Iran vs America: Who Is Winning the War? ft. Retd. Col. Rajesh Pawar | WW 3 Exclusive | North Korea
क्या कहीं से कोई चांसेस हैं कि. आयातुल्लाह खामनी जिंदा हो? क्या हम और आप अपने इस लाइफ टाइम में. दोबारा न्यूक्लियर अटैक देखेंगे? 100% देखेंगे।. ये वॉर वर्ल्ड वॉर में तब्दील हो सकती है? वर्ल्ड वॉर तो होके ही रहेगा।. ईरान क्या परमाणु सक्षम? ये चीज पूरी. दुनिया मानती है। ईरान हैज़ अचीव्ड 60%.
एनरचमेंट ऑफ रेनियम। ईरान कैन मिक्स दिस. यूरेनियम विद हाई एक्सप्लोसिव्स एंड देन. ड्रॉप दिस बम हवा में बस करेगा। इट विल. मेक अ रेडियो एक्टिव डस्ट। इसको आम भाषा. में डर्टी बम बोला जाता है। हम और आप. बार-बार ये बात कर रहे थे कि अमेरिका ईरान. को वेनेजुला मत समझे। पर ईरान के अंदर. घुसकर खामनी को मार दिया। जितने भी. सिक्योरिटी कैमरास हैं ट्रैफिक लाइट्स के. ऊपर तेहरान के अंदर मोसाद ने उनको कई साल. पहले हैक कर लिया था। क्या आईआरजीसी में. या खामनी के आसपास कोई ऐसा था जो इजराइल. का स्पाई था? यह ऐसा काम उन्होंने पहली.
बार नहीं किया है। चाहे वो सुलेमानी को. उड़ाने का या हिजबुला की टॉप लीडरशिप हमास. की टॉप लीडरशिप मोसाद की ह्यूमन. कैपेबिलिटी वर्ल्ड में अनमैश है। ईरान की. टॉप लीडरशिप जब खत्म हुई उसके बाद सबको. लगा कि अब लीडर्स ही नहीं बचे। फिर ईरान. ये लड़ाई इतनी मजबूती से कैसे लड़ रहा है? ईरानियन स्ट्रेटजी क्या अगर ऐसा कुछ होता. है 31 मिलिट्री डिस्ट्रिक्ट्स हैं। उनको. टारगेट्स पहले से दिए हुए हैं और उनके पास. पूरी आजादी है कि वो जहां चाहे जैसे चाहे. वहां हमला कर सकते हैं। और हमने इसका एक. उदाहरण देखा।.
क्या ईरान बराबरी की लड़ाई लड़ रहा है? ईरान जीते, इजराइल जीते, अमेरिका जीते? एक. चीज तय है। जो जो अमेरिकन एंपायर है मिडिल. ईस्ट वो हमेशा के लिए खत्म हो इसके। एक. थ्योरी चल रही है सर कि अमेरिका को यह वॉर. बहुत महंगी पड़ रही है।. आप अगर एक 2025,000 के ड्रोन को अटैक करने. के लिए उससे चार से पांच गुना ज्यादा. मिसाइल यूज़ कर रहे हैं तो यू डू द मैथ्स।. लेकिन इजराइल ने इसका एक तोड़ निकाला है।. दुनिया में बहुत सारे लोग कह रहे हैं कि. अमेरिका इजराइल की लड़ाई लड़ रहा है।.
इजराइल।. एक थ्योरी ये भी आ रही थी कि डोनल्ड ट्रंप. जो है वो कॉम्प्रोमाइज है इजराइल से।. एफstियन फाइल का भी जिक्र निकल कर आ रहा. है। आज तक जितने अमेरिकन प्रेसिडेंट आए. हैं, इजराइल हैड इन्फ्लुएंस ओवर ऑल ऑफ़. देम। तो आप ये कह रहे हैं कि अमेरिका में. सरकार किसी की भी हो, सिस्टम इजराइल का. होता है। कि अमेरिका के लिए ईरान भी. वियतनाम अफगानिस्तान जैसा हो गया। ट्रूप्स. ऑन ग्राउंड आए तो उससे बदतर होगा। नॉर्थ. कोरिया सब कुछ थैंक यू डर। बड़ा मीम चल. रहा है।. तेरी कायनात मेरे. बहुत तकलीफ होती है।. एक जो बड़ा तगड़ा टूल रहा है। डी. ह्यूमनाइज द लीडर ऑफ़ दैट कंट्री। खुमेनी.
इज अ डीमन। पुटिन इज़ अ डिस्पॉट किलिंग हज़. ओन पीपल। सद्दाम हुसैन ही इज़ गेसिंग हज़ ओन. पीपल। मोमर गद्दाफी अपने लोगों को मार रहा. है। राक्षस है। किमजोंग जो नॉर्थ कोरिया. का लीडर है। अरे वो तो लोगों को जिंदा. मगरमच्छ में डाल देता है। पाकिस्तान से भी. सर एक खबर आई कि पाकिस्तान में दो हफ्ते. के लिए स्कूल बंद हो गए। ट्रांसपोर्ट बंद. कर दिया गया और बहुत सारी कटौतियां की गई।. मिलने वाली में 50% फुल वॉर कटौती की जा. रही है। बंद किया जा रहा है।. अब वो पाकिस्तान जो दुनिया भर को. न्यूक्लियर दिखाकर अपनी हनक दिखाता था।. बारगेनिंग करता था। उसका तो न्यूक्लियर ना. बस चलाने का काम और ना स्कूल चलाने के।.
चीन जो है ईरान का सबसे बड़ा तेल खरीदा. है। लेकिन चीन इस जंग में खामोश है। चीन. को बोलने की जरूरत ही नहीं है। चीन का तेल. नहीं रुका हुआ। आपको क्या लगता है जो. लड़ाई चल रही है हु इज द एक्चुअल विनर ऑफ. दिस वॉर? रशिया उनके तेल पे सेंक्शन लगा. रखा था। सब कुछ वो खत्म हो गया और वो तेल. अब $60 पर बैरल नहीं जाएगा। वो बहुत महंगा. जाएगा। अभी 163 बच्चियों को मार दिया गया।. और वो अमेरिकन मिसाइल थी वो इजराइयल. मिसाइल नहीं दो मिसाइल आई हैं। एक नहीं आई. है। एक मिसाइल गिरी उसमें कुछ बच्चे और. कुछ जो टीचर थे जख्मी हुए। सारे बच्चे और.
उनके जो अध्यापक थे जब प्रेयर हॉल के अंदर. थे और कुछ पेरेंट्स आ गए थे उन बच्चों को. लेने के लिए। उस वक्त सेकंड मिसाइल आई उसी. टारगेट के ऊपर।. इंडिया का अभी भी न्यूट्रल स्टैंड ठीक है।. इस बार हम खुल के आए। जब मोदी जी ने भाषण. दिया है इंडिया स्टैंड्स विद इजराइल. फॉर्मली।. एट दिस मोमेंट एंड बिय्ड। इसके बहुत गहरे. मायने थे। तो इंडिया को इसमें इजराइल का. स्टैंड लेके क्या मिलेगा? टेक्नोलॉजी।. एक चाइनीस पॉलिटिशियन ने बोला था जब.
अमेरिका ने वो दिया ना धमकी दी कि हम चीनो. खत्म कर देंगे। ही सेड वी आर मोर देन 1. बिलियन चाइनीस। इफ वी ऑल पी टुगेदर दे विल. बी फ्लड्स यूनाइटेड स्टेट्स। इसको हिंदी. में तो आप यूज़ कर सकते हैं जो मैं नहीं जो. हम पाकिस्तान के लिए कहते हैं। ईरान. इजराइल वॉर के बीच में बलूचिस्तान होता. है। इस चीज को हर कोई नजरअंदाज कर रहा है।. क्या पाकिस्तान और ईरान दोनों साइड जो. परेशानियां बढ़नी शुरू हुई हैं उसके पीछे. इजराइल है बलूचिस्तान में।. पोस्ट छोड़कर पाकिस्तानी आर्मी जो है वो. कई पोस्ट से भाग खड़ी हुई है।. ये इजराइल का तुर्क का हिक्का है। अगर.
ईरान को उन्होंने यूटिलाइज़ कर दिया और. वहां एक प्रो इज़राइल प्रो अमेरिकन. गवर्नमेंट को लेके आ गई। अगला टारगेट. पाकिस्तान है।. पाकिस्तान अफगानिस्तान वॉर क्यों हो रही. है? यह तो एक ही मुस्लिम ब्रदरहुड वाले. लोग हैं।. पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के काबुल कंधार. फक्तिया और अफ्रीका में हमला किया. और इतनी भयानक क्यों हो गई है? जब. अफगानिस्तान स्ट्रांग हुआ है। उन्होंने. फख्तनिस्तान की मांग उठाई है। रूस. सपोर्टिंग है। बिकॉज़ अफगानिस्तान तो. सेंक्शंड है दुनिया से। इंडिया का नुकसान. है इस युद्ध से अब नफा।. ये युद्ध कौन जीत रहा है? मैंने बोला रूस.
जीत रहा है। दूसरा पार्टी जो युद्ध जीत. रही है वो भारत।. क्यों? ओवरऑल आप कहां देख रहे हैं दुनिया. को जाते हुए? विनाश की ओर। ऐश करनी है जैसा करना है. करिए आप एंजॉय करिए मिश्रा जी 510 साल. उसके बाद देखा जाएगा. पिछली बार मेरे मेहमान जब मेरे स्टूडियो. आए थे तो उन्होंने कहा था दुनिया युद्ध के. मुहाने पर है और देखिए.
वैसे तो यह कोई भविष्यवाणी करने वाले. व्यक्ति नहीं एस्ट्रोलॉजर नहीं है लेकिन. बात 100 टका का सच निकली। दुनिया उस दिन. से युद्ध के मुहाने पर है और उस युद्ध की. आंच जो है अब वो भारत में भी महसूस की जा. रही है जब तेल से लेकर गैस तक हम और आप. परेशान होने लगे हैं। ये वो शख्स है जिनके. बारे में आप जानते हैं कि ये दुनिया हमें. कई मुल्कों में डिटेन किए गए हैं। कहने को. फौजी हैं। लेकिन अब कैमरा थाम कर पत्रकार. भी बने हैं। और इसीलिए आज मोसाद की. सीक्रेट हिस्ट्री से लेकर ईरान में छिपे.
गद्दारों तक अमेरिका की वॉर स्ट्रेटजी से. लेकर रूस चाइना की साइलेंट स्ट्रेटजी तक. आज सब कुछ हम समझेंगे एक बार फिर युद्ध के. असली इंसाइडर रिटायर्ड कर्नल राजेश पवार. साहब से। कैसे हैं सर आप? बहुत बढ़िया। थैंक यू।. पिछली बार हम आए थे। आपने कहा था युद्ध के. मुहाने पर दुनिया खड़ी है।. जी। वेलकम टू वॉर। दिस इज हाउ इट विल बी।. इट विल कंटिन्यू फॉर अ वेरी लॉन्ग टाइम।. एंड एज आई सेड द वे इट विल अनफोल्ड इट विल. एनगल्फ द एंटायर गल्फ रीजन एंड इट हैपेंड.
दैट वे एंड इट विल गो फर्दर हम वी विल टॉक. अबाउट दिस बट मेरे ज़हन में सवाल ये आता है. सर कि हम और आप बार-बार ये बात कर रहे थे. कि अमेरिका ईरान को वेनेजुला मत समझिए।. पर अमेरिका ने ईरान के अंदर घुसकर खामनी. को मार दिया। उनके सारे कमांडर्स को मार. दिया। उनकी पॉलिटिकल जितने लीडरशिप थी. उनको मार दिया, परिवार को मार दिया। और. दुनिया के मन में एक ही सवाल था कि जब. सबको पता था कि खाम नहीं पर खतरा है फिर.
ये कैसे हो गया? देखिए जो ये युद्ध शुरू. हुआ है ईरान, यूएस और इजराइल का यह युद्ध. इस तारीख को शुरू नहीं होना था। जैसे. मैंने आपको पिछला बोला था युद्ध आने वाला. है। पर इतना जल्दी वो दो-तीन दिन पहले आ. गया। और उसका बड़ा कारण यही था कि जितने. भी सिक्योरिटी कैमरा हैं ट्रैफिक लाइट्स. के ऊपर तेहरान के अंदर मोसाद ने उनको कई. साल पहले हैक कर लिया था कई साल पहले और.
मोसाद की सबसे बड़ी खासियत यह है वो 20. साल आगे सोचते हैं लोग मुझसे पूछते हैं कि. पाकिस्तान का नंबर नेक्स्ट है क्या. पाकिस्तान का नंबर नेक्स्ट है और वो शायद. 15 20 साल बाद आए ईरान के बाद आए लेकिन. उसकी तैयारी 10 साल पहले शुरू हो चुकी है. इसी सरकार सेम जो है मस अप्रेंडाई. उन्होंने ईरान के जो खमे हैं सुप्रीम लीडर. हैं उनको ट्रैक करना शुरू कर दिया था पांच. छ साल पहले हर एक ट्रैफिक कैमरा ट्रैफिक. लाइट्स जो कैमरा है दे वर हैकड बाय मोसाद.
उनकी हर नजर उनकी चप्पे-चप्पे पर जहांजहां. वो जाते हैं क्या करते हैं किस वक्त जाते. हैं सब यह रिकॉर्ड मोसाद के पास था और जब. मोसाद को यह एग्जैक्ट इन मिली कि इस टाइम. खमानाई अपने बंकर से बाहर है उसके साथ. जितने बड़े अधिकारी हैं आईआरजीसी के, ईरानी फौज के और पॉलिटिकल लीडरशिप. रिलीजियस लीडरशिप एक जगह पर इकट्ठी है। तो. ईरान ने स्ट्राइक किया और अमेरिका को इस. युद्ध में थोड़ा जल्दी अपनी प्रिपरेशन. उसकी कंप्लीट भी नहीं थी। उससे पहले इस.
युद्ध में कूदना पड़ा। ये युद्ध क्या. जल्दी आया या देर से आया? क्योंकि जब हम. टीवी पर खबरें पढ़ रहे थे तो मैंने एक. महीने पहले ट्रंप के भाषण सुने थे। जब वो. ईरानी जनता को संबोधन करते थे कि आप लड़ो. हम आपके पीछे खड़े हैं। हम लीडरशिप चेंज. कर देंगे। कई थ्योरीज आई थी कि इजराइल ने. उस टाइम वॉर रोक दी थी ये कहते हुए कि अभी. हम तैयार नहीं है। हम तैयार हो जाए फिर. साथ मिलकर लड़ेंगे। उस दिन सुबह क्यों. अटैक हुआ? इजराइल तैयार था इसलिए या वो. करेक्ट इन मिल गई थी इसलिए देखिए युद्ध एक. बहुत बड़ी प्रक्रिया है जो आम जनता को.
दिखता है कि युद्ध शुरू हो गया। बमबारी. शुरू हो गई है। लेकिन युद्ध की प्रिपरेशन. महीनों पहले शुरू हो जाती है। खासकर इफ. इट्स अ लार्ज स्केल ऑपरेशन लाइक व्हाट इज़. अनफोल्डिंग राइट नाउ इन द मिडिल ईस्ट या. जैसे हमने 1971 में बांग्लादेश ऑपरेशन. किया था। जब इंदिरा गांधी ने बोला. मानिकशाह को कि हमें युद्ध करना है कितना. जल्दी कर सकते हैं। तो उन्होंने बड़े. स्पष्ट शब्द में बोला मुझे छ महीने चाहिए. या मुझे एक लंबा वक्त चाहिए तैयारी का और. फिर उसकी तैयारी शुरू हुई। इसी प्रकार जो. ये युद्ध हुआ है इसका अमेरिका को भी.
अंदेशा था और इजराइल को भी कि युद्ध लंबा. होने वाला है और बहुत ज्यादा भयावह होने. वाला है अनलाइक 12 डेज वॉर। तो इसकी. प्रिपरेशन बहुत पहले शुरू हो गई थी और. अमेरिका भी प्रिपेयर कर ही रहा था। अपने. जितने उसके इदारे हैं उनको इकट्ठा कर रहा. था। अपने सारा असला इकट्ठा कर रहा था।. उसके एयरक्राफ्ट कैरियर्स इकट्ठे हो रहे. थे। घेर रहे थे ईरान को। तो कुछ इनकी. प्रिपरेशन अभी बाकी थी। लेकिन उस वक्त. जैसे मैंने आपको बोला एग्जैक्ट खुमानी की. लोकेशन का पता लगा कि यही मौका है जो अपने. बंकर से बाहर है। बंकर के अंदर नुकसान.
पहुंचाना मुश्किल होता डैमेज करना मुश्किल. होता तो बंकर से बाहर है और सारी जो. रिलीजियस पॉलिटिकल मिलिट्री लीडरशिप एक. जगह पर इकट्ठी हुई है। तो मोसाद और इजराइल. ने सोचा यही बेस्ट टाइम है। इनको एक साथ. तबाह किया जा सकता है। टोटल डीकैपिटेशन ऑफ. द इजराइली लीडरशिप। इस वजह से ये युद्ध जो. शायद तीन-चार दिन के बाद शुरू हुआ था।. तीन-चार दिन पहले शुरू हो गया। क्या. आईआरजीसी में या ईरान की सेना के अंदर या. ईरान की जो रिलीजियस लीडरशिप है या खमनी. के आसपास कोई ऐसा था जो इजराइल का स्पाई.
था क्योंकि वो एग्जैक्ट इनफेशन थी कि यहां. ये लोग बैठे हैं। देखिए. इतनी पिन पॉइंट एक्यूरेट इनफेशन दुनिया. अभी भी कह रही है। हमने स्पाई मूवी देखी. है। हमने मोसाद के किस्से सुने हैं।. देखिए मोसाद का काम ये ऐसा काम उन्होंने. पहली बार नहीं किया है। जितनी टॉप लीडर. चाहे वो सुलेमानी को उड़ाने का जब उसको बम. बार-ब बमबारी करके खत्म कर दिया गया था या. हिजबुला की टॉप लीडरशिप हमास की टॉप. लीडरशिप चाहे वो कतार में हो चाहे वो गाज़ा. के अंदर हो चाहे पेलेस्टन अथॉरिटी एरिया.
में हो जो ह्यूमन एंट है व्हिच इज अ वेरी. एसेंशियल पार्ट ऑफ इंटेलिजेंस गैदरिंग. मोसाद की ह्यूमन इंट कैपेबिलिटी वर्ल्ड. में अनमैच्ड है और यही कारण है कि वो. हमेशा जितने भी ये प्रॉक्सीस हैं ईरान के. जिनको वो उग्रवादी ऑर्गेनाइजेशन बोलता है. चाहे चाहे हूतीज़ हो आपको याद हो उन्हें हू. के प्राइम मिनिस्टर जितनी टॉप लीडरशिप थी. एक झटके में उड़ा दी थी तो ये एक मोसाद की. स्पेशलाइजेशन है और जैसा मैंने बोला वो कई. साल से इसके ऊपर काम कर रहे थे खुमेनी की. हर मोमेंट के ऊपर कहां जाता है कब जाता है.
कैसे जाता है उस पर नजर रखी जा रही थी और. क्योंकि युद्ध अभी इमिनेंट था तो उन्हें. लगा कि अब यह मौका है जब हम पूरी की पूरी. जो उनकी लीडरशिप है रिलीजियस पॉलिटिकल एंड. मिलिट्री एक जगह पर इकट्ठी है और यह. डीकैपिटेशन स्ट्राइक अभी ल्च करना जरूरी. है शायद यह मौका दोबारा ना आए इसलिए. उन्होंने वो वक्त चुना जब नेगोशिएशन. एक्चुअली चल रही थी ओमान में और उन्होंने. यह स्ट्राइक कैरी आउट की। इजराइल अमेरिका. वर्सेस ईरान में बहुत सारे लोग प्रो. इजराइल है। बहुत सारे प्रो ईरान हैं। कई. लोग कह रहे हैं कि ईरान बहुत अच्छा लड़.
रहा है। अमेरिका की उम्मीद से ज्यादा लड़. रहा है। लेकिन हम जब युद्ध को देखते हैं. तो दिखाई पड़ता है कि इजराइल अमेरिका ने. 160 बच्चों को मार दिया। उनकी नेवी को. डूबा दिया। उनके ऑयल टैंकर्स पर हमला कर. दिया। टॉप लीडरशिप पूरी खत्म कर दी। जो नए. उनके रहबर बने हैं उनको भी घायल करने. खबरें आ गई। ईरान के अटैक खाली जगहों पर. दिखाई पड़ रहे हैं। ईरान के अटैक में वो. नुकसान नहीं दिख रहा जो इजराइल अमेरिका के. नुकसान में है। सो क्या ईरान बराबरी की. लड़ाई लड़ रहा है या सिर्फ ये प्रो ईरान. सेंटीमेंट्स हैं जो सोशल मीडिया पर आ रहे.
हैं। देखिए आज का युद्ध जो है ना और आज का. नहीं पिछले 150 200 साल से और पहले भी. इतिहास में भी युद्ध में सिर्फ तोपें और. टैंक्स और एयरक्राफ्ट्स नहीं लड़ते हैं या. सैनिक नहीं लड़ते हैं। युद्ध आज का कई. स्तर पर लड़ा जाता है। इकोनॉमिक वारफेयर. है। एंड वेरी इंपॉर्टेंट इज इंफॉर्मेशन. वारफेयर। तो दोनों तरफ दोनों साइड्स जो. हैं अपना-अपना पक्ष दिखाने की कोशिश करती. हैं। और हमेशा किसी भी युद्ध में दोनों. साइड्स ये दिखाने की कोशिश करती हैं कि हम.
जीत रहे हैं। हमारे जो स्ट्राइक्स हैं वो. कामयाब हो रहे हैं और दुश्मन पूरी तरह से. नाकाम हो रहा है। इसका मेन रीजन यह है कि. आपकी जो फोर्सेस लड़ रही हैं। जो सैनिक. लड़ रहे हैं जमीन के ऊपर उनका मोराल ऊपर. रहे। उन्हें लगे कि हम जीत रहे हैं और हम. विक्ट्री के लिए लड़ रहे हैं और आपकी. सिटीजनरी है जो आपके नागरिक हैं उन्हें. लगे कि हां हमारी फौज लड़ रही है जीत रही. है उनका मनोबल मनोबल बना रहे और जो. हार्डशिप्स आती हैं लड़ाई की देखिए घर. तबाह होते हैं फैमिलीज़ तबाह होती हैं. स्कूल्स तबाह होते हैं इंफ्रास्ट्रक्चर.
खत्म हो जाता है पब्लिक को बहुत सारी. हार्डशिप्स फेस करनी पड़ती हैं लेकिन जब. उन्हें यह एक भरोसा मिलता है कि हमारी फौज. जीत रही है तो मनोबल बढ़ता है और यह मनोबल. बहुत जरूरी है किसी भी लड़ाई को कैरी. फॉरवर्ड करने के लिए और यही कारण है कि. इंफॉर्मेशन वारफेयर में हमेशा दोनों. साइड्स ये दिखाती है कि हमारा नुकसान कम. हुआ है और हमने दुश्मन का बहुत ज्यादा. नुकसान कर दिया है और इसी के मद्देनजर ये. जो मैं आपको बैकग्राउंड दिया है जो चीजें. आप बोल रही हैं हमें सुनने को आ रही हैं।. जहां तक ईरान ने कितनी तबाही मचाई और नहीं. तबाही हुई ये गलत है। मेरे फ्रेंड्स हैं.
जो इस वक्त इजराइल के अंदर हैं। एक नहीं. 10-15 लोग जो मुझे रेगुलरली मेरे टच में. हैं। इजराइल में काफी तबाही हुई है। और जब. हम आप और इस वक्त बात कर रहे हैं। अब से. कुछ घंटे पहले ही हाइफा में जो रिफाइनरी. है सबसे बड़ी ऑयल रिफाइनरी इजराइल के अंदर. ईरान मिसाइल्स हैव हिट दैट तो तबाही हुई. है उनकी मिसाइल्स कामयाब हो रही है और मैं. आपको ये बता दूं एक बड़ी चीज और उसका मैं. आपको बेसिस भी बताता हूं कि मैं हवा में. ये बात नहीं कर रहा कि या अंदाजा नहीं लगा. रहा हूं.
मैंने आईआरजी कमांडर से बात की थी जब. मैंने पिछली बार हमने बात की थी मैंने. बताया कि आई वास डिटेन इन ईरान फॉर 30. आवर्स तो जो मेरे कैप्टर्स थे जिन्होंने. मुझे बंदी बनाया था या मेरे को इंटर ेट कर. रहे थे। जब बातें नॉर्मल हो गई वो उनका शक. दूर हो गया। हम दोस्त बन गए और मेरी बहुत. सीनियर लेवल के आईआरजीसी कमांडर से वन टू. वन एज अ फ्रेंड बात हुई है और वो मेरा. विचार जानने की कोशिश कर रहे थे कि मैं एज. अ हिंदुस्तानी जर्नलिस्ट एक एक एज अ वेटरन. एज अ पुराना फौजी और अभी वॉर. कॉरेस्पोंडेंट मैं किस तरह से लड़ाई को. देखता हूं। उन्होंने मुझसे पूछा आपको लगता.
है इजराइल का हमला आएगा और मैंने कहा 100%. आएगा और वो हुआ। उसके बाद मैंने पूछा आप. क्या कर सकते हैं? आपकी क्या स्ट्रेटजी है. इसमें? तो उसने बोला मैं आपको सब कुछ तो. नहीं बता सकता लेकिन आपको यह बता सकता हूं. कि अगर हमला आया तो इस बार हम इजराइल को. धरती के नशे नक्शे से मिटा डालेंगे और जो. स्ट्र्राइक्स अभी हो रहे हैं उससे लगता है. कि वो नक्शे से शायद ना मिटा पाए लेकिन. नुकसान बहुत ज्यादा होगा। दे हैव. डेस्टिनेटेड ऑल अमेरिकन बेससेस इन द मिडिल. ईस्ट। जितने मिडिल ईस्ट में बेससेस.
अमेरिका के सब तबाह हो चुके हैं। और यही. कारण है कि अमेरिका को अपने सोल्जर्स को. अब होटल्स में ठहराना पड़ रहा है। और ईरान. उन होटल्स पे भी अब निशाना साध रहा है और. फिर और फिर कई मुल्कों में और फिर अब. दुनिया उन पे इल्जाम लगा रही है। खासकर. वेस्टर्न मीडिया जो कि टोटली बायस्ड है।. हमने यूक्रेन और रशिया वॉर में देखा। हमने. हिंदुस्तान के बारे में देखा। इट्स अ. टोटली नैरेटिव ड्रिवन मीडिया इन द वेस्ट।. वो बोल रहे हैं देखिए ये तो इंटरनेशनल लॉ. का उल्लंघन है। रूल्स ऑफ वॉर का उल्लंघन.
है कि ये होटल्स पे और सिविलियन टारगेट्स. पे हमला कर रहे हैं। लेकिन ईरान का कहना. है कि अगर उन होटल्स में या उन. रेजिडेंशियल ब्लॉक्स में फौजी रह रहे हैं. तो वो लेजिटमेट टारगेट्स हैं। इसके अलावा. मैं आपको एक चीज बता दूं कि नेवी. डेस्टिमेट हो गई। जैसे अभी ने बोला भी कि. नेवी तबाह कर दी है। हमने ईरान का सब कुछ. तबाह कर दिया है। नॉन टर्म सेड इट वास फॉर. फन। मैं आपको बता दूं ईरान की जो कॉम्बैट. कैपेसिटी है कैपेबिलिटी है टू इनफ्लिक्ट. डैमेज ऑन ऑल अमेरिकन बेसिस मिडिल ईस्ट एज. वेल एज इन एंड इजराइल आई वुड से इट हैज़.
ब्लांटेड जस्ट अबाउट 20% द मेन स्ट्राइक. एज ईरानी सिंह इज येट टू कम एंड आई बिलीव. दैट और उसका कारण है. जो अब तक उन्होंने ड्रोंस और मिसाइल्स यूज़. की है वो ज्यादातर लो टेक्नोलॉजी स्टफ था. पुराना माल था जैसे बोलते हैं ना कि अभी. पुराना माल निकाल दो जो असली ली चीजें हैं. दोज़ हाइपरसोनिक मिसाइल्स व्हिच वी हैव ऑल. बीन हियरिंग अबाउट जो हम पिछले तीन चार. साल से सुन रहे हैं कि ईरान के पास. हाइपरसोनिक मिसाइल्स हैं जो कोई रोक नहीं. सकता या बहुत एडवांस ड्रोंस हैं दे आर येट.
टू कम जैसे फॉर एग्जांपल ये फतेह मिसाइल्स. है फतेह वन एंड टू कितनी यूज़ हुई है 10 12. यूज़ हुई है ईरान के पास उनका स्ट्रोक. सैकड़ों में है और जब वो निकलेंगी तो. तबाही मचाएंगी और तबाही बहुत ज्यादा. मचाएंगी क्यों क्योंकि जितने सेंसर्स हैं. रडार सिस्टम्स हैं मिडिल ईस्ट में. महंगे-महंगे रडार जो 700 मिलियन डॉलर तक. के रडार हैं। ईरान ने लगभग वो सारे रडार्स. डिस्ट्रॉय कर दिए हैं। और यही कारण है अभी. एक और डेवलपमेंट हुई है कल की। मैं आपको.
अवगत करा दूं। ऑस्ट्रेलिया ने अपने जहाज. भेजे हैं भेजा है। जो बेसिकली इस लाइक. अवॉक्स बट वो 400 स्क्वायर कि.मी. के. एरिया में 4000 स्क्वायर कि.मी. एरिया में. चप्पे-चप्पे पर नजर रख सकता है फॉर. सर्विलेंस एंड टू सब्स्टट्यूट फॉर दिस. रडार्स। तो ऑस्ट्रेलिया से मदद आ रही है।. उन्होंने अपने जितने एयर डिफेंस सिस्टम जो. साउथ अमेरिका में लगे हुए थे उन सारे. सिस्टम्स को एयर डिफेंस सिस्टम्स को साउथ. कोरिया से ले अभी मिडिल ईस्ट में लेके आ. रहे हैं। ये क्या दर्शाता है? ये हकीकत. दर्शाता है। लोगों के शब्दों पे ना जाएं.
कि लीडर्स क्या बोल रहे हैं? हकीकत देखें. कि जमीन पर क्या हो रहा है? जमीन पर यह हो. रहा है कि वो एयर डिफेंस सिस्टम उन्हें. साउथ कोरिया से उठा के ले आने पड़ रहे हैं. क्योंकि उनकी रिप्लेसमेंट नहीं है। और ये. रडार सिस्टम्स आ रहे हैं एयरबोर्न. ऑस्ट्रेलिया से क्योंकि रडार सारे तबाह हो. चुके हैं। इस हालत में अगर कोई. रुडीमेंट्री मिसाइल्स हैं जो कि इतनी. टेक्नोलॉजिकली हाईफाई नहीं है या ड्रोंस. हैं वो भी बहुत ज्यादा जो है नुकसान. पहुंचा सकते हैं। बिकॉज़ योर एयर डिफेंस इज़. ब्लाइंड। अगर एक बार रडार आपके सारे तबाह.
हो गए हैं तो एयर डिफेंस बिकम्स ब्लाइंड।. यू कैन नॉट एक्चुअली पिन पॉइंट ऑन द. इनकमिंग मिसाइल और और द ड्रोन। और ये इस. वक्त मिडिल ईस्ट में अमेरिका की हालत है।. और इसीलिए आप देखेंगे चाहे वो यूरोप से हो. यूके, फ्रांस वहां से आ रहे हैं। एयर. डिफेंस सिस्टम्स रेडार्स और ऑस्ट्रेलिया. से अभी आए हैं। और मुझे लगता है कि इस वॉर. में अमेरिका ने जो सोचा था ईरान का पलड़ा. उससे कहीं ज्यादा भारी है। तो मैं इसको. अगर एक अच्छे से फ्रेम कर दूं कि ऑलमोस्ट.
दो हफ्ते हो गए हैं इजराइल, अमेरिका. वर्सेस ईरान युद्ध को। दो हफ्ते में आप. ईरान को कहां रेट कर रहे इजराइल अमेरिका. युद्ध में. देखिए मैं यह बोलूंगा कि यह लड़ाई बराबर. की चल रही है इस वक्त. बराबर की. बराबर की और अमेरिका और जीराइल डेविड. वर्सेस गोलियाथ आई मीन इवन इफ अमेरिका इज. सो मच स्ट्रांगर विथ अ मिलिट्री बजट व्हिच. इज़ प्रोबब्ली 20-30 टाइम्स बिगर देन ईरान. व्हिच टेक्नोलॉजी व्हिच इज़ प्रॉबब्ली. इयर्स अहेड ऑफ ईरान ईरान इज़ फाइटिंग बैक.
