे. लिखवाएंगे सादे पेपर पे कुछ ना कुछ या कुछ.
ना कुछ बुलवा लेंगे क्योंकि थाने में बोल. गए कोई बात नहीं होता हम तो हमेशा क्लास. में भी बच्चों को बुला बोलते हैं कि पुलिस. अगर अगर थाने में कुछ भी बोले हां बोल. देना नहीं तो तुमको थूरेगा वो तो थुराने. से कोई फायदा नहीं है हां बोल देना कोर्ट. में जाके सच बोलना तो इन लोगों ने उससे. कहा दिया कि बोलो कि खान सर ने बोला है. गोली चलाओ मैं नेता अभिनेता सबको जानता. हूं तो उससे लिखवा लिया यहां पे हमको यह. बात पता थी अब हमने अपने वकील को उसी समय. बोल दिया कि देखिए मेरे गार्ड को ये लोग.
लेके चले गए हैं कल होते यह लोग मेरे पे. एफआईआर डाल देंगे आप पूरी पेपर वर्क रेडी. रख. पुलिस भी समझदार उनका टारगेट था कि खान सर. को छोड़ना नहीं है। एफआईआर लिख लिया बट. साइन नहीं किया तो साइन जब तक नहीं होगा. तो एफआईआर तो होगा नहीं। इन्होंने देखा कि. खान सर को उठाने के लिए सबसे अच्छा टाइम. है ना फ्राइडे का दिन क्योंकि सैटरडे संडे. कोर्ट रहेगा।. हिंदी पिक्चर वाला. हिंदी पिक्चर वाला। तो मेरे ऊपर जब एफआईआर.
इन्होंने लगा जिसका इन्होंने कह रहा है कि. मेरा सम सपोर्ट कर रहा है तो उन्होंने. किया कि फ्राइडे के दिन केस ल्च किया. दोपहर में। और तब तक हमारा इधर कोर्ट में. मेरा वकील रेडी थे। ये जैसे लगाए हमारा. कोर्ट में पहुंच गया। अब हमको बस दो दिन. तक मोबाइल ऑफ कर देना था। क्योंकि पुलिस. क्या है ना कि ज्यादातर अभी मोबाइल से ही. खबर चल रही थी कि फरार हो गए।. हां फरार किया। हम पटना में थे।. आप अगर पुलिस क्या है ना कि इतना एडवांस. हो गई है ना कि वो मशीनों पे अब डिपेंडेंट. हो गई है। पुरानी सिस्टम खत्म हो गई कि. किसी से पूछताछ के। तो अगर आप मोबाइल हटा.
दिए सब कुछ हटा दिए और लोकेशन मतलब दो चार. मोहल्ले इधर-उधर हो गए ना और किसी को बताए. नहीं तो नहीं तो हम पटना में थे हमें लगा. था कि हमारे वकील साहब तो रेडी हो गए तो. मेरा पेपर चला गया अगर आप गिरफ्तार नहीं. हुए हैं तो उस बेल को कहते हैं. एंटीसिपेटरी तो हम अपने बच्चों को आप. देखिएगा मेरा वीडियो भी वायरल हो गया. इसमें हमेशा समझाते थे कि एफआईआर के टाइम. पे तुम मत पकड़ाना वरना अगर जेल के अंदर. चले गए तो 14 दिन तक तुमको सड़ाएगा अंदर. चले गए तो 14 दिन सड़ा देगा उसे बोलते.
बोलते हैं रेगुलर बेल बाहर रहोगे तो. एंटीिसिपेटरी मिलेगा तो हम बाहर रह गए. लेकिन पुलिस ने यहां एक गेम कर दिया मेरा. और गार्ड का ना एफ क्लब कर दिया मतलब एक. ही में कर दिया अब जज साहब ने कहा हम. एंटीिसिपेटरी देवे नहीं करेंगे कि अरे. भैया भाई अब एंटीिसिपेटरी ना मिलेगा तो हम. तो अरेस्ट हो जाएंगे तो उन्होंने हमको नो. कोरेसिव दे दिया नो कोरेसिव का मतलब होता. है किकिकि पुलिस ने टाइप करके स्टेटमेंट. दे दिया था तो जज साहब को भी समझ में आ. जाता है चीजों को तो नो कोरेसिव का मतलब. होता है कि पुलिस अरेस्ट नहीं करेगी।.
लेकिन कभी वो नोकरेसिव खत्म हो जाता है।. तो तब तक कोर्ट ने इनको रोशन सर को 40 दिन. का टाइम था इनके पास। मेरे खिलाफ कोई भी. WhatsApp चैट, मैसेज, गवाह, सबूत, एविडेंस, सीसीटीवी कुछ दिखा दीजिए। यह बस. बातें करते रह गए मीडिया में। इनके पास. कुछ नहीं है। बस बोलेंगे कि दो आधार कार्ड. है। हम साबित कर सकते हैं। पता नहीं कब. साबित करेंगे। इो दिखा देते वहां जाके तो.
बेलवा रुक जाता।. आपके पास दो आधार कार्ड है।. कहां से दो आधार कार्ड किसी का होगा? चार. आंख है क्या मेरा? रेटिनवा कहां से. लाएंगे? आप फैजल खान के अलावा अमित सिंह भी हो।. तो भैया कोई ऐसे मजाक में किसी को नाम दे. सकता है। बट मेरा नाम अमित सिंह ऑफिशियली. कभी नहीं है। [नाक से की जाने वाली आवाज़]. मतलब एक किस्सा तो आपने सुनाया था। एक. तो बहुत पहले ये बात बोले थे। हम ही बोले. थे। ये. किस्सा सुनाया था आपने। कहीं कमरा लेने गए. थे वहां पर। लेकिन आपके पास दो आधार कार्ड. है।. ये महा बेवकूफ वाला आदमी ही ऐसा बात बोल. सकता है। क्लास फाइव में जब हम लोग पढ़ते. थे ना तो ऐसे ही एक दूसरे पे आरोप लगाते.
रहते। मतलब भारत सरकार के ऊपर ठेंगा दिखा. दिया उन्होंने यहां बैठ के कि आप जो. दुनिया में घूमते हैं ना आधार कार्ड का. ढिंढोरा पीटते देखिए। दो आधार कार्ड बनाने. के लिए दो आपका चार गो आंख होना चाहिए।. पॉसिबल है।. तो फिर जब उनके पास इतना पता है तो दिखा. दे।. बहुत सारे लोग बिलीव भी किया इस बात को।. मतलब हालांकि इसप हमने टोका था उस पडकास्ट. में हमने टोका. इस पे तो जाके केस कर दे मेरा जमानत खत्म. हो जाएगा. आपका आधार कार्ड है फैजल खान ही नाम है. हां जी.
अब तो खुला खेल फर्रुखाबादी है. हम क्यों हम अमित सिंह बेवकूफी वाली बात. है ना हम तो खुद ही बोले थे कि हम लोग. कभी-कभी ऐसे रूम लेने के लिए जब जहां नहीं. मिलता था तो अमित सिंह बोल दिए थे. इनके पास होता क्या है ना इनको चार पांच. इनकी टीम है इनकी खराबी बता रहे हैं ना. इनके अगल-बगल में जो है सब ना इनको गलत. गलत जानकारी दे दिए सब और इनका इनको आभास. भी हुआ। जब ये जेल से छूटे तो क्लास में. आके अपने बच्चों से बोले हैं कि जब हम जेल. गए तो कोई साथ नहीं दिया। इन्होंने भी.
बोला इस बात को क्योंकि इनके अगल-बगल. वालों पे भी ज्यादा पे मुकदमे वो भी साइड. हो गया सब। क्योंकि जब आप चाहते हैं कि. पैरवी तभी कर सकते हैं जब आप पे नहीं हुआ. हो। यहां पे अब इन हुआ क्या कि इनको किसी. ने बता दिया कि कि राज्यपाल साहब जो हैं. इनके क्लास में भी आए थे। अच्छा है इनसे. जमता है शादी में भी आए थे तो उठ के बोल. दिए कि राज्यपाल भी मिले हुए हैं तब किसी. ने बताया हे महाराज वह वाला राज्यपाल चेंज. हो गए तो कहा वो चेंज हो गए लेकिन बयान. दिलवा दिया सब इनसे तो इनके अगल-बगल में.
ना. चलो सबको अगर हटा भी दे जब आपको पता चला. कि रोशन सर जेल में गए आपने एफआईआर क्यों. नहीं वापस ले ली ये लोग पूछेंगे कि. ये तो महा बेवकूफ जो कानून नहीं पढ़ा है. वही बोल सकता है आपके हाथ में मैंने. वीडियो गेम खेल रहे हैं कि दे दे चलेगा एक. बार एफआईआर लॉज हो गया आपके पास। आप कैसे. वापस लेंगे विदाउट कोर्ट की परमिशन? जब. कोई इंसान जेल में जाता है तो वह कोर्ट की. संपत्ति होती है। पुलिस भी वापस नहीं ले. सकती है।. ठीक है? विदाउट कोर्ट की इंटरवेंशन कोई नहीं ले.
सकता है।. चलिए इसको दूसरे तरीके से मॉडिफाई करते. हैं कि जब प्रिंस की हत्या खबर आपको सुनाई. पड़ी।. क्या आपने रोशन सर को फोन किया? संवेदना. जताने के लिए। आपने सोचा आपके मन में. ख्याल आया कि उनके घर जाकर मिल लें। यह. मामला खत्म कर दें। क्योंकि छोटा सा विवाद. था. ना आपने सोचा होगा इतना बड़ा हो जाएगा ना. उसने सोचा होगा क्या आपने कोई पहल की. क्योंकि उस वक्त वो दर्द की पराकाष्ठा से. गुजरा था उनका और उनका परिवार और ये सवाल. बहुत सारे लोगों के मन में है कि. सोशल मीडिया पर आपका एक वीडियो आया लेकिन. क्या निजी जिंदगी में आपके पास भी नंबर था.
फोन करके या उनके माताजी से मिलकर कहीं. आपने सोचा कि एक अप्रत्यक्ष तौर पर ही सही. क्षमा मांग ले. यहां पे क्या हुआ ना वो उस समय जेल में थे. जेल में किसी के पास फोन नहीं होता. दो दिन बाद छूटे। कुछ टीचरों ने ना इसमें. आग में घी का काम कर दिया।. वहां बैठ के कि पाकिस्तान भाग जाएगा। ये. जिहादी निकला। ये वो आग में घी का काम कर. दिया। मेडिएशन के लिए बीच में लोगों का. होना जरूरी है। मेरा भी मोबाइल ऑफ था।.
रीजन क्या है कि हमें भी परमानेंट बेल. नहीं मिला था। तो हमें भी एक मोबाइल ऑफ. रखना पड़ता था। वो जेल में थे। उनके पास. भी मोबाइल नहीं था।. तो बात यहां होता है जिसको मेडिएशन करना. चाहिए जो बीज बचाव में है वह क्रेडिट लेने. के चक्कर में आग में घी डालने के चक्कर. में पुरानी खुन्नस निकालने के चक्कर में. उल्टा सीधा और बात को बढ़ाने लगे लोग. रोशन सर के परिवार का दुख हमने देखा उनकी. माताजी का दुख देखा रोशन सर का दुख देखा. जब ये पूरा घटनाक्रम चल रहा था क्योंकि.
आपका ही परिवार है माताजी हैं पत्नी हैं. पिताजी होंगे आपके परिवार में क्या चल रहा. था. हमारे परिवार में बस दुआ इस बात की चल रही. थी कि उनके परिवार में और किसी के साथ ऐसी. घटना ना हो। कहीं ऐसा ना हो कि कोई बीमार. इनके बाबा जी बहुत बूढ़े हैं। तो हम लोग. बस ये कह रहे थे कि भाई सहन शक्ति दे ऊपर. वाला और बस पापा का मेरा यह कहना था कि. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैसरा रिपोर्ट करो. और वो जो चार दोस्त हैं उनका बयान अलग-अलग. क्यों है? कई चीजें एक साथ चल रही थी। तो. परिवार बड़ा चिंता में था इस बात को लेकर.
किसरा रिपोर्ट कब आए हैं? आपको लेके चिंता. नहीं थी परिवार में क्योंकि आपको लेके दिन. भर टीवी पर खबर चल रही थी कि खान सर फरार. हो फैजल खान फरार हो गए हैं। फैजल खान. फरार ये वो बहुत सारी खबरें आ रही थी आपको. लेकर भी। आपको लेके परिवार परेशान नहीं. हुआ।. हम लोग को लेके हमने पहले बोल दिया कि. देखिए मीडिया वाले पहले से खुन्नस खाए हुए. हैं। इनको ज्यादा मत देखिए। ये आधा फेक. न्यूज़ चलाते हैं सब यहां पर। इवन कि इसी. बीच में जब हम लोग घर पे भी थे ना तो चला. रहा था कि फरार हो गए हैं। तो घर वालों को.
भी यकीन हो गया अरे तो घर पे बैठे हुए. हैं। इनको चला रहा है कि फरार हो गए यहां. पर।. आपको पुलिस पकड़ क्यों नहीं पाई? नो कोरेसिव लगा हुआ था। यह नैरेटिव मीडिया. ने गलत दिखाया। नो कोरेसिव का मतलब होता. है कि जब तक कोर्ट नहीं बोलेगा आप अरेस्ट. नहीं किया।. एक बीच में खबर चली थी कि कोई बड़ा. अधिकारी आपको पकड़ने की कोशिश कर रहा है।. आप मिल नहीं रहे थे। ऐसी ऐसे अफवाहें. मार्केट में बहुत सारी थी।. कौन अफवाह बेवकूफ चला दिया यहां पे ऑन. पेपर चीजें लगी होती है। जब किसी पे नो. कोरेसिव होता है तो विदाउट कोर्ट के. परमिशन आप उसको नहीं अरेस्ट कर सकते हैं।. तो नो कोरेसिव लगा हुआ था।.
पटना में थे। हां, टावर लोकेशन रहता है. पुलिस के पास। पुलिस देख ले।. अरे वाह। तो, फ़ स्विच ऑफ़ कर रखा था फिर. आपने। अगर नो कोरेसी था? देखिए, हर तीन दिन पे डेट लगता था। तो, अब. पता चला कि अगले दिन डेट लगा और वहां जज. साहब ने कह दिया कि अगली तारीख इतने को. लगेगी लेकिन नो कोरेसी खत्म करते हैं तो. फिर वहीं से अरेस्टिंग हो जाएगी। बहुत. अजीब चीज होता है ना नो कोरेसी? ना हां है. ना है। वो वेंटिलेटर है आदमी का एक तरह. का।.
इस पूरे घटनाक्रम में कोई चीज आपके परिवार. में परेशान हुई किसी मानवीय तौर पर अगर. कोई चीज का जिक्र करना चाहो कोई इंसान. क्योंकि एक थ्योरी हमने कहीं उड़ते-उड़ते. सुनी थी। कितना सच कितना फसाना पता नहीं. क्योंकि बहुत सारी खबरें बहुत सारे लोग. मेल भी करते हैं। बहुत सारे लोग आपके. हमारे म्यूचुअल भी हैं। एक थ्योरी आई थी. कि आपकी आपको शायद ट्रैप करने के लिए. पुलिस या किसी ने आपकी माताजी के नाम का. इस्तेमाल किया था कि तबीयत खराब है आ जाओ।. ये कोई थ्योरी सही है या गलत है ये? किसी हमारे ही लोग में से खबर भिजवाया गया.
कि जिस दिन नो कोरेसी पहली बार मिलने वाला. था तो हुआ क्या कि अगले दिन या तो बेल मिल. जाएगा या तो स्टे लग जाएगा या नो कोरेसी. मिल जाएगा या एंट्रीम बेल जो भी मिल जाए. यहां पे तो वो लास्ट टाइम था उनको लगा कि. आज पकड़ लेते हैं तो फिर काम बन जाएगा. यहां पे तो खबर भिजवाया गया ना कि आपकी. मां जो है. वह आखिरी सांस ले रही है बात कर लीजिए. आपसे. हां तो जो फोन था जिस जिस रूट से आ रहा था.
वहां से तो यह खबर भेजा. यह फोन कौन किया था आपको यह. एंप्लई. आपका. हां उसी से कराया गया था. विश्वास पात्र था या कोई आरा एम्प्लई. नहीं उससे था यहां पे लेकिन हमने पहले बोल. दिया था कि कौन इंसान किस लिए कॉल करेगा. तो वही हमको डाउट हो गया कि जिसको हम. हेल्थ इशू के लिए बोले थे वह नहीं कॉल. किया था जिसको हम बच्चों के लिए बोले थे. कि बच्चों को कोई दिक्कत होगा तुम कॉल. करना वह हेल्थ का बात बोला तो हमको डाउट. हुआ दिस इज अ ट्रैप.
तो माता जी का नाम का इस्तेमाल करके पुलिस. आपको पकड़ने. पकड़ने की कोशिश वो लास्ट अब जो पकड़ने की. कोशिश करे अब करें बट मेरे पास ऐसे ही खबर. आई. कौन-कौन पीछे पड़ा था आपके आपके हिसाब से. पूरा लोग तो पीछे ही पड़ गया था आजाद भारत. में पहली बार किसी इंसान को गिरफ्तार करने. के लिए इतना जी जान लगाया गया था चाहे. मीडिया हो टीचर हो प्रशासन हो जो हो आजाद. भारत में किसी को आप इतने दिन से. पत्रकारिता कर रहे हैं किसी को गिरफ्तारी. करने के लिए इतना जोर लगाते देखे हैं तो. आजाद भारत में मीडिया का इतना बड़ा दुश्मन. तो कोई नहीं बना था। सब के सब बवाल लिए.
बैठे थे आप। हां तलवा तलवा चाटती हो ये. करती हो वो करती हो ऐसा वैसा बच्चा करेंगे. थुक अरे बहुत आपको लगता है वो जो आपने. स्टेटमेंट दिया था एंकर्स को लेके मीडिया. को लेके वो थोड़ा ज्यादा नहीं था। ज्यादा. था ही. काहे दिए थे तो. बच्चों का नीट का पेपर लीक हो रहा है।. बच्चा मर रहा है। आप जिस बच्चे को पढ़ा. रहे हैं वह डिप्रेशन में जा रहा है। आप. देख रहे हैं कि इस बच्चे को हम टेस्ट ले. रहे हैं। इतना अच्छा रैंक आ रहा है। आपको. लग रहा है ये एम्स निकाल सकता है और पेपर.
लीक के चक्कर में वो बेचारा सोसाइटल नौबत. आ रहा है। बच्चियां रो रही हैं। तो आप. क्या कहिएगा? तो उसमें किसी एक एंकर को आपने इतना. टारगेट क्यों कर दिया? उसने भी उधर से बोला था दो कौड़ी का।. तो आपने नाम लेके बिल्कुल फिर भी वह महिला. थी। इस देश में महिलाओं को ले थोड़ा सा. संवेदनशील लोग रहते हैं।. हां संवेदनशील रहते हैं। अब तो कानूनी. लड़ाई लड़ रहे हैं लोग।. केस चल रहा है आपका? हां।. हमारी पुरानी सहयोगी हैं अंजना जी जिनके. साथ आपका मुकदमा है।. सबसला समझौता नहीं किया आप लोगों ने?
अब कोर्ट में मैटर रहता है तो हम यहां बैठ. के क्या डिस्कस कर सकते हैं? जो कोर्ट. डिसाइड करेगा वही करेंगे लोग।. आपके घर में कोई नहीं फैन अंजना जी का? वो. भी बिहार से ही आती हैं।. आप ही के वहां से हैं। बिहार से हैं। काफी. नाम है उनका देश में। हम जैसे लोगों ने. सीखा भी बहुत कुछ उनसे एक जमाने में।. आपके घर में कोई नहीं प्रशंसक. मेन ये है कि हम लोग का है कि सामाजिक. मुद्दे पे आप आवाज उठाइए। जो बच्चों की. लड़ाई है कम से कम इसके लिए आवाज उठाइए जो. नीट पेपर लीक हुआ था। उस समय नीट का मेन. गुस्सा था।. हां, हम लोग भी नाराज थे। हमने भी बहुत. सारे वीडियोस बनाए। 22 लाख बच्चे थे। 13.
बच्चे बाद में मर गए। हम. उसी के लिए सोनम वांगचुक भी अभी 18 19 20. दिन से अनशन पे हैं। वो सारी कहानियां चल. रही हैं। लेकिन भाषा का ये आता है कई बार. खान सर को लेके कि खान सर कई बार विरोध. करते-करते भाषा थोड़ा सा आमरत कर देते. हैं। टीचर के ऊपर वो भाषा सुभा नहीं देती. जो आपने अंजना जी को लेता है। ये एक लाइन. बहुत सारे लोगों ने जो न्यूट्रल भी थे. उन्होंने चर्चा की।. इसको लेकर रिग्रेट है आपको? अब बोल दिए हम लोग उस समय गुस्सा था।. बच्चों के लिए देखिए हमारे लिए बच्चे बहुत. बड़े हैं। अगर हमको बच्चों का भविष्य को. देखना है तो हम बच्चों को देखेंगे।.
ओके। किसी ने घर में कहा आपसे इस विषय पर. घर में कोई बातचीत हुई? हां हां।. माताजी या पत्नी. सब ने कहा कि इतना काहे बोले? तो फिर क्या बोले आप? हम अगेन बता रहे हैं कि बच्चों का भविष्य. और सामने कोई भी रहेगा।. कोई घर में फैन है आपके अंजना जी का? कोई नहीं। [हंसी]. अब शायद हो जाए।. आपको लगता है अगर अब वो अंजना जी वाला. विषय आपने ना उठाया होता। इतनी लड़ाई ना. लड़ी होती जो बाद में पूरा टीवी आपके.
खिलाफ है।. हां। टीवी ने जो नैरेटिव्स गलत सेट किया. ना, देखिए, बच्चों को धीरे-धीरे समझ में आ. गया। वह गलत हो गया यहां पर। एक नैरेटिव. सेट कर दिया गया कि प्रिंस जो नेपाल गए, वह मेरे वजह से गए। यह सबसे गलत नैरेटिव. था। प्रिंस को. यह तो रोशन सर ने भी रोशन सर ने कहा कि. प्रिंस, प्रिंस को जो प्रीवियस केस था. उसमें उनको उम्र कैद हो सकती थी। पुलिस. उनको पहले से खोज रही थी और उनके ऊपर. प्रिंस के ऊपर दो किडनैपिंग का तीन-तीन.
आर्म्स एक्ट का नेपाल के शराब हमें ये बात. नहीं बोलनी चाहिए।. देखिए जो. सर ये बहुत सेंसिटिव विषय है क्योंकि. प्रिंस अब इस दुनिया में नहीं है। अगर ये. फैक्ट गलत होगा. [गहरी सांस लेने की आवाज़][अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़]. तो बहुत बहुत अनफॉर्चूनेट होगा। मतलब मैं. आपसे फिर कह रहा हूं अगर यह वेरीिफाइड. बहुत एक्सट्रीमली है तभी इस चीज को आप. कहिएगा। वरना मैं भी आपको टोकना चाहूंगा।. देखिए वो हमारे ऊपर जब इस बात का आरोप लगा. देते हैं वो यह कह रहे हैं कि नेपाल में. डेथ हुई है लेकिन एफआईआर नहीं होता तो वो. नहीं जाते। तो. मैं इसको कोट कर दे रहा हूं।.
रोशन ननंद सर के पडकास्ट में जिस चीज ने. पूरे देश के दिल को झकझोरा था। वो चीज थी. जब उन्होंने कहा कि अगर खान सर ने झूठ. नहीं बोला होता गोली चलने का तो एफआईआर. नहीं होता। एफआईआर नहीं होता तो मेरा भाई. नेपाल नहीं जाता। नेपाल ही आता तो मेरा. भाई जिंदा होता। सब कुछ छीन लिया गया खान. सर के एक झूठ से।. तो हमने तो बता दिया कि वो पुलिस के ने. बताया तो हमने तो उनको रिलीफ देने की. कोशिश किया कि भाई गोली चलाने की बात हटा.
दो। हमने तो एकदम नॉर्मल एफआईआर किया था।. आप ही नेपाल गया था ना प्रिंस।. नहीं झूठ बात है ये।. क्यों? एक हम आपसे सवाल पूछते हैं।. पूछिए।. कि हम एक बयान देते हैं हम. कि गोली चली है आठ से 10 राउंड और पड़ोसी. ने गोली चलाई है बिना किसी के नाम लिए तो. पांच लोग देश छोड़ के क्यों चले गए. क्या आपको किसी को ढेला चला के मारिएगा तो. इसके लिए आपको देश छोड़ के जाना पड़ेगा. कुछ तो छुपाया जा रहा है. हो सकता है अरेस्ट करंट अरेस्ट के डर से. जाग के लगे हो कि. तो देश छोड़ दीजिएगा बाकी लोगों ने क्यों.
नहीं छोड़ा और दूसरा सवाल. कहना क्या चाहते हो आपसे. दूसरा सवाल रोशन आनंद सर सर ने इस 13 दिन. के बीच में जब तक वो जेल में थे, उनके. लोगों ने प्रिंस और उसके साथ-साथ एक और. रोशन नाम के लड़के हैं।. जो नेपाल गए थे।. नेपाल गए थे।. जिनका मैंने सवाल रखा था।. मैंने सवाल रखा। उन लोगों का भी बेल क्यों. नहीं फाइल किया गया? यह बात हमको नहीं कहना चाहिए। और हम 40. दिन तक चुप थे। लेकिन अगर आप किसी पे झूठा. आरोप लगाइएगा बिना प्रूफ के तो इंसान अपने.
बचाव में तो करेगा कुछ।. क्या कहना चाह रहे हैं इस बात से कह के. आप? देखिए यह बात बोलना नहीं चाहिए। बड़ा कठोर. हृदय करके आदमी को बोलना पड़ रहा है. क्योंकि वह इन बिना मतलब का आरोप लगाते जा. रहे हैं। देखिए यह हम कुछ एफआईआर ले आते. हैं। बहादुरपुर थाना में बलजीत नाम का एक. आदमी जो इनका लॉकडाउन में एप्लीकेशन बनाया. था वह अपना पैसे का हिसाब मांगने जाता है. ₹5 लाख तो यहां पे देता है रोशन आनंद. प्रिंस और उनका जो एक और रोशन जो नेपाल. में है उन लोगों ने इनको अगवा किया और.
इससे ₹5 लाख स्टैंप पेपर पर लिखवा के साइन. करा लिया। अब ये थाना है। इस पे एफआईआर है. और ये उन पे धाराएं हैं। 323, 332, 342, 365 ये 365 किडनैपिंग का होता है। और यहां. पे इन्होंने एफआईआर है। अब ये एफआईआर है।. हम यहां पे लगा देते हैं। लोग को देख. लीजिएगा। यह पुलिस का एफआईआर है। मेरा. नहीं है। और यह घटना 2021 की है। अब इसके. बाद एक बहुत उटपटांग घटना होती है एक. महिला के साथ। ये हम सब एफआईआर कॉपी लिए.
हैं और सब लगा देते हैं। आप देख लीजिएगा।. यह डॉक्यूमेंटेड पेपर है इस चीज का यहां. पर सोनपुर की एक महिला है पटना से थोड़ा. दूर एक जगह है सोनपुर में उनकी पति को. अगवा किया जाता है और ₹23 लाख की फिरौती. मांगी जाती है वो महिला जाके सोनपुर में. केस करती है और यह है उसका केस एफआईआर हम. लगा देते हैं पढ़ लीजिएगा उसमें इसने बोला. है कि मेरे पति से ₹23 लाख मांगे गए किससे. मांगे अब ये उसने यहां पे नंबर लिख दिया.
कि इस नंबर से फोन आया पैसे मांगे गए इस. पर एफआईआर हो जाती है उनके ऊपर कि अज्ञात. लोगों पे पुलिस जब इनको खोज पड़ताल करती. है तो इनके पति को ये कौन केस है हमें. नहीं पता कौन महिला है ना हम ये मिले हम. बस केस बता रहे इसकी तलाश में अब पटना. पुलिस चल देती है लेकिन जो नंबर दिया गया. था उस नंबर के पीछे जब पुलिस पहुंचती है. तो वो नंबर नेपाल की ओर भाग रहा था लगभग. दो 250 किलोमीटर वो भाग चुका था और वो लोग. अब नेपाल बॉर्डर में एंट्री करने वाले थे.
