How Solar Power Is Reshaping India | ft. Chirag & Hardik | Shark Tank | Rayzon Solar | Shubhankar
चिराग, नकरानी और हार्दिक कोठिया।. तो थ्री डेट पे एक बड़ा अच्छा डायलॉग था कि. दोस्त फेल हो जाए तो दुख होता है।. लेकिन दोस्त फर्स्ट आ जाए तो ज्यादा दुख. होता है। [हंसी]. ये जब शार्क टैंक गए। आपको अच्छा लगा था. घर वालों ने कहा देखो इनको देखते हो शार्क. टैंक में? कैसे लगते हैं वहां पर? ये स्मार्ट दिखता. है। [हंसी].
आपका फेवरेट शाक कौन है? रितेश अग्रवाल।. oo वाले।. जी।. प्यारा समझ गया। [हंसी]. प्यारी समझ गई।. तो उन्होंने कोई पूछा आपसे चिराग आप कभी. oo में गए? हां मैं oo में भी रहा हूं।. उसका एंगल पूरा अलग जा रहा है।. सी दिमाग देख रहे हो उसे कहां जा रहा है।. तो नॉर्मल [हंसी] क्वेश्चन है।. पांच शार्क होते हैं। उसमें मान लीजिए कि. दो शार्क वैसे होते हैं कि जो कभी भी आपको. बोलने नहीं देंगे। [हंसी]. मैं तो चेहरा भी इमेजिन कर दिया। हार्दिक. भाई आपने इन्वेस्टमेंट तो गुजरात टाइटंस. में भी की थी।. पूछा नहीं कि हार्दिक भाई को हार्दिक भाई.
ने छोड़ा क्यों? अगर वो हमारे हाथ में होता तो हम लोग कभी. छोड़ने नहीं देते।. आईपीएलl में स्पोंसर करने का पीछे लॉजिक. क्या थे? ऐसा तो नहीं था कि आप कोई मैच. देखने जा रहे थे। टिकट नहीं मिला तो दिल. पे ले लिया। अमीर [हंसी] बाप अमीर बाप की. बिगड़ी औलाद दे। लो अब पूरी टीम खरीद।. सीएसके और जीटी को इसलिए तो नहीं आपने. स्पोंसर कर दिया था क्योंकि दोनों 2023. फाइनल में पहुंचे थे। गुजराती लोग छुट्टी. भी जाते होंगे। वहां भी सोचते होंगे नया. धंधा क्या शुरू कर दे। [हंसी]. टीम को कैसे बेहतर बना के ले चलो साथ ले. चलो। डिर्व करते हैं उतना अगर आप दे देंगे. ना तो आपकी कंपनी दो गुना नहीं चार गुना. आगे बढ़ेगी। ईगो नीचे धंधा ऊपर ईगो ऊपर.
धंधा नीचे।. कौन सा बिज़नेसमैन है जिसको देखकर मतलब आप. काफी इंस्पायर हुए और आपको लगा यार मैं. इसको लुक अप करता हूं।. रतन दादा जी वहां का वर्क कल्चर बहुत. अच्छा लगता है।. कौन सा फेवरेट गन है आपका? हनी सिंह वाला. उसमें मिलियर है। हमें बिलियनर वाला देखना. है।. मैं हनी सिंह को बोलूं कि अगला वाला. [हंसी]. हम ही बनवाते हैं।. क्या देख के इन्वेस्टमेंट करते हो आप लोग? प्रोडक्ट में दम है तो फिर इन्वेस्ट करते. हैं हम लोग।. बंदा देख के इन्वेस्ट नहीं करते।.
भारत में जितने मां-बाप हैं वो कहते हैं. कि बेटा पढ़ लिख लो तभी बनोगे महान। लेकिन. शायद गुजरात इकलौता राज्य होगा जहां पे. मां-बाप कहते हैं बेटा जो पढ़ना है पढ़. लो। पर आखिरी में करवाएंगे धंधा तुमसे।. ऐसा इसलिए गुजरात में धंधा करना हुनर नहीं. बल्कि विरासत के तौर पर जाना जाता है।. गुजरात को लेकर अक्सर यह कहा जाता है कि. वहां हवा में भी व्यापार जो है वो घुला. मिला है। गुजरात की मिट्टी में कारोबार की.
खुशबू है। इसीलिए आज अगर आप बिजनेस में. इंटरेस्टेड हैं तो हम आपको दो ऐसी शख्सियत. से मिलवाने वाले हैं जिनसे आप यह सीख सकते. हैं कम उम्र में करोड़ों अरबों रुपए कैसे. कमाए जाते हैं। क्या करना है और उससे. जरूरी क्या नहीं करना है। कैसे विरासत को. आगे बढ़ाना है। दो खास मेहमान चिराग. नकरानी और हार्दिक कोठिया। बहुत-बहुत. स्वागत है आप दोनों का।. थैंक यू।. थैंक यू।. धंधा कैसेो चले छ? 100% है क्योंकि गुजरात.
के अंदर अगर आप देखेंगे तो सबसे ज्यादा. अगर बिजनेस कल्चर देखेंगे तो मेरे को लगता. है कि गुजरात के अंदर ही है क्योंकि. आप देखोगे जैसे मेरे फादर थे वो ऑलरेडी. बिजनेस कर रहे थे तो जब से छोटे थे तब से. हमें यही लगता था कि कुछ ना कुछ बिजनेस. करना है। लेकिन जब कॉलेज में थे तब ये. नहीं पता है कि क्या करना है। लेकिन जब भी. कोई पूछता था क्या करोगे तो हम लोग हमेशा. यही बोलते थे कि भ कोई ना कोई बिज़नेस. करेंगे या तो फादर का जॉइ करेंगे या खुद. का करेंगे। तो हमेशा से यही सपना रहा कि. कोई बड़ा सा बिजनेस करेंगे और उसमें आगे.
बढ़ेंगे।. मतलब मैंने मजाकमज़ाक में जो कहा वो सही था. कि मां-बाप ने कहा जो पढ़ना है पढ़ लो।. हां।. आखिर में यही आना।. हां बाद में तो तुम्हें हमारा धंधा जो है. वही ज्वाइन कराएंगे। [हंसी]. शादी करा दी आपकी? जी।. खुद लव मैरिज की या अरेंज मैरिज।. अरेंज मैरिज।. तो मतलब पहले लड़की सेट कर दी उसके बाद. धंधा हम सेट कर दिया।. दोनों साथ में खराब ऐसा [हंसी] कह सकते. हैं।. तो जिंदगी जीने के लिए केवल कॉलेज दिया आप. लोग को।. कॉलेज थी और मेरी तो मतलब वो भी आधी अधूरी. रही बिकॉज़ बिकॉज़ आई एम कॉलेज ड्रॉप आउट.
[हंसी]. निकाल दिया उन्होंने उनको ये लगा ढाई साल. के बाद मतलब ये पढ़ नहीं पाएंगे. क्या पढ़ाई कर रहे थे आप. सिविल इंजीनियर आय हाय हाय बीटेक. इंजीनियरिंग [हंसी]. बड़ी अच्छी नौकरी बड़ी अच्छी जगह होती है. चार साल काटने के लिए. हां. क्योंकि आई एम मसेल्फ इंजीनियर मैकेनिकल. इंजीनियर. अच्छा. तो मैं जानता हूं चार साल बीटेक में पढ़ाई. छोड़ के सब होता है क्या किया बीटेक में. आपने. बीटेक में आप ये कह सकते हैं कि पढ़ाई के. अलावा जो कुछ था वो सारा करा। [हंसी].
इसीलिए टाइम से शादी करा दी।. आप दोनों कॉलेज फ्रेंड्स हैं या बचपन के? कॉलेज कॉलेज में हम साथ में थे।. मैंने कई सारे बिजनेसमैन को देखा या कहीं. भी पार्टनरशिप देखी तो उसमें एक कॉमन चीज. देखी कि पार्टनर्स का रिश्ता जो होता है. वो हस्बैंड वाइफ से ज्यादा गहरा होना. चाहिए।. ट्रू ट्रू।. खास तौर पे ट्रस्ट लेवल पे।. हां।. मतलब बीवियां शक करती है। पार्टनरशिप से. शक होता है।. नहीं अगर शक करोगे तो फिर वो पार्टनरशिप. भी नहीं है।. मतलब लेकिन धंधा धंधा बड़ा हो रहा हो।. मेरे हिसाब से अंडरस्टैंडिंग के ऊपर है।.
आप शादी में मान लीजिए कि एक या दो ऐसे. मोमेंट होते हैं मतलब वो लाइफ में कि जहां. से वो शक करने की शुरुआत होती है। तो आई. गेस पार्टनरशिप भी जो है ना वो वैसी ही एक. जर्नी है कि जहां पर अगर ऐसे मोमेंट आएंगे. और वो हम खुद बनाते हैं। ओके? वो बाय. डिफॉल्ट नहीं बनता है। तो वहां पे जो है. वो शक शुरू होता है और वो आगे जाके. पार्टनरशिप को खराब करते हैं। कंपनी को. खराब करते हैं। उसके ग्रोथ को खराब करते. हैं। बट लाइक वी आर लकी और शायद वो हमारे.
संस्कार की वजह से है कि हमने यह मौका कभी. भी आने नहीं दिया।. भाई साहब जो आप कह रहे हो वो सुनने में. बड़ा अच्छा लग रहा है। बट प्रैक्टिस. लेकिन क्या इतना ही होता है। ऐसा ही होता. है। शादियों में भी तो ऐसा ही होता है ना।. कोई शादी बहुत अच्छी चलती है, कोई शादी. में बहुत तकरार होती है। तो जो अच्छी चल. रही है, वह शादी तो हमें मतलब बेस्ट. एग्जांपल के तौर पे ही हम लोग पेश करते. हैं।. बट जैसे थ्री डेड फिल्म मैंने देखी।. हां।. तो थ्री डेट पे एक बड़ा अच्छा डायलॉग था कि. दोस्त फेल हो जाए तो दुख होता है।. लेकिन टॉप कर जाए तो और दुख होता है।.
[हंसी]. ये जब शार्क टैंक गए।. आपको अच्छा लगा था घर वालों ने कहा देखो।. बहुत अच्छा लगा था। अगर छोटे भाई को मतलब. बड़े छोटे भाई को बड़ा भाई अगर कहीं जाएगा. तो उसको अच्छा ही लगेगा। आई डोंट थिंक। सो. आप कैसे गए? बेसिकली वो लोग इकोप्रेन्योर करके एक. एपिसोड बनाते हैं जिसमें कोई भी पिक्चर्स. आते हैं। कोई भी बिजनेसमैन आते हैं तो वो. या तो मान लीजिए सस्टेनेबल फील्ड में. बिनेस करते हैं या तो रिन्यूएबल. तो उसके लिए वो कोई ऐसा चेहरा ढूंढ रहे थे.
जो यंग हो। ऐसे बैकग्राउंड से ढूंढ रहे थे. कि भ वो रिन्यूएबल फील्ड से ताल्लुकात रख. रखते हो। तो उसमें आई डोंट नो उनको कहीं. से तो हमारी प्रोफाइल मिली कि भाई रेजॉन. ने रिन्यूएबल फील्ड में अच्छा खासा काम. करा है और उनके पास एक बार जा सकते हैं।. तो. हमारे पास ऑफर आया मेरा जो बिजनेस मैन को.
लेके समझ है वो ये है कि दो तरह के. बिनेसमैन होते हैं।. एक जिनका बिजनेस हिट होता है।. एक जहां बंदा हिट होता है।. शार्क टैंक में मैंने ज्यादातर वो लोग. देखे हैं जिनका बिजनेस हिट रहा है। फिर. हमने उनको शार्क टैंक में जाकर देखा। फिर. उनके बारे में हम जान गए। हम. वो बंदे बाद में हिट हुए।. उनका धंधा पहले हिट था।. बिल्कुल बिल्कुल।. तो इसका जो हमें क्रोनोलॉजी समझ में आती. है वो यही आती है कि बापू महंत बापू. मेहरबान। [हंसी]. ओके। शार्क टैंक से क्या बदला आपके लाइफ. में?
सिवाय इसके कि बीवी को मोबाइल ज्यादा चेक. करना पड़ता होगा।. [हंसी]. नहीं शार्क टैंक से जो एक चीज बदली. वो बदली दूसरे जो बिनेसेस होते हैं उसको. देखने का तरीका. ओके. फिर जो बिजनेसमैन होते हैं अलग-अलग उनका. सोचने का तरीका अ चीजों को देखने का. नजरिया वो चीजें जो है उसमें बदलाव जरूर. आता है और ये आपकी लाइफ के लिए अच्छा है।.
एज अ बिजनेसमैन या एज अ पर्सन अगर हम बात. करें तो यह क्या है कि यह नजरिया आपको एक. नया ग्रोथ देता है। तो शार्क टैं शार्क. टैंक से आई एम वेरी श्योर कि बहुत सारी. चीजों में बदलाव आया है कि जिससे जिसको. अप्लाई करके हम ये हमारा जो बिज़नेस है. सोलार वाला उसको भी हम एक नई ऊंचाइयों पे. लेके जाएंगे।. हार्दिक भाई आपने इन्वेस्टमेंट तो गुजरात. टाइटंस में भी की थी।. और पूछा नहीं कि हार्दिक भाई को हार्दिक. भाई ने छोड़ा क्यों? [हंसी]. अगर वो हमारे हाथ में होता तो हम लोग कभी.
छोड़ने नहीं देते। लेकिन वो. बट उन्होंने ये डिसीजन बहुत सोच समझ के. लिया। दो हार्दिक थे। उनको ये पता लग गया. कि एक हार्दिक काफी है तो उन्होंने दूसरे. को जाने दिया।. एक गुजरात में एक हार्दिक रह सकता है।. [हंसी]. आईपीएल में स्पॉन्सर क्यों किया आप लोगों. ने? सो स्पॉन्सरशिप के पीछे रीज़न यही था कि. जैसे अ मेरे को तो बचपन से स्पोर्ट्स बहुत. पसंद है। तो स्पोर्ट्स के. क्रिकेट पसंद है।. यस क्रिकेट। क्रिकेट नहीं स्पोर्ट्स अ. जनरली स्पोर्ट्स ही पसंद है। मतलब क्रिकेट. भी पसंद है उसमें से। तो हम लोग तो वैसे. ही मैच देख रहे थे मतलब मैच देखते रहते.
हैं। तो कभी एक मतलब ऑफिस में बैठ के देख. रहे थे तो एक माइंड में एक थॉट आ गया कि. हम लोग रिन्यूएबल में इतना अच्छा काम कर. रहे हैं। तो क्यों ना इसमें कहीं पे कोई. स्पॉन्सरशिप ली जाए जिससे क्या ना हमने आई. थिंक सो ये 2020 में सोचा था 2020 में। सो. 2020 में तो हमारा उतना बजट नहीं हुआ करता. था। लेकिन हमने ऐसे ही सोच के रखा था कि भ. हां कभी अगर आईपीएल करेंगे तो उससे क्या. ना एक सोलर का अवेयरनेस भी आएगा। एक अपने. ब्रांड का भी अवेयरनेस आएगा और लोगों को. पता भी चलेगा कि हम लोग क्या काम कर रहे. हैं। लेकिन उस टाइम पे बजट नहीं था। तो.
थोड़ा सा वेट कर गए और उसके बाद हमने. फर्स्ट फर्स्ट बार gt को 2022 में स्पोंसर. किया।. और लास्ट 23 में जीटी और सीएसके दोनों को. किया था. और यह साल भी दोनों. तो आपने कहा यह दोनों फाइनल खेल रही थी. इनको खिला देते [हंसी]. बट वो वो उस टाइम पे हमारा इतना बोल्ड. डिसीजन था कि उस साल का शायद मतलब कंपनी. ऊपर वाले की कृपा और हमारी मेहनत से टीम. के एफर्ट से पहले साल से ही प्रॉफिटेबल.
रही है। तो उस साल हमारा जो भी जितना. प्रॉफ़िट था आई गेस वह सारा उसमें इन्वेस्ट. हो गया होगा। तो वो हमारे लिए भी एक बहुत. बोल्ड डिसीजन था. हम. कि जहां पर रिन्यूएबल सेक्टर में जितनी भी. कंपनियां काम करती करती है और जितनी भी. काम करती थी वो इन जनरल इतना ज्यादा लाइक. बोल्ड डिसीजन कभी किसी ने लिया नहीं था कि. भ आईपीएल जैसा इवेंट भी हम अ सोलार के साथ. एसोसिएट कर सकते हैं या उसको भी मतलब उतना.
हम मार्केटाइज कर सकते हैं। तो आज भी कई. लोग कहते हैं कि भ अ रिजॉन इज अ ट्रेंड. सेटर कि जिसमें हमने बहुत सारी चीजें ऐसी. करी है कि लोग आज आज उस चीज को फॉलो करते. हैं या वी कैन से कि नक्शे कदम पे चलते. हैं।. तो मतलब ये जो डायलॉग फेमस है कि रिस्क है. तो इश्क है। ये गुजरातियों पर सटीक बैठ. जाए।. और जब हमने किया. कैलकुलेटेड रिस्क है तो इश्क है।. इश्क है। [हंसी] नाइस।.
