EP-05 Unplugged with Hardeep Singh Puri| Khalistan, India-Canada , Petrol Hike, Godi Media, Ache Din
मोदी जी से आप पहली बार कब मिले थे कैसे. मिले थे और व्हाट वाज योर एक्सपीरियंस. मेरी उनकी मुलाकात सबसे पहले हुई थी. यूनिवर्सिटी में ज मैं दिल्ली यूनिवर्सिटी. में पढ़ता था आपने राजीव गांधी जी का एरा. देखा है राहुल गांधी जी को अभी आप देख रहे. हैं अपने एक्सपीरियंस से क्या डिफरेंस आप. दोनों में पाते हैं आजकल एक नैरेटिव निकला. है गोदी मीडिया दरबारी मीडिया यह आरोप. क्यों मोदी सरकार पर लगता है कि मीडिया को. वो कंट्रोल करें डेमोक्रेसी का जो धंधा है. इसके जो ठेकेदार है वह दिल्ली में भी है. और बाहर भी है गोदी मीडिया कौन है आप मेरे.
को बताइए सारे जो चैनल्स हैं जो प्राइम. टाइम करते हैं यार आदी तो खबर जो वो लगाते. हैं वह हमारे पर मजे ले रहे होते हैं आपको. लगता है जो अच्छे दिनों की बात कही गई थी. उसको हमने अचीव कर लिया है जो जनता से. हमने 2014 में प्रॉमिस किया था नरेंद्र. मोदी से नफरत करता है विपक्ष यह कांग्रेस. के नेता है उनकी तरफ से हरदीप पुरी जी इज. वेरी इंपेशेंट एक साथ बहुत सारे काम करें. तो आपका एक जवाब आया था कि बिकॉज माय बॉस. इज इंपेशेंट मैं माफी चाहूंगा मैं ऐसे. शब्द इस्तेमाल कर रहा हूं जो समझते हैं. उनका जन्म सिद्ध अधिकार है कि वो देश का.
नेतृत्व उनके उन्हीं के हाथ में होगा उनसे. हजम नहीं हुआ चाहने वाले कहते हैं कि वो. रीलॉन्च हो चुके हैं नया वर्जन है उनका. नहीं कई बार लच हो चुके हैं एक बयान आया. गेटिंग एन आस टू रन हॉर्ससनएक्स.
आतंकवादी हैं या फिर सिखों की बात आती तो. खालिस्तानी है अभी चाहे शुभदीप का वाला. मामला हो रिसेंटली या एपी ढिल्लन का मामला. हो एक परसेप्शन बनने लगा है कि एंटी. इंडिया या प्रो खालिस्तानी और उनसे. इन्फ्लुएंस यूथ बहुत ज्यादा है राहुल. गांधी जी अरविंद केजरीवाल जी दोनों में. ज्यादा बेहतर कौन दोनों प्रिटी हाई लेवल. है केजरीवाल जी तो मैं समझता हूं एक बहुत. ही हाई लेवल वो कर लेते हैं अच्छी. फ्रेंडशिप अच्छी फ्रेंडशिप लग रही है आपकी. नहीं मेरी बहुत अच्छी फ्रेंडशिप जब वो. अन्ना हजारे जी के आंदोलन में में भाग ले.
रहे थे किसीने पूछा क्या आप पॉलिटिकल. पार्टी नहीं पॉलिटिकल पार्टी पॉलिटिक्स. मेरा तो कुछ लेना देना ही नहीं है. पॉलिटिक्स के. [संगीत]. साथ एक बड़ा अच्छा शेर है कि मिल सके. आसानी से उसकी ख्वाहिश किसको है जिद उसकी. जो मुकद्दर में लिखा नहीं आज अनप्लग बात. कही कि इस एपिसोड में मेरे जो मेहमान है. उन पर यह शेर टी बैठता है क्योंकि वो बचपन.
से जिद्दी भी रहे हैं उनके करियर पर अगर. आप नजर डालेंगे तो आपको ये रिलाइज होगा कि. उन्होंने लाइफ में सब कुछ किया है जो. जिंदगी को रोमांच बनाता है हिंदू कॉलेज. में युवा नेता रहे आगे बढ़े तो स्टीफंस. में जाकर बच्चों को पढ़ाया आईएफएस ऑफिसर. बने शादी की तो उसको लेकर भी खबरें बनी जब. डिप्लोमेट बने तो जो जो काम किए वह. ऐतिहासिक हैं ऐसे काम है जिनको सुनकर शायद. आप रोमांचित हो जाएंगे उसके बाद पॉलिटिक्स. में आए तो तो बाजीगर कहलाए और अब रोटी से.
लेकर मकान की जिम्मेदारी उनके कंधों पर है. हरदीप सर आपका बहुत-बहुत स्वागत है और. थैंक यू सो मच अपना कीमती समय में देने के. लिए थैंक यू. आप जिस तरीके से मुझे डिस्क्राइब कर रहे. हैं मुझे अब शक हो रहा है कि आप किसी और. को तो नहीं बुलाए थे प्रोग्राम में और. उनकी जगह मैं बैठ गया हूं आके ग नहीं सर. आपकी लाइफ इतनी रोमांचित है कि मुझे. रिलाइज हुआ कि यू थप है मैं ज्यादा ओल्डज. लग रहा हूं अपने आपको.
जी अ जो पहला सर मेरे जहन में थॉट आता है. हरदीप सर को लेके कि आप क्योंकि आपके बहुत. सारे इंटरव्यूज भी हमने देखे और उसमें एक. बात जो मुझे समझ में आई या दो बॉलीवुड की. फिल्में याद आई एक थी बाजीगर दूसरी थी. जिद्दी दिल उसका रीजन क्या है आपके तमाम. इंटरव्यूज को देखकर ही बचपन में छोटे थे. आप तो घुसा मारने किससे वायरल हुए थोड़े. बड़े हुए तो हॉस्टल से आपने क्रांति की. आगे बढ़े तो शादी को लेकर आपकी क्रांति. नजर आई उसके बाद आप डेवलपमेंट बने जाफना. गए वहां पर आपकी क्रांति हमने देखी.
रिटायर हुए लोगों को शायद लगा होगा कि अब. थोड़ा सा सुकून से रहेंगे मैम ने. एक्सपेक्ट किया होगा तो आपने एक नई. क्रांति की मशाल पॉलिटिक्स में कर दी सो. यह जो क्रांति की आग है यह इसका सोर्स. कहां से. सर देखिए आप कहां पर पैदा होते हैं यह तो. खुद तो आप तय नहीं करते आपके सामने क्या. चैलेंस आते हैं वह भी नहीं करते हैं यह. घुसा मारने की जो आदत की बात कर रहे हैं. घुसा मारने. की इसको सीखना पड़ा क्योंकि न जब मैं. जर्मनी में गया.
तो बच्चों के बीच में उनको बड़ा अजीब लगता. था यह कहते है लड़का पर लंबे बाल है गुत. वो प्लेट है पीछे या जुड़ा होता है सिख. बच्चों का तो यह क्या तो मजाक करते थे तो. हमने तो मजाक मजाक तो ठीक है फिर दैट. गेट्स आउट ऑफ हैंड तो वहां से यह सेल्फ. डिफेंस होता है नंबर वन दूसरा अगर आपको. जिंदगी में कभी भी आप तो अभी बहुत यंग है. आप बहुत सक्सेसफुल है आपके बहुत फलो. लोअर्स हैं पर आपको कभी लगे कि आपको.
रिइन्वेंट करना पड़ेगा तो आप करेंगे आपने. भी नहीं अपने आप को रिइन्वेंट किया आप एक. अच्छे पत्रकार से. आपने जहां तक मुझे जानकारी है जब महामारी. का सामना करना पड़ा जब बा आपके पास समय. बहुत था तो आप एक बहुत ही शानदार. इन्फ्लुएंस बन गए और देखिए सिचुएशन और. कॉन्टेक्स्ट चेंज हो रहा है और मैं हमेशा. यह कहता हूं कि अगर हम लोग सोचे 2023 2024.
में कि हम 2000 या सन 1900 के जो. टेंपलेट्स है उसको लेकर चले व हम तो. बिल्कुल खड़े होने लायक नहीं रहेंगे तो यह. रि इन्वेंशन जो होती है यह आदमी मैं समझता. हूं कोई भी व्यक्ति मैं अपना उदाहरण इसलिए. देता हूं कि जब मैं देखता हूं कि मेरे. सामने क्या है मेरे पास क्या चॉइस है कभी. भी मुझे यह भी लगता है कि अभी जो हम जिस. समाज सेवा में लगे हुए हैं या पॉलिटिकल. नैरेटिव में लगे हुए हैं यह कहां तक चलेगा.
सो व्हाट इज द नेक्स्ट स्टेप तो आप कहेंगे. बड़ी अजीब आदमी है या अभी या जिद्दी है कि. अभी आयु इतनी होगी अभी भी नेक्स्ट स्टेप. नहीं बहुत अभी मैंने देखा है बहुत लोग यू. कैन गो इन टू स्पिरिचुअल साल्वेशन दाढ़ी. खोल के आराम से आप लोगों से बात करिए उनकी. बात सुनिए अभी. आप दो मंत्रालयों के विषय के बारे ज कीथ. आप आप उनसे बात कीजिए उनकी स्पिरिचुअल. साल्वेशन के बारे उनकी जो मीनिंग ऑफ लाइफ.
के बारे तो कुछ भी हो सकता है पर आपको अगर. अपने आप में कुछ कॉन्फिडेंस हो तो हो सकता. है यह कहां से आता है मुझे पता नहीं आप. कोई दो व्यक्तियों को एक जगह दे कईयों में. ऐसा टैलेंट होता है कि वह आइडियाज ऐसे. प्रोड्यूस करते हैं कुछ उनको आइडियाज. एंटरप्रेन्योर कहिए कुछ लोग होते हैं उनको. कोई भी चीज दे दो चैलेंज दे दो आपको. मैकेनिकल चीज बता देंगे कैसे करना है तो. अभी तो मैं समझता हूं कि अभी आर्टिफिशियल.
इंटेलिजेंस आ जाएगा बाकी चीजें आ जाएगी आप. देखिए लिमिट्स ऑफ आ मीन कुछ डर भी लगता है. फ्रैंकली अब किसी ने कहा कि बिकॉज आप. ह्यूमन बीइंग एट द सेंटर और इतनी. टेक्नोलॉजिकल. एडवांसमेंट. डिफ कुछ भी सब किसी जगह से मशीन लर्निंग. से लेके एआई से जो भी होगा अभी तो. द लिमिट्स ऑफ दी ह्यूमन माइंड क्रिएटिविटी. अभी तो अभी वीर जस्ट बिगिनिंग ऑन दैट नहीं.
नहीं सर हमारे शो में भी सवाल ये सारे. हमने रखे हैं लेकिन हम चाहते हैं कि लाइटर. नोट पर क्योंकि कहते हैं ना कि हर सफल. आदमी के पीछे एक औरत का हाथ होता है उसमें. तो बिल्कुल कभी कभी दो राय होनी नहीं. चाहिए और जितनी जानकारी हमें मिली कि मैम. और आप शायद साथ-साथ पढ़ते थे और क पढ़ते. नहीं अकेडमी में हम 19 1974 बैच का जब. आईएएस आईएफएस और बाकी सर्विसेस का. फाउंडेशन कोर्स हुआ तो हम वहां मिले पहले. विदेश मंत्रालय में जिस दिन रजिस्टर करने. गए और फिर हम लोग साथ ते मसूरी में तो.
मुलाकात वहां हुई तो मंत्री बनना मुश्किल. था डिप्लोमेट बनना मुश्किल था शादी के लिए. प्रपोज करना मुश्किल था या शादी के बाद वो. शुरुआती निभाना मुश्किल था क्योंकि दोनों. डिप्लोमेट थे मैंने मैं हमेशा समझता हूं. कि पहला जो कदम होता है वो हमेशा सबसे. ज्यादा मुश्किल होता है क्योंकि उस पर. बहुत कुछ डिपेंड करता है अगर पहला आपने. कदम सही ले लिया तो बाकी रेस्ट फॉल्स इनटू. प्लेस सो आई वुड से कि दैट वाज अ बिकॉज इट. वाज अ डिफिकल्ट चॉइस फॉर बोथ ऑफ अस इन अवे. क्योंकि हमारा धर्म अलग हिंदू सिख अब मैं.
जिस जितना मर्जी आप फिलासफीज की लिए कि. सिख जम कहां से शुरू. हुआ गुरु गोविंद सिंह जी रा वह तो. हिंदुइज्म क्या एक एक किस्म के हिंदू. हिंदुइज्म की रक्षा के लिए य रिलीजन आया. पर वह तो बातें करने की होती है जब आप एक. निर्णय लेते हो कि आप अपनी जिंदगी किसी के. साथ स्पेंड करोगे उस समय तो बेसिक सवाल. आते हैं तो आपकी फैमिली ऑर्थोडॉक्स नहीं. थी मेरी फैमिली ऑर्थोडॉक्स नहीं सथी पर. कंजरवेटिव थी और उनकी फैमिली भी. ऑर्थोडॉक्स नहीं नहीं थी कंजरवेटिव थी.