नेपाल बॉर्डर पे के पास जो बिहार पुलिस. पुलिस का पुलिस स्टेशन आता है नरपतगंज. थाना। नरपतगंज थाना को पुलिस इनफॉर्म करती. है कि कुछ लोग किडनैप करके भाग रहे हैं।. उनको पकड़ा जाए। तो पुलिस की टीम एक और. पटना सोनपुर से निकली थी। एक नरपतगंज थाना. से निकली थी। वहीं पे नेपाल बॉर्डर के पास. पकड़ लिया जाता है थोड़ी दूर अररिया जिला. में। उस महिला के लिए जब पकड़ा जाता है ना. तो उसमें प्रिंस मिलते हैं और छह लोग. मिलते हैं। देखिए हम छह लोगों का नाम बता. रहे हैं।.
यह आपके दर्शकों को लगा देते हैं। इसमें. पांचवा नंबर रोशन और एक नंबर प्रिंस का यह. लोग मिलते हैं।. कि रोशन कौन है? यह जो नेपाल में गए थे उनके साथ जिनको यह. कहते हैं मेरे भाई के जैसा है। तो इसमें. पांच लोग पकड़ाते हैं। विक्की कुमार पकड़े. जाते हैं। सुनील कुमार पकड़े जाते हैं।. मुकेश कुमार पकड़े जाते हैं। अंकित कुमार. पकड़े जाते हैं। रोशन कुमार पकड़े जाते. हैं। और प्रिंस कुमार उम्र 21 साल। पिता.
पता हो गया यहां पर यह जिला सुपौल हो गया. और यह उनका पूरा डिटेल है। अब पुलिस क्या. करती है? जब इनकी जांच करती है तो इनकी. Swift Dzire गाड़ी से वो इंसान जिसकी. किडनैपिंग हुई थी वो पकड़ा जाता है।. पुलिस इस केस में उनको ढूंढ रही थी। यहां. पुलिस का कहना है। देखिए यहां पर पुलिस का. कहना है आप पढ़िए कि प्रिंस कुमार के पास. से उनके बाई कमर में सिक्सर पाया जाता है।. देसी सिक्सर. क्या होता है देसी सिक्सर? पिस्टल सिक्सर. बंदूक की कैटेगरी हो गई। पिस्टल पाया जाता.
है। उसके अलावे देखिए जो इन्हें जिनको यह. कहें कि मेरे भाई जैसा है रोशन रोशन के. पास से देसी पिस्तल पाया जाता है। यहां. उनके जेब से पिस्तल मिली और जिंदा कारतूस. मिलता है। और यहां देखिए Swift Dzire. गाड़ी मिलती है। यह पुलिस का है।. नेपाली दिल वाले नेपाली शराब नेपाल की एक. शराब है। दिल वाले शराब शराब की छह बोतल. मिलती है। छह लोग रहते हैं। छह बोतल मिलती. है।. पुलिस इन पर एफआईआर कर लेती है और इस पर.
जो धारा लगती है इतनी खतरनाक धाराएं हैं. इस धारा में एक बिहार में शराब बंद है।. नेपाल का शराब आता है। उसकी धारा लगती है।. किडनैपिंग की धारा लगती है और आर्म्स एक्ट. लगता है।. आर्म्स एक्ट में उमर कैद की सजा होती है।. हम यह लगा देते हैं। नरपतगंज थाना है।. एफआईआर संख्या 503/23 है। एक मृतक व्यक्ति. के बारे में आप यह बातें क्यों बता रहे. हो? क्योंकि उनको पुलिस दूसरे केस में भी ढूंढ.
रही थी। यह घटना था। इसके साथ-साथ चीजें. जब ऑनलाइन हो गई हैं तो आपके ऊपर कितने. केसेस हैं ये सारे निकल जाते हैं। तो वही. हम कह रहे हैं कि जो एफआईआर कन्हैया कुमार. ने किया तोड़फोड़ का वो इतना बड़ा एफआईआर. नहीं था कि देश छोड़ के जाना पड़ेगा। यह. वो एफआईआर है जिसकी वजह से देश छोड़ के. जाना पड़ा। और अगर वो बेल मांगते जज से कि. हमें बेल दे दिया जाए तो जज साहब पैरा. थ्री में लिखवाते हैं। जब बेल फाइल करते. हैं तो उसका एक पैरा थ्री होता है कि आपके.
ऊपर कोई पुराने मुकदमे तो नहीं है। जब ये. आर्म्स एक्ट उमर कैद की सजा होती है. आर्म्स एक्ट में। किडनैपिंग और नेपाल की. शराब जो बिहार में बंद है। अगर यह देते तो. क्या जज वहीं खड़े-खड़े जेल भेज देते? यही. रीजन है कि उन लोगों का बेल नहीं फाइल. किया गया। और इतना ही नहीं एक और केस होता. है उसके बाद।. पटना में ही कदम कुआं थाना में कोचिंग से. थोड़े दूर पर एक दुकानदार होता है। उस. दुकानदार के ऊपर लोग रंगदारी मांगने जाते. हैं। उसका केस संख्या 445 / 23 2023 की.
घटना है। वो लिखवाता है कि उस पे पैसे. मांगेगा। उसके लड़के के ऊपर गोली चलाई गई।. वो बैठ गया तो गोली दीवार पे लगती है।. उसके एक दुकान से ₹00 लूटा गया। दूसरे. दुकान से ₹18,000 लूटा गया। और कहा गया कि. ₹5 लाख हफ्ता के लिए इस पर भी आर्म से. एक्ट है और गोली चलाने का आरोप है सर इतना. बड़ा तो पुलिस इन सारे केसेस में ढूंढ रही. थी और और एक दिखा हमारी नजर में रोशन सर.
के उनके परिवार मतलब उन्होंने जो हमारी. बातचीत रही उन्होंने कहा वो सीधा साधा. व्यक्ति था। अब वो इस दुनिया में नहीं है।. ये सारी चीजें आ रही है। मुझे ये भी नहीं. समझ में आ रहा कि मैं इससे बात करूं या ना. करूं। मैं बहुत असहज हो रहा हूं। मतलब इस. कॉन्वर्सेशन से मैं बहुत उलझन हूं क्योंकि. मुझे उनके आंसू भी याद आ रहे हैं। उनका. भाई नहीं है इस दुनिया में। हम खुद जहां. संवेदना है, हम वहां संवेदना कर रहे हैं।. यदि वह हमारे पर झूठा आरोप लगाएंगे, तो आप. बताइए हम हकीकत बताएं या उस आरोप को सह. लें। यह अखबार की कटिंग है। जिस पे लिखा.
गया है दुकानदार के बेटे पर ताबड़ात. फायरिंग और ₹50,000 लूटा गया। इसमें नाम. पढ़ लीजिए। हम नाम लिख दिए हैं। आप पढ़ के. खुद बता दीजिए। अखबार की कटिंग है। किसका. नाम है? हम हाईलाइटर कर दिए उस पे।. भांजा रोशन और प्रिंस कुमार. यह कौन है? गोली चलने का आरोप है।. अब वो सबसे अब जो उनका कहना है कि पुलिस. मेरे सामने गुंडों की तरह बिहेव किया।. पुलिस ने मेरे साथ बहुत दुर्व्यवहार किया.
क्योंकि पुलिस को यह सारा केस पता है।. पुलिस को सारा केस पता है। पुलिस सामने. आके नहीं बोलती अलग बात है। ये सारा केस. छुपाया गया है।. तो आप ये कह रहे हो कि. देखिए अगर पुलिस इनके दो किडनैपिंग को एक. एक किडनैपिंग जो नेपाल ले जा रहे थे और एक. बलजीत की किडनैपिंग को। अगर पुलिस सीरियस. नहीं लेती है तो पुलिस अच्छी है।. अगर इनके आर्म से एक्ट पे पुलिस एक्शन. नहीं लेती है तो पुलिस अच्छी है। यह मुंबई.
स्टाइल में अगर दुकानदार से 30,000 और. 18,000 लूट लेते हैं तो पुलिस अच्छी है।. पर इनको लूट-वूटने की क्या जरूरत? अब यह. तो आप वह तो वह बताएंगे ना। आप बताइए यह. सब जब करती है तो पुलिस अच्छी है। लेकिन. पुलिस जब मामला हाईलाइट हो जाता है और यह. सारे केस को खोज देती है तो पुलिस खराब हो. गई। यह सारे कारण थे जिसको उन्होंने. छुपाया। यही वजह है कि वह अपना बेल फाइल. किए बाकियों का नहीं। हम भी अपने स्टाफ हम. अपने तीन हम अपने तीन स्टाफ और दो गार्ड. का बेल फाइल किए कि नहीं किए? किए।.
उन्होंने क्यों नहीं फाइल किया? क्योंकि. पैरा थ्री में यह सब लिखना पड़ेगा और यह. पब्लिकली आ जाएगा। जरूरी नहीं कि जब. मीडिया एक तरफा सुनेगी तो आप उसी को. मानेंगे सही। और एक चीज बहुत बड़ा गलत. छुपाए हैं। हम बताएंगे आपको प्रिंस के. बारे में सुन के रो दीजिएगा सर। आप प्रिंस. को नहीं देखे थे। इतना होनहार इतना. हट्टाकट्टा मजबूत था। आप रो दीजिएगा। अभी. हम एक चीज. सर मेरा दिल ऑलरेडी भरा है ये सब सुनके कि. मतलब एक तो इस दुनिया में नहीं है। मुझे. उस व्यक्ति के लिए उनके भाई के लिए उनके.
माताजी के लिए संवेदना है। फिर मैं ये सब. सुन रहा हूं। फिर मैं आपको भी पूरा गलत. नहीं ठहरा पा रहा हूं। अगेन हम कह रहे हैं. उन माताजी को कि माताजी आपको गुमराह किया. गया और प्रिंस के जो संगति रखी गई इतनी. गलत और अभी भी हम कहते हैं रोशन जी अगर इस. बात को एक्सेप्ट कर लेते ना कि उनके. दोस्तों ने मिर्गी की दवा खिलाई जबकि. उन्हें पता है कि उनके दोस्तों ने मिर्गी. की दवा खिलाई। मिर्गी नहीं था प्रिंस को।. यह छुपाया गया। हम अभी बात बताते हैं. आपको। इन्होंने पुलिस पे दुर्व्यवहार का. आरोप लगा दिया। पुलिस ऐसा क्यों की? क्योंकि इतने केसेस थे। फिर यह कहें आरोप.
लगाते हैं क्या कि ₹1 करोड़ मैंने खर्च. किया है। जिस पर इन्होंने कहा कि ₹50 लाख. हमने थाना अध्यक्ष को दिया है। थाना. अध्यक्ष को ₹50 लाख मिलता 2 मिनट में लिख. देता कि इन्होंने गोली चलाया है। हमको. इतना सफाई देने की जरूरत ही नहीं पड़ती।. थाना अध्यक्ष में होता तो थाना अध्यक्ष. केवल मेरे गार्ड पे एफआईआर लिखता। मेरे पे. नहीं लिखता।. अब बताइए 10 करोड़ में से 50 लाख तो थाना. अध्यक्ष को बता दिया। बाकी के 9 करोड़ का. हिसाब वह दिला दीजिए। वो जिसको मन आ रहा. है उसको आरोप लगा रहे हैं। राज्यपाल,
डीजीपी, आईजी, एसपी सब पे सब पर आरोप लगा. रहे हैं। वहां. आपने पता कराया प्रिंस की डेथ वहां क्यों. हुई? देखिए. क्योंकि इल्जाम आप पर था कि खान सर ने. मरवा दिया था।. हां एक चीज तो क्लियर हो गया कि वो नेपाल. क्यों गए थे? अब आप बताइए क्या इस छोटे से. एफआईआर के लिए कोई नेपाल जाएगा जो जो इसने. किया है। ईंटा पत्थर वाले के लिए कोई देश. छोड़ के जाएगा? आप बताइए। आप पत्रकारिता. किए हैं। ईंटा पत्थर वाले के लिए कोई देश.
छोड़ के जाएगा।. मैं क्या कहूं? मैं निशब्द हो गए हूं।. मेरे पास शब्द नहीं पड़ रहे क्योंकि मैं. दो इमोशंस में लड़ रहा हूं। एक इमोशन जहां. पर मुझे नहीं समझ में आ रहा। मैं. एक इंसान जो दुनिया में नहीं है उसके लिए. संवेदना है। उसके लिए वो दिवंगत आत्मा है।. वो पुण्य आत्मा है। उस पे नहीं उठाना. चाहिए। लेकिन जो जीवित है उसके ऊपर आप. फर्जी आरोप लगा के आप उसे हत्यारा भी तो. साबित नहीं ना करेंगे। वो इंसान अपने बचाव. में कुछ तो करेगा। क्या हम यह मान लें? आपके झूठ को हम देखे हैं ना साथ में।. प्रिंस की हत्या के लिए 2023 से घटना चल.
रही है। आपको छुपाया गया है। देखिए हम. बताते हैं ये आपके सामने बैठ के छुपा के. कैसे गए हैं। जून 2023 में. प्रिंस अर्जुन के साथ गया है रोशन। उसको. कोचिंग के सामने ही एक आगे मंदिर है। वहां. के पास लगभग 30 लोगों ने बड़ी बेरहमी से. मारा। इसमें पढ़िए लिखा है 30 लोगों ने रड. से मारा प्रिंस को।. इन्होंने इनको भी प्रताड़ित किया गया है।.
ऐसा नहीं है कि नहीं किया गया है यहां पे।. इनकी कोचिंग से रंगदारी मांगा गया।. इन्होंने रंगदारी नहीं दिया। केवल हम. त्रस्त नहीं है। वहां ये सब छोटी-छोटी. घटनाओं से सब त्रस्त हैं। जबरदस्ती एडमिशन. कराने को बोला गया। वो नहीं किए थे।. क्योंकि प्रिंस काउंटर पर बैठता था नीचे।. नहीं किया होगा। बस इस बेचारे को खींच के. जून 2023 को रड लेके मारा गया। इतना भयानक. यहां पे ना प्रिंस लेट गया इसे सड़क पे और. तब तक मारा गया जब तक उस बेचारे को लगा कि.
अब नहीं बचेगा। उसको आठ टांका पड़ा था. प्रिंस पे। ये एफआईआर प्रिंस ने किया है. और उसको बताया भी है उसने कि किसने लोगों. ने मारा है इसमें। रंगदारी ना देने के वजह. से उस बेचारे को और इतना गहरा हुआ है यह. खुद रोशन सर ने बोला है और उसको पीएमसीएच. में एडमिट किया गया और 2023 के बाद उस. बेचारे को जब ब्रेन पे चोट लगता है अब. यहां से उसकी बीमारी शुरू होती है जिस चीज. को ये मिर्गी कह रहे हैं उसको बच इसलिए आप. देखिएगा उनकी माताजी का कहना है कि हमरे.
बबुआ के कोनो मिर्गी ना रहल अरे माताजी. आपसे छुपा लिया सभी सब. देखिए यहां पर रिपोर्ट. पुलिस का 30 लोगों ने मारा है। इतनी चीजें. क्यों छुपा रहे हैं भाई की मृत्यु के बाद? सच बोल दीजिए। अब उसको झटका आने लगा। तो. कुछ लोगों में ऐसे हुआ कि मिर्गी है। उस. बेचारे को इतना बुरा मारा गया। इतना. हट्टाकट्टा था प्रिंस ना। चार आदमी खड़ा. हो जाएंगे तो चार आदमी को रोक सकता है।.
इतना बढ़िया उसका शरीर था।. इसके बाद से जब वह नेपाल गया है जब यह. सारी घटना हुई है तो इनके दोस्तों ने उनको. होटल से देखिएगा मीडिया में पूरा बयान है. बता रहे होटल से मिर्गी की दवा मिली है. उसको मिर्गी नहीं था नींद की दवा शराब की. बोतल ये मीडिया में बोला गया है आप देखिए. उन्होंने कहा शराब नहीं पीता लेकिन. शराब नहीं पीते थे तो शराब नेपाल का शराब. लेके क्या कर रहे थे. उन्होंने क्लियर कहा कि मेरा भाई शराब.
नहीं पीता. एफआईआर में कैसे उनकी तलाशी में नरपतगंज. थाना में निकल गया छह बोतल शराब और शराब. का तो बोतल उसका नाम भी लिखा है नेपाली. शराब थी अच्छा छोड़िए ना वो शराब नहीं. पीते थे वो दुनिया में अब नहीं है तो हम. डिस्कस नहीं करेंगे इन्हीं से पूछिएगा ना. ये कौन सा शरबत पीते हैं कि किडनियां खराब. हो गया है हम हमारे ऊपर रोप नहीं लगा रहे. हैं हम बस इतना पूछ रहे हैं कि किडनियां. खराब कौन शरबत से हुआ है हम लोग शरबत नहीं. पिएंगे. अब हम बताते हैं जब वह नेपाल चले गए ना तो. इनके दोस्तों ने जो चार दोस्त भेजे थे वह.
दोस्त कौन थे वह यही जानते हैं इनके दोस्त. उनको क्यों मिर्गी की दवा खिलाएं? ओवरडोज. क्यों किए? नींद की दवा क्यों दिए? और. इतना ही नहीं जो इंसान को आप मिर्गी की. दवा दे रहे हैं, नींद की दवा दे रहे हैं, हॉस्पिटल में किसी को दिया जाता है ना, तो. उस मरीज के परिवार के लोग से साइन कराया. जाता है कि इसके ओवरडोज से हो सकता है कि. आपका मरीज कभी वापस ही ना आए। और आप उस. दवा को बिना किसी डॉक्टर के पूछे उस. बेचारे को आप दे रहे हैं जिसको मिर्गी.
नहीं है।. नींद की दवा दे रहे हैं और कमीनापंती. देखिए उन दोस्तों ने उस बेचारे को मिर्गी. की दवा देके और यह देखिए घूमने चले गए सब. घूमने चले गए सब इनकी माताजी का बयान. सुनिएगा कि दोस्तों मन के हम दोपहर से फोन. करत रहनी है बाबू बतिया बात ना करावत रह. हसन कोई मां नहीं तड़पेगी मां को तो दिल. से रिश्ता होता है बेचारी मां को तो. तड़पती होगी कई बार हम लोग की तबीयत खराब. रहती है तो माता जी को घर से पता चल जाता. है. तो माता जी बोल रही है कि हम बोल रहे थे.
बात कराओ बात नहीं करा रहे तो किसी को आप. ओवरडोज दवा देके घूमने चले जाइएगा। वो. बेचारा तड़फड़ाया होगा। पुकारा होगा उसको।. लेकिन यह दोस्त पता है जब हमारे टीचिंग के. दोस्त सब गाली दे रहे थे तो एक आदमी हमको. पूछे कि आपके दोस्तों गरिया रहे हैं। आपको. कैसा लग रहा है? तो हमने उनसे बोला हमरा. तो दो चार गो है सब वो है सब। लेकिन. बेचारे रोशन के जो चार गो दोस्तों तो दर. है। सब कैसे उसको मरते छोड़ दिया. सब? आप किसी को ओवरडोज दवा देकर घूमने.
जाइएगा।. उसके बाद दोस्तों का बयान सुनिए। एक कहता. है कि रूम में डेथ कर गए थे और दूसरा कहता. है कि हॉस्पिटल में डेथ कर गए थे। अब बाकी. दुगो का बयान ही नहीं आता है। अच्छा वो. दोस्त इतने शरीफ थे तो फिर नेपाल पुलिस. क्यों अरेस्ट कर ली? छोड़ देना चाहिए।. क्यों अरेस्ट हुआ? वो तो वही बताएंगे।. वो तो बयान भी खारिज कर रहे से मैंने उनसे. सवाल पूछा था कि. वो दोस्त को नेपाल पुलिस छोड़ दी है। मिस.
बिहेव का उन्होंने नेपाल पुलिस ने जो कहा. था कि मिस बिहेव किया इन लोगों ने। तो. नेपाल पुलिस छोड़ दी है। वो इंडिया में. है। अभी कौन सा रिहर्सल चल रहा है? कि. क्या बोलना है? वो तो इंडिया आए हुए उनको. 10 दिन हो गया। वो तो पूरा न्यूज़पेपर में. आया था कि नेपाल पुलिस उन्हें छोड़ दिया।. अब क्या छुपा रहे हैं? हम एक बात बस पूछते हैं।. पोस्टमार्टम पोस्टमार्टम भी दोबारा नहीं. हुआ था।. हां। रोशन सर से हम दो सवाल पूछ दो कई. सवाल है लेकिन एक सवाल पूछते हैं।.
आपको सब कुछ देखें लेकिन आप होटल का. सीसीटीवी क्यों छुपा रहे हैं? आप सीसीटीवी निकालिए ना। यहां किसी का. मोबाइल गायब हो जाता है ना। आप किसी दुकान. पे किसी को पेमेंट दे दीजिए। ₹100 दे. दीजिए। दुकानदार का हां आप नहीं दिए हैं।. तो पहला सवाल क्या होता है? सीसीटीवी. दिखाओ। इनको सब जगह का सीसीटीवी चाहिए।. होटलवा का सीसीटीवी क्यों नहीं चाहिए? कौन. आया है? कौन गया है? उस समय कौन था? प्रिंस का चैट क्यों छुपाया गया? किससे. बात किए? लास्ट कॉल किसको किए? यह सब.
बताइए। दोस्तों पे अंधा भरोसा मत कीजिए।. वो दोस्त क्यों देश छुड़वाए सब? ऐसा ऐसा केस में फंसा है सब।. ये केसेस मीडिया में आए पहले कभी? सब. छुपाया गया है। हम भी छुपा लेते। कसम से. बता रहे हैं। अगर वह डायरेक्टली खुलेआम. फैजल खान फैजल खान ने कराया है। अब बताओ. हम हम एक्सेप्ट कर लें। क्यों दिए मिर्गी. की दवा? और रोशन सर से एक बात पूछते हैं।.
उन्हें बुरा नहीं लगे तो जिस समय उनको. पडकास्ट में आए थे ना उस समय उनको नेपाल. जाना चाहिए था।. सीसीटीवी लाने के लिए पूछने के लिए क्या. है? क्या नहीं है वहां पे।. जो टीचर वहां बैठे थे सब ना राजनीति कर. रहे थे। 10 को माइक लगा के कह रहा था सब. कि नेपाल भाग जाएगा। तुम्हारे सामने बॉडी. रखी हुई है। पोस्टमार्टम क्यों नहीं. कराएं? उनसे एक सवाल मेरा है कि जब आप जेल.
से छूटे थे तो आपने कहा था कि हमारा भाई. का दोबारा पोस्टमार्टम होना चाहिए। हम भी. मांग करते हैं दोबारा पोस्टमार्टम होना. चाहिए। जब आप घर गए. तो एक आवेदन तक नहीं दिया कि दोबारा. पोस्टमार्टम का।. मैंने पूछा था उनसे ये सवाल। तो उन्होंने. मुझसे कहा कि कुछ टेक्निकल इश्यूज थे. जिसकी वजह से अब दोबारा पोस्टमार्टम हो. सकता।. क्या टेक्निकल इश्यूज थे? जो भी फॉरेंसिक है या जो भी रहा होगा. क्या कुछ फॉरेंसिक नहीं आप आवेदन नहीं दिए. हैं। रिसीविंग है उनके पास आवेदन का.
मेरे खिलाफ एफआईआर लिखने के लिए 3 घंटे. थाना में बैठ गए। पूरी मीडिया को लेके. लेकिन 3 मिनट नहीं बैठे अपने भाई का री. पोस्टमार्टम करने के लिए। कुछ तो छुपाया. जा रहा है सर।. क्या टेक्निक होगी? आप बताइए। आप तो. पत्रकारिता है। क्या. देखिए उन्होंने सारी बातों को फिर एक एक. लाइन में समेटा था कि अगर खान सर ने उस. रात झूठ नहीं बोला होता तो मेरा भाई जिंदा. होता और ये आधा देश आपके ऊपर ये आरोप लगा. रहा है। तो हम तो बता दिए कि पुलिस ने कहा.
तो हमने बोल दिया कि इस चीज को हटा दिया।. इससे तो उनको बचाव ही हुआ ना कि आप पे. गोली चलने का आरोप था। उसको हटा लिया गया।. आप पे तो बचाव हुआ। लेकिन यह सब के सवा जो. था यह सब केस के लिए उनको नेपाल जाना पड़ा. था। हमको. आपके प्रिंस की मौत के लिए आप जिम्मेदार. नहीं हो।. आप बताइए कैसे जिम्मेदार? क्या हम नेपाल भेजे थे? क्या हम कहे थे कि. किडनैप करके लाओ। हम बोले थे कि नेपाल की. शराब लाओ। हम बोले थे कि पिस्तल कमर में. लेके घूमो। हम बोले थे कि किसी से रंगदारी.
मांगो। क्या हमने इनके सर पे मारा था? जिससे सर पर जिसने इनको सर पर पीटा था. उसको तो सजा नहीं दिलवाए।. तीन साल पहले पीटा था उनके सर पर। बेचारा. प्रिंस मरतेमरते बचा था। इतना गहरा हो गया. था ब्रेन में। पूरा आठ टाका यहां से वहां. तक लगा था। पूरा लोग दहल गया था बेचारे. पे। [गहरी सांस लेने की आवाज़] आप देखते आठ. टाका ब्रेन में छोटा-मोटा होता है। जी।. पूरा सुला दिया था उसको। तीन साल में सजा. नहीं दिलाए उसको।.
तीन साल इनफ होता है महाराज।. अपने भाई के गुनहगारों को सजा दिलाने के. लिए।. हम तो कहते हैं कि जो चार दोस्त थे उनका. पकड़ के बढ़िया से सीबीआई जांच हो। नारको. टेस्ट हो। हमारा भी कराएं उन चारों का भी. कराएं। सब दूध का दूध पानी का पानी हो. जाएगा। सीबीआई को दे दे मैटर। सीबीआई से. नारको टेस्ट कराने को तैयार हैं।. हम तो हम तो साला सबसे पहले तैयार है। हम. पढ़ाने वाला आदमी हमारा गुनाह क्या है? एक.
वो मर रहा था बेचारा चुनचुनरा बचाने चल. गए। कोई नहीं जाएगा आज के बाद किसी को. बचाने के लिए। आप एक पूरी सारांश बताइए।. हम अगर उस चुनचुन को मरते हुए छोड़ देते. तो क्या होता? मतलब वही रहा कि आपका कुल मिलाकर आखिरी. में जो उस पॉडकास्ट के बाद में निष्कर्ष. था कि आपने अपनी ताकत का गलत इस्तेमाल. किया और. क्या चीज? उनका पूरा सबको जेल भिजवा दिया।. अंब्रेला ट्रंप वो जेल कैसे गए? वो तो. प्रीवियस केस की वजह से जेल गए। आप जेल. जाइए। इस इस छोटे से एफआईआर में आप जेल. जाइए। आप सुबह जाइए शाम में निकल जाइए। हम.
गारंटी देते हैं किसी वकील से पढ़वा लीजिए. कि यह जो केस है इस केस में शाम तक में. जमानत मिलेगा कि नहीं मिलेगा? किसी वकील. से पढ़वा लीजिए।. मतलब आप ये कह रहे हो कोचिंग सेंटर वाले. विवाद में शाम तक जमानत मिल जानी चाहिए. थी।. 100% मिल जाती सर। उनका अगर प्रीवियस. हिस्ट्री नहीं रहता तो। अब प्रीवियस केस. में एकको हम नहीं किए हैं।. हमको पता रहता। हम आपको बता रहे हैं ये. केस को उन्होंने छुपा।. तो फिर सारे टीचर लोग आपके दुश्मन काहे बन. गए। सारे आधा आधा टीचर आपका दुश्मन बन. गया। आधा टीचर बन गया। यह बताइए यूपीएससी. का कौन टीचर कुछ बोला? पीडब्ल्यू में से.
कौन टीचर कुछ बोला? अलक पांडे में कौन कुछ. बोला? सारे टीचर नहीं 10 15 गो हैं। ये. बनना चाहते थे मेरी तरह नहीं बन पाए तो. उनका खन्ना है। ये हमसे पहले आए थे। इनसे. हम पूछा करते थे। YouTube कैसे बनता है? सोशल मीडिया कैसे होता है? इनको देखा करते. थे। अरे इतनी लाइव कैसे पढ़ाते हैं? हम. लॉकडाउन में इन टीचरों के जब लॉकडाउन नहीं. लगा था जस्ट उससे पहले। तो जब हमको पैनल. लगाना था पढ़ाने के लिए तो हम दिल्ली में. एक मिश्रा जी हैं उनसे कहे थे कि हमको इन. टीचरों के क्लासरूम में ले जाइएगा ना हम.