वेरी स्ट्रोंगली एंड ईरान इज़ राइट नाउ इन. अ वैरी स्ट्रोंग पोजीशन इन फैक्ट इफ यू गो. बाय द स्टेटमेंट्स टू द प्रेसिडेंट ऑफ़. अमेरिका एंड अदर लीडर्स इन अमेरिका।. अमेरिका इस सो बैडली इनबॉक्स इन दिस बॉक्स. इन अ कॉर्नर एंड दे डोंट नो वेयर टू मूव. एंड हाउ टू गेट आउट ऑफ़ दिस।. मैंने दुआ पढ़ते देखी वो पादरी लोग आए थे. बैठ के दुआ पढ़ रहे थे। मैंने कहा अरे ये. तो मजाक उड़ाने वाले लोग जिन्होंने. वेनेजुला के उसके राष्ट्रपति का मजाक. उड़ाया। डॉन्ड ट्रंप के लिए प्रेयर पढ़ी गई।. वाइट हाउस के अंदर। पहली बार शायद साहब ने. देखा था।. आप प्रेयर पढ़ें अभी या कुछ भी करें। हालत.
ऐसी है कि अमेरिका को समझ में नहीं आ रहा।. जो बोलते हैं ना फांस की हड्डी गले की. हड्डी ये गले की हड्डी बन चुकी है।. क्यों ऐसा हुआ? गले की हड्डी इसलिए है कि. अगर अमेरिका विड्रॉ कर सक कर करे इस वक्त. तो जितनी किरकिरी अमेरिका की होगी वो जग. जाहिर है कि कैसा क्या हालत होगी और उसके. बाद जो ईरान की डिमांड्स होंगी वो हर चीज. में फिर दादागिरी करेगा और अमेरिका इस चीज. को बर्दाश्त नहीं कर पाएगा। इजराइल. बर्दाश्त नहीं कर पाएगा। और अगर वो. कंटिन्यू करते हैं तो वो इस दलदल में. फंसते चले जाएंगे। द क्वगमायर ऑफ़ वॉर इट.
विल टेक ट्रूप्स। इट विल ईट ट्रूप्स इन. 100्स एंड थाउजेंड्स एवरीडे। और अमेरिका. वो नहीं करना चाहता क्योंकि मिड टर्म. इलेक्शंस आ रहे हैं अमेरिका में जैसा आपको. पता है और अगर यह हार लगा कि ट्रंप ये. लड़ाई हार रहा है तो मिड टर्म इलेक्शंस को. बाय-ब बोल सकता है। ट्रंप इस वक्त जीतने. कोई आसार नहीं है जो उसके लिए बहुत. क्रूशियल हैं। और अगर जो उनका मेन मकसद था. एक स्टेटेड एम था इस वॉर का रिजीम चेंज इन. ईरान वो बिना बूट्स ऑन ग्राउंड हो ही नहीं.
सकता। और अमेरिका बूट ग्राउंड डालने से. पहले हजार नहीं लाख बार सोचेगा कि एक बार. बूट ग्राउंड आ गए तो उनको वहां से विड्रॉ. करना मुश्किल हो जाएगा और कैजुअल्टीज जो. हैं वो सैकड़ों में नहीं हजारों में. होंगी। बट मेरे ज़हन में एक सवाल है और ऐसे. लाखों लोगों के ज़हन में सवाल होगा कि ईरान. की टॉप लीडरशिप जब खत्म हुई उसके बाद सबको. लगा कि अब लीडर्स ही नहीं बचे। फिर ईरान. ये लड़ाई इतनी मजबूती से कैसे लड़ रहा है. कि अगर आप कह रहे हो कि बराबरी की लड़ाई. हो गई है। देखिए सबने ही सोचा था। जैसा. आपने बोला इस वक्त इजराइल ने सोचा था.
अमेरिका ने सोचा था कि हमने इतनी मैसिव. डीकैपिटेशन स्ट्राइक कर दी है। वी हैव. टेकन आउट द एंटायर रिलीजियस मिलिट्री एंड. पॉलिटिकल लीडरशिप ऑफ़ ईरान इन वन गो। उससे. क्या होगा? जो लोग रिजीम के खिलाफ थे वो. सड़कों पर आ जाएंगे। रिजीम चेंज हो जाएगी. और यह लड़ाई आईआरजीसी सरेंडर कर देगी और. यह लड़ाई ख़ हो जाएगी। लेकिन हुआ क्या? जो. ईरानियन स्ट्रेटजी क्या थी? उनकी. स्ट्रेटजी थी कि अगर ऐसा कुछ होता है दे. हैड एंटीिसिपेटेड दिस कि ऐसा होगा हो सकता.
है उन्हें पूरी संभावना थी इस चीज की और. जो अभी नए जो उसके बेटा है खुमेनी का जो. अभी नया सुप्रीम लीडर बना है. उनकी ये स्ट्रेटजी भी मुस्तफा खान. मुस्तफा खुमेनी को भी अगर उन्होंने खत्म. कर दिया जो बोल रहे हैं कि अभी कोमा में. है और काफी बुरी हालत में है उसको भी खत्म. कर दिया तो तीसरा खमेनी आएगा तीसरा लीजिए. आएगा दे हैव प्लंड इट ऑल और उनकी एक. स्ट्रेटजी क्या थी उनके 31 मिलिट्री. डिस्ट्रिक्ट्स हैं ईरान बहुत बड़ा मुल्क. मुल्क है ज्योग्राफिकली जितनी उनकी. आईआरजीसी की फौज है आईआरसी है कन्वेंशनल.
मिलिट्री है उनको उन्होंने 31 मिलिट्री. डिस्ट्रिक्ट में बांधा बांटा हुआ है और ये. ईरान प्लान थी कि अगर ऐसा कोई स्ट्राइक. होता है अगर पूरी की पूरी लीडरशिप को खत्म. कर दिया जाता है देयर इज़ अ कंप्लीट. डीकटेशन ऑफ़ द लीडरशिप इन ईरान देन यू आर. इंडिपेंडेंट उनको टारगेट्स पहले से दिए. हुए हैं उनके पास हथियार उनकी सप्लाई चेस. उनके डेपोज़ उनका जो भी रिप्लनिशमेंट होना. है। इट इज ऑल सेट इंडिपेंडेंटली ऑफ ऑल. थ्री मिलिट्री डिस्ट्रिक्ट्स।. और ऐसी हालत में वो 31 के 31 कमांडर.
इंडिपेंडेंट हो जाते हैं। और उनके पास. पूरी आजादी है कि वो जहां चाहे जैसे चाहे. वहां हमला कर सकते हैं। और हमने इसका एक. उदाहरण देखा। आपको याद हो जब शुरू में. हमले हुए गल्फ स्टेट्स के ऊपर। फिर जो. प्रेसिडेंट है ईरान के वो मीडिया वो टीवी. पे आए। उन्होंने पब्लिकली अपोलजाइज किया।. उन्होंने बोला हमसे गलती हुई है। हम माफ़. मांगते हैं इस चीज़ के लिए कि हमने अपने जो. बिरादर मुालिक है इस इलाके में इस ख्ते.
में उनके ऊपर हमने हमले किए। हमारी ये. मंशा नहीं थी। हम सिर्फ अपने को डिफेंड कर. रहे थे और आने वाले वक्त में ऐसे हमले. नहीं होंगे।. 3 घंटे के अंदर-अंदर ऐसे 20 हमले और हुए. सारे इन गल्फ मुालिक के अंदर। क्यों? कारण. मैंने आपको बताया कि जो 31 जो मिलिट्री. डिस्ट्रिक्ट्स हैं इनके कमांडर्स. इंडिपेंडेंट हो गए हैं और जैसे ही उन्हें. लगा कि यह ऊपर से हमारी लीडरशिप खत्म हो. गई है तो वो ऑटोमेटिकली जो वो प्रोटोकॉल. है वो लागू हो गया और उन्हें इजाजत है कि. फिर आप सोचें जो आपको एक ऑब्जेक्टिव्स दिए.
हुए हैं आपको मिलिट्री टारगेट्स देके दिए. गए हैं और जो हमारी स्ट्रेटजी है उसके. हिसाब से आप इंडिपेंडेंटली अपनी कारवाई. करें। तो सेंट्रल लीडरशिप है बीट पॉलिटिकल. मिलिट्री दैट हैज़ बीन डिस्ट्रॉयड एंड दैट. हैज़ मेड दिस वॉर मच मोर डेंजरस फॉर ऑल द. गल्फ कंट्रीज एज वेल एस फॉर अमेरिका। तो. मैं क्या इसको ये कह दूं कि अमेरिका के. लिए ईरान भी वियतनाम अफगानिस्तान जैसा हो. गया। ट्रूप्स ऑन ग्राउंड आए तो उससे बदतर. होगा।. ज्यादा स्ट्रांग है ये। देखिए आप ईरान को.
वेनेजुएला, इराक, लेबन वियतनाम मैं नहीं. बोलूंगा। वियतनाम इसको आई सलूट देम एज अ. मिलिट्री पर्सन दे वर दे वर इनक्रेडिबल द. वे दे बीट अमेरिका बट अदर जो ऑफ़ रिसेंट. कॉन्फ्लिक्ट्स हैं वियतनाम हैपन इन 1670. इफ अगर आप पिछले 40 45 साल के वो लें तो. जो हश्र इस वक्त रशिया का यूक्रेन में हो. रहा है अमेरिका का हश्र उससे बदतर होगा. अमेरिका ने क्या इतना टाइम दे दिया उनको. कि वो दो साल से तैयार थी ईरान इसकी वजह.
ये है या वो कौम ऐसी है कि परर्शियन कौम. जो उनका इतिहास रहा है कि मरेंगे मार. देंगे लेकिन अपनी हिस्ट्री को गौरव जिंदा. रखेंगे। देखिए अनडाउटेडली. योर सिविलाइजेशनल स्ट्रेंथ मैटर्स. ईरान इज अ वेरी वेरी एंशिएंट सिविलाइजेशन. जस्ट लाइक इंडिया। ये स्ट्रेंथ तो है ही. है। फिर एक सेंस ऑफ नेशनहुड बहुत स्ट्रांग. है। चाहे वो शिया इस्लाम कहने के बाद. थोड़ी कमजोर जरूर हुई हो। क्योंकि अभी भी. ईरानज में ये है कि वी आर पर्शियंस। हमारे. साउथ एशियन मुसलमानों की तरह यह नहीं.
बोलते हम मुसलमान है। मुसलमान इसके खिलाफ. कुछ नहीं है। दे से वी आर पर्शियंस। सम ऑफ़. देम टेकन इवन ऑफेंस यू से जस्ट मुस्लिम।. दे से वी आर नॉट जस्ट मुस्लिम्स दैट मे बी. मे बी आवर रिलजन बट वी आर पर्शियंस। सो वो. जो प्राइड है ना क्या डिफरेंस है ये. पर्शियन और केवल मुस्लिम होने में? अब. देखिए जैसे अगर आप हिंदुस्तान के अगर किसी. भी साउथ एशियन इस ख्ते के किसी मुसलमान से. आप बात करें पाकिस्तान, बांग्लादेश, हिंदुस्तान में कहीं भी वो उसकी आपकी. आइडेंटिटी क्या है? मुसलमान है सिर्फ। आप. मराठी मुसलमान से बात करें जो मराठी जबान.
बोलता है वो बोलेगा मुसलमान हूं मैं। वो. मराठी नहीं बोलेगा आपने। तमिल मुसलमान से. बात करें। वो नहीं बोलेगा मैं तमिल हूं।. बोला मैं मुसलमान हूं मैं। मतलब वो सेंस. ऑफ़ आइडेंटिटी है। आप पाकिस्तान पंजाबी. मुसलमान से बात करेंगे मैं मुसलमान हूं।. पंजाबी जरूर बोल देगा बादे लेकिन मुसलमान. हूं। इनफैक्ट मैं काफी डिबेट सुन रहा था।. ये कमेंटेटर्स की। अभी पाकिस्तान. अफगानिस्तान की लड़ाई भी चल रही है।. कल उन्होंने काबुल के पास काफी बड़ा हमला. किया है। पाकिस्तानी एयरफोर्स ने। कई. सिविलियन घर तबाह हुए हैं। तो बार-बार जब. वो अफगान प्राइड की बात करते हैं तो.
पाकिस्तानी हैरान थे। जैसे कि कितनी. बेतुकी बात बोल रहे हैं अफगान की हम अफगान. है। पहले मुसलमान बाद में हैं। क्योंकि. पाकिस्तान का एक नजरिया हमेशा क्या रहा. है? हम बिरादर मुल्क है क्योंकि हम. मुसलमान मुसलमान हैं। हम उ्मा का हिस्से. हैं। लेकिन अफगान उसके लिए अपनी जो. आइडेंटिटी है कि हम अफगान है वो बहुत. स्ट्रांग है जो कि पाकिस्तानियों में और. किसी भी साउथ एशियन मुस्लिम में. पाकिस्तानी हिंदुस्तान बांग्लादेश में. नहीं है। और यही कारण है कि लोग इतने पीछे. हैं। इनकी कहीं भी दुनिया में इज्जत नहीं. है। ये कहीं अपने को अरब बोलते हैं हम कि.
हम अरबों की औलाद हैं। कहीं बोलते हैं हम. पर्शियंस की औलाद हैं। कहीं हम तुर्कियों. की औलाद हैं। ये हैं इसी ख्ते के यहीं के. लोग हैं। और जब तक वो इस चीज को नहीं. समझेंगे उनकी हालत जारी रहेगी।. ये ईरान में है।. नहीं ईरान जिसमें बोला कि यह एक फैक्टर है. सिविलाइजेशन स्ट्रेंथ कि इतना पुराना. सिविलाइजेशन है और एक प्राइड है बीइंग. पर्शियंस कि वी हैव ऑलवेज इन इंडिपेंडेंट. विल फाइट बैक। और यही कारण है अगर आप. देखें कि जो प्रोटेस्ट हो रही थी इतनी. ज्यादा ईरान के अंदर इस रिजीम के खिलाफ. हजारों लाखों लोग सड़कों पे उतरे थे इस.
इस्लामिक मुल्ला रिजीम को खत्म करने के. लिए। अब वो एकदम से डिसअपीयर हो गई है।. इसका एक कारण यह है कि उनमें से हजार. लोगों को मार दिया गया है। पर दूसरा कारण. यह भी है कि जब किसी मुल्क पर हमला होता. है तो पीपल रैली बिहाइंड द फ्लैग कि हमारे. मुल्क पर हमला है। पहले हमें इकट्ठा होके. जो बाहरी दुश्मन है इसको खत्म करना है।. इंटरनल हम बाद में देखेंगे। इसके अलावा जो. रीजन है कि ईरान इतना कैसे फाइट बैक कर पा. रहा है वो उनकी मिसाइल्स और ड्रोन. टेक्नोलॉजी में महारत है। आप देखिए अभी.
रशिया जो है टेक्नोलॉजिकली बहुत एडवांस्ड. कंट्री है कंपेयर टू एशियन कंट्रीज एक. सुपर पावर है अभी भी मिलिटली. उनको शाहीद ड्रोंस लेने पड़ गए ईरान से. एंड दे वर द मोस्ट सक्सेसफुल ड्रोंस इन. रशियन इन्व ऑफ यूक्रेन जो कि ईरानी ओरिजिन. के थे तो इससे आप ये अंदाजा लगा सकते हैं. कि हाउ एडवांस देयर ड्रोन टेक्नोलॉजी इज।. सेकंड दे हैव बीन इंडिपेंडेंटली एबल टू. बिल्ड हाइपरसोनिक मिसाइल्स। जो अमेरिका भी. अब तक अपनी खुद की हाइपोथेस मिसाइज नहीं.
बना पाया है। तो और ये पढ़े लिखे लोग हैं।. पर्शियंस आर सिविलाइज्ड पीपल दे आर. इंटेलिजेंट पीपल। दे हैव बीन एबल टू मेक. दिस डिस्पाइट दिस क्रिपलिंग सेंशंस ऑल दी. इयर्स वो बना पाए हैं। और यही दो ये जो. ड्रोंस हैं और हाइपरसोनिक मिसाइल्स हैं. यही उनके आत्मविश्वास का और उनकी मिलिट्री. जो माइट है उसका बेसिस है। एक थ्योरी चल. रही है सर कि अमेरिका को ये वॉर बहुत. महंगी पड़ रही है क्योंकि ईरान जो ड्रोन. अटैक करने के लिए इस्तेमाल कर रहा है वो. $00 $2000 के हैं और उधर से जो इंटरसेप्टर.
इस्तेमाल हो रहे हैं वो लाखों डॉलर के. हैं। क्या ये सच है कि ये वॉर इजराइल. अमेरिका के लिए बहुत महंगी है? देखिए, एक. जो शाहिद ड्रोन का कंस्ट्रक्शन कॉस्ट है, मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट है, वह $20 से. $50,000 के बीच में है। और जो. इंटरसेप्टर्स हैं, जो कि ड्रोनस आते हैं, जिनको तबाह करने के लिए जो मिसाइल फायर की. जाती है, उसको हम इंटरसेप्टर बोलते हैं।. जो इंटरसेप्टर्स हैं जैसे थर्ड के हैं वो. आधे मिलियन डॉलर से ज्यादा की एक मिसाइल. है। और जो पैट्रियट मिसाइल्स के वो भी. एक्सट्रीमली एक्सपेंसिव है। और आप अगर एक.
20,25,000 के ड्रोन को अटैक करने के लिए. उससे चार से पांच गुना ज़्यादा मिसाइल यूज़. कर रहे हैं तो ड्यू डू द मैथ्स इट्स. डेवस्टेटिंग फॉर कंट्रीज यूजिंग थर्ड और. पेट्रियट मिसाइल सिस्टम्स। तो ये एक बहुत. मैथ्स जो बहुत अगेंस्ट जा रहा है अमेरिका. और इजराइल के। लेकिन इजराइल ने इसका एक. तोड़ निकाला है। अगर आपने देखा होगा अभी एक. दे हैव मेड दिस लेजर सिस्टम्स। इट्स कॉल्ड. आयरन बीम। और उन्होंने इसको ऑपरेशनलाइज कर. दिया है। इजराइल हैज़ ऑपरेशनलाइज आयरन बीम.
इन द बैटल फील्ड। नाउ जब वो और वो लाइट की. गति लेजर जैसे आप जानते हैं कि लाइट की. गति से चलता है जो कि किसी भी हाइपरसोनिक. कितनी भी तेज मिसाइल हो उसको इंटरसेप्ट. करने की क्षमता रखता है। अगर लॉक ऑन कर. लिया है तो। तो वह उन्होंने ऑपरेशनलाइज कर. दिया है और इसमें अगर हम अब हिसाब की बात. करें कि कितना डॉलर किस में लग रहा है. उसकी जो खर्चा आता है क्योंकि सिर्फ बिजली. लगती है उसके अंदर उसका खर्चा आता है $5. फॉर एनी मिसाइल और एनी ड्रोन कमिंग इन $30.
सेंट्स तो देखिए इजराइल अगेन अगर ईरान. इतना सिविलाइजेशनली स्ट्रांग है सो इज़. इजराइल एंड इनोवेशन इजराइल हैज़ नो मैच. देयर टेक्नोलॉजिकल प्रोग्रेस देयर इनोवेशन. इजराइल हैज़ नो मैच एंड दे हैव डेवलप्ड द. फर्स्ट कंट्री टू ऑपरेशनलाइज लेजर बीम टू. डिस्ट्रॉय मिसाइल्स एंड ड्रोंस व्हिच दे. आर कॉलिंग आयरन बीम नाउ एक थ्योरी सर और आ. रही थी सोशल मीडिया पर हालांकि क्योंकि. वॉर प्रोपेगेंडा होता है आप हमेशा कहते हो.
क्या कहीं से कोई चांसेस हैं कि. अयातुल्लाह खमनी जिंदा हो. बिल्कुल नहीं कोई थ्योरी. 100% ही इज़ डेड अगर अगला सुप्रीम लीडर. डिक्लेअ हो गया है एंड व्हेन दे कैडर आउट. दिस स्ट्राइक आपने शायद उसके वीडियो नहीं. देखी. देखे मैंने वो जो पूरा उसमें चींटी भी. जिंदा नहीं बच सकती इंसान की तो बहुत दूर. की बात है. एतुल्ला खोमेनी इस डेड फॉर गुड. तो जो थ्योरी आ रही थी कि उनकी लाश नहीं. मिली वो इसलिए नहीं मिली क्योंकि सब सवा. हो गया अब चीथड़े उड़ गए तो लाश कहां से. मिलेगी फिर ही इज़ डेड अनडाउटेडली.
बट उनके पास कई सारे बंकर्स थे जो हमने. दिखाया कि जो एटॉमिक हमले भी झेल सकते थे. खान नहीं इतने लापरवाह कैसे हो गए देखिए. जैसे उन्होंने बताया था उनके पास बंकर थे. बहुत नीचे जमीन के 500 500 मीटर नीचे जिन. पे अगर एटॉमिक बम भी गिरेगा तो शायद वह बच. जाएंगे और मैंने आपको बताया कि लड़ाई. जल्दी क्यों शुरू हुई कि वो निकले किस चीज. के लिए उन्हें लगा कि शायद कुछ मिनट के. लिए आएंगे आप मीटिंग करेंगे वापस चले. जाएंगे और उन्होंने कुछ मिनट के लिए निकले. और जो ये उन्होंने कुछ मिनट के लिए निकले.
ये जो भूल थी जो ये गलती थी बहुत महंगी. साबित हुई और इसी का इंतजार इजराइल कर रहा. था इजराइल ने कहा कि जो भी नेक्स्ट. लीडरशिप होगी हम उसको ही मारेंगे। मुस्तफा. खाम नहीं आए। उनको लेकर एक थ्योरी चल रही. है कि कोमा में है, हॉस्पिटलाइज है, पैर. कट गया है, बड़ी थ्योरीज आ रही है। ये वॉर. प्रोपेगेंडा का हिस्सा हो सकता है या. रियलिटी करीब है? देखिए, प्रोपेगेंडा का हिस्सा हो सकता है।. जैसे मैंने आपको बोला इनेशन वॉरफेयर दोनों. तरफ से बहुत बड़े पैमाने पर हो रही है।. एंड दिस इज कॉल्ड फॉग ऑफ वॉर। फोग ऑफ वॉर. में कई चीजें क्लियर नहीं होती। जो लगता.
है शायद वैसा नहीं है। कुछ चीजें पता नहीं. लगती। तो किसी के पास भी अभी ये 100% कहना. कि उनको जो फिजिकल डैमेज हुआ है जो उनको. चोट पहुंची है कितनी भयावह है कहना. मुश्किल है कि वो कोमा में है या उनके पैर. चले गए हैं दोनों या वो हल्कीफुल्की चोट. लगी है कहना मुश्किल है पर वो जख्मी जरूर. है ये कंफर्म्ड है बट ये कैसे पॉसिबल है. कि इजराइल के पास इतनी इनफार्मेशन होती है. कि वो हमेशा टॉप लीडरशिप को अटैक कर लेता. है ईरान वो नहीं कर पा रहा. देखिए मैंने आपको बोला कि सबसे इंपॉर्टेंट. एसेट जो है इजराइल का वो उसकी इंटेलिजेंस.
एजेंसी मोसाद और मोसाद में भी देखिए. इंटेलिजेंस बहुत प्रकार की होती है।. सेटेलाइज इंटेलिजेंस, सिग्नल इंटेलिजेंस, इलेक्ट्रॉनिक इंटेलिजेंस एंड ह्यूमन इंंट।. ह्यूमन इंट सबसे इंपॉर्टेंट हिस्सा है और. ये मौसाद की सबसे बड़ी स्ट्रेंथ है। आपको. एक उदाहरण देता हूं। एक बार उन्होंने. काउंटर इंटेलिजेंस अथॉरिटी का गठन किया. ईरान ने ताकि जितने स्पाइस हैं कंट्री के. अंदर जो भी मोसाद के, MI6 के, सीआई के. एजेंट्स हैं कंट्री में उनको निकाल के. खत्म कर दिया जाए।. जिसका हेड मोसाद का था। तो उसमें उसी.
एजेंसी में कितने लोग वहां से निकले? उसका हेड मोसाद का क्योंकि प्रधानमंत्री. का शायद स्टेटमेंट था। मैं मुझे याद है. मैंने स्टोरी की थी।. देखिए आप फिर तो ये मोसाद की ताकत है और. इस तरह की ह्यूमन इंटेलिजेंस का नेटवर्क. बनाने की क्षमता और किसी भी इंटेलिजेंस. एजेंसी के पास दुनिया में नहीं है। क्या. कैसे ये हो जाता फिर? मुसाद कैसे कर लेता. ये? वो तो छोटा सा देश है। जमीन भी इतनी. नहीं है। लोग भी इतने नहीं है। देखिए. एक अंग्रेजी में कहावत है।. इट्स नॉट द साइज ऑफ़ डॉग दैट मैटर्स। इज अ.
साइज ऑफ़ फाइट इन अ डॉग दैट मैटर्स। इजराइल. छोटा जरूर हो सकता है लेकिन जो एक जज्बा. है लोगों के अंदर जो मादा है उनके अंदर वो. अनमैच्ड है। बड़े-बड़े मुल्कों को इमेजिन. करिए जो लड़ाई हुई है 1967 में से डेज वॉर. जो लड़ाई पास्ट में हुई है।. पांचप अरब मुालिक ने इकट्ठा मिलके जो उनसे. साइज में 20 30 40 100 गुना बड़े हैं।. पॉपुलेशन उनसे 40 40 50-50 गुना ज्यादा. है। उन्होंने सरप्राइज़ हमला किया है जब. हमें कोई आशंका नहीं थी और इजरायल ने हर. बार उनको परास्त किया है। कारण क्या है कि.
जज्बा है, टेक्नोलॉजी भी है और अमेरिकन. सपोर्ट भी है अनडाउटेडली। लेकिन इस सब के. बावजूद. जज्बा है और कितनी भी टेक्नोलॉजी हो जैसा. कि हम कहते हैं फौज में यू माइट हैव द. बेस्ट वेपन बट इट विल एट द एंड ऑफ इट इट. इज़ ऑलवेज द मैन बिहाइंड द मशीन हु विल. मैटर। एंड दोज़ मेन आई वुड से जो आई हैव. सीन देम इंटक्ट विद देम माइसेल्फ पर्सनली. इन आईडीएफ आर अमेजिंग। आई वुड से एज अ. सोल्जर दे आर वन ऑफ़ द सम ऑफ़ द बेस्ट. सोल्जर्स इन द वर्ल्ड। दुनिया में बहुत. सारे लोग कह रहे हैं कि अमेरिका इजराइल की.
लड़ाई लड़ रहा है। अमेरिका के अंदर भी. बहुत सारे लोग प्रोटेस्ट कर रहे हैं। बहुत. सारे सर्वे निकल कर आ रहे हैं कि अमेरिका. इस वॉर का हिस्सा क्यों बना? एक थ्योरी यह. भी आ रही थी कि डॉनल्ड ट्रंप जो हैं वो. कॉम्प्रोमाइज है इजराइल से मोसाद से।. एप्स्टीन फाइल का भी जिक्र निकल कर आ रहा. है कि एपस्टीन फाइल के दाग को छिपाने के. लिए भी। और एक ये भी था कि कुछ और भी. इजराइल के पास है क्योंकि इजराइल 10 साल. आगे का प्लान करता है। इसीलिए ट्रंप ने. इजराइल की वॉर को अपनी वॉर बना लिया है।. क्या ये जो थ्योरीज है इनमें 1% भी सच्चाई. हो सकती है? देखिए.
वी टॉकिंग अबाउट इनफेशन वारफेयर दिस इज अ. पार्ट ऑफ़ दैट। कुछ भी हो सकता है होने को. तो मैं हर चीज किसी को 100% नहीं. नकारूंगा। लेकिन जो प्रतीत होता है जो एक. मैं एज अ एनालिस्ट देखता हूं इट्स अ पार्ट. ऑफ इंफॉर्मेशन वारफेयर जो ईरान. जहां अमेरिका में डेमोक्रेट्स और जो ट्रंप. के विरोधी हैं बोल रहे हैं कि ट्रंप. कॉम्प्रोमाइज बिकॉज़ ऑफ़ एम एस्टीन फाइल्स. एंड एस्टीन वाज़ अ मोसाद एजेंट। वहीं.
ब्रिटेन में लोग जिनका मकसद है कि रशिया. और यूक्रेन की लड़ाई उसको बढ़ाया जाए यूरोप. तक। वो सब बोल रहे हैं कि एपस्टीन रशियन. एजेंट था। तो ये सब प्रोपेगेंडा का हिस्सा. है। कुछ भी हो सकता है। 100% नहीं नकार. सकते हम। लेकिन जो मोटा-मोटा अंदाजा आप. कॉमन सेंस से लगा सकते हैं कि इट्स अ. पार्ट ऑफ इंफॉर्मेशन वॉरफेयर। हैविंग सेड. दैट मैं यह नहीं बोलूंगा कि इजराइल का. इन्फ्लुएंस नहीं है। इजराइल का अमेरिका. में बहुत ज्यादा इन्फ्लुएंस है। लेकिन वो. सिर्फ ट्रंप तक सीमित नहीं है। आज तक. जितने अमेरिकन प्रेसिडेंट आए हैं इजराइल.
हैड इन्फ्लुएंस ओवर ऑल ऑफ देम। उसकी मेन. रीज़न देखिए जूस जो है बहुत जो एक कौम है. वो सिर्फ इंटेलिजेंट नहीं है वो अमीर भी. हैं। जितने द टॉप बैंकर्स इन द वर्ल्ड आर. ऑल जूस। फेडरल रिजर्व ऑफ़ अमेरिका व्हिच. कंट्रोल द एंटायर बैंकिंग सिस्टम ऑफ नॉट. ओनली यूएस बट द होल वर्ल्ड। देयर लिटिल. बिट हक ऑफ इंटरेस्ट रेट और ड्रॉपिंग इट. शेक्स द मार्केट्स अराउंड द वर्ल्ड। मोस्ट. ऑफ़ देम आर जस हु कंट्रोल इट। एंड द मनी दे. हैव एंड अमेरिका दे माइट कॉल इट.
डेमोक्रेसी। दे मॉर्क अस। हमारा मजाक. उड़ाते हैं कि भारत की डेमोक्रेसी क्या है? हमारी डेमोक्रेसियों से 100 गुना बेहतर. है। अमेरिकन डेमोक्रेसी रंस 100% ऑन. कंट्रीब्यूशन ऑन मनी गिवन बाय वेरियस. इन्फ्लुएंस ग्रुप्स और जिनको बोलते हैं. कॉकसेस बोलते हैं ये उनसे चलती है। आप. अमेरिका में इलेक्शन नहीं लड़ते जब तक. आपके पास मिलियंस ऑफ डॉलर्स ना हो। और ये. मिलियंस ऑफ़ डॉलर्स देने वाले बहुत कम लोग. हैं। दे आर ऑल बिलियर्स ऑल दीज़. टेक्नोक्रेट्स जिनकी हम बात करें। इलॉन. मस्क इंक्लूडेड और बहुत से लोग बैंकर्स.
जिनके पास पैसा है जो फंड करते हैं. इलेक्शंस को। और जब मैं आपकी इलेक्शन फंड. कर रहा हूं तो आपकी ऑब्लिगेशन होगी कि आप. जो मैं बोलूंगा वो करें काफी हद तक और मे. बी अगली बार नहीं तो आपको पैसा नहीं. मिलेगा और जो अभी मिड टर्म इक्शंस आ रहे. हैं शायद आपके कैंडिडेट्स के पास दे विल. नॉट हैव एनफ मनी ऑन टू फाइट द इलेक्शंस।. तो इन्फ्लुएंस रहता है। इसमें कोई दो राय. नहीं है। और जुइश लॉबी जो है एपैक बोलते. हैं शायद उसको एपैक।. वो उनके पास बहुत पैसा है और वह हर. कांग्रेसमैन सेनेटर और प्रेजेंट जो.
इलेक्शन लड़ते हैं उनको फंड करते हैं. दोनों तरफ से डेमोक्रेट्स की तरफ से भी और. रिपब्लिक की तरफ से भी और तभी आप पाएंगे. कि काफी सारी जो प्रो इजराइल. चीजें पेश होती हैं सेनेट में या अमेरिकन. कांग्रेस में वो बाय पार्टीशन पास होती. हैं। दोनों डेमोक्रेट्स और रिपब्लिक्स. उसको सपोर्ट करते हैं।. आप ये कह रहे हैं कि अमेरिका में सरकार. किसी की भी हो सिस्टम इजराइल का होता है।. 100% नहीं लेकिन उनका इन्फ्लुएंस उसमें. बहुत ज्यादा है। ये अनडिनायबल है।. सर इजराइल, अमेरिका, ईरान उधर रशिया,
यूक्रेन के बीच में एक वॉर ऐसी है जिस पर. दुनिया की निगाहें कम जा रही है वो है. पाकिस्तान अफगानिस्तान वॉर की।. जी।. पाकिस्तान अफगानिस्तान वॉर क्यों हो रही. है? ये तो एक ही मुस्लिम ब्रदरहुड वाले. लोग हैं। और इतनी भयानक क्यों हो गई है कि. आज इंडिया वर्सेस पाकिस्तान से ज्यादा. लोगों में भी दुश्मनी जो है वो. अफगानिस्तान के लोगों में पाकिस्तान को. लेकर है। उनकी क्रिकेट टीम ने वहां भी. बॉयकॉट कर दिया है। लोग एक दूसरे से नफरत. कर रहे हैं। इनफैक्ट मैं अफगानिस्तान गया. था। तो उस टाइम किसी पाकिस्तानी जर्नलिस्ट.