एजुकेटेड थे उनको जो प्रॉब्लम्स हमें. पॉसिबली फेस करनी होंगी उसके बारे उनकी. जानकारी पूरी थी पर उनके पास यह नहीं था. कि जो हमारे में विश्वास है और कॉन्फिडेंस. आप एक निर्णय लेते हो देन इट्स योर डिसीजन. एंड देन यू हैव टू मेक इट वर्क सो आई थिंक. दैट वाज द रेस्ट केम इजी द रेस्ट केम इजी. नहीं मैं आपका कई सारे इंटरव्यूज देख रहा. था तो मैम की मुस्कुराहट में देखा था जब. आप उनको लेकर बात कर रहे थे एंड आई वाज. लविंग दैट कि बिहाइंड द सीन कैसे वो आपकी. लाइफ में रोल प्ले करते मैं आपको देखिए हर.
एक अ इंसान का एक्सपीरियंस अपना होता है. बट आई डोंट थिंक यू कैन. गेट. मेंटल स्टेबिलिटी सेटिस्फैक्ट्रिली. देखिए ऐसा है यू नीड अ लाइफ पार्टनर शादी. तो आपकी जल्दी हो सकती है अरेंज हो सकती. है आजकल डाइवोर्स रेट्स भी काफी हाई है बट.
अगर लाइफ पार्टनर में जो इनिशियल आपको. मेंटल इन्वेस्टमेंट करनी है और कोई. इन्वेस्टमेंट नहीं है हम तो वी वर टू. मिडिल क्लास प्रोडक्ट आई मीन आई वाज लोअर. मिडिल क्लास शी वास मे बी मिडिल क्लास और. अपर मिडिल क्लास बोथ एजुकेटेड नथिंग इन. कॉमन अ अदर देन द फैक्ट दैट वी स्टडीड इन. दिल्ली नथिंग इन कॉमन बिकॉज आप लैंग्वेज. स्पोकन एट होम मज डिफरेंट द वैल्यू सिस्टम. इज आल्सो अ लिटिल डिफरेंट ऑल राइट शी कम्स. फ्रॉम अ फैमिली वेयर देर वाज अ लॉट ऑफ. एमफसिस वाज ऑन कल्चर एंड डांस अब हमारे.
सीख फैमिली में फर अ एट दैट स्टेज अ डॉटर. डूइंग अ भरतनाट्यम रिसाइट या अ कथक. परफॉर्मेंस वाज नॉट कॉमन नॉट कॉमन अब तो. थिंग्स हैव इवॉल्वड बट यू टूक अ डिसीजन अ. गुड डिसीजन एंड इट पेड रिच डिविडेंड्स. लेटर आपकी कहानी बिल्कुल टू स्टेट्स की. तरह है आपने देखी फिल्म आप फिल्म में. देखते हैं मैं नहीं नहीं मैं फिल्म में. देखता हूं पर मैंने टू स्टेट्स में. देखूंगा ज आप जरूर मैम के साथ देखिएगा ये. हमारी रिक्वेस्ट है. लेकिन सर क्रांति जो आपकी है वह सिर्फ.
शादी करने को लेकर या स्कूल से जाने को. लेकर नहीं है एस अ पॉलिटिशियन बयानों में. भी है मैं कुछ बयान आपके सुन रहा था हाल. फिलहाल में जैसे एक बयान आया गेटिंग एन एस. टू रन हॉर्स. रेस. देखिए यह. एक एक्सप्रेशन है ओके उसको कहिए मुहावरा. है कि मतलब मतलब कि आप बहुत सारे टैलेंटेड. लोग वहां बैठे हैं एक और आदमी आता है वो. भी बहुत टैलेंटेड है पर उसका जो ट उस.
फील्ड में नहीं है राहुल गांधी नहीं मैंने. तो नाम लिया ही नहीं बात राहुल गांधी की. कर रहे थे तो मैंने उस समय कहा मैं. पार्लियामेंट की स्टेप से निकल रहा था. किसी ने मेरे को प्रोवोकेटिव सा मैंने कभी. उनका नाम नहीं लिया और मैंने यह भी कहा कि. मेरा मेरा मेरी औकात कहां से मैं उनका नाम. क्यों लू किसी ने बोला ये ये है मैंने कहा. देखिए ऐसा है आप मान के चलिए डोंट गेट एन. एस टू रन हर्से रेस अब किसकी बात कर रहा. हूं मैं ना राहुल गांधी की मैंने नाम लिया. ना कुछ किया उसके बाद आप जैसे हमारे जो. मित्र लोग हैं शुभचिंतक हैं उन्होंने उस.
परे कर दिया आप किसी को कहिए कि. ये आप गधे को घोड़ों के रेस में मत लड़ाए. अब कौन इस कैप को लेके अपने सर पर लगाता. है ह डज स कैप फिट मैंने तो नहीं बोला कौन. गधा है और कौन घोड़ा है और छह बंदे रेस. में है इसमें से कोई भी गधा हो सकता है. आपने राजीव गांधी जी का एरा देखा है राहुल. गांधी जी को अभी आप देख रहे हैं अपनी. एक्सपीरियंस से क्या डिफरेंस आप दोनों में. पाते हैं देखिए. जब मैंने राजीव गांधी जी का ईरा देखा वो.
अभी नए-नए प्रधानमंत्री बने थे और इंदिरा. जी की बहुत इस दुर्घटना के बाद व नए-नए. प्रधानमंत्री बने थे श्रीलंका में हम. पोस्टेड थे उनकी श्रीलंका पॉलिसी देखे. बहुत डिटरमिन थे ही वांटेड टू डू गुड जो. भी हुआ अभी राहुल जी हैज नॉट बीन टेस्टेड. यट मैं तो चाहूंगा कि राहुल जी को कुछ कभी. आने वाले समय में कुछ ऐसे जिम्मेवारी दी. जाए उनको को इलेक्ट हो कहीं उनको.
जिम्मेवारी दी जाए जहां पर उनको अपनी जो. एडमिनिस्ट्रेटिव एक्यूम है उसको. एस्टेब्लिश करने वाले कहते हैं कि वो लच. हो चुके हैं नया वर्जन है उनका नहीं कई. बार लच हो चुके हैं तो रीलॉन्च का मतलब तो. एक बार नहीं लच वो तो कई फेसेस में उनकी. लंचिंग हुई है बट मैं यह कह रहा हूं कि इस. सब लंचिंग में तो आप कहीं भी जाकर कुछ बोल. देते हैं अब उसमें देखिए व पंजाबी में एक. कहावत. है के क न मु कट फिर मैं न बाद शरो कवा कि.
आप कुछ स्टेटमेंट करते तो इट कम्स टू हंट. यू यहां पर तो मेरे को लगता है कोई. इंपैक्ट ही नहीं है कई चीजें बोल जाते हैं. जिसमें पता नहीं इसका इसको अकाउंटेबिलिटी. कहां होगी एक आपका स्टेटमेंट और मैं पढ़. रहा था 60 पढ़े लिखे मूर्ख न्यू. पार्लियामेंट बिल्डिंग को लेकर आपने कहा. कि दे आर डिसग टू कंट्री कुछ लोगों ने कहा. था पोलूशन को लेकर नहीं मैंने यह नहीं कहा. था हुआ क्या था कि 100 से. अधिक सीनियर सिविल सर्वेंट जो रिटायर हो.
चुके हैं उन्होंने एक ओपन लेटर लिखी थी उस. ओपन लेटर में उन्होंने कहा था कि य जो नई. पार्लियामेंट बिल्डिंग है इसलिए बनाई जा. रही है क्योंकि किसी ने बोला है कि जो. पुरानी पार्लियामेंट बिल्डिंग है वह. जिंक्स्ड है व इट इज इट विल मीन बैड लक. इसलिए हमें जरूरत पड़ गया नई पार्लियामेंट. बिल्डिंग. तो मैं एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहा था. पीआईबी के हेड क्वार्टर्स में तो मैं वहां. पर जाने से 15 20 मिनट पहले किसी ने मुझे. यह स्टेटमेंट भेजी मैंने पढ़ी तो उस स्टे.
उस प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मैंने कहा. था कि यह कौन लोग हैं जो अपने समय में दे. हेल्ड इंपॉर्टेंट जॉब्स कोई कैबिनेट. सेक्रेटरी रहा है कोई फॉरेन सेक्रेटरी रहा. है उन्होंने ऐसी चिट्ठी पर साइन किया है. मुझे लगता है कि इन इन विद्वान जो लोगों. में किसी ने जो कंटेंट है चिट्ठी का वो. पढ़ा ही नहीं है उस समय मैंने कहा था कि. मूर्खता तीन किस्म की होती है ऑर्डिनरी. एक्स्ट्राऑर्डिनरी और चक्रवर्ती क्लास तो.
ये वहां से एक्सप्रेशन वहां से आया था और. मैं आपको बताऊं कि वही लोग जिन्होंने साइन. किया था उस जब वो इंटरव्यू है इट वेंट. वायरल उसके बाद मेरे सब मेरे हमारे सीनियर. थे हमारे दोस्त यार थे उन्होंने फोन किया. भाई मैंने तो नहीं कभी यह कहा मैंने तो. नहीं कहा मैंने कहा तेरा दस्तखत है भैया. वहां पे कहता यार वो तो कोई लाया था मैं. दस्तखत जल्दी में कर गया दैट वाज द. कॉन्टेक्स्ट मैंने आपकी इस बात से न्यू. पार्लियामेंट बिल्डिंग का जिक्र हुआ है. अभी एक कांग्रेस में प्रियंका जी के. सलाहकार थे उन्होंने एक स्टेटमेंट दि अभी. हाल फिलहाल में कि नरेंद्र मोदी से नफरत.
करता है विपक्ष यह कांग्रेस के नेता है अ. उनकी तरफ से आया कि नफरत करता है और विरोध. करना इज डिफरेंट थिंग बट जब आप नफरत करते. हैं तो आप कई बार लाइन क्रॉस करने लगते. हैं हर चीज का विरोध करते हैं तो उन्होंने. पार्लियामेंट बिल्डिंग का जिक्र किया अ जो. कुछ और परंपराओं का पालन वहां हो रहा था. उसका लेकर कहा वंदे भारत ट्रेन को लेकर. कहा सो आपको लगता है कि. अ आप पहले भी आपने फॉलो किया है अलग-अलग. पॉलिटिशियन को देखा है आप दिग्विजय सिंह. से लेकर आडवाणी जी आपके यहां पर आए हैं. रहे हैं प्राइम मिनिस्टर को लेकर जो अभी.
रवैया विपक्ष का है ऐसे ही पहले चलता था. या इस बार जो वो कह रहे किदा ऐसा कभी नहीं. हुआ ऐसा कभी नहीं हुआ यह 2014 के बाद की. बात है यह जो. हमारी मैं माफी चाहूंगा मैं ऐसे शब्द. इस्तेमाल कर रहा हूं हमारी जो ट्रेडिशनल. रूलिंग इलीट है जो समझते हैं उनका जन्म. सिद्ध अधिकार है कि वह देश का नेतृत्व. उनके उन्हीं के हाथ में होगा उनसे हजम. नहीं हुआ कि एक कोई ऐसा व्यक्ति जो इनके. कंफर्ट जोन से बाहर से आके जो भी हो कि.
ऐसा आदमी देश का डेमोक्रेटिक इलेक्टेड. लीडर बन सकता है यह प्रॉब्लम वहां से शुरू. हुई तो इन्होने किस कई किस्म के शब्द. इस्तेमाल किए मौत का सौदागर इधर आई फील वी. शुड नॉट इवन डिग्निफाई देम वि बाय. रिपीटिंग दैट अब लग क्या लग रहा उनको पहली. बारही लगा तो वो मनी शंकर आयर जी का चाय. वाले का रिमार्क था उसके बाद ये ये जो हेट. फील्ड शब्दावली हुई वर्ल्ड कप के बाद भी. शब्द इस्तेमाल किया गया था पनौती या मैंने.
देखा मैंने देखा अब कौन मैं आपको कैसे. क्या बताऊं कि ये अंदर की कुछ फ्रस्ट्रेशन. होती है कि ये कैसे हो रहा है कि मैं एक. इलीट मेरा परिवार जिसने देश को स्वतंत्रता. दिलवाने में इतना योगदान दिया हम में से. नहीं कौन यह बाहर से आके कर गया यह एक. बहुत डीप सीटेड फ्रस्ट्रेशन की का साइन है. विपक्ष के लोगों से सवाल पूछते हैं कि. आपने ऐसा क्यों कह दिया उनका लॉजिक ये. रहता है कि देखिए लड़े तो जीते नाम सरदार.