चेक करेंगे कैसे ये लोग का पैनल खरीदना है. क्योंकि वो 34 लाख का आता है तो महंगा था. तो हम कहा एक बार ट्राई कर ले तो ये टीचर. लोग जब लंच करने जाते थे ना तो चुपके से. हम गए थे एक बार एक काजल मैडम थी उनके. स्टूडियो में हम गए देखने के लिए कि कैसा. है यहां पर तब तक वो आ गई तो हम एक पेचकस. उठा ली हम कहे मैडम हम मिस्त्री हैं 2019. की बात है हम कहे मैडम हम मिस्त्री हैं तो. कह कि देखो देखो तुम ऐसे ठीक से करना यहां. पर हम कहा ठीक है मैडम कर देंगे हम तो. इनको वो अभी भी उनसे पूछिएगा काजल मैम से. बट ये सारे टीचर्स खाली इसी बात को लेके.
नहीं जैसे आपको लेकर ये भी टीवी टीचर्स ने. जिस बीच में कहा क्योंकि जब किसी के पीछे. पड़ते हैं तो बहुत सारा चीज पीछे पड़ते. हैं।. टीचर्स ने कहा खान सर इमोशनल स्टोरी बहुत. अच्छा बेचते हैं। अवध ओझा सर ने कहानी. सुनाई कि आप गए थे कपिल के शो में। वहां. पर आपने कहानी सुनाई थी। एक यूपीएससी की. लड़की थी बर्तन माचती थी। वो कहे यार क्या. कमाल की कहानियां आप बुनते हैं और ऐसी. कहानियां बुनते हैं कि देश की जनता भावुक. हो जाती है। इस देश में गरीबी बेचना आसान. है। खान सर ने मासूमियत गरीबी बेचकर पढ़ा.
दिया। वरना यूपीएससी में लड़की ट्यूशन. पढ़ा लेती है। ट्यूशन पढ़ा के अपना पढ़ाई. लिखाई करती। बर्तन माजने वाली बर्तन ही. माजती है। ओझा सर राजा बनने का टेक्निक. सिखाते हैं। बर्तनवर्तन माज। क्या इस देश. में आप यह मानते हैं कि 30 साल से कम उम्र. की जो भी लड़का या लड़की है उसकी आईएएस की. तैयारी यूपीएससी की तैयारी या स्टूडेंट का. एज होता है 30 से पहले क्या 30 से कम उम्र. की लड़कियां बर्तन माजते देखे हैं कि नहीं. देखें ऑब्वियस बात है मांगते हैं हम तो. क्या उसको अधिकार नहीं है कि वो आईएएस के.
बैच पढ़ सकते हैं मतलब उनका यह कहना है कि. जो बर्तन माज रहा है जो सब्जी बेच रहा है. उसको आईएएस का बैच पढ़ने का अधिकार नहीं. है. नहीं वो कह रहे इसकी जगह ट्यूशन पढ़ा लेती. भूगोल पढ़ा लेती हिस्ट्री पढ़ा लेती। गवा. में कहां पढ़ा लीजिएगा आप? अब आप आप एक. बात बताइए। हम आप ही को शुभांकर मिश्रा को. दिल्ली से उठा के हम गांव में लेके चल. जाते हैं। क्या कर लीजिएगा? आपको एक वो. ढंग का एडिटर नहीं मिलेगा। जितने भी. रोजगार के साधन होते हैं वो शहरों में. मिलते हैं। शहर में आप जोमैटो पे खाना. डिलीवरी कर सकते हैं। काम कर सकते हैं।.
गांव में क्या मिलेगा? आप गांव में आप खुद. से बता के देखिए। गांव में आप कितना. रोजगार दे दीजिएगा? मतलब बहुत सारे आप पर आरोप लगाए गए। कहा. गया आप रक्षाबंधन में जैसे आपने जब मैं. आपके यहां पर आया था. तो रक्षाबंधन में आपके हाथ में हजारों. राखियां थी उस वक्त बड़ा अच्छा लग रहा था. मैंने भी देखा मैंने क्या कमाल है फिर. उसको लेकर एक नैरेटिव दिमाग में हमारे आया. जो यहां से डाला गया कि आप रक्षाबंधन. मनाते हैं त्रिपुण लगाते हैं लेकिन ईद. नहीं मनाते उस तरह से वहां भी दिखाइए और. ये सब मार्केटिंग पीआर का हिस्सा होता है.
कि इतने बहन लोग राखी बांध दी हमको ये. सबसे एक मैसेजिंग अच्छा होता है देश भर. में ये बहनों का पीआर नहीं यह बहनों का. प्यार है जिसको यह लोग देखिए मेरे मेरे. जीवन में बस एक ही कमी है कि मेरी बहन. नहीं है। बाकी हमने जीवन में मेहनत से. संघर्ष से चाहे जैसे भी जो चाहे सब हमने. अर्जित किया। लेकिन एक चीज है जैसे नहीं. बोलते हैं ना कि आपको कोई ना कोई एक ऐसी. कमी ऊपर वाला जरूर जीवन में देगा जो यहां. पे होगा। बस मेरे पास बहन नहीं है। हमको.
बहुत शौक है कि हम ऐसे सोफा पे बैठे। बहन. को यहां बैठाएं और उसको बाल झाड़े और उसको. स्कूल भेजें या अगर नौकरी कर रही है तो. उसको ऑफिस भेजें झाड़ के उसको। हमको बहुत. शौक है बहन के हाथ से झगड़ा करने का। उसके. हाथ से खाने का और आए तो गए पकौड़ी बना।. हमको उससे बहुत शौक है बहनों से। नहीं. पूरा हुआ मेरा जीवन में कभी ये चीजें। तो. हमको हम जब किसी बहन को देखते थे ना तो एक. नहीं होता है कि यार आप आपको लगेगा यार. मेरी भी बहन ऐसी रहती तो कितना अच्छा.
रहता। तो हम शुरू जब किए थे तो पांच ही. राखी होती थी। आज ही 500 हजार राखियां एक. दिन में हुई है। शुरू में पांच राखी थी।. पैसा नहीं होता था ना कि डेयरी मिल्क दे. देते थे। कैडबेरी का एक तो ₹100 का इतना. बड़ा डिब्बा आता है। डेयरी मिल्क दे थे।. एक बार क्या हुआ ना 2016-17 की बात है।. पैसा नहीं था मेरे पास। और. आंख भर गई।. मेरी बहन मेरे जीवन में मेरी बहन को कोई. ना बोले मेरे। हमको जीवन में बस मेरी एक. बहन नहीं है। और कोई पता है मेरा घर इतना. अजीब रहता है ना। इतना अजीब लगता है घर. ना। मेरी बहनें पता है जब हम घर जाते हैं.
तो दोस्तों की बहनें जब बोलती है ना भैया. यह ले लीजिएगा वो ले लीजिएगा। उनसे अपने. भाइयों से साला हमको लगता है यार कोई मेरी. बहन कभी मंगबे नहीं की। क्या बहन का प्यार. अलग होता है। हम आज भी कहते हैं कि हमारे. जीवन में जो कमाए हैं अगर भगवान उसके बदले. में अगर कुछ दे तो मेरी बहनों को ऐसा जीवन. साथी देना जो उनको पिता की तरह प्रेम. करें। उनकी कोई गलतियां एक बहन देखिएगा एक. लड़की कितनो गलती कर देना बाप से लिपट के.
कह दे कि पापा गलती हो गया हम बस यह चाहते. हैं कि उसको एक ऐसा लड़का मिले ना जो उसको. बाप बनके प्रेम करे उसका उसका बचपना लौटा. दे और जब कोई राखी पे मजाक उड़ाता है ना. तो. मतलब उनका ये कि आप इसकी मार्केटिंग कर. लेते हो इसकी मार्केटिंग आपने बहुत अच्छी. की है सारी चीजों की कहानियों की. तो हम तो चाहते हैं. [गला साफ़ करने की आवाज़] कि पूरी दुनिया. में राखी फैले. हम पूरी दुनिया में राखी फैलाना चाहते हैं. हमारा कल्चर है जहां आज दुनिया में कोई. किसी आज आज नफरत के दौर में देखिए महिलाओं. को लोग मांस का लोथड़ा समझ रहे हैं। रेप. छेड़खानी की घटनाएं हो रही है। वहां हम.
राखी फैला रहे हैं। तो वैसुधैव कुटुंबकम. हमारे देश में फैलाया गया। विश्व गुरु. बताया गया। हमारा उद्देश्य है हम कश्मीर. हम लेके शिकागो तक स्वामी विवेकानंद इतना. हमारा बुद्धि नहीं है। हम स्वामी. विवेकानंद जाके शिकागो नहीं बन सकते। मेरा. जीवन का एक सपना है कि हम भी शिकागो जाकर. राखी का त्यौहार बना सके और ये बता सके कि. ये राखी का त्यौहार है। हमारे हिंदुस्तान. से हुआ है। हमारा सपना है। तुम्हें अच्छा. नहीं लगता है। मत देखो यार।. ठीक है। आपकी पत्नी का भी जिक्र आया।.
कि आप पिछड़ी सोच के आदमी हैं। आप दिखाते. हैं कि आप प्रोग्रेसिव इंसान है। लेकिन आप. पिछड़ी सोच के आदमी है। और इस बार भी उनके. धर्म का, बुर्के का ये सारी चीज आया।. हालांकि इस चीज को मैंने बड़ी मुखालफत की।. हमेशा जब भी किसी ने जिक्र किया कि यह. बड़ा निजी मसला है और इस मसले पर बात नहीं. करनी चाहिए। लेकिन फिर भी जब सारे सवाल हो. ही रहे हैं।. पत्नी को लेकर आप परेशान हुए क्योंकि उनका. जिक्र कई बार आया है।. देखिए कई लोगों ने इतना भद्दे भद्दे कमेंट. किए। कहें कि वह आपकी रिश्तेदार है। फूफा.
की कि मौसा की लड़की है। एकदम गलत बात है।. दूर-दूर से मेरी कहीं से रिलेटिव नहीं है।. दूसरा देखिए हम पर्दा प्रथा के खिलाफ रहे. हैं।. हम. कहीं से समर्थक नहीं है। लेकिन हम अपनी. चीजों को जानते हैं कि कई बार हमें सरकार. से लड़ना होता है। कई बार मीडिया से लड़ना. होता है। कई बार पेपर लीक पे बोलना होता. है। कई बार सामाजिक मुद्दों पे बोलना होता. है। तो जब ऐसे लोग आप पर पलटवार करते हैं. ना तो कई बार यह घर की महिलाओं को टारगेट. करते हैं। तो इसमें हमको दिख गया कि अगर.
मेरी पत्नी का यह चेहरा देख लेंगे ना तो. एआई से हमको लग गया। हमने अपनी वाइफ से भी. बोला और इवन कि वो जो घूंघट था ना वो. घूंघट एकदम जाली था। आर-पार दिखता है।. वहां बैठ के 10 मिनट पहले हम लोगों ने कहा. इस बात पे डिस्कस हुआ कि अगर यह देख लेंगे. लोग और हम समाज के जिस तरह मुद्दे उठाते. हैं, कभी प्रोटेस्ट करते हैं यह करते हैं. तो ये लोग एआई से आपका इतना गंदा अश्लील. नग्न क्या ना बना दे ये लोग फोटो जिसका. कोई हद नहीं तो कहीं तो बहुत घोर दिक्कत.
है। हम क्या किया जाए? तो बचाव के लिए. गिद्ध दृष्टि वाले नीच मानसिकता वालों के. बचाव के लिए हमने घूंघट किया। उस समय. लोगों ने हमसे पूछा तो हम क्या बोलते? हमने बोल दिया कि उन्होंने अपने से किया।. लेकिन आज समझ में आ रहा है। हम आपको भी. कहते हैं अगर आपको सिस्टम से लड़ना है।. अगर आपको कुरीतियों से लड़ना है। सरकार से. सवाल उठाना है तो अगर यह लोग आपके घर की. बहन बेटियों को जान जाएंगे ना। एक दिन आप. तो भी देखिएगा। ऐसे असली क्या जाता है? एक.
एआई से पानी पीते वीडियो को दारू पीते बना. देगा। गांव में 100 आदमी देखेगा। उसको आधा. एआई बुझाता नहीं। 100 में से 50 को कहेगा. कि खान सर कि मेरा दारू पीती है ये दारू. पे भाषण देते हैं। तो हमने तो बचाव के लिए. किया। मेरा जीवन बहुत टफ है। अगर उसका. चेहरा कोई देख लेगा। आज वो बेचारी कहीं. निकल ना पाए। आज हम कहां कहीं निकल पाते. हैं। आपको लगता है कि रेलवे स्टेशन पे जा. सकती हैं। एयरपोर्ट पे जा सकती हैं। कहीं. खाना खा सकती हैं। कहीं मन किया तो हम. शॉपिंग कर सकते हैं। आज हम कर सकते हैं।. कहीं खड़े होकर चाट पानी पूरी खा सकते.
हैं। नहीं तो सबकी जीवन अलग-अलग है। जैसे. कोई कार में बैठा इंसान मोटरसाइकिल वाले. को गाली दे कि साला हेलमेट लगाया है। क्या. जरूरत है? तो भैया तुम कार में बैठे हो।. तुमको हेलमेट की जरूरत नहीं है।. मोटरसाइकिल वाले को हेलमेट की जरूरत है और. कार वाले को सीट बेल्ट की जरूरत है। हर. इंसान अपनी जीवन में जहां होता है वहां. तकलीफ को देखा होता है। उस हिसाब से. डिसीजन लेता है। अगर हम घर में घूंघट. लगवाएं तब बात है। किसी को मना करते तब.
नीतू मैडम गई देख ली। पब्लिकली मना किया. गया था। और वही सही गिद्ध दृष्टि वालों को. हमको यह नहीं समझ में आता हमरी मेहरारू को. देखने को एकनी को कौन चूल मचल लाता है. [हंसी]. ऐसे तो कॉमेडी कर दिया महाराज. [हंसी]. ब्याह कर ले थोड़ा ढेर देखे का शौक है मेरा. कर लेते हो ब्याह कर ले [हंसी]. हमारी वाइफ पूछ रही थी हमरा [हंसी] देखे. का 300 को.
ठीक-ठाक है सब ठीक-ठाक है।. इस मसले में वो परेशान हुई।. सबको हकीकत पता थी।. बस [गला साफ़ करने की आवाज़]. रोशन सर की ओर से एक गलती जो हुई ना ये. सारी चीजों को छुपा दिए उन्होंने। मेरे को. बस उनसे एक ही शिकायत है और कुछ नहीं। हम. उनकी पीड़ा में उनके साथ हैं। वो हमसे. जितना सहयोग जो कहें बट उनको ये चीजें. नहीं छुपाई। बस।. पाकिस्तान प्रेमी क्यों हैं आप? झूठ बात है।. फैजल खान पाकिस्तानी।. झूठ बात है।. पाकिस्तान भागने का इरादा तो नहीं था.
आपका? पाकिस्तान हम जाए हिंदुस्तान से दो. आदमी पाकिस्तान जाएगा तो सबसे ज्यादा. दिक्कत होगा एक हम एक योगी आदित्यनाथ. [हंसी]. आपको लगता है उस हम लोग को वापस आने देगा. आप फैजल खान है. नहीं आने देगा. अरे चल रहा था भाई आप पाकिस्तान का सिंगर. बुला के अपने आप शादी में गवा रहे थे. इतना झूठ बात है कोई इंसान की. ब्रदर्स सबरी ब्रदर्स इंडियन है कि. पाकिस्तानी आप बताइए. आप ही के यहां से थोड़े दूर के रहने वाले. हैं यूपी के यहां मुरादाबाद के बुलंदशहर. मतलब पिछले पॉडकास्ट में क्लेम किया गया.
था तो मैंने सर्च किया. इंडिया के हैं कि नहीं है बोलिए. हां हां है. तो फिर हमें पाकिस्तानी क्यों कहा गया. सोचिए सबरी ब्रदर्स मुस्लिम. सबरी ब्रदर्स ने हमको फोन किया आप छोड़ो. हम उस पॉडकास्ट के बाद सबरी हमको फोन किया. कहा भाई साहब हम आपको पडकास्ट के लिए कह. रहे थे एक महीने से आपने हमारा नहीं सुना. चलो पॉडकास्ट नहीं किया पाकिस्तानी काहे. बना दिए हमको बताइए हमने कहा भाई साहब आप. क्लेम था तो मैंने पॉज लिया बाद में सबने. अपना-अपना क्लेरिफिकेशन दिया. वो पाकिस्तानी नहीं है हम बस बस यह सोच.
रहे हैं कि कोई कितना कम जनरल नॉलेज का हो. सकता है कि इंडिया के टॉप पडकास्ट पे बैठ. के किसी इंडियन गायकार को जो कपिल शर्मा. शो में गया हो जिसे कितने ना पुरस्कार. मिले गए हो उसको पाकिस्तानी बोल दिया इतना. हिम्मत कहां से आता है झूठ बोलने का आप. बोल सकते हैं किसी को आप बोल दिया था कपिल. शर्मा को कि जापानी है कभी बोल सकते हैं. मतलब क्या बोलूं मैं सबरी ब्रदर्स ने. एक्चुअली मुझे कॉल किया था. सबरी ब्रदर तो हम तो हमको तो डर इस बात का. है कि कहीं सबरी ब्रदर केस मत मत कर देना.
तो यू हमरा पे थोप देंगे कि यह कराया. होगा। हम तो यही मना रहे थे कि भैया तू. केस मत कर।. हालांकि सोशल मीडिया पे लोगों ने फिर. दिखाया डाला। लेकिन आपको पाकिस्तान जाने. के लिए कई लोगों ने देखा सोशल मीडिया पे।. कुछ लोगों ने बोला पाकिस्तान जाने के लिए. कि फैजल खान. ये कुंठित मानसिकता को दर्शाता है कि आप. किसी एक समाज के वर्ग को पाकिस्तान से. जोड़ के देखते हैं।. एक एक थ्योरी और चली थी।. चलो मैं इस पे जाना नहीं चाह रहा था हिंदू. मुसलमान पे।. एक थ्योरी और ये चली। कई सारे रिपोर्टर्स.
ने भी इस पर वीडियो बनाए थे जो आपके फेवर. वाले थे कि. आप जिंदगी भर पाकिस्तान को घर आए. लेकिन एक घटना ने आपको मुसलमान पूरी तरह. बना दिया. ये तो. ये आपको तकलीफ दिया खान सर तकलीफ. खान सर मुसलमान बन गए एक घटना में. यही चीजें बहुत तकलीफ दिया बाकी तो हमें. पता था कि बेचारे जो प्रिंस की हत्या हुई. है उसके लिए वो चार दोस्त जो हैं उन उननों. ने किससे पूछा के दबा दिया। सब पता थी कि.
हमारे ऊपर जो यह हुआ है उस बेचारे को. बचाने गए और इधर जो लेके कंट्रोवर्सी हो. गई थी उसका नतीजा आ गया। सब पता थी हमें. कि ये एक ना एक दिन लोगों के पास में. सच्चाई आ जाएगी। आपको भी बहुत सारी चीजें. नहीं पता थी। ये सब केस उसके बारे में. नहीं पता। हमें पता था कि आज नहीं आएगी।. सच परेशान हो सकता है। पराजित नहीं हो. सकता। लेकिन ये जो घटना थी ना पता है? एक. [नाक से की जाने वाली आवाज़]. सब्जी बेचता था। मुस्लिम ही है तो उसको हम. समझाते थे अक्सर ये सब चीजों में कि देखो. अच्छा से काम करो और जब कुछ बन जाना.
बच्चों को पढ़ा के तो समाज के लिए कुछ. सेवा का काम करना अपने स्तर पर कुछ कर. देना तो उसने एक बात बोला था लॉकडाउन की. ये बात है ऐ सर हम लोग कुछु बोल कर देंगे. तो पाकिस्तानी है ना कहलाएंगे हम उसको. बड़ी डांटे थे पगला है देखिए अब्दुल कलाम. को आज तक कोई पाकिस्तानी कहा वीर अब्दुल. हमीद को कोई पाकिस्तानी कहा नहीं कहा तो. हम उसे एग्जामपल्स दिया करते करते थे और. उस एग्जांपल में हम अपना भी एक बार. एग्जांपल दे दिए तो बताओ हमें कोई. पाकिस्तानी कहेगा हम लोग का काम है देश की.
सेवा करना समाज को देना जब यह बात चला ना. तो फोन किया था हो गई मास्टर साहब. पाकिस्तानी दो मिनट में जब तारा भोजपुरी. में बोला जब तारा आदमी के दो मिनट ना. पाकिस्तानी घोषित में तो हम के तो सब्जी. बेचत हम के तो बी देस पाकिस्तान ले जाके. तो होता क्या है ना कि आपके एक बयान ना कम. पढ़े लिखे लोगों के दिल में जगह घर बना. देते हैं कि यार ये तो उस इंसान ने जिसने.
करोड़ों के अस्पताल बनाया पूरे देश से. एजुकेशन के लिए लड़ाई लड़ लिया जीवन भर. पाकिस्तान को गिरिया केवल मीडिया के एक. तरफ़ा बयान से ऐसा नहीं है कि सच्चाई. जानने के बाद एक तरफ़ा बयान से 2 मिनट में. इसको पाकिस्तानी बना दिया. नहीं हालांकि आपके समर्थन में बहुत सारे. लोग सर आए यह नहीं है कि सबने आपको. पाकिस्तान यहां से कोई पूरा वर्ग जो है वह. सही गलत नहीं होता। एक बड़ा वर्ग आया. जिसने. इस चीज़ को लेकर विरोध जताया कि अगर आपकी.
खान सर से विरोध है देखिए अगर वो कोर्ट. में दोषी साबित होते हम भी कहेंगे वो. अपराधी हैं दोषी हैं। हमने खुद कहा था अगर. जब रोशन सर ने कहा लेकिन. निम्न कमर के नीचे वार मत कीजिए। वो जो. शेर है कि दुश्मनी जितनी मन करे जमकर कर. करना मगर गुंजाइश इतनी रखना कि जिंदगी में. फिर कभी दोस्त बने तो उस दिन शर्मिंदा ना. होना पड़े। बिल्कुल. तो वो मुझे लगता है कि वो भी इस देश में. इस देश में बहुत बड़ी संख्या है जिसने. आपके लिए वीडियोस बना के भी कहा सोशल. मीडिया पे लिखा कहा कि मसले पर विरोध हो. सकता है लेकिन ये नाम से पाकिस्तान ये.
नहीं होना चाहिए. बिल्कुल. वैसे पूर झा को कितना रुपए दिए थे आप. हम तो कभी ना उनसे फोन पे बात किए हैं ना. जाने हम तो यही वाला वीडियो पहली बार देखे. हैं। पूर झा का वीडियो बहुत वायरल हुआ. सोशल मीडिया पे. कंचना. भाई हमारे सीनियर है हम बहुत रिस्पेक्ट. करते हैं उनकी हमने बहुत कुछ सीखा अंजना. जी से तो मैं क्लियर कर देता हूं मैं उनकी. बहुत रिस्पेक्ट करता हूं लेकिन फिर आते. हैं पूरे ठाक को पैसा दिए थे आप हम कभी. बात भी नहीं किए ना मिले हम जाने हम यही. वाला वीडियो पहली बार देखे हैं उनका. बहुत तगड़ा लोगों ने सोशल मीडिया कैंपेन.
चलाया कि खान सर ने अच्छा पैसा खर्चा किया. जिसने पूर झा को भी दे दिया पूर हमारे भी. मित्र हैं अच्छे मित्र हैं. उनसे पूछिएगा हमसे तो बात भी नहीं होती. इनफैक्ट हम रियलिटी बता रहे यही वाला. वीडियो हमने उनकी पहली वीडियो देखी है।. इससे पहले पूरा. नहीं. सॉरी उनको मेरी बात बुरी ना लगे।. ठीक है हमारा फील्ड नहीं है।. दो अलग दुनिया के लोग हैं।. दो अलग दुनिया. पूरा बहुत अच्छे क्रिएटर हैं।. बड़ा जबरदस्त एक्टिंग करते हैं।. हां वो उनको आजकल लोग एआई मैन कहते हैं कि. वो एआई का अवतार हैं।. फिर उनका हम तीन चार चीजें देखे। वो ध्रुव.
राठी का नकल किए हैं तो कभी पवन सिंह का. नकल कर दिए। तो ये सब चीज़. हां पवन वाला एपिसोड बहुत अच्छा था।. बड़ा उनके अंदर कला है ये सब चीजों का। तो. हम तो बड़ा लिटरली फैन हो गए हम उनके।. पवन वाला वीडियो बहुत अच्छा उसका था। मतलब. हम [हंसी]. सॉरी सॉरी पे उसने डांस किया था। हमको याद. आ गया। हम भी देखे थे Instagram पे। हां।. तो जब. कंचना कौन रहती है उसमें? होगी उसे कोई मित्र कोई लड़की है? पूरब. टैग करते होंगे हम पूछ लेंगे लड़की से।. वो है कौन? एकदम कंचना का रोल बड़ा है।. बढ़िया कि. तो आप अंजना जी के नहीं लेकिन कंचना जी के.
फैन हो गए।. हां कंचना जी।. अरे महाराज. बड़ा अच्छा रोल है।. अंजना जी डिफेमेशन वापस नहीं लेना इनसे।. ये कंचना के फैन हो गए। [हंसी]. [अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़]. आपने वीडियो कब देखा था? ये. यही [गला साफ़ करने की आवाज़] 10-15 दिन. पहले. क्या रिएक्शन था? अकेले देखे थे, परिवार. में देखे थे।. ऐसे ना मोबाइल बड़ा कम ऑन करते थे।. कभी-कभी अपडेट लेने के लिए ऑन कर लिए तो. लिंक आता था ना तो आदमी देखना ही छोड़. देता था। हम कहते अरे इसमें को मास्टर गरी. आएगा। अरे हमरा घर लूट लिया रे। हमरा पैसा.
लूट लिया रे। एक वजह से हम नहीं कमा पा. रहे हैं रे। नहीं था तो हम बहुत कमाते थे।. हमारा ₹50 करोड़ जॉइनिंग फीस था। ₹1.5 लाख. हम घंटा लेते थे। अब ना अब कुछ मिल ही. नहीं रहा है। तो हमको लगता था कि कोई लिंक. भेजा होगा। ये विपत रो रहा होगा सब। तो. किसी ने कहा इसे जरूर देखो। तो हमको लगा. कि फिर कौन बोला होगा? देखें क्या जबरदस्त. वो जो कुत्ता को खाने वाला बिस्किट रखा तो.
सर आप लोग मीडिया को बहुत टारगेट करते हो।. इतनी बुरे भी मीडिया नहीं है। 24 घंटा. चलाते हम लोग हैं।. [गहरी सांस लेने की आवाज़] घर में किसी ने. देखा? हां।. किसने? सब लोगों ने देखा।. क्या रिएक्शन था? सब लोग कहेंगे गजब। अच्छा उन्होंने रोल. बड़ा अच्छा करते हैं पूरा पूरा।. हम. क्या? मतलब क्या थोड़ा बताओ ना घर में. रिएक्शन क्या था? तो ये थोड़ा कहते लाइट. मोमेंट रहा होगा आपके परिवार के लिए।. हां। सब लोगों ने कहा कि ये तो एकदम मतलब. ये लड़ाई को एकदम वैसे दिखाएं और उनकी जो. एक्टिंग थी. वो शिवाजी बॉस वाला फिर वो नशा कहां से.
करती हैं हमको भी करना है ये वाला. [नाक से की जाने वाली आवाज़]. प्रचार अरे ये तो डांस करा दिया हमारा. भौजी पूछे ना कि ये डांस कहां सीख. हां कि डांस काहे कर रहे थे हम कहे हम थे. उसमें हम कहे हम थोड़े थे उसमें डांस कर. रहे थे लेकिन वो डांस करा दिया [हंसी]. आपकी इसमें में इसी बीच ना जब पडकास्ट में. यहां पे बैठी थी सुनिंदा जी सुनंदा जी. सुनंदा शर्मा. अरे बाप रे उनकी एक लाइन. सुनंदा शर्मा के पॉडकास्ट को पडकास्ट ऑफ.