बट फिर मेरा सवाल वही रहा कि सीएसके और. जीटी को इसलिए तो नहीं आपने स्पोंसर कर. दिया था क्योंकि दोनों 2023 फाइनल में. पहुंची थी। नहीं जब हमने शायद ये दो टीम. की. नहीं उसलिए तो नहीं किया था लेकिन हमारा. क्या था ना जैसे हम लोग का जीटी किया था. तो स्ट्रेटजी एक डिसीजन ये भी था कि हम. लोग गुजरात से हैं गुजरात से हैं और. सीएसके का करने का एक रीज़न ये था कि हमारा. साउथ मार्केट हमको और ज्यादा पेनिट्रेट. करना था और डेवलप करना था तो इसीलिए हमने. सीएसके को चूज़ किया. लखनऊ हो सकती है.
लखनऊ में अभी हम अच्छा कर रहे हैं ऑलरेडी. बिज़नेस तो [हंसी] है ही आई डोंट थिंक सो. कि अभी हमें लखनऊ को लेने की जरूरत पड़ेगी. बट या लाइक. बट आई हर्ड कि आप लोगों ने जब शुरुआत की. उसके बाद बहुत सारे और भी आपके. कॉम्पिटिटर्स ने इस क्रिकेट इंडस्ट्री में. स्पोंसर करना शुरू किया 100% यस. तो ये कैसा फील देता है. ये अच्छा. अच्छा ही लगता होगा. अच्छा ही लगता है वरना जब हम लोग फर्स्ट. अच्छे में ये कैसा लगता है कि यार 30 32. साल के लड़के जो हैं वो डिसाइड कर रहे हैं. कि बाकी लोग हमको फॉलो. क्या करेंगे वही वही हमारी इंडस्ट्री अगर.
आप देखेंगे ना तो सोलर इंडस्ट्री या. रिन्यूएबल इंडस्ट्री देखेंगे तो बी टू बी. बिनेस लोग मानते हैं इसको तो आप जनरली. देखोगे तो लोग इतना ब्रांडिंग पे बिलीव. नहीं करते थे। यह ट्रेंड हमने जब से चालू. किया है तब से हमने हमारे कंपिटिट के. खर्चे बढ़ा दिए। आप ऐसा मान के चलिए. क्योंकि उसको भी अभी ब्रांडिंग करना ही. पड़ेगा।. नहीं ऐसा तो नहीं था कि आप कोई मैच देखने. जा रहे थे टिकट नहीं मिला तो दिल पे ले. लिया अमीर बाप अमीर बाप की बिगड़ी औलाद. देगी। लो अब पूरी [हंसी] टीम कर. नहीं बट इससे एक चीज एक फायदा जरूर हुआ है.
कि सोलार की अवेयरनेस अगर हम देख तो बहुत. ज्यादा बढ़ गई। आज के दिन में आई गेस देयर. आर देयर आर एट कंपनीज़ कि जो आईपीएल के साथ. जुड़े हुए हैं। तो आईपीएल आज के दिन में. सबको पता है कि. मार्केटिंग कैपेसिटी मार्केटिंग और ओवरऑल. इंडस्ट्री को भी बेनिफिट हुआ है और. रिन्यूएबल से ओवरऑल सबको बेनिफिट हो रहा. है उसकी वजह से।. और इसका इसका इंपैक्ट आप देखिए कि जो. चाइनीस कंपनी थी उन्होंने भी इंडिया में. क्रिकेट के साथ एसोसिएशन करके मार्केटिंग.
करी। आई गेस मतलब दूसरी इंडस्ट्री में आई. डोंट नो बट रिन्यूएबल इंडस्ट्री जो है. उसमें सोलार की कंपनी कि जो ग्लोबली इतनी. आगे है तो उनको भी इंडिया में मतलब ये चीज. करनी पड़ी तो मतलब हम ये कह सकते हैं कि. इंटरनेशनल लोगों को भी एमबीए करने की जगह. पर गुजरात में आकर इंटर्नशिप कर लो [हंसी]. गुजराती जल्दी सिखा देगा. गुजराती जल्दी सिखा देगा. अच्छा आप दोनों के फादर बिनेसमैन है. हां. तो कभी किसी ने कहा यार तुम लोग नेपोकेट.
हो. नहीं अभी तक तो नहीं कहा क्योंकि इतने. बड़े भी नहीं. वो दूसरे बोल बोलते हैं इंडस्ट्री में. [हंसी]. कई लोग कहते. मतलब अगर बाप बिनेमैन हो तो धंधा करना. आसान होता है मुश्किल होता है. अगर सेम बिनेस में जाते हैं तो आसान होता. है अगर डिफरेंट बिनेस में आप जाते हैं तो. किसी का मां-बाप को नहीं बचा सकता. [हंसी]. आपके फादर क्या करते थे. रियलस्टेट में थे. अरे तो बिल्कुल. इनफैक्ट आज भी है. बिल्कुल कंट्रास्ट हो गया. जी. तो ये जब आप ये आपके दिमाग में कैसे आएगा.
सोलर में हम जाएंगे पापा रियलस्टेट कर रहे. थे वहां तो पैसा भी अच्छा है तो फिर आपने. आपने इधर सोलर में क्यों चमकमक रोशन करने. की सोचा? तो जैसे मैंने मैंने आपको बताया. कि अ मैंने कॉलेज आधी ही करी है। छोड़. दिया। उसके बाद मैंने छोड़ दिया। तो उसके. बाद मैं अपने फादर के बिजनेस में था और. हार्दिक का जब कॉलेज खत्म हुआ तो वो उनके. अंकल का भी गवर्नमेंट कंस्ट्रक्शन का बहुत. बड़ा और अच्छा काम है। वो उसमें थे और हम.
सब लोग सोच रहे थे कि भ साथ मिलके एक आध. साइट हम करते हैं और. प्रोजेक्ट करते हैं।. प्रोजेक्ट करते हैं बढ़िया सा। तो लाइक. जैसे-जैसे हम लाइक हम जब साइट पे रहते थे. तो वहां पर कैसा था कि वैल्यू एडिशन हमारा. उतना था नहीं कि पापा जो है वो 30 साल से. वो बिनेस कर रहे हैं ऑलरेडी तो वहां पर. क्या था कि सारे लोग सेटल थे मतलब जिससे. हम मटेरियल लेते थे या फिर मान लीजिए कि.
जो कस्टमर्स आते थे तो उनको जो प्रॉपर्टीज. हैं वो दिखाने के लिए डेडिकेटेड पर्सन. रहते थे तो हमारा वहां पर इतना ज्यादा. वैल्यू एडिशन था नहीं। तो फिर हमने सोचा. कि क्यों ना कुछ नया करा जाए कि जिसमें हम. सीख सके, अ नए-नए लोगों से मिल सके। खुद. को खुद की नॉलेज जो है उसको बढ़ा सके। तो. हमने देखा कि भ क्या कर सकते हैं? तो. दो-तीन चीजें हमारे ध्यान में आई कि भ अभी. कौन सी चीज ऐसी आई कि जिसमें फ्यूचर अच्छा.
है। तो एक तो हमें रिन्यूएबल लगा कि भ हां. रिन्यूएबल अच्छा है। उसमें हम अपना फ्यूचर. जो है वो बना सकते हैं। एक हमें लगा कि भ. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जो है वो भी आने. वाला कल है। तो उसमें भी वी कैन मेक आवर. फ्यूचर और एक हमें लगा कि आईटी सेक्टर में. हम जा सकते हैं अह एज अ डेवलपर के तौर पे।. तो उसमें से सारी चीजें देख के जो हमें. फील हुआ कि भ कहां पर जरूरत ज्यादा है और. कौन सी चीज ऐसी है कि जो हमें मतलब पैसा.
तो हर एक चीज देगी बट एक इंटरनल. सेटिस्फेक्शन क्या देगा आपको तो वो हमें. ये लगा कि भई रिन्यूएबल फील्ड जो है सोलर. फील्ड वो हमें एक इंटरनल सेटिस्फेक्शन. देगी तो उसकी वजह से हमने मतलब एक छोटे से. सोलर पैनल मैन्युफैक्चरिंग के प्लांट से. शुरुआत करी. हार्दिक भाई कभी ऐसा हुआ कॉलेज में कि कोई. बच्चा बहुत टॉपर था आपने कहा पढ़ ले पढ़. ले बाद में नौकरी दे दूंगा में. नहीं लेकिन मैं भी अच्छा था पढ़ाई में तो. ऐसा तो कुछ. अच्छा ये सवाल मुझसे पूछा जीता [हंसी]. हां भाई कभी ऐसा हुआ. मतलब ये बड़ा अच्छा एहसास है यार हमारे.
मां-बाप ने हमको बड़े ताने मारे. लेकिन अगर. तुम पे इतने पैसे लगाए पढ़ लो यार बीटेक. में सारी अटेंडेंस पूरी की आपका सॉर्टेड. था तो ये ये मतलब ये कॉलेज लाइफ में बड़ा. मजा आया होगा ये सब सोच के. लेकिन उस वक्त अगर सोचते ना तो वो ओवर. कॉन्फिडेंस हो जाता उस वक्त पे तो हमको भी. नहीं पता था कि हम लोग इतना अच्छा कर. लेंगे. कभी किसी को नौकरी दी कॉलेज वाले की अपने. एटलीस्ट हमारे तो बहुत सारे दोस्त हमारे. साथ जुड़े हुए हैं।. बहुत सारे दोस्त और फैमिली एक चीज मैं. कहना चाहूंगा जब मैंने और हार्दिक ने हमने. मिलके ये कंपनी शुरू करी. तब हम दो में से किसी ने भी ये नहीं सोचा.
था कि ये शुरू करते हैं पैसा कमाने के. लिए।. हमने ये कंपनी सिर्फ शुरू करी थी। मतलब. अच्छा काम करने के लिए कि जिससे एक. सेटिस्फेक्शन डिफाइन अच्छा काम। अच्छा काम. मतलब जो आपको सेटिस्फेक्शन दे कि भ जहां. पे आप खुद डिसीजन लेके खुद का एक इको. सिस्टम बना सको कि जिससे आपको भी फायदा हो. एज वेल एज सोसाइटी को भी फायदा हो।. मैंने एक कोट कहीं पढ़ा था कि 1975 में. किसी ने किसी बिनेसमैन का मैं पॉडकास्ट. देख रहा था कि कोटेड कि 1975 में अगर किसी.
ने विp्रो में कुछ ₹1000 लगा दिए होते तो. शायद आज वो उनकी कीमत 700 ₹800 करोड़. होती। हम. होती लेकिन उस वक्त पे अगर विप्रो उतना. बड़ा होगा वो कौन सोच सकता था. यही मैं कह रहा हूं तो ये जैसे मान लो कोई. भी धंधा शुरू कर रहे हो जैसे आप दोनों ने. शुरू किया आपकी अपनी-अपनी जर्नी रही. कितना इंपॉर्टेंट होता है क्योंकि बहुत. सारे दर्शक आपको देखेंगे. और हर कई आदमी बिज़नेसम में जाते हैं. डू एंड डोंट समझना और प्रॉपर कैलकुलेशन. करना कि इसका फ्यूचर है.
जैसे आपने मुझसे कहा जब कहा कि एआई या आप. सोलर कह रहे थे तो मुझे लग रहा था हां ये. वो चीजें हैं जिनका भविष्य है. ये आगे राइज करेंगी. इनको सरकारें सपोर्ट कर रही है या इंडिया. में इसका मार्केट बड़ा हो रहा है।. यह कितनाेंट होता है अपने धंधे की समझ. पढ़ना। भले इन्होंने कॉलेज में नहीं पढ़ा. लेकिन बाकी खूब पढ़ा इन्होंने। [हंसी]. तो इसमें ना क्या होता है कि दो टाइप के. बिनेस होते हैं। एक तो आज जो करंट चल रहा. है और सेकंड होता है फ्यूचरिस्टिक बिज़नेस।. तो आपने जब शुरू किया तो क्या था ये? तो हमारा फ्यूचरिस्टिक था। ऑब्वियसली उस. वक्त पे उतना बड़ा मार्केट नहीं था। तो.
क्या होता है ना आप जब करंट बिज़नेस में. जाते हो ना तो डे वन से आपको पैसा मिलता. है। कई बार ऐसा होता है कि भ मेरे को बहुत. तेजी से ग्रो करना है। बहुत फास्ट ग्रो. करना है और लाइक इमीडिएटली पैसा कमाना है।. होता है ना आज के यंगस्टर जब छोटे होते. हैं तो दिमाग में ये चलता रहता है कि भ. फटाफट से बिज़नेस कमा लूं कर लूं पैसा कमा. लूं, गाड़ी ले लूं, बंगला ले लूं वो वाले. शौक रहते हैं। और दूसरा होता है एक. फ्यूचरिस्टिक भ हां आज नहीं है थोड़ा बहुत. है। ठीक है लेकिन धीरे धीरे धीरे बढ़ेगा और. एक समय ऐसा आएगा पिक कि जब हम भी रेडी. होंगे वो ग्रोथ लेने के लिए। अगर आज जैसे. हम लोग सोलर में अच्छा कर रहे हैं। हमारे.
आजू-बाजू में अगर सूरत में देखोगे तो हमें. देख के ऑलमोस्ट बहुत सारी फैक्ट्रियां लग. रही है। आसानी से अगर मैं आज की बात करूं. तो 20 प्लस फैक्ट्री सूरत में लग रही है।. लेकिन ना आज उसके लिए उतना लेट हो गया।. उसको एक इकोसिस्टम बना होता है। फर्स्ट. होता है वो फर्स्ट होता है।. ट्रू. तो आज उसके लिए उतना ऑलरेडी लेट हो चुका. है कि उसको अभी बिल्ड करने में 5 साल. लगेंगे। तब तक जो एकिस्टिंग प्लेयर है वो. बहुत आगे निकल जाएगा। तो चिराग भाई अगर. मैं आपसे कहूं कि कोई नया बच्चा आपको सुन. रहा है और उससे एक बिज़नेस स्टार्ट करना. है।. तो बिज़नेस स्टार्ट करने के पहले किन-किन.
चीजों को ध्यान दें? किन-किन चीजों के. बारे में स्टडी करें? क्या उसके डू डोंट. होने चाहिए? आपके हिसाब से अगर आपको कोई भी नया बिजनेस. करना है, आप सोच रहे हैं कि भाई मैं यह. नया बिजनेस करना चाहता हूं तो हमारे आसपास. बहुत ऐसी चीजें बनती है, बहुत ऐसी घटनाएं. बनती है कि जहां से हम प्रॉब्लम को. आइडेंटिफाई कर सकते हैं। पहले तो आपको वो. प्रॉब्लम जो है वो आइडेंटिफाई करना है।. बाद में वो प्रॉब्लम को आप कैसे सॉल्व कर. सकते हैं। आपको ये देखना है कि भ आपके.
आसपास आप कुछ भी देखते हैं कि भ हां ये. प्रॉब्लम है जिसको हमें सॉल्व कर करना. चाहिए और इससे हम बिजनेस इसको हम बिजनेस. में भी कन्वर्ट कर सकते हैं तो वो आपको जो. है वो प्रॉब्लम सॉल्व करने के लिए सोचना. चाहिए उसके बाद आपको ये सोचना चाहिए कि वो. फिजिबल है या नहीं। हमारे आसपास बहुत सारी. चीजें बहुत सारी प्रॉब्लम्स ऐसे होते हैं. कि जो हमें लगता तो है कि भ हां यहां पर. हमें कुछ चेंज की जरूरत है बट वो चेंज.
कितना फिजिबल है नहीं है वो आपको देखना. चाहिए उसके बाद आपने बिजनेस का आईडिया सोच. लिया उसकी फिजिबिलिटी भी सोच ली उसके बाद. आपको यह सोचना चाहिए कि वो स्केलेबल है या. नहीं क्योंकि आप बिजनेस में बड़ा तभी बन. सकते हैं जब वो बिजनेस स्केलेबल बने। है।. अगर वो आपका बिजनेस प्रॉब्लम सॉल्विंग. फिजिबल और मान लीजिए कि स्केलेबल है तो आप. किसी भी बिनेस के अंदर एंटर हो सकते हैं।. तो मैं हार्दिक भाई यही सवाल आपसे पूछता.
हूं कि अगर मान लो कोई धंधे में इन्वेस्ट. करना हो कोई भी डंडा हो. चाहे वो चाय की टपरी लगाना हो या कोई. इंडस्ट्री खड़ा करना हो, सोलर इंडस्ट्री. खड़ा करना हो, एआई में जाना हो, शक में. जाकर अपना बिज़नेस प्रमोट करना हो।. कौन सी बातें हैं जो एक बिजनेसमैन को. क्लियरली पता होनी चाहिए। तब उसका धंधा. सक्सेसफुल होगा। सो मुझे भी यही लगता है. कि अभी जब हम लोग स्टार्ट करते हैं तो. लाइक बहुत बड़ा सोचते हैं हम लोग बहुत बार. कि भाई हां उतना तो होना ही चाहिए। तो. क्या होता है ना जब बहुत ज्यादा सोच लेते. हैं उसके प्रेशर में ही हम लोग दब जाते. हैं बहुत बार।.