का तो हारे भी नाम सरदार का अगर हर चीज का. क्रेडिट आप फुल दे रहे हैं तो फिर सवाल हम. किससे करें तो वो उस उस सेंस में कहते हैं. जैसे अभी 41 मजदूरों की बात आई एक शानदार. काम हुआ देश भर में तारीफ हो रही है. उत्तराखंड के सीएम और पीएम दोनों ने मिलकर. जिस तरह से हमने काम किया काफी तारीफ उसकी. हो रही है तो वो कह रहे हैं यहां अगर आप. क्रेडिट ले रहे हैं तो जो 1920 होगा वहां. पर भी तो आपको फिर नहीं नहीं भा क्रेडिट. हम कहां ले रहे हैं वो एक उस टनल के सामने. इन्होंने. मैं समझता हूं देश का एक बहुत महान अभी.
प्रधानमंत्री फोटो लगा के इन्होंने. क्या-क्या नहीं कहा इन्होंने. नाच रहे थे जब वो लग रहा था कि बहुत समय. लग रहा है कुछ लोग उनमें से ऐसे भी कह रहे. 17 दिन क्यों लग गए इसको ऐसे करते वो करते. भाई जिसको रिस्पांसिबिलिटी नहीं है जिसका. कोई कंट्रीब्यूशन नहीं है आप जो लोग. बेचारे दिन से सुबह से लेकर रात तक लगे. हुए हैं आप उनकी निंदा कर रहे हो आपने. क्या 41 जो हमारे भाई थे जो अंदर बंद थे.
आपने उसके लिए क्या किया जहां मौका मिलता. है आप देश को क्रिटिसाइज करते हो आप जो. केंद्रीय सरकार में जो इस काम पर लगे हुए. थे तो मैं समझता हूं कि यह थोड़ी. सी बहुत डीप डीप. रूटेड फ्रस्ट्रेशन और मुझे लगता है कि. इनकी जो असलियत है वो इन इन स्टेटमेंट से. बाहर आती है ठीक है एक आपका इंटरव्यू देख. रहा था मैं उसमें एक बड़ा फनी मूमेंट आया.
जब आपसे किसी ने सवाल पूछा कोई सीनियर. जर्नलिस्ट थे कि हरदीप पुरी जी इज वेरी. इंपेशेंट एक साथ बहुत सारे काम करें तो. आपका एक जवाब आया था कि बिकॉज माय बॉस इज. इनपेशेंट इसका कांटेक्ट क्या था स नहीं. इसका कॉन्टेक्स्ट बड़ा सीधा है कि हरदीप. पूरी नॉट. इंपेशेंट देखिए मैं एक एक जमाने में जब. सिविल सर्वेंट था मैं बात कर रहा हूं आज. से कोई 40 साल पुरानी 35 साल पुरानी मेरे. एक मंत्री थे वो उत्तर प्रदेश में. रक्षा मंत्रालय में था मैं मैं एग्जैक्ट.
यर्स भी बता दूंगा वह उत्तर प्रदेश में. मुख्यमंत्री थे तो जब वह रक्षा मंत्रालय. में आए मैं डेपुटेशन पर था विदेश मंत्रालय. से मैं जॉइंट सेक्रेटरी था वह अक्सर हमको. बुलाकर कहा करते थे यह बड़ा अजीब है मैं. कहता हूं कि यह प्रोजेक्ट शुरू कर दो यह. आपके फाइनेंस वाले कागज ही नहीं भेजते तो. मैंने कहा सर उसका कारण है प्रोजेक्ट शुरू. करने से पहले आपको बजेट प्रोविजन करना. होगा आपको बाकी डिपार्टमेंट्स का ओके ले. ना होगा कहते यूपी में तो मैं कर देता था.
तो फिर मेरे से तो रुका नहीं गया मैंने कह. दिया भा उत्तर प्रदेश में कर देते थे तभी. तो इतनी समस्या वहां पे वो सब सब जगह. प्रोजेक्ट शुरू हुए हैं और कुछ कदम नहीं. हुआ पर अभी क्या स्थिति है ये माननीय. प्रधानमंत्री जी ने कहा कहीं कुछ देर पहले. कि ड्यूरिंग कोविड पीरियड आपने कर्तव्य. पथ न्यू पार्लियामेंट बिल्डिंग भारत मंडपम. और यशो भूमि यह चार प्रोजेक्ट्स किए. रिकॉर्ड टाइम में हुए हैं वर्ल्ड क्लास. प्रोजेक्ट्स हैं अब ऐसा है अगर लीडर ऐसी.
पेस सेट करें हम कौन होते हैं अगर हम. मेंबर ऑफ टीम वी हैव टू रन टू कीप पेस सो. मैं दैट इंपेशेंस रिमार्क कम्स फ्रॉम देयर. मोदी जी से आप पहली बार कब मिले थे कैसे. मिले थे और व्हाट वाज योर एक्सपीरियंस. लाइक आपको लगता था कि वह शख्स जो क्योंकि. हम उनकी तस्वीर देखते हैं अमेरिका में. वाइट हाउस के बाहर वाली और अब जब हम देखते. हैं तो हमें वो जो कहते ना कि अगर आपने. चाह लिया तो आप पूरा कर लेते सपने पूरे. होते लगा था आपको कि यहां तक पहुंचेंगे इस. देखिए देखिए देखिए जब मेरी उनसे पहली.
मुलाकात हुई थी एंड आई डोंट वांट टू. ड्रॉप रेफरेंसेस लाइटली दैट ही वाज अ वेरी. स्पेशल पर्सन तो शुरू से क्लियर था क्या. स्पेशल था उनमें बहुत कमिटमेंट थी जब. आरएसएस के प्रचार प्रचारक भी थे तो आप. देखिए जहां जहां भी रहे हैं मेरे को तो. नॉर्थ इंडिया का मालूम है मेरी उनके साथ. मेरी उनकी मुलाकात सबसे पहले हुई थी. यूनिवर्सिटी में जब मैं दिल्ली. यूनिवर्सिटी में पढ़ता था उसके बाद देखिए. मैं सर्विस में आ गया उसके बाद मैंने क और.
इंटरव्यू में भी यह बात कही है मान लीजिए. कि 1990 से लेके ठीक है अभी तक तो आप में. कितने साल हो गए 23 साल ये हो गए और वो. मतलब 10 साल हो 33 साल 33 साल मेरे 35 40. साल की जरूर. देखिए एक. ऐसे महान व्यक्ति हैं जो अपने जो. एस्पिरेशन हैं वो देश के साथ. आइडेंटिफिकेशन.
वो लोग करते हैं जो पॉलिटिकल सिस्टम में. रहे हैं और उनकी टेनोर के दौरान काम जो 70.
साल में इन्होंने 9 साल में कर दिखाया तो. ये है दिस इज द मैन बट बिहाइंड दैट मैन इज. आल्सो अ स्ट्रांग सोशल कमिटमेंट वेरी. स्ट्रांग कमिटमेंट कि वो अपने आप को. आइडेंटिफिकेशन. में कहा कि व चार हमारी जो जातिया है. जिनके साथ वो. आइडेंटिफिकेशन किसान महिला और युवा और अगर.
आपको विकसित देश बनना है और उन्होंने कहा. उनका संकल्प है कि 207 तक बनेगा जिस तरीके. से हम चल रहे हैं 207 तक भी नहीं रुकना. पड़ेगा और आगे वाले समय में अगर आप किसान. और. महिला और यह चार जो जातियों जिनके साथ. उन्होंने आईडेंटिफाई किया इनमें जो आप. परसेप्टिबल चेंज देख रहे हैं ये और सुधार. हो उनकी स्थिति में तो आपको 20 47 का.
क्यों वेट करने की जरूरत है मैं अगर बहुत. स्पेसिफिक होके पूछूं 2014 में आप. पॉलिटिक्स में आए थे जी 2013 में आप. पॉलिटिक्स में तो पहले था जब मैं. यूनिवर्सिटी में था मेरा के बाद बीजेपी. जॉइन की थी आप 2014 में 2014 में ही. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी बने जब वह. प्रधानमंत्री बन रहे थे उस दौरान जो नारे. थे बहुत सारे बहुत सारे इश्यूज थे करप्शन. के और बहुत सारे इश्यूज थे कुछ नारे ऐसे. आए थे जिन्होंने हर घर हर दिल में जगह बना. ली थी जिसमें नारा था अच्छे दिन आने वाले. हैं बहुत हुई महंगाई परिवार या बहुत हुआ. रोजगार का इंतजार नारी परिवार आज जब आपका.
पॉलिटिकल करियर सेकंड टेनर ऑलमोस्ट आ चुका. है प्रधानमंत्री दो टर्म पूरे रह चुके हैं. और अब आपको भी जानकर खुशी होगी कि यह पहली. बार होगा कि दुनिया में कहीं पर एक बिलियन. वोटर होने वाले हैं जो वोट देने जाएंगे सर. दिस विल बी द फर्स्ट टाइम 2024 में सो. आपको लगता है जो अच्छे दिनों की बात कही. गई थी उसको हमने अचीव कर लिया है जो जनता. से हमने 204 ने प्रॉमिस किया था कितने 10. आउट ऑफ कितना आप अपने आप को रीट करना. चाहेंगे नहीं मैं तो 10 आउट ऑफ 10 दूंगा. उसका कारण यह है कि आप जब यह बात करते हैं.
या कोई और बात करता है तो वह आपको किस चीज. के साथ कंपेयर कर रहा है बिफोर एंड आफ्टर. आप एक दृश्य देखिए एक तरफ बिफोर 2014 से. पहले क्या स्थिति थी और आज क्या स्थिति है. हां मैं चाहूंगा कि जब हम 10वें या 11वें. स्थान पर थे हमारी अर्थव्यवस्था 2014 में. या 2014 से पहले हम सीधा वहां से कूद. छलांग लगा के पहले स्थान पर पहुंच वो तो. मैं चाहूंगा पर नहीं अभी पांचवें स्थान. में पहुंचे हैं अभी जो मैंने कोर सेक्टर. ग्रोथ दे देखा जो मैं अपना कुछ आंकड़े. देखे हम 4 पट प्लस ट्रिलियन डॉलर की.
इकॉनमी है साल डेढ़ साल में 5 ट्रिलियन. डॉलर की इकॉनमी होगी हमारा 6 65 पर रेट ऑफ. ग्रोथ है जर्मनी और जापान जो दो देश हमसे. आ गए 4.1 4.3 है वहां पे ग्रोथ है नहीं या. 9 पर ग्रोथ है तो आप 5 ट्रिलियन डॉलर. इकॉनमी कन्वेंशनल विजडम ये कहता है कि 5. ट्रिलियन इकॉनमी ट्रिलियन इकॉनमी से 10. ट्रिलियन बनने के लिए डबल 5 साल में होता. है मान लीजिए आपका 10 हो गया थोड़ा कम. होगा वह अच्छे दिन नहीं है आपकी अच्छे दिन.
को है यह जो अच्छे दिन को क्रिटिसाइज करते. हैं इस नारे को आपने इसको नारा डिस्क्राइब. किया वो यह कहते हैं अरे भाई मिल्क एंड. हनी विल फ्लो राउंड द रोड्स इट इज अब. देखिए इस समय आप एनर्जी की. कंजमेट य रोजगार मेले में कितने लोगों को. नियुक्ति पत्र दिए जा रहे हैं आप यह देखिए. हमारा जो अर्बन ट्रांसपोर्ट सिस्टम है. मेट्रो उस उसमें क्या हो रहा है आप दुनिया. में सेकंड लार्जेस्ट मेट्रो सिस्टम बनने.
जा रहे हैं आप थर्ड लार्जेस्ट आपकी सिविल. एविएशन मार्केट है आपके 74 एयरपोर्ट्स थे. 2014 में अब वो 148 हो गए हैं दिल्ली के. आसपास जेवर एयरपोर्ट जब बन जाएगा आपका जो. ट्रैफिक है दिल्ली इंदिरा गांधी इंटरनेशनल. और जेवर एयरपोर्ट का मिला के बिगर देन. हिद्र गेटविक और स्टैन स्टेट पुट टुगेदर. भाई साहब आज स्थिति यह है कि बहुत लोग जो. बाहर गए हुए थे डॉक्टर प्रोफेशनल्स वो. वापस आना चाहते हैं तो कुछ दिल दिन तो. अच्छे हुए बट एब्सलूट टर्म में अगर आप.
कहेंगे 20144 में जो हमने कहा हम छलांग. मार के सीधा 20 ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी बन. जाए व तो होगा नहीं मैं समझता हूं किसी भी. व्यक्ति की जिंदगी में जी अच्छा वही होता. है जब हमारा पर कैपिटा इनकम भी साथ साथ. बढ़ रहा है और पर कैपिटा इनकम बढ़ रहा है. इकॉनमी का साइज बढ़ रहा है तो इसलिए इसलिए. अभी जो हमारे विरोधी दल है जो हमारे. विपक्ष में है वह अभी इस चीज की ज्यादा. बात करते नहीं उनको भी लगता है कि अच्छे. दिन या आ गए हैं या थोड़े और आने वाले हैं.