2026 कहना चाहिए उस लड़की के पडकास्ट से. भारत में हर दूसरे इंसान ने अपनी कहानी को. जोड़ के देख लिया आपने जिक्र किया काहे. आपने जिक्र किया सुनंदा पहले. हमको उनका एक लाइन बड़ा जबरदस्त लगा हम. बहुत लिटरली कभी मौका मिलेगा तो उनसे. मिलेंगे हालांकि तो बहुत बड़ी सिंगर हम. अरे हम मिलवाएंगे सर हमारी अच्छी मित्र. है। हुआ क्या ना उन्होंने एक बात बोला था. यहां बैठ के कि जैसलीन जो हैं. जैसमीन. जैसमीन सैंडलेस जिनका अभी तो पूरा स्टारडम.
चल रहा है यहां पे तो उन्होंने बताया कि. उनको बर्बाद करने के लिए उन पे लाल छन. लगाया गया स्टेज पे लगाया गया जसमीन. सैंडलेस टूट चुकी थी. [नाक से की जाने वाली आवाज़] तो इन्होंने. उनकी कहानी बताई तो फिर सुनंदा शर्मा ने. बताया ना कि जब आपको चारों ओर से लोग. बोलने लगते हैं. जब चारों दिशाओं से जब आपको लोग सताया. जाता है ना. हम. तो ऊपर वाला आपके साथ आ जाता है हम ये रील. डाली थी हमने. तो उस टाइम हमको वही वाली फील आ रही थी कि. यार तुम लोग कुछ नहीं जानते हो इतना इतना. केस मुकदमा है तुम लोग जनवे नहीं करते हो.
हमारे ऊपर एक तो फेक मीडिया का पीआर देख. के तुम लोग ऐसे कोच रहे हो तब लगा कि ऊपर. वाला साथ देता है और देखिए उसके बाद क्या. होता है कि ये सारी चीजें केसेस ये सारी. चीजें एक-एक करके आने लगती हैं कि सर ये. वाला मैटर था सर ये मैटर था सर ये मैटर था. तो वो वाला चीज ना जो उस टाइम पे एक बड़ा. मोटिवेट करती है. किसी ने इस घटना में बोला हो और आपको. तकलीफ हुई हो क्योंकि आपके खिलाफ बहुत. सारे लोग वीडियोस बना रहे थे। सबकी बातें. नहीं फर्क पड़ती है लेकिन कुछ लोग होते.
हैं जिनकी बात जख्म के तौर पर आ जाती है।. कोई ऐसा जिसने कुछ कहा हो।. बहुत ऐसे लोग थे। एक आदमी थे कि सोना का. जब रेट महंगा हो रहा था ना तो सोना अचानक. से नहीं महंगा हो गया।. हम. तो उसको अपनी पत्नी के लिए गहने खरीदने. थे।. हम. उसने भी आके बोला हमने पैसे दिए थे उसको।. उसकी पत्नी जो अभी भी गहना पहनती है वो. हमने पैसे दिए थे।. कहा कि सर सोना महंगा हो जाएगा नहीं. खरीदवा पाएंगे। नया-नया शादी है प्लीज।.
आपके खिलाफ बोला उसने. हम. कुछ चीजें होती है। मीडिया वाला तो एक. फर्जी चाचा उठा लाया था।. अरे हां हां आप चलो। बढ़िया सवाल याद. दिलाया आपको।. खान सर पर देश कैसे भरोसा करें? जब उनके. खानदान के लोग उन्हें भरोसा नहीं करते।. उनका चाचा उन्हें कह रहा है कि गद्दार. आदमी है, बेगैरत आदमी है, लूटा हुआ आदमी. है।. वो दो को करिए साहब। वो दोनों मेरा चाचा. नहीं है।. आजमगढ़ में चाचा नहीं आपको बैठा था वो।. अरे वो पगला का कहां से उठ के? अच्छा एक. बात बताओ कोई ठेला वाला आपके सामने अमरूद. बेच रहा है। आप उसको क्या कहिएगा? भैया. भैया एजेड है तो.
चाचा. चाचा तू बुड्ढा आदमी है। गोतिया तब तो. पूरा. कहा है आपके खानदान का है भाई। वो कह रहा. था आपके खानदान से हम हैं।. अरे वो चट्टा हमारा चाचा नहीं है। एकदम एक. नंबर का फराडियर आदमी है। का बोला है बहुत. अच्छा आदमी है। हम पढ़े बोला कि वो पेंसिल. दिए हैं, सब कॉपी दिए हैं। अरे साला चोटा. सब यू है सब गांव का गोतिया सब रमजान जब. हम लोग छोटे थे तो रमजान जब आता था ना तो. रोजा खोलने के लिए तो अलविदा जब लास्ट. जुम्मा आता है तो उस दिन ज्यादा बनता है.
पकौड़ी वकड़ी बाकी दिन हम लोग के यहां ना. चावल बनता था और चने की घुगनी बन जाती थी. तो उसी से हम लोग खा लेते थे यहां पे तो. हम लोग उस समय घर सबके छोटे-छोटे हुआ करते. थे तो सोचते थे लोग कि इसके यहां पकड़ी. बना ले इसके यहां चिप्स छाई ले ई है ई. साला उस समय मजाक उड़ाता था सब हम लोग का. इन सब को. इनको जानते थे आप. अरे ये सब अगल-बगल के जलनखोर है सब. गांव में तो सब सबको जानता है इन सब को. देखा नहीं ये सब देखा सब कि साला ई चना और. चावल से चना चने की सब्जी नहीं बन जाती.
चना बन जाता है और उससे ये साला रोजा. खोलता था सब आज ये फोर व्हीलर से घूम रहा. है सब तो उसको बर्दाश्त नहीं हुआ तो सोचा. कि आ के हम बोल देते हैं यहां पे तो ये. सबको बर्दाश्त नहीं होता है अरे भाई. मीडिया कैमरे सारे बड़े चैनल पे बड़ा-बड़ा. स्टेटमेंट दिया गया है कि बड़े आदमी नहीं. है। जमीन कब्जा लिया है। ताकत का गलत. इस्तेमाल करता है। उनका जमीन कब जाए आप? चोट कहीं क्या मतलब पगला है तो कोर्ट में. जाए। कोर्ट पागल है।. हम.
एक गांव में जैसे नालियां वलिया बनती है. ना सड़क बनाया तो सड़क जल्दी टूट गया। तो. जानवे करते हैं ठेकेदार कैसे होता था। तो. हम लोग डांट दिए थे। बढ़िया मटेरियल. लगाया। नाली ऐसे टूटना वटना नहीं चाहिए।. ये सब नहीं होना चाहिए। वो भी आगे तना रहा. था।. हमरा घड़िया मटेरियल यूज़ नहीं करने दिए।. मतलब आप समझिए एक साल की नाली एक साल का. सड़क टूट कैसे गया? हम. तो आदमी नहीं डांटेगा।. हम. तो वो भी आगे बता रहा था।.
एक आदमी को 2016-17 की बात है। उसके उसका. भाई आज भी ठेला चलाता है। उसकी मां आज भी. सड़क के किनारे सब्जी बेचती है। उस समय. बेचती थी और ये स्कूल स्कूल चलाता था।. इसको कुछ रहता नहीं था यहां पे ऐसे वाला. हम. तो हम पढ़ाने रखते थे तो उसको शुरुआत में. जब हम लोग पढ़ाने जाते हैं ना तो इतना. पैसे नहीं रहता है ना कि आप बेंच खरीद सके. ये खरीद सके तो उसकी स्कूल वगैरह चलती थी. तो हम कहा कि यार तुम्हारा उसने बोला कि. मेरा शाम में खाली ये रहता है. हम. आप इसमें पढ़ा लीजिएगा हमने कहा ठीक है.
कितना लोग है तो कहा कि हमको 30% दे. दीजिएगा अपने एडमिशन का तो पढ़ा रहे हैं. हम उसमें से 30% मिल रहा है उसको. समझिए जब धीरे-धीरे चीजें बड़ी होने लगती. है तो एक लेवल तक ही आपको लगता है कि यह. आदमी सब उतना बड़ा संस्था नहीं संभलेगा।. अब आप मैनेज आप किसी मान के चलिए कि एक. क्लर्क लेवल के आदमी को आप मैनेजर तक ले. जा सकते हैं। आप उसको डीजीपी नहीं बना. सकते हैं। तो एक जब संस्था बड़ी होने लगी. और देखने लगे तो हमने कहा कि भाई ये लोग.
पैसे पकड़ तू लाइब्रेरी चला ले। और हम. अपना चलाने लगे। 6 साल के बाद वो कह रहा. है कि खान सर हमरा कोचिंग हड़प लिए। अबे. साले कोचिंग में होता क्या है टीचर के. सेवा मतलब खान सर खान सर को हड़प लिए ये. बताइए कोचिंग में को मोटर और ट्रांसफार्मर. और बोईलर लगा रहता है कोो फैक्ट्री है कि. हम हड़प लेंगे कोचिंग में होता क्या है. टीचर को हटा के. जगह टीचर जगह का किराया तो जगह कौन सा.
जमीन पे वो तो रेंटेड है तो जगह का कहानी. खत्म अब क्या बचा. टीचर. टीचर तू कह रहा है ना खान सर खान सर को. हड़प लिए तेज प्रताप यादव आपकी शादी में. आए थे। देखिए हमारे साथ अभी Hotstar पे एक. शो भी कर रहे हैं।. मेरे शादी में नहीं आए थे।. भाई की शादी में आए थे।. भाई की शादी में आए।. हां। तो तेज प्रताप यादव कहे कि हम खान सर. का समर्थन नहीं करते। सीधे-सीधे कह दिए।. हम समर्थन नहीं करते। इनको जेल में होना. चाहिए।. कई लोग आपके शादी ब्याह में आपके भाई शादी. ब्याह में आए। ऐसे बहुत सारे लोग रहे. होंगे। जब वो सब स्टेटमेंट आप सुन रहे थे।.
मन में क्या चल रहा था? हम सुन भी नहीं किए ये सब। छोड़ दिए थे।. सबको आप नहीं ना जवाब दे सकते हैं। जी. तकलीफ होता है आपको जो आप ऐसे लोग जब साथ. में आए नहीं पता चल जाता है कि कम से कम. सामने आ गए तुम। एक्चुअल इन लोग को लगा ना. कि खान सर पे आरोप सिद्ध हो जाएगा। अब खान. सर को फंसा दिया जाएगा। अब ये गए दो धक्का. हम ही लगा देते हैं। कहीं किनरवा पे बच मत. जाए। लेकिन हम तो चुप थे। तो इन लोग को. लगा कि चुप थे। तो शायद ये अपराधी हैं। हम.
तो सबूत जुटा रहे थे। हम सारा सबूत ले आकर. दे दिए यहां पर। तो इन लोग को लगा धकेल. दे। तो मैं समंदर हूं। मेरी उतरती लहरों. को देखकर मेरे किनारे पर अपना घर मत बना. लेना। अब समुंदर लौट आया है। एक-ए इंच. जमीन का हिसाब लेगा।. दिमाग में चला इस बीच में कि किस-किस ने. वार किया पीठ पे बदला लेना है।. नहीं बदला हम क्या लेंगे? समय से बड़ा. बलवान कोई नहीं होता। ऊपर वाला बदला. बढ़िया बढ़िया ले देता है। आप किसी को.
नाहक कैसे बोल देंगे? इतने सारे सबूतों को. छुपा के यह सारा फर्जी है।. नहीं जैसे बहुत सारे लोग थे जैसे आपने. बिहार का जिक्र किया। बिहार में कई सारे. यूर्स ने आपके खिलाफ मोर्चा खोल दिया था।. दिन रात आपको लेके वीडियोस आए हैं।. एक तो पत्रकार है जिसको वहां के लोगों ने. नाम दिया है सन ऑफ दोगला।. दो बार जिक्र कर चुके हैं आप।. हां। तो वहां के लोग अच्छा एक बताइए अब हम. बस बोलेंगे लोग अपने से समझ जाएंगे। हम. किसको बोल रहे हैं।. हम. ऑटोमेटिक समझ जाएंगे। तो लोगों ने नाम. दिया तो हम दे रहे हैं।.
तो क्या हुआ? वह सबको यही सब काम रहता है।. एक कह रहा है कि हम ही वह पत्रकार हैं जो. खान सर का घर पता करके आए।. गोत्र पता करके आए, जात पता करके आए, धर्म. पता करके आए। अरे ससुरा तू नहीं। टीचर खोज. रहा है कि जीजा खोज रहा है रे? ये सब कौन. पता करता है? अरे [नाक से की जाने वाली आवाज़] महाराज. आपका [हंसी] बोली भाषा. इ बताइए गोत्र जात धर्म आप काहे खोजते.
हैं? शुभांकर मिश्रा कहां के रहने वाले. हैं? इध मायने रखता है कि शुभांकर मिश्रा. काम कैसे करते हैं? ई मायने रखता है। करना. तो चाहिए काम।. काम लेकिन जब घर द्वार गोत्र गोतिया खोजने. जा रहे हैं। मतलब अब आपके लिए रिश्ता खोजा. जा रहा है। [नाक से की जाने वाली आवाज़]. मम्मी हमारी खोज रही है। लेकिन ठीक है।. आगे बढ़ते हैं। और किसी का जैसे टीचर्स. में बहुत सारे आए थे। दिल्ली के टीचर्स. खासतौर पर कई सारे पॉडकास्ट हमने देखे. टीचर्स के। ये जयचंद और मीर जफरा की बात. कर रहे हैं।. मुझे नहीं पता आप किसकी बात? अमित कोर अमित किलौहर ने [हंसी] दो को.
बड़ा बढ़िया नाम दिया। एक को जयचंद एक को. मीर जाफरा। आप पूरा सजा के वैसे बनाए हुए. मतलब टीचर्स में उन्होंने एक सेंसिटिव. पार्ट उठाया कि बहुत सारे टीचर्स हैं जो. सस्ते में बच्चों को पढ़ाते हैं। लेकिन. खान सर पीआर बहुत अच्छा करते हैं और पीआर. के जरिए उन्होंने एक ऐसा माहौल बना दिया. है कि वही सस्ता पढ़ाते हैं। रोशन सर ने. कहा कि हम भी सस्ता पढ़ाते हैं। खान सर से. अगर आप बैच की लिस्ट चेक करोगे तो हमारी. सस्ती है। अभिनय मैथ्स सर ने भी यही जिक्र. किया। उनके साथ जो टीचर थे उन्होंने जिक्र. किया और बहुत सारे टीचर्स ने यही बात अवध. ओझा भी कह रहे थे। तो कुल मिलाकर सारे.
टीचर्स जो आपके खिलाफ बोल रहे थे वो ये कह. रहे थे कि खान सर ने सस्ता पढ़ाने का. इमोशनल ब्लैकमेल बहुत जबरदस्त किया है और. उससे अपने आप को स्ट्रांग कर लिया। बाकी. पढ़ाते सब सस्ता है।. ये इन लोग का धंधा गिर गया है। ये लोग 50. करोड़ जॉइनिंग लेते थे। ओझा सर खुद ही. बोले हैं ना कि मैं दुनिया का सबसे महंगा. टीचर हूं। आजकल न्यूज़ पे पढ़ा रहे हैं।. मतलब यह बात अभिनय सर अभिनय सर ने भी कही. कि आप देखिए हमारा कहना है कि इन्हीं. टीचरों से कहते हैं ये स्टूडेंट का प्यार. है। इसे पीआर मत समझिए। इन टीचरों से कहते.
हैं कि आप अपने चैनल पे कहो कि मैं ही. स्टूडेंट के लिए लड़ा हूं फीस कम करने के. लिए। उन्हीं के स्टूडेंट उनको गरिया. आएंगे। यह सब लोग अपना पेनड्राइव और. रिकॉर्डेड कोर्स हजारों में बेचते थे. लॉकडाउन से पहले। यह उस समय क्यों नहीं. कहें इस हिंदुस्तान में बच्चों की फीस के. लिए अगर कोई लड़ा तो अलक पांडे अपने. पीडब्ल्यू को ले लड़े और खान सर केजीएस को. लेकर लड़े केजीएस.
शिक्षा पर एकाधिकार करने वाले को ध्वस्त. कर दिया केजीएस और एक केजीएफ था जिसने. सोने पे एकाधिकार करने वाले को ध्वस्त कर. दिया. तब रशिया पहुंच गए. हां. हम इंडिया वापस लौटते हैं और यह जो सस्ती. की बात आप कहती हैं, सस्ता चीज मायने नहीं. रखती है। सस्ता के साथ क्वालिटी. हम आपसे कहते हैं।. एक काम करिए आप कल से कहिए कि हम पांच. रुपैया में आईएएस का बैच पढ़ाएंगे. यूपीएससी में।.
हम. तो क्या आप मतलब जो वेल इस्टैब्लिश है. वैसा पढ़ा देंगे? सस्ता पढ़ा रहे हैं। क्वालिटी आज तक इतना. कंट्रोवर्सी हुआ। एक बच्चा उठ के कहा कि. सर जो पढ़ाए वह समझ में नहीं आया।. [नाक से की जाने वाली आवाज़] एक स्टूडेंट. ने बदतमीजी वाली भाषा का प्रयोग किया। एक. स्टूडेंट ने कहा कि नहीं ये सर ये महंगा. पढ़ाते हैं। एक स्टूडेंट ने यह बात कौन. बोल रहा है? टीचर। दुकान किसकी बंद कराए. थे? टीचर की। मिर्चा किसको लगा? टीचर को।.
लहर किसको रहा है? टीचर को। तो जब. परपराएगा, लहरेगा, भभाएगा तो चिल्लाएगा. कौन? टीचर। लेकिन टीचर्स का उनका यह कहना. है कि जब ये कंट्रोवर्सी चल रही थी तो. आपकी वेबसाइट पर सस्ते कोर्सर्सेस सडनली. चेंज हो गए थे। आपने अपनी वेबसाइट पर सारे. कोर्सर्सेस के दाम चेंज कर दिए थे और बहुत. सारे टीचर्स ने आपके पुराने स्क्रीनशॉट. लगा के कि देखिए ये बेवकूफ बना रहे थे।. ₹75,000 का कोर्स है उसको सस्ता बता रहे. थे। हम 75 हजार वाले पे आ जाते हैं।. यही होता है कि ना जब बच्चा जब पेट में.
रहता है तो मां को विटामिन ए लेना चाहिए।. वरना आंख कमजोर हो जाती है। तो ऐसे कुछ. लोगों का आंख कमजोर हो गया। वो 75,000 फीस. तीन साल का है।. हां तब भी 25,000 तो हुआ उसके हिसाब से।. महीने का आईएएस की पढ़ाई महीने का 20,000. पड़ता है। बच्चा होम ट्यूशन पढ़ता है। उसी. 75,000 की आप तुलना कीजिए बाकी कोचिंगों. का 3-3 लाख ले रहे हैं। आप एक कोचिंग को. दिखा के कहें कि ये महंगा है या सस्ता है।. महंगा सस्ता तब होता है जब उसी कैटेगरी के. बाकी चीजों को दिखाइए। वो जो 3 साल का.
कोर्स है उसे फाउंडेशन कोर्स कहते हैं।. उसकी फीस आज भी आप पता कर लीजिए 3 लाख है।. ढाई लाख है और उस 75000 की बात बताते हैं।. वो 75000 की फीस 15, 20,000 की है ऑनलाइन. में। जब आप एसी में बैठ के पढ़िएगा ना तभी. वो चीज महंगी होती है। जैसे. अगर आपको बीपीएससी की तैयारी करनी है तो. अगर आप रिकॉर्डेड पढ़ना चाहते हैं तो. ₹2500 है। लाइव पढ़ना चाहते हैं तो ₹4500. ₹4500 है। एसी में बैठ के पढ़ना चाहते हैं. तो ₹1000 है। पटना के सबसे पॉस एरिया में.
एसी में बैठ के पढ़ना चाहते हैं तो 20000. है। तो जब आप एसी डिमांड करिएगा तभी महंगा. है। अदरवाइज में सब सस्ता है। मेरे. एप्लीकेशन पे आज भी जाइए। 95%. कोर्सेज. वो हैं जिनकी फीस 500 से कम है। आज भी. केवल दो फीस महंगी है। एक आईएएस की और एक. पीसीएस की क्योंकि उसमें 1520 टीचर लगते. हैं। 1520 टीचर का भी परिवार है और वो भी. इंडिया में सबसे सस्ता और बेस्ट क्वालिटी. के साथ।. आपके ₹200 वाले क्लेम को लेकर बहुत सारे.
लोगों ने हमको भी गालियां दी और ये कहा कि. आप लोगों ने फैक्ट चेक नहीं किया। खान सर. ने आपके यहां पर कपिल शर्मा में अमिताभ. बच्चन के सामने जाकर कहा कि हम ₹200 में. पढ़ाते हैं।. ₹200 में कोई जनरल नॉलेज का कोई कोर्स. आपको बता वो खाली है 200300 वाला।. 200300 में रिवॉल्यूशन आप नहीं कर रहे. हैं।. हां. ये आप पर आरोप है।. अच्छा. लेकिन आपने मार्केटिंग अपनी ऐसी कर दी कि. सारे बच्चे 200300. अभी एप्लीकेशन पे पढ़ ले। ₹99 में भी है।. एक पॉकेट जीके है जिससे बहुत ज्यादा. क्वेश्चन आता है। पूरी की दब ₹99 में पूरा.
सिलेबस में है। अभी भी है। हम जाके पढ़. ले। स्टूडेंट ने बोला कोई. स्टूडेंट बोला कोई. अब वो तो कमेंट सेक्शन इसका हम चेक कर. लेंगे। यही वीडियो जाएगा।. इतना होने के बाद तो स्टूडेंट उठ के बना. देता।. वो ₹200 वाला. अभी 300 हो गया है। क्योंकि यह 200 वाला. मतलब कई समय चला था। बट अभी भी वह. रिकॉर्डेड में 200 है।. हिस्ट्री जैसे 6 महीने का कोर्स चलता है।.
अभी भी वह देखेंगे तो दो-300 का है। 200. से तीन. कैसे पढ़ाते हो? थोड़ा आप थोड़ा डिकोड. करके बताओ ताकि थोड़ा समझ में आए। कितने. कोर्स चलाते हो अपने यहां पर आप? अरे भैया 3400 के कोर्स होगा।. 3400 कोर्स होगा। सबसे ज्यादा फेमस कौन सा. आपका बीपीएससी? यूपीएससी. नहीं जो जिस फील्ड का है यूपीपीसीएस यूपी. पुलिस यूपी दरोगा एसएससी सीजीएल. अच्छा मैं भूल गया आप बिहार से आके अपना. एक्सपेंड करोडम भी आपका है हां. अब तो आप एक्सपैंड. सब चीज का है हां. द कोचिंग माफिया खान सर. अच्छा ये स्टूडेंट नहीं बोल सकते ये उनकी.
भूल जिनकी दुकानें बंद हुई है [हंसी]. एक बात बताओ आप किसी की दुकान बंद करा. दोगे तो क्या कहेगा आपको अच्छा. इतना कंट्रोवर्सी होने के बाद सोशल मीडिया. के जमाने पे स्टूडेंट ने. बट जैसे मैं टीवी देख रहा था एक दिन मैं. मैं भी टीवी बहुत कम देखता हूं. तो Twitter पे खास तौर पे आपके जब खान सर. का केस था मैं थोड़ा फॉलो अप कर रहा था. हम. क्योंकि मेरे पे भी बहुत सारे बैकलैश आ. रहे थे कि आप खान सर को जानते थे आपके. यहां पर आए थे आप बोल क्यों नहीं रहे तो. मैंने कहा एक बार थोड़ा विषय की जानकारी. ढंग से ले लेते हैं.
तो एक दिन रात को मैं अपना ही पुराना चैनल. देख रहा था जहां मैं नौकरी कर रहा था तो. वहां पे दो ग्राफिक प्लेट लगी थी एक तरफ. खान सर कितने में कोर्स पढ़ाते हैं एक तरफ. रोशन सर कितने में पढ़ाते हैं. उसके बगल में आप अपना लगा दीजिए कि पांच. ही रुपए में पढ़ाते हैं तो ऐसे नहीं ना हो. हो जाता है।. तो जैसे रोशन सर कह रहे थे सस्ता हम भी. पढ़ाते हैं। हम पीआर नहीं कर पाए। हम फेल. रह गए। खान सर के पास पीआर. कैसे पीआर हो जाएगा सब चीज में? ऐसे कैसे. मतलब प्यार और पीआर में अंतर. क्या अंतर है? वही समझाना चाह रहा हूं।. समझाओ ना मुझे कि क्या अंतर है आपके सस्ते. कोर्स में जो बाकी लोगों के सस्ते कोर्स. में नहीं है।.
आप कल को एक काम कीजिए पढ़ाना चालू करिए।. हम. ₹50 में।. हम. कितना लोग पढ़ेगा? अभी तो एक को नहीं आएगा। फिर बस यही अंतर. है। जब नहीं आएगा तो ज्यादा नाम भी नहीं. होगा। हम पढ़ाएं तब. आप कौन हो एक वो टॉपिक लीजिए। उस टॉपिक को. आप भी समझाइए। उसी टॉपिक को हम भी समझाते. हैं।. नहीं YouTube पे तो बराबरी कर लेंगे हम. आपका।. हां नहीं पढ़ाने पढ़ाने वाले आप. पत्रकारिता में तो आप बहुत आगे हैं।. [हंसी] पढ़ाने वाले के पढ़ाने वाले पे.
वाला नहीं वाला नहीं। उसमें तो आप माहिर. हैं।. उसमें आप माहिर हैं। [हंसी]. नहीं पढ़ाने वाला कह रहे हैं। उसमें आप. माहिर हैं। भाई पत्रकारिता आप आप जितनी. शानदार आप करते हैं जितना इस टाइप की. चीजों को उसमें परफेक्ट है।. आपको हमारा रोशन सर का इंटरव्यू कैसा लगा? रोशन आनंद सर से हमने इंटरव्यू किया था।. आपको कैसा [गला साफ़ करने की आवाज़] लगा. वो इंटरव्यू? अब तक के आपके टोटल पोस्ट कार्ड्स में. सबसे ज्यादा झूठ उसी में बोला गया था।. बाकी चीजें सही थी। आपके अब तक जितना. पडकास्ट हुआ है उसमें लगता है 101 झूठ डाल.
दिया गया था। आपने भी पकड़ा था उसमें आधार. कार्ड वाइफ का घूंघाट सबरी बर्दाश्त. पाकिस्तानी 75000 बीपीएससी का फीस जबकि. ₹4500 है। ऐसे न जाने कितनी चीजों को पहले. हमला हमने किया। भैया हम कहां किए. सीसीटीवी में दिख रहा है। पहले कौन किया? मैं उस कॉन्टेक्स्ट में नहीं पूछा था।. हालांकि आपको उनका आंसू देख के बुरा लगा. था।. बहुत ज्यादा।. मुझे उनको देख के रोना आया था। देखो कोई. क्या. मुझे बहुत तकलीफ हुई थी जब उनके भाई के ले.
उन्होंने कहा वो बीच में एक लम्हा था दिल. टूट गया था मेरा उस पडकास्ट में. किसी को भी मार्मिक होगा किसी के भाई की. क्षति आप हम कोई नहीं लौटा सकते हैं ये. उनके साथ जो ट्रेजडी हुई ना हम अभी भी. उनको एक सलाह देते हैं बट मानेंगे नहीं वो. जितना वो अंधा भरोसा उन चार दोस्तों पे. किए हैं ना जिन्होंने मिर्गी और नींद की. दवा खिला के अपने चले गए थे घूमने. इतना अंधा भरोसा उनको नहीं करना चाहिए. ठीक है हम आप पे आरोप की बात करते हैं खान. सर पर एक आरोप यह भी है कि खान सर फर्जी. रेवेन्यू ऑफिसर, फर्जी इनकम टैक्स ऑफिसर,
फर्जी एयरफोर्स विंग कमांडर. नीरज को वो राफेल उड़वा देते हैं। जबकि. उसका नाम मेरिट में नहीं है। अब लोग मजाक. उड़ा रहे हैं कि नीरज राफेल उड़ा रहा है, सुख ही उड़ा रहा।. सबका जवाब दे देते हैं।. हम्म।. 50 60 हजार से ज्यादा रिजल्ट आए होंगे।. उसमें आपके पास कितना नाम आया है? तीन चार।. तीन चार। आप 50 60 हजार कोई सामान खरीद के. लाइए या कुछ भी कीजिए। उसमें कितना. रिजेक्टेड होगा? कुछ ना कुछ। अब हम बताते. हैं इसमें क्या-क्या झूठ बोला गया। जिस. नीरज नाम के लड़के का चर्चा किया गया कि.