तो एक होता है ना कि भाई हमें वहां तक. पहुंचना है तो हम लोग छोटे-छोटे स्टेप्स. लें। लाइक हम लोग छोटे मतलब एक गोल सेट. करें। उसको डिवाइड कर दे कि भाई हां अभी. अगर हमारा हमारा 12 मंथ का ये गोल है तो. उसको मंथली डिवाइड कर दे और धीरे धीरे. धीरे उसको अचीव करने के लिए ट्राई करें।. सेकंड होता है ना हमने अभी तक जो बिजनेस. किया वो सक्सेस हुए उसमें हमने एक चीज. बहुत ही एप्रिशिएट भी की और हमने फील की. है। टीम वर्क का बहुत बड़ा रोल होता है।. जैसे ना आप छोटा बिज़नेस है तब तो वन मैन. शो चलता है कि आपको ऐसा लगता है कि हां. मैं ही खुद हूं। मैं खुद सेल सेल कर.
लूंगा। खुद भी परचेस कर लूंगा। सारे. ऑपरेशंस भी मैं ही देख लूंगा। लेकिन. जैसे-जैसे आपका बिज़नेस बड़ा होता है, आपको. एक बहुत अच्छा टीम चाहिए। क्योंकि अगर. आपने टीम नहीं बनाया तो आप डे टू डे. ऑपरेशंस में इतने इन्वॉल्व हो जाते हो कि. आप नया ग्रोथ या नया डेवलपमेंट क्या करना. है वो आप नहीं कर पाते हो। और हम लोग बहुत. बार ये भी गलती करते हैं जब छोटा बिज़नेस. होता है ना तब लाइक लोगों पे ट्रस्ट नहीं. करते हैं।. तो टीम पे भी बहुत ज्यादा ट्रस्ट करना. पड़ता है। तो मेरे ख्याल से एक टीम वर्क जो. है वो सबसे इंपॉर्टेंट एस्पेक्ट है।. डोंट्स अगर मैं बात करूं तो अगर आपने डस. कर लिया तो आपका एक्चुअली बिज़नेस तो.
सक्सेसफुल हो जाओगे आप। तो अगर जब सक्सेस. हो गए तो डोंट्स के लिए मैं यह बोलूंगा कि. कभी भी एोगेंट्स नहीं होना है कि होने एक. बार बिजनेस सक्सेस हो गया तो उसके बाद. एोगेंट नहीं होना है क्योंकि एोगेंट अगर. हो गए तो उसके बाद आपकी टीम को भी आपसे. प्रॉब्लम आ सकते हैं। आपके कस्टमर को आपसे. प्रॉब्लम आ सकते हैं। आपके सप्लायर्स को. आपसे प्रॉब्लम आ सकते हैं। तो एक एोगेंसी. कभी भी नहीं आनी चाहिए। और सेकंड चीज अपने. को कभी यह नहीं लगना चाहिए कि आई नो. एवरीथिंग। अगर आपने जब भी यह मान लिया कि. भाई आई नो एवरीथिंग कि आपको सब पता है. उसके बाद आप कुछ सीख नहीं पाओगे। क्योंकि.
आज का जो फास्ट मूविंग मार्केट है उसके. लिए हम जो देखते हैं कि हमें एवरीडे कुछ. ना कुछ नया लाना पड़ेगा और नए-नए इनोवे. इनोवेशंस लाने पड़ेंगे और अपनी कंपनी में. बहुत सारी प्रोसेस में भी हमें डे बाय डे. चेंजेस करने पड़ेंगे। अगर हमने यह मान. लिया कि हमें सब कुछ आता है तो हम वो कर. नहीं पाएंगे। इसलिए हमें कभी भी ये नहीं. सोचना चाहिए कि मुझे सब कुछ आता है। ठीक. है। हार्दिक भाई एक बिज़नेस सक्सेसफुल होने. के लिए मालिक का ब्रिलियंट होना जरूरी है.
या लीडर होना जरूरी है? लीडर ऑब्वियसली लीडर।. क्यों? क्योंकि ना ब्रिलियंट तो आप जब काम. करोगे ना तब आपको समझ आएगा कि आपसे तो. आपका टीम ब्रिलियंट है और वो हमेशा रहेगा. ही। अगर आपको सक्सेस होना है तो आपका टीम. आपसे स्मार्ट होना चाहिए। अगर वो स्मार्ट. नहीं है. तो फिर आप काम नहीं कर पाओगे क्योंकि आप. ईच एंड एव्री काम तो आप कर नहीं रहे हो।. हम. आई थिंक सो अगर आप कंपनी में कुछ भी काम. हो रहा है तो उसमें से आप टू या 3% भी काम. नहीं करते होंगे। बाकी तो आपका टीम ही काम. करता होगा. और बहुत ज्यादा अगर हम लोग ब्रिलियंट है. ना तो फिर हम लोग बहुत प्रैक्टिकल होते.
हैं।. भाई एक बड़ा फेमस कोट है। एवरीडे इज नॉट. संडे।. जी. अच्छा दिन है तो बुरे दिन भी आएंगे। दिन. है तो रात भी आएगी।. एंड आई एम श्योर कि आज आपकी लाइफ में सब. सॉर्टेड है।. जी. बट टफ टाइम तो आया होगा। कभी ना कभी आया. होगा या मोस्टली लोगों की लाइफ में टफ. टाइम आता है। सो हाउ टू हैंडल टफ टाइम? सो अगर टफ टाइम की अगर मैं बात करूं 31. जनवरी को हमारी फैक्ट्री में एक बहुत बड़ा. फायर हो गया था। तो मतलब इतना बड़ा फायर.
था कि हमने कभी जिंदगी में इतना कोई सोचा. नहीं था कि यह भी हमारे साथ हो सकता है।. और हमारे लिए भी फर्स्ट टाइम एक्सपीरियंस. था। नाइट को फायर हुआ था और जो चीज हमने. मतलब बहुत साल लगा दिए बनाने के लिए वह. हमारे सामने जल रहा था और उसके बाद हमको. तो यही समझ में आया कि भाई हां जो होना था. वो तो हो गया अभी इसका उसको पॉजिटिव वे. में लेके इसको सॉर्ट आउट कैसे करें तो जब. ना राइट आई थिंक सो नाइट में 3 ओ क्लॉक के. आसपास कुछ फायर हुआ था उसके बाद वो फायर. एक या डेढ़ दिन तक फायर चला था लेकिन हमने.
सबसे पहले क्या काम किया कि हमारी टीम जो. थी उसको गैदर किया और टीम को बोला कि भाई. अभी यह जो होना था वह तो हो गया। हमें. फटाफट से फैक्ट्री चालू करना है। तो वहां. से हमें यह समझ में आया कि हमारा टीम. कितना पावरफुल था। हमारी टीम ने दिन रात. मेहनत करके वही जो ऑलरेडी जो फायर हो चुका. था उसको अलग करके 2 दिन के अंदर हमारा. फैक्ट्री फिर से रिज्यूम कर दिया। क्योंकि. वो समय पे हमारे कंपिटिट भी हमारे मजे ले. रहे थे कि मार्केट में बातें कर रहे थे कि. भई आज के दिन में तो अभी रेजोन 6 महीने तक. आपको मॉडल्स दे ही नहीं पाएगा। हमारे. कस्टमर को मॉर्निंग में फोन कर करके बोल.
रहे थे। जैसे हमारे वहां पे फाइल लगा था।. हमारे कस्टमर के भी हमारे ऊपर प्रेशर आ. रहे थे कि क्योंकि हमारे बिज़नेस में ना. एडवांस डिलीवरी सब बुक होती है। तो कि आप. दे पाओगे कि नहीं दे पाओगे। आपके कंपेटर. तो बोल रहे हैं कि आपको 6 महीने तक आपका. फैक्ट्री अभी चालू ही नहीं होगा। लेकिन. उसको हमने पास पास सरपास करके मतलब दो ही. दिन के अंदर हमने फैक्ट्री चालू किया। तो. वहां से हमें समझ आया कि टीम वर्क का रोल. बिजनेस के अंदर कितना इंपॉर्टेंट है। और. जो भी होता है वो कुछ ना कुछ अच्छे के लिए. होता है। वो हम लोग वो सोच के आगे उसको. पास कर गए।.
तो मतलब बिज़नेस में ये कहना चाह रहे हो आप. कि बुरे दिन आएंगे। बट अगर आप यूनाइटेड. हो, संगठित हो तो उसे ओवरकम कर सकते हो।. 100% तो तुरंत. उससे उससे हमें यह भी पता चला कि हमारी जो. टीम है वो कितनी पावरफुल है। अह कितनी. ईमानदार है। क्योंकि वो लोग आपको जो. सपोर्ट करते हैं उस टाइम के दौरान तो उससे. आपको पता लगता है कि कौन से लोग ऐसे हैं. जो मतलब एक्चुअल में कंपनी के साथ हैं।. टीम एक टीम के सक्सेस होने के पीछे क्या.
स्टोरी होती है? क्या फार्मूला होता है? टीम के पीछे सक्सेस सक्सेस होने के लिए तो. बस वही है कि सब मिलजुल के एज अ टीम वर्क. यानी कि टीम में भी बहुत सारी चीजें हैं।. जैसे कि आजकल हम लोग अगर देखें तो हमने. हमारी कंपनी में क्या अप्लाई किया कि एज अ. टीम है तो आज वो फैमिली की तरह रहती है।. अभी मैं किसी का इंटरव्यू देख रहा था कि. आप अपनी टीम के साथ बहुत इमोशनल ना हो।. अभी रिसेंटली ही किसी एक बड़े. एंटरप्रेन्योर ने बोला था तो मेरे को तो. वो समझ नहीं आया। मेरे को लगता है कि. हमेशा आप अगर इमोशनली अटैचमेंट रखोगे। आज.
क्या है ना अगर कोई ग्रोइंग इंडस्ट्री है. आप किसी को कोई एक्स अमाउंट सैलरी दे रहे. हो तो x प्लस व देने वाला मार्केट में. बैठा ही है क्योंकि इंडिया ऑलरेडी बहुत. तेजी से ग्रो कर रहा है और हम लोग जो. इंडस्ट्री में बैठे हैं वहां पे तो वो. इंडस्ट्री बहुत स्पीड से आगे भाग भाग रही. है. तो वहां पे बहुत सारे नए प्लेयर्स हैं. हमारे बड़े कंपिटिटर्स हैं तो आपकी टीम को. मतलब चुटकी में उठा लेंगे अगर आपके अगर. उसके साथ अच्छे रिलेशंस नहीं होंगे अगर. आपको मतलब उसको आपके साथ जैसा फैमिली जैसा. अगर अटैचमेंट नहीं है तो आप उसको टीम को.
संभाल संभाल नहीं पाओगे। आप एक बार बना भी. लोगे टीम लेकिन उसको रिटेन नहीं कर पाओगे।. फिर. चिराग भाई जैसे आप शार्क टैंक में हो।. जी।. मैंने अमन गुप्ता का एक इंटरव्यू सुना था।. वेरी सेड कि मैं कहीं और काम कर रहा था।. मैंने कहा सैलरी बढ़ा दो। उसने कहा इतना. बढ़ाऊंगा मैं।. मैंने कहा नहीं इतना नहीं मैं इतना डिर्व. करता हूं।. इतने बढ़ने चाहिए। वो नहीं माना। मैंने. उससे बड़ी कंपनी खड़ी कर दी।. और अब मैं चला रहा हूं।. हम. अपनी टीम में कैसे लोगों को साथ ले चल. सकते हो? क्योंकि हर व्यक्ति बढ़ना चाहता है।.
हां। तो ये डराता है या ये निखारता है ये. मेरे को जानना है। टीम को कैसे बेहतर बना. के ले चलो साथ ले चलो। मेरे हिसाब से. जो एक्सपेक्टेशन है. हां. उससे मतलब लोग हमेशा ये सोचते हैं। कोई भी. बिजनेसमैन है वो हमेशा ये सोचता है कि भ. मैं सबसे ज्यादा प्रॉफिट कैसे बनाऊं।. कंपनी जो है उस वह सबसे ज्यादा प्रॉफिटेबल. कैसे बने. और. कंपनी को मैं कैसे अह लाइक बहुत आगे लेके.
जाऊं गलत नहीं है वो चीज बट आई थिंक. टीम में जो लोग आपको पता ही होता है कि भ. टीम में जो है वो कौन इंसान कितना डिर्व. करता है वो अगर डिर्व करते हैं उतना अगर. आप दे देंगे ना तो आई एम वेरी श्योर आपका. कोई भी जो पर्सन है ना वो कभी भी आपको. छोड़ के. ट्रेडिशनल स्टाइल होता है जैसे होता कि. यार साल में इंक्रीमेंट देना है 15% दे. दिया 20% दे दिया तो कई बार एंप्लई का. दिमाग खराब होता है कि मालिक पिछले साल. 3000 करोड़ में था आपके 6000 करोड़ पहुंच.
गया और मेरी सैलरी मेरी सैलरी 80 थी तूने. कर दिया [हंसी] 95000. यही डिफरेंस है तभी तभी क्या है कि तभी. आपके आपके टीम के जो पर्सन है ना वही आपके. कंपेटर बन के खड़े होते हैं। बट अगर मान. लीजिए कि कंपनी ने. तो पड़ोस वाली कुर्सी पे बैठते हैं [हंसी]. वो खुद सुना रहे हैं कि मैंने किया है।. तो अगर मान लीजिए कि वह जितना डिर्व कर दे. करते हैं उतना अगर आपने दे दिया तो वह जो. एफर्ट्स और एनर्जी अपनी कंपनी बनाने में.
लगाएंगे उतनी ही एफर्ट्स आज के दिन में. आपके यहां दे रहे हैं तो आपकी कंपनी दो. गुना नहीं चार गुना आगे बढ़ेगी।. अच्छा ये सवाल मेरे मन में एक थोड़ा सा. क्रिएटिव सवाल आया कि जैसे कोई भी आदमी. स्टार्टअप करता है। वो इसलिए करता है कि. अपनी उसके दो चीज़ होती है। या तो उसको. लगता है कि वो बहुत बड़ा आदमी बन सकता है।. उसके अंदर टैलेंट है वो निकलेगा वो. मार्केट में तो बन जाएगा। दूसरा होता है. उसी कंपनी में उसको सम्मान नहीं मिल रहा।. उसको लगता है यहां घुटघट के जीनियस बेहतर. है। एक रेस्ट ले लेते हैं।. तो और क्योंकि कंपनी में जो नंबर दो नंबर. तीन होते हैं।. ज्यादातर काम वही ज्यादा करते हैं।.
हम. वही निकल के बाहर बड़े [हंसी] बनते हैं।. नहीं नहीं सब करते हैं।. तो नहीं नहीं फिर भी मोस्ट ऑफ़ द टाइम काम. डिवाइड हुआ है। नंबर दो के ऊपर ज्यादा काम. होता है। जो दिखाई नहीं पड़ता। चेहरे पे. होता है। इम्लीमेंट करना नंबर दो नंबर तीन. मुझे लगता है हर इंडस्ट्री में होता है।. कोई भी इंडस्ट्री ये मेरा अपना. एक्सपीरियंस है।. तो ये सैलरी. सैलरी में और जो आपने सेकंड वाला क्वेश्चन. पूछा ना उसका आंसर मैं आपको इमीडिएट देता. हूं। वो होता है वर्क कल्चर।. अभी जैसे हमारे ऑफिस के अंदर वर्क कल्चर.
आप देखोगे तो बहुत फ्री है। ऐसा बहुत सारे. लोग बोलते हैं कि डिसिप्लिन। डिसिप्लिन को. हम लोग भी मानते हैं और रिस्पेक्ट करते. हैं। लेकिन हमारे ऑफिस में अगर देखोगे तो. मेरे ख्याल से कोई आने का टाइम और जाने का. टाइम फिक्स नहीं है. कि मतलब जिसको मतलब कोई 11:00 बजे आता है, कोई 10:30 बजे आता है।. 9 घंटे की दिहाली नहीं है।. हां बस [हंसी] लोग 11:30 बजे भी आते हैं।. सो इट्स लाइक जितना काम है वो ईमानदारी से. कर लो।. मेरे मेरी मेरे हिसाब से लाइक आपके आपके. काम के प्रति ईमानदारी होनी चाहिए।.
जो है ना वो कभी भी फिक्स नहीं करते कि. भाई आपकी एफिशिएंसी कितनी निकलेगी कितनी. तो अगर मान लीजिए कि कोई भी इंसान. हमारी कंपनी में काम कर रहा है तो उसको. उसके वो जो काम कर रहा है उनके प्रति. कितनी लॉयल्टी है ना उससे हमारा ग्रोथ. फिक्स होता है।. हालांकि ये सवाल बहुत खराब है लेकिन आप. दोनों लोग के लिए नहीं है लेकिन फिर भी. पूछना चाहता हूं मैं. कई बार लोग कहते हैं कि सैलरी आपके सपनों. को रोकने का एक जरिया होती है। वैसा भी. नहीं है।.