इसलिए वह अपना नैरेटिव चेंज कर लेते नहीं. नहीं सर आपने जो कहा इसमें बहुत सारे. सच्चाई है आप लोगों ने जनधन योजना में. ऑलमोस्ट 50 करोड़ लोग के बैंक खाते खोले. उजला में 9.58 करोड़ लोग को गैस इनेशन. दिया घर बनवाए न 35 करोड़ लोग ये सारी. चीजें हैं लेकिन जो क्वेश्चंस उसके बाद वो. रेज करते हैं जैसे आपने कहा 2014 से. कंपेयर होना चाहिए पहले का बिफोर एंड. आफ्टर सो उसमें जो कांग्रेस स्पेशली जो. सवाल खड़ा करती है वो ये कहती है कि 2014. में पेट्रोल के दाम ₹1 थे अब 97 हालांकि. इंटरनेशनली रेट बहुत फ्लक्ट हुए दुनिया के.
बाकी देशों में हम कंपेयर करेंगे तो बहुत. डिफरेंस नजर आता है और कई देश ऐसे हैं. जहां पर पड़ोस में 300 के पार भी जा रहा. है लेकिन जो उस पर वह सवाल उठाते हैं वो. ये उठाते हैं कि एक्साइज ड्यूटी जो. गवर्नमेंट के हाथ में होती है 2014 में. दैट वाज 9.48 इस वक्त दैट इज 19.9 तो वो. कहते कि ये तो आपके हाथ में कंट्रोलेबल था. अगर आप चाहते तो थोड़ी और राहत दे सकते थे. इसमें स्टेट्स का भी इवॉल्वमेंट है. स्टेट्स भी इतना ही मोटा पैसा चार्ज करते. हैं और ये भी उन्हीं के स्टेट्स हैं जो ये. सवाल उठा रहे हैं बट फिर भी ये डिफरेंस तो. सर एक है 14 के पहले देखिए आप जो प्रश्न.
पूछ रहे हैं उसके दो भाग है एक तो पेट्रोल. का दाम कितना था अब कितना है दुनिया में. कितना बड़ा और हमारे क्या हुआ अब 2014 से. मैं इतिहास लूंगा तो फिर मैं 1973 पर. जाऊंगा जब सारा यह. खेल मोदी जी के सात आठ साल हमने एक बार. कंपैरिजन किया था इन मोदी जी के समय रेट. ऑफ इंक्रीज ऑफ पेट्रोल लोएस्ट है लोएस्ट. है अगर आप सात आ साल का पीरियड खिए और मैं.
आपको एक और बड़ी इंटरेस्टिंग. स्टेटिस्टिक्स. कलेक्ट करते हैं दैट आल्सो डिपेंड्स ऑन. कितना हम पेट्रोल या कच्चे तेल की. रिफाइनिशिव. ऑन एन एवरेज देश दुनिया भर में 30 से 40.
पर बड़ा. है हमारे आसपास के जो देश है दक्षिण. एशियाई के वहां पर और भी बड़ा है और यह. क्यों हुआ क्योंकि दो समय नवंबर 2021 में. और मई 2022 में माननीय प्रधानमंत्री जी ने. केंद्रीय सरकार जो एक्ससाइज करती है उसको. कम किया उसके कारण पेट्रोल और डीजल का काम. ₹ दाम ₹ और ₹ कम हुआ बीजेपी की स्टेट ने. अपना वेट कम किया फिर भी यह नहीं होता.
इतना एक्साइज रिड्यूस हमारी कंपनियों ने. कोई 28000 करोड़ का नुकसान उठाया है गैस. में उससे ज्यादा पेट्रोल प्राइसेस की अंडर. रिकवरी हुई है यह तो हमने किया यह फैक्ट. कि दाम 11 प्र कम हुआ दिस इज अ गिवन फैक्ट. बट इन्होंने कैसे किया था इन्होंने इनके. एक बहुत ही पढ़े लिखे विद्वान वित्त. मंत्री थे उनका नाम आप मुझे कहने की बताने. की जरूरत नहीं है उन्होंने यह निर्णय लिया.
कि अपने समय में दाम कंट्रोल करने के लिए. इन्होंने ऑयल बंड्स फ्लोट किए तो. 141000 करोड़ के ऑयल बॉन्स फ्लोट किए जिस. परे आज हमें 300 हज करोड़ लौटाना पड़ रहा. है हमने जो निर्णय लिया माननीय. प्रधानमंत्री जी ने मोदी जी ने निर्णय लि. हमने यह बर्डन किसी और पर तो नहीं पास ऑन. किया हमने इसको खुद मैनेज किया तभी इसी. समय. जब यह स्टेट्स में चुनाव हुए सारम एक तो.
झूठ बोलते हैं जब मैंने राजस्थान में जाकर. कहा मैंने कहा कि युवा नेता कह रहे हैं कि. जीएसटी पर हमने बहुत कलेक्ट कर लिया अरे. भाई जीएसटी तो लगता ही नहीं है पेट्रोल और. डीजल पर हमने तो कोशिश की जब केरला हाई. कोर्ट ने यह कहा कि इसको जीएसटी काउंसिल. की एजेंडा प लाओ पर आपके स्टेट वाले जो. चीफ मिनिस्टर फाइनेंस मिनिस्टर से वो माने. नहीं इस समय स्थिति यह है कि हमने एक. प्रॉब्लम को नेविगेट किया राजस्थान में. पेट्रोल एक लीटर का 108 बिकता था लखनऊ में.
या बाकी बीजेपी स्टेट में 96 तो 12 रप का. फर्क वहां है तो इसलिए यह लोग क्या करते. हैं य सुबह उठते हैं और जदा कुछ झूठ बोलना. है कभी पार्लियामेंट पर बोल देंगे कभी. पेट्रोल प्राइस पर बोल देंगे पर इनमें. स्टेइंग पावर नहीं है जब इनको पता लगता है. कि इनका झूठ पकड़ा गया है पर वो शूट एंड. स्कूट है व इधर से उठाकर किसी और विषय पर. चले जाए पॉलिटिशियन को हम थोड़ी देर साइड. में रखते हैं विपक्ष को भी साइड में रखते. हैं क्योंकि आप मिनिस्टर हैं और आपकी.
जवाबदेही ज्यादा उस जनता को है जिसके बीच. में आप लोग जाते हैं उससे वोट मांगते हैं. आप सब तो मैं एक आम जनता जो बहुत लॉजिक. नहीं समझती वो सिर्फ नंबर समझती है मैं. उससे दो चार सवाल छोटे-छोटे आपके. डिपार्टमेंट जुड़े हुए हैं पीएनजी सीएनजी. 2014 में पीएनजी जो थी दैट वाज 25 राइट. नाउ इट्स अराउंड 48 समथिंग सीएनजी 38. अराउंड थी अभी 74 प समथिंग है जो डीजल का. जिक्र होता है उसकी अ एक्साइज ड्यूटी 3.56. थी अभी 15.8 है और रेट का डिफरेंस जो है.
पेट्रोल डीजल ऑलमोस्ट सेम आ गया तो देश की. जनता को आप आसान शब्दों में इसके पीछे. क्या वजह बताएंगे क्योंकि आप कह रहे हैं. कि ये हमारी अचीवमेंट है कि हमने अभी भी. इसको कंट्रोल में रखा है बहुत रिलेवेंट. सवाल है पर आपको क्योंकि आप देश की जनता. की बात कर रहे हैं तो मैं सता है हमारा. फर्ज बनता है देश को जनता को समझाने कि हम. किस चीज की बात कर रहे हैं एक होती है. नेचुरल गैस जो. आप कच्चे तेल के जैसे आप चैक करते हैं ठीक. है उसको कहते हैं सीएनजी कंप्रेस नेचुरल.
गैस दूसरी होती है एलपीजी जो आप कच्चा तेल. लाते हैं उसको रिफाइनरी में ले जाते हैं. उसमें रिफाइनरी में उससे आप पेट्रोल डीजल. बनाते हैं इसमें सिलेंडर में वो. लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस बनते हैं पहले. तो क्या किया 2014 से अब तक उसका मैं बता. दूं 2014 में एलपीजी. कनेक्शन शायद हमारे 14 करोड़ थे आज वो 33. करोड़ तो 9 साल में 14 करोड़ से हम 33.
करोड़ गए जो हमारा पीएनजी है पाइप नेचुरल. गैस वह शायद 25 लाख कनेक्शन थे 2014 में व. आज एक करोड़ 25 लाख हो गए अब आप मुसे पूछे. पीएनजी और एलपीजी में कितना फर्क है सिंपल. पीएनजी एक पाइप में आपके घर में आती है और. कोई 25 30 पर उसका दाम एलपीजी से कम होता. है अच्छा हमने क्या किया पहले तो हमने. अपनी तरफ से जो उसका प्रोडक्शन है हमारा.
एक साल दो साल पहले 18 पर बढा पिछ 18 पर. बढा हमारी कोशिश यह रहेगी हम इसको बढ़ाते. जाए बढ़ाते जाए और बहुत खुशी की बात है कि. इस समय हमारी इंपोर्ट डिपेंडेंस नेचुरल. गैस के लिए सिर्फ 50 प्र है अब आए दाम पे. ऐसा है हमें इंपोर्ट करना पड़ता है और. इसका बेंचमार्क होता है साउदी सीपीयू यह. बड़ा 330 प्र. हमने सिर्फ बढ़ने दिया कई हमने स्टेप्स.
लिए कोई 60 पर से 60 62 पर के आसपास कैसे. एक तो हमने गैस प्राइसिंग फार्मूला बनाया. पहले क्या होता था कि साल में एक बार ही. हम तय करते थे चार जो हब्स थे इंटरनेशनल. उन चार में से दो आ नॉट ऑपरेशन अब हम हर. मंथ करते हैं हर महीने करते हैं हर महीने. हम दाम लेते हैं और हमने एक फ्लोर प्राइस. लगाई हुई है सीलिंग प्राइस इससे एकदम दाम. कम आ गया देखिए गैस की जहां तक बात है. हमने अपनी तरफ से. कोई कसर नहीं छोड़ी जहां तक एलपीजी है.
देखिए इस समय सबसे ज्यादा सहायता किसको. चाहिए उन परिवारों को चाहिए जिनको आप बिलो. पॉवर्टी लाइन या इकोनॉमिकली वीकर सेक्शन. करते हैं तो आपने उज्जवला स्कीम का जिक्र. किया जी आज स्थिति यह है कि हम 9 करोड़ 60. लाख उज्वला कनेक्शन दे चुके थे माननीय. प्रधानमंत्री जी ने यह भी निर्णय किया कि. हम 75 लाख और देंगे और मुझे लगता है कि. जिस तरीके से हम च रहे यह 75 लाख जो. एक्स्ट्रा कनेक्शंस हैं यह भी बहुत जल्दी.
सैचुरेट हो जाएंगे और माननीय प्रधानमंत्री. जी ने हमेशा यह कहा हमें और भी कुछ करना. पड़े देखिए सिलेंडर का दाम कहां से कहां. गिरहा है मार्केट का दाम 00 था उसको आपने. 00 कम किया 900 और आपने उज्वला पे 00 वो. दिया वह 600 आया तो अगर कुछ राज्य बातें. करते कि नहीं हम तो 550 अरे भाई तुम तो दे. नहीं रहे तुम तो 50 दे रहे हो बाकी तो. केंद्रीय सब्सिडी है वहां से सिलेंडर मिल. रहा है सस्ता सर आपने उज्जवला का जिक्र.
किया उज्जवला को लेकर दो पॉइंट्स हम जाते. हैं इसपे भी आप कर दें एक यह था कि अ जवाब. दिया गया था कि उज्जवला योजना का कनेक्शन. बांटे गए सेकंड टाइम रिफलिंग को लेकर. क्वेश्चंस कई बत सारे आते हैं इनफैक्ट. रामेश्वर जी ने शायद संसद में भी इस बात. का जिक्र किया था कि रिफलिंग का नंबर उतना. नहीं है और सेकंड अभी एक आरोप आप लोग पर. लग रहे थे कि आप लोगों ने इलेक्शंस को. देखते हुए किया और जो बहनों को दिया यह आप. हालांकि इलेक्शन तो हिंदुस्तान में हर साल. होते हैं और हर साल हर छह महीने होते हैं. देखिए पहली बात तो नंबर ऑफ रिफिलस में.
इसमें तो कोई नॉट माय व्यू अगेंस्ट योर. व्यू वो तो एमपिर कली फैक्ट है अभी. सिलेंडर का जब शुरू हुआ था और अब तक अभी. रिफिलिंग हो रही है 3.8 सिलेंडर्स पर. फैमिली मैं समझता हूं अगर एवरेज पर फैमिली. लो तो चार ही है तो उज्जवला का जो. रिफिलिंग है और कॉमन का वो बहुत इसमें कोई. फर्क नहीं है दूसरी बात यह चीज कभी कोई. बताता नहीं साल में 12 सिलेंडर अवेलेबल. होते हैं उज्जवला में और 12 सिलेंडर जो. अवेलेबल होते हैं उज्वाला में लोग क्यों. नहीं ले रहे उनको जरूरत नहीं है और मैं यह.