मेरिट आउट है। यह गलत बात है। एयरफोर्स डे. था तो हम लोग को लगा कि देश को प्रेरित. करना चाहिए। तो हम जाके कौन चाहिए? हम. जहाज उड़ाते हैं जो प्रेरित कर देंगे। तो. हमने सोचा एक काम करो एयरफोर्स का बैच था।. तो हमने बैच में पूछा किसका-किसका रिजल्ट. हुआ है? तो दो बच्चे आए। सर हम लोग का हो. गया है। मेडिकल बचा हुआ है। तो हम दो. बच्चों को कहें कि देखो यह कितने कम उम्र. के बच्चे हैं। आज एयर फोर्स डे है। खुशी. का त्यौहार है। खुशी का दिन है। तुम भी. प्रेरित हो। इन लोग की तरह पायलट बनो। यह. भी मेडिकल पास हो गया। यह भी रिटेन पास हो. गया। इंटरव्यू पास हो गया। मेरिट पास हो.
गया। हमने बोला कि इसका मेडिकल बचा है।. लेकिन हम लोग को कॉन्फिडेंस रहता है कि. मेडिकल पास हो ही जाएगा। लेकिन उस नीरज. नाम के बच्चे की दुर्भाग्य से जांग की नस. एक फूल गई थी। विकोवेन बोलते हैं उसे।. इसके वजह से उस बेचारे को रिजेक्ट कर दिया. गया।. इसका पूरा मजाक उड़ाया गया। जबकि उसके साथ. बेचारे के साथ सिंपथी. इसको आपने एक पॉडकास्ट में भी कहा था कि. वो कंफ्यूज था सुखई उड़ाए राफेल उड़ाए।. इधर वाला हां दोनों दोनों कंफ्यूज्ड थे।. उसमें कौन सा उड़ाए? दोनों का यही कहना.
था।. उसी को लेके बहुत सारे मीम बनते हैं।. हजारों मीम बने डाले कि खान सर सुखई राफेल. उड़ा रहे थे।. जो बगलिया में था जो पायलट जो बना है. एयरफोर्स में वो नहीं दिखा।. कोई इंसान मेडिकलली में हमने जबकि बोल. दिया है एक बात बताइए आप बोले कि मेरा. इंगेजमेंट हो गया है किसी कारणवश. इंगेजमेंट आगे नहीं बढ़ा तो ये मजाक. उड़ाने की बात है कि एक एक कंडीशनल चीजें. हैं। हमने स्पष्ट बोल दिया है उसमें. अस्पष्ट कि इस बच्चे का मेडिकल बचा हुआ. है।. लेकिन इस माहौल का फायदा उठाया.
और ये जो रेवेन्यू ऑफिसर था इनकम टैक्स. ऑफिसर था। उनकी बात बताते हैं। यह जो. रेवेन्यू ऑफिसर वाला है इस पे हमने केस. किया है। [नाक से की जाने वाली आवाज़] यह. एक नंबर का धूर्त और कमीना आदमी है।. यह क्या किया? किसी का सरकारी गाड़ी लेके. आया और फर्जी आई कार्ड लेके आया। अब आप. क्या मिलाते हो? यह बताइए। हम आपसे कहते. हैं कि मेरा हॉस्पिटल चलता है। यह एक. डॉक्टर हैं। बड़े अच्छे न्यूरो के डॉक्टर. हैं। इनका पडकास्ट कर दीजिए। अब आप उस. डॉक्टर का सर्टिफिकेट मिलाएंगे। क्या.
मिलाएंगे? तो उस वो क्या था आया और आई कार्ड दिखाया. नाम दिखाया मैच हुआ यहां पर और उस उसकी ये. डिफॉल्टरी उसका ये काम था वो आ गया लेकिन. दो दिन बाद हम लोग को पता चल गया जब दो. दिन बाद पता चला तो हमने अपने चैनल से. उसको हटा दिया अब देखिए उसको लोगों ने. गांव के लोगों ने बताया कि यह धोखाधड़ी एक. इंस्पेक्टर के साथ भी किया है। इंस्पेक्टर. ने शायद अपनी बेटी उससे ब्याह दिया। जो.
इंस्पेक्टर है तो. क्या बात कर रहे हैं? यह गांव के लोगों ने बताया।. ऑफिसर बनके. हां हमको नहीं पता है। यह गांव के लोगों. ने बताया। हम इसकी गारंटी भी नहीं लेते।. बट गांव के लोगों ने ऐसा. तुमने कर्नल का केस सुना था।. हां फर्जी कर्नल।. फर्जी कर्नल. तो ये देश भर में घूम रहे हैं। ऐसे एक तो. फर्जी आईएस कश्मीर में घूम रहा था। एक ठो. तो हेगड़े करके थी। फर्जी ईडब्ल्यूएस. सर्टिफिकेट लगा के तो डीएम बनी हुई थी।. आपने देखा कि नहीं देखा? तो यूपीएससी के. साथ भी हुआ। तो हुआ कैसे? यह विवाद कैसे. चालू हुआ? हमने उसको हटा दिया और सबको. बोला कि तुम लोग इसको बिना क्रॉस चेक करने. ऐसे ही और सेम उसी समय एक बोरिंग रोड.
सेंटर पे घुस गया रेवेन्यू ऑर्डर। ये. दोनों फ्रॉड थे। अब समझिए क्या? ये घटना. है 2 साल पहले की।. इसको हम लोगों ने अपने हैंडल से हटा दिया।. कभी पार्टी फंक्शन में, कभी शादी में, कभी. फोन पर टीचरों से जब बात होती थी तो हम. टीचरों से बोलते थे कि भाई देखो नहीं होता. हालचाल में क्या चल रहा है, क्या नहीं चल. रहा है। तो हम लोग भी बोल दिया करते थे कि. देखो यार मेरे साथ एक ऐसा फ्रॉड हो गया. है। तो सामने वाले टीचर ने भी बोला अरे एक. तो मेरे साथ भी हुआ। उसका रिजल्ट था वो. नहीं आया तो अपने भाई को भेज दिया।.
तो हम लोग बोलते भैया ये सब चीजों से बच. के रहना है। तो हमने बताया था कई लोगों को. यह बात. कि ऐसे ऐसे घटना है। टीचर्स ने आपके खिलाफ. वीडियो बनाई कि वो वो तो एक्सपोज कर रहे. थे। कह रहे थे कि हमने खोज के निकाला है. आपके वीडियो से।. अच्छा म उनके पास रॉ एजेंट है सर।. रॉ एजेंट है लोग। एक बात बताइए किसी पूरे. किराने की दुकान पे कोई आदमी आता है और. कहता है कि वो वाला साबुन निकालिए तो वह. रिजेक्टेड है। कैसे बता दिया?
40 500 वीडियोस में आपको वह चीज़ें पैसा और. सुनिए। और एक एक तो तो फ्रॉड अभी इन लोग. को नहीं बताए थे वरना यो नौटंकी करता सब. [अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़]. गगन प्रताप एक टीचर है उनके पास एक बच्चा. पढ़ता था तो वो मैथ अच्छा किया और रैंकर. स्टूडेंट था अच्छा रैंक लाया था जीएस हमसे. पढ़ा था तो उन्होंने हमसे बोला कि सर ये. जीएस आपसे पढ़ा है मिलना चाहता है तो हम. मिले वो जीएस हमसे पढ़ा था लेकिन उसने कहा. कि सर हम फ्री वाला लीक वाला कोर्स पढ़. लिए तो कई टीचर में आपस में ऐसे होता है.
कि भैया ये हमसे रीजनिंग पढ़ा था आपसे मैथ. पढ़ाता था सर इससे मिल लेना. सर ये आपसे इंग्लिश पढ़ा था। ये आपसे जीएस. पढ़ा था। इससे मिल लेना। तो कई बार क्या. होता है ना कि हम लोग जब दोस्ती रहती है. तो क्रॉस चेक नहीं करते हैं। ऐसे चार पांच. लोगों ने एंट्री कराने की भी कोशिश किया. था कि एक टाइम आएगा इनको एक्सपोज करेंगे।. लेकिन वो पकड़े गए।. तो जिन टीचर का नाम लिया आपने उन्होंने. फंसाने की कोशिश की थी।. तीन चार ठो हम लोग तो पकड़ लिए पहले उन. लोग को तो तीन चार 810 ठोको हम लोग ने. पकड़ के थुरबो किए लोग। अभी दो ठोकर.
एफआईआर कर रहे हैं। अभी दो को एफआईआर. करेंगे ना तो इनाम लेगा सब कि कौन भेजा. था।. एक टीचर है जिनके लिए आपने मुखिया चुनाव. का प्रचार तक किया था। उन्होंने YouTube. पर वीडियो बनाकर सबसे ज्यादा आपको एक्सपोज. किया और उनके वीडियोस महीनों तक रील्स में. आते थे। हम लोग देखते थे। फिर पता लगा कि. आप से उनका पुराना रिश्ता याराना रहा है।. यह जो फर्जी रिजल्ट वाला बताए हैं, इसमें. एक और फर्जी रिजल्ट था जिसकी चर्चा नहीं.
हो पाई। वो फर्जी रिजल्ट हम बताते हैं. आपको। एक बार 12वीं पास बच्चा जो. ग्रेजुएशन नहीं किया था। पढ़ने में ठीक. नहीं था तो ग्रेजुएशन नहीं किया।. आर्केेस्ट्रा में लौंडा नाच करता था।. वो 12वीं पढ़ा आके में लौंडा नाच करने. वाले को हम मुखिया बना दिए। वो तो फर्जी. रिजल्ट था। वो फर्जी रिजल्ट बाकी कोई. चर्चा नहीं किया।. महाराज आप.
मतलब बहुत वीडियोस उनके आए हैं आपके. खिलाफ।. हम नाम नहीं ले रहे हैं लेकिन लौंडा डांस. अच्छा करता है।. नाम नहीं ले रहे हैं। लेकिन मुखिया चुनाव. में प्रचार आप किए थे। उन्होंने आपको बहुत. सारे वीडियोस के जरिए कहा कि हमने खान सर. को एक्सपोज किया। 40 दिनों में सबसे. ज्यादा वीडियोस उन्होंने बनाए आपके खिलाफ।. आपको तकलीफ सबसे सर उन्हीं से हुआ उतना. ध्यान नहीं देते हैं।. 5000 से ज्यादा रिजल्ट अलग-अलग चीजों में. हो उसमें से आपका दो-तीन निकला वो भी गलत।.
हम तो एफआईआर कर दिए उस पे। तो कम से कम. 500 से ज्यादा रिजल्ट दिए ना। जी। आप किसी. रेलवे स्टेशन पे जाके देखेंगे। किसी थाने. में जाके देखेंगे। हम गढ़ से कर सकते हैं. कि इस थाने में भी हमारे पढ़ाए हुए. मिलेंगे लोग। जो यंग वाले होंगे जो एजेड. हैं वो लोग तो कई तो हमारे से जो हमसे. उम्र में सीनियर है उनकी बात नहीं कर रहे. हैं। एक शायरी बोले. बोलिए. कुछ कुत्ते अपने होते हैं। कोई कुत्तों से. कैसे प्यार हो जाता है? तो [हंसी] कुछ.
कुत्ते अपने होते हैं। और कुछ अपने लोग ही. कुत्ते होते हैं।. इतना कठोर शब्द का इस्तेमाल. शायरी बोले हम तो।. इतनी पीड़ा आपके मन में इनको लेके।. हमने तो शायरी बोला है सर। और हम किसी का. नाम क्यों लेंगे? हम अपने जीवन में कभी किसी टीचर की बुराई. नहीं किए होंगे। ये आप निकाल के दिखा. दीजिए। किसी टीचर की बुराई नहीं।. आपने प्रचार किया था इनके लिए। आपने. सपोर्ट किया था।. हमने शायरी बोला ना? कैसा लगा शायरी आपको?
बता रहा है कि मेरी खामोशी ने हजारों. जवाबों की लाज रख ली।. [गहरी सांस लेने की आवाज़]. जुगनुओं ने पी रखी थी शराब।. भरभर के सूरज को गालियां दी कि तुम क्या. ही चमकते हो। हमको देखो हम क्या चमकते. हैं।. बट ये तो पुरानी जान पहचान के लोग हैं। ये. आपके रहे हैं मतलब. क्योंकि इस बीच में हम बिहार के टीचर से.
बड़े वाकिफ हो गए। सारे आते रहे, मिलते. रहे, बातचीत होती रही। फिर मुझे पता लगा. इनसे आपका बहुत पुराना रिश्ता है। शुरुआती. दौर से इनको आप सपोर्ट।. हमने किसी को भी दोस्ती खुले दिल से. निभाए। हम. खुले दिल से हम पूरे हिंदुस्तान में हम. टीचिंग में जब आए तो मेरा उसूल है कि हम. अपने मुंह से कभी किसी टीचर के बारे में. कोई बुराई नहीं करेंगे ना किसी का नाम. लेंगे। आप देखते होंगे लड़ते रहते हैं सब. इधर से उधर। हमने जिसको बोला है अच्छे के. लिए बोला है। लोग क्लास में चर्चा करते थे. कि हमने खान सर को फोन किया। अरे देखो खान.
सर मेरे बारे में यह बोले हैं और बकायदा. लिखा रहे लोग।. अभी सोनू शर्मा जी और अवध जी के पॉडकास्ट. में जिक्र हुआ कि हमने फोन किया आपको। तो. ये लोग उतराते थे कि खान सर मेरे बारे में. क्या बोले हैं। हमने खुले दिल से दोस्ती. निभाई। हमेशा बताया कि भैया ये अच्छा. पढ़ाते हैं। इनसे पढ़ लो। ये अच्छा पढ़ाते. हैं इनसे पढ़ लो। हमारा उसूल रहा है। हम. बस एक ही चीज से लड़ते हैं।. शिक्षा भारत की जो संस्कृति रही है, गुरु. दक्षिणा की रही है। ये व्यापारी बनके फीस. लेने वाले कल्चर के खिलाफ हम रहे हैं। और. मेरे से कोई बैर नहीं है।.
हम. सोनू शर्मा और दो ओझा वाली क्लब देखी. आपने? काफी ट्रेंड हो रही है।. मैं नहीं देखता। सोनू शर्मा का कौन देखता. है? पहले लॉकडाउन के टाइम पे चलता था। अब. कौन देखता है? चलिए आप नहीं देखते तो कोई बात नहीं। हम. आगे बढ़ते हैं।. बीपीएससी. 69वीं बीपीएससी में 400 सिलेक्शन का दावा. किया गया था।. हम. अब बच्चा लोग पूछ रहा है कि 70वीं. बीपीएससी में आपके क्लासरूम कोर्स से. कितने बच्चे निकले? अब तो जाएंगे। अब तो बेल है। अब दिखाएंगे. लोगों को। हम तो बेल बेल अब ना हुआ है। यह.
बताइए हमारा बेल ही नहीं होगा तो. सेलिब्रेशन कौन करेगा? और दूसरा एक और था. कि सारे लोगों ने और टीचरों ने भी और सारे. जो मेंबर थे उन्होंने कहा था कि सर देखिए. पड़ोस में एक ऐसी घटना हो गई किसी ने अपना. भाई खो दिया और आप बगल में बैठ के. सेलिब्रेशन करिएगा रिजल्ट का अच्छा नहीं. लगेगा तो हमने रोक दिया था लेकिन उन्होंने. खुद ही सेलिब्रेशन कर दिया हालांकि उस बैच. को पढ़ाए नहीं थे अलग बात है जिस बिल्डिंग. में उन्होंने 10,000 रिजल्ट का दावा किया.
है उस बिल्डिंग की कैपेसिटी 3000 है हम. किसी पे कुछ बोल नहीं रहे हैं उन्हें भी. पता है। जिस बिल्डिंग में उन्होंने कहा कि. इसमें 10,000 बच्चे का रिजल्ट है देखो।. [अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़] तो अब. हम करेंगे जब उन्होंने खुद कर दिया।. अब ये भी फर्जीवाड़ा चल रहा था कि 20,000. टोटल बच्चे हैं। आप उन्होंने आपने 12,000. दावा कर दिया। रोशन सर ने 10,000 दावा कर. दिया। कुल लड़का पास हुआ 19,83. और फिर यह भी आप पर कई सारे टीवी अखबारों. ने आरोप लगाया कि सफल छात्रों को अपने. पाले में करने के लिए खरीदफरोख्त हुई।.
आपके कोचिंग का एक WhatsApp भी कुछ. अखबारों ने वायरल किया टीवी चैनल्स ने कि. देखिए खान सर के यहां सबको मैसेज आ रहा. है। आओ हमारे यहां पर खान सर से इनाम. दिलवाएंगे और फिर वो बच्चा अपने में शामिल. कर लेते हैं। वो हमारे कोचिंग कर रहे है. तब तो. आप ये कैसे कह गए कि हमारे यहां का है। एक. बात बताइए उन्होंने जहां कहा कि 10,000. रिजल्ट उस बिल्डिंग की कैपेसिटी 3,000 है।. तो हो सकता है रिपीट पढ़ा रहे हो।. तीन बार. ठीक है। आपकी बात मान ली। हां मतलब अब.
10,000 दावा किया है तो कुछ तो सोच किया. होगा। आपने ही 12,000 किया है।. हमारे 17 हॉल भरा था और फिर 3 तारीख को. दोबारा प्रोग्राम था।. उस दिन नहीं हो पाया 31 तारीख को तो 3. तारीख को दोबारा प्रोग्राम था। हम. ये अखबार वालों पे भरोसा करते हैं। पहले. हम स्क्रीनशॉट लगा था खान सर अपने. सम्मानित करेंगे इसलिए बच्चा लोग को ले. लेते हैं।. हां हां जिसमें लिखा था कि 2000 के नोट. में चीफ है।. और ये 69वीं बीपीएससी वाला 400 सिलेक्शन. लोग कह रहे हैं खाली 10 लड़का सिलेक्ट हुआ. आपका बाकी सब नहीं हुआ है।.
तो अब ना जाएंगे हम दिखाने पागला है सबका. ही सबको। भांग पी के सूतल है सब हम आदमी. है। ये नहीं है तो सेलिब्रेशन कौन करेगा? माने दूल्हा है ये नहीं है। आप कह दीजिएगा. कि जयमाल करा दे।. आपको लगता है बढ़िया सिलेक्शन हुआ है इस. बार. नहीं हुआ है। लड़का लोग फैक्ट चेक करेगा।. बिल्कुल करेगा। अच्छा दूसरी बात सुनिए ना. हम. जिसने कभी प्री नहीं पढ़ाया, मेंस नहीं. पढ़ाया, खाली टेस्ट लिया, उसने दावा कर. दिया कि मेरे पास000 सिलेक्शन हो गया है।. ऐसा भी टीचर है।. अरे पटना में हुआ है खुलेआम ना प्री का.
क्लास चला है।. तवंजना जी क्या तवंजना जी क्या गलत बोले? कोचिंग माफिया गलत थोड़ी बोले फिर फिर तो. सही बोली।. अब आप बताओ कि. कोचिंग माफिया है कि नहीं है? बिल्कुल है। हम तो खुद ही बोलते इसीलिए तो. टीचर नाराज हो गए सब कि हमको काहे माफिया. संजना जी सही बोली थी. माफिया नहीं दो कौड़ी का बोली थी. तो आप लोग दिल पे काहे ले लिया आप लोग का. नाम थोड़ी ली थी किसी का नाम थोड़ी ली थी. सारा टीचर अपने ऊपर ले लिया. तो मामला अब कोर्ट में है वहां बताया. जाएगा. ठीक है चलिए आपने कपिल शर्मा केबीसी हर.
जगह बताया कि मेरी कोचिंग में बम फेंका. गया 2019 में. अब लड़का लोग कहता है कि बम कांड में आपने. एफआईआर करवाई नहीं खाली आपने. नहीं जो बोला है कि एफआईआर नहीं करें हम. कहते हैं कि अरे गरिया है मतलब हम भी लगा. देंगे।. नहीं म कह रहे हैं म कह रहे हैं कि अरे. तुम जाके थाना में पता किया है कि एफआईआर. नहीं है। कोने एसपी से जाके पूछा था कि. एफआईआर नहीं है। कोने कोर्ट में तुमने. रसीद दायर किया था। आरटी आरटीआई किया था. कि एफआईआर नहीं है।. हम. तू कहां से बोला? मतलब जूता से मारे हम.
यहां पे। एफआईआर है। उसके आईओ थे राकेश. कुमार। उस समय थाना अध्यक्ष थे निशिकांत. ऋषि। इलेक्शन का मतलब माहौल था उस समय. 2019 में शायद इलेक्शन था आचार संहिता लगी. थी उसी समय के आसपास हां आचार संहिता लगी. थी इसीलिए पुलिस जल्दी पहुंच गई थी. 810 बम में आपने गिरने का दावा किया था. कहां गिरा था बम. ऑफिस में 15 20 लोग ऑफिस में. किस पे एफआईआर करवाई थी आपने. उस समय तो हम लोग कहां पहचान पाए थे लोग. उतना अज्ञात लोगों पे एफआईआर हुई थी. अब जितना क्वेश्चन आ रहा है ये सब मैं उठा. रहा हूं लड़का लोग का जो था.
एक सवाल आया खान सर गरीबी बेचते हैं. तो अमीरी बेचे हैं ये चट्टा वो कह रहा है. जो 4000 में पीडीएफ बेचता है जिसको पूरे. छोटा से छोटा टीचर डिस्ट्रिक्ट लेवल का. पीडीएफ यानी नोट्स फ्री में देता है। एक. वो चोटा पीडीएफवा बेचता है 4000 में. पीडीएफवा तू सही है।. कौन टीचर है भाई? वो सब समझते हैं सब। मीर जफरन जयचंदन को. सब समझते हैं। ऐसा वह अच्छा है। यह बताइए. गरीब को पढ़ने का हक नहीं है।.
हम. हम बस इतना पूछते हैं कि सब अमीरे को. पढ़ाएगा तो गरीब को पढ़ने का हक है। गरीब. आदमी कोटा पढ़ पाएगा।. ठीक है। गरीबी का हालांकि यहां मार्केटिंग. से कॉन्टेक्स्ट था। एक सवाल और आया कि खान. सर के कोचिंग में और खान सर के अस्पताल. में खाली कैश पेमेंट चलता है जिसके जरिए. वो नंबर दो काम करते हैं। 90% पेमेंट. ऑनलाइन होता है और ऑनलाइन पेमेंट हमारे. यहां जो होता है कैश वही दे सकते हैं जो. ग्रामीण क्षेत्र से आए हैं जिनके पास ना.
एटीएम है ना मोबाइल है ना फोन पे है।. 90% से ज्यादा पेमेंट ऑनलाइन होता है। और. सुनिए पेमेंट आज अगर करिएगा ना तो मेरे. अकाउंट में दो दिन बाद आता है। बीच में. गेटवे को लगा के रखते हैं वह 2 दिन तक. वेरीफाई करता है कि पेमेंट सही है या नहीं. है। आरबीआई से परमिशन लेता है। पेमेंट ओके. है तब भेजा जाता है। जितना खिलाफ हमारे. लोग थे यदि एक कोई गलती निकला होता एक कोई. एविडेंस एक कोई प्रूफ किसी इंसान का 1ढ़. महीने तक मोबाइल WhatsApp सर्विलांस पे.
रखा गया हो फिर भी कुछ ना निकला हो। आप. समझ रहे हो इंसान. 1ढ़ महीने 40 दिन तक मोबाइल सर्विलांस. WhatsApp चैट WhatsApp कॉल फोन कॉल 5 साल. की हिस्ट्री साला किससे बात किया किससे. नहीं किया किससे चैट किया किससे नहीं किया. किस अकाउंट में पैसा गया किस अकाउंट में. नहीं गया जीएसटी दिया इनकम टैक्स दिया. क्या नहीं खंगाला गया मेरा बताइए क्या. नहीं खंगाला हम बस इतना कहते हैं 40 दिन. समय दिया गया हम चुप रहे कोर्ट ने समय. दिया आपको क्या निकाल पाए आप. 1 लाख करोड़ का नुकसान निकाले तो. है सब.
[हंसी]. महाराज हुआ आपका एक लाख करोड़ का नुकसान. तो 1 लाख करोड़ का नुकसान किसको हुआ होगा. कितना बड़का. ये सब लुंगी से हाथी ढकने गया था सब. चींटियां तादाद में कितनी भी क्यों ना हो. गन्ना घसीट के नहीं ले जा सकती. चलो मैं फिर अपने गुरुदेव ओझा जी की बात. करता हूं एक लाइन उनका मैं जिक्र इसलिए कर. देना बड़ा पावरफुल स्टेटमेंट था बहुत वरील. वायरल हुई उन्होंने कहा खान सर गैलेक्सी. छू सकते थे अभी तो शुरुआत बात हुई थी।.
उनके साथ वाले होस्ट ने भी कहा कि सब. बर्बाद कर लिया। लेकिन. अपने तरह. हजारों करोड़ हजारों करोड़ कमाए होंगे. लेकिन लाखों करोड़ का नाम था खान सर का।. नाम बर्बाद कर लिए।. वो अपनी तरह सबको ना समझे। बाकी हम उनसे. जूनियर हैं। हम ज्यादा उन पे क्या. बोलेंगे? ठीक है।. मैं दरिया हूं। अपना हुनर जानता हूं। जहां. से भी गुजरूंगा रास्ता बना लूंगा। और हम. कह देना चाहते हैं. हम. कि हम रातोंरात कुकुरमुत्ता की तरह नहीं. निकले हैं जमीन से कि मसल दिए जाएंगे।.
यह तप के बने हैं। कई सालों की मेहनत है।. बहुत समय तक आदमी पेट दाब के कुर्सियां पर. ऐसे लट के कुर्सी रख के दबा के पढ़ाता था. कि और बैच पढ़ा लेते हैं ना तब जाके खाना. खाएंगे। एक से दो बैच के बीच में कभी 10. मिनट का गैप रहता था तो दो रोटियां खा के. आते थे और कहते थे अगला बैच में हम फिर. जाके दो रोटियां खा के चलाएंगे। जब ऑनलाइन. चीजें नहीं थी प्रोजेक्टर नहीं हुआ करता. था तो एक ही क्लास में अब ज्यादा बच्चों. को पढ़ाने पड़ेंगे। एक समय था 2019 में. सुबह 6:00 बजे से क्लास लेना होता था रात. को 10:00 बजे तक कंटिन्यू गैप बीच में.
10-10 मिनट का उसमें आप चाय पीजिए उसमें. टी ब्रेक 10-10 मिनट का वो भी इसलिए कि ये. बैच के बच्चे निकले दूसरे बैच के घुस जाए. अब इस पे भी हमको एक आदमी कोई कहीं किसी. वीडियो देख के टीचर ने बनाया था कि खान सर. पढ़ाते थोड़ी है पढ़ाता तो बगल में एक. टीचर है. हम. वो किसी को जब लाते हैं तो टीचर किनारे. खड़ा हुआ आता है खान सर खाली हवाबाजी करते. हैं तू भी कर ले आप पढ़ाते हो अभी भी कि. हवाबाजी है. क्या बात करते अब पूछ रहे हैं भाई [हंसी]. हम अब देखो अब हर चीज़ स्क्रूटनी पे अब. जनता के अदालत में आप हो तो अब सही गलत जो.
होगा सब पूछा जाएगा आपसे वन्स फॉर ऑल नहीं. चल रहा है ठीक है एक ही बार पूछा जाएगा. लेकिन अब किसी के मन में है तो आप पढ़ाते. हो या खाली हवा. 7:00 बजे हमेशा आप हमको क्लास में देखेंगे. सुबह. पढ़ाते हुए. सुबह-सुबह 7:00 बजे चाहे ठंडी हो गर्मी हो. बरसात हो कुछ भी हो सुबह 7:00 बजे क्लास. में मैं पढ़ाते हो तो क्लास में कोई नाचता. है मुरजरा करता है क्लास में. अरे बड़ा आदमी जिसका एक डेढ़ लाख करोड़ का. प्रॉपर्टी उधर से जाके अपना खाली हेलो हाय. हेलो फैंस फोटो खिं दिए फोटो. आज का लड़का बेवकूफ विद्यार्थी ार्थी. लड़का लड़की नहीं है कि ऐसे ऐसे कर. दीजिएगा हो जाएगा हो गया जमाना आज सब. विद्यार्थी पढ़ के आता है.