को उन्होंने पकड़ के रखा था। तो दे सेड कि. इंडियन को लेकर हम इतना वेलकमिंग है लेकिन. पाकिस्तान मिल जाए तो पटक के मारे। क्यों. ऐसा है? देखिए जो ये. अ. मसला है पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच. का काफी पुराना है। एक बाउंड्री है. डूर एंड लाइन. पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच में डूर. एंड लाइन जो अंग्रेजों ने खींची थी और उस. वक्त जो. अभी शाह थे या जो राजा था वहां का. अफगानिस्तान का उन्होंने उसको एक्सेप्ट.
किया अंडर ड्यूरेस। उनके ऊपर दबाव था बहुत. ज्यादा क्योंकि मिलिट्रीली बहुत वीक थे तो. उन्होंने उसको एक्सेप्ट कर लिया उसके. नेक्स्ट से मना कर या फिर उसका बेटा. दोबारा आया उसने एक्सेप्ट कर लिया तो. फाइनली ब्रिटिशर्स ने इसको एक फिक्स लाइन. कर दिया जो अफगान मजबूरी के कारण उन्होंने. इसको एक्सेप्ट किया था कि ठीक है ये. ब्रिटिश इंडिया उस वक्त का और अफगानिस्तान. की बाउंड्री होगी लेकिन ज़हनी तौर पर अंदर. से अफगानियों ने इसको कभी भी एक्सेप्ट. नहीं किया डूरन लाइन को उनको पता था यह.
हमें जबरदस्ती डंडे के जोर पे हमें इसको. मनवाया गया है। उसका एक कारण है। देखिए जो. सबसे बड़ी एथनिसिटी है अफगानिस्तान के. अंदर वो है पश्तो।. अब पश्तो लोग लगभग 60% है पूरे. अफगानिस्तान का। सबसे डोमिनेंट कम्युनिटी. है। और पश्तो पाकिस्तान में अफगानिस्तान. से ज्यादा है। हम तो ये बहुत ट्राइबल. सोसाइटी है। उनके ज्यादातर गांव, उनका. ज्यादातर इलाका, ज्यादातर लोग वो डूरंड. लाइन के इस तरफ छूट गए ब्रिटिश इंडिया में. जो अब वहां पर पाकिस्तान है। और एज आई सेड.
कि अफगानी बहुत ट्राइबल लोग होते हैं।. ट्राइबल आइडेंटिटीज, ट्राइबल रिलेशनशिप. बहुत स्ट्रांग होते हैं। तो जब ये पूरी. ट्राइब्स बीच में से बट गई तो वो इस चीज. को कभी एक्सेप्ट नहीं कर पाई। तो ब्रिटिश. इंडिया के दौरान वो ज्यादा बोल नहीं पाए. क्योंकि वो अफगानिस्तान बहुत कमजोर था उस. वक्त मिलिटरली और ब्रिटेन बहुत स्ट्रांग. था। ब्रिटिश इंडिया वाज़ वेरी स्ट्रांग। तो. देयर वाज़ नो मैच।. लेकिन जैसे ही आजादी हुई हिंदुस्तान को. आजादी मिली पाकिस्तान का जन्म हुआ तो फिर.
वो जो मांग थी कि सारा पश तो इलाका इकट्ठा. होना चाहिए वो फिर मांग जोर पकड़ने लग गई. और पाकिस्तान वो मिलिट्री पावर नहीं था जो. ब्रिटिश इंडिया था तो उनको एक मौका मिल. गया उस इलाके को वापस लेने के लिए और. पख्तूनिस्तान जो भी वो नाम लेते हैं उसका. अलग-अलग नामों से उनकी मांग उठी है कि एक. हम एक पख्तिस्तान बनाना चाहते हैं जिसमें. सारे पख्तून लोग इकट्ठा रहे और अब तो ये. डिमांड होने लगी है कि जिस तरह से हमने. तालिबान का जो एक इस्लामी निजाम कायम किया.
है अफगानिस्तान में वो पूरे पाकिस्तान में. भी होना चाहिए तो ये इसकी हिस्टोरिकल जड़. है लेकिन क्योंकि ये पाकिस्तान की सोवनिटी. का मामला है। उनके उनका इलाका है तो कोई. भी मुल्क अपनी टेरिटरी अपने लोग इस तरह से. आसानी से नहीं देता। तो ये मसला जबजब. अफगानिस्तान स्ट्रांग हुआ है बीच में. सोवियत आए अफगानिस्तान में तो जो संप्रभु. सम संप्रभुता थी सोवनिटी थी अफगानिस्तान. की वो सोवियत यूनियन कब्जे में कर ली फिर. अमेरिकनंस आए तो उस वक्त ये मांग खत्म हो.
गई और उस वक्त पाकिस्तान ने काफी सपोर्ट. किया तालिबान वगैरह का तो ये मांग खत्म हो. गई लेकिन जबजब इतिहास में. जब से ये 19वीं सदी में डू लाइन बनी है. जबजब अफगानिस्तान थोड़ा स्ट्रांग हुआ है. या इंडिपेंड ेंट हुआ है। उन्होंने. पख्तिस्तान की या जो पख्तून एरिया. पाकिस्तान के अंदर है उनको वापस लाने की. मांग उठाई है। कई बार ये जो मांग है इस. जंग तक पहुंचतेपहुंचते रुकी है। लड़ाई. होते-होते रुकी है और अब जो है जब से.
तालिबान ने संभाला है उसने इस मांग को. पुरजोर से उठाया है और उन्हें पता है कि. पाकिस्तान इसको आसानी से नहीं देगा। तो ये. इसने अभी जंग का रूप. तो अभी करंट स्टेटस क्या करंट इतना इतना. गुस्सा या इतनी नजर मसला ये है पाकिस्तान. का इल्जाम है कि हमारे यहां जितने भी ये. दहशत गर्द हैं जिनको वो बोलता है दहशतगर्द. हैं और तालिबान या ये लोग अपने को फ्रीडम. फाइटर्स बोलते हैं चाहे वो बीएएलए है. बलचिस्तान लिबरेशन आर्मी या फिर आपके.
टीटीपी है तहरीक तालिब पाकिस्तान इनको. पाकिस्तान बोलता है कि सबसे बड़े टेरिस्ट. ऑ्गेनाइजेशंस हैं और इन्होंने बहुत बड़े. हमले किए हैं। पिछले 1 डेढ़ साल में यह. हमले इतने ज़्यादा बड़े हुए हैं टु गिव यू. एन एग्ज़ांपल। अह कुछ महीने पहले जब बीएएलए. ने हमला किया बलोचों जो जो ये. सेपरेटिस्टों ने हमला किया 10 शहरों पर दे. डिड अ कोऑर्डिनेट अटैक ऑन 10 डिफरेंट. सिटीज और टाउनंस। सो ये अपने आप में इट्स. अ बिग चैलेंज टू द सोवनिटी ऑफ़ पाकिस्तान।.
इसको हिला डाला पाकिस्तान. हु इज़ फंडिंग देम। या हु इज़ सपोर्टिंग देम. बिकॉज़ अफगानिस्तान तो सेंशंड है दुनिया. से। तो इतने हथियार, इतने डेस्टिनेटेड. हमले कैसे हो रहे हैं? फिर आप अफगानिस्तान. कौन सपोर्ट कर रहा है? ये पूछ रहे हैं।. हां। देखिए अफगानिस्तान लैंड लॉक्ड कंट्री. है। उसको कहीं उसका अपना कोई सीपोर्ट नहीं. है। वो अपने आप दुनिया में चीजें. एक्सपोर्ट नहीं कर सकता, इंपोर्ट नहीं कर. सकता। इट्स लैंड लॉक्ड। और ये एक बहुत. बड़ी कमी होती है किसी कंट्री के अंदर।. आपका पूरा ट्रेड कॉमर्स किसी और पर निर्भर.
हो जाता है। जैसे नेपाल है, लैंड कंट्री. है। वो अपना ज्यादातर जो ट्रेड है कोलकाता. से या इंडियन पोर्ट्स के थ्रू करते हैं।. क्योंकि उनके पास खुद का कोई पोर्ट नहीं. है। सो दे बिकम डिपेंडेंट ऑन अ कंट्री. लाइक दैट। तो सेम इज़ अ केस अफगानिस्तान।. मोस्ट ऑफ़ देयर ट्रेड यूज़ टू हैपन थ्रू. कराची या और गवादर। नाउ जब से पाकिस्तान. से टेंशन बढ़ी हैं वो उन्होंने पाकिस्तान. ने टोटल उनका ट्रेड बंद कर दिया है।. इंक्लूडिंग ट्रेड उनका होता था जो. हिंदुस्तान से होता था वो भी आपका जो है. ये लैंड बॉर्डर के थ्रू होता था इंडिया और.
पाकिस्तान के तो वो पाकिस्तान पूरी तरह कट. ऑफ कर दिया है जिसके बाद दे हैड टू. डवर्सिफाई देन बेंट टुवर्ड्स ईरान कि. हिंदुस्तान चा बाहर से कुछ भेज सके उनको. या सेंट्रल एशिया से वो चुन को कर सके। तो. ये जो ईरान के थ्रू जो एक्सेस है और. सेंट्रल एशिया के थ्रू है। बिकॉज़. अफगानिस्तान की कई सेंट्रल एशियन मुालिक. के साथ में बॉर्डरर्स हैं। ताजाकिस्तान के. साथ है, तुर्कमेनिस्तान के साथ में है।. शायद उज़्बेकिस्तान के साथ में भी है। थोड़ा. बहुत आई एम नॉट श्योर ऑफ़ दैट। तो वहां से. उसने डवर्सिफाई किया है। और क्योंकि.
पाकिस्तान के इतने सारे सैनिक मारे जा. चुके हैं। इतने ज्यादा आत्मघाती हमले हुए. हैं। इतने सिविलियंस मारे गए हैं। तो. पाकिस्तान हैड टू रिसोंड टू दिस। बट अगेन. माय क्वेश्चन इज हुस बैकिंग नेम इंडिया या. फिर इजराइल या कोई और मुल्क या वो कहां से. इतना पैसा ला रहे हैं क्योंकि ना उनके पास. बॉर्डर है जैसा आपने कहा सी रूट नहीं उनके. पास है फाइनशियली अमेरिका ने उन पर बहुत. सारे सेंशंस लगा रखे हैं। हालांकि मैं. अफगानिस्तान गया था और उन्होंने बड़े. प्राउडली मुझसे कहा. कि सर आपके रुपए से हमारा रुपया ज्यादा.
मजबूत है।. हम. हमने उधार नहीं ले रखा है।. हम. देखिए अफगानिस्तान जो है वो बहुत अलग. किस्म की लड़ाई लड़ रहा है। इस वक्त. कंपेयर टू अ कन्वेंशनल आर्मी और अ. कन्वेंशनल कंट्रीज लाइक इंडिया एंड. पाकिस्तान। इट इज़ नॉट अ ऑर्गेनाइज्ड. स्टैंडिंग आर्मी लाइक अ पाकिस्तान आर्मी. और इंडियन आर्मी। इट इज़ मोर ऑफ़ अ गोरिल्ला. फोर्स। इफ दे कुड बीट सच अ स्ट्रांग आर्मी. लाइक अमेरिका। इतनी स्ट्रांग आर्मी जो. अमेरिका की आर्मी है उसको अगर वो हरा पाए.
तो अपनी गोरिल्ला टैक्टिक्स से हरा पाए।. और अब वो एक मुल्क बन गए हैं। तालिबान हैज़. बिकम अ कंट्री नाउ। उनके पास एक मुल्क है. अभी। तो मुल्कों की जब लड़ाई होती है तो. कन्वेंशनल फौजे लड़ती हैं आपस में। तो इधर. से पाकिस्तान के पास कन्वेंशनल फर्सेस. हैं। कन्वेंशनल आर्मी है। कन्वेंशनल एयर. फोर्स है। लेकिन अफगानिस्तान के पास में. उस तरह की कन्वेंशनल स्टैंडिंग आर्मी नहीं. है। उनकी टैिक्स अब भी काफी हद तक सुसाइड. बमबर्स के ऊपर गोरिल्ला वॉरफेयर के ऊपर. छोटी-छोटी टुकड़ियों में लड़ने के वही. टैक्टिक्स चली आ रही है। जब आप उस.
टैक्टिक्स से लड़ते हैं तो आपको बहुत. ज्यादा पैसे की जरूरत नहीं पड़ती। आपको. बहुत ज्यादा एडवांस टेक्नोलॉजी और बहुत. ज्यादा राफाइल्स की जरूरत नहीं पड़ती है।. वो आप छोटी-मोटी ऑटोमेटिक बंदूकों से, रॉकेट लांचर्स से, ग्रेनेड से इन सब से वो. लड़ाई कर सकते।. ये भी उनके पास कहां से आ रहा है? अमेरिका से भी वो लड़ रहे थे।. देखिए जब. क्या रशिया दे रहा था उनको? जब अमेरिका भागा था भागा था इज अ वर्ड। दे. रन अवे फ्रॉम अफगानिस्तान इन वन नाइट. डिसअपीयर्ड। जब वहां से भागे थे दुम दबा. के अमेरिकनंस अफगानिस्तान से। भागे थे दुम.
दबा के। बिकॉज़ दे वर प्रेजेंट। आज वह. उपस्थित हैं। पूरे कंट्रोल रखा हुआ है।. रातोंरात अगली सुबह तक पूरा अमेरिका गायब. हो गया अफगानिस्तान से। इसको भागना ही कहा. जाएगा। इसके अलावा इसके लिए कोई शब्द है. ही नहीं।. डर के मारे या थैंक यू। अब हो गया। हम. अब जब 20 साल से आपकी कैजुअल्टीज हो रही. हैं। आप एक टोटली इमावरिश्ड कंट्री को आप. काबू नहीं कर पा रहे हैं। तो क्या. बोलेंगे? डर था वो और क्या था कि हम मरे. जा रहे हैं। कुछ भी नहीं हो रहा। वी आर. अचीविंग नथिंग। कुछ मिल नहीं रहा है और.
लोग मर रहे हैं तो फिर कुछ भी करें लेकिन. भागे तो थे अमेरिकनंस रातोंरात गायब हो गए. थे 12 घंटे के अंदर-अंदर एव्री अमेरिकन. लेफ्ट अफगानिस्तान. और जब वो भागे वहां तो जो इनकी इतना. ज्यादा जो उन्होंने अफगान आर्मी क्रिएट कर. रखी थी एक तालिबान से लड़ने के लिए. अमेरिका ने क्रिएट कर रखी थी अफगान आर्मी. और अफगान आर्मी को उन्होंने बहुत फंड किया. फंड किया इक्विप किया बहुत सारा उनको. जितना असला दिया टैंक दिए, आर्मड पर्सल.
कैरियर्स दिए, रॉकेट ल्चर्स दिए, मशीन गंस. दी और दुनिया भर का जो है बारूद गोला. बारूद दिया वो सारा का सारा तालबान के हाथ. में इट वास गिफ्टेड टू तालिबान इन अ वे जब. अमेरिकनंस भागे वहां से सब छूट गया पीछे. तो तालिबान टूक ओवर एंड ऑल दिस मोस्ट ऑफ. अफगान आर्मी डेजर्टेड भगोड़े हो गए अफगान. आर्मी तो सारा का सारा असला ये एक तरह से. गिफ्ट भी मिल गया तालिबान को जो इस्तेमाल. कर रहा है। इसके अलावा छोटी-मोटी. मैन्युफैक्चरिंग क्योंकि एक राइफल बनाने. में रूडीमेंट्री राइफल बनाने में या लॉकेट.
बनाने में बहुत एडवांस टेक्नोलॉजी की. ज़रूरत नहीं है। उसको एक फैक्ट्री. एस्टैब्लिश करें जहां आपकी ये सब चीजें बन. सकती हैं या नॉर्मल एमिनेशन लाइक राउंड्स. फॉर राइफल एंड ऑल एनी कंट्री कैन मेक दैट।. सो प्रोबब्ली दे हैव दैट मच ऑफ़. मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी व्हिच इज़ लाइक. ऑफ़ अ थर्ड वर्ल्ड कंट्री लाइक अ पुअर. अफ्रीकन कंट्री प्रोब्ली दे हैव दैट। इसके. अलावा ये सब बच के जो छूटा है पीछे उसको. इस्तेमाल कर रहे हैं। और जैसे मैंने बोला. कि उनको बहुत ज्यादा गोलाबाद की जरूरत. नहीं है। उनको बहुत बड़े हवाई जहाज हथियार. की जरूरत नहीं है। वो छोटे हथियार यूज़.
करते हैं। राइफल्स और लाइट मशीन गंस लाइट. स्टिल पाकिस्तान एक ज्यादा पावरफुल कंट्री. ऐसा हमें लगता है क्योंकि न्यूक्लियर पावर. भी है। बहुत सारा पैसा लेती है। लेकिन. अफगानिस्तान ने उसे घुटने पर लाया है।. देखिए मैं ये नहीं बोलूंगा कि पाकिस्तान. घुटने पर ले आए। पर हां पाकिस्तान को. उन्होंने इतना परेशान कर दिया है कि अभी. पाकिस्तान को समझ में नहीं आ रहा कि करना. क्या है। इट इज समथिंग लाइक कि हाथी की. सुंड में कीड़ी घुस गई। अब वो कीड़ी है तो. बहुत छोटी लेकिन हाथी बच नहीं सकता उससे.
और हाथी तड़पड़ाता तड़पता रहेगा। वो हालत. इस वक्त पाकिस्तान की है। पाकिस्तान वो. हाथी है और तालिबान वो चींटी है।. पाकिस्तान कई मोर्चों फंस गया। जैसे एक तो. हम अफगानिस्तान की बात कर रहे हैं।. पैरेलली एक और न्यूज़ बड़ी ट्रेंड चली कि. जो उन्होंने. अपना करार किया था गल्फ कंट्री में कि भाई. तेरी लड़ाई मेरी लड़ाई।. हम. अब दुनिया कह रही है कि उस टाइम पाकिस्तान. को लड़ा होगा कौन इन पे हमला करेगा? बिल्कुल।. अब क्या वो जो गल्फ कंट्रीज में देश हैं.
सऊदी से करार है इनका? जी।. सऊदी अरब से पाकिस्तान ने करार किया कि. भाई तेरी लड़ाई, मेरी लड़ाई, मेरी लड़ाई, तेरी लड़ाई। काफी लोग शॉक हुए थे कि ऐसा. क्यों हुआ? हम इंडियंस थोड़ा कंसर्न थे कि. यार सऊदी लड़ाई लड़ेगा शायद इनको फंड. ज्यादा मिल जाएगा। लेकिन अब तो उल्टा हो. गया। अब क्या ईरान से अगर कोई मसला होता. है तो पाकिस्तान लड़ने जाएगा और ईरान के. खिलाफ लड़ाई सऊदी की क्या वो पाकिस्तान की. लड़ाई बन जाएगी? देखिए. जिस तरह की जिओपॉलिटिकल सिचुएशन इस वक्त. दुनिया में है। कुछ भी हो सकता है। सब कुछ.
संभव है। किसी चीज को नकारा नहीं जा सकता।. क्या पाकिस्तान इन्वॉल्व होगा इस युद्ध. में? हो सकता है। उसके दो कारण हैं। दो. वजह हैं जो मैं बोल रहा हूं। पहला तो जो. पैक्ट आप बोल रहे हैं म्यूचुअल डिफेंस. पैक्ट कि अगर सऊदी अरब पर हमला होगा तो. पाकिस्तान उस पर उसको अपने ऊपर हमला. मानेगा एंड वाइस वारसा कि पाकिस्तान पे. हुआ तो सऊदी उसको अपने ऊपर हमला मानेगा और. इस वक्त सऊदी पे हमला हो रहा है तो एस पर. दिस फैक्ट तो ये पाकिस्तान पे हमला माना. जाएगा जिस तरह नाटो का है और आपको याद हो. एक बहुत बात चली थी बीच में ईरान युद्ध से.
पहले इस्लामिक नेटो की क्योंकि खबरें उड़. रही थी कि टर्की भी इस अलायंस को ज्वॉइ. करना चाहता है अज़रान जॉइन करना चाहता है. तो वह तो अब ध्वस्त हो गई पूरी तरह से इस. लड़ाई के कारण। अब पाकिस्तान को लगता है. कि अगर किसी तरह से अगर सऊदी अरब. रिक्वेस्ट भी करता है और पाकिस्तान अपनी. फौज सऊदिया भेज देता है तो फंस गई वहां. जाके वो अमेरिकनंस के खिलाफ लड़ रही है।. ईरान दे आर फाइटिंग सॉरी दे आर फाइटिंग. अगेंस्ट ईरान नाउ। तो ईरानी मिसाइलें वहां. गिरेंगी। अगर ईरानी मिसाइलें वहां.
गिरेंगी, कैजुअल्टीज होंगी तो फिर क्या जो. ईरान का दूसरा मोर्चा है पूर्वी फ्रंट पर. पाकिस्तान वो खुल जाएगा? तो पाकिस्तान बीन. एक्टिव वॉर विद अफगानिस्तान एंड ईरान एंड. हम बोल रहे हैं कि ऑब सिंदूर अभी खत्म. नहीं हुआ है। पाकिस्तान इतना बड़ा रिस्क. नहीं उठा सकता। खत्म हो जाएगा पाकिस्तान।. चाहे ईरान ज्यादा कुछ करे ना करे. पाकिस्तान के लिए इतना बड़ा रिस्क उठाना. मतलब काबिले बर्दाश्त नहीं है।. फिर उस फैक्ट का क्या हुआ? वो पैक्ट गया पानी लेने अब क्योंकि ना तो. अभी पाकिस्तान कुछ कर सकता है ना सऊदी अरब.
पाकिस्तान के लिए कुछ कर सकता है।. अफगानिस्तान से लड़ाई चल रही थी। क्या. किया सऊदी ने? कुछ भी नहीं किया ना कर. सकता है।. तो वो फैक्ट एक तरह से जो मेरा मानना है. फील गुड फैक्टर है। नहीं फील गुड तो है. उसका एक और एंगल था क्योंकि जिस तरह से. ईरान अपनी न्यूक्लियर कैपेबिलिटीज बढ़ा. रहा था। अब ईरान और सऊदिया जाने-माने. दुश्मन हैं एक दूसरे के उस ख्ते में। और. सबसे बड़े मुल्क हैं दोनों यह और एक शिया. और एक सुन्नी और इनका जो दुश्मनी है. जगजाहिर है। तो. सऊदिया को कहीं ना कहीं यह लग रहा था कि.
लगातार ईरान अपनी न्यूक्लियर कैपेबिलिटी. बढ़ा रहा है। और अगर खुदा ना खास्ता. उन्होंने न्यूक्लियर बम बना लिया तो हम. क्या करेंगे? अमेरिका बोलता जरूर है कि. हमने आपको न्यूक्लियर अंब्रेला दे रखा है. लेकिन हम अमेरिका विश्वास नहीं कर सकते।. तो उनको एक. क्रेडिबल डिटरेंस चाहिए था ईरान के खिलाफ. कि आपने बम बनाया तो हमारे पास बम है।. पाकिस्तान का बम हमारा बम है। और अगर कभी. इजराइल ने हिमाकत की हमारे ऊपर हमला करने. की तो इजराइल को मालूम होना चाहिए कि अगर. उसके पास न्यूक्लियर वेपन्स हैं तो हमारे. पास भी बाय डिफॉल्ट न्यूक्लियर वेप्स जो.
कि पाकिस्तान के न्यूक्लियर वेपन्स हैं।. शायद यह मंशा थी यह पैक्ट बनाने की. क्योंकि सऊदिया ने कभी एक सपने में भी. नहीं सोचा होगा कि उनके ऊपर ईरान इस तरह. से हमले करेगा जो इस वक्त हो रहे हैं और. पाकिस्तान ने भी इसकी कल्पना नहीं की थी. तो वो पैक्ट शायद सिर्फ न्यूक्लियर. डेटरेंस तक था। हां मेरा ये जरूर मानना है. पाकिस्तान उसके बदले में भीख मिलती रहेगी।. दो बिलियन डॉलर के लिए वो हाथ फैला रहे थे. आई एम के साहब। उनके पास इतना पैसा भी. नहीं था। $ बिलियन डॉलर सऊदी अरेबिया के. लिए ऐसा है कि चलो आज पार्टी कर ली दो.
बिलियन डॉलर खत्म हो गए। तो इट इज सो सच अ. स्मॉल अमाउंट फॉर देम एंड फ्रॉम पाकिस्तान. इट्स अ लाइफ लाइन। सेकंडली एक और चीज जो. है कि क्या कर सकता है पाकिस्तान इसमें? मेरा ये मानना है कि इस युद्ध में सऊदी. अरेबिया के लिए जो हेल्प अगर सऊदी ने. मांगी पाकिस्तान से तो पाकिस्तान विल. ट्रांसफर लॉट ऑफ इट्स एयर डिफेंस एसेट्स।. एयर डिफेंस एसेट्स टू सऊदी अरेबिया।. क्यों? क्योंकि अफगानिस्तान के में जो. तालीबान एजेंसियों की लड़ाई इस वक्त चल. रही है उसके पास अपनी कोई एयरफोर्स नहीं. है। तो पाकिस्तान के जो एयर डिफेंस एसेट्स.
हैं इस वक्त इस्तेमाल नहीं हो रहे हैं और. अफगानिस्तान की लड़ाई में इस्तेमाल नहीं. होंगे। तो उनको टेंपरेरी वो शिफ्ट कर सकता. है सऊदी अरेबिया में। क्योंकि सऊदी. अरेबिया की जो एयर डिफेंस है काफी हद तक. अब तक नाकाम साबित हुई है अगेंस्ट ईरानियन. मिसाइल्स एंड ड्रोंस। उनके अरको जो सबसे. बड़ी रिफाइनरीज है उस पर दो तीन बार हमला. हो चुका है। उसकी प्रोडक्शन बंद हो चुकी. है। उनकी पाइपलाइन पर हमला हो रहा है।. उनके जो ऑयल टर्मिनल्स है वहां पर लगातार. हमला हो रहा है। तो पाकिस्तान. सऊदिया की यह रिक्वेस्ट मांग सकता है कि.
वो अपने एयर डिफेंस एसेट्स वो सऊदी. अरेबिया में डिप्लॉय कर दे। इसके अलावा एक. और इंपॉर्टेंट चीज जो हमें जाननी जरूरी है. और जो सुनने में आ रहा है कि अब जब. अमेरिका बॉक्स इन हो गया है एक कॉर्नर में. पूरी तरह से एंड दे आर नॉट एबल टू फाइंड अ. ऑफ रैंप उन्हें बाहर निकलने का रास्ता. नहीं सूझ रहा इस लड़ाई से और ईरान जिस तरह. से हावी हुआ है इसकी कल्पना किसी ने भी. नहीं की थी कि इतना हावी हो जाएगा ईरान इस. लड़ाई में इनफैक्ट दे आर कमिंग आउट टू बी. विनर्स राइट नाउ. तो इसको अभी तोड़ने के लिए और जो हमेशा.
अमेरिका ने किया है चाहे वो सोवियत यूनियन. के अगेंस्ट हो पाकिस्तान को उठा के लगा. दिया। तालिबान के खिलाफ है पाकिस्तान को. यूज़ कर लिया। तो मेरा यह मानना है कि अगर. यही हालत रही इसी हिसाब से ईरान हावी रहा. मिडिल ईस्ट के ऊपर और अमेरिकन फर्सेस के. ऊपर तो वो दिन दूर नहीं है। इट कैन हैपन. इन अ मैटर ऑफ़ वीक्स दैट एट दैट अमेरिका. एक्टिवेट्स ईस्टर्न बॉर्डर ऑफ ईरान विद. पाकिस्तान। और वहां से हुआ असला भेजने के.
लिए, ग्राउंड ट्रू भेजने के लिए, वहां से. एक दबाव बढ़ाने के लिए ताकि आईआरजीसी की. जो फोर्सेस अभी पूरी पश्चिम बॉर्डर पे लगी. हुई है उनको ईस्टर्न बॉर्डर पे भी आना. पड़ेगा पाकिस्तान के खिलाफ। इसकी संभावना. पूरी है। और जब बार-बार ट्रंप बोलता है द. गुड फील्ड मार्शल, द बेस्ट फील्ड मार्शल. तो इसका जो है अभी वो किराया वसूल करेगा।. तो चलिए लास्ट सवाल इससे पूछ लेता हूं मैं. कि क्या कोई ऐसा सिनेरियो है जहां पर. पाकिस्तान इंडिया इंडिया तो बहुत मुश्किल. है या कहीं एशियन कंट्रीज में अमेरिका बेस.
बनाकर वहां अटैक करे। दोहराएंगे एक बार।. क्या कोई ऐसा सिनेरियो इजराइल, ईरान और. अमेरिका वॉर का है जहां पर जो एशियन. कंट्रीज हैं वहां से बेस बनाकर अटैक किया. जाए? देखिए एशियन कंट्रीज जो है जो एलआई हैं. अमेरिका की इंडियन ओशियन रीजन में वो उसकी. मेजर एलाई ऑस्ट्रेलिया है और मैंने बताया. कि ऑस्ट्रेलिया ने ऑलरेडी अपने जो. एयरबोर्न रेडार्स हैं सर्लेंस एसेट्स हैं.
वो डिप्लॉय कर दिए हैं ईरान में मदद के. लिए अमेरिका की और. अगर सपोर्ट चाहिएगा तो हो सकता है कि. ऑस्ट्रेलिया से कुछ नेवल एसेट्स भी आ सकते. हैं मिडिल ईस्ट में अमेरिका को हेल्प करने. के लिए जहां तक एशिया का सवाल है देखिए. उनका एक बेस फिलीपींस में है जो चाइना के. अगेंस्ट है। फिलीपींस इस युद्ध में. इन्वॉल्व नहीं होगा। अब कुछ लोगों का यह. भी मानना है कि इमरजेंसी हुई जिस तरह से. अभी कोई भी. नेवल बेस अमेरिका का मिडिल ईस्ट में. सुरक्षित नहीं है। हर जगह ईरान बमबारी कर.
रहा है। उन्होंने सारे बेस खाली कर दिए. हैं या ईरान ने उनको निस्तनाबूत कर दिया. है। वो यूज़ की हालत में छोड़ा नहीं है। तो. दे ऑल हैव टू फॉल बैक टू डेगो गार्शिया जो. कि डेढ़ 2000 मील दूर है वहां से। तो अपने. आप में एक इट बिकम्स अ बिग लॉजिस्टिक्स. नाइट मेयर दो हजार का जो फासला है तो ये. सुनने में आ रहा है कि कहीं ना कहीं या तो. अमेरिकनंस हैव ऑलरेडी रिक्वेस्टेड या. अमेरिका रिक्वेस्ट कर सकता है हिंदुस्तान. को कि जो हमारे रिपेयर है जो जहाज डैमेज. हो गए हैं जो हमारा जो इक्विपमेंट डैमेज. हुआ है या किसी भी कारण हमें किसी ना कोई.
ट्रांजिट फैसिलिटी इंडियन पोर्ट से मिल. जाए ऐसा रिक्वेस्ट अमेरिका से आने की पूरी. संभावना है या ऑलरेडी हो चुका है कहना. मुश्किल है बट यह इंडिया अल अलऊ करेगा। ये. इंडिया के लिए बहुत मुश्किल डिसीजन होगा. क्योंकि हमने अभी भी चाहे प्रधानमंत्री गए. थे इजराइल लड़ाई से कुछ ठीक पहले पर फिर. भी काफी हद तक हमने एक न्यूट्रल स्टांस. मेंटेन किया हुआ है। इसके इस रिक्वेस्ट को. एक्सेप्ट का मतलब हुआ कि हम डायरेक्टली. युद्ध में इन्वॉल्व हो गए।. एंटी ईरान हो गए।. टोटली एंटी ईरान हो गए। तो ये बहुत.