भी देखता हूं आप परिवार का साइज देखिए. जहां तो परिवार में चार जने हैं टोटल. हस्बैंड वाइफ और दो बच्चे तो यह फोर. सिलेंडर्स इज मोर देन मोर देन ओके अब. थोड़ा लाइटर नोट प आते हैं सर आप अमृतसर. में आप गए आप और अरुण जेटली जी क्योंकि. मैंने आपकी दोस्ती किस्से बहुत सारे सुने. ये जो सियासत का आपको बाजीगर कहा गया. हरदीप पुरी जी में वो क्या एक्स फैक्टर था. क्योंकि बीजेपी में तो नेताओं की कोई क क. नहीं एक से एक बड़े नेता एक से एक दिग्गज. आप जितने लिस्ट उठाते हैं हर स्टेट में.
आपको नए-नए मिल जाते हैं अमृतसर सीट से आप. और अरुण जेटली जी दोनों बाजीगर रहे जिसे. हम कहते हैं हार कर जीतने वाले को हम. बाजीगर कहते हैं वो क्या खासियत आपको लगा. आपको लगता है कि आपको लेकर बीजेपी ने देखा. और आपको यूटिलाइज उन्होंने किया कि देखिए. देखिए यह जनरलाइजेशन जो है कि अरुण जी. वहां से लड़े और उसके बाद बाजीगर और क्या. मतलब. उनको कुछ रिस्पांसिबिलिटीज दी गई और मैं. भी आ रहा तो इससे जनरलाइज करना बड़ा. मुश्किल है देखिए अरुण जी का जो योगदान.
रहा है बीजेपी में मैं बात कर रहा हूं उस. समय जब वो विद्यार्थी परिषद में थे. यूनिवर्सिटी में डूसू के प्रेसिडेंट थे. उनका जो संबंध रहा है लीडरशिप के साथ उनकी. जो कंट्रीब्यूशन रही है आप उसको देख के. चलिए मैं अभी भी कहता हूं उस समय भी. अमृतसर की सीट जीतने वाली नहीं थी उसमें. कई कारण है उसमें हम लोग बड़ी लंबी बहस कर. सकते हैं और जब मैं गया था अमृतसर सीट. इलेक्शन रने लद मेरे को जो भी 17 दिन दिए. कैंपेनिंग के लिए 41 42 पर मुझे वोट पड़ी.
तो बिल्कुल मेरा भी सबोटाज था इलेक्शन ड. यू मिस हिम अरुण सर आई नो आई मिस हिम ही. वाज अ क्लोस फ्रेंड बट ही वाज मोर देन माय. मिसिंग हिम एट अ पर्सनल लेवल ही हैड ग्रेट. कंट्रीब्यूशन टू मेक सो आ आई वांट टू बी. क्लियर ऑन दैट बट देखिए हमारा गठबंधन. किसके साथ था उस. समय एक ऐसी पार्टी के साथ था जिन्होंने. पता नहीं पंजाब असेंबली में कितनी सीट 113. के करीब है और उन्होंने हमें कभी 22 23 से.
ज्यादा लड़ने ही नहीं दिया तो वी वर इन अ. सबस एंट पोजीशन इन पंजाब इसलिए मैं कहता. हूं अमृतसर सीट हमेशा अकाली से चाहते थे. वो खुद चाहते थे और इसलिए जब मैं इलेक्शन. लड़ा मैं तो क् उनका उनका रोल वास. कंपलीटली अन हेल्पफुल जो उनके ऐसे वहां पर. हम उस उसको हम हल्का कहते हैं रूरल हल्के. और अर्बन हल्के मोस्टली जो उनके लीडरशिप. थे वो तो बहनजी के इलेक्शन के लिए बठिंडा. या जहां से भी लड़ रही थी वहां चले गए थे. और बिल्कुल क्लियर था कि उनका कोई हमारे.
पार्टी के साथ. जेनुइन आइडेंटिफिकेशन नहीं थी वह तो. पॉलिटिक्स को किसी और काम के लिए यूज कर. रहे थे और हमारे यहां यह कहा जा र था नहीं. नहीं वो अलायंस रखनी चाहिए नहीं तो हमारे. साथ अलायंस में नहीं होंगे तो बड़ा वो. मिलिटेंट हो जाएंगे अरे भाई मिलिटेंसी तो. वही लोग स्ट्रोक करते हैं एक सर एक बात कम. हाईलाइट होती है मुझे लगता है करनी चाहिए. अ धर्म या धार्मिक स्थानों को जो जोड़ा. गया है उसका मैं एक डाटा चेक कर रहा था जो. बहुत ही शॉकिंग मेरे लिए था 2012 में.
केदारनाथ त्रासदी से पहले 15 लाख लोग जाते. थे वहां पर और सडन जब प्रधानमंत्री छह बार. गए 12 लाख लोग थे वो डाटा बढ़ गया. केदारनाथ में हमने देखा बनारस में देखा अ. 2022 में 7 करोड़ लोगों ने दर्शन किया. इनफैक्ट उजैन में भी मैंने देख रहा था कि. 1 करोड़ के आसपास सवा करोड़ था वोह न. करोड़ सडन इस बार एक्सपेक्ट कर रहे हैं. धार्मिक स्थानों पर बीजेपी सरकार या कहे. खासतौर प्रधानमंत्री मोदी का एक लगाव रहा. है हमने उन्हें बनारस से चुनाव लड़ते देखा. केदारनाथ जाते देखा महाकाल कॉरिडोर भी.
मेरा सौभाग्य था कि मैं उस दौरान गया पीएम. के साथ केदारनाथ भी उस दौर में मैं वहां. था रिपोर्टिंग कर रहा था किसी चैनल के लिए. आपको लगता है यह समाज सबके विकास है या. जोस पर एक टैग लगता है कि नहीं नहीं यह. हिंदुओं के लिए किया जा रहा है या ये. संपूर्ण विकास कैसे ये फैक्टर थोड़ा कम. हाईलाइट होता है मुझे ल नहीं फैक्टर. हाईलाइट इसलिए नहीं होता क्योंकि इसके. बारे जो जानकारी वो बड़ी बिट्स एंड पीसे. में दी जाती है पहली बात तो कहना कि यह. मोदी जी के ना आने के बाद ये फुट फॉल जो. है हुआ कुछ एरियाज कुछ हमारे ऐसे धार्मिक.
स्थान थे जहां पर नेगलेक्ट था और वो भी. अभी भी काम होना है अभी भी काम बहुत वर्ष. लगेंगे य ये अच्छा है या बुरा मैं तो कहता. हूं बहुत अच्छा है पर कई हमारी ऐसी होली. जगह है जैसे दरबार साहब दरबार साहब में. क्या फुटबॉल हमेशा रहा है और दरबार साहब. मैं तो जब मेरी चार पाच साल मेरी एज थी हम. लोग दरबार साहब मथा टेकने तब से जाते हैं. और बाकी बाकी उसके. अलावा तिरुपति तिरुपति में फुट फॉल बहुत.
रहा मोदी जी ने क्या किया कोई ऐसी जो. हमारे कम्युनिटी की डिमांड्स थी जैसा. करतारपुर साहब लहंगा उन्होंने ये डिमांड. कंप्लीट कि है दूसरे अभी जैसे अभी यह. वैष्णो देवी के लिए एक यात्री निवास इतने. यात्री आते हैं वोह तो पहले से आते हैं. उनको सुविधाएं देने का काम है हमने अपने. सीएसआर से एक यात्री निवास बनाया तो मैं. तो जब गया था मैंने लेफ मनोज सिना जी है. उनसे कहा था कि और मोदी जी बिक ये तो.
ओवरऑल डायरेक्शन है कि हम इन चीजों को. अपने जो. हमारे बिलीवर्स है जो वहां जाते हैं और. मैं मान मैं आपको बताता हूं मैं कल ही. परसों वाराणसी से आया हूं यह आप मत समझिए. सिर्फ कि जो हिंदू धर्म के लोग जाते हैं. बिल्कुल ही. नहीं मैं बात नहीं कर रहा हूं जो 1 70 जो. फॉरेन डिप्लोमेट्स गए वहां पर दुनिया भर. के लोग आ आए हुए हैं बिकॉज एक अच्छा सिर्फ. इसकी बात नहीं कर रहा हूं आप जो वहां पर.
बुद्धिस्ट श्राइन है सारनाथ मैं वहां गया. था इट्स सो ब्यूटीफुली मेंटेन य इ इज नॉट. अ हिंदू धर्म इशू दिस इज एनी सिविलाइज. कंट्री एनी एडवांस कंट्री आप देखिए आप. वैटिकन जाइए आप क्यों यह चाहते हैं कि जो. हमारी हिंदू धार्मिक स्थान है वहां पे. नेगलेक्ट रहे इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं रहे आप. वो तो पे करते हैं वो तो पेमेंट पे एंट्री. होती है हमारे यहां तो उसमें ऐसी कोई बात. नहीं है दरबार साहब को जाने क्यों लगता है.
और अभी. आप कोशिश करते हैं सब लोग जाते कि जल्दी. मतलब दर्शन हो जाए देखिए यह लोगों की. आस्था दिस इज अ क्वेश्चन ऑफ फर्म बिलीफ तो. यह यह कहना कि सिर्फ मोदी जी के आने का. मोदी जी ने जो बहुत नेगलेक्ट थी उसका. उन्होंने गैप जो है उसको फिल किया और. उन्होंने जो काम 50 साल पहले होना चाहिए. वो कर र है एक नारा बहुत चलता था कि मंदिर. वही बनाएंगे और अपोजिशन मजाक उड़ाता था. लेकिन तारीख नहीं बताएंगे अब तारीख.
क्योंकि आ गई है और बीजेपी की जो चार. प्रमुख चुनावी मुद्दे रहे जिसमें ट्रिपल. तलाक यूनिफॉर्म सिविल कोर्ट 370 और राम. मंदिर राम मंदिर की तारीख नजदीक है कश्मीर. का भी जिक्र आपने किया मनोज सिन्हा जी का. जब दो सपने बीजेपी केया दो टिक आपके लग गए. हैं इनफैक्ट चार में तीन हो चुके ट्रिपल. तलाक मिलाके यह दो कितना इंपॉर्टेंट रोल. प्ले करने वाले हैं राम मंदिर और. 370. देखिए यह कितना रोल प्ले करने वाले हैं. कितना सेटिस्फेक्ट्री चली आपके लिए मैं तो.
कह रहा हूं बहुत सेटिस्फेक्शन है इसमें. क्योंकि एक है जो आपने कहा था उसको आपने. कर दिखाया और अपने तरीके से कि यह जहां से. भी हुआ इसको आपने नेविगेट किया इसमें. कोई डिफरेंस ऑफ ओपिनियन नहीं है क्योंकि. इसको य लीगली एक एक फ्रेमवर्क आया है अब. एक काउंटर क्वेश्चन सर ये कि बीजेपी राम. मंदिर वाले में क्यों क्रेडिट ले रही कैसे. ले रही है हम चाहते हैं आप बताए क्योंकि. बीजेपी कहती है नहीं बीजेपी ने तो कर. दिखाया क्रेडिट कहां ले रही फैसला तो.
कोर्ट से था तो फिर कसे कोर्ट से था पर. कोर्ट को भी परसू किया आपने उसके बाद. कोर्ट से कई फैसले आए हैं वो किया काम. आपने आपने ये कहा कोर्ट से फैसला आया और. हमने टाइम बाउंड तरीके में किसे अय जनवरी. 2024 की डेट बताई जा रही है 21 तारीख तो. क्या इसमें सेटिस्फेक्शन लेंगे नहीं पर. इसमें एक तो है जो फिजिकल काम करना. पार्लियामेंट बनाना कर्तव्य पद बनाना भारत. मंडप यशोभूमि नाउ अयोध्या उस उस तरीके से. देखिए कितना फायदा इसमें मैं इसको.
इलेक्टोरल देखता ही नहीं हूं मैं अ इसके. मान के चलिए जो लोग आपको क्रेडिट की बात. ही नहीं है जो लोग इसमें विश्वास नहीं. करते तो वैसे ही आपको नहीं मानने वाले पर. बाकी जो करते हैं उनको कम से कम यह तो. रिएश्योरेंस है कि एक किस्म से य मोदी की. गारंटी है नहीं मैं हमेशा सर कहता रहा कि. हम क्योंकि मेरा घर पड़ोस में अयोध्या के. है और वहां पर बस स्टॉप मैंने सुना लैंड. वैल्यूज बहुत बढ़ गई है वहां पे बहुत. ज्यादा वहां पर बस स्टॉप नहीं था कई साल. पहले तक एक बस स्टॉप या घाट नहीं था और जब. हम दिल्ली या कहीं कहते थे कि हम राजा राम. की नगरी से हैं सो लोग जानते थे लेकिन.
वहां जाते नहीं थे क्योंकि वहां जाने जैसा. कुछ व्यवस्थाएं नहीं थी व्यवस्थाएं बदली. अब थोड़ी भीड़ बढ़ रही है आपने जो बात. लैंड की कही वो भी शायद चीजें बेहतर हो. रही है अ ऐसे ही कहानी 370 की है राम. मंदिर तो चलिए बन रहा है उसको लेकर एक. आस्था भी है कई लोग खुश हैं यूपी में. हालांकि चार भगवान हुए थे मैं हमेशा कहता. हूं कि चारों भगवान के साथ व रहा स्वामी. नारायण भगवान हुए चले गए गुजरात अक्षरधाम. जो आपका है दिल्ली और पर हमारे कृष्ण जी. रहे उ द्वारिका चले गए राजा राम जी रहे जो. श्रीलंका गए जहां अ भी काफी लंबे समय तक.