बहुत सारे टैलेंटेड लोगों का आता है। जैसे. हम लोग भी टीवी में जॉब करते थे। मैं निकल. आया क्योंकि सैलरी आपको हर महीने मिलती. है।. तो वो आपके सपनों से आपको दूर करने का एक. जरिया होती है।. और ये खासतौर पर वो लोग कहते हैं जो सैलरी. बेस्ड होते हैं बाद में निकल कर बन जाते. हैं।. हम. हाउ यू सी डिफरेंस बिटवीन सैलरीड पीपल और. जो आजकल यंग एंटरप्रेन्यर्स आ रहे हैं।. क्योंकि अब इंडिया में ये कल्चर बढ़ रहा. है।. गवर्नमेंट भी बढ़ा रही है। ज्यादातर लोग. भी कह रहे हैं कि मैंने कई स्टेट्स के चीफ. मिनिस्टर के भी इंटरव्यूज किए। वो कह रहे. हैं जॉब के पीछे मत भागो। अपना एंपायर. खड़ा करो। नौकरी देना शुरू करो। हम.
ये इसलिए है अ कि अगर इंडिया में हम. सैलराइज पर्सन की बात करें इन जनरल आप. किसी कोई भी आप सुनेंगे कि ये पर्सन जो है. वो यहां पर जॉब कर रहा है तो आपके माइंड. में यही आएगा कि होगा भाई कोई 25-50. सैलरी। बट आज के दिन में इंडिया जिस तेजी. से ग्रो कर रहा है उसमें लोग मतलब ₹50 60. हजार सिर्फ नहीं रह गए। अच्छा अगर कोई एक. क्वालिटी बतानी हो नॉन नेगोशिएबल जो हर. एंटरप्रेन्योर को माननी चाहिए कोई भी.
बिज़नेस स्टार्ट करने के पहले दोनों. इंडिविजुअल बता दीजिए कुछ अलग-अलग एक. क्वालिटी कि जब आप पैसा इकट्ठा कर रहे हो. कोई भी धंधा स्टार्ट करने से पहले एक. क्वालिटी तो ये ये कंपल्शन होना चाहिए तभी. धंधा शुरू करो. मेरे हिसाब मेरे हिसाब से ये एथिक्स था हम. दोनों ने साथ बोल दी. देखा इसीलिए मतलब हमारी जो पार्टनरशिप है. वो इतनी ज्यादा टिके लाइक इतनी ज्यादा. अच्छी तरीके से चल रही है. बीवियां जेलस नहीं दोनों की वो भी [हंसी]. दोस्त है ना? अब ये मत कहना कि उनको भी. दोस्त ने शादी करवा दी आपस में।.
कई बार ये भी लोग चलो एक सवाल यही पूछ. लेता हूं मैं कि कई बार लोग ये कहते हैं. कि जो इंसान बहुत पैशनेट होता है जॉब को. लेके, करियर को लेके या जिसके सपने बहुत. बड़े होते हैं वो पर्सनल लाइफ पे. कॉम्प्रोमाइज बहुत करना पड़ता है क्योंकि. आप दिन भर काम करते हो।. डू यू बिलीव दिस इज़ ट्रू? हां करना पड़ता है।. करना पड़ता है।. अगर. मतलब अगर अगर लाइक आपको आगे बढ़ना है. हम अ तो कॉम्प्रोमाइज तो करना पड़ता है।. बोलते हैं ना कुछ पाने के लिए कुछ खोना. पड़ता है। तो ये. कुछ टाइम तक तो 100% करना पड़ता है।. तो घर जाके कैसे बनाते हो वो जो बगल में.
सब हीरा कारोबारी वहां से निकाल के दे. देते हैं। [हंसी]. बट नहीं तो आई थिंक मतलब ऐसा भी नहीं है. कि मतलब देखो जब हम बिज़नेस चालू करते हैं. तो इनिशियल टाइम में हमें बहुत टाइम देना. पड़ता है बिज़नेस। लेकिन डे बाय डे अगर. मानो कि हमको अगर 5 साल या 8 साल बाद भी. उतना ही टाइम देना पड़ रहा है तो फिर हम. में कोई गलती है या तो हमने कोई ठीक से. काम नहीं किया है या हमारा टाइम मैनेजमेंट. पुअर है या फिर हमने ऐसा टीम नहीं खड़ा. किया है। तो आज के दिन में मेरे को ये. लगता है [हंसी]. पता कर लो। हां.
नहीं नहीं. इसके इसके साथ एक दूसरी चीज मैं बताता. हूं। हम. मुझे यह लगता है कि अगर हम लोग को फिर हम. लोग टाइम अगर मैनेज नहीं कर पा रहे तो. उसका मतलब तो यही है कि पुअर टाइम टाइम. मैनेजमेंट क्योंकि ना आज के दिन में आप. कितना भी बड़ा सक्सेसफुल आदमी देख लो उसके. पास भी 24 आवर्स है आपके पास भी है और. मेरे पास भी सेम टाइम है तो अगर वो मैनेज. कर पा रहा है और हम नहीं कर पा रहे तो फिर. कहीं ना कहीं गलती. एक चीज से बड़ा इत्तेफाक रख सीख के जा रहा. हूं इस चीज में आपसे कि अगर आपसे. ब्रिलियंट आपकी टीम नहीं है तो ये आपको. सोचने की जरूरत है. हां. कि अगर आपसे बेहतर काम वो नहीं अगर आप.
सारा काम आप ही से करवा रहे हैं तो इसका. काम. तो फिर मतलब नहीं है टीम का. समस्या है समस्या है तो मैं अब यहां पे. कुछ लोगों को निकालना चाहता [हंसी] हूं।. बट हां. निकालने की जगह पे आप उसको ग्रूम करना. चालू करिए।. हां। बट मेरे हिसाब से जब एक जो ग्रोइंग. फेस होता है कि जैसे आप डे बाय डे अभी जो. इतना पॉपुलर हो रहे हैं तो उस चीज में. क्या है कि वहां पर आपको समय देना पड़ता. है। एक पर्टिकुलर लाइक वो जो टाइम. ड्यूरेशन होता है तो तब तक क्या है कि. आपको आपके बिनेस में मतलब हर एक सेकंड वो.
एफर्ट्स आपको डालना पड़ेगा।. नहीं मेरा सवाल ये था कि जैसे आपकी000. करोड़ की कंपनी हो गई। हम. अब आप अपनी पर्सनल लाइफ प्रोफेशनल लाइफ. कैसे बैलेंस करते हो कि आप यंग. एंटरप्रेन्यर्स हो हजारों करोड़ की कंपनी. बना ली. आगे भी बढ़ना है. घर में बीवी की अपनी एक्सपेक्टेशंस है. हमारी खुद भी खुद की भी तो. खुद की भी एक्सपेक्टेशंस है और स्पेशली यू. गाइस आर यंग. तो उसमें आपका पार्टनर आप दोनों की डिमांड. है बट काम भी करना है नहीं करोगे अगर. मालिक कमजोर है तो नीचे तो मामला ढीला पड़.
जाता है सो ये दोनों बैलेंस कैसे करोगे या. कैसे करते हो. क्योंकि मैं बहुत सारे बॉलीवुड लोगों का. इंटरव्यू लेता हूं। बॉलीवुड के एक्टर. एक्टर्स आते हैं। सो मोस्ट ऑफ द टाइम जब. मैं उनसे पूछता हूं शादी क्यों नहीं की? तो उन्हें लगता है करियर पर इफेक्ट पड़. जाएगा।. आप शादीशुदा भी हो, सक्सेसफुल भी हो।. इसलिए आई एम आस्किंग दिस क्वेश्चन कि कैसे. बैलेंस करते हो पर्सनल प्रोफेशनल लाइफ? आई गेस अगर सही तरीके से करा जाए तो मतलब. इट्स नॉट टू डिफिकल्ट टू बैलेंस द थिंग्स।.
सही तरीके क्या होते हैं? बीवी के बाद. काम जो है मतलब फैमिली को. मतलब वही होता है काम के टाइम काम करो. फैमिली के टाइम पे फैमिली को दो काम में. जैसे हार्दिक ने अभी बताया कि काम में. क्या है कि डिप्लॉयमेंट जो है वो बहुत. लाइक डेलीगेशन. डेलीगेशन डेलीगेशन जो है वो बहुत जरूरी है. सही डिप्लॉयमेंट और उसके साथ डेलीगेशन वो. अगर हम मान लीजिए कि ठीक से कर रहे हैं तो. वो काम आपका बैलेंस रहेगा और बाकी टाइम हम. फैमिली के साथ स्पेंड कर सकते हैं। हम.
मुझसे तो किसी ने कहा गुजराती लोग छुट्टी. भी जाते होंगे वहां भी सोचते होंगे नया. धंधा क्या शुरू कर देते [हंसी]. ऐसा. सोचते हैं अगर हमें कुछ अच्छा दिख जाए कि. भ हां ये चीज में भी अगर फ्यूचर बना सकते. हैं तो हम वो भी देखते हैं।. सो डोंट टेल मी [हंसी] तुमने कोई बिज़नेस. आईडिया सोचा. वरना सोचने का कोई पैसा नहीं लगता। [हंसी]. बट सीरियसली मतलब कभी ऐसा होता है घर आके. छुट्टी की मतलब काम की बात करो किसी ने. डांट दिया घर में यार बस करो यार. हां. या इतने प्रोफेशनल लोग होते हैं कि नहीं.
काम को काम तक रखना घर पे घर रखना. नहीं वो मान लीजिए कि जब आप आपके काम को. लेके बहुत ज्यादा पैशनेट होते हैं ना तो. एक बुरी चीज उसमें ये होती है कि आप कभी. भी मतलब वो एंगल निकाल लेते हैं आपके. बिजनेस का उससे रिलेटेड या आपके काम के. रिलेटेड तो ये चीजें तो होती है लाइक हम. दोस्त जो है वो हम बैठ बैठे होते हैं तब. भी मतलब कोई डिस्कशन होता है तो वो एक. बिनेस एंगल बन जाता है तो मतलब एंड ऑफ़ एंड. ऑफ़ द मोमेंट ये होता है कि यार बस करो ये.
डिस्कशन अभी बहुत छुट्टियों पे जाते हैं. दोस्त के साथ और क्या है ना वहां पे वो. लोग फिर वो डिस्कशन चालू हो जाता है कि. हां भाई ये कैसे करें वो कैसे करें मेरे. को ये प्रॉब्लम आ रही है कैसे सॉल्व करें. तो वो डिस्कशन पूरा अलग लेवल पे ही चला. जाता है. मैंने निखिल कामत का एक पॉडकास्ट देखा. और उस पॉडकास्ट से मुझे एक बड़ी अच्छी चीज. समझ में आई उन्होंने कहा कि कोई भी बिजनेस. जहां पर क्रिएटिव लोग इनवॉल्वड हो. वहां पर रिस्क ज्यादा होता है, पैसे कम. होते हैं। अगर पैसा कमाना मकसद है तो वो. बिजनेस करो जो बोरिंग होते हैं। हार्दिक.
बोरिंग बिज़नेस में ज्यादा पैसा होता था।. इज इट ट्रू? ये निखिल कामत ने अपने पडकास्ट में कहा. था। मैं सर इसको और एक्सप्लेन कर दे रहा. हूं मैं। रेस्टोरेंट की बात चल रही थी. कि बादशाह ने कहा रेस्टोरेंट ओपन किया।. कीर्ति सेन वहां बैठी थी।. तो उन्होंने कहा कि बहुत हाई रिस्क जॉब. है। कोई भी फील्ड जहां बहुत सारे क्रिएटिव. लोग इन्वॉल्वड हैं। वहां पर या तो आप. एक्सट्रीमली पैशनेट हो. बहुत पैशनेट हो। सेल्फ मोटिवेटेड हो कि. आपको क्रिएटिविटी चाहिए वहां सब कुछ है।. चाहे वो फिल्म मेकिंग हो, स्पोर्ट्स है,
कोई बिज़नेस हो।. अगर आप नहीं है एंड आपका लार्जर. कॉन्टेक्स्ट जो है वो पैसा कमाना है।. सो इन्वेस्ट उन बिज़नेस में जो बोरिंग. बिज़नेस हो गया।. सो बोरिंग का डेफिनेशन मेरे ख्याल से सबके. सबके लिए अलग-अलग हो सकता है। कहना अगर. मानो कि जब हमने ये सोलर का काम चालू किया. तब हमारे लिए तो बहुत नया था। तो हमारे. लिए बहुत इंटरेस्टिंग था। बहुत मतलब. ट्रेंडिंग था। बहुत कुछ सीखना था, सीख के. काम करना था। जैसे-जैसे बंदा बिजनेस बड़ा. हुआ, टीम बना, लोगों ने संभालना चालू कर. दिया। तो वो डे टू डे ऑपरेशंस पे आ गया।.
उसके बाद तो वही वो भी बोरिंग लगेगा। तो. आपको यही करना पड़ेगा। या तो उसके आप. फॉरवर्ड में जाओ, बैकवर्ड में जाओ, उसके. रिलेटेड कोई और नया बिज़नेस चालू करो और. नया कोई फैक्ट्री चालू करो। जैसे ऐसा लगता. है कि एक फैक्ट्री हमारा कभी सेटअप हो. गया। उसके बाद तुरंत ये लगता है कि हां. भाई ये तो डे टू डे ऑपरेशंस वाला मतलब. रूटीन में आ गया और कुछ करने के लिए है. नहीं। अगर नया फैक्ट्री का कोई काम चालू. हो रहा है, कंस्ट्रक्शन हो रहा है या कुछ. मतलब नया डेवलपमेंट हो रहा है तो तुरंत. इंटरेस्टिंग लगता है। क्योंकि वहां पे और. हर रोज आप देखोगे तो नया अपॉर्चुनिटीज़ आता. है। नए चैलेंजेस आते हैं। तो उसको आप. सॉर्ट आउट करते हो। अगर आप कहीं कोई एक.
जगह पे रुक गए तो वो तो फिर बोरिंग ही है।. हम. आपका क्या सोचना है? बोरिंग बिज़नेस पे. ज्यादा पैसा होता है। कम रिस्क पैसा. ज्यादा मतलब ये चीज तो है कि क्रिएटिव चीज. करने के लिए आप एक्सट्रीमली टैलेंटेड होने. चाहिए। तो ये चीज से मैं ये चीज मैं मानता. हूं कि भ हां आपको अगर मान लीजिए कि कोई. क्रिएटिव फील्ड में जाना है तो आप में. टैलेंट ज्यादा होना चाहिए। बट यह चीज मैं. नहीं मानता कि बोरिंग बिजनेस में पैसा.
ज्यादा है। पैसा दोनों फील्ड में जहां. ज्यादा है। क्या धंधा वो करना चाहिए जहां. पर रोज मौजूद हो? या वो धंधा जहां तुम सो. भी रहे हो लेकिन पैसा बन रहा हो।. वैसा ही करना चाहिए जहां पर हम सो रहे हैं. और पैसा बन रहा [हंसी] है।. हार्दिक. हमें तो वैसा ही करना चाहिए। लेकिन मेरे. ख्याल से आप नहीं कर सकते।. नहीं [हंसी] नहीं हमारे भी. बट आई गेस बिनेस वो करना चाहिए. लाइक जो आपको अंदर से सेटिस्फेक्शन दे और.
आई गेस मतलब जो चीज काम जो चीज करने में. आपको अच्छा लगे ना बिज़नेस वो करना चाहिए. मतलब ऐसा कभी भी नहीं सोचना चाहिए कि यार. ये चीज मैं पैसे के लिए करता हूं जो थ्री. अलग-अलग होते हैं ना जैसे मेरे को नाम. कमाना था. तो मेरा तरीका अलग हो गया। किसी को शायद. दाम कमाना हो।. हम. बट आई गेस आप में वो पैशन होगा।. तभी आपको ये लगेगा कि भ इस फील्ड में मैं.
जा सकता हूं।. अदरवाइज आज के दिन में मान लीजिए कि. इंडिया में 150 करोड़ लोग हैं और किसी को. नाम कमाना है।. तो हर कोई शुभांग मिश्रा थोड़ी बन जाएंगे।. मेरे आने की टीवी छोड़ने के बाद कम से कम. 250 लोगों को मैं जानता हूं जो नोएडा में. पॉडकास्ट करते हैं।. हम्म. तो वो बात. हर कोई सक्सेसफुल नहीं है।. बिकॉज़ आई एम सेल्फ मोटिवेटेड। मैं रोज. कोशिश कर रहा हूं 16 घंटे कर रहा हूं।. सेल्फ मोटिवेटेड नहीं मैं बोलूंगा आप. डिसिप्लिन हो। सेल्फ मोटिवेशन जो होता है. ना वो मेरे को लग रहा है कि 2 दिन पांच. दिन टिकेगा। मोटिवेशन आप कोई अगर मोटिवेशन. देख लिया तो लेकिन अगर वो डिसिप्लिन नहीं.