मुश्किल फैसला होगा हिंदुस्तान गवर्नमेंट. के लिए और अगर ऐसी रिक्वेस्ट आती है तो. चांसेस ये हैं कि हम इसको शायद एक्सेप्ट. करेंगे क्योंकि अमेरिका को ना बोलना. इंडिया के लिए इतना आसान नहीं होगा। पर. कुछ इस तरीके से करेंगे जो काफी या तो. गोपनीय रखा जाएगा या बेयर मिनिमम होगा जो. सिर्फ लॉजिस्टिक्स से इन्वॉल्व होगा। किसी. फाइटिंग कैपेबिलिटी से इन्वॉल्व अमेरिका. को क्यों नहीं मना कर सकते? हमारी ऐसी. क्या मजबूरी है? पैसा. हमें पैसा चाहिए जो गरीब हैं इतने इस. मुल्क में जिनको दो वक्त की रोटी नहीं. मिलती। यही वजह है कि जब ट्रंप ऐसी-ऐसी.
बातें बोलता है, 50% टाइप लगाता है, हम. नहीं बोलते क्योंकि जो ट्रेड है हमारा. यूएस के साथ हम एक ट्रेड वी हैव नेगेटिव. ट्रेड विद ऑल द कंट्रीज ऑफ़ द वर्ल्ड।. हमारा जो ट्रेड है वो डेफिसिट में है। हम. खरीदते ज्यादा हैं और बेचते कम हैं। और. किसी भी मुल्क को प्रोस्परस होने के लिए. बेचना ज्यादा है और खरीदना कम है। और. हमारी इक्वेशन जो अमेरिका के साथ है वो. उल्टी है। अमेरिका से हम खरीदते कम है. बेचते ज्यादा हैं। जिससे हमारे मुल्क को. जो फाइनेंसियल बेनिफिट है वो बहुत ज्यादा.
है। हमारा ट्रेड जो बैलेंस है विद अमेरिका. हर साल हम 30 से 40 बिलियन हमें सरप्लस. रहता है हमारे पास में। ओनली कंट्री जहां. से हमें इतना सरप्लस मिल रहा है। तो हमें. अमेरिकन मार्केट्स चाहिए अपनी इकॉनमी को. प्रोग्रेस करने के लिए, लोगों को यहां. रोजगार देने के लिए, यहां टेक्नोलॉजी लाने. के लिए और आगे बढ़ने के लिए जो हम एक. ख्वाब देख के बैठे हैं विकसित भारत का. उसको एक अगर हमने हकीकत बनाना है तो हमें. वो पैसा चाहिए और वो पैसा सिर्फ अमेरिका. से आता है।. तो फिर जो ईरान में हमने चाबहार पोर्ट.
इन्वेस्ट किया वो तो बेकार हो गया सब।. देखिए हमारी इन्वेस्टमेंट चाबहार में बहुत. लिमिटेड रही है। यह एक मिसकंसेप्ट है कि. हमने वहां अरबों रुपए लगा दिए। ऐसा नहीं. है। दूसरा हमारा एक कॉन्ट्रैक्ट है ईरान. गवर्नमेंट के साथ में इरिस्पेक्टिव इंडिया. क्या स्टैंड रहता है? जो कॉन्ट्रैक्ट है. ईरान उस पे वापस नहीं जा सकता। जब हमने. पैसा लगाया है वो जो डील है वो डील का. हिस्सा है जो अमेरिका नहीं तो वो. इंटरनेशनल लॉ का एक वायलेशन हो जाएगा।. डिस्पाइट ऑफ व्हाट जब तक ईरान और भारत आपस. में लड़ नहीं पड़ते। एक युद्ध नहीं हो. जाता तब तक ईरान उस कॉन्ट्रैक्ट को.
डिफॉल्ट नहीं कर सकता। नंबर तीन अगर. अमेरिका इतना लंबा डटता है कि उसको. हिंदुस्तान की भी जरूरत पड़ती है तो मान. के चल फिर वो जो उनका एक्चुअल मोटिव था. रिजीम चेंज का उसको करें बिना वापस नहीं. जाएंगे और अगर रिजीम चेंज होती है तो फिर. चाबार में जितना लगाया है हमेशा उसे डबल. ही मिल जाएगा. ओके इंडिया का नुकसान है इस युद्ध से अब. नफा में है।. मैंने बोला ना ये युद्ध कौन जीत रहा है? मैंने बोला रूस जीत रहा है। दूसरा पार्टी. जो युद्ध जीत रही है वो भारत है। क्यों?
देखिए अभी क्या किया है? क्या बोला है. अमेरिका ने? भारत 30 दिन तक तेल खरीद सर. उसका कितना खरीद सकता है? कोई लिमिट नहीं।. जितना खरीद सकता है। जितना भी टैंकर्स में. है जो जो इस वक्त समुंदर में है. मिलियंस ऑफ बैरल्स ऑफ क्रूड पेट्रोलियम इज. ऑन फ्लैटिंग प्लेटफॉर्म्स। शिप्स में है, टैंकर्स में है। वो सारा हिंदुस्तान आरब. और अमेरिका ने यह भी बोला है कि आप. खरीदिए, उसको रिफाइन करिए और बाकी दुनिया.
को बेचिए ताकि कमी ना हो। जब हमने सस्ता. तेल लेना शुरू किया था रूस से $ पर बैरल. जो सस्ता डिस्काउंटेड राशन ऑयल आ रहा था।. हिंदुस्तान ने कितना पैसा बनाया उस वक्त? अरबों खरबों रुपए बनाए हैं हमने। और यही. चीज बार-बार यूरोप बोल रहा था, अमेरिका. बोल रहा था कि दे आर वॉर प्रॉफिटिंग जो कि. गंदा शब्द है कि ये युद्ध में प्रॉफिटिंग. कर रहे हैं। क्योंकि हमने रूस से तेल लिया. और पूरा यूरोप हमारे तेल पे चल रहा था। तो. हमने इतना बड़ा मुनाफा किया उसमें और अब.
इस युद्ध ने हमें हम लोग हमसे रिक्वेस्ट. कर रहे हैं। प्लीज मुनाफा कमाइए और. हिंदुस्तान कमाएगा। हमारी रिफाइनिंग. कैपेसिटी वी आर द फिफ्थ लार्जेस्ट ऑयल. रिफाइनर्स इन द वर्ल्ड। जो हमारी खपत है. हिंदुस्तान के अंदर जो हमारी एनर्जी की. डिमांड है उससे कहीं ज्यादा हम रिफाइन. करते हैं और हमारे पास सस्ता क्रूड आ रहा. है तो हम सस्ता क्रूड लेकर उसे रिफाइन कर. कर हम मनचाहे दामों में दुनिया को बेचेंगे. तो जितनी लंबी लड़ाई चलेगी सर वर्षा को तो.
फायदा है ही है हिंदुस्तान को भी उतना ही. फायदा होगा. अनफॉर्चुनेट सिनेरियो है बट अब देखें. हमारा एक्सिस्टेंस ही अनफॉर्चुनेट है किसी. किसी रहेंगे जो लड़ाई होगी किसी के लिए. बरसात सुहाना मौसम होती है किसी के लिए. फसल बर्बादी की वजह. जी और कोई गीला होके ठंड में मर जाता है।. कोई गीला हो के ठंड में मर जाता है।. जी. ये तो कुदरत का नियम है। इसमें हम कुछ. नहीं कर सकते।. बट कुल मिलाकर रशिया की मौज है इस युद्ध. से। और रशिया चाहेगा युद्ध चले। अब मार्क. माय वर्ड्स। लोग हिंदुस्तान में सोच भी. नहीं रहे हैं। क्योंकि अरे एलपीजी की कीमत. बढ़ गई है। 50 सिलेंडर महंगा हो गया है।.
ये बहुत टेंपरेरी फज़ है और एलएनजी भी आ. रही है। देखिएगा आप और ये लगा लड़ाई अगर. लंबी खींचती है तो आप देखिएगा हिंदुस्तान. को कितना अरबों डॉलर का फायदा होगा। इससे. हमारी कंपनी को इतना ज्यादा फायदा होगा।. विंडफॉल प्रॉफिट्स विल गेट फ्रॉम दिस बाय. रिफाइनिंग चीप क्रूड कमिंग फ्रॉम. वेनेजुएला एंड रशिया एंड सपाइंग टू द. रेस्ट ऑफ द वर्ल्ड। सारी रिफाइनरीज तबाह. हो चुकी है मिडिल ईस्ट में। और जो बची हुई. हैं उनको ईरान छोड़ेगा नहीं।. बचा कौन? किंग कौन बीच में? हिंदुस्तान।.
पांचवा सबसे बड़ा रिफाइनर दुनिया का।. हमारे पड़ोसी का क्या होगा? पड़ोसी बेचारे. गरीब मुल्क है। मैं उनको क्या बोलूं? बस. यही बोल सकते हैं कि चलिए एक तो वैसे. गरीबी चल रही फिर आटा गीला भी हो गया. उनका। अकल आएगी कभी किसी ना किसी दिन।. मेरा भी यह मानना है और यह दिली ख्वाहिश. है कि जिस तरह पूरी दुनिया के मुसलमानों. के अंदर एक चीज आ रही है कि हम अफगान हैं।. हम परर्शियन हैं। हम टर्क हैं, हम अरब. हैं। इनमें भी कभी ये समझ आएगी। हम भी. हिंदी हैं। हम भी पंजाबी हैं। हम भी सिंधी. हैं। मुसलमान देखा जाएगा। पर हमारी हमारी.
नस्ल हमारी पहचान ये है। ये शायद किसी दिन. में ये समझ आएगी। ये जज्बा जागेगा। हमारी. तो यही एक कामना है और शांति आएगी इस ख्ते. में।. चीन जो है ईरान का सबसे बड़ा तेल खरीदार. है। लेकिन चीन इस जंग में खामोश है। अब इस. पे दो थ्योरी मुझे समझ में आती है। एक. ईरान कमजोर हो जाएगा तो वो उसका सेटेलाइट. स्टेट बन जाएगा। दूसरा अमेरिका उलझा रहेगा. तो उसकी इकॉनमी वीक होगी और चीन अपने आप. सुपर पावर बन जाएगा।. चीन की खामोशी कितनी अहमियत रखती है और.
क्या कोई ऐसा सिनेरियो है जहां पर रूस या. चीन इस वॉर में डायरेक्टली शामिल हो सकते. हैं? चीन को बोलने की जरूरत ही नहीं है। चीन का. तेल नहीं रुका हुआ।. चीन की तेल की सप्लाई नहीं रुकी हुई है।. स्ट्रेट ऑफ हॉर्मोस से जो जहाज चीन के लिए. जाने हैं वो जा रहे हैं अभी भी। तो चीन को. बोलने की जरूरत नहीं है। चीन को जो करना. है वो चुपचाप करता है। दूसरा मैं आपसे. पूछता हूं। आपको क्या लगता है? है जो. लड़ाई चल रही है.
ईरान की इजराइल और अमेरिका के साथ में. जिसमें कुछ नेटो के दो मुल्क भी हैं जो. हेल्प कर रहे हैं। हु इज द एक्चुअल विनर. ऑफ दिस वॉर? चाइना. रश. रशिया इज द विनर ऑफ दिस वॉर? उनके तेल पे. सेंक्शन लगा रखा था। सब कुछ वो खत्म हो गए. तो सारे दुनिया के सारे मुल्कों को कोई भी. तेल खरीदे कोई सश नहीं है और वह तेल अब $. पर बैरल नहीं जाएगा वो बहुत महंगा जाएगा. अभी.
तो ये एक दो तीन जितने दिन भी वॉर चलेगी. रशिया मालामाल होता रहेगा सेंशंस ई ऑफ हो. गए हैं उसको जो यूक्रेन में जो बढ़त चाहिए. थी वो मिलेगी तो इस लड़ाई का एक्चुअल विनर. जो है वो रूस है. यानी दो बिल्लियों की लड़ाई बंदर के मजे. हो गए. अब देखिए बिल्ली बंदर तो आप फैसला कर. लेकिन रूस इज द एक्चुअल विनर बट एंड दे. विल इंश्योर दैट दिस वॉर कंटिन्यूस दे आर. वन एट वन पॉइंट. ट्रंप पुटिन को कॉल कर रहा है कि भाई कुछ. सुलह कराइए सीज. मैंने ये सुना कि शायद पुतिन से एक घंटे.
बात हुई 2019 के बाद इतनी लंबी बातचीत. पहली प्रेसिडेंट. भैया ये आप लड़ाई बंद कराएं क्योंकि मैं. बोल रहा हूं कि अमेरिका ढूंढ रहा है बहाना. किस तरह से बाहर निकला जाए इस लड़ाई से तो. बात करें ट्रंप को कि भाई आपका तो बड़ा. इन्फ्लुएंस है ईरान के ऊपर आप किसी तरह से. सीजफायर कराएं इस बात को खत्म कराएं तो. ट्रंप ट्रंप बोला ठीक है ठीक है हम मदद. करते हैं आपकी एट द सेम टाइम जस्ट लाइक. व्हाट अमेरिकनंस आर डूइंग इन यूक्रेन दे. आर प्रोवाइडिंग कंप्लीट इंटेलिजेंस. नेविगेशन एंड टारगेट एक्विजिशन इन द. एंटायर एरिया टू ईरानियंस एकैक्टली व्हाट.
अमेरिका इस डूइंग वो अलास्का में बुला के. पुतिन से सुलहगी बातें कर रहा है पर. साथ-साथ दे आर प्रोवाइडिंग कंप्लीट. इंटेलिजेंस एंड मटेरियल सपोर्ट टू यूक्रेन. रशिया इज पेइंग बैक इन द सेम कॉइन नाउ टू. अमेरिका देयर. व्हाट अबाउट चाइना चाइना मे बी हेल्पिंग. देयर आर नो एविडेंस। हमारे पास ऐसा कोई. स्टेट एविडेंस नहीं है। पर ऐसी जरूर खबरें. आई थी कि बहुत से चाइनीज़ जहाज लड़ाई शुरू. होने से कुछ हफ्ते पहले तक. दे यूज़ टू स्विच ऑफ द ट्रांसप्डर्स ताकि. उनकी लोकेशन ना पता लगे कहां जा रहे हैं. जहाज कौन सा है और काफी बड़े जो मिलिट्री.
ट्रांसपोर्ट जहाज हैं वो लैंड हुए हैं. ईरान के अंदर। वो उसमें एयर डिफेंस. इक्विपमेंट लेके आए हैं। रडारस लेके आए. हैं। क्या लेके आए हैं ये कोई नहीं जानता।. पर वो जरूर वहां पर आए हैं और. बट अगर अगर ईरान रशिया या चाइना को लेकर. इतना खुलकर सपोर्ट कर रहा है कि हम स्टेट. ऑफ फार्म से उनका तेल नहीं रोकेंगे वो. हमारे साथ थी केवल दो देश का नाम लिया गया. था. शायद अभी हिंदुस्तान की कुछ बात चल रही है. कि हिंदुस्तान को अलव कर देंगे चल रही है. शायद या हो गया पता नहीं. नहीं हमारे यहां जो कल स्टेटमेंट आया था. उसमें था कि जयशंकर साहब ने तीन बार बात.
की है इससे ज्यादा मैं कुछ नहीं कह सकता. ये स्टेटमेंट. मतलब बातचीत चल रही है इस विषय. बातचीत तो सारे देश कर रहे होंगे तो अभी. क्लेरिटी नहीं दी गई है कि सिर्फ दो देशों. का अब तक शुरू मुझे जिक्र ईरान ने किया था. अब मेरे मन मन में सवाल यह है कि जब ईरान. रशिया और चाइना का खुलकर नाम ले रहा है कि. इन दो देशों के साथ हमारा रिश्ता है और. यहां सप्लाई नहीं रुकेगी। इज इट पॉसिबल कि. ये दोनों देश इनडायरेक्टली ईरान को लगातार. मजबूत कर रहे हैं। चाहे वो टेक्नोलॉजी से. हो या फिर हथियारों से हो। खुलकर नहीं कह. रहे लेकिन अंदर खाने.
देखो ये तो बड़ी. एक लॉजिकल सी बात है कि ये कुछ जो मुालिक. हैं साउथ अमेरिका साउथ अपना नॉर्थ कोरिया. है ईरान है रशिया है चाइना है पहले. वेनेजुला भी था क्यूबा है अब क्यूबा का. पूरा ब्लॉकेड हुआ पड़ा है अमेरिका वांट. क्यूबा टू सरेंडर पूरा ब्लॉकेड वहां ना. बिजली है ना पानी ना ईंधन है बहुत बुरा हो. हुआ पड़ा है क्यूबा का इस वक्त उसको. ब्लॉकेड कर रखा है तो अमेरिका की. स्ट्रेटजी क्या रही है कि जितने ये छोटे. मुल्क थे जो कि रूस और अमेरिका के साथ चीन.
के साथ खड़े थे पहले उनको खत्म कर दो।. वेनेजुएला को खत्म कर दिया। क्यूबा खत्म. होने की कगार पे है। उस पे काम चल रहा है।. नेक्स्ट ईरान हो गया। इन मुल्कों को लेने. के बाद सिर्फ तीन मुल्क बचते हैं। रूस, चीन और नॉर्थ अमेरिका। इतने छोटे. नर्थ कोरिया।. नॉर्थ कोरिया सॉरी। और बाकी सबको उन्होंने. खत्म कर दिया। तो दे हैव आइसोलेटेड दी. कंट्रीज टोटली। नंबर टू जो मैं सोचता हूं. एक बहुत दूर की सोच हो सकती है और मैं. अंदाजा लगा रहा हूं सिर्फ और उसमें सच्चाई. हो सकती है। अभी चीन अपना खुद का तेल नहीं.
प्रोड्यूस करता हिंदुस्तान की तरह। शायद. 10 से 12 फीसदी जो उसकी खपत है वो उतना. इंडीजीनियसली प्रोड्यूस कर पाता है। उसके. अलावा पूरा का पूरा उसको इंपोर्ट करना. पड़ता है। उसका इंपोर्ट कहां से आता है. ज्यादातर? ईरान से है और वेनेजुएल से।. चाइना वास द बिगेस्ट इंपोर्टर ऑफ. पेट्रोलियम फ्रॉम ईरान एज वेल एस. वेनेजुएला। वेनेजुएला बंद हो गया। अमेरिका. कंट्रोल में आ गया है। अमेरिका का मकसद था. अगर उनकी मनपसंद रिजीम आ जाती है ईरान के. अंदर और ईरान को वो हरा देते हैं और ईरान.
के कब्जे में आ जाता है वेनेजुएला की तरह. तो ईरान भी का भी तेल चीन के लिए बंद हो. जाएगा। फिर चीन के पास तेल का कोई सोर्स. नहीं बचता है रूस को छोड़ के। और कल अगर. अमेरिका और रूस डील कर लेते हैं कि चाइना. का तेल काट दो। चाइना को बिना लड़े चाइना. की जितनी मिलिट्री है, जितनी टेक्नोलॉजी. है, बिना लड़े अमेरिका जैसे उसने बिना. लड़े सोवियत यूनियन इतनी बड़ी पावर को. खत्म कर दिया था। चीन को वो खत्म कर. देंगे। ये एक स्ट्रेटजी हो सकती है। मेरा.
अंदाजा है। मैं सिर्फ. काफी थ्योरी चल रही थी। मैंने आपको. एविडेंस दिया है। मैंने आपको उसका लॉजिक. दिया है कि ये हो सकता है। और सोचिए ईरान. और वेनेजुएला को खत्म करने के बाद टोटल. डिपेंडेंस फॉर ऑयल मिडिल ईस्ट के सारे. मुल्क ये दे आर सेटेलाइट्स ऑफ अमेरिका।. अमेरिका ने बोला बंद तो बंद। एक बूंद वहां. से तेल नहीं जाएगा जो ये गल्फ मुालिक है. जितने भी वहां से। तो कहां से तेल लगाएगा? सिर्फ एंड देन रशिया व्हेन चाइना बिकम्स. टोटली डिपेंडेंट ऑन रशियन गैस एंड.
पेट्रोलियम फॉर देयर कंप्लीट एनर्जी. सप्लाई। एंड सपोज लेट्स टेक अ सिनेरियो. रशिया सेस स्टॉप इट चाइना विल हैव नो वेयर. टू गो दे कांट इवन फाइट अ वॉर आफ्टर दैट. यू नीड एनर्जी फॉर एवरीथिंग एंड मे बी मे. बी दिस इज अ लॉन्ग टर्म स्ट्रेटजी ऑफ़. अमेरिका. तो फिर चाइना ईरान को सपोर्ट खुलकर क्यों. नहीं कर रहा. क्योंकि वांट अ वॉर दे डोंट वांट अ वॉर. व्हाई फिर वो हथियार क्या मतलब राफेल जो. उन्होंने अपने बनाए होंगे उसपे क्या वो. कपड़े सुखाएंगे. देखिए दुनिया की सबसे बड़ी मिलिट्री पावर.
अनडाउटेड इडली इज अमेरिका। कोई मुल्क उसके. आसपास भी नहीं है। चाहे वो डिफेंस बजट हो, चाहे वो टेक्नोलॉजी हो, चाहे वो उनकी जो. मिलिट मिलिट्री इंडस्ट्रियल कॉम्प्लेक्स. की प्रोडक्शन कैपेबिलिटी हो। अमेरिका इज. फार अहेड ऑफ़ एवरीबॉडी एल्स। बट चाइना इज. फास्ट कैचिंग अप। जितना पीछे अमेरिका से. चीन आज से 10 साल पहले था अब इतना पीछे. नहीं है। काफी उसने वो गैप कवर कर लिया है. और अगले 10 साल में गैप और कम होने वाला.
है और मे बी दे माइट इवन ओवरटेक. अमेरिका। सो चाइना इस वेटिंग पेशेंटली फॉर. दैट। आपने सुनजू का नाम सुना है? सुनजू एक. बहुत बड़ा मिलिट्री फिलॉसफर रहा है चीन. का। आज भी उसकी किताबें पढ़ी जाती है. दुनिया के हर मुल्क में हिंदुस्तान में. भी। जो उसकी मिलिट्री डॉक्ट्रिंस थी ना. सुनजू की उसने बड़ी अच्छी चीजें उसने बोली. है। उसने उसने बोला जहां आप दुश्मन को. बिना लड़े हरा सकते हो वहां उससे लड़ना. क्यों है? एंड चूज़ योर ओन टाइम एंड योर.
प्लेस टू फाइट द एनिमी इफ यू वांट टू बी. बीट हिम। तो कब लड़ाई होगी अमेरिका और चीन. की? वो समय अमेरिका डिसाइड नहीं करेगा। वो. चीन डिसाइड करेगा। और वो टाइम जब होगा जब. चाइना 100% कॉन्फिडेंट होगा कि वी कैन बीट. देम।. और अमेरिका उससे पहले ही चाइना को पटकना. चाहता।. इसकी पूरी कोशिश है। जैसे मैं ताइवान से. रिपोर्ट कर रहा था। जब यह नसी पड़ोसी की. विजिट हुई थी ताइवान में और उसके बाद काफी. टेंशन बढ़ गई थी और पूरा ब्लॉकेड कर दिया. था चाइना ने ताइवान का। तो उस वक्त मैं.
ताइवान में था हर रोज डेली बेसिस पे. अमेरिकन और ब्रिटिश शिप्स विल पास थ्रू. स्ट्रेट ऑफ ताइवान व्हिच इज़ अ वेरी नैरो. बॉडी ऑफ़ वाटर जो बिल्कुल टच करती थी चाइना. मेननेट को। वहां से अपने जहाज निकालते थे. जंगी जहाज। ऑलमोस्ट डेली बेसिस पे टू. प्रवोक चाइना कि एक बार आपने जहाज छेड़. दिया लड़ाई शुरू हो जाएगी। उनका तो मकसद. था लेकिन चीन ये स्ट्रेटजी समझ गया था।. उन्होंने बिल्कुल उनको जाने दिया जैसे. जाते थे और कोई उसने छेड़खानी नहीं की. क्योंकि जैसे मैंने बोला कि उनकी अपनी. स्ट्रेटजी है। हर कंट्री की अपनी. स्ट्रेटजी है और चाइना मैंने जैसे बोला कि.
दे फॉलो सुनजू दे विल डिसाइड द टाइम एंड. प्लेस ऑफ़ दिस वॉर। रशिया रशिया और अमेरिका. का क्या रिश्ता क्योंकि यह बड़ा खट्टा. मीठा रिश्ता है। मतलब जब यूक्रेन में. युद्ध हो रहा था तो रशिया को बर्बाद करने. के लिए उसने भारत पे दबाव बनाया अमेरिका. ने। अब अमेरिका कह रहा है कि दुनिया उससे. तेल खरीद ले। फिर एक थ्योरी आ रही है कि. कभी चाइना को बर्बाद करने के लिए अमेरिका. रशिया से दोस्ती कर सकता है। पुतिन से वो. बातचीत भी कर लेते हैं और पुतिन के खिलाफ. दुनिया भर में जहर भी उगलते हैं। तो रशिया. और अमेरिका का क्या इक्वेशन चल रहा है. आजकल? देखिए जब से ये लड़ाई शुरू हुई है रशिया.
2022 से प्रेसिडेंट बाइडन राष्ट्रपति थे. अमेरिका के। उन्होंने कभी पुतिन से बात. नहीं की। ट्रंप का प्रॉब्लम क्या है? मतलब. इस चीज में समझने में इसका सारे इशू समझने. में दिक्कत क्या आती है कि ट्रंप इज नॉट. कंसिस्टेंट इन ह इन ह एनीथिंग इन ह एकशंस. इन ह स्पीच इन ह पॉलिसी आज एक चीज बोलता. है कल दूसरी बोलता है तीसरी उसकी बिल्कुल. बरखिलाफ हो जाती है तो कंसिस्टेंसी नहीं. है तो ये कहना है कि वो एक्चुअली सोच क्या. रहा है क्या नहीं लेकिन एक चीज बड़ी.
स्पष्ट है कि ट्रंप का एक फोकस रहा है. शुरू से और उसके उसने कई बार इसको कई. प्लेटफॉर्म्स पे आर्टिकुलेट भी किया है कि. ही वांट्स टू ड्राइव अ वेज बिटवीन चाइना. एंड रशिया। क्योंकि ट्रंप ये चीज बहुत. अच्छे से समझता है कि दीज़ आर टू बिग. कॉन्टिनेंटल पावर्स। और अमेरिका चाहे. कितने एलाइज ले पूरे यूरोप को साथ ले ले, हिंदुस्तान ऑस्ट्रेलिया को साथ ले ले, जापान को साथ ले ले अगर ये दोनों इकट्ठे. हैं व्हिच आर ह्यूज कॉन्टिनेंटल पावर्स. चाइना रशिया उनको हरा पाना लगभग नामुमकिन. होगा। और यही कारण है कि रश ये जो एक.
स्ट्रेटजी है जो एक थिंकिंग पॉलिसी है. अमेरिका की कि कैसे ये वेज बनाया जाए. चाइना और रशिया के बीच में ताकि उसको हम. दूर कर सकें और जैसे मैंने बोला दे कैन बी. बार्टर दे कैन बाटर यूक्रेन फॉर कि ठीक है. आपको यूक्रेन में हम जाने देते हैं आप चीन. से दूर हट जाइए कुछ भी हो सकता है अमेरिका. के पास पैसा इतना है इनफ्लुएंस इतना है और. एट द एंड ऑफ इट हर मुल्क अपना नेशनल. इंटरेस्ट देखता है अपने नेशनल इंटरेस्ट के. बारे में सोचता है। क्या पता अमेरिका क्या.
ऑफर कर दिया रशिया को कि आप चुप रहिए। लेट. लेट अस हैंडल।. पुतिन ने भी तो घाट घाट के पानी पिए हैं।. वो भी तो समझदार होंगे कि अगर मैं और. चाइना साथ है तभी अमेरिका इतने डोरे डाल. रहा है। देखिए रूस भी एक दलदल में फंसा. हुआ है यूक्रेन के अंदर। जितने लोग मर रहे. हैं आई थिंक एस पर वन एस्टीमेट रशियंस हैव. हैड मोर कैजुअल्टीज। मेनी टाइम्स मोर. कैजुअल्टीज एंड अमेरिकनंस हैड इन वियतनाम. और रशिया हैड इन सोवियत यूनियन हैड इन.
अफगानिस्तान। तो जहां इतनी बड़ी तादाद में. आपके सैनिकों लोग मारे जा रहे हैं। आपको. इकोनमिक आपकी बैकबोन टूटी जा रही है तो. रशिया भी एक तरह से डेस्पेरेट है इस लड़ाई. से बाहर निकलने के लिए विद अ फेस सेविंग. कि हम जीत के बाहर आ गए। जैसा कि हर देश. का मकसद है कि हम जीत गए और हमने लड़ाई. बंद कर दी जो अमेरिका करने की कोशिश कर. रहा है ईरान में भी। क्योंकि कोई भरोसा. नहीं है कल पुटिन कल सुबह ही हम जब बैठे. हैं कल सुबह ट्रंप खड़ा हो के बोले हमने. ईरान में विजय हासिल कर ली है वी आर. विक्टोरियस एंड वी आर विड्रंग कर सकता है.
ये ट्रंप ये चीज कर सकता है कल सुबह जबकि. हम सब देख रहे हैं कि इस वक्त. यूएस इज़ ऑन द रिसीविंग एंड वो लड़ाई में. एक तरह से हार रहे हैं। उनके सारे बेसिस. तबाह हो गए हैं मिडिल ईस्ट में। और इसके. बाद शायद वो कभी मिडिल ईस्ट में दोबारा आ. भी ना पाए। जिस तरह की क्षति पहुंची है. उसकी जिस तरह से विश्वसनीयता खत्म हुई है।. अह गल्फ मुालिक में कि यार ये हमारी. सिक्योरिटी ले आते तो खुद ही खत्म होते जा. रहे हैं। वो चीज खत्म हो गई है और यह. लड़ाई चाहे इसका आउटम कुछ भी हो रू ईरान. जीते इजराइल जीते अमेरिका जीते एक चीज तय.
है जो अमेरिकन हैजेमनी है जो अमेरिकन. एंपायर है मिडिल ईस्ट में वो हमेशा के लिए. खत्म होगा इसके बाद अमेरिकनंस बोल्ट. अमेरिकनंस विल नेवर बी एबल टू कम बैक टू. मिडिल ईस्ट द वे दे वर देयर फॉर लास्ट 50. इयर्स. मतलब सुपर पावर की इमेज का झटका मिडिल. ईस्ट में. ये दिस इज द बिगनिंग ऑफ़ द एंड ऑफ अमेरिकन. है जर्मनी इरिस्पेक्टिव द आउटकम ऑफ़ दिस. वॉर। सर अमेरिका के लिस्ट में जीतने वाला. होगा भी क्या अब आपने मार दिया। आप. मैक्सिमम रिजीम चेंज कर सकते हो। रिजीम भी.
चेंज कर दोगे तो छ आठ 10 साल 15 साल में. वो लड़ झगड़ के अफगानिस्तान की तरह वापस आ. जाएंगे गृह युद्ध के बाद। सो अमेरिका. इसमें क्या जीत सकता है? अब अमेरिका ईरान. में और क्या कर सकता है? देखिए सिवाय वो. तेल के कंट्रोल के। जैसे मैंने आपको बोला. मैं क्यों बोल रहा हूं अमेरिका इज ऑन द. रिसीविंग एंड इन दिस वॉर। पूरी दुनिया में. इकोनमिक कोलैप्स हो रहा है। इस वक्त. हिंदुस्तान में उसके झटके हमें फील कर रहे. हैं। गैस के प्राइसेस में सबसे ज्यादा इस. लड़ाई का सबसे बड़ा लूजर पता है कौन है. आपको? जो लड़ाई हार रहा है हर हालत में।.
अमेरिका यूरोप यूरोप ने अपने गले में. रस्सी की गांठ बांध ली है। अपने आप को. फर्स्ट दे बिकम टोटली ग्रीन। दे कट डाउन. देयर न्यूक्लियर पावर प्रोडक्शन। फिर दे. से फॉसिल फ्यूज जीरो। वी विल नॉट यूज़ कोल. एट ऑल। फिर उन्होंने बोला अभी यूक्रेन. रशिया की लड़ाई हो गई है तो हम जो है रूस. से कोई एनर्जी इंपोर्ट नहीं करेंगे और. 2027 तक बिल्कुल फेस आउट कर देंगे। तो दे. डिपेंडेंट टोटली ऑन मिडिल ईस्ट ऑन बेसिकली.
दिस कंट्री कॉल्ड कतर एंड बहरीन फॉर देयर. बहरीन और कतर फॉर देयर एंटायर गैस सप्लाई. स्टेट ऑफ़ हॉर्मोस बंद हो गया है। तो गैस. सप्लाई उन्होंने बोला फोर्स मेजोर हो गया. है। अब हम सप्लाई नहीं कर पाएंगे। अब दे. आर स्क्रैबलिंग दे डोंट नो व्हाट टू डू।. यूरोप डजंट नो व्हाट टू डू एंड दिस इज द. रीज़न अमेरिका सेड ए्री कंट्री कैन बाय. पेट्रोलियम विदाउट एनी सेंश फ्रॉम रशिया. एंड हंगरी एंड स्लोवाकिया दे आर सेइंग. ओपनली वी नीड टू बाय दिस वी कैन नॉट. सस्टेन इट एनी मोर. जो यूरोप नाटो में यूक्रेन को शामिल करने.