रहे और भोलेनाथ की नगरी काशी और चारों. धीरे-धीरे बेहतर दशा में आ रही है सो एक. यूपी वाला होने के नाते मेरे लिए खुशी की. बात है लेकिन 370 कितना इंपॉर्टेंस रखता. था क्योंकि इसको लेकर चर्चाएं बहुत होती. थी कि और अब शहला रशीद जैसे लोगों को हम. सुनते या कई और लोगों को जो एक अलग टोन. रखते थे पहले अब सरकार को लेकर पॉजिटिव. बातें करते हैं तो यह डर है या अच्छा पन. है जिसको लेकर उनके हृदय परिवर्तन हुआ है. देखिए ऐसा है कई मुद्दे ऐसे होते हैं और. खास करके ऐसे मुद्दे जो राजनीतिक दलों के.
संकल्प पत्र या घोषणा पत्र में पढ़ते हैं. वह किसी एक टाइम की बात नहीं होती है वह. होते हैं कई बड़ी सालों से वह आती रहती है. तो कोई भी आप इशू देख. लीजिए एक मेजर जो है अब मान लीजिए मैं. आपको मैं थोड़ी डिटेल में जाना चाहता हूं. आप स्पेशल स्टेटस एक जगह को आप उसका. इतिहास देखिए क्या लिखा था उसमें कभी य तो. कहा ही नहीं था कि यह परमानेंट फीचर होगी. उन्होंने यह कहा था और अंबेडकर जी की आप.
राइटिंग्स पढ़िए बाय द वे लक्ष्मी के फादर. डॉक्टर अंबेडकर के लीगल असिस्टेंट थे और. 370 पर मैंने उनके व्यूज पढ़े हुए हैं. मैंने जो लिखा गया है इट वास डिजाइंड एस अ. टेंपरेरी मेजर टेंपरेरी मेजर फॉर अ. पर्टिकुलर सेट ऑफ सरकमस्टेंसस अब इतने. वर्ष के बाद किसी को आर्गू करना कि यह. टेंपरेरी मेजर एक परमानेंट फीचर रहे मैं. समझता हूं इस आर्गुमेंट में तो कोई मतलब. ही नहीं है दूसरा 370 के अब्रोगेशन के बाद.
आज क्या स्थिति है आज क्या स्थिति है आज. जम्मू एंड कश्मीर में जाइए कहीं जाइए. जम्मू में जाइए श्रीनगर में जाइए आप विकास. की जो धारा है वहां पे हमने तो. एक हाउसिंग एंड अर्बन अफेयर्स की वहां पर. एक समिट मीटिंग की थी देश भर के जो. बिल्डर्स हैं उनकी एक मीटिंग की थी मुझे. पता नहीं कितने लोगों ने उसके बाद. प्रोजेक्ट किए पर अभी आप जाइए वहां पर. वहां पर रहने की जगह नहीं मिलती आपको.
होटेल जो है चौकर ब्लॉक फुल है इकोनॉमिक. डेवलपमेंट हो रही है उसके पहले क्या. स्थिति थी कि सबसे बड़ी इंडस्ट्री कौन सी. थी वह जो पथराव करने वाले ठीक है तो आप. मेरे को बताइए कि यह दो आप सिचुएशन देखते. हैं एक तरफ पथराव इंडस्ट्री दूसरी तरफ यह. जो बिफोर आफ्टर वाला पोस्ट 370 है तो. इसमें से तो कोई डाउट की बात ही नहीं है. और मुझसे आप पूछिए. लोगों को हैरानगोइथॉन्ग.
मोदी जी ने माननीय गृहमंत्री जी ने अमित. शाह अमित जी ने इसको कर कर दिया और आज.
देखिए रिजल्ट क्या हो रहा है मैंने. ग्राउंड पर कई जगह जब नगर निगम के भी. चुनाव मैंने कवर किए दिल्ली में तो कई बार. लोग क मैंने पूछा बीजेपी ने क्या किया तो. कहते देखो कशवी तीन स हटा दिया तो मैं यह. समझ कि नगर निगम के चुनाव में एक आदमी जो. बात कर रहा है वो भी इसकी चर्चा कर देखिए. आप कभी भी राजनीति में यह तो मेरा अनुभव. रहा है कभी. आप एवरेज वोटर की इंटेलिजेंस को. नहीं कर है य वो मैंने तो बड़ी वो. पॉलिटिकल साइंस पॉलिटिकल थरी थोड़ी पड़ी.
हुई है लोगों को एकदम समझ आ जाती है कि. क्या मिल रहा है इसमें प्रॉब्लम यह है कि. रेवड़ी पॉलिटिक्स कभी-कभी घुस जाती है और. लोग शॉर्ट टर्म गेन के लिए कि यह भी मुफत. दे देंगे वो भी मुफत पर अगर 370 जैसे काम. है या राम मंदिर जैसे काम है या बाकी जो. हमारी कमिटमेंट्स है उसका इंपैक्ट जरूर. होगा पॉलिटिकल फायदा होगा पॉलिटिकल फायदा. के लिए आप करते नहीं है इसको पॉलिटिकल. फायदे के लिए है तो पॉलिटिकल पार्टी. पॉलिटिकल पार्टी है बिकॉज ये आपका अ आपका. विजन स्टेटमेंट है ये आपके इलेक्शन. मेनिफेस्टो में है तो वो तो आपने ऑलरेडी.
कर लिया तो आपकी जो आइडेंटिफिकेशन है. लोगों के मन में वो ऑलरेडी है कि यह 370. हटाने वाले हैं उनको हैरान होगी इतनी. जल्दी कैसे कर दिया वो है बात दूसरा. यूनिफॉर्म सिविल कोड बाकी चीजें देखो हर. एक चीज के लिए टाइम होता है वमन रिजर्वेशन. बिल मैं समझता हूं मोदी सरकार की दिस इज. वन ऑफ द फाइनेस्ट्राइड. वहां पर अर्थव्यवस्था कम से कम 30 से 50. प्र बढ़ती है हां अा इतनी देरी क्यों करती.
अरे भाई आप कांग्रेस सरकार ने तो उसको. इतने साल लटका ही रखा था अब राज्यसभा में. ले आए इसको अगले हाउस में लेकर नहीं गए हम. तो तो ले आए और हमने पास भी करवा लिया और. पास करवाने में क्या है सिचुएशन आप जब तक. सेंसस नहीं आता और डीलिमिटेशन नहीं आती. इसको तो हो ही नहीं सकता था सर मैं एक डटा. पढ़ रहा था आपने क्योंकि वमन का जिक्र. किया आपको भी जानकर हैरानी होगी कि 2000. पाकिस्तान की जो नेशनल असेंबली है वहां पर. 2022 में 20 पर महिलाएं हैं जबकि भारत में.
15 पर 2002 में भी पाकिस्तान में 21 पर और. हमारे यहां केवल 9 पर करेक्ट सो ये कितनी. बड़ी चीज पाकिस्तान जिसे हम एक पिछड़ा हुआ. देश मानते हैं कि मानते हैं कि वो भी. कट्टरवाद सोच पर है उनके यहां वमन का. इवॉल्वमेंट पार्लियामेंट में ज्यादा रहा. है हमसे बिल्कुल सही है इसलिए हमारे लिए. और भी जरती 27 साल से ये लटका आ रहा है. इंडिया में बिल्कुल आप सही कह रहे हैं और. मैं समझता हूं कि इसकी बहुत जरूरत है और. मैं यह भी मानता हूं देखिए अगर आप 33 पर. इस कंपोजीशन पर कर देते इस पर आग लग जानी. थी इसलिए आपने बड़े तरीके से किया सेंसस.
आपका होगा क्योंकि नहीं तो आपको. डीलिमिटेशन किस पर करनी 2011 के सेंसस में. वो तो हो ही नहीं सकती तो इसलिए आपने. बिल्कुल सही मैंने किया अभी सेंसस आएगा एक. साल के अंदर उसके बाद डीलिमिटेशन होगी और. डीलिमिटेशन के बाद जो चुनाव होंगे उसमें. 33 % वमन रिजर्वेशन आप इंप्लीमेंट करें ये. उनका हक भी है और हम हक नहीं है ये आपके. हित में भी है जी हमा सही बात है घर की. महिला मजबूत होती है देश चलाएगी तो अरे. भाई साहब सिर्फ वो नहीं आप देखिए और भी.
जहां पर भी यह यह मैं भारत की बात नहीं कर. रहा संयुक्त राष्ट्र में भी जहां पर आपने. महिलाओं को या महिला सशक्तिकरण की बात की. जहां पर आपने महिलाओं को असोस किट किया. डिसीजन मेकिंग भी सही हुई है आप महिला से. एक सवाल क्योंकि कश्मीर का हम जिक्र कर थे. महबूब मुफ्ती जी ने अभी हाल फिलहाल में. स्टेटमेंट दिया खालिस्तान का जिक्र वो कर. रही थी और यह बहुत सेंसिटिव इशू इस बीच. में रहा है क्योंकि कश्मीर में जो. अलगाववाद की सोच हमने देखी व आपको सोशल. मीडिया पर भी कोई इससे इंकार करे वोह अलग.
बात है क्योंकि हम सोशल मीडिया पर वीडियोस. बनाते हैं और जब कभी भी यह टॉपिक्स हमने. टच किए तो जो कमेंट सेक्शन आते हैं उसको. पढ़कर हमें भी एहसास होना शुरू हुआ कि एक. अंडर करेंट जैसा टॉपिक है उनका स्टेटमेंट. यह था कि मुसलमानों की बात आती है तो कह. दिया जाता है कि आतंकवादी हैं या फिर. सिखों की बात आती है तो खालिस्तानी है अब. मेरा सवाल आपसे यह सर है और यह बहुत. इंपोर्टेंट सवाल है 90 में जो पंजाबी. सिंगर्स थे वह अक्सर सोशल इश्यूज पर अपने. गा ने बनाते थे क्योंकि पंजाबी सिंगर काफी. वायरल भी होते हैं कनाडा में ज्यादा शूट. करते हैं ऑस्ट्रेलिया कनेडा अभी चाहे.
शुभदीप का वाला मामला हो रिसेंटली या एपी. ढिल्लन का मामला. हो एक परसेप्शन बनने लगा है कि एंटी. इंडिया या प्रो खालिस्तानी और उनसे. इन्फ्लुएंस यूथ बहुत ज्यादा है और जब इनको. लेकर आप इन वीडियोस बनाते हैं सो इंडिया. में रह रहा एक बड़ा वर्ग भी है जो. साइलेंटली आपको कहता है कि आप दूसरा वर्जन. नहीं देख रहे आपको लग रहा है कि कुछ ऐसा. है जिसको समझने की जरूरत है सोचने की बात. करने की या सही करने की देखिए मेरा. सौभाग्य रहा है कि दुनिया में जहां-जहां. भी इंडियन ओरिजिन पॉपुलेशन की जनसंख्या.
ज्यादा है जैसे मैं मारता हूं लंदन में. ठीक है न्यूयॉर्क में बाकी जगह मैं रहा. हुआ हूं तो मुझे थोड़ी सी कम्युनिटी. इश्यूज के बारे जानकारी है यह जो. खालिस्तान की बात है मैं आपको बताता हूं. खालिस्तान लैंड ऑफ द प्योर जो इसकी बात कर. रहे हैं वो उसकी इंस्पिरेशन कहीं और से आ. रही है अब इसमें कहना कि मैंने तो कहा. कहीं कि खालिस्तान बनाना है जल्दी बना लो. जब तक जस्टिन ट्रूडो कनाडा का. प्रधानमंत्री है वहां पर बन सकता है कोई.
यह कम्युनिटी बैक नहीं है मैं आपको बताता. अगर कम्युनिटी बैक्ड होता अगर कोई हादसा. होता है कहीं कोई हमारा एंबेसडर जाते हैं. दो चार लोग आके देखिए कुछ मिसगाइडेड. एलिमेंट्स हो सकते हैं जेनुइनली जिनको एक. इशू का पता नहीं है दूसरा जो सपोर्ट इसकी. क्रॉस बॉर्डर से आ रही है जो फंडिंग आ रही. है आईएसआई से उसको भी देखिए नहीं तो कोई. व्यक्ति खड़े होकर कह देता है कि भाई एर. इंडिया का जहाज उड़ा दो एक कनिष्का जहाज. की दुर्घटना हो चुकी है वहां पर तो हमें. बहुत सावधानी से चलना है यह तो मुफ्ती.
साहब की बात है कि. ये कि ये वहां पर आतंकवादी नहीं यह सब. आतंकवाद है मेक नो मिस्टेक्स ऑन इट. खालिस्तान का ब्रांड तो कि ये लैंड ऑफ द. प्योर तो उन्होंने अपने आप को दिया पर आप. मेरे को क्या कहेंगे तभी मैं डिस्टिंक्शन. भी ड्रॉ करता हूं हम हमास के खिलाफ है. क्योंकि हमास एक टेररिस्ट ऑर्गेनाइजेशन है. हम पलेटी नियन लोगों के खिलाफ नहीं है यह. हमारी जो दिल्ली की सरकार है इससे ज्यादा. प्रो सीख सरकार 1947 में हुई नहीं है जो.