होगा तो फिर सक्सेस नहीं हो सकते।. अगर बिजनेस करने के लिए अगर आपको मोटिवेशन. की जरूरत है ना तो आप कभी भी सक्सेस नहीं. हो सकते। हो पाए थे. क्योंकि मोटिवेशन हमेशा टेंपरेरी होता है।. वो परमानेंट नहीं होता।. तीन दिन, 4 दिन, 5 दिन कुछ नया सुनना।. उसको थोड़ा बताओ मुझे और ये क्योंकि मेरी. नजर में तो अगर आप सेल्फ मोटिवेटेड है तो. आप जिंदगी में कुछ भी उखाड़ सकते हैं। बस. आप कह रहे हो मोटिवेशन चार दिन ही कहानी. है।. अगर आप सेल्फ मोटिवेटेड नहीं है तो? हां।. आप अगर सेल्फ मोटिवेटेड हैं तो तो फिर कोई. इशू नहीं है।. तो तो कोई इशू नहीं है। मतलब मोटिवेशन. जैसे बहुत सारे लोग होते हैं ना कि आप.
YouTube पे ये वीडियो देख लिया मोटिवेशन. का। फिर किसी का पॉडकास्ट सुन लिया और. मोटिवेट हो गए। कोई मूवी देख लिया मोटिवेट. हो गए कल से जिम जाना चालू कर दिया फिर. चार दिन बाद वही कहानी रेगुलर वाली [हंसी]. तो ये क्या है कि किसी और से सुन के हम. मोटिवेट होते हैं बट हां अब आपके अंदर आ. गए तभी आप आगे आगे बढ़ सकते हैं. चलो मैं इसको थोड़ा और रिफ्रेम करता हूं. मोटिवेशन या डिसिप्लिन. व्हाट इज मोरेंट या इसको अगर मैं और कहूं.
कंसिस्टेंसी. डिसिप्लिन. डिसिप्लिन. डिसिप्लिन विद अग्रेशन. अभी एक नया शगूफ आपने डाला है। यह क्या है. आपके अंदर की. अग्रेशन कैसा मतलब? एग्रेशन मतलब जो आप. काम कर रहे हो उसकी लाइक उसके लिए आपका. पैशन कि भ हां ये मुझे हासिल करना है।. हमने जब रीजोन 16 शुरू करा था तब हमको ये. नहीं था कि भ हमें इतना पैसा कमाना है।. हमें ये था कि हमें एक बेहतरीन क्वालिटी. डिलीवर करनी है और अपने जो कस्टमर्स हैं.
उसको सेटिस्फाई करना है। तो ये हमारा. अग्रेशन था और उसी अग्रेशन को लेके आज के. दिन में हम यहां पर पहुंचे।. भाई ने इतनी बार कह दिया पैसा कमाना. लक्ष्य नहीं था। पैसा कमाना लक्ष्य नहीं. था। पैसा बाय प्रोडक्ट है। अगर आप अच्छा. काम करोगे, अच्छा मतलब प्रोडक्ट डिलीवर. करोगे यार। मतलब जैसे ही बड़े होंगे तो. पैसा तो मिलना ही है। डे वन पे तो कभी भी. पैसा नहीं मिलता।. व्हिच इज ट्रू। व्हिच इज वैरी ट्रू। अ. आपके बीच में कभी डिस्प्यूट आते हैं।. अब यार मियां बीवी में आते हैं तो ऐसा तो.
है नहीं आते नहीं होंगे।. सो अगर मान लो दो पार्टनर्स हैं उनमें. डिस्प्यूट्स आते हैं आप जाहिर सी बात है. हाथ में पांच उंगलियां बराबर नहीं होती. है।. सोच देखिए हर किसी की अलग होती है। बट दिस. इज नॉट अ डि काइंड ऑफ़ डिस्प्यूट। मेरे. हिसाब से ये क्या है कि दोनों के विचार. अलग होते हैं। बट हां ये चीज है कि हम एक. दूसरे के जो थॉट प्रोसेस है ना उसमें हम. सेट हो जाते हैं।. मतलब हो सकता है कि अगर एक सवाल हम पूछे. तो उसमें हम तीनों के लाइक आइडियाज जो है.
या तो तीनों ओपिनियन जो है वो अलग होगा।. बट इसका मतलब ये नहीं है कि ये डिस्प्यूट. है। बट हम एंड ऑफ द मोमेंट अगर उस चीज को. अच्छी तरीके से समझे तो हम कोई एक ओपिनियन. पे या पे आप आए तो फिर वो मैटर वहीं पे. खत्म हो जाता है।. धंधा में ईगो. क्या रोल करता है? दोनों तरीके से हो तो भी ना हो तो भी है. तो नीचे नहीं है तो ऊपर.
ईगो नीचे धंधा ऊपर ईगो ऊपर धंधा नीचे बहुत. सिंपल रिलेशन है. ईगो रख के तो धंधा नहीं कर सकते थोड़ा तो. झुकना पड़ेगा अगर बिनेस करना है तो. बट है तो इंसान ही. साथ ले चलेंगे घर पे भी रख सकते बगल में. रख देंगे तो आगे चले जाएंगे. हम. ठीक है।. हमारे फील्ड में भी मतलब बहुत सारे लोग. ऐसे हैं कि जो अपना बड़ा सा ईगो जो है वो. साथ में लेके चलते थे.
हम. तो वो आज के दिन में थे हो गए।. ये तो जाहिर सी बात है मतलब अगर आप. एक बैगेज कैरी कर रहे हो तो फिर आप लंबा. नहीं जा रहे हो। मैं तो हमेशा कहता हूं. कोई भी इंसान जो अपने इतिहास के बारे में. बड़ी चर्चा कर रहा हो. इसका मतलब है कि उसका वर्तमान और भविष्य. अंधकार में है।. क्योंकि जिसका वर्तमान और भविष्य उज्जवल. होता है वो काम करने में बिजी होता है।. [हंसी] इतिहास के बारे में ज्ञान देने में. बिजी होता है क्योंकि मैं यही उखाड़ा था।. हम लोग शायद दो दिन पहले ही यही डिस्कस कर. रहे थे कि कोई हमें बोल रहा था कि भाई. हमने ये सोलर का बिजनेस 1994 या 2000 ऐसे.
कुछ चालू किया था। हमने वो किया था। हमने. ये किया था। तो हम लोग वही डिस्कस कर रहे. थे। हां उसको ये बोलना पड़ रहा पड़ रहा है. कि हमने वो किया था। किया था मतलब अभी कुछ. नहीं किया है। दैट्स व्हाट आई सेड ना कि. फिर आपका भविष्य और वर्तमान जो है वो. अंधकार में है। कोई ऐसी लर्निंग जो आपको. किसी ने बताई आपने सीखी बिजनेस करते हुए. और आप यंग एंटरप्रेन्यर्स को बताना चाहते. हो? कोई भी अगर हार्दिक आप चाहे तो आप भी बता. सकते हैं।. मेरे हिसाब से तो ऑलरेडी शायद हमने बहुत. सारे टॉपिक्स पे डिस्कस किया। उसमें से एक.
तो कभी भी कोई भी बिज़नेस करे तो एथिकल वे. में करना चाहिए। हम. सेकंड टीम वर्क बहुत्ट है।. थर्ड आपको लॉन्ग टर्म पे अगर काम करना है. तो डिसिप्लिन रहना पड़ेगा। खाली मोटिवेशन. से मतलब कुछ भी नहीं होता। फोर्थ आई थिंक. सो अगर हम कोई भी बिज़नेस पहले चूज़ कर रहे. हैं तो पहले वो सोचना चाहिए कि भाई हां आज. का जो अभी जो बिज़नेस चल रहा है करंट वाला. वो करना है या फिर जो आगे जाके हिट होना. है मतलब फ्यूचरिस्टिक बिज़नेस करना है।. क्योंकि आप जब भी फ्यूचरिस्टिक बिज़नेस. करोगे तो आज शायद आपको पैसा नहीं मिलेगा.
या कम मिलेगा। लेकिन आप वो लेवल पे आप. अपना इकोसिस्टम बना के बैठे होंगे कि जब. उसका ट्रेंड आएगा, जब उसका समय आएगा तब आप. ही वहां पे नंबर वन होंगे।. अच्छा जैसे आप सोलर में काम कर रहे हो, बहुत सारे लोग काम कर रहे हैं। अभी बीच. में एक्सपो सेंटर में एक बड़ा इवेंट हुआ. था। सारी सोलर ही कंपनियां आई थी।. अब अगर मैं आपसे एक सवाल पूछूं कि आप अलग. कैसे हो? सो. मतलब. काम सब कर रहे हैं। थॉट प्रोसेस. क्या और उसका प्रोडक्ट प्रेशर कैसे?
जैसे मान लीजिए कि अ हमारा जो है वो. स्ट्रांगली एक बिलीव बिलीव है. कि अ हमारे लिए प्रायोरिटी क्या है? तो. हमारे लिए प्रायोरिटी ये है कि आवर टीम. शुड बी हैप्पीएस्ट पर्सन। आवर कस्टमर शुड. बी हैप्पीएस्ट पर्सन एंड आवर सप्लायर शुड. बी हैप्पीएस्ट पर्सन इन दिस वर्ल्ड। तो इन. द वर्ल्ड। तो ये चीजें जो है वो बाकी. लोगों से आपको अलग बनाती है कि जहां पर.
हमारे लिए हमारी प्रायोरिटी हमारा प्रॉफिट. नहीं है। हमारी प्रायोरिटी हमारी टीम है।. हमारे कस्टमर्स है। हमारे सप्लायर्स हैं।. तो वहां पर आपका सोचने का तरीका जो है ना. वो बदल जाता है। आपको प्रोडक्ट बनाने का. जो एक आस्पेक्ट होता है वो बदल जाता है कि. आप कभी भी आपके कस्टमर को अगर आपको हैप्पी. रखना है तो आप कभी भी ऐसी चीज नहीं यूज. करेंगे कि जिसके कारण वो वो डिसटिस्फाई हो. तो उसका इंपैक्ट है उसका जो रिजल्ट है वो.
ओवर द टाइम पीरियड आपको दिखेगा ही दिखेगा।. ठीक है? हार्दिक भाई जब हम स्कूल में. पढ़ते थे और बोर्ड के एग्जाम आते थे तो. टीचर्स अक्सर मुझसे कहते थे कि यार 10. किताब पढ़ने से अच्छा है एक किताब को 10. बार पढ़ लो।. हम. अच्छे नंबर आ जाएंगे। अब मैं अगर धंधे के. पॉइंट ऑफ व्यू से पूछूं. एक बिजनेस में ही पूरी जान झोंक देना या. मल्टीपल बिनेस में ट्राई करते रहना. ज्यादा बेहतर क्या होता है. देखिए मैं दोनों पॉइंट ऑफ व्यू से बताऊंगा. पहला तो पहले तो एक बिजनेस में ही जान.
आपको झोंकनी पड़ेगी क्योंकि पैसा उधर से. ही आएगा देखिए सबका अगर हमारा प्राइमरी. गोल पैसा भी नहीं है लेकिन अगर आपको. मल्टीपल बिज़नेस करना है तो उसके लिए आपको. पैसा तो चाहिए सेकंड बिज़नेस थर्ड बिज़नेस. के लिए लेकिन आपका अगर फर्स्ट बिज़नेस ही. सक्सेसफुल नहीं नहीं हुआ। वहां से आपका. पैसा नहीं बना तो आप सेकंड थर्ड बिज़नेस कर. नहीं पाओगे। और आप मल्टीपल बिज़नेस भी कर. सकते हैं। लेकिन उसके लिए जो हमने पहले. डिस्कस किया कि टीम वर्क चाहिए। अगर आपका. फर्स्ट बिज़नेस वो लेवल पे है कि भाई आप. यहां पे हो बिज़नेस पे हो नहीं हो आपके. बिना अगर आपका बिज़नेस चल सकता है तो.
डेफिनेटली आपको दूसरा बिज़नेस तीसरा बिज़नेस. देखना चाहिए।. अब जैसे आपके फादर रियलस्टेट हैं।. आप सोलर में आ गए।. वक्त के साथ बहुत सारी चीज़ और बदलेंगी।. अगले 5 साल छ साल में बदलेंगी। सोलर में. ही किंग बनने की तमन्ना है या आगे सोचोगे. कि नहीं यार कुछ और नया ट्राई करते हैं या. और. ऑलरेडी कर रहे हैं।. कहां-कहां पे आप. अभी जैसे. एक तो हम सोलर पैनल मैन्युफैक्चरिंग कर. रहे हैं। उसके साथ-साथ हम सोलर सेल. मैन्युफैक्चरिंग में भी आ रहे हैं। तो. नेक्स्ट ईयर एंड तक हमारा सोलर सेल.
मैन्युफैक्चरिंग भी स्टार्ट हो जाएगा। तो. हम भी लाइक जो अपनी बिजनेस है उसको बढ़ा. रहे हैं।. इंडिया और चाइना. हम. क्योंकि पपुलेशन वाइज दोनों बड़ी कंट्रीज. है। यहां के एंटरप्रेन्यर्स में और. स्टार्टअप्स में क्या डिफरेंस है आपके. हिसाब से? देखिए अभी. के फील्ड में भी आप बता रहे थे कि चाइनीस. कंपनी अभी है।. जी. आज के दिन में क्या है ना मेरे को ये लगता. है कि इंडिया में भी सब चीजें बन सकती है।. मैन्युफैक्चरिंग हो सकता है। लेकिन बहुत.
सारी चीजों के लिए हम लोग डिपेंडेबल है. चाइना या जैसे अदर कंट्रीज पे कि जहां से. हमें टेक्नोलॉजी का हेल्प चाहिए वो. टेक्नोलॉजी से। क्या ना हम लोग अगर मानो. जैसे अगर मैं मॉड्यूल की सोलर पैनल्स की. बात करूं तो शायद जब 200 हमने 17 में चालू. किया तब हमको सबको यह लगता था कि सोलर. मॉड्यूल बनाना भी यहां पे मुश्किल है।. मतलब इतने स्किल मैन पावर नहीं है। इतना. टैलेंट नहीं है इंडिया के अंदर। लेकिन. जैसे-जैसे लोगों ने बनाया जैसे-जैसे. फैक्ट्रियां बढ़ी तो ऑटोमेटिकली टैलेंट. डेवलप हुआ। उसके बाद फिर कोविड आया। उसके. पहले क्या था ना कोविड के पहले आप कोई भी.
इक्विपमेंट बाहर से लाओगे, चाइना से लाओगे. तो चाइनीस इंजीनियर ही आएगा। वही इंस्टॉल. करेगा। उसके बाद ही आपका इक्विपमेंट. चलेगा। तो लोगों के मन में वो मेंटालिटी. थी कि भ इंडियन इंजीनियर्स उसको इंस्टॉल. ही नहीं कर सकते। उसके बाद कोविड आया। अ. मतलब मैं बहुत अच्छा मानता हूं उसको कि. उसकी वजह से चाइनीस इंजीनियर है वो कोई आ. नहीं पाए। तो यहां के लोग सीख गए ऑनलाइन. वो लोग वहां से जो भी ट्रेनिंग दे रहे थे।. तो आज के दिन में तो हमारी मॉड्यूल्स की. लाइन ऐसी हो गई कि पूरी लाइंस इंडियन. इंस्टॉल कर रहे हैं। तो वही जो माइंडसेट. का जो डिफरेंस था वही डिफरेंस था। उसके. पहले भी वही इक्विपमेंट था। लेकिन आज अगर.
देखोगे तो उससे तो बहुत हाईली ऑटोमेशन. इक्विपमेंट है। लेकिन आज इंडियन सी. इंस्टॉल कर रहे हैं। तो अगर वही अगर मैं. बात करूं तो 2017 में वहां पे नहीं हो रहा. था। लोग बोल रहे थे कि बिना चाइनीस के तो. मशीन लग ही नहीं सकता।. तो एक जो ये माइंडसेट का डिफरेंस है वो. हमें चेंज करना होगा। अगर हमें चाइना को. कमपीट करना है तो।. एनर्जी में सोलर अभी कहां पर है? एनर्जी में सोलर रिन्यूएबल की अगर पहले हम. बात करें तो इंडिया में आज दिन तक. करीबन करीबन सवा5 गीगावाट. अ सोलर और विंड इंस्टॉल हुआ है। जिसमें से.
ऑलमोस्ट हम कह सकते हैं कि 50% जितना सोलर. इंस्टॉल है।. हम. और. 2030 तक गवर्नमेंट ने जो टारगेट लेके रखा. है वो करीबन करीबन 500 गीगावाट रिन्यूल का. उन्होंने टारगेट लेके रखा है।. मैंने भाई का एक इंटरव्यू देखा जिसमें था. कि पैसे से आप कुछ भी खरीद सकते हो लेकिन. आत्मा की शांति सपने पूरे करके मिलती है।. जी. तो उसका जवाब भाई ही देंगे। [हंसी].
शांति किससे मिलती है? वो तो मेरे को अच्छा कोट लगा। मैंने कहा. यार ये शार्क टैंक के प्रोमो के लिए अच्छा. था। [हंसी]. व्हाट इज हैपनेस फॉर यू? नहीं हैप्पीनेस अगर देखें तो मतलब ऐसा कोई. मतलब मेरे लिए उतना वो है नहीं। हैप्पीनेस. तो आपको हर एक छोटी-छोटी चीज मतलब आपको. खुश होना है तो आप अंदर से खुश हो सकते. हो। अगर मानो वो होता है ना कि मतलब जो भी. आपके पास कोई लग्जरी कार है, कोई लग्जरी. बंगलो है तो वो सब टेंपरेरी है। आप जब.