के लिए जा रहा था जो रशिया के खिलाफ लड़. रहा था जो चाहता है कि युद्ध चलता रहे. रशिया से वो अब रशिया से हेल्प मांगने. जाएगा वो चाहता है कि रशिया से युद्ध चलता. रहे ताकि रशियंस को हम मरते रहे वहां पर. लेकिन वो चाहता है कि ईरान का युद्ध सबसे. जल्दी खत्म हो क्योंकि हम खत्म हो जाएंगे. नहीं तो इफ दिस वॉर कंटिन्यूस फॉर टू थ्री. मंथ्स यूरोप विल बी सफरिंग सो बैडली. इकोनॉमिकली दैट दे विल नॉट बी एबल टू. रिवाइव फ्रॉम दैट फॉर अ लॉन्ग टाइम टू कम।. दैट इज वन। सेकंडली एक थ्योरी और आ रही. है। अब इसमें सच्चाई कितनी है ये तो.
शुभांग जी आप बड़े पत्रकार हैं। आप पता. लगा पाएंगे।. इजराइली मीडिया इज ब्लेमिंग कतर।. कि कतर जो कि दिख रहा है कि अमेरिका के. साथ है सेंट कॉम जो सेंट्रल कमांड है यूएस. नेवी की उसका बेस दोहा में है कतर के अंदर. और क़तर पर हमले भी किए हैं ईरान ने और. क़तर ने फोर्स मेजर डिक्लेअर कर दिया है।. एक पहले दिन से ही उन्होंने अपना पूरा गैस. प्रोडक्शन बंद कर दिया है कि भैया हमले हो.
रहे हैं। हम कैसे कंटिन्यू करेंगे? नहीं. कर सकते हैं। इजराइली मीडिया का दावा है।. अब इसमें कितनी सच्चाई है तो आप पता करिए. कि यह कॉनस्परेसी है। क़तर जो जिसमें हमास. के लोग भी आगे रुकते थे। तालबान के लोग भी. वहीं आकर रुकते थे और एक बहुत ही. इस्लामिस्ट कंट्री है जिसका अलजजीरा एक. प्रोडक्ट है कि यह कानस्परेसी है अमेरिका. और यूरोप को का नाक जमीन में रगड़वाने के. लिए कि हम गैस प्रोड्यूस नहीं कर सकते। ये. इन्होंने ईरान के साथ मिलकर एक कास्परेसी. की है कि और ये जो गैस प्रोडक्शन बंद किया.
है ये एक सोची समझी साजिश का हिस्सा है जो. इन दोनों कंट्रीज ने मिलके बनाई है। ये. लोग साथ में हैं और दिखा रहे हैं कि हम. अमेरिका के साथ में हैं। अमेरिका को चीज. से सजग होना चाहिए और ये चीज प्रेसिडेंट. ट्रंप को बताई गई है और सुनने में आया है. कि इसके बाद जैसा कि अक्सर होता है. प्रेसिडेंट ट्रंप काफी गुस्से में है।. इधर आपने क्योंकि जिक्र कर दिया था. यूरोपियन कंट्रीज का।. यूरोप और रशिया का ये मसला शुरू हुआ है. यूक्रेन में।. ऐसे में वो कैसे तेल खरीदेंगे? मतलब वो तो.
हथियार सप्लाई कर रहे हैं और ज्यादा. एडवांस हथियार सप्लाई कर रहे हैं। इनफैक्ट. यूके ने तो यहां तक कह दिया कि ईरान जो. टैक्टिक इस्तेमाल कर रहा है वो रूस की दी. हुई है। ये सारे भी निकल कर सामने आए हैं।. देखिए पूरी इस लड़ाई में ना जहां पे आप. ब्रिटेन का आपने जिक्र किया।. यूक्रेन के अलावा जो अकेला मुल्क है जिसका. पूरा एफर्ट रहा है 2022 से अब तक कि किसी. तरह से जो लड़ाई जो यूरोप में चल रही है. ये रशिया बनाम नेटो हो जाए। अमेरिका को इस. लड़ाई में हम ड्रैग कर लें डायरेक्टली वो. कंट्री है ब्रिटेन और उसकी एजेंसी एमआई.
सिक्स। पूरी कोशिश की उन्होंने फॉल्स. फ्लैग ऑपरेशंस किए हैं। मैंने बोला कि. ड्रोंस देखे गए हैं डेनमार्क में या. एस्टोनिया के ऊपर से रशियन एयरक्राफ्ट्स. गए हैं या मिसाइल्स गिरी हैं पोलैंड में. या जो ये उसला अ वंडरलैंड है जब ये इनका. जो हेलीकॉप्टर था रोमानिया में लैंड करने. से पहले स्पुफिंग. हुई है जीपीएस की उनके हेलीकॉप्टर की ताकि. वो क्रैश हो जाए दीज़ आर काइंड ऑफ़ थिंग्स. व्हिच वर डन बाय MI6 दे वांटेड टू ड्रैग. सम हाउ अमेरिका एंड एंटायर नेटो इन दिस.
वॉर तो ब्रिटेन के जो स्टेटमेंट्स आते हैं. जैसे मैंने बोला एस्टीन फाइल्स में बोल. रहे हैं कि एस्टीन वाज़ अ रशियन एजेंट तो. इन लोगों की बातें ना सुने दे आर. प्रोपेगेंडा एंड दे मेक अस बिलीव जिस तरह. बोलते हैं इतने पैशन के साथ और ऐसा लगता. कि यार इनसे सच्चा तो जर्नलिस्ट कोई हो. नहीं सकता। यह सब एजेंडा ड्रिवन है। उस. चीज को एक एक मिनट के लिए. ब्रिटेन को क्या मिलेगा? रशिया से लड़ाई. चलती रहे।. एनाटस हिस्टोरिकल एनिमोसिटी सिंस द डेज ऑफ़. ग्रेट गेम इन मिडिल सेंट्रल एशिया जब. रशियन एंपायर साउथ एशिया की तरफ बढ़ रहा.
था और ब्रिटिश एंपायर साउथ एशिया से. सेंट्रल एशिया की तरफ बढ़ रहा था।. अफगानिस्तान जिसका बफर बन गया था। तब से. होस्टिलिटी उनकी और मैं ये चीज समझ नहीं. पाता हूं। बहुत से मैं ब्रिटिश मेरे दोस्त. हैं बहुत ब्रिटिश लोग गोरे जो हैं एंड दे. आर सो रूसोफोबिक मैं उनसे पूछता हूं आप. कभी रूस गए हो नहीं आप किसी रूसी को जानते. हो नहीं मेरा फिर इतनी कड़वाहट क्यों है. आपके अंदर इतना जहर क्यों है रूस के खिलाफ. बस नहीं बिकॉज़ प्यूटिन इज़ अ डेस्पॉट. प्यूटिन बहुत गंदा आदमी है अपने लोगों को. मार रहा है एंड रशियंस आर ब्रूट दे आर.
देखिए एक इंफॉर्मेशन वारफर का हिस्सा और. ये जैसे आप पिक्चर में बात कर. साइकोलॉजिकल भी डाल दिया. आप पिक्चर में बात कर रहे थे ना मैं इतनी. पिक्चर नहीं देखता हूं. लेकिन सीआईए का एक एंबेडेड सेल है हॉलीवुड. के अंदर।. सिंस द एंड ऑफ़ सेकंड वर्ल्ड वॉर पिछले. 70-80 साल से। आप किसी भी अमेरिकन हॉलीवुड. मूवी को उठा के देख लीजिए। अगर उसमें. रशियन दिखाए गए हैं तो विल सी वो अपनी. बीवी को पीट रहा होगा। प्रॉस्टिट्यूशन चला. रहा होगा। ड्रग्स बेच रहा होगा और विल बी.
अ ब्रूट हु विल बी टोटली एग्रेसिव, वायलेंट एंड. नॉट लॉ अबाइडिंग। तो ये एक इमेज क्रिएट की. है। हर एक पिक्चर में देखता है अरे रश तो. ऐसे हैं। तो जो जनता है जो ये अंग्रेजी. पिक्चर देखती है यूएस में यूरोप में लगता. था एक इमेज बन जाती है कि यार रशियन तो. बड़े इधर तो जानवर जैसे होते हैं वेयर एस. दे आर सच नाइस पीपल एंड आई वोंट डोंट से. पीपल आर नाइस एवरीवेयर दे आर नथिंग लाइक. दैट व्हाट दे बीन पोर्ट्रेट इन हॉलीवुड. मूवीस सेम थिंग अब उन्होंने चाइनीस के लिए. वो चीज शुरू कर दी है हिंदुस्तानियों को.
कैसे दिखाते हैं ही विल बी मीक ही वि ही. वि ही वि ही वि ही वि ही वि ही वि ही वि. ही वि ही विल बी स्टकिंग अप टू एवरीवन वो. एक दरिद्र सा होगा हे है हे करता रहेगा।. मतलब बिल्कुल ही विल नॉट बी स्ट्रांग, पावरफुल और इंटेलिजेंट। दे वोंट शो देम. लाइक दिस। और अमेरिकन आर्मी को कैसे. दिखाते हैं कि वो स्नाइपर इराक में है और. वो बहुत बड़े टेररिस्ट को मार सकता था। एक. छोटा सा बच्चा आ गया और उसने अपनी जान. खतरे में डाल के उसने फायर नहीं किया।. बच्चा सामने आ गया था। कितनी ह्यूमैन है. अमेरिकन आर्मी? तो जो ये सर अमेरिका कितनी ह्यूमन है वो. हमने अभी ईरान में देखा 163 बच्चियों को.
मार दिया गया और वो अमेरिकन मिसाइल थी। वो. इजराइली मिसाइल नहीं थी।. दो मिसाइल आई हैं। एक नहीं आई है। आपको. पूरी कहानी पता है शायद। इट वास एन. अमेरिकन मिसाइल। इट प्रूव बियों एंड ईरान. हैज़ गॉन टू यूनाइटेड नेशंस. सिक्योरिटी काउंसिल फॉर इन्वेस्टिगेशन टू. दिस। जिसप अब यूएन ने कुछ नहीं बोला।. व्हिच ब्रिंग्स यूएस क्रेडिबिलिटी इंटू. दिस थिंग। एक मिसाइल गिरी। उसमें कुछ. बच्चे और कुछ जो टीचर थे जख्मी हुए। स्कूल. ने फोन किया बच्चों उनके पेरेंट्स को कि. आप आइए अपने बच्चों को ले जाइए। ऐसे हमला.
हो गया है। जब वो सब इकट्ठे हुए बैठे सारे. कोई वहां पे प्रेयर हॉल था स्कूल के अंदर।. सारे बच्चे और उनके जो अध्यापक थे जब. प्रेयर हॉल के अंदर थे और कुछ पेरेंट्स आ. गए थे उन बच्चों को लेने के लिए। उस वक्त. सेकंड मिसाइल आई उसी टारगेट के ऊपर।. तो अमेरिका ने वहां. उसमें कैजुअल्टीज हुई हैं।. वहां टारगेट किया बच्चों को? अब ये सवाल का जवाब तो अमेरिकनंस ही. देंगे। कई बार कोलटरल डैमेज होता है। पर. ये जो मिसाइल्स हैं जो लॉन्ग रेंज. मिसाइल्स फायर होती हैं दे आर सो. एक्यूरेट। दे आर एक्यूरेट बाय इंचेस। बट. आप ये कह रहे हो कि ईरान में जो स्कूल पे. हमला हुआ वो एक मिसाइल नहीं दो मारी गई।.
पहला मारा घायल किया फिर इकट्ठा हुए फिर. सबको उड़ा दिया. और यह भी अभी चीज साबित हो चुकी है। इसमें. कोई प्रोपेगेंडा की या. गेस करने की गुंजाइश नहीं है। ये साबित हो. चुकी है। दो मिसाइल्स आई हुई है। ईरान ने. तो साबित कर दिया है और इस चीज को लेके वो. यूनाइटेड नेशंस जनरल असेंबली जा चुके हैं।. वो तो बेकार संस्था वो तो केवल कमजोर. लोगों के लिए है।. जी ताकत। तो ये हो गया और जो कि एक चीज आप. बोल सकते हैं कि भ कोलटरल डैमेज होता है।. कई बार मिसाइल थोड़ी दाएं बाएं जा सकती. है। एक जा सकती है। लगातार उसी टारगेट में.
दूसरी आना वो कहीं ना कहीं अमेरिका को शक. के दायरे में लाता है। दूसरा ये मिसाइल्स. बहुत एक्यूरेट होती हैं। शुभांकर जी इट्स. नॉट लाइक थर्ड वर्ल्ड कंट्रीज मिसाइल और. इंडियन और ईरानियन मिसाइल्स इट्स अमेरिका।. दे आर पिन पॉइंट। आपको याद है जब उन्होंने. जो 12 डेज वॉर हुई थी कुछ महीने पहले और. जिस फादरों के ऊपर जो उन्होंने मिसाइल्स. गिराई थी ट्रंप ने बोस्ट किया था कि जो. उसके अंदर छोटे से वेंटिलेटर का एग्जिट. होता है एक वेंट होता है छोटा सा जो कुछ. इंचेस बाय कुछ इंच होता है हमारी मिसाइल्स. ने इतनी ऊंचाई से सीधा उसके ऊपर जाके.
उसमें घुसी है हम अंदर जाके इतनी. एक्यूरेसी है तो इस तरह का कोलटरल डैमेज. होना या गलती होना कहीं ना कहीं संदेह. पैदा करता है ये काफी टेंशन वाली मतलब ये. अमेरिका का दूसरा चेहरा भी एक्सपोज करती. है।. टेंशन तो शिवांक जी शुरुआत है अभी हम. जिस तरह से रूस पाकिस्तान और अफगानिस्तान. की लड़ाई चल रही है और एस्केलेट हो रही. है। चल नहीं रही सिर्फ बढ़ रही है। जिस. तरह से इंसजेंसी ब्लोच एरियाज में चल रही. है इस वक्त। जिस तरह से अजमैन और आर्मनिया.
की अभी तक टेंशन खत्म नहीं हुई है। जिस. तरह से अभी लड़ाई बढ़ रही है। जिसका अभी. लेटेस्ट मैं आपको बताता हूं क्या हुआ है।. कल ईरान ने फिर दो मिसाइल फायर की है. टर्की के एयर स्पेस में और उस बेस पे फायर. की है जहां नेटो का न्यूक्लियर डेपो है।. जो न्यूक्लियर परमाणु हथियार जो नेटो ने. स्टेशन कर रखे हैं टर्की के अंदर और जिस. एयरबेस पे उस पे ये दूसरी बार हमला हुआ. है। अमर ईरान की तरफ से मिसाइल दागी गई है.
और जो ईरान का सबसे बड़ा हथियार है जो इस. लड़ाई में होगा स्टेट ऑफ हॉर्मोस तो है ही. जिससे पूरी दुनिया ऑलरेडी हिल चुकी है और. उसको यूज़ करते रहेंगे लेकिन जब मुझे. लगेगा कि अब हमें असली बदले बदला लेना है. और जिसके कारण मुझे लगता है कि ईरान को. हराना नामुमकिन है वो है ये एयरबेस जो कि. ईरान के ईरान के मिसाइल्स की रेंज के अंदर. है। दो बार उस पे वो हमला फायर कर चुके. हैं। उन्होंने पूरा इसका अंदाजा ले लिया. है कि क्या वहां पर एयर डिफेंस है। कहां. हमारे मिसाइल्स जा सकती हैं। और जो वह. 500-500 फीट गहरे जहां मिसाइल्स उन्होंने.
छुपा रखे हैं रंजन से जब वो लेटेस्ट. टेक्नोलॉजिकल हाइपरसोनिक मिसाइल्स. निकलेंगी और इस स्पेस पर जाएंगी तो उन्हें. कोई रोक नहीं पाएगा। एंड दैट विल बी अ. कैटस्ट्रोफी। अगर वो कोई डेटोनेट हो जाता. है उनके अंदर कोई न्यूक्लियर हथियार तो. पूरे यूरोप पे उसका असर पड़ेगा। पूरी. दुनिया पे असर पड़ेगा। इट विल बिकम अ. न्यूक्लियर ओवर हियर इटसेल्फ। एंड ईरान इज. प्रोबेबबली कैपेबल ऑफ़ डूइंग दैट। क्या हम. और आप अपने इस लाइफ टाइम में दोबारा. न्यूक्लियर अटैक देखेंगे? 100% देखेंगे।. यहां नहीं तो रशिया के थ्रू देखेंगे।.
क्योंकि रशिया और यूक्रेन की लड़ाई मार्क. माय वर्ड्स खत्म नहीं होने वाली। कितनी आप. बातचीत सुन ले कि यह बात चल रही है। ट्रंप. ने बात कर ली। रशिया ने एक डील पे साइन कर. दिया। ये बात ये लड़ाई. 2026 में बात कर रहे हैं। 27 में बैठेंगे. शुभांकर जी ये लड़ाई तब भी चल रही है और. हम कहेंगे शायद जल्दी खत्म नहीं होगी। और. जिस दिन यह हुआ कि रूस हार रहा है और. पुतिन ये चीज कई बार बोल चुका है। एंड. देयर इज हज पब्लिक ओपिनियन इन रशिया अबाउट. दिस दैट इफ नेटो और अमेरिका वांट्स टू गिव.
अ स्ट्रेटेजिक डिफीट टू रशिया रशिया विल. गो न्यूक्लियर। तो न्यूक्लियर वेपन्स का. यूज़ हम अपने लाइफ टाइम में अगर ये. कैटस्ट्रोफी जिसका मैंने अभी जिक्र किया. है टर्की के अंदर नहीं होती तो हम मुझे. लगता है अपने लाइफ टाइम में जरूर देखेंगे. क्योंकि लड़ाईयां रुकने वाली नहीं है।. अमेरिका ने ईरान पर हमला किया क्योंकि वो. न्यूक्लियर होने वाले थे। आजकल सोशल. मीडिया बड़ा चलता है कि नॉर्थ कोरिया पर. हमला नहीं करते क्योंकि वो न्यूक्लियर. हैं। नॉर्थ कोरिया सब इतना क्यों डरते. हैं? बड़ा मीम चल रहा है कि वो एक अकेला. लड़का है जो खड़ा है कि मेरे पास सारे. हथियार हैं। लेकिन कोई मेरे साथ खेलने.
नहीं आ रहा। देखें शुभांकर जी जैसे हम अभी. काफी हमने जिक्र किया है प्रोपेगेंडा का, इंफॉर्मेशन वारफेयर का, साइकोलॉजिकल. वारफेयर का। एक जो बड़ा तगड़ा टूल रहा है. वेस्टर्न मीडिया के पास चाहे वो. रूस को लेकर हो, चीन को लेकर हो, नॉर्थ. कोरिया को लेकर हो, ईरान को लेकर हो, वेनेजुएला को लेकर हो, क्यूबा को लेकर हो, पहला काम क्या करते हैं? ये हमारे. साइकोलॉजिकली डालते हैं खराब देश है। नहीं. आप एक चीज समझिए उनके पहला क्या होता है? फर्स्ट डीह्यूमनाइज द लीडर ऑफ़ दैट कंट्री।.
खुमेनी ही इज़ अ डीमन। पुटिन इज़ अ डिस्पॉट. किलिंग ह ओन पीपल। सद्दाम हुसैन ही इज़. गेसिंग ह ओन पीपल। अ मुमर गद्दाफी अपने. लोगों को मार रहा है। राक्षस है। किम जोंग. जो नॉर्थ कोरिया का लीडर है। अरे वो तो. लोगों को जिंदा मगरमच्छ में डाल देता है।. क्या इंप्रेशन क्रिएट है पूरी दुनिया में।. अरे ये तो कितने गंदे लोग हैं। ये वैशी. हैं ये तो ये इंसान थोड़ी जानवर हैं ये. तो। दे आर लीडर्स ऑफ़ देर ओन कंट्रीज। फॉर. एग्जांपल जो पुटिन है उसकी अपने देश में.
अप्रूवल रेटिंग 80% से ऊपर है। अपने देश. को बचा रहा है वो। लेकिन उसको कैसे वोट. पोट्रे किया जा रहा है? सद्दाम हुसैन चाहे. डिस्पोट था, मिलिट्री लीडर था इराक वाज़. स्टेबल अंडर सद्दाम हुसैन उसको कैसे. पोट्रे किया? मोहम्मद गद्दाफी को। अभी जो. उसको उठाया है इन्होंने मडुरो को मडुरो. डिस्पोट है। इलेक्शंस रिग्ड है। जो. अमेरिकन इलेक्शन करवाएंगे यूरोप करवाएगा. वो सिर्फ फेयर इलेक्शंस होते हैं। इसके. अलावा दुनिया में कहीं फेयर इलेक्शन हो ही. नहीं सकते। कि वेनेजुअल्स ने किए हैं तो. रिग्ड है। तो ये एक जो. आप ये कह रहे हो कि किम जोंग उन को भी.
अमेरिका ने बदनाम करवाया पहले जी भर के।. डीम दे डीह्यूमनाइज इट कि ये तो इंसान ही. नहीं है। पहले ये करते हैं फिर धीरे-धीरे. जब मुझे लगता है कि अब ये तो हो गया काम।. फिर उस देश की जनता को डीह्यूमनाइज करा. चुड़ते हैं। अरे भूखे मर रहे हैं नॉर्थ. कोरियंस तो खाने को रोटी नहीं है उनके पास. में। इतना बड़ा ये हालत नहीं है। इतना. आपको याद है? आप गए हो नॉर्थ कोरिया कभी? साउथ कोरिया गए हो नॉर्थ को।. जाने का विचार है वैसे।. तो क्या शुरू में हमने सुना था लड़ाई शुरू. में दो महीने नहीं हुए थे। व्हाट वर द.
उर्सला वंडर जो भी उसका नाम उनका नाम है. उनका मैडम का जो यूरोपियन यूनियन की वो. हैं उला क्या बयान आया था कि उनकी तो सारी. चिप्स खत्म हो गई है। वो तो वाशिंग मशीनंस. और डिश वॉश से चिप लगा रहे हैं अपने. मिसाइल्स के अंदर। रशिया खत्म हो चुका है।. ये उन्होंने स्टेटमेंट दिया था 2023 में. लड़ाई शुरू 4 महीने के बाद कि रशियन. सोल्जर के बाद एमिनेशन खत्म हो गया है। दे. आर फाइटिंग वि देयर शवल्स। तो इन ये बातें. चलती रहेंगी। डीमनाइज करते रहेंगे। हमें. जनता को हमारे लीडर्स को और आम लोगों को. इतना जागरूत होना पड़ेगा कि दे कैन आज के.
टाइम में एनीथिंग कैन बी आर्टिफिशियली. क्रिएटेड। हर चीज प्रोपेगेंडा हो सकती है।. डिसाइफर करना बहुत मुश्किल है। तो सजग. रहें और इस चीज को समझें।. ये वॉर वर्ल्ड वॉर में तब्दील हो सकती है।. वर्ल्ड वॉर तो होके ही रहेगा। यह ना हो. इसके ताज हर चीज के इजराइल अमेरिका वर्सेस. ईरान वॉर जो है क्या यह वर्ल्ड वॉर में. तब्दील हो सकता है कि इसमें हम चाइनीस को. देख लें रशियंस को देख लें नॉर्थ कोरियंस. को देख लें उस साइड से हम यूरोपियन यूनियन. को देख लें.
किस सीमा पे अगर ये पहुंच गया इसको आप. वर्ल्ड वॉर बोलेंगे उस सीमा पे जहां पे. दुनिया के सारे मुल्कों ने अपना स्टैंड ले. लिया अभी खामोश वेट एंड वॉच कर रहे हैं सब. देखिए जैसे मैंने अभी टर्की का जिक्र किया. टर्की एक नाटो मुल्क. और आपको आर्टिकल फोर आर्टिकल फाइव नाटो के. बारे में मालूम है कि एक मुल्क पर हमला सब. मुल्कों पर हमला माना जाएगा। तो अगर टर्की. पर हमला होता है टर्की इनवोक्स आर्टिकल. फाइव इट मींस एंटायर नेटो विल गेट. इन्वॉल्वड राइट हम. इफ एंटायर नेटो इज इनवॉल्वड सारे जो.
जीसीसी हैं गल्फ के मालिक हैं दे आर. इनवॉल्वड. और लड़ रहे हैं ये ईरान के साथ में और. जिनको ईरान को इनडायरेक्टली रशिया और. चाइना सपोर्ट कर रहा है चाहे उन्होंने. अपनी फौजे ना उतारी हो क्या इसको वर्ल्ड. वॉर बोलेंगे हम तो इसकी संभावना पूरी है. मतलब हमारे यहां कुछ लोगों का माइंडसेट है. वर्ल्ड वॉर मतलब जब परमाणु गिर गया. परमाणु तो मैं बता चुका हूं आपको उस वो. होगा कब होगा हमारे जीवन के अंदर ना हो. जाएगा.
मतलब हम और आप देखेंगे मानवता का फिर से. अंत होते हुए. इतना तो जिएंगे देखेंगे. ईरान क्या परमाणु सक्षम के आसपास है. न्यूक्लियर पावर के आसपास देखिए जो. भूकंप तो आया था जिसको बाद में कहा गया. नॉर्मल भूकंप था वो नॉर्मल था उसको अगेन. पार्ट ऑफ इनफेशन वारफेयर बट ये चीज पूरी. दुनिया मानती है एंड इस एस्टैब्लिश फैक्ट. फैक्ट बाय आईएई आल्सो इंटरनेशनल एटॉमिक. एनर्जी एजेंसी दैट ईरान हैज़ अचीव्ड 60%. एनरचमेंट ऑफ यूरेनियम और 60% काफी होता है.
रेडियोएक्टिव फैलाने के लिए बम बनाने के. लिए आपको 90% तक एनरचमेंट करनी पड़ती है जो. उसके सेंटर फ्यूजियस हैं जिसकी बात चल रही. थी कि फेडोर में जब उन्होंने गिराया तो. सारे खत्म कर दिए वो 2000 पाउंडर बॉम्ब्स. गिरे 10 12 लगातार ट्रंप ने जिसमें बोला. कि हमने विजय हासिल कर ली है हमने ईरान का. परमाणु प्रोग्राम खत्म कर दिया है. अब यह साबित हो चुका है कि जो यह 60%. एनरिच यूरेनियम है यह पूरी तरह से ईरान के. पास के हाथ में है। पूरी तरह से सुरक्षित. है और उन्होंने उसे अब ट्रांसफर कर दिया.
है उन बहुत ऊंचे पहाड़ों के नीचे 500 500. मीटर की गहराई में जहां तक कुछ नहीं पहुंच. सकता। तो इट इज़ सेफ इट इज़ इन ईरानियन. हैंड्स। नंबर वन वो सेंट्रीफ्यूजीस. डिस्ट्रॉय हुए नहीं हुए। मेरा यह मानना है. जो भी आईए की रिपोर्ट्स आई है क्योंकि. उन्होंने उसको क्लेरिफाई नहीं किया है और. बाकी जो सोर्सेस रिपोर्ट हैं कि वो. सेंट्रीफ्यूजेस भी डिस्ट्रॉय नहीं हुए. हैं। उसका अर्थ ये है कि जो ये गहरी. गुफाएं हैं या अंडर ग्राउंड बंकर्स ऊंचे. पहाड़ों के नीचे वहां ये सेंट्रीफ्यूजीस. दिन रात काम कर रहे हैं। जब ये. सेंट्रीफ्यूजेस दिन रात काम करेंगे तो जो.
एनरचमेंट है यूरेनियम का जो 60% उन्होंने. अचीव किया था जिसको हम सब मानते हैं। वो. 70 80 90 तक पहुंचने में ज्यादा वक्त नहीं. लगेगा। यह थोड़ा टेक्निकल प्रोसेस समझाइए. ना थोड़ा सा क्या होता है? सेंटर फ्यूजेस. हैं जो यह मशीनंस हैं, इंस्ट्रूमेंट्स हैं. जो यूज़ किए जाते हैं यूरेनियम की एनरचमेंट. को बढ़ाने के लिए। बम बनाने के लिए आपको वो. यूरेनियम चाहिए जिसको 90% तक एनरच कर दिया. गया हो। ईरान 60% तक पहुंच गया है। 90% तक. नहीं पहुंचा अभी। तो जो सेंट्रीफ्यूज काम. करेंगे लगातार ये उस एनरचमेंट को बढ़ाते.
चले जाएंगे। 60 से 70, 70 से 80, 80 से 90. उसमें वक्त लगेगा। कितना वक्त लगेगा? यह. आईए यह भी नहीं बोल पाएगी। पर ऐसा मानना. है कि तीन से चार महीने अगर यह उन. अंडरग्राउंड बंकर्स में जो इन बहुत ऊंचे. पहाड़ों के नीचे उन्होंने अभी एरान शिफ्ट. कर दिए हैं और 24 घंटे अगर काम कर रहे हैं. तो 60 60 से 90 पहुंचने में इस यूरेनियम. को दो से तीन महीने ज्यादा नहीं लगेगा और. फिर वो परमाणु बम बनाने में सक्षम है।. लेकिन हम ये मान लेते हैं कि उसको लंबा. वक्त लगेगा। 60% के साथ ईरान क्या कर सकता.
है? 60% यूरेनियम के साथ ईरान कैन मिक्स. दिस यूरेनियम विद हाई एक्सप्लोसिव्स. एंड देन ड्रॉप दिस बम समवेयर एंड डू अ एयर. बस्ट हवा में बस्ट करेगा ताकि जो. एक्सप्लोसिव है इसके अंदर जो उन्होंने. यूरेनियम डाला है वो बहुत बड़े इलाके में. फैलेगा इट विल मेक रेडियोएक्टिव डस्ट उस. पूरे इलाके में जितने लोग रह रहे हैं वो. सब बीमार हो जाएंगे मरेंगे नहीं इमीडिएटली. और बहुत जल्द मर जाएंगे 6 महीने बाद 10. महीने दे विल गेट कैंसर अदर डिजीज जो.
रेडियो एक्टिविटी से होती हैं और वह पूरा. इलाका जो कि कई सौ स्क्वायर किलोमीटर तक. का हो सकता है रहने लायक नहीं बचेगा।. उदाहरण के तौर पर. खुदा ना करे ऐसा हो. कि ये उन्होंने डर्टी बम तलवी के ऊपर डाल. दिया।. तैलोवी जहां 60% इजराइयली रहते हैं पूरे. देश के. वो पूरा इलाका अगले 50 60 साल तक रहने. लायक नहीं बचेगा।. बम नहीं फटेगा। लोग मरेंगे नहीं।. बिल्डिंग्स नहीं टूटेंगी। लेकिन रेडियो. एक्टिविटी पूरे एरिया में फैल जाएगी। इसको. आम भाषा में डर्टी बम बोला जाता है।.
बहुत स्कैरी हो जाएगा।. अब डरिए मत मिश्रा जी हम सेफ हैं।. हिंदुस्तान में हम सेफ हैं। आप चलिए आगे. हम सेफ हैं।. हम सेफ होने का मायने क्या है? ये 10 दिन. की वॉर हुई हमारे यहां पर गैस सिलेंडर की. मारामारी।. अरे यार ₹500 में हिंदुस्तानी मर जाते. हैं। ऐसा मत बोलिए। ₹500 दे सकते हैं।. इंसान चलेगा। आ रहा है। रशियन तेल गैस आ. रही है। 510 में पहुंच जाएगी।. भारत को लेकर भारत का जो विपक्ष है वह. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर बड़ा. जिक्र कर रहा है कि एफसीन में जिक्र आया.
एक केंद्र के मंत्री हैं उनका भी जिक्र. आया और भारत के कई मसलों पर खामोशी. अमेरिका का कई मसलों पर भारत को. इंसल्ट करना अगर मैं सही शब्द कोट कर रहा. हूं डिस या डिसरिस्पेक्ट करना अगर मैं सही. शब्द कोट करूं जैसे उनकी एक महिला थी. जिन्होंने कल एक कोट किया कि भारत बहुत. चालाक एक्टर है उससे पहले आया कि हमने. भारत को 30 दिन की परमिशन दे दी है। भारत. में कई लोग खासतौर पर विपक्षी पार्टियां. बार-बार यह सवाल पूछ रहे हैं कि जब. अमेरिका ऐसे शब्दों का चयन करता है जो.
हिंदुस्तान जैसी डेमोक्रेसी के लिए. डिसरिस्पेक्टफुल है और ईरान जो हमारा. दोस्त रहा है हम उनकी नेवी हमारे यहां से. निकल कर गई। इतने बड़े-बड़े मसले बीते एक. महीने में हुए। भारत की खामोशी. क्या है? क्या यह वेल स्ट्रेटजी है? या जो. कांग्रेस आरोप लगाती है भारत में? मैं. कांग्रेस का स्पेशली जिक्र कर रहा हूं मैं. क्योंकि बहुत ही गहरी बात उन्होंने कही है. जो देश के प्रधानमंत्री को लेकर और मैं. खुद उसे कोट करना नहीं चाहता कि कुछ. कॉम्प्रोमाइज हुआ है। वो बार-बार ये कहते. हैं। ये थ्योरी सिर्फ पॉलिटिकल है या.