भी हमारी डिमांड्स थी करतारपुर साहब लहंगे. की ब्लैकलिस्ट हटाने की गुरुद्वारे में जो. लंगर आता है उस पर जीएसटी हटाने की सब चीज. है आप एक लिस्ट पूरी कंपाइल कर ली सब किया. है बट इसका मतलब यह थोड़ी ना कि जो. बेवकूफी की बातें करें जहां तक सिंगर्स है. सिंगर्स एक बहुत प्रोडक्टिव और. क्रिएटिव सेक्शन ऑफ सोसाइटी होती है वो. पॉपुलर थीम को लेते हैं पर पॉपुलर थीम को. यह मतलब नहीं कि वो उस कॉज को कर रहे हैं.
कई उसमें सिंगर है जिनका मैं बहुत. एडमायब्रांड. कोर नेशनलिस्ट हैं उनके साथ कई लोग ऐसे. हैं जो अलग जास के हैं देखिए जस्टिन. ट्रूडो की जो पॉलिटिकल राइज है और मैं.
समझता हर एक पॉलिटिशियन के करियर में राइज. आती है और फिर वह कोई और व्यक्ति आगे आता. है इसमें. बड़ी एनालिसिस की जरूरत है उन्होंने जब. उनकी बिगिनिंग हुई थी जब शुरुआत हुई थी तो. बहुत प्रॉमिस लगता था लोगों को बट मुझे लग. रहा है कि अब वो क्योंकि अपनी. जो अंदर की डोमेस्टिक पॉलिटिक्स की उनकी. जो प्रॉब्लम्स है उसके.
वह इसमें फस गया हैं इसमें जाल में तो अभी. उनके लिए मैं समझता हूं बड़ा मुश्किल होगा. बिकॉज वह एक व एलिमेंट है उनके आसपास जो. सीख मिनिस्टर्स है वो देखिए वह कोई. पॉलिटिकल आइडियो जीी खास करके नहीं है वह. उनको सीख कॉज को लेक वो समझते हैं कोई कॉज. बना रहे हैं मुझे एक ने कहा कि देखिए आई. एम सो लकी आई वेंट टू कनाडा बिकम में. मिनिस्टर तो इसमें पॉलिटिकल आइडियो जीी का. है यू वेंट टू कैनेडा बिकॉज यू र लुकिंग. फॉर इकोनॉमिक अपॉर्चुनिटी मेरा दिल था.
उसको कहने क अ वापस आ जाए इंडिया यहां पर. इकोनॉमिक अपॉर्चुनिटी कनाडा में नहीं है. देखिए देखिए अगर आप वह एजुकेशन इंडस्ट्री. वहां से हटा दे या कुछ और जो चीजें कर दे. यह इकॉनमी काफी मुश्किल में आने वाली है. यहां पर आप देखिए आपकी जो इकोनॉमिक ग्रोथ. है आप एयर इंडिया को प्राइवेटाइज करते हैं. उसके बाद 1000 हवाई जहाज का डर डर बनता है. व किसको सस्टेन कर रहा है दो एयरक्राफ्ट. मैन्युफैक्चरिंग कंपनीज है एयर बस और. बोइंग उनको कर रहा है इसलिए इंडिया का जो.
पोटेंशियल है मैं समझता हूं उसको दुनिया. भर में और जो हम स्टूडेंट्स बहर भेजते हैं. अगर हमारे में डोमेस्टिक सुधार हो जाए तो. हमें क्यों हमारे स्टूडेंट्स को बाहर जाना. पड़ेगा इसलिए जाते हैं वो क्योंकि अभी. थोड़ा हमें समय लगेगा उतने इंजीनियरिंग. मेडिकल कॉलेजेस बनाने में पर काम हो रहा. मैं आपसे एयर इंडिया प सवाल जरूर पूछूंगा. क्योंकि आपके पास व विभाग भी रहा आपकी. भूमिका भी उसम बहुत महत्त्वपूर्ण रही. लेकिन एक जो सवाल क्योंकि खालिस्तान वाला. मूमेंट है उससे पूछ के फिर मैं नेक्स्ट. चाहता हूं सिद्धू मुसेवाला एक बहुत फेमस.
सिंगर रहे अब इस दुनिया में नहीं है जहां. भी है ईश्वर उनकी आत्मा को शांति. दे काफी पॉपुलर रहे गांव में रहकर काम. किया वो कनाडा नहीं गए वो अपने गांव में. रहकर रहे और काफी इंटरनेशनली भी काफी. वायरल रहे जनरल सिंह भिंडरा वाले क्या. महिमा मंडन करते हु उन्होंने वीडियोस बनाए. फिर यह सवाल आ रहा है सर कि क्या यह इशू. नोटिस करने की जरूरत है क कि आपने कहा कि. बीजेपी ने सिखों के लिए बहुत काम किया जो. आप बता रहे हैं वो सारे फैक्चर है सारा. फैक्ल डाटा हैले लेकिन पॉलिटिकली जब हम. देखते हैं तो एक अलग सोच रखने वाला. व्यक्ति पहली बार वहां चुनाव जीत जाता है. एक अलग पार्टी से जिसके जिसने उसके कई.
कारण है जिसने अपने. मिसयूज करके उन्होंने अपने इकोनॉमिक. एंपायर सेट अप किए तो अगर मैं भी एवरेज.
होता और मैं नॉन पोलिटिकल होता मैं कहता. जिसको भी लाओ आप किसी पॉलिटिशियन को नहीं. करना इसलिए कहना कि वो हमारे खिलाफ वोट थी. या कांग्रेस के खिलाफ वोट थी बिल्कुल नहीं. थी वह वोट थी एंटी वोट अगेंस्ट द. पॉलिटिक्स एंड पॉलिटिन कौन आज पार्टी जीती. है जो उस समय कहती थी कि हम तो पॉलिटिशियन. है ही नहीं हम तो बिल्कुल. एकदम. क्लीन पॉलिटिक्स ले आएंगे हम यह कर देंगे. नशे को एक साल में हटा देंगे हम यह करें. और दे टर्न आउट टू बी द मोस्ट करप्ट ऑफ.
देम ल जो दिल्ली का एक्सपीरियंस और पंजाब. में रिपीट हो रहा है और आप सीरियसली मानते. हैं कि भगवान मान जी मैं कोई व्यक्ति किसी. के खिलाफ नहीं हूं आप सीरियस मानते नशे की. प्रॉब्लम वो सॉल्व कर सकता है नहीं नहीं. आय आप आपकी इतनी व्यूअरशिप आप एक सर्वे. करवा लीजिए आपके के पंजाब में जो नशे की. हमारे पूरा पूरा जनरेशन हमने खोया कैसे. खोया अब क्योंकि वहां पे बड़ी प्रॉब्लम थी. तो यह आईईएलटीएस है बच्चों को थोड़ी सी.
अंग्रेजी बनाते और चीप लेबर भेज दो आप. कनाडा में पूरा जनरेशन और दूसरे नशे के. कारण तो बहुत ही. गंभीर विषय है बहुत चिंता की बात है राहुल. गांधी जी अरविंद केजरीवाल जी दोनों में. ज्यादा बेहतर कौन है नहीं आप किस चीज पे. चॉइस करें ज्यादा ज्यादा बेहतर देश के लिए. कौन है या ज्यादा बेहतर पॉलिटिशियन कौन है. आपकी नजर आप दोनों पॉलिटिशियन का सवाल पूछ. रहे हैं कि कलाकार कौन है से दोनों प्रिटी. हाई लेवल है केजरीवाल जी तो मैं समझता हूं. एक बहुत ही हाई लेवल वो कर लेते हैं अच्छी.
फ्रेंडशिप अच्छी फ्रेंडशिप लग रही है आपकी. नहीं मेरी बहुत अच्छी फ्रेंडशिप जब वो. अन्ना हजारे जी के आंदोलन में भाग ले रहे. थे किसी ने पूछा कि आप पॉलिटिकल पार्टी. नहीं पॉलिटिकल पार्टी पॉलिटिक्स मेरा तो. कुछ लेना देना ही नहीं है पॉलिटिक्स के. साथ अब मैं कहता हूं यह आप लोग नए-नए शब्द. निकालते हो पता नहीं क्या होता है डीप. फेक्स होता है या डीप फ्लेक्स होता है जी. तो बड़े ब टेस्ट केसेस है. ये यह तो टेस्ट केसेस है आप चलाइए देखिए.
इनके सारे वोह कंपिलेशन करिए मैं आम आदमी. हूं मेरा मफलर पहना हुआ है मेरी गाड़ी के. ऊपर लाल बत्ती नहीं होगी और मेरे भाई वोह. जो उसने शीश माल. बनाया शुकर है मोदी जी प्रधानमंत्री है. नहीं तो कोई और प्रधानमंत्री होता है इस. देश का जैसे राहुल गांधी कहते मैं अपना घर. छोड़ के इसके शीशमहल में जा रहा. हूं कहते वो कहते हैं सारे मंत्री डाल दि. आप लोगों जेल में नहीं देखिए ऐसा है ऐसा. है आप यह कहिए कि मंत्री बनने का मतलब यह. है कि मैं उसके बाद अगर मैं कुछ एक्ट ऑफ.
ओमिशन और कमीशन हो तो मैं स्क्रूटनी से. बाहर होगा यह तो बिल्कुल ही अनरियलिस्टिक. बात होगी और म क कोर्ट्स में जाकर रिलीफ. ले ले मैं सिर्फ एक बात करता हूं और मुझे. इसके बारे ज्यादा नहीं है आज तक आज. तक क्यों क्लेरिफिकेशन नहीं दी पाए कि जो. यह घोटाले हैं इनकी पोजीशन क्या है. इस क्या पोजीशन इन की पॉलिसी चेंज हुई कि. नहीं. हुई पॉलिसी चेंज की है पहले क्या होता था.
बाद में क्या होता है आप क्यों नहीं क अगर. आप मानस माननी गलती कोई रिकमेंडेशन एक. पॉलिसी की आ रही है आप निर्णय कोई दूसरा. ले रहे हैं मैं केस के फंडामेंटल्स में. नहीं जा रहा हूं देखिए आप चाहे वह जल. बोर्ड हो चाहे बाकी इश्यूज हो जनता को पता. रखता है अभी एक मेरा एक हमारी एक मंत्रालय. जुड़ा हुआ है एक प्रोजेक्ट के साथ. आरआरटीएस रैपिड रेल ट्रांसपोर्ट सिस्टम. कितनी देर से हम इनको कह रहे हैं कि भई.
आपका जो शेयर है इसको दीजिए दे ही नहीं. रते माननीय सुप्रीम कोर्ट को इंटरवेनर. पड़ा कि एक हफ्ते में जो 4500 करोड़ है. जितना मुझे नहीं याद है यह दीजिए नहीं तो. आपका एडवरटाइजिंग बजट यह प्रोजेक्ट होता. है टोटल 13 करोड़ का उसम 100 करोड़ खर्च. देते एडवर्टाइज ंग पे तो यह बहुत सीरियस. चीज है और मुझे लगता है कि ये दो-तीन अंदर. गए हैं उसका क्या कारण है हम कर रहे हैं. नहीं कर रहे हैं वो रेफरेंडम भी कर रहे. हैं कि अगर वो अरेस्ट हो जाए तो उसका क्या. उनको रिजाइन करना चाहिए य ये ख्यालात किसम.
आते हैं मतलब उनका थॉट प्रोसेस ये रहता है. कि आप लोग कांग्रेस ज्यादा उनसे डरने लगे. हैं ये वो कहते हैं कि हमसे जदा डरते हैं. इसलिए राहुल गांधी के साथ कुछ नहीं करते. वाडरा जी के साथ कुछ नहीं करते सब हमारे. साथ कर रहे हैं देखिए ऐसा ऐसा है उनके. कहने में और हमारे सोचने में और हमारे. एक्शंस में जब. कोई सिस्टम बन जाएगा तो मैं इस ऐसे सवाल. का जवाब दूंगा कौन किससे डरता हम अपना काम. कर रहे हैं वो एक के बाद एक गलतियां कर. रहे हैं वो इनके पार्लियामेंट में जो कहते.
हैं या जैसे उनकी एक्शन होती है उसम मैं. क्या कैसे कमेंट सर एक सवाल दिल्ली वाले. पूछते हैं कि हमने क्या गलती कर दी है हवा. पानी कभी साफ हो पाएगी क्योंकि पराली का. इशू बहुत सेंसिटिव इशू रहा है देखिए मैं. दिल्ली में मेरी पैदाइश दिल्ली में हुई. मैं पढ़ा दिल्ली यूनिवर्सिटी में हूं और. मेरा अगर कोई घर है तो दिल्ली है पराली पर. आप स्टेटमेंट देख लीजिए और मैं तो अपनी. तरफ से दबा के कंप्रेस बायोगैस प्लांट्स. लगा रहे हैं हम पराली को इस्तेमाल करने के. लिए हम पानीपत में सेकंड जनरेशन रिफाइनरी.