नया-नया यूज़ करते हो दोप दिन उसके मजे. होते हैं। उसके बाद तो वो सब रेगुलर ही. लगता है।. ये वैसी चीज है कि जैसे आप पडकास्ट कर रहे. हैं। शुभांकर भाई ने अगर एक साल में 50 या. 100 करोड़ कमा लिए आप खुश होंगे 100%। बट. अगर मान लीजिए कि आपकी टीम भी आपके साथ. ग्रो करेगी। आपने जो पैसे कमाए हैं उससे. सोसाइटी पे भी अगर कुछ इंपैक्ट ला पाए कि. जिसको जरूरत है उसको आपने हेल्प कर दी.
किसी भी वे में मतलब इट्स नॉट लाइक कि भ. आपने फाइनेंसियल ही हेल्प करी आपने उसको. फाइनेंशियल हेल्प करी जिसको मेंटल हेल्प. की जरूरत थी उसको आपने मेंटल हेल्प दी तो. ये चीजें आपको सेटिस्फाई करती है लॉन्ग. टर्म पे जाके मतलबी. उससे आपके आत्मा को जो है वो शांति मिलती. है मतलब हमें तो उससे मिलती है।. मैं चलो इसको एक थोड़ा सा और थोड़ा. क्रिटिकल तरीके से करता हूं। एक गाना बड़ा. अच्छा आया था कि पैसा है तो बड़ी-बड़ी. बातें सुना आपने।. हां हां सुना।. ये जो आपने मैंने लाइन पढ़ी मेरे को ये.
लगा कि आदमी जब पैसा कमाता है तो उसको. बातें अच्छी आती है। क्यों आप कह रहे हो? क्या शांति आपने क्या किया ऐसा? जो आपको. लगता है कि आपने किया यार इससे आपको ये. एहसास हुआ। बिकॉज़ आई बिलीव कॉलेज लाइफ. आपकी भी नॉर्मल रही होगी। जो ये बाकी इनको. भी सुन रहा हूं। मैं ये भी कह रहे हैं. क्या सेटिस्फेक्शन वही बेसिक चीजें होती. है। तो फिर जो ये बातें आती है कि पैसे से. आप कुछ भी खरीद सकते हो। बट रियल. सेटिस्फेक्शन ही आता है। इनसे क्या कहना. चाह रहे हो? मतलब ये बातें सुनने में तो. अच्छी लग रही है मुझे। थोड़ा मुझे समझाओ. आप। जैसे मान लीजिए कि अ अगेन हमारी जो है. हां ये कही है ना जैसे हमारी जो टीम है.
हम. उसको हमने कभी भी ये नहीं देखा कि अ. उनको इंक्रीमेंट इतना ही हम करें। हम. हमेशा हमने यह सोचा कि अगर हम वहां पे. होते तो हम कितना वहां पे ये सोचते कि. हमें इतना मिले तो हमने हमेशा उनको उतना. देने की ट्राई करी। दूसरी चीज जैसे हम. बहुत सारी जगह जो है वो सपोर्ट करते हैं।. अभी ही एक अनाथ आश्रम है।. हम कहीं पे जा रहे हैं तो बीच में हमने वो.
अनाथ आश्रम देखा। हम वहां पे गए और हमने. देखा कि छोटे-छोटे अनाथ बच्चे जो है वो. उसको एक टीचर. एक टीचर वो सबको वहां पे रख रहे हैं। उसको. एजुकेशन दे रहे हैं फ्री ऑफ कॉस्ट। मतलब. कोई भी किसी से भी मतलब अनाथ है तो उसके. पास तो पैसा होगा ही नहीं। बट जो उसके. गार्डियन थे उससे भी वो कुछ नहीं ले रहे. हैं। उसको वो एजुकेशन दे रहे हैं। उसको वो. वहां पे रहने की सुविधा खाना सारा कुछ दे.
रहे हैं। एक टीचर और उसकी मां थी उसके साथ. उसके अ मां तो वो दुनिया का सारा सुख छोड़. के मतलब वो छोटे से अनाथ आश्रम में सब. बच्चों के पीछे उन्होंने अपनी जान लगा दी।. तो हम वहां पे गए तो हम हमने सोचा कि यार. मतलब. हमें यहां पे जो भी सपोर्ट हम कर सके वो. करना चाहिए। तो वो चीज आपको खुशी देती है. कि अगर देखिए कि वहां पर आई थिंक 35 अनाथ. बच्चे आज रह रहे हैं। तो उसको अच्छी.
फैसिलिटीज मिलेगी। उसमें से आप यह सोचिए. कि वो 35 में से अगर पांच भी आगे जाके. अपनी अच्छी लाइफ बना सके तो उससे मतलब. हमें. कितना अच्छा लगेगा या मतलब सोसाइटी पे वो. उसका इंपैक्ट कितना अच्छा आएगा।. ट्रू कौन सा बिजनेसमैन है जिसको देखकर. मतलब आप काफी इंस्पायर हुए और आपको लगा. यार मैं इसको लुक अप करता हूं।. रतन ताता जी. क्या अच्छा लगा उनमें आपको मतलब इतना बड़ा.
नाम ले लिया कि नाम सुनते ही सम्मान आता. है। बट क्या अच्छा लगा आपको? अह देखिए अभी. अह रिसेंटली हम लोग कुछ भी हमें वहां का. वर्क कल्चर बहुत अच्छा लगता है Tata का. क्योंकि हम लोग जभी भी देखते हैं ना तो. लोग बोलते हैं कि हां Tata के एम्प्लाइजस. कभी भी कंपनी नहीं छोड़ते मतलब जनरली बहुत. लॉन्ग टर्म टिकते हैं। तो उससे एक चीज. हमें ये समझ में आती है कि वो लोग ने जो. वर्क कल्चर खड़ा किया है वहां पे उसकी. कंपनी में वो मतलब रिमारकेबल है।. आप चिराग. थोड़े से रतन टाटा को कि उनका भी एक फेमस.
कोट था कि भई हमारे पास इतने हाथ हैं तो. अभी हम भी वो प्राउडली कह सकते हैं कि भ. हमारे पास 3500 हाथ है बट उसके साथ-साथ. मैं स्टीव जॉब्स को भी थोड़ा सा अपना. आइडियल मानता हूं क्योंकि. अ पागलपन जो है ना वो भी थोड़ा सा जरूरी. है।. हां जिद्दी होना पागल जरूरी है।. तो मेरे लिए रटन टाटा और सीव जॉब्स ये. दोनों. क्या आपको मतलब क्यों आपने सी जॉब्स का. नाम लिया. पागलपन जो चीज आप कर रहे हो उसके लिए आपका.
पैशन और मेरे लिए मेरा काम जो है वो पैशन. है।. कोई अपनी कहानी सुना चाहोगे इस पैशन को. लेके आपने इस इंडस्ट्री में जो शुरू की? हमने जब मैन्युफैक्चरिंग स्टार्ट करा था. ना तो हमने पहले 6 महीने अपनी लाइन में. खुद काम करा था। दो लोगों की सैलरी सेव. करने के लिए और बेसिक मैन्युफैक्चरिंग जो. है कि लाइन पर काम कैसे होता है उसका. एक्सपीरियंस लेने के लिए कि अगर मान लीजिए. कि टीम हायर कर ली वो अच्छा बिजनेस कर ली.
टीम आपने हायर कर ली वो काम करेंगे कल के. दिन में आप प्रोडक्शन में जाओगे आपको पता. ही नहीं होगा कि इसके बेसिक्स फंडामेंटल. क्या है क्या नहीं है तो हमने सारी चीजें. करी है ये बिनेस में हमने पैकिंग करा है. हमने डिस्पैच करा है। हमने लोडिंग करा है।. हमने अनलोडिंग करा है। इनफैक्ट एक. स्टोरी मैं आपको बताना चाहूंगा। जब हमने. हमारा मैन्युफैक्चरिंग शुरू करा तो हमने. हमारी पहली गाड़ी जो है वो रात के 4:00.
बजे हमने खुद पैक करके डिस्पैच करी थी।. और वो मॉड्यूल्स भी हमने खुद क्लीन किए. थे।. हां।. क्योंकि उसमें मॉड्यूल्स मैन्युफैक्चरिंग. में एक प्रोसेस आता है। लास्ट में आपको. मॉड्यूल्स क्लीन करना पड़ता है।. तो ऑलमोस्ट क्लीनिंग भी हमने किया था।. एक्चुअली हम लोग इनफैक्ट मॉर्निंग में हम. लोग एक दिन ये जाता था, एक दिन मैं जाता. था। सुबह 5:00 बजे जाते थे और तब ना एक. मैनुअल उतना ऑटोमेशन नहीं था उस वक्त पे।. मतलब जैसे आप बोले ना नेपो किट तो वही. स्टोरी मैं आपको अभी बताता हूं कि जैसे. हमने जब छोटा होता है वही होता है आपके.
वैसे। तो वापसी कितना लिया वो भी बताते. हैं आपको।. बट फिर भी फिर भी काफी लोगों का सोचना यही. है कि यार ये इतना इन्वेस्ट करें इसीलिए. आज आज के दिन में इतना आगे पहुंच पाए।. अदरवाइज मान लीजिए कि हमें भी उतना. इन्वेस्ट करने को मिल जाता तो हम भी ऐसी. कंपनी तो बना देते।. तो इनिशियली. छोटा सा एक मैन्युफैक्चरिंग सेटअप लगाया. था। फिर हम लोग क्या करते थे ना एक दिन ये. जल्दी जाता था 5:30 बजे एक दिन मैं जल्दी. जाता था क्योंकि हर फिर रात को भी लेट.
होता था इनिशियली मतलब जब भी चालू किया था. तो रात को 12 1:00 बजे क्योंकि हमको कोई. एक्सपीरियंस नहीं था। ना तो हमारे पास. मतलब इनिशियल डे में उतना अच्छा टीम भी. नहीं था कि बाहर से कोई हायर कर ले। और ना. उस वक्त पे इतने प्रोफेशनल लोग भी नहीं थे. इंडस्ट्री में क्योंकि इंडस्ट्री भी सबके. लिए नया था और हम जिस बैकग्राउंड से आते. हैं अगर हमें कोई हेल्प चाहिए तो हमें. शायद कोई टेक्सटाइल में होगा कोई डायमंड. में होगा क्योंकि सूरत में दो ही बिज़नेस. सबसे ज्यादा चलते हैं टेक्सटाइल और डायमंड. तो अगर उसमें हमें कोई हेल्प चाहिए तो. हमारे फादर हमको कोई हेल्प करा सकते हैं. कि हां भाई ये इनसे सीख लो आप उससे मिल लो. वहां हां बैठ जाओ कुछ कांटेक्ट कर लो.
लेकिन सोलर तो हमारे लिए पूरा नया था ना. ही हमारे मतलब कम्युनिटी या वहां पे कोई. उसमें सोलर बिनेस में हां तो हम लोग ये. सोचते हैं कि भ स्टार्टिंग किया है तो हम. लोग अगर काम करेंगे तो दो लोग का सैलरी बच. जाएगा और उस वक्त पे दो लोग का सैलरी भी. हमें मायने रखता था. वो भी सीनियर लेवल [हंसी]. सीनियर तो नहीं वी कैन से जूनियर क्योंकि. हम वही वही काम. काम तो जूनियर वाला ही कर रहे थे. हां क्लीनिंग पैकिंग लोडिंग. हां बट फिर मेरे को बताओ ना ये बिज़नेस ही.
क्यों चुना क्योंकि इसकी नॉलेज भी नहीं. होगी फिर आप लोग को. तो नॉलेज तो हमें किसी भी. नॉलेज तो कोई भी बिनेस की नहीं थी. तो फिर ये मतलब मतलब इसके इसके डू डोंट. बेसिक्स कैसे पता किए फिर. जैसे बहुत सारे मतलब बहुत सारी चीजें बहुत. सारी बहुत सारी चीजें जो है वो हम समय के. साथ सीखते गए ऐसा नहीं है कि हमने गलती. नहीं करी बट अ. जैसे हमने हमेशा ये सुना है कि मतलब. स्मार्ट लोग ये होते हैं कि जो उनकी गलती. को दूसरी बार दोहराए नहीं तो हमने गलती.
करी बहुत सारी गलतियां हमने करी आज भी. शायद हम कुछ गलती कर रहे होंगे बट हमने. कभी भी उस गलती को जो है वो दोहराया नहीं. हम. स्मार्ट वर्क हार्ड वर्क वि इज मोरेंट. दोनों. पहले तो हार्ड वर्क चाहिए स्मार्ट वर्क तो. आप बाद में करोगे. मेरे हिसाब से फर्स्ट हार्ड वर्क आपके. हिसाब से पहला. दोनों दोनों उतना जरूरी है स्मार्ट वर्क. जो है वो भी जरूरी है बट उसके साथ-साथ. आपको भी हार्ड वर्क करना पड़ेगा. सक्सेस होने के लिए. तो अगर आपको मान लो फिर से जीरो से. स्टार्ट करना हो और आपको ₹1 करोड़ दे दी.
जाए. फिर से धंधा शुरू कर सकते हो ना फिर से. यही करेंगे. यही बिज़नेस है कुछ और. यही करेंगे. यही कर सकते दूसरा भी कर सकते हैं।. हम मारवाड़ी में एक कहावत है। मैं पढ़ रहा. था कि अगर 10 पैसा फेंकूंगा तो ₹1 की खनक. सुनाई पड़नी चाहिए।. गुजराती में कुछ है. धंधे को लेके कोई ऐसा फेमस डायलॉग एक तो. हमने शाहरुख खान का सुना था रईस में. अम्मी जान कहा करती थी। [हंसी]. गुजराती में आई गेस इतना कोई फेमस डायलॉग. है तो नहीं। बट गुजराती को ये पता है कि भ.
डायलॉग तुम लिख लेना हम पैसा बनाते हैं।. [हंसी]. ओके। अ एक किसे कैसे कॉमन लोगों ने कहा कि. बिलेनियर कैसे बने? कैसे बने बिलेनियर? मेहनत करके. मेहनत करके।. मेहनत तो सिक्योरिटी गार्ड भी कर रहा है।. 12 14 घंटे की नौकरी कर रहा है।. लेकिन वो. विज़न के साथ. ₹10,000 नहीं कमा।. विज़न के साथ विज़न के साथ मेहनत करके।. तो किसी मान लो कोई नया बच्चा उसे बिज़नेस. शुरू करना हो। हम. तो उसको दिमाग में क्या रहना चाहिए कि.
मेरे को पैसा कमाना है या बड़ा बनना है. नाम कमाना है क्या सोच के स्टार्ट करें. धंधा. कोई भी जैसे हमने कहा कि पैसा अगर कोई भी. ये सोचेगा कि मुझे पैसा पैसा बनाना है. तो वहां पर आई डोंट थिंक सो कि वहां पर आप. पैसा बना ही सकते हो बट हां कोई भी चीज. को. आप गोल बनाओ कि भाई मुझे इस चीज में जाना. है उस चीज में अपने आपको लाइक डे बाय डे. आप बेहतर बनाते जाओ आप एक अच्छी टीम खड़ी. करो और उसके साथ-साथ अगर हार्ड वर्क करोगे.
तो आई एम वेरी श्योर जो है वो आप उस फील्ड. में टॉप कर सकते हो।. मैंने देश के बहुत सारे बिज़नेसमैन को सुना. है जो कहीं जाते हैं पडकास्ट में तो कहते. हैं यार किताबें पढ़नी चाहिए।. हां. 100% सुनना चाहिए।. तो अगर मैं आपसे कहूं कि तीन किताबें ऐसी. बताओ जो लोगों को पढ़नी चाहिए।. हम. सो मैं तो एक ही बताऊंगा क्योंकि मैं इतनी. किताबें पढ़ अभी तक पढ़ा नहीं हूं। डेवलप. कर रहा हूं। तो मैं पहले ना किताबें उतनी. नहीं पढ़ता था लेकिन समरीज बहुत देखता था. क्योंकि समरीज में क्या है ना टाइम उतना. रहता नहीं था बिनेस भी कर रहे हैं और उस.
साथ-साथ में ये भी स्किल भी हमें डेवलप. करना है तो बहुत सारी समरीज देखी लेकिन. मेरे को वन ऑफ द बेस्ट बुक जो मेरे को. लगती है वो सेवन हैबिट्स ऑफ हाइली. इफेक्टिव पीपल. सबसे बेस्ट है. क्या खास उस किताब में. सो उसके अंदर फर्स्ट हैबिट है आपका. बर्निंग डिजायर मतलब आपको कुछ भी करना है. तो आपके अंदर आग होनी चाहिए जो जैसे बोलते. हैं कि आपको वो करना ही है मतलब एनी कॉस्ट. हम तो उसी मेरे को वो भी बहुत अच्छी लगती. है।. नाइस।. कोई किताब या कोई इंसान जिसे आप रेकमेंड. करना चाहोगे कि इसे पढ़ो या ऐसे सीखो।. मैंने अभी रिसेंटली एक अपना शू डॉकर की.