क्या बैच पढ़ाते हो. अब ये तो डिपेंड करेगा. अंदाजन मतलब अंदाजन का घंटा पढ़ाते होगे. आप. एवरेज देखिएगा तो 8 से 10 घंटा. पढ़ाते हो. हां. औसतन मतलब. अच्छा ये बताओ पढ़ाने के सिवा और क्या कर. सकते हैं. बिजनेस बढ़ाओ अस्पताल खोले हो पडकास्ट करो. घूमो. अस्पताल में तो. बीवी के साथ प्यार करो मम्मी की सेवा करो. और बिजनेस बढ़ाओ इधर दिल्ली घूमना टहलना. इधर-उधर. बचपन को पढ़ाएगा कौन? और अस्पताल में मेरा. काम क्या? हमने अस्पताल में मशीनें दे दी, ऑपरेशन थिएटर बना के दे दिए हैं। लैब बना.
के दे दिए। अब ऑपरेशन करें। अब हम. हॉस्पिटल में. देखिए हम देखिए हमने जनता कोर्स सवाल. उठाया था। देखिए एक सवाल आया था। कोर्स. बिकने के बाद खान सर क्लास कम लेते हैं और. जो लेते हैं उसमें पढ़ाई कम बातें ज्यादा. करते हैं। जो पीआर टीम काट काट कर सोशल. मीडिया डालती रहती है और आधा तो ये लोग. एक्सप्लेनर बनाते हैं। पढ़ाते नहीं. एक्सप्लेनर बनाते हैं। पूरे पढ़ाए।. बढ़िया पढ़ाए हुए पढ़ाए तब. क्या बोलोगे इसको भी कीजिए. पढ़ाए भैया बढ़िया तुम्हारे लिए तब तो खुला. मैदान है तब तो आओ पढ़ाओ.
[हंसी] ये लोग बेवकूफ समझता है देखिए होता. क्या है किसी को दही दीजिए. तो ऊपर से चीनी डालिएगा ना अब को पगला आके. ऊपर से पूरा चीनी खा ले कहे कि दही बोल के. चीनी खिला दिया अरे बाला उसको मिला के. खाया जाता है रे बकलोलवा आप 5 घंटा क्लास. लीजिएगा कोई बोर हो जाएगा तो कभी उससे. रिलेटेड कोई चीज बता दिए कोई चीज जैसे. जैसे हम फिजिक्स पढ़ा रहे थे तो एक बार. कोहेसिव एंड एडेसिव फ़ बता रहे थे कि दो. अलग-अलग चीजें अगर चिपकती हैं तो कोहेसिव. रहेगा कि एडेसिव रहेगा। तो कभी उसमें.
एग्जांपल दे दिए काजल का कि ये क्यों. चिपकता है? इसमें कौन सा फोर्स ज्यादा. होना चाहिए? आंसू टपकता है तो ऑटोमेटिक. गोल क्यों हो जाता है? तो कहता है सर कि. काजल का एग्जांपल दिए। अरे बकलोल वाला कौन. हुए समझ में आता है।. ठीक। अब एक बहुत इंपॉर्टेंट सवाल। यह सवाल. बहुत चला था सोशल मीडिया पर।. भारत के कई सारे टीचर यह आरोप लगाते हैं. कि खान सर ने विवेक बिंद्रा के जरिए. उन्हें पैसे देकर खरीदने की कोशिश की.
जिसमें दो टीचर राकेश यादव सर और अभिनय सर. ने खुलेआम कहा कि विवाद के दौरान कॉल आया. दिल्ली के ओखला में खान सर की इमेज बचाने. के लिए मीटिंग करनी है। बाद में अवध ओझा. सर ने कहा कि हम पहले निकले और सारे टीचर. हालांकि उसमें क्रेडिट का विवाद चल रहा. है। अभिनय सर और ओझा सर में कि किसने वहां. मीटिंग से निकाला लेकिन एक आरोप जो सब ने. लगाया कि बहुत सारे टीचर्स को विवेक. बिंद्रा के जरिए खान सर ने खरीदने की. कोशिश की और पीआर तंत्र फैलाने की कोशिश. की ई ससुर गए काहे सब तब.
ई ससुर इतने ईमानदार थे सब तो फोन पे मना. कर देते सब गया काहे सब. ये टीचर टीचर हमरा से खेलोगे लोग स्टूडेंट. को कैसे बेवकूफ बनाना है सोच रहे ईमानदार. थे तो का करने गए थे वहां. पतल चाट अपने. अलक सर ने बोला कि भाई मुझे पता है कि आप. ऐसा नहीं कर सकते हो। अलख सर आए बोले ऐसा. नहीं कर सकते हो। नीतू मैडम उन्होंने भी. फोन किया भाई ये गलत है। उन्होंने भी. समझाया यार ये वीवी विकास नाम का आदमी है।.
ये क्यों ऐसा मारा है? यही समझा सकते थे।. हम. ये किसी ने बोला खान सर का दंड। आदित्य. रंजन से ने कहा तुम द एंड कर लोगे। अमित. कोहरे को ₹5 लाख दिया गया। उन्होंने कहा. कि नहीं बनाऊंगा मैं वीडियो। खान सर के. खिलाफ। सबको ₹-5 लाख बोले जा रहे थे कि. ₹ लाख दिए जा रहे थे कि आप खिलाफ में. वीडियो बनाओ। एक दो ठो टीचरों ने बनाया. भी। 5-प लाख मिला यहां पे। अब हर शुभचिंतक. चाहेगा। खली फोन कर रहे हैं। ग्रेट खली जो. रेसलिंग करते हैं। मेरे को पता है कि ऐसा.
नहीं हो सकता है। लेकिन ये मीडिया वाले. ऐसे कर रहे हैं। मैं कुछ बोलूं हम अरे. भैया नहीं नहीं आप बहुत. अच्छे हैं। आप प्रेम है। आप बताएं। ठीक. है। मोबाइल उस समय एक दिन चालू रहता था।. चार दिन बंद रखते थे हम यहां पे। अब इसमें. उन्होंने उन्हें भी शुभचिंतक होंगे।. उन्होंने सोचा होगा कि इसे ख़ करें। यह. बताओ. वह ख़ करने का ना प्रयास किए होंगे। यह. क्या कहे होंगे कि खान सर को ले आके मिस. इंडिया का कैटवा कराया जाए।. हम. तो वो अपने हिसाब से किए होंगे। हमको नहीं. पता है। एक बार कॉल किए फिर मेरा मोबाइल. ऑफ हो गया यहां पर।. और वो क्या किए होंगे? असल में टीचर चाहते.
ही नहीं थे कि मामलवा शांत हो।. ये आग में घी डालना का काम कर रहे थे।. इन्हें लगा कि इसके बाद खान सर नहीं. करेंगे।. आपने विवेक बिंद्रा से बात की थी पैसे के. नहीं उनको. विवेक बिंद्रा से कहा था. उनको पैसा की जरूरत है इनको जेब में लेके. घूमेगा वह आदमी 100 200 करोड़ तू जेब में. लेके घूम दे. इतना पैसा है. विवेक बिंद्रा को आपको पता नहीं है. आइसबर्ग है वो. भाई हमको नहीं पता है भाई हम इतना पैसा. नहीं देखे हैं. कम से कम ऐसी 1015 कंपनियों में शेयर.
होंगे जो कंपनियां 30400 करोड़ वो आदमी. दूसरे को बिजनेस करना सिखाता है उसको आप. कहिएगा जिनकी कंपनी 55000 करोड़ की है हम. जा के देखे वहां बैठ के ट्यूशन पढ़ता है. और उसको कहिएगा कि पैसा ई ई सब अपनी तरह. समझ लिया है सब पॉकेट मार कि ₹ लाख में. वीडियो बना दो तो वो बनाएगा उन्होंने. प्रयास किया होगा हमको नहीं पता है हमको. बस. आपने कहा था ये सवाल यही है आपने विवेक. बिंद्रा से कहा था कि तुम मेरे लिए टीचर्स.
को अलाइन कर दो और मेरी मदद करवाओ. नहीं उन्होंने हमें कॉल किया कहा कि ये. क्या मैटर चल रहा है मैंने बताया ऐसे है. मीडिया गलत डायरेक्शन में ले जा रही है. उन्होंने कहा कि ठीक है मैं देखता हूं. मेरे से जो बन सकता है उसके बाद मेरा. मोबाइल ऑफ हो गया क्योंकि एंटीिसिपेटरी. बेल का डेट आ गया तीन-चार दिन बाद हम ऑन. किए तो ये जो ईमानदारी का चोला पहन के घूम. रहे हैं लोग ये गए काहे थे वहां पे. बट ये तो आपके भी दोस्त रहे आपसे बातचीत. रही है आपके भाई के फंक्शन सब लोग रहे हैं. सब लोग पत्नी को लेके आते थे नागिन डांस.
करते थे लोग सब लोग हमारे यहां. तो आपने पूछा नहीं कि क्यों खिलाफ गया. पूछेंगे इस लोग से क्या मतलब आपको लगता है. क्या कि क्या फर्क पड़ेगा पड़ेगा। यह लोग. बेचारे रोशन के साथ भी नहीं है। सुनिए बता. रहे हैं। उसके साथ भी नहीं है। इन लोगों. ने किसने पोस्टमार्टम करा दिया उस बेचारे. का? किसने जाके सीसीटीवी लाया नेपाल से? ये सब चाहते हैं बिहार का एडमिशन लेना।. सीधी सी बात बता रहे हैं। ये सब चाहते हैं. कि कैसे हम उनको अपने प्लेटफार्म पे ले आ. सिंपैथी दिखा के वो सोच रहा है हम अपने.
प्लेटफार्म एक टीचर दिल्ली का। इ हम मैथ. वाले जयचंद का बात नहीं कर रहे हैं।. आदित्य रंजन की भी बात नहीं कर रहे हैं।. गगन प्रताप की भी बात नहीं कर रहे। उन्हीं. के जात के हैं। हम किसी टीचर का नाम नहीं. लेंगे। बड़े नामी चेहरे हैं। अपने आप को. सबसे बड़ा सीनियर बोलते हैं। इतना खराब. लगा कि वो फोन पर हमसे बात बोले कि एक काम. करो ऐसे है वैसे है। गलती हुई है। माफी. मांगो। हम कहे कि नेपाल की घटना उनके. दोस्तों ने उनको मिर्गी की दवा खिलाई है।. वो माफी मांगी उस चीज को। उन लोगों को.
केवल बिहार के बच्चों का एडमिशन चाहिए था।. इन्हें लगा कि खान सर अब खत्म।. अब हम कौन एडमिशन लेंगे? तो इस पर नीतू. मैडम ने धो दिया कि चार दिन बाज नहीं. उड़ेगा तो आसमान पर कबूतरों का राज नहीं. हो जाएगा।. मेरे को फिर लगता है अंजना जी ने सही गलत. थोड़ी कहा था। माफिया वो जो शब्द इस्तेमाल. किया गया था।. कभी-कभी लगता है कि क्या ही अब बोल सकते. हैं क्योंकि हम केस लड़ रहे हैं उससे। हां. लेकिन कोचिंग माफिया शब्द उन्होंने क्या.
गलत इस्तेमाल किया था? हम. चलो मैं फिर पूछता हूं अंजना जी का कोई. टॉपिक आया। आपने उनके बच्चे का जिक्र कर. दिया था। बहुत सारे लोगों को लगा कि अंजना. ओम कश्यप से कहना कि जुबान खींच लेंगे. थूकेंगे। बेटे का जिक्र करना ये खान सर का. बिलो द बेल्ट था। शिक्षक का संस्कार नहीं. होना चाहिए था। पत्रकारिता से दिक्कत थी।. आलोचना करते। शरीर जबान तक क्यों गए? कोर्ट केस में चल रहा है। लेकिन फिर भी. इंसानियत के नाते हम पूछ लेते।. देखिए उनके बच्चे बच्चा किस स्कूल में. पढ़ता है? हमने यह नहीं बोला।. हम्।. यह जानते हुए भी हमने नहीं बोला। लेकिन,
उनका चैनल ने मेरा घर दिखा दिया। मतलब. आपकी प्राइवेसी प्राइवेसी हमारा प्राइवेसी. प्राइवेसी नहीं है।. तो जब ये चीजें होंगी तो थोड़ा ऊपर नीचे. होगा। आप बताइए किसी का घर दिखाइएगा आप।. इतने भयंकर कंट्रोवर्सी में हम दिखा दें।. अंजना का घर तो कैसा लगेगा? हमने मर्यादा का ध्यान रखा कि नहीं रखा? शब्दों में नहीं। मतलब नहीं. खुलासे में वो तो ऊपर नीचे हो. खुलासे में हो सकता है शब्दों में तो नहीं. रखा था आपने इस बात को मैं भी कहूंगा.
हां हां नहीं रखी बिलो द बेल्ट था वो. हां बिल्कुल. ठीक है आप लोग का मुकदमा कोर्ट में लेकिन. एक इंसानियत के नाते कुछ लगता है. गलत हो गया. नहीं वो बच्चे वाला का खैर वो अलग बात है. क्योंकि हमने बच्चे का बस ये बताया कि. बड़ा महंगे स्कूल में पढ़ते हैं संसद भवन. के आसपास का एरिया हमने कभी ना उस स्कूल. का नाम लिया ना उस स्कूल का एड्रेस लिया. ना इन बच् इनके बच्चे का नाम लिया कुछ भी. नहीं लिया हमने तो बस इशारा किया तो खुल. के दिखाए थे। ये तो फर्जी चाचा को चाचा. बना दिए सब।.
आप कह रहे हो कि दोनों तरफ से बिलो द. बेल्ट का।. बिल्कुल।. अब आप किसी पे बोलिएगा तो आप उधर से भी तो. रिप्लाई होगा।. आप लोग का मामला कोर्ट में है। कोर्ट भी. देख ले।. एक और सर चीज बढ़िया आती है इंटरेस्टिंग. कि पहले खान सर मुसलमानों को टारगेट करते. थे। अब्दुल ने प्लेन उड़ाया, रमेश ने. उड़ाया, रमेश का उड़ गया, अब्दुल का उड़. गया। मेजर प्रताप सिंह के बयान पर वो सहमत. होते थे। जो मुसलमानों की वफादारी पर सवाल. करता था। शौर्य मूवी वाला खान सर धीरे से. फिर धीरे-धीरे शिफ्ट हो गए। विचारधारा बदल. गई।. होता क्या है ना कई बार जब आपको जानकारी.
नहीं हो ना तो गड़बड़ा जाता है।. सुप्रीम कोर्ट का एक फैसला आया था जिसमें. नेपाल में जो प्लेन क्रैश हुआ था उसका. मुख्य आरोपी सुप्रीम कोर्ट ने ना. अब्दुल मुस्लिम को घोषित कर दिया।. उसका नाम था अब्दुल मुस्लिम।. और ससुरा हम उसको उठाए ना तो पूरा अब्दुल. मुस्लिम नहीं उठाए। देखिए हम सोशल मीडिया. नहीं जानते थे। लॉकडाउन लगा तो हम दूसरे. से YouTube बनाना सीखे। Facebook पे हमको. आजू नहीं आता है। Twitter हम आजो नहीं. चलाते। हमसे गलती क्या हुआ ना? अब्दुल मोमिन यूज़ करना चाहिए और ये नीचे.
कोट करना चाहिए कि सुप्रीम कोर्ट ने इसे. दोषी घोषित किया। हम धके उठा लिए अब्दुल. और सोशल मीडिया पे एक हिस्सा है जो. मुसलमानों को ट्रोल करने के लिए अब्दुल. अब्दुल वर्ड यूज़ कर रहा था। अब जैसे किसी. के लिए मामा किसी पुलिस वाला या टीटी को. बोल दीजिए मामा। अब किसी को पता नहीं है. बोल देंगे तो भड़क जाता है।. बस यही हमसे हो गया। हम उसको अब्दुल बोल. दिया।. रमेश ने प्लेन उड़ाया। अब्दुल ने उड़ाया।. रमेश का उड़ गया।. हम अब्दुल वाला क्योंकि प्लेन हाईजैक हुआ. था। अब वही हम मामला समझा रहे थे। उसमें. बताया भी थे कि सुप्रीम कोर्ट ने अब्दुल. मोमिन को ये कर दिया है।.
पाकिस्तान का चेहरा कुत्ते जैसा।. वो तो है ही है कुत्ते जैसा।. आप यूपी से हैं। खुद को बिहारी क्यों. लिखते हैं? ये भी एक सवाल आया था। हालांकि. कईयों को पूरा देश का ही आपका है लेकिन. फिर भी एक तो हमको लगता है किसी किसी नमक. हरामों को जितने साले किसी काम के नहीं. उनको लगता है बिहार उनके बाप का है कह रहा. है कि तुमको बिहार से जाएंगे तुम्हारे बाप. का है बिहार तू निकाल के दिखा देगा हमको. हम हिंदुस्तानी है जाति धर्म नहीं मानते. गीता में श्री कृष्ण भगवान ने कहा है कि. कर्मभूमि को कभी मत भूलना.
जिस पटना शहर ने एक मामूली इंसान को. अधना इंसान को जो लॉज में रहता रहता था।. जिस गली में हम रहते थे शुरुआत में पटना. में उसमें साइकिल नहीं जा सकती है। इतना. पतली गली है। ₹100 रेंट था। वहां से उठा. के जिस शहर ने हमको आज खानसर बना दिया। उस. शहर से हम दगाबाजी कर दें। जिस शहर ने. हमको नाम दिया, जिस राज्य ने हमको एक. मामूली इंसान से आज खानसर बना दिया।. दुनिया जानती है। उस राज्य से हम गद्दारी.
कर दें।. जिस दिन दुनिया छोड़कर जाएंगे ना मिट्टी. में मिलके सारा समाज। हम उस जमीन से सांसे. लिए हैं। हमने वादा किया है 10 लाख पेड़. लगाएंगे।. सांसों का भी कर्ज है। वो कर्ज भी लौटा के. जाएंगे। हमसे गद्दारी नहीं हो सकती है।. जिस राज्य ने. फर्श से अर्श तक ले गया है। उस राज्य को. हमें अपना कहने में कोई दुख नहीं है। और. किसी के बाप में हिम्मत नहीं है। जो लोग. इसे लायची दाना बराबर कुकुरमुत्ता की तरह.
निकल के बोलते हैं बिहार से चलते।. तुम्हारे बाप का नहीं है। हमने सीचा है।. हम वहां पर पैसा नहीं था तो ₹ में टिकट. पर्ची कटा के पीएमसीएच में इलाज कराने गए. थे खुजली का और सोच रहा 3500 का दवाई लिख. दिया [हंसी]. खोज से मर जाए आदमी ₹ पैसा नहीं है तब तो. हम सरकारी हॉस्पिटल में आए हैं और 3500 का. दवाई लिख दिया था तो हमको वो दिन याद था. हमने उस राज्य को अस्पताल दिया यह भी वादा. किया कि जब हम इसमें सीख जाएंगे तो हर. जिला में अस्पताल खोलेंगे उस राज्य में.
हमने अपना ब्लड बैंक खोला उस राज्य में. हमने हमने डायलिसिस सेंटर खोला। आज दुनिया. में सबसे सस्ता एमआरआई अगर किसी हॉस्पिटल. में होता है तो मेरे हॉस्पिटल में होता. है। वो गुरुद्वारा वाले अलग हैं लोग। उन. लोग की तो भाई वाहगुरु उन लोग की तो बात. अलग है। उतना दानी दुनिया में कोई हुक्वे. नहीं करता है। लेकिन अगर हॉस्पिटल की बात. करें तो आपको पता है अब तक हम लोग 10,000. से ज्यादा एमआरआई कर दिए हैं। टोटल. डिस्काउंट कितना दिए होंगे लोग? इन छह. महीनों में आईडिया लगाइए।. 30% 20%.
पैसा में कितना दिए होंगे डिस्काउंट? 10 50 10 20 लाख. 5 करोड़. 5 करोड़. जो एमआरआई 7000 का होता है 8000 का होता. है उसको हम लोग ₹1800 में करते हैं। ये. केवल एक मशीन की बात कर रहे हैं। सीटी. स्कैन एक्सरे ब्लड एक्सरे का जो फिल्म आता. है ना यह सादा फिल्म हुआ ₹35 का आता है।. हम लोग उस पे एक्सरे करके उसको ₹35 में दे. देते हैं। तो ₹25 में ईसीजी कर देते हैं।. एक आदमी गुटखा खाते हुए आया। खंड का. हॉस्पिटल है। कहां.
[नाक से की जाने वाली आवाज़]. कर तो सब नर्स कह रही है सर सॉरी कहां ले. आके बिठा दिए इतना सस्ता मत कीजिए कि कोनो. मजाक बना देते हैं उसका ईसीजी किया गया. उसके हार्ट बीट में गड़बड़ी आया अब तो. डॉक्टर कार्डियो बोला इको कराइए इको हुआ. पता चला ब्लॉकेज निकला कहा कि निपटाइए एक. के महीना में आप निपट जाएंगे वो जो गुटखा. खा के आया था ना तुरंत गुटखा फेंका. मतलब उसका चेहरे बदल गया यहां पे मर जाता. है वो तो जो लोग आपके अस्पताल पे भी सवाल.
उठाते हो कि जिस YouTube कई सारे यूटर्स. हैं जिन्होंने आपके अस्पताल को लेकर भी. कुछ लोगों को बिठाया और कई सारी शिकायतें. कराई। क्या? अब सारी घटनाएं मुझे याद नहीं है लेकिन. मैंने कुछ वीडियो इस बीच में क्योंकि उस. बीच में आपको लेके हर बहुत सारे वीडियो आ. रहे थे।. तो कुछ अस्पताल को लेकर भी आ रहे थे कि. दिखावा है इतना नहीं जितनी तारीफ होती है. उतना रियलिटी नहीं है अस्पताल में।. पता है रियलिटी? एक एक्सीडेंट किया हुआ आदमी आया। उसका. खोपड़िया चूर हो गया था। मतलब चूर हो गया. यहां पे। तो उसका बाल छल के चमड़ा हटा के.
देखा गया खोपड़िया कहां है? तो खोपड़िया. बिन बिन के निकालना पड़ा इसे। अब का किए. तो तो बचने नहीं था। चूरचूर हो गया। तो. उसका खोपड़ी निकाल के हेमरेज निकाल के. उसमें ना स्टील का खोपड़ी जोड़ा गया। मेस. जाली जोड़ा गया। हम लगा देंगे आप जाली. जोड़ के किया गया। एक लड़की थी राघवपुर की. महिला तो उसको ना ब्रेन में लंग्स से उसका. जो ट्यूबरक्लोसिस होता है टीबी ब्रेन तक. पहुंच गया था। अब मरने के कगार पे आ गई. थी। तो उसका ब्रेन खोल के ऑपरेशन करना था।. उसकी उसका पति हमसे पूछ दिया हम राउंड पे.
थे तो ऐसे घूमने ये बच जाएगी नहीं। हम. कहां नहीं बचेगी? तो जो न्यूरो डॉक्टर थी. हमारे यहां नीति मैडम उन्होंने कहा कि सर. इधर आइए हम बहुत कम चांस है। आप इतना. कॉन्फिडेंस से बोल देते हैं काहे नहीं. बचेगी? पता किए हैं क्या है? क्या दिक्कत है? तो कहा बहुत सर्जरी थे।. उसका बाल खोला गया। ड्रिल किया गया। उसका. खोपड़ी हटाया गया। उसमें से पूरा ट्यूमर. और वो जो ट्यूबर उसको हटाया गया। अब जब. हटा ना तो उसका ब्रेन फूलने लगा। अब.
स्वेलिंग हो गया। अब तो ये खोपड़ी कस नहीं. सकते हैं क्योंकि कस देंगे तो उसको फूलने. का जगह नहीं मिलेगा। ब्रेन है मेरे जगह मर. जाएगा। अब ये खोपड़िया क्या किया जाए? वो. गरीब इंसान है। अब उसके लिए अब उसका. रेफ्रिजरेटर अलग आता है। ऑर्गन. रेफ्रिजरेटर वो बहुत महंगा होता है और. उतना ही पैसे नहीं दे सकती है। तो क्या. किया गया? उसका पेटवा खोल के उसमें. खोपड़िया डाल दिया गया कि जिंदा रहे. खोपड़िया और उसका चमड़ा सिल के और बैंडेज. करके घर भेज दिया गया। लगभग 15-20 दिन. आईसीयू में रही थी। 15 20 दिन आईसीयू में. रही थी। फिर घर से गई। कि जब स्वेलिंग कम. हुआ चेक हुआ अब स्वेलिंग कम है आप कस सकते.
हैं तो फिर बुलाया गया फिर पेट का सर्जरी. हुआ खोपड़िया निकाल के खोपड़िया कस के भेज. दिया गया यहां पर 1 लाख के अंदर. आपको 14 दिन आप आईसीयू में ब्रेन सर्जरी. में रहिए 14 दिन का 14 लाख. दिल्ली में बताइए ना तो 15 20 दिन आईसीयू. में रहे ब्रेन सर्जरी रहे 1 लाख के अंदर. मतलब अब समय ऐसा चल रहा है कि आप कुछ भी. कहोगे आदमी सवाल भी उठाने वाला. हां दिखा देंगे आपको सब चीज दे देंगे लगा. दीजिएगा यहां पे एक महिला आई उसको अपेंडिस. में दिक्कत था। तो कही कि मेरे अपेंडिस.
में दिक्कत है। ऑपरेशन कराना है। तो एक. ऑपरेशन का जो कॉस्ट होता है ना एक ऐसा. कॉस्ट होता है कि अब उसके नीचे आप नहीं जा. सकते हैं। वरना मरीज मर जाएगा क्योंकि. उसको बेहोश करके उठाने का खर्चा है 5000. उससे कटौती की तो सुत रह जाएगा। अभी. सर्जरी [नाक से की जाने वाली आवाज़] हुआ. ही नहीं। बस बेहोशी वाला पार्ट है। तो. मतलब 25 300 के नीचे ना मतलब पे टोट नहीं. खुल पाता है। तो कहे कि कर दीजिए। तो पहले. उसके ऑपरेशन से पहले उसने पुराना रिकॉर्ड. दिखाया। तो देखे लोग तो थोड़ा गड़बड़ लगा. तो जो हमारे यहां डॉक्टर हैं उन्होंने.
उसका एमआरआई कराया सीडी कराया सब ठीक कहा. कि भैया मैडम आपके किडनियों में दिक्कत है. किडनियां काट के निकालना पड़ेगा. तो हुआ तो उसके सर्जरी हुई जब सर्जरी हुआ. ना तो गाल ब्लडर तो निकालना ही पड़ा. किडनिया निकाल किडनिया सड़ के आंत को सड़ा. दिया था अब जो उसकी आंत थी वो बीचवा में. से सड़ गई थी तो बीचवा में से काट के अब. फिर इन दोनों को जोड़ के फिर भर दिया गया. और इतना उसका बॉडी पार्ट दे दिया वो तो. सोच काट के निकालो तो एक अलग डिपार्टमेंट. होता है। ऐसे नहीं ना किसी के काट के.
ऑर्गन निकाल के कह. देखने जाते हो. हॉस्पिटल खोलने का यही फायदा है। अब हम. देख सकते हैं बिना डॉक्टर बने।. हम [नाक से की जाने वाली आवाज़] तो ऐसे ना. ओटी में ऐसे झांक सकते हैं ना ऐसे क्या हो. रहा है? क्या नहीं? क्या पढ़ाई किए थे सर आप? ये दोबारा काहे पूछ रहे हैं पीजी किए हुए. हैं।. अरे बहुत साला उसमें भी नौटंकी सब आया था. कि एनडीए वाला कहां नहीं पूछेगा। ₹150. देकर के साले पास किए थे।. ये सब सवाल. एनडीए का फीस भी ₹150 है। अभी शायद बढ़ गया. होगा। हम. उसका फीस ₹150 है। अभी शायद हम लोगों को.