इनमें कोई बेस है।. देखिए मेरा यह मानना है कि जो मैं जो. इंडियन पॉलिटिक्स को मैं बहुत क्लोज से. वॉच करता हूं। जो करंट अपोजिशन है लेड बाय. कांग्रेस एंड राहुल गांधी इन लास्ट 11. इयर्स दे हैव अपोज्ड एवरीथिंग एवरीथिंग. दिस गवर्नमेंट डस जो भी मोदी सरकार ने. किया है 11 साल में अच्छा हो या बुरा हो. मैं नहीं बोलता मोदी ने सब अच्छा किया है. बुरा भी कुछ चीजें हैं जो इतनी अच्छी नहीं. थी जो क्रिटिसाइज होनी चाहिए थी लेकिन. उनकी कमी क्या रही है उन्होंने हर चीज को.
क्रिटिसाइज किया है उससे क्या होता है जो. पब्लिक है आम पब्लिक जैसे मेरे जैसे लोग. हैं हम किसी से एफिलिएटेड नहीं है हम देश. के नागरिक हैं. मैं अपनी बात करता हूं कि जो देश के लिए. अच्छा है हम उसको अच्छा बोलेंगे। जो देश. के लिए खराब है उसको खराब बोलेंगे। मोदी. अच्छा करेगा तो उसको सपोर्ट करेंगे। बुरा. करेगा तो उसको क्रिटिसाइज करेंगे। एंड सेम. गोज़ फॉर कांग्रेस। बट उन्होंने हर चीज को. क्रिटिसाइज करके अपनी क्रेडिबिलिटी खत्म. कर ली है। हर चीज को क्रिटिसाइज करना ठीक. नहीं है। फॉर एग्जांपल खुमेनी को मार दिया. इजराइल ने। हम उसका उसका विरोध क्यों.
करें? या हम उसके ऊपर अपना खिलाफत क्यों. दर्ज कराएं? हमें क्या लेना देना है? ईरान. इज नॉट आवर वेरी क्लोजेस्ट लाइफ और. समथिंग। ठीक है? उनसे हमारी कुछ डील थी. चाबाहार को लेके और वो रशिया और चाइना के. करीब था। तो ठीक है। थोड़ा उससे हमारा एक. आपसी समझौता था। कुछ उनके बेनिफिशियल तो. हमारे लिए बेनिफिशियल था। उसके अलावा ईरान. से हमें क्या लेना देना है? कभी हम अगर. किसी बुरी कंडीशन में फंसते हैं जैसे ओप. सिंदूर हुआ या कोई भी एकज़िस्टेंशियल. क्राइसिस आया। ईरान वुड हैव नेवर स्टुड. विद अस पाकिस्तान। नेवर इन द पास्ट आल्सो।.
यस दे हैव गिवन अस लिटल ऑयल हियर एंड देयर. व्हिच इज़ मिनिसल। बट मेनी मेनी टाइम्स. ट्वीटेड इन फेवर ऑफ पाकिस्तान एंड कश्मीर. व्हाई शुड वी कंडेम डेथ ऑफ अ पर्सन हुस अ. डिस्पॉट अ मुल्ला हु किल थाउजेंड्स ऑफ़ हज़. ओन पीपल अ पर्सन प्रोब्ली आई विल रेट अ. ईरानियन हिटलर व्हाई शुड वी कंडेम द डेथ. ऑफ़ सच अ मैन? हमारा उससे क्या लेना देना. है यार? हमें अपने नेशनल इंटरेस्ट देखने. हैं। ये गरीब मुल्क है। यहां अभी सैकड़ों.
लाखों लोग हैं जिन्हें दो वक्त की रोटी. नहीं मिलती। हमारा फोकस वहां होना चाहिए।. हम मरे जिए हमें उससे क्या लेना देना है. यार हम क्यों हड़े और कांग्रेस का ये. इंसिस्टेंस फिर कि आपने उसका उसकी जो है. खिलाफत क्यों नहीं की मैं सोचता हूं कहीं. ना कहीं जो आम पब्लिक है अगर इस तरह की. बातें कांग्रेस करेगी जो जो दुर्दशा उसकी. इस वक्त है वो कंटिन्यू रहेगी. बट ये जो कॉम्प्रोमाइज थ्योरी दी गई कि. अमेरिका या एस्टेन फाइल में प्रधानमंत्री. को कॉम्प्रोमाइज कर लिया गया इसे आप बिलो. द बेल्ट मानते हो फिर.
देखिए फाइल में कोई जिक्र नहीं है प्राइम. मिनिस्टर मोदी का इस इस किसी इस कनेक्शन. में कि वो जो गंदी हरकतें एब्सेंट करता था. उसमें उनके लिप्त है। इवन जो ये पुरी जी. हैं जो इनके मिनिस्टर हैं उनका हां उनका. भी कहीं जिक्र है।. जिक्र है तो उस पे इन्वेस्टिगेशन करिए।. आपको लगता है कुछ उनका वो है या नहीं है।. लेकिन जो मोटा-मोटा देखने में आता है एज अ. ले मैन जो हमने देखा है पढ़ा है। ऐसा कहीं. नहीं लगता कि वो उससे बहुत इंटिमेट थे और. वो इन सब गंदी हरकतों में साथ लिप्त थे।. ऐसा कहीं लगता नहीं है। लेकिन अगर. कांग्रेस को ऐसा लगता है तो आप एविडेंस.
निकालिए। जनता के सामने रखिए। जनता उसी को. एक्सेप्ट करेगी। इस तरह के सिर्फ लांछन. लगाना उससे कोई क्रेडिबिलिटी नहीं बढ़ती. है। सेकंड चीज मैं आपको जो बोलना चाहूंगा. जो आपका पहला सवाल था। देखिए कांग्रेस को. और हिंदुस्तानी जनता को हम सबको एक फर्क. समझने की जरूरत है कि ट्रंप इज नॉट. अमेरिका। हम. ट्रंप एक वाटर माउथ है जिसको बोलते हैं ना. मुंह में जुबान में जो आता बोलता है कल. उसको पलटी खा जाएगा। तीसरे दिन गिरगिट से. जल्दी वो रंग बदलता है और वो जो चीजें. बोलता है उनका आधी भर कोई अर्थ नहीं होता।.
आज उसने कुछ बोला है कल उसे खुद के जो. सेक्रेटरी ऑफ़ वॉर है उनके जो सेक्रेटरी ऑफ़. स्टेट है वो उसके बिल्कुल बरखिलाफ चीज बोल. देते हैं। उसको नेगेट कर देते हैं कि जो. ट्रंप ने बोला शायद उन्होंने कुछ और बोल. दिया होगा। लेकिन हकीकत ये है। तो जो चीज़. ट्रंप बोलता है उसकी हर चीज को सीरियसली. लेना। उसकी हर चीज को हिलने की हमारी. इंसल्ट है। मेरे हिसाब से एक फॉरेन पॉलिसी. और एक नेशनल पॉलिसी तौर पे हर चीज पे. रिएक्ट करना गलत होगा। और मैं मानता हूं. कि अगर सरकार उस पे चुप्पी साधे हुए है।.
चुप्पी साधना भी शायद सही शब्द नहीं है।. इनडिफरेंट है कि जैसे हम बोलते हैं कुत्ते. भोग रहे हैं। उसकी चिंता मत करें। आप हाथी. मस्त चलता रहता है। तो ये एक ठीक पॉलिसी. है। क्योंकि अगर हम चीज हर चीज में रिएक्ट. करेंगे तो वहां से भी रिएक्शन आएगा। और जो. चीज नॉन इशूज़ हैं बिल्कुल वो बड़े इशूज़ बन. जाएंगे। हमें अपना काम करते रहना चाहिए।. हमने कभी नहीं बोला। उसने बोला कि मैंने. हुक्म दिया और हिंदुस्तान ने रूस से तेल. आना बंद कर दिया।. हमारे पास फिर भी तेल आ रहा था। हमारी. गवर्नमेंट ने कोई रिएक्शन नहीं कहा या ना. तो ये कहा कि हम नहीं खरीद रहे हैं। ना ये.
कहा कि हम खरीद रहे हैं। लेकिन तेल आता. रहा। तो यही ठीक पॉलिसी है। हमारा फोकस इस. वक्त अपनी जनता की भलाई है। अपने देश की. भलाई है। नेशनल इंटरेस्ट है। इसके अलावा. इन फालतू की चीजों में हमें अपना वक्त. जाया नहीं करना चाहिए और उस पे रिएक्शन. नहीं देनी चाहिए। लेकिन आप कह रहे हैं. जैसे कांग्रेस ने कहा कि आप रिएक्ट नहीं. कर रहे थे। हमने कश्मीर में देखा, हमने. लखनऊ में देखा। हमने देश के कई अलग-अलग. हिस्सों में देखा कि बड़ी संख्या में. मुस्लिम समाज से लोग आए और नारे लगे कि हर. घर से खाम नहीं निकलेगा। अभी तो.
हिंदुस्तान की आबादी है। यह रिएक्ट कर रही. है। महबूब मुफ्ती ने पुतले जला दिए। हमने. यह भी देखा मुंबई में हुआ और देश में कई. जगह जो मुस्लिम सेंटीमेंट थे वो खामनी की. मौत से बड़े हर्ट हो गए। तो ऐसे में ये. भारत का अप्रत्यक्ष तौर पर ही मसला बनता. है या नहीं बनता है? और नहीं बनता तो फिर. ये लोग क्यों हर घर से खाम नहीं निकाल रहे. थे? देखिए मुसलमान हिंदुस्तानी आबादी का. लगभग 15 से 18% है। ठीक है? उसमें जो ये. कट्टरपंथी एलिमेंट है ना वो मुस्लिम आबादी.
का 10 से 15% है। सो ओवरऑल हिंदुस्तान. पॉपुलेशन का 5 से 6% है। और मेरा यह मानना. है कि अगर इन्हें हमें कंट्रोल करना है तो. हिंदुस्तान जो एक इमेज है और जो हम हर चीज. सोचते हैं नहीं ये ज्यादती हो जाएगी। हमें. वो पूरी पॉलिसी चेंज करनी पड़ेगी और मैं. तो हैरान हूं कि इतनी लड़ाईयां लड़ने के. बाद भी मुस्लिम स्टेट्स मदरसे बैन कर चुके. हैं। और पूरी दुनिया इस चीज को मानती है. इंक्लूडिंग हिंदुस्तानी मुसलमान मानते हैं. कि जो मदरसे हैं इनमें से जो 80%.
विद्यार्थी आ रहे हैं उन्हें कोई ज्ञान. नहीं है साइंस का, इंजीनियरिंग का, मेडिसिन का ताकि वो एक मेन स्ट्रीम में आ. सके और वो जितने भी आतंकवादी हैं या जितने. भी कट्टरपंथी हैं, जिहादी हैं वो ये मदरसे. इनकी फैक्ट्री हैं।. जो बड़े कंट्रोवर्शियल. और इसके बाद इसके बावजूद मैं बोल रहा हूं. मैं पूरा हिंदुस्तान का भ्रमण किया है।. मदरसों को बंद करने के बजाय इवन इन बीजेपी. रूल स्टेट से इतनी बड़ी-बड़ी बातें करते. हैं बीजेपी वाले हिंदू हिंदू हिंदू आप.
जमीन पे क्या कर रहे हैं? मैं हरियाणा का. रहने वाला हूं। पानीपत में देखिए पार्टीशन. के बाद हरियाणा में विवाद को अगर छोड़ दें. आप वो जो कि बहुत छोटा हिस्सा है हरियाणा. का। हरियाणा में मुस्लिम मुसलमानों की. आबादी नेग्लिजिबल नॉट इवन 1% आफ्टर. पार्टीशन. वहां मदरसे और मस्जिद होने का क्या मतलब. पॉपुलेशन 1% से कम है लेकिन पिछले 10 साल. में आप सर्वे करा के देख लीजिए इवन पानीपत. शहर में इतना बड़ा मदरसा बिल्कुल जी रोड. के ऊपर बन गया है मैं अभी गांव की तरफ. गांव में जहां एक दो% मुस्लिम मस्जिदें बन.
रही हैं और ये मेरा स्टेटमेंट नहीं है। यह. जो दंगे फसाद हुए हैं यूके के अंदर उनके. कुछ लीडर का स्टेटमेंट था कि ये जो. मॉस्क्स हैं ये मस्जिदें हैं सबकी बात. नहीं करता लेकिन जो मस्जिदें हैं दे एक्ट. एस हेड क्वटर्स फॉर राइटिंग जो ये. एंटी नेशनल तत्व हैं उग्रवादी हैं जैसा. हमने उत्तम नगर में देखा कि पांच मिनट में. कैसे इतने सारे मुसलमान इकट्ठे हो जाते. हैं एक जगह पर जहां उनकी आबादी 10% भी. नहीं है उत्तम नगर में पांच मिनट में.
सैकड़ों लोग कैसे इकट्ठे हो जाते हैं ये. मस्जिदों के थ्रू इकट्ठे होते सुप्रीम. कोर्ट ऑर्डर पास कर चुकी है कि कई बार कि. भाई ये लाउडस्पीकर्स पूरे देश से हटने. चाहिए। मैं सेंट्रल एशिया के इतने मुस्लिम. मुालिक हैं वहां घुमा हूं। वहां ऐसे लाउड. स्पीकर्स नहीं बचते। हर मोहल्ले में जहां. 5% आबादी नहीं मुसलमानों के वहां ये और. क्या क्या बोला जा रहा है? ला इलाहा. इल्लल्लाह कि देयर इज़ नो गॉड बट अल्लाह।. भाई हमारा गॉड तो अलग है। आप मेरे ऊपर बोल. रहे हैं कि आपका गॉड एक्सिस्ट नहीं करता।. और ये बीजेपी हिंदू हिंदू हिंदू लोग आपको.
एंटी मुस्लिम कहेंगे। अरे कहने दीजिए जो. कहेंगे यार लेकिन सच्चाई तो यह है ना. व्हाई दिस गवर्नमेंट हैज़ नॉट एबल टू एक्ट. ऑन दिस हर बार वोट जब हमसे मांगने आती है. हिंदू लोगों से वोट मांगने आती है तो. बोलती है हिंदुत्व के नाम पे दीजिए हिंदू. खतरे में है इतना आपकी जनसंख्या कम हो रही. है आपने किया क्या है अभी छोटी-छोटी चीजों. में बदलाव नहीं ला पाए हैं जीडीपी का हम. क्या करेंगे यार 50 एयरक्राफ्ट कैरियर्स. का हम क्या करेंगे जब अंदर से खोखले हो. जाएगा ये मुल्क भाई 1947 से पहले तो. पाकिस्तानी भारतीय थे ना अल्लामा इकबाल. सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा वो.
भी तो भारतीय थे। जैसे ये भी आज भारतीय. हैं। कल बोलेंगे हम भारतीय नहीं है। फिर. क्या करेंगे आप? जो लोग बोलते हैं हर घर. से खुनी निकलेगा। आप जाइए राम जाके लड़िए. वहां पर। फिर आपको पता लगेगा कि आपकी क्या. वैल्यू है वहां पर। क्या समझते हैं आपके. बारे में। फिर बोलिए हम ईरानी है वहां पर।. आइसिस में जब ये आइसिस के लिए बहुत से. हिंदुस्तानी भी गए थे। लड़ने के लिए जो. खलीफेट बना था आइसिस का मिडिल ईस्ट में. उनको पता है क्या जॉब दिया गया था? दे सेड. दे आर नॉट फिट टू। जो टॉयलेट साफ करते हैं. ना उनको ज्यादातर को उस काम में लगाया गया.
था। और यह मेरे वक्त ये सब शब्द नहीं है।. कुछ केरला से जो लोग वापस आए हैं उनके. अल्फाज़ हैं ये कि हमें यह काम दिया जाता. था वहां पे कि ये लड़ने के में तो बाकी अरब. है, तुर्क है, अफगान है। ये लड़ने में. ज्यादा सक्षम है। इनको आप ये सब. एडमिनिस्ट्रेटिव काम दीजिए। ये इनकी औकात. है उन लोगों की जिनके बोलते हैं हम उनके. वंशज हैं। और बीजेपी हर बार ये मसला उठाती. है, डराती है एक हिंदू मेजॉरिटी को। अरे. ये हो रहा है, घुसपैठिया आ गई। अब तक आप. बाढ़ नहीं लगा पाए यार। 11 साल ट्रंप डड. इट इन वन ईयर। मोदी कुड नॉट डू इट इन 11.
इयर्स। क्योंकि मोदी को फिर यह करना है कि. भाई कल जब इतिहास लिखा जाए तो मोदी जी का. नाम सुर सुनहरे अक्षरों में होना चाहिए कि. मोदी ने कभी कांग्रेस की तरह किसी स्टेट. में 356 नहीं लगाया। लोकल गवर्नमेंट को. बर्खास्त नहीं किया कभी भी। अरे भाई आप. बार-बार बोल रहे हैं बंगाल गवर्नमेंट हमें. नहीं लगाने दे रही। ममता बनर्जी हमें जमीन. नहीं दे रही है। भाई नेशनल सिक्योरिटी का. इशू है। आप 11 साल चिल्ला-चिल्ला के हर. इलेक्शन बोलते हैं घुसपैठिया घुसपैठिया।. आप क्यों नहीं खत्म कर पाए इसको 11 साल. में? पैसे की कमी है या विल की कमी है।.
मैं बोलता हूं 100% विल की कमी है। एंड दे. वांट टू कीप दिस एज अ इलेक्शन इशू फॉर एवर. बीजेपी। 11 साल से नहीं कर पाए आप। दिस इज. अनपार्डनेबल।. पिछले पॉडकास्ट में भी आपने कुछ ऐसी बातें. कही थी और बहुत सारे लोगों ने मुझे. एक्सपर्ट टैग किया कि एक रिटायर्ड कर्नल. जो फौज में सर्विस दे चुका है। उसका ये. माइंडसेट क्या ठीक है? और जब वो फौज में. रहे होंगे क्योंकि बहुत सारी फिल्में ऐसी. बनी है जहां पर फौजियों को दिखाया गया कि. एंटी मुस्लिम स्टैंड्स उनके रहे या थॉट. प्रोसेस रहा। मैं हूं ना से लेकर शौर्य तक.
कई फिल्में ऐसी हैं। हालांकि बाद में वो. कल्ट फिल्में बन गई और अब लोग कहते हैं कि. जो वो उसमें दिखाया गया था ताने मारने के. लिए उसे राइट विंग कहता है कि देखिए वो. बिल्कुल आइडल फैक्टर था। बनाया किसी अलग. एजेंडे से था। मैसेजिंग अलग एजेंडे से चला. गया। इनको काउंटर कैसे करोगे आप? देखिए. मैं फौजी हूं पर फौजी से पहले भारतीय हूं।. हिंदू हूं। जैसे ही मैं बोलता हूं मैं. हिंदू हूं। क्या मैं एंटी मुस्लिम हो गया. हूं? क्या मैं एंटी क्रिश्चियन हो गया. हूं? ये बोल के मैं हिंदू हूं। आप बोल.
सकते हैं मुसलमान हूं। आप बोल सकते हैं. मैं क्रिश्चियन हूं। लेकिन मैं नहीं बोल. सकता मैं हिंदू हूं। अगर मैं हिंदू बोलता. हूं। अरे अपने को हिंदू बोल रहा है ये तो. फौजी अफसर हो के। भाई मेरी आइडेंटिटी है. वो। यह मेरी जो मुझे मेरे पुरखों से. हेरिटेज मिला है वह है और इसका मतलब यह. नहीं कि मैं किसी के खिलाफ हूं। इसी. प्रकार जब मैं बोलता हूं कि भाई ये हिंदू. हित की बात है। आपका अपना समाज है।. मुस्लिम समाज है। क्रिश्चियन समाज है। हम. इज्जत करते हैं। हमारा अपना समाज है।. हमारा हिंदू समाज भी तो समाज है ना। हम्।.
उसके भी तो कुछ हक़ हैं। उसके भी तो कुछ. ग्रिवेंसेस हो सकते हैं। और उसका यह डर. क्या जायज़ नहीं है कि हमारी पॉपुलेशन जो. इस मुल्क में 2000 साल पहले तो 100% थी।. अभी वो घटते-घटते पार्टीशन के बाद जब. मुसलमानों को एक अलग मुल्क दे दिया गया।. इस इस देश की 33 से 35% जमीन को काट दिया. गया। उसके बावजूद भी जो मुस्लिम 7 से 8%. थे अभी 11 13% हो गए हैं। जो क्रिश्चियन. ऑलमोस्ट नेगिजिबल थे एक या दो% केरला में. थे वो बढ़कर अभी 5 से 6% हो गए हैं। और आप.
क्रिप्टो क्रिश्चियंस जो जाहिर नहीं करते. तो उससे भी ज्यादा हैं। आप उधमपुर जेएनके. में से लेके फिरोजपुर पंजाब में पूरे. वेस्टर्न बॉर्डर में चले जाइए। ऑलमोस्ट. 80% पीपल हैव कन्वर्टेड टू क्रिश्चियनिटी।. एंड हाउ डू दे कन्वर्ट? पैसा देके आपका. बेटा अंग्रेजी स्कूल में पढ़ेगा। आपको. नौकरी दिला देंगे। आप अंग्रेज बन जाएंगे।. ये धोखाध घड़ी है ना इजराइल जैसे मुल्क. में वहां तीन में करके आया हूं रिलीजियस. कन्वर्जन इज नॉट अलाउड अगर मैं बोलता हूं. कि रिलीजियस कन्वर्जन नहीं होना चाहिए और.
ऐसे लोग जो गरीब लोगों को बहला फुसलाकर. बेवकूफ बनाकर क्रिश्चियन बना रहे हैं या. हमारी जो महिलाएं हैं उनको गलत बोलकर कि. हिंदू लड़का हूं और किसी तरह से कन्वर्ट. करने की कोशिश कर रहे हैं इस तरह से सो. कॉल्ड लव जिहाद अगर मैं बोलता हूं कि ये. सीरियस कंसर्न्स हैं तो क्या मैं एंटी. मुस्लिम एंटी क्रिश्चियन हो गया मैंने. किसी की बुराई तो नहीं की मैं मैं नहीं. बोलता कि आप क्रिश्चियंस को मुस्लिम को. प्रोसक्यूट करें। उनको या दूसरे दर्जे का. नागरिक बनाएं। उनको सुरक्षा मिलनी चाहिए।. उनका भी विकास होना चाहिए। उनको भी. हिंदुस्तान नागरिक की तरह हर चीज मिलनी.
चाहिए। लेकिन मुझे एज अ हिंदू एज एन. इंडियन क्या अपनी कम्युनिटी के जो. कंसर्न्स हैं उनके बारे में बोलने का हक. नहीं है। अगर मैं बोलता हूं तो क्या मैं. एंटी मुस्लिम हो गया? एंटी क्रिश्चियन हो. गया। और अगर मैं फौजी अफसर था तो मैं भूल. जाऊं कि मैं हिंदू था। देखिए जब हम फौज. में हैं। हम ये मानते हैं कि भाई कोई मजहब. नहीं है, कोई जात नहीं है। ये बिल्कुल सच. है। और उन इथ को हमने फॉलो किया है। मैंने. मेरे नीचे बहुत से मुस्लिम जवान क्लर्क ने. काम किया है। और अभी भी कईयों के मेरे पास. फोन आते हैं। अभी मुझसे इतना प्यार करते.
हैं। क्योंकि वहां वो मेरा भाई है। और. मुसलमान इस देश के भी सारे हमारे भाई ही. हैं। हम तो वो मना नहीं करते। लेकिन जब. मैं बोलता हूं कि मैं हिंदू हूं तो इसका. मतलब यह नहीं कि मैं एंटी मुस्लिम एंटी. क्रिश्चियन हो गया। सिर्फ ये बोलने से या. हिंदू के हक की बात करने से। तो मैं एक. चीज क्लेरिफाई करना चाहता हूं कि इस तरह. का मानसिकता गलत है और हर किसी को हक है।. हर कौम को हक है कि अपने कौम के जो. कंसर्न्स हैं उनके बारे में बोले। क्लैश. है लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि हम इकट्ठे. शांति से नहीं रह सकते।. अपने आपने शौर्य मूवी देखिए।. जी. और मैं हूं ना.
मैं शौर्य देखिए। हां. ब्रिगेडियर प्रताप सिंह।. जी।. ब्रिगेडियर प्रताप सिंह को आप सही मानते. हो? उस थॉट प्रोसेस को. मैं आपको एक उदाहरण देता हूं। आप. हिंदुस्तान छोड़ दीजिए।. इस्लाम एक आईडियोलॉजी फॉलो करता है। मैं. मुसलमान की बात नहीं कर रहा। मैं इस्लाम. की बात कर रहा हूं। एक आईडियोलॉजी फॉलो. करता है। आपने ग्रूम ग्रूमिंग गैंग्स सुना. है यूके में? पाकिस्तानी इस्लामिक. ग्रूमिंग गैंग्स इट्स अ बिग न्यूज़ ऑल ओवर. द वर्ल्ड। ईलॉन मस्क है क्रिएटेड थाउजेंड. टाइम्स। लाखों बच्चों का रेप किया और रेप.
करने वाले एक्सक्लूसिवली सारे के सारे. पाकिस्तानी मुसलमान थे। लव जिहाद होता है।. करने वाले एक्सक्लूसिव सारे मुसलमान हैं।. मैं सब उस बुरा नहीं बोल रहा। अब मैं एक. आईडियोलॉजी की बात कर रहा हूं। ठीक है? ऐसा क्योंकि इसी कौम के लोग इस तरह काम. करते हैं और अंबेडकर ने एक बहुत बड़ी चीज. बोली थी भीमराव अंबेडकर जिसके हम सब इतनी. प्रशंसा करते हैं लोग बातें करते हैं।. उनकी जो मेन चीजें थी हम भूल जाते हैं।. उन्होंने एक चीज बोली थी कि ये दो कौमे जो. है ना मुस्लिम्स एंड नॉन मुस्लिम्स का. इकट्ठा रहने का अर्थ क्या है कि मुस्लिम.
मैन विल कम इन कांटेक्ट विद नॉन मुस्लिम. वुमेन। क्योंकि अपनी औरतों को तो आप. बुर्खा पहना के रखते हैं। अंदर छुपा के. रखते हैं। लेकिन आपको दूसरे धर्म की हर. औरत से बात करनी है। आप किसी भी हिंदू. लड़की का किसी भी देश के किसी भी कोने में. हो Instagram और Facebook चेक कर लीजिए।. उसमें तीन चार मुस्लिम लड़कों की. रिक्वेस्ट पक्का मिलेगी आपको। उनके हर. फोटो लाइक करते हुए मिलेंगे। चाहे उनकी. तीन बीवियां हो घर में वो फिर भी करते हुए. मिलेंगे। ये साधारण चीज नहीं। दिस इज नॉट. नॉर्मल। और अगर इस तरह की चीजें होंगी तो. बैकलश होगा। आपको दूसरी चीज बोलेगा। मैं.
आपको उदाहरण दे रहा था इसका कि हिंदुस्तान. से बाहर का यदीस का सुना है आपने यदीस लोग. यजदी जो हैं जिनके ऊपर हमला हुआ था ये. इराक में जो नॉन मुस्लिम थे उनकी औरतों को. उठाउ उठा के उन्होंने स्लेव मार्केट्स में. बेचा है सिर्फ मुस्लिम आईडियोलॉजी को फॉलो. करने वाले लोग ये काम करते हैं कहीं आपने. सुना है क्रिश्चियंस हिंदू किसी और नॉन. मुस्लिम ने सेक्स स्ल बना के बेचे हो कहीं. पे लड़ाईयां हर जगह हुई है और यसदीस का ये. कहना था कि रिकॉर्डेड स्टेटमेंट्स हैं कि. हमारे जो पड़ोसी जो हमारे पुश्तों से.
हमारे हमारे साथ रह रहे थे। सेम लाइक इन. कश्मीर कि हमारे जो पड़ोसी जो. जनरेशन से हमारे साथ में रह रहे थे जब. आईसी ने अटैक किया तो वही पड़ोसी आके दे. केम टू किल आवर मेन एंड रेप आवर वमेन. एकजेक्टली व्हाट हैपन कश्मीर एवरीवेयर दे. आर दिस सेम थिंग हैपेंस एवरीवेयर व्हाई सो. व्हाई ओनली इन मुस्लिम आईडियोलॉजी तो हमें. इसका अगर हम मैं अगर एक हिंदुस्तानी. मुसलमान हूं और मैं इस चीज को देखता हूं. कि ये तो बड़ा हमारा यार हमारे बारे में. गलत बोल रहा है मैं ना इस्लाम की तौहीन कर.
कर रहा हूं ना मुसलमानों की लॉयल्टी पे. क्वेश्चन मार्क लगा रहा हूं। मैं यह सिर्फ. यह बोल रहा हूं अगर हमें पीस चाहिए इस. मुल्क को हमें अगर मिलके आगे बढ़ाना है तो. हमें क्वेश्चंस एड्रेस करने पड़ेंगे। इन. पे बात करनी पड़ेगी। तभी हम सब इकट्ठे. मिलके जिसकी मोदी बात करता है कि सबका. विकास और सबका साथ जिसको मैं ज्यादा. प्रशंसक नहीं हूं इस चीज का वो हम कर. पाएंगे। जब इसके बारे में हम वार्तालाप कर. पाएंगे। एक दूसरे के कंसर्न्स को समझ. पाएंगे और उनको जेनुइनली एक्सेप्ट कर. पाएंगे। हां, यह चीज़ गलत है और हमें मिलकर.
इसका समाधान है।. बिलीव ब्रिगेडियर वाज़ राइट। आई आई टोटली. बिलीव ही वाज़ राइट।. यह बहुत कंट्रोवर्शियल हो जाएगा ये।. हो जाएगा यार। मैं मैं भी तो एक नागरिक. हूं। मेरे को अधिकार है अपनी ओपिनियन रखने. का और मेरी ओपिनियन है ये। बट जैसे मैं. मुस्लिम समाज से जब बात करता हूं तो कहते. हैं कि देखो एब्सेंट फाइल में जितनी गंदगी. थी ये सारे क्रिश्चियंस थे। वहां तो. मुसलमान नहीं था। अरे 7 साल 10 साल की अब. अफगान में क्या हो रहा है? 10-10 साल के. बच्चों का 50-50 साल के आदमी से विवाह हो. रहा है। क्या वो एब्सिन से कम बदतर है?
ऐसी बातें ना करें। एक दो उदाहरण आप पिकअप. कर लें। हिटलर क्रिश्चियन था तो ये उदाहरण. आप पिक अप करें। आप पीछे 2000 का इतिहास. देखें। हर जगह जहां गए हैं। हिंदू कुश का. नाम हिंदू कुश क्यों है पता है आपको? क्यों? कुश मतलब होता है मारा। द. हिंदुओं का मारने वाली जगह है। हिंदू कुश।. कुश होता है खुश करना मारना। क्योंकि जब. वो यहां जितने भी मुस्लिम रेड्स आते थे ना. रेडर्स जिनको अब पाकिस्तानी और काफी. हिंदुस्तान में अपना अब्बा बोलते हैं कि. ये हम तो उनकी औलाद हैं जो वहां से आए थे।.
जब वो आते थे यहां पर मंदिर सोमनाथ और. जितने मंदिर तोड़ते थे और मंदिरों में. सोना भरा होता था। लोग चढ़ा चढ़ाते हैं।. वो लूट के लेके जाते थे। स्त्रियों का. यहां रेप करते थे और जो उन्हें सुंदर लगती. थी उनको और जो एबल बॉडीड मैन होते थे जैसे. अफ्रीका में किया। उनको कारवा बना के. लाखों की तादाद में गए हैं। गुलाम बनाकर. लेके जाते थे। और जब हिंदू कुश की ऊंचाई. इतनी ज्यादा है दे आर वेरी हाई माउंटेंस. ठंड इतनी ज्यादा वहां पे जब इन हिंदुओं को. वहां से ले जाया जाता था उन कपड़ों में. नंगे पैर और उस हालत में और सैकड़ों.
माइल्स पैदल तो वहां बहुत सारे लोग ये जो. गुलाम थे हिंदू जिनको हिंदुस्तान से ले. जाया गया था मर जाते थे इसलिए उस पहाड़ी. को हिंदूकुश बोलते हैं। ये इतिहास में. पढ़ाया ही नहीं जा रहा क्योंकि नफरत. फैलाएगा। नफरत नहीं है। अगर हम इश्यूज को. एड्रेस नहीं करेंगे। मैं फिर ये बोल रहा. हूं कि आई एम नॉट अगेंस्ट मुस्लिम्स, आई. एम नॉट अगेंस्ट एनीवन। पर अगर हम ये. कंसर्न्स हर कम्युनिटी के बैठ के आपस में. बातचीत नहीं करेंगे, उनको रिकॉग्नाइज नहीं. करेंगे तो तो एज वन नेशन हम सब इकट्ठे आगे.