किताब है।. अ जो नाइकी के फाउंडर है। उन्होंने उनकी. ये बायोग्राफी है। तो वो अभी मैंने पढ़ी. और मुझे लाइक वो किताब से ये सीखने को. मिला। मैं काफी किताबें पढ़ता हूं। तो. मुझे उस किताब से ये सीखने को मिला कि कभी. भी जो है वो आपको हार नहीं माननी चाहिए।. नाइकी की अगर आप स्टोरी देखेंगे ना तो. नाइकी ने बहुत ज्यादा स्ट्रगल करा कि पहले. उन्होंने जापान से अपनी शूज जो है वो.
इंपोर्ट करते थे। उसके बाद अचानक वो कंपनी. ने एक दिन उनको शूज देना बंद कर दिया।. डोग मुझे जो है वो काफी अच्छी किताब लगी।. गानावाना सुनते हो? हम. कौन सा फेवरेट गाना आपका? मतलब ऐसा कोई फेवरेट तो नहीं है मेरा।. वो [हंसी] तो हनी सिंह वाला मिलेनियर.
उसमें मिलियर है। हमें मिलेयर वाला देखना. है।. ऐसा कोई अगर है तो बताना।. मैं हनी सिंह को बोलूं कि अगला [हंसी]. हम ही बनवाते हैं।. एक काम करते हैं। एक साल में टर्नओवर बन. गया है। वीडियो की स्पोंसरशिप बाय कर. देगा।. [हंसी]. नाइस. बट ये हर चीज मतलब धंधा और मार्केटिंग का. क्या रिश्ता होता है? जैसे सीएसके वाला समझ में आया मुझे।. सीएसके जीटी में आपने पैसा लगाया उससे. आपका प्रचार प्रसार हुआ। शार्क टैंक में. आप गए प्रचार प्रसार हुआ।. अभी देखो भाई ने बैठे-बैठे कहा हनी सिंह.
का गाना मैं बनवा दूंगा। [हंसी]. छाप. मार्केटिंग. मार्केटिंग इज काइंड ऑफ कि आप अच्छा बना. रहे हो। बट लोगों तक आप लोगों तक पहुंचना. भी जरूरी है कि भाई आप अच्छा बना रहे हो।. जैसे मान लीजिए कि हम हमारे प्रोडक्ट के. लिए हमारे बिजनेस के लिए इतना पैशनेट है. बट वो चीज अगर लोगों को पता चलेगी नहीं. तो लोग भरोसा कैसे कर पाएंगे? तो आई गेस मार्केटिंग वो जरिया है कि. जिससे आप लोगों तक अपनी बात पहुंचा सको।.
हम. मैंने एक कोट पढ़ा। बड़ा अच्छा लगा मुझे कि. अगर किसी किसी बिजनेसमैन ने कहा था कि अगर. किसी को रईस बनना है मिलेनियर या बिलेनियर. बनना है तो उसका सिर्फ तीन तरीका होता है।. एक तुम्हारा बाप रईस हो. दूसरा तुम्हारा ससुर रईस हो तीसरा एसबी. एडीएमके।. सीधा बैठो अपना देखो मेहनत करते रहो।. बस. तीसरा और सही है। [हंसी]. या तो पहला और दूसरा जिसके पास है उसको. तीसरा देखने की जरूरत नहीं है फिर। [हंसी].
बट. ये अपना पैसा बनाने का सेटिस्फेक्शन अलग. आता होगा। आई एम श्योर 100% उसे स्पेंड. करने का जो सेटिस्फेक्शन है ना वो भी अलग. है। जब किसी और का पैसा आप स्पेंड कर रहे. हो. तब. तो आपको वो कॉलेज वाला फील आता है ना कि. हां पापा से पॉकेट मनी ले लिया अभी उड़ाओ।. वो है भी आते हुए। [हंसी]. हां हां. हिसाब भी देना पड़ेगा। यहां उड़ा हिसाब. देना पड़ेगा। किसी से उधार लिया है तो वो. भी देना पड़ेगा। ठीक है? अगर आपने ठान. लिया नहीं देना है तो वो आपके घर आके. बैठेगा। तो किसी और का पैसा आप कभी भी.
स्पेंड करते हैं चाहे वो आपके पापा का हो. या किसी का भी तो आपके मन में एक प्रेशर. तो जरूर रहता है कि यार मतलब भले ही आप. कितना भी उड़ा दो बट आपको आपका जो पैसा आप. उड़ाते हैं वो सेटिस्फेक्शन आपको किसी और. का पैसा नहीं दे सकता।. ठीक है। आरती भाई सक्सेसफुल आदमी अमीर. आदमी क्या ऐसा अलग करता है कि वो रईस बन. जाता है। क्या अलग करता है? हार्ड वर्क मैं बोलूंगा एक तो क्योंकि. जैसे.
फिर मैं कहूंगा हार्ड वर्क तो सिक्योरिटी. गार्ड भी करता है। वो 12 घंटा 14 घंटा. लेकिन उसके पास उसके पास उसके पास विज़न. नहीं है और रोड मैप नहीं है कि उसको क्या. करना है। सिक्योरिटी गार्ड करता है लेकिन. वो ये सोचता है कि हां ये इससे मेरे को जो. पैसा मिलेगा उससे मेरे को खाली दो वक्त की. रोटी चाहिए।. और जो बिज़नेसमैन होता है उसके पास एक विज़न. होता है कि हां ये पैसे से मैं ये यहां. इन्वेस्ट करूंगा। इतना पैसा बचेगा तो इससे. मैं टीम बनाऊंगा। इसे मैं अपने प्रोडक्ट. में इंप्रूवमेंट करूंगा या व्हाटएवर कोई. भी मतलब अपने. पापा लोगों ने किया कि घर में देख के शादी. करा दी कि अल्बनी में जानी पड़ी [हंसी].
कि सही इन्वेस्टमेंट कर दो. होशियार होते हैं पापा लोग. खासतौर पर बिनेस वाले [हंसी]. क्या फार्मूला था आपकी नजर में जो मैंने. पूछा कि रईस आदमी क्या अलग करता है अमीर. आदमी क्या अलग करता है. यही हार्ड वर्क विद विज़न वैसे ही मतलब. बहुत सिंपल चीजें जो है ना वो होती बहुत. सिंपल है. बट हम खुद शायद उसको जो है वो बहुत ज्यादा. कॉम्प्लिकेटेड करते हैं। कर देते हैं। अगर. मान लीजिए कि सही विज़न के साथ हार्ड वर्क. आपने कर दिया तो आई डोंट थिंक सो कि ये.
बहुत ज्यादा डिफिकल्ट है। बट हां आपका. विज़न जो है वो बहुत ही क्लियर होना चाहिए. कि आपको कहां पहुंचना है।. स्पिरिचुअलिटी कितनीेंस रखती है।. बहुत ज्यादा आप. मतलब ये ये आई गेस मतलब [हंसी] दोनों के. लिए दोनों के लिए जो है वो अलग-अलग टॉपिक. हो जाएंगे। मुझे ये लगा कि यहां पे थोड़ा. कम आया वहां से बहुत ज्यादा [हंसी] आया।. तो ये भी आपके इंडिविजुअल चॉइस चॉइस होते. हैं।. जो चीज़. यही तो खूबसूरती ना दो आदमी को बैठाने की.
दो अलग पर्सेक्टिव आते हैं। पहले यहां. शुरू करते हैं। क्यों मायने नहीं रखती? धंधे में. मैंने कभी नहीं बोला कि मायने नहीं रखती।. मायने तो रखती है। [हंसी]. नहीं मतलब वो एक वो चाम नहीं आया। बहुत. सारे लोग होते हैं कि वो बहुत डायरेक्टली. रिलेट करते हैं। मेरे को लगा कि आप थोड़ा. प्रैक्टिकली देख रहे हो। नहीं काइंड ऑफ. बिजनेस भी अलग है और आप अगर स्पिरिचुअल हो. वो भी वो चीज भी अलग है। वो आप मन की. शांति के लिए करते हो यार आप किसी को. बिलीव कर रहे हो तो मतलब मतलब उसके लिए. आपको जो भी करना है वो उसके लिए आप करते. हो लेकिन बिजनेस और मैं इसको दोनों को. अलग-अलग पॉइंट ऑफ व्यू से देखता हूं। आप.
क्यों उसको बिनेस बिनेस और स्पिरिचुअलिटी. को क्यों जोड़ कर देख रहे हो? मेरे हिसाब. से स्पिरिचुअलिटी जो है ना वो हां जैसे. हार्दिक ने बताया मैं बहुत स्ट्रांगली ये. बिलीव करता हूं कि वो आपके मन की शांति के. लिए होता है। बट स्पिरिचुअलिटी जो होती है. ना मतलब आपका मन जितना शांत रहेगा उतना आप. फोकस्ड रहोगे।. आपका जो कल्चर है उससे जुड़े रहोगे।. तो वो चीजें आपको बिजनेस में भी काम तो. आती ही है। एंड ऑफ द मोमेंट तो. वही चीजें आपको बिजनेस में आगे लेके जाती.
है।. हम. आप शार्ट टाइम देखते हो।. क्या लगता है शार्क टैंक ने क्या इंडिया. के लिए अच्छा किया? खास तौर पर यंग यंग. एंटरप्रेन्यर्स के लिए. यंग मतलब अच्छे के लिए अगर मैं बोलूंगा तो. जिसको भी. इनको देखते हो शारंग में. हां. कैसे लगते हैं वहां पर ये. स्मार्ट दिखता है [हंसी]. कभी कुछ WhatsApp किया आपने कि यार भाई ये. वाला गलत किया तूने यार यार ये यहां पे और. बेहतर हो सकता था. नहीं WhatsApp नहीं वो तो सामने सामने ही. डिस्कस कर लेते. हम दोनों मतलब इतनी ही. बैठते हैं ऑफिस में भी ऐसे ही बैठते हैं.
तो सीधा भी बोल सकते हैं [हंसी]. क्या चेंज किया शार्क टैंक ने क्योंकि. बहुत सारे बिज़नेस का एक्सपोज़र मिल गया। कई. लोग इसे बहुत मानते हैं।. बहुत सारे बिज़नेस ऐसे थे जो बहुत अच्छा कर. रहे थे। आई थिंक छोटे बिज़नेसेस थे। तो. उसको एक तो अगर जिसको फंडिंग का. रिक्वायरमेंट था उसको फंडिंग का सपोर्ट. मिला। सेकंड चीज कि मार्केटाइज हुए। लोगों. को मतलब ऑल ओवर इंडिया इतने बड़े. प्लेटफार्म पे अगर कोई आता है तो ऑल ओवर. इंडिया देखता है। उसके नए आइडियाज देखता. है। और लोगों को एक समझ भी आता है कि ये.
बिज़नेस भी इंडिया के अंदर हो रहे हैं। और. सेकंड क्या है कि इससे बहुत सारे लोगों को. मोटिवेशन भी मिलता है कि हां भाई ये लोग. ने ऐसे-ऐसे चालू करके ऐसे-ऐसे काम किया तो. बहुत सारे नए स्टार्टअप भी उसकी वजह से. खड़े होते हैं।. आपको लगता है जो शार्क टाइम जाते हैं उनका. धंधा बढ़ता होगा वहां से? 100% बढ़ता है।. मतलब वो लॉन्ग टर्म ग्रोथ होती है या. शॉर्ट टर्म कि आज एक रात में ट्रैफिक बढ़. गया। नहीं अगर उसका बिज़नेस एथिक्स और उसका. प्रोडक्ट सही है तो लॉन्ग टर्म होगा। अगर. उसका प्रोडक्ट सही नहीं है मतलब तो फिर. शॉर्ट टर्म एक बार स्पाइक होके फिर नीचे आ. जाएगा।. धंधे में प्रोडक्ट अच्छा होना जरूरी है या.
ये कन्विंस करवा देना कि ये सही है? दोनों पहले अच्छा होना और बाद में कन्विंस. करा देना।. नहीं ये सवाल मैं इसलिए पूछ रहा हूं। अभी. कुंभ चल रहा था।. हां।. एक आदमी ने कुंभ में कहा कि मैंने एक. स्टार्टअप शुरू किया है।. हम. कि आप अगर यूएस से बैठे हैं मैं आपको गंगा. जी की डुबकी लगवा दूंगा।. कुछ नहीं करना। अपनी फोटो भेज दीजिए। मैं. प्रिंट आउट निकालूंगा। प्रिंट आउट को गंगा. जी में [हंसी] डुब डुप. ₹100 हो गए।. हो गए हो गए।. दिन भर में 100 आदमी भाई आए तो उसका अच्छा. लाखों में बिज़नेस चला।.
अब मुझे समझ नहीं आया कि ये प्रोडक्ट. अच्छा है या उसने उसे बेच अच्छा दिया है।. धंधे के लिए क्या ज्यादा है? आई [हंसी] गेस। उसको जो लेने वाला है ना. वो पागल है।. इसीलिए ये जो है वो धंधा चल गया। बाकी वो. आई डोंट थिंक सो कि वो प्रोडक्ट अच्छा है. और वो आपका वीडियो बनाएगा बकायदा वो. वीडियो बना रहा था कि ये देखिए आया और ये. आप है और ये गंगा जी है ये आपने डुबकी. लगाई परिवार में कोई और है उनकी भी डुबकी. लगाई आपका गंगा स्नान हो गया अब आपको आने. की जरूरत नहीं है.
तो व्हाट इज मोरेंट. ये बेचने की तकनीक आना दोनों ही चाहिए अगर. मतलब वो लॉन्ग टर्म मतलब नहीं चलेगा अगर. मानो कि अगर आपके प्रोडक्ट में दम नहीं है. और अगर आपको खाली बेचना आ रहा है तो आप. कस्टमर को आई थिंक सो एक बार बना सकते हो. उसको लेकिन वो सेकंड टाइम तो फिर नहीं. आएगा। अगर कस्टमर सामने से ही बनना चाह. रहा है ये जो आपने प्रोडक्ट बनाया उसमें. तो कस्टमर को सामने से ही उसका. रिक्वायरमेंट ही है कि मेरे को फुल बनाओ।. तो हो सकता है।. आई गेस लेने वाला हमेशा देने वाले से. ज्यादा स्मार्ट होता है। और. जैसे हम कहते हैं कि किसी भी इंसान को आप.
एक बार मूर्ख बना सकते हैं। उसे बार-बार. मूर्ख नहीं बना सकते। भाई, इस देश में. सालों से लोग कोल्ड ड्रिंक बेच रहे, सालों. से लोग चॉकलेट बेच रहे हैं। वही एक्टर्स आ. के पॉडकास्ट में कहते हैं, मैंने छह साल. से चीनी नहीं खाई है। मैंने 12 साल से. चीनी नहीं खाई [हंसी] है। और उसी पॉडकास्ट. के बाद ऐड आता है YouTube पे जिसमें वो. चीनी बेच रहे होते हैं कि यह फलाना. प्रोडक्ट पी लो, धमाका पी लो। बट उसमें वो. क्लियरली नहीं कहते कि ये मत पियो। ये जहर. है। इसीलिए लोग पी रहे हैं।. यही बात वो बाकी शोज़ में जाके कहते हैं।. हम.
लेकिन उस लेकिन तो फिर एंड कंज्यूमर को भी. तो उतनी समझ होनी चाहिए कि मुझे ये करना. है और मुझे ये नहीं करना है।. जैसे आज के दिन में मैं कोल्ड ड्रिंक नहीं. पीता। हम. क्योंकि मुझे पता है कि भाई शुगर जो है वो. एक लिमिट से ज्यादा मेरे लिए अच्छी नहीं. है। तो वो चीज अगर मान लीजिए कि हम खुद. समझेंगे तो डेफिनेटली हम कभी भी ऐसी. प्रोडक्ट जो है उसको नहीं अपनाएंगे।. आपका फेवरेट शार्क कौन है? अपने अलावा. रितेश भाई रितेश अग्रवाल।. oo वाले. जी.
प्यारा समझ गया। [हंसी]. नहीं. जस्ट बिकॉज़ ऑफ कि अ हम लोग सेम ऐज के हैं।. तो जब आपकी ऐज सेम होती है।. मैंने सुना उनको भी कि वो कह रहे थे कि. आजकल ओयo में काफी लोग धार्मिक स्लोप जाने. लगे। [हंसी]. मैंने कहा हां. तो जब हमारी ऐज सेम होती है ना तब आपको एक. दूसरे को इतनी ज्यादा चीजें जो है वो. जस्टिफाई करने की जरूरत नहीं होती है। आप. एक दूसरे को जो है वो बहुत इजीली समझ सकते.
हैं।. रितेश में क्या आपको इंस्पायरिंग लगता है? ये तो चलो दोस्ती आ रही होगी सेम ग्रुप. का।. बट ऐसा बिज़नेस बहुत बहुत ग्राउंडेड है।. उसका मतलब यह नहीं है कि बाकी जो शार्क्स. है वो एगेंट है। बट रितेश भाई मुझे जो है. वो बहुत ही हंबल लगे। बहुत ही सपोर्टिव. लगे। बाकी शार्क भी अच्छे हैं। बट हां. रितेश भाई सेम ऐज के होने के कारण मतलब वो. एक अटैचमेंट जो है वो मुझे ज्यादा फील. हुआ।. कभी ऐसा हुआ कि कैमरा ना चल रहा हो या. ब्रेक हुआ हो और किसी की बीवी का डांट पड़. रही हो। फिर स्माइल करके शुरू किया हो। या.