लगता है ₹150 होगा। नेट पे एक बार चेक कर. लीजिएगा ना।. आप एक अधिकारी पे भी आरोप लगाए थे कि एक. अधिकारी है। कोई आईएएस ऑफिसर कपल ₹1000. करोड़ ले रहा था। इधर-धर दे रहा था मैप बना. के एक को गया, बीबी को गया, सीसी को गया, डी।. ये देखिए बीपीएससी में 70 बीपीएससी में. प्रोटेस्ट का आरोप लगाया लोग।. इन टीचरों ने गलती क्या किया? कि पेपर लीक. हुआ था। तो पेपर लीक में आप एग्जाम में. नहीं बैठते। हम आपको एक वीडियो दे देंगे।. आप इसको लगाइए। हम ही वह पहला इंसान है. जिसने पुलिस को इनफॉर्म किया कि पेपर लीक.
हो गया है।. हम. बट हमने इसको कभी पब्लिकली नहीं किया।. हम. तो हमने पहला है कि जिसने बोल दिया कि भाई. पेपर लीक हुआ। अब देखिए पुलिस गई तो सच. में पेपर लीक हुआ तो बाद में कैंसिल हुआ।. कुछ स्टूडेंट थे उसमें।. हम. जिन्होंने ये सारी चीजों को देखा था।. वो मेरे पास आए और उन्होंने कहा कि सर हम. सारा प्रूफ दे देंगे। तो हमने कहा हमने. हमारे पास अच्छा खासा प्रूफ आ गया। हमने. बोला कि मेरे पास प्रूफ है यह है हम दे. देंगे कोर्ट में ऐसी चीजों में। तब तक इन. लोगों ने मिलके क्या किया ना? मेरे ही ऊपर.
केस कर दिया।. अब ई बताओ आपके दहिया में आग लग रहेगा। आप. दूसरे को बचाएंगे। उसके बावजूद हम उनसे. लड़ने और मेरे ऊपर केसवा सुप्रीम कोर्ट. में कर दिया। ऐसा क्या किया पता है? कि. इनका पढ़ाया हुआ में से क्वेश्चन आ गया है. हूबहू। अरे बैला आदमी पढ़ाई करता है इसीलिए. कि क्वेश्चन आए। काहे पढ़ाएगा जब क्वेश्चन. में नहीं आएगा। अब सुनिए सुप्रीम कोर्ट ने. फटकार लगाया कि एक टीचर क्यों पढ़ाता है? हम. अब जब हुआ कि ये जो जिन्होंने हमको प्रूफ.
ला के दिया था प्रूफ कौन देगा? एग्जाम में. धांधली का प्रूफ कौन देगा? जो एग्जाम में. बैठा है. हम. कि आपको यहां से मिलेगा।. जो अंदर बैठा है वही ना देगा। अंदर तो. कैमरा अलाउ नहीं होता है।. अब वो बच्चे डर गए के सर हमरा पे बहुत अभी. एज बचल है। हमारा 23 24 एज हो रहा है। हम. इ कानूनी लड़ाई में नहीं पड़ेंगे। आप खुद. ही फंसिए। टीचर सब तो आप ही को घेर रहा. है। सर आप एक चीज गौर कीजिएगा। चौराहे पे. कभी किसी को कोई पीटे और 10 आदमी देख रहा. हो। जब एफआईआर होगा और कोर्ट में गवाही.
देने की बात होगी तो 10 गो में कई को. गवाही देने जाएगा।. कहां जाते हैं लोग? नहीं जाते हैं ना तो. वह बच्चा जो एग्जाम दे रहा है वह तो वैसे. ही डर गया। कहा कि सर हम कोर्ट में गवाही. देने नहीं जाएंगे। हम आपको दे देते हैं।. आप दिखाइए। अब जब हम लोग कोर्ट में सबमिट. किए तो कहा कि नहीं यू आर नॉट. पार्टिसिपेंट। यू आर नॉट लोकस अप्रेंटिस. क्या है आपका? मतलब हु आर यू? आपने. परीक्षा में तो बैठे नहीं है तो कोर्ट में. ना एक बहुत बड़ी चीज होती है हाई कोर्ट. में लोकस स्टडाई कि मतलब हम आपको आपकी बात.
क्यों सुने? आप तो प्रभावित ही नहीं हुए. हैं। तो लोकस अप्रेंटिस तभी हो सकता है जब. कोई स्टूडेंट आए और स्टूडेंट को इन लोगों. ने इतना घेर बांध दिया कि कहा कि नहीं सर. हम मत दे। ये सर ये बहुत बार होता है।. देखिए कैसे एक स्टूडेंट को ब्लड डोनेट. करना था। चार यूनिट चाहिए थी तो चार को. गया सब। एक वो अपनी मम्मी को फोन किया। हे. मम्मी हम जा रहे हैं ब्लड डोनेट करने।. उसकी मम्मी कह तो हमरा कसम है। ब्लड दिया. तो वो चल आया।. तो जब ब्लड देने में डरवा देता है. गार्डियन तो आपको लग रहा है कि कोई ग्जियन.
गांव से उसको पटना भेजा होगा और कहेगा कि. जाकर हाई कोर्ट में गवाही दो।. ठीक है। मैं अब आता हूं इंसान पे आखिरी. सेगमेंट है। 40 दिन आपके जीवन में बड़ा. संघर्ष रहा। सबसे पहला सवाल तो यही पूछ. लेता हूं मैं कि जब आप कंप्लीट बेल मिल. चुकी है। कैसा लगता है आजाद होके? देखिए. एक तो. मतलब जीवन में सोचे नहीं होंगे ना कि अब. बेल में भी खुशी होगी।. हम अजीब ऐसा लगता है ना कि जिनको हम दोस्त. समझ रहे थे दोगले निकले हैं। [हंसी] हम.
कहते हैं कि यार ये सब चीजवा देख लेते. हम. और देखला के बाद तुम बोलते तो समझ में. आता। तुम जज बन गए।. यूपीएससी का टीचर जो कानून का जानकार है. वो एकदम चुप है कि भैया यह चीजें इसमें. जरूर कोई ना कोई होगा यहां पे. तो किसने अधिकार दे दिया आपको कि आप जज. बनके डिसाइड करिएगा हम बस एक चीज इन्हीं. लोग से पूछ किसने अधिकार दिया था ₹ लाख. लेके वीडियो बनाया सब.
बिकना ही है तो थोड़ा करोड़ में बिकता गधा. कहीं का 55 लाख ले वीडियो बनाया है सब और. कह रहा है और सूखा प तो चलते. मतलब एडमिशन ना होने का रीजन देखिए एक. सीधी सी बात है कम फीस में वही पढ़ा सकता. है जिसके पास ज्यादा नंबर ऑब्वियस बात अब. हम लोगों के पास क्या है ज्यादा नंबर है. अब इतना कानूनी लड़ाई लड़ लिए इस 40 दिन. में ना कि अब हम लॉ का बैच लाने जा रहे. हैं. हैं आपदा में अवसर खोज दिए. अवसर नहीं लॉ का बैच एक डेढ़ लाख है पता.
कीजिएगा. इस केस के चक्कर में तो नहीं खोले लॉ का. बैच. इसी केस के चक्कर में हम सीख गए ना लॉ. बढ़िया से सीख गए और जितने लॉ वाले बच्चे. हैं आप लोग की फीस एकदम कम करेंगे हम 1520. मतलब जो डेढ़ दो एक से 1.5 लाख है दिल्ली. में आप पता कीजिएगा किसी का 1 लाख 1.5 लाख. 80 हजार 90 इनका एकदम कम कर देंगे आप. टेंशन नहीं ले इतना ना कानून नो कोरेसिव. एंट्रीम बेल प्रोटेक्शन ऑफ़ अरेस्टिंग स्टे. ऑर्डर इतनाइतना चीज सीख गए और कुछ तो इनके. वकील ने बेवकूफ वकील रखे थे वो डेली आके.
मीडिया में बयान दे देता था कि मैं यह. करने वाला हूं हम लोग अगले दिन वही कर. देते थे इनका वकील एक तो बलात्कारी वकील. को लेके थाना में चले गए थे एफआईआर कराने. तो एक तो उसको देखते सब लोग चिढ़ गए कि चल. जो तो तुम ही बार अरेस्ट हो जाएगा वकील भी. अरेस्ट हो जाता. बताइए बलात्कारी वकील को लेके आप थाना में. जाइएगा. मतलब ये भी सवाल मैंने उनसे पूछा था तो अब. वो उन्हीं पे जहां पूछना था मैंने पूछ. लिया उसको [गहरी सांस लेने की आवाज़]. तो इसमें हमने बहुत कुछ कानून की चीजें.
सीख गए. तो लॉ का कोर्स खोलोगे. लॉ का कोर्स खोलेंगे और लॉ वाले बच्चों को. कहते हैं वादा करते हैं और आपको भी कहते. हैं 2 साल बाद फिर कोई कंट्रोवर्सी होगी. ना तो देखिएगा लॉ वाला भी गाली देगा सर. क्योंकि अभी लॉ बहुत महंगा चल रहा है। अब. तो सस्ता हो जाएगा।. लेकिन आप जेल नहीं गए तो लॉ वाला कोर्स।. अरे लॉ का कोर्स एकदम हमको कानून का. क्या-क्या सीख गए हमको पता ही नहीं चला. हमको कि इतना कानून हम सीख जाएंगे।. हम. ठीक है। सोशल मीडिया पर आपके लिए बहुत कुछ. लिखा गया। अच्छा बुरा आपके बहुत सारे.
उपनाम दिए गए। जैसे हमने कहा कि खान सर. फैजल खान हो गए।. किसी ने फैजल खान से आगे बढ़ के फैजलवा. बहुरूपियांगा बहुत सारे तरह के नाम दिए. गए। कोई ऐसा कमेंट था जो चुभा दिल पर असर. कर गया।. एक कोई बयान देख रहे थे हम. कोई एक लड़की बोल रही थी कि हम उनको गुरु. मानते हैं लेकिन वो मुसलमान है।. [गहरी सांस लेने की आवाज़]. मुसलमान कभी किसी का हुआ है। क्लास में. बैठ के बोल रही थी। इन्हीं की कोई. स्टूडेंट थी। हम बस ये सोचे कि चलो भाई हम.
लोगों ने देश के लिए किया ही क्या है? हम. लेकिन यह बात जब अब्दुल कलाम की आत्मा. सुनती होगी। वीर अब्दुल हमीद जो टैंक के. आगे शहीद हुए थे उनकी आत्मा सुनती होगी।. आईआईटी देने वाले अबुल कलाम आजाद की आत्मा. सुनती होगी।. ये सब चीजें नहीं भूलना चाहिए। हम लोग. इतना बुरा है।. मतलब इस देश में अगेन अगर किसी एक ने कहा. है उसको देखकर मैं इसको पूरे देश की राय.
नहीं मान सकता।. बिल्कुल। ये पूरे देश की राय नहीं है। ये. कुछ चीजें चुभती है।. कुछ लोग हो सकते हैं. जब जूलियस सीजर को चाकू मारा गया था ना. सबने उसको चाकू मारा था।. सबने. लेकिन जब उसको ब्रूटस ने मारा ना. उसको चुब गया। ऐसा नहीं कि ब्रूटस नहीं भी. मारता तो जूलियस सीजर मर जाता।. लेकिन जब उसको ब्रूटस मारा ना तो उसने कहा. यार तुम भी उस लड़की का बयान नहीं। अभी भी. चुप जाता है कि यार हम लोग इतने बुरे नहीं. हैं। हम भी देश से मोहब्बत करते हैं। अलग. बात है कि हनुमान नहीं है जो चीर के दिखा.
सकते हैं। हम भी चाहते हैं कि करोड़ों. रुपए टैक्स दे जिससे कि गरीबों को राशन. मिल सके। फ्री इलाज हो सके। पेड़ लगा सके. जिसमें सब सांस ले सके। अस्पताल की लड़ाई. लड़ सके। ब्लड बैंक बना सके।. [अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़]. कोई नहीं अंधेरा है तो उजाला भी होगा। कोई. ऐसा मैसेज जिसको पढ़कर हिम्मत आई हो। एक. तो सुनंदा का आपने बताया वीडियो देख के. हिम्मत आपको आई और कोई. और सब गीता वगैरह बड़ा पढ़े थे. किए क्या 40 दिन में और हां इस लीगल के.
अलावा कुछ और किए. लीगल देखें गीता वगैरह में कुछ क्योंकि जब. युद्ध हो रहा हो तो गीता ही पढ़ना पड़ेगा. [हंसी]. कृष्ण से बेहतर कौन सिखाएगा. कौन सिखाएगा पहली लड़ाई खुद से लड़नी होती. है. क्या सीखा गीता से आपने इस बीच में. गीता से यही सीखा कि सत्य परेशान हो सकता. है पराजित नहीं हो सकता. और दुनिया एक खिलाफ हो जाए लेकिन सच सामने. आके ही रहेगा। आखिर अब सच सामने आ गया। अब. लोग उनसे पूछेंगे. कुछ मन्नत मांगे थे भगवान से या अल्लाह. से, ईश्वर से, गुरु नानक से।.
हमारे घर में मन्नत माना गया था कि जब ये. खबर आई थी कि उनकी माताजी ज्यादा बीमार. हैं हॉस्पिटल में। तो हमारे यहां मन्नत. मांगा गया था कि उनकी माताजी जल्दी से सही. हो जाए। उनके साथ कुछ अनहोनी ना हो। बूढ़े. दादाजी हैं उनके।. हम. उनके लिए मन्नत माना गया था।. ठीक। कुरानखानी होती है एक ठो. जिसमें पढ़ के मांगा जाता है तो हम परंपरा. के अनुसार जल्दी कुूल होता है।. आपकी शादी हाल फिलहाल में हुई थी। नईनई. पत्नी जब अपने पति को लेकर देखती है कि.
फरार होने की खबर चल रही है। कोर्ट जाना. पड़ रहा है। गालियां पड़ रही हैं। मुसलमान. हो गया है। पाकिस्तान भेज दिया जाए।. हत्या की बात चल रही है।. परेशान हुई वो क्योंकि उनकी उन्होंने तो. बहुत कम वक्त गुजारा आपकी अरेंज मैरिज भी. थी। तो ये भी नहीं लगता कि आपको जानती थी. बहुत अच्छे से पहले से वो वो ज्यादा टेंशन. में आ गई क्योंकि हम लोग के सब मम्मी पापा. भाई जो है ना ये कई बार ऐसे कंट्रोवर्सी. होते रहता है। तो ढीठा गए हैं।. हम.
कि अरे होता क्या है लास्ट में सबको सच. पता चल जाता है।. हम. उनके लिए नया-नया था। तो उनको डिप्रेशन की. दवाई खानी पड़ी थी।. काफी बड़ी भी घटना था। काफी लंबा समय भी. चला चल. बहुत लंबा चल गया था. कैसे संभाले उनको परेशान हुए मतलब. अपने से संभल जाता है सब आदमी. [अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़]. मजबूत दिल की है या कमजोर है. सब वैसे ही चलते रहता है देखिए जब आता है. मुसीबत सब झेलना सीख जाता है. अच्छा इस कुछ आपदा में कुछ अच्छा हुआ.
कई बार ब्लेसिंग एंड डिसगाइस होती है जैसे. कोविड में आसमान आसमान साफ हो गया था।. नदियां साफ हो गई थी।. एक फायदा लॉ वाले बच्चों को मिलेगा कि. आपका लॉ पढ़ाएंगे एकदम सस्ता में। और जो. वकील हमारा केस लड़े हैं लोग इन लोगों से. हम पहले बोले हैं कि भैया आप लोग को ना. महीने में एक दिन तो आना पड़ेगा क्लास. लेने। तो ये लोग बोला है [हंसी] कि वकीलों. की लाइफ बड़ी टफ होती है। बहुत पढ़ना. पड़ता है।. तो और दूसरा ये एक सही चेहरा जानने को.
मिला कि लोग कहते हैं कि आस्तीन में सांप. पाल रहे थे। हम आस्तीन में सूअर पाले थे।. [गहरी सांस लेने की आवाज़]. एक बड़ा अच्छा शेर था हरिवंश राय बच्चन. साहब का कि गिरना भी जरूरी होता है। औकात. का पता चलता है। बढ़ते हैं जब हाथ उठाने. को तब जाकर अपनों का पता चलता है। जिन्हें. गुस्सा आता है अक्सर वो लोग सच्चे होते. हैं। मैंने झूठों को दिन रात मुस्कुराते. देखा है। ठीक सीख रहा हूं इंसानों को.
पढ़ने का हुनर। यह सुना है चेहरे पर. किताबों से ज्यादा लिखा होता है।. बिल्कुल।. आपके संस्थान में बहुत सारे टीचर्स काम. करते हैं। स्टाफ वाले काम करते हैं।. इस आपदा में किसी ने अवसर उठाने की कोशिश. की या भरोसा डकमगाया किसी का? सबका नहीं। एक थे सब नीच हर जगह दो चार. नीच मिलेंगे।. क्या हुआ था? पैसा ज्यादा मिला चला गया।. देखो दुनिया में नीच तईय की कोई कमी नहीं.
है।. इसमें पैसा बढ़ाने की बात कर।. हां। आप पांच गुना दो नहीं तो चल जाएंगे।. बाकी टीचरों ने भी समझाया।. खैर सब उतना ज्यादा नहीं बात करना चाहिए।. 40 दिनों में सबसे अकेले कब थे आप? किस. [नाक से की जाने वाली आवाज़] दिन? जिस दिन प्रिंस की डेथ हुई थी ना उस दिन. अजीब सा समझ में नहीं आ रहा था। मतलब पता. ही नहीं चला। वो पता ही नहीं चला हमको. कुछ। क्या हुआ? हम अजीब अजीब हो गए थे।.
समझ में नहीं आता था। हमको ये हमें यह पता. था साला किया किसने यह? और हमको जब बताया. गया ना तो हमको ना कुछ ऐसे लोगों ने बोला. तो पहले तो हम डांट दिए चुप फेक न्यूज़ है. ये सब फिर दो चार मीडिया वालों ने बोला. मीडिया वालों ने बोला ना कि किसी ने गोली. मार दिया है. को. हां अब साला उसके बाद हम फोनें उठाना बंद. कर दिया हम कहे कि ले साला तूने अब अब और. खराब नहीं तो हमारे दिमाग में चल रहा था. किसने गोली मारा किसने गोली मारा तो हम. दिन में रात हो गया ये सोचते सोचते सोचते.
सोचते यहां किसने गोली और हम गर्मी के दिन. है और हम उस समय कंबल ओढ़ के लेटे थे। तो. हम कह खोली किसने मारा साले ने? तो अब. हमको ना यह लग रहा था ना कि किसी बड़े. राजनेता ने खेल दिया।. क्योंकि हमको लगा कि इतना बड़ा पहुंच. किसका हो सकता है? तो फिर रात में एक मेरा. दोस्त आया। वो कह रहा अबे उठ ना ऐसे जोर. से। कहा हट ना। अरे गोली नहीं मारा।. उन्हीं के दोस्तों ने मिर्गी की दवा खिला. के मार दिया।. तब तो मेरा मन किया ना कि उस साला अगर.
दोस्तवा मिल जाए हमको तो पहले तो थरे. ससुरन को कि साला तू नहीं अस्पताल में. नींद की दवा और मिर्गी की दवा मजाल के. नर्स बिना डॉक्टर के लिखित परमिशन खिला दे. उसी दिन नर्स की नौकरी चल जाएगी और एक. बकायदा अस्पताल में ना एक फॉर्म आता है कि. आपको नारकोटिक्स दवा खिलाना है ना तो उस. पे साइन कराना पड़ता है और हम कहेंगे कि. साले इन्होंने ओवरडोज खिला दिया हमको वो. अभी भी डाउट है तो उनका परिवार क्यों नहीं.
कह रहा फिर आप आप बार-बार उनके परिवार. उनका परिवार गांव के लोग कह रहे हैं मैंने. रोशन सर से पूछा उसको रोशन को लेकर. उन्होंने कहा मेरे भाई जैसा था मुझे बहुत. विश्वास है उस पर अब जिसको न्याय की जगह. मतलब उनका भाई गया वो ऐसा क्यों कहेंगे. मतलब मैं बहुत उन्होंने बहुत खुलकर स्टैंड. लिया था रोशन के लिए इसी पॉडकास्ट पे. बाकी गांव वाले क्यों नहीं ले रहे हैं. [गहरी सांस लेने की आवाज़]. उन्होंने तो कहा था कि शराब भी नहीं पीते. पकड़ा पकड़ा कैसे गया छह बोतल शराब अभी.
पुलिस ने पकड़ा वायरलेस पे मैसेज गया था. पूरी ब्या पुलिस ऐसे लगी हुई थी. हम गोली की बात करें दो पिस्तल पकड़ाया है. लाइफ में कभी डिप्रेशन में गया. डिप्रेशन एंजायटी कभी सामने इस बीच में. कभी फील हुआ डिप्रेशन एंजाइटटी. घटना बहुत बड़ी थी मतलब इंसान बाहर से. कितना ही मजबूत हो जब अपने पे आती है. परिवार पे आती है और इतना लंबा समय तक आती. है कि 24 घंटा फंसे रहो तो कहीं तो कमजोर. होता है।. देखिए जब आपको पता रहे कि आप गलत नहीं.
हैं। आपका अगर इसमें वाला मैटर नहीं होता. और मीडिया खिलाफ नहीं होती ना तो सब पता. चल जाता कि भैया इतना बड़ा मैटर नहीं है।. और ये जो देख रहे हैं ना कि ये टीचर सब. इतना जो बोल रहा था इनको ये लगा ना कि सच. में खान सर होंगे। वो तो दोस्तों का बयान. आया तब लोगों को पता चला तो कहा कि यह तो. गड़बड़ हो गया यह तो।. कभी जब यह पूरी घटना चल रही हम. कभी लगा कि अब सब छोड़ के इससे बढ़िया तो. वही जिंदगी थी जहां पहचान नहीं थी। एक चीज. लगा कि खामखा में हम लड़े थे कम फीस के.
लिए, गरीब के लिए. खामखा में एक चीज नहीं लगा कि खामखा में. हम चुनचुन को बचाने गए थे। हमको ये लगा कि. अगर हम छोड़ देते. क्या होता? चुनचुन मर जाता।. चुनचुन मर जाता। और क्या ही होता? गरीब. इंसान को कौन पूछता? इस पूरे प्रकरण में. एक टीचर ने उस चुन-चुन के लिए नहीं बोला. सिवाय नीतू मैडम के।. यार वह भी तो मर सकता था किसी का बेटा था।. 15 20 आदमी तुम मार रहे हो उसको। मर जाता.
तब। अरे सर को हड्डियां टूट जाता गर्दन. अठा जाता। कौन जान रहा है उसको? ऊपर. ट्रांसफार्मर था। यहां मार रहा है ऐसा।. तो हमको लगा कि गरीब की जिंदगी का कोई मोल. नहीं है। पूरी मीडिया में आपने देखा चुनुन. की चर्चा हुई? नहीं।. नहीं हुई।. इतना रो इतना तड़फड़ा के चिल्ला रहा था ना. जो झाड़ू मारता है हमारे यहां उ कह रहा है. कि यादव जी के लवा के मुंह आधे लहसुन हो. जो झाड़ू मारता था वो चिल्ला रहे थे रोते. हुए यादव जी के लवा के मुंह आधे लहसुन.
चुनचुन यादव ही है तब हम लोग कहे कि अरे. तेरी यही का हुआ दोनों आप दोनों के अलावा. लाखों बच्चे हैं जो आप दोनों ही कोचिंग. में पढ़ते हैं एग्जाम्स रहे होंगे दोनों. टीचर कोर्ट कचहरी के चक्कर काट रहे थे ये. बात मैंने रोशन सर से भी कही थी कि कई. बच्चों पर भी इसका असर पड़ेगा।. यहां से कुछ तो सोचा होगा ना आपने आगे के. लिए।. हम तो बेल मिला है अब यहां पे। बस इतना ही. कहते हैं। वो लोग नहीं मारने आते तो ये सब.
नहीं भाग पड़ता।. आप कह रहे हो जो घटनाएं हुई उनके भाई के. साथ उसके लिए वही जिम्मेदार है।. भैया एक बात बताइए वो लोग नहीं मारता लोग. तो एफआईआर काहे करता है। एक बात बताइए. चुनचुन पिटाया तो क्या करना चाहिए? एफआईआर. ना करके क्या करें? एक और लाठी दे दे कि इ. एक और लाठी मार के मंगवा दो का करें. एक शरीफ इंसान हम. क्या करता है एफआईआर ही करता है ना. क्रिमिनल रहते तो एफआईआर करने का नौबत. नहीं आता हम.
आप ही के यहां किसी स्टाफ को कोई मार देगा. गेटवा पे तो आप क्या. एफआईआर करूंगा और क्या. तो फिर हम एफआईआर किए तो कैसे गलत होगा. एफआईआर में इनके अच्छा एक पढ़ा लिखा इंसान. एफआर से आगे वो बार-बार फिर वही कह रहे थे. कि वो जो आपने गोली वाली बात कही तो ये तो. एक टीचर बोल रहे हैं तो ये तो बेवकूफी. वाली है। आपकी अरेस्टिंग किसी बयान से. होती है या एफआईआर से होती है। कहां इसमें. गोली है? दूसरा देखिए ये कितना उटपटांग चीज उनका ये. चीजें क्यों इतना झूठ बोलते हैं नहीं समझ. में आता है। हमारा केस उनके साथ है ही.
नहीं है। मेरा केस खान सर वर्सेस स्टेट ऑफ़. बिहार है। उन्होंने कहा वकीलों की फौज. लगाई। एक वकील है अरविंद कुमार मवार. पढ़िए।. हम. जब रिटेन कोर्ट की चीजों को कोई झूठ बोल. देगा तो हम क्या करेंगे? बुरा वक्त आए तो. क्या करें? आंधी में चुपचाप शांति से बैठना चाहिए।. पानी जब बहुत गंदा हो जाए तो उसको छोड़. दीजिए। गंदगी धीरे-धीरे बैठ जाएगी।.
इस घटना ने कुछ बदला खान सर के अंदर।. थोड़ा-थोड़ा चीजें जैसे बहुत ज्यादा ही. लड़ाई लड़ना स्टूडेंट की फीस की नीट सारा. झमेला मीडिया नीट पेपर ली कहां गया नीट. में दोबारा धांधली हुआ कि नहीं बिहार में. सेटर बैठे थे डिवाइस लगा कि किसने आवाज. उठाया. किसी ने आवाज उठाया खत्म कहानी हो गई.
केजीएस में क्या बदलेगा. केजीएस वैसे ही चलेगा जैसे चल रहा था हां. उसमें और और नई चीजें आईंगी उसमें. हम. नहीं जैसे अभी तक ये चल रहा था कि. आप यहां कई सारे बच्चे आए जैसे लोगों ने. कहा ना कि फर्जी ये ऑफिसर आया ये आया. वेरिफिकेशन का इस पूरे घटनाक्रम में बहुत. सारी चीजें हुई तो अब अपने संस्थान में. क्या बदलना चाहोगे आप. देखिए हम लोगों ने इस चीजों को जो मिलान. होता है उसको पूरा करेंगे सर 500 रिजल्ट. में दो चार जो कमीने घुसे थे ना इनके तो.
हमने एफआईआर किया है जब इनको पुलिस लठ. मारेगी तो ये बताएंगे लोग यहां पर. तो 500 रिजल्ट जिसने दिया होगा इसमें यह. जो दो फ्रडियर निकला है यह तो अब जेल. जाएंगे और अगर हम हम फ्रॉडियर रहते तो. एफआईआर करते ही नहीं। दिल्ली का एक मैथ का. टीचर है। लोग समझ जाएंगे। उसने ₹15 लाख. में एसएससी टॉपर को खरीद लिया। वो लड़का. पहले नीतू मैडम के यहां गया था। नीतू मैडम. से मांगा कि हमको एक एक मैथ के टीचर ₹15. लाख दे रहे हैं। आप दे दो तो हम बोल देंगे.
आपके यहां से पढ़े हैं। तो नीतू मैडम तो. लड़ गई। भाई यहां से रिकॉर्डिंग करके रख. ली। वो चल गया मैथ के टीचर का। मैथ के. टीचर कह रही ये बच्चा को देखो।. करो एफआईआर। तुम ईमानदार हो तो हम तो दिखा. दिए कि मेरे साथ फ्रॉड हुआ था। हम तो. एफआईआर कर दिए। अगर इंटेंशनली हम करते तो. एफआईआर कभी नहीं करते। हम उससे पूछते हैं. कि तुम किया कर रहे हो जो ₹15 लाख में. एसएससी टॉपरवा खरीदे थे।.