नहीं बढ़ सकते।. ठीक है। हमारे यहां जो जैसे स्टेटमेंट आ. रहा है। हमारा क्या स्टैंड है? इस इस. वर्ल्ड जो ये वॉर चल रही है ईरान, अमेरिका, इजराइल की इसने हिंदुस्तान को. क्या सिखाया? देखिए फिर मैं वो चीज बार-बार मैं ये. हिंदू मुस्लिम नहीं करना चाहता। ये थोड़ा. खराब हो जाता है और कई बार मैं समझता हूं. बहुत से लोगों का टेस्ट हमारे यहां. देशभक्त मुसलमान भी ऐसी बात नहीं है और. उनका भी थोड़ा फिर मूड इससे ऑफ हो जाता है. चीज बाहर में लेके आना लेकिन एक चीज जो. सिखाई है कि अगर किसी मुल्क को दुश्मन ने. या दुश्मन के एजेंट्स ने अंदर से खोखला कर.
दिया है तो वो पेड़ चाहे उसके ऊपर कितने. आप एयरक्राफ्ट कैरियर टांग दीजिए कितने. रफाल टांग दीजिए वो गिरेगा ही गिरेगा जो. अंदर से खोखला हो चुका है और जो यह हर घर. से खुली निकलने वाले लोग हैं अगर कल हमारी. किसी मुस्लिम मुालिक से लड़ाई होती है, जंग होती है तो यह वो लोग हैं जो इस पेड़. को अंदर से खोखला कर रहे हैं और कर देंगे।. और यह जो एक फ्रंट है इसका जिक्र मैं नहीं. कर रहा हूं। मुझे तो चलो बोल दिया कि भाई. ये तो विरोधी है। मैं विरोधी किसी का नहीं.
हूं। लेकिन बोलना चाहते हैं बोलिए। विपिन. रावत जो पिछला फर्स्ट सीडीएस था चीफ ऑफ. डिफेंस स्टाफ ऑफ इंडिया जनरल बिपिन रावत. ये उसके शब्द हैं कि इंडिया इज फाइट वी. हैव टू बी प्रिपयर्ड फॉर अ 2.5 फ्रंट वॉर. हम जो कि अभी 3.5 हो गए क्योंकि. बांग्लादेश शामिल हो गया उसके अंदर। थ्री. है चाइना, पाकिस्तान एंड नाउ बांग्लादेश. आई से 3.5 और जो पॉइंट फाइव है वो जो. इस्लामिस्ट हैं हिंदुस्तान के अंदर देश. विरोधी लोग जो अंदर बैठे हैं जिनका मैंने.
जिक्र किया ये फाइव फ्रंट जिसका जनरल. बिपिन रावत ने जिक्र किया था और ये वो. पॉइंट फाइव फ्रंट है जो लड़ाई हो या पीस. टाइम जैसे पीस टाइम चल रहा है जो लगातार. इस देश को अंदर से खोखला करते जा रहे हैं।. इनकी लड़ाई जारी है। अरे आप मुझे बताइए. आपने कितने इंसिडेंट देखे हैं पिछले महीने. में? कम से कम पांच इंसिडेंट्स मैंने देखे. हैं कि बच्चे टीनएजर्स वंदे भारत ट्रेन के. ऊपर पत्थर फेंक के मार रहे हैं कि ये. ट्रेन कैसे डेवलप हो गई है कैसी मानसिकता. है ये कौन ये लोग पैदा करते हैं कहां से. लोग आते हैं ये हिंदुस्तानी है ये लोग और.
अगर ये हिंदुस्तानी नहीं है देश के दुश्मन. है तो गवर्नमेंट क्या कर रही है इसमें फिर. मुझे गुस्सा आता है फिर आप बोलेंगे कि. आपने तो हिंदू मुसलमान कर दिया नहीं करना. चाहता मैं लेकिन इनको नजरअंदाज कैसे करें. हम करते रह नजरअंदाज नजरअंदाज करते रहेंगे. तो ये पेड़ इतना खोखला हो जाएगा इस पे आप. 25 एयरक्राफ्ट कैरियर टांग दीजिएगा। 2000. रेफर यहां पे लेके आ जाएगा। यह पेड़ फिर. भी गिरेगा। अगर हमने ध्यान नहीं दिया तो. अगर वो दिमाग इतने खा गई इसको तो।. ओके। पाकिस्तान से भी सर एक खबर आई कि. पाकिस्तान में दो हफ्ते के लिए स्कूल बंद.
हो गए। अ ट्रांसपोर्ट बंद कर दिया गया और. बहुत सारी कटौतियां की गई।. हम. अब वो पाकिस्तान जो दुनिया भर को. न्यूक्लियर दिखाकर अपनी हनक दिखाता था।. बारगेनिंग करता था। उसका तो न्यूक्लियर ना. बस चलाने का काम ना स्कूल चलाने के। मतलब. क्या ये उनकी पूरी आईडियोलॉजी को लेकर कि. देश किधर बढ़ाना है उस पर एक सवाल नहीं. खड़ा कर गया क्योंकि अगर आप स्कूल रोक दे. रहे हो तो इसका मतलब आप नैतिक तौर पर पतन. की तरफ तो जा रहे हो देखिए नहीं मैं इसको. इतना हां ये मैं जरूर बोलता हूं आइडियोलजी. को दोष दूंगा हर चीज में मजहब को लेके आना.
आपको यार बच्चों को साइंस पढ़ाइए इंजीनियर. बनाइए डॉक्टर्स बनाइए एक उनको. एंटरप्रेन्योर्स बनाइए हर चीज में मजहब. डाल देना ये एडल्ट उनको भारी पड़ रही है. और इसका नुकसान हमें दिख रहा है. लेकिन प्रेजेंट क्राइसिस में मैं. पाकिस्तान पाकिस्तान को इसका दोष नहीं. दूंगा और मैं इसको पाकिस्तान नीचे दिखाने. के लिए इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहूंगा।. उसका कारण है। कारण यह है कि जिस प्रकार. से हिंदुस्तान अपनी 85% एनर्जी नीड्स. इंपोर्ट करता है, वही हालत पाकिस्तान का. है। बट अनलाइक पाकिस्तान जहां हमने अपने.
स्ट्रेटेजिक रिजर्व्स बना लिए हैं।. बड़े-बड़े जो हम 24-25 दिन तक हमारी पूरी. एनर्जी नीड को सस्टेन कर सकते हैं।. इनफैक्ट अरमको जो अरेबियन सऊदी अरेबिया की. सबसे बड़ी ऑयल कंपनी है। उसने भी यहां. स्टैटिक ऑयल रिजर्व्स हिंदुस्तान में बनाए. हैं। जिनको हम इस्तेमाल कर सकते हैं। और. हमारा उसमें पहली शर्त यही थी कि अगर आप. हमारे मुल्क में ये अपना स्ट्रेटजी रिजर्व. बना रहे हो तो उस पे लड़ाई के हालात में. या किसी क्राइसिस में पहला हक हिंदुस्तान. का होगा। पाकिस्तान ने ऐसा कुछ नहीं किया।. तो उनके पास स्ट्रेटजी रिजर्व्स हैं वो.
बहुत छोटे हैं। बहुत. यही तो क्वेश्चन बनाया था कि आपकी जो पूरी. दिशा थी मुल्क ले आने की।. स्ट्रेटेजिक प्लानिंग नहीं थी। दूसरा उनको. बहुत ज्यादा भरोसा था सऊदी अरब के ऊपर।. देखिए सऊदी अरब अब भी सऊदी अरब और यूएई. यही दो ऐसे मुल्क बचे हैं मिडिल ईस्ट में. जो अभी भी 50% से ज्यादा अपना ईरान के. अलावा तेल बेच रहे हैं। कैसे बेच रहे हैं? उनका जो मेजर ऑयल टर्मिनल्स जहां से ऑयल. बेचते थे जो गल्फ के इलाके में हैं।. हॉर्मोस स्टेट ऑफ़ हार्मोस से निकलते थे।. उन्होंने सोच विचार करके दूरदर्शिता.
दिखाते हुए पहले ही पाइपलाइन बिछा दी थी. जो उनके ईस्टर्न कोस्ट से वेस्टर्न कोस्ट. को कनेक्ट कर रही हैं। यानी कि गल्फ से. लेके पर्शियन गल्फ से लेके रेड सी तक जा. रही हैं। तो इस पाइप लाइन से वो काफी तेल. भेज पा रहे हैं और फिर रेड सी से अपने. पोर्ट से उसको एक्सपोर्ट कर पा रहे हैं।. पूरा नहीं हो पा रहा क्योंकि पाइपलाइन की. जो ट्रांसपोर्टिंग की क्षमता है लिमिटेड. है। लेकिन 50% वो एक्सपोर्ट कर रहे हैं।. भाई ब्रादर मुालिक हैं। पाकिस्तान हमारे. ब्रादर हैं। बिरादर बोलते हैं ना ये शब्द. इस्तेमाल करते हैं ना और उनका तो पैक्ट भी.
है कि आप पे हमला हम पर हमला है। तो सऊदी. अरबिया तेल क्यों नहीं दे रहे इनको? क्योंकि एट द एंड ऑफ इट इट्स ऑल अबाउट. नेशनल इंटरेस्ट। एंड पाकिस्तान को चीज समझ. में आई है। अब पाकिस्तान ने रशियन ऑयल. लेना भी शुरू कर दिया बाय द वे। और. क्योंकि उसके स्ट्रेटजी रिजर्व्स इतने कम. हैं। तो उसके पास इसके अलावा कोई चारा. नहीं है कि उसको ये सब मेजर्स लेने. पड़ेंगे कि स्कूल बंद कर दो कुछ दिन के. लिए। सरकारी जो मुलाजिम है उनको बोलो कि. आप घर से काम करें। तो ये सब मेजर्स कोई. भी कंट्री कल अगर हमारी हालत भी इस तरह से. हो जाती है कि लड़ाई बहुत लंबी खींच जाती.
है। रशिया से तेल किसी तरह से नहीं आ पाता. और हमारे रिजर्व्स खत्म होने जाते हैं तो. हिंदुस्तान को भी ये फैसले करने पड़ेंगे।. इंडिया का अभी भी न्यूट्रल स्टैंड ठीक है।. इजराइल, अमेरिका, ईरान वॉर को लेकर।. देखें. मेरा यह मानना है और यह मेरी पर्सनल जाती. राय है। हम. कि हमारी फॉरेन पॉलिसी का मेन एम यह होना. चाहिए हम. कि अगर कल हमारे पर थ्रेट आएगा तो हमारे.
साथ कौन खड़ा होगा? अगर आज हम न्यूट्रल. नहीं दिखाते हम बोलते हैं कि हम तो. न्यूट्रल हैं। बिल्कुल कल अगर हमारे पास. कोई बड़ा खतरा आता है तो क्या इजराइल पूरे. दिल से हमारी मदद करेगा? नहीं करेगा. क्योंकि हम नहीं कर रहे। पूरा हम बोलते हम. तो न्यूट्रल हैं। जी ईरान किसी भी हालत. में नहीं करेगा।. ईरान किसी भी हालत पे नहीं करेगा। इजराइल. कर सकता था अगर आप खुलकर आते लेकिन इस बार. आप तो हमें. थोड़ा सा इस बार हम खुल के आए हैं जब मोदी. जी ने भाषण दिया है कनेसेट में उनकी जो. पार्लियामेंट है इजराइल की और बोला है.
इंडिया स्टैंड्स विद इजराइल एट दिस मोमेंट. एंड बिय्ड उसके बहुत गहरे मायने थे जो. समझने की जरूरत है और यह अपने आप में एक. बिल्कुल क्लियर कट इंडिकेशन है कि वी आर. नॉट न्यूट्रल एनीमोर वी आर टोटली विद. इजराइल ईरान ने चीज नोटिस की है और ईरान. के बहुत से कमेंटेटर्स एक प्रोफेसर साहब. हैं तैरा यूनिवर्सिटी के काफी इंटरनेट पे. आते हैं काफी पडकास्ट में आते हैं। उनका. यह कहना था कि हम ये चीज ऑब्जर्व कर रहे. हैं। हिंदुस्तान ने जरूर दो तीन ईरानी. जहाज जो हैं समुद्री जहाज हैं उनको शरण दे.
रखी है। उनको इंडियन पोर्ट्स पे डॉक कर. रखा है। उनके जो क्रेडिट्स थे, नेवल. ऑफिसर्स थे उनकी पूरी मेहमान नवाजी कर रहे. हैं हम। तो हमें दिखा रहे हैं कहीं ना. कहीं हम न्यूट्रल हैं। पर ईरान इसको समझता. है कि इंडिया इतना न्यूट्रल नहीं है। और. कई ईरानी मीडिया के अंदर ये खबरें चल रही. है कि जो अमेरिकन जहाज हैं जो इस युद्ध. में इस्तेमाल हो रहे हैं उनमें से बहुत. सारे दे आर विजिटिंग इंडियन पोर्ट्स। ये. सच है या गलत है मैं नहीं जानता। पर ये. अफवाह या ये न्यूज़ ईरानी मीडिया में चल.
रही है।. ओके। तो इंडिया को इसमें इजराइल का स्टैंड. ले क्या मिलेगा? एक पार्टनर भविष्य का बसी. टेक्नोलॉजी हम कहां पीछे हैं? 1.4 बिलियन. लोग हैं। हम. मतलब मैं एक अमेरिका एक मजाक थोड़ा बहुत. सीरियस बात कर ली है। एक चाइनीस पॉलिटिश. ने बोला था जब अमेरिका ने वो दिया ना धमकी. दी कि हम चीन को खत्म कर देंगे। ही सेड वी. आर मोर देन 1 बिलियन चाइनीस। इफ वी ऑल पी. टुगेदर देयर विल बी फ्लड्स यूनाइटेड.
स्टेट्स। तो हमारी इतनी बड़ी आबादी है।. इसको हिंदी में तो आप ही कर सकते हैं जो. मैं नहीं. हम पाकिस्तान के लिए कहते हैं। नहीं कि. हमारी आबादी इतनी है। तो हमारी कमजोरी. क्या है? हमें किस चीज से आज तक महरूम रखा. गया है? किस चीज से हमारी पूरी कोशिश करने. के बावजूद भी हमने दोस्तियां बढ़ा ली।. उनकी मिन्नतें कर ली। हमें वेस्ट ने आज तक. क्या चीज नहीं दी? टेक्नोलॉजी नहीं दी। जी. और जो मुल्क हमें टेक्नोलॉजी दे सकता है. और जिसके पास वो चीज है और बहुत आले दर्जे. की है वो सिर्फ इजराइल है और उसने दिखाया. है. दे हैव अनकंडीशनली एग्रीड टू शेयर आयरन.
डोम टेक्नोलॉजी विद इंडिया ये आज तक किसी. मुल्क ने नहीं किया है इंक्लूडिंग रशिया. बट मेरे ज़हन में एक सवाल आता है कि अगर. इंडिया का कल को वॉर हो जाता है किसी. मुल्क से अभी आपने बताया कि ईरान में खाम. नहीं को इसलिए मार दिया क्योंकि ट्रैफिक. सिग्नल हाईजैक कर दिए थे इससे पहले हमने. पेजर बम की कहानी सुनी थी। अब दुनिया इतनी. एडवांस होगी 15 साल आगे की टेक्नोलॉजी. अपडेट कर रही है। अगर कल को इंडिया वॉर. में जाती है और हमारे चिप्स काम नहीं करते. हैं। मशीनंस काम नहीं करती है क्योंकि हम.
पूरी तरह इंडिपेंडेंट नहीं है। क्या. इंडिया के लिए इस वॉर को देखकर ये सीरियस. कंसर्न नहीं होना चाहिए? बहुत सीरियस. कंसर्न होना चाहिए। देखिए एक चीज है अभी. कुछ भी बोले आप अगर मैं हकीकत का बयान भी. करूंगा आपके सामने। जहां हमारी कमजोरी. दिखती है या सरकार की गवर्नमेंट कमजोरी. दिखती है या किसी और को लगता है कि इस लोग. विरोध में खड़े हो जाते हैं। हम कितना. गुणगान. उससे क्या फर्क पड़ता है. कितना नहीं मुझे तो बिल्कुल फर्क नहीं. पड़ता। मैं इस देश का नागरिक हूं और मेरा. पहला कंसर्न मेरे देश की सुरक्षा है। चाहे. मैं फौजी हूं चाहे मैं रिटायर्ड हूं। एक.
नागरिक के तौर पर ये मेरा पहला कंसर्न है. और मरते दम तक ये कंसर्न रहेगा। आई डोंट. केयर व्हाट द वर्ल्ड सेस और एनीबडी सेस।. लेकिन हम एक चीज जो हमारे कल्चर का हिस्सा. है। हम जिसकी चीज की प्रशंसा करना शुरू. करते हैं ना उसकी इतनी प्रशंसा कर देते. हैं कि उसको भगवान बना देते हैं एक आम. इंसान को और जिसकी बुराई करना शुरू करते. हैं उसकी इतनी बुराई करते हैं उसे राक्षस. बना देते हैं। ये नजरअंदाज करते हुए कि हर. किसी में अच्छाइयां हैं और बुराई भी हम सब. इंसान हैं। ये एक लाजमी चीज है कि हर किसी.
में है। अब हमने बोला कि हमारा इसरो बड़ा. अच्छा काम कर रहा है। अच्छा काम कर रहा. है। मैं भी मानता हूं। नमन है उनके. साइंटिस्ट को कर रहा है। लेकिन भाई इसका. मतलब यह नहीं कि हम इस इसरो की गलतियां. नहीं गिना सकते। आप गिना अरे ये तो इसरो. की बुराई कर रहा है। देखिए हमारे हमारे. विघनों का वैज्ञानिकों का अपमान कर रहे. हैं। भाई मैं किसी का अपमान नहीं कर रहा।. मैं सिर्फ ये कह रहा हूं हम 25 साल से लगे. हुए हैं और गुणगान कर रहे हैं। हमने अपना. नाविक बना दिया। नाविक बना दिया। हमारा. अपना जीपीएस हमने साबित कर लिया। जमीन पर. हकीकत यह है कि वह बिल्कुल नकारा है। किसी.
काम का नहीं है।. जो मुझे खबर मिली है और बिल्कुल उन सोच से. मिली है जो वहां अंदर तक हैं। जैसे. पत्रकार बोलते हैं ना मुझे गोपनीय सूत्रों. से पता लगा है। और मैं जो सूत्र की बात कर. रहा हूं बिल्कुल अंदर हैं। इसरो के इस. टाइम हमारे सिर्फ दो सेटेलाइट्स नाविक काम. कर रहे हैं। बाकी काम ही नहीं कर रहे हैं।. यू नीड एटलीस्ट थ्री इज बेयर मिनिमम अदर. फाइव सेटेलाइट एटलीस्ट टू कवर एन एरिया. लाइक इंडिया टू गिव यू जिसको हम जीपीएस. सिग्नल बोलते हैं आपकी एग्जिट लोकेशन. देंगे जिससे हमारी मिसाइल्स हमारे शिप्स.
हमारे जहाज उस नेविगेशन सिस्टम को. इस्तेमाल कर सके जिस जीपीएस वो करते हैं. सिर्फ दो एक काम कर रहे हैं कल लड़ाई होगी. जीपीएस जैसे अमेरिका ने पहले ही ब्लैकमेल. किया है दिस स्पूफ जीपीएस सिग्नल आपके. कहीं कोई भी चीज एक्सिस्ट जाएगी नहीं कहीं. पे गिरेगी और यही कारण है अभी ईरान जितने. भी अपने मिसाइल्स में ड्रोंस में जो. नेविगेशन यूज़ कर रहा बाय यूज़ कर रहा है. चाइनीस कि जीपीएस पे आप नहीं डिपेंड कर. सकते। उस चीज को हमने सारे हमारे डिफेंस. स्ट्रेटेजिक एक्सपर्ट्स कह कह कर थक गए कि. भाई अपना नेविगेशन सिस्टम चाहिए। अपना.
नेविगेशन सिस्टम चाहिए। इट्स अ टॉप. प्रायोरिटी। अदरवाइज सारी मिसाइल्स, ड्रोनस जहाज ये अपना काम कर ही नहीं. पाएंगे। और बोल दिया उन्होंने हमने बना. दिया है। नाविक नाम कितने साल सुन रहे हैं. हम? नाम ही नाम सुना है? जमीन पे कुछ भी. नहीं है भाई। आप बोले तो फिर आप गवर्नमेंट. के विरोधी हो जाते हैं। पर सच्चाई तो यह. है और गवर्नमेंट अगर इस सच्चाई को सुनेगी. नहीं, इसको एड्रेस नहीं करेगी तो हमें. बहुत बड़ा खामीजा उठाना पड़ेगा।. मतलब ये थॉट मेरे मन में बार-बार आ रहा था.
कि जैसे वो पेजर वाला था कि हमारी सारी. टेक्नोलॉजी तो उनकी है। राफेल भी हमने. लिया है तो उसमें भी टेक्नोलॉजी नहीं दी. उन्होंने हमें फ्रांस ने। अरे टेक्नोलॉजी. छोड़िए यार। अभी फिर मैं रफाल का क्योंकि. कई बार बात कर चुका हूं नहीं बोलूंगा।. नहीं नहीं मैं एक हमने अपनी मिसाइल डेवलप. की। देखिए हमारी मिसाइल मैं इसमें अपना जो. भी है डीआरडीओ का दाद दूंगा।. उन्होंने मिसाइल्स बड़ी अच्छी डेवलप की है. और हमारी एयर टू एयर मिसाइल्स बीआर मिसाइल. बहुत अच्छी है जो हम अपने जहाजों के साथ. लगा सकते हैं उनको इस्तेमाल कर सकते हैं।. हमने ओ सिंदूर में भी देखा। लेकिन जब आप. हमें एक सोर्स कोड तक देने को तैयार नहीं.
है। हम आपसे अरबों रुपए कांटेक्ट कर रहे. हैं कि यार हम अपने मिसाइल्स हमें अपनी. खुद के लगाने दीजिए। उसके लिए भी हम आपसे. हमें आपके सामने हाथ ना जोड़ने पड़े। हमें. वो तक देने को तैयार नहीं है यार। इस बारे. में बस मैं इतना ही कहूंगा। ऐसा कुछ नहीं. कहूंगा अभी क्योंकि बात अलग हो जाएगी। मैं. कई बार बोल चुका हूं।. एक नई थ्योरी लेता हूं मैं। ईरान इजराइल. वॉर के बीच में बलूचिस्तान बहुत एक्टिव. है।. हम ये आपके चेहरे पे चमक आ गई टॉपिक सुन. के क्योंकि इस चीज को हर कोई नजरअंदाज कर. रहा है। हिंदुस्तान के जो स्ट्रेटेजिस्ट्स. हैं, थिंक टैंक्स हैं, इस बारे में सोच ही. नहीं रही हैं।.
क्या बलूचिस्तान में जो एक्टिविटी बढ़ी. है, मैं इसको और इजी फ्रेम।. बोलिए, बोलिए। क्या बलूचिस्तान में जो. एक्टिविटी बढ़ी है क्या पाकिस्तान और ईरान. दोनों साइड जो परेशानियां बढ़नी शुरू हुई. हैं उसके पीछे इज़राइल है बलूचिस्तान में? जो बोलते हैं ना तुर्प का इक्का सुना. आपने? ये इजराइल का तुर्प का इक्का है।. बलूचिस्तान और दूसरी में अब देखिए मुझे. आजकल हिंदी मुहारों में बहुत शौक चढ़ा है।. एक तीर से दो शिकार करना।. यह जग जाहिर है। पाकिस्तान भी जानता है और.
दुनिया भी जानती है। अगर ईरान को उन्होंने. न्यूट्रलाइज कर दिया और वहां एक प्रो. इजराइल प्रो अमेरिकन गवर्नमेंट को लेके आ. गए तो अगला टारगेट पाकिस्तान है। 100%. इजराइल भी जानता है। ईरान भी जानता है और. पाकिस्तान भी जानता है और हिंदुस्तान भी. जानता है। इसमें कुछ छुपा हुआ नहीं है। तो. यह इंडिया इजराइल जो अलायंस भी हो रहा है. यह भी अरे सुने ना अभी मिश्रा जी. बलूचिस्तान के बारे में सुनना अभी पहले ही. नहीं तो भूल जाऊंगा मैं ये जो हो रहा है.
अब हिंदुस्तान ने एप्रोच किया है इजराइल. को कि भई बीएलए जो है बूचिस्तान लिबरेशन. आर्मी वो बहुत एक आजादी की लड़ाई लड़ रही. है अपने हक की लड़ाई लड़ रही है उनका बहुत. पर्सक्यूशन हो रहा है बहुत अत्याचार हो. रहे हैं और हमें उनको सपोर्ट करना है और. बलोच जो हैं ये. सुन्नी मुसलमान है। ठीक है? 80% पाकिस्तान. के इलाके में आते हैं बलचिस्तान में और. 20% बॉर्डर के उस वक्त उस पार ईरान में. है। ये जिस प्रो सिस बलचिस्तान बोला जाता.
है। सिस्तान. उसमें रहते हैं। ईरान पूरा है शिया और ये. है सुन्नी। तो अगर और ये बीएएलए के जितने. भी वो उनका बयान आ चुके हैं कि हम अगर. इजराइल हमें मदद करता है तो हम इजराइल को. मुल्क बनते ही एक्सेप्ट करेंगे, रिकग्निशन. देंगे और उनसे अच्छे ताल्लुकात रखेंगे।. उनको छोड़ दीजिए। मुल्क तो कभी बनेगा नहीं. बनेगा यह तो वक्त बताएगा। बनेगा यह पक्का. है। कब बनेगा यह वक्त बताएगा। लेकिन जब तक. वो मुल्क नहीं भी बन अगर बीएएलएम में एक. पैट बना लेता है इजराइल वो ईरान पे नजर रख.
सकता है पूरे ईरान के ऊपर। वहां अपने ये. बलोच एजेंट्स तैयार करके हर एक ईरान के. इलाके में भेज सकता है और यहीं से अपने. एजेंट बना के पूरे पाकिस्तान के इलाके में. भेज सकता है और पूरे पाकिस्तान पर नजर रख. सकता है और जब युद्ध होगा तो ऑल दीज़ पीपल. कैन बी एक्टिवेटेड व्हिच कैन बी अ फोर्स. मल्टीपायर फॉर योर मिलिट्री अटैक और यह एक. तुर्प का इक्का है इस वक्त जो इजराइल के. हाथ में है और जिसको बड़े केयरफुली और बड़ी. माहिरता से खेल रहा है और जिसमें. हिंदुस्तान उसका पूरा साथ दे रहा है फॉर.
ऑब्वियस रीज़ंस एंड. मुस्लिम मुस्लिम मुालिक उ्मा का हिस्सा. अफगानिस्तान भी इन दोनों मुल्कों का इसमें. साथ दे रहा है।. तो यानी आप ये कह रहे हो कि अफगानिस्तान. और बलूचिस्तान. में जो एक्टिविटीज बढ़ी है एंटी पाकिस्तान. वो सम हाउ कहीं अप्रत्यक्ष तौर पर इजराइल. से भी रिलेटेड है। देखिए इजराइल का अभी तक. तो रोल लिमिटेड है। मैंने आपको बोला दे आर. प्रोवाइडिंग इंटेलिजेंस दे आर प्रोवाइडिंग. अ वेपंस। इंडिया इज लार्जली प्रोवाइडिंग. फाइनेंसियल एड टू बीएलए इवन टू टीटीपी।.
तहरीक तालबान पाकिस्तान तहरीक तालीब. पाकिस्तान. इन दोनों जो इदारे हैं आपका बीएएलए और. टीटीपी इन दोनों को जो शरण दे रहा है जो. एक रिफ्यूज दे रहा है टेरिटोरी टेरिटोरियल. बेसिस प्रोवाइड कर रहा है वो है. अफगानिस्तान उनको जमीन अफगानिस्तान दे रहा. है अपने मुल्क से उनको ऑपरेट करने की. इजाजत दे रहा है उनको एडमिनिस्ट्रेटिव. सपोर्ट दे रहा है पैसा हिंदुस्तान दे रहा. है और टेक्नोलॉजी इंटेलिजेंस वो इजराइल दे.
रहा है इस वक्त और यह वहां सिचुएशन है और. जो दखल अंदाजी है इजराइल की जो उसका. इंटरेस्ट है वो लगातार इस ऑन द राइज़ एंड. सो इज इंडियास एंड सो इज़ अफगानिस्तान। तो. यहां इन तीनों मुल्कों के इंटरेस्ट. कन्वर्ज हो रहे हैं और इन तीनों का टारगेट. लार्जली पाकिस्तान है। कुछ हद तक ईरान है।. इजराइल को पाकिस्तान से क्या दिक्कत है? न्यूक्लियर वेप्स है। मुस्लिम मिल्क है।. सऊदी अरेबिया से पैक करके बैठा हुआ है। और. अभी तक आज तक इजराइल को आज तक इजराइल को. रिकग्नाइज नहीं किया है। ओनली वन मुस्लिम.
वहां जब लड़ाई होती है जब अभी जब खुनी. मारा गया ईरान में तो कराची में 21 लोगों. को पुलिस को मारने पड़े। वहां उनको दंगा. फसाद कर दिया हर जगह। तो एक पाकिस्तान. मुल्क नहीं है। भीड़ है एक इस्लामिस्ट. भीड़ है वो जो जिसको कोई ना कोई मुद्दा. चाहिए फॉर वायलेंस।. और यह वायलेंस किसी ना किसी दिन इजराइल. अभी भी डायरेक्टेड है। दे ऑलवेज चांट इन. देयर रैली डेथ टू अमेरिका डेथ टू इजराइल. इन पाकिस्तान एंड एवरीबडी नोस दैट एंड.
व्हेन दे से डेथ टू इजराइल इजराइल नोस दैट. दैट व्हेनवर इट इज़ कैपेबल इनफ और व्हेन द. सिचुएशन कम्स लाइक दैट मे बी दे विल ट्राई. टू हार्म इजराइल एंड फिजिकली एंड इजराइल. मैं बोल रहा हूं ना वो हमारी तरह नहीं है. कि 5 साल अभी बीजेपी गवर्नमेंट चली जाएगी. जी फिर कौन सी गवर्नमेंट आएगी वो क्या. पॉलिसी बनाएगी वो 20 साल आगे सोचते हैं 20. साल और उसके लिए प्लानिंग शुरू कर देते. हैं आज से। हमारे में उनमें यह फर्क है।. तो मतलब हमें पाकिस्तान से टेंशन लेने की. जरूरत नहीं है। इजराइल देख लेगा आगे। यह. कह रहा. कोई किसी की लड़ाई नहीं लड़ता। मिश्रा जी।. सबको अपनी लड़ाई उनका उनका दुख भी तो बड़ा.
है।. सपोर्ट मिल सकता है। और. नहीं नहीं हमारा मतलब उनके अपने मसले उनसे. पाकिस्तान से इतने ज्यादा हैं। क्योंकि. आपकी भी जो बात है।. वो पाकिस्तान इस वक्त इजराइल के लिए. इमीडिएट थ्रेट नहीं है। हमारे लिए. पाकिस्तान इमीडिएट थ्रेट है हमेशा से।. हां। बिकॉज़ पाकिस्तान की तो जो जब से पैदा. हुआ है पाकिस्तान उनकी तो पॉलिसी रही है।. गैर मुस्लिम मुल्क है, हिंदू हैं इनको. खत्म करना है। इनसे कश्मीर लेना है। तो वो. तो रहेगी और जब तक ये इस्लामिस्ट सोच. रहेगी. शांति नहीं होती। आप पूरा कश्मीर भी दे.
देंगे ना फिर भी शांति नहीं आएगी. पाकिस्तान हिंदुस्तान के बीच में। क्योंकि. सोच वो इस्लामिस्ट सोच है। ये इजराइल की. एक सीक्रेट मिलिट्री डॉक्ट्रिन का नाम आया. था। Samsung ऑप्शन। ये क्या होता है? कहा जा रहा था कि अगर इजराइल मिटा तो इनकी. थ्योरी है कि हम दुनिया को मिटा के. मिटेंगे।. देखिए मैं ऐसी थ्योरीज को या तवज्जो नहीं. देता हूं।. कारण ये है. कि पूरी दुनिया इजराइल की दुश्मन नहीं है।. हम. अब अमेरिका जो लड़ाई लड़ रहा है वो इजराइल. के लिए लड़ रहा है।. हम. अमेरिका को उसमें इंटरेस्ट 10% ज्यादा.