एंकर जैसे हम एंकर हमेशा बड़ा होता था ये. कि हमारी कोलीग रो रही है फिर थोड़ी देर. मुस्कुरा रही है साथ हां [हंसी]. या आपस में लड़ाई हुई हो. मतलब. हां वैसे तो होता है शार्क टैंक में. कि. पांच शार्क होते हैं उसमें मान लीजिए कि. दो शार्क वैसे होते हैं कि जो कभी भी आपको. बोलने नहीं देंगे [हंसी]. मैं तो चेहरा भी इमेजिन कर. तो थोड़ा सा वहां पे आपको आपका स्टैंड जो. है वो जरूर लेना पड़ता है. अदरवाइज. सिर्फ कैमरे पे आप देखोगे ऐसेसे करते हुए.
कुछ बोलते हुए नहीं देखोगे तो वो चीज वहां. पर रहती है। कभी किसी ने एहसास करा कि यार. तुम अभी नए हो बच्चे हो क्योंकि पुराने. शार्क हमने बड़ा देखा ये सब कि वो एक. दूसरे के बिनेस पर कमेंट करते थे या एक. दूसरे को पर्सनल कमेंट करते लोग ट्राई तो. करते ही. या ऑफ द रिकॉर्ड कभी कहा गया ये बस सिखा. ऑफ द ऑफ द रिकॉर्ड तो कोई कुछ नहीं कह कह. पाएगा द रीज़न इज़ कि हमने बनाया है मतलब ये. चीज हमारे अंदर का अहंकार नहीं है बट ये. चीज हमारे अंदर का विश्वास है कि हमने.
इतनी मेहनत से ये चीज बनाई है कि हमें. भरोसा है तो ऑफ द रिकॉर्ड तो कोई नहीं. बोलेगा. क्या दिक्कत क्या इन्वेस्टमेंट करते हो आप. लोग? हम लोग पहले तो सबसे पहले तो यह देखते हैं. कि प्रोडक्ट में दम है कि नहीं है।. और जैसे अभी हमने बात किया तो भविष्य. प्लास्ट में जैसे इन्वेस्ट किया तो वहां. पे भी ये देखा कि वो प्रोडक्ट. फ्यूचरिस्टिक लगा। अगर मानो कि भविष्य. प्लास्ट अगर सक्सेस हुआ अगर उसका प्रोडक्ट. सक्सेस हुआ तो आप प्लास्टिक को एलिमिनेट.
करने वाला प्रोडक्ट था। वो कि प्लास्टिक. का दूसरा ऑप्शन था। तो बहुत ही. फ्यूचरिस्टिक प्रोडक्ट है। अगर मानो वो. प्रोडक्ट चल गया तो मतलब वो बोलते हैं ना. कि 100 साल में एक बार वो प्रोडक्ट बनता. है। उस टाइप का प्रोडक्ट है। तो अगर. प्रोडक्ट में दम है तो फिर इन्वेस्ट करते. हैं हम लोग।. बंदा देख के इन्वेस्ट नहीं करते हो कभी? [हंसी]. प्रोडक्ट के साथ बंदा देखते हैं।. नाइस।. महिलाओं के पॉइंट ऑफ व्यू से शार्क टैंक. कितना इंपोर्टेंस रखता क्योंकि मैंने बहुत. सारी महिलाओं को देखा कि वो अब. एंटरप्रेन्योर बन रही हैं, आ रही हैं, बातें रख रही हैं और अपने बिज़नेस को ला.
मतलब महिला और पुरुष दोनों के लिए वो. नहीं वुमेन का अलग से मैं इसलिए कोट कर. रहा हूं क्योंकि वीमेन को ज्यादा एक्सपोज़र. इन कंपैरिजन मिल रहा है।. कई सारी महिलाओं को हमने देखा। हां पुराने. सीजन से हमने देखा। कई सारी महिलाएं गई. अपने स्टार्टअप को लेके। वीमेन सेंट्रिक. भी थी, इन जनरलाइज भी थे। तो एक अच्छा. अपॉर्चुनिटी था या हस्बैंड वाइफ दोनों साथ. में गए। बहुत सारी बातें रखी गई। तो एक. ज्यादा एक्सपोज़र मिला और उनको देखकर देश. में कई और महिलाओं ने भी स्टार्टअप शुरू. किए अपने. हां दैट्स ट्रू दैट्स ट्रू ये ये बात. बिल्कुल सही है कि शार्कटिंग एक ऐसा शो है.
कि. जिससे इंडिया में. हम. इंडिया में अगर हम कहें तो मतलब एक बड़ी. कम्युनिटी को पता चला कि भ देश में और भी. कितने बिनेस किस-किस तरह के बिनेस हो रहे. हैं. हम. और कैसे-कैसे मतलब किस उम्र के लोग जो है. वो बिजनेस कर रहे हैं। उसमें मतलब ये था. कि जैसे आपने बताया कि बहुत सारे मेल्स और. बहुत सारे फीमेल्स अपने अलग-अलग बिजनेस. आइडियाज को लेके वहां पर आते थे। तो उससे.
जो है वो लोगों ने सीखा और आज के दिन में. जाहिर सी बात है कि अगर मान लीजिए कि मैं. कुछ ऐसा देखता हूं और जिससे मतलब मुझे ये. रियलाइजेशन होता है कि अरे यार मैं तो. यहां पर गलत था तो वहां पर लोगों की जो. बाउंड्रीज है ना वो और ज्यादा ब्रॉड होती. है कि भ जहां पे लोग ये सोचते हैं कि अरे. नहीं यार महिलाओं को काम नहीं करना चाहिए।. उसको तो घर में रहना चाहिए। वो तो जो है. वो करके काम करने के लिए होती है। तो वहां. पर लोग क्या है कि अपनी बाउंड्रीज जो है.
उसको वाइड करते हैं कि अरे यार यह मतलब. इतना बड़ा बिजनेस इन्होंने बना दिया तो. हमारे घर में भी जो महिला हैं जो वुमनस. हैं वो भी इतने टैलेंटेड है तो वो भी ऐसा. कुछ कर सकते हैं या वुमस जो है उनके अंदर. भी एक. विज़न होता है एक आग होती है कि यार मेरे. को भी कुछ करना है और बहुत सारे घर आज के. दिन में भी हमारे इंडिया में ऐसे हैं कि. जहां पर वुमस जो है वो वो खुद का बिजनेस. या जॉब नहीं कर सकते।.
तो वो थोड़ा सा एक. लाइक. पुश करते हैं अपने आप को कि भाई मैं ये. चीज जो है वो करना चाहती हूं और अपने घर. वालों को समझा के वो अपना बिजनेस या जॉब. नया करियर जो है वो स्टार्ट करते हैं।. ठीक है नाइस। अ सही एंप्लई हायर करते समय. क्या नजर में होता है आपके? सही एम्प्लई कौन होता है? आई गेस जो हमने आगे बात करी कि सही. एंप्लॉय वो होता है कि जो. कल्चर में बिलीव करे.
हम. जिसका थॉट प्रोसेस बहुत ही क्लियर हो कि भ. मैं यहां पे क्या करने आया हूं. और अ. उसके साथ-साथ ईमानदार हो. नहीं जैसे मैं मैं एक बार एक कंपनी में. एंट्री ये सवाल मैंने इसलिए पूछा मेरा. कॉलेज प्लेसमेंट हो रहा था. अच्छा. तो जब मैं गया तो जो एचआर थे उन्होंने. मेरा ग्राफ उठाया हम. कहा यार तुम पहले साल कॉलेज में यह हेड बन. गए यह बन गए। सेकंड ईयर में तुमने छोड़. दिया। थर्ड ईयर में तुम्हारे मार्क्स इतने. अच्छे हो गए। फोर्थ ईयर में और बढ़ गए।. फर्स्ट ईयर में तुम्हारी अटेंडेंस केवल. 60% थी। थर्ड सेकंड ईयर में मेरी अटेंडेंस.
शायद 45% थी। फिर 80 90% हो गई। सो ही सेड. इतना जिगजैग ज़िगजैग क्यों है? तो बताया. मैंने कहा ये काम कर रहा था। फिर ये कर. रहा था। लास्ट दो साल सीरियस हो गया। डैड. को डिग्री चाहिए थी। ऐसा ऐसा तो ही सेड. नहीं यार आई कांट हायर यू।. मेरे को वो एक बंदा चाहिए।. जो सिंपल प्रोग्रामिंग करना जानता हो. जिसको नौकरी की नीड हो। और मैं उसको नौकरी. देता हूं।. क्योंकि उसको पता चल गया ना आप 2 साल में. छोड़ दोगे एक साल में छोड़ दोगे।. दैट्स व्हाट आई एम आस्किंग यू कि आप सही. एम्प्लई कौन है? वो जो काबिल है पोटेंशियल. रखने वाला आदमी है या वो जो नौकरी में टिक. के रहने वाला आदमी है.
काबिल पोटेंशियल. टिक के रह ना रहे भले कोई. काबिल और पोटेंशियल नहीं अगर काबिल इंसान. को. जैसे को टिकाने वाला काम हमारा है जैसे वो. हमें करना है घोड़ा जो है ना अगर कितना भी. तेज भागने वाला घोड़ा है बट उसको मान. लीजिए कि आपने उसकी राह जो है वो आपने सही. इंसान के हाथ में दे दिया ना तो वो घोड़ा. कभी भी जो है वो मतलब. आपकी. जो कंट्रोल है ना उससे बाहर नहीं जाएगा।. तो वैसे ही होता है कि अगर काबिल इंसान को.
आपने सही तरीके से अगर राह दिखा दी तो आई. डोंट थिंक सो कि वो आपको छोड़ के कभी भी. जाएंगे।. नेचर फर्स्ट नेशन फर्स्ट. या क्या है ये? दोनों ही फर्स्ट आपको पहले तो नेशन भी. करना है। अगर नेचर फर्स्ट रहा तो नेशन. फर्स्ट हमेशा रहेगा।. ये किसने डायलॉग ये दिया था ये थीम? नेचर. फर्स्ट, नेशन फर्स्ट।. ये हमारा ही डायलॉग था। हां मैंने सुना. आपकी जुबान मैंने सुना था ये. तो. क्या मतलब. नेचर फर्स्ट नेशन फर्स्ट जैसे आज के दिन.
में हम देख रहे हैं कि ग्लोबल वार्मिंग जो. बढ़ रहा है उसके उसके कारण अगर हम देखें. तो अ. जो वेदर है वो डे बाय डे वार्मर हो रहा है. गर्म हो रहा है हमारे आसपास का एनवायरमेंट. है वो पॉल्यूटेड हो रहा है और उसके. साथ-साथ लेस ग्रीनर हो रहा है. तो आप ये सोचिए कि अगर ऐसे ही रहेगा तो. क्या आप यह सो मतलब यह सोच सकते हैं कि भ. आने वाले 50 साल के बाद मतलब यह सोसाइटी.
जीने लायक रहेगी कभी भी नहीं रहेगी। तो. अगर आप आपके देश को. आपके लाइक वजूद को टिकाए रखना चाहते हैं. तो नेचर जो है ना वो भी आपके लिए. प्रायोरिटी होनी चाहिए। और आई डोंट थिंक. सो कि भ ये किसी अकेले इंसान की. जिम्मेदारी है। ये हम सबकी जिम्मेदारी है. कि हम इस नेचर को टिकाए रखें। इसको. प्रिजर्व करें।. करें।. ओके। चिराग हार्दिक यार देखो आप दोनों.
अमीर बाप के बेटे हो।. बाप दोनों के बिनेसमैन है।. तो पहला परसेप्शन मेरा या मेरे जैसे लोगों. का आता है कि भाई आप नेपोकिट्स हो और. नेपोकिट्स को सहूलियत मिलती है।. बट आई एम श्योर सिक्के का दूसरा पहलू भी. होता होगा।. हां।. हम. कहते हैं ना ग्रास इज़ ग्रीन ऑन अदर साइड।. हमेशा लगता है हम. आपका संघर्ष क्या था? मतलब आपके भी संघर्ष. थे या हमेशा सब मजे-मजे ही थे? नहीं संघर्ष तो हमारा भी था।. रिजेक्शन मिला कभी लाइफ में? हां रिजेक्शन मिला था। जब हमने सोचा कि भ. हम सोलार में जाते हैं।.
हां। तो हमने सोचा कि भ सोलार में जैसे. हमने आपको बताया कि भ हमारे जो फैमिली है. उसमें कॉर्पोरेट बिजनेस में दूर-दूर तक. कोई नहीं है।. जैसे हमने मन बनाया कि भ हमें सोलार में. जाना जाना है तो हमें कोई सिखाने वाला कोई. गाइड करने वाला नहीं था। हम. तो उस समय पे मतलब जाहिर सी चीज है आप. क्या सोचते हो कि भाई चलो कहीं जाके जो है. वो जॉब करते हैं। तो. हमने तीनचार जगह जो है वो अप्लाई करा सोलर. पैनल मैन्युफैक्चरिंग कंपनी में कि यार.
हमें जॉब पे रख लो। हमें ऐसा नहीं है कि. कोई सैलरी चाहिए। हमें जो है वो जॉब चाहिए. और आपकी कंपनी को हम अपना 100% देंगे। तो. यार कहीं से भी जो है ना वो हमें लाइक. एक्सेप्टेंस नहीं मिला। सब जगह ये बोल. दिया कि नहीं यार आपको तो हम जॉब पे नहीं. रखेंगे।. क्योंकि हम एक बेसिकली सिविल इंजीनियर थे. और ये फील्ड हमारा पूरा अलग है।. हम. ये इलेक्ट्रिकल साइड फील्ड हो गया। तो. सिविल इंजीनियर का यहां पे क्या काम. हम.
वो हिसाब से. और एक दूसरा किस्सा जो है मतलब एक एक. दूसरा एक दूसरा ऐसा किस्सा हमारे साथ है. कि जिसने हमको जो है वो अंदर से ज्यादा और. आग दी कि साला अब तो इसमें जो है वो कुछ. करना ही है। अब रुकेंगे नहीं। जिसमें हम. एक जगह पर लोन के लिए गए थे। जाहिर सी बात. है कि आप बिज़नेस शुरू करते हो तो आपको. बैंक का लोन तो चाहिए ही। उसके बिना आप. कोई भी बिज़नेस स्टार्ट नहीं कर सकते। तो. हम एक जगह पर गए थे लोन के लिए जिसमें. हमें नहीं पता था यार लोन कैसे मिलता है.
क्या होता है तो हम उससे बेसिक समझने गए. थे कि भाई बताइए आप हमें जो है वो कैसे. लोन हो सकता है इसमें हम कैसे लाइक ये. बिजनेस को स्टार्ट करें क्या-क्या हमें. मतलब ध्यान रखना चाहिए तो उन्होंने बड़ा. प्यार से कहा कि एक काम करो कल जो है ना. वो आपके पापा को जो है वो साथ लेके आओ. तो यार क्योंकि उस वक्त पे हमारा ऐज भी. शायद मेरा 21 और 21 22 हां तो ये चीज हमें. थोड़ा सा हर्ट करी कि यार एज से क्या मतलब.
अगर आपके अंदर. आप कह रहे थे कि मैं फायर हूं वो सब आपको. फ्लावर समझ रहे [हंसी] थे।. तो आपके अंदर का जो डिजायर है. वो देखना चाहिए। किसी भी इंसान को एज से. नहीं माप नापना चाहिए कि भ ये इंसान कितना. बड़ा विज़न रख सकता है या कितना बड़ा ख्वाब. देख सकता है।. बट आई थिंक दैट्स व्हाट इज नीडेड। अगर. आपको रिजेक्शन का थप्पड़ नहीं पड़ा है. तो जिंदगी में सक्सेस की खुशबू कैसे. सूखोगे? दैट्स ट्रू। राइट।.
बिल्कुल।. यही तो होता है रिजेक्शन आया। आई ऑलवेज से. कि फेलर भी जरूरी है।. वो शेर था ना गिरना भी जरूरी है। औकात का. पता चल [हंसी]. तो आई थिंक दैट इजेंट। तो इस इस किस्से ने. क्या बदला अंदर? अंदर क्या जगाया? इस किस्से ने मतलब हमारे अंदर जो. रिजेक्शन बहुत सारे लोगों को मिल रहा है।. कई बार लोग फ्रस्टेट होते हैं कि यार क्या. करें यार? हमारी तो किस्मत ही खराब है।. तो इस किस्से ने हमारे अंदर जो है वो फायर. भरी कि भ अभी इस फील्ड में जो है वो आगे. बढ़ना है, रुकना नहीं है, दिखाना है और आज. उस आज उस इंसान को हमने दिखाया भी करके.
तो चिराग हार्दिक नाम सुन के फ्लावर समझे।. नाइस। लवली टॉकिंग टू यू गाइस। आई होप कि. बहुत सारे लोग आपकी जर्नी से काफी कुछ. सीखे।.