में काम कर रहे हैं पराली से एथेनॉल बनाने. का जब उनको बताया जाता है कि यह जब आप. दिल्ली के मुख्यमंत्री केवल थे तो आप कहते. थे कि पंजाब से प्रॉब्लम आती है अब हम जब. कहते हैं पंजाब से आती पंजाब से नहीं आती. ये हरियाणा से आती है तो उनको सैटेलाइट का. मैप दिखाया कहां-कहां लाल स्पॉट्स है रेड. स्पॉट्स है अब दे इस एविडेंस से ज्यादा. क्या दे सकता है फिर भी सुनते हैं फिर बात. बदल देते हैं देखो जिन लोगों को भी झूठ.
बोलने की आदत हो ना व रोज एक नया नैरेटिव. लेकर आए हैं और झूठ फैलाए किसी ना किसी. इशू पे तो फिर वो चुन कर क्यों आ रहे हैं. एक बारी आए दूसरी बार भी आए पर ऐसा है. क्योंकि कुछ जो उनके एक्शंस थे उनको लगा. मौला क्लिनिक वर्ल्ड क्लास जब महामारी आई. उस समय महला क्लिनिक में तो पता लगा वो. डॉक्टर ही भाग गए और वो जैसे कोई कंपाउंडर. को बैठाया हुआ उनकी स्थिति देखिए वर्ल्ड. क्लास एजुकेशन सिस्टम हम क्रिएट करें. देखिए लोग रेवड़ी पॉलिटिक हम ये भी मुफत.
कर देंगे वो भी मुफत कर देंगे जब हमारा यह. मेट्रो का भाड़े का बात आया तो मैंने पूछा. केजरीवाल जी क्या करना है मेट्रो को. दिल्ली ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग वाली बस. बनानी है डीटीसी को मेट्रो बनाना क वो. बनाना पर पोल्यूशन सॉल्व हो देगा आप फ्री. कर दो उसको मैं सर एक एक सवाल उसके बाद हम. आप आपके डिपार्टमेंट प आ जाएंगे यह सवाल. क्योंकि मैंने दिल्ली का जो नगर निगम. इलेक्शन था वो कवर किया था दिल्ली में. क्या लीडरशिप बीजेपी नहीं दे पाई लोकल. लीडरशिप की बात कर रहा हूं मैं आपके पास. दिल्ली में सारे बड़े नेता है लेकिन कहा. जाता कि दिल्ली बीजेपी के जितने.
कार्यकर्ता स नेता है मैं समझता हूं कई टू. सम एक्सटेंट आपकी बात सही है जी हम नहीं. दे पाए इसके क्या कारण है मुझे नहीं मालूम. क्योंकि हमारे अच्छे लोग रहे मैं समझता. हूं अच्छे लोगों को मौका नहीं दिया गया अब. जैसे जब मैं दिल्ली के चुनाव के के साथ. मैं सह प्रभारी था उस समय मुझे लगता था कि. मनोज जी मैं लीडरशिप क्वालिटीज है उन. लोकप्रियता है उनमें लोगों में पकड़ है पर. पार्टी में जो भी है जो भी कारण है और.
क्योंकि हम नहीं प्रोजेक्ट कर पाए और. पार्टी शायद. आइडेंटिफिकेशन. रहेगा क्यों रहेगा क्योंकि आपको फॉसिल. फ्यूल से दूर जाना है फॉसिल फ्यूल से दूर. जाने के लिए. आपको गैस बेस्ड इकॉनमी में जाना है और.
आपको बायोफ्यूल्स ज्यादा आसानी से बन सकती. है आप पराली से बना सकते हैं आप मक्के से. बना सकते हैं आप शुगर केन से बना सकते हैं. अभी हम टारगेट कर रहे हैं 20 प्र. ब्लेंडिंग 2025 तक हम 12 12 पर तक पहुंच. गए आने वाले समय में यह 20 प्र ब्लेंडिंग. जो भी टारगेट है हमारा यह भी मैं समझता. हूं पार कर लेंगे. जब हमने 10 पर ब्लेंडिंग की उस समय हमने. फॉरेन एक्सचेंज और इंपोर्ट बिल में 41000.
करोड़ की बजत की और क्योंकि हम यह बचत कर. पाए हमने अपने किसान भाइयों को 42400. करोड़ दिया जब 20 पर ब्लेंडिंग करेंगे तो. इसका और भी होगा मैं समझता हूं चल आने. वाले समय 70 800 हजार करोड़ हम इंपोर्ट. बिल पर सेव करेंगे यह किसानों को दे. पाएंगे और मैं समझता हूं आगे जाकर इस. समय बायोफ्यूल मार्केट 100 बिलियन डॉलर की. होगी हो आने वाले समय में इसको 200 मैं. समझता हूं य 500 बिलियन डॉलर पर भी जाएगी. मार्केट और इसमें भारत की कंट्रीब्यूशन.
होगी अभी तो हमारी सिर्फ 3 पर बायोफ्यूल्स. मार्केट है आप बड़े देश हैं जैसे ब्राजील. और अमेरिका पर आने वाले बहुत जल्दी य दिस. विल कैच ऑन इन अ बिग वे अब एक आखरी सवाल. सर और यह सवाल बहुत सारे लोग सोशल मीडिया. पर अक्सर पूछते हैं आजकल एक नैरेटिव निकला. है गोदी मीडिया दरबारी मीडिया यह सवाल मैं. इसलिए पूछ रहा हूं क्योंकि बीबीसी को लेकर. कंट्रोवर्सी भी हुई थी उसमें आपका एक. स्टेटमेंट भी आया था कि कुछ एंटी इंडिया. सोच वाले लोग उसमें हैं वर्ल्ड फ्रीडम जो.
प्रेट इंडेक्स है उसमें इंडिया की रैंकिंग. 161 आती है 180 में 2014 में 140 थी. हालांकि मैं इसमें आपकी तारीफ करूं कि. आपने मुझसे ना सवालों की लिस्ट मांगी ना. मेरे किसी भी सवाल से आप कतराए और हर सवाल. का वि बाकी से आपने जवाब दिया फिर यह आरोप. क्यों मोदी सरकार पर लगता है कि मीडिया को. वो कंट्रोल करें डेमोक्रेसी का जो धंधा है. इसके जो ठेकेदार है वह दिल्ली में भी है. और बाहर भी है अब वह बाहर बैठ के आप. बताएंगे आपका यह है आपका वह है यह कौन. होते हैं कि कहां पर फ्रीडम है नहीं है और.
यह निंदा कहां से हो रही है यह क्रिटिसिजम. वहां से आ रही है जोने एक ही हमारे इतिहास. में एक ही ओकेज है 1975 जून में जब हमने. सिविल लिबर्टी सस्पेंड की थी और इमरजेंसी. लगा दी ये क्रिटिसिजम वही लोग कर रहे हैं. खुद इन्होंने इमरजेंसी लगाई अब वह. डेमोक्रेसी और फ्रीडम की बात करें देखिए. यह कोई मीडिया की गलती नहीं है मीडिया ने. अपना काम करना है अब मीडिया का के लिए. चिंता की बात है अखबार लोग पढ़ते नहीं है. फिर सोशल मीडिया में भी वोह सिचुएशन चेंज.
हो रही है सब वो सेल्फ एंप्लॉयड. एंटरप्रेन्योर्स बन रहे हैं अगर उनको लगता. था पहले कि आप कांग्रेस की सरकार थी आप. जाएंगे डीएवीपी के एड्स मिलेंगे एड्स. मिलेंगे तो आपका बिजनेस चलेगा स्पनर शिप. मिलेगी भाई वो बात रही नहीं वो बात रही. नहीं एक तो कांग्रेस सरकार में नहीं रही. नंबर वन पर उनकी आदतें तो है वो खराब हो. चुकी थी वो. आइडेंटिफिकेशन उस समय गोदी मीडिया कौन थी. जो लीडर्स के आसपास थी मुझे याद है वाजपेई. जी जब आगरा में जनरल मुशर्रफ से बात कर.
रहे थे व कमरे में बैठे थे जनरल मुशर्रफ. बगल वाले कमरे में सीनियर एडिटर से बात कर. रहे थे और मैं लंदन में बैठकर देख रहा था. आप उस समय की स्टेटमेंट लिखा लीज हमारे. बहुत बड़े वरिष्ठ नेता है ना जो अपने आपको. ऑब्जेक्टिव कहते हैं वो उन्होंने जो भारत. की बारे जो कह रहे थे जनरल मुशर्रफ को वो. अभी भी रिकॉर्डिंग अवेलेबल है उसको देख. लीजिए तो मीडिया भी कोई निर्दोष नहीं है. मीडिया भी बहुत इंटेलिजेंट होती है मीडिया. उनको लगता है कि यह स्टोरी चलने वाली है. इस स्टोरी को चला दो और जो स्टोरीज में. इंटरेस्टेड होते हैं व उसको इंसेंटिवाइज.
भी करते हैं इसलिए इसमें कोई मीडिया का. नहीं यह तो एक गिव एंड टेक का प्रोसेस है. जो इस समय ऑपरेशनल है और यह चलेगा थोड़ी. देर बट मुझे नहीं पता मैंने मैं एक हफ्ते. में पता नहीं कितने लोगों से मिलता हूं. कभी कोई पत्रकार मेरे पर आ रहा है अगर. मैंने कभी नहीं पूछा कि अच्छा आप क्या. सवाल पूछने हां अगर आपने कुछ इंटरव्यू. कोई गलत सवाल ऐसा पूछा क्योंकि आपकी अपनी. अंडरस्टैंडिंग नहीं है तो मैं कहूंगा भैया. इसको देख ले क्योंकि मेरा ऐसा मेरे खिलाफ.
अगर कोई लिखेगा मैं ज्यादा परवाह नहीं करर. सरकार की नीति की खिलाफ लिखेगा तो हम एकदम. उसके बाद प्रेस रिलीज इशू करें सो गोदी. मीडिया कौन सी है आप मेरे को बताइए सारे. जो चैनल्स हैं जो प्राइम टाइम करते हैं. यार आदी तो खबर जो व लगाते हैं वह हमारे. पर मजे ले रहे होते हैं समझ रहे वो तो. हमारे वेर इज द कैप्चर डि और दूसरा आप. मेरे को बताइए कौन सा मेरे पास. इंस्ट्रूमेंट है हां आप मेरे घर आइए मेरे. साथ चाय वाय पीजिए वो तो एक मार्जन ऑफ. पर्वेज हो गया बाकी हम क्या कर रहे हैं.
मीडिया को और आप देखिए जो हमारे खिलाफ है. और जो गाली बगते हैं सुबह से लेकर रात तक. मेरे बारे जो कहते हैं उसमें तो कोई. इंपॉर्टेंस है ही नहीं पर एक देश के. डेमोक्रेटिक इलेक्टेड प्रधानमंत्री के. बारे आप ऐसी बात करोगे और अगर यहां पर हम. मीडिया के खिलाफ है तो उनके पर कारवाई. क्यों नहीं होती जो सबसे ज्यादा गाली देते. हैं वो सबसे ज्यादा शेर बन रहे हैं. हालांकि जिन लोगों ने इंडेक्स निकाला है. उन्होंने ये भी बताया कि हैप्पीनेस में. पाकिस्तान वाले हमसे ज्यादा खुश है. श्रीलंका वाले हमसे खुश.
है हैप्पीनेस इंडेक्स तो भूटान ने निकाला. था पर मुझे कोई कह दे कि पाकिस्तान वाले. खुश है मैं जब मेरे भी पाकिस्तान में काफी. लोग आ हैं मैंने जिनके साथ काम किया हुआ. न्यूयॉर्क जिनेवा में बाकी बायलट पोस्टिंग. में अरे व अपनी जान को रो रहे हैं और यह. कहते हैं वह कि भाई आप शुगर है हमसे अलग. हो गए नहीं तो आपका भी ऊपर चंद्रयान तक. पहुंचना मुश्किल कर देते हैं हम वो कहां. है हैप्पीनेस इंडेक्स है आप देखिए तो से. वहां पर स्थिति क्या है 8 बजे बिजली बंद. कर देनी पड़ती है 80 या 50 लीटर पेट्रोल.
है पासपोर्ट वो नहीं प्रिंट कर पाते. क्योंकि लैमिनेटेड पेपर नहीं है तो मैं. समझता हूं ये कोई इंडेक्स उठा दे उठा के. अब आप सोशल मीडिया में लगा दए ग्लोबल. इंडिया हैप्पीनेस इंडेक्स इंडिया नंबर वन. पीपल आर हैप्पी एस्ट चलेगा थोड़ी दिन वो. भी चलेगा थैंक यू सो मच सर आपने समय दिया. अपना और हर सवाल के वि बाकी से जवाब दिए. आशा करते हैं कि आपसे फिर जल्दी मुलाकात. होगी बहुत जल्दी थैंक यू थैंक यू सो मच सर.