नहीं है। 90% इजराइल का है। और जितनी. पुरानी लड़ाईयां हुई हैं जो नेटो कंट्रीज. हैं, यूरोपियन कंट्रीज हैं।. उन्होंने पूरा सपोर्ट किया है यूरोप का।. तो क्या अगर इजराइल मिटेगा तो इन मुल्कों. को मिटा के मिलेगा? तो ये थ्यरी पे. ईरान के पास डर्टी बम हो सकता है।. अभी मैंने उसका जिक्र आपको पूरा एक्सप्लेन. किया।. ईरान के बाद. ईरान की बात कर रहा हूं मुझे। 60%. यूरेनियम है। पूरा तो आपको एक्सप्लेन किया. मैंने इसको और कैसे आयरन डोम आयरन डोम? इट विल बी अ एयर बर्स्ट गॉट इट। विद. कन्वेंशनल एक्सप्लोसिव। अ जैसे मैंने आपसे.
फिर पूछा था कि इजराइल के पेजर ब्लास्ट. दुनिया को हिलाया था।. एस अ वेटरन आर्मी एस अ कर्नल ऑफ एक्स. इंडियन आर्मी। अ क्या ये परेशान कर सकता. है कि कभी पीक वॉर टाइम में हमारे जो. टेक्नोलॉजी है उसे डीएक्टिवेट कर दिया जाए. और हम फंस जाए।. बिल्कुल हो सकता है और इसका मैं आपको एक. उदाहरण देता हूं। हम्।. अब मैंने मुझे खुद नहीं पता क्योंकि मैंने. वह खुद देखा नहीं है या फर्स्ट एंड. सोर्सेस से मैंने नहीं सुना है।. लेकिन मेरे नोटिस में आया है और मुझे कुछ. लोगों ने बताया है जो कहते हैं कि. उन्होंने खुद देखा है कि हमने एक ड्रोन.
यूज़ किया लद्दाख में।. और जो वो ड्रोन हम यूज़ कर रहे थे एलओसी के. पास में चाइना कैप्चर द ड्रोन थ्रू. सिग्नल्स विद द टेक्नोलॉजी।. तो ऐसी चीजें संभव हैं। क्योंकि अभी जो. ड्रोंस हमारे पास हैं, चाहे हम मेड इन. इंडिया का कितना ही राग अलाप लें राग. अलापना शायद गलत शब्द होगा। हम कोशिश कर. रहे हैं कि हम अपने बनाएं और एकदम से कुछ. नहीं बनता है। मैं इस चीज को एक्सेप्ट. करता हूं कि एकदम से ड्रोन नहीं बन. जाएंगे। एकदम से हम टेक्नोलॉजिकल पावर. नहीं बन जाएंगे। धीरे-धीरे चीजें बनती.
हैं। तो हम ना चाहकर भी हमारी जो प्राइवेट. कंपनीज़ है वो ना भी चाहें तब भी उनमें से. जो स्पेशली फ्लाइट कंट्रोलर है ज्यादातर. कंपोनेंट्स चाइनीस हैं और उनसे निजात पाना. उनसे ऊपर उठना कि हम खुद अपने बनाने शुरू. कर देंगे और उस दर्जे के बना लेंगे जो कि. मॉडर्न वारफेयर में कामयाब रहेंगे हमें. वक्त लगेगा। तो ये डर तो जब तक हम उस. स्टेज तक नहीं पहुंचते टेक्नोलॉजिकली जहां. इजराइल आता है। बोलते हैं ना इजराइल साथ. देगा क्या होगा? नहीं पहुंचते। हमें इन. चीज पे डिपेंड रहना पड़ेगा। इस डर के साथ. जीना पड़ेगा। और बहुत से अब हमने जैसे कई.
सारी जो टेक्नोलॉजी कंपनीज़ हैं चाइना की. उनको हमने क्यों बैन कर रखा है हिंदुस्तान. में? कारण यही है कि इन सब चीजों में दे. कैन हैव अ काइंड ऑफ़ किल स्विच। अब जब. जितने भी कंट्रीज F35 खरीदती हैं यूएसए यह. अरबों रुपए का जहाज है एक जहाज सिर्फ जो. सुनने में आया है और कई सोर्स ने उसको. वेरीफाई भी किया है कि एक्सेप्ट फॉर. इजराइल. ऑल द F35 व्हिच आर नियरली अबाउट थाउजेंड.
ऑफ़ देम सप्लाई टू ऑल नेटो कंट्रीज जापान. साउथ कोरिया ऑस्ट्रेलिया एंड ऑल दीज़. कंट्रीज. अमेरिका हैज़ अ किल स्विच इन देम अमेरिका. कैन इंश्योर दैट व्हेन दे ट्राई टू इवन. स्टार्ट द एयरक्राफ्ट फ्रॉम ग्राउंड इट. वुड स्टार्ट दे कैन दे हैव द टेक्नोलॉजी. एंड दे हैव पुट दैट काइंड ऑफ़ किल स्विच इन. ऑल दिस F35. फिर एक्सल एक्सेंशन. और ये डर जो है ना शायद डेनमार्क में हुआ. था मुझे मुल्क का नाम ध्यान नहीं आ रहा. यूरोप में हुआ था दे वर बाइंग इलेक्ट्रिक. बसेस फ्रॉम चाइना.
दे बोट लॉट ऑफ बिकॉज़ इट्स चीप सस्ती हैं. और आपको पता है यूरोप की पॉलिसी रही है. ग्रीन पॉलिसी कम से कम प्रदूषण तो. इलेक्ट्रिक बसेस उन्होंने चाइना से. इंपोर्ट की थी काफी बड़ी मात्रा में एंड. देन दे फाउंड आउट दैट दीज़ बसेस कैन बी. कंट्रोलोल्ड एंड कैन बी स्टॉप बाय चाइना. सिंग इन चाइना दे हैड काइंड ऑफ़ किल स्विच. एस यू आर सेइंग तो उसके बाद से वो बहुत. जागरूक हो गए हैं उनका इंपोर्ट बंद हो गया. है और यही कारण है कि यूरोपियन कंट्रीज. इंडिया अमेरिका कनाडा दे डू नॉट वांट टू.
बाय टू मच ऑफ़ टेक्नोलॉजी फ्रॉम चाइना एंड. दे आर सो वेरीरी ऑफ बाइंग इट। उन्हें डर. लगता है खरीदते वक्त कहीं इसमें कुछ है तो. नहीं जिससे वो कंट्रोल कर सकते हैं हर चीज. को। ये एक बड़ा कारण है। क्या इजराइल. अमेरिका खुद पर भी हमला करवा सकते हैं या. किसी गल्फ कंट्री पर फेक हमला ताकि ईरान. को वो न्यूक्लियर पावर से या किसी बड़े और. बड़े हथियार से खत्म कर सके, कमजोर कर. सके, मिटा सके। देखिए ये बात हम पिछले. उसमें कर चुके हैं मिश्रा जी। तो इसको. जिसका मैंने आपको याद हो एक शब्द का. इस्तेमाल किया था फॉल्स फ्लैग ऑपरेशंस। जो.
चीज आपने बोली इनको मिलिट्री पार्लर्स में. फॉल्स फ्लैग ऑपरेशंस बोला जाता है। और. उसका जिक्र हमने ड्रिल में लास्ट पडकास्ट. में किया था। हम ठीक है। ओवरऑल आप कहां. देख रहे हैं दुनिया को जाते हुए अगर हम. एंड में आए तो विनाश की ओर. 100% और मैं ये सिर्फ अंदे से या कोई. सितारों को देख के नहीं बोल रहा हूं जो. चीज हो रही है और जो हकीकत है जो बयान आए. हैं डिफरेंट लीडर्स के पुतिन के हो मध्य. देव जो उनका वहां प्राइम मिनिस्टर है जो.
बड़ी हस्तियां हैं पॉलिटिकल हस्ती और जो. इन्फ्लुएंसर्स है रूस के अंदर चीन के अंदर. अमेरिका के अंदर अंदर ईरान के अंदर यूके. के अंदर कोरिया के अंदर उनकी उनके पुराने. स्टेटमेंट्स को देखते हुए उनकी काबिलियत. को देखते हुए उनकी जमीन पे एक्शन को देखते. हुए जिस जो जिओपॉलिटिकल टेक्टोनिक शिफ्ट्स. हो रहे हैं दुनिया के उनको देखते हुए जो. इस टाइम कॉन्फ्लिक्ट चल रहे हैं दुनिया के. अंदर जिनका मैंने जिक्र किया पीछे इतने. सारे चल रहे हैं उनको देखते हुए और ये.
जानते हुए कि ये खत्म होने वाले नहीं है. और जिस दिशा में सब बढ़ रहे हैं उन सब को. कहते हुए मैं बोल सकता हूं पूरे. कॉन्फिडेंस के साथ कि हम 100% विनाश की ओर. बढ़ रहे हैं।. अगले 5 सालों में किसी मुल्क का नक्शा. बदलेगा? पूरी दुनिया का नक्शा अगले एक साल में बदल. सकता है। तो टाइम लिमिट डालना बड़ा. मुश्किल है। पर जो मैंने आपको बोला कि हम. विनाश की तरफ जा रहे हैं। तो. विनाश मतलब विनाश विनाश का मतलब पूरी. दुनिया का विनाश। यूज़ ऑफ न्यूक्लियर. वेपंस एंड ऑफ वेपन्स व्हिच विल शेक द.
एंटायर ह्यूमैनिटी।. तो पूरी दुनिया पर थोड़ी ना आएगा। कुछ. मुल्कों पर हो सकता है कि पूरी दुनिया भर. हो सकता है। देखिए ये हमारे पडकास्ट का. विषय नहीं है। लेकिन क्योंकि आपने जिक्र. किया मैं समझा देता हूं। दे समथिंग कॉल्ड. न्यूक्लियर विंटर। सुना आपने ये शब्द? मैं. समझाता हूं।. जब एक परमाणु हमला होता है और बड़ी स्केल. पे न्यूक्लियर वेपंस एक्सचेंज होते हैं और. हमले होते हैं। तो जब वो जब फटते हैं बम. तो वो बहुत बड़ी मात्रा में कई 100 कि.मी. ऊपर तक धूल जाती है इनकी। इलेक्ट्रो.
मैग्नेटिक डस्ट इलेक्ट्र रेडियोएक्टिव. सॉरी नॉट इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडियोएक्टिव. डस्ट कि वो जहां गिरेगी वहां रेडियो. एक्टिव फैल जाएगी। वह इलाका आदमियों के. रहने लायक नहीं बचेगा। वहां के फ्रूट्स. फसलें कुछ भी खाने के पशु खाने के लायक. नहीं बचेंगे ना वहां रहने के लायक और. लाएगा कब कब कब कब कब कब कब कब कब कब. बचेगा? क्योंकि रेडियो एक्टिविटी इतनी. ज्यादा हो जाएगी। दूसरा उसका क्या है कि. जब ये इतना बड़ा धुएं और धूल गुबार उठता. है सैकड़ों किलोमीटर ऊपर तक एटमॉस्फयर की. लास्ट लिमिट तक तो जब ये इतना ऊपर पहुंचता. है फिर ये फैलना शुरू करता है और ये.
सैकड़ों मील तक फैलता है एक बम का और जब. यहां हजारों बम है जो अभी एक्सिस्ट करते. हैं तो वो जो इलेक्ट्रोमैग्नेटिक जो ये. रेडियोएक्टिव क्लाउड है वो पूरी धरती को. ढक लेता है तो जो सूर्य की किरणें हैं वो. धरती तक नहीं पहुंच पाती हैं। दैट कॉजेस. विंटर। टेंपरेचर इतना ज्यादा गिर जाएगा. धरती का व्हिच विल गो इन माइनस ऑल ओवर द. वर्ल्ड। ना आपकी कोई फसल पैदा हो सकती है।. ना आधा से ज्यादा जानवर जिंदा रह सकते. हैं। ना आपके पेड़ पौधे जिंदा रह सकते. हैं। और ना इंसान उसमें अगर खुले में. जिंदा रह सकता है। और जो छुप गए बंकर्स.
में और सबके वो कुछ साल तक शायद जिंदा रह. लेंगे। और यह जो रेडियोएक्टिव जो क्लाउड. है जो ये न्यूक्लियर क्लाउड है जिसको. न्यूक्लियर विंटर बोलते हैं यह कई बरसों. तक रह सकता है और कई बरसों तक ना धूप की. किरण आएगी और कई वर्षों तक टेंपरेचर जो. माइनस में चला जाएगा वो रहेगा तो सब कुछ. खत्म हो जाएगा दैट्स कॉल्ड अ न्यूक्लियर. विंटर. तो ये जो बड़े-बड़े मुल्क हैं इनको ये. बातें समझ में नहीं आ रही. सबको समझ में आ रही है. फिर पर उनको ये भरोसा है जैसे कि बार-बार. ब्रिटेन बोलता है एम6 पूरा और यूक्रेन.
बताने की कोशिश कर रहा है पूरी दुनिया को. कि आप बढ़ते रहिए ये. रूस किसी भी हालत में यूक्रेन वेपन. इस्तेमाल नहीं करेगा। पता है उनको करेगा. लेकिन उन्हें वो चाहते हैं किसी तरह. ड्रैगन हो अमेरिका और नेटोस के अंदर। और. मैं आपको एक और इससे अगर आपने इसका जिक्र. किया तो एक चीज और बताना चाहूंगा।. हम. दो दिन पहले यूक्रेन ने स्टम शैडो. मिसाइल्स यूज़ की हैं टू हिट डीप इनसाइड. रशियन टेरिटरी।. यस। स्टर्म शैडो मिसाइल्स आर लॉन्ग. डिस्टेंस मिसाइल्स व्हिच आर कैपेबल ऑफ. कैरिंग न्यूक्लियर वेपन्स एंड दी मिसाइल्स.
एस पर रशिया और इस पे उनके आई थिंक पुटिन. का स्टेटमेंट आया है या उनके जो. सिक्योरिटी काउंसिल के हेड उनका स्टेटमेंट. आया है इसे यूक्रेन डस नॉट हैव द. कैपेबिलिटी टू यूज़ दिस मिसाइल्स ऑन देयर. ओन कि यूक्रेन के पास ये काबिलियत ही नहीं. है कि वो मिसाइल्स को फायर कर सके और किसी. टारगेट को डिस्ट्रॉय कर सके। दिस इज. डायरेक्ट इनवॉल्वमेंट ऑफ ब्रिटिश इन दिस. अटैक ऑन रशियन टेरिटरी और इसका जवाब दिया.
जाएगा। यह शायद जो रशियन फॉरेन मिनिस्टर. हैं सर लेबर उन्होंने बोला है कि मुझे. ध्यान नहीं आ रहा लेकिन स्टेटमेंट उसके. बाद आया क्रम की तरफ से आया है। ऑफिशियल. स्टेटमेंट आया है कि अमेरिकन यूक्रेन. ब्रिटिश आर इन्वॉल्व इन दिस एंड वी होल्ड. देम रेस्पोंसिबल एंड टू बी रेस्पोंडेड टू।. या बोल रहे थे ना कि हमला होगा नहीं होगा।. वो ऐसे हमला शुरू होगा।. अब मैं अगर रशिया में हूं, मिलिट्री. कमांडर हूं, एक न्यूक्लियर केपेबल मिसाइल. मेरी तरफ आ रही है। हाउ डू आई नो दिस डजंट.
कैरी अ न्यूयर वेपन? कोई तरीका नहीं है. जानने का। तो अपने बचाव में उससे पहले कि. वो मुझे हिट करे। लेट माय मिसाइल बी. एक्टिवेटेड।. एक कन्फ्यूजन और कन्फ्यूजन इट कैन बी अ. वेरी वेल थॉट स्ट्रेटजी एज वेल। यह होगा।. एंड आप बोल रहे हैं कि बड़ी यही कहना है. कि बहुत बड़ी बात बोली विनाश विनाश 100%. होगा और मैं हवा में नहीं बोल रहा मैंने. आपको गिनवाई है चीजें जिनके बिना पे मैं. इस कंक्लूजन में पहुंचा हूं.
तो अगले 5 10 सालों में शायद न्यूट. आप जो ऐश करनी है जैसा करना है करिए आप. एंजॉय करिए मिश्रा जी 510 साल उसके बाद. देखा जाएगा. आप महिला कमांड महिलाओं को ट्रेनिंग भी. देते थे मैंने सुना था कहीं आप ट्रेनिंग. नहीं देखिए मैंने एक इनिशिएटिव शुरू किया. था। अब मैंने जब महिला फाइटिंग आर्म्स में. नहीं होनी चाहिए। इनफेंट्री में नहीं आनी. चाहिए। क्योंकि कॉम्बैट बहुत एक गंदी चीज. है। खून संघर्ष और औरत के लिए वो चीज नहीं.
बनी है। बायोलॉजिकली खुदा ने नहीं बनाई. है। भगवान ने नहीं बनाई है।. लेकिन मैं ये बोलता हूं कि मैं फेमिनिस्ट. हूं। और क्यों बोलता हूं बताता हूं आपको।. जो ये मैंने इनिशिएटिव शुरू किया था। इसका. नाम था सेफ गर्ल्स फाउंडेशन। लेटर ऑन वी. रजिस्टर्ड इट एज अ एनजीओ। एंड आई कंडक्टेड. वर्कशॉप्स ऑल ओवर इंडिया। मैंने 150 से. ज्यादा पूरे मुल्क में यह वर्कशॉप्स. कंडक्ट की हैं। इंक्लूडिंग हमारी मुस्लिम. बहनों के लिए लोग मुझे बोलेंगे मेरी बातें. सुन के कि ये तो मुस्लिम विरोधी हैं। उनके. लिए और ये एक मैं उनको लात मारना, मुक्के.
मारना ये सब नहीं सिखाता हूं। एक. होलिस्टिक कांसेप्ट सेफ्टी की कि आप स्कूल. में जाते हैं। स्कूल में बहुत से केसेस. होते हैं। छोटी बच्चियों के साथ कई बार. गलत बर्ताव होता है। आप ऑफिस में जाते हैं. काम के लिए। आप ट्रांसपोर्ट में पब्लिक. ट्रांसपोर्ट में 90% लड़कियों ने मेट्रो. से मैंने किया है। बोला कि कम से कम एक. बार मेरे साथ इंसेंट हुई है कि किसी ने. मुझे गलत तरीके से टच करने की कोशिश की हो. पब्लिक ट्रांसपोर्ट 90% महिलाएं. हिंदुस्तान के अंदर वहां कैसे सेफ रहना. है? बाकी आप स्ट्रीट में जा रही हैं। किसी. कहीं अकेले जा रही हैं सुनसान इलाका है।.
वहां आपको कैसे सुरक्षित रहना है? अगर. आपको लगता है खतरा है तो उसमें आपने क्या. कारवाई करनी है और उसके बाद कैसे आपने. अलार्म रेज करना है, मदद कैसे मांगनी है? हमारे बच्चियों को यह भी नहीं पता कि मदद. कैसे मांगनी है। क्या-क्या नंबर्स आपके. पास हमेशा होने चाहिए और यह मदद मांगने के. क्या-क्या तरीके हो सकते हैं। फोन काम. नहीं कर रहा है। बैटरी डिस्चार्ज हो गई. है। फोन गुम हो गया है। फोन छीन लिया है।. फिर कैसे मदद मांगेंगे? कैसे अलार्म रेज. करेंगे? कैसे बिना लड़े वो हालात पैदा. करेंगे कि जो आपके ऊपर हमला कर रहा है वो.
वहां से भाग जाए। और अंत में अगर आपको. पकड़ लिया है, जकड़ लिया है किसी इलाके. में, आपको जमीन पे दपोच लिया है तो अपने. आपको कैसे आपने फ्री करना है और वहां से. निकलना है। तो एक होलिस्टिक कासेप्ट है जो. सेफ्टी की और सेल्फ डिफेंस की उसको ले मैं. वर्कशॉप्स करता हूं। मैंने 17 से 18. इंडियन स्टेट्स के अंदर ये वर्कशॉप्स की. हैं। इंक्लूडिंग नौ स्टेट्स की लेडी पुलिस. ऑफिसर्स की मैंने सात-सा दिन की वर्कशॉप्स. की हैं। बिल्कुल फ्री मैंने किसी से कोई. पांच पैसा नहीं लिया। अपने टाइम में अपनी. एनुअल लीव लेके मैं फौज के अंदर नौकरी कर.
रहा था। फौज से सबकी इजाजत नहीं है। आप. नहीं कर सकते और ना उनके थ्रू मैं कर सकता. था। मैंने अपने थ्रू अपने प्राइवेट. इनिशिएटिव से किया है। अपनी छुट्टियों के. दौरान अपने टाइम में अपने पैसे से और मैं. यह पूरे देश में करना चाहता हूं। पर मेरी. दिक्कत क्या है? मिश्रा जी जैसा आप जानते. हैं। मैं इतना मिलनसार आदमी नहीं हूं। मैं. नेटवर्किंग कर लिया। फिर मैं स्कूलों को. अप्रोच करूं। यूनिवर्सिटीज को अप्रोच करूं. कि मुझसे आप वर्कशॉप कंडक्ट करा लीजिए। एक. मुझे मैं अनकंफर्टेबल फील करता हूं।. क्योंकि ज्यादातर मानसिकता हिंदुस्तान की.
है। स्कूल्स, कॉलेजेस, यूनिवर्सिटीज या. इंस्टीटश उनको लगता है कोई वेंडर आ गया।. पता नहीं इसका क्या फायदा क्या पैसा बनाना. चाहता है इसमें और जब वो आपको इस नजर से. देखते हैं, इस तरह की बात करते हैं तो मैं. बहुत असहज हो जाता हूं। फिर मेरा करने का. दिल नहीं करता है। तो जो थोड़े बहुत मुझे. अप्रोच किया मैंने इस तरह से किया। पुलिस. में खासकर एक पुलिस डिपार्टमेंट ने दूसरे. को बोला, दूसरे ने तीसरे को बोला तो वहां. काफी हो गई। एनसीसी में की है। अभी मैं. एनसीसी के जो डायरेक्टर जनरल है उनसे बात. की है कि हमें ऐसा मौका दीजिए। देखते हैं. शायद वो देते हैं नहीं देते हैं और मैं तो.
जैसे आप जैसे इन्फ्लुएंसरर उनसे रिक्वेस्ट. करूंगा कि आप प्लीज यह मैसेज पहुंचाइए. ताकि हमारे स्कूल्स कॉलेजेस सरकारें हमारी. जो इतनी बातें करती हैं बेटी बचाओ बेटी. पढ़ाओ नारी सुरक्षा कि कोई हमसे संपर्क. करे हमें इस चीज में इन्वॉल्व करे हमें. कोई पैसा नहीं बनाना है। हमें इसमें कोई. फायदा नहीं उठाना है। वी जस्ट वांट टू मेक. श्योर कि आवर गर्ल्स फील सेफ व्हेन दे. वर्क ऑन द स्ट्रीट्स ऑफ इंडिया एंड दे कैन. डू व्हाटएवर दे वांट लाइक मेन डू और. सुरक्षित रहें और हम जो भी कंट्रीब्यूट कर.
सके करना चाहेंगे और इस विषय में मैं आपको. बताऊंगा शुरुआत किस तरह से हुई मैं कश्मीर. में था उस वक्त 2012 की बात है 14 की सॉरी. 12 13 के आसपास की बात है एक पार्टी थी कि. कोई बड़ी सीनियर ब्यूरोक्रेट हैं रिटायर्ड. उन्होंने घर पर पार्टी के लिए बुलाया हुआ. था काफी लोग थे वहां पर उस समय यह निर्भ. केस नया-नया हुआ था और बहुत बातचीत हो रही. थी कि कि हमारे समाज को क्या हो गया है? कोई बोल रहा है हमारी पुलिस इतनी निकम्मी. है। कोई बोलता है हमारे पॉलिटिशियंस इतनी.
नालायक हैं। कोई बोलता है हमारा सिस्टम ही. सड़ा हुआ है। कोई बोलता है हमारी तो. मानसिकता ही गंदी है। लेकिन समाधान क्या. है? तो. मतलब मैं तो इसमें इसमें कन्वर्सेशन के. बीच में इधर साइड में बैठ के मैं किसी तरह. से अपनी कोई और की बातें कर रहा था। तो. उन्होंने एक तरफ मेहता बोला बिकॉज़ शी न्यू. ये जो महिला जिन्होंने हमें बुला रखा था. घर पे पार्टी के लिए शी न्यू दैट आई हैव. लॉट ऑफ इंटरेस्ट इन मार्शल आर्ट्स एंड आई. एम एन एक्सपर्ट इन क्राऊमा मागा एंड आई. हैव बीन फ्रॉम स्पेशल मास्टर्स एंड स्पेशल. फर्सेस एंड ऑल तो उसने बोला राजेश आप क्या.
कर रहे हैं इसके बारे में. मैं स्तब्ध रह गया कि भाई मैं फौजी हूं. मैं कोई मैंने कहा मैडम मैं पुलिस वाला. थोड़ी हूं कि सड़क पे खड़ा हो जाऊंगा फिर. मैं महिलाओं की सुरक्षा करूंगा इसमें तो. मेरा कहीं रोल ही नहीं आता है कहती नहीं. पर यू आर अ इंडियन सिटीजन यू आल्सो हैव अ. रेस्पोंसिबिलिटी तो मैंने कहा मैडम मैं. क्या कर सकता हूं बताइए? कहती नहीं यू हैव. यू नो मार्शल आर्ट्स यू. हैव बीन स्पेशल फर्सेस। सिखाओ कुछ हमारी. बच्चियों को भी कि अपनी सुरक्षा कर सके।. मैंने कहा मैडम आपने हमारी बच्चियां देखी.
हैं। होमवर्क में लगी रहती हैं। घर का काम. करती हैं। बिल्कुल कमजोर सी अगर सिखा भी. आपको लगता है वो लड़ पाएंगी। इस तरह से एक. दो तीन गुंडे सामने आ गए तो। तो उन्होंने. मुझे एक चीज बोली और फिर मुझे अपनी गलती. का एहसास हुआ कि हमारी लड़कियों को इतना. कम अता किए आप। आप उनको डिजायर्ड ट्रेनिंग. दीजिए और फिर देखिए वो क्या करती हैं। और. जब मैंने और उन्होंने ही मेरी पहली दो तीन. जो ट्रेनिंग्स हैं वो कश्मीर के अंदर. ऑर्गेनाइज करी। श्रीनगर में मेरी सबसे. पहली वर्कशॉप्स श्रीनगर के अंदर हुई थी।. जहां हमारी मुस्लिम बहनें थी। मैंने करवाई. और जो जज्बा और जो जोश मैंने लड़कियों में.
देखा जब मैंने उनको सिखाना शुरू किया सब. आई वास सो इंप्रेस्ड एंड आई रियलाइज़ हाउ. रोंग आई वास अबाउट आवर वुमेन एंड देयर. कैपेबिलिटीज एंड देन आई दिस वन थिंग लेड. टू अदर एंड आई स्टार्ट डूइंग इट ऑल ओवर. इंडिया। तो. सो अगर अभी किसी कॉलेज को या स्कूल को. आपसे कांटेक्ट करना हो तो कैसे कांटेक्ट. करें? देखिए वी हैव अ Facebook पेज बाय नेम ऑफ़. सेफ गर्ल्स फाउंडेशन। इसके अलावा हमने एक. WhatsApp ग्रुप भी बना रखा है क्योंकि. मैंने बहुत सारे लेडी ऑफिसर्स की पुलिस. लेडी ऑफिसर्स की ट्रेनिंग भी कराई हैं। तो.
कई बार कॉल्स आते हैं फार फ्लंग एरिया से. मेघालय से आया किसी लड़की का कि मैं घर. में हूं उसके खुद के रिलेटिव उसका खुद का. बाप उसको सेक्सुअली रेप कर रहा है। अब वो. बेचारी कहीं जा सकती से बात नहीं कर सकती।. तो वो कांटेक्ट करते हैं हमसे और फिर. क्योंकि मैंने मेघालय पुलिस के लेडी. ऑफिसर्स की भी ट्रेनिंग कराई जिसमें बहुत. सारे डीएसपीस भी थी और इंस्पेक्टर सब. इंस्पेक्टर्स थी लेडीज। तो वी कैन. कांटेक्ट समवन हु कैन अप्रोच दिस गर्ल ऑन. हर ओन। शी डजंट हैव टू गो टू अ पुलिस. स्टेशन। शी डज नॉट टेल एनीवन बिकॉज़ शी टू. अशेम टू टेल एनीवन। टू स्केयर टू टेल इट।. सो ये WhatsApp ग्रुप में बहुत सारी.
लड़कियां महिलाएं जुड़ी हुई हैं। वो इनसे. जुड़े। मैं आपसे अनुरोध करूंगा कि आप वो. नंबर आपके पडकास्ट में जब भी दिखाते हैं. नंबर फ्लैश कर दें। वो जो WhatsApp नंबर. है। हमें जो भी रिक्वेस्ट आएंगी और हमें. कंफर्म करने के बाद कि वो एक महिला ही है।. कोई पुरुष या कोई एंटी सोशल एलिमेंट नहीं. है। हम उनको WhatsApp ग्रुप में शामिल. करेंगे। और कोई भी हमसे अगर ये अनुरोध. करेगा कि आप हमारे यहां वर्कशॉप कराइए. हमारे स्कूल में, कॉलेज में, यूनिवर्सिटी. में, इंस्टिट्यूशन में हम वहां करेंगे और. हमें खुशी होगी अगर हमें कोई यह मौका देता.
है तो।. नाइस।. अब यहां से आगे क्या हिंदुस्तान में आप. अभी एक्टिव हैं। अभी शायद आपकी कई देशों. की यात्रा है।. देखिए अभी एक दो जो मेरे टीवी चैनल्स हैं. जिनसे मैं जुड़ा हुआ हूं। उनसे उन्होंने. मुझे बोला है कि शायद वह मुझे ईरान या. इजराइल कहीं भेजना चाहते हैं रिपोर्टिंग. के लिए तो शायद मैं वहां जाऊं। आपको. असुरक्षित होना मजा आता है। अब यूस के. बारे में बात कर चुके हैं पहले से ही। बट. परसों इस वक्त मैं कायरों मेंऊंगा इजिप्ट. में जो कि एक बॉर्डरिंग मुल्क है इजराइल.
का और सबसे बड़ा अरब मुल्क है उस ख्ते में. और जिसने पीछे पास्ट में इजराइल से दो तीन. लड़ाईयां लड़ी हैं और वहां की पब्लिक अभी. इजराइल से बहुत खुश नहीं है क्योंकि. इजराइल ने काफी हद तक उनकी गैस और पेट्रोल. की सप्लाई रोक दी है तो वहां से अगर कुछ. अपडेट बना तो फिर आपको अपडेट करेंगे। नाइस. चलिए शुक्रिया आपका। धन्यवाद। कई सारे. विषयों पर पिछली बार आपने बात की थी।. लोगों ने काफी पसंद किया था। कई सारी. चर्चाएं अभी भी चल रही हैं। उम्मीद करते.
हैं कि अगले दो दिनों में जब ये वीडियो. जाएगा तो उतना ही प्यार मिले और कोई सवाल. लोगों के ज़हन में रह जाए तो आप कमेंट. सेक्शन में लिख सकते हैं। बाकी अगर आपको. राजेश जी से संपर्क करना हो तो हमने जैसा. बताया कि वो नंबर हम फ्लैश कर देंगे। उनके. भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पे जुड़िए।. भविष्य में आपको और बहुत सारे कोलैबोरेशंस. दिखाई पड़ेंगे। कोई मैसेज जो आप. हिंदुस्तानी लोगों को देना चाहते हो।. देखिए मैं सिर्फ एक चीज बोलना चाहूंगा और. मैं जितने हमारे हिंदुस्तान के अंदर. मुस्लिम या क्रिश्चियन भाई बहनें हैं कि. मैं जो चीज बोल रहा हूं उसको यह मान के ना. चलें कि मैं एंटी मुस्लिम या एंटी.
क्रिश्चियन में बिल्कुल भी नहीं हूं। मेरे. बहुत से क्रिश्चियन और मुस्लिम दोस्त हैं।. मैं उनसे मेरी बहुत मोहब्बत है। लेकिन. जैसा कि मैंने बोला हर किसी कंसर्न्स होते. हैं और हम एक डेमोक्रेटिक कंट्री हैं।. हमें उस स्पिरिट के साथ अगर हम जिएंगे तो. हम सब प्रोस्पेरस होंगे। हम सब खुशहाल. होंगे। हमारे कंसर्न्स को समझिए। हम आपके. कंसं को समझेंगे और साथ मिलकर इस देश को. आगे लेके चलते हैं। हर चीज को क्योंकि मैं. अपनी आइडेंटिटी को एक गर्व के साथ बोल रहा. हूं तो उसको खिलाफत नहीं समझना है। बस. मेरी गुजारिश है हमारे देश के लोगों से।.
थैंक यू सो मच सर। लवली मीट यू अगेन। थैंक. यू।.