दुआओं में असर होता है। बहुत बहुत असर. होता है। बाप रे बाप। इस बात को मानते. हैं। दुआओं में बहुत असर होता है। जितने. बच्चे थे उनके गार्डियन का मैसेज कि सर ये. कैसे कर रहे हैं? सब गरियाता था सब जब. देखता था सर खान सर के जगह फैजल खान लिखा. सब गरियाता था सब।. बहुत असर होता है। बहुत बच्चों की मांओं. ने दुआ किया। सऊदी अरब से एक भेड़ चराने. वाले ने दुआ कर रहा था। बेचारा रो रहा था।.
अमेरिका में एक ट्रक चलाता था। उसने. ड्राइवर ने फोटो लगाया यहां। सऊदी अरब में. एक मजदूर था। उसका कफील कफील जो अरब का. मालिक होता था। अरबी भाषा में कुछ बोल रहा. था। उसने किया। कितने सारे टीचरों ने आवाज. उठाया। एक एक जूनियर टीचरों ने आवाज. उठाया। एक गौरव सरकार के कोई है उसने आवाज. उठाया। कितने लोगों ने हम कितना का नाम. जिनका नाम नहीं ले पा रहे हैं। भैया माफ़. करिएगा। हम सबको पता करेंगे। एक बार इन. सबको एक बार जरूर बताएंगे कि आप लोगों को. तो नहीं भूल सकते हैं। जिन लोगों ने बोला.
बहुत. एक कोई [नाक से की जाने वाली आवाज़] मैडम. है उन्होंने बोला था कि कीचड़ उछाल लो कुछ. नहीं होने वाला है कांत सर को।. अगर मान लो कोई समझदार इंसान आप में और. रोशन आनंद सर के बीच में मध्यस्था कराना. चाहे।. वो नहीं करेंगे। उनका कहना है कि मध्यस्था. से हमको क्या है? हमको पब्लिसिटी मिल रही. है।. आप करना चाहोगे? हम तो हमेशा डे वन से जब. वो जेल में थे तब भी हमने कहा था कि भ. निकलते कर लेंगे बट वो नहीं करेंगे। हम. आपको गारंटी देते हैं। उनको कहना है कि. मेरे को मिल रही है पब्लिसिटी।.
अगर वापसी उम्मीद करें कि इस घटना के लिए. एक अपोलॉजी करके आप. हम हर चीज के लिए रेडी हैं। बट वो नहीं. करेंगे।. कि दूसरी कर लोगे? आप एक बात बताइए।. देखिए उनके भाई का लॉस हुआ है। मैं आपको. बहुत फ्रैंकली कर रहा हूं।. आप गलत वो गलत। उन्होंने अपना भाई खोया।. हम. अगर उनकी माताजी से क्षमा मांग कर यह कहा. जाए कि पटना के बच्चों के लिए उनकी माताजी. की संवेदनाओं के लिए रोशन आनंद सर की. संवेदनाओं के लिए अब ये मैटर खत्म कर देते. हैं हमेशा के लिए और हम जैसा कोई पहल करें.
क्या खान सर उसमें सहयोग करेंगे? हम पूरा सहयोग करेंगे सर। लेकिन वो जो चार. दोस्तवा हैं सब उसको इतना हल्के में मत. लीजिए। उन चार दोस्तों ने हम मेडिकल. हॉस्पिटल चला रहे हैं। हमें भी पता है कि. मिर्गी, नींद की दवा और यह नारकोटिक्स दवा. कैसे दिया था। वो चार दोस्तों का कहेगा सब. मान के चलते हैं कि चार दोस्तों ने जानबूझ. के मिर्गी और नींद की दवा नहीं खिलाई है।. तो ये बात को एक्सेप्ट करेगा कि हमसे गलती.
हुई है। हमें यह दवा नहीं खिलाना चाहिए।. आप काहे नहीं पूछते हैं? ये एक अलग विषय है। मैं मैं दूसरे विषय पर. आ रहा था। यह आप जो कह रहे हैं कि ये तो. आप उनको. बाकी चीजों के लिए ये तो आप सलाह दे रहे. हैं उनको. बाकी चीजों के लिए हमने कब पीछे हटे बाकी. चीजों के लिए हम कहते हैं कि एक परिवार ने. इंसान खोया उससे ज्यादा क्या दुख हो सकता. है हम जान लेने वाला इंसान रहते तो. अस्पताल खोलते हैं कौन टीचर खोला अस्पताल. करोड़ों-करोड़ों की बिल्डिंग बनाए सब. अरबों खरबों का संपत्ति है कोई बिजनेस है.
कोई स्कूल का चैन चला रहा है कोई होटल. खोला है कोई ओयo होटल खोला है कोई डिस्को. बार खोला है सब बिजनेस में लगाए हैं सब. कौन अस्पताल खोलने आया है. टीचर साला कौन नाच साहब ओ खोल लेगो पढ़ने. का है. [गहरी सांस लेने की आवाज़][अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़]. नाचने गाने भी शौक है. साहब सा सब कई का तो हम कई को टीचर को. देखिएगा ना ऐसे उठा था सब चुप रहता है. शांत हो गया सब बहुतों का तो एफटीन फाइल. ना निकल गया तो चुप हो गया सब क्या सर. गलती में बोला गया ई वाला एस्टीमन फाइल.
नहीं. कोई टीचर या यूटबर को फोन किया कि सर से. कह दो हमसे बात कर ले हम नहीं बोलेंगे. सन ऑफ दोगलवा. जो पत्रकार है ना सन ऑफ दोगला वो बोला. क्या चीज. खबर भवा कि एक बार बात कर लेंगे तो हम कुछ. नहीं बोलेंगे हम तो बात सुनता कौन है रे. अच्छा आप उनकी बात मैं समझ पा रहा हूं आप. किसकी बात कर. वो जो बिहार का पत्रकार अच्छा उसने कॉल भी.
किया था हम नहीं उठाए थे मतलब पीछे एकद. दिन पहले दो दिन पहले हमारे यहां कॉल किया. कि हमको सर से एक पडकास्ट करना. आपसे. [हंसी]. दो दिन पहले किया था।. हां आपके पास इंटरव्यू के लिए तो बहुत. सारा आया होगा इस बीच में।. देखिए एक YouTube और मीडिया की नाराजगी का. एक बड़ा कारण ये था. हम. कि समय ना होने के कारण सबको इंटरव्यू. नहीं दे पाते थे और सब अब होता क्या है ना.
कि आज ही को चैनल बनाया और सोचता है खाने. सर का इंटरव्यू ले ले। इतना पॉसिबल कहां. से हो पाएगा? तो उन लोग की एक नाराजगी थी. कि बाकी टीचर मिल जाते हैं। यह क्यों नहीं. मिलते हैं? तो उनके अंदर यह वाली नाराजगी. थी जो इधर निकल के आई।. ओके। चलिए आखिरी सवाल।. आप जानते थे कि इस केस में जब आप पहली बार. बोलेंगे तो पूरा देश सुनेगा।. आपने हमारा मंच क्यों चुना? हमारे यहां पर आप क्यों आए? क्योंकि आप. अपनी बात रखते हैं। आई एम श्योर सारे चैनल.
आपको अप्रोच कर रहे होंगे। हमने रोशन सर. का इंटरव्यू भी लिया था।. आप और रोशन सर अक्सर एक जगह पर नहीं पाए. जाते हैं। यह लोगों के लिए अचंभा होगा। आप. शुभांकर मिश्रा के यहां क्यों आए हैं? आप क्रॉस क्वेश्चन पूछते हैं। चाहे सामने. वाला कुछ भी हो।. तो हम चाहते हैं कि हर एक क्वेश्चन निकले।. जो लोगों के मन में है और आप पूरी तैयारी. करके आते हैं। क्या-क्या चीजें रहती है।. सामने वाला चाहे कुछ भी हो आप कठोर सवाल. पूछते हैं।.
कोशिश जनता से ईमानदारी रखी जाए। इसलिए. हमने इस बार भाई कई सारे सवाल आपके लिए भी. रखे थे। उनकी संवेदनाओं में भी रखे थे और. खुशी है हमें कि आप दोनों ने हमारा मंच. चुना। बस इच्छा यही है कि विवाद खत्म होना. चाहिए। बिल्कुल खत्म होना चाहिए। हमारी ओर. से कभी भी किसी टीचर पे कटाक्ष नहीं है।. कभी भी सुनिएगा तो कटाक्ष नहीं मिलेगा। वो. उनका एक स्ट्रेटजी रहती है कि हमेशा कुछ. ना कुछ बोलो। राखी पे बोल दो, बीवी पे बोल.
दो, कह दो कि पैसा लेके कपिल शर्मा में. गया है तो कभी कुछ बोल दो कि कैमरा लेके ई. करता है। हम कभी किसी को नहीं बोलते। मेरे. मुंह से आज तक कोई बताइए किसी को सुने. हैं? फिर भी इतना बड़ा विवाद तो हो गया ना सर।. आपको अफसोस नहीं है कि कहां फंस गए झ? हमको पहले पता रहता तो हम चुनचुन को मरते. छोड़ देते।. तो फिर वही बात है। आदमी फिर सोचेगा क्या. बोला जाए? ए सर क्या करें हम? पाकिस्तानी बना दिया।. गार्ड गोली किसको बचाने के लिए चलाया था?
लड़ाई झगड़ा जो चला चुनचुन. चुनचुन को बचाने के लिए ना कौन बचाने. जाएगा अब हो किडनैपिंग हुआ तो अभी चार दिन. पहले पटना जंक्शन पे सामने सामने ले जाके. मार दिया सामने पटना जंक्शन पे लेके रेलवे. स्टेशन पे किडनैपिंग खींच के सबके सामने. कैमरा के आगे कोई क्यों नहीं बोला जब आप. एक किसी को मीडिया के दबाव में किसी के. दबाव में आके एकदम ऐसे सप्रेस कर देते हैं. हम्म. तो एक लेसन जाता है समाज में कौन जाएगा.
बचाने हम ही हिम्मत करेंगे। अब आज के बाद. हम हिम्मत करेंगे।. मतलब अब आप जैसे आप पहले खान सर हर विषय. पर बोलते थे।. नहीं बोलने वाली बात अलग है। कोई कोई मर. रहा होगा उसको उसको हमारा गार्ड ही होगा।. बट अब आप भी डोगे जैसे अब आप भविष्य में. पहले आप बहुत बोलते थे। हर विषय पर बोलते. थे। बहुत तीखा बोलते थे। इस घटना के बाद. कुछ आत्मंथन करके रुकोगे कि यार अब कौन. फंसेगा विवाद में? ये सब वाला टाइप का कि. दूसरा कोई मर रहा है। दूसरा कोई को पीट. रहा है। पहले आदमी को एक कॉन्फिडेंस रहता. था। जैसे कई बार ऐसा होता था कि आदमी.
गाड़ी से जा रहा है। दो आदमी लड़ते मिल. गया तो निकल के गार्ड दोनों को समझाया जाए. जैसा हमको लगता है अभी. हां हां निकल यहां से मारेंगे अभी तुमको. झगड़ा करता है यहां पे अब मरो. लोगों से भी कहते हैं कि आप लोगों. सिखाती है. लोगों की भी से पूछते हैं आप लोगों ने जो. एकतरफा बयान सुनके जो इस तरह से नैरेटिव. बनाया था ना जाने अब कितने लोग सड़कों पे. ऐसे मार दिए जाएंगे अब कोई बचाने नहीं. आएगा अब कोई तालेवर सिंह और प्रदीप सिंह.
गार्ड अब फायरिंग करने नहीं आएगा शायद. किसी मासूम को बचाने के लिए। अब शायद कहीं. से खींच के किसी लड़की को ले जाएगा कोई. कहीं रेप करे। किसी को खींच के ले जाके. कहीं कोई मारे मर्डर करे। अब शायद लोग. हिम्मत नहीं करेंगे। अब शायद हम लोग भी. हिम्मत ना करें कि किसी मजबूर को शायद. एक्सीडेंट भी हो तो अब कोई लोग पीछे. हटेंगे। किस मुंह से पुलिस ने एफआईआर कर. दिया कि हमने दहशत फैलाने के लिए गोली. चलाया। शर्म नहीं लगा।.
हम दहशत फैला रहे थे। बारात जा रही थी।. अरे आपको कॉल किया गया। आधा घंटा बाद आए।. 3 साल से आपसे सिक्योरिटी मांग रहे थे।. नहीं दिए थे। तीन साल से मांग रहे थे. सिक्योरिटी। आते पुलिस। पुलिस और रहती तो. क्या करती उस समय? पुलिस को देख के लोग. भाग जाते।. इस पूरी घटना को क्या मानते हो आप कि. क्षेपक था? कर्मा था। पुनर्जन्म का कोई. गड़बड़ था? हो रहा। रहा होगा कुछ ना कुछ। देखिए आपके. पाप और पुण्य दोनों हमारे साथ जाते हैं।. सबके हमारे आपके जो है इस दुनिया में जो.
इस दुनिया में नहीं है हमारा पाप और हमारा. पुण्य हमारा पीछा करते हैं। हमसे भी कभी. कोई गलती रही होगी जो एक एक बयान से ऐसे. हो गया। हम पुलिस की बातें ना मानते। हम. कह देते बतिया की ना पुलिस कह रही है खोखा. दोगे तो हम लिखेंगे कि गोली चलिए ना तो ना. लिखेंगे।. आपको क्या लगता है? अब कोई पुलिस के बयान. में आएगा? आपको क्या लगता है? जब अब हम. जाएंगे तो यह कहेंगे कि एक पेज का एफआईआर. लिख देना। ऐसे हमारे पे छह पेज का लिख.
दिया है। सब पूरा टाइप करा के. जब हम बच्चों को पढ़ाएंगे तो ये बोलेंगे. ना के सर पुलिस ने कहा कि हम तो कर ही रहे. हैं कारवाई।. और हमें लगाया कि पुलिस अब तो हम बच्चों. को ये कहेंगे ना कि अगर वो प्यार से बोल. रहा है तो तुम सावधान हो जाना। काटेगा. बढ़िया से ईश्वर पर विश्वास बढ़ा. हां बहुत क्या जरूरी होता है ईश्वर का. थोड़ा बताओ ना इस बारे में क्योंकि एक. कहावत के हमारे हनुमान चालीसा में कहते.
हैं दुख में स्मरण सब करें सुख में करें. अरे बाप रे बाप हमको विश्वास हो गया भाई. ऊपर वाला है. नहीं तो इसमें तो हमको तो डूबा देता सब कई. आदमी तो प्रेडिक्शन कर दिया कि ये तो गए. अब तो बोलवे नहीं करेंगे. लेकिन होता है ईश्वर. आपको कब कहां से एक रास्ता दिखा देगा? कब. आपके लिए क्या आ जाएगा? कोई नहीं जानता।. सबसे बड़ा चमत्कार क्या हुआ ईश्वर का? जो आपको लगा हो कि है ईश्वर।.
अब क्या हकीकत लोगों के पास सामने आ गई? जज आपको सोचिए जज ने भी बोला। जज कानून. अंधा होता है। जज थोड़ी अंधा होता है।. अब यहां से क्या करेंगे? पढ़ाएंगे? ब्रेक नहीं लेंगे जिंदगी से। अब. रास्ता गायब होना. अरे अब इतना ब्रेक लिए अब कुछ का ब्रेक ले. हो अब पढ़ाने. अरे मेंटल हरासमेंट नहीं होता महाराज. हां पढ़ाने के लिए बेचैन हो गए पढ़ाएगा. आदमी तो सर दर्द खत्म होगा चलिए ठीक है.
आखिरी मैसेज कोई बच्चा लोग को लड़का लोग. को देश में आप चाहने वालों को कोई देना. चाहे आप तो दे सकते हैं सवाल हमारे खत्म. हो गए कोई मैसेज आप अपने लोगों को संबोधित. करना चाहें जाते वो लोग जो आपके साथ थे वो. जो खिलाफ थे वो जो चुपचाप आपको देख रहे थे. देखिए देखिए हम माफ सबको कर देंगे. लेकिन शायद भूल किसी को ना पाएंगे जो साथ. दिया उसको भी नहीं जो खंजर भोंका उसको भी. नहीं अपने दिल पर हाथ रख के बोलना.
क्या प्रिंस की हत्या में हाथ था. 40 दिन तक कोर्ट ने आपको मौका दिया कि कोई. सबूत है तो दे दो. आपने एक बार नेपाल का सीसीटीवी फुटेज नहीं. मांगा एक होटल का यह कैसे हो सकता है? इतने केसेस को क्यों छुपाया गया? लोगों को भी कहते हैं कि जो एक और आप. देखिएगा कि पुलिस ने बहुत ज्यादती किया।. अब आप बताइए अगर आप पे उम्र कैद की केस.
लगी रहे तो पुलिस आपसे क्या करेगी? हमको बहुत जो इस दुनिया में नहीं है उसका. केस गिनवा के आज बहुत दुख हुआ। लेकिन मेरी. मजबूरी थी। अगर हम चुप रहते तो लोग हमें. गुनहगार समझते। फिर भी हमने 40 दिन मौका. दिया। हम 40 दिन के बीच में भी आकर बोल. सकते थे। लेकिन हमने नहीं बोला। इसलिए कि. कुछ भी है आपके पास तो आप ले जाकर दिखा. दो। लेकिन लोगों के अंदर कोई प्रूफ नहीं।.
नफरत थी। किसी का बिजनेस गया था। किसी के. अंदर जलन थी। सब बनना चाहते थे खान सर। सब. बनना चाहते थे कि वर्ल्ड लेवल। सब चाहते. थे कि मेरा 25 26 मिलियन चैनल हो।. लेकिन नहीं बन पाए। उनको लगा कि यार यह. आदमी मेरे यहां स्टूडियो देखने आता था।. हमसे पूछा करता था कि कैसे होगा? जो टीचर. बैठ के ज्ञान दे रहे थे जब हमको 107 करोड़. का मैसेज आया था तो उनसे हमने पूछा था।. अपना जान के ही पूछे थे यार कि 107 करोड़.
आ रहा है। ले कि ना ले। गरीबी से उठा. इंसान 107 करोड़ देख के जीरो गिन के पागल. हो जाता है। जीवन में काम नहीं करना. पड़ता। उसने कहा था कि मत जाइन करो। उसकी. बात हम अपना मान के कर लिए थे। आज ऐसे. गद्दारी किए ₹ लाख के लिए। हम उन टीचरों. को कहते हैं आईना देख पाओगे ₹ लाख के लिए. तुमने वीडियो बनाया।. जिसको ऊपर वाला नहीं गिराएगा जिसको बच्चों. का प्यार है उसको तुम कुछ नहीं कर सकते. हो। और थैंक्स उन लोगों का जिन लोगों ने.
सपोर्ट किया और नीतू मैडम. और एक एक और मैडम थी जिन्होंने बोला था कि. मतलब बहुत सारे कुछ मैडम ने तो कुछ लोगों. को तो खैर जो 5 लाख वीडियो बना के पैसे. लेके किए उनको क्या कह सकते हैं जमीर बेच. दिया और 5 लाख तो उनको फलित हो जाएगा. हम और सबसे दुख जानते हैं क्या लगा. लोग प्रिंस के लाश के सामने बैठ के उसके. गांव में ना हो ई गिनवा रहे थे कि खान सर. का फीस महंगा है कि सस्ता है? अरे.
हरामियों. कोई लाश पड़ी है न्याय के लिए। सालो तुम. लोग टीचर हो। तुम्हारी इतनी भी नहीं हुई. कि डीएम को फोन करके कह सके। अब बनने के. लिए कि हम ही सबसे बढ़ हैं। पूरा जमावड़ा. लगा था पढ़े लिखे टीचरों का और मीडिया से. भी कहते हैं कि आपकी जिम्मेदारी नहीं थी।. जितने टीचर बैठे थे अगर बैठ जाते डीएम के. सामने तो पोस्टमार्टम नहीं होता। वो इंसान. इतना मजबूर हो गया ना कि पहले दिन क्लास. में जाकर क्या बोले पता है. [गहरी सांस लेने की आवाज़] कि लोगों को.
बुरा लगेगा मेरे साथ काम करने वालों को. बुरा लगेगा लेकिन हकीकत मायने में मेरे. साथ कोई नहीं था ये उनका वर्ड है कि उसने. भी देख लिया था साले तुम लोग मेरे भाई की. लाश में बैठ के तुम लोग राजनीति कर रहे हो. अरे उसको न्याय दिला देते यार. बाद में बैठ के गरिया लो अभी गरिया लो कौन. मना किया है तुम नेपाल से सीसीटीवी मंगा. लो। अभी भी नेपाल में प्रिंस के ऑर्गन. रिजर्व है। ऑर्गन को वैसरा बोलते हैं। जब.
किसी ऑर्गन को बॉडी से बाहर निकाल के तीन. अलग-अलग उसको वैशरा बोलते हैं। अभी भी. रिजर्व है। अभी वो मंगा लो। ज्ञान दे रहा. है सर कि कोई गैलेक्सी पार कर सकते थे तो. कोई ये कर सकते। अरे न्याय दिला दे मेरे. भाई।. हम तो बेल नहीं मिला था। हम क्या बोल सकते. थे? मेरा मिला। हम बताएं। हम आज भी कहते. हैं कि सीबीआई जांच होनी चाहिए। वैरा. इंडिया लाइए। अरे उस मां को कम से कम यह. तो पता चल जाए और उन दोस्तों को कहते हैं. यार कम से कम जाके उस मां के सामने इतना.
तो कह दो यार गलती से दवा खिला दिए थे।. ऐसा दोस्त भगवान दुश्मन को ना दे।. आदमी जानवर को जब दवाई देता है ना तो. एक्सपायरी डेट देता है। पूछता है कितना. टेबलेट? सर खेत में आदमी दवाई छिड़कता है. ना तो उस पर पढ़ लेता है कि एक बाल्टी. पानी में कई ढक्कन कीटनाशक मिलाना है। इन. सालों ने एक हट्टे कट्टे इंसान को मिर्गी. या नींद ये सब खिला के घूमने निकल गया सब।.
ऐसा दवाई कोई कब खाता है? बीमार रहता है. तो कह रहा है ऐसा कि तीन-चार दिन से सोया. नहीं था तो तुम छोड़ के चल जाएगा। चारों. पिकनिक मनाने गया है।. नेपाल पिकनिक मनाने गए थे। लोग साले लोग. घूमने गए थे।. चट्टा सा. समय जब मुंह फेर लेता है. [अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़] तो. कुत्ता भी शेर को घेर लेता है।.
क्या शायरी थी वो समंदर? मैं समंदर हूं। मेरे उतरते लहरों को देखकर. मेरे किनारे पर अपना घर मत बना लेना। मैं. जब लौट के आऊंगा तो एक एक इंच जमीन का. हिसाब लूंगा।. मुझे लगता है खान सर खत्म हो गए। जाते-आते. क्या कहोगे उन्हें? क्या कहेंगे हम? पिक्चर अभी बाकी है। अब शुरू हुई है।. अब तक तो लड़ रहे थे बच्चों के लिए।.
तुम्हें क्या लग रहा है? तुम अब फीस ले. लोगे। अब तो दबे अंदाज में कहते थे। अब. नाम ले कहेंगे रे चोट कहीं का फीस कम कर।. ट्रेड पढ़ाता था सब बच्चा सबको। रेलवे की. वैकेंसी आती है ना? सबसे ज्यादा गरीब. बच्चे आपको किस एग्जाम में मिलेंगे? सरकार।. रेलवे रेलवे रेलवे एसएससी में इंग्लिश. होता है। तो जो बच्चे सरकारी स्कूल से. पढ़े हैं या जो गांव से पढ़े हैं, गरीब. हैं उनकी इंग्लिश कमजोर होती है। तो. एसएससी की ओर नहीं जाते हैं। तो रेलवे की. ओर रेलवे का जब वैकेंसी ना ट्रेड पढ़ाने.
के नाम पर 15-15,000 लेगा, 20,000 अब ले. लेगा।. पहले तो दबी अंदाज में बोलते थे। अब ले. लेंगे।. अब तो शुरू होगा। अब बच्चों के लिए शुरू. होगा। वादा करते थे बच्चों तुमसे कि जितनी. तुमने लड़ाई लड़े थे ना वो कम लड़े थे। अब. बच्चों तुम्हारी पढ़ाई के लिए उससे चार. गुनी लड़ेंगे।. और हर इंसान कह सकता है हर गरीब कह सकता.
है कि तुम्हारी लड़ाई पहले भी लड़े थे और. आगे भी लड़ेंगे। अच्छी शिक्षा और अच्छा. इलाज पर अधिकार सबका बराबर होना चाहिए।. चाहे कोई अमीर घर में पैदा हो, चाहे गरीब. घर में पैदा हो। चाइना क्यों आगे गया? मेडिकल एंड एजुकेशन सेम है सबका। हमारे. यहां हॉस्पिटल में एक लेडीज आई थी। तो. कपड़े और पहनावे से लग जाता है बड़ा अमीर. घर की है। तो उनसे हमने पूछा कि. दबे अंदाज में कि यहां आपको आने की क्या. जरूरत थी? तो कहे कि सुनने में आया है ना. कि आपकी मशीन बड़ी एडवांस है। तो जब उनका.
चेकअप वकअप हो गया तो उनका डिस्काउंटेड. रेट लगा। लेकिन इसके अलावे भी वो पैसा. देकर चली गई। कहीं कि डोनेशन में डाल दो।. तो हम कोई ऐसा क्यों कर रही हैं? कहा कि. हमको लगा चैरिटी का हॉस्पिटल है ना तो. चैरिटी जैसा मशीन है। ये चैरिटी जैसा इलाज. होगा। ₹50 में एमडी डॉक्टर है। डीएम. एमसीएच. एमसीएच वाला ना हमारे यहां एक तो एमसीएच. डॉक्टर है। जनरल सर्जरी सब मारते हैं ना।. पूरा दहिया खोल के रख देते हैं। ऐसे बकरा. देखे लटकते हैं। ओकरों से खतरनाक लटका. देते हैं। वो और फीस कितनी है सर?
₹50 लोग बोलते हैं गरीब ही बेचा जाएगा।. छोटे तुम अमीरों उसको बेचो। हमारे लिए. मेरे ही गरीब ठीक है। हम 4000 में पीडीएफ. नहीं बेचते हैं। हम उतने में पढ़ाएंगे. उतने में इलाज करेंगे। और छाती पे चढ़ के. और बोलेंगे। अब देहात में कहा छातिया पे. चढ़ के दाल दरेगा। अब. इन टीचरों से कहते हैं अरे समाज के लिए. क्या किया है रे तू? क्या किया है समाज के लिए?
अरे हम रहे ना रहे अस्पतालवा जिंदा रहेगा. हमेशा के लिए रतन टाटा है नहीं लेकिन आज. भी टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल में लाखों. कैंसर मरीज का इलाज होता है हमारा कैंसर. का मैं आपको पता है रक्षाबंधन आने वाला है. पिछले रक्षाबंधन में एक लड़की ने कहा था. कि मेरे लिए कैंसर हॉस्पिटल खुलवा दीजिएगा. उसके पिताजी को कैंसर था. हो गया रहता कैंसर हॉस्पिटल अभी तक 40 दिन. से बंद है।. उस रक्षाबंधन में अब यह जो डिस्टर्ब हुआ. 40 दिन में वो जब राखी बांधने आएगी और. कहेगी कि एक साल पहले बोले थे कैंसर.
हॉस्पिटल का क्या बोलेंगे हम नेता हैं जो. बोल देंगे अगले साल होगा हम नेता हैं कहां. दुनिया में सुने इतना जल्दी हॉस्पिटल बोल. के चालू करा दिया गया हो. दरभंगा एम्स में 12 साल में गेट बना है. कहां सुने हैं कि जो इंसान ने बोला है तीन. महीना बाद इलाज चालू हो गया हॉस्पिटल में. हम बिहारी हैं। जब तक तोड़ेंगे नहीं तब तक.
छोड़ेंगे नहीं। अभी बहुत ही लंबा दंगल. चलेगा।. धन्यवाद सर आपका।.
